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    गृह मंत्री अमित शाह कल तमिलनाडु में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे

    आरएस अनेजा, 19 अगस्त नई दिल्ली - गृह मंत्री अमित शाह , 20 अगस्त को महाबलीपुरम, तमिलनाडु में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरलम, तमिलनाडु, तेलंगाना राज्य और पुडुचेरी, अंडमान निकोबार द्वीप समूह एवं लक्षद्वीप संघ राज्यक्षेत्र शामिल हैं।

    राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 15 से 22 के तहत दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद सहित 5 क्षेत्रीय परिषदों की स्थापना की गई है। केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री, श्री अमित शाह दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद के अध्यक्ष हैं, और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री श्री सी. जोसेफ विजय इसके उपाध्यक्ष हैं। सदस्य राज्यों में से एक राज्य के मुख्यमंत्री बारी-बारी से परिषद के उपाध्यक्ष होते हैं। 31वीं बैठक अंतर-राज्य परिषद सचिवालय, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा तमिलनाडु सरकार की मेज़बानी में आयोजित की जा रही है। इसमें दक्षिणी क्षेत्र के सदस्य राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों के मुख्यमंत्री/उप-राज्यपाल/प्रशासक के साथ-साथ प्रत्येक राज्य से दो वरिष्ठ मंत्री भाग लेंगे। राज्य सरकारों के मुख्य सचिव/सलाहकार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में भाग लेंगे।

    क्षेत्रीय परिषद ने मुख्य सचिवों के स्तर पर एक स्थायी समिति का भी गठन किया है। राज्यों द्वारा प्रस्तावित मुद्दों को पहले क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति के समक्ष चर्चा के लिए प्रस्तुत किया जाता है, जिसमें विचारो होने के बाद शेष बचे मुद्दों को क्षेत्रीय परिषद की बैठक में विचार के लिए प्रस्तुत किया जाता है। 

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने सहकारी संघवाद के आधार पर देश के सामने TEAM BHARAT की कल्पना रखी है और क्षेत्रीय परिषदें इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। क्षेत्रीय परिषदें मजबूत राज्य ही मजबूत राष्ट्र बनाते हैं की भावना से काम करती हैं। परिषदें दो या अधिक राज्यों अथवा केंद्र और राज्यों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर, संवाद और चर्चा के लिए एक व्यवस्थित तंत्र, तथा इसके जरिये आपसी सहयोग को बढ़ाने के लिए मंच प्रदान करती हैं। मोदी जी के नेतृत्व में क्षेत्रीय परिषद की बैठकें संवाद से समाधान का सशक्त मंच बनी हैं

    क्षेत्रीय परिषदों की भूमिका सलाहकारी है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में ये परिषदें विभिन्न क्षेत्रों में आपसी समझ और सहयोग के स्वस्थ बंधन को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण कारक साबित हुई हैं। सभी राज्य सरकारों, केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सहयोग से पिछले लगभग बारह वर्षों में, जून 2014 से अब तक, विभिन्न क्षेत्रीय परिषदों और इनकी स्थायी समितियों की कुल 69 बैठकें आयोजित हुईं है।

    क्षेत्रीय परिषदें, केंद्र और सदस्य राज्यों/ संघ राज्यक्षेत्रों के बीच, सदस्य राज्यों/ संघ राज्यक्षेत्रों के मध्य, तथा क्षेत्र के मुद्दों और विवादों को हल करने और उन पर प्रगति लाने के लिए एक श्रेष्ठ मंच प्रदान करती है। ये परिषदें, राष्ट्रीय महत्व के व्यापक मुद्दों पर भी चर्चा करती हैं जिनमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ दुष्कर्म के मामलों की त्वरित जांच और इनके शीघ्र निपटान के लिए फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों (FTSC) का कार्यान्वयन और शिक्षा से संबंधित मुद्दे आदि शामिल हैं। साथ ही क्षेत्रीय स्तर के सामान्य हित के विभिन्न मुद्दे जैसे आन्ध्र प्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम से सम्बंधित मुद्दे, जल बंटबारे से सम्बंधित महत्वपूर्ण परियोजनाओं के मुद्दे, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, नागरिक उड्डयन से सम्बंधित मुद्दे; आदि शामिल हैं।

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    रेल नेटवर्क में बड़ा सुधार: ₹440 करोड़ की लागत से निमपुरा-मिदनापुर के बीच बनेगी तीसरी रेल लाइन

    आरएस अनेजा, 23 जुलाई नई दिल्ली - देश के अहम माल ढुलाई कॉरिडोर में से एक पर रेल क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, भारतीय रेलवे ने दक्षिण पूर्वी रेलवे में निमपुरा वेस्ट आउटर केबिन और मिदनापुर के बीच ₹440 करोड़ की लागत से 14.52 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन के निर्माण को मंज़ूरी दी है।

    यह प्रोजेक्ट भारतीय रेलवे की उन लगातार कोशिशों का हिस्सा है, जिनका मकसद ज़्यादा भीड़-भाड़ वाले रूटों पर नेटवर्क क्षमता बढ़ाना है, ताकि यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही तेज़ हो सके और साथ ही उद्योगों व ज़रूरी सामानों की बढ़ती परिवहन ज़रूरतों को पूरा किया जा सके।

    निमपुरा वेस्ट आउटर केबिन और मिदनापुर के बीच तीसरी लाइन

    मंज़ूर किए गए प्रोजेक्ट में दक्षिण पूर्वी रेलवे पर निमपुरा वेस्ट आउटर केबिन और मिदनापुर के बीच 14.52 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन का निर्माण शामिल है।

    यह सेक्शन 'हाई यूटिलाइज़ेशन नेटवर्क' (HUN-2) रूट का हिस्सा है, जहाँ निमपुरा वेस्ट आउटर केबिन-गोकुलपुर सेक्शन अभी सिंगल लाइन है, जबकि डबलिंग का काम पहले से ही चल रहा है। अतिरिक्त तीसरी लाइन से इस रणनीतिक रूप से अहम कॉरिडोर पर लाइन क्षमता काफी बढ़ेगी और ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी (कामकाज में लचीलापन) में सुधार होगा।

    माल ढुलाई क्षमता और यात्री सेवाओं को बढ़ावा

    इस रूट पर यात्री और माल ढुलाई का भारी ट्रैफिक रहता है। यहाँ मैंगनीज़, लौह अयस्क, कंटेनर, कोयला, क्लिंकर, पेलेट आयरन, लोहा और स्टील, गेहूं, पत्थर, स्लीपर, स्लैग, नमक, चावल, पेट्रोलियम उत्पाद, चूना पत्थर, जिप्सम, उर्वरक, खाद्य तेल, केमिकल सॉल्ट, चारकोल, सीमेंट, गिट्टी और राख जैसे ज़रूरी सामानों का परिवहन होता है, जिसकी कुल माल ढुलाई क्षमता लगभग 23.80 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) है।

    मौजूदा सेक्शन 115.71% लाइन क्षमता उपयोग पर चल रहा है, जो भारी भीड़-भाड़ का संकेत है। तीसरी लाइन से बढ़ते यात्री और माल ढुलाई ट्रैफिक को संभालने के लिए अतिरिक्त क्षमता बनेगी और साथ ही पूरे कॉरिडोर में ऑपरेशनल दक्षता में सुधार होगा।

    बेहतर रेल क्षमता के ज़रिए आर्थिक विकास को बढ़ावा

    पूरा होने पर, इस प्रोजेक्ट से 3.52 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) का अतिरिक्त माल ढुलाई ट्रैफिक संभव होने की उम्मीद है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ज़रूरी सामानों की आवाजाही में सुधार होगा, ऑपरेशनल रुकावटें कम होंगी, नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ेगी और इस अहम रेल कॉरिडोर पर निर्भर उद्योगों और व्यवसायों के लिए कनेक्टिविटी मज़बूत होगी। यह मंज़ूरी ज़्यादा ट्रैफ़िक वाले रूटों पर क्षमता बढ़ाने पर भारतीय रेलवे के लगातार फ़ोकस को दिखाती है। इससे आधुनिक, कुशल और भविष्य के लिए तैयार रेलवे नेटवर्क के ज़रिए आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ माल और यात्रियों की तेज़ी से आवाजाही भी संभव हो सकेगी।

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    जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत तमिलनाडु और त्रिपुरा में स्व-गणना शुरू

    आरएस अनेजा, 17 जुलाई नई दिल्ली - जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) के लिए स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा आज से तमिलनाडु और त्रिपुरा में प्रारंभ हो गई है। यह सुविधा 31 जुलाई, 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके पश्चात 1 अगस्त से 30 अगस्त, 2026 तक प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर क्षेत्रीय गणना का कार्य किया जाएगा।

    इन राज्यों के निवासी आधिकारिक स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से अपनी स्व-गणना पूरी कर सकते हैं। स्व-गणना पूरी होने पर प्राप्त Self-Enumeration ID (SE ID) को सुरक्षित रखें तथा प्रगणक के क्षेत्रीय भ्रमण के समय उन्हें उपलब्ध कराएँ, ताकि HLO प्रक्रिया सुगमता से पूर्ण की जा सके।

    इस बीच, केरल और नागालैंड में मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का क्षेत्रीय कार्य जारी है, जो 30 जुलाई, 2026 तक चलेगा। जिन परिवारों ने स्व-गणना का विकल्प नहीं चुना है, उन्हें प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर कवर किया जाएगा।

    अब तक जनगणना 2027 के प्रथम चरण का कार्य 29 राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों में सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है। इनमें अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, ओडिशा, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड शामिल हैं।

    जनगणना 2027 पहली बार व्यापक स्तर पर डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए आयोजित की जा रही है। आंकड़ों का संकलन समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से किया जा रहा है, जबकि पूर्ण एवं सटीक कवरेज सुनिश्चित करने हेतु पारंपरिक घर-घर जाकर गणना की व्यवस्था भी यथावत रखी गई है। इस चरण में अधिसूचित 33 प्रश्नों वाली संरचित प्रश्नावली के माध्यम से आवास की स्थिति, परिवार संबंधी विवरण, उपलब्ध सुविधाओं तथा परिवारों के स्वामित्व वाली परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र की जा रही है।

    जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत एकत्र की गई सभी सूचनाएँ पूर्णतः गोपनीय रखी जाती हैं तथा उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय विश्लेषण एवं विकास योजनाओं के निर्माण के लिए किया जाता है। अधिसूचित राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों के सभी निवासियों से आग्रह है कि वे जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएँ तथा प्रगणकों को आवश्यक जानकारी देकर पूर्ण सहयोग प्रदान करें।

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    जगन्नाथ रथयात्रा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रथ यात्रा के पवित्र अवसर पर शुभकामनाएं दीं

    आरएस अनेजा, 16 जुलाई नई दिल्ली - प्रभु जगन्नाथ जी पावन रथयात्रा की शुरुआत हो रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रथ यात्रा के पवित्र अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दीं। मोदी ने कहा कि रथ यात्रा भारत की सदियों पुरानी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का एक शानदार उदाहरण है और यह विनम्रता, सामूहिक भागीदारी और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है।

    प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया:

    रथ यात्रा के पवित्र अवसर पर सभी को शुभकामनाएं। यह भारत की सदियों पुरानी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का एक शानदार उदाहरण है। रथ यात्रा से जुड़ी परंपराओं ने भारत और दुनिया भर में कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है। ये परंपराएं विनम्रता, सामूहिक भागीदारी और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक हैं।

    महाप्रभु जगन्नाथ सभी को अच्छा स्वास्थ्य, खुशी और समृद्धि प्रदान करें। वे हमें हमारे सभी प्रयासों के लिए शक्ति दें और हमारे समाज में एकजुटता की भावना को और मजबूत करें।

    संस्कृति सुभाषितम्’ में कहा गया है, “देवताओं के भी देव और संपूर्ण जगत के स्वामी भगवान जगन्नाथ की देवताओं से लेकर समस्त प्राणी श्रद्धा पूर्वक उपासना करते हैं। उनका यश पवित्र और कल्याणकारी है। वे अविनाशी, अनंत और समस्त प्राणियों के हृदय में विराजमान परमात्मा हैं। ऐसे भगवान जगन्नाथ को बार-बार नमस्कार है।”

    वहीं देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी श्री जगन्नाथ जी की रथ यात्रा के शुभारंभ पर सभी श्रद्धालुओं को बधाई और मंगलकामनाएं दीं। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “श्री जगन्नाथ जी की कृपा से आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो। जय जगन्नाथ।”

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पोस्ट किया, “समस्त देशवासियों को श्री जगन्नाथ रथयात्रा की हार्दिक शुभकामनाएं। विश्वप्रसिद्ध जगन्नाथ रथयात्रा अटूट आस्था, विश्वास और भक्ति का प्रतीक है। यह पवित्र रथयात्रा भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासतों को सहेजने और भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा को दर्शाती है। महाप्रभु जगन्नाथ, वीर बलभद्र व माता सुभद्रा से सभी की सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना करता हूं।”

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    भारत कोच्चि में ब्रिक्स महिला कार्य समूह की बैठक की मेजबानी करेगा

    आरएस अनेजा, 5 जुलाई नई दिल्ली - भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अपनी अध्यक्षता में 6-7 जुलाई 2026 को केरल के कोच्चि में ब्रिक्स महिला कार्य समूह (डब्ल्यूडब्ल्यूजी) की बैठक की मेजबानी करेगा। ब्रिक्स सदस्य देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी सभी क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और महिला नेतृत्व वाले विकास से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करने और साझा प्राथमिकताओं पर सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ आएंगे।

    भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में जन-केंद्रित और मानवता-प्रथम दृष्टिकोण वाले विषय ‘‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’’ से प्रेरित होकर ब्रिक्स महिला ट्रैक ने चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों - शासन और नेतृत्व में महिलाएं; महिलाओं का डिजिटल और वित्तीय समावेशन; महिलाओं उद्यमिता और कौशल विकास; और जलवायु परिवर्तन उपायों, खाद्य सुरक्षा और पोषण में महिलाओं की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया है।

    महिला कार्य समूह की बैठक सदस्य देशों को विचार-विमर्श करने और महिला नेतृत्व वाले विकास को आगे बढ़ाने के लिए आम सहमति बनाने का अवसर प्रदान करेगी।

    ब्रिक्स में 11 देश शामिल हैं - ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात। ये देश मिलकर वैश्विक जीडीपी का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं।

    ब्रिक्स वैश्विक आबादी के लगभग 49.5 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है। इसके भीतर, महिलाओं का राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विकास हर क्षेत्र में परिणामों को प्रभावित करता है जिससे ब्रिक्स 2026 में महिला ट्रैक एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ट्रैक बन जाता है।

    कार्य समूह की बैठक 30 अप्रैल 2026, 22 मई 2026 और 29 जून 2026 को वर्चुअल रूप से आयोजित तीन प्रारंभिक बैठकों के माध्यम से हुई व्यापक परामर्शों पर आधारित है। इन बैठकों ने सदस्य देशों को कोच्चि में होने वाली बैठकों से पहले चर्चाओं को आगे बढ़ाने में सक्षम बनाया है।

    ब्रिक्स महिला कार्य समूह की बैठक से 8-9 जुलाई 2026 को होने वाली ब्रिक्स महिला मंत्रिस्तरीय बैठक के लिए एक मजबूत आधार तैयार होने की उम्मीद है, जो व्यावहारिक सहयोग और महिला-नेतृत्व वाले विकास के प्रति ब्रिक्स सदस्य देशों की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करेगी।

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    चेन्नई: चलती फ्लाइट का इमरजेंसी गेट खोलने की कोशिश, यात्री की हरकत से विमान में मचा हड़कंप

    जे कुमार चेन्नई, 4 मई 2026: चेन्नई हवाई अड्डे पर एक बड़ी सुरक्षा चूक और यात्री की लापरवाही का मामला सामने आया है। चेन्नई से उड़ान भरने के लिए तैयार या रनवे पर चलती हुई एक फ्लाइट के इमरजेंसी गेट को एक यात्री ने अचानक खोलने का प्रयास किया। इस अप्रत्याशित घटना से विमान के भीतर मौजूद यात्रियों और क्रू मेंबर्स के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन

    • यात्री की हरकत: विमान के टेक-ऑफ या टैक्सीिंग के दौरान यात्री ने सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर इमरजेंसी एग्जिट लीवर को खींचने की कोशिश की।

    • क्रू की तत्परता: केबिन क्रू ने तुरंत स्थिति को संभाला और यात्री को काबू में किया, जिससे किसी बड़े हादसे को टाला जा सका।

    • विमान की वापसी: सुरक्षा कारणों से विमान को वापस बे (Bay) में ले जाया गया और सभी यात्रियों की सुरक्षा जांच दोबारा की गई।

    कानूनी कार्रवाई

    • गिरफ्तारी: घटना के बाद आरोपी यात्री को विमान से उतारकर सुरक्षा एजेंसियों (CISF) के हवाले कर दिया गया।

    • प्रतिबंध: एयरलाइन कंपनी ने यात्री के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और उसे 'नो-फ्लाई लिस्ट' (No-Fly List) में डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    • जांच: पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यात्री ने यह कदम जानबूझकर उठाया या वह किसी मानसिक तनाव या तकनीकी अनभिज्ञता के कारण ऐसा कर बैठा।

    यह घटना विमानन सुरक्षा (Aviation Safety) के प्रति यात्रियों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल उठाती है, क्योंकि ऐसी छोटी सी गलती सैकड़ों जिंदगियों को खतरे में डाल सकती है।

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    तेलंगाना: दवा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, एक श्रमिक की मौत और कई घायल

    जे कुमार हैदराबाद, 2 मई 2026: तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में स्थित एक दवा निर्माण इकाई (Pharma Factory) में शनिवार सुबह एक भीषण विस्फोट होने से एक श्रमिक की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना में कई अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

    हादसे का विवरण:

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विस्फोट फैक्ट्री के रिएक्टर सेक्शन में हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि फैक्ट्री की इमारत का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियाँ और पुलिस बल मौके पर पहुँचा। राहत एवं बचाव कार्य जारी है और मलबे में फंसे अन्य संभावित लोगों की तलाश की जा रही है।

    प्रशासनिक कार्रवाई:

    स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और विस्फोट के सटीक कारणों की जांच की जा रही है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कोण से भी पड़ताल की जा रही है कि क्या फैक्ट्री में अग्निशमन और सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। प्रशासन ने मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

    यह घटना औद्योगिक सुरक्षा पर एक बार फिर सवालिया निशान लगाती है, विशेषकर फार्मा हब माने जाने वाले तेलंगाना के इन क्षेत्रों में जहां रासायनिक प्रक्रियाओं के दौरान जोखिम अधिक रहता है।

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    तमिलनाडु: पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 23 श्रमिकों की मौत; मलबे में तब्दील हुई इमारत

    जे कुमार विरुधुनगर (तमिलनाडु), 20 अप्रैल 2026: तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में रविवार दोपहर एक निजी पटाखा फैक्ट्री में हुए जबरदस्त विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। कट्टनारपट्टी (Kattanarpatti) गांव में स्थित 'वनजा फायरवर्क्स' (Vanaja Fireworks) इकाई में हुए इस हादसे में अब तक 23 श्रमिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।

    हादसे का विवरण:

    विस्फोट रविवार दोपहर लगभग 3:20 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री की कम से कम चार शेड (इमारतें) पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गईं। बताया जा रहा है कि धमाके के समय करीब 36 श्रमिक रसायनों (Chemicals) के साथ काम कर रहे थे। शुरुआती जांच में रसायनों के बीच घर्षण (Friction) को विस्फोट की मुख्य वजह माना जा रहा है।

    रेस्क्यू के दौरान दूसरा धमाका:

    जब पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मलबे से शवों को निकालने और बचाव कार्य में जुटी थीं, उसी दौरान शाम को एक दूसरा विस्फोट भी हुआ। इस दूसरे धमाके में रेस्क्यू टीम के सदस्यों और पुलिसकर्मियों सहित लगभग 13 से 17 लोग मामूली रूप से घायल हो गए, जिससे बचाव कार्य में कुछ समय के लिए बाधा आई।

    नियमों की अनदेखी:

    जिला प्रशासन के अनुसार, यह फैक्ट्री रविवार को संचालित की जा रही थी, जो कि नियमों का उल्लंघन है (रविवार को ऐसी फैक्ट्रियां बंद रहनी चाहिए)। विरुधुनगर के जिला कलेक्टर ने फैक्ट्री का लाइसेंस रद्द करने और मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। फैक्ट्री मालिक फिलहाल फरार बताया जा रहा है।

    शीर्ष नेतृत्व ने जताया दुख:

    • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

    • मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने मंत्रियों को तुरंत मौके पर पहुँचने और राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए। सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का भी आश्वासन दिया है।

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    प्रधानमंत्री ने परम पूज्य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीगलु को श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 1 अप्रैल नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज परम पूज्य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीगलु की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

    मोदी ने कहा कि वे करुणा, विनम्रता और मानवता की अटूट सेवा के प्रतीक के रूप में सब की स्मृति‍ में अमर हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन दूसरों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया और यह सिद्ध किया कि सच्ची महानता दूसरों की सेवा में निहित है। श्री मोदी ने कहा कि शिक्षा, सामाजिक कल्याण और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान ने समाज पर अमिट छाप छोड़ी है। आज भी उनका जीवन अनगिनत व्यक्तियों को निस्वार्थता और सेवा के मार्ग पर चलने के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान करता है।

    प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्‍ट किया;

    “उनकी जयंती के अवसर पर मैं परम पूज्य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीगलु को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। वे करुणा, विनम्रता और मानवता की अटूट सेवा के प्रतीक के रूप में सब की स्मृति में अमर हैं। जीवन भर दूसरों के उत्थान के लिए समर्पित रहकर उन्होंने यह सिद्ध किया कि सच्ची महानता दूसरों की सेवा में निहित है। शिक्षा, सामाजिक कल्याण और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान ने समाज पर अमिट छाप छोड़ी है। आज भी उनका जीवन अनगिनत व्यक्तियों को निस्वार्थता और सेवा के मार्ग पर चलने के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान करता है।”

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    मंत्रिमंडल ने तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में घोषणा को मंजूरी दी

    आरएस अनेजा, 11 नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में घोषणा को मंजूरी दे दी है।

    तमिलनाडु में मंदिरों के शहर के रूप में प्रसिद्ध मदुरै स्थित मदुरै हवाई अड्डा राज्य के सबसे पुराने हवाई अड्डों में से एक है। यह दक्षिणी तमिलनाडु के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है और पर्यटन एवं तीर्थयात्रा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाता है, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास में योगदान होता है।

    मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने से क्षेत्रीय संपर्क बढ़ेगा, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रियों और व्यवसायों को आकर्षित करने की हवाई अड्डे की क्षमता शहर के ऐतिहासिक महत्व के अनुरूप है।

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    मलयालम अस्मिता को सम्मान: मोदी कैबिनेट ने दी केरल का नाम ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को हरी झंडी

    आरएस अनेजा, 24 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने आज ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी।

    केंद्रीय कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद, भारत के राष्ट्रपति केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026 नाम का एक बिल, भारत के संविधान के आर्टिकल 3 के प्रोविज़ो के तहत अपनी राय बताने के लिए केरल राज्य विधानसभा को भेजेंगे। केरल राज्य विधानसभा की राय मिलने के बाद, भारत सरकार आगे की कार्रवाई करेगी और ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के लिए केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026 को संसद में पेश करने के लिए राष्ट्रपति की सिफारिश ली जाएगी।

    केरल की लेजिस्लेटिव असेंबली ने 24.06.2024 को “केरल” राज्य का नाम बदलकर “केरलम” करने के लिए एक प्रस्ताव पास किया, जो इस तरह है:

    “हमारे राज्य का नाम मलयालम भाषा में 'केरलम' है। भाषा के आधार पर 1 नवंबर, 1956 को राज्य बनाए गए थे। केरल पिरावी दिवस भी 1 नवंबर को ही है। राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही मलयालम भाषा बोलने वाले लोगों के लिए यूनाइटेड केरल बनाने की ज़ोरदार मांग रही है। लेकिन संविधान के पहले शेड्यूल में हमारे राज्य का नाम 'केरल' दर्ज है। यह असेंबली एकमत से केंद्र सरकार से अपील करती है कि वह संविधान के आर्टिकल 3 के अनुसार नाम को 'केरलम' करने के लिए तुरंत कदम उठाए।”

    इसके बाद, केरल सरकार ने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि वह संविधान के आर्टिकल 3 के अनुसार ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करके संविधान के पहले शेड्यूल में बदलाव करने के लिए ज़रूरी कदम उठाए।

    संविधान के आर्टिकल 3 में मौजूदा राज्यों के नाम बदलने का प्रावधान है। आर्टिकल 3 के अनुसार, संसद कानून बनाकर किसी भी राज्य का नाम बदल सकती है। आर्टिकल 3 के आगे के प्रोविज़ो में कहा गया है कि इस मकसद के लिए कोई भी बिल संसद के किसी भी सदन में प्रेसिडेंट की सिफारिश के बिना पेश नहीं किया जाएगा और जब तक कि बिल में शामिल प्रस्ताव किसी भी राज्य के इलाके, सीमाओं या नाम पर असर न डाले, प्रेसिडेंट ने बिल को उस राज्य की लेजिस्लेचर को रेफरेंस में बताई गई अवधि के अंदर या प्रेसिडेंट द्वारा दी गई अतिरिक्त अवधि के अंदर अपने विचार बताने के लिए भेजा हो और बताई गई या दी गई अवधि खत्म हो गई हो।

    ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के मामले पर भारत सरकार के गृह मंत्रालय में विचार किया गया और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और केंद्रीय सहकारिता मंत्री की मंज़ूरी से, ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के लिए कैबिनेट के लिए ड्राफ़्ट नोट को उनकी टिप्पणियों के लिए कानून और न्याय मंत्रालय के कानूनी मामलों के विभाग और विधायी विभाग को भेजा गया। कानून और न्याय मंत्रालय के कानूनी मामलों के विभाग और विधायी विभाग ने ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव पर सहमति जताई है।

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    प्रधानमंत्री व गृह मंत्री ने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता जी को श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 24 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता जी की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। प्रधानमंत्री ने उन्हें एक ऐसे करिश्माई नेता और उत्कृष्ट प्रशासक के रूप में याद किया जिन्होंने लोगों के दिलों में अमिट स्थान बनाया है।

    मोदी ने तमिलनाडु की मुख्यमंत्री के रूप में जे. जयललिता के परिवर्तनकारी कार्यकाल का उल्लेख किया है और बताया है कि उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास पर दृढ़ ध्यान केंद्रित करते हुए उत्कृष्ट कल्याणकारी शासन का प्रबल समर्थन किया।

    प्रधानमंत्री ने उनके साथ हुई मुलाकातों को प्रसन्नतापूर्वक याद किया। श्री मोदी ने इस महीने के 'मन की बात' कार्यक्रम में उनके जीवन और कार्यों के बारे में अपने विशिष्ट विचार भी साझा किए।

    प्रधानमंत्री ने X पर लिखा कि जयललिता जी की जयंती पर उन्हें स्मरण कर रहा हूं। उन्होंने एक करिश्माई नेता और उत्कृष्ट प्रशासक के रूप में अनगिनत लोगों के दिलों और दिमागों में अपना स्थान बनाया है। उनका जीवन अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प से परिपूर्ण था। तमिलनाडु की मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास पर विशेष ध्यान देते हुए कल्याणकारी शासन का नेतृत्व किया। वे करुणामयी और निर्णायक दोनों थीं। मुझे उनके साथ हुई मुलाकातों को स्मरण करके बहुत प्रसन्नता होती है।

    इस महीने के #MannKiBaat कार्यक्रम में मैंने उनके बारे में यही कहा था।"

    वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।

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