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    भारत कोच्चि में ब्रिक्स महिला कार्य समूह की बैठक की मेजबानी करेगा

    आरएस अनेजा, 5 जुलाई नई दिल्ली - भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अपनी अध्यक्षता में 6-7 जुलाई 2026 को केरल के कोच्चि में ब्रिक्स महिला कार्य समूह (डब्ल्यूडब्ल्यूजी) की बैठक की मेजबानी करेगा। ब्रिक्स सदस्य देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी सभी क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और महिला नेतृत्व वाले विकास से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करने और साझा प्राथमिकताओं पर सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ आएंगे।

    भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में जन-केंद्रित और मानवता-प्रथम दृष्टिकोण वाले विषय ‘‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’’ से प्रेरित होकर ब्रिक्स महिला ट्रैक ने चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों - शासन और नेतृत्व में महिलाएं; महिलाओं का डिजिटल और वित्तीय समावेशन; महिलाओं उद्यमिता और कौशल विकास; और जलवायु परिवर्तन उपायों, खाद्य सुरक्षा और पोषण में महिलाओं की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया है।

    महिला कार्य समूह की बैठक सदस्य देशों को विचार-विमर्श करने और महिला नेतृत्व वाले विकास को आगे बढ़ाने के लिए आम सहमति बनाने का अवसर प्रदान करेगी।

    ब्रिक्स में 11 देश शामिल हैं - ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात। ये देश मिलकर वैश्विक जीडीपी का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं।

    ब्रिक्स वैश्विक आबादी के लगभग 49.5 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है। इसके भीतर, महिलाओं का राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विकास हर क्षेत्र में परिणामों को प्रभावित करता है जिससे ब्रिक्स 2026 में महिला ट्रैक एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ट्रैक बन जाता है।

    कार्य समूह की बैठक 30 अप्रैल 2026, 22 मई 2026 और 29 जून 2026 को वर्चुअल रूप से आयोजित तीन प्रारंभिक बैठकों के माध्यम से हुई व्यापक परामर्शों पर आधारित है। इन बैठकों ने सदस्य देशों को कोच्चि में होने वाली बैठकों से पहले चर्चाओं को आगे बढ़ाने में सक्षम बनाया है।

    ब्रिक्स महिला कार्य समूह की बैठक से 8-9 जुलाई 2026 को होने वाली ब्रिक्स महिला मंत्रिस्तरीय बैठक के लिए एक मजबूत आधार तैयार होने की उम्मीद है, जो व्यावहारिक सहयोग और महिला-नेतृत्व वाले विकास के प्रति ब्रिक्स सदस्य देशों की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करेगी।

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    चेन्नई: चलती फ्लाइट का इमरजेंसी गेट खोलने की कोशिश, यात्री की हरकत से विमान में मचा हड़कंप

    जे कुमार चेन्नई, 4 मई 2026: चेन्नई हवाई अड्डे पर एक बड़ी सुरक्षा चूक और यात्री की लापरवाही का मामला सामने आया है। चेन्नई से उड़ान भरने के लिए तैयार या रनवे पर चलती हुई एक फ्लाइट के इमरजेंसी गेट को एक यात्री ने अचानक खोलने का प्रयास किया। इस अप्रत्याशित घटना से विमान के भीतर मौजूद यात्रियों और क्रू मेंबर्स के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन

    • यात्री की हरकत: विमान के टेक-ऑफ या टैक्सीिंग के दौरान यात्री ने सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर इमरजेंसी एग्जिट लीवर को खींचने की कोशिश की।

    • क्रू की तत्परता: केबिन क्रू ने तुरंत स्थिति को संभाला और यात्री को काबू में किया, जिससे किसी बड़े हादसे को टाला जा सका।

    • विमान की वापसी: सुरक्षा कारणों से विमान को वापस बे (Bay) में ले जाया गया और सभी यात्रियों की सुरक्षा जांच दोबारा की गई।

    कानूनी कार्रवाई

    • गिरफ्तारी: घटना के बाद आरोपी यात्री को विमान से उतारकर सुरक्षा एजेंसियों (CISF) के हवाले कर दिया गया।

    • प्रतिबंध: एयरलाइन कंपनी ने यात्री के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और उसे 'नो-फ्लाई लिस्ट' (No-Fly List) में डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    • जांच: पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यात्री ने यह कदम जानबूझकर उठाया या वह किसी मानसिक तनाव या तकनीकी अनभिज्ञता के कारण ऐसा कर बैठा।

    यह घटना विमानन सुरक्षा (Aviation Safety) के प्रति यात्रियों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल उठाती है, क्योंकि ऐसी छोटी सी गलती सैकड़ों जिंदगियों को खतरे में डाल सकती है।

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    तेलंगाना: दवा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, एक श्रमिक की मौत और कई घायल

    जे कुमार हैदराबाद, 2 मई 2026: तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में स्थित एक दवा निर्माण इकाई (Pharma Factory) में शनिवार सुबह एक भीषण विस्फोट होने से एक श्रमिक की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना में कई अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

    हादसे का विवरण:

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विस्फोट फैक्ट्री के रिएक्टर सेक्शन में हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि फैक्ट्री की इमारत का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियाँ और पुलिस बल मौके पर पहुँचा। राहत एवं बचाव कार्य जारी है और मलबे में फंसे अन्य संभावित लोगों की तलाश की जा रही है।

    प्रशासनिक कार्रवाई:

    स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और विस्फोट के सटीक कारणों की जांच की जा रही है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कोण से भी पड़ताल की जा रही है कि क्या फैक्ट्री में अग्निशमन और सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। प्रशासन ने मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

    यह घटना औद्योगिक सुरक्षा पर एक बार फिर सवालिया निशान लगाती है, विशेषकर फार्मा हब माने जाने वाले तेलंगाना के इन क्षेत्रों में जहां रासायनिक प्रक्रियाओं के दौरान जोखिम अधिक रहता है।

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    तमिलनाडु: पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 23 श्रमिकों की मौत; मलबे में तब्दील हुई इमारत

    जे कुमार विरुधुनगर (तमिलनाडु), 20 अप्रैल 2026: तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में रविवार दोपहर एक निजी पटाखा फैक्ट्री में हुए जबरदस्त विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। कट्टनारपट्टी (Kattanarpatti) गांव में स्थित 'वनजा फायरवर्क्स' (Vanaja Fireworks) इकाई में हुए इस हादसे में अब तक 23 श्रमिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।

    हादसे का विवरण:

    विस्फोट रविवार दोपहर लगभग 3:20 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री की कम से कम चार शेड (इमारतें) पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गईं। बताया जा रहा है कि धमाके के समय करीब 36 श्रमिक रसायनों (Chemicals) के साथ काम कर रहे थे। शुरुआती जांच में रसायनों के बीच घर्षण (Friction) को विस्फोट की मुख्य वजह माना जा रहा है।

    रेस्क्यू के दौरान दूसरा धमाका:

    जब पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मलबे से शवों को निकालने और बचाव कार्य में जुटी थीं, उसी दौरान शाम को एक दूसरा विस्फोट भी हुआ। इस दूसरे धमाके में रेस्क्यू टीम के सदस्यों और पुलिसकर्मियों सहित लगभग 13 से 17 लोग मामूली रूप से घायल हो गए, जिससे बचाव कार्य में कुछ समय के लिए बाधा आई।

    नियमों की अनदेखी:

    जिला प्रशासन के अनुसार, यह फैक्ट्री रविवार को संचालित की जा रही थी, जो कि नियमों का उल्लंघन है (रविवार को ऐसी फैक्ट्रियां बंद रहनी चाहिए)। विरुधुनगर के जिला कलेक्टर ने फैक्ट्री का लाइसेंस रद्द करने और मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। फैक्ट्री मालिक फिलहाल फरार बताया जा रहा है।

    शीर्ष नेतृत्व ने जताया दुख:

    • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

    • मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने मंत्रियों को तुरंत मौके पर पहुँचने और राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए। सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का भी आश्वासन दिया है।

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    प्रधानमंत्री ने परम पूज्य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीगलु को श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 1 अप्रैल नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज परम पूज्य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीगलु की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

    मोदी ने कहा कि वे करुणा, विनम्रता और मानवता की अटूट सेवा के प्रतीक के रूप में सब की स्मृति‍ में अमर हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन दूसरों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया और यह सिद्ध किया कि सच्ची महानता दूसरों की सेवा में निहित है। श्री मोदी ने कहा कि शिक्षा, सामाजिक कल्याण और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान ने समाज पर अमिट छाप छोड़ी है। आज भी उनका जीवन अनगिनत व्यक्तियों को निस्वार्थता और सेवा के मार्ग पर चलने के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान करता है।

    प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्‍ट किया;

    “उनकी जयंती के अवसर पर मैं परम पूज्य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीगलु को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। वे करुणा, विनम्रता और मानवता की अटूट सेवा के प्रतीक के रूप में सब की स्मृति में अमर हैं। जीवन भर दूसरों के उत्थान के लिए समर्पित रहकर उन्होंने यह सिद्ध किया कि सच्ची महानता दूसरों की सेवा में निहित है। शिक्षा, सामाजिक कल्याण और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान ने समाज पर अमिट छाप छोड़ी है। आज भी उनका जीवन अनगिनत व्यक्तियों को निस्वार्थता और सेवा के मार्ग पर चलने के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान करता है।”

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    मंत्रिमंडल ने तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में घोषणा को मंजूरी दी

    आरएस अनेजा, 11 नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में घोषणा को मंजूरी दे दी है।

    तमिलनाडु में मंदिरों के शहर के रूप में प्रसिद्ध मदुरै स्थित मदुरै हवाई अड्डा राज्य के सबसे पुराने हवाई अड्डों में से एक है। यह दक्षिणी तमिलनाडु के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है और पर्यटन एवं तीर्थयात्रा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाता है, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास में योगदान होता है।

    मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने से क्षेत्रीय संपर्क बढ़ेगा, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रियों और व्यवसायों को आकर्षित करने की हवाई अड्डे की क्षमता शहर के ऐतिहासिक महत्व के अनुरूप है।

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    मलयालम अस्मिता को सम्मान: मोदी कैबिनेट ने दी केरल का नाम ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को हरी झंडी

    आरएस अनेजा, 24 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने आज ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी।

    केंद्रीय कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद, भारत के राष्ट्रपति केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026 नाम का एक बिल, भारत के संविधान के आर्टिकल 3 के प्रोविज़ो के तहत अपनी राय बताने के लिए केरल राज्य विधानसभा को भेजेंगे। केरल राज्य विधानसभा की राय मिलने के बाद, भारत सरकार आगे की कार्रवाई करेगी और ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के लिए केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026 को संसद में पेश करने के लिए राष्ट्रपति की सिफारिश ली जाएगी।

    केरल की लेजिस्लेटिव असेंबली ने 24.06.2024 को “केरल” राज्य का नाम बदलकर “केरलम” करने के लिए एक प्रस्ताव पास किया, जो इस तरह है:

    “हमारे राज्य का नाम मलयालम भाषा में 'केरलम' है। भाषा के आधार पर 1 नवंबर, 1956 को राज्य बनाए गए थे। केरल पिरावी दिवस भी 1 नवंबर को ही है। राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही मलयालम भाषा बोलने वाले लोगों के लिए यूनाइटेड केरल बनाने की ज़ोरदार मांग रही है। लेकिन संविधान के पहले शेड्यूल में हमारे राज्य का नाम 'केरल' दर्ज है। यह असेंबली एकमत से केंद्र सरकार से अपील करती है कि वह संविधान के आर्टिकल 3 के अनुसार नाम को 'केरलम' करने के लिए तुरंत कदम उठाए।”

    इसके बाद, केरल सरकार ने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि वह संविधान के आर्टिकल 3 के अनुसार ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करके संविधान के पहले शेड्यूल में बदलाव करने के लिए ज़रूरी कदम उठाए।

    संविधान के आर्टिकल 3 में मौजूदा राज्यों के नाम बदलने का प्रावधान है। आर्टिकल 3 के अनुसार, संसद कानून बनाकर किसी भी राज्य का नाम बदल सकती है। आर्टिकल 3 के आगे के प्रोविज़ो में कहा गया है कि इस मकसद के लिए कोई भी बिल संसद के किसी भी सदन में प्रेसिडेंट की सिफारिश के बिना पेश नहीं किया जाएगा और जब तक कि बिल में शामिल प्रस्ताव किसी भी राज्य के इलाके, सीमाओं या नाम पर असर न डाले, प्रेसिडेंट ने बिल को उस राज्य की लेजिस्लेचर को रेफरेंस में बताई गई अवधि के अंदर या प्रेसिडेंट द्वारा दी गई अतिरिक्त अवधि के अंदर अपने विचार बताने के लिए भेजा हो और बताई गई या दी गई अवधि खत्म हो गई हो।

    ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के मामले पर भारत सरकार के गृह मंत्रालय में विचार किया गया और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और केंद्रीय सहकारिता मंत्री की मंज़ूरी से, ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के लिए कैबिनेट के लिए ड्राफ़्ट नोट को उनकी टिप्पणियों के लिए कानून और न्याय मंत्रालय के कानूनी मामलों के विभाग और विधायी विभाग को भेजा गया। कानून और न्याय मंत्रालय के कानूनी मामलों के विभाग और विधायी विभाग ने ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव पर सहमति जताई है।

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    प्रधानमंत्री व गृह मंत्री ने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता जी को श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 24 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता जी की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। प्रधानमंत्री ने उन्हें एक ऐसे करिश्माई नेता और उत्कृष्ट प्रशासक के रूप में याद किया जिन्होंने लोगों के दिलों में अमिट स्थान बनाया है।

    मोदी ने तमिलनाडु की मुख्यमंत्री के रूप में जे. जयललिता के परिवर्तनकारी कार्यकाल का उल्लेख किया है और बताया है कि उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास पर दृढ़ ध्यान केंद्रित करते हुए उत्कृष्ट कल्याणकारी शासन का प्रबल समर्थन किया।

    प्रधानमंत्री ने उनके साथ हुई मुलाकातों को प्रसन्नतापूर्वक याद किया। श्री मोदी ने इस महीने के 'मन की बात' कार्यक्रम में उनके जीवन और कार्यों के बारे में अपने विशिष्ट विचार भी साझा किए।

    प्रधानमंत्री ने X पर लिखा कि जयललिता जी की जयंती पर उन्हें स्मरण कर रहा हूं। उन्होंने एक करिश्माई नेता और उत्कृष्ट प्रशासक के रूप में अनगिनत लोगों के दिलों और दिमागों में अपना स्थान बनाया है। उनका जीवन अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प से परिपूर्ण था। तमिलनाडु की मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास पर विशेष ध्यान देते हुए कल्याणकारी शासन का नेतृत्व किया। वे करुणामयी और निर्णायक दोनों थीं। मुझे उनके साथ हुई मुलाकातों को स्मरण करके बहुत प्रसन्नता होती है।

    इस महीने के #MannKiBaat कार्यक्रम में मैंने उनके बारे में यही कहा था।"

    वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।

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