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    14/01/26

    प्रस्तुत हैं दैनिक खबर पर आज 14 जनवरी, 2026 के प्रातः 10 बजे के ताज़ा समाचार

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    14/01/26

    एस. डी. कॉलेज में लोहड़ी की धूम; स्टाफ क्लब ने पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया पर्व

    जे कुमार अम्बाला छावनी, 14 जनवरी 2026: सनातन धर्म कॉलेज (एस. डी. कॉलेज), अम्बाला कैंट में लोहड़ी का पावन पर्व बड़े ही उत्साह, उमंग और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। कॉलेज के स्टाफ क्लब द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में पूरे कॉलेज परिवार ने शिरकत की, जिससे परिसर का वातावरण सौहार्द और खुशियों से सराबोर हो गया।

    प्राचार्य का संबोधन: कार्यक्रम की मुख्य शोभा कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. अलका शर्मा रहीं। उन्होंने पवित्र अग्नि प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में डॉ. शर्मा ने सभी कर्मचारियों को लोहड़ी की बधाई देते हुए इस पर्व के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोहड़ी केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि यह आपसी प्रेम, भाईचारे और नकारात्मकता को त्याग कर नई सकारात्मक ऊर्जा के स्वागत का प्रतीक है।

    सांस्कृतिक और सामूहिक भागीदारी: स्टाफ क्लब के पदाधिकारियों के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में कॉलेज के शिक्षण (Teaching) और गैर-शिक्षण (Non-teaching) कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्टाफ क्लब के पदाधिकारी डॉ. सतिंदर, डॉ. मधु शर्मा, डॉ. निर्वैर सिंह, डॉ. जयदीप चौहान और डॉ. मोहित बिंदलिश की सक्रिय भूमिका रही।

    समारोह के दौरान सभी ने पारंपरिक गचक, रेवड़ी और मूंगफली का आनंद लिया। ढोल की थाप और लोहड़ी के लोकगीतों ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। इस आयोजन ने कॉलेज स्टाफ के बीच टीम भावना और सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने का काम किया। अंत में, सभी ने एक-दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएं दीं और समाज की समृद्धि की कामना की।

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    13/01/26

    पलवल: गणतंत्र दिवस पर योग की शक्ति का प्रदर्शन; सूर्य नमस्कार और म्यूजिकल योगासन बनेंगे आकर्षण का केंद्र

    जे कुमार पलवल, 13 जनवरी 2026: इस वर्ष गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर पलवल जिला एक नई ऊर्जा और उत्साह के साथ योगमय नजर आएगा। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जानकारी दी कि हरियाणा योग आयोग के दिशा-निर्देशानुसार, 26 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाले मुख्य समारोह में आयुष विभाग द्वारा सूर्य नमस्कार और म्यूजिकल योगासन की भव्य प्रस्तुति दी जाएगी। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने एक विस्तृत और चरणबद्ध प्रशिक्षण रूपरेखा तैयार की है।

    तैयारियों का पूरा शेड्यूल : 16-17 जनवरी: जिले के उन स्कूलों की पहचान की जाएगी जो इस प्रदर्शन का हिस्सा बनेंगे। साथ ही, प्रशिक्षण देने वाले डी.पी.ई., पी.टी.आई. और योग शिक्षकों की सूची तैयार की जाएगी।

    17 जनवरी: जिला शिक्षा अधिकारी और जिला आयुर्वेदिक अधिकारी की उपस्थिति में विभिन्न प्रतिष्ठित योग संस्थानों (पतंजलि, आर्ट ऑफ लिविंग, योग भारती, आरोग्य भारती आदि) के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक होगी।

    18 जनवरी: ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे।

    19 से 23 जनवरी: जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में विद्यार्थी सूर्य नमस्कार और म्यूजिकल योगासन का सामूहिक अभ्यास करेंगे।

    24-25 जनवरी: मुख्य समारोह स्थल पर संयुक्त रिहर्सल (Joint Rehearsal) की जाएगी ताकि अंतिम प्रस्तुति में पूर्णता आए।

    आध्यात्मिक संगीत और योग का संगम: उपायुक्त ने बताया कि 26 जनवरी को ड्रम बीट और सूर्य नमस्कार मंत्रों के उच्चारण के बीच सामूहिक सूर्य नमस्कार किया जाएगा। इसके साथ ही, आध्यात्मिक संगीत की धुनों पर म्यूजिकल योगासन की प्रस्तुति दी जाएगी, जो दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण होगी। इस पहल का उद्देश्य युवाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को सुदृढ़ करना है। इस कार्यक्रम में हरियाणा योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन, डी.ए.वी. संस्थान और गुरुकुलों सहित अनेक संस्थाएं अपना योगदान देंगी।

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    12/01/26

    आज के अंतरराष्ट्रीय , राष्ट्रीय, प्रादेशिक तथा स्थानीय खेल समाचार

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    12/01/26

    इनेलो का युवा सम्मेलन 25 जनवरी को अम्बाला में; करन चौटाला करेंगे शिरकत

    जे कुमार अम्बाला, 12 जनवरी 2026: इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) द्वारा युवाओं को संगठित करने और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा करने के लिए आगामी 25 जनवरी को अम्बाला के गांव जगौली में एक विशाल युवा सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन की तैयारियों को लेकर गांव जगौली में पार्टी पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

    यह बैठक इनेलो नेता मलिक सिंह जगोली के निवास स्थान पर संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष जगमाल सिंह रोलौं ने की। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में इनेलो के राष्ट्रीय महासचिव प्रकाश भारती उपस्थित रहे।

    जिलाध्यक्ष जगमाल सिंह रोलौं ने सम्मेलन की जानकारी देते हुए बताया कि इस युवा सम्मेलन में इनेलो युवा राष्ट्रीय प्रभारी करन चौटाला मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत करेंगे। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ना और क्षेत्र की जनसमस्याओं को लेकर युवा शक्ति को जागरूक करना है।

    बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया और आयोजन को सफल बनाने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इस अवसर पर इनेलो प्रदेश महासचिव शीशपाल जंधेड़ी, हल्का अध्यक्ष जंगवीर राणा, लक्की नगौली, युवा जिलाध्यक्ष रुबल छपरा और युवा हल्का अध्यक्ष संपत सिंह सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

    बैठक में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी: इस बैठक में मनदीप खैरा, आजादविंदर सिंह जगोली, जसविंद्र सिंह, मौसीम खान, निर्मल लौटां, गौलडी बतौरा, प्रदीप सिंह ढिल्लों, विकास बाजवा, मिंटू शर्मा, रणजीत सिंह निहारसी, जसविंद्र निहारसी और शमशेर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

    #AmbalaNews #INLD #YouthConference #KaranChautala #HaryanaPolitics #AmbalaPolitics #IneloYouthWing #JagouliAmbala

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    12/01/26

    आज का राशिफल

    ♈ मेष (Aries)

    परिवार: घर में सहयोग मिलेगा, बड़े-बुज़ुर्गों का आशीर्वाद लाभ देगा।

    करियर: कार्यस्थल पर जिम्मेदारी बढ़ेगी, नेतृत्व का अवसर मिल सकता है।

    लाभ: सरकारी या प्रशासनिक कार्यों में सफलता।

    हानि: जल्दबाज़ी में निर्णय से नुकसान संभव।

    शुभ मुहूर्त: सुबह 9:15 से 10:30

    शेयर मार्केट: शॉर्ट टर्म ट्रेड से बचें।

    लकी नंबर: 1

    शुभ रंग: लाल

    स्वास्थ्य: सिरदर्द या तनाव हो सकता है।

    मूड: आत्मविश्वास से भरा 🔥

    ---

    ♉ वृषभ (Taurus)

    परिवार: पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा।

    करियर: धन से जुड़े कामों में लाभ।

    लाभ: निवेश से अच्छा रिटर्न।

    हानि: आलस्य से अवसर चूक सकते हैं।

    शुभ मुहूर्त: 11:00 से 12:00

    शेयर मार्केट: बैंकिंग व FMCG शेयर अच्छे।

    लकी नंबर: 6

    शुभ रंग: सफेद

    स्वास्थ्य: पेट संबंधी समस्या।

    मूड: शांत और संतुलित 🙂

    ---

    ♊ मिथुन (Gemini)

    परिवार: बातचीत से मतभेद सुलझेंगे।

    करियर: मीडिया, लेखन, कम्युनिकेशन में सफलता।

    लाभ: नए संपर्क लाभ देंगे।

    हानि: गुप्त शत्रु सक्रिय हो सकते हैं।

    शुभ मुहूर्त: 10:00 से 11:15

    शेयर मार्केट: उतार-चढ़ाव रहेगा।

    लकी नंबर: 5

    शुभ रंग: हरा

    स्वास्थ्य: गला व सर्दी की समस्या।

    मूड: चंचल 🤔

    ---

    ♋ कर्क (Cancer)

    परिवार: भावनात्मक सहयोग मिलेगा।

    करियर: नौकरी में स्थिरता।

    लाभ: पुराने निवेश से फायदा।

    हानि: भावुक निर्णय से बचें।

    शुभ मुहूर्त: 1:30 से 2:30

    शेयर मार्केट: लॉन्ग टर्म ठीक।

    लकी नंबर: 2

    शुभ रंग: सफेद

    स्वास्थ्य: नींद की कमी।

    मूड: संवेदनशील 💭

    ---

    ♌ सिंह (Leo)

    परिवार: परिवार में मान-सम्मान बढ़ेगा।

    करियर: उच्च अधिकारियों से प्रशंसा।

    लाभ: पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि।

    हानि: अहंकार से विवाद।

    शुभ मुहूर्त: 12:15 से 1:15

    शेयर मार्केट: मेटल व पावर सेक्टर शुभ।

    लकी नंबर: 9

    शुभ रंग: सुनहरा

    स्वास्थ्य: ब्लड प्रेशर ध्यान रखें।

    मूड: प्रभावशाली 😎

    ---

    ♍ कन्या (Virgo)

    परिवार: छोटी बातों पर तनाव।

    करियर: मेहनत का पूरा फल मिलेगा।

    लाभ: योजनाबद्ध काम सफल।

    हानि: अत्यधिक चिंता।

    शुभ मुहूर्त: 9:45 से 10:45

    शेयर मार्केट: आईटी शेयर लाभकारी।

    लकी नंबर: 4

    शुभ रंग: हरा

    स्वास्थ्य: गैस व एसिडिटी।

    मूड: विश्लेषणात्मक 🧠

    ---

    ♎ तुला (Libra)

    परिवार: दांपत्य जीवन सुखद।

    करियर: साझेदारी में लाभ।

    लाभ: कला व फैशन से जुड़े कार्यों में सफलता।

    हानि: निर्णय में असमंजस।

    शुभ मुहूर्त: 11:30 से 12:30

    शेयर मार्केट: स्थिर निवेश करें।

    लकी नंबर: 7

    शुभ रंग: गुलाबी

    स्वास्थ्य: कमर दर्द।

    मूड: संतुलित 😊

    ---

    ♏ वृश्चिक (Scorpio)

    परिवार: गुप्त बातें उजागर हो सकती हैं।

    करियर: रिसर्च व जांच कार्य सफल।

    लाभ: अचानक धन लाभ।

    हानि: क्रोध से नुकसान।

    शुभ मुहूर्त: 2:45 से 3:45

    शेयर मार्केट: रिस्की ट्रेड से बचें।

    लकी नंबर: 8

    शुभ रंग: मैरून

    स्वास्थ्य: थकान।

    मूड: गंभीर 😐

    ---

    ♐ धनु (Sagittarius)

    परिवार: धार्मिक कार्यों में रुचि।

    करियर: यात्रा से लाभ।

    लाभ: शिक्षा व विदेश से जुड़े काम सफल।

    हानि: खर्च अधिक।

    शुभ मुहूर्त: 10:30 से 11:30

    शेयर मार्केट: फार्मा शेयर अच्छे।

    लकी नंबर: 3

    शुभ रंग: पीला

    स्वास्थ्य: जांघ या कमर दर्द।

    मूड: उत्साही 🌟

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    ♑ मकर (Capricorn)

    परिवार: जिम्मेदारियाँ बढ़ेंगी।

    करियर: प्रमोशन के योग।

    लाभ: स्थायी संपत्ति से फायदा।

    हानि: कठोर व्यवहार।

    शुभ मुहूर्त: 1:00 से 2:00

    शेयर मार्केट: इंफ्रास्ट्रक्चर शेयर शुभ।

    लकी नंबर: 10

    शुभ रंग: नीला

    स्वास्थ्य: जोड़ों में दर्द।

    मूड: गंभीर लेकिन मजबूत 💪

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    ♒ कुंभ (Aquarius)

    परिवार: मित्रों से सहयोग।

    करियर: नई सोच से सफलता।

    लाभ: तकनीकी कार्यों में लाभ।

    हानि: नियमों की अनदेखी।

    शुभ मुहूर्त: 3:00 से 4:00

    शेयर मार्केट: टेक स्टॉक्स लाभ देंगे।

    लकी नंबर: 11

    शुभ रंग: आसमानी

    स्वास्थ्य: थकावट।

    मूड: नवाचारी 🚀

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    ♓ मीन (Pisces)

    परिवार: भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा।

    करियर: रचनात्मक कामों में सफलता।

    लाभ: दान-पुण्य से मानसिक शांति।

    हानि: भ्रम में निर्णय।

    शुभ मुहूर्त: 9:00 से 10:00

    शेयर मार्केट: सुरक्षित निवेश करें।

    लकी नंबर: 12

    शुभ रंग: बैंगनी

    स्वास्थ्य: एलर्जी या सर्दी।

    मूड: कल्पनाशील 🌊

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    11/01/26

    आज का राशिफल

    ♈ मेष (Aries)

    परिवार: घर में सहयोग मिलेगा, किसी पुराने विवाद का समाधान।

    करियर: नई जिम्मेदारी या प्रोजेक्ट मिल सकता है।

    लाभ: मान-सम्मान में वृद्धि।

    हानि: जल्दबाज़ी में फैसला नुकसान दे सकता है।

    शुभ मुहूर्त: सुबह 9:10 से 10:40

    शेयर मार्केट: सीमित निवेश, बड़े जोखिम से बचें।

    लकी नंबर: 3, 9

    शुभ रंग: लाल

    स्वास्थ्य: सिरदर्द, बीपी का ध्यान रखें।

    मूड: उत्साही लेकिन थोड़ा चिड़चिड़ा।

    ♉ वृषभ (Taurus)

    परिवार: पारिवारिक माहौल सुखद रहेगा।

    करियर: काम में स्थिरता, बॉस से सराहना।

    लाभ: रुका पैसा मिल सकता है।

    हानि: आलस्य अवसर छीन सकता है।

    शुभ मुहूर्त: 10:30 से 12:00

    शेयर मार्केट: सुरक्षित शेयरों में लाभ के योग।

    लकी नंबर: 2, 6

    शुभ रंग: सफेद

    स्वास्थ्य: गला, सर्दी-खांसी से बचें।

    मूड: शांत और संतुलित।

    ♊ मिथुन (Gemini)

    परिवार: भाई-बहनों से सहयोग।

    करियर: मीटिंग, इंटरव्यू या नई डील के योग।

    लाभ: संपर्कों से फायदा।

    हानि: वाणी पर नियंत्रण न रहा तो नुकसान।

    शुभ मुहूर्त: 11:45 से 1:15

    शेयर मार्केट: उतार-चढ़ाव, डे-ट्रेड में सावधानी।

    लकी नंबर: 5, 7

    शुभ रंग: हरा

    स्वास्थ्य: थकान, नींद पूरी करें।

    मूड: चंचल और बातचीत का।

    ♋ कर्क (Cancer)

    परिवार: माता-पिता का सहयोग मिलेगा।

    करियर: ऑफिस पॉलिटिक्स से दूर रहें।

    लाभ: घर या वाहन से जुड़ा फायदा।

    हानि: भावुक निर्णय।

    शुभ मुहूर्त: 9:30 से 11:00

    शेयर मार्केट: लॉन्ग-टर्म सोच बेहतर।

    लकी नंबर: 2, 8

    शुभ रंग: दूधिया सफेद

    स्वास्थ्य: पेट संबंधी दिक्कत।

    मूड: भावुक लेकिन स्नेही।

    ♌ सिंह (Leo)

    परिवार: किसी शुभ समाचार की संभावना।

    करियर: नेतृत्व का मौका मिलेगा।

    लाभ: प्रमोशन या मान-सम्मान।

    हानि: अहंकार से टकराव।

    शुभ मुहूर्त: 1:00 से 2:30

    शेयर मार्केट: मेटल/पावर सेक्टर लाभ दे सकता है।

    लकी नंबर: 1, 4

    शुभ रंग: सुनहरा

    स्वास्थ्य: हृदय व पीठ का ध्यान रखें।

    मूड: आत्मविश्वासी।

    ♍ कन्या (Virgo)

    परिवार: छोटे मुद्दों पर बहस से बचें।

    करियर: काम का दबाव बढ़ेगा लेकिन परिणाम अच्छे।

    लाभ: योजनाबद्ध कार्य से फायदा।

    हानि: अधिक सोचने से अवसर चूक सकते हैं।

    शुभ मुहूर्त: 10:00 से 11:30

    शेयर मार्केट: फार्मा/आईटी में सतर्क निवेश।

    लकी नंबर: 5, 8

    शुभ रंग: आसमानी

    स्वास्थ्य: पाचन तंत्र कमजोर।

    मूड: गंभीर और विश्लेषणात्मक।

    ♎ तुला (Libra)

    परिवार: दांपत्य जीवन मधुर।

    करियर: साझेदारी से लाभ।

    लाभ: रुके काम पूरे होंगे।

    हानि: निर्णय में देरी।

    शुभ मुहूर्त: 12:15 से 1:45

    शेयर मार्केट: बैलेंस्ड पोर्टफोलियो फायदेमंद।

    लकी नंबर: 6, 9

    शुभ रंग: गुलाबी

    स्वास्थ्य: कमर दर्द।

    मूड: रोमांटिक और संतुलित।

    ♏ वृश्चिक (Scorpio)

    परिवार: गुप्त बात सामने आ सकती है।

    करियर: रिसर्च, पुलिस, मीडिया से जुड़े लोगों को लाभ।

    लाभ: अचानक धन लाभ।

    हानि: गुस्से में नुकसान।

    शुभ मुहूर्त: 2:00 से 3:30

    शेयर मार्केट: रिस्की स्टॉक्स में हल्का फायदा।

    लकी नंबर: 7, 9

    शुभ रंग: मैरून

    स्वास्थ्य: ब्लड प्रेशर।

    मूड: रहस्यमय और तीव्र।

    ♐ धनु (Sagittarius)

    परिवार: यात्रा या धार्मिक चर्चा।

    करियर: नई सीख, नया अवसर।

    लाभ: विदेश या दूरस्थ संपर्क से।

    हानि: लापरवाही।

    शुभ मुहूर्त: 11:00 से 12:30

    शेयर मार्केट: ऑटो/ट्रैवल सेक्टर अनुकूल।

    लकी नंबर: 3, 6

    शुभ रंग: पीला

    स्वास्थ्य: जांघ, कमर दर्द।

    मूड: आशावादी।

    ♑ मकर (Capricorn)

    परिवार: जिम्मेदारियां बढ़ेंगी।

    करियर: प्रमोशन या नई भूमिका।

    लाभ: संपत्ति से जुड़ा फायदा।

    हानि: ज्यादा काम से थकान।

    शुभ मुहूर्त: 9:00 से 10:15

    शेयर मार्केट: बैंकिंग/इंफ्रा में लाभ।

    लकी नंबर: 4, 8

    शुभ रंग: स्लेटी

    स्वास्थ्य: घुटनों का ध्यान।

    मूड: गंभीर और अनुशासित।

    ♒ कुंभ (Aquarius)

    परिवार: मित्रों का सहयोग।

    करियर: नई टेक्नोलॉजी या आइडिया से फायदा।

    लाभ: नेटवर्किंग से धन लाभ।

    हानि: नियमों की अनदेखी।

    शुभ मुहूर्त: 1:30 से 3:00

    शेयर मार्केट: आईटी/ग्रीन एनर्जी शुभ।

    लकी नंबर: 5, 7

    शुभ रंग: नीला

    स्वास्थ्य: नसों की समस्या।

    मूड: रचनात्मक।

    ♓ मीन (Pisces)

    परिवार: भावनात्मक सहयोग मिलेगा।

    करियर: कला, शिक्षा, चिकित्सा क्षेत्र अनुकूल।

    लाभ: अचानक सहायता।

    हानि: भ्रम में निर्णय।

    शुभ मुहूर्त: 10:45 से 12:15

    शेयर मार्केट: जल/केमिकल सेक्टर ठीक।

    लकी नंबर: 1, 2

    शुभ रंग: समुद्री हरा

    स्वास्थ्य: पैरों में दर्द, नींद की कमी।

    मूड: संवेदनशील और कल्पनाशील।

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    11/01/26

    दिल्ली में कड़ाके की ठंड के बीच ' खराब' हुई हवा, कई इलाकों में AQI 300 के पार

    नई दिल्ली 11 जनवरी (अन्नू) : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रहने वालों के लिए दोहरी मुसीबत खड़ी हो गई है। एक तरफ हाड़ कंपाने वाली ठंड का प्रकोप जारी है, वहीं दूसरी ओर प्रदूषण के स्तर में भी कोई खास राहत मिलती नहीं दिख रही है। मौसम विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताजा आंकड़ों के अनुसार, हवा की रफ्तार सुस्त होने और दिशा बदलने के कारण शहर की वायु गुणवत्ता (AQI) एक बार फिर 'बेहद खराब' और 'खराब' श्रेणी के बीच झूल रही है। शनिवार को जहां स्थिति चिंताजनक थी, वहीं रविवार सुबह इसमें आंशिक सुधार जरूर हुआ, लेकिन खतरा अब भी बरकरार है।

    इलाकों के अनुसार प्रदूषण का हाल

    दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण का स्तर अलग-अलग दर्ज किया गया है। आनंद विहार (339), जहांगीरपुरी (342), आरके पुरम (334) और चांदनी चौक (332) जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में हवा 'बेहद खराब' श्रेणी में बनी हुई है। वहीं, अलीपुर, आईटीओ और पंजाबी बाग जैसे क्षेत्रों में सूचकांक 200 से 300 के बीच रहा, जिसे 'खराब' माना जाता है। राहत की बात केवल आईजीआई एयरपोर्ट (T3) के पास रही, जहां एक्यूआई 199 दर्ज किया गया।

    समझिए AQI का गणित और सेहत पर असर

    वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) हमें बताता है कि हम जिस हवा में सांस ले रहे हैं, वह कितनी सुरक्षित है। इसे निम्नलिखित श्रेणियों में बांटा गया है:

    • 0-50 (बेहतरीन): हवा पूरी तरह शुद्ध है।

    • 51-100 (संतोषजनक): सामान्य स्थिति।

    • 101-200 (मध्यम): फेफड़ों और दिल के मरीजों को हल्की असुविधा हो सकती है।

    • 201-300 (खराब): लंबे समय तक बाहर रहने पर सांस लेने में दिक्कत।

    • 301-400 (बेहद खराब): स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा।

    • 401-500 (गंभीर): स्वस्थ लोगों पर भी बुरा असर और बीमारों के लिए जानलेवा स्थिति।

    विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक हवा की गति तेज नहीं होती, तब तक प्रदूषक कणों (Pollutants) के छंटने की उम्मीद कम है। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों को सुबह की सैर से बचने की सलाह दी जा रही है।

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    10/01/26

    बहादुरगढ़ बाल श्रम हादसा: 200 गाँवों में खाक छानने के बाद पकड़ा गया मुख्य आरोपी अनिल

    हरियाणा, 10 जनवरी (अनु): हरियाणा रेलवे पुलिस (GRP) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए आरोपी अनिल को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी लापरवाही के चलते बहादुरगढ़ में एक मासूम बच्चे को अपना हाथ गँवाना पड़ा था। चारा काटने की मशीन में बच्चे का हाथ आने की यह दर्दनाक घटना पिछले साल अगस्त में सामने आई थी। तब से आरोपी फरार था, जिसे अब पुलिस ने उत्तर प्रदेश से धर दबोचा है।

    चुनौतीपूर्ण थी जांच की डगर

    घटना के समय मासूम बच्चा इतना डरा हुआ और मानसिक सदमे में था कि वह आरोपी या उसके ठिकाने के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं बता पा रहा था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हरियाणा रेलवे पुलिस अधीक्षक निकिता गहलोत ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई। इस टीम में साइबर एक्सपर्ट्स और अनुभवी पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया था ताकि सुरागों की कड़ियाँ जोड़ी जा सकें।

    200 किमी का दायरा और 200 गाँवों में तलाश

    पुलिस ने इस केस को सुलझाने के लिए हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के करीब 200 किलोमीटर के क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। जांच टीम ने कैथल, रोहतक, सोनीपत से लेकर यूपी के गाजियाबाद और अलीगढ़ तक के 200 से अधिक गाँवों में दबिश दी। मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप के बाद विशेषज्ञों की मौजूदगी में बच्चे के बयान फिर से दर्ज किए गए। इसके बाद शिक्षा बोर्ड के दस्तावेजों और ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड्स की मदद से आरोपी अनिल की पहचान पुख्ता की गई।

    यूपी के गौतमबुद्ध नगर से हुई गिरफ्तारी

    आरोपी अनिल पुलिस से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। वह उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में एक डेयरी में पहचान छिपाकर काम कर रहा था। अंततः तकनीकी सर्विलांस और जमीनी खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे झज्जर जिला जेल भेज दिया गया है।

    जांच टीम का सम्मान और कड़ा संदेश

    इस बेहद जटिल और मानवीय संवेदनाओं से जुड़े मामले को सुलझाने वाली टीम को विभाग द्वारा प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया कि यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो मासूमों से बाल श्रम करवाते हैं। हरियाणा पुलिस बाल शोषण के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।

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    09/01/26

    *“मेरा काम ही मेरा परिचय है”: अनिल विज*

    के.के

    भारतीय राजनीति में ऐसे नेता विरले ही होते हैं जिनकी पहचान भाषणों, प्रचार अभियानों या बड़े-बड़े वादों से नहीं, बल्कि उनके निरंतर काम, स्पष्ट निर्णयों और जनता के बीच उनकी मौजूदगी से बनती है। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अनिल विज ऐसे ही नेताओं में शुमार हैं, जिनके व्यक्तित्व और राजनीतिक जीवन को एक ही पंक्ति में समेटा जा सकता है--“मेरा काम ही मेरा परिचय है।” यह कथन केवल एक विचार नहीं, बल्कि उनके पूरे सार्वजनिक जीवन का प्रतिबिंब है।

    अनिल विज का राजनीति में प्रवेश किसी तात्कालिक महत्वाकांक्षा या पद की लालसा से प्रेरित नहीं रहा। उन्होंने राजनीति को सदैव जनसेवा और जिम्मेदारी के रूप में देखा है। उनके लिए सत्ता साध्य नहीं, बल्कि साधन रही है। वर्षों से वे जिस स्पष्टवादिता और दृढ़ता के साथ जनता के मुद्दों को उठाते आए हैं, उसने उन्हें एक अलग पहचान दी है। वे न तो लोकप्रियता के लिए अपने सिद्धांतों से समझौता करते हैं और न ही दबाव में आकर अपने निर्णय बदलते हैं।

    उनकी सबसे बड़ी विशेषता उनकी बेबाक और साफ़ भाषा है। अनिल विज जो सोचते हैं, वही कहते हैं और जो कहते हैं, उसे ज़मीन पर उतारने का प्रयास करते हैं। यही कारण है कि वे समर्थकों के साथ-साथ विरोधियों के बीच भी चर्चा का विषय बने रहते हैं। विज मानते हैं कि लोकतंत्र में जनता को सच्चाई जानने का अधिकार है और नेताओं का कर्तव्य है कि वे बिना किसी लाग-लपेट के सच सामने रखें।

    अनिल विज उन मंत्रियों में शामिल हैं जो वातानुकूलित दफ्तरों तक सीमित नहीं रहते। वे अक्सर स्वयं मौके पर पहुंचकर समस्याओं का निरीक्षण करते हैं। चाहे बिजली आपूर्ति की स्थिति हो, निर्माण का काम हो, अस्पतालों की व्यवस्था हो या श्रम विभाग से जुड़ी शिकायतें-वे हर जगह सक्रिय भूमिका निभाते हैं। हम समझते है कि उनका मानना है कि फाइलों में लिखी रिपोर्ट और ज़मीनी सच्चाई में अक्सर अंतर होता है, और इस अंतर को केवल मौके पर जाकर ही समझा जा सकता है।

    ऊर्जा मंत्री के रूप में उन्होंने बिजली व्यवस्था में सुधार को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। बिजली चोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाना, समय पर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना और अधिकारियों की जवाबदेही तय करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा रहा है। उन्होंने बार-बार स्पष्ट किया कि बिजली जैसी बुनियादी सुविधा में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उनके निर्देशों का असर यह रहा कि व्यवस्था में अनुशासन और पारदर्शिता बढ़ी।

    परिवहन विभाग की जिम्मेदारी संभालते हुए अनिल विज ने परिवहन गुणवत्ता, यातायात सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया। इनके लिए वे लगातार समीक्षा बैठकें करते रहे। उनका मानना है कि अच्छी सड़कें और परिवहन केवल विकास का संकेत नहीं होतीं, बल्कि आर्थिक प्रगति और आम नागरिक की सुरक्षा से भी सीधा संबंध रखती हैं।

    श्रम मंत्री के रूप में उन्होंने श्रमिकों के हितों की रक्षा को सर्वाेपरि रखा। योजनाओं में पारदर्शिता, लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे, और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कठोर कार्रवाई-यह उनकी स्पष्ट नीति रही है। कथित घोटालों पर उनका रुख हमेशा साफ रहा है कि जांच होगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई भी होगी, चाहे वह किसी भी सरकार या व्यक्ति से जुड़ा हो। उनके लिए कानून सबके लिए समान है।

    कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी अनिल विज का दृष्टिकोण बेहद स्पष्ट और सख्त रहा है। वे मानते हैं कि बिना मजबूत कानून व्यवस्था के विकास संभव नहीं है। उन्होंने कई अवसरों पर कहा है कि अपराधी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। सरकार द्वारा असामाजिक तत्वों के खिलाफ की गई कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि वर्तमान शासन कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर है।

    अनिल विज राजनीति में जवाबदेही की संस्कृति को मजबूती से स्थापित करने में विश्वास रखते हैं। वे केवल सवाल उठाने वाले नेता नहीं, बल्कि जनता के सवालों का जवाब देने वाले मंत्री भी हैं। उनका मानना है कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब सरकार जनता के प्रति जवाबदेह हो। वे आलोचना से घबराते नहीं, बल्कि उसे आत्ममंथन और सुधार का अवसर मानते हैं।

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा की वैचारिक पृष्ठभूमि को लेकर भी अनिल विज का दृष्टिकोण हमेशा स्पष्ट और संतुलित रहा है। वे मानते हैं कि आरएसएस विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन है, जिसके विभिन्न विंग स्वतंत्र रूप से समाज सेवा के कार्यों में लगे हुए हैं। उनका कहना है कि इन संगठनों की भूमिका राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण रही है और वे अपने-अपने स्तर पर स्वतंत्र निर्णय लेते हैं।

    अनिल विज ऐसे नेता हैं जिनकी बातों पर राजनीतिक गलियारों में गंभीरता से चर्चा होती है। उनकी स्पष्ट टिप्पणियां कई बार बहस का विषय बनती हैं, लेकिन वे व्यक्तिगत आरोपों से दूर रहते हुए मुद्दों पर केंद्रित रहते हैं। यही वजह है कि उनकी राजनीतिक मौजूदगी प्रभावशाली मानी जाती है।

    आज के दौर में जब राजनीति में प्रचार, छवि निर्माण और सोशल मीडिया की भूमिका बढ़ गई है, अनिल विज काम को ही अपनी पहचान मानते हैं। वे मानते हैं कि यदि काम ईमानदारी और निष्ठा से किया जाए, तो जनता स्वयं नेता की पहचान बना देती है। लंबे समय तक जनता का विश्वास केवल और केवल काम के आधार पर ही अर्जित किया जा सकता है।

    युवाओं के लिए उनका संदेश भी स्पष्ट है। वे युवाओं से कहते और उम्मीद रखते हैं कि राजनीति को करियर नहीं, बल्कि सेवा समझकर अपनाएं। अनुशासन, ईमानदारी और समर्पण के बिना न तो राजनीति में सफलता संभव है और न ही समाज में बदलाव। उनका मानना है कि देश और प्रदेश का भविष्य युवाओं के हाथ में है और उन्हें सही दिशा देने की जिम्मेदारी भी नेतृत्व की है।

    अनिल विज का संपूर्ण सार्वजनिक जीवन इस बात का प्रमाण है कि जब नीयत साफ हो और कर्म मजबूत हों, तो परिचय की आवश्यकता नहीं पड़ती। वे न तो दिखावे की राजनीति करते हैं और न ही खोखले वादों में विश्वास रखते हैं। उनकी पहचान उनके फैसलों, उनकी सख्ती, उनकी संवेदनशीलता और उनके निरंतर प्रयासों से बनी है।

    आज जब जनता ऐसे नेताओं की तलाश में है जो बोलने से ज्यादा करने में विश्वास रखते हों, अनिल विज उस कसौटी पर खरे उतरते हैं। वे केवल एक मंत्री या राजनेता नहीं, बल्कि एक कर्मठ जननेता के रूप में पहचाने जाते हैं, जिनका परिचय नाम से नहीं, बल्कि उनके काम से होता है। वास्तव में, “मेरा काम ही मेरा परिचय है” अनिल विज के व्यक्तित्व, विचार और राजनीतिक यात्रा का सटीक सार है।

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    09/01/26

    अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता - मुख्यमंत्री

    चंडीगढ़, 09 जनवरी (अभी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश के आम बजट को लेकर बजट पूर्व परामर्श बैठकों की श्रृंखला लगातार जारी है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित बैठक के दूसरे सत्र में स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ आगामी बजट को लेकर सार्थक संवाद किया। उन्होंने संवाद में शामिल प्रतिनिधियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बैठक प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र के भविष्य को दिशा देने का एक सशक्त अवसर है। उन्होंने सत्र के शुभारंभ में राजा नाहर सिंह को बलिदान दिवस पर श्रद्धापूर्वक नमन किया।

     

    बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री विपुल गोयल, स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री श्री राजेश नागर, पूर्व मंत्री एवं बल्लभगढ़ के विधायक श्री मूलचंद शर्मा, बड़खल के विधायक श्री धनेश अदलखा, एनआईटी के विधायक श्री सतीश फागना व मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर तथा प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

     

    विकसित भारत 2047 के संकल्प का ग्रोथ इंजन बनेगा हरियाणा

     

    मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, जिनके पास वित्त मंत्री का प्रभार भी है, ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को 2047 में विकसित बनाने का संकल्प लिया है। उस संकल्प में हरियाणा देश का ग्रोथ इंजन बनेगा। बीते माह केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने पंचकूला में हरियाणा के  विजन डॉक्यूमेंट 2047  को भी लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि इस बार बजट में सभी वर्गों के सुझाव लिए गये है, जिससे यह बजट सरकार का न होकर प्रदेश के जनमानस का बजट होगा।

     

    स्वास्थ्य क्षेत्र की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारा ध्येय

     

    मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस वर्ष स्वास्थ्य क्षेत्र को बजट-पूर्व परामर्श की प्राथमिकता में रखा गया है।

    उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य आम नागरिक के जीवन का आधार है। हरियाणा का प्रत्येक नागरिक मेरा परिवार है और इस परिवार के स्वास्थ्य की रक्षा करना मेरी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। सरकार का संकल्प है कि स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाएं केवल फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि ज़मीन पर प्रभावी रूप से दिखाई दे और अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचे।

     

    हेल्थ इंफ्रा, मानव संसाधन और सेवाओं को बनाया जाएगा सशक्त

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वही नीति प्रभावी होती है, जो स्वास्थ्य को सुविधा नहीं, बल्कि अधिकार के रूप में देखे। इसी दृष्टिकोण के तहत पिछले वर्ष स्वास्थ्य बजट में 8.7 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष लक्ष्य स्वास्थ्य बजट को दो अंकों की वृद्धि तक ले जाने का है, जिससे हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर, मानव संसाधन और सेवाओं को और सशक्त किया जा सके।

     

    मौजूदा वित्त वर्ष में स्वास्थ्य क्षेत्र खर्च हुए 6 हजार 711 करोड़

     

    मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रावधानों पर अब तक 6 हजार 711 करोड़ 82 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। संकल्प पत्र के वायदे को पूरा करते हुए प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, ब्लड एनालाइज़र और डिजिटल एक्स-रे जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि जिला अस्पतालों में निजी कमरों की व्यवस्था की गई है, डे-केयर कैंसर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं तथा सभी जिला अस्पतालों और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश के सभी ब्लड बैंकों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, ताकि आपात स्थितियों में सुरक्षित और त्वरित रक्त आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

     

    जिनके सुझाव होंगे बजट में शामिल, उन्हें बजट भाषण सुनने के लिए विधानसभा में किया जाएगा आमंत्रित

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही सुशासन की वास्तविक पहचान है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों से अगले 8–10 दिनों में और सुझाव देने तथा चैटबॉट के माध्यम से भेजने का आग्रह किया। बैठक में पहुंचे स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने आगामी बजट को लेकर अपने सुझाव दिए और विभिन्न प्रावधानों को लेकर अधिकारियों के साथ व्यापक विचार विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने सभी सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन हितधारकों के सुझाव बजट 2026-27 में शामिल किए जाएंगे, उन्हें विधानसभा में बजट भाषण सुनने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

     

    इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डा. राज नेहरू, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री राजीव जेटली, फरीदाबाद की मेयर श्रीमती प्रवीण जोशी तथा मैक्स हेल्थकेयर, एसएसबी हार्ट एंड मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, प्रेम हॉस्पिटल, एशियन हॉस्पिटल, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, नीमा, एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल इंडस्ट्री, इंद्रप्रस्थ अपोलो, इंडियन डेंटल एसोसिएशन, आदि संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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    09/01/26

    सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा: 120 युवाओं को दिया गया प्राथमिक चिकित्सा और सीपीआर का व्यावहारिक प्रशिक्षण

    जे कुमार पलवल, 09 जनवरी 2026: सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जान-माल की हानि को कम करने के उद्देश्य से उपायुक्त एवं जिला रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ के दिशा-निर्देशानुसार एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव महेश गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला प्रशिक्षण अधिकारी नीतू सिंह ने 120 युवाओं को सड़क सुरक्षा नियमों और जीवन रक्षक तकनीकों के प्रति जागरूक किया। प्रशासन का मुख्य ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि जिले में किसी भी व्यक्ति की जान केवल इसलिए न जाए कि उसे समय पर प्राथमिक चिकित्सा नहीं मिल सकी।

    प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को सड़क सुरक्षा के मूलभूत नियमों, जैसे हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता, वाहन चलाते समय मोबाइल के प्रयोग से होने वाले खतरों और पैदल चलने के नियमों के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही, दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण 'सीपीआर' (CPR) तकनीक का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। युवाओं को सिखाया गया कि कैसे रक्तस्राव को रोका जाए, हड्डी टूटने पर किस प्रकार सहायता दी जाए और चोकिंग या बेहोशी की स्थिति में प्राथमिक उपचार कैसे प्रदान किया जाए।

    सचिव महेश गुप्ता ने बताया कि उपायुक्त पलवल सड़क सुरक्षा बैठकों में निरंतर इस बात पर जोर देते हैं कि सही समय पर दिया गया प्राथमिक उपचार अनेक कीमती जीवन बचा सकता है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को न केवल जागरूक नागरिक बनाना है, बल्कि उन्हें एक कुशल 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' (प्रथम सहायक) के रूप में तैयार करना भी है।

    इसी अवसर पर सचिव महेश गुप्ता ने बढ़ती कड़ाके की ठंड को देखते हुए मानवता के नाते एक विशेष अपील भी जारी की। उन्होंने सामाजिक संस्थाओं और दानी सज्जनों से आग्रह किया कि वे रजाई, गद्दे, गर्म कंबल, जुराबें और जूते जैसी आवश्यक सामग्री जिला रेडक्रॉस सोसायटी को दान करें। यह दान उन गरीब और बेसहारा लोगों के काम आएगा, जिन्हें कड़ाके की सर्दी में सहायता की सख्त जरूरत है।

    #PalwalNews #RoadSafety #FirstAidTraining #RedCrossPalwal #CPR #RoadSafetyLifeSafety #SocialService #AwarenessDrive #EmergencyResponse #HaryanaPolice

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    08/01/26

    आज का राशिफल – 8 जनवरी 2026 (गुरुवार)

    ♈ मेष (Aries)

    परिवार: घर में सहयोग मिलेगा, किसी पुराने मतभेद का समाधान।
    कैरियर: कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है, बॉस प्रसन्न रहेंगे।
    लाभ: रुका पैसा मिलने के योग।
    हानि: जल्दबाज़ी में निर्णय नुकसान दे सकता है।
    शुभ मुहूर्त: सुबह 9:15 से 10:30
    शेयर मार्केट: सीमित निवेश लाभकारी, शॉर्ट टर्म से बचें।
    लक्की नंबर: 1, 9
    शुभ रंग: लाल
    स्वास्थ्य: सिरदर्द/थकान, पर्याप्त आराम करें।
    मूड: उत्साही लेकिन थोड़ा अधीर

    ♉ वृषभ (Taurus)

    परिवार: परिवार में सुख-शांति, बुजुर्गों का आशीर्वाद।
    कैरियर: स्थिर प्रगति, मेहनत का फल मिलेगा।
    लाभ: धन संचय के अच्छे अवसर।
    हानि: आलस्य से अवसर चूक सकते हैं।
    शुभ मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 1:15
    शेयर मार्केट: बैंकिंग/एफएमसीजी शेयर ठीक।
    लक्की नंबर: 2, 6
    शुभ रंग: क्रीम
    स्वास्थ्य: गला/पाचन हल्का कमजोर।
    मूड: शांत और संतुलित

    ♊ मिथुन (Gemini)

    परिवार: भाई-बहनों से सहयोग।
    कैरियर: मीटिंग/कम्युनिकेशन से लाभ।
    लाभ: नेटवर्किंग से फायदा।
    हानि: वाणी पर नियंत्रण रखें।
    शुभ मुहूर्त: सुबह 10:45 से 12:00
    शेयर मार्केट: आईटी/मीडिया में उतार-चढ़ाव।
    लक्की नंबर: 5
    शुभ रंग: हरा
    स्वास्थ्य: तनाव, ध्यान करें।
    मूड: चंचल लेकिन स्मार्ट

    ♋ कर्क (Cancer)

    परिवार: भावनात्मक सहयोग मिलेगा।
    कैरियर: कार्य में स्थिरता, नई सीख।
    लाभ: घर/भूमि से जुड़ा लाभ।
    हानि: भावुक निर्णय से बचें।
    शुभ मुहूर्त: दोपहर 1:30 से 2:30
    शेयर मार्केट: लॉन्ग टर्म निवेश ठीक।
    लक्की नंबर: 4
    शुभ रंग: सफेद
    स्वास्थ्य: पेट संबंधी सावधानी।
    मूड: भावुक लेकिन सकारात्मक

    ♌ सिंह (Leo)

    परिवार: सम्मान बढ़ेगा, जिम्मेदारी निभाएंगे।
    कैरियर: नेतृत्व का मौका, प्रमोशन संकेत।
    लाभ: मान-सम्मान व धन।
    हानि: अहंकार से नुकसान।
    शुभ मुहूर्त: सुबह 8:30 से 9:30
    शेयर मार्केट: मेटल/पावर शेयर लाभ दे सकते हैं।
    लक्की नंबर: 1
    शुभ रंग: सुनहरा
    स्वास्थ्य: ऊर्जा अच्छी।
    मूड: आत्मविश्वास से भरा

    ♍ कन्या (Virgo)

    परिवार: घर में अनुशासन, सहयोग।
    कैरियर: योजनाबद्ध काम से सफलता।
    लाभ: छोटे लेकिन निश्चित लाभ।
    हानि: अधिक आलोचना से रिश्ते बिगड़ सकते हैं।
    शुभ मुहूर्त: दोपहर 2:45 से 3:45
    शेयर मार्केट: फार्मा/हेल्थकेयर ठीक।
    लक्की नंबर: 5
    शुभ रंग: आसमानी
    स्वास्थ्य: त्वचा/एलर्जी।
    मूड: प्रैक्टिकल और गंभीर

    ♎ तुला (Libra)

    परिवार: सामंजस्य, दांपत्य सुख।
    कैरियर: साझेदारी में लाभ।
    लाभ: सौदेबाज़ी से फायदा।
    हानि: निर्णय में देरी।
    शुभ मुहूर्त: सुबह 11:30 से 12:30
    शेयर मार्केट: संतुलित पोर्टफोलियो रखें।
    लक्की नंबर: 6
    शुभ रंग: गुलाबी
    स्वास्थ्य: कमर/पीठ का ध्यान।
    मूड: संतुलित और सौम्य

    ♏ वृश्चिक (Scorpio)

    परिवार: गहराई से बातचीत लाभकारी।
    कैरियर: गोपनीय कार्यों में सफलता।
    लाभ: रिसर्च/इंवेस्टिगेशन से लाभ।
    हानि: शक से रिश्ते बिगड़ सकते हैं।
    शुभ मुहूर्त: शाम 4:30 से 5:30
    शेयर मार्केट: रिस्की ट्रेड से बचें।
    लक्की नंबर: 8
    शुभ रंग: मैरून
    स्वास्थ्य: ब्लड प्रेशर पर ध्यान।
    मूड: गंभीर और केंद्रित

    ♐ धनु (Sagittarius)

    परिवार: यात्रा/मिलन के योग।
    कैरियर: नए अवसर, सीखने का समय।
    लाभ: विदेशी/ऑनलाइन स्रोत से।
    हानि: अति-आत्मविश्वास।
    शुभ मुहूर्त: सुबह 7:45 से 8:45
    शेयर मार्केट: टेक/एजुकेशन सेक्टर ठीक।
    लक्की नंबर: 3
    शुभ रंग: पीला
    स्वास्थ्य: जांघ/कमर।
    मूड: आशावादी

    ♑ मकर (Capricorn)

    परिवार: जिम्मेदारियाँ बढ़ेंगी।
    कैरियर: मेहनत का फल, स्थायित्व।
    लाभ: दीर्घकालिक लाभ।
    हानि: कठोरता से विवाद।
    शुभ मुहूर्त: दोपहर 3:30 से 4:30
    शेयर मार्केट: इंफ्रास्ट्रक्चर में लाभ।
    लक्की नंबर: 8
    शुभ रंग: स्लेटी
    स्वास्थ्य: जोड़ों का ध्यान।
    मूड: गंभीर और दृढ़

    ♒ कुंभ (Aquarius)

    परिवार: मित्रों जैसा व्यवहार, खुशी।
    कैरियर: इनोवेशन से सफलता।
    लाभ: नए विचारों से।
    हानि: नियमों की अनदेखी।
    शुभ मुहूर्त: शाम 5:45 से 6:45
    शेयर मार्केट: स्टार्टअप/न्यू-एज शेयर में उतार-चढ़ाव।
    लक्की नंबर: 7
    शुभ रंग: नीला
    स्वास्थ्य: नींद की कमी।
    मूड: क्रिएटिव

    ♓ मीन (Pisces)

    परिवार: भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा।
    कैरियर: रचनात्मक कार्य में सफलता।
    लाभ: कला/सेवा क्षेत्र से।
    हानि: भ्रम में निर्णय।
    शुभ मुहूर्त: सुबह 10:00 से 11:00
    शेयर मार्केट: सुरक्षित निवेश बेहतर।
    लक्की नंबर: 2
    शुभ रंग: बैंगनी
    स्वास्थ्य: पैरों/जल-तत्व से जुड़ी सावधानी।
    मूड: संवेदनशील लेकिन सकारात्मक

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    08/01/26

    विकसित भारत निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा ‘विकसित भारत-जी राम जी कानून’ : विपुल गोयल

    जे कुमार पलवल, 08 जनवरी 2026: हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, शहरी स्थानीय निकाय तथा नागरिक उड्डयन मंत्री विपुल गोयल ने केंद्र सरकार के नए 'विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) कानून-2025' (वीबी-जी राम जी) को ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने वाला कानून बताया है। पलवल स्थित लोकनिर्माण विश्राम गृह में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह कानून विकसित भारत के निर्माण में एक मील का पत्थर साबित होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा।

    कैबिनेट मंत्री ने नए कानून की खूबियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके माध्यम से मजदूरों को अब साल में 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार मिलेगा। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव भुगतान प्रक्रिया में किया गया है, जिसके तहत अब मजदूरों को उनकी मेहनत का फल हर सप्ताह मजदूरी के रूप में मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन इस योजना को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है ताकि भ्रष्टाचार की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाए। इस कानून के लागू होने से न केवल ग्रामीणों को समय पर वेतन मिलेगा, बल्कि अधिकारियों की जवाबदेही और कानूनी जिम्मेदारी भी सुनिश्चित होगी।

    प्रेस वार्ता के दौरान विपुल गोयल ने इस योजना का विरोध करने वाले राजनीतिक दलों पर भी तीखा निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस और पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को 'मजदूर विरोधी' बताते हुए कहा कि विपक्ष केवल विरोध की राजनीति कर रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष को 'राम', 'भारत' और 'नीति' जैसे शब्दों से परहेज है, जबकि पूरा देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कानून में किए गए परिवर्तन किसानों और ग्रामीणों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किए गए हैं।

    अंत में, उन्होंने विश्वास जताया कि वीबी-जी राम जी कानून का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा और यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के साथ-साथ एक न्यायपूर्ण व्यवस्था स्थापित करेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस योजना के बारे में जागरूक हों और सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाएं।

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    07/01/26

    सुरक्षा के 125 वर्ष: राष्ट्र निर्माण और खनिकों के कल्याण को समर्पित DGMS का गौरवशाली सफर

    आरएस अनेजा, 7 जनवरी नई दिल्ली - भारत सरकार के श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय के तहत खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) ने आज झारखंड के धनबाद में अपने हेडक्वार्टर में अपना 125वां स्थापना दिवस मनाया।

    यह देश भर में खदान श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण सुनिश्चित करने की दिशा में एक सदी से ज़्यादा की समर्पित सेवा का प्रतीक है।

    सभा को संबोधित करते हुए, श्रम एवं रोज़गार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि DGMS की 125 साल की यात्रा अधिकारियों और खदान श्रमिकों की पीढ़ियों के समर्पित प्रयासों और बलिदानों को दर्शाती है। अतीत में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करने वालों के योगदान को स्वीकार करते हुए, मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आज खनन गतिविधियाँ सीधे भारत की विकास गाथा से जुड़ी हुई हैं।

    मंत्री ने उन खदान श्रमिकों को श्रद्धांजलि दी, जिनके साहस और समर्पण, जिसमें अक्सर जान का गंभीर जोखिम होता है, खनन को संभव बनाते हैं और राष्ट्र निर्माण में सहयोग करते हैं।

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    राष्ट्रीय कपड़ा मंत्रियों का सम्मेलन कल से गुवाहाटी में शुरू होगा

    आरएस अनेजा, 7 जनवरी नई दिल्ली - वस्त्र मंत्रालय द्वारा असम सरकार के सहयोग से आयोजित राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों का सम्मेलन कल, 8 जनवरी को गुवाहाटी, असम में शुरू होगा। दो दिवसीय सम्मेलन "भारत के वस्त्र: विकास, विरासत और नवाचार की बुनाई" विषय पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वस्त्र मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी एक साथ आएंगे।

    इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य वस्त्र क्षेत्र में नीति, निवेश, स्थिरता, निर्यात, बुनियादी ढांचे के विकास और तकनीकी प्रगति पर विचार-विमर्श के लिए एक मंच प्रदान करना है। यह 2030 तक भारत को एक वैश्विक वस्त्र विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसमें "विकास भी, विरासत भी" की भावना के अनुरूप निर्यात को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन और समावेशी विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

    सम्मेलन में बुनियादी ढांचे और निवेश, भारत के वस्त्र निर्यात का विस्तार, कच्चा माल और फाइबर, तकनीकी वस्त्र और नए जमाने के फाइबर, और हथकरघा और हस्तशिल्प के संरक्षण और संवर्धन जैसे प्रमुख क्षेत्रों को कवर करने वाले सत्र होंगे। पीएम मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (पीएम मित्रा) पार्क, स्थिरता और पर्यावरणीय अनुपालन, तकनीकी वस्त्र, नवाचार और एकीकृत मूल्य-श्रृंखला विकास जैसी प्रमुख पहलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों और अधिकारियों से भाग लेने और सर्वोत्तम प्रथाओं, चुनौतियों और नीतिगत सुझावों को साझा करने की उम्मीद है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रों और जिलों में वस्त्र मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना है।

    नेशनल टेक्सटाइल मिनिस्टर्स कॉन्फ्रेंस से केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग मजबूत होने और एक प्रतिस्पर्धी, टिकाऊ और समावेशी टेक्सटाइल सेक्टर के लिए एक साफ रोडमैप तैयार होने की उम्मीद है।

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    05/01/26

    प्रस्तुत हैं दैनिक खबर पर आज 05 जनवरी, 2026 के शाम 6 बजे के मुख्य समाचार

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    04/01/26 |

    अमरीका ने 70+ देशों में किसी न किसी रूप में सैन्य हस्तक्षेप किया है

    अमरीका (संयुक्त राज्य अमेरिका) ने अपने इतिहास में प्रत्यक्ष युद्ध, सैन्य हस्तक्षेप, बमबारी, या गुप्त/सीमित सैन्य कार्रवाई के रूप में कई देशों पर हमला किया है। नीचे क्रमवार और प्रमुख घटनाओं की सूची दी जा रही है। (यह सूची मुख्य और व्यापक रूप से मान्य सैन्य कार्रवाइयों पर आधारित है)

    🇺🇸 अमरीका द्वारा किए गए प्रमुख सैन्य हमले / हस्तक्षेप

    🔹 19वीं सदी

    मेक्सिको – 1846–1848

    👉 मैक्सिको-अमरीका युद्ध (टेक्सास, कैलिफोर्निया पर कब्ज़ा)

    स्पेन (क्यूबा, फिलीपींस) – 1898

    👉 स्पेन-अमरीका युद्ध

    🔹 20वीं सदी (1900–1945)

    फिलीपींस – 1899–1902

    👉 फिलीपीन-अमरीका युद्ध

    निकारागुआ – 1912–1933

    👉 बार-बार सैन्य हस्तक्षेप

    हैती – 1915–1934

    डोमिनिकन रिपब्लिक – 1916–1924

    जर्मनी – 1917–1918

    👉 प्रथम विश्व युद्ध

    जापान – 1941–1945

    👉 द्वितीय विश्व युद्ध

    ⚠️ हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम (1945)

    इटली – 1943–1945

    जर्मनी – 1941–1945 (द्वितीय विश्व युद्ध)

    🔹 शीत युद्ध काल (1945–1991)

    कोरिया (उत्तर कोरिया) – 1950–1953

    👉 कोरियाई युद्ध

    ईरान – 1953

    👉 लोकतांत्रिक सरकार गिराने में CIA की भूमिका (तख़्तापलट)

    ग्वाटेमाला – 1954

    👉 तख़्तापलट

    वियतनाम, लाओस, कंबोडिया – 1955–1975

    👉 वियतनाम युद्ध

    डोमिनिकन रिपब्लिक – 1965

    ग्रेनेडा – 1983

    लीबिया – 1986

    👉 त्रिपोली पर बमबारी

    पनामा – 1989

    🔹 1991 के बाद

    इराक – 1991

    👉 खाड़ी युद्ध

    सोमालिया – 1992–1993

    बोस्निया – 1995

    कोसोवो (सर्बिया) – 1999

    अफगानिस्तान – 2001–2021

    👉 तालिबान के खिलाफ युद्ध

    इराक – 2003–2011

    👉 सद्दाम हुसैन की सरकार गिराई

    लीबिया – 2011

    👉 नाटो के साथ हमला (गद्दाफी शासन का अंत)

    सीरिया – 2014 से अब तक

    👉 ISIS के नाम पर हमले

    यमन – 2015 से

    👉 सऊदी गठबंधन को समर्थन, ड्रोन हमले

    🔹 हाल के सीमित/विशेष हमले

    पाकिस्तान – 2011

    👉 ओसामा बिन लादेन पर हमला (एबटाबाद)

    ईरान – 2020

    👉 जनरल कासिम सुलेमानी की ड्रोन से हत्या (इराक में)

    📌 संक्षेप में

    अमरीका ने 70+ देशों में किसी न किसी रूप में सैन्य हस्तक्षेप किया है

    कई बार सीधे युद्ध, कई बार बमबारी, तख़्तापलट, ड्रोन हमले या गुप्त ऑपरेशन

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    04/01/26

    आज के खेल समाचार

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    02/01/26

    अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना-1 (दयालु ) के 5794 परिवारों के लाभार्थियों को  217.36 करोड़ रुपए की राशि जारी

    चंडीगढ़, 02 जनवरी (अभी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना-1 (दयालु) के 5794 लाभार्थियों के खाते में 217.36 करोड़ रुपए की राशि जारी की। अब तक इस योजना के तहत 49 हजार 998 लाभार्थियों को 1881.355 करोड़ रुपए की राशि प्रदान की जा चुकी है। 

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना-1 में सुधार किया गया है। इस योजना के लाभार्थियों का मृत्यु प्रमाण पत्र अब सीधे परिवार पहचान पत्र से जोड़ दिया गया है। इससे अब मृत्यु प्रमाण पत्र और दिव्यांग प्रमाण, पीपीपी डाटा से आसानी से सत्यापित  किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इससे योजना में पूर्ण रूप से पारदर्शिता आएगी और वास्तविक रूप से ही लाभार्थियों के परिवारों को लाभ मिलना सुनिश्चित होगा।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों की सुविधा के लिए जन सहायक हेल्प मी मोबाईल ऐप भी शुरू किया गया है। इसके माध्यम से लाभार्थियों को वित्तीय सहायता आधार कार्ड से जुड़े बैंक खाते में सीधे डीबीटी से समय पर भेजी जा रही है। इसके अलावा ऐप से आवेदनकर्ता योजना और अपने आवेदन को ट्रैक भी कर सकता है। यह एक महत्वपूर्ण वित्तीय सुरक्षा योजना है जो नागरिकों को त्वरित लाभ देने के लिए क्रियान्वित की गई है। 

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना में परिवार पहचान पत्र में पंजीकृत  परिवारों की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपए है। उन परिवारों को दुर्घटना के 90 दिन के अन्दर पोर्टल पर सहायता के लिए आवेदन करना अनिवार्य है। इस योजना के तहत दुर्घटना में स्थाई रूप से दिव्यांग होने या मृत्यु होने पर एक लाख रुपए से 5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाती है।

     

    इस अवसर पर स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, मुख्य कार्यकारी हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास श्री जयेन्द्र सिंह छिल्लर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

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    02/01/26

    पंचकूला: यूएचबीवीएन मुख्यालय में 05, 12, 19 और 27 जनवरी को सुलझेंगी बिजली शिकायतें

    चंडीगढ़, 02 जनवरी (अभी) : उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) उपभोक्ताओं को विष्वसनीय, अच्छी वोल्टेज और निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। ‘पूर्ण उपभोक्ता संतुष्टि’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बिजली निगम द्वारा अनेक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम प्रारंभ किये गए हैं ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं को त्वरित रूप में सुलझाया जा सके।

     बिजली निगम के प्रवक्ता ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच रेगुलेशन 2.8.2 के अनुसार प्रत्येक मामले में 1 लाख रुपये से अधिक और 3 लाख रुपये तक की राशि के वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करेगा। पंचकूला जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों नामतः कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, कैथल और यमुनानगर के उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण 05, 12, 19 और 27 जनवरी को जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच, पंचकूला में उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि पंचकूला जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों के उपभोक्ताओं के गलत बिलों, बिजली की दरों से सम्बंधित मामलों, मीटर सिक्योरिटी से जुड़े मामलों, ख़राब हुए मीटरों से सम्बंधित मामलों, वोल्टेज से जुड़े हुए मामलों का निपटान किया जाएगा।

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    01/01/26

    “हवाएं लाख मुखालिफ हों, मगर यह तय है कि दिया वहीं जलेगा, जो अपनी जिद पर अड़ा है”

    K.K

    हरियाणा की राजनीति एक बार फिर गरमाई हुई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा की ताजपोशी के बाद सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। इसी कड़ी में ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज का एक बयान खासा चर्चा में है— “हवाएं लाख मुखालिफ हों, मगर यह तय है कि दिया वहीं जलेगा, जो अपनी जिद पर अड़ा है।” यह पंक्ति केवल एक शेर या भावनात्मक कथन नहीं, बल्कि हरियाणा की वर्तमान राजनीतिक तस्वीर पर सीधा और सटीक कटाक्ष मानी जा रही है।

    अनिल विज का यह बयान भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेता प्रतिपक्ष बनने पर एक सधा हुआ लेकिन तीखा राजनीतिक संदेश है। विज का राजनीतिक स्वभाव हमेशा से ही बेबाक रहा है। वे न तो शब्दों को तोलकर बोलने में विश्वास रखते हैं और न ही राजनीतिक शिष्टाचार की आड़ में अपनी बात छिपाते हैं। ऐसे में उनका यह कथन साफ संकेत देता है कि राजनीति में पद से ज्यादा महत्व संकल्प, संघर्ष और जनविश्वास का होता है।

    भूपेंद्र सिंह हुड्डा लंबे समय तक हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे हैं और कांग्रेस की राजनीति का एक बड़ा चेहरा माने जाते हैं। लेकिन समय के साथ उनकी राजनीति पर ठहराव और अतीतजीवी होने के आरोप भी लगते रहे हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद मिलने के बावजूद उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे केवल सरकार की आलोचना तक सीमित न रहें, बल्कि जनता को यह भरोसा दिला सकें कि वे आज भी प्रासंगिक हैं।

    अनिल विज का कटाक्ष इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि राजनीति में वही दीया जलता है जो अपने संकल्प पर अडिग रहता है, न कि वह जो हर बदलती हवा के साथ अपनी दिशा बदल ले। विज स्वयं को इसी श्रेणी में रखते हैं—एक ऐसा नेता जो विरोध, विवाद और आलोचनाओं के बावजूद अपने रुख से पीछे नहीं हटता।

    विज का राजनीतिक सफर इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने कई बार अकेले खड़े होकर भी मुद्दे उठाए। चाहे वह भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ हो, प्रशासनिक सख्ती हो या फिर सरकार के भीतर ही सवाल खड़े करने का साहस—अनिल विज ने कभी भी लोकप्रियता या आलोचना की परवाह नहीं की। यही “जिद” उनकी पहचान बन चुकी है।

    इसके उलट, हुड्डा की राजनीति को लेकर यह सवाल उठता रहा है कि क्या वे अब भी उसी दृढ़ता के साथ संघर्ष कर पाएंगे, या फिर उनकी भूमिका केवल सत्ता पक्ष पर आरोप लगाने तक सीमित रह जाएगी। नेता प्रतिपक्ष का पद केवल विरोध का नहीं, बल्कि वैकल्पिक नीति और दृष्टि प्रस्तुत करने का मंच होता है। ऐसे में अनिल विज का बयान हुड्डा के लिए एक चुनौती की तरह देखा जा रहा है।

    हरियाणा की जनता अब केवल भाषणों और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से संतुष्ट नहीं है। जनता परिणाम चाहती है, जवाबदेही चाहती है और ऐसे नेता चाहती है जो दबाव में भी अपने फैसलों पर कायम रहें। अनिल विज का मानना है कि राजनीति में टिके रहने के लिए रीढ़ की हड्डी का मजबूत होना जरूरी है।

    विज का यह बयान यह भी दर्शाता है कि भाजपा नेतृत्व अपनी स्थिरता और आत्मविश्वास को लेकर आश्वस्त है। उनका संदेश साफ है—सरकार विरोध से नहीं डरती और न ही विपक्ष के पदों से विचलित होती है। अगर संकल्प मजबूत है, तो राजनीतिक आंधियां ज्यादा देर तक असर नहीं डाल सकतीं।

    दूसरी ओर, भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए यह समय आत्ममंथन का है। नेता प्रतिपक्ष के रूप में उन्हें यह साबित करना होगा कि वे केवल अतीत की उपलब्धियों के सहारे राजनीति नहीं कर रहे, बल्कि वर्तमान और भविष्य की स्पष्ट दृष्टि रखते हैं। अनिल विज का कटाक्ष इसी अपेक्षा की ओर इशारा करता है।

    राजनीति में प्रतीकों और शब्दों का बड़ा महत्व होता है। “दीया” केवल प्रकाश का प्रतीक नहीं, बल्कि संघर्ष, धैर्य और निरंतरता का भी संकेत है। विज के अनुसार, जो नेता अपनी बात पर अड़ा रहता है, वही लंबे समय तक जनता के दिलों में जगह बनाता है।

    आज हरियाणा की राजनीति एक नए दौर से गुजर रही है। सत्ता और विपक्ष—दोनों के लिए यह समय परीक्षा का है। एक ओर सरकार को अपने कामकाज से विश्वास बनाए रखना है, तो दूसरी ओर विपक्ष को जिम्मेदार और रचनात्मक भूमिका निभानी है।

    अंततः अनिल विज का यह बयान केवल भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर कटाक्ष नहीं, बल्कि समूची राजनीति के लिए एक संदेश है—कि पद अस्थायी होते हैं, लेकिन संकल्प और जिद ही नेता की असली पहचान बनती है। हवाएं कितनी भी मुखालिफ क्यों न हों, राजनीति में वही दीया जलता है जो अपने विश्वास की लौ को बुझने नहीं देता।

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    01/01/26

    वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्यामल मिश्रा मुख्य सचिव ग्रेड में पदोन्नत अन्य आईएएस अधिकारियों को भी मिली पदोन्नति

    चंडीगढ़, 01 जनवरी (अभी) : हरियाणा सरकार ने 1996 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री श्यामल मिश्रा को मुख्य सचिव ग्रेड (पे मैट्रिक्स के लेवल-17) में पदोन्नत किया है। पदोन्नति उपरांत श्री मिश्रा अपने वर्तमान पदभार एवं दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे।

     

    इसके अलावा, 2001 बैच के चार आईएएस अधिकारियों को हायर एडमिनिस्टेªटिव ग्रेड (पे मैट्रिक्स के लेवल-15) में पदोन्नत किया गया है। पदोन्नति पाने वालों में श्री विजय सिंह दहिया और श्रीमती अमनीत पी. कुमार शामिल हैं। केन्द्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर होने के कारण श्री विकास गुप्ता और श्री पंकज यादव को परफाॅर्मा प्रमोशन दी गई है।

     

    इसके प्रकार, 2010 बैच के पांच आईएएस अधिकारियों को सुपर टाइम स्केल (पे मैट्रिक्स लेवल-14) में पदोन्नत किया गया है। पदोन्नति पाने वालों में श्री प्रभजोत सिंह, श्री राजनारायण कौशिक, श्री जितेन्द्र कुमार और श्रीमती हेमा शर्मा शामिल हैं। केन्द्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर होने के चलते डाॅ. गरिमा मित्तल को परफाॅर्मा प्रमोशन दी गई है।

     

    साथ ही, 2013 बैच के आठ आईएएस अधिकारियों को सिलेक्शन ग्रेड (पे मैट्रिक्स लेवल-13) में पदोन्नत किया गया है। पदोन्नति पाने वालों में श्री पार्थ गुप्ता, श्री अजय कुमार, श्री प्रदीप दहिया, श्रीमती संगीता तेतरवाल, श्रीमती मनदीप कौर, श्रीमती प्रतिमा चैधरी और श्री वीरेन्द्र कुमार दहिया शामिल हैं। केन्द्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर होने के चलते श्री निशांत कुमार यादव को परफाॅर्मा प्रमोशन दी गई है।

     

    इसके अलावा, 2017 बैच के नौ आईएएस अधिकारियों को जूनियर एडमिनिस्टेªटिव ग्रेड (पे मैट्रिक्स लेवल-12) में पदोन्नत किया गया है। पदोन्नति पाने वालों में श्री विश्राम कुमार मीणा, श्री स्वप्निल रविन्द्र पाटिल, श्री साहिल गुप्ता, डाॅ. वैशाली शर्मा, श्री महाबीर प्रसाद, श्री महेन्द्रपाल, श्री सतपाल शर्मा, श्री अमर दीप सिंह और श्री सुशील कुमार शामिल हैं।

     

    साथ ही, 2022 बैच के सात आईएएस अधिकारियों को सीनियर टाइम स्केल (पे मैट्रिक्स के लेवल-11) में पदोन्नत किया गया है। पदोन्नत किए गए अधिकारियों में श्री अंकित कुमार चैकसे, श्रीमती अंजली श्रोत्रिया, श्री अर्पित सांगल, सुश्री ज्योति, डॉ. राहुल, श्री शाश्वत सांगवान तथा श्री उत्सव आनंद शामिल हैं।

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    01/01/26

    नव वर्ष पर सुरक्षा एवम कानून व्यवस्था के पुख्ता इन्तजाम 85 नाकों पर लगभग 900 से अधिक पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात, इस अवसर पर हुड़दंगबाजी करने वालों की खैर नहीं पुुलिस अधीक्षक अम्बाला

    अम्बाला, 01 जनवरी 2026: नववर्ष 2026 के आगमन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए अम्बाला पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। पुलिस अधीक्षक (SP) श्री अजीत सिंह शेखावत ने जिले भर में व्यापक सुरक्षा प्रबंधों का खाका तैयार किया है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए जिले के विभिन्न संवेदनशील और मुख्य स्थानों पर 85 विशेष नाके लगाए गए हैं, जहाँ 900 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। एसपी ने स्पष्ट किया कि उत्सव की आड़ में हुड़दंगबाजी, तेज रफ्तार वाहन चलाने और शराब पीकर गाड़ी चलाने (Drink and Drive) वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

    विशेष रूप से मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मुख्य बाजारों, होटलों और धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। शहर के एंट्री पॉइंट्स पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसी भी असामाजिक तत्व के प्रवेश को रोका जा सके। पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की है कि वे नए साल का जश्न जिम्मेदारी के साथ मनाएं। उन्होंने कहा कि "हमारा उद्देश्य उत्सव में बाधा डालना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर नागरिक सुरक्षित रहे।" इसके साथ ही पीसीआर (PCR) और राइडर्स को भी अपने-अपने इलाकों में निरंतर गश्त करने के आदेश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।

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    01/01/26

    प्रधानमंत्री मोदी का शासन मॉडल 2025 में “सुशासन, तकनीक और जनभागीदारी” के त्रिसूत्र पर आधारित रहा।

    K.K

    वर्ष 2025 भारत के राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह वर्ष निरंतरता, स्थिरता और दूरदर्शी नीतियों का प्रतीक रहा। बीते वर्षों में शुरू की गई योजनाओं को 2025 में और अधिक मजबूती मिली, वहीं कई नए सुधारात्मक कदमों ने भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और वैश्विक रूप से प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाया। प्रधानमंत्री मोदी का शासन मॉडल 2025 में “सुशासन, तकनीक और जनभागीदारी” के त्रिसूत्र पर आधारित रहा।

    आर्थिक क्षेत्र में वर्ष 2025 सरकार के लिए विकास और स्थिरता का वर्ष रहा। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने मजबूती दिखाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने निवेश-अनुकूल माहौल को बनाए रखा, जिससे देश-विदेश से पूंजी निवेश बढ़ा। बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए सड़क, रेल, एक्सप्रेसवे, बंदरगाह और हवाई अड्डों के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। इन परियोजनाओं से न केवल आवागमन आसान हुआ, बल्कि लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी मिला।

    विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को 2025 में नई ऊर्जा मिली। घरेलू उद्योगों को प्रोत्साहन देने, आयात पर निर्भरता कम करने और निर्यात को बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए आसान ऋण व्यवस्था, डिजिटल भुगतान और बाज़ार तक पहुंच को सरल बनाया गया, जिससे छोटे उद्यमियों को मजबूती मिली और ग्रामीण व शहरी अर्थव्यवस्था को गति प्राप्त हुई।

    डिजिटल इंडिया अभियान वर्ष 2025 में शासन का एक सशक्त आधार बना। डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना ने सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज और नागरिक-केंद्रित बनाया। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रमाणपत्र, सब्सिडी और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचा, जिससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका में कमी आई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और डिजिटल कौशल पर सरकार के बढ़ते फोकस ने भारत को तकनीकी रूप से अग्रणी देशों की पंक्ति में खड़ा करने की दिशा में कदम बढ़ाया।

    शिक्षा के क्षेत्र में 2025 प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप सुधारों का वर्ष रहा। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में नवाचार, अनुसंधान और कौशल-आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया गया। डिजिटल लर्निंग, ऑनलाइन पाठ्यक्रम और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया। उच्च शिक्षा में रिसर्च और स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहन देकर युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया गया।

    स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार ने आम नागरिक तक सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित किया। प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया गया और दूरदराज़ के इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया गया। निवारक स्वास्थ्य, पोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया। डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और टेलीमेडिसिन जैसी पहलें स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और प्रभावी बनाने में सहायक रहीं।

    कृषि और ग्रामीण विकास प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकताओं में सदैव अग्रणी रहे हैं। वर्ष 2025 में टिकाऊ कृषि, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, फसल विविधीकरण और कृषि-आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, आवास, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार से जीवन स्तर में सुधार हुआ।

    ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र में वर्ष 2025 भारत के हरित भविष्य की ओर बढ़ते कदमों का साक्षी बना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नवीकरणीय ऊर्जा, विशेषकर सौर और पवन ऊर्जा, को प्रोत्साहन दिया गया। स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल मिला, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता भी बढ़ी। इलेक्ट्रिक वाहनों, ऊर्जा दक्षता और हरित हाइड्रोजन जैसी पहलों ने भारत को जलवायु परिवर्तन से निपटने में अग्रणी भूमिका प्रदान की।

    राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में 2025 सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता का परिचायक रहा। सीमा सुरक्षा, रक्षा आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर विशेष जोर दिया गया। ‘मेक इन इंडिया’ के तहत रक्षा उपकरणों का स्वदेशीकरण बढ़ा, जिससे देश की रणनीतिक क्षमता मजबूत हुई। सशस्त्र बलों के कल्याण, प्रशिक्षण और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए गए।

    विदेश नीति के मोर्चे पर वर्ष 2025 में भारत की वैश्विक भूमिका और सुदृढ़ हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने बहुपक्षीय मंचों पर भारत की आवाज़ को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विकासशील देशों की समस्याओं, वैश्विक शांति, जलवायु परिवर्तन और आपूर्ति-श्रृंखला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भारत ने नेतृत्वकारी भूमिका निभाई। व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग के माध्यम से प्रमुख देशों के साथ संबंध और गहरे हुए।

    सुशासन और प्रशासनिक सुधार 2025 में सरकार के प्रमुख स्तंभ बने रहे। ई-गवर्नेंस, प्रक्रिया सरलीकरण और समयबद्ध निर्णयों ने प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाया। डेटा-आधारित नीति निर्माण और पारदर्शिता से नागरिकों का सरकार पर विश्वास और मजबूत हुआ। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

    युवाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया। कौशल विकास, स्टार्टअप्स, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देकर युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान किए गए। खेल, संस्कृति और रचनात्मक क्षेत्रों में प्रतिभाओं को मंच मिला, जिससे भारत की सॉफ्ट पावर भी मजबूत हुई।

    कुल मिलाकर, वर्ष 2025 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के लिए स्थिरता, विकास और वैश्विक प्रतिष्ठा का वर्ष सिद्ध हुआ। यह वर्ष इस बात का प्रमाण रहा कि दूरदर्शी नेतृत्व, स्पष्ट नीतियां और जनभागीदारी के माध्यम से एक मजबूत, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत का निर्माण संभव है। 2025 में किए गए प्रयास आने वाले वर्षों के लिए भारत की विकास यात्रा की ठोस नींव साबित होंगे।

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    01/01/26

    सर्दियों में अच्छा स्वास्थ्य कैसे बनाए रखें

    K.K

    सर्दियों का मौसम अपने साथ ठंड, धुंध और संक्रमण का खतरा लेकर आता है। इस मौसम में थोड़ी-सी लापरवाही सर्दी, खांसी, बुखार, जोड़ों के दर्द और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता जैसी समस्याओं को जन्म दे सकती है। ऐसे में आवश्यक है कि हम अपनी दिनचर्या, खानपान और जीवनशैली में कुछ सकारात्मक बदलाव करें, ताकि सर्दियों में भी स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहें।

    सबसे पहले बात करें संतुलित और पोषक आहार की। सर्दियों में शरीर को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है, इसलिए अपने भोजन में हरी सब्जियां, मौसमी फल, सूखे मेवे, दालें और साबुत अनाज शामिल करना चाहिए। गाजर, चुकंदर, पालक, मेथी और सरसों जैसी सब्जियां शरीर को गर्म रखने के साथ-साथ विटामिन और मिनरल्स प्रदान करती हैं। आंवला, संतरा और अमरूद जैसे विटामिन-सी से भरपूर फल रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। बादाम, अखरोट, मूंगफली और तिल का सेवन भी लाभकारी होता है।

    गर्म पेय पदार्थों का सेवन सर्दियों में विशेष रूप से लाभदायक होता है। अदरक वाली चाय, तुलसी का काढ़ा, हल्दी वाला दूध और गुनगुना पानी शरीर को अंदर से गर्म रखते हैं और संक्रमण से बचाव करते हैं। ठंडे पेय और बहुत ठंडा पानी पीने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे गला खराब होने और पाचन कमजोर होने की संभावना बढ़ जाती है।

    सर्दियों में नियमित व्यायाम करना अत्यंत आवश्यक है। ठंड के कारण लोग अक्सर आलस्य का शिकार हो जाते हैं, जिससे वजन बढ़ने और शरीर में जकड़न की समस्या हो सकती है। रोजाना हल्का-फुल्का योग, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार, तेज चाल से चलना या हल्की दौड़ शरीर को सक्रिय बनाए रखते हैं। व्यायाम से रक्त संचार बेहतर होता है और शरीर गर्म रहता है।

    धूप का महत्व सर्दियों में बहुत अधिक होता है। सुबह की धूप में बैठने से शरीर को प्राकृतिक रूप से विटामिन-डी मिलता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने और इम्यून सिस्टम को बेहतर करने में सहायक है। प्रतिदिन 20–30 मिनट धूप में बैठना लाभकारी माना जाता है।

    सर्दियों में त्वचा और बालों की देखभाल भी जरूरी होती है। ठंड और सूखी हवा के कारण त्वचा रूखी हो जाती है। ऐसे में नारियल तेल, सरसों का तेल या जैतून के तेल से मालिश करना लाभकारी होता है। मॉइस्चराइज़र का उपयोग करें और बहुत गर्म पानी से नहाने से बचें। बालों में नियमित रूप से तेल लगाना भी आवश्यक है।

    पर्याप्त नींद अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी है। सर्दियों में शरीर अधिक आराम चाहता है, इसलिए रोजाना 7–8 घंटे की नींद जरूर लें। अच्छी नींद से शरीर की मरम्मत होती है और मानसिक तनाव भी कम होता है।

    साथ ही, साफ-सफाई और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ठंड में संक्रमण जल्दी फैलता है, इसलिए हाथों को नियमित रूप से धोना, साफ कपड़े पहनना और भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना आवश्यक है।

    यह कहा जा सकता है कि सर्दियों में अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, धूप, स्वच्छता और सकारात्मक जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है। थोड़ी-सी सावधानी और अनुशासन से हम इस मौसम का भरपूर आनंद लेते हुए स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

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    31/12/25

    क्यों आसमान छू रही हैं सोना-चांदी की कीमतें? आइए जानते हैं कारण.............

    K.K
    पिछले कुछ वर्षों में देश और दुनिया भर में सोना और चांदी की कीमतों में लगातार तेज़ी देखने को मिल रही है। कभी सोना नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच रहा है तो कभी चांदी ऐतिहासिक ऊँचाई छू रही है। आम लोगों से लेकर निवेशकों तक के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर सोना और चांदी इतने महंगे क्यों हो रहे हैं। इसके पीछे केवल एक कारण नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियाँ, राजनीतिक अस्थिरता, महंगाई, औद्योगिक मांग और निवेशकों की मानसिकता जैसे कई कारक जिम्मेदार हैं।

    वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय एक अनिश्चित दौर से गुजर रही है। कोविड-19 महामारी के बाद से कई देश आर्थिक रूप से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। अमेरिका और यूरोप में मंदी की आशंका बनी हुई है, चीन की आर्थिक वृद्धि धीमी हुई है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता का माहौल है। ऐसे समय में निवेशक जोखिम भरे निवेश जैसे शेयर बाजार से दूरी बनाकर सुरक्षित निवेश की ओर रुख करते हैं। सोना और चांदी सदियों से सुरक्षित निवेश माने जाते रहे हैं, इसलिए जब भी बाजारों में डर या अनिश्चितता बढ़ती है, इन धातुओं की मांग स्वतः बढ़ जाती है, जिससे उनकी कीमतें ऊपर चली जाती हैं।

    दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव भी सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व में लगातार बढ़ता तनाव और अन्य क्षेत्रीय विवादों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता पैदा कर दी है। युद्ध की स्थिति में शेयर बाजार और अन्य जोखिमपूर्ण निवेश प्रभावित होते हैं, जबकि सोना और चांदी निवेशकों को सुरक्षा का एहसास कराते हैं। जैसे ही किसी बड़े राजनीतिक या सैन्य संकट की खबर आती है, बाजार में सोने की खरीद बढ़ जाती है और उसकी कीमतों में तेजी देखी जाती है।

    महंगाई भी सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि का एक बड़ा कारण है। जब महंगाई बढ़ती है, तो मुद्रा की क्रय शक्ति घट जाती है और लोगों का पैसा पहले जितना मूल्यवान नहीं रह जाता। ऐसे में लोग अपने धन की वास्तविक कीमत को बचाने के लिए सोने और चांदी में निवेश करना बेहतर समझते हैं। इतिहास गवाह है कि महंगाई के दौर में सोना हमेशा मजबूत रहा है। हाल के वर्षों में अमेरिका, यूरोप और भारत सहित कई देशों में महंगाई ऊँचे स्तर पर रही है, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं की मांग पर पड़ा है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत अमेरिकी डॉलर में तय होती है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो अन्य मुद्राओं के निवेशकों के लिए सोना सस्ता हो जाता है, जिससे उसकी मांग बढ़ती है। हाल के समय में अमेरिकी अर्थव्यवस्था, कर्ज़ और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण डॉलर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। डॉलर की कमजोरी ने भी सोने और चांदी की कीमतों को सहारा दिया है।

    केंद्रीय बैंकों की नीतियाँ भी सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करती हैं। जब ब्याज दरें कम होती हैं, तो बैंक जमा और बॉन्ड जैसे निवेश आकर्षक नहीं रह जाते। ऐसे समय में निवेशक सोने और चांदी की ओर झुकते हैं। इसके अलावा, दुनिया के कई देशों के केंद्रीय बैंकों ने हाल के वर्षों में बड़े पैमाने पर सोने की खरीद की है। चीन, रूस, भारत और तुर्की जैसे देशों ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार में डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए सोने का भंडार बढ़ाया है। केंद्रीय बैंकों की इस भारी खरीदारी से बाजार में सोने की उपलब्धता घटती है और कीमतें ऊपर जाती हैं।

    चांदी की कीमतों में तेजी का एक अहम कारण उसकी बढ़ती औद्योगिक मांग है। चांदी का उपयोग केवल आभूषण या निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल उपकरण और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रही है। दुनिया भर में नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों पर बढ़ते जोर ने चांदी की मांग को नई ऊँचाइयों पर पहुँचा दिया है। इस औद्योगिक मांग के कारण चांदी की कीमतों में भी तेज़ उछाल देखने को मिल रहा है।

    सोना और चांदी सीमित प्राकृतिक संसाधन हैं और इनका उत्पादन अनंत नहीं है। खनन की लागत बढ़ने, पर्यावरणीय नियमों के सख्त होने और नई खदानों की कमी के कारण आपूर्ति में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो पा रही है। दूसरी ओर, निवेश और औद्योगिक दोनों ही क्षेत्रों में मांग लगातार बढ़ रही है। मांग और आपूर्ति के इस असंतुलन का सीधा असर कीमतों पर पड़ता है और सोना-चांदी लगातार महंगे होते जाते हैं।

    भारत में भी सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित करने वाले घरेलू कारण हैं। भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देशों में शामिल है। शादी-ब्याह, त्योहारों और पारंपरिक निवेश के कारण यहाँ सोने की मांग हमेशा बनी रहती है। इसके अलावा, रुपये में कमजोरी, आयात शुल्क और जीएसटी भी घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों को बढ़ा देते हैं।

    निवेशकों की मनोवैज्ञानिक सोच भी कीमतों में तेजी लाने का काम करती है। जब लोग देखते हैं कि सोना और चांदी लगातार महंगे हो रहे हैं, तो उन्हें डर होता है कि कहीं मौका हाथ से न निकल जाए। इस सोच के चलते लोग और अधिक खरीदारी करने लगते हैं, जिससे मांग और कीमत दोनों बढ़ जाती हैं।

    कुल मिलाकर, सोना और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे वैश्विक अनिश्चितता, युद्ध और राजनीतिक तनाव, महंगाई, डॉलर की स्थिति, केंद्रीय बैंकों की नीतियाँ, औद्योगिक मांग और सीमित आपूर्ति जैसे कई कारक एक साथ काम कर रहे हैं। जब तक दुनिया में आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता बनी रहेगी, तब तक सोना और चांदी निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बने रहेंगे और उनकी कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ ऊँचे स्तर देखने को मिलते रहेंगे।

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    31/12/25

    मनोरंजन व बॉलीवुड समाचार

    मनोरंजन व बॉलीवुड समाचार

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    31/12/25

    हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: राहुल नरवाल बने नवगठित हांसी जिले के पहले उपायुक्त

    जे कुमार चंडीगढ़ 31 दिसम्बर 2025 : हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी श्री राहुल नरवाल को नवगठित हांसी जिले का पहला उपायुक्त (DC) नियुक्त किया है। चंडीगढ़ से जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। हांसी को नया जिला बनाए जाने के बाद वहां की प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार ने श्री राहुल नरवाल के अनुभव पर भरोसा जताया है।

    राहुल नरवाल वर्तमान में हरियाणा सरकार के कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वे ग्रामीण विकास विभाग के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार विभाग के निदेशक तथा विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थे। इसके अतिरिक्त उनके पास कॉनफेड (CONFED) के प्रबंध निदेशक का कार्यभार भी था। अब वह नए जिले के गठन के बाद वहां की बुनियादी प्रशासनिक संरचना और विकास कार्यों को गति देने का नेतृत्व करेंगे। नए जिले में उपायुक्त की नियुक्ति के साथ ही वहां के निवासियों को अब अपने प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगा।

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    30/12/25

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुमला में अंतर्राज्यीय जनसंस्कृति समागम समारोह में शामिल हुईं

    आरएस अनेजा, 30 दिसम्बर नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (30 दिसंबर, 2025) झारखंड के गुमला में अंतर्राज्यीय जनसंस्कृति समागम समारोह - कार्तिक जतरा में भाग लिया और इसे संबोधित किया।

    राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जन्म और कर्मभूमि झारखंड की यात्रा उनके लिए तीर्थयात्रा के समान है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा सामाजिक न्याय और आदिवासी गौरव के महान प्रतीक के रूप में हम सब के श्रद्धा के स्रोत हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि पंखराज साहब कार्तिक ओरांव ने भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों के अनुरूप जनजातीय चेतना और पहचान को समृद्ध बनाया तथा अपना जीवन आदिवासी समुदाय और राष्ट्र के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। कार्तिक ओरांव जी शिक्षा के प्रसार और सामाजिक एकता मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहे। राष्ट्रपति ने कहा कि हमें कार्तिक ओरांव जी के आदर्शों का अनुसरण करते हुए समाज और देश के समग्र विकास के लिए काम करने का संकल्प लेना चाहिए।

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    28/12/25

    प्रस्तुत हैं दैनिक खबर पर आज 28 दिसंबर, 2025 के प्रातः 10 बजे के ताजा समाचार

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    28/12/25

    आज 28 दिसम्बर का इतिहास

    आज 28 दिसम्बर का इतिहास

    2013 - आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनायी।

    2008- अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि और साहित्यकार प्रो. सुरेश वात्स्यायन का निधन हो गया।

    2007 - रूस ने ईरान के बुशेहर विद्युत संयंत्र के लिए परमाणु ईधन की दूसरी खेप खेप भेजी।

    2003 - इस्रायल ने कज़ाकिस्तान के बैंकानूर अंतरिक्ष स्टेशन से दूसरा वाणिज्य उपग्रह छोड़ा।

    अमेरिका में ब्रिटेन के कुछ विमानों में स्काई मार्शल यानी सुरक्षा गार्ड तैनात करने का फैसला लिया।

    2002 - मशहूर फ़ैशन फ़ोटोग्राफ़र हर्वे रिट्स का लास एंजेल्स में निधन।

    2000 - भारतीय डाक विभाग द्वारा वीरता पुरस्कार विजेताओं के सम्मान में पांच डाक टिकटों के सेट में 3 रुपये का एक सचित्र डाक टिकट जारी किया गया।

    1995 - पोलैंड के अन्वेषक मारके कार्मिस्की एक ही वर्ष में उत्तरी एवं दक्षिणी ध्रुवों पर झंडा फहराने वाले पहले व्यक्ति बने, विश्व सिनेमा का दूसरी सदी में प्रवेश।

    1984 - श्री राजीव गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में जीत मिली।

    1976 - अमेरिका ने नेवादा में परमाणु परीक्षण किया।

    1974 - पाकिस्तान में 6.3 तीव्रता के भूकंप में 5200 मरे।

    1966 - चीन ने लोप नोर में परमाणु परीक्षण किया।

    1957 - सोवियत संघ ने परमाणु परीक्षण किया।

    1950 - द पीक डिस्ट्रिक्ट ब्रिटेन का पहला राष्ट्रीय पार्क बना।

    1942 - रॉबर्ट सुलिवन पहले पायलट बने , जिन्होंने अटलांटिक महासागर के ऊपर एक सौ बार उड़ानें भरी।

    1928- कोलकाता में पहली बार बोलती फ़िल्म मेलोडी ऑफ लव प्रदर्शित हुई।

    1926- इंपिरियल एयरवेज ने भारत और इंग्लैंड के बीच यात्री और डाक सेवा शुरू की।

    1908 - इटली के मेसिना में भूकंप से करीब 80 लोग मारे गये।

    1906 - दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर ने अपना दूसरा उदारवादी संविधान अंगीकार किया।

    1896- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कोलकाता अधिवेशन में पहली बार बन्दे मातरम् गाया गया।

    1885 - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन बंबई में हुआ ,जिसमें 72 प्रतिनिधि शामिल हुए।

    1836 - स्पेन ने मेक्सिको की स्वतंत्रता को मान्यता दी।

    1767 - किंग ताकसिन थाईलैंड के राजा बने तथा उन्होंने थोनबुरी को अपनी राजधानी बनाया।

    1668 - मराठा शासक शिवाजी के पुत्र संभाजी की मुग़ल शासक औरंगजेब द्वारा कैद करके यातना देने के कारण मौत हो गयी।

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    27/12/25 |

    लेटेस्ट बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट न्यूज

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    26/12/25

    राखीगढ़ी को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए केंद्रीय बजट में 500 करोड़ का प्रावधान - मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

    चंडीगढ़, 26 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत की प्राचीनतम और गौरवशाली सभ्यता की साक्षी राखीगढ़ी को देश के एक प्रतिष्ठित वैश्विक पहचान वाले स्थल के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश सरकार भी राखीगढ़ी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन महत्व को समझते हुए इसे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है।

     

    मुख्यमंत्री आज भारत की प्राचीनतम सभ्यता की धरोहर पावन भूमि राखीगढ़ी में आयोजित दूसरे राज्य स्तरीय राखीगढ़ी महोत्सव के अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हड़प्पा ज्ञान केंद्र का भी उद्घाटन किया। महोत्सव में शिल्प मेला, विरासत दौड़, वर्कशॉप, प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, ग्रामीण खेलकूद, प्रश्नोत्तरी व रंगोली तथा फोटोग्राफी प्रतियोगिताएं आयोजित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने स्वयं भी महोत्सव में शुरू हुई अलग अलग गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान उनके साथ विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा, विधायक श्री विनोद भ्याना भी मौजूद थे।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राखीगढ़ी पंचायत द्वारा प्रस्तुत की गई सभी 13 मांगों को संबंधित विभागों को भेजकर शीघ्र पूरा करवाया जाएगा। इसी प्रकार राखी शाहपुर पंचायत द्वारा रखी गई पांच मांगों को भी संबंधित विभागों को प्रेषित कर पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राखीगढ़ी एवं राखी शाहपुर गांवों को 21-21 लाख रुपये का अनुदान देने की घोषणा भी की।

     

    उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी को ऐतिहासिक धरोहर के रूप में विशेष पहचान प्राप्त है। यह वही भूमि है, जहां हजारों वर्ष पूर्व विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक हड़प्पा सभ्यता का उत्कर्ष हुआ। यहां हुई खुदाइयों से प्राप्त अवशेष यह प्रमाणित करते हैं कि उस काल में राखीगढ़ी एक बड़ा औद्योगिक एवं व्यापारिक केंद्र था, जहां सुव्यवस्थित नगर नियोजन, स्वच्छता व्यवस्था और जल प्रबंधन की अद्भुत व्यवस्था थी। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिंधु-सरस्वती सभ्यता का यह महान केंद्र आज पूरे विश्व को यह संदेश देता है कि भारत की जड़ें कितनी गहरी, वैज्ञानिक और समृद्ध रही हैं। विश्व की सबसे बड़ी और विकसित प्राचीन नगर सभ्यता का महत्वपूर्ण केंद्र हरियाणा में स्थित होना प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और राखीगढ़ी जैसे पुरातात्विक स्थल भारत की गौरवशाली परंपरा के प्रतीक हैं। यह नया भारत है, जो अपने अतीत से प्रेरणा लेकर उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर रहा है।

     

    प्रदेश सरकार राखीगढ़ी को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन एवं शोध केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध

     

    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राखीगढ़ी को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन एवं शोध केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यहां विश्वस्तरीय पुरातत्व संग्रहालय, शोध संस्थान, पर्यटक सुविधाएं तथा आधुनिक आधारभूत ढांचे का विकास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भारत की प्राचीन सभ्यता से परिचित कराना और हरियाणा की समृद्ध संस्कृति का अनुभव कराना है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राखीगढ़ी की खुदाई से यह भी स्पष्ट होता है कि प्राचीन समाज में महिलाओं को सम्मान और समान अवसर प्राप्त थे। आज हरियाणा की बेटियां उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए खेल, शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन और सेना में देश का नाम रोशन कर रही हैं। राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़ी अनेक योजनाएं लागू कर रही है।

     

    राखीगढ़ी को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के प्रयास जारी

     

    उन्होंने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अनुसार हरियाणा में लगभग 100 ऐसे स्थल हैं, जो ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व रखते हैं। इनमें रोहतक का फरमाणा, भिवानी का मिताथल, कैथल का बालू और फतेहाबाद का बनावाली प्रमुख हैं। राखीगढ़ी सहित इन सभी स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए विशेष परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। राखीगढ़ी को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। यहां 22 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक संग्रहालय का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त नूंह की पुरानी तहसील बिल्डिंग, लोहारू का किला और तावडू के मकबरा परिसर को राज्य संरक्षित स्मारक घोषित किया गया है। पंचकूला के सेक्टर-5 में अत्याधुनिक पुरातात्विक संग्रहालय तथा अग्रोहा स्थल का भी विकास किया जा रहा है।

     

    7,000 वर्ष पुरानी राखीगढ़ी सभ्यता ने विश्व को आधुनिक नगर व्यवस्था का दिखाया मार्ग - डॉ. अरविंद शर्मा

     

    हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि आज राखीगढ़ी में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिसमें देश के कोने-कोने से कलाकार भाग लेने के लिए पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 7,000 वर्ष पुरानी राखीगढ़ी सभ्यता ने विश्व को आधुनिक नगर व्यवस्था का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए गन्ने का सर्वाधिक 415 रुपये प्रति क्विंटल का भाव निर्धारित किया है। उन्होंने बताया  कि आज वीर बाल दिवस के अवसर पर वीर साहिबजादों की शहादत को स्मरण करते हुए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है ताकि आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान से प्रेरणा मिल सके।

     

    मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हरियाणा निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर - रणबीर गंगवा

     

    इससे पहले हरियाणा के लोक निर्माण मंत्री श्री रणवीर गंगवा ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस क्षेत्र की वर्षों पुरानी हांसी को जिला बनाए जाने की मांग को पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हरियाणा निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। श्री गंगवा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विज़न देश को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का है और उन्हें विश्वास है कि यह लक्ष्य समय से पहले ही प्राप्त कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश और देश में विकास की गति निरंतर तेज़ी से आगे बढ़ रही है।

     

    हड़प्पा काल की भारतीय संस्कृति की विरासत का इतिहास इंटरनेशनल मैप पर आया: डॉ अमित अग्रवाल

     

    विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल ने अपने स्वागत भाषण में मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों का अभिनंदन किया और विभाग के विजन तथा राखीगढ़ी के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी केवल पुरातात्विक स्थल नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन और सतत सभ्यता का जीवंत साक्षी है। यह 6000 वर्ष से भी अधिक पुरानी उन्नत नगर योजना, सामाजिक संगठन और सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित करता है।

     

    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विरासत सम्पदाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। राखीगढ़ी महोत्सव के महत्व को बताते हुए उन्होंने कहा कि महोत्सव के माध्यम से सरकार का उद्देश्य न केवल इस स्थान के पुरातत्व महत्व को उजागर करना है, बल्कि सांस्कृतिक प्रस्तुतियो, प्रदर्शन, शैक्षणिक संवाद और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से विरासत को जन-जन तक पहुंचाना है।

     

    कार्यक्रम में विधायक श्री रणधीर पनिहार, विरासत एवं पर्यटन विभाग के निदेशक डॉ अमित खत्री, हड़प्पा ज्ञान केंद्र के निदेशक प्रोफेसर वसंत शिंदे,पूर्व मंत्री अनूप धानक, पूर्व सांसद जनरल डीपी वत्स, सोनू सिहाग, प्रवीण पोपली, सुरेंद्र पूनिया, जवाहर सैनी, अशोक सैनी सहित अन्य गणमान्य भी उपस्थित रहे।

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    26/12/25 |

    मनोरंजन जगत की ताज़ा सुर्खियां

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    25/12/25

    आज का राशिफल

    ♈ मेष (Aries)

    * मूड: आज आप काफी ऊर्जावान और उत्साहित महसूस करेंगे।

    * करियर और लाभ: कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। नए प्रोजेक्ट मिल सकते हैं। आर्थिक लाभ के योग हैं।

    * परिवार: परिवार में खुशी का माहौल रहेगा, जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर होंगे।

    * शेयर मार्केट: आज निवेश से लाभ होने की संभावना है, लेकिन सोच-समझकर निर्णय लें।

    * स्वास्थ्य: स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, लेकिन वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।

    * शुभ रंग: लाल | लकी नंबर: 9

    * शुभ मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 1:30 बजे तक।

    ♉ वृषभ (Taurus)

    * मूड: मानसिक शांति का अनुभव होगा, कुछ नया सीखने की इच्छा होगी।

    * करियर और लाभ: ऑफिस में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है।

    * परिवार: परिजनों के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है।

    * शेयर मार्केट: लंबी अवधि के निवेश के लिए अच्छा दिन है।

    * स्वास्थ्य: पेट से संबंधित छोटी समस्या हो सकती है, खानपान का ध्यान रखें।

    * शुभ रंग: सफेद | लकी नंबर: 6

    * शुभ मुहूर्त: सुबह 9:00 से 10:30 बजे तक।

    ♊ मिथुन (Gemini)

    * मूड: आज आप थोड़ा दुविधा में रह सकते हैं। महत्वपूर्ण निर्णय टालना बेहतर होगा।

    * करियर और लाभ: काम का बोझ अधिक रहेगा। व्यापार में सामान्य लाभ होगा।

    * परिवार: भाई-बहनों से अनबन हो सकती है, वाणी पर संयम रखें।

    * शेयर मार्केट: आज जोखिम न लें, हानि की संभावना है।

    * स्वास्थ्य: थकान और आंखों में जलन महसूस हो सकती है।

    * शुभ रंग: हरा | लकी नंबर: 5

    * शुभ मुहूर्त: शाम 4:30 से 6:00 बजे तक।

    ♋ कर्क (Cancer)

    * मूड: भावुक रहेंगे, पुरानी यादें ताजा हो सकती हैं।

    * करियर और लाभ: सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी। आय के नए स्रोत बनेंगे।

    * परिवार: माता के सहयोग से कोई बड़ा काम पूरा होगा। घर में मेहमान आ सकते हैं।

    * शेयर मार्केट: बैंकिंग और फार्मा सेक्टर में निवेश से लाभ मिल सकता है।

    * स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचें, योग करें।

    * शुभ रंग: सिल्वर/सफेद | लकी नंबर: 2

    * शुभ मुहूर्त: दोपहर 2:00 से 3:30 बजे तक।

    ♌ सिंह (Leo)

    * मूड: आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। नेतृत्व करने की क्षमता निखरेगी।

    * करियर और लाभ: पदोन्नति के योग हैं। व्यापार में विस्तार होगा।

    * परिवार: संतान की ओर से सुखद समाचार मिलेगा। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा।

    * शेयर मार्केट: सोने और रियल एस्टेट से जुड़े शेयरों में लाभ हो सकता है।

    * स्वास्थ्य: हृदय रोगियों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

    * शुभ रंग: केसरिया | लकी नंबर: 1

    * शुभ मुहूर्त: सुबह 7:30 से 9:00 बजे तक।

    ♍ कन्या (Virgo)

    * मूड: व्यवहारिक और व्यवस्थित महसूस करेंगे।

    * करियर और लाभ: तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को बड़ा अवसर मिल सकता है। बचत पर ध्यान दें।

    * परिवार: रिश्तेदारों के साथ मेल-जोल बढ़ेगा। घर की साज-सज्जा पर खर्च होगा।

    * शेयर मार्केट: संभलकर चलें, दोपहर के बाद ही निवेश करें।

    * स्वास्थ्य: मांसपेशियों में खिंचाव या दर्द की समस्या हो सकती है।

    * शुभ रंग: गहरा हरा | लकी नंबर: 7

    * शुभ मुहूर्त: दोपहर 1:00 से 2:30 बजे तक।

    ♎ तुला (Libra)

    * मूड: कलात्मक और रचनात्मक कार्यों में मन लगेगा।

    * करियर और लाभ: साझेदारी के व्यापार में सावधानी बरतें। फिजूलखर्ची से बचें।

    * परिवार: प्रेम जीवन में मधुरता आएगी। पार्टनर के साथ बाहर जाने का प्लान बन सकता है।

    * शेयर मार्केट: आज बाजार में अस्थिरता आपके पक्ष में नहीं रहेगी। बड़े निवेश से बचें।

    * स्वास्थ्य: त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

    * शुभ रंग: गुलाबी | लकी नंबर: 8

    * शुभ मुहूर्त: शाम 3:00 से 4:30 बजे तक।

    ♏ वृश्चिक (Scorpio)

    * मूड: आज आप थोड़े आक्रामक हो सकते हैं। धैर्य से काम लें।

    * करियर और लाभ: विरोधियों पर जीत हासिल करेंगे। अचानक धन लाभ के योग हैं।

    * परिवार: जीवनसाथी के साथ विवाद हो सकता है, शांत रहने का प्रयास करें।

    * शेयर मार्केट: आईटी और एनर्जी सेक्टर में लाभ की संभावना है।

    * स्वास्थ्य: सिरदर्द और ब्लड प्रेशर का ध्यान रखें।

    * शुभ रंग: मैरून | लकी नंबर: 4

    * शुभ मुहूर्त: सुबह 11:00 से दोपहर 12:30 बजे तक।

    ♐ धनु (Sagittarius)

    * मूड: धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों की ओर झुकाव रहेगा।

    * करियर और लाभ: शिक्षा और परामर्श क्षेत्र के लोगों के लिए दिन बेहतरीन है। भाग्य साथ देगा।

    * परिवार: बड़ों का आशीर्वाद मिलेगा। घर में शांति रहेगी।

    * शेयर मार्केट: आज का दिन निवेश के लिए बहुत शुभ है, विशेषकर विदेशी कंपनियों में।

    * स्वास्थ्य: तरोताजा महसूस करेंगे, ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा।

    * शुभ रंग: पीला | लकी नंबर: 3

    * शुभ मुहूर्त: दोपहर 3:30 से शाम 5:00 बजे तक।

    ♑ मकर (Capricorn)

    * मूड: काम के प्रति बहुत गंभीर रहेंगे, अनुशासन प्रिय महसूस करेंगे।

    * करियर और लाभ: कार्यक्षेत्र में चुनौतियां आएंगी लेकिन आप उनसे निपट लेंगे। संपत्ति से लाभ होगा।

    * परिवार: पिता के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। धैर्य रखें।

    * शेयर मार्केट: इंफ्रास्ट्रक्चर और मेटल शेयर्स में लाभ मिल सकता है।

    * स्वास्थ्य: जोड़ों के दर्द की समस्या परेशान कर सकती है।

    * शुभ रंग: नीला | लकी नंबर: 0

    * शुभ मुहूर्त: रात 8:00 से 9:30 बजे तक।

    ♒ कुंभ (Aquarius)

    * मूड: सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। दोस्तों के साथ अच्छा समय बीतेगा।

    * करियर और लाभ: नौकरी में परिवर्तन के योग हैं। नए संपर्क भविष्य में लाभ देंगे।

    * परिवार: मित्रों का सहयोग मिलेगा। वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा।

    * शेयर मार्केट: आज छोटे मुनाफे लेकर बाहर निकलना बेहतर है।

    * स्वास्थ्य: नींद की कमी महसूस हो सकती है, आराम करें।

    * शुभ रंग: आसमानी | लकी नंबर: 11

    * शुभ मुहूर्त: शाम 6:00 से 7:30 बजे तक।

    ♓ मीन (Pisces)

    * मूड: कल्पनाशील रहेंगे, मन में नए विचार आएंगे।

    * करियर और लाभ: क्रिएटिव फील्ड वालों को पुरस्कार या सम्मान मिल सकता है। खर्च बढ़ेंगे।

    * परिवार: बच्चों की शिक्षा को लेकर चिंता हो सकती है। धार्मिक यात्रा संभव है।

    * शेयर मार्केट: संभलकर रहें, लोभ में आकर गलत शेयर न खरीदें।

    * स्वास्थ्य: जुकाम या खांसी की समस्या हो सकती है।

    * शुभ रंग: सुनहरा | लकी नंबर: 12

    * शुभ मुहूर्त: सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक।

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    24/12/25

    बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार हमले । हिंदू युवक दीपू को पेड़ के साथ बांध कर जिंदा जला दिया

    बांग्लादेश में हाल के महीनों में हुई हिंसा और विशेष रूप से दीपू (या कुछ रिपोर्टों के अनुसार प्रदीप कुमार) जैसे व्यक्तियों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सोशल मीडिया और समाचारों में काफी चर्चा में रही हैं। हालांकि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने सुरक्षा का दावा किया है, लेकिन जमीन पर स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है

    दीपू और अन्य पीड़ितों से जुड़ी घटनाएं

    बांग्लादेश के विभिन्न जिलों (जैसे रंगपुर, सिराजगंज और खुलना) से ऐसी बर्बर खबरें सामने आईं जहां भीड़ ने हिंदू समुदाय के लोगों को निशाना बनाया।

    • कई वीडियो और रिपोर्ट्स में दिखाया गया कि हमलावरों ने पीड़ितों को पेड़ों या खंभों से बांधकर उनके साथ मारपीट की। कुछ मामलों में जिंदा जलाने या गंभीर रूप से घायल करने की खबरें भी आईं।

    • इन हमलों के पीछे अक्सर राजनीतिक रंजिश या धार्मिक पहचान को आधार बनाया गया। कई बार जमीन हड़पने के उद्देश्य से भी स्थानीय प्रभावशाली समूहों ने इन दंगों का सहारा लिया।

    हसीना सरकार के गिरने के बाद पुलिस और प्रशासन कुछ समय के लिए निष्क्रिय हो गया था। इस "पावर वैक्यूम" का फायदा उपद्रवियों ने उठाया।

    अक्सर सोशल मीडिया पर किसी हिंदू युवक के नाम से फर्जी पोस्ट डाली जाती है, जिसे आधार बनाकर भीड़ को इकट्ठा किया जाता है और कानून को हाथ में लिया जाता है।

    मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि ये हमले पूरी तरह अचानक नहीं थे, बल्कि अल्पसंख्यकों में डर पैदा करने के लिए सुनियोजित तरीके से किए गए थे।

    'बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद' और अन्य स्थानीय संगठनों के अनुसार सैकड़ों मंदिरों में तोड़फोड़ की गई और मूर्तियों को विसर्जित/नष्ट किया गया।

    • व्यापारियों की दुकानों और गोदामों को लूटकर उनमें आग लगा दी गई।

    हिंसा के डर से सीमावर्ती इलाकों से कई परिवारों ने भारत की ओर पलायन करने की कोशिश क

    प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार (मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में) से स्पष्ट रूप से कहा है कि हिंदुओं की सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी है।

    अमेरिका और यूरोपीय संघ के कई सांसदों ने इन घटनाओं की निंदा की है और बांग्लादेश को दी जाने वाली सहायता को मानवाधिकारों की स्थिति से जोड़ने की बात कही है।

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    22/12/25 |

    आज की लेटेस्ट बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट न्यूज़

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    22/12/25

    विधानसभा में हरियाणा दुकानात एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान (संशोधन) विधेयक, 2025 हुआ पारित- श्रम मंत्री अनिल विज

    चण्डीगढ, 22 दिसंबर- हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा विधानसभा ने छोटे प्रतिष्ठानों पर अनुपालन का बोझ कम करने, आर्थिक विकास को बढ़ावा देने तथा श्रमिकों के हकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु हरियाणा दुकानात और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान (संशोधन) विधेयक, 2025 पारित किया है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक श्रमिकों व दुकानदारों दोनों के लाभ व बेहतरी तथा श्रमिकों व दुकानदारों के हित में है।

    मंत्री अनिल विज ने आज हरियाणा दुकानात और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान (संशोधन) विधेयक, 2025 को प्रस्तुत किया और यइ विधेयक पारित हुआ है।

    उन्होंने इस विधेयक की प्रमुख विशेषताओं पर जानकारी देते हुए बताया कि छोटे व्यवसायों पर अनुपालन का बोझ कम करने, रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने और अनुपालन न करने के डर को समाप्त करने के उद्देश्य से पंजीकरण व विधेयक के अन्य प्रावधानों के लिए कर्मचारियों की सीमा को शून्य से बढ़ाकर 20 या उससे अधिक कर दिया है। अब 20 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को विधेयक के तहत पंजीकरण प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि उन्हें केवल अपने व्यवसाय की सूचना देनी होगी, जबकि पहले प्रत्येक दुकानदार को पंजीकरण करवाना होता था। उन्होंने बताया कि आज भी कर्नाटक जैसे राज्यों में एक भी कर्मचारी न होने पर दुकानदार को पंजीकरण करवाना होता है।

    उन्होंने बताया कि इस विधेयक को अंतिम रूप देने से पहले उनके द्वारा पूरे भारत के राज्यों के आंकडों का अध्ययन किया गया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में 20 कर्मचारियों या उससे अधिक कर्मचारियों के पंजीकरण को किया गया है। इसी प्रकार, महाराष्ट, पंजाब, आंध्र प्रदेश व उडीसा में भी 20 कर्मचारियों या उससे अधिक कर्मचारियों के पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। ऐसे ही, दैनिक कार्य घंटों में हरियाणा सहित महाराष्ट, पंजाब, तेलागाना, आंध्र प्रदेश व उडीसा में 10 घंटे है। इसी तरह, ओवर टाइम के सबसे 156 घंटे हरियाणा में किए जा रहे हैं, जो देशभर में सबसे अधिक है, जबकि महाराष्ट, पंजाब, तेलगाना, आंध्र प्रदेश, उडीसा में 144 घंटे है तथा उत्तर प्रदेश में 125 घंटे, तमिलनाडु में 72 घंटे और कर्नाटक में 50 घंटे हैं। इसी प्रकार, इंटरवेल आफ रेस्ट में हरियाणा सहित महाराष्ट, तेलगाना, आंध्र प्रदेश व उडीसा में भी 6 घंटे हैं।

    श्रम मंत्री ने बताया कि दैनिक कार्य घंटों को नौ घंटों से बढ़ाकर दस घंटे कर दिया है जिसमें विश्राम अंतराल भी शामिल हैं, बशर्ते कि किसी भी सप्ताह में कार्य के घंटे अधिकतम अड़तालीस हों। इसका उद्देश्य अधिक आर्थिक गतिविधि सृजित करना, रोजगार के अवसरों को बढ़ाना और प्रतिष्ठानों को आपात स्थितियों या कर्मचारियों की कमी को बिना किसी रूकावट के संभालने के लिए लचीलापन प्रदान करना है।

    इसी प्रकार, श्री विज ने बताया कि तिमाही के भीतर ओवरटाइम की अवधि 50 घंटे से बढ़ाकर 156 घंटे कर दी गई है ताकि प्रतिष्ठानों को असाधारण कार्यभार से निपटने के लिए प्रति तिमाही अधिक समय तक श्रमिकों से ओवरटाइम करवाने की अनुमति मिल सके। इस बदलाव से श्रमिकों की आय की क्षमता बढ़ेगी और ओवरटाइम प्रथाओं को औपचारिक रूप दिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी अतिरिक्त घंटों का उचित रिकॉर्ड रखा जाए और उनका भुगतान किया जाए, जिससे श्रमिकों के शोषण को रोका जा सकेगा। हालांकि, श्रमिकों के लिए ओवरटाइम करना अनिवार्य नहीं होगा।

    श्री विज ने बताया कि नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र को अनिवार्य कर दिया गया है जिससे रोजगार में औपचारिकता को बढ़ावा मिलेगा। इस बदलाव से सत्यापित रोजगार रिकॉर्ड, कौशल मानचित्रण, बेहतर कल्याणकारी योजनाओं का वितरण, बढ़ी हुई पारदर्शिता, उच्च प्रतिधारण दर और जीवनयापन में सुगमता आएगी। इसी प्रकार, इसके उल्लंघन के लिए कारावास की सजा को अपराध की श्रेणी से हटाकर केवल जुर्माना 3 हजार से 25 हजार रुपये तक का कर दिया गया है. ताकि इस विधेयक का प्रवर्तन कमजोर न हो। इससे श्रमिकों और प्रतिष्ठानों के अधिकारों के बीच सामंजस्यपूर्ण संतुलन बना रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि कानूनों को कोई भी उल्लंघना करेगा तो वह सजा भुगतेगा तथा बार-बार कोई उल्लघंना करेगा तो सजा के संबंध में विचार भी किया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि हरियाणा दुकानात और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान (संशोधन) विधेयक, 2025 के संबंध में यह कानून 1958 में बना था और उसके बाद बहुत सी परिस्थितियों में परिवर्तन आया हैं। उन्होंने बताया कि इस विधेयक के माध्यम से अडचन वाले प्रावधानों को खत्म किया गया है। उन्होंने कहा कि पूरा अध्ययन करने के पश्चात ही उनके द्वारा इस विधेयक को उनके द्वारा तथा मुख्यमंत्री से स्वीकृति दिलवाई गई है ताकि यह अन्य राज्यों की तरह समान रूप से हों। उन्होंने कहा कि हमने यह भी कहा है कि स्वयं प्रमाणित दस्तावेजों के तहत एक दिन में दुकानदारों को ऑनलाईन पंजीकरण होगा।

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    22/12/25

    अरावली का खेल

    “अरावली का खेल” आम तौर पर अरावली पर्वतमाला में अवैध खनन, भूमि उपयोग में हेरफेर, और पर्यावरणीय नियमों के दुरुपयोग के संदर्भ में बोला जाता है।

    हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली–एनसीआर के लिए भूजल संरक्षण, जैव विविधता और जलवायु संतुलन की रीढ़

    मरुस्थलीकरण रोकने में बड़ी भूमिका

    अवैध खनन (पत्थर, बजरी, सिलिका, क्रशर)

    पहाड़ियों को फार्महाउस/रियल एस्टेट में बदलना

    वन भूमि को गैर-वन घोषित कर निर्माण

    नियमों में छूट दिलाने का खेल – नोटिफिकेशन बदलवाना, पुराने रिकॉर्ड से छेड़छाड़

    पर्यावरण मंजूरी के बिना परियोजनाएं

    खनन माफिया

    रियल एस्टेट लॉबी

    भ्रष्ट अधिकारी

    राजनीतिक संरक्षण (आरोपों के स्तर पर)

    भूजल स्तर खतरनाक रूप से नीचे गया

    दिल्ली–एनसीआर में धूल प्रदूषण बढ़ा

    जैव विविधता नष्ट

    बाढ़ और सूखे की समस्या तेज

    भविष्य की पीढ़ियों के लिए संकट

    सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी ने कई बार खनन पर रोक लगाई

    कुछ इलाकों में खनन बंद, कुछ में नियमों के साथ सीमित अनुमति

    लेकिन ज़मीनी स्तर पर निगरानी की कमी सबसे बड़ी चुनौती

    क्या विकास के नाम पर प्रकृति की बलि दी जाए?

    या अरावली को बचाकर ही टिकाऊ विकास संभव है?

    अरावलीविश्व की प्राचीनतम पर्वतमालाओं में से एक है आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे बचा कर रखना आपकी जिम्मेदारी है इस लिए चुप रह कर पाप न करें इसे बचाने के लिए बोलें ।

    #AravallisGame #GamingCommunity #GamePlay #GamersUnite #GamingVideo #GameRescue #Esports #GamingLife #GamerCulture #LetsPlay #IndieGame #AdventureGame #OpenWorld #GameOn #GameForAll #GamerChallenge #GameNight #GamingVibes #PlayToWin #EpicGames

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    21/12/25

    हरियाणा में रजिस्ट्री प्रणाली पूरी तरह ऑनलाइन, तय समय में नहीं हुई रजिस्ट्री तो होगी कार्रवाई : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

    जे कुमार चंडीगढ़ 21 दिसम्बर 2025 : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश की तहसीलों में रजिस्ट्री प्रणाली को पूरी तरह से ऑनलाइन किया है, इससे भ्रष्टाचार की संभावना पर भी अंकुश लगा है।

    इतना ही नहीं, अब जमीन खरीदने वाला अपने घर पर बैठकर ही रजिस्ट्री का ऑनलाइन आवेदन कर सकता हैं। तहसीलदार तय समय सीमा में रजिस्ट्री करेंगे, यदि किसी कारण से समय सीमा में तहसीलदार द्वारा रजिस्ट्री नहीं की गई तो उन्हें सरकार को रजिस्ट्री न किए जाने का लिखित में कारण बताना होगा। जवाब में कारण सही नहीं बता पाए तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। रजिस्ट्री की जिम्मेवारी भी ऊपर वाले अधिकारी के पास चली जायेगी।

    #registry-system-in-haryana #News #completely-online

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    19/12/25 |

    ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव के लिए कर्मचारी 25 दिसंबर तक जमा करा सकेंगे मेडिकल सर्टिफिकेट

    चंडीगढ़, 19 दिसम्बर (ए.के. वत्स) : हरियाणा में चल रही ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव में शामिल कर्मचारी मॉडल अब 25 दिसंबर, 2025 तक अपना मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाकर अपने संबंधित चेकर के पास जमा करा सकेंगे। इस तिथि के बाद जारी किसी भी मेडिकल सर्टिफिकेट पर, चल रही ट्रांसफर ड्राइव में विचार नहीं किया जाएगा।

    मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस सम्बन्ध में जारी एक पत्र में चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को निर्देश दिए गए है कि मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पाॅलिसी के परिशिष्ट-1 में वर्णित दुर्बलकारी रोगों के आधार पर अंकों का दावा करने के इच्छुक कर्मचारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सकें। गौरतलब है कि ये सर्टिफिकेट अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पीजीआई चंडीगढ़, पीजीआईएमएस रोहतक और हरियाणा, दिल्ली या चंडीगढ़ स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेजों द्वारा गठित मेडिकल बोर्डों के माध्यम से जारी किए जाने हैं।

    उल्लेखनीय है कि 23 मई, 2025 को जारी मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पाॅलिसी की अधिसूचना के उपरांत राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा 17 नवंबर, 2025 से ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव शुरू की गई है। ट्रांसफर पाॅलिसी के प्रावधानों के अनुसार, दुर्बलकारी रोग (स्वयं/पति या पत्नी/अविवाहित पुत्र/पुत्री) के आधार पर 10 अंक का दावा करने के इच्छुक कर्मचारियों को 31 अक्टूबर, 2025 तक वैध मेडिकल सर्टिफिकेट प्राप्त करना आवश्यक था।

    इसके अलावा, सरकार ने ये भी निर्देश दिए हैं कि कर्मचारियों के आवेदनों की समुचित जांच करने के उपरांत आवेदन प्राप्त होने की तिथि से यथासंभव तीन दिन के भीतर मेडिकल सर्टिफिकेट जारी किए जाएं ताकि राज्य में चल रही ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव को समयबद्ध रूप से पूरा किया जा सके।

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    19/12/25

    अम्बाला को अतिक्रमण मुक्त बनाने की मुहिम: लाल कुर्ती और बस स्टैंड क्षेत्र में चला नगर परिषद का डंडा

    जे कुमार अम्बाला 19 दिसम्बर 2025 : - नगर परिषद अम्बाला द्वारा शहर को सुंदर, स्वच्छ और यातायात के लिए सुगम बनाने के उद्देश्य से अतिक्रमण हटाओ अभियान निरंतर जारी है। इसी कड़ी में आज नगर परिषद की टीम ने शहर के व्यस्ततम व्यापारिक क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जों को हटाया।

    कार्रवाई का मुख्य विवरण : नगर परिषद के अधिकारियों ने अपनी टीम के साथ मिलकर सड़कों को अवरुद्ध करने वाले तत्वों के खिलाफ मोर्चा संभाला | नेतृत्व: चीफ सैनिटरी इंस्पेक्टर (CSI) सुनील दत्त और SI गौरव कुमार। प्रमुख क्षेत्र: बस स्टैंड रोड और लाल कुर्ती बाजार क्षेत्र। कार्रवाई का स्वरूप: सड़कों के किनारे अवैध रूप से लगाई गई रेहड़ियों, फड़ियों और अस्थायी कब्जों को मौके से हटाया गया।

    प्रशासन की सख्त चेतावनी : अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाजार में दुकानों के बाहर सामान रखने और सड़कों पर रेहड़ियां खड़ी करने से यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है, जिससे आम जनता और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    मुख्य निर्देश: दुकानदारों और रेहड़ी संचालकों को हिदायत दी गई है कि वे दोबारा अतिक्रमण न करें। यदि कोई फिर से कब्जा करता पाया गया, तो उसका सामान जब्त करने के साथ-साथ भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।

    अभियान के लाभ : यातायात सुगमता: बस स्टैंड के पास लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। पैदल यात्रियों को सुरक्षा: लाल कुर्ती जैसे व्यस्त बाजार में ग्राहकों को चलने के लिए पर्याप्त जगह मिलेगी। शहर का सौंदर्यीकरण: अवैध ढांचों के हटने से शहर व्यवस्थित नजर आएगा।

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    19/12/25

    फिलाडेल्फ़िया अस्पताल, अंबाला: "शब्दों की शक्ति" से संवरेगा मरीजों का उपचार और आपसी रिश्ते

    जे कुमार अम्बाला 19 दिसम्बर : - फिलाडेल्फ़िया अस्पताल में आज एक अनूठे और प्रेरणादायक सत्र का आयोजन किया गया, जिसका विषय था “शब्दों की शक्ति”। अस्पताल के चैपल में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और विद्यार्थियों को संवाद की बारीकियों और मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन के प्रति जागरूक करना था।

    🌟 मुख्य वक्ता और उद्घाटन : -

    कार्यक्रम की शुरुआत अस्पताल के प्रशासक अमित कपूर द्वारा की गई प्रार्थना से हुई। इसके उपरांत अस्पताल के निदेशक डॉ. एस. सुनील सादिक ने मुख्य वक्ता श्री सिमर ओंकार (निदेशक – ग्रेट लाइफ एप्लाइड साइकोलॉजी सर्विस, चंडीगढ़) का परिचय कराया।

    डॉ. सादिक ने एक गहरा विचार साझा करते हुए कहा कि, "सृष्टि की रचना भी शब्द से हुई है। शब्दों में वह सामर्थ्य है जो किसी के जीवन को बना भी सकता है और बिगाड़ भी।"

    व्याख्यान के मुख्य बिंदु: शब्दों का जादू और सावधानी

    मुख्य वक्ता श्री सिमर ओंकार ने अपने संवादात्मक सत्र में शब्दों के मनोवैज्ञानिक प्रभाव पर प्रकाश डाला | उपचार की शक्ति: चिकित्सा क्षेत्र में शब्द केवल संवाद का जरिया नहीं, बल्कि उपचार (Healing) का हिस्सा हैं। एक मीठा शब्द मरीज की आधी बीमारी दूर कर सकता है। गहरे घाव: उन्होंने सचेत किया कि गलत समय पर बोले गए गलत शब्द चाकू से भी गहरा घाव दे सकते हैं।

    संवाद का शिष्टाचार: हमें क्या बोलना है, कब बोलना है और किसके सामने बोलना है—इसका संतुलन ही परिपक्व व्यक्तित्व की पहचान है। सच्ची मित्रता: शब्दों के माध्यम से ही हम ऐसे रिश्ते बनाते हैं जहाँ हम अपने मन की अनकही बातें साझा कर सकें।

    तनाव प्रबंधन और मानसिक शांति : कार्यस्थल (Workplace) पर बढ़ते दबाव को देखते हुए श्री ओंकार ने व्यावहारिक सुझाव भी दिए | ध्यान (Meditation): नियमित ध्यान से मानसिक दबाव को कम किया जा सकता है। शांत रहना: तनावपूर्ण स्थितियों में तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय स्वयं को शांत रखने की तकनीकें सीखीं। व्यावहारिक तकनीक: कार्यभार (Workload) और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाने के मनोवैज्ञानिक तरीके साझा किए।

    प्रभाव और प्रतिक्रिया : नर्सिंग स्कूल के विद्यार्थियों और अस्पताल के स्टाफ ने इस सत्र को "जीवन बदलने वाला" बताया। विशेषकर मरीजों के साथ व्यवहार करते समय शब्दों के चयन के महत्व को सभी ने गहराई से समझा। अस्पताल प्रबंधन ने भविष्य में भी ऐसे व्यक्तित्व विकास कार्यक्रमों को जारी रखने का वादा किया।

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    19/12/25

    भारत का आज का मौसम का हाल

    #भारतकामौसमपूर्वानुमान #भारतकामौसम #दिसंबर2025कामौसम #भारतकामौसमअपडेट #आजभारतमें #मौसमपूर्वानुमान #भारतकीजलवायु #पूर्वानुमानितमौसम #मौसमरिपोर्ट #भारतकामौसमसमाचार #तापमानअपडेट #शीतलब2025 #मौसमीपूर्वानुमान #वास्तविकसमयमौसम #भारतीयमौसमविज्ञान #मौसमकेरुझान #सूचितरहें #मौसमअलर्ट #भारतमेंआउटडोरयोजनाएं #मौसमबदल रहाहै

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    18/12/25

    जी राम जी बिल पास, विपक्ष हताश

    संसद में जी राम जी बिल के पास होने के साथ ही सरकार को बड़ी सफलता मिली है। विपक्ष ने विरोध और हंगामे की कोशिश की, लेकिन संख्याबल और समर्थन के आगे उनकी रणनीति विफल रही। बिल के पक्ष में स्पष्ट बहुमत ने यह संकेत दे दिया कि सुधारों के एजेंडे पर सरकार का पलड़ा भारी है, जबकि विपक्ष ठोस विकल्प न दे पाने के कारण हताश नज़र आया ।

    सत्ता पक्ष की रणनीतिक जीत

    जी राम जी बिल का पास होना सरकार के लिए केवल विधायी सफलता नहीं, बल्कि राजनीतिक बढ़त भी है। मजबूत संख्याबल, पार्टी अनुशासन और स्पष्ट नैरेटिव के साथ सरकार ने यह संदेश दिया कि वह सुधारों को लेकर निर्णायक है। यह कदम समर्थकों में विश्वास बढ़ाता है और नेतृत्व की पकड़ को रेखांकित करता है।

    2. विपक्ष की कमजोरी उजागर

    विपक्ष का विरोध मुख्यतः प्रक्रियात्मक आपत्तियों और हंगामे तक सीमित रहा। साझा वैकल्पिक प्रस्ताव या ठोस संशोधनों के अभाव में उनका विरोध प्रभावी नहीं बन सका। इससे विपक्ष की रणनीतिक बिखराव और समन्वय की कमी सामने आई, जो जनता के बीच उनकी विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकती है।

    3. नैरेटिव की लड़ाई में सरकार आगे

    सरकार ने बिल को जनहित, विकास और व्यवस्था सुधार से जोड़ा, जबकि विपक्ष नकारात्मक फ्रेम में फंसा दिखा। मीडिया और सार्वजनिक विमर्श में सरकार का नैरेटिव हावी रहा, जिससे विपक्ष का संदेश दब गया।

    4. संस्थागत संकेत और भविष्य की राजनीति

    बिल का पास होना यह संकेत देता है कि आने वाले सत्रों में सरकार आक्रामक विधायी एजेंडा आगे बढ़ा सकती है। वहीं विपक्ष के सामने दो विकल्प हैं—या तो वह नीतिगत विकल्प और वैकल्पिक विज़न पेश करे, या फिर केवल विरोध तक सीमित रहकर और कमजोर पड़े।

    5. जनमत पर संभावित प्रभाव

    निकट भविष्य में यह फैसला सरकार के कोर वोटबेस को सशक्त करेगा। विपक्ष यदि जल्द ही अपनी रणनीति नहीं बदलता, तो जनमत में उसका प्रभाव और सिमट सकता है।

    निष्कर्ष

    जी राम जी बिल का पास होना सरकार की निर्णायक राजनीति की पुष्टि है, जबकि विपक्ष की हताशा उसकी रणनीतिक तैयारी की कमी को उजागर करती है। आने वाले महीनों में असली परीक्षा विपक्ष की पुनर्गठन और वैकल्पिक नीति-प्रस्तुति की होगी।

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    18/12/25 |

    हरियाणा ने पोक्सो मामलों में फॉरेंसिक डीएनए प्रोटोकॉल में स्थापित किया स्वर्ण मानक, 99% डीएनए पॉजिटिविटी दर

    चंडीगढ़, 18 दिसम्बर (ए.के. वत्स) : हरियाणा की गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) डॉ. सुमिता मिश्रा ने कुछ राज्यों, जिनमें पंजाब भी शामिल है, में बच्चों के यौन शोषण से संरक्षण (पोक्सो) मामलों में डीएनए रिपोर्ट के अधिक नकारात्मक आने को लेकर हालिया मीडिया रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए आज बताया कि हरियाणा ने वैज्ञानिक रूप से मजबूत, तीन-स्तरीय फॉरेंसिक जांच प्रोटोकॉल स्थापित किया है, जो फॉरेंसिक उत्कृष्टता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक मानक के रूप में उभरा है। इस प्रोटोकॉल के तहत 99 प्रतिशत की अभूतपूर्व डीएनए पॉजिटिविटी दर हासिल हुई है, जबकि नकारात्मक रिपोर्टें 1 प्रतिशत से भी कम हैं।

     

    डॉ. मिश्रा ने कहा कि हमारा दृष्टिकोण वैज्ञानिक कठोरता, संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग और हमारे बच्चों को न्याय दिलाने की अटूट प्रतिबद्धता पर आधारित है। हमने ऐसी प्रणाली विकसित की है जो यह सुनिश्चित करती है कि अदालत में प्रस्तुत किया जाने वाला हर फॉरेंसिक साक्ष्य विश्वसनीय, उपयोगी और न्यायिक जांच के सर्वोच्च मानकों पर खरा उतरने में सक्षम हो।

     

    एसीएस  ने बताया कि हरियाणा मॉडल वैज्ञानिक रूप से फिल्ट्रेड, चरणबद्ध दृष्टिकोण का पालन करता है, जिसमें तीन महत्वपूर्ण स्तर शामिल हैं -पहला, कथित पीड़ितों का समय-संवेदी चिकित्सकीय परीक्षण, जिसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाता है, ताकि भौतिक साक्ष्यों का सूक्ष्म संग्रह, अग्रेषण और फॉरेंसिक जांच हेतु समुचित दस्तावेजीकरण सुनिश्चित हो सके।

    दूसरा, डीएनए प्रोफाइलिंग से पहले सभी एकत्रित नमूनों की प्रारंभिक जीवविज्ञान और सीरोलॉजी जांच, ताकि जैविक द्रवों की उपस्थिति का पता लगाया जा सके। यह चरण एक महत्वपूर्ण ‘गेटकीपिंग’ प्रक्रिया के रूप में कार्य करता है, जिससे यौन उत्पीड़न के जैविक संकेत वाले नमूनों की पहचान होती है।

    तीसरा, विश्वस्तरीय उन्नत डीएनए प्रोफाइलिंग विधियां, जिन्हें केवल उन्हीं मामलों में अपनाया जाता है, जहां प्रारंभिक जांच में सकारात्मक जैविक संकेत मिलते हैं। इससे डीएनए जांच को एक पुष्टिकरण उपकरण के रूप में स्थापित किया गया है, न कि अंधाधुंध स्क्रीनिंग प्रक्रिया के रूप में।

     

    डॉ. मिश्रा ने जोर देते हुए कहा कि हरियाणा का यह प्रोटोकॉल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत फॉरेंसिक सिद्धांतों और प्रयोगशाला गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है। यह उन साक्ष्य-छंटनी और चयनात्मक डीएनए जांच प्रक्रियाओं के समान है, जिन्हें अमेरिका की एफबीआई फॉरेंसिक प्रयोगशाला सहित विश्व की अग्रणी फॉरेंसिक लैबोरेटरी अपनाती हैं। इस रणनीति के प्रमुख लाभों में वैज्ञानिक रूप से आवश्यक होने पर ही उन्नत डीएनए परीक्षण कर विशेषीकृत प्रयोगशाला संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग, उच्च-विश्वसनीय फॉरेंसिक साक्ष्यों के माध्यम से न्यायपालिका का बढ़ा हुआ विश्वास, स्थापित जैविक संकेतों वाले मामलों में ही उन्नत परीक्षण कर भ्रामक व्याख्याओं से बचाव, तथा फॉरेंसिक रिपोर्ट के त्वरित निपटान से मामलों के शीघ्र समाधान शामिल हैं।

     

    उन्होंने कहा कि हरियाणा का यह दृष्टिकोण एक सर्वोत्तम अभ्यास मॉडल है, जिसे अन्य राज्य भी अपना सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रोटोकॉल को न्यायपालिका और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है, जो उच्च साक्ष्य मूल्य वाली फॉरेंसिक रिपोर्ट प्राप्त होने की सराहना कर रहे हैं।

     

    डॉ. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा अपने फॉरेंसिक क्षमताओं के निरंतर उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके तहत चिकित्सा एवं फॉरेंसिक कर्मियों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम, अत्याधुनिक प्रयोगशाला उपकरणों में निवेश, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान संस्थानों के साथ सहयोग, तथा उभरते वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर प्रोटोकॉल की समय-समय पर समीक्षा और अपनाने की प्रक्रिया शामिल है।

     

    डॉ. मिश्रा ने आगे कहा कि हमारे बच्चे ऐसे अपराध के खिलाफ न्याय तंत्र के हकदार हैं जो सटीकता, गति और सत्य के प्रति अडिग समर्पण के साथ काम करे। हरियाणा की यह पहल दर्शाती है कि जब विज्ञान, नीति और प्रतिबद्धता एक साथ आती हैं, तो हम ऐसे तंत्र बना सकते हैं जो वास्तव में न्याय की सेवा करें।

     

     उन्होंने देश भर के फॉरेंसिक विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं से हरियाणा मॉडल का अध्ययन करने का आग्रह किया, ताकि पोक्सो मामलों की जांच और अभियोजन प्रणाली को और मजबूत किया जा सके।

     

    उन्होंने जानकारी दी कि हरियाणा अपने फॉरेंसिक ढांचे को निरंतर उन्नत कर रहा है और उपकरणों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान, अत्याधुनिक डीएनए और साइबर फॉरेंसिक सुविधाओं की स्थापना के लिए 18 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।

     

    इसके अतिरिक्त, राज्य ने अपने मानव संसाधन को भी सुदृढ़ किया है और क्षेत्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, गुरुग्राम में एक नया डीएनए प्रभाग 1 जनवरी, 2026 से कार्यरत होने वाला है। अपराध स्थल पर फॉरेंसिक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए राज्य में 40 मोबाइल फॉरेंसिक वैन तैनात की गई हैं। साथ ही, आधुनिक फॉरेंसिक उपकरणों की खरीद के लिए 101 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।

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    18/12/25 |

    नूंह जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय की लापरवाही, आरटीएस कमीशन ने लगाई पेनल्टी

    चंडीगढ़, 18 दिसम्बर (ए.के. वत्स) : हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने नूंह जिले से संबंधित एक मामले में आरटीएस समय-सीमा के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई की है। नूंह निवासी शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्होंने संबंधित महिला एवं बाल विकास विभाग की योजना के तहत समय पर आवेदन किया, लेकिन निर्धारित आरटीएस अवधि के बावजूद उन्हें योजना का लाभ काफी देरी से प्रदान किया गया।

    आयोग ने पाया कि योजना का लाभ लाभार्थी को छह माह से अधिक की देरी से प्रदान किया गया, जो आरटीएस अधिनियम की भावना के विपरीत है।

    आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि जांच में सामने आया कि आवेदन 25 जुलाई, 2024 को सरल पोर्टल पर जमा किया गया था, लेकिन आवश्यक यूनिक कोड समय पर जनरेट न होने के कारण लाभ का भुगतान 16 अप्रैल, 2025 को किया जा सका। डीपीओ, नूंह द्वारा बार-बार स्मरण पत्र भेजे जाने के बावजूद डब्ल्यूसीडीपीओ, नूंह-2 कार्यालय से यूनिक कोड समय पर जारी नहीं किया गया।

    मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने सहायक की भूमिका को मुख्य रूप से देरी के लिए जिम्मेदार पाया। आयोग ने यह भी अवलोकन किया कि सुनवाई के दिन उनके आचरण से आधिकारिक कर्तव्यों के प्रति लापरवाही परिलक्षित हुई।

    आयोग ने हरियाणा सेवा अधिकार अधिनियम, 2014 की धारा 17(1)(ह) के तहत सहायक पर 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया है तथा शिकायतकर्ता को 5,000 रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। कुल 20,000 रुपये की राशि सहायक के वेतन से वसूल की जाएगी, जिसमें से 15,000 रुपये राज्य कोष में जमा होंगे और 5,000 रुपये शिकायतकर्ता को दिए जाएंगे।

    आयोग ने डीपीओ, नूंह को आदेशों के अनुपालन की रिपोर्ट दस्तावेजी प्रमाण सहित प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, संबंधित अवधि में डब्ल्यूसीडीपीओ के प्रभार को लेकर स्थिति स्पष्ट करने और जिम्मेदार अधिकारी से स्पष्टीकरण प्राप्त कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    आयोग ने स्पष्ट किया कि दिव्यांग कोटे के अंतर्गत नियुक्ति होने के बावजूद सरकारी कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाए। अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और भविष्य में ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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    18/12/25

    विकसित भारत–जी राम जी बिल लोक सभा में पास, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष को कठघरे में जमकर किया खड़ा

    (के.के.)

    नई दिल्ली, 18 दिसंबर 2025, विकसित भारत–जी राम जी (Viksit Bharat–Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin): VB–G RAM G विधेयक-2025 लोक सभा में पास हो गया है। इससे पहले, बिल पर लंबी चर्चा हुई, वहीं रिप्लाय देते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष को जमकर कठघरे में खड़ा किया और तीखे तेवर के साथ कहा कि मनरेगा को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने बहुत अच्छे से चलाया, जबकि कांग्रेस सरकार ने तो इसके नाम पर केवल ढोंग किया और 2009 के चुनाव के समय चुनावी लाभ लेने के लिए महात्मा गांधी जी का नाम नरेगा में जोड़ा था। शिवराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने तो आपातकाल लगाकर और देश में भ्रष्टाचार व घोटाले करके बापू के आदर्शों की हत्या की थी। उन्होंने कहा- कांग्रेस ने मजदूरों को पर्याप्त रोजगार नहीं दिया था, जबकि मोदी सरकार ने इसके लिए 1.51 लाख करोड़ रु. का बजट रखा है, प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में विकसित भारत के लिए चार आयामों के साथ विकसित गांव बिल का उद्देश्य है।

    बापू हमारी श्रद्धा हैं, आदर्श हैं, प्रेरणा हैं, विश्वास हैं

    केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि इस पवित्र सदन में रात डेढ़ बजे तक, हमने सदस्यों के विचार सुने, अब जवाब देना मेरा अधिकार है, अपनी बात सुना देना, फिर जवाब ना सुनना, ये लोकतांत्रिक परंपराओं को तार-तार करना है, संविधान की धज्जियां उड़ाना है। ये बापू के आदर्शों की हत्या भी कर रहे हैं। अपनी बात सुना दो, हमारी ना सुनो, यह भी तो हिंसा है, बापू के आदर्शों की हिंसा करने का पाप कांग्रेस व बाकी विपक्ष कर रहे हैं। शिवराज सिंह बोले- बापू हमारी श्रद्धा हैं, आदर्श हैं, प्रेरणा हैं, विश्वास हैं, इसलिए भाजपा ने अपनी पंचनिष्ठा में गांधीजी के सामाजिक, आर्थिक दर्शन को स्थान दिया। हम गांधीजी के आदर्शों पर चलने वाले हैं, गांधीजी ने कहा था—गांव भारत की आत्मा है, अगर गांव मर जाएंगे तो भारत मर जाएगा। अपना हिंदुस्तान हमारे गांवों में बसा है, यह बिल गांवों के विकास का बिल है।

    RSS के विचार कभी भी सीमित और संकीर्ण नहीं रहे

    शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विधेयक पर चर्चा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को भी व्यर्थ में घसीटा गया। उन्होंने कहा कि संघ व्यक्ति निर्माण में विश्वास करता है- देशभक्त, चरित्रवान, ईमानदार, परिश्रमी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हिंदुस्तान में अपने लिए नहीं, समाज के लिए जीने वाले कार्यकर्ताओं की मालिका खड़ी की है। शिवराज सिंह ने कहा कि संघ के विचार कभी भी सीमित और संकीर्ण नहीं रहे। व्यक्तिगत हितों से ऊपर उसके लाखों कार्यकर्ता राष्ट्र निर्माण के पवित्र काम में लगे हैं। सरसंघचालक श्री मोहन भागवत जी के विचार पढ़ लीजिए, हिंदू तो संकीर्ण नहीं है।

    सारा देश हमारे लिए एक है, चेन्नई हो या गुवाहाटी, अपना देश-अपनी माटी

    प्रतिपक्ष के भेदभाव के आरोप पर केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि सारा देश हमारे लिए एक है, चेन्नई हो या गुवाहाटी, अपना देश-अपनी माटी: अलग भाषा-अलग वेश, फिर भी अपना एक देश। शिवराज बोले- अटल बिहारी वाजपेयी जी ने कहा था- हम किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं करते, अटल जी ने कहा था- ये देश हमारे लिए जमीन का टुकड़ा नहीं है, जीता-जागता राष्ट्रपुरूष है, कश्मीर इसका मस्तिष्क है, हिमालय इसकी शिखा है, पंजाब और बंगाल इसके दो विशाल बाहु हैं, दिल्ली दिल है, विंध्याचल कटी है, नर्मदा करधनी है, पूर्वी घाट व पश्चिमी घाट इसकी दो विशाल जंघाए हैं, कन्याकुमारी इसके पंजे हैं, सागर इसके चरण पखारता है, सूरज- चंद्रमा इसकी आरती उतारते हैं, ये वीरों की भूमि है, ये शूरों व ऋषियों, महर्षियों की भूमि है, ये तर्पण व अर्पण की भूमि है हम जिएंगे तो इसके लिए और अगर कभी मरना पड़ा तो मरेंगे भी इसके लिए और मरने के बाद हमारी राख भी गंगा जी में फेंक दी गई तो वहां से भी एक ही आवाज आएगी- भारत माता की जय। भारत माता हमारे बचपन का झूला, जवानी की फुलवारी और बुढ़ापे की काशी है। शिवराज सिंह ने कहा कि इस देश का संपूर्ण विकास, ये प्रधानमंत्री मोदी की सरकार का कर्तव्य है।

    गांवों का विकास हमारे विचार, हमारी सोच के केंद्र में है

    शिवराज सिंह ने कहा- गांवों का विकास हमारे विचार, हमारी सोच के केंद्र में है, इसलिए ग्राम विकास की योजनाएं बनीं। उन्होंने कहा कि नरेगा का नाम पहले महात्मा गांधी जी के नाम पर नहीं रखा गया, जब 2009 के चुनाव आए तो चुनाव और वोट के कारण बापू याद आए, महात्मा गांधी याद आए और तब उस पर जोड़ा गया महात्मा गांधी जी का नाम, लेकिन इस मनरेगा को भी अगर ताकत के साथ किसी ने ठीक ढंग से लागू किया, वह हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने लागू किया। शिवराज सिंह ने आंकड़ों सहित बताया कि पूर्ण किए काम आपने किए 153 लाख, हमने किए 862 लाख, ये मोदी की गारंटी है। महिलाओं की भागीदारी इनके समय थी 48%, हमारे समय हो गई 56.73%। नरेगा आधार सीडिंग इनके समय 76 लाख थी, हमने की 12 करोड़ 12 लाख। आधार भुगतान हेतु प्रणाली इन्होंने कोई प्रावधान ही नहीं किया, अंधा बांटे रेवड़ी छीन-छीनकर दे, पैसा खा गए, बर्बाद कर दिया। परिसंपतियां इनके समय बनी 29.45 लाख, हमने बनाई 5.62 करोड़, शिवराज सिंह ने पूछा कि आखिर ये (विपक्ष) देश को कितना गुमराह करेंगे।

    इन्होंने अपने खानदान को महिमा मंडित करने के लिए रखे नाम

    शिवराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस के मुंह में राम, बगल में छुरी है। गांधी को गांधी से चुराने का पाप कांग्रेस ने किया है। ये कह रहे-किस सनक में ये नाम बदल रहे हैं। सनक में हम नहीं, सनक में मोदी सरकार नहीं है। कितनी योजनाओं के नाम महात्मा गांधी के नाम पर आपने रखे? इन्होंने नाम महात्मा गांधी के नाम पर नहीं रखे, नाम केवल नेहरू परिवार के नाम पर रखने का पाप किया। आज पूरा देश यह जान लें। कितनी योजनाओं का नाम इन्होंने अपने खानदान को महिमा मंडित करने के लिए रखा। राज्यों की योजनाओं के नाम 25 नाम स्व. राजीव गांधी जी के नाम पर, 27 योजनाओं के नाम इंदिराजी के नाम पर 52, नाम रखने की सनक अगर तो कांग्रेस की है। शैक्षणिक संस्थाएं या यूनिवर्सिटी के नाम राजीवजी पर 55, इंदिराजी पर 31, नेहरूजी पर 22, खेल और टूर्नामेंट ट्रॉफी के नाम राजीवजी पर 23, इंदिराजी पर 4, नेहरूजी पर 2 और सड़क, जगह, इमारत के नाम 74 अपने नामों पर रखे। 51 अवार्ड के नाम नेहरू परिवार के नाम पर रखे। 37 संस्थान, चेयर, फेस्टिवल नेहरू जी के नाम पर और इंदिरा जी के नाम पर रखे 39 चिकित्सा संस्थान व अस्पताल के नाम। 15 स्कॉलरशिप इनके नेताओं के नाम पर। शिवराज सिंह ने कहा कि 15 नेशनल पार्क जहां जानवर रहते हैं, वो भी नेहरूजी, इंदिराजी और राजीवजी के नाम पर कर दिए गए। पांच एयरपोर्ट और बंदरगाहों के नाम और उनके नाम से। मोदी सरकार केवल काम करना चाहती है, काम में ही हमारा विश्वास है।

    इन्होंने तो गांधी जी की कभी नहीं मानी

    केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि इन्होंने तो गांधी जी की कभी नहीं मानी। हम गांधी को भी मानते हैं, गांधी जी की भी मानते हैं। गांधी जी ने कहा था 1948 में, आज़ादी प्राप्त हो गई, कांग्रेस का काम पूरा हो गया, अब कांग्रेस भंग कर देना चाहिए। कांग्रेस की जगह लोक सेवक संघ बनाना चाहिए, लेकिन नेहरूजी ने सत्ता से चिपके रहने के लिए, आज़ादी के आंदोलन का लाभ उठाने के लिए कांग्रेस भंग नहीं की। बापू जी के आदर्शों की हत्या कांग्रेस ने उसी दिन कर दी, जिस दिन कांग्रेस भंग नहीं की। बापू के आदर्शों की हत्या कांग्रेस ने की है। जिस दिन देश का बंटवारा स्वीकार किया, उस दिन बापू के आदर्शों की हत्या हो गई। जिस दिन इन्होंने कश्मीर को विशेष दर्जा दिया, उस दिन बापू के आदर्शों की हत्या हो गई। जिस दिन इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर संविधान की धज्जियां उड़ाईं, उस दिन गांधी जी की हत्या इन्होंने कर दी। जिस दिन संतों पर गोलियां चलाईं दिल्ली में, उस दिन गांधी जी की हत्या करने का पाप किया। देश को भ्रष्टाचार, घोटालों में डुबोकर इन्होंने गांधी जी की हत्या की, उनके आदर्शों की हत्या की।

    नए विधेयक में चार आयामों पर फोकस, विकसित भारत विज़न को मज़बूती

    विधेयक से विकसित भारत विज़न को नई मज़बूती मिलेगी, जिसके तहत प्रमुख रूप से चार आयामों को फोकस करके काम होगा। इसमें जल सुरक्षा, जल संबंधी कार्यों में बढ़ोतरी, बुनियादी ग्रामीण प्रणालियों को सुदृढ़ बनाने, ग्रामीण आजीविका के अवसरों के विस्तार और बदलती जलवायु एवं परिस्थितियों के अनुरूप ग्रामीण समुदायों की अनुकूलन क्षमता के विकास पर विशेष ज़ोर दिया गया है।

    VB- G RAM G के अंतर्गत होने वाले कार्य

    इस योजना में जल संरक्षण के काम लिए जाएंगे, क्रिटिकल और सेमी क्रिटिकल ब्लॉक्स में पानी की बेहतर व्यवस्था के लिए 65% पर राशि तक खर्च की जाएगी। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा-हम तालाब बनाएंगे, सिंचाई के लिए कुएं बनाएंगे, माइक्रो इरिगेशन चैनल बनाएंगे। सामुदायिक जलभराव भूमि का सुधार करेंगे, वृक्षारोपण करेंगे। एक पेड़ मां के नाम अभियान पर्यावरण बचाने को अधिष्ठान करेगा। हम सड़कें बनाएंगे, पुलिया बनाएंगे, ग्राम पंचायत भवन, आंगनबाड़ी भवन, ग्रामीण पुस्तकालय, विद्यालय निर्माण, शेड, अतिरिक्त कक्ष भी बनाएंगे। स्कूल में प्रयोगशाला, स्कूल परिसर की दीवारें, खेल के मैदान, शांतिधाम, सामुदायिक काम, सोलर लाइट, ग्रामीण पार्किंग क्षेत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण आवास, जल जीवन मिशन के अधीन काम होंगे, वहीं आजीविका संबंधित कार्यों के तहत प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने संकल्प लिया है- हर दीदी को लखपति दीदी बनाना है। अभी तक दो करोड़ से ज्यादा लखपति दीदी बन गईं है, अब तीन करोड़ लखपति दीदियां बनाने वाले हैं। प्रधानमंत्री जी का संकल्प है कि एक दिन वह आएगा, जब देश की किसी बहन की आंखों में आंसू नहीं,हर चेहरे पर मुस्कुराहट होगी।

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    18/12/25 |

    धुंध के साये में 'अदृश्य' सड़कें: सफेद पट्टियों के अभाव में हादसों को न्योता

    जे कुमार, सिरसा 18 दिसम्बर 2025 : - एक ओर जहां प्रशासन सड़क सुरक्षा माह और जागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को नियमों का पाठ पढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इसके उलट है। धुंध और कोहरे का सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन जिले की प्रमुख सड़कों पर सफेद पट्टियां (Road Markings) और जेब्रा क्रॉसिंग गायब हैं, जो गंभीर हादसों का कारण बन रही हैं।

    प्रमुख सड़कों की बदहाल स्थिति : प्रशासनिक अनदेखी के कारण हाल ही में बनी सड़कें भी वाहन चालकों के लिए काल साबित हो रही हैं | सड़क का नामसमस्याप्रभावरानियां-जीवननगर रोडपीडब्ल्यूडी द्वारा नवनिर्मित सड़क पर सफेद पट्टियां नहीं लगाई गईं।दो दिन पहले एक गाड़ी धुंध में सड़क न दिखने के कारण गड्ढे में जा गिरी।सिरसा-बरनाला रोड (NH-703)गतिरोधकों (Speed Breakers) पर जेब्रा क्रॉसिंग/रिफ्लेक्टर गायब हैं।पैदल यात्रियों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को सड़क पार करने में भारी जानलेवा जोखिम।

    अभियान बनाम जमीनी हकीकत : हैरानी की बात यह है कि सड़क सुरक्षा के नाम पर लाखों खर्च करने वाला विभाग धुंध से पहले बुनियादी इंतजाम करने में नाकाम रहा है। सड़कों के किनारों पर लगी सफेद पट्टियां रात और कोहरे के समय 'गाइड' का काम करती हैं। इनके न होने से वाहन चालकों को सड़क की चौड़ाई और मोड़ का अंदाजा नहीं हो पाता।

    • अधूरा निर्माण: नई सड़कों का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन 'पेन वर्क' (पट्टी मार्किंग) को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

    • अदृश्य गतिरोधक: बिना जेब्रा क्रॉसिंग वाले स्पीड ब्रेकर दूर से दिखाई नहीं देते, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के उछलने और अनियंत्रित होने का खतरा बना रहता है।

    विशेषज्ञों की राय: क्यों जरूरी है मार्किंग?

    सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, घनी धुंध में थर्मोप्लास्टिक पेंट से बनी सफेद पट्टियां वाहन की लाइट पड़ने पर चमकती हैं, जिससे ड्राइवर को अपनी लेन में रहने में मदद मिलती है। इनके बिना सुरक्षित यात्रा करना लगभग असंभव है। चेतावनी: जब तक प्रशासन इन पट्टियों को नहीं लगवाता, वाहन चालक अपनी सुरक्षा के लिए फॉग लाइट्स का प्रयोग करें और गति अत्यंत धीमी रखें।

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    18/12/25 |

    बाल विवाह मुक्त भारत: पलवल DLSA ने अलावलपुर में ग्रामीणों को दिलाई शपथ

    जे कुमार पलवल 18 दिसम्बर 2025 : - हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के निर्देशानुसार बाल विवाह मुक्त भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए 16 दिसंबर से 24 मार्च 2026 तक चलने वाले 100 दिवसीय विशेष अभियान का विधिवत आयोजन किया गया। इसी कड़ी में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण पलवल के तत्वावधान में बुधवार को गांव अलावलपुर में एक विशेष कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।


    इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ एकजुट करना और हाशिए पर रहने वाले समुदायों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति सचेत करना था। शिविर में मुख्य वक्ता के तौर पर अधिवक्ता भारत भूषण चौहान तथा शक्ति वाहिनी से रचना ने उपस्थित ग्रामीणों को महत्वपूर्ण कानूनी विषयों और अभियान की रूपरेखा पर जानकारी साझा की। साहिल राजपूत ने मौजूद ग्रामीण लोगों को बाल विवाह न करने और बाल विवाह के किसी भी आयोजन में शामिल न होने की शपथ दिलवाई।


    यह रहे शिविर के मुख्य आकर्षण एवं चर्चा के विषय :
    शिविर में बाल विवाह मुक्त भारत (100 दिवसीय अभियान) के तहत ग्रामीणों को बताया गया कि 16 दिसंबर 2025 से 24 मार्च 2026 तक पूरे प्रदेश में बाल विवाह के खिलाफ सघन अभियान चलाया जाएगा। बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत कानूनी दंड और बच्चों के भविष्य पर इसके दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से समझाया गया।

    ग्रामीणों को बताया गया कि प्रत्येक नागरिक को नि:शुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने का अधिकार है। उन्हें जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की मुफ्त विधिक सेवाओं और शिकायत निवारण तंत्र के बारे में जानकारी दी गई। ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम के बारे में जानकारी देते हुए समाज में उन्हें समान दर्जा दिलाने और भेदभाव रोकने पर बल दिया गया।

    अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत तस्करी और शोषण से बचाव के लिए आईटीपीए 1956 के तहत नागरिक अधिकारों की व्याख्या की गई। शिविर में पुलिस जांच और गिरफ्तारी के समय नागरिक के पास उपलब्ध कानूनी बचाव और अधिकारों की बारीकियों को साझा किया गया। महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों को हिंसा से बचाने के लिए उपलब्ध कानूनी सुरक्षा उपायों पर चर्चा की गई।

    शिविर के अंत में ग्रामीणों की शंकाओं का समाधान किया गया। ग्रामीणों को शपथ दिलाई गई कि वह न तो बाल विवाह करेंगे और न ही अपने आस-पास होने देंगे। किसी भी कानूनी समस्या या बाल विवाह की सूचना देने के लिए उन्हें हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

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    18/12/25 |

    इग्नू (IGNOU) में जनवरी 2026 सत्र के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू, 31 जनवरी तक करें आवेदन

    जे कुमार पलवल 18 दिसम्बर 2025 : -इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के क्षेत्रीय निदेशक डा. धर्मपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जनवरी 2026 सत्र के लिए ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग एवं ऑनलाइन लर्निंग कार्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी 31 जनवरी 2026 तक इग्नू में विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिला ले सकते हैं।


    क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मपाल ने कहा कि इग्नू भारत का सबसे प्रतिष्ठित केंद्रीय मुक्त विश्वविद्यालय है, जो वर्ष में दो बार जनवरी और जुलाई सत्र में प्रवेश प्रक्रिया संचालित करता है। इग्नू में जनवरी 2026 सत्र के लिए दाखिले शुरू हो चुके है। कौशल आधारित एवं ज्ञान आधारित शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए इग्नू एक उत्कृष्ट विकल्प है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों के ज्ञान का संवर्धन कर उन्हें समान अवसर प्रदान करना है।


    इग्नू विशेष रूप से दूरदराज क्षेत्रों, ग्रामीण अंचलों एवं वंचित वर्गों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पहुंचाने का कार्य कर रहा है। ऐसे विद्यार्थी जिन्हें मेरिट या किसी अन्य कारणवश नियमित कॉलेज या विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं मिल पाया हो अथवा जो किसी कारण से नियमित शिक्षा ग्रहण नहीं कर सकते, वे इग्नू के माध्यम से अपनी पढ़ाई जारी रखकर डिग्री प्राप्त कर सकते हैं। नौकरीपेशा व्यक्ति भी दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से अपनी उच्च शिक्षा को सहज रूप से आगे बढ़ा सकते हैं।


    इग्नू में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा, स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के अनेक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पाठ्यक्रमों का संचालन कर रहा है तथा इग्नू के सभी पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से मान्यता प्राप्त हैं। इग्नू की शिक्षा प्रणाली अत्यंत लचीली है, जिससे विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार अध्ययन कर सकते हैं।

    डॉ. धर्म पाल ने बताया कि इग्नू की मान्यता न केवल पूरे भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी है। देशभर में इग्नू के 67 क्षेत्रीय केंद्र एवं 2000 से अधिक अध्ययन केंद्र कार्यरत हैं। इग्नू के सभी पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी एवं ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट 222.द्बद्दठ्ठशह्व.ड्डष्.द्बठ्ठ पर उपलब्ध है। इच्छुक अभ्यर्थी अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 से पूर्व आवेदन सुनिश्चित करें।

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    17/12/25 |

    इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) में जनवरी 2026 सत्र के लिए दाखिले शुरू

    चंडीगढ़, 17 दिसम्बर (ए.के. वत्स) : इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) द्वारा  जनवरी 2026 सत्र के लिए ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग एवं ऑनलाइन लर्निंग कार्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की जा चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी 31 जनवरी 2026 तक इग्नू में विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिला ले सकते हैं।

     

    इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्म पाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इग्नू भारत का सबसे प्रतिष्ठित केंद्रीय मुक्त विश्वविद्यालय है, जो वर्ष में दो बार जनवरी और जुलाई सत्र में प्रवेश प्रक्रिया संचालित करता है। इग्नू में जनवरी 2026 सत्र के लिए दाखिले शुरू हो चुके है कौशल आधारित एवं ज्ञान आधारित शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए इग्नू एक उत्कृष्ट विकल्प है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों के ज्ञान का संवर्धन कर उन्हें समान अवसर प्रदान करना है।

     

    इग्नू विशेष रूप से दूरदराज क्षेत्रों, ग्रामीण अंचलों एवं वंचित वर्गों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पहुंचाने का कार्य कर रहा है। ऐसे विद्यार्थी जिन्हें मेरिट या किसी अन्य कारणवश नियमित कॉलेज या विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं मिल पाया हो, अथवा जो किसी कारण से नियमित शिक्षा ग्रहण नहीं कर सकते, वे इग्नू के माध्यम से अपनी पढ़ाई जारी रखकर डिग्री प्राप्त कर सकते हैं। नौकरीपेशा व्यक्ति भी दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से अपनी उच्च शिक्षा को सहज रूप से आगे बढ़ा सकते हैं।

     

    इग्नू में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा, स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के अनेक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पाठ्यक्रमों का संचालन कर रहा है तथा इग्नू के सभी पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से मान्यता प्राप्त हैं। इग्नू की शिक्षा प्रणाली अत्यंत लचीली है, जिससे विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार अध्ययन कर सकते हैं।

     

    उन्होंने  बताया कि इग्नू की मान्यता न केवल पूरे भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी है। देशभर में इग्नू के 67 क्षेत्रीय केंद्र एवं 2000 से अधिक अध्ययन केंद्र कार्यरत हैं।

     

    इग्नू के सभी पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी एवं ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.ignou.ac.in पर उपलब्ध है। इच्छुक अभ्यर्थी अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 से पूर्व आवेदन सुनिश्चित करें।

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    17/12/25 |

    हरियाणा में ढांचागत परियोजनाओं ने पकड़ी रफ्तार, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने की प्रमुख रेल कॉरिडोरों की प्रगति की समीक्षा

    चंडीगढ़, 17 दिसम्बर (ए.के. वत्स) : हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, जो कि हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम (एचआरआईडीसी) के अध्यक्ष भी हैं, ने बताया कि राज्य की कई प्रमुख रेल अवसंरचना परियोजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

     

    रस्तोगी एचआरआईडीसी के निदेशक मंडल की 33वीं बैठक के दौरान विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।

     

    बैठक में बताया गया कि कुरुक्षेत्र एलिवेटेड ट्रैक परियोजना निष्पादन के उन्नत चरण में पहुँच गई है। वायाडक्ट से संबंधित सभी सिविल, ट्रैक, सिग्नलिंग एवं टेलीकम्युनिकेशन तथा ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन कार्य पूरे कर लिए गए हैं। एलिवेटेड प्लेटफॉर्म का निर्माण भी अंतिम चरण में है। पूर्ण किए गए कार्यों का शीघ्र ही उत्तरी रेलवे द्वारा तकनीकी निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद रेलवे सुरक्षा आयुक्त द्वारा निरीक्षण किया जाएगा।

     

    मुख्य सचिव ने अधिकारियों को शेष कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि परियोजना को शीघ्र चालू किया जा सके। एचआरआईडीसी द्वारा हासिल विशेषज्ञता की सराहना करते हुए उन्होंने निगम को अपने कार्यक्षेत्र का विस्तार कर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की दिशा में कार्य करने का भी सुझाव दिया।

     

    बैठक में अवगत कराया गया कि ईस्टर्न ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर, जो सोनीपत से पलवल वाया बागपत, गाजियाबाद एवं गौतम बुद्ध नगर प्रस्तावित है, के अध्ययन हेतु संरेखण (एलाइनमेंट) को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली स्टीयरिंग समिति द्वारा स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। कॉरिडोर का व्यवहार्यता अध्ययन अग्रिम चरण में है।

     

    मुख्य सचिव ने बताया कि हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर परियोजना के विभिन्न घटकों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। परियोजना का मानेसर–पातली खंड तथा मारुति रेलवे यार्ड जून 2025 में चालू किया जा चुका है। अब तक मानेसर स्थित मारुति प्लांट से 372 रैक लोड किए जा चुके हैं। इसके साथ ही हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरपोरेशन को राजस्व प्राप्त होना भी शुरू हो गया है। परियोजना के लिए चरण-I (सैद्धांतिक) वन स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है तथा अरावली संबंधी स्वीकृति हेतु भी अनुमोदन के लिए आवेदन किया गया है।

     

    भूमि मुआवजा वितरण में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। भूमि अवार्ड की कुल  1,878 करोड़ रुपये की राशि के मुकाबले अब तक 1,533 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, मध्यस्थता अवार्ड के अंतर्गत भी 99 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

     

    बैठक में यह भी बताया गया कि एचओआरसी परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सुरंग, यात्री यातायात के लिए अपने क्रॉस-सेक्शन के लिहाज से क्षेत्र की सबसे बड़ी सुरंगों में से एक है। सुरंग का निर्माण कार्य संतोषजनक गति से आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में आठ सक्रिय फेस से कार्य किया जा रहा है तथा दो अतिरिक्त फेस विकसित किए जा रहे हैं ताकि कार्य में और तेजी लाई जा सके। न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड के माध्यम से निर्मित की जाने वाली कुल 7,200 मीटर लंबी सुरंग में से अब तक 3,773 मीटर, यानी कुल लंबाई का 52 प्रतिशत से अधिक भाग की खुदाई की जा चुकी है।

     

    परियोजनाओं की समग्र प्रगति का जिक्र करते हुए मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि ये परियोजनाएं आधुनिक, दक्ष एवं सतत रेल अवसंरचना विकसित करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि इन रेल कॉरिडोरों से क्षेत्रीय संपर्क सुदृढ़ होगा, आर्थिक विकास को गति मिलेगी तथा नागरिकों के आवागमन में सुधार होगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि एचआरआईडीसी समयबद्ध क्रियान्वयन के साथ-साथ गुणवत्ता, सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों का उच्च स्तर बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

     

    बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता और लोक निर्माण (भवन एवं सड़क) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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    17/12/25 |

    राष्ट्रीय जलभूत मानचित्रण, उसकी प्रबंधन योजना एवं आंकड़ा प्रसार पर लघु सचिवालय में कार्यशाला का आयोजन

    जे कुमार पलवल 17 दिसम्बर : उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने केंद्रीय भूमि जल बोर्ड से पलवल में टीडीएस तथा हथीन में जलभराव की स्थिति में सुधार के लिए विशेष रूप से सहयोग की अपील की। वे मंगलवार को लघु सचिवालय में आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे थे, जिसका विषय राष्ट्रीय जलभूत मानचित्रण, उसकी प्रबंधन योजना एवं आंकड़ा प्रसार रहा।


    भारत सरकार के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग एवं जल शक्ति मंत्रालय के संयोजन में केंद्रीय भूमि जल बोर्ड उत्तर पश्चिमी क्षेत्र चंडीगढ़ के तत्वावधान में कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने भूजल स्तर को ऊंचा उठाने पर विशेष रूप से बल दिया। भूजल संसाधनों के सतत प्रबंधन के उद्देश्य से आयोजित कार्यशाला में उन्होंने पलवल की स्थिति का गंभीरता से आकलन किया।

    उन्होंने कहा कि यहां पानी में टीडीएस की मात्रा अधिक मिलती है, जिसे कम करने के लिए जरूरी उपाय किये जायें। साथ ही हथीन में हजारों एकड़ भूमि में जलभराव की स्थिति रहती है, जिसकी निकासी की उचित व्यवस्था व स्थाई समाधान करवाया जाए। इसके लिए करोड़ों रुपये की प्रस्तावित परियोजना भी तैयार की गई है। इस दिशा में केंद्रीय भूमि जल बोर्ड उत्तर पश्चिमी क्षेत्र से विशेष सहयोग अपेक्षित है।


    उपायुक्त डा. वशिष्ठ ने कहा कि उन्हें जलस्तर की पूर्ण रिपोर्ट प्रेषित करें। कहां जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है और कहां वृद्धि हुई है। इसके कारणों के साथ रिपोर्ट दें ताकि उचित कदम उठाये जायें। साथ ही उन्होंने व्यर्थ जल दोहन पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण सबका संयुक्त दायित्व है। जल के महत्व को गंभीरता से समझने की आवश्यकता है। व्यर्थ में जल की बर्बादी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जल की व्यर्थ बर्बादी करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। पानी की पाइप से गाडिय़ों को लंबे समय तक साफ करके पानी की बर्बादी नहीं करनी चाहिए। नल को खुला नहीं छोड़ना चाहिए। छोटे-छोटे प्रयासों से ही हम जल संरक्षण को मजबूती दे सकते हैं।


    इस दौरान उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जल शक्ति मंत्रालय एवं केंद्रीय भूमि जल बोर्ड उत्तर पश्चिमी क्षेत्र के संयोजन में हथीन खंड की शोध पुस्तिका का भी लोकार्पण किया। इनसे पहले क्षेत्रीय निदेशक निधिश वर्मा ने विस्तार से संबंधित विषय पर चर्चा की। साथ ही वैज्ञानिक विद्यानंद नेगी और मयंक दीक्षित ने भी अपने संबोधन में पलवल जिला की भूजल स्थिति की जानकारी दी। इस अवसर पर जिला परिषद के सीईओ जितेंद्र कुमार, हथीन के एसडीएम अप्रतिम सिंह, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी उपमा अरोड़ा सहित संबंधित विभागीय अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे। कार्यशाला में विशेष रूप से कृषि, सिंचाई, स्थानीय निकाय, पंचायत और जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

    #palwal #news #haryana #Workshop organized #miniSecretariat #NationalAquiferMapping

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    17/12/25 |

    द्वितीय खेलो इंडिया बीच गेम्स-2026: पलवल में कबड्डी खिलाड़ियों के लिए चयन ट्रायल कल से

    जे कुमार पलवल 17 दिसम्बर 2025 : उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि खेल विभाग हरियाणा के निदेशालय के निर्देशानुसार द्वितीय खेलो इंडिया बीच गेम्स-2026 आगामी 05 जनवरी से 10 जनवरी 2026 तक आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि दादर नगर हवेली और दमन दीव के केंद्र शासित प्रदेश दीव में (6 प्रतिस्पर्धा खेल और 2 डेमो खेल) आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में प्रतिभागिता के लिए हरियाणा राज्य की ओर से (टीम स्पोटर्स) गठन के लिए चयन ट्रायल के आधार पर जिला पलवल में 18 दिसंबर को लड़कियों की कबड्डी और 19 दिसंबर को लडक़ों की कबड्डी के लिए नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्टेडियम में ट्रायल लिए जाने हैं।


             खेल विभाग पलवल के हॉकी प्रशिक्षक सुरिन्द्रजीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा राज्य के कबड्डी खेल के इच्छुक लड़के तथा लड़की इस तिथि अनुसार प्रात: 9:00 बजे जिला पलवल के नेताजी सुभाषचन्द्र बोस स्टेडियम में ट्रायल के लिए अवश्य पहुंचे।

    प्रतिभागी अपने साथ आधार कार्ड, पासपोर्ट, दसवीं कक्षा का प्रमाण पत्र व जन्म प्रमाण-पत्र की फोटो प्रति व 2 फोटो साथ लेकर जरूर आएं। अधिक जानकारी के लिए जिला खेल कार्यालय पलवल में कार्यरत कबड्डी प्रशिक्षक विकास से मोबाइल नंबर-9416575396 पर संपर्क कर सकते हैं।

    #palwal #News #haryana #kabaddi-players-in-palwal

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    17/12/25 |

    2018 बैच की आईएएस अधिकारी सुभीता ढ़ाका ने संभाला एडीसी पलवल का कार्य भार

    जे कुमार पलवल 17 दिसम्बर : 2018 बैच की आईएएस अधिकारी सुभीता ढ़ाका ने बुधवार को अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) पलवल का कार्यभार संभाल लिया है। कार्यभार संभालने उपरांत उन्होंने उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठï से शिष्टïाचार भेंट कर मार्गदर्शन प्राप्त किया। उपायुक्त ने उनका स्वागत करते हुए बेहतरीन कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी।


    आईएएस अधिकारी सुभीता ढ़ाका ने कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही अपने अधीनस्थ कर्मियों से भेंट कर परिचय लिया। उन्होंने कहा कि वे जनता के कार्यों के लिए हैं। आम जनमानस को किसी भी कार्य के लिए कार्यालय का दो बार चक्कर न काटना पड़े, यह सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। समयबद्धता के साथ लोगों के कार्यों को पूर्ण कर उनकी समस्याओं का समाधान करवाया जाएगा।


    अतिरिक्त उपायुक्त सुभीता ढ़ाका ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का पूर्ण लाभ जन-जन तक पहुंचाने के लिए सुनियोजित ढंग से कार्य किया जाएगा। साथ ही विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देशित किया जाएगा कि प्राथमिकता के आधार पर आम जनमानस की समस्याओं का समाधान करें। लोगों की समस्याओं की गंभीरता के साथ सुनवाई करते हुए समयबद्धता के साथ निवारण करवाएं। सुशासन को बढ़ावा देते हुए पूर्ण पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए लोगों की सुनवाई की जाएगी।

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    17/12/25

    जनसेवा शासन की मूल भावना, हर शिकायत का सम्मानपूर्वक समाधान सुनिश्चित हो – मुख्यमंत्री

    जे कुमार, चंडीगढ़, 17 दिसंबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जनसेवा को शासन की मूल भावना बताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यालयों में शिकायत लेकर आने वाला हर नागरिक सम्मान और संतोष के साथ लौटे। जनसमस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील निवारण करना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि एक नैतिक जिम्मेदारी भी है, जिसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर निभाया जाना चाहिए।

     

    मुख्यमंत्री बुधवार को गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी विधायक श्रीमती बिमला चौधरी, सोहना विधायक श्री तेजपाल तंवर तथा गुरुग्राम विधायक श्री मुकेश शर्मा भी उपस्थित रहे। बैठक में कुल 16 परिवाद रखे गए, जिनमें से मुख्यमंत्री ने 12 का मौके पर ही निपटारा किया, जबकि 4 मामलों को आगामी बैठक तक लंबित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन लंबित मामलों की स्टेटस रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें।

     

    समाधान शिविरों से आमजन को मिल रहा त्वरित न्याय – मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निवारण के उद्देश्य से जिला एवं उपमंडल स्तर पर प्रत्येक सोमवार और वीरवार को नियमित रूप से समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन समाधान शिविरों में अब तक कुल 40 हजार शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से लगभग 30 हजार शिकायतों का सफलतापूर्वक समाधान किया जा चुका है।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पास सीधे तौर पर प्राप्त हुई 1 लाख 42 हजार शिकायतों में से 1 लाख 35 हजार शिकायतों का निवारण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सीएम विंडो पोर्टल पर भी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। वर्तमान में वहां केवल वही शिकायतें लंबित हैं, जो न्यायालय से संबंधित हैं या जिनमें पारिवारिक विवाद शामिल हैं, जिनका समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाना आवश्यक है।

     

    जटौली मंडी पैक्स मैनेजर के खिलाफ जांच के निर्देश : - बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पटौदी क्षेत्र के छिल्लरकी एक शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जटौली मंडी पैक्स के मैनेजर के खिलाफ जांच के निर्देश दिए। शिकायतकर्ता ने बताया कि मैनेजर की कार्यशैली के कारण किसानों को खाद प्राप्त करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है तथा किसानों के साथ उसका व्यवहार भी संतोषजनक नहीं है। इसके अलावा खाद वितरण में मनमानी किए जाने के आरोप भी लगाए गए। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट जिला उपायुक्त के समक्ष शीघ्र प्रस्तुत की जाए।

     

     

    15 दिन में पूरा होगा धनवापुर अंडरपास का रिपेयर वर्क : - बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष धनवापुर रेलवे अंडरपास में जल रिसाव एवं उससे उत्पन्न जलभराव के कारण राहगीरों को हो रही परेशानियों का मामला रखा गया। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंडरपास का रिपेयर कार्य आगामी 15 दिनों के भीतर पूर्ण कर आमजन के लिए सुगम और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में इस प्रकार की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो, ताकि आम नागरिकों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।

     

    शहर में सीवर, स्वच्छता और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश : - मुख्यमंत्री ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में कहीं भी सीवर के ढक्कन टूटे हुए न हों और न ही किसी स्थान पर सीवर ओवरफ्लो की स्थिति बने। उन्होंने कहा कि सीवर प्रणाली की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना का सामना न करना पड़े।

     

    मुख्यमंत्री ने नगर निगम के अधिकारियों को शहर में स्वच्छता के स्तर को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि नियमित सफाई, कचरा प्रबंधन और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग को भी निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी रास्तों के बीच में बिजली के खंभे न हों, जिससे आमजन को आवागमन में परेशानी या किसी प्रकार का जोखिम न हो। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दें।

     

    गांव ग्वालापहाड़ी में ग्रीन बेल्ट पर अवैध कब्जों की पैमाइश के निर्देश : मुख्यमंत्री ने गांव ग्वालापहाड़ी में मास्टर प्लान के अंतर्गत छोड़ी गई ग्रीन बेल्ट भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को संयुक्त रूप से मौके पर पैमाइश कर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए, ताकि वास्तविक तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि, विशेषकर ग्रीन बेल्ट जैसी सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि पैमाइश के उपरांत यदि अवैध कब्जे पाए जाते हैं तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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    17/12/25 |

    हरियाणा में पहली कक्षा में दाखिले की नई नीति: अब 6 वर्ष की आयु अनिवार्य

    जे कुमार, चंडीगढ़, 17 दिसम्बर 2025: हरियाणा सरकार ने स्कूली शिक्षा में एक बड़ा प्रशासनिक सुधार करते हुए शिक्षा का अधिकार (RTE) नियम 2011 में संशोधन करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव के बाद अब प्रदेश में 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों को पहली कक्षा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

    संशोधन का मुख्य कारण : - यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और RTE अधिनियम 2009 के प्रावधानों के बीच सामंजस्य स्थापित करने के लिए लिया गया है। अब तक राज्य और केंद्र के नियमों में विरोधाभास के कारण दाखिले की उम्र को लेकर भ्रम बना हुआ था |

    • पुराना नियम (RTE 2011): पहली कक्षा में प्रवेश के लिए आयु 5 से 6 वर्ष निर्धारित थी।

    • नया प्रावधान (NEP 2020/RTE 2009): कक्षा एक में दाखिले के लिए न्यूनतम आयु स्पष्ट रूप से 6 वर्ष तय की गई है।

    कानूनी चुनौतियों का समाधान : - इस विरोधाभास के कारण शिक्षा विभाग को बार-बार कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ रहा था। अभिभावकों ने पुराने नियमों का हवाला देकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की थीं।

    महत्वपूर्ण जानकारी : - इस वर्ष फरवरी में सरकार ने स्पष्ट किया था कि न्यूनतम आयु 6 वर्ष होगी, जिसमें 6 महीने की छूट का प्रावधान रखा गया था। अब नियमों में औपचारिक संशोधन से यह कानूनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी और भविष्य में ऐसी याचिकाओं पर विराम लगेगा।

    अभिभावकों के लिए प्रभाव

    1. दाखिला प्रक्रिया: अब सत्र की शुरुआत में बच्चे की आयु पूर्ण 6 वर्ष होना अनिवार्य होगा।

    2. प्री-प्राइमरी पर ज़ोर: 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चे अब 'फाउंडेशनल स्टेज' (बालवाटिका/आंगनवाड़ी) के तहत शिक्षा प्राप्त करेंगे।

    3. एकरूपता: हरियाणा का शिक्षा ढांचा अब राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा।

    #ambala #News #chandigarh #haryanas-new #class-1-admission #policy-6-years-of-age

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    17/12/25 |

    रोहतक की सेशन जज नीरजा कुलवंत कलसन बनीं पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की जज

    जे कुमार रोहतक 17 दिसम्बर 2025 : - हरियाणा की न्यायपालिका के लिए एक गौरवपूर्ण समाचार सामने आया है। रोहतक जिला अदालत की सेशन जज नीरजा कुलवंत कलसन को पदोन्नत कर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जज नियुक्त किया गया है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस संबंध में आधिकारिक सूचना जारी की गई।

    महत्वपूर्ण उपलब्धियां और कार्यकाल : - मूल निवास: नीरजा कुलवंत कलसन मूल रूप से हरियाणा के भिवानी जिले के बामला गांव की रहने वाली हैं। अनुभव: हाईकोर्ट जज बनने से पहले वह रोहतक में पिछले ढाई साल से सेशन जज के रूप में कार्यरत थीं। इससे पूर्व उन्होंने अम्बाला में भी सेशन जज के तौर पर अपनी सेवाएँ दी हैं। सराहनीय तालमेल: जिला बार एसोसिएशन के प्रधान दीपक हुड्डा ने उनकी नियुक्ति पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान 'बार और बेंच' (वकीलों और न्यायाधीशों) के बीच बेहतरीन तालमेल और सहयोग रहा।

    अगली नियुक्ति की प्रतीक्षा : - नीरजा कुलवंत कलसन की पदोन्नति के बाद अब रोहतक जिला अदालत में नए सेशन जज की नियुक्ति होनी बाकी है। फिलहाल विभाग की ओर से नए सेशन जज की नियुक्ति के संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।

    #bhiwani #news #Highcourt #rohtak-sessions-judge

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    16/12/25 |

    हरियाणा के 23वें जिले के रूप में हांसी को चुना जाएगा; मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि एक सप्ताह के भीतर अधिसूचना जारी की जाएगी

    चंडीगढ़, 16 दिसम्बर (ए.के.वत्स) : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को घोषणा की कि हांसी को हरियाणा के 23वें जिले के रूप में जिला दर्जा दिया जाएगा, जो इस क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आधिकारिक अधिसूचना एक सप्ताह के भीतर जारी कर दी जाएगी, जिसके बाद हांसी को राजस्व प्रशासन के दृष्टिकोण से औपचारिक रूप से जिले का दर्जा प्राप्त हो जाएगा।

    हांसी में एक 'विकास रैली' को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने 77.30 करोड़ रुपये की तीन विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।

    हांसी की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को याद करते हुए, श्री नायब सिंह सैनी ने इसे वीरता और बलिदान की भूमि बताया, जो कभी हिंदुस्तान का प्रवेश द्वार कहलाती थी। उन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में किए गए बलिदानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ऐतिहासिक लाल सड़क आज भी अंग्रेजों के क्रूर अत्याचारों की गवाह है, जहां स्वतंत्रता सेनानियों को बेरहमी से कुचला गया था। उन्होंने कहा कि हांसी का महत्व स्वतंत्रता संग्राम से भी पहले का है, और बताया कि यह शहर पहले असी और असीगढ़ के नाम से जाना जाता था, और सम्राट हर्ष के शासनकाल में यह सतलुज प्रांत की राजधानी हुआ करता था।

    क्षेत्रीय विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हांसी की प्रगति के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में हांसी विधानसभा क्षेत्र में 1,008 करोड़ रुपये की परियोजनाएं पूरी की गई हैं, जबकि कांग्रेस शासन के दौरान केवल 253 करोड़ रुपये के कार्य ही किए गए थे।

    संकल्प पत्र की 54 प्रतिज्ञाएँ एक वर्ष में पूर्ण हुईं

    मुख्यमंत्री ने कहा कि संकल्प पत्र के चुनावी घोषणापत्र में किए गए 217 वादों में से दो इंजन वाली सरकार ने एक वर्ष के भीतर 54 वादे पूरे कर दिए हैं, जबकि 163 वादों पर काम जारी है। उन्होंने कहा कि हालांकि एक वर्ष कम लग सकता है, लेकिन इस दौरान विकास की गति पहले से तीन गुना अधिक रही है, जो निरंतर विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने आगे कहा कि अपने तीसरे कार्यकाल में भी सरकार ने समावेशी विकास सुनिश्चित करने और समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं।

    सरकार की प्रमुख उपलब्धियां

    प्रमुख कल्याणकारी पहलों का उल्लेख करते हुए श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है और अब तक सात लाख से अधिक महिलाओं को दो किस्तों में 258 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि गरीब परिवारों की सहायता के लिए सरकार 500 रुपये प्रति माह की दर से एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध करा रही है, जिससे राज्य भर में लगभग 14.7 लाख परिवारों को लाभ मिल रहा है।

    किसानों के कल्याण पर विशेष ध्यान

    कृषि सुधारों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कर रही है। उन्होंने बताया कि फसल खरीद के लिए लगभग 12 लाख किसानों के खातों में सीधे 164 लाख करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं।

    पिछले 11 वर्षों में किसानों को फसल क्षति और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजे के रूप में 15,448 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। इसके विपरीत, कांग्रेस सरकार ने अपने 10 साल के कार्यकाल में केवल 1,138 करोड़ रुपये वितरित किए और 269 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया, जिसे भाजपा सरकार ने 2014 में सत्ता संभालने के बाद पूरा किया, ऐसा श्री नायब सिंह सैनी ने कहा।

    मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि भाजपा सरकार ने ब्रिटिश काल की अबियाना प्रणाली को समाप्त कर दिया है और भूमि और संपत्ति के पूर्णतः डिजिटल, कागज रहित पंजीकरण की शुरुआत की है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और कुशल बन गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना का दूसरा चरण सोनीपत से शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य सबसे गरीब परिवारों की वार्षिक आय को कम से कम 1.80 लाख रुपये तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वंचित अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया है, सामाजिक सुरक्षा पेंशन में 200 रुपये की वृद्धि करके इसे 3,200 रुपये प्रति माह कर दिया है, पिछड़े वर्गों के लिए क्रीमी लेयर आय सीमा को 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दिया है और पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों में पिछड़ा वर्ग-बी के लिए आरक्षण का विस्तार किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को 1.56 लाख घर आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 14 शहरों में 15,765 शहरी गरीब परिवारों को भूखंड आवंटित किए गए हैं, जबकि मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत ग्राम पंचायतों में 12,031 भूखंड उपलब्ध कराए गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत-चिरायु योजना के तहत 25.39 लाख मरीजों को 4,126 करोड़ रुपये का मुफ्त इलाज मिल चुका है, जिससे यह सुनिश्चित हो गया है कि वित्तीय बाधाओं के कारण किसी भी गरीब व्यक्ति को चिकित्सा देखभाल से वंचित न किया जाए।

    कांग्रेस के आरोप लोकतंत्र को गुमराह करने के उद्देश्य से लगाए गए हैं

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हरियाणा नीति, इरादे और नेतृत्व में स्पष्टता के साथ लगातार प्रगति कर रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि विपक्ष इस प्रगति से विचलित है और राजनीतिक लाभ के लिए झूठे दुष्प्रचार का सहारा ले रहा है।

    कांग्रेस द्वारा लगाए गए "मत चोरी" के आरोपों को खारिज करते हुए, श्री नायब सिंह सैनी ने इन्हें लोकतंत्र को गुमराह करने की साजिश करार दिया और कहा कि कांग्रेस पार्टी का चुनावी कदाचार, भ्रष्टाचार और लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का एक लंबा इतिहास रहा है, जिसमें आपातकाल लागू करना भी शामिल है।

    उन्होंने रोहतक, भिवानी और फरीदाबाद में बूथ कैप्चरिंग की घटनाओं और मतदाता सूचियों में हेरफेर से संबंधित मामलों का हवाला दिया।

    कांग्रेस एसआईआर पर गलत जानकारी फैला रही है

    मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) की कांग्रेस की आलोचना पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से कई बार गहन संशोधन किए गए हैं, जिनमें 1952, 1957, 1961, 1965-66, 1983-84, 1987-89, 1992-93-95 और 2002-03 शामिल हैं—अक्सर तब जब विपक्षी दल सत्ता में थे। उन्होंने कहा कि उन अवधियों के दौरान लोकतंत्र कभी खतरे में नहीं था, और सवाल उठाया कि अब 2025 में आपत्तियां क्यों उठाई जा रही हैं, जबकि चुनाव आयोग मतदाता सूचियों को अद्यतन करने के अपने संवैधानिक कर्तव्य का पालन कर रहा है।

    नेताओं ने हांसी को जिला दर्जा दिए जाने का स्वागत किया

    मंत्रिमंडल मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि दोहरे इंजन वाली सरकार तेजी से विकास कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप भाजपा राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने में सफल रही है।

    रैली के आयोजक और विधायक श्री विनोद भयाना ने प्रमुख विकास मांगों को स्वीकार करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और हांसी को जिला बनाने के निर्णय को इस क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपहार बताया।

    राज्य भाजपा अध्यक्ष श्री मोहन लाल कौशिक ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने कार्यकाल के पहले 56 दिनों के भीतर ही जनता का विश्वास अर्जित कर लिया, उन्होंने विकास को गति दी और समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए नीतियां बनाईं।

    विधायक श्री राम कुमार गौतम, पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु और हरियाणा भाजपा प्रभारी श्री सतीश पूनिया ने भी रैली को संबोधित किया।

    हरियाणा विधानसभा के उपसभापति डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा, विधायक श्रीमती सावित्री जिंदल और कपूर सिंह वाल्मीकि, पूर्व मंत्री श्री मनीष ग्रोवर, महासचिव श्री अनूप धनक, हिसार के महापौर श्री सुरेंद्र पूनिया, श्री प्रवीण पोपली, पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. डीपी वत्स और पार्टी के वरिष्ठ नेता, अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति भी रैली के दौरान उपस्थित रहे।

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    16/12/25 |

    हरियाणा में एग्रीस्टैक के तहत 1.38 करोड़ किसानों का पंजीकरण होगा; ओटीपी-आधार आधारित पंजीकरण

    चंडीगढ़, 16 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा सरकार ओटीपी आधारित आधार प्रमाणीकरण प्रक्रिया के माध्यम से किसान रजिस्ट्री (एग्रीस्टैक) के तहत 1.38 करोड़ किसानों का पंजीकरण करने जा रही है। यह जानकारी राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने उपायुक्तों, जिला राजस्व अधिकारियों और तहसीलदारों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से किसान रजिस्ट्री (एग्रीस्टैक) और डिजिटल फसल सर्वेक्षण (डीसीएस) की प्रगति की समीक्षा करते हुए दी।

    समीक्षा के दौरान, डॉ. मिश्रा ने उपायुक्तों को राजस्व और कृषि विभागों के साथ घनिष्ठ समन्वय में ग्राम स्तर पर शिविर आयोजित करके विशेष अभियान शुरू करने का निर्देश दिया ताकि कार्यान्वयन में तेजी लाई जा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि किसान पंजीकरण और डिजिटल फसल सर्वेक्षण दोनों को फरवरी 2026 तक पूरा कर लिया जाए, और इस बात पर जोर दिया कि व्यापक कवरेज के लिए किसानों की अधिकतम भागीदारी और ग्रामीण क्षेत्रों में लक्षित पहुंच अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    इस पहल को किसानों के लिए क्रांतिकारी बताते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि आधार ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण का उपयोग करके 1.38 करोड़ कृषि आईडी बनाई जाएंगी, जिससे सटीकता, पारदर्शिता और लक्षित लाभों का वितरण सुनिश्चित होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सटीक और समय पर डेटा संग्रह से डिजिटल भूमि और फसल अभिलेखों को मजबूती मिलेगी, कृषि योजनाओं का बेहतर लक्षित वितरण होगा और कुशल एवं पारदर्शी लाभ वितरण संभव होगा। उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक जिले में अतिरिक्त उपायुक्तों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है ताकि जमीनी स्तर पर प्रगति की निगरानी की जा सके और परिचालन संबंधी मुद्दों का समाधान किया जा सके, जबकि उपायुक्त अंतर-विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने के लिए साप्ताहिक समीक्षा करेंगे।

    उन्होंने आगे बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया कल से तीन जिलों - अंबाला, पंचकुला और फरीदाबाद में शुरू होगी। समय पर पूरा करने पर जोर देते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि किसान रजिस्टर सीधे पीएम-किसान योजना और अन्य लाभार्थी योजनाओं से जुड़ा होगा, इसलिए निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण लक्ष्य को पूरा करना अनिवार्य है।

    फाइल प्रोसेसिंग में अनुशासन की आवश्यकता पर जोर देते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्रेशन के मामलों को किसी भी परिस्थिति में दो बार से अधिक वापस नहीं भेजा जाना चाहिए। निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए, वापसी की समय सीमा पांच दिन से घटाकर 48 घंटे कर दी गई है। उपायुक्तों और जिला राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अनुमोदनों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें और देरी और प्रक्रियात्मक बाधाओं को दूर करने के लिए एफआईएफओ (फर्स्ट-इन, फर्स्ट-आउट) प्रणाली का सख्ती से पालन करें।

    भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, मुख्य ज्ञान अधिकारी और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सलाहकार श्री राजीव चावला ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा में भाग लिया। डॉ. मिश्रा ने कहा कि राजस्व और कृषि विभाग संयुक्त रूप से विशेष पंजीकरण शिविर आयोजित करेंगे ताकि भूमि अभिलेखों को कृषि संबंधी कल्याणकारी योजनाओं से सुचारू रूप से जोड़ा जा सके।

    कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए, उपायुक्त, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ जिला अधिकारी अंबाला, पंचकुला और फरीदाबाद में कार्यान्वयन की देखरेख करेंगे। राजस्व और कृषि अधिकारियों की संयुक्त टीमें कल से एग्रीस्टैक पंजीकरण शिविर शुरू करेंगी। डॉ. मिश्रा ने बताया कि लगभग 46,000 पेपरलेस पंजीकरण पहले ही पूरे हो चुके हैं, जो जमीनी स्तर पर निरंतर प्रगति को दर्शाता है, और इस बात पर जोर दिया कि निरंतर निगरानी, ​​स्पष्ट जवाबदेही और मजबूत अंतर-विभागीय समन्वय डिजिटल शासन सुधारों की सफलता की कुंजी हैं।

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    16/12/25 |

    हरियाणा सरकार ने ग्रुप-सी ड्राइवर सेवा नियम, 2025 के मसौदे पर सुझाव मांगे

    चंडीगढ़, 16 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा सरकार ने राज्य के सभी विभागों में ग्रुप-सी ड्राइवरों के लिए समान सेवा नियम बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कदम का उद्देश्य इन पदों की भर्ती और सेवा शर्तों को मानकीकृत करना है।

    इस संबंध में मानव संसाधन विभाग द्वारा सभी प्रशासनिक सचिवों को एक पत्र जारी किया गया है, जिसमें उनसे 31 दिसंबर, 2025 तक मसौदा नियमों पर अपने सुझाव और टिप्पणियां देने का अनुरोध किया गया है।

    नियमों के इस मसौदा को हरियाणा ग्रुप-सी ड्राइवर (भर्ती एवं सेवा शर्तें नियम, 2025) कहा जाएगा और यह आधिकारिक राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से लागू होगा।

    सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से 42 वर्ष निर्धारित है। अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, पूर्व सैनिक और दिव्यांगजन वर्ग के उम्मीदवारों को सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित आयु सीमा में छूट दी जाएगी। योग्यता के संबंध में, सभी चालकों (चाहे उनकी नियुक्ति सीधी भर्ती से हुई हो या स्थानांतरण/प्रतिनियुक्ति से) के लिए न्यूनतम 10+2 या इसके समकक्ष योग्यता, कम से कम तीन वर्ष पुराना वैध ड्राइविंग लाइसेंस और ड्राइविंग परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, मैट्रिक स्तर में हिंदी या संस्कृत एक विषय के रूप में उत्तीर्ण होना, या उच्चतर स्तर में हिंदी एक विषय के रूप में उत्तीर्ण होना, नियुक्ति के तरीके की परवाह किए बिना सभी के लिए अनिवार्य है।

    ड्राइवर पद के लिए चयन प्रक्रिया में कुल 100 अंकों की लिखित परीक्षा शामिल होगी। चयन प्रक्रिया में संबंधित विभाग के सेवा नियमों के अनुसार हल्के/भारी वाहनों के संचालन का कौशल परीक्षण भी शामिल होगा। नए सामान्य नियम सर्वोपरि होंगे और भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत ड्राइवर पदों के लिए बनाए गए किसी भी विभागीय सेवा नियम पर प्रभावी होंगे।

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    16/12/25 |

    वर्ष के अंत तक 920 का लिंग अनुपात हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया: एसीएस सुधीर राजपाल

    चंडीगढ़, 16 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने विभागीय अधिकारियों को इस वर्ष के अंत तक 920 का लिंग अनुपात हासिल करने का लक्ष्य रखने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से शहरों और कस्बों में प्रवासी आबादी वाले क्षेत्रों में सभी नवजात शिशुओं के पंजीकरण को सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

    वे आज यहां आयोजित लिंग अनुपात में सुधार के लिए गठित राज्य कार्य बल की साप्ताहिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

    बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री आर.एस. ढिल्लों, महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल और डॉ. कुलदीप सिंह, निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    श्री सुधीर राजपाल ने कहा कि अधिकारियों के निरंतर प्रयासों के कारण राज्य में लिंग अनुपात में लगातार सुधार हो रहा है। 15 नवंबर, 2024 को लिंग अनुपात 907 था, जो अब बढ़कर 916 हो गया है, यानी इसमें 9 अंकों की वृद्धि हुई है। उन्होंने अधिकारियों को 31 दिसंबर, 2025 तक लिंग अनुपात को 920 तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया।

    उन्होंने आगे निर्देश दिया कि झुग्गी-झोपड़ी वाले क्षेत्रों में जहां नवजात शिशुओं के जन्म का पंजीकरण कम है, वहां शिविरों का आयोजन करके या लोगों में जागरूकता पैदा करके पंजीकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि परिवार समय पर सरकारी लाभ प्राप्त कर सकें।

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    16/12/25 |

    हरियाणा सरकार ने 2026 के लिए छुट्टियों का शेड्यूल जारी किया

    चंडीगढ़, 16 दिसंबर, 2025 – हरियाणा सरकार ने आज साल 2026 के लिए सार्वजनिक छुट्टियों का आधिकारिक कैलेंडर जारी कर दिया है। मानव संसाधन विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन में राजपत्रित छुट्टियों, प्रतिबंधित छुट्टियों और नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 के तहत मनाई जाने वाली छुट्टियों का शेड्यूल बताया गया है।

    ये छुट्टियां हरियाणा सरकार के सभी सरकारी कार्यालयों, जिनमें शिक्षण संस्थान और बोर्ड/निगम शामिल हैं, में मनाई जाएंगी।

    2026 शेड्यूल की मुख्य बातें

    सरकार ने सप्ताह के दिनों में मनाई जाने वाली राजपत्रित छुट्टियों (शेड्यूल-I) की सूची अधिसूचित की है। इसके अलावा, शनिवार और रविवार को पड़ने वाले कई प्रमुख त्योहारों को आधिकारिक सार्वजनिक छुट्टियों की सूची से बाहर रखा गया है, लेकिन जनता द्वारा उन्हें सामान्य रूप से मनाया जाएगा।

    1. राजपत्रित छुट्टियां (सार्वजनिक छुट्टियां)

    सरकारी कार्यालयों के लिए निम्नलिखित दिनों को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है:

    | तारीख | दिन | अवसर |

    | 23 जनवरी | शुक्रवार | बसंत पंचमी / सर छोटू राम जयंती |

    | 26 जनवरी | सोमवार | गणतंत्र दिवस |

    | 04 मार्च | बुधवार | होली |

    | 23 मार्च | सोमवार | शहीदी दिवस (भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का शहादत दिवस) |

    | 26 मार्च | गुरुवार | राम नवमी |

    | 31 मार्च | मंगलवार | महावीर जयंती |

    | 14 अप्रैल | मंगलवार | डॉ. बी.आर. अंबेडकर जयंती / बैसाखी |

    | 27 मई | बुधवार | ईद-उल-जुहा (बकरीद) |

    | 17 जून | बुधवार | महाराणा प्रताप जयंती |

    | 29 जून | सोमवार | संत कबीर जयंती |

    | 31 जुलाई | शुक्रवार | शहीद उधम सिंह शहादत दिवस |

    | 28 अगस्त | शुक्रवार | रक्षा बंधन |

    | 04 सितंबर | शुक्रवार | जन्माष्टमी |

    | 23 सितंबर | बुधवार | हरियाणा युद्ध नायकों का शहादत दिवस |

    | 02 अक्टूबर | शुक्रवार | महात्मा गांधी जयंती |

    | 20 अक्टूबर | मंगलवार | दशहरा | 26 अक्टूबर | सोमवार | महर्षि वाल्मीकि जयंती |

    | 09 नवंबर | सोमवार | विश्वकर्मा दिवस |

    | 24 नवंबर | मंगलवार | गुरु नानक देव जयंती |

    | 25 दिसंबर | शुक्रवार | क्रिसमस |

    2. सप्ताहांत पर पड़ने वाले त्यौहार (सार्वजनिक अवकाश सूची से बाहर)

    निम्नलिखित त्यौहार निर्धारित बंद दिनों (शनिवार/रविवार) को पड़ते हैं और इसलिए सरकारी कर्मचारियों के लिए अलग से सार्वजनिक अवकाश के रूप में सूचीबद्ध नहीं हैं:

    * गुरु रविदास जयंती: 01 फरवरी (रविवार)

    * महा शिवरात्रि: 15 फरवरी (रविवार)

    * ईद-उल-फितर: 21 मार्च (शनिवार)

    * परशुराम जयंती / अक्षय तृतीया: 19 अप्रैल (रविवार)

    * स्वतंत्रता दिवस: 15 अगस्त (शनिवार)

    * दिवाली: 08 नवंबर (रविवार)

    3. प्रतिबंधित अवकाश (वैकल्पिक)

    राज्य सरकार के कर्मचारियों को प्रतिबंधित अवकाश (अनुसूची-II) की सूची से एक निश्चित संख्या में अवकाश (आमतौर पर तीन) चुनने की अनुमति है। 2026 के लिए उल्लेखनीय वैकल्पिक अवकाशों में शामिल हैं:

    * गुरु ब्रह्मानंद जयंती: 12 फरवरी (गुरुवार)

    * गुरु अर्जन देव शहादत दिवस: (तारीख कैलेंडर के अनुसार)

    * करवा चौथ: 29 अक्टूबर (गुरुवार)

    * गोवर्धन पूजा: 09 नवंबर (सोमवार) [नोट: अक्सर विश्वकर्मा दिवस के साथ या उसके आस-पास पड़ता है]

    4. बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए

    नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 (अनुसूची-III) के तहत, बैंकों और कोषागारों के लिए छुट्टियां आम तौर पर सार्वजनिक अवकाश अनुसूची का पालन करती हैं, जिसमें 01 अप्रैल (बुधवार) को बैंक खातों के वार्षिक समापन को जोड़ा जाता है।

    नोट: मुस्लिम त्योहारों (ईद-उल-फितर, ईद-उल-जुहा, मुहर्रम, आदि) से संबंधित छुट्टियां चांद दिखने पर निर्भर करती हैं।

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    16/12/25 |

    विश्व बैंक से 2030 तक 3000 करोड़ रुपये के सहयोग का प्रस्ताव : पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह

    चंडीगढ़, 16 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन आज केवल किसी एक देश की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बनता जा रहा है। इस गंभीर विषय पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगोष्ठियां आयोजित की जा रही हैं, जिनमें पर्यावरण विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा कर नए शोध कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि भारत के एनसीआर क्षेत्र में पर्यावरणीय असंतुलन एक गंभीर चिंता का विषय है। हरियाणा सरकार पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पूरी तरह गंभीर है और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित की जा रही है।

     वायु प्रदूषण को संतुलित करने के लिए विश्व बैंक ने भी पहल की है। इसके तहत हरियाणा को वर्ष 2030 तक लगभग 3000 करोड़ रुपये के सहयोग का प्रस्ताव दिया गया है, जिसमें पहले चरण में वर्ष 2026 तक 1000 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। इस संबंध में विभाग द्वारा सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

    श्री राव नरबीर सिंह ने गत दिनों पर्यावरणीय प्रदूषण नियंत्रण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आगे की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नवंबर–दिसंबर के दौरान दिल्ली व आसपास के क्षेत्रों में धुएं की समस्या केवल पराली या मौसमी कारणों से ही नहीं होती, बल्कि वाहनों से निकलने वाला धुआं, भवन निर्माण कार्य और फैक्ट्रियों का उत्सर्जन भी इसके प्रमुख कारण हैं।

    उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा इस अवधि में ग्रैप–3 व 4 लागू कर वायु प्रदूषण पर नियंत्रण किया जाता है, जिसकी अनुपालना एनसीआर से सटे सभी राज्यों द्वारा की जाती है। वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर सख्ती के लिए अब पेट्रोल पंपों पर स्थापित प्रदूषण जांच उपकरणों का नियमित निरीक्षण पर्यावरण विभाग के अधिकारी करेंगे। साथ ही, प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी करने वाली कंपनियों के नियंत्रण की जिम्मेदारी परिवहन विभाग के स्थान पर अब हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सौंपी जाएगी।

     

    उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रदूषण नियंत्रण केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका वास्तविक और सकारात्मक प्रभाव आम जनता के जीवन में दिखाई देना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, जिम्मेदारियां तय करने और नागरिकों को स्वच्छ हवा व निर्मल जल उपलब्ध कराने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

     

    उन्होंने कहा कि उद्योगों के बिना कोई भी देश विकसित नहीं बन सकता। कृषि प्रधान हरियाणा, विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक विकास की नई पहचान स्थापित करेगा। इसके लिए आगामी पांच वर्षों की एक विस्तृत औद्योगिक रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश में 10 नए औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (IMTs) विकसित किए जाएंगे। इनमें से दो आईएमटी गुरुग्राम के आसपास स्थापित किए जाएंगे।

    उन्होंने यह भी बताया कि अप्रवासी भारतीय दिवस के अवसर पर गुरुग्राम में “ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट” का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश–विदेश के निवेशकों को हरियाणा में उद्योग स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

    गुरुग्राम बनेगा औद्योगिक और पर्यावरणीय संतुलन का मॉडल शहर

    उद्योग मंत्री ने कहा कि गुरुग्राम अब एक ग्लोबल सिटी के रूप में उभर चुका है, जहां लघु भारत ही नहीं बल्कि लघु विश्व की झलक देखने को मिलती है। सरकार का उद्देश्य है कि गुरुग्राम औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी आदर्श उदाहरण बने। इसके लिए “हरित गुरुग्राम अभियान” के तहत बड़ी औद्योगिक इकाइयों से सीएसआर फंड के माध्यम से सहयोग लिया जाएगा।

    हाइटेक नर्सरियों से सजेगा गुरुग्राम और सोहना

    वन विभाग द्वारा गुरुग्राम और सोहना की सभी नर्सरियों को आदर्श हाइटेक नर्सरी के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है। इन नर्सरियों में ऐसे पौधे तैयार किए जाएंगे, जिन्हें एक-दो वर्ष बाद शहर के विभिन्न हिस्सों में रोपा जा सके। इसके लिए दक्षिण भारत की आधुनिक नर्सरियों का अध्ययन कर हरियाणा में भी वैसी ही आधुनिक नर्सरियों को विकसित किया जाएगा।

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    16/12/25

    शाकाहार के साथ स्वस्थ जीवन की ओर

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    16/12/25 |

    सरकार और हरियाणा गो सेवा आयोग गौवंश के सरंक्षण एवं सवंर्धन के लिए कृतसंकल्प : श्रवण कुमार गर्ग

    जे कुमार, पलवल, 16 दिसंबर 2025 : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश को बेसहारा गोवंश मुक्त हरियाणा बनाने का अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान का उद्देश्य हरियाणा को देश का पहला ऐसा राज्य बनाना हैं, जहां गो वंश बेसहारा न घूमे।

    हरियाणा गो सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग ने कहा कि सरकार और हरियाणा गो सेवा आयोग गौवंश के सरंक्षण एवं सवंर्धन के लिए कृतसंकल्प है। कोई भी गोवंश सडक़ पर आवारा न घूमे इसके लिए सरकार व आयोग की ओर से व्यापक स्तर पर प्रयास करते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

    गो सेवा आयोग के चेयरमैन गर्ग पलवल पहुंचें और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने इस अवसर पर अधिकारियों से गोशालाओं की व्यवस्थाओं और उनमें बेसहारा गोवंश पुनर्वास अभियान की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही गो सेवा आयोग की योजनाओं के बारे में भी अवगत करवाया।


    चेयरमैन गर्ग ने कहा कि जिले की सडक़ों पर कोई बेसहारा गोवंश नहीं दिखना चाहिए। बेसहारा गोवंश को गोशालाओं में पहुंचाएं। अगर कोई पशु घायल है या उसके पुनर्वास की जरूरत है तो इसके लिए 1962 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें, ताकि गोवंश को आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जा सके।

    उन्होंने बेसहारा गोवंश की टैगिंग, टीकाकरण, अनुदान प्राप्ति, दो रुपए प्रति यूनिट की रियायती बिजली सुविधा तथा विभिन्न पोर्टल योजनाओं में समय पर आवेदन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुपालन विभाग को निर्देश दिए कि गोवंश से प्राप्त उत्पादों की मार्केटिंग को बढ़ावा देने के लिए गौशाला संचालकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि गोशालाओं को ई-रिक्शा प्रदान किए जाएंगे।

    गोशालाओं के लिए रजिस्ट्री खर्चा जीरो कर दिया गया है और प्रॉपर्टी टैक्स से मुक्त किया गया है। मनरेगा से जोड़ा गया है। गोवंश की तस्करी न हो, इसके लिए पुलिस विभाग द्वारा टीम बनाई गई है। किसी भी हाल में गो तस्करों को बख्सा नहीं जाएगा। पशु क्रूरता का केस दर्ज होगा और जेल भी होगी।


    चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग ने कहा कि सडक़ से गौवंश हटाने के लिए जिले में कोई स्थान चिह्निïत किया जाएं और समाजसेवी लोगों को साथ जोडक़र इसकी व्यवस्था की जाएं। उन्होंने कहा कि दूसरे  प्रदेशों से आने वाले गोवंशों को रोकने के लिए पुलिस विभाग पूरी सख्ती के साथ अपना कार्य करें। उन्होंने उप-निदेशक पशुपालन को निर्देश दिए कि काउ टास्क फोर्स की बैठक प्रत्येक माह सुनिश्चित की जाएं और उसकी कार्यवाही गौ सेवा आयोग को भिजवाई जाएं।


    उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग का पलवल पहुंचने पर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा बैठक में जो भी दिशा-निर्देश दिए गए है उन सबकी जिला पलवल में पूर्ण रूप से पालना सुनिश्चित की जाएगी।


    बैठक में गो सेवा आयोग हरियाणा के वाइस चेयरमैन पूरन चंद यादव, अतिरिक्त उपायुक्त जयदीप कुमार, सीईओ जिला परिषद पलवल जितेंद्र कुमार, डीएसपी अनिल कुमार, डीडीपीओ उपमा अरोड़ा, बीडीपीओ नरेश कुमार, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उपनिदेशक डा. वीरेंद्र सहरावत, जयराम प्रजापति सहित अन्य संबंधित अधिकारी तथा गोशाला व नंदीशाला संचालक उपस्थित रहे।

    #palwal #News #gau-sewa-aayog #government-and-haryana #cows-shravan-kumar-garg

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    16/12/25 |

    एमडीयू रोहतक: इंजीनियरिंग और पीजी परीक्षाओं की तिथियों में संशोधन

    जे कुमार, चंडीगढ़ 16 दिसम्बर : - महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक ने इंजीनियरिंग कोर्स व पीजी पाठ्यक्रमों की परीक्षा तिथियों में संशोधन किया है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार डेटशीट में बीटेक, एम.टेक और एमएससी (स्टैटिस्टिक्स) सेमेस्टर की कुछ परीक्षाओं को पुनर्निर्धारित किया गया है। हालांकि परीक्षा का समय और परीक्षा केंद्र पूर्ववत रहेंगे, उनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

     

    विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि बीटेक 5वें सेमेस्टर (जी स्कीम) की परीक्षाओं में डिजिटल कम्युनिकेशन, वाटर सप्लाई एंड ट्रीटमेंट, डिजाइन एंड एनालिसिस ऑफ एल्गोरिदम्स, केमिकल प्रोसेसिंग ऑफ अनकन्वेंशनल टेक्सटाइल मैटीरियल्स तथा इंट्रोडक्शन टू आर प्रोग्रामिंग विषयों की तिथियों में बदलाव किया गया है। कुछ परीक्षाएं अब 31 दिसंबर 2025, 5 जनवरी 2026 और 7 जनवरी 2026 को आयोजित होंगी।

     

    बीटेक 7वें सेमेस्टर (जी स्कीम) में टेक्सटाइल केमिकल प्रोसेसिंग, एडवांस आर्किटेक्चर ऑफ कंप्यूटर और क्वालिटी इंजीनियरिंग की परीक्षाओं की तिथियां संशोधित की गई हैं, जिनमें से कुछ परीक्षाएं 19 दिसंबर 2025, 27 दिसंबर 2025 और 9 जनवरी 2026 को होंगी। बीटेक 8वें सेमेस्टर (जी स्कीम) के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विषय नॉन-कन्वेंशनल एनर्जी रिसोर्सेज यूटिलाइजेशन की परीक्षा अब 22 दिसंबर 2025 को होगी।

     

    इसके अलावा एमटेक प्रथम सेमेस्टर (सीबीसीएस स्कीम) के कंप्यूटर साइंस और सिविल इंजीनियरिंग से जुड़े विषयों की परीक्षाएं अब 3 जनवरी 2026 को निर्धारित की गई हैं। वहीं एमएससी (स्टैटिस्टिक्स) तृतीय सेमेस्टर (एनईपी-2020) की रिसर्च मेथडोलॉजी परीक्षा 2 जनवरी 2026 को आयोजित की जाएगी।

    #chandigarh #News #mdu-rohtak-engineering #pg-exam-dates-revised

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    16/12/25 |

    जीएमएन कॉलेज का पर्यावरणीय संदेश: ग्रीन एंड सस्टेनेबल क्षेत्र का विकास कर सतत विकास पर ज़ोर

    जे कुमार, अम्बाला 16 दिसम्बर 2025 : जीएमएन कॉलेज ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए कॉलेज परिसर में एक हरित एवं सतत (Green and Sustainable) क्षेत्र का विकास किया है। इस पहल में कॉलेज के विद्यार्थियों, स्टाफ और नर्सिंग विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की।

    प्रमुख गतिविधियाँ और उद्देश्य : - विकसित किया गया यह क्षेत्र परिसर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए एक व्यवहारिक शिक्षण स्थल के रूप में भी उपयोगी सिद्ध होगा। इस पहल के अंतर्गत निम्नलिखित गतिविधियाँ संचालित की गईं | पौधारोपण: बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया। पुनः उपयोग: अपशिष्ट सामग्री का रचनात्मक रूप से पुनः उपयोग (Recycling) किया गया। सौंदर्यीकरण: परिसर का हरित सौंदर्यीकरण किया गया। जागरूकता: स्वच्छता एवं पर्यावरण जागरूकता से संबंधित गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

    प्राचार्य का वक्तव्य : - कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करती है। उन्होंने कहा: "जीएमएन कॉलेज में हम शिक्षा के साथ-साथ सतत विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व को भी समान महत्व देते हैं।"

    उन्होंने विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की और कहा कि यह भविष्य के लिए प्रेरणादायी है। डॉ. दत्त ने संकल्प लिया कि कॉलेज आगे भी पर्यावरण संरक्षण और विद्यार्थी-नेतृत्व वाली गतिविधियों के माध्यम से सतत एवं समावेशी विकास की दिशा में निरंतर प्रयास करता रहेगा। नर्सिंग विद्यार्थियों की भागीदारी ने स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक दायित्व के समन्वित दृष्टिकोण को दर्शाया, जो सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के अनुरूप है।

    #ambala #gmncollege #sustainable-development #green-and-sustainable-area

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    16/12/25

    फिलाडेल्फ़िया अस्पताल में 'सीक्रेट सांता' का भव्य आयोजन, स्टाफ और छात्रों ने मनाया प्रेम और एकता का पर्व

    जे कुमार, अम्बाला सिटी, 16 दिसम्बर, 2025: फिलाडेल्फ़िया अस्पताल, अंबाला सिटी में क्रिसमस के पावन अवसर पर स्टाफ एवं नर्सिंग छात्रों के लिए अत्यंत उत्साह और आत्मीय वातावरण में बहुप्रतीक्षित “सीक्रेट सांता” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आपसी प्रेम, सौहार्द और सेवा की भावना को मजबूत करना था।

    कार्यक्रम की विशेषता और संदेश : -

    इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि प्रतिभागियों ने बिना यह जाने कि उनका 'सीक्रेट सांता' कौन है, एक-दूसरे के लिए उपहार तैयार किए। इस अनोखी पहल ने पूरे परिसर में आनंद, आश्चर्य और अपनत्व का माहौल बना दिया।

    उपहारों के आदान-प्रदान के साथ ही, सभी ने उस दिव्य प्रेम को स्मरण किया, जिसके अंतर्गत यीशु मसीह को संसार में एक महान उपहार के रूप में भेजा गया था।

    निदेशक का संदेश: प्रेम और देखभाल का महत्व

    अस्पताल के निदेशक डॉ. एस. सादिक ने उपस्थित स्टाफ एवं छात्रों को संबोधित करते हुए क्षमा, मित्रता और निरंतर एक-दूसरे की देखभाल के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने संदेश दिया कि "केवल त्योहारों पर ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष हमें अपने सहकर्मियों और मित्रों के प्रति प्रेम, सहयोग और संवेदनशीलता बनाए रखनी चाहिए।" उन्होंने इस प्रकार के कार्यक्रमों को कार्यस्थल पर सकारात्मक वातावरण और टीम भावना को सुदृढ़ करने वाला बताया।

    सांस्कृतिक संध्या और कैंप फायर : - कार्यक्रम के बाद, संध्या को हॉस्टल परिसर में कैंप फायर का आयोजन किया गया, जिसने सभी के उत्साह को और बढ़ाया। नर्सिंग छात्रों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने शाम को रंगारंग बना दिया। छात्रों ने अपने साथियों एवं स्टाफ सदस्यों के लिए स्नेहपूर्वक चाय पार्टी का भी आयोजन किया। यह पूरा आयोजन प्रेम, एकता, सहभागिता और क्रिसमस के वास्तविक संदेश से परिपूर्ण रहा, जिसने फिलाडेल्फ़िया अस्पताल परिवार के बीच आपसी विश्वास और भाईचारे को और अधिक मजबूत किया।

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    16/12/25 |

    हरियाणा में तकनीक आधारित नीति से फायर सेफ्टी सर्टिफिकेशन सुव्यवस्थित, जन सुरक्षा को मिली मज़बूती

    जे कुमार, चंडीगढ़ 15 दिसंबर, 2025: हरियाणा सरकार ने जन सुरक्षा को सुदृढ़ करने और सुशासन की प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट (FSC) के निर्गमन (जारी करने) और नवीनीकरण के लिए व्यापक नए दिशानिर्देशों को अधिसूचित किया है। यह नई नीति औपचारिक रूप से 9 दिसंबर, 2025 को अधिसूचित की गई है।

    नीति की मुख्य विशेषताएं :- 'हरियाणा फायर एवं इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट, 2022' के तहत तैयार की गई यह नीति फायर सेफ्टी प्रशासन में एक नया मानक स्थापित करती है और इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं |

    तकनीक आधारित (Technology Based): यह पूरी प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाती है, जिससे मानवीय हस्तक्षेप कम होता है और पारदर्शिता बढ़ती है। पारदर्शिता: आवेदनों के मूल्यांकन और प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में स्पष्टता और पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है।

    समयबद्ध व्यवस्था: प्रमाण पत्र जारी करने और नवीनीकृत करने के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है, जिससे आवेदकों को अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

    जन सुरक्षा को मजबूती: इस व्यवस्थित और सख्त नीति के माध्यम से राज्य में फायर सेफ्टी मानकों का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे नागरिकों की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। यह कदम दर्शाता है कि हरियाणा सरकार जन सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों को सुव्यवस्थित करने और नागरिकों को समय पर सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    #ambala #chandigarh #technology-driven-policy #streamlines-fire-safety-certification

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    16/12/25

    कोहरे से बचाव के लिए अंबाला पुलिस और शंभू टोल प्लाजा ने वाहनों पर लगाए रिफ्लेक्टर

    जे कुमार, अम्बाला 16 दिसम्बर : - हरियाणा में कोहरे की शुरुआत होने के साथ ही सुबह और शाम के वक्त घना कोहरा देखने को मिल रहा है, जिसके कारण सड़क हादसों की आशंका बढ़ जाती है। इन हादसों पर लगाम लगाने के लिए अंबाला पुलिस ने शंभू टोल प्लाजा कर्मियों के साथ मिलकर एक विशेष अभियान शुरू किया है।

    हादसों पर नियंत्रण के लिए पहल : इस अभियान के तहत शंभू टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों पर रिफ्लेक्टर (Reflector) लगाए जा रहे हैं। सदर थाना के एसएचओ शंभू ने जानकारी देते हुए बताया कि कोहरे की वजह से हादसों की संख्या बढ़ जाती है। इन पर लगाम लगाने के लिए सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं, ताकि घने कोहरे में भी वाहन आसानी से दिखाई दे सकें।

    एसएचओ ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि "कोहरे में वाहनों की गति नियमित रखें और अतिरिक्त सावधानी बरतें।" टोल प्लाजा मैनेजर विनोद ने बताया कि रिफ्लेक्टर लगाने का कार्य लगातार जारी है और टोल प्लाजा पर आने वाले ज्यादातर वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं। यह पहल वाहनों की दृश्यता (visibility) बढ़ाकर दुर्घटनाओं को कम करने में सहायक सिद्ध होगी।

    #ambala #shosadarthana #shambhu-toll-plaza- #ambalapolice #spambala #reflectors-on-vehicles

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    16/12/25 |

    अंबाला मंडल रेलवे में पेंशन अदालत आयोजित: मौके पर निपटाए गए 57 मामले

    जे कुमार, अम्बाला 16 दिसम्बर : - रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार, उत्तर रेलवे, अंबाला मंडल द्वारा आज (15.12.2025) को ऑफिसर्स क्लब परिसर में पेंशन अदालत का सफल आयोजन किया गया। इस पेंशन कोर्ट की अध्यक्षता अपर मंडल रेल प्रबंधक देवी सिंह मीना ने की। इस आयोजन में पेंशनभोगियों की समस्याओं से संबंधित कुल 57 आवेदन प्राप्त हुए।

    अपर मंडल रेल प्रबंधक मीना ने उपस्थित पेंशनभोगियों और पेंशनर फोरम के अधिकारियों के साथ उनकी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। प्राप्त सभी 57 मामलों का निपटारा मौके पर ही कर दिया गया, जिससे पेंशनभोगियों को तुरंत राहत मिली। इस अदालत में जगाधरी वर्कशॉप से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन संबंधी लंबित मामलों का भी सफलतापूर्वक निपटारा किया गया।

    इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी, मंडल कार्मिक अधिकारी, तथा लेखा विभाग से वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक और सहायक मंडल वित्त प्रबंधक सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। कार्मिक विभाग के क्लोजिंग सेक्शन के कर्मचारियों, इंटरेस्ट इंस्पेक्टरों और लेखा शाखा ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष योगदान दिया। पेंशनर्स फोरम ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

    #ambala #News #pension-adalat #ambala-division-railway-57case #settled-on-the-spot

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    16/12/25

    बीजेपी के नए कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन- एक उभरता हुआ युवा नेतृत्व

    (के.के.)

    भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने हाल ही में अपने संगठनात्मक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में नितिन नबीन को कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति बीजेपी के भविष्य के लिए एक नई दिशा निर्धारित करने वाली है, खासकर युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने के संदर्भ में। नितिन नबीन, जो बिहार के एक युवा विधायक हैं, अपनी मेहनत, संगठनात्मक क्षमता और जनसंपर्क के दम पर इस ऊंचे पद तक पहुंचे हैं।

    नितिन नबीन का जन्म बिहार के औरंगाबाद जिले के एक साधारण परिवार में हुआ। उनके पिता एक छोटे व्यवसायी थे, जबकि मां गृहिणी। बचपन से ही नितिन में नेतृत्व के गुण झलकने लगे थे। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की। लेकिन उनकी असली शिक्षा तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शाखाओं और बीजेपी के संगठनात्मक कार्यों से मिली। युवावस्था में ही वे आरएसएस के पूर्णकालिक प्रचारक बन गए, जहां उन्होंने बिहार के ग्रामीण इलाकों में घूम-घूम कर हिंदुत्व की विचारधारा को मजबूत किया।

    नितिन नबीन की राजनीतिक यात्रा का प्रारंभ बिहार बीजेपी युवा मोर्चा से हुआ। 2000 के दशक के शुरुआती वर्षों में वे युवा मोर्चा के जिला स्तर पर सक्रिय सदस्य बने। उनकी ऊर्जा और मेहनत ने उन्हें जल्द ही प्रदेश स्तर पर पहुंचा दिया। 2010 में वे बिहार बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री चुने गए। यहां से उनकी संगठनात्मक क्षमता निखरने लगी। वे युवाओं को जोड़ने, चुनावी तैयारियों में जुटने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने में माहिर हो गए। 2014 के लोकसभा चुनावों में नितिन नबीन ने औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी प्रत्याशी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि पार्टी को हार मिली, लेकिन नितिन की मेहनत ने स्थानीय स्तर पर बीजेपी का आधार मजबूत किया। इसी वर्ष वे बिहार बीजेपी के प्रदेश कार्य समिति सदस्य बने।

    2015 के बिहार विधानसभा चुनावों में वे अमरपट्टी विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बने और शानदार जीत हासिल की। यह उनकी पहली विधायकी थी, जो उनके राजनीतिक करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।बिहार विधानसभा में नितिन नबीन ने विपक्ष के प्रमुख नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई। नीतीश कुमार सरकार पर हमलावर रुख अपनाते हुए उन्होंने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और विकास के मुद्दों पर तीखे सवाल उठाए। उनकी वाक्पटुता और तर्कपूर्ण बहस ने उन्हें विधानसभा का चहेता बना दिया। 2020 के विधानसभा चुनावों में वे फिर से अमरपट्टी से जीते और बीजेपी विधायक दल के प्रमुख व्हीप बने। यहां उनकी संगठनात्मक कुशलता का पूरा प्रदर्शन हुआ, जब उन्होंने पार्टी विधायकों को एकजुट रखा।

    बीजेपी ने हमेशा से संगठन को मजबूत रखने पर जोर दिया है। जेपी नड्डा के नेतृत्व में पार्टी ने युवा चेहरों को आगे बढ़ाने का फैसला किया। दिसंबर 2025 में हुई केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में नितिन नबीन को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया। यह पद राष्ट्रीय अध्यक्ष के बाद सबसे महत्वपूर्ण है, जो संगठन के दैनिक कार्यों, चुनावी रणनीति और सदस्यता अभियान का जिम्मा संभालता है। नितिन की नियुक्ति को पूर्वी भारत, खासकर बिहार में बीजेपी के विस्तार के लिए रणनीतिक माना जा रहा है।नितिन नबीन की नियुक्ति के पीछे कई कारण हैं। पहला, उनकी युवा उम्र, बीजेपी युवाओं को प्राथमिकता दे रही है, क्योंकि आने वाले चुनावों में युवा वोटर निर्णायक होंगे। दूसरा, बिहार में उनकी पकड़। बिहार बीजेपी को मजबूत करने में उनकी भूमिका सराहनीय रही। तीसरा, आरएसएस बैकग्राउंड। संघ के प्रचारक के रूप में उनकी निष्ठा अटल है, जो पार्टी को वैचारिक मजबूती देती है। चौथा, सोशल मीडिया और डिजिटल प्रचार में निपुणता। नितिन ने कोविड काल में ऑनलाइन अभियान चलाकर युवाओं को जोड़ा।

    नतिन नबीन एक ऐसे नेता हैं जो जमीन से जुड़े हैं। वे रात-दिन कार्यकर्ताओं के बीच रहते हैं। बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों का नेतृत्व करना हो या किसान आंदोलनों में पार्टी का पक्ष रखना हो, वे हर मोर्चे पर सक्रिय रहे। उनकी सबसे बड़ी ताकत है जनसंपर्क। वे गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं और समाधान निकालते हैं। विधायक रहते हुए उन्होंने अमरपट्टी में सड़क, बिजली और स्कूलों का विकास कार्य कराया।एक अन्य गुण है उनकी रणनीतिक सोच। 2020 चुनावों में एनडीए की जीत में उनकी भूमिका थी। उन्होंने ओबीसी और ईबीसी वोटों को एकजुट करने में सफलता पाई। कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में वे पूरे देश में सदस्यता अभियान चलाएंगे। उनका लक्ष्य 2026 के विधानसभा चुनावों तक बीजेपी सदस्यों की संख्या दोगुनी करना है। इसके अलावा, वे महिला मोर्चा और युवा मोर्चा को मजबूत करेंगे।

    नितिन नबीन डिजिटल इंडिया के समर्थक हैं। वे सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं, जहां वे पीएम मोदी और अमित शाह की नीतियों का प्रचार करते हैं। ट्विटर पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं। वे ऐप्स और वर्चुअल मीटिंग्स के जरिए कार्यकर्ताओं से जुड़ते हैं। यह आधुनिक नेतृत्व का उदाहरण है।बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण भूमिकाकार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन की जिम्मेदारियां विशाल हैं। सबसे पहले, संगठन विस्तार। वे पूर्वाेत्तर, बंगाल और ओडिशा जैसे क्षेत्रों पर फोकस करेंगे। दूसरा, चुनावी तैयारियां। 2024 लोकसभा चुनावों के बाद राज्य चुनावों के लिए बूथ स्तर मजबूती जरूरी है। तीसरा, वैचारिक प्रचार। हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और विकास को जोड़कर वे पार्टी का एजेंडा सेट करेंगे।बिहार में उनकी नियुक्ति एनडीए के लिए वरदान है। नीतीश कुमार के साथ गठबंधन को मजबूत रखते हुए वे बीजेपी का वर्चस्व बढ़ाएंगे। 2025 बिहार चुनावों में उनकी भूमिका केंद्रीय होगी। राष्ट्रीय स्तर पर वे जेपी नड्डा के दाएं हाथ बनेंगे। पार्टी के आंतरिक कलह को सुलझाने में भी उनकी भूमिका होगी। नितिन नबीन सामाजिक मुद्दों पर भी मुखर हैं। वे महिला सशक्तिकरण, दलित उत्थान और पर्यावरण संरक्षण के पक्षधर हैं। कोविड के दौरान उन्होंने मास्क वितरण और वैक्सीनेशन कैंप लगवाए। यह दिखाता है कि वे सिर्फ राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि समाजसेवी भी हैं।

    ंनितिन नबीन के सामने चुनौतियां कम नहीं। विपक्षी दल उन्हें निशाना बनाएंगे। कांग्रेस और आरजेडी बिहार में बीजेपी को कमजोर करने की कोशिश करेंगे। संगठन में पुराने नेताओं का विरोध संभव है। लेकिन नितिन की युवा ऊर्जा इन चुनौतियों से पार पा लेगी। भविष्य में वे केंद्रीय मंत्री या बिहार के उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं। 2029 लोकसभा चुनावों में उन्हें स्टार प्रचारक बनाया जा सकता है। उनकी नियुक्ति बीजेपी की पीढ़ीगत बदलाव की मिसाल है। अमित शाह और जेपी नड्डा के बाद नितिन जैसे युवा ही पार्टी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।

    एक नई यात्रा का प्रारंभनितिन नबीन की नियुक्ति बीजेपी के लिए एक मील का पत्थर है। संघ की पाठशाला से निकले इस युवा नेता ने कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। उनके नेतृत्व में बीजेपी और मजबूत होगी। भारत के युवा उन्हें अपना आदर्श मानेंगे। नितिन नबीन साबित करेंगे कि मेहनत और निष्ठा से कोई भी पद हासिल किया जा सकता है। बीजेपी कार्यकर्ता उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे।

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    15/12/25 |

    हरियाणा ने तकनीक आधारित नीति से फायर सेफ्टी सर्टिफिकेशन को किया सुव्यवस्थित, जन सुरक्षा को मिली मजबूती

    चंडीगढ़, 15 दिसम्बर (अभी) :  हरियाणा सरकार ने जन सुरक्षा को सुदृढ़ करने और सुशासन की प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट (FSC) के निर्गमन और नवीनीकरण के लिए व्यापक नए  दिशानिर्देशों को अधिसूचित किया है। हरियाणा फायर एवं इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट, 2022 के तहत तैयार यह नीति तकनीक आधारित, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था प्रस्तुत करती है, जो फायर सेफ्टी प्रशासन में एक नया मानक स्थापित करती है। इस नीति को औपचारिक रूप से 9 दिसंबर, 2025 को अधिसूचित किया गया।

     

    राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि नई प्रणाली का उद्देश्य सुरक्षा मानकों से समझौता किए बिना सेवाओं की त्वरित आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इस नीति में एम्पैनल्ड एजेंसी प्रणाली के साथ एक स्वचालित ऑनलाइन स्वीकृति प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे प्रक्रियागत देरी में उल्लेखनीय कमी आएगी।

     

    अंतर्निहित निगरानी के साथ स्वचालित ऑनलाइन स्वीकृति

     

    संशोधित प्रक्रिया के तहत, नए आवेदन और नवीनीकरण—दोनों के लिए फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट—एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वचालित रूप से जारी किए जाएंगे, बशर्ते आवेदन एम्पैनल्ड एजेंसी की प्रमाणन रिपोर्ट द्वारा समर्थित हो। इस सुधार से निरीक्षण से जुड़े अवरोधों में कमी आने और आवेदकों के लिए प्रक्रिया अधिक पूर्वानुमेय होने की उम्मीद है।

     

    उन्होंने बताया कि पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए, संबंधित डिवीजन हेतु निरीक्षण करने वाली एम्पैनल्ड एजेंसी का चयन ऑनलाइन प्रणाली द्वारा यादृच्छिक (रैंडम) रूप से किया जाएगा। साथ ही, सरकार की कड़ी निगरानी भी बनी रहेगी। प्रमाणपत्र जारी होने के 30 दिनों के भीतर 25 प्रतिशत मामलों में फायर अधिकारी द्वारा और 10 प्रतिशत मामलों में संयुक्त निदेशक (तकनीकी) द्वारा अनिवार्य भौतिक सत्यापन यादृच्छिक आधार पर किया जाएगा।

     

    फायर सेफ्टी ऑडिट के लिए उच्च मानक

     

    डॉ मिश्रा ने बताया कि उक्त नीति में पेशेवर दक्षता पर विशेष जोर दिया गया है। एम्पैनल्ड एजेंसियों के लिए कड़े पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं, जिनमें यह अनिवार्य है कि प्रमुख सदस्य के पास बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (फायर) या समकक्ष योग्यता हो, साथ ही फायर प्रोटेक्शन सिस्टम में न्यूनतम चार वर्षों का अनुभव या किसी सरकारी फायर विभाग में सेवा का अनुभव हो।

     

    उन्होंने कहा कि ये एजेंसियां व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट करेंगी, जिनमें अग्नि जोखिमों का आकलन, विद्युत सुरक्षा की जांच, स्प्रिंकलर और हाइड्रेंट जैसी सक्रिय प्रणालियों का सत्यापन, निष्क्रिय अग्नि सुरक्षा उपायों का मूल्यांकन, तथा कर्मचारियों के प्रशिक्षण और आपातकालीन तैयारी की समीक्षा शामिल होगी।

     

    उन्होंने आगे बताया कि योग्य पेशेवरों को विस्तृत तकनीकी ऑडिट की जिम्मेदारी सौंपकर सरकार का उद्देश्य हरियाणा फायर एवं इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट, 2022 तथा नेशनल बिल्डिंग कोड ऑफ इंडिया, 2016 के सख्त अनुपालन को सुनिश्चित करना है, जिससे सार्वजनिक और निजी भवनों में सुरक्षा मानक और अधिक मजबूत होंगे। यह नई नीति 31 मार्च, 2026 तक पूर्ण रूप से लागू की जाएगी, जो हरियाणा की फायर सेफ्टी नियामक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण सुधार को दर्शाती है।

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    15/12/25 |

    हरियाणा में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 8 आईएएस व 23 एचसीएस अधिकारियों के तबादले

    चंडीगढ़, 15 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से 8 आईएएस और 23  एचसीएस अधिकारियों के तबादले एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं।

    आईएएस अधिकारी योगेश कुमार, जो वर्तमान में हैफेड के सचिव तथा आतिथ्य विभाग में अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) के पद पर कार्यरत थे, को नगर निगम करनाल का आयुक्त और जिला नगर आयुक्त, करनाल नियुक्त किया गया है।

    सुभिता ढाका, जो अब तक नियुक्ति की प्रतीक्षा में थीं, को पलवल का अतिरिक्त उपायुक्त-सह-जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी लगाया गया है।

    जयदीप कुमार’, जो पलवल में अतिरिक्त उपायुक्त-सह-जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी के पद पर कार्यरत थे, को स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) का मिशन निदेशक नियुक्त किया गया है।

    सोनू भट्ट, जो करनाल के अतिरिक्त उपायुक्त-सह-जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी, जिला परिषद और डीआरडीए के सीईओ थे, को गुरुग्राम का अतिरिक्त उपायुक्त-सह-जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें एचएसआईआईडीसी का अतिरिक्त प्रबंध निदेशक और ग्लोबल सिटी प्रोजेक्ट, गुरुग्राम का सीईओ भी बनाया गया है।

    विवेक आर्य, जो जींद के अतिरिक्त उपायुक्त-सह-जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी तथा जिला परिषद व डीआरडीए, जींद के सीईओ थे, को कुरुक्षेत्र का अतिरिक्त उपायुक्त-सह-जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी नियुक्त किया गया है।

    अभिनव सिवाच, जो पेहोवा में उप मंडल अधिकारी (नागरिक) के रूप में कार्यरत थे, को बहादुरगढ़ का उप मंडल अधिकारी (नागरिक) लगाया गया है।

    एचसीएस अधिकारियों में वत्सल वशिष्ठ, जो गुरुग्राम में अतिरिक्त उपायुक्त-सह-जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी थे, को मुख्य सचिव का ओएसडी-1 लगाया गया है।

    योगेश कुमार मेहता, जो सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग में अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) और विशेष सचिव थे, को करनाल का अतिरिक्त उपायुक्त नियुक्त किया गया है।

    प्रदीप कुमार-2, जो रोहतक में विशेष अधिकारी (स्वच्छता) थे, को जींद का अतिरिक्त उपायुक्त बनाया गया है।

    डॉ. सुशील कुमार-2, जो झज्जर के जिला नगर आयुक्त थे, को कैथल का अतिरिक्त उपायुक्त नियुक्त किया गया है।

    विराट, जो मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के ओएसडी थे, को अंबाला के अतिरिक्त उपायुक्त तथा एपीजेड, अंबाला के विशेष अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।

    तरुण कुमार पवारिया, जो सामान्य प्रशासन, विदेशी सहयोग एवं समन्वय विभाग में संयुक्त सचिव थे, को महेन्द्रगढ़ का अतिरिक्त उपायुक्त लगाया गया है।

    माध्यमिक शिक्षा विभाग में अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) और संयुक्त सचिव गौरव कुमार को राज्य चुनाव आयोग, हरियाणा में सचिव लगाया किया गया है।

    हरियाणा रोडवेज गुरुग्राम के महाप्रबंधक भारत भूषण गोगिया को एमएसएमई विभाग में अतिरिक्त निदेशक लगाया गया है।

    रिचा, जो नियुक्ति की प्रतीक्षा में थीं, को अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन ) तथा संयुक्त सचिव  स्कूल  एजुकेशन  नियुक्त किया गया है।

    मेजर (सेवानिवृत्त) गायत्री अहलावत, जो हरियाणा रोडवेज फतेहाबाद की महाप्रबंधक थीं, को हरियाणा रोडवेज, गुरुग्राम का महाप्रबंधक लगाया गया है।

    प्रदीप अहलावत-2 जो मानेसर में विशेष अधिकारी (स्वच्छता) थे, को तोशाम का एसडीओ (सिविल) बनाया गया है।

    सुमीत सिहाग, जो पोस्टिंग की प्रतीक्षा में थे, को चकबंदी विभाग में संयुक्त निदेशक तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में उप सचिव नियुक्त किया गया है।

    इसी तरह प्रदीप कुमार-3 को विशेष अधिकारी (स्वच्छता) पानीपत से स्थानांतरित कर करनाल का एसडीओ (सिविल) लगाया गया है।

    अनिल कुमार यादव को विशेष अधिकारी (स्वच्छता) यमुनानगर से इंद्री का एसडीओ (सिविल) लगाया गया है।

    सुशील कुमार-4, संयुक्त निदेशक (प्रशासन) फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन तथा सहकारी समितियों के ज्वाइंट रजिस्ट्रार, को यमुनानगर जिला परिषद एवं डीआरडीए का सीईओ तथा सहकारी समितियों का ज्वाइंट रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।

    धीरज चहल, संयुक्त निदेशक,एमएसएमई को खनन एवं भू-विज्ञान विभाग में संयुक्त निदेशक लगाया गया है।

    अनिल कुमार दून, को विशेष अधिकारी (स्वच्छता) सोनीपत से पिहोवा का एसडीओ (सिविल) लगाया गया है।

    अंकिता अधिकारी, जो हरियाणा राज्य फार्मेसी काउंसिल की रजिस्ट्रार थीं, को श्रम विभाग में संयुक्त श्रम आयुक्त (प्रशासन) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

    अप्रतिम सिंह, सिटी सिटी मजिस्ट्रेट पलवल को हथीन का एसडीओ (सिविल) नियुक्त किया गया है।

    प्रीति रावत, सिटी मजिस्ट्रेट चरखी दादरी, को पलवल का सिटी मजिस्ट्रेट बनाया गया है।

    सुरेश, जो पोस्टिंग की प्रतीक्षा में थे, को शहीद हसन खान मेवाती राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नल्हड़ (नूंह) में संयुक्त निदेशक (प्रशासन) लगाया गया है।

    डॉ. वैशाली शर्मा व रवि मीणा, आईएएस तथा अशोक कुमार व नसीब कुमार, एचसीएस के नियुक्ति आदेश बाद में जारी किए जाएंगे।

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    15/12/25 |

    सैंड आर्ट के जरिए जीवंत हुई साहिबजादों की शहादत: अम्बाला में 'वीर बाल दिवस' पर सैंड शो का आयोजन

    चंडीगढ़, 15 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के तत्वावधान में अम्बाला शहर के पीकेआर गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 'वीर बाल दिवस' के उपलक्ष्य में एक भव्य 'सैंड एंड आर्ट शो' (Sand Art Show) का आयोजन किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस शो के माध्यम से विख्यात कलाकार सरबम पटेल ने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चारों साहिबजादों के अतुलनीय साहस और शहादत की गाथा को रेत की कलाकृतियों के जरिए प्रस्तुत किया।

    कला के माध्यम से इतिहास का दर्शन

    लगभग 40 मिनट के इस विशेष शो में कलाकार ने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा आनंदपुर साहिब का किला छोडने, सरसा नदी पर परिवार के बिछड़ने और चमकौर के युद्ध में बड़े साहिबजादों—अजीत सिंह और जुझार सिंह की वीरता को बखूबी दर्शाया। सैंड आर्ट के जरिए दिखाया गया कि कैसे छोटे साहिबजादों—जोरावर सिंह (7 वर्ष) और फतेह सिंह (5 वर्ष) ने मुगल सूबेदार वजीर खां की कचहरी में बिना डरे जयकारा लगाया और धर्म व मानवता की रक्षा के लिए दीवार में जिंदा चिनवाना स्वीकार किया, लेकिन मुगल शासकों के सामने नहीं झुके।

    युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा

    जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने कला की सराहना करते हुए कहा कि इस शो से विद्यार्थियों को साहिबजादों के बलिदान की प्रेरणादायक जानकारी मिली है। स्कूल की प्रधानाचार्य सुनीता शर्मा ने सरकार की इस पहल का धन्यवाद किया। इस अवसर पर उन विद्यार्थियों ने भी शिरकत की जिन्होंने ब्लॉक स्तर पर निबंध लेखन प्रतियोगिता में स्थान हासिल किया था।

    बच्चों की प्रतिक्रिया

    शो देखने के बाद छठी कक्षा की हिमांशी और आठवीं की शिवजीत कौर ने कहा कि इस प्रस्तुति से उन्हें यह सीख मिली कि कभी भी बुराई के सामने झुकना नहीं चाहिए और हमेशा सत्य व देश के लिए तत्पर रहना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी धर्मेंद्र कुमार और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को पर्यावरण के प्रतीक पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया।

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    15/12/25 |

    महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) ने इंजीनियरिंग व पीजी परीक्षाओं की तिथियों में किया संशोधन

    चंडीगढ़, 15 दिसम्बर (अभी) : महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक ने इंजीनियरिंग कोर्स व पीजी पाठ्यक्रमों की परीक्षा तिथियों में संशोधन किया है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार डेटशीट में बीटेक, एम.टेक और एमएससी (स्टैटिस्टिक्स) सेमेस्टर की कुछ परीक्षाओं को पुनर्निर्धारित किया गया है। हालांकि परीक्षा का समय और परीक्षा केंद्र पूर्ववत रहेंगे, उनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

     

    विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि बीटेक 5वें सेमेस्टर (जी स्कीम) की परीक्षाओं में डिजिटल कम्युनिकेशन, वाटर सप्लाई एंड ट्रीटमेंट, डिजाइन एंड एनालिसिस ऑफ एल्गोरिदम्स, केमिकल प्रोसेसिंग ऑफ अनकन्वेंशनल टेक्सटाइल मैटीरियल्स तथा इंट्रोडक्शन टू आर प्रोग्रामिंग विषयों की तिथियों में बदलाव किया गया है। कुछ परीक्षाएं अब 31 दिसंबर 2025, 5 जनवरी 2026 और 7 जनवरी 2026 को आयोजित होंगी।

     

    बीटेक 7वें सेमेस्टर (जी स्कीम) में टेक्सटाइल केमिकल प्रोसेसिंग, एडवांस आर्किटेक्चर ऑफ कंप्यूटर और क्वालिटी इंजीनियरिंग की परीक्षाओं की तिथियां संशोधित की गई हैं, जिनमें से कुछ परीक्षाएं 19 दिसंबर 2025, 27 दिसंबर 2025 और 9 जनवरी 2026 को होंगी। बीटेक 8वें सेमेस्टर (जी स्कीम) के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विषय नॉन-कन्वेंशनल एनर्जी रिसोर्सेज यूटिलाइजेशन की परीक्षा अब 22 दिसंबर 2025 को होगी।

     

    इसके अलावा एमटेक प्रथम सेमेस्टर (सीबीसीएस स्कीम) के कंप्यूटर साइंस और सिविल इंजीनियरिंग से जुड़े विषयों की परीक्षाएं अब 3 जनवरी 2026 को निर्धारित की गई हैं। वहीं एमएससी (स्टैटिस्टिक्स) तृतीय सेमेस्टर (एनईपी-2020) की रिसर्च मेथडोलॉजी परीक्षा 2 जनवरी 2026 को आयोजित की जाएगी।

     

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    15/12/25 |

    किसान सेवा अपनाते हुए प्रदेश की मंडियों को बनाएं रॉल मॉडल - मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

    चंडीगढ़, 15 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसान सेवा को पर्याय बनाते हुए प्रदेश की मंडियों को ऐसा मॉडल बनाएं जिसका अनुसरण पूरा देश करे। इसके अलावा मंडी शुल्क वसूली, व्यवहार में शत-प्रतिशत ईमानदारी बरतें और किसानों का विश्वास बनाएं। इसके साथ ही मंडियों को देश की सबसे आधुनिक, पारदर्शी और किसान हितैषी मंडी व्यवस्था बनाई जाए।

    मुख्यमंत्री मार्केटिंग बोर्ड के नवनियुक्त पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक को अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मार्केट कमेटियों के चेयरमैन एवं वाईस चेयरमैन के अलावा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, संगठन महामंत्री फणीन्द्र नाथ शर्मा, प्रदेश महामंत्री सुरेन्द्र पूनियां, डॉ. अर्चना गुप्ता, मुख्यमंत्री के ओएसडी बी बी भारती सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्केटिंग बोर्ड के पदाधिकारियों की नींव अन्नदाता की समृद्धि और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूती टिकी हुई है। मंडी व्यवस्था किसानों के पसीने की कमाई को सही मूल्य और सम्मान दिलाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है जिससे किसान सशक्त होगा तो हरियाणा प्रदेश सशक्त होता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्केट कमेटियां सिर्फ सरकारी दफ्तर नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के शक्ति केंद्र हैं। इसलिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी मंडियों का उचित प्रबंधन करना है। साथ ही, किसान और व्यापारी के आपसी संबंधों को ओर अधिक विश्वसनीय व मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि मंडियों में ऐसी व्यवस्था बनाना है जहां किसान को उपज लाते ही सही माप, मूल्य और समय पर भुगतान मिले और व्यापारी को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और व्यापार करने का बेहतर वातावरण मिले।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्केट कमेटियों ने पिछले कुछ वर्षों में  डिजिटल क्रांति को अपनाने में सराहनीय कार्य किया है। ई-खरीद और डी.बी.टी. को सफलतापूर्वक सुनिश्चित किया है ताकि, किसान के खाते में उसकी फसल का पैसा सीधे और समय पर पहुंचे। बिचौलियों की भूमिका को खत्म कर, किसानों को उसकी मेहनत का पूरा हक दिलवाया है। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गेट पास जारी करने से लेकर मंडी शुल्क की वसूली तक हर प्रक्रिया को पूर्ण रूप से डिजिटल बनाना होगा, ताकि कार्य में पारदर्शिता बनी रहे। भ्रष्टाचार की जड़ें काटने के लिए हमें और अधिक टेक्नोलॉजी को अपनाना होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 64 हजार करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन-2024 से किसानों की फसल खरीद का पैसा फसल का गेट पास कटने के 48 घंटे के अन्दर डी.बी.टी. के माध्यम से दे दिया जा रहा है। प्रदेश भर की मंडियों में शेड, पीने का पानी, शौचालय और किसानों के लिए विश्राम गृह जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम तेजी से हुआ है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि फल-सब्जी उत्पादक किसानों के लिए फार्म-गेट के पास कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मार्केट कमेटियों के पदाधिकारी अपने क्षेत्र में पी.पी.पी. मॉडल के तहत कोल्ड स्टोरेज  स्थापित करने के प्रस्तावों को प्राथमिकता दें। मंडियों तक पहुंचने वाली सड़कों की मरम्मत और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएं ताकि, किसानों को मंडियों में अपनी उपज लाने में कोई परेशानी न हो।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्केट कमेटी के कर्मचारियों की कार्यशैली और व्यवस्थाएं मंडी व्यवस्था का असली चेहरा होता है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि मार्केट कमेटी के कर्मचारी किसान के प्रति संवेदनशील हों। उन्हें नवीनतम सरकारी नीतियों, ई-पोर्टल के उपयोग और किसान से विनम्र संवाद करने का उचित प्रशिक्षण दिया जाए। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हरित मंडी, खुशहाल किसान नामक नई पहल शुरू की जाए। इससे किसान को पारंपरिक फसलों के अलावा मंडियों में फल और सब्जियों के लिए अलग सेक्शन को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि हर मंडी में किसान सहायता केंद्र स्थापित करें, जहां शिकायतें तुरंत दर्ज हों और उनका समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करें ताकि किसान को किसी भी शिकायत के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्केट कमेटियों में बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा को अपनाना चाहिए। इससे बिजली का बिल कम होगा और पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान दिया जा सकेगा। इसके अलावा हरित ऊर्जा को बढ़ावा दें और पानी की बर्बादी रोकने के लिए मंडियों में अनिवार्य रूप से रेन वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर को स्थापित करें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की उपज बेचने के लिए मंडियों में विशेष स्थान और प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यह भविष्य की खेती है और इसे अत्यधिक प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। महिला किसानों द्वारा लाई गई उपज को बेचने और महिला व्यापारियों के लिए मंडियों में सुरक्षित स्थान सुनिश्चित करें और अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडियों में स्वच्छता बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए मंडियों में नियमित रूप से सफाई अभियान चलाएं और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। साफ-सुथरी मंडी व्यापार और स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहतर है। 

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    15/12/25 |

    हरियाणा सुशासन पुरस्कार 2025: आवेदन की अंतिम तिथि 7 दिसंबर, बेहतरीन कार्य करने वाले कर्मचारी कर सकते हैं अप्लाई

    चंडीगढ़, 15 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा सरकार ने अपने अभिनव कार्यों और असाधारण प्रयासों से बेहतर शासन में योगदान देने वाले कर्मचारियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से ‘हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना, 2025’ के लिए आवेदन मांगे हैं। सुशासन पुरस्कारों के आवेदन करने या नाम भेजने की तिथि बढ़ाकर 17 दिसम्बर, 2025 कर दी गई है। इसके बाद ऑनलाइन पोर्टल बदं हो जाएगा।

    मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस सम्बन्ध में जारी एक पत्र में सभी प्रशासकीय सचिवों को सभी राज्य स्तरीय पुरस्कारों (राज्य फ्लैगशिप पुरस्कार और राज्य पुरस्कार) के लिए अनुशंसा अपनी टिप्पणी के साथ अपलोड करने के लिए कहा गया है।

    राज्य फ्लैगशिप पुरस्कारों के अंतर्गत अधिकतम पांच पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। प्रत्येक पुरस्कार में एक ट्रॉफी, हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव द्वारा हस्ताक्षरित प्रशस्ति पत्र तथा नकद पुरस्कार शामिल होगा। प्रशस्ति पत्र की एक प्रति संबंधित प्रशासनिक सचिव के माध्यम से कर्मचारी की सेवा पुस्तिका में रखी जा सकती है। प्रत्येक फ्लैगशिप पुरस्कार के अंतर्गत प्रत्येक सदस्य को 51,000 की नकद राशि प्रदान की जाएगी। यदि पुरस्कार किसी समूह को दिया जाता है, तो समूह में अधिकतम चार सदस्य होंगे तथा सभी सदस्यों को पद या स्तर की परवाह किए बिना समान राशि दी जाएगी।

    इसके अतिरिक्त, राज्य स्तर पर अधिकतम पांच राज्य पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। प्रत्येक राज्य पुरस्कार में एक ट्रॉफी, मुख्य सचिव द्वारा हस्ताक्षरित प्रशस्ति पत्र तथा प्रति सदस्य 51,000 की नकद राशि शामिल होगी। समूह को दिए जाने वाले पुरस्कारों में भी अधिकतम चार सदस्य होंगे और सभी सदस्यों को समान राशि प्रदान की जाएगी।

    जिला स्तर पर सुशासन पुरस्कार प्रत्येक जिले में जिला मुख्यालय पर उपायुक्त द्वारा प्रदान किए जाएंगे। प्रत्येक जिले में अधिकतम पाँच जिला स्तरीय पुरस्कार दिए जा सकेंगे। प्रत्येक जिला स्तरीय पुरस्कार में एक ट्रॉफी, संबंधित मंडल के मंडलायुक्त द्वारा उपायुक्त की संस्तुति पर हस्ताक्षरित प्रशस्ति पत्र तथा प्रति सदस्य 31,000 की नकद राशि शामिल होगी। प्रशस्ति पत्र की एक प्रति उपायुक्त के माध्यम से कर्मचारी की सेवा पुस्तिका में रखी जा सकती है। समूह पुरस्कारों के लिए अधिकतम चार सदस्यों की संख्या निर्धारित होगी और सभी सदस्यों को समान राशि प्रदान की जाएगी। ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र का खर्च वहन उपायुक्त द्वारा अपने उपलब्ध बजट से किया जाएगा, जबकि नकद पुरस्कार राशि की प्रतिपूर्ति सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संबंधित उपायुक्त को की जाएगी।

    राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए आवेदन एवं नामांकन सशक्त समिति द्वारा संबंधित प्रशासनिक सचिवों के माध्यम से सामान्य प्रशासन विभाग (अनुसंधान इकाई) में प्राप्त किए जाएंगे। सशक्त समिति अपने विवेक से किसी योजना को भी स्वतः चयन हेतु चिन्हित कर सकती है। प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्षों से परामर्श के उपरांत, राज्य स्तरीय पुरस्कार-राज्य फ्लैगशिप पुरस्कार के लिए अधिकतम चार कर्मचारियों के नामों की संस्तुति कर सकेंगे। एक बार किसी योजना को पुरस्कार दिए जाने के पश्चात वह आगामी वर्षों में पुनर्विचार के लिए पात्र नहीं होगी।

    जिला स्तरीय पुरस्कारों के लिए आवेदन एवं नामांकन जिला स्तरीय सशक्त समिति द्वारा संबंधित जिले के जिला स्तरीय कार्यालय प्रमुखों के माध्यम से प्राप्त किए जाएंगे। किसी योजना को यदि एक बार जिला स्तर पर पुरस्कार प्रदान किया जा चुका है, तो वह आगामी वर्षों में पुनः विचार के लिए पात्र नहीं होगी।

    सभी आवेदन एवं नामांकन अनिवार्य रूप से विभागाध्यक्षों एवं संबंधित प्रशासनिक सचिवों के माध्यम से ही भेजे जाएंगे। व्यक्तिगत कर्मचारी या अधिकतम चार सदस्यों का समूह राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए अपने आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संबंधित कार्यालय प्रमुख अथवा विभागाध्यक्ष को प्रस्तुत करेगा। विभागाध्यक्ष अपनी विस्तृत टिप्पणी के साथ आवेदन को प्रशासनिक सचिव को भेजेंगे, जो अपनी टिप्पणी के साथ इसे सामान्य प्रशासन विभाग (अनुसंधान इकाई) को भेजेंगे। प्रशासनिक सचिव उचित कारणों सहित स्वतः नामांकन भी कर सकते हैं। सशक्त समिति को सीधे भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

    इन पुरस्कारों के लिए प्रदर्शन की प्रासंगिक अवधि 1 जनवरी, 2024 से 30 अक्टूबर, 2025 तक निर्धारित की गई है। आवेदन पर विचार किए जाने के लिए haryanagoodgovernanceawards.haryana.gov.in पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा।

    सामान्य प्रशासन विभाग राज्य स्तरीय पुरस्कारों हेतु प्रशासनिक सचिवों से प्राप्त सभी नामांकनों को सशक्त समिति के समक्ष संस्तुति के लिए प्रस्तुत करेगा। राज्य स्तरीय पुरस्कारों के अनुमोदन हेतु सक्षम प्राधिकारी हरियाणा सरकार होगी, जबकि जिला स्तरीय पुरस्कारों के लिए संबंधित जिले के उपायुक्त सक्षम प्राधिकारी होंगे।

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    15/12/25 |

    डीएवी हाई स्कूल का 'किड्स कार्निवल' सफल: बच्चों और अभिभावकों ने मनाया खुशियों का यादगार उत्सव

    जे कुमार, अम्बाला 15 दिसम्बर 2025: डीएवी हाई स्कूल के प्रांगण में बड़े उत्साह और उमंग के साथ 'किड्स कार्निवल' का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान पूरे विद्यालय परिसर में बच्चों और अभिभावकों के लिए एक रंगीन और आनंदमय वातावरण देखने को मिला।

    मुख्य अतिथि और आकर्षण : कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए सुश्री पूनम ज़ख्मी (इतिहास अध्यापिका, डीएवी पब्लिक स्कूल, रिवरसाइड) और सुश्री सीमा गुप्ता (सेवानिवृत्त रसायन शास्त्र अध्यापिका एवं समाजसेविका) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया।

    कार्निवल के प्रमुख आकर्षण ये थे : गेम स्टॉल्स: बच्चों ने फीड द क्लाउन, तम्बोला और बॉल एंड कप जैसे अनेक खेल स्टॉल्स का भरपूर आनंद लिया। फूड ज़ोन: गन्ने का जूस, पानी पूरी, फास्ट फूड और भेलपुरी जैसे स्वादिष्ट व्यंजनों से सजा फूड ज़ोन आकर्षण का केंद्र रहा। गतिविधि स्टॉल्स: नेल आर्ट काउंटर और ज्वेलरी काउंटर ने अभिभावकों और आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

    मुख्य प्रतियोगिताएं: टैलेंट हंट और बेबी शो मुख्य आकर्षण रहे। साथ ही, ड्राइंग और कलरिंग प्रतियोगिताओं में बच्चों ने अपनी रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों का कॉर्नर: नन्हे बच्चों के लिए बनाए गए विशेष किड्स कॉर्नर, जिसमें झूले और सैंड पिट शामिल थे, बच्चों के पसंदीदा स्थान बने रहे।

    प्रधानाचार्या के विचार

    विद्यालय की प्रधानाचार्या वंदना शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय हर बच्चे का खुले दिल से स्वागत करता है और खुशियों व प्रतिभा को संवारने में विश्वास रखता है। मुख्य अतिथियों ने भी विद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान निरंतर प्रगति कर रहा है और नई सोच को अपनाकर आगे बढ़ रहा है। कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा और खुशी तथा सौहार्द का एक यादगार उत्सव बन गया।

    #ambala #News #davschool #-kids-carnival-a-success #children-and-parents #celebrated

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    15/12/25 |

    स्वतंत्रता आंदोलन में भी मीडिया की अहम भूमिका रही है: आरती सिंह राव

    जे कुमार, चंडीगढ़ 15 दिसम्बर 2025 : स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने "ऑल इंडिया मीडिया मीट" में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और मीडिया की ऐतिहासिक तथा वर्तमान भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी के आंदोलन में भी मीडिया की अहम भूमिका रही है, जिसने जनचेतना जगाने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का काम किया।

    अपने संबोधन में मंत्री आरती सिंह राव ने मीडिया, विशेष रूप से प्रिंट मीडिया, की विश्वसनीयता पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि "विश्वास ही प्रिंट मीडिया की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग के बावजूद, प्रिंट मीडिया अपनी गहन रिपोर्टिंग, विश्वसनीयता और तथ्यात्मक सटीकता के कारण आज भी जनता के बीच उच्च स्थान रखता है।

    आरती सिंह राव ने मीडिया से आग्रह किया कि वे देश और समाज के सामने आने वाली चुनौतियों पर सकारात्मक और जिम्मेदार तरीके से रिपोर्टिंग जारी रखें। उन्होंने कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र के लिए निष्पक्ष और साहसी मीडिया का होना अनिवार्य है, जो केवल तथ्यों पर आधारित जानकारी प्रस्तुत करे। इस मीट में देशभर से आए मीडिया प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

    #ambala #news #haryana #healthminister #aartirao #media

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    15/12/25

    पीकेआर जैन स्कूल में शिक्षकों के लिए साइबर सुरक्षा पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित

    जे कुमार, अम्बाला, 15 दिसम्बर, 2025: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा पीकेआर जैन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षकों के लिए साइबर सुरक्षा पर एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों में साइबर खतरों, डिजिटल सुरक्षा और प्रौद्योगिकी के जिम्मेदार उपयोग के बारे में जागरूकता पैदा करना था।

    प्रमुख विषय और संसाधन व्यक्ति : इस ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का संचालन प्रख्यात संसाधन व्यक्तियों निशा सिन्हा और शिखा मनराई द्वारा किया गया। कार्यशाला में शिक्षकों को वर्तमान डिजिटल चुनौतियों से निपटने के लिए निम्नलिखित विषयों पर गहन जानकारी दी गई |

    • साइबर अपराध और साइबर कानून

    • ऑनलाइन सुरक्षा और डेटा संरक्षण

    • सोशल मीडिया नैतिकता

    • डिजिटल पदचिह्न और गोपनीयता

    • कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उभरती प्रौद्योगिकियों का सुरक्षित उपयोग

    • साइबर बुलिंग और निवारक उपाय

    व्यावहारिक ज्ञान और सशक्तिकरण : - कार्यशाला में पारस्परिक चर्चाओं, वास्तविक जीवन के केस स्टडीज़ और व्यावहारिक गतिविधियों का उपयोग किया गया, जिससे प्रतिभागियों ने शैक्षणिक परिवेश में साइबर जोखिमों से निपटने के लिए व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया।

    शिक्षकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों ने उनके प्रश्नों के उत्तर दिए और कक्षा शिक्षण में साइबर सुरक्षा जागरूकता को एकीकृत करने के लिए व्यावहारिक रणनीतियाँ प्रदान कीं। यह कार्यशाला शिक्षकों को आवश्यक साइबर सुरक्षा ज्ञान से सशक्त बनाने और एक सुरक्षित डिजिटल शिक्षण वातावरण बनाने की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने में अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई।

    #ambala #news #haryana #pkr-jain-schoo #capacity-building-programme

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    15/12/25 |

    सीएम विंडो की हर शिकायत जनता के विश्वास का प्रतीक, इसे जीवंत दस्तावेज मानकर हो ईमानदार समाधान: मुख्यमंत्री

    चंडीगढ़, 15 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सीएम विंडो पर दर्ज होने वाली प्रत्येक शिकायत केवल एक औपचारिक प्रविष्टि नहीं, बल्कि जनता के विश्वास का जीवंत दस्तावेज है। इससे जुड़े प्रबुद्धजनों की जिम्मेदारी है कि वे इन शिकायतों को पूरी ईमानदारी, विश्वास और पारदर्शिता के साथ देखकर उनके समाधान में सक्रिय योगदान दें। चूंकि ये प्रबुद्धजन सीधे मुख्यमंत्री से जुड़े हैं, इसलिए जनता के प्रति उनकी जवाबदेही और भी अधिक बढ़ जाती है।

    मुख्यमंत्री सोमवार को अपने निवास स्थान ‘संत कबीर कुटीर’ में प्रदेश के सभी जिलों से आए सीएम विंडो से जुड़े प्रबुद्धजनों के साथ सीधा संवाद कर रहे थे।

    उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर सीएम विंडो को ऐसा सशक्त और भरोसेमंद सिस्टम बनाना है, जिस पर हर नागरिक को गर्व हो और उसे यह विश्वास हो कि उसकी शिकायत का समयबद्ध और प्रभावी समाधान निश्चित रूप से होगा। इस विश्वास के कायम रहने से प्रशासनिक तंत्र भी और अधिक निष्ठा एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करेगा।

    मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से 25 दिसंबर, 2014 को सीएम विंडो पोर्टल की शुरुआत की गई थी। अब तक इस पोर्टल पर कुल 14 लाख 82 हजार 924 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 14 लाख 12 हजार 136 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। यह इस बात का प्रमाण है कि सरकार जनसमस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

    उन्होंने कहा कि जब कोई नागरिक सीएम विंडो पर अपनी समस्या दर्ज करता है, तो वह केवल शिकायत नहीं लिखता, बल्कि अपने मुख्यमंत्री और सरकार पर भरोसा जताता है। इसलिए इस मजबूत मंच का पारदर्शी और संवेदनशील होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि जनता का यह भरोसा और अधिक सुदृढ़ हो सके।

    मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि जिला स्तर पर शिकायतों के प्रभावी निपटारे के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में प्रत्येक सोमवार और वीरवार को समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेशभर में आयोजित इन शिविरों में अब तक 1 लाख 47 हजार 299 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 1 लाख 19 हजार 597 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है, जबकि शेष शिकायतों पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने सीएम विंडो से जुड़े प्रबुद्ध नागरिकों से आह्वान किया कि वे प्रत्येक शिकायत की गहन जांच करें और निष्पक्ष व पारदर्शी ढंग से समाधान सुनिश्चित कर शिकायतकर्ता का विश्वास जीतें।

    इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री मोहन लाल कौशिक, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भारत भूषण भारती, प्रदेश महामंत्री डॉ. अर्चना गुप्ता, महामंत्री श्री सुरेंद्र पूनिया सहित अनेक गणमान्य  उपस्थित रहे।

    #CMWindowHaryana #NayabSinghSaini #PublicGrievanceRedressal #GoodGovernance #SantKabirKutir #Transparency #DigitalHaryana #CitizenFirst #SamadhanShivir #HaryanaGovernment #Accountability #PublicTrust #CMWindowImpact

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    15/12/25 |

    मानवाधिकार परिषद की एनुअल मीट में हरियाणा और पंजाब का ऑल इंडिया स्तर पर चयन, दिल्ली में सम्मान

    जे कुमार, अम्बाला 15 दिसम्बर 2025 : इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित मानवाधिकार परिषद (भारत) की वार्षिक बैठक (एनुअल मीट) में हरियाणा राज्य को एक बड़ी उपलब्धि मिली है। देशभर के सभी राज्यों के अध्यक्षों द्वारा अपनी वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद, ऑल इंडिया स्तर पर पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों का चयन किया गया। यह प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव और सम्मान का विषय है।

    हरियाणा टीम ने मनाया जश्न : इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के उपलक्ष्य में हरियाणा टीम द्वारा एक निजी होटल में भव्य सम्मान समारोह एवं उत्सव पार्टी का आयोजन किया गया। नेतृत्व: कार्यक्रम का आयोजन नेशनल सेक्रेटरी उमेश जी एवं स्टेट प्रेसिडेंट निकेश के कुशल नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

    उपस्थित गणमान्य: इस अवसर पर सीमा सिंह (वाइस प्रेसिडेंट), जितेंद्र राणा (मीडिया कोऑर्डिनेटर), सरला (जनरल सेक्रेटरी), राजकुमार पुरी (वाइस प्रेसिडेंट), मीर अखीरा (वाइस प्रेसिडेंट), राखी (जॉइंट सेक्रेटरी) सहित कई अन्य प्रमुख सदस्य मौजूद रहे।

    भविष्य के लिए संकल्प : - हरियाणा टीम ने इस उपलब्धि एवं निरंतर मार्गदर्शन के लिए नेशनल प्रेसिडेंट आरती राजपूत का हृदय से आभार व्यक्त किया। संस्था ने इस अवसर पर यह संकल्प दोहराया कि अगली एनुअल मीट तक संगठन की सदस्य संख्या को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। भविष्य में भी ऑल इंडिया स्तर पर हरियाणा को अग्रणी स्थान पर बनाए रखा जाएगा।

    #ambala #News #haryana #meeting-of-human-rights #haryana-and-punjab #council

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    15/12/25

    "वोट छापना" शब्दावली याद दिलाकर मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस को घेरा: बोले, ईवीएम के आने से कांग्रेस का धंधा बंद

    यूपी में 4 करोड़ वोट कटने पर मंत्री अनिल विज का वार: "कांग्रेस का जाली वोट तंत्र खत्म हो रहा है"

    अम्बाला/चंडीगढ़, 15 दिसम्बर - हरियाणा  ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के बयान कि यदि बैलेट पेपर से चुनाव हो तो भाजपा को एक भी वोट न मिले पर पलटवार किया है।

    मंत्री अनिल विज ने कहा कि जब मत पत्र से चुनाव होते थे हमने देखा हुआ है कि तब ये कैसे वोट छापते थे। उस दौरान चुनाव में एक शब्दावली थी “वोट छापना”, मगर ईवीएम के आने के बाद इनका (कांग्रेस) वह काम बंद हो गया। ये बदमाशों को, माफिया को सेट करके उनसे वोट छपवाया करते थे, छापे जाते थे, तब चुनाव में यह शब्दावली थी। ईवीएम आने से वह खत्म हो गई और इनको ही पीड़ा हो रही है। ये उस दौरान वोट छापने से ही जीतते थे और उनके वोट छापने का धंधा बंद हो गया, इसलिए इस पीड़ा को लेकर कांग्रेस वाले बार-बार रो रहे हैं।

    यूपी में 4 करोड़ वोट कटने पर मंत्री अनिल विज का वार: "कांग्रेस का जाली वोट तंत्र खत्म हो रहा है"


    एसआईआर के बाद उत्तर प्रदेश में लगभग 4 करोड़ वोट कट गए हैं जिस पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जहां-जहां पर ठीक तरीके से एसआईआर होगा वहां जाली वोटो का तंत्र, जो कांग्रेस ने इतने सालों से बसा रखा था, वह खत्म होता जा रहा है। जाली वोट कांग्रेस ने बनाई थी, इतने वर्षों तक कांग्रेस ने जो राज किया, पता नहीं कौन कौन से भाग में कितनी वोट, इन्होंने बना रखी थी, आज वह वेरीफाई नहीं हो रही और इसलिए वह वोट कट रही है।

    वहीं, कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला के आरोप कि लोग अपनी जान बचाने के लिए मोटी रकम/ फिरौती कहां से दें, पर मंत्री अनिल विज ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह से सतर्क है और सरकार ने गलत आदमियों को पकड़ने के लिए बहुत बड़ी मुहिम चला रखी है। इस मुहिम के तहत लगभग साढ़े पांच हजार लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।

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    15/12/25 |

    परशुराम नगर अम्बाला में राष्ट्र व सनातन समाज की सुख-शांति हेतु हवन यज्ञ व सौहार्द बैठक का आयोजन

    जे कुमार, अम्बाला शहर 15 दिसंबर : श्री परशुराम ब्राह्मण कल्याण सोसायटी अम्बाला द्वारा परशुराम नगर, अम्बाला में राष्ट्र एवं सनातन समाज की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना को लेकर भव्य हवन यज्ञ एवं सौहार्दपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर निगम मेयर श्रीमती शैलजा संदीप सचदेवा एवं एडवोकेट संदीप सचदेवा नॉमिनेटेड एमसी मुख्य यजमान के रूप में शामिल हुए।

    यह कार्यक्रम सेवानिवृत्त पुलिस इंस्पेक्टर रघुवीर शर्मा के  निवास स्थान पर आयोजित करवाया गया। हवन यज्ञ पंडित श्री लोकेश शर्मा द्वारा विधि-विधान पूर्वक सम्पन्न कराया गया। इसके पश्चात एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसका संचालन राष्ट्रपति अवार्डी एवं सोसायटी के चेयरमैन श्री राजेन्द्र कौशिक ने किया। उन्होंने मुख्य यजमान, उपस्थित भाई-बंधुओं एवं मातृशक्ति का स्वागत किया।

    गोष्ठी को संबोधित करते हुए एडवोकेट संदीप सचदेवा, मेयर श्रीमती शैलजा संदीप सचदेवा, देवी लाल शर्मा (प्रदेश अध्यक्ष), एडवोकेट ग्रवेश राणा (राष्ट्रीय अध्यक्ष, सनातन टास्क फोर्स), एडवोकेट विनोद भारद्वाज, कृष्ण पाल चौहान, राजेन्द्र कौशिक, तरसेम पाल शर्मा (प्रधान), पंडित लोकेश शर्मा, सतीश कुमार परुथी, युवा ब्राह्मण साहिल शर्मा सहित अनेक वक्ताओं ने राष्ट्र एवं सनातन समाज की एकता, आपसी सौहार्द, सामाजिक सुरक्षा और संगठित होने की आवश्यकता पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में समाज को सजग रहकर एकजुट होने की जरूरत है, ताकि राष्ट्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली के लिए सामूहिक प्रयास किए जा सकें।

    सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई इस बैठक में सर्व सुभाष शर्मा प्रधान, नवल किशोर त्रिपाठी, ओम प्रकाश डोगरा, नरेश कुमार वत्स (पूर्व सरपंच), शशी कुमार, महेन्द्र कुमार शर्मा, धीर सिंह चौहान, रविन्द्र शर्मा, भरत लाल शर्मा, सतबीर सिंह कौशिक, अजेय गौड़, श्रीमती सीमा शर्मा, श्रीमती गीता देवी शर्मा, सुनीता देवी शर्मा, संगीता देवी, कविता देवी सहित सैकड़ों भाई-बंधुओं एवं मातृशक्ति ने सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में आयोजक रघुवीर शर्मा ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया तथा जलपान एवं चाय-नाश्ते के पश्चात कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।

    #ambala #News #haryana #meeting-organized #havan-yagya-and-harmony #parshuramnagar-ambala

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    15/12/25

    प्राकृतिक खेती को बढ़ावा: साहा अनाज मंडी में कल होगी जिला स्तरीय किसान कार्यशाला

    जे कुमार, अम्बाला, 15 दिसम्बर, 2025: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने के लिए कल मंगलवार, 16 दिसम्बर 2025 को साहा अनाज मंडी में एक जिला स्तरीय किसान कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।

    कृषि मंत्री होंगे मुख्य अतिथि : यह कार्यशाला प्रातः 10 बजे शुरू होगी। कार्यक्रम में हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. जसविन्द्र सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यशाला में किसानों को व्यापक जानकारी प्रदान की जाएगी |

    प्रदर्शनियां: उन्नत बीज प्रदर्शनी और उन्नत कृषि उपकरण प्रदर्शित किए जाएंगे। सुविधाएं: बैंकिंग सेक्टर की सुविधाओं और विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। मुख्य फोकस: प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों और इसके लाभों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। डॉ. सैनी ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस कार्यशाला में शामिल हों, ताकि प्राकृतिक खेती के साथ-साथ अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी हासिल करके उनका लाभ उठा सकें।

    #ambala #news #haryana #district-level-farmers #promotion-of-natural #saha-grain-market

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    15/12/25 |

    अंबाला शहर एसडीएम दर्शन कुमार ने समाधान शिविर में सुनी जनता की शिकायतें

    जे कुमार, अम्बाला, 15 दिसम्बर, 2025: एसडीएम अंबाला शहर दर्शन कुमार ने आज (सोमवार) जिला स्तर पर आयोजित समाधान शिविर की अध्यक्षता की। उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों को शिकायतों का तीव्रता से समाधान करने के निर्देश दिए।

    एसडीएम दर्शन कुमार ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि समाधान शिविरों का मुख्य उद्देश्य ही लोगों की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निवारण करना है, और इसी ध्येय को ध्यान में रखकर कार्य करना चाहिए।

    शिविरों का समय और उद्देश्य : -

    उन्होंने आमजन को जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी व्यक्ति सोमवार या वीरवार को जिला स्तर के साथ-साथ उपमंडल स्तर पर आयोजित होने वाले समाधान शिविरों में सुबह 10 बजे से 12 बजे तक पहुंचकर अपनी समस्याएं रख सकता है। इन शिविरों में सभी विभागों के अधिकारी एक ही छत के नीचे मौजूद रहते हैं, जिससे शिकायतों को मौके पर ही संबंधित विभागों को मार्क करके निवारण के निर्देश दिए जाते हैं।

    एसडीएम ने जोर दिया कि जिला प्रशासन का प्रयास रहता है कि लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान हो, और ये शिविर लोगों के लिए बेहद कारगर सिद्ध हो रहे हैं।

    समाधान शिविर में आई प्रमुख शिकायतें

    शिविर में लिखित प्रार्थना पत्रों के माध्यम से विभिन्न प्रकार की शिकायतें आईं, जिनमें प्रमुख थीं:

    आवेदकक्षेत्रशिकायत का विषयनरेश व पूजा रानीबिहटा गांवशीतला माता मंदिर के पास बंद नाले से पानी निकासी न होना।विशालवार्ड नम्बर 7 (जग्गी गार्डन)सीवरेज के टूटे ढक्कन ठीक करवाना और रास्ते में लगे बिजली के पोल हटवाना।सुमनबब्यालबिजली मीटर कनेक्शन लगवाना।रेनू बाला, कश्मीरी व अन्यअलाउदीन माजराबिजली बिल संबंधी समस्या।परमजीत कौर व आरतीडंगडेहरी/मनमोहन नगरपरिवार पहचान पत्र (PPP) में आय (Income) ठीक करवाना। इस मौके पर डीआईपीआरओ धर्मेंद्र कुमार, बिजली निगम के एसडीओ जोगिंदर सिंह, इंस्पेक्टर राकेश मणि सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

    #ambala #news #public-complaints #sdm-darshan-kumar #resolution-camp

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    15/12/25 |

    श्री शिर्डी साई शक्ति धाम फाउंडेशन द्वारा 120 बच्चों को गर्म जैकेट वितरित

    जे कुमार, अम्बाला कैंट, 15 दिसम्बर, 2025: श्री शिर्डी साई शक्ति धाम फाउंडेशन, विकास पुरी इंडस्ट्रियल एरिया, जगाधरी रोड, अंबाला कैंट द्वारा इस वर्ष भी शरद ऋतु के आगमन पर जरूरतमंद बच्चों को गर्म जैकेटों का वितरण किया गया। यह सेवा कार्य स्वामी श्री सत्यानंद जी महाराज की प्रतिज्ञा के अनुरूप संपन्न हुआ।

    सेवा का सतत संकल्प : - संस्था के प्रांगण में आयोजित इस पुनीत कार्यक्रम में कुल 120 बच्चों को जैकेटें प्रदान की गईं। यह कार्य साईं नाथ महाराज की असीम कृपा और स्वामी श्री सत्यानंद जी महाराज के पावन आशीर्वाद से संपन्न हुआ।

    स्वामी जी का समर्पण: यह उल्लेखनीय है कि 89 वर्ष की आयु में भी स्वामी श्री सत्यानंद जी महाराज अपनी सेवा प्रतिज्ञा से पूरी तरह वचनबद्ध हैं। उन्होंने जैकेट वितरण कर यह संदेश दिया कि सच्ची सेवा न उम्र देखती है, न सुविधा—वह केवल करुणा से जन्म लेती है। उद्देश्य: इस पहल का उद्देश्य सर्दी के मौसम में वंचित बच्चों को ठंड से बचाना और उन्हें स्नेह, सुरक्षा तथा अपनत्व का अहसास कराना है।

    सेवा, श्रद्धा और सबूरी : - जैकेट वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ साई बाबा जी की पूजा एवं आरती के साथ किया गया। बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान ने पूरे वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। श्री शिर्डी साई शक्ति धाम फाउंडेशन साई बाबा की शिक्षाओं—श्रद्धा, सबूरी और सेवा—को आत्मसात करते हुए निरंतर समाज सेवा में सक्रिय है। यह परंपरा अब एक प्रेरणादायक सेवा संस्कार बन चुकी है।

    संस्था का उद्देश्य केवल भौतिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सेवा, समानता और करुणा की भावना को सशक्त करना है। इस सेवा कार्य में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, सेवादारों और दानदाताओं का संस्था ने हृदय से आभार व्यक्त किया है।

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    14/12/25 |

    एशियन यूथ गेम्स-2025 में स्वर्ण पदक जीतने वाले कबड्डी खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया सम्मानित

    चंडीगढ़, 14 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज बहरीन में आयोजित एशियन यूथ गेम्स-2025 में स्वर्ण पदक जीतने वाली लड़के एवं लड़कियों की भारतीय कबड्डी टीमों के सदस्य रहे हरियाणा के  खिलाड़ियों के एक प्रतिनिधिमंडल को सम्मानित किया।

     

    ये खिलाड़ी मुख्यमंत्री से आज चंडीगढ़ स्थित आवास संत कबीर कुटीर में मिले। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भारत भूषण भारती सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

     

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने टीम के कप्तान ईशांत राठी सहित सभी खिलाड़ियों को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत और हरियाणा का नाम रोशन करने वाले युवा खिलाड़ियों से मिलना उनके लिए अत्यंत हर्ष और गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि यह जीत केवल एक खेल प्रतियोगिता में विजय नहीं है, बल्कि हरियाणा की ग्रामीण संस्कृति, कठोर अनुशासन, मजबूत इच्छाशक्ति और युवाओं की जुझारू भावना की जीत है।

     

    श्री नायब सिंह सैनी ने खिलाड़ियों के कोच और प्रशिक्षकों की भूमिका की भी सराहना करते हुए कहा कि वे भले ही अक्सर पर्दे के पीछे रहते हैं, लेकिन खिलाड़ियों की सफलता के असली शिल्पकार वही होते हैं। उनकी योजना, अनुशासन, प्रशिक्षण पद्धतियां और निरंतर परिश्रम ने ही इस उपलब्धि को संभव बनाया है।

     

    उन्होंने कहा कि यह विजय हरियाणा के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। गांवों में खेल रहे हजारों बच्चे अब इन खिलाड़ियों को अपना आदर्श मानेंगे और बड़े सपने देखेंगे। इन खिलाड़ियों की गांव के मैदानों से अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम तक की यात्रा हर युवा में यह विश्वास जगाती है कि मेहनत और अनुशासन से बड़े से बड़ा सपना भी साकार किया जा सकता है।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने 11 वर्ष पहले खेलों के लिए एक स्पष्ट दृष्टिकोण विकसित किया था, जिसका उद्देश्य हर बच्चे को खेलों से जोड़ना, प्रत्येक गांव में खेल मैदान विकसित करना और खेलों के प्रति जुनून रखने वाले हर युवा को अवसर प्रदान करना है। इस दृष्टिकोण का लक्ष्य हरियाणा को न केवल भारत की खेल राजधानी बनाना है, बल्कि एक वैश्विक खेल केंद्र के रूप में स्थापित करना भी है।

     

    उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी 2036 ओलंपिक खेलों तक भारत को एक खेल-महाशक्ति बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है और इन खेलों की मेजबानी भारत में कराने का संकल्प व्यक्त किया है। आज हरियाणा को “खेलों की नर्सरी” के रूप में पहचाना जाता है, जो राज्य के लिए गर्व की बात है।

     

    उन्होंने यह भी कहा कि भारत 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी कर रहा है और आशा व्यक्त की कि वहां भी हरियाणा के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे।

     

    श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि राज्यभर में कम उम्र से खिलाड़ियों को निखारने के लिए खेल नर्सरियां स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि आगामी बजट 2026-27 में युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रावधान किया जाएगा।

     

     मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के परिजनों से भी मुलाकात की और उन्हें बधाई दी।

     मुख्यमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में एशियन कबड्डी फेडरेशन के चेयरमैन श्री गुलाब सैनी , कोच श्री दीपक हुडा के अलावा टीम के वाइस कैप्टेन हर्ष मान , दीक्षा राठी , कोमल सहारन , आकाश , शुभम , अखिल , केशव , आदित्य हुडा तथा आर्यन शामिल थे।


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    14/12/25 |

    राष्ट्रीय पेंटिंग वर्कशॉप में शिरकत करने वाले कलाकारों का मंत्री रणबीर गंगवा ने बढ़ाया हौसला

    चंडीगढ़, 14 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने आज हिसार में सुरभि आर्ट फेस्टिवल की राष्ट्रीय पेंटिंग वर्कशॉप में शिरकत की।

    इस मौके पर मंत्री ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले कलाकारों द्वारा बनाई गई विविध विषयों पर आधारित उत्कृष्ट, रचनात्मक एवं भावनात्मक कलाकृतियों का गहन अवलोकन किया और कलाकारों की प्रतिभा की सराहना कर उनका हौसला बढ़ाया।

    मंत्री ने कहा कि कला और संस्कृति समाज की पहचान होती है और इस प्रकार की प्रतियोगिताएं युवाओं एवं उभरते कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान करती हैं। उन्होंने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास और समर्पण से ही कला के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है।

    उन्होंने कहा कि कला समाज का दर्पण होता है और कलाकार अपनी कूची व रंगों के माध्यम से समाज की भावनाओं, संस्कृति और विचारों को जीवंत रूप प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पेंटिंग वर्कशॉप युवा एवं उभरते कलाकारों को अपनी प्रतिभा निखारने और आत्मविश्वास बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर देती हैं। ऐसे मंच कलाकारों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

    उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में भी चित्रकला का महत्व कम नहीं हुआ है, बल्कि कला के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य किया जा सकता है। मंत्री ने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे निरंतर अभ्यास, लगन और अनुशासन के साथ अपनी कला को आगे बढ़ाएं और राज्य व देश का नाम रोशन करें।

    इस अवसर पर वरिष्ठ कलाकार, कला प्रेमी, प्रतिभागी कलाकार तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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    14/12/25 |

    निष्पक्ष और सकारात्मक पत्रकारिता लोकतंत्र के मुख्य स्तंभों में से एक- सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा

    चंडीगढ़, 14 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत व पर्यटन मंत्री डा. अरविंद शर्मा ने कहा कि निष्पक्ष और सकारात्मक पत्रकारिता लोकतंत्र के मुख्य स्तंभों में से एक है। पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है और यह सिर्फ एक परिभाषा नहीं, बल्कि ऐसी भूमिका है, जो समाज के हर हिस्से को आपस में जोड़ती है। आपके माध्यम से जनता की आवाज़ शासन-प्रशासन तक पहुंचती है और शासन के प्रयास जनता तक पहुंचते हैं। जब समाज में कोई पीड़ा होती है, कोई अनियमितता होती है या जब कहीं कोई प्रेरक काम हो रहा होता है, हर जगह आपकी उपस्थिति, आपकी कलम और आपका कैमरा जनता के भरोसे को मजबूत करता है। इसी वजह से लोकतंत्र जीवंत रहता है, और समाज सही दिशा में आगे बढ़ता है।

     

    मंत्री आज गोहाना में पत्रकारों द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।

     

    उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज को सही व सटीक जानकारी उपलब्ध करवाने का कार्य करते हैं। मंत्री ने श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा के कल्याण कोष की स्थापना के लिए स्वैच्छिक कोष से 11 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की घोषणा की।

     

    मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा में मीडिया कर्मियों के कल्याण-उत्थान के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। मीडिया कर्मियों को 7 दिसंबर, 2017 से पेंशन योजना लागू की है। पहले पेंशन की राशि 10 हजार रुपये मासिक थी, अब इसे बढ़ाकर 15 हजार रुपये मासिक कर दिया गया है। प्रदेश में 222 मीडियाकर्मी इस पेंशन का लाभ उठा रहे हैं।

     

     उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जिला स्तर पर जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारियों के कार्यालय में मीडिया सेंटर स्थापित किए गए हैं।

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    14/12/25 |

    हरियाणा में रविवार के दिन विशेष टीकाकरण आयोजित, फीके रहे टीकाकरण शिविर नहीं आए अभिभावक, कर्मचारी परेशान

    जे कुमार, हरियाणा, 14 दिसम्बर: प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में रविवार को बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण के लिए चलाया गया विशेष अभियान पूरी तरह बेअसर साबित हुआ। मिशन निदेशक के आदेशों पर आयोजित इन शिविरों में टीकाकरण का औसत मात्र 1 प्रतिशत से भी कम रहा।

    बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि छुट्टी का दिन होने के कारण अभिभावक अपने बच्चों के साथ निजी कार्यक्रमों में व्यस्त थे या घरों से बाहर थे, जिसके चलते स्वास्थ्य कर्मचारी दिन भर केंद्रों पर खाली बैठकर इंतजार करते रहे।

    एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष शर्मिला देवी और महासचिव सहदेव आर्य ने इस फैसले को 'अव्यावहारिक' और 'मानवीय भावनाओं के खिलाफ' बताया। उन्होंने कहा कि सप्ताह में केवल एक दिन रविवार को महिला कर्मचारी अपने बच्चों और परिवार के साथ समय बिता पाती हैं, लेकिन सरकार के इस आदेश ने उन्हें मानसिक तनाव में डाल दिया। कर्मचारियों ने मांग की है कि टीकाकरण शिविर केवल वर्किंग डेज (कार्य दिवसों) में ही आयोजित किए जाएं।

    राज्य प्रवक्ता संदीप कुंडू ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य कर्मचारियों के सैंकड़ों पद खाली पड़े हैं। शहरी क्षेत्रों में आबादी के अनुपात में कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं है, जिससे मौजूदा स्टाफ पर काम का बोझ बहुत ज्यादा है। इसके अलावा, एसोसिएशन ने जीपीएस कैमरे (GPS Camera) से फोटो भेजने के नए आदेश का भी कड़ा विरोध किया है। कर्मचारियों का कहना है कि बिना सरकारी संसाधन दिए निजी फोन का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसोसिएशन ने यू-विन, अनमोल और निरोगी हरियाणा सहित सभी ऑनलाइन पोर्टलों का पहले ही बहिष्कार किया हुआ है और अब जीपीएस फोटो भेजने के आदेश को भी इसमें शामिल कर लिया है।

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    14/12/25 |

    प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के प्रयासों से अम्बाला छावनी में बना नेता जी सुभाष पार्क बना स्कूली बच्चों की पहली पसंद

    जे कुमार,अम्बाला, 14 दिसम्बर : अम्बाला छावनी स्थित नेता जी सुभाष पार्क इन दिनों न केवल अम्बाला बल्कि प्रदेश के दूसरे जिलों के लिए भी आकर्षण का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। यह पार्क प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के विशेष प्रयासों से विकसित किया गया है, जो आज बच्चों, युवाओं और परिवारों के लिए मनोरंजन और सुकून का प्रमुख स्थल बन चुका है। हरियाली, आधुनिक सुविधाओं और मनोरंजक गतिविधियों के कारण यहां दूर-दराज के जिलों से लोग पहुंच रहे हैं।

    इसी कड़ी में यमुनानगर जिले के सदोरा क्षेत्र के एक स्कूल से लगभग 150 स्कूली बच्चे शैक्षणिक भ्रमण के तहत नेता जी सुभाष पार्क पहुंचे। पार्क में पहुंचते ही बच्चों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने यहां बोटिंग का भरपूर आनंद लिया। तालाब में नाव की सवारी करते हुए बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्सुकता साफ दिखाई दी।

    इसके बाद बच्चों ने पार्क में बने खुले मंच पर समूह में डांस किया और मस्ती भरे गीतों पर जमकर झूमे। पूरे पार्क में बच्चों की हंसी और उल्लास का माहौल बन गया। वहीं, पार्क में बनी आकर्षक भूलभुलैया बच्चों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रही। बच्चे इसमें रास्ता तलाशते हुए रोमांचित नजर आए और एक-दूसरे के साथ हंसी-मजाक करते हुए खूब लुत्फ उठाया। भूलभुलैया ने बच्चों की सोचने-समझने और निर्णय लेने की क्षमता को भी परखा।

    स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास के लिए बेहद जरूरी होते हैं। इससे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ प्रकृति और मनोरंजन से जुड़ने का मौका मिलता है। पार्क में साफ-सफाई, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्थाओं के चलते शिक्षकों और बच्चों ने खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस किया।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि कैबिनेट मंत्री अनिल विज के प्रयासों से विकसित नेता जी सुभाष पार्क आज अम्बाला ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों के लिए भी एक बड़ा आकर्षण बन चुका है। आने वाले समय में और भी स्कूलों व पर्यटकों के यहां पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

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  • दिसंबर 2025 में हुए केरल के स्थानीय निकाय (Local Body) चुनावों में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम (Thiruvananthapuram Municipal Corporation) पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।

    NDA ने 101 सदस्यीय तिरुवनंतपुरम नगर निगम में 50 सीटें (वॉर्ड) जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया ।

    इस चुनाव में 45 वर्षों से अधिक समय तक चली LDF (सीपीआई(एम)-नेतृत लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) की सत्ता को चुनौती मिलती है क्योंकि LDF को लगभग 29 सीटें ही मिलीं, जबकि UDF ने करीब 19 सीटें जीतीं।

    यह परिणाम राजनीति के लिहाज से विशेष महत्व रखता है क्योंकि तिरुवनंतपुरम क्षेत्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर का गढ़ माना जाता रहा है, और यहाँ NDA का प्रदर्शन अब तक असाधारण रहा है।

    कांग्रेस के शशि थरूर समेत कई उठे हुए नेताओं ने भी इस परिणाम को “लोकतंत्र की सुन्दरता” के रूप में स्वीकार किया है, यह बताते हुए कि जनता का निर्णय सम्माननीय है।

    यह NDA के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक जीत है — खासकर केरल जैसे राज्य में जहाँ पार्टी की पहले सीमित पैठ रही है। इस जीत को अगले साल होने वाले केरल विधानसभा चुनावों (2026) के लिए भी एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।

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    13/12/25 |

    हरियाणा धाकड़ जवान, धाकड़ किसान व धाकड़ पहलवान की धरा – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

    अम्बाला, 13 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक व्यापक स्वास्थ्य उत्सव है, जो युवाओं को सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है। यह महोत्सव ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ अभियानों को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान करते हुए युवाओं को स्वस्थ, अनुशासित और आत्मनिर्भर बनाने का जन-आंदोलन बन चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के खेलों को जन-आंदोलन बनाने के संकल्प को साकार करता यह महोत्सव ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचान दिलाने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम सिद्ध हो रहा है।

     

    मुख्यमंत्री शनिवार को फतेहाबाद में 'सांसद खेल महोत्सव' के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में पहुंचने पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को आयोजक राज्यसभा सांसद श्री सुभाष बराला ने पगड़ी पहनाकर और स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। फाइनल मुकाबले में शामिल हो रहे खिलाड़ियों ने मार्चपास्ट भी किया।

     

    मुख्यमंत्री ने फाइनल मुकाबलों का विधिवत आगाज किया। उन्होंने इस दौरान सिरसा और फतेहबाद की टीम के बीच हुए कबड्डी मैच को भी देखा तथा खिलाड़ियों से मिलकर उनकी हौंसला अफ़जाई भी की। सिरसा लोकसभा की 9 विधानसभाओं के 45 हजार खिलाड़ियों ने सांसद खेल महोत्सव के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था। इनमें से 3604 खिलाड़ी अलग-अलग प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबलों में शामिल होंगे।

     

    खिलाड़ियों व उपस्थितजन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'सांसद खेल महोत्सव' से सिरसा लोकसभा क्षेत्र देश के टॉप-10 लोकसभा क्षेत्रों में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि कई बार इंसान के अंदर हुनर होने के बाद भी अवसर न मिलने से वह कामयाबी की सीढ़ी नहीं चढ़ पाता। इस बात को समझते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सांसद खेल स्पर्धा करवाने के निर्देश दिए हैं। इस प्रकार के आयोजन से न केवल खेल में रुचि बढ़ती है, बल्कि राज्य, राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए प्रोत्साहन भी मिलता है।

     

    ओलम्पिक 2036 में भारत को खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 साल पहले हरियाणा में खेलों के लिए एक विजन विकसित किया था। वह विजन था हर बच्चे को खेल से जोड़ने का, हर गांव में खेल का मैदान बनाने का और हर उस युवा को अवसर देने का, जिसमें खेल के प्रति ललक है। इस विजन का लक्ष्य है कि हरियाणा को न केवल भारत की, बल्कि विश्व की खेल राजधानी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ओलम्पिक 2036 में भारत को खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हरियाणा के खिलाड़ी सबसे अधिक पदक जीतकर देश का नाम रोशन करेंगे।

     

    उन्होंने कहा कि खेलों में भाग लेना ही अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। इसलिए, खेल में हार-जीत से ज्यादा मेहनत, अनुशासन और लगन महत्वपूर्ण है। यही वे गुण हैं, जो युवाओं को भविष्य में एक बेहतर नागरिक और एक सफल खिलाड़ी बनाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं की मजबूत इच्छा शक्ति और कड़ी मेहनत का नतीजा है कि खेल देश के अंदर हो रहे हों या देश के बाहर, हरियाणवी खिलाड़ी अपनी उपलब्धियों से देश के झंडे को ऊंचा कर रहे होते हैं।

     

    हरियाणा धाकड़ जवान, धाकड़ किसान व धाकड़ पहलवान की धरा

     

    श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा धाकड़ जवान, धाकड़ किसान व धाकड़ पहलवान की धरा है। प्रदेश का किसान देश के अन्न भंडार भरने में अहम योगदान देता है। जवान गर्मी-सर्दी की परवाह न करते हुए सरहदों पर डटा रहता है। इसी प्रकार हमारे खिलाड़ी अन्तर्राष्ट्रीय खेलों में सोना जीतकर देश की झोली भरने का काम करते हैं।

     

    उन्होंने कहा कि खिलाड़ी में अभ्यास, अनुशासन और आत्मबल जैसे गुणों को निखारने के लिए ही सरकार समय-समय पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करती रहती है। प्रदेश में साल भर विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने के लिए खेल कैलेण्डर भी तैयार किया गया है। इसके अनुसार खेल महाकुम्भ, राज्यस्तरीय अखाड़ा दंगल, मुक्केबाजी, वॉलीवाल, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, तैराकी, बास्केट बॉल, हैंड बाल इत्यादि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयास है कि हरियाणा का हर गांव एक ऐसा खिलाड़ी दे, जो विश्व मंच पर भारत का परचम लहराए। इस सपने को साकार करने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है और सांसद खेल महोत्सव भी उसी कड़ी का एक स्वर्णिम अध्याय है।

     

    हरियाणा - 'खेलों की नर्सरी'

     

    मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज हरियाणा को 'खेलों की नर्सरी' कहा जाता है। राज्य में मजबूत खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया गया है ताकि खिलाड़ियों को सभी आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि बचपन से ही खिलाड़ियों को तराशने के लिए प्रदेश में खेल नर्सरियां खोली हुई हैं। इनमें उन्हें वित्तीय सहायता व प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इस समय प्रदेश में 1,472 खेल नर्सरियां कार्यरत हैं। इनमें 37,225 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। खेल नर्सरियों में नामांकित 8 से 14 वर्ष की आयु के खिलाड़ियों को 1500 रुपये तथा 15 से 19 वर्ष की आयु के खिलाड़ियों को दो हजार रुपये प्रति माह दिये जाते हैं।

     

    16,418 खिलाड़ियों को 683.15 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार दिए

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित रोजगार सुनिश्चित करने के लिए 'हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021' बनाये हैं। इसके तहत खेल विभाग में 550 नए पद बनाये गये। सरकार ने 231 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 6 करोड़ रुपये तक के नकद पुरस्कार देती है। इसके तहत अब तक 16 हजार 418 खिलाड़ियों को 683 करोड़ 15 लाख रुपये के नकद पुरस्कार दिए हैं।

     

    उन्होंने कहा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 298 खिलाड़ियों को मानदेय भी दिया जा रहा है। राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले तथा पदक जीतने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। वर्ष 2014 से अब तक 24 हजार से अधिक छात्रों को 70 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को खेल उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए हरियाणा खेल उपकरण प्रावधान योजना बनाई है। इसके तहत 15,634 खिलाड़ियों को उपकरण प्रदान किये जा चुके हैं।

     

    2036 ओलंपिक की तैयारी का मजबूत मंच बना सांसद खेल महोत्सव - सुभाष बराला

     

    सांसद खेल महोत्सव के ग्रैंड फिनाले समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्यसभा सांसद श्री सुभाष बराला ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का स्वागत किया और कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में प्रारंभ किया गया सांसद खेल महोत्सव युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है।

     

    राज्यसभा सांसद ने कहा कि वर्ष 2036 में भारत द्वारा ओलंपिक खेलों की मेजबानी का लक्ष्य रखा गया है और हरियाणा विशेषकर सिरसा लोकसभा क्षेत्र के खिलाड़ी इसके लिए अभी से स्वयं को तैयार कर रहे हैं। ऐसे आयोजनों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। हरियाणा के खिलाड़ियों ने देश और प्रदेश का नाम रोशन कर तरक्की के मार्ग पर आगे बढ़ाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर शुरू किए गए सांसद खेल महोत्सव में सिरसा लोकसभा क्षेत्र से लगभग 45 हजार युवाओं ने पंजीकरण कराया, जो युवाओं के खेलों के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि 21 सितंबर को दमकोरा स्टेडियम से प्रारंभ हुआ यह खेल महोत्सव 105 दिनों तक चला, जिसमें 1500 से अधिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

     

    उन्होंने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की सराहना करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान युवाओं को मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरी देने का जो संकल्प लिया गया था, उसे मुख्यमंत्री ने शपथ लेने से पहले ही पूरा कर दिखाया, जो सरकार की युवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के आधार पर सरकारी नौकरियों में नियुक्ति दे रही है। श्री बराला ने कहा कि 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी लाइव संबोधन करेंगे, जिसके लिए कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

     

    उन्होंने प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे नशे और ऑनलाइन गेम्स से दूर रहकर खेलों को खेल भावना के साथ खेलें और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

     

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण बेदी, पूर्व सांसद श्रीमती सुनीता दुग्गल, पूर्व विधायक श्री दुड़ा राम, चेयरमैन वेद फुलां, चेयरमैन भारत भूषण मिड्डा, चेयरमैन रविंद्र बलियाला, अर्जुन अवॉर्डी और द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित कई खिलाड़ी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

     

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    13/12/25 |

    राष्ट्रीय लोक अदालत में टूटे रिकॉर्ड: अम्बाला में 21 हजार से ज्यादा केस निपटे, लाखों की राशि का हुआ भुगतान

    अम्बाला, 13 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 13 दिसंबर को किया गया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बाला के सचिव श्री प्रवीन ने बताया की लोगों के लम्बित मामलों का निपटारा करने के लिए समय समय पर लोक अदालतों का आयोजन किया जा रहा है।


    इस कड़ी में 13 दिसम्बर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया है। लोक अदालत में वैवाहिक के 115 मामले पारिवारिक विवाद के 476 मामले, आपराधिक के 1184 मामले, भूमि अधिग्रहण एव श्रम विवाद के 476 मामले एंव बैंक रिकवरी के 1039 और 6,20,500 राशि का भुगतान और और कुल 21027 मामलों का निपटारा किया गया ।


    इस कड़ी में जिला न्यायालय में हेल्प डेस्क भी स्थापित किया गया है ताकि लोगों तक इसकी अधिक से अधिक जानकारी पहुँच सके और ज्यादा से ज्यादा लोग इस लोक अदालत का फायदा ले सकें।
    सचिव, श्री प्रवीन ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि इसके अलावा बिजली पानी इत्यादि संबधित प्री लिटिगेशन स्टेज पर मुकदमे स्थायी लोक अदालत में लगाकर निपटा, जा सकते है। स्थायी लोक अदालत जिला, डी आर सेंटर अम्बाला में स्थापित है। अधिक जानकारी के लि. हेल्पलाइन नं- 0171-2532142 व 9991112060 नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने जनसाधारा से अपील की कि ये अदालत में लम्बित मुकदमे व प्री लिटिनेशन स्टेज पर मुकदमे इस लोक अदालत में रख कर उनका निपटारा करवा सकते है जिससे आपसी समझौते से मुकदमे का निपटारा होने पर भाईचारे की भावना बढती है और लोक अदालत मे हुए मुकदमों की अपील भी नहीं होती जिससे समय व धन की बचत होती है।

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    13/12/25 |

    अंबाला नगर निगम वार्डबंदी: आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 18 दिसंबर तक का समय; कमिश्नर ने जारी की अधिसूचना

    अम्बाला, 13 दिसम्बर (अभी) : नगर निगम कमीशनर विरेन्द्र लाठर ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि नगर निगम की वार्डबंदी की प्राथमिक अधिसूचना सरकार द्वारा जारी की जा चुकी है जिसके द्वारा 07 दिन की समय अवधि में आपत्तियां एवं सुझाव उपायुक्त अम्बाला के माध्यम से आमंत्रित किए जाते हैं।


    उन्होने जनसाधारण को अवगत करवाते हुए बताया कि इस वार्डबंदी की प्राथमिक अधिसूचना के बारे में यदि कोई आपत्तियां एवं सुझाव हैं तो वह दिनांक 18 दिसम्बर सांय 3 बजे तक नगर निगम अम्बाला व उपायुक्त अम्बाला के कार्यालय में दर्ज करवाने का कष्ट करें। निश्चित समय अवधि के उपरांत कोई भी आपत्ति व सुझाव दर्ज नहीं किए जाएंगे। वार्डबंदी की प्राथमिक अधिकसूचना नगर निगम अम्बाला की वैबसाईट  www.mcambala.gov.in पर नगर निगम कार्यालय व उपायुक्त कार्यालय में देखी जा सकती है।

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    13/12/25 |

    डिजिटल कृषि मिशन में हरियाणा की रफ्तार: डॉ. सुमिता मिश्रा ने किसान रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे की तैयारियों की समीक्षा की

    चंडीगढ़, 13 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा कृषि क्षेत्र में एक ऐतिहासिक डिजिटल बदलाव की तैयारी कर रहा है। राज्य सरकार किसान-रजिस्ट्री (एग्रीस्टैक) और डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) की शुरूआत के लिए सभी प्रमुख कदमों को अंतिम रूप दे रही है।

    राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त, डॉ. सुमिता मिश्रा ने आज इसकी प्रगति की समीक्षा की।

     

    डॉ. मिश्रा ने बताया कि विभाग हरियाणा के लगभग 1.78 करोड़ भूमि खंडों पर टीमों को सक्रिय करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जो देश के सबसे बड़े डिजिटल कृषि अभियानों में से एक है। हरियाणा सरकार ने किसान-रजिस्ट्री कैंप 1 जनवरी 2026 से और डिजिटल क्रॉप सर्वे 1 फरवरी 2026 से शुरू करने का कार्यक्रम तय किया है। उन्होंने कहा कि ये दोनों पहलें हरियाणा के एग्रीस्टैक विज़न की आधारशिला हैं, जिसका उद्देश्य किसानों और उनकी फसलों का एकीकृत, सटीक और पारदर्शी डेटा आधार तैयार करना है।

     

    बैठक के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि विभाग 9 दिसंबर को ही सभी आवश्यक डेटा केंद्रीय प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (CPMU) के साथ साझा कर चुका है और जिसमें बकेटिंग प्रक्रिया अभी उक्त यूनिट स्तर पर लंबित है। इसे पंचकूला जिले के लिए 16 दिसंबर तक पूरा किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे पोर्टल अभी तक चालू नहीं हुआ है और केंद्रीय प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट से आग्रह किया कि पोर्टल की स्थिति और अपलोड किए गए सर्वे डेटा की अद्यतन जानकारी तुरंत साझा की जाए, ताकि 1 फरवरी की अंतिम तिथि तक बिना किसी देरी के पूरी की जा सके।

     

    उन्होंने यह भी कहा कि किसान-रजिस्ट्री पोर्टल 17 दिसंबर तक पूर्ण रूप से कार्यात्मक होना चाहिए, जबकि तीन प्रमुख एप्लिकेशन—भूमि सत्यापन, किसान पंजीकरण और रजिस्ट्रेशन—20 दिसंबर तक सुरक्षा ऑडिट पूरा कर ऐप स्टोर पर उपलब्ध करा दिए जाने चाहिए। साथ ही, सर्वे ऑफ इंडिया को शेष गांवों की ज्योमेट्री मैपिंग 16 दिसंबर तक जमा करने के निर्देश दिए।

     

    डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट किया कि किसान-रजिस्ट्री सीधे पीएम-किसान योजना से जुड़ी होगी, इसलिए किसान पंजीकरण के लक्ष्यों को समय पर पूरा करना अनिवार्य है। अपनी समीक्षा में उन्होंने प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई (SPMU) की स्थापना को भी अनिवार्य बताया। इसके अलावा उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि फील्ड स्टाफ जैसे पटवारी, कृषि पर्यवेक्षक और अन्य टीमों तथा किसानों को सहायता प्रदान करने के लिए तुरंत एक समर्पित हेल्प डेस्क स्थापित किया जाए।

     

    उन्होंने समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत निगरानी तंत्र भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि कार्य की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा उपायुक्तों द्वारा, जबकि भूमि अभिलेख निदेशक और कृषि निदेशक द्वैमासिक समीक्षा करेंगे। राज्य स्तर पर वित्त आयुक्त और कृषि विभाग के प्रधान सचिव मासिक समीक्षा करेंगे।

     

    कार्यान्वयन एजेंसियों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने के लिए, डॉ. मिश्रा ने राजस्व विभाग और सर्वे ऑफ इंडिया की संयुक्त बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। यह बैठक लंबित तकनीकी कार्यों, मानचित्र संबंधी मुद्दों और फील्ड-स्तर की तैयारियों का समाधान सुनिश्चित करेगी, जिससे परियोजना बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके।

     

    डॉ. मिश्रा ने इस पहल को “डेटा-आधारित कृषि की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम” बताते हुए कहा कि हरियाणा तकनीक के माध्यम से कृषि को आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि समय-सीमाओं, विभागीय समन्वय और मजबूत डिजिटल ढांचे के साथ, हरियाणा पारदर्शी, कुशल और किसान-केंद्रित शासन का राष्ट्रीय मॉडल बनने की दिशा में अग्रसर है। आने वाले किसान रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे अभियानों से सेवाओं की आपूर्ति, फसल आकलन की सटीकता और सरकारी योजनाओं तक समयबद्ध पहुंच में उल्लेखनीय सुधार होगा जिससे राज्य के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

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    13/12/25

    सर्दी के मौसम में अंगीठी, रूम हीटर, गैस गीजर और वाटर हीटर आदि का सावधानीपूर्वक करें प्रयोग : उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ

    जे कुमार, पलवल, 13 दिसंबर 2025 :- उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जनहित में लोगों को चेतावनी देते हुए सतर्क किया कि वे सर्दी के मौसम में अंगीठी, रूम हीटर, गैस गीजर और वाटर हीटर आदि का सावधानीपूर्वक प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि हम सर्दियों में अक्सर नहाने के लिए गैस गीजर या कमरे के तापमान को गर्म करने के लिए जलते हुए रूम हीटर और कायलों की अंगीठी का इस्तेमाल करते हैं और कमरे को पूरा बंद कर लेते हैं, जो हमारे लिए सबसे बड़ा खतरा बन जाती है।

    जब कमरे में हवा की आवाजाही नहीं होती, तो गैस या जलने वाली चीजें ऑक्सीजन कम करके कार्बन मोनोऑक्साइड को (सीओ गैस) बढ़ा देती हैं। यह गैस बिल्कुल बिना रंग की, बिना गंध की और बिना आवाज की होती है, इसलिए किसी को पता भी नहीं चलता और इंसान धीरे-धीरे बेहोश होकर दम घुटने से मर सकता है। ऐसे में हमें इनका प्रयोग करते समय पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।


    उपायुक्त चेताया कि अंगीठी या हीटर का प्रयोग करते समय कमरे का बिल्कुल बंद न रखें, इससे गैस का जमाव हो जाता है और कमरे में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिससे व्यक्ति का दम घुटने से मृत्यु हो जाती है। इसलिए आम जन सर्दियों में ध्यान रखें कि गैस गीजर बाथरूम में बंद करके कभी न चलाएं। कमरे में हीटर या अंगारे जल रहे हो तो हल्की-सी वेंटिलेशन जरूर रखें।

    सोते समय कमरे में कोयले या अंगारों को जलता हुआ न छोड़ें। और अगर चक्कर, सिरदर्द, उलझन महसूस हो तो तुरंत कमरे को खोलें और बाहर निकल जाएं। उन्होंने कहा कि बस थोड़ी-सी सावधानी बरतकर हम स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।

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    13/12/25 |

    सभी विभाग समाधान शिविर, सीएम विंडो व जनसंवाद पोर्टल पर पेंडिंग शिकायतों का तत्काल निराकरण करें सुनिश्चित : उपायुक्त

    जे कुमार, पलवल 13 दिसम्बर 2025 : - उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि समाधान शिविर, सीएम विंडो व जनसंवाद पोर्टल के माध्यम से आमजन की शिकायतों का त्वरित निदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ऐसे में संबंधित अधिकारी समाधान शिविर, सीएम विंडो व जन संवाद पोर्टल पर पेंडिंग शिकायतों का तत्काल समाधान करते हुए अपडेट रिपोर्ट संबंधित पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें।

    उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विभागों की जो भी शिकायतें लंबित हैं वे उन पर शनिवार व रविवार को आवश्यक कार्यवाही करते हुए उन शिकायतों को शून्य पर लाएं। उन्होंने जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को डिमार्केशन व स्वामित्व योजना से संबंधित शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान करने के निर्देश दिए।


    उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में समाधान प्रकोष्ठ व जनसंवाद की शिकायतों की विभागवार समीक्षा कर सभी विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से लें और इनका समयबद्ध निपटान करें। संबंधित अधिकारी हर रोज पोर्टल जरूर चेक करें और निर्धारित समय पर एक्शन टेकन रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करें।

    ऑनलाइन पोर्टल पर आने वाली जन शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सभी विभागाध्यक्ष गंभीरता से कार्य करें। उन्होंने स्पष्टï निर्देश दिए कि कोई भी विभागाध्यक्ष नागरिक की किसी भी शिकायत को लंबित न रखें और उनका तुरंत समाधान करवाएं।


    अधिकारी रि-ओपन होने वाली शिकायतों पर दें विशेष ध्यान दें : डा. वशिष्ठ
    उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने निर्देश दिए कि समाधान शिविर की शिकायतों पर विभागीय अधिकारी समय पर कार्यवाही करें और एटीआर अपलोड करते समय सभी तथ्यों की जांच करें। रिपोर्ट के बारे में शिकायतकर्ता को भी अवगत करवाएं ताकि उसे शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी हो।

    उन्होंने कहा कि जो शिकायतें किसी दूसरे विभाग से संबंधित हों और उनका संबंध एक से अधिक विभागों से है तो उसके बारे में दूसरे संबंधित विभाग को भी अवगत करवाएं और आपसी तालमेल से शिकायतों का समाधान करवाएं। यदि कोई शिकायत लंबे समय से पेंडिंग है, तो उस संबंध में अधिकारियों को जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर की मॉनिटरिंग राज्य स्तर पर भी की जाती है और जो शिकायतें रि-ओपन होती है, उन पर अधिकारी विशेष ध्यान दें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिस भी विभाग की अधिक पुरानी शिकायतें लंबित हैं उनका तत्काल समाधान करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

    #ambala #News #palwal #all-departments #immediate-resolution #pending-complaints

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    13/12/25

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में स्कूलों में निबंध प्रतियोगिता की वर्चुअल शुरुआत की

    जे कुमार चंडीगढ़, 13 दिसंबर -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में प्रदेशभर के विद्यालयों में निबंध लेखन प्रतियोगिता की चंडीगढ़ से वर्चुअल शुरुआत की। यह प्रतियोगिता साहिबज़ादों—बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की अमर शहादत, साहस और अद्वितीय बलिदान के संदेश को जन - जन तक पहुँचाने का एक प्रयास है।

     

    इस वर्चुअल कार्यक्रम में प्रदेशभर के स्कूलों से हजारों बच्चे ऑनलाइन माध्यम से जुड़े और मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ संवाद किया। उन्होंने वीर साहिबज़ादों बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी को नमन करते हुए सभी बच्चों से कहा कि साहिबज़ादों के बलिदान से जुड़ी कहानी को आप जितनी बार पढ़ेंगे, सुनेंगे और जानेंगे, उतने ही आप अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट और दृढ़ निश्चयी होंगे।

     

    उन्होंने कहा कि आज प्रदेशभर में वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में चार भाषाओं - हिन्दी, अंग्रेजी, पंजाबी और संस्कृत में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। इस प्रतियोगिता में वीर साहिबज़ादों के जीवन पर सारगर्भित निबंध लिखकर बच्चे अपनी प्रतिभा का परिचय देंगे। इस प्रतियोगिता के लिए उन्होंने बच्चों को अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दी ।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबज़ादों श्री जोरावर सिंह जी और श्री फतेह सिंह जी ने केवल नौ साल और छ: साल की उम्र में अपने जीवन में हिम्मत और सच्चाई दिखाकर हम सबको प्रेरणा दी है। हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 से प्रतिवर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया, ताकि पूरा देश इन शूरवीरों को हमेशा याद रखे।

     

    उन्होंने कहा कि छोटे साहिबज़ादों का बलिदान हमें सिखाता है कि छोटी उम्र में भी बड़ी जिम्मेदारी निभाई जा सकती है। इसलिए हर विद्यार्थी हिम्मत और सत्यनिष्ठा से अपने कर्तव्यों का पालन करे, अपने संस्कारों और मूल्यों को संरक्षित रखते हुए देश को आगे बढ़ाने में अपना सहयोग दे। सभी विद्यार्थी अपना जीवन निडर होकर, कठिनाइयों का सामना करते हुए जिएं क्योंकि साहस वही दिखाता है जो सच्चाई के लिए खड़ा होता है।  

    #news #chief-minister-nayab-singh-saini #virtually-launched #essay-competition #schools

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    13/12/25 |

    मानवाधिकार दिवस पर जी.एम.एन. कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन

    जे कुमार, अम्बाला 13 दिसम्बर : - अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के उपलक्ष्य में जी.एम.एन. कॉलेज, अम्बाला छावनी में एक प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में मानवाधिकारों, संवैधानिक मूल्यों और समाज के कमजोर वर्गों के संरक्षण के प्रति समझ तथा जागरूकता को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एडवोकेट अमिता वर्मा रहीं, जिन्होंने मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बच्चों से संबंधित कानूनी अधिकारों, हक़ों और उपलब्ध उपचारों पर गहन जानकारी प्रदान की। उन्होंने विशेष रूप से विकलांग बच्चों, ट्रांसजेंडर बच्चों, मानव तस्करी से मुक्त कराए गए बच्चों, तथा बाल श्रम और बाल विवाह जैसी सामाजिक समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। उनका व्याख्यान अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा, जिसने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति अधिक सजग बनने के लिए प्रेरित किया। 

    कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मानवाधिकारों के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में प्रत्येक व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह न केवल अपने अधिकारों को समझे बल्कि समाज में न्याय, समानता और गरिमा को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेकर अपनी दृष्टि को और व्यापक बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। 

    इस अवसर पर जी.एम.एन. कॉलेज ने कानूनी साक्षरता, मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। कार्यक्रम में डॉ. भारती विज, डॉ. सरोज बाला, सुश्री जस्मिता हैंडा और रीतिका भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    #ambala #News #gmncollege #seminar #students #human-rights-day

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    13/12/25

    भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल ने भारत के साइबर सुरक्षा ढांचे पर चर्चा के लिए विदेशी पत्रकारों की मेजबानी की

    आरएस अनेजा, 13 दिसम्बर नई दिल्ली - भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (सीईआरटी-इन), इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने विदेश मंत्रालय (एमईए) के सहयोग से यूरोप, अमेरिका और मध्य एशियाई देशों के दौरे पर आए पत्रकारों के लिए साइबर सुरक्षा परिचय यात्रा और संवादात्मक सत्र का आयोजन किया। 

    इस सत्र की अध्यक्षता नई दिल्ली स्थित एमईआईटीवाई में सीईआरटी-इन के महानिदेशक और  प्रमाणन प्राधिकरण नियंत्रक (सीसीए) डॉ. संजय बहल ने की। डॉ. बहल ने भारत में साइबर सुरक्षा, संकट प्रबंधन, भेद्यता आकलन, सूचना साझाकरण, साइबर घटनाओं पर समन्वित प्रतिक्रिया, लेखा परीक्षकों की नियुक्ति और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सीईआरटी-इन की भूमिका और जिम्मेदारियों के बारे बताया। सीईआरटी-इन अपने अनुसंधान सहयोग, सार्वजनिक-निजी भागीदारी और अंतर्राष्ट्रीय मंचों में भागीदारी के माध्यम से डिजिटल इंडिया की परिकल्पना के अनुरूप एक मजबूत और विश्वसनीय साइबर सुरक्षा व्‍यवस्‍था का निर्माण कर रहा है।

    डॉ. बहल ने बताया कि सीईआरटी-इन उभरते खतरों के विरुद्ध संगठनों  और नागरिकों को समय पर अलर्ट और अनुकूल सलाह जारी करता है जिससे अनावश्यक घबराहट पैदा किए बिना सक्रिय सुरक्षा सुनिश्चित होती है। डॉ. बहल ने भारत के वैश्विक साइबर सुरक्षा केंद्र के रूप में तेजी से उभरने का भी उल्‍लेख किया जो 400 से अधिक स्टार्टअप और 6.5 लाख से अधिक कुशल पेशेवरों के बल पर 20 बिलियन डॉलर के साइबर सुरक्षा उद्योग को सशक्‍त बना रहा है।

    बदलते खतरे के परिदृश्य पर जोर देते हुए, डॉ. बहल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एक दोधारी तलवार की तरह काम करती है—जो रक्षकों और विरोधियों दोनों को सक्षम बनाती है।

    #goi #govermentofindia #news

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    13/12/25

    फिलाडेल्फ़िया अस्पताल में 'यूनाइटेड क्रिसमस कैरल सर्विस' का भव्य आयोजन, 30 पास्टर्स हुए सम्मिलित

    जे कुमार, अम्बाला सिटी, 13 दिसम्बर 2025 : क्रिसमस के पावन अवसर पर फिलाडेल्फ़िया अस्पताल, अंबाला सिटी में चल रहे उत्सवों की श्रृंखला के अंतर्गत आज भव्य यूनाइटेड क्रिसमस कैरल सर्विस का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास के साथ किया गया। यह आध्यात्मिक समारोह भक्ति और आनंद के वातावरण से परिपूर्ण रहा।

    आध्यात्मिक माहौल और मधुर कैरल्स : इस समारोह में लगभग 30 पास्टर्स अपनी-अपनी मंडलियों (Quire) सहित सम्मिलित हुए और ‘प्रिंस ऑफ पीस’ (शांति के राजकुमार) प्रभु यीशु के स्वागत में मधुर कैरल्स (भक्ति गीत) प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की शुरुआत: रेव. एडिनो (प्रेस्बिटर-इन-चार्ज, CNI चर्च, अंबाला सिटी) द्वारा प्रार्थना के साथ हुई।

    अस्पताल का क्वायर: अस्पताल के प्रसिद्ध क्वायर ने Majesty Worship His Majesty, झूमती है ज़िंदगी, तथा ओ मैंने पहले से कह दी, मसीह मरियम का जाओ रे जैसे आत्मिक गीतों से वातावरण को दिव्य बना दिया। जीवंत जन्म-दृश्य: मंच पर पहली वर्ष की छात्राओं ने मरियम, यूसुफ और चरवाहों का रूप धारण कर यीशु के जन्म-दृश्य को जीवंत किया, जिसकी दर्शकों ने खूब सराहना की।

    12:12 का आध्यात्मिक महत्व : इस अवसर पर डॉ. सुनील सादिक, निदेशक – फिलाडेल्फ़िया अस्पताल, ने बाइबल के विभिन्न अंशों के माध्यम से 12:12 का गहन अर्थ और उसका आध्यात्मिक महत्व समझाया। उन्होंने यह भी साझा किया कि फिलाडेल्फ़िया अस्पताल किस प्रकार बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों की सेवा और सहायता करने हेतु निरंतर समर्पित है। कार्यक्रम का समापन पास्टर संजीव मैथ्यूज़ की प्रार्थना तथा पास्टर आइज़क सैमुअल द्वारा प्रदत्त आशीर्वचन के साथ हुआ।

    #ambala #News #christmas-carol-service #philadelphia-hospital

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    13/12/25 |

    सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण हेतू दिवसीय क्षमता विकास और प्रशिक्षण

    चंडीगढ़, 13 दिसम्बर (अभी) : आर्थिक एवं सांख्यिकीय कार्य विभाग, हरियाणा द्वारा सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण हेतू समर्थन (एस.एस.एस.) उप-योजना के तहत दो दिवसीय क्षमता विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम निदेशक, आर्थिक एवं सांख्यिकीय कार्य विभाग मनोज कुमार गोयल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया और इसमें विभिन्न लाइन विभागों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

    निदेशक मनोज कुमार गोयल ने कहा कि सांख्यिकीय डेटा की गुणवत्ता बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया ताकि सटीकता, विश्वसनीयता और मजबूत परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें जो राज्य सरकार को प्रभावी योजना और नीति निर्माण में सहायता करते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का विषय सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण को बढ़ाने, उन्नत करने के लिए मानव संसाधन विकास पर ध्यान केंद्रित करना था।

    कार्यक्रम में संबंधित अनुसंधान अधिकारियों ने विभाग की विभिन्न सांख्यिकीय शाखाओं के कामकाज पर व्यापक स्तर पर प्रस्तुतियाँ दी जिनमें संकलन, आर्थिक सर्वेक्षण, राज्य आय, पूंजी निर्माण, क्षेत्रीय खाते और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण शामिल हैं। इन प्रस्तुतियों में प्रत्येक शाखा की मुख्य भूमिकाओं, प्रक्रियाओं और चल रही गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।

    कार्यक्रम में स्वर्ण जयंती प्रतिनिधि ने सतत विकास लक्ष्यों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। अतिरिक्त निदेशक श्री आर. के. मोर, श्री उप निदेशक अनिल कुमार हुड्डा, कार्यक्रम ने विभाग का संक्षिप्त परिचय दिया। विभिन्न राज्य सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया और इसे सफल बनाने में योगदान दिया। विभाग ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

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    13/12/25 |

    राइट टू सर्विस कमीशन ने महेंद्रगढ़ नगरपालिका की लापरवाही पर लिया संज्ञान

    चंडीगढ़, 13 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने महेंद्रगढ़ नगर परिषद क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत में हुई देरी और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही पर गंभीर संज्ञान लिया है। आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि मूल शिकायत 24 मार्च, 2025 को प्राप्त होने के बावजूद नगरपालिका समिति की ओर से आवश्यक लिखित निर्देश लंबे समय तक जारी नहीं किए गए। वारंटी शर्तों के अनुसार एजेंसी को सात दिनों के भीतर लाइटों की मरम्मत या प्रतिस्थापन सुनिश्चित करना अनिवार्य था, किंतु समिति द्वारा पहला लिखित ईमेल 30 अगस्त, 2025 को भेजा गया, जो न केवल चार महीने की देरी दर्शाता है बल्कि आयोग के 30 जुलाई, 2025 के अंतरिम आदेशों के लगभग एक माह बाद की गई कार्रवाई भी है। इस विलंब के परिणामस्वरूप एजेंसी को अनुचित आर्थिक लाभ मिला और उपभोक्ताओं को अनावश्यक असुविधा झेलनी पड़ी।

     

    एसजीआरए–कम–जिला नगर आयुक्त, नारनौल द्वारा भेजी गई 29 सितंबर, 2025 की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि लगभग 200 स्ट्रीट लाइटें खराब पाई गईं, परंतु नगरपालिका समिति मात्र 45 लाइटें ही खंभों से हटाकर मरम्मत हेतु भेज सकी। इनमें से 22 लाइटें ठीक कर पुनः स्थापित की गईं, जबकि 23 लाइटें एसपीडी (सर्ज प्रोटेक्शन डिवाइस) जलने तथा अन्य पुर्ज़ों की समस्या के कारण 29 सितंबर, 2025 तक लंबित रहीं। समिति द्वारा सप्लायर को बार-बार अनुपालन न करने पर भी किसी प्रकार का दंड न लगाया जाना अत्यंत गंभीर चूक मानी गई। सुनवाई के दौरान डीओ, एमई तथा नगर परिषद मानेसर में तैनात अधिकारी ने स्वीकार किया कि एजेंसी सामान्यतः सामूहिक (बल्क) रूप में मरम्मत करती है और 1–2 खराब लाइटों पर तुरंत कार्रवाई नहीं करती, जिसके कारण महेंद्रगढ़ क्षेत्र में भी देरी हुई। लिंक अधिकारी ने भी स्वीकार किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर आरटीएस सेवा का पालन न करना स्पष्ट रूप से गंभीर प्रशासनिक त्रुटि है तथा यह भी संभव है कि अभी भी कुछ लाइटें खराब स्थिति में हों।

     

    आयोग ने यह भी नोट किया कि शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने अपने 30 सितंबर, 2025 के उत्तर में स्पष्ट किया कि वारंटी शर्तों का प्रवर्तन तथा दंड लगाना नगरपालिका समिति की जिम्मेदारी थी, परंतु महेंद्रगढ़ नगरपालिका से किसी प्रकार का रिकॉर्ड, कार्रवाई या दंड संबंधी पत्राचार प्राप्त नहीं हुआ, जब तक कि आयोग ने स्वयं विवरण नहीं मांगा। सामग्री लागत, एसपीडी जलने और वारंटी दायित्वों को लागू न करने के कारण सप्लायर को महीनों तक आर्थिक लाभ मिलता रहा। यह भी स्थापित हुआ कि मरम्मत कार्य सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत नहीं, बल्कि आयोग के निरंतर हस्तक्षेप के बाद ही आगे बढ़ पाया।

     

    उपलब्ध तथ्यों, स्वीकारोक्तियाँ तथा रिकॉर्ड पर प्रदर्शित विलंब को ध्यान में रखते हुए आयोग ने संबंधित कनिष्ठ अभियंता (जेई) के विरुद्ध 20,000 रुपये का दंड निर्धारित किया है, जिसे उनके वेतन में से काटकर राज्य कोष में जमा कराया जाएगा। एसजीआरए–कम–जिला नगर आयुक्त, महेंद्रगढ़ को निर्देश दिए गए हैं कि अनुपालन रिपोर्ट चालान प्रतियों सहित आयोग को भेजी जाए।

     

    साथ ही, अपील अवधि के दौरान प्रकरण जिन अधिकारियों के समक्ष लंबित रहा, उनके विरुद्ध आयोग ने इस चरण पर दंडात्मक कार्रवाई न करते हुए कड़ी चेतावनी जारी की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि उनके नाम इस प्रकरण के साथ अपने अभिलेख में दर्ज किए जा रहे हैं तथा भविष्य में किसी भी स्तर पर ऐसी लापरवाही पाए जाने पर अधिनियम की धारा 17(1)(द) के अंतर्गत विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।

     

    आयोग ने कहा है कि यह प्रकरण स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि समयबद्ध कार्रवाई, लिखित आदेशों का पालन और वारंटी शर्तों का प्रभावी प्रवर्तन अनिवार्य है। आयोग ने सभी स्थानीय निकायों को चेतावनी देते हुए कहा है कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोहराए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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    12/12/25 |

    बस स्टैंड पर नुक्कड़ नाटक से नशा मुक्ति का संदेश, DLSA अम्बाला मना रहा है विशेष जागरूकता माह

    अम्बाला, 12 दिसम्बर (अभी) : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अंबाला द्वारा पूरे दिसंबर माह को बच्चों एवं आमजन को विधिक अधिकारों तथा नशा विरोधी अभियान के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम माह के रूप में मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत जिले में विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया है तथा शेष महीने के दौरान भी क्रमवार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


    कार्यक्रम माह का शुभारंभ  


    मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, अंबाला के सचिव श्री प्रवीण के मार्गदर्शन में डीएलएसए की ओर से आज बस स्टैण्ड अंबाला सिटी में पैनल अधिवक्ता कमल धीमन और पैनल पीएलवी अरविंद जैन और कला धारा ग्रुप  के सहयोग से जागरूकता शिविर का आयोजन कर मासिक कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई। इस शिविर में कला धारा ग्रुप ने नूकड़ नाटक की प्रस्तुति दिखाकर लोगों को नशे के विरुद्ध जागरूक किया तथा लोगो को उनके विधिक अधिकारों, कर्तव्यों तथा न्याय प्रणाली तक आसान पहुंच के बारे में जानकारी दी।


    नशा मुक्त हरियाणा मिशन से जुड़ाव  


    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अंबाला द्वारा यह मासिक कार्यक्रम ‘नशा मुक्त हरियाणा मिशन’ के तहत चलाए जा रहे जागरूकता अभियान से भी जोड़ा गया है, जिसके अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर लोगों को नशे के दुष्परिणाम, परिवार व समाज पर पडऩे वाले प्रभाव तथा कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है। मिशन के अंतर्गत अधिकारी, पैनल अधिवक्ता, पैरालीगल वॉलंटियर एवं सामाजिक संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।


    आगामी मासिक गतिविधियां  


    पूरे माह के दौरान डीएलएसए अंबाला द्वारा विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों, न्यायालय परिसर, जेल व समुदाय स्तर पर जागरूकता शिविर, कानूनी साक्षरता कार्यक्रम, निबंध-पोस्टर-भाषण प्रतियोगिताएं तथा नशा मुक्ति प्रतिज्ञा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में बाल अधिकार, मुफ्त कानूनी सहायता, पीडि़त मुआवजा योजनाएं, नशा एवं साइबर अपराध से संबंधित कानून तथा न्यायिक सेवाओं तक पहुंच जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा।


    संपर्क व हेल्पलाइन जानकारी  


    जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, अंबाला ने आमजन से अपील की है कि वे स्वयं तथा अपने आस-पास के लोगों को इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने के लिए प्रेरित करें ताकि नशा मुक्त तथा विधिक रूप से जागरूक समाज का निर्माण किया जा सके। मुफ्त कानूनी सहायता अथवा कार्यक्रम से संबंधित अधिक जानकारी हेतु जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, अंबाला के हेल्पलाइन नंबर 0171-2532142 तथा एनएएलएसए हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क किया जा सकता है।

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    12/12/25 |

    अम्बाला: कड़ाके की ठंड में प्रशासन ने संभाला मोर्चा; रैन बसेरों का निरीक्षण कर जरूरतमंदों को बांटे कंबल

    अम्बाला, 12 दिसम्बर (अभी) : उपायुक्त एवं प्रधान जिला रैडक्रास सोसायटी अजय सिंह तोमर के मार्गदर्शन में सर्दी के  मौसम में कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सडक़ पर ना रहे इसके दृष्टिगत अस्थाई रूप से रैन बैसरे स्थापित किए गए है तथा उनमें रहने वाले लोगों के लिए आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई गई हैं। इसी कड़ी में बीते कल देर शाम एसीयूटी राहुल कनवरिया व नगराधीश अभिषेक गर्ग ने रैडक्रास सोसायटी द्वारा जरूरतमंद लोगों के लिए उपलब्ध करवाए गए कम्बल एवं अन्य गर्म वस्त्र लोगों को वितरित करने का काम किया। इस मौके पर एसीयूटी राहुल कनवरिया व नगराधीश ने नगर सेवा सदन में स्थापित रैन बसेरे का भी निरीक्षण करते हुए यहां पर जो सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं, उनका निरीक्षण किया।


    एसीयूटी राहुल कनवरिया ने निरीक्षण के दौरान यहां पर जो सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई थी उसकी सराहना की और कहा कि यह सुविधाएं निंरतरता में आगे भी जारी रहें। सर्दी के मौसम में कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सडक़ पर न हो, उसे यहां पर अस्थाई तौर पर आश्रय उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य करें। जिन सम्बन्धित विभागों की जिम्मेवारी तय की गई है, उस कार्य को वे बेहतर तरीके से करना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि हम सबका दायित्व बनता है कि जरूरतमंद लोगों की अपनी स्वेच्छा अनुसार मदद करें। रैडक्रास सोसायटी के साथ-साथ नगर सेवा संघ अपने इस कार्य को बखूबी तरीके से निर्वहन कर रहा है। उन्होने यह भी कहा कि कोई भी व्यक्ति यहां पर आकर आश्रय ले सकता है। यहां पर रहने की व्यवस्था के साथ-साथ अन्य व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाई गई हैं।


    एसीयूटी राहुल कनवरिया ने यह भी बताया कि रैन बसेरों को स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य भी यही है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति कडाके की ठंड एवं सर्दी के मौसम में फुटपाथ न रहे। ऐसे लोगो को यहां पर आश्रय प्रदान करने की दिशा में कार्य करना है। इसके अलावा रैडक्रास सोसायटी अम्बाला के कार्यालय में भी एक बड़े हाल को रैन बसेरे के रूप में स्थापित किया गया है जिसका सम्बन्धित अधिकारियों ने बीते कल अवलोकन भी किया। यहां पर भी जरूरतमंद लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है। जिला रैडक्रास सोसायटी सचिव विजय लक्ष्मी ने बताया कि यहां पर अस्थाई रूप से जो एक हाल व दो कमरों में लगभग 30 लोगों के रहने की व्यवस्था के साथ-साथ भोजन की व्यवस्था है। इसके साथ-साथ एसीयूटी राहुल कनवरिया व नगराधीश ने रेलवे स्टेशन अम्बाला शहर, बस स्टैंड के साथ-साथ अन्य जगहों पर जाकर जरूरतमंद लेागों को कम्बल वितरित करने का काम किया।


    इस मौके पर जिला रैडक्रास सोसायटी सचिव विजय लक्ष्मी, नगर सेवा संघ के संरक्षक सुमन भटनागर, रैडक्रास सोसायटी से मनोज सैनी, अतुल, समाजसेवी बलजीत सिंह के साथ-साथ अन्य मौजूद रहे।

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    12/12/25 |

    केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह 24 दिसंबर को पंचकूला में करेंगे अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण - मुख्यमंत्री

    चंडीगढ़, 12 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि 24 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर देश के गृह मंत्री श्री अमित शाह पंचकूला के एमडीसी सेक्टर-1 स्थित अटल पार्क में श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके अलावा वे पंचकूला में आयोजित अन्य कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगे।

     

    मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी आज अटल पार्क में कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस अवसर पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री मोहनलाल बड़ौली भी उपस्थित रहे।

     

    उन्होंने बताया कि अटल जी की धातु से बनी 41 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण करने के बाद श्री अमित शाह अटल पार्क में ही आयोजित विशाल रक्तदान शिविर का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही वे प्रदेश भाजपा कार्यालय ‘पंचकमल’ में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके उपरांत गृह मंत्री श्री अमित शाह ताऊ देवी लाल खेल स्टेडियम, सेक्टर-3 में आयोजित 5 हजार पुलिस कर्मियों की पासिंग आउट परेड की सलामी लेंगे। श्री अमित शाह इसी दिन आयोजित होने वाले ‘वीर बाल दिवस’ कार्यक्रम में भी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

     

    संसद में कांग्रेस पार्टी द्वारा उठाए गए वोट चोरी के मुद्दे से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विपक्ष मुद्दाविहीन हो चुका है और कांग्रेस पार्टी झूठ बोलकर देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। लेकिन अब जनता उनके बहकावे में आने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने वाली बातें कर रहे हैं। आने वाले 40–50 वर्षों तक कांग्रेस का देश में कोई भविष्य नहीं है।

     

    एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की रक्षा और सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की है। इस संबंध में पुलिस को सख्त निर्देश जारी किए जा चुके हैं और पुलिस पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है। किसी व्यक्ति को सुरक्षा प्रदान करनी है या नहीं, इसका आकलन पुलिस विभाग द्वारा किया जाता है।

     

    एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है। इस कार्य में चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हाल ही में हरियाणा में आयुष्मान/चिरायु योजना के तहत विशेष अभियान चलाकर सर्जरी से संबंधित लंबित मामलों को शून्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार चिकित्सकों की समस्याएँ सुनती है और उनके समाधान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। चिकित्सकों को अतिरिक्त इंसेंटिव भी दिए जा रहे हैं। 

     

    इस अवसर पर विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, नगर एवं ग्राम आयोजन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) श्रीमती वर्षा खांगवाल भी उपस्थित थे ।

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    12/12/25 |

    अम्बाला: समाधान शिविरों की समीक्षा बैठक में नगराधीश ने दिए लंबित शिकायतों को जल्द निपटाने के निर्देश

    अम्बाला, 12 दिसम्बर (अभी) : नगराधीश अभिषेक गर्ग ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करवाना सुनिश्चित करें। जिस भी विभाग से संबंधी लोगो की कोई शिकायतें लम्बित है तो उन्हें भी आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध रूप से निपटाना सुनिश्चित करे।  


    नगराधीश आज उपायुक्त कार्यालय में समाधान शिविरों को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों की एक समीक्षा बैठक लेते रहे थे। इस दौरान उन्होंने अंबाला में आयोजित समाधान शिविरों में आ रही शिकायतों बारें विस्तार से जानकारी हासिल की और जरूरी निर्देश दिए।


    इससे पहले चण्डीगढ से विडियों कांफ्रेंसिग के जरिए प्रदेशभर में आयोजित समाधान शिविरों को लेकर राज्य स्तरीय सप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक मे समाधान शिविरों में आ रही आमजन की समस्याओं एवं उनके समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और उपायुक्तों एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।


    नगराधीश ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित को निर्देश दिए कि समाधान शिविर में प्राप्त होने वाली प्रत्येक समस्या का समाधान प्राथमिकता से करवाना सुनिश्चित करें। शिकायत प्राप्त होते ही उस पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जाएं ताकि शिकायतकर्ता को समाधान स्वरूप जल्द राहत मिल सकें। इसके साथ यदि कोई लम्बित शिकायत है तो उसे भी तय समय सीमा के भीतर जल्द निपटान करवाएं। उन्होंने कहा आम नागरिकों की समस्या का समाधान हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी इसी ध्येय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि जो भी दिशा-निर्देश वीसी के माध्यम से प्राप्त हुए है उनकी अनुपालना के तहत लोगो की समस्याओं का निपटान किया जाएं ताकि प्रार्थी को इन शिविरों का पूर्ण लाभ मिल सकें।


    उन्होंने यह भी कहा कि समाधान शिविर का उदेश्य केवल आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना ही नही, ब्लकि इसके साथ-साथ लोगो को सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं बारे भी जानकारी देना है। इसलिए संबंधित अधिकारी लोगो को अपने विभागों से जूडी सरकार की जनहितकारी योजनाओं बारें जानकारी प्रदान करें। ताकि योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति को मिल सकें।

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    12/12/25 |

    वीर बाल दिवस: CM नायब सिंह सैनी ने स्कूली बच्चों के लिए निबंध प्रतियोगिता की शुरुआत की

    चंडीगढ़, 12 दिसम्बर (अभी) :- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में प्रदेशभर के विद्यालयों में निबंध लेखन प्रतियोगिता की शुक्रवार को चंडीगढ़ से वर्चुअल शुरुआत की। यह प्रतियोगिता साहिबज़ादों—बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की अमर शहादत, साहस और अद्वितीय बलिदान के संदेश को जन - जन तक पहुँचाने का एक प्रयास है।

     

    इस वर्चुअल कार्यक्रम में प्रदेशभर के स्कूलों से लाखों बच्चे ऑनलाइन माध्यम से जुड़े और मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ संवाद किया। उन्होंने वीर साहिबज़ादों बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी को नमन करते हुए सभी बच्चों से कहा कि साहिबज़ादों के बलिदान से जुड़ी कहानी को आप जितनी बार पढ़ेंगे, सुनेंगे और जानेंगे, उतने ही आप अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट और दृढ़ निश्चयी होंगे।

     

    उन्होंने कहा कि आज प्रदेशभर में वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में चार भाषाओं - हिन्दी, अंग्रेजी, पंजाबी और संस्कृत में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। इस प्रतियोगिता में वीर साहिबज़ादों के जीवन पर सारगर्भित निबंध लिखकर बच्चे अपनी प्रतिभा का परिचय देंगे। इस प्रतियोगिता के लिए उन्होंने बच्चों को अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दी ।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबज़ादों श्री जोरावर सिंह जी और श्री फतेह सिंह जी ने केवल नौ साल और छ: साल की उम्र में अपने जीवन में हिम्मत और सच्चाई दिखाकर हम सबको प्रेरणा दी है। हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 से प्रतिवर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया, ताकि पूरा देश इन शूरवीरों को हमेशा याद रखे।

     

    उन्होंने कहा कि छोटे साहिबज़ादों का बलिदान हमें सिखाता है कि छोटी उम्र में भी बड़ी जिम्मेदारी निभाई जा सकती है। इसलिए हर विद्यार्थी हिम्मत और सत्यनिष्ठा से अपने कर्तव्यों का पालन करे, अपने संस्कारों और मूल्यों को संरक्षित रखते हुए देश को आगे बढ़ाने में अपना सहयोग दे। सभी विद्यार्थी अपना जीवन निडर होकर, कठिनाइयों का सामना करते हुए जिएं क्योंकि साहस वही दिखाता है जो सच्चाई के लिए खड़ा होता है।  

     

    साहिबजादों के जीवन से छात्र सीखें सिद्धांत, साहस, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक हमारे समाज के मार्गदर्शक हैं। जैसे श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने साहिबज़ादों को धर्म और साहस का पाठ पढ़ाया, वैसे ही शिक्षक विद्यार्थियों के मन में संस्कार, साहस और अच्छे विचारों के बीज बो रहे हैं। उनका हर शब्द, हर शिक्षा बच्चों के भविष्य की नींव बनती है। बच्चों को केवल पढ़ाई में नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों और चरित्र निर्माण में भी मार्गदर्शन दीजिए। आपका परिश्रम और समर्पण ही भविष्य के भारत को सशक्त बनाएगा। साहिबजादों के जीवन से छात्र सिद्धांत, साहस, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना सीखें।

     

    प्रत्येक विद्यार्थी छोटे साहिबज़ादों के जीवन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाए

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हरियाणा का प्रत्येक विद्यार्थी छोटे साहिबज़ादों के जीवन मूल्यों को अपने जीवन में उतार ले तो हमारे विद्यालय सच्चे अर्थों में मानव निर्माण के केन्द्र बन जाएंगे। इसके लिए विद्यार्थियों को प्रतिदिन छोटे-छोटे कदम उठाने के लिए प्रेरित करें। इनमें सहपाठियों की मदद करना, विद्यालय को स्वच्छ रखना, शिक्षकों का सम्मान करना, कमजोर विद्यार्थियों को सहयोग देना, सदैव सत्य बोलना, बुराई के विरूद्ध आवाज उठाना और अच्छा इंसान बनना। यही सबसे बड़ी उपलब्धि है।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ये प्रतियोगिताएं बच्चों को अपनी विरासत से जोड़ती हैं और उन्हें अपने इतिहास पर गर्व करने का मौका देती हैं। इस प्रतियोगिता के लिए पुरस्कार राशि भी बच्चों के लिए निर्धारित की है, जिसमें राज्य स्तर पर प्रथम स्थान धारक को 21 हजार, द्वितीय स्थान धारक को 11 हजार तथा तृतीय स्थान धारक को  5100 रुपये, निबंध लेखन प्रतियोगिता (अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत और पंजाबी भाषा) के लिए के प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, जिला स्तर पर प्रथम स्थान के विजेताओं को  3100 रुपये की राशि मिलेगी।

     

    मुख्यमंत्री ने बच्चों और समाज से आह्वान किया कि छोटे साहिबज़ादों की शहादत को याद करके हम स्वयं को यह संकल्पित करें कि हम ऐसा भारत बनाएंगे, जहां हर बच्चा सच्चा, मेहनती और देशभक्त बने। हम सभी मिलकर अपने बच्चों को ऐसी शिक्षा और संस्कार दें कि वे आने वाले समय में देश के सच्चे रक्षक बनें।

     

    इस मौके पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विनीत गर्ग, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री यश पाल और  ओएसडी डॉ प्रभलीन सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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    कैथल कष्ट निवारण समिति बैठक में मंत्री अनिल विज बोले “... सब जानते हैं कि अनिल विज माफ नहीं करता“

    आरएस अनेजा, 12 दिसम्बर कैथल - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज कैथल में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता की और इस दौरान एक प्रार्थी ने कृषि विभाग की सहायता से उसके खेत लगाए गए नेट हाउस की सब्सिडी नहीं देने की शिकायत पूर्व में की थी। इस मामले में मंत्री अनिल विज ने जांच के निर्देश दिए थे जिसपर अधिकारियों ने जांच शुरू की।

    इस जांच के प्रारंभ होने पर आज बैठक के दौरान प्रार्थी ने मंत्री अनिल विज का धन्यवाद जताया। वहीं मंत्री अनिल विज ने कहा कि “मामले में जांच होगी और यदि कुछ पाया जाएगा तो सब जानते हैं कि अनिल विज माफ नहीं करता“

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    12/12/25 |

    वर्ल्ड बैंक ने हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना के लिए 305 मिलियन अमेरिकी डॉलर  किए मंजूर

    चंडीगढ़, 12 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा की पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं को एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन देते हुए, वर्ल्ड बैंक ने हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (HCAPSD) के लिए 305 मिलियन अमेरिकी डॉलर की वित्तीय सहायता को मंज़ूरी प्रदान की है। यह परियोजना 2030 तक हरियाणा को प्रदूषण-मुक्त राज्य बनाने की दिशा में सरकार की प्रमुख पहल है। स्वीकृत सहायता में 300 मिलियन अमेरिकी डॉलर का IBRD लोन तथा SA रीजनल इंटीग्रेशन मल्टी-डोनर ट्रस्ट फंड से 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुदान शामिल है।

     

    एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ल्ड बैंक द्वारा  305 मिलियन अमेरिकी डॉलर की वित्तीय सहायता पिछले वर्ष नवंबर में चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और वर्ल्ड बैंक प्रतिनिधियों के बीच हुई उच्च-स्तरीय बैठक के उपरांत प्राप्त हुई है। बैठक के दौरान वर्ल्ड बैंक ने हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट  के क्रियान्वयन के लिए 2,498 करोड़ रुपये के लोन का आश्वासन दिया था। परियोजना की कुल लागत 3,646 करोड़ रुपये है, जिसमें से 1,065 करोड़ रुपये का योगदान हरियाणा सरकार द्वारा और अतिरिक्त 83 करोड़ रुपये अनुदान के रूप में दिया जाएगा।

     

    हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट  का उद्देश्य परिवहन, उद्योग, कृषि, शहरी प्रबंधन और वैज्ञानिक निगरानी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में समन्वित हस्तक्षेपों के माध्यम से पूरे राज्य में वायु गुणवत्ता में मापनीय सुधार करना है। इसका क्रियान्वयन समर्पित एसपीवी ARJUN (AI for Resilient Jobs, Urban Air Quality & Next-Gen Skills Council) द्वारा किया जाएगा, जो योजना, कार्यान्वयन और वास्तविक समय निगरानी में प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करेगा। ARJUN की अध्यक्षता हरियाणा मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर कर रहे हैं, जिन्होंने 2020 से 2023 तक भारत, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका के प्रतिनिधि के तौर पर वर्ल्ड बैंक के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में काम किया है।

     

    यह प्रोजेक्ट हरियाणा के एक्शन प्लान को सपोर्ट करेगा, जिसका मकसद कई सेक्टरों के दखल के ज़रिए हवा में प्रदूषण को कम करना है। यह प्रोजेक्ट एयर क्वालिटी और एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम में इन्वेस्ट करेगा ताकि राज्य की अलग-अलग प्रदूषण के सोर्स के असर को बेहतर ढंग से मापने की क्षमता को मज़बूत किया जा सके।

     

    परियोजना में परिवहन क्षेत्र के लिए 1,688 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जिनका लक्ष्य शहरी परिवहन उत्सर्जन में तेज़ी से कमी लाना और राज्य के स्वच्छ मोबिलिटी पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करना है। इस अंतर्गत 1,513 करोड़ रुपये की लागत से गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में 500 इलेक्ट्रिक बसें तैनात की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, 10 करोड़ रुपये उच्च-प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध रूप से हटाने एवं स्क्रैपिंग इकोसिस्टम के लिए, 20 करोड़ रुपये में 200 EV चार्जिंग स्टेशन, 100 करोड़ रुपये इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर इंसेंटिव और 45 करोड़ रुपये पुराने थ्री-व्हीलर्स को EV में बदलने हेतु फ्लीट रिप्लेसमेंट इंसेंटिव पर व्यय किए जाएंगे। यह कार्य गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन सिटी बस लिमिटेड, हरियाणा सिटी बस सर्विस लिमिटेड तथा परिवहन एवं उद्योग विभागों के माध्यम से संयुक्त रूप से किया जाएगा।

     

    उद्योग और वाणिज्य विभाग द्वारा 563 करोड़ रुपये स्वच्छ औद्योगिक संचालन, रियल-टाइम उत्सर्जन नियंत्रण एवं अनुपालन सुधार पर खर्च किए जाएंगे। इसमें 100 करोड़ रुपये औद्योगिक बॉयलरों को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) में शिफ्ट करने के लिए, 330 करोड़ रुपये कम-उत्सर्जन विकल्पों को बढ़ावा देकर डीज़ल जनरेटर सेट के प्रतिस्थापन हेतु, तथा 33 करोड़ रुपये प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में CEMS लगाने के लिए निर्धारित हैं।

     

    कृषि क्षेत्र में 746 करोड़ रुपये कृषि एवं विकास तथा पंचायत विभागों के माध्यम से व्यय किए जाएंगे। इनमें 2030 तक पराली जलाने को समाप्त करने के लिए 280 करोड़ रुपये, बायो-डीकंपोजर तकनीकों पर अनुसंधान हेतु 52 करोड़ रुपये, कृषि विभाग में एक सेकेंडरी एमिशन मॉनिटरिंग सेंटर की स्थापना के लिए 151 करोड़ रुपये, तथा पशु अपशिष्ट से होने वाले उत्सर्जन में कमी लाने हेतु स्वच्छ खाद प्रबंधन प्रणाली विकसित करने के लिए 263 करोड़ रुपये शामिल हैं।

     

    इसी तरह, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड  द्वारा संस्थागत क्षमता सुदृढ़ करने एवं वैज्ञानिक-नियामक आधारशिला को मजबूत बनाने के लिए 564 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इसमें राज्य वायु गुणवत्ता प्रयोगशालाओं के उन्नयन एवं 12 मिनी-लैब की स्थापना हेतु 107 करोड़ रुपये, 10 CAAQM स्टेशनों की तैनाती के लिए 73 करोड़ रुपये, दो मोबाइल AQ मॉनिटरिंग वैन के लिए 28 करोड़ रुपये, उपग्रह-आधारित निगरानी के एकीकरण के लिए 6 करोड़ रुपये, डेटा-संचालित शासन हेतु DSS विकसित करने के लिए 50 करोड़ रुपये, और राज्य उत्सर्जन सूची तैयार करने के लिए 6 करोड़ रुपये शामिल हैं।

     

    इसके अतिरिक्त, शहरी स्थानीय निकायों द्वारा 85 करोड़ रुपये शहरी धूल प्रदूषण में कमी, स्वच्छता में सुधार तथा प्रवर्तन क्षमता बढ़ाने वाले शहरी क्षेत्र हस्तक्षेपों पर खर्च किए जाएंगे।

     

    प्रवक्ता ने कहा कि हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट  परिवहन, उद्योग, कृषि और शहरी क्षेत्रों से होने वाले उत्सर्जनों को समग्र रूप से संबोधित कर राज्य में वायु गुणवत्ता में सतत एवं संरचनात्मक सुधार सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि इस व्यापक दृष्टिकोण के साथ हरियाणा स्वच्छ वायु नवाचार और सतत विकास में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनेगा। 

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    12/12/25 |

    परफाॅरमेंस, एक्स-ग्रेशिया अवार्ड के संबंध में हरियाणा सरकार के नए दिशा-निर्देश

    चंडीगढ़, 12 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा सरकार ने राज्य के सभी सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों को दिए जाने वाले परफाॅरमेंस या एक्स-ग्रेशिया पुरस्कार और इसी प्रकार के अन्य लाभों के संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, जिनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्च भी है, द्वारा सभी बोर्डों, निगमों, कम्पनियों, सहकारी संस्थाओं और स्वायत्त निकायों के प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को इस सम्बन्ध में एक पत्र जारी किया गया है। ये निर्देश पूर्व में 24 नवम्बर, 2011 को जारी दिशा-निर्देशों के संदर्भ में जारी किए गए हैं।

     

    पत्र के अनुसार, सरकार के संज्ञान में आया है कि विभिन्न राज्य सार्वजनिक उपक्रम कई पिछले वर्षों के लिए इन लाभों की स्वीकृति या दावा प्रस्तुत कर रहे हैं। इसलिए सभी राज्य सार्वजनिक उपक्रमों में एक समान नीति लागू करने के उद्देश्य से सरकार ने निर्णय लिया है कि “परफाॅरमेंस/एक्स-ग्रेशिया अवार्ड तथा अन्य समान लाभ केवल मौजूदा वित्त वर्ष से पहले वाले वर्ष के लिए ही स्वीकृत किए जाएंगे। इसलिए राज्य सार्वजनिक उपक्रम केवल आगामी वित्त वर्ष से पहले के एक वर्ष के संबंध में ही इन लाभों का दावा कर सकेंगे। पिछले वर्षों से संबंधित किसी भी पुराने दावे पर विचार नहीं किया जाएगा और न ही उन्हें स्वीकृति दी जाएगी।

    #HaryanaGovernment #EmployeeBenefits #ExGratiaAward #PublicSectorHaryana #ServiceGuidelines #ChiefSecretaryHaryana #AnuragRastogi #FinanceDepartment #BoardAndCorporations #GovernanceUpdate #HaryanaEmployees #PerformanceAward

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    12/12/25 |

    बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत: पंचकूला में 15 दिसंबर को लगेगा बिजली कष्ट निवारण फोरम का शिविर

    चंडीगढ़, 12 दिसम्बर (अभी) : उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) के पंचकूला परिचालन परिमंडल के उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। बिजली से संबंधित समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए 15 दिसंबर 2025 को पंचकूला में एक विशेष सभा का आयोजन किया जाएगा।

    इस बैठक की अध्यक्षता उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम (CGRF) के चेयरमैन करेंगे। विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि यह शिविर उन उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा अवसर है, जिनकी शिकायतों का समाधान स्थानीय अधिकारियों (JE, SDO या XEN) के स्तर पर बार-बार चक्कर काटने के बाद भी नहीं हो पाया है।

    शिविर 15 दिसंबर 2025 को परिचालन परिमंडल कार्यालय, पंचकूला में केवल पंचकूला जिले के बिजली उपभोक्ता की बिलिंग में गड़बड़ी, वोल्टेज की समस्या, नए कनेक्शन में देरी, मीटर संबंधी विवाद और अन्य तकनीकी शिकायतें।

    चेयरमैन ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता अपनी शिकायतों को लिखित रूप में साक्ष्यों के साथ फोरम के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। फोरम का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को त्वरित न्याय दिलाना और विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

    अधिकारियों ने अपील की है कि उपभोक्ता इस अवसर का लाभ उठाएं ताकि उनकी लंबित समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया जा सके।

    #UHBVN #PanchkulaNews #ElectricityGrievance #CGRF #PowerConsumerForum #HaryanaElectricity #PublicHearing #BillCorrection #ConsumerRights #EnergyUpdate

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    12/12/25 |

    आर्य कॉलेज में वर्ल्ड मेडिटेशन डे पर आयोजन: "ध्यान का बीज बोएं और मन की शांति का फल पाएं"

    जे कुमार, अम्बाला छावनी, 12 दिसम्बर, 2025: आर्य कॉलेज, अम्बाला छावनी में स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा विभाग और ब्रह्मकुमारीज के संयुक्त तत्वावधान में आज वर्ल्ड मेडिटेशन दिवस के अवसर पर एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

    इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य छात्र-छात्राओं को शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य के लिए ध्यान के लाभों से परिचित कराना और एक सकारात्मक, शांतिपूर्ण माहौल बनाना था।

    थीम: 'इनर पीस, ग्लोबल हारमनी'

    महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. (प्रो.) अंजु बाला ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के तनावग्रस्त वातावरण में आंतरिक शांति को बढ़ावा देने, सामाजिक एकता को मजबूत करने और स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरूक होने के लिए ध्यान को दैनिक जीवन में शामिल करना आवश्यक है। उन्होंने प्रेरक पंक्तियां कही:

    "ध्यान का बीज बोएं और मन की शांति का फल पाएं।"

    उन्होंने बताया कि दिसम्बर में मनाए जाने वाले वर्ल्ड मेडिटेशन डे की थीम इस वर्ष "इनर पीस, ग्लोबल हारमनी" (आंतरिक शांति, वैश्विक सद्भाव) है।

    योग और ध्यान के लाभ

    विभागाध्यक्ष डॉ. सरिता चौधरी ने बताया कि योग स्वयं को जानने और अपनी शक्तियों को पहचानने का मार्ग है, जो एकाग्रता को भी बढ़ाता है। डॉ. गुरमीत ने कहा कि योग आत्मा और शरीर के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने भी एक प्रेरक संदेश दिया:

    "ध्यान से जुड़ें, दिल से जुड़ें, हर सांस में शांति, हर कदम में खुशी।"

    डॉ. प्रगति शर्मा ने ध्यान को चित्त की एक गुणवत्ता बताते हुए कहा कि इससे मन प्रसन्न रहता है और व्यर्थ के विकारों से मुक्ति मिलती है। इस कार्यक्रम में 38 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. सरिता चौधरी, डॉ. प्रगति शर्मा एवं डॉ. गुरमीत कौर द्वारा किया गया।

    #world-meditation-day #celebration-at-arya-college #peace-of-mind #reap-the-fruits

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    12/12/25 |

    भूपेंद्र सिंह हुड्डा व राव नरेंद्र ने अंबाला में कार्यकर्ता बैठक ली, दिल्ली रैली की ड्यूटी लगाई

    जे कुमार, अम्बाला 12 दिसम्बर : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने अंबाला में कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में दिल्ली में होने वाली ‘वोट चोर गाड़ी छोड़ो’ रैली को लेकर सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं की ड्यूटी निर्धारित की गई। इस मौके पर सभी स्थानीय नेताओं ने भरोसा दिलाया कि रैली में अंबाला से लोगों की हाजिरी अव्वल रहेगी। दिल्ली में रैली करके जनता के बीच यह संदेश पहुंचाया जाएगा।


    उन्होंने कहा कि हरियाणा का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले अंबाला को हाजिरी के मामले में सबसे आगे रहना चाहिए और खासतौर पर महिला नेतृत्व एवं उनकी भागीदारी भी यहां से सबसे ज्यादा होनी चाहिए। इसलिए रैली के लिए अभी से तमाम तैयारियां पूरी कर लें और समय पर रैली स्थल पर पहुंचना सुनिश्चित करें।

    #ambala #News #congress #rao-narendra #bhupendersinghhooda #meeting-in-ambala #delhirally

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    12/12/25 |

    शहीदों को सम्मान: नारायणगढ़ के दो सरकारी स्कूलों के नाम बदले, अब जुड़ेंगे बलिदानियों के नाम

    जे कुमार, अम्बाला, 12 दिसम्बर, 2025: नगराधीश अभिषेक गर्ग ने जानकारी दी है कि हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव के निर्देशानुसार, उपमंडल नारायणगढ़ के दो सरकारी विद्यालयों के नाम के साथ संबंधित शहीदों के नाम जोड़ने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस पहल का उद्देश्य शहीदों के अद्वितीय बलिदान को सम्मान देना और उनकी स्मृति को सदैव जीवित रखना है।

    विद्यालयों के संशोधित नाम : नगराधीश ने बताया कि नारायणगढ़ में इन दो विद्यालयों के नामों में परिवर्तन किया गया है | पुराना नामनया नामराजकीय माध्यमिक विद्यालय, धमौली बिचलीशहीद श्री शेर सिंह राजकीय माध्यमिक विद्यालय, धमौली बिचलीराजकीय प्राथमिक विद्यालय, कोड़वा कलांशहीद श्री नरेंद्र सिंह राजकीय प्राथमिक विद्यालय, कोड़वा कलां |

    राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रोत्साहन : - नगराधीश अभिषेक गर्ग ने कहा कि शहीदों के नाम को विद्यालयों से जोड़ना विद्यार्थियों, युवाओं और भावी पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करेगा। साथ ही, यह उन्हें देश के लिए किए गए महान योगदान से भी अवगत कराएगा।

    #ambala #News #two-government-schools #respect-to-the-martyrs-name #narayangarh-changed-now-names

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    12/12/25 |

    अग्निवीर (क्लर्क/स्टोर कीपर तकनीकी) भर्ती परिणाम घोषित, 13 दिसंबर को होगी आगे की दस्तावेज़ जाँच

    जे कुमार, अम्बाला, 12 दिसम्बर, 2025: भर्ती निदेशक अम्बाला, कर्नल वी.एस. पाण्डेय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सूचित किया है कि भर्ती कार्यालय मुख्यालय अंबाला कैंट द्वारा नवंबर माह में आयोजित अग्निवीर क्लर्क/स्टोर कीपर तकनीकी भर्ती परीक्षा का परिणाम प्रकाशित कर दिया गया है।

    परिणाम देखने की प्रक्रिया : - परिणाम को उम्मीदवार भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर देख सकते हैं। परिणाम देखने की विस्तृत प्रक्रिया निम्न प्रकार से है:

    1. www.joinindianarmy.nic.in पर जाएं।

    2. Final टैब पर क्लिक करें।

    3. ZRO-IRO Delhi Cantt चुनें।

    4. ARO-Delhi IRO-All India Final Result 2 of Agniveer Clk/ SKT category for successful for the year 2025/26 as on 10 Dec 2025 by IRO Delhi पर क्लिक करें।

    दस्तावेज़ जाँच के लिए रिपोर्टिंग : -

    जिन उम्मीदवारों का रोल नंबर उपरोक्त परिणाम में प्रकाशित हुआ है, वे आगे के दस्तावेज़ सत्यापन (Document Verification) के लिए निम्नलिखित विवरण के अनुसार रिपोर्ट करें:

    • तिथि: 13 दिसम्बर 2025

    • समय: सुबह 0830 बजे

    • स्थान: भर्ती कार्यालय मुख्यालय, अंबाला कैंट

    अनिवार्य दस्तावेज़

    सभी चयनित उम्मीदवारों को रिपोर्टिंग के समय निम्नलिखित मूल दस्तावेज़ (Original Documents) साथ लाना अनिवार्य है:

    • 10वीं और 12वीं की ओरिजिनल मार्क शीट

    • आधार कार्ड

    • आधार लिंक मोबाइल

    #ambala #news #agniveer-clerk/store-keeper-technical #recruitment-result-declared #document-verification

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    12/12/25

    उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने कल्पना चावला महिला पॉलिटेक्निक में EVM/VVPAT वेयरहाउस का किया भौतिक निरीक्षण

    जे कुमार, अम्बाला 12 दिसम्बर : - उपायुक्त (Deputy Commissioner) अजय सिंह तोमर ने कल्पना चावला महिला बहुतकनीकी संस्थान में ईवीएम (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) मशीनों के लिए स्थापित किए गए वेयरहाउस का भौतिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया |

    सुरक्षा जाँच : उन्होंने वेयरहाउस के गेट पर लगे ताले की सील को चेक किया। सीसीटीवी और सुरक्षा उपकरण: सुरक्षा की दृष्टि से लगाए गए सीसीटीवी कैमरों और वेयरहाउस में उपलब्ध अग्निशमन यंत्रों की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की। मशीनों का स्टॉक: उन्होंने चुनाव तहसीलदार से वेयरहाउस में रखी ईवीएम मशीनों के स्टॉक के बारे में भी जानकारी ली।

    त्रैमासिक निरीक्षण की रिपोर्ट आयोग को भेजी जाएगी : - चुनाव तहसीलदार गुलशन कुमार ने बताया कि वेयरहाउस का त्रैमासिक (तीन महीने में एक बार) निरीक्षण किया जाता है। आज इसी कड़ी में निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया है। निरीक्षण के उपरांत यहाँ की वास्तविक रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजी जाएगी।

    इस निरीक्षण के मौके पर चुनाव तहसीलदार गुलशन कुमार, चुनाव कानूनगो मंजू, सहायक प्रीतम कौशिक, जूनियर प्रोग्रामर रीचू गुप्ता, अनिल भारद्वाज और भाजपा पार्टी के प्रतिनिधि अतुल आहुजा सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

    #ambala #News #dcambala #deputy-commissioner #ajay-singh-tomar #physical-inspection

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    12/12/25 |

    अम्बाला में नेशनल लोक अदालत का आयोजन: 1124 में से 1031 मुकदमों का निपटारा, ₹2.96 लाख का भुगतान

    जे कुमार, अम्बाला 12 दिसम्बर, 2025 : जिला एवं सत्र न्यायधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DALSA), अम्बाला कंचन माही के निर्देशानुसार, आज परमानेंट लोक अदालत में एक नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। सीजेएम (CJM) एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रवीण के मार्गदर्शन में आयोजित इस अदालत में बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा किया गया।

    निपटारे का विवरण : - इस नेशनल लोक अदालत में विभिन्न श्रेणियों के कुल 1124 केस रखे गए। प्राधिकरण ने आपसी सहमति से इनमें से 1031 मुकदमों का सफलतापूर्वक निपटारा किया। इसके परिणामस्वरूप, 2,96,264/- (दो लाख छियानवे हजार दो सौ चौंसठ रुपये) की राशि का भुगतान किया गया।

    जिन प्रमुख श्रेणियों के मामले रखे गए, उनमें केनरा बैंक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा, आईडीएफसी, आईसीआईसीआई, बीएसएनएल, इलेक्ट्रिसिटी बिल्स और अन्य सिविल केसेस शामिल थे।

    अगली नेशनल लोक अदालत 13 दिसंबर को : - प्रवीण ने जानकारी देते हुए बताया कि अगली नेशनल लोक अदालत की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।

    • आयोजन की तिथि:13 दिसम्बर 2025

    • स्थान: अम्बाला एवं नारायणगढ़ की सभी अदालतों में।

    • निपटारे के लिए रखे जाने वाले प्रमुख मामले: बैंक संबंधी मुकदमे, आपराधिक मामला संबंधी मुकदमे, इलेक्ट्रिक्टी एवं वाटर सप्लाई संबंधी मुकदमे, वाहन दुर्घटना संबंधी मुकदमे, पारिवारिक विवाद संबंधी मुकदमे, चेक संबंधी मुकदमे, दीवानी केस संबंधी मुकदमे और समरी संबंधी मुकदमे।

    उन्होंने जन साधारण से अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति अपने केस को नेशनल लोक अदालत में निपटारा करवाना चाहता है, तो वह संबंधित न्यायालय में अपने केस को लगवा सकता है। अधिक जानकारी के लिए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण अम्बाला के हेल्प लाइन नंबर: 0171-2532142 तथा नालसा हेल्प लाइन नंबर: 15100 पर संपर्क किया जा सकता है।

    #ambala #News #national-lok-adalat #held-in-ambala #1124-cases-settled

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    ऊर्जा मंत्री अनिल विज का यमुनानगर में किया गया स्वागत

    यमुनानगर, 11 दिसम्बर - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज का आज शाम यमुनानगर के डीएवी गर्ल्स कालेज में डा. कबीर एम्बेडकर द्वारा आयोजित सम्मारोह में यमुनानगर की विभिन्न समाजसेवी एवं अन्य संस्थाओं के पदाधिकारियों द्वारा सम्मान किया गया।

    इस अवसर पर यमुनानगर नगर निगम मेयर सुमन बेहमनी सहित कई भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मंत्री अनिल विज ने सभी को संबोधित किया और संस्थाओं का धन्यवाद जताया। उन्होंने पुराने समय को याद करते हुए कहा कि पहले यमुनानगर अम्बाला का ही हिस्सा होता था। उन्होंने बताया कि वह पहले अक्सर यमुनानगर में आते थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ पुराने साथियों को भी याद किया।

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    11/12/25 |

    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंबाला ने किया नशा विरोधी अभियान का शुभारंभ

    अम्बाला, 11 दिसम्बर (अन्‍नू) : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), अंबाला, द्वारा पूरे दिसंबर महीने को बच्चों और आम लोगों को कानूनी अधिकारों और नशा विरोधी अभियान के प्रति जागरूक करने के लिए ‘विशेष कार्यक्रम माह’ के रूप में मनाया जा रहा है।

    इस मासिक कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत 11 दिसंबर 2025 को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) और डीएलएसए सचिव प्रवीण के मार्गदर्शन में की गई। पहला जागरूकता शिविर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भडोग में आयोजित हुआ।

    शिविर में बच्चों को उनके कानूनी अधिकार, कर्तव्य और न्याय प्रणाली तक पहुंच की जानकारी दी गई। इस दौरान नशे के खिलाफ चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं और यूथ एशियन खेलों की कांस्य पदक विजेता हरनूर कौर के वीडियो के माध्यम से नशे के बुरे प्रभावों से अवगत कराया गया। यह कार्यक्रम हरियाणा सरकार के ‘नशा मुक्त हरियाणा मिशन’ से भी जुड़ा हुआ है।

    पूरे महीने डीएलएसए द्वारा स्कूल, कॉलेज, ग्राम पंचायत और जेलों सहित विभिन्न स्थानों पर जागरूकता शिविर, कानूनी साक्षरता कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें बाल अधिकार, मुफ्त कानूनी सहायता, साइबर अपराध और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। आमजन मुफ्त कानूनी सहायता या अधिक जानकारी के लिए डीएलएसए अंबाला हेल्पलाइन नंबर 0171-2532142 और एनएएलएसए हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क कर सकते हैं।

    डीएलएसए ने लोगों से इन कार्यक्रमों में शामिल होकर नशा मुक्त और कानूनी रूप से जागरूक समाज बनाने में सहयोग करने की अपील की है।

    #DLSAAmbala #LegalAwareness #AntiDrugCampaign #NashaMuktHaryana #ChildrensRights #LegalAid #AwarenessMonth #DanikKhabar #BhogSchool #HaryanaMission

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    ऊर्जा मंत्री अनिल विज की जनसुनवाई में एक्शन : प्रॉपर्टी डीलर पर केस दर्ज करने के निर्देश व महिला को धमकाने वाले बिजली कर्मी पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

    अम्बाला/चंडीगढ़, 11 दिसम्बर - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज अपने आवास पर अम्बाला छावनी विधानसभा क्षेत्र के लोगों की जनसुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों कार्रवाई के दिशा-निर्देश दिए।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज के समक्ष बीडी फ्लोर मील के पास लक्की नगर निवासी कई महिलाओं ने प्रापर्टी डीलर द्वारा उन्हें पहले जमीन देने व बाद में इस जमीन पर किसी और व्यक्ति द्वारा अपना हक जताने की शिकायत दी। महिलाओं का आरोप था कि वह कालोनी में पक्की गली का निर्माण कराना चाह रहे थे। मगर, वहां व्यक्ति द्वारा उन्हें जबरन जगह खाली करने व बुलडोजर चलाने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि कालोनी में उन्होंने एक प्रापर्टी डीलर के मार्फत जमीन खरीदी थी, मगर वह भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। मंत्री अनिल विज ने मौके पर मौजूद डीएसपी अम्बाला कैंट को प्रापर्टी डीलर के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए।

    सुंदर नगर से आई महिला फरियादी ने ऊर्जा मंत्री अनिल विज को अपनी शिकायत देते हुए आरोप लगाया कि उनके घर एक बिजली कर्मी लगातार आ रहा है जोकि पूरे घर की वीडियोग्राफी कर रहा है साथ ही उन्हें बार-बार धमका रहा है। महिला ने मंत्री अनिल विज को बताया कि उसके घर में बेटियां है मगर बिजली कर्मी लगातार उन्हें परेशान करने की मंशा से उन्हें परेशान कर रहा है जबकि उनका बिजली मीटर भी घर के बाहर लगा हुआ है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने मामले में बिजली निगम के एक्सईएन को फोन लगाते हुए उक्त कर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा बिजली कर्मी द्वारा बार-बार महिला को परेशान क्यों किया जा रहा है। उन्होंने एक्सईएन को मामले में जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।

    इन मामलों में भी मंत्री अनिल विज कार्रवाई के निर्देश दिए

    इसी तरह ऊर्जा मंत्री अनिल विज के समक्ष चार लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में महिला ने शिकायत दी जिसपर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कैंट थाना पुलिस को मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। घसीटपुर से आए लोगों ने गांव में पुराने खंभों के स्थान पर नए खंभे लगाने की मांग की जिसपर मंत्री विज ने बिजली निगम अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। छावनी निवासी महिला ने एक व्यक्ति पर उसके दो लाख रुपए नहीं देने की शिकायत दी। महिला ने बताया कि उसने अपना माकान नौ लाख रुपए में एक व्यक्ति को बेचा था, मगर व्यक्ति द्वारा केवल सात लाख रुपए की राशि उसे दी गई जबकि शेष दो लाख की राशि अब तक नहीं दी गई है। इस मामले में भी मंत्री अनिल विज ने पड़ाव पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए।


    डिफेंस एन्कलेव से आए निवासियों ने ऊर्जा मंत्री अनिल विज को शिकायत देते हुए कहा कि गली में एक व्यक्ति द्वारा अपना मकान दो फुट आगे बना लिया है जिससे गली की चौड़ाई कम हो गई है। इस मामले में ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने छावनी एसडीएम को गली में पैमाइश कराकर जांच के निर्देश दिए। इसी तरह ऊर्जा मंत्री अनिल विज के समक्ष महिलाओं ने शिकायत देते हुए आरोप लगाया कि उनकी बेटियां फिलेडल्फिया  जीएनएम नर्सिंग कर रही है, मगर तीन वर्ष से कोई परीक्षा नहीं ली गई। मंत्री अनिल विज ने मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए।


    खेलो इंडिया में कांस्य पदक जीतने वाली महिला मुक्केबाज को ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने मेडल पहनाते हुए प्रोत्साहन स्वरूप 11 हजार रुपए दिए

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने खेलों इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में मुक्केबाजी स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाली अम्बाला छावनी बीसी बाजार की खिलाड़ी नीतिका को कांस्य पदक पहनाकर सम्मानित किया साथ ही प्रोत्साहन स्वरूप उसे 11 हजार रुपए अपने स्वैच्छिक कोष से प्रदान किए। उन्होंने खिलाड़ी को भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन करने का आह्वान किया।

    #ministeranilvij #anilvij #publichearing #govermentofharyana #bjp #bjpharyana

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    पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी भी वोट चोरी के मामले में ही 'अनसीट' हुई थी : विज

    जे कुमार , अंबाला 11 दिंसबर :- कोर्ट ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को वोट से सम्बन्धित एक नोटिस भेजा गया है, के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में विज ने कहा कि राहुल गांधी की कांग्रेस पार्टी के वोट चोरी के कई मामले कोर्ट में विचाराधीन है और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी भी वोट चोरी के मामले में ही 'अनसीट' हुई थी उस समय तत्कालीन जस्टिस जेएमएल सिन्हा ने उनके चुनाव को रद्द किया था जो ऑन रिकॉर्ड है। वहीं, दूसरी ओर सोनिया गांधी नागरिक बाद में बनी और वोट डालनी पहले शुरू कर दी।

    पंडित जवाहरलाल नेहरू को कोई भी वोट न मिलने पर प्रधानमंत्री बना दिया गया : विज

    इसी प्रकार, साल 1946 में जब कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव हुआ तो उस चुनाव में प्रदेश समितियां ने मत करना था और उस दौरान 17 प्रदेश समितियों में से 12 समितियों ने सरदार पटेल जी को चुना था तथा अन्य समितियां ने आचार्य कृपलानी व अन्य को वोट डाल दिया। जबकि पंडित जवाहरलाल नेहरू को कोई वोट नहीं मिली थी और उस समय शून्य वोट वाले को प्रधानमंत्री बना दिया गया।

    विज ने कांग्रेस से प्रश्न करते हुए कहा कि कांग्रेस वोट चोरी की बात करती है अगर कांग्रेस वोट चोरी की बात करती है तो जहां-जहां कांग्रेस की सरकारें जीती हुई है वहां से उन सरकारों स्टेप डाउन करो। ऐसे ही, बिहार में उन्हीं मतदाता सूचियां से चुनाव लड़ा गया है जिससे भाजपा लड़ी है और जिससे कांग्रेस भी लड़ी है और नीतीश कुमार भी लड़े हैं तथा इंडी गठबंधन भी लड़ा है।

    #haryana #News #congress #bjpharyana #indira-gandhi #vote-theft-case-vij

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    कांग्रेस वालों कुछ मर्यादा दिखाइए और जितने भी आपके विधायक चुनाव लड़कर जीते हैं उन सबसे इस्तीफा कराइए": अनिल विज

    जे कुमार, चंडीगढ़, 11 दिसंबर - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने आज कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि "कांग्रेस को वोट चोर्निया हो गया है क्योंकि ये वही वोटर सूचियां हैं जिनके ऊपर कांग्रेस भी चुनाव लड़ती आई है और जीतते भी आई है तथा इनकी सरकारें भी बनी है। उन्होने कहा कि अगर कांग्रेस इस मामले पर ईमानदार है तो जहां जहां से कांग्रेस के विधायक बने है उनको इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि कांग्रेस के ये विधायक भी चोरी के वोटों से जीतें हैं"।

    उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि "अगर यह मतदाता सूचियां गलत है तो कांग्रेस वालों कुछ मर्यादा दिखाइए और जितने भी आपके विधायक चुनाव लड़कर जीते हैं उन सबसे इस्तीफा कराइए"।

    मीडिया कर्मियों के सवालों के जवाब देते हुए श्री विज ने कहा कि "अगर कांग्रेस कहती है कि वोट चोरी हुई है और ये ईमानदार है तो जहां जहां से इनके विधायक बने है उनको इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि कांग्रेस के ये विधायक भी चोरी के वोटों से जीतें हैं क्योंकि सूचियां वहीं है और इनके ऊपर ही चुनाव हुआ है"।

    #anilvij #News #bjpharyana #congress #won-the-elections-resign #congressmla

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    11/12/25 |

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने डॉक्टरों से हड़ताल खत्म कर कार्यस्थल पर लौटने की करी अपील

    जे कुमार, चंडीगढ़, 11  दिसंबर 2025 : – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने डॉक्टरों से आग्रह किया है कि वे अपनी हड़ताल वापस लेकर तुरंत अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौट आएँ ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री आज यहां किसानों को मुआवजा राशि जारी करने उपरान्त पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

    उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की मुख्यतः चार मांगें थीं, जिनमें से तीन मांगें सरकार द्वारा स्वीकार की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के स्पेशलाइज्ड कैडर के गठन की मांग पर वित्त विभाग 16 अगस्त 2024 को अधिसूचना जारी कर चुका है।इसी प्रकार, हॉस्पिटल ड्यूटी से बाहर जाने पर यात्रा भत्ता प्रदान करने संबंधी मांग पर भी 25 अक्टूबर 2024 को अधिसूचना जारी हो चुकी है।

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि एसएमओ की सीधी भर्ती न करने की मांग पर फिलहाल सरकार ने रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अन्य राज्यों में इस सम्बन्ध में प्रचलित व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जा रहा है और रिपोर्ट आने तक प्रदेश में एसएमओ की सीधी भर्ती स्थगित रहेगी। उनकी चौथी मांग, एसीपी संरचना में बदलाव, फिलहाल स्वीकार नहीं की गई है।

    मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार की राजनीति से दूर रहें।  उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में लगातार सुधार हुआ है और प्रदेश के लोगों का रुझान भी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बढ़ा है। इसके लिए उन्होंने डॉक्टरों को बधाई भी दी।

    ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर सत्यापन के बाद रकबे में कमी आने संबंधी प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पोर्टल खोलने के समय कई जिलों में लगातार बारिश और जलभराव था। जैसे-जैसे पानी निकला, कई स्थानों पर धान की फसल को वास्तविक नुकसान नहीं हुआ, जबकि किसानों ने प्रारंभिक चिंता के आधार पर पोर्टल पर खराबा दर्ज कराया था।

    ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल में अनियमितताओं के चलते पटवारी निलंबन के सम्बन्ध में पूछे गए एक अन्य  प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से किसानों की फसलों को नुकसान होने पर मुआवजा देना सरकार की जिम्मेदारी है और यह कार्य सरकार लगातार कर रही है। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर पटवारियों द्वारा अनियमितताएं सामने आई हैं। यह तरीका कांग्रेस शासनकाल की सोच थी, परंतु अब ऐसी गड़बड़ियों की कोई जगह नहीं है।

    एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने समय रहते ड्रेनों की नियमित सफाई करवाई जिसके कारण किसानों की फसलों को बारिश में अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ।

    इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता  मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, नगर एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव प्रभजोत सिंह, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक श्री पार्थ गुप्ता, अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) श्रीमती वर्षा खांगवाल, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय, कृषि विभाग के निदेशक राज नारायण कौशिक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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    11/12/25 |

    गर्दिश में हों तारे, न घबराना प्यारे ... ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने गुनगुनाया गीत

    अम्बाला, 11 दिसम्बर : हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज अम्बाला छावनी में सदर बाजार स्थित टी पॉइंट पर अपने साथिओ के साथ गीत गुनगुनाया

    गर्दिश में हों तारे, न घबराना प्यारे
    ग़र तू हिम्मत न हारे, तो होंगे वारे न्यारे
    गर्दिश में हों तारे...

    बाज़ुओं में दम है, फिर काहे का ग़म है	-२
    अपने इरादे हैं, उमंगें हैं जवां
    हो, मुशिलें कहाँ हैं, उम्हें मेरा दिल पुकारे
    गर्दिश में हों तारे...

    #AnilVij #HaryanaMinister #AmbalaCantt #SadarBazaar #InspirationalSong #PoliticalNews #GardiashMeinHoTaare #Encouragement #HaryanaPolitics #VijMoment

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    11/12/25 |

    सिरसा के रैन बसेरा में दिखा उचित इंतज़ाम, पर जानकारी के अभाव में कम पहुँच रहे राहगीर

    जे कुमार, सिरसा 11 दिसम्बर 2025 : कड़ाके की ठंड से राहगीरों को बचाने के लिए सिरसा नगर परिषद द्वारा पटेल बस्ती पर बनाए गए रैन बसेरा में उचित व्यवस्थाएं देखने को मिली हैं। हालांकि, पर्याप्त व्यवस्थाओं के बावजूद बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से दूर होने और जानकारी के अभाव में यहां कम ही राहगीर ठहर रहे हैं।

    उचित व्यवस्था, कम मुसाफिर : रात 10 बजे जब रैन बसेरा का दौरा किया गया, तो सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त दिखीं। इस रैन बसेरा में तकरीबन 40 से 50 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है, लेकिन ठंड के मौसम में भी केवल दो ही मुसाफिर सोते हुए दिखाई दिए। रैन बसेरा के इंचार्ज क्षितिज कुमार और रवि शर्मा पिछले कई दिनों से व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं।

    महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग इंतज़ाम : जिला प्रशासन ने रैन बसेरा में आने वाले लोगों के लिए व्यापक इंतज़ाम किए हैं | अलग कमरे: पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग दो कमरों की व्यवस्था की गई है। शौचालय/रजाई: दोनों कमरों में कई बेड लगाए गए हैं, और कंपकंपाती ठंड से बचाव के लिए रजाई की व्यवस्था की गई है। महिलाओं के कमरे में अटैच शौचालय की व्यवस्था है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

    स्वच्छता और सुविधा: राहगीरों के पीने के लिए आरओ सिस्टम द्वारा स्वच्छ पानी और नहाने के लिए गीजर की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, मुसाफिरों के लिए चाय की भी व्यवस्था की गई है। रैन बसेरा में सो रहे मुसाफिर त्रिलोक चंद ने जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि ठंड से बचाने के लिए रजाई, गीजर और चाय की अच्छी व्यवस्था है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस सुविधा का लाभ उठाएं और रैन बसेरा के बारे में अन्य जरूरतमंदों को भी बताएं।

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    11/12/25 |

    फैमिली आईडी इनकम अपडेट पर हरियाणा सरकार सख़्त, 20 दिनों में डाटा अपडेट करने के निर्देश

    जे कुमार, चंडीगढ़ 11 दिसम्बर 2025 : - हरियाणा सरकार ने फैमिली आईडी (परिवार पहचान पत्र) पोर्टल पर आय (Income) अपडेट न होने के कारण पैदा हो रही प्रशासनिक अड़चनों पर कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों के फैमिली आईडी में आय का विवरण 20 दिनों के अंदर अनिवार्य रूप से अपडेट करें।

    कार्य पूरा न होने पर जवाबदेही तय : - सरकार ने स्पष्ट किया है कि फैमिली आईडी में कर्मियों का अधूरा डाटा प्रशासनिक कार्यों, विशेषकर विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं के क्रियान्वयन में अड़चन पैदा कर रहा है।

    जारी निर्देशों में यह भी कहा गया है कि यदि निर्धारित 20 दिनों के भीतर यह कार्य पूरा नहीं होता है, तो संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इस सख्ती का उद्देश्य फैमिली आईडी डाटा को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाना है, ताकि हरियाणा सरकार की सभी सेवाएं और योजनाएं पात्र लाभार्थियों तक बिना किसी बाधा के पहुंच सकें।

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    11/12/25 |

    हरियाणा में आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-2 कर्मचारियों के लिए राहत: अनुबंध अवधि बढ़ाकर 31 मार्च, 2026 तक की गई।

    चंडीगढ़, 11 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा सरकार ने आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-2 के अंतर्गत स्वीकृत पदों के समक्ष विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों तथा सार्वजनिक उपक्रमों में लगे कर्मचारियों की अनुबंध अवधि 31 मार्च, 2026 (4 माह) तक अथवा सिक्योरिटी ऑफ सर्विस एक्ट, 2024 का पोर्टल क्रियाशील होने तक (जो भी पहले हो) बढ़ाने का निर्णय लिया है।

    मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस सम्बन्ध में जारी एक पत्र में कहा गया है कि इससे पहले इन कर्मचारियों की अनुबंध अवधि 30 नवंबर, 2025 तक बढ़ाई गई थी। इस संबंध में हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) द्वारा 25 मार्च, 2025 को जारी ज्ञापन में दी गई शर्तों का सख्ती से पालन किया जाएगा।

     

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    10/12/25 |

    भारी बारिश से हुए फसल नुकसान पर मुख्यमंत्री की बड़ी राहत: 53,821 किसानों को 116 करोड़ रुपये मुआवजा जारी

    चंडीगढ़, 10 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत प्रदान करते हुए अगस्त–सितंबर माह में हुई भारी बारिश से हुए फसली नुकसान की भरपाई के लिए 53,821 किसानों को कुल 116 करोड़ 15 लाख रुपये की मुआवजा राशि जारी की। इस मौके पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित रहे।

    मुख्यमंत्री ने बुधवार को सिविल सचिवालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि आज जारी की गई मुआवजा राशि में बाजरे की फसल के लिए 35 करोड़ 29 लाख रुपये, कपास के लिए 27 करोड़ 43 लाख रुपये, धान के लिए 22 करोड़ 91 लाख रुपये और गवार के लिए 14 करोड़ 10 लाख रुपये की राशि शामिल है। इस राशि का भुगतान तुरंत प्रभाव से शुरू कर दिया गया है तथा अगले एक सप्ताह में पूरी राशि लाभार्थी किसानों के खातों में चली जाएगी।

    उन्होंने कहा कि गत अगस्त-सितंबर मास में हरियाणा में भारी बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई थी। उन्होंने स्वयं बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था और किसानों को बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए गत 15 सितम्बर तक ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया था और किसानों से आह्वान किया था कि वे फसल खराबे की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करें।

    श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के 3 जिलों में अधिक नुकसान हुआ था। इनमें चरखी दादरी के किसानों को सर्वाधिक 23 करोड़ 55 लाख रुपये की राशि जारी की गई है। जिला हिसार को 17 करोड़ 82 लाख और भिवानी को 12 करोड़ 15 लाख रुपये की राशि दी गई है। इससे पहले भी सरकार ने बाढ़ के चलते पशु धन की हानि, मकान क्षति तथा अन्य उपयोगी वस्तुओं के नुकसान की भरपाई के लिए 4 करोड़ 72 लाख रुपये की राशि जारी की है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ सीजन-2025 की फसलों को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 5 लाख 29 हजार 199 किसानों ने 31 लाख एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण करवाया है। सत्यापन के बाद 53 हजार 821 किसानों का 1 लाख 20 हजार 380 एकड़ कृषि क्षेत्र क्षतिग्रस्त पाया गया।

    सरकार हर स्थिति में किसानों के साथ खड़ी

    श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और यदि किसान का कोई नुकसान होता है तो सरकार उसकी भरपाई करती है। इसी सोच के साथ सरकार ने प्रदेश में फसल खराब होने पर गत 11 सालों में किसानों को मुआवजे और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक 15 हजार 448 करोड़ रुपये की राशि दी है।

    कांग्रेस किसानों के साथ करती थी भद्दा मजाक, मुआवजे के नाम पर किसानों को देते थे 2- 5 रुपए के चैक

    मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस किसानों के साथ कैसा भद्दा मजाक करती थी ये लोग अच्छे से जानते हैं। कांग्रेस के समय तो पटवारी धरातल पर ठीक से सत्यापन भी नहीं करते थे जिसके कारण किसानों को पूरा मुआवजा नहीं मिलता था। जिन किसानों को मुआवजा दिया भी जाता था उनको भी 2- 2 रुपए और 5- 5 रुपए के चैक दिए जाते थे। कांग्रेस सरकार के 10 साल के शासनकाल में 1 हजार 138 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि जारी की गई थी।

    श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस सरकार तो किसानों के मुआवजा के 269 करोड़ रुपये की राशि भी नहीं दे पाई। वर्ष 2014 में जब प्रदेश के लोगों ने भारतीय जनता पार्टी को जनसेवा का मौका दिया उसके बाद वर्ष 2015 में राज्य सरकार ने कांग्रेस सरकार का पुराना पैसा 269 करोड़ रुपए किसानों के खातों में पहुंचाया।

    खरीफ सीजन-2025 में फसलों के नुकसान के सत्यापन के काम में लापरवाही बरतने वाले 6 पटवारियों को निलंबित किया गया

    मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ सीजन-2025 में फसलों के नुकसान के सत्यापन के काम में लापरवाही बरतने वाले 6 पटवारियों को निलंबित किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट एजेंडा है कि सरकार हर नागरिक के प्रति जवाबदेह है और आगे भी यदि कोई अपने काम में कोताही या गलती करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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    10/12/25

    हरियाणा सरकार के विभागाध्यक्षों को निर्देश, एचकेआरएन कर्मियों की पारिवारिक आय पीपीपी पोर्टल पर करें अपडेट

    चंडीगढ़, 10 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा सरकार ने सभी विभागों, बोर्डों, निगमों एवं सार्वजनिक उपक्रमों को निर्देश दिए हैं कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (एचकेआरएन) के माध्यम से तैनात अनुबंध कर्मचारियों की सालाना पारिवारिक आय का विवरण परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) पोर्टल पर  समयबद्ध तरीके से अपडेट कराया जाए।

     

    मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी एक पत्र में कहा गया है कि ये निर्देश

    अनुबंध कर्मियों की नियुक्ति नीति, 2022  की निरंतरता में जारी किए गए हैं, जिसके तहत मैनपावर तैनाती हेतु नियोजित व्यक्तियों के पीपीपी ब्यौरे का पूर्ण एवं अद्यतन होना अनिवार्य है। पारिवारिक आय विवरण के अद्यतन न होने से सर्विस रिकॉर्ड में विसंगतियां उत्पन्न हो रही हैं तथा प्रशासनिक मामलों के निपटारे में अनावश्यक विलंब हो रहा है।

     

    पत्र में के अनुसार, सरकार ने इस बात का कड़ा संज्ञान लिया है कि 17 अगस्त, 2019 से 31 दिसंबर, 2021 के बीच विभिन्न विभागों में ज्वाइन करने वाले व्यक्तियों ने बड़ी संख्या में अपना पीपीपी विवरण, विशेषकर पारिवारिक आय की स्थिति, अब तक अपडेट नहीं की है। इसके बावजूद  एचकेआरएनएल के माध्यम से उन्हें नियमित रूप से वेतन का भुगतान किया जा रहा है।

     

    राज्य सरकार ने अब निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित अनुबंध कर्मचारी बिना किसी विलंब के पीपीपी पोर्टल पर अपनी पारिवारिक आय का विवरण अपडेट करें। साथ ही विभागों, बोर्डों एवं निगमों को अपने स्तर पर अनुपालन की विधिवत जांच सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

     

    सभी प्रशासनिक सचिवों को कहा गया है कि वे अपने प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन विभागों, बोर्डों एवं निगमों के विभागाध्यक्षों को आवश्यक निर्देश जारी करें, ताकि एचकेआरएन के माध्यम से तैनात सभी अनुबंध कर्मचारियों का पीपीपी रिकॉर्ड, विशेष रूप से पारिवारिक आय की स्थिति, इस पत्र के जारी होने की तिथि से 20 दिनों के भीतर अपडेट करा ली जाए।

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    10/12/25 |

    आयुष विभाग की पहल: अम्बाला जिला सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय के कर्मचारियों ने सीखा 5 मिनट का 'वाई ब्रेक' योग

    अम्बाला, 10 दिसम्बर (अभी) : आयुष मंत्रालय भारत, आयुष विभाग व हरियाणा योग आयोग के द्वारा चलाए गए योग से सम्बधिंत वाई ब्रेक का प्रशिक्षण आज योग सहायक श्रीमती दपिन्द्रजीत कौर, आयुष विभाग अम्बाला द्वारा जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी कार्यालय अम्बाला के कार्याल में दिया गया हैं। इस मौके पर कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारियों ने इसमें भाग लेकर 5 मिनट तक वाई ब्रेक का प्रशिक्षण हासिल किया।

    योग सहायक दपिन्द्रजीत कौर ने बताया कि जिला आयुवेर्दिक अधिकारी व विभाग के निर्देशानुसार वाई ब्रेक योग प्रशिक्षण के तहत योग की महत्वता बारे जानकारी जानकारी दी जा रही है, ताकि सभी इससे जुड़ सकें। प्रशिक्षण हासिल करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि इसे करने से सबको आनन्द की अनुभूति हुई हैं। उन्होंने आयुष मंत्रालय भारत, आयुष विभाग व हरियाणा योग आयोग के द्वारा चलाई गई इस मुहिम का तहे दिल से धन्यवाद व सराहना की हैं। उन्होनें कहा कि हम सभी को योग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर अपने शरीर को स्वस्थ एवं बेहतर बनाए रखना हैं।

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    10/12/25

    गोवा के बर्च बाय रोमियो लेन के मालिकों ने अपने रेस्तरां कारोबार की आड़ में 42 शेल कंपनियां चला रखी थीं

    गोवा के बर्च बाय रोमियो लेन में 6 दिसंबर को आतिशबाज़ी से लगी आग में 25 लोगों की मौत के बाद खुलासा हुआ है कि इसके मालिकों ने अपने रेस्तरां कारोबार की आड़ में 42 शेल कंपनियां चला रखी थीं।

    रिपोर्ट के मुताबिक, सौरभ और गौरव लूथरा इन सभी कंपनियों में निदेशक थे, और सभी कंपनियां दिल्ली के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में स्थित एक ही पते पर पंजीकृत थीं। ये सभी कंपनियां पिछले दो वर्षों में खोली गई थीं।

    अर्पोरा स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब के सह-मालिक लूथरा बंधु अब इंटरपोल ब्लू कॉर्नर नोटिस के तहत वांछित हैं। अधिकारियों को संदेह है कि हादसे के कुछ घंटों बाद ही ये दोनों दिल्ली से भागकर फुकेट, थाईलैंड पहुंच गए।

    यह अंतरराष्ट्रीय नोटिस, जिसे केंद्रीय एजेंसियों की मदद से केवल दो दिनों में जारी किया गया, उनका पता लगाने और आगे की आवाजाही रोकने के लिए जारी किया गया है।

    एक वरिष्ठ गोवा पुलिस अधिकारी के अनुसार, “यह नोटिस आरोपियों का लोकेशन ट्रेस करने में मदद करेगा और उन्हें अपने वर्तमान स्थान से किसी अन्य देश में जाने से भी रोकेगा।”

    लूथरा बंधुओं के फरार होने की समय-रेखा जांच का मुख्य बिंदु है। पहली पुलिस सूचना 7 दिसंबर, रविवार की रात 12:04 बजे दर्ज की गई। उसी सुबह 5:30 बजे, दोनों कथित तौर पर इंडिगो फ्लाइट 6E 1073 से नई दिल्ली से फुकेट के लिए रवाना हो गए। उसी शाम उनके खिलाफ डोमेस्टिक लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया गया।

    गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पुष्टि की है कि दोनों को वापस लाने के लिए सक्रिय प्रयास चल रहे हैं और इस उद्देश्य से एक पुलिस टीम जल्द ही थाईलैंड भेजी जाएगी। यह प्रक्रिया भारत और थाईलैंड के बीच 2015 से लागू प्रत्यर्पण संधि पर आधारित होगी।

    जांच का दायरा अब क्लब संचालन से जुड़े अन्य लोगों तक भी बढ़ चुका है। अजय गुप्ता के साथ-साथ, क्लब की इमारत के मालिक सुरींदर कुमार खोसला, जो ब्रिटेन के नागरिक हैं, के खिलाफ भी लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है।

    “खोसला एक ब्रिटिश नागरिक हैं,” यह जानकारी अंजुना में पत्रकार वार्ता के दौरान उप-महानिरीक्षक (DIG) वर्षा शर्मा ने दी।

    इसी बीच, नई दिल्ली के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने अनुपस्थित लूथरा बंधुओं को नोटिस जारी किया है, जिसमें उनसे पूछा गया है कि उनके पासपोर्ट जब्त क्यों न किए जाएं, इसका स्पष्टीकरण वे सात दिनों के भीतर दें।

    उधर, नाइटक्लब के प्रबंधन से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है—मुख्य महाप्रबंधक राजीव मोडक, महाप्रबंधक विवेक सिंह, बार मैनेजर राजीव सिंघानिया, गेट मैनेजर रियांशु ठाकुर और भरत कोहली

    DIG वर्षा शर्मा ने बताया कि गोवा पुलिस, लूथरा बंधुओं को वापस लाने के लिए CBI और इंटरपोल के साथ समन्वय में काम कर रही है। साथ ही, सभी आरोपियों के वित्तीय लेन-देन की जांच भी केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही है।

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    10/12/25

    India is moving to deploy its own multilayered integrated air defence system to protect the Delhi National Capital Region from hostile aerial threats

    India is set to deploy a fully indigenous, multilayered Integrated Air Defence Weapon System (IADWS) to secure the Delhi National Capital Region against a spectrum of aerial threats — from ballistic and cruise missiles to drones and high-speed fighter aircraft.

    Senior defence officials told that the new IADWS will rely entirely on homegrown missile platforms, led by the Quick Reaction Surface-to-Air Missile (QRSAM) and Very Short Range Air Defence System (VSHORADS). These will be fused with a dense grid of sensors, radars, data links and a real-time command-and-control network.

    The Defence Ministry has accelerated the project amid heightened concerns following Pakistan’s reported attempt to strike Indian territory during Operation Sindoor in May, an incident that sharpened New Delhi’s focus on strengthening the capital’s air shield.

    The move marks a major strategic and economic shift. India had earlier considered acquiring the US-made NASAMS-II — the system that defends Washington DC and the White House — but negotiations stalled over what officials described as an “unacceptably high” cost.

    By choosing an indigenous architecture instead, India aims to build a scalable, cost-effective air defence grid that can be continuously upgraded with domestically developed platforms.

    The system will be operated by the Indian Air Force, which oversees air defence of critical assets across Delhi-NCR. DRDO will lead integration efforts, linking missile batteries with surveillance platforms and a unified command-and-control backbone.

    “Multiple systems need to be networked for a complex air defence architecture like this,” a senior official said, underscoring the technical challenges and significance of the programme.

    India has rapidly expanded its air defence capabilities in recent years. DRDO’s portfolio now includes:

    • QRSAM (Quick Reaction Surface-to-Air Missile)

    • MRSAM (Medium Range Surface-to-Air Missile)

    • Long Range Surface-to-Air Missile (under Project Kusha, in development)

    India is also inducting its remaining S-400 Sudarshan systems from Russia, while evaluating Russian proposals for additional S-400 units and the next-generation S-500.

    Once operational, the indigenous IADWS will form the backbone of Delhi’s aerial defence architecture — a decisive step toward strategic autonomy and a reduced reliance on foreign systems for protecting the nation’s most sensitive airspace.

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    10/12/25

    Jasprit Bumrah creates history, becomes first player in the world to...

    Jasprit Bumrah created history on Tuesday (December 9) at the Barabati Stadium in Cuttack during the first T20I between India and South Africa as the hosts started the series win in style with a 101-run victory to take a 1-0 lead in the five-match series.

    Bumrah finished with figures of 2-17, which included the big wicket of Dewald Brevis, who was the top-scorer for the Proteas with a knock of 22 in 14 balls. Bumrah also got the wicket of Keshav Maharaj, who made a two-ball duck as the Proteas were bowled out for just 74.

    Bumrah completed 100 wickets in T20 cricket with his incredible feat and became only the second Indian to achieve the feat after Arshdeep Singh, his new-ball partner. In fact, Bumrah is the first Indian to take over 100 wickets in all three formats of the game

    Overall, the star pacer is only the fifth bowler in history to reach the landmark around the world, alongside Lasith Malinga, Tim Southee, Shakib Al Hasan, and Shaheen Afridi. Among the five bowlers, Bumrah's average and economy are the best in all three formats. Infact, in the rare club of five players, Bumrah is the only one who has an economy of less than seven an average below 25 in all three formats.

    Moreover, Bumrah is only the 11th pacer from a full member country to achieve the feat, and he is the only one among them with an average below 18. He has broken Arshdeep Singh's record for the best average in T20Is among pacers in the 100-wicket club. No other player averages below 25 in all formats of the gameAmong spinners from Test-playing nations who have over 100 T20I wickets, only Rashid Khan (13.57) and Wanindu Hasaranga (15.86) are averaging better than Bumrah.

    In fact, the star pacer is the only fast bowler with an economy less than seven, bettering Bangladesh's Mustafizur Rahman.Meanwhile, among spinners, only Rashid Khan (6.01) is better than Bumrah, while Hasaranga also goes at a rate below seven per over (6.95). Bumrah's average of 19.8 is also the best in Test cricket history among players with more than 200 wickets.

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    10/12/25

    5 huge records broken by Ranveer Singh, Akshaye Khanna spy thriller

    Ranveer Singh, Akshaye Khanna, Sanjay Dutt, R Madhavan, Arjun Rampal, and Sara Arjun starrer Dhurandhar is having a dream run at the box office. Despite an A certificate, the Aditya Dhar directorial is going all guns blazing, having collected Rs 159.40 crore in just five days. As the film continues to impress, here is a look at the 5 box office records it has smashed so far.

    Ranveer Singh recorded his highest single day collection with Dhurandhar, surpassing his previous best for Padmaavat by a quite a margin. The Sanjay Leela Bhansali directorial recorded its highest single day at Rs 32 crore on first Friday, whereas the Aditya Dhar directorial raked in a whopping Rs 44.80 crore on is first Sunday.

    Director Aditya Dhar's previous best single day collection came with Uri The Surgical Strike in 2018. The Vicky Kaushal starrer minted Rs 17.17 crore on its second Sunday. Now, Dhurandhar has toppled that with its first Sunday collection of Rs 44.80 crore.

    The day 3, ie first Sunday collection of Dhurandhar is the second-highest of the year. In February, Vicky Kaushal's Chhaava brought in a smashing Rs 49.03 crore. The Ranveer Singh starrer trails behind with Rs 44.80 crore.

    Dhurandhar also recorded the second-highest first Saturday or day 2 collection of 2025, earning Rs 33.10 crore. Chhaava occupies the top spot here as well. The Laxman Utekar directorial collected Rs 39.30 crore on day 2 and thus holds the record for the highest first Saturday collection of the year.

    Against all odds, Dhurandhar has beaten Chhaava and Saiyaara to take the throne for the highest first Tuesday collection of 2025. The spy thriller earned a staggering Rs 28.60 crore on day 5. Chhaava and Saiyaara had minted Rs 25.75 crore and Rs 25 crore respectively.

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    10/12/25

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मानवाधिकार दिवस समारोह में शामिल हुईं

    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज (10 दिसंबर, 2025) नई दिल्ली में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मानवाधिकार दिवस समारोह में शामिल हुईं और उपस्थित लोगों को संबोधित किया।इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि मानवाधिकार दिवस हमें यह याद दिलाता है कि सर्व-जन मानवाधिकार अलग नहीं किए जा सकते हैं और वे एक न्यायपूर्ण, समतावादी और करुणामय समाज की आधारशिला हैं। सतहत्तर वर्ष पहले, विश्व एक सरल लेकिन क्रांतिकारी सत्य को व्यक्त करने के लिए एकजुट हुआ था कि प्रत्येक मनुष्य गरिमा और अधिकारों में स्वतंत्र और समान पैदा होता है। मानवाधिकारों के वैश्विक ढांचे को आकार देने में भारत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने मानवीय गरिमा, समानता और न्याय पर आधारित विश्व की कल्पना की थी।राष्ट्रपति ने अंत्योदय दर्शन के अनुरूप, वंचित लोगों सहित सभी के मानवाधिकारों की गारंटी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में राष्ट्र के विकास पथ में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए। तभी विकास को सही मायने में समावेशी कहा जा सकता है।राष्ट्रपति ने कहा कि मानवाधिकार हमारे संविधान की परिकल्पना में निहित हैं। मानवाधिकार सामाजिक लोकतंत्र को बढ़ावा देते हैं। मानवाधिकारों में भयमुक्त जीवन जीने का अधिकार, बाधाओं के बिना शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार, शोषण मुक्त होकर काम करने का अधिकार और गरिमापूर्ण तरीके से वृद्धावस्था गुजारने का अधिकार शामिल है। हमने विश्व को यह याद दिलाया है कि मानवाधिकारों को विकास से अलग नहीं किया जा सकता। साथ ही, भारत ने हमेशा इस चिरस्थायी सत्य का पालन किया है: 'न्याय के बिना शांति नहीं और शांति के बिना न्याय नहीं।'राष्ट्रपति ने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग, न्यायपालिका और नागरिक समाज, सभी ने मिलकर हमारे संवैधानिक विवेक के सतर्क प्रहरी के रूप में कार्य किया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के लोगों के साथ-साथ महिलाओं और बच्चों से संबंधित कई मुद्दों का स्वतः संज्ञान लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि मानवाधिकार आयोग ने इस वर्ष अपने स्थापना दिवस समारोह के दौरान कैदियों के मानवाधिकारों के विषय पर व्यापक चर्चा की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन चर्चाओं से उपयोगी परिणाम प्राप्त होंगे।

    राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण और उनका कल्याण मानवाधिकारों के प्रमुख स्तंभ हैं। उन्होंने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सार्वजनिक स्थानों और कार्यस्थलों में महिलाओं की सुरक्षा पर एक सम्मेलन का आयोजन किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलनों से प्राप्त निष्कर्ष महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकते हैं।

    राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) राज्य और समाज के कुछ आदर्शों को साकार रूप देता है। भारत सरकार इन आदर्शों को अभूतपूर्व पैमाने पर क्रियान्वित कर रही है। पिछले एक दशक में हमने अपने राष्ट्र को एक अलग दृष्टिकोण अपनाते हुए देखा है - विशेषाधिकार से सशक्तिकरण की ओर और दान से अधिकारों की ओर। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि स्वच्छ जल, बिजली, खाना पकाने की गैस, स्वास्थ्य सेवा, बैंकिंग सेवाएं, शिक्षा और बेहतर स्वच्छता जैसी दैनिक आवश्यक सेवाएं सभी को उपलब्ध हों। इससे प्रत्येक परिवार का उत्थान होता है और उनकी गरिमा सुनिश्चित होती है।

    राष्ट्रपति ने कहा कि हाल ही में सरकार ने वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा एवं व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थितियों से संबंधित चार श्रम संहिताओं के माध्यम से एक महत्वपूर्ण सुधार को लागू करने की अधिसूचना जारी की है। यह क्रांतिकारी बदलाव भविष्य के लिए तैयार कार्यबल और अधिक सुदृढ़ उद्योगों की नींव रखता है।

    राष्ट्रपति ने प्रत्येक नागरिक से यह समझने का आह्वान किया कि मानवाधिकार केवल सरकारों, एनएचआरसी, नागरिक समाज संगठनों और ऐसे अन्य संस्थानों की जिम्मेदारी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अपने नागरिकों के अधिकारों और गरिमा की रक्षा करना एक साझा कर्तव्य है। एक दयालु और जिम्मेदार समाज के सदस्य के रूप में यह कर्तव्य हम सबका है।

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    10/12/25

    दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल किया जाना भारत के लिए गर्व का क्षण-अमित शाह

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल जाने को भारत के लिए गर्व का क्षण है। 

    केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने X पर एक पोस्ट में कहा, “यह भारत के लिए गर्व का क्षण है कि दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल किया गया है। यह आधुनिक युग में भी हमारे प्राचीन सांस्कृतिक मूल्यों की महत्ता को दर्शाता है। रौशनी का यह त्योहार प्राचीन काल से हमें अच्छाई और धर्म की विजय में विश्वास दिलाता आया है। यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि अब यह वैश्विक कल्याण को प्रेरित करेगा।”

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    10/12/25

    महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध

    भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत 'पुलिस' और 'सार्वजनिक व्यवस्था' राज्य के विषय हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने, नागरिकों, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों की है और वे मौजूदा कानूनों के प्रावधानों के अंतर्गत ऐसे अपराधों से निपटने के लिए सक्षम हैं। भारत सरकार महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम और नियंत्रण को सर्वोच्च महत्व देती है और आपराधिक कानूनों में संशोधन, तकनीकी और अवसंरचनात्मक सहायता का विकास, पुलिस कर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना, वित्तीय सहायता और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह जारी करने सहित कई उपायों के माध्यम से आवश्यक हस्तक्षेप करती है। ये कदम नीचे दिए गए हैं:

      1. गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रत्येक पुलिस स्टेशन में महिला सहायता डेस्क (डब्ल्यूएचडी) स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है, जिसका उद्देश्य पुलिस स्टेशनों को महिलाओं के लिए अधिक सुलभ और अनुकूल बनाना है।

      2. आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली सभी आपात स्थितियों के लिए अखिल भारतीय, एकल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त संख्या (112) आधारित प्रणाली प्रदान करती है, जिसमें संकट के स्थान पर क्षेत्र संसाधनों के कम्प्यूटर सहायता प्राप्त प्रेषण की सुविधा होती है।

      1. स्मार्ट पुलिसिंग और सुरक्षा प्रबंधन में प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए, सुरक्षित शहर योजना का पहला चरण 8 शहरों (अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता, लखनऊ और मुंबई) में कार्यान्वित किया जा रहा है।

      1. गृह मंत्रालय ने देश भर में यौन अपराधियों की जांच और उन पर नजर रखने में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सहायता के लिए "यौन अपराधियों पर राष्ट्रीय डेटाबेस" (एनडीएसओ) शुरू किया है।

      1. गृह मंत्रालय ने पुलिस के लिए एक ऑनलाइन विश्लेषणात्मक उपकरण "यौन अपराधों के लिए जांच ट्रैकिंग प्रणाली" शुरू की है, ताकि उन्हें आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम 2018 के अनुसार यौन उत्पीड़न के मामलों में समयबद्ध जांच की निगरानी और ट्रैक करने में सुविधा हो सके।

      2. जांच में सुधार लाने के लिए गृह मंत्रालय ने केंद्रीय और राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं में डीएनए विश्लेषण इकाइयों को मजबूत करने के लिए कदम उठाए हैं। इसमें चंडीगढ़ स्थित केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में अत्याधुनिक डीएनए विश्लेषण इकाई की स्थापना शामिल है। निर्भया निधि के अंतर्गत राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं (एफएसएल) में डीएनए फोरेंसिक क्षमताओं को मजबूत करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सहायता प्रदान की गई है।

      1. गृह मंत्रालय ने यौन उत्पीड़न के मामलों में फोरेंसिक साक्ष्य एकत्र करने के लिए दिशानिर्देश और यौन उत्पीड़न साक्ष्य संग्रह किट में मानक संरचना को अधिसूचित किया है।

      2. पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए, जांच अधिकारियों, अभियोजन अधिकारियों और चिकित्सा अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रम चलाए गए हैं। अब तक, पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (बीपीआरएंडडी) और एलएनजेएन राष्ट्रीय अपराध विज्ञान एवं फोरेंसिक विज्ञान संस्थान (अब राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय का दिल्ली परिसर) द्वारा 35,377 जांच अधिकारियों, अभियोजकों और चिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो ने प्रशिक्षण के अंतर्गत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 18,020 यौन उत्पीड़न साक्ष्य संग्रह किट वितरित किए हैं।

      1. तीन नए कानून यानी भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 (बीएसए) 1 जुलाई, 2024 से लागू किए गए हैं। महिलाओं और बच्चों के विरूद्ध अपराध के मामले में रोकथाम, जांच और अभियोजन से संबंधित इन कानूनों की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

        • महिला एवं बाल अपराध को अन्य सभी अपराधों पर प्राथमिकता दी गई है। महिला एवं बाल अपराध को भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अध्याय-V के अंतर्गत समेकित किया गया है, जो भारतीय न्याय संहिता का पहला मूल अध्याय है।

        • विवाह, रोजगार, पदोन्नति आदि के झूठे वादे पर या पहचान छिपाकर यौन संबंध बनाने के लिए एक नया अपराध भी बीएनएस में शामिल किया गया है।

        • बीएनएस में, नाबालिग सामूहिक बलात्कार पीड़ितों के लिए उम्र का अंतर खत्म कर दिया गया है। पहले 16 साल और 12 साल से कम उम्र की लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार के लिए अलग-अलग सज़ाएं निर्धारित थीं। इस प्रावधान में संशोधन किया गया है और अब अठारह साल से कम उम्र की लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार के लिए आजीवन कारावास या मृत्युदंड की सज़ा का प्रावधान है।

        • पीड़िता को अधिक सुरक्षा प्रदान करने तथा बलात्कार के अपराध से संबंधित जांच में पारदर्शिता लागू करने के लिए, पुलिस द्वारा पीड़िता का बयान ऑडियो वीडियो माध्यम से दर्ज किया जाएगा।

        • महिलाओं के विरुद्ध कुछ अपराधों के मामलों में, पीड़ित का बयान, जहां तक ​​संभव हो, एक महिला मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किया जाना चाहिए और उसकी अनुपस्थिति में एक पुरुष मजिस्ट्रेट द्वारा एक महिला की उपस्थिति में दर्ज किया जाना चाहिए ताकि संवेदनशीलता और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके और पीड़ितों के लिए एक सहायक वातावरण बनाया जा सके।

        • चिकित्सकों को बलात्कार की पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट 7 दिनों के अंदर जांच अधिकारी को भेजने का आदेश दिया गया है।

        • किसी अपराध को अंजाम देने के लिए बच्चे को काम पर रखने, नियुक्त करने या संलग्न करने के लिए एक नया अपराध शामिल किया गया है। इसके अलावा, वेश्यावृत्ति आदि के उद्देश्य से बच्चे को खरीदने के लिए अधिकतम सजा को बढ़ाकर चौदह वर्ष कर दिया गया है, जो पहले केवल 10 वर्ष थी।

        • बीएनएस की धारा 143 के तहत शोषण के उद्देश्य से किसी बच्चे (18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को परिभाषित) की तस्करी करने पर कम से कम 10 वर्ष का कठोर कारावास, जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है, और जुर्माना लगाया जा सकता है। भीख मंगवाना भी तस्करी के एक प्रकार के शोषण के रूप में शामिल किया गया है और यह बीएनएस, 2023 की धारा 143 के अंतर्गत दंडनीय है। इसके अतिरिक्त, धारा 144(1) के अंतर्गत तस्करी किए गए बच्चों के यौन शोषण को कम से कम 5 वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया जाता है, जिसे 10 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

    नए कानून में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के पीड़ितों को सभी अस्पतालों में मुफ्त प्राथमिक उपचार या चिकित्सा उपचार का प्रावधान है। यह प्रावधान चुनौतीपूर्ण समय में पीड़ितों की भलाई और स्वास्थ्य लाभ को प्राथमिकता देते हुए, आवश्यक चिकित्सा देखभाल तक तत्काल पहुंच सुनिश्चित करता है।

    गृह मंत्रालय ने केंद्रीय पीड़ित मुआवजा कोष (सीवीसीएफ) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2016-17 में कुल 200 करोड़ रुपये जारी किए, जो राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 357ए (बीएनएसएस की धारा 396) के प्रावधानों के अंतर्गत अधिसूचित पीड़ित मुआवजा योजनाओं (वीसीएस) को प्रभावी ढंग से लागू करने और विभिन्न अपराधों, विशेष रूप से बलात्कार, एसिड हमले, बाल अपराध, मानव तस्करी आदि सहित यौन अपराधों के पीड़ितों को वित्तीय सहायता जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु एकमुश्त वित्तीय सहायता थी।

    न्याय विभाग द्वारा वर्ष 2019 से त्वरित परीक्षण विशेष न्यायालयों (एफटीएससी) की स्थापना के लिए एक केंद्र प्रायोजित योजना लागू की जा रही है, जिसमें विशेष रूप से बाल यौन शोषण अपराध (पीओसीएसओ) न्यायालय भी शामिल हैं। ये न्यायालय बलात्कार और बाल यौन शोषण अपराध (पीओसीएसओ) अधिनियम, 2012 के अंतर्गत लंबित मामलों के समयबद्ध सुनवाई और निपटान के लिए समर्पित हैं। उच्च न्यायालयों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 30 सितम्‍बर, 2025 तक, 29 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 773 एफटीएससी, जिनमें 400 विशेष रूप से बाल यौन शोषण अपराध (पीओसीएसओ) न्यायालय शामिल हैं, कार्यरत हैं, जिन्होंने योजना की शुरुआत से अब तक 3,50,685 मामलों का निपटारा किया है।

    अपराध की शिकार महिलाओं और बच्चों की सहायता के लिए, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय देश भर में वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) योजना लागू कर रहा है। वन स्टॉप सेंटर योजना का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं को निजी और सार्वजनिक दोनों स्थानों पर एक ही जगह एकीकृत सहायता और सहयोग प्रदान करना है, साथ ही पुलिस, चिकित्सा, कानूनी सहायता और परामर्श, मनोवैज्ञानिक सहायता सहित विभिन्न सेवाओं तक तत्काल, आपातकालीन और गैर-आपातकालीन पहुंच को सुगम बनाना है ताकि महिलाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा से लड़ा जा सके। देश भर में 864 ओएससी कार्यरत हैं और 30 सितंबर, 2025 तक 12.67 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता प्रदान की जा चुकी है।

    महिला हेल्पलाइन के सार्वभौमीकरण (डब्ल्यूएचएल) योजना 1 अप्रैल, 2015 से लागू की गई है, जिसका उद्देश्य रेफरल सेवा के माध्यम से देशभर में हिंसा से प्रभावित महिलाओं को तत्काल और 24 घंटे आपातकालीन और गैर-आपातकालीन सहायता प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत, सहायता और जानकारी चाहने वाली महिलाओं को शॉर्ट कोड 181 के माध्यम से 24 घंटे टोल-फ्री दूरसंचार सेवा प्रदान की जाती है। महिला हेल्पलाइन 35 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यरत है।

    लापता और जरूरतमंद बच्चों तक सहायता पहुंचाने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 संचालित की जाती है, जो चौबीसों घंटे सातों दिन चालू रहती है। प्रमुख रेलवे प्लेटफार्मों पर जरूरतमंद बच्चों की सहायता के लिए रेलवे चाइल्ड लाइन भी चलाई जा रही हैं।

    महिला एवं बाल विकास मंत्रालय मिशन शक्ति के अंतर्गत "समर्थ्या" योजना का संचालन भी करता है, जिसमें शक्ति सदन का एक घटक कठिन परिस्थितियों में फंसी महिलाओं को राहत और पुनर्वास प्रदान करना है।

    सरकार, राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) और राज्यों में इसके समकक्ष संस्थानों के माध्यम से, सेमिनार, कार्यशालाओं, ऑडियो-विजुअल, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आदि के जरिए महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षा के साथ-साथ कानून और नीतियों के विभिन्न प्रावधानों के बारे में लोगों को जागरूक कर रही है। दर्ज शिकायतों के संबंध में, आयोग हितधारकों, विशेष रूप से पुलिस अधिकारियों के साथ मामला उठाती है ताकि शिकायतों का निवारण हो सके और उनका तार्किक निष्कर्ष निकाला जा सके।

    महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 22 जनवरी, 2025 को सभी कार्यात्मक विशेषताओं के साथ 'मिशन शक्ति पोर्टल' का शुभारंभ किया। इस पोर्टल का उद्देश्य महिलाओं के लिए विभिन्न सरकारी सेवाओं की सुलभता बढ़ाना, बचाव, संरक्षण और पुनर्वास के लिए गुणवत्तापूर्ण तंत्र स्थापित करना और विभिन्न योजनाओं और कानूनों के अंतर्गत कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्तव्य धारकों की क्षमता का निर्माण करना है।

    इसके अतिरिक्त, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने समय-समय पर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर सलाह जारी की है।

    गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री बंदी संजय कुमार ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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    10/12/25

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने शहीद दिवस पर असम आंदोलन के दौरान असम के लोगों द्वारा किए गए बलिदानों को याद किया

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज शहीद दिवस पर असम आंदोलन के दौरान असम के लोगों द्वारा किए गए बलिदानों को याद किया।

    X पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “शहीद दिवस पर असम आंदोलन के दौरान असम के लोगों द्वारा किए गए बलिदानों को याद कर रहा हूँ। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों का सामना किया और असम के इतिहास को नया आकार दिया, जिससे देशभक्ति का एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। मोदी जी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार सुनिश्चित कर रही कि उनकी आकांक्षाएं पूरी हों और राज्य को शांति, प्रगति तथा विकास के मार्ग पर ले जा रही है।”

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    10/12/25

    प्रधानमंत्री ने संस्कृत में योग श्लोकों के शाश्वत ज्ञान को साझा किया


    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज योग की परिवर्तनकारी शक्ति को दर्शाने वाले एक संस्कृत श्लोक को साझा किया। श्लोक में योग के माध्यम से आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा और समाधि के अभ्यासों से शारीरिक स्वास्थ्य से लेकर परम मोक्ष तक के प्रगतिशील मार्ग का वर्णन किया गया है।

    एक्स पर अपनी एक पोस्ट में श्री मोदी ने लिखा:

    “आसनेन रुजो हन्ति प्राणायामेन पातकम्।
    विकारं मानसं योगी प्रत्याहारेण सर्वदा॥

    धारणाभिर्मनोधैर्यं याति चैतन्यमद्भुतम्।
    समाधौ मोक्षमाप्नोति त्यक्त्त्वा कर्म शुभाशुभम्॥”

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    10/12/25

    प्रस्तुत हैं दैनिक खबर पर आज 10 दिसंबर, 2025 के शाम 6 बजे के मुख्य समाचार

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    10/12/25

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मानवाधिकार दिवस समारोह में शामिल हुईं

    आरएस अनेजा, 10 दिसम्बर नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मानवाधिकार दिवस समारोह में शामिल हुईं और उपस्थित लोगों को संबोधित किया।

    इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि मानवाधिकार दिवस हमें यह याद दिलाता है कि सर्व-जन मानवाधिकार अलग नहीं किए जा सकते हैं और वे एक न्यायपूर्ण, समतावादी और करुणामय समाज की आधारशिला हैं। सतहत्तर वर्ष पहले, विश्व एक सरल लेकिन क्रांतिकारी सत्य को व्यक्त करने के लिए एकजुट हुआ था कि प्रत्येक मनुष्य गरिमा और अधिकारों में स्वतंत्र और समान पैदा होता है। मानवाधिकारों के वैश्विक ढांचे को आकार देने में भारत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने मानवीय गरिमा, समानता और न्याय पर आधारित विश्व की कल्पना की थी।

    राष्ट्रपति ने अंत्योदय दर्शन के अनुरूप, वंचित लोगों सहित सभी के मानवाधिकारों की गारंटी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में राष्ट्र के विकास पथ में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए। तभी विकास को सही मायने में समावेशी कहा जा सकता है।

    राष्ट्रपति ने कहा कि मानवाधिकार हमारे संविधान की परिकल्पना में निहित हैं। मानवाधिकार सामाजिक लोकतंत्र को बढ़ावा देते हैं। मानवाधिकारों में भयमुक्त जीवन जीने का अधिकार, बाधाओं के बिना शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार, शोषण मुक्त होकर काम करने का अधिकार और गरिमापूर्ण तरीके से वृद्धावस्था गुजारने का अधिकार शामिल है। हमने विश्व को यह याद दिलाया है कि मानवाधिकारों को विकास से अलग नहीं किया जा सकता। साथ ही, भारत ने हमेशा इस चिरस्थायी सत्य का पालन किया है: 'न्याय के बिना शांति नहीं और शांति के बिना न्याय नहीं।'

    राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) राज्य और समाज के कुछ आदर्शों को साकार रूप देता है। भारत सरकार इन आदर्शों को अभूतपूर्व पैमाने पर क्रियान्वित कर रही है।

    #presidentofindia #dropdimurmmu

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    मद्रास हाईकोर्ट के जज जी.आर. स्वामीनाथन के खिलाफ प्रियंका वाड्रा और 100 विपक्षी सांसदों द्वारा महाभियोग प्रस्ताव।

    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, डीएमके (DMK) की कनिमोझी, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं सहित 100 से अधिक लोकसभा सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक नोटिस सौंपा है। इस नोटिस में जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन को उनके पद से हटाने (Removal Motion) की मांग की गई है।

    Justice Swaminathan ने 1–3 दिसंबर 2025 को एक आदेश दिया था, जिसमें उन्होंने Thirupparankundram पहाड़ी पर स्थित Subramaniya Swamy Temple — जो एक पुराना मंदिर है — के “दीपथून” (stone pillar / दीप स्तंभ) पर Karthigai Deepam (पारंपरिक दीपोत्सव) के लिए दीया जलाने की अनुमति दी थी।

    विपक्षी सांसदों ने जस्टिस स्वामीनाथन पर गंभीर आरोप लगाए हैं:

    उनका कहना है कि जज निष्पक्ष नहीं हैं और उनके फैसले एक 'विशेष राजनीतिक विचारधारा' से प्रेरित हैं, जो संविधान के धर्मनिरपेक्ष (secular) सिद्धांतों के खिलाफ है ।

    नोटिस में आरोप लगाया गया है कि जज ने एक वरिष्ठ वकील और एक विशेष समुदाय के वकीलों के प्रति अनुचित तरफदारी (favouritism) दिखाई है ।

    कहा जा रहा है कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता और धर्मनिरपेक्षता को खतरा है, क्योंकि एक राजनैतिक दल (INDIA ब्लॉक) –- चुनावी राजनीति के मद्देनज़र — जज को हटा रहे हैं।

    तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी DMK के साथ यह प्रस्ताव भी जुड़ा है, और कहा जा रहा है कि यह एक चुनावी चाल है (क्यूंकि अगले साल विधानसभा चुनाव है)।

    इसके अलावा, कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या सिर्फ एक धार्मिक-संवेदनशील मामले में दिए गए आदेश को महाभियोग के लिए पर्याप्त समझा जाना चाहिए — यानी, क्या यह “दुराचार / misconduct” है या सिर्फ एक विवादास्पद फैसला (judicial disagreement) है।

    #ImpeachmentMotion #MadrasHighCourt #JudgeGRSwaminathan #PriyankaVadra #OppositionMPs #LegalNews #IndianPolitics #Judiciary #ParliamentaryAction #PoliticalDrama #JusticeSystem #CourtNews #Governance #LegalUpdate #OppositionUnity #PoliticalAccountability #CurrentAffairs #SocialJustice #IndiaPolitics

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    10/12/25 |

    हरियाणा में जल्द शुरू होगी 'अपनी सब्जी-अपना फल' योजना: बीज विकास निगम की 51वीं बैठक में फैसला

    चंडीगढ़, 10 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा बीज विकास निगम द्वारा प्रदेश में जल्द ही ‘अपनी सब्जी-अपना फल’ योजना की शुरुआत की जाएगी।  इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी जी के कर-कमलों द्वारा किया जाएगा।

     

    यह निर्णय निगम के चेयरमैन देव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में पंचकूला में आयोजित हरियाणा बीज विकास निगम की 51वीं वार्षिक आम  बैठक में लिया गया । बैठक में निगम के प्रबंध निदेशक राज नारायण कौशिक, निदेशक मनोज बबली, निदेशक दारा सिंह, एनएससी से डायरेक्टर नानू राम यादव, कंपनी सचिव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सबसे पहले बैठक में बड़ी संख्या में पहुंचे शेयर धारकों (किसान) का स्वागत किया गया।

     

     'अपनी सब्जी-अपना फल'   योजना के तहत वे लोग भी अपने परिवार के लिए ताज़ी और शुद्ध सब्जियां व फल उगा सकेंगे, जिनके पास खेत या पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है। नागरिक गमलों या अपने घरों की छतों पर सीजनल सब्जियां एवं फल उगा सकेंगे।

     योजना के तहत लोगों को बीज विकास निगम द्वारा उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध करवाए जाएंगे और उन्हें बिना कीटनाशक दवाओं के अच्छी सब्जियां-फल उगाने बारे जानकारी दी जाएगी। इससे न केवल घर-घर हरियाली बढ़ेगी, बल्कि परिवारों में स्वस्थ भोजन और खुशहाली भी आएगी।

     

    बैठक में देव कुमार शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उनके ही दिशा-निर्देशों के अनुरूप हरियाणा में सभी 24 फसलों की खरीद एमएसपी पर की जा रही है। उन्होंने बताया कि हरियाणा बीज विकास निगम के माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, ताकि खेतों में पैदावार बढ़े, किसानों की आय में वृद्धि हो और वे खुशहाल जीवन जी सकें।

     

    देव कुमार शर्मा ने बताया कि बैठक में किसानों की आय बढ़ाने के लिए अतिरिक्त उपाय अपनाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस उद्देश्य के लिए अन्य राज्यों में जाकर सफल मॉडलों और उत्तम उपायों की जानकारी ली जाएगी । बैठक में बीज बिक्री के सेल्स सेंटर बढ़ाने का भी फैसला लिया गया, ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज और अन्य सामग्री खरीदने में किसी प्रकार की दिक्कत न आए। किसानों की समस्याएं सुने जाने के बाद अधिकांश मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया।

     

    बैठक में किसान हितैषी नीतियाँ लागू करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की सराहना की गई। हरियाणा में विभिन्न फसलों की एमएसपी पर खरीदी सुनिश्चित करने हेतु सभी सदस्यों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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    10/12/25 |

    HSSC CET बायोमेट्रिक पर बड़ी राहत: चेयरमैन हिम्मत सिंह बोले- 'परेशान न हों अभ्यर्थी, शेड्यूल जल्द'

    चंडीगढ़, 10 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) 2025 ग्रुप C परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पूरा न कर पाने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी दी और उम्मीदवारों से धैर्य रखने की अपील की है।

    चेयरमैन ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों का 26 और 27 जुलाई को संपन्न हुई ग्रुप C परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं हो पाया था, उन्हें बिल्कुल भी परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि आयोग इस महत्वपूर्ण विषय पर सक्रियता से काम कर रहा है। हिम्मत सिंह ने आश्वासन दिया कि बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण कराने के लिए निर्धारित समय (शेड्यूल) के बारे में सूचना बहुत जल्द सभी प्रभावित उम्मीदवारों को दी जाएगी। उन्होंने उम्मीदवारों से अपील की कि वे फोन कॉल, मैसेज या सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और सूचनाओं पर ही विश्वास करें।

    #HSSCCET #HaryanaJobs #BiometricVerification #HimmatSingh #HSSCUpdate #GroupCExam #JobAlertHaryana

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    10/12/25 |

    HCS मुख्य परीक्षा में बड़ा बदलाव: अब 4 की जगह 6 पेपर होंगे, मंत्रिमंडल ने दी मंज़ूरी

    जे कुमार, चंडीगढ़, 8 दिसम्बर 2025: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा सिविल सेवा (एग्जीक्यूटिव ब्रांच) नियम, 2008 में संशोधन को मंजूरी दे दी गई है। इन नियमों को अब हरियाणा सिविल सेवा (एग्जीक्यूटिव ब्रांच) संशोधन नियम, 2025 कहा जाएगा।

    मुख्य परीक्षा की संरचना में बदलाव : इस महत्वपूर्ण संशोधन के अनुसार, एचसीएस (HCS) मुख्य परीक्षा में पेपरों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है। मुख्य परीक्षा अब कुल 600 अंकों की होगी। संशोधित मुख्य परीक्षा संरचना (600 अंक) : पेपर का विषय पेपर की संख्या अंक प्रति पेपर कुल अंक अंग्रेजी (English) 100 हिंदी (Hindi) 100 जनरल स्टडीज़ (General Studies) 400 कुल 600

    प्रारंभिक परीक्षा और इंटरव्यू में कोई बदलाव नहीं : मंत्रिमंडल ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam): इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। यह केवल स्क्रीनिंग के लिए होगी और 200 अंकों की ही रहेगी। पर्सनैलिटी टेस्ट (इंटरव्यू): यह भी पहले जैसा ही रहेगा और 75 अंकों का होगा। इस बदलाव से एचसीएस की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा की रणनीति में महत्वपूर्ण फेरबदल करना होगा, क्योंकि जनरल स्टडीज़ का वेटेज अब काफी बढ़ गया है।

    #major-change #hcs-main-exam #cabinet-approves #news #6-papers-instead-of-4

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    10/12/25 |

    HKRN भुगतान की समय पर अदायगी हेतु सख्त SOP जारी: पारदर्शिता और EPF अनुपालन पर ज़ोर

    जे कुमार, चंडीगढ़, 10 दिसम्बर, 2025: हरियाणा सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से तैनात अनुबंध कर्मचारियों के भुगतानों में पारदर्शिता, एकरूपता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। इस एसओपी का मुख्य उद्देश्य वैधानिक दायित्वों, विशेषकर कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के सुचारु और समयबद्ध अनुपालन को सुनिश्चित करना है।

    केन्द्रीयकृत व्यवस्था और मुख्य सचिव के निर्देश : मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों तथा बोर्डों और निगमों के प्रबंध निदेशकों को पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि वैधानिक दायित्व (विशेषकर ईपीएफ अनुपालन) केंद्रीयकृत व्यवस्था के तहत सुनिश्चित किए जाएंगे। विभाग अब सीधे तौर पर पीएफ खातों का संचालन नहीं करेंगे।

    भुगतान प्रक्रिया में DDO की केंद्रीय भूमिका : एसओपी में भुगतान प्रक्रिया के लिए सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारियां स्पष्ट की गई हैं, जिसमें आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) को केंद्रीय भूमिका दी गई है। DDO की मुख्य जिम्मेदारियां होंगी: समय पर भुगतान: प्रत्येक माह की 7 तारीख से पहले एचकेआरएन को भुगतान सुनिश्चित करना।

    सत्यापन: उपस्थिति, तैनाती रिकॉर्ड और बिलों का सत्यापन करना। डेटा अपलोड: एचकेआरएन पोर्टल पर ईपीएफ एवं ईएसआई संबंधित सही विवरण अपलोड करना। सुरक्षा सूचना: यदि ईएसआईसी के अंतर्गत आने वाले किसी कर्मचारी के साथ दुर्घटना होती है, तो 24 घंटे के भीतर एचकेआरएन को सूचित करना। VAN खाता: सभी भुगतान केवल एचकेआरएन के बिलों में दर्शाए गए वीएएन (वर्चुअल अकाउंट नंबर) खाते में ही जमा किए जाएं।

    अन्य महत्वपूर्ण निर्देश : कार्यालय प्रमुख: रिकॉर्ड के सत्यापन और समय पर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने के लिए उत्तरदायी होंगे। लेखा शाखा: भुगतान राशि की जांच कर एचकेआरएन के नामित खाते में ही भुगतान करेगी। प्रतिबंध: विभागों को कर्मचारी भविष्य निधि की राशि सीधे ईपीएफओ में जमा करने से सख्ती से प्रतिबंधित किया गया है।

    शिकायत निवारण: पीएफ से संबंधित शिकायतें एचकेआरएन के माध्यम से ही भेजी जाएंगी। सख्ती: बिल में कोई भी विसंगति पाए जाने पर तीन कार्य दिवसों के भीतर एचकेआरएन को सूचित करना अनिवार्य होगा। सभी डीडीओ को इन नई प्रक्रियाओं का तत्काल प्रभाव से सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    #hrknl #News #sop #chiefministerharyana #epf

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    10/12/25 |

    जिला रेडक्रॉस सोसायटी ने योग करवाकर किया प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन का शुभारंभ

    जे कुमार, पलवल, 9 दिसंबर : - भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी हरियाणा राज्य शाखा चंडीगढ़ के उपाध्यक्ष अंकुश मिगलानी तथा महासचिव डा. सुनील कुमार से प्राप्त निर्देशानुसार उपायुक्त एवं जिला रेडक्रॉस सोसायटी पलवल के अध्यक्ष डा. हरीश कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन और सचिव बिजेंद्र सौरोत के नेतृत्व में जिला स्तरीय जूनियर रेडक्रॉस प्रशिक्षण के पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 12 दिसंबर तक राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय होडल के प्रांगण में किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न स्कूलों से विद्यार्थी व जूनियर रेडक्रॉस काउंसलर भाग ले रहे हैं।


    इस शिविर के दूसरे दिन का विधिवत शुभारंभ रेडक्रॉस झंडा, गीत, प्रार्थना व सभी प्रतिभागियों को योग करवाकर किया गया। जिला प्रशिक्षण अधिकारी नीतू सिंह ने उपस्थित प्रतिभागियों को प्राथमिक सहायता के मूल नियम, सडक़ सुरक्षा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी दुर्घटना स्थल पर किस तरह से खुद का बचाव करते हुए घायल व्यक्ति को एम्बुलेंस या अन्य मदद आने तक सहायता कर सकते है।

    उन्होंने घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से हॉस्पिटल तक पहुचाने के बारे में तथा सीपीआर (जीवन दायिनी विधि) के बारे में भी प्रतिभागियों को प्रयोगात्मक तरीके से जागरूक किया। भोजपाल प्रोजेक्ट मेनेजर टीआई ने प्रतिभागियों को सीपीआर डम्मी की सहायता से लाइव प्रदर्शन दिखाया और सीपीआर विधिक को प्रतिभागियों द्वारा भी करवाया।


    इस अवसर पर शक्ति वाहिनी एनजीओ पलवल से आए समाजसेवी महेंद्र सिंह देशवाल ने सभी विद्यार्थियों को बाल विवाह की शपथ दिलाई व मोबाइल की लत, उसके दुरुपयोग तथा इसके दुष्परिणामो के बारे में जानकारी सांझा करते हुए बताया कि मोबाइल की बुरी लत विद्यार्थी जीवन के लिए घातक है। ट्रेफिक पुलिस से हैड कांस्टेबल पवन कुमार व कांस्टेबल अनिल कुमार ने सभी प्रतिभागियों को यातायात नियमों के बारे में जागरूक करते हुए बताया कि चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग करना चाहिए।

    नशा करके वाहन नही चलाना चाहिए और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इसके अलावा प्रशिक्षण शिविर में यातायात नियमों की भी विस्तृत जानकारी दी गई। इसके उपरांत सभी प्रतिभागियों को ग्रीन एम्बेसडर एवं संस्थापक मिशन प्रकृति बचाओ पर्यावरण सचेतक समिति पलवल आचार्य राम कुमार बघेल ने पर्यावरण सुरक्षा, जल एवं मिट्टी बचाओ, गोरैया एवं अन्य मित्र कीटो की सुरक्षा करने व ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने बारे जागरूक किया।

    इस अवसर पर मास्टर थानसिंह व देव भी उपस्थित रहे। शिविर के अंत में प्रतिभागियों के बीच लकी स्टार प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। शिविर के दूसरे दिन के सफल आयोजन में विभिन्न विद्यालयों के अध्यापकों व जिला रेडक्रॉस सोसाइटी पलवल से भोजपाल, अनीता शर्मा, सुमित, उषा देवी, हरवंश आदि का अहम योगदान रहा।

    #ambala #news #palwal #district-red-cross-society #inaugurated-the-second-day

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    10/12/25 |

    छात्रों को स्वयं से प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए और संघर्ष से कभी नहीं डरना चाहिए: मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी

    चंडीगढ़, 10 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने पीएम श्री गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बरवाला में आयोजित एक संवादात्मक सत्र को संबोधित करते हुए छात्राओं को स्वयं से प्रतिस्पर्धा करने, दूसरों की मदद करने और जीवन में हमेशा सत्य और ईमानदारी के मार्ग का अनुसरण करने का मूल मंत्र दिया।

    लगभग एक घंटे के इस सत्र के दौरान, मुख्य सचिव ने छात्रों के प्रश्नों के उत्तर दिए और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि छात्रों को कड़ी मेहनत करनी चाहिए, आत्मविश्वास रखना चाहिए और जिम्मेदार नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक श्री जितेंद्र कुमार भी उपस्थित थे।

    मुख्य सचिव ने अपने शैक्षणिक जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि छात्रों को संघर्ष से कभी नहीं डरना चाहिए। उन्होंने बताया कि वे स्वयं भी संघर्ष के फलस्वरूप ही इस मुकाम तक पहुंचे हैं। प्रसिद्ध कथन, "विजेता अलग काम नहीं करते, वे काम को अलग ढंग से करते हैं," का हवाला देते हुए उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे प्रत्येक कार्य को सर्वोत्तम तरीके से करने का प्रयास करें। उन्होंने आगे सुझाव दिया कि सबसे गंभीर समस्या का पहले समाधान करने और चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करने की आदत विकसित करें।

    मुख्य सचिव ने आत्म-प्रतिस्पर्धा पर जोर देते हुए छात्रों को सलाह दी कि वे दूसरों से प्रभावित हुए बिना अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास करें। यदि उन्हें कोई कमी महसूस हो, तो उन्हें उसे दूर करने के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी किसी को मदद की जरूरत हो, तो हमेशा मदद करनी चाहिए, क्योंकि दूसरों की मदद करने से सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है जो व्यक्तिगत विकास में सहायक होती है।

    श्री रस्तोगी ने जीवन की नींव सत्य और नेक इरादों पर रखते हुए कहा कि छात्रों के लिए अपने शिक्षकों और सहपाठियों का विश्वास बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों से ऐसा मजबूत चरित्र बनाने का आग्रह किया जिससे उनकी विश्वसनीयता हर जगह बरकरार रहे। उन्होंने उन्हें खेल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दी और कहा कि स्वस्थ और चुस्त शरीर ही प्रभावी शिक्षा का साधन है।

    मुख्य सचिव ने इच्छाशक्ति को सफलता की कुंजी बताते हुए कहा कि इच्छाशक्ति के बिना कोई भी व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ने में मदद नहीं कर सकता। उन्होंने छात्रों को ऐसे आदर्श चुनने के लिए प्रोत्साहित किया जो उन्हें लगातार प्रेरित करते रहें।

     

    शिक्षकों के महत्व पर बोलते हुए श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि छात्रों की सफलता में शिक्षकों की अहम भूमिका होती है। छात्र अपने शिक्षकों का जितना अधिक सम्मान करते हैं, उतना ही अधिक ज्ञान प्राप्त करते हैं। शिक्षक न केवल अकादमिक ज्ञान प्रदान करते हैं बल्कि छात्रों को उनकी रुचियों और क्षमताओं के आधार पर करियर चुनने में भी मदद करते हैं।

    इस कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती संध्या मलिक, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्री जोगिंदर लाथर, पीएम श्री गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बरवाला की प्रिंसिपल श्रीमती सुनीता, गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बरवाला की प्रिंसिपल श्रीमती सुमन शर्मा और अन्य स्कूल स्टाफ उपस्थित थे।

    #HaryanaGovernment #AdministrativeReforms #NewDistricts #TehsilCreation #SubCommitteeMeeting #KrishanLalPanwar #GoodGovernance #PublicServiceDelivery #HaryanaDevelopment #AdministrativeRestructuring

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    10/12/25 |

    हरियाणा राज्य स्तरीय महिला पुरस्कारों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 15 दिसंबर तक कर सकते हैं अप्लाई

    जे कुमार, अम्बाला, 9 दिसम्बर, 2025 : हरियाणा सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां प्राप्त करने वाली महिलाओं को सम्मानित करने के लिए दिए जाने वाले हरियाणा राज्य स्तरीय महिला पुरस्कारों हेतु आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी मनीषा गागट ने जानकारी देते हुए बताया कि अब पात्र महिलाएं 15 दिसंबर 2025 तक आवेदन कर सकती हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने अधिक से अधिक पात्र महिलाओं से इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों हेतु आवेदन करने का आह्वान किया है।

    कैसे करें आवेदन?

    इच्छुक महिलाएं अपना पूर्ण बायोडाटा एवं उपलब्धियों का विवरण जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास) के कार्यालय में 15 दिसंबर 2025 तक जमा करवा सकती हैं।

    सीधा आवेदन करने वाले वर्ग : ए.एन.एम/नर्स/महिला एमपीडब्ल्यू, महिला खिलाड़ी, सरकारी कर्मचारी और महिला उद्यमी द्वारा पुरस्कारों के लिए आवेदन सीधे संबंधित विभाग में पूर्ण दस्तावेजों सहित 15 दिसंबर 2025 तक जमा करवाए जा सकते हैं। जिला स्तरीय रिकमेंडेशन कमेटी द्वारा संस्तुति के साथ, सभी नामांकन 5 जनवरी 2026 तक निदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा को भेजे जाएंगे।

    प्रमुख पुरस्कार और राशि : हरियाणा राज्य स्तरीय महिला पुरस्कारों में निम्नलिखित पुरस्कार और सम्मान राशि शामिल हैं | पुरस्कार का नाम पुरस्कार राशि सुषमा स्वराज पुरस्कार 5 लाख इंदिरा गांधी महिला शक्ति पुरस्कार, 1 लाख 50 हजार कल्पना चावला शौर्य पुरस्कार, 1 लाख बहन शन्नों देवी पंचायती राज पुरस्कार, 1 लाख लाइफ टाइम अचीवर्स अवार्ड 51 हजारअन्य श्रेणी के पुरस्कार (जैसे महिला खिलाड़ी, महिला उद्यमी) 21 हजार

    सभी विजेताओं को पुरस्कार राशि के साथ प्रशस्ति-पत्र भी प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार हेतु आवेदन करने की योग्यताएं व शर्तें विभाग की वेबसाइट www.wcdhry.gov.in से डाउनलोड की जा सकती हैं।

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    10/12/25

    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंबाला ने किया नशा विरोधी अभियान का शुभारंभ

    जे कुमार, अंबाला, 10 दिसम्बर : - जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अंबाला द्वारा पूरे दिसंबर माह को बच्चों एवं आमजन को विधिक अधिकारों तथा नशा विरोधी अभियान के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम माह के रूप में मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत जिले में विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया है तथा शेष महीने के दौरान भी क्रमवार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    कार्यक्रम माह का शुभारंभ  
    मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, अंबाला के सचिव श्री प्रवीण के मार्गदर्शन में डीएलएसए की ओर से 09 दिसंबर 2025 को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बिहटा में पैनल अधिवक्ता कमल धीमन एव पैनल पी एल वी जगमाल सिंह के सहयोग से जागरूकता शिविर का आयोजन कर मासिक कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई। शिविर का उद्देश्य बच्चों को उनके विधिक अधिकारों, कर्तव्यों तथा न्याय प्रणाली तक आसान पहुंच के बारे में जानकारी देना है।

    विद्यालय में विशेष गतिविधियां  
    राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,बिहटा में जागरूकता शिविर एव चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर नशा मुक्त समाज के संदेश को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में यूथ एशियन खेलों की कांस्य पदक विजेता हरनूर कौर द्वारा नशा-विरोधी संदेश का वीडियो प्रदर्शन व संवाद के माध्यम से बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया।

    नशा मुक्त हरियाणा मिशन से जुड़ाव  
    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अंबाला द्वारा यह मासिक कार्यक्रम ‘नशा मुक्त हरियाणा मिशन’ के तहत चलाए जा रहे जागरूकता अभियान से भी जोड़ा गया है, जिसके अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर लोगों को नशे के दुष्परिणाम, परिवार व समाज पर पडऩे वाले प्रभाव तथा कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है। मिशन के अंतर्गत अधिकारी, पैनल अधिवक्ता, पैरालीगल वॉलंटियर एवं सामाजिक संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।

    आगामी मासिक गतिविधियां  
    पूरे माह के दौरान डीएलएसए अंबाला द्वारा विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों, न्यायालय परिसर, जेल व समुदाय स्तर पर जागरूकता शिविर, कानूनी साक्षरता कार्यक्रम, निबंध-पोस्टर-भाषण प्रतियोगिताएं तथा नशा मुक्ति प्रतिज्ञा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में बाल अधिकार, मुफ्त कानूनी सहायता, पीडि़त मुआवजा योजनाएं, नशा एवं साइबर अपराध से संबंधित कानून तथा न्यायिक सेवाओं तक पहुंच जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा।

    संपर्क व हेल्पलाइन जानकारी  
    जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, अंबाला ने आमजन से अपील की है कि वे स्वयं तथा अपने आस-पास के लोगों को इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने के लिए प्रेरित करें ताकि नशा मुक्त तथा विधिक रूप से जागरूक समाज का निर्माण किया जा सके। मुफ्त कानूनी सहायता अथवा कार्यक्रम से संबंधित अधिक जानकारी हेतु जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, अंबाला के हेल्पलाइन नंबर 0171-2532142 तथा एनएएलएसए हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क किया जा सकता है।

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    10/12/25

    हरियाणा सरकार की हड़ताली डॉक्टरों पर सख़्ती: 'नो वर्क नो पे' का आदेश जारी

    जे कुमार, चंडीगढ़, 10 दिसम्बर 2025: हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMS) के आह्वान पर चल रही डॉक्टरों की हड़ताल के मद्देनजर, प्रदेश सरकार ने अब सख्त रुख अपना लिया है। सरकार ने हड़ताल में शामिल डॉक्टरों के खिलाफ 'नो वर्क नो पे' (No Work No Pay) की नीति लागू कर दी है।

    वेतन रोकने के सख्त निर्देश : - स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक (DG) की ओर से सभी सिविल सर्जनों और प्रधान चिकित्सा अधिकारियों (PMO) को सख्त आदेश जारी किए गए हैं। इन आदेशों में स्पष्ट कहा गया है कि हड़ताल में शामिल चिकित्सकों और अधिकारियों का हड़ताल की अवधि का वेतन आगामी आदेशों तक जारी न किया जाए। यह कदम डॉक्टरों पर काम पर लौटने का दबाव बनाने और स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित होने से रोकने के लिए उठाया गया है।

    ESMA और अन्य प्रतिबंध लागू : - सरकार ने हड़ताल को अवैध घोषित करते हुए और भी कड़े कदम उठाए हैं | ESMA लागू: सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को 'आवश्यक सेवा' मानते हुए अगले 6 महीने तक डॉक्टरों की हड़ताल पर रोक लगाने के लिए एस्मा (ESMA) लागू कर दिया है। धारा 163: भिवानी, करनाल, झज्जर, हिसार, फतेहाबाद और गुरुग्राम समेत कई जिलों में धारा 163 भी लागू कर दी गई है, जिसके तहत किसी भी तरह के धरने-प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है।

    डॉक्टर एसोसिएशन ने वेतन रोकने के सरकार के इस फैसले पर तीव्र विरोध जताया है। एसोसिएशन का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें, खासकर एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) योजना को लागू करने पर सरकार स्पष्ट सहमति नहीं देती, तब तक वे अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखेंगे।

    #ambala #news #haryana #doctors #no-work-no-pay

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    10/12/25

    डीएसपी हेडक्वार्टर की मौजूदगी में चैरिटेबल वेलफेयर सोसाइटी ने गरीबों को बांटे कंबल

    जे कुमार, अम्बाला शहर, 10 दिसम्बर 2025 :- सर्दी के मौसम की शुरुआत के साथ ही, चैरिटेबल वेलफेयर सोसाइटी, अंबाला ने आज अंबाला शहर में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए। इस मौके पर अंबाला शहर के डीएसपी हेडक्वार्टर विजय कुमार भी उपस्थित रहे।

    पुलिस के सहयोग से हुआ वितरण :- चैरिटेबल वेलफेयर सोसाइटी ने अंबाला पुलिस के सहयोग से अंबाला शहर की अनाज मंडी और अंबा मार्केट में बनी झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीब लोगों को कंबल वितरित किए।

    समिति के प्रधान हरबंस लाल बिंद्रा ने बताया कि उनकी संस्था पहले भी इस तरह के कार्य कर चुकी है। उन्होंने कहा कि पुलिस के साथ मिलकर स्लम एरिया में कंबल बांटने का मुख्य उद्देश्य गरीबों को कड़ाके की सर्दी से बचाना है।

    डीएसपी विजय कुमार ने कहा कि डीजीपी हरियाणा के निर्देश पर उन्होंने इस सामाजिक संस्था के साथ मिलकर यह पहल की है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ठंड और बढ़ेगी, इसलिए पुलिस आगे भी इस संस्था के साथ मिलकर अन्य जगहों पर भी इस प्रकार के सामाजिक कार्य करती रहेगी। यह पहल समाज के प्रति पुलिस और नागरिक संगठनों के संयुक्त दायित्व को दर्शाती है।

    #ambala #news #dsp-headquarters #charitable-welfaresociety

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    09/12/25 |

    नए जिले, तहसील, उप-तहसील बनाने के संबंध में हुई सब-कमेटी की बैठक

    चंडीगढ़, 09 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में आज चंडीगढ़ में नए जिले, तहसील और उप–तहसील निर्माण से संबंधित सब–कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कमेटी के सदस्य के रूप में शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री विपुल गोयल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त, डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव और विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. साकेत कुमार सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

     

    मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप प्रशासनिक ढांचे को अधिक परिणामकारी बनाने की दिशा में कदम— पंवार

     

    बैठक उपरांत श्री कृष्ण लाल पंवार ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिए नई इकाइयों के गठन पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों द्वारा गांवों को तहसील एवं उप–तहसील में शामिल करने संबंधी सरकार के पास अनेक प्रस्ताव आ रहे हैं, जिनमें से आज की बैठक में कुल 62 प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई और मानदंडों के अनुसार सिफारिशें तय की गई हैं।

     

    श्री पंवार ने बताया कि कमेटी द्वारा प्राप्त सभी प्रस्तावों व मानदंडों का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली गई है, जिसे अब अंतिम स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष भेजा जाएगा।

     

     

    श्री पंवार ने बताया कि उप तहसील बनाने के लिए निर्धारित मानदंडों में 10 से अधिक गांव, 5 से 10 पटवार सर्कल, 60 हजार से अधिक जनसंख्या, 15 हजार हेक्टेयर या इससे अधिक क्षेत्रफल तथा उप मंडल मुख्यालय 15 किलोमीटर की दूरी पर होना चाहिए।

     

    इसी प्रकार तहसील के लिए निर्धारित मापदंडों में 20 या इससे अधिक गांव, दो उप-तहसील, पांच से अधिक पटवार सर्कल, 80 हजार या अधिक जनसंख्या, 15 हजार हेक्टेयर या अधिक क्षेत्रफल तथा एक उपमंडल से दूरी 15 किलोमीटर होनी चाहिए।

    इसी प्रकार उपमंडल के लिए यह मापदंड 40 या इससे अधिक गांव, एक या उससे अधिक तहसील/उप तहसील, 15 या इससे अधिक पटवार सर्कल, ढाई लाख या इससे अधिक जनसंख्या,15 हजार हेक्टेयर या इससे अधिक क्षेत्रफल व जिला मुख्यालय से दूरी 10 किलोमीटर या इससे अधिक होनी चाहिए।

     

    उन्होंने बताया कि नए जिलों के मामलों में यह मानदंड 125 से 200 गांव, एक या दो उपमंडल, एक से तीन तहसील या उप तहसील, चार लाख या इससे अधिक की जनसंख्या, 80 हजार हेक्टेयर या इससे अधिक क्षेत्रफल तथा किसी अन्य जिला मुख्यालय से दूरी 25 से 40 किलोमीटर होनी चाहिए।

    #HaryanaGovernment #AdministrativeReforms #NewDistricts #TehsilCreation #SubCommitteeMeeting #KrishanLalPanwar #GoodGovernance #PublicServiceDelivery #HaryanaDevelopment #AdministrativeRestructuring

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    09/12/25 |

    डॉक्टरों की हड़ताल पर हाई-लेवल बैठक: स्वास्थ्य मंत्री ने दिए सेवाएं सुचारु रखने के निर्देश

    जे कुमार, चंडीगढ़, 9 दिसम्बर, 2025 : हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMS) द्वारा बुलाई गई डॉक्टरों की दो दिवसीय हड़ताल के मद्देनजर, हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने आज एक हाई-लेवल बैठक आयोजित की।

    बैठक में शामिल अधिकारी

    इस महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव, विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) सुधीर राजपाल और डीजी हेल्थ मनीष बंसल शामिल हुए।

    स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश

    जानकारी के मुताबिक, मंत्री आरती राव ने अधिकारियों को पूरे प्रदेश से हड़ताल से संबंधित विस्तृत डेटा मंगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट निर्देश दिया कि:

    • मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

    • सभी स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चलनी चाहिए।

    कई जिलों में धारा 163 लागू

    हड़ताल के कारण प्रदेश के कई जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं में अव्यवस्था की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। जानकारी के अनुसार, भिवानी, करनाल, झज्जर, हिसार, फतेहाबाद और गुरुग्राम में धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके तहत किसी भी तरह के धरने-प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और आवश्यक सेवाएं बाधित न हों।

    सरकार लगातार डॉक्टरों से बातचीत कर गतिरोध खत्म करने का प्रयास कर रही है, लेकिन मरीजों की परेशानी को कम करने के लिए प्रशासनिक सख्ती भी की जा रही है।

    #healthminister #haryana #News #breakingnews #highlevel-meeting #doctorsstrike #health-minister-issues #ensure-smooth-functioning-of-services

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    09/12/25 |

    डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने केंद्र सरकार की पीएम केयर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन बारे दिए निर्देश

    जे कुमार, पलवल 9 दिसम्बर : - उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि सरकार द्वारा संबंधित अधिकारियों को केंद्र सरकार की ओर से महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के माध्यम से क्रियान्वित की जा रही पीएम केयर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन बारे दिए निर्देश दिए हैं। इस योजना के क्रियान्वयन की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी लाभार्थी बच्चों का समुचित संरक्षण, मार्गदर्शन एवं कल्याण हो सके।


    उपायुक्त ने बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने इस संबंध में राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि उपायुक्त, जो इन बच्चों के संरक्षक के रूप में कार्य करते हैं, जिला बाल संरक्षण अधिकारी के सहयोग से तीन माह में कम से कम एक बार प्रत्येक लाभार्थी से व्यक्तिगत रूप से सीधा संपर्क करें। सभी लाभार्थी बच्चों के पीएमजेएवाई कार्ड सक्रिय कर यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं प्राप्त करने में कोई बाधा नहीं आए। लाभार्थी बच्चों की शिक्षा से संबंधित नवीनतम जानकारी (विशेष रूप से वे किस कक्षा में अध्ययनरत हैं) योजना पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अद्यतन की जाए, ताकि बच्चों को छात्रवृत्ति एवं अन्य शैक्षणिक सहायता समय पर मिल सके।


    राज्य सरकार की मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत दिए जा रहे लाभों का योजना पोर्टल पर उचित मानचित्रण किया जाए। प्रत्येक लाभार्थी के लिए योग्य बाल मनोवैज्ञानिकों द्वारा नियमित परामर्श सत्र आयोजित किए जाएं, जिससे उनकी मानसिक स्थिति का मूल्यांकन हो सके एवं किसी भी प्रकार की पीड़ा या उत्पीड़न की संभावना को समाप्त किया जा सके। सभी लाभार्थियों के लिए वार्षिक स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, प्रत्येक माह लाभार्थियों की शारीरिक एवं मानसिक फिटनेस का प्रमाणन अधिकृत चिकित्सकों द्वारा किया जाए।


    कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई थी पीएम केयर योजना : उपायुक्त
    उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि पीएम केयर योजना उन बच्चों के लिए चलाई जा रही है, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान अपने दोनों अभिभावकों (माता और पिता), एकमात्र जीवित अभिभावक या कानूनी अभिभावक को खो दिया था। योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को दीर्घकालिक संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

    पीएम केयर योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र बच्चे के डाकघर खाते में इस प्रकार राशि जमा की जाती है कि 18 वर्ष की आयु तक उसे 10 लाख रुपए का कोष प्राप्त हो सके। इसके अतिरिक्त विभिन्न मंत्रालयों द्वारा 4 हजार रुपए प्रतिमाह की सहायता (मिशन वात्सल्य), उच्च शिक्षा सहायता, छात्रवृत्ति 20 हजार, नि:शुल्क कोचिंग, स्वास्थ्य बीमा (पीएमजेएवाई कार्ड) इत्यादि लाभ भी प्रदान किए जा रहे हैं।

    #palwal #News #instructions-regarding #pm-care-scheme #central-government

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    09/12/25 |

    कन्या भ्रूण हत्या की सूचना देने पर दिया जाएगा एक लाख रुपए का इनाम, सूचना देने वाले का नाम रखा जाएगा गुप्त : उपायुक्त

    जे कुमार, पलवल, 9 दिसंबर : - उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने सरकार व प्रशासन की ओर से कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं। पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट 1994 के तहत पंजीकृत सेंटर संचालक व डॉक्टर द्वारा पहली बार गर्भधारण पूर्व लिंग चयन और प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण संबंधी जुर्म करने पर 3 साल की कैद और 10 हजार रुपए जुर्माना तथा इसके उपरांत पुन: जुर्म करने पर 5 साल कैद और 50 हजार रुपए जुर्माना का प्रावधान है।

    पति/परिवार के सदस्य या लिंग चयन के लिए उकसाने वाले व्यक्ति के लिए एक्ट में पहले अपराध पर 50 हजार रुपए तक के जुर्माने के साथ 3 साल तक की कैद तथा इसके उपरांत पुन: अपराध करने पर एक लाख रुपये तक जुर्माने के साथ 5 साल तक की कैद का प्रावधान एक्ट में किया गया है।

    आरोप तय होने पर डॉक्टर का मेडिकल रजिस्ट्रेशन कर दिया जाएगा निलंबित : उपायुक्त
    उपायुक्त ने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या करने व करवाने वालों की सही सूचना देने पर सरकार द्वारा एक लाख रुपए का इनाम दिया जाता है। कन्या भ्रूण हत्या से संबंधित सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गुप्त रखा जाता है। उन्होंने बताया कि आरोप तय होने पर डॉक्टर का मेडिकल रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले अपराध के मामले में राज्य मेडिकल काउंसिल द्वारा डॉक्टर के मेडिकल पंजीकरण को 5 साल के लिए तथा इसके उपरांत अपराध के मामले में स्थायी रूप से मेडिकल पंजीकरण को रद्द कर दिया जाएगा।


    जिला का लिंगानुपात बढ़ाने के लिए सभी को एकजुट होकर करने होंगे सामूहिक प्रयास : उपायुक्त
    उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जिला वासियों से पलवल जिले के लिंगानुपात को बढ़ाकर जिला को लिंगानुपात के मामले में पहले पायदान पर लाने का आह्वान करते हुए कहा कि लिंगानुपात को बढ़ाने के लिए सभी को एकजुट होकर सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि बेटियां अनमोल हैं और इन्हें भी दुनिया में आने का पूरा हक है।

    उन्होंने कहा कि केवल बालिका दिवस व महिला दिवस मनाने से कन्या भ्रूण हत्या समाप्त नहीं होगी। इसके लिए हम सबको मिलकर सामूहिक प्रयास करने होंगे। जिस दिन हम अपनी बेटियों को बेटों के बराबर समझने लगेंगे व बेटियों को बेटों के समान दर्जा देने लगेंगे उस दिन कन्या भ्रूण हत्या अपने आप समाप्त हो जाएगी।


    अल्ट्रासाउंड सेंटर का पीएनडीटी रजिस्ट्रेशन तुरंत प्रभाव से होगा रद्द : डा. वशिष्ठ
    उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि यदि कोई अल्ट्रासाउंड सेंटर भ्रूण हत्या व लिंग जांच की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो अल्ट्रासाउंड सेंटर का पीएनडीटी रजिस्ट्रेशन तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा और आरोपी के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि कोई गर्भवती महिला नकली ग्राहक बनकर भ्रूण हत्या व लिंग जांच करने वालों को पकड़वाने में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करती है तो उस महिला को 50000 रुपए दिए जाते हैं तथा उसका नाम भी पूर्ण रूप से गुप्त रखा जाता है। उन्होंने आमजन से भ्रूण हत्या व लिंग जांच के बारे में सूचना देकर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करने की अपील की है |

    #palwal #News #information-about-female-foeticide #dcpalwal #reward-of-rs-1-lakh

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    09/12/25 |

    गांधी मेमोरियल नेशनल कॉलेज, अंबाला छावनी की एमबीए छात्रा पुर्ति अग्रवाल का विएना एडवांटेज, मोहाली में हुआ चयन

    जे कुमार, अम्बाला 9 दिसम्बर : गांधी मेमोरियल नेशनल कॉलेज, अंबाला छावनी अपने एमबीए विभाग की एक और उल्लेखनीय उपलब्धि साझा करते हुए गर्व का अनुभव कर रहा है। कॉलेज की मेधावी एवं प्रतिभाशाली छात्रा पुर्ति अग्रवाल का चयन प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी विएना एडवांटेज, मोहाली में हुआ है, जहां उन्हें 4.7 लाख वार्षिक का आकर्षक पैकेज ऑफर किया गया है।



    यह उपलब्धि पुर्ति के कठोर परिश्रम, उत्कृष्ट प्रबंधन कौशल और सुदृढ़ व्यक्तित्व का परिणाम है। चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों—लिखित परीक्षा, तकनीकी मूल्यांकन तथा व्यक्तिगत साक्षात्कार—में उन्होंने अपने आत्मविश्वास, विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण, संचार-कौशल और पेशेवर दक्षता से चयनकर्ता मंडल को प्रभावित किया। कॉलेज के प्लेसमेंट सेल ने नियमित प्रशिक्षण, मॉक इंटरव्यू, प्रस्तुति-कौशल सुधार तथा उद्योग आधारित मार्गदर्शन प्रदान कर पुर्ति के पेशेवर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



    कॉलेज प्राचार्य  डॉ. रोहित दत्त ने कहा कि पुर्ति अग्रवाल की यह उपलब्धि हमारे संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासनिक संस्कृति और उद्योग-संलग्नता की परंपरा को और मजबूत करती है। उनकी सफलता हमारे लिए गर्व का विषय है और यह प्रमाण है कि GMN कॉलेज अपने छात्रों को श्रेष्ठ शिक्षा, मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। मैं पुर्ति को हार्दिक बधाई देता हूँ और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।


    एमबीए विभागाध्यक्ष डॉ. भारती सुजान ने कहा कि पुर्ति की समर्पित अध्ययन शैली, प्रबंधन अवधारणाओं की पकड़ तथा लक्ष्य के प्रति स्पष्टता ने उन्हें इस उपलब्धि के योग्य बनाया। वहीं प्लेसमेंट हेड सुश्री कमलप्रीत कौर ने इसे विभाग एवं प्लेसमेंट सेल के लिए उत्साहवर्धक क्षण बताते हुए कहा कि पुर्ति ने प्रत्येक चरण में असाधारण दक्षता दिखाई और आने वाले छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगी। गांधी मेमोरियल नेशनल कॉलेज परिवार ने पुर्ति अग्रवाल को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल, सशक्त और सफल करियर की शुभकामनाएं दीं।


    #ambala #News #haryana #gmncollege #purtiagarwal #mbastudent

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    वंदे मातरम् ने एक ऐसे राष्ट्र को जागरूक किया जो अपनी दिव्य शक्ति को भुला चुका था : गृह मंत्री अमित शाह

    आरएस अनेजा, 9 दिसम्बर नई दिल्ली - 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने पर राज्यसभा में बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "वंदे मातरम् की दोनों सदनों में इस चर्चा से, वंदे मातरम् के महिमा मंडन से, वंदे मातरम् के गौरव गान से हमारे बच्चे, किशोर, युवा और आने वाली कई पीढ़ियां वंदे मातरम् के महत्व को भी समझेगी और उसको राष्ट्र के पुनर्निर्माण का एक प्रकार से आधार भी बनाएगी..."

    'वंदे मातरम्' के 150 साल पूरे होने पर राज्यसभा में बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "वंदे मातरम् ने एक ऐसे राष्ट्र को जागरूक किया जो अपनी दिव्य शक्ति को भुला चुका था। राष्ट्र की आत्मा को जागरूक करने का काम वंदे मातरम् ने किया इसलिए महर्षि अरविंद ने कहा वंदे मातरम् भारत के पुनर्जन्म का मंत्र है..."*

    राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "जब अंग्रेजों ने वंदे मातरम् पर कई प्रतिबंध लगाए तब बंकिम बाबू ने एक पत्र में लिखा था कि मुझे कोई आपत्ति नहीं है मेरे सभी साहित्य को गंगा जी में बहा दिया जाए, यह मंत्र वंदे मातरम् अनंतकाल तक जीवित रहेगा, यह एक महान गान होगा और लोगों के हृदय को जीत लेगा और भारत के पुनर्निर्माण का यह मंत्र बनेगा..."

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    09/12/25 |

    ब्राह्मण समाज की बहन-बेटियों पर अभद्र टिप्पणी का विरोध: परशुराम ब्राह्मण कल्याण सोसायटी ने उपायुक्त कार्यालय में सौंपा ज्ञापन

    जे कुमार, अम्बाला 9 दिसम्बर : - मध्यप्रदेश के आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की बहन-बेटियों के सम्मान पर की गई कथित अभद्र एवं आपत्तिजनक टिप्पणी के खिलाफ आज श्री परशुराम ब्राह्मण कल्याण सोसायटी अम्बाला के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।

    सीजेएम को सौंपा गया ज्ञापन : विरोध दर्ज कराने के लिए समाज के प्रतिनिधि आज जिला उपायुक्त कार्यालय पहुँचे। उन्होंने सीजेएम (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) साहब को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।

    समाज के सदस्यों ने कहा कि एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी द्वारा इस प्रकार की टिप्पणी अस्वीकार्य है और इससे समाज की भावनाओं को ठेस पहुँची है। ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई है कि मध्यप्रदेश प्रशासनिक अधिकारी संतोष वर्मा के विरुद्ध सख्त कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।

    व्यापक आंदोलन की चेतावनी : - सोसायटी ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो समाज व्यापक स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं के सम्मान से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधियों में चेयरमैन राजेंद्र कौशिक, प्रधान तरसेम पाल शर्मा, महासचिव अशोक कुमार शर्मा सहित अन्य सदस्य और गणमान्य व्यक्ति शामिल रहे।

    #ambala #news #deputy-commissioners-office #protest-against-indecent

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    09/12/25 |

    आर्य कॉलेज में विश्व एड्स दिवस पर शपथ एवं जागरूकता समारोह आयोजित, थीम रहा 'व्यवधान से उबरना'

    अम्बाला छावनी, 9 दिसम्बर, 2025: आर्य कॉलेज, अंबाला छावनी के प्रांगण में हेल्थ सेंटर सेल की ओर से विश्व एच.आई.वी. एड्स दिवस (1 दिसंबर) के उपलक्ष्य में एक शपथ एवं जागरूकता समारोह का आयोजन किया गया। जागरूकता और वैश्विक एकता का संदेश : इस वर्ष 2025 के लिए एड्स दिवस का थीम "व्यवधान से उबरना" (Recovery from Disruption) था |

    जिसका उद्देश्य एड्स के विरुद्ध कार्रवाई में रूपांतरकारी बदलाव लाना है। यह दिवस एच.आई.वी. एड्स के बारे में जागरूकता फैलाने, इससे जुड़े मिथकों को दूर करने, प्रभावित व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति बढ़ाने और वैश्विक एकता का संदेश देने के लिए समर्पित है।

    प्राचार्या और विशेषज्ञों के विचार : महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर (डॉ.) अंजु बाला ने कहा कि एच.आई.वी. वायरस शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देता है, जिससे शरीर सामान्य बीमारियों से भी नहीं लड़ पाता। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में समाज के हर वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है।

    डॉक्टर रेखा ने कहा कि एचआईवी एड्स सिर्फ स्वास्थ्य समस्या ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भी विषय है। जागरूकता, सुरक्षित व्यवहार और समय पर उपचार से इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    डॉक्टर सरिता ने कहा कि समाज, सरकार और स्वास्थ्य संगठन यदि एक साथ मिलकर कार्य करें, तो एचआईवी एड्स मुक्त दुनिया का लक्ष्य अवश्य प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में, एच.आई.वी. एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों को शपथ दिलाई गई। इस आयोजन में स्टाफ के सभी सदस्य शामिल हुए।

    #ambala #News #aryacollege #aids

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    09/12/25

    जींद विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों के विकास कार्य जारी, डिप्टी स्पीकर ने की समीक्षा बैठक

    जे कुमार, जींद 9 दिसम्बर : - हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिढ़ा ने कहा है कि जींद विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रुपये की राशि खर्च की जा रही है और विकास कार्यों को निरंतर अमलीजामा पहनाया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय रेस्ट हाउस में अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डिप्टी स्पीकर ने जोर देकर कहा कि "विकास कार्यों को लेकर मौजूदा राज्य सरकार के पास धन की कमी नहीं है।"

    प्रमुख विकास परियोजनाओं का विवरण : डॉ. मिढ़ा ने जींद में चल रही और स्वीकृत महत्वपूर्ण परियोजनाओं की जानकारी दी | बड़ौदी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट: इसका निर्माण कार्य जोरों पर है और इस पर 185 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। बूस्टिंग स्टेशन: जींद शहर में 18 बूस्टिंग स्टेशन बनाए जाने हैं, जिनमें से 4 बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। क्लस्टर जलघर योजना: क्लस्टर योजना के तहत 5 गांवों—जाजवान, संगतपूरा, जलालपुर खुर्द, ईंटल कलां एवं ईंटल खुर्द में—नए जलघर बनाए जाएंगे और गलियों में पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस पर 35 करोड़ खर्च होंगे, जिसके लिए सरकार से मंजूरी मिल चुकी है।

    सीवरेज/पाइपलाइन सुदृढ़ीकरण: क्षेत्र में सीवरेज तथा पाइपलाइन व्यवस्था के और अधिक सुदृढ़ीकरण के लिए ₹17 करोड़ की राशि मंजूर करवाई गई है। सरकारी आवास: जींद में बनने वाले अधिकारियों के आवासीय मकानों के टेंडर जल्द होंगे, जिससे बेहतर आवासीय सुविधा मिलेगी।

    अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश : समीक्षा बैठक में डीसी मोहम्मद इमरान रजा, एसपी कुलदीप सिंह, एसडीएम होशियार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। डिप्टी स्पीकर ने निम्नलिखित निर्देश दिए | सड़क एवं सुंदरता: एचएचएआई (NHAI) के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे नेशनल हाईवे रोड़ों के ओवरब्रिज पर पेड़, फूल इत्यादि लगवाएं ताकि क्षेत्र की सुंदरता बढ़े। सभी हाईवों की मरम्मत का कार्य भी सुनिश्चित किया जाए।

    कंडम भवन: स्वास्थ्य विभाग और लोक निर्माण विभाग को पीएचसी (PHC) और सीएचसी (CHC) जो कंडम होने की कगार पर हैं, उन्हें तुरंत कंडम करवाकर दोबारा एस्टीमेट बनाकर सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए। बिजली समस्या: क्षेत्र में ₹40 करोड़ की परियोजनाओं के तहत बिजली संबंधित व्यवस्थाएं सुधारी जा रही हैं। जल्द ही बिजली समस्या को लेकर एक बड़ा मेगा कैंप आयोजित किया जाएगा।

    पार्कों का रखरखाव: नगर परिषद के अधिकारियों को शहर के पार्कों की छोटी-छोटी समस्याओं को दुरुस्त करने को कहा गया। स्टेडियम की मरम्मत: जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी को एकलव्य स्टेडियम का रख-रखाव सुनिश्चित करने और आवश्यक चीजों को दुरुस्त करने के लिए तुरंत एस्टीमेट भेजने के निर्देश दिए गए। स्टेडियम में करोड़ों की लागत से सिंथैटिक ट्रैक बिछाया जा रहा है।

    उन्होंने सभी अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने और किसी भी कार्य को एक-दूसरे पर न थोपने की हिदायत दी। सेक्टर 6 और 8 की सड़कों की मरम्मत के लिए क्रमशः 1.54 करोड़ और 2.16 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं।

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    09/12/25 |

    यमुनानगर: जगाधरी-पोंटा साहिब रोड पर युवती की सिर कटी लाश बरामद, दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका

    जे कुमार, यमुनानगर, 9 दिसम्बर, 2025 : नेशनल हाईवे जगाधरी-पोंटा साहिब रोड पर बहादुरपुर गुरुद्वारे के पास उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक पॉपुलर की नर्सरी में युवती की धड़ से अलग लाश बरामद हुई। शव का सिर गायब था, जिससे साफ जाहिर होता है कि वारदात को बेहद निर्दयता और क्रूरता के साथ अंजाम दिया गया है। युवती की उम्र लगभग 20 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

    डीएसपी सहित पुलिस टीम मौके पर : घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। सूचना प्राप्त होते ही डीएसपी छछरौली रजत गुलिया, प्रताप नगर थाना पुलिस, सीआईए टीम, और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की गहन जांच शुरू कर दी।

    दुष्कर्म और गला रेतकर हत्या की आशंका : प्रारंभिक जांच के अनुसार, पुलिस का मानना है कि युवती के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी गला रेतकर हत्या की गई और उसके बाद शव को नर्सरी में फेंक दिया गया। शव का सिर अभी तक बरामद नहीं हो पाया है, जिसके लिए आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

    प्रत्यक्षदर्शी विजय ने बताया कि दोपहर के समय जब वह पानी लेने गुरुद्वारे की तरफ जा रहा था, तब उसकी नजर नर्सरी में पड़े भयावह शव पर पड़ी। उसने तुरंत खेत मालिक परमजीत संधू को सूचित किया, जिन्होंने 112 नंबर पर पुलिस को कॉल किया।

    साक्ष्य जुटाने में जुटी पुलिस

    थाना प्रभारी प्रताप नगर नरसिंह ने बताया कि प्रारंभिक तथ्य स्पष्ट रूप से बलात्कार और हत्या की ओर इशारा करते हैं। फॉरेंसिक टीम ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जैसे कपड़ों के नमूने, पैर के निशान और अन्य आवश्यक सुराग इकट्ठे किए हैं।

    पुलिस ने आसपास के गांवों, ढाबों और हाईवे के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। साथ ही, लापता लड़कियों की रिपोर्ट्स से भी शव का मिलान किया जा रहा है, ताकि युवती की पहचान स्थापित की जा सके। पुलिस ने अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीमें गठित कर दी हैं। यह दिल दहला देने वाली घटना क्षेत्र की महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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    09/12/25

    हरियाणा कैबिनेट ने बेहतर सेवा सुविधाओं के लिए छह जिलों के गांवों के रीऑर्गेनाइजेशन को मंजूरी दी

    जे कुमार, चंडीगढ़ 9 दिसम्बर : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रीमण्डल की बैठक में छह जिलों नामत: महेंद्रगढ़ के नारनौल, रेवाड़ी, यमुनानगर, फरीदाबाद, सिरसा और झज्जर के 17  गांवों को एक तहसील/ सब-तहसीलसे दूसरी तहसील /सब-तहसील में बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

     

    प्रशासनिक सुधार के तहत नागरिक सेवाओं में तेजी लाने और उन्हें अधिक प्रभावी बनाने के उद्वेश्य से, हरियाणा के छह जिलों के 17 गांवों को रीऑर्गेनाइज किया जाएगा ताकि जनता को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा सके।

     

    सरकार के इस बड़े कदम का उद्वेश्य लोगों को न केवल बेहतर सुविधाएं प्रदान करना, बल्कि प्रशासनिक क्षमता में भी सुधार लाना है। इससे सुशासन के स्तर पर बेहतर तालमेल के साथ सेवाओं की डिलीवरी भी सुनिश्चित होगी। राज्य स्तर की री-ऑर्गनाइजेशन कमेटी ने अलग-अलग 3 मीटिंगों में इन जिलों के गांवों को सब-तहसील /तहसील से दूसरी तहसील / सब-तहसील में ट्रांसफर करने की सिफारिश की है।

     

    नारनौल, रेवाड़ी, यमुनानगर, फरीदाबाद, सिरसा और झज्जर जिलों के उपायुक्तों द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में भौगोलिक दूरी और प्रशासनिक सुविधाओं को देखते हुए महेंद्रगढ़ जिले के एक गांव, रेवाड़ी के एक गांव, यमुनानगर के 3 गांव, फरीदाबाद के कुछ इलाके, सिरसा के 9 गांव और झज्जर जिले के 3 गांवों को बदलने  की सिफारिश की है।

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    08/12/25

    वंदे मातरम् : इतिहास, विवाद और 2025 की लोकसभा बहस..........

    वंदे मातरम् : इतिहास, विवाद और 2025 की लोकसभा बहस..........

    भारत की स्वतंत्रता-गाथा में ऐसे अनेक प्रतीक हैं, जिन्होंने देशवासियों के हृदय में राष्ट्रप्रेम की ज्योति प्रज्वलित की। इन प्रतीकों में वंदे मातरम् का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि एक भावना है—जो भारतीय आत्मा, मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, एकता, संघर्ष और बलिदान की प्रेरणा बनकर आज भी हमारे सामने खड़ी है। 2025 में जब इस गीत की 150वीं वर्षगांठ मनाने के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष चर्चा हुई, तब यह एक बार फिर केंद्र में आ गया। यह चर्चा केवल एक गीत पर नहीं थी, बल्कि भारत की राष्ट्रीय पहचान, इतिहास और सांस्कृतिक समरसता पर भी विचार का एक महत्वपूर्ण अवसर थी।

    वंदे मातरम् की रचना 1870 के दशक में बंगाल के महान साहित्यकार बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। इसका प्रकाशन सबसे पहले 7 नवंबर 1875 को उनकी पत्रिका ‘बंगदर्शन’ में हुआ। बाद में, 1882 में यह उनके प्रसिद्ध उपन्यास आनंदमठ का हिस्सा बना। यद्यपि इसका जन्म साहित्यिक संदर्भों के भीतर हुआ, परंतु इसके शब्दों में निहित ऊर्जा जल्द ही राजनीतिक चेतना बन गई। गीत उस समय लिखा गया जब ब्रिटिश सत्ता भारतीय समाज को धार्मिक-सामाजिक आधार पर विभाजित कर रही थी। ऐसे माहौल में ‘वंदे मातरम्’ का स्वर, देश को माता के रूप में देखने और एकजुट होने का संदेश देता रहा।

    1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवीन्द्रनाथ टैगोर ने जब इसे पहली बार गाया, तब यह पूरे भारत में राष्ट्रवादी भावनाओं की ध्वनि बन गया। बंगाल विभाजन (1905) के विरोध में चले स्वदेशी आंदोलन में ‘वंदे मातरम्’ उद्घोष बनकर सड़कों पर गूँजने लगा। यह केवल गीत नहीं रहा, बल्कि अंग्रेज़ी शासन के विरुद्ध प्रतिरोध का नारा बन गया। देश के अनेक हिस्सों में लोग जब इसे गाते, तो पुलिस द्वारा मारपीट, जेल और दमन का सामना करना पड़ता था। फिर भी यह स्वर रुकता नहीं था। इसने असंख्य युवाओं को जागृत किया, स्वतंत्रता के लिए जान देने की प्रेरणा दी और स्वतंत्रता-आंदोलन के महत्त्वपूर्ण प्रतीकों में शामिल हो गया।

    यह गीत भारतीय संस्कृति में मातृभूमि को ‘देवी’ के रूप में देखने की परंपरा को अभिव्यक्त करता है। इसमें भूमि, नदियों, लहराते खेतों, वर्षा, वनों और प्राकृतिक सौंदर्य की समृद्धि के वर्णन हैं, जो भारत की उर्वरता और मातृत्व को दर्शाते हैं। मातृभूमि का यह स्वरूप भारतीय समाज के लिए आत्मीय है, क्योंकि हमारे यहाँ धरती, नदी, वृक्ष—सभी को माँ की तरह पूजा जाता है। इसलिए वंदे मातरम् ने लोगों को धार्मिक विभाजनों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता का भाव दिया। यह गीत समर्पण, स्वाभिमान और संकल्प की भावना को जगाता है, यही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है।

    स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद संविधान सभा में लंबी चर्चा के बाद वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गीत और जन गण मन को राष्ट्रीय गान का दर्जा दिया गया। 24 जनवरी 1950 को आधिकारिक रूप से वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया गया। इस निर्णय ने दोनों गीतों को समान सम्मान दिया, तथा यह स्पष्ट किया कि वे एक दूसरे के विकल्प नहीं, बल्कि भारत की बहुआयामी संस्कृति और इतिहास के पूरक प्रतीक हैं। इसके बावजूद समय बीतने के साथ वंदे मातरम् को विद्यालयों, सार्वजनिक मंचों और राष्ट्रीय अवसरों पर वह सम्मान कम ही मिला, जिसकी वह अपेक्षा करता था।

    वंदे मातरम् की मूल रचना में कुल छह पद हैं। इनमें से कुछ पदों में देवी दुर्गा, कमला (लक्ष्मी) जैसे धार्मिक प्रतीकों का उल्लेख है। 1937 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने धार्मिक विविधता को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय किया कि केवल पहले दो पद सार्वजनिक रूप से गाए जाएँगे। उनका तर्क था कि शेष पद विभिन्न समुदायों, विशेषकर मुस्लिम समाज में असहजता पैदा कर सकते हैं। इस निर्णय के बाद यह गीत विवादों में आ गया। समर्थकों का मानना था कि यह ऐतिहासिक गीत का राजनीतिक रूप से अनावश्यक ‘खंडन’ था। आलोचकों का कहना था कि इससे भारत की बहुसांस्कृतिक पहचान प्रभावित हुई।

    वहीं, कुछ लोग इस बात पर भी ज़ोर देते हैं कि वंदे मातरम् को देवी आराधना तक सीमित नहीं समझना चाहिए, बल्कि इसे मातृभूमि—अर्थात धरती के प्रति आदर की अभिव्यक्ति के रूप में देखा जाना चाहिए। वास्तव में, गीत प्रकृति और मातृभूमि की सुंदरता को, देवी-स्वरूप की उपमा के माध्यम से प्रस्तुत करता है, न कि किसी धर्म विशेष की स्थापना करता है।

    2025 की शीतकालीन सत्र में वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर लोकसभा में विशेष चर्चा आयोजित की गई। इस बहस ने ऐतिहासिक निर्णयों, राजनीतिक दृष्टि और सामाजिक समरसता को फिर से विषय बना दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वक्तव्य में कहा कि वंदे मातरम् ने गुलाम भारत को एकजुट किया और स्वतंत्रता के संघर्ष में नई ऊर्जा भरी। उन्होंने 1937 में हुए संशोधन को “राष्ट्रीय गीत का अपमान” बताया और आरोप लगाया कि यह मुस्लिम लीग के दबाव में किया गया था। उनके अनुसार, यह गीत भारतीय संस्कृति के सम्मान का प्रतीक है और इसे राजनीतिक दृष्टि से नहीं बल्कि राष्ट्रीय दृष्टि से देखा जाना चाहिए।

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वंदे मातरम् को स्वतंत्र भारत में वह सम्मान नहीं मिला जिसकी वह पात्र है। उन्होंने इसे ‘पूर्णत: राष्ट्रमय’ गीत बताया और कहा कि इसे किसी धार्मिक पहचान से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। वहीं विपक्ष के कुछ नेताओं ने इस बहस की समय-संगति पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि देश में बेरोज़गारी, महँगाई, सामाजिक असमानता और रक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा ज़रूरी थी, लेकिन सरकार इतिहास के भावनात्मक प्रतीकों का राजनीतिक उपयोग कर रही है।

    यह बहस केवल अतीत का मुद्दा नहीं उठाती, बल्कि यह सवाल भी पूछती है कि भविष्य में वंदे मातरम् किस रूप में हमारे समाज और राष्ट्र-निर्माण का हिस्सा रहेगा। क्या इसे केवल ऐतिहासिक विरासत मानकर भुला दिया जाए? या इसे शिक्षा, संस्कृति और नागरिकता के क्षेत्र में नए उत्साह के साथ स्थापित किया जाए? महत्वपूर्ण यह है कि इसे किसी एक समुदाय या विचारधारा तक सीमित न किया जाए, बल्कि इसे भारतीय राष्ट्रवाद की साझा विरासत के रूप में स्वीकार किया जाए।

    वंदे मातरम् यदि सही संदर्भ, संवेदनशीलता और इतिहास की सटीक समझ के साथ प्रस्तुत किया जाए, तो यह न केवल राष्ट्रभक्ति को प्रेरित करेगा बल्कि सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देगा। आज के युवाओं को वंदे मातरम् केवल गाना नहीं चाहिए, बल्कि इसे पढ़ना, समझना और इसके ऐतिहासिक महत्व को पहचानना चाहिए। तभी यह गीत भविष्योन्मुखी राष्ट्रीय शक्ति बन सकता है।

    वंदे मातरम् वह स्वर है जिसने दमनकारी सत्ता को चुनौती दी, असंख्य भारतीयों को स्वतंत्रता के संघर्ष में प्रेरित किया और भारत की मिट्टी के प्रति समर्पण की ज्योति जगाई। यह केवल कविता नहीं है; यह भारतीयता का घोष है। इसके साथ जुड़े विवाद हमें याद दिलाते हैं कि राष्ट्रीय प्रतीक केवल इतिहास नहीं होते, वे वर्तमान की राजनीति, संस्कृति और समाज से लगातार जुड़े रहते हैं।

    आज आवश्यकता इस बात की है कि वंदे मातरम् को न तो राजनीतिक उपयोग के वस्त्र में लपेटा जाए और न ही धार्मिक विवादों में फँसाया जाए। इसे उस रूप में स्वीकार किया जाए, जिसमें यह लिखा गया था—भारत माता की सुंदरता, समृद्धि, और गौरव का गुणगान। जब हम वंदे मातरम् का उच्चारण करते हैं, तो हम केवल एक गीत नहीं गाते, बल्कि अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम, कृतज्ञता और वफादारी की प्रतिज्ञा दोहराते हैं। यही है वंदे मातरम् का वास्तविक संदेश, जो आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाया जाना चाहिए।

    (के.के.)

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    08/12/25

    प्रधानमंत्री ने कहा- वंदे मातरम ने हमारे स्वतंत्रता आंदोलन को बल दिया

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष चर्चा की शुरुआत की


    प्रधानमंत्री ने कहा- वंदे मातरम ने हमारे स्वतंत्रता आंदोलन को बल दिया

    प्रधानमंत्री ने कहा- वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होते देखना हम सभी के लिए गर्व की बात है  

    प्रधानमंत्री ने कहा- वंदे मातरम वह शक्ति है जो हमें, हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करती है

    प्रधानमंत्री ने कहा- वंदे मातरम ने भारत में हजारों वर्षों से गहराई से जड़ें जमाए विचार को फिर से जागृत किया

    प्रधानमंत्री ने कहा- वंदे मातरम में हजारों वर्षों की सांस्कृतिक ऊर्जा भी समाहित होने के साथ-साथ स्वतंत्रता का उत्साह और स्वतंत्र भारत का दृष्टिकोण भी शामिल था

    प्रधानमंत्री ने कहा- लोगों के साथ वंदे मातरम का गहरा सम्‍बंध हमारे स्वतंत्रता आंदोलन की यात्रा को दर्शाता है

    प्रधानमंत्री ने कहा- वंदे मातरम ने हमारे स्वतंत्रता आंदोलन को बल और दिशा दी

    प्रधानमंत्री ने कहा- वंदे मातरम के सर्वव्यापी मंत्र ने स्वतंत्रता, त्याग, शक्ति, पवित्रता, समर्पण और लचीलेपन को प्रेरित किया

    प्रविष्टि तिथि: 08 DEC 2025 3:44PM by PIB Delhi

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज लोकसभा में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित विशेष चर्चा की शुरुआत की। प्रधानमंत्री ने इस महत्वपूर्ण अवसर पर सामूहिक चर्चा का मार्ग चुनने के लिए सदन के सभी सम्मानित सदस्यों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम, वह मंत्र और आह्वान है जिसने राष्ट्र के स्वतंत्रता आंदोलन को ऊर्जा और प्रेरणा दी, त्याग और तपस्या का मार्ग दिखाया। इस सदन में वंदे मातरम को याद किया जाना सभी के लिए सौभाग्य की बात है। श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि यह गर्व की बात है कि राष्ट्र वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बन रहा है। उन्होंने कहा कि यह कालखंड हमारे सामने इतिहास की अनगिनत घटनाओं को लेकर आता है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि यह चर्चा न केवल सदन की प्रतिबद्धता को दर्शाएगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए शिक्षा का स्रोत भी बन सकती है, बशर्ते सभी सामूहिक रूप से इसका सदुपयोग करें।

    श्री मोदी ने कहा कि यह वह दौर है जब इतिहास के कई प्रेरक अध्याय एक बार फिर हमारे सामने आ रहे हैं। उन्होंने इस बात का भी उल्‍लेख किया कि राष्ट्र ने हाल ही में संविधान के 75 वर्ष पूरे होने का गौरवपूर्ण जश्न मनाया है। उन्होंने कहा कि देश सरदार वल्लभभाई पटेल और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती भी मना रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में राष्ट्र ने गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि आज वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह सदन राष्‍ट्रगीत की सामूहिक ऊर्जा को अनुभव करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वंदे मातरम की 150 वर्ष की यात्रा अनेक पड़ावों से होकर गुजरी है। यह याद करते हुए कि जब वंदे मातरम के 50 वर्ष पूरे हुए थे, तब राष्ट्र अंग्रेजी शासन के अधीन रहने को विवश था, श्री मोदी ने कहा कि जब इसके 100 वर्ष पूरे हुए, तब देश आपातकाल की जंजीरों में जकड़ा हुआ था। उन्होंने बताया कि वंदे मातरम के शताब्दी समारोह के समय देश के संविधान का गला घोंटा गया था। उन्होंने यह भी कहा कि जब वंदे मातरम के 100 वर्ष पूरे हुए, तो देशभक्ति की राह पर जी-जान से चलने वालों को सलाखों के पीछे कैद कर दिया गया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि जिस गीत ने देश की स्वतंत्रता को ऊर्जा दी, दुर्भाग्य से जब इसके 100 वर्ष पूरे हुए, तो उस समय इतिहास का एक काला अध्याय चल रहा था और लोकतंत्र स्वयं गंभीर तनाव में था।

    श्री मोदी ने बल देकर कहा, "वंदे मातरम के 150 वर्ष उस महान अध्याय और गौरव को फिर से स्थापित करने का अवसर प्रस्तुत करते हैं,  इसलिए सदन और राष्ट्र को इस अवसर को हाथ से नहीं जाने देना चाहिए।" उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह वंदे मातरम ही था जिसने 1947 में देश को आज़ादी दिलाई और स्वतंत्रता संग्राम का भावनात्मक नेतृत्व इसके आह्वान में समाहित था।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वे 150वें वर्ष में वंदे मातरम पर चर्चा शुरू करने के लिए खड़े हुए, तो सत्ता पक्ष या विपक्ष में कोई मतभेद नहीं था, क्योंकि उपस्थित सभी लोगों के लिए यह वास्तव में वंदे मातरम के ऋण को स्वीकार करने का अवसर था। इसने लक्ष्य-उन्मुख नेताओं को स्वतंत्रता आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।  इसके परिणामस्वरूप हमें स्वतंत्रता मिली और आज सभी सदन में बैठ सकते हैं। उन्होंने बल देकर कहा कि सभी सांसदों और जनप्रतिनिधियों के लिए, यह उस ऋण को स्वीकार करने का एक पवित्र अवसर है। श्री मोदी ने स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ने और पूरे देश - उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम - को एक स्वर में एकजुट करने वाली प्रेरणा, वंदे मातरम की भावना द्वारा एक बार फिर हमारा मार्गदर्शन करने पर बल दिया। उन्होंने सभी से स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा देखे गए सपनों को साकार करने के लिए मिलकर आगे बढ़ने और 150वें वर्ष में वंदे मातरम को सभी के लिए प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण और 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने के संकल्प की पुनः पुष्टि करने का अवसर है।

    श्री मोदी ने कहा कि वंदे मातरम की यात्रा 1875 में बंकिम चंद्र जी के साथ शुरू हुई। उन्होंने इस बात का उल्‍लेख किया कि इस गीत की रचना ऐसे समय में हुई थी जब 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद, ब्रिटिश साम्राज्य अस्थिर था और उसने भारत पर तरह-तरह के दबाव और अन्यायपूर्ण नीतियां थोपकर, भारतवासियों को अधीनता स्वीकार करने पर विवश कर दिया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि उस दौर में, अंग्रेजों के राष्ट्रगान, 'गॉड सेव द क्वीन' को भारत के घर-घर में फैलाने की साजिश रची जा रही थी। उन्होंने बल देकर कहा कि यही वह समय था जब बंकिम दा ने इस साजिश को चुनौती दी और इसका और भी ज़ोरदार जवाब की उस चुनौती से वंदे मातरम का जन्म हुआ। उन्होंने बताया कि कुछ साल बाद, 1882 में, जब बंकिम चंद्र ने 'आनंद मठ' लिखा, तो इस गीत को उसमें शामिल किया गया।

    प्रधानमंत्री ने वंदे मातरम ने उस विचार को पुनर्जीवित किया जो हज़ारों वर्षों से भारत की रगों में गहराई से समाने की बात पर बल देते हुए कहा कि वही भावना, वही मूल्य, वही संस्कृति और वही परंपरा वंदे मातरम के माध्यम से राष्ट्र को बेहतरीन शब्दों और उदात्त भावना के साथ उपहार में दी गई थी। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम केवल राजनीतिक स्वतंत्रता या सिर्फ़ अंग्रेजों को भगाकर अपना रास्ता बनाने का मंत्र ही नहीं है, बल्कि यह उससे कहीं आगे तक जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम मातृभूमि को स्‍वतंत्र कराने, भारत माता को बेड़ियों से मुक्त कराने का एक आदर्श युद्ध भी था। उन्होंने कहा कि जब हम वंदे मातरम की पृष्ठभूमि और उसके मूल्यों की धारा को देखते हैं, तो हमें वैदिक युग से बार-बार दोहराई जाने वाली सच्चाई दिखाई देती है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि जब हम वंदे मातरम कहते हैं, तो यह हमें वैदिक घोषणा की याद दिलाता है, इसका अर्थ है कि यह भूमि मेरी माता है और मैं इसका पुत्र हूं।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि यही विचार भगवान श्री राम ने भी प्रतिध्वनित किया था जब उन्होंने लंका के वैभव का त्याग करते हुए कहा था, "जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी"। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम इस महान सांस्कृतिक परंपरा का आधुनिक अवतार है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि जब बंकिम दा ने वंदे मातरम की रचना की, तो यह स्वाभाविक रूप से स्वतंत्रता आंदोलन की आवाज़ बन गया। उन्होंने बल देकर कहा कि पूर्व से पश्चिम, उत्तर से दक्षिण तक, वंदे मातरम प्रत्‍येक भारतीय का संकल्प बन गया।

    कुछ दिन पहले, 150 वर्ष पूरे होने पर वंदे मातरम के शुभारंभ पर श्री मोदी ने कहा था कि वंदे मातरम में हज़ारों वर्षों की सांस्कृतिक ऊर्जा समाहित है, इसमें स्वतंत्रता की भावना है और एक स्वतंत्र भारत का दृष्टिकोण भी निहित है। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश काल में, भारत को कमज़ोर, अक्षम, आलसी और निष्क्रिय दिखाने का एक चलन चल पड़ा था  और यहां तक कि औपनिवेशिक प्रभाव में शिक्षित लोग भी यही भाषा बोलते थे। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि बंकिम दा ने इस हीन भावना को दूर किया और वंदे मातरम के माध्यम से भारत के शक्तिशाली स्वरूप को प्रकट किया। उन्होंने कहा कि बंकिम दा ने ऐसी पंक्तियां रचीं जो इस बात पर बल देती हैं कि भारत माता ज्ञान और समृद्धि की देवी होने के साथ-साथ शत्रुओं पर शस्त्र चलाने वाली प्रचंड चंडिका भी हैं।

    श्री मोदी ने इन शब्दों, भावनाओं और प्रेरणाओं ने गुलामी की निराशा में भारतीयों को साहस देने की बात को रेखांकित करते हुए  कहा कि इन पंक्तियों ने लाखों देशवासियों को यह एहसास दिलाया कि संघर्ष जमीन के एक टुकड़े के लिए नहीं था, न ही केवल सत्ता के सिंहासन पर कब्जा करने के लिए था, बल्कि उपनिवेशवाद की जंजीरों को तोड़ने और महान परंपराओं, गौरवशाली संस्कृति और हजारों वर्षों के गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करने के लिए था।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम का जन-जन से गहरा जुड़ाव हमारे स्वतंत्रता संग्राम की एक लंबी गाथा के रूप में अभिव्यक्त हुआ। उन्होंने आगे कहा कि जब भी किसी नदी का उल्लेख होता है—चाहे वह सिंधु हो, सरस्वती हो, कावेरी हो, गोदावरी हो, गंगा हो या यमुना हो—वह अपने साथ संस्कृति की एक धारा, विकास का प्रवाह और मानव जीवन का प्रभाव लेकर आती है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि इसी प्रकार, स्वतंत्रता संग्राम का प्रत्येक चरण वंदे मातरम की भावना से प्रवाहित हुआ और इसके तटों ने उस भावना को पोषित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी काव्यात्मक अभिव्यक्ति, जहां स्वतंत्रता की पूरी यात्रा वंदे मातरम की भावनाओं से गुंथी हुई हो, शायद दुनिया में कहीं और न मिले।

    श्री मोदी ने कहा कि 1857 के बाद अंग्रेजों को यह एहसास हो गया था कि उनके लिए भारत में लंबे समय तक रहना मुश्किल होगा और इसी सपने के साथ वे आए थे, उन्हें लगा कि जब तक भारत का विभाजन नहीं होगा, जब तक यहां के लोगों को आपस में लड़ाया नहीं जाएगा, तब तक यहां शासन करना असंभव होगा। उन्होंने बताया कि अंग्रेजों ने फूट डालो और राज करो का रास्ता चुना और बंगाल को अपनी प्रयोगशाला बनाया, क्योंकि वे जानते थे कि उस समय बंगाल की बौद्धिक शक्ति राष्ट्र को दिशा, शक्ति और प्रेरणा देती थी, और भारत की सामूहिक शक्ति का केंद्र बिंदु बन गई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि यही कारण था कि अंग्रेजों ने सबसे पहले बंगाल को बांटने की कोशिश की, क्योंकि उनका मानना ​​था कि बंगाल के विभाजन के बाद देश भी बिखर जाएगा और वे अपना शासन जारी रख सकेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि 1905 में, जब अंग्रेजों ने बंगाल के विभाजन का पाप किया था, तब वंदे मातरम चट्टान की तरह अडिग रहा। उन्होंने बल देकर कहा कि बंगाल की एकता के लिए, वंदे मातरम गली-गली में गूंजने वाला नारा बन गया और इसने लोगों को प्रेरित किया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि बंगाल के विभाजन के साथ, अंग्रेजों ने भारत को कमजोर करने के गहरे बीज बोने की कोशिश की, लेकिन वंदे मातरम, एक आवाज और एकता के सूत्र के रूप में, अंग्रेजों के लिए एक चुनौती और राष्ट्र के लिए एक मजबूत चट्टान जैसी ताकत बन गया।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि यद्यपि बंगाल का विभाजन हुआ, लेकिन इसने एक विशाल स्वदेशी आंदोलन को जन्म दिया और उस समय वंदे मातरम की गूंज हर जगह सुनाई दी। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा पैदा की गई इस भावना की शक्ति को अंग्रेजों ने समझा, उनके गीत ने अंग्रेजी शासन की नींव इतनी हिला दी कि वे इस पर कानूनी प्रतिबंध लगाने के लिए बाध्य हो गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसे गाने पर दंड दिया जाता था, इसे छापने पर दंड दिया जाता था, और यहां तक कि वंदे मातरम शब्द का उच्चारण करने पर भी कठोर कानूनों के तहत दंड दिया जाता था। उन्होंने बारीसाल का उदाहरण देते हुए बताया कि सैकड़ों महिलाओं ने स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया और उसमें योगदान दिया, उस जगह वंदे मातरम गाने पर सबसे ज़्यादा अत्याचार किए गए थे। उन्होंने याद किया कि बारीसाल में माताएं, बहनें और बच्चे वंदे मातरम की गरिमा की रक्षा के लिए आगे आए थे। श्री मोदी ने साहसी सरोजिनी घोष का उल्लेख किया, उन्होंने घोषणा की थी कि जब तक वंदे मातरम पर प्रतिबंध नहीं हटता, वह अपनी चूड़ियां उतार देंगी और उन्हें फिर कभी नहीं पहनेंगी, जो उस समय में अत्यंत महत्वपूर्ण प्रतिज्ञा थी। उन्होंने कहा कि बच्चे भी पीछे नहीं रहे, उन्हें कोड़े मारे गए, छोटी उम्र में ही जेल में डाल दिया गया, फिर भी वे अंग्रेजों की अवहेलना करते हुए वंदे मातरम का नारा लगाते हुए सुबह के जुलूसों में शामिल होते रहे। उन्होंने इस बात का भी उल्‍लेख किया कि बंगाल की गलियों में एक बंगाली गीत गूंजता था, जिसका अर्थ था, "प्रिय मां, आपकी सेवा करते हुए और वंदे मातरम का नारा लगाते हुए, चाहे प्राण भी चले जाएं, वह जीवन धन्य है," जो बच्चों की आवाज़ बन गया और राष्ट्र को साहस दिया।

    श्री मोदी ने यह भी बताया किया कि 1905 में, हरितपुर गांव में, वंदे मातरम का जाप करने वाले बहुत छोटे बच्चों को बेरहमी से पीटा गया था, इस घटना से उन्हें जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। इसी तरह, 1906 में, नागपुर के नील सिटी हाई स्कूल के बच्चों ने एक साथ वंदे मातरम का जाप करने के उसी "अपराध" के लिए अत्याचारों का सामना किया, अपनी ताकत के माध्यम से मंत्र की शक्ति साबित की। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि भारत के वीर सपूत बिना किसी डर के फांसी पर चढ़ गए, अपनी आखिरी सांस तक वंदे मातरम का जाप करते रहे- खुदीराम बोस, मदनलाल ढींगरा, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान, रोशन सिंह, राजेंद्रनाथ लाहिड़ी, रामकृष्ण विश्वास और अनगिनत अन्य जिन्होंने वंदे मातरम को अपने होठों पर रखते हुए फांसी को गले लगा लिया। उन्होंने कहा कि यद्यपि ये बलिदान विभिन्न जेलों, विभिन्न क्षेत्रों, विभिन्न चेहरों और भाषाओं के साथ हुए, प्रधानमंत्री ने चटगांव विद्रोह को याद किया, जहां युवा क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों को चुनौती दी थी, और हरगोपाल बल, पुलिन विकास घोष और त्रिपुर सेन जैसे नाम इतिहास में चमकते हैं। उन्होंने बताया कि 1934 में जब मास्टर सूर्य सेन को फांसी दी गई थी, तो उन्होंने अपने साथियों को एक पत्र लिखा था, और उसमें केवल एक ही शब्द था - वंदे मातरम।

    उन्‍होंने कहा कि भारत के लोगों को गर्व होना चाहिए, क्योंकि विश्व इतिहास में कहीं और ऐसी कोई कविता या गीत नहीं मिलता जिसने सदियों से लाखों लोगों को एक ही लक्ष्य के लिए प्रेरित किया हो और उन्हें अपना जीवन समर्पित करने के लिए प्रेरित किया हो, जैसा कि वंदे मातरम ने किया था। श्री मोदी ने कहा कि दुनिया को यह जानना चाहिए कि गुलामी के दौर में भी, भारत ने ऐसे व्यक्तित्वों को जन्म दिया जो भावनाओं का ऐसा गहन गीत रचने में सक्षम थे, जो मानवता के लिए एक आश्चर्य है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें इसे गर्व के साथ घोषित करना चाहिए, और फिर दुनिया भी इसका जश्न मनाना शुरू कर देगी। उन्होंने इस बात पर   भी बल दिया कि वंदे मातरम स्वतंत्रता का मंत्र है, त्याग का मंत्र है, ऊर्जा का मंत्र है, पवित्रता का मंत्र है, समर्पण का मंत्र है, त्याग और तपस्या का मंत्र है, और वह मंत्र है जिससे कष्ट सहने की शक्ति मिली। उन्होंने कहा कि यह मंत्र वंदे मातरम है। प्रधानमंत्री ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की इस रचना को याद किया, "एक सूत्र में बंधे हैं हज़ारों मन, एक ही कार्य के लिए समर्पित हैं हज़ारों जीवन - वंदे मातरम।"

    प्रधानमंत्री ने कहा कि उस दौर में, वंदे मातरम की रिकॉर्डिंग दुनिया के विभिन्न हिस्सों तक पहुंची और लंदन, जो क्रांतिकारियों के लिए एक तरह का तीर्थस्थल बन गया था, लोगों ने इंडिया हाउस में वीर सावरकर को वंदे मातरम गाते देखा, जहां यह गीत बार-बार गूंजता था, और राष्ट्र के लिए जीने-मरने को तैयार लोगों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बना। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि उसी समय, बिपिन चंद्र पाल और महर्षि अरबिंदो घोष ने एक अखबार शुरू किया और उसका नाम 'वंदे मातरम' रखा, क्योंकि यह गीत ही प्रत्‍येक कदम पर अंग्रेजों की नींद उड़ाने के लिए काफी था। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब अंग्रेजों ने अखबारों पर प्रतिबंध लगाए, तो मैडम भीकाजी कामा ने पेरिस में एक अखबार प्रकाशित किया और उसका नाम 'वंदे मातरम' रखा।

    श्री मोदी ने कहा, "वंदे मातरम ने भारत को आत्मनिर्भरता का मार्ग भी दिखाया।" उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि उस दौर में माचिस से लेकर बड़े-बड़े जहाज़ों तक, वंदे मातरम लिखने की परंपरा विदेशी कंपनियों को चुनौती देने का माध्यम बन गई और स्वदेशी के मंत्र में बदल गई। उन्होंने बल देकर कहा कि स्‍वतंत्रता के मंत्र का विस्तार स्वदेशी के मंत्र के रूप में हुआ।

    प्रधानमंत्री ने 1907 की एक और घटना के बारे में बताया, जब वी.ओ. चिदंबरम पिल्लई ने स्वदेशी कंपनी के लिए एक जहाज बनाया था और उस पर वंदे मातरम अंकित किया था। उन्होंने बताया कि राष्ट्रकवि सुब्रमण्य भारती ने वंदे मातरम का तमिल में अनुवाद किया और भजनों की रचना की, और उनके कई देशभक्ति गीतों में वंदे मातरम के प्रति समर्पण स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारती ने भारत का ध्वज गीत भी लिखा था, इसमें वंदे मातरम अंकित ध्वज का वर्णन है। उन्होंने तमिल पद्य का उल्‍लेख किया, इसका अनुवाद इस प्रकार है: "हे देशभक्तों, मेरी मां के दिव्य ध्वज को देखो और आदरपूर्वक प्रणाम करो।"

    प्रधानमंत्री ने कहा कि वह सदन के समक्ष वंदे मातरम पर महात्मा गांधी की भावनाओं को रखना चाहते हैं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका से प्रकाशित साप्ताहिक पत्रिका 'इंडियन ओपिनियन' में 2 दिसंबर 1905 को महात्मा गांधी द्वारा लिखे गए एक लेख के बारे में बताया। उस लेख में गांधी जी ने उल्लेख किया है कि बंकिम चंद्र द्वारा रचित वंदे मातरम पूरे बंगाल में अत्यधिक लोकप्रिय हो गया था और स्वदेशी आंदोलन के दौरान, विशाल सभाएं आयोजित की गईं जहां लाखों लोगों ने बंकिम का गीत गाया। प्रधानमंत्री ने गांधी जी के शब्दों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह गीत इतना लोकप्रिय हो गया था कि लगभग राष्ट्रगान जैसा हो गया था। गांधी जी ने लिखा कि इसकी भावनाएं अन्य राष्ट्रों के गीतों की तुलना में महान और मधुर थीं और इसका एकमात्र उद्देश्य हमारे भीतर देशभक्ति की भावना जागृत करना था। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि गांधी जी ने इस गीत का वर्णन भारत को माता के रूप में देखने और उसकी पूजा करने के रूप में किया था।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस वंदे मातरम को महात्मा गांधी ने 1905 में राष्ट्रगान के रूप में देखा था और जो देश-विदेश में प्रत्‍येक भारतीय के लिए अपार शक्ति का स्रोत था, उसे पिछली शताब्दी में घोर अन्याय का सामना करना पड़ा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वंदे मातरम के साथ ऐसा विश्वासघात क्यों हुआ, ऐसा अन्याय क्यों हुआ और कौन सी ताकतें इतनी शक्तिशाली थीं कि उन्होंने पूज्य बापू की भावनाओं को भी दबा दिया और इस पवित्र प्रेरणा को विवादों में घसीट दिया। श्री मोदी ने बल देकर कहा कि आज जब हम वंदे मातरम के 150 वर्ष मना रहे हैं, तो यह हमारा कर्तव्य है कि हम नई पीढ़ियों को उन परिस्थितियों से अवगत कराएं जिनके कारण यह विश्वासघात हुआ। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि वंदे मातरम के विरोध की मुस्लिम लीग की राजनीति तेज हो रही थी और मोहम्मद अली जिन्ना ने 15 अक्टूबर 1937 को लखनऊ से वंदे मातरम के खिलाफ नारा लगाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुस्लिम लीग के निराधार बयानों का दृढ़ता से मुकाबला करने और उनकी निंदा करने के बजाय, तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू ने वंदे मातरम के प्रति अपनी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) पार्टी की प्रतिबद्धता की पुष्टि नहीं की और वंदे मातरम पर ही सवाल उठाना शुरू कर दिया। उन्होंने याद किया कि जिन्ना के विरोध के ठीक पांच दिन बाद, 20 अक्टूबर 1937 को, नेहरू ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने जिन्ना की भावना से सहमति जताई और कहा कि वंदे मातरम की 'आनंद मठ' पृष्ठभूमि मुसलमानों को परेशान कर सकती है। प्रधानमंत्री ने नेहरू जी के शब्दों का भी उल्‍लेख किया।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके बाद, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से एक बयान आया कि 26 अक्टूबर 1937 से कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक कोलकाता में होगी और उसमें वंदे मातरम के प्रयोग  की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस समीक्षा के लिए बंकिम बाबू के बंगाल, बंकिम बाबू के कोलकाता को चुना गया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरा देश चकित और स्तब्ध था और देश भर के देशभक्तों ने प्रभातफेरी निकालकर और वंदे मातरम गाकर इस प्रस्ताव का विरोध किया। उन्होंने बल देकर कहा कि दुर्भाग्य से 26 अक्टूबर 1937 को कांग्रेस ने अपने फ़ैसले में वंदे मातरम पर समझौता कर उसे खंडित कर दिया। उन्होंने कहा कि यह फ़ैसला सामाजिक समरसता की आड़ में लिया गया था, लेकिन इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के आगे घुटने टेक दिए और उसके दबाव में आकर तुष्टिकरण की राजनीति अपनाई।

    सदन को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति के दबाव में, कांग्रेस वंदे मातरम के विभाजन के लिए झुकी और इसीलिए एक दिन उसे भारत के विभाजन के लिए झुकना पड़ा। उन्होंने बल देकर कहा कि कांग्रेस ने अपने फ़ैसले दूसरों को सौंप दिए थे और दुर्भाग्य से उसकी नीतियां अपरिवर्तित हैं। प्रधानमंत्री ने विपक्ष और उसके सहयोगियों की तुष्टिकरण की राजनीति करने और वंदे मातरम को लेकर लगातार विवाद पैदा करने की कोशिशों के लिए आलोचना की।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का असली चरित्र उसके अच्छे समय में नहीं, बल्कि चुनौतियों और संकट के दौर में प्रकट होता है, जब उसे लचीलेपन, शक्ति और क्षमता की कसौटी पर परखा और सिद्ध किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि 1947 में स्वतंत्रता के बाद, जहां देश की चुनौतियां और प्राथमिकताएं बदल गईं, वहीं राष्ट्र की भावना और प्राणशक्ति वही रही, जो प्रेरणा देती रही। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि जब भी भारत संकटों का सामना करता है, राष्ट्र वंदे मातरम की भावना के साथ आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि आज भी, 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे अवसरों पर, यह भावना हर जगह दिखाई देती है क्योंकि हर घर में तिरंगा शान से लहराता है। उन्होंने याद दिलाया कि खाद्य संकट के दौरान, वंदे मातरम की भावना ने ही किसानों को देश के अन्न भंडार भरने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने कहा कि जब भारत की स्वतंत्रता को कुचलने की कोशिश की गई, जब संविधान पर वार किया गया और आपातकाल लगाया गया, तो वंदे मातरम की शक्ति ने ही राष्ट्र को ऊपर उठने और विजय पाने में सक्षम बनाया। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि जब भी देश पर युद्ध थोपे गए, जब भी संघर्ष की स्थिति आई, तो वंदे मातरम की भावना ने ही सैनिकों को सीमाओं पर डटे रहने के लिए प्रेरित किया और यह सुनिश्चित किया कि भारत माता का ध्वज विजय पताका में लहराता रहे। उन्होंने आगे कहा कि कोविड-19 के वैश्विक संकट के दौरान भी, राष्ट्र इसी भावना के साथ खड़ा रहा, चुनौती को परास्त किया और आगे बढ़ा।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि यह राष्ट्र की शक्ति है, ऊर्जा का एक शक्तिशाली प्रवाह है जो देश को भावनाओं से जोड़ता है, चेतना का प्रवाह है और प्रगति को गति देने वाली अखंड सांस्कृतिक धारा का प्रतिबिंब है। श्री मोदी ने बल देकर कहा, "यह केवल वंदे मातरम स्मरण के लिए नहीं, बल्कि नई ऊर्जा और प्रेरणा प्राप्त करने और इसके लिए खुद को समर्पित करने का समय है।" उन्होंने दोहराया कि राष्ट्र वंदे मातरम का ऋणी है। वंदे मातरम ने हमारे यहां तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया है और इसलिए इसका सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। प्रधानमंत्री ने इस बात का भी उल्‍लेख किया कि भारत के पास हर चुनौती से पार पाने की क्षमता है और वंदे मातरम की भावना उस शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत या भजन नहीं है, बल्कि प्रेरणा का एक स्रोत है जो हमें राष्ट्र के प्रति हमारे कर्तव्यों के प्रति जागृत करता है और इसे निरंतर बनाए रखना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि जैसे-जैसे हम एक आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार कर रहे हैं, वंदे मातरम हमारी प्रेरणा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि समय और रूप भले ही बदल जाएं, महात्मा गांधी द्वारा व्यक्त की गई भावना आज भी प्रबल है और वंदे मातरम हमें एकता के सूत्र में पिरोता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि महान नेताओं का सपना स्वतंत्र भारत का था, जबकि आज की पीढ़ी का सपना समृद्ध भारत का है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जिस तरह वंदे मातरम की भावना ने स्वतंत्रता के स्वप्न को पोषित किया, उसी तरह यह समृद्धि के स्वप्न को भी पोषित करेगी। उन्होंने सभी से इसी भावना के साथ आगे बढ़ने, एक आत्मनिर्भर भारत बनाने और 2047 तक एक विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अगर आज़ादी से 50 साल पहले कोई आज़ाद भारत का सपना देख सकता था, तो 2047 से 25 साल पहले हम भी एक समृद्ध और विकसित भारत का सपना देख सकते हैं और उसे साकार करने के लिए खुद को समर्पित कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इस मंत्र और संकल्प के साथ, वंदे मातरम हमें प्रेरित करता रहेगा, हमें हमारे ऋण की याद दिलाता रहेगा, अपनी भावना से हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा और इस स्वप्न को पूरा करने के लिए राष्ट्र को एकजुट करता रहेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह चर्चा राष्ट्र को भावनाओं से भरने, देश को प्रेरित करने और नई पीढ़ी को ऊर्जा देने का कारण बनेगी और उन्होंने इस अवसर के लिए अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।

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    08/12/25

    प्रधानमंत्री ने 'सुप्रभातम्' कार्यक्रम की सराहना की

    प्रधानमंत्री ने भारतीय परंपराओं और मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले 'सुप्रभातम्' कार्यक्रम की सराहना की

    प्रविष्टि तिथि: 08 DEC 2025 9:03AM by PIB Delhi

    प्रधानमंत्री ने दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले ‘सुप्रभातम्’ कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह सुबह की ताजगी भरी शुरुआत करता है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में योग से लेकर भारतीय जीवन शैली के विभिन्न पहलुओं तक विविध विषयों को शामिल किया जाता है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय परंपराओं और मूल्यों पर आधारित यह कार्यक्रम ज्ञान, प्रेरणा और सकारात्मकता का एक अनूठा संगम है।

    प्रधानमंत्री ने ‘सुप्रभातम्’ कार्यक्रम के एक विशेष खंड-संस्कृत सुभाषितम् की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि यह भारत की संस्कृति और विरासत के बारे में नए सिरे से जागरूकता फैलाने में मदद करता है।

    प्रधानमंत्री ने आज के ‘सुभाषितम’ को दर्शकों के साथ साझा किया।

    प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक अलग पोस्ट में कहा:

    “दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाला सुप्रभातम् कार्यक्रम सुबह-सुबह ताजगी भरा एहसास देता है। इसमें योग से लेकर भारतीय जीवन शैली तक अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा होती है। भारतीय परंपराओं और मूल्यों पर आधारित यह कार्यक्रम ज्ञान, प्रेरणा और सकारात्मकता का अद्भुत संगम है।

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    08/12/25 |

    HKRN कर्मचारियों के लिए वेतन, EPF पर सख्ती: हरियाणा सरकार ने समय पर भुगतान और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नई SOP जारी की

    चंडीगढ़, 08 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम   (एचकेआरएन) को समय पर एकमुश्त भुगतान सुनिश्चित करने तथा वैधानिक दायित्वों, विशेषकर कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) के सुचारू और समयबद्ध अनुपालन के लिए एक सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है।

     

    मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों तथा बोर्डों और निगमों के प्रबंध निदेशकों को जारी एक पत्र में कहा कि इस एसओपी का उद्देश्य एचकेआरएन के माध्यम से तैनात अनुबंध कर्मचारियों के भुगतान तंत्र में एकरूपता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि वैधानिक दायित्व, विशेषकर ईपीएफ अनुपालन केंद्रीयकृत व्यवस्था के तहत सुनिश्चित किए जाएंगे और विभाग सीधे तौर पर पीएफ खातों का संचालन नहीं करेंगे।

     

    एसओपी के अनुसार, भुगतान प्रक्रिया में सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई हैं। कार्यालय प्रमुख रिकॉर्ड के सत्यापन और समय पर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने के लिए उत्तरदायी होंगे, जबकि आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डी.डी.ओ.) को केंद्रीय भूमिका प्रदान की गई है। डी.डी.ओ. की जिम्मेदारी होगी कि वे उपस्थिति, तैनाती रिकॉर्ड और बिलों का सत्यापन करें। प्रत्येक माह की 7 तारीख से पहले एचकेआरएन को भुगतान सुनिश्चित करें, एचकेआरएन पोर्टल पर ईपीएफ एवं ईएसआई संबंधित सही विवरण अपलोड करें तथा कर्मचारियों के कार्यमुक्त होने या मातृत्व अवकाश की जानकारी अद्यतन करें।

     

    डी.डी.ओ. यह भी सुनिश्चित करेगा कि यदि ईएसआईसी के अंतर्गत आने वाले किसी भी कर्मचारी के साथ दुर्घटना हो जाती है तो उस स्थिति में 24 घंटे के भीतर एचकेआरएनएल को सूचित किया जाए तथा सभी भुगतान केवल एचकेआरएन के बिलों में दर्शाए गए वीएएन (वर्चुअल अकाउंट नंबर) खाते में ही जमा किए जाएं।

     

    लेखा शाखा भुगतान राशि की जांच कर एचकेआरएन के नामित खाते में भुगतान करेगी, जबकि नोडल अधिकारी मानव संसाधन रिकॉर्ड, किसी तरह के स्पष्टीकरण तथा शिकायत निवारण के मकसद से एचकेआरएन के साथ तालमेल बनाकर रखेंगे। एसओपी में भुगतान की स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित की गई है, जिसकी शुरुआत एचकेआरएन से प्राप्त समेकित मासिक बिल से होती है। इस बिल में कर्मचारियों का विवरण, वेतन, वैधानिक अंशदान एवं सेवा शुल्क शामिल हैं। डी.डी.ओ. द्वारा तैनाती, उपस्थिति, स्वीकृत पदों की संख्या तथा गणना की शुद्धता का सत्यापन किए जाने के बाद, निर्धारित सत्यापन प्रपत्र के साथ बिलों को स्वीकृति हेतु कार्यालय प्रमुख को भेजा जाएगा।

     

    स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत स्वीकृति आदेश जारी किया जाएगा तथा भुगतान केवल एचकेआरएन के नामित खाते में ही हस्तांतरित किया जाएगा। विभागों को कर्मचारी भविष्य निधि की राशि सीधे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में जमा करने से सख्ती से प्रतिबंधित किया गया है। सभी विभागों को मासिक भुगतान रजिस्टर कायम करने तथा लेखा परीक्षा के उद्देश्य से बिलों, उपस्थिति शीट्स, भुगतान प्रमाणों और अन्य संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। अनुबंध कर्मचारियों की पीएफ से संबंधित शिकायतें एचकेआरएन के माध्यम से ही भेजी जाएंगी।

     

    एसओपी में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि एचकेआरएन द्वारा समयबद्ध वेतन भुगतान और वैधानिक अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए, समय पर सत्यापन और भुगतान जारी किया जाना अत्यंत आवश्यक है। बिल में कोई भी विसंगति पाए जाने पर तीन कार्य दिवसों के भीतर एचकेआरएन को सूचित करना अनिवार्य होगा। विभागों, बोर्डों और निगमों को वेतन या पीएफ से संबंधित मामलों में एचकेआरएन के माध्यम से तैनात कर्मियों के साथ किसी भी प्रकार का प्रत्यक्ष अनुबंध करने से भी प्रतिबंधित किया गया है। सभी डीडीओ को इन नई प्रक्रियाओं का तत्काल प्रभाव से सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    #HKRN #HaryanaGovernment #ContractEmployees #SOP #EPFCompliance #DDO #TransparentPayment #StatutoryDues #AnuragRastogi #LaborWelfare

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    08/12/25

    हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: अब NPS से UPS में आए कर्मचारियों को भी मिलेगी डेथ/रिटायरमेंट ग्रेच्युटी

    जे कुमार, चंडीगढ़, 8 दिसम्बर, 2025: हरियाणा सरकार ने राज्य के कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने एकीकृत पेंशन योजना (Unified Pension Scheme- UPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को भी रिटायरमेंट-कम-डेथ ग्रेच्युटी का लाभ प्रदान करने की मंजूरी दे दी है। यह निर्णय उन कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो पहले राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) का हिस्सा थे।

    मुख्य सचिव ने जारी किया पत्र : -

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी (जिनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्व भी है) ने इस संबंध में सभी संबंधित विभागों को एक आधिकारिक पत्र जारी किया है। यह कदम प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ ?

    यह लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जो 1 अगस्त, 2025 से लागू की गई एकीकृत पेंशन योजना (UPS) के तहत आते हैं।

    1 जनवरी, 2006 या उसके बाद सरकारी सेवा में भर्ती हुए थे और पहले राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत कवर थे।

    ग्रेच्युटी का लाभ मिलने से, सेवाकाल के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उनके परिवार को और सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारी को एकमुश्त बड़ी वित्तीय सहायता प्राप्त हो सकेगी। यह योजना कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही एक प्रमुख मांग को पूरा करती है और उनकी वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करती है।

    #ambala #News #haryana-governments #big-decision-now-employees #get-death/retirement-gratuity

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    08/12/25 |

    ऑपरेशन हॉट स्पॉट डोमिनेशन: सीआईए-1 ने अंबाला छावनी से अवैध देसी पिस्टल के साथ आरोपी को किया गिरफ्तार

    जे कुमार, अम्बाला, 8 दिसम्बर, 2025 : हरियाणा पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह के निर्देश और पुलिस अधीक्षक अम्बाला अजीत सिंह शेखावत के कुशल मार्गदर्शन में चलाए जा रहे ऑपरेशन 'हॉट स्पॉट डोमिनेशन' के तहत अम्बाला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है।

    सीआईए-1 (CIA-1) के पुलिस दल ने निरीक्षक हरजिन्द्र सिंह के नेतृत्व में अवैध हथियारों की तस्करी मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

    मच्छोडा फाटक से हुई गिरफ्तारी : - सीआईए-1 के पुलिस दल को 6 दिसंबर 2025 को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति के पास अवैध हथियार है और वह थाना पड़ाव क्षेत्र, मच्छोडा फाटक, अम्बाला छावनी के पास खड़ा है, जो किसी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकता है।

    • तुरंत कार्रवाई: सूचना के उपरान्त, सीआईए-1 की टीम ने तुरंत मौके पर पहुँचकर संदिग्ध व्यक्ति को काबू किया।

    • बरामदगी और पहचान: विधिपूर्वक तलाशी लेने पर उसके पास से एक अवैध देसी पिस्टल बरामद हुई। आरोपी की पहचान गुरविन्द्र सिंह निवासी गाँव सम्भालखी, थाना शाहबाद, जिला कुरूक्षेत्र के रूप में हुई।

    आरोपी गुरविन्द्र सिंह के खिलाफ थाना पड़ाव में मामला दर्ज कर उसे माननीय न्यायालय के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

    #ambala #news #operation-hot-spot #domination-cia-1 #arrests-accused #illegal-country-made-pistol

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    08/12/25 |

    अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, आवेदन की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026

    जे कुमार, अम्बाला, 8 दिसम्बर, 2025: जिला कल्याण अधिकारी शिशपाल महला ने बताया है कि हरियाणा सरकार द्वारा अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग/विमुक्त जनजाति (OBC/DNT) के छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए आवेदन शुरू कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पात्र छात्र राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP पोर्टल) पर 28 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    प्रमुख योजनाएँ और पात्रता मापदंड : - यह छात्रवृत्ति सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग, हरियाणा द्वारा संचालित की जा रही है। दो प्रमुख योजनाएँ निम्नलिखित हैं | पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (PMS-SC): अनुसूचित जाति (SC) के छात्रों के लिए। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (PM यशस्वी घटक-II): अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और विमुक्त जनजाति (DNT) के छात्रों के लिए।

    आवेदन हेतु निर्धारित योग्यताएँ : जाति वर्ग: छात्र PMS-SC हेतु अनुसूचित जाति वर्ग से, तथा PM यशस्वी घटक-II हेतु अन्य पिछड़ा वर्ग या विमुक्त जनजाति (DNT) वर्ग से संबंधित होना चाहिए। आय सीमा: छात्र के परिवार की वार्षिक आय ₹2.50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। निवास: छात्र का हरियाणा राज्य का निवासी होना अनिवार्य है। आवेदन: पात्र छात्र शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए http://scholarships.gov.in पर NSP पोर्टल पर फ्रेश आवेदन कर सकते हैं।

    #ambala #news #scholarships‍ ‍ #haryana #post-matric-scholarship #sc-and-bc-students

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    08/12/25

    IAS संतोष वर्मा की अभद्र टिप्पणी पर अंबाला में उबाल: ब्राह्मण समाज कल उपायुक्त कार्यालय में करेगा विरोध प्रदर्शन

    जे कुमार, अम्बाला, 8 दिसम्बर, 2025: मध्यप्रदेश के एक आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की बहन-बेटियों के सम्मान पर की गई कथित अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर अंबाला में तीखा विरोध शुरू हो गया है | भगवान परशुराम गौशाला, खतौली गेट पर श्री परशुराम ब्राह्मण कल्याण सोसायटी, भगवान परशुराम गौशाला एवं सनातन टास्क फोर्स की संयुक्त महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता ओम प्रकाश शर्मा (सेवानिवृत्त उप पुलिस अधीक्षक) ने की।

    विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन की तैयारी : - बैठक में आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा की टिप्पणी की कड़ी निंदा की गई। समिति ने स्पष्ट कहा कि ब्राह्मण समाज की बहन-बेटियों के सम्मान पर किसी भी प्रकार की आंच बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारी पर शीघ्र कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

    बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी सनातनी संगठन जिला उपायुक्त कार्यालय, अंबाला में एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके उपरांत, उपायुक्त के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की जाएगी।

    हरियाणा ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की मांग : - इस बैठक में ब्राह्मण कल्याण एवं समाज कल्याण से जुड़े उद्देश्यों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित ब्राह्मण बंधुओं द्वारा हरियाणा सरकार से अन्य राज्यों की तर्ज पर हरियाणा ब्राह्मण कल्याण बोर्ड के गठन की मांग भी जोरदार तरीके से उठाई गई। बैठक में तरसेम पाल शर्मा, अशोक कुमार शर्मा, शशी कुमार शर्मा, विनोद कुमार शर्मा सहित लगभग पचास सदस्यों ने भाग लिया।

    #ambala #news #deputy-commissioners #

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    08/12/25

    हरियाणा में आज से डॉक्टरों की दो दिवसीय हड़ताल: स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई, अंबाला कैंट सिविल अस्पताल पर नहीं पड़ा असर

    जे कुमार, चंडीगढ़/अम्बाला, 8 दिसम्बर, 2025: हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMS) के आह्वान पर आज (सोमवार) से प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं। लगभग 3,900 डॉक्टरों में से करीब तीन हजार डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने का अनुमान है, जिससे प्रदेश में सोमवार से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं।

    हड़ताल का मुख्य कारण ACP पर गतिरोध : डॉक्टर HCMS कैडर से संबंधित अपनी मांगों, जिनमें सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) की सीधी भर्ती को रोकना और एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) को लागू करना शामिल है, को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विवाद गहराने पर सरकारी अफसरों और डॉक्टरों के बीच तीन दौर की बातचीत हुई:

    • सहमति: सरकार SMO की सीधी भर्ती प्रक्रिया रोकने पर सहमत हो गई।

    • गतिरोध: हालांकि, HCMS डॉक्टरों की प्रमुख मांग ACP (Assured Career Progression) को लागू करने पर सहमति नहीं बन सकी।

    रविवार देर शाम तक सरकार और एसोसिएशन के बीच बातचीत जारी रही, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया, जिसके चलते डॉक्टरों ने हड़ताल का रास्ता अपनाया है। अनुमान है कि प्रदेश के 28 सिविल अस्पतालों के अलावा सीएचसी और पीएचसी में सेवाएं बाधित रहेंगी।

    अम्बाला कैंट नागरिक अस्पताल पर नहीं दिखा असर

    प्रदेशव्यापी हड़ताल के बावजूद, अम्बाला छावनी के नागरिक अस्पताल में कोई खास असर देखने को नहीं मिला है। पीएमओ डॉक्टर पूजा पैंटल ने बताया कि :

    • नागरिक अस्पताल में ओपीडी पूरी तरह से ठीक चल रही है।

    • मरीजों के ऑपरेशन से लेकर लैब में खून की जाँच तक सभी सेवाएं जारी हैं।

    • मरीजों को किसी भी तरह की कोई दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

    • अस्पताल से सटे अटल कैंसर केयर सेंटर में भी ओपीडी ठीक से चल रही है।

    फिलहाल, अम्बाला छावनी अस्पताल में सामान्य सेवाएं बहाल रहने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है।

    #ambala #news #two-day-doctors-strike #haryana-begins #todayhealthservices #paralyzed #ambala-cantt #civil-hospital-unaffected

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    07/12/25

    बदलती दुनिया में भारत और रूस की साझेदारी..............

    बदलती दुनिया में भारत और रूस की साझेदारी..............

    आज दुनिया तेजी से बदल रही है। वैश्वीकरण, उन्नत तकनीक, क्षेत्रीय संघर्ष, आर्थिक हितों की प्रतिस्पर्धा और सुरक्षा चुनौतियाँ अंतरराष्ट्रीय संबंधों का नया स्वरूप तैयार कर रही हैं। इन वैश्विक परिस्थितियों में भारत और रूस की साझेदारी एक ऐसे मजबूत संबंध का उदाहरण है, जिसकी जड़ें दशकों पुरानी हैं और जो केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि सामरिक विश्वास और सम्मान पर आधारित है। यह संबंध समय के साथ और अधिक सुदृढ़ हुआ है और भविष्य में भी इसकी महत्ता बनी रहेगी।

    भारत और रूस के संबंधों की शुरुआत शीत युद्ध काल से मानी जाती है। उस दौरान भारत ने गुटनिरपेक्ष नीति अपनाई, फिर भी सोवियत संघ ने भारत का भरोसेमंद सहयोगी बनकर साथ दिया। 1971 में भारत–सोवियत शांति और मैत्री संधि ने इस संबंध को मजबूती दी, और पाकिस्तान–भारत युद्ध के समय रूस ने खुले तौर पर भारत का समर्थन किया। सोवियत संघ के विघटन के बाद कुछ चुनौतियाँ उभरीं, परंतु वर्ष 2000 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को “विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” के रूप में पुनर्स्थापित किया।

    रूस भारत की रक्षा क्षमताओं का प्रमुख स्तंभ है। आज भी भारतीय सैन्य संसाधनों का बड़ा हिस्सा रूसी तकनीक पर आधारित है। भारतीय सेना के टैंक, वायु सेना के सुखोई विमान, नौसेना की पनडुब्बियाँ और मिसाइलें रूस के सहयोग का परिणाम हैं। भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित ब्राह्मोस मिसाइल विश्व की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। S-400 रक्षा प्रणाली ने भारत की हवाई सुरक्षा को और मजबूत बनाया है। रूस भारत को केवल हथियार ही नहीं देता, बल्कि तकनीक भी साझा करता है, जिससे भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है।

    ऊर्जा के क्षेत्र में भी रूस भारत का विश्वसनीय साझेदार है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा रूस से आयात करता है। रूस से कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और कोयले की आपूर्ति भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाती है। तमिलनाडु में स्थित कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र भारत–रूस सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसके अलावा भविष्य में कई नए परमाणु संयंत्रों की स्थापना पर भी दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। साइबेरिया और आर्कटिक क्षेत्र में खनिज और तेल संसाधनों के विकास में भारत निवेश बढ़ा रहा है।

    विज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में भी भारत–रूस सहयोग बढ़ रहा है। अंतरिक्ष क्षेत्र में रूस भारत का पारंपरिक साझेदार रहा है। गगनयान मिशन में भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को रूस प्रशिक्षण दे रहा है। मेडिकल, इंजीनियरिंग और अनुसंधान क्षेत्रों में भारतीय छात्र बड़ी संख्या में रूस में अध्ययन करते हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, नैनो टेक्नोलॉजी और फार्मा अनुसंधान में दोनों देश संयुक्त परियोजनाएँ चला रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच वैज्ञानिक सहयोग और भी गहरा होता जा रहा है।

    आज वैश्विक राजनीति एक नए मोड़ पर खड़ी है। अमेरिका, चीन, यूरोप और मध्य-पूर्व के बीच शक्ति संतुलन बदल रहा है। भारत और रूस दोनों ऐसे समय में अपनी स्वतंत्र विदेश नीति बनाए रखने पर जोर देते हैं। भारत अमेरिका के साथ रणनीतिक सहयोग बढ़ा रहा है, परंतु रूस को छोड़ना उसके लिए व्यावहारिक नहीं है। वहीं रूस चीन के करीब है, पर भारत को वह संतुलित साझेदार मानता है। इस प्रकार यह साझेदारी दोनों देशों को एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में संतुलन देने में मदद करती है।

    आर्थिक और व्यापारिक संबंधों में भी वृद्धि की संभावनाएँ बहुत अधिक हैं। वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार अपेक्षाकृत कम है, लेकिन इसे कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, दवा उद्योग, 5G/6G तकनीक, साइबर सुरक्षा, रत्न और कीमती धातुओं के व्यापार के माध्यम से काफी बढ़ाया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (INSTC) और चाबहार बंदरगाह सहयोग भविष्य में व्यापार को और गति प्रदान करेगा। इससे भारत और रूस एशिया, यूरोप और मध्य-पूर्व तक व्यापारिक पहुंच मजबूत कर पाएंगे।

    सांस्कृतिक दृष्टि से भी दोनों देशों में पारस्परिक सम्मान दिखाई देता है। रूस में भारतीय योग, आयुर्वेद और फिल्मों की लोकप्रियता काफी अधिक है। वहीं भारत में रूसी साहित्यकारों जैसे टॉल्सटॉय, दोस्तोएव्स्की और मैक्सिम गोर्की को सम्मान दिया जाता है। यह सांस्कृतिक सम्बन्ध दोनों राष्ट्रों के जनता–जनता संबंधों को मजबूत बनाते हैं, जो कूटनीति की नींव को और ठोस करते हैं।

    हालाँकि, वैश्विक परिस्थितियों में कुछ चुनौतियाँ भी सामने हैं। रूस–यूक्रेन संघर्ष, अमेरिका और पश्चिमी देशों का दबाव, चीन–रूस की नज़दीकी और ऊर्जा–तकनीकी प्रतिस्पर्धा, ऐसे मुद्दे हैं जो भारत–रूस संबंधों को सतर्कता के साथ आगे बढ़ाने की मांग करते हैं। फिर भी, दोनों देशों के बीच विश्वास, आपसी हित और भौगोलिक रणनीतिक महत्व के कारण यह साझेदारी आने वाले दशकों में भी मजबूत बनी रहेगी।

    निष्कर्ष

    बदलती वैश्विक राजनीति में भारत और रूस का संबंध केवल आवश्यकता नहीं, बल्कि विश्व शांति, स्थिरता और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की दिशा में एक सशक्त कदम है। यह साझेदारी राजनीति या रक्षा समझौतों तक सीमित नहीं, बल्कि ऊर्जा, विज्ञान, शिक्षा, व्यापार और संस्कृति तक फैली है। भारत और रूस की दोस्ती समय की हर कसौटी पर खरी उतरी है और आज भी मजबूती से खड़ी है। बदलते समय में यह संबंध न सिर्फ दोनों देशों के हित में है, बल्कि वैश्विक संतुलन को बनाए रखने के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    यह मित्रता बदलती दुनिया की दिशा तय करने वाली साझेदारी है— न टूटने वाली, न झुकने वाली, बल्कि आगे बढ़ने वाली।.............

    (के.के.)

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    07/12/25 |

    ऊर्जा, श्रम और परिवहन मंत्री अनिल विज के निर्देशानुसार भाजपा अंबाला छावनी शास्त्री मंडल की मासिक बैठक संपन्न

    अम्बाला छावनी। हरियाणा के ऊर्जा, श्रम और परिवहन मंत्री अनिल विज के निर्देशानुसार और भाजपा नेता कपिल विज के मार्गदर्शन में, शास्त्री मंडल, अंबाला छावनी के पदाधिकारियों की मासिक बैठक आज भाजपा कार्यालय, निकलसन रोड में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक शास्त्री मंडल अध्यक्ष श्री प्रवेश शर्मा जी और नगर परिषद उपाध्यक्ष श्री ललिता प्रसाद जी की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस अवसर पर मंडल के महामंत्री श्री बालित नागपाल जी और श्री तरविंदर सोनू जी सहित मंडल के सभी प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।

    बैठक का मुख्य उद्देश्य मंडल की संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करना और जमीनी स्तर पर पार्टी की पहुंच को मजबूत बनाना था।सर्वप्रथम बैठक में मंडल में नव-नियुक्त पदाधिकारियों और हाल ही में नव नियुक्त किए गए शक्ति प्रमुखों का स्वागत किया गया। सभी नए सदस्यों का अभिनंदन पुष्प मालाएं पहनाकर किया गया, जो उन्हें पार्टी के प्रति उनके समर्पण के लिए प्रोत्साहित करने का प्रतीक था। संगठन की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से, सभी उपस्थित पदाधिकारियों को उनके विशिष्ट अनुभव और कौशल के आधार पर विभिन्न कार्यों की जिम्मेदारियां सौंपी गईं। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि मंडल स्तर पर कार्य अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरे हों। इस दौरान आगामी कार्यक्रमों और अभियानों की रूपरेखा पर भी विस्तृत चर्चा की गई, ताकि केंद्र और राज्य सरकार की जनहितैषी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जा सके। मंडल अध्यक्ष प्रवेश शर्मा ने सभी पदाधिकारियों से सौंपे गए दायित्वों का पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करने का आग्रह किया, ताकि अंबाला छावनी में पार्टी के जनाधार को और मजबूत किया जा सके। इस मासिक बैठक को आगामी चुनावी और संगठनात्मक चुनौतियों से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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    07/12/25 |

    हरियाणा में जल्द दी जाएंगी युवाओं को बड़ी संख्या में नौकरियां-मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

    चंडीगढ़, 07 दिसम्बर (अभी) : मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में जल्द ही विभिन्न विभागों में भर्तियां की जाएंगी। जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके लिए सरकार द्वारा तैयारियां की जा रही हैं। बिना पर्ची-खर्ची के नौकरी वाली भाजपा सरकार आमजन के हितों की सच्ची रक्षक है। इसी के तहत बिना किसी भेदभाव के मेरिट आधार पर नौकरी दी जाती है और हमारे लिए यह गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी लोकसभा में इस बात का जिक्र किया था।

     

    मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी कैथल के आरकेएसडी कॉलेज में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हरियाणा में डबल इंजन सरकार उनके आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति है। प्रधानमंत्री मोदी का आह्वान है कि यदि देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनाना है, उसका रास्ता आत्मनिर्भर भारत से होकर जाएगा। इसलिए सभी से अनुरोध है कि भारत निर्मित वस्तुएं ही बेचे और खरीदें।

     

    उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता की यह पहचान है कि वह युवाओं सहित प्रदेश के लोगों के हितों की रक्षा करते हैं।  उन्होंने कहा कि हरियाणा में भाजपा सरकार ने चुनाव से पूर्व 217 संकल्प लिए थे। जिनमें से बड़ी खुशी की बात है कि 50 संकल्प पूरे कर दिए हैं। जल्द ही 90 संकल्प ओर पूरे कर दिए जाएंगे। सरकार बनते ही हरियाणा में बहनों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया गया। साथ ही बहनों को 2100 रुपये की पेंशन के रूप में देकर लाडो लक्ष्मी योजना के वायदे को पूरा किया गया। योजना के तहत  बहनों को दो किस्त दी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पात्र गरीब लोगों को प्लाट दिए जा रहे हैं।  इसके साथ ही सोनीपत में 550 लोगों को  फ्लैट देने का काम किया जा रहा है।

     

    मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बारिश में जो सड़क टूट गई हैं, उन्हें ठीक किया जा रहा है। इस साल के अंत तक सभी ऐसी टूटी हुई सड़कें ठीक करवा दी जाएंगी। इसके लिए छह विभागों के बीच तालमेल बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

     

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में आज पूरे देश में आमजन के हित में सरकार इस तरह से काम कर रही है कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है। इसलिए विपक्ष झूठ फैलाने का काम करते हैं। भाजपा कार्यकर्ता सरकार की नीतियों को आमजन तक पहुंचाएं और झूठ का पर्दाफाश करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि सभी कार्यकर्ता मन की बात सुनें और गांव के बुजुर्ग को उसमें अध्यक्ष बनाकर उनका मान-सम्मान करें। पौधारोपण भी करवाएं।  

     

    मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को कैथल के आरकेएसडी कॉलेज से आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के तहत स्वदेशी रथयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उनके साथ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी सहित कई बड़े नेता मौजूद रहे। इससे पूर्व मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा प्रदेश के कौने कौने तक पहुंचकर स्वदेशी भारत की अलख जाएगी और 24  दिसंबर तक यह यात्रा चलेगी। हरियाणा सरकार द्वारा स्वदेशी मेले लगाए जा रहे हैं। पंचकूला और   फरीदाबाद में ऐसे मेलों का आयोजन किया जा चुका है। उन्होंने आगे कहा कि इस आत्मनिर्भर भारत को एक जन आंदोलन बनाएं। हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हम अपने व्यक्तिगत, पारिवारिक जीवन में स्वदेशी को अपनाएं। हम आत्मनिर्भर हरियाणा से आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करेंगे। विकसित भारत का रास्ता आत्मनिर्भरता से होकर गुजरेगा।

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