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    भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक धमक: अब 56 देशों में मिलेगी 'वीजा फ्री' एंट्री

    जे कुमार नई दिल्ली 14 फरवरी 2026 : वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती कूटनीतिक शक्ति का असर अब भारतीय पासपोर्ट पर भी साफ दिखने लगा है। लेटेस्ट हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट ने शानदार सुधार करते हुए दुनिया के शक्तिशाली पासपोर्ट्स की सूची में 75वां स्थान हासिल कर लिया है। पिछले साल की तुलना में भारत की रैंकिंग में 10 पायदानों का बड़ा उछाल आया है। इस सुधार के साथ अब भारतीय नागरिक दुनिया के 56 देशों में बिना किसी पूर्व वीजा झंझट के यात्रा कर सकेंगे।

    इस सूची में शामिल 56 गंतव्यों में 'वीजा-फ्री' एंट्री के साथ-साथ 'वीजा-ऑन-अराइवल' और 'इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन' (eTA) की सुविधाएं शामिल हैं। थाईलैंड, मलेशिया, श्रीलंका, कजाकिस्तान और केन्या जैसे लोकप्रिय पर्यटन देशों ने भारतीय यात्रियों के लिए अपनी वीजा नीतियों में ढील दी है, जिससे विदेश यात्रा न केवल आसान बल्कि सस्ती भी हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भारत के मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों और पर्यटन समझौतों के कारण भारतीय पासपोर्ट की साख लगातार बढ़ रही है।

    रैंकिंग में इस सुधार का सीधा फायदा भारतीय पर्यटकों और बिजनेस ट्रैवलर्स को मिलेगा, जिन्हें अब लंबी वीजा प्रक्रियाओं और दूतावासों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। गौरतलब है कि इस इंडेक्स में सिंगापुर पहले स्थान पर है, जबकि जापान और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर काबिज हैं। भारत की इस उपलब्धि ने अफ्रीकी और कैरिबियाई देशों में भी पहुंच को आसान बनाया है, जो भारतीय पर्यटन उद्योग के लिए नए द्वार खोल रहा है। सरकार के निरंतर प्रयासों और 'लुक ईस्ट' व 'लुक अफ्रीका' जैसी नीतियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय यात्रियों की गतिशीलता (Global Mobility) को एक नई ऊंचाई प्रदान की है।

    #भारतीय_पासपोर्ट_रैंकिंग_2026_वीजा_फ्री_ट्रैवल_अपडेट

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    इंडिगो का छठा दिन का संकट: 1650 उड़ानें प्रभावित, CEO को DGCA का 'कारण बताओ' नोटिस

    आरएस अनेजा, 7 दिसम्बर नई दिल्ली - इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानें आज (7 दिसंबर, 2025) भी बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई हैं, जिससे यात्रियों को छठे दिन भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस परिचालन संकट के लिए इंडिगो के सीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 

    उड़ानें रद्द/प्रभावित: देश भर के हवाई अड्डों, विशेष रूप से दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु में सैकड़ों उड़ानें रद्द या विलंबित हुई हैं। आज, इंडिगो लगभग 1650 उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है, जबकि सामान्य परिचालन में 2,300 दैनिक उड़ानें शामिल हैं।

    वही विमानन नियामक DGCA ने इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर एल्बर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा गया है। नोटिस में कहा गया है कि एयरलाइन आवश्यक व्यवस्था करने में विफल रही, जिससे बड़े पैमाने पर व्यवधान उत्पन्न हुआ।

    नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी रद्द या प्रभावित उड़ानों का रिफंड आज रात 8 बजे (7 दिसंबर) तक पूरा किया जाए। साथ ही, यात्रियों से सामान खोने या देरी के मामलों में 48 घंटों के भीतर सामान पहुंचाने को कहा गया है।

    सरकार ने इस संकट के दौरान अन्य एयरलाइनों द्वारा मनमाना किराया वसूले जाने से रोकने के लिए घरेलू हवाई किराए की अधिकतम सीमा ₹18,000 तय कर दी है। 

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  • ब्रेकिंग न्यूज : बेंगलुरु हवाई अड्डे पर नमाज पढ़ने से विवाद

    बेंगलुरु एयरपोर्ट (Kempegowda International Airport) पर नमाज़ पढ़ने की सुविधा के बारे में जानकारी यह है कि:

    एयरपोर्ट पर किसी औपचारिक “प्रेयर रूम” या मस्जिद की व्यवस्था आम यात्रियों के लिए आधिकारिक रूप से घोषित नहीं है।

    बेंगलुरु एयरपोर्ट पर नमाज़ पढ़ने को लेकर भाजपा (BJP) या उसके कुछ नेताओं द्वारा जो एतराज जताया गया है, उसके पीछे कुछ प्रमुख कारण हैं —

    1. सार्वजनिक स्थान पर धार्मिक गतिविधि का विरोध:

    भाजपा का कहना है कि एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या सड़कों जैसे सार्वजनिक स्थलों का उपयोग किसी एक धर्म विशेष की प्रार्थना के लिए नहीं होना चाहिए। उनका तर्क है कि ये स्थान सार्वजनिक उपयोग और सुरक्षा के लिए बने हैं, न कि धार्मिक अनुष्ठानों के लिए।

    2. “समानता के सिद्धांत” का तर्क:

    भाजपा नेताओं का कहना है कि अगर एक धर्म को सार्वजनिक स्थल पर धार्मिक गतिविधि की अनुमति दी जाती है, तो अन्य धर्मों को भी वही अधिकार देना होगा, जिससे विवाद या अव्यवस्था पैदा हो सकती है। इसलिए, “सभी के लिए निष्पक्षता” के नाम पर विरोध किया जाता है।

    3. सुरक्षा और अनुशासन का मुद्दा:

    एयरपोर्ट उच्च सुरक्षा क्षेत्र होता है। भाजपा का मानना है कि किसी भी सामूहिक धार्मिक क्रिया से सुरक्षा एजेंसियों को दिक्कत या ध्यान भटकने की संभावना रहती है

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