दिल्ली में कड़ाके की ठंड के बीच ' खराब' हुई हवा, कई इलाकों में AQI 300 के पार
नई दिल्ली 11 जनवरी (अन्नू) : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रहने वालों के लिए दोहरी मुसीबत खड़ी हो गई है। एक तरफ हाड़ कंपाने वाली ठंड का प्रकोप जारी है, वहीं दूसरी ओर प्रदूषण के स्तर में भी कोई खास राहत मिलती नहीं दिख रही है। मौसम विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताजा आंकड़ों के अनुसार, हवा की रफ्तार सुस्त होने और दिशा बदलने के कारण शहर की वायु गुणवत्ता (AQI) एक बार फिर 'बेहद खराब' और 'खराब' श्रेणी के बीच झूल रही है। शनिवार को जहां स्थिति चिंताजनक थी, वहीं रविवार सुबह इसमें आंशिक सुधार जरूर हुआ, लेकिन खतरा अब भी बरकरार है।
इलाकों के अनुसार प्रदूषण का हाल
दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण का स्तर अलग-अलग दर्ज किया गया है। आनंद विहार (339), जहांगीरपुरी (342), आरके पुरम (334) और चांदनी चौक (332) जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में हवा 'बेहद खराब' श्रेणी में बनी हुई है। वहीं, अलीपुर, आईटीओ और पंजाबी बाग जैसे क्षेत्रों में सूचकांक 200 से 300 के बीच रहा, जिसे 'खराब' माना जाता है। राहत की बात केवल आईजीआई एयरपोर्ट (T3) के पास रही, जहां एक्यूआई 199 दर्ज किया गया।
समझिए AQI का गणित और सेहत पर असर
वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) हमें बताता है कि हम जिस हवा में सांस ले रहे हैं, वह कितनी सुरक्षित है। इसे निम्नलिखित श्रेणियों में बांटा गया है:
• 0-50 (बेहतरीन): हवा पूरी तरह शुद्ध है।
• 51-100 (संतोषजनक): सामान्य स्थिति।
• 101-200 (मध्यम): फेफड़ों और दिल के मरीजों को हल्की असुविधा हो सकती है।
• 201-300 (खराब): लंबे समय तक बाहर रहने पर सांस लेने में दिक्कत।
• 301-400 (बेहद खराब): स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा।
• 401-500 (गंभीर): स्वस्थ लोगों पर भी बुरा असर और बीमारों के लिए जानलेवा स्थिति।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक हवा की गति तेज नहीं होती, तब तक प्रदूषक कणों (Pollutants) के छंटने की उम्मीद कम है। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों को सुबह की सैर से बचने की सलाह दी जा रही है।
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