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    प्रधानमंत्री ने कश्मीरी पंडित समुदाय को हेराथ पोश्ते की बधाई दी

    आरएस अनेजा, 15 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कश्मीरी पंडित समुदाय के समृद्ध परंपराओं को दर्शाने वाले पवित्र त्योहार ‘हेराथ पोश्ते’ की शुभकामनाएं दीं।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “इस पवित्र अवसर पर, मैं सभी के जीवन में स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करता हूं। यह नए सफलता के मार्ग खोले और हर घर को खुशियों और संतोष से भर दे।”

    प्रधानमंत्री ने X पर लिखा: “हेराथ पोश्ते” यह पवित्र त्योहार हमारे कश्मीरी पंडित समुदाय की समृद्ध परंपराओं को दर्शाता है। इस पवित्र अवसर पर, मैं सभी के जीवन में स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करता हूं। यह नए सफलता के मार्ग खोले और हर घर को खुशियों और संतोष से भर दे।

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    78वां भारतीय सेना दिवस : शौर्य की विरासत और मिसाइल शक्ति से अभेद्य होता भारत

    आरएस अनेजा, 15 जनवरी नई दिल्ली - आज भारतीय सेना दिवस उन वीर सैनिकों के अदम्य साहस, अनुशासन और सर्वोच्च बलिदान का स्मरण कराता है, जो हर परिस्थिति में राष्ट्र की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। यह केवल एक दिवस नहीं, बल्कि भारतीय सेना के शौर्य, और समर्पण को नमन करने का अवसर है। भारतीय सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है।

    वर्ष 2026 में भारत अपना 78वाँ सेना दिवस मना रहा है। यह दिन 1949 में फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा के भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ के रूप में कार्यभार संभालने की याद में मनाया जाता है।

    सेना दिवस केवल एक प्रतीकात्मक दिन नहीं, बल्कि यह उस संगठन की शक्ति और प्रतिबद्धता का उत्सव है जो सीमाओं की रक्षा करता है। वर्तमान भू-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में भारत की मिसाइल क्षमताएँ न केवल आक्रामकता का उत्तर देने में सक्षम हैं, बल्कि प्रामाणिक न्यूनतम प्रतिरोध नीति को मजबूती भी प्रदान करती हैं। जल, थल और नभ – तीनों क्षेत्रों में मिसाइलों की पहुँच और सटीकता भारत की सुरक्षा रणनीति की धुरी बन चुकी है।

    मिसाइल शक्ति पर केंद्रित सेना दिवस

    वर्ष 2026 के सेना दिवस पर देश का ध्यान उस मिसाइल शक्ति की ओर केंद्रित है, जो भारत की रणनीतिक सुरक्षा और आत्मनिर्भर सैन्य प्रणाली का मूल आधार बन चुकी है।

    यह प्रमुख मिसाइलें भारत की ताकत

    भारत की रणनीतिक प्रतिरोध प्रणाली का प्रमुख आधार अग्नि-5 अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता 5,000 किमी से अधिक है। इसमें MIRV तकनीक (Multiple Independently Targetable Re-entry Vehicles) के माध्यम से एक साथ कई लक्ष्यों पर प्रहार करने की क्षमता है।

    इसका नया संस्करण, अग्नि-प्राइम, मध्यम दूरी के लिए विकसित की गई मिसाइल है जिसकी रेंज 1,000–2,000 किमी है। इसे कैनिस्टर में रखा जा सकता है, जिससे यह युद्धकालीन त्वरित तैनाती और उच्चतम उत्तरजीविता की सुविधा देती है।

    भारत और रूस के सहयोग से विकसित ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल भारत की अग्रणी सटीक प्रहार प्रणाली है। इसका विस्तारित संस्करण 800 किमी तक की रेंज के साथ जल्द ही सेवा में शामिल होने वाला है। यह ज़मीन, समुद्र और वायु — तीनों प्लेटफॉर्म से लॉन्च की जा सकती है।

    इसके अतिरिक्त, निर्भय सबसोनिक क्रूज मिसाइल भारत को दुश्मन की गहराई में स्थित कमांड सेंटरों और महत्वपूर्ण ढांचों को चुपचाप और सटीकता से निशाना बनाने की क्षमता देती है।

    सुरक्षा के लिए रूस निर्मित एस-400 मिसाईल प्रणाली का लोहा हम ऑपरेशन सिंदूर में देख चुके है।

    भारतीय सेना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

    भारतीय सेना दुनिया की सबसे बड़ी स्वैच्छिक स्थायी सेनाओं में से एक है। इसमें 12 लाख से अधिक सक्रिय और लगभग 9 लाख रिजर्व सैनिक हैं।

    भारतीय सेना सियाचिन ग्लेशियर की सुरक्षा करती है। यह दुनिया का सबसे ऊँचा युद्ध क्षेत्र और गैर-ध्रुवीय इलाकों का दूसरा सबसे लंबा ग्लेशियर है।

    61वीं कैवेलरी रेजिमेंट भारत की सबसे बड़ी घुड़सवार यूनिट है। यह दुनिया की आखिरी सक्रिय बिना मशीनीकरण वाली कैवेलरी में शामिल है।

    भारतीय सेना अपने अनुशासन और युद्ध क्षमता के लिए प्रसिद्ध है। विश्व में इसे अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा स्थान माना जाता है।

    भारतीय सेना का आदर्श वाक्य “Service Before Self” है। यह 1949 से अब तक बिना बदले कायम है।

    भारत संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में सबसे ज़्यादा सैनिक भेजता है। वर्तमान में 6,000 से अधिक भारतीय जवान तैनात हैं।

    भारतीय सेना सिर्फ युद्ध ही नहीं, आपदा राहत में भी अहम भूमिका निभाती है। बाढ़, भूकंप, कोरोना और चुनाव सुरक्षा में सेना आगे रहती है।

    योगेन्द्र सिंह यादव सबसे कम उम्र के परमवीर चक्र विजेता हैं। उन्होंने 19 वर्ष की उम्र में कारगिल युद्ध में यह सम्मान पाया।

    कुछ स्पेशल फोर्स यूनिट्स की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहती है। उनकी संख्या, तैनाती और कमांड स्ट्रक्चर सार्वजनिक नहीं होता।

    भारतीय सेना देश में सबसे ज़्यादा स्वैच्छिक रक्तदान करती है। हर साल हजारों यूनिट रक्तदान किया जाता है।

    गोरखा सैनिक भारतीय सेना का गौरवशाली हिस्सा हैं। उन्होंने कारगिल युद्ध सहित कई लड़ाइयों में बहादुरी दिखाई।

    सेना के पास प्रशिक्षित डॉग स्क्वाड भी होता है। ये कुत्ते विस्फोटक खोज, ट्रैकिंग और रेस्क्यू में मदद करते हैं।

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    राष्ट्रपति मुर्मु व अन्य ने देशवासियों को लोहड़ी व मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी

    आरएस अनेजा, 13 जनवरी नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज मंगलवार को लोहड़ी, मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी और किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया।

    राष्ट्रपति मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को लोहड़ी, मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू की हार्दिक शुभकामनाएं। ये पर्व भारत की समृद्ध कृषि परंपराओं तथा राष्ट्रीय एकता के प्रतीक हैं। इस अवसर पर हम प्रकृति के प्रति कृतज्ञता भी व्यक्त करते हैं। इन त्योहारों के माध्यम से हम अन्नदाता किसानों का आभार प्रकट करते हैं। मेरी मंगलकामना है कि ये पर्व सबके जीवन में सुख-समृद्धि का संचार करें।”

    ओम बिरला ने एक्स पर लिखा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “संस्कृति और परंपराओं से जुड़े पर्व लोहड़ी की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। फसल की समृद्धि, अन्न की महत्ता और किसान के परिश्रम का प्रतीक यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता भाव को प्रकट करता है। तिल-गुड़ की मिठास, ढोल की गूंज और गिद्दा-भांगड़ा की ऊर्जा के साथ लोहड़ी आपके जीवन में सुख, समृद्धि और नई खुशियाँ लेकर आए, यही मंगलकामना है।”

    विदेश मंत्री जॉ. एस. जयशंकर ने शुभकामनाएं देते हुए कहा, “लोहड़ी और भोगी के पावन अवसर पर त्योहारों की बधाई। ये त्योहार सभी के जीवन में खुशियां, मेलजोल और समृद्धि लाएं।”

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    गुरु नानक देव जी ने 'किरत करो वंड छको' का संदेश देकर सामाजिक कुरीतियों को दूर किया: ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    एक पंक्ति में बैठकर लंगर खाने की परंपरा गुरू नानक देव जी ने चलाई थी : मंत्री अनिल विज

    गुरू नानक देव जी ने विश्व का दौरा किया व ज्ञान की रोशनी से सभी को रोशन किया : विज

    श्री गुरू नानक देव जी के प्रकाशोत्सव के अवसर पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने पंजाबी गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका व शुभकामनाएं दी

    अम्बाला/चंडीगढ़, 05 नवम्बर- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने पहली पातशाही श्री गुरू नानक देव जी के प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य पर प्रात: पंजाबी गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका व सभी को पावन अवसर पर शुभकामनाएं दी।

    गुरुद्वारा साहिब में आयोजित कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज बहुत शुभ दिन है, आज श्री गुरू नानक देव जी का प्रकट दिवस है। गुरू नानक देव जी ने अपनी शिक्षाओं से सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने के लिए बहुत बड़ा काम किया है और उन्होंने किरत करो, वंड छको, एक साथ छोटे-बड़े खाओं, बिना जातपात के खाओं एक बहुत बड़ा अभियान शुरू किया। इसी प्रकार से उन्होंने अच्छे और बुरे पैसों से कमाई संपत्ति के बारे में उन्होंने भाई लालो और भाई मलिक भागो की कहानी सुनाकर समाज को बताया। आज बहुत अच्छा दिन है और सभी को इस दिन की लख-लख बधाईयां।

    एक पंक्ति में बैठकर लंगर खाने की परंपरा गुरू नानक देव जी ने चलाई थी : ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि आज सिख पंथ के पहले गुरू नानक देव जी का प्रकाश हुआ और जिस समय उनका प्रकाश धरती पर हुआ तो उस समय धरती काफी रूढ़ीवादी विचारों में फंसी व झूठ में लिपटी हुई थी। गुरू नानक देव जी ने इन सब चीजों से लोगों को खबरदार किया और समझाया कि यह रूढ़ीवादी हमारे धर्म के अनुसार नहीं है। उन्होंने बहुत सारी शिक्षाएं हमें दी। किरत करो वंड छकों, सच्ची ईमानदारी से काम करो बताया। उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि लोग अपने काम धंधे छोड़ सब भगवान की पूजा में लग जाए। उन्होंने कहा कर्म करो और एक साथ बैठकर खाओं। एक पंक्ति में सभी बैठकर लंगर की जो परंपरा चली आ रही है वह गुरू नानक देव जी ने ही चलाई थी।

    गुरू नानक देव जी ने विश्व का दौरा किया व ज्ञान की रोशनी से सभी को रोशन किया : अनिल विज

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि भाई लालो व भाई मलिक भागो की कहानी भी बहुत सुनाई जाती है। भोजन रखा गया और दोनों ने गुरू नानक देव जी से कहा हमारे घर खाओं। मगर गुरू नानक देव जी ने जो गरीब भाई लालो के घर भोजन खाया क्योंकि वो उसकी मेहनत की कमाई का था जबकि दूसरे भाई की कमाई को उन्होंने ठीक नहीं कहा। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि गुरू नानक देव जी ने जगह-जगह कल्याण के कई कार्य किए और विश्व का दौरा किया। दूर जाकर ज्ञान की रोशनी से सभी को रोशन किया। आज गुरू नानक देव जी का प्रकाशोत्सव है और वह दिल की गहराईयों से सभी को शुभकामनाएं देते हैं। वह यह भी कहते हैं हमें गुरू नानक देव जी के विचारों पर चलना चाहिए और लोगों को भी प्रेरित करना चाहिए।

    इससे पहले मंत्री अनिल विज ने पंजाबी गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका। गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान कुलजीत सिंह बेदी, पूर्व प्रधान बीएस बिंद्रा व अन्य ने उन्हें सिरोपो व कृपाण भेंट की। मंत्री अनिल विज ने संगत के बीच बैठकर गुरू का लंगर भी खाया। इस अवसर पर नगर परिषद के उपाध्यक्ष ललता प्रसाद, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के उपप्रधान गुरूविंद्र सिंह सेठी, कोषाध्यक्ष सरदार कुलवंत सिंह, जनरल सैके्रटरी मनिन्द्र सिंह बिंद्रा, अमरप्रीत सिंह, हरविंद्र सिंह नीटू, सुदर्शन सहगल, संजीव सोनी, रणजीत सिंह, जसबीर सिंह जस्सी, रवि बुदिराजा, राजा, आशीष अग्रवाल, केपी सिंह, प्रवेश शर्मा, बलित नागपाल, बलकेश वत्स, नरेश, मदनलाल शर्मा, अनिल बहल, राजेंद्र सिंह, दीपक भसीन के साथ-साथ गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी व अन्य मौजूद रहे।

    #AnilVij #GuruNanakDevJi #PrakashParv #GurudwaraSahib #Sikhism #KiratKaroVandChhako #LangarTradition #AmbalaCantt

  • छठ पूजा भारत का एक अत्यंत प्राचीन और पवित्र पर्व है । इसे कब मनाते हैं, कैसे मनाते हैं देखिए "दैनिक खबर" पर छठ पूजा का महत्व ।

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    भगवान विश्वकर्मा ही सृष्टि के रचयिता है और उन्होंने ही धरती को मनुष्य के रहने लायक बनाया - ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    अम्बाला/चंडीगढ़, 22 अक्टूबर- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के रचयिता है तथा भगवान विश्वकर्मा ने ही मनुष्य के रहने के लायक धरती का निर्माण किया है। इससे पहले, धरती पर खाई, तूफान, जंगल, पेड़-पौधे होते थे लेकिन भगवान विश्वकर्मा ने ही सृष्टि की रचना करते हुए इसे मनुष्य के रहने के लायक बनाया क्योकि वह सर्वव्यापी है, वो हर मनुष्य के जीवन में व्याप्त है।


    ऊर्जा मंत्री आज अंबाला के रामबाग रोड पर भगवान विश्वकर्मा दिवस के उपलक्ष्य में श्री गुरु विश्वकर्मा मंदिर लेबर यूनियन द्वारा आयोजित कार्यक्रम मे बतौर मुख्य अतिथि उपस्थितजनों को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने मंदिर में माथा टेककर भगवान विश्वकर्मा का आर्शीवाद प्राप्त किया।

    परिवहन मंत्री अनिल विज ने इस मौके पर भगवान विश्वकर्मा दिवस बधाई देते हुए कहा कि आज हम विश्व के सबसे बड़े शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा दिवस मनाने के लिए यहा एकत्रित हुए है। विश्वकर्मा दिवस साल में दो बार मनाया जाता है, एक बार सितम्बर में तथा दूसरा दिपावली के अगले दिन मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सारे देश के शिल्पकार विश्चकर्मा दिवस बड़ी श्रद्धा के साथ मनाते है और इस दिन वह अपने औजारों की पूजा भी करते हैं। ये जो सारा ब्रम्हांड है, चल-अचल सम्पत्ति है और स्वर्ग का निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने किया था क्योंकि वह सर्वव्यापी है, वो हर मनुष्य के जीवन में व्याप्त है।

    मंत्री विज ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा ने सृष्टि को बनाया है। किसी चीज को बनाने के लिए तीन चीजों की आवश्यकता होती है जिनमें सबसे पहली जगह होना, दूसरा रॉ मैटेरियल होना और तीसरा बनाने वाली शक्ति चाहिए। उन्होंने कहा कि धरती बनाने के लिए रॉ मैटिरियल कहां से आया है इसका उन्हें ज्ञान नहीं मगर, इसे बनाया भगवान विश्वकर्मा ने ही है। मनुष्य की हर चीज आवश्यकता जैसे घर, सडक़, स्कूल कॉलेज व अन्य को हम बनाते है, उस पर हमारे बोर्ड लग जाते है लेकिन वास्तव में यह सब चीजें विश्वकर्मा द्वारा बनाई गई है।

    शिल्पकार जब शिल्पकारी करता है तो वास्तव में शिल्पकार के अंदर का भगवान विश्वकर्मा काम करते हैं – मंत्री अनिल विज

    भगवान विश्वकर्मा से ही प्रेरणा लेकर हम इन सब कार्यों को करवाते हैं। विश्वकर्मा द्वारा बहुत सुन्दर चीजें एवं कृतियां बनाई गई है। हम हैरान होते हैं कि कारीगरों ने सुंदर प्रतिमाएं कैसे बनाई, मगर इनके पीछे भी भगवान विश्वकर्मा होते हैं। कोई मनुष्य जब भी कोई काम करता है/शिल्पकारी करता है तो वास्तव में उनके अंदर का विश्वकर्मा काम करता है। अम्बाला छावनी में भी शिल्पकारों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा, भगत सिंह व अन्य की प्रतिमाएं हैं। इतनी सुन्दर चीजें बनाई गई है वह सब विश्वकर्मा की देन है। श्रीमदभागवद् गीता जी में भी कहा गया है कि काम कर काम कर, कर्म का आधार ही गीता है। उन्होंने इस अवसर पर सभी को विश्वकर्मा दिवस की बधाई दी।

    कार्यक्रम के दौरान श्री गुरु विश्वकर्मा मंदिर लेबर यूनियन के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह व शॉल भेंट कर उनका भव्य अभिनंदन भी किया।

    इस मौके पर गुरु विश्वकर्मा मंदिर लेबर यूनियन के प्रधान राजीव पंचाल, महासचिव मेहर सिंह सैनी, रणधीर पंचाल, अशोक, सूबेदार सतीश कुमार, कैप्टन प्रताप भीमरा, नप उपाध्यक्ष ललता प्रसाद, रवि बुद्धिराजा, हर्ष बिंद्रा, प्रवेश शर्मा, बिजेंद्र चौहान, बीएस बिंद्रा, आशीष अग्रवाल, बलित नागपाल, दीपक भसीन, इकबाल ढांडा के साथ-साथ यूनियन के अन्य पदाधिकारीगण व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

    ऊर्जा मंत्री ने 4 हजार किमी. मैराथन करने वाली सान्या को किया सम्मानित

    वहीं, कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने गोहाना स्थित रूखी गांव की रहने वाली सान्या पंचाल को भी स्मृति चिन्ह भेंट कर प्रोत्साहित किया। यहां बता दें कि सान्या पंचाल ने 98 दिन में जम्मू कश्मीर से कन्याकुमारी तक लगभग 4 हजार किलोमीटर मैराथन की हैं। मैराथन के दौरान अम्बाला आगमन पर सान्या पंचाल ने कैबिनेट मंत्री से मिलकर उनका आर्शीवाद भी लिया था। परिजनों ने आज कैबिनेट मंत्री से मिलकर उनका धन्यवाद किया।

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  • दिवाली, जिसे दीपावली भी कहते हैं

    दिवाली, जिसे दीपावली भी कहते हैं, भारत का एक बहुत ही महत्वपूर्ण और लोकप्रिय त्योहार है। यह 'अंधकार पर प्रकाश की विजय', 'बुराई पर अच्छाई की जीत' और 'अज्ञान पर ज्ञान की विजय' का प्रतीक है। यह कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है।

    दिवाली से जुड़ी प्रमुख घटनाएं और पौराणिक कथाएँ इस प्रकार हैं:

    * भगवान राम का अयोध्या लौटना:

    * सबसे प्रचलित कथा के अनुसार, भगवान राम चौदह वर्ष के वनवास और राक्षसराज रावण पर विजय प्राप्त करने के बाद, अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे।

    * अयोध्यावासियों ने अपने प्रिय राजा के लौटने की खुशी में पूरे नगर को घी के दीयों से सजाया था। उस अमावस्या की काली रात दीयों की रोशनी से जगमगा उठी थी। तभी से यह पर्व प्रकाश के उत्सव के रूप में मनाया जाने लगा।

    * देवी लक्ष्मी का अवतरण:

    * माना जाता है कि दिवाली के दिन ही समुद्र मंथन के दौरान धन और समृद्धि की देवी माता लक्ष्मी प्रकट हुई थीं।

    * इसलिए, दिवाली के दिन घरों में दीये जलाने के साथ-साथ, सुख-समृद्धि के लिए देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा भी की जाती है। कुछ मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन देवी लक्ष्मी ने भगवान विष्णु को अपने पति के रूप में चुना था।

    * भगवान कृष्ण द्वारा नरकासुर का वध:

    * एक कथा के अनुसार, दिवाली से एक दिन पहले, जिसे नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली कहते हैं, भगवान कृष्ण ने अत्याचारी राक्षस नरकासुर का वध किया था और उसकी कैद से 16,000 कन्याओं को मुक्त कराया था।

    * इस विजय की खुशी में अगले दिन दीप जलाकर उत्सव मनाया गया था।

    * महावीर स्वामी का मोक्ष:

    * जैन धर्म में, दिवाली का विशेष महत्व है क्योंकि इस दिन जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर को मोक्ष (निर्वाण) प्राप्त हुआ था।

    * इस ज्ञान के प्रकाश को याद करने के लिए जैन समुदाय के लोग दीये जलाते हैं।

    * बंदी छोड़ दिवस (सिख धर्म):

    * सिख धर्म में, दिवाली को बंदी छोड़ दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन सिखों के छठे गुरु, गुरु हरगोबिंद जी, मुगल कैद से 52 राजाओं के साथ मुक्त होकर अमृतसर लौटे थे।

    * उनके स्वागत में श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) को दीपों से सजाया गया था।

    दिवाली का पर्व पाँच दिनों तक चलता है, जिनमें ये घटनाएँ अलग-अलग दिनों से जुड़ी हैं:

    * धनतेरस (पहला दिन): इस दिन धन के देवता कुबेर और आरोग्य के देवता धन्वंतरि की पूजा होती है।

    * नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली (दूसरा दिन): इस दिन भगवान कृष्ण द्वारा नरकासुर के वध का उत्सव मनाया जाता है।

    * दीपावली (मुख्य दिन, तीसरा दिन): इस दिन भगवान राम के अयोध्या लौटने और माता लक्ष्मी के अवतरण की घटना से जुड़ी पूजा होती है।

    * गोवर्धन पूजा (चौथा दिन): इस दिन भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर इंद्र के प्रकोप से गोकुलवासियों की रक्षा की थी।

    * भाई दूज (पाँचवाँ दिन): यह भाई-बहन के पवित्र प्रेम का त्योहार है, जब बहनें अपने भाई की लंबी उम्र और समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं।

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    अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस

    अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस (International Day for the Eradication of Poverty) हर साल 17 अक्टूबर को मनाया जाता है।

    इस दिन का उद्देश्य दुनिया भर में गरीबी, असमानता और सामाजिक अन्याय के खिलाफ जागरूकता फैलाना तथा गरीबी उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।

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    🌍 इतिहास (History):

    पहली बार यह दिवस 1987 में मनाया गया था, जब लगभग एक लाख लोग पेरिस (फ्रांस) के Trocadéro Plaza में इकट्ठा हुए थे।

    यह वही स्थान है जहाँ 1948 में मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा (Universal Declaration of Human Rights) को अपनाया गया था।

    उन्होंने अत्यधिक गरीबी और मानवाधिकार उल्लंघन के शिकार लोगों को सम्मान देने के लिए एक स्मारक का उद्घाटन किया।

    1992 में, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने आधिकारिक रूप से 17 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस घोषित किया।

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    🎯 उद्देश्य (Objectives):

    1. गरीबी के मूल कारणों और उसके प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाना।

    2. गरीबी उन्मूलन के लिए वैश्विक एकता और नीति निर्माण को प्रोत्साहित करना।

    3. गरीबों की आवाज़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने लाना।

    4. सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के तहत “गरीबी का अंत” (No Poverty) लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोग देना।

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    💬 2025 की थीम (Theme 2025):

    > (संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी 2025 की आधिकारिक थीम अभी तक घोषित नहीं हुई है — मैं चाहें तो इसकी ताज़ा जानकारी वेब से देख सकता हूँ।)

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    📈 महत्व (Significance):

    गरीबी केवल आर्थिक समस्या नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और सम्मानजनक जीवन का अधिकार भी इससे प्रभावित होता है।

    यह दिवस सरकारों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों को यह याद दिलाता है कि गरीबी उन्मूलन मानवाधिकारों की नींव है।

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    🙌 भारत में प्रयास:

    गरीबी रेखा निर्धारण (Planning Commission/NITI Aayog के माध्यम से)

    प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, जन धन योजना, उज्ज्वला योजना, अन्न योजना आदि

    — इन सबका उद्दे

    श्य गरीबों को सशक्त बनाना और जीवन स्तर सुधारना है।

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    विश्व खाद्य दिवस (World Food Day)

    विश्व खाद्य दिवस (World Food Day)

    हर वर्ष 16 अक्टूबर को पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य दुनिया भर में भूख, खाद्य असुरक्षा और कुपोषण के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना है कि हर व्यक्ति को पर्याप्त, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन मिले।

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  • अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस (International Day of the Girl Child) — 11 अक्टूबर

    अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस (International Day of the Girl Child) — 11 अक्टूबर

    हर वर्ष 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पूरे विश्व की तरह भारत में भी बड़े उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य समाज में बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा, समान अवसर, और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।

    🇮🇳 भारत में महत्व:

    भारत में यह दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां बालिकाओं को आज भी कई सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है — जैसे लिंग भेदभाव, शिक्षा में असमानता, बाल विवाह, और पोषण की कमी। इस दिन के माध्यम से इन समस्याओं के समाधान की दिशा में समाज को जागरूक किया जाता है।

    🪷 सरकारी पहलें:

    भारत सरकार ने बालिकाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जैसे —

    बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना

    सुकन्या समृद्धि योजना

    बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना

    कन्या सुमंगला योजना

    इन योजनाओं का उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षित, स्वावलंबी और सशक्त नागरिक बनाना है।

    🎯 2025 की थीम:

    “Invest in Girls’ Rights: Our Leadership, Our Well-being”

    (लड़कियों के अधिकारों में निवेश करें: हमारा नेतृत्व, हमारी भलाई)

    🌸 संदेश:

    बालिका किसी भी राष्ट्र की शक्ति और प्रगति की प्रतीक है।

    उसे शिक्षा, सम्मान और अवसर देना ही सच्चे अर्थों

    में नए भारत का निर्माण है।

    #अंतरराष्ट्रीयबालिका” #बालिकादिवस #InternationalDayoftheGirlChild #गर्लचाइल्ड #अधिकार #जेंडरसमानता #महिलाओंकाअधिकार #फेमिनिज़्म #इंवेस्टइनगर्ल्स #सक्शमता #लड़कियोंकीशिक्षा #सपने #युवा #नारीशक्ति #सीमाप्रोग्राम #भविष्य #उन्नति #alsevol शकती #समानता

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    विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस

    विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (World Mental Health Day) हर वर्ष 10 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझना, लोगों में जागरूकता फैलाना और मानसिक रोगों के प्रति समाज में फैले भेदभाव को दूर करना है।

    🌿 इतिहास

    इसकी शुरुआत 1992 में विश्व मानसिक स्वास्थ्य महासंघ (World Federation for Mental Health) द्वारा की गई थी।

    तब से यह दिन हर वर्ष किसी न किसी विशेष थीम (विषय) के साथ दुनिया भर में मनाया जाता है।

    💡 विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2025 की थीम

    > "Mental health is a universal human right"

    यानी — “मानसिक स्वास्थ्य एक सार्वभौमिक मानव अधिकार है।”

    🧠 उद्देश्य

    1. मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण बताना।

    2. अवसाद, चिंता, तनाव जैसे मानसिक विकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाना।

    3. मानसिक रोगों से पीड़ित लोगों के प्रति समाज में सहानुभूति और सहयोग बढ़ाना।

    4. यह सुनिश्चित करना कि हर व्यक्ति को मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की समान पहुंच मिले।

    ❤️ महत्व

    मानसिक स्वास्थ्य हमारे सोचने, महसूस करने और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करता है।

    स्वस्थ मानसिक स्थिति से व्यक्ति संतुलित जीवन, बेहतर रिश्ते और कार्य क्षमता विकसित करता है।

    तनाव, अवसाद और चिंता जैसी समस्याओं को समय पर पहचानकर उनका इलाज कराना बहुत जरूरी है।

    🌏 कैसे मनाएं

    स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों में सेमिनार, वार्ताएं और परामर्श सत्र आयोजित किए जाते हैं।

    सोशल मीडिया पर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जागरूकता मुहिम चलाई जाती है।

    लोग अपने मित्रों और परिवार के साथ खुलकर बात करते हैं, जिससे मानसिक बोझ कम होता है।

    #WorldMentalHealthDay #MentalHealthAwareness #MentalHealthMatters #WellnessSupport #Mindfulness #SelfCare #MentalWellbeing #MentalHealthAdvocacy #BreakTheStigma #MentalHealthCommunity #HealthForAll #TalkAboutIt #EmotionalHealth #MentalHealthSupport #YouAreNotAlone #PsychologicalWellness #Inspiration #Hope #WellnessJourney

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    विश्व डाक दिवस (World Post Day)

    World Post Day

    हर वर्ष 9 अक्टूबर को विश्वभर में विश्व डाक दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को डाक सेवाओं के महत्व, उनके विकास और समाज में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना है।

    विश्व डाक दिवस की शुरुआत 1969 में हुई थी। इस दिन को मनाने का निर्णय विश्व डाक संघ (Universal Postal Union - UPU) की स्थापना की स्मृति में लिया गया था।

    UPU की स्थापना 9 अक्टूबर 1874 को स्विट्ज़रलैंड के बर्न शहर में हुई थी। भारत ने भी 1876 में इस संघ की सदस्यता ग्रहण की।

    यह दिन मानने उद्देश्य लोगों को डाक सेवाओं के महत्व के बारे में जागरूक करना। डाक सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में प्रोत्साहन देनाऔर वैश्विक स्तर पर डाक सेवाओं को एकजुट कर संचार और व्यापार को सुगम बनाना।

    भारत में डाक विभाग देश के सबसे पुराने और व्यापक नेटवर्क में से एक है।

    भारत का पहला डाक टिकट 1852 में सिंध (अब पाकिस्तान) में जारी किया गया था।

    भारतीय डाक विभाग देश के कोने-कोने तक पत्र, पार्सल, बचत बैंक, बीमा और ई-कॉमर्स जैसी सेवाएँ प्रदान करता है।

    भारत में PIN कोड प्रणाली की शुरुआत 1972 में हुई थी।

    विश्व डाक दिवस हमें यह याद दिलाता है कि चाहे डिजिटल युग कितना भी आगे क्यों न बढ़ जाए, डाक सेवाएँ आज भी मानव संबंधों, सरकारी संचार और ग्रामीण भारत के आर्थिक जीवन की रीढ़ बनी हुई हैं।

    #विश्वडाकदिवस #भारतीयडाक #डाकसेवा #डाकघर #डाककर्मी #संरक्षण #संचार #टिकटसंग्रह #डाकतश्विर #ब्रांडट्रांसॅक्शन #ईडाक #विदेशीकोरिया #डाकस्थल #डाकसुऐटक холबिल #डाकसंरक्षण #विश्वभर #भारतीयसंस्कृति #प्यासनकारिकी #डाकदुनिया

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    विश्व शिक्षक दिवस (World Teachers’ Day) पर आप सबको हार्दिक शुभकामनाएं

    विश्व शिक्षक दिवस हर वर्ष 5 अक्टूबर को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह दिन शिक्षकों के योगदान, उनके महत्व और शिक्षा के क्षेत्र में उनकी भूमिका को सम्मान देने के लिए समर्पित है।

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    विजयदशमी पर्व बुराई पर अच्छाई का तथा झूठ पर सच्चाई का प्रतीक : ऊर्जा व परिवहन मंत्री अनिल विज

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने रेलवे कालोनी, तोपखाना बाजार, दशहरा ग्राउंड और शास्त्री कालोनी में दशहरा उत्सव में बतौर मुख्यतिथि शिरकत की

    चंडीगढ़/अम्बाला, 2 अक्टूबर - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने आज अम्बाला छावनी में भिन्न-भिन्न जगहों पर दशहरा पर्व में शामिल होकर लोगों को बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व दशहरा पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएं दी। इस मौके पर उन्होंने विजयदशमी पर्व की उपस्थित सभी को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि सारे देश में विजयदशमी पर्व बडे ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। नौ दिन जो रामलीला चलती है वह हमारी जीवन पद्धति का सार है। रामलीला में जो एक-एक घटना दिखाई जाती है वह हमारे जीवन को सार्थक करती है। उन्होंने कहा कि विजयदशमी पर्व बुराई पर अच्छाई का तथा झूठ पर सच्चाई का प्रतीक है।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने इस मौके पर रेलवे रोड (नाचघर) दशहरा कमेटी व श्री रामलीला नाटक समाज तोपखाना दशहरा कमेटी को 5-5 लाख रूपए देने की तथा श्री रामलीला कमेटी बजाजा बाजार रामलीला कमेटी को 10 लाख रुपए देने की घोषणा की। इसके उपरांत उन्होंने शास्त्री कालोनी परिवार रेजिडेंट सोसाइटी द्वारा आयोजित दशहरा उत्सव में शामिल होते हुए बच्चों की प्रस्तुतियों को खूब सराहा। इससे पहले दशहर उत्सव में विभिन्न जगहों पर पहुंचने पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज का आयोजित कार्यक्रमों में पदाधिकारियों व अन्य गणमान्य लोगों ने मुख्यअतिथि को फूल-माला पहनाकर व स्मृति चिन्ह देकर उनका भव्य अभिन्नदन किया।

    ऊर्जा मंत्री ने इस मौके पर कहा कि बारिश के बावजूद दशहरा पर्व पर लोगों का उत्साह देखने ही बन रहा है, यही हमारी परम्परा है, यही हमारी शिक्षाएं हैं तथा हम अपने महापुरूषों के पदचिन्हों पर चलते हुए अपने जीवन को सार्थक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दशहरा पर्व पर कईं जगहों पर आयोजित कार्यक्रमों में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों को जलाया गया और भव्य आतिशबाजी से रावण पर भगवान राम की जीत का जश्न भी मनाया गया।

    उन्होंने कहा कि पिछले कईं दशकों से यहां पर दशहरा पर्व मनाने का काम किया जा रहा है। बरसात के बावजूद यहां पर लोगों का इतनी संख्या में डटकर रहना उनकी धार्मिक भावना को दर्शाता है। उन्होंने विजयदशमी पर्व बुराई पर अच्छाई का तथा झूठ पर सच्चाई का प्रतीक है बताते हुए सभी को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दी।

    इस मौके पर कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ राहुल आनंद, भाजपा पदाधिकारी अजय बवेजा, रवि बुद्धिराजा, श्रीराम लीला कमेटी बजाजा बाजार से संजीव जिंदल, कैलाश धीर, संदीप जिन्दल, दीपक शर्मा, प्रदीप जी, सनातन धर्म रेलवे कालोनी नाचघर अम्बाला छावनी से प्रदीप शर्मा, प्रमोद लक्की, विनोद कुमार राय, संजय कुमार, नीरज शर्मा, बृजमोहन, शास्त्री कालोनी परिवार वेलफेयर रजिडेंट सोसाइटी से कपिल विज, विपिन खन्ना, विवेक जैन, अरविंद, बलित नागपाल के साथ-साथ अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

    #AnilVij #DussehraCelebrations #AmbalaCantt #Vijayadashami #FestivalOfVictory #EnergyMinisterHaryana #RamLeela #CulturalHeritage #GrantAnnouncement #HaryanaPolitics #GoodOverEvil #AmbalaNews

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    अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस

    #gandhijayanti #mahatmagandhi #InternationalDayofNonViolence

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    शारदीय नवरात्रि का पहला दिन: मां शैलपुत्री की पूजा विधि और मंत्र

    चंडीगढ़, 22 सितम्बर (अभी): आज शक्ति की साधना का पहला दिन देवी दुर्गा के मां शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की जाती है। आज से नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो गया है। इस वर्ष मां दुर्गा का आगमन हाथी पर हुआ है, जिसे बहुत ही शुभ माना जाता है। यह आगमन लोगों के जीवन में सुख-समृद्धि और उन्नति लेकर आएगा। नवरात्रि का यह महापर्व आज से शुरू होकर 1 अक्टूबर को महा नवमी तक चलेगा, जिसके बाद 2 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ इसका समापन होगा।

    आज नवरात्रि के पहले दिन, भक्त कलश स्थापना करके मां दुर्गा का आह्वान कर रहे हैं। इस दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है, जो मां दुर्गा का पहला स्वरूप हैं। आज का दिन शुक्ल योग और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के साथ शुरू हुआ, जो पूजा-पाठ के लिए अत्यंत शुभ है।

    शुभ मुहूर्त महर्षि पाराशर ज्योतिष संस्थान ‘ट्रस्ट’ लखनऊ के ज्योतिषाचार्य पं. राकेश पाण्डेय के अनुसार, प्रतिपदा तिथि आज सुबह से लेकर रात 01:19 बजे तक है। वहीं, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र दिन में 11:25 बजे तक है, जिसके बाद हस्त नक्षत्र शुरू हो जाएगा।

    कलश स्थापना का समय आज कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 06:00 बजे से लेकर शाम तक है। हालांकि, सबसे उत्तम समय अभिजीत मुहूर्त है, जो दिन में 11:36 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक रहेगा। इस दौरान की गई पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।

    यह नवरात्रि सभी के लिए खुशियां, समृद्धि और नई आशाएं लेकर आए।

    #Navratri2025 #SharadNavratri #MaaShailputri #DurgaPuja #IndianFestivals #Hinduism #Ghatsthapana #Spirituality #FestiveSeason #JaiMataDi

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    अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस, जिसे अक्सर विश्व शांति दिवस के रूप में जाना जाता है, हर साल 21 सितंबर को मनाया जाता है।

    अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस

    अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस, जिसे अक्सर विश्व शांति दिवस के रूप में जाना जाता है, हर साल 21 सितंबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दुनिया भर में शांति और अहिंसा को बढ़ावा देना है। यह दिन युद्ध और हिंसा के बजाय भाईचारे, सद्भाव और समझदारी की भावना को फैलाने के लिए समर्पित है।

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    2025 का अंतिम सूर्य ग्रहण 21 सितम्बर को 10.59 बजे शुरू होगा और खत्म होगा लगभग 3:23 बजे

    2025 का अंतिम सूर्य ग्रहण 21 सितंबर 2025 को लगेगा। यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा, जिसका अर्थ है कि चंद्रमा सूर्य के केवल एक हिस्से को ही ढकेगा, न कि पूरी तरह से।

    यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, क्योंकि यह भारतीय समयानुसार रात में होगा। यह ग्रहण मुख्य रूप से दक्षिणी गोलार्ध में, विशेषकर न्यूजीलैंड, पूर्वी ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत द्वीप समूह और अंटार्कटिका में दिखाई देगा।

    ग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार)

    * शुरुआत: 21 सितंबर, रात 10:59 बजे

    * मध्यकाल: 22 सितंबर, सुबह 1:11 बजे

    * समाप्ति: 22 सितंबर, सुबह 3:23 बजे

    चूंकि यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा, इसलिए यहां सूतक काल के नियम लागू नहीं होंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण का प्रभाव राशियों पर पड़ सकता है।

    #सूर्यग्रहण #2025 #अंतिमसूर्यग्रहण #21सितंबर2025 #ग्रहणदर्शक #अंतरिक्ष #खगोलशास्त्र #नैतिक #वैज्ञानिक #खगोल #भौतिकी #शिक्षा #प्राकृतिकआकर्षण #आसमान #रोमांचक #विश्वास #समयनाटक #शुभसंकेत #खगोलीयमेले

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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन्मदिन की शुभकामनाओं के लिए भारत के राष्ट्रपति व अन्य का आभार व्यक्त किया

    आरएस अनेजा, 17 सितम्बर नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 75वें जन्मदिन पर शुभकामनाओं के लिए सभी का धन्यवाद किया है।

    उन्होंने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आभार व्यक्त किया। मोदी ने कहा, "140 करोड़ देशवासियों के स्नेह और सहयोग से हम एक सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए सदैव समर्पित रहेंगे। इस दिशा में आपका दृष्टिकोण और विचार हमारे लिए अत्यंत प्रेरणादायक हैं।"

    इसी प्रकार उन्होंने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला व अन्य का धन्यवाद व्यक्त किया।

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    International Day for the Preservation of the Ozone Layer

    The International Day for the Preservation of the Ozone Layer is an annual event observed on September 16th to raise global awareness about the importance of the ozone layer and the need to protect it.

    History and Significance

    The day commemorates the signing of the Montreal Protocol on Substances that Deplete the Ozone Layer on September 16, 1987. This landmark international treaty, which was adopted in response to the scientific confirmation of ozone layer depletion, is a pivotal example of successful global cooperation on an environmental issue.

    The ozone layer, a fragile shield of gas in the stratosphere, protects the Earth from a harmful portion of the sun's ultraviolet (UV) radiation. This protection is vital for all life on the planet, as increased UV radiation can lead to higher rates of skin cancer, cataracts, and weakened immune systems in humans, while also harming plants and marine ecosystems.

    The Montreal Protocol has been instrumental in phasing out the production and consumption of ozone-depleting substances, such as chlorofluorocarbons (CFCs) and hydrochlorofluorocarbons (HCFCs). Due to these concerted global efforts, the ozone layer is now on a path to recovery, with full healing of the Antarctic ozone hole expected by around 2066.

    Annual Themes

    Each year, the International Day for the Preservation of the Ozone Layer is celebrated with a specific theme to highlight current challenges and progress. For instance, the themes for recent years were:

    * 2025: "From Science to Global Action"

    * 2024: "Montreal Protocol: Advancing Climate Action"

    * 2023: "Montreal Protocol: Fixing the Ozone Layer and Reducing Climate Change"

    The success of the Montreal Protocol demonstrates that science-driven policy and international collaboration are effective tools for addressing major global environmental challenges.

    #InternationalDayforthePreservationoftheOzoneLayer #OzoneDay #OzoneLayer #SaveTheOzone #ProtectOurPlanet #ClimateAction #SustainableFuture #EcoFriendly #GreenAwareness #EnvironmentalProtection #PlanetEarth #AirQuality #NatureConservation #ProtectOurSkies #GlobalAwareness #CleanAir #SustainabilityMatters #GoGreen #ClimateChange_ACTION

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    हिंदी दिवस पर विशेष ………अनिल विज

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    7 सितंबर, 2025 को साल का आखिरी पूर्ण चंद्र ग्रहण है। यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा।

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    पर्यावरण संरक्षण हेतु भारतीय मजदूर संघ अम्बाला ने किया पौधरोपण

    जे कुमार, अम्बाला 28 अगस्त : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं ने अम्बाला छावनी स्थित रामबाग गौशाला परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष अरुण जोशी ने की। संघ के कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और पर्यावरण को सुरक्षित बनाए रखने का संकल्प लिया।

    इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अरुण जोशी ने कहा कि पेड़-पौधे हमारे जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए हमें अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए और उनका नियमित रूप से संरक्षण करना चाहिए।

    उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे केवल पौधरोपण तक ही सीमित न रहें बल्कि पौधों की देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक सहयोग करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वनों की कटाई रोकना और पेड़ों की रक्षा करना हर नागरिक का दायित्व है।

    भारतीय मजदूर संघ के अन्य पदाधिकारियों ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए कहा कि बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण के बीच पर्यावरण संतुलन बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। पौधरोपण अभियान समाज में हर व्यक्ति को जोड़ने वाला एक ऐसा प्रयास है, जिससे न केवल हमें स्वच्छ हवा मिलेगी बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी स्वस्थ वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।

    पौधरोपण के बाद सभी कार्यकर्ताओं ने मिलकर “पेड़ न काटने और हर वर्ष पौधे लगाने” का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

    #bharatiyamazdoorsangh #ambala #news #plantedtrees #environmentalprotection

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    प्रधानमंत्री ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं

    आरएस अनेजा, 27 अगस्त नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दी हैं।

    ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा:

    आप सभी को गणेश चतुर्थी की ढेरों शुभकामनाएं। श्रद्धा और भक्ति से भरा यह पावन अवसर हर किसी के लिए शुभकारी हो। भगवान गजानन से प्रार्थना है कि वे अपने सभी भक्तों को सुख, शांति और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद दें। गणपति बाप्पा मोरया!


    #pmo #ganpatiutsav

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    भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है: प्रधानमंत्री

    आरएस अनेजा, 23 अगस्त नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि भारत 140 करोड़ भारतीयों के कौशल और प्रतिभा से प्रेरित होकर अंतरिक्ष की दुनिया में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है।

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि हमारी सरकार ने अंतरिक्ष क्षेत्र में कई सुधार किए हैं। इससे युवाओं, निजी क्षेत्र और स्टार्टअप्स को नई संभावनाओं की तलाश करने और भारत की अंतरिक्ष यात्रा में सार्थक योगदान देने के लिए प्रोत्साहन मिला है।

    राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में देश अंतरिक्ष क्षेत्र में और भी नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा। श्री मोदी ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा को सशक्त बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

    भारत की अंतरिक्ष यात्रा और भारत के अंतरिक्ष स्टार्टअप्स की उपलब्धियों के बारे में MyGovIndia के X थ्रेड पोस्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री मोदी ने कहा;

     “140 करोड़ भारतीयों के कौशल से प्रेरित होकर, हमारा देश अंतरिक्ष की दुनिया में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। और, हम इससे भी आगे बढ़ेंगे।

    #nationalspaceday #pmo #isro

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    राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस आज, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करना हमारा लक्ष्य

    आरएस अनेजा, 23 अगस्त नई दिल्ली

    चंद्रमा पर सफलतापूर्वक 23 अगस्त 2023 को उतरने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु में 23 अगस्त का दिन राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के तौर मनाने की घोषणा की थी। आज भारत में दूसरा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया जा रहा है।

    विक्रम लैंडर की सफलता के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) मुख्यालय के अपने दौरे के दौरान 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाने की ऐतिहासिक घोषणा की थी। 23 अगस्त 2023 को, भारत ने चंद्र ध्रुव के पास चंद्रयान-3 की सफल सॉफ्ट लैंडिंग के साथ एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। ​​भारत चंद्रमा पर अंतरिक्ष यान उतारने वाला दुनिया का चौथा और चंद्र सतह के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला देश बन गया है। विक्रम लैंडर ने चंद्र सतह का अध्ययन करने के लिए चंद्रमा पर प्रज्ञान रोवर भी तैनात किया था।

    इस ऐतिहासिक मिशन के परिणाम आने वाले वर्षों में मानव जाति के लिए लाभकारी होंगे। चंद्रयान-3 के चंद्रमा पर ऐतिहासिक लैंडिंग के उपलक्ष्य में, हर साल 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस (एनएसपीडी) मनाया जा रहा है।

    वर्ष 2025 का विषय “आर्यभट्ट से गगनयान : प्राचीन ज्ञान से अनंत संभावनाएँ” जो भारत की खगोलशास्त्रीय विरासत से लेकर आगामी मानव अंतरिक्ष उड़ान (गगनयान) तक की यात्रा को दर्शाता है।

    भारत की अंतरिक्ष में उड़ान लगातार बढ़ रही है और इसी वर्ष 2025 में अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला पहुंचे जोकि यहां पहुंचने वाले पहले भारतीय बने।

    भारत के आने वाले अपेक्षित अंतरिक्ष मिशन

    2025 – गगनयान मिशन भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन है, इस मिशन के तहत 3 लोगों के दल को 3 दिन के लिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा, यह मिशन पृथ्वी से 300-400 किमी. की ऊँचाई पर पृथ्वी का चक्कर लगाएगा और सुरक्षित पृथ्वी पर वापस लाया जाएगा। इसके अलावा 2035 तक एक क्रियाशील भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करना है तथा 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय चालक दल भेजना भारत का लक्ष्य है।

    #isro #gaganyan #nationalspaceday

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    लालकुर्ती बाजार में भगवान श्रीकृष्ण का फूल डोल, झांकियों और भजनों से गूंजा पूरा क्षेत्र

    जे कुमार, 17 अगस्त अम्बाला छावनी : छावनी के लालकुर्ती बाजार स्थित सनातन धर्म शिव मंदिर में जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान श्रीकृष्ण का फूल डोल बड़े धूमधाम और श्रद्धा भाव से निकाला गया। जन्माष्टमी के अगले दिन आयोजित होने वाला यह फूल डोल लालकुर्ती क्षेत्र की धार्मिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा माना जाता है।

    सुंदर-सुंदर झांकियों, बाजों और भक्ति गीतों के साथ फूल डोल मंदिर से निकलकर लालकुर्ती बाजार की मुख्य सड़कों से होकर गुजरा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की झांकी के दर्शन किए और भजनों पर जमकर झूमे। पूरा वातावरण ‘हरे कृष्ण, हरे राम’ के जयकारों और भक्ति भाव से सराबोर हो उठा।

    फूल डोल यात्रा का समापन पुनः सनातन धर्म शिव मंदिर प्रांगण में किया गया। समापन अवसर पर मंदिर सभा के पदाधिकारियों द्वारा आतिशबाजी का भव्य आयोजन किया गया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। आतिशबाजी के रंग-बिरंगे नज़ारों ने रात को और भी खुशनुमा बना दिया।

    सभा के प्रधान महेंद्र सिंह रैना ने इस धार्मिक कार्यक्रम की सफलता पर खुशी जताई और समस्त लालकुर्ती बाजारवासियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों के सहयोग से ही यह परंपरा वर्षों से जीवित है और आने वाले समय में इसे और भी भव्य रूप से मनाया जाएगा।

    धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जगह-जगह पर पुलिस बल की तैनाती की गई। चौकी इंचार्ज ने स्वयं पूरे कार्यक्रम की निगरानी की और शांति व्यवस्था बनाए रखी।

    यह वार्षिक आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी देता है। श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की और अगले वर्ष फिर से इस परंपरा का हिस्सा बनने की कामना की।

    #ambala haryana #news #lordkrishna #lalkurtibazar

  • टूंडला गूगा माड़ी में वार्षिक मेले का भव्य आयोजन, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

    जे कुमार, 17 अगस्त अम्बाला छावनी : अम्बाला के गाँव टूंडला स्थित गूगा माड़ी पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी वार्षिक मेले का आयोजन टूंडला गूगा माड़ी कमेटी द्वारा बड़े धूमधाम से आयोजित किया गया। यह मेला लगातार तीन दिनों तक चला और रविवार को श्रद्धा एवं उत्साह के बीच इसका समापन हुआ।

    मेले के दौरान दूर-दराज़ क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने भारी संख्या में पहुँचकर गूगा माड़ी पर माथा टेक आशीर्वाद प्राप्त किया। मेले का वातावरण धार्मिक भक्ति, लोक संस्कृति और भाईचारे से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने गूगा माड़ी की पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की।

    टूंडला गूगा माड़ी कमेटी ने मेले की पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की। श्रद्धालुओं के लिए पानी, सुरक्षा, चिकित्सा और सफाई जैसी व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। मेले में ग्रामीणों के साथ-साथ शहर और आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

    मेले में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भजन और लोकगीतों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। मेले में स्थापित मेलों की दुकानों पर भी काफी रौनक देखने को मिली, जहाँ बच्चों और बड़ों ने खूब खरीदारी की। झूले, खिलौने और मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ लगी रही।

    मेले के आखिरी दिन रविवार को श्रद्धालुओं की सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही गूगा माड़ी पर माथा टेकने वालों का तांता लगा रहा। इस अवसर पर कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि हर साल की तरह इस वर्ष भी मेले को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों, प्रशासन और पुलिस का सहयोग सराहनीय रहा।

    गाँव टूंडला में आयोजित यह वार्षिक मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे को भी मजबूत करता है। श्रद्धालुओं ने विश्वास जताया कि गूगा माड़ी पर माथा टेकने से उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।

    अंतिम दिन के साथ मेले का समापन भव्य आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर मेले का आनंद लिया और अगले वर्ष फिर से इस आयोजन का हिस्सा बनने का संकल्प लिया।

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    अम्बाला छावनी में गोशाला मंदिर में धूमधाम से मनाई गई कृष्ण जन्माष्टमी, भक्तो की भारी भीड़ ने टेका माथा

    जे कुमार, 17 अगस्त अम्बाला छावनी : कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर रविवार को राम बाग रोड स्थित गोशाला मंदिर परिसर में एक भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया, जहां सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

    कार्यक्रम के दौरान मंदिर में सजाई गई आकर्षक झांकियों ने भक्तों का मन मोह लिया। भगवान श्रीकृष्ण के बालरूप, रासलीला और माखन चोरी की झांकियों को श्रद्धालुओं ने विशेष रूप से सराहा। देर रात तक श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचकर भगवान के दर्शन करते रहे।

    गोशाला सभा के पदाधिकारियों ने बताया कि हर वर्ष जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है और इस बार विशेष रूप से मंदिर को विद्युत सज्जा और पुष्प सजावट से सजाया गया था। आयोजन में भक्तों के लिए प्रसाद और भजन संध्या की भी व्यवस्था की गई, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का गुणगान किया।

    कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पूरे कार्यक्रम का माहौल भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से सराबोर रहा। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के भजनों और जयकारों में खोए नजर आए।

    #krishnajanmashtami #celebrated #haryana #news #ambalacantonment

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    ब्रहकुमारीज का प्रयास है कि भारत पुन: विश्व गुरू बने, इस पर वह कार्य भी कर रहे हैं : शिवानी दीदी

    जे कुमार, 16 अगस्त अम्बाला : जन्मअष्टमी के  पावन पर्व पर ब्रहकुमारीज द्वारा कंच घर अम्बाला शहर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डीसी अजय सिंह तोमर ने बतौर मुख्य अतिथि एवं कैथल से न्यायाधीश अनुपम मिक्ष ने बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत की। दीदी शिवानी ने मुख्य अतिथि व वशिष्ठ अतिथि का यहां पहुंचने पर उन्हें पुष्पगुच्छ देकर उनका अभिनंदन किया।


    डीसी अजय सिंह तोमर ने ब्रहकुमारीज द्वारा यहां पर जन्माष्टमी पर्व पर आयोजित कार्यक्रम किए जाने के लिए उनकी सराहना की और कहा कि पूरे भारत में पूजनीय भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता हैं। भगवान श्री कृष्ण ने उस समय जन्म लिया, जब समाज में बुराइयां थी और विरोधाभास था। उन्होंने मानव के रूप में जन्म लिया और मानव बनकर महान व्यक्तित्व के साथ जीया जा सकता है उस बारे भी हम सभी को रास्ता दिखाया। भगवान श्री कृष्ण की लीलाएं अपरम्पार है। उन्हें कई नामों से जाना जाता है, जैसे नंन्द लाला, गोपाल, लड्डू गोपाल व इत्यादि है। बाल रूप में उन्होंने अपने प्यार से बृज वासियों को बांधा, ब्रृज में अपनी लीलाओं से खुशियां बांटी। इसके साथ-साथ महाभारत में भी उन्होंने अर्जुन को गीता का संदेश दिया। उन द्वारा दिए गए उपदेश हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। श्रीमद्भगवद गीता मे जीवन का सार हैं।

    उन्होनें कहा कि इस पावन अवसर पर मुझे यहां पर आने का मौका मिला, इसके लिए मैं अपने आपको गौरवान्वित महसूस करता हूं। जिला प्रशासन द्वारा आपको जो भी सहयोग चाहिए होगा, वो आपको उपलब्ध करवाया जाएगा। कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चों ने भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं पर आधारित बेहतरीन प्रस्तुतियां पेश की। जिसकी उपायुक्त के साथ-साथ उपस्थित सभी ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। उपायुक्त ने कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले बच्चों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित भी किया।


    इस मौके पर न्यायाधीश अनुपम मिक्ष ने भी उपस्थित सभी को जन्माष्टमी पर्व की बधाई दी और सभी के जीवन में खुशियां हो, इसके लिए प्रभु से कामना की।
    इस अवसर पर शिवानी दीदी ने मुख्य अतिथि व वशिष्ठ अतिथि का स्वागत करते हुए उनका यहां पहुंचने पर अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी का त्योहार पावन पर्व है और यहां पर हर वर्ष कार्यक्रम का आयोजन किया जाता हैं। भारत सोने की चिडिय़ा का देश रहा है और ब्रहकुमारीज का यह प्रयास है कि भारत पुन: विश्व गुरू बने, इसलिए वे कार्य भी कर रहे हैं।

    उन्होनें भी अपने सम्बोधन के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हमें अभिमान रूपी मटकी को टोडक़र ज्ञान रूपी मक्खन प्राप्त करना हैं और इसके लिए हमेशा मुस्कुराहट अपने चेहरे पर रखनी हैं। भगवान श्री कृष्ण की विशेषताओं को अपने जीवन मे धारण करना है और ऐसा करके हम सहजता से जो भी समस्या जीवन में आती है उससे हम आसानी से निकल सकते हैं।

    उन्होनें यह भी बताया कि ब्रहकुमारीज 140 देशों मे कार्यरत हैं और 24 व 25 अगस्त को विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। अम्बाला शहर में भी 24 अगस्त को रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा, इसके लिए उन्होंने डीसी से आग्रह किया कि वे भी इस कार्यक्रम में आकर हमें अनुगृहित करें। इस अवसर पर दीदी शिवानी ने मुख्य अतिथि को भगवान श्री कृष्ण का चित्र भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस मौके पर ब्रहकुमारीज के अन्य सदस्यगण व क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहें।

    #brahmakumaris #ambala #haryana #news #indiatheworldleaderonceagain

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    कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक मंदिर बिरला मंदिर में भक्तों का लगा ताँता

    जे कुमार, 16 अगस्त कुरुक्षेत्र : देशभर के मंदिरों में आज जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है जन्माष्टमी के पर्व पर कुरुक्षेत्र के मंदिरों को  सजाया गया है दूर दराज से आए हुए श्रद्धालु  भगवान कान्हा को झूले में झुलाया जा रहा है कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक मंदिर बिरला मंदिर में भक्तों का ताँता हुआ है 

    आज देश भर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में बिरला मंदिर  में भी जन्माष्टमी का पर्व  धूमधाम से मनाया जा रहा है।   देश भर से श्रद्धालु  मंदिर में पहुंच रहे हैं और भगवान श्री कृष्ण को झूला झुला रहे हैं, माथा टेक रहे हैं  

    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मंदिरों से लेकर घरों तक है श्रद्धालुओं की खूब धूम, 

    भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के तौर पर मनाया जाने वाल जन्माष्टमी का पर्व इस बार बेहद ही खास  है।  वैसे  तो भगवान श्री कृष्ण के मुखारविंद से कर्म के संदेश की भूमि के मंदिरों में श्रद्धालुओं की खूब धूम है और श्रद्धालुओं में भगवान श्री कृष्ण के आगमन को लेकर उत्साह है। 

    जन्माष्टमी का पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाते हैं। यह त्यौहार भाद्रपद माह  के दिन मनाया जाता है। पांच हजार साल पहले आज ही के दिन आधी रात को भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था तभी से यह धार्मिक त्योहार मनाया जा रहा है।

    #historictemple #kurukshetra #birlamandir #news

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    कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर अंबाला के मंदिरो मे भक्तिभाव और उल्लास का अद्भुत नज़ारा

    जे कुमार, अम्बाला 16 अगस्त : कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर अम्बाला के सभी मंदिरों में भक्तिभाव और उल्लास का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के बाल गोपाल रूप का दर्शन कर पूजन-अर्चन में शामिल हुए। भक्तों ने पारंपरिक रूप से झूला झुलाकर लड्डू गोपाल का स्वागत किया और पूरे दिन भक्ति-रस में डूबे रहे।

    अम्बाला छावनी के प्रमुख मंदिरों – सनातन धर्म मंदिर लालकुर्ती बाजार, सनातन धर्म मंदिर हिल रोड, रेस कोर्स राधाकृष्ण मंदिर, बांके बिहारी लाल मंदिर महेश नगर, गोशाला रामबाग रोड सहित अन्य मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया। शाम को विशेष झांकियों का आयोजन किया गया जिसमें छोटे-छोटे बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण, राधा रानी, बलराम व अन्य पात्रों के रूप में सजाकर प्रस्तुत किया गया। इन झांकियों ने श्रद्धालुओं को अत्यंत आकर्षित किया और सभी ने भाव-विभोर होकर दर्शन किए।

    मंदिर प्रांगण में भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। भक्तों ने पूरे उत्साह से "हरे कृष्ण-हरे राम" का संकीर्तन कर माहौल को और भी आध्यात्मिक बना दिया। रात्रि में मथुरा-वृंदावन की तर्ज पर दही-हांडी और रासलीला का मंचन भी किया गया।

    भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने विशेष सुरक्षा प्रबंध किए। मंदिरों के आसपास यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए। पुलिस बल व स्वयंसेवकों की तैनाती से भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। इस प्रकार अम्बाला में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरे श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया, जहां भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप से मंदिरों और श्रद्धालुओं का वातावरण उल्लासमय हो उठा।

    #ambala #haryana #krishnajanmashtami #temples #news

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    देशभक्ति के रंग में रंगा जी.एम.एन कॉलेज - 79वें स्वतंत्रता दिवस पर विशेष कार्यक्रम

    जे कुमार, 15 अगस्त अम्बाला छावनी : छावनी के जी.एम.एन कॉलेज में 79वां स्वतंत्रता दिवस बड़े हर्षोल्लास और देशभक्ति के उत्साह के साथ मनाया गया। प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने ध्वजारोहण कर समारोह की शुरुआत की। ध्वजारोहण के उपरांत एन.सी.सी. कैडेट्स ने एक अनुशासित और प्रभावशाली एन.सी.सी. परेड का प्रदर्शन किया, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। अपने ओजस्वी संबोधन में प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने विद्यार्थियों को कॉलेज की उल्लेखनीय उपलब्धियों से अवगत कराया और कहा कि जी.एम.एन कॉलेज न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता पर बल्कि विद्यार्थियों के सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद रखने और राष्ट्र की प्रगति में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

    उन्होने कहा कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान की बदौलत आज हम स्वतंत्र हैं। हमें अपने कर्तव्यों का निष्ठा से पालन कर देश की उन्नति में योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर जी. एम. एन. कॉलेज आॅफ नर्सिंग की प्राचार्या डाॅ. डाॅली स्मिता एवं डाॅ. वंदना गर्ग विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रही।

    इस अवसर पर विद्यार्थियों तथा एन. सी. सी. कैडेट्स ने रैगिंग के खिलाफ रहने की शपथ भी ली, जिसकी अध्यक्षता डॉ. मंजीत कौर द्वारा की गई । इस अवसर पर एन.सी.सी. कैडेट्स की रैंक सेरेमनी भी आयोजित की गई जिनमें गर्ल्स विंग में एस.यू.ओ. अवनीत कौर, यू.ओ. भूमिका, सर्जेंट सिमरन, सी.पी.एल. सिमरन कौर, एल/सी.पी.एल योगिता शर्मा तथा बॉयज विंग में एस.यू.ओ. बृजेश, ए.यू.ओ. सुमित, यू.ओ. अमनदीप सिंह, सी.एस.एम. गगन, सी.क्यू.एम.एस. आदर्श प्रदान किये गए। एन.सी.सी. कैडेट्स को रैंक चिन्ह प्राचार्य डॉ रोहित दत्त, ए. एन. ओ. कप्तान डॉ. एस. एस. नैन , सी. टी. ओ डॉ तृप्ति शर्मा ने पहनाकर सम्मानित किया।

    प्राचार्य ने कैडेट्स की सराहना की तथा भविष्य के लिए अनेक शुभकामनाए भी प्रदान की । डॉ एस एस नैन, ए. एन. ओ. बाॅयज विंग ने सभी को देशभक्ति का पाठ पढ़ाया तथा गर्ल्स विंग की सी.टी.ओ. डॉ. तृप्ति शर्मा ने कैडेट्स के अनुशासन और प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें देश सेवा के लिए प्रेरित किया।

    कार्यक्रम को समृद्ध बनाते हुए जी. एम. एन. कॉलेज एवं जी. एम. एन. कॉलेज आॅफ नर्सिंग के विद्यार्थियों ने देशभक्ति की धुनों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया एवं स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया। इस अवसर पर प्राचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और बलिदान को हमेशा याद रखना चाहिए और देश की प्रगति के लिए एकजुट होकर कार्य करना हम सभी का कर्तव्य है।

    आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष के तहत 15 अगस्त को आजादी के दिन महाविद्यालय में भौतिकी विभाग द्वारा मनाए जा रहे "अंतरिक्ष सप्ताह" के अंतर्गत भौतिकी विभाग के अध्यक्ष डॉ. एस.के. पांडे ने "चंद्रयान-3 मिशन" विषय पर विद्यार्थियों को एक विशेष व्याख्यान दिया। वहीं डॉ. नियति ने अपने विशेष व्याख्यान में "भारत में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी" विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. अमित और डाॅ. मंजीत कौर ने किया ।

    #ambala #haryana #news #gmncollege #79thindependenceday

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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ओजस्वी नेतृत्व में भारत की आवाज वैश्विक मंचों पर सुनी जाती है : राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष

    जे कुमार, 15 अगस्त अम्बाला : हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने राज्य स्तरीय 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। इससे पूर्व उन्होंने पुलिस लाईन परिसर में स्थित शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को नमन कर श्रद्धाजंली अर्पित की। इस अवसर पर महामहिम राज्यपाल ने आकाश में गुब्बारे छोडक़र स्वतंत्रता दिवस की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने समारोह में युद्ध वीरांगनाओं, स्वतंत्रता सैनानियों के परिजनों, आपातकालीन व हिन्दी आदोंलन में भाग लेने वाले महानुभावों को भी सम्मानित किया।


    महामहिम राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने अपने संदेश में कहा कि आपको स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। मैं दिन-रात देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों को स्वतंत्रता दिवस की विशेष रूप से बधाई देता हूं। 79 साल पहले वर्ष 1947 में आज के दिन हर भारतवासी का आजादी पाने का सपना साकार हुआ था। यह दिन उन अनगिनत शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने का भी अवसर है, जिन्होंने अपनी जान की बाजी लगाकर हमें यह आजादी दिलाई। मैं सभी ज्ञात-अज्ञात शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। साथ ही महान स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति कृतज्ञता भी व्यक्त करता हूं।


    आज हर साल की तरह ‘हर घर तिरंगा अभियान‘ से पूरा देश देशभक्ति के रंग में रंगा है। हर घर, गली, मुंडेर और हर मोहल्ले में तिरंगा फहरा रहा है।
    आज हम उन राष्ट्र निर्माताओं, सीमा प्रहरी सैनिकों, प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों, अन्नदाता किसानों, मेहनतकश कामगारों के प्रति भी गहन कृतज्ञता व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपनी प्रतिभा, साहस और मेहनत के बल पर भारत को दुनिया की बड़ी शक्ति बना दिया है।


    हरियाणावासियों को गर्व है कि हमने देश के स्वतंत्रता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई। स्वतंत्रता आन्दोलन की पहली चिंगारी 8 मई 1857 को यहां अंबाला से ही फूटी थी। उन सेनानियों की याद में यहां ‘आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक‘ 538 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है।


    हरियाणा के वीरों ने आजादी के बाद भी देश की सीमाओं की सुरक्षा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हमारे सैनिकों ने 1962, 1965, 1971 के विदेशी आक्रमणों व आप्रेशन कारगिल युद्ध के दौरान वीरता की नई मिसाल पेश की।
    हमारा कत्र्तव्य है कि हम शहीदों के परिवारों का सहारा बनें। मुझे खुशी है कि इस दिशा में हरियाणा सरकार ने स्वतंत्रता सेनानियों व उनकी विधवाओं की पेंशन बढ़ाकर 40 हजार रुपये मासिक की है।


    आज आजादी का जश्न मनाने के साथ-साथ अपनी उपलब्धियों पर गर्व करने का दिन भी है। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ओजस्वी नेतृत्व में भारत की आवाज वैश्विक मंचों पर सुनी जाती है। आज हमारा देश अपनी उन्नत तकनीक के बल पर न केवल मिसाइलें बना रह है, बल्कि हम सूर्ययान, चंद्रयान और मंगलयान जैसे मिशन भी पूरे कर रहे हैं।


    हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी दुनिया ने हमारी स्वदेशी तकनीक और हथियारों की ताकत देखी है। यही नहीं, हमारी सेना ने ऑपरेशन महादेव चलाकर पहलगाम के गुनाहगारों को उनकी करनी की सजा भी दी है।
    भारत की इस गौरवपूर्ण विकास यात्रा में हर कदम पर हर भारतीय का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। लेकिन हरियाणा के लोग विशेष बधाई के पात्र हैं कि आपने अपनी मेहनत से इस छोटे से राज्य को देश के सबसे अधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में ला खड़ा किया है।


    आपने अपनी प्रगतिशील सोच, प्रतिभा और मेहनत के बलबूते बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। आज हरियाणा प्रतिव्यक्ति आय, औद्योगिक उत्पादन, विदेशी निवेश, शिक्षा, खेल, कृषि, परिवहन आदि हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन गया है। अन्न उत्पादन में हरियाणा का अग्रणी स्थान है। देश की सडक़ों पर दौडऩे वाली हर दूसरी कार हरियाणा में बनती है। हरियाणा में देश के 52 प्रतिशत ट्रैक्टरों का निर्माण होता है।


    आज जब हम आजादी का पर्व मना रहे हैं तो मुझे खुशी है कि हरियाणा सरकार ने पिछले साढ़े 10 वर्षों में प्रदेश की जनता को भेदभाव करने वाली व्यवस्था से आजादी दिलाई है। प्रदेश में हर सरकारी योजना एवं कार्यक्रम को 100 से अधिक पोर्टल व ऐप के माध्यम से पारदर्शी किया गया है। बिना खर्ची-पर्ची के नौकरी देने, ऑनलाइन ट्रांसफर, पढ़ी-लिखी पंचायतों और अंत्योदय अभियान की आज पूरे देश में चर्चा है।


    प्रदेश में नहरों, सडक़ों व रेलमार्गों का मजबूत जाल बिछा है, उद्योग धंधे फल-फूल रहे हैं, मेट्रो रेल का विस्तार हो रहा है, अनेक ओवर ब्रिज व पलाई ओवर बन चुके हैं, शिक्षा के क्षेत्र में अनेक उच्चकोटि के संस्थान खुल चुके हैं।
    खेल के क्षेत्र में हरियाणा ओलम्पिक और अन्य अन्तर्राष्ट्रीय खेलों में भारत की शान बढ़ाने वाले खिलाडिय़ों का राज्य है।


    एक कल्याणकारी राज्य होने के नाते हरियाणा में विकास व प्रगति का लाभ गरीब से गरीब व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
    इस कृषि प्रधान राज्य ने उद्योग और व्यापार के फलने-फूलने के अनुकूल माहौल बनाया है। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए ’ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ का एक इको-सिस्टम तैयार किया है। भौतिक विकास के दौर में हमने अपनी सांस्कृतिक धरोहर को भी सुरक्षित रखा है।


    प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 तक जिस विकसित भारत की कल्पना की है हरियाणा उसे साकार करने की दिशा में कई मंजिलें तय कर चुका है। मैं इन उपलब्धियों के लिए हरियाणा के उद्यमियों, कर्मठ किसानों और श्रमिकों को बधाई देता हूं।
    इस ऐतिहासिक दिवस पर जब हम अपना स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं तो आइये देश के नव-निर्माण के लिए मिलकर काम करने की शपथ लें। इस पावन अवसर पर मैं एक बार फिर भारत के स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। साथ ही हरियाणा के कर्मठ लोगों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं।


    इस अवसर पर उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने जिला प्रशासन की ओर से महामहिम राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष को स्मृति चिन्ह व शॉल भेंट कर उनका अभिनंदन भी किया। इस मौके पर महामहिम राज्यपाल की धर्मपत्नी मित्रा घोष का भी जिला प्रशासन की ओर से अभिनंदन किया गया। मंच संचालन की भूमिका ज्योति रानी व डा. सुखबीर ने बखूबी निभाई।

    #ambala #haryana #dynamic #leadership #primeminister #narendramodi #india #globalplatforms #governor #news

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    स्वराज्य शब्द का सबसे पहले प्रयोग स्वामी दयानन्द ने किया: डॉ. अनुपमा आर्य

    जे कुमार 15 अगस्त अम्बाला छावनी : आर्य कॉलेज (सह-शिक्षा), अम्बाला छावनी की एन.सी.सी. और एन.एस.एस. यूनिट के अंतर्गत 79वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यातिथि राहुल आनंद शर्मा, आई.डी.ई.एस. मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सी.ई.ओ.), कैंटोनमैंट बोर्ड, अम्बाला छावनी द्वारा ध्वजारोहण किया गया और सभी ने मिल कर राष्ट्रगान गाया तथा एन.सी.सी. की छात्राओं द्वारा सलामी दी गई।

    कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्या प्रो. रंजू त्रेहन, डॉ. अंजु बाटला, प्रबंधक समिति के प्रधान इन्द्रदेव गुप्ता, नवीन शर्मा, डॉ. विवेकशील मल्होत्रा, ओ.पी. सिंगल द्वारा मुख्यातिथि राहुल आनंद शर्मा को शॉल और स्मृति चिन्ह दे कर किया गया तथा प्रो. अंजु बाटला द्वारा सभी का स्वागत किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अनुपमा आर्य द्वारा संदेश प्रेषित कर सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी।

    उन्होंने कहा कि आज का दिन हमारे राष्ट्र के गौरव, संघर्ष और बलिदान का प्रतीक है। इस दिन हम सब असंख्य वीर सेनानियों को नमन करते हैं जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें आजाद भारत का उपहार दिया। हमारे आर्य कॉलेज की स्थापना भी उन्हीं राष्ट्रीयवादी और समाज सुधारक मूल्यों की नींव पर हुई थी। महर्षि दयानन्द सरस्वती जी ने सत्य, स्वराज्य, और शिक्षा को जीवन का आधार माना। प्राचार्या महोदया ने कहा कि स्वामी दयानन्द जी ने ही सबसे पहले स्वराज्य शब्द का प्रयोग किया था। आज यही मूल्य हमें आगे बढ़ने को प्रेरित करते हैं। हमारा संस्थान केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं है बल्कि चरित्र निर्माण, अनुशासन और समाज सेवा का महाविद्यालय है और उन्होंने पुनः सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी।

    इस अवसर पर प्रबंधक समिति के प्रधान इन्द्रदेव गुप्ता ने कहा कि आज हम जिस भारत में है उसे प्राप्त करने में शहीदों का लहू समाया है और उन्होंने सभी को प्रेरित करते हुए कहा कि ‘‘लगेंगे हर वर्ष मेले शहीदों की चिताओं पर’’ इन शब्दों को सुनकर आज भी हमारे जवान अपने प्राण न्योछावर कर देते हैं और उन्होंने सभी को स्वतंत्रता दिवस को शुभकामनाएं दीं। मुख्य अतिथि राहुल आनंद शर्मा द्वारा अपने संबोधन में वेदों के महत्व पर प्रकाश डालते कहा कि स्वामी दयानंद ने वेदों की तरफ लौटने के लिए कहा था जिसमें कि हमारा गौरवशाली इतिहास समाहित है।

    उन्होंने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। विवेकशील मल्होत्रा ने कहा कि बलिदान की भावना के कारण ही आज हम स्वतंत्र रूप से जी सकते हैं, और बोल सकते हैं। आजादी का मतलब पराधीनता से मुक्ति नहीं बल्कि आज भी भ्रष्टाचार से लड़ना है और शिक्षा और समानता को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर संगीत विभाग की छात्राओं ने गीत प्रस्तुत किए तथा कोमल., बी.ए. प्रथम, मुस्कान, बी.ए. तृतीय, आंचल बी.कॉम तृतीय और तनिष्का ने देशभक्ति कविताएं प्रस्तुत कीं। प्रो. ममता भटनागर ने कविता प्रस्तुत कर विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. सिल्वी अग्रवाल द्वारा किया गया।

    इस राष्ट्रीय पर्व में लगभग 70 विद्यार्थियों ने भाग लिया। मंच संचालन डॉ. पंकज धांगड़ द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रबंधक समिति के माननीय सदस्य नवीन शर्मा, डॉ. विवेकशील मल्होत्रा, ओ.पी. सिंगल, शोभा धवन, सविता बजाज ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। एन.एस.एस. यूनिट द्वारा एक दिवसीय कैम्प का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अमनदीप मक्कड़, डॉ. अनु वर्मा और डॉ. पंकज धांगड़ की देखरेख में हुआ।

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    शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र को सशक्त बनाने का जीएमएन स्कूल मे स्वतंत्रता दिवस का दिया संदेश

    जे कुमार, 15 अगस्त अम्बाला छावनी : अम्बाला के जीएमएन स्कूल परिसर में बड़े उत्साह और देशभक्ति के माहौल में स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।

    इस अवसर पर कक्षा सातवीं और आठवीं के विद्यार्थियों ने विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया। बच्चों ने देशभक्ति गीत, नृत्य, भाषण और कविताओं के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। विद्यार्थियों के प्रस्तुत कार्यक्रमों ने उपस्थित दर्शकों के हृदय में देशप्रेम की भावना जागृत कर दी।

    कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रधानाचार्या ऋतु घई ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और उनके संघर्ष की चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को देश के प्रति कर्तव्य निष्ठ रहने और शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र को सशक्त बनाने का संदेश दिया। पूरा आयोजन सफल एवं प्रेरणादायी रहा, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

    #gmnschool #independenceday #ambala #news #haryana

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    संस्कृत दिवस हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने और इस अमूल्य भाषा को संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करता है

    संस्कृत दिवस एक विशेष दिन है जो संस्कृत भाषा के महत्व और प्राचीनता को उजागर करने के लिए मनाया जाता है। इसे हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, जो आमतौर पर रक्षा बंधन के साथ आती है।

    संस्कृत को "देववाणी" या "देवताओं की भाषा" के रूप में जाना जाता है और इसे सभी भारतीय भाषाओं की जननी माना जाता है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य इस महान भाषा को बढ़ावा देना और लोगों को इसके समृद्ध इतिहास, साहित्य और वैज्ञानिक महत्व के बारे में जागरूक करना है।

    संस्कृत वेदों, पुराणों, उपनिषदों और अन्य प्राचीन ग्रंथों की भाषा है, जो हमारी संस्कृति और ज्ञान का भंडार हैं।

    संस्कृत की व्याकरणिक संरचना इतनी सटीक और व्यवस्थित है कि इसे कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए भी उपयुक्त माना जाता है।

    यह दिन उन महान ऋषियों और विद्वानों को श्रद्धांजलि देने के लिए भी मनाया जाता है, जिन्होंने संस्कृत साहित्य के विकास में अपना जीवन समर्प

    संस्कृत दिवस मनाने की शुरुआत सबसे पहले वर्ष 1969 में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर हुई थी। इस दिन को श्रावण पूर्णिमा पर इसलिए चुना गया क्योंकि प्राचीन काल में इसी दिन से नए शिक्षण सत्र की शुरुआत होती थी, जिसमें वेद पाठ का आरंभ किया जाता था।

    वर्ष 2025 में, संस्कृत दिवस 9 अगस्त, शनिवार को मनाया जाएगा।

    #sanskrt #divas #saanskrtik #paramparaon

  • स्वतंत्रता दिवस को लेकर पटियाला रेलवे स्टेशन पर चलाया सुरक्षा अभियान, डॉग स्क्वायड भी तेनात

    जे कुमार 6 अगस्त पटियाला : स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए पटियाला रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से रेलवे पुलिस द्वारा एक विशेष सुरक्षा जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान की अगुवाई डीएसपी अनीता सैनी और एसएचओ दिलबाग सिंह ने की। उनकी टीम ने स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों और परिसर में मौजूद लोगों की गहनता से जांच की।

    इस दौरान डॉग स्क्वायड की टीमें भी तैनात रहीं, जिन्होंने प्लेटफार्म, प्रतीक्षालय और अन्य सभी हिस्सों की गहन जांच की। टीम ने यात्रियों से अपील की कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु दिखाई दे, तो तुरंत रेलवे स्टाफ या पुलिस को सूचना दें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। यह अभियान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की शरारती गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाया गया।

    डीएसपी अनीता सैनी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही, स्टेशन को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए विशेष सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है। स्टेशन परिसर में पौधारोपण किया गया है, जिससे न केवल हरियाली बढ़ेगी बल्कि ऑक्सीजन की मात्रा भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता से न केवल वातावरण सुंदर बनता है, बल्कि बीमारियों से भी बचाव होता है।

    इस मौके पर आम जनता से भी अपील की गई कि वे स्टेशन परिसर को स्वच्छ रखने में सहयोग करें और सजग नागरिक के रूप में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल दें। रेलवे पुलिस द्वारा चलाया गया यह अभियान न केवल सुरक्षा के लिहाज से बल्कि सामाजिक जागरूकता के लिए भी महत्वपूर्ण रहा।

    #securitycampaign  #patiala   #railwaystation  #independenceday  #punjab
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    जियो फेंसिंग के विरोध मे 4 अगस्त को एक घंटे का स्वास्थ विभाग मे रहेगा वर्क सस्पेंड

    जे कुमार 3 अगस्त अम्बाला : जियो फेंसिंग के विरोध मे 4 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक घंटे का वर्क करने का आह्वान किया हुआ है लेकिन इस एक घंटे के वर्क सस्पेड के दोरान आपातकालीन सुविधाए चालू रहेगी, अम्बाला जिला के प्रधान तरनदीप सिंह ने बताया कि पूरे हरियाणा मे रविवार को मीटिंग के दोरान इसकी पूरी रूप रेखा तैयार कि गई है | उन्होने बताया कि इस 1 घंटे के वर्क सस्पेंड को लेकर सिविल सर्जन को पहले ही पत्र के जरिए अवगत करवाया गया है, साथ ही तालमेल कमेटी द्वारा भी पत्राचार के माध्यम से उच्च अधिकारियों को भी अवगत करवा दी गया है |

    प्रधान तरनदीप ने बताया कि 3 अगस्त को सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। इस दौरान सिविल सर्जन कार्यालयों पर गेट मीटिंग आयोजित की जाएगी और सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा। कमेटी ने मांग की है कि जियो फेंसिंग सिस्टम को तुरंत वापस लिया जाए। इस कार्य बहिष्कार से 4 अगस्त को प्रदेश के सिविल अस्पतालों में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होने बताया कि हमारी मंशा जनता को परेशान करना बिलकुल भी नही है लेकिन उच्चअधिकारी हररोज नए से नए लेटर जारी करके कर्मचारियो को इस तरह से आंदोलन के लिए मजबूर कर रही है |

    #ambala #nhmambala #healthdepartment #againstgeofencing #haryana