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CBI की बड़ी कार्रवाई: नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के मैनेजर और इन्वेस्टिगेटर गिरफ्तार, रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा
नई दिल्ली/हरियाणा, 8 अप्रैल (अन्नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा प्रहार करते हुए नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के एक मैनेजर और एक इन्वेस्टिगेटर को गिरफ्तार किया है। इन पर हरियाणा के मानेसर स्थित एक निजी अस्पताल के लिए 'कैशलेस मेडिकल सुविधा' को दोबारा शुरू करने के बदले 3 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।
ट्रैप लगाकर ₹1.60 लाख लेते दबोचा
CBI ने 7 अप्रैल 2026 को शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। जांच में सामने आया कि नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के रीजनल ऑफिस (दिल्ली) द्वारा नियुक्त इन्वेस्टिगेटर ने अस्पताल से अवैध लाभ की मांग की थी।
सौदा: कुल 3 लाख की मांग की गई थी, जिसमें से 1 लाख रुपये पहले ही दिए जा चुके थे।
गिरफ्तारी: बातचीत के बाद बाकी की रकम ₹1.60 लाख तय हुई। सीबीआई ने जाल बिछाया और 7 अप्रैल को इन्वेस्टिगेटर को यह रकम लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
मैनेजर की भूमिका भी आई सामने
ट्रैप की कार्यवाही के दौरान ही नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के मैनेजर की संलिप्तता के भी पुख्ता सबूत मिले। इसके बाद सीबीआई ने दोनों अधिकारियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है ताकि इस भ्रष्टाचार नेटवर्क की और कड़ियों को जोड़ा जा सके।
भ्रष्टाचार की शिकायत यहाँ करें
CBI ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत मांगता है, तो वे इसकी शिकायत सीबीआई के लोधी रोड स्थित दिल्ली कार्यालय में कर सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 011-24367887 पर संपर्क कर सकते हैं।
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08/04/26 |दिल्ली: 'पोटर' ऐप से शराब की होम डिलीवरी! पुलिस ने ऑनलाइन तस्करी के सिंडिकेट को किया बेनकाब
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (अन्नू): पश्चिमी विहार ईस्ट थाना पुलिस ने एक बेहद आधुनिक तरीके से चल रहे शराब तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त किया है। 5 अप्रैल 2026 को हेड कांस्टेबल राकेश को गुप्त सूचना मिली थी कि हरियाणा से दिल्ली में ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म के जरिए अवैध शराब लाई जा रही है। सूचना मिलते ही एसीपी राजबीर सिंह लांबा और एसएचओ राजपाल के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई और पीरागढ़ी चौक पर ट्रैप लगाया गया।
क्रॉकरी बताकर सप्लाई की जा रही थी शराब
पुलिस ने एक संदिग्ध थ्री-व्हीलर टेम्पो को रुकने का इशारा किया, तो ड्राइवर ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया। तलाशी लेने पर टेम्पो से 16 कार्टन बरामद हुए, जिनमें 800 क्वार्टर अवैध शराब (सिर्फ हरियाणा में बिक्री के लिए) भरी हुई थी। आरोपी इन पार्सल को इस तरह पैक करते थे कि बाहर से देखने पर वे 'क्रॉकरी' (कांच के बर्तन) का सामान लगें, ताकि किसी को शक न हो।
ऑनलाइन ऐप का 'स्मार्ट' दुरुपयोग
पूछताछ में पता चला कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड समीर पालीवाल है। वह बहादुरगढ़ (हरियाणा) के L-1 वेंडरों से शराब खरीदकर उसे पार्सल के रूप में पैक करवाता था। इसके बाद वह पोटर (Porter) ऐप के जरिए ऑनलाइन वाहन बुक करता था ताकि दिल्ली के स्थानीय माफियाओं को सप्लाई दी जा सके। पुलिस ने समीर को भी पास के इलाके से गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपियों का प्रोफाइल
समीर पालीवाल (19 वर्ष): दिल्ली के प्रेम नगर का रहने वाला। यह पिछले दो महीने से ऑनलाइन ऐप के जरिए ऑर्डर बुक करने और सप्लाई चेन को मैनेज करने का काम कर रहा था।
पुष्पेंद्र (22 वर्ष): बहादुरगढ़, हरियाणा का निवासी। यह डिलीवरी वाहन का ड्राइवर है जो शराब को दिल्ली की सीमा में पहुंचाने का काम करता था।
पुलिस की बरामदगी
800 क्वार्टर अवैध शराब।
तस्करी में इस्तेमाल किया गया एक थ्री-व्हीलर।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि समीर के साथ इस सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और दिल्ली में ये शराब किन-किन बूटलेगर्स (शराब माफियाओं) को बेची जा रही थी।
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दिल्ली: 11 साल की मासूम से छेड़छाड़ करने वाला सब्जी विक्रेता गिरफ्तार, 100 से ज्यादा CCTV खंगालने के बाद चढ़ा हत्थे
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (अन्नू): राजधानी दिल्ली के निहाल विहार इलाके में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक 25 वर्षीय सब्जी विक्रेता ने अपने घर के बाहर खड़ी 11 साल की मासूम बच्ची के साथ छेड़छाड़ की। घटना 3 अप्रैल 2026 की है, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। अगले दिन पीड़ित बच्ची के परिजनों ने पुलिस को मामले की सूचना दी।
POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज
बच्ची के बयानों और परिजनों की शिकायत के आधार पर निहाल विहार थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बाहरी जिले के डीसीपी विक्रम सिंह के निर्देश पर एसीपी राजबीर लांबा और एसएचओ शीशपाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
100 CCTV कैमरों की मदद से आरोपी की पहचान
आरोपी का पता लगाने के लिए पुलिस टीम ने इलाके के 100 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। कड़ी मेहनत और तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी को लक्ष्मी पार्क के पास देखा गया। पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया और छापेमारी कर आरोपी को धर दबोचा।
बिहार का रहने वाला है आरोपी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान धर्मेंद्र (25) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले का रहने वाला है। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। वह इलाके में सब्जी बेचने का काम करता था। फिलहाल पुलिस आरोपी को जेल भेजकर मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
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08/04/26 |दिल्ली क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन: 1 लाख का इनामी गैंगस्टर 'सौरभ लेफ्टी' देहरादून से गिरफ्तार, मर्डर और गैंगवार में था फरार
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (NDR टीम) ने दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में सक्रिय एक हिंसक गैंग का सफाया करते हुए उसके सरगना सौरभ उर्फ लेफ्टी और उसके करीबी सहयोगी अभिषेक उर्फ भोला को गिरफ्तार कर लिया है। सौरभ लेफ्टी पिछले 6 महीनों से फरार चल रहा था और उस पर दिल्ली पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। यह गिरफ्तारी नवंबर 2025 में कालिंदी कुंज इलाके में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड और गैंगवार के मामले में की गई है।
देहरादून में टैक्सी ड्राइवर बनकर छिपा था गैंगस्टर
डीसीपी पंकज कुमार के अनुसार, आरोपी सौरभ गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी सर्विलांस और जमीनी मुखबिरों की मदद से उसका पीछा किया। अंततः 5 और 6 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात को पुलिस ने देहरादून (उत्तराखंड) में एक गुप्त ऑपरेशन चलाकर उसे धर दबोचा। वहां वह अपनी पहचान छिपाकर एक टूर एंड ट्रेवल्स कंपनी में टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था।
गैंगवार: 'लेफ्टी' बनाम 'रंजन' गैंग की खूनी दुश्मनी
पुलिस जांच में पता चला कि कालिंदी कुंज इलाके में सौरभ लेफ्टी और रंजन गैंग के बीच वर्चस्व की खूनी लड़ाई चल रही है। नवंबर 2025 में रंजन गैंग के लोगों ने सौरभ के दोस्त के घर पर फायरिंग की थी। इसका बदला लेने के लिए सौरभ के गैंग ने रंजन के करीबियों पर जानलेवा हमला किया, जिसमें विकास नाम के युवक की मौत हो गई थी और अतुल गंभीर रूप से घायल हुआ था।
सहयोगी 'भोला' भी संगम विहार से दबोचा गया
सौरभ से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके खास गुर्गे अभिषेक उर्फ भोला का पता लगाया। पुलिस ने दिल्ली के संगम विहार इलाके में छापेमारी कर 7 अप्रैल 2026 की सुबह उसे भी गिरफ्तार कर लिया। अभिषेक पहले सब्जी का ठेला लगाता था, लेकिन बाद में अपराध की दुनिया में कदम रखते ही लेफ्टी गैंग का सक्रिय सदस्य बन गया।
अपराधिक इतिहास: प्रिंस तेवतिया गैंग से है संबंध
आरोपी सौरभ उर्फ लेफ्टी कालिंदी कुंज थाने का घोषित 'बैड कैरेक्टर' (BC) है। वह हत्या के प्रयास, लूट और दंगों जैसे 4 से अधिक जघन्य मामलों में शामिल रहा है। वह कुख्यात प्रिंस तेवतिया गैंग का सक्रिय सदस्य है और उसके लिए काम करता है। खास बात यह है कि सौरभ का भाई अमन और सिद्धू भी हत्या और हत्या के प्रयास के मामलों में जेल में बंद हैं।
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उपराष्ट्रपति ने नई दिल्ली में इग्नू के 39वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया
अभिकान्त, 07 अप्रैल नई दिल्ली : उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (आईजीएनओयू - इग्नू) के 39वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया, जहां 32 लाख से अधिक छात्रों ने अपनी डिग्री, डिप्लोमा और प्रमाण पत्र प्राप्त किए।
उपराष्ट्रपति ने इग्नू की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए इसे देश की खुली और दूरस्थ शिक्षा प्रणाली का स्तंभ बताया, जिसने देश भर में उच्च शिक्षा को सबके लिए महत्वपूर्ण रूप से सुलभ बनाया है। इसके समावेशी विस्तार पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इग्नू में 14 लाख से अधिक छात्र हैं, जिनमें 56 प्रतिशत महिलाएं और 58 प्रतिशत ग्रामीण तथा वंचित समुदायों से आते हैं। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के छात्रों की संख्या कई देशों की जनसंख्या से अधिक है, जो शैक्षिक समानता, सामाजिक गतिशीलता और राष्ट्रीय विकास में इसके महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाती है। उन्होंने छात्रों को आजीवन सीखते रहने, मूल्यों को बनाए रखने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि इग्नू अपने स्थापित दूरस्थ शिक्षा मॉडल के कारण सुदृढ़ बना रहा। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय ने निर्बाध शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वयं और ई-ज्ञानकोष जैसे डिजिटल प्लेटफार्मों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया और यह प्रौद्योगिकी-आधारित शिक्षा में अग्रणी बनकर उभरा।उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को अपनाए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि इग्नू ने कई निकास विकल्पों (स्नातक कार्यक्रम के दौरान बीच में प्रमाण-पत्र के साथ पाठ्यक्रम छोड़ना) के साथ चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिससे उच्च शिक्षा अधिक लचीली और छात्र-केंद्रित हो गई है। उन्होंने आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय ज्ञान प्रणालियों के एकीकरण की भी सराहना की।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते उपकरण सीखने के अनुभवों को बेहतर बना सकते हैं, छात्रों को बेहतर सहायता प्रदान कर सकते हैं और व्यक्तिगत शिक्षा को सक्षम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक विकास से डरने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जब देश में कंप्यूटर आए थे, तब आशंकाएं थीं कि कंप्यूटर नौकरियां छीन लेंगे; हालांकि, अंततः कंप्यूटर आने से अधिक रोजगार सृजित हुए और राष्ट्रीय विकास में योगदान बढ़ा।
उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों को भी इसी तरह से अपनाया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने ऐसी तकनीकों के जिम्मेदार और जवाबदेह उपयोग की जरूरत पर बल दिया।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत नैतिक मूल्यों में उसका विश्वास है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक विकास हमारी परंपराओं के साथ-साथ चलना चाहिए और वैज्ञानिक प्रगति नैतिक मूल्यों से निर्देशित होनी चाहिए।
उन्होंने अपने संबोधन के समापन में सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया और कहा कि व्यक्तिगत प्रयास, जब संयुक्त रूप से किए जाएंगे, तो वर्ष 2047 तक एक विकसित भारत के निर्माण में इससे काफी मदद मिलेगी।
उपराष्ट्रपति ने देश भर के छात्रों की सुगमता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय शैक्षणिक भंडार (एनएडी) के तहत डिजिलॉकर पर प्रमाण पत्र जारी किए। उन्होंने इग्नू पूर्व छात्र पोर्टल का भी शुभारम्भ किया, जिसमें 50 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं।
इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल श्री तरनजीत सिंह संधू; इग्नू की कुलपति प्रो. उमा कांजीलाल; और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने देश भर के क्षेत्रीय इग्नू केंद्रों में स्वयं प्रभा स्टूडियो का भी शुभारम्भ किया। त्रिपुरा के राज्यपाल इंद्र सेना रेड्डी नल्लू, गोवा के राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू, राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा और अन्य गणमान्य व्यक्ति अपने-अपने राज्य के क्षेत्रीय इग्नू केंद्रों से आभासी माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
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07/04/26 |तमिलनाडु से बड़ी खबर: पिता-पुत्र की पुलिस कस्टडी में मौत मामले में 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा
तमिलनाडु, 7 अप्रैल (अन्नू): मदुरै की पहली अतिरिक्त जिला अदालत (ADJ) ने 6 अप्रैल 2026 को भारतीय न्याय व्यवस्था का एक बड़ा उदाहरण पेश करते हुए 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई है। जयराज और उनके बेटे बेनिक्स की पुलिस हिरासत में हुई बर्बर हत्या के मामले में कोर्ट ने माना कि यह मामला 'दुर्लभ से दुर्लभतम' (Rarest of Rare) की श्रेणी में आता है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह सत्ता का घोर दुरुपयोग और मानवता पर कलंक है।
क्या था पूरा मामला?
यह दर्दनाक घटना 19 जून 2020 की है, जब तमिलनाडु के सात्थानकुलम थाने की पुलिस ने जयराज और उनके बेटे बेनिक्स को लॉकडाउन नियमों के उल्लंघन के आरोप में अवैध रूप से हिरासत में लिया था।
बर्बरता:19 और 20 जून की दरम्यानी रात को आरोपियों ने पिता-पुत्र को बेरहमी से पीटा और उन्हें अमानवीय यातनाएं दीं।
मौत: चोटों और अत्यधिक प्रताड़ना के कारण बेनिक्स ने 22 जून को और उनके पिता जयराज ने 23 जून को न्यायिक हिरासत में दम तोड़ दिया था।
CBI की जांच और 5 साल का कानूनी संघर्ष
जनता के भारी आक्रोश और मीडिया कवरेज के बाद तमिलनाडु सरकार ने यह मामला सीबीआई (CBI) को सौंप दिया था।
90 दिन में चार्जशीट:सीबीआई ने तत्परता दिखाते हुए 90 दिनों के भीतर तत्कालीन एसएचओ श्रीधर और एसआई रघुगणेश सहित 9 पुलिसकर्मियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
गवाह:मुकदमे के दौरान सीबीआई ने 135 गवाहों को सूचीबद्ध किया और 52 मुख्य गवाहों के बयान दर्ज कराए। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि यह अपराध मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है जिसने समाज की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है।
इन 9 दोषियों को सुनाई गई सजा-ए-मौत:
अदालत ने हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोपों में निम्नलिखित पुलिसकर्मियों को दोषी पाते हुए अधिकतम दंड दिया है:
एस. श्रीधर (तत्कालीन एसएचओ/इंस्पेक्टर)
पी. रघुगणेश (सब-इंस्पेक्टर)
के. बालकृष्णन (सब-इन्स्पेक्टर)
एस. मुरुगन (हेड कांस्टेबल)
ए. समदुरै (हेड कांस्टेबल)
एस. चेल्लादुरै (कांस्टेबल)
एम. मुथुराज (कांस्टेबल)
एक्स. थॉमस फ्रांसिस (कांस्टेबल)
एस. वेलुमुथु (कांस्टेबल)
निष्कर्ष:
5 साल तक चले इस लंबे ट्रायल के बाद आज आए फैसले ने यह संदेश दिया है कि वर्दी के पीछे छिपकर किया गया अपराध भी कानून से बच नहीं सकता। मानवाधिकार संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे पुलिस रिफॉर्म्स की दिशा में एक बड़ी नजीर माना है।
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दिल्ली क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन: ISI समर्थित टेरर व आर्म्स तस्करी मॉड्यूल के 2 और गुर्गे गिरफ्तार, नेपाल के रास्ते आते थे हथियार
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ARSC) ने एक अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए दो और मुख्य गुर्गों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान इमरान (37) और कामरान (27) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले हैं। इन दोनों को लुकआउट सर्कुलर (LOC) के आधार पर आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया। यह मॉड्यूल मुख्य सरगना शाहबाज अंसारी के इशारे पर काम कर रहा था।
UAPA के तहत कार्रवाई: अब तक 12 गिरफ्तार और 23 विदेशी हथियार बरामद
इस मामले की गंभीरता और देश की सुरक्षा से जुड़े तथ्यों को देखते हुए पुलिस ने 31 मार्च 2026 को इस केस में UAPA (गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) की धाराएं जोड़ दी हैं। अब तक इस पूरे नेटवर्क के 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने इनके पास से अब तक 23 विदेशी अत्याधुनिक हथियार (जिनमें सब-मशीन गन भी शामिल है) और 211 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
हथियारों के लिए कार में बनाई थी 'सीक्रेट कैविटी'
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने बुलंदशहर से एक मारुति स्विफ्ट कार बरामद की है। इस कार को विशेष रूप से मॉडिफाई किया गया था और इसमें हथियारों को छिपाकर ले जाने के लिए गुप्त कैविटी (खाली जगह) बनाई गई थी, जो सामान्य चेकिंग में दिखाई नहीं देती थी। ताजा छापेमारी में इमरान और कामरान के पास से चीन निर्मित .30 बोर पिस्टल, .32 बोर रिवॉल्वर और 11 कारतूस बरामद हुए हैं।
नेपाल और थाईलैंड के रास्ते पाक-ISI का 'डेथ नेटवर्क'
जांच में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस पूरे सिंडिकेट को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का समर्थन प्राप्त है। हथियारों की तस्करी का रूट बेहद जटिल था:
रूट: हथियार पाकिस्तान से चलते थे, फिर थाईलैंड और वहां से नेपाल पहुँचते थे।
तरीका: पकड़े जाने के डर से हथियारों को 'डिस्मंतल' (पुर्जे अलग-अलग) करके भारत लाया जाता था।
असेंबलिंग: इमरान और कामरान नेपाल जाकर इन हथियारों की खेप लेते थे, फिर भारत लाकर उन्हें दोबारा जोड़ते (Reassemble) और दिल्ली-NCR सहित देश के अन्य हिस्सों में एंटी-नेशनल तत्वों को सप्लाई करते थे।
भारत को अस्थिर करने की बड़ी साजिशडीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि इस नेटवर्क का मुख्य उद्देश्य भारत की आंतरिक सुरक्षा को अस्थिर करना और आतंकी गतिविधियों के लिए फंड जुटाना था। हथियारों की बिक्री से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों में किया जाना था। पुलिस के अनुसार, ये अत्याधुनिक हथियार किसी बड़ी आतंकी घटना या 'हाई-इम्पैक्ट' ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए मंगाए गए थे।
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07/04/26 |दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी कामयाबी: 10 वर्ष पुराने लूट के मामले में भगोड़ा अपराधी गिरफ्तार
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ER-II) ने एक दशक पुराने सनसनीखेज लूट के मामले में वांछित 'घोषित अपराधी' (Proclaimed Offender) को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी की पहचान 34 वर्षीय चांद मोहम्मद उर्फ चंदू के रूप में हुई है। यह मामला 19 सितंबर 2016 का है, जब मॉडल टाउन स्थित मैकडॉनल्ड्स में काम करने वाले पवन कुमार पर चार बदमाशों ने चाकू से हमला कर उनका मोबाइल लूट लिया था।
भलस्वा डेयरी की गली नंबर-10 से पकड़ा गया आरोपी
एसीपी नरेंद्र कुमार और इंस्पेक्टर पवन कुमार की देखरेख में गठित क्राइम ब्रांच की टीम (एसआइ इंद्रवीर, एएसआइ अश्वनी, अशोक और एचसी दीपक) पिछले काफी समय से फरार आरोपियों की तलाश में थी। 6 अप्रैल 2026 को एएसआइ अशोक को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी चांद मोहम्मद भलस्वा डेयरी इलाके में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए स्वामी श्रद्धानंद कॉलोनी की गली नंबर-10 में दबिश दी और आरोपी को दबोच लिया।
2025 में कोर्ट ने घोषित किया था 'भगोड़ा'
जांच में सामने आया कि वारदात के बाद चांद मोहम्मद को गिरफ्तार कर चार्जशीट किया गया था, लेकिन वह कानूनी प्रक्रिया से भाग खड़ा हुआ। 27 अक्टूबर 2025 को रोहिणी सेशंस कोर्ट ने उसे 'घोषित अपराधी' (PO) करार दिया था। इस मामले में एक आरोपी सुमित को पहले ही सजा हो चुकी है, जबकि एक अन्य आरोपी सचिन के खिलाफ अदालती कार्यवाही बंद हो चुकी थी। अब चांद मोहम्मद की गिरफ्तारी के बाद इस केस की फाइल को दोबारा खोला गया है।
नाई का काम कर रहा था 'बैड कैरेक्टर' चांद मोहम्मद
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, चांद मोहम्मद जहांगीरपुरी थाने का घोषित 'बैड कैरेक्टर' (BC) है। वह पहले भी लूट, झपटमारी और चोरी के 10 से अधिक आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अपनी पहचान छिपाकर एक स्थानीय सैलून में नाई (Barber) के रूप में काम कर रहा था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है ताकि उसके अन्य नेटवर्क और हालिया गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
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यरुशलम: एयर इंडिया ने इसराइल के लिए 31 मई तक निलंबित कीं अपनी उड़ानें; पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच फैसला
जे कुमार यरुशलम/नई दिल्ली, 6 अप्रैल 2026: पश्चिम एशिया में गहराते सुरक्षा संकट और बढ़ते सैन्य तनाव को देखते हुए भारत की प्रमुख विमानन कंपनी एयर इंडिया (Air India) ने इसराइल के शहर तेल अवीव के लिए अपनी सभी उड़ानों को 31 मई 2026 तक निलंबित करने की घोषणा की है। कंपनी ने यह फैसला यात्रियों और चालक दल (Crew) की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लिया है।
सुरक्षा कारणों से उड़ानों पर ब्रेक: एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि नई दिल्ली और तेल अवीव के बीच संचालित होने वाली चार साप्ताहिक उड़ानों को फिलहाल रोक दिया गया है। गौरतलब है कि फरवरी के अंत में ईरान और इसराइल के बीच शुरू हुए सीधे संघर्ष के बाद से ही इस क्षेत्र का हवाई क्षेत्र (Airspace) काफी संवेदनशील बना हुआ है। सुरक्षा जोखिमों और बार-बार बंद होते एयरस्पेस के कारण अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के लिए परिचालन जारी रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
भारतीयों की बढ़ी मुश्किलें: इस फैसले से इसराइल में रह रहे लगभग 40,000 से अधिक भारतीयों की चिंताएं बढ़ गई हैं, जिनमें बड़ी संख्या में आईटी पेशेवर, छात्र और स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। सीधी उड़ानें बंद होने के कारण अब भारतीयों को भारत आने के लिए जॉर्डन या मिस्र के रास्ते सड़क मार्ग से जाना पड़ रहा है, जहाँ से वे कनेक्टिंग फ्लाइट्स ले सकें। हालांकि, इसराइल की स्थानीय एयरलाइंस जैसे 'एल अल' (El Al) अभी भी सीमित और सख्त प्रतिबंधों के साथ उड़ानें संचालित कर रही हैं।
दूतावास ने जारी की हेल्पलाइन: तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास इस स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है। दूतावास ने भारतीयों की सहायता के लिए 24x7 इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और लगातार वर्चुअल मीटिंग्स के जरिए लोगों से संपर्क साधा जा रहा है। एयर इंडिया ने कहा है कि स्थिति की निरंतर समीक्षा की जा रही है और सुरक्षा परिस्थितियों में सुधार होने पर ही सेवाओं को बहाल करने पर विचार किया जाएगा। प्रभावित यात्रियों को टिकट का पूरा रिफंड या भविष्य की तारीखों के लिए मुफ्त री-बुकिंग की सुविधा दी जा रही है।
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कुल्लू में दिल्ली के पर्यटकों की ट्रैवलर खाई में गिरी: 4 की मौके पर मौत, 17 को सुरक्षित निकाला—बारिश के बीच हुआ हादसा
हिमाचल प्रदेश, 5 अप्रैल (अन्नू): हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में शनिवार रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें दिल्ली के 4 पर्यटकों की मौत हो गई। नेशनल हाईवे-305 पर पर्यटकों से भरी एक ट्रैवलर गाड़ी (DL1 BE-4958) अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। यह हादसा रात करीब 9:15 बजे उस समय हुआ जब पर्यटक जलोड़ी दर्रा से जीभी की ओर जा रहे थे। भारी बारिश और तीखे मोड़ों के बीच चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे गाड़ी सड़क से नीचे लुढ़क गई।
बारिश और ढलान बनी काल, 21 यात्रियों के साथ खाई में गिरी ट्रैवलर
हादसे के वक्त वाहन में कुल 21 लोग सवार थे, जिनमें 19 वयस्क और 2 बच्चे शामिल थे। घियागी से महज दो किलोमीटर पहले पहाड़ी ढलान पर गाड़ी सीधे खाई में जा गिरी। इस भीषण टक्कर में वाहन के परखच्चे उड़ गए। मलबे के नीचे दबने और चोट लगने के कारण 2 पुरुषों और 2 महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों ने बचाव कार्य शुरू किया।
17 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला, मासूम बच्चों की बची जान
इस खौफनाक हादसे में राहत की खबर यह रही कि बचाव दल ने 17 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। सुरक्षित बचे लोगों में वे दोनों बच्चे भी शामिल हैं जो गाड़ी में सवार थे। घायलों को तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है। बताया जा रहा है कि इनमें से अधिकांश पर्यटक दिल्ली के रहने वाले हैं जो छुट्टियां बिताने हिमाचल आए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के सही कारणों की पड़ताल की जा रही है।
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05/04/26 |दिल्ली के सीमापुरी में 60 वर्षीय महिला ड्रग तस्कर गिरफ्तार: सब्जी बेचने की आड़ में कर रही थी स्मैक की सप्लाई, 20 लाख का नशा बरामद
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) शाहदरा ने नशे के खिलाफ अभियान चलाते हुए एक महिला ड्रग पेडलर को गिरफ्तार किया है। न्यू सीमापुरी इलाके में की गई इस कार्रवाई के दौरान 60 वर्षीय आरोपी महिला के पास से 56.39 ग्राम स्मैक (हेरोइन) बरामद हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बरामद नशीले पदार्थ की कीमत लगभग 20 लाख रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
मछली मार्केट के पास बिछाया जाल, कपड़ों में छिपाई थी स्मैक की पुड़िया
इंस्पेक्टर विनोद कुमार के नेतृत्व में एएनटीएफ की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि न्यू सीमापुरी की रहने वाली जैतून उर्फ 'विधवा' नामक महिला अवैध स्मैक की बिक्री में शामिल है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए एसीपी मोहिंदर सिंह की देखरेख में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने जब जैतून को मछली मार्केट के पास से हिरासत में लिया और नियमानुसार तलाशी ली, तो उसके कपड़ों में छिपाई गई एक प्लास्टिक की पुड़िया से 56.39 ग्राम स्मैक बरामद हुई।सब्जी बेचने की आड़ में नशा तस्करी, पहले भी जेल जा चुकी है आरोपी'
पूछताछ के दौरान आरोपी महिला ने बताया कि वह पेशे से सब्जी विक्रेता है, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते वह एक ड्रग सप्लायर के संपर्क में आई और जल्दी पैसा कमाने के लालच में स्मैक बेचने लगी। जैतून एक अभ्यस्त अपराधी है और उसके खिलाफ पहले भी सीमापुरी थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब उस मुख्य सप्लायर की तलाश कर रही है जिससे जैतून यह नशा खरीदकर लाती थी।
पूरे नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस, सप्लायरों के ठिकानों पर छापेमारी जारी
शाहदरा जिला डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा के अनुसार, आरोपी महिला को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया है ताकि नशे की इस पूरी सप्लाई चेन का भंडाफोड़ किया जा सके। पुलिस उन ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है जहाँ इस स्मैक को सप्लाई किया जाना था और जहाँ से इसे लाया गया था। पुलिस का उद्देश्य क्षेत्र से नशा माफियाओं का पूरी तरह सफाया करना है।
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दिल्ली द्वारका पुलिस के हत्थे चढ़ा 16 मामलों में शामिल शातिर बदमाश: जिला बदर अपराधी कट्टे के साथ गिरफ्तार, नशे के लिए करता था लूट
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ द्वारका की टीम ने रणहौला थाने के एक घोषित अपराधी (BC) और जिला बदर (Externee) बदमाश को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी की पहचान 28 वर्षीय विपिन उर्फ रिंकू उर्फ बोना के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। पकड़ा गया बदमाश पहले से ही चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट के 16 मामलों में संलिप्त रहा है।
हथियार के साथ घूम रहा था शातिर अपराधी, स्पेशल स्टाफ ने बिछाया जाल
द्वारका जिले के स्पेशल स्टाफ को अवैध हथियारों की तस्करी और अपराधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए थे। इंस्पेक्टर कमलेश कुमार के नेतृत्व वाली टीम को 31 मार्च 2026 को एक गुप्त सूचना मिली कि रणहौला क्षेत्र का एक नामी बदमाश इलाके में घूम रहा है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने द्वारका नॉर्थ क्षेत्र में जाल बिछाया और मुस्तैदी दिखाते हुए विपिन उर्फ बोना को धर दबोचा। तलाशी के दौरान उसके पास से .315 बोर का देसी कट्टा बरामद हुआ।
नशे की लत और ऐशो-आराम के लिए बना अपराधी, 16 मामलों में है शामिल
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कबूल किया कि वह ड्रग्स का आदी है और अपने नशे के खर्च व विलासी जीवनशैली की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपराध का रास्ता चुना। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह रणहौला थाने का घोषित 'बैड कैरेक्टर' (BC) है और उसे दिल्ली पुलिस द्वारा जिला बदर भी किया गया था। पांचवीं कक्षा तक पढ़ा यह आरोपी किराए के मकान में रहता था और लगातार वारदातों को अंजाम देकर कम समय में पैसा कमाने की फिराक में रहता था।
आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज, अब हथियार के स्रोत की तलाश में पुलिस
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ द्वारका नॉर्थ थाने में आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत एफआईआर नंबर 98/2026 दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी यह अवैध हथियार कहाँ से लाया था और उसका अगला निशाना कौन था। इस ऑपरेशन की सफलता के बाद द्वारका जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस टीम की सराहना की है।
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दिल्ली के सरकारी अस्पताल से 70 लाख की दवाएं चोरी करने वाला गिरोह बेनकाब: फार्मासिस्ट समेत 5 गिरफ्तार, खुले बाजार में हो रही थी सप्लाई
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सरकारी अस्पतालों से मुफ्त वितरण वाली दवाओं की बड़े पैमाने पर चोरी और अवैध बिक्री करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इंस्पेक्टर नीरज शर्मा के नेतृत्व वाली एनआर-II टीम ने इस कार्रवाई में 70 लाख रुपये मूल्य की सरकारी दवाएं बरामद की हैं। पुलिस ने इस मामले में डीडीयू (DDU) अस्पताल के एक फार्मासिस्ट और एक सहायक समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग "GOVT. SUPPLY NOT FOR SALE" मार्क वाली एंटीबायोटिक्स और क्रिटिकल केयर इंजेक्शन खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेच रहे थे।
तीस हजारी के पास से पकड़ी गई दवाओं की बड़ी खेप, कार और टेंपो भी जब्त
क्राइम ब्रांच को एसआई प्रीतम चंद के माध्यम से पुख्ता सूचना मिली थी कि सरकारी दवाओं की एक बड़ी खेप सप्लाई होने वाली है। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने 2 अप्रैल को तीस हजारी के राजेंद्र मार्केट में स्थित जय भारत ट्रांसपोर्ट पर छापा मारा। वहां से नीरज कुमार, सुशील कुमार और लक्ष्मण मुखिया को एक महिंद्रा चैंपियन टेंपो और बलेनो कार के साथ रंगे हाथों दबोचा गया। वाहनों की तलाशी लेने पर भारी मात्रा में सरकारी दवाएं बरामद हुईं, जिन्हें अवैध रूप से बाजार में खपाने की तैयारी थी।
डीडीयू अस्पताल का फार्मासिस्ट निकला मास्टरमाइंड, रिकॉर्ड में हेराफेरी कर उड़ाते थे दवाएं
पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ के बाद इस गिरोह के गहरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस ने डीडीयू अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट बिनेश कुमार और वहां के संविदा सहायक प्रकाश महतो को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि फार्मासिस्ट बिनेश अस्पताल के स्टॉक रिकॉर्ड में हेराफेरी कर दवाएं कम दिखाता था और उन्हें प्रकाश महतो के जरिए बाहर सप्लाई करवाता था। प्रकाश बिचौलिए के तौर पर काम करता था और यूपीआई (UPI) के माध्यम से वित्तीय लेनदेन संभालता था।
बरामदगी में 70 लाख की जीवन रक्षक दवाएं शामिल, 1.5 साल से चल रहा था खेल
पुलिस ने छापेमारी के दौरान सेफिक्साइम (1.18 लाख टैबलेट), एमोक्सिसिलिन, एरिथ्रोपोइटिन इंजेक्शन, मेरोपेनम और रेबीज एंटीसिरम जैसे महंगे और जरूरी इंजेक्शन बरामद किए हैं। मुख्य आरोपी नीरज कुमार, जो सहारनपुर में 'आदित्य फार्मेसी' चलाता है, पिछले डेढ़ साल से दिल्ली के सरकारी अस्पतालों से चोरी की गई इन दवाओं को विभिन्न शहरों के ब्रोकरों के माध्यम से बेच रहा था। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और उनके बैंक ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच कर रही है।
आरोपियों का प्रोफाइल: यूपी से दिल्ली तक फैला था अवैध नेटवर्क
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 53 वर्षीय नीरज कुमार (सहारनपुर) मुख्य रिसीवर है, जबकि सुशील कुमार दवाइयां ढोने का काम करता था। लक्ष्मण मुखिया दिल्ली के डीडीयू अस्पताल से ट्रांसपोर्ट हब तक दवाएं पहुंचाता था। वहीं, 54 वर्षीय बिनेश कुमार और 30 वर्षीय प्रकाश महतो अस्पताल के भीतर से स्टॉक निकालने के जिम्मेदार थे। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के पकड़े जाने से सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर लगाम लगेगी और गरीबों के हक की दवाएं उन तक पहुँच सकेंगी।
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04/04/26 |पूर्वी दिल्ली में नशे के सौदागरों पर गाज: 23 लाख की गांजा खेप के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, भारी नकदी बरामद
नई दिल्ली, 4 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड (ANS) ने नशे के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पूर्वी जिले की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर दो ड्रग सप्लायरों को दबोचा है। इनके पास से लगभग 45.760 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 23 लाख रुपये आंकी गई है।
रिहायशी इलाके में चल रहा था 'पैकेजिंग यूनिट' पुलिस को सटीक जानकारी मिली थी कि शशि गार्डन के जवाहर मोहल्ला स्थित एक मकान में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ छिपाया गया है। जब पुलिस टीम ने वहां छापा मारा, तो आरोपी नदीम और मोनू उर्फ अभिषेक रंगे हाथों गांजे की छोटी-छोटी पुड़िया बनाते हुए पाए गए। वे थोक में लाए गए गांजे को रिटेल में बेचने के लिए वजन कर रहे थे और प्लास्टिक की थैलियों में पैक कर रहे थे।
तलाशी में क्या-क्या मिला? पुलिस ने मौके से न केवल भारी मात्रा में गांजा बरामद किया, बल्कि ड्रग मनी के रूप में 2,65,400 रुपये की नकदी भी जब्त की है। इसके अलावा, नशीले पदार्थों को तौलने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन और पैकिंग का सामान (स्टेपलर, टेप, प्लास्टिक पाउच) भी बरामद किया गया है।
शातिर था काम करने का तरीका पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे दिल्ली-एनसीआर में ड्रग्स की सप्लाई करते थे। पुलिस की नजरों से बचने के लिए उन्होंने जानबूझकर घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में कमरा किराए पर लिया था ताकि किसी को शक न हो। वे दूसरे राज्यों से थोक में गांजा मंगवाते थे और फिर उसे छोटे पैकेटों में बांटकर स्थानीय तस्करों को बेच देते थे।
पुलिस की अगली कार्रवाई पांडव नगर थाने में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूर्वी जिले के डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि अब पुलिस इस नेटवर्क की 'बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज' खंगाल रही है, यानी यह पता लगाया जा रहा है कि यह नशा कहाँ से आया था और दिल्ली में किन-किन लोगों को सप्लाई किया जाना था।
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04/04/26 |दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन: भलस्वा डेयरी फायरिंग कांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, दो पिस्तौल बरामद
नई दिल्ली, 4 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (NDR) ने होली के दिन भलस्वा डेयरी इलाके में दहशत फैलाने वाले एक घोषित अपराधी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी की पहचान शिवम उर्फ शिवा (निवासी मुकुंदपुर) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो अवैध देसी पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
वीडियो वायरल होने पर हरकत में आई पुलिस दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें एक युवक दोनों हाथों में देसी कट्टा लहराते हुए आम जनता को भद्दी गालियां दे रहा था और जान से मारने की धमकी दे रहा था। इस वीडियो का संज्ञान लेते हुए क्राइम ब्रांच की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट और मुखबिरों की सहायता से आरोपी की पहचान की और उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
क्या थी वारदात? घटना 4 मार्च 2026 (होली का दिन) की है, जब मुकुंदपुर पार्ट-2 में शिकायतकर्ता अरविंद कुमार अपनी कार हटा रहे थे। इसी दौरान नशे में धुत आरोपी शिवा वहां आया और गाली-गलौज करने लगा। विवाद बढ़ने पर आरोपी वहां से गया और दो पिस्तौल लेकर वापस लौटा। उसने शिकायतकर्ता पर जान से मारने की नियत से फायर कर दिया, जिसमें वह बाल-बाल बचे। आरोपी ने भागने से पहले इलाके में दहशत फैलाई और लाठी-डंडों से पड़ोसियों की गाड़ियों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था।
घेराबंदी कर दबोचा आरोपी क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि आरोपी शिवा दिल्ली के UER-II इलाके के पास छिपा हुआ है। इंस्पेक्टर रामपाल के नेतृत्व में टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और आरोपी को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से दो भरी हुई पिस्तौल बरामद हुईं। इस संबंध में क्राइम ब्रांच थाने में आर्म्स एक्ट के तहत एक अलग मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी शिवम उर्फ शिवा पहले भी कई गंभीर वारदातों में शामिल रहा है। वह साल 2024 में अमित उर्फ लंगड़ा की हत्या के मामले और 2025 में हुई गोलीबारी की घटनाओं में भी नामजद है। आरोपी केवल 10वीं तक पढ़ा है और पहले चिकन की दुकान चलाता था। फिलहाल पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है ताकि हथियारों के स्रोत का पता लगाया जा सके।
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रेलवे का नया संकल्प: सुरक्षा, सफाई और सुगम यात्रा पर रेल मंत्री का 'मिशन मोड' में काम करने का आह्वान
गरीब व मध्यम वर्ग को एक अच्छी सवारी तथा बेहतर अनुभव देने की भारतीय रेलवे की हर सम्भव कोशिश: रेल मंत्री
आरएस अनेजा, 4 अप्रैल नई दिल्ली - गरीब और मध्यम वर्ग को एक अच्छी सवारी तथा बेहतर अनुभव देना रेलवे की हर सम्भव कोशिश है। इस उद्देश्य के लिए हम सभी मिल कर काम करें। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज देश भर के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक में ये आह्वान किया। ये बैठक रेल भवन, नई दिल्ली से की गई।
रेल मंत्री ने रेल परिवार को पिछले वर्ष में अच्छा काम करने के लिए बधाई देते हुए, बैठक की शुरुआत की। साथ ही नए उत्साह के साथ, इस वर्ष काम करने के लिए अपनी नई प्राथमिकताएँ तय करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि पिछले साल रेल दुर्घटनाओं में आई एतिहासिक कमी और रिकॉर्ड माल ढुलाई ने देश भर में रेलवे की छवि सुधारने का काम किया है। बड़ी संख्या में विशेष ट्रेन चलाकर त्यौहारों के दौरान रेल यात्रा की बढ़ी हुई माँग को भी बड़ी ही प्रभावी तरीके से अधिकारियों ने पूरा किया है।
रेल मंत्री ने जोर देकर कहा कि रेलवे स्टेशन देश के लोगों के सामने हमारा चेहरा है। वो साफ़ सुथरे होने चाहिए। इस दिशा में देश भर के अधिकारियों को जी तोड़ मेहनत करनी चाहिए। अधिकारियों को प्रेरित करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे में पिछले एक दशक में आधुनिकीकरण के लिए एक रिकार्ड आवंटन हुआ है। अतः अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि इस आवंटन का उचित उपयोग कर देश भर के रेलवे स्टेशनों की तस्वीर बदलें। सुनिश्चित करें कि अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में धन राशि का आवंटन, स्टेशन में जन उपयोगी सुविधाओं का विकास करने में खर्च करें। ताकि सामान्य दिनों में यात्रियों का स्टेशन पर अनुभव और बेहतर किया जा सके।
त्यौहारों पर भीड़ को नियंत्रित कर प्लेटफॉर्म तक यात्रियों को बिना किसी भी दिक्कत के पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है ताकि रेल गाड़ियों में चढ़ना सुगम हो सके। अधिकारी ये सुनिश्चित करें कि इस दिशा में भी आवंटित धन राशि का उपयोग किया जाए। मौजूदा रेलवे प्रोजेक्ट्स में लंबित भूमि अधिग्रहण का मुद्दा भी बैठक में उठा। रेल मंत्री ने जोर देकर कहा कि लंबित भूमि अधिग्रहण द्रुत गति से आगे बढ़ायें। इसके लिए आवश्यक हो तो राज्य सरकारों के राजस्व व वन विभाग के अनुभवी सेवा निवृत्त अधिकारियों के अनुभव का लाभ भी लें।
रेल मंत्री ने कहा कि लोगों की आजीविका से जुड़े इस संवेदनशील मामले को एक मानवीय दृष्टिकोण से हल किया जाना आवश्यक है। देश के कई शहरी इलाकों में ये एक बड़ी समस्या है, जिसका समयबद्ध तरीके से निदान जरूरी है। अपनी पिछली बैठक में देश भर में भूमिगत रेल पुलियाएँ बनाने के निर्णय पर भी आज की बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। ये तय किया गया कि रेलवे पटरियों को पार करने के लिए अब जहाँ तक हो सके भूमिगत पुलियाएँ ही बनाई जाएँ। धीरे-धीरे हम रेलवे फुटओवर पुलों को कम बनाएँ, बैठक में चर्चा के दौरान ये महसूस किया गया। रेल मंत्री ने कहा, भले ही रेलवे स्टेशन हो या फिर स्टेशन परिसर के बाहर की पटरियाँ, दोनों में ही पहली कोशिश भूमिगत सुविधाजनक पुलिया बनाने की होनी चाहिए।
स्वाभाविक है कि पुल चढ़ने के बजाय पुलिया को लोग ज्यादा उपयोग करेंगे। चर्चा के दौरान ये निर्णय लिया गया कि देश के कई हिस्सों में एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत ऐसी पुलियाएँ बनवाई जाएँ जो सुविधाजनक हों। पैदल लोगों के साथ साथ ये पुलियाएँ लोगों को साइकिल, स्कूटर व मोटर साइकिल ले जाने में भी सहायक बनें। ज्यादा चौड़ी ऐसी रेल पुलियाएँ भी बनाए जाने का निर्णय लिया गया जिनसे ट्रैक्टर सहित अन्य गाड़ियाँ भी निकल सकें। शहरी व ग्रामीण दोनों इलाकों की अलग अलग जरूरतों के हिसाब से सुविधाजनक रेल पुलियाएँ बन सकें। इस दिशा में सभी अधिकारी प्रयास करेंगे।
समय पर रेल चलाने वाले ज़ोन को उनके अच्छे प्रदर्शन पर भी रेल मंत्री ने बधाई दी। देश के उन सभी ज़ोन की भी रेल मंत्री ने प्रशंसा की जिन्होंने 85% से अधिक रेल गाड़ियों को तमाम जमीनी चुनौतियों के बाबजूद समय पर चला कर स्वयं का पुराना प्रदर्शन सुधारा।
रेल मंत्री ने दोहराया कि सतत प्रयासों, प्रभावी योजना और यात्री-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ, भारतीय रेल देशभर के यात्रियों के लिए सुरक्षा, सेवा गुणवत्ता और समग्र यात्रा अनुभव को लगातार बेहतर बनाती रहेगी।
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दिल्ली पुलिस का अवैध शराब माफिया पर प्रहार: 2600 क्वार्टर शराब के साथ सोनीपत का तस्कर गिरफ्तार
नई दिल्ली, 3 अप्रैल (अन्नू): बाहरी दिल्ली जिले के एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने हरियाणा से दिल्ली में अवैध शराब की सप्लाई करने वाले एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से भारी मात्रा में हरियाणा मार्का शराब और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक टोयोटा इटियोस (Toyota Etios) कार बरामद की गई है।
गुप्त सूचना पर बिछाया जाल 2 अप्रैल 2026 की तड़के, एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड को पुख्ता जानकारी मिली थी कि हरियाणा के बहादुरगढ़ से दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में अवैध शराब की एक बड़ी खेप पहुंचाई जानी है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, इंस्पेक्टर राजपाल मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें हेड कांस्टेबल दिनेश, कांस्टेबल आर्यदीप, प्रकाश और अक्षय शामिल थे।
निहाल विहार में हुई गिरफ्तारी पुलिस टीम ने मुखबिर की निशानदेही पर निहाल विहार स्थित श्मशान घाट और डीडीए पार्क के पास घेराबंदी की। कुछ ही देर में एक टोयोटा इटियोस कार आती दिखी। पुलिस ने जब कार रुकवाने का इशारा किया, तो ड्राइवर ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने पीछा कर उसे दबोच लिया। जब कार की तलाशी ली गई, तो उसमें से 'सिर्फ हरियाणा में बिक्री के लिए' अंकित अवैध शराब के 2600 क्वार्टर बरामद हुए।
कौन है आरोपी? पकड़े गए आरोपी की पहचान 28 वर्षीय मोहित के रूप में हुई है, जो हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। पुलिस ने निहाल विहार थाने में दिल्ली आबकारी अधिनियम (Excise Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
सप्लाई चेन की जांच जारी डीसीपी (बाहरी जिला) विक्रम सिंह ने बताया कि बरामद शराब और वाहन को जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह शराब हरियाणा में कहां से लाई गई थी और दिल्ली में इसे किन-किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। पुलिस का लक्ष्य इस पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन का भंडाफोड़ करना है।
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03/04/26 |दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की बड़ी कामयाबी: रोहिणी कोर्ट का भगोड़ा सन्नी उर्फ नागिन चढ़ा हत्थे, नशे की लत ने बनाया था अपराधी
नई दिल्ली, 3 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (NR-1, प्रशांत विहार) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए इलाके के कुख्यात अपराधी और भगोड़े (PO) सन्नी उर्फ 'नागिन' को गिरफ्तार कर लिया है। 26 वर्षीय सन्नी, मुबारकापुर डबास के भाग्य विहार का रहने वाला है और लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा था। उस पर झपटमारी, डकैती और आर्म्स एक्ट के करीब 19 आपराधिक मामले दिल्ली के विभिन्न थानों में दर्ज हैं।
क्या था मामला? यह गिरफ्तारी साल 2019 में प्रशांत विहार थाने में दर्ज मोबाइल झपटमारी के एक मामले (FIR No. 63/19) के संदर्भ में हुई है। घटना 8 जनवरी 2019 की है, जब सेक्टर-9 रोहिणी की रहने वाली एक नाबालिग लड़की का मोबाइल दो बाइक सवार बदमाशों ने सेक्टर-13 के पास छीन लिया था। उस समय जनता ने सन्नी को रंगे हाथों पकड़ लिया था। हालांकि, कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह सुनवाई के दौरान गायब हो गया और शर्तों का उल्लंघन किया। इसके चलते 22 नवंबर 2023 को रोहिणी कोर्ट ने उसे 'घोषित अपराधी' (Proclaimed Offender) करार दिया था।
कैसे हुई गिरफ्तारी? डीसीपी (क्राइम ब्रांच) पंकज कुमार के निर्देशानुसार, इंस्पेक्टर पुखराज के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। हेड कांस्टेबल नरेंद्र और कांस्टेबल मनोज को गुप्त सूचना मिली कि सन्नी उर्फ नागिन सुल्तानपुरी इलाके में घूम रहा है। इस सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और 2 अप्रैल 2026 को आरोपी को सफलतापूर्वक दबोच लिया।
आरोपी का प्रोफाइल पुलिस जांच में सामने आया है कि सन्नी उर्फ नागिन सुल्तानपुरी इलाके का आदती अपराधी है। वह आर्थिक तंगी के कारण 10वीं कक्षा में ही पढ़ाई छोड़ चुका था। पुलिस के अनुसार, आरोपी 'स्मैक' के नशे का आदी है और अपनी इसी लत को पूरा करने के लिए वह लगातार वारदातों को अंजाम देता था। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि अन्य वारदातों का खुलासा किया जा सके।
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03/04/26 |सेंसोडाइन के नाम पर 'नीला पेस्ट' बेचने वाली फैक्ट्री सील; दिल्ली में गंदे ड्रमों में बन रहा था नकली टूथपेस्ट
नई दिल्ली, 3 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ईस्टर्न रेंज-1) ने राजधानी में आर्थिक अपराधों और नकली सामानों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कंझावला इलाके के महावीर विहार में चल रही नकली 'सेंसोडाइन' (Sensodyne) टूथपेस्ट बनाने वाली एक विशाल यूनिट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लाखों रुपये का नकली सामान और मशीनें जब्त की गई हैं।
गुप्त सूचना पर आधी रात को छापेमारी
क्राइम ब्रांच के डीसीपी पंकज कुमार के अनुसार, एसआई गुमान सिंह को सटीक सूचना मिली थी कि महावीर विहार के एक गोदाम में नामी ब्रांड 'सेंसोडाइन' के खाली ट्यूबों में घटिया और अस्वास्थ्यकर (Unhygienic) पेस्ट भरकर उन्हें असली बताकर बाजार में बेचा जा रहा है।
इंस्पेक्टर आशीष शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 02 अप्रैल को सी-ब्लॉक, महावीर विहार स्थित गोदाम पर छापा मारा। मौके पर 6 मजदूर टूथपेस्ट भरने और पैकिंग करने के काम में लगे हुए पाए गए। जांच में पाया गया कि यह पूरा काम बेहद गंदी स्थितियों में किया जा रहा था, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
बड़ी मात्रा में बरामदगी: मशीनें और कच्चा माल जब्त
पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
मशीनें: ट्यूब भरने और सील करने वाली ऑटोमैटिक मशीन (1 H.P.), बैच नंबर और एक्सपायरी डेट छापने वाली प्लेट्स और 2 हीटिंग गन।
तैयार माल: 3,000 से अधिक भरे हुए नकली सेंसोडाइन ट्यूब (फ्रेश जेल और फ्रेश मिंट वेरिएंट)।
कच्चा माल: दो बड़े ड्रमों में भरा लगभग 130 किलो नीला नकली पेस्ट और भारी मात्रा में सुपर ग्लू।
पैकिंग सामग्री: 11,000 से ज्यादा खाली ट्यूब, 50 किलो से अधिक छपे हुए कार्टन, हजारों कैप्स और ब्रांडेड एडहेसिव टेप।
मालिक गिरफ्तार, लाइसेंस का अता-पता नहीं
फैक्ट्री के मजदूरों ने बताया कि यह गोदाम हरि ओम मिश्रा (58 वर्ष) का है, जो रोहिणी सेक्टर-2 का निवासी है। पुलिस ने आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह बिना किसी वैध लाइसेंस या ब्रांड मालिक की अनुमति के यह अवैध कारोबार चला रहा था।
सेंसोडाइन ब्रांड के अधिकृत प्रतिनिधि ने भी मौके पर पहुँचकर पुष्टि की कि जब्त किया गया सारा सामान नकली है और इस्तेमाल के लिए असुरक्षित है।
स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह नकली टूथपेस्ट मसूड़ों और दांतों के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाले रसायनों और पेस्ट की गुणवत्ता की कोई जांच नहीं की गई थी। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सप्लायरों और उन दुकानदारों का पता लगा रही है जहाँ यह माल सप्लाई किया जाना था।
दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और कॉपीराइट एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
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03/04/26 |सावधान! आपकी सेहत से खिलवाड़ कर रहा था एक्सपायरी फूड का यह बड़ा सिंडिकेट; दिल्ली द्वारका में क्राइम ब्रांच ने किया भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार
नई दिल्ली, 3 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (WR-II यूनिट) ने द्वारका के बामनोली गांव में चल रहे एक बेहद खतरनाक और संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह नामी बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) के एक्सपायरी (तारीख निकल चुके) कोल्ड ड्रिंक्स और खाद्य पदार्थों को इकट्ठा कर, उनकी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट बदलकर दोबारा बाजार में सप्लाई कर रहा था।
पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में नामी ब्रांड्स के पेय पदार्थ और तारीख बदलने वाली अत्याधुनिक मशीनें जब्त की हैं। इस मामले में मुख्य सरगना सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
छापेमारी और रिकवरी: हजारों की संख्या में मिले एक्सपायरी कैन
एसीपी भगवती प्रसाद और इंस्पेक्टर अक्षय गहलोत के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम ने द्वारका सेक्टर-28 स्थित एक गोदाम पर छापा मारा। जांच के दौरान वहां भारी मात्रा में फर्जीवाड़े के साथ रखे गए उत्पाद मिले:
थम्स अप (Thums Up): 25 बॉक्स (600 कैन)
स्प्राइट (Sprite): 35 बॉक्स (840 कैन)
लिम्का (Limca): 20 बॉक्स (480 कैन)
कोका-कोला (Coca-Cola): 35 बॉक्स (1176 कैन)
ब्रांडेड बिस्कुट: भारी मात्रा में पैकेट जिन पर स्टिकर बदले गए थे।
जब्त उपकरण: असली तारीख मिटाने के लिए थिनर केमिकल और फर्जी तारीखें छापने के लिए इस्तेमाल होने वाली डोमिनो प्रिंटिंग मशीन (Ax 350i) भी बरामद की गई है।
काम करने का तरीका (Modus Operandi)
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बाजार से एक्सपायरी या एक्सपायरी के करीब पहुँच चुके सस्ते प्रोडक्ट्स खरीदते थे। इसके बाद:
थिनर की मदद से पुरानी तारीख और बैच नंबर मिटा दिए जाते थे।
प्रिंटिंग मशीन से नई फर्जी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट डाल दी जाती थी।
फिर इन्हें नए कार्टन में पैक कर मुनाफा कमाने के लिए बाजार में और विदेशों में एक्सपोर्ट करने के लिए भेज दिया जाता था।
FSSAI की टीम ने लिए सैंपल
कार्रवाई के दौरान FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया। उन्होंने फर्म के लाइसेंस की जांच की और खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं (275/318/336/61) के तहत FIR नंबर 67/2026 दर्ज की है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
कमल मुद्गिल (56 वर्ष): निवासी गुरुग्राम, फर्म का मालिक और मुख्य साजिशकर्ता।
शिवम (27 वर्ष): निवासी द्वारका, गोदाम में काम करने वाला सहायक।
लोकेश कुमार (35 वर्ष): निवासी पालम गांव, जालसाजी में शामिल सहयोगी।
दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई से न केवल उपभोक्ताओं के साथ हो रही धोखाधड़ी को रोका है, बल्कि बड़ी मात्रा में असुरक्षित खाद्य पदार्थों को बाजार में पहुँचने से रोककर सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा की है।
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03/04/26 |दिल्ली नशा मुक्त अभियान: क्राइम ब्रांच ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का किया भंडाफोड़; ₹60 लाख की 'मलाणा क्रीम' के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
नई दिल्ली, 3 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ARSC यूनिट) ने अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने हिमाचल प्रदेश से मुंबई जा रही 1.436 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली चरस, जिसे 'मलाणा क्रीम' के नाम से जाना जाता है, जब्त की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत लगभग 60 लाख रुपये आंकी गई है।
हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर फिल्मी अंदाज में गिरफ्तारी
क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार, इंस्पेक्टर रॉबिन त्यागी और एसीपी संजय कुमार नागपाल की देखरेख में गठित टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। पुलिस को सूचना मिली थी कि ओम चंद उर्फ 'ओमू' नामक तस्कर हिमाचल से चरस की बड़ी खेप लेकर दिल्ली आने वाला है।
पकड़े जाने के डर से आरोपी लगातार पुलिस को चकमा दे रहे थे। पहले मुकरबा चौक और फिर कश्मीरी गेट आईएसबीटी पर पुलिस ने जाल बिछाया, लेकिन आरोपी वहां से बच निकले। अंत में, एक लंबी लुका-छिपी के बाद पुलिस टीम ने हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर धावा बोला और महाराष्ट्र संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (12908) के जनरल कोच से ओम चंद और उसके साथी प्यारे सिंह को ट्रेन खुलने से महज कुछ पल पहले दबोच लिया।
हिमाचल से मुंबई तक फैला था नेटवर्क
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं:
सोर्स: यह चरस हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के मलाणा गांव निवासी नौलु राम से खरीदी गई थी।
टारगेट: इस खेप को महाराष्ट्र के मुंबई पहुँचाया जाना था, जहाँ रेव पार्टियों और अन्य आयोजनों में इसकी भारी मांग रहती है।
आरोपी: मुख्य आरोपी ओम चंद (12वीं पास) हिमाचल में टैक्सी चलाता है, जबकि दूसरा आरोपी प्यारे सिंह उसका चचेरा भाई है। दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं।
मुख्य सप्लायर की तलाश जारी
दिल्ली पुलिस की टीम ने मलाणा गांव में मुख्य सप्लायर नौलु राम के घर पर छापेमारी की, लेकिन वह अपने साथियों की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही फरार हो गया। पुलिस अब इस सिंडिकेट के 'रिसीवर्स' (खरीददारों) और मुख्य सरगना की तलाश में जुटी है।
क्राइम ब्रांच ने इस संबंध में FIR नंबर 56/2026 के तहत NDPS एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
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दिल्ली: बुजुर्गों के घर कब्जाने वाले गिरोह का सदस्य गिरफ्तार, वसंत विहार मामले में था भगोड़ा
नई दिल्ली, 2 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 'लैंड ग्रैबर' (जमीन कब्जाने वाले) गिरोह के एक सक्रिय सदस्य और घोषित अपराधी (PO) को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी बुजुर्गों को निशाना बनाकर उनके घरों पर कब्जा करने वाले गिरोह का हिस्सा है।
कोर्ट परिसर के पास से हुई गिरफ्तारी
डीसीपी (क्राइम-II) संजीव कुमार यादव के अनुसार, वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत 30 मार्च 2026 को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर एसआई संजय कुमार, एसआई अंकुर और उनकी टीम ने पटियाला हाउस कोर्ट के पास जाल बिछाया। दोपहर करीब 1 बजे, टीम ने 51 वर्षीय अमित सागर को कोर्ट लॉक-अप के पास से दबोच लिया। अमित सागर मूल रूप से गाजियाबाद (यूपी) का रहने वाला है और वसंत विहार थाने में दर्ज साल 2016 के एक मामले में 25 फरवरी 2026 को भगोड़ा घोषित किया गया था।
90 साल के बुजुर्ग के साथ की थी मारपीट
पूछताछ के दौरान आरोपी अमित सागर ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह संदीप भास्कर के नेतृत्व वाले एक खतरनाक 'लैंड ग्रैबिंग गैंग' का सदस्य है। साल 2016 में अमित और उसके साथियों ने वसंत विहार में रहने वाले एक 90 वर्षीय बुजुर्ग के घर में जबरन घुसकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की थी। इस हमले का मुख्य मकसद बुजुर्ग को डरा-धमकाकर उनकी बेशकीमती संपत्ति पर कब्जा करना था।
नौकर और केयरटेकर बनकर की गद्दारी
आरोपी का प्रोफाइल खंगालने पर पता चला कि वह और उसका सरगना पीड़ित बुजुर्ग के घर में ही काम करते थे। वारदात के समय अमित सागर बुजुर्ग का ड्राइवर था, जबकि गिरोह का सरगना संदीप भास्कर वहां केयरटेकर के रूप में तैनात था। इन्होंने भरोसे का फायदा उठाकर घर कब्जाने की साजिश रची थी। अमित के सहयोगी संदीप भास्कर और जगत सिंह को भी मौके पर पकड़ा गया था, लेकिन बाद में वे अदालत की कार्यवाही से बचकर फरार हो गए थे।
अमित सागर केवल 11वीं कक्षा तक पढ़ा है और फिलहाल कपड़ों पर प्रिंटिंग का काम कर रहा था। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है।
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02/04/26 |भोपाल: बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व मैनेजर और सहयोगी को 7 साल की जेल, ₹27 लाख के गबन मामले में कोर्ट का सख्त फैसला
मध्य प्रदेश, 2 अप्रैल (अन्नू): मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने 1 अप्रैल 2026 को बैंक धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने बैंक ऑफ इंडिया, मिसरोद शाखा (भोपाल) के तत्कालीन सीनियर ब्रांच मैनेजर पीयूष चतुर्वेदी और एक निजी व्यक्ति मोहन सिंह सोलंकी को दोषी करार देते हुए 7-7 साल के सश्रम कारावास (Rigorous Imprisonment) की सजा सुनाई है। साथ ही, दोनों दोषियों पर कुल 60,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
क्या था पूरा मामला?
सीबीआई ने यह मामला 25 जनवरी 2016 को बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन डिप्टी जोनल मैनेजर की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया था। आरोप था कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक पीयूष चतुर्वेदी ने पद का दुरुपयोग करते हुए 'मैसर्स विजन कंप्यूटर' के नाम पर 27 लाख रुपये का टर्म लोन धोखाधड़ी से मंजूर किया था।
षड्यंत्र और पैसों की हेराफेरी
जांच में यह खुलासा हुआ कि लोन मंजूर करने के बाद पीयूष चतुर्वेदी ने सह-आरोपी मोहन सिंह सोलंकी के साथ मिलकर एक गहरी साजिश रची। इस साजिश के तहत लोन की पूरी राशि को 'मैसर्स अजब कुमार इंडस्ट्रीज' के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। गौर करने वाली बात यह है कि इस फर्म की प्रोपराइटर श्रीमती कृष्णा बाई सोलंकी थीं, जो आरोपी मोहन सिंह सोलंकी की पत्नी हैं। इसके बाद दोनों आरोपियों ने इस रकम का गबन कर लिया, जिससे बैंक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
सीबीआई की चार्जशीट और कोर्ट का फैसला
सीबीआई ने मामले की गहन जांच के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी। लंबी सुनवाई और पेश किए गए सबूतों के आधार पर माननीय न्यायालय ने पाया कि आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से बैंक के साथ विश्वासघात किया है। कोर्ट ने दोनों को भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का दोषी मानते हुए जेल भेज दिया है।
यह फैसला बैंकिंग क्षेत्र में ईमानदारी बनाए रखने और सार्वजनिक धन का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है।
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02/04/26 |दिल्ली: हत्या और लूट के 16 मामलों में शामिल था आरोपी, क्राइम ब्रांच ने पिस्टल और कारतूस के साथ दबोचा
नई दिल्ली, 2 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी गैंग स्क्वाड (AGS) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात नवीन खाती गैंग के सक्रिय शूटर 'सज्जन उर्फ लाला' को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से एक अत्याधुनिक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। सज्जन दिल्ली के बाबा हरिदास नगर थाने का घोषित हिस्ट्रीशीटर है और उस पर हत्या, लूट और आर्म्स एक्ट जैसे 16 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
द्वारका में जाल बिछाकर दबोचा डीसीपी (क्राइम ब्रांच) हर्ष इंदोरा ने बताया कि पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि सज्जन उर्फ लाला अवैध हथियारों के साथ अपने साथियों से मिलने आने वाला है। इस सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर गुलशन यादव के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई और द्वारका स्थित गुरु गोविंद सिंह यूनिवर्सिटी के पास जाल बिछाया गया। पुलिस को देखते ही आरोपी ने भागने और विरोध करने की कोशिश की, लेकिन टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे धर दबोचा।
अपराध की दुनिया का पुराना चेहरा 34 वर्षीय सज्जन उर्फ लाला दिल्ली के मित्रान गांव का रहने वाला है। वह साल 2014 में नवीन खाती गैंग में शामिल हुआ था। उसने उसी साल मित्रान गांव में प्रताप सिंह नामक व्यक्ति की हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद 2016 में भी उसने एक घर में घुसकर युवक की हत्या की थी। वह दिल्ली और हरियाणा में लूट और हत्या के प्रयासों की एक लंबी श्रृंखला में शामिल रहा है।
आर्थिक तंगी ने फिर बनाया अपराधी पुलिस पूछताछ में सामने आया कि लंबे समय तक जेल में रहने के बाद वह बाहर आया था, लेकिन भारी आर्थिक तंगी के कारण उसने 2024 में दोबारा अपराध की दुनिया में कदम रखा। मई 2024 में उसने अपने साथियों के साथ श्याम विहार में एक जमीन पर कब्जा करने के लिए सुरक्षा गार्डों को बंदूक की नोक पर धमकाया था, जिसके बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।
फिलहाल, पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी इन हथियारों का इस्तेमाल किस बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए करने वाला था।
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दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी: क्राइम ब्रांच ने 4 लापता नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित खोजा
नई दिल्ली, 2 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अलग-अलग इलाकों से अगवा और लापता हुई चार नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर लिया है। पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी और जमीनी सूचनाओं के आधार पर इन लड़कियों को दिल्ली, उत्तर प्रदेश और नेपाल सीमा के पास से ढूंढ निकाला और उनके परिजनों से मिलाया।
मामला 1: 18 महीने बाद मिली सफलता प्रेम नगर इलाके से अगस्त 2024 में लापता हुई 14 वर्षीय किशोरी को पुलिस ने करीब डेढ़ साल की कड़ी मशक्कत के बाद नजफगढ़ की अनाज मंडी के पास से बरामद किया। जांच में पता चला कि वह बिना बताए अपने दोस्तों के साथ चली गई थी।
मामला 2: यूपी के बदायूं से बरामदगी समयपुर बादली इलाके की रहने वाली 14 साल की एक अन्य लड़की, जो मार्च 2026 में लापता हुई थी, उसे पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से खोज निकाला। वह दिल्ली की एक फैक्ट्री में काम करती थी और परिजनों को बताए बिना अपनी सहेली के साथ यूपी चली गई थी।
मामला 3: दोस्ती और शादी का झांसा विकास नगर से सितंबर 2024 में लापता हुई 17 वर्षीय किशोरी को पुलिस ने विकास नगर इलाके से ही बरामद किया। पता चला कि वह पड़ोस के एक लड़के के संपर्क में थी और उसके साथ बिहार चली गई थी, जहाँ उन्होंने मंदिर में शादी कर ली थी।
मामला 4: नेपाल तक पहुंचा पुलिस का जाल मुंडका इलाके से फरवरी 2026 में लापता हुई 13 साल की मासूम बच्ची को पुलिस ने मुंडका औद्योगिक क्षेत्र से तब बरामद किया जब वह नेपाल से वापस आई। जांच में खुलासा हुआ कि एक लड़का उसे बहला-फुसलाकर आनंद विहार बस टर्मिनल के रास्ते नेपाल ले गया था, जहाँ वे लड़के की बहन के घर रुके थे।
टीम की सराहना डीसीपी (क्राइम ब्रांच) पंकज कुमार ने बताया कि एसीपी सुरेश कुमार के नेतृत्व में इंस्पेक्टर मुकेश कुमार और मनोज दहिया की टीमों ने इन मामलों को संवेदनशीलता से सुलझाया। सभी लड़कियों को संबंधित थानों के जांच अधिकारियों को सौंप दिया गया है ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी की जा सके।
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दिल्ली: डाबरी में अवैध गैस रिफिलिंग गिरोह का भंडाफोड़, क्राइम ब्रांच ने 17 सिलेंडर जब्त कर दुकानदार को दबोचा
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (अन्नू): नई दिल्ली की क्राइम ब्रांच (WR-I) ने एक गुप्त सूचना के आधार पर दिल्ली के डाबरी इलाके में छापेमारी कर घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण और रिफिलिंग के एक बड़े कारोबार का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने विभिन्न कंपनियों के 17 एलपीजी सिलेंडर बरामद किए हैं। आरोपी दुकानदार घरेलू सिलेंडरों से गैस चोरी कर उसे 200 रुपये प्रति किलो की महंगी दर पर अवैध रूप से रिफिल कर बेच रहा था।
बाजार में मंदी का फायदा उठाने की कोशिश
डीसीपी (क्राइम ब्रांच) हर्ष इंदोरा के अनुसार, बाजार में एलपीजी की कथित कमी की आशंकाओं के बीच जमाखोरों पर नकेल कसने के लिए इंस्पेक्टर अनिल मलिक के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम को सूचना मिली थी कि डाबरी के सीतापुरी इलाके में एक दुकानदार अवैध रूप से गैस की कालाबाजारी कर रहा है। पुलिस ने जब सीतापुरी स्थित दुकान पर छापा मारा, तो वहां 61 वर्षीय मोहन लाल गर्ग को अवैध रूप से सिलेंडर रिफिल करते हुए पाया गया।
मौके पर पहुंची खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम
छापेमारी के दौरान मौके पर भारत पेट्रोलियम के 5, हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 5 और इंडेन गैस के 7 सिलेंडर बरामद हुए। पुलिस ने तुरंत खाद्य आपूर्ति अधिकारी (FSO) हरजीत कौर को सूचित किया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर नियमों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की। आरोपी मोहन लाल गर्ग के खिलाफ डाबरी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
शातिर तरीके से चलता था कालाबाजारी का खेल
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपनी दुकान की आड़ में इन सिलेंडरों को छिपाकर रखता था ताकि जांच एजेंसियों को भनक न लगे। वह सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर गैस को 200 रुपये प्रति किलो के ऊंचे दाम पर बेचकर अवैध लाभ कमा रहा था। आरोपी केवल 10वीं तक पढ़ा है और सीतापुरी का ही रहने वाला है।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि आम जनता को उचित दामों पर संसाधन उपलब्ध हो सकें।
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01/04/26 |लखनऊ: करोड़ों के एलआईसी (LIC) घोटाले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 12 साल बाद CBI के हत्थे चढ़ा भगोड़ा समीर जोशी
लखनऊ, 1 अप्रैल (अन्नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए करोड़ों रुपये के वित्तीय धोखाधड़ी मामले में घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) समीर जोशी को गिरफ्तार कर लिया है। समीर जोशी पर भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के फंड में हेराफेरी करने का आरोप है। सीबीआई की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को 31 मार्च 2026 को लखनऊ के एक मेट्रो स्टेशन से दबोचा।
₹6.37 करोड़ का फर्जीवाड़ा
यह मामला साल 2012 में एलआईसी लखनऊ की शिकायत पर दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि फरवरी 2006 से अगस्त 2010 के बीच लखनऊ के जानकीपुरम स्थित एलआईसी कार्यालय में भारी वित्तीय अनियमितताएं की गईं। आरोपियों ने अस्तित्वहीन (Non-existent) पॉलिसी धारकों के नाम पर फर्जी चेक तैयार किए और एलआईसी के फंड से ₹6,37,66,660 की हेराफेरी की। इस घोटाले को छिपाने के लिए बही-खातों में भी बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया था।
साजिश और धोखाधड़ी का तरीका
सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, समीर जोशी ने एलआईसी के तत्कालीन हायर ग्रेड असिस्टेंट पंकज सक्सेना के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। समीर जोशी, उसकी पत्नी अंजू जोशी और उसके कर्मचारी जितेंद्र कुमार के नाम पर फर्जी चेक जारी किए गए। इन फर्जी चेकों के जरिए लगभग ₹62 लाख की राशि भुनाई गई, जिसे आरोपियों ने आपस में बांट लिया था।
जमानत के बाद हुआ था फरार
समीर जोशी को जांच के दौरान पहले भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उसे जमानत मिल गई थी। जमानत पर बाहर आने के बाद वह अदालती कार्यवाही से बचकर भाग निकला और लंबे समय तक फरार रहा। जिसके बाद, 24 दिसंबर 2025 को अदालत ने उसे 'घोषित अपराधी' (PO) करार दिया था।
31 मार्च 2026 को गिरफ्तारी के बाद आरोपी को संबंधित ट्रायल कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस मामले में सीबीआई पहले ही 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
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'ऑपरेशन कवच 13.0': दिल्ली पुलिस का नशे और संगठित अपराध पर बड़ा प्रहार; 48 घंटों में 3200 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (अन्नू): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नशामुक्त भारत' के विजन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत दिल्ली पुलिस ने 'ऑपरेशन कवच 13.0' के तहत एक बड़ा अभियान चलाया। दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा के नेतृत्व में चली इस मुहिम के दौरान पिछले 48 घंटों (29 मार्च शाम 6 बजे से 31 मार्च शाम 6 बजे तक) में पूरी दिल्ली में अपराधियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई।
ऑपरेशन की मुख्य उपलब्धियां:
दिल्ली के सभी 15 जिलों, क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल की 1042 टीमों ने कुल 3211 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के परिणाम इस प्रकार रहे:
नशा तस्करी (NDPS Act): कुल 229 मामले दर्ज किए गए और 267 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 100 किलो गांजा, 1.170 किलो कोकीन, 260 ग्राम हेरोइन और भारी मात्रा में नशीली गोलियां व इंजेक्शन बरामद किए गए।
अवैध शराब (Excise Act): आबकारी अधिनियम के तहत 416 मामले दर्ज कर 429 लोगों को पकड़ा गया। पुलिस ने 77,271 क्वार्टर अवैध शराब और भारी मात्रा में बीयर जब्त की। सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने के आरोप में 2993 लोग गिरफ्तार किए गए।
अवैध हथियार (Arms Act): 254 मामलों में 259 आरोपी गिरफ्तार हुए। इनके पास से 19 पिस्तौल, 42 देसी कट्टे, 79 कारतूस और 191 चाकू बरामद किए गए।
जुआ और वाहन चोरी: जुआ अधिनियम के तहत 528 लोग पकड़े गए और 10 लाख रुपये से अधिक कैश बरामद हुआ। साथ ही 59 घोषित अपराधी (PO) और 42 वाहन चोरों को भी सलाखों के पीछे भेजा गया।
बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां:
मेहरौली में कोकीन की बड़ी खेप: क्राइम ब्रांच ने मेहरौली के इस्लाम कॉलोनी से एक नाइजीरियाई नागरिक, जॉन चिबुइके को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 1.031 किलो कोकीन बरामद हुई।
नरेला में स्मैक तस्कर: बाहरी उत्तरी जिले की पुलिस ने रियाज और रियाज आलम नामक दो तस्करों को पकड़कर उनके पास से करीब 283 ग्राम स्मैक जब्त की।
नशामुक्ति केंद्र का कर्मचारी गिरफ्तार: शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन के पास से विक्रम नामक व्यक्ति को पकड़ा गया, जो पहले एक नशामुक्ति केंद्र में काम करता था। उसके पास से कमर्शियल मात्रा में बुप्रेनोरफिन (नशीली दवा) मिली।लेडी डॉन 'मुस्कान' गिरफ्तार: मंगोलपुरी की कुख्यात अपराधी मुस्कान को 100 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया।
जमीनी प्रभाव और पुलिस की रणनीति
स्पेशल सीपी (क्राइम) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि 'ऑपरेशन कवच' के लगातार प्रहार से ड्रग माफियाओं में खौफ पैदा हुआ है। अब बड़े तस्कर दिल्ली के बजाय नोएडा और आसपास के इलाकों में गोदाम बना रहे हैं। पुलिस ने यह भी पाया कि अब तस्कर पकड़े जाने से बचने के लिए महिलाओं और बच्चों का सहारा ले रहे हैं ताकि वे एक सामान्य परिवार की तरह दिखें।
दिल्ली पुलिस ने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। 'ऑपरेशन कवच' का मुख्य उद्देश्य समाज की आने वाली पीढ़ी को इस जहर से बचाना है।
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01/04/26 |कश्मीर: 50 हजार की रिश्वत लेते EPFO के रीजनल कमिश्नर और सीनियर असिस्टेंट गिरफ्तार, CBI का बड़ा एक्शन
नई दिल्ली/कश्मीर, 1 अप्रैल (अन्नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कश्मीर क्षेत्र के श्रीनगर (बटमालू) स्थित कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के दो लोक सेवकों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त (RPFC) और एक वरिष्ठ सुरक्षा सहायक (Senior Security Assistant) शामिल हैं। इन दोनों को शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये की घूस स्वीकार करते हुए पकड़ा गया।
क्या है पूरा मामला?
सीबीआई ने यह मामला 31 मार्च 2026 को दर्ज किया था। आरोप है कि क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने शिकायतकर्ता से उसके स्कूल के खिलाफ प्रतिकूल कार्रवाई न करने और भारी जुर्माना न लगाने के बदले में 1,50,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। सौदेबाजी के बाद रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50,000 रुपये देना तय हुआ था।
जाल बिछाकर की गई गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की टीम ने 31 मार्च को ही जाल बिछाया। वरिष्ठ सुरक्षा सहायक को शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया गया। इसके बाद, जब यह पुष्टि हो गई कि यह पैसा क्षेत्रीय आयुक्त के निर्देश पर लिया गया है, तो सीबीआई ने आरपीएफसी (RPFC) को भी गिरफ्तार कर लिया।
भ्रष्टाचार के खिलाफ अपील
सीबीआई इस मामले में आगे की जांच कर रही है और कार्यालय में अन्य दस्तावेजों को खंगाल रही है। इसके साथ ही सीबीआई ने आम जनता से अपील की है कि रिश्वत लेना और देना दोनों अपराध हैं। यदि जम्मू-कश्मीर या लद्दाख में कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी आधिकारिक काम के लिए रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत CBI, ACB श्रीनगर को सूचित करें।
हेल्पलाइन नंबर: 9419900977
ईमेल: hobacsgr@cbi.gov.in
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दिल्ली पुलिस की बड़ी सफलता: दक्षिण-पश्चिम जिले में आबकारी अधिनियम सहित विभिन्न मामलों के 4 भगोड़े गिरफ्तार
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस के दक्षिण-पश्चिम जिले की पुलिस टीमों ने एक विशेष अभियान के तहत चार 'घोषित अपराधियों' (Proclaimed Offenders/Absconders) को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए आरोपी पॉक्सो एक्ट (POCSO), दिल्ली आबकारी अधिनियम, मारपीट और चेक बाउंस जैसे गंभीर मामलों में अदालतों द्वारा भगोड़े घोषित किए जा चुके थे।
पुलिस टीमों की रणनीतिक कार्रवाई
डीसीपी (दक्षिण-पश्चिम) अमित गोयल के निर्देशन में सफदरजंग एन्क्लेव, पालम विलेज और वसंत विहार थानों की समर्पित टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों ने ई-प्रिजन पोर्टल, तकनीकी निगरानी (Technical Surveillance) और स्थानीय मुखबिरों की मदद से इन अपराधियों का पीछा किया।
गिरफ्तार किए गए अपराधियों का विवरण:
1. जितेंद्र निगम (31 वर्ष):
मामला: दिल्ली आबकारी अधिनियम (Excise Act)।
विवरण: सफदरजंग अस्पताल चौकी की टीम ने तकनीकी सुरागों के आधार पर जितेंद्र को गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर-1 से दबोचा। आरोपी को 9 मार्च 2026 को अदालत ने भगोड़ा घोषित किया था। वह पहले भी लूट और आबकारी अधिनियम के दो मामलों में शामिल रहा है।
2. वंदना खेत्रपाल (38 वर्ष):
मामला: मारपीट और गलत तरीके से रोकने की धाराएं (IPC 323/341)।
विवरण: पालम विलेज थाने की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर वंदना को गिरफ्तार किया। आरोपी महिला 18 मार्च 2025 से फरार चल रही थी और अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया था।3. प्रदीप (32 वर्ष):
मामला: अपहरण, बलात्कार और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act)।
विवरण: प्रदीप पर नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न जैसे संगीन आरोप हैं। पालम विलेज पुलिस की टीम ने लगातार निगरानी रखते हुए फरीदाबाद निवासी इस आरोपी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया।4. सुबोध कुमार (45 वर्ष):
मामला: चेक बाउंस (NI Act की धारा 138)।
विवरण: वसंत विहार थाने की टीम ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में छापेमारी कर सुबोध को गिरफ्तार किया। सुबोध साकेत कोर्ट के कुल 6 अलग-अलग चेक बाउंस मामलों में 20 दिसंबर 2024 से वांछित था।
पुलिस के अनुसार, कानून की प्रक्रिया से बचने वाले अन्य अपराधियों और पैरोल जंपर्स की धरपकड़ के लिए अभियान अभी जारी है।
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'मुखिया गैंग' का सरगना गिरफ्तार: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने करोड़ों की चोरी करने वाले वांटेड अपराधी को दबोचा
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (अन्नू): नई दिल्ली की 'एंटी गैंगस्टर स्क्वाड' (AGS) क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात 'मुखिया गैंग' के मास्टरमाइंड राहुल उर्फ राजू मुखिया को गिरफ्तार कर लिया है। 38 वर्षीय राहुल, जो मूल रूप से बिहार के मधुबनी का निवासी है, दिल्ली और हरियाणा के कई मामलों में भगोड़ा (PO) घोषित था। उसकी गिरफ्तारी द्वारका के नागली इलाके से एक विशेष जाल बिछाकर की गई है।
नौकर बनकर देते थे वारदात को अंजाम
मुखिया गैंग की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) बेहद शातिर थी। यह गैंग प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए संपन्न परिवारों से संपर्क करता था। गैंग के पुरुष और महिला सदस्य सुनियोजित तरीके से उन घरों में नौकर या मेड के रूप में काम शुरू करते थे। परिवार का भरोसा जीतने के बाद, ये घर के सदस्यों की गतिविधियों और कीमती सामान (कैश और ज्वेलरी) के ठिकानों की पूरी जानकारी अपने सरगना को देते थे। मौका मिलते ही गैंग के अन्य सदस्य घर में घुसकर बड़ी चोरी या लूट को अंजाम देते थे।
नशीला पदार्थ खिलाकर की करोड़ों की चोरी
राहुल मुखिया के खिलाफ दिल्ली और गुरुग्राम में कई गंभीर मामले दर्ज हैं:
गुरुग्राम (2014): डीएलएफ फेज-2 में एक महिला को चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश किया और करीब 1 करोड़ रुपये के जेवरात व नकदी पर हाथ साफ कर दिया।
राजौरी गार्डन (2016): एक डॉक्टर के घर में नौकर बनकर घुसे और परिवार के बाहर जाते ही करीब 25-30 लाख रुपये की चोरी की।
इसके अलावा कालकाजी और ग्रेटर कैलाश के इलाकों में भी इसके खिलाफ मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तारी और प्रोफाइल
डीसीपी (क्राइम ब्रांच) हर्ष इंदोरा के निर्देशन और एसीपी भगवती प्रसाद की देखरेख में इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार की टीम ने इस अपराधी को ट्रैक किया। राहुल केवल 5वीं कक्षा तक पढ़ा है, लेकिन उसने देशभर में घरेलू सहायकों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार कर लिया था। वह पहले भी गिरफ्तार हो चुका है, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद वह कभी अदालत में पेश नहीं हुआ, जिसके बाद उसे 'घोषित अपराधी' करार दिया गया था।
पुलिस अब राहुल से पूछताछ कर रही है ताकि उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी किए गए माल की बरामदगी की जा सके।
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31/03/26 |बैंक धोखाधड़ी: CBI कोर्ट ने SBI के पूर्व मैनेजर समेत दो को सुनाई 5-5 साल की कैद, 13 लाख का जुर्माना
लखनऊ, 31 मार्च (अन्नू): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित विशेष CBI अदालत ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में अपना कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इलाहाबाद (अब प्रयागराज) की कर्नलगंज शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अशोक कुमार दीक्षित और मेसर्स जी.आर. एसोसिएट्स के मालिक गोविंद राम तिवारी को दोषी करार देते हुए पाँच-पाँच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोनों दोषियों पर कुल 13 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला साल 2003-2004 के दौरान हुए एक सुनियोजित वित्तीय षड्यंत्र से जुड़ा है। सीबीआई द्वारा 31 मई 2005 को दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार, तत्कालीन मैनेजर अशोक कुमार दीक्षित ने गोविंद राम तिवारी के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची थी। आरोप था कि दीक्षित ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गोविंद राम द्वारा उपलब्ध कराए गए फर्जी और जाली दस्तावेजों के आधार पर कुल 36 हाउसिंग लोन (गृह ऋण) स्वीकृत और वितरित किए थे। करीब 1.69 करोड़ रुपये के इन अवैध ऋणों की वजह से बैंक को ब्याज समेत लगभग 1.81 करोड़ रुपये का बड़ा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा था।
सीबीआई ने इस मामले की गहनता से जाँच करने के बाद 8 अगस्त 2007 को आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की लंबी सुनवाई और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने पाया कि दोनों आरोपियों ने जानबूझकर बैंक के साथ धोखाधड़ी की और खुद को अनुचित लाभ पहुँचाया। 30 मार्च 2026 को सुनाए गए इस फैसले ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बैंकिंग प्रणाली और सार्वजनिक धन के साथ खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों और बिचौलियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं के सुरक्षित सफर के लिए 'ग्रीन कार्ड' प्रणाली शुरू
उत्तराखंड, 31 मार्च (अन्नू): उत्तराखंड में 19 अप्रैल से शुरू होने वाली विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में उत्तराखंड परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित एआरटीओ कार्यालय में 'ग्रीन कार्ड' प्रणाली का विधिवत शुभारंभ किया। इस नई व्यवस्था के तहत यात्रा पर जाने वाले सभी व्यावसायिक यात्री वाहनों का तकनीकी निरीक्षण अनिवार्य होगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि वाहन पहाड़ों के सफर के लिए पूरी तरह फिट हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य यात्रियों को सुरक्षित और बाधा मुक्त दर्शन कराना है।
ग्रीन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को काफी सरल रखा गया है। वाहन स्वामी परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद अपने नजदीकी परिवहन कार्यालय में वाहन की जाँच करवा सकते हैं। तकनीकी रूप से पास होने के बाद ही वाहन को ग्रीन कार्ड जारी किया जाएगा। अभियान के पहले ही दिन हवन-पूजन के साथ करीब 34 वाहनों को यह कार्ड जारी कर दिए गए। मंगलवार से यह प्रक्रिया नियमित रूप से जारी रहेगी, जिसके लिए विभाग ने एआरटीओ कार्यालय में विशेष जाँच काउंटर भी शुरू किए हैं।
समारोह के दौरान पत्रकारों से बातचीत में परिवहन मंत्री ने स्कूल बसों के बढ़ते किराए के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल किराए में बढ़ोतरी का कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है। इस विषय पर चर्चा करने और अंतिम निर्णय लेने के लिए आज, 31 मार्च को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में अभिभावकों की सुविधा और बस ऑपरेटरों के खर्चों का संतुलन बनाकर नया किराया ढांचा तय किया जाएगा।
कार्यक्रम में अपर परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। शुभारंभ से पहले शांतिकुंज हरिद्वार के वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ किया गया, जिसमें अधिकारियों ने यात्रा की सफलता के लिए आहुतियां दीं। प्रशासन को उम्मीद है कि ग्रीन कार्ड प्रणाली लागू होने से यात्रा मार्ग पर वाहनों की भीड़ का प्रबंधन बेहतर होगा और दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
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दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने बरामद किए 16 लाख के 75 चोरी हुए मोबाइल, मालिकों को लौटाए
नई दिल्ली, 31 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए तकनीकी सर्विलांस और जमीनी जाँच के जरिए 75 गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स की कुल कीमत लगभग 16 लाख रुपये आंकी गई है। इन फोनों को ट्रेस करने के बाद, क्राइम ब्रांच ने एक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर इनके असली मालिकों को सुरक्षित सौंप दिया। अपनी खोई हुई अमानत वापस पाकर लोगों ने दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी और कार्यप्रणाली की जमकर तारीफ की।
इस सफल ऑपरेशन को क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज (कमला मार्केट) और एईकेसी (सनलाइट कॉलोनी) की टीमों ने मिलकर अंजाम दिया। एसीपी पंकज अरोड़ा की देखरेख में चली इस मुहिम के तहत कुल 75 फोन बरामद हुए, जिनमें से 65 फोन सेंट्रल रेंज और 10 फोन एईकेसी टीम द्वारा खोजे गए। पुलिस ने आईएमईआई (IMEI) डेटा के विश्लेषण और तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए इन फोनों को विभिन्न स्थानों से ट्रैक किया। इस पूरी प्रक्रिया में हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार, अंकुर कुमार, जय सिंह, मनीष यादव और सुक्रम की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
30 मार्च 2026 को आयोजित वितरण कार्यक्रम के दौरान, सभी बरामद मोबाइल फोन उनके मालिकों को उचित सत्यापन के बाद सौंप दिए गए। डीसीपी (क्राइम ब्रांच) संजीव कुमार यादव ने बताया कि यह पहल नागरिकों की सहायता और अपराध नियंत्रण के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से न केवल जनता का पुलिस पर विश्वास बढ़ता है, बल्कि यह विभाग की तकनीकी दक्षता को भी साबित करता है।
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दिल्ली पुलिस ने दबोचा शातिर स्नैचर, चोरी की स्कूटी और छीना हुआ मोबाइल बरामद
नई दिल्ली, 31 मार्च (अन्नू): सेंट्रल दिल्ली की दरियागंज थाना पुलिस ने एक बेहद शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो इलाके में स्नैचिंग और वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से छीना हुआ मोबाइल फोन और चोरी की गई एक स्कूटी बरामद की है। पकड़े गए आरोपी की पहचान तुर्कमान गेट निवासी 29 वर्षीय मोहम्मद फैजान उर्फ आमिर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इस गिरफ्तारी से स्नैचिंग के दो और वाहन चोरी का एक मामला सुलझ गया है।
घटनाक्रम की शुरुआत 27 मार्च 2026 को हुई, जब पुलिस को फोन छीनने की कोशिश की एक सूचना मिली। मौके पर पहुँचने पर पुलिस को एक बिना नंबर वाली स्कूटी लावारिस हालत में मिली, जिसे छोड़कर आरोपी फरार हो गया था। जाँच के दौरान पता चला कि यह स्कूटी 22 मार्च को कमला मार्केट इलाके से चोरी हुई थी। जब पुलिस ने चोरी वाली जगह के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो उसमें फैजान की पहचान हुई। इसी बीच, एक अन्य व्यक्ति ने भी शिकायत दर्ज कराई कि उसी सुबह एनएस मार्ग पर उससे मोबाइल छीना गया था, जिसमें उसने फैजान को ही आरोपी के रूप में पहचाना।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दरियागंज थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपी का पीछा किया। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुर्कमान गेट मार्केट के पास जाल बिछाया और फैजान को उस समय धर दबोचा जब वह छीना हुआ मोबाइल बेचने की फिराक में घूम रहा था। तलाशी के दौरान उसकी जेब से लूटा गया फोन बरामद कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने कमला मार्केट से स्कूटी चुराई थी और उसी का इस्तेमाल कर वह मोबाइल छीनने की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, फैजान कोई मामूली अपराधी नहीं है; वह पहले भी लूट, चोरी, आर्म्स एक्ट और ड्रग्स से जुड़े करीब 17 आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने हाल के दिनों में और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
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दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी: करोल बाग में ₹18.5 लाख की चोरी का मामला 24 घंटे में सुलझा, दो आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली, 31 मार्च (अन्नू): देश की राजधानी दिल्ली के व्यस्ततम व्यापारिक क्षेत्र करोल बाग में हुई ₹18.5 लाख की बड़ी चोरी की गुत्थी को दिल्ली पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की करोल बाग थाना पुलिस ने इस मामले में दो शातिर चोरों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी की गई राशि में से ₹13.50 लाख बरामद कर लिए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 25 वर्षीय दीपक उर्फ दीपू और 23 वर्षीय सनी उर्फ उंगली काऊ के रूप में हुई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी की मदद से इस पूरी वारदात का खुलासा किया है।
घटना 24 मार्च 2026 की है, जब शिकायतकर्ता अपने मालिक से ₹18.50 लाख लेकर गफ्फार मार्केट में एक दुकानदार को देने जा रहा था। वह मोटरसाइकिल पर सवार था और कैश उसके कंधे पर लटके बैग में था। मार्केट पहुँचने पर उसे पता चला कि उसके बैग की चेन खुली हुई है और सारा कैश गायब है। इस संबंध में अगले दिन करोल बाग थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस टीम ने जब विष्णु मंदिर मार्ग से लेकर गफ्फार मार्केट तक के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, तो दो संदिग्ध युवक शिकायतकर्ता का पीछा करते और भीड़ का फायदा उठाकर बड़ी सफाई से बैग की ज़िप खोलते हुए दिखाई दिए।
जाँच के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर 27 मार्च को दोनों आरोपियों को पहाड़गंज इलाके से दबोच लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने शिकायतकर्ता को बड़ी रकम ले जाते हुए भांप लिया था और पेशेवर 'पिकपॉकेटिंग' तकनीक का इस्तेमाल कर भीड़भाड़ वाले इलाके में वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी दीपक के घर से ₹13.50 लाख की नकदी बरामद की है। जाँच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वे पहले भी चोरी व झपटमारी के कई मामलों में शामिल रहे हैं।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, ये आरोपी भीड़भाड़ वाले बाजारों में ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे जिनके पास बैग होते थे। भारी भीड़ और ट्रैफिक का लाभ उठाकर ये इतनी खामोशी से बैग की चेन खोलकर कीमती सामान निकाल लेते थे कि पीड़ित को भनक तक नहीं लगती थी। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि चोरी की शेष राशि बरामद की जा सके और उनके द्वारा की गई अन्य वारदातों का पता लगाया जा सके।
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30/03/26 |गुजरात में पीएम मोदी का महादौरा: 31 मार्च को देंगे 20,000 करोड़ की सौगात; बदल जाएगी राज्य की तस्वीर
आरएस अनेजा, 30 मार्च नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 मार्च 2026 को गुजरात का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री गांधीनगर में सुबह लगभग 10 बजे सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर जनसभा को संबोधित भी करेंगे। प्रधानमंत्री अहमदाबाद के सानंद में स्थित केयन्स सेमीकॉन प्लांट का दोपहर लगभग 12:45 बजे उद्घाटन करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद, प्रधानमंत्री वाव-थराद जाएंगे, जहां शाम लगभग 4 बजे, वे 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की अनेक विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उनका उद्घाटन करके राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस अवसर पर वे जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री का गांधीनगर दौरा
महावीर जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री गांधीनगर के कोबा तीर्थ में सम्राट सम्प्रति संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। अशोक के पौत्र और जैन परंपरा में अहिंसा के प्रति समर्पण तथा जैन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए प्रसिद्ध सम्राट सम्प्रति के नाम पर स्थापित यह संग्रहालय जैन धर्म की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को प्रदर्शित करता है।
महावीर जैन आराधना केंद्र परिसर में स्थित इस संग्रहालय में सात अलग-अलग खण्ड हैं, जिनमें से प्रत्येक भारत की सभ्यतागत परंपराओं के अनूठे पहलुओं को समर्पित है। यह आगंतुकों को सदियों पुराने ज्ञान और विरासत की एक व्यापक यात्रा के दर्शन कराता है। संग्रहालय पारंपरिक प्रदर्शनों को आधुनिक डिजिटल और ऑडियो-विजुअल उपकरणों के साथ एकीकृत करता है, जिससे आगंतुकों, शोधकर्ताओं और विद्वानों के लिए एक गहन और आकर्षक अनुभव का निर्माण होता है।
यह संग्रहालय सदियों पुराने दुर्लभ अवशेषों, जैन कलाकृतियों और पारंपरिक विरासत संग्रहों का संरक्षण और प्रदर्शन करता है। इनमें जटिल रूप से गढ़ी गई पत्थर और धातु की मूर्तियां, विशाल तीर्थ पट्टा और यंत्र पट्टा, लघु चित्रकारी, चांदी के रथ, सिक्के और प्राचीन पांडुलिपियां शामिल हैं, जिन्हें सात भव्य दीर्घाओं में प्रदर्शित किया गया है। विशाल कक्षों में व्यवस्थित दो हजार से अधिक दुर्लभ खजानों से युक्त यह संग्रहालय आगंतुकों को जैन धर्म के विकास और इसके गहन सांस्कृतिक प्रभाव की कालानुक्रमिक समझ प्राप्त करने में सक्षम बनाता है।
प्रधानमंत्री का सानंद दौरा
प्रधानमंत्री अहमदाबाद के सानंद जीआईडीसी में स्थित केयन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही इस संयंत्र में वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत होगी, जो भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत उन्नत इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल (आईपीएम) के निर्माण से होगी, जो ऑटोमोटिव और औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए महत्वपूर्ण घटक हैं और जिन्हें कॉम्पैक्ट, कुशल और विश्वसनीय पावर स्विचिंग सिस्टम की आवश्यकता होती है। प्रत्येक मॉड्यूल में 17 चिप्स होते हैं और इनकी आपूर्ति कैलिफोर्निया स्थित अल्फा एंड ओमेगा सेमीकंडक्टर (एओएस) को की जाएगी। संयंत्र के सभी चरण पूरे होने पर, इसकी उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 6.33 मिलियन यूनिट होगी।
केयन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कार्यक्रम के तहत स्वीकृत परियोजनाओं में से माइक्रोन टेक्नोलॉजी के बाद वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने वाली दूसरी सेमीकंडक्टर सुविधा होगी।
यह परियोजना विशेष महत्व रखती है क्योंकि इसके अंतर्गत भारत की दूसरी ओएसएटी/एटीएमपी (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट/असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकिंग) इकाई उत्पादन चरण में प्रवेश कर रही है। यह परियोजना सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र में भारतीय मूल की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (ईएमएस) कंपनी के प्रवेश का भी प्रतीक है, जिससे घरेलू क्षमताओं को मजबूती मिलती है।
यह सुविधा स्वदेशी सेमीकंडक्टर पैकेजिंग क्षमता के निर्माण में योगदान देगी, भारत के चिप इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण कमी को दूर करेगी और उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण में आत्मनिर्भरता की परिकल्पना को आगे बढ़ाएगी।
प्रधानमंत्री का वाव-थारद दौरा
प्रधानमंत्री 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की अनेक विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, उनका उद्घाटन करेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये परियोजनाएं बिजली, रेलवे, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, स्वास्थ्य, शहरी विकास, जनजातीय विकास और ग्रामीण विकास सहित प्रमुख क्षेत्रों को कवर करती हैं।
प्रधानमंत्री 5,100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। यह एक्सप्रेसवे क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाएगा, धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (डीएसआईआर) में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा और आर्थिक विकास को गति प्रदान करेगा।
प्रधानमंत्री पक्की शोल्डर वाली चार लेन की इदर-बडोली बाईपास सड़क के निर्माण की आधारशिला रखेंगे। वे एनएच-754के के धोलावीरा-मौवाना-वाउवा-संतालपुर खंड (पैकेज-II) को दो लेन की पक्की शोल्डर वाली सड़क में अपग्रेड करने की भी आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं से राजमार्ग बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, धोलावीरा जैसे पर्यटन स्थलों सहित प्रमुख क्षेत्रों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी, लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ेगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री गांधीनगर-कोबा-एयरपोर्ट रोड पर भाईजीपुरा जंक्शन पर बनने वाले फ्लाईओवर सहित कई महत्वपूर्ण सड़क अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इस फ्लाईओवर से यातायात की भीड़ कम होगी और इसके नीचे व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी। गांधीनगर-कोबा-आरोदराम रोड पर स्थित पीडीपीयू जंक्शन पर भी फ्लाईओवर का उद्घाटन किया जाएगा। गांधीनगर को एयरपोर्ट से जोड़ने वाली इस सड़क पर प्रतिदिन 140,000 से अधिक वाहन गुजरते हैं। यह फ्लाईओवर अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच सीएच-0 जंक्शन से एयरपोर्ट तक सुचारू और निर्बाध यातायात सुनिश्चित करेगा।
प्रधानमंत्री खावड़ा पूलिंग स्टेशन-2 और उससे जुड़े 4.5 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के परिवहन हेतु संबद्ध पारेषण प्रणालियों सहित प्रमुख विद्युत पारेषण परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिनकी कुल लागत लगभग 3,650 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण और पारेषण क्षमता को मजबूत करेंगी।
रेल क्षेत्र में, प्रधानमंत्री कनलस-जामनगर दोहरीकरण परियोजना (28 किमी), राजकोट-कनलस दोहरीकरण परियोजना का एक भाग (111.20 किमी), और गांधीधाम-आदिपुर खंड (10.69 किमी) के चौगुने विस्तार को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं से रेल क्षमता में वृद्धि होगी, भीड़ कम होगी, परिचालन दक्षता में सुधार होगा और यात्रियों और माल की आवाजाही तेज होगी।
प्रधानमंत्री हिम्मतनगर-खेड़ब्रह्मा गेज रूपांतरण परियोजना (54.83 किमी) का भी उद्घाटन करेंगे, जिससे क्षेत्र में रेल संपर्क और यात्री आवागमन में सुधार होगा। वे खेदब्रह्मा-हिम्मतनगर-असरवा ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाएंगे।
प्रधानमंत्री गुजरात में शहरी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से शुरू की गई लगभग 5,300 करोड़ रुपये की 44 शहरी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य और परिवार कल्याण से जुड़ी विभिन्न पहलों का भी उद्घाटन करेंगे, जिनमें अहमदाबाद के असरवा स्थित सिविल अस्पताल में 858 बिस्तरों वाले रेन बसेरा और गांधीनगर के सिविल अस्पताल और जीएमईआरएस मेडिकल कॉलेज में इसी तरह की सुविधाओं का उद्घाटन शामिल है।
प्रधानमंत्री मोदी पाटन स्थित रानी की वाव में लाइट एंड साउंड शो, शर्मिष्ठा झील, वडनगर में वाटर स्क्रीन प्रोजेक्शन शो सहित पर्यटन परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और बनासकांठा में बलराम महादेव और विश्वेश्वर महादेव में पर्यटन अवसंरचना कार्यों की आधारशिला रखेंगे, जिनका उद्देश्य पर्यटन अनुभव को बढ़ाना और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है।
प्रधानमंत्री लगभग 1,780 करोड़ रुपये की लागत वाली दो प्रमुख जल पाइपलाइन परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिनमें बनासकांठा में कसारा-दंतीवाड़ा पाइपलाइन और पाटन और बनासकांठा के बीच से गुजरने वाली दिंद्रोल-मुक्तेश्वर पाइपलाइन शामिल हैं। प्रधानमंत्री अंबाजी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जल आपूर्ति योजना की आधारशिला रखेंगे। इससे बनासकांठा जिले के दंता और अमीरगढ़ तालुकों के 34 गांवों और अंबाजी शहर को पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे लगभग 1.5 लाख लोगों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री गांधीनगर जिले में लगभग 1000 करोड़ रुपये के संयुक्त निवेश से निर्मित तीन साबरमती नदी तट विस्तार परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।
प्रधानमंत्री अहमदाबाद के वेजलपुर में सरकारी लड़कों के छात्रावास का उद्घाटन करेंगे। यह सुविधा उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे जनजातीय छात्रों को सहायता प्रदान करेगी।#PMModi #GujaratDevelopment #ModiInGujarat #SemiconductorIndia #BreakingNews #DholeraExpressway #DigitalIndia #NewIndia #VibrantGujarat #DanikKhabar
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29/03/26 |इंजीनियरिंग छात्र की निर्मम हत्या: 21 साल से फरार मुख्य आरोपी नागपुर से गिरफ्तार, पहचान बदलकर रचा ली थी शादी
तिरुवनंतपुरम, 29 मार्च (अन्नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए तिरुवनंतपुरम के इंजीनियरिंग छात्र श्यामल मंडल के अपहरण और सनसनीखेज हत्या मामले में पिछले 21 वर्षों से फरार चल रहे मुख्य आरोपी दुर्गा बहादुर भट्ट छेत्री उर्फ दीपक को गिरफ्तार कर लिया है। घोषित अपराधी (PO) करार दिया गया यह आरोपी 2005 से ही कानून की नजरों से बचकर भाग रहा था। सीबीआई की टीम ने सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर उसे महाराष्ट्र के नागपुर से दबोचा, जहाँ वह अपनी असली पहचान छिपाकर रह रहा था।
यह मामला साल 2005 का है, जब तिरुवनंतपुरम के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के छात्र श्यामल मंडल का अपहरण कर लिया गया था। अपहरण के बाद श्यामल के पिता से फिरौती की मांग की गई थी, लेकिन दुर्भाग्यवश 23 अक्टूबर 2005 को श्यामल का शव तिरुवनंतपुरम के थिरुवल्लम इलाके में वेल्लार के पास मिला। केरल उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई ने दिसंबर 2008 में इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। जांच में सामने आया कि इस जघन्य हत्याकांड को दुर्गा बहादुर और उसके साथी मोहम्मद अली ने अंजाम दिया था, जो दोनों अंडमान निकोबार के रहने वाले थे।
सीबीआई की जांच के दौरान सह-आरोपी मोहम्मद अली को तो गिरफ्तार कर लिया गया था और उसे साल 2022 में अदालत ने दोषी करार देते हुए सजा भी सुना दी थी, लेकिन दुर्गा बहादुर लगातार फरार बना रहा। ट्रायल कोर्ट ने उसे 'भगोड़ा' यानी घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) घोषित कर दिया था। अपनी फरारी के दौरान आरोपी ने न केवल अपना नाम बदलकर 'सूरज बी. भट्ट' रख लिया, बल्कि पिता का नाम भी फर्जी बताया। इसी फर्जी पहचान के सहारे उसने नागपुर में शादी कर ली और वहीं बस गया, ताकि पुलिस कभी उस तक न पहुँच सके।
दो दशकों की कड़ी मेहनत और गहन जांच के बाद आखिरकार सीबीआई ने 27 मार्च 2026 को नागपुर में आरोपी को घेर लिया और उसकी असली पहचान की पुष्टि होने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई अब इस गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत के लिए एर्नाकुलम की संबंधित अदालत में पेश करेगी। इस गिरफ्तारी के साथ ही इंजीनियरिंग छात्र के परिवार को दो दशक बाद न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
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दिल्ली से बांग्लादेश तक फैला मोबाइल तस्करी का जाल, दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 83 स्मार्टफोन के साथ दबोचे 2 शातिर तस्कर
नई दिल्ली, 29 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ईस्टर्न रेंज-I) ने अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय चोरी के मोबाइल फोन खरीदने और बेचने वाले एक बड़े गिरोह को दबोचा है। पुलिस ने राजधानी के यमुना विहार इलाके में एक गुप्त ठिकाने पर छापेमारी कर 83 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं। ये फोन दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से चोरी किए गए थे और इन्हें तस्करी के जरिए पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश भेजने की तैयारी थी।
पुलिस को 27 मार्च 2026 को इंस्पेक्टर आशीष शर्मा के माध्यम से सटीक सूचना मिली थी कि यमुना विहार की एक इमारत की तीसरी मंजिल पर चोरी के मोबाइलों की पैकिंग चल रही है। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर आशीष शर्मा, एसआई रंजीत सिंह और हेड कांस्टेबल सौरव की टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में पेशेवर तरीके से छापेमारी की। मौके से पुलिस ने सावेज (34 वर्ष) और फरदीन (25 वर्ष) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया, जो उस समय 83 मोबाइलों की खेप को गत्ते के डिब्बों में पैक कर रहे थे।
बरामद किए गए मोबाइलों में आईफोन (iPhones), वनप्लस, सैमसंग, ओप्पो, वीवो और रियलमी जैसे कई प्रीमियम ब्रांड के स्मार्टफोन शामिल हैं। पुलिस ने जब इन मोबाइलों के आईएमईआई (IMEI) नंबरों की जांच 'सीईआईआर' पोर्टल और पुलिस रिकॉर्ड से की, तो पता चला कि इनमें से कई फोन पहले ही दिल्ली के महेंद्र पार्क, पांडव नगर, पश्चिम विहार और यूपी के नोएडा सेक्टर-49 जैसे थानों में दर्ज चोरी के मामलों से संबंधित हैं। आरोपियों ने खुलासा किया कि वे ये फोन 'दानिश' नाम के व्यक्ति से खरीदते थे और कूरियर के जरिए बांग्लादेश भेजते थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से सावेज का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है; उस पर उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद थाने में आर्म्स एक्ट और चोरी के सामान की हेराफेरी के चार मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। क्राइम ब्रांच की टीम अब इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड और पश्चिम बंगाल में बैठे रिसीवरों की तलाश कर रही है ताकि इस गिरोह की पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त किया जा सके। इस कार्रवाई से दिल्ली पुलिस ने न केवल नागरिकों की संपत्ति बरामद की है, बल्कि संगठित अपराध के खिलाफ एक सख्त संदेश भी दिया है।
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सावधान! आप जो प्रोटीन पी रहे हैं वो असली है या ज़हर? दिल्ली पुलिस ने नकली सप्लीमेंट फैक्ट्री का किया भंडाफोड़
नई दिल्ली, 29 मार्च (अन्नू): अगर आप भी अपनी सेहत बनाने के लिए महंगे प्रोटीन सप्लीमेंट का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए चेतावनी है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (आर.के. पुरम टीम) ने नकली प्रोटीन सप्लीमेंट बनाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने राजधानी के रानी खेड़ा गांव में चल रही एक अवैध मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर छापा मारकर भारी मात्रा में कच्चा माल, नामी कंपनियों के नकली स्टिकर, होलोग्राम और मशीनें बरामद की हैं।
क्राइम ब्रांच की टीम ने इस मामले में नवीन कुमार उर्फ 'बंजारा' को गिरफ्तार किया है, जो हरियाणा के चरखी दादरी का रहने वाला है। यह कार्रवाई पहले गिरफ्तार हो चुके आरोपियों—मोहित तिवारी और मोहित दीक्षित—से मिली जानकारी और तकनीकी जांच के आधार पर की गई है। आरोपी नवीन रानी खेड़ा में एक गुप्त फैक्ट्री चला रहा था, जहां वह नामी अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स जैसे 'Optimum Nutrition' और 'Syntha-6' के नाम पर नकली पाउडर तैयार कर रहा था।
पुलिस की छापेमारी के दौरान मौके से चौंकाने वाली बरामदगी हुई है। जांच में सामने आया कि आरोपी माल्टोडेक्सट्रिन, कोको पाउडर और अलग-अलग फ्लेवरिंग एजेंट्स को मिलाकर घटिया क्वालिटी का पाउडर तैयार करता था। इसे असली जैसा दिखाने के लिए वह बाजार से खरीदे गए खाली डिब्बों में भरता और उन पर नामी ब्रांड्स के जाली स्टिकर, होलोग्राम और सील लगा देता था। पुलिस ने मौके से करीब 26 सीलबंद डिब्बे, सैकड़ों की संख्या में नकली स्टिकर, खाली जार और भारी मात्रा में फ्लेवर्ड कच्चा माल जब्त किया है। इसके अलावा, नकली लेबल छापने के लिए इस्तेमाल होने वाला कंप्यूटर और क्यूआर कोड प्रिंटिंग मशीन भी बरामद की गई है।
डीसीपी पंकज कुमार (आईपीएस) के अनुसार, आरोपी नवीन कुमार पहले भी इस तरह के अपराधों में शामिल रहा है। वह बेहद शातिराना तरीके से कम लागत वाले कच्चे माल का उपयोग कर महंगे सप्लीमेंट तैयार करता था, जिससे न केवल ब्रांड मालिकों को आर्थिक नुकसान हो रहा था बल्कि आम उपभोक्ताओं की सेहत के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग (FSSAI) के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया और नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन की जांच कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य गुर्गों तक पहुंचा जा सके।
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दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: साढ़े 4 करोड़ की नशीली दवाओं के साथ अंतर्राज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार
नई दिल्ली, 29 मार्च (अन्नू): राजधानी दिल्ली में नशे के सौदागरों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। क्राइम ब्रांच की टीम ने एक सुनियोजित अभियान के तहत दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक बड़े ड्रग कार्टेल का पर्दाफाश करते हुए भारी मात्रा में साइकोट्रोपिक पदार्थ जब्त किए हैं। इस कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग ₹4.5 करोड़ मूल्य की अल्प्रालोजम और ट्रामाडोल दवाएं बरामद की गई हैं। पुलिस ने इस मामले में चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक किशोर (CCL) को भी पकड़ा गया है।
इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत 17 मार्च 2026 को हुई, जब हेड कांस्टेबल दीपक परेवा और एएसआई रमेश बाबू को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में नशीली दवाओं की एक बड़ी खेप की आवाजाही की गुप्त सूचना मिली। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर प्रवीण राठी के नेतृत्व में और एसीपी सत्येंद्र मोहन की देखरेख में शिव विहार तिराहा, जोहरीपुर रोड पर जाल बिछाया गया। यहाँ पुलिस ने एक मोटरसाइकिल को रोका, जिस पर सवार नितिन पाठक और एक किशोर के पास से भारी मात्रा में नशीली गोलियां बरामद हुईं। इनके पास से शुरुआती तलाशी में करीब 1.912 किलोग्राम अल्प्रालोजम और 0.491 किलोग्राम ट्रामाडोल की गोलियां मिलीं।
पकड़े गए आरोपी नितिन पाठक से गहन पूछताछ के बाद पुलिस की कड़ियां जुड़ती गईं। इसकी निशानदेही पर उत्तर प्रदेश के भोपुरा में एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया, जहाँ से स्टोर मालिक प्रेम सिंह यादव को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से भी भारी मात्रा में नशीले कैप्सूल बरामद हुए। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने शालू कुमार और संजय सिंह नामक दो अन्य आरोपियों को भी धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, इस सिंडिकेट का जाल काफी गहरा था, जिसमें मेडिकल स्टोर चलाने वालों से लेकर फार्मास्युटिकल कंपनी के पूर्व मालिक तक शामिल थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की प्रोफाइल से पता चला है कि वे अधिक मुनाफे के लालच में इस अवैध धंधे में उतरे थे। आरोपी नितिन पाठक एक बी.एससी ग्रेजुएट है और पूर्व में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में काम कर चुका है, वहीं शालू कुमार की अपनी फार्मा कंपनी थी जो लॉकडाउन के दौरान बंद हो गई थी। कुल बरामदगी की बात करें तो पुलिस ने 3.539 किलोग्राम अल्प्रालोजम और 1.709 किलोग्राम ट्रामाडोल जब्त किया है। संयुक्त आयुक्त (क्राइम) धीरज कुमार और अतिरिक्त आयुक्त अभिषेक धनियां के मार्गदर्शन में एएनटीएफ की टीम अब इस नेटवर्क के अन्य संपर्कों को खंगालने में जुटी है।
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29/03/26 |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के पोरबंदर में माधवपुर मेले के अवसर पर शुभकामनाएँ दीं
आरएस अनेजा, 29 मार्च नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के पोरबंदर में चल रहे माधवपुर मेले के लिए शुभकामनाएँ दी हैं। मोदी ने कहा कि यह जीवंत उत्सव हमारी गौरवशाली संस्कृति को प्रदर्शित करता है और साथ ही गुजरात तथा पूर्वोत्तर के बीच कालातीत सांस्कृतिक संबंध को सुदृढ़ करता है। मोदी ने कहा, “यह उत्सव विविध परंपराओं को एक साथ लाता है, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की सच्ची भावना को प्रतिबिम्बित करता है। मैं लोगों से इस मेले में आने का आह्वान करता हूँ!”
प्रधानमंत्री ने अप्रैल 2022 के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में माधवपुर मेले के महत्व और हमारी संस्कृति में उसके महत्व के बारे में बात की।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
गुजरात के पोरबंदर में चल रहे माधवपुर मेले के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ।
यह जीवंत उत्सव हमारी गौरवशाली संस्कृति को प्रदर्शित करता है और साथ ही गुजरात तथा पूर्वोत्तर के बीच कालातीत सांस्कृतिक संबंध को सुदृढ़ करता है।
“यह उत्सव विविध परंपराओं को एक साथ लेकर आता है, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की सच्ची भावना को प्रतिबिम्बित करता है। मैं लोगों से इस मेले में आने का आह्वान करता हूँ!”#MadhavpurMela #EkBharatShreshthaBharat #GujaratToNortheast #CulturalHeritage #PurbiBharat #Porebandar #VibrantIndia #MadhavpurGhed #DanikKhabar
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नई दिल्ली: सार्वजनिक स्थानों पर बिना पट्टे के कुत्ता घुमाना अब पड़ेगा भारी, लगेगा 1000 रुपये जुर्माना
जे कुमार नई दिल्ली, 29 मार्च 2026: दिल्ली नगर निगम (MCD) ने सार्वजनिक सुरक्षा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए पालतू कुत्तों के मालिकों के लिए सख्त नियम लागू कर दिए हैं। अब दिल्ली की सड़कों, पार्कों या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पालतू कुत्ते को बिना पट्टे (Leash) के घुमाना गैर-कानूनी माना जाएगा। इस नियम का उल्लंघन करने वाले मालिकों पर 1000 रुपये का तत्काल जुर्माना लगाया जाएगा।
सुरक्षा और बढ़ती घटनाओं पर लगाम: नगर निगम ने यह फैसला पिछले कुछ महीनों में पालतू कुत्तों द्वारा राहगीरों और बच्चों पर हमले की बढ़ती घटनाओं के बाद लिया है। अक्सर देखा गया है कि खुले में घूम रहे पालतू कुत्ते अचानक आक्रामक हो जाते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाएं होती हैं। नए नियमों के अनुसार, कुत्ते के गले में पट्टा होना अनिवार्य है और पट्टे की कमान मालिक के हाथ में होनी चाहिए।
पंजीकरण और सफाई के नियम भी सख्त: जुर्माने के साथ-साथ निगम ने पालतू कुत्तों के अनिवार्य पंजीकरण (Mandatory Registration) पर भी जोर दिया है। यदि कोई कुत्ता बिना रजिस्ट्रेशन के पाया जाता है, तो जुर्माने की राशि बढ़ाई जा सकती है। साथ ही, यदि कुत्ता सार्वजनिक स्थान पर गंदगी करता है, तो उसकी सफाई की जिम्मेदारी भी मालिक की होगी, अन्यथा 'न्यूसेंस चार्ज' के तहत अतिरिक्त चालान काटा जाएगा।
निगरानी के लिए विशेष टीमें: MCD ने इन नियमों को कड़ाई से लागू करने के लिए वार्ड स्तर पर विशेष निरीक्षण टीमें गठित की हैं। ये टीमें सुबह और शाम के समय पार्कों और रिहायशी कॉलोनियों में गश्त करेंगी। प्रशासन ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) से भी अपील की है कि वे अपने क्षेत्रों में इन नियमों के प्रति जागरूकता फैलाएं और उल्लंघन करने वालों की सूचना निगम को दें।
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28/03/26 |विकसित यूपी की नई उड़ान: पीएम मोदी ने किया जेवर में नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन
आरएस अनेजा, 28 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। इस अवसर पर गर्व और खुशी व्यक्त करते हुए प्रधान मंत्री ने कहा कि आज विकसित यूपी, विकसित भारत अभियान में एक नया अध्याय जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि भारत का सबसे बड़ा राज्य अब सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाले राज्यों में से एक बन गया है। पीएम मोदी ने साझा किया कि उन्हें दोगुना गर्व महसूस हो रहा है, पहला, इस हवाई अड्डे की आधारशिला रखने और अब इसका उद्घाटन करने के लिए, और दूसरा, क्योंकि इस भव्य हवाई अड्डे का नाम उत्तर प्रदेश से जुड़ा है। श्री मोदी ने टिप्पणी की, "यह वह राज्य है जिसने मुझे अपना प्रतिनिधि चुना और मुझे संसद सदस्य बनाया और इसकी पहचान अब इस शानदार हवाई अड्डे से जुड़ी है।"
नए हवाई अड्डे के दूरगामी प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि नोएडा हवाई अड्डे से आगरा, मथुरा, अलीगढ, गाजियाबाद, मेरठ, इटावा, बुलन्दशहर और फ़रीदाबाद सहित एक विशाल क्षेत्र को लाभ होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हवाईअड्डा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, छोटे और मध्यम उद्यमों और युवाओं के लिए कई नए अवसर लाएगा। श्री मोदी ने राज्य के लोगों, विशेषकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा, "यहां से दुनिया भर के लिए विमान उड़ान भरेंगे और यह हवाई अड्डा विकसित उत्तर प्रदेश की उड़ान का प्रतीक भी बनेगा।"
वर्तमान वैश्विक स्थिति के बारे में बोलते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया आज बहुत चिंतित है, पश्चिम एशिया में एक महीने से अधिक समय से युद्ध चल रहा है, जिससे कई देशों में भोजन, पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरक सहित आवश्यक वस्तुओं का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत संघर्ष प्रभावित क्षेत्र से बहुत बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस का आयात करता है। श्री मोदी ने पुष्टि की, "सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है कि इस संकट का बोझ सामान्य परिवारों और किसानों पर न पड़े।"
वैश्विक संकट के समय भी भारत के तीव्र विकास की निरंतर गति को रेखांकित करते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि अकेले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में, यह चौथी बड़ी परियोजना है जिसका हाल के हफ्तों में या तो उद्घाटन किया गया है या इसकी आधारशिला रखी गई है। पीएम मोदी ने कहा, "इस अवधि के दौरान, नोएडा में एक प्रमुख सेमीकंडक्टर फैक्ट्री की आधारशिला रखी गई, देश की पहली दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन ने गति पकड़ी, मेरठ मेट्रो का विस्तार किया गया और आज नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया जा रहा है।"
प्रधानमंत्री ने यूपी के विकास में इन उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए वर्तमान सरकार को श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर फैक्ट्री भारत को प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बना रही है, मेरठ मेट्रो और नमो भारत रेल तेज और स्मार्ट कनेक्टिविटी प्रदान कर रही है, और जेवर हवाई अड्डा पूरे उत्तर भारत को दुनिया से जोड़ रहा है। श्री मोदी ने कहा, "आज मौजूदा सरकार के तहत वही नोएडा यूपी के विकास का एक शक्तिशाली इंजन बन रहा है।"
हवाईअड्डा परियोजना के इतिहास के बारे में विस्तार से बताते हुए, प्रधान मंत्री ने याद किया कि जेवर हवाईअड्डे को अटल जी ने 2003 में ही मंजूरी दे दी थी। और जैसे ही यहां वर्तमान सरकार बनी, नींव रखी गई, निर्माण हुआ और अब इसका परिचालन शुरू हो गया है,'' श्री मोदी ने कहा।
लॉजिस्टिक्स हब के रूप में क्षेत्र की उभरती भूमिका की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए, प्रधान मंत्री ने बताया कि यह क्षेत्र दो प्रमुख माल ढुलाई गलियारों का केंद्र बन रहा है, मालगाड़ियों के लिए विशेष रेलवे ट्रैक बिछाए गए हैं, जिन्होंने बंगाल और गुजरात के समुद्रों के साथ उत्तर भारत की कनेक्टिविटी को बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि दादरी वह रणनीतिक बिंदु है जहां ये दोनों गलियारे मिलते हैं, जिसका अर्थ है कि यहां किसान जो कुछ भी उगाते हैं और उद्योग पैदा करते हैं वह अब जमीन और हवाई मार्ग से दुनिया के हर कोने तक तेजी से पहुंच सकता है। पीएम मोदी ने कहा, "इस तरह की मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी यूपी को दुनिया भर के निवेशकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बना रही है।"
प्रधानमंत्री ने क्षेत्र की छवि में बदलाव को संबोधित करते हुए कहा। आज नोएडा पूरी दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार है। ये पूरा क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत कर रहा है।”
प्रधानमंत्री ने उन किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस परियोजना को वास्तविकता बनाने के लिए अपनी जमीनें दीं, यह देखते हुए कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में कृषि और खेती का बहुत महत्व है। श्री मोदी ने कहा कि आधुनिक कनेक्टिविटी के विस्तार से पश्चिमी यूपी में खाद्य प्रसंस्करण की संभावनाओं को और बढ़ावा मिलेगा, उन्होंने कहा, "यहां की कृषि उपज अब अधिक कुशलता से वैश्विक बाजारों तक पहुंचेगी।"
कच्चे तेल पर भारत की निर्भरता को कम करने में गन्ना किसानों के योगदान को स्वीकार करते हुए, प्रधान मंत्री ने गन्ने से उत्पादित इथेनॉल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। पीएम मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इथेनॉल उत्पादन में वृद्धि और पेट्रोल के साथ इसके मिश्रण के बिना, भारत को सालाना अतिरिक्त साढ़े चार करोड़ बैरल, लगभग 700 करोड़ लीटर कच्चे तेल का आयात करना पड़ता, उन्होंने कहा, "हमारे किसानों की कड़ी मेहनत ने देश को संकट के समय में यह बड़ी राहत दी है।"
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28/03/26 |इनकम टैक्स रिफंड घोटाला: सीबीआई कोर्ट ने पूर्व अधिकारी समेत 7 दोषियों को सुनाई 4-4 साल की सजा
चेन्नई, 28 मार्च (अन्नू): देश की प्रतिष्ठित जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) की विशेष अदालत ने इनकम टैक्स रिफंड धोखाधड़ी के एक पुराने और चर्चित मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आयकर विभाग के तत्कालीन सीनियर टैक्स असिस्टेंट बाबू प्रसाद कुमार और उनके छह निजी सहयोगियों को दोषी करार देते हुए 4-4 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी दोषियों पर कुल 2.4 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह पूरा मामला साल 2015 से 2019 के बीच का है, जब आयकर विभाग के सिस्टम में हेरफेर कर और फर्जी दस्तावेजों व पहचान का सहारा लेकर अवैध रूप से रिफंड जारी किए गए थे। इस घोटाले के कारण सरकारी खजाने को करीब 2.38 करोड़ रुपये का चूना लगा था। सीबीआई ने इस मामले में 31 दिसंबर 2019 को चेन्नई के सहायक आयकर आयुक्त की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच के दौरान यह सामने आया कि मुख्य आरोपी बाबू प्रसाद कुमार ने विभाग में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इस पूरी साजिश को अंजाम दिया था।
सीबीआई की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि घोटाले से कमाए गए करोड़ों रुपयों को छिपाने के लिए बाबू प्रसाद ने उस राशि को अपने परिवार के सदस्यों और करीबियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया था। जांच एजेंसी ने गहन छानबीन के बाद 1 मार्च 2021 को अदालत में सात आरोप पत्र (Charge Sheets) दाखिल किए थे। सुनवाई के दौरान पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत ने बाबू प्रसाद कुमार के साथ-साथ बी प्रवीण कुमार, टी एम कॉर्नेल, पी स्टीफन, ए गोपीकृष्ण, वेंकटेश और सी गुणसीलन को इस वित्तीय अपराध का दोषी पाया।
अदालत का यह फैसला सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार करने वालों के लिए एक सख्त संदेश है। सीबीआई ने इस कार्रवाई के जरिए एक बार फिर यह साबित किया है कि वित्तीय धोखाधड़ी और सरकारी धन का गबन करने वाले अपराधी चाहे कितने भी रसूखदार क्यों न हों, कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकते।#CBICourt #IncomeTaxFraud #CorruptionFreeIndia #BreakingNews #DanikKhabar #CBIInvestigation #TaxScam #ChennaiNews #FinancialCrime #JusticeServed #IncomeTaxDepartment #LegalAction #FraudCase #GovernmentScam #ZeroTolerance
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दुबई से जुड़े हैं तार: दिल्ली पुलिस ने महाराष्ट्र में छापा मारकर पकड़े 5 साइबर ठग, करोड़ों के ट्रांजेक्शन का खुलासा
नई दिल्ली, 28 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की साइबर सेल ने निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक बड़े अंतर्राज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में महाराष्ट्र के विभिन्न इलाकों से 5 शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह स्टॉक मार्केट में भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान श्रीधर दिलीप इंगले (25), अर्चिरयन गोराक्ष कांबले (21), अजीज मीरन शेख (25), प्रणव जालिंदर गुलदगड़ (24) और विशाल दुर्गादास बाचल (25) के रूप में हुई है।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब अरुणाचल प्रदेश के रहने वाले एक व्यक्ति, जो वर्तमान में दिल्ली में रह रहे हैं, ने एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि 'नेक्स्ट बिलियन टेक्नोलॉजी' नामक एक फर्जी कंपनी के जरिए उन्हें स्टॉक मार्केट में निवेश करने का झांसा दिया गया। ठगों ने परिणीति जैन नाम की एक महिला और उसके सहयोगियों के जरिए उनसे संपर्क किया और ऊंचे रिटर्न का लालच देकर उनसे कुल 12,22,670 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब पैसे वापस नहीं मिले, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और पुलिस में मामला दर्ज कराया गया।
एसीपी संघमित्रा और एसएचओ प्रवेश कौशिक के नेतृत्व में गठित एसआई सोमबीर और उनकी टीम ने तकनीकी विश्लेषण और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच की। पुलिस की जांच का डिजिटल सिरा महाराष्ट्र के श्रीरामपुर पहुंचा, जहां छापेमारी कर मुख्य आरोपी श्रीधर दिलीप इंगले को दबोच लिया गया। पूछताछ में श्रीधर ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वह दुबई में बैठे अपने साथी 'चैतन्य' को कमीशन पर 'म्यूल बैंक अकाउंट' (किराए के खाते) उपलब्ध करवाता था। उसकी निशानदेही पर उसके अन्य चार साथियों को भी गिरफ्तार किया गया, जो लोगों से बैंक खाते अरेंज करने में उसकी मदद करते थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 मोबाइल फोन और 35 ऐसे बैंक खातों की जानकारी बरामद की है, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए किया जा रहा था। जांच में पता चला है कि इन खातों के जरिए देश के विभिन्न राज्यों में करोड़ों रुपये का फ्रॉड किया गया है और ये आरोपी एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज 18 अन्य शिकायतों से भी जुड़े पाए गए हैं। फिलहाल दिल्ली पुलिस इस सिंडिकेट के दुबई कनेक्शन और मुख्य सरगना चैतन्य की तलाश में जुट गई है।#CyberCrime #InvestmentFraud #DelhiPolice #SouthWestCyberCell #BreakingNews #DanikKhabar #DubaiConnection #StockMarketScam #OnlineFraud #Awareness #MaharashtraPolice #CyberSecurity #NCRP #ActionAgainstFraud #DigitalIndiaSafety
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दिल्ली: 49 वारदातों में शामिल शातिर वाहन चोर गिरफ्तार, चोरी की दो स्कूटी बरामद
नई दिल्ली, 28 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की ईस्ट डिस्ट्रिक्ट टीम ने वाहन चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। प्रीत विहार थाना पुलिस ने इलाके के एक सक्रिय ऑटो-लिफ्टर (वाहन चोर) को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से चोरी की दो स्कूटी बरामद हुई हैं। पकड़े गए आरोपी की पहचान पंकज (33) के रूप में हुई है, जो शकरपुर के डाकखाना वाली गली का निवासी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह आरोपी पहले से ही लूट, झपटमारी और वाहन चोरी जैसे 49 से अधिक आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।
वारदात को सुलझाने के लिए प्रीत विहार एसएचओ के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसमें हेड कांस्टेबल राम सिंह, रविंद्र, कांस्टेबल चेतन और बिजेंद्र शामिल थे। पुलिस टीम ने अपराधों की रोकथाम के लिए तकनीकी सर्विलांस और इलाके के 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण किया। 26 मार्च 2026 को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और स्वर्ण जयंती पार्क के पास नागराज मार्ग से आरोपी पंकज को दबोच लिया। गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक सफेद रंग की होंडा एक्टिवा बरामद हुई, जो इसी साल जनवरी में प्रीत विहार इलाके से चोरी हुई थी।
पुलिस द्वारा की गई कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया और उसकी निशानदेही पर पुलिस ने एक अन्य चोरी की गई काले रंग की होंडा एविएटर स्कूटी भी बरामद की। यह दूसरी स्कूटी मेट्रो अस्पताल के पास नागराज मार्ग से बरामद की गई, जिसे मार्च महीने में ही चोरी किया गया था। आरोपी ने खुलासा किया कि वह नशे का आदी है और अपनी इसी लत को पूरा करने के लिए वह लगातार वाहन चोरी और झपटमारी जैसी वारदातों को अंजाम देता था।
डीसीपी (ईस्ट डिस्ट्रिक्ट) राजीव कुमार ने बताया कि आरोपी पंकज 8वीं पास है और उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा है। वह दिल्ली के विभिन्न थानों में दर्ज आर्म्स एक्ट और चोरी के दर्जनों मामलों में नामजद है। फिलहाल पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने चोरी के वाहनों को कहां-कहां ठिकाने लगाया है और इस नेटवर्क में उसके साथ और कौन लोग शामिल हैं।#DelhiPolice #EastDelhi #PreetVihar #BreakingNews #DainikKhabar #AutoLifter #VehicleTheft #CrimeUpdate #DelhiCrime #ActionAgainstCrime #Recovery #Shakarpur #CCTVFootage #SafetyFirst #LawAndOrder #DanikKhabar
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दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ₹27 लाख की प्रतिबंधित ई-सिगरेट बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली, 28 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने अवैध ई-सिगरेट तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने छापेमारी के दौरान अलग-अलग ब्रांड और फ्लेवर की 2073 प्रतिबंधित ई-सिगरेट जब्त की हैं, जिनकी बाजार में कीमत 27 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। यह ऑपरेशन युवाओं में बढ़ते निकोटीन के नशे और अवैध बाजार पर लगाम लगाने के लिए चलाया गया था। इस मामले में पुलिस ने दिल्ली और हरियाणा के बल्लभगढ़ से कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो पिछले काफी समय से इस काले कारोबार में संलिप्त थे।
पुलिस की कार्रवाई की शुरुआत 25 मार्च 2026 को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर हुई। हेड कांस्टेबल रामकेश को सूचना मिली थी कि दक्षिण दिल्ली के सी.आर. पार्क स्थित एक पान की दुकान पर अवैध रूप से ई-सिगरेट बेची और स्टोर की जा रही है। एसीपी सतेंद्र मोहन और इंस्पेक्टर महिपाल सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर 'स्मोक एन पफ' नामक दुकान पर छापा मारा गया। वहां से 53 प्रतिबंधित ई-सिगरेट बरामद हुईं और दुकान के मैनेजर विकास को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में विकास ने बताया कि यह दुकान ऋत्विक बहल की है, जिसके बाद ऋत्विक के ग्रेटर कैलाश स्थित घर पर छापेमारी कर वहां से भी भारी मात्रा में अवैध माल बरामद किया गया।
मामले की गहराई से जांच और ऋत्विक से हुई कड़ी पूछताछ में इस तस्करी नेटवर्क के मुख्य सप्लायर का खुलासा हुआ। ऋत्विक ने बताया कि वह हरियाणा के बल्लभगढ़ निवासी जीशान उर्फ जस्सू से यह माल मंगवाता था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जीशान को ट्रेस किया और उसे धर दबोचा। जीशान के बल्लभगढ़ स्थित लक्ष्मण नगर स्थित घर पर जब छापेमारी की गई, तो वहां से 20 कार्टन में भरी हुई 2000 ई-सिगरेट बरामद हुईं। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह इन ई-सिगरेट को करीब 800 से 900 रुपये में खरीदता था और मुनाफा कमाकर आगे बेचता था, जबकि रिटेलर इसे आम जनता और युवाओं को भारी मुनाफे पर बेचते थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विकास (33), ऋत्विक बहल (25) और जीशान (24) के रूप में हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्य सप्लायर जीशान बी.कॉम पास आउट है और पेशे से डेटा एनालिस्ट था, लेकिन उसने मोटी कमाई के लालच में अपनी नौकरी छोड़कर अवैध ई-सिगरेट का कारोबार शुरू कर दिया। वहीं ऋत्विक बहल एक संपन्न परिवार से ताल्लुक रखता है। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ 'प्रॉहिबिशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट एक्ट 2019' के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।#DelhiPolice #CrimeBranch #ANTF #BreakingNews #DainikKhabar #ECigaretteBust #DelhiNews #Ballabgarh #HaryanaNews #DrugFreeIndia #PoliceAction #SmugglingNetwork #NicotineAddiction #LegalAction #LatestUpdate
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म्यांमार के 'साइबर नर्क' में भारतीयों को धकेलने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार, CBI ने मुंबई से दबोचा आरोपी
नई दिल्ली, 27 मार्च (अन्नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे एक बेहद खतरनाक 'साइबर स्लेवरी' नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए इसके मुख्य मास्टरमाइंड सुनील नेलथु रामकृष्णन उर्फ 'कृष्ण' को मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि वह निर्दोष भारतीय नागरिकों को थाईलैंड में आकर्षक नौकरियों का लालच देकर म्यांमार के म्यावाडी क्षेत्र (विशेषकर बदनाम केके पार्क) में तस्करी के जरिए भेजता था, जहाँ उन्हें जबरन साइबर धोखाधड़ी के केंद्रों में बंधक बनाकर रखा जाता था।
सीबीआई की जांच में खुलासा हुआ है कि यह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट है। ये लोग पीड़ितों को पहले दिल्ली से बैंकॉक ले जाते थे और वहां से अवैध रास्तों के जरिए म्यांमार भेज देते थे। वहां पहुँचने के बाद इन भारतीयों को 'डिजिटल अरेस्ट' स्कैम, 'रोमांस फ्रॉड' और 'क्रिप्टोकरेंसी' निवेश के नाम पर दुनिया भर के लोगों को ठगने के लिए मजबूर किया जाता था। मना करने पर पीड़ितों को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी जाती थी, उन्हें कमरे में बंद रखा जाता था और उनकी आवाजाही पर सख्त पाबंदी होती थी।
साल 2025 में कुछ भारतीय नागरिक इन केंद्रों से किसी तरह भाग निकलने में सफल रहे और थाईलैंड पहुँचे, जहाँ से उन्हें मार्च और नवंबर 2025 में भारत वापस लाया गया। सीबीआई ने इन पीड़ितों से विस्तृत बातचीत की, जिससे इस पूरे गिरोह के काम करने के तरीके (Modus Operandi) का पता चला। खुफिया जानकारी के आधार पर की गई लंबी जांच के बाद सुनील उर्फ कृष्ण की पहचान इस नेटवर्क के मुख्य सूत्रधार के रूप में हुई।
आरोपी के भारत लौटते ही सीबीआई ने मुंबई में उस पर निगरानी रखी और उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके ठिकाने पर की गई छापेमारी के दौरान म्यांमार और कंबोडिया में चल रहे मानव तस्करी और साइबर क्राइम ऑपरेशंस से जुड़े कई अहम डिजिटल दस्तावेज और सबूत बरामद हुए हैं। सीबीआई अब इस नेटवर्क में शामिल अन्य विदेशी नागरिकों और सहयोगियों की तलाश कर रही है ताकि इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह की जड़ों को पूरी तरह से उखाड़ा जा सके।
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रेलवे के बिल पास करने के बदले मांग रहा था 10% कमीशन, CBI ने रांची में बिछाया जाल; चीफ कमर्शियल इंस्पेक्टर दबोचा
झारखंड/रांची, 27 मार्च (अन्नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे, रांची के मुख्य वाणिज्य निरीक्षक (CCI) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी पर आरोप है कि उसने एक शिकायतकर्ता के लगभग 8.70 लाख रुपये के लंबित बिलों को पास करने के बदले में कुल राशि का 10 प्रतिशत कमीशन मांगा था। सीबीआई ने इस मामले में 25 मार्च 2026 को केस दर्ज कर अपनी जांच शुरू की थी।
सीबीआई द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी मुख्य वाणिज्य निरीक्षक ने बिल क्लियर करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद सीबीआई ने एक योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया (Trap) और आरोपी को उस समय रंगे हाथों दबोच लिया, जब वह शिकायतकर्ता से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50,000 रुपये स्वीकार कर रहा था। गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई की टीमों ने आरोपी के कार्यालय और आवासीय परिसरों पर छापेमारी शुरू कर दी है, जहां तलाशी अभियान अभी भी जारी है।
इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है और सीबीआई अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या इस भ्रष्टाचार के खेल में विभाग के कुछ अन्य लोग भी शामिल थे। रेलवे विभाग में इस कार्रवाई के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनका अभियान इसी तरह जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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दिल्ली: गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी करने वाले पिता-पुत्र गिरफ्तार, 50 एलपीजी सिलेंडर बरामद
नई दिल्ली, 27 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (NR-1) ने रोहिणी जिले के कंझावला इलाके में छापेमारी कर घरेलू गैस सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी करने वाले एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सुखबीर नगर (कराला) में दबिश देकर 50 इंडेन गैस सिलेंडर बरामद किए हैं, जिन्हें ऊंचे दामों पर बेचने और अवैध रिफिलिंग के लिए छिपाकर रखा गया था। इस मामले में पुलिस ने गैस एजेंसी के अधिकृत डिलीवरी मैन कुंवर पाल और उसके बेटे पंकज पाल को गिरफ्तार किया है।
क्राइम ब्रांच के डीसीपी पंकज कुमार के अनुसार, एसीपी अशोक शर्मा और इंस्पेक्टर पुखराज सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सुखबीर नगर के रामा विहार इलाके में गैस सिलेंडरों का अवैध स्टॉक रखा गया है और वहां से कालाबाजारी की जा रही है। मौके पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी पिता-पुत्र गैस सिलेंडरों से अवैध तरीके से गैस चोरी (रिफिलिंग) कर रहे थे। पुलिस ने मौके से 50 सिलेंडर बरामद किए, जिनमें से 29 भरे हुए और 21 खाली थे। इसके अलावा, गैस ढोने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक टाटा एस (छोटा हाथी) वाहन और वजन करने वाली मशीन भी जब्त की गई है।
जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी कुंवर पाल एक अधिकृत गैस एजेंसी में डिलीवरी मैन के तौर पर काम करता है। वह एजेंसी के नांगलोई स्थित गोदाम से सिलेंडर लेकर निकलता था, लेकिन ग्राहकों को पूरी डिलीवरी देने के बजाय उन्हें अपने घर में जमा कर लेता था। इसके बाद वह भरे हुए सिलेंडरों से गैस निकालकर खाली सिलेंडरों में भरता था और उन्हें खुले बाजार में महंगे दामों पर बेचकर अवैध मुनाफा कमाता था। उसका 21 वर्षीय बेटा पंकज पाल भी इस गैर-कानूनी काम में पूरी तरह उसका साथ देता था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत क्राइम ब्रांच थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह खेल कब से चल रहा था और इसमें गैस एजेंसी के किसी अन्य कर्मचारी की मिलीभगत तो नहीं है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रिहायशी इलाके में इस तरह गैस रिफिलिंग करना किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता था।
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दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की बड़ी कामयाबी: किडनैपिंग केस में 4 साल से फरार चल रहा 'इनामी' बदमाश सुमित उर्फ बादल गिरफ्तार
नई दिल्ली, 27 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (WR-II यूनिट) ने जघन्य अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने कापसहेड़ा थाने के फिरौती के लिए अपहरण (Kidnapping for Ransom) के मामले में वांछित और घोषित अपराधी (PO) सुमित उर्फ बादल को धर दबोचा है। 30 वर्षीय सुमित, हरियाणा के हिसार का रहने वाला है और साल 2022 में जमानत पर बाहर आने के बाद से लगातार अदालत की कार्यवाही से बचकर फरार चल रहा था। इसी महीने 13 मार्च 2026 को द्वारका कोर्ट ने उसे आधिकारिक तौर पर भगोड़ा घोषित किया था।
क्राइम ब्रांच की टीम को सूचना मिली थी कि आरोपी सुमित अपने पैतृक गांव धीरणवास, हिसार के पास हनुमान मंदिर के आसपास देखा गया है। इस इनपुट पर एसीपी राजपाल डबास के मार्गदर्शन और इंस्पेक्टर गौतम मलिक के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी निगरानी और फील्ड इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस ने आरोपी की सटीक लोकेशन ट्रैक की और हिसार के धीरणवास गांव में छापेमारी कर उसे सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। इस ऑपरेशन में एसआई कुलदीप सिंह, हेड कांस्टेबल पवन, राजेश और भंवर की मुख्य भूमिका रही।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि सुमित ने अपने साथियों अजीत उर्फ जीतू और मनीष उर्फ गोगा के साथ मिलकर कापसहेड़ा इलाके से एक व्यक्ति का अपहरण किया था। फिरौती के लालच में आरोपियों ने पीड़ित को पूरे दिन चलती कार में कैद रखा और उसके परिवार से 6 लाख रुपये की मांग की थी। पैसे मिलने में देरी होने पर अपहरणकर्ताओं ने पीड़ित के साथ बेरहमी से मारपीट की और बाद में उसे चलती गाड़ी से बाहर फेंक दिया था। इस मामले में पहले भी गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद सुमित ने न्यायिक प्रक्रिया में शामिल होने के बजाय भागने का रास्ता चुना।
आरोपी सुमित का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। वह दिल्ली के कापसहेड़ा के अलावा हिसार के आजाद नगर थाने में चोरी और अन्य धाराओं के तहत दर्ज मामलों में भी संलिप्त पाया गया है। 11वीं तक पढ़ा सुमित गुरुग्राम में पानी की सप्लाई का काम करता था, लेकिन जल्द पैसा कमाने की चाहत ने उसे अपराध की दुनिया में धकेल दिया। दिल्ली पुलिस का कहना है कि सुमित की गिरफ्तारी से अब इस गंभीर मामले के ट्रायल में तेजी आएगी और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सकेगा।
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27/03/26 |दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता: 2022 के मर्डर केस में 3 साल से फरार 'घोषित अपराधी' गिरफ्तार
नई दिल्ली/गुरुग्राम, 27 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (WR-II) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए वर्ष 2022 के सनसनीखेज हत्या मामले में तीन साल से फरार चल रहे एक उद्घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) को दबोच लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 29 वर्षीय अनिल उर्फ अनिल राजपूत उर्फ 'लंबू' के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अलीपुर, दिल्ली का रहने वाला है। क्राइम ब्रांच की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर उसे हरियाणा के गुरुग्राम स्थित शीतला कॉलोनी से गिरफ्तार किया।
हत्या और शव ठिकाने लगाने का था मामला यह मामला सितंबर 2022 का है, जब अलीपुर इलाके में नाज़िर नामक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पूछताछ के दौरान आरोपी अनिल ने खुलासा किया कि 23-24 सितंबर 2022 की रात उसने अपने साथियों—रणजीत, दिनेश और रामू के साथ मिलकर शराब पी थी। इस दौरान उन्होंने नाज़िर पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से उन्होंने नाज़िर के शव को रणजीत के टेम्पो में लादकर अलीपुर के नाले वाला रोड के पास फेंक दिया था।
ऐसे चला पुलिस का ऑपरेशन डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदोरा (IPS) के अनुसार, आरोपी अनिल लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर गुरुग्राम में रह रहा था। 24 मार्च 2026 को हेड कांस्टेबल अजय को उसके ठिकाने की सटीक जानकारी मिली थी। इसके बाद एसीपी राजपाल डबास की देखरेख और इंस्पेक्टर सतीश मलिक के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी निगरानी (Technical Surveillance) और फील्ड इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस ने गुरुग्राम की शीतला कॉलोनी में जाल बिछाकर आरोपी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी का बैकग्राउंड और कानूनी कार्रवाई पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अनिल पेशे से ड्राइवर रहा है और साल 2022 में वह रणजीत के पास काम करता था। नाज़िर की हत्या के बाद से ही वह फरार था, जिसके चलते रोहिणी कोर्ट ने 10 मई 2023 को उसे 'घोषित अपराधी' (PO) करार दिया था। इस मामले में मुख्य आरोपी रणजीत और रामू को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी, जबकि अनिल और दिनेश तब से कानून की पकड़ से बाहर थे।
पुलिस ने आरोपी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही तीन साल पुराने मर्डर केस की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य फरार साथियों की तलाश कर रही है।
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27/03/26 |दिल्ली: गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर क्राइम ब्रांच का बड़ा प्रहार; 459 सिलेंडर जब्त, एजेंसी मालिक गिरफ्तार
नई दिल्ली, 27 मार्च (अन्नू): देश की राजधानी दिल्ली में एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत की अफवाहों के बीच क्राइम ब्रांच ने एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। क्राइम ब्रांच (WR-I) की टीम ने बाहरी दिल्ली के रनहोला इलाके में एक सुनियोजित छापेमारी करते हुए अवैध रूप से जमा किए गए 459 खाली कमर्शियल गैस सिलेंडरों की बड़ी खेप बरामद की है। इस कार्रवाई में भारत पेट्रोलियम के 175 और इंडेन गैस के 284 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। पुलिस की इस मुस्तैदी ने बाजार में कृत्रिम कमी पैदा कर मुनाफा कमाने की साजिश को नाकाम कर दिया है।
यह पूरी कार्रवाई क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर प्रदीप के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम द्वारा अंजाम दी गई, जिसमें एसआई धर्मेंद्र, एसआई नरेश कुमार और महिला एसआई मीनू भान सहित कई अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। एसीपी राज कुमार की देखरेख में टीम ने विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद निहलोथी रोड स्थित 'एचपी बालाजी गैस एजेंसी' पर छापा मारा। मौके पर एजेंसी का मालिक सुशील कुमार सिंघल अवैध रूप से भारी मात्रा में सिलेंडर जमा करते हुए पाया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए खाद्य आपूर्ति अधिकारी (FSO) श्रीमती जग प्रवेश को भी मौके पर बुलाया गया और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
जांच में सामने आया है कि आरोपी सुशील कुमार सिंघल अपनी एजेंसी की आड़ में इस काले धंधे को अंजाम दे रहा था। वह बाजार में गैस की संभावित कमी की खबरों का फायदा उठाकर भारी मात्रा में इंडेन और भारत गैस के कमर्शियल सिलेंडर अपने गोदाम में छिपाकर रख रहा था। आरोपी की योजना इन सिलेंडरों को बाजार में कृत्रिम किल्लत पैदा कर ऊंचे दामों पर बेचने की थी। उसने इस अवैध स्टॉक को अपने नियमित बिजनेस इन्वेंट्री के पीछे छिपाया था ताकि जांच एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) के तहत थाना क्राइम ब्रांच में एफआईआर संख्या 62/2026 दर्ज कर ली है। बरामद किए गए सभी सिलेंडरों को सुपुर्दगी पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम गैस के सेल्स एरिया मैनेजर को सौंप दिया गया है। पुलिस अब इस मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाया जा सके।
क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ दिल्ली पुलिस बेहद सख्त है। डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदोरा (IPS) ने इस सफलता पर टीम की सराहना की और कहा कि पुलिस जनता के हितों की रक्षा के लिए और आवश्यक वस्तुओं के निष्पक्ष वितरण को सुनिश्चित करने के लिए ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाती रहेगी।
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26/03/26 |दिल्ली अक्षरधाम में भगवान स्वामीनारायण के बाल स्वरूप 'नीलकंठ वर्णी' की 108 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा का हुआ प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव
अभिकान्त, 26 मार्च हरियाणा : देश की राजधानी स्थित विश्वप्रसिद्ध स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर परिसर आज एक अभूतपूर्व आध्यात्मिक घटना का साक्षी बना। भगवान स्वामीनारायण के बाल तपस्वी स्वरूप 'नीलकंठ वर्णी' की 108 फीट ऊंची विशालकाय प्रतिमा का भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव अत्यंत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। बीती रात से ही दिल्ली के आसमान में भक्ति की लहरें उठ रही थीं, जो आज सुबह वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के साथ अपने चरमोत्कर्ष पर पहुँचीं।
यह गगनचुंबी प्रतिमा भगवान स्वामीनारायण के उस ऐतिहासिक कालखंड को समर्पित है, जब उन्होंने मात्र 11 वर्ष की अल्पायु में गृहत्याग कर 'नीलकंठ वर्णी' के रूप में सात वर्षों तक संपूर्ण भारत की पदयात्रा की थी। प्रतिमा में उन्हें पुलहाश्रम (हिमालय) में एक पैर पर खड़े होकर गहन ध्यानमग्न मुद्रा में दर्शाया गया है। यह स्वरूप उनके उस कठोर तप का प्रतीक है, जिसमें उन्होंने चार महीनों तक बिना अन्न और जल (निर्जल-निरन्न) के कठिन साधना की थी। 108 फीट की यह ऊंचाई न केवल कलात्मक भव्यता को दर्शाती है, बल्कि नीलकंठ वर्णी की दिव्य ऊर्जा और उनके कल्याणकारी संकल्प को भी प्रतिध्वनित करती है।
इस ऐतिहासिक महोत्सव का आयोजन बीएपीएस (BAPS) स्वामीनारायण संस्था के वर्तमान आध्यात्मिक प्रमुख, परम पूज्य महंतस्वामी महाराज के मार्गदर्शन और पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ। प्रतिष्ठा की मुख्य विधि शास्त्रों में वर्णित प्राचीन वैदिक अनुष्ठानों के अनुसार की गई। इस पावन अवसर पर भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और खाड़ी देशों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे पुरुष, महिलाएं और बच्चे सुबह से ही अक्षरधाम परिसर में एकत्रित होने लगे थे, जिससे पूरा वातावरण लघु भारत के रूप में परिवर्तित हो गया।
महोत्सव के दौरान संपूर्ण अक्षरधाम परिसर भजनों, सामूहिक प्रार्थनाओं और वैदिक ऋचाओं के सस्वर पाठ से गुंजायमान रहा। जब महंतस्वामी महाराज ने प्रतिमा की आरती उतारी, तो उपस्थित जनसमूह के 'जय स्वामीनारायण' के जयकारों से दिशाएं गूंज उठीं। यह प्रतिमा अब न केवल दिल्ली के पर्यटन मानचित्र पर एक नया आकर्षण होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए त्याग, तपस्या और आत्मिक शांति का प्रेरणा केंद्र भी बनेगी।
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26/03/26 |NCR की नई रफ़्तार: 11,200 करोड़ की लागत से तैयार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे शुभारंभ
आरएस अनेजा, 26 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च को उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। सुबह लगभग 11:30 बजे, वे गौतम बुद्ध नगर के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन का मुआयना करेंगे। इसके बाद, दोपहर लगभग 12 बजे, प्रधानमंत्री नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण (Phase I) का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर एक जनसभा को संबोधित करेंगे।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन भारत के वैश्विक विमानन केंद्र (Global Aviation Hub) बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार के रूप में परिकल्पित यह हवाई अड्डा, देश के हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली NCR क्षेत्र के लिए दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया गया है, जो इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का पूरक होगा। ये दोनों हवाई अड्डे मिलकर एक एकीकृत विमानन प्रणाली के रूप में कार्य करेंगे, जिससे भीड़भाड़ कम होगी, यात्रियों को संभालने की क्षमता बढ़ेगी और दिल्ली NCR दुनिया के अग्रणी विमानन केंद्रों में अपनी जगह बना पाएगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजनाओं में से एक है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत लगभग ₹11,200 करोड़ के कुल निवेश से विकसित किया गया है। शुरुआत में इस हवाई अड्डे की यात्री संभालने की क्षमता प्रति वर्ष 12 मिलियन यात्री (MPPA) होगी, जिसे पूर्ण विकास के बाद बढ़ाकर 70 MPPA तक किया जा सकेगा। इसमें 3,900 मीटर लंबा रनवे है जो बड़े आकार के विमानों (Wide-body aircraft) को संभालने में सक्षम है; साथ ही, इसमें आधुनिक नेविगेशन प्रणालियाँ—जिनमें इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और उन्नत एयरफील्ड लाइटिंग शामिल हैं—लगाई गई हैं, ताकि कुशल, हर मौसम में और चौबीसों घंटे संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
इस हवाई अड्डे में एक सुदृढ़ कार्गो इकोसिस्टम भी शामिल है, जिसमें एक मल्टी-मॉडल कार्गो हब, एक एकीकृत कार्गो टर्मिनल और लॉजिस्टिक्स ज़ोन शामिल हैं। कार्गो सुविधा को सालाना 2.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक माल संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसे बढ़ाकर लगभग 18 लाख मीट्रिक टन तक किया जा सकता है; इसमें 40 एकड़ में फैली एक समर्पित रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (MRO) सुविधा भी शामिल है।
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डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर 10.6 करोड़ की ठगी: दिल्ली पुलिस ने अंतर्राज्यीय साइबर गैंग का किया खात्मा, 6 राज्यों में छापेमारी
नई दिल्ली, 26 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस के आउटर-नॉर्थ जिले की साइबर सेल ने देश के कई राज्यों में फैले एक ऐसे शातिर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जो 'डिजिटल अरेस्ट', नकली आईपीओ (IPO) और ट्रेडिंग के नाम पर मासूम लोगों को अपना शिकार बना रहा था। पुलिस की इस व्यापक कार्रवाई में 6 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और करीब 10.6 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। जांच में सामने आया है कि इस गैंग के खिलाफ देशभर में कुल 89 शिकायतें दर्ज थीं।
6 राज्यों में चली पुलिस की 'स्पेशल स्ट्राइक'
संयुक्त पुलिस आयुक्त (उत्तरी रेंज) विजय सिंह और डीसीपी हरेश्वर स्वामी के नेतृत्व में गठित टीम ने इस गिरोह को दबोचने के लिए झारखंड (रांची), उत्तराखंड (रुड़की/देहरादून), मध्य प्रदेश (भोपाल), राजस्थान (कोटा), दिल्ली और उत्तर प्रदेश (गाजियाबाद) में ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और वित्तीय विश्लेषण के आधार पर उन 'म्यूल अकाउंट्स' (धोखाधड़ी के पैसे के लिए इस्तेमाल होने वाले खाते) का पता लगाया, जिनमें ठगी की राशि ट्रांसफर की गई थी।
केस स्टडी: कैसे फैलाया ठगी का जाल?
पुलिस ने चार मुख्य एफआईआर (FIR) पर कार्रवाई करते हुए इस सिंडिकेट की कार्यप्रणाली का खुलासा किया है:
डिजिटल अरेस्ट (केस 1 व 4): एक बुजुर्ग दंपत्ति को TRAI और CBI अधिकारी बनकर डराया गया और करीब एक हफ्ते तक 'डिजिटल अरेस्ट' रखकर 20 लाख रुपये ठग लिए गए। एक अन्य मामले में सिम कार्ड के गलत इस्तेमाल का डर दिखाकर 8 लाख रुपये ऐंठे गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 19 लाख रुपये बरामद कर कोर्ट के जरिए पीड़ितों को वापस दिलाए हैं।
फेक आईपीओ और ट्रेडिंग (केस 2 व 3): व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी 'PM HDFC' जैसे ऐप्स के जरिए लोगों को शेयर बाजार और आईपीओ में भारी मुनाफे का लालच दिया गया। आरोपियों ने पीड़ितों को फर्जी डैशबोर्ड दिखाए जिससे उन्हें लाभ होने का यकीन हो जाए, लेकिन अंत में पैसे निकालने पर रोक लगा दी गई।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस ने रांची से शशिकांत कुमार, रुड़की से खालिद त्यागी, दिल्ली के शाहदरा से सचिन मित्तल और नितिन सैनी, गाजियाबाद से आसिफ और चंडीगढ़ निवासी वीरेंद्र मुखिया को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने, तकनीक संभालने और ठगी की राशि को इधर-उधर करने (लेयरिंग) का काम करते थे। इनमें से कुछ आरोपी गिरफ्तारी के डर से विदेश भागने की फिराक में थे, जिन्हें पुलिस ने मुस्तैदी से दबोच लिया।
जनता के लिए पुलिस की एडवाइजरी
डीसीपी हरेश्वर स्वामी ने आम जनता से अपील की है कि पुलिस, सीबीआई या ट्राई जैसी एजेंसियां कभी भी वीडियो कॉल के जरिए 'डिजिटल अरेस्ट' नहीं करतीं। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी अंजान निवेश स्कीम पर भरोसा न करें और डराने या दबाव बनाने वाली कॉल्स से न घबराएं। किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करें।
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26/03/26 |किताबों की दुनिया का 'पायरेसी किंग' गिरफ्तार: दिल्ली पुलिस ने पकड़ी 20,000 से ज्यादा नकली किताबें, प्रिंटिंग प्रेस सील
नई दिल्ली, 26 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (इंटर स्टेट सेल) ने अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन समूह 'पेंग्विन रैंडम हाउस' की किताबों की बड़े पैमाने पर पायरेसी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में 67 वर्षीय मुख्य आरोपी ज्वाला प्रसाद सोनी को गिरफ्तार किया है, जो रोहिणी इलाके से इस पूरे काले कारोबार को संचालित कर रहा था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान 20,000 से अधिक पायरेटेड किताबें और अवैध छपाई में इस्तेमाल होने वाली भारी मशीनें बरामद की हैं।
एसीपी रमेश चंद्र लांबा के मार्गदर्शन और इंस्पेक्टर सतेंद्र पूनिया व सोहन लाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सबसे पहले रोहिणी सेक्टर-16 में छापेमारी की। वहां से 8,593 नकली किताबें बरामद हुईं। जांच आगे बढ़ी तो पास के ही एक दूसरे ठिकाने से 11,544 और किताबें मिलीं, जिससे कुल बरामदगी 20,137 किताबों तक पहुँच गई। शुरुआत में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ के बाद उसने आनंद पर्वत औद्योगिक क्षेत्र में स्थित अपनी अवैध प्रिंटिंग प्रेस का पता उगल दिया।
पुलिस ने आनंद पर्वत स्थित प्रेस से दो बड़ी प्रिंटिंग मशीनें, चार नामी किताबों के 'नेगेटिव्स' और बारह प्रिंटिंग प्लेट्स जब्त की हैं। यह गिरोह कॉपीराइट कानूनों का उल्लंघन कर बेस्ट-सेलर किताबों की हूबहू नकली कॉपियां छापता था और उन्हें बाजार में कम दामों पर बेचकर असली प्रकाशकों और लेखकों को करोड़ों का चूना लगा रहा था। बरामद मशीनों और प्लेट्स से यह साफ हो गया है कि आरोपी किताबों की छपाई से लेकर उनके वितरण तक के पूरे नेटवर्क को खुद ही नियंत्रित करता था।
गिरफ्तार आरोपी ज्वाला प्रसाद सोनी का आपराधिक इतिहास पुराना है। वह पहले भी साल 2011 में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा कॉपीराइट एक्ट के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है। बार-बार अपराध दोहराने के कारण वह पुलिस की रडार पर था। डीसीपी (क्राइम ब्रांच) आदित्य गौतम के अनुसार, यह कार्रवाई बौद्धिक संपदा की चोरी रोकने और वैध पुस्तक बाजार के हितों की रक्षा के लिए एक बड़ी जीत है। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और अन्य प्रकाशकों की नकली किताबें छापने के सुराग तलाश रही है।
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26/03/26 |दिल्ली: गैस सिंडिकेट पर क्राइम ब्रांच का धावा: डिलीवरी बॉय बनकर कर रहे थे हेराफेरी, क्राइम ब्रांच ने पकड़े 183 सिलेंडर
नई दिल्ली, 26 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ANTF) ने राजधानी के संगम विहार इलाके में अवैध रूप से चल रहे एलपीजी गैस रिफिलिंग और कालाबाजारी के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया है। एक बेहद गोपनीय सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी में पुलिस ने 183 इंडेन गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध धंधे को गैस एजेंसी के ही अधिकृत डिलीवरी एजेंट अंजाम दे रहे थे।
एसीपी (ANTF) सतेंद्र मोहन के मार्गदर्शन और इंस्पेक्टर महिपाल सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने संगम विहार के 'एल' ब्लॉक में स्थित तीन अलग-अलग किराए के गोदामों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने 154 भरे हुए और 29 खाली सिलेंडर बरामद किए। मौके से गैस ट्रांसफर करने वाली लोहे की पाइपें, वजन करने वाली मशीनें और सिलेंडरों की सील खोलने वाले उपकरण भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों—शेर सिंह, सूरज परिहार, रघु राज सिंह और जितेंद्र शर्मा को पकड़ा है।
जांच में खुलासा हुआ कि ये सभी आरोपी एक नामी गैस एजेंसी के रजिस्टर्ड डिलीवरी एजेंट हैं। इनका काम शेख सराय स्थित मुख्य गोदाम से सिलेंडर लेकर ग्राहकों तक पहुँचाना था। लेकिन ये आरोपी दैनिक टारगेट पूरा करने के बजाय सिलेंडरों को अपने किराए के गोदामों में अवैध रूप से जमा कर लेते थे।
आरोपी भरे हुए सिलेंडरों की सील सावधानी से खोलते थे।
लोहे की पाइपों के जरिए भरे हुए सिलेंडर से करीब 1 से 2 किलो गैस निकालकर खाली सिलेंडरों में भर दी जाती थी।
इसके बाद इन कम वजन वाले सिलेंडरों को और चोरी की गई गैस से भरे नए सिलेंडरों को खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेचकर अवैध मुनाफा कमाया जाता था।
आरोपियों का प्रोफाइल और कानूनी कार्रवाई
पकड़े गए आरोपियों में रघु राज सिंह (53 वर्ष) पिछले 15 सालों से डिलीवरी एजेंट का काम कर रहा था, जबकि अन्य आरोपी भी 5 से 8 सालों से इस काम में शामिल थे। पुलिस ने इनके खिलाफ क्राइम ब्रांच थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) की धारा 3/7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125/3(5) के तहत एफआईआर संख्या 61/2026 दर्ज की है।
डीसीपी (ANTF) राहुल अलवाल के अनुसार, यह कार्रवाई जनता की सुरक्षा और आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से की गई है। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस खेल में गैस एजेंसी के किसी अन्य अधिकारी की मिलीभगत तो नहीं है।
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दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: छावला में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी का भंडाफोड़, 65 सिलेंडर बरामद
नई दिल्ली, 26 मार्च (अन्नू): राजधानी दिल्ली के द्वारका जिला पुलिस ने आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। एएटीएस (AATS) द्वारका और थाना छावला की संयुक्त टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अवैध रूप से जमा किए गए 65 एलपीजी (LPG) सिलेंडरों का जखीरा पकड़ा है। यह कार्रवाई मौजूदा भू-राजनीतिक स्थितियों के मद्देनजर गैस आपूर्ति में संभावित बाधा का फायदा उठाकर अवैध मुनाफा कमाने वालों पर नकेल कसने के उद्देश्य से की गई है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि छावला इलाके की एक रिहायशी इमारत का इस्तेमाल गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण और व्यापार के लिए किया जा रहा है। इस इनपुट पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने प्रेम नगर, पपरावत रोड स्थित कश्मीरी कॉलोनी के एक मकान पर छापा मारा। तलाशी के दौरान वहां से भारी मात्रा में कमर्शियल और घरेलू सिलेंडर बरामद हुए। पुलिस ने मौके से गैस रिफिल करने वाली मशीन और एक वजन करने वाला कांटा भी जब्त किया है, जिसका इस्तेमाल एक सिलेंडर से दूसरे में गैस चोरी करने और अवैध बिक्री के लिए किया जाता था।
मामले में पुलिस ने 52 वर्षीय अशोक कुमार को गिरफ्तार किया है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के इटावा का निवासी है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी गैस की कमी और मांग का फायदा उठाकर ऊंचे दामों पर कैटरिंग सर्विस और स्थानीय निवासियों को ये सिलेंडर बेचता था। बरामद सिलेंडरों में 38 इंडेन और 19 भारत गैस के कमर्शियल सिलेंडर, साथ ही 8 घरेलू सिलेंडर शामिल हैं।
इस पूरे मामले में थाना छावला में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 287/288 और आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। द्वारका जिले के पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह (IPS) ने बताया कि पुलिस आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है।
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दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय हथियार मॉड्यूल ध्वस्त: क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किए 10 तस्कर, 21 विदेशी घातक पिस्टल बरामद
अभिकान्त, 25 मार्च नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी रणनीतिक कामयाबी हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय हथियारों की तस्करी करने वाले एक बेहद हाई-टेक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के 10 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनके तार पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों से जुड़े हुए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा नेटवर्क दिल्ली के भीड़भाड़ वाले 'वॉल्ड सिटी' (पुरानी दिल्ली) इलाके से संचालित किया जा रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई से राष्ट्रीय राजधानी में किसी बड़ी साजिश या गैंगवार की आशंका को टाल दिया गया है।
पुलिस ने छापेमारी के दौरान गिरोह के कब्जे से 21 अत्याधुनिक विदेशी हथियार बरामद किए हैं। बरामदगी की सूची में न केवल सबमशीन गन (SMG) शामिल हैं, बल्कि PX-5.7 पिस्टल, PX-3 पिस्टल, शैडो CZ पिस्टल, बेरेटा, टॉरस और वाल्थर जैसे विश्व प्रसिद्ध ब्रांड्स के घातक हथियार भी मिले हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, PX-5.7 पिस्टल का इस्तेमाल आमतौर पर विशिष्ट सैन्य इकाइयों (Special Forces) द्वारा किया जाता है, जो इस गिरोह की पहुंच और इनकी मंशा की गंभीरता को दर्शाता है। ये हथियार इतने सटीक और घातक हैं कि इनका इस्तेमाल वीआईपी सुरक्षा को भेदने में भी किया जा सकता था।
क्राइम ब्रांच की शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ है कि ये हथियार अलग-अलग रास्तों से भारत में दाखिल किए गए थे। कुछ खेप नेपाल और बांग्लादेश की सीमाओं के जरिए सड़क मार्ग से लाई गई थीं, जबकि मास्टरमाइंड पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में थे। पुरानी दिल्ली के 'वॉल्ड सिटी' इलाके को इन हथियारों के भंडारण और वितरण केंद्र (Distribution Point) के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था, जहाँ से इन्हें दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कुख्यात गैंगस्टर समूहों को सप्लाई किया जाना था।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस मॉड्यूल पर पिछले कई हफ्तों से तकनीकी निगरानी रखी जा रही थी। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन विदेशी हथियारों का अंतिम खरीदार कौन था और क्या इनका इस्तेमाल किसी आतंकी गतिविधि या आगामी चुनाव को प्रभावित करने के लिए किया जाना था। पुलिस अब उन स्थानीय संपर्कों की तलाश कर रही है जो पुरानी दिल्ली में इस मॉड्यूल को पनाह दे रहे थे।
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'ई-रक्तकोष' पोर्टल पर पंजीकरण हुआ अनिवार्य, डेटा में हेराफेरी मिलने पर होगा सख्त एक्शन
अभिकान्त, 25 मार्च नई दिल्ली : देश के स्वास्थ्य ढांचे को अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक क्रांतिकारी निर्णय लिया है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने अब देश के सभी लाइसेंस प्राप्त ब्लड सेंटर्स और ब्लड बैंकों के लिए 'ई-रक्तकोष' पोर्टल पर पंजीकरण करना और दैनिक स्टॉक अपडेट करना अनिवार्य कर दिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य देशभर में रक्त की उपलब्धता का एक एकीकृत डेटाबेस तैयार करना है, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को भटकना न पड़े और रक्त की अवैध बिक्री या कालाबाजारी को पूरी तरह रोका जा सके।
नई व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब 'ई-रक्तकोष' पोर्टल को सीधे तौर पर फिजिकल इंस्पेक्शनकी प्रक्रिया से जोड़ दिया गया है। इसका अर्थ है कि जब भी ड्रग इंस्पेक्टर किसी ब्लड बैंक का दौरा करेंगे, तो वे पोर्टल पर दिखाए गए ऑनलाइन डेटा का मिलान वहां मौजूद वास्तविक स्टॉक से करेंगे। यदि पोर्टल पर दर्ज जानकारी और वास्तविक स्टॉक में कोई भी अंतर या हेराफेरी पाई जाती है, तो संबंधित संस्थान के खिलाफ पहली बार इतनी सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस रद्द होना और भारी जुर्माना शामिल हो सकता है।
पारदर्शिता को अगले स्तर पर ले जाने के लिए, अब रक्तदाताओं के रिकॉर्ड को भी 'आभा आईडी' या आधार कार्ड से जोड़ने का प्रावधान किया गया है। इससे पूरी 'ब्लड सप्लाई चेन' को ट्रैक करना संभव होगा। राज्यों की लाइसेंसिंग अथॉरिटी को निर्देश दिए गए हैं कि वे आगामी 30 दिनों के भीतर अपने अधिकार क्षेत्र के सभी ब्लड बैंकों की अनुपालन रिपोर्ट केंद्र को सौंपें। इस डिजिटल निगरानी से न केवल दुर्लभ ब्लड ग्रुप्स की उपलब्धता का पता लगाना आसान होगा, बल्कि एक्सपायरी डेट के कारण होने वाली रक्त की बर्बादी को भी कम किया जा सकेगा।
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25/03/26 |दिल्ली उपराज्यपाल का 'एक्शन प्लान': MCD को कचरा प्रबंधन और सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश
अभिकान्त, 25 मार्च नई दिल्ली : दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कार्यभार संभालने के बाद राष्ट्रीय राजधानी की नागरिक सुविधाओं को सुधारने के लिए कमान संभाल ली है। एलजी संधू ने मंगलवार को दिल्ली नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था, कचरा निस्तारण की वर्तमान स्थिति और धूल नियंत्रण के उपायों की विस्तृत समीक्षा की। उपराज्यपाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि दिल्ली को एक स्वच्छ और वैश्विक स्तर की राजधानी बनाने के विजन में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कचरा निस्तारण और धूल नियंत्रण पर प्राथमिकता: उपराज्यपाल ने एमसीडी को कचरे के पहाड़ों को समतल करने की प्रक्रिया में तेजी लाने और घर-घर से कचरा संग्रहण की व्यवस्था को शत-प्रतिशत प्रभावी बनाने का लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा कि सड़क के किनारों पर जमा होने वाली धूल वायु प्रदूषण का एक बड़ा स्रोत है, जिसे रोकने के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग और एंटी-डस्ट गन का नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, लोक निर्माण विभाग (PWD) और MCD के समन्वय से टूटी सड़कों और फुटपाथों की तत्काल मरम्मत (Pothole Filling) करने के आदेश दिए गए ताकि धूल उड़ने की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके।
बैठक में 'शिकायत निवारण तंत्र' को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया। उपराज्यपाल संधू ने निर्देश दिए कि नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का समाधान एक निश्चित समय सीमा के भीतर होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड विजिट बढ़ाने और जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित करने को कहा। संधू ने कहा कि नागरिकों की संतुष्टि ही निगम की सफलता का पैमाना है, इसलिए पोर्टल और ऐप के माध्यम से आने वाली शिकायतों की निगरानी सीधे उच्च स्तर पर की जाएगी।
उपराज्यपाल ने निगम के लाइसेंसिंग और प्रवर्तन गतिविधियों में अधिक पारदर्शिता लाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और कुशल सेवा वितरण ही सरकार की प्राथमिकता है। आगामी 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2026' को देखते हुए, उन्होंने अधिकारियों को दिल्ली की रैंकिंग सुधारने के लिए अभी से कमर कसने का आह्वान किया।
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24/03/26 |नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की
आरएस अनेजा, 24 मार्च नई दिल्ली- नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक पोस्ट में कहा;
“नागालैंड के राज्यपाल, श्री @nkishoreyadav ने प्रधानमंत्री @narendramodi से मुलाकात की।
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24/03/26 |रेलवे अधिकारी को भारी पड़ी 5000 की रिश्वत: CBI कोर्ट ने सुनाई 4 साल की जेल, 11 साल पुराने मामले में फैसला
उत्तर प्रदेश/गाजियाबाद, 24 मार्च (अन्नू): भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के तत्कालीन चीफ यार्ड मास्टर रफी अहमद को रिश्वतखोरी के मामले में दोषी करार देते हुए 4 साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
जुर्माना कम करने के बदले मांगी थी 'रिश्वत' यह मामला साल 2015 का है, जब दोषी रफी अहमद ने एक ठेकेदार से रिश्वत की मांग की थी। दरअसल, ट्रेनों में गार्ड लाइन बॉक्स की लोडिंग-अनलोडिंग का काम संतोषजनक न होने के कारण ठेकेदार पर पेनल्टी (जुर्माना) लगाई गई थी। आरोप था कि इस पेनल्टी को कम करने के एवज में रफी अहमद ने शिकायतकर्ता से 30,000 रुपये की अवैध मांग की थी।
पहली किस्त लेते ही सीबीआई के जाल में फंसा अधिकारी शिकायत मिलने पर सीबीआई ने 4 जुलाई 2015 को मामला दर्ज किया और एक रणनीतिक जाल बिछाया। एजेंसी ने आरोपी को उस वक्त रंगे हाथों गिरफ्तार किया, जब वह रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5,000 रुपये स्वीकार कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने गहन जांच की और 24 नवंबर 2015 को अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया।
लंबे ट्रायल के बाद आया फैसला गाजियाबाद स्थित सीबीआई कोर्ट ने मामले की विस्तृत सुनवाई और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर 23 मार्च 2026 को रफी अहमद को दोषी ठहराया। अदालत ने स्पष्ट किया कि लोक सेवक द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर निजी लाभ कमाना एक गंभीर अपराध है। इस फैसले को रेलवे और अन्य सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।#CBICourt #GhaziabadNews #RailwayCorruption #AgraCantt #BriberyCase #AntiCorruption #JusticeSystem #CBIUpdate #DanikKhabar
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भ्रष्टाचार पर CBI का कड़ा प्रहार: रिश्वत लेने वाले दिल्ली पुलिस के पूर्व सब-इंस्पेक्टर को 3 साल की जेल
नई दिल्ली, 24 मार्च (अन्नू): भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सीबीआई की विशेष अदालत ने दिल्ली पुलिस के एक पूर्व सब-इंस्पेक्टर को रिश्वतखोरी के मामले में सलाखों के पीछे भेज दिया है। अदालत ने नांगलोई ट्रैफिक सर्कल के तत्कालीन जोनल ऑफिसर (ZO) जगमाल सिंह देशवाल को दोषी करार देते हुए 3 साल के कठोर कारावास (RI) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
ट्रकों की एंट्री के बदले मांगी थी 'रिश्वत' मामला फरवरी 2022 का है, जब दोषी सब-इंस्पेक्टर जगमाल सिंह ने एक शिकायतकर्ता से उसके ट्रकों को अपने अधिकार क्षेत्र (जोन) से सुरक्षित गुजारने के बदले 24,000 रुपये की अवैध मांग की थी। शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को दी, जिसके बाद एजेंसी ने जाल बिछाकर आरोपी को 24,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
जांच और अदालती कार्यवाही सीबीआई ने इस मामले में 8 फरवरी 2022 को प्राथमिकी दर्ज की थी। गहन जांच के बाद 26 जुलाई 2022 को आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। सुनवाई के दौरान पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर माननीय अदालत ने 23 मार्च 2026 को अपना फैसला सुनाया। अदालत ने माना कि लोक सेवक का इस तरह रिश्वत मांगना समाज और कानून के प्रति गंभीर अपराध है।
भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए सीबीआई की अपील सीबीआई ने इस सजा के माध्यम से यह संदेश दिया है कि भ्रष्ट लोक सेवकों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। एजेंसी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत की मांग करता है, तो वे डरे नहीं और इसकी शिकायत सीबीआई के लोधी रोड स्थित कार्यालय में करें। इसके लिए सीबीआई ने हेल्पलाइन नंबर 011-24367887 और मोबाइल नंबर 9650394847 भी जारी किए हैं।#CBIAction #AntiCorruption #DelhiPolice #BriberyCase #JusticeServed #CBICourt #BreakingNewsDelhi #ZeroCorruption #DanikKhabar
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दिल्ली पुलिस के 'ऑपरेशन मिलाप' ने दिखाई राह, विजय विहार से गायब नाबालिग लड़की सकुशल बरामद
नई दिल्ली, 24 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ER-II) ने 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत एक और परिवार की खुशियाँ लौटा दी हैं। करीब एक महीने पहले विजय विहार इलाके से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुई 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को क्राइम ब्रांच की टीम ने उत्तम नगर के संजय एन्क्लेव से खोज निकाला है। दिल्ली पुलिस का यह विशेष अभियान गुमशुदा बच्चों और महिलाओं को उनके परिजनों से मिलाने के लिए निरंतर काम कर रहा है।
फरवरी से तलाश में जुटी थी पुलिस मामला 19 फरवरी 2026 का है, जब विजय विहार थाने में लड़की के लापता होने की रिपोर्ट (FIR No. 110/26) दर्ज कराई गई थी। बेटी के अचानक गायब होने से परिवार गहरे सदमे में था। स्थानीय पुलिस की जांच के साथ-साथ क्राइम ब्रांच की टीम ने भी इस केस पर काम करना शुरू किया। इंस्पेक्टर सुनील कुंडू के नेतृत्व और एसीपी नरेंद्र सिंह की देखरेख में हेड कांस्टेबल शिवानी, विकास और राजीव की एक टीम गठित की गई।
तकनीकी निगरानी और फील्ड वर्क से मिला सुराग शुरुआत में लड़की का कोई सुराग नहीं मिल रहा था, लेकिन क्राइम ब्रांच ने हार नहीं मानी। टीम ने तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय मुखबिरों का जाल बिछाया। गहन जांच के बाद पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि लड़की उत्तम नगर के राजापुरी रोड स्थित संजय एन्क्लेव में हो सकती है। सूचना मिलते ही टीम ने इलाके में घेराबंदी की और सफलतापूर्वक लड़की को ढूंढ निकाला।
पूछताछ में सामने आई शादी की बात प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि नाबालिग लड़की ने जनवरी 2026 में ही एक मंदिर में किसी व्यक्ति के साथ शादी कर ली थी और तब से वह उसी के साथ रह रही थी। चूंकि लड़की अभी कानूनन नाबालिग है, इसलिए क्राइम ब्रांच ने उसे बरामद कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए विजय विहार थाने के जांच अधिकारी पीएसआई उदेश्य राठी को सौंप दिया है।
दिल्ली पुलिस की अपील डीसीपी (क्राइम) पंकज कुमार ने इस सफलता पर टीम की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जनता से अपील की है कि यदि उनके पास किसी भी गुमशुदा व्यक्ति की जानकारी हो, तो तुरंत पुलिस के साथ साझा करें ताकि उन्हें सुरक्षित उनके घर पहुंचाया जा सके।#OperationMilap #DelhiPolice #CrimeBranch #MissingChildTraced #SafeRecovery #DelhiNews #WomenSafety #JusticeForFamilies #DanikKhabar
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दिल्ली: सुलतानपुरी में 'ड्रग सिंडिकेट' पर कड़ा प्रहार: एन्टी-नारकोटिक्स स्क्वॉड ने दबोचा बिहार का तस्कर
नई दिल्ली, 24 मार्च (अन्नू): बाहरी दिल्ली के सुलतानपुरी इलाके में नशे के काले कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 'एन्टी-नारकोटिक्स स्क्वॉड' ने एक अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बिहार के रहने वाले 26 वर्षीय ओम प्रकाश को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जो इलाके में कोकीन और स्मैक जैसी घातक ड्रग्स की सप्लाई करने आया था।
घेराबंदी देख कांप गया तस्कर, यू-टर्न लेकर भागने की कोशिश नाकाम 23 मार्च 2026 को इंस्पेक्टर राजपाल के नेतृत्व और एसीपी वीरेंद्र सिंह की देखरेख में गठित विशेष टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स, सुलतानपुरी के पास एक ड्रग सप्लायर आने वाला है। एसआई राज कुमार, मुकेश और उनकी टीम ने मौके पर जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी मोटरसाइकिल से पहुंचा, पुलिस की मौजूदगी देख उसने घबराकर यू-टर्न लिया और भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद टीम ने उसे पीछा कर दबोच लिया।
तलाशी में मिली 'मौत की पुड़िया' जब आरोपी की तलाशी ली गई, तो उसके पास से संदिग्ध पदार्थ बरामद हुआ। फील्ड टेस्टिंग किट से जांच करने पर पुष्टि हुई कि वह 20 ग्राम स्मैक और 04 ग्राम कोकीन है। पुलिस ने तुरंत नशीले पदार्थ और तस्करी में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया। आरोपी के खिलाफ सुलतानपुरी थाने में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 21 के तहत एफआईआर संख्या 160/2026 दर्ज की गई है।
नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस पकड़ा गया आरोपी ओम प्रकाश मूल रूप से गोपालगंज, बिहार का रहने वाला है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि वह दिल्ली में ड्रग्स की सप्लाई करने वाले एक बड़े सिंडिकेट का हिस्सा है। डीसीपी (आउटर डिस्ट्रिक्ट) विक्रम सिंह के अनुसार, अब पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि यह ड्रग्स कहाँ से लाई गई थी और दिल्ली में इसके खरीदार कौन-कौन हैं। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी की संभावना है।#DrugBust #AntiNarcotics #DelhiPolice #OuterDistrict #SayNoToDrugs #CrimeUpdate #SultanpuriNews #DrugFreeDelhi #DanikKhabar
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पुरानी रंजिश में ली 16 साल के मासूम की जान: दिल्ली पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाई मर्डर मिस्ट्री, दो आरोपी दबोचे
नई दिल्ली, 24 मार्च (अन्नू): राजधानी दिल्ली के सदर बाजार इलाके में हुई एक सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (NR-I) ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इस मामले में शामिल दो किशोरों (JCL) को पकड़ा है और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच की पेशेवर जांच और कुशल फील्ड तालमेल का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश करती है।
पुरानी रंजिश में ली 16 साल के किशोर की जान मामला 22 मार्च 2026 का है, जब सदर बाजार की गली गधिया में स्कूटी पर सवार होकर आए तीन लड़कों ने 16 वर्षीय किशोर 'डी' पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पुरानी रंजिश के चलते अंजाम दी गई इस वारदात में घायल किशोर की मृत्यु हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। मृतक की माँ की शिकायत पर सदर बाजार थाने में हत्या की संबंधित धाराओं (103(1) BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
क्राइम ब्रांच का 'ऑपरेशन 24 आवर्स' मामले की गंभीरता को देखते हुए सीनियर अधिकारियों के निर्देश पर इंस्पेक्टर अजय गहलावत के नेतृत्व और एसीपी अशोक शर्मा की देखरेख में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में एसआई संजय राणा, एएसआई पवन, हेड कांस्टेबल प्रवीण, सोनू, विकेश और अमित शामिल थे। हेड कांस्टेबल प्रवीण कादयान द्वारा विकसित की गई सटीक खुफिया जानकारी और तकनीकी निगरानी की मदद से पुलिस ने आरोपियों का पीछा किया और 23 मार्च को दो मुख्य आरोपियों 'यू' और 'ए' को दबोच लिया।
महत्वपूर्ण साक्ष्य और बरामदगी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी (DL-5SCH-****) बरामद कर ली है। इसके अलावा, आरोपियों द्वारा घटना के समय पहने गए खून से सने कपड़े और जूते भी जब्त किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि ये वैज्ञानिक साक्ष्य अदालत में आरोपियों के खिलाफ मामले को मजबूती से पेश करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
अपराधिक इतिहास और कानूनी कार्रवाई पकड़े गए आरोपियों में से एक 'यू' का पहले भी अपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह पहले अपहरण (POCSO एक्ट) और झपटमारी के दो मामलों में शामिल रहा है, जो उसके निरंतर अपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने की ओर इशारा करता है।
डीसीपी (क्राइम) पंकज कुमार ने बताया कि इस त्वरित सफलता ने न केवल कानून-व्यवस्था के प्रति दिल्ली पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाया है, बल्कि जनता में सुरक्षा का विश्वास भी पैदा किया है। पुलिस अब इस मामले के तीसरे साथी 'एस' की तलाश कर रही है और आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।
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24/03/26 |दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच को मिली बड़ी सफलता: 25 लाख की डकैती में शामिल वांछित अपराधी रिंकू गिरफ्तार
नई दिल्ली, 24 मार्च (अन्नू): राजधानी में अपराध पर नकेल कसते हुए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (साउदर्न रेंज) ने एक बेहद शातिर और फरार अपराधी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। पकड़ा गया आरोपी रिंकू कुमार उर्फ राजिंदर उर्फ सुनील, जो कि बलजीत नगर का रहने वाला है, न केवल 25 लाख रुपये की सनसनीखेज डकैती के मामले में वांछित था, बल्कि वह अंतरिम जमानत मिलने के बाद फरार होकर कानून को चकमा दे रहा था।
पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी निहाल विहार इलाके में छिपा हुआ है। इस जानकारी पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर विजय पाल दहिया के नेतृत्व और एसीपी वी.के.पी.एस. यादव की देखरेख में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में एएसआई विजुमोन, हेड कांस्टेबल अरविंद, चरण सिंह और महिला कांस्टेबल पूनम शामिल थे। 23 मार्च 2026 को टीम ने जाल बिछाया और निहाल विहार के पास एक रणनीतिक छापेमारी के दौरान रिंकू को धर दबोचा।
आरोपी रिंकू का आपराधिक इतिहास काफी गंभीर है। साल 2024 में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर डीबीजी रोड इलाके में 25 लाख रुपये की बड़ी लूट को अंजाम दिया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। दिसंबर 2025 में उसे सात दिनों की अंतरिम जमानत मिली थी, लेकिन जमानत की अवधि खत्म होने के बाद उसने आत्मसमर्पण नहीं किया और फरार हो गया। इसके बाद माननीय अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया था।
जांच में यह भी सामने आया है कि रिंकू एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ दिल्ली के विभिन्न थानों में अपहरण, झपटमारी, लूटपाट, डकैती और आर्म्स एक्ट जैसे करीब 10 गंभीर मामले दर्ज हैं। इतना ही नहीं, वह पहले भी डकैती के एक मामले में दोषी करार दिया जा चुका है, जिसमें उसे 10 साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी। फिलहाल पुलिस आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और उससे पूछताछ कर अन्य मामलों में उसकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।
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कई किसानों की आय हुई दोगुनी: संसद में बोले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान; देखें किसानों के लिए और क्या-क्या बोले मंत्री
आरएस अनेजा, 24 मार्च नई दिल्ली- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज लोकसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हर परिस्थिति में किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और अन्नदाता को संकट से उबारने के लिए किसी भी स्तर पर कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड खरीदी, पीएम‑आशा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, भावांतर भुगतान और मार्केट इंटरवेंशन स्कीम जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से किसान की आय को मज़बूत सुरक्षा‑कवच प्रदान किया है और किसानों की आय दोगुनी हुई है।
लोकसभा में सांसदों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और उनके हितों की रक्षा के लिए नरेंद्र मोदी की सरकार ने बीते वर्षों में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि कृषि उत्पादन में लगभग 44 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है और किसानों की उत्पादकता तथा आमदनी को समानांतर रूप से बढ़ाने का व्यापक अभियान चलाया गया है। चौहान ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के नाम पर सिर्फ बहाने बनाए गए, यहाँ तक कि यह तक कहा गया कि लागत से 50 प्रतिशत अधिक एमएसपी देने से बाज़ार विकृत हो जाएगा। इसके विपरीत, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने उत्पादन लागत पर 50 प्रतिशत लाभ को ध्यान में रखकर न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने का निर्णय लिया और लगातार उसे लागू किया है, जिससे किसान को उसकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल मिल सका है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने स्पष्ट किया कि केवल एमएसपी घोषित कर देना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उस पर वास्तविक खरीदी कराना ज़्यादा महत्वपूर्ण है और इस दिशा में सरकार ने गेहूँ, धान, दलहन और तिलहन के साथ‑साथ विभिन्न फसलों की एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीदी कर किसानों को सीधा लाभ पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार सिर्फ अनाज तक सीमित नहीं रही, बल्कि दलहन, तिलहन, फल और सब्ज़ियों तक के लिए भी सक्रिय हस्तक्षेप कर रही है ताकि किसी भी फसल के दाम गिरने पर किसान को नुक़सान न उठाना पड़े।
चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान– पीएम‑आशा योजना, प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है जिसके अंतर्गत उन फसलों को सुरक्षा दी जाती है जिनके दाम अक्सर एमएसपी के नीचे चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम‑आशा के तहत तीन प्रकार की व्यवस्थाएँ बनाई गई हैं– प्राइस सपोर्ट स्कीम के माध्यम से दलहन और तिलहन की सीधी खरीद, मूल्य‑अंतर भुगतान व्यवस्था के ज़रिए एमएसपी और बाज़ार भाव के बीच की खाई को पाटना, और ज़रूरत पड़ने पर अन्य माध्यमों से भी किसानों को संरक्षण देना।
महाराष्ट्र के संदर्भ में पूछे गए प्रश्न पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि हाल की प्राकृतिक आपदाओं के समय राज्य सरकार ने केंद्र की नीति‑समर्थित डिजिटल व्यवस्था का भरपूर उपयोग किया और मात्र पाँच दिनों के भीतर फार्मर आईडी के माध्यम से 14,000 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खाते में भेजकर त्वरित राहत पहुँचाई। उन्होंने कहा कि एक ओर राज्य सरकारें एसडीआरएफ जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से फसल‑क्षति की भरपाई करती हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को बीमा‑कवरेज और मुआवज़ा दिलाने में कोई कमी नहीं छोड़ रही है।
चौहान ने सोयाबीन सहित दलहन और तिलहन की फसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि दाम गिरने की स्थिति में सरकार केवल खरीद पर निर्भर नहीं रहती बल्कि भावांतर जैसी व्यवस्था के माध्यम से एमएसपी और बाज़ार भाव के बीच की पूरी की पूरी राशि सीधे किसान के खाते में डालने का विकल्प भी अपनाती है। उन्होंने मध्य प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ भावांतर भुगतान योजना के जरिए बिना लाइन में लगवाए, बिना अतिरिक्त लॉजिस्टिक लागत के, किसानों की आय को संरक्षण दिया गया है, और यही मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरक है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि सरकार ने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (एमआईएस) के माध्यम से जल्दी खराब होने वाले फल और सब्ज़ियों के लिए भी एक मॉडल रेट तय कर, या तो सीधे खरीद की व्यवस्था की है या फिर मॉडल रेट और बाज़ार भाव के अंतर को किसान के खाते में जमा करने का निर्णय किया है। अंगूर, मिर्च, आलू, प्याज़, टमाटर जैसी उत्पादों के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसानों के क्षेत्र में दाम बहुत कम हों और किसान अपना माल बड़े शहरों की मंडियों तक ले जाना चाहें तो ऐसे मामलों में परिवहन लागत तक का भार केंद्र सरकार उठा रही है, जिससे किसान दूर की मंडियों में बेहतर दाम प्राप्त कर सकें।
लोकसभा में जवाब देते हुए श्री शिवराज सिंह चौहान ने दोहराया कि किसान का पूरा उत्पाद ढंग से खरीदा जाए, इसके लिए एफसीआई, नेफेड, राज्य सरकारों की एजेंसियाँ और अन्य संस्थाएँ समन्वित ढंग से काम कर रही हैं और जहाँ जितने खरीद केंद्रों की आवश्यकता है, वहाँ उसी के अनुसार केंद्र खोले जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन की पारदर्शिता और सटीकता पर जोर देते हुए शिवराज सिंह ने बताया कि हर पंचायत स्तर पर फसल‑कटाई प्रयोग (crop cutting experiments) किए जाते हैं और प्रत्येक क्लस्टर/पंचायत में ऐसे चार प्रयोग अनिवार्य रूप से कराए जाते हैं ताकि उपज के आंकड़ों के अनुमान में किसी प्रकार की शंका न रहे। उन्होंने कहा कि अब टेक्नोलॉजी का व्यापक उपयोग करते हुए सैटेलाइट‑आधारित रिमोट सेंसिंग की पद्धति भी अपनाई गई है जिससे वास्तविक उपज और नुकसान का बेहतर आकलन हो सके और बीमा दावों का भुगतान अधिक वैज्ञानिक और निष्पक्ष आधार पर किया जा सके; नई फसल बीमा व्यवस्था में इसका लाभ सीधे किसानों को मिल रहा है।
केंद्रीय मंत्री चौहान ने बताया कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में किसानों ने कुल लगभग 36,055 करोड़ रुपये का प्रीमियम प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जमा किया है, जिसके बदले में लगभग 1,92,477 करोड़ रुपये की बीमा दावा राशि किसानों के खातों में जमा की गई है; यह इस बात का प्रमाण है कि योजना किसानों के पक्ष में अत्यंत लाभकारी रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहले स्थानीय स्तर की आपदा या किसी एक किसान की फसल‑क्षति सामान्यतः कवर नहीं मानी जाती थी और मुख्यतः तहसील/ब्लॉक इकाई पर आकलन होता था, लेकिन अब प्रावधान बदलकर यह सुनिश्चित किया गया है कि यदि किसी एक किसान की फसल भी क्षतिग्रस्त हो और उपज के आंकड़े इसे साबित करें, तो उसके नुकसान की भरपाई भी फसल बीमा योजना के माध्यम से की जाएगी; कोई भी किसान बीमा‑सुरक्षा से वंचित नहीं रहेगा।
उन्होंने कहा कि यह केवल कागज़ी योजनाएँ नहीं हैं बल्कि ज़मीनी स्तर पर लागू किए गए ठोस कदम हैं जिनका सीधा लाभ किसानों की आय और सुरक्षा में दिखाई दे रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि पीएम मोदी की सरकार किसान‑हितैषी है जो हर संकट में अन्नदाता और जीवनदाता किसान के साथ मज़बूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि हम किसी भी हालत में किसान को उनके पसीने की पूरी कीमत देने के संकल्प से कभी पीछे नहीं हटेंगे; किसान की मेहनत और सम्मान की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।#ShivrajSinghChauhan #FarmersWelfare #MSPRanking #PMKisan #AgricultureNews #ModiSarkar #CropInsurance #PMASHA #FarmerIncomeBoost #AgriculturalReform #DanikKhabar
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केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम राइफल्स के वीर जवानों और उनके परिवारों को 'स्थापना दिवस' की बधाई दी
आरएस अनेजा, 24 मार्च नई दिल्ली- केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने असम राइफल्स के वीर जवानों और उनके परिवारों को 'स्थापना दिवस' की बधाई दी।
X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा, असम राइफल्स के वीर जवानों और उनके परिवारों को 'स्थापना दिवस' की बधाई। उन्होंने कहा कि वे पूर्वोत्तर के दुर्गम इलाकों में हमारी सीमाओं की रक्षा करते हैं, अपनी वीरता और देशभक्ति का परिचय देते हुए मानवीय सहायता के माध्यम से विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास भी कायम करते हैं। शाह ने कहा कि राष्ट्र सेवा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले असम राइफल्स के वीर जवानों को नमन।#AssamRifles #RaisingDay #AmitShah #IndianArmy #VeerJawan #NorthEastIndia #Patriotism #InternalSecurity #SentinelsOfTheNorthEast #DanikKhabar
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CBI का भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: शाहदरा साउथ जोन के एमसीडी सहायक अभियंता को रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा
नई दिल्ली, 23 मार्च (अन्नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को जारी रखते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) के एक सहायक अभियंता (Assistant Engineer) को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी, जो शाहदरा साउथ जोन के गाजीपुर स्थित क्यूयूसी कार्यालय में तैनात था, को सीबीआई की टीम ने एक शिकायतकर्ता से 18,000 रुपये की अवैध राशि स्वीकार करते हुए मौके पर ही धर दबोचा।
यह कार्रवाई 18 मार्च 2026 को दर्ज की गई एक शिकायत के बाद की गई। आरोप के मुताबिक, सहायक अभियंता ने शिकायतकर्ता की बिल सत्यापन (Bill Verification) से जुड़ी एक फाइल को स्वीकृत करने और उसे आगे बढ़ाने के बदले में 20,000 रुपये के अनुचित लाभ की मांग की थी। सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और ईमानदारी को दरकिनार कर रिश्वत की मांग करने वाले इस अधिकारी के खिलाफ सीबीआई ने जाल बिछाने की योजना बनाई।
नियोजित योजना के तहत, 19 मार्च 2026 को सीबीआई ने ट्रैप लगाया। जैसे ही सहायक अभियंता ने शिकायतकर्ता से मोलभाव के बाद तय हुई 18,000 रुपये की राशि मांगी और उसे अपने हाथ में लिया, सीबीआई की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस सफल छापेमारी के बाद आरोपी अधिकारी को हिरासत में ले लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
सीबीआई ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्ट लोक सेवकों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही, जांच एजेंसी ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी उनसे काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो वे इसकी शिकायत करने में संकोच न करें। नागरिक अपनी शिकायत दिल्ली के सीजीओ परिसर स्थित सीबीआई कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं या हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर भ्रष्टाचार को मिटाने में सहयोग दे सकते हैं।
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23/03/26 |सीबीआई की बड़ी कार्रवाई: पीएनबी बैंक धोखाधड़ी का मुख्य आरोपी विपिन राठी गिरफ्तार, 9 साल से पुलिस को दे रहा था चकमा
नई दिल्ली, 23 मार्च (अन्नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने करोड़ों रुपये की बैंक धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक उद्घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी विपिन राठी, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की नजफगढ़ शाखा से जुड़े 4.11 करोड़ रुपये के घोटाले में वांछित था। साल 2017 से ही कानून की नजरों से बचकर भाग रहे इस आरोपी को सीबीआई की टीम ने दिल्ली के एक पार्किंग स्थल से दबोच लिया।
यह पूरा मामला साल 2015 का है, जब सीबीआई ने मेसर्स आरबीएम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और इसके निदेशकों राजेंद्र भूषण शर्मा, मीरा शर्मा और कृष्ण कुमार सहित अन्य के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया था। जांच के दौरान यह पाया गया कि विपिन राठी ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर बैंक को लगभग 4.11 करोड़ रुपये का चूना लगाया था। चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी जब वह अदालत में पेश नहीं हुआ, तो साल 2017 में उसे आधिकारिक तौर पर 'उद्घोषित अपराधी' घोषित कर दिया गया था।
पकड़े जाने के डर से विपिन राठी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। सीबीआई की गहन जांच और फील्ड वेरिफिकेशन से पता चला कि वह हाल के दिनों में दिल्ली के शाहदरा स्थित बलबीर नगर में पहचान छिपाकर एक किराए के मकान में रह रहा था। इतना ही नहीं, अपनी पहचान पूरी तरह गुप्त रखने के लिए वह स्वास्थ्य विहार स्थित राधू पैलेस मॉल की एमसीडी पार्किंग में एक साधारण कर्मचारी के रूप में काम कर रहा था। उसे लगा था कि इतनी भीड़भाड़ वाली जगह पर वह कभी पकड़ा नहीं जाएगा।
हालांकि, सीबीआई ने तकनीकी विश्लेषण और अपने खुफिया तंत्र (Human Intelligence) का इस्तेमाल करते हुए एक सटीक ऑपरेशन प्लान किया। 19 मार्च 2026 को टीम ने जाल बिछाया और उसे उसके कार्यस्थल से ही गिरफ्तार कर लिया। 9 साल तक फरार रहने के बावजूद अंततः कानून के हाथ उस तक पहुँच गए। फिलहाल आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
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23/03/26 |दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी: पश्चिम विहार में झपटमारी (स्नैचिंग) करने वाले दो शातिर बदमाश चंद घंटों में गिरफ्तार, 15 से ज्यादा मामलों में थे शामिल
नई दिल्ली, 23 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की पश्चिम विहार ईस्ट टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए दो ऐसे शातिर झपटमारों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने मोती नगर और पश्चिम विहार इलाके में एक ही दिन में कई वारदातों को अंजाम देकर सनसनी फैला दी थी। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 27 वर्षीय अभिषेक (निवासी पीतमपुरा) और 22 वर्षीय जीतू उर्फ साजन (निवासी वजीराबाद इंडस्ट्रियल एरिया) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, जीतू अशोक विहार थाने का घोषित अपराधी यानी 'बैड कैरेक्टर' भी है। इन दोनों की गिरफ्तारी से पुलिस ने झपटमारी और वाहन चोरी के तीन बड़े मामलों को सुलझाने में सफलता हासिल की है।
घटना की शुरुआत 22 मार्च 2026 को हुई, जब एक महिला ने पश्चिम विहार ईस्ट थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे जब वह पीरागढ़ी से पश्चिम विहार ईस्ट मेट्रो स्टेशन की ओर जा रही थी, तभी मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने उनका पर्स छीन लिया। उस पर्स में दो मोबाइल फोन, कैश और जरूरी दस्तावेज थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी राजबीर लांबा के मार्गदर्शन और एसएचओ राजपाल के नेतृत्व में एसआई गौरव, हेड कांस्टेबल कुलदीप, मंजीत और अन्य जवानों की एक विशेष टीम गठित की गई।
तफ्तीश के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास के रूट के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। फुटेज में संदिग्धों के चेहरे आंशिक रूप से नजर आए, जिसके बाद तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने उनका पीछा नेताजी सुभाष प्लेस तक किया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने एक सटीक छापेमारी की और वारदात के कुछ ही घंटों के भीतर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से छीने गए मोबाइल और कैश बरामद किए गए।
पुलिस पूछताछ में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपियों के पास से मिला एक अन्य मोबाइल फोन मोती नगर थाने में दर्ज झपटमारी के मामले से जुड़ा निकला। यही नहीं, जिस मोटरसाइकिल का इस्तेमाल वे अपराध के लिए कर रहे थे, वह भी शालीमार बाग इलाके से चोरी की गई थी। रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि इन दोनों आरोपियों पर पहले से ही चोरी, सेंधमारी और आर्म्स एक्ट जैसे 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन और नकदी बरामद कर ली है और मामले की आगे की जांच जारी है।
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23/03/26 |नई दिल्ली: दुनिया के आधे से ज्यादा देशों ने स्कूलों में मोबाइल फोन पर लगाई पाबंदी, यूनेस्को की रिपोर्ट में खुलासा
जे कुमार नई दिल्ली, 23 मार्च 2026: बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और गिरते शैक्षणिक स्तर को देखते हुए दुनिया भर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। यूनेस्को (UNESCO) की 'ग्लोबल एजुकेशन मॉनिटरिंग' (GEM) टीम की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अब दुनिया के 58 प्रतिशत देशों (लगभग 114 शिक्षा प्रणालियों) ने स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर आधिकारिक रूप से प्रतिबंध लगा दिया है।
तेजी से बढ़ा प्रतिबंध का दायरा: रिपोर्ट के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। जून 2023 में जहां केवल 24 प्रतिशत देशों में यह पाबंदी थी, वहीं मार्च 2026 तक यह आंकड़ा दोगुने से भी अधिक होकर 58 प्रतिशत तक पहुँच गया है। हाल ही में इस सूची में बोलीविया, क्रोएशिया, मालदीव और माल्टा जैसे देश भी शामिल हुए हैं। ब्रिटेन, फ्रांस और नीदरलैंड जैसे देश पहले ही सख्त नियम लागू कर चुके हैं। स्वीडन ने भी घोषणा की है कि वह अगस्त 2026 से पूरे देश के स्कूलों में फोन पूरी तरह बैन कर देगा।
प्रतिबंध के पीछे के मुख्य कारण: विशेषज्ञों के अनुसार, यह सख्त कदम उठाने के पीछे तीन प्रमुख चिंताएं हैं:
एकाग्रता में कमी: क्लासरूम में मोबाइल की मौजूदगी से छात्रों का ध्यान भटकता है, जिससे सीखने की क्षमता प्रभावित होती है।
साइबर बुलिंग: स्कूलों में डिजिटल उपकरणों के कारण साइबर बुलिंग के मामले तेजी से बढ़े हैं।
मानसिक स्वास्थ्य: सोशल मीडिया के अत्यधिक प्रभाव के कारण बच्चों, विशेषकर लड़कियों में ईटिंग डिसऑर्डर और बॉडी इमेज जैसी मानसिक समस्याएं देखी जा रही हैं।
यूनेस्को का कहना है कि तकनीक शिक्षा का पूरक होनी चाहिए, विकल्प नहीं। हालांकि, कुछ देश पूर्ण प्रतिबंध के बजाय स्कूलों को स्वायत्तता दे रहे हैं कि वे अपनी सुविधा के अनुसार नियम बनाएं। भारत में भी कई राज्यों में स्कूल स्तर पर इस तरह की पाबंदियां पहले से ही प्रभावी हैं।
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22/03/26 |प्रॉपर्टी के नाम पर लोगों को चूना लगाने वाला भगोड़ा अपराधी राहुल दिल्ली कश्मीरी गेट से गिरफ्तार
नई दिल्ली, 22 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (सेंट्रल रेंज) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में सक्रिय एक शातिर अपराधी और भगोड़े जालसाज को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी राहुल पासवान, लक्ष्मी नगर (पूर्वी दिल्ली) के थाने का घोषित अपराधी (पीओ) है, जो लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था। पुलिस ने उसे कश्मीरी गेट पार्किंग इलाके से उस वक्त दबोचा जब वह शहर छोड़कर भागने की फिराक में था।
प्रॉपर्टी डीलर बनकर करता था ठगी राहुल पासवान के काम करने का तरीका (Modus Operandi) बेहद शातिर था। वह खुद को एक रसूखदार प्रॉपर्टी डीलर के रूप में पेश करता था। स्थानीय लोगों का विश्वास जीतने के बाद, वह उन्हें निवेश के नाम पर अलग-अलग फ्लैट और संपत्तियां दिखाता था। जैसे ही खरीदार उसे बयाना या शुरुआती रकम (Partial Payment) दे देते थे, वह पैसे लेकर रफूचक्कर हो जाता था। स्नातक (Graduate) पास राहुल अंग्रेजी भाषा में काफी निपुण है, जिसका फायदा उठाकर वह पढ़े-लिखे लोगों को आसानी से अपने झांसे में ले लेता था।
गिरफ्तारी के डर से फरीदाबाद में बदला ठिकाना फरवरी 2023 में लक्ष्मी नगर थाने में दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले (FIR No. 309/2022) में अदालत ने उसे घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) करार दिया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी पिछले एक साल से फरीदाबाद, हरियाणा में छिपकर रह रहा था। हालांकि, क्राइम ब्रांच के हेड कांस्टेबल जय सिंह और विजय सिंह को उसकी लोकेशन के बारे में सटीक गुप्त सूचना मिली। इसके बाद इंस्पेक्टर सुनील कुमार कालखंडे के नेतृत्व और एसीपी पंकज अरोड़ा की देखरेख में एक विशेष टीम बनाई गई, जिसने तकनीकी सर्विलांस और जमीनी खुफिया जानकारी की मदद से उसे कश्मीरी गेट से गिरफ्तार कर लिया।
कई राज्यों में फैला है धोखाधड़ी का जाल पुलिस जांच में सामने आया है कि राहुल पासवान के खिलाफ केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी धोखाधड़ी की कई शिकायतें दर्ज हैं। दिल्ली के लक्ष्मी नगर थाने में ही उसके खिलाफ जालसाजी के तीन बड़े मामले (FIR No. 309/22, 244/24, 163/24) लंबित हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट के नाम पर कुल कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इस ठगी के नेटवर्क में उसके साथ और कौन-कौन शामिल है।
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22/03/26 |क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: दिल्ली में अवैध विदेशी शराब के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, लग्जरी कार के साथ आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली, 22 मार्च (अन्नू): राजधानी में अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में दिल्ली पुलिस की इंटर-स्टेट सेल (क्राइम ब्रांच) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। क्राइम ब्रांच की टीम ने वेस्ट पंजाबी बाग इलाके में जाल बिछाकर भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब जब्त की है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक एमजी हेक्टर (MG Hector) गाड़ी को भी अपने कब्जे में लिया है।
गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल यह पूरी कार्रवाई क्राइम ब्रांच को मिली एक सटीक और विश्वसनीय सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिली थी कि दिल्ली में अवैध शराब की सप्लाई करने वाला एक व्यक्ति भारी खेप के साथ पंजाबी बाग इलाके में आने वाला है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी रमेश चंद्र लांबा के पर्यवेक्षण और इंस्पेक्टर पंकज मलिक व रोहित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें एसआई अमित कुमार, एएसआई सुरेश कुमार गुप्ता और हेड कांस्टेबल राजेंद्र कुमार शामिल थे। टीम ने 19 मार्च 2026 को वेस्ट पंजाबी बाग के रोड नंबर 40 स्थित कॉमन पार्किंग एरिया के पास घेराबंदी की।
महंगी ब्रांड्स की 144 बोतलें बरामद जैसे ही संदिग्ध व्यक्ति अपनी कार के पास पहुँचा, अलर्ट पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे दबोच लिया। जब कार की गहन तलाशी ली गई, तो पुलिस के भी होश उड़ गए। गाड़ी के अंदर से नामी विदेशी ब्रांड्स जैसे 'ग्लेनफिडिच सिंगल माल्ट' (Glenfiddich), 'शिवास रीगल' (Chivas Regal) और 'मंकी शोल्डर' (Monkey Shoulder) की कुल 144 बोतलें (12 कार्टन) बरामद हुईं। आरोपी के पास इस शराब को रखने या परिवहन करने का कोई वैध लाइसेंस या परमिट नहीं था।
गुरुग्राम से दिल्ली का कनेक्शन गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान 35 वर्षीय नमन कोहली के रूप में हुई है, जो वेस्ट पंजाबी बाग का ही निवासी है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि वह हरियाणा के गुरुग्राम से कम दामों पर विदेशी शराब खरीदता था और उसे दिल्ली लाकर अवैध रूप से ऊंचे दामों पर बेचकर मुनाफा कमाता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, नमन कोहली पहले भी आबकारी अधिनियम के तहत गुरुग्राम के सेक्टर-56 थाने में दर्ज एक मामले में संलिप्त रहा है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच पुलिस ने शराब की पूरी खेप और तस्करी में प्रयुक्त एमजी हेक्टर कार को जब्त कर लिया है। इस संबंध में क्राइम ब्रांच थाने में दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 33/58 के तहत एफआईआर संख्या 59/2026 दर्ज की गई है। फिलहाल पुलिस इस अवैध नेटवर्क की पूरी सप्लाई चेन को खंगाल रही है ताकि इस धंधे में शामिल अन्य लोगों और उनके ठिकानों का पता लगाया जा सके।
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22/03/26 |दिल्ली से पटना का सफर अब और भी आसान: DTC शुरू करेगी सीधी बस सेवा, यात्रियों को भीड़ से मिलेगी बड़ी राहत
ए के वत्स, 20 मार्च नई दिल्ली : दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने अंतर्राज्यीय यात्रा को और अधिक सुगम और आरामदायक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली सरकार की नई योजना के तहत डीटीसी जल्द ही दिल्ली से बिहार की राजधानी पटना के लिए सीधी बस सेवा शुरू करने जा रही है। यह लंबी दूरी का एक महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय रूट होगा, जिसे विशेष रूप से त्योहारों के दौरान ट्रेनों और उड़ानों में होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए तैयार किया गया है। पटना से शुरू होने वाली यह सेवा उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख शहरों को भी दिल्ली से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
दिल्ली सरकार की योजना कुल 17 नए अंतर्राज्यीय रूटों पर परिचालन शुरू करने की है, जिसके लिए बेड़े में 50 नई अत्याधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) एसी बसें शामिल की जा रही हैं। ये बसें न केवल प्रदूषण कम करने में सहायक होंगी, बल्कि लंबी यात्रा के दौरान यात्रियों को थकान मुक्त और सुरक्षित अनुभव भी प्रदान करेंगी। पटना रूट इस पूरी परियोजना का पहला और सबसे प्रमुख हिस्सा है। इन बसों में आधुनिक सुरक्षा उपकरण, सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और आरामदायक फोल्डिंग सीटों जैसी सुविधाएं मौजूद होंगी।
दिवाली, छठ और होली जैसे बड़े त्योहारों पर दिल्ली से बिहार जाने वाले यात्रियों को कन्फर्म रेल टिकट न मिलने के कारण भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। डीटीसी की इस नई बस सेवा से यात्रियों के पास एक विश्वसनीय और किफायती विकल्प मौजूद होगा। अधिकारियों के अनुसार, इन बसों का समय निर्धारण और स्टॉपेज इस तरह से तय किए जाएंगे कि कम से कम समय में लंबी दूरी तय की जा सके। यह पहल दिल्ली सरकार के उस व्यापक विजन का हिस्सा है, जिसके तहत सार्वजनिक परिवहन को केवल शहर के भीतर ही नहीं, बल्कि अंतर्राज्यीय स्तर पर भी मजबूत किया जा रहा है।
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आज का राशिफल रविवार, 22 मार्च 2026
♈ मेष (Aries)
परिवार: घर में सहयोग मिलेगा, छोटे विवाद खत्म होंगे
कैरियर: नई जिम्मेदारी मिल सकती है, प्रमोशन के संकेत
लाभ/हानि: धन लाभ संभव, खर्च नियंत्रित रखें
शुभ मुहूर्त: सुबह 9:00 – 10:30
शेयर मार्केट: हल्का लाभ, जल्दी निर्णय न लें
लक्की नंबर: 9
शुभ रंग: लाल
स्वास्थ्य: ऊर्जा अच्छी, सिरदर्द संभव
बिजनेस: नई डील फाइनल हो सकती है
मूड: उत्साहित 👍
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♉ वृषभ (Taurus)
परिवार: परिवार में खुशियां, मेहमान आ सकते हैं
कैरियर: स्थिरता रहेगी, काम समय पर पूरा होगा
लाभ/हानि: आय में वृद्धि, बचत करें
शुभ मुहूर्त: दोपहर 1:00 – 2:30
शेयर मार्केट: सुरक्षित निवेश करें
लक्की नंबर: 6
शुभ रंग: सफेद
स्वास्थ्य: पेट का ध्यान रखें
बिजनेस: लाभकारी दिन
मूड: संतुष्ट 😊
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♊ मिथुन (Gemini)
परिवार: बातचीत से रिश्ते सुधरेंगे
कैरियर: नई योजनाएं बनेंगी
लाभ/हानि: मिश्रित परिणाम
शुभ मुहूर्त: सुबह 11:00 – 12:00
शेयर मार्केट: उतार-चढ़ाव रहेगा
लक्की नंबर: 5
शुभ रंग: हरा
स्वास्थ्य: तनाव से बचें
बिजनेस: पार्टनर से सहयोग मिलेगा
मूड: सामान्य 😐
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♋ कर्क (Cancer)
परिवार: भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा
कैरियर: मेहनत का फल मिलेगा
लाभ/हानि: धन लाभ संभव
शुभ मुहूर्त: शाम 4:00 – 5:30
शेयर मार्केट: अच्छा लाभ मिल सकता है
लक्की नंबर: 2
शुभ रंग: सफेद
स्वास्थ्य: अच्छा रहेगा
बिजनेस: विस्तार के अवसर
मूड: खुश 😊
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♌ सिंह (Leo)
परिवार: विवाद से बचें
कैरियर: अधिकारियों से प्रशंसा
लाभ/हानि: खर्च बढ़ सकता है
शुभ मुहूर्त: सुबह 8:00 – 9:30
शेयर मार्केट: सोच-समझकर निवेश करें
लक्की नंबर: 1
शुभ रंग: सुनहरा
स्वास्थ्य: थकान महसूस हो सकती है
बिजनेस: नई शुरुआत ठीक रहेगी
मूड: थोड़ा तनाव 😓
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♍ कन्या (Virgo)
परिवार: रिश्तों में मधुरता
कैरियर: सफलता के योग
लाभ/हानि: अच्छा लाभ
शुभ मुहूर्त: दोपहर 12:30 – 2:00
शेयर मार्केट: लाभकारी दिन
लक्की नंबर: 7
शुभ रंग: नीला
स्वास्थ्य: फिट रहेंगे
बिजनेस: विस्तार संभव
मूड: आत्मविश्वासी 💪
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♎ तुला (Libra)
परिवार: जीवनसाथी का सहयोग
कैरियर: नए अवसर मिलेंगे
लाभ/हानि: धन लाभ
शुभ मुहूर्त: शाम 3:00 – 4:30
शेयर मार्केट: मध्यम लाभ
लक्की नंबर: 6
शुभ रंग: गुलाबी
स्वास्थ्य: सामान्य
बिजनेस: पार्टनरशिप लाभकारी
मूड: खुश 😄
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♏ वृश्चिक (Scorpio)
परिवार: तनाव हो सकता है
कैरियर: सावधानी रखें
लाभ/हानि: हानि से बचें
शुभ मुहूर्त: सुबह 10:00 – 11:30
शेयर मार्केट: जोखिम न लें
लक्की नंबर: 8
शुभ रंग: काला
स्वास्थ्य: थकान
बिजनेस: धीमी गति
मूड: चिंतित 😟
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♐ धनु (Sagittarius)
परिवार: खुशियां रहेंगी
कैरियर: उन्नति के योग
लाभ/हानि: अच्छा लाभ
शुभ मुहूर्त: दोपहर 2:00 – 3:30
शेयर मार्केट: निवेश फायदेमंद
लक्की नंबर: 3
शुभ रंग: पीला
स्वास्थ्य: अच्छा
बिजनेस: तेजी आएगी
मूड: सकारात्मक 😊
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♑ मकर (Capricorn)
परिवार: जिम्मेदारियां बढ़ेंगी
कैरियर: मेहनत करनी होगी
लाभ/हानि: संतुलित
शुभ मुहूर्त: सुबह 7:30 – 9:00
शेयर मार्केट: धीमा लाभ
लक्की नंबर: 4
शुभ रंग: ग्रे
स्वास्थ्य: कमर दर्द संभव
बिजनेस: स्थिर रहेगा
मूड: गंभीर 😐
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♒ कुंभ (Aquarius)
परिवार: सहयोग मिलेगा
कैरियर: नई शुरुआत
लाभ/हानि: धन लाभ
शुभ मुहूर्त: शाम 5:00 – 6:30
शेयर मार्केट: अच्छा रिटर्न
लक्की नंबर: 11
शुभ रंग: बैंगनी
स्वास्थ्य: अच्छा
बिजनेस: विस्तार के योग
मूड: उत्साहित 😄
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♓ मीन (Pisces)
परिवार: शांति बनी रहेगी
कैरियर: सफलता मिलेगी
लाभ/हानि: लाभ के संकेत
शुभ मुहूर्त: दोपहर 1:30 – 3:00
शेयर मार्केट: लाभदायक दिन
लक्की नंबर: 12
शुभ रंग: आसमानी
स्वास्थ्य: बेहतर
बिजनेस: उन्नति
मूड: संतुलित 😊
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22/03/26 |दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों के लिए आज लगेंगे स्पेशल कैंप, मालिकाना हक के दस्तावेजों का मौके पर होगा निपटारा
ए के वत्स, 20 मार्च नई दिल्ली : दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों निवासियों को मालिकाना हक दिलाने की प्रक्रिया को गति देने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) आज, रविवार को 'पीएम-उदय' (PM-UDAY) योजना के तहत सिंगल विंडो कैंप के दूसरे चरण का आयोजन कर रहा है। यह कैंप दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 10 चयनित स्थानों पर लगाए जाएंगे, जहाँ निवासियों को संपत्ति के पंजीकरण और दस्तावेजीकरण से जुड़ी सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी।
इन कैंपों का मुख्य उद्देश्य उन आवेदनों का त्वरित निस्तारण करना है जो छोटी-मोटी कमियों या तकनीकी कारणों से लंबित हैं। डीडीए अधिकारियों के अनुसार, कैंप में स्वीकृत मामलों के लिए ऑथराइजेशन स्लिप (AS) और कन्वेंस डीड (CD) का निष्पादन किया जाएगा। इसके अलावा, नए पंजीकरण, जीआईएस (GIS) सर्वेक्षण में सहायता और आवेदन फॉर्म भरने में आने वाली समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों के लिए विशेष सहायता डेस्क भी स्थापित किए गए हैं ताकि वे अपने जरूरी दस्तावेज जैसे आईडी बॉन्ड और नोटरी पेपर आसानी से तैयार करवा सकें।
आज इन 10 प्रमुख स्थानों पर आयोजित होंगे कैंप:
पीतमपुरा (एलयू ब्लॉक): डीडीए मार्केट, रामलीला मैदान के पास।
द्वारका सेक्टर-5: नागरिक सुविधा केंद्र, डीडीए नर्सरी।
मुनिरका: डीडीए ऑफिस कॉम्प्लेक्स (O/o SCC-I)।
लक्ष्मी नगर: प्लॉट नंबर 4, डीडीए बिल्डिंग, डिस्ट्रिक्ट सेंटर।
रोहिणी सेक्टर-3: दीपाली चौक के पास।
पश्चिम विहार: डबल टंकी, डीडीए कार्यालय।
पीतमपुरा-II: मुकरबा चौक, जीटीके डिपो के पास (PC-107)।
शकरपुर: सीड बेड पार्क, स्कूल ब्लॉक, डीडीए ऑफिस।
जनकपुरी: बी2बी, डीडीए ऑफिस।
सरिता विहार: प्रोजेक्ट डिवीजन-2, मेट्रो स्टेशन के पास।
डीडीए ने निवासियों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने मालिकाना हक से जुड़े लंबित कार्यों को पूरा करें। कैंप सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक सक्रिय रहेंगे। यह पहल दिल्ली की 1,731 अनधिकृत कॉलोनियों को मुख्यधारा के शहरी ढांचे से जोड़ने और वहां के निवासियों को बैंक ऋण व अन्य नागरिक सुविधाएं प्राप्त करने में सक्षम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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दिल्ली: पुलिस गश्त के दौरान पकड़ा गया शातिर अपराधी रवि उर्फ टोटो, चोरी की स्कूटी और बटनदार चाकू बरामद
नई दिल्ली, 21 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की नॉर्थ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के अशोक विहार थाना क्षेत्र में गश्त कर रही टीम ने एक शातिर और इलाके से तड़ीपार (Externed) अपराधी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान 30 वर्षीय रवि उर्फ टोटो के रूप में हुई है, जो वज़ीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया (WPIA) का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास से एक चोरी की स्कूटी और एक अवैध बटनदार चाकू बरामद किया है। आरोपी की गिरफ्तारी से केशव पुरम इलाके से चोरी हुई स्कूटी का मामला भी सुलझ गया है।
यह कार्रवाई 19 मार्च 2026 की रात करीब 8 बजे हुई, जब डब्ल्यूपीआईए (WPIA) चौकी की पुलिस टीम बी-ब्लॉक में गश्त कर रही थी। फैक्ट्री के पास स्कूटी पर सवार एक संदिग्ध व्यक्ति को जब पुलिस ने रुकने का इशारा किया, तो उसने भागने की कोशिश की। हालांकि, सतर्क पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से गैरकानूनी चाकू बरामद हुआ और वह स्कूटी के वैध दस्तावेज भी नहीं दिखा सका। जांच में पता चला कि स्कूटी केशव पुरम थाने के इलाके से चोरी की गई थी, जिसकी ई-एफआईआर पहले ही दर्ज थी।
पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी रवि उर्फ टोटो एक आदतन अपराधी है और अशोक विहार थाने का घोषित 'बैड कैरेक्टर' (BC) है। उसे दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत इलाके से बाहर (तड़ीपार) रहने का आदेश दिया गया था, जिसका उल्लंघन कर वह दिल्ली में घूम रहा था। आरोपी ने कबूल किया कि वह इलाके में स्नैचिंग (झपटमारी) की वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा था। रवि के खिलाफ पहले से ही स्नैचिंग, चोरी, सेंधमारी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर अपराधों के 20 मामले दर्ज हैं।
डीसीपी आकांक्षा यादव (IPS) ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट और तड़ीपार आदेश के उल्लंघन (दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 53/116) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस सफल ऑपरेशन को एसीपी आकाश रावत और एसएचओ प्रमोद कुमार की देखरेख में एसआई रोहित, हवलदार पवन, अश्विनी, राहुल हुड्डा और विजेंद्र की टीम ने अंजाम दिया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हाल के दिनों में उसने और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
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21/03/26 |यात्री ध्यान दें: दिल्ली PRS सेवाएं 26 मार्च की रात 5 घंटे के लिए रहेंगी बंद, नहीं हो सकेगी टिकट बुकिंग और पूछताछ
नई दिल्ली, 21 मार्च (अन्नू): दिल्ली पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) साइट पर PNR फाइलों के कंप्रेशन कार्य के चलते आगामी 26 और 27 मार्च की मध्यरात्रि को सेवाएं अस्थायी रूप से ठप रहेंगी। रेलवे द्वारा जारी सूचना के अनुसार, दिल्ली पीआरएस साइट 26 मार्च की रात 11:45 बजे से लेकर 27 मार्च की अल सुबह 04:45 बजे तक, यानी कुल 5 घंटों के लिए बंद रहेगी। इस दौरान दिल्ली पीआरएस से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सेवाएं यात्रियों के लिए उपलब्ध नहीं होंगी।
इस समयावधि के दौरान यात्री PNR इंक्वायरी (टिकट की स्थिति जानना), करंट रिजर्वेशन (तत्काल बुकिंग), टिकट कैंसिलेशन और चार्टिंग जैसी सुविधाओं का लाभ नहीं उठा सकेंगे। इसके अलावा, ई.डी.आर (Exceptional Data Report) और काउंटरों पर मिलने वाली पीआरएस रिपोर्ट सेवाएं भी पूरी तरह से बंद रहेंगी। रेलवे ने यह कदम तकनीकी सुधार और डेटा प्रबंधन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया है।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना और टिकट से जुड़े जरूरी कार्य इस समयावधि से पहले या बाद में पूरे कर लें, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। 27 मार्च की सुबह 04:45 बजे के बाद सभी सेवाएं फिर से सामान्य रूप से बहाल कर दी जाएंगी।
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जल सुरक्षा का नया संकल्प: 'विश्व जल दिवस सम्मेलन 2026' कल और भारत की बदलती तस्वीर
आरएस अनेजा, 21 मार्च नई दिल्ली - दुनिया भर में 22 मार्च को मनाया जाने वाला 'विश्व जल दिवस' ताज़े पानी के बेहद ज़रूरी महत्व और पानी के टिकाऊ प्रबंधन की तत्काल ज़रूरत की याद दिलाता है। यह पानी की कमी, जलवायु परिवर्तन और सभी तक समान पहुँच जैसी बढ़ती चुनौतियों को उजागर करता है, साथ ही सरकारों, उद्योगों और समुदायों को आज और आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी सुरक्षित करने की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करता है। इस साल का वैश्विक विषय, "जल और लिंग," समावेशी और न्यायसंगत जल शासन की ज़रूरत पर और भी ज़्यादा ज़ोर देता है।
कार्रवाई के इस वैश्विक आह्वान को मज़बूती देते हुए, जल शक्ति मंत्रालय 23 मार्च 2026 को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में "जल के लिए उद्योग" विषय के तहत 'विश्व जल दिवस सम्मेलन 2026' का आयोजन करेगा। उद्घाटन सत्र केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल की उपस्थिति में होगा, जिसमें सरकार और उद्योग के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
यह सम्मेलन "संपूर्ण-सरकार" और "संपूर्ण-समाज" दृष्टिकोण के माध्यम से भारत की जल सुरक्षा को मज़बूत करने की दिशा में विभिन्न विभागों, शिक्षा जगत और उद्योगों के बीच बढ़ते तालमेल को उजागर करता है। पानी को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संसाधन और इसके प्रबंधन में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की प्राथमिक भूमिका को पहचानते हुए, उन्हें इस अवसर को मनाने के लिए उपयुक्त गतिविधियों का आयोजन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
ऐसी पहलें जन जागरूकता बढ़ा सकती हैं, सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दे सकती हैं, और पानी के ज़िम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहित कर सकती हैं। राज्य/केंद्र शासित प्रदेश जागरूकता कार्यक्रम चला सकते हैं, वर्षा जल संचयन और पुन: उपयोग जैसी बेहतरीन प्रथाओं को प्रदर्शित कर सकते हैं, पानी के उपयोग की दक्षता में सुधार के लिए उद्योगों और शहरी स्थानीय निकायों के साथ जुड़ सकते हैं, और समुदाय के नेतृत्व वाली पहलों को बढ़ावा दे सकते हैं।
यह सम्मेलन टिकाऊ जल प्रबंधन के लिए संवाद, नवाचार और सहयोग का एक राष्ट्रीय मंच होगा, जो नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं, शिक्षाविदों, स्टार्टअप्स, MSMEs और युवा नवप्रवर्तकों को एक साथ लाकर ऐसे समाधान तैयार करेगा जो बड़े पैमाने पर लागू किए जा सकें और प्रौद्योगिकी पर आधारित हों।
उद्योग को पानी के उपयोग की दक्षता, रीसाइक्लिंग, पुन: उपयोग और नवाचार के एक प्रमुख चालक के रूप में स्थापित करते हुए, यह सम्मेलन एक ऐसे बड़े बदलाव को उजागर करता है जहाँ उद्योग पानी के केवल उपयोगकर्ता होने से आगे बढ़कर पानी के संरक्षक बन रहे हैं, और ज़्यादा समझदारी भरे तथा टिकाऊ तरीकों को अपना रहे हैं। इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से 700 से ज़्यादा प्रतिनिधियों की भागीदारी देखने को मिलेगी।
एक मुख्य आकर्षण 'जल शक्ति हैकाथॉन' के विजेताओं का सम्मान होगा, जिसके माध्यम से जल क्षेत्र में किए गए अभिनव और प्रभावशाली समाधानों को मान्यता दी जाएगी। राज्य सरकारें इसमें सक्रिय रूप से भाग लेंगी, विशेष रूप से जनगणना-केंद्रित सत्र में; इस सत्र में प्रमुख राष्ट्रीय जल जनगणना रिपोर्टों के पूरा होने और उनके विमोचन के अवसर पर सम्मान समारोह भी आयोजित किया जाएगा, जो डेटा-आधारित जल शासन के महत्व को रेखांकित करेगा।
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दिल्ली : 2.5 साल से फरार 50 हजार का इनामी आरोपी गुजरात से गिरफ्तार
नई दिल्ली, 21 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ANTF) ने ढाई साल से फरार चल रहे एक शातिर अपराधी अतोनु हलदर उर्फ अतुल हलदर (23 वर्ष) को गुजरात के गांधीनगर से पकड़ने में सफलता हासिल की है। आरोपी सरिता विहार में साल 2023 में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड का मुख्य आरोपी है और लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था। दिल्ली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा था और उसे अदालत द्वारा भगोड़ा (Proclaimed Offender) भी घोषित किया जा चुका था।
यह मामला 15 सितंबर 2023 का है, जब सरिता विहार इलाके में एक व्यक्ति पर उनके घर के पास ही चाकू और लाठियों से जानलेवा हमला किया गया था। मृतक के 15 वर्षीय बेटे की शिकायत के अनुसार, आरोपी राजू पात्रा, अतोनु हलदर और अन्य लड़के मोटरसाइकिलों पर आए और उसके पिता को बुरी तरह पीटा। जब पीड़ित ने जान बचाने के लिए पड़ोसी के घर में छिपने की कोशिश की, तब भी हमलावरों ने पीछा नहीं छोड़ा और उन पर ताबड़तोड़ वार किए। बीच-बचाव करने आई मृतक की पत्नी को भी चोटें आई थीं। अस्पताल में इलाज के दौरान पीड़ित की मृत्यु हो गई थी।
डीसीपी (क्राइम ब्रांच) राहुल अलवाल के नेतृत्व में इंस्पेक्टर महिपाल और उनकी टीम ने इस केस की गुत्थी सुलझाने के लिए तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया। हवलदार नवीन ने पुराने मोबाइल नंबरों और कॉल रिकॉर्ड्स का बारीकी से विश्लेषण किया, जिससे एक संदिग्ध नंबर मिला जिसकी लोकेशन हर महीने बदल रही थी। पुलिस टीम ने इस सुराग का पीछा करते हुए गुजरात के गांधीनगर में जाल बिछाया और अंततः अतोनु हलदर को दबोच लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। वारदात के बाद वह पहले मुंबई भागा, फिर प्रयागराज में रहा और पिछले एक साल से गुजरात में एक स्टोर हेल्पर के रूप में काम कर रहा था। आरोपी केवल आठवीं तक पढ़ा है और दिल्ली में रहने के दौरान गलत संगत में पड़ गया था। पुलिस इस मामले में छह अन्य आरोपियों को पहले ही जेल भेज चुकी है। अतोनु की गिरफ्तारी से इस पुराने मामले की जांच अब पूरी हो गई है।
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दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी: नंदू गैंग का शार्प शूटर सुमित और हथियारों का सप्लायर गिरफ्तार, स्टार पिस्टल और कारतूस बरामद
नई दिल्ली, 21 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (WR-II) ने कुख्यात कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग के खिलाफ एक बड़े ऑपरेशन में सफलता हासिल की है। पुलिस ने गैंग के सक्रिय शार्प शूटर सुमित पुनिया और उसे अवैध हथियार सप्लाई करने वाले बदर सैफी को गिरफ्तार किया है। सुमित, जो हरियाणा के महेंद्रगढ़ का रहने वाला है, साल 2021 में स्पेशल सेल के साथ हुए एक एनकाउंटर मामले में वांछित था और लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस ने इनके कब्जे से दो अत्याधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक स्टार पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
जांच में सामने आया है कि 25 वर्षीय सुमित पुनिया गैंगस्टर कपिल सांगवान का बचपन का दोस्त है। दोनों पड़ोसी गांवों के रहने वाले हैं और बचपन में साथ में कबड्डी खेला करते थे। इसी दोस्ती के चलते सुमित साल 2020-21 में नंदू गैंग में शामिल हो गया और उसका सक्रिय शूटर बन गया। पुलिस को सूचना मिली थी कि सुमित दिल्ली के द्वारका इलाके में किसी वारदात की फिराक में है, जिसके बाद इंस्पेक्टर गौतम मलिक के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने जाल बिछाकर सुमित को द्वारका से दबोच लिया।
सुमित से पूछताछ के बाद पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर पहुँची, जहाँ से मुख्य हथियार सप्लायर बदर सैफी उर्फ बदर इस्लाम को गिरफ्तार किया गया। 32 वर्षीय बदर सैफी उत्तर प्रदेश के अमरोहा और अन्य जिलों में चोरी और आर्म्स एक्ट के कई मामलों में पहले भी शामिल रहा है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये हथियार नंदू गैंग के गुर्गों को उपलब्ध कराए जाते थे, जिनका इस्तेमाल उन लोगों को डराने-धमकने और रंगदारी (extortion) वसूलने के लिए किया जाता था जो गैंग को पैसे देने से मना कर देते थे।
डीसीपी (क्राइम ब्रांच) हर्ष इंदोरा ने बताया कि सुमित पुनिया पहले भी दिल्ली और हरियाणा में कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है। वह नवंबर 2025 में भी हरियाणा के महेंद्रगढ़ में अवैध हथियारों के साथ पकड़ा गया था। वहीं, बदर सैफी ने जल्द पैसा कमाने के लालच में हथियारों की तस्करी का रास्ता चुना था। इन दोनों की गिरफ्तारी से नंदू गैंग के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
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दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: क्राइम ब्रांच ने दो लापता नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित खोजा, 22 महीने बाद परिवार से मिली एक बेटी
नई दिल्ली, 21 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता का परिचय देते हुए दो अलग-अलग इलाकों से लापता हुई नाबालिग लड़कियों को सफलतापूर्वक बरामद कर लिया है। पुलिस टीम की मुस्तैदी के कारण इन दोनों बच्चियों को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलवा दिया गया है। इनमें से एक मामला बेहद चुनौतीपूर्ण था, जिसमें एक किशोरी पिछले करीब 22 महीनों से लापता थी। क्राइम ब्रांच की इस सफलता ने राजधानी में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की प्रतिबद्धता को एक बार फिर साबित किया है।
पहले मामले में, नरेला इंडस्ट्रियल एरिया से 15 मार्च 2026 को एक 14 साल की लड़की के अपहरण की सूचना मिली थी, जिस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया था। केस की संवेदनशीलता को देखते हुए एसीपी सुरेश कुमार के नेतृत्व में इंस्पेक्टर मनोज दहिया और उनकी टीम ने तकनीकी निगरानी और जमीनी स्तर पर जांच तेज की। जांच में पता चला कि यह लड़की अपनी एक सहेली की बीमारी का पता चलने पर बिना बताए जयपुर चली गई थी। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से उसे दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन से सुरक्षित बरामद कर लिया।
दूसरे मामले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी तब मिली जब उन्होंने मई 2024 से लापता एक 16 वर्षीय किशोरी को खोज निकाला। प्रेम नगर इलाके से गायब हुई इस लड़की की तलाश में इंस्पेक्टर मुकेश कुमार की टीम पिछले लंबे समय से जुटी थी। जांच में सामने आया कि यह किशोरी करीब 22 महीने पहले अपनी मां की डांट से नाराज होकर घर छोड़कर चली गई थी और नांगलोई इलाके में मजदूरी कर अपना गुजारा कर रही थी। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे ढूंढ निकाला और अब आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित थाना पुलिस को सौंप दिया है।
क्राइम ब्रांच के डीसीपी पंकज कुमार (IPS) ने बताया कि दोनों ही मामलों में टीमें लगातार परिजनों और स्थानीय लोगों के संपर्क में थीं। नाबालिगों की बरामदगी के बाद उन्हें सुरक्षित उनके घरों तक पहुँचाया गया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें और किसी भी अप्रिय स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। फिलहाल दोनों बच्चियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया है।
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भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026: 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को रोशन करने की ओर बढ़ते कदम
आरएस अनेजा, 20 मार्च नई दिल्ली - भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 के दूसरे दिन केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय बिजली मंत्री स्तरीय बैठक बुलाई गई।
इस बैठक की सह-अध्यक्षता बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक ने की। इसमें चंडीगढ़ और पंजाब के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया, बिजली सचिव श्री पंकज अग्रवाल, सचिव (MNRE) श्री संतोष कुमार सारंगी, और विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के ऊर्जा मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
सभा को संबोधित करते हुए मनोहर लाल ने कहा कि BES 2026 'विकसित भारत 2047' के विज़न को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा। इस बात पर ज़ोर देते हुए कि आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे के लिए बिजली मौलिक आवश्यकता है, उन्होंने भारत की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला—जैसे 520 GW से अधिक की स्थापित क्षमता, DISCOM के बेहतर प्रदर्शन, बड़े पैमाने पर स्मार्ट मीटर लगाना, और बिजली की कमी में कमी आना।
उन्होंने सस्ती और कुशल बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच समन्वित प्रयासों का आह्वान किया। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ऊर्जा सुरक्षा के महत्व पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत बढ़ाने और नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बदलाव की गति तेज़ करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा स्रोत के रूप में परमाणु ऊर्जा की क्षमता का भी उल्लेख किया और 'SHANTI Act' को एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मनोहर लाल ने राज्यों को आवश्यक सुधारों को लागू करने में केंद्र की ओर से पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया, जिसमें कानूनी और प्रशासनिक उपाय भी शामिल हैं।
श्रीपाद नाइक ने बिजली क्षेत्र में बदलाव लाने में प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर प्रकाश डाला, और स्मार्ट मीटरिंग को इसका एक प्रमुख उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भारत की आधी स्थापित क्षमता गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से आती है, और उन्होंने नई मसौदा 'राष्ट्रीय बिजली नीति' के महत्व पर ज़ोर दिया, जिसमें 'विकसित भारत @ 2047' के विज़न को हासिल करने की रणनीतियां बताई गई हैं।
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बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व सीनियर मैनेजर समेत 4 को जेल: साढ़े 3 करोड़ के फर्जीवाड़े में CBI कोर्ट ने सुनाया सख्त फैसला, लगा भारी जुर्माना
मुंबई/नई दिल्ली 20 मार्च (अन्नू): सीबीआई (CBI) की विशेष अदालत ने बैंक ऑफ इंडिया की नरीमन पॉइंट शाखा में हुए करोड़ों रुपये के धोखाधड़ी मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए बैंक के तत्कालीन सीनियर मैनेजर समेत चार लोगों को जेल और भारी जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला साल 2007-09 के दौरान फर्जी 'लेटर ऑफ क्रेडिट' (LC) के जरिए बैंक को चूना लगाने से जुड़ा है।
किसे कितनी मिली सजा: अदालत ने बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन सीनियर मैनेजर मनोज कुमार माथुर और इलेश शाह को 3-3 साल के कारावास और 50,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, 'इनफिनिट ट्रांसमिशन' के प्रोपराइटर हारित मेहता को 5 साल की जेल और 3.50 करोड़ रुपये के भारी-भरकम जुर्माने की सजा मिली है। इसी फर्म के डायरेक्टर अभय मेहता को भी 5 साल के कठोर कारावास और 1 करोड़ रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
फर्जीवाड़े का पूरा खेल: जांच के अनुसार, आरोपियों ने एक आपराधिक साजिश के तहत एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) की लोअर परेल शाखा के नाम पर 3.55 करोड़ रुपये का फर्जी लेटर ऑफ क्रेडिट तैयार किया था। बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन सीनियर मैनेजर मनोज कुमार माथुर ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर इस फर्जी दस्तावेज को असली मानकर डिस्काउंट कर दिया। इस राशि का एक हिस्सा पुरानी देनदारियों को चुकाने में इस्तेमाल किया गया, जबकि बाकी रकम को विभिन्न खातों के जरिए इधर-उधर (Siphon off) कर दिया गया।
16 साल बाद आया फैसला: सीबीआई ने इस मामले में 9 सितंबर 2010 को सात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। विस्तृत जांच के बाद 18 जून 2012 को 17 व्यक्तियों और फर्मों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने पाया कि आरोपियों ने बैंक को भारी वित्तीय नुकसान पहुँचाया और धन के स्रोत को छिपाने के लिए कई खातों का इस्तेमाल किया। अब अदालत ने सभी साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
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20/03/26 |नरेला फायरिंग कांड का मुख्य शूटर अनीश गिरफ्तार: वाटर प्लांट पर खौफ फैलाने के लिए चलाई थी गोली, क्राइम ब्रांच ने दबोचा
नई दिल्ली, 20 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (NDR) ने नरेला इलाके में दहशत फैलाने वाले एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी अनीश उर्फ ईश्वर दयाल इलाके में अपना दबदबा कायम करने के लिए सरेआम फायरिंग करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में वांछित था। क्राइम ब्रांच की आर.के. पुरम टीम ने तकनीकी सर्विलांस और सटीक सूचना के आधार पर इस शूटर को दबोचने में कामयाबी हासिल की है।
क्या था पूरा मामला? बीती 6 मार्च की शाम करीब 6:30 बजे, नरेला की रहने वाली एक महिला जब अपने वाटर प्लांट पर पहुंची, तो मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक वहां आए। इनमें से एक युवक (अनीश) ने पिस्तौल तानकर महिला को डराया और खौफ पैदा करने के लिए दीवार पर गोली चला दी। आरोपियों ने महिला को धमकी दी कि अगर उसने अपना वाटर प्लांट बंद नहीं किया, तो उसे जान से मार दिया जाएगा। वारदात के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे।
वर्चस्व की जंग और पुरानी रंजिश: पूछताछ में 23 वर्षीय आरोपी अनीश ने कबूला कि उसने यह वारदात इलाके में अपना दबदबा (Dominance) बनाने के लिए की थी। जांच में सामने आया कि उनके एक साथी और रोहित नाम के व्यक्ति के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी, जिसे सबक सिखाने और उसके व्यापार को ठप करने के लिए इस साजिश को अंजाम दिया गया। पुलिस इस मामले में पीयूष नाम के एक अन्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी, लेकिन मुख्य शूटर अनीश फरार चल रहा था।
क्राइम ब्रांच का बिछाया जाल: डीसीपी पंकज कुमार और एसीपी उमेश बर्थवाल के नेतृत्व में इंस्पेक्टर रामपाल की टीम ने इस केस पर काम किया। टीम ने अपने गुप्तचरों को सक्रिय किया और तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन का पता लगाया। 18 मार्च को एक समन्वित ऑपरेशन के तहत पुलिस ने अनीश को दिल्ली से ही दबोच लिया। आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के आगे उसकी एक न चली।
आरोपी का प्रोफाइल: नरेला का रहने वाला अनीश केवल 9वीं कक्षा तक पढ़ा है और फिलहाल बेरोजगार है। जल्द पैसा कमाने और अपराध की दुनिया में नाम बनाने के शौक ने उसे अपराधी बना दिया। दिल्ली पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह पता लगा रही है कि वारदात में इस्तेमाल हथियार उसने कहाँ से हासिल किया था।
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20/03/26 |दीवाली की रात गोलियां बरसाने वाला शातिर अपराधी गिरफ्तार: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने तिलक नगर में बिछाया जाल, धरे गए जीशान इदरीशी
नई दिल्ली, 20 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (WR-I) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए केशव पुरम इलाके में हुई फायरिंग की वारदात में शामिल मुख्य आरोपी जीशान अहमद इदरीशी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले साल दीवाली की रात हुई जानलेवा हमले की घटना के बाद से फरार चल रहा था और अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया था।
दीवाली की रात मचाया था तांडव: घटना 2025 की दीवाली की रात की है, जब केशव पुरम इलाके में जीशान और उसके साथियों ने दहशत फैलाने के मकसद से ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस फायरिंग में भानु कुमार नामक व्यक्ति को गोली लगी थी, जिससे इलाके में भारी तनाव पैदा हो गया था। इस संबंध में केशव पुरम थाने में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
सीक्रेट सूचना पर तिलक नगर में छापेमारी: क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदोरा और एसीपी राज कुमार के नेतृत्व में इंस्पेक्टर अनिल मलिक की एक विशेष टीम गठित की गई थी। 19 मार्च को टीम को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी जीशान तिलक नगर के चांद नगर इलाके में छिपा हुआ है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने इलाके की घेराबंदी की और आरोपी को दबोच लिया।
अपराध से पुराना नाता: 27 वर्षीय जीशान अहमद इदरीशी केवल 10वीं तक पढ़ा है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वह अपनी जरूरतों को पूरा करने और जल्द पैसा कमाने के चक्कर में बुरी संगत में पड़ गया था। जीशान का आपराधिक रिकॉर्ड काफी पुराना है:
2020: सागरपुर इलाके में हत्या के प्रयास और फायरिंग का मामला।
2022: पंजाबी बाग इलाके में झपटमारी और चोरी की वारदात।
2025: केशव पुरम में जानलेवा हमला और फायरिंग।
क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई से साफ है कि राजधानी में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। पुलिस अब आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है ताकि उसके अन्य साथियों का पता लगाया जा सके।
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20/03/26 |मुंबई के रेस्टोरेंट में वेटर बन छिपा था ₹50,000 का इनामी हत्यारा, दिल्ली क्राइम ब्रांच ने फिल्मी अंदाज में दबोचा
नई दिल्ली/मुंबई, 20 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (सेंट्रल रेंज) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए सरिता विहार के चर्चित और नृशंस हत्याकांड में शामिल ₹50,000 के इनामी अपराधी विजय पात्रो को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वारदात के बाद से ही अपनी पहचान छिपाकर मुंबई में शरण लिए हुए था, जिसे क्राइम ब्रांच की टीम ने एक सटीक ऑपरेशन के जरिए धर दबोचा।
पुरानी रंजिश और बेरहम कत्ल: यह पूरा मामला 15 सितंबर 2023 का है। दिल्ली के अली विहार (सरिता विहार) में रहने वाले अर्धेन्दु मंडल पर आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते बीच सड़क पर कुल्हाड़ी और चाकू जैसे घातक हथियारों से हमला कर दिया था। इस हमले में अर्धेन्दु की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने पहले ही चार आरोपियों को जेल भेज दिया था, लेकिन विजय पात्रो और उसका साथी फरार चल रहे थे, जिन्हें अदालत ने 'भगोड़ा' घोषित कर दिया था।
पहचान छिपाकर होटल में कर रहा था काम: डीसीपी संजीव कुमार यादव के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर वीर सिंह की टीम ने तकनीकी जांच शुरू की, जिससे पता चला कि विजय पात्रो मुंबई के भीड़भाड़ वाले सीएसटी (CST) इलाके में छिपा है। पुलिस टीम ने जब मुंबई के 'नीलम फूड सेंटर' पर छापा मारा, तो पता चला कि वह वहां एक वेटर के रूप में काम कर रहा था ताकि किसी को शक न हो। दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर मुंबई कोर्ट से 5 दिन की ट्रांजिट रिमांड हासिल की है।
अपराध की दुनिया का पुराना नाता: पुलिस के अनुसार, 9वीं तक पढ़ा विजय पात्रो बचपन से ही बुरी संगत में था। उसके दो बड़े भाई भी इसी हत्याकांड में शामिल थे और पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। फिलहाल पुलिस उसे दिल्ली लाकर आगे की पूछताछ कर रही है ताकि केस के अन्य पहलुओं और फरार साथियों का पता लगाया जा सके।
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20/03/26 |दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता: दिल्ली और हैदराबाद से दो नाबालिगों सहित तीन लापता व्यक्तियों को किया बरामद
नई दिल्ली, 20 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मानवीय संवेदनाओं और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए अलग-अलग राज्यों में चलाए गए ऑपरेशनों के दौरान दो लापता नाबालिग बच्चों और एक महिला को सुरक्षित ढूंढ निकालने में कामयाबी हासिल की है। इन तीनों ही मामलों में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और क्राइम ब्रांच की टीमों ने तकनीकी सर्विलांस और जमीनी स्तर पर सूचनाएं जुटाकर उन्हें उनके परिवारों से मिलाया। बरामद किए गए लोगों में से एक महिला पर 20,000 रुपये का इनाम भी घोषित था।
पहले मामले में क्राइम ब्रांच की टीम ने बेगमपुर इलाके से 14 वर्षीय एक किशोरी को बरामद किया, जो बीती 18 जनवरी से लापता थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर मनोज दहिया और उनकी टीम ने तकनीकी निगरानी के जरिए किशोरी की लोकेशन का पता लगाया। जांच में सामने आया कि आठवीं कक्षा छोड़ चुकी यह लड़की एक युवक के संपर्क में थी और परिजनों को बिना बताए उसके साथ चली गई थी। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे राजीव नगर एक्सटेंशन से बरामद कर लिया।
दूसरे मामले में भलस्वा डेयरी इलाके से लापता हुए 12 वर्षीय बालक को सुरक्षित ढूंढ निकाला गया। जानकारी के अनुसार, बालक अपनी दादी के पास से बिना बताए पैसे लेने के कारण मां की डांट से डर गया था और घर छोड़कर चला गया था। इंस्पेक्टर मुकेश कुमार और उनकी टीम ने दिल्ली के विभिन्न आश्रय गृहों और ऑब्जर्वेशन होम्स में सघन तलाशी अभियान चलाया, जिसके बाद बालक को 'सलाम बालक ट्रस्ट' से ढूंढ लिया गया।
तीसरे महत्वपूर्ण ऑपरेशन में क्राइम ब्रांच की ईस्टर्न रेंज-II की टीम ने हैदराबाद से एक 20 वर्षीय युवती को खोज निकाला। अलीपुर थाने में दर्ज इस मामले में युवती लंबे समय से लापता थी और दिल्ली पुलिस ने उसकी सूचना देने वाले के लिए 20,000 रुपये का इनाम भी रखा था। इंस्पेक्टर पवन कुमार के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी सुरागों का पीछा करते हुए हैदराबाद में दबिश दी। पूछताछ में पता चला कि युवती बालिग है और उसने अपनी मर्जी से विवाह कर लिया था। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नाबालिगों को संबंधित थानों के हवाले कर दिया है।
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20/03/26 |सांपों के जहर मामले में शो 'बिग बॉस' विजेता एल्विश यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, एफआईआर हुई रद्द
नई दिल्ली, 20 मार्च (अन्नू): मशहूर यूट्यूबर और रियलिटी शो 'बिग बॉस' के विजेता एल्विश यादव के लिए न्यायपालिका से एक बड़ी खुशखबरी आई है। सांपों के जहर की सप्लाई और रेव पार्टियों के आयोजन से जुड़े बहुचर्चित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एल्विश यादव को क्लीन चिट देते हुए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR) को निरस्त कर दिया है। शीर्ष अदालत ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड पर मौजूद सबूत एल्विश के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। कोर्ट ने जांच प्रक्रिया और तथ्यों में पाई गई गंभीर खामियों को आधार बनाते हुए इस कानूनी कार्यवाही को पूरी तरह समाप्त करने का आदेश दिया।
इस मामले की शुरुआत नवंबर 2023 में हुई थी, जब नोएडा पुलिस ने पीपल्स फॉर एनिमल्स संस्था की शिकायत पर एल्विश समेत छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोप था कि ये लोग फार्म हाउसों में आयोजित होने वाली पार्टियों में सांपों के जहर का इस्तेमाल नशे के लिए करते थे और वीडियो शूट के लिए अवैध रूप से वन्य जीवों का प्रयोग किया जाता था। जांच के दौरान पुलिस ने कुछ सपेरों को गिरफ्तार कर उनके पास से कोबरा और अजगर जैसे दुर्लभ प्रजाति के नौ सांप और 20 मिलीमीटर जहर बरामद करने का दावा किया था। इसी मामले में मार्च 2024 में नोएडा पुलिस ने एल्विश यादव को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था, हालांकि कुछ दिनों बाद उन्हें जमानत मिल गई थी।
कानूनी लड़ाई के दौरान एल्विश यादव ने लगातार खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि उन्हें झूठे आरोपों में फंसाया गया है। इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दाखिल 1200 पन्नों की चार्जशीट को रद्द करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। एल्विश के वकीलों ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल के पास से न तो कोई नशीला पदार्थ मिला और न ही सह-आरोपियों के साथ उनका कोई सीधा संबंध स्थापित हो सका। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने मामले की गंभीरता और तथ्यों की कमी को देखते हुए अब यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से एल्विश यादव को उस लंबे विवाद से मुक्ति मिल गई है जिसने पिछले एक साल से उनका पीछा किया था। पुलिस की चार्जशीट में उन पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई थीं। अदालत द्वारा एफआईआर रद्द किए जाने के बाद अब इस केस से जुड़ी सभी आपराधिक कार्यवाहियां तत्काल प्रभाव से रुक गई हैं। यह फैसला उन सभी लोगों के लिए एक बड़ी खबर है जो इस हाई-प्रोफाइल मामले पर लंबे समय से नजर बनाए हुए थे।
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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को दी नववर्ष और चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएँ
नई दिल्ली, 19 मार्च (अन्नू): केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नवसंवत्सर 'विक्रम संवत 2083' के शुभ अवसर पर समस्त देशवासियों को अपनी हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से संदेश साझा करते हुए कामना की कि यह नया साल सभी के जीवन में नई ऊर्जा, नवचेतना और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि देश का हर नागरिक सुख और शांति के साथ इस नववर्ष का स्वागत करे।
चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व की शुरुआत पर भी अमित शाह ने जनता को अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। उन्होंने माँ भगवती से सभी के उत्तम स्वास्थ्य और वैभवपूर्ण जीवन की कामना की। अपने संदेश में उन्होंने 'जय माता दी' का जयघोष करते हुए कहा कि देवी की कृपा से समाज में खुशहाली और संपन्नता बनी रहे। नवरात्रि का यह पर्व पूरे देश में भक्ति और शक्ति के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
इसके साथ ही, उन्होंने भारत के विभिन्न राज्यों में मनाए जाने वाले पारंपरिक त्योहारों जैसे उगादी, गुड़ी पड़वा, नवरेह, साजिबू चेइराओबा और चेटीचंड पर भी विशेष संदेश दिए। उन्होंने कर्नाटक और तेलुगु समुदाय के लोगों को उगादी की बधाई दी और महाराष्ट्र के नागरिकों के लिए गुड़ी पड़वा को विजय और शुभता का प्रतीक बताया। कश्मीरी पंडितों को नवरेह और मणिपुर के लोगों को साजिबू चेइराओबा की बधाई देते हुए उन्होंने सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने पर जोर दिया।
सिंधी समुदाय के प्रमुख पर्व चेटीचंड और भगवान झूलेलाल की जयंती पर भी अमित शाह ने अपनी शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि भगवान झूलेलाल द्वारा दिया गया आपसी सद्भाव और मानवता का संदेश हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने भगवान झूलेलाल से सभी के कल्याण की प्रार्थना की और विश्वास जताया कि ये विविधतापूर्ण उत्सव देश में एकता और भाईचारे की भावना को और भी मजबूत करेंगे।
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19/03/26 |दिल्ली न्यू अशोक नगर पुलिस की बड़ी कामयाबी: 200 CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद चेन स्नेचर गिरफ्तार
नई दिल्ली, 19 मार्च (अन्नू): पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक शातिर चेन स्नेचर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने न केवल आरोपी को दबोचा, बल्कि वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। पकड़े गए आरोपी की पहचान 27 वर्षीय सोनू कुमार के रूप में हुई है, जो घड़ोली इलाके का रहने वाला है।
क्या था मामला?
बीती 13 मार्च 2026 की रात न्यू कोंडली मेन रोड पर एक महिला के साथ झपटमारी की वारदात हुई थी। पीड़िता बाजार से घर लौट रही थी, तभी इंद्र चौक की ओर से आए एक अज्ञात बाइक सवार ने उनके गले से करीब 10 ग्राम की सोने की चेन झपट ली और जय अंबे अपार्टमेंट की तरफ फरार हो गया। इस संबंध में थाना न्यू अशोक नगर में BNS की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
200 से अधिक कैमरों ने खोला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी कल्याणपुरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें हेड कांस्टेबल अंकित, अजीत मलिक, नितिन और बॉबी शामिल थे। जांच के दौरान पुलिस टीम ने इलाके के 200 से अधिक CCTV कैमरों को खंगाला। फुटेज में आरोपी एक 'TVS सुपर XL 100' मोपेड पर भागता नजर आया। शातिर अपराधी ने पकड़े जाने के डर से अपनी बाइक की नंबर प्लेट पर टेप चिपका रखा था ताकि उसकी पहचान न हो सके।
तकनीकी निगरानी और छापेमारी
पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय मुखबिरों की मदद से संदिग्ध का रूट ट्रैक किया और उसकी पहचान सोनू कुमार के रूप में की। पुलिस ने घड़ोली स्थित उसके आवास पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से वारदात में इस्तेमाल वाहन (DL14SN****) भी बरामद कर लिया गया है।
नोएडा में बेची लूटी हुई चेन
पूछताछ के दौरान आरोपी सोनू ने खुलासा किया कि उसने लूटी हुई सोने की चेन नोएडा के सेक्टर-62 स्थित झुग्गियों में रहने वाले एक व्यक्ति को बेच दी है। पुलिस अब उस खरीदार की तलाश और चेन की रिकवरी के लिए छापेमारी कर रही है। आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
अपराधिक प्रोफाइल:
नाम: सोनू कुमार (27 वर्ष)
शिक्षा: 8वीं पास
पेशा: ई-रिक्शा चालक
पिछला रिकॉर्ड: आरोपी पहले भी नोएडा के सेक्टर-24 थाने में दर्ज लूट के एक मामले में शामिल रहा है।
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19/03/26 |दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: सीलमपुर का शातिर लुटेरा और भगोड़ा अपराधी गिरफ्तार
नई दिल्ली, 19 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ER-II) ने एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन के दौरान सीलमपुर इलाके के एक घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी की पहचान 22 वर्षीय शिवम, पुत्र बद्री प्रसाद के रूप में हुई है। वह लूटपाट और मारपीट के एक गंभीर मामले में जमानत मिलने के बाद से फरार चल रहा था।
यह मामला 28 मई 2024 का है, जब सोनू नामक व्यक्ति सीलमपुर मेट्रो पार्किंग से अपने घर लौट रहा था। रास्ते में आरोपी शिवम और उसके साथियों ने उसे घेर लिया। विरोध करने पर आरोपियों ने सोनू के साथ बुरी तरह मारपीट की, जिससे वह सड़क पर ही बेहोश हो गया। इसके बाद आरोपी उसका मोबाइल फोन और नकदी लूटकर फरार हो गए थे। इस संबंध में सीलमपुर थाने में आईपीसी की धारा 392/394/34 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शिवम को पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, लेकिन कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह जानबूझकर सुनवाई पर नहीं पहुंचा और अपना ठिकाना बदल लिया। बार-बार अदालत की अवमानना करने के कारण उसे 'भगोड़ा अपराधी' (PO) घोषित कर दिया गया था। वह अपनी पहचान छिपाकर गांधी नगर इलाके में गुपचुप तरीके से रह रहा था।
डीसीपी पंकज कुमार और एसीपी नरेंद्र सिंह के निर्देशन में इंस्पेक्टर उमेश सती की टीम (जिसमें एसआई ब्रह्मपाल, एएसआई संजय सिंह और हेड कांस्टेबल भूपेंद्र शामिल थे) को इस अपराधी को पकड़ने का जिम्मा सौंपा गया। टीम ने ई-कोर्ट पोर्टल और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से आरोपी का सुराग लगाया। 18 मार्च 2026 को सटीक सूचना मिलने पर टीम ने गांधी नगर के अजीत नगर इलाके में जाल बिछाया और घेराबंदी कर शिवम को दबोच लिया।
आरोपी शिवम महज छठी कक्षा तक पढ़ा है और मजदूरी का काम करता है, लेकिन कम उम्र में ही वह अपराध की दुनिया में काफी सक्रिय रहा है। पुलिस के मुताबिक उस पर पहले से ही चार बड़े आपराधिक मामले दर्ज हैं:
सीलमपुर थाना: लूटपाट और चोट पहुँचाने का मामला (2024)
न्यू उस्मानपुर थाना: चोरी और चोरी का सामान रखने का मामला (2023)
भजनपुरा थाना: चोरी का मामला (2023)
सीलमपुर थाना: आर्म्स एक्ट और चोरी का मामला (2022)
दिल्ली पुलिस ने आरोपी को BNSS की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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19/03/26 |जहांगीरपुरी शूटआउट का मुख्य आरोपी गिरफ्तार: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने बिछाया जाल, हत्या के बदले की थी हत्या
नई दिल्ली, 19 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (NR-I) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए जहांगीरपुरी इलाके में हुए सनसनीखेज हत्याकांड के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान 22 वर्षीय फिरदौस उर्फ 'चुम्मा' के रूप में हुई है, जो पिछले कई दिनों से पुलिस को चकमा दे रहा था।
घटना 4 मार्च 2026 की है, जब आरोपी फिरदौस ने अपने साथियों के साथ मिलकर आपसी रंजिश के चलते रहमतुल्लाह उर्फ भोला नाम के युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस हमले में रहमतुल्लाह की मौके पर ही मौत हो गई थी। वारदात के बाद से ही आरोपी दिल्ली और आसपास के इलाकों में अपनी पहचान छिपाकर भाग रहा था।
18 मार्च 2026 की शाम, क्राइम ब्रांच की टीम को सूचना मिली कि आरोपी फिरदौस किसी से मिलने भलस्वा झील के पास आने वाला है। डीसीपी पंकज कुमार के मार्गदर्शन और एसीपी अशोक शर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर अजय शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। शाम करीब 6 बजे जैसे ही आरोपी वहां पहुंचा, मुस्तैद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।
पूछताछ में सामने आया कि फिरदौस का परिवार पहले से ही अपराध की दुनिया से जुड़ा रहा है। उसके पिता अनवर उर्फ अनु पर 50 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं, वहीं उसका चाचा अक्षर उर्फ खोदू भी अपराधी रह चुका है। फिरदौस खुद भी चोरी के मामलों में शामिल रहा है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को आलीशान जीवन जीने और क्लब जाने का शौक है। उसने केवल दोस्ती निभाने और बदला लेने के लिए इस हत्याकांड को अंजाम दिया था।
क्राइम ब्रांच ने आरोपी को BNSS की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया है और जहांगीरपुरी थाना पुलिस को इसकी सूचना दे दी गई है। पुलिस अब इस मामले में शामिल उसके अन्य साथियों की तलाश कर रही है। इस गिरफ्तारी को दिल्ली पुलिस की अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
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19/03/26 |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नव संवत्सर के पावन अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दीं
आरएस अनेजा, 19 मार्च नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नव संवत्सर के शुभ अवसर पर देशवासियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं और समृद्धि से भरे वर्ष तथा राष्ट्रीय प्रगति के प्रति नए संकल्प की कामना की है।
नव संवत्सर के अत्यंत विशेष अवसर पर सभी को अपनी शुभकामनाएं देते हुए, प्रधानमंत्री ने प्रार्थना की कि आने वाला नव वर्ष प्रत्येक के जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सेवा की भावना को मजबूत करे। मोदी ने आगे उम्मीद जताई कि ये मूल्य राष्ट्र निर्माण की दिशा में किए जा रहे सामूहिक प्रयासों को नई गति प्रदान करेंगे, और साथ ही उन्होंने सभी नागरिकों के लिए असीम सुख, सफलता और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
प्रधानमंत्री ने एक्स (X)पर लिखा;
"देशवासियों को नव संवत्सर की अनंत शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि यह नया साल आप सभी के जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सेवा की भावना को और सशक्त करे, जो राष्ट्र निर्माण के प्रयासों को भी नई मजबूती दे।"
“नव संवत्सर के अत्यंत विशेष अवसर पर सभी को शुभकामनाएं। सभी को असीम सुख, सफलता और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त हो। मैं प्रार्थना करता हूं कि आने वाला नव वर्ष प्रत्येक के जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सेवा की भावना को और सुदृढ़ करे। साथ ही, राष्ट्र-निर्माण की दिशा में किए जा रहे हमारे सामूहिक प्रयासों को भी यह एक नई गति प्रदान करे।”
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19/03/26 |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुड़ी पड़वा, उगादी, चेती चांद, नवरेह और साजिबू चेइराओबा के अवसर पर शुभकामनाएं दीं
आरएस अनेजा, 19 मार्च नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुड़ी पड़वा, उगादी, चेती चांद, नवरेह और साजिबू चेइराओबा के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
एक्स(X)पर अलग-अलग पोस्ट में, प्रधानमंत्री ने लिखा:
“गुड़ी पड़वा की हार्दिक शुभकामनाएं!”
“गुढीपाडव्याच्या हार्दिक शुभेच्छा!”
“गुडी पाडव्याचीं परबीं”
“आपका उगादी मंगलमय हो!”
“ನಿಮ್ಮ ಯುಗಾದಿ ಸಡಗರದಿಂದ ಕೂಡಿರಲಿ! ”
“ఉగాది పండుగను ఆనందంగా జరుపుకోండి!”
“चेती चांद की हार्दिक शुभकामनाएं! आपके लिए यह वर्ष बहुत ही शुभ हो, ऐसी कामना करता हूं।”
“नवरेह पोश्ते! आने वाला वर्ष आपके लिए बहुत अच्छा हो।”
“साजिबू चेइराओबा की शुभकामनाएं। सभी के लिए एक शानदार वर्ष की कामना करता हूं।”#GudiPadwa #Ugadi #ChetiChand #Navreh #SajibuCheiraoba #IndianNewYear #ChaitraNavratri #FestivalsOfIndia #UnityInDiversity #NewBeginnings #DanikKhabar
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18/03/26 |दिल्ली के पालम में चार मंजिला इमारत में भीषण आग का तांडव, कई लोगों की दर्दनाक मौत
नई दिल्ली, 18 मार्च (अन्नू): राजधानी दिल्ली के पालम स्थित साध नगर इलाके में बुधवार सुबह एक भयावह हादसा सामने आया, जहाँ एक चार मंजिला रिहायशी इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। सुबह करीब 7 बजे लगी इस आग ने देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जान बचाने की जद्दोजहद में कुछ लोगों ने ऊपरी मंजिल से नीचे छलांग लगा दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची दमकल विभाग की करीब 30 गाड़ियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया।
दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। फिलहाल मौके पर कूलिंग ऑपरेशन जारी है और एनडीआरएफ की टीमें मलबे में तलाशी अभियान चला रही हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंदर कोई और फंसा न हो।
बताया जा रहा है कि इमारत के निचले हिस्सों का इस्तेमाल कपड़ों और कॉस्मेटिक सामान के गोदाम के रूप में किया जा रहा था, जबकि ऊपरी मंजिलों पर परिवार रहते थे। आग लगने के बाद नीचे से उठती लपटों और ऊपर जमा हुए दमघोंटू धुएं के कारण लोग अंदर ही फंस गए। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने आसपास की इमारतों को भी एहतियातन खाली करवा लिया है। घायल व्यक्तियों का उपचार सफदरजंग और आईजीआई अस्पताल में चल रहा है। इस घटना ने रिहायशी इलाकों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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18/03/26 |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली के पालम में हुई आग की घटना में हुई जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त किया
आरएस अनेजा, 18 मार्च नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पालम में दुखद अग्निकांड पर गहरा शोक व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों के लिए अनुग्रह राशि की घोषणा की है।
दिल्ली के पालम में अग्निकांड पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। मोदी ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;
“दिल्ली के पालम में हुई आग की घटना बेहद दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। ईश्वर करे कि घायल जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं।
पीएमएनआरएफ की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे: प्रधानमंत्री”पूरी खबर पढ़े
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CBI की बड़ी कार्रवाई: बैंक धोखाधड़ी का मुख्य आरोपी चेन्नई से गिरफ्तार, पहचान बदलकर 9 साल से काट रहा था फरारी
चेन्नई/नई दिल्ली, 18 मार्च (अन्नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बैंक धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी एम. नागा कुमार उर्फ तमिल सेलवन को चेन्नई से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले कई वर्षों से अपनी पहचान छिपाकर गिरफ्तारी से बच रहा था, जिसे सीबीआई की विशेष टीम ने एक गुप्त और सुनियोजित ऑपरेशन के जरिए 16 मार्च 2026 को धर दबोचा।
यह पूरा मामला सितंबर 2015 का है, जब इंडियन बैंक की चेन्नई उत्तर क्षेत्र शाखा की शिकायत पर सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोप था कि मैसर्स श्री साईं बाबा रियल एस्टेट एंड कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर के. राजेंद्रन, चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म मैसर्स सारथी एंड बालू और कुछ अज्ञात लोक सेवकों ने मिलकर बैंक को करीब ₹4.66 करोड़ का चूना लगाया। आरोपियों ने विभिन्न होम लोन प्राप्त करने के लिए बैंक में जाली और फर्जी दस्तावेज जमा किए थे। एम. नागा कुमार इस मामले में उन कर्जदारों (Borrowers) में शामिल था, जिन्होंने धोखाधड़ी से लोन लिया था।
जांच के दौरान जब सीबीआई ने मार्च 2017 में 33 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, तब से नागा कुमार फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने बेहद शातिराना तरीका अपनाया। वह चेन्नई में ही अपनी पत्नी के साथ नई पहचान के साथ रह रहा था। उसने अपना नाम बदलकर 'तमिल सेलवन' रख लिया था और उसी के अनुसार अपने सभी पहचान पत्र और दस्तावेज भी संशोधित करवा लिए थे।
आरोपी का पता लगाने के लिए सीबीआई ने आधुनिक तकनीकी उपकरणों और जमीनी खुफिया जानकारी का सहारा लिया। गहन निगरानी के बाद जब यह पुष्टि हो गई कि तमिल सेलवन ही असल में फरार आरोपी नागा कुमार है, तो सीबीआई ने गुप्त अभियान चलाकर उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को चेन्नई की सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि पहचान बदलकर कानून की नजरों से बचना नामुमकिन है।
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झारखंड: 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों धरा गया रेलवे का जूनियर इंजीनियर, CBI ने बिछाया जाल
झारखंड/बोकारो, 18 मार्च (अन्नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) के आद्रा मंडल में तैनात एक जूनियर इंजीनियर (JE) को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी इंजीनियर बोकारो जिले के भोजूडीह में विद्युत विभाग (इलेक्ट्रिकल) में कार्यरत है। सीबीआई की टीम ने आरोपी को उस वक्त दबोचा जब वह एक निजी कंपनी से काम के बदले अवैध राशि स्वीकार कर रहा था।
बिजली कनेक्शन के बदले मांगी थी रिश्वत
सीबीआई द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार, आरोपी जूनियर इंजीनियर भोजूडीह में साइट इंजीनियर के पद पर तैनात है। आरोप है कि उसने एक निजी कंपनी के साइट ऑफिस में नया बिजली कनेक्शन प्रदान करने के एवज में ₹15,000 की रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने इस भ्रष्टाचार की सूचना सीबीआई को दी, जिसके बाद विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 16 मार्च 2026 को केस दर्ज कर जांच शुरू की।
जाल बिछाकर रंगे हाथों की गिरफ्तारी
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आरोपी को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित जाल (Trap) बिछाया। जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में ₹10,000 स्वीकार किए, घात लगाकर बैठी सीबीआई की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। मौके पर ही रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।
आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी जारी
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीमें आरोपी लोक सेवक के कार्यालय और आवासीय परिसरों की गहन तलाशी ले रही हैं। समाचार लिखे जाने तक छापेमारी की कार्रवाई जारी थी, जिसमें महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलने की संभावना जताई जा रही है। सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को जल्द ही सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस खेल में और कौन-कौन शामिल है।#CBIRaid #BokaroNews #RailwayCorruption #BribeCase #SouthEasternRailway #CBIArrest #JharkhandCrime #AntiCorruption #BreakingNews #DanikKhabar
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भारतीय नौसेना की ओर से हिंद महासागर के आसपास के देशों के साथ सामुद्रिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए आईओएस सागर पहल
आरएस अनेजा, 18 मार्च नई दिल्ली- हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोगात्मक समुद्री सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, इंडियन ओशन शिप (आईओएस) सागर की 16 मार्च 2026 को शुरूआत हुई। यह आईओएस सागर पहल का दूसरा आयोजन है।
फरवरी 2026 में भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर नौसेना सिम्पोजियम (आईओएनएस) की अध्यक्षता ग्रहण की थी। इसलिए, इस आयोजन में हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर ) के 16 आईओएनएस देशों की भागीदारी शामिल है।
यह पहल भारत के दीर्घकालिक सामुद्रिक सहयोग के प्रयासों पर आधारित है और क्षेत्र में सभी के लिए सरकार के सुरक्षा और विकास (सागर) के संबंध में दृष्टिकोण को दर्शाती है, साथ ही यह पूरे क्षेत्र में महासागर यानी पारस्परिक और समग्र क्षेत्रीय सुरक्षा विकास के व्यापक कार्यक्रम को भी आगे बढ़ाती है।
आईओएस सागर एक अद्वितीय संचालन सहभागिता कार्यक्रम है जो विदेशी मित्र देशों के नौसैनिकों को भारतीय नौसेना के जहाज पर एक साथ प्रशिक्षण और नौकायन करने में सक्षम बनाता है। जहाज पर होने वाली गतिविधियों और व्यावसायिक प्रशिक्षण मॉड्यूल में अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों को शामिल करके, यह पहल व्यावहारिक सहयोग, अंतरसंचालनीयता और सामुद्रिक संचालन की साझा समझ को बढ़ावा देती है।
आईओएस सागर के वर्तमान आयोजन के हिस्से के रूप में, 16 विदेशी मित्र देशों के नौसैनिक इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।
कार्यक्रम का प्रारंभ कोच्चि में स्थित भारतीय नौसेना प्रशिक्षण केंद्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण सत्रों के साथ होगा, जहां प्रतिभागियों को नौसेना संचालन, समुद्री कौशल और सामुद्रिक सुरक्षा से जुड़ी अवधारणाओं के प्रमुख पहलुओं से अवगत कराया जाएगा। इस चरण के बाद, प्रतिभागियों को भारतीय नौसेना के जहाज पर तैनात किया जाएगा, जहां वे भारतीय नौसेना कर्मियों के साथ मिलकर समुद्री यात्रा करेंगे और समुद्र में संचालनात्मक गतिविधियों में भाग लेंगे।
यात्रा के दौरान, जहाज सामुद्रिक गतिविधियों और बंदरगाह के दौरे में भाग लेगा, जिससे क्षेत्र भर में सहयोगी नौसेनाओं और समुद्री एजेंसियों के साथ संवाद स्थापित करने में मदद मिलेगी। इन गतिविधियों का उद्देश्य पेशेवर संबंधों को मजबूत करना, सर्वोत्तम प्रणालियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और साझा सामुद्रिक चुनौतियों की एक गहरी समझ को विकसित करना है।
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18/03/26 |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्य प्रदेश के इंदौर में हुई अग्नि दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति शोक व्यक्त किया
नई दिल्ली, 18 मार्च (अन्नू): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंदौर में हुई दुखद अग्नि दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों के लिए अनुग्रह राशि की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री ने इंदौर अग्निकांड में हुई जानमाल की हानि पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। मोदी ने घोषणा की कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;
“मध्य प्रदेश के इंदौर में हुई अग्नि दुर्घटना में हुई जानमाल की हानि से मैं अत्यंत व्यथित हूं। मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा बल (पीएमएनआरएफ) की ओर से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।”
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18/03/26 |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यसभा के सेवानिवृत्त सदस्यों को संबोधित किया
नई दिल्ली, 18 मार्च : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज राज्यसभा के सेवानिवृत्त सदस्यों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने सेवानिवृत्त साथियों को सम्मानित करने का अवसर मिलने पर हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे अवसर सदन को दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर एक साझा भावना का संचार करने का अवसर प्रदान करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चाहे सदस्य वापस लौटें या व्यापक सामाजिक सेवा में लग जाएं, उनका संचित अनुभव राष्ट्र के लिए अमूल्य संपत्ति बना रहेगा। उन्होंने कहा कि राजनीति के गतिशील क्षेत्र में यात्रा कभी समाप्त नहीं होती, क्योंकि भविष्य में अनुभवी नेताओं के लिए हमेशा नए अवसर विद्यमान रहते हैं। मोदी ने बल देकर कहा, “राजनीति में कोई विराम नहीं होता; आपका अनुभव और योगदान राष्ट्र के जीवन का सदा हिस्सा रहेगा।”
प्रधानमंत्री ने निवर्तमान सांसदों के उत्कृष्ट योगदानों पर प्रकाश डालते हुए सुझाव दिया कि सांसदों की नई पीढ़ी को देवगौड़ा, खड़गे और शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेताओं को अपना आदर्श मानना चाहिए। उन्होंने उपसभापति हरिवंश जी के मृदुभाषी स्वभाव और जटिल संकटों को संभालते हुए सदन का विश्वास बनाए रखने की क्षमता की प्रशंसा की। मोदी ने कहा कि ऐसी समर्पित सेवा समाज द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारियों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने कहा, "समाज द्वारा दी गई जिम्मेदारियों के प्रति पूर्णतः समर्पित रहने के बारे में इन वरिष्ठ नेताओं से बहुत कुछ सीखा जा सकता है।"
प्रधानमंत्री मोदी ने सदन की बदलती परंपराओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि चौबीसों घंटे चलने वाले मीडिया के माहौल ने भले ही सबको अधिक जागरूक बना दिया हो, लेकिन हास्य और बुद्धिमत्ता की विरासत संसदीय जीवन का एक अभिन्न अंग बनी हुई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक दो वर्ष में एक समूह के जाने से ज्ञान का निरंतर आदान-प्रदान होता रहता है, जिससे सदन की समृद्ध विरासत आने वाले सदस्यों द्वारा संरक्षित रहती है। मोदी ने कहा कि यह संस्थागत निरंतरता एक महत्वपूर्ण लाभ है जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुदृढ़ करती है। प्रधानमंत्री ने कहा, "यहां की विरासत एक सतत प्रक्रिया है जो हमारी संसदीय प्रणाली को समृद्ध बनाती है।"
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा के अनूठे संस्थागत महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि संसदीय प्रणाली को "द्वितीय मत" की अवधारणा से असीम शक्ति प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि दोनों सदनों के बीच निर्णयों का आदान-प्रदान विधायी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण नया आयाम जोड़ता है, जिससे देश के लिए अधिक परिष्कृत परिणाम सुनिश्चित होते हैं। उनके अनुसार, यह लोकतांत्रिक विरासत राष्ट्रीय निर्णय लेने में पारदर्शिता और पूर्णता की भावना को बढ़ावा देती है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "यह द्वितीय मत हमारे लोकतंत्र में एक विशाल योगदान है जिसे हमें संजो कर रखना चाहिए।"
प्रधानमंत्री ने बताया कि सेवानिवृत्त हो रहे सांसदों को यह विशिष्ट गौरव प्राप्त है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पुराने और नए दोनों संसद भवनों में सेवा की है। उन्होंने कहा कि नए सदन में ऐतिहासिक परिवर्तन का हिस्सा बनना उनके सार्वजनिक सेवा करियर में एक नया और महत्वपूर्ण स्मृति के रूप में रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने सदन को एक "महान खुला विश्वविद्यालय" बताया जो सदस्यों को राष्ट्रीय जीवन की जटिलताओं की अनूठी शिक्षा प्रदान करता है। प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा, "यहां व्यतीत छह वर्ष राष्ट्र के प्रति योगदान और आत्म-विकास के लिए अमूल्य हैं।"
अपने संबोधन के समापन में, प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि संसदीय अनुभव के वर्षों के दौरान सदस्यों की दूरदृष्टि और क्षमता में कई गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में उनका अमूल्य योगदान औपचारिक व्यवस्था के भीतर या स्वतंत्र सामाजिक कार्य के माध्यम से निरंतर महसूस किया जाता रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर सेवानिवृत्त हो रहे प्रतिनिधियों की लंबी और समर्पित सेवा की सराहना करते हुए उनकी प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद दिया। मोदी ने कहा, "मैं एक बार फिर सभी सेवानिवृत्त सदस्यों के योगदान को नमन करता हूं और उनकी सराहना करता हूं।"
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18/03/26 |दिल्ली: 5 लाख की लूट मामले में रंजीत नगर पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, फरार चल रहे दो शातिर बदमाश गिरफ्तार
नई दिल्ली, 18 मार्च (अन्नू): राजधानी दिल्ली के रंजीत नगर थाना पुलिस ने ₹5 लाख की लूट के एक पुराने मामले को सुलझाते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी और लगातार छापेमारी के बाद इन दोनों आरोपियों को इंद्रपुरी के जेजे कॉलोनी इलाके से धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राहुल (32) और करनदास उर्फ फुक्का (31) के रूप में हुई है, जो लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहे थे।
इस घटना की शुरुआत 15 नवंबर 2025 को हुई थी, जब पुलिस को शादीपुर फ्लाईओवर के पास लूट की सूचना मिली थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि अज्ञात बदमाशों ने उसकी कार से लैपटॉप और करीब ₹5 लाख नकद लूट लिए और मौके से फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के शुरुआती चरण में 17 नवंबर 2025 को ही आकाश नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसके पास से लूटा गया लैपटॉप और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद हुई थी, लेकिन राहुल और करनदास तब से फरार चल रहे थे।
एसीपी पटेल नगर और एसएचओ रंजीत नगर के मार्गदर्शन में गठित एक विशेष टीम, जिसमें एसआई नूर हसन और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे, ने इन फरार आरोपियों की तलाश जारी रखी। पुलिस ने दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) का बारीकी से विश्लेषण किया। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे, लेकिन पुलिस टीम ने हार नहीं मानी और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार नजर रखी।
बीती 10 मार्च 2026 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी राहुल इंद्रपुरी की जेजे कॉलोनी में अपने किराए के मकान पर मौजूद है, जहाँ छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद, राहुल से मिली जानकारी और ठोस सूचना के आधार पर 15 मार्च 2026 को दूसरे फरार आरोपी करनदास उर्फ फुक्का को भी इंद्रपुरी इलाके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी राहुल एक आदतन अपराधी है। वह अनपढ़ है और उसके खिलाफ दिल्ली के लाजपत नगर, रंजीत नगर और हरि नगर जैसे थानों में चोरी और डकैती के 5 से ज्यादा मामले पहले से दर्ज हैं। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने लूट की रकम का अपना हिस्सा पहले ही खर्च कर दिया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से आगे की पूछताछ कर रही है।
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17/03/26 |हमारे बच्चों को पौष्टिक भोजन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होना अत्यंत आवश्यक है: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
आरएस अनेजा, 17 मार्च नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में अक्षय पात्र फाउंडेशन के पांच बिलियन भोजन वितरण के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया।
राष्ट्रपति ने इस अवसर पर कहा कि शैक्षिक उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए पांच बिलियन भोजन परोसना अक्षय पात्र फाउंडेशन की उल्लेखनीय उपलब्धि है। इस कार्यक्रम की थीम, 'सुपोषित और शिक्षित भारत से विकसित भारत की ओर', वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण के हमारे राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में सुपोषित और शिक्षित समाज के महत्व को रेखांकित करती है। राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे बच्चों के लिए एक सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य केवल सरकार का उत्तरदायित्व नहीं है, बल्कि हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। जब शिक्षक, माता-पिता, सामाजिक संगठन, कॉर्पोरेट जगत और समाज के सभी वर्ग मिलकर काम करते हैं, तभी हम आने वाली पीढ़ी के लिए एक मजबूत नींव रख सकते हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक भोजन, अच्छा स्वास्थ्य और स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिले। ये मूलभूत तत्व बच्चों के सर्वांगीण विकास को संभव बनाते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा वह साधन है जो किसी व्यक्ति के जीवन में उपलब्ध अवसरों को निर्धारित करती है और उसकी सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है। यह परिवर्तन और सशक्तिकरण का एक प्रभावी माध्यम है। सशक्तिकरण और क्षमता निर्माण की प्रक्रिया बच्चों के स्कूल जाना आरम्भ करने के क्षण से ही आकार लेना शुरू कर देती है। स्कूल बच्चों को दैनिक जीवन की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने और जिम्मेदार, कर्तव्यनिष्ठ नागरिक बनने के लिए आवश्यक कौशल और अनुभव प्रदान करता है। उन्होंने अक्षय पात्र फाउंडेशन की सराहना की, जो पिछले 25 वर्षों से स्कूलों में मध्याह्न भोजन पहुंचाकर बच्चों में कुपोषण की समस्या का समाधान करने और उन्हें शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे बच्चे, जो राष्ट्र का भविष्य हैं, उनके लिए पौष्टिक भोजन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुगम उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। भारत सरकार ने गर्भवती माताओं और बच्चों को पर्याप्त पोषण और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से अनेक महत्वपूर्ण पहल की हैं। प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत कार्यान्वित विद्यालय दोपहर के भोजन कार्यक्रम से अभिभावकों को अपने बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए महत्वपूर्ण प्रोत्साहन मिला है। अनेक अध्ययनों से यह सिद्ध होता है कि इस कार्यक्रम के परिणामस्वरूप बच्चों के विद्यालय में नामांकन, उपस्थिति और स्कूल में बने रहने की दर में वृद्धि हुई है। साथ ही, उनकी सीखने की क्षमता और शैक्षणिक प्रदर्शन में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि अक्षय पात्र फाउंडेशन 'समग्र शिक्षा अभियान' के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक सभी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करना है।
राष्ट्रपति ने कहा कि बच्चे केवल निशुल्क भोजन कार्यक्रम के लाभार्थी नहीं हैं। वे राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माता हैं। आज उन्हें जो पौष्टिक भोजन मिल रहा है, वह हमारे राष्ट्र की मानव पूंजी में निवेश है। स्वस्थ, शिक्षित और ऊर्जावान बच्चे भारत के कार्यबल का निर्माण करेंगे और वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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17/03/26 |दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन: लापता चार बच्चों को किया बरामद, परिवारों से कराया मिलन
नई दिल्ली, 17 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अलग-अलग इलाकों से लापता हुए चार बच्चों (तीन लड़कियाँ और एक लड़का) को सुरक्षित बरामद कर लिया है। आईएसओ-प्रमाणित इस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और जमीनी खुफिया जानकारी के आधार पर इन बच्चों को दिल्ली के विभिन्न कोनों से ढूंढ निकाला और उन्हें उनके परिजनों व संबंधित थानों को सौंप दिया। पुलिस की इस तत्परता ने चार परिवारों की खुशियाँ वापस लौटा दी हैं।
पहले मामले में, टीम ने बुध विहार इलाके से 7 जून 2024 से लापता 17 वर्षीय किशोरी को रोहिणी सेक्टर-23 से बरामद किया। पूछताछ में सामने आया कि घर में माँ की डांट से परेशान होकर वह अपने एक दोस्त के पास गुरुग्राम चली गई थी। दूसरे मामले में, प्रेम नगर इलाके से पिछले साल सितंबर से लापता एक अन्य किशोरी को नांगलोई रेलवे स्टेशन से रेस्क्यू किया गया। यह लड़की भी पारिवारिक अनबन के चलते घर छोड़कर बिहार स्थित अपनी मौसी के घर चली गई थी और वापस लौटते समय पुलिस की सक्रियता से पकड़ी गई।
तीसरा मामला बुराड़ी इलाके का है, जहाँ इसी साल जनवरी में लापता हुई एक किशोरी को मंडावली से बरामद किया गया। पुलिस जांच में पता चला कि वह इंस्टाग्राम के जरिए एक युवक के संपर्क में आई थी और उसके साथ रहने लगी थी, लेकिन बाद में धोखा मिलने पर वह एक अन्य युवक के साथ मंडावली में रहने लगी। पुलिस ने लड़की के साथ-साथ संदिग्ध युवक को भी हिरासत में लेकर बुराड़ी पुलिस को सौंप दिया है। वहीं चौथे मामले में, जम्मू-कश्मीर के मंजाकोट से लापता एक लड़के को दिल्ली के कमला नगर स्थित 'ओपन शेल्टर होम' से बरामद किया गया। वह किसी के बहकावे में आकर आश्रम से भागकर दिल्ली आ गया था, जिसे अब वापस जम्मू-कश्मीर पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
डीसीपी (क्राइम ब्रांच) पंकज कुमार के अनुसार, एसीपी सुरेश कुमार के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर मुकेश कुमार और उनकी टीम ने इन संवेदनशील मामलों पर दिन-रात काम किया। टीम ने माता-पिता, पड़ोसियों और तकनीकी इनपुट्स का सहारा लेकर इन बच्चों तक पहुँचने में सफलता पाई। दिल्ली पुलिस की इस मानवीय और पेशेवर कार्रवाई की चारों तरफ सराहना हो रही है, जिससे मानव तस्करी के विरुद्ध चल रहे अभियान को और मजबूती मिली है।
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17/03/26 |भ्रष्टाचार पर CBI का कड़ा प्रहार: ECHS मेडिकल ऑफिसर और निजी अस्पताल का अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार
नई दिल्ली, 17 मार्च (अन्नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले का भंडाफोड़ करते हुए पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS) के एक मेडिकल ऑफिसर और एक निजी अस्पताल के सहायक महाप्रबंधक (AGM) को गिरफ्तार किया है। 15 मार्च 2026 को दर्ज की गई इस प्राथमिकी के अनुसार, आरोपी मेडिकल ऑफिसर निजी अस्पताल के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर एक संगठित नेटवर्क चला रहा था, जिसके तहत वह अवैध रिश्वत के बदले ईसीएचएस के मरीजों को अनुचित लाभ पहुँचाते हुए उसी विशेष अस्पताल में रेफर करता था। इस साठगांठ के जरिए सरकारी व्यवस्था का दुरुपयोग कर निजी लाभ कमाया जा रहा था।
CBI ने एक सुनियोजित जाल बिछाकर आरोपी लोक सेवक को निजी अस्पताल के प्रतिनिधि से 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद जांच एजेंसी ने उत्तर प्रदेश के नोएडा, एटा, फिरोजाबाद और फर्रुखाबाद में आरोपियों के विभिन्न ठिकानों पर सघन छापेमारी की। इस तलाशी अभियान के दौरान CBI को कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण मिले हैं, जो इस घोटाले की गहराई को समझने में सहायक होंगे। वर्तमान में इस मामले की विस्तृत जांच जारी है ताकि इस भ्रष्टाचार के खेल में शामिल अन्य लोगों के चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।
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17/03/26 |CBI मुख्यालय में 12वें इंटरपोल संपर्क अधिकारी सम्मेलन का आयोजन; गृह सचिव ने अंतर्राष्ट्रीय पुलिस समन्वय पर दिया जोर
नई दिल्ली, 17 मार्च (अन्नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में 12वें इंटरपोल संपर्क अधिकारी (ILO) सम्मेलन का भव्य आयोजन किया, जिसका उद्घाटन केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन द्वारा किया गया। 'प्रभावी कानून प्रवर्तन के लिए सहयोग और क्षमता निर्माण' के विषय पर आधारित इस सम्मेलन में NIA, ED, और NCB जैसी केंद्रीय एजेंसियों सहित विभिन्न राज्यों के 150 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। अपने संबोधन में गृह सचिव ने स्पष्ट किया कि आधुनिक समय में साइबर धोखाधड़ी, आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे अपराधों से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि एक अनिवार्य परिचालन आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने इस बात पर भी गर्व व्यक्त किया कि भारत को 2025-2029 के कार्यकाल के लिए इंटरपोल एशियाई समिति का सदस्य चुना गया है, जो वैश्विक सुरक्षा मंच पर भारत के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
इसी क्रम में CBI के निदेशक प्रवीण सूद ने भगोड़ों के खिलाफ की गई कार्रवाई के महत्वपूर्ण आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2025 में अब तक 47 भगोड़ों को सफलतापूर्वक भारत वापस लाया गया है, जो पिछले 15 वर्षों में एक रिकॉर्ड उपलब्धि है। उन्होंने जांच एजेंसियों को निर्देश दिया कि रेड नोटिस जारी होते ही प्रत्यर्पण से संबंधित कानूनी दस्तावेज तैयार रखें ताकि अपराधी के मिलते ही उसे तुरंत हिरासत में लिया जा सके। सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों ने रेड नोटिस तैयार करने के कानूनी पहलुओं और साक्ष्य मानकों जैसे तकनीकी विषयों पर भी चर्चा की। इस आयोजन ने विदेशी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय को मजबूत करने और वैश्विक पुलिसिंग तंत्र के बेहतर उपयोग के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया है।#CBI #Interpol #CrimePrevention #InternalSecurity #GovindMohan #PraveenSood #InternationalCooperation #LawEnforcement #GlobalPolicing #IndiaAgainstCrime #DanikKhabar
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CBSE की शिक्षकों को चेतावनी: कॉपी चेकिंग से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करने पर होगी कानूनी कार्रवाई
नई दिल्ली, 17 मार्च (अभी) : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों और परीक्षकों के लिए एक बेहद सख्त एडवाइजरी जारी की है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी तरह से गोपनीय होती है और इसे सार्वजनिक करना पेशेवर आचरण का उल्लंघन माना जाएगा। सीबीएसई ने पाया है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल कुछ शिक्षक और व्यक्ति सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी राय, अनुभव और मार्किंग से जुड़ी जानकारियां साझा कर रहे हैं, जो न केवल नियमों के विरुद्ध है बल्कि छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी भ्रम पैदा कर रहा है।
16 मार्च को जारी किए गए आधिकारिक सर्कुलर में बोर्ड ने स्कूल प्रिंसिपलों को निर्देश दिया है कि वे अपने शिक्षकों को इस संवेदनशील मामले में सचेत करें। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने बताया कि सोशल मीडिया पर पोस्ट की जा रही कई जानकारियां तथ्यहीन और भ्रामक हैं, जिससे अफवाहों को बल मिल रहा है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर बुरा असर पड़ रहा है। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि जो भी शिक्षक या व्यक्ति मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी, फोटो या अनुभव सार्वजनिक मंचों पर पोस्ट करेगा, उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई (Legal Action) की जाएगी।
सीबीएसई ने शिक्षकों को 'पेशेवर संयम' बरतने की सलाह देते हुए कहा है कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन एक अत्यंत जिम्मेदारी वाला कार्य है जिसे निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत ही पूरा किया जाना चाहिए। बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि किसी भी व्यक्ति को सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने के लिए सीबीएसई के नाम, लोगो (Logo) या उसकी इमारतों की तस्वीरों का उपयोग करने की अनुमति नहीं है। परीक्षकों से अपेक्षा की गई है कि वे अपनी ड्यूटी के दौरान गोपनीयता, गरिमा और व्यावसायिकता बनाए रखें। बोर्ड ने अभिभावकों और छात्रों से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अनधिकृत जानकारी पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक वेबसाइट (cbse.gov.in) पर दी गई सूचनाओं को ही सही मानें।
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दिल्ली एम्स की बड़ी पहल: नसों की गंभीर ऑटोइम्यून बीमारियों के लिए न्यूरोसाइंसेज सेंटर ने शुरू की तीन नई रक्त जांचें
नई दिल्ली, 17 मार्च (अभी) : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने चिकित्सा निदान और अनुसंधान के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) के मरीजों को बड़ी राहत दी है। एम्स के प्रतिष्ठित न्यूरोसाइंसेज सेंटर (एनएससी) ने अब तीन नई और अत्यंत महत्वपूर्ण रक्त जांच (ब्लड टेस्ट) की सुविधा आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है। ये अत्याधुनिक जांचें विशेष रूप से नसों से जुड़ी जटिल और दुर्लभ ऑटोइम्यून बीमारियों के सटीक और त्वरित निदान में मील का पत्थर साबित होंगी। इस नई सुविधा के शुरू होने से अब मरीजों को इन गंभीर बीमारियों की पहचान के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा या महंगी निजी लैब्स पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, एम्स द्वारा शुरू की गई ये तीनों नई जांचें मुख्य रूप से न्यूरोफैसिन एंटीबॉडी (Neurofascin Antibodies) के स्तर का पता लगाने से संबंधित हैं। ऑटोइम्यून बीमारियां वे स्थितियां होती हैं जिनमें शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) किसी भ्रम के कारण अपने ही स्वस्थ ऊतकों और नसों पर हमला करने लगती है। न्यूरोफैसिन हमारी नसों के सुचारू रूप से काम करने और मस्तिष्क से शरीर तक संदेश पहुंचाने के लिए एक बेहद आवश्यक प्रोटीन है। जब शरीर इस प्रोटीन के खिलाफ एंटीबॉडी बनाने लगता है, तो नसों को भारी नुकसान पहुंचता है, जिससे पैरालिसिस, कमजोरी या सुन्नपन जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इन नई रक्त जांचों के माध्यम से अब डॉक्टर शरीर में मौजूद इन विशिष्ट एंटीबॉडीज का बिल्कुल सटीक पता लगा सकेंगे।
इन उन्नत जांचों के एम्स में ही उपलब्ध हो जाने से न्यूरोलॉजी के मरीजों के इलाज में एक बड़ी क्रांति आएगी। पहले इन जटिल न्यूरोलॉजिकल स्थितियों की सटीक पहचान करना एक बड़ी चिकित्सीय चुनौती होती थी, जिसके कारण सही इलाज शुरू होने में अक्सर देरी हो जाती थी और बीमारी गंभीर रूप ले लेती थी। अब न्यूरोफैसिन एंटीबॉडी की समय रहते पहचान हो जाने से चिकित्सक बिल्कुल सटीक और लक्षित (टार्गेटेड) चिकित्सा योजना तैयार कर सकेंगे। एम्स के न्यूरोसाइंसेज सेंटर की यह पहल यह दर्शाती है कि संस्थान न्यूरोलॉजी के क्षेत्र में विश्वस्तरीय डायग्नोस्टिक सुविधाएं और नवीनतम तकनीक देश के आम नागरिकों तक सुलभ कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
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17/03/26 |दिल्ली एलजी तरणजीत सिंह संधू की सोशल मीडिया शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई
नई दिल्ली, 17 मार्च (अभी) : दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने राजधानी की नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए एक नई और प्रभावी कार्यशैली अपनाई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आम जनता द्वारा की जा रही शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए एलजी कार्यालय अब सीधे संबंधित एजेंसियों को सख्त निर्देश जारी कर रहा है। उपराज्यपाल स्वयं इन शिकायतों के निवारण की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं, ताकि फाइलों के बजाय धरातल पर बदलाव नजर आए। संधू ने स्पष्ट किया है कि शिकायतों का निपटारा केवल कागजों पर नहीं, बल्कि विजुअल सबूतों के साथ होना चाहिए, जिसमें काम पूरा होने के बाद की तस्वीरें और वीडियो अपडेट मांगे जा रहे हैं।
इस सक्रियता का असर दिल्ली के विभिन्न इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है, जहां टूटी सड़कें, जलभराव और कूड़े के ढेरों जैसी समस्याओं पर नगर निगम और पीडब्ल्यूडी जैसी एजेंसियां तत्काल हरकत में आ रही हैं। एलजी संधू की इस पहल ने प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम किया है, जिससे आम नागरिकों को अपनी आवाज सीधे उच्च स्तर तक पहुँचाने का भरोसा मिला है। निगरानी तंत्र को मजबूत करने के लिए एलजी सचिवालय द्वारा एक विशेष टीम तैनात की गई है जो हर डिजिटल शिकायत की प्रगति रिपोर्ट तैयार करती है और समाधान सुनिश्चित होने तक संबंधित विभाग को जवाबदेह ठहराती है।
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16/03/26 |दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मुंडका के गोदाम से 610 अवैध एलपीजी सिलेंडर बरामद, ब्लैक मार्केटिंग रैकेट का भंडाफोड़
नई दिल्ली, 16 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल (AEKC) ने बाहरी दिल्ली के मुंडका इलाके में छापेमारी कर एलपीजी सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी और भंडारण के एक बड़े खेल का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने भारी मात्रा में सिलेंडर जब्त किए हैं, जिन्हें सुरक्षा नियमों और सरकारी दिशानिर्देशों को ताक पर रखकर स्टोर किया गया था। इस कार्रवाई के दौरान कुल 610 सिलेंडर बरामद किए गए हैं, जो अलग-अलग कंपनियों के हैं।
पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि मुंडका स्थित 'गुरुजी इंडेन गैस सर्विस' के परिसर (खसरा नंबर 111/22 और 111) में अवैध रूप से गैस सिलेंडरों का भंडारण किया जा रहा है। इंस्पेक्टर अमित सोलंकी के नेतृत्व और डीसीपी संजीव कुमार यादव (IPS) की देखरेख में जब टीम ने वहां छापा मारा, तो दंग रह गई। जांच में पाया गया कि यह एजेंसी केवल 'इंडेन' की अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर थी, लेकिन गोदाम के अंदर भारत गैस और एचपी गैस जैसी अन्य कंपनियों के कमर्शियल सिलेंडर भी भारी संख्या में अवैध रूप से रखे हुए थे। यह आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और एलपीजी आपूर्ति व वितरण आदेश का सीधा उल्लंघन है।
बरामदगी के आंकड़ों की बात करें तो पुलिस को कुल 610 सिलेंडर मिले हैं। इनमें इंडेन के 423 (133 भरे हुए, 290 खाली), भारत गैस के 92 और एचपी गैस के 95 सिलेंडर शामिल हैं। शुरुआती जांच में स्टॉक रजिस्टर में भी भारी गड़बड़ी पाई गई है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के अधिकारियों के अनुसार, 10 मार्च 2025 तक इंडेन का स्टॉक शून्य होना चाहिए था, लेकिन मौके पर 133 भरे हुए सिलेंडर मिले। पुलिस को संदेह है कि बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने और बाद में ऊंचे दामों पर कालाबाजारी (Black Marketing) करने के इरादे से इन सिलेंडरों को जमा किया गया था।
खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में की गई इस कार्रवाई के बाद दिल्ली क्राइम ब्रांच ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) (आपराधिक साजिश) और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 7 के तहत एफआईआर (संख्या 52/2026) दर्ज कर ली है। छापेमारी के दौरान गोदाम का मालिक मौके पर नहीं मिला और वह फिलहाल फरार है। पुलिस की टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है और इस पूरे सप्लाई चेन और कालाबाजारी के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
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16/03/26 |दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी कामयाबी: पालम डकैती कांड का वांछित अपराधी 'महेश गंजा' गिरफ्तार
नई दिल्ली, 16 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (NDR टीम) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पालम गांव इलाके में हुई डकैती और तोड़फोड़ की सनसनीखेज वारदात में शामिल एक वांछित अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान 26 वर्षीय महेश उर्फ गंजा के रूप में हुई है, जो दिल्ली के राज नगर, पालम का रहने वाला है। वह पिछले कई महीनों से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। पुलिस ने उसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत गिरफ्तार किया है।
यह मामला 28 सितंबर 2025 की रात का है, जब पालम गांव स्थित एक होटल में डकैती और तोड़फोड़ की भीषण वारदात हुई थी। होटल मालिक की शिकायत के अनुसार, लोहे की रॉड से लैस और चेहरे पर नकाब पहने 5-6 बदमाश जबरन होटल के अंदर घुसे थे। बदमाशों ने होटल के शीशे और फर्नीचर तोड़कर वहां मौजूद स्टाफ में आतंक पैदा कर दिया था। इस दौरान बदमाशों ने होटल कर्मचारी प्रियांशु पर हमला कर उसे घायल कर दिया और काउंटर से करीब 2 लाख रुपये लूट लिए। सबूत मिटाने के उद्देश्य से आरोपी होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर (DVR) भी साथ ले गए थे।
इस मामले में स्थानीय पुलिस ने पहले ही पांच आरोपियों—रितिक, मो. लड़का, प्रकाश उर्फ चीनू, राकेश और मो. इबरार को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन महेश उर्फ गंजा फरार चल रहा था। क्राइम ब्रांच की एनडीआर टीम, जिसमें एसआई दीपेंद्र और महिला कांस्टेबल ज्ञानवती सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे, लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। तकनीकी निगरानी और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को सूचना मिली कि महेश अपने माता-पिता से मिलने पालम आएगा। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की और उसे सफलतापूर्वक दबोच लिया।
पूछताछ के दौरान महेश ने स्वीकार किया कि वह डकैती की इस साजिश में शामिल था। आरोपी की पृष्ठभूमि की बात करें तो उसने आठवीं तक पढ़ाई की है और आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ दी थी। वह पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था और बाद में रैपिडो बाइक राइडर बन गया। इसी दौरान वह स्थानीय अपराधियों के संपर्क में आया और अपराध की दुनिया में कदम रखा। साल 2022 में भी उस पर लूट की कोशिश और आर्म्स एक्ट का एक मामला दर्ज हुआ था, हालांकि उसमें वह बरी हो गया था। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
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16/03/26 |भारतीय रेलवे की बड़ी सौगात: सफर के बदले मिलेंगे रिवॉर्ड पॉइंट्स, अब मुफ्त मिलेंगी ये सुविधाएं
जे कुमार नई दिल्ली, 16 मार्च 2026: भारतीय रेलवे अपने यात्रियों के अनुभव को और अधिक सुखद और डिजिटल बनाने के लिए एक क्रांतिकारी 'लोयल्टी प्रोग्राम' (Loyalty Program) शुरू करने की तैयारी में है। इस योजना के तहत यात्रियों को हर सफर के बदले 'रेल पॉइंट्स' (Rail Points) मिलेंगे, जिनका उपयोग वे भविष्य में मुफ्त सुविधाओं और टिकटों के लिए कर सकेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नियमित यात्रियों को पुरस्कृत करना और हवाई यात्रा की ओर आकर्षित हो रहे यात्रियों को वापस रेल सेवा से जोड़ना है।
क्या है नई रिवॉर्ड योजना? रेलवे बोर्ड के अनुसार, यात्रियों द्वारा तय की गई दूरी और टिकट की श्रेणी (Class) के आधार पर उनके डिजिटल वॉलेट में पॉइंट्स जमा होंगे। इन पॉइंट्स को 'कैश' की तरह इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह योजना अप्रैल 2026 से वंदे भारत और तेजस एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों में पायलट आधार पर शुरू की जा सकती है। इसके लिए IRCTC पोर्टल और 'RailOne' जैसे मोबाइल ऐप्स को अपडेट किया जा रहा है ताकि यात्री रीयल-टाइम में अपने पॉइंट्स देख सकें।
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15/03/26 |बिहार के कुख्यात हत्यारोपी को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दबोचा: डिलीवरी एजेंट की हत्या कर 5 महीने से दिल्ली में छिपा था अपराधी
नई दिल्ली, 15 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (AGS टीम) ने एक साहसिक ऑपरेशन में बिहार के मोस्ट वांटेड अपराधी बाबुल कुमार को किराड़ी इलाके से गिरफ्तार किया है। आरोपी बिहार के महिंदवारा थाने में दर्ज हत्या के एक सनसनीखेज मामले में पिछले 5 महीनों से फरार चल रहा था। दिल्ली और बिहार पुलिस के इस संयुक्त ऑपरेशन ने एक ऐसे शातिर अपराधी को सलाखों के पीछे पहुँचाया है, जिसने लूट का विरोध करने पर एक बेगुनाह की जान ले ली थी।
घटनाक्रम के अनुसार, 29 अगस्त 2025 को बिहार में डिलीवरी एजेंट के रूप में काम करने वाले राहुल कुमार अपनी ड्यूटी से लौट रहे थे। इसी दौरान बाबुल कुमार ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उन्हें लूटने का प्रयास किया। जब राहुल ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उन्हें सरेआम गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। इस वारदात के बाद आरोपी बिहार छोड़कर दिल्ली भाग आया और अपनी पहचान छिपाने के लिए किराड़ी के सुलेमान नगर में एक वेल्डर के रूप में काम करने लगा। वह पिछले छह महीनों से इसी इलाके की भीड़भाड़ का फायदा उठाकर पुलिस की नजरों से बच रहा था।
12 मार्च 2026 को बिहार पुलिस की टीम आरोपी की तलाश में दिल्ली पहुँची और क्राइम ब्रांच से सहयोग माँगा। डीसीपी (क्राइम ब्रांच) हर्ष इंदोरा और एसीपी भगवती प्रसाद के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर पवन कुमार की एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में हेड कांस्टेबल जितेंद्र कुमार ने अपनी सूझबूझ और स्थानीय इनपुट्स के जरिए आरोपी के सटीक ठिकाने का पता लगाया। 13 मार्च की सुबह जब पुलिस ने रतन विहार स्थित एक इमारत में छापेमारी की, तो आरोपी बाबुल कुमार ने बचने के लिए तीसरी मंजिल के बाथरूम में छिपने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद टीम ने उसे धर दबोचा।
आरोपी का पिछला रिकॉर्ड भी बेहद आपराधिक रहा है। महज 12वीं तक पढ़ा बाबुल कुमार साल 2022 के बाद स्थानीय अपराधियों के संपर्क में आकर लूटपाट की वारदातों को अंजाम देने लगा था। उसके खिलाफ बिहार में हत्या, लूट और आर्म्स एक्ट के चार से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बिहार पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
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15/03/26 |दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की बड़ी कामयाबी: विशेष अभियान में 6 नाबालिगों को किया रेस्क्यू, UP और हरियाणा से भी ढूँढ निकाले बच्चे
नई दिल्ली,15 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU), क्राइम ब्रांच ने एक विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए 6 लापता और अपहृत बच्चों को सुरक्षित बरामद किया है। ISO-9001:2015 प्रमाणित इस यूनिट ने दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश और हरियाणा के विभिन्न जिलों में तकनीकी निगरानी और जमीनी स्तर पर जांच कर इन मासूमों को उनके परिवारों से मिलाया। डीसीपी (क्राइम-IV) पंकज कुमार के अनुसार, इन मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए एएचटीयू को नोडल एजेंसी के तौर पर जांच सौंपी गई थी।
इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि सरोजिनी नगर इलाके का वह मामला रहा, जिसमें अक्टूबर 2023 से लापता एक नाबालिग लड़की को करीब 3 साल बाद लखनऊ (UP) से बरामद किया गया। माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर दिसंबर 2025 में यह जांच क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर हुई थी, जिसे इंस्पेक्टर संजय कुमार की टीम ने तकनीकी सर्विलांस के जरिए महज दो महीने में सुलझा लिया। पुलिस ने इस मामले में 20,000 रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
वहीं, एक अन्य मामले में रोहिणी के बेगमपुर इलाके से लापता हुई 17 वर्षीय किशोरी को हरियाणा के पानीपत से बरामद किया गया। जांच में सामने आया कि छात्रा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'इंस्टाग्राम' के जरिए एक युवक के संपर्क में आई थी। इसी तरह, न्यू अशोक नगर और बुद्ध विहार क्षेत्र से लापता बच्चों को भी पुलिस की अलग-अलग टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद कापसहेड़ा और शाहाबाद डेयरी जैसे इलाकों से सुरक्षित खोज निकाला।
क्राइम ब्रांच की टीम ने द्वारका सेक्टर-23 के एक नशा मुक्ति केंद्र (आशा गृह) से परीक्षा के दौरान लापता हुए एक अनाथ बच्चे को भी सुरक्षित रेस्क्यू किया है। वहीं, भलस्वा डेयरी इलाके से घर में हुए मामूली विवाद के बाद गुस्से में निकले 12 वर्षीय बालक को उत्तर प्रदेश के लोनी से बरामद किया गया। एसीपी सुरेश कुमार के नेतृत्व में इंस्पेक्टर मनोज दहिया, मुकेश कुमार और उनकी समर्पित टीम ने इन ऑपरेशनों को अंजाम दिया। बरामद किए गए सभी बच्चों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित थानों के जांच अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
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15/03/26 |नई दिल्ली: भारत में फंसे विदेशियों को बड़ी राहत, 30 दिन के लिए बढ़ी वीजा अवधि
जे कुमार नई दिल्ली, 15 मार्च 2026: पश्चिम एशिया (Mid-East) में चल रहे भीषण तनाव और हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद होने के कारण भारत में फंसे हजारों विदेशी नागरिकों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत की घोषणा की है। गृह मंत्रालय (MHA) के निर्देशों के बाद, विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालयों (FRRO) को निर्देश दिया गया है कि वे प्रभावित पर्यटकों और यात्रियों के वीजा की अवधि को 30 दिनों के लिए बढ़ा दें।
वीजा विस्तार और जुर्माना माफी सरकार ने घोषणा की है कि जिन विदेशी नागरिकों के नियमित वीजा या ई-वीजा (e-Visa) की अवधि समाप्त हो चुकी है या जल्द ही समाप्त होने वाली है, उन्हें एक महीने का 'ग्रेटिस' (निःशुल्क) विस्तार दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 28 फरवरी 2026 के बाद हवाई उड़ानों के रद्द होने या मार्ग परिवर्तन (Rerouting) के कारण हुए 'ओवरस्टे' (निर्धारित अवधि से अधिक रुकने) पर लगने वाले जुर्माने को भी पूरी तरह माफ कर दिया गया है। यह निर्णय मानवीय आधार पर लिया गया है ताकि संघर्ष की स्थिति में फंसे निर्दोष यात्रियों को कानूनी पेचीदगियों का सामना न करना पड़े।
एग्जिट परमिट और अस्थायी लैंडिंग अनुमति मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जो विदेशी नागरिक उड़ानें बहाल होने पर भारत से बाहर जाना चाहते हैं, उन्हें 'एग्जिट परमिट' भी बिना किसी शुल्क के प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा, जिन यात्रियों की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पश्चिम एशिया के तनाव के कारण भारत की ओर मोड़ी (Divert) गई हैं, उन्हें निःशुल्क 'अस्थायी लैंडिंग परमिट' (TLP) दिया जाएगा। यह कदम मुख्य रूप से दुबई, कतर और ईरान जैसे क्षेत्रों से प्रभावित होकर भारत आए यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
अधिकारियों के निर्देश गृह मंत्रालय ने दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता सहित सभी प्रमुख केंद्रों के FRRO अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे उन विदेशी नागरिकों की मदद करें जो उड़ान रद्दीकरण का प्रमाण दिखाते हैं। अधिकारियों ने कहा है कि यदि कोई विदेशी नागरिक वर्तमान परिस्थितियों के कारण समय पर आवेदन नहीं कर पाता है, तो इसे आव्रजन कानूनों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा।
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14/03/26 |दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी कामयाबी: चंडीगढ़ का भगोड़ा नाइजीरियाई ड्रग तस्कर तिलक नगर से गिरफ्तार
नई दिल्ली, 14 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (WR-II) ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने तिलक नगर इलाके से एक नाइजीरियाई मूल के नागरिक को गिरफ्तार किया है, जिसे चंडीगढ़ की एक अदालत ने एनडीपीएस (NDPS) मामले में 'भगोड़ा अपराधी' (PO) घोषित किया था। पकड़े गए आरोपी की पहचान 39 वर्षीय चुक्स (Chuks) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में तिलक नगर के शाहपुरा में रह रहा था।
गुप्त सूचना के बाद बिछाया गया जाल डीसीपी (क्राइम ब्रांच) हर्ष इंदोरा के निर्देशानुसार, ड्रग तस्करी और स्ट्रीट क्राइम को रोकने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। हवलदार संदीप कादियान को पुख्ता सूचना मिली थी कि चंडीगढ़ पुलिस का वांटेड ड्रग तस्कर अपने किसी साथी से मिलने तिलक नगर मेट्रो स्टेशन के पास आने वाला है। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर अक्षय गहलोत के नेतृत्व में एक रेडिंग टीम तैयार की गई। पुलिस ने मौके पर जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी ने भागने की कोशिश की, सतर्क टीम ने उसे दबोच लिया।
कपड़े के व्यापार से ड्रग्स की दुनिया तक का सफर पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि वह साल 2015 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। शुरुआत में उसने तिलक नगर में कपड़ों का व्यापार किया, लेकिन भारी नुकसान के कारण उसे काम बंद करना पड़ा। इसके बाद उसने अफ्रीकी मूल के लोगों के लिए खाना बनाकर बेचना शुरू किया। आर्थिक तंगी के चलते वह दिल्ली में सक्रिय ड्रग माफियाओं के संपर्क में आ गया और हिमाचल प्रदेश व चंडीगढ़ जैसे राज्यों में नशीले पदार्थों की सप्लाई करने लगा।
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड और गिरफ्तारी आरोपी चुक्स पहले भी कई बार जेल जा चुका है। साल 2019 में उसे हिमाचल प्रदेश के भोरंज थाने में और 2021 में चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया थाने में ड्रग्स तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। मार्च 2024 में जेल से बाहर आने के बाद वह कोर्ट की कार्रवाई में शामिल नहीं हुआ और अपनी लोकेशन बदलता रहा। लगातार अनुपस्थित रहने के कारण अदालत ने उसे 'प्रोक्लेमड ऑफेंडर' (PO) घोषित कर दिया था। अब क्राइम ब्रांच की टीम उससे यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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14/03/26 |बवाना मर्डर केस का वांछित आरोपी दिल्ली क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में, आपसी रंजिश में मारी थी गोली
नई दिल्ली, 14 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की Crime Branch (NR-II) ने बवाना इलाके में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान निखिल (20 वर्ष) के रूप में हुई है, जो हत्या की वारदात के बाद से ही फरार चल रहा था।
क्या था मामला?
8 मार्च 2026 को बवाना थाना इलाके के पूठ खुर्द में भूपेंद्र (24 वर्ष) नाम के युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने वारदात को उस समय अंजाम दिया जब पीड़ित अपनी स्कूटी के पास था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इस संबंध में थाना बवाना में हत्या (बीएनएस की धारा 103(1)) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
क्राइम ब्रांच की कार्रवाई और गिरफ्तारी
आरोपियों की धरपकड़ के लिए एसीपी गिरीश कौशिक की देखरेख और इंस्पेक्टर संदीप स्वामी के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम गठित की गई थी। एसआई रवि राणा और हेड कांस्टेबल योगेंद्र को आरोपी निखिल की लोकेशन के बारे में पुख्ता जानकारी मिली। तकनीकी विश्लेषण और जमीनी सूचनाओं के आधार पर टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को रोहिणी सेक्टर-34 से दबोच लिया।
बदला लेने के लिए की हत्या
पूछताछ के दौरान आरोपी निखिल ने खुलासा किया कि उसने अपने साथियों देवराज, सुमित और एक किशोर (CCL) के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। उसने बताया कि देवराज की मृतक भूपेंद्र के साथ पुरानी रंजिश थी, जिसका बदला लेने के लिए उन्होंने उस पर फायरिंग की। इस मामले में एक किशोर को पहले ही पकड़ा जा चुका है, जबकि दो अन्य आरोपी (देवराज और सुमित) अभी भी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है।
आरोपी का प्रोफाइल
आरोपी निखिल पूठ खुर्द गांव का रहने वाला है और 10वीं तक पढ़ा है। वह अपने साथी देवराज के साथ मिलकर काम करता था और रंजिश के चलते इस जघन्य अपराध में शामिल हो गया।
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क्षमता विकास आयोग की पहल: प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत करने के लिए दक्षिणी क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन
नई दिल्ली, 14 मार्च (अभी) : भारत सरकार के क्षमता विकास आयोग (सीबीसी) ने 13 मार्च 2026 को हैदराबाद स्थित प्रशासनिक कर्मचारी महाविद्यालय (एएससीआई) में सहयोगात्मक क्षमता विकास और संसाधन साझा करने पर दक्षिणी क्षेत्रीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में दक्षिण भारत के 23 सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थानों (सीएसटीआई) और प्रशिक्षण संस्थानों के 47 प्रतिभागियों ने संकाय आदान-प्रदान करने, साझा शिक्षण सामग्री और बुनियादी ढांचे को साझा करने के लिए व्यावहारिक रूपरेखाओं पर विचार-विमर्श करने के लिए भाग लिया।
सीबीसी की अध्यक्ष सुश्री एस. राधा चौहान के नेतृत्व में आयोजित परामर्श कार्यशाला का शुभारंभ सीबीसी की प्रधान सलाहकार सुश्री चंद्रलेखा मुखर्जी के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने कहा कि सीएसटीआई के बीच सहयोग अब तक संरचित संस्थागत तंत्रों के बजाय गैर-संस्थागत कारकों पर अधिक निर्भर रहा है। उन्होंने आपूर्ति-आधारित प्रशिक्षण से मांग-आधारित क्षमता विकास की ओर मूलभूत बदलाव का आह्वान किया जहां संस्थान व्यापक विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए शासन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करे।
इसके बाद एएससीआई के महानिदेशक डॉ. निम्मागड्डा रमेश कुमार ने संबोधित किया। उन्होंने लोक सेवक और सरकार के बीच आजीवन नियम के रूप में, सार्वजनिक नीति में नवाचार के लिए एएससीआई के केंद्र को इस बात के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया कि कैसे संस्थान लोक प्रशासन में निरंतर सुधार की संस्कृति को बढ़ावा दे सकते हैं।
मुख्य सत्र का संचालन राष्ट्रीय संचार अकादमी-वित्त के उप महानिदेशक और विषयगत कार्य बल के अध्यक्ष डॉ. कमल कपूर ने किया। उन्होंने कई सप्ताहों के परामर्श के दौरान कार्य बल द्वारा किए गए सामूहिक विचार-विमर्श के बारे बताया। उन्होंने साझा संसाधन निर्देशिका, विभिन्न संस्थानों में सामग्री की पुनरावृत्ति को दूर करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता और संस्थागत सहयोग के महत्व सहित संभावित क्षेत्रों का उल्लेख किया। उन्होंने संरचित सहयोग के लिए तीन स्तंभ बताए: संकाय साझा करना, सामग्री और ज्ञान साझा करना, और अवसंरचना साझा करना।
इसके बाद प्रतिभागियों ने तीन विषयगत समूहों में संरचित चर्चाओं में भाग लिया। प्रत्येक समूह ने मौजूदा बाधाओं पर चर्चा की, सहयोग के लिए व्यवहार्य तंत्रों की पहचान की और संस्थागत, प्रणाली-संचालित ढाँचों की ओर तंत्र को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से व्यावहारिक अनुशंसाएँ की। प्रमुख परिणामों में केंद्रीकृत संकाय और संसाधन निर्देशिका, सामग्री खोज और कैलेंडर एक करने, और एनएससीएसटीआई मान्यता और क्रेडिट तंत्र से जुड़े डिजिटल अवसंरचना डैशबोर्ड के प्रस्ताव शामिल थे।
कार्यशाला का समापन ब्रेकआउट परिणामों को एक करके आगे की राह पर टिप्पणियों के साथ हुआ, जिसके बाद सुश्री चंद्रलेखा मुखर्जी ने समापन भाषण दिया। उन्होंने एक सहयोगात्मक, एकीकृत और भविष्य के लिए तैयार सिविल सेवा प्रशिक्षण तंत्र के निर्माण की दिशा में ठोस सिफारिशों में क्षेत्रीय अंतर्दृष्टि को बदलने के महत्व का उल्लेख किया।
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14/03/26 |दिल्ली: लूट और फायरिंग के मामलों में शामिल कुख्यात अपराधी को क्राइम ब्रांच ने अवैध पिस्तौल के साथ किया गिरफ्तार
नई दिल्ली, 14 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (NR-II, रोहिणी सेक्टर-18) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए जहांगीरपुरी इलाके के कुख्यात अपराधी ध्रुव उर्फ राज उर्फ 'तूफान' को गिरफ्तार किया है। 22 वर्षीय यह आरोपी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में लूटपाट और फायरिंग की कई वारदातों में वांछित था। पुलिस ने इसके पास से एक लोडेड सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
क्राइम ब्रांच को हेड कांस्टेबल प्रदीप डाबास के जरिए सटीक सूचना मिली थी कि 'तूफान' अपने साथियों से मिलने के लिए भलस्वा डेयरी झील के पास गोल्फ कोर्स रोड पर आने वाला है। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर नीरज शर्मा के नेतृत्व और एसीपी गिरीश कौशिक की देखरेख में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने गोल्फ कोर्स के पास जाल बिछाकर घेराबंदी की और आरोपी को सफलतापूर्वक दबोच लिया।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 7.65 एमएम की एक अत्याधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस मिले। पुलिस ने शस्त्र अधिनियम (Arms Act) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ध्रुव केवल 11वीं तक पढ़ा है और नशे की लत व बुरी संगत के कारण अपराध की राह पर चल पड़ा। वह जहांगीरपुरी और भलस्वा डेयरी इलाके में सक्रिय 'SD ग्रुप' का हिस्सा है। आरोपी ने बताया कि उसने अलीगढ़ से हथियार खरीदे थे, जिसका इस्तेमाल वह लूटपाट और प्रतिद्वंदी गैंग से अपनी सुरक्षा के लिए करता था।
पकड़ा गया अपराधी ध्रुव एक आदतन अपराधी है। वह आदर्श नगर, किशनगढ़ और महेंद्र पार्क जैसे थानों में दर्ज लूटपाट और फायरिंग के 4 प्रमुख मामलों में वांछित चल रहा था। अदालती कार्यवाही से बचने के लिए वह लंबे समय से फरार था, जिसके बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।
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14/03/26 |दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी: अंतरराज्यीय ड्रग गिरोह का भंडाफोड़, 12 लाख के नशीले पदार्थ के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार
नई दिल्ली, 14 मार्च (अन्नू): ड्रग्स के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाते हुए दिल्ली पुलिस की ईस्ट जिला एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड (ANS) ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में दो शातिर ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से 21 किलो 730 ग्राम गांजा और 46 ग्राम स्मैक बरामद की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस बरामद नशीले पदार्थ की कीमत लगभग 12 लाख रुपये आंकी गई है।
यह सफल ऑपरेशन 11 और 12 मार्च 2026 की दरमियानी रात को अंजाम दिया गया। एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड को गुप्त सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति स्कूटी पर भारी मात्रा में नशीले पदार्थ लेकर गाजियाबाद से दिल्ली की ओर आ रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने एनएच-24 स्थित खिचड़ीपुर बस स्टैंड के पास जाल बिछाया। जैसे ही यूपी नंबर की स्कूटी वहां पहुंची, पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली। स्कूटी पर रखे दो सफेद बैगों से भारी मात्रा में गांजा और आरोपी फिरोज खान के पास से स्मैक बरामद हुई।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान 41 वर्षीय फिरोज खान और 36 वर्षीय अकबर के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। फिरोज खान पर पहले से ही उत्तर प्रदेश और हरियाणा में एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं, और उस पर नोएडा में यूपी गैंगस्टर एक्ट भी लगाया जा चुका है। वहीं, आरोपी अकबर भी पूर्व में दिल्ली के विभिन्न थानों में दर्ज कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे मोटे मुनाफे और जल्दी पैसा कमाने के लालच में इस अवैध धंधे से जुड़े थे। वे उत्तर प्रदेश से नशीले पदार्थ लाकर दिल्ली-एनसीआर के शहरी इलाकों में सप्लाई करते थे। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की गई स्कूटी को भी जब्त कर लिया है। फिलहाल, कल्याणपुरी थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और इनके उत्तर प्रदेश स्थित नेटवर्क की तलाश में जुटी है।
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इंश्योरेंस कंपनी से धोखाधड़ी करने वाले पूर्व सहायक को 4 साल की जेल, CBI कोर्ट ने सुनाया सख्त फैसला
नई दिल्ली, 13 मार्च (अन्नू): गाजियाबाद स्थित विशेष सीबीआई (CBI) अदालत ने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के साथ वित्तीय धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने मेरठ स्थित कंपनी के तत्कालीन सहायक, दविंदर सिंह अधिकारी को दोषी करार देते हुए 4 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। सजा के साथ-साथ कोर्ट ने दोषी पर 35,000 रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला साल 2018 में सीबीआई द्वारा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान यह पाया गया कि आरोपी दविंदर सिंह अधिकारी ने साल 2014 से 2016 के बीच अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची थी। इस साजिश के तहत उसने धोखाधड़ी करते हुए इंश्योरेंस कंपनी को करीब 36,11,059 रुपये का वित्तीय नुकसान पहुँचाया था। आरोपी ने बदनियती के साथ कंपनी की इस भारी-भरकम राशि को अपने और अपने एक मित्र के बैंक खाते में स्थानांतरित कर लिया था। हालांकि, जांच शुरू होने और मामला दर्ज होने के बाद आरोपी ने पूरी राशि कंपनी के खाते में वापस जमा कर दी थी।
सीबीआई ने इस मामले में 31 मई 2021 को आरोप पत्र (Chargesheet) दाखिल किया था, जिसके बाद 6 जनवरी 2023 को अदालत ने आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए थे। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दविंदर सिंह अधिकारी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए गाजियाबाद की सक्षम अदालत में अपना गुनाह कबूल (Plead Guilty) करने के लिए आवेदन दायर किया था।
माननीय न्यायालय ने आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने के आवेदन को मंजूर करते हुए 12 मार्च 2026 को यह अंतिम फैसला सुनाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के साथ किया गया विश्वासघात गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इस सजा के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को कानून के शिकंजे से बचना मुमकिन नहीं है।
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करोड़ों की ऑनलाइन धोखाधड़ी का भंडाफोड़: CBI का 15 ठिकानों पर छापा, 900 करोड़ के घोटाले का मास्टरमाइंड CA गिरफ्तार
नई दिल्ली, 13 मार्च (अन्नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन निवेश और पार्ट-टाइम जॉब घोटाले के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 15 अलग-अलग स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया है। यह मामला मुख्य रूप से विदेशी फिनटेक प्लेटफॉर्म, विशेषकर दुबई स्थित 'Pyypl' के जरिए किए गए संदिग्ध लेन-देन और धोखाधड़ी से जुड़ा है। गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से मिले इनपुट के आधार पर CBI ने यह केस दर्ज किया था। आरोप है कि एक संगठित गिरोह ने फर्जी लुभावनी योजनाओं के जरिए हजारों भारतीय नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी की है।
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि यह सिंडिकेट सोशल मीडिया, मोबाइल ऐप और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सेवाओं का इस्तेमाल कर लोगों को ऊंचे मुनाफे का लालच देता था। ठग पहले पीड़ितों से छोटी रकम निवेश करवाते थे और विश्वास जीतने के लिए उन्हें फर्जी मुनाफा दिखाते थे। एक बार जब पीड़ित को भरोसा हो जाता, तो उसे मोटी रकम निवेश करने के लिए उकसाया जाता था। ठगी गई राशि को मनी ट्रेल छिपाने के लिए कई 'म्यूल' बैंक खातों के माध्यम से घुमाया जाता था और फिर अंतरराष्ट्रीय डेबिट कार्डों का उपयोग करके विदेशों में एटीएम से निकाल लिया जाता था या विदेशी वॉलेट्स में ट्रांसफर कर दिया जाता था।
CBI ने दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर स्थित बिजवासन के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) अशोक कुमार शर्मा को इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बताया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि शर्मा ने अकेले पिछले एक साल में करीब 900 करोड़ रुपये की हेराफेरी की है। इस राशि को 15 शेल (फर्जी) कंपनियों से जुड़े खातों में जमा किया गया और बाद में भारतीय वर्चुअल एसेट एक्सचेंजों के माध्यम से इसे क्रिप्टोकरेंसी (USDT) में बदलकर विदेशी वॉलेट्स में भेज दिया गया। CBI ने सितंबर 2025 में ही इन संदिग्ध संस्थाओं के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया था।
छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी को भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले हैं। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कई मासूम लोगों को धोखा देकर इन शेल कंपनियों का निदेशक बनाया गया था और उनके नाम पर फर्जी कागजात तैयार किए गए थे। फिलहाल मुख्य आरोपी अशोक शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। CBI अब इस गिरोह से जुड़े विदेशी नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले वित्तीय जाल को खंगालने में जुटी है ताकि अपराध की पूरी कमाई को बरामद किया जा सके।
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केंद्रीय एजेंसियों और पंजाब पुलिस का साझा ऑपरेशन: वांटेड अपराधी भुवनेश दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार
नई दिल्ली/चंडीगढ़, 13 मार्च (अभी) : पंजाब पुलिस ने संगठित अपराध और सीमा पार मादक पदार्थों की तस्करी…..
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12/03/26 |सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: भारत में पहली बार 'निष्क्रिय इच्छा मृत्यु' को मिली व्यावहारिक अनुमति
जे कुमार नई दिल्ली, 11 मार्च 2026: भारत के न्यायिक इतिहास में एक अत्यंत संवेदनशील और युगांतरकारी मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को देश में पहली बार 'पैसिव यूथेनेशिया' (Passive Euthanasia) यानी निष्क्रिय इच्छा मृत्यु की याचिका को व्यावहारिक रूप से स्वीकार कर लिया। न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने 32 वर्षीय हरीश राणा के मामले में यह ऐतिहासिक आदेश सुनाया, जो पिछले 13 वर्षों से 'परसिस्टेंट वेजिटेटिव स्टेट' (PVS) में थे।
मुख्य विवरण: हरीश राणा केस
गाजियाबाद के रहने वाले हरीश राणा 2013 में चंडीगढ़ में एक इमारत से गिर गए थे, जिससे उन्हें 100% विकलांगता और गंभीर दिमागी चोटें आईं। पिछले 13 वर्षों से वे पूरी तरह बिस्तर पर थे और केवल फीडिंग ट्यूब (CANH) के सहारे जीवित थे। उनके माता-पिता ने उनकी अंतहीन पीड़ा को देखते हुए गरिमापूर्ण मृत्यु के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
अदालत के महत्वपूर्ण निर्देश:
दार्शनिक दृष्टिकोण: फैसला सुनाते समय कोर्ट भावुक हो गया। जजों ने कहा कि 13 वर्षों से हरीश की पीड़ा इसलिए और क्रूर थी क्योंकि वे अपनी व्यथा को आवाज़ भी नहीं दे सकते थे।
इलाज बनाम मशीन: कोर्ट ने माना कि 'क्लीनिकली असिस्टेड न्यूट्रिशन' (CANH) एक तकनीकी चिकित्सा हस्तक्षेप है। जब सुधार की कोई उम्मीद न हो, तो इसे हटाना 'हत्या' नहीं बल्कि 'प्रकृति को अपना रास्ता चुनने देना' है।
AIIMS को जिम्मेदारी: कोर्ट ने हरीश को दिल्ली एम्स के 'पेलिएटिव केयर' विभाग में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है, जहाँ विशेषज्ञों की देखरेख में मानवीय तरीके से लाइफ सपोर्ट हटाया जाएगा।
कानूनी और सामाजिक महत्व:
यद्यपि 2018 के 'कॉमन कॉज' फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने 'राइट टू डाई विद डिग्निटी' (गरिमा के साथ मरने का अधिकार) को मौलिक अधिकार माना था, लेकिन हरीश राणा का मामला पहला ऐसा वास्तविक उदाहरण बना जहाँ कोर्ट ने व्यावहारिक रूप से इसे लागू करने की अनुमति दी। कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस विषय पर एक ठोस कानून बनाने की भी अपील की है।
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11/03/26 |NSG जैसी सुरक्षा: दिल्ली पुलिस के बम दस्ते को मिलेगी 24 'टैक्टिकल बैलिस्टिक शील्ड'
नई दिल्ली, 11 मार्च (अभी) : दिल्ली के स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी संस्थानों को लगातार मिल रही बम की फर्जी धमकियों के बीच दिल्ली पुलिस ने अपने सुरक्षा तंत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दिल्ली पुलिस का बम निरोधक दस्ता (BDS) अब आतंकवाद रोधी विशिष्ट बल 'नेशनल सिक्योरिटी गार्ड' (NSG) की तर्ज पर 24 'टैक्टिकल बैलिस्टिक शील्ड' (TBS) खरीदने जा रहा है। गृह मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद इन शील्ड की खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही इन्हें बम निरोधक टीम के बेड़े में शामिल कर लिया जाएगा।
यह निर्णय पिछले कुछ समय से राष्ट्रीय राजधानी में बढ़े ईमेल के जरिए मिल रही 'बम होक्स' (फर्जी धमकियों) के मद्देनजर लिया गया है। हालांकि अधिकांश कॉल फर्जी साबित होते हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों के अनुसार हर कॉल पर गहन जांच और हैंडलिंग की आवश्यकता होती है। यह विशेष शील्ड जवानों को किसी भी संभावित विस्फोट या हमले के दौरान 'फ्रंटल प्रोटेक्शन' यानी सामने से सुरक्षा प्रदान करेगी। उच्च-शक्ति वाली मिश्रित सामग्री से बनी यह शील्ड गोलियों के साथ-साथ विस्फोट के बाद निकलने वाले छर्रों और मलबे को रोकने में सक्षम है।
इस शील्ड की सबसे बड़ी विशेषता इसमें लगा 'बुलेटप्रूफ व्यूइंग ग्लास' है, जिसकी मदद से बम निरोधक दस्ते का सदस्य संदिग्ध वस्तु या आईईडी (IED) की ओर बढ़ते समय अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उसे स्पष्ट देख सकता है। इसे एक 'मोबाइल कवर' की तरह इस्तेमाल किया जाता है, जो विशेष रूप से संकरी जगहों जैसे स्कूल के गलियारों, विमान के केबिन या भीड़भाड़ वाले इलाकों में ऑपरेशन के दौरान जवानों के लिए जीवनरक्षक साबित होगी। वर्तमान में दिल्ली पुलिस की आठ बीडीएस इकाइयों और 18 बम डिटेक्शन टीमों में करीब 430 प्रशिक्षित कर्मी तैनात हैं, जिन्हें इन नई शील्ड के इस्तेमाल के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
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11/03/26 |तरणजीत सिंह संधू बने दिल्ली के 23वें उपराज्यपाल: मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई पद और गोपनीयता की शपथ
नई दिल्ली, 11 मार्च (अभी) : पूर्व राजनयिक और अनुभवी अधिकारी तरणजीत सिंह संधू ने आज दिल्ली के नए उपराज्यपाल के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। लोक निवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। संधू राष्ट्रीय राजधानी के 23वें उपराज्यपाल बने हैं। उन्होंने विनय कुमार सक्सेना का स्थान लिया है, जिन्हें अब लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है।
शपथ ग्रहण समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उनके मंत्रिमंडल के सदस्य, दिल्ली के मुख्य सचिव और कई वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। 1988 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी रहे तरणजीत सिंह संधू का करियर बेहद शानदार रहा है। वह विशेष रूप से भारत-अमेरिका संबंधों के विशेषज्ञ माने जाते हैं और फरवरी 2020 से जनवरी 2024 तक अमेरिका में भारत के राजदूत के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इससे पहले वे श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त और फ्रैंकफर्ट में महावाणिज्य दूत के पदों पर भी रहे हैं।
संधू की नियुक्ति को दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे में एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। उनके पास अंतरराष्ट्रीय और रणनीतिक मामलों का व्यापक अनुभव है, जिसका लाभ दिल्ली के विकास और केंद्र व राज्य के बीच बेहतर समन्वय में मिलने की उम्मीद है। शपथ ग्रहण के बाद नवनियुक्त उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली की प्रगति और यहां के नागरिकों की समस्याओं का समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए दिल्ली के विकास कार्यों में पूर्ण सहयोग का भरोसा जताया।
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11/03/26 |अर्धसैनिक बलों की सुरक्षा होगी अभेद्य: केंद्र सरकार खरीदेगी 50,000 अत्याधुनिक बुलेटप्रूफ जैकेट
जे कुमार नई दिल्ली, 11 मार्च 2026: आंतरिक सुरक्षा में तैनात देश के जांबाज जवानों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) जैसे CRPF, BSF, CISF, ITBP और SSB के जवानों के लिए 50,000 अत्याधुनिक बुलेटप्रूफ जैकेट की खरीद को मंजूरी दे दी गई है। यह कदम आतंकवाद विरोधी अभियानों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात जवानों की जीवन रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अत्याधुनिक तकनीक से लैस होंगी जैकेट: इन नई बुलेटप्रूफ जैकेटों की सबसे बड़ी विशेषता उनकी 'नेक्स्ट-जेन' तकनीक है:
AK-47 और स्टील कोर बुलेट्स से सुरक्षा: ये जैकेट एके-47 की घातक गोलियों और अत्याधुनिक स्नाइपर राइफल्स के वार को भी सहने में सक्षम होंगी।
हल्का वजन (Lightweight): पुरानी भारी-भरकम जैकेटों के विपरीत, ये नई जैकेट काफी हल्की होंगी, जिससे जवानों को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लंबी दूरी के अभियानों में चलने-फिरने में आसानी होगी।
360-डिग्री प्रोटेक्शन: ये जैकेट शरीर के महत्वपूर्ण अंगों के साथ-साथ गर्दन और कमर के ऊपरी हिस्से को भी पूर्ण सुरक्षा प्रदान करेंगी।
मेड इन इंडिया (Make in India): रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हुए, इन जैकेटों का निर्माण भारतीय कंपनियों द्वारा स्वदेशी मानकों के अनुरूप किया जाएगा।
क्यों पड़ी इसकी जरूरत? वर्तमान में अर्धसैनिक बल जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, पूर्वोत्तर में उग्रवाद और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में माओवाद से लोहा ले रहे हैं। मुठभेड़ के दौरान अक्सर दुश्मन आधुनिक हथियारों का उपयोग करते हैं। ऐसे में जवानों के पास उच्च स्तरीय (Level-4) सुरक्षा कवच होना अनिवार्य है। गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इन जैकेटों की पहली खेप आगामी कुछ महीनों में ही बलों को सौंप दी जाएगी।
इस निवेश से न केवल जवानों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि ऑपरेशंस के दौरान होने वाली कैजुअलिटी (हताहतों की संख्या) में भी भारी कमी आएगी।
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08/03/26 |प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली में 33,500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की दी सौगात
आरएस अनेजा, 8 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली में ₹33,500 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य राजधानी में बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और शहरी जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। उन्होंने 18,300 करोड़ रुपए की लागत से दिल्ली मेट्रो का विस्तार किया वहीं प्रधानमंत्री ने मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया और तीन नए कॉरिडोर का शिलान्यास किया।
जिन दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया गया उनमें पिंक लाइन मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर (12.3 किमी)। इससे उत्तर और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लाखों लोगों को फायदा होगा। इसी प्रकार उन्होंने मैजेंटा लाइन का विस्तार किया जो दीपाली चौक से मजलिस पार्क (9.9 किमी) तक है।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया उनमें आर. के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर, एयरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 कॉरिडोर और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज कॉरिडोर शामिल है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सरोजिनी नगर, नेताजी नगर और कस्तूरबा नगर जैसे क्षेत्रों में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवासीय फ्लैट्स और कार्यालय परिसरों का उद्घाटन व शिलान्यास किया गया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, पीएम ने सरोजिनी नगर में महिला आवंटियों को उनके नए आवासों की चाबियां सौंपी।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि, 'आज भारत महिला सशक्तिकरण की नई गाथा लिख रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सफल नेतृत्व में राजधानी का विकास हो रहा है। राजनीति, प्रशासन, विज्ञान, खेल या समाज सेवा के क्षेत्र में भारत की नारी शक्ति हर क्षेत्र में नई ऊर्जा से आगे बढ़ रही है।' पीएम ने देश की नारी शक्ति को बधाई दी और राष्ट्र के विकास में उनके योगदान को स्वीकार किया।
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06/03/26 |मिजोरम में रेल क्रांति: पंजाब से सैरांग पहुँची पहली खाद्यान्न मालगाड़ी, विकास की नई पटरी पर राज्य
आरएस अनेजा, 6 मार्च नई दिल्ली - मिजोरम में यात्री और मालगाड़ी सेवाओं की शुरुआत के साथ यात्री परिवहन और माल ढुलाई में महत्वपूर्ण परिवर्तन आया है। इस क्षेत्र में विकास होने से पर्यटन बढ़ने के साथ-साथ संपर्क में सुधार हुआ है और आर्थिक विकास में भी योगदान मिला है।
एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में, भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की पहली खाद्यान्न मालगाड़ी 3 मार्च, 2026 को सैरांग रेलवे स्टेशन पर पहुंची। इस मालगाड़ी में पंजाब से लगभग 25,900 क्विंटल चावल से भरे 42 डिब्बे थे। यह राज्य में रेल आधारित माल ढुलाई संपर्क को मजबूत करने और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सैरांग में एफसीआई की खाद्यान्न मालगाड़ी के सफलतापूर्वक पहुंचने से बढ़ती परिचालन क्षमता का पता चलता है। इससे मिजोरम के रसद एवं खाद्य वितरण नेटवर्क को सहयोग देने में रेलवे अवसंरचना की बढ़ती भूमिका स्पष्ट होती है।
यह उल्लेख करना आवश्यक है कि 13 सितंबर, 2025 को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 51.38 किलोमीटर लंबी बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन का उद्घाटन मिजोरम के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी। इस महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना ने राज्य की राजधानी आइजोल को भारत के रेलवे मानचित्र पर ला खड़ा किया है। इससे राज्य सीधे राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ गया है। परिवहन में सुधार के अलावा, इस नई रेल लाइन से आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण अवसर पैदा होने और पूरे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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05/03/26 |दिल्ली: कश्मीरी गेट के पास रिंग रोड पर बनेगा भव्य फुट ओवर ब्रिज, लद्दाखी वास्तुकला की दिखेगी झलक
दिल्ली, 05 मार्च (अन्नू): दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को कश्मीरी गेट आईएसबीटी के समीप मोनेस्ट्री मार्केट और लद्दाख बुद्ध विहार क्षेत्र के लिए एक नए फुट ओवर ब्रिज (FOB) की आधारशिला रखी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य रिंग रोड जैसे व्यस्त मार्ग पर पैदल यात्रियों को सुरक्षित आवाजाही प्रदान करना और सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम करना है। मुख्यमंत्री ने शिलान्यास समारोह के दौरान इसे दिल्ली सरकार की विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
मोनेस्ट्री मार्केट और आईएसबीटी के पास यातायात का दबाव और पैदल यात्रियों की संख्या बहुत अधिक रहती है, जिससे सड़क पार करना जोखिम भरा बना रहता था। स्थानीय निवासियों द्वारा लंबे समय से इस पुल की मांग की जा रही थी। इस नए एफओबी की खास बात यह है कि इसका निर्माण लद्दाखी वास्तुकला के पारंपरिक सौंदर्य को ध्यान में रखकर किया जाएगा। आधुनिक सुविधाओं के रूप में इसमें दो लिफ्ट भी लगाई जाएंगी, जिससे बुजुर्गों और दिव्यांगों को ऊपर-नीचे आने-जाने में कोई असुविधा न हो।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पुल के निर्माण से न केवल लद्दाख बुद्ध विहार आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को राहत मिलेगी, बल्कि रिंग रोड पर वाहनों की रफ्तार भी निर्बाध बनी रहेगी। इस कार्यक्रम में सांसद प्रवीण खंडेलवाल, कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और लद्दाख भाजपा अध्यक्ष ताशी ग्यालसन खाचू समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान पिछली सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि जिस मांग को वर्षों तक अनसुना किया गया, उसे वर्तमान सरकार ने अल्प समय में ही प्राथमिकता के साथ पूरा करना शुरू कर दिया है।#DelhiDevelopment #KashmereGate #FOB #Infrastructure #LadakhBuddhistVihara #RoadSafety #DelhiNews #PublicConvenience
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05/03/26 |दिल्ली: सदर बाजार की इमारत में भीषण आग, दो लोगों की जलकर मौत; खिलौना गोदाम में हुआ हादसा
नई दिल्ली, 05 मार्च (अभी) : देश की राजधानी के सबसे व्यस्त व्यापारिक केंद्र सदर बाजार में होली की शाम एक दर्दनाक हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। बारा टूटी चौक के पास स्थित एक चार मंजिला व्यावसायिक इमारत में बुधवार शाम भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में इमारत के अंदर फंसे दो युवकों की जिंदा जलने से मौत हो गई। आग इतनी भयावह थी कि उस पर पूरी तरह काबू पाने में दमकल विभाग को 11 घंटे से भी अधिक का समय लगा।
हादसे की शुरुआत बुधवार शाम करीब 4:30 बजे हुई। बताया जा रहा है कि शॉर्ट-सर्किट के कारण इमारत के ऊपरी हिस्से में चिंगारी उठी, जिसने वहां रखे प्लास्टिक के खिलौनों और पैकिंग मैटेरियल को तुरंत अपनी चपेट में ले लिया। प्लास्टिक के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते पूरी चार मंजिला इमारत आग के गोले में तब्दील हो गई। आसमान में धुएं का काला गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में लोगों को सांस लेने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा।
दिल्ली फायर सर्विसेज (DFS) को सूचना मिलते ही पहले पांच गाड़ियां मौके पर भेजी गईं, लेकिन आग की गंभीरता को देखते हुए कुल 15 से अधिक दमकल वाहनों को तैनात किया गया। तंग गलियां और लटकती बिजली की तारों के कारण दमकल कर्मियों को मौके तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। डिविजनल अफसर राजेंद्र अग्रवाल के नेतृत्व में टीम ने रातभर ऑपरेशन चलाया और आज सुबह करीब 3:30 बजे आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
सर्च ऑपरेशन के दौरान इमारत की दूसरी और तीसरी मंजिल से दो युवकों के क्षत-विक्षत शव बरामद किए गए हैं। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शव बुरी तरह जल चुके हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसे के वक्त इमारत में और कितने लोग मौजूद थे।
सदर बाजार पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में शॉर्ट-सर्किट को कारण माना जा रहा है, लेकिन फायर विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या इमारत में अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे या नहीं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि त्योहार के कारण बाजार में भीड़ थी, यदि आग रिहायशी हिस्से की तरफ फैलती तो नुकसान और भी ज्यादा हो सकता था।
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28/02/26 |दिल्ली की सड़कों पर 37 साल बाद लौटीं 'डबल डेकर' बसें: अब इलेक्ट्रिक अवतार में होगा 'दिल्ली दर्शन'
नई दिल्ली, 28 फरवरी 2026: दिल्लीवासियों के लिए एक पुरानी यादों वाली (Nostalgic) खबर है। राजधानी की सड़कों पर करीब 37 साल बाद फिर से दो-मंजिला यानी डबल डेकर बसें दौड़ने लगी हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने शुक्रवार (27 फरवरी) को 'कर्तव्य पथ' (रफी मार्ग) से इन अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक एसी डबल डेकर बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
क्या है 'देखो मेरी दिल्ली' टूरिस्ट सर्किट?
यह सेवा विशेष रूप से दिल्ली के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है। 'देखो मेरी दिल्ली' पहल के तहत ये बसें राजधानी के प्रमुख ऐतिहासिक और आधुनिक लैंडमार्क्स को जोड़ेंगी।
प्रमुख रूट: दिल्ली हाट (INA) से शुरू होकर यह बस विजय चौक, राष्ट्रपति भवन, नेशनल म्यूजियम, नेशनल वॉर मेमोरियल, प्रधानमंत्री संग्रहालय और इंडिया गेट जैसे स्थलों को कवर करेगी।
समय: यह सेवा प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे से शुरू होगी।
बसों की खासियतें और किराया:
आधुनिक सुविधाएं: ये बसें पूरी तरह इलेक्ट्रिक, जीरो-इमिशन और शोर रहित हैं। 63 सीटों वाली इन बसों में ऊपर की मंजिल (Upper Deck) से पर्यटकों को शहर का पैनोरमिक व्यू मिलेगा।
किराया: वयस्कों के लिए टिकट ₹500 (प्लस 5% GST) और 5 से 10 वर्ष तक के बच्चों के लिए ₹300 (प्लस GST) निर्धारित किया गया है।
बुकिंग: टिकट दिल्ली पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन या चुनिंदा काउंटरों (जैसे कनॉट प्लेस, आईजीआई एयरपोर्ट) से ऑफलाइन बुक किए जा सकते हैं।
इतिहास की झलक:
दिल्ली में आखिरी बार डबल डेकर बसें 1989 में देखी गई थीं, जिन्हें पुराने बेड़े और संचालन संबंधी दिक्कतों के कारण हटा दिया गया था। अब 2026 में, ये बसें न केवल दिल्ली की विरासत की याद दिलाएंगी बल्कि आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन का संदेश भी देंगी।
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27/02/26 |जनगणना 2027: देश की पहली 'डिजिटल' जनगणना, अब रजिस्टर नहीं, मोबाइल ऐप से दर्ज होगा डेटा
नई दिल्ली, 27 फरवरी 2026: भारत के इतिहास में पहली बार होने जा रही 'जनगणना 2027' के लिए केंद्र सरकार ने पूरी तरह से डिजिटल खाका तैयार कर लिया है। दशकों से चली आ रही कागज-कलम और भारी-भरकम रजिस्टरों की प्रक्रिया को अब मोबाइल एप्लिकेशन और रियल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग से बदल दिया जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट ने इस विशाल राष्ट्रीय कार्य के लिए ₹11,718.24 करोड़ के बजट को पहले ही मंजूरी दे दी है।
जनगणना 2027 की प्रमुख विशेषताएं:
पूरी तरह से पेपरलेस: प्रगणक (Enumerators) अब रजिस्टरों की जगह एंड्रॉइड और iOS आधारित मोबाइल ऐप का उपयोग करेंगे।
सेल्फ-एन्युमरेशन (Self-Enumeration): देश के नागरिकों के पास यह विकल्प होगा कि वे स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकें।
जाति आधारित गणना: इस बार की जनगणना में पहली बार डिजिटल रूप से जाति संबंधी डेटा भी एकत्रित किया जाएगा।
CMMS पोर्टल: डेटा की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 'जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली' (CMMS) पोर्टल विकसित किया गया है, जो फील्ड वर्क की रियल-टाइम ट्रैकिंग करेगा।
जियो-टैगिंग (Geo-tagging): घरों की मैपिंग के लिए जियो-टैगिंग तकनीक का उपयोग होगा, जिससे डेटा की विश्वसनीयता और भी बढ़ जाएगी।
दो चरणों में होगा काम:
प्रथम चरण (अप्रैल से सितंबर 2026): इस दौरान 'हाउस लिस्टिंग' (मकानों की सूची) और 'हाउसिंग सेंसस' का कार्य किया जाएगा।
द्वितीय चरण (फरवरी 2027): मुख्य 'जनगणना' (Population Enumeration) का कार्य इसी चरण में संपन्न होगा, जिसकी संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 निर्धारित की गई है।
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26/02/26 |दिल्ली: लाहौरी गेट में चलते ट्रक से 'फिल्म स्टाइल' में इलायची चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश; पुलिस ने तीन बदमाशों को किया गिरफ्तार
नई दिल्ली, 26 फरवरी (अन्नू): पुरानी दिल्ली के व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र लाहौरी गेट में चलते ट्रक से कीमती मसालों की चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह के तीन सदस्यों को उत्तरी दिल्ली पुलिस ने दबोच लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई 200 किलो इलायची में से 50 किलो बरामद कर ली है, जिसकी बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आनंद, प्रदीप और सिथुन के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और वर्तमान में दिल्ली के विभिन्न इलाकों में रहकर इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद शातिराना तरीके से रसद ढोने वाले भारी वाहनों को अपना निशाना बनाता था। घटना वाले दिन आरोपियों ने लाहौरी गेट इलाके में एक ट्रक का पीछा किया और चलते वाहन से ही बड़ी चतुराई से इलायची की बोरियां पार कर दीं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से जाल बिछाया और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल सहित तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पता चला है कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड 'दीपक' नाम का एक व्यक्ति है, जिसने पूरी चोरी की साजिश रची थी। फिलहाल पुलिस गिरोह के मुख्य सरगना दीपक और उसके तीन अन्य साथियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से पुरानी दिल्ली के थोक बाजारों में सक्रिय 'चलते वाहनों से माल उड़ाने वाले' गैंग्स पर लगाम लगेगी। शेष 150 किलो इलायची की रिकवरी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
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26/02/26 |दिल्ली अमन विहार हत्याकांड: कर्ज न चुकाना पड़े इसलिए पॉलीथिन सप्लायर को उतारा मौत के घाट
नई दिल्ली, 26 फरवरी (अन्नू): बाहरी दिल्ली के अमन विहार इलाके में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। इन पर पॉलीथिन सप्लायर अजय कुमार की बेरहमी से हत्या करने और साक्ष्य छिपाने के इरादे से उनके शव को ठिकाने लगाने का आरोप है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि हत्या की इस साजिश के पीछे चार लाख रुपये का कर्ज था, जिसे आरोपी भाई चुकाने की स्थिति में नहीं थे और लेनदार को हमेशा के लिए रास्ते से हटाना चाहते थे।
मृतक अजय कुमार ने आरोपियों को व्यवसाय के लिए बड़ी राशि उधार दी थी, जिसे वापस मांगने पर दोनों पक्षों में तनाव चल रहा था। पुलिस के अनुसार, योजनाबद्ध तरीके से आरोपियों ने अजय को बहाने से अपने होटल में बुलाया। वहां बातचीत के दौरान अचानक उन पर चाकू से हमला कर दिया गया, जिससे मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद पकड़े जाने के डर से दोनों भाइयों ने शव को नजफगढ़ नाले के गहरे पानी में फेंक दिया ताकि पहचान मिटाई जा सके।
अजय के लापता होने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी सर्विलांस और मानवीय खुफिया जानकारी (Human Intelligence) का जाल बिछाया। अजय की आखिरी लोकेशन और कॉल डिटेल्स के आधार पर जब पुलिस की सुई इन दोनों भाइयों पर टिकी, तो सख्ती से पूछताछ में उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर नजफगढ़ नाले से शव बरामद करने के साथ ही वारदात में इस्तेमाल हथियार और अन्य महत्वपूर्ण सबूत भी जुटा लिए हैं।
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26/02/26 |पश्चिमी दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाली अवैध इकाइयों पर निगम का 'ड्रोन प्रहार'; 29 संदिग्ध फैक्ट्रियों की पहचान कर 11 को किया गया सील
नई दिल्ली, 26 फरवरी (अभी) : पश्चिमी दिल्ली के रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से चल रही प्रदूषणकारी इकाइयों पर नकेल कसने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) के पश्चिमी जोन ने अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। निगम की टीम ने ख्याला और विष्णु गार्डन जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जल प्रदूषण फैलाने वाली जींस डाईंग और वाशिंग इकाइयों की सटीक पहचान करने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया। 16 से 20 फरवरी तक चले इस विशेष निगरानी अभियान के दौरान ड्रोन की मदद से उन छतों और परिसरों का पता लगाया गया, जहाँ से चोरी-छिपे जहरीला पानी बहाया जा रहा था। इस हाई-टेक सर्वे में कुल 29 संदिग्ध अवैध इकाइयों की पहचान की गई है।
ड्रोन से प्राप्त इनपुट के आधार पर निगम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 11 प्रदूषणकारी इकाइयों को मौके पर ही सील कर दिया है। इसके साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वाली इन इकाइयों की बिजली और पानी की आपूर्ति भी काट दी गई है ताकि ये दोबारा परिचालन शुरू न कर सकें। निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जींस की धुलाई और रंगाई की प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले रसायन न केवल भूजल को प्रदूषित कर रहे थे, बल्कि नालियों के जरिए यमुना तक पहुँचकर पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुँचा रहे थे।
निगम प्रशासन ने प्रदूषण के खिलाफ अपनी इस मुहिम को पिछले कुछ महीनों से काफी तेज कर दिया है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले महज तीन महीनों के भीतर ही पश्चिमी क्षेत्र में ऐसी कुल 88 अवैध इकाइयों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। नगर निगम के पश्चिमी जोन के अधिकारियों का कहना है कि रिहायशी इलाकों में औद्योगिक गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ड्रोन के सफल प्रयोग के बाद अब अन्य संवेदनशील इलाकों में भी इसी तरह की तकनीक का उपयोग कर प्रदूषण फैलाने वाले संचालकों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है।
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26/02/26 |मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकार का एक वर्ष पूरा होने पर पूर्वी दिल्ली में किया भव्य जनसंवाद
नई दिल्ली, 26 फरवरी (अभी) : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपनी सरकार के सफल एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पूर्वी दिल्ली के यमुनापार क्षेत्र में एक विशाल जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दिल्ली की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बीते एक साल का कार्यकाल पूरी तरह से पारदर्शिता और जवाबदेही को समर्पित रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने शासन की कार्यप्रणाली में जो आमूलचूल बदलाव किए हैं, उसका सीधा परिणाम यह है कि अब सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव और बाधा के समाज के अंतिम पायदान पर खड़े नागरिक तक पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछले बारह महीनों की उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने विशेष रूप से यमुनापार क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे समय से उपेक्षित रहे इस हिस्से का विकास अब सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। क्षेत्र में नई सड़कों के जाल और स्वास्थ्य केंद्रों के आधुनिकीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है ताकि पूर्वी दिल्ली के निवासियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उनके घर के पास ही मिल सकें।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए बताया कि किस प्रकार जनहित की योजनाओं को जमीन पर उतारा जा रहा है। वहीं, वीरेंद्र सचदेवा ने संगठन और सरकार के साझा प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली एक नए विकास पथ पर अग्रसर है। जनसंवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवासियों की समस्याओं को भी सुना और अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए, जिससे सरकार और जनता के बीच के विश्वास को और मजबूती मिली है।
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24/02/26 |स्पाइसजेट की दिल्ली-लेह फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग: हवा में फेल हुआ इंजन,सुरक्षित बचाए गए 150 यात्री
नई दिल्ली, 24 फरवरी (अभी) : दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर आज सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब लेह जा रही स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-121 को उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद वापस लौटना पड़ा। विमान के इंजन नंबर-2 में तकनीकी खराबी और इंजन फेल होने की आशंका के चलते पायलट ने तुरंत 'फुल इमरजेंसी' घोषित कर दी। विमान में करीब 150 यात्री सवार थे, जो इस अचानक आई खराबी के बाद सहम गए।
बोइंग 737 विमान ने सुबह करीब 6:08 बजे उड़ान भरी थी, लेकिन बीच हवा में ही तकनीकी समस्या का पता चलते ही पायलट ने सूझबूझ दिखाई और सुबह 6:49 बजे विमान को सुरक्षित लैंड करा लिया। स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि कॉकपिट में कोई आग की चेतावनी (फायर वार्निंग) नहीं थी, लेकिन एहतियात के तौर पर इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया गया। एयरपोर्ट पर एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियों को अलर्ट पर रखा गया था। सभी यात्रियों को सुरक्षित विमान से उतार लिया गया है और उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
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24/02/26 |लुटियंस दिल्ली में ट्यूलिप उत्सव शुरू: तीन लाख फूलों से महका शांति पथ, नीदरलैंड की राजदूत ने किया प्रदर्शनी का उद्घाटन।
नई दिल्ली, 24 फरवरी (अभी) : राजधानी दिल्ली के लुटियंस जोन में बसंत ऋतु के आगमन के साथ ही ट्यूलिप के फूलों की छटा बिखर गई है। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) द्वारा आयोजित ट्यूलिप उत्सव के चौथे संस्करण का सोमवार को औपचारिक उद्घाटन किया गया।
इस भव्य कार्यक्रम में एनडीएमसी के चेयरमैन केशव चंद्रा, उपाध्यक्ष कुलजीत चहल और नीदरलैंड की राजदूत मारिसा गेरार्ड्स ने शिरकत की। शांति पथ पर खिले तीन लाख से अधिक ट्यूलिप के फूल न केवल पर्यटकों और स्थानीय लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, बल्कि यह भारत और नीदरलैंड के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और सांस्कृतिक मित्रता का भी प्रतीक हैं।
इस वर्ष के उत्सव की खास बात यह है कि एनडीएमसी ने आम जनता के लिए एक लाख ट्यूलिप बल्बों के गमले बिक्री के लिए उपलब्ध कराए हैं, ताकि लोग इस विदेशी सुंदरता को अपने घरों तक ले जा सकें।
शांति पथ के किनारे ट्यूलिप की विभिन्न प्रजातियों के साथ-साथ दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारकों के गौरवशाली इतिहास को दर्शाती एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह उत्सव पूरे फरवरी माह तक जारी रहेगा, जिससे दिल्लीवासियों को प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक ज्ञान का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
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भारत टैक्सी संवाद: अमित शाह ने रखा सारथियों को मालिक बनाने का विजन
आरएस अनेजा, 23 फरवरी नई दिल्ली - केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में भारत टैक्सी के सारथियों के साथ संवाद किया।
संवाद के दौरान केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि जो श्रम कर रहा है, उसे ही मुनाफा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य टैक्सी के मालिक को धनी बनाना है और सारथी ही मालिक हैं। शाह ने कहा कि सारथी भारत टैक्सी के मालिक हैं और मुनाफे में भी उनका हिस्सा होगा। सहकारिता मंत्री ने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में देश के प्रत्येक म्युनिसिपल कॉरपोरेशन में ‘भारत टैक्सी’ होगी।
अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी को देश की पांच बड़ी कोऑपरेटिव्स को मिलाकर खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि अब जैसे-जैसे सारथियों की संख्या बढ़ती जाएगी और जो भी सारथी इसमें पार्टनर बनना चाहेगा उसे 500 रूपए के शेयर लेने पर मालिकाना हक मिल जाएगा। श्री शाह ने कहा कि जब भारत टैक्सी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का चुनाव होगा, तब इसमें कुछ स्थान सारथियों के लिए भी आरक्षित रखे जाएंगे। जब सारथी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में आ जाएंगे तब वे स्वयं अन्य सारथियों के सभी हितों की रक्षा और चिंता करेंगे।
केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी का उद्देश्य किसी निजी कंपनी की तरह बड़ा मुनाफा कमाना नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी का उद्देश्य हमारे सारथी भाइयों को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी के शेयर सारथियों के पास हैं और मालिक भी सारथी ही हैं, इसीलिए भारत टैक्सी की नीतियां भी सारथी ही बनाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी सारथियों की अपनी कंपनी है और इसमें सहकार करना ही हमारा सिद्धांत होना चाहिए। भारत टैक्सी सारथियों की क्षमता का दोहन करेगी न कि उनका शोषण करेगी।
अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी की कुल कमाई में से बीस प्रतिशत भारत टैक्सी के अकाउंट में सारथियों की पूंजी के रूप में जमा हो जाएगा और अस्सी प्रतिशत पैसा टैक्सी कितने किलोमीटर चली है, उसके अनुसार वापस सारथियों के खाते में जाएगा। श्री शाह ने कहा कि शुरूआती 3 साल भारत टैक्सी के विस्तार में जाएंगे और उसके बाद जितना भी मुनाफा होगा, उसका बीस प्रतिशत भारत टैक्सी में रहेगा और अस्सी प्रतिशत सारथी भाइयों को वापस दे दिया जाएगा।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी की शुरूआत एक बड़ा कोऑपरेटिव आंदोलन है। उन्होंने कहा कि इसके तहत भारत टैक्सी सारथियों की टैक्सी को मॉर्गेज (Mortgage) करेगी और भारत टैक्सी ही उन्हें कोऑपरेटिव बैंक के माध्यम से कर्ज दिलाएगी।
अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी में कुछ भी छिपा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सारथियों को हर जानकारी नोटिफिकेशन के माध्यम से उपलब्ध कराकर ‘भारत टैक्सी’ दुनिया की सबसे पारदर्शी कैब सर्विस बनेगी। भारत टैक्सी में सारथियों की मिनिमम वायबिलिटी पर किलोमीटर की दर की एक बेस लाइन बनाकर काम होगा। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी में ऑटो के मूल्य, पेट्रोल की खपत और मिनिमम मुनाफे को मिलाकर एक बेस रेट होगा और इससे नीचे यह ऑपरेट नहीं करेगी। श्री शाह ने कहा कि भारत टैक्सी का लक्ष्य मुनाफा कमाना नहीं है क्योंकि सारथी ही इस कोऑपरेटिव का मालिक है।
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दैनिक खबर" प्रस्तुत करता है 22 फरवरी,2026 के प्रातः 10 बजे के समाचार,
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NHAI का बड़ा निर्णय: 1 अप्रैल 2026 से नेशनल हाईवे पर नकद टोल भुगतान पूरी तरह प्रतिबंधित, डिजिटल ट्रांजेक्शन अनिवार्य
नई दिल्ली, 21 फरवरी (अभी) : भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देश के परिवहन ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार आगामी 1 अप्रैल 2026 से देशभर के सभी नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर नकद भुगतान की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने की तैयारी कर रही है। इस नई नीति के लागू होने के बाद टोल टैक्स का भुगतान केवल डिजिटल माध्यमों से ही किया जा सकेगा। सरकार का लक्ष्य टोल सिस्टम को शत-प्रतिशत डिजिटल और 'कैशलेस' बनाकर यात्रा को अधिक सुगम और निर्बाध बनाना है।
टोल प्लाजा पर नकद भुगतान के कारण गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती हैं और खुले पैसों को लेकर यात्रियों व कर्मचारियों के बीच अक्सर विवाद की स्थिति बनी रहती है। एनएचएआई के आंकड़ों के अनुसार, कैश ट्रांजेक्शन में लगने वाला समय डिजिटल भुगतान के मुकाबले काफी अधिक होता है। डिजिटल भुगतान अनिवार्य होने से टोल बूथों पर वाहनों का ठहराव कम होगा, जिससे न केवल यात्रियों का कीमती समय बचेगा, बल्कि ईंधन की खपत में भी कमी आएगी।
नई व्यवस्था के तहत टोल प्लाजा पर भुगतान के लिए FASTag को प्राथमिक विकल्प के रूप में बनाए रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त, यात्रियों की सुविधा के लिए UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट वॉलेट के विकल्प भी उपलब्ध रहेंगे। यात्रियों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके वाहन पर लगा फास्टैग सक्रिय है और उसमें पर्याप्त बैलेंस उपलब्ध है। इस बदलाव से टोल संकलन में पारदर्शिता आएगी और राजस्व की लीकेज को भी रोका जा सकेगा। यह पहल प्रधानमंत्री के 'डिजिटल इंडिया' विजन को सड़कों पर उतारने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।
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18/02/26 |सिद्धू मूसेवाला की रेकी करने वाला शार्पशूटर 'बॉबी कबूतर' गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल को गुरुग्राम बॉर्डर पर मिली बड़ी कामयाबी
नई दिल्ली/गुरुग्राम, 18 फरवरी (अन्नू): दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट के खूंखार बदमाश 'बॉबी कबूतर' को दबोच लिया है। पुलिस ने इस इनामी अपराधी को दिल्ली-गुरुग्राम सीमा से उस वक्त गिरफ्तार किया, जब वह ठिकाना बदलने की फिराक में था। बॉबी कबूतर न केवल सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की साजिश में शामिल रहा है, बल्कि वह दिल्ली और उत्तर प्रदेश में मकोका (MCOCA) और एनआईए (NIA) द्वारा दर्ज कई संगीन मामलों में भी वांछित था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या को अंजाम देने से पहले बॉबी कबूतर ने ही इलाके की टोह ली थी। वह अपने साथी गैंगस्टर शाहरुख के साथ मिलकर मूसेवाला की रेकी करने पंजाब गया था। वारदात से कुछ समय पहले रेकी करने के बाद वह पुलिस को चकमा देकर फरार होने में कामयाब रहा था। बॉबी कबूतर को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सबसे खतरनाक गैंगस्टरों में गिना जाता है, जिसके ऊपर हत्या, फिरौती और जानलेवा हमले जैसे दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं।
हाल ही में हुए चर्चित 'नदीम ब्रदर्स' हत्याकांड में भी बॉबी कबूतर की मुख्य भूमिका सामने आई थी। बताया जा रहा है कि उस दोहरे हत्याकांड में इस बदमाश ने अंधाधुंध फायरिंग की थी और सबसे ज्यादा गोलियां बरसाई थीं। स्पेशल सेल को लंबे समय से इसकी तलाश थी, क्योंकि वह लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के इशारे पर दिल्ली-एनसीआर में संगठित अपराध का नेटवर्क चला रहा था।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि बॉबी कबूतर की गिरफ्तारी से मूसेवाला हत्याकांड की साजिश के कई अनसुलझे पहलू सामने आ सकते हैं। फिलहाल उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है, ताकि बिश्नोई गैंग के आगामी मंसूबों और उनके छिपने के ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। इस गिरफ्तारी को दिल्ली पुलिस के लिए अंडरवर्ल्ड और गैंगवार के खिलाफ एक बड़ी जीत माना जा रहा है।
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17/02/26 |लश्कर-ए-तैयबा के मददगारों को 15 साल की जेल: दिल्ली की अदालत ने आतंकी साजिश में दो दोषियों को सुनाई कड़ी सजा
नई दिल्ली, 17 फ़रवरी (अन्नू): दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने आतंकवाद के विरुद्ध एक कड़ा संदेश देते हुए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े दो मददगारों को 15-15 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष एनआईए न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के निवासी जहूर अहमद पीर और नजीर अहमद पीर को इस प्रतिबंधित संगठन के पाकिस्तानी आतंकी बहादुर अली की सहायता करने का दोषी पाया। इन दोनों ने न केवल आतंकी को सुरक्षित पनाह दी, बल्कि उसे भोजन और अन्य साजो-सामान (लॉजिस्टिक) उपलब्ध कराने में भी मुख्य भूमिका निभाई थी।
न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष ने आरोपों को संदेह से परे साबित कर दिया है। दोषियों को यूएपीए (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई गई है, जिनमें धारा 18 और 19 के तहत 15-15 वर्ष और धारा 39 के तहत 9 वर्ष की कैद शामिल है। ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी, जिसके चलते उन्हें कुल 15 साल जेल में बिताने होंगे। इसके अतिरिक्त, अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने 18 दिसंबर 2025 को ही इन्हें दोषी करार दे दिया था, क्योंकि रिकॉर्ड पर इनकी बेगुनाही का कोई सबूत नहीं मिला।
यह पूरा मामला जुलाई 2016 का है, जब एनआईए (NIA) ने भारत में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रचने के आरोप में केस दर्ज किया था। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि लश्कर का आतंकी बहादुर अली, अत्याधुनिक हथियारों और संचार उपकरणों के साथ कुपवाड़ा के रास्ते भारत में दाखिल हुआ था। जहूर और नजीर ने पूरी जानकारी होने के बावजूद उसे सुरक्षित ठिकाना मुहैया कराया और घाटी में उसके संपर्कों को मजबूत करने में मदद की। इन दोनों को सितंबर 2017 में गिरफ्तार किया गया था और अब लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद उन्हें उनके किए की सजा मिली है।
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CBSE बोर्ड परीक्षाओं का आगाज़: आज से 43 लाख छात्र देंगे परीक्षा, सुरक्षा और अनुशासन के कड़े इंतजाम
नई दिल्ली, 17 फ़रवरी (अन्नू): केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षाएं आज यानी मंगलवार से देशभर में शुरू हो गई हैं। शिक्षा जगत के इस सबसे बड़े आयोजन में इस वर्ष 43 लाख से अधिक विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। कक्षा 10वीं के छात्र आज गणित (बेसिक और स्टैंडर्ड) के साथ अपनी परीक्षा की शुरुआत करेंगे, जबकि 12वीं कक्षा के लिए बायोटेक्नोलॉजी, उद्यमिता और शॉर्टहैंड जैसे विषयों के पेपर निर्धारित किए गए हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो 10वीं कक्षा में लगभग 25.08 लाख और 12वीं में 18.59 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिनमें छात्र और छात्राओं की भागीदारी का उत्साह देखते ही बनता है।
परीक्षाओं को सुचारू और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए बोर्ड ने देशभर में कुल 15,649 परीक्षा केंद्र स्थापित किए हैं। परीक्षा का समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक तय किया गया है, लेकिन अनुशासन को प्राथमिकता देते हुए बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सुबह 10:00 बजे के बाद किसी भी छात्र को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। छात्रों को प्रश्नपत्र को अच्छी तरह समझने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी प्रदान किया जाएगा। संवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के जरिए पैनी नजर रखी जा रही है और मोबाइल या किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
परीक्षा के तनाव को कम करने के लिए विशेषज्ञों और प्रधानाचार्यों ने छात्रों को खास सलाह दी है। माउंट आबू पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य ज्योति अरोड़ा के अनुसार, सफलता का असली आधार अनुशासन, ईमानदारी और संयम है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया है कि वे प्रश्नपत्र को शांत मन से हल करें और मुख्य बिंदुओं को रेखांकित करते हुए स्पष्ट उत्तर लिखें। परीक्षा के दौरान घबराने के बजाय समय का सही प्रबंधन करना और उत्तर पुस्तिका को अंत में दोबारा जांचना बेहद जरूरी है। साथ ही, बेहतर फोकस के लिए छात्रों को ध्यान (Meditation) लगाने और पर्याप्त नींद लेने की सलाह भी दी गई है।
अभिभावकों और शिक्षकों से भी अनुरोध किया गया है कि वे इस समय छात्रों का मनोबल बढ़ाते रहें। यदि किसी परीक्षा में कुछ कमी रह जाए, तो उसे तनाव का कारण न बनने दें और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ें। बोर्ड का मानना है कि विद्यार्थी जितना तनावमुक्त रहकर परीक्षा देंगे, उनके परिणाम उतने ही बेहतर होंगे।#CBSEBoardExams2026 #ExamSeason #StudentLife #EducationIndia #CBSE10th12th #ExamTips #SuccessMindset #BoardExams
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रेवाड़ी की चहक यादव ने प्रतिभा और मेहनत के बल पर जीता रजत पदक
चंडीगढ़, 15 फरवरी (अभी) : नई दिल्ली स्थित डा. करनी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित एशियन राइफल/शूटिंग चैंपियनशिप-2026 में रेवाड़ी जिले की चहक यादव ने स्वर्ण पदक हासिल किया है। रेवाड़ी के पी एम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की बारहवीं कक्षा की छात्रा सुश्री चहक यादव ने 10 मीटर ऐयर पिस्टल यूथ महिला वर्ग में 600 में से 574 अंक हांसिल कर रजत पदक और भारतीय टीम की प्रतिभागी के रूप में यह स्वर्ण पदक हासिल किया है। इस उपलब्धि से चहक यादव ने ना केवल अपने जिला रेवाड़ी अपितु हरियाणा व देश का नाम रोशन किया है। चहक यादव हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत सुनील कुमार की पुत्री है।
डा. करनी सिंह शूटिंग रेंज नई दिल्ली में आयोजित एशियन राइफल/शूटिंग चैंपियनशिप-2026 में एशिया महाद्वीप के 20 देशों के लगभग 300 खिलाड़ियों ने अलग-अलग वर्गों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह जानकारी चहक यादव के कोच श्री रमन राव ने दी। उन्होंने बताया कि चहक यादव बारह वर्ष की आयु से उनकी शूटिंग स्पोर्ट्स अकेडमी में शूटिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है।
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नई दिल्ली-अंबाला रेल लाइन: ₹5,983 करोड़ की लागत से बिछेंगे 194 किमी लंबे दो नए ट्रैक, सेना और यात्रियों को बड़ी राहत
नई दिल्ली/अंबाला, 14 फरवरी (अभी) : केंद्र सरकार ने रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए दिल्ली से अंबाला के बीच नई रेल लाइन बिछाने की मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में इस 194 किलोमीटर लंबी परियोजना पर मुहर लगाई गई। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रोजेक्ट न केवल आम यात्रियों के सफर को आसान बनाएगा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों के लिहाज से भी एक गेम-चेंजर साबित होगा।
रणनीतिक महत्व और क्षेत्रीय लाभ: 5,983 करोड़ रुपये की लागत वाली यह नई रेल लाइन दिल्ली से जम्मू तक एक रणनीतिक कॉरिडोर के रूप में कार्य करेगी। हरियाणा में यह लाइन सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र और अंबाला जिलों से होकर गुजरेगी। इस रूट पर पड़ने वाले 32 रेलवे स्टेशनों की क्षमताओं और सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। सैन्य दृष्टिकोण से यह लाइन बेहद खास है, क्योंकि यह दिल्ली से जम्मू और सीमावर्ती क्षेत्रों तक सेना की टुकड़ियों और भारी साजो-सामान की आवाजाही को अधिक तेज और सुगम बनाएगी। इसके अतिरिक्त, इस कॉरिडोर से हर साल लगभग 43 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।
परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका त्वरित क्रियान्वयन है। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि इस कार्य को अगले 4 वर्षों में पूरा कर लिया जाएगा। खास बात यह है कि इस नई लाइन के लिए सरकार को बड़े पैमाने पर निजी भूमि के अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि अधिकांश निर्माण कार्य रेलवे की अपनी मौजूदा खाली जमीन पर ही किया जाएगा। प्रोजेक्ट के तहत मार्ग में एक मुख्य बड़ा पुल और 28 अन्य महत्वपूर्ण पुलों का निर्माण किया जाएगा, जबकि पुराने पुलों का नवीनीकरण होगा। यह मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट दिल्ली-चंडीगढ़ मार्ग पर भीड़भाड़ को कम करेगा और भारतीय रेलवे की परिचालन क्षमता में भारी सुधार लाएगा।
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भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक धमक: अब 56 देशों में मिलेगी 'वीजा फ्री' एंट्री
जे कुमार नई दिल्ली 14 फरवरी 2026 : वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती कूटनीतिक शक्ति का असर अब भारतीय पासपोर्ट पर भी साफ दिखने लगा है। लेटेस्ट हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट ने शानदार सुधार करते हुए दुनिया के शक्तिशाली पासपोर्ट्स की सूची में 75वां स्थान हासिल कर लिया है। पिछले साल की तुलना में भारत की रैंकिंग में 10 पायदानों का बड़ा उछाल आया है। इस सुधार के साथ अब भारतीय नागरिक दुनिया के 56 देशों में बिना किसी पूर्व वीजा झंझट के यात्रा कर सकेंगे।
इस सूची में शामिल 56 गंतव्यों में 'वीजा-फ्री' एंट्री के साथ-साथ 'वीजा-ऑन-अराइवल' और 'इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन' (eTA) की सुविधाएं शामिल हैं। थाईलैंड, मलेशिया, श्रीलंका, कजाकिस्तान और केन्या जैसे लोकप्रिय पर्यटन देशों ने भारतीय यात्रियों के लिए अपनी वीजा नीतियों में ढील दी है, जिससे विदेश यात्रा न केवल आसान बल्कि सस्ती भी हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भारत के मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों और पर्यटन समझौतों के कारण भारतीय पासपोर्ट की साख लगातार बढ़ रही है।
रैंकिंग में इस सुधार का सीधा फायदा भारतीय पर्यटकों और बिजनेस ट्रैवलर्स को मिलेगा, जिन्हें अब लंबी वीजा प्रक्रियाओं और दूतावासों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। गौरतलब है कि इस इंडेक्स में सिंगापुर पहले स्थान पर है, जबकि जापान और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर काबिज हैं। भारत की इस उपलब्धि ने अफ्रीकी और कैरिबियाई देशों में भी पहुंच को आसान बनाया है, जो भारतीय पर्यटन उद्योग के लिए नए द्वार खोल रहा है। सरकार के निरंतर प्रयासों और 'लुक ईस्ट' व 'लुक अफ्रीका' जैसी नीतियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय यात्रियों की गतिशीलता (Global Mobility) को एक नई ऊंचाई प्रदान की है।
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14/02/26 |दिल्ली के उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन का नाम अब हुआ ‘सेवा तीर्थ’, राजधानी को मिली एक और सांस्कृतिक झलक
चंडीगढ़, 14 फरवरी (अभी) : दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में एक बड़ा और गौरवशाली बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने ‘उद्योग भवन’ मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर अब ‘सेवा तीर्थ’ (या सेवा तीर्थ भवन) कर दिया है। यह घोषणा केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के उद्घाटन समारोह के दौरान की गई। यह स्टेशन येलो लाइन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो केंद्रीय सचिवालय और लोक कल्याण मार्ग जैसे प्रमुख प्रशासनिक केंद्रों को जोड़ता है।
यह बदलाव केवल एक नाम का परिवर्तन नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन का हिस्सा है जिसमें उन्होंने नए पीएमओ परिसर का नाम 'सेवा तीर्थ' रखा है। यह परिसर अब प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय का भी ठिकाना है। सरकार का मानना है कि 'सेवा तीर्थ' और इसके साथ जुड़े 'कर्तव्य भवन' (1 और 2) भारत की 'विकसित भारत' की ओर बढ़ती यात्रा और नागरिक-केंद्रित शासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के प्रतीक हैं।
गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह में दिल्ली मेट्रो में यह दूसरा बड़ा नाम परिवर्तन है। इससे पहले पिंक लाइन पर स्थित ‘मयूर विहार पॉकेट-1’ स्टेशन का नाम बदलकर ‘श्री राम मंदिर मयूर विहार’ किया गया था, ताकि यात्रियों के बीच होने वाले भ्रम को दूर किया जा सके और स्थानीय धार्मिक पहचान को सम्मान दिया जा सके। इसके अलावा रेड लाइन के ‘पीतमपुरा’ स्टेशन का नाम भी बदलकर अब ‘मधुबन चौक’ कर दिया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने इन नए नामों के साथ स्टेशन बोर्ड, अनाउंसमेंट सिस्टम और डिजिटल मैप को अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे शहर की परिवहन पहचान अब आधुनिकता और विरासत के अनूठे संगम के रूप में उभर रही है।
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रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन के टॉयलेट में मिला युवक का शव; सिर पर चोट के निशान से हत्या की आशंका
हरियाणा/रेवाड़ी, 13 फ़रवरी (अन्नू ): हरियाणा के रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार की सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब दिल्ली से आई एक पैसेंजर ट्रेन के शौचालय में एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ। यह घटना सुबह करीब 6:05 बजे की है, जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आकर रुकी थी। ट्रेन के रुकने के बाद जब एक यात्री शौचालय का उपयोग करने गया, तो अंदर युवक को बेसुध पड़ा देख उसके होश उड़ गए। यात्री ने तुरंत इसकी सूचना अन्य यात्रियों और रेलवे प्रशासन को दी, जिसके बाद राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
मृतक युवक की उम्र लगभग 28 वर्ष बताई जा रही है। शुरुआती जांच में पुलिस को युवक के सिर पर गहरे जख्म और चोट के निशान मिले हैं, जिससे प्रथम दृष्टया यह मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। जीआरपी ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सिर की चोटें इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि युवक के साथ मारपीट की गई या किसी भारी वस्तु से हमला किया गया है।
जीआरपी थाना प्रभारी (एसएचओ) कृष्ण कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि युवक दिल्ली से ही ट्रेन में सवार हुआ था या रास्ते में किसी अन्य स्टेशन से चढ़ा था। शिनाख्त के लिए आसपास के थानों और दिल्ली पुलिस से भी संपर्क साधा जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तथ्यों और चोट के निशानों को देखते हुए हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की जा रही है।
इस घटना के बाद स्टेशन पर यात्रियों के बीच काफी डर का माहौल देखा गया। पुलिस अब ट्रेन के कोच में सफर कर रहे अन्य यात्रियों से पूछताछ करने और स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की योजना बना रही है ताकि इस संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझाई जा सके।
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12/02/26 |"वंदे मातरम के सभी 6 छंद अनिवार्य: ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने फैसले को सराहा, बोले - शहीदों के बलिदान को मिला असली सम्मान"
चंडीगढ़, 12 फरवरी - केंद्र सरकार द्वारा सभी सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों व महत्वपूर्ण आयोजनों में वंदेमातरम के सभी छह छंद बजाना अनिवार्य करने पर प्रतिक्रिया देते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि यह बहुत अच्छा कार्य किया है। वंदेमातरम जिसे गाते हुए अनेकों स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना बलिदान दिया, उसे मान्यता मिली है और अनिवार्य किया गया है कि हर सरकारी कार्यक्रम में इसको गाया जाए।
वहीं एआईएमआईएम नेता द्वारा वंदेमातरम गीत को लेकर किए गए विरोध पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि देश हित पर कोई भी बात होगी तो औवेसी साहब उसपर जरूर बोलेंगे। ये जब हमारे क्रांतिकारियों ने गाए, देशभक्तों व बलिदानियों ने गाए तो तब क्या यह ठीक नहीं था और आज यह गलत हो गया।
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12/02/26 |दिल्ली के स्कूलों में सुरक्षा के नए मानक: बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने उठाए सख्त कदम
नई दिल्ली, 12 फरवरी (अभी) : राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न स्कूलों को हाल ही में मिली बम से उड़ाने की धमकियों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के बाद दिल्ली के शैक्षणिक संस्थानों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन किए हैं। दिल्ली पुलिस और शिक्षा निदेशालय के निर्देशों के बाद स्कूलों ने 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति अपनाते हुए बहुस्तरीय सुरक्षा चक्र तैयार किया है, ताकि छात्र और अभिभावक दोनों खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
सुरक्षा के नए मानकों के तहत, स्कूलों के मुख्य द्वारों पर सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है। विशेष रूप से सुबह बच्चों के आने (Pick-up) और दोपहर में छुट्टी (Drop-off) के समय 'मल्टी-लेयर चेकिंग' अनिवार्य कर दी गई है। अब किसी भी आगंतुक को बिना वैध सरकारी पहचान पत्र और पूर्व अनुमति के स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। स्कूलों ने डिजिटल विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया है, जिससे हर आने-जाने वाले का रियल-टाइम रिकॉर्ड रखा जा सके।
केवल भौतिक सुरक्षा ही नहीं, बल्कि छात्रों को मानसिक रूप से भी जागरूक किया जा रहा है। स्कूलों में विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं जहाँ बच्चों को सिखाया जा रहा है कि वे अकेले होने पर या सड़क पर चलते समय मोबाइल फोन का अनावश्यक उपयोग न करें, ताकि उनका ध्यान भटकाकर कोई अप्रिय घटना न घट सके। उन्हें किसी भी अनजान व्यक्ति से दूरी बनाने और संदिग्ध स्थिति में तुरंत शोर मचाकर या पास के किसी विश्वसनीय व्यक्ति से मदद मांगने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों के लिए भी नए नियम जारी किए हैं। अब बच्चों को छुट्टी के समय लेने आने वाले परिजनों या ड्राइवरों के पास स्कूल द्वारा जारी 'अथॉरिटी कार्ड' होना अनिवार्य है। बिना कार्ड के किसी भी बच्चे को स्कूल परिसर से बाहर नहीं भेजा जा रहा है। साथ ही, अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे बम की अफवाहों जैसी स्थितियों में पैनिक न करें और केवल स्कूल या पुलिस के आधिकारिक संदेशों पर ही भरोसा करें।
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल उन फर्जी ईमेल और कॉल के स्रोतों की भी जांच कर रही है जिन्होंने पिछले कुछ दिनों में राजधानी के स्कूलों में दहशत का माहौल पैदा किया था। पुलिस का कहना है कि स्कूलों के आसपास पीसीआर वैन की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।
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12/02/26 |दिल्ली में एमसीडी का बड़ा एक्शन: छतरपुर और सैदुलाजाब में चला बुलडोजर, अवैध व्यावसायिक निर्माण किए गए ध्वस्त
नई दिल्ली, 12 फरवरी (अभी) : दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर और सैदुलाजाब इलाकों में दिल्ली नगर निगम ने अवैध निर्माणों और अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बुधवार को एमसीडी के साउथ जोन के बिल्डिंग विभाग ने 100 फुटा रोड पर स्थित कई प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पास बने अवैध ढांचों को तीन भारी बुलडोजर की मदद से जमींदोज कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और मौके पर दिल्ली पुलिस के जवानों की भारी मौजूदगी रही ताकि किसी भी विरोध की स्थिति को संभाला जा सके।
निगम की इस कार्रवाई की चपेट में कई बड़े नाम और उनके आसपास के निर्माण आए। अधिकारियों ने बताया कि हल्दीराम के पास स्थित संपत्ति, नाथू स्वीट्स के सामने बने अवैध ढांचे, अग्रवाल धर्मशाला के नजदीक किए गए निर्माण और डोमिनोज व रुद्रांश के आसपास के अवैध हिस्सों को पूरी तरह हटा दिया गया है। इसके अलावा न्यूमैटिक हैमर, गैस कटर और बड़े हथौड़ों का उपयोग करके उन पक्के निर्माणों को भी तोड़ा गया जो सड़क की जमीन पर कब्जा करके बनाए गए थे।
एमसीडी अधिकारियों के अनुसार, इन क्षेत्रों में अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिससे न केवल ट्रैफिक की समस्या पैदा हो रही थी बल्कि नियमों का भी उल्लंघन हो रहा था। कार्रवाई से पहले संबंधित प्रतिष्ठानों और भू-मालिकों को निर्धारित नियमों के तहत कानूनी नोटिस दिए गए थे, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने और निर्माण न हटाए जाने के कारण यह अभियान चलाया गया। निगम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना मंजूरी के किए गए निर्माणों और सार्वजनिक जमीन पर कब्जे के खिलाफ आने वाले दिनों में भी इसी तरह की सख्ती जारी रहेगी।
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ऐतिहासिक संशोधन: अब मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) को मिला 'एक्स-सर्विसमैन' का आधिकारिक दर्जा, नौकरियों में मिलेगा आरक्षण का लाभ
आरएस अनेजा, 10 फरवरी नई दिल्ली - सरकार ने संविधान के आर्टिकल 309 के तहत एक्स-सर्विसमैन (सेंट्रल सिविल सर्विसेज़ और पोस्ट्स में री-एम्प्लॉयमेंट) अमेंडमेंट रूल्स 2026 को नोटिफाई किया है।
यह मुख्य बदलाव रूल 2(c)(i) को बदलता है ताकि सेंट्रल सिविल सर्विसेज़ में एक्स-सर्विसमैन री-एम्प्लॉयमेंट के डेफिनिशन फ्रेमवर्क में उन लोगों को साफ तौर पर शामिल किया जा सके जिन्होंने रेगुलर आर्मी, नेवी या एयर फ़ोर्स के साथ-साथ इंडियन यूनियन की मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) में किसी भी रैंक पर, चाहे वे कॉम्बैटेंट हों या नॉन-कॉम्बैटेंट, सेवा की हो।
इस कदम से पहले की यह कन्फ्यूजन दूर हो गई है कि क्या MNS ऑफिसर, जो कमीशन्ड ऑफिसर हैं, दूसरे वेटरन्स की तरह ही री-एम्प्लॉयमेंट बेनिफिट्स के हकदार थे। यह अमेंडमेंट री-एम्प्लॉयमेंट रूल्स के तहत MNS कर्मचारियों को ऑफिशियली मान्यता देता है, और पूर्व डिफेंस कर्मचारियों के एक बड़े हिस्से के लिए रिहैबिलिटेशन और दूसरे करियर के मौकों को मजबूत करता है।
रूल 2, क्लॉज़ (c) अमेंडमेंट के तहत, ‘एक्स-सर्विसमैन’ की डेफ़िनिशन में अब रेगुलर आर्मी, नेवी और एयर फ़ोर्स के साथ ‘इंडियन यूनियन की मिलिट्री नर्सिंग सर्विस’ को साफ़ तौर पर लिस्ट किया गया है। यह रूल किसी भी ऐसे व्यक्ति पर लागू होता है जिसने किसी भी रैंक पर, चाहे वह कॉम्बैटेंट हो या नॉन-कॉम्बैटेंट, सेवा की हो। यह अमेंडमेंट 09 फरवरी, 2026 को इसके पब्लिकेशन के तुरंत बाद लागू हो गया।
यह अमेंडमेंट ऑफिशियली MNS कर्मचारियों को ये सुविधाएँ देता है:
रिज़र्वेशन कोटा: ग्रुप 'C' में 10% और ग्रुप 'D' सेंट्रल गवर्नमेंट पोस्ट में 20%।
एज रिलैक्सेशन: सिविल जॉब एलिजिबिलिटी के लिए उनकी असली उम्र में से मिलिट्री सर्विस के साल और 3 साल घटाने की एबिलिटी।
एम्प्लॉयमेंट प्रायोरिटी: यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन और स्टाफ़ सिलेक्शन कमीशन की नज़र में दूसरे एक्स-सर्विसमैन के बराबर दर्जा।
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नेशनल मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड कल विज्ञान भवन, नई दिल्ली में मेडिसिनल प्लांट्स पर चिंतन शिविर लगाएगा
आरएस अनेजा, 10 फरवरी नई दिल्ली - आयुष मंत्रालय का नेशनल मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड (NMPB) 11 फरवरी 2026 को देश में मेडिसिनल प्लांट्स सेक्टर से जुड़ी खास पॉलिसी, रिसर्च और उन्हें लागू करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मेडिसिनल प्लांट्स पर एक चिंतन शिविर आयोजित करेगा।
उद्घाटन सेशन में आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल होंगे। आयुष मंत्रालय के सेक्रेटरी वैद्य राजेश कोटेचा गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर शामिल होंगे। आयुष मंत्रालय की एडिशनल सेक्रेटरी और फाइनेंशियल एडवाइजर होवेदा अब्बास स्पेशल गेस्ट के तौर पर मौजूद रहेंगी।
चिंतन शिविर के बाद बोर्ड मीटिंग होगी, साथ ही टेक्निकल सेशन और पैनल डिस्कशन होंगे जिनमें एक्सपर्ट, पॉलिसीमेकर, रिसर्चर, इंडस्ट्री के प्रतिनिधि और दूसरे स्टेकहोल्डर शामिल होंगे। चर्चा में पॉलिसी फ्रेमवर्क को मजबूत करने, रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने और मेडिसिनल प्लांट्स सेक्टर में उन्हें लागू करने की चुनौतियों को हल करने पर फोकस किया जाएगा।
चिंतन शिविर से उम्मीद है कि यह पॉलिसी में दखल, रिसर्च को आगे बढ़ाने और संस्थाओं को मज़बूत करने के लिए ज़रूरी एरिया की पहचान करके औषधीय पौधों के सेक्टर को स्ट्रेटेजिक दिशा देगा। बातचीत के नतीजे खेती, बचाव, वैल्यू एडिशन और मार्केट लिंकेज को बढ़ाने के लिए एक कोऑर्डिनेटेड और आगे की सोच वाला रोडमैप बनाने में मदद करेंगे, जिससे आयुष इकोसिस्टम और मज़बूत होगा और सेक्टर की सस्टेनेबल ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा।
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दैनिक खबर पर प्रस्तुत हैं आज 10 फरवरी, 2026 के प्रातः 10 बजे के ताज़ा समाचार
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पश्चिमी वायु कमान ने उच्च स्तरीय संयुक्त अभियान सम्मेलन की मेजबानी की: सर्वक्षेत्रीय संयुक्त अभियान (एडीजेओ) अभ्यास 2026 की रूपरेखा
आरएस अनेजा, 7 फरवरी नई दिल्ली - पश्चिमी वायु कमान मुख्यालय ने सर्वक्षेत्र संयुक्त अभियान (एडीजेओ) अभ्यास 2026 के ढांचे के अंतर्गत उच्च स्तरीय संयुक्त अभियान सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य युद्ध के परिचालन स्तर पर अंतर-सेवा और अंतर-सेवा समन्वय को मजबूत करना था, ताकि तेजी से जटिल होते बहु-क्षेत्रीय वातावरण में भारतीय रक्षा बलों की संयुक्त परिचालन क्षमताओं को सुदृढ़ किया जा सके। विचार-विमर्श में एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय (आईडीएस), भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी (डीएसए) और रक्षा खुफिया एजेंसी (डीआईए) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ नेतृत्व ने भाग लिया।
पश्चिमी वायु कमान के वरिष्ठ वायु सेना अधिकारी, एयर मार्शल जेएस मान ने अपने उद्घाटन भाषण में समकालीन और भविष्य के संघर्षों में संयुक्तता और एकीकृत युद्ध क्षमता के महत्व पर बल दिया। उन्होंने वायु, भूमि, समुद्र, अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्रों में निर्बाध एकीकरण प्राप्त करने वाले सर्वक्षेत्रीय परिचालन दृष्टिकोण की आवश्यकता का उल्लेख किया, जिससे चुनौतीपूर्ण और प्रतिबंधित वातावरण में निर्णायक परिणाम प्राप्त हो सकें। इसके अलावा, उन्होंने सेवाओं के बीच अंतर-संचालनीयता बढ़ाने, क्षेत्र-निरपेक्ष निर्णय लेने की प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने, सेंसर से शूटर तक के संबंधों को मजबूत करने और अधिक दक्षता और प्रभावशीलता के लिए परिचालन प्रक्रियाओं को परिष्कृत करने पर बल दिया।
एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने एडीजेओ 2026 सम्मेलन को संबोधित किया और एकीकृत योजना, खुफिया जानकारी साझा करने और क्षमता प्राथमिकीकरण के लिए संयुक्त व्यवस्था को संस्थागत रूप देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने भविष्य की आकस्मिक स्थितियों के लिए व्यापक परिचालन तत्परता को मजबूत करने के लिए सुसंगत अंतर-सेवा प्रतिक्रियाओं और क्षमता अंतराल की संरचित पहचान पर बल दिया।
उन्होंने सेवाओं के बीच तालमेल बिठाने और एकीकृत परिचालन परिणाम देने के लिए सर्वक्षेत्रीय एकीकरण को आगे बढ़ाने के महत्व पर बल दिया। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने मजबूत एकीकृत परिचालन क्षमता और सतत रणनीतिक तत्परता के निर्माण के लिए त्वरित सैद्धांतिक विकास और तीनों सेनाओं के संसाधनों के समन्वय का समर्थन किया।
सम्मेलन के समापन पर, पश्चिमी वायु कमान के वायु अधिकारी कमान-इन-चीफ, एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने एक व्यापक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर से प्राप्त महत्वपूर्ण सबकों का हवाला देते हुए भविष्य के युद्ध संचालन पर उनके दूरगामी प्रभावों की व्याख्या की। उन्होंने निर्णायक रणनीतिक प्रभाव उत्पन्न करने में वायु शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका, आक्रामक हवाई अभियानों के साथ सतही युद्धाभ्यास के समन्वय की अनिवार्यता और स्टैंड-ऑफ हथियारों के उपयोग से प्राप्त रणनीतिक लाभ पर जोर दिया।
एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने 1971 के युग की विशेषता वाले पारंपरिक घर्षण-आधारित मॉडल और प्रभाव-आधारित संचालन ढांचे से हटकर एक अधिक चुस्त, अनुकूलनीय और पूर्णतः एकीकृत संयुक्त युद्ध प्रतिमान की ओर दृढ़ बदलाव का समर्थन किया। उन्होंने मौजूदा क्षमता अंतराल की पहचान करने और उन्हें पाटने, सभी क्षेत्रों में अभिसरण को सुदृढ़ करने और सर्व-क्षेत्रीय युद्धक्षेत्र में समन्वित, प्रभाव-संचालित प्रतिक्रियाओं के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने की अनिवार्यता पर विशेष ध्यान दिलाया।
सर्वक्षेत्रीय संयुक्त अभियान अभ्यास 2026 एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों के संपूर्ण दायरे में सफलता प्राप्त करने में सक्षम, वास्तव में अंतर-संचालनीय और भविष्य के लिए तैयार संयुक्त बल के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाने की संभावना है। यह पहल राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए संयुक्तता, परिचालन तालमेल और निरंतर अनुकूलन के सिद्धांत के प्रति भारतीय रक्षा बलों की अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने फकीर मोहन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लिया
आरएस अनेजा, 3 फरवरी नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज ओडिशा के बालासोर में फकीर मोहन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लिया और उसे संबोधित किया। उन्होंने इसके नए सभागार का उद्घाटन किया।
राष्ट्रपति ने इस अवसर पर व्यासकवि फकीर मोहन सेनापति जी को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि अपने विद्यार्थी जीवन के दौरान वे उनकी कालजयी कहानी 'रेवती' से अत्यंत प्रभावित थीं। यह प्रभाव आज भी अमिट है। 19वीं शताब्दी में एक लड़की का शिक्षा प्राप्त करने का दृढ़ संकल्प उनकी हिम्मत का अमिट प्रमाण है। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक दूरस्थ जनजातीय गांव में पढ़ाई की और अपने दृढ़ निश्चय के बल पर भुवनेश्वर गईं, जहां उन्होंने अपनी हाई स्कूल और कॉलेज की शिक्षा पूरी की। इस प्रकार, फकीर मोहन जी उनके लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि फकीर मोहन जी को अपनी मातृभाषा से गहरा प्रेम था। उन्होंने लिखा था, "मेरी मातृभाषा मेरे लिए सर्वोपरि है।" उन्होंने कहा कि मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अपने परिवेश, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक परिवेश को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है। वे अपनी सभ्यता के मूल्यों और जीवनशैली से भलीभांति परिचित हो जाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 मातृभाषा के महत्व पर बल देती है और विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने के लिए मार्गदर्शन करती है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की ज्ञान की समृद्ध परंपरा है। हमारे शास्त्र और पांडुलिपियां ज्ञान और बुद्धिमत्ता से परिपूर्ण हैं। कविता और साहित्य के अलावा, वे विज्ञान, चिकित्सा, खगोल विज्ञान और वास्तुकला जैसे क्षेत्रों में भी ज्ञान का स्रोत हैं। युवा छात्र इस प्राचीन ज्ञान परंपरा में शोध कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अतीत को समझकर और वर्तमान को आत्मसात करके छात्र अपना और देश का भविष्य संवार सकते हैं।
राष्ट्रपति ने स्नातक छात्रों को बधाई दी और कहा कि ज्ञान, लगन और प्रतिबद्धता के बल पर वे समाज में सम्मान और पहचान हासिल कर सकते हैं। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे जहाँ भी जाएँ और जो भी करें, हर प्रयास में सफलता की कुंजी समर्पण है। उन्होंने कहा कि सफल जीवन और सार्थक जीवन एक समान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सफल जीवन अच्छा है, लेकिन जीवन को सार्थक बनाना उससे भी बेहतर है। उन्होंने कहा कि प्रसिद्धि, प्रतिष्ठा और आर्थिक सुरक्षा प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, लेकिन दूसरों के लिए भी कुछ करना चाहिए। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे विकास की राह में पीछे रह गए लोगों की मदद करें। उन्होंने कहा कि समाज का विकास सभी के विकास में निहित है।
राष्ट्रपति ने यह देखकर प्रसन्नता व्यक्त की कि फकीर मोहन विश्वविद्यालय अकादमिक अध्ययन के साथ-साथ अनुसंधान और लोकसंपर्क कार्यक्रमों को भी महत्व देता है। उन्होंने कहा कि बालासोर-भद्रक क्षेत्र धान, पान और मछली के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने इन क्षेत्रों में अनुसंधान और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए विश्वविद्यालय की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के 'बैक टू स्कूल', 'कमाओ और सीखो', 'हर व्यक्ति एक दूसरे को सिखाए' जैसे कार्यक्रम और पर्यावरण जागरूकता एवं समुद्र तट सफाई कार्यक्रम प्रशंसनीय हैं। बालासोर और भद्रक के समुद्र तटों पर नीले केकड़े बहुतायत में पाए जाते हैं, ऐसे में नीले केकड़ों या हॉर्सशू केकड़ों पर अनुसंधान केंद्र की स्थापना विश्वविद्यालय की दूरदर्शिता को दर्शाती है।
राष्ट्रपति ने कहा कि समाज के सभी वर्गों की वृद्धि, सुरक्षा और तकनीकी विकास से देश की प्रगति में तेजी आएगी। इस क्षेत्र में देश के सभी विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। समावेशी विकास, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन के उत्प्रेरक के रूप में कार्य करने की विश्वविद्यालयों की विशेष जिम्मेदारी है। आलोचनात्मक सोच, नैतिक नेतृत्व और स्थानीय एवं वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने वाले अनुसंधान को बढ़ावा देकर उच्च शिक्षा संस्थान एक ऐसे भविष्य का निर्माण कर सकते हैं जो टिकाऊ, न्यायसंगत और मानवीय मूल्यों पर आधारित हो। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि फकीर मोहन विश्वविद्यालय अपनी शैक्षणिक दृष्टि और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से इस दिशा में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगा।
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नरेला में फ्लैट आवंटन हेतु डीडीए ने मांगे आवेदन
दिल्ली, 03 फरवरी (अभी) : दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने सेवारत और सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के लिए अपनी ‘कर्मयोगी आवास योजना–2025’ के अंतर्गत रेडी-टू-मूव आवासीय फ्लैटों के आवंटन हेतु आवेदन आमंत्रित किए हैं।
इस संबंध में डीडीए से आधिकारिक पत्र प्राप्त होने के उपरांत, हरियाणा के मुख्य सचिव कार्यालय ने इस योजना की जानकारी राज्य सरकार के कर्मचारियों तक विभागों एवं अधीनस्थ कार्यालयों समेत उपयुक्त आधिकारिक माध्यमों से प्रसारित कर दी है, ताकि पात्र कर्मचारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन कर सकें।
डीडीए के उपाध्यक्ष श्री एन. सरवन कुमार द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार, इस योजना के तहत पॉकेट-9 (सेक्टर ए-10 से ए-14), नरेला, दिल्ली में स्थित कुल 1,168 रेडी-टू-मूव आवासीय फ्लैटों का आवंटन किया जाएगा। यह पूरा आवासीय पॉकेट विशेष रूप से इसी योजना के आवेदकों के लिए आरक्षित किया गया है। यह योजना केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, स्थानीय निकायों तथा सरकारी विश्वविद्यालयों के सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए बनाई गई है।
इन आवासीय इकाइयों में एक बेडरूम, दो बैडरूम तथा तीन बेडरूम वाले फ्लैट शामिल हैं, जिनमें पार्किंग सुविधा, लिफ्ट, विशाल बालकनी, सामुदायिक केंद्र/क्लब हाउस तथा पर्याप्त खुला हरित क्षेत्र उपलब्ध है। फ्लैटों को 25 प्रतिशत तक की रियायती दरों पर पेश किया जा रहा है। डीडीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिल्ली अथवा दूसरी जगह संपत्ति के स्वामित्व पर कोई प्रतिबंध नहीं है तथा पात्र आवेदक योजना की शर्तों के अनुसार एक या अधिक फ्लैटों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
यह आवासीय परिसर एक सुव्यवस्थित शहरी क्षेत्र का हिस्सा है। वर्तमान एवं प्रस्तावित आधारभूत ढांचा परियोजनाओं से भी इसे लाभ मिलने की संभावना है। इनमें मेट्रो फेज़–4 के अंतर्गत कनेक्टिविटी, बेहतर सड़क नेटवर्क, प्रस्तावित एजुकेशन सिटी की निकटता तथा राष्ट्रीय राजमार्गों एवं प्रमुख शहरी सड़कों से संपर्क शामिल है। प्राधिकरण के मुताबिक अच्छी कनेक्टिविटी के चलते यह स्थान दीर्घकालिक आवासीय निवेश के लिए उपयुक्त है।
योजना की समय-सीमा के अनुसार, 'कर्मयोगी आवास योजना' के लिए पंजीकरण 19 दिसंबर, 2025 से प्रारंभ हो चुका है, जबकि बुकिंग 14 जनवरी, 2026 से शुरू हुई है। यह योजना 31 मार्च, 2026 तक खुली रहेगी। आवेदन डीडीए के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किए जा सकते हैं, जहां पात्रता शर्तों, लेआउट प्लान तथा श्रेणीवार मूल्य से संबंधित विस्तृत जानकारी आधिकारिक ब्रोशर में उपलब्ध है।
इकाईवार उपलब्धता एवं साइट विज़िट से संबंधित अतिरिक्त जानकारी डीडीए की वेबसाइट अथवा हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। विशेष रूप से नरेला क्षेत्र में प्रस्तावित तीव्र शहरी एवं आधारभूत ढांचा विकास को देखते हुए, यह योजना सरकारी कर्मचारियों के लिए किफायती और सुरक्षित आवास विकल्प के रूप में प्रस्तुत की जा रही है।
DDA कर्मयोगी आवास योजना–2025: सरकारी कर्मचारियों के लिए नरेला में 1,168 रेडी-टू-मूव फ्लैटों का सुनहरा अवसर; हरियाणा मुख्य सचिव ने पात्र कर्मियों को आवेदन हेतु दी सूचना; केंद्र, राज्य और PSU के सेवारत व सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 25% तक की भारी छूट; 19 दिसंबर से शुरू हुआ पंजीकरण, 31 मार्च 2026 तक खुला रहेगा पोर्टल; मेट्रो कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा आवासीय परिसर।
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02/02/26 |SAIL और RITES ने डीजल लोकोमोटिव लीजिंग और रखरखाव के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
दिल्ली, 02 फरवरी (अभी) : देश की महारत्न और सार्वजनिक क्षेत्र की स्टील उत्पादक कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने अपने संयंत्रों और खानों में लॉजिस्टिक्स और परिचालन दक्षता को मजबूत करने के लिए नवरत्न उपक्रम राइट्स लिमिटेड (RITES) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया है।
सेल (SAIL) अपने संयंत्रों और खदानों के परिसर के भीतर एक समर्पित 'मिनी रेल नेटवर्क' संचालित करता है ताकि कच्चे माल की आवक, इन-प्रोसेस ट्रांसफर और तैयार उत्पादों के आउट-बाउण्ड बिना रुकावट परिवहन को सुनिश्चित किया जा सके। अपने डीजल लोकोमोटिव बेड़े के प्रभावी रखरखाव, जिसमें वेट-लीज्ड (Wet Leased) लोकोमोटिव भी शामिल हैं, परिचालन को बनाए रखने और भविष्य की क्षमता विस्तार एवं विकास की योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
चूँकि भारतीय रेलवे इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की ओर अपनी संक्रमण गति को तेज कर रहा है, राइट्स (RITES) डीजल लोकोमोटिव संचालन और रखरखाव में मूल्यवान विशेषज्ञता प्रदान करना जारी रखे हुए है, जो सेल के डीजल बेड़े को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। भारतीय रेलवे की सुविधाओं, स्पेयर पार्ट्स और कुशल जनशक्ति के पूल की पहुंच के साथ, राइट्स सेल की परिचालन आवश्यकताओं का को लागू करने और इसके नेटवर्क में विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सक्षम है।
यह सहयोग दोनों संगठनों को अपनी मुख्य दक्षताओं पर ध्यान केंद्रित करने, लागत को अनुकूलित करने, परिचालन दक्षता बढ़ाने और कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में योगदान देने में सक्षम बनाएगा। इस समझौता ज्ञापन पर, सेल की ओर से कार्यपालक निदेशक (प्रचालन) श्री पी.के. बैसाखिया और राइट्स की ओर से कार्यपालक निदेशक (तकनीकी सेवाएं) श्री संदीप जैन ने सेल और राइट्स के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।
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भारत की राष्ट्रपति ने अमृत उद्यान के उद्घाटन समारोह को सुशोभित किया
आरएस अनेजा, 1 फरवरी नई दिल्ली - भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (1 फरवरी, 2026) अमृत उद्यान शीतकालीन वार्षिक संस्करण 2026 के उद्घाटन समारोह को सुशोभित किया।
राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान 3 फरवरी से 31 मार्च, 2026 तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। लोग सप्ताह में छह दिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक (अंतिम प्रवेश शाम 5 बजे) उद्यान का भ्रमण कर सकते हैं। उद्यान सोमवार को बंद रहेगा, क्योंकि यह रखरखाव का दिन है, और होली के कारण 4 मार्च को भी बंद रहेगा।
अमृत उद्यान निम्नलिखित दिनों में विशेष श्रेणियों के लिए खुला रहेगा:
3 मार्च – रक्षा कर्मियों के लिए
5 मार्च – वरिष्ठ नागरिकों के लिए
10 मार्च – महिलाओं और आदिवासी महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए
13 मार्च – दिव्यांगजनों के लिए
उद्यान में प्रवेश और बुकिंग निःशुल्क है। ऑनलाइन बुकिंग https://visit.rashtrapatibhavan.gov.in/ पर की जा सकती है। आगंतुकों के अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से, इस वर्ष मौके पर बुकिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। आगंतुक केवल ऑनलाइन माध्यम से ही टिकट बुक कर सकते हैं। इसलिए, आगंतुकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्लॉट पहले से ही ऑनलाइन बुक कर लें। उन्हें टिकट में उल्लिखित समय-सीमा और अन्य निर्देशों का पालन करने की भी सलाह दी जाती है। किसी विशेष दिन के लिए बुकिंग पिछले दिन सुबह 10:00 बजे बंद हो जाएगी।
सभी आगंतुकों के लिए प्रवेश और निकास राष्ट्रपति भवन परिसर के गेट नंबर 35 से होगा, जो नॉर्थ एवेन्यू और राष्ट्रपति भवन के चौराहे के पास स्थित है। आगंतुकों की सुविधा के लिए, केन्द्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन से गेट नंबर 35 तक शटल बस सेवा सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे के बीच हर 30 मिनट पर उपलब्ध रहेगी। केन्द्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन से अंतिम शटल बस सेवा शाम 4:00 बजे होगी।
आगंतुकों के लिए मार्ग बाल वाटिका - पल्मेरिया गार्डन - बरगद गार्डन - बोन्साई गार्डन - कलकल बहती धारा - केंद्रीय लॉन - लंबा गार्डन - गोलाकार गार्डन होगा।
ट्यूलिप और विभिन्न प्रकार के गुलाबों के अलावा, इस वर्ष आगंतुक कलकल बहती धारा - झरनों वाली एक जलधारा और रिफ्लेक्सोलॉजी पथों वाला बरगद उद्यान देख सकेंगे।
आगंतुक अपने साथ मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक चाबियां, पर्स/हैंडबैग, पानी की बोतलें और शिशुओं के लिए दूध की बोतलें ले जा सकते हैं। सार्वजनिक मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर पीने का पानी, शौचालय और प्राथमिक चिकित्सा/चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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अमृत उद्यान के अलावा, लोग सप्ताह में छह दिन (मंगलवार से रविवार) राष्ट्रपति भवन और राष्ट्रपति भवन का संग्रहालय भी जा सकते हैं। वे प्रत्येक शनिवार को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में गार्ड परिवर्तन समारोह भी देख सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए https://visit.rashtrapatibhavan.gov.in/ पर जाएं।
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19/01/26 |पश्चिम बंगाल में कानून का नहीं, ममता का राज : बीएलओ मृत्यु पर अनिल विज का हमला
नई दिल्ली, 19 जनवरी - हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने पश्चिम बंगाल में हाल ही में बीएलओ की मृत्यु के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि पश्चिम बंगाल की स्थिति बहुत ही चिंताजनक है वहां पर कानून का राज नहीं चलता है वहां पर ममता का राज चलता है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार से बंगाल में संवैधानिक संस्थाओं पर प्रहार किए जा रहे है यह पूरे देश से छुपा हुआ नहीं है और ऐसी गतिविधियों से ये लोग देश के प्रजातंत्र को स्वतंत्र और आजाद नहीं रख पाएंगे। उन्होंने बताया कि बीएलओ मृत्यु की जांच जारी है और उसके तथ्य जुटाए जा रहे है तथा जो भी तथ्य सामने आयेंगे उन्हें बताया जाएगा।
कांग्रेस सारे देश में टुकड़े-टुकड़े हो चुकी: विज
कांग्रेस द्वारा प्रदेश में नगर निगम की कमेटियां बनाए जाने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि कांग्रेस सारे देश में टुकड़े-टुकड़े हो चुकी है ये जब भी बैठते हैं तो टुकड़ों को जोड़ने की कोशिश करते हैं लेकिन टुकड़े जुड़ नहीं पा रहे और टूटे हुए टुकड़ों से कुछ बनाया नहीं जा सकता।
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बिजली व्यवस्था सुधारना सरकार की प्राथमिकता, निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे : ऊर्जा मंत्री अनिल विज
नई दिल्ली/चंडीगढ़, 18 जनवरी - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि बिजली प्रणाली को सुधारना हमारी प्राथमिकता है ताकि उपभोक्ताओं तक निर्बाध गुणवत्तापरक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज आज दिल्ली में मीडिया कर्मियों के सवालों के जवाब दे रहे थे।
बिजली प्रणाली को सुधारना हमारी प्राथमिकता: विज
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से मुलाकात के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में श्री विज ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में विकास को लेकर आज केंद्रीय ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल से बातचीत हुई है ताकि केंद्र के साथ साथ राज्य के लोगों तक ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं का लाभ पहुंच सके। उन्होंने बताया कि बिजली प्रणाली को सुधारना हमारी प्राथमिकता है ताकि उपभोक्ताओं तक निर्बाध गुणवत्तापरक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
ट्रांसफार्मरों और कंडक्टरों का अपग्रेडेशन उच्च पैमाने पर किया जा रहा : विज
उन्होंने बताया कि गर्मियों के मौसम के दौरान ही बिजली आपूर्ति को सुनिश्चित किया जा चुका है इसलिए सर्दियों में अभी फिलहाल किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है तथा मांग और आपूर्ति में भी कोई समस्या नहीं है। श्री विज ने बताया कि राज्य में बिजली के ट्रांसफार्मरों और कंडक्टरों को आवश्यतानुसार अपग्रेड किया जा रहा है। इस प्रकार का अपग्रेडेशन गुरुग्राम और फरीदाबाद में उच्च पैमाने पर किया जा रहा है।
केंद्र सरकार ने हिसार की खेदड़ यूनिट के लिए कोल लिंकेज आवंटित किया: विज
हरियाणा को नया कोल लिंकेज आवंटित होने के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में श्री विज ने कहा कि जब भी नया थर्मल प्लांट या यूनिट लगाई जाती है तो कोल ब्लॉक लेना जरूरी होता है। उन्होंने बताया कि पानीपत और हिसार के खेदड़ में 800-800 मेगावाट की यूनिट लगाई जानी है इसलिए अभी हाल ही में केंद्र सरकार ने हिसार की खेदड़ यूनिट के लिए कोल लिंकेज आवंटित किया है। इस आवंटन से हिसार के खेदड़ की नई यूनिट के कार्य में प्रगति आएगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने यमुनानगर में 800 मेगावाट की नई यूनिट का भी शिलान्यास किया है जिसका कार्य प्रगति पर है।
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18/01/26 |दिल्ली-NCR में 'ट्रिपल अटैक': जहरीली हवा, कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने थामी रफ्तार; GRAP-4 प्रतिबंध लागू
जे कुमार नई दिल्ली, 18 जनवरी 2026: देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम की मार और प्रदूषण के घातक स्तर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) एक बार फिर 400 के आंकड़े को पार करते हुए 'गंभीर+' श्रेणी में पहुँच गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप (GRAP) के चौथे चरण के सख्त प्रतिबंधों को दोबारा प्रभावी कर दिया है। प्रदूषण के साथ-साथ उत्तर भारत इस समय सीजन के सबसे घने कोहरे की चपेट में है, जिससे पूरी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र कोहरे की सफेद चादर में लिपटा नजर आ रहा है।
कोहरे का सबसे ज्यादा असर यमुना से सटे इलाकों और बाहरी दिल्ली में देखने को मिल रहा है, जहाँ दृश्यता (विजिबिलिटी) शून्य दर्ज की गई है। पालम और सफदरजंग मौसम केंद्रों पर भी दृश्यता का स्तर बेहद कम रहा, जिसके कारण यातायात की रफ्तार थम गई है। घने कोहरे के चलते दिल्ली हवाई अड्डे पर उड़ानों के संचालन में देरी हो रही है और दर्जनों ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटे पीछे चल रही हैं। सड़कों पर वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट्स जलाकर रेंगना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक शीत लहर और घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।
GRAP-4 लागू होने के बाद दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है और केवल आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों को ही अनुमति दी जा रही है। साथ ही, सभी प्रकार के निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने स्कूलों को छोटे बच्चों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का सुझाव दिया है और लोगों से बेवजह घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। विशेष रूप से बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए यह जहरीली हवा और कड़ाके की ठंड बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
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सालों के नुकसान के बाद पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटीज़ ने पॉजिटिव, ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल बोले, यह नया अध्याय है
आरएस अनेजा, 18 जनवरी नई दिल्ली - देश की पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटीज़ (DISCOMs और पावर डिपार्टमेंट्स) ने मिलकर FY 2024-25 में ₹2,701 करोड़ का पॉजिटिव प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है, जो इस सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड्स के अनबंडलिंग और कॉर्पोरेटाइजेशन के बाद से पिछले कई सालों से डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटीज़ कुल मिलाकर PAT में नुकसान बता रही थीं।
FY 2024-25 में ₹2,701 करोड़ का पॉजिटिव PAT, FY 2023-24 में ₹25,553 करोड़ के नुकसान और FY 2013-14 में ₹67,962 करोड़ के नुकसान की तुलना में है।
इस पर टिप्पणी करते हुए, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि यह डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर के लिए एक नया अध्याय है और यह डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर की चिंताओं को दूर करने के लिए उठाए गए कई कदमों का नतीजा है।
मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विजन के कारण संभव हुई, जैसा कि उनके शब्दों में कहा गया है कि, “भारत न केवल अपनी ग्रोथ बल्कि दुनिया की ग्रोथ को भी आगे बढ़ा रहा है, जिसमें एनर्जी सेक्टर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है”। श्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार इस सेक्टर में ज़रूरी सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है ताकि पावर सेक्टर हमारी बढ़ती अर्थव्यवस्था को सपोर्ट कर सके और विकसित भारत की यात्रा में अपनी भूमिका निभा सके।
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94 रेल कर्मयोगियों को मेधावी सेवा के लिए सम्मानित किया गया; मंडलों और विभागों को 30 दक्षता शील्ड प्रदान की गईं
नई दिल्ली, 16 जनवरी (अन्नू) :उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा ने आज चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में आयोजित एक गरिमामय समारोह में 70वां विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार प्रदान किया। ये पुरस्कार रेल नेटवर्क के सुचारू संचालन और विकास के प्रति रेल कर्मचारियों के अनुकरणीय समर्पण, कड़ी मेहनत और उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देते हैं।
समारोह के दौरान, महाप्रबंधक ने उत्तर रेलवे के 94 अधिकारियों/कर्मचारियों को उनकी मेधावी सेवाओं के लिए पुरस्कार प्रदान किए। व्यक्तिगत उत्कृष्टता के अलावा, उत्तर रेलवे के उन विभिन्न विभागों और मंडलों को 30 दक्षता शील्ड (Efficiency Shields) प्रदान की गईं, जिन्होंने पिछले वर्ष के दौरान विभिन्न परिचालन मानकों में असाधारण प्रदर्शन किया है।
इसी के तहत अम्बाला एवं दिल्ली मण्डल को संयुक्त रूप से ओवरऑल दक्षता शील्ड प्रदान की गई, अम्बाला मण्डल में 5 विभागों को दक्षता शील्ड प्रदान की गई जिसमें वाणिज्य, सिविल इंजीनियरिंग, लेखा एवं वित्त, हिंदी राजभाषा एवं सुरक्षा के क्षेत्र में प्रदान की गई, मण्डल के विभिन्न विभागों में कार्यरत 06 रेल कर्मयोगियों को विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
इस अवसर पर उत्तर रेलवे के अपर महाप्रबंधक मोहित चंद्र के साथ-साथ सभी प्रधान मुख्य विभागाध्यक्ष, उत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और उत्तर रेलवे के विभिन्न मंडलों के मंडल रेल प्रबंधक भी उपस्थित थे।
पुरस्कार विजेताओं और सभा को संबोधित करते हुए अशोक कुमार वर्मा ने कहा, "भारतीय रेल माननीय प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत 2047' के विजन को पूरा करने की दिशा में अथक प्रयास कर रही है। इस विजन को साकार करने में उत्तर रेलवे की महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारे भविष्य के रोडमैप में नवाचार, अडिग सुरक्षा मानक, गहन प्रशिक्षण और संरचनात्मक सुधारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।"
महाप्रबंधक ने ट्रैक रखरखाव और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संगठन के भीतर एक सांस्कृतिक परिवर्तन का आह्वान करते हुए अधिकारियों से "औपनिवेशिक मानसिकता को त्यागने" और रेल प्रशासन के प्रति अधिक सक्रिय, नागरिक-केंद्रित और कुशल दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और उत्तर रेलवे के पूरे कार्यबल को नए उत्साह और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
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"नए भारत का चेहरा हैं NCC कैडेट्स": सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने युवाओं में भरा जोश
आरएस अनेजा, 14 जनवरी नई दिल्ली - सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने आज दिल्ली कैंट में नेशनल कैडेट कोर (NCC) गणतंत्र दिवस कैंप का दौरा किया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का हवाला देते हुए, उन्होंने युवाओं को "नए भारत का चेहरा" बताया और इस बात पर ज़ोर दिया कि वे देश की सबसे शक्तिशाली आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो अनुशासन, उद्देश्य और प्रतिबद्धता के माध्यम से राष्ट्रीय परिवर्तन लाने में सक्षम हैं।
COAS ने हाल के वर्षों में NCC कैडेट्स के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर को भारत के लचीलेपन के प्रदर्शन के रूप में बताया गया, जिसके दौरान 75,000 से ज़्यादा NCC कैडेट्स ने देश भर में नागरिक सुरक्षा, अस्पताल प्रबंधन, राहत सामग्री के वितरण और सामुदायिक सेवा में स्वेच्छा से भाग लिया। आधुनिकीकरण पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने कैडेट प्रशिक्षण में शामिल नए उपायों की सराहना की, जैसे ड्रोन प्रशिक्षण की शुरुआत, पुनीत सागर अभियान, एक भारत श्रेष्ठ भारत, एक पेड़ मां के नाम, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और स्वच्छ भारत अभियान जैसी राष्ट्रीय पहलों में भागीदारी, और युवा आपदा मित्र योजना के तहत 28 राज्यों के 315 जिलों में 94,400 कैडेट्स को आपदा तैयारी प्रशिक्षण। उन्होंने यह भी बताया कि 35,000 से ज़्यादा कैडेट्स ने देश भर में सेना इकाइयों और सैन्य अस्पतालों के साथ अटैचमेंट प्रशिक्षण किया है।
अपने समापन भाषण में, सेना प्रमुख ने इस बात पर ज़ोर दिया कि NCC सशस्त्र बलों में शामिल होने का एक महत्वपूर्ण रास्ता बना हुआ है, और बताया कि इस साल 150 से ज़्यादा कैडेट्स सैन्य प्रशिक्षण अकादमियों में शामिल हुए हैं। उन्होंने युवाओं से विचार, प्रौद्योगिकी और चरित्र में आत्मनिर्भरता अपनाने और IIT में आर्मी सेल और भारतीय सेना इंटर्नशिप कार्यक्रम 2025-26 जैसी पहलों के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। कैडेट्स से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, अनुशासन के साथ मार्च करने और समर्पण के साथ सेवा करने का आग्रह करते हुए, उन्होंने कहा कि एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित भारत का निर्माण उसके युवा ही करेंगे।
जनरल द्विवेदी ने कैडेट्स की त्रुटिहीन उपस्थिति और अनुकरणीय आचरण के लिए उनकी सराहना की, और गार्ड ऑफ ऑनर के शानदार प्रदर्शन, द सिंधिया स्कूल, ग्वालियर द्वारा बैंड प्रदर्शन, ध्वज क्षेत्र प्रस्तुति और कैडेट्स द्वारा जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला, जिन्होंने भारत की विविधता में एकता को प्रदर्शित किया। इस इवेंट के हिस्से के तौर पर, उन्होंने 'फ्लैग एरिया' का भी दौरा किया, जिसे NCC कैडेट्स ने तैयार किया था और पेश किया था। इसमें उन्होंने अपने-अपने राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक विरासत और डेवलपमेंट की प्रगति को दिखाया, और NCC 'हॉल ऑफ फेम' भी देखा। कैडेट्स ने स्टैटिक और फंक्शनल शिप मॉडल और एयरोमॉडलिंग के ज़रिए अपनी क्रिएटिविटी और टेक्निकल काबिलियत का भी प्रदर्शन किया।
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'कुत्तों को खिलाना है तो घर ले जाएं': आवारा कुत्तों के आतंक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, अब काटने पर राज्य सरकारों को देना होगा भारी मुआवजा
नई दिल्ली, 13 जनवरी (अभी) : देश के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों और उससे होने वाली मौतों पर सुप्रीम कोर्ट ने आज एक ऐतिहासिक और कड़ा रुख अपनाया है। 13 जनवरी 2026 को हुई सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय की जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने स्पष्ट कर दिया कि अब मानवीय सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अदालत ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए आदेश दिया है कि यदि किसी बच्चे या बुजुर्ग की कुत्ते के काटने से मौत होती है या वह जख्मी होता है, तो संबंधित राज्य सरकार इसके लिए उत्तरदायी होगी और उसे पीड़ित परिवार को भारी मुआवजा देना होगा।
सुनवाई के दौरान अदालत की तल्खी उस समय और बढ़ गई जब आवारा कुत्तों को खाना खिलाने वाले संगठनों और व्यक्तियों की जिम्मेदारी का मुद्दा उठा। जस्टिस विक्रम नाथ ने कड़े शब्दों में कहा कि जो लोग कुत्तों को सड़कों पर खाना खिलाते हैं, उन्हें उनकी जवाबदेही भी लेनी होगी। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि "एक काम करें, इन कुत्तों को अपने घर ले जाएं, उन्हें सड़कों पर आवारा भटकने के लिए क्यों छोड़ा जाता है जहाँ वे लोगों को डराते हैं और उन पर हमला करते हैं?" जब वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने इसे एक भावनात्मक मुद्दा बताया, तो बेंच ने पलटवार करते हुए कहा कि यह भावुकता केवल जानवरों के प्रति ही क्यों दिखाई देती है, इंसानों की सुरक्षा का क्या?
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 7 नवंबर 2025 को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया था, जिसमें अस्पतालों, स्कूलों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को पूरी तरह हटाने का निर्देश दिया गया था। आज की सुनवाई में कोर्ट ने अधिकारियों की निष्क्रियता पर भी नाराजगी जताई और कहा कि प्रशासन की ढिलाई के कारण ही यह समस्या आज विकराल रूप ले चुकी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों पर आम नागरिकों का सुरक्षित आवाजाही का अधिकार सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की फीडिंग या पशु प्रेम को इंसानी जान की कीमत पर बढ़ावा नहीं दिया जा सकता।
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रेस्तरां में 'सर्विस चार्ज' की जबरन वसूली पर लगाम: CCPA ने 27 रेस्तरां पर की सख्त कार्रवाई
आरएस अनेजा, 11 जनवरी नई दिल्ली - केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(47) के तहत अनुचित व्यापार प्रथाओं को अपनाने के लिए देश भर में 27 रेस्तरां के खिलाफ स्वतः संज्ञान लिया है ,जो सेवा शुल्क की अनिवार्य लेवी से संबंधित है।
यह कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय के 28 मार्च 2025 के फैसले के बाद की गई है जिसमें सेवा शुल्क लगाने के संबंध में सीसीपीए द्वारा जारी दिशानिर्देशों को बरकरार रखा गया था। न्यायालय ने माना कि रेस्तरां द्वारा अनिवार्य रूप से सेवा शुल्क वसूलना कानून के विरुद्ध है और कहा कि सभी रेस्तरां प्रतिष्ठानों को सीसीपीए के दिशानिर्देशों का पालन करना आवश्यक है। न्यायालय ने यह भी पुष्टि की कि सीसीपीए कानून के अनुसार अपने दिशानिर्देशों को लागू करने के लिए पूर्ण रूप से सशक्त है।
जांच से पता चला कि कैफे ब्लू बॉटल, पटना और चाइना गेट रेस्टोरेंट प्राइवेट लिमिटेड (बोरा बोरा) , मुंबई सहित कई रेस्टोरेंट, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और सीसीपीए दिशानिर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए, स्वतः ही 10 प्रतिशत सेवा शुल्क वसूल रहे थे, जिसे अब दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी बरकरार रखा है।
यह कार्रवाई राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर शुरू की गई थी, जिसमें सेवा शुल्क की जानबूझकर अतिरिक्त राशि दर्शाने वाले बिल भी शामिल थे। विस्तृत जांच से यह सिद्ध हुआ कि इस प्रकार की प्रथा अधिनियम की धारा 2(47) के अंतर्गत अनुचित व्यापार व्यवहार है।
पटना स्थित कैफे ब्लू बॉटल के मामले में , सीसीपीए ने रेस्तरां को निम्नलिखित निर्देश दिए:
उपभोक्ता को सेवा शुल्क की पूरी राशि वापस करें
सेवा शुल्क लगाने की प्रथा को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए
30,000 रुपये का जुर्माना अदा करें
मुंबई के बोरा बोरा स्थित चाइना गेट रेस्टोरेंट प्राइवेट लिमिटेड के मामले में , रेस्टोरेंट ने सुनवाई के दौरान सेवा शुल्क वापस कर दिया। सीसीपीए ने रेस्टोरेंट को आगे निम्नलिखित निर्देश दिए:
इसके सॉफ़्टवेयर-जनरेटेड बिलिंग सिस्टम को संशोधित करें ताकि जानबूझकर रूप से सेवा शुल्क या इसी तरह के किसी भी शुल्क को न जोड़ा जाए।
उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन और अनुचित व्यापार प्रथा के लिए 50,000 रुपये का जुर्माना अदा करें।
यह सुनिश्चित करें कि सार्वजनिक प्लेटफार्मों पर उपलब्ध इसकी ईमेल आईडी, अधिनियम के तहत अनिवार्य रूप से उपभोक्ता शिकायतों के प्रभावी निवारण के लिए, हर समय सक्रिय और कार्यशील बनी रहे।
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर सेवा शुल्क लगाने के संबंध में प्राप्त शिकायतों पर कड़ी निगरानी रख रहा है और उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा करने और अनुचित व्यापार प्रथाओं को रोकने के लिए नियमों का पालन न करने वाले रेस्तरां के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना जारी रखेगा।
होटल और रेस्तरां में सेवा शुल्क लगाने के संबंध में अनुचित व्यापार प्रथाओं की रोकथाम और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए सीसीपीए द्वारा 4 जुलाई 2022 को जारी किए गए दिशानिर्देशों में यह निर्धारित किया गया है कि :
कोई भी होटल या रेस्तरां खाने के बिल में स्वचालित रूप से या जानबूझकर से सेवा शुल्क नहीं जोड़ेगा।
किसी भी अन्य नाम से सेवा शुल्क नहीं लिया जाएगा।
उपभोक्ताओं को सेवा शुल्क का भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा और उन्हें स्पष्ट रूप से सूचित किया जाना चाहिए कि यह स्वैच्छिक और वैकल्पिक है।
सेवा शुल्क का भुगतान करने से इनकार करने पर प्रवेश या सेवाओं के प्रावधान पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।
बिल में सेवा शुल्क नहीं जोड़ा जाएगा और इस पर जीएसटी लागू नहीं होगा।
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गणतंत्र दिवस परेड 2026 में पहली बार कर्तव्य पथ पर दिखेगा भारतीय सेना का 'मल्टी-एनिमल' दस्ता
आरएस अनेजा, 7 जनवरी नई दिल्ली - भारतीय सेना के रिमाउंट एंड वेटरनरी कॉर्प्स के जानवरों का एक खास दस्ता गणतंत्र दिवस 2026 परेड मार्च में पहली बार शामिल होगा। इस दस्ते में दो बैक्ट्रियन ऊंट, चार जांस्कर टट्टू, चार शिकारी पक्षी, दस भारतीय नस्ल के आर्मी कुत्ते, साथ ही पहले से सेवा में मौजूद छह पारंपरिक मिलिट्री कुत्ते शामिल होंगे।
ये सब मिलकर भारतीय सेना के ऑपरेशनल इकोसिस्टम में परंपरा, इनोवेशन और आत्मनिर्भरता का मिश्रण का प्रदर्शन करेंगे तथा देश की सबसे मुश्किल सीमाओं की सुरक्षा में जानवरों की अहम भूमिका को उजागर करेंगे।
जानवरों का यह दस्ता गणतंत्र दिवस 2026 पर सलामी मंच के सामने से गुजरेगा जो याद दिलाएगा कि भारत की रक्षा शक्ति सिर्फ मशीनों और सैनिकों से नहीं बनी है।
दस्ते की अगुवाई मजबूत बैक्ट्रियन ऊंट करेंगे, जिन्हें हाल ही में लद्दाख के ठंडे रेगिस्तानों में ऑपरेशन के लिए शामिल किया गया है। ये ऊंट बहुत ज़्यादा ठंड, पतली हवा और 15,000 फीट से ज़्यादा ऊंचाई के लिए पूरी तरह से अनुकूल हैं। ये 250 किलोग्राम तक का बोझ उठा सकते हैं और कम पानी और चारे के साथ लंबी दूरी तय कर सकते हैं।
गौरतलब है कि रीमाउंट वेटरनरी कोर (RVC) भारतीय सेना की एक महत्वपूर्ण, ऐतिहासिक शाखा है जो घोड़ों, कुत्तों, खच्चरों और यहां तक कि ऑपरेशनल सपोर्ट के लिए इस्तेमाल होने वाले पक्षियों जैसे सभी सैन्य जानवरों की ब्रीडिंग, पालन-पोषण, ट्रेनिंग और हेल्थकेयर के लिए ज़िम्मेदार है, खासकर मुश्किल इलाकों में। RVC अधिकारी वेटरनरी ग्रेजुएट होते हैं जो जानवरों के कल्याण, बीमारी नियंत्रण और ऑपरेशनल तैयारी का प्रबंधन करते हैं, लॉजिस्टिक्स और विशेष भूमिकाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सपोर्ट सिस्टम के रूप में काम करते हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि ये जानवर चुनौतीपूर्ण माहौल में ड्यूटी के लिए फिट रहें।
सेवा जानवरों में घोड़े, कुत्ते, टट्टू, ऊंट आदि शामिल है। इसके अलावा सामरिक तैनाती के लिए जानवरों की फिटनेस सुनिश्चित करना, जिसमें ऊंचे पहाड़ी इलाके (जैसे लद्दाख के ज़ांस्कर टट्टू) और विशेष इकाइयाँ (जैसे मुधोल हाउंड) शामिल हैं।
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JNU में फिर बढ़ा तनाव: पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी, यूनिवर्सिटी प्रशासन का सख्त रुख
नई दिल्ली 7 जनवरी (अन्नू ) : दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। सोमवार रात कैंपस के भीतर कुछ छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध आपत्तिजनक और विवादित नारे लगाने का मामला सामने आया है। इस घटना का एक 35 सेकंड का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्र 'कब्र खुदेगी' जैसे भड़काऊ नारे लगाते नजर आ रहे हैं।
विवाद की मुख्य वजह
यह विरोध प्रदर्शन दरअसल 2020 दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के बाद शुरू हुआ। प्रदर्शनकारियों ने अदालती फैसले के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए यह मार्च निकाला था।
प्रशासन की कड़ी कार्रवाई
वीडियो सामने आने के बाद JNU प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट का कहना है कि वे संस्थान को 'नफरत की प्रयोगशाला' नहीं बनने देंगे।
FIR दर्ज: प्रशासन ने वसंत कुंज पुलिस को पत्र लिखकर नारेबाजी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
सस्पेंशन की चेतावनी: यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि यह कोड ऑफ कंडक्ट (नियमों) का सीधा उल्लंघन है और दोषी पाए जाने वाले छात्रों को निलंबित (Suspend) किया जाएगा।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस घटना ने देश के सियासी गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है:
बीजेपी (BJP): पार्टी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इसे 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' की हरकत बताया है। उनका कहना है कि यह अभिव्यक्ति की आजादी नहीं बल्कि राष्ट्रविरोधी विचारधारा का प्रचार है।
कांग्रेस (Congress): पूर्व सांसद उदित राज ने इसे जनता का गुस्सा बताया। उन्होंने कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम के साथ अन्याय हो रहा है और कोर्ट का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है।
JNU छात्र संघ: अध्यक्ष अदिति मिश्रा के मुताबिक, यह प्रदर्शन 5 जनवरी 2020 की हिंसा की याद में था और नारे किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ न होकर वैचारिक थे।
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07/01/26 |प्रधानमंत्री ने भारतीय तटरक्षक जहाज (ICGS) समुद्र प्रताप के कमीशनिंग की सराहना की
आरएस अनेजा, 7 जनवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडियन कोस्ट गार्ड शिप (ICGS) समुद्र प्रताप के कमीशनिंग की सराहना करते हुए कहा कि यह भारत की समुद्री यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि इस एडवांस्ड जहाज का शामिल होना कई कारणों से खास है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कमीशनिंग रक्षा और समुद्री क्षमता में आत्मनिर्भर भारत के भारत के विजन को मजबूती देती है। उन्होंने आगे कहा कि यह देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करता है, तटीय निगरानी को बढ़ाता है और भारत के विशाल समुद्री हितों की रक्षा करता है। यह सस्टेनेबिलिटी के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को भी दिखाता है, जिसमें पर्यावरण के अनुकूल संचालन सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट किया गया है।
X पर राजनाथ सिंह की एक पोस्ट का जवाब देते हुए, श्री मोदी ने लिखा कि “इंडियन कोस्ट गार्ड शिप (ICGS) समुद्र प्रताप की कमीशनिंग कई कारणों से खास है, जिसमें यह तथ्य भी शामिल है कि यह आत्मनिर्भरता के हमारे विजन को मजबूती देता है, हमारी सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देता है और सस्टेनेबिलिटी के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाता है, और भी बहुत कुछ।”
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