बीजेपी के नए कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन- एक उभरता हुआ युवा नेतृत्व
(के.के.)
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने हाल ही में अपने संगठनात्मक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में नितिन नबीन को कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति बीजेपी के भविष्य के लिए एक नई दिशा निर्धारित करने वाली है, खासकर युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने के संदर्भ में। नितिन नबीन, जो बिहार के एक युवा विधायक हैं, अपनी मेहनत, संगठनात्मक क्षमता और जनसंपर्क के दम पर इस ऊंचे पद तक पहुंचे हैं।
नितिन नबीन का जन्म बिहार के औरंगाबाद जिले के एक साधारण परिवार में हुआ। उनके पिता एक छोटे व्यवसायी थे, जबकि मां गृहिणी। बचपन से ही नितिन में नेतृत्व के गुण झलकने लगे थे। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की। लेकिन उनकी असली शिक्षा तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शाखाओं और बीजेपी के संगठनात्मक कार्यों से मिली। युवावस्था में ही वे आरएसएस के पूर्णकालिक प्रचारक बन गए, जहां उन्होंने बिहार के ग्रामीण इलाकों में घूम-घूम कर हिंदुत्व की विचारधारा को मजबूत किया।
नितिन नबीन की राजनीतिक यात्रा का प्रारंभ बिहार बीजेपी युवा मोर्चा से हुआ। 2000 के दशक के शुरुआती वर्षों में वे युवा मोर्चा के जिला स्तर पर सक्रिय सदस्य बने। उनकी ऊर्जा और मेहनत ने उन्हें जल्द ही प्रदेश स्तर पर पहुंचा दिया। 2010 में वे बिहार बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री चुने गए। यहां से उनकी संगठनात्मक क्षमता निखरने लगी। वे युवाओं को जोड़ने, चुनावी तैयारियों में जुटने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने में माहिर हो गए। 2014 के लोकसभा चुनावों में नितिन नबीन ने औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी प्रत्याशी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि पार्टी को हार मिली, लेकिन नितिन की मेहनत ने स्थानीय स्तर पर बीजेपी का आधार मजबूत किया। इसी वर्ष वे बिहार बीजेपी के प्रदेश कार्य समिति सदस्य बने।
2015 के बिहार विधानसभा चुनावों में वे अमरपट्टी विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बने और शानदार जीत हासिल की। यह उनकी पहली विधायकी थी, जो उनके राजनीतिक करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।बिहार विधानसभा में नितिन नबीन ने विपक्ष के प्रमुख नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई। नीतीश कुमार सरकार पर हमलावर रुख अपनाते हुए उन्होंने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और विकास के मुद्दों पर तीखे सवाल उठाए। उनकी वाक्पटुता और तर्कपूर्ण बहस ने उन्हें विधानसभा का चहेता बना दिया। 2020 के विधानसभा चुनावों में वे फिर से अमरपट्टी से जीते और बीजेपी विधायक दल के प्रमुख व्हीप बने। यहां उनकी संगठनात्मक कुशलता का पूरा प्रदर्शन हुआ, जब उन्होंने पार्टी विधायकों को एकजुट रखा।
बीजेपी ने हमेशा से संगठन को मजबूत रखने पर जोर दिया है। जेपी नड्डा के नेतृत्व में पार्टी ने युवा चेहरों को आगे बढ़ाने का फैसला किया। दिसंबर 2025 में हुई केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में नितिन नबीन को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया। यह पद राष्ट्रीय अध्यक्ष के बाद सबसे महत्वपूर्ण है, जो संगठन के दैनिक कार्यों, चुनावी रणनीति और सदस्यता अभियान का जिम्मा संभालता है। नितिन की नियुक्ति को पूर्वी भारत, खासकर बिहार में बीजेपी के विस्तार के लिए रणनीतिक माना जा रहा है।नितिन नबीन की नियुक्ति के पीछे कई कारण हैं। पहला, उनकी युवा उम्र, बीजेपी युवाओं को प्राथमिकता दे रही है, क्योंकि आने वाले चुनावों में युवा वोटर निर्णायक होंगे। दूसरा, बिहार में उनकी पकड़। बिहार बीजेपी को मजबूत करने में उनकी भूमिका सराहनीय रही। तीसरा, आरएसएस बैकग्राउंड। संघ के प्रचारक के रूप में उनकी निष्ठा अटल है, जो पार्टी को वैचारिक मजबूती देती है। चौथा, सोशल मीडिया और डिजिटल प्रचार में निपुणता। नितिन ने कोविड काल में ऑनलाइन अभियान चलाकर युवाओं को जोड़ा।
नतिन नबीन एक ऐसे नेता हैं जो जमीन से जुड़े हैं। वे रात-दिन कार्यकर्ताओं के बीच रहते हैं। बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों का नेतृत्व करना हो या किसान आंदोलनों में पार्टी का पक्ष रखना हो, वे हर मोर्चे पर सक्रिय रहे। उनकी सबसे बड़ी ताकत है जनसंपर्क। वे गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं और समाधान निकालते हैं। विधायक रहते हुए उन्होंने अमरपट्टी में सड़क, बिजली और स्कूलों का विकास कार्य कराया।एक अन्य गुण है उनकी रणनीतिक सोच। 2020 चुनावों में एनडीए की जीत में उनकी भूमिका थी। उन्होंने ओबीसी और ईबीसी वोटों को एकजुट करने में सफलता पाई। कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में वे पूरे देश में सदस्यता अभियान चलाएंगे। उनका लक्ष्य 2026 के विधानसभा चुनावों तक बीजेपी सदस्यों की संख्या दोगुनी करना है। इसके अलावा, वे महिला मोर्चा और युवा मोर्चा को मजबूत करेंगे।
नितिन नबीन डिजिटल इंडिया के समर्थक हैं। वे सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं, जहां वे पीएम मोदी और अमित शाह की नीतियों का प्रचार करते हैं। ट्विटर पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं। वे ऐप्स और वर्चुअल मीटिंग्स के जरिए कार्यकर्ताओं से जुड़ते हैं। यह आधुनिक नेतृत्व का उदाहरण है।बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण भूमिकाकार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन की जिम्मेदारियां विशाल हैं। सबसे पहले, संगठन विस्तार। वे पूर्वाेत्तर, बंगाल और ओडिशा जैसे क्षेत्रों पर फोकस करेंगे। दूसरा, चुनावी तैयारियां। 2024 लोकसभा चुनावों के बाद राज्य चुनावों के लिए बूथ स्तर मजबूती जरूरी है। तीसरा, वैचारिक प्रचार। हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और विकास को जोड़कर वे पार्टी का एजेंडा सेट करेंगे।बिहार में उनकी नियुक्ति एनडीए के लिए वरदान है। नीतीश कुमार के साथ गठबंधन को मजबूत रखते हुए वे बीजेपी का वर्चस्व बढ़ाएंगे। 2025 बिहार चुनावों में उनकी भूमिका केंद्रीय होगी। राष्ट्रीय स्तर पर वे जेपी नड्डा के दाएं हाथ बनेंगे। पार्टी के आंतरिक कलह को सुलझाने में भी उनकी भूमिका होगी। नितिन नबीन सामाजिक मुद्दों पर भी मुखर हैं। वे महिला सशक्तिकरण, दलित उत्थान और पर्यावरण संरक्षण के पक्षधर हैं। कोविड के दौरान उन्होंने मास्क वितरण और वैक्सीनेशन कैंप लगवाए। यह दिखाता है कि वे सिर्फ राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि समाजसेवी भी हैं।
ंनितिन नबीन के सामने चुनौतियां कम नहीं। विपक्षी दल उन्हें निशाना बनाएंगे। कांग्रेस और आरजेडी बिहार में बीजेपी को कमजोर करने की कोशिश करेंगे। संगठन में पुराने नेताओं का विरोध संभव है। लेकिन नितिन की युवा ऊर्जा इन चुनौतियों से पार पा लेगी। भविष्य में वे केंद्रीय मंत्री या बिहार के उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं। 2029 लोकसभा चुनावों में उन्हें स्टार प्रचारक बनाया जा सकता है। उनकी नियुक्ति बीजेपी की पीढ़ीगत बदलाव की मिसाल है। अमित शाह और जेपी नड्डा के बाद नितिन जैसे युवा ही पार्टी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
एक नई यात्रा का प्रारंभनितिन नबीन की नियुक्ति बीजेपी के लिए एक मील का पत्थर है। संघ की पाठशाला से निकले इस युवा नेता ने कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। उनके नेतृत्व में बीजेपी और मजबूत होगी। भारत के युवा उन्हें अपना आदर्श मानेंगे। नितिन नबीन साबित करेंगे कि मेहनत और निष्ठा से कोई भी पद हासिल किया जा सकता है। बीजेपी कार्यकर्ता उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे।