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    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ी पहली उड़ान: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने दिखाई हरी झंडी, अपनी ही जमीन से बने रनवे पर किसानों ने भरा आसमान

    जे कुमार जेवर/नोएडा, 15 जून 2026: दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के विकास को आज एक ऐतिहासिक उड़ान मिल गई है। जेवर में नवनिर्मित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) से आज पहली कमर्शियल फ्लाइट ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी। इस ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और पहली फ्लाइट को हरी झंडी दिखाकर (फ्लेग ऑफ) रवाना किया।

    यह उद्घाटन समारोह इस मायने में पूरी दुनिया के लिए मिसाल बन गया क्योंकि इस पहली उड़ान के मुख्य यात्री कोई वीआईपी (VIP) नहीं, बल्कि इसी क्षेत्र के वह किसान थे जिन्होंने इस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के लिए अपनी पुश्तैनी और उपजाऊ जमीन सहर्ष सरकार को सौंपी थी।

    'अन्नदाता' बने देश के 'भाग्य विधाता': सीएम योगी से मिलने पहुंचे किसान

    जेवर विधानसभा क्षेत्र के लगभग 170 किसानों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल, जिसमें 20 महिलाएं और भूमिहीन कृषि मजदूर भी शामिल थे, इस पहली उद्घाटन उड़ान (Inaugural Flight) के माध्यम से लखनऊ के लिए रवाना हुआ। इस अनोखे सफर की अगुवाई जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह ने की।

    • एक ऐतिहासिक मिसाल: वैश्विक नागरिक उड्डयन के इतिहास में यह शायद पहला मौका है, जब किसी एयरपोर्ट के निर्माण के लिए जमीन देने वाले किसान ही उसकी पहली उड़ान के आधिकारिक यात्री बने हैं।

    • हवाई चप्पल से हवाई जहाज तक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस सपने को आज जेवर की धरती पर साकार होते देखा गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश का आम और 'हवाई चप्पल' पहनने वाला नागरिक भी हवाई यात्रा का आनंद उठा सके।

    लखनऊ पहुंचने के बाद यह सभी किसान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे और जेवर क्षेत्र को वैश्विक पटल पर लाने व किसानों को इस प्रगति में सम्मानजनक भागीदार बनाने के लिए उनका आभार व्यक्त करेंगे।

    औद्योगिक क्रांति और रोजगार के नए युग की शुरुआत

    केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल उत्तर प्रदेश की नहीं, बल्कि पूरे देश की उड्डयन शक्ति का नया प्रतीक है। इंडिगो (IndiGo) एयरलाइंस द्वारा संचालित इस पहली फ्लाइट के बाद धीरे-धीरे यह एयरपोर्ट देश के 16 से अधिक प्रमुख शहरों से सीधे जुड़ जाएगा। इसके बाद अगली नियमित कमर्शियल फ्लाइट बेंगलुरु के लिए संचालित की जाएगी।

    इस एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली के आईजीआई (IGI) हवाई अड्डे पर यात्रियों का दबाव कम होगा। साथ ही, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पर्यटन, भारी उद्योगों, लॉजिस्टिक्स और कॉर्पोरेट निवेश को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा, जिससे आने वाले समय में लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

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    अंबाला घरेलू हवाई अड्डा जल्द होगा शुरू, देश का 165वां एयरपोर्ट बनने की उम्मीद - केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज के प्रयासों से साकार हुआ अंबाला एयरपोर्ट, जल्द शुरू होंगी उड़ान सेवाए - बी. एल. वर्मा

    अंबाला में विकास की नई उड़ान, सिविल एन्क्लेव का केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा ने किया अवलोकन

    उत्तर भारत की कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आयाम, अंबाला एयरपोर्ट संचालन के लिए तैयार



    अम्बाला, 9 जून - केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के गठन से पूर्व देश में केवल 74 हवाई अड्डे संचालित थे, जबकि आज उनकी संख्या बढ़कर 164 हो गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अंबाला छावनी में निर्मित नया घरेलू हवाई अड्डा (सिविल एन्क्लेव) देश का 165वां संचालित हवाई अड्डा बनेगा और शीघ्र ही यहां से उड़ान सेवाएं शुरू होंगी।

    मंत्री वर्मा आज अंबाला छावनी में नवनिर्मित घरेलू हवाई अड्डे (सिविल एन्क्लेव) का निरीक्षण करने के उपरांत मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर हरियाणा के ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज भी उपस्थित रहे।

    उन्होंने कहा कि ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज के नेतृत्व में अंबाला छावनी में विकास की एक नई गाथा लिखी जा रही है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए श्री अनिल विज, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री तथा सभी संबंधित विभागों, अधिकारियों और इंजीनियरों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।

    अवलोकन के दौरान अनिल विज ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि अंबाला छावनी का सैन्य हवाई अड्डा देश के सबसे पुराने और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण एयरबेस में से एक है। इसी रणनीतिक महत्व को देखते हुए अंग्रेजों ने भी अंबाला को एयरबेस के रूप में विकसित किया था।

    मंत्री विज ने बताया कि अंबाला छावनी में निर्मित रनवे अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त है, जहां दिन-रात तथा सभी मौसम परिस्थितियों में विमानों का सुरक्षित संचालन संभव है। उन्होंने जानकारी दी कि लगभग 20 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह घरेलू हवाई अड्डा हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश तथा आसपास के अन्य क्षेत्रों के यात्रियों के लिए हवाई यात्रा का एक महत्वपूर्ण केंद्र साबित होगा।

    उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी बताया कि अंबाला छावनी उत्तर भारत का एक प्रमुख रेलवे जंक्शन है, जहां प्रतिदिन लगभग 276 रेलगाड़ियों का आवागमन होता है। यहां से हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों के लाखों यात्री यात्रा करते हैं। ऐसे में हवाई अड्डे के शुरू होने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और अधिक मजबूती मिलेगी।

    विज ने बताया कि अंबाला घरेलू हवाई अड्डे से उड़ान संचालन के लिए विभिन्न एयरलाइन कंपनियों ने आवेदन किया है तथा केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार यहां से उड़ान सेवाएं शुरू करने में कोई तकनीकी बाधा नहीं है।

    उन्होंने यह भी जानकारी दी कि घरेलू उड़ानों में उपयोग होने वाले विमानों की पार्किंग (एयरक्राफ्ट पार्किंग बे) की व्यवस्था भी निर्धारित कर दी गई है। परियोजना से जुड़े कुछ छोटे-मोटे कार्य शेष हैं, जिन्हें आगामी एक सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद हवाई अड्डे को संचालन के लिए तैयार कर दिया जाएगा।

    इस अवसर पर एसडीएम कनिका गोयल, नगर परिषद अध्यक्ष स्वर्ण कौर, उपाध्यक्ष ललता प्रसाद के अलावा भाजपा नेता कपिल विज, संजीव वालिया, विपिन्न खन्ना, संजीव सोनी, राजीव गुप्ता, विजेंद्र चौहान, किरणपाल चौहान, जसबीर जस्सी, अजय बवेजा, प्रवेश शर्मा, रवि बुद्धिराजा, हर्ष बिंद्रा, विकास बहगल, आशीष अग्रवाल, भरत कोछड़, फकीरचंद सैनी, वरिंद्र सिंह, सुभाष शर्मा, सुनील नदारिया, इकबाल ढांडा,  सुरेंद्र सहगल, राज कुमार राजा, राजू बाली, ललित, सुरेंद्र सहगल गोपी, अनिल बहल, अनिल नागर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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    राजकोट एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी स्ट्राइक: एयर कार्गो से ₹5 करोड़ की चांदी जब्त, जीएसटी चोरी और हवाला नेटवर्क की आशंका

    जे कुमार राजकोट, 18 मई 2026: गुजरात के राजकोट इंटरनेशनल एयरपोर्ट (हीरासर एयरपोर्ट) के कार्गो टर्मिनल पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक हाई-प्रोफाइल कार्रवाई करते हुए करीब 180 किलोग्राम शुद्ध चांदी का एक बड़ा जखीरा जब्त किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पकड़ी गई इस चांदी की अनुमानित कीमत करीब ₹5 करोड़ आंकी गई है। गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) और राजकोट सिटी क्राइम ब्रांच द्वारा चलाए गए इस संयुक्त ऑपरेशन से स्थानीय सर्राफा बाजार और बड़े चांदी व्यापारियों के बीच हड़कंप मच गया है।

    गुजरात एटीएस के पुलिस उपाधीक्षक (DySP) वीरजीत परमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि एटीएस मुख्यालय को एयर कार्गो के जरिए चांदी की एक बड़ी और संदिग्ध खेप राजकोट पहुंचने का सटीक इनपुट मिला था। सूचना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय क्राइम ब्रांच को तुरंत अलर्ट किया गया और जैसे ही कार्गो पार्सल एयरपोर्ट पहुंचा, सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर दी। टीम ने मौके से इस खेप की डिलीवरी लेने आए स्थानीय संदिग्ध रिसीवर को भी हिरासत में ले लिया है, जिसकी मौजूदगी में ही सारे पार्सल खोले गए।

    शुरुआती जांच और कूरियर रिकॉर्ड्स के मुताबिक, चांदी की यह भारी-भरकम खेप उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित 'सनराइज' नामक एक फर्म द्वारा बुक कराई गई थी, जिसे राजकोट के सामाकांटा इलाके के एक नामचीन थोक चांदी व्यापारी तक पहुंचाया जाना था। जब अधिकारियों ने इस कंसाइनमेंट से जुड़े टैक्स इनवॉइस और ई-वे बिल की जांच की, तो दस्तावेज पूरी तरह अधूरे और संदिग्ध पाए गए। मौके पर कोई पुख्ता बिल न होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों को इसमें बड़े पैमाने पर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) चोरी और हवाला/मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का गहरा संदेह है।

    एटीएस और क्राइम ब्रांच की टीमों द्वारा शुरुआती कानूनी औपचारिकताएं और जब्ती की प्रक्रिया पूरी करने के बाद अब इस पूरे मामले की जांच स्टेट जीएसटी (SGST) विभाग को सौंप दी गई है। टैक्स अधिकारी अब वाराणसी के उस सर्राफा व्यापारी और राजकोट के डीलर के पुराने रिकॉर्ड्स खंगाल रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इससे पहले हवाई मार्ग का उपयोग कर इस तरह के कितने अवैध ट्रांजैक्शन किए जा चुके हैं।

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    मंत्रिमंडल ने तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में घोषणा को मंजूरी दी

    आरएस अनेजा, 11 नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में घोषणा को मंजूरी दे दी है।

    तमिलनाडु में मंदिरों के शहर के रूप में प्रसिद्ध मदुरै स्थित मदुरै हवाई अड्डा राज्य के सबसे पुराने हवाई अड्डों में से एक है। यह दक्षिणी तमिलनाडु के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है और पर्यटन एवं तीर्थयात्रा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाता है, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास में योगदान होता है।

    मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने से क्षेत्रीय संपर्क बढ़ेगा, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रियों और व्यवसायों को आकर्षित करने की हवाई अड्डे की क्षमता शहर के ऐतिहासिक महत्व के अनुरूप है।

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    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कोटा विमान पत्तन की नींव रखी; हड़ौती क्षेत्र के परिवर्तन को दिखाता है

    आरएस अनेजा, 7 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज वीडियो संदेश के माध्यम से कोटा विमान पत्तन के शिलान्यास समारोह को संबोधित किया। यह हड़ौती क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मोदी ने जोर देते हुए कहा, “राजस्थान अभूतपूर्व गति से प्रगति कर रहा है और यह नया विमान पत्तन आर्थिक और औद्योगिक विकास में सहायक होगा।”

     

    सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अजमेर की अपनी हालिया यात्रा का उल्लेख किया, जहां हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया और 21,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर लगातार आयोजित ये कार्यक्रम राज्य के विकास पथ के बारे में सशक्त संदेश देते हैं और बताते हैं कि "ये हमें बताते हैं कि राजस्थान आज कितनी तेजी से प्रगति कर रहा है।"

     

    प्रधानमंत्री ने कहा कि आज कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ के लिए नई उम्मीदों का दिन है, क्योंकि लगभग 1,500 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक विमान पत्तन का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। श्री मोदी ने क्षेत्र के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, "यह आधुनिक विमान पत्तन आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करेगा।"

     

    प्रधानमंत्री ने नवंबर 2023 में अपनी यात्रा को याद करते हुए संतोष व्यक्त किया कि विमान पत्तन के संबंध में जनता से किया गया वादा अब पूरा हो रहा है। उड़ानों के लिए जयपुर या जोधपुर जाने की पिछली असुविधा से मुक्ति का उल्‍लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा, "जब यह विमान पत्तन  शुरू होगा, तो यात्रा आसान हो जाएगी और कोटा सहित पूरे क्षेत्र में व्यापार तेजी से बढ़ेगा।"

     

    प्रधानमंत्री ने कोटा को शिक्षा और ऊर्जा दोनों का एक अनूठा केंद्र बताया, जो परमाणु, कोयला, गैस और जल स्रोतों से विद्युत उत्पादन करता है। श्री मोदी ने कोटा डोरिया साड़ियों, कोटा पत्‍थर और बूंदी के बासमती चावल जैसे स्थानीय कृषि उत्पादों की वैश्विक पहचान की प्रशंसा करते हुए कहा कि "कोटा में इस नए विमान पत्तन से ये संभावनाएं कई गुना बढ़ जाएगी।"

     

    क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने श्री मथुराधीश जी और गराडिया महादेव के आध्यात्मिक महत्व के साथ-साथ मुकुंदरा पहाड़ियों जैसे वन्यजीव केंद्रों का भी उल्लेख किया। श्री मोदी ने जोर देते हुए कहा, “बेहतर वायु संपर्क से वैश्विक पर्यटक इस क्षेत्र में आएंगे और इसका सीधा लाभ यहां के युवाओं, व्यापारियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा।”

     

    प्रधानमंत्री ने कोटा में हो रही व्यापक संपर्क क्रांति का भी उल्‍लेख किया जिसमें अमृत भारत योजना के तहत रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे शामिल है। कृषि आधारित उद्योगों की ओर बढ़ते रुझान पर जोर देते हुए श्री मोदी ने कहा, "रेल और सड़क के बाद वायु संपर्क का यह नया अध्याय कोटा के विकास को और गति प्रदान करेगा।"

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    इंडिगो का छठा दिन का संकट: 1650 उड़ानें प्रभावित, CEO को DGCA का 'कारण बताओ' नोटिस

    आरएस अनेजा, 7 दिसम्बर नई दिल्ली - इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानें आज (7 दिसंबर, 2025) भी बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई हैं, जिससे यात्रियों को छठे दिन भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस परिचालन संकट के लिए इंडिगो के सीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 

    उड़ानें रद्द/प्रभावित: देश भर के हवाई अड्डों, विशेष रूप से दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु में सैकड़ों उड़ानें रद्द या विलंबित हुई हैं। आज, इंडिगो लगभग 1650 उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है, जबकि सामान्य परिचालन में 2,300 दैनिक उड़ानें शामिल हैं।

    वही विमानन नियामक DGCA ने इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर एल्बर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा गया है। नोटिस में कहा गया है कि एयरलाइन आवश्यक व्यवस्था करने में विफल रही, जिससे बड़े पैमाने पर व्यवधान उत्पन्न हुआ।

    नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी रद्द या प्रभावित उड़ानों का रिफंड आज रात 8 बजे (7 दिसंबर) तक पूरा किया जाए। साथ ही, यात्रियों से सामान खोने या देरी के मामलों में 48 घंटों के भीतर सामान पहुंचाने को कहा गया है।

    सरकार ने इस संकट के दौरान अन्य एयरलाइनों द्वारा मनमाना किराया वसूले जाने से रोकने के लिए घरेलू हवाई किराए की अधिकतम सीमा ₹18,000 तय कर दी है। 

    #dgca #indigoairline #india

  • ब्रेकिंग न्यूज : बेंगलुरु हवाई अड्डे पर नमाज पढ़ने से विवाद

    बेंगलुरु एयरपोर्ट (Kempegowda International Airport) पर नमाज़ पढ़ने की सुविधा के बारे में जानकारी यह है कि:

    एयरपोर्ट पर किसी औपचारिक “प्रेयर रूम” या मस्जिद की व्यवस्था आम यात्रियों के लिए आधिकारिक रूप से घोषित नहीं है।

    बेंगलुरु एयरपोर्ट पर नमाज़ पढ़ने को लेकर भाजपा (BJP) या उसके कुछ नेताओं द्वारा जो एतराज जताया गया है, उसके पीछे कुछ प्रमुख कारण हैं —

    1. सार्वजनिक स्थान पर धार्मिक गतिविधि का विरोध:

    भाजपा का कहना है कि एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या सड़कों जैसे सार्वजनिक स्थलों का उपयोग किसी एक धर्म विशेष की प्रार्थना के लिए नहीं होना चाहिए। उनका तर्क है कि ये स्थान सार्वजनिक उपयोग और सुरक्षा के लिए बने हैं, न कि धार्मिक अनुष्ठानों के लिए।

    2. “समानता के सिद्धांत” का तर्क:

    भाजपा नेताओं का कहना है कि अगर एक धर्म को सार्वजनिक स्थल पर धार्मिक गतिविधि की अनुमति दी जाती है, तो अन्य धर्मों को भी वही अधिकार देना होगा, जिससे विवाद या अव्यवस्था पैदा हो सकती है। इसलिए, “सभी के लिए निष्पक्षता” के नाम पर विरोध किया जाता है।

    3. सुरक्षा और अनुशासन का मुद्दा:

    एयरपोर्ट उच्च सुरक्षा क्षेत्र होता है। भाजपा का मानना है कि किसी भी सामूहिक धार्मिक क्रिया से सुरक्षा एजेंसियों को दिक्कत या ध्यान भटकने की संभावना रहती है

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