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    अंबाला छावनी के प्रेम नगर में मकान के गोदाम में लगी भीषण आग: दमकल विभाग की 4 और पुलिस की गाड़ी ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू, लाखों का सामान राख

    जे कुमार अम्बाला छावनी, 24 मई 2026: भीषण गर्मी और चढ़ते पारे के बीच अंबाला में आगजनी की घटनाएं लगातार थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अंबाला छावनी (Ambala Cantt) के घनी आबादी वाले इलाके प्रेम नगर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां एक रिहायशी मकान के भीतर बने गोदाम में अचानक भयंकर आग लग गई।

    आग इतनी तेजी से फैली कि उसने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 4 गाड़ियां और पुलिस की एक गाड़ी तुरंत मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।

    शॉर्ट सर्किट बना वजह, धमाकों से दहल उठा प्रेम नगर

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रेम नगर की एक तंग गली में स्थित एक मकान के निचले हिस्से (गोदाम) में यह हादसा हुआ।

    • अचानक भड़की लपटें: दोपहर के समय जब इलाके में अत्यधिक गर्मी थी, तभी गोदाम के भीतर लगे बिजली के मीटर या वायरिंग में अचानक शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) हुआ।

    • धमाकों की आवाज: गोदाम के भीतर प्लास्टिक, गत्ते और ज्वलनशील सामान रखे होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आगजनी के दौरान गोदाम के भीतर कुछ छोटे धमाके भी सुने गए, जिससे आसपास के रिहायशी घरों में रह रहे लोगों में हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने घरों से बाहर की तरफ भागे।

    तंग गलियों के कारण दमकल कर्मियों को आई भारी परेशानी

    घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस और दमकल केंद्र को दी गई। प्रेम नगर की गलियां बेहद संकरी और तंग होने के कारण शुरुआत में दमकल की बड़ी गाड़ियों को मौके तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

    • 4 दमकल गाड़ियां तैनात: आग की भयावहता को देखते हुए एक के बाद एक फायर ब्रिगेड की 4 गाड़ियों को मोर्चे पर लगाया गया।

    • पुलिस की मुस्तैदी: थाना पुलिस की एक गाड़ी भी तुरंत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस कर्मियों ने सबसे पहले सुरक्षा के लिहाज से आसपास के मकानों को खाली कराया और भीड़ को नियंत्रित किया ताकि दमकल कर्मी बिना किसी बाधा के काम कर सकें।

    लाखों का नुकसान, कोई जानी नुकसान नहीं

    चारों दमकल गाड़ियों के कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए आग को ऊपर बने रिहायशी कमरों और पड़ोसी मकानों में फैलने से पहले ही चारों तरफ से पानी की बौछारें (Water Cannons) मारकर दबा दिया।

    राहत की बात यह रही कि हादसे के वक्त गोदाम के भीतर कोई मौजूद नहीं था और मकान में रहने वाले लोग भी समय रहते बाहर निकल आए, जिससे कोई जानी नुकसान (Casualty) नहीं हुआ। हालांकि, गोदाम में रखा लाखों रुपये का माल, कीमती उपकरण और फर्नीचर पूरी तरह जलकर खाक हो गए हैं।

    दमकल विभाग के अधिकारियों ने आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद कूलिंग ऑपरेशन चलाया और मकान मालिक को बिजली के उपकरणों को अत्यधिक लोड से बचाने की हिदायत दी।

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    फतेहाबाद पुलिस का ऑनलाइन सट्टेबाजों पर बड़ा एक्शन: डेढ़ महीने में दर्ज किए दोगुने केस, एसपी ने दी चेतावनी

    फतेहाबाद, 21 मई (अन्‍नू): हरियाणा की फतेहाबाद पुलिस ने सट्टेबाजी, ऑनलाइन गेमिंग और क्रिकेट बुकी नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्रीमती निकिता खट्टर (IPS) के कमान संभालते ही जिला पुलिस ने इस अवैध धंधे के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपना ली है। साइबर सेल और थाना पुलिस की मुस्तैदी के कारण जिले में सट्टा बाजार चलाने वाले कई संगठित गिरोहों के नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं।

    पिछले साल के मुकाबले दोगुने केस दर्ज, आंकड़े गवाह

    पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई में भारी उछाल आया है। साल 2025 में 1 अप्रैल से 20 मई तक ऑनलाइन सट्टेबाजी के केवल 3 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि साल 2026 में इसी समय के दौरान पुलिस ने दोगुनी कार्रवाई करते हुए कुल 6 मुकदमे दर्ज किए हैं। इसके अलावा, जुए के मामलों में भी पिछले साल के 2 मुकदमों के मुकाबले इस साल 4 केस दर्ज किए जा चुके हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से लाखों रुपये के मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण और सट्टेबाजी का पूरा रिकॉर्ड जब्त किया है।

    युवाओं के भविष्य के लिए बड़ा खतरा है सट्टा

    एसपी निकिता खट्टर ने इस सामाजिक बुराई पर चिंता जताते हुए कहा कि ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी सिर्फ एक कानूनी अपराध नहीं है, बल्कि यह हमारे युवाओं के भविष्य को दीमक की तरह चाट रहा है। जल्दी अमीर बनने के चक्कर में आज की युवा पीढ़ी अपनी गाढ़ी कमाई गंवा रही है, जिसके कारण वे भारी मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी का शिकार होकर अपराध के रास्ते पर चल पड़ते हैं। फतेहाबाद पुलिस युवाओं को एक सुरक्षित और अपराध मुक्त माहौल देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की हो रही है जांच

    बदमाशों को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए पुलिस कप्तान ने कहा कि इस अवैध कारोबार में लिप्त किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की विशेष टीमें अब केवल सट्टेबाजों को ही नहीं पकड़ रहीं, बल्कि उनके बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और इस काले धंधे से बनाई गई अवैध संपत्तियों की भी गहराई से जांच कर रही हैं। तकनीकी निगरानी और साइबर ट्रैकिंग के जरिए इस रैकेट से जुड़े हर एक चेहरे को बेनकाब किया जाएगा।

    अभिभावकों से पैनी नजर रखने की विशेष अपील

    पुलिस ने आम जनता और खासकर माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों और मोबाइल के इस्तेमाल पर कड़ी नजर रखें। बच्चों को आसान कमाई का लालच देने वाले फर्जी विज्ञापनों और संदिग्ध गेमिंग ऐप्स के खतरों के बारे में समझाएं। पुलिस ने हिदायत दी है कि कभी भी किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपने बैंक की जानकारी या ओटीपी किसी से साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।

    #FatehabadPolice #OnlineGamblingBusted #NikitaKhattarIPS #CyberCellFatehabad #HaryanaPolice #AntiBettingDrive #CrimeNews #CyberSecurityHaryana #DanikKhabar

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    अंबाला पुलिस का महाअभियान: बिना नंबर प्लेट और गलत पैटर्न वाले 613 वाहनों के कटे चालान, जिले भर में लगे 47 स्पेशल नाके

    अंबाला, 19 मई (अन्‍नू): अपराधियों पर नकेल कसने और सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए अंबाला पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) के कड़े निर्देशों के बाद, अंबाला पुलिस ने सड़कों पर बिना नंबर प्लेट या गलत पैटर्न की नंबर प्लेट लगाकर घूमने वाले वाहन चालकों के खिलाफ जिला स्तर पर एक बड़ा विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले कुल 613 वाहनों के चालान काटे गए, जिससे नियम तोड़ने वालों में हड़कंप मच गया।

    अपराधियों पर नकेल कसने के लिए बिछाया नाकों का जाल, 47 जगहों पर चेकिंग

    इस विशेष अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए अंबाला पुलिस ने जिले के अलग-अलग चौक-चौराहों और संवेदनशील रास्तों पर 47 विशेष पुलिस नाके लगाए थे। पुलिस का मुख्य फोकस ऐसे वाहनों पर था जो बिना नंबर प्लेट के चल रहे थे या जिन पर निर्धारित नियमों (HSRP) के विपरीत नंबर लिखे हुए थे। पुलिस के अनुसार, अक्सर देखा गया है कि बिना नंबर प्लेट या गलत पैटर्न वाले वाहनों का इस्तेमाल अपराधी वारदातों को अंजाम देकर भागने के लिए करते हैं। ऐसे में इस अभियान का मकसद सीधे तौर पर क्राइम ग्राफ को नीचे लाना है।

    हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट क्यों है जरूरी: डीएसपी जगबीर सिंह

    मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए अंबाला के उप पुलिस अधीक्षक (DSP) जगबीर सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों के आदेश पर इस कार्रवाई को और तेज कर दिया गया है। उन्होंने इसके पीछे का तर्क समझाते हुए कहा, "हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) के तय पैटर्न से वाहन और उसके मालिक की पूरी जानकारी आसानी से मिल जाती है। अगर कोई अप्रिय घटना या अपराध होता है, तो आरोपी को दबोचना बेहद सुगम हो जाता है।" डीएसपी ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए तुरंत सरकार द्वारा निर्धारित हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट ही लगवाएं।

    2 अप्रैल को चलाया था जागरूकता अभियान, अब पुलिस हुई सख्त

    डीएसपी जगबीर सिंह ने यह भी बताया कि पुलिस का मकसद केवल चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों को सुधारना है। इसी कड़ी में बीते दिनों 2 अप्रैल 2026 को भी सड़क सुरक्षा अभियान के तहत एक विशेष मुहिम चलाई गई थी, जिसमें आम जनता को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया था। अंबाला पुलिस समय-समय पर लोगों को नियमों का पालन करने के लिए समझाती रही है, लेकिन बार-बार हिदायत देने के बाद भी जो लोग नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, अब उनके खिलाफ पुलिस ने सख्ती से निपटने का मन बना लिया है।

    पुलिस के अभियान को मिला सामाजिक संस्थाओं का जबरदस्त साथ

    अंबाला पुलिस के इस कदम को जनता के बीच लोकप्रिय बनाने और इसे एक जन-आंदोलन का रूप देने के लिए शहर की कई नामी सामाजिक संस्थाएं भी आगे आईं। समाज सेवी राकेश मक्कड़, ब्रिजेस शर्मा और प्रणव शर्मा जैसे प्रमुख कार्यकर्ताओं ने पुलिस टीमों के साथ मिलकर सड़कों पर मोर्चा संभाला। इन संस्थाओं ने चालान प्रक्रिया के साथ-साथ वाहन चालकों को हेलमेट पहनने और सुरक्षित सफर करने के लिए प्रेरित किया। इस मुहिम में मुख्य रूप से भारत विकास परिषद् (महर्षि दयानंद शाखा, अम्बाला शहर), सनातन मंच सेवा सभा (रजि.), कदम फाउंडेशन और इद्रीश फाउंडेशन का विशेष सहयोग रहा। अंबाला पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि यह विशेष चेकिंग अभियान आने वाले दिनों में भी इसी तरह लगातार जारी रहेगा।

    #AmbalaPolice #CrimeControl #TrafficChallan #AmbalaNews #RoadSafety2026 #HaryanaPolice #HSRP #SocialService AmbalaAlert #DanikKhabar

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    अंबाला साइबर सेल का सराहनीय कार्य: 13.5 लाख के 75 गुमशुदा मोबाइल बरामद, मालिकों को लौटाए

    अंबाला, 15 मई (अन्‍नू): अंबाला पुलिस की साइबर सेल टीम ने अपनी बेहतरीन कार्यप्रणाली और तकनीकी विशेषज्ञता का प्रदर्शन करते हुए गुम हुए 75 मोबाइल फोन रिकवर करने में सफलता हासिल की है। बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स की बाजार में कुल कीमत लगभग 13 लाख 46 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान डीएसपी अंबाला, जगबीर सिंह ने इन सभी मोबाइल फोनों को उनके असली मालिकों के सुपुर्द किया। लंबे समय से अपने फोन की तलाश कर रहे लोगों के लिए यह पल बेहद खुशी और राहत भरा रहा।


    आर्थिक नुकसान से बचाव और जनता का आभार

    मोबाइल वापस पाने वाले नागरिकों ने अंबाला पुलिस के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है। कई मालिकों ने बताया कि फोन खो जाने के बाद उन्होंने इसे वापस पाने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी। नया मोबाइल खरीदना उनके लिए एक बड़ा आर्थिक बोझ होता, लेकिन पुलिस की तत्परता ने उन्हें इस नुकसान से बचा लिया। इस रिकवरी ने न केवल लोगों के कीमती डेटा को सुरक्षित किया है, बल्कि पुलिस प्रशासन के प्रति आम जनता के भरोसे को भी और अधिक मजबूत किया है।



    डीएसपी की सुरक्षा सलाह और साइबर सुरक्षा के गुर

    इस कार्यक्रम के दौरान डीएसपी जगबीर सिंह ने नागरिकों को मोबाइल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सलाह दी कि फोन गुम होने की स्थिति में घबराने के बजाय सबसे पहले सरकार के आधिकारिक CEIR पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि फोन को तुरंत ब्लॉक और ट्रैक किया जा सके। इसके साथ ही, उन्होंने किसी भी संभावित दुरुपयोग से बचने के लिए सिम कार्ड को तुरंत बंद करवाकर डुप्लीकेट सिम जारी करवाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।


    #AmbalaPolice #CyberCell #MobileRecovery #HaryanaPolice #PublicSafety #DigitalSecurity #AmbalaNews #DanikKhabar

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    आज का राशिफल — 15 मई 2026, शुक्रवार

    ♈ मेष राशि

    परिवार: घर में किसी पुराने विषय पर चर्चा हो सकती है। संयम रखें।

    कैरियर: नई जिम्मेदारी मिल सकती है। अधिकारी प्रभावित होंगे।

    लाभ/हानि: खर्च बढ़ सकता है लेकिन आय के नए अवसर भी बनेंगे।

    शेयर मार्केट: शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग में सावधानी रखें। IT और फार्मा सेक्टर लाभ दे सकते हैं।

    स्वास्थ्य: सिरदर्द या थकान संभव।

    ऊर्जा स्तर: मध्यम से अच्छा।

    बिजनेस: साझेदारी में लाभ।

    मूड: उत्साही लेकिन थोड़ा अधीर।

    लकी नंबर: 9

    शुभ रंग: लाल

    शुभ मुहूर्त: सुबह 9:20 से 10:40

    उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें।

    ♉ वृषभ राशि

    परिवार: परिवार में सुखद वातावरण रहेगा।

    कैरियर: प्रमोशन या प्रशंसा के संकेत।

    लाभ/हानि: धन लाभ संभव।

    शेयर मार्केट: बैंकिंग और FMCG सेक्टर में सोच-समझकर निवेश लाभकारी।

    स्वास्थ्य: पेट संबंधी समस्या से बचें।

    ऊर्जा: अच्छी।

    बिजनेस: पुराने क्लाइंट से लाभ।

    मूड: शांत और सकारात्मक।

    लकी नंबर: 6

    शुभ रंग: सफेद

    शुभ मुहूर्त: दोपहर 12:15 से 1:30

    उपाय: माता लक्ष्मी को सफेद मिठाई अर्पित करें।

    ♊ मिथुन राशि

    परिवार: भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा।

    कैरियर: नई योजना सफल हो सकती है।

    लाभ/हानि: अचानक धन लाभ संभव।

    शेयर मार्केट: मिडकैप स्टॉक्स में अवसर बन सकते हैं।

    स्वास्थ्य: नींद पूरी लें।

    ऊर्जा: उच्च।

    बिजनेस: मार्केटिंग से फायदा।

    मूड: रचनात्मक।

    लकी नंबर: 5

    शुभ रंग: हरा

    शुभ मुहूर्त: सुबह 11:00 से 12:00

    उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं।

    ♋ कर्क राशि

    परिवार: माता-पिता का सहयोग मिलेगा।

    कैरियर: कार्यभार बढ़ सकता है।

    लाभ/हानि: खर्च नियंत्रित रखें।

    शेयर मार्केट: भावनात्मक निर्णय से बचें।

    स्वास्थ्य: जल अधिक पिएं।

    ऊर्जा: सामान्य।

    बिजनेस: धीमी लेकिन स्थिर प्रगति।

    मूड: संवेदनशील।

    लकी नंबर: 2

    शुभ रंग: सिल्वर

    शुभ मुहूर्त: शाम 4:00 से 5:15

    उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें।

    ♌ सिंह राशि

    परिवार: घर में सम्मान बढ़ेगा।

    कैरियर: नेतृत्व क्षमता से सफलता।

    लाभ/हानि: निवेश लाभ दे सकता है।

    शेयर मार्केट: ऑटो और एनर्जी सेक्टर सकारात्मक रह सकते हैं।

    स्वास्थ्य: BP नियंत्रित रखें।

    ऊर्जा: बहुत अच्छी।

    बिजनेस: बड़ा ऑर्डर मिल सकता है।

    मूड: आत्मविश्वासी।

    लकी नंबर: 1

    शुभ रंग: सुनहरा

    शुभ मुहूर्त: सुबह 8:00 से 9:00

    उपाय: सूर्य को जल अर्पित करें।

    ♍ कन्या राशि

    परिवार: रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी।

    कैरियर: मेहनत का परिणाम मिलेगा।

    लाभ/हानि: छोटी बचत भविष्य में लाभ देगी।

    शेयर मार्केट: लंबी अवधि के निवेश बेहतर।

    स्वास्थ्य: खान-पान संतुलित रखें।

    ऊर्जा: स्थिर।

    बिजनेस: नई डील फाइनल हो सकती है।

    मूड: व्यावहारिक।

    लकी नंबर: 7

    शुभ रंग: हरा

    शुभ मुहूर्त: दोपहर 2:00 से 3:00

    उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।

    ♎ तुला राशि

    परिवार: जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।

    कैरियर: टीमवर्क से सफलता।

    लाभ/हानि: अनावश्यक खर्च से बचें।

    शेयर मार्केट: मुनाफावसूली हो सकती है।

    स्वास्थ्य: तनाव कम लें।

    ऊर्जा: अच्छी।

    बिजनेस: ग्राहक बढ़ सकते हैं।

    मूड: संतुलित।

    लकी नंबर: 6

    शुभ रंग: गुलाबी

    शुभ मुहूर्त: शाम 5:00 से 6:00

    उपाय: माँ दुर्गा की आराधना करें।

    ♏ वृश्चिक राशि

    परिवार: किसी करीबी से मतभेद संभव।

    कैरियर: गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें।

    लाभ/हानि: निवेश सोच-समझकर करें।

    शेयर मार्केट: हाई रिस्क ट्रेडिंग से बचें।

    स्वास्थ्य: मानसिक तनाव हो सकता है।

    ऊर्जा: उतार-चढ़ाव।

    बिजनेस: पुराने संपर्क लाभ देंगे।

    मूड: गंभीर।

    लकी नंबर: 8

    शुभ रंग: मरून

    शुभ मुहूर्त: सुबह 10:00 से 11:00

    उपाय: हनुमान मंदिर में सिंदूर चढ़ाएं।

    ♐ धनु राशि

    परिवार: धार्मिक यात्रा का योग।

    कैरियर: नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं।

    लाभ/हानि: आय में वृद्धि संभव।

    शेयर मार्केट: लंबी अवधि में अच्छा लाभ।

    स्वास्थ्य: फिटनेस पर ध्यान दें।

    ऊर्जा: उच्च।

    बिजनेस: विदेश संबंधी कार्यों में लाभ।

    मूड: आशावादी।

    लकी नंबर: 3

    शुभ रंग: पीला

    शुभ मुहूर्त: सुबह 7:30 से 8:30

    उपाय: केले के वृक्ष की पूजा करें।

    ♑ मकर राशि

    परिवार: जिम्मेदारियाँ बढ़ सकती हैं।

    कैरियर: वरिष्ठों से सहयोग मिलेगा।

    लाभ/हानि: धन संचय संभव।

    शेयर मार्केट: सरकारी और इंफ्रा सेक्टर लाभ दे सकते हैं।

    स्वास्थ्य: जोड़ों का दर्द परेशान कर सकता है।

    ऊर्जा: सामान्य।

    बिजनेस: स्थिर लाभ।

    मूड: अनुशासित।

    लकी नंबर: 4

    शुभ रंग: नीला

    शुभ मुहूर्त: दोपहर 1:00 से 2:00

    उपाय: शनि मंत्र का जाप करें।

    ♒ कुंभ राशि

    परिवार: मित्रों और परिवार से खुशी मिलेगी।

    कैरियर: टेक्नोलॉजी क्षेत्र में सफलता।

    लाभ/हानि: अचानक लाभ मिल सकता है।

    शेयर मार्केट: टेक और डिजिटल सेक्टर बेहतर रह सकते हैं।

    स्वास्थ्य: स्क्रीन टाइम कम करें।

    ऊर्जा: बहुत अच्छी।

    बिजनेस: ऑनलाइन कार्यों में प्रगति।

    मूड: नवीन सोच वाला।

    लकी नंबर: 11

    शुभ रंग: आसमानी

    शुभ मुहूर्त: शाम 6:15 से 7:00

    उपाय: जरूरतमंद को नीले वस्त्र दान करें।

    ♓ मीन राशि

    परिवार: भावनात्मक सहयोग मिलेगा।

    कैरियर: रचनात्मक कार्यों में सफलता।

    लाभ/हानि: खर्च और बचत में संतुलन रखें।

    शेयर मार्केट: जल्दबाज़ी में खरीदारी न करें।

    स्वास्थ्य: ध्यान और योग लाभकारी।

    ऊर्जा: शांत लेकिन स्थिर।

    बिजनेस: कला और क्रिएटिव क्षेत्र में लाभ।

    मूड: भावुक।

    लकी नंबर: 12

    शुभ रंग: समुद्री हरा

    शुभ मुहूर्त: सुबह 9:45 से 10:30

    उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।

    आज का विशेष संकेत

    निवेश में धैर्य रखें।

    परिवार में संवाद बढ़ाएं।

    स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त जल और नींद आवश्यक।

    आज धार्मिक कार्यों और दान-पुण्य से मानसिक शांति मिलेगी।

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    अम्बाला पुलिस की पहल: सेफ सिटी टीम ने स्कूली बच्चों को सिखाए आत्मरक्षा के गुर; 'ट्रीप मॉनिटरिंग ऐप' के बारे में किया जागरूक

    जे कुमार अम्बाला छावनी, 13 मई 2026: महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करने के उद्देश्य से 'सेफ सिटी टीम अम्बाला' द्वारा आज अम्बाला छावनी के एक मिडल स्कूल में विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल बच्चों को आत्मरक्षा के प्रति सजग किया गया, बल्कि उन्हें आधुनिक सुरक्षा तकनीकों और ऐप्स के उपयोग की जानकारी भी दी गई।

    गुड टच-बैड टच और आत्मरक्षा का पाठ

    कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने बच्चों को अत्यंत सरल और प्रभावी तरीके से 'गुड टच और बैड टच' के बीच का अंतर समझाया। बच्चों को प्रेरित किया गया कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें असहज महसूस कराए, तो वे डरे नहीं और तुरंत अपने माता-पिता या शिक्षकों को इसकी जानकारी दें। इसके साथ ही, छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा स्वयं करने के लिए सेल्फ-डिफेंस (Self-Defense) की प्रैक्टिकल तकनीकें सिखाई गईं।

    ट्रीप मॉनिटरिंग ऐप: सुरक्षा अब मोबाइल में

    छात्राओं और महिला स्टाफ की यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए टीम ने हरियाणा पुलिस की 'ट्रीप मॉनिटरिंग ऐप' (Trip Monitoring App) के बारे में विस्तार से बताया। पुलिस कर्मियों ने मौके पर मौजूद स्टाफ और छात्राओं को ऐप डाउनलोड करवाया और समझाया कि यात्रा के दौरान यह ऐप किस प्रकार उनकी लोकेशन को ट्रैक कर उन्हें सुरक्षा कवच प्रदान करता है।

    सराहनीय प्रयास

    स्कूल प्रशासन ने अम्बाला पुलिस के इस सार्थक कदम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों, विशेषकर छात्राओं के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। सेफ सिटी टीम अम्बाला लगातार जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर जाकर महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा तंत्र के प्रति जागरूक कर रही है।

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    नशामुक्त अम्बाला: पुलिस का तस्करों पर एक और प्रहार; 80 ग्राम हेरोइन के साथ करनाल के दो आरोपी गिरफ्तार

    जे कुमार अम्बाला छावनी, 13 मई 2026: अम्बाला पुलिस ने 'नशामुक्त समाज' के संकल्प को दोहराते हुए मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हासिल की है। एंटी नारकोटिक्स सेल (ANC) की टीम ने अम्बाला छावनी इलाके से दो नशा तस्करों को भारी मात्रा में हेरोइन और एक गाड़ी के साथ गिरफ्तार किया है।

    गुप्त सूचना पर माल गोदाम के पास नाकाबंदी

    पुलिस अधीक्षक अम्बाला के दिशा-निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए निरीक्षक ऋषिपाल (सीआईए टीम) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। उप-निरीक्षक सत्यवान और सत्प्रकाश की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि दिल्ली की ओर से एक गाड़ी में नशीला पदार्थ लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने पुराना रेलवे रिजर्वेशन सेंटर (माल गोदाम) के पास नाकाबंदी कर दी।

    आरोपियों की पहचान और बरामदगी

    चेकिंग के दौरान पुलिस ने दिल्ली की ओर से आ रही एक संदिग्ध गाड़ी को रुकवाया। गाड़ी की तलाशी लेने पर उसमें से 80 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जिनकी पहचान इस प्रकार हुई है:

    1. उमेर उर्फ काला (निवासी गाँव मुण्डोगडी, करनाल)

    2. मेहरबान (निवासी गाँव मुण्डोगडी, करनाल)

    पुलिस रिमांड और गहन पूछताछ

    पुलिस ने थाना पड़ाव में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि नशे की यह खेप कहाँ से लाई गई थी और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

    पुलिस की अपील: पहचान गुप्त रहेगी

    अम्बाला पुलिस का सूचना तंत्र लगातार मजबूत हो रहा है। पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे समाज को नशा मुक्त बनाने में पुलिस का सहयोग करें। यदि आपके पास नशा तस्करों या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी है, तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन नंबर 97299-90112 पर सूचित करें। आपकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।

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    अंबाला नगर निगम चुनाव: एक हजार जवानों के साये में हुआ मतदान; चप्पे-चप्पे पर रहा पुलिस का पहरा

    अंबाला, 11 मई (अन्‍नू): अंबाला नगर निगम चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए। मतदान के दौरान पूरे शहर में पुलिस की क्विक रिस्पांस टीमें (QRT) और कमांडो रिजर्व सहित करीब एक हजार जवानों की तैनाती की गई। सुरक्षा व्यवस्था को इस कदर चाक-चौबंद किया गया कि जिले के बॉर्डर इलाकों से लेकर शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस की पैनी नजर रही। शरारती तत्वों पर लगाम कसने के लिए सूचना तंत्र (इंटेलीजेंस) को सक्रिय किया गया और पैट्रोलिंग पार्टियां लगातार गश्त करती रहीं।


    एसपी ने खुद संभाली कमान

    चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) अजीत सिंह शेखावत खुद फील्ड में उतरे। उन्होंने जिले के विभिन्न संवेदनशील मतदान केंद्रों, जैसे गांव घेल, नसीरपुर, आईटीआई, सरकारी स्कूल प्रेम नगर, काकरू और मंडोर का दौरा किया। एसपी ने मौके पर तैनात जवानों को सुरक्षा घेरा मजबूत रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सभी डीएसपी और थाना प्रबंधकों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई।



    स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में तैनात 4 रिजर्व फोर्स

    मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण चरण ईवीएम की सुरक्षा है। इसके लिए ओपीएस स्कूल में बनाए गए स्ट्रांग रूम को सुरक्षा के घेरे में ले लिया गया है। यहां 4 रिजर्व फोर्स की तैनाती की गई है, जो अलग-अलग शिफ्ट में काम करेंगी। बिना अनुमति किसी भी व्यक्ति को स्ट्रांग रूम परिसर में प्रवेश की इजाजत नहीं है। साथ ही, स्कूल के बाहर भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कोई भी असामाजिक तत्व चुनावी माहौल को बिगाड़ने की कोशिश न कर सके।



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    पंचकूला में पुलिस का शक्ति प्रदर्शन: निष्पक्ष चुनाव के लिए संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च

    पंचकूला, 08 मई (अन्‍नू): नगर निगम चुनावों को शांतिपूर्ण और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से पंचकूला पुलिस ने पूरे शहर में व्यापक स्तर पर फ्लैग मार्च निकाला। भारी पुलिस बल और सशस्त्र जवानों की मौजूदगी में किए गए इस मार्च का मुख्य लक्ष्य आम जनता के मन में सुरक्षा का भाव जगाना और असामाजिक तत्वों को कड़ी चेतावनी देना था। पुलिस के इस शक्ति प्रदर्शन से शहरवासियों को यह विश्वास दिलाया गया कि वे बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं।


    संवेदनशील क्षेत्रों पर पैनी नजर

    डीसीपी (क्राइम एंड ट्रैफिक) अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस की टीमों ने सेक्टर-14 थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इंदिरा कॉलोनी, राजीव कॉलोनी, बुढ़नपुर और सेक्टर-19 जैसे अति संवेदनशील इलाकों में मार्च किया। इस दौरान एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज, विभिन्न क्राइम यूनिटों के इंचार्ज और सशस्त्र स्वैट (SWAT) कमांडो का काफिला साथ रहा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने की कोशिश करने वालों से पुलिस पूरी सख्ती के साथ निपटेगी।


    सुरक्षा के लिए विशेष कमान संरचना

    डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता के अनुसार जिले के सभी 6 थाना क्षेत्रों में सुचारू रूप से मतदान सुनिश्चित करने के लिए हर क्षेत्र में एक-एक एसीपी को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर निगरानी रखने और मतदान केंद्रों का बारीकी से निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।


    क्षेत्रवार पुलिस की सक्रियता

    शहर के अलग-अलग हिस्सों में संबंधित एसीपी के नेतृत्व में मार्च निकाला गया। चंडी मंदिर क्षेत्र में एसीपी विक्रम नेहरा, मनसा देवी क्षेत्र में एसीपी दिनेश कुमार, सेक्टर-5 में एसीपी अजीत सिंह, सेक्टर-7 में एसीपी आशीष कुमार, सेक्टर-14 में एसीपी राकेश कुमार और सेक्टर-20 में एसीपी सुरेंद्र सिंह ने पुलिस बल के साथ सड़कों पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस कवायद के जरिए पुलिस ने मतदान केंद्रों तक पहुँचकर सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप दिया।



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    रोहतक: रोहित गोदारा के नाम से स्कूल संचालक से मांगी 2 करोड़ की फिरौती; परिवार को जान से मारने की धमकी

    जे कुमार रोहतक, 2 मई 2026: हरियाणा के रोहतक जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए बदमाशों ने एक निजी स्कूल संचालक को निशाना बनाया है। कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा के नाम का इस्तेमाल कर स्कूल संचालक से 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है। रकम न देने पर संचालक और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई है।

    वारदात का विवरण

    • धमकी का तरीका: जानकारी के अनुसार, स्कूल संचालक के पास एक विदेशी नंबर से कॉल और मैसेज आया, जिसमें खुद को रोहित गोदारा गैंग का सदस्य बताते हुए भारी भरकम राशि की मांग की गई।

    • दहशत का माहौल: धमकी भरे मैसेज में स्पष्ट कहा गया कि यदि पुलिस को सूचना दी या पैसे देने में देरी की, तो इसका अंजाम बुरा होगा। इस घटना के बाद से स्कूल संचालक का परिवार गहरे खौफ में है।

    पुलिस की कार्रवाई

    • जांच शुरू: सूचना मिलते ही रोहतक पुलिस की सीआईए (CIA) और साइबर सेल की टीमें सक्रिय हो गई हैं। पुलिस उस नंबर की लोकेशन और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है जिससे धमकी दी गई है।

    • सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: पुलिस ने स्कूल संचालक की सुरक्षा बढ़ा दी है। हाल के दिनों में हरियाणा के विभिन्न जिलों, जैसे अम्बाला और रेवाड़ी में पुलिस प्रशासन ने अपराध नियंत्रण के लिए विशेष मुस्तैदी दिखाई है, उसी तर्ज पर रोहतक पुलिस भी आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी कर रही है।

    सावधानी की अपील

    पुलिस ने आम जनता और व्यापारियों से अपील की है कि यदि उनके पास इस तरह की कोई भी फिरौती या धमकी भरी कॉल आती है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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    अमृतसर: अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश; 42 करोड़ की हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार

    अभिकान्त, 30 अप्रैल पंजाब : अमृतसर देहाती पुलिस ने नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क के एक सक्रिय सदस्य को दबोचा है। पुलिस ने आरोपी के पास से 6 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 42 करोड़ रुपये बताई जा रही है। खुफिया जानकारी के आधार पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने रणनीतिक नाकाबंदी की थी, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को नशे की इस भारी खेप के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया।

    पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने नशा तस्करी के वैश्विक कनेक्शन को एक बार फिर उजागर कर दिया है। पकड़ा गया आरोपी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में बैठे एक मास्टरमाइंड के सीधे संपर्क में था। इस हैंडलर की पहचान अमृतसर के ही सुल्तानविंड क्षेत्र के निवासी अंतरप्रीत सिंह के रूप में हुई है, जो वर्तमान में दुबई से अपनी गतिविधियां चला रहा है। अंतरप्रीत सिंह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ नशा तस्करी के कई गंभीर मामले पहले से ही दर्ज हैं।

    अमृतसर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि यह खेप पंजाब के किन-किन हिस्सों में सप्लाई की जानी थी और इस स्थानीय नेटवर्क में और कौन से लोग शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि दुबई में बैठे हैंडलर की गिरफ्तारी के लिए भी कानूनी प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाओं पर काम किया जाएगा।

    अमृतसर देहाती पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पंजाब को नशा मुक्त करने के संकल्प के साथ तस्करों पर पैनी नजर रखी जा रही है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि सीमा पार या विदेशों से संचालित होने वाले किसी भी नशा गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय के कारण हाल के दिनों में तस्करों के नेटवर्क पर कड़े प्रहार किए गए हैं और भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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    नशे के विरुद्ध दिल्ली पुलिस की मुहिम: स्कूली छात्रों को जागरूक कर बनाया 'नशा मुक्ति एंबेसडर'

    नई दिल्ली, 17 अप्रैल (अन्‍नू): नशे के बढ़ते खतरों से नई पीढ़ी को सुरक्षित रखने के लिए दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF/Crime Branch) ने वीरवार को एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया। 16 अप्रैल 2026 को पोसंगीपुर और टैगोर गार्डन स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में आयोजित इन कार्यक्रमों में लगभग 400 छात्रों ने हिस्सा लिया। सत्र के दौरान पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को नशीले पदार्थों के सेवन से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों और इसके कारण परिवारों व समाज को होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से समझाया।


    रचनात्मक माध्यमों से दिया कड़ा संदेश

    छात्रों को जागरूक करने के लिए केवल भाषणों का सहारा नहीं लिया गया, बल्कि स्कूल परिसरों में पेंटिंग्स, पोस्टर और स्टैंडीज जैसे रचनात्मक माध्यमों का भी उपयोग किया गया। इन प्रदर्शनियों के जरिए 'नशा मुक्त समाज' का संदेश छात्रों के मन में गहरा बैठाया गया। कार्यक्रम के दौरान एक इंटरएक्टिव सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने नशीले पदार्थों की लत के कानूनी परिणामों और बचाव के तरीकों को लेकर कई सवाल पूछे। पुलिस का उद्देश्य छात्रों को सशक्त बनाना है ताकि वे अपने समुदाय में जागरूकता के दूत बन सकें।



    ऑनलाइन शपथ के साथ लिया संकल्प

    जागरूकता अभियान के समापन पर छात्रों ने एएनटीएफ (ANTF) की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन 'ई-प्लेज' (E-Pledge) ली। इस शपथ के माध्यम से छात्रों ने न केवल खुद नशे से दूर रहने का संकल्प लिया, बल्कि अपने मित्रों और परिवार को भी इस बुराई के प्रति सचेत करने का वादा किया। पुलिस के इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य बच्चों में जिम्मेदार जीवन विकल्प चुनने की समझ विकसित करना है, जिससे वे भविष्य में किसी भी प्रकार के नशे के जाल में फंसने से बच सकें।



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    दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: करोल बाग में फर्जी ऑटो पार्ट्स गिरोह का भंडाफोड़, 30 लाख का माल बरामद

    नई दिल्ली, 14 अप्रैल (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ER-II) ने राजधानी के करोल बाग इलाके में चल रहे नकली ऑटो पार्ट्स के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में नामी कंपनी (TVS) के नाम पर बेचे जा रहे फर्जी स्पेयर पार्ट्स और पैकेजिंग मटेरियल बरामद किया है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान 27 वर्षीय भरत और 28 वर्षीय राजेंद्र सिंह के रूप में हुई है। दोनों आरोपी मूल रूप से राजस्थान के बालोतरा के रहने वाले हैं और वर्तमान में करोल बाग में रहकर इस अवैध धंधे को संचालित कर रहे थे।



    रेड के दौरान मिली भारी खेप और मशीनरी


    क्राइम ब्रांच की टीम ने 12 अप्रैल 2026 को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर करोल बाग में छापेमारी की। इस दौरान "TVS Motors Co. Genuine Parts" के फर्जी मार्किंग वाले करीब 25 से 30 लाख रुपये कीमत के स्पेयर पार्ट्स बरामद किए गए। बरामद सामान में क्लच असेंबली, टाइमिंग चेन, ब्रेक पैड, फिल्टर, ऑयल सील और केबल सहित 60 से अधिक बोरियां शामिल हैं। इतना ही नहीं, पुलिस ने मौके से पैकिंग मशीनें और बारकोड प्रिंटर भी बरामद किए हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि यहां बड़े पैमाने पर नकली माल की री-पैकेजिंग और ब्रांडिंग की जा रही थी।


    पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे


    पुलिस पूछताछ में आरोपी भरत ने बताया कि वह बी.कॉम स्नातक है और 2024 में आजीविका की तलाश में दिल्ली आया था, जहाँ उसने जोमैटो में भी काम किया। बाद में जल्द पैसा कमाने के लालच में वह इस काले कारोबार में शामिल हो गया। वहीं, दूसरे आरोपी राजेंद्र सिंह ने खुलासा किया कि वह पहले मुंबई में मोबाइल एक्सेसरीज का काम करता था। कोविड के बाद दिल्ली आकर उसने ऑटो पार्ट्स की दुकान खोली, लेकिन बाजार में कड़े मुकाबले और कम मुनाफे के कारण उसने अधिक लाभ कमाने के चक्कर में नामी कंपनियों के नकली पार्ट्स बेचना शुरू कर दिया।



    आगामी जांच और पुलिस का रुख


    डीसीपी (क्राइम) पंकज कुमार के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) और कॉपीराइट एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह गिरोह टीवीएस जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड के नाम पर नकली पुर्जों की सप्लाई और वितरण में लगा था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की सप्लाई चेन खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन नकली पुर्जों का निर्माण कहाँ हो रहा था और इसे खरीदने वाले वितरकों का जाल कहाँ-कहाँ फैला है।



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    दिल्ली: एटीएम फ्रॉड गैंग का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 'फेविक्विक' के जरिए 50 से ज्यादा वारदातों को दिया अंजाम

    नई दिल्ली, 9 अप्रैल (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (इंटर स्टेट सेल) ने एटीएम कार्ड धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह के सरगना को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। आरोपी की पहचान 36 वर्षीय रवि कुमार भारती के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के गया जिले का रहने वाला है। रवि दिल्ली के विभिन्न इलाकों में 50 से अधिक धोखाधड़ी की वारदातों और प्रयासों में शामिल रहा है। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से उसे छतरपुर के राजपुर खुर्द इलाके से दबोचा।



    फेविक्विक और फर्जी नंबरों का खेल

    इस गिरोह के काम करने का तरीका (Modus Operandi) बेहद शातिर था। आरोपी सबसे पहले एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट में 'फेविक्विक' (Adhesive) लगा देते थे, जिससे यूजर का कार्ड अंदर ही फंस जाता था। इसके बाद, गिरोह ने एटीएम केबिन में फर्जी 'कस्टमर केयर' नंबर चिपका रखे थे। जब परेशान यूजर उस नंबर पर कॉल करता, तो आरोपी बैंक अधिकारी बनकर बात करते और झांसे में लेकर उसका पिन (PIN) जान लेते थे। बाद में वे फंसे हुए कार्ड को निकालकर धोखाधड़ी से पैसे निकाल लेते थे।



    बुजुर्गों और भोले-भाले लोगों को बनाते थे निशाना

    यह गिरोह मुख्य रूप से उन लोगों को निशाना बनाता था जो तकनीक के मामले में कम जानकार थे या बुजुर्ग थे। हाल ही में पश्चिम विहार के एक निवासी से इसी तरह 35,000 रुपये की ठगी की गई थी, जिसके बाद पुलिस सक्रिय हुई। इस मामले में रवि के दो सहयोगियों, रौशन और पिंटू को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जिन्होंने रवि को अपना सरगना बताया था। रवि पहले भी चोरी और धोखाधड़ी के 7 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।


    जांच में हुए कई बड़े खुलासे

    पुलिस टीम ने रवि की गिरफ्तारी के साथ ही 5 एफआईआर और कई शिकायतों का निपटारा किया है। तकनीकी विश्लेषण से पता चला है कि यह गिरोह दिल्ली भर में 22 से अधिक पीड़ितों से जुड़ा हुआ था। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन और वो कपड़े-जूते भी बरामद किए हैं, जो सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए थे। डीसीपी आदित्य गौतम ने बताया कि इस गिरफ्तारी से दिल्ली में स्ट्रीट लेवल के वित्तीय अपराधों पर लगाम लगेगी।


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    दिल्ली के सरकारी अस्पताल से 70 लाख की दवाएं चोरी करने वाला गिरोह बेनकाब: फार्मासिस्ट समेत 5 गिरफ्तार, खुले बाजार में हो रही थी सप्लाई

    नई दिल्ली, 5 अप्रैल (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सरकारी अस्पतालों से मुफ्त वितरण वाली दवाओं की बड़े पैमाने पर चोरी और अवैध बिक्री करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इंस्पेक्टर नीरज शर्मा के नेतृत्व वाली एनआर-II टीम ने इस कार्रवाई में 70 लाख रुपये मूल्य की सरकारी दवाएं बरामद की हैं। पुलिस ने इस मामले में डीडीयू (DDU) अस्पताल के एक फार्मासिस्ट और एक सहायक समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग "GOVT. SUPPLY NOT FOR SALE" मार्क वाली एंटीबायोटिक्स और क्रिटिकल केयर इंजेक्शन खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेच रहे थे।



    तीस हजारी के पास से पकड़ी गई दवाओं की बड़ी खेप, कार और टेंपो भी जब्त


    क्राइम ब्रांच को एसआई प्रीतम चंद के माध्यम से पुख्ता सूचना मिली थी कि सरकारी दवाओं की एक बड़ी खेप सप्लाई होने वाली है। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने 2 अप्रैल को तीस हजारी के राजेंद्र मार्केट में स्थित जय भारत ट्रांसपोर्ट पर छापा मारा। वहां से नीरज कुमार, सुशील कुमार और लक्ष्मण मुखिया को एक महिंद्रा चैंपियन टेंपो और बलेनो कार के साथ रंगे हाथों दबोचा गया। वाहनों की तलाशी लेने पर भारी मात्रा में सरकारी दवाएं बरामद हुईं, जिन्हें अवैध रूप से बाजार में खपाने की तैयारी थी।


    डीडीयू अस्पताल का फार्मासिस्ट निकला मास्टरमाइंड, रिकॉर्ड में हेराफेरी कर उड़ाते थे दवाएं


    पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ के बाद इस गिरोह के गहरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस ने डीडीयू अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट बिनेश कुमार और वहां के संविदा सहायक प्रकाश महतो को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि फार्मासिस्ट बिनेश अस्पताल के स्टॉक रिकॉर्ड में हेराफेरी कर दवाएं कम दिखाता था और उन्हें प्रकाश महतो के जरिए बाहर सप्लाई करवाता था। प्रकाश बिचौलिए के तौर पर काम करता था और यूपीआई (UPI) के माध्यम से वित्तीय लेनदेन संभालता था।



    बरामदगी में 70 लाख की जीवन रक्षक दवाएं शामिल, 1.5 साल से चल रहा था खेल


    पुलिस ने छापेमारी के दौरान सेफिक्साइम (1.18 लाख टैबलेट), एमोक्सिसिलिन, एरिथ्रोपोइटिन इंजेक्शन, मेरोपेनम और रेबीज एंटीसिरम जैसे महंगे और जरूरी इंजेक्शन बरामद किए हैं। मुख्य आरोपी नीरज कुमार, जो सहारनपुर में 'आदित्य फार्मेसी' चलाता है, पिछले डेढ़ साल से दिल्ली के सरकारी अस्पतालों से चोरी की गई इन दवाओं को विभिन्न शहरों के ब्रोकरों के माध्यम से बेच रहा था। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और उनके बैंक ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच कर रही है।


    आरोपियों का प्रोफाइल: यूपी से दिल्ली तक फैला था अवैध नेटवर्क


    गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 53 वर्षीय नीरज कुमार (सहारनपुर) मुख्य रिसीवर है, जबकि सुशील कुमार दवाइयां ढोने का काम करता था। लक्ष्मण मुखिया दिल्ली के डीडीयू अस्पताल से ट्रांसपोर्ट हब तक दवाएं पहुंचाता था। वहीं, 54 वर्षीय बिनेश कुमार और 30 वर्षीय प्रकाश महतो अस्पताल के भीतर से स्टॉक निकालने के जिम्मेदार थे। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के पकड़े जाने से सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर लगाम लगेगी और गरीबों के हक की दवाएं उन तक पहुँच सकेंगी।



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  • हेलमेट चैकिंग अभियान फोटो 2.jfif
    03/04/26 |

    सड़क सुरक्षा की ओर अम्बाला पुलिस का अनूठा कदम; 47 स्थानों पर मेगा हेलमेट अभियान, 786 चालान और सम्मान का संगम

    जे कुमार अम्बाला, 3 अप्रैल 2026: सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली 'हेड इंजरी' और मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से अम्बाला पुलिस ने एक बड़ी व संवेदनशील पहल की है। पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत (IPS) के कुशल निर्देशन में गुरुवार, 2 अप्रैल को पूरे जिले में एक साथ 'मेगा हेलमेट चेकिंग एवं जागरूकता अभियान' चलाया गया। इस अभियान की विशेषता यह रही कि पुलिस ने केवल दंडात्मक कार्रवाई ही नहीं की, बल्कि सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर नागरिकों को जीवन की सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया।

    फूलों से सम्मान और चालान की कार्रवाई: जिले के 47 मुख्य नाकों और संवेदनशील स्थानों पर दोपहर 03:00 से शाम 06:00 बजे तक चले इस अभियान के दौरान एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। हेलमेट पहनकर वाहन चलाने वाले जिम्मेदार नागरिकों को पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने फूल भेंट कर प्रोत्साहित किया। वहीं, सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले राइडर्स के खिलाफ सख्ती बरतते हुए 786 चालान भी किए गए। डीएसपी अम्बाला जगबीर सिंह ने बताया कि इस मुहिम में जिले के सभी डीएसपी और एसएचओ ने मोर्चा संभाला, जिससे यह अभियान एक जन-आंदोलन में तब्दील हो गया।

    सिर की चोट को रोकना मुख्य लक्ष्य: पुलिस अधीक्षक ने इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में अधिकांश मौतें सिर में गंभीर चोट लगने के कारण होती हैं। शरीर के अन्य अंगों की चोट का उपचार संभव है, लेकिन सिर की चोट अक्सर जानलेवा साबित होती है। इसी जोखिम को शून्य करने के लिए 'घर से निकलते ही हेलमेट' के संदेश को घर-घर पहुँचाया जा रहा है।

    सामाजिक संस्थाओं का मिला भरपूर सहयोग: इस जिला स्तरीय अभियान को सफल बनाने में भारत विकास परिषद्, सनातन मंच सेवा सभा, श्री हरि सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट, गुड मॉर्निंग क्लब, कदम फाउंडेशन और इद्रीश फाउंडेशन ने कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग किया। सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य राकेश मक्कड़ और नेहा परवीन ने भी मौके पर मौजूद रहकर वाहन चालकों को सुरक्षा मानकों के प्रति प्रेरित किया। अम्बाला पुलिस का यह मानवीय और अनुशासनात्मक कदम जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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    दिल्ली: बुजुर्गों के घर कब्जाने वाले गिरोह का सदस्य गिरफ्तार, वसंत विहार मामले में था भगोड़ा

    नई दिल्ली, 2 अप्रैल (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 'लैंड ग्रैबर' (जमीन कब्जाने वाले) गिरोह के एक सक्रिय सदस्य और घोषित अपराधी (PO) को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी बुजुर्गों को निशाना बनाकर उनके घरों पर कब्जा करने वाले गिरोह का हिस्सा है।



    कोर्ट परिसर के पास से हुई गिरफ्तारी
    डीसीपी (क्राइम-II) संजीव कुमार यादव के अनुसार, वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत 30 मार्च 2026 को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर एसआई संजय कुमार, एसआई अंकुर और उनकी टीम ने पटियाला हाउस कोर्ट के पास जाल बिछाया। दोपहर करीब 1 बजे, टीम ने 51 वर्षीय अमित सागर को कोर्ट लॉक-अप के पास से दबोच लिया। अमित सागर मूल रूप से गाजियाबाद (यूपी) का रहने वाला है और वसंत विहार थाने में दर्ज साल 2016 के एक मामले में 25 फरवरी 2026 को भगोड़ा घोषित किया गया था।


    90 साल के बुजुर्ग के साथ की थी मारपीट
    पूछताछ के दौरान आरोपी अमित सागर ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह संदीप भास्कर के नेतृत्व वाले एक खतरनाक 'लैंड ग्रैबिंग गैंग' का सदस्य है। साल 2016 में अमित और उसके साथियों ने वसंत विहार में रहने वाले एक 90 वर्षीय बुजुर्ग के घर में जबरन घुसकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की थी। इस हमले का मुख्य मकसद बुजुर्ग को डरा-धमकाकर उनकी बेशकीमती संपत्ति पर कब्जा करना था।


    नौकर और केयरटेकर बनकर की गद्दारी
    आरोपी का प्रोफाइल खंगालने पर पता चला कि वह और उसका सरगना पीड़ित बुजुर्ग के घर में ही काम करते थे। वारदात के समय अमित सागर बुजुर्ग का ड्राइवर था, जबकि गिरोह का सरगना संदीप भास्कर वहां केयरटेकर के रूप में तैनात था। इन्होंने भरोसे का फायदा उठाकर घर कब्जाने की साजिश रची थी। अमित के सहयोगी संदीप भास्कर और जगत सिंह को भी मौके पर पकड़ा गया था, लेकिन बाद में वे अदालत की कार्यवाही से बचकर फरार हो गए थे।



    अमित सागर केवल 11वीं कक्षा तक पढ़ा है और फिलहाल कपड़ों पर प्रिंटिंग का काम कर रहा था। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है।


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    दिल्ली: डाबरी में अवैध गैस रिफिलिंग गिरोह का भंडाफोड़, क्राइम ब्रांच ने 17 सिलेंडर जब्त कर दुकानदार को दबोचा

    नई दिल्ली, 1 अप्रैल (अन्‍नू): नई दिल्ली की क्राइम ब्रांच (WR-I) ने एक गुप्त सूचना के आधार पर दिल्ली के डाबरी इलाके में छापेमारी कर घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण और रिफिलिंग के एक बड़े कारोबार का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने विभिन्न कंपनियों के 17 एलपीजी सिलेंडर बरामद किए हैं। आरोपी दुकानदार घरेलू सिलेंडरों से गैस चोरी कर उसे 200 रुपये प्रति किलो की महंगी दर पर अवैध रूप से रिफिल कर बेच रहा था।



    बाजार में मंदी का फायदा उठाने की कोशिश
    डीसीपी (क्राइम ब्रांच) हर्ष इंदोरा के अनुसार, बाजार में एलपीजी की कथित कमी की आशंकाओं के बीच जमाखोरों पर नकेल कसने के लिए इंस्पेक्टर अनिल मलिक के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम को सूचना मिली थी कि डाबरी के सीतापुरी इलाके में एक दुकानदार अवैध रूप से गैस की कालाबाजारी कर रहा है। पुलिस ने जब सीतापुरी स्थित दुकान पर छापा मारा, तो वहां 61 वर्षीय मोहन लाल गर्ग को अवैध रूप से सिलेंडर रिफिल करते हुए पाया गया।



    मौके पर पहुंची खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम
    छापेमारी के दौरान मौके पर भारत पेट्रोलियम के 5, हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 5 और इंडेन गैस के 7 सिलेंडर बरामद हुए। पुलिस ने तुरंत खाद्य आपूर्ति अधिकारी (FSO) हरजीत कौर को सूचित किया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर नियमों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की। आरोपी मोहन लाल गर्ग के खिलाफ डाबरी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।


    शातिर तरीके से चलता था कालाबाजारी का खेल
    पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपनी दुकान की आड़ में इन सिलेंडरों को छिपाकर रखता था ताकि जांच एजेंसियों को भनक न लगे। वह सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर गैस को 200 रुपये प्रति किलो के ऊंचे दाम पर बेचकर अवैध लाभ कमा रहा था। आरोपी केवल 10वीं तक पढ़ा है और सीतापुरी का ही रहने वाला है।



    दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि आम जनता को उचित दामों पर संसाधन उपलब्ध हो सकें।



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    'ऑपरेशन कवच 13.0': दिल्ली पुलिस का नशे और संगठित अपराध पर बड़ा प्रहार; 48 घंटों में 3200 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी

    नई दिल्ली, 1 अप्रैल (अन्‍नू): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नशामुक्त भारत' के विजन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत दिल्ली पुलिस ने 'ऑपरेशन कवच 13.0' के तहत एक बड़ा अभियान चलाया। दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा के नेतृत्व में चली इस मुहिम के दौरान पिछले 48 घंटों (29 मार्च शाम 6 बजे से 31 मार्च शाम 6 बजे तक) में पूरी दिल्ली में अपराधियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई।

    ऑपरेशन की मुख्य उपलब्धियां:
    दिल्ली के सभी 15 जिलों, क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल की 1042 टीमों ने कुल 3211 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के परिणाम इस प्रकार रहे:

    नशा तस्करी (NDPS Act): कुल 229 मामले दर्ज किए गए और 267 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 100 किलो गांजा, 1.170 किलो कोकीन, 260 ग्राम हेरोइन और भारी मात्रा में नशीली गोलियां व इंजेक्शन बरामद किए गए।


    अवैध शराब (Excise Act): आबकारी अधिनियम के तहत 416 मामले दर्ज कर 429 लोगों को पकड़ा गया। पुलिस ने 77,271 क्वार्टर अवैध शराब और भारी मात्रा में बीयर जब्त की। सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने के आरोप में 2993 लोग गिरफ्तार किए गए।


    अवैध हथियार (Arms Act): 254 मामलों में 259 आरोपी गिरफ्तार हुए। इनके पास से 19 पिस्तौल, 42 देसी कट्टे, 79 कारतूस और 191 चाकू बरामद किए गए।
    जुआ और वाहन चोरी: जुआ अधिनियम के तहत 528 लोग पकड़े गए और 10 लाख रुपये से अधिक कैश बरामद हुआ। साथ ही 59 घोषित अपराधी (PO) और 42 वाहन चोरों को भी सलाखों के पीछे भेजा गया।


    बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां:
    मेहरौली में कोकीन की बड़ी खेप: क्राइम ब्रांच ने मेहरौली के इस्लाम कॉलोनी से एक नाइजीरियाई नागरिक, जॉन चिबुइके को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 1.031 किलो कोकीन बरामद हुई।
    नरेला में स्मैक तस्कर: बाहरी उत्तरी जिले की पुलिस ने रियाज और रियाज आलम नामक दो तस्करों को पकड़कर उनके पास से करीब 283 ग्राम स्मैक जब्त की।
    नशामुक्ति केंद्र का कर्मचारी गिरफ्तार: शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन के पास से विक्रम नामक व्यक्ति को पकड़ा गया, जो पहले एक नशामुक्ति केंद्र में काम करता था। उसके पास से कमर्शियल मात्रा में बुप्रेनोरफिन (नशीली दवा) मिली।

    लेडी डॉन 'मुस्कान' गिरफ्तार: मंगोलपुरी की कुख्यात अपराधी मुस्कान को 100 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया।


    जमीनी प्रभाव और पुलिस की रणनीति
    स्पेशल सीपी (क्राइम) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि 'ऑपरेशन कवच' के लगातार प्रहार से ड्रग माफियाओं में खौफ पैदा हुआ है। अब बड़े तस्कर दिल्ली के बजाय नोएडा और आसपास के इलाकों में गोदाम बना रहे हैं। पुलिस ने यह भी पाया कि अब तस्कर पकड़े जाने से बचने के लिए महिलाओं और बच्चों का सहारा ले रहे हैं ताकि वे एक सामान्य परिवार की तरह दिखें।

    दिल्ली पुलिस ने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। 'ऑपरेशन कवच' का मुख्य उद्देश्य समाज की आने वाली पीढ़ी को इस जहर से बचाना है।



    #DelhiPolice #OperationKavach #DrugFreeIndia #ZeroTolerance #CrimeBranch #DelhiCrime #DrugBust #SayNoToDrugs #DanikKhabar

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    दिल्ली पुलिस की बड़ी सफलता: दक्षिण-पश्चिम जिले में आबकारी अधिनियम सहित विभिन्न मामलों के 4 भगोड़े गिरफ्तार

    नई दिल्ली, 1 अप्रैल (अन्‍नू):  दिल्ली पुलिस के दक्षिण-पश्चिम जिले की पुलिस टीमों ने एक विशेष अभियान के तहत चार 'घोषित अपराधियों' (Proclaimed Offenders/Absconders) को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए आरोपी पॉक्सो एक्ट (POCSO), दिल्ली आबकारी अधिनियम, मारपीट और चेक बाउंस जैसे गंभीर मामलों में अदालतों द्वारा भगोड़े घोषित किए जा चुके थे।


    पुलिस टीमों की रणनीतिक कार्रवाई
    डीसीपी (दक्षिण-पश्चिम) अमित गोयल के निर्देशन में सफदरजंग एन्क्लेव, पालम विलेज और वसंत विहार थानों की समर्पित टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों ने ई-प्रिजन पोर्टल, तकनीकी निगरानी (Technical Surveillance) और स्थानीय मुखबिरों की मदद से इन अपराधियों का पीछा किया।



    गिरफ्तार किए गए अपराधियों का विवरण:


    1. जितेंद्र निगम (31 वर्ष):
    मामला: दिल्ली आबकारी अधिनियम (Excise Act)।
    विवरण: सफदरजंग अस्पताल चौकी की टीम ने तकनीकी सुरागों के आधार पर जितेंद्र को गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर-1 से दबोचा। आरोपी को 9 मार्च 2026 को अदालत ने भगोड़ा घोषित किया था। वह पहले भी लूट और आबकारी अधिनियम के दो मामलों में शामिल रहा है।


    2. वंदना खेत्रपाल (38 वर्ष):
    मामला: मारपीट और गलत तरीके से रोकने की धाराएं (IPC 323/341)।
    विवरण: पालम विलेज थाने की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर वंदना को गिरफ्तार किया। आरोपी महिला 18 मार्च 2025 से फरार चल रही थी और अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया था।

    3. प्रदीप (32 वर्ष):
    मामला: अपहरण, बलात्कार और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act)।
    विवरण: प्रदीप पर नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न जैसे संगीन आरोप हैं। पालम विलेज पुलिस की टीम ने लगातार निगरानी रखते हुए फरीदाबाद निवासी इस आरोपी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया।

    4. सुबोध कुमार (45 वर्ष):
    मामला: चेक बाउंस (NI Act की धारा 138)।
    विवरण: वसंत विहार थाने की टीम ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में छापेमारी कर सुबोध को गिरफ्तार किया। सुबोध साकेत कोर्ट के कुल 6 अलग-अलग चेक बाउंस मामलों में 20 दिसंबर 2024 से वांछित था।
    पुलिस के अनुसार, कानून की प्रक्रिया से बचने वाले अन्य अपराधियों और पैरोल जंपर्स की धरपकड़ के लिए अभियान अभी जारी है।



    #DelhiPolice #SouthWestDelhi #Arrested #ProclaimedOffenders #POCSOAct #DelhiExciseAct #CrimeUpdate #DelhiNews #DanikKhabar

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    'मुखिया गैंग' का सरगना गिरफ्तार: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने करोड़ों की चोरी करने वाले वांटेड अपराधी को दबोचा

    नई दिल्ली, 1 अप्रैल (अन्‍नू): नई दिल्ली की 'एंटी गैंगस्टर स्क्वाड' (AGS) क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात 'मुखिया गैंग' के मास्टरमाइंड राहुल उर्फ राजू मुखिया को गिरफ्तार कर लिया है। 38 वर्षीय राहुल, जो मूल रूप से बिहार के मधुबनी का निवासी है, दिल्ली और हरियाणा के कई मामलों में भगोड़ा (PO) घोषित था। उसकी गिरफ्तारी द्वारका के नागली इलाके से एक विशेष जाल बिछाकर की गई है।


    नौकर बनकर देते थे वारदात को अंजाम
    मुखिया गैंग की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) बेहद शातिर थी। यह गैंग प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए संपन्न परिवारों से संपर्क करता था। गैंग के पुरुष और महिला सदस्य सुनियोजित तरीके से उन घरों में नौकर या मेड के रूप में काम शुरू करते थे। परिवार का भरोसा जीतने के बाद, ये घर के सदस्यों की गतिविधियों और कीमती सामान (कैश और ज्वेलरी) के ठिकानों की पूरी जानकारी अपने सरगना को देते थे। मौका मिलते ही गैंग के अन्य सदस्य घर में घुसकर बड़ी चोरी या लूट को अंजाम देते थे।



    नशीला पदार्थ खिलाकर की करोड़ों की चोरी
    राहुल मुखिया के खिलाफ दिल्ली और गुरुग्राम में कई गंभीर मामले दर्ज हैं:



    गुरुग्राम (2014): डीएलएफ फेज-2 में एक महिला को चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश किया और करीब 1 करोड़ रुपये के जेवरात व नकदी पर हाथ साफ कर दिया।
    राजौरी गार्डन (2016): एक डॉक्टर के घर में नौकर बनकर घुसे और परिवार के बाहर जाते ही करीब 25-30 लाख रुपये की चोरी की।


    इसके अलावा कालकाजी और ग्रेटर कैलाश के इलाकों में भी इसके खिलाफ मामले दर्ज हैं।


    गिरफ्तारी और प्रोफाइल
    डीसीपी (क्राइम ब्रांच) हर्ष इंदोरा के निर्देशन और एसीपी भगवती प्रसाद की देखरेख में इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार की टीम ने इस अपराधी को ट्रैक किया। राहुल केवल 5वीं कक्षा तक पढ़ा है, लेकिन उसने देशभर में घरेलू सहायकों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार कर लिया था। वह पहले भी गिरफ्तार हो चुका है, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद वह कभी अदालत में पेश नहीं हुआ, जिसके बाद उसे 'घोषित अपराधी' करार दिया गया था।


    पुलिस अब राहुल से पूछताछ कर रही है ताकि उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी किए गए माल की बरामदगी की जा सके।


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    दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने बरामद किए 16 लाख के 75 चोरी हुए मोबाइल, मालिकों को लौटाए

    नई दिल्ली, 31 मार्च (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए तकनीकी सर्विलांस और जमीनी जाँच के जरिए 75 गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स की कुल कीमत लगभग 16 लाख रुपये आंकी गई है। इन फोनों को ट्रेस करने के बाद, क्राइम ब्रांच ने एक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर इनके असली मालिकों को सुरक्षित सौंप दिया। अपनी खोई हुई अमानत वापस पाकर लोगों ने दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी और कार्यप्रणाली की जमकर तारीफ की।



    इस सफल ऑपरेशन को क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज (कमला मार्केट) और एईकेसी (सनलाइट कॉलोनी) की टीमों ने मिलकर अंजाम दिया। एसीपी पंकज अरोड़ा की देखरेख में चली इस मुहिम के तहत कुल 75 फोन बरामद हुए, जिनमें से 65 फोन सेंट्रल रेंज और 10 फोन एईकेसी टीम द्वारा खोजे गए। पुलिस ने आईएमईआई (IMEI) डेटा के विश्लेषण और तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए इन फोनों को विभिन्न स्थानों से ट्रैक किया। इस पूरी प्रक्रिया में हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार, अंकुर कुमार, जय सिंह, मनीष यादव और सुक्रम की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



    30 मार्च 2026 को आयोजित वितरण कार्यक्रम के दौरान, सभी बरामद मोबाइल फोन उनके मालिकों को उचित सत्यापन के बाद सौंप दिए गए। डीसीपी (क्राइम ब्रांच) संजीव कुमार यादव ने बताया कि यह पहल नागरिकों की सहायता और अपराध नियंत्रण के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से न केवल जनता का पुलिस पर विश्वास बढ़ता है, बल्कि यह विभाग की तकनीकी दक्षता को भी साबित करता है।



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    दिल्ली पुलिस ने दबोचा शातिर स्नैचर, चोरी की स्कूटी और छीना हुआ मोबाइल बरामद

    नई दिल्ली, 31 मार्च (अन्‍नू): सेंट्रल दिल्ली की दरियागंज थाना पुलिस ने एक बेहद शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो इलाके में स्नैचिंग और वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से छीना हुआ मोबाइल फोन और चोरी की गई एक स्कूटी बरामद की है। पकड़े गए आरोपी की पहचान तुर्कमान गेट निवासी 29 वर्षीय मोहम्मद फैजान उर्फ आमिर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इस गिरफ्तारी से स्नैचिंग के दो और वाहन चोरी का एक मामला सुलझ गया है।



    घटनाक्रम की शुरुआत 27 मार्च 2026 को हुई, जब पुलिस को फोन छीनने की कोशिश की एक सूचना मिली। मौके पर पहुँचने पर पुलिस को एक बिना नंबर वाली स्कूटी लावारिस हालत में मिली, जिसे छोड़कर आरोपी फरार हो गया था। जाँच के दौरान पता चला कि यह स्कूटी 22 मार्च को कमला मार्केट इलाके से चोरी हुई थी। जब पुलिस ने चोरी वाली जगह के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो उसमें फैजान की पहचान हुई। इसी बीच, एक अन्य व्यक्ति ने भी शिकायत दर्ज कराई कि उसी सुबह एनएस मार्ग पर उससे मोबाइल छीना गया था, जिसमें उसने फैजान को ही आरोपी के रूप में पहचाना।


    मामले की गंभीरता को देखते हुए दरियागंज थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपी का पीछा किया। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुर्कमान गेट मार्केट के पास जाल बिछाया और फैजान को उस समय धर दबोचा जब वह छीना हुआ मोबाइल बेचने की फिराक में घूम रहा था। तलाशी के दौरान उसकी जेब से लूटा गया फोन बरामद कर लिया गया।



    पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने कमला मार्केट से स्कूटी चुराई थी और उसी का इस्तेमाल कर वह मोबाइल छीनने की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, फैजान कोई मामूली अपराधी नहीं है; वह पहले भी लूट, चोरी, आर्म्स एक्ट और ड्रग्स से जुड़े करीब 17 आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने हाल के दिनों में और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।



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    दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी: करोल बाग में ₹18.5 लाख की चोरी का मामला 24 घंटे में सुलझा, दो आरोपी गिरफ्तार

    नई दिल्ली, 31 मार्च (अन्‍नू): देश की राजधानी दिल्ली के व्यस्ततम व्यापारिक क्षेत्र करोल बाग में हुई ₹18.5 लाख की बड़ी चोरी की गुत्थी को दिल्ली पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की करोल बाग थाना पुलिस ने इस मामले में दो शातिर चोरों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी की गई राशि में से ₹13.50 लाख बरामद कर लिए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 25 वर्षीय दीपक उर्फ दीपू और 23 वर्षीय सनी उर्फ उंगली काऊ के रूप में हुई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी की मदद से इस पूरी वारदात का खुलासा किया है।



    घटना 24 मार्च 2026 की है, जब शिकायतकर्ता अपने मालिक से ₹18.50 लाख लेकर गफ्फार मार्केट में एक दुकानदार को देने जा रहा था। वह मोटरसाइकिल पर सवार था और कैश उसके कंधे पर लटके बैग में था। मार्केट पहुँचने पर उसे पता चला कि उसके बैग की चेन खुली हुई है और सारा कैश गायब है। इस संबंध में अगले दिन करोल बाग थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस टीम ने जब विष्णु मंदिर मार्ग से लेकर गफ्फार मार्केट तक के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, तो दो संदिग्ध युवक शिकायतकर्ता का पीछा करते और भीड़ का फायदा उठाकर बड़ी सफाई से बैग की ज़िप खोलते हुए दिखाई दिए।



    जाँच के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर 27 मार्च को दोनों आरोपियों को पहाड़गंज इलाके से दबोच लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने शिकायतकर्ता को बड़ी रकम ले जाते हुए भांप लिया था और पेशेवर 'पिकपॉकेटिंग' तकनीक का इस्तेमाल कर भीड़भाड़ वाले इलाके में वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी दीपक के घर से ₹13.50 लाख की नकदी बरामद की है। जाँच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वे पहले भी चोरी व झपटमारी के कई मामलों में शामिल रहे हैं।



    दिल्ली पुलिस के अनुसार, ये आरोपी भीड़भाड़ वाले बाजारों में ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे जिनके पास बैग होते थे। भारी भीड़ और ट्रैफिक का लाभ उठाकर ये इतनी खामोशी से बैग की चेन खोलकर कीमती सामान निकाल लेते थे कि पीड़ित को भनक तक नहीं लगती थी। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि चोरी की शेष राशि बरामद की जा सके और उनके द्वारा की गई अन्य वारदातों का पता लगाया जा सके।



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    सावधान! आप जो प्रोटीन पी रहे हैं वो असली है या ज़हर? दिल्ली पुलिस ने नकली सप्लीमेंट फैक्ट्री का किया भंडाफोड़

    नई दिल्ली, 29 मार्च (अन्‍नू): अगर आप भी अपनी सेहत बनाने के लिए महंगे प्रोटीन सप्लीमेंट का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए चेतावनी है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (आर.के. पुरम टीम) ने नकली प्रोटीन सप्लीमेंट बनाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने राजधानी के रानी खेड़ा गांव में चल रही एक अवैध मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर छापा मारकर भारी मात्रा में कच्चा माल, नामी कंपनियों के नकली स्टिकर, होलोग्राम और मशीनें बरामद की हैं।



    क्राइम ब्रांच की टीम ने इस मामले में नवीन कुमार उर्फ 'बंजारा' को गिरफ्तार किया है, जो हरियाणा के चरखी दादरी का रहने वाला है। यह कार्रवाई पहले गिरफ्तार हो चुके आरोपियों—मोहित तिवारी और मोहित दीक्षित—से मिली जानकारी और तकनीकी जांच के आधार पर की गई है। आरोपी नवीन रानी खेड़ा में एक गुप्त फैक्ट्री चला रहा था, जहां वह नामी अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स जैसे 'Optimum Nutrition' और 'Syntha-6' के नाम पर नकली पाउडर तैयार कर रहा था।



    पुलिस की छापेमारी के दौरान मौके से चौंकाने वाली बरामदगी हुई है। जांच में सामने आया कि आरोपी माल्टोडेक्सट्रिन, कोको पाउडर और अलग-अलग फ्लेवरिंग एजेंट्स को मिलाकर घटिया क्वालिटी का पाउडर तैयार करता था। इसे असली जैसा दिखाने के लिए वह बाजार से खरीदे गए खाली डिब्बों में भरता और उन पर नामी ब्रांड्स के जाली स्टिकर, होलोग्राम और सील लगा देता था। पुलिस ने मौके से करीब 26 सीलबंद डिब्बे, सैकड़ों की संख्या में नकली स्टिकर, खाली जार और भारी मात्रा में फ्लेवर्ड कच्चा माल जब्त किया है। इसके अलावा, नकली लेबल छापने के लिए इस्तेमाल होने वाला कंप्यूटर और क्यूआर कोड प्रिंटिंग मशीन भी बरामद की गई है।



    डीसीपी पंकज कुमार (आईपीएस) के अनुसार, आरोपी नवीन कुमार पहले भी इस तरह के अपराधों में शामिल रहा है। वह बेहद शातिराना तरीके से कम लागत वाले कच्चे माल का उपयोग कर महंगे सप्लीमेंट तैयार करता था, जिससे न केवल ब्रांड मालिकों को आर्थिक नुकसान हो रहा था बल्कि आम उपभोक्ताओं की सेहत के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग (FSSAI) के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया और नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन की जांच कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य गुर्गों तक पहुंचा जा सके।


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    अंबाला: सरकारी नौकरी के नाम पर 1.10 करोड़ की ठगी, आर्थिक अपराध शाखा ने मुख्य आरोपी को दबोचा

    जे कुमार अंबाला, 26 मार्च 2026: अंबाला पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर करोड़ों रुपये हड़पने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस धोखाधड़ी के मुख्य सूत्रधार सुनील कुमार (निवासी गांव सोंटी, थाना नग्गल) को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी ने अपने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के साथियों के साथ मिलकर ठगी का यह मायाजाल बुना था।

    आयकर विभाग में नौकरी का दिया झांसा: शिकायतकर्ता यादविंदर सिंह (निवासी गोविंदगढ़, शहजादपुर) ने पुलिस को बताया कि आरोपी सुनील कुमार और उसके गिरोह ने उन्हें आयकर विभाग, चंडीगढ़ में पक्की नौकरी लगवाने का लालच दिया था। आरोपियों ने विश्वास में लेकर 1 अगस्त 2024 से 31 जनवरी 2025 के बीच यादविंदर और अन्य कई पीड़ितों से कुल 1 करोड़ 10 लाख रुपये की मोटी रकम ऐंठ ली। समय बीतने के बाद जब न नौकरी मिली और न ही पैसे वापस आए, तब पीड़ितों ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।

    रिमांड के दौरान होगी अन्य आरोपियों की पहचान: आर्थिक अपराध शाखा के निरीक्षक परमवीर सिंह और उप-निरीक्षक रमेश सिंह की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी को काबू किया। पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस ठगी गई राशि की बरामदगी का प्रयास करेगी और दिल्ली व उत्तर प्रदेश में छिपे गिरोह के अन्य सदस्यों के ठिकानों पर छापेमारी करेगी।

    अंबाला पुलिस की कड़ी चेतावनी: निरीक्षक परमवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि यह एक सुनियोजित गिरोह है जो भोले-भाले युवाओं की मजबूरी का फायदा उठाता है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सरकारी नौकरियां केवल आधिकारिक चयन आयोगों और योग्यता के आधार पर ही मिलती हैं। किसी भी व्यक्ति के बहकावे में आकर नौकरी के लिए नकद लेनदेन न करें। यदि कोई इस तरह का प्रलोभन देता है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

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    मोगा: पुलिस ने यातायात नियमों और साइबर सुरक्षा को लेकर चलाया जागरूकता अभियान

    पंजाब/मोगा, 25 मार्च (अन्‍नू): मोगा पुलिस ने आम जनता और कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा व डिजिटल ठगी के प्रति सचेत करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया। वरिष्ठ पुलिस कप्तान (SSP) के दिशा-निर्देशों पर यह कार्यक्रम मोगा के रमीरा मोटर्स में आयोजित किया गया। इस अभियान का सफल नेतृत्व डीएसपी सब-डिवीजन गुरप्रीत सिंह और डीएसपी ट्रैफिक द्वारा किया गया, जिसमें सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।


    शिविर के दौरान ट्रैफिक एजुकेशन सेल के प्रभारी एएसआई केवल सिंह ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए यातायात नियमों की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने सड़क संकेतों की सही पहचान, सुरक्षित ड्राइविंग और जीवन रक्षा के लिए हेलमेट व सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से अपील की कि वाहन चलाते समय हमेशा वैध लाइसेंस साथ रखें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें और नशे की हालत में वाहन चलाने जैसी जानलेवा आदतों से दूर रहें। इस मौके पर आपातकालीन सहायता के लिए जारी '112' हेल्पलाइन नंबर के उपयोग के बारे में भी बताया गया।


    यातायात के साथ-साथ पुलिस ने समाज को नशा मुक्त बनाने और साइबर अपराध से निपटने के लिए भी जागरूक किया। लोगों को नशा तस्करों से संबंधित गोपनीय सूचना हेल्पलाइन नंबर 97791-00200 पर साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। वहीं, डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर फ्रॉड को देखते हुए विशेषज्ञों ने ठगी से बचने के तरीके साझा किए और साइबर अपराध की रिपोर्ट करने हेतु हेल्पलाइन नंबर '1930' के प्रति सतर्क किया।


    कार्यक्रम के दौरान युवाओं को पंजाब पुलिस में चल रही वर्तमान भर्ती प्रक्रिया के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर वर्कशॉप मैनेजर मनमोहन सिंह सहित संस्थान के अन्य कर्मचारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार के अभियानों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को जिम्मेदार बनाना और अपराध मुक्त समाज का निर्माण करना है।



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    दिल्ली पुलिस के 'ऑपरेशन मिलाप' ने दिखाई राह, विजय विहार से गायब नाबालिग लड़की सकुशल बरामद

    नई दिल्ली, 24 मार्च (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ER-II) ने 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत एक और परिवार की खुशियाँ लौटा दी हैं। करीब एक महीने पहले विजय विहार इलाके से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुई 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को क्राइम ब्रांच की टीम ने उत्तम नगर के संजय एन्क्लेव से खोज निकाला है। दिल्ली पुलिस का यह विशेष अभियान गुमशुदा बच्चों और महिलाओं को उनके परिजनों से मिलाने के लिए निरंतर काम कर रहा है।



    फरवरी से तलाश में जुटी थी पुलिस मामला 19 फरवरी 2026 का है, जब विजय विहार थाने में लड़की के लापता होने की रिपोर्ट (FIR No. 110/26) दर्ज कराई गई थी। बेटी के अचानक गायब होने से परिवार गहरे सदमे में था। स्थानीय पुलिस की जांच के साथ-साथ क्राइम ब्रांच की टीम ने भी इस केस पर काम करना शुरू किया। इंस्पेक्टर सुनील कुंडू के नेतृत्व और एसीपी नरेंद्र सिंह की देखरेख में हेड कांस्टेबल शिवानी, विकास और राजीव की एक टीम गठित की गई।



    तकनीकी निगरानी और फील्ड वर्क से मिला सुराग शुरुआत में लड़की का कोई सुराग नहीं मिल रहा था, लेकिन क्राइम ब्रांच ने हार नहीं मानी। टीम ने तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय मुखबिरों का जाल बिछाया। गहन जांच के बाद पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि लड़की उत्तम नगर के राजापुरी रोड स्थित संजय एन्क्लेव में हो सकती है। सूचना मिलते ही टीम ने इलाके में घेराबंदी की और सफलतापूर्वक लड़की को ढूंढ निकाला।



    पूछताछ में सामने आई शादी की बात प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि नाबालिग लड़की ने जनवरी 2026 में ही एक मंदिर में किसी व्यक्ति के साथ शादी कर ली थी और तब से वह उसी के साथ रह रही थी। चूंकि लड़की अभी कानूनन नाबालिग है, इसलिए क्राइम ब्रांच ने उसे बरामद कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए विजय विहार थाने के जांच अधिकारी पीएसआई उदेश्य राठी को सौंप दिया है।



    दिल्ली पुलिस की अपील डीसीपी (क्राइम) पंकज कुमार ने इस सफलता पर टीम की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जनता से अपील की है कि यदि उनके पास किसी भी गुमशुदा व्यक्ति की जानकारी हो, तो तुरंत पुलिस के साथ साझा करें ताकि उन्हें सुरक्षित उनके घर पहुंचाया जा सके।

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    अमृतसर पुलिस की बड़ी कार्यवाही : पुर्तगाल से चल रहे हथियार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, 7 विदेशी पिस्तौलें बरामद

    पंजाब, 19 मार्च (अभी) : अमृतसर शहरी पुलिस ने संगठित अपराध और अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है, जो इस खतरनाक नेटवर्क का हिस्सा बनकर काम कर रहा था। पुलिस ने इन तस्करों के कब्जे से सात अत्याधुनिक पिस्तौल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के साथ ही पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके तार यूरोप और पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं।

    पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपी सीधे तौर पर पुर्तगाल में बैठे एक हैंडलर के संपर्क में थे। यह हैंडलर पाकिस्तान से ड्रोन या अन्य अवैध माध्यमों से हथियारों की खेप भारत मंगवाने में मुख्य भूमिका निभा रहा था। सीमा पार से आई हथियारों की यह खेप आगे पंजाब और अन्य राज्यों के आपराधिक तत्वों और गैंगस्टरों तक पहुँचाई जानी थी। पुलिस ने इस संबंध में कैंटोनमेंट थाने में मामला दर्ज कर लिया है और गिरोह के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की गहनता से जांच की जा रही है।

    पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क के 'फॉरवर्ड और बैकवर्ड' लिंक्स को जोड़ने में जुटी है। जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि पाकिस्तान से हथियार मंगवाने के लिए किस तकनीक का उपयोग किया गया और पुर्तगाल स्थित हैंडलर को वित्तीय मदद (फंडिंग) कहाँ से मिल रही थी। पुलिस कमिश्नर भुल्लर ने स्पष्ट किया कि अमृतसर पुलिस अवैध हथियारों की तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रही है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, जिससे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में उनके अन्य साथियों और हथियारों की संभावित डिलीवरी लोकेशंस का भी पता चल सकेगा।

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