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    होली पर वैष्णो देवी भक्तों को सौगात: नई दिल्ली और कटरा के बीच दौड़ेंगी विशेष ट्रेनें

    जे कुमार नई दिल्ली 14 फरवरी 2026 : रंगों के पावन पर्व होली के अवसर पर माता वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए उत्तर रेलवे ने एक बड़ा और राहत भरा निर्णय लिया है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा और ट्रेनों में होने वाली अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नई दिल्ली और श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच विशेष 'होली स्पेशल' ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। यह कदम उन हजारों तीर्थयात्रियों के लिए एक वरदान साबित होगा जो त्योहार की छुट्टियों के दौरान कटरा की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं और जिन्हें नियमित ट्रेनों में कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा था।

    रेलवे के आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, ये विशेष गाड़ियां नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से रवाना होंगी और अंबाला कैंट, लुधियाना, जालंधर कैंट और जम्मू तवी जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकते हुए श्री माता वैष्णो देवी कटरा पहुंचेंगी। इन ट्रेनों में स्लीपर क्लास, थर्ड एसी, सेकंड एसी और जनरल कोचों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है ताकि हर वर्ग के यात्री अपनी सुविधा अनुसार सफर कर सकें। होली के दौरान उत्तर भारत के प्रमुख मार्गों पर यात्रियों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है, जिसे ध्यान में रखते हुए इन ट्रेनों के फेरों की संख्या और समय सारणी को इस तरह से तैयार किया गया है कि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।

    विशेष ट्रेनों के चलने से न केवल दिल्ली-एनसीआर के लोगों को फायदा होगा, बल्कि पड़ोसी राज्यों के यात्रियों को भी सुगम यात्रा का विकल्प मिलेगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए आधिकारिक वेबसाइट या रेलवे काउंटर से अपनी टिकटों की बुकिंग समय रहते करवा लें। सुरक्षा के लिहाज से भी इन ट्रेनों और संबंधित स्टेशनों पर आरपीएफ की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी ताकि त्योहार के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो। इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशनों पर अतिरिक्त पूछताछ काउंटर भी खोले जा रहे हैं। वैष्णो देवी के अलावा अन्य व्यस्त रूटों पर भी इसी तरह की विशेष सेवाएं संचालित करने पर विचार किया जा रहा है ताकि होली का उत्साह फीका न पड़े।

    #होली_स्पेशल_ट्रेन_वैष्णो_देवी_कटरा_नई_दिल्ली_रेलवे_अपडेट

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    गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू और कश्मीर पर एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की

    आरएस अनेजा, 7 फरवरी नई दिल्ली - केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू और कश्मीर पर एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

    बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह सचिव, निदेशक (आई.बी.), थल सेनाध्यक्ष, जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के महानिदशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    अमित शाह ने जम्मू और कश्मीर में आतंकी इको-सिस्टम को ध्वस्त करने में सुरक्षा एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर में हमारे देश के दुश्मन तत्वों द्वारा पोषित आतंकी इको-सिस्टम को मोदी सरकार के समन्वित प्रयासों से लगभग समाप्त कर दिया गया है।

    अमित शाह ने जम्मू और कश्मीर को आतंकवाद से मुक्त करने के प्रति मोदी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया। बैठक के दौरान सुरक्षा घेरे को और मज़बूत करने के लिए इनोवेटिव उपायों पर भी चर्चा की गई।

    केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि De-radicalisation के प्रयासों से आतंकवाद-मुक्त जम्मू और कश्मीर के हमारे विज़न को तेज़ी से आगे बढ़ाने में बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने युवाओं को जोड़ने के लिए और कदम उठाने के निर्देश दिए।

    उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि युवाओं को आय अर्जित करने वाली गतिविधियों में शामिल करने के लिए स्टार्ट-अप इकोसिस्टम, खेल क्षेत्र आदि को विकसित करने के लिए कदम उठाए जाएं।

    अमित शाह ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और समन्वित तरीके से काम जारी रखने का निर्देश दिया जिससे हाल के दिनों में हासिल की गई उपलब्धियों को बरकरार रखते हुए 'आतंकवाद-मुक्त जम्मू और कश्मीर' का लक्ष्य जल्द से जल्द प्राप्त किया जा सके। शाह ने आश्वासन दिया कि इस प्रयास में सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।


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    जम्मू-कश्मीर के बारामूला में भूकंप: 4.6 तीव्रता के झटकों से कांपी घाटी

    जे कुमार श्रीनगर, 2 फरवरी 2026: जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले और आसपास के इलाकों में आज सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.6 मापी गई है। नेशनल सेंटर फॉर सेस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप सुबह करीब 5:35 बजे आया, जिसका केंद्र बारामूला के पास जमीन के अंदर 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।

    भूकंप के झटके इतने तेज थे कि इनका असर पूरी कश्मीर घाटी में देखा गया। श्रीनगर, पट्टन, सोपोर और कुपवाड़ा जैसे इलाकों में लोग कड़ाके की ठंड के बावजूद डर के कारण अपने घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय निवासियों के अनुसार, झटके कुछ सेकंड तक महसूस किए गए, जिससे घरों के बर्तन और खिड़कियां हिलने लगीं। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक प्रशासन की ओर से किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान या बड़ी संपत्ति की क्षति की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर का अधिकांश हिस्सा भूकंपीय क्षेत्र (Seismic Zone) IV और V में आता है, जो इसे भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील बनाता है। आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें तैयार रखी गई हैं।

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    नए साल पर वैष्णो देवी में उमड़ा जनसैलाब : माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने आज सुबह तक रोका पंजीकरण; कटड़ा में भक्तों का तांता

    जे कुमार, कटड़ा/जम्मू, 01 जनवरी 2026: नए साल के उपलक्ष्य में माता वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) ने एहतियात के तौर पर यात्रा पंजीकरण (Registration) को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया है। बोर्ड द्वारा लिया गया यह फैसला बुधवार शाम से प्रभावी है और आज (1 जनवरी) सुबह तक के लिए लागू किया गया है।

    अधिकारियों के अनुसार, भवन और यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की संख्या क्षमता से अधिक होने के कारण किसी भी प्रकार की भगदड़ या अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था। कड़ाके की ठंड और त्रिकुटा पहाड़ियों पर छाई घनी धुंध के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं देखी जा रही है। कटड़ा बेस कैंप से लेकर अर्धकुंवारी और भवन तक भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि भीड़ की स्थिति की समीक्षा करने के बाद ही पंजीकरण प्रक्रिया को दोबारा शुरू किया जाएगा।

    वर्तमान में केवल उन श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है जिनके पास पहले से वैध आरएफआईडी (RFID) कार्ड मौजूद हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट देखने के बाद ही अपनी यात्रा का प्लान बनाएं।

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    महबूबा मुफ्ती उग्रवाद का समर्थन कर रही है और वो उग्रवादियों की मां है जो इतनी बड़ी घटना को कश्मीर की आवाज बता रही है : अनिल विज

    अम्बाला/चंडीगढ़, 17 नवंबर- पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि दिल्ली लाल किले के बाहर कश्मीर की आवाज गूंजी है जिस पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर महबूबा मुफ्ती यह कहती है कि दिल्ली लाल किले पर जो आतंकवादी घटना हुई है जो आतंकवादी मॉडल था, जो वह करने वाले थे, तो महबूबा उग्रवाद का समर्थन कर रही है और पहले भी इन्होंने उग्रवाद का समर्थन किया है। वास्तव में महबूबा मुफ्ती उग्रवादियों की मां है जो इतनी बड़ी घटना को कश्मीर की आवाज बता रही है। महबूबा मुफ्ती के बयान पर भड़कते हुए मंत्री अनिल विज ने कहा कि आतंकी घटना को यह कश्मीर की आवाज बता रही है, तो इसका मतलब क्या कश्मीर की आवाज सुनाने के लिए देश में ये जगह-जगह बम विस्फोट करेंगे।

    उन्होंने कहा महबूबा मुफ्ती पूरी तरह से इस देश की भावना के विरुद्ध बात कर रही है।

    #अनिलविज #महबूबामुफ्ती #कश्मीरकीआवाज #आतंकवादीघटना #उग्रवाद #लालकिला #दिल्ली #भारत #DanikKhabar #India #LatestNews

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    इस बार कचरा मुक्त रही अमरनाथ यात्रा 2025

    आरएस अनेजा, 19 अगस्त नई दिल्ली

    अमरनाथ यात्रा कश्मीर हिमालय में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा तक 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के कठिन सफर में, श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने जम्मू-कश्मीर सरकार के साथ मिलकर, वैज्ञानिक विधि से कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक-मुक्त प्रणालियों पर ज़ोर दिया ताकि लैंडफिल से मुक्त और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा सुनिश्चित की जा सके। स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 के उद्देश्यों के अनुरूप, तीर्थयात्रियों के लिए स्वच्छ, स्वास्थ्यकर और प्लास्टिक-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए कई व्यापक पहलों को लागू किया गया।

    जम्मू-कश्मीर आवास एवं शहरी विकास विभाग के अनुसार, यह पहल एक सुनियोजित कार्ययोजना द्वारा संचालित थी और स्वच्छता अधिकारियों, ट्यूलिप प्रशिक्षुओं और आवास केंद्रों, लंगर स्थलों और यात्रा शिविरों में तैनात स्वयंसेवकों के बीच निर्बाध समन्वय के माध्यम से क्रियान्वित की गई। इन कर्मियों ने कचरे के पृथक्करण को बढ़ावा दिया, एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक के उपयोग को नियंत्रित किया और स्वच्छता एवं सफाई के बारे में जागरूकता फैलाई। क्यूआर-कोड वाले शौचालयों के माध्यम से स्वच्छता सुविधाओं पर तत्क्षण में प्रतिक्रिया प्राप्त की गई, वहीं दूसरी ओर सशक्त अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों और व्यापक जागरूकता अभियानों ने तीर्थयात्रियों को स्वच्छता बनाए रखने और कचरे का जिम्मेदारी से निपटान करने के लिए प्रोत्साहित किया।

    अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के अनुसार, यात्रा के दौरान प्रतिदिन लगभग 11.67 मीट्रिक टन कचरा उत्पन्न होता है, जिसमें 3.67 मीट्रिक टन सूखा कचरा और 7.83 मीट्रिक टन गीला कचरा शामिल है, जिसका शत-प्रतिशत प्रसंस्करण किया जाता है। खाद बनाने और रिसाइकलिंग के साथ, जम्मू के लंगरों और आवास केंद्रों से गीले कचरे को 3 जैविक अपशिष्ट खाद बनाने वालों में संसाधित किया जाता है, प्रत्येक की क्षमता 1 टन है। सूखा कचरा पास के एमआरएफ में पहुंच जाता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कुछ भी बिना छांटे या बिना उपचारित हुए लैंडफिल में न जाए। यात्रा के दौरान, कचरे को निर्दिष्ट कूड़ेदानों की एक सुव्यवस्थित प्रणाली के माध्यम से एकत्र किया जाता है।

    इसमें यात्रा मार्ग पर सूखे  कचरे के लिए नीला और गीले कचरे के लिए हरा कूड़ेदान सहित स्थापित किए गए 1,016 दोहरे कूड़ेदान स्टेशन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सैनिटरी कचरे के संग्रह के लिए महिला शौचालयों के पास अलग-अलग डिब्बे रखे गए। यात्रा मार्ग पर चौबीसों घंटे स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए, विभिन्न रणनीतिक स्थानों पर लगभग 1,300 सफाई मित्र तैनात किए गए थे। इससे यह सुनिश्चित हुआ कि पवित्र तीर्थयात्रा पर जाने वाले बड़ी संख्या में यात्रियों की सहायता के लिए सभी आवश्यक स्वच्छता प्रोटोकॉल लागू रहे।

    एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक (एसयूपी) की रोकथाम के लिए एक साहसिक कदम उठाते हुए, लंगरों में इसे पूरी तरह से खत्म कर दिया। 30 से अधिक कियोस्क के जरिए 15,000 से ज्यादा जूट और कपड़े के थैले बांटे गए, जिससे यात्रियों से टिकाऊ विकल्पों को अपनाने का आग्रह किया गया।

    प्लास्टिक लाओ, ठेला ले जाओ और बिन इट, विन इट जैसे इंटरैक्टिव कार्यक्रमों ने जागरूकता सत्रों को मनोरंजन में बदल दिया, जिससे कचरे को अलग करना और कपड़े के थैलों को अपनाना एक सामूहिक जिम्मेदारी बन गया। एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक के विरुद्ध संदेश एक व्यापक आईईसी अभियान के जरिए पहुंचाया गया, जिसमें रणनीतिक संकेत, नुक्कड़ नाटक और सोशल मीडिया पर व्यापक प्रचार शामिल थे।


    #amarnathyatra #mohua

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    मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ से कश्मीर के लाल चौक तक जाने वाली ‘तिरंगा यात्रा‘ को दिखाई हरी झंडी

    चंडीगढ़, 12 अगस्त (अभी) - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने संत कबीर कुटीर, चंडीगढ़ से ‘तिरंगा यात्रा’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो पंजाब से होते हुए कश्मीर के ऐतिहासिक लाल चौक तक जाएगी। मीडिया छात्र संघ द्वारा आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य देश भर में एकता के संदेश को बढ़ावा देना, राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान को बढ़ाना और भाईचारे के बंधन को मज़बूत करना है। यह यात्रा 18 अगस्त को समाप्त होगी।

     

    मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर बोलते हुए एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों, विशेषकर यात्रा में भाग लेने वाली 100 से अधिक छात्राओं को बधाई दी। इस पूरी यात्रा का नेतृत्व और प्रबंधन छात्राओं द्वारा किया जा रहा है। जब हमारी बेटियाँ किसी भी अभियान का नेतृत्व करती हैं, तो उसमें संवेदनशीलता, दृढ़ संकल्प कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने कहा यह यात्रा न केवल हरियाणा की बेटियों के साहस  को दर्शाती है, बल्कि पूरे देश की महिलाओं की शक्ति का भी प्रतिनिधित्व करती है।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा पिछले 11 वर्षों में महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में किया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत की अपनी संप्रभुता की रक्षा के संकल्प का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भारत की दो बेटियों विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी ने आगे बढ़कर नेतृत्व किया और साहस और गर्व के साथ देश को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में जानकारी दी।

     

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का यह दृढ़ संकल्प है कि जो कोई भी भारत को नुकसान पहुंचाने की हिमाकत करेगा, उसे हमारे बहादुर सैनिकों द्वारा उचित जवाब दिया जाएगा। आज का भारत एक ‘नया भारत’ है जो मजबूत, आत्मनिर्भर और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है।

     

    श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि तिरंगा हमारे दिलों में है, हमारे कार्यों में है और यह हमारा गौरव है। यह हमारे पूर्वजों के त्याग और देशभक्ति की अमूल्य विरासत है। उन्होंने कहा कि तीन दिन बाद राष्ट्र 15 अगस्त को बड़े उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ अपना स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। उन्होंने सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।

     

    मुख्यमंत्री ने इस दौरान ‘भारत माता’ के चित्र पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। कार्यक्रम में ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ और ‘जय हिंद’ के देशभक्तिपूर्ण नारे गूंज उठे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भारत भूषण भारती, मीडिया छात्र संघ के सदस्य तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

     

    #india #haryana #tirangayatra #kashmir #lalchownk #danikkhabar #news

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    कश्मीर घाटी में रेल लाइन के रख-रखाव में आधुनिक मशीनों का हो रहा इस्तेमाल

    आरएस अनेजा, 28 जुलाई नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जून माह में चिनाब और अंजी पुलों के साथ उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लिंक परियोजना का उद्घाटन किया। यह कश्मीर घाटी और जम्मू के बीच संपर्क स्थापित करने में एक ऐतिहासिक औ प्रमुख उपलब्धि है।

    कटरा और श्रीनगर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस रेलगाड़ी इस मार्ग पर परिवहन का एक महत्वपूर्ण साधन बन गई है। नई रेलगाड़ी सेवाओं के अलावा, इस लाइन के शुरू होने से कश्मीर घाटी में रेल पटरियों के रख-रखाव की क्षमता में बुनियादी बदलाव आया है। रेलवे लिंक ने कश्मीर घाटी में रेल लाइन के रखरखाव वाली मशीनों की आवाजाही को सक्षम बनाया है।

    पहले रेल लाइनों का मानवीय रखरखाव के विपरीत, अब रखरखाव आधुनिक मशीनों से किया जा रहा है। इससे रेल लाइन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। ट्रैक मशीनों की तैनाती में वृद्धि: कश्मीर घाटी में रेलवे लाइनों की रखरखाव गतिविधियों को मजबूत करने के लिए, मशीनों की तैनाती को निम्नानुसार बढ़ाया गया है। जून 2025 की शुरुआत से एक टैम्पिंग मशीन तैनात की गई है। यह मशीन रेल पटरियों के उचित प्रकार से एक सीध में रखने और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए पटरियों के नीचे पत्थर के टुकड़े भरती है। इसने अब तक घाटी में लगभग 88 किलोमीटर रेलवे पटरियों के नीचे पत्थर के टुकड़े भरे हैं। इससे गिट्टी की गद्दी में सुधार हुआ है और इससे रेल यात्रा सुगम होगी।

    #railway #ministryofrailway #jammukashmir #kashmir

  • बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए 2025 की यात्रा शुरू

    अनिल विज अंबाला छावनी 03 जुलाई 2025

    कुछ मास पहले बालटाल में आतंकी घटना के बावजूद आस्था की डोर थामे, मन में उमंग लिए, ये भक्त अपने आराध्य की भक्ति में डूबे भक्तों ने बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए यात्रा शुरू की ।

    बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहला जत्था रवाना!

    बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ यात्रा का औपचारिक रूप से 3 जुलाई 2025 को शुभारंभ हो गया है। बुधवार, 2 जुलाई को ही जम्मू से श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना हो गया था, जिसे जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भगवती नगर स्थित बेस कैंप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    यह पवित्र यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त (रक्षाबंधन) तक कुल 38 दिनों तक चलेगी।

    श्रद्धालु पहलगाम और बालटाल – दोनों मार्गों से यात्रा कर सकेंगे। पहला जत्था भी इन्हीं दोनों प्रमुख मार्गों से पवित्र गुफा की ओर बढ़ा है।

    हाल ही में हुए आतंकी हमलों के मद्देनजर यात्रा के लिए कड़ी सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाएं और हाईटेक निगरानी की व्यवस्था की गई है। जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा बल तैनात हैं, और सीसीटीवी व ड्रोन से यात्रा मार्ग पर निगरानी रखी जा रही है।

    बाबा बर्फानी के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। 'हर हर महादेव' और 'बम बम भोले' के जयघोष के साथ यात्री अपनी खुशी और श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं।

    इस वर्ष अब तक लगभग 3.5 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। ऑनलाइन पंजीकरण के अलावा, जम्मू में ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी शुरू की गई है।

    यह यात्रा न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। प्रशासन ने यात्रियों से नियमों का पालन करने और पंजीकरण के बिना यात्रा न करने की अपील की है।

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    सीआईएसएफ कश्मीर घाटी में भारतीय सेना की विशेष यूनिट्स के साथ बड़े पैमाने पर कर रहा प्रशिक्षण

    चंडीगढ़, 23 जुलाई (अभी) - केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने उभरती सुरक्षा चुनौतियों के बीच अपनी तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय सेना के साथ गहन संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास शुरू किया है। यह बल को असामान्य और आधुनिक खतरों के खिलाफ "युद्ध के लिए तैयार" बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

     

    इस संबंध में पंजाब एंड हरियाणा सिविल सेक्रेटेरिएट के यूनिट कमांडर श्री ललित पवार ने जानकारी देते हुए बताया कि सीआईएसएफ की युद्ध-दृढ़ता का अर्थ है अपने कर्मियों को हवाई अड्डों, परमाणु संयंत्र, सरकारी इमारतें और संसद जैसे उच्च-मूल्य और उच्च-जोखिम वाले प्रतिष्ठानों पर संकटों का त्वरित और प्रभावी ढंग से जवाब देने के लिए तैयार करना है। इसमें ड्रोन हमला, आतंकी हमला, अंदरूनी ख़तरे और तोड़फोड़ जैसी घटनाओं से निपटने के लिए सटीकता और शांति के साथ संभालने पर ज़ोर दिया जा रहा है।

     

    कश्मीर घाटी में सेना के साथ विशेष प्रशिक्षण

     

    श्री ललित पवार ने बताया कि पहली बार, सीआईएसएफ कश्मीर घाटी में भारतीय सेना की विशिष्ट संरचनाओं में पूर्ण पैमाने पर प्रशिक्षण बैच आयोजित कर रहा है। पहले, इस तरह के अभ्यासों के लिए केवल सीमित संख्या में सीआईएसएफ जवानों को सेना में प्रशिक्षण का अवसर मिलता था। अब, सीआईएसएफ और सेना के बीच बेहतर तालमेल और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए बड़ी संख्या में जवानों को यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में रात में ऑपरेशन, जंगल युद्ध, नजदीकी मुकाबला और सहनशक्ति बढ़ाने के अभ्यास शामिल हैं।

     

    उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण सीआईएसएफ के शहरी सुरक्षा अनुभव को और मजबूत करते हुए जवानों को जटिल इलाकों और उच्च खतरे वाले क्षेत्रों में भी काम करने के लिए तैयार करेगी। इसका लक्ष्य कर्मियों को शहरी और ग्रामीण दोनों ही परिवेशों में सशस्त्र घुसपैठ, तोड़फोड़ और बहुआयामी आतंकवादी हमलों जैसी आकस्मिकताओं से पेशेवर रूप से निपटने के लिए सुसज्जित करना है।

     

    उन्होंने आगे बताया कि इस कठिन प्रशिक्षण के लिए केवल सीआईएसएफ की क्विक रिएक्शन टीम के जवानों को चुना गया है, जो सभी 369 इकाइयों में आपात स्थितियों में सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाले होते हैं। केवल 35 वर्ष से कम आयु के और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) मानकों के अनुरूप युद्ध शारीरिक दक्षता परीक्षा (बीपीईटी) उत्तीर्ण करने वाले ही इसके लिए पात्र थे। उन्होंने बताया कि उल्लेखनीय है कि इन क्यूआरटी सदस्यों ने सेना प्रशिक्षण में शामिल होने से पहले ही छह महीने का कठोर आंतरिक सीआईएसएफ प्रशिक्षण पूरा कर लिया है।

     

    उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ इस प्रकार के उन्नत युद्ध प्रशिक्षण को और अधिक इकाइयों तक विस्तारित करने की योजना बना रहा है, जिसकी शुरुआत सबसे संवेदनशील और उच्च जोखिम वाले स्थानों से होगी। इसका उद्देश्य सभी सीआईएसएफ कर्मियों को शारीरिक, मानसिक और रणनीतिक रूप से सक्षम बनाना है ताकि वे किसी भी नए खतरे का डटकर सामना कर सके और देश के महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा हमेशा सुनिश्चित कर सकें।

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