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दैनिक खबर" प्रस्तुत करता है 22 फरवरी,2026 के प्रातः 10 बजे के समाचार,
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NHAI का बड़ा निर्णय: 1 अप्रैल 2026 से नेशनल हाईवे पर नकद टोल भुगतान पूरी तरह प्रतिबंधित, डिजिटल ट्रांजेक्शन अनिवार्य
नई दिल्ली, 21 फरवरी (अभी) : भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देश के परिवहन ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार आगामी 1 अप्रैल 2026 से देशभर के सभी नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर नकद भुगतान की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने की तैयारी कर रही है। इस नई नीति के लागू होने के बाद टोल टैक्स का भुगतान केवल डिजिटल माध्यमों से ही किया जा सकेगा। सरकार का लक्ष्य टोल सिस्टम को शत-प्रतिशत डिजिटल और 'कैशलेस' बनाकर यात्रा को अधिक सुगम और निर्बाध बनाना है।
टोल प्लाजा पर नकद भुगतान के कारण गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती हैं और खुले पैसों को लेकर यात्रियों व कर्मचारियों के बीच अक्सर विवाद की स्थिति बनी रहती है। एनएचएआई के आंकड़ों के अनुसार, कैश ट्रांजेक्शन में लगने वाला समय डिजिटल भुगतान के मुकाबले काफी अधिक होता है। डिजिटल भुगतान अनिवार्य होने से टोल बूथों पर वाहनों का ठहराव कम होगा, जिससे न केवल यात्रियों का कीमती समय बचेगा, बल्कि ईंधन की खपत में भी कमी आएगी।
नई व्यवस्था के तहत टोल प्लाजा पर भुगतान के लिए FASTag को प्राथमिक विकल्प के रूप में बनाए रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त, यात्रियों की सुविधा के लिए UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट वॉलेट के विकल्प भी उपलब्ध रहेंगे। यात्रियों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके वाहन पर लगा फास्टैग सक्रिय है और उसमें पर्याप्त बैलेंस उपलब्ध है। इस बदलाव से टोल संकलन में पारदर्शिता आएगी और राजस्व की लीकेज को भी रोका जा सकेगा। यह पहल प्रधानमंत्री के 'डिजिटल इंडिया' विजन को सड़कों पर उतारने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।
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18/02/26 |सिद्धू मूसेवाला की रेकी करने वाला शार्पशूटर 'बॉबी कबूतर' गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल को गुरुग्राम बॉर्डर पर मिली बड़ी कामयाबी
नई दिल्ली/गुरुग्राम, 18 फरवरी (अन्नू): दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट के खूंखार बदमाश 'बॉबी कबूतर' को दबोच लिया है। पुलिस ने इस इनामी अपराधी को दिल्ली-गुरुग्राम सीमा से उस वक्त गिरफ्तार किया, जब वह ठिकाना बदलने की फिराक में था। बॉबी कबूतर न केवल सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की साजिश में शामिल रहा है, बल्कि वह दिल्ली और उत्तर प्रदेश में मकोका (MCOCA) और एनआईए (NIA) द्वारा दर्ज कई संगीन मामलों में भी वांछित था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या को अंजाम देने से पहले बॉबी कबूतर ने ही इलाके की टोह ली थी। वह अपने साथी गैंगस्टर शाहरुख के साथ मिलकर मूसेवाला की रेकी करने पंजाब गया था। वारदात से कुछ समय पहले रेकी करने के बाद वह पुलिस को चकमा देकर फरार होने में कामयाब रहा था। बॉबी कबूतर को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सबसे खतरनाक गैंगस्टरों में गिना जाता है, जिसके ऊपर हत्या, फिरौती और जानलेवा हमले जैसे दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं।
हाल ही में हुए चर्चित 'नदीम ब्रदर्स' हत्याकांड में भी बॉबी कबूतर की मुख्य भूमिका सामने आई थी। बताया जा रहा है कि उस दोहरे हत्याकांड में इस बदमाश ने अंधाधुंध फायरिंग की थी और सबसे ज्यादा गोलियां बरसाई थीं। स्पेशल सेल को लंबे समय से इसकी तलाश थी, क्योंकि वह लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के इशारे पर दिल्ली-एनसीआर में संगठित अपराध का नेटवर्क चला रहा था।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि बॉबी कबूतर की गिरफ्तारी से मूसेवाला हत्याकांड की साजिश के कई अनसुलझे पहलू सामने आ सकते हैं। फिलहाल उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है, ताकि बिश्नोई गैंग के आगामी मंसूबों और उनके छिपने के ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। इस गिरफ्तारी को दिल्ली पुलिस के लिए अंडरवर्ल्ड और गैंगवार के खिलाफ एक बड़ी जीत माना जा रहा है।
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17/02/26 |लश्कर-ए-तैयबा के मददगारों को 15 साल की जेल: दिल्ली की अदालत ने आतंकी साजिश में दो दोषियों को सुनाई कड़ी सजा
नई दिल्ली, 17 फ़रवरी (अन्नू): दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने आतंकवाद के विरुद्ध एक कड़ा संदेश देते हुए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े दो मददगारों को 15-15 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष एनआईए न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के निवासी जहूर अहमद पीर और नजीर अहमद पीर को इस प्रतिबंधित संगठन के पाकिस्तानी आतंकी बहादुर अली की सहायता करने का दोषी पाया। इन दोनों ने न केवल आतंकी को सुरक्षित पनाह दी, बल्कि उसे भोजन और अन्य साजो-सामान (लॉजिस्टिक) उपलब्ध कराने में भी मुख्य भूमिका निभाई थी।
न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष ने आरोपों को संदेह से परे साबित कर दिया है। दोषियों को यूएपीए (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई गई है, जिनमें धारा 18 और 19 के तहत 15-15 वर्ष और धारा 39 के तहत 9 वर्ष की कैद शामिल है। ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी, जिसके चलते उन्हें कुल 15 साल जेल में बिताने होंगे। इसके अतिरिक्त, अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने 18 दिसंबर 2025 को ही इन्हें दोषी करार दे दिया था, क्योंकि रिकॉर्ड पर इनकी बेगुनाही का कोई सबूत नहीं मिला।
यह पूरा मामला जुलाई 2016 का है, जब एनआईए (NIA) ने भारत में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रचने के आरोप में केस दर्ज किया था। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि लश्कर का आतंकी बहादुर अली, अत्याधुनिक हथियारों और संचार उपकरणों के साथ कुपवाड़ा के रास्ते भारत में दाखिल हुआ था। जहूर और नजीर ने पूरी जानकारी होने के बावजूद उसे सुरक्षित ठिकाना मुहैया कराया और घाटी में उसके संपर्कों को मजबूत करने में मदद की। इन दोनों को सितंबर 2017 में गिरफ्तार किया गया था और अब लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद उन्हें उनके किए की सजा मिली है।
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CBSE बोर्ड परीक्षाओं का आगाज़: आज से 43 लाख छात्र देंगे परीक्षा, सुरक्षा और अनुशासन के कड़े इंतजाम
नई दिल्ली, 17 फ़रवरी (अन्नू): केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षाएं आज यानी मंगलवार से देशभर में शुरू हो गई हैं। शिक्षा जगत के इस सबसे बड़े आयोजन में इस वर्ष 43 लाख से अधिक विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। कक्षा 10वीं के छात्र आज गणित (बेसिक और स्टैंडर्ड) के साथ अपनी परीक्षा की शुरुआत करेंगे, जबकि 12वीं कक्षा के लिए बायोटेक्नोलॉजी, उद्यमिता और शॉर्टहैंड जैसे विषयों के पेपर निर्धारित किए गए हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो 10वीं कक्षा में लगभग 25.08 लाख और 12वीं में 18.59 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिनमें छात्र और छात्राओं की भागीदारी का उत्साह देखते ही बनता है।
परीक्षाओं को सुचारू और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए बोर्ड ने देशभर में कुल 15,649 परीक्षा केंद्र स्थापित किए हैं। परीक्षा का समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक तय किया गया है, लेकिन अनुशासन को प्राथमिकता देते हुए बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सुबह 10:00 बजे के बाद किसी भी छात्र को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। छात्रों को प्रश्नपत्र को अच्छी तरह समझने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी प्रदान किया जाएगा। संवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के जरिए पैनी नजर रखी जा रही है और मोबाइल या किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
परीक्षा के तनाव को कम करने के लिए विशेषज्ञों और प्रधानाचार्यों ने छात्रों को खास सलाह दी है। माउंट आबू पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य ज्योति अरोड़ा के अनुसार, सफलता का असली आधार अनुशासन, ईमानदारी और संयम है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया है कि वे प्रश्नपत्र को शांत मन से हल करें और मुख्य बिंदुओं को रेखांकित करते हुए स्पष्ट उत्तर लिखें। परीक्षा के दौरान घबराने के बजाय समय का सही प्रबंधन करना और उत्तर पुस्तिका को अंत में दोबारा जांचना बेहद जरूरी है। साथ ही, बेहतर फोकस के लिए छात्रों को ध्यान (Meditation) लगाने और पर्याप्त नींद लेने की सलाह भी दी गई है।
अभिभावकों और शिक्षकों से भी अनुरोध किया गया है कि वे इस समय छात्रों का मनोबल बढ़ाते रहें। यदि किसी परीक्षा में कुछ कमी रह जाए, तो उसे तनाव का कारण न बनने दें और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ें। बोर्ड का मानना है कि विद्यार्थी जितना तनावमुक्त रहकर परीक्षा देंगे, उनके परिणाम उतने ही बेहतर होंगे।#CBSEBoardExams2026 #ExamSeason #StudentLife #EducationIndia #CBSE10th12th #ExamTips #SuccessMindset #BoardExams
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रेवाड़ी की चहक यादव ने प्रतिभा और मेहनत के बल पर जीता रजत पदक
चंडीगढ़, 15 फरवरी (अभी) : नई दिल्ली स्थित डा. करनी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित एशियन राइफल/शूटिंग चैंपियनशिप-2026 में रेवाड़ी जिले की चहक यादव ने स्वर्ण पदक हासिल किया है। रेवाड़ी के पी एम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की बारहवीं कक्षा की छात्रा सुश्री चहक यादव ने 10 मीटर ऐयर पिस्टल यूथ महिला वर्ग में 600 में से 574 अंक हांसिल कर रजत पदक और भारतीय टीम की प्रतिभागी के रूप में यह स्वर्ण पदक हासिल किया है। इस उपलब्धि से चहक यादव ने ना केवल अपने जिला रेवाड़ी अपितु हरियाणा व देश का नाम रोशन किया है। चहक यादव हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत सुनील कुमार की पुत्री है।
डा. करनी सिंह शूटिंग रेंज नई दिल्ली में आयोजित एशियन राइफल/शूटिंग चैंपियनशिप-2026 में एशिया महाद्वीप के 20 देशों के लगभग 300 खिलाड़ियों ने अलग-अलग वर्गों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह जानकारी चहक यादव के कोच श्री रमन राव ने दी। उन्होंने बताया कि चहक यादव बारह वर्ष की आयु से उनकी शूटिंग स्पोर्ट्स अकेडमी में शूटिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है।
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नई दिल्ली-अंबाला रेल लाइन: ₹5,983 करोड़ की लागत से बिछेंगे 194 किमी लंबे दो नए ट्रैक, सेना और यात्रियों को बड़ी राहत
नई दिल्ली/अंबाला, 14 फरवरी (अभी) : केंद्र सरकार ने रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए दिल्ली से अंबाला के बीच नई रेल लाइन बिछाने की मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में इस 194 किलोमीटर लंबी परियोजना पर मुहर लगाई गई। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रोजेक्ट न केवल आम यात्रियों के सफर को आसान बनाएगा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों के लिहाज से भी एक गेम-चेंजर साबित होगा।
रणनीतिक महत्व और क्षेत्रीय लाभ: 5,983 करोड़ रुपये की लागत वाली यह नई रेल लाइन दिल्ली से जम्मू तक एक रणनीतिक कॉरिडोर के रूप में कार्य करेगी। हरियाणा में यह लाइन सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र और अंबाला जिलों से होकर गुजरेगी। इस रूट पर पड़ने वाले 32 रेलवे स्टेशनों की क्षमताओं और सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। सैन्य दृष्टिकोण से यह लाइन बेहद खास है, क्योंकि यह दिल्ली से जम्मू और सीमावर्ती क्षेत्रों तक सेना की टुकड़ियों और भारी साजो-सामान की आवाजाही को अधिक तेज और सुगम बनाएगी। इसके अतिरिक्त, इस कॉरिडोर से हर साल लगभग 43 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।
परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका त्वरित क्रियान्वयन है। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि इस कार्य को अगले 4 वर्षों में पूरा कर लिया जाएगा। खास बात यह है कि इस नई लाइन के लिए सरकार को बड़े पैमाने पर निजी भूमि के अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि अधिकांश निर्माण कार्य रेलवे की अपनी मौजूदा खाली जमीन पर ही किया जाएगा। प्रोजेक्ट के तहत मार्ग में एक मुख्य बड़ा पुल और 28 अन्य महत्वपूर्ण पुलों का निर्माण किया जाएगा, जबकि पुराने पुलों का नवीनीकरण होगा। यह मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट दिल्ली-चंडीगढ़ मार्ग पर भीड़भाड़ को कम करेगा और भारतीय रेलवे की परिचालन क्षमता में भारी सुधार लाएगा।
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भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक धमक: अब 56 देशों में मिलेगी 'वीजा फ्री' एंट्री
जे कुमार नई दिल्ली 14 फरवरी 2026 : वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती कूटनीतिक शक्ति का असर अब भारतीय पासपोर्ट पर भी साफ दिखने लगा है। लेटेस्ट हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट ने शानदार सुधार करते हुए दुनिया के शक्तिशाली पासपोर्ट्स की सूची में 75वां स्थान हासिल कर लिया है। पिछले साल की तुलना में भारत की रैंकिंग में 10 पायदानों का बड़ा उछाल आया है। इस सुधार के साथ अब भारतीय नागरिक दुनिया के 56 देशों में बिना किसी पूर्व वीजा झंझट के यात्रा कर सकेंगे।
इस सूची में शामिल 56 गंतव्यों में 'वीजा-फ्री' एंट्री के साथ-साथ 'वीजा-ऑन-अराइवल' और 'इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन' (eTA) की सुविधाएं शामिल हैं। थाईलैंड, मलेशिया, श्रीलंका, कजाकिस्तान और केन्या जैसे लोकप्रिय पर्यटन देशों ने भारतीय यात्रियों के लिए अपनी वीजा नीतियों में ढील दी है, जिससे विदेश यात्रा न केवल आसान बल्कि सस्ती भी हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भारत के मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों और पर्यटन समझौतों के कारण भारतीय पासपोर्ट की साख लगातार बढ़ रही है।
रैंकिंग में इस सुधार का सीधा फायदा भारतीय पर्यटकों और बिजनेस ट्रैवलर्स को मिलेगा, जिन्हें अब लंबी वीजा प्रक्रियाओं और दूतावासों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। गौरतलब है कि इस इंडेक्स में सिंगापुर पहले स्थान पर है, जबकि जापान और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर काबिज हैं। भारत की इस उपलब्धि ने अफ्रीकी और कैरिबियाई देशों में भी पहुंच को आसान बनाया है, जो भारतीय पर्यटन उद्योग के लिए नए द्वार खोल रहा है। सरकार के निरंतर प्रयासों और 'लुक ईस्ट' व 'लुक अफ्रीका' जैसी नीतियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय यात्रियों की गतिशीलता (Global Mobility) को एक नई ऊंचाई प्रदान की है।
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14/02/26 |दिल्ली के उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन का नाम अब हुआ ‘सेवा तीर्थ’, राजधानी को मिली एक और सांस्कृतिक झलक
चंडीगढ़, 14 फरवरी (अभी) : दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में एक बड़ा और गौरवशाली बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने ‘उद्योग भवन’ मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर अब ‘सेवा तीर्थ’ (या सेवा तीर्थ भवन) कर दिया है। यह घोषणा केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के उद्घाटन समारोह के दौरान की गई। यह स्टेशन येलो लाइन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो केंद्रीय सचिवालय और लोक कल्याण मार्ग जैसे प्रमुख प्रशासनिक केंद्रों को जोड़ता है।
यह बदलाव केवल एक नाम का परिवर्तन नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन का हिस्सा है जिसमें उन्होंने नए पीएमओ परिसर का नाम 'सेवा तीर्थ' रखा है। यह परिसर अब प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय का भी ठिकाना है। सरकार का मानना है कि 'सेवा तीर्थ' और इसके साथ जुड़े 'कर्तव्य भवन' (1 और 2) भारत की 'विकसित भारत' की ओर बढ़ती यात्रा और नागरिक-केंद्रित शासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के प्रतीक हैं।
गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह में दिल्ली मेट्रो में यह दूसरा बड़ा नाम परिवर्तन है। इससे पहले पिंक लाइन पर स्थित ‘मयूर विहार पॉकेट-1’ स्टेशन का नाम बदलकर ‘श्री राम मंदिर मयूर विहार’ किया गया था, ताकि यात्रियों के बीच होने वाले भ्रम को दूर किया जा सके और स्थानीय धार्मिक पहचान को सम्मान दिया जा सके। इसके अलावा रेड लाइन के ‘पीतमपुरा’ स्टेशन का नाम भी बदलकर अब ‘मधुबन चौक’ कर दिया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने इन नए नामों के साथ स्टेशन बोर्ड, अनाउंसमेंट सिस्टम और डिजिटल मैप को अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे शहर की परिवहन पहचान अब आधुनिकता और विरासत के अनूठे संगम के रूप में उभर रही है।
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रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन के टॉयलेट में मिला युवक का शव; सिर पर चोट के निशान से हत्या की आशंका
हरियाणा/रेवाड़ी, 13 फ़रवरी (अन्नू ): हरियाणा के रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार की सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब दिल्ली से आई एक पैसेंजर ट्रेन के शौचालय में एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ। यह घटना सुबह करीब 6:05 बजे की है, जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आकर रुकी थी। ट्रेन के रुकने के बाद जब एक यात्री शौचालय का उपयोग करने गया, तो अंदर युवक को बेसुध पड़ा देख उसके होश उड़ गए। यात्री ने तुरंत इसकी सूचना अन्य यात्रियों और रेलवे प्रशासन को दी, जिसके बाद राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
मृतक युवक की उम्र लगभग 28 वर्ष बताई जा रही है। शुरुआती जांच में पुलिस को युवक के सिर पर गहरे जख्म और चोट के निशान मिले हैं, जिससे प्रथम दृष्टया यह मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। जीआरपी ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सिर की चोटें इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि युवक के साथ मारपीट की गई या किसी भारी वस्तु से हमला किया गया है।
जीआरपी थाना प्रभारी (एसएचओ) कृष्ण कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि युवक दिल्ली से ही ट्रेन में सवार हुआ था या रास्ते में किसी अन्य स्टेशन से चढ़ा था। शिनाख्त के लिए आसपास के थानों और दिल्ली पुलिस से भी संपर्क साधा जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तथ्यों और चोट के निशानों को देखते हुए हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की जा रही है।
इस घटना के बाद स्टेशन पर यात्रियों के बीच काफी डर का माहौल देखा गया। पुलिस अब ट्रेन के कोच में सफर कर रहे अन्य यात्रियों से पूछताछ करने और स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की योजना बना रही है ताकि इस संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझाई जा सके।
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12/02/26 |"वंदे मातरम के सभी 6 छंद अनिवार्य: ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने फैसले को सराहा, बोले - शहीदों के बलिदान को मिला असली सम्मान"
चंडीगढ़, 12 फरवरी - केंद्र सरकार द्वारा सभी सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों व महत्वपूर्ण आयोजनों में वंदेमातरम के सभी छह छंद बजाना अनिवार्य करने पर प्रतिक्रिया देते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि यह बहुत अच्छा कार्य किया है। वंदेमातरम जिसे गाते हुए अनेकों स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना बलिदान दिया, उसे मान्यता मिली है और अनिवार्य किया गया है कि हर सरकारी कार्यक्रम में इसको गाया जाए।
वहीं एआईएमआईएम नेता द्वारा वंदेमातरम गीत को लेकर किए गए विरोध पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि देश हित पर कोई भी बात होगी तो औवेसी साहब उसपर जरूर बोलेंगे। ये जब हमारे क्रांतिकारियों ने गाए, देशभक्तों व बलिदानियों ने गाए तो तब क्या यह ठीक नहीं था और आज यह गलत हो गया।
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12/02/26 |दिल्ली के स्कूलों में सुरक्षा के नए मानक: बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने उठाए सख्त कदम
नई दिल्ली, 12 फरवरी (अभी) : राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न स्कूलों को हाल ही में मिली बम से उड़ाने की धमकियों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के बाद दिल्ली के शैक्षणिक संस्थानों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन किए हैं। दिल्ली पुलिस और शिक्षा निदेशालय के निर्देशों के बाद स्कूलों ने 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति अपनाते हुए बहुस्तरीय सुरक्षा चक्र तैयार किया है, ताकि छात्र और अभिभावक दोनों खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
सुरक्षा के नए मानकों के तहत, स्कूलों के मुख्य द्वारों पर सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है। विशेष रूप से सुबह बच्चों के आने (Pick-up) और दोपहर में छुट्टी (Drop-off) के समय 'मल्टी-लेयर चेकिंग' अनिवार्य कर दी गई है। अब किसी भी आगंतुक को बिना वैध सरकारी पहचान पत्र और पूर्व अनुमति के स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। स्कूलों ने डिजिटल विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया है, जिससे हर आने-जाने वाले का रियल-टाइम रिकॉर्ड रखा जा सके।
केवल भौतिक सुरक्षा ही नहीं, बल्कि छात्रों को मानसिक रूप से भी जागरूक किया जा रहा है। स्कूलों में विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं जहाँ बच्चों को सिखाया जा रहा है कि वे अकेले होने पर या सड़क पर चलते समय मोबाइल फोन का अनावश्यक उपयोग न करें, ताकि उनका ध्यान भटकाकर कोई अप्रिय घटना न घट सके। उन्हें किसी भी अनजान व्यक्ति से दूरी बनाने और संदिग्ध स्थिति में तुरंत शोर मचाकर या पास के किसी विश्वसनीय व्यक्ति से मदद मांगने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों के लिए भी नए नियम जारी किए हैं। अब बच्चों को छुट्टी के समय लेने आने वाले परिजनों या ड्राइवरों के पास स्कूल द्वारा जारी 'अथॉरिटी कार्ड' होना अनिवार्य है। बिना कार्ड के किसी भी बच्चे को स्कूल परिसर से बाहर नहीं भेजा जा रहा है। साथ ही, अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे बम की अफवाहों जैसी स्थितियों में पैनिक न करें और केवल स्कूल या पुलिस के आधिकारिक संदेशों पर ही भरोसा करें।
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल उन फर्जी ईमेल और कॉल के स्रोतों की भी जांच कर रही है जिन्होंने पिछले कुछ दिनों में राजधानी के स्कूलों में दहशत का माहौल पैदा किया था। पुलिस का कहना है कि स्कूलों के आसपास पीसीआर वैन की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।
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12/02/26 |दिल्ली में एमसीडी का बड़ा एक्शन: छतरपुर और सैदुलाजाब में चला बुलडोजर, अवैध व्यावसायिक निर्माण किए गए ध्वस्त
नई दिल्ली, 12 फरवरी (अभी) : दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर और सैदुलाजाब इलाकों में दिल्ली नगर निगम ने अवैध निर्माणों और अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बुधवार को एमसीडी के साउथ जोन के बिल्डिंग विभाग ने 100 फुटा रोड पर स्थित कई प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पास बने अवैध ढांचों को तीन भारी बुलडोजर की मदद से जमींदोज कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और मौके पर दिल्ली पुलिस के जवानों की भारी मौजूदगी रही ताकि किसी भी विरोध की स्थिति को संभाला जा सके।
निगम की इस कार्रवाई की चपेट में कई बड़े नाम और उनके आसपास के निर्माण आए। अधिकारियों ने बताया कि हल्दीराम के पास स्थित संपत्ति, नाथू स्वीट्स के सामने बने अवैध ढांचे, अग्रवाल धर्मशाला के नजदीक किए गए निर्माण और डोमिनोज व रुद्रांश के आसपास के अवैध हिस्सों को पूरी तरह हटा दिया गया है। इसके अलावा न्यूमैटिक हैमर, गैस कटर और बड़े हथौड़ों का उपयोग करके उन पक्के निर्माणों को भी तोड़ा गया जो सड़क की जमीन पर कब्जा करके बनाए गए थे।
एमसीडी अधिकारियों के अनुसार, इन क्षेत्रों में अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिससे न केवल ट्रैफिक की समस्या पैदा हो रही थी बल्कि नियमों का भी उल्लंघन हो रहा था। कार्रवाई से पहले संबंधित प्रतिष्ठानों और भू-मालिकों को निर्धारित नियमों के तहत कानूनी नोटिस दिए गए थे, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने और निर्माण न हटाए जाने के कारण यह अभियान चलाया गया। निगम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना मंजूरी के किए गए निर्माणों और सार्वजनिक जमीन पर कब्जे के खिलाफ आने वाले दिनों में भी इसी तरह की सख्ती जारी रहेगी।
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ऐतिहासिक संशोधन: अब मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) को मिला 'एक्स-सर्विसमैन' का आधिकारिक दर्जा, नौकरियों में मिलेगा आरक्षण का लाभ
आरएस अनेजा, 10 फरवरी नई दिल्ली - सरकार ने संविधान के आर्टिकल 309 के तहत एक्स-सर्विसमैन (सेंट्रल सिविल सर्विसेज़ और पोस्ट्स में री-एम्प्लॉयमेंट) अमेंडमेंट रूल्स 2026 को नोटिफाई किया है।
यह मुख्य बदलाव रूल 2(c)(i) को बदलता है ताकि सेंट्रल सिविल सर्विसेज़ में एक्स-सर्विसमैन री-एम्प्लॉयमेंट के डेफिनिशन फ्रेमवर्क में उन लोगों को साफ तौर पर शामिल किया जा सके जिन्होंने रेगुलर आर्मी, नेवी या एयर फ़ोर्स के साथ-साथ इंडियन यूनियन की मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) में किसी भी रैंक पर, चाहे वे कॉम्बैटेंट हों या नॉन-कॉम्बैटेंट, सेवा की हो।
इस कदम से पहले की यह कन्फ्यूजन दूर हो गई है कि क्या MNS ऑफिसर, जो कमीशन्ड ऑफिसर हैं, दूसरे वेटरन्स की तरह ही री-एम्प्लॉयमेंट बेनिफिट्स के हकदार थे। यह अमेंडमेंट री-एम्प्लॉयमेंट रूल्स के तहत MNS कर्मचारियों को ऑफिशियली मान्यता देता है, और पूर्व डिफेंस कर्मचारियों के एक बड़े हिस्से के लिए रिहैबिलिटेशन और दूसरे करियर के मौकों को मजबूत करता है।
रूल 2, क्लॉज़ (c) अमेंडमेंट के तहत, ‘एक्स-सर्विसमैन’ की डेफ़िनिशन में अब रेगुलर आर्मी, नेवी और एयर फ़ोर्स के साथ ‘इंडियन यूनियन की मिलिट्री नर्सिंग सर्विस’ को साफ़ तौर पर लिस्ट किया गया है। यह रूल किसी भी ऐसे व्यक्ति पर लागू होता है जिसने किसी भी रैंक पर, चाहे वह कॉम्बैटेंट हो या नॉन-कॉम्बैटेंट, सेवा की हो। यह अमेंडमेंट 09 फरवरी, 2026 को इसके पब्लिकेशन के तुरंत बाद लागू हो गया।
यह अमेंडमेंट ऑफिशियली MNS कर्मचारियों को ये सुविधाएँ देता है:
रिज़र्वेशन कोटा: ग्रुप 'C' में 10% और ग्रुप 'D' सेंट्रल गवर्नमेंट पोस्ट में 20%।
एज रिलैक्सेशन: सिविल जॉब एलिजिबिलिटी के लिए उनकी असली उम्र में से मिलिट्री सर्विस के साल और 3 साल घटाने की एबिलिटी।
एम्प्लॉयमेंट प्रायोरिटी: यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन और स्टाफ़ सिलेक्शन कमीशन की नज़र में दूसरे एक्स-सर्विसमैन के बराबर दर्जा।
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नेशनल मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड कल विज्ञान भवन, नई दिल्ली में मेडिसिनल प्लांट्स पर चिंतन शिविर लगाएगा
आरएस अनेजा, 10 फरवरी नई दिल्ली - आयुष मंत्रालय का नेशनल मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड (NMPB) 11 फरवरी 2026 को देश में मेडिसिनल प्लांट्स सेक्टर से जुड़ी खास पॉलिसी, रिसर्च और उन्हें लागू करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मेडिसिनल प्लांट्स पर एक चिंतन शिविर आयोजित करेगा।
उद्घाटन सेशन में आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल होंगे। आयुष मंत्रालय के सेक्रेटरी वैद्य राजेश कोटेचा गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर शामिल होंगे। आयुष मंत्रालय की एडिशनल सेक्रेटरी और फाइनेंशियल एडवाइजर होवेदा अब्बास स्पेशल गेस्ट के तौर पर मौजूद रहेंगी।
चिंतन शिविर के बाद बोर्ड मीटिंग होगी, साथ ही टेक्निकल सेशन और पैनल डिस्कशन होंगे जिनमें एक्सपर्ट, पॉलिसीमेकर, रिसर्चर, इंडस्ट्री के प्रतिनिधि और दूसरे स्टेकहोल्डर शामिल होंगे। चर्चा में पॉलिसी फ्रेमवर्क को मजबूत करने, रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने और मेडिसिनल प्लांट्स सेक्टर में उन्हें लागू करने की चुनौतियों को हल करने पर फोकस किया जाएगा।
चिंतन शिविर से उम्मीद है कि यह पॉलिसी में दखल, रिसर्च को आगे बढ़ाने और संस्थाओं को मज़बूत करने के लिए ज़रूरी एरिया की पहचान करके औषधीय पौधों के सेक्टर को स्ट्रेटेजिक दिशा देगा। बातचीत के नतीजे खेती, बचाव, वैल्यू एडिशन और मार्केट लिंकेज को बढ़ाने के लिए एक कोऑर्डिनेटेड और आगे की सोच वाला रोडमैप बनाने में मदद करेंगे, जिससे आयुष इकोसिस्टम और मज़बूत होगा और सेक्टर की सस्टेनेबल ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा।
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दैनिक खबर पर प्रस्तुत हैं आज 10 फरवरी, 2026 के प्रातः 10 बजे के ताज़ा समाचार
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पश्चिमी वायु कमान ने उच्च स्तरीय संयुक्त अभियान सम्मेलन की मेजबानी की: सर्वक्षेत्रीय संयुक्त अभियान (एडीजेओ) अभ्यास 2026 की रूपरेखा
आरएस अनेजा, 7 फरवरी नई दिल्ली - पश्चिमी वायु कमान मुख्यालय ने सर्वक्षेत्र संयुक्त अभियान (एडीजेओ) अभ्यास 2026 के ढांचे के अंतर्गत उच्च स्तरीय संयुक्त अभियान सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य युद्ध के परिचालन स्तर पर अंतर-सेवा और अंतर-सेवा समन्वय को मजबूत करना था, ताकि तेजी से जटिल होते बहु-क्षेत्रीय वातावरण में भारतीय रक्षा बलों की संयुक्त परिचालन क्षमताओं को सुदृढ़ किया जा सके। विचार-विमर्श में एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय (आईडीएस), भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी (डीएसए) और रक्षा खुफिया एजेंसी (डीआईए) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ नेतृत्व ने भाग लिया।
पश्चिमी वायु कमान के वरिष्ठ वायु सेना अधिकारी, एयर मार्शल जेएस मान ने अपने उद्घाटन भाषण में समकालीन और भविष्य के संघर्षों में संयुक्तता और एकीकृत युद्ध क्षमता के महत्व पर बल दिया। उन्होंने वायु, भूमि, समुद्र, अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्रों में निर्बाध एकीकरण प्राप्त करने वाले सर्वक्षेत्रीय परिचालन दृष्टिकोण की आवश्यकता का उल्लेख किया, जिससे चुनौतीपूर्ण और प्रतिबंधित वातावरण में निर्णायक परिणाम प्राप्त हो सकें। इसके अलावा, उन्होंने सेवाओं के बीच अंतर-संचालनीयता बढ़ाने, क्षेत्र-निरपेक्ष निर्णय लेने की प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने, सेंसर से शूटर तक के संबंधों को मजबूत करने और अधिक दक्षता और प्रभावशीलता के लिए परिचालन प्रक्रियाओं को परिष्कृत करने पर बल दिया।
एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने एडीजेओ 2026 सम्मेलन को संबोधित किया और एकीकृत योजना, खुफिया जानकारी साझा करने और क्षमता प्राथमिकीकरण के लिए संयुक्त व्यवस्था को संस्थागत रूप देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने भविष्य की आकस्मिक स्थितियों के लिए व्यापक परिचालन तत्परता को मजबूत करने के लिए सुसंगत अंतर-सेवा प्रतिक्रियाओं और क्षमता अंतराल की संरचित पहचान पर बल दिया।
उन्होंने सेवाओं के बीच तालमेल बिठाने और एकीकृत परिचालन परिणाम देने के लिए सर्वक्षेत्रीय एकीकरण को आगे बढ़ाने के महत्व पर बल दिया। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने मजबूत एकीकृत परिचालन क्षमता और सतत रणनीतिक तत्परता के निर्माण के लिए त्वरित सैद्धांतिक विकास और तीनों सेनाओं के संसाधनों के समन्वय का समर्थन किया।
सम्मेलन के समापन पर, पश्चिमी वायु कमान के वायु अधिकारी कमान-इन-चीफ, एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने एक व्यापक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर से प्राप्त महत्वपूर्ण सबकों का हवाला देते हुए भविष्य के युद्ध संचालन पर उनके दूरगामी प्रभावों की व्याख्या की। उन्होंने निर्णायक रणनीतिक प्रभाव उत्पन्न करने में वायु शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका, आक्रामक हवाई अभियानों के साथ सतही युद्धाभ्यास के समन्वय की अनिवार्यता और स्टैंड-ऑफ हथियारों के उपयोग से प्राप्त रणनीतिक लाभ पर जोर दिया।
एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने 1971 के युग की विशेषता वाले पारंपरिक घर्षण-आधारित मॉडल और प्रभाव-आधारित संचालन ढांचे से हटकर एक अधिक चुस्त, अनुकूलनीय और पूर्णतः एकीकृत संयुक्त युद्ध प्रतिमान की ओर दृढ़ बदलाव का समर्थन किया। उन्होंने मौजूदा क्षमता अंतराल की पहचान करने और उन्हें पाटने, सभी क्षेत्रों में अभिसरण को सुदृढ़ करने और सर्व-क्षेत्रीय युद्धक्षेत्र में समन्वित, प्रभाव-संचालित प्रतिक्रियाओं के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने की अनिवार्यता पर विशेष ध्यान दिलाया।
सर्वक्षेत्रीय संयुक्त अभियान अभ्यास 2026 एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों के संपूर्ण दायरे में सफलता प्राप्त करने में सक्षम, वास्तव में अंतर-संचालनीय और भविष्य के लिए तैयार संयुक्त बल के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाने की संभावना है। यह पहल राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए संयुक्तता, परिचालन तालमेल और निरंतर अनुकूलन के सिद्धांत के प्रति भारतीय रक्षा बलों की अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।
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भारतीय खेलों का कायाकल्प: डॉ. मनसुख मांडविया ने रखी ₹120 करोड़ की खेल परियोजनाओं की नींव
आरएस अनेजा, 4 फरवरी नई दिल्ली - युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने वर्चुअल माध्यम से खेल इंफ्रास्ट्रक्चर की छह प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला रखी और दो एथलीट सहायता सुविधाओं का उद्घाटन किया, जिनमें कुल 120 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है।
ये पहल भारत के खेल इको-सिस्टम को मजबूत करने और देश भर में विश्व स्तरीय, एथलीट-केंद्रित इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
खेलो इंडिया योजना के तहत जिन छह परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई है, उन्हें कुल 82 करोड़ रुपये की लागत से कार्यान्वित किया जाएगा और इसमें भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) से अतिरिक्त सहायता भी मिलेगी।
ये परियोजनाएं भौगोलिक रूप से पूरे देश में फैली हुई हैं, जिनमें उत्तर-पूर्वी और पूर्वी क्षेत्र भी शामिल हैं, जिससे संतुलित और समावेशी खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास सुनिश्चित होता है।
इनमें बेंगलुरु में सिंथेटिक हॉकी टर्फ का उन्नयन, पटियाला में एक बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण, भोपाल, गुवाहाटी और जलपाईगुड़ी में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक बिछाना और भोपाल में एक बहुउद्देशीय जूडो हॉल का निर्माण शामिल है।
आधारशिला रखने के अलावा, डॉ. मांडविया ने पटियाला स्थित एनएस एनआईएस में 38 करोड़ रुपये के कुल निवेश से निर्मित दो पूर्ण हो चुकी एथलीट सहायता सुविधाओं का उद्घाटन किया।
इनमें एथलीटों के पोषण संबंधी सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक केंद्रीकृत रसोईघर और फूड कोर्ट-सह-डाइनिंग हॉल और एक अत्याधुनिक एकीकृत खेल विज्ञान केंद्र और कंडीशनिंग हॉल शामिल हैं, जो उत्कृष्ट एथलीटों के लिए वैज्ञानिक प्रशिक्षण सहायता, प्रदर्शन विश्लेषण, पुनर्वास और रिकवरी को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा।
सभी हितधारकों के प्रयासों की सराहना करते हुए और परिसंपत्ति प्रबंधन में एसएआई की जिम्मेदारी पर प्रकाश डालते हुए डॉ. मांडविया ने कहा, “देश भर में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर की कई परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं, लेकिन एसएआई के अंतर्गत आने वाली सुविधाएं सीधे तौर पर हमारी जिम्मेदारी हैं। इन परिसंपत्तियों का उचित रखरखाव, मनोनुकूल इस्तेमाल और जहां संभव हो, व्यावसायिक लाभ सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि सार्वजनिक निवेश से दीर्घकालिक मूल्य का सृजन जारी रहे।”
जवाबदेही और समय पर काम पूरा करने पर जोर देते हुए, डॉ. मांडविया ने यह भी बताया कि इन इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की निरंतर निगरानी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि एसएआई स्तर पर मासिक समीक्षा की जाएगी, जबकि त्रैमासिक समीक्षा उनके द्वारा व्यक्तिगत रूप से की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए और निर्मित इंफ्रास्ट्रक्चर का एथलीटों के लाभ के लिए सर्वोत्तम उपयोग किया जाए।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने फकीर मोहन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लिया
आरएस अनेजा, 3 फरवरी नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज ओडिशा के बालासोर में फकीर मोहन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लिया और उसे संबोधित किया। उन्होंने इसके नए सभागार का उद्घाटन किया।
राष्ट्रपति ने इस अवसर पर व्यासकवि फकीर मोहन सेनापति जी को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि अपने विद्यार्थी जीवन के दौरान वे उनकी कालजयी कहानी 'रेवती' से अत्यंत प्रभावित थीं। यह प्रभाव आज भी अमिट है। 19वीं शताब्दी में एक लड़की का शिक्षा प्राप्त करने का दृढ़ संकल्प उनकी हिम्मत का अमिट प्रमाण है। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक दूरस्थ जनजातीय गांव में पढ़ाई की और अपने दृढ़ निश्चय के बल पर भुवनेश्वर गईं, जहां उन्होंने अपनी हाई स्कूल और कॉलेज की शिक्षा पूरी की। इस प्रकार, फकीर मोहन जी उनके लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि फकीर मोहन जी को अपनी मातृभाषा से गहरा प्रेम था। उन्होंने लिखा था, "मेरी मातृभाषा मेरे लिए सर्वोपरि है।" उन्होंने कहा कि मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अपने परिवेश, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक परिवेश को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है। वे अपनी सभ्यता के मूल्यों और जीवनशैली से भलीभांति परिचित हो जाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 मातृभाषा के महत्व पर बल देती है और विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने के लिए मार्गदर्शन करती है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की ज्ञान की समृद्ध परंपरा है। हमारे शास्त्र और पांडुलिपियां ज्ञान और बुद्धिमत्ता से परिपूर्ण हैं। कविता और साहित्य के अलावा, वे विज्ञान, चिकित्सा, खगोल विज्ञान और वास्तुकला जैसे क्षेत्रों में भी ज्ञान का स्रोत हैं। युवा छात्र इस प्राचीन ज्ञान परंपरा में शोध कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अतीत को समझकर और वर्तमान को आत्मसात करके छात्र अपना और देश का भविष्य संवार सकते हैं।
राष्ट्रपति ने स्नातक छात्रों को बधाई दी और कहा कि ज्ञान, लगन और प्रतिबद्धता के बल पर वे समाज में सम्मान और पहचान हासिल कर सकते हैं। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे जहाँ भी जाएँ और जो भी करें, हर प्रयास में सफलता की कुंजी समर्पण है। उन्होंने कहा कि सफल जीवन और सार्थक जीवन एक समान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सफल जीवन अच्छा है, लेकिन जीवन को सार्थक बनाना उससे भी बेहतर है। उन्होंने कहा कि प्रसिद्धि, प्रतिष्ठा और आर्थिक सुरक्षा प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, लेकिन दूसरों के लिए भी कुछ करना चाहिए। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे विकास की राह में पीछे रह गए लोगों की मदद करें। उन्होंने कहा कि समाज का विकास सभी के विकास में निहित है।
राष्ट्रपति ने यह देखकर प्रसन्नता व्यक्त की कि फकीर मोहन विश्वविद्यालय अकादमिक अध्ययन के साथ-साथ अनुसंधान और लोकसंपर्क कार्यक्रमों को भी महत्व देता है। उन्होंने कहा कि बालासोर-भद्रक क्षेत्र धान, पान और मछली के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने इन क्षेत्रों में अनुसंधान और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए विश्वविद्यालय की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के 'बैक टू स्कूल', 'कमाओ और सीखो', 'हर व्यक्ति एक दूसरे को सिखाए' जैसे कार्यक्रम और पर्यावरण जागरूकता एवं समुद्र तट सफाई कार्यक्रम प्रशंसनीय हैं। बालासोर और भद्रक के समुद्र तटों पर नीले केकड़े बहुतायत में पाए जाते हैं, ऐसे में नीले केकड़ों या हॉर्सशू केकड़ों पर अनुसंधान केंद्र की स्थापना विश्वविद्यालय की दूरदर्शिता को दर्शाती है।
राष्ट्रपति ने कहा कि समाज के सभी वर्गों की वृद्धि, सुरक्षा और तकनीकी विकास से देश की प्रगति में तेजी आएगी। इस क्षेत्र में देश के सभी विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। समावेशी विकास, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन के उत्प्रेरक के रूप में कार्य करने की विश्वविद्यालयों की विशेष जिम्मेदारी है। आलोचनात्मक सोच, नैतिक नेतृत्व और स्थानीय एवं वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने वाले अनुसंधान को बढ़ावा देकर उच्च शिक्षा संस्थान एक ऐसे भविष्य का निर्माण कर सकते हैं जो टिकाऊ, न्यायसंगत और मानवीय मूल्यों पर आधारित हो। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि फकीर मोहन विश्वविद्यालय अपनी शैक्षणिक दृष्टि और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से इस दिशा में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगा।
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नरेला में फ्लैट आवंटन हेतु डीडीए ने मांगे आवेदन
दिल्ली, 03 फरवरी (अभी) : दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने सेवारत और सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के लिए अपनी ‘कर्मयोगी आवास योजना–2025’ के अंतर्गत रेडी-टू-मूव आवासीय फ्लैटों के आवंटन हेतु आवेदन आमंत्रित किए हैं।
इस संबंध में डीडीए से आधिकारिक पत्र प्राप्त होने के उपरांत, हरियाणा के मुख्य सचिव कार्यालय ने इस योजना की जानकारी राज्य सरकार के कर्मचारियों तक विभागों एवं अधीनस्थ कार्यालयों समेत उपयुक्त आधिकारिक माध्यमों से प्रसारित कर दी है, ताकि पात्र कर्मचारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन कर सकें।
डीडीए के उपाध्यक्ष श्री एन. सरवन कुमार द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार, इस योजना के तहत पॉकेट-9 (सेक्टर ए-10 से ए-14), नरेला, दिल्ली में स्थित कुल 1,168 रेडी-टू-मूव आवासीय फ्लैटों का आवंटन किया जाएगा। यह पूरा आवासीय पॉकेट विशेष रूप से इसी योजना के आवेदकों के लिए आरक्षित किया गया है। यह योजना केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, स्थानीय निकायों तथा सरकारी विश्वविद्यालयों के सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए बनाई गई है।
इन आवासीय इकाइयों में एक बेडरूम, दो बैडरूम तथा तीन बेडरूम वाले फ्लैट शामिल हैं, जिनमें पार्किंग सुविधा, लिफ्ट, विशाल बालकनी, सामुदायिक केंद्र/क्लब हाउस तथा पर्याप्त खुला हरित क्षेत्र उपलब्ध है। फ्लैटों को 25 प्रतिशत तक की रियायती दरों पर पेश किया जा रहा है। डीडीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिल्ली अथवा दूसरी जगह संपत्ति के स्वामित्व पर कोई प्रतिबंध नहीं है तथा पात्र आवेदक योजना की शर्तों के अनुसार एक या अधिक फ्लैटों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
यह आवासीय परिसर एक सुव्यवस्थित शहरी क्षेत्र का हिस्सा है। वर्तमान एवं प्रस्तावित आधारभूत ढांचा परियोजनाओं से भी इसे लाभ मिलने की संभावना है। इनमें मेट्रो फेज़–4 के अंतर्गत कनेक्टिविटी, बेहतर सड़क नेटवर्क, प्रस्तावित एजुकेशन सिटी की निकटता तथा राष्ट्रीय राजमार्गों एवं प्रमुख शहरी सड़कों से संपर्क शामिल है। प्राधिकरण के मुताबिक अच्छी कनेक्टिविटी के चलते यह स्थान दीर्घकालिक आवासीय निवेश के लिए उपयुक्त है।
योजना की समय-सीमा के अनुसार, 'कर्मयोगी आवास योजना' के लिए पंजीकरण 19 दिसंबर, 2025 से प्रारंभ हो चुका है, जबकि बुकिंग 14 जनवरी, 2026 से शुरू हुई है। यह योजना 31 मार्च, 2026 तक खुली रहेगी। आवेदन डीडीए के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किए जा सकते हैं, जहां पात्रता शर्तों, लेआउट प्लान तथा श्रेणीवार मूल्य से संबंधित विस्तृत जानकारी आधिकारिक ब्रोशर में उपलब्ध है।
इकाईवार उपलब्धता एवं साइट विज़िट से संबंधित अतिरिक्त जानकारी डीडीए की वेबसाइट अथवा हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। विशेष रूप से नरेला क्षेत्र में प्रस्तावित तीव्र शहरी एवं आधारभूत ढांचा विकास को देखते हुए, यह योजना सरकारी कर्मचारियों के लिए किफायती और सुरक्षित आवास विकल्प के रूप में प्रस्तुत की जा रही है।
DDA कर्मयोगी आवास योजना–2025: सरकारी कर्मचारियों के लिए नरेला में 1,168 रेडी-टू-मूव फ्लैटों का सुनहरा अवसर; हरियाणा मुख्य सचिव ने पात्र कर्मियों को आवेदन हेतु दी सूचना; केंद्र, राज्य और PSU के सेवारत व सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 25% तक की भारी छूट; 19 दिसंबर से शुरू हुआ पंजीकरण, 31 मार्च 2026 तक खुला रहेगा पोर्टल; मेट्रो कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा आवासीय परिसर।
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02/02/26 |SAIL और RITES ने डीजल लोकोमोटिव लीजिंग और रखरखाव के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
दिल्ली, 02 फरवरी (अभी) : देश की महारत्न और सार्वजनिक क्षेत्र की स्टील उत्पादक कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने अपने संयंत्रों और खानों में लॉजिस्टिक्स और परिचालन दक्षता को मजबूत करने के लिए नवरत्न उपक्रम राइट्स लिमिटेड (RITES) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया है।
सेल (SAIL) अपने संयंत्रों और खदानों के परिसर के भीतर एक समर्पित 'मिनी रेल नेटवर्क' संचालित करता है ताकि कच्चे माल की आवक, इन-प्रोसेस ट्रांसफर और तैयार उत्पादों के आउट-बाउण्ड बिना रुकावट परिवहन को सुनिश्चित किया जा सके। अपने डीजल लोकोमोटिव बेड़े के प्रभावी रखरखाव, जिसमें वेट-लीज्ड (Wet Leased) लोकोमोटिव भी शामिल हैं, परिचालन को बनाए रखने और भविष्य की क्षमता विस्तार एवं विकास की योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
चूँकि भारतीय रेलवे इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की ओर अपनी संक्रमण गति को तेज कर रहा है, राइट्स (RITES) डीजल लोकोमोटिव संचालन और रखरखाव में मूल्यवान विशेषज्ञता प्रदान करना जारी रखे हुए है, जो सेल के डीजल बेड़े को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। भारतीय रेलवे की सुविधाओं, स्पेयर पार्ट्स और कुशल जनशक्ति के पूल की पहुंच के साथ, राइट्स सेल की परिचालन आवश्यकताओं का को लागू करने और इसके नेटवर्क में विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सक्षम है।
यह सहयोग दोनों संगठनों को अपनी मुख्य दक्षताओं पर ध्यान केंद्रित करने, लागत को अनुकूलित करने, परिचालन दक्षता बढ़ाने और कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में योगदान देने में सक्षम बनाएगा। इस समझौता ज्ञापन पर, सेल की ओर से कार्यपालक निदेशक (प्रचालन) श्री पी.के. बैसाखिया और राइट्स की ओर से कार्यपालक निदेशक (तकनीकी सेवाएं) श्री संदीप जैन ने सेल और राइट्स के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।
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भारत की राष्ट्रपति ने अमृत उद्यान के उद्घाटन समारोह को सुशोभित किया
आरएस अनेजा, 1 फरवरी नई दिल्ली - भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (1 फरवरी, 2026) अमृत उद्यान शीतकालीन वार्षिक संस्करण 2026 के उद्घाटन समारोह को सुशोभित किया।
राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान 3 फरवरी से 31 मार्च, 2026 तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। लोग सप्ताह में छह दिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक (अंतिम प्रवेश शाम 5 बजे) उद्यान का भ्रमण कर सकते हैं। उद्यान सोमवार को बंद रहेगा, क्योंकि यह रखरखाव का दिन है, और होली के कारण 4 मार्च को भी बंद रहेगा।
अमृत उद्यान निम्नलिखित दिनों में विशेष श्रेणियों के लिए खुला रहेगा:
3 मार्च – रक्षा कर्मियों के लिए
5 मार्च – वरिष्ठ नागरिकों के लिए
10 मार्च – महिलाओं और आदिवासी महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए
13 मार्च – दिव्यांगजनों के लिए
उद्यान में प्रवेश और बुकिंग निःशुल्क है। ऑनलाइन बुकिंग https://visit.rashtrapatibhavan.gov.in/ पर की जा सकती है। आगंतुकों के अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से, इस वर्ष मौके पर बुकिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। आगंतुक केवल ऑनलाइन माध्यम से ही टिकट बुक कर सकते हैं। इसलिए, आगंतुकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्लॉट पहले से ही ऑनलाइन बुक कर लें। उन्हें टिकट में उल्लिखित समय-सीमा और अन्य निर्देशों का पालन करने की भी सलाह दी जाती है। किसी विशेष दिन के लिए बुकिंग पिछले दिन सुबह 10:00 बजे बंद हो जाएगी।
सभी आगंतुकों के लिए प्रवेश और निकास राष्ट्रपति भवन परिसर के गेट नंबर 35 से होगा, जो नॉर्थ एवेन्यू और राष्ट्रपति भवन के चौराहे के पास स्थित है। आगंतुकों की सुविधा के लिए, केन्द्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन से गेट नंबर 35 तक शटल बस सेवा सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे के बीच हर 30 मिनट पर उपलब्ध रहेगी। केन्द्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन से अंतिम शटल बस सेवा शाम 4:00 बजे होगी।
आगंतुकों के लिए मार्ग बाल वाटिका - पल्मेरिया गार्डन - बरगद गार्डन - बोन्साई गार्डन - कलकल बहती धारा - केंद्रीय लॉन - लंबा गार्डन - गोलाकार गार्डन होगा।
ट्यूलिप और विभिन्न प्रकार के गुलाबों के अलावा, इस वर्ष आगंतुक कलकल बहती धारा - झरनों वाली एक जलधारा और रिफ्लेक्सोलॉजी पथों वाला बरगद उद्यान देख सकेंगे।
आगंतुक अपने साथ मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक चाबियां, पर्स/हैंडबैग, पानी की बोतलें और शिशुओं के लिए दूध की बोतलें ले जा सकते हैं। सार्वजनिक मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर पीने का पानी, शौचालय और प्राथमिक चिकित्सा/चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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अमृत उद्यान के अलावा, लोग सप्ताह में छह दिन (मंगलवार से रविवार) राष्ट्रपति भवन और राष्ट्रपति भवन का संग्रहालय भी जा सकते हैं। वे प्रत्येक शनिवार को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में गार्ड परिवर्तन समारोह भी देख सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए https://visit.rashtrapatibhavan.gov.in/ पर जाएं।
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19/01/26 |पश्चिम बंगाल में कानून का नहीं, ममता का राज : बीएलओ मृत्यु पर अनिल विज का हमला
नई दिल्ली, 19 जनवरी - हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने पश्चिम बंगाल में हाल ही में बीएलओ की मृत्यु के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि पश्चिम बंगाल की स्थिति बहुत ही चिंताजनक है वहां पर कानून का राज नहीं चलता है वहां पर ममता का राज चलता है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार से बंगाल में संवैधानिक संस्थाओं पर प्रहार किए जा रहे है यह पूरे देश से छुपा हुआ नहीं है और ऐसी गतिविधियों से ये लोग देश के प्रजातंत्र को स्वतंत्र और आजाद नहीं रख पाएंगे। उन्होंने बताया कि बीएलओ मृत्यु की जांच जारी है और उसके तथ्य जुटाए जा रहे है तथा जो भी तथ्य सामने आयेंगे उन्हें बताया जाएगा।
कांग्रेस सारे देश में टुकड़े-टुकड़े हो चुकी: विज
कांग्रेस द्वारा प्रदेश में नगर निगम की कमेटियां बनाए जाने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि कांग्रेस सारे देश में टुकड़े-टुकड़े हो चुकी है ये जब भी बैठते हैं तो टुकड़ों को जोड़ने की कोशिश करते हैं लेकिन टुकड़े जुड़ नहीं पा रहे और टूटे हुए टुकड़ों से कुछ बनाया नहीं जा सकता।
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बिजली व्यवस्था सुधारना सरकार की प्राथमिकता, निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे : ऊर्जा मंत्री अनिल विज
नई दिल्ली/चंडीगढ़, 18 जनवरी - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि बिजली प्रणाली को सुधारना हमारी प्राथमिकता है ताकि उपभोक्ताओं तक निर्बाध गुणवत्तापरक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज आज दिल्ली में मीडिया कर्मियों के सवालों के जवाब दे रहे थे।
बिजली प्रणाली को सुधारना हमारी प्राथमिकता: विज
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से मुलाकात के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में श्री विज ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में विकास को लेकर आज केंद्रीय ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल से बातचीत हुई है ताकि केंद्र के साथ साथ राज्य के लोगों तक ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं का लाभ पहुंच सके। उन्होंने बताया कि बिजली प्रणाली को सुधारना हमारी प्राथमिकता है ताकि उपभोक्ताओं तक निर्बाध गुणवत्तापरक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
ट्रांसफार्मरों और कंडक्टरों का अपग्रेडेशन उच्च पैमाने पर किया जा रहा : विज
उन्होंने बताया कि गर्मियों के मौसम के दौरान ही बिजली आपूर्ति को सुनिश्चित किया जा चुका है इसलिए सर्दियों में अभी फिलहाल किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है तथा मांग और आपूर्ति में भी कोई समस्या नहीं है। श्री विज ने बताया कि राज्य में बिजली के ट्रांसफार्मरों और कंडक्टरों को आवश्यतानुसार अपग्रेड किया जा रहा है। इस प्रकार का अपग्रेडेशन गुरुग्राम और फरीदाबाद में उच्च पैमाने पर किया जा रहा है।
केंद्र सरकार ने हिसार की खेदड़ यूनिट के लिए कोल लिंकेज आवंटित किया: विज
हरियाणा को नया कोल लिंकेज आवंटित होने के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में श्री विज ने कहा कि जब भी नया थर्मल प्लांट या यूनिट लगाई जाती है तो कोल ब्लॉक लेना जरूरी होता है। उन्होंने बताया कि पानीपत और हिसार के खेदड़ में 800-800 मेगावाट की यूनिट लगाई जानी है इसलिए अभी हाल ही में केंद्र सरकार ने हिसार की खेदड़ यूनिट के लिए कोल लिंकेज आवंटित किया है। इस आवंटन से हिसार के खेदड़ की नई यूनिट के कार्य में प्रगति आएगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने यमुनानगर में 800 मेगावाट की नई यूनिट का भी शिलान्यास किया है जिसका कार्य प्रगति पर है।
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18/01/26 |दिल्ली-NCR में 'ट्रिपल अटैक': जहरीली हवा, कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने थामी रफ्तार; GRAP-4 प्रतिबंध लागू
जे कुमार नई दिल्ली, 18 जनवरी 2026: देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम की मार और प्रदूषण के घातक स्तर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) एक बार फिर 400 के आंकड़े को पार करते हुए 'गंभीर+' श्रेणी में पहुँच गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप (GRAP) के चौथे चरण के सख्त प्रतिबंधों को दोबारा प्रभावी कर दिया है। प्रदूषण के साथ-साथ उत्तर भारत इस समय सीजन के सबसे घने कोहरे की चपेट में है, जिससे पूरी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र कोहरे की सफेद चादर में लिपटा नजर आ रहा है।
कोहरे का सबसे ज्यादा असर यमुना से सटे इलाकों और बाहरी दिल्ली में देखने को मिल रहा है, जहाँ दृश्यता (विजिबिलिटी) शून्य दर्ज की गई है। पालम और सफदरजंग मौसम केंद्रों पर भी दृश्यता का स्तर बेहद कम रहा, जिसके कारण यातायात की रफ्तार थम गई है। घने कोहरे के चलते दिल्ली हवाई अड्डे पर उड़ानों के संचालन में देरी हो रही है और दर्जनों ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटे पीछे चल रही हैं। सड़कों पर वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट्स जलाकर रेंगना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक शीत लहर और घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।
GRAP-4 लागू होने के बाद दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है और केवल आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों को ही अनुमति दी जा रही है। साथ ही, सभी प्रकार के निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने स्कूलों को छोटे बच्चों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का सुझाव दिया है और लोगों से बेवजह घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। विशेष रूप से बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए यह जहरीली हवा और कड़ाके की ठंड बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
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सालों के नुकसान के बाद पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटीज़ ने पॉजिटिव, ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल बोले, यह नया अध्याय है
आरएस अनेजा, 18 जनवरी नई दिल्ली - देश की पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटीज़ (DISCOMs और पावर डिपार्टमेंट्स) ने मिलकर FY 2024-25 में ₹2,701 करोड़ का पॉजिटिव प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है, जो इस सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड्स के अनबंडलिंग और कॉर्पोरेटाइजेशन के बाद से पिछले कई सालों से डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटीज़ कुल मिलाकर PAT में नुकसान बता रही थीं।
FY 2024-25 में ₹2,701 करोड़ का पॉजिटिव PAT, FY 2023-24 में ₹25,553 करोड़ के नुकसान और FY 2013-14 में ₹67,962 करोड़ के नुकसान की तुलना में है।
इस पर टिप्पणी करते हुए, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि यह डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर के लिए एक नया अध्याय है और यह डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर की चिंताओं को दूर करने के लिए उठाए गए कई कदमों का नतीजा है।
मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विजन के कारण संभव हुई, जैसा कि उनके शब्दों में कहा गया है कि, “भारत न केवल अपनी ग्रोथ बल्कि दुनिया की ग्रोथ को भी आगे बढ़ा रहा है, जिसमें एनर्जी सेक्टर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है”। श्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार इस सेक्टर में ज़रूरी सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है ताकि पावर सेक्टर हमारी बढ़ती अर्थव्यवस्था को सपोर्ट कर सके और विकसित भारत की यात्रा में अपनी भूमिका निभा सके।
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94 रेल कर्मयोगियों को मेधावी सेवा के लिए सम्मानित किया गया; मंडलों और विभागों को 30 दक्षता शील्ड प्रदान की गईं
नई दिल्ली, 16 जनवरी (अन्नू) :उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा ने आज चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में आयोजित एक गरिमामय समारोह में 70वां विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार प्रदान किया। ये पुरस्कार रेल नेटवर्क के सुचारू संचालन और विकास के प्रति रेल कर्मचारियों के अनुकरणीय समर्पण, कड़ी मेहनत और उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देते हैं।
समारोह के दौरान, महाप्रबंधक ने उत्तर रेलवे के 94 अधिकारियों/कर्मचारियों को उनकी मेधावी सेवाओं के लिए पुरस्कार प्रदान किए। व्यक्तिगत उत्कृष्टता के अलावा, उत्तर रेलवे के उन विभिन्न विभागों और मंडलों को 30 दक्षता शील्ड (Efficiency Shields) प्रदान की गईं, जिन्होंने पिछले वर्ष के दौरान विभिन्न परिचालन मानकों में असाधारण प्रदर्शन किया है।
इसी के तहत अम्बाला एवं दिल्ली मण्डल को संयुक्त रूप से ओवरऑल दक्षता शील्ड प्रदान की गई, अम्बाला मण्डल में 5 विभागों को दक्षता शील्ड प्रदान की गई जिसमें वाणिज्य, सिविल इंजीनियरिंग, लेखा एवं वित्त, हिंदी राजभाषा एवं सुरक्षा के क्षेत्र में प्रदान की गई, मण्डल के विभिन्न विभागों में कार्यरत 06 रेल कर्मयोगियों को विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
इस अवसर पर उत्तर रेलवे के अपर महाप्रबंधक मोहित चंद्र के साथ-साथ सभी प्रधान मुख्य विभागाध्यक्ष, उत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और उत्तर रेलवे के विभिन्न मंडलों के मंडल रेल प्रबंधक भी उपस्थित थे।
पुरस्कार विजेताओं और सभा को संबोधित करते हुए अशोक कुमार वर्मा ने कहा, "भारतीय रेल माननीय प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत 2047' के विजन को पूरा करने की दिशा में अथक प्रयास कर रही है। इस विजन को साकार करने में उत्तर रेलवे की महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारे भविष्य के रोडमैप में नवाचार, अडिग सुरक्षा मानक, गहन प्रशिक्षण और संरचनात्मक सुधारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।"
महाप्रबंधक ने ट्रैक रखरखाव और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संगठन के भीतर एक सांस्कृतिक परिवर्तन का आह्वान करते हुए अधिकारियों से "औपनिवेशिक मानसिकता को त्यागने" और रेल प्रशासन के प्रति अधिक सक्रिय, नागरिक-केंद्रित और कुशल दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और उत्तर रेलवे के पूरे कार्यबल को नए उत्साह और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
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"नए भारत का चेहरा हैं NCC कैडेट्स": सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने युवाओं में भरा जोश
आरएस अनेजा, 14 जनवरी नई दिल्ली - सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने आज दिल्ली कैंट में नेशनल कैडेट कोर (NCC) गणतंत्र दिवस कैंप का दौरा किया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का हवाला देते हुए, उन्होंने युवाओं को "नए भारत का चेहरा" बताया और इस बात पर ज़ोर दिया कि वे देश की सबसे शक्तिशाली आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो अनुशासन, उद्देश्य और प्रतिबद्धता के माध्यम से राष्ट्रीय परिवर्तन लाने में सक्षम हैं।
COAS ने हाल के वर्षों में NCC कैडेट्स के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर को भारत के लचीलेपन के प्रदर्शन के रूप में बताया गया, जिसके दौरान 75,000 से ज़्यादा NCC कैडेट्स ने देश भर में नागरिक सुरक्षा, अस्पताल प्रबंधन, राहत सामग्री के वितरण और सामुदायिक सेवा में स्वेच्छा से भाग लिया। आधुनिकीकरण पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने कैडेट प्रशिक्षण में शामिल नए उपायों की सराहना की, जैसे ड्रोन प्रशिक्षण की शुरुआत, पुनीत सागर अभियान, एक भारत श्रेष्ठ भारत, एक पेड़ मां के नाम, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और स्वच्छ भारत अभियान जैसी राष्ट्रीय पहलों में भागीदारी, और युवा आपदा मित्र योजना के तहत 28 राज्यों के 315 जिलों में 94,400 कैडेट्स को आपदा तैयारी प्रशिक्षण। उन्होंने यह भी बताया कि 35,000 से ज़्यादा कैडेट्स ने देश भर में सेना इकाइयों और सैन्य अस्पतालों के साथ अटैचमेंट प्रशिक्षण किया है।
अपने समापन भाषण में, सेना प्रमुख ने इस बात पर ज़ोर दिया कि NCC सशस्त्र बलों में शामिल होने का एक महत्वपूर्ण रास्ता बना हुआ है, और बताया कि इस साल 150 से ज़्यादा कैडेट्स सैन्य प्रशिक्षण अकादमियों में शामिल हुए हैं। उन्होंने युवाओं से विचार, प्रौद्योगिकी और चरित्र में आत्मनिर्भरता अपनाने और IIT में आर्मी सेल और भारतीय सेना इंटर्नशिप कार्यक्रम 2025-26 जैसी पहलों के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। कैडेट्स से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, अनुशासन के साथ मार्च करने और समर्पण के साथ सेवा करने का आग्रह करते हुए, उन्होंने कहा कि एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित भारत का निर्माण उसके युवा ही करेंगे।
जनरल द्विवेदी ने कैडेट्स की त्रुटिहीन उपस्थिति और अनुकरणीय आचरण के लिए उनकी सराहना की, और गार्ड ऑफ ऑनर के शानदार प्रदर्शन, द सिंधिया स्कूल, ग्वालियर द्वारा बैंड प्रदर्शन, ध्वज क्षेत्र प्रस्तुति और कैडेट्स द्वारा जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला, जिन्होंने भारत की विविधता में एकता को प्रदर्शित किया। इस इवेंट के हिस्से के तौर पर, उन्होंने 'फ्लैग एरिया' का भी दौरा किया, जिसे NCC कैडेट्स ने तैयार किया था और पेश किया था। इसमें उन्होंने अपने-अपने राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक विरासत और डेवलपमेंट की प्रगति को दिखाया, और NCC 'हॉल ऑफ फेम' भी देखा। कैडेट्स ने स्टैटिक और फंक्शनल शिप मॉडल और एयरोमॉडलिंग के ज़रिए अपनी क्रिएटिविटी और टेक्निकल काबिलियत का भी प्रदर्शन किया।
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'कुत्तों को खिलाना है तो घर ले जाएं': आवारा कुत्तों के आतंक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, अब काटने पर राज्य सरकारों को देना होगा भारी मुआवजा
नई दिल्ली, 13 जनवरी (अभी) : देश के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों और उससे होने वाली मौतों पर सुप्रीम कोर्ट ने आज एक ऐतिहासिक और कड़ा रुख अपनाया है। 13 जनवरी 2026 को हुई सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय की जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने स्पष्ट कर दिया कि अब मानवीय सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अदालत ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए आदेश दिया है कि यदि किसी बच्चे या बुजुर्ग की कुत्ते के काटने से मौत होती है या वह जख्मी होता है, तो संबंधित राज्य सरकार इसके लिए उत्तरदायी होगी और उसे पीड़ित परिवार को भारी मुआवजा देना होगा।
सुनवाई के दौरान अदालत की तल्खी उस समय और बढ़ गई जब आवारा कुत्तों को खाना खिलाने वाले संगठनों और व्यक्तियों की जिम्मेदारी का मुद्दा उठा। जस्टिस विक्रम नाथ ने कड़े शब्दों में कहा कि जो लोग कुत्तों को सड़कों पर खाना खिलाते हैं, उन्हें उनकी जवाबदेही भी लेनी होगी। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि "एक काम करें, इन कुत्तों को अपने घर ले जाएं, उन्हें सड़कों पर आवारा भटकने के लिए क्यों छोड़ा जाता है जहाँ वे लोगों को डराते हैं और उन पर हमला करते हैं?" जब वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने इसे एक भावनात्मक मुद्दा बताया, तो बेंच ने पलटवार करते हुए कहा कि यह भावुकता केवल जानवरों के प्रति ही क्यों दिखाई देती है, इंसानों की सुरक्षा का क्या?
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 7 नवंबर 2025 को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया था, जिसमें अस्पतालों, स्कूलों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को पूरी तरह हटाने का निर्देश दिया गया था। आज की सुनवाई में कोर्ट ने अधिकारियों की निष्क्रियता पर भी नाराजगी जताई और कहा कि प्रशासन की ढिलाई के कारण ही यह समस्या आज विकराल रूप ले चुकी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों पर आम नागरिकों का सुरक्षित आवाजाही का अधिकार सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की फीडिंग या पशु प्रेम को इंसानी जान की कीमत पर बढ़ावा नहीं दिया जा सकता।
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रेस्तरां में 'सर्विस चार्ज' की जबरन वसूली पर लगाम: CCPA ने 27 रेस्तरां पर की सख्त कार्रवाई
आरएस अनेजा, 11 जनवरी नई दिल्ली - केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(47) के तहत अनुचित व्यापार प्रथाओं को अपनाने के लिए देश भर में 27 रेस्तरां के खिलाफ स्वतः संज्ञान लिया है ,जो सेवा शुल्क की अनिवार्य लेवी से संबंधित है।
यह कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय के 28 मार्च 2025 के फैसले के बाद की गई है जिसमें सेवा शुल्क लगाने के संबंध में सीसीपीए द्वारा जारी दिशानिर्देशों को बरकरार रखा गया था। न्यायालय ने माना कि रेस्तरां द्वारा अनिवार्य रूप से सेवा शुल्क वसूलना कानून के विरुद्ध है और कहा कि सभी रेस्तरां प्रतिष्ठानों को सीसीपीए के दिशानिर्देशों का पालन करना आवश्यक है। न्यायालय ने यह भी पुष्टि की कि सीसीपीए कानून के अनुसार अपने दिशानिर्देशों को लागू करने के लिए पूर्ण रूप से सशक्त है।
जांच से पता चला कि कैफे ब्लू बॉटल, पटना और चाइना गेट रेस्टोरेंट प्राइवेट लिमिटेड (बोरा बोरा) , मुंबई सहित कई रेस्टोरेंट, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और सीसीपीए दिशानिर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए, स्वतः ही 10 प्रतिशत सेवा शुल्क वसूल रहे थे, जिसे अब दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी बरकरार रखा है।
यह कार्रवाई राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर शुरू की गई थी, जिसमें सेवा शुल्क की जानबूझकर अतिरिक्त राशि दर्शाने वाले बिल भी शामिल थे। विस्तृत जांच से यह सिद्ध हुआ कि इस प्रकार की प्रथा अधिनियम की धारा 2(47) के अंतर्गत अनुचित व्यापार व्यवहार है।
पटना स्थित कैफे ब्लू बॉटल के मामले में , सीसीपीए ने रेस्तरां को निम्नलिखित निर्देश दिए:
उपभोक्ता को सेवा शुल्क की पूरी राशि वापस करें
सेवा शुल्क लगाने की प्रथा को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए
30,000 रुपये का जुर्माना अदा करें
मुंबई के बोरा बोरा स्थित चाइना गेट रेस्टोरेंट प्राइवेट लिमिटेड के मामले में , रेस्टोरेंट ने सुनवाई के दौरान सेवा शुल्क वापस कर दिया। सीसीपीए ने रेस्टोरेंट को आगे निम्नलिखित निर्देश दिए:
इसके सॉफ़्टवेयर-जनरेटेड बिलिंग सिस्टम को संशोधित करें ताकि जानबूझकर रूप से सेवा शुल्क या इसी तरह के किसी भी शुल्क को न जोड़ा जाए।
उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन और अनुचित व्यापार प्रथा के लिए 50,000 रुपये का जुर्माना अदा करें।
यह सुनिश्चित करें कि सार्वजनिक प्लेटफार्मों पर उपलब्ध इसकी ईमेल आईडी, अधिनियम के तहत अनिवार्य रूप से उपभोक्ता शिकायतों के प्रभावी निवारण के लिए, हर समय सक्रिय और कार्यशील बनी रहे।
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर सेवा शुल्क लगाने के संबंध में प्राप्त शिकायतों पर कड़ी निगरानी रख रहा है और उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा करने और अनुचित व्यापार प्रथाओं को रोकने के लिए नियमों का पालन न करने वाले रेस्तरां के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना जारी रखेगा।
होटल और रेस्तरां में सेवा शुल्क लगाने के संबंध में अनुचित व्यापार प्रथाओं की रोकथाम और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए सीसीपीए द्वारा 4 जुलाई 2022 को जारी किए गए दिशानिर्देशों में यह निर्धारित किया गया है कि :
कोई भी होटल या रेस्तरां खाने के बिल में स्वचालित रूप से या जानबूझकर से सेवा शुल्क नहीं जोड़ेगा।
किसी भी अन्य नाम से सेवा शुल्क नहीं लिया जाएगा।
उपभोक्ताओं को सेवा शुल्क का भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा और उन्हें स्पष्ट रूप से सूचित किया जाना चाहिए कि यह स्वैच्छिक और वैकल्पिक है।
सेवा शुल्क का भुगतान करने से इनकार करने पर प्रवेश या सेवाओं के प्रावधान पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।
बिल में सेवा शुल्क नहीं जोड़ा जाएगा और इस पर जीएसटी लागू नहीं होगा।
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गणतंत्र दिवस परेड 2026 में पहली बार कर्तव्य पथ पर दिखेगा भारतीय सेना का 'मल्टी-एनिमल' दस्ता
आरएस अनेजा, 7 जनवरी नई दिल्ली - भारतीय सेना के रिमाउंट एंड वेटरनरी कॉर्प्स के जानवरों का एक खास दस्ता गणतंत्र दिवस 2026 परेड मार्च में पहली बार शामिल होगा। इस दस्ते में दो बैक्ट्रियन ऊंट, चार जांस्कर टट्टू, चार शिकारी पक्षी, दस भारतीय नस्ल के आर्मी कुत्ते, साथ ही पहले से सेवा में मौजूद छह पारंपरिक मिलिट्री कुत्ते शामिल होंगे।
ये सब मिलकर भारतीय सेना के ऑपरेशनल इकोसिस्टम में परंपरा, इनोवेशन और आत्मनिर्भरता का मिश्रण का प्रदर्शन करेंगे तथा देश की सबसे मुश्किल सीमाओं की सुरक्षा में जानवरों की अहम भूमिका को उजागर करेंगे।
जानवरों का यह दस्ता गणतंत्र दिवस 2026 पर सलामी मंच के सामने से गुजरेगा जो याद दिलाएगा कि भारत की रक्षा शक्ति सिर्फ मशीनों और सैनिकों से नहीं बनी है।
दस्ते की अगुवाई मजबूत बैक्ट्रियन ऊंट करेंगे, जिन्हें हाल ही में लद्दाख के ठंडे रेगिस्तानों में ऑपरेशन के लिए शामिल किया गया है। ये ऊंट बहुत ज़्यादा ठंड, पतली हवा और 15,000 फीट से ज़्यादा ऊंचाई के लिए पूरी तरह से अनुकूल हैं। ये 250 किलोग्राम तक का बोझ उठा सकते हैं और कम पानी और चारे के साथ लंबी दूरी तय कर सकते हैं।
गौरतलब है कि रीमाउंट वेटरनरी कोर (RVC) भारतीय सेना की एक महत्वपूर्ण, ऐतिहासिक शाखा है जो घोड़ों, कुत्तों, खच्चरों और यहां तक कि ऑपरेशनल सपोर्ट के लिए इस्तेमाल होने वाले पक्षियों जैसे सभी सैन्य जानवरों की ब्रीडिंग, पालन-पोषण, ट्रेनिंग और हेल्थकेयर के लिए ज़िम्मेदार है, खासकर मुश्किल इलाकों में। RVC अधिकारी वेटरनरी ग्रेजुएट होते हैं जो जानवरों के कल्याण, बीमारी नियंत्रण और ऑपरेशनल तैयारी का प्रबंधन करते हैं, लॉजिस्टिक्स और विशेष भूमिकाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सपोर्ट सिस्टम के रूप में काम करते हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि ये जानवर चुनौतीपूर्ण माहौल में ड्यूटी के लिए फिट रहें।
सेवा जानवरों में घोड़े, कुत्ते, टट्टू, ऊंट आदि शामिल है। इसके अलावा सामरिक तैनाती के लिए जानवरों की फिटनेस सुनिश्चित करना, जिसमें ऊंचे पहाड़ी इलाके (जैसे लद्दाख के ज़ांस्कर टट्टू) और विशेष इकाइयाँ (जैसे मुधोल हाउंड) शामिल हैं।
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JNU में फिर बढ़ा तनाव: पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी, यूनिवर्सिटी प्रशासन का सख्त रुख
नई दिल्ली 7 जनवरी (अन्नू ) : दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। सोमवार रात कैंपस के भीतर कुछ छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध आपत्तिजनक और विवादित नारे लगाने का मामला सामने आया है। इस घटना का एक 35 सेकंड का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्र 'कब्र खुदेगी' जैसे भड़काऊ नारे लगाते नजर आ रहे हैं।
विवाद की मुख्य वजह
यह विरोध प्रदर्शन दरअसल 2020 दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के बाद शुरू हुआ। प्रदर्शनकारियों ने अदालती फैसले के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए यह मार्च निकाला था।
प्रशासन की कड़ी कार्रवाई
वीडियो सामने आने के बाद JNU प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट का कहना है कि वे संस्थान को 'नफरत की प्रयोगशाला' नहीं बनने देंगे।
FIR दर्ज: प्रशासन ने वसंत कुंज पुलिस को पत्र लिखकर नारेबाजी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
सस्पेंशन की चेतावनी: यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि यह कोड ऑफ कंडक्ट (नियमों) का सीधा उल्लंघन है और दोषी पाए जाने वाले छात्रों को निलंबित (Suspend) किया जाएगा।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस घटना ने देश के सियासी गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है:
बीजेपी (BJP): पार्टी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इसे 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' की हरकत बताया है। उनका कहना है कि यह अभिव्यक्ति की आजादी नहीं बल्कि राष्ट्रविरोधी विचारधारा का प्रचार है।
कांग्रेस (Congress): पूर्व सांसद उदित राज ने इसे जनता का गुस्सा बताया। उन्होंने कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम के साथ अन्याय हो रहा है और कोर्ट का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है।
JNU छात्र संघ: अध्यक्ष अदिति मिश्रा के मुताबिक, यह प्रदर्शन 5 जनवरी 2020 की हिंसा की याद में था और नारे किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ न होकर वैचारिक थे।
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07/01/26 |प्रधानमंत्री ने भारतीय तटरक्षक जहाज (ICGS) समुद्र प्रताप के कमीशनिंग की सराहना की
आरएस अनेजा, 7 जनवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडियन कोस्ट गार्ड शिप (ICGS) समुद्र प्रताप के कमीशनिंग की सराहना करते हुए कहा कि यह भारत की समुद्री यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि इस एडवांस्ड जहाज का शामिल होना कई कारणों से खास है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कमीशनिंग रक्षा और समुद्री क्षमता में आत्मनिर्भर भारत के भारत के विजन को मजबूती देती है। उन्होंने आगे कहा कि यह देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करता है, तटीय निगरानी को बढ़ाता है और भारत के विशाल समुद्री हितों की रक्षा करता है। यह सस्टेनेबिलिटी के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को भी दिखाता है, जिसमें पर्यावरण के अनुकूल संचालन सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट किया गया है।
X पर राजनाथ सिंह की एक पोस्ट का जवाब देते हुए, श्री मोदी ने लिखा कि “इंडियन कोस्ट गार्ड शिप (ICGS) समुद्र प्रताप की कमीशनिंग कई कारणों से खास है, जिसमें यह तथ्य भी शामिल है कि यह आत्मनिर्भरता के हमारे विजन को मजबूती देता है, हमारी सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देता है और सस्टेनेबिलिटी के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाता है, और भी बहुत कुछ।”
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