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    अमरनाथ यात्रा: 5 दिनों में 85 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन; आज 1 लाख पार हो सकता है आंकड़ा, छठा जत्था भी पहुंचा कश्मीर

    जम्मू/श्रीनगर, 07 जुलाई, (अन्‍नू): वार्षिक अमरनाथ यात्रा में तीर्थयात्रियों का उत्साह चरम पर है और हर दिन भारी भीड़ देखी जा रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यात्रा के पांचवें दिन 28,818 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा मंदिर में बाबा बर्फानी के दर्शन किए। इसी के साथ, 3 जुलाई से शुरू हुई इस यात्रा में अब तक दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की कुल संख्या 85,779 पहुंच गई है।

    श्रद्धालुओं का आंकड़ा 1 लाख पार होने की उम्मीद

    तीर्थयात्रियों के लगातार आने से उम्मीद जताई जा रही है कि आज श्रद्धालुओं की कुल संख्या एक लाख का आंकड़ा पार कर जाएगी। इस बीच, कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच मंगलवार तड़के जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से रवाना हुआ छठा जत्था पूरी तरह सुरक्षित कश्मीर पहुंच गया है।

    267 वाहनों के काफिले में रवाना हुए यात्री

    अधिकारियों ने बताया कि बालटाल जाने वाला काफिला सुबह 3:10 बजे रवाना हुआ, जबकि पहलगाम जाने वाला काफिला सुबह 3:50 बजे पुलिस, सीआरपीएफ (CRPF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी में निकला। इस पूरे काफिले में कुल 267 वाहन शामिल थे, जिनमें 126 बसें, 32 मीडियम मोटर वाहन (MMV), 104 लाइट मोटर वाहन (LMV) और पांच दोपहिया वाहन शामिल थे।

    सुरक्षा, चिकित्सा और लॉजिस्टिक्स के कड़े इंतजाम

    प्रशासन ने यात्रा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए बालटाल और पहलगाम, दोनों मार्गों पर व्यापक सुरक्षा, चिकित्सा और लॉजिस्टिकल इंतजाम किए हैं। इनमें चौबीसों घंटे सीसीटीवी निगरानी, ट्रैफिक कंट्रोल, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं और सुरक्षा कर्मियों की भारी तैनाती शामिल है। अधिकारियों के मुताबिक, अच्छे मौसम और कड़े सुरक्षा इंतजामों के चलते यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है। इस बार देश के साथ-साथ कई विदेशी नागरिकों ने भी पवित्र गुफा के दर्शन किए हैं।

    57 दिनों तक चलेगी पवित्र यात्रा

    गौरतलब है कि 57 दिनों तक चलने वाली इस पवित्र अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 3 जुलाई को गांदरबल के बालटाल कैंप और अनंतनाग के पहलगाम स्थित नुनवान बेस कैंप, दोनों जगहों से एक साथ हुई थी। प्रशासन का कहना है कि पूरी यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी उपाय लगातार किए जा रहे हैं।

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    NIA का बड़ा एक्शन: पहलगाम आतंकी हमले में हाफिज सईद के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल; भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश का आरोप

    नई दिल्ली/जम्मू, 07 जुलाई, (अन्‍नू): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। NIA द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, आतंकवाद निरोधी एजेंसी ने सोमवार को पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के सरगना व संस्थापक हाफिज सईद के खिलाफ जम्मू की विशेष एनआईए अदालत में सप्लीमेंट्री चार्जशीट (पूरक आरोप पत्र) दाखिल कर दी है।

    देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से साजिश रचने की धाराएं शामिल

    NIA की प्रेस रिलीज के मुताबिक, हाफिज सईद को उसकी व्यक्तिगत क्षमता और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा व उसके प्रॉक्सी संगठन TRF के प्रमुख के रूप में नामजद किया गया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। चार्जशीट में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से आतंकी साजिश रचने के लिए विशेष दंडात्मक धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

    वैज्ञानिक और ऑन-ग्राउंड जांच से जुटाए पुख्ता सबूत

    यह पूरक आरोप पत्र पहले दाखिल की जा चुकी 1,597 पन्नों की मूल चार्जशीट के सिलसिले में ही पेश किया गया है। इसमें पाकिस्तान की गहरी साजिश, हाफिज सईद की मुख्य भूमिका और एनआईए द्वारा की गई सटीक वैज्ञानिक व ऑन-ग्राउंड जांच के जरिए जुटाए गए सभी पुख्ता और समर्थक सबूत शामिल हैं। इससे पहले 15 दिसंबर 2025 को दाखिल की गई चार्जशीट में पाकिस्तानी हैंडलर साजिद जाट, 'ऑपरेशन महादेव' में मारे गए तीन आतंकियों और दो गिरफ्तार आरोपियों को नामजद किया गया था।

    पहलगाम में हुआ था 26 लोगों का टारगेटेड कत्लेआम

    गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों ने धर्म के आधार पर टारगेटेड किलिंग को अंजाम दिया था। इस कायरतापूर्ण हमले में 25 निर्दोष पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक (कुल 26 लोगों) की जान चली गई थी। इस मामले में शुरुआती एफआईआर (नंबर 25/2025) अनंतनाग जिले के पहलगाम पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी, जिसे बाद में गृह मंत्रालय के आदेश पर गहन जांच के लिए एनआईए को ट्रांसफर कर दिया गया था। एनआईए सीमा पार से रची जा रही इस पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए लगातार जांच में जुटी है।

    #NIAAction #HafizSaeed #PahalgamTerrorAttack #LeT #TRF #SupplementaryChargesheet #UAPA #KashmirTerrorism #BreakingNews #DanikKhabar

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    पुंछ: लोरन में महिला पर जंगली भालू का हमला; गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर

    पुंछ, 07 जुलाई, (अन्‍नू): जिले की मंडी तहसील के लोरन ब्लाक में एक जंगली भालू ने खेत में काम कर रही महिला पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल महिला की पहचान ज़रीना अख्तर (42 वर्ष, पत्नी अब्दुल कबीर) निवासी डारगाम, लोरन के रूप में हुई है।

    जानकारी के अनुसार, ज़रीना अख्तर इन दिनों अपने परिवार और मवेशियों के साथ शाकी भारा डोक में रह रही थी। दोपहर के समय जब वह खेत में पानी डाल रही थी, तभी अचानक एक जंगली भालू ने उन पर हमला कर दिया। महिला के शोर मचाने पर आस-पास के लोग मौके पर जुटे और डंडों व पत्थरों की मदद से भालू को खदेड़ा।

    इसके बाद ग्रामीणों ने घायल महिला को कंधों पर उठाया और करीब 3 घंटे का पैदल रास्ता तय कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोरन पहुंचाया। जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल, पुंछ रेफर कर दिया, जहाँ फिलहाल उनका उपचार जारी है।

    #PoonchNews #BearAttack #WildlifeAlert #LoranBlock #MandiTehsil #JammuKashmir #HospitalUpdate #BreakingNews #DanikKhabar

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    शोपियां में रात 8 बजे के बाद पटाखे चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध: जिला प्रशासन ने शांति और सुरक्षा के मद्देनजर 2 महीने के लिए लागू की रोक

    जे कुमार शोपियां (जम्मू-कश्मीर), 7 जुलाई 2026: जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिला प्रशासन ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक शांति और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, पूरे शोपियां जिले में रात 20:00 बजे (रात 8 बजे) से लेकर सुबह 6:00 बजे तक हर प्रकार के पटाखे और आतिशबाजी चलाने पर आगामी दो महीनों के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

    प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय सीमांत और संवेदनशील इलाकों में रात के समय होने वाले तेज धमाकों से पैदा होने वाले भ्रम और सुरक्षा जोखिमों को रोकने के लिए लिया गया है। कई बार रात के समय पटाखों की आवाज से स्थानीय नागरिकों में भय का माहौल बन जाता है और सुरक्षा बलों को भी आतंकवाद विरोधी अभियानों या सामान्य गश्त के दौरान भ्रामक स्थितियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, रात के समय आतिशबाजी से होने वाले ध्वनि और वायु प्रदूषण से बीमार बुजुर्गों, बच्चों और आम जनता को मिलने वाली असुविधा को भी इस रोक का मुख्य आधार बनाया गया है।

    जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह प्रतिबंध अगले दो माह तक जिले के सभी नागरिक और ग्रामीण क्षेत्रों में कड़ाई से लागू रहेगा। यदि कोई भी व्यक्ति, दुकानदार या विवाह-समारोह के आयोजक इस आदेश का उल्लंघन करते हुए रात 8 बजे के बाद आतिशबाजी करते पाए गए, तो उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय पुलिस प्रशासन को इस आदेश का सख्ती से पालन कराने और संवेदनशील चौकियों पर रात के समय विशेष निगरानी रखने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

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    बिना रजिस्ट्रेशन वाले अमरनाथ यात्री इंतजार करें, सुप्रीम कोर्ट ने तय की है संख्या: उपराज्यपाल

    जे कुमार श्रीनगर, 6 जुलाई 2026: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी तय पंजीकरण तिथि के अनुसार ही यात्रा पर आएं। उपराज्यपाल ने स्पष्ट किया कि पवित्र अमरनाथ गुफा की ओर जाने वाले मार्गों पर प्रतिदिन यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत तय की गई है। इस तय सीमा को किसी भी हाल में बढ़ाया नहीं जा सकता है, इसलिए सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

    उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद उपराज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ रही है। इस दौरान बड़ी संख्या में ऐसे यात्री भी पहुंच रहे हैं जिनके पास वैध रजिस्ट्रेशन नहीं है या वे अपनी अलॉटेड तारीख से पहले आ गए हैं, जिससे बेस कैंपों पर अनावश्यक दबाव और लंबा वेटिंग टाइम बढ़ रहा है। प्रशासन ने बिना रजिस्ट्रेशन वाले यात्रियों को फिलहाल चेक पोस्ट पर रोकने और स्थिति अनुकूल होने पर ही आगे बढ़ने देने का निर्णय लिया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि बिना कन्फर्म रजिस्ट्रेशन के यात्रा शुरू न करें ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

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    जम्मू-कश्मीर का ऐतिहासिक कदम: यूएई पहुंचे शोपियन और पुलवामा के प्रीमियम चेरी और प्लम, किसानों को मिला 120% तक अधिक मुनाफा!

    आरएस अनेजा, 5 जुलाई नई दिल्ली - वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) ने जम्मू एवं कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अबू धाबी और दुबई के लिए प्रीमियम अरेको चेरी (उच्च घनत्व वाली यूरोपीय मीठी चेरी) और सेंट्रोज प्लम की पहली निर्यात खेप के आभासी शुभारंभ की सुविधा प्रदान की।

    शोपियन और पुलवामा जिलों के किसानों से प्राप्त एक मीट्रिक टन प्रीमियम स्टोन फ्रूट्स की निर्यात खेप, जम्मू और कश्मीर के उच्च मूल्य वाले बागवानी उत्पादों की बढ़ती निर्यात क्षमता और प्रीमियम भारतीय फलों की बढ़ती वैश्विक मांग को उजागर करती है।

    वर्चुअल फ्लैग-ऑफ समारोह का नेतृत्व एपीईडीए के अध्यक्ष अभिषेक देव ने किया। कार्यक्रम में एपीईडीए के अधिकारी, जम्मू-कश्मीर सरकार के बागवानी विभाग के अधिकारी, निर्यातक, अंतरराष्ट्रीय खरीदार और बागवानी क्षेत्र के अन्य हितधारक शामिल हुए। इस कार्यक्रम में क्षेत्र से उच्च गुणवत्ता वाले बागवानी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में सभी हितधारकों के सहयोगात्मक प्रयासों को प्रदर्शित किया गया।

    इस उपलब्धि पर किसानों और निर्यातकों को बधाई देते हुए एपीईडीए के अध्यक्ष अभिषेक देव ने कहा, "जम्मू और कश्मीर उत्कृष्ट बागवानी उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा है, जिसमें निर्यात की अपार संभावनाएं हैं। एपीईडीए निर्यात प्रोत्साहन पहलों, गुणवत्ता सुधार और वैश्विक खरीदारों तक पहुंच के माध्यम से किसानों के लिए बाजार तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यूएई को अरेको चेरी और सेंट्रोज़ बेर का निर्यात भारत के उत्कृष्ट फलों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग को दर्शाता है और उत्पादकों के लिए नए अवसर पैदा करेगा, साथ ही बेहतर मूल्य प्राप्ति के माध्यम से उनकी आय में वृद्धि में योगदान देगा।"

    निर्यात पहल से किसानों को महत्वपूर्ण लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इससे उन्हें प्रीमियम अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच मिलेगी और बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। निर्यात आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े उत्पादकों को चेरी पर घरेलू बाजार की मौजूदा कीमतों की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत और बेर पर 120 प्रतिशत अधिक लाभ प्राप्त हुआ, जो निर्यात आधारित बाजार पहुंच के माध्यम से प्राप्त महत्वपूर्ण मूल्यवर्धन को दर्शाता है।

    इस सफल शिपमेंट से शोपियन और पुलवामा के उत्पादकों के लिए निर्यात के नए अवसर पैदा होने, निर्यात-उन्मुख उत्पादन पद्धतियों को व्यापक रूप से अपनाने को प्रोत्साहन मिलने और जम्मू-कश्मीर के प्रीमियम स्टोन फ्रूट्स की वैश्विक उपस्थिति को और मजबूत करने की उम्मीद है।

    एपीईडीए बाजार संपर्क पहलों, गुणवत्ता आश्वासन सहायता, खरीदार संपर्क कार्यक्रमों और निर्यात सुगमीकरण उपायों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना जारी रखे हुए है। यूएई को अरेको चेरी और सेंट्रोज़ बेर का निर्यात भारत के ताजे फलों के निर्यात को बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि करने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में देश की उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

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    बम-बम भोले के जयघोष से गूंजा आसमान: 4,822 शिव भक्तों का पहला जत्था जम्मू से अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना

    जे कुमार जम्मू, 3 जुलाई 2026: 'बम-बम भोले', 'हर-हर महादेव' और 'जय बर्फानी बाबा' के गगनभेदी जयघोष के बीच वार्षिक श्री अमरनाथ जी यात्रा का औपचारिक शिलान्यास हो गया है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार तड़के करीब 5 बजे जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास बेस कैंप से 4,822 तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर पवित्र गुफा के लिए रवाना किया। 57 दिनों तक चलने वाली यह पवित्र तीर्थयात्रा आज से दोनों मुख्य मार्गों पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दी गई है, जो रक्षाबंधन के दिन 28 अगस्त को संपन्न होगी।

    प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, पवित्र गुफा की ओर बढ़ने वाले इस पहले जत्थे में 3,707 पुरुष, 816 महिलाएं, 16 बच्चे, 246 साधु और 37 साध्वियां शामिल हैं। भक्तों का यह विशाल काफिला कुल 259 हल्के और भारी वाहनों में सवार होकर कश्मीर घाटी के जुड़वां बेस कैंपों के लिए रवाना हुआ। यात्रा को सुचारू रूप से चलाने के लिए श्रद्धालुओं को दो अलग-अलग मार्गों में विभाजित किया गया है, जिसके तहत पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग के लिए 112 वाहनों में 2,510 तीर्थयात्री और छोटे व सीधे 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग के लिए 147 वाहनों में 2,312 श्रद्धालु रवाना हुए हैं।

    सुरक्षा के मोर्चे पर इस बार प्रशासन ने अभूतपूर्व और कड़े इंतजाम किए हैं। जम्मू-स्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा बलों की पैनी नजर है और पूरे काफिले को अत्याधुनिक हथियारों से लैस केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के बख्तरबंद वाहनों की सुरक्षा में ले जाया जा रहा है। इसके साथ ही पूरी यात्रा पर निगरानी रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कैमरों, ड्रोन, हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी और 'प्रोजेक्ट हॉक आई' के तहत हवाई निगरानी तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। कश्मीर घाटी के प्रवेश द्वार काजीगुंड स्थित नवयुग टनल पर स्थानीय प्रशासन, पुलिस अधिकारियों और नागरिकों ने फूलों की पंखुड़ियों और मालाओं के साथ पहले जत्थे का पारंपरिक और भव्य स्वागत किया।

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    अमरनाथ यात्रा से पहले बालटाल पहुंचे उपराज्यपाल मनोज सिन्हा: तैयारियों का लिया जायजा

    जे कुमार श्रीनगर, 29 जून 2026: पवित्र अमरनाथ यात्रा के आधिकारिक शुभारंभ से पहले जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा ने आज गांदरबल जिले के बालटाल आधार शिविर (Base Camp) का तूफानी दौरा किया। आगामी 2 जुलाई से शुरू होने जा रही इस वार्षिक तीर्थयात्रा के मद्देनजर उपराज्यपाल ने बालटाल रूट पर सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता और श्रद्धालुओं के ठहरने के प्रबंधों की बारीकी से समीक्षा की।

    सुरक्षा और बुनियादी ढांचे का जमीनी निरीक्षण

    उपराज्यपाल ने बालटाल में स्थापित विभिन्न शिविरों, टेंट सिटी, लंगर स्थलों और लखनपुर से लेकर पवित्र गुफा तक के मार्ग की तैयारियों का जायजा लिया |

    अभेद्य सुरक्षा चक्र: एलजी ने सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की और निर्देश दिए कि संवेदनशील रास्तों पर सुरक्षा के त्रिस्तरीय (Three-Tier) पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। ड्रोन रोधी प्रणाली (Anti-Drone System) और सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड की निरंतर निगरानी की जाए।

    हेल्थ और रिलीफ कैंप: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी से निपटने के लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को बालटाल मार्ग पर पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर, विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती और आपातकालीन दवाएं चौबीस घंटे उपलब्ध रखने के आदेश दिए।

    श्रद्धालुओं की सुविधा हमारी पहली प्राथमिकता: एलजी

    निरीक्षण के बाद मीडिया से बात करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि प्रशासन देश-विदेश से आने वाले बाबा बर्फानी के भक्तों का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    एलजी मनोज सिन्हा का कड़ा निर्देश: "अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगमता और गरिमा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौसम की किसी भी अनपेक्षित चुनौती या भूस्खलन जैसी स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और सेना की आपदा प्रबंधन टीमें पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहें। टेंटों और लंगरों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी पंजीकृत यात्रियों के पास अनिवार्य रूप से सक्रिय आरएफआईडी (RFID) टैग उपलब्ध हों।"

    इस मौके पर श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) और प्रशासन के तमाम आला अधिकारी भी मौजूद रहे।

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    बाबा बर्फानी के जयकारों से गूंजेगा देश: 2 जुलाई को रवाना होगा अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था, सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम

    जे कुमार जम्मू/नई दिल्ली, 27 जून 2026: पवित्र अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन की प्रतीक्षा कर रहे लाखों श्रद्धालुओं का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। इस वर्ष की वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का पहला आधिकारिक जत्था 2 जुलाई 2026 को जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर (Base Camp) से कश्मीर के लिए रवाना होगा। प्रशासन और श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) ने यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सफल बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

    चप्पे-चप्पे पर पहरा: सुरक्षा के थ्री-टियर पुख्ता इंतजाम

    मौजूदा सुरक्षा स्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इस बार सुरक्षा के अभेद्य और अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं:

    • थ्री-टियर सुरक्षा चक्र: यात्रा मार्ग, आधार शिविरों और पवित्र गुफा के आसपास त्रिस्तरीय (Three-Tier) सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। इसमें भारतीय सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), बीएसएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के हजारों जवानों को तैनात किया गया है।

    • हाई-टेक निगरानी: पूरे रूट और संवेदनशील संकरे रास्तों पर नजर रखने के लिए पहली बार आधुनिक 'एंटी-ड्रोन सिस्टम' (Anti-Drone System), सीसीटीवी (CCTV) कैमरे और स्निफर डॉग्स की मदद ली जा रही है। बालटाल और पहलगाम दोनों रास्तों पर सुरक्षा बलों ने कड़े सुरक्षा घेरे में मॉक ड्रिल भी पूरी कर ली है।

    RFID टैग अनिवार्य, स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान

    इस बार भी सुरक्षा और ट्रैकिंग के लिहाज से सभी पंजीकृत श्रद्धालुओं के लिए RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) टैग अनिवार्य किया गया है, ताकि हर यात्री की पल-पल की लोकेशन ट्रैक की जा सके।

    सुविधाएं और स्वास्थ्य: ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी से निपटने के लिए यात्रा मार्ग पर जगह-जगह अत्याधुनिक चिकित्सा केंद्र (Medical Camps) स्थापित किए गए हैं, जहाँ ऑक्सीजन सिलेंडर और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम 24 घंटे तैनात रहेगी। इसके अलावा लंगर कमेटियों ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। उपराज्यपाल प्रशासन ने दांव किया है कि खराब मौसम की स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन (NDRF/SDRF) की टीमों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।

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    अमरनाथ यात्रा 2026: सुरक्षा होगी 'हाई-टेक', जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लॉन्च किया QR कोड आधारित ‘पहचान ऐप’

    जे कुमार श्रीनगर/जम्मू, 10 जून 2026: आगामी 3 जुलाई से शुरू होने जा रही ऐतिहासिक श्री अमरनाथ जी यात्रा-2026 को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तकनीक का सहारा लेते हुए एक बेहद अनूठी और बड़ी पहल की है। अमरनाथ यात्रा के मुख्य पड़ावों (अनंतनाग और गांदरबल जिलों) की पुलिस द्वारा ‘पहचान ऐप’ (Pahchan App) नामक एक अत्याधुनिक QR कोड-आधारित मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च की गई है।

    इतिहास में पहली बार इस ऐप के जरिए यात्रा मार्ग पर मौजूद सभी स्थानीय सेवा प्रदाताओं (Service Providers) की पूरी 'कुंडली' एक क्लिक पर उपलब्ध होगी।

    QR कोड स्कैन करते ही सामने आ जाएगी सेवादारों की 'पहचान'

    अनंतनाग के एसएसपी आमोद अशोक नागपुरे और गांदरबल पुलिस के अनुसार, इस ऐप को विशेष रूप से उन लोगों को ट्रैक और रेगुलेट करने के लिए बनाया गया है जो यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को अपनी सेवाएं देते हैं।

    • कौन-कौन होंगे कवर: यात्रा मार्ग, सोनमर्ग, पहलगाम और मुख्य ट्रैक पर सेवा देने वाले सभी टट्टू (घोड़े) वाले, पिट्ठू (कुली), पालकी वाले, स्थानीय दुकानदार, गाइड और टैक्सी ड्राइवर इस ऐप के दायरे में आएंगे।

    • मिलेगी डिजिटल आईडी: पुलिस वेरिफिकेशन और अनिवार्य रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक सेवा प्रदाता को एक विशेष और यूनीक QR कोड आधारित डिजिटल पहचान पत्र जारी किया जाएगा।

    • यात्री खुद कर सकेंगे ऑन-स्पॉट वेरिफिकेशन: यात्रा पर आने वाला कोई भी श्रद्धालु, पर्यटक या सुरक्षाकर्मी अपने साधारण स्मार्टफोन से सेवा प्रदाता के पास मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन कर सकेगा। स्कैन करते ही उस व्यक्ति का नाम, फोटो, पुलिस वेरिफिकेशन स्टेटस और क्रेडेंशियल स्क्रीन पर आ जाएंगे।

    ऐप लॉन्च करने के मुख्य उद्देश्य

    • अवांछित तत्वों की 'नो एंट्री': इसका प्राथमिक उद्देश्य सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करना है ताकि कोई भी संदिग्ध, असामाजिक या अनवेरीफाइड तत्व सेवादार के भेष में यात्रा ट्रैक या कैंपों में प्रवेश न कर सके।

    • भीड़ और विवादों पर नियंत्रण: व्यवस्थित और डिजिटल रिकॉर्ड होने से यात्रा मार्गों पर ओवरचार्जिंग (तय किराए से अधिक वसूली), धोखाधड़ी, मोलभाव और स्थानीय स्तर पर होने वाले आपसी विवादों पर लगाम लगेगी।

    • पारदर्शिता और भरोसा: इस हाई-टेक कदम से देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का स्थानीय सेवा प्रदाताओं पर भरोसा बढ़ेगा कि वे पूरी तरह सुरक्षित हाथों में हैं।

    3 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगी यात्रा

    गौरतलब है कि इस वर्ष श्री अमरनाथ जी की पवित्र वार्षिक तीर्थयात्रा 3 जुलाई 2026 से आधिकारिक रूप से शुरू होकर आगामी 28 अगस्त 2026 (57 दिन) तक चलेगी। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए अकेले अनंतनाग जिले में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की करीब 140 कंपनियां तैनात की जा रही हैं, जिन्हें इस बार 'पहचान ऐप' के रूप में एक मजबूत डिजिटल सुरक्षा कवच भी मिल गया है।

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    मौसम विज्ञान में महाक्रांति: जम्मू में देश का 7वां क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र शुरू, अब पहाड़ों की हर हलचल पर होगी नज़र

    आरएस अनेजा, 6 जून नई दिल्ली - जम्मू में नए क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि भारत के क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान नेटवर्क के विस्तार के लिए जल्द ही लखनऊ में भी इसी प्रकार का एक केंद्र स्थापित किया जाएगा।

    जम्मू स्थित यह केंद्र देश का सातवां क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र बन गया है और यह जम्मू-कश्मीर, लद्दाख तथा हिमाचल प्रदेश के लिए काम करेगा। इसके साथ ही यह हिमालयी क्षेत्र के लिए विशेष रूप से तैयार की गई मौसम सेवाएं, आपदा चेतावनी और जलवायु सहायता प्रदान करेगा।

    नया केंद्र मैदानी इलाकों से लेकर ऊंचे पर्वतों तक फैले विविध भूभाग वाले क्षेत्र में मौसम की निगरानी, ​​पूर्वानुमान और पूर्व चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करेगा। यह जिला स्तरीय पूर्वानुमान, पर्वतीय मौसम पूर्वानुमान, पर्यटक सलाह, शहर-विशिष्ट मौसम सेवाएं और अचानक बाढ़, बादल फटने, हिमस्खलन, भारी हिमपात, आंधी-तूफान और भूस्खलन की चेतावनी प्रदान करेगा। इन सेवाओं से अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों, किसानों, परिवहन संचालकों, पनबिजली परियोजनाओं, आपदा प्रबंधन एजेंसियों और दुर्गम भूभाग में कार्यरत सुरक्षा बलों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

    पिछले एक दशक में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम विज्ञान संबंधी बुनियादी ढांचे के विस्तार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 2014 में इस क्षेत्र में कोई डॉप्लर मौसम रडार नहीं था, लेकिन अब जम्मू, श्रीनगर, लेह और बनिहाल टॉप पर चार डॉप्लर मौसम रडार कार्यरत हैं। मिशन मौसम के तहत अनंतनाग, राजौरी, बारामूला, किश्तवार और डोडा के लिए पांच अतिरिक्त डॉप्लर मौसम रडार प्रस्तावित किए गए हैं।

    अवलोकन नेटवर्क का भी काफी विस्तार हुआ है। वर्तमान में इस क्षेत्र में 56 वेधशालाएं हैं, जिनमें 15 मैनुअल वेधशालाएं, 25 स्वचालित मौसम स्टेशन (एडब्ल्यूएस) और 16 स्वचालित वर्षामापी (एआरजी) शामिल हैं, जबकि 2014 में 13 एडब्ल्यूएस और 14 एआरजी थी। हाल ही में, करगिल, रामबन जिले के उखराल और माता वैष्णो देवी भवन में एडब्ल्यूएस स्थापित किए गए हैं। चालू वित्त वर्ष में लगभग आठ और एडब्ल्यूएस तथा पांच एआरजी स्थापित किए जाने की उम्मीद है। दैनिक वर्षा निगरानी योजना के अंतर्गत स्टेशनों की संख्या 2014 में 30 से बढ़कर वर्तमान में 85 हो गई है, जिससे वर्षा की निगरानी और पूर्वानुमान क्षमताओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

    डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि आरएमसी जम्मू की स्थापना भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के क्षेत्रीय संचालन का एक महत्वपूर्ण पुनर्गठन है। अब तक, दिल्ली स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान को मौसम और जलवायु सेवाएं प्रदान करता था। जम्मू केंद्र की स्थापना के साथ, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के लिए मौसम सेवाओं का प्रबंधन जम्मू से किया जाएगा, जबकि प्रस्तावित लखनऊ केंद्र उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सेवाएं प्रदान करेगा।

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    पानीपत रिफाइनरी से जम्मू जा रही मालगाड़ी में ओवरलोडिंग: क्षमता से अधिक पेट्रोल भरने के कारण पटरियों पर छलका तेल, टला बड़ा हादसा

    अभिकांत पानीपत, 2 जून 2026 : पानीपत स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) की रिफाइनरी से पेट्रोल लेकर जम्मू के लिए रवाना हुई एक मालगाड़ी (टैंकर ट्रेन) में क्षमता से अधिक ईंधन भरे जाने (ओवरलोडिंग) का एक गंभीर मामला सामने आया है। मालगाड़ी के टैंकों से अत्यधिक मात्रा में पेट्रोल छलक-छलक कर रेलवे पटरियों और आस-पास के ट्रैक पर गिरता चला गया। गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई चिंगारी नहीं उठी, जिससे एक बहुत बड़ा और भयानक हादसा होने से बाल-बाल टल गया।

    जैसे ही इस गंभीर लापरवाही की भनक रेलवे प्रशासन और रिफाइनरी प्रबंधन को लगी, तुरंत हड़कंप मच गया और आनन-फानन में एहतियाती कदम उठाए गए।

    स्टेशन पर तेल छलकते देख अधिकारियों के उड़े होश

    मिली जानकारी के अनुसार, पानीपत रिफाइनरी के मुख्य स्टेशन से मालगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर जम्मू के लिए रवाना किया गया था। ट्रेन ने जैसे ही रफ्तार पकड़ी, टैंकों के ऊपरी हिस्से और वॉल्व से पेट्रोल का रिसाव तेज हो गया और वह पटरियों पर गिरने लगा।

    रेलवे कर्मचारियों ने दी सूचना: रास्ते में पड़ने वाले स्टेशन और केबिन क्रू के कर्मचारियों ने जब मालगाड़ी के डिब्बों से पेट्रोल को लगातार नीचे छलकते और बहते देखा, तो तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम और वरिष्ठ अधिकारियों को दी।

    इंजन को सुरक्षित रोका गया: सूचना मिलते ही सुरक्षा के लिहाज से मालगाड़ी को तुरंत अगले उपयुक्त स्टेशन पर सुरक्षित रूप से रुकवाया गया और प्रभावित हिस्से की घेराबंदी की गई।

    फायर ब्रिगेड और तकनीकी टीमें मौके पर मुस्तैद

    हादसे और आगजनी के खतरे को देखते हुए रेलवे और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला:

    फायर टेंडर तैनात: किसी भी प्रकार की अनहोनी या आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए तुरंत फायर ब्रिगेड (दमकल विभाग) की गाड़ियों को मौके पर तैनात किया गया।

    रिफाइनरी की तकनीकी टीम पहुंची: पानीपत रिफाइनरी से विशेष तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने जांच में पाया कि टैंकों में पेट्रोल का स्तर उनकी निर्धारित क्षमता से काफी ऊपर तक भरा हुआ था, जिसके कारण ट्रेन के चलने और हिलने-डुलने से पेट्रोल छलक रहा था। तकनीकी दल ने तुरंत प्रेशर को नियंत्रित कर लीकेज और ओवरफ्लो को बंद करने की प्रक्रिया शुरू की।

    बड़ी लापरवाही पर बैठ सकती है उच्च स्तरीय जांच

    पेट्रोल जैसे अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ के परिवहन में इस तरह की ओवरलोडिंग को सुरक्षा मानकों का घोर उल्लंघन माना जा रहा है। रेलवे और रिफाइनरी के जानकारों का कहना है कि पटरियों पर पेट्रोल गिरने से जरा सी चिंगारी भी पूरे क्षेत्र को मलबे में तब्दील कर सकती थी।

    इस गंभीर चूक को लेकर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय प्रशासन ने मामले को संज्ञान में ले लिया है। अंदेशा जताया जा रहा है कि इस मामले में लोडिंग सुपरवाइजर और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए एक उच्च स्तरीय संयुक्त जांच कमेटी बैठाई जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो।

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