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    24/09/26 |

    राज्यपाल ने सेना के लिए स्वदेशी ड्रोन तकनीक विकसित करने के लिए सर्वेश शर्मा को किया सम्मानित : हिमाचल प्रदेश

    एन.एस.बाछल, 24 सितम्बर, शिमला।

    युवाओं से नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार प्रदाता बनने और प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में योगदान देने का किया आह्वान

    राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने हमीरपुर के राजकीय बहुतकनीकी संस्थान के छात्र सर्वेश शर्मा को भारतीय सेना के लिए स्वदेशी ‘रुद्र एज टी-1 (स्पेक्ट्रा)’ ड्रोन विकसित करने के लिए रक्षा मंत्रालय से 3.5 करोड़ रुपये की अनुदान राशि प्राप्त करने पर सम्मानित किया।
    राज्यपाल ने सर्वेश शर्मा की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि उनकी यह पहल हिमाचल प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा, नवाचार की भावना और तकनीकी क्षमता का परिचायक है। उन्होंने स्वदेशी रक्षा तकनीक के विकास में योगदान देने के लिए सर्वेश शर्मा के समर्पण, दूरदर्शिता और दृढ़ता की प्रशंसा की।
    राज्यपाल ने कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियां आत्मनिर्भर भारत की भावना को साकार करती हैं तथा रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं के विकास के देश के प्रयासों को गति देती हैं।
    कविन्द्र गुप्ता ने सर्वेश शर्मा से संवाद के दौरान ड्रोन की प्रमुख विशेषताओं, इसके विकास के दौरान सामने आई चुनौतियों तथा इस परियोजना को शुरू करने की प्रेरणा के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्वदेशी ड्रोन तकनीक को और अत्याधुनिक बनाने की भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की।
    राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश के युवाओं का आह्वान किया कि वे सर्वेश शर्मा की उपलब्धि से प्रेरणा लेकर नवाचार, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के क्षेत्र में समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल रोजगार पाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि रोजगार प्रदाता बनने का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के परिकल्पना को साकार करने में अपना योगदान देना चाहिए।
    राज्यपाल ने सर्वेश शर्मा की भविष्य की योजनाओं की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
    इस अवसर पर उपायुक्त हमीरपुर गंधर्वा राठौर तथा पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह भी उपस्थित थे।

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    23/09/26 |

    राज्यपाल ने ‘कौटिल्य के अर्थशास्त्र में मानवाधिकार’ पुस्तक का विमोचन किया : हिमाचल प्रदेश

    एन.एस.बाछल, 23 सितम्बर, शिमला।

    राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने लोकभवन में ‘कौटिल्य के अर्थशास्त्र में मानवाधिकार’ पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. जयंत कुमार शर्मा द्वारा लिखी गई है।  
    लेखक के प्रयासों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि डॉ. जयंत कुमार शर्मा ने राज्य, शासन व्यवस्था तथा विज्ञान से जुड़े विभिन्न पहलुओं के संदर्भ में मानवाधिकारों का गहन अध्ययन किया है और उनके संरक्षण के लिए आवश्यक सिद्धान्तों एवं उपायों का व्यापक एवं सार्थक विश्लेषण प्रस्तुत किया है।
    राज्यपाल ने कहा कि यह पुस्तक आधुनिक युग में मानवाधिकारों की स्थिति एवं उनके विकास पर भी महत्वपूर्ण प्रकाश डालती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पुस्तक शासन व्यवस्था एवं समाज के संदर्भ में मानवाधिकारों की प्रासंगिकता को बेहतर तरीके से समझने में उपयोगी सिद्ध होगी।
    राज्यपाल ने साहित्य एवं अकादमिक विमर्श के क्षेत्र में डॉ. जयंत कुमार शर्मा के योगदान की सराहना की तथा आशा व्यक्त की कि वे भविष्य में भी इसी समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ अपने साहित्यिक एवं विद्वत्तापूर्ण कार्यों को आगे बढ़ाते रहेंगे। इस अवसर पर डॉ. प्रेम लाल गौतम ने अपनी पुस्तकें ‘चेतना के उन्मेष’ और ‘कल्याणी’ राज्यपाल को भेंट कीं।

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    22/09/26 |

    बीटल प्रभावित मधुमक्खी पालकों को प्रदान की जाएगी 30 प्रतिशत राहत राशि : हिमाचल प्रदेश

    एन.एस.बाछल, 22 सितम्बर, शिमला।

    राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जनशिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां बागवानी विभाग के अधिकरियों के साथ कांगड़ा जिले में मधुमक्खी पालकों को हुए नुकसान को लेकर बैठक की। कांगड़ा, बंड्डी, नागण, फट और कल्याड़ा क्षेत्र में छोटे छत्ते वाले भृंग, एथिना टुमिडा मरे के प्रसार के कारण मधुमक्खी पालकों को भारी नुकसान हुआ है।
    बैठक में अवगत करवाया गया कि बीटल के हमले से मधुमक्खी पालकों को भारी नुकसान हुआ है। यह बीटल बॉक्स में अपना लारवा छोड़ता है और कुछ ही दिनों में शहद और मधुमक्खी की कॉलोनी को भारी नुकसान पहुंचाता है।
    बागवानी मंत्री ने कहा कि प्रभावित मधुमक्खी पालकों को 30 प्रतिशत राहत राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने बागवानी विभाग के अधिकारियों को शहद का विपणन बिग बास्केट के माध्यम से करने के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव बनाकर प्रदेश सरकार को प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
    बैठक में उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने बताया कि प्रदेश में मधुमक्खी पालन एक महत्वपूर्ण व्यवसाय हैं। यह किसानों व बागवानों की आय का प्रमुख स्रोत भी है। उन्होंने मधुमक्खी पालकों को हुए नुकसान का मामला मुख्यमंत्री के समक्ष भी उठाया था। बैठक में निदेशक बागवानी सतीश कुमार, एचपी शिवा परियोजना निदेशक समीर राणा और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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    20/09/26 |

    हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री से मधुमक्खी पालकों के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की

    एन.एस.बाछल, 20 सितम्बर, शिमला।

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से आज यहां उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश के मधुमक्खी पालकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की।

    उन्होंने मुख्यमंत्री को मधुमक्खी पालन में आ रही विभिन्न समस्याओं के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में छोटे छत्ते वाले भृंग, एथिना टुमिडा मरे का तेजी से प्रसार हो रहा है, जिसके कारण विशेषकर निचले हिमाचल के मधुमक्खी पालकों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मधुमक्खी पालन हिमाचल प्रदेश में एक महत्वपूर्ण कृषि एवं आजीविका गतिविधि है। यह विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के लिए अतिरिक्त आय तथा स्वरोजगार का महत्वपूर्ण साधन है। इसके साथ ही मधुमक्खियां परागण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। प्रदेश सरकार मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने के लिए निरन्तर प्रयासरत है। प्रदेश में मधुमक्खी पालकों के लिए मुख्यमंत्री मधु विकास योजना कार्यान्वित की जा रही है। 

    उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार इस समस्या का वैज्ञानिक तरीके से समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी ताकि मधुमक्खी पालकों को किसी प्रकार के नुकसान का सामना न करना पड़े।

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    सिरमौर: चूड़धार मंदिर के दर्शन कर लौट रहे पंजाब-हरियाणा के 7 श्रद्धालु जंगल में भटके; पुलिस ने 7 घंटे चलाकर सभी को सकुशल निकाला

    सिरमौर/शिमला, 14 सितंबर (अन्‍नू): हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चूड़धार मंदिर के दर्शन कर वापस लौट रहे पंजाब और हरियाणा के 7 श्रद्धालु घने जंगलों में रास्ता भटक गए। श्रद्धालुओं के लापता होने की सूचना मिलने के बाद शिमला पुलिस ने रात के अंधेरे और दुर्गम परिस्थितियों में करीब 7 घंटे लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी को सकुशल तलाश लिया।

    घटनाक्रम, रेस्क्यू ऑपरेशन और मुख्य बिंदु:

    • रविवार शाम को निकले थे श्रद्धालु: जानकारी के अनुसार, सभी 7 टूरिस्ट रविवार शाम करीब 4 बजे सराह से चूड़धार मंदिर के लिए निकले थे। रास्ते में देवदार के घने जंगल के बीच वे मुख्य ट्रैक से भटक गए।

    • 3 साथी किसी तरह पहुंचे मुख्य ट्रैक पर: भटकने के करीब दो घंटे बाद दुष्यंत (निवासी लालड़ू, मोहाली), जागरीत (निवासी पंचकूला) और जसप्रीत किसी तरह वापस मुख्य ट्रैक पर पहुंचे और तुरंत 112 कंट्रोल रूम/पुलिस को अपने बाकी साथियों के लापता होने की जानकारी दी।

    • रातभर चला सर्च एवं रेस्क्यू अभियान: शिमला के एसपी गौरव सिंह के अनुसार, 13 सितंबर की रात 112 कंट्रोल रूम के माध्यम से चौपाल थाना पुलिस को सूचना मिलते ही तुरंत घने और दुर्गम जंगलों में रेस्क्यू टीम उतारी गई।

    • दुर्गम खड्ड और जंगलों से सभी सुरक्षित रेस्क्यू:

      • पुलिस टीम ने आधी रात को कड़ी मशक्कत के बाद साकेत (बरवाला, पंचकूला) और राहुल (जीरकपुर) को पताल खड्ड की ओर जंगल से सुरक्षित ढूंढा।

      • इसके बाद इसी ट्रैक पर भटके करनाल निवासी राहुल (26) और उनकी पत्नी मधु (24) को भी चूड़धार क्षेत्र के जंगल से सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया।

    • समय रहते टला बड़ा हादसा: कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और भारी अंधेरे के बावजूद चौपाल पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सभी श्रद्धालु सुरक्षित निकाल लिए गए।

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    13/09/26 |

    सुंदरनगर में सतलुज दरिया में कूदी महिला की मौत, क्षेत्र में पसरा मातम

    जे कुमार सुंदरनगर (हिमाचल प्रदेश), 13 सितंबर: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सुंदरनगर उपमंडल के तहत सतलुज दरिया में एक महिला द्वारा छलांग लगाने का मामला सामने आया है। पानी के तेज बहाव में बहने के कारण महिला की मौत हो गई।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और गोताखोरों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद महिला के शव को दरिया से बाहर निकाला। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी नागरिक अस्पताल भेज दिया गया है।

    पुलिस ने महिला की पहचान के प्रयास शुरू कर दिए हैं और परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया जारी है। महिला ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसके कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर मानसिक तनाव या पारिवारिक विवाद समेत सभी संभावित कोणों से जांच शुरू कर दी है।

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    11/09/26 |

    एनएलयू के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने में सहयोग करेगी प्रदेश सरकारः मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश

    एन.एस.बाछल, 11 सितम्बर, शिमला।

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय  (एनएलयू), शिमला के मौजूदा बुनियादी ढांचे के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण में सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा उन्होंने विश्वविद्यालय को अपने संसाधन स्वयं सृजित करने पर भी बल दिया।

    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार छात्राओं और छात्रों के लिए छात्रावासों के निर्माण में सहयोग करेगी। उन्होंने छात्राओं के छात्रावास की सीमा के साथ कंटीले तारों की बाड़ लगाने के निर्देश भी दिए ताकि सुरक्षा को बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि परिसर में कम वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा तथा छात्रावास के ऊपर से गुजर रही एचटी लाइन को स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिसर के भीतर ओवरहेड विद्युत तारों को भूमिगत करने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने का भी आश्वासन दिया।

    मुख्यमंत्री ने जल शक्ति विभाग को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थल चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल की कमी की समस्या के समाधान के लिए प्रदेश सरकार पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाएगी।

    हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, शिमला की कुलपति प्रो. प्रीति सक्सेना ने विश्वविद्यालय की लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए विशेष ध्यान देने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

    बैठक में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया, महाधिवक्ता अनूप रतन, मुख्य सचिव के.के. पंत, प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव शिक्षा राकेश कंवर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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    10/09/26 |

    हिमाचल प्रदेश और जापान के बीच शैक्षणिक, अनुसंधान एवं तकनीकी सहयोग की नई संभावनाओं के खुलेंगे द्वारः राजेश धर्माणी

    एन.एस.बाछल, 10 सितम्बर, शिमला।

    तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रतिनिधिमंडल ने तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी के नेतृत्व में टोक्यो मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी का दौरा किया तथा विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों के साथ शैक्षणिक सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान, अनुसंधान तथा विद्यार्थियों के लिए एक्सपोजर कार्यक्रमों की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।

    जापान के अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण पर गए विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय में आयोजित एक सेमिनार में भी भाग लिया तथा जापान की उन्नत शिक्षा व्यवस्था, अनुसंधान, नवाचार और उभरती हुई प्रौद्योगिकियों की जानकारी हासिल की। 

    इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री ने नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी शिक्षा जैसे क्षेत्रों में विस्तारित और विविध सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी क्षेत्र में मजबूत नवाचार साझेदारी, क्षमता के सर्वोत्तम दोहन और वैश्विक चुनौतियों के समाधान में सहायक साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय भ्रमण विद्यार्थियों को नई तकनीक को समझने और अपने ज्ञान व कौशल को संवर्धित करने में सहायक सिद्ध होतेे हैं। यह शैक्षणिक भ्रमण तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भर हिमाचल के लक्ष्य को हासिल करने में मील पत्थर साबित होगा।  

    उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में जापान के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के साथ सहयोग की नई संभावनाएं तलाश रहा है। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को तेजी से बदलते वैश्विक तकनीकी परिदृश्य के लिए तैयार करना और उन्हें वैश्विक स्तर पर अनुसंधान एवं तकनीकी नवाचार से जोड़ना है। यह अनुभव विद्यार्थियों को वैश्विक शैक्षणिक एवं तकनीकी वातावरण को समझने तथा अपने ज्ञान और कौशल को व्यापक बनाने में सहायक साबित होगा।

    तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने होक्काइडो यूनिवर्सिटी, साप्पोरो में एडवांस टेक्नोलॉजिज फॉर सस्टेनेबल फूड हेल्थ एंड मेटिरियलस (आईसीएटीएस-एफएचएम 2026) विषय पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि भी भाग लिया। सम्मेलन में विश्व के विभिन्न देशों से आए प्रख्यात शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

    सम्मेलन को संबोधित करते हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, सत्त विकास एवं अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत और जापान के बीच उन्नत प्रौद्योगिकी, सत्त कृषि, स्वास्थ्य सेवाओं, पर्यावरण संरक्षण, उन्नत सामग्री, अनुसंधान तथा कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

    उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की विशिष्ट भौगोलिक एवं पारिस्थितिक परिस्थितियों को देखते हुए सत्त प्रौद्योगिकी और नवाचार की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। हिमाचल प्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक संपदा, कृषि एवं बागवानी तथा जल संसाधनों को ध्यान में रखते हुए ऐसी तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता है, जो विकास की गति को बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित कर सकें।

    उन्होंने कहा कि भारत के प्रतिभाशाली एवं कुशल युवा व जापान की तकनीकी विशेषज्ञता एवं अनुसंधान क्षमता के समन्वय से भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार व्यापक अवसर सृजित होंगे। उन्होंने विश्वविद्यालयों, शोधकर्ताओं, उद्योगों, विद्यार्थियों तथा दोनों देशों की सरकारों के बीच मजबूत साझेदारी विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

    तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार की यह पहल भारत की युवा प्रतिभा और जापान की उत्कृष्ट तकनीकी दक्षता और अनुसंधान के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। प्रदेश सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर, अत्याधुनिक कौशल और अनुसंधान एवं नवाचार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है ताकि युवा पीढ़ी भविष्य की वैश्विक आवश्यकताओं और प्रौद्योगिकी आधारित अर्थव्यवस्था के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकंे। 

    प्रधान सचिव (तकनीकी शिक्षा) डॉ. अभिषेक जैन ने कहा कि जापान प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी देश है और इस एक्सपोजर विजिट के माध्यम से विद्यार्थी न्यू ऐज तकनीकांे के बारे में नवीनतम जानकारी हासिल कर रहे हैं। 

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    09/09/26 |

    मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से की भेंट : हिमाचल प्रदेश

    एन.एस.बाछल, 09 सितम्बर, शिमला।

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल से भेंट की। इस दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश के विद्युत क्षेत्र से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण एवं लंबित मुद्दे केंद्रीय मंत्री के समक्ष उठाए और इनके शीघ्र समाधान का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश के निःशुल्क विद्युत हिस्से की एवज में नवीकरणीय ऊर्जा प्रमाण-पत्र प्रदान करने का मामला प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य को निःशुल्क विद्युत हिस्से का उचित लाभ मिलना चाहिए और इस संबंध में आवश्यक स्पष्टीकरण एवं समाधान प्रदान किया जाना चाहिए।

    उन्होंने सतलुज जल विद्युत निगम के निदेशक मंडल में हिमाचल प्रदेश की ओर से दो स्वतंत्र निदेशकों के नामांकन का मामला भी उठाया तथा राज्य के हितों को ध्यान में रखते हुए इस प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री ने शानन जल विद्युत परियोजना को हिमाचल प्रदेश को हस्तांतरित  करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि परियोजना पर हिमाचल प्रदेश के अधिकारों और राज्य के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्यवाही की जानी चाहिए। इससे संबंधित मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।

    मुख्यमंत्री ने वर्ष 2008 की जलविद्युत नीति लागू होने से पहले शुरू की गई केंद्रीय क्षेत्र की जलविद्युत परियोजनाओं के लिए परियोजना शुरू होने के बाद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के रूप में एक प्रतिशत अतिरिक्त मुफ्त बिजली प्रदान करने की राज्य की मांग को दोहराया। उन्होंने कहा कि इस प्रावधान से परियोजना प्रभावित क्षेत्रों के विकास में तेजी आएगी जिससे स्थानीय लोग लाभान्वित होंगे। 

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के आकलन के अनुसार, इस व्यवस्था से हिमाचल प्रदेश को लगभग 29.34 करोड़ रुपये का वार्षिक लाभ प्राप्त होने की संभावना है, जबकि अन्य लाभार्थी राज्यों पर लगभग 96.57 करोड़ रुपये का वार्षिक भार पड़ेगा। हिमाचल प्रदेश का अनुमानित शुद्ध वार्षिक लाभ लगभग 23.21 करोड़ रुपये होगा, जबकि अन्य लाभार्थी राज्यों पर टैरिफ प्रभाव लगभग 1.15 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

    मुख्यमंत्री ने 180 मेगावाट क्षमता की बैरा स्यूल जल विद्युत परियोजना को 40 वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद हिमाचल प्रदेश को सौंपने का मामला भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने राज्य के हित में परियोजना के हस्तांतरण की आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) द्वारा प्रदेश में अधिकृत ऐसी भूमि, जिसका वर्तमान में कोई उपयोग नहीं हो रहा है, को हिमाचल प्रदेश सरकार को उपयोग के लिए उपलब्ध करवाने का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसी भूमि का उपयोग सरकारी कार्यालयों के निर्माण तथा परियोजनाओं से विस्थापित लोगों के पुनर्वास और उन्हें भूमि उपलब्ध करवाने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने प्रदेश के व्यापक हित में ऐसी भूमि के उपयोग की अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जलविद्युत क्षेत्र हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और स्थानीय विकास का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए राज्य के विद्युत हितों से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र समाधान प्रदेश के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

    केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर सकारात्मक रूप से विचार करने का आश्वासन दिया। 

    बैठक में मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव (वित्त) देवेश कुमार तथा मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर भी उपस्थित थे।

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    06/09/26 |

    पश्चिम बंगाल के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से भेंट की : हिमाचल प्रदेश

    एन.एस.बाछल, 06 सितम्बर, शिमला।

    पश्चिम बंगाल के मीडिया पेशेवरों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने लोक भवन में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से भेंट की। यह प्रतिनिधिमंडल भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रेस सूचना ब्यूरो द्वारा आयोजित एक्सपोजर विजिट के तहत हिमाचल प्रदेश के दौरे पर है।

    राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश में मजबूत और प्रभावी नेतृत्व है तथा भारत विभिन्न क्षेत्रों में उन्नति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि भारत आर्थिक और रक्षा दोनों क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण प्रगति कर रहा है और विश्व आज भारत को एक नए दृष्टिकोण से देख रहा है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की विकसित भारत-2047 की परिकल्पना को समाज के सभी वर्गों के सामूहिक प्रयासों से साकार किया जा सकता है, जिसमें मीडिया की विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण भूमिका है।

    राज्यपाल ने कहा कि मीडिया किसी राजनीतिक दल से संबंधित नहीं होता, लेकिन राष्ट्र के प्रति उसकी महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि वह राष्ट्रहित के विरुद्ध कार्य करने वाली शक्तियों को उजागर करे और नागरिकों में अधिक जागरूकता पैदा करने में अपना योगदान दे।

    राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और साहित्यिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में बंगाल के लोगों के महत्त्वपूर्ण योगदान को भी रेखांकित किया।

    राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि पश्चिम बंगाल के मीडिया प्रतिनिधिमंडल का हिमाचल प्रदेश का दौरा उनके लिए समृद्ध अनुभव वाला रहा होगा और प्रदेश से लौटते समय पत्रकार अपने साथ राज्य की सुखद अनुभूतियां और यादगार स्मृतियां लेकर जाएंगे।

    यह प्रतिनिधिमंडल 31 अगस्त से 6 सितंबर तक हिमाचल प्रदेश के दौरे पर है। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कुल्लू, मनाली और स्पीति का भ्रमण किया तथा विभिन्न परियोजनाओं और विकासात्मक पहलों की जानकारी ली। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के साथ अपने दौरे के अनुभव साझा किए। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज भी उपस्थित थे।

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    हिमाचल: सोलन के भरे बाजार में कालका के युवक की चाकू घोंपकर हत्या; दो आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट में होंगे पेश

    पंचकूला/सोलन, 5 सितंबर (अन्‍नू): हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां पंचकूला (हरियाणा) के कालका निवासी 24 वर्षीय युवक अमन की बीच बाजार चाकुओं से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई।

    वारदात के समय आरोपी और मृतक के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई थी, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

    टैक्सी चालक था मृतक; एक दिन पहले भी हुआ था झगड़ा:

    • कौन था मृतक: मृतक की पहचान हरियाणा के पंचकूला जिले के कालका निवासी अमन (24) के रूप में हुई है, जो पेशे से टैक्सी चालक था।

    • भरे बाजार में ताबड़तोड़ वार: शुक्रवार शाम करीब 8:30 बजे सोलन के चौक बाजार में अमन की बहस मंथन और अंकुश नाम के दो युवकों से हो गई। बहस के दौरान मंथन ने चाकू निकालकर अमन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

    • हमलावर भी हुए घायल: अमन ने अपनी रक्षा के लिए विरोध किया, जिसमें हमलावर मंथन की उंगली कट गई और बीच-बचाव कर रहे दूसरे आरोपी अंकुश को भी चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने तीनों घायलों को तुरंत सोलन अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने अमन को मृत घोषित कर दिया।

    • एक दिन पहले भी हुआ था विवाद: पुलिस जांच में सामने आया कि घटना से एक दिन पहले भी अमन और आरोपियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी।

    • पुलिस की कार्रवाई: सोलन के एसपी टी साई वर्मा ने बताया कि पुलिस ने दोनों आरोपी मंथन और अंकुश को गिरफ्तार कर लिया है। इलाज के बाद दोनों को हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया जा रहा है, जहां से पुलिस उनकी रिमांड मांगेगी। फिलहाल हत्या के मुख्य कारणों का पता लगाने के लिए मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

    #KalkaNews #PanchkulaNews #SolanNews #CrimeNews #HaryanaNews #HimachalPolice #DanikKhabar #BreakingNews

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    मणिमहेश यात्रा: जन्माष्टमी पर पवित्र डल झील में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, छोटे शाही स्नान के साथ दर्शन शुरू

    चंडीगढ़ , 04 सितंबर (अभिकान्त) : उत्तर भारत की प्रसिद्ध एवं पवित्र मणिमहेश यात्रा में जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। भगवान शिव के धाम मणिमहेश पहुंच रहे श्रद्धालु समुद्र तल से करीब 13 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित पवित्र 'डल झील' में सुबह से ही आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में 'छोटे शाही स्नान' का शुभ मुहूर्त गुरुवार रात 2:26 बजे से शुरू होकर शुक्रवार मध्यरात्रि 12:14 बजे तक जारी रहेगा। इस पावन अवसर पर हिमाचल प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और जम्मू से बड़ी संख्या में शिवभक्त चंबा जिले के भरमौर पहुंचे हैं। आधिकारिक रूप से यह यात्रा 19 सितंबर तक संचालित होगी।

    पवित्र मणिमहेश झील कैलाश पर्वत की तलहटी में स्थित है, जिसकी ऊंचाई प्रशासन के अनुसार लगभग 18,564 फीट है। तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा हड़सर से शुरू होती है, जहां तक वाहनों का आवागमन रहता है। इसके आगे श्रद्धालुओं को 13 किलोमीटर की कठिन पैदल चढ़ाई तय करनी पड़ती है, जिसमें 'धनछो' मुख्य विश्राम स्थल के रूप में कार्य करता है। डल झील से डेढ़ किलोमीटर पहले स्थित गौरी कुंड और शिव क्रोत्री भी धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जहां मान्यतानुसार माता पार्वती और भगवान शिव ने स्नान किया था। पैदल ट्रेक के अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार प्रशासन ने चार हेलीटैक्सी कंपनियों के साथ करार किया है, जिससे श्रद्धालु हवाई सेवा के जरिए भी दर्शन कर पा रहे हैं।

    पिछले वर्ष भारी बारिश और बादल फटने के कारण यात्रा के दौरान 25 हजार से अधिक श्रद्धालु मार्ग में फंस गए थे, लेकिन इस बार मौसम अनुकूल बना हुआ है जिससे पैदल मार्ग पर आवाजाही सुगम बनी हुई है। उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) भरमौर अजय कुमार सिंह के अनुसार, जन्माष्टमी के शाही स्नान के लिए प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी तरह मुस्तैद हैं। सुरक्षा के मद्देनजर यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है और हड़सर बेस कैंप में स्वास्थ्य जांच के बाद ही श्रद्धालुओं को आगे जाने की अनुमति दी जा रही है। प्रशासन ने यात्रियों से गर्म कपड़े, रेनकोट, छाता, टॉर्च और उपयुक्त जूते साथ रखने की अपील की है। छोटे शाही स्नान के बाद अब प्रशासन और श्रद्धालुओं की निगाहें 18 और 19 सितंबर को होने वाले मुख्य आकर्षण 'राधाष्टमी के बड़े शाही स्नान' पर टिकी हैं।

    #ManimaheshYatra #Janmashtami #DalLake #HimachalPradesh #Bharmaur #ChambaNews #DanikKhabar

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    04/09/26 |

    उप-मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से भेंट की, हिमाचल प्रदेश से जुड़े प्रमुख परिवहन मुद्दे उठाए

    एन.एस.बाछल, 04 सितम्बर, शिमला।

    उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट की और हिमाचल प्रदेश से संबंधित कई महत्त्वपूर्ण परिवहन मुद्दों को उनके समक्ष रखा।

    बैठक के दौरान उप-मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कॉन्ट्रैक्ट कैरिज वाहन संचालकों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बारे में केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया। उन्होंने पर्यटक वाहन के रूप में उपयोग किए जाने वाले वाहनों की स्वीकार्य (पर्मिसिबल एज लिमिट) आयु सीमा को 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट योजना के अंतर्गत आने वाले वाहनों की आयु सीमा पहले ही बढ़ाई जा चुकी है। उन्होंने सड़क सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता किए बिना कॉन्ट्रैक्ट कैरिज वाहनों को भी इसी प्रकार की राहत देने का आग्रह किया।

    प्रदेश के टैक्सी संचालकों और पर्यटन क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए टूरिस्ट परमिट के तहत राज्य के भीतर संचालित टैक्सियों की वैधता अवधि 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष करने का महत्त्वपूर्ण निर्णय लिया गया था। 

    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस संबंध में आवश्यक अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए।

    मुकेश अग्निहोत्री ने हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) के अपर्याप्त बुनियादी ढांचे के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में केवल दो एटीएस कार्यरत हैं। उन्होंने आग्रह किया कि जब तक हिमाचल प्रदेश में पर्याप्त एटीएस स्थापित नहीं हो जाते, तब तक परिवहन संचालकों को होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए मैनुअल फिटनेस टेस्टिंग व्यवस्था को समानांतर रूप से जारी रखने की अनुमति प्रदान की जाए।

    नितिन गडकरी ने राज्य सरकार की सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया तथा प्रदेश सरकार के सभी निर्माणाधीन एटीएस केन्द्रों की स्थिति एवं संबंधित विवरण उपलब्ध करवाने को कहा। 

    मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा यह विवरण तत्काल भेजा जाएगा।

    बैठक में कीरतपुर-बिलासपुर-मंडी मार्ग पर गति सीमा को 60 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़ाकर 80 किलोमीटर प्रति घंटा करने पर भी सहमति बन। 

    इसके अलावा, मुकेश अग्निहोत्री के आग्रह पर अमृतसर-होशियारपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को पंडोगा (पंजाबदृहिमाचल सीमा) से झलेड़ा, ऊना तक राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ने बारे आवश्यक निर्देश जारी किए गए।

    उप-मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सकारात्मक दृष्टिकोण और सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया और आशा व्यक्त की कि लंबित मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित होगा, जिससे प्रदेश के परिवहन क्षेत्र को लंबे समय से अपेक्षित राहत मिल सकेगी।

    #Anil Vij #Haryana #bjp #india #politics #Ambala #Danik Khabar #news #current news #chandigarh #punjab #himachal

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    सोलन: चंडीगढ़-शिमला नेशनल हाईवे पर सेब से लदी पिकअप पलटी; सड़क पर बिखरीं पेटियां, यातायात प्रभावित

    सोलन, 2 सितंबर (अन्‍नू): चंडीगढ़-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर हिमाचल प्रदेश के सोलन में शमलेच के पास एक दर्दनाक हादसा होते-होते टल गया। सोलन से पिंजौर की तरफ सेब लेकर जा रही एक पिकअप अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर ही पलट गई। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ और न ही किसी को गंभीर चोट आई।

    हाईवे पर फैलीं सेब की पेटियां, पुलिस ने खुलवाया जाम

    पिकअप पलटने के कारण सेब से भरी पेटियां बीच सड़क पर बिखर गईं, जिससे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही थम गई और यातायात बाधित हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सड़क पर बिखरी पेटियों को एक तरफ हटवाया, जिसके बाद हाईवे पर दोबारा यातायात सुचारू रूप से शुरू हो सका।

    ब्लैक स्पॉट बनता जा रहा है शमलेच, स्थानीय लोगों ने जताई चिंता

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि शमलेच का यह क्षेत्र अब हादसों का 'ब्लैक स्पॉट' बनता जा रहा है, जहां आए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते रहते हैं। लोगों ने बताया कि महज दो दिन पहले भी इसी स्थान पर लकड़ी से भरा एक ट्रक पलट गया था। लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से हाईवे पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने और ट्रैफिक कंट्रोल को बेहतर करने की मांग की है।

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    02/09/26 |

    मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित हिम-चंडीगढ़ सिटी की प्रगति की समीक्षा की : हिमाचल प्रदेश

    एन.एस.बाछल, 02 सितम्बर, शिमला।

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने चंडीगढ़ के निकट बद्दी क्षेत्र में प्रस्तावित हिम-चंडीगढ़ सिटी की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही इस नए शहर का विकास कार्य शुरू करेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताओं के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हिम-चंडीगढ़ सिटी को अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे और आवश्यक नागरिक सुविधाओं से सुसज्जित एक आधुनिक, सुनियोजित एवं टिकाऊ शहरी केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को प्रस्तावित शहर का सुनियोजित, सतत एवं संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए सभी संभावनाओं का पता लगाने के निर्देश दिए।

    उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सरसा नदी के किनारे लगभग नौ किलोमीटर लंबे सुविकसित रिवरफ्रंट को परियोजना में शामिल किया जाए, ताकि शहर की सुंदरता बढ़े और निवासियों को स्वच्छ, आकर्षक एवं मनोरंजन के लिए उपयुक्त सार्वजनिक स्थान उपलब्ध हो सकें। उन्होंने प्रस्तावित शहर से आवागमन के लिए मजबूत एवं प्रभावी सड़क संपर्क सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि आवागमन सुगम हो और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध हो सके।

    सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रस्तावित शहर न केवल क्षेत्र की बढ़ती शहरी आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा होगा और राज्य के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

    बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, विधायक राम कुमार एवं अजय सोलंकी, प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव अमरजीत सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

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    नालागढ़ थाना आईईडी विस्फोट मामला: NIA ने तीन और आरोपियों को किया गिरफ्तार, गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर हुई 6

    हिमाचल प्रदेश, 1 सितंबर (अन्‍नू): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन में हुए आईईडी (IED) विस्फोट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 1 जनवरी 2026 की सुबह करीब 9:40 बजे नालागढ़ थाने में जांच अधिकारी के कमरे से सटी बाहरी दीवार के पास यह विस्फोट हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए NIA ने 8 मई 2026 को मामला (RC-27/2026/NIA/DLI) पुन: दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली थी।

    एनआईए द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

    NIA द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, जांच के दौरान इस आतंकी साजिश में तीन और आरोपियों की संलिप्तता पाई गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

    1. अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श कंदोलिया (निवासी मोहल्ला सिरहिंदिया, राहों, जिला एसबीएस नगर, पंजाब)

    2. करणप्रताप (निवासी मोहल्ला रोटा, राहों, जिला एसबीएस नगर, पंजाब)

    3. दिलजोत सैनी (निवासी झांसी पार्क कॉलोनी, नवांशहर रोड, राहों, जिला एसबीएस नगर, पंजाब)

    यह तीनों आरोपी पहले से ही गढ़शंकर पुलिस स्टेशन (पंजाब) में दर्ज प्राथमिकी संख्या 11/2026 के सिलसिले में हिरासत में थे, जिन्हें अब इस विस्फोट मामले में एनआईए द्वारा औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है।

    मामले में अब तक कुल 6 गिरफ्तारियां, बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने में जुटी एजेंसी

    इससे पहले NIA ने इस मामले में तीन अन्य आरोपियों—महावीर कुमार उर्फ काका, अजय मेहरा और मनप्रीत सिंह उर्फ मणी को गिरफ्तार किया था। इन नए तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही नालागढ़ विस्फोट कांड में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 6 हो गई है। एनआईए का कहना है कि इस हमले के पीछे की वृहद साजिश, आतंकी नेटवर्क और अन्य संदिग्धों की भूमिका को उजागर करने के लिए आगे की गहन जांच जारी है।

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    01/09/26 |

    मुख्यमंत्री ने ‘मोबाइल रिसोर्स सेंटर-थेरेपी ऑन व्हील्स’ को झंडी दिखाकर रवाना किया : हिमाचल प्रदेश

    एन.एस.बाछल, 01 सितम्बर, शिमला।

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा को सुदृढ़ करने की एक महत्वपूर्ण दिशा में समग्र शिक्षा के अंतर्गत ‘थेरेपी ऑन व्हील्स’ की नवीन पहल के तहत तीन मोबाइल रिसोर्स सेंटर वाहनों को आज यहां हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    यह पहल समग्र शिक्षा के समावेशी शिक्षा घटक के अंतर्गत सैम्फिया फाउंडेशन के सहयोग से संचालित की जाएगी, जिसका उद्देश्य विशेष थेरेपी, पुनर्वास, विशेष शिक्षा और अन्य विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों तथा उनके परिवारों को लाभान्वित करना है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को लाभ मिलेगा। यह पहल राज्य के कठिन भौगोलिक क्षेत्र और विशेष सेवाओं तक सीमित पहुंच के कारण उत्पन्न चुनौतियों का समाधान करने में सहायक साबित होगी।

    मोबाइल रिसोर्स सेंटर के माध्यम से फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच एवं लैंग्वेज थेरेपी, विशेष शिक्षा, स्क्रीनिंग एवं आवश्यकता-आधारित मूल्यांकन, बहु-विषयक थेरेपी एवं पुनर्वास सेवाएं, परामर्श एवं अभिभावक मार्गदर्शन, कार्यात्मक क्षमताओं एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण तथा आवश्यकता पड़ने पर फॉलो-अप और रेफरल सेवाएं प्रदान की जाएंगी।

    यह पहल प्रारम्भिक चरण में तीन जिलों मंडी, शिमला और कांगड़ा में संचालित की जाएगी। इसके उपरांत चरणबद्ध तरीके से मोबाइल रिसोर्स सेंटर की सेवाओं का विस्तार राज्य के सभी जिलों तक किया जाएगा, जिसके माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को सुलभ थेरेपी, पुनर्वास तथा विशेष सहायता सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। 

    ‘थेरेपी ऑन व्हील्स’ पहल के माध्यम से बच्चों की शीघ्र पहचान एवं स्क्रीनिंग, मूल्यांकन, अभिभावकों की काउंसलिंग, जागरूकता तथा शिक्षकों और विशेष शिक्षकों को प्रशिक्षण की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

    इस पहल से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शैक्षणिक सहभागिता, संचार कौशल, कार्यात्मक क्षमताओं, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता में सुधार होने की उम्मीद है। इससे अभिभावक और शिक्षक घर तथा विद्यालय में बच्चों को निरंतर सहयोग प्रदान करने में सक्षम बनेंगे। इस अवसर पर समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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    31/08/26 |

    हिमाचल प्रदेश राज्यपाल ने चिराग भानु सिंह को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की शपथ दिलाई

    एन.एस.बाछल, 31 अगस्त, शिमला।

    राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने लोकभवन में आयोजित गरिमापूर्ण समारोह के दौरान चिराग भानु सिंह को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में और भूपेश शर्मा व योगेश जसवाल को अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया भी उपस्थित रहे।

    मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत ने शपथ ग्रहण समारोह की कार्यवाही का संचालन किया व भारत के राष्ट्रपति द्वारा जारी नियुक्ति वारंट को पढ़ा, जिसके तहत चिराग भानु सिंह को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय का न्यायाधीश और भूपेश शर्मा व योगेश जसवाल को उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।

    राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज ने राज्यपाल व नव-नियुक्त न्यायाधीश एवं अतिरिक्त न्यायाधीशों के शपथ पत्रों पर हस्ताक्षर करवाए।

    इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, वरिष्ठ न्यायिक, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे।

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    31/08/26 |

    शिमला-कालका रेल खंड पर भारी भूस्खलन; उत्तर रेलवे ने चलाया त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन, 400 से अधिक यात्री सुरक्षित निकाले गए

    जे कुमार 31 अगस्त 26 कालका/शिमला : हिमाचल प्रदेश में जारी मूसलाधार बारिश के कारण शिमला-कालका हेरिटेज रेल मार्ग पर मिट्टी धंसने से ट्रैक के नीचे का हिस्सा बह गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर रेलवे ने त्वरित और संवेदनशीलता के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया, जिससे किसी भी यात्री को चोट नहीं आई।

    रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को बसों के जरिए सुरक्षित कालका पहुंचाया और वहां उन्हें निःशुल्क रिफ्रेशमेंट दी गई। रेल ट्रैक की मरम्मत और सुरक्षा जांच पूरी होने तक इस मार्ग पर ट्रेनों का आवागमन 1 सितंबर तक अस्थायी रूप से रद्द कर दिया गया है। रेलवे कर्मचारियों की इस मुस्तैद कार्रवाई की यात्रियों ने काफी सराहना की।

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    हिमाचल: कालका-शिमला हेरिटेज ट्रैक पर भारी बारिश का कहर; पटरी के नीचे की जमीन खिसकी, 10 ट्रेनें रद्द

    जे कुमार शिमला/सोलन, 31 अगस्त 2026 : हिमाचल प्रदेश में जारी मूसलाधार बारिश के चलते कालका-शिमला हेरिटेज रेल खंड पर गंभीर संकट पैदा हो गया है। शनिवार रात सोलन जिले के कोटी और गुम्मन (तक्सल के पास) स्टेशनों के बीच स्थित ब्रिज नंबर 57 के पास तेज बहाव में ट्रैक के नीचे की मिट्टी पूरी तरह धंस गई, जिससे पटरी बिना किसी सपोर्ट के हवा में झूलने लगी।

    घटना की जानकारी मिलते ही उत्तर रेलवे ने तत्काल प्रभाव से इस मार्ग की सभी 10 ट्रेनों का संचालन रोक दिया। रेलवे ने मुस्तैदी दिखाते हुए 391 यात्रियों और 40 रेल क्रू मेंबर्स सहित 400 से अधिक लोगों को सड़क मार्ग से सुरक्षित कालका पहुंचाया। कालका स्टेशन पर सभी यात्रियों के लिए भोजन व पानी का इंतजाम किया गया और आगे जाने वाले यात्रियों के लिए विशेष कनेक्टिंग ट्रेन की व्यवस्था की गई।

    मरम्मत कार्य जारी:

    रेलवे इंजीनियरों और तकनीकी टीमों ने प्रभावित स्थल पर पहुंचकर ट्रैक और क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा जांच पूरी होने और ट्रैक के मजबूत होने के बाद ही ट्रेनों की आवाजाही दोबारा शुरू की जाएगी।

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    धर्मशाला और चंडीगढ़ के बीच इंडिगो की सीधी हवाई सेवा 1 सितंबर से होगी बहाल, हफ्ते में चार दिन भरेगी उड़ान

    हरियाणा , 30 अगस्त (अभिकान्त) : हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला और चंडीगढ़ के बीच इंडिगो की सीधी हवाई सेवा 15 दिन के अंतराल के बाद 1 सितंबर से फिर से शुरू होने जा रही है, जिसके लिए कंपनी ने नया शेड्यूल जारी कर दिया है। यह उड़ान अब सप्ताह में चार दिन संचालित की जाएगी।

    जारी शेड्यूल के अनुसार, विमान हर सप्ताह सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को उड़ान भरेगा। यह फ्लाइट गगल एयरपोर्ट, धर्मशाला से दोपहर 1:10 बजे चंडीगढ़ के लिए रवाना होगी, जबकि चंडीगढ़ से धर्मशाला के लिए वापसी उड़ान का समय दोपहर 2:45 बजे निर्धारित किया गया है।

    इस हवाई सेवा के बहाल होने से कांगड़ा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को चंडीगढ़ के लिए सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे उनके समय और पैसे दोनों की बचत होगी। इस रूट पर हवाई किराए की संभावना 3500 से 4000 रुपए के बीच रहने की उम्मीद है, हालांकि किराए में बदलाव यात्रा की तारीख और सीटों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।

    यह सेवा उन यात्रियों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी जो चंडीगढ़ के रास्ते दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और अन्य बड़े शहरों के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट लेते हैं। उड़ान बंद रहने के दौरान यात्रियों को सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ता था, जिससे उनकी परेशानियां बढ़ जाती थीं। धर्मशाला-कांगड़ा आने वाले पर्यटकों के लिए चंडीगढ़ एक मुख्य कनेक्टिविटी प्वाइंट है, ऐसे में इस सीधी उड़ान के शुरू होने से स्थानीय होटल, टैक्सी और समग्र पर्यटन कारोबार को भी गति मिलने की उम्मीद है।

    #HimachalNews #Dharamsala #Chandigarh #IndigoAirlines #GaggalAirport #TourismHaryana #DanikKhabar

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    27/08/26 |

    राज्यपाल ने आईजीएमसी शिमला के शिशु वार्ड के लिए कंबल भेंट किए

    एन.एस.बाछल, 27 अगस्त, शिमला।

    राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने लोक भवन में हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (आईजीएमसी), शिमला के शिशु वार्ड के लिए 40 कंबल भेंट किए।

    आईजीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव तथा पीडियट्रिक सर्जरी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. कमल कांत शर्मा ने अस्पताल की ओर से कंबल प्राप्त किए।

    इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि मानवता की सेवा और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहना रेडक्रॉस आंदोलन की मूल भावना है। उन्होंने कहा कि छोटे लेकिन सार्थक प्रयास अस्पतालों में उपचाराधीन मरीजों, विशेषकर बच्चों और उनके परिजनों को सुविधा, सहारा और गरिमा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि चिकित्सा उपचार की आवश्यकता वाले बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ संवेदनशील, स्नेहपूर्ण और सहयोगी वातावरण की भी आवश्यकता होती है। उन्होंने अस्पतालों और समाज के संवेदनशील वर्गों तक मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए राज्य रेडक्रॉस सोसायटी के प्रयासों की सराहना की।

    राज्यपाल ने कहा कि आईजीएमसी जैसे उत्कृष्ट स्वास्थ्य संस्थान राज्य के दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हैं। उन्होंने मरीजों को चिकित्सा उपचार के साथ आवश्यक सहयोग एवं सहायता उपलब्ध करवाने के लिए रेडक्रॉस सोसायटी, स्वास्थ्य संस्थानों और अन्य हितधारकों के बीच निरंतर समन्वय एवं सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

    उन्होंने विशेष रूप से आपातकालीन एवं कठिन परिस्थितियों के दौरान मानवीय कल्याण सेवाओं को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आम लोगों और विभिन्न संस्थाओं से मरीजों एवं जरूरतमंदों के कल्याण से जुड़ी पहलों में सक्रिय रूप से योगदान देने का आह्वान किया।

    राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार की पहल समाज में सामाजिक सेवा के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ करुणा, संवेदनशीलता और परस्पर सहयोग की भावना को भी मजबूत करेगी।

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    26/08/26 |

    राज्यपाल ने गठित की कुलाधिपति अंतर-विश्वविद्यालयीय ‘विकसित भारत-2047’ टास्क फोर्स : हिमाचल प्रदेश

    एन.एस.बाछल, 26 अगस्त, शिमला।

    राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति कविन्द्र गुप्ता ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को एक साझा मंच पर लाने तथा ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य की दिशा में समन्वित प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए कुलाधिपति अंतर-विश्वविद्यालयीय ‘विकसित भारत-2047’ परिषद अथवा टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है।

    यह घोषणा लोक भवन में राज्यपाल की अध्यक्षता में आयोजित हिमाचल प्रदेश के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक के दौरान की गई।

    राज्यपाल ने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए कि वे 10 दिनों के भीतर 100 दिवसीय रोडमैप तैयार करें, जिसमें अपने-अपने संस्थानों में नवाचार, उत्कृष्ट कार्य प्रणालियों और श्रेष्ठ प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए किए जाने वाले कार्यों का उल्लेख हो। उन्होंने विश्वविद्यालयों से सफल पहलों को अन्य विश्वविद्यालयों के साथ साझा करने का भी आह्वान किया, ताकि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश और देश के विकास में योगदान दिया जा सके।

    कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ का विजन केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ज्ञान, नवाचार, कौशल, आत्मनिर्भरता, सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व करने वाला भारत बनाना है।

    युवाओं की भूमिका पर बल देते हुए राज्यपाल ने परिषद अथवा टास्क फोर्स की गतिविधियों में विद्यार्थियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को पड़ोसी राज्यों के उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ भी सहयोग करना चाहिए, ताकि उनकी सफल कार्य प्रणालियों से सीख लेकर उन्हें अपनाया जा सके।

     राज्यपाल ने कहा कि परिषद अथवा टास्क फोर्स की त्रैमासिक बैठकें आयोजित की जाएंगी तथा इन बैठकों का आयोजन विभिन्न विश्वविद्यालयों में बारी-बारी से किया जाएगा। उन्होंने इस व्यवस्था को परिणामोन्मुख बनाए रखने और इसकी नियमित समीक्षा करने पर भी बल दिया।

    उन्होंने कृषि एवं बागवानी विश्वविद्यालयों से गुणवत्तापूर्ण पौधशालाएं विकसित करने तथा किसानों को उन्नत बीज एवं औषधीय पौधे उपलब्ध करवाने का आह्वान किया, ताकि शोध एवं नवाचार को ग्रामीण आजीविका से जोड़ा जा सके। उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक भ्रमण, विशेषज्ञों के साथ संवाद, अंतर-विश्वविद्यालयीय खेल गतिविधियों, सुव्यवस्थित पर्यटन कार्यक्रमों तथा उद्योगों के सहयोग से व्यावहारिक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने पर भी बल दिया।

    युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालयों को ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ में सक्रिय भागीदार बनना होगा। उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता, परामर्श, खेल एवं फिटनेस, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा सकारात्मक युवा सहभागिता पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वविद्यालयों के सभी संकायों में नशा मुक्ति की शपथ दिलाने का सुझाव भी दिया।

    उच्च शिक्षा में ‘प्रतिस्पर्धा के साथ सहयोग’ की आवश्यकता पर बल देते हुए राज्यपाल ने कहा कि यदि किसी विश्वविद्यालय ने कोई उत्कृष्ट कार्यप्रणाली, नई शिक्षण पद्धति विकसित की है अथवा शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में सफलता हासिल की है, तो उसका लाभ अन्य विश्वविद्यालयों और विद्यार्थियों तक भी पहुंचना चाहिए। उन्होंने श्रेष्ठ कार्य प्रणालियों, शोध एवं नवाचार के आदान-प्रदान को संस्थागत रूप देने के साथ-साथ उद्यमिता, रोजगारपरक कौशल और सुदृढ़ शोध संस्कृति को बढ़ावा देने पर बल दिया।

    राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला को टास्क फोर्स का समन्वयक विश्वविद्यालय नामित किया। विश्वविद्यालय को टास्क फोर्स के संचालन तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई है। इस पहल का उद्देश्य शोध, नवाचार, शैक्षणिक सुधार और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान को सुदृढ़ करने के लिए विश्वविद्यालयों को एक साझा मंच प्रदान करना तथा विश्वविद्यालयों, सरकार, उद्योग जगत, विशेषज्ञों, विद्यार्थियों और अन्य हितधारकों के बीच सार्थक समन्वय स्थापित करना है।

    इस अवसर पर राज्यपाल ने लोक भवन की पत्रिका के प्रथम संस्करण का भी विमोचन किया।

    इससे पहले, राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज ने राज्यपाल एवं कुलपतियों का स्वागत किया तथा बैठक की कार्यसूची की जानकारी दी।

    बैठक के दौरान विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने कौशल विकास, रोजगार एवं उद्यमिता, युवा स्वास्थ्य एवं कल्याण, नशा मुक्त भारत, खेल एवं फिटनेस, युवा नेतृत्व, नवाचार एवं शोध, राष्ट्रीय विकास तथा अंतर-विश्वविद्यालयीय सहयोग जैसे विषयों पर प्रस्तुतियां दीं और अपने विचार साझा किए।

    इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह, डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कुलपति डॉ. हरमिंदर सिंह बावा, अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. डी.के. वर्मा, सरदार पटेल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ललित कुमार अवस्थी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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    यमुनानगर: सीआईए-2 की बड़ी कार्रवाई; हिमाचल नंबर कार से ₹12 लाख की चरस बरामद, कुल्लू के 2 तस्कर गिरफ्तार

    यमुनानगर, 25 अगस्त (अन्‍नू): जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सीआईए-2 (CIA-2) की टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के नंबर वाली मारुति एस-प्रेसो (S-Presso) कार से 5 किलो 718 ग्राम चरस (नशीला पदार्थ) बरामद की है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बरामद चरस की अनुमानित कीमत करीब ₹12 लाख बताई जा रही है।

    मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी रजत गुलिया ने बताया कि आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। गिरफ्तार तस्करों की पहचान मिलापचंद (निवासी जटहेड़, कुल्लू) और नितेश कुमार उर्फ निटू (निवासी कांडाधारा, थाना अन्नी, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश) के रूप में हुई है।

    गुप्त सूचना पर नाकाबंदी कर की चेकिंग; रिमांड में खुलेगा सप्लाई नेटवर्क:

    • नाकाबंदी और चेकिंग: सीआईए-2 टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि हिमाचल नंबर की सफेद कार में नशीला पदार्थ लेकर कुछ लोग नेशनल हाईवे से गुजरने वाले हैं। सूचना के आधार पर उप-निरीक्षक सुरेंद्र, एएसआई अरुण, सुनील, मुख्य सिपाही राजीव और सिपाही अमित की संयुक्त टीम का गठन किया गया। छप्पर रेस्ट हाउस के पास नाकाबंदी के दौरान कार (HP 01 AA 0729) को रोककर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तलाशी ली गई, जिसमें चरस बरामद हुई।

    • सप्लाई नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस: डीएसपी रजत गुलिया ने बताया कि 5 दिन के रिमांड के दौरान आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह पता लगाएगी कि चरस की यह खेप कहां से खरीदी गई थी और इसे हरियाणा के किन-किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था।

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    23/08/26 |

    हिमाचल: 65 फार्मा उद्योगों की 82 दवाओं के सैंपल फेल; बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ बेल्ट पर उठे सवाल

    जे कुमार नालागढ़/सोलन : एशिया के बड़े फार्मा हब के रूप में पहचाने जाने वाले हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले (नालागढ़, बद्दी, बरोटीवाला) व अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए चिंताजनक खबर सामने आई है। केंद्रीय एवं राज्य औषधि नियंत्रक विभाग द्वारा जारी जुलाई 2026 की ड्रग अलर्ट रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में स्थित 65 फार्मा कंपनियों में बनी 82 दवाओं के सैंपल लैब टेस्ट में फेल (मानकहीन) पाए गए हैं।

    देशभर में कुल 240 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, जिनमें से अकेले हिमाचल प्रदेश का हिस्सा एक तिहाई से भी अधिक है। सबसे ज्यादा प्रभाव नालागढ़-बद्दी-बरोटीवाला औद्योगिक क्षेत्र की कंपनियों पर पड़ा है, जहाँ से 52 दवाएं मानकों पर असफल रहीं।

    इन प्रमुख बीमारियों की दवाएं पाई गईं सब-स्टैंडर्ड:

    • हार्ट व बीपी: क्लोपिडोग्रेल, एटोरवास्टैटिन, क्लोपिडोग्रेल-एस्पिरिन।

    • डायबिटीज व एसिडिटी: ग्लिक्लाजाइड (डायबिटीज), ओमेप्राजोल, पैंटोप्राजोल और रेबेप्राजोल (एसिडिटी/गैस)।

    • एंटीबायोटिक्स व अन्य: अमोक्सीसिलिन, सेफिक्सिम, ओफ़्लॉक्सासिन, एजिथ्रोमाइसिन, सिरप, स्किन क्रीम और इंजेक्शन।

    प्रशासनिक कार्रवाई और स्टॉक रिकॉल का आदेश:

    मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य औषधि नियंत्रक (State Drug Controller) डॉ. मनीष कपूर ने संबंधित सभी कंपनियों को कड़े नोटिस जारी किए हैं। विभाग ने कंपनियों को संबंधित बैच (Batches) का पूरा स्टॉक बाजार से तुरंत वापस (Recall) मंगाने के निर्देश दिए हैं। बार-बार गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन करने वाली फार्मा इकाइयों की जोखिम-आधारित (Risk-based) जांच करने और कड़े कानूनी कदम उठाने की तैयारी की जा रही है।

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    20/08/26 |

    श्रमिकों का कल्याण कामगार कल्याण बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकताः हिमाचल प्रदेश

    एन.एस.बाछल, 20 अगस्त, शिमला।

    हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने यहां बोर्ड के निदेशक मण्डल की 55वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रदेशभर में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं एवं पहलों की समीक्षा की गई तथा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

    नरदेव सिंह कंवर ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त, 2026 को बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत 4,967 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 20.61 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की गई है।

    उन्होंने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों तक डिजिटल सुविधाओं की पहुंच बढ़ाना तथा कल्याणकारी योजनाओं की प्रभावी निगरानी बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने डिजिटल लेबर चौक एप्लीकेशन, सेस पोर्टल तथा डिजिटल लेबर चौक-कम-फैसिलिटेटर सेंटरों के विकास कार्य को भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

    बोर्ड ने पंजीकृत श्रमिकों को डिजिटल माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से डिजिटल लेबर चौक मोबाइल एप्लीकेशन के विकास को कार्योत्तर स्वीकृति भी प्रदान की। पंजीकृत श्रमिकों के डिजिटल डेटा के रखरखाव एवं प्रबंधन के लिए आवश्यक सॉफ्टवेयर की खरीद को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

    पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए जापानी, अरबी, अंग्रेजी और जर्मन भाषाओं में कौशल प्रशिक्षण शुरू करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। ये प्रशिक्षण रिकगनेशन ऑफ प्रायर लर्निंग (आरपीएल) स्कीम अथवा सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के प्रावधानों के तहत उपलब्ध करवाए जाएंगे।

    नरदेव सिंह कंवर ने कहा कि बोर्ड की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक श्रमिकों तक पहुंचाने के लिए प्रचार एवं विज्ञापन मद में एक करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। भारत सरकार की मॉडल वेलफेयर स्कीम के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सरकारी भवनों पर स्थायी वॉल पेंटिंग के माध्यम से योजनाओं का प्रचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांधी चौक, हमीरपुर सहित अन्य जिला एवं जोनल मुख्यालयों में आउटडोर एलईडी डिस्प्ले लगाने को भी मंजूरी दी गई है। इन डिस्प्ले के माध्यम से बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं श्रमिक हितैषी कार्यक्रमों की जानकारी आमजन एवं पंजीकृत श्रमिकों तक पहुंचाई जाएगी।

    बोर्ड अध्यक्ष ने लंबित दावों के शीघ्र निपटारे पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों को सभी लंबित मामलों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को योजनाओं के लाभ समयबद्ध उपलब्ध करवाना और प्रभावी सेवाएं सुनिश्चित करना बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    बैठक में बोर्ड के सदस्य राकेश गौड़, विजय वर्धन, अनुपम कुमार, मुनीष करोल, ज्योति चौहान, गोपाल कृष्ण, नीलम गुप्ता, एन.एस. चौहान, निशि भट्टी, उमेश शर्मा, साहिल धीमान, रविन्द्र सिंह रवि, भूपेन्द्र सिंह, प्रदीप कुमार और हेमा तंवर भी उपस्थित थे। 

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    17/08/26 |

    अगले पांच वर्षों में एचआरटीसी को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्यः मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश

    एन.एस.बाछल, 17 अगस्त, शिमला।

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश में स्वच्छ, हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत आज वर्चुअल माध्यम से मण्डी जिले के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की 25 नई टाइप-1 इलेक्ट्रिक बस सेवाओं का मण्डी के पड्डल मैदान से शुभारंभ किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने एचआरटीसी के इलेक्ट्रिक बस बेड़े के विस्तार के लिए नई 297 टाइप-1 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की है। नई इलेक्ट्रिक बसें वर्तमान में शिमला, नाहन, नालागढ़, ऊना, हरोली, बिलासपुर, देहरा, हमीरपुर, पालमपुर, धर्मशाला तथा नगरोटा में संचालित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त कुल्लू, मंडी और सुंदरनगर में भी आवश्यक चार्जिंग अवसंरचना विकसित की जा चुकी है तथा इन क्षेत्रों में नई इलेक्ट्रिक बस सेवाओं का संचालन भी आज से शुरू किया गया है। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि टाइप-1 इलेक्ट्रिक बसों की निर्धारित ड्राइविंग रेंज 80 प्रतिशत स्टेट ऑफ चार्ज पर लगभग 180 किलोमीटर है। परिचालन के दौरान इन बसों का प्रदर्शन अत्यंत उत्साहजनक रहा है। उन्होंने कहा कि शिमलादृचंडीगढ़ मार्ग पर इलेक्ट्रिक बस द्वारा एक बार चार्ज करने पर लगभग 270 किलोमीटर की दूरी सफलतापूर्वक तय की जा रही है। यह प्रदर्शन हिमाचल प्रदेश के चुनौतीपूर्ण पहाड़ी भू-भाग में लंबी दूरी के अंतर-शहरी मार्गों पर इन बसों की उपयोगिता को प्रदर्शित करता है।

    सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से एचआरटीसी की परिचालन लागत में भी महत्वपूर्ण कमी आ रही है। पारंपरिक डीजल बसों की तुलना में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से ऊर्जा लागत में लगभग 12-13 रूपये प्रति किलोमीटर की बचत हो रही है। इससे निगम के ईंधन एवं परिचालन व्यय में कमी आने के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की समग्र दक्षता में भी सुधार हो रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े का यह विस्तार प्रदेश में कार्बन उत्सर्जन कम करने, जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटाने तथा स्वच्छ एवं हरित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार के निरंतर सहयोग तथा चार्जिंग अवसंरचना के विस्तार के साथ एचआरटीसी राज्य में आधुनिक, विश्वसनीय, ऊर्जा-कुशल एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।

    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार एचआरटीसी को बसें खरीद कर देती है और हर साल अनुदान के रूप में 840 करोड़ रूपये सरकार की ओर से दिए जा रहे हैं। इतनी ही कमाई एचआरटीसी अपने संसाधनांें से भी कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार का लक्ष्य अगले पांच साल में एचआरटीसी को आत्मनिर्भर बनाने का है। सरकार आने वाले समय में 1000 ई-बसें और 200 हाईड्रोजन बसें खरीदेगी। उन्होंने कहा कि हमने पहले बजट में ग्रीन हिमाचल की परिकल्पना की थी और इन बसों का संचालन इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।

    इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चन्द शर्मा, प्रबंध निदेशक एचआरटीसी शिवम प्रताप सिंह मुख्यमंत्री के साथ शिमला में उपस्थित थे। मण्डी में वर्चुअल माध्यम से एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, एपीएमसी अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, जल प्रबन्धन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशि शर्मा, जिला कांग्रेस कमेटी मण्डी अध्यक्ष चंपा ठाकुर सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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    16/08/26 |

    मुख्यमंत्री ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धासुमन अर्पित किए : हिमाचल प्रदेश

    एन.एस.बाछल, 16 अगस्त, शिमला।

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला के रिज मैदान पर भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हिमाचल प्रदेश से विशेष लगाव था। वह मनाली स्थित अपने आवास पर समय-समय पर छुट्टियां बिताने आते रहते थे। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सबको साथ लेकर चलने की राजनीति में विश्वास रखते थे, जो वर्तमान समय में कम देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धापूर्वक याद कर रहा है। मुख्यमंत्री ने उनके देश और प्रदेश के विकास में दिए योगदान को भी याद किया। 

    इस दौरान सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के कलाकारों ने देशभक्ति के गीतों का गायन किया।इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, पार्षदगण, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, नगर निगम शिमला के आयुक्त सचिन कंवल सहित अन्य गणमान्यों ने भी पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

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    पंजाब: PSEB के फर्जी सर्टिफिकेट से ली पंजाब पुलिस और हिमाचल के पशुपालन विभाग में नौकरी; 2 ब्लैकलिस्ट

    मोहाली, 16 अगस्त (अन्‍नू): पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) के फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए पंजाब पुलिस और हिमाचल प्रदेश के पशुपालन विभाग में सरकारी नौकरी हासिल करने का बड़ा मामला उजागर हुआ है। बोर्ड में सत्यापन (Verification) के लिए आए दस्तावेजों की जांच के दौरान दोनों प्रमाण पत्र पूरी तरह फर्जी पाए गए। इसके बाद शिक्षा बोर्ड ने दोनों उम्मीदवारों को अपने रिकॉर्ड में ब्लैकलिस्ट कर दिया है और संबंधित विभागों को आगामी कानूनी कार्रवाई के लिए पत्र भेज दिया है।

    केस 1: हिमाचल पशुपालन विभाग (करुण कुमार)

    • रोल नंबर निकला पटियाला के छात्र का: डिप्टी डायरेक्टर, एनिमल हसबैंडरी (नाहन, हिमाचल प्रदेश) की ओर से 2009 का 12वीं कक्षा का सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए भेजा गया था, जो करुण कुमार के नाम पर था। इसमें गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल (रोपड़) दर्ज था।

    • जांच में खुली पोल: बोर्ड की जांच में सामने आया कि सर्टिफिकेट पर दर्ज रोल नंबर पटियाला के जगजीत सिंह को जारी किया गया था। करुण कुमार के नाम से ऐसा कोई रोल नंबर रिकॉर्ड में था ही नहीं।

    केस 2: पंजाब पुलिस (राजबीर सिंह)

    • रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं था रोल नंबर: पंजाब पुलिस विभाग की ओर से राजबीर सिंह के नाम से 2011 का 12वीं का सर्टिफिकेट जांच के लिए PSEB भेजा गया था।

    • फर्जी निकला दस्तावेज: जांच के दौरान पाया गया कि प्रमाण पत्र पर दर्ज रोल नंबर बोर्ड के आधिकारिक रिकॉर्ड में किसी को जारी ही नहीं किया गया था। विवरण मेल न खाने पर बोर्ड ने इसे फर्जी घोषित कर जब्त कर लिया।

    बोर्ड के पास हर महीने आते हैं 2 हजार से अधिक वेरिफिकेशन केस

    • पहले भी आ चुके हैं मामले: इससे पहले भी फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट के जरिए भारतीय सेना, रेलवे, यूनिवर्सिटी और पासपोर्ट ऑफिस में नौकरियां पाने के फर्जीवाड़े सामने आ चुके हैं।

    • तुरंत होती है कार्रवाई: PSEB के पास हर महीने करीब 2,000 से अधिक सर्टिफिकेट सत्यापन के लिए आते हैं। फर्जीवाड़े की पुष्टि होते ही उम्मीदवार को ब्लैकलिस्ट कर संबंधित विभाग और पुलिस को आगे की कार्रवाई के लिए लिखा जाता है।

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