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    कुरुक्षेत्र में ऑर्गेनिक चमत्कार: किसान के किचन गार्डन में उगाया 3.3 किलो का 'बाहुबली' खीरा

    अभिकान्त, 07 जून कुरुक्षेत्र: धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के गांव अभिमन्युपुर से जैविक खेती (ऑर्गेनिक फार्मिंग) का एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसे देखकर हर कोई दंग है। यहां के एक प्रगतिशील किसान अश्विनी शर्मा के किचन गार्डन में एक 'बाहुबली' खीरा उगा है, जिसे देसी बीज और ऑर्गेनिक खेती का एक अनोखा चमत्कार कहा जा रहा है। आम तौर पर कुछ ग्राम के होने वाले खीरे की तुलना में यह खीरा अपने विशालकाय आकार और वजन के कारण पूरे इलाके में कौतूहल का विषय बन गया है।

    लंबाई 2 फीट से ज्यादा, वजन 3 किलो पार

    इस बाहुबली खीरे की पैमाइश जब की गई, तो इसके आंकड़े चौंकाने वाले थे। इस अनोखे खीरे की कुल लंबाई 2 फीट 2 इंच है, जबकि इसका वजन 3 किलो 300 ग्राम दर्ज किया गया है। इसके साथ ही इस खीरे की मोटाई 1 फीट 1 इंच है। शुद्ध रूप से घरेलू स्तर पर बिना किसी रासायनिक खाद के उगाए गए इस खीरे ने कृषि विशेषज्ञों को भी हैरत में डाल दिया है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ 'बाहुबली'

    किसान अश्विनी शर्मा के घर इस अद्भुत खीरे को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग पहुंच रहे हैं। जैसे ही इस विशालकाय खीरे की तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर सामने आए, यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोग इसे हरियाणा के किसानों की मेहनत और जैविक खेती की ताकत का एक बड़ा उदाहरण मान रहे हैं। यह अनोखा खीरा यह साबित करता है कि अगर पारंपरिक और ऑर्गेनिक तौर-तरीकों से खेती की जाए, तो बिना रसायनों के भी बंपर और चमत्कारी पैदावार ली जा सकती है।

    #HaryanaNews #KurukshetraNews #OrganicFarming #ProgressiveFarmer #BahubaliCucumber #Abhimanyupur2026 #Danikkhabar

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    मलयालम अस्मिता को सम्मान: मोदी कैबिनेट ने दी केरल का नाम ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को हरी झंडी

    आरएस अनेजा, 24 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने आज ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी।

    केंद्रीय कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद, भारत के राष्ट्रपति केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026 नाम का एक बिल, भारत के संविधान के आर्टिकल 3 के प्रोविज़ो के तहत अपनी राय बताने के लिए केरल राज्य विधानसभा को भेजेंगे। केरल राज्य विधानसभा की राय मिलने के बाद, भारत सरकार आगे की कार्रवाई करेगी और ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के लिए केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026 को संसद में पेश करने के लिए राष्ट्रपति की सिफारिश ली जाएगी।

    केरल की लेजिस्लेटिव असेंबली ने 24.06.2024 को “केरल” राज्य का नाम बदलकर “केरलम” करने के लिए एक प्रस्ताव पास किया, जो इस तरह है:

    “हमारे राज्य का नाम मलयालम भाषा में 'केरलम' है। भाषा के आधार पर 1 नवंबर, 1956 को राज्य बनाए गए थे। केरल पिरावी दिवस भी 1 नवंबर को ही है। राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही मलयालम भाषा बोलने वाले लोगों के लिए यूनाइटेड केरल बनाने की ज़ोरदार मांग रही है। लेकिन संविधान के पहले शेड्यूल में हमारे राज्य का नाम 'केरल' दर्ज है। यह असेंबली एकमत से केंद्र सरकार से अपील करती है कि वह संविधान के आर्टिकल 3 के अनुसार नाम को 'केरलम' करने के लिए तुरंत कदम उठाए।”

    इसके बाद, केरल सरकार ने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि वह संविधान के आर्टिकल 3 के अनुसार ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करके संविधान के पहले शेड्यूल में बदलाव करने के लिए ज़रूरी कदम उठाए।

    संविधान के आर्टिकल 3 में मौजूदा राज्यों के नाम बदलने का प्रावधान है। आर्टिकल 3 के अनुसार, संसद कानून बनाकर किसी भी राज्य का नाम बदल सकती है। आर्टिकल 3 के आगे के प्रोविज़ो में कहा गया है कि इस मकसद के लिए कोई भी बिल संसद के किसी भी सदन में प्रेसिडेंट की सिफारिश के बिना पेश नहीं किया जाएगा और जब तक कि बिल में शामिल प्रस्ताव किसी भी राज्य के इलाके, सीमाओं या नाम पर असर न डाले, प्रेसिडेंट ने बिल को उस राज्य की लेजिस्लेचर को रेफरेंस में बताई गई अवधि के अंदर या प्रेसिडेंट द्वारा दी गई अतिरिक्त अवधि के अंदर अपने विचार बताने के लिए भेजा हो और बताई गई या दी गई अवधि खत्म हो गई हो।

    ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के मामले पर भारत सरकार के गृह मंत्रालय में विचार किया गया और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और केंद्रीय सहकारिता मंत्री की मंज़ूरी से, ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के लिए कैबिनेट के लिए ड्राफ़्ट नोट को उनकी टिप्पणियों के लिए कानून और न्याय मंत्रालय के कानूनी मामलों के विभाग और विधायी विभाग को भेजा गया। कानून और न्याय मंत्रालय के कानूनी मामलों के विभाग और विधायी विभाग ने ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव पर सहमति जताई है।

    #Keralam #Kerala #StateNameChange #CabinetApproval #KeralamNameChange #GovernmentUpdates #MalayalamIdentity #CulturalHeritage #IndianStates #NameAlteration #KeralaPride #StateRebranding #LanguageAndIdentity #NationalAwareness #KeralamTransformation #HistoricalChange #StateOfKeralam #GovernmentDecisions #VibrantKerala

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    24/01/26 |

    फ्रांसीसी भविष्यवक्ता मिशेल डी नास्त्रेदमस की भविष्यवाणि 2026 में विश्व युद्ध, सत्ता परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाये

    नास्त्रेदमस की 2026 के लिए मानी जाने वाली भविष्यवाणियाँ

    नास्त्रेदमस ने सीधे “2026” नहीं लिखा, लेकिन उनकी कुछ कविताओं को विद्वान 2026 से जोड़ते हैं।

    दुनिया में बड़े राजनीतिक बदलाव

    कहा जाता है कि 2026 के आसपास:

    कई देशों में सत्ता परिवर्तन

    तानाशाही का पतन

    जनता के विद्रोह और बड़े आंदोलन

    👉 “पुरानी व्यवस्था टूटेगी और नई शक्तियाँ उभरेंगी।” महान सदियों से लोगों को हैरान और डरा रही हैं। 2026 के लिए उनकी भविष्यवाणियों में

    यहाँ 2026 की भविष्यवाणियां और नास्त्रेदमस के इतिहास का पूरा विवरण दिया गया है:

    2026 के लिए प्रमुख भविष्यवाणियां

    नास्त्रेदमस की पुस्तक 'लेस प्रोफेटीज' (Les Prophéties) के छंदों (Quatrains) के आधार पर विशेषज्ञों ने 2026 के लिए निम्नलिखित अनुमान लगाए हैं:

    * तीसरा विश्व युद्ध (Third World War): कई व्याख्याकारों का मानना है कि 2026 के मध्य तक दुनिया एक बड़े वैश्विक संघर्ष की चपेट में आ सकती है। इसमें 'सात महीनों का महान युद्ध' और 'बुराई के कारण लोगों की मृत्यु' का जिक्र मिलता है। इसे वर्तमान रूस-यूक्रेन और मध्य पूर्व के तनावों से जोड़कर देखा जा रहा है।

    * वैश्विक आर्थिक संकट: अमेरिका और ब्रिटेन जैसे शक्तिशाली देशों को भारी आर्थिक मंदी और महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। इसे 'पश्चिम की रोशनी फीकी पड़ने' के रूप में व्याख्यायित किया गया है।

    * किसी बड़े नेता की मृत्यु या सत्ता परिवर्तन: एक छंद में 'बिजली की वजह से एक महान व्यक्ति की मृत्यु' का उल्लेख है। इसे किसी वैश्विक नेता की अचानक मृत्यु या तख्तापलट के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

    * प्राकृतिक और तकनीकी आपदाएं:

    * रहस्यमयी हमला: 'मधुमक्खियों के झुंड' जैसे किसी हमले का जिक्र है, जिसे आधुनिक समय में 'ड्रोन हमलों' या 'साइबर हमलों' से जोड़ा जा रहा है।

    * जलवायु परिवर्तन: अत्यधिक सूखा और उसके बाद विनाशकारी बाढ़ की चेतावनी दी गई है।

    * आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दबदबा: कुछ व्याख्याकार मानते हैं कि 2026 वह साल होगा जब तकनीक और AI इंसानों के नियंत्रण से बाहर होने लगेंगे।

    नास्त्रेदमस का इतिहास (History of Nostradamus)

    नास्त्रेदमस का जीवन रहस्य और विद्वता से भरा था।

    विवरण जानकारी

    पूरा नाम | मिशेल डी नास्त्रेदम (Michel de Nostredame) |

    जन्म 14 दिसंबर, 1503 (फ्रांस) |

    पेशा चिकित्सक (Doctor), ज्योतिषी और भविष्यवक्ता |

    प्रसिद्ध पुस्तक लेस प्रोफेटीज (1555 में प्रकाशित) |

    मृत्यु | 2 जुलाई, 1566

    प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं

    * प्लेग डॉक्टर: वह मूल रूप से एक डॉक्टर थे जिन्होंने प्लेग महामारी के दौरान कई लोगों की जान बचाई, हालांकि उन्होंने इसी बीमारी में अपनी पहली पत्नी और बच्चों को खो दिया था।

    * भविष्यवाणी की शैली: उन्होंने अपनी भविष्यवाणियां 'क्वाट्रेंस' (चार पंक्तियों वाली कविताओं) में लिखी थीं। उन्होंने कोड और अलग-अलग भाषाओं का उपयोग किया ताकि उन्हें उस समय के कट्टरपंथियों द्वारा प्रताड़ित न किया जाए।

    * सच हुई भविष्यवाणियां: उनके समर्थकों का दावा है कि उन्होंने लंदन की भीषण आग (1666), नेपोलियन और हिटलर का उदय, जॉन एफ. केनेडी की हत्या, और 9/11 के हमले की सटीक भविष्यवाणी की थी।

    > ध्यान दें: नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियां बहुत ही प्रतीकात्मक और जटिल होती हैं। इनकी व्याख्या अलग-अलग लोग अपने तरीके से करते हैं, इसलिए इन्हें पूरी तरह से वैज्ञानिक सत्य नहीं माना जा सकता ।

    नास्त्रेदमस का पूरा इतिहास

    पूरा नाम: मिशेल द नास्त्रेदाम (Michel de Nostredame)

    जन्म: 14 दिसंबर 1503, फ्रांस

    मृत्यु: 2 जुलाई 1566

    वे कौन थे?

    नास्त्रेदमस एक:

    चिकित्सक (Doctor)

    ज्योतिषी (Astrologer)

    कवि और भविष्यवक्ता (Prophet)

    वे प्लेग (महामारी) के इलाज के लिए भी प्रसिद्ध थे।

    उनकी प्रसिद्ध पुस्तक

    Les Propheties (1555)

    इसमें 1000 से ज्यादा चार-पंक्तियों की कविताएँ (Quatrains) हैं।

    इन्हीं में भविष्य की घटनाओं को प्रतीकों और रहस्यमयी भाषा में लिखा गया।

    क्यों विवादित हैं?

    भविष्यवाणियाँ बहुत धुंधली और प्रतीकात्मक हैं

    एक ही भविष्यवाणी को लोग अलग-अलग तरीके से समझते हैं

    वैज्ञानिक रूप से इन्हें सिद्ध नहीं माना जाता ।

    एक ज़रूरी सच

    नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियाँ:

    वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं

    बाद की घटनाओं से मिलाकर समझी जाती हैं

    ज़्यादातर बातें अनुमान और व्याख्या पर आधारित हैं ।

    एक ज़रूरी सच

    नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियाँ:

    वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं

    बाद की घटनाओं से मिलाकर समझी जाती हैं

    ज़्यादातर बातें अनुमान और व्याख्या पर आधारित हैं ।
    यहाँ नास्त्रेदमस की सबसे मशहूर 10 भविष्यवाणियाँ आसान और स्पष्ट हिंदी में दी जा रही हैं, जिनका ज़िक्र दुनिया में सबसे ज़्यादा होता है।

    🔮 नास्त्रेदमस की 10 सबसे प्रसिद्ध भविष्यवाणियाँ

    ⚠️ नोट: ये सब उनकी रहस्यमयी कविताओं की बाद की व्याख्याएँ हैं, वैज्ञानिक प्रमाण नहीं।

    1.फ्रांस के राजा की मौत

    नास्त्रेदमस ने “युवा शेर द्वारा बूढ़े शेर की आंख में भाला” लिखी पंक्ति दी।
    👉 इसे फ्रांस के राजा हेनरी द्वितीय की टूर्नामेंट में आंख में भाला लगने से मौत से जोड़ा जाता है।

    2.हिटलर का उदय

    उनकी एक कविता में “Hister” शब्द आया है।
    👉 कई लोग इसे हिटलर से जोड़ते हैं और कहते हैं कि इसमें तानाशाह और भयानक युद्ध का संकेत था।

    3. फ्रांसीसी क्रांति

    उन्होंने लिखा था कि “गरीब लोग अमीरों के खिलाफ उठ खड़े होंगे।”
    👉 इसे 1789 की फ्रांसीसी क्रांति से जोड़ा जाता है।

    4 नेपोलियन का उत्थान

    एक कविता में “एक साधारण सैनिक महान सम्राट बनेगा” जैसा अर्थ निकाला गया।
    👉 इसे नेपोलियन बोनापार्ट से जोड़ा जाता है।

    5. विश्व युद्ध

    कई चौपाइयों को:

    • प्रथम विश्व युद्ध

    • द्वितीय विश्व युद्ध
      से जोड़ा जाता है — आग, यूरोप में तबाही, लाखों मौतें।

    6. परमाणु बम और हिरोशिमा

    “आकाश से गिरती आग, नया सूर्य” जैसी पंक्तियाँ।
    👉 इसे हिरोशिमा-नागासाकी परमाणु हमले से जोड़ा गया।

    7. 9/11 हमला (अमेरिका)

    “महान नए नगर में आग, आकाश से गिरते पक्षी” जैसी व्याख्या।
    👉 इसे वर्ल्ड ट्रेड सेंटर हमले से जोड़ा जाता है।

    8. महामारियाँ (प्लेग / कोविड)

    नास्त्रेदमस खुद प्लेग के डॉक्टर थे।
    👉 उनकी कई कविताओं को कोविड जैसी महामारी से जोड़ा गया।

    9. तीसरा विश्व युद्ध

    उन्होंने लिखा:
    “सात महीने लंबा महान युद्ध, लाखों मौतें।”
    👉 लोग इसे भविष्य के महायुद्ध से जोड़ते हैं।

    10.दुनिया का अंत और प्राकृतिक तबाही

    भूकंप, बाढ़, आग, गर्मी, समुद्र का उफान।
    👉 इसे जलवायु परिवर्तन और “प्रलय” से जोड़ा जाता है।

    नास्त्रेदमस का इतिहास (History of Nostradamus)

    नास्त्रेदमस का जीवन रहस्य और विद्वता से भरा था।

    विवरण जानकारी

    पूरा नाम मिशेल डी नास्त्रेदम (Michel de Nostredame)

    जन्म 14 दिसंबर, 1503 (फ्रांस)

    पेशा चिकित्सक (Doctor), ज्योतिषी और भविष्यवक्ता

    प्रसिद्ध पुस्तक लेस प्रोफेटीज (1555 में प्रकाशित)

    मृत्यु 2 जुलाई, 1566

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