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    तमिलनाडु से बड़ी खबर: पिता-पुत्र की पुलिस कस्टडी में मौत मामले में 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा

    तमिलनाडु, 7 अप्रैल (अन्‍नू): मदुरै की पहली अतिरिक्त जिला अदालत (ADJ) ने 6 अप्रैल 2026 को भारतीय न्याय व्यवस्था का एक बड़ा उदाहरण पेश करते हुए 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई है। जयराज और उनके बेटे बेनिक्स की पुलिस हिरासत में हुई बर्बर हत्या के मामले में कोर्ट ने माना कि यह मामला 'दुर्लभ से दुर्लभतम' (Rarest of Rare) की श्रेणी में आता है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह सत्ता का घोर दुरुपयोग और मानवता पर कलंक है।



    क्या था पूरा मामला?


    यह दर्दनाक घटना 19 जून 2020 की है, जब तमिलनाडु के सात्थानकुलम थाने की पुलिस ने जयराज और उनके बेटे बेनिक्स को लॉकडाउन नियमों के उल्लंघन के आरोप में अवैध रूप से हिरासत में लिया था।



    बर्बरता:

    19 और 20 जून की दरम्यानी रात को आरोपियों ने पिता-पुत्र को बेरहमी से पीटा और उन्हें अमानवीय यातनाएं दीं।
    मौत: चोटों और अत्यधिक प्रताड़ना के कारण बेनिक्स ने 22 जून को और उनके पिता जयराज ने 23 जून को न्यायिक हिरासत में दम तोड़ दिया था।


    CBI की जांच और 5 साल का कानूनी संघर्ष


    जनता के भारी आक्रोश और मीडिया कवरेज के बाद तमिलनाडु सरकार ने यह मामला सीबीआई (CBI) को सौंप दिया था।



    90 दिन में चार्जशीट:

    सीबीआई ने तत्परता दिखाते हुए 90 दिनों के भीतर तत्कालीन एसएचओ श्रीधर और एसआई रघुगणेश सहित 9 पुलिसकर्मियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।


    गवाह:

    मुकदमे के दौरान सीबीआई ने 135 गवाहों को सूचीबद्ध किया और 52 मुख्य गवाहों के बयान दर्ज कराए। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि यह अपराध मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है जिसने समाज की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है।


    इन 9 दोषियों को सुनाई गई सजा-ए-मौत:


    अदालत ने हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोपों में निम्नलिखित पुलिसकर्मियों को दोषी पाते हुए अधिकतम दंड दिया है:

    एस. श्रीधर (तत्कालीन एसएचओ/इंस्पेक्टर)
    पी. रघुगणेश (सब-इंस्पेक्टर)
    के. बालकृष्णन (सब-इन्स्पेक्टर)
    एस. मुरुगन (हेड कांस्टेबल)
    ए. समदुरै (हेड कांस्टेबल)
    एस. चेल्लादुरै (कांस्टेबल)
    एम. मुथुराज (कांस्टेबल)
    एक्स. थॉमस फ्रांसिस (कांस्टेबल)
    एस. वेलुमुथु (कांस्टेबल)


    निष्कर्ष:


    5 साल तक चले इस लंबे ट्रायल के बाद आज आए फैसले ने यह संदेश दिया है कि वर्दी के पीछे छिपकर किया गया अपराध भी कानून से बच नहीं सकता। मानवाधिकार संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे पुलिस रिफॉर्म्स की दिशा में एक बड़ी नजीर माना है।



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    प्रधानमंत्री ने परम पूज्य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीगलु को श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 1 अप्रैल नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज परम पूज्य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीगलु की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

    मोदी ने कहा कि वे करुणा, विनम्रता और मानवता की अटूट सेवा के प्रतीक के रूप में सब की स्मृति‍ में अमर हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन दूसरों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया और यह सिद्ध किया कि सच्ची महानता दूसरों की सेवा में निहित है। श्री मोदी ने कहा कि शिक्षा, सामाजिक कल्याण और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान ने समाज पर अमिट छाप छोड़ी है। आज भी उनका जीवन अनगिनत व्यक्तियों को निस्वार्थता और सेवा के मार्ग पर चलने के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान करता है।

    प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्‍ट किया;

    “उनकी जयंती के अवसर पर मैं परम पूज्य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीगलु को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। वे करुणा, विनम्रता और मानवता की अटूट सेवा के प्रतीक के रूप में सब की स्मृति में अमर हैं। जीवन भर दूसरों के उत्थान के लिए समर्पित रहकर उन्होंने यह सिद्ध किया कि सच्ची महानता दूसरों की सेवा में निहित है। शिक्षा, सामाजिक कल्याण और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान ने समाज पर अमिट छाप छोड़ी है। आज भी उनका जीवन अनगिनत व्यक्तियों को निस्वार्थता और सेवा के मार्ग पर चलने के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान करता है।”

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    इंजीनियरिंग छात्र की निर्मम हत्या: 21 साल से फरार मुख्य आरोपी नागपुर से गिरफ्तार, पहचान बदलकर रचा ली थी शादी

    तिरुवनंतपुरम, 29 मार्च (अन्‍नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए तिरुवनंतपुरम के इंजीनियरिंग छात्र श्यामल मंडल के अपहरण और सनसनीखेज हत्या मामले में पिछले 21 वर्षों से फरार चल रहे मुख्य आरोपी दुर्गा बहादुर भट्ट छेत्री उर्फ दीपक को गिरफ्तार कर लिया है। घोषित अपराधी (PO) करार दिया गया यह आरोपी 2005 से ही कानून की नजरों से बचकर भाग रहा था। सीबीआई की टीम ने सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर उसे महाराष्ट्र के नागपुर से दबोचा, जहाँ वह अपनी असली पहचान छिपाकर रह रहा था।


    यह मामला साल 2005 का है, जब तिरुवनंतपुरम के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के छात्र श्यामल मंडल का अपहरण कर लिया गया था। अपहरण के बाद श्यामल के पिता से फिरौती की मांग की गई थी, लेकिन दुर्भाग्यवश 23 अक्टूबर 2005 को श्यामल का शव तिरुवनंतपुरम के थिरुवल्लम इलाके में वेल्लार के पास मिला। केरल उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई ने दिसंबर 2008 में इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। जांच में सामने आया कि इस जघन्य हत्याकांड को दुर्गा बहादुर और उसके साथी मोहम्मद अली ने अंजाम दिया था, जो दोनों अंडमान निकोबार के रहने वाले थे।


    सीबीआई की जांच के दौरान सह-आरोपी मोहम्मद अली को तो गिरफ्तार कर लिया गया था और उसे साल 2022 में अदालत ने दोषी करार देते हुए सजा भी सुना दी थी, लेकिन दुर्गा बहादुर लगातार फरार बना रहा। ट्रायल कोर्ट ने उसे 'भगोड़ा' यानी घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) घोषित कर दिया था। अपनी फरारी के दौरान आरोपी ने न केवल अपना नाम बदलकर 'सूरज बी. भट्ट' रख लिया, बल्कि पिता का नाम भी फर्जी बताया। इसी फर्जी पहचान के सहारे उसने नागपुर में शादी कर ली और वहीं बस गया, ताकि पुलिस कभी उस तक न पहुँच सके।


    दो दशकों की कड़ी मेहनत और गहन जांच के बाद आखिरकार सीबीआई ने 27 मार्च 2026 को नागपुर में आरोपी को घेर लिया और उसकी असली पहचान की पुष्टि होने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई अब इस गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत के लिए एर्नाकुलम की संबंधित अदालत में पेश करेगी। इस गिरफ्तारी के साथ ही इंजीनियरिंग छात्र के परिवार को दो दशक बाद न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।


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    इनकम टैक्स रिफंड घोटाला: सीबीआई कोर्ट ने पूर्व अधिकारी समेत 7 दोषियों को सुनाई 4-4 साल की सजा

    चेन्नई, 28 मार्च (अन्‍नू):  देश की प्रतिष्ठित जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) की विशेष अदालत ने इनकम टैक्स रिफंड धोखाधड़ी के एक पुराने और चर्चित मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आयकर विभाग के तत्कालीन सीनियर टैक्स असिस्टेंट बाबू प्रसाद कुमार और उनके छह निजी सहयोगियों को दोषी करार देते हुए 4-4 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी दोषियों पर कुल 2.4 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।


    यह पूरा मामला साल 2015 से 2019 के बीच का है, जब आयकर विभाग के सिस्टम में हेरफेर कर और फर्जी दस्तावेजों व पहचान का सहारा लेकर अवैध रूप से रिफंड जारी किए गए थे। इस घोटाले के कारण सरकारी खजाने को करीब 2.38 करोड़ रुपये का चूना लगा था। सीबीआई ने इस मामले में 31 दिसंबर 2019 को चेन्नई के सहायक आयकर आयुक्त की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच के दौरान यह सामने आया कि मुख्य आरोपी बाबू प्रसाद कुमार ने विभाग में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इस पूरी साजिश को अंजाम दिया था।


    सीबीआई की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि घोटाले से कमाए गए करोड़ों रुपयों को छिपाने के लिए बाबू प्रसाद ने उस राशि को अपने परिवार के सदस्यों और करीबियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया था। जांच एजेंसी ने गहन छानबीन के बाद 1 मार्च 2021 को अदालत में सात आरोप पत्र (Charge Sheets) दाखिल किए थे। सुनवाई के दौरान पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत ने बाबू प्रसाद कुमार के साथ-साथ बी प्रवीण कुमार, टी एम कॉर्नेल, पी स्टीफन, ए गोपीकृष्ण, वेंकटेश और सी गुणसीलन को इस वित्तीय अपराध का दोषी पाया।


    अदालत का यह फैसला सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार करने वालों के लिए एक सख्त संदेश है। सीबीआई ने इस कार्रवाई के जरिए एक बार फिर यह साबित किया है कि वित्तीय धोखाधड़ी और सरकारी धन का गबन करने वाले अपराधी चाहे कितने भी रसूखदार क्यों न हों, कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकते। 

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    नीले समंदर का नया शिकारी: नौसेना के बेड़े में शामिल होने को तैयार 'INS तारागिरी'

    आरएस अनेजा, 21 मार्च नई दिल्ली - भारत की समुद्री संप्रभुता के लिए एक निर्णायक क्षण को चिह्नित करने वाले एक समारोह में, भारतीय नौसेना 03 अप्रैल 2026 को अपने नवीनतम स्टेल्थ फ्रिगेट, 'तारागिरी' (F41) को कमीशन करने की तैयारी कर रही है।

    विशाखापत्तनम में होने वाला यह समारोह, जिसकी अध्यक्षता माननीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे, राष्ट्र के पूरी तरह से आत्मनिर्भर नौसैनिक शक्ति बनने की दिशा में की गई यात्रा का एक सशक्त प्रमाण होगा।

    प्रोजेक्ट 17A श्रेणी के चौथे शक्तिशाली प्लेटफॉर्म के रूप में, 'तारागिरी' केवल एक जहाज नहीं है; यह 'मेक इन इंडिया' की भावना और हमारे स्वदेशी शिपयार्डों की परिष्कृत इंजीनियरिंग क्षमताओं का 6,670 टन का एक साकार रूप है।

    मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) द्वारा निर्मित, यह फ्रिगेट पिछली डिज़ाइनों की तुलना में एक पीढ़ीगत छलांग का प्रतिनिधित्व करता है। इसकी बनावट अधिक सुव्यवस्थित है और इसका 'रडार क्रॉस-सेक्शन' (RCS) काफी कम है, जिससे यह अत्यंत घातक 'स्टेल्थ' (छिपकर वार करने की क्षमता) के साथ काम कर सकता है।

    75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ, यह जहाज एक ऐसे घरेलू औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र की परिपक्वता को उजागर करता है, जिसमें अब 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) शामिल हैं। ये उद्यम भारत सरकार की 'आत्मनिर्भरता' पहलों में योगदान देते हुए, हजारों भारतीयों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करते हैं।

    'कंबाइंड डीज़ल या गैस' (CODOG) प्रणोदन संयंत्र द्वारा संचालित, 'तारागिरी' को 'उच्च गति – उच्च सहनशक्ति' (High-Speed ​​– High Endurance) की बहुमुखी प्रतिभा और बहु-आयामी समुद्री अभियानों के लिए डिज़ाइन किया गया है। जहाज का हथियार तंत्र विश्व-स्तरीय है, जिसमें सुपरसोनिक 'सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें', 'मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें' और एक विशेष 'पनडुब्बी-रोधी युद्ध' (ASW) प्रणाली शामिल है।

    ये सभी प्रणालियाँ एक अत्याधुनिक 'कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम' के माध्यम से निर्बाध रूप से एकीकृत हैं, जो यह सुनिश्चित करता है कि चालक दल खतरों का जवाब अत्यंत सटीक और त्वरित गति से दे सके।

    समुद्रों के एक प्रमुख शिकारी के रूप में अपनी भूमिका से परे, 'तारागिरी' को आधुनिक कूटनीति और मानवीय संकटों की जटिलताओं से निपटने के लिए भी तैयार किया गया है। इसकी लचीली मिशन प्रोफ़ाइल इसे उच्च-तीव्रता वाले युद्ध अभियानों से लेकर 'मानवीय सहायता और आपदा राहत' (HADR) कार्यों तक—हर प्रकार की स्थिति के लिए आदर्श बनाती है।

    भारतीय नौसेना एक युद्ध-तैयार, सुसंगत, विश्वसनीय और 'आत्मनिर्भर' शक्ति के रूप में लगातार विकसित हो रही है। यह एक ऐसे 'विकसित और समृद्ध भारत' के लिए समुद्रों की सुरक्षा करती है, जिसकी रक्षा भारतीयों द्वारा डिज़ाइन किए गए, भारतीयों द्वारा निर्मित और भारतीयों द्वारा ही संचालित जहाजों के बेड़े द्वारा की जाती है। तारागिरी, बढ़ती समुद्री शक्ति के एक प्रकाश-स्तंभ और हमारी समुद्री सीमाओं के एक अभेद्य प्रहरी के रूप में, एक उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार खड़ी है।

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    आपदा राहत हेतु केंद्र का बड़ा कदम: 6 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए ₹1,912.99 करोड़ की अतिरिक्त सहायता मंजूर

    आररएस अनेजा, 13 मार्च नई दिल्ली - केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली एक उच्चस्तरीय समिति ने वर्ष 2025 में बाढ़, आकस्मिक बाढ़ (Flash Flood), बादल फटने (Cloudburst), चक्रवात 'मोंथा' और भूस्खलन से प्रभावित आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड तथा केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को 1,912.99 करोड़ रुपए की अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता को मंजूरी दी है।

    यह केन्द्रीय सहायता राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से प्रदान की गई है, जो वर्ष की प्रारंभिक शेष राशि में उपलब्ध राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के 50% के समायोजन के अधीन है। कुल राशि 1,912.99 करोड़ रुपए में से, आंध्र प्रदेश के लिए 341.48 करोड़ रुपए, छत्तीसगढ़ के लिए 15.70 करोड़ रुपए, गुजरात के लिए 778.67 करोड़ रुपए, हिमाचल प्रदेश के लिए 288.39 करोड़ रुपए, नगालैंड के लिए 158.41 करोड़ रुपए तथा जम्मू-कश्मीर के लिए 330.34 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार प्राकृतिक आपदाओं और विपत्तियों के समय राज्य सरकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रही है।

    यह अतिरिक्त सहायता उन धनराशि से अतिरिक्त है, जो केन्द्र सरकार द्वारा राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के तहत राज्यों को पहले ही जारी की जा चुकी हैं और जो राज्यों के पास खर्च के लिए उपलब्ध हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, केन्द्र सरकार ने 28 राज्यों को SDRF के तहत 20,735.20 करोड़ रुपए तथा 21 राज्यों को NDRF के तहत 3,628.18 करोड़ रुपए जारी किए हैं।

    इसके अतिरिक्त, राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष (SDMF) से 23 राज्यों को 5,373.20 करोड़ रुपए तथा राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष (NDMF) से 21 राज्यों को 1,189.56 करोड़ रुपए भी जारी किए गए हैं।

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    "सुरक्षित गलियारे, सुरक्षित भविष्य: रेलवे ट्रैक पर हाथियों की मौत रोकने के लिए MoEFCC और WII की बड़ी पहल"

    आरएस अनेजा, 12 मार्च नई दिल्ली - पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के प्रोजेक्ट एलीफेंट डिवीज़न ने वाइल्डलाइफ़ इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया के साथ मिलकर देहरादून के वाइल्डलाइफ़ इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया (WII) में “रेलवे ट्रैक पर हाथियों की मौत को कम करने के लिए पॉलिसी लागू करने” पर दो दिन की नेशनल वर्कशॉप आयोजित की।

    इस इवेंट में 40 लोग शामिल हुए, जिनमें MoEFCC के प्रोजेक्ट एलीफेंट डिवीज़न, रेल मंत्रालय, हाथी-रेंज वाले राज्यों के वन विभागों के सीनियर प्रतिनिधि और जाने-माने कंज़र्वेशन साइंटिस्ट शामिल थे। इसमें शामिल मुख्य रेलवे ज़ोन में ईस्ट सेंट्रल रेलवे, ईस्ट कोस्ट रेलवे, नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे, नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे, नॉर्दर्न रेलवे, साउथ ईस्टर्न रेलवे, सदर्न रेलवे और साउथ वेस्टर्न रेलवे शामिल थे।

    भारत में दुनिया की 60% से ज़्यादा एशियाई हाथी आबादी रहती है, जिनके मुख्य रहने की जगहें पूर्वी, उत्तर-पूर्वी, दक्षिणी और मध्य इलाकों में फैली हुई हैं। लेकिन, हाथियों के रहने की जगहों में बढ़ते बंटवारे और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की वजह से रेलवे ट्रैक पर हाथियों की मौत के मामले बढ़े हैं, खासकर असम, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, ओडिशा, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों में। वर्कशॉप का मकसद कंजर्वेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के बीच तालमेल को मजबूत करना और साइंस-बेस्ड मिटिगेशन स्ट्रेटेजी को बढ़ावा देना था।

    रेलवे ट्रैक पर जंगली जानवरों की मौत के बढ़ते मामलों को दूर करने की कोशिश में, MoEFCC ने WII और रेल मंत्रालय के साथ पार्टनरशिप में, हाथियों की रेंज में 110 सेंसिटिव रेलवे हिस्सों और दो टाइगर-रेंज राज्यों में 17 और हिस्सों की पहचान की है।

    प्रोजेक्ट एलीफेंट, WII, राज्य वन विभागों और भारतीय रेलवे की टीमों द्वारा किए गए बड़े जॉइंट फील्ड सर्वे में साइट-स्पेसिफिक इकोलॉजिकल कंडीशन का मूल्यांकन किया गया और हर जगह के हिसाब से टारगेटेड मिटिगेशन उपायों का सुझाव दिया गया। 3,452.4 किलोमीटर लंबे 127 रेलवे खंडों के विस्तृत आकलन के आधार पर, 14 राज्यों में 1,965.2 किलोमीटर लंबे 77 खंडों को वन्यजीवों की आवाजाही के पैटर्न और जानवरों की मृत्यु के जोखिम को ध्यान में रखते हुए शमन के लिए प्राथमिकता दी गई थी।

    इन प्राथमिकता वाले खंडों के लिए अनुशंसित शमन पैकेज में 503 रैंप और लेवल क्रॉसिंग, 72 पुल विस्तार और संशोधन, 39 बाड़ लगाने या खाई बनाने के ढांचे, 4 निकास रैंप, 65 नए अंडरपास और 22 ओवरपास शामिल हैं, कुल 705 शमन संरचनाएं हैं जो वन्यजीवों के सुरक्षित मार्ग को सुगम बनाने और टकरावों को कम करने के लिए डिजाइन की गई हैं।

    इन सक्रिय उपायों के अलावा, कई नई रेलवे लाइनों और विस्तार परियोजनाओं - जिसमें ट्रैक दोहरीकरण और तिहराकरण शामिल है - में वन्यजीव-अनुकूल बुनियादी ढांचे को शामिल किया गया है महाराष्ट्र में दारेकसा-सालेकासा रेलवे ट्रैक ट्रिपलिंग प्रोजेक्ट और नागभीड़-इतवारी गेज कन्वर्जन प्रोजेक्ट, और महाराष्ट्र में कान्हा-नवेगांव-ताडोबा-इंद्रावती टाइगर कॉरिडोर को जोड़ने वाली वडसा-गढ़चिरौली रेलवे लाइन।

    असम में अज़रा-कामाख्या रेलवे लाइन के 3.5 km के सेंसिटिव हिस्से पर एक खास इंटरवेंशन की योजना है, जो रानी-गरभंगा-दीपोर बील हाथी कॉरिडोर को जोड़ता है, जहाँ पहले कई हाथियों की मौत हो चुकी है। इस हिस्से को एलिवेटेड किया जाएगा ताकि हाथियों का कॉरिडोर में सुरक्षित मूवमेंट हो सके।

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    विकसित केरलम: प्रधानमंत्री मोदी ने दी ₹11,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात

    आरएस अनेजा, 11 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केरलम के विकास को गति देने के लिए आज जीवंत तटीय शहर कोच्चि का दौरा किया और कई प्रभावशाली परियोजनाओं का शुभारंभ किया। निवेश की व्यापकता पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने लगभग 11,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोच्चि आना हमेशा एक शानदार अनुभव होता है। उन्होंने कहा, "मैं इन परियोजनाओं के लिए केरलम के लोगों को हार्दिक बधाई देता हूं।"

    प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कोच्चि रिफाइनरी में आज पॉलीप्रोपाइलीन यूनिट की आधारशिला रखने का उद्देश्य पेट्रोलियम क्षेत्र को मजबूत बनाना है। इस यूनिट से प्रति वर्ष चार लाख टन पॉलीप्रोपाइलीन का उत्पादन होने की उम्मीद है, जिससे पैकेजिंग, कपड़ा और चिकित्सा उपकरण उद्योगों को सहयोग मिलेगा। इस सुविधा के रणनीतिक महत्व के बारे में चर्चा करते हुए श्री मोदी ने कहा, "आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए, 'मेक इन इंडिया' के लिए पेट्रोलियम सेक्टर का विस्तार बहुत आवश्यक है।"

    भारत को वैश्विक विनिर्माण और प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में मजबूत करने के उद्देश्य से, प्रधानमंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में देश की प्रगति को सतत ऊर्जा की बढ़ती मांग से जोड़ा। श्री मोदी ने कहा कि केरलम को सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में प्रगति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, आज पश्चिम कल्लाडा में 50 मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर परियोजना की आधारशिला रखी गई है। श्री मोदी ने कहा कि केरलम में बड़ी संख्या में जलाशय मौजूद हैं, इसलिए राज्य में फ्लोटिंग सोलर पावर के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। हरित भविष्य की ओर बढ़ते कदम के बारे में बताते हुए श्री मोदी ने कहा, "हमारा प्रयास है कि केरलम सौर ऊर्जा उत्पादन में और आगे बढ़े।"

    प्रधानमंत्री ने अमृत भारत स्टेशन योजना और रेलवे विद्युतीकरण के माध्यम से क्षेत्रीय संपर्क में हुई महत्वपूर्ण प्रगति का भी विस्तृत विवरण दिया। शोरानूर जंक्शन, कुट्टीपुरम और चांगनास्सेरी में आधुनिकीकरण के प्रयासों के साथ-साथ नई पलक्कड़-पोल्लाची ट्रेन सेवा से केरलम और तमिलनाडु दोनों राज्यों के निवासियों के यात्रा अनुभव में बड़ा बदलाव आने वाला है। स्थानीय विकास पर केन्द्रीय बजट के पड़ने वाले प्रभाव पर जोर देते हुए श्री मोदी ने कहा, "आज दुनिया आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे निवेश के लिए भारत की प्रशंसा करती है।"

    सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के विषय पर प्रधानमंत्री ने प्रकाश डाला कि कोझिकोड बाईपास और अझिक्कल बंदरगाह से बेहतर कनेक्टिविटी सहित नई छह-लेन परियोजनाएं यात्रा में लगने वाले समय और भीड़भाड़ को काफी हद तक कम कर देंगी। श्री मोदी ने कहा, “इन सभी परियोजनाओं से केरलम के किसानों को लाभ होगा और यहां पर्यटन और अन्य उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।”

    अपने संबोधन के समापन में प्रधानमंत्री ने दोहराते हुए कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश किया गया प्रत्येक रुपया युवाओं के लिए व्यापक रोजगार सृजन में उत्प्रेरक का काम करता है। श्री मोदी ने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि ये बहुक्षेत्रीय परियोजनाएं राज्य के समृद्ध भविष्य के लिए आवश्यक आधारशिला हैं। क्षेत्र की प्रगति के प्रति अपने संकल्प को दोहराते हुए श्री मोदी ने कहा, "मुझे पूर्ण विश्वास है कि ये परियोजनाएं 'विकसित केरलम' के हमारे संकल्प को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।"

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    मंत्रिमंडल ने तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में घोषणा को मंजूरी दी

    आरएस अनेजा, 11 नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में घोषणा को मंजूरी दे दी है।

    तमिलनाडु में मंदिरों के शहर के रूप में प्रसिद्ध मदुरै स्थित मदुरै हवाई अड्डा राज्य के सबसे पुराने हवाई अड्डों में से एक है। यह दक्षिणी तमिलनाडु के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है और पर्यटन एवं तीर्थयात्रा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाता है, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास में योगदान होता है।

    मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने से क्षेत्रीय संपर्क बढ़ेगा, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रियों और व्यवसायों को आकर्षित करने की हवाई अड्डे की क्षमता शहर के ऐतिहासिक महत्व के अनुरूप है।

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    मलयालम अस्मिता को सम्मान: मोदी कैबिनेट ने दी केरल का नाम ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को हरी झंडी

    आरएस अनेजा, 24 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने आज ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी।

    केंद्रीय कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद, भारत के राष्ट्रपति केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026 नाम का एक बिल, भारत के संविधान के आर्टिकल 3 के प्रोविज़ो के तहत अपनी राय बताने के लिए केरल राज्य विधानसभा को भेजेंगे। केरल राज्य विधानसभा की राय मिलने के बाद, भारत सरकार आगे की कार्रवाई करेगी और ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के लिए केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026 को संसद में पेश करने के लिए राष्ट्रपति की सिफारिश ली जाएगी।

    केरल की लेजिस्लेटिव असेंबली ने 24.06.2024 को “केरल” राज्य का नाम बदलकर “केरलम” करने के लिए एक प्रस्ताव पास किया, जो इस तरह है:

    “हमारे राज्य का नाम मलयालम भाषा में 'केरलम' है। भाषा के आधार पर 1 नवंबर, 1956 को राज्य बनाए गए थे। केरल पिरावी दिवस भी 1 नवंबर को ही है। राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही मलयालम भाषा बोलने वाले लोगों के लिए यूनाइटेड केरल बनाने की ज़ोरदार मांग रही है। लेकिन संविधान के पहले शेड्यूल में हमारे राज्य का नाम 'केरल' दर्ज है। यह असेंबली एकमत से केंद्र सरकार से अपील करती है कि वह संविधान के आर्टिकल 3 के अनुसार नाम को 'केरलम' करने के लिए तुरंत कदम उठाए।”

    इसके बाद, केरल सरकार ने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि वह संविधान के आर्टिकल 3 के अनुसार ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करके संविधान के पहले शेड्यूल में बदलाव करने के लिए ज़रूरी कदम उठाए।

    संविधान के आर्टिकल 3 में मौजूदा राज्यों के नाम बदलने का प्रावधान है। आर्टिकल 3 के अनुसार, संसद कानून बनाकर किसी भी राज्य का नाम बदल सकती है। आर्टिकल 3 के आगे के प्रोविज़ो में कहा गया है कि इस मकसद के लिए कोई भी बिल संसद के किसी भी सदन में प्रेसिडेंट की सिफारिश के बिना पेश नहीं किया जाएगा और जब तक कि बिल में शामिल प्रस्ताव किसी भी राज्य के इलाके, सीमाओं या नाम पर असर न डाले, प्रेसिडेंट ने बिल को उस राज्य की लेजिस्लेचर को रेफरेंस में बताई गई अवधि के अंदर या प्रेसिडेंट द्वारा दी गई अतिरिक्त अवधि के अंदर अपने विचार बताने के लिए भेजा हो और बताई गई या दी गई अवधि खत्म हो गई हो।

    ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के मामले पर भारत सरकार के गृह मंत्रालय में विचार किया गया और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और केंद्रीय सहकारिता मंत्री की मंज़ूरी से, ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के लिए कैबिनेट के लिए ड्राफ़्ट नोट को उनकी टिप्पणियों के लिए कानून और न्याय मंत्रालय के कानूनी मामलों के विभाग और विधायी विभाग को भेजा गया। कानून और न्याय मंत्रालय के कानूनी मामलों के विभाग और विधायी विभाग ने ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव पर सहमति जताई है।

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    प्रधानमंत्री व गृह मंत्री ने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता जी को श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 24 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता जी की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। प्रधानमंत्री ने उन्हें एक ऐसे करिश्माई नेता और उत्कृष्ट प्रशासक के रूप में याद किया जिन्होंने लोगों के दिलों में अमिट स्थान बनाया है।

    मोदी ने तमिलनाडु की मुख्यमंत्री के रूप में जे. जयललिता के परिवर्तनकारी कार्यकाल का उल्लेख किया है और बताया है कि उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास पर दृढ़ ध्यान केंद्रित करते हुए उत्कृष्ट कल्याणकारी शासन का प्रबल समर्थन किया।

    प्रधानमंत्री ने उनके साथ हुई मुलाकातों को प्रसन्नतापूर्वक याद किया। श्री मोदी ने इस महीने के 'मन की बात' कार्यक्रम में उनके जीवन और कार्यों के बारे में अपने विशिष्ट विचार भी साझा किए।

    प्रधानमंत्री ने X पर लिखा कि जयललिता जी की जयंती पर उन्हें स्मरण कर रहा हूं। उन्होंने एक करिश्माई नेता और उत्कृष्ट प्रशासक के रूप में अनगिनत लोगों के दिलों और दिमागों में अपना स्थान बनाया है। उनका जीवन अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प से परिपूर्ण था। तमिलनाडु की मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास पर विशेष ध्यान देते हुए कल्याणकारी शासन का नेतृत्व किया। वे करुणामयी और निर्णायक दोनों थीं। मुझे उनके साथ हुई मुलाकातों को स्मरण करके बहुत प्रसन्नता होती है।

    इस महीने के #MannKiBaat कार्यक्रम में मैंने उनके बारे में यही कहा था।"

    वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।

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    ईस्टर्न नेवल कमांड में 'MILAN विलेज' का आगाज़; 70 से ज़्यादा देशों के साथ सजेगी दोस्ती और संस्कृति की महफ़िल

    आरएस अनेजा, 16 फरवरी नई दिल्ली - इंडियन नेवी ने ईस्टर्न नेवल कमांड में MILAN विलेज का उद्घाटन किया। यह उनके खास इंटरनेशनल नेवल एक्सरसाइज़, MILAN 2026 का हिस्सा था।

    उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता वाइस एडमिरल संजय भल्ला, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, ईस्टर्न नेवल कमांड ने की, जिन्होंने हिस्सा लेने वाली नेवी के लिए औपचारिक तौर पर विलेज खोला और ग्लोबल समुद्री जुड़ाव को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई सुविधाओं का दौरा किया।

    सोच-समझकर बनाए गए MILAN विलेज को एक एक्सपीरियंस ज़ोन के तौर पर सोचा और बनाया गया है, जो 70 से ज़्यादा देशों के डेलीगेट्स और नेवी के लोगों को भाईचारे और दोस्ती के माहौल में एक साथ लाता है। यह सोशल और कल्चरल लेन-देन के लिए एक हब के तौर पर काम करता है, जिससे प्रोफेशनल दायरे से आगे भी जुड़ाव मुमकिन होता है।

    MILAN विलेज की एक खास बात कल्चरल लेन-देन पर ज़ोर देना है, जो भारत की अलग-अलग तरह की विरासत और परंपरा की एक गहरी और गहरी झलक दिखाता है। विलेज में वोकल आर्टिस्ट के लाइव परफॉर्मेंस, पारंपरिक लोक-डांस परफॉर्मेंस और भारत की जीवंत कलात्मक विरासत को दिखाने वाले कल्चरल ग्रुप होंगे।

    इस गांव में नौसेना की यादगार चीज़ों, हैंडीक्राफ्ट और हैंडलूम प्रोडक्ट्स के कई स्टॉल हैं। ये सब मिलकर देश भर की कारीगरी दिखाते हैं। इसके अलावा, विज़िटर्स को मुंह में पानी लाने वाले भारतीय खाने का भी मज़ा मिलेगा, जिसमें भारत के अलग-अलग तरह के क्षेत्रीय स्वाद और जायके मिलेंगे।

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    प्रधानमंत्री ने भारतीय तटरक्षक जहाज (ICGS) समुद्र प्रताप के कमीशनिंग की सराहना की

    आरएस अनेजा, 7 जनवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडियन कोस्ट गार्ड शिप (ICGS) समुद्र प्रताप के कमीशनिंग की सराहना करते हुए कहा कि यह भारत की समुद्री यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि इस एडवांस्ड जहाज का शामिल होना कई कारणों से खास है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कमीशनिंग रक्षा और समुद्री क्षमता में आत्मनिर्भर भारत के भारत के विजन को मजबूती देती है। उन्होंने आगे कहा कि यह देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करता है, तटीय निगरानी को बढ़ाता है और भारत के विशाल समुद्री हितों की रक्षा करता है। यह सस्टेनेबिलिटी के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को भी दिखाता है, जिसमें पर्यावरण के अनुकूल संचालन सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट किया गया है।

    X पर राजनाथ सिंह की एक पोस्ट का जवाब देते हुए, श्री मोदी ने लिखा कि “इंडियन कोस्ट गार्ड शिप (ICGS) समुद्र प्रताप की कमीशनिंग कई कारणों से खास है, जिसमें यह तथ्य भी शामिल है कि यह आत्मनिर्भरता के हमारे विजन को मजबूती देता है, हमारी सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देता है और सस्टेनेबिलिटी के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाता है, और भी बहुत कुछ।”

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    उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन आज से तमिलनाडु के दो दिवसीय दौरे पर

    आरएस अनेजा, 2 जनवरी नई दिल्ली - उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 2 और 3 जनवरी, 2026 को तमिलनाडु का दो दिवसीय दौरा करेंगे।

    उपराष्ट्रपति शुक्रवार, 2 जनवरी, 2026 को चेन्नई स्थित डॉ. एम.जी.आर. शैक्षिक एवं अनुसंधान संस्थान विश्वविद्यालय के 34वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करेंगे।

    उपराष्ट्रपति इसके बाद ताज कोरोमंडल में राम नाथ गोयनका साहित्य सम्मान समारोह में शामिल होंगे। शाम को वे चेन्नई के कलाइवनार अरंगम में आयोजित सार्वजनिक स्वागत समारोह में भाग लेंगे। इसके बाद लोक भवन में तमिलनाडु के राज्यपाल द्वारा आयोजित नागरिक स्वागत समारोह में भी वे शामिल होंगे।

    उपराष्ट्रपति शनिवार, 3 जनवरी, 2026 को वेल्लोर स्वर्ण मंदिर में श्री शक्ति अम्मा की 50वीं स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होंगे। दोपहर में, वे चेन्नई के ट्रिप्लिकेन स्थित कलाइवनार अरंगम में 9वें सिद्ध दिवस समारोह में भाग लेंगे।