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नशा तस्करों पर अंबाला पुलिस का शिकंजा: दो मामलों में 7 गिरफ्तार, भारी मात्रा में हेरोइन बरामद
अंबाला, 9 अप्रैल (अन्नू): पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे 'नशा मुक्त अंबाला' अभियान के तहत जिला पुलिस को दोहरी सफलता मिली है। पहली कार्रवाई में एंटी नारकोटिक्स सेल (ANC) की टीम ने अंबाला शहर की अनाज मंडी में दबिश देकर नशे का काला कारोबार कर रहे 6 लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पुलिस ने मुख्य आरोपी शोकित ककड़ उर्फ सोनू, जो मूल रूप से नाहन (हिमाचल प्रदेश) का रहने वाला है, के पास से 15 ग्राम हेरोइन बरामद की है। पकड़े गए अन्य आरोपियों में अंबाला के विभिन्न इलाकों के निवासी शामिल हैं।
साहा पुलिस ने 'मच्छर' को दबोचानशे के खिलाफ दूसरी बड़ी कार्रवाई थाना साहा पुलिस द्वारा की गई। एएसआई रोहित कुमार की टीम ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में घेराबंदी कर मनीष कुमार उर्फ मच्छर नाम के युवक को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 8.89 ग्राम हेरोइन बरामद हुई है। पुलिस अब रिमांड के दौरान इन आरोपियों से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे यह नशा कहाँ से लाते थे और इनके नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।
नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिसपकड़े गए 7 आरोपियों में से तीन को पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि बाकी को जेल भेज दिया गया है। एसपी अजीत सिंह शेखावत ने साफ संदेश दिया है कि अंबाला में नशा बेचने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जनता से भी अपील की है कि वे नशे से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना पुलिस को दें ताकि इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म किया जा सके।
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अम्बाला सिटी: मंडोर गांव के तालाब में मिला युवक का शव; क्षेत्र में सनसनी
जे कुमार अम्बाला सिटी, 8 अप्रैल 2026: अम्बाला शहर के नजदीकी गांव मंडोर में आज देर शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब गांव के तालाब में एक युवक का शव तैरता हुआ मिला। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई और पुलिस को सूचित किया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, शव गांव में स्थित एक गद्दा फैक्टरी के पास वाले तालाब में देखा गया था। ग्रामीणों ने शव को देखकर तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुँची और ग्रामीणों की मदद से शव को तालाब से बाहर निकलवाया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त के लिए नागरिक अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया है। शुरुआती जांच में युवक की पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस आसपास के इलाकों और थानों में गुमशुदगी की रिपोर्ट खंगाल रही है ताकि मृतक की पहचान हो सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा कि यह हादसा है, आत्महत्या या फिर कोई अन्य साजिश। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
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अम्बाला छावनी: एक्टिवा चोरी मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई; दो आरोपी गिरफ्तार, चोरी का वाहन बरामद
जे कुमार अम्बाला छावनी, 8 अप्रैल 2026: पुलिस अधीक्षक अम्बाला के कड़े निर्देशों के बाद चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत, चौकी हाउसिंग बोर्ड (थाना अम्बाला छावनी) की टीम को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक्टिवा चोरी के दो आरोपियों को धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मंगतू और काव्य (निवासी डेहा कॉलोनी, अम्बाला छावनी) के रूप में हुई है।
मामले का विवरण और चोरी की वारदात: घटना 5 अप्रैल 2026 की रात की है, जब हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित एक महिला के घर के बाहर खड़ी एक्टिवा रहस्यमय परिस्थितियों में चोरी हो गई थी। पीड़िता की शिकायत पर थाना अम्बाला छावनी में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। हाउसिंग बोर्ड चौकी के मुख्य सिपाही राजीव कुमार और उनकी टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर जाल बिछाकर दोनों संदिग्धों को काबू किया।
पूछताछ में हुए अहम खुलासे: पुलिस की सघन पूछताछ के दौरान आरोपियों ने न केवल हाउसिंग बोर्ड से एक्टिवा चोरी की बात स्वीकार की, बल्कि यह भी खुलासा किया कि वे थाना बलदेव नगर क्षेत्र में हुई एक अन्य चोरी की वारदात में भी शामिल थे और लंबे समय से फरार चल रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई एक्टिवा को बरामद कर लिया है, जिससे क्षेत्र में वाहन चोरी के एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।
न्यायिक कार्रवाई और पुलिस की अपील: पकड़े गए दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत (जेल) भेज दिया गया है। अम्बाला पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों की सुरक्षा के लिए डबल लॉक और अलार्म सिस्टम का उपयोग करें। साथ ही, कॉलोनी में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस चौकी या हेल्पलाइन नंबर पर दें।
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अम्बाला: सेफ सिटी टीम ने नसीरपुर के सरकारी स्कूल में बच्चों को सिखाए आत्मरक्षा के गुर; 'ट्रीप मॉनिटरिंग ऐप' के प्रति किया जागरूक
जे कुमार नसीरपुर/अम्बाला, 8 अप्रैल 2026: महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को पुख्ता करने के उद्देश्य से 'सेफ सिटी टीम अम्बाला' द्वारा चलाए जा रहे विशेष जागरूकता अभियान के तहत आज गांव नसीरपुर के राजकीय विद्यालय में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान टीम ने स्कूली बच्चों को 'गुड टच-बैड टच' के बारे में विस्तार से जानकारी दी और छात्राओं को आत्मरक्षा (Self-Defense) के व्यावहारिक गुर सिखाए।
बच्चों को सिखाया खुद का बचाव: सेफ सिटी टीम के सदस्यों ने नन्हे बच्चों को अत्यंत सरल भाषा में समझाया कि सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श में क्या अंतर होता है। बच्चों को प्रेरित किया गया कि यदि उन्हें कोई भी बात या व्यवहार असहज लगे, तो वे बिना डरे तुरंत अपने माता-पिता या शिक्षकों को इसके बारे में सूचित करें। इसके साथ ही, छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा स्वयं सुनिश्चित करने के लिए प्रैक्टिकल डेमो के जरिए आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकें सिखाई गईं।
स्कूल स्टाफ को दी 'ट्रीप मॉनिटरिंग ऐप' की जानकारी: महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए टीम ने स्कूल स्टाफ को हरियाणा पुलिस की 'ट्रीप मॉनिटरिंग ऐप' (Trip Monitoring App) के बारे में विस्तार से बताया। टीम ने मौके पर ही मौजूद स्टाफ के मोबाइल में इस ऐप को डाउनलोड करवाया और इसके फीचर्स के बारे में जानकारी दी कि कैसे यह ऐप यात्रा के दौरान संकट के समय सुरक्षा कवच के रूप में सहायक सिद्ध हो सकती है।
निरंतर जारी है जागरूकता अभियान: गौरतलब है कि सेफ सिटी टीम अम्बाला लगातार जिले के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और कामकाजी स्थलों पर पहुँच रही है। टीम का मुख्य लक्ष्य महिलाओं और छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें एक भयमुक्त वातावरण प्रदान करना है। स्कूल प्रशासन ने सेफ सिटी टीम के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा की और इसे बच्चों के भविष्य एवं सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी कदम बताया।
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अंबाला पुलिस का शानदार कार्य: गुम हुए 107 मोबाइल बरामद, मालिकों को लौटाए ₹21 लाख के फोन
अंबाला, 7 अप्रैल (अन्नू): अंबाला पुलिस की साइबर सेल ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाते हुए 107 गुमशुदा मोबाइल फोन ढूंढ निकालने में सफलता हासिल की है। बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स की कुल बाजार कीमत लगभग 21,31,153 रुपये आंकी गई है। पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान डीएसपी जगबीर सिंह ने इन फोनों को उनके असली मालिकों के सुपुर्द किया। अपने खोए हुए कीमती मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरों पर एक बार फिर मुस्कान लौट आई है।
आर्थिक नुकसान से बचकर खुश हुए मोबाइल मालिक
अपना फोन वापस पाने वाले शिवेंद्र, शिवम, सुरजीत और सुनील कुमार जैसे नागरिकों ने पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनके खोए हुए फोन कभी वापस मिलेंगे। नया फोन खरीदने के भारी आर्थिक बोझ से बचाने के लिए उन्होंने अंबाला पुलिस और विशेष रूप से साइबर सेल टीम की सराहना की। पीड़ितों ने बताया कि फोन में उनका जरूरी डेटा और यादें सुरक्षित पाकर वे बेहद राहत महसूस कर रहे हैं।
सुरक्षा के लिए डीएसपी जगबीर सिंह के महत्वपूर्ण सुझाव
इस मौके पर डीएसपी जगबीर सिंह ने आम जनता से अपील की कि मोबाइल गुम होने पर घबराने के बजाय सतर्कता बरतें। उन्होंने नागरिकों को दो मुख्य कदम उठाने की सलाह दी: सबसे पहले सरकार के CEIR पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं ताकि फोन को ब्लॉक और ट्रैक किया जा सके। दूसरा, तुरंत अपनी सिम कार्ड को बंद करवाकर डुप्लीकेट सिम निकलवाएं, जिससे आपके नंबर का कोई गलत इस्तेमाल न हो सके।
पुलिस और जनता के बीच बढ़ता विश्वास
साइबर सेल के इस सराहनीय कार्य ने एक बार फिर साबित किया है कि तकनीक के सही इस्तेमाल से अपराध पर लगाम लगाई जा सकती है और जनता की खोई हुई संपत्ति वापस दिलाई जा सकती है। हरियाणा पुलिस की इस सक्रियता ने प्रशासन के प्रति आम लोगों के भरोसे को और अधिक मजबूत किया है। पुलिस की टीम अब भी अन्य गुमशुदा फोनों की तलाश में तकनीकी सर्विलांस का सहारा ले रही है।
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नारायणगढ़: सीआईए की बड़ी कार्रवाई; प्लास्टिक दाने की आड़ में ट्रक से 120 किलो चूरापोस्त बरामद, आरोपी गिरफ्तार
जे कुमार नारायणगढ़/अम्बाला, 7 अप्रैल 2026: अम्बाला पुलिस की सीआईए (CIA) इकाई ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने शाहबाद-अधोया रोड पर नाकाबंदी कर एक ट्रक से 120 किलो 800 ग्राम चूरापोस्त बरामद किया है। तस्करों ने नशे की इस भारी खेप को बड़ी चालाकी से प्लास्टिक दाने और पाउडर के कट्टों के बीच छुपाकर रखा था, ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके।
गुप्त सूचना पर बिछाया जाल: सीआईए प्रभारी उप-निरीक्षक जरनैल सिंह के नेतृत्व में सहायक उप-निरीक्षक अमन कुमार, अरुण कुमार व उनकी टीम को नशीले पदार्थों की तस्करी की पुख्ता जानकारी मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने चौधरी ढाबा के समीप संदिग्ध ट्रक को रुकवाया। गहन तलाशी के दौरान ट्रक में लोड प्लास्टिक दाने के बोरों के नीचे से चूरापोस्त के बैग बरामद हुए। पुलिस ने तुरंत नशीला पदार्थ और ट्रक कब्जे में ले लिया।
आरोपी की पहचान और रूट: पकड़े गए आरोपी की पहचान जगजोत सिंह उर्फ जोत (निवासी खान अहमदपुर, मुलाना, अम्बाला) के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह राजस्थान और गुजरात के रास्ते होते हुए आया था और इस खेप को हिमाचल प्रदेश पहुँचाना था। थाना बराड़ा में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस: पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड हासिल किया है। रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि नशे की यह बड़ी खेप कहाँ सप्लाई होनी थी और इस अंतरराज्यीय नेटवर्क का मुख्य सरगना कौन है। सीआईए प्रभारी ने स्पष्ट किया है कि मामले में संलिप्त अन्य दोषियों को भी जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
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करनाल में पुलिस और गो-तस्करों के बीच मुठभेड़: गोली लगने से एक आरोपी घायल, दूसरा फरार
करनाल, 7 अप्रैल (अन्नू): करनाल के इंद्री इलाके में सोमवार देर रात पश्चिम यमुना नहर की पटरी पर पुलिस और गोवंश हत्या के आरोपियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि संदिग्ध आरोपी बाइक पर इलाके में घूम रहे हैं। जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा।
घायल आरोपी की पहचान और बरामदगी
मुठभेड़ में घायल हुए आरोपी की पहचान पानीपत के राणा माजरा निवासी 24 वर्षीय नकीम के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे तुरंत इंद्री के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया है। मौके पर पहुँचे करनाल के एसपी और फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए हैं, जहाँ से एक पिस्तौल भी बरामद हुई है। पुलिस अब नकीम को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।
गोवंश हत्या के मामलों से जुड़ा है कनेक्शन
इंद्री के डीएसपी सतीश गौतम ने बताया कि पकड़े गए आरोपी का संबंध पिछले दिनों इलाके में हुई गोवंश हत्या की घटनाओं से है। 18 मार्च से शुरू हुआ यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा था। धमनहेड़ी और धनौरा गांवों के पास नहर किनारे बार-बार गोवंश के अवशेष मिलने से इलाके में भारी रोष था। गोरक्षकों द्वारा स्टेट हाईवे पर जाम लगाने के बाद पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी थी।
अब तक कई आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
इस गिरोह के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। नकीम से पहले पुलिस चांद, आजम, नवाब और शहजाद जैसे आरोपियों को पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है। पुलिस के अनुसार, फरार आरोपी नौशाद की तलाश में छापेमारी की जा रही है। प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके और जल्द ही पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।
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अंबाला पुलिस का 'सर्च ऑपरेशन': नशा तस्करों के ठिकानों पर दबिश, बिना कागजात के 4 वाहन जब्त
अंबाला, 6 अप्रैल (अन्नू): अंबाला पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देशों पर जिले में अपराध और नशे के खिलाफ जंग जारी है। इसी कड़ी में आज थाना अंबाला शहर की पुलिस ने डेहा कॉलोनी में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। थाना प्रबंधक सुरेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखना और संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम कसना रहा।
नशा तस्करों और पुराने अपराधियों पर शिकंजा
पुलिस टीम ने विशेष रूप से उन पुराने आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी, जो पहले नशा तस्करी के मामलों में संलिप्त रहे हैं। पुलिस ने इन संदिग्धों की वर्तमान गतिविधियों की बारीकी से जांच की। प्रशासन की ओर से यह साफ संदेश दिया गया है कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके हर मूवमेंट पर पैनी नजर रखी जा रही है।
बाहरी लोगों का सत्यापन और मकान मालिकों को चेतावनी
अभियान के दौरान कॉलोनी में बाहर से आकर रह रहे लोगों के दस्तावेजों की भी गहनता से जांच की गई। पुलिस ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि कोई मकान मालिक बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किसी संदिग्ध व्यक्ति को अपने घर में पनाह देता है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए प्रवासियों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई
चेकिंग के दौरान केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी गाज गिरी। मौके पर बिना नंबर प्लेट और बिना वैध कागजात के घूम रहे 4 वाहनों को पुलिस ने तुरंत अपने कब्जे में ले लिया। थाना प्रबंधक सुरेश कुमार ने बताया कि आमजन की सुरक्षा के लिए भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण और चेकिंग अभियान जारी रहेंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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अंबाला मुलाना पुलिस का नशा तस्करों पर कड़ा प्रहार: 14.26 ग्राम हेरोइन के साथ सिरसगढ़ का युवक गिरफ्तार
अंबाला, 6 अप्रैल (अन्नू): अंबाला जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान थाना मुलाना पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक युवक को भारी मात्रा में हेरोइन (चिट्टा) और एक स्कूटी के साथ काबू किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान जसविंदर सिंह उर्फ बिन्दर के रूप में हुई है, जो गांव सिरसगढ़ का रहने वाला है।
घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा
यह पूरी कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर अमल में लाई गई। थाना मुलाना के सहायक उप निरीक्षक (ASI) छत्रपाल सिंह और सह उप निरीक्षक धर्मपाल सिंह की टीम ने सूचना मिलते ही सिरसगढ़ से बुढ़िया एम.एम. रोड पर नाकाबंदी कर दी। इसी दौरान स्कूटी पर आ रहे संदिग्ध जसविंदर को रुकने का इशारा किया गया। जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके कब्जे से 14.26 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
पुराना अपराधी है जसविंदर उर्फ बिन्दर
पुलिस जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है कि आरोपी जसविंदर सिंह पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उसके खिलाफ थाना मुलाना और थाना शहजादपुर में नशा तस्करी (NDPS एक्ट) के तहत पहले से ही दो मामले दर्ज हैं। आदतन अपराधी होने के कारण पुलिस ने अब उस पर और कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
रिमांड के दौरान खुलेंगे बड़े राज
पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया है। रिमांड के दौरान पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि आरोपी हेरोइन कहाँ से लेकर आता था और अंबाला के किन-किन इलाकों में इसकी सप्लाई करता था। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि क्षेत्र से नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए इस तरह की सख्त कार्रवाई आने वाले समय में भी जारी रहेगी।
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अहमदाबाद: पंजाब ग्रेनेड तस्करी मामले में बड़ी सफलता; गुजरात एटीएस ने अमृतसर के भगोड़े को डीसा से दबोचा
जे कुमार अहमदाबाद/अमृतसर, 6 अप्रैल 2026: गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) और बनासकांठा एसओजी ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर पंजाब के चर्चित ग्रेनेड तस्करी मामले के मुख्य आरोपी विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की को गिरफ्तार किया है। आरोपी अमृतसर के नंगल पनुआं का रहने वाला है और पिछले काफी समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए गुजरात के बनासकांठा जिले में छिपा हुआ था।
ढाबे पर मजदूर बनकर छिपा था आरोपी: पंजाब पुलिस की खुफिया जानकारी के आधार पर गुजरात एटीएस ने बनासकांठा के डीसा में जाल बिछाया। आरोपी वहां एक सड़क किनारे स्थित ढाबे पर पहचान छिपाकर मजदूर के रूप में काम कर रहा था। पुलिस की टीम ने उसे हिरासत में लेकर अहमदाबाद में कड़ी पूछताछ की, जिसके बाद उसे अमृतसर की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) को सौंप दिया गया है।
पाकिस्तानी गैंगस्टरों से संबंध का खुलासा: प्रारंभिक पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार, विक्रमजीत सिंह पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके सहयोगी आबिद जट्ट के सीधे संपर्क में था। यह नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर पंजाब में पुलिस प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण स्थलों पर ग्रेनेड हमलों की साजिश रच रहा था। विक्रमजीत का मुख्य काम पंजाब के स्थानीय युवाओं को इस नेटवर्क में भर्ती करना और हथियारों व ग्रेनेड की सप्लाई सुनिश्चित करना था।
आतंकी नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश: आरोपी के खिलाफ अमृतसर में भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि विक्रमजीत के साथ गुजरात या अन्य राज्यों में और कौन-कौन से लोग जुड़े हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से सीमा पार से संचालित होने वाले एक बड़े आतंकी मॉड्यूल को ध्वस्त करने में मदद मिलेगी।
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अंबाला में टेंडर के नाम पर 5 लाख की ठगी: नोएडा से मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पुलिस रिमांड पर उगलेगा गिरोह के राज
अंबाला, 5 अप्रैल (अन्नू): अंबाला पुलिस ने हाउसकीपिंग टेंडर दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह के मुख्य आरोपी को नोएडा से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान फैज वारिश (निवासी कानपुर, हाल निवासी सेक्टर-82, नोएडा) के रूप में हुई है। बलदेव नगर थाना पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया है ताकि ठगी की रकम बरामद की जा सके और गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।
5 लाख रुपये हड़पकर झांसा देने वाला आरोपी नोएडा से काबू
अंबाला शहर के मॉडल टाउन निवासी उल्लास कपूर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि फैज वारिश, सौरभ शुक्ला और उनके साथियों ने उन्हें हाउसकीपिंग का बड़ा टेंडर दिलवाने का लालच दिया था। मार्च से अप्रैल 2023 के बीच आरोपियों ने अपनी ऊंची पहुंच का दावा करते हुए पीड़ित से करीब 5 लाख रुपये ऐंठ लिए। जब काम नहीं हुआ और पैसे वापस नहीं मिले, तब धोखाधड़ी का अहसास होने पर पीड़ित ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया।
रिमांड के दौरान होगी पैसों की बरामदगी, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
बलदेव नगर पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई अमन के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को नोएडा के फेस-2 क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से गहनता से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मुख्य लक्ष्य ठगी गई 5 लाख रुपये की राशि बरामद करना और फरार चल रहे आरोपी सौरभ शुक्ला व अन्य साथियों के ठिकानों का पता लगाकर उन्हें सलाखों के पीछे पहुँचाना है।
सावधान! लुभावने वादों और टेंडर के झांसे में न आएं: अंबाला पुलिस
इस कार्रवाई के बाद अंबाला पुलिस ने आमजन से विशेष अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के बड़े टेंडर दिलाने या कम समय में लाभ दिलाने वाले लुभावने वादों में न फंसें। किसी भी प्रकार के संदिग्ध लेन-देन से पहले पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें और यदि कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
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दिल्ली द्वारका पुलिस के हत्थे चढ़ा 16 मामलों में शामिल शातिर बदमाश: जिला बदर अपराधी कट्टे के साथ गिरफ्तार, नशे के लिए करता था लूट
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ द्वारका की टीम ने रणहौला थाने के एक घोषित अपराधी (BC) और जिला बदर (Externee) बदमाश को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी की पहचान 28 वर्षीय विपिन उर्फ रिंकू उर्फ बोना के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। पकड़ा गया बदमाश पहले से ही चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट के 16 मामलों में संलिप्त रहा है।
हथियार के साथ घूम रहा था शातिर अपराधी, स्पेशल स्टाफ ने बिछाया जाल
द्वारका जिले के स्पेशल स्टाफ को अवैध हथियारों की तस्करी और अपराधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए थे। इंस्पेक्टर कमलेश कुमार के नेतृत्व वाली टीम को 31 मार्च 2026 को एक गुप्त सूचना मिली कि रणहौला क्षेत्र का एक नामी बदमाश इलाके में घूम रहा है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने द्वारका नॉर्थ क्षेत्र में जाल बिछाया और मुस्तैदी दिखाते हुए विपिन उर्फ बोना को धर दबोचा। तलाशी के दौरान उसके पास से .315 बोर का देसी कट्टा बरामद हुआ।
नशे की लत और ऐशो-आराम के लिए बना अपराधी, 16 मामलों में है शामिल
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कबूल किया कि वह ड्रग्स का आदी है और अपने नशे के खर्च व विलासी जीवनशैली की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपराध का रास्ता चुना। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह रणहौला थाने का घोषित 'बैड कैरेक्टर' (BC) है और उसे दिल्ली पुलिस द्वारा जिला बदर भी किया गया था। पांचवीं कक्षा तक पढ़ा यह आरोपी किराए के मकान में रहता था और लगातार वारदातों को अंजाम देकर कम समय में पैसा कमाने की फिराक में रहता था।
आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज, अब हथियार के स्रोत की तलाश में पुलिस
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ द्वारका नॉर्थ थाने में आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत एफआईआर नंबर 98/2026 दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी यह अवैध हथियार कहाँ से लाया था और उसका अगला निशाना कौन था। इस ऑपरेशन की सफलता के बाद द्वारका जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस टीम की सराहना की है।
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दिल्ली के सरकारी अस्पताल से 70 लाख की दवाएं चोरी करने वाला गिरोह बेनकाब: फार्मासिस्ट समेत 5 गिरफ्तार, खुले बाजार में हो रही थी सप्लाई
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सरकारी अस्पतालों से मुफ्त वितरण वाली दवाओं की बड़े पैमाने पर चोरी और अवैध बिक्री करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इंस्पेक्टर नीरज शर्मा के नेतृत्व वाली एनआर-II टीम ने इस कार्रवाई में 70 लाख रुपये मूल्य की सरकारी दवाएं बरामद की हैं। पुलिस ने इस मामले में डीडीयू (DDU) अस्पताल के एक फार्मासिस्ट और एक सहायक समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग "GOVT. SUPPLY NOT FOR SALE" मार्क वाली एंटीबायोटिक्स और क्रिटिकल केयर इंजेक्शन खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेच रहे थे।
तीस हजारी के पास से पकड़ी गई दवाओं की बड़ी खेप, कार और टेंपो भी जब्त
क्राइम ब्रांच को एसआई प्रीतम चंद के माध्यम से पुख्ता सूचना मिली थी कि सरकारी दवाओं की एक बड़ी खेप सप्लाई होने वाली है। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने 2 अप्रैल को तीस हजारी के राजेंद्र मार्केट में स्थित जय भारत ट्रांसपोर्ट पर छापा मारा। वहां से नीरज कुमार, सुशील कुमार और लक्ष्मण मुखिया को एक महिंद्रा चैंपियन टेंपो और बलेनो कार के साथ रंगे हाथों दबोचा गया। वाहनों की तलाशी लेने पर भारी मात्रा में सरकारी दवाएं बरामद हुईं, जिन्हें अवैध रूप से बाजार में खपाने की तैयारी थी।
डीडीयू अस्पताल का फार्मासिस्ट निकला मास्टरमाइंड, रिकॉर्ड में हेराफेरी कर उड़ाते थे दवाएं
पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ के बाद इस गिरोह के गहरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस ने डीडीयू अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट बिनेश कुमार और वहां के संविदा सहायक प्रकाश महतो को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि फार्मासिस्ट बिनेश अस्पताल के स्टॉक रिकॉर्ड में हेराफेरी कर दवाएं कम दिखाता था और उन्हें प्रकाश महतो के जरिए बाहर सप्लाई करवाता था। प्रकाश बिचौलिए के तौर पर काम करता था और यूपीआई (UPI) के माध्यम से वित्तीय लेनदेन संभालता था।
बरामदगी में 70 लाख की जीवन रक्षक दवाएं शामिल, 1.5 साल से चल रहा था खेल
पुलिस ने छापेमारी के दौरान सेफिक्साइम (1.18 लाख टैबलेट), एमोक्सिसिलिन, एरिथ्रोपोइटिन इंजेक्शन, मेरोपेनम और रेबीज एंटीसिरम जैसे महंगे और जरूरी इंजेक्शन बरामद किए हैं। मुख्य आरोपी नीरज कुमार, जो सहारनपुर में 'आदित्य फार्मेसी' चलाता है, पिछले डेढ़ साल से दिल्ली के सरकारी अस्पतालों से चोरी की गई इन दवाओं को विभिन्न शहरों के ब्रोकरों के माध्यम से बेच रहा था। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और उनके बैंक ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच कर रही है।
आरोपियों का प्रोफाइल: यूपी से दिल्ली तक फैला था अवैध नेटवर्क
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 53 वर्षीय नीरज कुमार (सहारनपुर) मुख्य रिसीवर है, जबकि सुशील कुमार दवाइयां ढोने का काम करता था। लक्ष्मण मुखिया दिल्ली के डीडीयू अस्पताल से ट्रांसपोर्ट हब तक दवाएं पहुंचाता था। वहीं, 54 वर्षीय बिनेश कुमार और 30 वर्षीय प्रकाश महतो अस्पताल के भीतर से स्टॉक निकालने के जिम्मेदार थे। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के पकड़े जाने से सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर लगाम लगेगी और गरीबों के हक की दवाएं उन तक पहुँच सकेंगी।
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अंबाला महेश नगर पुलिस का बोह और बब्याल में सर्च ऑपरेशन: किरायेदारों की हुई वेरिफिकेशन, बिना कागजों के 4 वाहन किए जब्त
अंबाला, 5 अप्रैल (अन्नू): अंबाला के महेश नगर थाना पुलिस ने अपराधियों पर नकेल कसने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बोह और बब्याल क्षेत्रों में एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर अमल करते हुए, थाना प्रबंधक इंस्पेक्टर जितेंद्र ढिल्लों की अगुवाई में पुलिस टीमों ने इन इलाकों में घर-घर जाकर सघन चेकिंग की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाना और क्षेत्र में शांति व्यवस्था को सुदृढ़ करना है।
बाहर से आए लोगों के दस्तावेजों की हुई गहन जांच, वेरिफिकेशन न कराने वालों को सख्त चेतावनी
सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने बोह और बब्याल में किराए पर रह रहे प्रवासियों और अन्य बाहरी व्यक्तियों के पहचान पत्रों की बारीकी से जांच की। पुलिस ने मकान मालिकों को कड़े लहजे में हिदायत दी है कि किसी भी किरायेदार को बिना पुलिस वेरिफिकेशन के कमरा न दें। इंस्पेक्टर जितेंद्र ढिल्लों ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध व्यक्ति बिना वेरिफिकेशन के पाया जाता है, तो संबंधित मकान मालिक के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिना कागजात के दौड़ रहे चार वाहन जब्त, भविष्य में भी जारी रहेगी पुलिस की सख्ती
चेकिंग अभियान के दौरान सड़क पर दौड़ रहे संदिग्ध वाहनों पर भी पुलिस की पैनी नजर रही। इस दौरान तीन मोटरसाइकिलें और एक एक्टिवा ऐसी पाई गईं, जिनके पास न तो वैध दस्तावेज थे और न ही उन पर नंबर प्लेट लगी थी। पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने पर इन चारों वाहनों को तुरंत कब्जे में लेकर जब्त कर लिया है। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बिना कागजों के वाहन चलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
जनता से सहयोग की अपील, संदिग्धों की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह
थाना प्रबंधक ने बताया कि महेश नगर पुलिस द्वारा इस तरह की कार्रवाई पहले भी की गई है और आने वाले दिनों में भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे समाज में सुरक्षा का वातावरण बनाए रखने के लिए पुलिस का साथ दें। यदि कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति दिखाई दे, तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को उपलब्ध कराएं ताकि समय रहते किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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बहादुरगढ़: शिशु तस्करी मामले में पंजाब के दंपति की गिरफ्तारी; मुख्य सरगना अब भी फरार, पुलिस ने बिछाया जाल
जे कुमार बहादुरगढ़, 5 अप्रैल 2026: हरियाणा के बहादुरगढ़ में पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय शिशु तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पंजाब के एक दंपति को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें पुलिस की विशेष टीम ने जाल बिछाकर आरोपियों को उस समय धर दबोचा जब वे एक नवजात शिशु का सौदा करने की फिराक में थे। पुलिस ने दंपति के कब्जे से एक मासूम बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया है, जिसे फिलहाल बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया है।
अस्पतालों और गरीब परिवारों पर थी नजर: प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किया गया दंपति पिछले काफी समय से इस अवैध धंधे में संलिप्त था। यह गिरोह मुख्य रूप से सरकारी अस्पतालों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निशाना बनाता था। वहां से बच्चों को बहला-फुसलाकर या कम पैसों का लालच देकर खरीदा जाता था और फिर बड़े शहरों में ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने तस्करी के कई अन्य मामलों में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
मुख्य सरगना की तलाश जारी: हालांकि, इस पूरे गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस के अनुसार, फरार सरगना ही इन सौदों की पूरी रूपरेखा तैयार करता था और खरीदारों से संपर्क साधता था। बहादुरगढ़ पुलिस ने पंजाब और दिल्ली की सीमा पर कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस को उम्मीद है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद तस्करी के इस बड़े नेटवर्क की सभी कड़ियां सुलझ जाएंगी।
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अम्बाला महेश नगर में सेंधमारी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश: चोरी के गहने खरीदने वाले सहित 3 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
अम्बाला, 4 अप्रैल (अन्नू): अम्बाला के महेश नगर थाना पुलिस ने घर में घुसकर चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह को पकड़ने में बड़ी सफलता प्राप्त की है। पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने न केवल मुख्य चोरों को दबोचा, बल्कि चोरी का सामान खरीदने वाले सुनार/खरीदार को भी सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण और एक LED टीवी बरामद किया गया है।
क्या था पूरा मामला? चोरी की यह वारदात 27-28 मार्च की दरमियानी रात को समता विहार इलाके में हुई थी। पीड़ित राघव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जब उनका परिवार सो रहा था या घर से बाहर था, तब अज्ञात सेंधमारों ने उनके घर से नकदी और कीमती जेवरात उड़ा लिए थे। शिकायत मिलते ही महेश नगर पुलिस ने प्रदीप कुमार और उसके साथियों के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन तेज कर दी थी।
योजनाबद्ध तरीके से देते थे वारदात को अंजाम जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से मुख्य आरोपी प्रदीप कुमार और उसके साथी अमन कुमार (दोनों निवासी सलारहेड) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये दोनों पेशेवर तरीके से काम करते थे; एक आरोपी घर के भीतर जाकर सामान समेटता था, जबकि दूसरा बाहर रहकर रेकी (निगरानी) करता था ताकि पकड़े जाने का खतरा न रहे।
माल खरीदने वाला भी नहीं बचा पुलिस ने इस मामले में कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए तीसरे आरोपी सूरज (निवासी एकता विहार) को भी धर दबोचा। सूरज पर आरोप है कि उसने चोरी के जेवरात खरीदे थे। पुलिस ने रिमांड के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किया गया सारा कीमती सामान बरामद कर लिया है।
न्यायिक कार्रवाई अमन कुमार को पहले ही जेल भेजा जा चुका था, वहीं आज रिमांड खत्म होने पर मुख्य आरोपी प्रदीप और माल खरीदने वाले सूरज को भी अदालत में पेश किया गया। माननीय न्यायालय ने दोनों को न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेजने के आदेश दिए हैं।
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अम्बाला: थाना पड़ाव पुलिस ने सुलझाई चोरी की गुत्थी, शटरिंग प्लेटें और टायर बरामद
अम्बाला, 4 अप्रैल (अन्नू): अम्बाला जिला पुलिस ने चोरी की वारदातों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक और सफलता हासिल की है। थाना पड़ाव पुलिस की एक टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए मछौण्डा स्थित एसटीपी प्लांट के पास से शटरिंग प्लेटें और टायर चोरी करने के मामले का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लेकर उनके पास से चोरी किया गया सारा सामान बरामद कर लिया है।
घटना के अनुसार, मछौण्डा गांव के निवासी जसवंत सिंह ने 2 अप्रैल 2026 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि एसटीपी प्लांट के पास से अज्ञात चोरों ने शटरिंग की प्लेटें और रिम सहित टायर चोरी कर लिए हैं। शिकायत मिलते ही थाना पड़ाव पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट्स और गुप्त सूचनाओं का सहारा लिया। सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर थाना पड़ाव क्षेत्र से ही दो संदिग्धों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान दलीपगढ़ निवासी नरेंद्र सिंह और गोलू उर्फ राहुल के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से चोरीशुदा शटरिंग प्लेटें और टायर बरामद कर लिए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से माननीय न्यायालय के आदेश पर उन्हें न्यायिक हिरासत (जेल) भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ये आरोपी क्षेत्र में हुई अन्य चोरी की वारदातों में भी शामिल थे।
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03/04/26 |
सड़क सुरक्षा की ओर अम्बाला पुलिस का अनूठा कदम; 47 स्थानों पर मेगा हेलमेट अभियान, 786 चालान और सम्मान का संगम
जे कुमार अम्बाला, 3 अप्रैल 2026: सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली 'हेड इंजरी' और मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से अम्बाला पुलिस ने एक बड़ी व संवेदनशील पहल की है। पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत (IPS) के कुशल निर्देशन में गुरुवार, 2 अप्रैल को पूरे जिले में एक साथ 'मेगा हेलमेट चेकिंग एवं जागरूकता अभियान' चलाया गया। इस अभियान की विशेषता यह रही कि पुलिस ने केवल दंडात्मक कार्रवाई ही नहीं की, बल्कि सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर नागरिकों को जीवन की सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया।
फूलों से सम्मान और चालान की कार्रवाई: जिले के 47 मुख्य नाकों और संवेदनशील स्थानों पर दोपहर 03:00 से शाम 06:00 बजे तक चले इस अभियान के दौरान एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। हेलमेट पहनकर वाहन चलाने वाले जिम्मेदार नागरिकों को पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने फूल भेंट कर प्रोत्साहित किया। वहीं, सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले राइडर्स के खिलाफ सख्ती बरतते हुए 786 चालान भी किए गए। डीएसपी अम्बाला जगबीर सिंह ने बताया कि इस मुहिम में जिले के सभी डीएसपी और एसएचओ ने मोर्चा संभाला, जिससे यह अभियान एक जन-आंदोलन में तब्दील हो गया।
सिर की चोट को रोकना मुख्य लक्ष्य: पुलिस अधीक्षक ने इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में अधिकांश मौतें सिर में गंभीर चोट लगने के कारण होती हैं। शरीर के अन्य अंगों की चोट का उपचार संभव है, लेकिन सिर की चोट अक्सर जानलेवा साबित होती है। इसी जोखिम को शून्य करने के लिए 'घर से निकलते ही हेलमेट' के संदेश को घर-घर पहुँचाया जा रहा है।
सामाजिक संस्थाओं का मिला भरपूर सहयोग: इस जिला स्तरीय अभियान को सफल बनाने में भारत विकास परिषद्, सनातन मंच सेवा सभा, श्री हरि सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट, गुड मॉर्निंग क्लब, कदम फाउंडेशन और इद्रीश फाउंडेशन ने कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग किया। सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य राकेश मक्कड़ और नेहा परवीन ने भी मौके पर मौजूद रहकर वाहन चालकों को सुरक्षा मानकों के प्रति प्रेरित किया। अम्बाला पुलिस का यह मानवीय और अनुशासनात्मक कदम जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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दिल्ली: बुजुर्गों के घर कब्जाने वाले गिरोह का सदस्य गिरफ्तार, वसंत विहार मामले में था भगोड़ा
नई दिल्ली, 2 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 'लैंड ग्रैबर' (जमीन कब्जाने वाले) गिरोह के एक सक्रिय सदस्य और घोषित अपराधी (PO) को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी बुजुर्गों को निशाना बनाकर उनके घरों पर कब्जा करने वाले गिरोह का हिस्सा है।
कोर्ट परिसर के पास से हुई गिरफ्तारी
डीसीपी (क्राइम-II) संजीव कुमार यादव के अनुसार, वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत 30 मार्च 2026 को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर एसआई संजय कुमार, एसआई अंकुर और उनकी टीम ने पटियाला हाउस कोर्ट के पास जाल बिछाया। दोपहर करीब 1 बजे, टीम ने 51 वर्षीय अमित सागर को कोर्ट लॉक-अप के पास से दबोच लिया। अमित सागर मूल रूप से गाजियाबाद (यूपी) का रहने वाला है और वसंत विहार थाने में दर्ज साल 2016 के एक मामले में 25 फरवरी 2026 को भगोड़ा घोषित किया गया था।
90 साल के बुजुर्ग के साथ की थी मारपीट
पूछताछ के दौरान आरोपी अमित सागर ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह संदीप भास्कर के नेतृत्व वाले एक खतरनाक 'लैंड ग्रैबिंग गैंग' का सदस्य है। साल 2016 में अमित और उसके साथियों ने वसंत विहार में रहने वाले एक 90 वर्षीय बुजुर्ग के घर में जबरन घुसकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की थी। इस हमले का मुख्य मकसद बुजुर्ग को डरा-धमकाकर उनकी बेशकीमती संपत्ति पर कब्जा करना था।
नौकर और केयरटेकर बनकर की गद्दारी
आरोपी का प्रोफाइल खंगालने पर पता चला कि वह और उसका सरगना पीड़ित बुजुर्ग के घर में ही काम करते थे। वारदात के समय अमित सागर बुजुर्ग का ड्राइवर था, जबकि गिरोह का सरगना संदीप भास्कर वहां केयरटेकर के रूप में तैनात था। इन्होंने भरोसे का फायदा उठाकर घर कब्जाने की साजिश रची थी। अमित के सहयोगी संदीप भास्कर और जगत सिंह को भी मौके पर पकड़ा गया था, लेकिन बाद में वे अदालत की कार्यवाही से बचकर फरार हो गए थे।
अमित सागर केवल 11वीं कक्षा तक पढ़ा है और फिलहाल कपड़ों पर प्रिंटिंग का काम कर रहा था। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है।
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साइबर फ्रॉड होते ही डायल करें 1930: अम्बाला बस स्टैंड पर पुलिस ने चलाया विशेष जागरूकता अभियान
अम्बाला, 2 अप्रैल (अन्नू): आमजन को साइबर ठगों के जाल से बचाने के लिए अम्बाला पुलिस लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में 1 अप्रैल 2026 को अम्बाला शहर के बस स्टैंड पर 'राहगीरी कार्यक्रम' के तहत एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। साइबर पुलिस की टीम ने बस स्टैंड पर मौजूद यात्रियों और राहगीरों को वर्तमान में बढ़ रहे ऑनलाइन अपराधों के प्रति सचेत किया।
इन बातों का रखें खास ख्याल कार्यक्रम के दौरान साइबर सेल के उप-निरीक्षक फकीर चंद और महिला सिपाही रेणू ने लोगों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपने बैंक खाते, क्रेडिट या डेबिट कार्ड की जानकारी साझा न करें। व्हाट्सएप पर आने वाले संदिग्ध लिंक को न खोलें और अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स (फेसबुक, व्हाट्सएप) के पासवर्ड समय-समय पर बदलते रहें।
डिजिटल अरेस्ट और फर्जी बुकिंग से बचें पुलिस टीम ने चेतावनी दी कि आजकल ठग पुलिस की वर्दी पहनकर वीडियो कॉल करते हैं और 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर डराते हैं, इनसे डरने की जरूरत नहीं है। साथ ही, चार धाम यात्रा के नाम पर हेलीकॉप्टर और होटल की ऑनलाइन बुकिंग करने वाले फर्जी विज्ञापनों से भी सावधान रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति की वीडियो कॉल न उठाएं और लालच में आकर ऑनलाइन सस्ता सामान खरीदने से बचें।
ठगी होने पर तुरंत करें यह काम अम्बाला पुलिस का कहना है कि सतर्कता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे बिना देरी किए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करनी चाहिए या सरकार के पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते पैसे ब्लॉक किए जा सकें और कार्रवाई हो सके।
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दिल्ली: डाबरी में अवैध गैस रिफिलिंग गिरोह का भंडाफोड़, क्राइम ब्रांच ने 17 सिलेंडर जब्त कर दुकानदार को दबोचा
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (अन्नू): नई दिल्ली की क्राइम ब्रांच (WR-I) ने एक गुप्त सूचना के आधार पर दिल्ली के डाबरी इलाके में छापेमारी कर घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण और रिफिलिंग के एक बड़े कारोबार का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने विभिन्न कंपनियों के 17 एलपीजी सिलेंडर बरामद किए हैं। आरोपी दुकानदार घरेलू सिलेंडरों से गैस चोरी कर उसे 200 रुपये प्रति किलो की महंगी दर पर अवैध रूप से रिफिल कर बेच रहा था।
बाजार में मंदी का फायदा उठाने की कोशिश
डीसीपी (क्राइम ब्रांच) हर्ष इंदोरा के अनुसार, बाजार में एलपीजी की कथित कमी की आशंकाओं के बीच जमाखोरों पर नकेल कसने के लिए इंस्पेक्टर अनिल मलिक के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम को सूचना मिली थी कि डाबरी के सीतापुरी इलाके में एक दुकानदार अवैध रूप से गैस की कालाबाजारी कर रहा है। पुलिस ने जब सीतापुरी स्थित दुकान पर छापा मारा, तो वहां 61 वर्षीय मोहन लाल गर्ग को अवैध रूप से सिलेंडर रिफिल करते हुए पाया गया।
मौके पर पहुंची खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम
छापेमारी के दौरान मौके पर भारत पेट्रोलियम के 5, हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 5 और इंडेन गैस के 7 सिलेंडर बरामद हुए। पुलिस ने तुरंत खाद्य आपूर्ति अधिकारी (FSO) हरजीत कौर को सूचित किया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर नियमों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की। आरोपी मोहन लाल गर्ग के खिलाफ डाबरी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
शातिर तरीके से चलता था कालाबाजारी का खेल
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपनी दुकान की आड़ में इन सिलेंडरों को छिपाकर रखता था ताकि जांच एजेंसियों को भनक न लगे। वह सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर गैस को 200 रुपये प्रति किलो के ऊंचे दाम पर बेचकर अवैध लाभ कमा रहा था। आरोपी केवल 10वीं तक पढ़ा है और सीतापुरी का ही रहने वाला है।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि आम जनता को उचित दामों पर संसाधन उपलब्ध हो सकें।
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'ऑपरेशन कवच 13.0': दिल्ली पुलिस का नशे और संगठित अपराध पर बड़ा प्रहार; 48 घंटों में 3200 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (अन्नू): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नशामुक्त भारत' के विजन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत दिल्ली पुलिस ने 'ऑपरेशन कवच 13.0' के तहत एक बड़ा अभियान चलाया। दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा के नेतृत्व में चली इस मुहिम के दौरान पिछले 48 घंटों (29 मार्च शाम 6 बजे से 31 मार्च शाम 6 बजे तक) में पूरी दिल्ली में अपराधियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई।
ऑपरेशन की मुख्य उपलब्धियां:
दिल्ली के सभी 15 जिलों, क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल की 1042 टीमों ने कुल 3211 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के परिणाम इस प्रकार रहे:
नशा तस्करी (NDPS Act): कुल 229 मामले दर्ज किए गए और 267 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 100 किलो गांजा, 1.170 किलो कोकीन, 260 ग्राम हेरोइन और भारी मात्रा में नशीली गोलियां व इंजेक्शन बरामद किए गए।
अवैध शराब (Excise Act): आबकारी अधिनियम के तहत 416 मामले दर्ज कर 429 लोगों को पकड़ा गया। पुलिस ने 77,271 क्वार्टर अवैध शराब और भारी मात्रा में बीयर जब्त की। सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने के आरोप में 2993 लोग गिरफ्तार किए गए।
अवैध हथियार (Arms Act): 254 मामलों में 259 आरोपी गिरफ्तार हुए। इनके पास से 19 पिस्तौल, 42 देसी कट्टे, 79 कारतूस और 191 चाकू बरामद किए गए।
जुआ और वाहन चोरी: जुआ अधिनियम के तहत 528 लोग पकड़े गए और 10 लाख रुपये से अधिक कैश बरामद हुआ। साथ ही 59 घोषित अपराधी (PO) और 42 वाहन चोरों को भी सलाखों के पीछे भेजा गया।
बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां:
मेहरौली में कोकीन की बड़ी खेप: क्राइम ब्रांच ने मेहरौली के इस्लाम कॉलोनी से एक नाइजीरियाई नागरिक, जॉन चिबुइके को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 1.031 किलो कोकीन बरामद हुई।
नरेला में स्मैक तस्कर: बाहरी उत्तरी जिले की पुलिस ने रियाज और रियाज आलम नामक दो तस्करों को पकड़कर उनके पास से करीब 283 ग्राम स्मैक जब्त की।
नशामुक्ति केंद्र का कर्मचारी गिरफ्तार: शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन के पास से विक्रम नामक व्यक्ति को पकड़ा गया, जो पहले एक नशामुक्ति केंद्र में काम करता था। उसके पास से कमर्शियल मात्रा में बुप्रेनोरफिन (नशीली दवा) मिली।लेडी डॉन 'मुस्कान' गिरफ्तार: मंगोलपुरी की कुख्यात अपराधी मुस्कान को 100 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया।
जमीनी प्रभाव और पुलिस की रणनीति
स्पेशल सीपी (क्राइम) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि 'ऑपरेशन कवच' के लगातार प्रहार से ड्रग माफियाओं में खौफ पैदा हुआ है। अब बड़े तस्कर दिल्ली के बजाय नोएडा और आसपास के इलाकों में गोदाम बना रहे हैं। पुलिस ने यह भी पाया कि अब तस्कर पकड़े जाने से बचने के लिए महिलाओं और बच्चों का सहारा ले रहे हैं ताकि वे एक सामान्य परिवार की तरह दिखें।
दिल्ली पुलिस ने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। 'ऑपरेशन कवच' का मुख्य उद्देश्य समाज की आने वाली पीढ़ी को इस जहर से बचाना है।
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दिल्ली पुलिस की बड़ी सफलता: दक्षिण-पश्चिम जिले में आबकारी अधिनियम सहित विभिन्न मामलों के 4 भगोड़े गिरफ्तार
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस के दक्षिण-पश्चिम जिले की पुलिस टीमों ने एक विशेष अभियान के तहत चार 'घोषित अपराधियों' (Proclaimed Offenders/Absconders) को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए आरोपी पॉक्सो एक्ट (POCSO), दिल्ली आबकारी अधिनियम, मारपीट और चेक बाउंस जैसे गंभीर मामलों में अदालतों द्वारा भगोड़े घोषित किए जा चुके थे।
पुलिस टीमों की रणनीतिक कार्रवाई
डीसीपी (दक्षिण-पश्चिम) अमित गोयल के निर्देशन में सफदरजंग एन्क्लेव, पालम विलेज और वसंत विहार थानों की समर्पित टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों ने ई-प्रिजन पोर्टल, तकनीकी निगरानी (Technical Surveillance) और स्थानीय मुखबिरों की मदद से इन अपराधियों का पीछा किया।
गिरफ्तार किए गए अपराधियों का विवरण:
1. जितेंद्र निगम (31 वर्ष):
मामला: दिल्ली आबकारी अधिनियम (Excise Act)।
विवरण: सफदरजंग अस्पताल चौकी की टीम ने तकनीकी सुरागों के आधार पर जितेंद्र को गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर-1 से दबोचा। आरोपी को 9 मार्च 2026 को अदालत ने भगोड़ा घोषित किया था। वह पहले भी लूट और आबकारी अधिनियम के दो मामलों में शामिल रहा है।
2. वंदना खेत्रपाल (38 वर्ष):
मामला: मारपीट और गलत तरीके से रोकने की धाराएं (IPC 323/341)।
विवरण: पालम विलेज थाने की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर वंदना को गिरफ्तार किया। आरोपी महिला 18 मार्च 2025 से फरार चल रही थी और अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया था।3. प्रदीप (32 वर्ष):
मामला: अपहरण, बलात्कार और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act)।
विवरण: प्रदीप पर नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न जैसे संगीन आरोप हैं। पालम विलेज पुलिस की टीम ने लगातार निगरानी रखते हुए फरीदाबाद निवासी इस आरोपी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया।4. सुबोध कुमार (45 वर्ष):
मामला: चेक बाउंस (NI Act की धारा 138)।
विवरण: वसंत विहार थाने की टीम ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में छापेमारी कर सुबोध को गिरफ्तार किया। सुबोध साकेत कोर्ट के कुल 6 अलग-अलग चेक बाउंस मामलों में 20 दिसंबर 2024 से वांछित था।
पुलिस के अनुसार, कानून की प्रक्रिया से बचने वाले अन्य अपराधियों और पैरोल जंपर्स की धरपकड़ के लिए अभियान अभी जारी है।
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'मुखिया गैंग' का सरगना गिरफ्तार: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने करोड़ों की चोरी करने वाले वांटेड अपराधी को दबोचा
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (अन्नू): नई दिल्ली की 'एंटी गैंगस्टर स्क्वाड' (AGS) क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात 'मुखिया गैंग' के मास्टरमाइंड राहुल उर्फ राजू मुखिया को गिरफ्तार कर लिया है। 38 वर्षीय राहुल, जो मूल रूप से बिहार के मधुबनी का निवासी है, दिल्ली और हरियाणा के कई मामलों में भगोड़ा (PO) घोषित था। उसकी गिरफ्तारी द्वारका के नागली इलाके से एक विशेष जाल बिछाकर की गई है।
नौकर बनकर देते थे वारदात को अंजाम
मुखिया गैंग की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) बेहद शातिर थी। यह गैंग प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए संपन्न परिवारों से संपर्क करता था। गैंग के पुरुष और महिला सदस्य सुनियोजित तरीके से उन घरों में नौकर या मेड के रूप में काम शुरू करते थे। परिवार का भरोसा जीतने के बाद, ये घर के सदस्यों की गतिविधियों और कीमती सामान (कैश और ज्वेलरी) के ठिकानों की पूरी जानकारी अपने सरगना को देते थे। मौका मिलते ही गैंग के अन्य सदस्य घर में घुसकर बड़ी चोरी या लूट को अंजाम देते थे।
नशीला पदार्थ खिलाकर की करोड़ों की चोरी
राहुल मुखिया के खिलाफ दिल्ली और गुरुग्राम में कई गंभीर मामले दर्ज हैं:
गुरुग्राम (2014): डीएलएफ फेज-2 में एक महिला को चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश किया और करीब 1 करोड़ रुपये के जेवरात व नकदी पर हाथ साफ कर दिया।
राजौरी गार्डन (2016): एक डॉक्टर के घर में नौकर बनकर घुसे और परिवार के बाहर जाते ही करीब 25-30 लाख रुपये की चोरी की।
इसके अलावा कालकाजी और ग्रेटर कैलाश के इलाकों में भी इसके खिलाफ मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तारी और प्रोफाइल
डीसीपी (क्राइम ब्रांच) हर्ष इंदोरा के निर्देशन और एसीपी भगवती प्रसाद की देखरेख में इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार की टीम ने इस अपराधी को ट्रैक किया। राहुल केवल 5वीं कक्षा तक पढ़ा है, लेकिन उसने देशभर में घरेलू सहायकों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार कर लिया था। वह पहले भी गिरफ्तार हो चुका है, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद वह कभी अदालत में पेश नहीं हुआ, जिसके बाद उसे 'घोषित अपराधी' करार दिया गया था।
पुलिस अब राहुल से पूछताछ कर रही है ताकि उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी किए गए माल की बरामदगी की जा सके।
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अम्बाला: मां-बेटे समेत चार नशा तस्कर 34 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार; नशे की कमाई से बना अवैध मकान ढहाएगी पुलिस
जे कुमार बराड़ा (अम्बाला), 1 अप्रैल 2026: नशे के सौदागरों के खिलाफ अम्बाला पुलिस ने एक और बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। थाना बराड़ा पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर मां-बेटे सहित कुल चार नशा तस्करों को 34 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तस्करी में प्रयुक्त एक कार, एक मोटरसाइकिल और ड्रग मनी भी बरामद की है। डीएसपी बराड़ा सुरेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि नशे की काली कमाई से अर्जित संपत्ति को सीज किया जाएगा और आरोपियों के अवैध निर्माणों पर प्रशासन का 'पीला पंजा' चलेगा।
पंडित ढाबा के पास नाकाबंदी कर दबोचे तस्कर: डीएसपी सुरेश कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि उप-निरीक्षक रणबीर सिंह और एएसआई नसीब सिंह की टीम को सूचना मिली थी कि आरोपी दोसड़का की तरफ से गाड़ी में नशे की खेप लेकर बराड़ा की ओर आ रहे हैं। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पंडित ढाबा के पास नाकाबंदी की और घर पहुँचने से पहले ही आरोपियों को धर दबोचा। गाड़ी सवार तीनों आरोपियों की पहचान सलमान उर्फ माडू, नसीम उर्फ घुग्गी (निवासी बराड़ा) और उनकी माता के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान इनके कब्जे से 34 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
नेटवर्क का खुलासा और ड्रग मनी बरामद: पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने यह नशा गांव थम्बड़ निवासी राजदीप से खरीदा था। पुलिस ने तत्काल दबिश देकर राजदीप को भी एक बाइक और 9,000 रुपये ड्रग मनी सहित काबू कर लिया। जांच में सामने आया है कि नसीम उर्फ घुग्गी पहले भी नशा तस्करी के मामले में वांछित था, जबकि सलमान के खिलाफ मारपीट के मामले दर्ज हैं।
संपत्ति होगी सीज, चलेगा बुलडोजर: पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। डीएसपी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि नशे के व्यापार से बनाई गई संपत्ति को सीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उनके द्वारा बनाए गए अवैध मकानों को जल्द ही ढहाया जाएगा। फिलहाल, सलमान और आरोपी महिला को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी नसीम और राजदीप को पुलिस रिमांड पर लिया गया है ताकि इस गिरोह के मुख्य सप्लायरों तक पहुँचा जा सके।
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नारायणगढ़: लिफ्ट देने के बहाने महिला से लूट करने वाले दो शातिर आरोपी गिरफ्तार; वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद
जे कुमार नारायणगढ़ (अम्बाला), 1 अप्रैल 2026: अम्बाला पुलिस की सीआईए नारायणगढ़ टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए उन दो शातिर लुटेरों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, जिन्होंने एक बुजुर्ग महिला को सहायता का झांसा देकर लूट का शिकार बनाया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली है और अब लूटे गए गहनों की बरामदगी के प्रयास तेज कर दिए हैं।
दवाई लेकर लौट रही महिला को बनाया निशाना: वारदात का विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि गत 25 मार्च 2026 को गांव नगला राजपूतान निवासी कुलदीप सिंह ने थाना नारायणगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी माता गांव डेहर अमली से दवाई लेकर पैदल घर लौट रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार दो युवकों ने उन्हें घर छोड़ने का झांसा देकर अपनी बाइक पर बैठा लिया। आरोपी महिला को उनके गंतव्य पर ले जाने के बजाय गांव बेर खेड़ी के पास एक सुनसान स्थान पर ले गए, जहाँ उन्होंने डरा-धमकाकर महिला से सोने की बालियां और नकदी लूट ली और मौके से फरार हो गए।
घेराबंदी कर हरियाली ढाबा के पास से दबोचे आरोपी: मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईए नारायणगढ़ के सहायक उप-निरीक्षक (ASI) सुनील कुमार और उनकी टीम ने तकनीकी संसाधनों व गुप्त सूचना तंत्र को सक्रिय किया। सटीक जानकारी के आधार पर टीम ने काला अम्ब रोड स्थित हरियाली ढाबा के पास नाकाबंदी कर घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान विशाल कुमार (निवासी गांव कुराली) और कमल कुमार (निवासी बरखेड़ी, नारायणगढ़) के रूप में हुई है।
पुलिस रिमांड पर आरोपी, जांच जारी: पुलिस ने दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया है। रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से लूटी गई सोने की बालियां और नकदी बरामद की जाएगी। पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि क्या इन आरोपियों ने आसपास के क्षेत्रों में इस तरह की अन्य वारदातों को भी अंजाम दिया है। अम्बाला पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अनजान व्यक्तियों से लिफ्ट लेते समय सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत डायल-112 पर दें।
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अम्बाला: 13 ग्राम हेरोइन तस्करी मामले में चौथी बड़ी गिरफ्तारी; लालकुर्ती का संदीप उर्फ काचु पुलिस की गिरफ्त में
जे कुमार अम्बाला छावनी, 1 अप्रैल 2026: नशा तस्करों के खिलाफ अम्बाला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स सेल (ANC) को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। थाना महेश नगर में दर्ज 13 ग्राम हेरोइन तस्करी के मामले में पुलिस ने चौथे आरोपी संदीप उर्फ काचु (निवासी लालकुर्ती, अम्बाला छावनी) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ते हुए अब मुख्य सरगनाओं तक पहुँचने की तैयारी में है।
तस्करी नेटवर्क का ऐसे हुआ भंडाफोड़: इस पूरी कार्रवाई की नींव 5 मार्च 2026 को पड़ी थी, जब एएनसी की टीम ने बब्याल के श्मशान घाट के पास से दयाल बाग निवासी राहुल को 13 ग्राम हेरोइन के साथ रंगे हाथों दबोचा था। राहुल से हुई गहन पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने इस नशे के कारोबार से जुड़े अन्य किरदारों को बेनकाब करना शुरू किया। इसी कड़ी में पहले आशीष उर्फ अंडा और फिर अमन उर्फ पौधा की गिरफ्तारी हुई।
रिमांड के दौरान हुआ खुलासा: गिरफ्तार किए गए आरोपी अमन उर्फ पौधा ने पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में कुबूल किया कि इस तस्करी नेटवर्क में लालकुर्ती निवासी संदीप उर्फ काचु की भी अहम भूमिका है। इसी पुख्ता सूचना के आधार पर एएनसी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और 30 मार्च 2026 को आरोपी संदीप को थाना बलदेव नगर क्षेत्र से सफलतापूर्वक काबू कर लिया।
रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ: पुलिस अब तक इस मामले में राहुल, आशीष, अमन और संदीप सहित कुल चार आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुँचा चुकी है। आरोपी संदीप उर्फ काचु को माननीय न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि यह गिरोह हेरोइन कहाँ से लाता था और अम्बाला छावनी के किन-किन क्षेत्रों में इसकी सप्लाई की जाती थी। अम्बाला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के इस अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान जारी रहेगा।
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दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने बरामद किए 16 लाख के 75 चोरी हुए मोबाइल, मालिकों को लौटाए
नई दिल्ली, 31 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए तकनीकी सर्विलांस और जमीनी जाँच के जरिए 75 गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स की कुल कीमत लगभग 16 लाख रुपये आंकी गई है। इन फोनों को ट्रेस करने के बाद, क्राइम ब्रांच ने एक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर इनके असली मालिकों को सुरक्षित सौंप दिया। अपनी खोई हुई अमानत वापस पाकर लोगों ने दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी और कार्यप्रणाली की जमकर तारीफ की।
इस सफल ऑपरेशन को क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज (कमला मार्केट) और एईकेसी (सनलाइट कॉलोनी) की टीमों ने मिलकर अंजाम दिया। एसीपी पंकज अरोड़ा की देखरेख में चली इस मुहिम के तहत कुल 75 फोन बरामद हुए, जिनमें से 65 फोन सेंट्रल रेंज और 10 फोन एईकेसी टीम द्वारा खोजे गए। पुलिस ने आईएमईआई (IMEI) डेटा के विश्लेषण और तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए इन फोनों को विभिन्न स्थानों से ट्रैक किया। इस पूरी प्रक्रिया में हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार, अंकुर कुमार, जय सिंह, मनीष यादव और सुक्रम की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
30 मार्च 2026 को आयोजित वितरण कार्यक्रम के दौरान, सभी बरामद मोबाइल फोन उनके मालिकों को उचित सत्यापन के बाद सौंप दिए गए। डीसीपी (क्राइम ब्रांच) संजीव कुमार यादव ने बताया कि यह पहल नागरिकों की सहायता और अपराध नियंत्रण के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से न केवल जनता का पुलिस पर विश्वास बढ़ता है, बल्कि यह विभाग की तकनीकी दक्षता को भी साबित करता है।
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दिल्ली पुलिस ने दबोचा शातिर स्नैचर, चोरी की स्कूटी और छीना हुआ मोबाइल बरामद
नई दिल्ली, 31 मार्च (अन्नू): सेंट्रल दिल्ली की दरियागंज थाना पुलिस ने एक बेहद शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो इलाके में स्नैचिंग और वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से छीना हुआ मोबाइल फोन और चोरी की गई एक स्कूटी बरामद की है। पकड़े गए आरोपी की पहचान तुर्कमान गेट निवासी 29 वर्षीय मोहम्मद फैजान उर्फ आमिर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इस गिरफ्तारी से स्नैचिंग के दो और वाहन चोरी का एक मामला सुलझ गया है।
घटनाक्रम की शुरुआत 27 मार्च 2026 को हुई, जब पुलिस को फोन छीनने की कोशिश की एक सूचना मिली। मौके पर पहुँचने पर पुलिस को एक बिना नंबर वाली स्कूटी लावारिस हालत में मिली, जिसे छोड़कर आरोपी फरार हो गया था। जाँच के दौरान पता चला कि यह स्कूटी 22 मार्च को कमला मार्केट इलाके से चोरी हुई थी। जब पुलिस ने चोरी वाली जगह के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो उसमें फैजान की पहचान हुई। इसी बीच, एक अन्य व्यक्ति ने भी शिकायत दर्ज कराई कि उसी सुबह एनएस मार्ग पर उससे मोबाइल छीना गया था, जिसमें उसने फैजान को ही आरोपी के रूप में पहचाना।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दरियागंज थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपी का पीछा किया। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुर्कमान गेट मार्केट के पास जाल बिछाया और फैजान को उस समय धर दबोचा जब वह छीना हुआ मोबाइल बेचने की फिराक में घूम रहा था। तलाशी के दौरान उसकी जेब से लूटा गया फोन बरामद कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने कमला मार्केट से स्कूटी चुराई थी और उसी का इस्तेमाल कर वह मोबाइल छीनने की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, फैजान कोई मामूली अपराधी नहीं है; वह पहले भी लूट, चोरी, आर्म्स एक्ट और ड्रग्स से जुड़े करीब 17 आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने हाल के दिनों में और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
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दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी: करोल बाग में ₹18.5 लाख की चोरी का मामला 24 घंटे में सुलझा, दो आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली, 31 मार्च (अन्नू): देश की राजधानी दिल्ली के व्यस्ततम व्यापारिक क्षेत्र करोल बाग में हुई ₹18.5 लाख की बड़ी चोरी की गुत्थी को दिल्ली पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की करोल बाग थाना पुलिस ने इस मामले में दो शातिर चोरों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी की गई राशि में से ₹13.50 लाख बरामद कर लिए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 25 वर्षीय दीपक उर्फ दीपू और 23 वर्षीय सनी उर्फ उंगली काऊ के रूप में हुई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी की मदद से इस पूरी वारदात का खुलासा किया है।
घटना 24 मार्च 2026 की है, जब शिकायतकर्ता अपने मालिक से ₹18.50 लाख लेकर गफ्फार मार्केट में एक दुकानदार को देने जा रहा था। वह मोटरसाइकिल पर सवार था और कैश उसके कंधे पर लटके बैग में था। मार्केट पहुँचने पर उसे पता चला कि उसके बैग की चेन खुली हुई है और सारा कैश गायब है। इस संबंध में अगले दिन करोल बाग थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस टीम ने जब विष्णु मंदिर मार्ग से लेकर गफ्फार मार्केट तक के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, तो दो संदिग्ध युवक शिकायतकर्ता का पीछा करते और भीड़ का फायदा उठाकर बड़ी सफाई से बैग की ज़िप खोलते हुए दिखाई दिए।
जाँच के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर 27 मार्च को दोनों आरोपियों को पहाड़गंज इलाके से दबोच लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने शिकायतकर्ता को बड़ी रकम ले जाते हुए भांप लिया था और पेशेवर 'पिकपॉकेटिंग' तकनीक का इस्तेमाल कर भीड़भाड़ वाले इलाके में वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी दीपक के घर से ₹13.50 लाख की नकदी बरामद की है। जाँच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वे पहले भी चोरी व झपटमारी के कई मामलों में शामिल रहे हैं।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, ये आरोपी भीड़भाड़ वाले बाजारों में ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे जिनके पास बैग होते थे। भारी भीड़ और ट्रैफिक का लाभ उठाकर ये इतनी खामोशी से बैग की चेन खोलकर कीमती सामान निकाल लेते थे कि पीड़ित को भनक तक नहीं लगती थी। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि चोरी की शेष राशि बरामद की जा सके और उनके द्वारा की गई अन्य वारदातों का पता लगाया जा सके।
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अंबाला: 'पुलिस की पाठशाला' के जरिए महिलाओं को सुरक्षा और साइबर अपराध के प्रति किया गया जागरूक
अंबाला, 31 मार्च (अन्नू): अंबाला पुलिस द्वारा महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आमजन को जागरूक करने के लिए चलाया जा रहा विशेष अभियान 'पुलिस की पाठशाला' लगातार जारी है। इसी क्रम में अंबाला शहर के सारवाल अस्पताल में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सेफ सिटी टीम की सहायक उप-निरीक्षक (ASI) रेणू बाला और मुख्य सिपाही राजबीर कौर ने अस्पताल के स्टाफ को महिला सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव और यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान पुलिस टीम ने महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम और आत्म-सुरक्षा के गुर भी सिखाए।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने 'ट्रिप मॉनिटरिंग' और 'डायल-112' मोबाइल ऐप की उपयोगिता पर विशेष जोर दिया। सेफ सिटी टीम ने अस्पताल स्टाफ को बताया कि सफर के दौरान सुरक्षित रहने के लिए ये ऐप्स कितने जरूरी हैं। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर ही मौजूद स्टाफ के मोबाइल फोन में डायल-112 ऐप डाउनलोड करवाई और उसे इस्तेमाल करने का तरीका भी समझाया। इसके साथ ही साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपाय और सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
अंबाला पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर आयोजित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गांवों और कस्बों से आने वाली छात्राओं और कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करना है। पुलिस की पाठशाला के माध्यम से आमजन को यह संदेश दिया जा रहा है कि यातायात नियमों का पालन करना और तकनीकी सुरक्षा साधनों (ऐप्स) का उपयोग करना आज के समय की बड़ी जरूरत है। अंबाला पुलिस का लक्ष्य है कि हर नागरिक, विशेषकर महिलाएँ, खुद को सुरक्षित महसूस करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस की मदद ले सकें।
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अंबाला पुलिस का 'नशा मुक्त अभियान': मुलाना के शारदेडी गाँव में ग्रामीणों को नशे के खिलाफ किया जागरूक
अंबाला, 31 मार्च (अन्नू): अंबाला पुलिस नशे के अवैध कारोबार और इसके सेवन को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में, पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अंबाला पुलिस की एनडीपीएस (NDPS) सेल टीम ने मुलाना थाना क्षेत्र के गाँव शारदेडी में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण इलाकों के युवाओं को नशे की जानलेवा लत से बचाना और उन्हें एक स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करना है। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों और युवाओं से सीधा संवाद कर उन्हें नशे से होने वाले शारीरिक और मानसिक नुकसान के बारे में विस्तार से समझाया।
नशे के खिलाफ इस लड़ाई में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस टीम ने सरकारी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी साझा की। ग्रामीणों को बताया गया कि वे नशा बेचने या इसका प्रचार करने वालों की सूचना 'मानस पोर्टल' (हेल्पलाइन 1933) या मोबाइल नंबर 90508-91508 और 97299-90112 पर दे सकते हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी, ताकि लोग बिना किसी डर के अपराधियों के खिलाफ आगे आ सकें।
इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में एनडीपीएस सेल के एएसआई रणदीप, हेड कांस्टेबल बयंत कौर और एएसआई बबली ने अपनी टीम के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के समापन पर गाँव के युवाओं और बुजुर्गों ने एकजुट होकर समाज को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया। अंबाला पुलिस ने इस मौके पर स्पष्ट संदेश दिया कि वे नशे के खिलाफ अपनी इस मुहिम को तब तक जारी रखेंगे जब तक समाज से इस बुराई का पूरी तरह खात्मा नहीं हो जाता।
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दिल्ली से बांग्लादेश तक फैला मोबाइल तस्करी का जाल, दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 83 स्मार्टफोन के साथ दबोचे 2 शातिर तस्कर
नई दिल्ली, 29 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ईस्टर्न रेंज-I) ने अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय चोरी के मोबाइल फोन खरीदने और बेचने वाले एक बड़े गिरोह को दबोचा है। पुलिस ने राजधानी के यमुना विहार इलाके में एक गुप्त ठिकाने पर छापेमारी कर 83 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं। ये फोन दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से चोरी किए गए थे और इन्हें तस्करी के जरिए पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश भेजने की तैयारी थी।
पुलिस को 27 मार्च 2026 को इंस्पेक्टर आशीष शर्मा के माध्यम से सटीक सूचना मिली थी कि यमुना विहार की एक इमारत की तीसरी मंजिल पर चोरी के मोबाइलों की पैकिंग चल रही है। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर आशीष शर्मा, एसआई रंजीत सिंह और हेड कांस्टेबल सौरव की टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में पेशेवर तरीके से छापेमारी की। मौके से पुलिस ने सावेज (34 वर्ष) और फरदीन (25 वर्ष) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया, जो उस समय 83 मोबाइलों की खेप को गत्ते के डिब्बों में पैक कर रहे थे।
बरामद किए गए मोबाइलों में आईफोन (iPhones), वनप्लस, सैमसंग, ओप्पो, वीवो और रियलमी जैसे कई प्रीमियम ब्रांड के स्मार्टफोन शामिल हैं। पुलिस ने जब इन मोबाइलों के आईएमईआई (IMEI) नंबरों की जांच 'सीईआईआर' पोर्टल और पुलिस रिकॉर्ड से की, तो पता चला कि इनमें से कई फोन पहले ही दिल्ली के महेंद्र पार्क, पांडव नगर, पश्चिम विहार और यूपी के नोएडा सेक्टर-49 जैसे थानों में दर्ज चोरी के मामलों से संबंधित हैं। आरोपियों ने खुलासा किया कि वे ये फोन 'दानिश' नाम के व्यक्ति से खरीदते थे और कूरियर के जरिए बांग्लादेश भेजते थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से सावेज का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है; उस पर उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद थाने में आर्म्स एक्ट और चोरी के सामान की हेराफेरी के चार मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। क्राइम ब्रांच की टीम अब इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड और पश्चिम बंगाल में बैठे रिसीवरों की तलाश कर रही है ताकि इस गिरोह की पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त किया जा सके। इस कार्रवाई से दिल्ली पुलिस ने न केवल नागरिकों की संपत्ति बरामद की है, बल्कि संगठित अपराध के खिलाफ एक सख्त संदेश भी दिया है।
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सावधान! आप जो प्रोटीन पी रहे हैं वो असली है या ज़हर? दिल्ली पुलिस ने नकली सप्लीमेंट फैक्ट्री का किया भंडाफोड़
नई दिल्ली, 29 मार्च (अन्नू): अगर आप भी अपनी सेहत बनाने के लिए महंगे प्रोटीन सप्लीमेंट का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए चेतावनी है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (आर.के. पुरम टीम) ने नकली प्रोटीन सप्लीमेंट बनाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने राजधानी के रानी खेड़ा गांव में चल रही एक अवैध मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर छापा मारकर भारी मात्रा में कच्चा माल, नामी कंपनियों के नकली स्टिकर, होलोग्राम और मशीनें बरामद की हैं।
क्राइम ब्रांच की टीम ने इस मामले में नवीन कुमार उर्फ 'बंजारा' को गिरफ्तार किया है, जो हरियाणा के चरखी दादरी का रहने वाला है। यह कार्रवाई पहले गिरफ्तार हो चुके आरोपियों—मोहित तिवारी और मोहित दीक्षित—से मिली जानकारी और तकनीकी जांच के आधार पर की गई है। आरोपी नवीन रानी खेड़ा में एक गुप्त फैक्ट्री चला रहा था, जहां वह नामी अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स जैसे 'Optimum Nutrition' और 'Syntha-6' के नाम पर नकली पाउडर तैयार कर रहा था।
पुलिस की छापेमारी के दौरान मौके से चौंकाने वाली बरामदगी हुई है। जांच में सामने आया कि आरोपी माल्टोडेक्सट्रिन, कोको पाउडर और अलग-अलग फ्लेवरिंग एजेंट्स को मिलाकर घटिया क्वालिटी का पाउडर तैयार करता था। इसे असली जैसा दिखाने के लिए वह बाजार से खरीदे गए खाली डिब्बों में भरता और उन पर नामी ब्रांड्स के जाली स्टिकर, होलोग्राम और सील लगा देता था। पुलिस ने मौके से करीब 26 सीलबंद डिब्बे, सैकड़ों की संख्या में नकली स्टिकर, खाली जार और भारी मात्रा में फ्लेवर्ड कच्चा माल जब्त किया है। इसके अलावा, नकली लेबल छापने के लिए इस्तेमाल होने वाला कंप्यूटर और क्यूआर कोड प्रिंटिंग मशीन भी बरामद की गई है।
डीसीपी पंकज कुमार (आईपीएस) के अनुसार, आरोपी नवीन कुमार पहले भी इस तरह के अपराधों में शामिल रहा है। वह बेहद शातिराना तरीके से कम लागत वाले कच्चे माल का उपयोग कर महंगे सप्लीमेंट तैयार करता था, जिससे न केवल ब्रांड मालिकों को आर्थिक नुकसान हो रहा था बल्कि आम उपभोक्ताओं की सेहत के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग (FSSAI) के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया और नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन की जांच कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य गुर्गों तक पहुंचा जा सके।
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अंबाला पुलिस का 'ऑपरेशन मैदान': खेलों के जरिए नशे को मात, SP अजीत सिंह शेखावत ने किया भव्य वॉलीबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ
अंबाला, 29 मार्च (अन्नू): अंबाला जिले को नशा मुक्त बनाने और युवा पीढ़ी को एक स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से अंबाला पुलिस ने एक सराहनीय पहल की है। "ऑपरेशन मैदान: एक युद्ध - नशे के विरुद्ध" अभियान के अंतर्गत पुलिस लाइन ग्राउंड में पहली 'पुलिस-पब्लिक वॉलीबॉल प्रतियोगिता' का शानदार आगाज हुआ। इस आयोजन का नेतृत्व स्वयं अंबाला के पुलिस अधीक्षक श्री अजीत सिंह शेखावत (IPS) कर रहे हैं, जिसका मुख्य लक्ष्य युवाओं की ऊर्जा को नशे जैसे रास्तों से हटाकर खेल के मैदान की सकारात्मकता से जोड़ना है।
इस प्रतियोगिता की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें एपीएस स्कूल, गांव बलाना, पिलखनी, मच्छौंडा, एचएपी (HAP) और अंबाला पुलिस की टीमों सहित कुल 20 टीमें अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। उद्घाटन समारोह के दौरान एएसपी अंबाला, मैडम उत्तम (IPS) ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और युवाओं से अपील की कि वे खेलों को अपने भविष्य और व्यक्तित्व विकास का आधार बनाएं।
युवाओं की निरंतर भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यह प्रतियोगिता हर सप्ताह शनिवार और रविवार को पुलिस लाइन के मैदान में आयोजित की जाएगी। टूर्नामेंट के अंत में विजेता टीम को न केवल ट्रॉफी प्रदान की जाएगी, बल्कि उन्हें आकर्षक नकद पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि अंबाला पुलिस पहले भी शतरंज और क्रिकेट जैसे खेलों के माध्यम से जनता से जुड़ती रही है और 'ऑपरेशन मैदान' इसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए पुलिस विभाग को शिक्षा विभाग और स्थानीय समाजसेवियों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। विशेष रूप से एनडीपीएस (NDPS) सेल अंबाला की टीम ने ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर युवाओं को जागरूक किया, जिसका सुखद परिणाम आज मैदान में उमड़ी खिलाड़ियों की भारी भीड़ के रूप में दिखाई दे रहा है। उद्घाटन के अवसर पर इंस्पेक्टर मनी, उप निरीक्षक अजय और समाजसेवी मनीष अग्रवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने युवाओं को एक प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य अंबाला को पूरी तरह नशा मुक्त करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि असली गौरव और उपलब्धि नशे के अंधेरे में नहीं, बल्कि खेल के मैदान में पसीना बहाकर पदक जीतने में है। अंबाला पुलिस का यह प्रयास समाज में एक स्वस्थ और नशामुक्त वातावरण तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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अम्बाला पुलिस की 'सेफ सिटी' मुहिम: इंस्टीट्यूट स्टाफ को दी साइबर सुरक्षा और डायल-112 की जानकारी
अम्बाला, 28 मार्च (अन्नू): अम्बाला पुलिस द्वारा नागरिकों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चलाया जा रहा जागरूकता अभियान निरंतर जारी है। इसी क्रम में आज, 28 मार्च 2026 को 'पुलिस की पाठशाला' कार्यक्रम का आयोजन शहर के चेतन्य इंस्टीट्यूट में किया गया। सेफ सिटी टीम की महिला अधिकारियों ने संस्थान के स्टाफ और सदस्यों को साइबर ठगी से बचने के तरीके और यातायात नियमों की जानकारी दी।
सहायक उप-निरीक्षक रेणू बाला और मुख्य सिपाही राजबीर कौर ने स्टाफ को संबोधित करते हुए 'डायल-112' और 'ट्रिप मॉनिटरिंग सर्विस' के फायदों के बारे में बताया। पुलिस टीम ने जोर देकर कहा कि तकनीक के इस दौर में सुरक्षा ऐप्स का सही ज्ञान होना बेहद जरूरी है। जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से टीम ने मौके पर ही उपस्थित स्टाफ के मोबाइल में डायल-112 ऐप डाउनलोड करवाई और उसका लाइव डेमो देकर समझाया कि आपात स्थिति में यह ऐप कैसे जीवन रक्षक साबित हो सकती है।
पुलिस अधीक्षक अम्बाला के निर्देशों पर शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य लक्ष्य महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाना है। पुलिस का मानना है कि यदि कामकाजी महिलाएं और छात्राएं डिजिटल सुरक्षा टूल्स जैसे ट्रिप मॉनिटरिंग सेवा से परिचित होंगी, तो वे कहीं भी आते-जाते समय खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी।
चेतन्य इंस्टीट्यूट के स्टाफ ने पुलिस की इस पहल का स्वागत किया और माना कि ऐसी जानकारियों से न केवल आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि अपराधों के प्रति सतर्कता भी आती है। अम्बाला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 'पुलिस की पाठशाला' के माध्यम से जिले के हर कोने तक सुरक्षा का यह संदेश पहुँचाया जाएगा।
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अंबाला पुलिस ने सुलझाई कंपनी में हुई लाखों की चोरी: दो आरोपी गिरफ्तार, 5 लाख रुपए की नकदी बरामद
अंबाला, 28 मार्च (अन्नू): जिला पुलिस अंबाला ने चोरी की वारदातों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। थाना महेश नगर की पुलिस टीम ने 'इंस्टा कार्ड सर्विस प्राइवेट लिमिटेड' कंपनी के कार्यालय में हुई चोरी की गुत्थी को महज कुछ ही दिनों में सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की गई 5 लाख रुपए की पूरी राशि और वारदात में इस्तेमाल की गई एक्टिवा स्कूटी बरामद कर ली है।
घटना के अनुसार, रानी बाग निवासी देव शर्मा ने 24 मार्च 2026 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि रामपुर सरसेड़ी मोड़ स्थित उनकी कंपनी के दफ्तर से अज्ञात चोरों ने बड़ी मात्रा में कैश चोरी कर लिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए महेश नगर थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। सह उप-निरीक्षक सीता राम और उनकी टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर जाल बिछाया और दोनों आरोपियों को महेश नगर क्षेत्र से ही दबोच लिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान कुलबीर सिंह (कैथल निवासी, हाल निवासी महेश नगर) और शुभम (निवासी सरसेहड़ी) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर न केवल लूटी गई रकम बरामद की, बल्कि उस वाहन को भी कब्जे में ले लिया जिससे वे चोरी करने पहुंचे थे।
महेश नगर पुलिस ने आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। अंबाला पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की इलाके में काफी सराहना हो रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता किया गया है और अपराधियों के खिलाफ इसी तरह की जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।
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अंबाला पुलिस की बड़ी कामयाबी: महिला से कानों की बालियां लूटने वाले दो बदमाश गिरफ्तार
अंबाला, 28 मार्च (अन्नू): हरियाणा की अंबाला पुलिस ने राह चलती महिलाओं को निशाना बनाने वाले झपटमारों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। सीआईए-01 की टीम ने नग्गल थाना क्षेत्र में एक महिला को हथियार दिखाकर उसके कानों की बालियां लूटने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपी पड़ोसी राज्य पंजाब के रहने वाले हैं, जिन्हें पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर अंबाला छावनी से दबोचा है।
वारदात बीते 16 मार्च 2026 की है, जब गांव भुनी बंधे के पास से एक महिला पैदल गुजर रही थी। इसी दौरान दो युवकों ने उनका रास्ता रोका और चाकू दिखाकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। डरी-सहमी महिला के कानों से बदमाशों ने सोने की बालियां झपट लीं और मौके से फरार हो गए। पीड़िता की शिकायत पर नग्गल थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच सीआईए-01 को सौंपी गई थी। इंस्पेक्टर हरजिंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की पहचान मनप्रीत सिंह (निवासी हंडेसरा, मोहाली) और सुखजीत सिंह (निवासी डेरा बस्सी, पंजाब) के रूप में की।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर महिला से लूटी गई बालियां बरामद कर ली हैं। साथ ही, वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद दोनों झपटमारों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
अंबाला पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है कि जिले में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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अंबाला: सरकारी नौकरी के नाम पर 1.10 करोड़ की ठगी, आर्थिक अपराध शाखा ने मुख्य आरोपी को दबोचा
जे कुमार अंबाला, 26 मार्च 2026: अंबाला पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर करोड़ों रुपये हड़पने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस धोखाधड़ी के मुख्य सूत्रधार सुनील कुमार (निवासी गांव सोंटी, थाना नग्गल) को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी ने अपने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के साथियों के साथ मिलकर ठगी का यह मायाजाल बुना था।
आयकर विभाग में नौकरी का दिया झांसा: शिकायतकर्ता यादविंदर सिंह (निवासी गोविंदगढ़, शहजादपुर) ने पुलिस को बताया कि आरोपी सुनील कुमार और उसके गिरोह ने उन्हें आयकर विभाग, चंडीगढ़ में पक्की नौकरी लगवाने का लालच दिया था। आरोपियों ने विश्वास में लेकर 1 अगस्त 2024 से 31 जनवरी 2025 के बीच यादविंदर और अन्य कई पीड़ितों से कुल 1 करोड़ 10 लाख रुपये की मोटी रकम ऐंठ ली। समय बीतने के बाद जब न नौकरी मिली और न ही पैसे वापस आए, तब पीड़ितों ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
रिमांड के दौरान होगी अन्य आरोपियों की पहचान: आर्थिक अपराध शाखा के निरीक्षक परमवीर सिंह और उप-निरीक्षक रमेश सिंह की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी को काबू किया। पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस ठगी गई राशि की बरामदगी का प्रयास करेगी और दिल्ली व उत्तर प्रदेश में छिपे गिरोह के अन्य सदस्यों के ठिकानों पर छापेमारी करेगी।
अंबाला पुलिस की कड़ी चेतावनी: निरीक्षक परमवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि यह एक सुनियोजित गिरोह है जो भोले-भाले युवाओं की मजबूरी का फायदा उठाता है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सरकारी नौकरियां केवल आधिकारिक चयन आयोगों और योग्यता के आधार पर ही मिलती हैं। किसी भी व्यक्ति के बहकावे में आकर नौकरी के लिए नकद लेनदेन न करें। यदि कोई इस तरह का प्रलोभन देता है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
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अंबाला: जाली नोटों के 'खजाने' का लालच देकर 20 लाख की ठगी, पुलिस ने पंजाब से दबोचे अंतरराज्यीय गिरोह के दो गुर्गे
अंबाला, 26 मार्च (अन्नू): हरियाणा की अंबाला पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लोगों को रातों-रात अरबपति बनाने का सपना दिखाकर ठगी का शिकार बनाता था। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दो ठगों को पंजाब के डेराबस्सी इलाके से गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने एक व्यक्ति को नकली नोटों से भरा ट्रक छुड़वाने के नाम पर 20 लाख रुपये का चूना लगाया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सिरसा निवासी राजवीर सिंह और जीरकपुर में रह रहे रोहित कुमार के रूप में हुई है।
इस ठगी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। आरोपियों ने अंबाला के बापौली गांव निवासी जितेंद्र को अपने जाल में फंसाने के लिए एक मनगढ़ंत किस्सा सुनाया। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान बॉर्डर पर जाली नोटों से लदा उनका एक बड़ा कंटेनर पकड़ा गया है, जिसे छुड़वाने के लिए रिश्वत की जरूरत है। ठगों ने पीड़ित को लालच दिया कि यदि वह इस काम के लिए पैसे देता है, तो ट्रक के सिरसा पहुँचते ही उसे बदले में 15 करोड़ रुपये की असली भारतीय करेंसी मुनाफे के तौर पर दी जाएगी।
मोटे मुनाफे के लालच में आकर जितेंद्र ने अपने करीबियों और दोस्तों से उधार लेकर जनवरी 2025 में किस्तों में कुल 20 लाख रुपये आरोपियों के हवाले कर दिए। काफी समय बीतने के बाद जब न तो कोई 'खजाना' मिला और न ही आरोपी हाथ आए, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद थाना शहजादपुर में शिकायत दर्ज कराई गई, जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपियों को धर दबोचा।
पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस का मुख्य उद्देश्य ठगी गई राशि को बरामद करना और इस गिरोह के अन्य नेटवर्क का पता लगाना है। इस मामले पर अंबाला पुलिस ने आम जनता को सचेत करते हुए अपील की है कि वे 'जल्द अमीर बनने' के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध निवेश या अवैध लालच से दूरी बनाए रखें।
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मोगा: पुलिस ने यातायात नियमों और साइबर सुरक्षा को लेकर चलाया जागरूकता अभियान
पंजाब/मोगा, 25 मार्च (अन्नू): मोगा पुलिस ने आम जनता और कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा व डिजिटल ठगी के प्रति सचेत करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया। वरिष्ठ पुलिस कप्तान (SSP) के दिशा-निर्देशों पर यह कार्यक्रम मोगा के रमीरा मोटर्स में आयोजित किया गया। इस अभियान का सफल नेतृत्व डीएसपी सब-डिवीजन गुरप्रीत सिंह और डीएसपी ट्रैफिक द्वारा किया गया, जिसमें सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
शिविर के दौरान ट्रैफिक एजुकेशन सेल के प्रभारी एएसआई केवल सिंह ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए यातायात नियमों की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने सड़क संकेतों की सही पहचान, सुरक्षित ड्राइविंग और जीवन रक्षा के लिए हेलमेट व सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से अपील की कि वाहन चलाते समय हमेशा वैध लाइसेंस साथ रखें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें और नशे की हालत में वाहन चलाने जैसी जानलेवा आदतों से दूर रहें। इस मौके पर आपातकालीन सहायता के लिए जारी '112' हेल्पलाइन नंबर के उपयोग के बारे में भी बताया गया।
यातायात के साथ-साथ पुलिस ने समाज को नशा मुक्त बनाने और साइबर अपराध से निपटने के लिए भी जागरूक किया। लोगों को नशा तस्करों से संबंधित गोपनीय सूचना हेल्पलाइन नंबर 97791-00200 पर साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। वहीं, डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर फ्रॉड को देखते हुए विशेषज्ञों ने ठगी से बचने के तरीके साझा किए और साइबर अपराध की रिपोर्ट करने हेतु हेल्पलाइन नंबर '1930' के प्रति सतर्क किया।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं को पंजाब पुलिस में चल रही वर्तमान भर्ती प्रक्रिया के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर वर्कशॉप मैनेजर मनमोहन सिंह सहित संस्थान के अन्य कर्मचारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार के अभियानों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को जिम्मेदार बनाना और अपराध मुक्त समाज का निर्माण करना है।
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अंबाला: विदेश भेजने के नाम पर 57 लाख की ठगी, पुलिस ने तीसरे आरोपी को दबोचा
जे कुमार अंबाला, 25 मार्च 2026: अंबाला पुलिस ने कबूतरबाजी और विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये हड़पने के मामले में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। थाना नग्गल पुलिस ने इस धोखाधड़ी के खेल में शामिल तीसरे आरोपी कर्मबीर सिंह (निवासी गांव रजपुरा, शहजादपुर) को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस पहले ही दो मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
क्या है पूरा मामला? कुरुक्षेत्र के गांव सुलखनी (शाहबाद) निवासी अमर सिंह ने 18 अगस्त 2025 को थाना नग्गल में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के अनुसार, आरोपी सोमनाथ सिंह और उसके साथियों ने उनके बेटे को विदेश भेजने का झांसा देकर 14 अगस्त 2024 से 17 अप्रैल 2025 के बीच किस्तों में कुल 57 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए। मोटी रकम ऐंठने के बाद भी जब बेटा विदेश नहीं पहुँचा और आरोपियों ने पैसे लौटाने से मना कर दिया, तब पीड़ित परिवार ने पुलिस की शरण ली।
रिमांड के दौरान होगी रिकवरी: गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी कर्मबीर सिंह को माननीय न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से ठगी गई राशि की रिकवरी करने का प्रयास करेगी। साथ ही, पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार और कहाँ-कहाँ जुड़े हैं और क्या इसमें कुछ और लोग भी शामिल हैं।
अंबाला पुलिस की विशेष अपील: एसपी अंबाला के निर्देशानुसार पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे 'डंकी' रास्तों या फर्जी एजेंटों के झांसे में न आएं। विदेश जाने के इच्छुक व्यक्ति केवल सरकार द्वारा अधिकृत (Authorized) एजेंटों के माध्यम से ही प्रक्रिया पूरी करें। किसी भी अनजान व्यक्ति को मोटी रकम देने से पहले उसके लाइसेंस और क्रेडेंशियल्स की अच्छी तरह जांच कर लें ताकि मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे।
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भ्रष्टाचार पर CBI का कड़ा प्रहार: रिश्वत लेने वाले दिल्ली पुलिस के पूर्व सब-इंस्पेक्टर को 3 साल की जेल
नई दिल्ली, 24 मार्च (अन्नू): भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सीबीआई की विशेष अदालत ने दिल्ली पुलिस के एक पूर्व सब-इंस्पेक्टर को रिश्वतखोरी के मामले में सलाखों के पीछे भेज दिया है। अदालत ने नांगलोई ट्रैफिक सर्कल के तत्कालीन जोनल ऑफिसर (ZO) जगमाल सिंह देशवाल को दोषी करार देते हुए 3 साल के कठोर कारावास (RI) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
ट्रकों की एंट्री के बदले मांगी थी 'रिश्वत' मामला फरवरी 2022 का है, जब दोषी सब-इंस्पेक्टर जगमाल सिंह ने एक शिकायतकर्ता से उसके ट्रकों को अपने अधिकार क्षेत्र (जोन) से सुरक्षित गुजारने के बदले 24,000 रुपये की अवैध मांग की थी। शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को दी, जिसके बाद एजेंसी ने जाल बिछाकर आरोपी को 24,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
जांच और अदालती कार्यवाही सीबीआई ने इस मामले में 8 फरवरी 2022 को प्राथमिकी दर्ज की थी। गहन जांच के बाद 26 जुलाई 2022 को आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। सुनवाई के दौरान पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर माननीय अदालत ने 23 मार्च 2026 को अपना फैसला सुनाया। अदालत ने माना कि लोक सेवक का इस तरह रिश्वत मांगना समाज और कानून के प्रति गंभीर अपराध है।
भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए सीबीआई की अपील सीबीआई ने इस सजा के माध्यम से यह संदेश दिया है कि भ्रष्ट लोक सेवकों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। एजेंसी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत की मांग करता है, तो वे डरे नहीं और इसकी शिकायत सीबीआई के लोधी रोड स्थित कार्यालय में करें। इसके लिए सीबीआई ने हेल्पलाइन नंबर 011-24367887 और मोबाइल नंबर 9650394847 भी जारी किए हैं।#CBIAction #AntiCorruption #DelhiPolice #BriberyCase #JusticeServed #CBICourt #BreakingNewsDelhi #ZeroCorruption #DanikKhabar
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दिल्ली पुलिस के 'ऑपरेशन मिलाप' ने दिखाई राह, विजय विहार से गायब नाबालिग लड़की सकुशल बरामद
नई दिल्ली, 24 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ER-II) ने 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत एक और परिवार की खुशियाँ लौटा दी हैं। करीब एक महीने पहले विजय विहार इलाके से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुई 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को क्राइम ब्रांच की टीम ने उत्तम नगर के संजय एन्क्लेव से खोज निकाला है। दिल्ली पुलिस का यह विशेष अभियान गुमशुदा बच्चों और महिलाओं को उनके परिजनों से मिलाने के लिए निरंतर काम कर रहा है।
फरवरी से तलाश में जुटी थी पुलिस मामला 19 फरवरी 2026 का है, जब विजय विहार थाने में लड़की के लापता होने की रिपोर्ट (FIR No. 110/26) दर्ज कराई गई थी। बेटी के अचानक गायब होने से परिवार गहरे सदमे में था। स्थानीय पुलिस की जांच के साथ-साथ क्राइम ब्रांच की टीम ने भी इस केस पर काम करना शुरू किया। इंस्पेक्टर सुनील कुंडू के नेतृत्व और एसीपी नरेंद्र सिंह की देखरेख में हेड कांस्टेबल शिवानी, विकास और राजीव की एक टीम गठित की गई।
तकनीकी निगरानी और फील्ड वर्क से मिला सुराग शुरुआत में लड़की का कोई सुराग नहीं मिल रहा था, लेकिन क्राइम ब्रांच ने हार नहीं मानी। टीम ने तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय मुखबिरों का जाल बिछाया। गहन जांच के बाद पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि लड़की उत्तम नगर के राजापुरी रोड स्थित संजय एन्क्लेव में हो सकती है। सूचना मिलते ही टीम ने इलाके में घेराबंदी की और सफलतापूर्वक लड़की को ढूंढ निकाला।
पूछताछ में सामने आई शादी की बात प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि नाबालिग लड़की ने जनवरी 2026 में ही एक मंदिर में किसी व्यक्ति के साथ शादी कर ली थी और तब से वह उसी के साथ रह रही थी। चूंकि लड़की अभी कानूनन नाबालिग है, इसलिए क्राइम ब्रांच ने उसे बरामद कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए विजय विहार थाने के जांच अधिकारी पीएसआई उदेश्य राठी को सौंप दिया है।
दिल्ली पुलिस की अपील डीसीपी (क्राइम) पंकज कुमार ने इस सफलता पर टीम की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जनता से अपील की है कि यदि उनके पास किसी भी गुमशुदा व्यक्ति की जानकारी हो, तो तुरंत पुलिस के साथ साझा करें ताकि उन्हें सुरक्षित उनके घर पहुंचाया जा सके।#OperationMilap #DelhiPolice #CrimeBranch #MissingChildTraced #SafeRecovery #DelhiNews #WomenSafety #JusticeForFamilies #DanikKhabar
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दिल्ली: सुलतानपुरी में 'ड्रग सिंडिकेट' पर कड़ा प्रहार: एन्टी-नारकोटिक्स स्क्वॉड ने दबोचा बिहार का तस्कर
नई दिल्ली, 24 मार्च (अन्नू): बाहरी दिल्ली के सुलतानपुरी इलाके में नशे के काले कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 'एन्टी-नारकोटिक्स स्क्वॉड' ने एक अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बिहार के रहने वाले 26 वर्षीय ओम प्रकाश को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जो इलाके में कोकीन और स्मैक जैसी घातक ड्रग्स की सप्लाई करने आया था।
घेराबंदी देख कांप गया तस्कर, यू-टर्न लेकर भागने की कोशिश नाकाम 23 मार्च 2026 को इंस्पेक्टर राजपाल के नेतृत्व और एसीपी वीरेंद्र सिंह की देखरेख में गठित विशेष टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स, सुलतानपुरी के पास एक ड्रग सप्लायर आने वाला है। एसआई राज कुमार, मुकेश और उनकी टीम ने मौके पर जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी मोटरसाइकिल से पहुंचा, पुलिस की मौजूदगी देख उसने घबराकर यू-टर्न लिया और भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद टीम ने उसे पीछा कर दबोच लिया।
तलाशी में मिली 'मौत की पुड़िया' जब आरोपी की तलाशी ली गई, तो उसके पास से संदिग्ध पदार्थ बरामद हुआ। फील्ड टेस्टिंग किट से जांच करने पर पुष्टि हुई कि वह 20 ग्राम स्मैक और 04 ग्राम कोकीन है। पुलिस ने तुरंत नशीले पदार्थ और तस्करी में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया। आरोपी के खिलाफ सुलतानपुरी थाने में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 21 के तहत एफआईआर संख्या 160/2026 दर्ज की गई है।
नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस पकड़ा गया आरोपी ओम प्रकाश मूल रूप से गोपालगंज, बिहार का रहने वाला है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि वह दिल्ली में ड्रग्स की सप्लाई करने वाले एक बड़े सिंडिकेट का हिस्सा है। डीसीपी (आउटर डिस्ट्रिक्ट) विक्रम सिंह के अनुसार, अब पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि यह ड्रग्स कहाँ से लाई गई थी और दिल्ली में इसके खरीदार कौन-कौन हैं। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी की संभावना है।#DrugBust #AntiNarcotics #DelhiPolice #OuterDistrict #SayNoToDrugs #CrimeUpdate #SultanpuriNews #DrugFreeDelhi #DanikKhabar
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पुरानी रंजिश में ली 16 साल के मासूम की जान: दिल्ली पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाई मर्डर मिस्ट्री, दो आरोपी दबोचे
नई दिल्ली, 24 मार्च (अन्नू): राजधानी दिल्ली के सदर बाजार इलाके में हुई एक सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (NR-I) ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इस मामले में शामिल दो किशोरों (JCL) को पकड़ा है और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच की पेशेवर जांच और कुशल फील्ड तालमेल का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश करती है।
पुरानी रंजिश में ली 16 साल के किशोर की जान मामला 22 मार्च 2026 का है, जब सदर बाजार की गली गधिया में स्कूटी पर सवार होकर आए तीन लड़कों ने 16 वर्षीय किशोर 'डी' पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पुरानी रंजिश के चलते अंजाम दी गई इस वारदात में घायल किशोर की मृत्यु हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। मृतक की माँ की शिकायत पर सदर बाजार थाने में हत्या की संबंधित धाराओं (103(1) BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
क्राइम ब्रांच का 'ऑपरेशन 24 आवर्स' मामले की गंभीरता को देखते हुए सीनियर अधिकारियों के निर्देश पर इंस्पेक्टर अजय गहलावत के नेतृत्व और एसीपी अशोक शर्मा की देखरेख में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में एसआई संजय राणा, एएसआई पवन, हेड कांस्टेबल प्रवीण, सोनू, विकेश और अमित शामिल थे। हेड कांस्टेबल प्रवीण कादयान द्वारा विकसित की गई सटीक खुफिया जानकारी और तकनीकी निगरानी की मदद से पुलिस ने आरोपियों का पीछा किया और 23 मार्च को दो मुख्य आरोपियों 'यू' और 'ए' को दबोच लिया।
महत्वपूर्ण साक्ष्य और बरामदगी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी (DL-5SCH-****) बरामद कर ली है। इसके अलावा, आरोपियों द्वारा घटना के समय पहने गए खून से सने कपड़े और जूते भी जब्त किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि ये वैज्ञानिक साक्ष्य अदालत में आरोपियों के खिलाफ मामले को मजबूती से पेश करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
अपराधिक इतिहास और कानूनी कार्रवाई पकड़े गए आरोपियों में से एक 'यू' का पहले भी अपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह पहले अपहरण (POCSO एक्ट) और झपटमारी के दो मामलों में शामिल रहा है, जो उसके निरंतर अपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने की ओर इशारा करता है।
डीसीपी (क्राइम) पंकज कुमार ने बताया कि इस त्वरित सफलता ने न केवल कानून-व्यवस्था के प्रति दिल्ली पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाया है, बल्कि जनता में सुरक्षा का विश्वास भी पैदा किया है। पुलिस अब इस मामले के तीसरे साथी 'एस' की तलाश कर रही है और आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।
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महेश नगर पुलिस की बड़ी कामयाबी: घर में सेंध लगाने वाला चोर गिरफ्तार, चोरी का सारा सामान बरामद
ए के वत्स, 23 मार्च अम्बाला : अंबाला की महेश नगर थाना पुलिस ने चोरी की वारदातों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने पूजा विहार स्थित एक बंद घर को निशाना बनाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से शत-प्रतिशत चोरीशुदा सामान बरामद कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान दीपू, निवासी प्रोफेसर कॉलोनी (खोजकीपुर), अंबाला के रूप में हुई है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से इलाके के निवासियों ने राहत की सांस ली है।
चोरी की यह वारदात 22 मार्च को पूजा विहार निवासी सौरभ के घर में हुई थी। पीड़ित ने थाना महेश नगर में शिकायत दर्ज करवाई थी कि जब घर खाली था, तब किसी अज्ञात व्यक्ति ने अंदर घुसकर गैस सिलेंडर, रसोई के बर्तन और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया है। शिकायत मिलते ही थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई और अज्ञात चोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने मुखबिरों के जाल और स्थानीय इनपुट के आधार पर संदिग्धों की निगरानी शुरू की।
महेश नगर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सूचना के आधार पर अंबाला-साहा रोड पर नाकाबंदी की और संदिग्ध अवस्था में घूम रहे दीपू को काबू किया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी किया गया गैस सिलेंडर और बर्तन बरामद कर लिए हैं। जांच अधिकारियों का मानना है कि आरोपी नशे की लत या अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए छोटी-मोटी चोरियों को अंजाम देता था।
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अंबाला पुलिस की बड़ी कामयाबी: तंदुरा बाजार में महिला को घायल कर पर्स छीनने वाला शातिर लुटेरा गिरफ्तार
ए के वत्स, 23 मार्च अम्बाला : अंबाला शहर की पुलिस ने तत्परता और तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए तंदुरा बाजार टॉकीज रोड पर एक महिला के साथ हुई लूट और छीनाझपटी की सनसनीखेज वारदात को सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी विशाल उर्फ अभिनव उर्फ अभि, निवासी डेहा बस्ती, अंबाला शहर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी न केवल महिला का पर्स छीनकर फरार हो गया था, बल्कि छीनाझपटी के दौरान उसने महिला को जोरदार धक्का देकर घायल भी कर दिया था।
शातिर तरीके से पहचान छिपाने का प्रयास: इस वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी ने बेहद शातिर तरीका अपनाया था। उसने अपनी एक्टिवा की नंबर प्लेट पर कालिख पोत दी थी ताकि कोई भी सीसीटीवी कैमरा या चश्मदीद वाहन का नंबर नोट न कर सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस चौकी नंबर 01 के प्रभारी उप-निरीक्षक राजीव कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने हार नहीं मानी और क्षेत्र के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ-साथ तकनीकी संसाधनों का सहारा लिया। कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस आखिरकार आरोपी के ठिकाने तक पहुँच गई और उसे धर दबोचा।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने आरोपी विशाल के कब्जे से वारदात के दौरान छीना गया लेडीज पर्स और अपराध में इस्तेमाल की गई वह एक्टिवा भी बरामद कर ली है, जिसकी नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ की गई थी। आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। अंबाला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ इस तरह की जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी सर्विलांस को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
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अमृतसर पुलिस की बड़ी कार्यवाही : पुर्तगाल से चल रहे हथियार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, 7 विदेशी पिस्तौलें बरामद
पंजाब, 19 मार्च (अभी) : अमृतसर शहरी पुलिस ने संगठित अपराध और अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है, जो इस खतरनाक नेटवर्क का हिस्सा बनकर काम कर रहा था। पुलिस ने इन तस्करों के कब्जे से सात अत्याधुनिक पिस्तौल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के साथ ही पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके तार यूरोप और पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं।
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपी सीधे तौर पर पुर्तगाल में बैठे एक हैंडलर के संपर्क में थे। यह हैंडलर पाकिस्तान से ड्रोन या अन्य अवैध माध्यमों से हथियारों की खेप भारत मंगवाने में मुख्य भूमिका निभा रहा था। सीमा पार से आई हथियारों की यह खेप आगे पंजाब और अन्य राज्यों के आपराधिक तत्वों और गैंगस्टरों तक पहुँचाई जानी थी। पुलिस ने इस संबंध में कैंटोनमेंट थाने में मामला दर्ज कर लिया है और गिरोह के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की गहनता से जांच की जा रही है।
पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क के 'फॉरवर्ड और बैकवर्ड' लिंक्स को जोड़ने में जुटी है। जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि पाकिस्तान से हथियार मंगवाने के लिए किस तकनीक का उपयोग किया गया और पुर्तगाल स्थित हैंडलर को वित्तीय मदद (फंडिंग) कहाँ से मिल रही थी। पुलिस कमिश्नर भुल्लर ने स्पष्ट किया कि अमृतसर पुलिस अवैध हथियारों की तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रही है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, जिससे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में उनके अन्य साथियों और हथियारों की संभावित डिलीवरी लोकेशंस का भी पता चल सकेगा।
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