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    सीमांत गांव अब 'आखिरी' नहीं 'प्रथम': अमित शाह ने असम से किया 'वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-II' का शंखनाद

    आरएस अनेजा, 20 फरवरी नई दिल्ली - केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज असम के नाथनपुर गांव में ₹6,839 करोड़ की लागत वाले वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम–II (VVP–II) की शुरूआत की। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा और केन्द्रीय गृह सचिव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

    अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज शुरु हो रहे वायब्रेंट विलेजेज-2 कार्यक्रम के माध्यम से पूरी बराक घाटी और असम के सीमांत ज़िलों के सभी गांवों में भारत के अन्य गांवों जितनी सुविधाएं देने का प्रयास और शुरूआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने की है। उन्होंने कहा कि एक ज़माना था जब सीमांत गांव को देश का आखिरी गांव कहा जाता था क्योंकि वो विकास, रोज़गार, बिजली कनेक्टिविटी और शिक्षा की दृष्टि से पिछड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने वायब्रेंट विलेजेज-1 कार्यक्रम में तय किया कि सीमा पर स्थित हर गांव आखिरी नहीं बल्कि भारत का प्रथम गांव है।

    शाह ने कहा कि आज से असम का यह गांव भी देश का प्रथम गांव बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह गांव न सिर्फ विकास की दौड़ में बल्कि रोज़गार, शिक्षा, सड़क और दूरसंचार के क्षेत्र में भी देश के प्रथम गांव होंगे।

    अमित शाह ने कहा कि वायब्रेंट विलेजज-2 में लगभग 6,900 करोड़ रूपए के खर्च से 17 राज्यों के 334 ब्लॉक्स के 1954 गांव शामिल हैं जिनमें 9 ज़िले, 26 ब्लॉक और 140 गांव असम के हैं। उन्होंने कहा कि असम के 140 गांवों में भारत के हर गांव जैसी पूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगीं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में अरूणाचल प्रदेश, बिहार, गुजरात, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के गांव भी शामिल हैं।

    शाह ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे 334 ब्लॉक्स में लगभग 2000 गांवों के विकास का लगभग 7,000 करोड़ रूपए का कार्यक्रम आज से शुरू हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें सुरक्षा, स्कीम सैचुरेशन और कनेक्टिविटी से जुड़ी कई योजनाएं शामिल हैं।

    अमित शाह ने कहा कि पिछली सरकारों ने असम में सालों तक शासन किया लेकिन राज्य के विकास के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि हमने अपने 10 साल के शासन में वो कर दिखाया जो पिछली सरकारें 50 साल में भी नहीं कर सकीं। उन्होंने कहा कि विगत 5 साल में प्रतिदिन असम में 14 किलोमीटर सड़क बनी है, जो भारत में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि असम में 24 हज़ार किलोमीटर से अधिक सड़कों को अपग्रेड किया गया है, अनेक पुल बनाए गए और 4 बड़े नए पुल पिछले 10 साल में हमारी डबल इंजन की सरकार ने असम की जनता को दिए हैं।

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि जब हमारी पार्टी की सरकार बनी थी तब असम में मल्टीडायमेंशनल पॉवर्टी 37 प्रतिशत थी, जो 2023 में घटकर 14 प्रतिशत रह गई। उन्होंने कहा कि 2013-14 में असम की प्रति व्यक्ति आय 49 हज़ार रूपए थी जो 2024-25 में तीन गुना बढ़कर 1 लाख 54 हज़ार रुपए हो गई।

    अमित शाह ने कहा कि हिमंता जी के नेतृत्व में आज असम पूरे नॉर्थईस्ट का हेल्थ हब बन गया है और असम में 27 हज़ार करोड़ रूपए का सेमीकंडक्टर प्लांट आया है। उन्होंने कहा कि सड़कों के विकास के लिए 30 हज़ार करोड़ रूपए, रेलवे के लिए 95 हज़ार करोड़ रूपए और एयरपोर्ट के लिए 10 हज़ार करोड़ रूपए देने का काम मोदी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि हम असम के विकास के लिए एक ल्यूक्रेटिव इंडस्ट्रियल पॉलिसी भी लेकर आए हैं।

    केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में असम देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा और वायब्रेंट विलेज-2 कार्यक्रम इसका एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है। उन्होंने कहा कि हर सीमांत गांव देश के अन्य गांवों जितना विकसित हो, सीमा से पलायन न हो, सीमा से घुसपैठिए न घुस सकें और सुरक्षित असम के माध्यम से सुरक्षित भारत की कल्पना हमारी सरकार का संकल्प है।

    शाह ने कहा कि आज वायब्रेंट विलेजेज-2 कार्यक्रम की शुरूआत बराक वैली से हो रही है और यह 17 राज्यों के सीमांत गांवों तक विकास को पहुंचाएगा।

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    फुटबाल खेलते समय दिल का दौरा पड़ने से शिलांग सांसद डॉ. रिकी एजे सिंगकॉन का निधन, पीएम ने जताया शोक

    आरएस अनेजा, 20 फरवरी नई दिल्ली - मेघालय की राजधानी शिलांग के लोकसभा सांसद रिकी एजे सिंगकॉन का गत शाम को अचानक निधन हो गया। वह 54 वर्ष के थे और वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी - वीपीपी के सदस्य थे और साथ ही पार्टी के महासचिव भी थे। उनके अचानक निधन से वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी को बड़ा झटका लगा है और राज्य में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।

    फुटबॉल खेलते हुए आया हार्ट अटैक

    सिंगकॉन शाम को शिलांग के मावलाई मावियोंग इलाके में एक मैदान में अपने दोस्तों के साथ फुटबॉल खेल रहे थे। फुटबॉल खेलते हुए वह अचानक मैदान पर गिर पड़े और उन्हें हार्ट अटैक आ गया। उन्हें तुरंत डॉ. एच. गॉर्डन रॉबर्ट्स अस्पताल ले जाया गया, जहां रात को डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि शिलांग से लोकसभा सांसद डॉ. रिकी ए.जे. सिंगकॉन के निधन से गहरा दुःख हुआ है। मेघालय की जनता के प्रति उनकी समर्पित सेवा के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, मित्रों और समर्थकों के साथ हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।

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    प्रधानमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के लोगों को उनके राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं

    आरएस अनेजा, 20 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के लोगों को उनके राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं।

    प्रधानमंत्री ने परंपरा और प्रकृति के बीच सामंजस्य के उज्ज्वल उदाहरण के रूप में अरुणाचल प्रदेश की सराहना की। उन्होंने उल्लेख किया कि यहाँ के ऊर्जावान और परिश्रमी नागरिक राष्ट्र की प्रगति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    एक्स पर एक पोस्ट में नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि “अरुणाचल प्रदेश के लोगों को उनके राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं।”

    मनोरम प्राकृतिक परिदृश्यों और अद्वितीय सांस्कृतिक विविधता से संपन्न अरुणाचल प्रदेश परंपरा और प्रकृति के बीच सामंजस्य का एक उज्ज्वल उदाहरण है। इसके ऊर्जावान और परिश्रमी नागरिक राष्ट्र की प्रगति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही, राज्य की विविध जनजातीय परंपराएँ हमारे राष्ट्र को अत्यंत समृद्ध बनाती हैं। आने वाले समय में राज्य निरंतर विकास की नई ऊँचाइयां छूता रहे।”

    वहीं उन्होंने मिजोरम के लोगों को उनके राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

    मिजोरम अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और चिरस्थायी सांस्कृतिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की मजबूत सामुदायिक भावना और लोगों का सौम्‍य व्‍यवहार, करूणा और सहानुभूति के मूल्यों का प्रतीक हैं। परंपराओं, संगीत और दैनिक जीवन के अन्य पहलुओं में व्यक्त समृद्ध मिज़ो विरासत बेहद प्रेरणादायक है।

    "आगामी वर्षों में मिजोरम विकास के पथ पर अग्रसर हो और नई उपलब्धियां हासिल करे।"

    #PMGreets #ArunachalPradesh #StatehoodDay #ArunachalDay #India #UnityInDiversity #CelebratingCulture #NortheastIndia #StatehoodCelebration #PeopleOfArunachal #GovernmentOfIndia #JoyousOccasion #StatehoodPride #CulturalHeritage #InspirationalLeadership #TogetherWeRise #StrengthInUnity #ProudToBeIndian #InclusiveGrowth

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    निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ ने असम में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर गुवाहाटी में राजनीतिक दलों संग की बैठक

    आरएस अनेजा, 18 फरवरी नई दिल्ली - असम में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए भारत निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ ने कल गुवाहाटी में राजनीतिक दलों के साथ बैठक की।

    इस दौरान राजनीतिक दलों ने सुझाव दिया कि राज्य में विधानसभा चुनाव एक चरण या अधिकतम दो चरणों में कराए जाएं। साथ ही चुनाव की तारीखें तय करते समय बिहू पर्व को ध्यान में रखने का आग्रह भी किया।

    निवार्चन आयोग की टीम मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में तीन दिवसीय असम दौरे पर हैं, जहां वह चुनाव तैयारियों की समीक्षा कर रही है।

    बैठक में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, आम आदमी पार्टी, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट, असम गण परिषद, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल सहित कई दलों ने भाग लिया। राजनीतिक दलों ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया की सराहना की।

    इस बीच, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी चाहती है कि चुनाव अप्रैल के दूसरे-तीसरे सप्ताह में मनाए जाने वाले बोहाग बिहू से पहले कराए जाएं।

    #ElectionCommission #AssemblyElections #AssamElections #GuwahatiMeeting #PoliticalParties #ElectionPreparation #DemocracyInAction #AssamPoliticalScene #CivicEngagement #PollingPlanning #VoterAwareness #ElectoralReforms #PoliticalDialogue #StateElections #ElectoralProcess #ElectionUpdates #PublicParticipation #VoteReady #StayInformed

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    "चीन की सरहद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'लैंडिंग', हाईवे बना रनवे, अनिल विज बोले : नॉर्थ ईस्ट जाने से कांग्रेस डरती थी, मोदी ने इतिहास रच दिया"

    चंडीगढ़, 14 फरवरी - असम के डिब्रूगढ़ में एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विमान हाईवे पर लैंड हुआ जिसे लेकर कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि सारे देश के लिए बहुत ही गर्व की बात है, जब प्रधानमंत्री ने आज हाईवे पर बहुत बड़े जहाज से लैंड किया।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस के तो प्रधानमंत्री नॉर्थ ईस्ट में चीन की वजह से जाने से डरते थे, कांग्रेस ने उस क्षेत्र को पूरे तरीके से नजरअंदाज करते हुए कोई विकास नहीं किया। हमारे प्रधानमंत्री मोदी के आने के बाद उन्होंने नॉर्थ ईस्ट पर विशेष ध्यान दिया है। वहां पर विकास हुआ, गाड़ियां चलाई गई, सड़कें बनाई गई और यह कीर्तिमान स्थापित किया कि वहां हाईवे पर जहाज उतर सकता है और उसे आज हाइवे पर उतार सारे विश्व को दिखा दिया है।  


    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार में सुरक्षा चक्र हुआ अभेद्य, 114 राफेल जेट्स से आसमान में बढ़ेगी भारत की धमक : अनिल विज


    देश के सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए भारतीय वायु सेना 114 राफेल जेट खरीदने जा रही है जिसे लेकर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि जब से नरेंद्र मोदी की सरकार आई है तब से देश की सुरक्षा के लिए हमारी सेनाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम हो रहे हैं। लगातार नए शस्त्र खरीदे जा रहे हैं और भारत स्वयं रक्षा क्षेत्र में तरक्की कर चुका है और रक्षा उत्पाद निर्यात भी कर रहा है।

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    असम में इतिहास रचेंगे पीएम मोदी: डिब्रूगढ़ में बाईपास बनेगा लड़ाकू विमानों का 'रणक्षेत्र', चीन बार्डर पर बढ़ेगी ताकत

    आरएस अनेजा, 12 फरवरी नई दिल्ली - असम में 14 फरवरी 2026 को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल होने वाली है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी डिब्रूगढ़ जिले के मोरान बाईपास पर 14 फरवरी को आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) का उद्घाटन करेंगे और इसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सुविधा (ईएलएफ) होगी। यह सुविधा राजमार्ग के एक चिन्हित हिस्से को आपात स्थिति में वैकल्पिक रनवे के रूप में उपलब्ध कराएगी, जो लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों के आपातकालीन लैंडिंग और टेक-ऑफ संचालन में सक्षम होगा। यह दूरस्थ क्षेत्रों में मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) अभियानों के दौरान भी महत्वपूर्ण साबित होगा।

    असम में इस सुविधा के उद्घाटन का यह अवसर राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस अवसर पर प्रधानमंत्री, असम के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिक और सेना से जुड़े गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहेंगे।

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    पूर्वोत्तर विकास को नई गति; अश्विनी वैष्णव ने गुवाहाटी स्टेशन पर ब्लेंडेड हॉस्पिटैलिटी सेवाओं का शुभारंभ किया

    आरएस अनेजा, 10 फरवरी नई दिल्ली - रेल संपर्क को मजबूत करते हुए और पूर्वोत्तर के विकास को नई गति देते हुए, रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से असम के गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर ब्लेंडेड हॉस्पिटैलिटी सेवाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने सैरांग और सिलचर के बीच नई ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर मिजोरम के मुख्यमंत्री श्री लालदुहोमा; सिलचर से सांसद श्री परिमल सुकलाबैद्य; राज्यसभा सदस्य श्री कनाद पुरकायस्थ; और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

    सैरांग - सिलचर पैसेंजर रेलगाड़ी मिजोरम की राजधानी को असम की बराक घाटी से सीधे जोड़ेगी। इससे क्षेत्रीय एकीकरण में सुधार होगा और विद्यार्थियों, दैनिक यात्रियों और मरीजों को सुरक्षित, तेज और आरामदायक यात्रा मिलेगी।

    इसी समय, गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर आधुनिक हॉस्पिटैलिटी सुविधाएं यात्रियों के आराम को बढ़ाएंगी और बेहतर, स्वच्छ और ग्राहक-अनुकूल यात्रा का अनुभव देंगे। इन सेवाओं में स्लीपिंग पॉड्स, आधुनिक एयर-कंडीशन्ड लाउंज और मल्टी-कुज़ीन रेस्टोरेंट शामिल हैं। ये सुविधाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आरामदायक माहौल मिले, जिससे स्टेशन की कुल उपयोगिता बेहतर होगी।


    इस अवसर पर संबोधन में श्री वैष्णव ने कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में इस क्षेत्र के लिए रेल फंडिंग में काफी बढ़ोतरी की है। इसमें उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए केंद्रीय बजट 2026-27 में ₹11,486 करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में लगभग ₹72,468 करोड़ की परियोजनाएं पहले से ही चल रही हैं, जो संपर्क सुविधा और अवसंरचना को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास को दिखाती हैं।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह फोकस प्रधानमंत्री के इस विश्वास को दर्शाता है कि पूर्वोत्तर का विकास "विकसित भारत" के लिए ज़रूरी है और हर क्षेत्र को एक साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि रेल संपर्क न केवल यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाता है, बल्कि आर्थिक गतिविधि को भी बढ़ावा देता है। इससे सामान की आवाजाही आसान होती है, व्यापार को बढ़ावा मिलता है और स्थानीय उत्पादों के लिए बाज़ार खुलते हैं।

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    सीएआरए ने गुवाहाटी में दिव्यांग बच्चों के पुनर्वास को मजबूत करने के लिए क्षेत्रीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की

    आरएस अनेजा, 31 जनवरी नई दिल्ली - भारत सरकार के महिला और बाल विकास मंत्रालय के तहत केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) ने गुवाहाटी, असम में "विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (दिव्यांग बच्चों) के गैर-संस्थागत पुनर्वास को बढ़ावा देना" विषय पर एक क्षेत्रीय परामर्श कार्यशाला सफलतापूर्वक आयोजित की।

    पूरे दिन चलने वाली परामर्श बैठक में 122 हितधारकों ने भाग लिया, जिनमें राज्य दत्तक ग्रहण संसाधन एजेंसियां (एसएआरए), विशेष गोद लेने एजेंसियां (एसएए), जिला बाल संरक्षण इकाइयां (डीसीपीयू), मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य पेशेवर, बाल संरक्षण कार्यकर्ता और क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से गोद लेने की प्रक्रिया से जुड़े कार्यकर्ता शामिल थे। बड़ी संख्या में भागीदारी ने यह दर्शाया कि विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों के लिए गोद लेने और पुनर्वास तंत्र को मजबूत करने के प्रति संस्थागत प्रतिबद्धता बढ़ रही है।

    कार्यशाला की शुरुआत सीएआरए की पहलों का अवलोकन प्रस्तुत करते हुए हुई, जिनका उद्देश्य विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों के लिए परिवार-आधारित देखभाल को बढ़ावा देना है, इसके बाद एक फिल्म का प्रदर्शन किया गया जिसमें विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों को सफलतापूर्वक अपनाने की कहानियाँ दिखाई गईं। कार्यक्रम में आगे, प्रत्येक राज्य के प्रतिनिधियों ने बच्चों को अपनाने और गैर-संस्थागत देखभाल को सुगम बनाने में वर्तमान चुनौतियों, सर्वोत्तम प्रथाओं और अपनाये जा रहे अभिनव दृष्टिकोणों पर अपने अनुभव साझा किए।

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    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने महाराष्ट्र डिप्टी सीएम अजीत पवार के निधन पर अपने और प्रदेश की तरफ से दुख जताया व श्रद्धासुमन अर्पित किए

    अम्बाला/चंडीगढ़, 28 जनवरी - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान हादसे में निधन होने पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि ये बहुत ही दुखद घटना है, आज सुबह जब ये सूचना मिली तो पूरे देश में शोक की लहर है।

    आज पत्रकारों से बातचीत करते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने अपनी और हरियाणा की तरफ से श्रद्धा सुमन अर्पित किए है।

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    राष्ट्रीय कपड़ा मंत्रियों का सम्मेलन कल से गुवाहाटी में शुरू होगा

    आरएस अनेजा, 7 जनवरी नई दिल्ली - वस्त्र मंत्रालय द्वारा असम सरकार के सहयोग से आयोजित राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों का सम्मेलन कल, 8 जनवरी को गुवाहाटी, असम में शुरू होगा। दो दिवसीय सम्मेलन "भारत के वस्त्र: विकास, विरासत और नवाचार की बुनाई" विषय पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वस्त्र मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी एक साथ आएंगे।

    इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य वस्त्र क्षेत्र में नीति, निवेश, स्थिरता, निर्यात, बुनियादी ढांचे के विकास और तकनीकी प्रगति पर विचार-विमर्श के लिए एक मंच प्रदान करना है। यह 2030 तक भारत को एक वैश्विक वस्त्र विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसमें "विकास भी, विरासत भी" की भावना के अनुरूप निर्यात को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन और समावेशी विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

    सम्मेलन में बुनियादी ढांचे और निवेश, भारत के वस्त्र निर्यात का विस्तार, कच्चा माल और फाइबर, तकनीकी वस्त्र और नए जमाने के फाइबर, और हथकरघा और हस्तशिल्प के संरक्षण और संवर्धन जैसे प्रमुख क्षेत्रों को कवर करने वाले सत्र होंगे। पीएम मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (पीएम मित्रा) पार्क, स्थिरता और पर्यावरणीय अनुपालन, तकनीकी वस्त्र, नवाचार और एकीकृत मूल्य-श्रृंखला विकास जैसी प्रमुख पहलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों और अधिकारियों से भाग लेने और सर्वोत्तम प्रथाओं, चुनौतियों और नीतिगत सुझावों को साझा करने की उम्मीद है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रों और जिलों में वस्त्र मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना है।

    नेशनल टेक्सटाइल मिनिस्टर्स कॉन्फ्रेंस से केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग मजबूत होने और एक प्रतिस्पर्धी, टिकाऊ और समावेशी टेक्सटाइल सेक्टर के लिए एक साफ रोडमैप तैयार होने की उम्मीद है।

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    केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने सुंदरबन में बाघ और हाथी के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय रणनीतियों की समीक्षा की

    आरएस अनेजा, 21 दिसम्बर नई दिल्ली - राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की 28वीं बैठक और परियोजना हाथी की 22वीं संचालन समिति की बैठक 21 दिसंबर 2025 को पश्चिम बंगाल के सुंदरबन बाघ अभ्यारण्य में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

    इन बैठकों में बाघ और हाथी बहुल राज्यों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, वैज्ञानिकों और क्षेत्र विशेषज्ञों के साथ-साथ प्रमुख संरक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने परियोजना बाघ और परियोजना हाथी की प्रगति की समीक्षा करने और भारत में बाघों और हाथियों के संरक्षण के लिए भावी रणनीतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए भाग लिया।

    एनटीसीए की बैठक की अध्यक्षता करते हुए, यादव ने भारत के विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त बाघ संरक्षण मॉडल पर जोर दिया और विज्ञान-आधारित प्रबंधन, भू-भाग स्तर की योजना, सामुदायिक भागीदारी, अंतर-राज्यीय समन्वय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के महत्व का उल्‍लेख किया।

    18 अप्रैल 2025 को आयोजित 27वीं बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि की गई और उसमें लिए गए निर्णयों पर कार्रवाई रिपोर्ट की समीक्षा की गई। चार क्षेत्रीय बैठकों के परिणामों पर चर्चा की गई जिसमें बाघ अभ्यारण्यों के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों पर विशेष ध्यान दिया गया। मानव-बाघ संघर्ष से निपटने के उपायों पर चर्चा की गई जिसमें एक त्रिपक्षीय रणनीति और 'बाघ अभ्यारण्यों के बाहर बाघों का प्रबंधन' परियोजना का शुभारंभ शामिल है। कर्मचारियों की कमी, वित्तीय बाधाओं, पर्यावास क्षरण और आक्रामक प्रजातियों के प्रबंधन से संबंधित मुद्दों की भी समीक्षा की गई और राज्यों तथा संबंधित अधिकारियों को उचित अनुवर्ती कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किए गए।

    इस बैठक में एनटीसीए की तकनीकी समिति की बैठकों के निर्णयों की पुष्टि की गई जिनमें बाघ संरक्षण योजनाओं की स्वीकृति; चीता परियोजना का विस्तार और विकास; बाघों का स्थानांतरण; शिकार संवर्धन; भूदृश्य प्रबंधन योजना; मांसाहारी जानवरों के स्वास्थ्य प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम; और राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की स्थायी समिति को परियोजना प्रस्तावों पर एनटीसीए द्वारा दिए गए सुझाव शामिल हैं।

    7वें राष्ट्रीय वन्यजीव संरक्षण बोर्ड के निर्देशों के अनुपालन पर अद्यतन जानकारी प्रस्तुत की गई जिसमें गुजरात के गांधीसागर वन्यजीव अभ्यारण्य और बन्नी घास के मैदान में चीता परियोजना का विस्तार और कैम्पा के तहत समर्थित पहलों की प्रगति शामिल है। प्रस्तावित ग्‍लोबल बिग कैट समिट के लिए की जा रही तैयारियों की भी समीक्षा की गई।

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    राष्ट्रपति ने मणिपुर के सेनापति में एक सार्वजनिक समारोह की शोभा बढ़ाई

    आरएस अनेजा, 12 दिसम्बर नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज मणिपुर के सेनापति में एक सार्वजनिक समारोह की शोभा बढ़ाई। उन्होंने इस अवसर पर विकास की विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखी, साथ ही कई परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया।

    सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि मणिपुर के आदिवासी समुदायों के लिए सम्मान, सुरक्षा और विकास के अवसर तथा देश की प्रगति में उनकी अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना राष्ट्रीय प्राथमिकता है। भारत सरकार मणिपुर में समावेशी और सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय नेताओं, नागरिक समाज और समुदायों के साथ मिलकर काम कर रही है।

    राष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार देश के हर कोने तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। हाल के वर्षों में, मणिपुर के पहाड़ी जिलों को सड़क और पुल संपर्क, राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों सहित, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, पेयजल और बिजली आपूर्ति जैसे क्षेत्रों में किए गए लक्षित निवेशों से लाभ हुआ है। कौशल प्रशिक्षण, स्वयं सहायता समूह और वन धन जैसी आजीविका योजनाओं से लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है। ये प्रयास आदिवासी समुदायों की अनूठी पहचान और परंपराओं का सम्मान करते हुए उनका समर्थन करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

    राष्ट्रपति ने कहा कि मणिपुर की ताकत उसकी विविधता, उसकी संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं में निहित है। पहाड़ और घाटी हमेशा से एक-दूसरे के पूरक रहे हैं, मानो एक ही खूबसूरत भूमि के दो पहलू हों। उन्होंने सभी समुदायों से शांति, समझ और सुलह के प्रयासों में सहयोग जारी रखने का आग्रह किया। भारत सरकार मणिपुर के लोगों की आकांक्षाओं को समझती है। उन्होंने मणिपुर के लोगों के कल्याण और प्रगति के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया, जिनमें इस क्षेत्र के लोग भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमें एक शांतिपूर्ण और समृद्ध मणिपुर के लिए मिलकर निरंतर काम करना चाहिए।

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    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कोहिमा युद्ध समाधि स्थल का दौरा किया और श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 5 दिसम्बर नई दिल्ली - केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कोहिमा युद्ध समाधि स्थल का दौरा किया, जहां स्थानीय अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

    केंद्रीय मंत्री ने द्वितीय विश्व युद्ध के निर्णायक घटनाक्रमों में से एक कोहिमा के युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि यह युद्ध समाधि स्थल साहस, बलिदान और साझा इतिहास का जीवंत प्रतीक है। यह न केवल एक महत्वपूर्ण विरासत स्थल है, बल्कि ऐसा स्थान भी है जो देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को लगातार आकर्षित करता है।

    बाद में, केंद्रीय मंत्री ने गैरिसन कैफे का दौरा किया, जो कोहिमा का एक प्रमुख सांस्कृतिक स्थल है और क्षेत्र की सैन्य विरासत तथा रचनात्मक ऊर्जा का उत्सव मनाता है। युद्धकालीन इतिहास एवं स्थानीय नागा परंपराओं से प्रेरित यह कैफे आज युवाओं, कलाकारों और पर्यटकों के लिए एक जीवंत सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभर चुका है। श्री सिंधिया  ने कैफे में एक कप कॉफी का आनंद लेते हुए इस बात की सराहना की कि कैसे इस तरह के स्थल विरासत को समकालीन उद्यमिता से जोड़ते हैं और सामुदायिक सहभागिता तथा स्थानीय आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करते हैं। नागालैंड सरकार ने क्षेत्र की आर्थिक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कॉफी को राज्य का विशिष्ट विक्रय बिंदु (यूएसपी) भी घोषित किया है।

       

                  

               

     

    केंद्रीय मंत्री कल हॉर्नबिल महोत्सव का भी दौरा करेंगे, जो भारत के सबसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक उत्सवों में से एक है और नागालैंड की समृद्ध परंपराओं, शिल्प कौशल, संगीत एवं विविध सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करता है। उनकी यह यात्रा सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और पूर्वोत्तर क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक जीवंतता को मजबूत करने के लिए मंत्रालय की प्रतिबद्धता को उजागर करती है।

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    विकास मंत्रालय ने 45.31 करोड़ रुपये की मंगोलदोई-मज़िकुची सड़क परियोजना को मंजूरी दी

    आरएस अनेजा, 08 अगस्त नई दिल्ली

    उत्तर पूर्वी क्षेत्र में सड़क अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए, उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय (एमडीओएनईआर) ने असम में किमी 11+000 से किमी 26+200 तक मंगोलदोई-मजीकुची सड़क के निर्माण के लिए एक परियोजना को मंजूरी दी, जिसकी लंबाई 15 किलोमीटर है और लागत 45.31 करोड़ रुपये है।

    यह परियोजना पूर्वोत्तर विशेष अवसंरचना विकास योजना (एनईएसआईडीएस) - सड़क के अंतर्गत क्रियान्वित की जाएगी।

    परियोजना की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

    • यह सड़क मंगलदोई के दरांग जिला मुख्यालय और उदलगुड़ी जिला उपखंड मुख्यालय भेरगांव के बीच सीधा संपर्क होगा।

    • इससे मंगलदोई और भेरगांव के बीच की दूरी 7.2 किलोमीटर कम हो जाएगी।

    • इससे देओमोर्नोई कॉलेज सहित 7 शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच में सुधार होगा।

    • यह सड़क पथुरीघाट कृषक शहीद स्मारक और खोतोरा सत्र, ऐतिहासिक लखीमपुर पुखुरी, रामगांव पुखुरी आदि महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों तक कनेक्टिविटी में सुधार करेगी।

    उल्लेखनीय है कि एनईएसआईडीएस (सड़कें) पूर्वोत्तर विशेष अवसंरचना विकास योजना (एनईएसआईडीएस) का एक प्रमुख घटक है, जिसे भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। भारत सरकार द्वारा पूर्णतः वित्तपोषित, एनईएसआईडीएस की निगरानी और पर्यवेक्षण संबंधित राज्य सरकारों के सहयोग से, उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय द्वारा किया जाता है।

    उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय चार प्रमुख योजनाओं- पीएम-डिवाइन योजना, उत्तर-पूर्व विशेष अवसंरचना विकास योजना (एनईएसआईडीएस) - सड़कें, उत्तर पूर्व विशेष अवसंरचना विकास योजना (एनईएसआईडीएस) - ओटीआरआई और उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) की योजनाएं- के माध्यम से क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    #ministryofdevelopmentofnortheasternregion