Skip to Videos
  • Untitled Project - 2026-07-07T160753.834.jpg

    अमरनाथ यात्रा: 5 दिनों में 85 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन; आज 1 लाख पार हो सकता है आंकड़ा, छठा जत्था भी पहुंचा कश्मीर

    जम्मू/श्रीनगर, 07 जुलाई, (अन्‍नू): वार्षिक अमरनाथ यात्रा में तीर्थयात्रियों का उत्साह चरम पर है और हर दिन भारी भीड़ देखी जा रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यात्रा के पांचवें दिन 28,818 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा मंदिर में बाबा बर्फानी के दर्शन किए। इसी के साथ, 3 जुलाई से शुरू हुई इस यात्रा में अब तक दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की कुल संख्या 85,779 पहुंच गई है।

    श्रद्धालुओं का आंकड़ा 1 लाख पार होने की उम्मीद

    तीर्थयात्रियों के लगातार आने से उम्मीद जताई जा रही है कि आज श्रद्धालुओं की कुल संख्या एक लाख का आंकड़ा पार कर जाएगी। इस बीच, कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच मंगलवार तड़के जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से रवाना हुआ छठा जत्था पूरी तरह सुरक्षित कश्मीर पहुंच गया है।

    267 वाहनों के काफिले में रवाना हुए यात्री

    अधिकारियों ने बताया कि बालटाल जाने वाला काफिला सुबह 3:10 बजे रवाना हुआ, जबकि पहलगाम जाने वाला काफिला सुबह 3:50 बजे पुलिस, सीआरपीएफ (CRPF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी में निकला। इस पूरे काफिले में कुल 267 वाहन शामिल थे, जिनमें 126 बसें, 32 मीडियम मोटर वाहन (MMV), 104 लाइट मोटर वाहन (LMV) और पांच दोपहिया वाहन शामिल थे।

    सुरक्षा, चिकित्सा और लॉजिस्टिक्स के कड़े इंतजाम

    प्रशासन ने यात्रा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए बालटाल और पहलगाम, दोनों मार्गों पर व्यापक सुरक्षा, चिकित्सा और लॉजिस्टिकल इंतजाम किए हैं। इनमें चौबीसों घंटे सीसीटीवी निगरानी, ट्रैफिक कंट्रोल, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं और सुरक्षा कर्मियों की भारी तैनाती शामिल है। अधिकारियों के मुताबिक, अच्छे मौसम और कड़े सुरक्षा इंतजामों के चलते यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है। इस बार देश के साथ-साथ कई विदेशी नागरिकों ने भी पवित्र गुफा के दर्शन किए हैं।

    57 दिनों तक चलेगी पवित्र यात्रा

    गौरतलब है कि 57 दिनों तक चलने वाली इस पवित्र अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 3 जुलाई को गांदरबल के बालटाल कैंप और अनंतनाग के पहलगाम स्थित नुनवान बेस कैंप, दोनों जगहों से एक साथ हुई थी। प्रशासन का कहना है कि पूरी यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी उपाय लगातार किए जा रहे हैं।

    #AmarnathYatra2026 #AmarnathYatra #BabaBarfani #JammuKashmir #AmarnathYatraUpdate #Baltal #Pahalgham #SecurityForces #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-07-07T153802.983.jpg

    NIA का बड़ा एक्शन: पहलगाम आतंकी हमले में हाफिज सईद के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल; भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश का आरोप

    नई दिल्ली/जम्मू, 07 जुलाई, (अन्‍नू): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। NIA द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, आतंकवाद निरोधी एजेंसी ने सोमवार को पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के सरगना व संस्थापक हाफिज सईद के खिलाफ जम्मू की विशेष एनआईए अदालत में सप्लीमेंट्री चार्जशीट (पूरक आरोप पत्र) दाखिल कर दी है।

    देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से साजिश रचने की धाराएं शामिल

    NIA की प्रेस रिलीज के मुताबिक, हाफिज सईद को उसकी व्यक्तिगत क्षमता और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा व उसके प्रॉक्सी संगठन TRF के प्रमुख के रूप में नामजद किया गया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। चार्जशीट में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से आतंकी साजिश रचने के लिए विशेष दंडात्मक धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

    वैज्ञानिक और ऑन-ग्राउंड जांच से जुटाए पुख्ता सबूत

    यह पूरक आरोप पत्र पहले दाखिल की जा चुकी 1,597 पन्नों की मूल चार्जशीट के सिलसिले में ही पेश किया गया है। इसमें पाकिस्तान की गहरी साजिश, हाफिज सईद की मुख्य भूमिका और एनआईए द्वारा की गई सटीक वैज्ञानिक व ऑन-ग्राउंड जांच के जरिए जुटाए गए सभी पुख्ता और समर्थक सबूत शामिल हैं। इससे पहले 15 दिसंबर 2025 को दाखिल की गई चार्जशीट में पाकिस्तानी हैंडलर साजिद जाट, 'ऑपरेशन महादेव' में मारे गए तीन आतंकियों और दो गिरफ्तार आरोपियों को नामजद किया गया था।

    पहलगाम में हुआ था 26 लोगों का टारगेटेड कत्लेआम

    गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों ने धर्म के आधार पर टारगेटेड किलिंग को अंजाम दिया था। इस कायरतापूर्ण हमले में 25 निर्दोष पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक (कुल 26 लोगों) की जान चली गई थी। इस मामले में शुरुआती एफआईआर (नंबर 25/2025) अनंतनाग जिले के पहलगाम पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी, जिसे बाद में गृह मंत्रालय के आदेश पर गहन जांच के लिए एनआईए को ट्रांसफर कर दिया गया था। एनआईए सीमा पार से रची जा रही इस पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए लगातार जांच में जुटी है।

    #NIAAction #HafizSaeed #PahalgamTerrorAttack #LeT #TRF #SupplementaryChargesheet #UAPA #KashmirTerrorism #BreakingNews #DanikKhabar

  • CBI 1.jpg

    NHAI शिलॉन्ग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रिश्वतखोरी मामले में गिरफ्तार; 4 लाख लेते रंगे हाथों दबोचा

    नई दिल्ली/शिलॉन्ग, 07 जुलाई, (अन्‍नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की है। CBI द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, जांच एजेंसी ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) शिलॉन्ग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और दो निजी व्यक्तियों को एक रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया है।

    यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर 1 जुलाई 2026 को दर्ज किए गए आपराधिक मामले के तहत की गई है।

    13.38 करोड़ के बिल पास करने के बदले मांगी थी 12 लाख की रिश्वत

    CBI की प्रेस रिलीज के मुताबिक, आरोपी प्रोजेक्ट डायरेक्टर पर आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता के करीब 13.38 करोड़ रुपए के बकाया बिलों को पास करने और प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बदले 12 लाख रुपए की रिश्वत (undue advantage) मांगी थी।

    आरोपी लोक सेवक ने शिकायतकर्ता को निर्देश दिया था कि वह रिश्वत की कुल राशि में से 4 लाख रुपए एडवांस के तौर पर दे।

    गुवाहाटी में बिछाया गया था रिश्वत के पैसों का जाल

    प्रेस रिलीज के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने शिकायतकर्ता को एडवांस के 4 लाख रुपए गुवाहाटी में एक निजी व्यक्ति को सौंपने के लिए कहा था। इसके बाद उस निजी व्यक्ति ने पैसों को गुवाहाटी में ही एक अन्य निजी व्यक्ति को सौंपने का निर्देश दिया।

    इस पूरी साजिश की भनक लगते ही CBI ने जाल बिछाया (Trap) और आरोपी निजी व्यक्ति को शिकायतकर्ता से 4 लाख रुपए की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।

    आरोपी अधिकारी समेत तीन गिरफ्तार, परिसरों की तलाशी जारी

    रंगे हाथों दबोचे जाने के बाद, CBI ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए NHAI के मुख्य आरोपी प्रोजेक्ट डायरेक्टर और सांठगांठ में शामिल दोनों निजी व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद जांच एजेंसी ने आरोपियों के संबंधित ठिकानों और परिसरों की सघन तलाशी (Searches) ली है। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।

    #CBIRaid #NHAIShillong #BriberyCase #CorruptionAlert #CBIArrest #GuwahatiNews #GovernmentOfficerArrested #BreakingNews #DanikKhabar

  • cbi (1).jpg

    CBI की बड़ी कार्रवाई: BRO फंड हेरफेर मामले में देश के 11 राज्यों में 26 जगहों पर छापेमारी; लेफ्टिनेंट कर्नल और मेजर समेत 10 अफसरों पर FIR

    नई दिल्ली, 07 जुलाई, (अन्‍नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) में सरकारी फंड के गबन और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में देशव्यापी बड़ी कार्रवाई की है। CBI द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, जांच एजेंसी ने इस घोटाले के सिलसिले में देश के 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित कुल 26 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ सघन छापेमारी (Searches) की है।

    यह कार्रवाई सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा तैयार करने वाले संगठन BRO में हुए बड़े फंड हेरफेर से जुड़े 4 आपराधिक मामलों के तहत की गई है।

    रक्षा मंत्रालय की शिकायत पर 4 एफआईआर दर्ज

    CBI की प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह पूरा मामला लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में चल रहे 'प्रोजेक्ट विजयक' (Project Vijayak) और 'प्रोजेक्ट योजक' (Project Yojak) में संविदात्मक / आकस्मिक श्रमिकों (Casual Labourers) की तैनाती में हुई भारी अनियमितताओं से जुड़ा है। जांच में सामने आया है कि फर्जी और कागजी श्रमिकों के नाम पर अवैध रूप से सरकारी भुगतान जारी किए गए।

    BRO के तकनीकी अधिकारियों के बोर्ड (Technical Board of Officers) द्वारा की गई एक आंतरिक जांच के बाद, रक्षा मंत्रालय की ओर से दर्ज कराई गई आपराधिक शिकायतों के आधार पर CBI ने इस मामले में 4 एफआईआर दर्ज की हैं।

    लेफ्टिनेंट कर्नल, मेजर और इंजीनियरों के खिलाफ केस

    इस महाघोटाले में सेना और विभाग के बड़े अधिकारी रडार पर आ गए हैं। एफआईआर में सरकारी धन का गबन, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश (IPC के तहत) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act), 1988 के तहत आपराधिक कदाचार और रिश्वतखोरी के आरोप लगाए गए हैं।

    CBI ने इस मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल (Lt. Col.), मेजर (Major) और इंजीनियर रैंक के कुल 10 सैन्य व असैन्य अधिकारियों समेत कई निजी व्यक्तियों को नामजद किया है।

    छापेमारी में मिले कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत

    CBI ने देश के जिन 11 राज्यों/यूटी में छापेमारी की है, उनमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड शामिल हैं।

    इस तलाशी अभियान के दौरान जांच एजेंसी ने आरोपियों के ठिकानों से कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य (Digital Evidence) बरामद किए हैं। CBI का कहना है कि वह इन मामलों की गहन और व्यापक जांच को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    #CBIRaid #CBIInvestigation #BROScam #BorderRoadsOrganization #MinistryOfDefence #LadakhProject #CorruptionCase #IndianArmyOfficers #BreakingNews #DanikKhabar

  • ED.jpg

    ED की बड़ी कार्रवाई: NTPC के पूर्व एजीएम की 3.15 करोड़ की संपत्ति कुर्क; आय से अधिक संपत्ति मामले में भोपाल जोनल ऑफिस ने कसा शिकंजा

    भोपाल/सिंगरौली, 07 जुलाई, (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) के भोपाल जोनल ऑफिस ने भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ED द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, एनटीपीसी (NTPC) विंध्यनगर, सिंगरौली के पूर्व एडिशनल जनरल मैनेजर (बिजनेस एक्सीलेंस) राकेश कुमार उपाध्याय के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनकी करीब 3.15 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) कर लिया गया है।

    यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है।

    CBI की एफआईआर और चार्जशीट के बाद ED ने दर्ज किया केस

    ED की प्रेस रिलीज के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) के आधार पर शुरू की गई थी। CBI का यह मामला राकेश कुमार उपाध्याय द्वारा 23 सितंबर 2007 से 30 नवंबर 2019 के बीच अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने से जुड़ा है।

    शुरुआत में CBI की एफआईआर में यह बेनामी संपत्ति 1.39 करोड़ रुपए (52.95%) आंकी गई थी, जिसे बाद में चार्जशीट में संशोधित कर 1.16 करोड़ रुपए कर दिया गया, जो उनकी वैध आय का 76.57% हिस्सा है।

    बैंक खातों में कैश डिपॉजिट और फिक्स डिपॉजिट का खेल

    ED की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच के अनुसार, आरोपी ने कई बैंक खाते खोल रखे थे, जिनमें सुनियोजित तरीके से कुल 40.37 लाख रुपए का कैश डिपॉजिट किया गया। इसके बाद इन पैसों को एक खाते से दूसरे खाते में बार-बार ट्रांसफर (लेयरिंग) किया गया।

    इस हेरफेर के जरिए अंततः 1.88 करोड़ रुपए की एक बड़ी फिक्स डिपॉजिट (FD) तैयार की गई। जांच में यह भी सामने आया कि वाराणसी के चितईपुर स्थित राजीव नगर में बना एक आवासीय मकान भी इसी अवधि के दौरान कमाए गए अवैध पैसों से फाइनेंस किया गया था।

    वाराणसी का मकान और करोड़ों की एफडी कुर्क

    ED ने अपनी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के बाद कुल 3.15 करोड़ रुपए की जिन संपत्तियों को कुर्क किया है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

    • आवासीय मकान: वाराणसी के राजीव नगर स्थित मकान, जिसकी कीमत लगभग 1.26 करोड़ रुपए है।

    • फिक्स डिपॉजिट (FD): बैंक खातों में जमा 1.88 करोड़ रुपए की एफडी।

    ED ने इन संपत्तियों को अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) मानते हुए जब्त किया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

    #EDAction #BhopalED #NTPCSingrauli #MoneyLaundering #PMLA #CBIInvestigation #CorruptOfficer #VaranasiProperty #AssetsAttached #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-07-07T095842.710.jpg

    नोएडा: सुरभि इंटरनेशनल कंपनी में लगी भीषण आग; लाखों का सामान खाक, शार्ट सर्किट बनी वजह

    नोएडा, 07 जुलाई, (अन्‍नू): नोएडा के फेज-2 थाना क्षेत्र के सेक्टर-88 स्थित 'सुरभि इंटरनेशनल' कंपनी में सोमवार देर रात करीब 12 बजे भीषण आग लग गई। गनीमत रही कि घटना के समय कंपनी बंद थी, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कंपनी के अंदर रखा लाखों रुपए का सामान जलकर खाक हो गया।

    मुख्य दमकल अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि आग बी-ब्लॉक स्थित कंपनी के इलेक्ट्रिक पैनल में शॉर्ट सर्किट होने के कारण लगी, जिसने देखते ही देखते पूरी कंपनी को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 8 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब 3 घंटे की भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल दमकल विभाग आग से हुए सटीक नुकसान का आकलन करने में जुटा है।

    #NoidaNews #NoidaFire #Sector88 #FireAccident #ShortCircuit #NoidaPolice #FireBrigade #BreakingNews #DanikKhabar

  • cbi (1).jpg

    CBI की बड़ी कामयाबी: 2002 के गढ़वा किला मूर्ति चोरी और मर्डर केस का आखिरी फरार आरोपी रामनारायण उर्फ हैदर गिरफ्तार

    प्रयागराज, 6 जुलाई (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, सीबीआई ने करीब 24 साल पुराने ऐतिहासिक गढ़वा किला डकैती, मर्डर और प्राचीन मूर्ति चोरी के मामले में सालों से फरार चल रहे आखिरी मुख्य आरोपी रामनारायण उर्फ हैदर को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। सीबीआई की विशेष टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के थाना खागा क्षेत्र के अंतर्गत आते गांव नसीरपुर से दबोचा है। इस शातिर आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही इस हाई-प्रोफाइल केस के सभी फरार नामजद आरोपी अब कानून के शिकंजे में आ चुके हैं।

    गढ़वा किले में वॉचमैन की हत्या कर लूटी थी भगवान बुद्ध की मूर्ति

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, यह मामला साल 2002 का है, जब उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित ऐतिहासिक गढ़वा किले में एक दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया गया था।

    • क्रूरता से मर्डर: 21 और 22 अप्रैल 2002 की दरमियानी रात आरोपी विजय कुमार शुक्ला के नेतृत्व में 11 बदमाशों के एक संगठित गिरोह ने किले पर धावा बोला था। डकैती के दौरान बदमाशों ने वहां तैनात सुरक्षाकर्मी (वॉचमैन) विनोद कुमार श्रीवास्तव के साथ बुरी तरह मारपीट की और उसका मुंह बंद कर (Gagged) बेरहमी से उसकी हत्या कर दी थी।

    • लूटपाट और तोड़फोड़: गिरोह ने दूसरे वॉचमैन को भी बंधक बना लिया और स्टोर रूम का ताला तोड़कर वहां रखी भगवान बुद्ध की बेहद कीमती और प्राचीन पाषाण (पत्थर) की मूर्ति चुरा ली थी। मूर्ति को निकालते समय वह दो टुकड़ों में टूट गई थी।

    2.20 लाख में बेची थी मूर्ति, दिल्ली के रास्ते भेजी गई थी विदेश

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, इस मामले की शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस थाना शंकरगढ़ ने क्राइम नंबर 43/2002 के तहत आईपीसी की धारा 396 और 201 के तहत दर्ज की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए 9 सितंबर 2003 को इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई।

    सीबीआई की तफ्तीश में खुलासा हुआ कि चोरी की गई प्राचीन मूर्ति के टुकड़ों को एक गाड़ी के जरिए ले जाया गया था और मुख्य आरोपी विजय कुमार शुक्ला ने इसे दो अन्य व्यक्तियों को 2.20 लाख रुपये में बेच दिया था। इसके बाद इस ऐतिहासिक मूर्ति को दिल्ली के महिपालपुर स्थित एक गोदाम में शिफ्ट किया गया और वहां से इसे अवैध रूप से विदेश (Smuggled Abroad) भेज दिया गया था।

    CBI की चार्जशीट और फरार आरोपियों की धरपकड़

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, गहन जांच के बाद सीबीआई ने 22 दिसंबर 2005 को इस मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें से चार मुख्य आरोपी विजय कुमार शुक्ला, रवि करण, सूरज भान और रामनारायण उर्फ हैदर लगातार फरार चल रहे थे।

    इन फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए सीबीआई ने विशेष टीमों का गठन किया, जिन्होंने स्थानीय खुफिया तंत्र और सर्विलांस की मदद से लगातार पीछा किया:

    • सूरज भान और रवि करण: सीबीआई ने मुस्तैदी दिखाते हुए भगोड़े आरोपी सूरज भान को 22 मई 2026 और रवि करण को 2 जून 2026 को गिरफ्तार किया था।

    • विजय कुमार शुक्ला: मुख्य साजिशकर्ता विजय कुमार शुक्ला को उत्तर प्रदेश पुलिस ने किसी अन्य मामले में गिरफ्तार कर चित्रकूट जिला जेल में बंद कर रखा था। सीबीआई ने 16 जून 2026 को लखनऊ की सक्षम अदालत में अर्जी दाखिल कर उसे इस केस में पेश करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    अब सभी आरोपी भुगतेंगे किए की सजा

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, अब चौथे और आखिरी फरार आरोपी रामनारायण उर्फ हैदर की फतेहपुर से गिरफ्तारी के बाद इस जघन्य हत्याकांड और अंतरराष्ट्रीय मूर्ति तस्करी के सभी आरोपी ट्रैक किए जा चुके हैं। अब इन सभी के खिलाफ अदालत में कानून के मुताबिक सख्त ट्रायल चलाया जाएगा, ताकि मृतक वॉचमैन के परिवार को पूरा इंसाफ मिल सके।

    #CBIArest #GarhwaFortCase #IdolTheft #MurderMysterySolved #PrayagrajCrime #FatehpurRaid #ArchaeologicalSurveyOfIndia #AncientIdolSmuggling #CBIInformationSection #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-07-05T152022.811.jpg
    05/07/26 |

    दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की बड़ी कामयाबी: ISI समर्थित आतंकी और हथियार नेटवर्क का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार

    नई दिल्ली, 5 जुलाई (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल (Special Cell) ने देश की राजधानी को दहलाने की एक बहुत बड़ी और खौफनाक साजिश को नाकाम कर दिया है। स्पेशल सेल ने एक बड़े ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) द्वारा समर्थित एक आतंकी और अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए चार कट्टर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए दिल्ली और पंजाब में कई जगह ताबड़तोड़ छापेमारी की गई, जिसके बाद तीन आरोपियों को पंजाब से और एक को दिल्ली से दबोचा गया।

    गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों को उनके पाकिस्तानी आकाओं ने दिल्ली के बेहद संवेदनशील धार्मिक स्थलों (Religious Places) और पुलिस प्रतिष्ठानों (Police Establishments) की रेकी करने और वहां आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने का एक बड़ा और खतरनाक टास्क सौंपा था।

    पाकिस्तानी एजेंट शहजाद भट्टी के इशारे पर रची जा रही थी साजिश

    पुलिस जांच और पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के एक्टिव एजेंट शहजाद भट्टी और उसके स्थानीय सहयोगियों के सीधे संपर्क में थे। ये सभी भट्टी के इशारे पर ही दिल्ली-एनसीआर में किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।

    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस के रडार से बचने के लिए ये आरोपी सामान्य कॉलिंग के बजाय अपने पाकिस्तानी आकाओं द्वारा विशेष रूप से मुहैया कराए गए विदेशी नंबरों और वर्चुअल इनक्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस ने इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट (सशस्त्र कानून) की प्रासंगिक और गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।

    अमृतसर से हुई पहली गिरफ्तारी, ड्रोन से मंगवाते थे हथियार व ड्रग्स

    स्पेशल सेल को खुफिया विभागों से एक पुख्ता इनपुट मिला था कि पाकिस्तान में बैठा आईएसआई एजेंट शहजाद भट्टी दिल्ली-एनसीआर में बड़े हमले के लिए पंजाब के भोले-भाले या आपराधिक प्रवृत्ति के युवाओं को अपने जाल में भर्ती कर रहा है। सूचना मिलते ही स्पेशल सेल की एक विशेष टीम ने दोनों राज्यों में जाल बिछाया:

    • पहली गिरफ्तारी: पुलिस टीम ने सबसे पहले पंजाब के अमृतसर के मजीठा रोड पर छापेमारी कर शुभदीप सिंह उर्फ विशाल (उम्र 23 वर्ष) को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक अत्याधुनिक अर्ध-स्वचालित (Semi-Automatic) पिस्तौल, 5 जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ में शुभदीप ने कबूल किया कि वह पाकिस्तान स्थित आकाओं के संपर्क में था और भारत-पाक सीमा पर ड्रोन (Drone) के जरिए हथियार और मादक पदार्थों (ड्रग्स) की खेप प्राप्त कर रहा था।

    • सहयोगियों पर शिकंजा: शुभदीप की निशानदेही पर पुलिस ने पंजाब से ही उसके दो और मुख्य सहयोगियों गुरजंत सिंह उर्फ ऋषि (उम्र 22 वर्ष) और साजन सिंह उर्फ हनी (उम्र 28 वर्ष) को धर दबोचा। इनके कब्जे से पुलिस को एक प्रतिबंधित जिगाना पिस्तौल (Zigana Pistol), 4 कारतूस और 2 मोबाइल फोन मिले।

    • दिल्ली से चौथा आरोपी गिरफ्तार: इन तीनों से मिली लीड के आधार पर स्पेशल सेल ने दिल्ली में दबिश देकर चौथे आरोपी गगनप्रीत (उम्र 24 वर्ष) को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को गगनप्रीत के मोबाइल फोन से कई बेहद आपत्तिजनक और चौंकाने वाले डिजिटल सबूत मिले हैं, जो सीधे तौर पर देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े हैं।

    विदेशी हथियारों समेत 5 मोबाइल फोन जब्त

    पुलिस ने इस पूरे ऑपरेशन के दौरान आरोपियों के पास से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुख्यात एक 'जिगाना पिस्तौल', एक .30 बोर की पिस्तौल, 9 जिंदा कारतूस और 5 स्मार्टफोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों को फॉरेंसिक और साइबर जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि पाकिस्तान में बैठे इनके आकाओं के नेटवर्क और भारत में मौजूद अन्य स्लीपर सेल्स (Sleeper Cells) का पूरी तरह पता लगाया जा सके। स्पेशल सेल की टीमें अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर इनसे आगे की कड़ी पूछताछ कर रही हैं।

    #DelhiPoliceSpecialCell #ISITerrorNetwork #TerrorPlotFoiled #ZiganaPistol #ShahzadBhatti #PunjabTerrorModule #DelhiAlert #ArmsTrafficking #DroneSmuggling #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-07-05T150048.094.jpg
    05/07/26 |

    दिल्ली: ईस्ट डिस्ट्रिक्ट ASB सेल ने अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का किया पर्दाफाश; यूपी के मुख्य सप्लायर सहित 3 तस्कर गिरफ्तार, 571.27 ग्राम हेरोइन बरामद

    नई दिल्ली, 5 जुलाई (अन्‍नू): ईस्ट डिस्ट्रिक्ट दिल्ली पुलिस द्वारा नशीले पदार्थों की तस्करी और ड्रग माफियाओं के खिलाफ चलाई जा रही 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) नीति के तहत एंटी-स्नैचिंग एंड बर्गलरी (ASB) सेल की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने एक अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट (Inter-State Drug Syndicate) का भंडाफोड़ करते हुए उत्तर प्रदेश के बरेली आधारित मुख्य सोर्स (सप्लायर) सहित तीन शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 571.27 ग्राम व्यावसायिक मात्रा (Commercial Quantity) की स्मैक/हेरोइन बरामद की है। दिल्ली पुलिस समाज को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार और इसके सप्लायर्स के खिलाफ लगातार सघन अभियान चला रही है।

    NH-24 फुट ओवर ब्रिज के पास रेड कर पकड़े दो पैडलर

    ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी (DCP) राजीव कुमार (IPS) और एसीपी (Ops) योगेश मल्होत्रा के मार्गदर्शन व एएसबी सेल के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर (SI) अजय तोमर के करीबी पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसमें एसआई संजीव, एसआई ऋषि, एसआई सुधीर, एएसआई साबू और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। इस टीम ने स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय कर इंसानी खुफिया जानकारी (Human Intelligence) जुटाई।

    बीती 2 जुलाई 2026 को टीम को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली कि उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी दो ड्रग पैडलर एनएच-24 पर गाजीपुर-कल्याणपुरी रोड स्थित फुट ओवर ब्रिज के पास भारी मात्रा में हेरोइन की डिलीवरी देने आने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जाल बिछाया और मौके से फुरकान और तस्लीम उर्फ मुन्ना को धर दबोचा। तलाशी के दौरान फुरकान के पास से 122.44 ग्राम और तस्लीम उर्फ मुन्ना के पास से 35.83 ग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने कल्याणपुरी थाने में धारा 21/29 एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत एफआईआर नंबर 285/2026 दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

    मुख्य सप्लायर को पकड़ने यूपी पहुंची टीम, 413 ग्राम स्मैक और बरामद

    गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर पुलिस कस्टडी (रिमांड) पर लिया गया। गहन पूछताछ के दौरान दोनों ने कबूल किया कि वे यह हेरोइन उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अपने मुख्य सोर्स (सप्लायर) रिजवान उर्फ बाबू से लाते थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली में नशीले पदार्थों की आमद को रोकने के लिए सप्लाई के मुख्य स्रोत को पकड़ना बेहद जरूरी था।

    इसके बाद एएसबी सेल की टीम ने टेक्निकल एनालिसिस और गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में ताबड़तोड़ छापेमारी की। आखिरकार पुलिस टीम ने दबिश देकर मुख्य सप्लायर रिजवान (उम्र 42 वर्ष, निवासी बरेली, यूपी) को भी गिरफ्तार कर लिया। जब रिजवान की तलाशी ली गई तो उसके पास से 413 ग्राम और स्मैक बरामद हुई, जिसे जब्ती मेमो के जरिए जब्त कर लिया गया।

    मोटे मुनाफे के लिए युवाओं को धकेल रहे थे नशे के दलदल में

    पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी फुरकान और तस्लीम खुद स्मैक का नशा करने के आदी हैं, जिसके चलते वे बरेली के ड्रग सप्लायरों के संपर्क में आए। शुरुआत में वे अपने इस्तेमाल और दिल्ली-एनसीआर में छोटी रीसेल के लिए कम मात्रा में स्मैक खरीदते थे।

    चूंकि ड्रग्स के धंधे में बहुत जल्द और मोटा पैसा मिलता है, इसलिए अवैध होने के बावजूद रातों-रात अमीर बनने की चाहत में वे मुख्य सप्लायर रिजवान से थोक (Bulk) में हेरोइन खरीदने लगे और उसे शहरी इलाकों के युवाओं की नशे की लत का फायदा उठाकर ऊंचे दामों पर बेचने लगे। यह आरोपी एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा बनकर काम कर रहे थे।

    पकड़े गए आरोपियों का प्रोफाइल:

    1. फुरकान (ड्रग पैडलर): उम्र 25 वर्ष, निवासी थाना बिसारतगंज, बरेली (यूपी)। शिक्षा: 10वीं, वैवाहिक स्थिति: अविवाहित।

    2. तस्लीम उर्फ मुन्ना (ड्रग पैडलर): उम्र 25 वर्ष, निवासी श्याम गंज, थाना बारादरी, बरेली (यूपी)। शिक्षा: 10वीं, वैवाहिक स्थिति: विवाहित। यह पूर्व में बरेली कोतवाली के एक चोरी के मामले में भी शामिल रहा है।

    3. रिजवान उर्फ बाबू (मुख्य सप्लायर): उम्र 42 वर्ष, निवासी आंवला, थाना आंवला, जिला बरेली (यूपी)। शिक्षा: 10वीं, वैवाहिक स्थिति: विवाहित। यह शातिर अपराधी पहले भी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) बरेली द्वारा दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक बड़े कमर्शियल मामले में जेल जा चुका है।

    पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य तस्करों और दिल्ली में इनके स्थानीय खरीदारों का पता लगाने के लिए मामले की आगे की जांच कर रही है।

    #DelhiPolice #DrugSyndicateBusted #EastDistrictPolice #ASBCellAction #SmackSeizedDelhi #BareillyDrugSmugglers #NDPSAct #DelhiCrimeUpdate #AntiNarcoticsDrive #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-07-05T144628.826.jpg

    CBI की बड़ी कार्रवाई: उत्तर रेलवे का चीफ मटीरियल्स मैनेजर और सीनियर क्लर्क रिश्वत लेते गिरफ्तार, 1 लाख रुपये बरामद

    नई दिल्ली, 5 जुलाई (अन्‍नू) : केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, सीबीआई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर रेलवे (Northern Railways) के चीफ मटीरियल्स मैनेजर (CMM) और एक सीनियर क्लर्क सहित तीन लोगों को रिश्वतखोरी के मामले में रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में सीबीआई ने ट्रैप लगाकर 1 लाख रुपये की रिश्वत राशि भी बरामद की है।

    रेलवे टेंडर के बदले मांगी जा रही थी घूस

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, सीबीआई ने इस मामले में 3 जुलाई 2026 को कुल 6 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इनमें उत्तर रेलवे (मुख्यालय) के एक चीफ मटीरियल्स मैनेजर, एक डिप्टी चीफ मटीरियल्स मैनेजर, एक सीनियर क्लर्क, एक निजी कंपनी और उस कंपनी के दो प्रतिनिधि शामिल हैं। इनके अलावा कुछ अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है।

    • मिलीभगत का आरोप: आरोपियों पर आरोप है कि उत्तर रेलवे (HQ) के ये लोक सेवक निजी कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार में लिप्त थे।

    • नियमों का उल्लंघन: ये अधिकारी तय सरकारी प्रक्रियाओं और नियमों को ताक पर रखकर, रिश्वत के बदले उस निजी कंपनी को रेलवे के टेंडर दिलाने के लिए नाजायज फायदा पहुंचा रहे थे।

    जाल बिछाकर की गई गिरफ्तारी, ₹1 लाख की रिश्वत बरामद

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, पुख्ता इनपुट के आधार पर सीबीआई की टीम ने एक रणनीतिक जाल (Trap Operation) बिछाया। इस ऑपरेशन के दौरान, जब निजी कंपनी का प्रतिनिधि उत्तर रेलवे (HQ) के चीफ मटीरियल्स मैनेजर को 1 लाख रुपये की रिश्वत की रकम दे रहा था, तभी टीम ने इन्हें रंगे हाथों दबोच लिया और मौके से रिश्वत के ₹1 लाख बरामद कर लिए। इस मामले में कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने दोनों आरोपी लोक सेवकों (चीफ मटीरियल्स मैनेजर व सीनियर क्लर्क) और रिश्वत देने वाले निजी व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है।

    चार शहरों में ताबड़तोड़ छापेमारी, मिले डिजिटल सबूत

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने आरोपियों से जुड़े ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह तलाशी अभियान दिल्ली, गाजियाबाद, बुलंदशहर और कानपुर में कई स्थानों पर चलाया गया। इस सघन चेकिंग के दौरान सीबीआई ने भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस (मोबाइल, लैपटॉप आदि) बरामद किए हैं। सीबीआई के अनुसार मामले की गहन जांच अभी भी जारी है ताकि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।

    #CBIRaid #NorthernRailways #BriberyCase #CBIAvailable #CorruptionFreeIndia #DelhiNews #GhaziabadNews #KanpurNews #RailwayTenderScam #BreakingNews #DanikKhabar

  • cbi (1).jpg

    CBI की बड़ी कार्रवाई: 231 करोड़ रुपये से अधिक के दो बैंक धोखाधड़ी मामलों में महाराष्ट्र और गुजरात में ताबड़तोड़ छापेमारी

    नई दिल्ली, 5 जुलाई (अन्‍नू): केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, सीबीआई ने 231 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से जुड़े दो अलग-अलग बैंक धोखाधड़ी (Bank Fraud) के मामलों में एक बड़ी समन्वित कार्रवाई को अंजाम दिया है। सीबीआई की बैंकिंग धोखाधड़ी और प्रतिभूति प्रभाग (BSFB), बेंगलुरु द्वारा दर्ज किए गए इन दोनों मामलों के सिलसिले में शनिवार (4 जुलाई) को महाराष्ट्र और गुजरात राज्यों में कई ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान (Searches) चलाया गया।

    पहला मामला: 'आर एल ज्वेल्स लिमिटेड' ने एसबीआई को लगाया ₹103.58 करोड़ का घाटा

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, पहला आपराधिक मामला स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), मुंबई की शिकायत के आधार पर मेसर्स आर एल ज्वेल्स लिमिटेड (M/s R L Jewels Ltd), इसके निदेशकों और कुछ अज्ञात लोक सेवकों (Public Servants) के खिलाफ दर्ज किया गया है।

    • आरोप: कंपनी और उसके निदेशकों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और संपत्ति के गबन का आरोप है, जिसके कारण स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को ₹103.58 करोड़ का भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।

    • फर्जीवाड़ा: एफआईआर के मुताबिक, आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत बैंक फंड का दुरुपयोग किया, अन्य बैंकों के चालू खातों (Current Accounts) के जरिए पैसों को डायवर्ट किया और बैंक को गुमराह करने के लिए बही-खातों व इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स में बड़े पैमाने पर हेरफेर और जालसाजी की।

    दूसरा मामला: 'आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड' पर ₹128.23 करोड़ के फ्रॉड का केस

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, दूसरा मामला केनरा बैंक (Canara Bank) की शिकायत पर मेसर्स आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड (M/s Ashapura Garments Ltd), इसके निदेशकों, अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया गया है।

    • आरोप: शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी के निदेशकों ने केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के एक कंसोर्टियम (समूह) के साथ धोखाधड़ी करने के लिए आपराधिक साजिश रची और बैंकों को ₹128.23 करोड़ का चूना लगाया।

    • फंड की हेराफेरी: आरोपियों ने टेक्सटाइल (कपड़ा) कारोबार के संचालन के लिए बैंक से स्वीकृत कराई गई क्रेडिट सुविधाओं और लोन की राशि को मुख्य बिजनेस में लगाने के बजाय उसे स्टील, एल्युमिनियम और कोयले का कारोबार करने वाली अन्य संस्थाओं में डायवर्ट कर दिया।

    महाराष्ट्र और गुजरात में छापेमारी, मिले अहम डिजिटल सबूत

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, सर्च ऑपरेशन के दौरान सीबीआई की टीमों ने महाराष्ट्र और गुजरात राज्यों में फैले कई रणनीतिक ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई के तहत दोनों आरोपी कंपनियों के निदेशकों के आवासीय परिसरों (Residential Properties), उनके व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और मेसर्स आर एल ज्वेल्स लिमिटेड व मेसर्स आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड के आधिकारिक दफ्तरों को पूरी तरह खंगाला गया।

    इस सघन तलाशी के दौरान सीबीआई ने भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज (Incriminating Documents) और डिजिटल सबूत बरामद किए हैं, जिनमें फंड डायवर्जन और वित्तीय हेराफेरी से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड शामिल हैं। इन सभी दस्तावेजी साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि इस पूरी बैंकिंग साजिश के विस्तार, फंड के प्रवाह (Flow of funds) और इसमें शामिल सभी चेहरों की भूमिका का पूरी तरह पर्दाफाश किया जा सके। सीबीआई ने बताया कि मामलों की आगे की तफ्तीश लगातार जारी है।

    #CBIRaid #BankFraudCase #CentralBureauOfInvestigation #RLJewelsLtd #AshapuraGarments #SBIFraud #CanaraBankFraud #MaharashtraNews #GujaratNews #FinancialCrime #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-07-05T093339.983.jpg

    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने द्वारका में किया 500 किलोवाट के सोलर प्लांट का उद्घाटन, हर साल होगी ₹72 लाख की बचत

    नई दिल्ली, 5 जुलाई (अन्‍नू): दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को पालम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले द्वारका सेक्टर-7 स्थित 'एयर फोर्स एवं नेवल ऑफिसर्स एन्क्लेव' में 500 किलोवाट क्षमता के एक विशाल सोलर पावर प्लांट का विधिवत उद्घाटन किया। देश की राजधानी की सबसे बड़ी आवासीय सौर परियोजनाओं (Residential Solar Projects) में शुमार यह प्लांट एन्क्लेव के करीब 375 घरों की बिजली जरूरतों को पूरी तरह से स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा (Clean and Renewable Energy) से पूरा करेगा।

    इस गरिमामयी उद्घाटन समारोह के मौके पर दक्षिण दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, पालम के विधायक कुलदीप सोलंकी और पूर्व विधायक धर्मदेव सोलंकी समेत कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे।

    बिजली बिल आधा हुआ, सालाना होगी ₹72 लाख की बड़ी बचत

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने परियोजना के आर्थिक और पर्यावरणीय लाभों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस आधुनिक सोलर प्लांट को तैयार करने में करीब 2 करोड़ रुपये की कुल लागत आई है। इस प्रोजेक्ट को पर्यावरण हितैषी नीतियों के तहत केंद्र सरकार की ओर से 90 लाख रुपये और दिल्ली सरकार की ओर से 10 लाख रुपये की वित्तीय सब्सिडी (Subsidy) प्रदान की गई है।

    • आधा हो जाएगा बिल: मुख्यमंत्री ने बताया कि इस सौर परियोजना के विधिवत शुरू होने से एन्क्लेव का मासिक (Monthly) बिजली बिल लगभग 12 लाख रुपये से घटकर सीधे 6 लाख रुपये रह जाएगा।

    • सालाना बचत: इस प्रकार इस प्लांट की बदौलत एन्क्लेव को हर साल करीब 72 लाख रुपये की भारी-भरकम वित्तीय बचत होगी।

    घरेलू रूफटॉप सोलर पर मिल रही ₹1 लाख से अधिक की सब्सिडी: मुख्यमंत्री

    उद्घाटन के बाद समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज पूरे देश के भीतर सौर ऊर्जा सेक्टर को एक नई गति और दिशा मिली है। इसी विजन पर आगे बढ़ते हुए दिल्ली सरकार भी स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए धरातल पर लगातार काम कर रही है।

    उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार की संयुक्त जन-कल्याणकारी योजनाओं के तहत आम घरेलू उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर (Rooftop Solar) पैनल लगाने के लिए 1 लाख रुपये से भी अधिक की मोटी सब्सिडी दी जा रही है, जिसका लोगों को ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाना चाहिए।

    दिल्ली की अन्य सोसायटियों के लिए रोल मॉडल बनेगा यह प्लांट

    मुख्यमंत्री ने एन्क्लेव के निवासियों की सराहना करते हुए कहा कि यह बड़ी परियोजना केवल बिजली के बिलों में बचत करने का एक जरिया नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी (Community Participation) का भी एक उत्कृष्ट और जीता-जागता उदाहरण है। उन्होंने पूरी उम्मीद और भरोसा जताया कि द्वारका सेक्टर-7 का यह सफल सोलर मॉडल आने वाले समय में दिल्ली की अन्य तमाम आवासीय सोसायटियों, बहुमंजिला इमारतों और बड़े संस्थानों को भी सौर ऊर्जा अपनाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगा।

    #DelhiNews #SolarPowerPlant #RekhaGupta #DwarkaSector7 #GreenEnergyDelhi #SolarSubsidy #RenewableEnergy #SaveElectricity #PMKusumYojana #BreakingNews #DanikKhabar

  • ED.jpg

    ED की बड़ी कार्रवाई: इंदौर के नव भारत गृह निर्माण सोसाइटी घोटाले में चार्जशीट दाखिल, श्रीकांत घंते समेत 5 पर कसा शिकंजा

    इन्दौर, 4 जुलाई (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी के इंदौर सब जोनल ऑफिस ने एक बड़ी कानूनी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ईडी ने इंदौर की 'नव भारत गृह निर्माण सहकारी संस्था' (Nav Bharat Grah Nirman Co-operative Society) में हुए करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले और धोखाधड़ी के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत माननीय विशेष अदालत, इंदौर के समक्ष एक मुख्य अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint / चार्जशीट) दाखिल कर दी है। यह चार्जशीट श्रीकांत घंते, सुभाष चंद्र दुबे, राकेश जैन, अंतिम जोशी और आनंद शाह के खिलाफ दर्ज की गई है। कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए 3 जुलाई 2026 को ही प्री-कॉग्निजेंस सुनवाई के लिए नोटिस भी जारी कर दिए हैं।

    इंदौर के एमजी रोड थाने में दर्ज FIR बनी जांच का आधार

    ईडी की प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस मामले की शुरुआत इंदौर के थाना एमजी रोड में 'नव भारत गृह निर्माण सहकारी संस्था लिमिटेड' के पदाधिकारियों के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिक एफआईआर (FIR) के बाद हुई थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। चूंकि ये धाराएं पीएमएलए (PMLA) के तहत अनुसूचित अपराध (Scheduled Offences) की श्रेणी में आती हैं, इसलिए ईडी ने इस मामले को अपने हाथ में लेकर मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से जांच शुरू की थी।

    सोसाइटी के फंड से खरीदी जमीन दूसरों को बेचकर डकार गए करोड़ों

    प्रवर्तन निदेशालय की गहन जांच में सामने आया कि सोसाइटी के चेयरमैन, वाइस प्रेसिडेंट और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्यों ने मिलकर बेहद शातिर तरीके से एक सुनियोजित घोटाले (Scam) को अंजाम दिया। इन पदाधिकारियों ने अपनी ही संस्था के सीधे-सादे सदस्यों के साथ बेईमानी से धोखाधड़ी की।

    • ऐसे की हेराफेरी: आरोपियों ने नव भारत हाउसिंग को-ऑपरेटिव सोसाइटी के फंड से जो जमीनें खरीदी थीं, उन्हें धोखे से अन्य बाहरी संस्थाओं और व्यक्तियों को बेच दिया और इस तरह मिलने वाले करोड़ों रुपये के फंड को सीधे हड़प लिया (Siphoning of funds)।

    • सबूत मिटाने की कोशिश: जांच में खुलासा हुआ कि जमीन की बिक्री से जो 'अपराध की कमाई' (Proceeds of Crime) पैदा हुई थी, उससे जुड़े बिना हिसाब-किताब वाले तमाम रिकॉर्ड्स और दस्तावेजों को आरोपियों ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से पूरी तरह नष्ट कर दिया था। इस अवैध पैसे को अलग-अलग लेयर्स में घुमाकर छुपाया गया और बाद में इसी फंड से कई अचल संपत्तियां (Immovable Properties) खड़ी कर ली गईं।

    नव भारत सहकारी संस्था को पहुँचाया ₹4.64 करोड़ का नुकसान, संपत्तियां कुर्क

    ईडी की प्रेस रिलीज के अनुसार, आरोपियों की इस धोखाधड़ी के कारण नव भारत गृह निर्माण सहकारी संस्था को सीधे तौर पर ₹4.64 करोड़ का भारी-भरकम और गलत नुकसान (Wrongful Loss) उठाना पड़ा।

    इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए ईडी ने इससे पहले 12 फरवरी 2026 को एक प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (Provisional Attachment Order) जारी किया था। इसके तहत मुख्य आरोपी श्रीकांत घंते और सुभाष चंद्र दुबे के नाम पर दर्ज ₹64.16 लाख मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थाई रूप से कुर्क (जब्त) कर लिया गया था। ईडी ने स्पष्ट किया है कि घोटाले की बाकी रकम और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच के लिए तफ्तीश अभी भी सरगर्मी से जारी है।

    #EDAction #IndoreNews #CooperativeSocietyScam #NavBharatSociety #MoneyLaundering #PMLACase #ShrikantGhante #FinancialFraudIndore #PropertyScam #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-07-02T090548.493.jpg
    02/07/26 |

    'एक राष्ट्र-एक चुनाव' पर मंथन: दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने जेपीसी को दिए सुझाव; बार-बार चुनाव से सरकारी खजाने पर बोझ पर जताई चिंता

    नई दिल्ली, 2 जुलाई (अन्‍नू): दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने बुधवार को विधानसभा परिसर में संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2024 पर गठित संसदीय संयुक्त समिति (जेपीसी) के सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' के प्रस्ताव पर अपने विचार और सुझाव साझा किए।

    जेपीसी का अध्ययन दौरा

    यह बैठक समिति के अध्यक्ष पी.पी. चौधरी के नेतृत्व में आयोजित की गई थी। यह दौरा देशभर में 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' के प्रस्तावित ढांचे पर चल रहे व्यापक परामर्श अभियान का हिस्सा है। समिति इस व्यवस्था से जुड़े संवैधानिक, विधिक, प्रशासनिक और निर्वाचन संबंधी पहलुओं का अध्ययन कर रही है और इस प्रक्रिया में विभिन्न राज्य सरकारों, संवैधानिक संस्थाओं, राजनीतिक दलों और अन्य हितधारकों से सुझाव ले रही है, जिसके बाद समिति अपनी अनुशंसाएं संसद को सौंपेगी।

    बार-बार चुनाव से प्रभावित हो रहा विकास: विजेन्द्र गुप्ता

    बैठक के दौरान अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि स्वतंत्रता के शुरुआती वर्षों में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होते थे, लेकिन राजनीतिक परिस्थितियों और विधानसभाओं के समयपूर्व विघटन के चलते यह चक्र बदल गया। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बार-बार चुनाव होने से सरकारी खजाने पर बड़ा वित्तीय बोझ पड़ता है और प्रशासनिक संसाधनों का व्यापक उपयोग होता है। इसके अलावा, बार-बार लागू होने वाली आदर्श आचार संहिता के कारण विकास परियोजनाओं और सरकारी योजनाओं की गति भी प्रभावित होती है।

    सहमति और कानूनी ढांचे पर दिया जोर

    विजेन्द्र गुप्ता ने अपनी राय रखते हुए कहा कि यदि देश में एक साथ चुनाव की व्यवस्था लागू करनी है, तो सभी राजनीतिक दलों के बीच व्यापक सहमति बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ऐसी व्यवस्था को प्रभावी और टिकाऊ बनाने के लिए मजबूत संवैधानिक सुरक्षा उपाय और स्पष्ट कानूनी प्रावधान सुनिश्चित किए जाने चाहिए।

    #OneNationOneElection #VijenderGupta #DelhiAssembly #JPC #PPChaudhary #ConstitutionalAmendment #ElectoralReforms #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-07-02T085204.511.jpg
    02/07/26 |

    दिल्ली सरकार की बड़ी पहल: सीएम रेखा गुप्ता ने लॉन्च किया 'ग्रीन ड्राइव पोर्टल', पर्यावरण संरक्षण को तकनीक से जोड़ा

    नई दिल्ली, 2 जुलाई (अन्‍नू): दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को हाईटेक और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए 300 नई एसी इलेक्ट्रिक बसों की घोषणा के बाद, दिल्ली सरकार ने राजधानी में हरित क्षेत्र (Green Cover) को बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को एक बड़ा जन-आंदोलन बनाने की दिशा में बुधवार को एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में अत्याधुनिक 'ग्रीन ड्राइव पोर्टल' का डिजिटल रूप से शुभारंभ किया। यह पोर्टल दिल्ली के महत्वाकांक्षी 'रिज वन पुनरुद्धार कार्यक्रम–एक पेड़ मां के नाम' अभियान के मुख्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा।

    नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही स्वच्छ होगी दिल्ली: सीएम रेखा गुप्ता

    पोर्टल की लॉन्चिंग के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली को पूरी तरह स्वच्छ और हरित बनाने का बड़ा लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है, जब देश की राजधानी का प्रत्येक नागरिक इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएगा। उन्होंने सभी दिल्लीवासियों से इस मानसून सीजन में अधिक से अधिक पौधारोपण करने और सरकार के इस विशेष अभियान से सीधे जुड़ने की भावुक अपील की।

    मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि ‘रिज वन पुनरुद्धार कार्यक्रम’ का औपचारिक और भव्य शुभारंभ इसी चालू माह में देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किया जाएगा।

    केवल 70 लाख पौधे लगाना ही नहीं, हर नागरिक को जोड़ना है मकसद: मनजिंदर सिंह सिरसा

    कार्यक्रम में मौजूद दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस डिजिटल पोर्टल को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी और महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल 70 लाख पौधे लगाने के आंकड़े को छूना नहीं है, बल्कि दिल्ली के हर एक नागरिक को हरित दिल्ली के निर्माण में सीधे तौर पर भागीदार बनाना है।

    पर्यावरण मंत्री ने बताया कि इस पोर्टल पर दिल्ली की सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों के भीतर चिन्हित किए गए उन सभी पौधारोपण स्थलों का पूरा विवरण लाइव कर दिया गया है, जहाँ खाली जमीन उपलब्ध है। इससे कोई भी आम नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार वृक्षारोपण के लिए घर बैठे ही ऑनलाइन स्लॉट बुक कर सकेगा।

    'ग्रीन ड्राइव पोर्टल' की प्रमुख सुविधाएं और विशेषताएं; जानिए कैसे उठाएं लाभ:

    इस डिजिटल पोर्टल को आम जनता की सुविधा के लिए बेहद सरल और हाईटेक बनाया गया है, जिसमें निम्नलिखित मुख्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं:

    • ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग: कोई भी नागरिक, छात्र या संगठन अपनी सुविधा के अनुसार नजदीकी पौधारोपण स्थान और अपनी पसंद का समय चुनकर वृक्षारोपण के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुक कर सकता है।

    • ‘वृक्ष रथ’ सेवा (निशुल्क पौधे घर पर): यदि किसी स्कूल, कॉलेज, सरकारी या निजी कार्यालय, आरडब्ल्यूए (RWA) अथवा आवासीय सोसायटी के परिसर में पौधारोपण के लिए पर्याप्त खाली जगह उपलब्ध है, तो सरकार 'वृक्ष रथ' सेवा के माध्यम से निशुल्क पौधे सीधे उनके परिसर तक खुद पहुंचाकर देगी।

    • सरकारी नर्सरी की लाइव लोकेशन: इस पोर्टल के जरिए नागरिक अपने घर के सबसे पास स्थित सरकारी नर्सरी का आसानी से पता लगा सकते हैं और वहां जाकर अपनी पसंद के पौधे बिल्कुल मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं।

    • ग्रीन वॉरियर पंजीकरण (Green Warrior Registration): जो नागरिक या स्वयंसेवक पर्यावरण सुधार के विभिन्न अभियानों से स्थायी रूप से जुड़ना चाहते हैं, वे पोर्टल पर खुद को ‘ग्रीन वॉरियर’ के रूप में रजिस्टर कर सकते हैं।

    ग्रीन वॉरियर्स ने लिया घर-घर अलख जगाने का संकल्प

    लॉन्चिंग कार्यक्रम के दौरान दिल्ली के कोने-कोने से आए बड़ी संख्या में 'दिल्ली ग्रीन वॉरियर्स' और स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। सभी वालंटियर्स ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि वे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के इस संदेश को दिल्ली के घर-घर तक पहुंचाएंगे और अधिक से अधिक परिवारों को इस महा-अभियान से जोड़कर राजधानी को प्रदूषण मुक्त और सुंदर बनाने में अपना पूरा योगदान देंगे।

    #DelhiNews #GreenDrivePortal #RekhaGuptaCM #ManjinderSinghSirsa #EkPedMaaKeNaam #GreenDelhi #RidgeRestoration #EnvironmentUP #TreePlantationDelhi #DelhiGreenWarriors #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-07-01T151159.384.jpg

    गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया नेटवर्क पर दिल्ली पुलिस का बड़ा प्रहार: अलीपुर रंगदारी व फायरिंग मामले में मुख्य गुर्गा 'डागू महाराज' साथी समेत गिरफ्तार

    नई दिल्ली, 1 जुलाई (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (NR-II यूनिट) ने संगठित अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। दिल्ली पुलिस द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, पुलिस टीम ने अलीपुर थाना क्षेत्र में एक विवादित जमीन पर कब्जे के दौरान हुई सनसनीखेज फायरिंग और जानलेवा हमले के मामले का पर्दाफाश करते हुए कुख्यात गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया गैंग के एक सक्रिय और मुख्य गुर्गे को उसके साथी समेत गिरफ्तार कर लिया है।

    क्राइम ब्रांच की टीम ने जाल बिछाकर नरेला इलाके से दोनों आरोपियों को अवैध हथियारों और एक लग्जरी गाड़ी के साथ दबोचा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

    1. संदीप उर्फ डागू महाराज (40): पुत्र सुरेश, निवासी जिला सोनीपत, हरियाणा। (टिल्लू ताजपुरिया गैंग का सक्रिय सदस्य)

    2. दीपक (32): पुत्र रतन सिंह, निवासी जिला सोनीपत, हरियाणा।

    क्या था पूरा मामला और रंगदारी का विवाद?

    दिल्ली पुलिस की प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह पूरा मामला बीते साल 30 अक्टूबर 2025 का है। दिल्ली के रमजानपुर गांव में स्थित एक विवादित प्लॉट पर अवैध रूप से जबरन कब्जा करने की नीयत से करीब 30 से 45 हथियारबंद बदमाश इकट्ठा हुए थे।

    • 12 राउंड अंधाधुंध फायरिंग: कब्जा करने के दौरान इन हमलावरों ने इलाके में दहशत फैलाने के लिए करीब 12 राउंड अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं।

    • लाठी-डंडों से हमला: बदमाशों ने प्लॉट का ताला तोड़ने की कोशिश की और वहां मौजूद कई लोगों पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर लहूलुहान कर दिया था। इस संबंध में अलीपुर थाने में बीएनएस (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर नंबर 589/2025 दर्ज की गई थी।

    क्राइम ब्रांच ने नरेला रोड पर बिछाया जाल; ऐसे हुए गिरफ्तार

    इस सनसनीखेज वारदात के बाद क्राइम ब्रांच के एसीपी गिरीश कौशिक की देखरेख और इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसमें एसआई सतेंद्र दहिया, योगेश दहिया और हेड कांस्टेबल प्रदीप तोमर सहित अन्य जांबाज शामिल थे।

    जांच के दौरान हेड कांस्टेबल प्रदीप तोमर को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली कि अलीपुर फायरिंग केस में वांछित मुख्य आरोपी संदीप उर्फ डागू महाराज अपने एक साथी के साथ ब्लैक कलर की स्कॉर्पियो-एन (Scorpio-N) गाड़ी में सवार होकर किसी वारदात को अंजाम देने नरेला इलाके में आने वाला है। इस सूचना पर टीम ने नरेला यूईआर-II रोड और अलीपुर-नरेला रोड को जोड़ने वाली सड़क के पास रणनीतिक रूप से घेराबंदी की। जैसे ही संदिग्ध गाड़ी वहां पहुंची, पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया। आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए पीछा कर दोनों को दबोच लिया।

    पुलिस टीम द्वारा की गई बरामदगी:

    • संदीप उर्फ डागू महाराज से: 1 अवैध सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 4 जिंदा कारतूस।

    • आरोपी दीपक से: 4 अतिरिक्त जिंदा कारतूस।

    • गाड़ी जब्त: वारदात और आवाजाही में इस्तेमाल की जा रही ब्लैक स्कॉर्पियो-एन एसयूवी (रजिस्ट्रेशन नंबर: HR10AW5*)।

    इस बरामदगी के संबंध में क्राइम ब्रांच थाने में आर्म्स एक्ट के तहत एक नया मुकदमा (FIR No. 174/2026) दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी गई है।

    सोनीपत जेल में आया था टिल्लू ताजपुरिया के संपर्क में

    पुलिस पूछताछ में आरोपी संदीप उर्फ डागू महाराज ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह केवल 7वीं कक्षा तक पढ़ा है और शुरुआत में अपने चाचा की राशन की दुकान पर काम करता था। साल 2011 में मोबाइल स्नैचिंग के एक मामले में पहली बार गिरफ्तार होने के बाद उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद वह हत्या और हत्या के प्रयास जैसे कई संगीन मामलों में शामिल हो गया और साल 2016 से नवंबर 2022 तक जेल में बंद रहा।

    इंटरनेशनल व्हाट्सएप नंबर से ऑपरेट होता था नेटवर्क: सोनीपत जेल में सजा काटने के दौरान वह कुख्यात गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया के संपर्क में आया। टिल्लू ने उसे आर्थिक लाभ और गैंग में बड़ा रसूख देने का लालच देकर अपने साथ मिला लिया। जेल से रिहा होने से पहले टिल्लू ने उसे एक इंटरनेशनल व्हाट्सएप नंबर दिया था। नवंबर 2022 में जेल से बाहर आने के बाद संदीप लगातार उसी नंबर के जरिए टिल्लू के संपर्क में था। फरवरी 2023 में टिल्लू के गुर्गों ने उसे सिंघु बॉर्डर के पास एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 10 कारतूस सौंपे थे।

    संदीप ने कुबूल किया कि अक्टूबर 2025 में गैंग के ही एक अन्य सदस्य दीपक बालियान ने उसे और उसके भाई शांतनु को बख्तावरपुर बुलाया था और रमजानपुर वाले प्लॉट पर जबरन कब्जे के लिए हथियार के साथ पहुंचने का टास्क दिया था, जिसके बाद उन्होंने वहां पहुंचकर फायरिंग की थी।

    आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास:

    दिल्ली पुलिस के अनुसार, पकड़े गए दोनों आरोपी बेहद शातिर और आदतन अपराधी हैं, जिन पर पहले से कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं:

    संदीप उर्फ डागू महाराज के खिलाफ दर्ज मामले:

    1. वर्ष 2011: चोरी व झपटमारी (थाना नरेला, दिल्ली)

    2. वर्ष 2016: हत्या व हत्या का प्रयास (थाना कुंडली, सोनीपत)

    3. वर्ष 2017: हत्या व आर्म्स एक्ट (थाना कुंडली, सोनीपत)

    4. वर्ष 2018: हत्या का प्रयास (थाना कुंडली, सोनीपत)

    5. वर्ष 2023: हत्या का प्रयास व धोखाधड़ी (थाना मुरथल, सोनीपत)

    6. वर्ष 2025: रमजानपुर जमीन विवाद फायरिंग (थाना अलीपुर, दिल्ली)

    आरोपी दीपक के खिलाफ दर्ज मामले:

    1. वर्ष 2018: हत्या व चोरी (थाना बड़ौदा, सोनीपत)

    2. वर्ष 2018: मारपीट व रास्ता रोकना (थाना जींद सिटी, हरियाणा)

    3. वर्ष 2023: आर्म्स एक्ट (थाना बड़ौदा, सोनीपत)

    4. वर्ष 2024: एनडीपीएस एक्ट - ड्रग्स तस्करी (थाना सोनीपत सिटी)

    #DelhiPolice #CrimeBranch #TilluTajpuriaGang #SandeepDaagu #GangsterArrested #AlipurFiringCase #OrganisedCrime #Encounter #DelhiCrime #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-07-01T102718.581.jpg
    01/07/26 |

    दिल्ली वोटर लिस्ट का 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' शुरू: सीएम रेखा गुप्ता ने भरा एन्यूमरेशन फॉर्म, दिल्लीवालों से की भागीदारी की अपील

    नई दिल्ली, 1 जुलाई (अन्‍नू): दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा शुरू की गई वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) के तहत अपने और अपने परिवार के लिए एन्यूमरेशन फ़ॉर्म जमा करके ज़रूरी प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके साथ ही उन्होंने राजधानी के सभी योग्य मतदाताओं से इस विशेष मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की पुरज़ोर अपील की है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों से आग्रह किया है कि वे अपने एन्यूमरेशन फ़ॉर्म में सभी जानकारियां बिल्कुल सही-सही भरें और तय समय-सीमा के भीतर अपने संबंधित बूथ लेवल ऑफ़िसर (BLO) को सौंपें।

    दिल्ली CMO के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (X) पर की गई पोस्ट में कहा गया कि मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने अपने और अपने परिवार के लिए एन्यूमरेशन फ़ॉर्म जमा करके स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) के तहत ज़रूरी प्रक्रिया पूरी की है। उन्होंने दिल्ली के सभी योग्य वोटरों से अपील की है कि वे अपने एन्यूमरेशन फ़ॉर्म सही-सही भरकर और तय समय के अंदर अपने संबंधित बूथ लेवल ऑफ़िसर (BLO) को जमा करके इस चल रही रिविज़न प्रक्रिया में हिस्सा लें।

    चुनाव आयोग की मुहिम: "कोई योग्य नागरिक छूटे नहीं, कोई अयोग्य जुड़े नहीं"

    वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की शुरुआत मंगलवार से देश की राजधानी में हो चुकी है। यह निर्वाचन आयोग की उस देशव्यापी मुहिम का हिस्सा है जिसका मुख्य उद्देश्य यह पक्का करना है कि "कोई भी योग्य नागरिक वोटर बनने से छूट न जाए और कोई भी अयोग्य व्यक्ति वोटर लिस्ट में शामिल न हो"। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य भारतीय संविधान के आर्टिकल 326 और 'रिप्रेज़ेंटेशन ऑफ़ द पीपल एक्ट, 1950' के प्रावधानों के तहत वोटरों की पात्रता की सटीक जांच करना है।

    शेड्यूल पर एक नज़र: नोट कर लें ये जरूरी तारीखें

    दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी तय कार्यक्रम (शेड्यूल) के अनुसार महत्वपूर्ण तारीखें और चरण निम्नलिखित हैं:

    • 30 जून से 29 जुलाई तक: बीएलओ (BLO) द्वारा घर-घर जाकर फ़ॉर्म बांटे जाएंगे और भरे हुए फ़ॉर्म वापस इकट्ठा किए जाएंगे।

    • 5 अगस्त: वोटर लिस्ट का ड्राफ़्ट (प्रारूप) अधिकारिक तौर पर पब्लिश किया जाएगा।

    • 5 अगस्त से 4 सितंबर तक: इस अवधि के दौरान कोई भी नागरिक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेगा।

    • 7 अक्टूबर: सभी संशोधनों के बाद फ़ाइनल वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

    घर बंद मिला तो 3 बार आएंगे BLO; बिना किसी डॉक्यूमेंट के ऑनलाइन भी होगी प्रक्रिया

    CEO कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि वोटर लिस्ट में पहले से शामिल हर एक मतदाता को बीएलओ के ज़रिए उनके घर पर ही एन्यूमरेशन फ़ॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा।

    • बंद घरों के लिए विशेष नियम: यदि बीएलओ के घर-घर जाने के दौरान कोई घर बंद मिलता है, तो बीएलओ फ़ॉर्म को वहीं छोड़ देगा। इसके बाद भरा हुआ डॉक्यूमेंट कलेक्ट करने के लिए वह कम से कम तीन बार उस घर का दोबारा चक्कर लगाएगा।

    • डॉक्यूमेंट की ज़रूरत नहीं: इस एन्यूमरेशन फ़ॉर्म के साथ मतदाताओं को अलग से कोई भी सहयोगी डॉक्यूमेंट जमा करने की आवश्यकता नहीं है।

    • ऑनलाइन व हेल्पडेस्क की सुविधा: जो लोग डिजिटल माध्यम अपनाना चाहते हैं, वे चुनाव आयोग के 'वोटर सर्विस पोर्टल' के ज़रिए ऑनलाइन भी इस प्रक्रिया को घर बैठे पूरा कर सकते हैं। इसके अलावा, वोटर हेल्पलाइन नंबर 1950, BLO से संपर्क के लिए विशेष "बुक-ए-कॉल" सुविधा और दिल्ली के सभी ज़िला मुख्यालयों व विधानसभा क्षेत्रों में बने 'वोटर हेल्प सेंटरों' से भी मदद ली जा सकती है।

    दिल्ली की वोटर लिस्ट का मौजूदा गणित (Data):

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय द्वारा साझा किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में वर्तमान में कुल मतदाताओं और पोलिंग स्टेशनों की स्थिति इस प्रकार है:

    • कुल मतदाता: दिल्ली में वर्तमान में कुल 1,45,10,298 पंजीकृत मतदाता हैं।

    • पुरुष मतदाता: कुल मतदाताओं में से पुरुषों की संख्या 77,11,132 है।

    • महिला मतदाता: महिला मतदाताओं का आंकड़ा 67,98,142 है।

    • थर्ड-जेंडर वोटर: दिल्ली में इस समय 1,024 थर्ड-जेंडर (तीसरा लिंग) मतदाता पंजीकृत हैं।

    • कुल पोलिंग स्टेशन: इन सभी मतदाताओं के लिए पूरी दिल्ली में कुल 13,033 पोलिंग स्टेशन (मतदान केंद्र) बनाए गए हैं।

    #DelhiVoterList #ECI #VoterListRevision #RekhaGuptaCM #DelhiCMO #SpecialIntensiveRevision #BLO #VoterHelpline1950 #DelhiNews #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-07-01T102213.361.jpg
    01/07/26 |

    दिल्ली में हाईटेक सफर की शुरुआत: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया ऐलान, 4 जुलाई से सड़कों पर दौड़ेंगी 300 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें

    नई दिल्ली, 1 जुलाई (अन्‍नू): देश की राजधानी दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और ज्यादा हाईटेक, आरामदायक और पर्यावरण के अनुकूल (Eco-Friendly) बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि आगामी 4 जुलाई से राजधानी की सड़कों पर 300 नई अत्याधुनिक वातानुकूलित (AC) इलेक्ट्रिक बसें दौड़ने लगेंगी। इस नए और विशाल बेड़े के सार्वजनिक परिवहन में शामिल होने से जहां एक तरफ दिल्लीवालों का सफर बेहद सुगम व सुहावना होगा, वहीं दूसरी तरफ यह कदम राजधानी के बढ़ते वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने में भी काफी मील का पत्थर साबित होगा।

    अगले महीने के पहले हफ्ते से आम जनता को मिलेगी सौगात

    प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों के लिए रूट अलॉटमेंट (रूट निर्धारण) की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सभी तकनीकी और कागजी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अगले महीने के पहले हफ्ते (4 जुलाई) से इन्हें पूरी तरह से आम जनता की सेवा के लिए समर्पित कर दिया जाएगा। दिल्ली की मौजूदा चिलचिलाती गर्मी और उमस भरे मौसम के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए ये नई वातानुकूलित (AC) बसें राहत की ठंडी फुहार लेकर आएंगी और उन्हें एक आरामदायक सफर का अहसास कराएंगी।

    सुरक्षा के लिहाज से बेहद हाईटेक हैं ये बसें; जानिए खासियतें:

    इन नई इलेक्ट्रिक बसों को केवल पर्यावरण के अनुकूल ही नहीं बनाया गया है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का भी इसमें विशेष ध्यान रखा गया है:

    • सीसीटीवी कैमरे (CCTV): महिला सुरक्षा और जेबकतरों पर लगाम लगाने के लिए पूरी बस में अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग की जा सकेगी।

    • पैनिक बटन (Panic Button): किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति (Emergency) या असुरक्षा महसूस होने पर यात्री बस में दिए गए पैनिक बटन को दबाकर तुरंत सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

    • दिव्यांगों के लिए रैंप: बस के प्रवेश द्वार पर दिव्यांग नागरिकों और व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष फोल्डेबल रैंप लगाए गए हैं, ताकि वे बिना किसी परेशानी के बस में चढ़ और उतर सकें।

    विश्वस्तरीय और प्रदूषण-मुक्त दिल्ली हमारा संकल्प: सीएम रेखा गुप्ता

    इस बड़े प्रोजेक्ट के संबंध में मीडिया से बातचीत करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी के नागरिकों को एक विश्वस्तरीय, सुरक्षित, सुगम और पूरी तरह से प्रदूषण-मुक्त सार्वजनिक परिवहन प्रणाली (Public Transport System) विकसित करके देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर हम दिल्ली की आबोहवा को सुधारने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं और आने वाले समय में ऐसे कई और बड़े कदम उठाए जाएंगे।

    #DelhiNews #DelhiTransport #ElectricBuses #RekhaGuptaCM #GreenDelhi #ACElectricBuses #PublicTransport #DelhiPollution #WomenSafety #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-07-01T100734.282.jpg

    दिल्ली के उत्तम नगर में भीषण अग्निकांड: 3 मंजिला इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम में लगी आग, 15 दमकल गाड़ियों और 75 फायरफाइटरों ने पाया काबू

    नई दिल्ली, 1 जुलाई (अन्‍नू): देश की राजधानी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके से आज सुबह एक बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ आज तड़के एक 3 मंजिला कमर्शियल (व्यावसायिक) बिल्डिंग में अचानक भीषण आग लग गई। इस पूरी इमारत में इलेक्ट्रॉनिक्स का एक बहुत बड़ा शोरूम संचालित हो रहा था। आग की लपटें इतनी भयानक और ऊंची थीं कि इस पर काबू पाने के लिए दिल्ली फायर सर्विस को 15 से ज्यादा दमकल गाड़ियों और 75 से अधिक जांबाज फायरफाइटरों को मोर्चे पर उतारना पड़ा, जिन्होंने भारी मशक्कत के बाद स्थिति को संभाला।

    बेसमेंट से शुरू होकर पूरी बिल्डिंग में फैली आग

    दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अधिकारियों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत सबसे पहले इमारत के ज़मीन के नीचे बने बेसमेंट से हुई थी। बेसमेंट में रखे माल में शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से भड़की आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और तेज़ी से ऊपर की तीनों मंजिलों में फैल गई।

    यह कमर्शियल बिल्डिंग लगभग 350 वर्ग गज के बड़े दायरे में बनी हुई है। चश्मदीदों के मुताबिक, सुबह के वक्त आसमान में धुएं का एक बड़ा गुबार और ऊंची लपटें दिखाई दे रही थीं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

    करोड़ों का इलेक्ट्रॉनिक सामान जलकर हुआ स्वाहा

    दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग इतनी भीषण थी कि इसने पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। इसके कारण शोरूम की सभी मंजिलों पर डिस्प्ले और स्टॉक के लिए रखे गए कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान (जैसे टीवी, फ्रिज, एसी, वाशिंग मशीन), बिजली के महंगे उपकरण, शोरूम का फिक्सचर और सभी लग्जरी फर्नीचर जलकर पूरी तरह खाक हो गए। इस अग्निकांड में शोरूम मालिक को भारी वित्तीय नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

    राहत की बात: कोई हताहत नहीं, सुबह 6:30 बजे पाया काबू

    हादसे की सूचना मिलते ही दमकल कर्मी अपने पूरे साजो-सामान के साथ मौके पर पहुंचे और चारों तरफ से पानी की बौछारें डालकर आग को घेरना शुरू किया। कई घंटों तक आग की तपिश और जहरीले धुएं से जूझने के बाद आखिरकार फायरफाइटर्स ने सुबह करीब 6:30 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।

    दिल्ली फायर सर्विस के वरिष्ठ अधिकारियों ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि चूंकि हादसा तड़के सुबह हुआ था और उस वक्त शोरूम के भीतर ग्राहक या ज्यादा स्टाफ मौजूद नहीं था, इसलिए इस भीषण घटना में फिलहाल किसी भी व्यक्ति के हताहत होने, झुलसने या घायल होने की कोई खबर नहीं है। आग लगने के वास्तविक कारणों का सटीक पता लगाने के लिए स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें जांच में जुट गई हैं।

    #DelhiFire #UttamNagar #MassiveFire #ElectronicsShowroom #DelhiFireService #CommercialBuildingFire #FireFighters #AccidentNews #DelhiNews #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-07-01T100340.207.jpg
    01/07/26 |

    डीयू एडमिशन का क्रेज: सीएसएएस पोर्टल खुलने के महज 4 दिनों में 82 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन

    नई दिल्ली, 1 जुलाई (अन्‍नू): दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में अंडर ग्रेजुएट (UG) कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए देश भर के छात्रों में जबरदस्त उत्साह और होड़ देखने को मिल रही है। डीयू के कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) पोर्टल खुलने के महज चार दिनों के भीतर, यानी 30 जून की दोपहर तक 82 हजार 940 से अधिक छात्र अपना सफल रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।

    बता दें कि दिल्ली विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बीते 27 जून को ही अपना आधिकारिक एडमिशन पोर्टल एक्टिव किया था। हर बार की तरह इस बार भी दिल्ली यूनिवर्सिटी के 67 संबद्ध कॉलेजों की करीब 71 हजार सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया पूरी तरह से सीयूईटी-यूजी (CUET-UG) के स्कोर और मेरिट पर आधारित होगी।

    डेटा एंट्री की गलतियां रोकने के लिए 'एपीआई सेतु' तकनीक

    यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, इस साल दाखिला प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए एक विशेष तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। फॉर्म भरते समय छात्रों द्वारा की जाने वाली डेटा एंट्री की गलतियों को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 'एपीआई सेतु' (API Setu) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

    ऑटो-फैच होगी जानकारी: इस आधुनिक तकनीक की मदद से छात्रों की बुनियादी और आवश्यक जानकारी (Basic Details) सीधे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के आधिकारिक डेटाबेस से ऑटो-फैच (अपने आप दर्ज) हो रही है। इससे छात्रों को खुद से ज्यादा डेटा टाइप नहीं करना पड़ रहा है और त्रुटियों की संभावना न के बराबर हो गई है।

    अभी चल रहा है फेज़-1, जल्द शुरू होगा चॉइस फिलिंग का दौर

    डीयू एडमिशन ब्रांच के अनुसार, वर्तमान में केवल फेज़-1 (Phase-1) यानी केवल रजिस्ट्रेशन और प्रोफाइल बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद दूसरे चरण में छात्रों के लिए चॉइस फिलिंग (कॉलेज और कोर्स की प्राथमिकताएं चुनना) का दौर शुरू किया जाएगा।

    एडमिशन ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती रुझान बेहद शानदार और उम्मीदों से कहीं बढ़कर हैं। महज कुछ ही दिनों में रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा 82 हजार के पार पहुंचना यह साफ दर्शाता है कि युवाओं में डीयू को लेकर आज भी कितना क्रेज है। विश्वविद्यालय की तकनीकी टीम पूरी तरह से अलर्ट है और सर्वर व व्यवस्था को दुरुस्त रखा गया है ताकि किसी भी छात्र को फॉर्म भरने या फीस जमा करने में किसी तरह की तकनीकी दिक्कत का सामना न करना पड़े।

    #DUAdmission2026 #DelhiUniversity #CSASPortal #CUETUG #UGAdmissions #APISetu #NTA #CollegeAdmission #HigherEducation #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-06-30T161054.298.jpg

    दिल्ली-NCR देश में ओजोन प्रदूषण का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट, अब सालभर का गंभीर संकट बना 'साइलेंट किलर'

    अभिकान्त, 30 जून नई दिल्ली : पर्यावरण थिंक टैंक सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) के एक नए और बेहद चिंताजनक विश्लेषण में देश के शहरी पर्यावरण को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। विश्लेषण के अनुसार, भारतीय शहरों में जमीनी स्तर (ग्राउंड लेवल) का ओजोन प्रदूषण अब केवल किसी एक खास मौसम या दिन के कुछ ही घंटों की बात नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बेहद गंभीर और सालभर रहने वाले बड़े संकट का रूप ले चुका है।

    इस विश्लेषण के मुताबिक, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) पूरे देश में ओजोन प्रदूषण के सबसे बड़े हॉटस्पॉट के रूप में उभरकर सामने आए हैं। चिंता की बात यह है कि अब केवल उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि दक्षिण और तटीय इलाकों के शहर भी इस अदृश्य और घातक गैस की चपेट में पूरी तरह आ चुके हैं।

    बढ़ती गर्मी और तेज धूप से और खतरनाक हुई यह अदृश्य गैस

    जारी किए गए इस विश्लेषण में ओजोन प्रदूषण के बढ़ने के मुख्य कारणों को भी स्पष्ट किया गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, लगातार बढ़ती रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, तेज धूप और इसके साथ ही वाहनों व उद्योगों से निकलने वाली जहरीली गैसों के बीच होने वाले आपसी केमिकल रिएक्शन (रासायनिक प्रतिक्रिया) के कारण ग्राउंड लेवल ओजोन का निर्माण होता है। हवा में मौजूद यह प्रदूषक सीधे तौर पर दिखाई नहीं देता, जिसके कारण इसे एक 'साइलेंट किलर' माना जा रहा है। यह पर्यावरण के संतुलन को बिगाड़ने के साथ-साथ सीधे तौर पर मानव स्वास्थ्य, विशेषकर फेफड़ों और सांस प्रणाली के लिए एक बड़ा और सीधा खतरा बन गया है।

    #OzonePollution #DelhiNCRNews #CSEReport #AirQualityIndex #SilentKiller #EnvironmentalCrisis #DelhiPollution #GlobalWarming #Danikkhabar

  • Untitled Project - 2026-06-30T155146.682.jpg
    30/06/26 |

    दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग की बड़ी कार्रवाई, वॉशरूम के फ्लश बटन से 1.47 करोड़ का सोना बरामद; बांग्लादेशी यात्री गिरफ्तार

    अभिकान्त, 30 जून नई दिल्ली : दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए सोने की तस्करी के एक बेहद अनूठे और बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। दुबई से दिल्ली पहुंचे एक बांग्लादेशी ट्रांजिट यात्री ने आईजीआई एयरपोर्ट के डिपार्चर एरिया के वॉशरूम में फ्लश बटन के अंदर करीब 1.47 करोड़ रुपये मूल्य का सोना छिपा कर रखा था, जिसे कस्टम विभाग ने अपनी मुस्तैदी से बरामद कर लिया है।

    कस्टम अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि यह यात्री दुबई से दिल्ली पहुंचा था और यहां ट्रांजिट में था। यात्री के संदिग्ध ट्रांजिट ट्रैवल पैटर्न को देखते हुए कस्टम की टीम ने उसे अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर एरिया में ही चिन्हित कर लिया था और बाद में घेराबंदी करके उसे डिपार्चर एरिया के एक वॉशरूम के बाहर से गिरफ्तार किया गया।

    कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी यात्री ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि उसने तीन अंडाकार पीले रंग के पाउच को एक गहरे नीले रंग के मोजे में लपेटकर वॉशरूम के फ्लश बटन के अंदरूनी हिस्से में छिपा दिया था। अधिकारियों ने उसकी निशानदेही पर तुरंत तीनों पाउच बरामद किए, जिनमें सोने का पेस्ट भरा हुआ था।

    इस पेस्ट की पूरी प्रोसेसिंग करने पर कुल 1,141.5 ग्राम शुद्ध सोना निकाला गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कुल कीमत 1,46,64,211 रुपये आंकी गई है। कस्टम विभाग ने इस सोने को कस्टम एक्ट-1962 के तहत जब्त कर आरोपी यात्री को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    दिल्ली एयरपोर्ट पर इन दिनों तस्करों द्वारा कस्टम विभाग को चकमा देने के लिए लगातार नए पैंतरे और अजीबोगरीब तरीके आजमाए जा रहे हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं। इसी तरह के एक अन्य मामले में शारजाह से दिल्ली पहुंचे एक भारतीय यात्री को भी फ्लाइट से आने पर पकड़ा गया था, जिसने अपनी सीट के नीचे दो ब्लैक पाउच में पेस्ट फॉर्म में रखा 2.755 किलोग्राम सोना छिपाया था, जिसकी कीमत करीब 3.8 करोड़ रुपये थी।

    #IGIAirportDelhi #GoldSmuggling #DelhiCustoms #CrimeUpdateDelhi #AirportSecurity #GoldSeizedDelhi #TransitPassenger #DelhiNews #Danikkahabr

  • Untitled Project - 2026-06-30T114145.860.jpg
    30/06/26 |

    दिल्ली में EV क्रांति: नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को कैबिनेट की मंजूरी, ₹30 लाख तक की ई-कारों पर रोड टैक्स व रजिस्ट्रेशन फीस माफ

    नई दिल्ली, 30 जून (अन्‍नू): दिल्ली को वायु प्रदूषण से मुक्ति दिलाने और पर्यावरण अनुकूल यातायात (क्लीनर ट्रांसपोर्ट) को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली कैबिनेट ने सोमवार (29 जून) को एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए नई 'इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी' को मंजूरी दे दी है। इस नई बेहद महत्वाकांक्षी नीति के तहत दिल्ली में ₹30 लाख तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों (Electric Cars) को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से शत-प्रतिशत छूट दी जाएगी।

    यह कड़ा और दूरगामी फैसला राजधानी में खासकर सर्दियों के दौरान होने वाले गंभीर वायु प्रदूषण से निपटने के लिए लिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद अब इस पॉलिसी को अंतिम मंजूरी के लिए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के पास भेजा जा रहा है। सरकार की योजना इसे 1 जुलाई 2026 से लागू करने की है, जो 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी।

    किस वाहन पर कितनी मिलेगी सब्सिडी (परचेज इंसेंटिव)?

    नई पॉलिसी में न केवल टैक्स और रजिस्ट्रेशन में छूट दी गई है, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सीधे नकद सब्सिडी यानी परचेज इंसेंटिव की भी बड़ी घोषणा की गई है:

    • इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर: खरीदारों को पहले साल ₹30,000, दूसरे साल ₹20,000 और तीसरे साल ₹10,000 की सब्सिडी मिलेगी।

    • इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर: तिपहिया वाहनों के खरीदारों को पहले साल ₹50,000, दूसरे साल ₹40,000 और तीसरे साल ₹30,000 की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

    • इलेक्ट्रिक ट्रक्स (N1 कैटेगरी): माल ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले लाइट कॉमर्शियल वाहनों (अधिकतम वजन 3,500 किलोग्राम तक) के खरीदारों को ₹1 लाख तक का खरीद इंसेंटिव मिलेगा।

    • स्क्रैपिंग इंसेंटिव: पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले BS-IV या उससे पुराने फोर-व्हीलर मालिकों को अपनी पुरानी गाड़ी को स्क्रैप (कबाड़) करके नया इलेक्ट्रिक वाहन चुनने पर ₹1 लाख का अतिरिक्त स्क्रैपिंग इंसेंटिव दिया जाएगा।

    हाइब्रिड वाहनों को बड़ा झटका: दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने साफ किया है कि हाइब्रिड (Hybrid) गाड़ियों के लिए कोई सब्सिडी या रियायत नहीं दी जाएगी। यह पॉलिसी पूरी तरह से जीरो-इमिशन (शून्य-उत्सर्जन) यानी विशुद्ध इलेक्ट्रिक वाहनों पर ही केंद्रित है।

    चरणबद्ध तरीके से बंद होंगे पेट्रोल-CNG वाहन: टाइमलाइन जारी

    दिल्ली में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने 'फेज्ड ट्रांजिशन प्लान' (चरणबद्ध बदलाव योजना) तैयार की है:

    • 1 जनवरी 2027 से: दिल्ली में केवल और केवल इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा (E-Auto) का ही नया रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। अन्य ईंधन वाले ऑटो पर पूरी रोक होगी।

    • 1 अप्रैल 2028 से: दिल्ली में नए पेट्रोल और सीएनजी (CNG) से चलने वाले टू-व्हीलर्स (बाइक व स्कूटर) का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इनकी जगह सिर्फ इलेक्ट्रिक मॉडल्स ही रजिस्टर्ड हो सकेंगे।

    ₹15,000 करोड़ का बड़ा निवेश; इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होंगे ₹8,000 करोड़

    कैबिनेट के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए CM रेखा गुप्ता ने कहा कि इस नीति के माध्यम से अगले चार वर्षों में दिल्ली में करीब ₹15,000 करोड़ के कुल लाभ और निवेश की उम्मीद है।

    • इस बजट में से ₹7,000 करोड़ सीधे वाहन खरीदारों को मिलने वाले इंसेंटिव (सब्सिडी) पर खर्च किए जाएंगे।

    • शेष ₹8,000 करोड़ का उपयोग पूरी दिल्ली में मजबूत ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर, चार्जिंग स्टेशन डेवलप करने और टैक्स रियायतों की भरपाई के लिए सुरक्षित रखा गया है।

    32,000 नए चार्जिंग पॉइंट्स और सब्सिडी के लिए बनेगा विशेष पोर्टल

    इलेक्ट्रिक वाहनों की राह आसान करने के लिए दिल्ली सरकार पूरी राजधानी में 32,000 नए चार्जिंग पॉइंट्स स्थापित करने जा रही है, जिसके लिए जमीन भी चिन्हित कर ली गई है। इसके अलावा, सब्सिडी और इंसेंटिव के दावों में पारदर्शिता लाने और वाहन मालिकों को तुरंत लाभ देने के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस पॉलिसी में इंसेंटिव पाने वाले पात्र वाहनों की संख्या पर कोई सीमा (कैपिंग) नहीं लगाई गई है, जिससे हर खरीदार को इसका सीधा लाभ मिल सकेगा।

    क्या होते हैं N1 कैटेगरी के ट्रक्स?

    पॉलिसी के तहत ₹1 लाख की विशेष सब्सिडी पाने वाले N1 कैटेगरी के अंतर्गत वे हल्के व्यावसायिक वाहन (Light Commercial Vehicles) आते हैं, जिन्हें कमर्शियल सामान की ढुलाई के लिए डिज़ाइन किया जाता है। शर्त यह है कि इन वाहनों का अधिकतम ग्रॉस व्हीकल वेट (कुल वजन) 3,500 किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए। आमतौर पर स्थानीय भाषा में 'छोटा हाथी' या इसी तरह के छोटे लोडिंग टेंपो इस श्रेणी का हिस्सा होते हैं।

    #DelhiEVPolicy #ElectricVehicles #DelhiPollution #RekhaGupta #EVSubsidy #DelhiCabinet #GoGreenDelhi #EVChargingInfrastructure #ScrappingIncentive #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-06-29T152518.629.jpg
    29/06/26 |

    दिल्ली क्राइम ब्रांच की मुस्तैदी; अस्पताल के वेंटिलेशन से भागा अंडरट्रायल कैदी 48 घंटे में हिमाचल से गिरफ्तार

    अभिकान्त, 29 जून नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अस्पताल से फरार हुए एक अंडरट्रायल कैदी को मात्र 48 घंटे के भीतर हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी की पहचान 26 वर्षीय पवन भल्ला के रूप में हुई है, जिसने जेल से भागने के लिए एक सोची-समझी और शातिर साजिश रची थी।

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, रोहिणी की सेंट्रल जेल में बंद आरोपी पवन भल्ला ने जानबूझकर कोई अज्ञात संदिग्ध पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई। खुद को बीमार दिखाकर उसने जेल प्रशासन को गुमराह किया, जिसके बाद उसे पहले रोहिणी के डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल ले जाया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के प्रसिद्ध जीबी पंत अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान 26 जून की शाम करीब 6:45 बजे आरोपी ने ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों से बाथरूम जाने की अनुमति मांगी और वहां लगे वेंटिलेशन होल (खिड़की) के रास्ते भागने में सफल रहा। इस दुस्साहसिक घटना के बाद तुरंत एक्शन लेते हुए आईपी एस्टेट थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 262 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

    क्राइम ब्रांच ने बिछाया जाल; हिमाचल के ऊना से हुआ गिरफ्तार

    कैदी के अस्पताल से फरार होने की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। इस मामले को सुलझाने और आरोपी को जल्द से जल्द दबोचने का जिम्मा क्राइम ब्रांच को सौंपा गया। एसीपी सतेंद्र मोहन के करीबी पर्यवेक्षण में इंस्पेक्टर महिपाल सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।

    क्राइम ब्रांच की इस टीम ने बिना समय गंवाए तकनीकी निगरानी (Technical Surveillance), मानवीय खुफिया जानकारी और मजबूत फील्ड ऑपरेशन के जरिए आरोपी के भागने के रूट को ट्रैक करना शुरू किया। टीम ने लगातार 48 घंटे तक पीछा करते हुए आखिरकार 28 जून को आरोपी पवन भल्ला को हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अंतर्गत आने वाले जितपुर बेहड़ी इलाके से धर दबोचा। दिल्ली पुलिस की इस त्वरित और पेशेवर कार्रवाई की वजह से अस्पताल से भागा हुआ शातिर कैदी अपनी योजना में पूरी तरह नाकाम रहा और दोबारा पुलिस की सलाखों के पीछे पहुंच गया है।

    #DelhiPolice #CrimeBranchDelhi #PrisonBreakFoiled #HimachalPradeshNews #UnaNews #Under-trialPrisoner #DelhiCrimeUpdate #LawAndOrder #Danikkhabar

  • Untitled Project - 2026-06-29T151848.155.jpg
    29/06/26 |

    नई दिल्ली में नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026 को कैबिनेट की मंजूरी, 1 जुलाई से होगी लागू

    अभिकान्त, 29 जून नई दिल्ली : दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान दिल्ली की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी 2026 को कैबिनेट से मंजूरी मिलने की आधिकारिक घोषणा की। मुख्यमंत्री ने इसे दिल्ली के लिए एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि इस नई नीति को आगामी 1 जुलाई 2026 से पूरे राज्य में लागू करने का प्रयास किया जा रहा है, जो 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पूरे देश में दिल्ली एकमात्र ऐसा राज्य है जो इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सबसे अधिक सब्सिडी और अन्य सुविधाएं देता है। इस नई व्यापक ईवी नीति के दायरे में दोपहिया, तिपहिया, चार पहिया वाहनों के साथ-साथ ग्रामीण सेवा आदि को भी शामिल किया गया है, ताकि समाज के हर वर्ग को इस नीति का सीधा लाभ मिल सके।

    व्यावसायिक और दोपहिया वाहनों से होने वाले प्रदूषण को घटाने पर विशेष जोर

    इस नई नीति के मुख्य उद्देश्यों और इसके पीछे के कारणों पर विस्तार से जानकारी देते हुए परिवहन आयुक्त निहारिका राय ने प्रेस वार्ता में प्रदूषण के आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि साल 2018 में दिल्ली के प्रदूषण पर किए गए एक विस्तृत अध्ययन से सामने आया था कि राजधानी में होने वाले कुल वाहन प्रदूषण में से 33 प्रतिशत प्रदूषण व्यावसायिक (कमर्शियल) वाहनों के कारण होता है, जबकि शेष 67 प्रतिशत प्रदूषण के लिए दोपहिया और तिपहिया वाहन जिम्मेदार माने गए थे।

    परिवहन आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इसी अध्ययन को आधार बनाकर नई ईवी नीति 2026 का खाका तैयार किया गया है। सरकार का मुख्य ध्यान इन श्रेणियों के वाहनों को तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलना है ताकि दिल्ली की हवा को साफ और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके। उम्मीद जताई जा रही है कि भारी सब्सिडी और बेहतर बुनियादी ढांचे के दम पर यह नीति दिल्ली में इलेक्ट्रिक क्रांति को एक नई दिशा देगी।

    #DelhiEVPolicy2026 #ElectricVehicleDelhi #DelhiNews #CMRekhaGupta #PollutionFreeDelhi #EVSubsidyDelhi #DelhiTransport #GreenDelhi #Danikkhabar

  • Untitled Project - 2026-06-28T134128.739.jpg
    28/06/26 |

    अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर दिल्ली पुलिस का बड़ा आयोजन: इंडिया गेट पर 'मीका सिंह' के गानों और 'पेंटिंग प्रदर्शनी' से युवाओं को किया जागरूक

    नई दिल्ली, 28 जून (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर मिली जानकारी के अनुसार, 'नशा मुक्त भारत' के देशव्यापी संकल्प के तहत दिल्ली पुलिस ने 'ड्रग-फ्री दिल्ली' (नशा मुक्त दिल्ली) का संदेश फैलाने के लिए इंडिया गेट के कर्तव्य पथ पर एक भव्य और मेगा जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।

    इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के केंद्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन शामिल हुए। उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के वरिष्ठ अधिकारी, दिल्ली पुलिस के आला अफसर और कई अन्य गणमान्य हस्तियां भी मौजूद रहीं।

    मीका सिंह के लाइव परफॉर्मेंस और कला के जरिए दिया संदेश

    दिल्ली पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस शाम कर्तव्य पथ पर भारी संख्या में पहुंचे आम लोगों और युवाओं ने बड़े उत्साह के साथ इस नशा विरोधी अभियान में हिस्सा लिया। कार्यक्रम को आकर्षक और प्रभावशाली बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तुतियां दी गईं:

    • मीका सिंह का लाइव कॉन्सर्ट: मशहूर बॉलीवुड सिंगर मीका सिंह ने अपने शानदार गानों से लाइव परफॉर्मेंस दी और युवाओं को नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया।

    • दिल्ली पुलिस बैंड: दिल्ली पुलिस के म्यूजिकल बैंड ने देशभक्ति और उत्साह से भरी सुमधुर धुनें प्रस्तुत कीं।

    • पेंटोमाइम शो (मूक अभिनय): नशीले पदार्थों के सेवन से परिवारों और जीवन पर पड़ने वाले विनाशकारी प्रभावों को उजागर करने के लिए एक बेहद विचारोत्तेजक 'मूक अभिनय' (Pantomime Show) का मंचन किया गया।

    • एंटी-ड्रग पेंटिंग प्रदर्शनी: कार्यक्रम स्थल पर युवाओं द्वारा बनाई गई नशा विरोधी पेंटिंग्स की एक खास प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें युवा कलाकारों ने कला के जरिए नशा मुक्त समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।

    • कलाकारों का सम्मान: एंटी-ड्रग अवेयरनेस कैंपेन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सभी कलाकारों और प्रतिभागियों को मंच से सम्मानित भी किया गया।

    नशा समाज को कर रहा है तबाह: गृह सचिव गोविंद मोहन

    मुख्य अतिथि और केंद्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए केंद्र सरकार के दूरदर्शी विजन को साझा किया। उन्होंने नशीली दवाओं के दुरुपयोग (Substance Abuse) से होने वाले भयानक दुष्परिणामों को रेखांकित किया और बताया कि कैसे यह हमारे पूरे समाज और आने वाली पीढ़ी को अंदर से खोखला कर रहा है।

    दिल्ली पुलिस के ट्विटर (X) हैंडल के अनुसार, संगीत, कला और जनभागीदारी के इस अनूठे संगम के माध्यम से दिल्ली पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ अपनी लड़ाई को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया है। पुलिस ने युवाओं से इस अभियान में अग्रणी भूमिका निभाने और समाज के प्रति अपनी सामूहिक जिम्मेदारी समझने की अपील की है।

    "नशे को कहें ना, जीवन को कहें हां।"

    (Say No to Drugs. Say Yes to Life.)

    #DelhiPolice #NashaMuktBharat #MikaSinghLive #InternationalDayAgainstDrugAbuse #DrugFreeDelhi #KartavyaPath #GovindMohan #PublicAwareness #BreakingNews #DanikKhabar

  • cbi.jpg
    26/06/26 |

    उत्तराखंड LUCC चिटफंड घोटाला: CBI की बड़ी कार्रवाई, 25 करोड़ की 23 संपत्तियां कुर्क; 1.6 लाख निवेशकों से ₹419 करोड़ की हुई थी ठगी

    नई दिल्ली, 26 जून (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, उत्तराखंड के बहुचर्चित 'मैसर्स लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी' (LUCC) चिटफंड घोटाले में जांच एजेंसी को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सीबीआई ने इस धोखाधड़ी मामले के आरोपियों पर कड़ा शिकंजा कसते हुए उनकी करीब 25 करोड़ रुपये मूल्य की 23 संपत्तियों को कुर्क (Attachment) करने की कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। कुर्क की गई ये संपत्तियां उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मुंबई में स्थित हैं।

    तीन राज्यों में फैली संपत्तियों पर चला चाबुक

    सीबीआई की प्रेस रिलीज के मुताबिक, एलयूसीसी (LUCC) चिटफंड धोखाधड़ी मामले की गहन जांच के दौरान उन संपत्तियों की पहचान की गई थी, जिन्हें आरोपियों ने निवेशकों से ठगे गए पैसों के जरिए हासिल किया था। इसके बाद अलग-अलग सक्षम प्राधिकरणों से अनुमति लेकर इन्हें अटैच किया गया:

    • उत्तराखंड: राज्य के 'बड्स एक्ट' (BUDS Act) के तहत सक्षम प्राधिकारी के माध्यम से उत्तराखंड में स्थित 06 संपत्तियों को कुर्क करने के आदेश जारी कराए गए।

    • उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की नामित 'बड्स एक्ट' अदालत से मंजूरी मिलने के बाद वहां स्थित 16 संपत्तियों को कुर्क किया गया है।

    • मुंबई: महाराष्ट्र में नामित 'बड्स एक्ट' कोर्ट की अनुमति से मुंबई स्थित 01 संपत्ति को भी अटैच करने की मंजूरी दी गई है, जिसके आदेश उत्तराखंड के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किए जा रहे हैं।

    एजेंसी का कहना है कि इस घोटाले से जुड़ी अन्य बची हुई संपत्तियों की पहचान करने के प्रयास भी लगातार जारी हैं।

    1.6 लाख से अधिक निवेशकों से ₹419 करोड़ की महा-ठगी

    इस घोटाले का बैकग्राउंड बेहद चौंकाने वाला है। साल 2025 में उत्तराखंड उच्च न्यायालय (Hon'ble High Court of Uttrakhand) के आदेशों के बाद सीबीआई ने उत्तराखंड राज्य पुलिस से कई एफआईआर (FIRs) अपने हाथ में लेकर इस मामले को दर्ज किया था। यह मामला आईपीसी (IPC), बीएनएस (BNS), बड्स एक्ट (BUDS Act) और यूपीआईडी एक्ट (UPID Act) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत दर्ज है।

    आरोपियों ने आकर्षक रिटर्न का लालच देकर देश भर के 1.6 लाख से अधिक जमाकर्ताओं (Investors) को अपने जाल में फंसाया और उनके खून-पसीने की गाढ़ी कमाई के करीब 419 करोड़ रुपये का गबन कर इस महा-घोटाले को अंजाम दिया।

    7 मुख्य आरोपी जेल में, जांच अब भी जारी

    सीबीआई ने इस ठगी नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए अब तक मामले से जुड़े 07 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो वर्तमान में न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) के तहत जेल की सलाखों के पीछे हैं। जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मामले की कड़ियों को जोड़ने और अन्य वित्तीय संपत्तियों का पता लगाने के लिए आगे की तफ्तीश निरंतर जारी है।

    #CBIExtraction #ChitFundScam #LUCCScam #UttrakhandNews #PropertyAttachment #CBIAction #FinancialFraud #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-06-26T103816.840.jpg
    26/06/26 |

    दिल्ली के सब्जी मंडी इलाके में हादसा: अचानक भरभराकर ढही मकान की सीढ़ी; मासूम बच्चे समेत एक ही परिवार के 5 लोग फंसे, दमकल ने ऐसे बचाया

    नई दिल्ली, 26 जून (अन्‍नू): देश की राजधानी दिल्ली के नॉर्थ जिले के सब्जी मंडी थाना इलाके में गुरुवार दोपहर एक रिहायशी मकान के अंदर अचानक सीढ़ी ढहने से हड़कंप मच गया। सीढ़ी टूटने की इस अचानक हुई घटना से मकान की ऊपरी मंजिल पर रहने वाले लोग वहीं कैद हो गए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी, जिसके बाद राहत और बचाव दल की गाड़ियां मौके पर रवाना की गईं।

    फायर ब्रिगेड और लोकल पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर बेहद सूझबूझ और मुस्तैदी से एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। दमकल कर्मियों ने मलबे और ऊंचाई के बीच फंसे एक मासूम शिशु समेत एक ही परिवार के पांच सदस्यों और उनके पालतू कुत्ते को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई भी हताहत नहीं हुआ है और सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं।

    मकान ढहने की कॉल से मचा था हड़कंप, दूसरी मंजिल पर फंसे थे लोग

    दमकल विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे रूप नगर इलाके के तिलक चौक स्थित एक मकान में हुआ। शुरुआत में फायर ब्रिगेड को कंट्रोल रूम के जरिए सूचना मिली थी कि पूरा मकान ढह गया है, जिसके चलते आनन-फानन में दमकल की कई गाड़ियों और रेस्क्यू टीमों को घटना स्थल पर भेजा गया था।

    हालांकि, मौके पर पहुंचकर जब अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया तो पाया कि पूरे मकान की जगह पहली मंजिल से दूसरी मंजिल को जोड़ने वाली मुख्य सीढ़ी भरभराकर ढह गई थी। सीढ़ी का संपर्क कट जाने के कारण दूसरी मंजिल पर रह रहा परिवार ऊपर ही फंस गया था और नीचे आने का कोई रास्ता नहीं बचा था।

    मासूम नीरू सहित इन 5 लोगों को मिला नया जीवन

    दमकल कर्मियों ने बिना वक्त गंवाए सीढ़ी लगाकर बेहद सावधानी से एक-एक कर सभी फंसे हुए लोगों को नीचे उतारना शुरू किया। सुरक्षित बचाए गए लोगों की पहचान इस प्रकार हुई है:

    • मानसी (उम्र 45 वर्ष)

    • अंजलि (उम्र 24 वर्ष, मानसी की बेटी)

    • कविता

    • पायल (उम्र 21 वर्ष, कविता की बेटी)

    • नीरू (5 महीने की नवजात बच्ची)

    इन पांचों महिलाओं और मासूम बच्ची के साथ ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने उनके वफादार पालतू कुत्ते को भी सकुशल नीचे उतारा।

    हादसे के कारणों की जांच में जुटी पुलिस

    सीढ़ी अचानक किस वजह से टूटी, इसके पुख्ता कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। प्राथमिक रूप से कयास लगाए जा रहे हैं कि इमारत पुरानी होने या सीढ़ी के ढांचे में आई किसी तकनीकी कमजोरी के कारण यह हादसा हुआ होगा। सब्जी मंडी थाना पुलिस ने घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और मकान की बनावट व हादसे के असली कारणों की बारीकी से जांच कर रही है।

    #DelhiAccident #SabziMandiNews #RoopNagarDelhi #StaircaseCollapse #DelhiFireService #RescueOperation #DelhiPolice #MiracleRescue #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-06-26T082537.248.jpg

    पहाड़ों में घूमना है तो रहें सावधान! मनाली पुलिस ने ब्यास नदी किनारे बढ़ाई मुस्तैदी, लापरवाह पर्यटकों पर कसा शिकंजा

    मनाली, 26 जून (अन्‍नू): देशभर से पहाड़ों की वादियों में घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस ने एक बेहद जरूरी सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। कई टूरिस्ट पुलिस के बार-बार समझाने और किनारे पर लगे साइन बोर्ड की चेतावनी को पूरी तरह इग्नोर कर सेल्फी और रील्स के चक्कर में सीधे उफनती नदियों में उतर रहे हैं। मानसून के सीजन में नदियों के बढ़ते जलस्तर और अचानक आने वाले खतरे को देखते हुए प्रशासन ने अब ऐसे लापरवाह टूरिस्टों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

    इसी कड़ी में मनाली पुलिस ने ब्यास नदी के किनारे चेतावनी को नजरअंदाज करने वाले 12 टूरिस्टों के एक-एक हजार रुपये के चालान काटे हैं। पुलिस के अनुसार, नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले इन टूरिस्टों में से ज्यादातर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के रहने वाले हैं।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो, मणिकर्ण में बह गए थे 3 लोग

    पिछले करीब एक सप्ताह से सोशल मीडिया पर निरंतर ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें पर्यटक ब्यास और अन्य पहाड़ी नदियों के बीच पत्थरों पर बैठकर जानलेवा स्टंट या फोटोग्राफी करते दिख रहे हैं। ऐसी लापरवाही कितनी खतरनाक हो सकती है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते सप्ताह मणिकर्ण में पंजाब के एक ही परिवार के तीन लोग नदी के तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए थे। हालांकि, गनीमत यह रही कि वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए अपनी जान पर खेलकर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।

    डीसी कुल्लू के सख्त निर्देश: बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण बढ़ रहा खतरा

    पहाड़ों में मानसून की दस्तक के साथ ही कई बांधों (Dams) से समय-समय पर पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे मैदानी इलाकों की तुलना में पहाड़ों में नदी का जलस्तर अचानक कई गुना बढ़ जाता है। इस गंभीर खतरे को भांपते हुए डीसी कुल्लू ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी पर्यटक को नदी के नजदीक न जाने दिया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी या जानमाल के नुकसान को रोका जा सके।

    शांत दिखने वाली नदियां पल भर में बनती हैं काल: पहले भी हुए हैं बड़े हादसे

    मनाली पुलिस के मुताबिक, कई बार पर्यटक नेशनल हाईवे या सड़क किनारे बने चोर रास्तों से होकर सीधे ब्यास नदी के पानी तक पहुंच जाते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में नदियों का बहाव ऊपर से भले ही सामान्य दिखाई दे, लेकिन अंदरूनी करंट काफी तेज होता है। ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश होने से पानी अचानक बढ़ता है और संभलने का मौका भी नहीं मिलता।

    हिमाचल में नदी किनारे की गई लापरवाही पहले भी कई बार काल बन चुकी है:

    • 2014 का थलोट हादसा: वर्ष 2014 में मंडी जिले के थलोट में लारजी जल विद्युत परियोजना से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण ब्यास नदी में हैदराबाद के 24 इंजीनियरिंग छात्रों की बहने से दर्दनाक मौत हो गई थी।

    • रास्ते बंद करने की तैयारी: मनाली पुलिस ने अब बीआरओ (BRO) और एनएचएआई (NHAI) से आधिकारिक तौर पर आग्रह किया है कि नेशनल हाईवे से नदी की ओर जाने वाले सभी अनधिकृत रास्तों को हमेशा के लिए ब्लॉक किया जाए। साथ ही खतरनाक जगहों पर फेंसिंग (लोहे की जाली) और बड़े चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।

    खूबसूरत नजारों और सेल्फी के लिए जिंदगी खतरे में न डालें: एसपी कुल्लू

    मामले की जानकारी देते हुए एसपी कुल्लू मदन लाल ने बताया कि पुलिस टीम लगातार लाउडस्पीकर और पेट्रोलिंग के जरिए टूरिस्टों को नदी किनारे न जाने को लेकर जागरूक कर रही है। पुलिस के जवान दिन-रात नदी तटों पर गश्त कर रहे हैं। इसके बावजूद जो लोग जानबूझकर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उनके खिलाफ चालान की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों से भावुक अपील की है कि पहाड़ों के खूबसूरत नजारों का आनंद दूर से लें, केवल एक सेल्फी या वीडियो के लिए अपनी और अपने परिवार की जिंदगी को दांव पर न लगाएं।

    #HimachalTourism #ManaliPolice #BeasRiver #KulluManali #TouristsChallan #HimachalAdvisory #MonsoonAlert #HimachalWeather #SafetyFirst #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-06-24T211631.442.jpg

    दिल्ली: 23 एकड़ जमीन कचरे के पहाड़ से हुई मुक्त, दिसंबर 2026 तक पूरी साइट खाली करने का लक्ष्य

    नई दिल्ली, 24 जून (अन्‍नू): देश की राजधानी दिल्ली को लैंडफिल साइटों (कूड़े के पहाड़ों) के दशकों पुराने बोझ से मुक्त करने की दिशा में एक बड़ी और ऐतिहासिक प्रगति सामने आई है। दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने बुधवार को एमसीडी कमिश्नर संजीव खिरवार और निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ओखला लैंडफिल साइट (Okhla Landfill Site) का जमीनी निरीक्षण किया और वहां चल रहे बायो-माइनिंग (Bio-Mining) कार्यों की विस्तृत समीक्षा की. निरीक्षण के बाद मेयर ने दावा किया कि वर्षों से जमा कूड़े के इस विशाल पहाड़ को समाप्त करने का मिशन अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है.

    लंबे समय बाद प्रदूषण के ढेर से आजाद हुई 23 एकड़ बेशकीमती जमीन

    दिल्ली नगर निगम (MCD) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ओखला लैंडफिल क्षेत्र में अब तक कुल 23 एकड़ जमीन को पूरी तरह से कचरे से मुक्त करा लिया गया है:

    • शहरी विकास को रफ्तार: लंबे समय से लाखों टन लेगेसी वेस्ट (पुराने कचरे) के नीचे दबी यह बेशकीमती भूमि अब आजाद हो चुकी है. भविष्य में इस जमीन का उपयोग हरित क्षेत्र (Green Zone), जन-सुविधाओं और अन्य महत्वपूर्ण शहरी विकास परियोजनाओं के लिए किया जा सकेगा.

    • मशीनों की क्षमता में इजाफा: अधिकारियों ने बताया कि निगम द्वारा लगातार की जा रही निगरानी और आधुनिक मशीनों की क्षमता बढ़ाने के कारण ही बायो-माइनिंग के काम में इतनी तेजी आई है.

    दिसंबर 2026 तक ओखला साइट होगी पूरी तरह समतल: मेयर

    निरीक्षण के दौरान मेयर प्रवेश वाही ने ओखला लैंडफिल को लेकर निगम के आगामी प्लान का खुलासा करते हुए बताया कि दिसंबर 2026 तक पूरी ओखला लैंडफिल साइट को पूरी तरह समतल और शत-प्रतिशत कूड़ा-मुक्त करने का अंतिम लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

    उन्होंने संतोष जताते हुए कहा कि पुराना जमा लेगेसी वेस्ट अब लगभग पूरी तरह समाप्त होने की कगार पर है. इसलिए, अब निगम का पूरा फोकस शहर से रोजाना निकलने वाले नए और ताजे कचरे के पृथक्करण (Sifting), वैज्ञानिक प्रसंस्करण (Processing) और उसके पर्यावरण-अनुकूल निस्तारण पर केंद्रित कर दिया गया है ताकि दोबारा कूड़े का पहाड़ खड़ा न हो सके.

    मानसून को लेकर कमिश्नर संजीव खिरवार के सख्त निर्देश

    चूंकि मानसून का सीजन शुरू हो चुका है, इसलिए एमसीडी कमिश्नर संजीव खिरवार ने मौके पर मौजूद डंपिंग साइट के अधिकारियों को पर्यावरण सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहने और निम्नलिखित पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए:

    • लीचेट का सुरक्षित निस्तारण: बरसात के दिनों में कचरे से रिसने वाले प्रदूषित काले तरल (Lechate) के सुरक्षित और वैज्ञानिक निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि यह जमीन या भूजल को दूषित न करे.

    • चौबीसों घंटे निगरानी: मानसून के दौरान ओखला साइट और उसके आसपास के संवेदनशील हिस्सों में निगरानी (Monitoring) को दोगुना करने को कहा गया है.

    परियोजना की मुख्य उपलब्धियां (एक नजर में):

    • भूमि मुक्ति: 23 एकड़ भूमि को कचरे के साम्राज्य से सफलतापूर्वक मुक्त कराया गया.

    • डेडलाइन: दिसंबर 2026 तक पूरी ओखला डंपिंग साइट को पूरी तरह खाली करने का संकल्प.

    • भविष्य की योजना: खाली हुई जमीन पर बड़े इको-पार्क (हरित क्षेत्र) और सार्वजनिक सुविधाएं विकसित करने की संभावना.

    #DelhiMCD #OkhlaLandfill #MayorPraveshWahi #SanjeevKhirwarMCD #GarbageFreeDelhi #BioMining #CentralDelhiNews #CleanDelhiGreenDelhi #LegacyWaste #EnvironmentProtection #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-06-24T211358.267.jpg
    24/06/26 |

    दिल्ली: सेंट्रल विस्टा के लिए डीएमआरसी की बड़ी पहल: केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य शुरू, बनेगा ट्रिपल-इंटरचेंज हब

    नई दिल्ली, 24 जून (अन्‍नू): दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों और केंद्रीय मंत्रालयों में काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने बुधवार को सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर (Central Vista Corridor) को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने के लिए केंद्रीय सचिवालय (Central Secretariat) मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य का औपचारिक शुभारंभ कर दिया है।

    यह नया स्टेशन मेट्रो के फेज-IV (ए) के तहत विकसित की जा रही मैजेंटा लाइन के 'जनकपुरी वेस्ट-आरके आश्रम मार्ग विस्तार परियोजना' का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की उपस्थिति में हुआ शुभारंभ

    इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण कार्य के शुभारंभ के ऐतिहासिक अवसर पर देश के केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, डीएमआरसी के अध्यक्ष कटिकिथला श्रीनिवास तथा मेट्रो व मंत्रालय के अन्य कई वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने परियोजना के तकनीकी और इंफ्रास्ट्रक्चर लेआउट का जायजा लिया।

    अब 'ट्रिपल-इंटरचेंज' स्टेशन बनेगा केंद्रीय सचिवालय

    डीएमआरसी के आधिकारिक बयान के अनुसार, केंद्रीय सचिवालय स्टेशन को अब एक भव्य और अत्याधुनिक 'ट्रिपल-इंटरचेंज' (Triple-Interchange) स्टेशन के रूप में अपग्रेड और विकसित किया जाएगा:

    • तीन लाइनों का महासंगम: यहाँ नई बन रही मैजेंटा लाइन का भूमिगत स्टेशन, पहले से ही मौजूद यलो लाइन (समयपुर बादली से हुडा सिटी सेंटर/मिलेनियम सिटी सेंटर) और वायलेट लाइन (कश्मीरी गेट से राजा नाहर सिंह) के साथ सीधे कनेक्ट हो जाएगा।

    • घटेगा यात्रियों का समय: इस ट्रिपल-इंटरचेंज की वजह से यात्रियों को लाइन बदलने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और उनका कीमती समय बचेगा।

    • सरकारी कर्मचारियों को तोहफा: इससे लुटियंस दिल्ली, नॉर्थ-साउथ ब्लॉक, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और प्रशासनिक क्षेत्रों तक डेली अप-डाउन करने वाले हजारों सरकारी कर्मचारियों और आम जनता को सीधी व सुगम कनेक्टिविटी मिलेगी।

    9.9 किलोमीटर लंबा होगा पूरा रूट; ये होंगे 9 भूमिगत स्टेशन

    करीब 9.913 किलोमीटर लंबे इस पूरे अंडरग्राउंड (भूमिगत) कॉरिडोर में सुरक्षा और तकनीकी मापदंडों को ध्यान में रखते हुए कुल 9 नए भूमिगत स्टेशन बनाए जा रहे हैं। यह रूट नई दिल्ली के दिल और देश के गौरवशाली स्मारकों के नीचे से गुजरेगा। स्टेशनों की सूची इस प्रकार है:

    1. शिवाजी स्टेडियम (Shivaji Stadium)

    2. युगे युगीन भारत (Yuge Yugeen Bharat)

    3. केंद्रीय सचिवालय (Central Secretariat)

    4. कर्तव्य भवन (Kartavya Path / Kartavya Bhavan)

    5. इंडिया गेट (India Gate)

    6. वॉर मेमोरियल-हाई कोर्ट (War Memorial - High Court)

    7. बड़ौदा हाउस (Baroda House)

    8. भारत मंडपम (Bharat Mandapam)

    9. इंद्रप्रस्थ (Indraprastha)

    लुटियंस दिल्ली और प्रमुख राष्ट्रीय स्थलों तक आसान पहुंच

    डीएमआरसी के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह विशेष परियोजना नई दिल्ली के प्रमुख सरकारी कार्यालयों, देश के सर्वोच्च न्यायिक संस्थानों (हाई कोर्ट/सुप्रीम कोर्ट), विश्व प्रसिद्ध राष्ट्रीय स्मारकों और अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटरों (जैसे भारत मंडपम) तक कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाएगी। इसके चालू होने से पूरे दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की परिचालन दक्षता (Efficiency) में भारी बढ़ोतरी होगी और सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा।

    परियोजना की एक नजर में प्रमुख विशेषताएं:

    • लंबाई: 9.913 किलोमीटर लंबा पूर्णतः भूमिगत (Underground) कॉरिडोर।

    • स्टेशन: कुल 9 नए अत्याधुनिक भूमिगत स्टेशनों का निर्माण।

    • रूट विस्तार: मैजेंटा लाइन का जनकपुरी वेस्ट से आरके आश्रम मार्ग तक सीधा विस्तार।

    • कनेक्टिविटी: सेंट्रल विस्टा, प्रशासनिक ब्लॉक और लुटियंस दिल्ली को सीधे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ना।

    #DelhiMetro #DMRC #CentralVista #MagentaLine #CentralSecretariat #TripleInterchange #ManoharLal #MetroPhase4 #LutyensDelhi #DelhiInfrastructure #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-06-24T090824.837.jpg

    दिल्ली में मासूम से दरिंदगी करने वाला आरोपी एनकाउंटर में घायल: सीन रिक्रिएशन के दौरान पुलिस की पिस्तौल छीनकर भाग रहा था , पैर में लगी गोली

    नई दिल्ली, 24 जून (अन्‍नू): देश की राजधानी दिल्ली के महरौली इलाके से एक 11 वर्षीय मासूम बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म और फिर बेरहमी से हत्या करने वाले शातिर आरोपी को दिल्ली पुलिस ने एक मुठभेड़ (Encounter) के बाद गिरफ्तार कर लिया है। यह एनकाउंटर मंगलवार रात को उस समय हुआ, जब पुलिस टीम आरोपी को वारदात का सीन रिक्रिएशन (घटनाक्रम का दोहराव) करवाने और साक्ष्य जुटाने के लिए मांडी गांव और गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड स्थित जंगलों में लेकर जा रही थी।

    इसी दौरान आरोपी ने पुलिस कस्टडी से भागने का दुस्साहसिक प्रयास किया, जिसके जवाब में पुलिस को आत्मरक्षार्थ गोली चलानी पड़ी।

    सीन रिक्रिएशन के दौरान पिस्तौल छीनकर भागने की कोशिश

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को जब घने जंगलों में ले जाया जा रहा था, तो उसने अचानक एक पुलिसकर्मी पर हमला कर उसकी सरकारी पिस्तौल छीन ली और भागने लगा। पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए उसे रुकने और आत्मसमर्पण (Surrender) करने की चेतावनी दी।

    जब आरोपी ने पुलिस टीम पर हथियार तानकर भागने की जिद नहीं छोड़ी, तो पुलिस को उसे रोकने के लिए जवाबी फायरिंग करनी पड़ी। इस मुठभेड़ में पुलिस की एक गोली सीधे आरोपी के पैर में जा लगी, जिससे वह वहीं ढेर होकर गिर पड़ा। पुलिस ने तुरंत उसे दोबारा अपनी कस्टडी में लिया और इलाज के लिए मदन मोहन मालवीय अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां डॉक्टर उसकी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। आरोपी की पहचान 25 वर्षीय वासु उर्फ बबलू के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और गुरुग्राम में कैब चलाता था।

    फुटपाथ पर सोती मासूम को अलसुबह किया था किडनैप

    दिल को झकझोर देने वाली यह वारदात सोमवार सुबह की है। मूल रूप से बिहार के छपरा का रहने वाला एक अत्यंत गरीब पीड़ित परिवार महरौली के छतरपुर 100 फुटा रोड पर स्थित एक दुकान के सामने फुटपाथ पर सो रहा था। परिवार की 11 वर्षीय मासूम बच्ची, जो दिल्ली की सड़कों पर गुब्बारे बेचकर परिवार का हाथ बंटाती थी, वह भी अपने माता-पिता के साथ सो रही थी।

    सोमवार सुबह करीब 5:00 बजे आरोपी बबलू अपनी कैब लेकर वहां पहुंचा। उसने पहले से रेकी कर रखी थी कि परिवार फुटपाथ पर सोता है। मौका पाकर उसने सोते हुए मासूम बच्चे को जबरन अपनी गाड़ी में डाला और वहां से रफूचक्कर हो गया। सुबह करीब 7:00 बजे जब बदहवास माता-पिता की आंख खुली, तो बच्ची को गायब पाकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

    पूछताछ में कबूला खौफनाक जुर्म: रेप के बाद घोंटा गला, जंगल में फेंकी लाश

    किडनैपिंग की संवेदनशील सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस ने इलाके के दर्जनों सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों (GPS लोकेशन) के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी कैब चालक को दिल्ली के विकासपुरी इलाके से दबोच लिया। पुलिस की कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी बबलू टूट गया और उसने अपना खौफनाक जुर्म कबूल कर लिया:

    • सुनसान जगह पर रेप: आरोपी ने बताया कि वह बच्ची को अगवा कर एक बेहद सुनसान जगह पर ले गया, जहां उसने मासूम के साथ दरिंदगी (रेप) की।

    • गला दबाकर हत्या: वारदात के बाद पकड़े जाने और पहचान उजागर होने के डर से उसने मासूम बच्ची का गला दबाकर बेरहमी से उसे मौत के घाट उतार दिया।

    • जंगलों में साक्ष्य मिटाने की कोशिश: साक्ष्य छुपाने के लिए उसने बच्ची के शव को गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर खुशबू चौक के पास घने जंगलों की झाड़ियों में फेंक दिया।

    पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बच्ची का शव बरामद कर लिया है। प्राथमिक जांच और मेडिकल रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि हत्या से पहले बच्ची के साथ गंभीर यौन उत्पीड़न हुआ था।

    वारदात के बाद धोई थी गाड़ी, बिहार में दर्ज हैं 5 केस

    जांच में सामने आया है कि आरोपी बबलू बेहद शातिर किस्म का अपराधी है और वर्तमान में गुरुग्राम के चक्करपुर में किराए का मकान लेकर रह रहा था। वारदात को अंजाम देने के बाद वह चुपचाप अपने कमरे पर पहुंचा, वहां उसने अपने खून से सने कपड़े बदले, वारदात में इस्तेमाल कैब को अंदर-बाहर से अच्छी तरह धोकर साफ किया ताकि कोई सबूत न बचे और फिर मकान मालिक को कोई सवारी (Ride) मिलने का बहाना बनाकर वहां से फरार हो गया था।

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी बबलू का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ बिहार के खगड़िया जिले में पहले से ही हत्या के प्रयास और लूट जैसे गंभीर धाराओं के तहत 5 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। दिल्ली पुलिस अब इस मामले में त्वरित चार्जशीट दाखिल कर आरोपी को फांसी के फंदे तक पहुंचाने की तैयारी में जुट गई है।

    #DelhiPolice #MehrauliEncounter #EncounterNews #AccusedB बबलू #ChhattarpurKidnapping #JusticeForMaasoom #DelhiCrime #GurugramNews #CCTVInvestigation #CrimeAgainstChildren #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-06-23T142532.989.jpg
    23/06/26 |

    दिल्ली: राशिद हत्याकांड का वांछित बदमाश हारून सैफी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार; खुद को घिरा देख पुलिस पर की थी फायरिंग

    अभिकान्त, 23 जून, नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चर्चित राशिद हत्याकांड में दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य वांछित आरोपी हारून सैफी को पुलिस ने मंगलवार तड़के एक मुठभेड़ (एन्काउंटर) के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस टीम द्वारा खुद को चारों तरफ से घिरा देख शातिर आरोपी ने बचने के लिए फायरिंग कर दी थी, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया। आरोपी के कब्जे से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और वारदात के समय इस्तेमाल की जा रही स्कूटी बरामद की गई है।

    उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) राहुल अलवाल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मंगलवार सुबह स्पेशल स्टाफ को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि राशिद हत्याकांड का वांटेड अपराधी हारून सैफी तड़के के समय सिग्नेचर ब्रिज और खजूरी खास मेट्रो स्टेशन के बीच के रास्ते से गुजरने वाला है।

    इस सटीक इनपुट के आधार पर स्पेशल स्टाफ की टीम ने तत्काल रणनीतिक योजना बनाकर बताए गए पूरे इलाके में घेराबंदी (टैप) कर दी। कुछ ही समय बाद पुलिस टीम को एक स्कूटी पर संदिग्ध युवक आता हुआ दिखाई दिया।

    डीसीपी के अनुसार, जब पुलिस टीम ने स्कूटी सवार संदिग्ध को रुकने का इशारा किया, तो उसने स्कूटी की रफ्तार बढ़ा दी और भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस कर्मियों ने जब उसे आगे से घेरा, तो उसने खुद को फंसता देख अपनी जेब से पिस्टल निकालकर पुलिस टीम पर सीधे जान से मारने की नीयत से गोली चला दी।

    इस अचानक हुए हमले के बाद पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत अपनी पोजीशन ली और आत्मरक्षा (Self-Defense) में जवाबी फायरिंग की। पुलिस द्वारा चलाई गई एक गोली सीधे बदमाश के पैर में जा लगी, जिससे वह वहीं गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया और तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।

    पकड़े गए आरोपी हारून सैफी का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि बीते 15 जून को हारून सैफी ने अपने दो नाबालिग (जस्टिस एक्ट के दायरे में आने वाले) साथियों के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था। इन लोगों ने इलाके में ही पानी का प्लांट चलाने वाले राशिद नामक व्यक्ति की आपसी रंजिश या विवाद के चलते बेरहमी से हत्या कर दी थी और तब से ही यह फरार चल रहा था। फिलहाल पुलिस इसके बाकी साथियों और हथियारों के स्रोत को लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई और तफ्तीश में जुट गई है।

    #DelhiNews #RashidMurderCase #HaroonSaifi #DelhiPolice #EncounterNews #SpecialStaff #NorthEastDelhi #CrimeUpdate #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-06-23T142128.162.jpg
    23/06/26 |

    दिल्ली: राजधानी को जलभराव मुक्त बनाने के लिए युद्धस्तर पर नालों की डी-सिल्टिंग; अब तक 3.4 मिलियन टन से अधिक गाद साफ

    अभिकान्त, 23 जून, नई दिल्ली: दिल्ली को आगामी मानसून और भारी बारिश के दौरान जलभराव (वॉटरलॉगिंग) की समस्या से पूरी तरह मुक्त रखने के लिए दिल्ली सरकार इन दिनों युद्धस्तर पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ड्रेनेज सिस्टम को लेकर सरकार की तैयारियों की समीक्षा करते हुए बताया कि राजधानी के छोटे-बड़े नालों से गाद निकालने (डी-सिल्टिंग) का काम बेहद तेजी से चल रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस विशेष अभियान के तहत अब तक रिकॉर्ड 3.4 मिलियन टन से अधिक गाद नालों से बाहर निकाली जा चुकी है, ताकि पानी की निकासी बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से हो सके।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस बार नालों की सफाई व्यवस्था को केवल प्रशासनिक स्तर तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसमें तकनीक के माध्यम से आम जनता को भी सीधा भागीदार बनाया गया है। सरकार ने इसके लिए '311 मोबाइल एप' (311 App) को एक्टिव किया है।

    इस एप के माध्यम से दिल्ली का कोई भी नागरिक अपने अधिकार क्षेत्र या आसपास के इलाकों में नालों की सफाई से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही, अधूरी सफाई या कचरा जमा होने की शिकायत सीधे दर्ज करा सकता है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि एप पर आने वाली हर शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग और वेंडर्स के खिलाफ तुरंत एक्शन (कार्रवाई) सुनिश्चित किया जाएगा।

    सफाई अभियान की सफलता का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछले वर्ष नालों की समयबद्ध और वैज्ञानिक तरीके से हुई मुस्तैद सफाई का ही नतीजा था कि दिल्ली का सबसे संवेदनशील माना जाने वाला 'मिंटो ब्रिज' (Minto Bridge) जलभराव के कारण बिल्कुल नहीं डूबा था।

    उन्होंने दिल्लीवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पिछले साल की रणनीतियों से सीख लेते हुए इस वर्ष भी मिंटो ब्रिज पर पानी जमा नहीं होने दिया जाएगा। इसके साथ ही, जलभराव के लिए संवेदनशील (हॉटस्पॉट्स) माने जाने वाले दिल्ली के अन्य सभी प्रमुख और निचले स्थानों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि यदि उनके वॉर्ड या कॉलोनी में नालों की सही तरह से सफाई नहीं हो रही है, तो वे बेझिझक 311 एप पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

    #DelhiNews #DelhiGovernment #RekhaGuptaCM #DesiltingDrive #Minto Bridge #311AppDelhi #WaterloggingFreeDelhi #MonsoonPreparedness #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-06-23T122206.529.jpg
    23/06/26 |

    दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच का मानवीय चेहरा: AHTU ने दिल्ली-हरियाणा से 4 लापता मासूमों और एक दिव्यांग महिला को ढूंढ निकाला, परिवारों से कराया मिलन

    नई दिल्ली, 23 जून (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी, आधुनिक तकनीकी सर्विलांस और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए पांच अनमोल जिंदगियों को बचाकर उनके परिवारों में खुशियां लौटाई हैं। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच (AHTU) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, पुलिस टीम ने दिल्ली और पड़ोसी राज्य हरियाणा के विभिन्न इलाकों में त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर चार लापता नाबालिग बच्चों और एक दिव्यांग (Specially Abled) महिला को सुरक्षित बरामद कर उनके परिजनों से मिलाया है।

    विशेष आयुक्त (स्पेशल सीपी, क्राइम) एच. जी. एस. धालीवाल (IPS) के संदेश के मुताबिक, एएचटीयू (AHTU) टीम ने समय, दूरी और भावनात्मक चुनौतियों को पार करते हुए हर एक मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और लापता लोगों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाया।

    केस 1: निजामुद्दीन से लापता दो मासूम भाई नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से बरामद

    हजरत निजामुद्दीन थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत दर्ज मामले में 10 जून 2026 से लापता दो सगे नाबालिग भाइयों (उम्र 10 वर्ष और 6 वर्ष) को सुरक्षित ढूंढ निकाला गया।

    • साथी चिल्ड्रन होम में मिले बच्चे: एसीपी सुरेश कुमार के पर्यवेक्षण और इंस्पेक्टर मुकेश कुमार व एएसआई अजय कुमार झा के नेतृत्व में गठित टीम ने खोजबीन शुरू की।

    • रास्ता भटकने से पहुंचे स्टेशन: जांच में सामने आया कि दोनों बच्चे घर के बाहर खेलते-खेलते रास्ता भटक गए थे और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे। प्लेटफार्म पर अकेले घूमते देख पुलिस ने उन्हें सुरक्षात्मक हिरासत में लेकर 'साथी चिल्ड्रन होम' (पहलगंज) में रखा था, जहां से क्राइम ब्रांच ने उन्हें रेस्क्यू कर कानूनी औपचारिकताओं के बाद माता-पिता से मिलवाने के लिए संबंधित थाने को सौंप दिया।

    केस 2: गुमशुदगी के 24 घंटे के भीतर बस स्टैंड से सुरक्षित मिली दिव्यांग महिला

    स्वरूप नगर थाना क्षेत्र से 11 जून 2026 को लापता हुई 45 वर्षीय एक दिव्यांग महिला को क्राइम ब्रांच ने अपनी मुस्तैदी से मात्र 24 घंटे के भीतर सुरक्षित बरामद कर लिया।

    • दवा न मिलने से हुईं दिशाहीन: महिला मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रही थी और कुछ दिनों से उसकी दवाएं छूट गई थीं। वह बिना बताए अपनी बहन के घर के लिए निकली थी, लेकिन रास्ता भूल गई।

    • भाई ने मौके पर की पहचान: एएसआई अजय कुमार झा द्वारा विकसित मैन्युअल इनपुट्स और तकनीकी सर्विलांस की मदद से टीम महिला के भाई को साथ लेकर दिल्ली के 'मंदिर मार्ग बस स्टैंड' पहुंची और महिला को ढूंढ निकाला। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे सुरक्षित घर पहुंचाकर परिजनों के सुपुर्द किया गया।

    केस 3: पढ़ाई की चाह में नाराज होकर घर छोड़ गया था 15 वर्षीय किशोर, सोनीपत से रेस्क्यू

    बवाना थाने में दर्ज मामले के तहत 13 जून 2026 से लापता एक 15 वर्षीय किशोर को क्राइम ब्रांच की टीम ने हरियाणा के सोनीपत (Sonipat) इलाके से सुरक्षित बरामद किया।

    • चाचा (ताऊ) से हुआ था विवाद: इंस्पेक्टर मनोज दहिया, हेड कांस्टेबल प्रदीप और कांस्टेबल अशोक कुमार की टीम ने जब बच्चे को रेस्क्यू कर उसकी काउंसलिंग की, तो उसने बताया कि उसने अभी-अभी 10वीं की परीक्षा पास की है और वह आगे पढ़ना चाहता है। करीब 9-10 साल पहले पिता की मृत्यु और मां के दूसरी शादी कर लेने के बाद से वह पिछले 7-8 वर्षों से अपने ताऊ के साथ रह रहा था।

    • आगे पढ़ाने से किया था मना: आगे की पढ़ाई की इच्छा जताने पर ताऊ ने उसका समर्थन करने से इनकार कर दिया, जिससे नाराज और भावुक होकर उसने गुस्से में घर छोड़ दिया था। पुलिस टीम ने उसे उचित परामर्श देकर सुरक्षित रेस्क्यू किया।

    केस 4: बिहार से इलाज कराने दिल्ली आया 7 साल का बच्चा लापता, वाट्सएप ग्रुप की मदद से खोजा

    आर.के. पुरम थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 146/2026 (U/s 137(2) BNS) के तहत 20 जून 2026 को लापता हुए एक 7 वर्षीय मासूम को भी क्राइम ब्रांच ने 24 घंटे के भीतर ढूंढ निकाला।

    • वाट्सएप और जिपनेट (ZIPNET) से मिला सुराग: इंस्पेक्टर मुकेश कुमार और एएसआई अजय कुमार झा की टीम को सोशल मीडिया (वाट्सएप ग्रुप) के जरिए बच्चे के लापता होने की जानकारी मिली थी। एएसआई अजय कुमार झा ने तुरंत 'जिपनेट' (ZIPNET) पर डेटा खंगाला तो हुलिए से मैच करता एक बच्चा दिखा।

    • बिहार से इलाज के लिए आया था दिल्ली: पुलिस ने तुरंत बच्चे के पिता से संपर्क कर वाट्सएप पर फोटो साझा की, जिसे देखकर पिता ने तुरंत अपने बेटे को पहचान लिया। पिता ने बताया कि बच्चा मानसिक स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित है और उसे बिहार से दिल्ली इलाज के लिए लाया गया था, जो घर के बाहर खेलते हुए लापता हो गया था। उसे 'सीडब्ल्यूसी लाजपत नगर' (CWC Lajpat Nagar) से सुरक्षित रिकवर कर परिजनों के हवाले किया गया।

    दिल्ली पुलिस का संदेश: "हमेशा सतर्क, हमेशा मददगार"

    इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन्स पर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि एएचटीयू (ISO 9001:2015 प्रमाणित यूनिट) के लिए हर एक गायब होने वाली शिकायत बेहद संवेदनशील और सर्वोच्च प्राथमिकता पर होती है। टीम तब तक चैन से नहीं बैठती जब तक लापता मासूम सुरक्षित अपने माता-पिता की गोद में नहीं पहुंच जाता। पुलिस की इस तत्परता ने चार अलग-अलग परिवारों को उनके जीवन की सबसे बड़ी खुशी और नया हौसला दिया है।

    #DelhiPolice #CrimeBranch #AHTUAction #MissingChildrenReunited #HumanitarianAction #DelhiPoliceCares #ChildRescueOperation #HGSDhaliwalIPS #SafeguardingLives #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-06-23T121410.758.jpg
    23/06/26 |

    दिल्ली-NCR में नकली नोटों के बड़े रैकेट का भंडाफोड़: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मालदा से जुड़े गिरोह के 3 तस्कर दबोचे, ₹3 लाख के जाली नोट बरामद

    नई दिल्ली, 23 जून (अन्‍नू): देश की वित्तीय संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने और दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में जाली नोटों की बड़ी खेप खपाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (NR-I) ने पर्दाफाश किया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, पुलिस टीम ने रणनीतिक जाल बिछाकर तीन शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से ₹200 के मूल्यवर्ग वाले कुल ₹3,00,000 (तीन लाख रुपये) मूल्य के नकली भारतीय नोट (FICN) बरामद किए गए हैं।

    पकड़े गए आरोपियों में दिल्ली-एनसीआर का मुख्य डिस्ट्रीब्यूटर और पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से नकली नोटों की सप्लाई लाने वाले दो कैरियर (परिवहनकर्ता) शामिल हैं। पुलिस की इस समय रहते की गई त्वरित कार्रवाई से दिल्ली-एनसीआर में जाली मुद्रा के बड़े सर्कुलेशन को नाकाम कर दिया गया है.

    मुनाक नहर के पास बिछाया गया रणनीतिक जाल; भागते समय दबोचे

    वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देशानुसार क्राइम ब्रांच की टीम (NR-I) लगातार अंतरराज्यीय आपराधिक सिंडिकेट्स पर नजर रख रही थी। इसी दौरान 13 और 14 जून 2026 की दरमियानी रात को क्राइम ब्रांच के हेड कांस्टेबल (HC) परवीन को एक बेहद सटीक और विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली। सूचना थी कि जाली नोटों की तस्करी का आदी अपराधी नरेंद्र कुमार उर्फ सेक्रेटरी उर्फ कल्लू, पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से लाई जा रही नकली नोटों की एक बड़ी खेप दिल्ली में रिसीव करने वाला है।

    इस खुफिया इनपुट पर तुरंत कार्रवाई करते हुए एसीपी (ACP) अशोक शर्मा के समग्र पर्यवेक्षण और इंस्पेक्टर अजय गहलावत के करीबी नेतृत्व में एसआई कपिल सिंह, एचसी विकेश, एचसी अमित, एचसी परवीन, एचसी महेश और महिला एचसी कुसुम की एक विशेष रेडिंग टीम का गठन किया गया। टीम ने सेक्टर-18, रोहिणी स्थित मुनाक नहर (Munak Canal) के पास रणनीतिक घेराबंदी की। निगरानी के दौरान तीन संदिग्धों की पहचान कर उन्हें इंटरसेप्ट किया गया। पुलिस पार्टी को देखते ही तीनों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद टीम ने पीछा कर तीनों को सफलतापूर्वक दबोच लिया।

    आरोपियों की पहचान और उनके पास से हुई बरामदगी

    क्राइम ब्रांच द्वारा दबोचे गए तीनों आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

    1. नरेंद्र कुमार उर्फ सेक्रेटरी उर्फ कल्लू (उम्र 52 वर्ष): निवासी इंदिरा कॉलोनी, रोहतक, हरियाणा। (यह दिल्ली-एनसीआर में नकली नोटों का मुख्य रिसीवर और डिस्ट्रीब्यूटर है)।

    2. अस्तरुल (उम्र 26 वर्ष): निवासी वैष्णवनगर, जिला मालदा, पश्चिम बंगाल। (यह मालदा से दिल्ली तक नोटों की तस्करी करने वाला कैरियर है)।

    3. रैजुल होक (उम्र 36 वर्ष): निवासी वैष्णवनगर, जिला मालदा, पश्चिम बंगाल। (यह भी इस नेटवर्क में कैरियर के तौर पर काम कर रहा था)।

    बरामदगी: तलाशी के दौरान इनके पास से ₹200 की डिनॉमिनेशन (मूल्यवर्ग) वाले ₹3,00,000 के नकली नोट बरामद हुए। प्राथमिक जांच में सामने आया कि इन नोटों पर बार-बार एक ही सीरियल नंबर दोहराए गए थे और असली नोटों वाले सुरक्षा फीचर्स पूरी तरह गायब थे। इसके अलावा, नोटों को छिपाकर ले जाने में इस्तेमाल किए गए तीन बैकपैक (पिठू बैग) भी जब्त किए गए हैं। इस संबंध में पीएस क्राइम ब्रांच, दिल्ली में FIR नंबर 163/2026 (U/s 178/179/61(2) BNS) दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई।

    क्राइम ब्रांच की टीम ने मालदा और कोलकाता में चलाया बड़ा ऑपरेशन

    पूछताछ में खुलासा हुआ कि अस्तरुल और रैजुल होक आर्थिक तंगी के कारण मालदा के 'सैदुल' नाम के एक शख्स के संपर्क में आए थे और जाली नोटों को दिल्ली पहुंचाने के लिए राजी हुए थे। इस पूरे रैकेट के मुख्य सोर्स और इसके बैक-एंड नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस ने माननीय अदालत से आरोपियों का पुलिस कस्टडी रिमांड हासिल किया।

    रिमांड के दौरान एसआई संजय राणा, एएसआई प्रेमवीर सिंह, एचसी परवीन, एचसी विकेश, एचसी सोनू और एचसी अमित कौशिक की एक विशेष पुलिस टीम को पश्चिम बंगाल के मालदा और कोलकाता भेजा गया। टीम ने वहां कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी और गहन जांच कर इस अंतरराज्यीय नेटवर्क के कई अहम सुराग और लीड्स विकसित किए हैं। फिलहाल सिंडिकेट के अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए आगे की जांच जारी है।

    आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास: 'कल्लू' पर दर्ज हैं 12 से अधिक केस

    प्रेस रिलीज के अनुसार, आरोपी नरेंद्र कुमार उर्फ कल्लू एक आदतन और शातिर अपराधी है, जो पहले भी स्पेशल सेल और अन्य थानों द्वारा नकली नोटों की तस्करी, लूटपाट, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस (NDPS) मामलों सहित 12 से अधिक गंभीर मुकदमों में शामिल पाया गया है। इसके कुछ मुख्य मामले निम्नलिखित हैं:

    • जाली नोट मामले: वर्ष 2018 और 2016 में पीएस स्पेशल सेल में दर्ज नकली नोटों के मामले (FIR No. 07/2018 & 60/2016)। इसके अलावा कोलकाता एसटीएफ (STF) पुलिस स्टेशन में भी इसके खिलाफ जाली नोट का मामला दर्ज है।

    • लूट व आर्म्स एक्ट: रोहतक और भिवानी के विभिन्न थानों में डकैती, लूट और आर्म्स एक्ट के आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।

    • ड्रग्स तस्करी: पीएस कलानौर (रोहतक) में वर्ष 2025 का एक बड़ा एनडीपीएस मामला (FIR No. 136/2025) दर्ज है।

    इसके साथ ही, पश्चिम बंगाल के मालदा के रहने वाले आरोपी रैजुल होक का भी पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड है, जो मालदा के थाना वैष्णवनगर में दर्ज वर्ष 2013 के एक बेहद गंभीर मामले (FIR No. 114/2013) जिसमें हत्या, सामूहिक दुष्कर्म और साक्ष्य छिपाने की धाराएं (U/s 376(2)(g)/302/201/34 IPC) शामिल हैं, में भी आरोपी रह चुका है।

    #DelhiPolice #CrimeBranchAction #FICNRacketBusted #FakeCurrencySeized #DelhiNCRNews #MaldaSyndicate #RohiniArrest #ChandraKumarSinghDCP #EconomicSecurity #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-06-23T091719.161.jpg
    23/06/26 |

    आईआईटी दिल्ली में हाई-टेक स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और बायो-इनोवेशन लैब्स शुरू: स्टार्टअप्स और MSMEs को मिलेगा ग्लोबल प्लेटफॉर्म

    नई दिल्ली, 23 जून (अन्‍नू): देश में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग (उन्नत विनिर्माण) और बायोटेक्नोलॉजी आधारित रिसर्च को एक नई व आधुनिक दिशा देने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली ने एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आईआईटी दिल्ली ने आईसीआईसीआई फाउंडेशन (ICICI Foundation) के सहयोग से संस्थान परिसर में अपग्रेडेड 'फाउंडेशन फॉर स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग' (FSM) लैब और उन्नत 'बायो-इनोवेशन लैब' का भव्य उद्घाटन किया है।

    इन दोनों हाई-टेक विंग्स का मुख्य उद्देश्य छात्रों, शोधकर्ताओं, उभरते स्टार्टअप्स, नवाचारकर्ताओं और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSMEs) को विश्वस्तरीय तकनीकी संसाधन और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना है, ताकि देश के युवा उद्यमी अपने इनोवेटिव विचारों को प्रयोगशाला से व्यावसायिक बाजार (लैब-टू-मार्केट) तक सफलतापूर्वक पहुंचा सकें। इस उद्घाटन समारोह में आईआईटी दिल्ली, आईसीआईसीआई बैंक और आईसीआईसीआई फाउंडेशन के शीर्ष अधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे।

    रिसर्च, टेस्टिंग और प्रोटोटाइपिंग के लिए स्थापित हुए अत्याधुनिक उपकरण

    आईआईटी दिल्ली परिसर में शुरू की गई इन नई सुविधाओं के तहत रिसर्च, प्रोटोटाइपिंग, टेस्टिंग, वैलिडेशन और स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) के लिए दुनिया के सबसे आधुनिक उपकरण स्थापित किए गए हैं। संस्थान के प्रबंधन का दृढ़ विश्वास है कि इन वैश्विक संसाधनों के माध्यम से निम्नलिखित उभरते हुए क्षेत्रों में नई स्वदेशी तकनीकों के विकास को अभूतपूर्व गति मिलेगी:

    • हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी (Healthcare & MedTech)

    • एडवांस्ड डायग्नोस्टिक्स और प्रिसिजन मेडिसिन (Diagnostics & Precision Medicine)

    • जीनोमिक्स और मॉलिक्यूलर कैरेक्टराइजेशन (Genomics)

    • इंडस्ट्री 4.0 आधारित स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग सॉल्यूशंस (Smart Manufacturing)

    एफएसएम (FSM) लैब: भारतीय उद्योगों को वैश्विक स्तर पर बनाएगी प्रतिस्पर्धी

    आईआईटी दिल्ली की 'इंडस्ट्री 4.0' परिकल्पना के तहत पूरी तरह अपग्रेड की गई एफएसएम लैब आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम, अत्याधुनिक ऑटोमेशन तकनीक और रैपिड प्रोटोटाइपिंग (Rapid Prototyping) सुविधाओं से पूरी तरह सुसज्जित है।

    इस लैब के जरिए स्टार्टअप्स और एमएसएमई अपने नए प्रॉडक्ट्स को बेहद कम समय में डिजाइन, विकसित, टेस्ट और रिफाइन (परिष्कृत) करके सीधे बाजार में कम लागत में उतार सकेंगे। इसके अतिरिक्त, यहाँ आधुनिक औद्योगिक मांग के अनुरूप विशेष स्किलिंग और सर्टिफिकेशन कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे, जिससे देश में सीधे रोजगार योग्य हाई-टेक मानव संसाधन (वर्कफोर्स) तैयार किया जा सके।

    बायो-इनोवेशन लैब: वैज्ञानिक खोजों को बदलेगी व्यावहारिक समाधानों में

    संस्थान के प्रसिद्ध 'बायो-नेस्ट इन्क्यूबेटर' (Bio-NEST Incubator) के अंतर्गत विकसित की गई उन्नत बायो-इनोवेशन लैब स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में काम कर रहे शोधकर्ताओं और उद्यमियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

    यह लैब युवा वैज्ञानिकों को अपनी जटिल खोजों को आम जनता के लिए व्यावहारिक चिकित्सा समाधानों में बदलने का स्वर्णिम अवसर देगी। इस विंग में मुख्य रूप से मॉलिक्यूलर कैरेक्टराइजेशन, प्रोसेस ऑप्टिमाइजेशन, प्रोडक्ट वैलिडेशन और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट जैसी विशिष्ट सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई गई हैं।

    उद्योग-अकादमिक सहयोग (Industry-Academia) में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर

    इस नई उपलब्धि पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए आईआईटी दिल्ली के डीन (कॉरपोरेट रिलेशंस) प्रो. जयंत जैन ने कहा, "ये हाई-टेक सुविधाएं देश में नवाचार आधारित विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं। इससे हमारे छात्रों, स्टार्टअप्स और एमएसएमई को जो विश्वस्तरीय संसाधन मिलेंगे, वे नए विचारों को देश की व्यावहारिक समस्याओं के प्रभावी समाधानों में बदलने का काम करेंगे।"

    वहीं, एफएसएम के निदेशक एवं एसओसीएट डीन (आरएंडडी) प्रो. सुनील झा ने इस तकनीक के व्यावहारिक लाभ गिनाते हुए कहा, "यह लैब उन्नत विनिर्माण तकनीकों को सीधे भारतीय उद्योगों की मुख्यधारा तक पहुंचाने का एक बेहद सशक्त मंच बनेगी। इससे न केवल देश में नवाचार (Innovation) की रफ्तार तेज होगी, बल्कि बनने वाले उत्पादों की गुणवत्ता भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की होगी, जिससे भारतीय उद्योगों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को सीधा बूस्ट मिलेगा।"

    #IITDelhi #SmartManufacturing #BioInnovationLab #ICICIFoundation #MSMEsPlatform #IndianStartups #Industry40 #GenomicsResearch #HealthcareInnovation #TechNewsIndia #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-06-21T140901.326.jpg
    21/06/26 |

    दिल्ली पुलिस ANTF की बड़ी पहल: NDPS एक्ट पर विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन, वित्तीय जांच और नए 'ANTF पोर्टल' पर मंथन

    नई दिल्ली, 21 जून (अन्‍नू): राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नशा तस्करों के नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करने और ड्रग्स से जुड़े मामलों की कानूनी व वित्तीय जांच को और अधिक मजबूत बनाने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली पुलिस द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने 20 जून 2026 को पुलिस मुख्यालय (PHQ) के आदर्श ऑडिटोरियम में सुबह 11:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 पर एक व्यापक और बेहद महत्वपूर्ण ट्रेनिंग प्रोग्राम का सफल आयोजन किया है।

    इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिल्ली पुलिस के उन अधिकारियों की कानूनी समझ और जांच कौशल (Investigative Skills) को अपग्रेड करना था, जो रोजाना ड्रग्स से जुड़े मामलों को संभालते हैं। इस कार्यक्रम में एसीपी (ACsP), इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर रैंक के कुल 71 पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया और विचार-विमर्श में सक्रिय भूमिका निभाई।

    दिल्ली पुलिस द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, एक्सपर्ट्स ने इन चार मुख्य विषयों पर दिए विशेष लेक्चर:

    ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान कानून और नारकोटिक्स प्रवर्तन (Narcotics Enforcement) के क्षेत्र से जुड़े देश के चार जाने-माने विशेषज्ञों ने पुलिस अधिकारियों के साथ अपनी केस स्टडीज और जांच के गुर साझा किए:

    1. कानूनी ढांचा और न्यायिक पहलू: दिल्ली हाई कोर्ट के एडिशनल पब्लिक प्रोसिक्यूटर (APP) श्री अमन उस्मान ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट, 1985 के विभिन्न कड़े प्रावधानों, कानूनी रूपरेखा और कोर्ट में केस को मजबूती से टिकाने के लिए जरूरी महत्वपूर्ण न्यायिक पहलुओं पर एक विस्तृत और व्यावहारिक व्याख्यान दिया।

    2. संगठित ड्रग तस्करी और प्रिवेंटिव डिटेंशन: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की नॉर्दर्न रेंज की स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर (SPP) सुश्री जीनत मलिक ने 'प्रिवेंशन ऑफ इलिसिट ट्रैफिक इन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस' (PITNDPS) एक्ट पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संगठित ड्रग सिंडिकेट को रोकने के लिए तस्करों की प्रिवेंटिव डिटेंशन (निवारक नजरबंदी) करना कितना महत्वपूर्ण है।

    3. नार्को-फंडिंग और वित्तीय जांच: एएनटीएफ (क्राइम ब्रांच) के इंस्पेक्टर प्रवीण राठी ने नशीले पदार्थों के मामलों में वित्तीय जांच (Financial Investigation) के महत्व पर एक बेहद ज्ञानवर्धक सत्र का संचालन किया। उन्होंने बताया कि कैसे तस्करों द्वारा अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) से बनाई गई संपत्तियों की पहचान की जाती है, मनी ट्रेल (पैसों के लेन-देन) को कैसे ट्रेस किया जाता है और वित्तीय इंटेलिजेंस के जरिए केस को कैसे अचूक बनाया जाता है।

    4. नए डिजिटल 'ANTF पोर्टल' की शुरुआत: एएनटीएफ (क्राइम ब्रांच) के इंस्पेक्टर राकेश दुहान ने दिल्ली पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर हाल ही में विकसित किए गए नए 'ANTF पोर्टल' के बारे में अधिकारियों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने इस डिजिटल पोर्टल की विशेषताओं को समझाते हुए बताया कि यह नशीले पदार्थों के नियंत्रण में लगी विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों (LEAs) के बीच डेटा संग्रह, ज्ञान साझाकरण और रियल-टाइम समन्वय (Coordination) को कितना आसान बना देगा।

    प्रैक्टिकल दिक्कतों को दूर करने और क्षमता निर्माण की निरंतर मुहिम

    दिल्ली पुलिस द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, इस पूरे सेमिनार के दौरान उपस्थित अधिकारियों और वक्ताओं के बीच सीधा और जीवंत संवाद देखने को मिला। एनडीपीएस मामलों की तफ्तीश, अदालती अभियोजन (Prosecution), प्रिवेंटिव डिटेंशन और वित्तीय पहलुओं से जुड़ी कई व्यावहारिक और जमीनी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। रिसोर्स पर्सन (विशेषज्ञों) ने नारकोटिक्स जांच को वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रभावी बनाने के लिए हाल के कानूनी बदलावों और बेस्ट प्रैक्टिसेज (सर्वोत्तम प्रथाओं) को भी साझा किया।

    प्रेस रिलीज के अंत में बताया गया कि यह ट्रेनिंग प्रोग्राम दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ANTF) द्वारा लगातार चलाई जा रही क्षमता निर्माण (Capacity-Building) पहलों का एक अहम हिस्सा है। इस तरह के आयोजनों से दिल्ली एनसीटी (NCT) के जांच अधिकारियों की क्षमताएं मजबूत होंगी और दिल्ली को नशा मुक्त बनाने की मुहिम को जमीनी स्तर पर एक नई धार मिलेगी। प्रशिक्षण में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों ने इन सत्रों की सराहना करते हुए कहा कि इससे नशीले पदार्थों की जांच के कानूनी, निवारक और वित्तीय आयामों के प्रति उनकी समझ काफी गहरी हुई है। यह पूरी रिपोर्ट एएनटीएफ क्राइम ब्रांच दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) गौरव गुप्ता द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी पर आधारित है।

    #DelhiPolice #ANTFDelhi #NDPSTraining #CrimeBranchDelhi #AntiDrugCampaign #FinancialInvestigation #DanikKhabar #ANTFPortal #DrugFreeDelhi #PoliceTraining #BreakingNews

  • NIA 2.jpg
    20/06/26 |

    मणिपुर जातीय हिंसा मामले में बड़ी कामयाबी: NIA, राज्य पुलिस और CRPF के संयुक्त ऑपरेशन में 10 आरोपी गिरफ्तार

    नई दिल्ली, 20 जून (अन्‍नू): राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने मणिपुर में हुई जातीय हिंसा (Ethnic Violence) और अशांति फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ एक बहुत बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई की है। NIA द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी ने मणिपुर राज्य पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के साथ मिलकर एक बेहद सटीक और समन्वित अभियान (Coordinated Operation) चलाते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

    संस्थान द्वारा जारी आधिकारिक दस्तावेज HLMA--bbwAEPq8h.jpg के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में दर्ज 6 अलग-अलग जातीय हिंसा के मामलों की गहन जांच के आधार पर की गई है.

    मणिपुर के 8 जिलों में एक साथ चला मल्टि-लोकेशन सर्च ऑपरेशन

    NIA द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीमों ने जमीनी इनपुट और हिंसा में शामिल होने के पुख्ता सबूत मिलने के बाद मणिपुर के कई संवेदनशील जिलों में एक साथ बड़े पैमाने पर छापेमारी की।

    • इन जिलों में दी गई दबिश: इंफाल ईस्ट (Imphal East), इंफाल वेस्ट (Imphal West), बिष्णुपुर (Bishnupur), चूराचांदपुर (Churachandpur), उखरुल (Ukhrul), चंदेल (Chandel), फेरज़ौल (Pherzawl).

    • गिरफ्तारी का आधार: इन विभिन्न जिलों में चलाए गए संयुक्त तलाशी अभियान (Search Operations) के दौरान उन तत्वों को दबोचा गया, जिनकी मणिपुर के हिंसक दंगों और अशांति में सीधे संलिप्तता के तकनीकी व जमीनी साक्ष्य मिले थे.

    सुरक्षा बलों पर हमले, हथियार लूट और बैंक डकैती में सक्रिय भूमिका

    NIA द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, विभिन्न मामलों में चल रही समानांतर जांच से यह साफ उजागर हुआ है कि गिरफ्तार किए गए इन सभी 10 आरोपियों ने मणिपुर में जातीय अशांति के दौर में हुई कई बड़ी और हिंसक वारदातों में बेहद सक्रिय भूमिका निभाई थी। आरोपियों पर दर्ज मुख्य अपराध इस प्रकार हैं:

    1. सुरक्षा बलों पर जानलेवा हमले: देश की आंतरिक सुरक्षा में तैनात सुरक्षा बलों और पुलिस टीमों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में शामिल होना.

    2. हथियारों और गोला-बारूद की लूट: सरकारी शस्त्रागारों या सुरक्षा एजेंसियों से हथियारों और भारी मात्रा में गोला-बारूद की लूटपाट को अंजाम देना.

    3. बैंक डकैती (Bank Robberies): अशांति का फायदा उठाकर वित्तीय संस्थानों और बैंकों में लूट की गंभीर वारदातों को अंजाम देना.

    खुफिया इनपुट और तकनीकी जांच के आधार पर पहचान

    NIA द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी के साथ मिलकर व्यापक स्तर पर इंटेलिजेंस (खुफिया इनपुट), तकनीकी साक्ष्य और फील्ड इन्वेस्टिगेशन का सहारा लिया। इस जांच का मुख्य फोकस समुदायों के परे जाकर राज्य में आपराधिक और आतंकवादी गतिविधियों में सीधे तौर पर शामिल सभी चेहरों की पहचान करना और उन पर कानूनी शिकंजा कसना है.

    विद्रोह और साजिश के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही एजेंसियां

    NIA द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी को उम्मीद है कि इन 10 आरोपियों की गिरफ्तारी और इनसे होने वाली कड़ी पूछताछ से मणिपुर हिंसा की प्लानिंग (साजिश), इसे जमीन पर लागू करने वाले मास्टरमाइंड और इन्हें बैकएंड से मदद देने वाले पूरे सपोर्ट नेटवर्क के बारे में कई महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली जानकारियां सामने आएंगी।

    इसके साथ ही, एनआईए इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि इन अलग-अलग हिंसक घटनाओं के बीच आपस में क्या कनेक्शन है, और उग्रवाद (Insurgency) में शामिल विभिन्न व्यक्तियों और समूहों का आंतरिक गठजोड़ किस स्तर पर काम कर रहा था। मणिपुर हिंसा के संबंध में एनआईए द्वारा दर्ज किए गए विभिन्न मामलों में आगे की कानूनी तफ्तीश और कार्रवाई लगातार जारी है.

    #ManipurViolenceCase #NIABigAction #JointOperation #ManipurPolice #CRPFAction #ImphalEast #Churachandpur #ArmsLooting #BankRobbery #DanikKhabar #NorthEastSecurity #TerrorNetworkBusted #BreakingNews

  • Untitled Project - 2026-06-16T163855.538.jpg
    16/06/26 |

    नशामुक्त भारत पखवाड़ा: दिल्ली पुलिस ANTF ने पूर्वी रेंज के ड्रग हॉटस्पॉट्स पर चलाया जागरूकता अभियान

    नई दिल्ली, 16 जून (अन्‍नू): 26 जून को मनाए जाने वाले 'अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध और अवैध तस्करी विरोधी दिवस' के मद्देनजर दिल्ली पुलिस लगातार एक्शन मोड में है। दिल्ली पुलिस द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, अपराध शाखा (Crime Branch) की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने 'नशामुक्त भारत पखवाड़ा-2026' (12 जून से 26 जून) के तहत दिल्ली की पूर्वी रेंज (Eastern Range) के चिन्हित ड्रग हॉटस्पॉट्स पर सघन जागरूकता अभियान चलाया है।

    15 जून को आयोजित इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को नशीले पदार्थों के घातक दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना और नशा तस्करी के खिलाफ इस जंग में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना था।

    कल्याणपुरी के इंद्रा कैंप में ANTF ने संभाली कमान; जागरूक किए ऑटो चालक और छात्र

    प्रेस रिलीज के अनुसार, एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के अधिकारियों ने पूर्वी जिले के कल्याणपुरी स्थित इंद्रा कैंप में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों, छात्रों, युवाओं, ऑटो-रिक्शा और ई-रिक्शा चालकों के साथ-साथ मजदूरों और अन्य हितधारकों से सीधा संवाद स्थापित किया:

    • पर्चे बांटकर किया जागरूक: कार्यक्रम के दौरान नशे के खिलाफ तैयार किए गए जागरूकता पैम्फलेट (पर्चे) बांटे गए और लोगों को समझाया गया कि नशा किस तरह एक व्यक्ति, उसके परिवार और पूरे समाज को खोखला कर देता है।

    • जनसंपर्क वाहन से दिखाई फिल्में: इस ड्राइव के दौरान विशेष 'जनसंपर्क वाहन' के माध्यम से नशा मुक्ति से जुड़ी शॉर्ट वीडियो और फिल्मों की स्क्रीनिंग की गई, जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में स्थानीय लोग उमड़े।

    पूर्वी रेंज के अलग-अलग जिलों में नुक्कड़ नाटक और पेंटिंग प्रतियोगिता

    दिल्ली पुलिस की इस मुहिम के तहत केवल लेक्चर्स ही नहीं, बल्कि कला और रंगमंच के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया गया। पूर्वी रेंज के विभिन्न जिलों द्वारा निम्नलिखित कार्यक्रम आयोजित किए गए:

    1. शाहदरा जिला: कलंदर कॉलोनी, सीमापुरी में युवाओं द्वारा शानदार नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी गई।

    2. नॉर्थ-ईस्ट (उत्तर-पूर्वी) जिला: थाना नंद नगरी के पास स्थित डीडीए पार्क में नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।

    3. पूर्वी जिला: मंडावली के तालाब चौक पार्क में नुक्कड़ नाटक का मंचन हुआ, जबकि आई.पी. एक्सटेंशन की जोशी कॉलोनी (गली नंबर 7) में बच्चों और युवाओं के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता (चित्रकला मुकाबला) का आयोजन किया गया।

    पुलिस की 'आंख और कान' बनें नागरिक, 'मानस' हेल्पलाइन (1933) पर दें सूचना

    प्रेस रिलीज में विशेष पुलिस आयुक्त (Spl. CP, Crime Branch) एच.जी.एस. धैलीवाल (IPS) की तरफ से आम जनता से एक खास अपील की गई है। उन्होंने दिल्ली के नागरिकों से आह्वान किया कि वे सजग रहें और दिल्ली पुलिस के "आंख और कान" बनकर काम करें।

    यदि किसी भी नागरिक को अपने आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी या उसके सेवन के बारे में कोई भी पुख्ता जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत 'मानस' (MANAS) राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1933 पर, सीधे ANTF को या अपनी लोकल पुलिस यूनिट को सूचित करें। दिल्ली पुलिस ने देशवासियों को पूरी तरह आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले किसी भी नागरिक की पहचान को पूरी तरह से गुप्त (Confidential) रखा जाएगा।

    इस पूरे अभियान को दिल्ली की जनता का जबरदस्त समर्थन और प्रतिक्रिया मिली है। कार्यक्रमों का समापन युवाओं को एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने और 'सुरक्षित, स्वस्थ और नशामुक्त दिल्ली' के संकल्प के साथ हुआ।

    #DelhiPolice #ANTFDelhi #NashaMuktBharat2026 #CrimeBranchDelhi #HGSDhaliwalIPS #KalyanpuriIndraCamp #MANASHelpline1933 #NukkadNatakDelhi #DrugFreeIndia #AntiNarcoticsTaskForce #BreakingNews #DanikKhabar

  • Untitled Project - 2026-06-13T123140.209.jpg

    अजमेरा समूह धोखाधड़ी मामला: ED की बड़ी कामयाबी, कोर्ट ने पीड़ितों को ₹8.41 करोड़ की संपत्तियां लौटाने का दिया आदेश

    नई दिल्ली/बेंगलुरु, 15 जून (अन्‍नू): देश में वित्तीय धोखाधड़ी और पोंजी स्कीमों के जरिए आम जनता की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले धोखेबाजों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) को एक बहुत बड़ी ऐतिहासिक सफलता मिली है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय की अर्जी पर सुनवाई करते हुए माननीय विशेष PMLA न्यायालय ने 'मेसर्स अजमेरा समूह एवं अन्य' के मामले में अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) से कुर्क की गई ₹8.41 करोड़ मूल्य की संपत्तियों को पीड़ितों और सही दावेदारों को वापस (प्रत्याहरण) लौटाने का ऐतिहासिक आदेश पारित किया है।

    यह कदम वित्तीय अपराधों के पीड़ितों को न्याय दिलाने और उनके डूबे हुए पैसे को वापस दिलाने की दिशा में ईडी का एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।

    ED द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुख्य बिंदु:

    • ऊंचे रिटर्न का लालच देकर की थी धोखाधड़ी: ईडी द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, बेंगलुरु के 'मेसर्स अजमेरा समूह' के प्रबंध निदेशक (MD), निदेशकों और उनके करीबियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत कई एफआईआर (FIR) दर्ज थीं, जिसके आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। इस संस्था ने आम जनता को निवेश पर बहुत ऊंचे और आकर्षक रिटर्न (मुनाफे) का लालच देकर करोड़ों रुपये का निवेश प्राप्त कर लिया था।

    • न मूल राशि लौटाई, न ही मुनाफा: जब निवेशकों ने अपने पैसे वापस मांगे, तो कंपनी के निदेशकों ने न तो कोई रिटर्न दिया और न ही उनके द्वारा जमा की गई मूल राशि (Principal Amount) वापस की। इस प्रकार अजमेरा ग्रुप ने बड़ी चालाकी से आम जनता के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया था।

    बैंक खातों से डायवर्ट किया पैसा; ईडी ने पकड़ी मनी ट्रेल

    प्रवर्तन निदेशालय की गहन जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि मेसर्स अजमेरा समूह के निदेशकों और उनसे जुड़े अन्य संबंधित व्यक्तियों के बैंक खातों से भारी मात्रा में धनराशि को अलग-अलग जगह डायवर्ट (अपवर्तन) किया गया था। इस डायवर्ट की गई रकम का उपयोग निदेशकों ने अपने निजी नाम पर विभिन्न चल और अचल संपत्तियों के अधिग्रहण (खरीदने) में किया था।

    • ईडी की सख्त कार्रवाई: जांच के दौरान ईडी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न आरोपियों की इन चल एवं अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) कर लिया और इसके बाद एक अनंतिम कुर्की आदेश जारी करते हुए माननीय विशेष न्यायालय के समक्ष अपनी अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दायर कर दी।

    पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ED ने खुद कोर्ट में दी अनापत्ति (NOC)

    प्रेस रिलीज के अनुसार, धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अपराध से अर्जित इस अवैध आय को उसके वास्तविक और सही हकदारों तक वापस पहुंचाने की भावना को ध्यान में रखते हुए, प्रवर्तन निदेशालय ने एक बेहतरीन मिसाल पेश की। ईडी ने स्वयं माननीय विशेष पीएमएलए न्यायालय के समक्ष आवेदन कर कुर्क की गई इन संपत्तियों को सद्भावी/सही दावेदारों और धोखाधड़ी के पीड़ितों को जारी किए जाने के संबंध में अपनी अनापत्ति (NOC/No Objection) प्रस्तुत की थी।

    ईडी द्वारा प्रस्तुत इसी आवेदन और निवेदन के आधार पर माननीय विशेष पीएमएलए न्यायालय ने दिनांक 09.06.2026 को एक आदेश पारित कर ₹8.41 करोड़ की इन कुर्क अचल संपत्तियों को सही दावेदारों को वापस लौटाने (प्रत्याहरण) की मंजूरी दे दी है।

    वित्तीय अपराधों के खिलाफ ED की प्रतिबद्धता

    प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी प्रेस रिलीज के अंत में स्पष्ट किया है कि अपराध से अर्जित आय को उससे प्रभावित और ठगे गए बेकसूर व्यक्तियों को वापस दिलाना एजेंसी की प्राथमिकता है। यह ऐतिहासिक अदालती आदेश ईडी द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों की दिशा में एक बहुत बड़ा और प्रभावी कदम है। प्रवर्तन निदेशालय वित्तीय अपराधों के विरुद्ध ऐसी ही प्रभावी और कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा ऐसे घोटालों के पीड़ितों को न्याय दिलाने की अपनी प्रतिबद्धता के प्रति निरंतर कटिबद्ध है।

    #EDAction2026 #AjmeraGroupScam #PMLACourtOrder #DanikKhabar #PropertyReturnedToVictims #EnforcementDirectorate #FinancialFraudBangalore #MoneyLaunderingCase #EDPressRelease #AssetsAttached #BreakingNews

  • 1.jpg

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ी पहली उड़ान: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने दिखाई हरी झंडी, अपनी ही जमीन से बने रनवे पर किसानों ने भरा आसमान

    जे कुमार जेवर/नोएडा, 15 जून 2026: दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के विकास को आज एक ऐतिहासिक उड़ान मिल गई है। जेवर में नवनिर्मित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) से आज पहली कमर्शियल फ्लाइट ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी। इस ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और पहली फ्लाइट को हरी झंडी दिखाकर (फ्लेग ऑफ) रवाना किया।

    यह उद्घाटन समारोह इस मायने में पूरी दुनिया के लिए मिसाल बन गया क्योंकि इस पहली उड़ान के मुख्य यात्री कोई वीआईपी (VIP) नहीं, बल्कि इसी क्षेत्र के वह किसान थे जिन्होंने इस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के लिए अपनी पुश्तैनी और उपजाऊ जमीन सहर्ष सरकार को सौंपी थी।

    'अन्नदाता' बने देश के 'भाग्य विधाता': सीएम योगी से मिलने पहुंचे किसान

    जेवर विधानसभा क्षेत्र के लगभग 170 किसानों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल, जिसमें 20 महिलाएं और भूमिहीन कृषि मजदूर भी शामिल थे, इस पहली उद्घाटन उड़ान (Inaugural Flight) के माध्यम से लखनऊ के लिए रवाना हुआ। इस अनोखे सफर की अगुवाई जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह ने की।

    • एक ऐतिहासिक मिसाल: वैश्विक नागरिक उड्डयन के इतिहास में यह शायद पहला मौका है, जब किसी एयरपोर्ट के निर्माण के लिए जमीन देने वाले किसान ही उसकी पहली उड़ान के आधिकारिक यात्री बने हैं।

    • हवाई चप्पल से हवाई जहाज तक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस सपने को आज जेवर की धरती पर साकार होते देखा गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश का आम और 'हवाई चप्पल' पहनने वाला नागरिक भी हवाई यात्रा का आनंद उठा सके।

    लखनऊ पहुंचने के बाद यह सभी किसान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे और जेवर क्षेत्र को वैश्विक पटल पर लाने व किसानों को इस प्रगति में सम्मानजनक भागीदार बनाने के लिए उनका आभार व्यक्त करेंगे।

    औद्योगिक क्रांति और रोजगार के नए युग की शुरुआत

    केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल उत्तर प्रदेश की नहीं, बल्कि पूरे देश की उड्डयन शक्ति का नया प्रतीक है। इंडिगो (IndiGo) एयरलाइंस द्वारा संचालित इस पहली फ्लाइट के बाद धीरे-धीरे यह एयरपोर्ट देश के 16 से अधिक प्रमुख शहरों से सीधे जुड़ जाएगा। इसके बाद अगली नियमित कमर्शियल फ्लाइट बेंगलुरु के लिए संचालित की जाएगी।

    इस एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली के आईजीआई (IGI) हवाई अड्डे पर यात्रियों का दबाव कम होगा। साथ ही, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पर्यटन, भारी उद्योगों, लॉजिस्टिक्स और कॉर्पोरेट निवेश को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा, जिससे आने वाले समय में लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

    #NoidaInternationalAirport #JewarAirport #FirstFlight #FarmersFirst #AviationHistory #UPDevelopment #IndiGo #YogiAdityanath #BreakingNewsNoida