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20/08/26 |प्रधानमंत्री ने जाम्बिया के राष्ट्रपति के रूप में दोबारा निर्वाचित होने पर राष्ट्रपति हाकाइंडे हिचिलेमा को बधाई दी
आरएस अनेजा, 21 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति हाकाइंडे हिचिलेमा को जाम्बिया के राष्ट्रपति के रूप में पुन: निर्वाचित होने पर हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत जाम्बिया के साथ अपने बहुआयामी सहयोग को बहुत महत्व देता है।
मोदी ने राष्ट्रपति हाकाइंडे हिचिलेमा के नेतृत्व में भारत और जाम्बिया के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने की इच्छा व्यक्त की।
प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट में कहा;
“राष्ट्रपति हाकाइंडे हिचिलेमा को ज़ाम्बिया के राष्ट्रपति के रूप में दोबारा चुने जाने पर बहुत-बहुत बधाई।
भारत जाम्बिया के साथ अपने बहुआयामी सहयोग को बहुत महत्व देता है और मैं उनके नेतृत्व में हमारे आपसी संबंधों को और मजबूत करने के लिए साथ मिलकर काम करने के प्रति आशान्वित हूँ।
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19/08/26 |रक्षा मंत्री रक्षा सहयोग को और मज़बूत करने के लिए नई दिल्ली में अपने जापानी समकक्ष के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे
आरएस अनेजा, 19 अगस्त नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 20 अगस्त, 2026 को नई दिल्ली में जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस बैठक से दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों के और मजबूत होने, रणनीतिक भरोसे और सहयोग को बढ़ावा मिलने, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देने और सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करने की उम्मीद है।
दोनों मंत्री समुद्री सुरक्षा सहयोग को और गहरा करने तथा 'मेक-इन-इंडिया' फ्रेमवर्क के तहत रक्षा उपकरणों और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श करेंगे। यह चर्चा जापान द्वारा रक्षा उपकरणों और तकनीक के हस्तांतरण से जुड़े 'तीन सिद्धांतों' (Three Principles) में किए गए बदलाव के बाद होगी। यह बैठक द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए एक रोडमैप तैयार करने का अवसर प्रदान करती है।
भारत की अपनी पहली यात्रा के दौरान, शिंजिरो कोइज़ुमी ने 19 अगस्त, 2026 को मुंबई में वेस्टर्न नेवल कमांड का दौरा किया। वहां उन्होंने नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन और वेस्टर्न नेवल कमांड के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय वत्सायन के साथ बातचीत की। प्रतिनिधिमंडल को भारतीय नौसेना की भूमिकाओं, जिम्मेदारियों और ऑपरेशनल क्षमताओं के बारे में जानकारी दी गई।
आने पर, जापानी मंत्री ने वेस्टर्न नेवल कमांड में 'गार्ड ऑफ ऑनर' का निरीक्षण किया। इससे पहले, उन्होंने नेवल डॉकयार्ड में 'गौरव स्तंभ' पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने स्वदेशी जहाज INS चेन्नई का भी दौरा किया।
भारत और जापान एक स्वतंत्र, खुले, मजबूत और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के निर्माण का साझा दृष्टिकोण रखते हैं। जापानी रक्षा मंत्री की यह दो दिवसीय यात्रा द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में बढ़ती गति को रेखांकित करती है और साझेदारी को और विस्तार देने के लिए दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह यात्रा जापान की प्रधानमंत्री सुश्री सनाए तकाची की दिल्ली यात्रा के कुछ हफ्तों बाद हो रही है, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था और दोनों पक्षों ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और गहरा करने पर सहमति व्यक्त की थी।
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19/08/26 |भारत-सिंगापुर रणनीतिक साझेदारी: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की उच्च-स्तरीय सिंगापुर यात्रा पर
आरएस अनेजा, 19 अगस्त नई दिल्ली - केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (आईएसएमआर) प्रारूप के अंतर्गत उच्च स्तरीय सहयोग की निरंतरता के एक अंग के रूप में 19-21 अगस्त तक सिंगापुर की यात्रा पर हैं।
भारत-सिंगापुर के आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 70 वरिष्ठ व्यापारिक प्रमुखों का एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल भी श्री पीयूष गोयल के साथ सिंगापुर का दौरा कर रहा है। प्रतिनिधिमंडल में प्रौद्योगिकी, सॉफ्टवेयर और एआई, विनिर्माण और अभियांत्रिकी, अवसंरचना और स्थिरता, वित्तीय सेवाएं और फिनटेक, स्वास्थ्य सेवा और जीवन विज्ञान, खाद्य और कृषि, रसद, समुद्री और व्यापार तथा पेशेवर सेवाओं के प्रतिनिधि शामिल हैं।
प्रतिनिधिमंडल बी2बी, जी2बी और संस्थागत स्तर पर कई गतिविधियों में भाग लेगा, जिनमें प्रमुख उत्कृष्टता केंद्रों (सीओई) के साथ वार्तालाप और सिंगापुर के कौशल विकास संस्थानों का दौरा शामिल है। इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य साझेदारी, निवेश, बाजार पहुंच, प्रौद्योगिकी सहयोग और प्रतिभा विकास है। यह दौरा भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन और भारत-सिंगापुर व्यापार गोलमेज सम्मेलन की बैठकों के समानांतर आयोजित किया जा रहा है।
इस यात्रा के दौरान, पीयूष गोयल 20 अगस्त, 2026 को आयोजित होने वाली चौथी भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (आईएसएमआर) में भाग लेंगे। आईएसएमआर भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी (सीएसपी) को आगे बढ़ाने के लिए सर्वोच्च मंत्रिस्तरीय तंत्र के रूप में कार्य करता है। यह गोलमेज सम्मेलन चौथी भारत-सिंगापुर व्यापार गोलमेज सम्मेलन (आईएसबीआर) के साथ आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर समारोह और सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री द्वारा आईएसएमआर और आईएसबीआर के सभी प्रतिनिधियों के लिए दोपहर के भोजन का आयोजन किया जाएगा।
पीयूष गोयल, केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर और केन्द्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ गोलमेज सम्मेलन में भाग लेंगे। इस यात्रा के दौरान मंत्रीगण अपने सिंगापुर के समकक्षों और सिंगापुर के अन्य वरिष्ठ नेतृत्व से वार्तालाप करेंगे।
पीयूष गोयल इस्ताना में सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से भी भेंट करेंगे।
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17/08/26 |फिलिपिंस के स्कूल में दर्दनाक गोलीबारी: छात्र ने साथी की हत्या कर खुद को भी उड़ाया, दो की मौत
आरएस अनेजा, 18 अगस्त नई दिल्ली - दक्षिणी फिलीपींस के जाम्बोआंगा शहर (Zamboanga City) में एक हाई स्कूल में गोलीबारी की दुखद घटना हुई है। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना में दो लोगों की जान चली गई है और दो अन्य व्यक्ति घायल हुए हैं। यह घटना अटेनियो डी जाम्बोआंगा यूनिवर्सिटी (Ateneo de Zamboanga University) परिसर के भीतर स्थित एक माध्यमिक स्कूल में हुई।
पुलिस के मुताबिक, स्कूल में पढ़ने वाला छात्र बॉडी कैमरा पहनकर स्कूल पहुंचा और दो बंदूकें लेकर कैंपस में घुस गया। सबसे पहले उसने अपने टीचर पर गोली चलाई लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि टीचर को गोली लगी या नहीं। इसके बाद उसने अपने साथी छात्र को गोली मार दी। गोली लगते ही छात्र की मौके पर मौत हो गई। इसके बाद हमलावर छात्र ने खुद को भी गोली मार ली। यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट एर्नाल्ड अंदल ने बताया कि अब गोलीबारी नहीं हो रही है और घटना में किसी अन्य के मौत या घायल होने की खबर नहीं है।
पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्कूल परिसर को सुरक्षित कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, अब स्थिति नियंत्रण में है और वहां कोई सक्रिय खतरा नहीं है। स्थानीय मेयर और पुलिस विभाग ने पुष्टि की है कि मृतकों में हमले का संदिग्ध भी शामिल है। घायलों का उपचार किया जा रहा है और उनके परिवारों को सूचित कर दिया गया है। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि सुरक्षा में चूक कैसे हुई और परिसर में हथियार कैसे पहुँचा।
फिलीपींस में हाल के समय में स्कूल सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनकर उभरा है। इससे पहले जून में टेक्लोबिन शहर (Tacloban City) के एक स्कूल में भी ऐसी ही एक दुखद घटना हुई थी, जिसके बाद से देश भर के शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा ऑडिट और सख्त नियमों की मांग की जा रही है। सरकार अब स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता और सख्त प्रवेश जांच लागू करने पर विचार कर रही है।
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10/08/26 |विश्व शेर दिवस पर प्रधानमंत्री ने भारत में शेरों की बढ़ती संख्या पर लेख साझा किया
आरएस अनेजा, 10 अगस्त नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के एक लेख को साझा किया, जिसमें भारत में एशियाई शेरों की बढ़ती संख्या का वर्णन किया गया है।
इन शेरों की संख्या बढ़ रही है तथा उनके पर्यावास में विस्तार हो रहा है। मोदी ने कहा कि सामुदायिक भागीदारी से वन्य जीव संरक्षण की सरकार की प्रतिबद्धता इन विशिष्ट प्रजातियों को पीढि़यों तक संरक्षित रखने का प्रेरक उदाहरण है।
मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया:
एक शानदार वापसी! भारत में एशियाई शेरों की संख्या बढ़ रही है तथा उनके पर्यावास में विस्तार हो रहा है।
सामुदायिक भागीदारी से वन्य जीव संरक्षण की सरकार की प्रतिबद्धता इन विशिष्ट प्रजातियों को पीढि़यों तक संरक्षित रखने का प्रेरक उदाहरण है।
केंद्रीय मंत्री @byadavbjp द्वारा लिखे गए इस ज्ञानवर्धक लेख को पढ़ें।
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10/08/26 |द्विपक्षीय समुद्री साझेदारी को सुदृढ़ करने के लिए नौसेना प्रमुख मॉरीशस की यात्रा पर
आरएस अनेजा, 10 जुलाई नई दिल्ली - नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन 10 से 13 अगस्त 2026 तक मॉरीशस की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। यह यात्रा भारत के द्विपक्षीय समुद्री सहयोग को मजबूती देने और हिंद महासागर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भागीदार मॉरीशस के साथ रक्षा संबंधों को सुदृढ़ करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।
इस यात्रा के दौरान, नौसेना प्रमुख मॉरीशस के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत करेंगे और समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, क्षमता निर्माण और सैन्य सहयोग जैसे साझा हितो के मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
इन संवादों का उद्देश्य समुद्री क्षेत्र में भारत और मॉरीशस के बीच सहयोग को मजबूत करना, परिचालन स्तर पर संबंधों को बढ़ाना और आपसी रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करना है।
भारत और मॉरीशस के बीच लंबे समय से मजबूत समुद्री साझेदारी रही है। भारतीय नौसेना प्रशिक्षण आदान-प्रदान, संयुक्त विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) निगरानी सहित परिचालन संबंधी सहयोग, बंदरगाह भ्रमण और जल सर्वेक्षण के माध्यम से मॉरीशस के राष्ट्रीय तटरक्षक बल के साथ नियमित रूप से जुड़ी रहती है। दोनों देश बहुपक्षीय मंचों और सहयोगात्मक पहलों में भी भाग लेते हैं और एक-दूसरे का सहयोग करते हैं। मॉरीशस भारतीय नौसेना की प्रमुख पहलों जैसे हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी-मिलन, अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा, गोवा समुद्री सम्मेलन, आईओएस सागर और ऐकेईएमई अभ्यास में नियमित रूप से भाग लेता रहा है। जो उनके ‘महासागर’ विजन (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) को बखूबी दर्शाता है।
नौसेना प्रमुख बनने के बाद एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन की मॉरीशस यात्रा इस बात पर जोर देती है कि भारत मॉरीशस के साथ अपनी दोस्ती को कितना महत्व देता है। यह संबंध आपसी सम्मान, विश्वास और समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय सहयोग तथा हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता के लिए साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है।
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09/08/26 |नीदरलैंड: चर्चिल लेन पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर राम मोहन राय ने अर्पित किए श्रद्धासुमन; बोले—'सत्य और नैतिक शक्ति हथियारों से अधिक शक्तिशाली'
एम्स्टर्डम/नई दिल्ली, 09 अगस्त (अन्नू): नीदरलैंड के एम्स्टर्डम स्थित ऐतिहासिक चर्चिल लेन पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष गांधी ग्लोबल फैमिली के महासचिव एवं वरिष्ठ अधिवक्ता राम मोहन राय ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन आज भी पूरी दुनिया को सत्य, नैतिक साहस और मानवता की सेवा का अटूट संदेश देता है।
इतिहास के बदलाव का प्रतीक: चर्चिल लेन पर गांधी की प्रतिमा
राम मोहन राय ने कहा कि जिस सड़क का नाम ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल के नाम पर रखा गया है, वहीं महात्मा गांधी की प्रतिमा का स्थापित होना इतिहास के महान बदलाव का सजीव प्रतीक है:
विंस्टन चर्चिल और गांधी: चर्चिल महात्मा गांधी के सबसे प्रखर आलोचकों में से एक थे और उन्होंने गांधी जी के प्रति कई बार अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था।
नैतिक शक्ति की विजय: समय ने यह साबित कर दिया कि सत्ता और हथियारों के बल के बजाय सत्य, अहिंसा और नैतिक शक्ति अधिक प्रभावशाली होती है। गांधी जी ने बिना किसी हथियार के विशाल ब्रिटिश साम्राज्य को चुनौती दी और करोड़ों देशवासियों में आजादी की अलख जगाई।
'एकला चलो रे' को जीवन में उतारने की आवश्यकता
आज के वैश्विक परिदृश्य पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा:
वैश्विक चुनौतियां: आज पूरी दुनिया युद्ध, आतंकवाद, हिंसा, असहिष्णुता, मानसिक तनाव और पर्यावरणीय संकटों से जूझ रही है। ऐसे समय में केवल सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है।
भीतरी गांधी को जगाएं: राय ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की पंक्तियों—‘यदि तोर डाक सुने केउ ना आसे, तबे एकला चलो रे’—का स्मरण कराते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर के गांधी को जगाकर अकेले भी सत्य और मानवता के पक्ष में खड़ा होना होगा।
"मेरा जीवन ही मेरा संदेश है"
गांधी ग्लोबल फैमिली के महासचिव ने कहा कि गांधी जी की तस्वीर लगाना आसान है, लेकिन उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारना कठिन। गांधी जी स्वयं कहते थे, ‘मेरा जीवन ही मेरा संदेश है।’ इसलिए बापू को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम केवल उनके नाम का स्मरण न करें, बल्कि उनके विचारों, करुणा और मानवीय मूल्यों का अपने आचरण में विस्तार करें।
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09/08/26 |- खेल,
- चंडीगढ़,
- भारत,
- अंतरराष्ट्रीय,
एशियन कैनो मैराथन चैंपियनशिप: चंडीगढ़ के जगनबीर सिंह बाजवा ने दो कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया
अभिकान्त , 09 अगस्त चंडीगढ़: जापान में आयोजित प्रतिष्ठित एशियन कैनो मैराथन चैंपियनशिप में चंडीगढ़ के 20 वर्षीय होनहार खिलाड़ी जगनबीर सिंह बाजवा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो कांस्य (ब्रॉन्ज) पदक अपने नाम किए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत, पंजाब और चंडीगढ़ का मान बढ़ाने वाले जगनबीर ने प्रतियोगिता की 3.4 किलोमीटर और 10 किलोमीटर, दोनों ही प्रमुख स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
इस कड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में वियतनाम के फाम वान हान ने पहला स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक जीता, जबकि मेजबान जापान के उएदे शितोरा दूसरे स्थान पर रहे और रजत पदक जीता। बेहद कम उम्र और विश्वस्तरीय अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद जगनबीर ने उत्कृष्ट खेल भावना का परिचय देते हुए दोनों श्रेणियों में तीसरा स्थान हासिल किया।
जगनबीर की इस ऐतिहासिक सफलता पर उनके कोच और स्वयं पूर्व स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी रविंदर सिंह ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जगनबीर लंबे समय से कड़ी मेहनत, अटूट लगन और अनुशासन के साथ अभ्यास कर रहे थे। इतनी कम उम्र में एशियन चैंपियनशिप जैसे बड़े और चुनौतीपूर्ण मंच पर दो-दो पदक जीतना उनके उज्ज्वल भविष्य का स्पष्ट संकेत है।
वहीं, भारतीय टीम के कोच और 'कैनो मैराथन इंडिया' के चेयरमैन दीपक कुमार सिंह के कुशल मार्गदर्शन में भारतीय दल ने इस प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन दर्ज किया। उन्होंने जगनबीर की इस उपलब्धि में उनके परिवार के निरंतर सहयोग और उनकी व्यक्तिगत मेहनत को सबसे अहम कारक बताया।
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08/08/26 |ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई अब हुई और भी आसान: भारत और ऑस्ट्रेलिया ने लॉन्च किया 'एएईआरआई सत्यापन' प्लेटफॉर्म
आरएस अनेजा, 8 अगस्त नई दिल्ली - विदेश में पढ़ाई करने के इच्छुक भारतीय छात्रों के लिए एक बड़ी खुशखबरी के रूप में, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंर्तगत राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन ने भारत में ऑस्ट्रेलियाई शिक्षा प्रतिनिधियों के संघ (एएईआरआई) के साथ साझेदारी करके 'एएईआरआई सत्यापन' की शुरुआत की।
डिजिलॉकर के साथ सीधे एकीकृत यह डिजिटल प्लेटफॉर्म ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों में आवेदन करने वाले छात्रों के लिए शैक्षणिक, पहचान और वित्तीय दस्तावेजों के सुरक्षित, कागजरहित और सहमति-आधारित सत्यापन को सक्षम करेगा। इस प्लेटफॉर्म का आधिकारिक तौर पर 7 अगस्त, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एएईआरआई वार्षिक सम्मेलन के दौरान अनावरण किया गया था।
एएईआरआई द्वारा राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीज के सहयोग से लॉन्च किया गया, एएईआरआई सत्यापन एक स्रोत-सत्यापित प्रमाणीकरण प्लेटफॉर्म है जिसे ऑस्ट्रेलियाई उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए छात्र प्रमाण पत्र जांच को सुव्यवस्थित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। डिजिलॉकर को एएईआरआई सत्यापन प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत करके, छात्र विश्वसनीय स्रोतों से सीधे प्रामाणिक, जारीकर्ता-सत्यापित डिजिटल दस्तावेज़ सुरक्षित रूप से साझा कर सकते हैं, जिससे भौतिक दस्तावेजों और मैन्युअल सत्यापन प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम हो जाती है।
हाल ही में शुरू किया गया डिजिटल वर्कफ़्लो धीमी, मैन्युअल दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रिया को दो रणनीतिक चरणों में विभाजित एक सुरक्षित ढांचे से बदलेगा।
चरण 1 : छात्र सत्यापन – विश्वविद्यालय में आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से पहले सुचारू रूप से संपन्न किया जाता है।
चरण 2 : प्रायोजक जांच - वित्तीय प्रामाणिकता को सत्यापित करने के लिए छात्र को प्रवेश प्रस्ताव प्राप्त होने के तुरंत बाद शुरू की जाती है।
छात्र की स्पष्ट सहमति से, डिजिलॉकर ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों को मूल जारीकर्ता अधिकारियों से डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित रिकॉर्ड तक सीधी पहुंच प्रदान करेगा। इससे धोखाधड़ी का खतरा समाप्त हो जाता है, डेटा की पूर्ण गोपनीयता सुनिश्चित होती है और आवेदन प्रक्रिया में लगने वाला समय काफी कम हो जाता है।
इस पहल के प्रभाव को रेखांकित करते हुए, एनईजीडी के निदेशक श्री जेएल गुप्ता ने कहा, "यह सहयोग दर्शाता है कि भारत का डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) किस प्रकार वास्तविक वैश्विक चुनौतियों का समाधान कर रहा है। डिजिलॉकर को एएईआरआई वेरिफाई के साथ एकीकृत करके, हम एक सुरक्षित, कागज रहित और विश्वसनीय ढांचा प्रदान कर रहे हैं जो हमारे छात्रों के लिए संपूर्ण अंतरराष्ट्रीय प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाता है।"
गुप्ता ने भारत के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) के संचालन में नेजीडी की मूलभूत भूमिका को प्रदर्शित करते हुए एक विस्तृत प्रस्तुति भी दी। 2009 में मीतियाबिंद प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत स्थापित एक स्वतंत्र व्यावसायिक प्रभाग के रूप में कार्यरत नेजीडी, व्यापक परियोजना प्रबंधन, नीति निर्माण और तकनीकी मूल्यांकन में सहयोग प्रदान करता है। नेजीडी प्रौद्योगिकी प्लेटफार्मों के एक व्यापक नेटवर्क का प्रबंधन करता है जो भारतीय सरकारी तंत्र में विभिन्न पहलुओं को आपस में जोड़ता है।
यह प्लेटफॉर्म विभिन्न वैधानिक संगठनों में सार्वजनिक कार्यप्रवाहों का समर्थन करता है। इनमें संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), विदेश मंत्रालय (एमईए), नीति आयोग आदि शामिल हैं।
डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन) के अंतर्गत डिजिलॉकर एक प्रमुख पहल है। यह नागरिकों को अधिकृत संगठनों द्वारा सीधे जारी किए गए प्रामाणिक डिजिटल दस्तावेजों को सुरक्षित रूप से संग्रहीत करने, साझा करने और सत्यापित करने के लिए एक सुरक्षित, सहमति-आधारित वॉलेट प्रदान करता है। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंर्तगत विकसित डिजिलॉकर वर्तमान में 72 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ताओं को सेवा प्रदान करता है और अधिकृत संस्थानों द्वारा जारी किए गए डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेजों के सुरक्षित जारी करने, भंडारण, साझाकरण और वास्तविक समय सत्यापन को सक्षम बनाता है। यह साझेदारी भारत की घरेलू डिजिटल सफलता को वैश्विक शिक्षा ईको-सिस्टम में विस्तारित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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08/08/26 |ऊर्जा और भविष्य की साझेदारी: भारत और श्रीलंका ने नई दिल्ली में विद्युत सहयोग को दी नई रफ्तार
आरएस अनेजा, 8 अगस्त नई दिल्ली - भारत और श्रीलंका ने आज नई दिल्ली में एक बैठक के दौरान विद्युत क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय विद्युत एवं आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने किया, जबकि श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व श्रीलंका के पत्तन और नागरिक उड्डयन मंत्री तथा ऊर्जा मंत्री अनुरा करुणातिलके ने किया।
मंत्रियों ने प्रस्तावित भारत-श्रीलंका एचवीडीसी इंटरकनेक्शन और संपूर सोलर पावर प्रोजेक्ट सहित चल रही द्विपक्षीय पहलों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव का समर्थन करने के उद्देश्य से सीमा पार विद्युत व्यापार, नवीकरणीय ऊर्जा, ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षमता विकास में सहयोग को गहरा करने के अवसरों पर भी चर्चा की। भारतीय पक्ष ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के रूप में टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) ढांचे के माध्यम से ट्रांसमिशन सिस्टम के विकास में अपने अनुभव को भी साझा किया।
दोनों पक्षों ने मौजूदा द्विपक्षीय तंत्रों के तहत हुई प्रगति की समीक्षा की और सतत विकास तथा क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए विद्युत क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
मनोहर लाल ने लंबे समय से चली आ रही भारत-श्रीलंका ऊर्जा साझेदारी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। माननीय अनुरा करुणातिलके ने भारत के निरंतर समर्थन की सराहना की और द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग को और अधिक विस्तार देने की श्रीलंका की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
बैठक में विद्युत मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल और भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल में भारत में श्रीलंका की उच्च आयुक्त महामहिम महिशिनी कोलोन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
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07/08/26 |डीआरआई का बड़ा एक्शन: मिजोरम में एम्बुलेंस की आड़ में हो रही थी नशीले पदार्थों की तस्करी, 15 किलो मेथम्फेटामाइन जब्त
आरएस अनेजा, 8 अगस्त नई दिल्ली - भारत की पूर्वोत्तर सीमा पर, सीमा पार तस्करी और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अपनी निरंतर कार्रवाई को जारी रखते हुए, राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने मिजोरम और असम में खुफिया जानकारी पर आधारित कई अभियान चलाए, जिसके परिणामस्वरूप 15 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन टैबलेट, लगभग 11 मीट्रिक टन विदेशी मूल के अफीम के बीज और 10 मीट्रिक टन तस्करी की विदेशी मूल की सुपारी जब्त की गई।
कल खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए एक बड़े मादक पदार्थों की तस्करी विरोधी अभियान में, डीआरआई के अधिकारियों ने आइजोल-चम्फाई रोड पर आइजोल से लगभग 40 किलोमीटर दूर सकेई बंगला के पास एक एम्बुलेंस को रोका। संदेह था कि एम्बुलेंस चिकित्सा आपातकाल की आड़ में मादक पदार्थों की तस्करी कर रही थी। एम्बुलेंस की तलाशी में एक सफेद एचडीपीई बैग के अंदर 15 ईंट के आकार के पैकेट मिले, जिनमें 15 किलो गुलाबी-नारंगी रंग की मेथम्फेटामाइन की गोलियां थीं। ये गोलियां एक मनोरोगी पदार्थ हैं और एक नकली मरीज के बिस्तर के पास रखी थीं। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह प्रतिबंधित पदार्थ म्यांमार से चम्फाई-ज़ोखावथर सेक्टर के रास्ते मिजोरम में तस्करी करके लाया गया था और आगे असम भेजा जाना था। बरामद मेथम्फेटामाइन और परिवहन के लिए इस्तेमाल की गई एम्बुलेंस को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत जब्त कर लिया गया है। एम्बुलेंस चालक और दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मेथम्फेटामाइन की गोलियां, जिन्हें आमतौर पर "याबा" के नाम से जाना जाता है, एक अत्यधिक नशा पैदा करने वाली कृत्रिम उत्तेजक है जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है। अवैध रूप से निर्मित मेथम्फेटामाइन की गोलियों की तस्करी म्यांमार से की जाती है और ये लत, आक्रामकता, मानसिक उन्माद और दीर्घकालिक तंत्रिका क्षति सहित गंभीर शारीरिक और मानसिक नुकसान का कारण बनती हैं। इसके अत्यधिक दुरुपयोग की संभावना के कारण, मेथम्फेटामाइन, एक मनोरोगी पदार्थ होने के नाते, एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत विनियमित है और दुनियाभर में मादक पदार्थों की रोकथाम एजेंसियों के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय बना हुआ है।
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04/08/26 |पाकिस्तान से आयातित 3 करोड़ मूल्य के 364 मीट्रिक टन प्रतिबंधित सूखे खजूर ज़ब्त किए
आरएस अनेजा, 5 अगस्त नई दिल्ली - पाकिस्तान से होने वाले आयात पर भारत की रोक से बचने की कोशिशों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में, डायरेक्टरेट ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने तीसरे देशों के ज़रिए पाकिस्तान में बने सामान को गुप्त रूप से लाने और गलत जानकारी देने का मामला पकड़ा है। इस कार्रवाई में 3 करोड़ रुपये कीमत की 364 मीट्रिक टन पाकिस्तानी सूखी खजूर ज़ब्त की गई।
खुफिया जानकारी के आधार पर की गई कार्रवाई में, DRI के अधिकारियों ने कांडला पोर्ट पर 364 मीट्रिक टन सूखी खजूर (कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये) ले जा रहे 13 कंटेनरों को रोका। जांच में पता चला कि सामान, जिसे UAE का बताया गया था, असल में पाकिस्तान का था।
जांच से पता चला कि सामान पहले पाकिस्तान से दुबई भेजा गया और फिर भारत भेजने से पहले दूसरे कंटेनरों में डाला गया। आरोप है कि आयातकों ने ज़रूरी जानकारी छिपाई और पाकिस्तान में बने सामान के आयात पर लगी रोक से बचने के लिए सामान के मूल देश के बारे में गलत जानकारी दी। इसलिए, कस्टम्स एक्ट, 1962 के संबंधित प्रावधानों के तहत पूरा कंसाइनमेंट ज़ब्त कर लिया गया है।
पिछले हफ़्ते, DRI के अधिकारियों ने तूतीकोरिन पोर्ट पर गलत जानकारी देकर पाकिस्तान में बने लगभग 14 मीट्रिक टन गुग्गुल रेज़िन (कीमत लगभग 1.4 करोड़ रुपये) के आयात की कोशिश का पर्दाफाश किया था। इस कंसाइनमेंट को सोमालिया का प्राकृतिक रेज़िन बताकर दुबई के रास्ते भेजा गया था।
गुग्गुल रेज़िन (कॉमीफोरा रेज़िन), जो भारत और पाकिस्तान के सूखे इलाकों में पाया जाता है, CITES अपेंडिक्स II में शामिल है और IUCN रेड लिस्ट में 'गंभीर रूप से लुप्तप्राय' (critically endangered) श्रेणी में आता है। जांच में पता चला कि कंसाइनमेंट गुग्गुल रेज़िन था और पाकिस्तान का था, और इसे जाली कागज़ात का इस्तेमाल करके भेजा गया था। इस साज़िश में शामिल दो लोगों को भी गिरफ़्तार किया गया।
फॉरेन ट्रेड पॉलिसी, 2023 (जिसे DGFT नोटिफिकेशन नंबर 06/2025-26, तारीख 02.05.2025 के ज़रिए संशोधित किया गया) के अनुसार, पाकिस्तान में बने या वहां से निर्यात किए गए सभी सामानों का सीधा या अप्रत्यक्ष आयात या ट्रांज़िट 02.05.2025 से प्रतिबंधित है। दोनों मामलों में आयात इस रोक का उल्लंघन करते हुए पाया गया। ये सफल ऑपरेशन तस्करी, कस्टम्स धोखाधड़ी और दूसरे तरह के गैर-कानूनी अंतरराष्ट्रीय व्यापार में शामिल संगठित नेटवर्क की पहचान करने, उन्हें रोकने और खत्म करने की DRI की लगातार कोशिशों को दिखाते हैं।
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04/08/26 |एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 हादसा केंद्रीय मंत्री ने अस्पताल पहुंच घायलों का हाल जाना
आरएस अनेजा, 5 अगस्त नई दिल्ली - एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379, जो फुकेत से दिल्ली जा रही थी और एयरबस A320 (VT-EXO) द्वारा संचालित थी, उड़ान के समय (क्षणिक) ऊंचाई में परिवर्तन हुआ। विमान ने तत्परता से संतुलन वापस पाया और सुरक्षित रूप से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, दिल्ली पर लैंड किया।
उक्त उड़ान में 137 यात्री शामिल थे, जिनमें 3 शिशु और 8 चालक दल सदस्य (2 पायलट और 6 केबिन क्रू) थे।
लैंडिंग के तुरंत बाद, सभी यात्री और चालक दल की सावधानी के तौर पर चिकित्सकीय टीमों द्वारा जांच की गई। आठ यात्रियों और चार केबिन क्रू सदस्यों को विस्तृत चिकित्सकीय मूल्यांकन और उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भर्ती किए गए सभी यात्री और चालक दल सदस्य स्थिर स्थिति में हैं और उन्हें पर्याप्त चिकित्सकीय देखभाल और ध्यान दिया जा रहा है। शेष यात्रियों को आवश्यक सहायताएँ और समर्थन प्रदान किया गया।
नागरिक उड्डयन मंत्री ने व्यक्तिगत रूप से फोर्टिस अस्पताल का दौरा किया, जिनके साथ नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव और महानिदेशक, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय भी उपस्थित थे, ताकि घायलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली जा सके और उन्हें सभी जरूरी सहायता का आश्वासन दिया जा सके।
मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी फोर्टिस और मेदांता अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं और अस्पताल प्राधिकरणों व एयरलाइन के साथ मिलकर घायलों को सर्वश्रेष्ठ चिकित्सकीय देखभाल और सभी आवश्यक समर्थन सुनिश्चित करने का समन्वय कर रहे हैं।
विमान को हैंगर में स्थानांतरित कर दिया गया है और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर तथा कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर को विस्तृत जांच के लिए सुरक्षित कर लिया गया है।
महानिदेशक ने इस घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और महानिदेशालय स्थिति पर निगरानी बनाए हुए हैं। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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04/08/26 |भारत और उज्बेकिस्तान सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंध साझा करते हैं: लोकसभा अध्यक्ष
आरएस अनेजा, 5 अगस्त नई दिल्ली - लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों से बंधे हुए हैं, जो उनकी अटूट मित्रता का मजबूत आधार हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बढ़ते राजनीतिक विश्वास, बढ़ते व्यापार और निवेश तथा जन-जन के बीच आदान-प्रदान में वृद्धि से आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय साझेदारी और मजबूत होगी।
बिरला ने ये बातें संसद भवन में उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव से मुलाकात के दौरान कही। दोनों नेताओं ने भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों पर व्यापक चर्चा की, जिसमें संसदीय सहयोग, व्यापार और निवेश, शिक्षा, संस्कृति और पारस्परिक क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विशेष बल दिया गया।
बिरला ने भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं की चर्चा करते हुए कहा कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत में एक जीवंत संसदीय प्रणाली है जो यहां के लोगों की आकांक्षाओं और विविधता को प्रभावी ढंग से प्रतिबिंबित करती है। उन्होंने कहा कि 543 सदस्यीय लोकसभा देशभर के लाखों नागरिकों का प्रतिनिधित्व करती है और भारत की बहुदलीय व्यवस्था विभिन्न दृष्टिकोणों और रचनात्मक बहस के लिए समान अवसर प्रदान करती है।
बिरला ने संस्था के कामकाज का उल्लेख करते हुए बख्तियार सैदोव को बताया कि संसद की बैठक प्रतिवर्ष तीन सत्रों में होती है और वर्तमान मानसून सत्र में राष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों पर सक्रिय रूप से विचार-विमर्श चल रहा है।
बिरला ने अवसंरचना विकास, डिजिटल नवाचार, प्रौद्योगिकी, कनेक्टिविटी, निवेश और व्यापार में भारत की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत के युवा वैश्विक स्तर पर नेतृत्व की भूमिकाएं तेजी से निभा रहे हैं और प्रमुख विश्वविद्यालयों एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग का विस्तार जारी है। मार्च 2026 में गठित भारत-उज़्बेकिस्तान संसदीय मैत्री समूह का उल्लेख करते हुए बिरला ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल विधायी कार्य कलापों को नई गति प्रदान करेगी और आर्थिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक तथा दोनों देशों के लोगों के बीच परस्पर संबंधों को और गहरा करेगी।
बिरला ने अप्रैल 2025 में ताशकंद में आयोजित अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) की 150वीं सभा में अपनी सहभागिता को याद करते हुए उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति श्री शावकत मिर्ज़ियोयेव, सीनेट की अध्यक्ष सुश्री तंज़िला नरबायेवा और विधायी कक्ष के अध्यक्ष श्री नुरिद्दीन इस्माइलोव के साथ हुई अपनी मुलाकातों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन उच्च स्तरीय यात्राओं ने संसदीय सहयोग की नींव मजबूत की है। द्विपक्षीय संबंधों की निरंतर प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए श्री बिरला ने आशा व्यक्त की कि वर्तमान यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापक साझेदारी को और मजबूत करेगी।
बख्तियार सैदोव ने भारत के साथ बहुआयामी साझेदारी को और मजबूत करने के प्रति उज्बेकिस्तान की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि ताशकंद राजनीतिक, आर्थिक और संसदीय सहयोग के विस्तार को अत्यधिक महत्व देता है। भारत की सशक्त लोकतांत्रिक परंपराओं की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के विधायी अनुभव से उज्बेकिस्तान को अत्यधिक लाभ होगा। श्री सैदोव ने इस बात पर बल दिया कि संसदीय सहभागिता में वृद्धि व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। उन्होंने व्यापार, निवेश, संयुक्त परियोजनाओं और उभरते सेक्टरों में सहयोग बढ़ाने के लिए एक साझा विज़न का आह्वान किया।
इस अवसर पर बख्तियार सैदोव ने ओम बिरला को एक विशेष स्मारक प्रकाशन भेंट किया, जिसमें उज्बेकिस्तान द्वारा आयोजित अंतर-संसदीय संघ की 150वीं सभा का विस्तृत विवरण दिया गया था।
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03/08/26 |भारत-उज्बेकिस्तान व्यापार को लगेंगे पंख: पीयूष गोयल ने अगले 3 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का किया आह्वान
आरएस अनेजा, 4 अगस्त नई दिल्ली - केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज भारत और उज्बेकिस्तान की कंपनियों को संयुक्त निवेश, संयुक्त उत्पादन और संयुक्त नवाचार के लिए आमंत्रित किया और अगले तीन वर्षों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लिए ठोस प्रयास करने की अपील की।
नई दिल्ली में आयोजित भारत-उज्बेकिस्तान बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए श्री गोयल ने कहा कि आपसी विश्वास, सम्मान और समृद्धि के साझा विजन पर आधारित दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग के विस्तार के अपार अवसर प्रदान करती है।
गोयल ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान न केवल समृद्ध साझा इतिहास और गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव से बंधे हैं, बल्कि अपार व्यापारिक संभावनाओं से भी जुड़े हैं जिनका अभी तक पूरी तरह से उपयोग नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि हालांकि द्विपक्षीय व्यापार लगभग 1.5 बिलियन डॉलर को पार कर चुका है, यह दोनों अर्थव्यवस्थाओं की संयुक्त क्षमता का एक छोटा सा हिस्सा मात्र है।
गोयल ने कहा कि भारत उज्बेकिस्तान को न केवल एक विशाल और बढ़ता हुआ बाजार प्रदान करता है, बल्कि एक विश्वसनीय साझेदार, कुशल और युवा कार्यबल एवं नवाचार-आधारित विकास के लिए एक मंच भी प्रदान करता है। भारत और उज्बेकिस्तान के बीच हाल ही में संपन्न द्विपक्षीय निवेश संधि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह समझौता निवेशकों का विश्वास बढ़ाएगा और दोनों देशों के व्यवसायों को एक-दूसरे की अर्थव्यवस्थाओं में निवेश करने और दीर्घकालिक साझेदारी बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
गोयल ने कई ऐसे सेक्टरों की पहचान की जिनमें मजबूत पूरकताएँ हैं और जो द्विपक्षीय सहयोग के लिए महत्वपूर्ण संभावनाएं प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान खनन क्षेत्र में भारतीय निवेश के लिए पर्याप्त अवसर प्रस्तुत करता है। उन्होंने वस्त्र उद्योग में सहयोग की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कपास उत्पादन में उज्बेकिस्तान की मजबूती और वस्त्र उद्योग में भारत की अग्रणी स्थिति का उल्लेख करते हुए, वस्त्र निर्माण, डिजाइन और वैश्विक बाजारों में संयुक्त रूप से विस्तार करने के अवसरों को रेखांकित किया।
गोयल ने दवा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों के संदर्भ में कहा कि भारत, जिसे विश्व की फार्मेसी के रूप में मान्यता प्राप्त है, सस्ती दवाओं, चिकित्सा उपकरणों, निदान, टेलीमेडिसिन, डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों के प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य सेवा आधुनिकीकरण में सहयोग कर सकता है। उन्होंने आयुर्वेद, योग और यूनानी जैसी पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में सहयोग को पुनर्जीवित करने का भी प्रस्ताव रखा, जिनका उज्बेक क्षेत्र से ऐतिहासिक संबंध रहा है।
कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के विषय पर श्री गोयल ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, कोल्ड चेन और कृषि प्रौद्योगिकी में सहयोग से वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं का निर्माण करने में मदद मिल सकती है। इससे दोनों देशों के किसानों को लाभ होगा और साथ ही पूरक शक्तियों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों की सेवा भी की जा सकेगी।
गोयल ने सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में उज्बेकिस्तान के साथ सहयोग करने के लिए भारत की तत्परता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के विकास और फिनटेक, कृषि प्रौद्योगिकी और चिकित्सा प्रौद्योगिकी जैसे सेक्टरों में सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए उज्बेकिस्तान के साथ काम करने में प्रसन्न होगा। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग कंपोनेट, उन्नत विनिर्माण, ऑटोमोटिव कंपोनेट और वाहन भी भविष्य में सहयोग के लिए आशाजनक अवसर प्रदान करते हैं।
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28/07/26 |भारत टाइगर कंजर्वेशन (बाघ संरक्षण) में एक ग्लोबल लीडर के तौर पर उभरा
हर साल 29 जुलाई को मनाया जाने वाला 'इंटरनेशनल टाइगर डे' बाघ संरक्षण के ग्लोबल महत्व को उजागर करता है
आरएस अनेजा, 28 जुलाई नई दिल्ली - विज्ञान पर आधारित नीतियों और मज़बूत संस्थागत सहयोग के ज़रिए भारत टाइगर कंजर्वेशन (बाघ संरक्षण) में एक ग्लोबल लीडर के तौर पर उभरा है।
आज यह देश दुनिया के लगभग 70% जंगली बाघों का घर है। टेक्नोलॉजी-आधारित मॉनिटरिंग, असरदार गवर्नेंस और कम्युनिटी की भागीदारी ने कंजर्वेशन के नतीजों को और मज़बूत किया है। भारत बाघों और उनके रहने की जगहों (हैबिटैट) के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ग्लोबल सहयोग को भी बढ़ावा दे रहा है।
फलते-फूलते बाघ, मज़बूत इकोसिस्टम
हर साल 29 जुलाई को मनाया जाने वाला 'इंटरनेशनल टाइगर डे' बाघ संरक्षण के ग्लोबल महत्व को उजागर करता है। भारत के लिए, यह विज्ञान-आधारित संरक्षण और सस्टेनेबल डेवलपमेंट (सतत विकास) के प्रति सरकार की लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता को फिर से पुष्ट करता है। यह दिन भारत की शानदार संरक्षण उपलब्धियों को भी दिखाता है। आज, भारत दुनिया की सबसे बड़ी जंगली बाघ आबादी का घर है, जो दुनिया भर के सभी जंगली बाघों का लगभग 70% है। यह सफलता दशकों के लगातार नीतिगत सहयोग, वैज्ञानिक प्रबंधन और कम्युनिटी की भागीदारी का नतीजा है, जिसने भारत को बाघ संरक्षण में एक ग्लोबल लीडर के तौर पर स्थापित किया है।
यह उपलब्धि बाघ के साथ भारत के गहरे सांस्कृतिक और इकोलॉजिकल जुड़ाव पर आधारित है। सदियों से, पुराने सिक्कों, शाही मुहरों और मंदिरों की नक्काशी में बाघ को ताकत और संप्रभुता के प्रतीक के तौर पर दिखाया गया है। इस लंबे समय से चली आ रही विरासत को पहचानते हुए, सरकार ने 1972 में रॉयल बंगाल टाइगर को राष्ट्रीय पशु घोषित किया। आज भी, बाघ अलग-अलग इलाकों में भारत की समृद्ध बायोडायवर्सिटी, इकोलॉजिकल संपदा और साझा प्राकृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करता है।
सांस्कृतिक महत्व के अलावा, बाघ एक अहम इकोलॉजिकल भूमिका भी निभाता है। एक शीर्ष शिकारी (एपेक्स प्रीडेटर) और अम्ब्रेला प्रजाति के तौर पर, यह स्वस्थ वन इकोसिस्टम को बनाए रखने में मदद करता है। बाघों के रहने की जगहों (हैबिटैट) को संरक्षित करने से जंगल, नदियाँ और अनगिनत अन्य प्रजातियाँ सुरक्षित रहती हैं। ये जंगल पानी को नियंत्रित करते हैं, मिट्टी का संरक्षण करते हैं, परागण (पॉलिनेशन) में मदद करते हैं और स्थानीय जलवायु को संतुलित रखते हैं। वे आपदा के जोखिमों को भी कम करते हैं और ऐसी इकोसिस्टम सेवाएँ प्रदान करते हैं जो ग्रामीण आजीविका और शहरी अर्थव्यवस्थाओं को बनाए रखती हैं। बाघों और उनके हैबिटैट की रक्षा करके, सरकार बायोडायवर्सिटी संरक्षण को मज़बूत कर रही है, इकोलॉजिकल सुरक्षा को बढ़ा रही है और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के ज़रिए 'विकसित भारत' के विज़न को आगे बढ़ा रही है।
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27/07/26 |लोकायन 26 - भारतीय नौसेना का जहाज सुदर्शनी बोस्टन, अमेरिका से रवाना हुआ
आरएस अनेजा, 27 जुलाई नई दिल्ली - भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत, आईएनएस सुदर्शनी, लोकयान के अमेरिका के बोस्टन से रवाना हुआ। अपने प्रवास के दौरान, जहाज ने प्रतिष्ठित सेल 250 समारोहों और अंतर्राष्ट्रीय नौसेना समीक्षा 250 में भारत का गर्वपूर्वक प्रतिनिधित्व किया एवं भारत की समृद्ध समुद्री विरासत का प्रदर्शन किया और पेशेवर और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से समुद्री साझेदारी को मजबूत किया।
इस जहाज ने नॉरफ़ॉक, बाल्टीमोर, न्यूयॉर्क और बोस्टन में आयोजित सेल 250 कार्यक्रमों में भाग लिया और गणमान्य व्यक्तियों, भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों और अंतरराष्ट्रीय नौसेना प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी की और समुद्री सहयोग और मित्रता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
आईएनएस सुदर्शनी अब पुर्तगाल के अज़ोरेस में पोंटा डेलगाडा के लिए रवाना हो चुका है। यह जहाज वैश्विक मंच पर भारत की समुद्री शक्ति, व्यावसायिकता और सद्भावना का प्रतीक बना हुआ है।
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27/07/26 |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में स्वर्ण पदक जीतने पर भारोत्तोलक मीराबाई चानू को बधाई दी
आरएस अनेजा, 27 जून नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारोत्तोलक मीराबाई चानू को 48-किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मीराबाई चानू ने एक बार फिर अपने शानदार प्रदर्शन से अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। श्री मोदी ने इस बात का उल्लेख किया कि राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार स्वर्ण पदक जीतने और अपने नाम कुल चार-राष्ट्रमंडल पदक करने के साथ, वह हर भारतीय के लिए एक प्रेरणा बनी हुई हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके भविष्य के सभी प्रयासों के लिए उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं।
एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा;
"भारतीय भारोत्तोलन में एक और गौरवशाली अध्याय!
प्रतिभावान मीराबाई चानू ने 48-किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर राष्ट्रमंडल खेल में अपना कौशल दिखाया और स्वर्ण पदक जीता। राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार स्वर्ण पदक और अपने नाम कुल चार राष्ट्रमंडल पदक के साथ, वह हर भारतीय के लिए एक प्रेरणा बनी हुई हैं। उन्हें हार्दिक बधाई! आगे के सभी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।"
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23/07/26 |हवाई नहीं, अब समुद्री रास्ते से दुबई में बिखरी यूपी के आमों की मिठास! 25 दिन सफर के बाद भी 90% आम तरोताजा
आरएस अनेजा, 23 जुलाई नई दिल्ली - भारत के ताजे आम निर्यात क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि में, 12.5 टन प्रीमियम दशहरी और लंगड़ा आमों को उत्तर प्रदेश के अमरोहा से संयुक्त अरब अमीरात के दुबई तक सफलतापूर्वक निर्यात किया गया है।
यह निर्यात 40 फुट के रेफ्रिजरेटर कंटेनर के माध्यम से समुद्री मार्ग से किया गया, जिसके लिए आईसीएआर-केंद्रीय उपोष्णकटिबंधीय बागवानी संस्थान (आईसीएआर-सीआईएसएच), लखनऊ और कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित समुद्री मार्ग निर्यात प्रोटोकॉल का उपयोग किया गया। इसमें आईसीएआर-सीआईएसएच का तकनीकी मार्गदर्शन और एपीईडीए का सहयोग प्राप्त हुआ।
आमों की तुड़ाई के बाद वैज्ञानिक रूप से अनुशंसित प्रबंधन तरीकों के अनुसार उन्हें संभाला गया। फलों को आईसीएआर-सीआईएसएच द्वारा विकसित मेटवॉश से उपचारित किया गया ताकि उनकी शेल्फ लाइफ बढ़ाई जा सके, वैज्ञानिक रूप से वर्गीकृत किया गया, अमरोहा पैक हाउस में पैक किया गया, 40 फुट के रेफ्रिजरेटर कंटेनर में लोड किया गया और निरंतर कोल्ड चेन के तहत समुद्र के रास्ते दुबई ले जाया गया।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई देरी की वजह से, खेप 17 जुलाई 2026 को गंतव्य बाजार पहुंची, जिससे तुड़ाई से लेकर बाजार तक की 25 दिन की पारगमन अवधि पूरी हुई। लंबी पारगमन अवधि के बावजूद, पहुंचने पर लगभग 90% आम अच्छी और बिकने लायक हालत में पाए गए, जो इस तकनीक की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
समुद्री मार्ग प्रोटोकॉल के सफल सत्यापन से किसानों की आय बढ़ाने के लिए किफायती निर्यात का एक स्थायी मार्ग उपलब्ध हो गया है। चूंकि समुद्री माल ढुलाई हवाई माल ढुलाई की तुलना में काफी सस्ती है, इसलिए निर्यातकों ने किसानों को अधिक खरीद मूल्य की पेशकश की। परिणामस्वरूप, आम उत्पादकों को पारंपरिक निर्यात चैनलों की तुलना में प्रति किलोग्राम लगभग ₹15-20 की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई, जिससे कृषि लाभप्रदता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय आमों की प्रतिस्पर्धात्मकता भी बनी रही।
उत्तर प्रदेश से दुबई तक दशहरी और लंगड़ा आमों की यह पहली सफल व्यावसायिक समुद्री खेप है, जिसमें कटाई से लेकर बाजार तक की 25 दिन की लंबी पारगमन अवधि का पालन किया गया है। इससे यह साबित होता है कि अब उच्च गुणवत्ता वाले भारतीय आमों को समुद्री माल ढुलाई के माध्यम से गुणवत्ता से समझौता किए बिना किफायती तरीके से निर्यात किया जा सकता है। उम्मीद है कि यह उपलब्धि निर्यातकों को समुद्री माल ढुलाई को अधिक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिससे खाड़ी क्षेत्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारत के ताजे आमों के निर्यात का विस्तार होगा।
इस तकनीक से उत्तर प्रदेश और अन्य आम उत्पादक राज्यों से समुद्री मार्ग से होने वाले आमों के निर्यात के व्यावसायीकरण में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे खाड़ी देशों और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसर खुलेंगे, साथ ही निर्यात से होने वाली आय में वृद्धि होगी, रसद लागत कम होगी और उत्तर प्रदेश के आम उत्पादकों की आजीविका में सुधार होगा।
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23/07/26 |भारत-पनामा समुद्री साझेदारी: वैश्वीकरण और रसद सहयोग के नए युग की शुरुआत
आरएस अनेजा, 23 जुलाई नई दिल्ली - केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री (एमओपीएसडब्ल्यू) सर्बानंद सोनोवाल ने पनामा के विदेश मंत्री जेवियर मार्टिनेज-अचा वास्केज़ के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग को और मजबूत करना था। इसके साथ ही दोनों पक्षों ने रसद, पोत परिवहन, समुद्री सुरक्षा, कौशल विकास और डिजिटल बदलाव को एक विस्तारित रणनीतिक साझेदारी के मुख्य स्तंभों के रूप में चिह्नित किया।
मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, "भारत और पनामा स्वाभाविक समुद्री साझेदार हैं। पनामा की रणनीतिक रसद क्षमताओं और भारत की बढ़ती समुद्री क्षमताओं को मिलाकर, हम मजबूत आपूर्ति श्रृंखला बना सकते हैं, वैश्विक संपर्क को बेहतर कर सकते हैं और व्यापार, निवेश, नवाचार और टिकाऊ विकास के लिए नए अवसर पैदा कर सकते हैं। हमारा साझा दृष्टिकोण इस साझेदारी को लैटिन अमेरिका और कैरिबियन के साथ भारत के संबंधों के मुख्य स्तंभों में से एक बनाना है।"
वार्ता में भारत और पनामा के बीच 19वीं सदी से चले आ रहे समुद्री संबंधों को फिर से दोहराया गया और दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने में भारतीय समुदाय के अहम योगदान को भी स्वीकारा गया। भारत के बंदरगाहों को लेकर विश्व में अग्रणी के तौर पर उभरने और पनामा के दुनिया के प्रमुख समुद्री रसद केंद्र में से एक होने के कारण, दोनों देश इस बात पर सहमत हुए कि करीबी सहयोग और बेहतरीन तौर-तरीकों के आदान-प्रदान से पूरे अमेरिका क्षेत्र में व्यापार, संपर्क और निवेश के नए अवसर खुलेंगे।
बैठक के दौरान, मंत्री जेवियर मार्टिनेज-अचा वास्केज़ ने दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग बढ़ाने के लिए चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की रूपरेखा का ज़िक्र किया: समुद्री सुरक्षा, भारत के जहाजरानी महानिदेशालय और पनामा समुद्री प्राधिकरण के बीच तकनीकी सहयोग, समुद्री शिक्षा और कौशल विकास और डिजिटल समुद्री बदलाव में भविष्य-उन्मुख सहयोग, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्मार्ट पोर्ट लॉजिस्टिक्स और समुद्री सिंगल-विंडो प्रणाली शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बंदरगाहों, शिपिंग, इनलैंड वॉटरवे, रसद, जहाज निर्माण, क्रूज़ पर्यटन और हरित समुद्री पहलों में लगातार निवेश के ज़रिए भारत में हो रहे तेज़ी से बदलाव पर ज़ोर दिया। उन्होंने दोहराया कि पनामा मध्य अमेरिका, लैटिन अमेरिका और कैरिबियन के लिए भारत का स्वाभाविक प्रवेश द्वार है। साथ ही, उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार की संभावनाओं को पूरी तरह से इस्तेमाल करने के लिए पोत परिवहन संपर्क बेहतर करने, रसद साझेदारी को मज़बूत करने और संस्थागत सहयोग को तेज़ करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
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20/07/26 |फीफा विश्वकप 2026 : टूटा लियोनेल मेसी का लगातार दूसरा विश्व कप जीतने का सपना, फेरान टोरेस के 'गोल्डन गोल' से स्पेन के सिर सजा ताज
आरएस अनेजा, 20 जुलाई नई दिल्ली - स्पेन ने फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर विश्व विजेता का खिताब अपने नाम कर लिया है। न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए इस बेहद रोमांचक और कड़े मुकाबले का फैसला एक्स्ट्रा टाइम (अतिरिक्त समय) में हुआ। निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं। इसके बाद एक्स्ट्रा टाइम के 106वें मिनट में स्थानापन्न (सब्स्टीट्यूट) खिलाड़ी फेरान टोरेस ने मैच का एकमात्र और विजयी गोल दागा।
10 खिलाड़ियों के साथ खेली अर्जेंटीना:
दूसरे हाफ के इंजरी टाइम में अर्जेंटीना के खिलाड़ी एंजो फर्नांडीज को रेड कार्ड (दूसरा पीला कार्ड) मिलने के कारण मैदान से बाहर जाना पड़ा, जिससे अर्जेंटीना की टीम अंतिम समय में सिर्फ 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने पर मजबूर हो गई।
स्पेन ने 16 साल के सूखे को खत्म करते हुए इतिहास में दूसरी बार फीफा विश्व कप की ट्रॉफी उठाई है (इससे पहले स्पेन ने 2010 में विश्व कप जीता था)।
इस हार के साथ ही अर्जेंटीना के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी का लगातार दूसरा विश्व कप जीतने का सपना टूट गया और वह मैच के बाद काफी भावुक नजर आए।
प्रतियोगिता में दिए गए इनाम
गोल्डन बॉल (सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी) -- रोड्री (स्पेन)
गोल्डन बूट (सर्वाधिक 10 गोल) -- कीलियन एम्बाप्पे (फ्रांस)
गोल्डन ग्लव (सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर) - उनाई सिमोन (7 क्लीन शीट) स्पेन
बेस्ट यंग प्लेयर - पाउ कुबार्सी (19 वर्ष) स्पेन
विश्व कप विजेता को इतनी राशि मिलेगी
फीफा विश्व कप 2026 की विजेता टीम (स्पेन) को रिकॉर्ड $5 करोड़ (लगभग 477 से 481 करोड़ भारतीय रुपये) की पुरस्कार राशि मिली। यह फीफा के इतिहास में किसी भी विश्व विजेता टीम को दी गई सबसे बड़ी इनामी राशि है।
उपविजेता (अर्जेंटीना) : $3.3 करोड़ (लगभग ₹314 से ₹318 करोड़)
तीसरा स्थान (इंग्लैंड): $2.9 करोड़ (लगभग ₹278 से ₹279 करोड़)
चौथा स्थान (फ्रांस): $2.7 करोड़ (लगभग ₹259 करोड़)
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20/07/26 |अभ्यास पिच ब्लैक 2026: ऑस्ट्रेलिया में गरजेगा भारत का 'राफेल', बहुराष्ट्रीय युद्ध अभ्यास का धमाकेदार आगाज़!
आरएस अनेजा, 20 जुलाई नई दिल्ली - भारतीय वायु सेना (आईएएफ) व रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (आरएएएफ) बेस डार्विन में एक्सरसाइज पिच ब्लैक 2026 आज से शुरू हो गया है। 7 अगस्त 2026 तक चलने वाला यह अभ्यास पिच ब्लैक, आरएएएफ का प्रमुख द्विवार्षिक बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभ्यास है।
इस अभ्यास का नाम उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के विशाल निर्जन क्षेत्रों में रात्रि उड़ान विशेष अभियान के कारण रखा गया है। अभ्यास के 45 वर्षों के लंबे इतिहास में, इस संस्करण में बड़ी संख्या में प्रतिभागी बल शामिल हैं, जो जटिल बड़े बल प्रयोग और बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभियानों के लिए सैन्य कर्मियों को एक साथ ला रहे हैं।
भारतीय वायु सेना की टुकड़ी में पायलट, इंजीनियर, तकनीशियन, नियंत्रक और अन्य विशेषज्ञ सहित उच्च कुशल वायु योद्धा शामिल हैं। यह टुकड़ी राफेल मल्टीरोल लड़ाकू विमान का संचालन करेगी, जिसे सी-17 ग्लोबमास्टर-III और आईएल-78 वायु-से-वायु ईंधन भरने वाले विमानों का समर्थन प्राप्त होगा। यह अभ्यास भाग लेने वाली सेनाओं को अंतरसंचालनीयता बढ़ाने, बल एकीकरण को मजबूत करने और वैश्विक परिदृश्यों में सहयोगात्मक संचालन की दिशा में परिचालन सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करेगा। भारतीय वायु सेना की टुकड़ी में पायलट, इंजीनियर, तकनीशियन, नियंत्रक और अन्य विशेषज्ञ सहित उच्च कुशल वायु योद्धा शामिल हैं। यह टुकड़ी राफेल मल्टीरोल लड़ाकू विमान का संचालन करेगी, जिसे सी-17 ग्लोबमास्टर-III और आईएल-78 वायु-से-वायु ईंधन भरने वाले विमानों का समर्थन प्राप्त होगा। यह अभ्यास भाग लेने वाली सेनाओं को अंतरसंचालनीयता बढ़ाने, बल एकीकरण को मजबूत करने और वैश्विक परिदृश्यों में सहयोगात्मक संचालन की दिशा में परिचालन सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करेगा।
अभ्यास पिच ब्लैक 26 लंबी दूरी पर अभियान संबंधी हवाई अभियानों को परखने, बहुराष्ट्रीय अंतर-संचालनीयता को बढ़ाने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में पेशेवर साझेदारियों को मजबूत करने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है। यह अभ्यास भाग लेने वाली वायु सेनाओं को एक वास्तविक और चुनौतीपूर्ण बहुराष्ट्रीय वातावरण में संचालन करने में सक्षम बनाएगा, जिससे परिचालन समन्वय और आपसी समझ को बढ़ावा मिलेगा। भारतीय वायु सेना ने इससे पहले 2018, 2022 और 2024 में इस अभ्यास में भाग लिया है, जो रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने की उसकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।
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20/07/26 |प्रधानमंत्री ने जापान ओपन 2026 का खिताब जीतने पर पीवी सिंधु को बधाई दी
आरएस अनेजा, 20 जुलाई नई दिल्ली -प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारत की बेहतरीन शटलर पीवी सिंधु को जापान ओपन 2026 का खिताब जीतने पर बधाई दी। वे यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। श्री मोदी ने कहा कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान पीवी सिंधु का दृढ़ संकल्प और असाधारण कौशल देखने को मिला और वे देश भर के अनगिनत युवा खिलाड़ियों को खेलने और शानदार प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेंगी।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
भारतीय बैडमिंटन के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि!
जापान ओपन 2026 में जीत हासिल करने पर पीवी सिंधु को बधाई। पूरे टूर्नामेंट के दौरान उनका दृढ़ संकल्प और असाधारण कौशल देखने को मिला। यह उपलब्धि इसलिए और भी खास है, क्योंकि वे यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं। यह देश भर के अनगिनत युवा खिलाड़ियों को खेलने और शानदार प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।
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19/07/26 |🏆फीफा वर्ल्ड कप 2026 फाइनल: आज रात इतिहास रचेगा न्यू जर्सी! अर्जेंटीना बनाम स्पेन के बीच 'महायुद्ध'
आरएस अनेजा, 19 जुलाई नई दिल्ली - फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला आज (स्थानीय समय अनुसार 19 जुलाई 2026) न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम (न्यूयॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम) में गत विजेता अर्जेंटीना और स्पेन के बीच खेला जा रहा है। भारतीय समय के अनुसार, यह महा मुकाबला आज रात 12:30 AM (IST) पर शुरू होगा।
फुटबॉल इतिहास में पहली बार फीफा रैंकिंग की नंबर 1 टीम (अर्जेंटीना) और नंबर 2 टीम (स्पेन) वर्ल्ड कप फाइनल में आमने-सामने हैं। इसके साथ ही लियोनेल मेसी (39 वर्ष) और स्पेन के युवा सनसनी लामिन यमाल (19 वर्ष) के बीच पीढ़ियों की दिलचस्प जंग देखने को मिलेगी।
दांव पर खिताब : अर्जेंटीना अपनी चौथी वर्ल्ड कप ट्रॉफी (1978, 1986, 2022 के बाद) और लगातार दूसरा खिताब जीतने उतरेगा। वहीं स्पेन 2010 के बाद अपना दूसरा विश्व कप जीतने के इरादे से मैदान में होगा। इतिहास में पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल में एक भव्य हाफटाइम शो होगा, जिसमें शकीरा, जस्टिन बीबर, मडोना और BTS जैसे वैश्विक कलाकार परफॉर्म करेंगे।
भारत में लाइव कहां देखें ?
यदि आप भारत में इस ऐतिहासिक खिताबी मुकाबले का आनंद लेना चाहते है तो टीवी प्रसारण (TV Broadcast) आप यूनाइट8 स्पोर्ट्स (Unite8 Sports) चैनलों पर मैच का सीधा प्रसारण देख सकते हैं।
लाइव स्ट्रीमिंग (Live Streaming): मोबाइल और डिजिटल डिवाइस पर इसकी मुफ्त लाइव स्ट्रीमिंग जी5 (ZEE5) ऐप पर उपलब्ध होगी।
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19/07/26 |FIFA 2026: गोलों की बारिश में थमा फ्रांस का 'पावरप्ले', साका की हैट्रिक से इंग्लैंड बना 'ब्रॉन्ज' किंग!
आरएस अनेजा, 19 जुलाई नई दिल्ली - फीफा वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे स्थान (थर्ड प्लेस प्ले-ऑफ) के बेहद रोमांचक मुकाबले में गोलों की बारिश हुई। इस मुकाबले में इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हरा दिया है। मियामी के हार्ड रॉक स्टेडियम में खेले गए इस ऐतिहासिक मैच में दोनों टीमों की तरफ से कुल 10 गोल दागे गए। इस शानदार जीत के साथ ही इंग्लैंड ने टूर्नामेंट में तीसरा स्थान हासिल कर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया है। यह 1966 के बाद से विश्व कप इतिहास में इंग्लैंड का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
इंग्लैंड की इस धमाकेदार जीत के सबसे बड़े हीरो बुकायो साका रहे, जिन्होंने मैच में बेहतरीन हैट्रिक (3 गोल) लगाई।
फ्रांस की हार के बावजूद उनके कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने मैच में 2 गोल किए। इन गोलों के साथ ही उनके विश्व कप इतिहास में कुल 22 गोल हो गए हैं, जिससे उन्होंने लियोनेल मेसी (21 गोल) का सर्वकालिक महान रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
इंग्लैंड के लिए साका के अलावा डेक्लान राइस, एजरी कोंसा और जूड बेलिंगहम ने 1-1 गोल दागा। फ्रांस की तरफ से ब्रैडली बारकोला और उस्मान डेम्बले ने भी गोल किए।
यह मैच साल 1982 के बाद से फीफा विश्व कप इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे हाई-स्कोरिंग नॉकआउट मैचों में से एक बन गया है। पहले हाफ में इंग्लैंड 4-0 से आगे था। दूसरे हाफ में फ्रांस ने जोरदार वापसी की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड ने 6-4 से बढ़त बनाए रखी।
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16/07/26 |अंतिम 7 मिनट का 'मेसी मैजिक': इंग्लैंड को 2-1 से धूल चटाकर लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचा अर्जेंटीना!
आरएस अनेजा, 16 जुलाई नई दिल्ली - अर्जेंटीना ने फीफा विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हरा दिया है। अटलांटा के मर्सिडीज-बेंज स्टेडियम में खेले गए इस ऐतिहासिक मुकाबले में अर्जेंटीना ने आखिरी 7 मिनटों में शानदार वापसी करते हुए लगातार दूसरी बार विश्व कप के फाइनल में अपनी जगह पक्की की। अब अर्जेंटीना का सामना रविवार, 19 जुलाई फाइनल मुकाबला स्पेन से होगा।
मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों की तरफ से आक्रामक खेल देखने को मिला। अर्जेंटीना के मुकाबले इंग्लैंड ने ज्यादा हमले किए और गोल करने के कई मौके बनाए, लेकिन टीम को सफलता हाथ नहीं लग सकी। दोनों टीमों का डिफेंस पहले हाफ में बेहद मजबूत रहा और शुरुआती 45 मिनट में कोई गोल नहीं हो सका।
हालांकि, दूसरे हाफ की शुरुआत इंग्लैंड ने दमदार अंदाज में की। मैच के 55वें मिनट में मोर्गन रोजर्स के पास पर एंथनी गॉर्डन ने बेहतरीन शॉट लगाते हुए गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचाते हुए इंग्लैंड को मुकाबले में 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद भी इंग्लैंड की तरफ से लगातार अटैक जारी रहे। मगर अर्जेंटीना ने मैच के अंतिम पलों में जबरदस्त वापसी की। 85वें मिनट में एंजो फर्नांडेज ने लियोनेल मेसी से मिले पास को गोल में तब्दील करते हुए अर्जेंटीना के खेमे को राहत की सांस दिलाई। 1-1 से बराबर हो चुके स्कोर के बाद मुकाबला अतिरिक्त समय में जाता हुआ दिख रहा था।
हालांकि, इंजरी टाइम में अर्जेंटीना ने मुकाबले को पूरी तरह से पलट दिया। मेसी द्वारा दिए गए पास को लाउतारो मार्टिनेज ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचा दिया और अर्जेंटीना के लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचने पर मुहर लगा दी। अंतिम 7 मिनटों में किए गए दो गोल की बदौलत अर्जेंटीना सेमीफाइनल मुकाबले को 2-1 से अपने नाम करने में सफल रहा।
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15/07/26 |शहरों का कायाकल्प: हरित भविष्य की ओर बढ़ते कैपेसिटीज (CapaCITIES) के 10 बेमिसाल साल
आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली - कैपेसिटीज (CapaCITIES) कार्यक्रम की एक दशक में हुई प्रगति का जश्न मनाते हुए, ICLEI दक्षिण एशिया और राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम 'शहरी जलवायु लचीलेपन को बढ़ाना: कैपेसिटीज की विरासत और आगे का रास्ता ' को नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित किया गया।
कैपेसिटीज कार्यक्रम ने भारतीय शहरों को शहरी गवर्नेंस में कम कार्बन उत्सर्जन और जलवायु-लचीले विकास को मुख्यधारा में लाने के लिए ज्ञान, उपकरण और संस्थागत क्षमताएं प्रदान की हैं।
भारत और भूटान में स्विट्जरलैंड दूतावास द्वारा वित्त पोषित और वर्ष 2016 में शुरू की गई, भारत में कम कार्बन और जलवायु-लचीले शहरी विकास पर क्षमता निर्माण परियोजना (कैपेसिटीज) कार्यक्रम ने कम कार्बन और जलवायु-लचीले शहरी विकास को गति प्रदान की है। स्थानीय क्षमताओं को सीधे मजबूत करके, कार्यक्रम ने स्थानीय कार्रवाई को राष्ट्रीय मिशनों और राज्य-स्तरीय लक्ष्यों के साथ जोड़कर भारत के 2070 के शुद्ध शून्य उत्सर्जन लक्ष्य का समर्थन किया है।
यह पहल ICLEI साउथ एशिया, साउथ पोल और ईकॉन्सेप्ट की सहयोगी साझेदारी के माध्यम से कार्यान्वित की गई, जिसमें राष्ट्रीय शहरी मामलों का संस्थान ज्ञान भागीदार था। तमिलनाडु के कोयंबटूर, तिरुचिरापल्ली, तिरुनेलवेली, अहमदाबाद, राजकोट, वडोदरा, उदयपुर और सिलीगुड़ी शहरों के साथ-साथ गुजरात और तमिलनाडु की राज्य सरकारों को इस परियोजना से सहायता प्राप्त हुई।
इस सम्मेलन में 30 से अधिक शहरों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, महापौर, आयुक्त और इंजीनियर, 6 राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, वित्तीय संस्थानों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि और तकनीकी विशेषज्ञ एकत्रित हुए, ताकि स्थानीय जलवायु क्षमताओं के निर्माण में एक दशक की समीक्षा की जा सके और शहरी सततता के भविष्य की रूपरेखा तैयार की जा सके।
उद्घाटन सत्र में भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार श्री गोपाल प्रसाद , भारत और भूटान में स्विट्जरलैंड दूतावास की राजदूत सुश्री माया तिस्साफी, वडोदरा नगर निगम की महापौर सुश्री गीताबेन मकवाना , राजकोट नगर निगम की उप महापौर सुश्री दक्षाबेन वसानी , राष्ट्रीय शहरी मामलों का संस्थान की निदेशक डॉ. देबोलीना कुंडू और ICLEI के उप महासचिव और ICLEI दक्षिण एशिया के कार्यकारी निदेशक श्री इमानी कुमार उपस्थित थे। सत्र में शहरी भारत में स्थानीय स्तर पर संचालित जलवायु कार्रवाई को व्यापक बनाने और संस्थागत रूप देने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
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15/07/26 |होर्मेुज हमले के बाद भारत का कड़ा रुख: शुरू की 'सीफेरर-फर्स्ट' मुहिम, बनेगा रियल-टाइम 'ऑपरेशनल डैशबोर्ड'
आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली - होर्मुज जलडमरूमध्य में दो व्यापारिक जहाजों पर हमलों के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते समुद्री सुरक्षा संकट के बीच केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री (एमओपीएसडब्ल्यू) सर्बानंद सोनोवाल ने एक व्यापक 'सीफेरर-फर्स्ट' प्रतिक्रिया शुरू की। इसके तहत संघर्ष से प्रभावित इलाके में काम कर रहे हर भारतीय नाविक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक व्यापक और अभूतपूर्व 'होल-ऑफ-गवर्नमेंट' (सरकार के सभी विभागों के सम्मिलित प्रयास) वाला दृष्टिकोण अपनाया है।
आज यहां आयाेजित एक उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सोनोवाल ने वास्तविक समय में हर जहाज की निगरानी, प्रत्येक प्रभावित भारतीय नाविक के लिए समर्पित संपर्क अधिकारियों की नियुक्ति और विदेश मंत्रालय (एमईए), पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी), रसायन और उर्वरक मंत्रालय, भारतीय नौसेना, जहाजरानी महानिदेशालय (डीजीएस), ईरान और ओमान में भारतीय मिशनों के सहयोग से पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री (एमओपीएसडब्ल्यू) द्वारा चौबीसों घंटे समन्वय का आदेश दिया।
होर्मुज जलडमरूमध्य में एमटी अल बहियाह और एमटी मोम्बासा पर हमलों के बाद यह समीक्षा महत्वपूर्ण मानी जाती है। दोनों जहाजों के कुल 46 लोगों के दल में 30 भारतीय नाविक शामिल थे। एमटी अल बहियाह पर एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। एमटी मोम्बासा पर नौ भारतीय नागरिक घायल हुए, जिनमें से दो गंभीर रूप से घायल हैं।
सोनोवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एमओपीएसडब्ल्यू के केंद्रीय राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर के साथ-साथ एमओपीएसडब्ल्यू, विदेश मंत्रालय (एमईए), भारतीय नौसेना, डीजी शिपिंग, ईरान और ओमान में भारतीय दूतावासों के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य प्रमुख समुद्री एजेंसियों ने फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में बदलते सुरक्षा हालात की समीक्षा की। इसके साथ ही भारतीय नाविकों के सामने मौजूद खतरों का आकलन किया और भारत की आकस्मिक और आपातकालीन प्रतिक्रिया कार्य प्रणालियों का मूल्यांकन किया।
इस त्रासदी पर गहरा दुख जताते हुए सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि भारत ने निहत्थे नागरिक व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के तरीके पर कड़ी नाराजगी और आपत्ति जताई है। इन गैर-जिम्मेदाराना, अनुचित और अकारण हमलों के कारण भारतीय नाविक की मौत हुई है और कुछ गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि वे ग्लोबल सप्लाई चेन को सुचारू रूप से चलाने में अहम भूमिका निभाने वाले कर्मचारी हैं। आज हुए दो हमलों में हमारे एक और बहादुर और बेगुनाह नाविक की दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद मौत और दूसरों के घायल होने से मुझे गहरा दुख और पीड़ा हुई है। मैं शोक-संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और उस भारतीय नाविक के लिए प्रार्थना करता हूं जिसने कर्तव्य-पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारे नाविकों के परिवारों की मदद और उनकी देखभाल की जाए। मैं प्रत्येक भारतीय नाविक और उनके परिवार को आश्वस्त करना चाहता हूं कि पूरी सरकार हरसंभव तरीके से और हर कीमत पर आपकी सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सोनोवाल ने शिपिंग महानिदेशक (डीजीएस) को निर्देश दिया कि वे फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में चलने वाले हर जहाज (चाहे वे किसी भी देश के झंडे वाले हों) पर मौजूद हर भारतीय का हिसाब रखने के लिए एक व्यापक ऑपरेशनल डैशबोर्ड बनाएं।
यह डैशबोर्ड जहाज की स्थिति, मालिकाना हक, कार्गो, क्रू की संख्या, क्रू की भलाई, खतरे का आकलन, प्रस्तावित यात्रा, अगले पोर्ट ऑफ कॉल और सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में रियल-टाइम जानकारी देगा।
मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रभावित इलाके में मौजूद हर भारतीय नाविक का अलग-अलग पता लगाया जाए, चाहे जहाज किसी भी देश का हो। सोनोवाल ने इस बात पर जोर दिया कि समुद्र में काम करने वाले कर्मियों का कल्याण सबसे अहम है और भारतीय समुद्री कर्मियों की सुरक्षा और संरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
प्रभावित परिवारों को बिना किसी रुकावट के मदद मिलती रहे, यह पक्का करने के लिए सोनोवाल ने निर्देश दिया कि संकट से प्रभावित हर भारतीय नाविक के लिए एक खास संपर्क अधिकारी नियुक्त किया जाए। हर संपर्क अधिकारी परिवारों के लिए संपर्क का एकमात्र जरिया होगा। वह मेडिकल अपडेट, यात्रा से जुड़े कागजात, परिवार की मदद, स्वदेश वापसी, नाविक कल्याण निधि सहायता, बकाया मजदूरी, संविदात्मक हक और अन्य क्षतिपूर्ति के मामलों में तालमेल बिठाएगा।
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15/07/26 |भारत-मालदीव मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता का पहला दौर सफलतापूर्वक संपन्न
आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली - द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारत-मालदीव मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए वार्ता का पहला दौर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह वार्ता वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई थी।
भारत की वार्ता टीम का नेतृत्व वाणिज्य विभाग में संयुक्त सचिव और मुख्य वार्ताकार श्री उज्ज्वल कुमार घोष ने किया, जबकि मालदीव प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उसके मुख्य वार्ताकार श्री यूसुफ रिजा ने किया।
वार्ता के पहले दौर के दौरान, दोनों पक्षों की वार्ता टीमों ने आठ नीतिगत क्षेत्रों को शामिल करते हुए आठ तकनीकी सत्रों में लिखित चर्चा में भाग लिया। दोनों पक्षों ने वार्ता के सभी पहलुओं पर ठोस प्रगति की और कई मुद्दों पर व्यापक सहमति बनी।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मालदीव के आर्थिक विकास, परिवहन एवं व्यापार मंत्री मोहम्मद सईद से मुलाकात की। दोनों मंत्रियों ने भारत-मालदीव मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वार्ता सहित चल रही द्विपक्षीय आर्थिक पहलों की प्रगति की समीक्षा की। भारत और मालदीव के बीच राजनयिक संबंधों के 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) और मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) को जल्द से जल्द पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने दोनों देशों के लिए नए अवसर खोलने हेतु पर्यटन, स्टार्टअप, डिजिटल भुगतान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और व्यापार में सहयोग को और गहरा करने पर भी सहमति व्यक्त की।
भारत, मालदीव का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2025-26 में 771.76 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि 2024-25 में यह 679.70 मिलियन अमेरिकी डॉलर था, जो 13.54 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) से बाजार पहुंच बढ़ाकर, निवेश को सुगम बनाकर, आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देकर और दोनों देशों में सतत आर्थिक विकास में योगदान देकर द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद है। दोनों पक्ष निष्पक्षता और पारस्परिकता के सिद्धांतों से निर्देशित एक व्यापक, संतुलित और समग्र समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं।
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15/07/26 |⚽ स्पेन का 'रॉयल' शो: फ्रांस को 2-0 से रौंदकर 16 साल बाद फीफा विश्व कप के फाइनल में बनाई जगह!
आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली - स्पेन ने फीफा विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। डलास स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में स्पेन ने पूरे मैच में अपना दबदबा बनाए रखा और फ्रांस की मशहूर आक्रमण पंक्ति को बेअसर रखा।
मैच के 22वें मिनट में युवा खिलाड़ी लामिन यामाल को बॉक्स में गिराए जाने के बाद स्पेन को पेनल्टी मिली, जिसे मिकेल ओयारजाबाल (Mikel Oyarzabal) ने गोल में बदलकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इस गोल के बाद फ्रांस ने पलटवार का प्रयास किया, मगर वह गोल करने में असफल रहे।
दूसरे हाफ के 58वें मिनट में पेड्रो पोरो (Pedro Porro) ने दानी ओल्मो के साथ बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए शानदार मैदानी गोल दागा और स्कोर 2-0 कर दिया। इसके बाद स्पेन के खिलाड़ी यामाल ने एक और गोल दागा, मगर रेफरी ने इसे ऑफ साइड करार देते हुए गोल को रद्द किया।
मजबूत डिफेंस स्पेन की
स्पेन के मजबूत डिफेंस और गोलकीपर उनाई सिमोन के बेहतरीन खेल ने किलियन एमबाप्पे (Kylian Mbappé) की अगुआई वाली फ्रांसीसी आक्रामक पंक्ति को पूरी तरह बेअसर रखा। इस ऐतिहासिक जीत के साथ स्पेन की टीम 16 साल बाद (2010 के बाद पहली बार) फीफा विश्व कप के फाइनल में पहुंची है।
अब स्पेन का सामना रविवार को न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में होने वाले ग्रैंड फिनाले में इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच खेले जाने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। वहीं, फ्रांस की टीम शनिवार को तीसरे स्थान (Bronze Medal) के प्ले-ऑफ मुकाबले में उतरेगी।
मैच के बाद यह बोले खिलाड़ी व कोच
स्पेन के मुख्य कोच लुइस दे ला फुएंते ने कहा, ‘‘मेरे खिलाड़ियों ने दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम का सामना किया और शानदार प्रदर्शन किया।’’ स्पेन के मिडफील्डर रोड्री ने कहा, ‘‘यहां तक पहुंचना बेहद कठिन था, लेकिन हमारा लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ है। हम विश्व कप जीतना चाहते हैं।’’
वहीं,, फ्रांस के विदाई ले रहे कोच दिदिएर डेसचैम्प्स ने कहा, ‘‘स्पेन ने बेहतरीन रक्षात्मक खेल दिखाया। उन्होंने हमारे खिलाड़ियों को मौका नहीं बनाने दिया। हमने भी कई तकनीकी गलतियां कीं। ऐसे में अवसर बनाना बेहद मुश्किल हो जाता है।’’
फ्रांस टीम के कप्तान व आक्रामक खिलाड़ी एम्बाप्पे ने मैच के बाद स्वीकार किया कि स्पेन ने गेंद पर पूरा नियंत्रण बनाए रखा। उन्होंने कहा, ‘‘स्पेन गेंद और खेल की गति दोनों नियंत्रित करना पसंद करता है और हमने उन्हें ऐसा करने दिया। जब आप उनकी लय नहीं तोड़ पाते तो उनके खिलाफ खेलना बेहद कठिन हो जाता है।’’
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12/07/26 |केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का यूरोप दौरा : स्पेन, बेल्जियम और फिनलैंड के साथ साझेदारी को मिलेगी नई उड़ान
आरएस अनेजा, 12 जुलाई नई दिल्ली - केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 13-17 जुलाई 2026 तक स्पेन, बेल्जियम और फिनलैंड के दौरे पर जाने वाले भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
यह दौरा यूरोप में आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के भारत के संकल्प को दिखाता है, जिसमें व्यापार, निवेश, तकनीक, इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी पर ध्यान दिया जाएगा। इस प्रतिनिधिमंडल में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, क्लीन एनर्जी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, रत्न और आभूषण, फूड प्रोसेसिंग, हेल्थकेयर और डिज़ाइन जैसे क्षेत्रों की प्रमुख भारतीय कंपनियाँ शामिल हैं।
13 जुलाई को स्पेन में, मंत्री स्पेन के चैंबर ऑफ कॉमर्स, CEOE और ICEX स्पेन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट के साथ एक बिजनेस राउंडटेबल में हिस्सा लेंगे। इस सत्र में स्पेन और भारत के उद्योग जगत के नेता ऑटोमोटिव, रिन्यूएबल एनर्जी, रेलवे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, फूड प्रोसेसिंग और पर्यटन के क्षेत्रों में अवसरों पर चर्चा करेंगे। इबेरड्रोला (Iberdrola), एक्शियोना (Acciona), CAF, टैल्गो (Talgo), गेस्टैम्प (Gestamp) और इंद्रा (Indra) जैसी स्पेनिश कंपनियाँ पहले से ही भारत में मजबूती से मौजूद हैं, जबकि TCS, इंफोसिस (Infosys), विप्रो (Wipro), टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) और L&T जैसी भारतीय कंपनियाँ डिजिटलीकरण और इंडस्ट्री 4.0 को बढ़ावा देने के लिए स्पेन में अपना कामकाज बढ़ा रही हैं। यह दौरा 'स्पेन-भारत डुअल ईयर 2026' के दौरान हो रहा है, जो राजनयिक संबंधों के 70 साल पूरे होने का जश्न है और इसमें बिजनेस-टू-बिजनेस साझेदारी पर जोर दिया जाएगा।
14-15 जुलाई को बेल्जियम में, कार्यक्रम में एंटवर्प पोर्ट और एंटवर्प वर्ल्ड डायमंड सेंटर का दौरा शामिल है। पोर्ट का दौरा यूरोप के प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के बारे में जानकारी देगा और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, ग्रीन लॉजिस्टिक्स और मजबूत सप्लाई चेन में अपनाए जा रहे बेहतरीन तरीकों को दिखाएगा। एंटवर्प वर्ल्ड डायमंड सेंटर का दौरा ग्लोबल डायमंड वैल्यू चेन, सर्टिफिकेशन, जिम्मेदार सोर्सिंग और भारत के रत्न और आभूषण क्षेत्र के लिए अवसरों पर प्रकाश डालेगा। मंत्री थेल्स ग्रुप (Thales Group) के एलेन क्वेवरिन (Alain Queverin) और सिलॉक्स ग्रुप (Silox Group) के जीन-क्रिस्टोफ बोगार्ट (Jean-Christophe Bogaert) के साथ CEO-स्तर की बैठकें भी करेंगे। थेल्स एयरोस्पेस, डिफेंस, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल आइडेंटिटी के क्षेत्र में ग्लोबल लीडर है और भारत में उसकी महत्वपूर्ण साझेदारियाँ हैं, जबकि सिलॉक्स एक स्पेशलिटी केमिकल्स और रीसाइक्लिंग ग्रुप है जिसका गुजरात में बड़ा कामकाज है और वह बैटरी रीसाइक्लिंग और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग में सहयोग कर रहा है। इंडिया-EU बिजनेस राउंडटेबल और TTC प्लेनरी में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) के अवसरों, व्यापार को आसान बनाने, सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी और मजबूत सप्लाई चेन पर और अधिक ध्यान दिया जाएगा। 16-17 जुलाई को फ़िनलैंड में, मंत्री 'इंडिया-फ़िनलैंड बिज़नेस राउंडटेबल' में हिस्सा लेंगे और डिजिटलाइज़ेशन, क्लीन एनर्जी, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में फ़िनलैंड की कंपनियों के साथ बातचीत करेंगे। संस्थागत सहयोग को मज़बूत करने के लिए CII और 'बिज़नेस फ़िनलैंड' के बीच एक MoU पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इंडस्ट्री के दौरों में नोकिया कॉर्पोरेशन (टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर और 6G रिसर्च पर फोकस), कोने कॉर्पोरेशन (एलीवेटर, स्मार्ट मोबिलिटी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में माहिर), केम्पी ग्रुप (इंडस्ट्रियल मशीनरी और EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनी) और VTT रिसर्च सेंटर (सरकारी एप्लाइड रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन जो नए इनोवेशन को बढ़ावा देता है) शामिल होंगे। भारतीय बिज़नेस डेलिगेशन में बोरोसिल रिन्यूएबल्स, मदरसन ग्रुप, ट्रिविट्रॉन हेल्थकेयर, हरि कृष्णा एक्सपोर्ट्स और नेक्कंती सीफूड्स जैसी कंपनियाँ शामिल होंगी, जो AI और क्लीन टेक्नोलॉजी से लेकर रत्न और आभूषण, फ़ूड प्रोसेसिंग, हेल्थकेयर और डिज़ाइन जैसे क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करेंगी।
स्पेन, बेल्जियम और फ़िनलैंड की इस यात्रा में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, क्लीन एनर्जी और सस्टेनेबिलिटी, डिजिटल और नई टेक्नोलॉजी, रत्न और आभूषण, तथा फ़ूड और कंज्यूमर इंडस्ट्री जैसे मुख्य विषयों पर ध्यान दिया जाएगा। यह यूरोप दौरा भारत को इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग और सस्टेनेबिलिटी के लिए एक रणनीतिक साझेदार के तौर पर स्थापित करता है। इंडस्ट्री के लीडर्स और बिज़नेस चैंबर्स के साथ सीधे बातचीत करके, यह डेलिगेशन व्यापार, निवेश और टेक्नोलॉजी सहयोग के लिए नए अवसर खोलेगा और एक भरोसेमंद ग्लोबल ग्रोथ पार्टनर के तौर पर भारत की भूमिका को और मज़बूत करेगा।
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12/07/26 |⚽FIFA वर्ल्ड कप 2026: एक्स्ट्रा टाइम का रोमांच! नॉर्वे को हरा इंग्लैंड और स्विट्जरलैंड को पछाड़ अर्जेंटीना सेमीफाइनल में
आरएस अनेजा, 12 जुलाई नई दिल्ली - फीफा वर्ल्ड कप 2026 के रोमांचक क्वार्टर फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने नॉर्वे को और अर्जेंटीना ने स्वीटजरलैंड को हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है।
इंग्लैंड और नॉर्वे के मुकाबले में इंग्लैंड ने एक्स्ट्रा टाइम (अतिरिक्त समय) में 2-1 से हरा दिया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ थॉमस ट्यूशेल की इंग्लिश टीम ने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। मियामी के हार्ड रॉक स्टेडियम में खेले गए इस कड़े मुकाबले में इंग्लैंड की जीत के हीरो स्टार मिडफील्डर जूड बेलिंगहैम रहे, जिन्होंने टीम के लिए दोनों महत्वपूर्ण गोल दागे।
मैच के 36वें मिनट में नॉर्वे के एंड्रियास श्जेलडेरप ने शानदार गोल कर अपनी टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिलाई। पहले हाफ के इंजरी टाइम (45+2 मिनट) में जूड बेलिंगहैम ने बेहतरीन गोल दागकर इंग्लैंड को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। दूसरे हाफ में नॉर्वे के टोरब्योर्न हेगेम ने गोल करके टीम को आगे कर दिया था, लेकिन VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) ने रिप्ले में एर्लिंग हालैंड द्वारा किए गए फाउल को पकड़ा और गोल रद्द कर दिया। निर्धारित 90 मिनट तक स्कोर 1-1 रहने के बाद मैच एक्स्ट्रा टाइम में गया, जहाँ खेल के 93वें मिनट में बेलिंगहैम ने अपना दूसरा गोल कर इंग्लैंड को 2-1 से निर्णायक जीत दिला दी।
मेसी के गोल किए बिना अर्जेंटीना 3-1 से जीता
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के आखिरी रोमांचक क्वार्टरफाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना ने स्विट्जरलैंड को 3-1 से हरा दिया है। यह मुकाबला कैनसस सिटी स्टेडियम (Kansas City Stadium) में खेला गया, जहाँ फुल-टाइम (90 मिनट) तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं, जिसके बाद एक्स्ट्रा टाइम में अर्जेंटीना ने दो गोल दागकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
मैच के 10वें मिनट में ही कप्तान लियोनेल मेसी (Lionel Messi) के कॉर्नर पास पर एलेक्सिस मैक एलिस्टर (Alexis Mac Allister) ने शानदार हेडर के जरिए अर्जेंटीना को 1-0 की बढ़त दिलाई। दूसरी छमाही में स्विट्जरलैंड के विंगर डैन एनडॉय (Dan Ndoye) ने 67वें मिनट में गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। खेल के 72वें मिनट में स्विट्जरलैंड के खिलाड़ी ब्रील एम्बोलो (Breel Embolo) को सिमुलेशन (डाइव लगाने) के लिए दूसरा येलो कार्ड (रेड कार्ड) मिला और उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा, जिससे स्विस टीम 10 खिलाड़ियों पर सिमट गई। 112वें मिनट में जूलियन अल्वारेज (Julián Álvarez) ने 25 गज की दूरी से एक बेहद खूबसूरत कर्लिंग शॉट मारकर स्कोर 2-1 किया। इसके बाद 120+1वें मिनट (स्टॉपेज टाइम) में लौटारो मार्टिनेज (Lautaro Martínez) ने रीबाउंड पर गोल दागकर अर्जेंटीना की 3-1 से जीत पक्की कर दी।
अब सेमीफाइनल में यह टीमें भिड़ेंगी
इस धमाकेदार जीत के साथ ही फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल की चारों टीमें तय हो गई हैं। पहला सेमीफाइनल फ्रांस बनाम स्पेन का होगा जो 14 जुलाई को होगा। इसी प्रकार दूसरा मुकाबला इंग्लैंड बनाम अर्जेंटीना का 15 जुलाई को मुकाबला होगा।
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12/07/26 |वियतनाम में दर्दनाक हादसा: फू क्वोक द्वीप के पास स्पीडबोट पलटी, 15 भारतीय पर्यटकों की मौत; पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख
आरएस अनेजा, 12 जुलाई नई दिल्ली - वियतनाम के फू क्वोक (Phu Quoc) द्वीप के पास हुई एक दर्दनाक स्पीडबोट दुर्घटना में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई है, जिसपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस दुखद समाचार से अत्यंत दुखी हैं। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायल बचे लोगों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
स्पीडबोट पर कुल 36 लोग सवार थे, जिनमें 32 भारतीय पर्यटक और 4 चालक दल (क्रू) के सदस्य शामिल थे। स्थानीय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। यह हादसा तब हुआ जब नाव होन मे रुत द्वीप से एन थ्रोई बंदरगाह जा रही थी और तट से महज 400 मीटर दूर समुद्र की तेज लहरों की चपेट में आकर पलट गई। मारे गए 15 भारतीयों में से 10 तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरल के निवासी थे।
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11/07/26 |ग्लोबल मोबिलिटी का नया सवेरा: ब्रिक्स देशों से गडकरी का आह्वान – टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार हो ट्रांसपोर्ट सिस्टम
आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली - सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज ब्रिक्स देशों से ऐसे परिवहन सिस्टम बनाने के लिए और ज़्यादा सहयोग करने का आह्वान किया जो टिकाऊ, मज़बूत, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार हों। उन्होंने कहा कि इस समूह की सामूहिक ताकत इनोवेशन, पार्टनरशिप और साझा ज़िम्मेदारी के ज़रिए ग्लोबल मोबिलिटी के भविष्य को आकार देने का एक अनोखा मौका देती है।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में आयोजित तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक में उद्घाटन भाषण देते हुए, गडकरी ने ब्रिक्स सदस्य देशों के परिवहन मंत्रियों, प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों, वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों का नागपुर में स्वागत किया। उन्होंने इस बैठक को उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच परिवहन सहयोग को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम बताया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता, जिसका विषय "मज़बूती, इनोवेशन, सहयोग और टिकाऊपन के लिए निर्माण" है, 'वसुधैव कुटुंबकम' (दुनिया एक परिवार है) की शाश्वत सोच से प्रेरित लोगों पर केंद्रित और "मानवता पहले" वाली सोच को दिखाती है। उन्होंने कहा कि दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाला ब्रिक्स ऐसे परिवहन सिस्टम के विकास का नेतृत्व करने की अनोखी स्थिति में है जो साफ़-सुथरे, सुरक्षित, स्मार्ट और ज़्यादा कुशल हों, साथ ही टिकाऊ आर्थिक विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी आगे बढ़ाएं।
इस बात पर ज़ोर देते हुए कि परिवहन आर्थिक विकास की रीढ़ है, श्री गडकरी ने सड़क, रेल, समुद्री और विमानन क्षेत्रों में भारत के तेज़ी से हो रहे बदलावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत ने दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क विकसित किया है और साथ ही एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी का भी काफ़ी विस्तार किया है।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर, सोनमर्ग टनल और 10,000 किलोमीटर से ज़्यादा लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये पहल बुनियादी ढांचे के विकास को पर्यावरण की स्थिरता और तकनीकी इनोवेशन के साथ जोड़ने के भारत के संकल्प को दिखाती हैं। उन्होंने बुनियादी ढांचे में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट जुटाने के लिए सफल फ्रेमवर्क के तौर पर 'हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल' का भी ज़िक्र किया।
गडकरी ने कहा कि भारत के रेलवे में अभूतपूर्व आधुनिकीकरण हुआ है, जिसमें ब्रॉड-गेज नेटवर्क का लगभग पूरा विद्युतीकरण, वंदे भारत सेवाओं का विस्तार, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर प्रगति और नए पंबन ब्रिज जैसी शानदार इंजीनियरिंग उपलब्धियां शामिल हैं। उन्होंने मैरीटाइम अमृत काल विज़न 2047, ई-नाविक और ई-समुद्र जैसी डिजिटल पहल और ग्रीन शिपिंग पहल का भी ज़िक्र किया, जो समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स की क्षमता को मज़बूत करने की दिशा में अहम कदम हैं।
सस्टेनेबल मोबिलिटी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पर ज़ोर देते हुए, श्री गडकरी ने इलेक्ट्रिक बसों को चलाने, ग्रीन अर्बन मोबिलिटी स्कीम और क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में UDAN पहल की सफलता का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि PM गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान ने इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल डेवलपमेंट के ज़रिए इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग को बदल दिया है, जिससे लॉजिस्टिक्स की लागत कम हुई है और प्रोजेक्ट को तेज़ी से लागू किया जा सका है।
केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सुरक्षा और सस्टेनेबिलिटी भारत की ट्रांसपोर्ट रणनीति के केंद्र में हैं। उन्होंने पर्यावरण के लिहाज़ से ज़िम्मेदार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के उदाहरण के तौर पर कई पहलों का ज़िक्र किया, जैसे सड़क दुर्घटना पीड़ितों के कैशलेस इलाज के लिए PM-RAHAT स्कीम और सड़क निर्माण में रीसायकल किए गए प्लास्टिक कचरे, म्युनिसिपल कचरे, फ्लाई ऐश, स्टील स्लैग, बांस के क्रैश बैरियर और इस्तेमाल हो चुके टायरों का इस्तेमाल।
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11/07/26 |नीति आयोग ने शांति अधिनियम 2025 के कार्यान्वयन पर हितधारकों के साथ परामर्श बैठक आयोजित की
आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली - नीति आयोग ने नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र के समरसता सभागार में शांति अधिनियम 2025 के कार्यान्वयन पर हितधारकों के साथ परामर्श बैठक आयोजित की। इस बैठक में सरकार, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग जगत के विशेषज्ञों एवं प्रमुखों, नीति निर्माताओं ने भाग लिया और इस महत्वपूर्ण अधिनियम के परिचालन तंत्र पर विचार-विमर्श किया।
तकनीकी चर्चाएँ अधिनियम के सफल कार्यान्वयन के लिए महत्वपूर्ण तीन मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित थी जिनमें विधायी एवं नियामक ढांचा: विचार-विमर्श शांति अधिनियम के मसौदा नियमों, विनियमों और संबंधित प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति के प्रावधानों पर केंद्रित था जिसमें उद्घाटन तकनीकी खंड में शांति अधिनियम, 2025 के तहत संवैधानिक अनुपालन तंत्रों को प्रस्तुत किया गया और इस बात पर चर्चा की गई कि घरेलू हितों की रक्षा करते हुए विदेशी पूंजी को कैसे आकर्षित किया जा सकता है।
वित्त, बीमा और जनधारणा: हितधारकों ने अधिनियम के कार्यान्वयन में सहयोग हेतु आवश्यक वित्तीय तंत्रों और जोखिम-निवारण ढाँचों की समीक्षा की। चर्चा में दीर्घकालिक परियोजनाओं के लिए उपयुक्त बीमा व्यवस्थाओं के साथ-साथ परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के प्रति जन जागरूकता, सामुदायिक विश्वास और व्यापक स्वीकृति को मजबूत करने की रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
विनिर्माण, संचालन एवं क्षमता विकास: मुख्य ध्यान परिचालन चरण पर था जिसमें घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को सुदृढ़ करने, परिचालन की तैयारी सुनिश्चित करने और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने पर बल दिया गया। हितधारकों ने आपूर्ति श्रृंखला की प्रतिरोधता बढ़ाने और औद्योगिक विस्तार को बढ़ावा देने तथा उच्च कोटि के सक्षम मानव संसाधन आधार विकसित करने के लिए समर्पित क्षमता विकास कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने पर भी चर्चा की।
हितधारकों ने सभी तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विविध विचार प्रस्तुत किए जो शांति अधिनियम, 2025 के कार्यान्वयन तंत्र को मजबूत करने में उपयोगी होंगे।
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11/07/26 |भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी का नया सवेरा: पीएम मोदी और पीएम लक्सन की ऐतिहासिक मुलाकात
आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री माननीय क्रिस्टोफर द्वारा आयोजित "भारत-न्यूजीलैंड: एक सफल साझेदारी" विषय पर आधारित एक विशेष भोज समारोह में भाग लिया। इस कार्यक्रम में राजनीति, व्यापार, उद्योग, शिक्षा, प्रौद्योगिकी, खेल और कला जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।
प्रधानमंत्री लक्सन ने अपने स्वागत भाषण में भारत और न्यूजीलैंड के बीच गहरे और अटूट संबंधों का उल्लेख किया और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने तथा आपसी समृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए एक साझा दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच पूरकताओं और उनके अटूट जन-संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का स्वागत किया और विश्वास व्यक्त किया कि इससे जारी सहयोग अधिक मजबूत होगा।
उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड समय में संपन्न हुआ भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) दोनों देशों के व्यवसायों, युवाओं और किसानों के लिए नए अवसर खोलेगा और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगा।
भव्य भोज के बाद, प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री लक्सन ने आयोजन स्थल पर प्रदर्शित अत्याधुनिक खेल उपकरणों का जायजा लिया। उन्होंने न्यूजीलैंड के प्रतिष्ठित खिलाड़ियों और उच्च प्रदर्शन वाले खेलों से जुड़े अन्य हितधारकों से भी बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों पक्षों के बीच 100 वर्षों के खेल सहयोग को याद करते हुए कहा कि इस यात्रा के दौरान संपन्न हुई खेल संयुक्त कार्य योजना से दोनों देशों को क्रिकेट से परे संबंधों का विस्तार करने में मदद मिलेगी। यह यात्रा खेल सहयोग को बढ़ाने की दोनों पक्षों की इच्छा के अनुरूप थी, विशेष रूप से भारत द्वारा 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए।
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11/07/26 |भारत-न्यूजीलैंड संबंधों में नया अध्याय: रणनीतिक साझेदारी पर बनी सहमति, 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ऑकलैंड स्थित गवर्नमेंट हाउस में न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री माननीय क्रिस्टोफर लक्सन से भेंट की। गवर्नमेंट हाउस पहुंचने पर उनका पारंपरिक माओरी रीति-रिवाजों के अनुसार स्वागत किया गया। स्वागत समारोह में शांति, सम्मान और आतिथ्य का प्रतीक माने जाने वाले पारंपरिक माओरी अनुष्ठान शामिल थे। पारंपरिक स्वागत समारोह के उपरांत प्रधानमंत्री ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया।
दोनों प्रधानमंत्रियों ने सीमित एवं प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय प्रारूपों में व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की। उनकी वार्ता में व्यापार एवं निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, कृषि-प्रौद्योगिकी, खेल, शिक्षा, पर्यटन, संस्कृति तथा जन-से-जन संबंधों सहित द्विपक्षीय संबंधों के समूचे आयाम शामिल रहे। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने पर सहमति व्यक्त की, जो भारत-न्यूज़ीलैंड संबंधों में एक नए अध्याय का प्रतीक है।
उन्होंने पारस्परिक हित के सभी क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों नेताओं ने भारत–न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के शीघ्र कार्यान्वयन के महत्व पर बल दिया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया। नेताओं ने क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया तथा बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
वार्ता के उपरांत दोनों प्रधानमंत्रियों की उपस्थिति में रक्षा एवं समुद्री सुरक्षा, जलसर्वेक्षण, खेल, आपदा प्रबंधन, डेयरी, पर्यटन, समुद्री विरासत, संस्कृति, खाद्य प्रौद्योगिकी तथा महासागर अनुसंधान के क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों एवं सहमतियों का आदान-प्रदान किया गया। परिणामों की सूची यहाँ देखी जा सकती है. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय साझेदारी की भावी दिशा पर एक संयुक्त वक्तव्य भी अंगीकृत किया.
प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड में बिजनेस लीडर्स को संबोधित किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री माननीय क्रिस्टोफर लक्सन के साथ मिलकर सीईओ और बिजनेस लीडर्स के एक चुनिंदा समूह के साथ बातचीत की।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस तथ्य को रेखांकित किया कि भारत और न्यूजीलैंड लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन के प्रति सम्मान, विविधता तथा सतत विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता से जुड़े हैं, जो एक महत्वाकांक्षी एवं भविष्योन्मुखी आर्थिक साझेदारी हेतु एक ठोस आधार प्रदान करते हैं। उन्होंने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते को एक अहम उपलब्धि बताया, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और गहरा एवं गतिशील बनाएगा तथा बाजार तक पहुंच, निवेश, सेवाओं, तकनीक और प्रतिभाओं की आवाजाही के नए अवसर खोलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि भारत की निरंतर तेज विकास दर, युवा एवं कुशल श्रमशक्ति, बढ़ता मध्यम वर्ग, डिजिटल क्रांति, अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे पर जोर तथा निरंतर हो रहे आर्थिक सुधार, न्यूजीलैंड की कंपनियों के लिए व्यापार, निवेश और नवाचार के व्यापक अवसर पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्थिरता और निरंतर विकास की राह ने भारत को वैश्विक विकास में एक अहम योगदानकर्ता के तौर पर स्थापित किया है। उन्होंने न्यूजीलैंड के निवेशकों और व्यापारिक घरानों को भारत के साथ मिलकर बुनियादी ढांचे के विकास, नागर विमानन, लॉजिस्टिक्स, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी आवागमन, जल प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्र में काम करने के लिए आमंत्रित किया। भारत के जीवंत स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के बारे में बात करते हुए, उन्होंने नवाचार, फिनटेक तथा उभरती हुई प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में दोनों देशों के निजी क्षेत्रों के बीच अधिक सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डेयरी साइंस, बागवानी एवं वानिकी में न्यूजीलैंड की मजबूती और भारत के उपभोक्ता बाजार, फूड पार्क एवं एग्री-टेक से जुड़ी प्रतिभाओं को मिलकर ग्लोबल फूड वैल्यू चेन का निर्माण करना चाहिए।
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10/07/26 |FIFA 2026: फ्रांस ने मोरक्को का सफर किया खत्म, एम्बाप्पे और डेम्बेले के दम पर सेमीफाइनल में मारी एंट्री
आरएस अनेजा, 10 जुलाई नई दिल्ली - फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पहले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हरा दिया है।
बोस्टन स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मैच को जीतकर फ्रांस ने लगातार तीसरी बार विश्व कप के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है।
पहला गोल (60वां मिनट): मैच के पहले हाफ में कोई गोल नहीं हो सका था, जहां फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे एक पेनल्टी किक भी चूक गए थे। हालांकि, दूसरे हाफ के 60वें मिनट में उन्होंने शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर फ्रांस को 1-0 की बढ़त दिलाई।
दूसरा गोल (66वां मिनट): पहले गोल के ठीक 6 मिनट बाद, एम्बाप्पे के सटीक पास (असिस्ट) पर उस्मान डेम्बेले ने गेंद को गोल पोस्ट में डालकर स्कोर 2-0 कर दिया।
गोल्डन बूट की रेस: इस गोल के साथ ही किलियन एम्बाप्पे इस टूर्नामेंट में 8 गोल कर चुके हैं और वह गोल्डन बूट की दौड़ में अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी के बराबर आ गए हैं।
आज रात्रि होगा स्पेन व बेल्जियम के बीच दूसरा क्वार्टरफाइनल
वहीं मध्यरात्रि 12:30 बजे (12 जुलाई) को फीफा विश्वकप का दूसरा क्वार्टरफाइनल मुकाबला स्पेन और बेल्जियम के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला बेहद रोमांचक होगा जिसमें एक बार विश्व विजेता स्पेन बेल्जियम के साथ खेलेगी जिसने इस पूरे टूर्नामेंट में जोरदार खेल दिखाया है।
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10/07/26 |न्यूयार्क में लहराया तिरंगा: 'लोकायन 2026' के तहत INS सुदर्शनी की ऐतिहासिक यात्रा सफल!
आरएस अनेजा, 10 जुलाई नई दिल्ली - भारतीय नौसेना के सेल प्रशिक्षण पोत (एसटीएस) आईएनएस सुदर्शनी ने संयुक्त राज्य अमरीका के न्यूयॉर्क बंदरगाह की अपनी यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न की। यह वर्तमान में चल रहे ‘लोकायन 2026’ अंतरमहासागरीय अभियान के अंतर्गत एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस यात्रा के माध्यम से भारत की समृद्ध समुद्री विरासत का प्रदर्शन किया गया तथा भारत और संयुक्त राज्य अमरीका के बीच रणनीतिक एवं सांस्कृतिक साझेदारी को और सुदृढ़ बनाया गया।
भारतीय नौसेना की 10 माह की अंतरमहासागरीय तैनाती के अंतर्गत स्वदेशी में निर्मित तीन मस्तूल वाले बार्क पोत आईएनएस सुदर्शनी ने संयुक्त राज्य अमरीका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय नौसेना रिव्यू 250’ और ‘एसएआईएल4टीएच 250’ समारोहों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण आईएनएस सुदर्शनी की शानदार ‘परेड ऑफ सेल’ में भागीदारी रही, जिसके दौरान आईएनएस सुदर्शनी ने स्टैच्यू ऑफ लेबर्टी के समक्ष तथा वर्षन नदी के मार्ग से नौकायन करते हुए अन्य देशों के भव्य पातों और नौसैनिक जहाजों के बेडे के साथ गर्व से भारतीय ध्वज लहराते फहराया।
ब्रुकलिन में अपने प्रवास के दौरान आईएनएस सुदर्शनी ने भारत के तैरते हुए सदभावना दूत के रूप में कार्य किया। इस अवधि में जहाज पर 1,000 से अधिक आगंतुकों का स्वागत किया गया, जिनमें भारतीय मूल के लोग, स्थानीय नागरिक तथा समुद्री गतिविधियों के प्रति रूचि रखने वाले लोग शामिल थे। आगंतुकों को भारतीय नौसेना की नौकायन प्रशिक्षण परंपराओं तथा भारत की समृद्ध समुद्री विरासत की जानकारी प्रदान की गई।
जहाज में कई विशिष्ट अतिथि मेजबानी की, जिनमें न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्यदूत श्री बिनय श्रीकांत प्रधान और संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश शामिल थे। उन्होंने जहाज के चालक दल से बातचीत की और भारत की समुद्री विरासत को बढ़ावा देने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच लोगों के संपर्क समुद्री संबंधों को मजबूत करने में जहाज की भूमिका की सराहना की।
जहाज पर आयोजित एक ‘स्टेट डिनर’ (राजकीय रात्रिभोज) ने वरिष्ठ राजनयिकों, सैन्य अधिकारी और विशिष्ट अतिथियों को एक साथ लाया, जिससे बढ़ते भारत-अमरीका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर मिला।
सभी कार्यक्रमों के सफल समापन के बाद आईएनएस सुदर्शनी न्यूयॉर्क बंदरगाह से बोस्टन के लिए रवाना हो गई, जहां वह आगामी ‘सेल बोस्टन 2026’ समारोह में भाग लेगी। यह जहाज ‘लोकायन 2026' अभियान के तहत भारतीय नौसेना के मित्रता, समुद्री सहयोग और सद्भावना के संदेश को महासागरों के पार ले जाना जारी रखेगा।
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10/07/26 |भारत-ऑस्ट्रेलिया शिखर सम्मेलन: पारंपरिक ज्ञान (TKDL) की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक समझौता
आरएस अनेजा, 10 जुलाई नई दिल्ली - ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान, काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR) और IP ऑस्ट्रेलिया के बीच CSIR की 'पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी' (CSIR-TKDL) तक पहुंच के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ MP की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
TKDL एक्सेस समझौता शिखर सम्मेलन के दौरान हुई द्विपक्षीय चर्चाओं के अठारह प्रमुख परिणामों में से एक है। इन चर्चाओं में रक्षा और सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, शिक्षा, कौशल विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, फिल्म निर्माण, पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक संपत्तियों की वापसी जैसे कई विषय शामिल थे।
'पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी' (TKDL) अपनी तरह का पहला 'प्रायर आर्ट' (पहले से मौजूद जानकारी) डेटाबेस है। इसे भारत ने इसलिए विकसित किया है ताकि गलत तरीके से पेटेंट दिए जाने के कारण उसके समृद्ध पारंपरिक ज्ञान का दुरुपयोग न हो। इस समझौते के तहत, IP ऑस्ट्रेलिया को TKDL डेटाबेस तक पहुंच मिलेगी। इससे वे ऑस्ट्रेलिया के पेटेंट कानूनों और जांच प्रक्रियाओं के अनुसार पेटेंट आवेदनों की जांच करते समय संबंधित 'प्रायर आर्ट' की पहचान कर सकेंगे।
यह समझौता पेटेंट की जांच को अधिक जानकारीपूर्ण और कुशल बनाएगा। साथ ही, यह ऐसे ज्ञान पर पेटेंट दिए जाने को रोकने में मदद करेगा जो पहले से ही भारत की प्रलेखित पारंपरिक विरासत का हिस्सा है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही समृद्ध स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों, पारंपरिक प्रथाओं और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के केंद्र हैं। ये सदियों से विकसित हुई हैं और इनके दुरुपयोग का खतरा बना रहता है। इस समझौते पर हस्ताक्षर करना पारंपरिक ज्ञान की सुरक्षा और प्रलेखित 'प्रायर आर्ट' के प्रभावी उपयोग के माध्यम से बौद्धिक संपदा प्रणालियों को मजबूत करने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस समझौते के कार्यान्वयन की देखरेख IP ऑस्ट्रेलिया के पेटेंट कमिश्नर श्री एंड्रयू विल्किंसन; CSIR की महानिदेशक और DSIR की सचिव डॉ. एन. कलाईसेल्वी; और CSIR-TKDL यूनिट की प्रमुख और वैज्ञानिक-H डॉ. विश्वजननी जे. सत्तीगेरी करेंगे।
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10/07/26 |भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच खेल सहयोग का नया रोडमैप; MCG में युवा खिलाड़ियों से मिले पीएम मोदी
आरएस अनेजा, 10 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान आज अंतिम दिन शुक्रवार को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से भारत-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स कोलेबरेशन रोडमैप का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच खेल सहयोग को नई दिशा देना है।
युवा खिलाड़ियों से मिले, स्टीव वॉ भी रहे मौजूद
एमसीजी में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान युवा खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला। खिलाड़ियों ने उनसे ऑटोग्राफ लिए और सामूहिक तस्वीरें भी खिंचवाईं। इस अवसर पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेट कप्तान स्टीव वॉ भी मौजूद रहे और उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की।
‘क्रिकेट दोनों देशों का साझा जुनून’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एमसीजी में आकर किसी भी भारतीय के मन में भारत-ऑस्ट्रेलिया मुकाबलों का रोमांच और दोनों देशों के साझा क्रिकेट प्रेम की भावना जाग उठती है। उन्होंने कहा कि आज यहां खेल की खुशी, भारत-ऑस्ट्रेलिया मित्रता की गर्मजोशी और भविष्य के चैंपियनों का उत्साह देखने को मिला।
कबड्डी से क्रिकेट तक बढ़ेगा सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि उन्हें कबड्डी, ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल और क्रिकेट से जुड़े युवा खिलाड़ियों से बातचीत का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स कोलेबरेशन रोडमैप के तहत क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा। दोनों देश स्पोर्ट्स ट्रेनिंग, स्पोर्ट्स साइंस, टेक्नोलॉजी और खेलों से जुड़े अन्य क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे।
‘खेलो इंडिया’ और ओलंपिक विजन का किया जिक्र
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में ‘खेलो इंडिया’ जैसी पहल के जरिए छोटे शहरों, गांवों और सामान्य परिवारों के बच्चों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भारत 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए प्रयासरत है, जबकि 2032 ओलंपिक खेलों की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया का ब्रिस्बेन करेगा। ऐसे बड़े आयोजन दोनों देशों के बीच खेल सहयोग के नए अवसर लेकर आएंगे।
बिग बैश लीग के मैच का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों को एक-दूसरे से सीखने और साथ काम करने के कई नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि बिग बैश लीग का एक मैच भारत के चेन्नई में आयोजित किया जाएगा। किसी भी स्पोर्टिंग लीग के लिए भारत में आयोजन बड़ी रीच और व्यूअरशिप की गारंटी है।
साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का जताया भरोसा
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि खेलों की तरह भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी भी हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “हम साथ खेलें और हम साथ जीतें।”
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09/07/26 |भारत-ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक साझेदारी: सुरक्षित हिंद-प्रशांत और भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा का नया रोडमैप
आरएस अनेजा, 9 जुलाई नई दिल्ली - ऑस्ट्रेलिया और भारत 'व्यापक रणनीतिक साझेदार' हैं और एक स्वतंत्र, खुले और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए एक जैसी सोच रखते हैं।
ऑस्ट्रेलिया और भारत मध्य पूर्व की स्थिति और हमारे क्षेत्र पर इसके असर को लेकर गंभीर चिंता साझा करते हैं। इसमें ऊर्जा, संसाधनों और अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं की सप्लाई चेन और कीमतों पर लंबे समय तक पड़ने वाला असर भी शामिल है। इस व्यवधान के बीच, हम खुले बाज़ार और नियमों पर आधारित व्यापार के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराते हैं; ये सिद्धांत हमारी समृद्धि और आर्थिक सुरक्षा का आधार हैं।
ऑस्ट्रेलिया और भारत टिकाऊ और भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्ति के लिए भरोसेमंद निजी क्षेत्र की साझेदारी और रणनीतिक निवेश की अहम भूमिका को समझते हैं। साथ ही, निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाने के समर्थन में, दोनों देश 'आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते' (ECTA), 'व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते' (CECA) की दिशा में चल रहे काम और अन्य संबंधित द्विपक्षीय ढांचों के माध्यम से द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार और निवेश सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ऑस्ट्रेलिया और भारत ऊर्जा क्षेत्र में क्षमता निर्माण और ज्ञान के आदान-प्रदान के महत्व को भी दोहराते हैं।
भारत को लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) के एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता के रूप में ऑस्ट्रेलिया की भूमिका और ऑस्ट्रेलिया को तरल ईंधन और अन्य डाउनस्ट्रीम उत्पादों के एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की भूमिका को पहचानते हुए, ऑस्ट्रेलिया और भारत ऊर्जा उत्पादों की निरंतर आपूर्ति का समर्थन करने और हमारे दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार को और बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ऑस्ट्रेलिया और भारत ऊर्जा मूल्य श्रृंखला (value chain) में निवेश के अवसरों को प्रोत्साहित करने के महत्व को भी दोहराते हैं।
ऑस्ट्रेलिया और भारत ने 'ऑस्ट्रेलिया-भारत परमाणु सहयोग समझौते' (2015) के तहत, विशेष रूप से शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए और 'अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी' (IAEA) के सुरक्षा उपायों के तहत भारत को ऑस्ट्रेलियाई यूरेनियम के निर्यात को सक्षम करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया है।
ऑस्ट्रेलिया और भारत ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती (resilience) को बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध हैं। इसमें क्षेत्रीय सहयोग को गहरा करना, ऊर्जा परिवर्तन (energy transition) में तेजी लाना, नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देना और ऊर्जा तथा तरल ईंधन के लिए खुले व्यापार समझौतों को बनाए रखना शामिल है। दोनों देश मानते हैं कि अपने-अपने ऊर्जा प्रणालियों में विद्युतीकरण को बढ़ाना भविष्य में ऊर्जा सुरक्षा का एक मूल्यवान स्रोत होगा।
ऑस्ट्रेलिया और भारत मानते हैं कि ऊर्जा के क्षेत्र में मजबूत व्यापार और बाज़ारों के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता पूरे क्षेत्र तक फैली हुई है। दोनों देश प्रशांत द्वीप देशों के लिए ऊर्जा संसाधन सुरक्षा से जुड़ी विशिष्ट चुनौतियों और उनकी मजबूती तथा आर्थिक समृद्धि के लिए ऊर्जा संसाधन आपूर्ति के महत्व को स्वीकार करते हैं। इस पृष्ठभूमि में, ऑस्ट्रेलिया और भारत ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।
इसमें कोयला, डीज़ल, अन्य तरल ईंधन और प्राकृतिक गैस जैसे ऊर्जा उत्पादों की स्थिर, सुरक्षित और भरोसेमंद आपूर्ति बनाए रखना शामिल है। इसके अलावा, दोनों देशों ने ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव (एनर्जी ट्रांज़िशन) को तेज़ी से आगे बढ़ाने और कम कार्बन वाले ईंधन पर सहयोग मज़बूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस संदर्भ में, ऑस्ट्रेलिया ने 'ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस' (GBA) के लिए भारत की पहल का ज़िक्र किया।
ऑस्ट्रेलिया और भारत अपने लोगों की सुरक्षा और समृद्धि के फ़ायदे के लिए वैश्विक ऊर्जा संसाधन आपूर्ति श्रृंखलाओं को खुला रखने में मदद करने के लिए क्षेत्रीय साझेदारों से अपील करते हैं।
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09/07/26 |प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया-भारत सीईओ फोरम और इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस कार्यक्रम को संबोधित किया
आरएस अनेजा, 9 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री माननीय एंथनी अल्बनीज ने आज 9 जुलाई को मेलबर्न में संयुक्त रूप से ऑस्ट्रेलिया-भारत सीईओ फोरम और इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस कार्यक्रम को संबोधित किया।
इन दोनों कार्यक्रमों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख सीईओ व बिजनेस लीडर्स, ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख सुपरएनुएशन फंड तथा संस्थागत निवेशकों के प्रतिनिधियों और ऑस्ट्रेलिया के अग्रणी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने भाग लिया।
सीईओ फोरम को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि भारत की सुदृढ़ आर्थिक वृद्धि, नीतिगत सुधार, डिजिटल परिवर्तन और इनोवेशन का बढ़ता इकोसिस्टम ऑस्ट्रेलियाई भागीदारों के लिए नए व्यावसायिक अवसर पैदा कर रहे हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्थाओं के बीच आपसी तालमेल को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग, स्वच्छ ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स, माइनिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास, एविएशन, लॉजिस्टिक्स, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक, फ़ूड प्रोसेसिंग और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध व्यापक अवसरों को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि भारत का बड़े पैमाने पर कार्य करने का सामर्थ्य और ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता मिलकर दोनों देशों के लिए एक परस्पर लाभकारी स्थिति का निर्माण करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों को भारत में दीर्घकालिक निवेश के अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने भारत में ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों की बढ़ती उपस्थिति का स्वागत किया और इस बात पर विशेष बल दिया कि उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास में गहरा सहयोग न केवल दोनों देशों की प्रतिभाओं को भविष्य के लिए तैयार करेगा, बल्कि उन्हें वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने में भी मदद करेगा।
सीईओ फोरम के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस कार्यक्रम को भी संबोधित किया, जिसमें दोनों पक्षों के 200 से अधिक सीईओ और बिजनेस लीडर्स का एक बड़ा समूह शामिल था। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच स्वाभाविक तालमेल के बारे में बात करते हुए, उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि साझा लोकतांत्रिक मूल्य, हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए एक समान दृष्टिकोण, लोगों के बीच मजबूत संबंध (पीपल-टू-पीपल टाइज) और मजबूत राजनीतिक समझ ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक साझेदारी को एक साथ बढ़ने और समृद्ध होने के लिए एक एक अच्छा माहौल तैयार किया है।
वर्ष 2022 के आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट-ईसीटीए) पर आधारित व्यापार और निवेश संबंधों की वृद्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए, उन्होंने प्रस्तावित व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (कॉम्प्रिहेन्सिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट-सीईसीए) को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने का आह्वान किया, ताकि व्यावसायिक संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाया जा सके। उन्होंने बिजनेस लीडर्स से दोनों पक्षों की विशिष्टताओं का लाभ उठाने और ग्लोबल समाधान तलाशने का आग्रह किया, विशेष रूप से रेयर अर्थ्स, लिथियम, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन), सेमीकंडक्टर्स, एआई और डिफेंस सप्लाई चेन के क्षेत्रों में।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह सुझाव भी दिया कि द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि भारत के राज्य और ऑस्ट्रेलिया के प्रांत अपनी मूल क्षमताओं के आधार पर मजबूत आर्थिक साझेदारी स्थापित करें। दोनों मंचों पर हुई चर्चाओं से उत्पन्न आशावाद और सार्थक विचारों को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक संबंध निरंतर समृद्ध होते रहेंगे।
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08/07/26 |प्रधानमंत्री ने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रंबानन मंदिर परिसर में दर्शन किए
आरएस अनेजा, 8 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज योग्याकार्ता में स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रंबानन मंदिर परिसर में दर्शन किए।
एक विशेष पहल के तहत, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति श्री प्रबोवो सुबियांतो भी प्रधानमंत्री के साथ मंदिर दर्शन के लिए उपस्थित रहे। दोनों नेताओं ने मंदिर परिसर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की संरक्षण और जीर्णोद्धार परियोजना के शुभारंभ के उपलक्ष्य में एक पट्टिका का अनावरण किया।
9वीं शताब्दी में निर्मित, प्रंबानन मंदिर परिसर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा मंदिर परिसर है जो भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर परिसर भारत और इंडोनेशिया के बीच साझा सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत का एक स्थायी प्रतीक है।
यह संरक्षण परियोजना राष्ट्रपति श्री प्रबोवो की 2025 में भारत की राजकीय यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच हुए समझौते के बाद शुरू की गई है, जिसमें प्रंबानन परिसर के मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए भारत की सहायता की संभावनाओं का पता लगाने की बात कही गई थी।
दक्षिण-पूर्व एशिया में कई विश्व धरोहर स्थलों के संरक्षण और जीर्णोद्धार में भारत का सफल इतिहास रहा है। एएसआई ने इससे पहले इंडोनेशिया के बोरोबुदुर मंदिर परिसर का व्यापक तौर पर दस्तावेजीकरण भी किया है। प्रंबानन मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए भारत का समर्थन साझा सभ्यतागत विरासत को संरक्षित करने के प्रति उसके अटूट संकल्प को दर्शाता है।
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08/07/26 |प्रधानमंत्री कार्यालय ने अल-नीनो के असर और उससे निपटने की तैयारियों के लिए एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की
आरएस अनेजा, 8 जुलाई नई दिल्ली - खरीफ़ सीज़न की प्रगति और अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों पर अल नीनो के संभावित असर को देखते हुए, इस संबंध में की गई तैयारियों की समीक्षा करने के लिए प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा की अध्यक्षता में सेवा तीर्थ में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में कृषि, बिजली, सहकारिता, पेयजल और स्वच्छता, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, आर्थिक मामलों, पशुपालन, ग्रामीण विकास, पृथ्वी विज्ञान, कृषि अनुसंधान और शिक्षा, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), सूचना और प्रसारण, उपभोक्ता मामलों, वित्तीय सेवाओं, उर्वरक और केंद्रीय जल आयोग सहित पंद्रह से अधिक मंत्रालयों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
शुरुआत में, मौसम विभाग के अधिकारियों ने जून और 7 जुलाई तक बारिश की कुल स्थिति के बारे में जानकारी दी। मौसम विज्ञान के महानिदेशक ने देश में मॉनसून के फैलाव और अल-नीनो के संभावित असर के बारे में ताज़ा जानकारी दी। गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मॉनसून के आने में लगभग 10 दिन की देरी हुई। हालांकि, 07.07.2026 तक हुई बारिश के साथ, पूरे भारत में बारिश की कमी घटकर -12% रह गई है। जुलाई के पहले हफ्ते में मॉनसून सामान्य से ज़्यादा रहा है। जुलाई और अगस्त में कमज़ोर से मध्यम स्तर का अल-नीनो रहने की उम्मीद है। स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है, क्योंकि मॉनसून के मौसम की 30% से ज़्यादा बारिश जुलाई में ही होती है। यह भी बताया गया कि अल-नीनो वाले साल में ज़रूरी नहीं कि बारिश सामान्य से कम ही हो।
कृषि सचिव ने खरीफ़ सीज़न के दौरान अल-नीनो के संभावित असर से निपटने की तैयारियों पर एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। बारिश, जलाशय में पानी के भंडार, फ़सल की बुवाई, ज़रूरी चीज़ों की उपलब्धता, बाज़ार के रुझान और कीट तथा बीमारियों की उभरती स्थितियों पर नज़र रखने के लिए राज्यों के साथ क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप की साप्ताहिक बैठकें की जा रही हैं, ताकि समय पर फ़ैसले लिए जा सकें और आपातकालीन स्थिति में कार्रवाई की जा सके। 262 संवेदनशील ज़िलों के लिए ज़िला कृषि आपातकालीन योजनाएँ अपडेट की गई हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने ज़िलों में मौजूद कृषि विज्ञान केंद्रों के लिए "भारतीय कृषि में अल-नीनो के जोखिमों का प्रबंधन" करने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं जारी कर दी हैं। इस बात पर भी ज़ोर दिया गया कि जलवायु के अनुकूल किस्मों और तकनीकों की वजह से कम बारिश के बावजूद पिछले कुछ सालों में अनाज का उत्पादन बनाए रखा गया है।
संवेदनशील राज्यों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड कवरेज के लिए अभियान शुरू किए गए हैं और कृषि, वित्तीय सेवा और सहकारिता विभागों को एक तय समय-सीमा में ज़्यादा से ज़्यादा कवरेज सुनिश्चित करने का सुझाव दिया गया है। पशुपालन और डेयरी विभाग से कहा गया है कि वे सूक्ष्म या लघु, हर स्तर पर सूखे चारे, हरे चारे और पशु आहार की उपलब्धता का आकलन करें।
पेयजल और स्वच्छता विभाग ने ज़िलों में स्थिति की निगरानी और अब तक की स्थिर स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्हें निर्देश दिया गया कि वे संवेदनशील ज़िलों में सूक्ष्म-स्तर पर योजना और निगरानी सुनिश्चित करें। जल संसाधन विभाग ने देश में भूजल और जलाशयों की स्थिति की जानकारी दी। हालाँकि अभी स्थिति स्थिर है, फिर भी पूरे मौसम के दौरान लगातार नज़र रखने की ज़रूरत है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने लू के लिए एडवाइज़री जारी की है और लू, ज़्यादा नमी और डेंगू के प्रकोप की निगरानी की भी व्यवस्था की है। ज़मीनी स्तर तक अलर्ट और एडवाइज़री की प्रभावी जानकारी पहुँचाना सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए गए।
उपभोक्ता मामलों के विभाग ने चावल, गेहूं और दालों की खुदरा कीमतों और उनके बफर स्टॉक की स्थिति के बारे में जानकारी दी। उर्वरक विभाग ने रबी सीज़न के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता और संभावित शुरुआती स्टॉक के बारे में बताया। दोनों विभागों को सलाह दी गई कि वे ज़रूरी चीज़ों और उर्वरकों की सूक्ष्म और लघु हर स्तर पर उपलब्धता पर लगातार नज़र रखें।
ग्रामीण विकास विभाग ने विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन के तहत 1 जुलाई से शुरू हुए कामों के बारे में जानकारी दी और साथ ही बताया कि अब तक 1 करोड़ कार्यदिवसों का रोज़गार पैदा किया जा चुका है। कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग ने जलवायु के अनुकूल बीजों की किस्मों के प्रसार के बारे में जानकारी दी। बिजली विभाग ने बिजली उत्पादन और उपलब्धता की स्थिति बताई।
प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव ने निर्देश दिया कि पूरी स्थिति पर लगातार नज़र रखी जाए और राज्यों के साथ मिलकर उन ज़िलों पर मॉनसून या देर से आए मॉनसून के असर का आकलन किया जाए, जो ज़्यादा प्रभावित हो सकते हैं, ताकि ज़रूरत पड़ने पर सुधार के लिए कदम उठाए जा सकें।
यह भी निर्देश दिया गया कि चारे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएं, साथ ही चारे के विकास के लिए योजनाएं बनाई जाएं और राज्यों के साथ मिलकर इस बारे में नियमित निगरानी की जाए। संवेदनशील जिलों में पीने के पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। संवेदनशील जिलों में जलाशयों के जल-स्तर पर नियमित नज़र रखी जा रही है और जलाशयों के पानी का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने तथा उपलब्ध पानी के विवेकपूर्ण इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए भी उचित निर्देश दिए गए।
इस बात पर ज़ोर दिया गया कि समस्याओं का प्रभावी ढंग से समाधान निकालने के लिए मंत्रालयों को राज्यों के साथ मिलकर और आपसी तालमेल से काम करना चाहिए।
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08/07/26 |फीफा विश्वकप 2026: स्विस टीम का 'नया इतिहास', कोलंबिया वर्ल्ड कप से बाहर, क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना से होगी भिड़ंत
आरएस अनेजा, 8 जुलाई नई दिल्ली - फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्विट्जरलैंड ने कोलंबिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हरा दिया है। कनाडा के वैंकूवर (BC Place Stadium) में खेले गए इस रोमांचक प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) मुकाबले में तय 90 मिनट और 30 मिनट के एक्स्ट्रा टाइम तक दोनों टीमें 0-0 की बराबरी पर थीं। इसके बाद मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट के जरिए हुआ।
ऐतिहासिक जीत:
इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने 72 साल बाद वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। इससे पहले टीम आखिरी बार 1954 में क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी।
शूटआउट का रोमांच:
स्विट्जरलैंड के लिए रूबेन वर्गास ने निर्णायक पेनल्टी को गोल में बदला। उनके अलावा ग्रेनाइट जाका, जेकी अम्डोनी और सेड्रिक इटेन ने भी गोल दागे।
कोलंबिया की चूक:
कोलंबिया के डेविंसन सांचेज का शॉट क्रॉसबार से टकरा गया और कुचो हर्नांडेज की पेनल्टी को स्विस गोलकीपर ग्रेगोर कोबेल ने शानदार तरीके से बचा लिया।
अगला मुकाबला:
अब क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड का सामना डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना से होगा, जिसने दूसरे मैच में इजिप्ट को 3-2 से हराया है।
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08/07/26 |फुटबॉल इतिहास में रौंगटे खड़े कर देने वाला मुकाबला: अर्जेंटीना ने इजिप्ट के मुंह से छीनी जीत, मेसी ने रचा नया इतिहास
आरएस अनेजा, 8 जुलाई नई दिल्ली - फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अब तक का सबसे रोमांचक और रौंगटे खड़े कर देना वाला मुकाबला मंगलवार रात गत विश्वकप विजेता अर्जेंटीना और इजिप्ट के बीच खेला गया। मैच के शुरूआती 78 मिनट तक इजिप्ट की टीम 2 गोल से आगे चल रही थी मगर इसके बाद अंतिम 11 मिनट में अर्जेंटीना ने मैच का पूरा पासा पलट दिया। राउंड ऑफ 16 मुकाबले में अर्जेंटीना ने इजिप्ट को 3-2 से हरा दिया है। यह मैच 7 जुलाई 2026 को अटलांटा के मर्सिडीज-बेंज स्टेडियम में खेला गया, जहाँ अर्जेंटीना ने फुटबॉल इतिहास की सबसे शानदार और रोमांचक वापसी (Comeback) दर्ज की।
इजिप्ट की शुरुआती बढ़त:
मैच के 15वें मिनट में इजिप्ट के यासिर इब्राहिम के हेडर और 67वें मिनट में मोस्तफा जीको के गोल की बदौलत इजिप्ट ने 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली थी। दोनों गोल ने अर्जेंटीना की रक्षा पंक्ति की कमियों को उजागर किया।
मेसी की पेनल्टी मिस:
पहले हाफ के 19वें मिनट में अर्जेंटीना को पेनल्टी मिली। कप्तान लियोनेल मेसी से यह पेनल्टी मिस हुई, जिसे इजिप्ट के गोलकीपर मोस्टाफा शोबीर ने शानदार तरीके से बचा लिया।
आखिरी 11 मिनट का चमत्कार:
पूरे मैच में अर्जेंटीना इजिप्ट से 2 गोल पीछे चल रही थी मगर मैच के आखिरी 11 मिनट अर्जेंटीना के लिए चमत्कारी साबित हुए। 78वें मिनट तक 0-2 से पिछड़ रही अर्जेंटीना के लिए 79वें मिनट में क्रिस्टियन रोमेरो ने पहला गोल किया। इसके ठीक 4 मिनट बाद (83वें मिनट में) मेसी ने शानदार गोल दागकर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया।
ऐतिहासिक विनिंग गोल:
इंजरी टाइम (90'+2') में एंजो फर्नांडीस आराम से इजिप्ट की रक्षा को भेदते हुए आगे बढ़ते गए और एक पास को हेडर के जरिए अर्जेंटीना के लिए विजयी गोल दागा। यह गोल वर्ल्ड कप इतिहास का 3,000वां गोल भी बना।
🏆 मेसी के नए कीर्तिमान (Messi's Records) इस मैच में गोल और असिस्ट करने के साथ ही लियोनेल मेसी ने कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए। वे 21 गोल के साथ फुटबॉल वर्ल्ड कप इतिहास में ऑल-टाइम लीडिंग स्कोरर बन गए हैं।
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07/07/26 |आईआईएम बैंगलोर, इंडोनेशिया में अपना परिसर स्थापित करेगा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
आरएस अनेजा, 7 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज घोषणा की कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बैंगलोर (आईआईएमबी) इंडोनेशिया में अपना परिसर स्थापित करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस परिसर से पूरे आसियान क्षेत्र के युवाओं को व्यापक लाभ होगा। यह घोषणा प्रधानमंत्री की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में की गई। प्रस्तावित परिसर इंडोनेशिया के मलंग स्थित सिंघासारी विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में स्थापित किया जाएगा और यह भारत के उच्च शिक्षा तंत्र के अंतर्राष्ट्रीयकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
यह घोषणा भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के वैश्विक विस्तार में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दुबई में आईआईएम अहमदाबाद, अबू धाबी में आईआईटी दिल्ली और ज़ांज़ीबार में आईआईटी मद्रास द्वारा सफलतापूर्वक स्थापित विदेशी परिसरों के आधार पर, यह वैश्विक स्तर पर शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध एक विश्वसनीय वैश्विक ज्ञान भागीदार के रूप में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को रेखांकित करता है।
इंडोनेशिया में प्रस्तावित परिसर आईआईएमबी का पहला अंतरराष्ट्रीय परिसर होगा और यह भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी और उच्च गुणवत्ता वाली किफायती शिक्षा के वैश्विक प्रदाता के रूप में भारत के उदय को रेखांकित करता है। यह पहल भारत और इंडोनेशिया की हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में शैक्षणिक सहयोग, मानव पूंजी विकास और ज्ञान साझेदारी को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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06/07/26 |ब्रिक्स महिला कार्य समूह की बैठक कोच्चि में शुरू हुई
आरएस अनेजा, 6 जुलाई नई दिल्ली - केरल के कोच्चि में ब्रिक्स महिला कार्य समूह (डब्ल्यूडब्ल्यूजी) की बैठक का शुभारंभ हो गया है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत यह बैठक हो रही है। ब्रिक्स सदस्य देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी इस दो दिवसीय बैठक में भाग ले रहे हैं। इस बैठक में महिला सशक्तिकरण और महिलाओं की अगुवाई में विकास से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा तथा साझा हितों के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत किया जाएगा।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री अनिल मलिक ने प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत करते हुए कहा कि भले ही भौगोलिक दूरी ने हमें एक-दूसरे से दूर रखा हो, लेकिन महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की हमारी साझा प्रतिबद्धता ने हमें आपस में मजबूती से जोड़े रखा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बैठक सार्थक चर्चाओं, आपसी ज्ञानवर्धन और रचनात्मक सहयोग को बढ़ावा देगी जिससे महिला सशक्तिकरण के प्रति ब्रिक्स देशों की सामूहिक प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का उल्लेख करते हुए श्री मलिक ने कहा कि महिला ट्रैक को चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों द्वारा निर्देशित किया गया है जो ब्रिक्स देशों की साझा आकांक्षाओं और समकालीन वैश्विक चुनौतियों को दर्शाते हैं। इनमें महिलाओं के शासन और नेतृत्व के माध्यम से अधिक सशक्त ब्रिक्स समूह बनाना, परिवर्तन के उत्प्रेरक के रूप में वित्तीय और डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देना, महिला उद्यमिता और कौशल विकास को प्रोत्साहित करना और जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा तथा पोषण में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि इन प्राथमिकताओं ने पिछले कई महीनों से संवाद के लिए एक मजबूत ढांचा प्रदान किया है और कोच्चि बैठक के दौरान विचार-विमर्श को आगे भी निर्देशित करती रहेंगी। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि तैयारी संबंधी परामर्शों के दौरान सदस्य देशों द्वारा प्रदर्शित रचनात्मक भावना अगले दो दिनों में होने वाली चर्चाओं को दिशा देती रहेगी, जिससे प्रतिभागियों को अपने विचारों का आदान-प्रदान करने, अपनी साझा समझ को परिष्कृत करने और बैठक के परिणामों पर आम सहमति बनाने में मदद मिलेगी।
ये चर्चाएं भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के विषय "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" के अंतर्गत आयोजित की जा रही हैं जो जन-केंद्रित और मानवता-प्रथम दृष्टिकोण को दर्शाती हैं। कार्य समूह की बैठक के बाद 8 और 9 जुलाई, 2026 को कोच्चि में दो दिवसीय मंत्रिस्तरीय बैठक होगी।
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06/07/26 |इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री का वक्तव्य
आरएस अनेजा, 6 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 से 11 जुलाई 2026 तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर है। यात्रा पर रवाना होने से पहले उन्होंने अपना वक्तव्य जारी किया है।
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति श्री प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर मैं 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया की यात्रा पर रहूंगा। वर्ष 2018 में मेरी पहली इंडोनेशिया यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। उसके बाद यह मेरी पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। यह यात्रा राष्ट्रपति प्रबोवो की भारत की राजकीय यात्रा के बाद हो रही है, जो 26 जनवरी, 2025 को हमारे गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे।
भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत सभ्यतागत और जन-संबंध हैं और मेरी यह यात्रा हमारी बहुआयामी साझेदारी के सभी पहलुओं को और अधिक सुदृढ़ करेगी। इस यात्रा के दौरान, मैं इंडोनेशिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत करूंगा और राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रम्बनन मंदिर परिसर का दौरा करूंगा, जो हमारे घनिष्ठ सांस्कृतिक संबंधों का एक और उल्लेखनीय प्रमाण है।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज के निमंत्रण पर मैं इंडोनेशिया से मेलबर्न का दौरा करूंगा। मेरी यह यात्रा हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगी। प्रधानमंत्री अल्बानीज के साथ मेरी चर्चाओं में रक्षा एवं सुरक्षा, व्यापार एवं निवेश, शिक्षा एवं परिवहन तथा जन-संपर्क क्षेत्रों में हमारे संबंधों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। मेलबर्न में मुझे भारतीय प्रवासी समुदाय से मिलने का अवसर मिलेगा, जो हमारी रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। इसके अलावा, यह दौरा भारत और ऑस्ट्रेलिया को उभरती एवं महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, खेल एवं खेल विज्ञान के क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने का अवसर भी प्रदान करेगा।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर, मैं मेलबर्न से न्यूजीलैंड के ऑकलैंड के दौरे पर रहूंगा। मेरी यह यात्रा मार्च 2025 में प्रधानमंत्री लक्सन की भारत यात्रा के बाद हमारे द्विपक्षीय संबंधों में आई मजबूती को और आगे बढ़ाएगी। इस यात्रा के दौरान, मैं प्रधानमंत्री लक्सन के साथ आर्थिक, व्यापारिक और वाणिज्यिक संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करूंगा। मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के साथ ही भारत और न्यूजीलैंड ने द्विपक्षीय व्यापार और वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है। हमारे द्विपक्षीय संबंधों में भारतीय प्रवासी समुदाय का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और इस यात्रा के दौरान, मैं भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित करने के लिए उत्सुक हूं जिन्होंने जीवन के सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
पूर्वी और दक्षिणी हिंद महासागर में स्थित क्रमशः इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया की मेरी यात्रा, जिसके बाद न्यूजीलैंड की यात्रा का कार्यक्रम है, भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और महासागर विजन के साथ-साथ एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति हमारे दृष्टिकोण को और अधिक सशक्त बनाएगी।
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05/07/26 |ट्रायोंडा (Trionda): फीफा विश्व कप 2026 की 'सुपर-स्मार्ट' मैच बॉल, कनेक्टेड बॉल टेक्नोलॉजी जिससे हवा में बातें करता डेटा
आरएस अनेजा, 5 जुलाई नई दिल्ली - फुटबॉल विश्व कप 2026 में उपयोग हो रही आधिकारिक मैच बॉल का नाम 'ट्रायोंडा' (Trionda) खूब सुर्खियों में है। एडिडास द्वारा निर्मित इस हाई-टेक बॉल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें 'कनेक्टेड बॉल टेक्नोलॉजी' (Connected Ball Technology) लगी है, जो बॉल की गति, स्पिन और खिलाड़ियों के संपर्क को एक सेकंड में 500 बार (500Hz) ट्रैक करती है।
बॉल के अंदर मात्र 14 ग्राम का एक इनर्शियल मेजरमेंट यूनिट (IMU) सेंसर लगा है। यह सेंसर बॉल को कब और किस दिशा में मारा गया (स्पिन और स्पीड), और खिलाड़ी ने किस मिलीसेकंड पर इसे छुआ, इसका सटीक डेटा वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) को भेजता है। इससे ऑफसाइड, हैंडबॉल और पेनल्टी जैसे विवादित फैसलों में सटीकता आती है। इतिहास में पहली बार किसी विश्व कप गेंद को केवल चार थर्मल-बॉन्डेड पैनल्स से जोड़ा गया है। पैनल्स के बीच गहरे और लंबे सीम (seams) दिए गए हैं, जो हवा के दबाव को बराबर बाँटते हैं। इससे हवा में गेंद का रास्ता अधिक सटीक और स्थिर रहता है, जिससे खिलाड़ियों को इसे नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
बॉल की थर्मल-बॉन्डेड तकनीक के कारण इसमें पानी (नमी) नहीं सोखती, जिससे भारी बारिश या नमी में भी इसका वजन और संतुलन हमेशा एक जैसा बना रहता है। फुटबॉल का वजन लगभग 410 से 450 ग्राम होता है। यह गेंद उच्च गुणवत्ता वाले सिंथेटिक लेदर (Polyurethane) और कई विशेष परतों से बनाई जाती है, जिससे इसकी मजबूती और नियंत्रण बेहतर होता है।
आधुनिक World Cup गेंदों में सेंसर तकनीक होती है, लेकिन इन्हें अलग से चार्ज नहीं किया जाता। इनमें पहले से लगी बैटरी पूरे टूर्नामेंट के दौरान काम करती है। इस एक बाल की कीमत लगभग 18 हजार रुपए है।
मेज़बान देशों को समर्पित डिजाइनतीन लहरें (Trionda का अर्थ)
'ट्राई' का मतलब तीन (संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको के संयुक्त मेज़बानी) और 'ओंडा' का अर्थ लहर है。सांस्कृतिक प्रतीक: इसमें लाल, हरे और नीले रंगों के साथ तीनों देशों के राष्ट्रीय प्रतीक—कनाडा का मेपल लीफ, अमेरिका के सितारे (Stars) और मैक्सिको के एज़्टेक ईगल को उकेरा गया है। विश्व कप ट्रॉफी के सम्मान में इस पर सुनहरी (गोल्ड) धारियां भी दी गई हैं।
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05/07/26 |E20 ईंधन से घबराने की ज़रूरत नहीं: देश के दिग्गज ऑटो एक्सपर्ट्स ने कहा– ‘पुरानी गाड़ियों पर भी पूरी तरह सुरक्षित है इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल’
आरएस अनेजा, 5 जुलाई नई दिल्ली - पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने भारी उद्योग मंत्रालय और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के साथ मिलकर नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें ऊर्जा और ऑटोमोबाइल क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञों ने ई20 इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल प्रोग्राम के बारे में मीडिया को जानकारी दी। इस बात पर ज़ोर दिया गया कि इथेनॉल ब्लेंडिंग एक सोची-समझी, वैज्ञानिक और चरण-दर-चरण प्रक्रिया रही है और वाहन मालिकों को भरोसा दिलाया गया कि ई20 ईंधन की वजह से चिंता करने की कोई वजह नहीं है।
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट विक्रम गुलाटी ने कहा कि ऑटोमोटिव उद्योग सबसे ज़्यादा विनियमित क्षेत्रों में से एक है, जहां गाड़ियों को बाज़ार में लाने से पहले और बाद में स्वतंत्र और वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त एजेंसियों द्वारा कड़े परीक्षण और प्रमाणीकरण से गुज़रना पड़ता है। उन्होंने इथेनॉल को एक हाई-परफॉर्मेंस वाला और साफ़ ईंधन बताया, जिसका इस्तेमाल 1900 के दशक की शुरुआत से और फ़ॉर्मूला रेसिंग में भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ई20 पर जाने का फ़ैसला पुरानी गाड़ियों पर कड़े परीक्षण के बाद ही लिया गया। साथ ही, उन्होंने साफ़ किया कि हाल ही में शुरू किए गए ई85 वितरण केंद्र सिर्फ़ फ्लैक्स-फ्यूल गाड़ियों के लिए हैं, जो भविष्य के लिए नीति की दिशा को दिखाते हैं।
परीक्षण एजेंसियों की आज़ादी से जुड़े सवालों पर श्री गुलाटी ने साफ किया कि परीक्षण प्रोटोकॉल सिर्फ़ भारत में तय नहीं किए जाते, भारत यूएनईसीई का हिस्सा है, परीक्षण के तरीके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानकीकृत हैं और परीक्षण एजेंसियां मान्यता प्राप्त और वैश्विक नियमों का पालन करती हैं। वे निर्यात की जाने वाली गाड़ियों का परीक्षण भी करती हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रोटोकॉल से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
मारुति सुजुकी के कॉर्पोरेट अफेयर्स के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती ने ग्राहकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि ई10 के लिए डिज़ाइन की गई गाड़ियों का ई20 ईंधन के साथ सभी पैमानों पर परीक्षण किया गया है और कोई समस्या नहीं पाई गई। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में मारुति सुजुकी द्वारा सर्विस की गई 2.84 करोड़ कारों में से 1.5 करोड़ से ज़्यादा कारें तीन साल से ज़्यादा पुरानी थीं और इसलिए वे ई20-प्रमाणीकृत नहीं थीं, फिर भी, गाड़ियों में जंग लगने, घिसने या नुकसान होने या गाड़ी के पार्ट्स की उम्र पर असर पड़ने जैसी ई20 से जुड़ी कोई समस्या सामने नहीं आई।
माइलेज के बारे में श्री भारती ने बताया कि ई10 की तुलना में ई20 की कैलोरीफिक वैल्यू यानी ऊर्जा क्षमता लगभग 3 से 3.5 प्रतिशत कम होती है और माइलेज पर असर भी इसी सीमा तक होता है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 20 किमी प्रति लीटर का माइलेज देने वाली कार पर इसका असर लगभग 0.6 किमी प्रति लीटर का होता है, जबकि टायर प्रेशर, ड्राइविंग का तरीका, सही गियर का इस्तेमाल, एक्सीलरेशन, ब्रेकिंग और रखरखाव जैसे कारक माइलेज में कहीं ज़्यादा अंतर पैदा करते हैं। शुद्ध पेट्रोल की तुलना में इथेनॉल के इस्तेमाल से बेहतर एक्सीलरेशन, बेहतर एंटी-नॉकिंग और बहुत कम प्रदूषण होता है, जिससे माइलेज में होने वाली यह कमी पूरी हो जाती है।
उन्होंने साफ़ किया कि गाड़ियों को ई20 नियमों से कहीं ज़्यादा सुरक्षा मानकों के साथ डिज़ाइन किया गया है, और बाज़ार में कोई रेट्रोफ़िटमेंट किट नहीं दी जा रही है, क्योंकि ऐसे समाधान अभी सिर्फ शोध और विकास के स्तर तक ही सीमित हैं।
इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल) की पूर्व चेयरमैन और प्रबंध निदेशक सुश्री वर्तिका शुक्ला ने कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम सभी हितधारकों के साथ बातचीत करके तैयार किया गया था और इसे वैज्ञानिक सबूतों और ऑटोमोटिव निर्माताओं के व्यापक परीक्षण का समर्थन हासिल है, जो वैश्विक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रक्रियाओं के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि ई20 फ़्यूल बीआईएस मानकों और बीएस-VI उत्सर्जन मानकों के मुताबिक है और देश भर के रिटेल आउटलेट्स पर एक समान रूप से उपलब्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि कई देशों में कई सालों से इथेनॉल ब्लेंड का इस्तेमाल हो रहा है।
हीरो मोटोकॉर्प के चीफ़ बिज़नेस ऑफ़िसर श्री आशुतोष वर्मा ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी टू-व्हीलर निर्माण कंपनियों में से एक होने के नाते, कंपनी ने सर्विस से जुड़े बहुत सारे डेटा का विश्लेषण किया है। उन्हें ई20 पर चलने वाली गाड़ियों में पुराने ईंधन की तुलना में ज़्यादा नुकसान का कोई मामला नहीं मिला।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को वर्तिका शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल), विक्रम गुलाटी, कंट्री हेड और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम), राहुल भारती, सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, कॉर्पोरेट अफेयर्स, मारुति सुजुकी, आशुतोष वर्मा, चीफ बिजनेस ऑफिसर, हीरो मोटोकॉर्प, प्रसाद कृष्णन, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, टीवीएस मोटर कंपनी व अन्य ने संबोधित किया।
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05/07/26 |जम्मू-कश्मीर का ऐतिहासिक कदम: यूएई पहुंचे शोपियन और पुलवामा के प्रीमियम चेरी और प्लम, किसानों को मिला 120% तक अधिक मुनाफा!
आरएस अनेजा, 5 जुलाई नई दिल्ली - वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) ने जम्मू एवं कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अबू धाबी और दुबई के लिए प्रीमियम अरेको चेरी (उच्च घनत्व वाली यूरोपीय मीठी चेरी) और सेंट्रोज प्लम की पहली निर्यात खेप के आभासी शुभारंभ की सुविधा प्रदान की।
शोपियन और पुलवामा जिलों के किसानों से प्राप्त एक मीट्रिक टन प्रीमियम स्टोन फ्रूट्स की निर्यात खेप, जम्मू और कश्मीर के उच्च मूल्य वाले बागवानी उत्पादों की बढ़ती निर्यात क्षमता और प्रीमियम भारतीय फलों की बढ़ती वैश्विक मांग को उजागर करती है।
वर्चुअल फ्लैग-ऑफ समारोह का नेतृत्व एपीईडीए के अध्यक्ष अभिषेक देव ने किया। कार्यक्रम में एपीईडीए के अधिकारी, जम्मू-कश्मीर सरकार के बागवानी विभाग के अधिकारी, निर्यातक, अंतरराष्ट्रीय खरीदार और बागवानी क्षेत्र के अन्य हितधारक शामिल हुए। इस कार्यक्रम में क्षेत्र से उच्च गुणवत्ता वाले बागवानी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में सभी हितधारकों के सहयोगात्मक प्रयासों को प्रदर्शित किया गया।
इस उपलब्धि पर किसानों और निर्यातकों को बधाई देते हुए एपीईडीए के अध्यक्ष अभिषेक देव ने कहा, "जम्मू और कश्मीर उत्कृष्ट बागवानी उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा है, जिसमें निर्यात की अपार संभावनाएं हैं। एपीईडीए निर्यात प्रोत्साहन पहलों, गुणवत्ता सुधार और वैश्विक खरीदारों तक पहुंच के माध्यम से किसानों के लिए बाजार तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यूएई को अरेको चेरी और सेंट्रोज़ बेर का निर्यात भारत के उत्कृष्ट फलों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग को दर्शाता है और उत्पादकों के लिए नए अवसर पैदा करेगा, साथ ही बेहतर मूल्य प्राप्ति के माध्यम से उनकी आय में वृद्धि में योगदान देगा।"
निर्यात पहल से किसानों को महत्वपूर्ण लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इससे उन्हें प्रीमियम अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच मिलेगी और बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। निर्यात आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े उत्पादकों को चेरी पर घरेलू बाजार की मौजूदा कीमतों की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत और बेर पर 120 प्रतिशत अधिक लाभ प्राप्त हुआ, जो निर्यात आधारित बाजार पहुंच के माध्यम से प्राप्त महत्वपूर्ण मूल्यवर्धन को दर्शाता है।
इस सफल शिपमेंट से शोपियन और पुलवामा के उत्पादकों के लिए निर्यात के नए अवसर पैदा होने, निर्यात-उन्मुख उत्पादन पद्धतियों को व्यापक रूप से अपनाने को प्रोत्साहन मिलने और जम्मू-कश्मीर के प्रीमियम स्टोन फ्रूट्स की वैश्विक उपस्थिति को और मजबूत करने की उम्मीद है।
एपीईडीए बाजार संपर्क पहलों, गुणवत्ता आश्वासन सहायता, खरीदार संपर्क कार्यक्रमों और निर्यात सुगमीकरण उपायों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना जारी रखे हुए है। यूएई को अरेको चेरी और सेंट्रोज़ बेर का निर्यात भारत के ताजे फलों के निर्यात को बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि करने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में देश की उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
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05/07/26 |भारत कोच्चि में ब्रिक्स महिला कार्य समूह की बैठक की मेजबानी करेगा
आरएस अनेजा, 5 जुलाई नई दिल्ली - भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अपनी अध्यक्षता में 6-7 जुलाई 2026 को केरल के कोच्चि में ब्रिक्स महिला कार्य समूह (डब्ल्यूडब्ल्यूजी) की बैठक की मेजबानी करेगा। ब्रिक्स सदस्य देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी सभी क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और महिला नेतृत्व वाले विकास से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करने और साझा प्राथमिकताओं पर सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ आएंगे।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में जन-केंद्रित और मानवता-प्रथम दृष्टिकोण वाले विषय ‘‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’’ से प्रेरित होकर ब्रिक्स महिला ट्रैक ने चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों - शासन और नेतृत्व में महिलाएं; महिलाओं का डिजिटल और वित्तीय समावेशन; महिलाओं उद्यमिता और कौशल विकास; और जलवायु परिवर्तन उपायों, खाद्य सुरक्षा और पोषण में महिलाओं की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया है।
महिला कार्य समूह की बैठक सदस्य देशों को विचार-विमर्श करने और महिला नेतृत्व वाले विकास को आगे बढ़ाने के लिए आम सहमति बनाने का अवसर प्रदान करेगी।
ब्रिक्स में 11 देश शामिल हैं - ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात। ये देश मिलकर वैश्विक जीडीपी का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं।
ब्रिक्स वैश्विक आबादी के लगभग 49.5 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है। इसके भीतर, महिलाओं का राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विकास हर क्षेत्र में परिणामों को प्रभावित करता है जिससे ब्रिक्स 2026 में महिला ट्रैक एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ट्रैक बन जाता है।
कार्य समूह की बैठक 30 अप्रैल 2026, 22 मई 2026 और 29 जून 2026 को वर्चुअल रूप से आयोजित तीन प्रारंभिक बैठकों के माध्यम से हुई व्यापक परामर्शों पर आधारित है। इन बैठकों ने सदस्य देशों को कोच्चि में होने वाली बैठकों से पहले चर्चाओं को आगे बढ़ाने में सक्षम बनाया है।
ब्रिक्स महिला कार्य समूह की बैठक से 8-9 जुलाई 2026 को होने वाली ब्रिक्स महिला मंत्रिस्तरीय बैठक के लिए एक मजबूत आधार तैयार होने की उम्मीद है, जो व्यावहारिक सहयोग और महिला-नेतृत्व वाले विकास के प्रति ब्रिक्स सदस्य देशों की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करेगी।
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05/07/26 |फीफा विश्व कप 2026: मोरक्को का ऐतिहासिक धमाका, एम्बाप्पे के दम पर फ्रांस भी क्वार्टर फाइनल में!
आरएस अनेजा, 5 जुलाई नई दिल्ली - फीफा विश्व कप 2026 के रोमांचक राउंड ऑफ 16 चरण (प्री-क्वार्टरफाइनल) प्रारंभ हो चुका है। इस राउंड का पहला मैच सह-मेजबान कनाडा और मोरक्को के बीच हुआ जिसमें मोरक्को ने इतिहास लिखते हुए कनाडा को 3 -0 से हराते हुए प्रतियोगिता से बाहर कर दिया। इसी प्रकार दूसरा मुकाबला फ्रांस और पैराग्वे के बीच हुआ जिसमें पैराग्वे ने जोरदार खेल दिखाया, मगर फ्रांस को मिली एक पेनेल्टी ने मैच का पासा पलट दिया और फ्रांस ने मैच 1 -0 से जीतकर पैराग्वे को प्रतियोगिता से बाहर कर दिया।
पहले मुकाबले में मोरक्को ने सह-मेजबान कनाडा को 3-0 से हरा दिया है। 4 जुलाई 2026 को अमेरिका के ह्यूस्टन स्टेडियम में खेले गए इस नॉकआउट मैच में जीत दर्ज कर मोरक्को ने धमाकेदार अंदाज में क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है।अज़ेदीन ओउनाही ने मोरक्को के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए दो गोल दागे। पहला गोल मैच के 50वें मिनट में बॉक्स के बाहर से आया। इसके बाद 82वें मिनट में ब्राहिम डियाज़ के बेहतरीन पास पर उन्होंने दूसरा गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। सोफियान रहीमी ने मैच के इंजरी टाइम में जवाबी हमले का फायदा उठाते हुए टीम के लिए तीसरा और अंतिम गोल दागा। इस हार के साथ ही सह-मेजबान कनाडा का फुटबॉल विश्व कप 2026 में ऐतिहासिक और यादगार सफर समाप्त हो गया है। कनाडा की टीम अपने इतिहास में पहली बार विश्व कप के नॉकआउट राउंड तक पहुँचने में सफल रही थी। इस जीत के साथ ही मोरक्को एक से अधिक बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुँचने वाला पहला अफ्रीकी देश बन गया है। इससे पहले मोरक्को ने 2022 के कतर विश्व कप में सेमीफाइनल तक का सफर तय कर इतिहास रचा था।
फ्रांस जीत के साथ क्वार्टरफाइनल में पहुंचा
फ्रांस ने पैराग्वे को 1-0 से हरा दिया है। यह मुकाबला राउंड ऑफ 16 (Knockout Stage) के तहत 4 जुलाई 2026 (स्थानीय समयानुसार) को फिलाडेल्फिया स्टेडियम में खेला गया। इस रोमांचक जीत के साथ ही फ्रांस ने टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल फ्रांस के स्टार खिलाड़ी और कप्तान किलियन एम्बाप्पे (Kylian Mbappé) ने किया। उन्होंने 70वें मिनट में पेनल्टी किक को सफलतापूर्वक गोल में बदला। : यह मुकाबला फिलाडेल्फिया में भीषण गर्मी और 'एक्सट्रीम हीट वार्निंग' के बीच खेला गया, जहां तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस (100°F) तक पहुंच गया था। इस नॉकआउट मैच को जीतने के बाद फ्रांसीसी टीम अब 9 जुलाई 2026 को बोस्टन स्टेडियम में मोरक्को का सामना करेगी।
अगले यह दो मुकाबले होंगे
प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में आज रात्रि ब्राजील और नार्वे के बीच मुकाबला होगा जोकि रात्रि मध्यरात्रि 1:30 होगा। इसी प्रकार कल प्रात: 5:30 इंग्लैंड और सह-मेजबान मेक्सिको के बीच मुकाबला होगा।
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05/07/26 |BRICS मादक पदार्थ निरोधक बैठक 2026: गुवाहाटी में जुटेंगे सदस्य देशों के प्रमुख, ड्रग्स के वैश्विक नेटवर्क पर प्रहार की तैयारी
आरएस अनेजा, 5 जुलाई नई दिल्ली - भारत अपनी BRICS अध्यक्षता के तहत 6–7 जुलाई, 2026 को गुवाहाटी, असम में ब्रिक्स देशों की मादक पदार्थ निरोधक एजेंसियों के प्रमुखों की बैठक की मेजबानी करेगा। इसमें BRICS सदस्य देशों की मादक पदार्थ निरोधक एजेंसियों के प्रमुख तथा वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। बैठक का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच संस्थागत निरंतरता को सुदृढ़ करना तथा मादक पदार्थ नियंत्रण एजेंसियों के बीच ऑपरेशनल स्तर पर सहयोग को और बढ़ावा देना है।
वैश्विक मादक पदार्थ तस्करी का परिदृश्य पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदला है। सिंथेटिक ड्रग्स, न्यू साइकोएक्टिव सब्सटेंस (NPS), डार्कनेट के माध्यम से होने वाली तस्करी तथा क्रिप्टोकरेंसी आधारित वित्तीय लेन-देन जैसी प्रवृत्तियों ने जटिल अंतरराष्ट्रीय चुनौतियाँ उत्पन्न की हैं। वहीं दूसरी ओर, अवरोधन प्रौद्योगिकियों (Interdiction Technologies), डेटा एनालिटिक्स और वित्तीय खुफिया तंत्र में हुई प्रगति ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और समन्वित प्रवर्तन (coordinated enforcement) कार्रवाई के नए अवसर भी प्रदान किए हैं।
भारत BRICS देशों की इस बैठक को संवाद-केंद्रित मंच से आगे बढ़ाकर एक स्ट्रक्चर्ड (structured) और परिणामोन्मुख सहयोगी व्यवस्था में परिवर्तित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखता है। इसमें ऑपरेशनल समन्वय, खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण तथा उभरते मादक पदार्थ संबंधी खतरों के विरुद्ध सामूहिक कार्रवाई को मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित इस बैठक में तीन प्रमुख प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा—
सिंथेटिक ड्रग्स तथा प्रीकर्सर (Precursor) रसायनों के दुरुपयोग एवं डायवर्जन
खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान और ऑपरेशनल समन्वय को सुदृढ़ बनाना
क्षमता निर्माण एवं संस्थागत सहयोग
नशा मुक्त भारत: ड्रग्स के विरुद्ध भारत की लड़ाई
यह बैठक भारत को मादक पदार्थों की समस्या से निपटने के लिए किए जा रहे अपने ठोस एवं प्रभावी प्रयासों को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करेगी। मादक पदार्थों का दुरुपयोग जनसुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा देश के युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने मादक पदार्थ तस्करी और नशे के दुरुपयोग के विरुद्ध अपने अभियान को उल्लेखनीय रूप से सशक्त बनाया है। सरकार जहां एक ओर मादक पदार्थ तस्करी और संगठित आपराधिक नेटवर्क के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर जन-जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता तथा नशे की लत से प्रभावित व्यक्तियों के उपचार एवं पुनर्वास पर भी समान रूप से बल दिया जा रहा है। Whole-of-Government और नेटवर्क केंद्रित अप्रोच अपनाते हुए भारत ने हाल ही में “मादक पदार्थ नियंत्रण पर विज़न डॉक्यूमेंट (2026-2029)” जारी किया है, जिसका उद्देश्य मादक पदार्थों के विरुद्ध लड़ाई में संस्थागत क्षमता को और अधिक मजबूत करना है।
ब्रिक्स (BRICS) अध्यक्ष के रूप में भारत गुप्त प्रयोगशालाओं एवं उभरती सिंथेटिक ड्रग्स से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान, प्रीकर्सर रसायनों एवं फार्मास्यूटिकल की बेहतर निगरानी, खुफिया जानकारी के साझा उपयोग, श्रेष्ठ कार्य-पद्धतियों के आदान-प्रदान, संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा विशेषज्ञों के आदान-प्रदान के माध्यम से सहयोग को और सुदृढ़ करने का प्रयास करेगा।
उभरती चुनौतियों पर विषयगत सत्र
दो दिवसीय बैठक के दौरान सदस्य देश अपने-अपने देशों में मादक पदार्थों की वर्तमान स्थिति पर विचार-विमर्श करेंगे तथा वैश्विक स्तर पर उभरती चुनौतियों पर आधारित छह विषयगत सत्रों में भाग लेंगे। इन सत्रों के प्रमुख विषय होंगे—
मादक पदार्थों की तस्करी की वास्तविक समय (Real-Time) में रोकथाम के लिये डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग
डार्कनेट के माध्यम से होने वाली मादक पदार्थ तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण
उभरते न्यू साइकोएक्टिव सब्सटेंस (NPS) से निपटने की रणनीति
प्रीकर्सर (Precursor) रसायनों के विचलन और रासायनिक लीकेज की रोकथाम के लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ बनाना
मादक पदार्थों की मांग में कमी लाने और संबंधित उपायों पर विशेष पहल
संस्थागत तंत्र को और सुदृढ़ बनाना
बैठक का समापन संयुक्त घोषणा-पत्र के साथ होगा। 2026 में भारत की BRICS अध्यक्षता "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability)" थीम पर आधारित है। ब्रिक्स (BRICS) विश्व की 11 प्रमुख उभरती एवं विकासशील अर्थव्यवस्थाओं—ब्राज़ील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका तथा संयुक्त अरब अमीरात—का समूह है। यह वैश्विक एवं क्षेत्रीय महत्व के समकालीन मुद्दों तथा वैश्विक राजनीतिक एवं आर्थिक शासन से जुड़े विषयों पर परामर्श एवं सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच है।
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04/07/26 |⚽ FIFA 2026: मैदान पर महासंग्राम! मिस्र का ऐतिहासिक उलटफेर, मेसी की अर्जेंटीना ने बामुश्किल बचाई साख
आरएस अनेजा, 4 जुलाई नई दिल्ली - फुटबॉल वर्ल्ड कप के नॉकआउट (राउंड ऑफ 16) मुकाबले रोमांचक रहे जिसमें मिस्त्र ने जोरदार खेल दिखाते हुए आस्ट्रेलिया को पेनेल्टी शूटआउट में हराकर पहली बार प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश पाया। वहीं विश्वकप विजेता अर्जेंटीना ने पहली बार विश्वकप खेल रही कैबो वरडी को बामुश्किल 3 -2 से हराते हुए अपनी लाज बचाई जबकि कोलंबिया ने आसानी से 1 -0 से घाना की टीम को हराकर प्री-क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई।
फुटबॉल वर्ल्ड कप के नॉकआउट (राउंड ऑफ 16) मुकाबले में मिस्त्र (Egypt) ने रोमांचक मुकाबले में पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से ऑस्ट्रेलिया (Australia) को हरा दिया। निर्धारित और अतिरिक्त समय तक मुकाबला 1-1 की बराबरी पर था। पेनल्टी शूटआउट में कप्तान मोहम्मद सलाह (Mohamed Salah) ने निर्णायक गोल दागे।
फीफा वर्ल्डकप (FIFA World Cup) 2026 के राउंड ऑफ 32 में मिस्र (Egypt) ने ऑस्ट्रेलिया (Australia) को हराते हुए प्री-क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली है। मिस्र ने पेनल्टी शूटआउट में यह मैच जीता और ऑस्ट्रेलिया का चैंपियन बनने का सपना तोड़ दिया। मिस्र के लिए इमाम अशूर (Emam Ashour) ने मैच के 13वें मिनट में गोल दागते हुए अपनी टीम को बढ़त दिला दी। इसके बाद दूसरे हाफ में 55वें मिनट में ऑस्ट्रेलिया ने स्कोर बराबर कर लिया, जब मिस्र के मोहम्मद हनी (Mohamed Hany) ने आत्मघाती गोल दाग दिया। 90 मिनट पूरे होने के बाद मैच एक्स्ट्रा टाइम में गया और स्कोर बराबर रहने पर पेनल्टी शूटआउट हुआ, जिसमें मिस्र ने 4-2 से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत हासिल की।
रोमांचक मुकाबले में अर्जेंटीना ने पहली बार विश्वकप खेल रही कैबो वरडी को 3 -2 से हराया
फीफा विश्व कप 2026 के 'राउंड ऑफ 32' (Round of 32) के बेहद रोमांचक मुकाबले में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने कैबो वरडी (केप वर्दे) को 3-2 से हरा दिया। मियामी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में अर्जेंटीना ने अतिरिक्त समय (Extra-time) में जाकर यह जीत दर्ज की। अर्जेंटीना कप्तान लियोनेल मेसी ने 29वें मिनट में पहला गोल दागकर अर्जेंटीना को बढ़त दिलाई। इसके बाद लिसेंड्रो मार्टिनेज ने 103वें मिनट में गोल किया। 111वें मिनट में क्रिस्टियन रोमेरो के हेडर पर कैबो वरडी के डिने बोर्जेस (Diney Borges) से गेंद डिफलेक्ट होकर गोल में चली गई, जो अर्जेंटीना की निर्णायक जीत का कारण बनी। अपना पहला विश्व कप खेल रही कैबो वरडी की टीम ने शानदार खेल दिखाया और डेरॉय डुआरटे (59वें मिनट) तथा सिडनी लोपेज कैब्राल (103वें मिनट) के शानदार गोलों से अर्जेंटीना को दो बार बराबरी पर ला दिया था। इस रोमांचक जीत के बाद अर्जेंटीना की टीम 'राउंड ऑफ 16' (अंतिम-16) में पहुंच गई है और अगले मुकाबले में उसका सामना अटलांटा में मिस्र की टीम से होगा।
कोलंबिया ने घाना को 1 -0 से हराया
रोमांचक नॉकआउट मुकाबले (राउंड ऑफ 32) में कोलंबिया ने घाना को 1-0 से हरा दिया है। इस जीत के साथ ही कोलंबिया ने टूर्नामेंट के राउंड ऑफ 16 (प्री-क्वार्टर फाइनल) में अपनी जगह पक्की कर ली है, जहाँ उसका सामना स्विट्जरलैंड से होगा। मैच का एकमात्र और विजयी गोल कोलंबिया के झोन एरियास (Jhon Arias) ने खेल के 14वें मिनट में दागा। यह नॉकआउट मैच अमेरिका के कंसास सिटी स्टेडियम (एरोहेड स्टेडियम) में खेला गया। कोलंबिया ने पूरे मैच के दौरान 62% बॉल पजेशन के साथ अपना दबदबा बनाए रखा। घाना की टीम पूरे मैच में कोलंबिया के डिफेंस को भेदने में नाकाम रही और एक भी शॉट ऑन टारगेट नहीं ले पाई।
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04/07/26 |💥आतंकवाद पर मोदी सरकार का 'महाप्रहार': 23 और खूंखार अपराधी 'आतंकवादी' घोषित!
आरएस अनेजा, 4 जुलाई नई दिल्ली - आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार की Zero Tolerance Policy के अंतर्गत एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय ने 23 और व्यक्तियों को 'आतंकवादी' घोषित किया है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गृह मंत्रालय के इस निर्णय पर कहा कि मोदी सरकार भारत और भारत के लोगों की सुरक्षा के लिए हर आतंकी मॉड्यूल को खत्म करने के लिए कटिबद्ध है।
गृह मंत्री श्री अमित शाह ने X पर एक पोस्ट में कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आतंकवाद के खिलाफ 'ज़ीरो टॉलरेंस' विजन को आगे बढ़ाते हुए गृह मंत्रालय ने आज प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े 23 खूंखार आतंकवादियों को 'गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम' (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित किया। ये घोषित आतंकवादी भारत-विरोधी गतिविधियों, आतंकी हमले करने, आतंकवाद को बढ़ावा देने, हथियारों की तस्करी, सीमा पार से घुसपैठ, आतंकवादी संगठनों की मदद करने, फंड जुटाने और आतंकवादियों की भर्ती करने जैसे कामों में शामिल हैं।
आज घोषित किए गए 23 आतंकवादियों में से 17 पाकिस्तानी नागरिक हैं और 6 भारतीय नागरिक हैं। हालांकि, ये सभी अभी पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर से आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। मोदी सरकार भारत और के लोगों की सुरक्षा के लिए हर आतंकी मॉड्यूल को खत्म करने के लिए कटिबद्ध है।"
इन आतंकियों को औपचारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया जाना न केवल इनके वित्तीय तंत्र, विचरण, भर्ती क्षमता और आतंक समर्थित गतिविधियों की रोकथाम कर आतंकी इकोसिस्टम को ख़त्म करने में सहायक सिद्ध होगा, बल्कि राष्ट्र-विरोधी एवं आतंकी गतिविधियों के विरुद्ध एक सशक्त निरोधक होने का भी सन्देश देगा। इसके अतिरिक्त, यह सुरक्षा एवं विधि प्रवर्तन संस्थाओं की राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय, दोनों स्तर पर समन्वित वैधानिक, अन्वेषणात्मक और निवारक कार्रवाई आरम्भ करने की क्षमता को बढ़ावा देगा।
केंद्र सरकार द्वारा, वर्ष 2019 में विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 (UAPA) में संशोधन के उपरांत, अब तक कुल 57 व्यक्तियों को उक्त अधिनियम की धारा 35 के अधीन, उक्त अधिनियम की चतुर्थ अनुसूची में ‘आतंकवादी’ के रूप में नामोदिष्ट किया गया है।
केंद्र सरकार द्वारा अब निम्नलिखित 23 अतिरिक्त व्यक्तियों को भी ‘आतंकवादी’ के रूप में उपर्युक्त चतुर्थ अनुसूची में नामोदिष्ट किया गया है :-
1 मसूद इलियास कश्मीरी @ मुफ्ती मसूद इलियास @ मसूद इलियास @ अबु मोहम्मद @ एम. मसूद इलियास
2 मोहम्मद मुसादिक @ डॉक्टर @ अब्दुल मनन @ सज्जाद @ हमज़ा @ वाहिद ख़ान
3 मुफ्ती मोहम्मद असग़र खान @ अबू साद @ साद जिमी
4 हाफ़िज़ अब्दुल शकूर @ कारी जर्रार
5 अब्दुल्ला जिहादी @ शाहनवाज़ @ अल हिजामा
6 फिरदौस अहमद भट
7 गुलाम फरीद @ गुलशन कुमार @ फरीद
8 हारून रशीद गनई @ शुनू
9 बिलाल अहमद मीर @ अहमद भाई
10 आबिद कयूम लोन
11 नज़ीर अहमद गुज्जर @ अबू मनाज़िल
12 अब्दुल रऊफ @ हाफिज अब्दुल रऊफ @ हाफिज अब्दुल रौफ @ हाफिज अब्दुर रौफ
13 अशफाक अहमद @ इशफाक अहमद
14 हाफिज खालिद वालीद @ हाफिज खालिद नाइक @ खालिद वालिद
15 मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की @ मौलाना इमदाद @ इमदाद भाई @ मौलाना इमददुल्लाह
16 मौलाना सैफुल्लाह खालिद @ वलियुल @ मोहम्मद सलीम @ वाजिद
17 मोहम्मद याकूब @ अबू सुमामा @ समामा इल्यास @ वारिस अली
18 मौलाना यूसुफ ताईबी @ मोहम्मद यूसुफ
19 ओवैस फारूज़ @ ओवैस अहमद मीर @ ओवैस फारूज़ मीर
20 क़ारी याक़ूब शेख @ क़ारी मोहम्मद याक़ूब शेख @ याक़ूब शेख @ क़ारी शेख मुहम्मद याकूब @ मोहम्मद याकूब
21 राणा इफ्तिखार @ राणा वलीद आतिफ @ राणा इफ्तिखार हैदर @ राणा इफ्तिखार अहमद @ हैदर खान
22 वसीम नूर जाट @ क़ारी वसीम
23 मोहम्मद शहीद फैसल @ उस्ताद @ मुहांदीस @ ज़ाकिर
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03/07/26 |⚽ रोनाल्डो का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, स्पेन का दबदबा; नॉकआउट जीतकर राउंड ऑफ 16 में पहुंचे दिग्गज!
आरएस अनेजा, 3 जुलाई नई दिल्ली - फीफा विश्वकप फुटबाल नॉकआउट चरण में स्पेन, पुर्तगाल और स्विट्जरलैंड ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर क्वार्टरफाइनल में प्रवेश पा लिया है।
फीफा विश्व कप 2026 के नॉकआउट (राउंड ऑफ 32) मुकाबले में स्पेन ने ऑस्ट्रिया को 3-0 से हरा दिया। इस धमाकेदार जीत के साथ स्पेन ने टूर्नामेंट के प्री-क्वार्टर फाइनल (अंतिम-16) में अपनी जगह पक्की कर ली है। स्पेन के लिए मिकेल ओयारजाबल ने दो शानदार गोल (36वें और 89वें मिनट में) दागे, जबकि पेड्रो पोरो ने 66वें मिनट में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय गोल किया। स्पेन की साल 2010 का विश्व कप जीतने के बाद से नॉकआउट मैचों में यह पहली जीत है।
पुर्तगाल ने क्रोएशिया को 2-1 से हराया
पुर्तगाल ने क्रोएशिया को 2-1 से हरा दिया है। 2 जुलाई 2026 (भारतीय समयानुसार 3 जुलाई) को टोरंटो स्टेडियम में खेले गए इस ऐतिहासिक मैच में पुर्तगाल ने शानदार वापसी की और प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) में अपनी जगह पक्की कर ली। मैच के 53वें मिनट में क्रोएशिया के इवान पेरिसिक ने शानदार गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई।इतिहास रचने वाला गोल: 68वें मिनट में पुर्तगाल को पेनल्टी मिली, जिसे कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने गोल में तब्दील कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। यह रोनाल्डो के करियर का पहला विश्व कप नॉकआउट गोल है। इसके साथ ही वह 41 साल 147 दिन की उम्र में वर्ल्ड कप नॉकआउट में गोल करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। 94वें मिनट (स्टॉपेज टाइम) में राफेल लेआओ के क्रॉस पर सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी गोंकालो रामोस ने दमदार हेडर के जरिए पुर्तगाल के लिए विजयी गोल दागा।
स्विट्जरलैंड ने अल्जीरिया को 2-0 से हराया
स्विट्जरलैंड ने अल्जीरिया को 2-0 से हरा दिया है। यह रोमांचक नॉकआउट मैच वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में खेला गया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने टूर्नामेंट के प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) में अपनी जगह पक्की कर ली है। मैच के 10वें मिनट में स्विट्जरलैंड के युवा खिलाड़ी जोहान मंज़ांबी के बेहतरीन पास की मदद से ब्रील एम्बोलो ने पहला गोल दागा। हाफ-टाइम के तुरंत बाद (46वें मिनट में) डैन न्दोये ने अल्जीरियाई डिफेंस की कमजोरी का फायदा उठाते हुए दूसरा गोल किया और टीम को 2-0 की निर्णायक बढ़त दिला दी।
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03/07/26 |भारत की बड़ी छलांग: एक्मे ग्रुप ने जापान की दिग्गज कंपनियों के साथ किया मेगा ग्रीन हाइड्रोजन और अमोनिया समझौता
आरएस अनेजा, 3 जुलाई नई दिल्ली - राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत एक महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल करते हुए, 'एसीएमई क्लीनटेक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड' (एक्मे ग्रुप) ने आज नई दिल्ली के अटल अक्षय ऊर्जा भवन में आयोजित एक समारोह के दौरान प्रमुख जापानी कंपनियों—ग्रीन अमोनिया के लिए ‘आईएचआई कॉर्पोरेशन’ और ग्रीन मेथनॉल के लिए ‘मित्सुबिशी गैस केमिकल कंपनी’, इंक. (एमजीसी) के साथ दीर्घकालिक खरीद समझौते किए हैं।
जनवरी 2023 में 19,744 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ स्वीकृत राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन और उससे बनने वाले उत्पादों, उपयोग और निर्यात के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इस मिशन के तहत, 'स्ट्रैटेजिक इंटरवेंशंस फॉर ग्रीन हाइड्रोजन ट्रांजिशन' (एसआईजीएचटी) कार्यक्रम, भारतीय सौर ऊर्जा निगम द्वारा आयोजित एक पारदर्शी बोली प्रक्रिया के माध्यम से उत्पादन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है। एक्मे ग्रुप को 'एसआईजीएचटी' कार्यक्रम के तहत प्रति वर्ष 3,70,000 टन (370 केटीपीए) की उत्पादन क्षमता प्रदान की गई है, जो इन निर्यात-उन्मुख समझौतों का आधार है।
'आईएचआई कॉर्पोरेशन' के साथ हुए समझौते के तहत, एक्मे प्रति वर्ष कुल 4,05,000 टन (405 केटीपीए) हरित अमोनिया की आपूर्ति करेगा। इस व्यवस्था को निम्न-कार्बन अमोनिया के लिए जापान की 'कॉन्ट्रेक्ट फॉर डिफरेंस' (सीएफडी) योजना का समर्थन प्राप्त है, जिसे एमइटीआई (जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय) द्वारा संचालित किया जाता है। यह योजना जापानी खरीदारों को मूल्य सहायता प्रदान करती है, जिससे इस तरह के आयातों की दीर्घकालिक व्यावसायिक व्यवहार्यता सुनिश्चित होती है।
एक्मे ने अपने पारादीप संयंत्र से प्रति वर्ष 1,00000 टन (100 केटीपीए) हरित मेथनॉल की आपूर्ति के लिए मित्सुबिशी गैस केमिकल कंपनी, इंक. के साथ 10 साल के समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं। यह परियोजना वैश्विक कार्बन उत्सर्जन कम करने के लक्ष्यों, विशेष रूप से समुद्री क्षेत्र के अनुरूप है और इसे यूरोपीय 'गैर-जैविक मूल के नवीकरणीय ईंधन' की आवश्यकताओं के साथ-साथ स्वच्छ समुद्री ईंधन के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन के मानकों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा और उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री, श्री प्रल्हाद जोशी ने कहा, "मैं एक्मे-आईएचआई ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना के लिए अपनी सीएफडी सब्सिडी सहायता का विस्तार करने के जापान के निर्णय का स्वागत करता हूँ। यह भारत के हरित हाइड्रोजन इकोसिस्टम में बढ़ते वैश्विक विश्वास और वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में उभरने को दर्शाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन एक मजबूत और भविष्य के लिए तैयार इकोसिस्टम का निर्माण कर रहा है। यह वैश्विक निवेश को आकर्षित कर रहा है, अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियां बना रहा है, और भारतीय हरित हाइड्रोजन और उससे बनने वाले उत्पादों के लिए नए बाजार खोल रहा है।"
अपने संबोधन में, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव श्री संतोष कुमार सारंगी ने कहा कि मिशन के नज़रिए से इन समझौतों के तीन मुख्य नतीजे निकले हैं - इन्होंने हरित अमोनिया और हरित मेथनॉल के लिए जापान के साथ बाजार संपर्क स्थापित किया है जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है; इससे हरित हाइड्रोजन क्षेत्र व्यावसायिक रूप से परिपक्व हो रहा है और भारतीय स्वच्छ ईंधन अब वैश्विक बाजार में एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित हो रहे हैं और इसके माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन और हरित अमोनिया मूल्य श्रृंखलाओं का निर्माण हुआ है।
जापान सरकार के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय के उप-मंत्री श्री ताकेहिको मात्सुओ ने भी इस कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ये समझौते स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत-जापान सहयोग का एक प्रमुख और ऐतिहासिक परिणाम हैं।
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03/07/26 |अदन की खाड़ी में भारतीय नौसेना का पराक्रम: INS त्रिकंद ने नाकाम किया समुद्री लुटेरों का हमला, सुरक्षित बचाए 21 क्रू मेंबर्स
आरएस अनेजा, 3 जुलाई नई दिल्ली - अदन की खाड़ी में तैनात भारतीय नौसेना के स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस त्रिकंद ने सेंट विंसेंट और ग्रेनाडाइन्स के ध्वज वाले बल्क कैरियर पोत 'एमवी गोल्डन आर्सेनल' पर समुद्री डकैती के प्रयास के जवाब में तत्काल कार्रवाई की।
यमन के अदन से गुजर रहे एक वाणिज्यिक जहाज ने जिबूती से लगभग 300 समुद्री मील पूर्व-उत्तर-पूर्व में समुद्री लुटेरों द्वारा किये गए हमले के प्रयास की सूचना दी। यह जानकारी 'इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर–इंडियन ओशन रीजन' (आईएफसी-आईओआर) के माध्यम से साझा की गई, जिसके बाद उस क्षेत्र में तैनात भारतीय नौसेना के युद्धपोत त्रिकंद को तत्काल उस जहाज की सहायता और स्थिति का आकलन करने के लिए रवाना किया गया।
एक भारतीय नागरिक सहित 21 चालक दल के सदस्यों वाले इस पोत से सूचना दी गई कि उसके ब्रिज सुपरस्ट्रक्चर और उससे सटे हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। चालक दल के सदस्यों ने जहाज के सुरक्षित कक्ष सिटाडेल में शरण ले ली थी और सभी के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है।
आईएनएस त्रिकंद' की बोर्डिंग टीम 2 जुलाई 2026 की सुबह पोत एमवी गोल्डन आर्सेनल पर सवार हुई और जहाज की विस्तृत जांच-पड़ताल कर स्थिति का आकलन किया। गहन जांच के दौरान जहाज पर कोई संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। इसके बाद चालक दल सुरक्षित रूप से सिटाडेल से बाहर आया और भारतीय नौसेना के कर्मियों के साथ मिलकर जहाज की स्थिति तथा हुए नुकसान का आकलन शुरू किया हुआ।
इस कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए भारतीय नौसेना के पी-8आई समुद्री गश्ती विमान को संबंधित क्षेत्र में हवाई निगरानी एवं टोही अभियान के लिए तैनात किया गया। इससे समुद्री क्षेत्र की निगरानी क्षमता बढ़ी और समुद्री लुटेरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को महत्वपूर्ण सहायता मिली।
जहाज को पूरी तरह सुरक्षित घोषित करने और तत्काल खतरे को समाप्त करने के बाद आईएनएस त्रिकंद का समुद्री डकैती-रोधी अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसके बाद 'एमवी गोल्डन आर्सेनल' ने अपनी निर्धारित यात्रा फिर से शुरू कर दी है।
भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता के तहत व्यापारी जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, समुद्री डकैती का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने तथा सभी देशों के नाविकों की सुरक्षा और संरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, फिर चाहे उनकी राष्ट्रीयता कुछ भी हो।
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02/07/26 |⚽ फीफा विश्वकप 2026: इंग्लैंड और बेल्जियम का ऐतिहासिक कमबैक, अमेरिका भी अंतिम-16 में पहुंचा!
आरएस अनेजा, 2 जुलाई नई दिल्ली - फीफा विश्वकप 2026 के राउंड ऑफ 32 में एक जुलाई के मुकाबले धमाकेदार रहे। इंग्लैंड और बेल्जियम ने अंतिम क्षणों में मैच का पासा पलटते हुए अंतिम 16 में जगह बनाई वहीं अमेरिका ने भी जीत दर्ज करते हुए क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया।
'राउंड ऑफ 32' मुकाबले में इंग्लैंड ने डीआर कांगो (DR Congo) को 2-1 से हरा दिया है। अटलांटा स्टेडियम में खेले गए इस बेहद रोमांचक मैच में इंग्लैंड ने एक गोल से पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी की और प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) में अपनी जगह पक्की कर ली।
मैच के 7वें मिनट में ही डीआर कांगो के ब्रायन सिपेंगा ने गोल करके अपनी टीम को 1-0 की चौंकाने वाली बढ़त दिला दी थी। इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने संकटमोचक की भूमिका निभाई। उन्होंने 75वें मिनट में शानदार हेडर के जरिए स्कोर 1-1 से बराबर किया। इसके बाद 86वें मिनट में दूसरा गोल दागकर इंग्लैंड को 2-1 से ऐतिहासिक जीत दिलाई। इस कमबैक जीत के साथ ही इंग्लैंड ने विश्व कप इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बनाया। 1966 के फाइनल के बाद यह पहली बार है जब इंग्लैंड की टीम हाफ-टाइम तक पिछड़ने के बाद विश्व कप का कोई नॉकआउट मैच जीतने में सफल रही है। इन दो गोलों के साथ हैरी केन के विश्व कप इतिहास में कुल 13 गोल हो गए हैं। उन्होंने महान फुटबॉल खिलाड़ी पेले (12 गोल) का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है।
बेल्जियम ने सेनेगल को हराया
रोमांचक नॉकआउट मुकाबले (राउंड ऑफ 32) में बेल्जियम ने सेनेगल को 3-2 से हरा दिया है। 1 जुलाई 2026 को सिएटल स्टेडियम में खेले गए इस ऐतिहासिक मैच में बेल्जियम ने शानदार वापसी करते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) में जगह पक्की कर ली है। सेनेगल की टीम मैच में 2-0 से आगे चल रही थी। बेल्जियम ने 86वें मिनट तक दो गोल से पिछड़ने के बाद आखिरी मिनटों में पासा पलट दिया। बेल्जियम के कप्तान यूरी टिलेमैन्स ने अतिरिक्त समय के आखिरी पलों में 125वें मिनट पर पेनल्टी को गोल में बदलकर विश्वकप इतिहास का सबसे देरी से होने वाला विजयी गोल दागा। इस यादगार जीत के साथ बेल्जियम का अजेय सफर 17 मैचों तक पहुंच गया है।
अमेरिका ने बोस्निया और हर्जेगोविना को 2-0 से हराया
अन्य मुकाबले में मेजबान अमेरिका ने बोस्निया और हर्जेगोविना को 2-0 से हरा दिया। अमेरिका के लिए फोलारिन बालोगुन (Folarin Balogun) और मलिक टिलमैन (Malik Tillman) ने गोल दागे। इस शानदार जीत के साथ ही अमेरिकी टीम अंतिम-16 में पहुंच गई है।
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01/07/26 |अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, अमृतसर पुलिस ने 7 अत्याधुनिक पिस्तौलों के साथ दो तस्करों को दबोचा
अभिकान्त, 01 जुलाई पंजाब : अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार से संचालित होने वाले अपराधों और अवैध हथियारों के नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय एक हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस विशेष कार्रवाई के दौरान गिरोह के दो मुख्य तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान पुलिस टीम ने इनके कब्जे से कुल 7 अत्याधुनिक पिस्तौलें (सोफिस्टिकेटेड वेपन्स) और 40 जिंदा कारतूस बरामद करने में सफलता हासिल की है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से पंजाब में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की साजिश नाकाम हो गई है।
मामले की प्रारंभिक तफ्तीश में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी सीधे तौर पर विदेशों में बैठे बड़े हथियार तस्करों और गैंगस्टरों के संपर्क में थे। यह पूरा नेटवर्क कानून प्रवर्तन एजेंसियों और पुलिस की नजरों से बचने के लिए आधुनिक तकनीक और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का सहारा ले रहा था। विदेशी तस्करों से सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार संवाद कर ये आरोपी सीमा पार से अवैध हथियारों और कारतूसों की बड़ी खेप भारत मंगवाते थे। इसके बाद इस अत्याधुनिक खेप को पंजाब और उसके आसपास के राज्यों में सक्रिय आपराधिक तत्वों व गैंगस्टरों को ऊंचे दामों पर सप्लाई किया जाता था।
अमृतसर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से अपने नापाक मंसूबों को अंजाम दे रहा था और इसके तार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार तक फैले हुए हैं। इस पूरे मामले को लेकर अमृतसर के थाना सुल्तानविंड में संबंधित सख्त कानूनी धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों को रिमांड पर लेकर गहराई से पूछताछ कर रही है ताकि इस अवैध नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक, यानी हथियार कहां से चले और आगे किन-किन अपराधियों तक पहुंचने थे, इसका पूरा सच सामने लाया जा सके। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पंजाब पुलिस मुख्यमंत्री और डीजीपी के निर्देशों के तहत संगठित अपराध और सीमा पार तस्करी के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर काम कर रही है और इस सप्लाई चेन से जुड़े हर एक चेहरे को बेनकाब कर जेल भेजा जाएगा।
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30/06/26 |FIFA वर्ल्ड कप में महा-उलटफेर! पेनल्टी शूटआउट में टूटे नीदरलैंड और जर्मनी के दिल; ब्राजील ने जापान को धोया
आरएस अनेजा, 30 जून नई दिल्ली - फुटबॉल वर्ल्ड कप (FIFA World Cup) के नॉकआउट चरण (प्री-क्वार्टर फाइनल) में बड़ा उलटफेर करते हुए नीदरलैंड और चार बार विश्वकप विजेता जर्मनी की टीमें टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं। दोनों ही यूरोपीय दिग्गज टीमों को पेनल्टी शूटआउट में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं इससे पहले ब्राजील ने एशियाई टीम जापान को हराकर उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया है।
पेनेल्टी शूटआउट में मोरक्कों ने नीदरलैंड को दिखाया बाहर का रास्ता
राउंड ऑफ 32 में एक ऐसा मुकाबला देखने को मिला जिसे फुटबॉल इतिहास के सबसे अजीबोगरीब और रोमांचक मैचों में गिना जाएगा। मोंटेरे में खेले गए इस ब्लॉकबस्टर मुकाबले में मोरक्को ने नीदरलैंड्स को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। निर्धारित और अतिरिक्त समय तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं जिसके बाद पेनल्टी शूटआउट में किस्मत का असली इम्तिहान हुआ। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही मोरक्को ने अंतिम-16 में जगह बना ली है जहां उनका सामना कनाडा से होगा।
जर्मनी को हराकर पराग्वे ने रचा इतिहास, जर्मनी बाहर
चार बार की चैंपियन जर्मनी फीफा वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो गई है। 29 जून 2026 को खेले गए राउंड ऑफ 32 के एक रोमांचक मुकाबले में पराग्वे ने जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया। निर्धारित और अतिरिक्त समय तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं।
फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में जर्मनी की टीम पहली बार पेनल्टी शूटआउट में हारी है। इससे पहले विश्व कप में जर्मनी ने अपने सभी 5 पेनल्टी शूटआउट जीते थे। पराग्वे के जूलियो एनसिसो ने 42वें मिनट में गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में जर्मनी के काई हैवर्ट्ज़ ने शानदार हेडर से गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर किया।अतिरिक्त समय के दौरान जर्मनी के जोनाथन टा ने एक गोल किया था, लेकिन रेफरी ने इसे फाउल मानकर रद्द कर दिया, जिस पर जर्मन खिलाड़ियों ने नाराजगी भी जताई। जर्मनी की तरफ से काई हैवर्ट्ज़ और निक वोल्टेमाडे अपनी पेनल्टी चूक गए, जिसके बाद सडन डेथ में जोनाथन टा का शॉट गोल पोस्ट के ऊपर से निकल गया। पराग्वे के होसे कनाले ने निर्णायक गोल कर अपनी टीम को जीत दिलाई।
ब्राजील ने जापान को हराकर क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया
'राउंड ऑफ 32' नॉकआउट मुकाबले में ब्राजील ने जापान को 2-1 से हरा दिया और प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) में अपनी जगह पक्की कर ली। मैच के 29वें मिनट में जापान के काइशू सानो ने शानदार मैदानी गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की चौंकाने वाली बढ़त दिला दी। : दूसरे हाफ के 56वें मिनट में ब्राजीलियाई मिडफील्डर कैसिमिरो ने बेहतरीन हेडर के जरिए गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। मैच जब एक्स्ट्रा टाइम की ओर बढ़ रहा था, तभी इंजरी टाइम के आखिरी पलों (96वें मिनट) में सब्सटिट्यूट खिलाड़ी गैब्रियल मार्टिनेली ने ब्रूनो गुइमारेस के पास पर निर्णायक गोल दागकर ब्राजील को 2-1 से ऐतिहासिक जीत दिला दी।
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29/06/26 |दक्षिण अफ्रीका को हराकर कैनेडा पहली बार प्री-क्वार्टरफाइनल में, आज रात ब्राजीत और जापान के बीच रोमांचक मुकाबला
आरएस अनेजा, 29 जून नई दिल्ली - फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज के मैच समाप्त हो चुके हैं और राउंड ऑफ 32 (नॉक आउट स्टेज) आरंभ हो चुका है।
नॉक आउट चरण का पहला मुकाबला मेजबान कैनेडा और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया जिसमें कैनेडा ने शान से जीत दर्ज करते हुए पहली बार प्री-क्वार्टरफाइनल में प्रवेश पाया। कैनेडा ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में 1-0 से जीत दर्ज की। कनाडा के लिए स्टीफन यूस्टाकियो (Stephen Eustáquio) ने मैच के इंजरी टाइम (92वें मिनट) में शानदार गोल दागकर टीम को जीत दिलाई।
वहीं आज रात 10:30 बजे ब्राजील और जापान के बीच प्री-क्वार्टरफाइनल का रोमांचक मुकाबला होगा।
इससे पहले ग्रुप स्टेज के अंतिम मैचों में अपने आखिरी मैच में अर्जेंटीना ने जॉर्डन को 3-1 से हरा दिया है। डलास स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले को जीतकर डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने ग्रुप J में अपने सभी मैच जीतकर शीर्ष स्थान हासिल किया और शान से राउंड ऑफ 32 (नॉकआउट स्टेज) में प्रवेश किया।
मैच के पहले हाफ में लो सेल्सो ने एक शानदार फ्री-किक के जरिए गोल करके अर्जेंटीना को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिलाई। पेनल्टी स्पॉट से बेहतरीन गोल दागकर मार्टिनेज ने अर्जेंटीना की बढ़त को 2-0 कर दिया। जॉर्डन ने दूसरे हाफ में जोरदार वापसी की और तमारी ने गोल कर स्कोर को 2-1 किया। यह इस टूर्नामेंट में अर्जेंटीना के खिलाफ हुआ पहला गोल था। मैच के 60वें मिनट में सब्सटिट्यूट के रूप में मैदान पर आए मेसी ने 80वें मिनट में अपनी सिग्नेचर फ्री-किक से जादुई गोल कर टीम को 3-1 की निर्णायक बढ़त दिला दी।
पुर्तगाल और कोलंबिया का मैच ड्रा
फीफा विश्व कप 2026 में पुर्तगाल का आखिरी ग्रुप स्टेज मैच कोलंबिया के खिलाफ 0-0 से ड्रॉ रहा था। मियामी के हार्ड रॉक स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक और गोल-रहित मुकाबले के बाद, पुर्तगाल अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहकर राउंड-ऑफ 32 में प्रवेश कर गया है।
अफ्रीकी देश डीआर कांगो ने उज्बेकिस्तान को हराकर पहली बार विश्वकप के नाकआउट चरण में प्रवेश किया
फीफा वर्ल्ड कप के ग्रुप K के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में डीआर कांगो ने उज्बेकिस्तान को 3-1 से हरा दिया है। इस जीत के साथ ही डीआर कांगो ने 52 साल बाद वर्ल्ड कप में अपनी पहली जीत दर्ज की और इतिहास रचते हुए पहली बार नॉकआउट स्टेज (राउंड ऑफ 32) में अपनी जगह पक्की कर ली। उज्बेकिस्तान के कप्तान एल्डोर शोमुरोदोव ने मैच के 10वें मिनट में शानदार गोल कर अपनी टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिलाई थी। 68वें मिनट में डीआर कांगो के योआने विस्सा ने पेनल्टी को गोल में बदलकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। 78वें मिनट में सबस्टीट्यूट खिलाड़ी फिस्टन मायेले ने बेहतरीन गोल दागकर कांगो को 2-1 से आगे कर दिया। मैच के इंजरी टाइम (90+1 मिनट) में योआने विस्सा ने अपना दूसरा गोल करते हुए कांगो की 3-1 से ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित कर दी।
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29/06/26 |जापान की 80 प्रतिशत कंपनियों में मानव संसाधन की भारी कमी, हरियाणा के 50 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार का मौका
अभिकान्त, 29 जून हरियाणा : जापान के फुकुओका में तकनीकी क्षेत्र की 80 प्रतिशत कंपनियों, जिनमें सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल, आईटी तथा अन्य निर्माण इकाइयां शामिल हैं, को इस समय तकनीकी रूप से कुशल मानव संसाधन की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। इस कमी को दूर करने के लिए जापान के फुकुओका प्रीफेक्चर ने हरियाणा सरकार से यहां के युवाओं को उनकी जरूरत के अनुसार तकनीकी रूप से सक्षम बनाने का अनुरोध किया है ताकि अगले पांच साल में यहां के 50 हजार युवाओं को फुकुओका प्रीफेक्चर में रोजगार उपलब्ध करवाकर मानव संसाधन की कमी को दूर किया जा सके।
हरियाणा सरकार और जापान के फुकुओका प्रीफेक्चर के बीच औद्योगिक निवेश, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा तथा मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में सहयोग को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में सोमवार को हरियाणा निवास, चंडीगढ़ में ‘हरियाणा-फकुओका कनेक्ट-2026’ के अंतर्गत उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में फुकुओका प्रीफेक्चर सरकार, फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने हरियाणा सरकार, विश्वविद्यालयों व विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न विषयों पर मंथन किया।
बैठक के दौरान हरियाणा और फुकुओका के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र, निवेश संभावनाओं, तकनीकी मानव संसाधन तथा शिक्षा क्षेत्र में सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने भारतीय युवाओं, विशेषकर हरियाणा के 50 हजार विद्यार्थियों और तकनीकी पेशेवरों के लिए अगले पांच साल में जापान में रोजगार, इंटर्नशिप तथा कौशल विकास के अवसर बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
हरियाणा के विदेश सहयोग विभाग की आयुक्त एवं सचिव अमनीत पी कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को हरियाणा सरकार की औद्योगिक नीतियों, निवेश प्रोत्साहन योजनाओं तथा जापानी कंपनियों के लिए विकसित किए जा रहे विशेष औद्योगिक इकोसिस्टम की जानकारी दी। राज्य सरकार ने निवेशकों को त्वरित अनुमतियां, सिंगल विंडो प्रणाली तथा उद्योग-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जापान की यात्रा कर विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग से विकास की प्रतिबद्धता जाहिर की थी। इसके साथ ही जापान के साथ आपसी समन्वय माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा। उन्होने बताया कि हरियाणा और जापान को इतिहास, सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्र में भी आदान-प्रदान की जरूरत है ताकि दोनों क्षेत्र एक-दूसरे को अच्छी प्रकार समझ सकें। उन्होंने ग्रीन जॉब्स तथा ग्रीन फ्यूल्स आदि क्षेत्रों में भी मिलकर कार्य करने की जरूरत पर बल दिया।
हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि हरियाणा और फुकुओका के बीच सहयोग को संस्थागत स्वरूप देने के लिए ‘हरियाणा सकुरा वर्किंग ग्रुप’ का गठन किया गया है जिसके माध्यम से फुकुओका आधारित कंपनियों और संस्थानों की सहायता के लिए एक ‘समर्पित हेल्प डेस्क’ भी स्थापित की गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में निवेश करने वाली कंपनियों के लिए विभिन्न प्रकार की अनुमतियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी फुकुओका की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी रूप से सक्षम युवाओं को तैयार करने में व्यक्तिगत दिलचस्पी ले रहे हैं ताकि हरियाणा के अधिक से अधिक युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि विदेश सहयोग विभाग के माध्यम से तथा एचकेआरएन के सहयोग से हरियाणा के उच्च शिक्षा संस्थान और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को फुकुओका में मानव संसाधन की कमी की पूर्ति करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा के शिक्षण संस्थानों में फुकुओका की जरूरत के अनुसार जापानी भाषा तथा अन्य तकनीकी शिक्षा के नए कोर्स भी शुरू किए जाएंगे।
विदेश सहयोग विभाग के महानिदेशक अशोक कुमार मीणा ने कहा कि विदेशी कंपनियों की मदद के लिए विदेश सहयोग विभाग निरंतर कार्य कर रहा है और तकनीकी रूप से पारंगत मानव संसाधन उपलब्ध करवाने के लिए विभाग फुकुओका के साथ मिलकर कार्य करेगा। उन्होंने संस्कृति, विरासत और अध्यात्म के क्षेत्र में इको-सिस्टम तैयार करने, सिस्टर सिटी तथा इको-टाउन मॉडल विकसित करने की दिशा में मिलकर कार्य करने की जरूरत पर बल दिया।
विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार पवन कुमार चौधरी ने गुरुग्राम में फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के एक परिसर की स्थापना की संभावनाओं का प्रस्ताव रखा, ताकि हरियाणा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में निवास कर रहे जापानी पेशेवरों तथा उनके परिवारों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि हरियाणा अंतरराष्ट्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है। गुरुग्राम में यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन के परिसर की स्थापना राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। श्री चौधरी ने कहा कि हरियाणा में किसी प्रतिष्ठित जापानी शैक्षणिक संस्थान की उपस्थिति न केवल दोनों क्षेत्रों के बीच शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करेगी, बल्कि अनुसंधान साझेदारियों, संकाय आदान-प्रदान, उद्योग-शिक्षा जगत सहयोग तथा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रतिभा विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
दोनों पक्षों ने विश्वविद्यालयों के बीच अकादमिक सहयोग, संयुक्त अनुसंधान, छात्र एवं फैकल्टी एक्सचेंज कार्यक्रम तथा तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने हरियाणा के विद्यार्थियों के लिए अध्ययन एवं शोध के अवसरों पर भी प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर हरियाणा के विभिन्न विश्वविद्यालयों, उच्च शिक्षा विभाग, एचकेआरएन तथा विदेश सहयोग विभाग सहित अन्य विभागों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए और जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ भविष्य में मिलकर कार्य करने की संभावनाओं पर प्रसन्नता व्यक्त की। बैठक से पूर्व फुकुओका प्रतिनिधिमंडल और विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच द्विपक्षीय चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का समापन भविष्य की कार्ययोजना तय करने तथा सहयोग को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की सहमति के साथ हुआ।
बैठक में हरियाणा के विदेश सहयोग विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती अमनीत पी कुमार, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, विदेश सहयोग विभाग के महानिदेशक श्री अशोक कुमार मीणा, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक यश गर्ग, विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार पवन कुमार चौधरी, फुकुओका प्रीफेक्चरल सरकार के अंतरराष्ट्रीय मामलों के कार्यकारी निदेशक शोजी हिरानो, अंतरराष्ट्रीय नीति प्रभाग के निदेशक हिसाशी कागे, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के उप महानिदेशक शिन्या नाकानो, तकनीकी मानव संसाधन विकास प्रभाग के निदेशक मनाबु हिराता, फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के वरिष्ठ अधिकारियों सहित हरियाणा के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रतिनिधि, उच्चतर शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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26/06/26 |फुटबाल विश्वकप 2026 का सबसे बड़ा महा-उलटफेर! इक्वाडोर ने 4 बार चैंपियन जर्मनी को चटाई धूल; देश में नेशनल हॉलिडे घोषित
आरएस अनेजा, 26 जून नई दिल्ली - फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इक्वाडोर ने इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए चार बार की चैंपियन जर्मनी को 2-1 से हरा दिया है। न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए इस ग्रुप-ई के बेहद रोमांचक मुकाबले में जीत दर्ज कर इक्वाडोर ने राउंड ऑफ 32 (नॉकआउट चरण) में अपनी जगह पक्की कर ली है। इक्वाडोर की इस ऐतिहासिक जीत की खुशी में देश के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने राष्ट्रीय अवकाश (National Holiday) की घोषणा की है।
मैच की शुरुआत में ही दूसरे मिनट में जर्मनी के लेरॉय साने ने गोल कर अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया था। इक्वाडोर के विंगर नीलसन एंग्यूलो ने शानदार गोल दागकर मैच को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। मैच के 77वें मिनट में गोंजालो प्लाटा ने एक जादुई गोल करके इक्वाडोर को 2-1 की ऐतिहासिक बढ़त दिलाई, जो निर्णायक साबित हुई। दूसरे हाफ की शुरुआत में ही रेफरी ने जर्मनी के पक्ष में पेनल्टी दी थी, लेकिन VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) रिव्यू के बाद इस फैसले को पलट दिया गया।
तुर्की ने मेजबान अमेरिका को 3-2 से हराया
तुर्की ने अमेरिका को 3-2 से हरा दिया है। लॉस एंजिल्स के सोफी स्टेडियम में खेले गए ग्रुप डी के इस आखिरी मैच में तुर्की के खिलाड़ी कान आयहान (Kaan Ayhan) ने इंजरी टाइम (98वें मिनट) में निर्णायक गोल दागकर अपनी टीम को एक यादगार जीत दिलाई। मैच के तीसरे ही मिनट में अमेरिका के ऑस्टन ट्रस्टी ने गोल कर अपनी टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिलाई। इसके बाद तुर्की के युवा स्टार अर्दा गुलेर (10वां मिनट) और ओरकुन कोककु (31वां मिनट) ने शानदार गोल करके हाफ-टाइम तक तुर्की को 2-1 से आगे कर दिया। दूसरे हाफ में अमेरिकी टीम ने वापसी की और 49वें मिनट में सेबेस्टियन बर्हाल्टर ने गोल दागकर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। मैच के आखिरी पलों में कैन उज़ुन के बेहतरीन क्रॉस पर कान आयहान ने गोल किया, जिससे तुर्की ने 3-2 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
जापान और स्वीडन के मध्य ड्रा
ग्रुप F के अपने अंतिम मैच में जापान और स्वीडन ने 1-1 से रोमांचक ड्रा खेला, जिसके बाद दोनों टीमों ने राउंड ऑफ 32 (नॉकआउट चरण) के लिए क्वालीफाई कर लिया है। टेक्सास के एटीएंडटी (AT&T) स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दोनों पक्षों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। जापान के दैजेन माएदा ने 56वें मिनट में बेहतरीन फील्ड मूव को गोल में बदलकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। ठीक 6 मिनट बाद 62वें मिनट में स्वीडन के एंथनी एलंगा ने शानदार गोल दागकर मैच को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। इस ड्रा के बाद जापान 5 अंकों के साथ ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि नीदरलैंड्स की टीम ट्यूनीशिया को हराकर शीर्ष पर रही। स्वीडन 4 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहते हुए अगले दौर में पहुंचा।
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25/06/26 |ब्राजील 3-0 की धमाकेदार जीत से राउंड ऑफ 32 में पहुंचा
आरएस अनेजा, 25 जून नई दिल्ली - फीफा वर्ल्ड कप 2026 के रोमांचक मुकाबलों में ब्राजील, मैक्सिको, स्विट्जरलैंड और मोरक्को ने अपने-अपने मैचों में धमाकेदार जीत दर्ज कर राउंड ऑफ 32 में जगह पक्की कर ली है। ब्राजील ने स्कॉटलैंड को 3-0 से और मैक्सिको ने चेक रिपब्लिक को इसी अंतर से मात दी, जबकि स्विट्जरलैंड ने कनाडा को 2-1 और मोरक्को ने हैती को 4-2 से हराकर अगले दौर का टिकट कटाया। इन मैचों के नतीजों के बाद कनाडा, साउथ अफ्रीका और अन्य ग्रुप के समीकरणों के चलते बोस्निया-हर्जेगोविना की टीम भी नॉकआउट स्टेज में पहुंचने में सफल रही।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ग्रुप सी मुकाबले में मोरक्को ने शानदार वापसी करते हुए हैती को 4-2 से हराया। इस जीत के साथ ही मोरक्को ने राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की कर ली है। मोरक्को की राउंड ऑफ 32 में ग्रुप एफ में पहले स्थान पर रहने वाली टीम से भिड़ंत होगी। इस हार के साथ ही हैती का नॉकआउट स्टेज में पहुंचने का सपना भी टूट गया है। इस मुकाबले में हैती की टीम बिना किसी दबाव के मैदान में उतरी और टीम ने 10वें मिनट में ही पहला गोल करके हर किसी को चौंका दिया। जीन-केविन डुवर्न के शानदार पास पर लेनी जोसेफ ने बेहतरीन बैकहील फ्लिक लगाई और गेंद मोरक्को के गोलकीपर यासीन बोनो से टकराकर गोल पोस्ट में चली गई। यह 1974 के बाद वर्ल्ड कप में हैती का पहला गोल था, जिसने हैती टीम के फैंस को झूमने का मौका दिया। मोरक्को ग्रुप सी में 3 मुकाबलों में 7 प्वाइंट्स के साथ दूसरे स्थान पर रही।
स्विट्जरलैंड ने कनाडा को 2-1 से हराया
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप बी मुकाबले में स्विट्जरलैंड ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कनाडा को 2-1 से हराया। इस जीत के साथ ही स्विट्जरलैंड ने ग्रुप बी में शीर्ष पर रहते हुए राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की कर ली है। हार के बावजूद कनाडा की टीम भी नॉकआउट स्टेज में पहुंचने में सफल रही है। बीसी प्लेस स्टेडियम में खेला गया यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। दोनों ही टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। स्विट्जरलैंड और कनाडा की टीम ने कई मौके बनाए, लेकिन पहले हाफ में किसी भी टीम को सफलता हाथ नहीं लगी। दोनों ही टीमों का डिफेंस शुरुआती 45 मिनटों में बेहद मजबूत दिखाई दिया।
ब्राजील ने स्कॉटलैंड को 3-0 से रौंदा
ब्राजील ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कॉटलैंड को 3-0 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की कर ली। मियामी के हार्ड रॉक स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में स्टार खिलाड़ी विनीसियस जूनियर ने दो गोल दागे, जबकि मैथियस कुन्हा ने एक गोल किया। इस मुकाबले में नेमार की लंबे समय बाद ब्राजील की टीम में वापसी हुई। ब्राजील ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और स्कॉटलैंड पर लगातार दबाव बनाए रखा। मैच के छठे मिनट में ही ब्राजील ने 1-0 की बढ़त हासिल की। स्कॉटलैंड के डिफेंस से हुई गलती का फायदा उठाते हुए विनीसियस जूनियर ने शानदार गोल दागा। विनीसियस ने यह टूर्नामेंट का अपना चौथा गोल दागा और वह इस गोल के साथ ही गोल्डन बूट की रेस में शामिल हो गए हैं। उन्होंने किलियन एम्बाप्पे और एरलिंग हालैंड की बराबरी कर ली है।
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25/06/26 |अमृतसर: अंतरराष्ट्रीय हथियार और हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़, अफगान नागरिक समेत 7 गिरफ्तार
अभिकान्त, 25 जून पंजाब : पंजाब की अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने एक केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी के साथ मिलकर चलाए गए एक बड़े और बेहद महत्वपूर्ण संयुक्त अभियान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय एक बहुत बड़े हथियार और हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ करने में बड़ी सफलता हासिल की है। सुरक्षा बलों ने इस पूरी कार्रवाई के दौरान एक अफगान नागरिक और एक किशोर सहित कुल 7 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क पिछले लंबे समय से सीमा पार यानी इंटरनेशनल बॉर्डर से संचालित हो रहा था और भारत में सक्रिय देश विरोधी व अपराधी तत्वों तक अवैध हथियार, खतरनाक नशीले पदार्थ तथा हवाला चैनलों के जरिए भारी-भरकम धन पहुंचाने के काले कारोबार में लिप्त था।
इस बेहद सुनियोजित और बड़े स्तर पर की गई छापेमारी के दौरान पुलिस और केंद्रीय एजेंसी की संयुक्त टीम ने भारी मात्रा में घातक हथियारों का जखीरा और नशीले पदार्थ बरामद किए हैं। बरामद किए गए सामानों में 10 अत्याधुनिक और सोफिस्टिकेटेड हथियार शामिल हैं, जिनमें सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि टीम ने दो खतरनाक सब-मशीन गन (SMG) भी जब्त की हैं। हथियारों के इस जखीरे के साथ ही टीम ने मौके से लगभग 5.048 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन भी अपने कब्जे में ली है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।
इतना ही नहीं, इस गिरोह के ठिकानों से करीब 30.38 लाख रुपये की नगद हवाला राशि भी बरामद की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में अत्याधुनिक हथियारों, हेरोइन और लाखों की नगदी की बरामदगी साफ तौर पर इस बात का संकेत देती है कि यह अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क बेहद संगठित, पेशेवर और वित्तीय रूप से अत्यधिक मजबूत था, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती बना हुआ था। फिलहाल, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर विभिन्न सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों द्वारा सघन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क के तार सीमा पार बैठे किन आकाओं से जुड़े थे और भारत में यह खेप किन-किन गैंगस्टरों या नेटवर्क तक पहुंचाई जानी थी। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
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23/06/26 |इतिहास रच दिया मेसी ने! 18 गोल दागकर बने फुटबाल विश्वकप के 'किंग' ⚽👑
आरएस अनेजा, 23 जून नई दिल्ली - अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोन मैसी (Lionel Messi) ने फीफा विश्वकप इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। 22 जून 2026 में ऑस्ट्रिया के खिलाफ ग्रुप-जे (Group J) के मुकाबले में शानदार दो गोल दागकर मैसी फीफा पुरुष विश्वकप के इतिहास में सर्वाधिक 18 गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने जर्मनी के दिग्गज खिलाड़ी मिरेस्लाव क्लोस (Miroslav Klose) के 16 गोल के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
मैसी ने इस विश्वकप टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म जारी रखते हुए अब तक कुल 5 गोल दागे हैं, जिससे उनके विश्वकप गोलों की संख्या 18 पहुंच गई है।
लियोन मैसी ने साल 2006 में अपने विश्वकप करियर की शुरुआत की थी। तब से लेकर 2026 तक वह कुल 6 विश्वकप संस्करणों का हिस्सा बन चुके हैं। उनके नाम विश्वकप में सबसे ज्यादा मैच (28) खेलने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। उन्होंने वर्ष (2006, 2010, 2014, 2018, 2022, 2026) विश्वकप में अब तक कुल 28 मैच खेले हैं।
विश्वकप में अब तक के सर्वाधिक गोल स्कोरर
लियोनेल मेसी (Lionel Messi) अर्जेंटीना 18
मिरोस्लाव क्लोज़ (Miroslav Klose) जर्मनी 16
किलियन म्बाप्पे (Kylian Mbappé) फ्रांस 16
रोनाल्डो (Ronaldo Nazário) ब्राजील 15
गर्ड मुलर (Gerd Müller) जर्मनी 14
जस्ट फॉन्टेन (Just Fontaine) फ्रांस 13
पेले (Pelé) ब्राजील 12
सैंडोर कोक्सिस (Sándor Kocsis) हंगरी 11
जुर्गन क्लिंसमैन (Jürgen Klinsmann) जर्मनी 11
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23/06/26 |फीफा वर्ल्ड कप 2026: दिग्गजों का 'महा-सोमवार'! मेसी का ऐतिहासिक वर्ल्ड रिकॉर्ड, एम्बाप्पे और हालैंड का डबल धमाका
आरएस अनेजा, 23 जून नई दिल्ली - फीफा विश्व कप 2026 में 22 जून को खेले गए चार मुकाबले यादगार रहे जिनमें दिग्गजों ने एक के बाद एक गोल दागे।
अर्जेंटीना ने आस्ट्रिया को 2-0 से हराया
ग्रुप-जे (Group J) के एक रोमांचक मुकाबले में अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रिया को 2-0 से हरा दिया। डलास स्टेडियम में खेले गए इस मैच में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने दो बेहतरीन गोल दागकर अपनी टीम को जीत दिलाई और प्री-क्वार्टर फाइनल (Round of 32) में जगह पक्की की। इस मैच में दागे दो गोलों की मदद से लियोनेल मेसी फीफा विश्व कप इतिहास में पुरुषों के ऑल-टाइम टॉप स्कोरर (18 गोल) बन गए हैं। उन्होंने जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोस (16 गोल) के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। मैच के 8वें मिनट में अर्जेंटीना को पेनल्टी मिली थी, लेकिन मेसी का शॉट पोस्ट से बाहर चला गया। मेसी ने अपनी गलती सुधारते हुए फकुंडो मेडिना के लो-क्रॉस पास पर शानदार फिनिशिंग कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। मैच के आखिरी पलों (इंजरी टाइम) में जब ऑस्ट्रिया की टीम बराबरी के लिए आगे बढ़ रही थी, तब अर्जेंटीना ने घातक काउंटर-अटैक किया और मेसी ने दूसरा गोल कर टीम की 2-0 से जीत पक्की कर दी।
फ्रांस ने इराक को 3-0 से हराया
फ्रांस ने इराक को 3-0 से हरा दिया है। यह मुकाबला 22 जून 2026 को फिलाडेल्फिया स्टेडियम में खेला गया, जो खराब मौसम और तेज तूफान के कारण करीब दो घंटे तक रुका रहा। विश्व कप के इतिहास में किसी मैच का खराब मौसम के कारण बीच में रुकने का यह एक दुर्लभ नजारा था। अपने 100वें अंतर्राष्ट्रीय मैच में खेलते हुए फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने शानदार प्रदर्शन किया और मुकाबले में दो गोल (मैच के 14वें और 54वें मिनट में) दागे। फ्रांस के लिए तीसरा गोल ओस्मान डेम्बेले ने 66वें मिनट में माइकल ओलिस के पास पर किया।
नॉर्वे ने सेनेगल को 3-2 से मात दी
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में दिग्गजों की तिकड़ी गजब गदर काट रही है. कभी लियोनेल मेसी, कभी किलियन एम्बाप्पे का एक्शन देखने को मिला. अब एर्लिंग हालैंड ने भी अपने दूसरे मैच में धमाल मचा दिया है. सोमवार को न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी स्टेडियम में नॉर्वे ने सेनेगल को 3-2 से मात देकर सुपर-32 के लिए क्वालीफाई किया. इस जीत में एर्लिंग हालैंड ने 2 गोल दागे और फैंस को रोमांचक बना दिया. लगातार दो जीत के बाद नार्वे के लिए सुपर-32 के दरवाजे खुले।
अल्जीरिया ने जॉर्डन को 2-1 से हराया
अल्जीरिया ने जॉर्डन को 2-1 से हरा दिया है। कैलिफोर्निया के लेविस स्टेडियम में खेले गए ग्रुप जे (Group J) के इस रोमांचक मुकाबले में अल्जीरिया ने पीछे चल रहने के बाद शानदार वापसी करते हुए यह जीत हासिल की।
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22/06/26 |स्पेन की 4-0 से आसान जीत और मिस्र ने 3-1 से मुकाबला जीत रचा इतिहास
आरएस अनेजा, 22 जून नई दिल्ली - फीफा विश्व कप 2026 में स्पेन ने सऊदी अरब को 4-0 से हरा दिया है. अटलांटा स्टेडियम में खेले गए इस ग्रुप एच (Group H) के मुकाबले में स्पेन ने शानदार वापसी करते हुए टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की।
18 वर्षीय युवा स्टार लामिन यमाल ने मैच के 10वें मिनट में ही पहला गोल दागकर इतिहास रच दिया और अपने विश्व कप डेब्यू को यादगार बनाया। मिकेल ओयारज़ाबल ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए पहले हाफ में सिर्फ ढाई मिनट के भीतर दो बैक-टू-बैक गोल (21वें और 24वें मिनट में) दागे. उन्हें उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।दूसरे हाफ के 49वें मिनट में सऊदी अरब के डिफेंडर हसन अल-तंबक्ती के आत्मघाती गोल (Own Goal) की वजह से स्पेन की बढ़त 4-0 हो गई।
FIFA World Cup 2026: 92 साल का इंतजार खत्म, मिस्र ने विश्व कप की पहली जीत दर्ज की
मिस्र ने इतिहास रचते हुए न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर विश्व कप में अपनी पहली जीत दर्ज की। विश्व कप में डेब्यू करने के 92 साल और 25 दिन बाद मिली यह जीत मिस्र के फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गई। इस शानदार जीत के साथ टीम ने ग्रुप-जी में अपनी स्थिति भी मजबूत कर ली।
स्टार फुटबॉलर मोहम्मद सलाह ने मैच का निर्णायक गोल दागकर मिस्र की जीत में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही वह विश्व कप के दो अलग-अलग संस्करणों में गोल करने वाले पहले मिस्री खिलाड़ी बन गए। 34 साल और 6 दिन की उम्र में गोल कर उन्होंने मिस्र के लिए विश्व कप में सबसे उम्रदराज गोल करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में न्यूजीलैंड ने आक्रामक शुरुआत की। मैच के 15वें मिनट में फिन सुरमन ने कॉर्नर से शानदार हेडर लगाकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। विश्व कप इतिहास में यह पहला मौका था जब मिस्र पहले हाफ के बाद पिछड़ रहा था।
दूसरे हाफ में मिस्र ने शानदार खेल दिखाया। गोलकीपर मोस्तफा शोबेर ने बेहतरीन बचाव कर न्यूजीलैंड की बढ़त दोगुनी होने से रोकी। इसके बाद 58वें मिनट में जिको ने बराबरी का गोल दागा। नौ मिनट बाद मोहम्मद सलाह ने शानदार टीम मूव के बाद विजयी गोल कर मिस्र को बढ़त दिलाई। मैच खत्म होने से आठ मिनट पहले ट्रेजेगुए ने तीसरा गोल कर जीत पक्की कर दी।
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21/06/26 |फीफा वर्ल्ड कप 2026 : डच टीम का 'पंच', जर्मनी की रोमांचक जीत, मैच में जापान ने रचा इतिहास
आरएस अनेजा, 21 जून नई दिल्ली - फीफा विश्व कप 2026 के शनिवार दूसरे चरण के मुकाबले बेहद रोमांचक मुकाबले में नीदरलैंड ने स्वीडन को 5-1 से करारी शिकस्त दी है। अमेरिका के टेक्सास स्थित ह्यूस्टन स्टेडियम (NRG स्टेडियम) में खेले गए ग्रुप-एफ के इस मैच में डच टीम ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की।
मैच के पहले हाफ में शानदार शुरुआत करते हुए छठे और 17वें मिनट में दो गोल दागे। दूसरे हाफ की शुरुआत में ही डच फारवर्ड ने अपना जलवा दिखाया और 47वें व 54वें मिनट में बैक-टू-बैक दो गोल किए। खेल के अंतिम क्षणों (89वें मिनट) में उन्होंने टीम के लिए पांचवां गोल दागा। स्वीडन की ओर से एकमात्र सांत्वना गोल 59वें मिनट में आया, जिसे थ्रिलिंग मूव के जरिए फिनिश किया गया।
एक बेहद रोमांचक मुकाबले में जर्मनी ने आइवरी कोस्ट को 2-1 से हरा दिया है। टोरंटो में खेले गए इस मैच में जीत के साथ ही चार बार की चैंपियन जर्मन टीम ने टूर्नामेंट के नॉकआउट दौर (अंतिम 32) में अपनी जगह पक्की कर ली है।मैच के 30वें मिनट में आइवरी कोस्ट के कप्तान फ्रैंक केसी (Franck Kessié) ने गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिलाई थी। 0-1 से पिछड़ने के बाद दूसरे हाफ के 60वें मिनट में जर्मनी के कोच जूलियन नागेल्समैन ने तीन बड़े बदलाव किए, जो मैच का रुख बदलने वाले साबित हुए। सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान में आए डेनिज उंदाव (Deniz Undav) जर्मनी के असली हीरो बने। उन्होंने पहले 68वें मिनट में नादीम अमीरी के क्रॉस पर वॉली शॉट खेलकर स्कोर 1-1 से बराबर किया। इसके बाद मैच के आखिरी पलों में यानी 94वें मिनट (इंजरी टाइम) में फेलिक्स नमेचा के पास पर अपना दूसरा शानदार गोल दागकर जर्मनी को 2-1 से यादगार जीत दिला दी।
जापान ने ट्यूनीशिया को 4-0 से हरा दिया है। मैक्सिको के मोंटेर्रे में खेला गया यह मुकाबला पुरुषों के फीफा विश्व कप इतिहास का 1,000वां ऐतिहासिक मैच था। इस करारी शिकस्त के बाद ट्यूनीशिया टूर्नामेंट से बाहर होने वाली तीसरी टीम बन गई है। मैच के चौथे मिनट में ही दाइची कमाडा ने गोल दागकर जापान को शुरुआती बढ़त दिलाई, जो विश्व कप इतिहास में जापान का अब तक का सबसे तेज़ गोल है। 31वें मिनट में अयासे उएदा ने टीम का दूसरा गोल दागा। इसके बाद 83वें मिनट में उन्होंने एक शानदार हेडर के जरिए अपना दूसरा और टीम का चौथा गोल किया। मैच के 69वें मिनट में जुन्या इतो ने बेहतरीन शॉट खेलकर स्कोर को 3-0 कर दिया। इस मैच में 4 गोल दागकर जापान विश्व कप के किसी एक मैच में चार गोल करने वाला पहला एएफसी (एशियाई फुटबॉल परिसंघ) देश बन गया है।
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20/06/26 |मेजबान अमेरिका ने ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराया, ब्राजील ने 3 गोल से जीता मैच
आरएस अनेजा, 20 जून नई दिल्ली - फीफा विश्व कप 2026 में अमेरिका (USA) ने ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हरा दिया है। शुक्रवार, 19 जून 2026 को सिएटल के ल्यूमेन फील्ड स्टेडियम में खेले गए इस ग्रुप-डी मुकाबले में जीत दर्ज कर अमेरिकी टीम ने टूर्नामेंट के नॉकआउट राउंड (राउंड ऑफ 32) में अपनी जगह पक्की कर ली है।
ब्राजील ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप सी (Group C) मैच में हैती को 3-0 से हरा दिया। मुकाबला फिलाडेल्फिया स्टेडियम (पेन्सिलवेनिया) में खेला गया था। ब्राजील के लिए माтеउस कुन्हा ने 23वें और 26वें मिनट में दो ताबड़तोड़ गोल किए। इसके बाद, पहले हाफ के इंजरी टाइम (45+3 मिनट) में विनीसियस जूनियर ने एक और शानदार गोल दागा।
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19/06/26 |अभ्यास 'खान क्वेस्ट 2026': मंगोलिया रवाना हुई भारतीय सेना, वैश्विक शांति के लिए 23वीं बार जुटेंगी दुनिया भर की ताकतें
आरएस अनेजा, 19 जून नई दिल्ली - भारतीय सेना की टुकड़ी आज बहुपक्षीय संयुक्त सैन्य अभ्यास 'खान क्वेस्ट' में भाग लेने के लिए रवाना हो रही है।
यह अभ्यास 20 जून से 3 जुलाई, 2026 तक मंगोलिया के उलानबातर स्थित फाइव हिल्स ट्रेनिंग एरिया में आयोजित किया जाएगा। इस अभ्यास में दुनिया भर की सैन्य ताकतें संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के तहत शांति समर्थन अभियानों में सहयोग और अंतर-संचालनीयता बढ़ाने के लिए एकजुट होंगी। अभ्यास का पिछला संस्करण 14-28 जून 2025 तक मंगोलिया में आयोजित किया गया था।
इस अभ्यास की शुरुआत सबसे पहले 2003 में अमेरिका और मंगोलियाई रक्षा बलों के बीच एक द्विपक्षीय कार्यक्रम के रूप में हुई थी। इसके बाद, 2006 से यह अभ्यास एक बहुपक्षीय शांतिरक्षा अभ्यास में परिवर्तित हो गया और वर्तमान में यह इसका 23वां संस्करण है। भारतीय दल की भागीदारी वैश्विक शांति और मंगोलिया के साथ रणनीतिक साझेदारी के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
भारतीय सेना के 40 जवानों वाले दल में जाट रेजिमेंट की एक बटालियन के सैनिकों के साथ-साथ अन्य सशस्त्र बलों और सेवाओं के जवान भी शामिल हैं।
खान क्वेस्ट अभ्यास का उद्देश्य भाग लेने वाले रक्षा बलों के दल को बहुपक्षीय वातावरण में शांतिरक्षा अभियानों के लिए तैयार करना है। इस अभ्यास में संयुक्त योजना और सामरिक अभ्यासों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जैसे कि स्थिर और गतिशील चेक प्वाइंटों की स्थापना, घेराबंदी और तलाशी अभियान, गश्त, शत्रु क्षेत्रों से नागरिकों की निकासी, तात्कालिक विस्फोटक उपकरणों का मुकाबला करने का अभ्यास, प्राथमिक चिकित्सा और घायलों को निकालना।
खान क्वेस्ट अभ्यास में भाग लेने वाले देश संयुक्त अभियानों के संचालन के लिए रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं में अपने सर्वोत्तम तरीकों को साझा कर सकेंगे। यह अभ्यास भाग लेने वाले देशों के सैनिकों के बीच परिचालन तत्परता, सौहार्द और भाईचारे को बढ़ावा देगा।
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18/06/26 |फीफा वर्ल्डकप 2026 : 52 साल बाद लौटी कांगो डीआर ने पुर्तगाल से ड्रा खेल रचा इतिहास, इंग्लैंड ने पहला मुकाबला जीता
आरएस अनेजा, 18 जून नई दिल्ली - फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 का पहला राउंड (ग्रुप स्टेज के शुरुआती मैच) सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। 48 टीमों वाला यह टूर्नामेंट इतिहास का सबसे बड़ा संस्करण है, जिसमें कुल 104 मैच खेले जाने हैं और सभी 12 ग्रुप्स ने अपने-अपने पहले मुकाबले खेल लिए हैं।
52 साल बाद फीफा विश्व कप में लौटी कांगो डीआर के खिलाड़ियों ने बहुत शानदार रक्षात्मक खेल दिखाते हुए पुर्तगाल को पूरे मैच में सिर्फ एक गोल करने दिया। अपने पहले ग्रुप K मैच में मजबूत मानी जाने वाली पुर्तगाल की टीम को जुझारू डीआर कांगो ने 1-1 के चौंकाने वाले ड्रॉ पर रोक दिया। अमेरिका के ह्यूस्टन स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में डीआर कांगो ने न सिर्फ पुर्तगाल के विजयी रथ को रोका, बल्कि विश्व कप इतिहास में अपना पहला अंक भी हासिल किया। मैच के छठे मिनट में ही पुर्तगाल के जोआओ नेवेस ने पेड्रो नेटो के शानदार क्रॉस पर हेडर के जरिए गोल दागकर टीम को 1-0 से आगे कर दिया। पहले हाफ के इंजरी टाइम (45+4वें मिनट) में डीआर कांगो के योआने विस्सा ने आर्थर मसुआकु के पास पर एक बेहतरीन हेडर के जरिए बराबरी का गोल दागा. यह विश्व कप के इतिहास में डीआर कांगो (पूर्व में जायरे) का पहला गोल था।
इंग्लैंड ने जीत के साथ ही शुरूआत
इंग्लैंड ने फीफा विश्व कप 2026 के अपने शुरुआती मैच में क्रोएशिया को 4-2 से हरा दिया है। टेक्सास के डलास स्टेडियम में खेले गए ग्रुप एल (Group L) के इस रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने दो गोल दागे, जबकि जूड बेलिंघम और मार्कस रैशफोर्ड ने दूसरे हाफ में एक-एक गोल कर टीम की शानदार जीत सुनिश्चित की। शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड ने 2026 विश्व कप के ग्रुप एल के अपने पहले मैच में क्रोएशिया पर 4-2 से करारी शिकस्त दी। हैरी केन (12वें मिनट में पेनल्टी, 42वें मिनट), जूड बेलिंगहैम (47वें मिनट) और मार्कस रैशफोर्ड (85वें मिनट) ने गोल करके इंग्लैंड को तीन अंक दिलाए। वहीं, क्रोएशिया की ओर से मार्टिन बटुरिना (36वें मिनट) और पेटार मूसा (45वें मिनट और 5वें मिनट) ने भी गोल दागे।
घाटना ने पनामा को हराया
घाना की फुटबॉल टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पनामा के खिलाफ रोमांचक जीत दर्ज की। बुधवार रात खेले गये मुकाबले के दूसरे हाफ के स्टॉपेज टाइम के पांचवें मिनट में कालेब यिरेंकी ने ब्रैंडन थॉमस-असांटे के क्रॉस पर किये गये गोल की बदौलत घना ने विश्वकप में विजयी शुरुआत की। मैच में दोनों ही टीमों को गोल करने के बहुत कम मौके मिले।
आखिर में, थॉमस-असांटे बाईं ओर से आगे बढ़े और गोल के सामने से बॉल को क्रॉस किया। यिरेंकी ने उस पर गोल कर दिया, जिसके बाद उनके साथी खिलाड़ी खुशी से मैदान पर दौड़ पड़े।
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17/06/26 |फीफा विश्वकप 2026 : अर्जेंटीना के मैसी की हैट्रिक तो फ्रांस के एम्बाप्पे ने दो गोल दाग जीते एकतरफा मुकाबले
आरएस अनेजा, 17 जून नई दिल्ली - फीफा विश्व कप 2026 में 16 जून को धमाकेदार मुकाबले हुए जिसमें दिग्गज खिलाड़ियों ने विपक्षी टीमों को धूल चटाई। गत विजेता अर्जेंटीना के मैसी ने जहां 3 गोल दागकर हैट्रिक लगाई वहीं फ्रांस के एम्बाप्पे ने दो गोल किए।
पहला मुकाबला फ्रांस ने सेनेगल को 3-1 से हरा दिया है। यह रोमांचक मुकाबला न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेला गया। फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे ने मैच के 66वें मिनट में पहला गोल दागकर फ्रांस को बढ़त दिलाई। 82वें मिनट में फ्रांस के ही ब्रैडली बारकोला ने सब्सटिट्यूट के तौर पर आते ही दूसरा गोल किया। सेनेगल के इब्राहिम म्बाये ने मैच के इंजरी टाइम में सेनेगल के लिए एकमात्र गोल कर अंतर कम किया। किलियन एम्बाप्पे ठीक एक मिनट बाद (90+6वें मिनट) एक और शानदार गोल कर फ्रांस की 3-1 से जीत पक्की कर दी। एम्बाप्पे का ऐतिहासिक रिकॉर्डइस मैच में दो गोल करने के साथ ही कप्तान किलियन एम्बाप्पे फ्रांस के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल (58 गोल) करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने ओलिवियर गिरौद (57 गोल) के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इसके साथ ही विश्व कप इतिहास में उनके अब कुल 14 गोल हो गए हैं।
मैसी ने हैट्रिक लगाकर रचा इतिहास
अपने पहले ग्रुप जे (Group J) मुकाबले में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने अल्जीरिया को 3-0 से हरा दिया है। कान्सास सिटी के एरोहेड स्टेडियम में खेले गए इस मैच में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने शानदार हैट्रिक लगाकर इतिहास रच दिया। लियोनेल मेसी ने मैच के 17वें, 60वें और 76वें मिनट में तीन गोल दागे। यह मेसी के विश्व कप इतिहास की पहली हैट्रिक है। इसके साथ ही वह विश्व कप में हैट्रिक लगाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। इस हैट्रिक के साथ मेसी के विश्व कप में कुल 16 गोल हो गए हैं। उन्होंने जर्मनी के महान खिलाड़ी मिरोस्लाव क्लोस के सर्वकालिक सर्वाधिक गोल के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।
ऑस्ट्रिया ने जॉर्डन को दी मात
ऑस्ट्रिया और जॉर्डन के बीच ग्रुप 'जे' का मुकाबला खेला गया, जिसमें ऑस्ट्रिया ने जॉर्डन को 3-1 से हरा दिया। ऑस्ट्रिया के लिए रोमानो श्मिड ने 20वें मिनट में पहला गोल किया, जबकि जॉर्डन के अली ओलवान ने 50वें मिनट में गोल दागकर विश्व कप में अपनी टीम का पहला इतिहास रच दिया।मैच के अंतिम क्षणों में यजान अल-अरब द्वारा किए गए आत्मघाती गोल (76वें मिनट) और मार्को अर्नाटोविच द्वारा इंजरी टाइम (90+ मिनट) में पेनल्टी से किए गए गोल की मदद से ऑस्ट्रिया ने जीत पक्की कर ली।
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16/06/26 |फीफा वर्ल्डकप : तनाव भरे माहौल में ईरान उतरी मैदान में, न्यूजीलैंड से खेला ड्रा, मिस्त्र के आत्मघाती गोल से बेल्जियम को मिली संजीविनी
आरएस अनेजा, 16 जून नई दिल्ली - जैसे-जैसे फीफा फुटबाल वलर्ड 2026 आगे बढ़ता जा रहा है रोमांच भी ऊपर चढ़ता जा रहा है।
सोमवार 15 जून के मुकाबलों में जहां ईरान टीम पहली बार विश्वकप में तनाव के माहौल में मैदान में उतरी वहीं मिस्त्र के खिलाड़ी से हुआ आत्मघाती गोल बेल्जियम के लिए संजीवनी बन गया।
न्यूजीलैंड और ईरान ने खेला ड्रा
कड़े तनाव और भारी विवादों के बीच ईरान ने फीफा वर्ल्ड कप में अपने अभियान की शुरुआत न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-2 से रोमांचक ड्रॉ खेलकर की। सोफी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में ईरान की टीम दो बार पिछड़ने के बाद वापसी करने में सफल रही। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध के बाद से ईरानी टीम का वर्ल्ड कप चक्र काफी उथल-पुथल भरा रहा है। फीफा द्वारा ग्रुप स्टेज के मैचों को अमेरिका से बाहर शिफ्ट करने की मांग ठुकराए जाने के बाद ईरान ने आखिरकार इस टूर्नामेंट में खेलने का फैसला किया। सुरक्षा कारणों से ईरानी टीम ने अपना ट्रेनिंग बेस भी एरिजोना से हटाकर तिजुआना बना लिया है जहां से वे मैच से ठीक एक दिन पहले अमेरिका पहुंचते हैं।
लॉस एंजिल्स के इस स्टेडियम में भारी संख्या में प्रवासी ईरानी फैंस पहुंचे थे। मैच की शुरुआत से पहले माहौल काफी भावुक और तनावपूर्ण रहा। राष्ट्रगान के दौरान कई फैंस ने सरकार के विरोध में अपनी पीठ घुमा ली और हूटिंग की जबकि स्टेडियम के बाहर सैकड़ों ईरानी-अमेरिकी नागरिक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
आत्मघाती गोल बना बेल्जियम के लिए संजीविनी
बेल्जियम और मिस्र (इजिप्ट) की फुटबॉल टीमों के बीच फीफा विश्व कप 2026 (Group G) का मुकाबला 1-1 की बराबरी (ड्रॉ) पर समाप्त हुआ। अमेरिका के सिएटल में खेले गए इस रोमांचक मैच में मिस्र ने पहले हाफ में बढ़त बनाई थी, लेकिन दूसरे हाफ में बेल्जियम ने वापसी करते हुए मैच को ड्रॉ करवा लिया।
मिस्र के स्टार खिलाड़ी मोहम्मद सलाह (Mohamed Salah) ने शानदार पास दिया, जिस पर इमाम अशोर (Emam Ashour) ने 19वें मिनट में पहला गोल करके मिस्र को 1-0 की बढ़त दिला दी।
लुकाकू के दबाव के कारण मिस्र के डिफेंडर मोहम्मद हानी (Mohamed Hany) से 66वें मिनट में एक आत्मघाती गोल (Own Goal) हो गया, जिससे स्कोर 1-1 हो गया।
उरुग्वे और सऊदी अरब के बीच ड्रा रहा मुकाबला
उरुग्वे और सऊदी अरब के बीच ग्रुप 'एच' का मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ。 मैच के 40वें मिनट में अब्दुलेलाह अल अमरी ने सऊदी अरब को बढ़त दिलाई, जिसकी बराबरी उरुग्वे के मैक्सी अराउजो ने 79वें मिनट में गोल दागकर की। सऊदी अरब के गोलकीपर मोहम्मद अल ओवैस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 9 बचाव (सेव्स) किए और उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया
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15/06/26 |फुटबॉल विश्वकप 2026 : चौथे दिन गोलो की बारिश, जापान ने ड्रा खेल उलटफेर किया
आरएस अनेजा, 15 जून नई दिल्ली - फीफा विश्वकप 2026 के ग्रुप मुकाबलों में 14 जून के 4 मुकाबलों में रोमांच और गोलों की बारिश देखने को मिली। जापान ने आखिरी मिनट में गोल कर नीदरलैंड से 2-2 की बराबरी कर ली। वहीं जर्मनी ने विश्वकप डेब्यू कर रही कुरासाओ को 7-1 से रौंदकर अपनी दावेदारी मजबूत की। दूसरी ओर आइवरी कोस्ट ने अमाद डियालो के देर से किए गए गोल की बदौलत इक्वाडोर को 1-0 से हराकर महत्वपूर्ण तीन अंक हासिल किए। उधर दिन के अंतिम मैच में स्वीडन ने ट्यूनीशिया को 5-1 से हराया।
फीफा विश्व कप 2026 में जर्मनी ने एकतरफा जीत के साथ शुरुआत की है। 4 बार की चैंपियन जर्मनी का मुकाबला कुराकाओ से हुआ। यह फीफा विश्व कप में कुराकाओ का डेब्यू मैच था। मैच को जर्मनी ने 7-1 के अंतर से अपने नाम किया। जर्मनी की तरफ से काई हावर्ट्ज ने दो गोल किए। उन्होंने पहले हाफ इंजरी टाइम में पेनल्टी पर पहला गोल दागा। इसके बाद 88वें मिनट में अपना दूसरा और टीम का सातवां गोल मारा।
ग्रुप-एफ के मुकाबले में नीदरलैंड और जापान के बीच खेला गया रोमांचक मैच 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ। डलास स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में डच टीम दो बार बढ़त बनाने में सफल रही, लेकिन जापान ने हर बार वापसी करते हुए एक अंक हासिल कर लिया। मैच का निर्णायक मोड़ 88वें मिनट में आया, जब दाइची कामदा ने गोल कर जापान को बराबरी दिला दी।
फीफा विश्व कप 2026 में एक से बढ़कर एक मैच हो रहे हैं. ऐसा ही एक मुकाबला आइवरी कोस्ट और इक्वाडोर के बीच खेला गया. इस मैच में आइवरी कोस्ट ने 90वें मिनट में गोल दागकर रोमांचक जीत हासिल की. आइवरी कोस्ट की टीम 12 साल बाद फीफा विश्व कप में खेलने मैदान पर उतरी है. इस तरह आइवरी कोस्ट की जीत के साथ दमदार वापसी हुई
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14/06/26 |फुटबाल विश्वकप : आस्ट्रेलिया ने तुर्किये को 2-0 से हराकर किया उलटफेर, ब्राजील-मोरक्को के बीच मैच ड्रा
आरएस अनेजा, 14 जून नई दिल्ली - फुटबाल वर्ल्डकप 2026 के तीसरे दिन तीन मुकाबले हुए जोकि राेमांचक रहे।
आस्ट्रेलिया ने अपने पहले मुकाबले में उलटफेर करते हुए तुर्किए की टीम को 2-0 से हरा दिया। ऑस्ट्रेलिया से खिलाड़ी नेस्टोरी इरानकुंडा और कॉनर मेटकाफ ने 1-1 गोल किए और अहम मौकों पर ऑस्ट्रेलियाई गोलकीपर पैट्रिक ने कमाल का बचाव करते हुए टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। मैच में तुर्किए के पास बॉल ज्यादा रही, जिससे लग रहा था कि वह मैच जीत सकती है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की टीम का डिफेंस कमाल का रहा।
ब्राजील नहीं जीत पाई, ड्रा से करना पड़ा संतोष
वहीं पांच बार विश्वकप विजेता ब्राजील की टीम अपने पहले मैच में कोई कमाल नहीं कर सकी और उसे मोरक्कों जैसी टीम के साथ ड्रा खेल संतोष करना पड़ा। ग्रुप-सी का 7वां ग्रुप स्टेज मैच ब्राजील और मोरक्को के बीच न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेला गया। ये मुकाबला बेहद ही रोमांचक रहा और निर्धारित 90 मिनट के इस खेल के बाद रेफरी ने 10 मिनट का अतिरिक्त समय जोड़ा, लेकिन इसके बावजूद कोई भी टीम अपना दूसरा गोल नहीं कर पाई और नतीजा ये हुआ कि मैच 1-1 की बराबरी से ड्रॉ हुआ। इस तरह दोनों टीमों ने 1-1 अंक से अपना खाता खोला। मैच में मोरक्को के खिलाड़ी ब्राहिम डियाज ने 21वें मिनट में पहला गोल कर टीम को बढ़त दिलाई मगर, ब्राजील ने मैच में जल्द वापसी की। 32वें मिनट में टीम की ओर से ब्रूनो गिमारेस ने विनीसियस जूनियर को एक अच्छा थ्रो दिया। जूनियर ने गेंद को अपने कंट्रोल में लिया और तेजी से दौड़ लगाते हुए अपने दाएं पैर से एक जोरदार शॉट मारकर ब्राजील को भी पहला गोल करने में कामयाबी दिलाई।
वहीं तीसरे मुकाबले में स्कॉटलैंड ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए हैती को 1-0 से हराया। स्कॉटलैंड ने विश्व कप में यह 36 साल बाद जीत दर्ज की है। यह जीत स्कॉटलैंड के लिए कई मायनों में खास रही। टीम ने 1990 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप में जीत दर्ज की। इसके अलावा 1982 के बाद यह पहली बार है जब स्कॉटलैंड ने किसी वर्ल्ड कप के पहले मुकाबले में जीत हासिल की है।
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13/06/26 |- खेल,
- USA,
- अंतरराष्ट्रीय,
विश्वकप फुटबॉल में अमेरिका की 4-1 जीत से धमाकेदार शुरुआत, कनाडा ने ड्रा खेला
आरएस अनेजा, 13 जून नई दिल्ली - फीफा विश्व कप 2026 के दूसरे दिन अपने पहले मैच में मेजबान अमेरिका (USA) ने पराग्वे को 4-1 से हराकर शानदार जीत दर्ज की है।
लॉस एंजिल्स के सोफी स्टेडियम (SoFi Stadium) में खेले गए इस मुकाबले में अमेरिकी टीम ने एकतरफा प्रदर्शन किया। अमेरिकी फुटबॉल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब टीम ने विश्व कप के किसी एक मैच में चार गोल दागे हैं।
मैच के 7वें मिनट में पराग्वे के डिफेंडर बोबाडिला की गलती से अमेरिका को 1-0 की शुरुआती बढ़त मिली। स्टार स्ट्राइकर बालोगुन ने मैच के 30वें और 45वें मिनट में शानदार फील्ड गोल दागकर अमेरिका को पहले हाफ में ही 3-0 से आगे कर दिया। पराग्वे के लिए एकमात्र सांत्वना गोल 73वें मिनट में मौरिसियो ने किया। मैच के आखिरी मिनट (स्टॉपेज टाइम) में रेना ने बेहतरीन गोल कर अमेरिका की 4-1 से जीत पक्की कर दी।
कनाडा ने ड्रा खेला
कनाडा और बोस्निया-हर्जेगोविना के बीच खेला गया फीफा वर्ल्ड कप 2026 का मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ है। टोरंटो स्टेडियम में ग्रुप बी के इस रोमांचक मैच में दोनों टीमों ने कड़ा संघर्ष किया, जिससे कनाडा को अपने वर्ल्ड कप इतिहास का पहला ऐतिहासिक अंक हासिल हुआ।
बोस्निया की शुरुआती बढ़त: मैच के पहले हाफ में 21वें मिनट में बोस्निया-हर्जेगोविना के जोवो लुकिच ने शानदार हेडर के जरिए गोल कर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इस गोल में कप्तान सियाद कोलासिनाच ने कॉर्नर किक के जरिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।कनाडा की ऐतिहासिक वापसी: कनाडा की टीम 77वें मिनट तक 0-1 से पिछड़ रही थी। 76वें मिनट में बेंच से मैदान पर आए स्ट्राइकर साइल लारिन ने महज 121 सेकंड के भीतर (78वें मिनट में) बेहतरीन गोल दागकर कनाडा को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा
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12/06/26 |अमेरिका-ईरान जंग की आंच में फुटबॉल विश्वकप: ईरान की फीफा को धमकी, 'नारेबाजी हुई तो छोड़ देंगे मैदान!'
आरएस अनेजा, 12 जून नई दिल्ली – अमेरिका-ईरान के मध्य छिड़े युद्ध का असर फुटबाल विश्वकप 2026 पर भी पड़ रहा है। विश्वकप में ईरान की टीम इस सख्त शर्त पर उतरी है कि उनके मैचों के दौरान स्टेडियम में कोई भी गैर-आधिकारिक (विवादित) झंडा नहीं दिखाया जाएगा और न ही उनकी सरकार या टीम के खिलाफ कोई नारेबाजी होगी। ईरान के खेल मंत्री अहमद दुन्यामाली ने फीफा (FIFA) को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर मैच के दौरान स्टैंड्स में अनधिकृत झंडे या विरोधी नारे लगाए गए, तो ईरानी टीम बीच में ही मैच रोक देगी (Walk out)।
ईरान ग्रुप-जी में है और पहला मुकाबला १५ जून को अमेरिका के लॉस एंजिलिस में न्यूजीलैंड से होगा। २१ जून को उसी जगह पर ईरान की टीम बेल्जियम से भिड़ेगी, जबकि २६ जून को सिएटल में मिस्र के खिलाफ इस टीम का सामना होगा। खेल मंत्री दुन्यामाली ने कहा कि ईरानी अधिकारियों को टीम के ग्रुप-स्टेज के आखिरी मैच को लेकर आश्वासन मिला है। उन्होंने कहा, हमें भरोसा दिलाया गया है कि मिस्र के खिलाफ मुकाबले के दौरान स्टेडियम में कोई भी गड़बड़ी वाली घटना नहीं होगी।
वहीं, अमेरिका ने ईरान की टीम को इस शर्त पर वीजा दिया है कि खिलाड़ी और स्टाफ केवल मैच वाले दिन ही अमेरिकी धरती पर प्रवेश करेंगे और मैच खत्म होते ही उसी दिन उन्हें अमेरिका छोड़ना होगा। इस पाबंदी के कारण ईरान पूरे वर्ल्ड कप इतिहास की इकलौती ऐसी टीम बन गई है जो अमेरिका में रुक नहीं सकती। टीम ने अमेरिका के बजाय मेक्सिको के टिजुआना (Tijuana) शहर को अपना बेस कैंप बनाया है, जहाँ से वे मैच खेलने अमेरिका उड़ान भरेंगे और वापस लौटेंगे।
अमेरिका ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए ईरान के फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष मेहदी ताज सहित 15 महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सहयोगी स्टाफ सदस्यों को वीजा देने से मना कर दिया। केवल खिलाड़ियों और मुख्य तकनीकी स्टाफ को ही अंतिम पलों में एंट्री मिली है।
ईरान फुटबॉल संघ (FFIRI) ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरानी समर्थकों के लिए तय किए गए आधिकारिक टिकट अलॉटमेंट को रद्द कर दिया है। इसके कारण हजारों ईरानी प्रशंसक अपनी टीम का समर्थन करने स्टेडियम नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिसे लेकर ईरान ने फीफा से निष्पक्षता की मांग की है।
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12/06/26 |फुटबाल वर्ल्डकप : 3 रेड कार्ड पहले मैच में फिर जीता मेजबान मेक्सिको, दक्षिण कोरिया ने मैच जीत किया पहला उल्टफेर
आरएस अनेजा, 12 जून नई दिल्ली - फीफा फुटबॉल विश्व कप 2026 के शुक्रवार पहले दो मुकाबले रोमांच से भरपूर रहे।
टूर्नामेंट के पहले ओपनिंग मैच में सह-मेजबान मेक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से हरा दिया है। यह मुकाबला 12 जून 2026 (भारतीय समयानुसार रात 12:30 बजे) मेक्सिको सिटी के ऐतिहासिक एज़्टेका स्टेडियम में खेला गया।
मेक्सिको के लिए पहला गोल खेल के 8वें मिनट में जूलियन क्विनोनेस ने किया (जो विश्व कप इतिहास के किसी भी ओपनिंग मैच का सबसे तेज गोल है)। दूसरा गोल 66वें मिनट में अनुभवी स्ट्राइकर राउल जिमेनेज ने दागा।
इस बेहद आक्रामक मैच में कुल 3 रेड कार्ड दिखाए गए। दक्षिण अफ्रीका के दो खिलाड़ियों (याया सिथोल और थेम्बा ज्वाने) को मैदान से बाहर भेजा गया, जिससे उनकी टीम 9 खिलाड़ियों पर सिमट गई। मैच के आखिरी पलों (इंजरी टाइम) में मेक्सिको के डिफेंडर सीज़र मोंटेस को भी रेड कार्ड मिला।
दक्षिण कोरिया ने चेक गणराज्य को 2-1 से हराया
दक्षिण कोरिया ने ग्रुप ए के अपने पहले मैच में चेक गणराज्य को 2-1 से हराकर शानदार वापसी करते हुए 2026 विश्व कप का पहला उलटफेर किया। फीफा फुटबॉल विश्वकप 2026 के ग्रुप-ए (Group A) के मुकाबले में दक्षिण कोरिया (South Korea) ने चेक रिपब्लिक (Czechia) को 2-1 से हरा दिया है। 11 जून 2026 (भारतीय समयानुसार 12 जून की सुबह) को मैक्सिको के ग्वाडलजारा स्टेडियम में खेले गए इस बेहद रोमांचक मैच में दक्षिण कोरिया ने एक गोल से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की
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11/06/26 |⚽ फीफा विश्व कप 2026: आज से फुटबॉल के सबसे बड़े महाकुंभ का शंखनाद, इतिहास में पहली बार भिड़ेंगी 48 टीमें
आरएस अनेजा, 11 जून नई दिल्ली - फीफा फुटबॉल विश्वकप 2026 की शुरुआत आज यानी 11 जून 2026 से होने जा रही है, जो खेल इतिहास का अब तक का सबसे भव्य और बड़ा टूर्नामेंट बनने जा रहा है। इस 23वें फीफा विश्व कप की संयुक्त मेजबानी तीन देश—अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा कर रहे हैं।
पहली बार इस महाकुंभ में 32 के बजाय 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनके बीच कुल 104 मुकाबले खेले जाएंगे।टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच आज मेक्सिको सिटी के ऐतिहासिक मेक्सिको सिटी स्टेडियम ( Estadio Azteca) में मेजबान मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाएगा।
फीफा विश्व कप 2026: एक नजर मेंअवधि
11 जून से 19 जुलाई 2026 तक (कुल 39 दिन) कुल टीमें: 48 (12 ग्रुप, हर ग्रुप में 4 टीमें) कुल मैच: 104 मैच मेजबान देश: अमेरिका (11 शहर), मेक्सिको (3 शहर), कनाडा (2 शहर) खिलाड़ी संख्या: रिकॉर्ड 1,248 खिलाड़ी मैदान पर अपना हुनर दिखाएंगे
आज का उद्घाटन और पहला मुकाबलाआज टूर्नामेंट की शुरुआत मेक्सिको सिटी में एक शानदार और रंगारंग ओपनिंग सेरेमनी के साथ होगी, जिसमें शकीरा और बर्ना बॉय जैसे वैश्विक कलाकार परफॉर्म कर रहे हैं। भारतीय समयानुसार यह ओपनिंग सेरेमनी रात 11:00 बजे शुरू होगी।इसके ठीक बाद ग्रुप-A का पहला मैच मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाएगा। गौरतलब है कि ठीक 16 साल पहले (11 जून 2010 को) भी इन दोनों टीमों के बीच दक्षिण अफ्रीका विश्व कप का उद्घाटन मैच खेला गया था, जो 1-1 की बराबरी पर छूटा था।
नया फॉर्मेट और बड़ा रोमांचइस बार टूर्नामेंट का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। 48 टीमों को 12 अलग-अलग ग्रुप्स में बांटा गया है।
नया नॉकआउट दौर: ग्रुप स्टेज से प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष 2 टीमें और तीसरे स्थान पर रहने वाली 8 सर्वश्रेष्ठ टीमें पहली बार शुरू हो रहे 'राउंड ऑफ 32' (Knockout) में जगह बनाएँगी।
नए देशों को मौका: टीमों की संख्या बढ़ने से उज्बेकिस्तान जैसे कई छोटे और नए देशों को पहली बार विश्व कप के मंच पर खेलने का ऐतिहासिक अवसर मिला है।
भारत में कहाँ और कैसे देखें
भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों को मैचों के समय के कारण थोड़ी रातें जगनी पड़ सकती हैं। भारत में फीफा विश्व कप 2026 के लाइव प्रसारण अधिकार Zee Network के पास हैं। आप टीवी पर इसके लिए विशेष रूप से लॉन्च किए गए Unite8 Sports चैनलों पर मैचों का आनंद ले सकते हैं और इसकी लाइव स्ट्रीमिंग Zee5 ऐप पर देखी जा सकती है।
टूर्नामेंट का महामुकाबला यानी फाइनल मैच 19 जुलाई 2026 को न्यू जर्सी, अमेरिका के मेटलाइफ स्टेडियम में खेला जाएगा।
टूर्नामेंट में खेलने वाले सभी 48 देशों की सूची:
ग्रुप A: मेक्सिको, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, चेकिया
ग्रुप B: कनाडा, बोस्निया और हर्जेगोविना, कतर, स्विट्जरलैंड
ग्रुप C: ब्राजील, मोरक्को, हैती, स्कॉटलैंड
ग्रुप D: संयुक्त राज्य अमेरिका (USA), पैराग्वे, ऑस्ट्रेलिया, तुर्किये (Türkiye)
ग्रुप E: जर्मनी, कुराकाओ (Curaçao), कोटे डी आइवर (Ivory Coast), इक्वाडोर
ग्रुप F: नीदरलैंड, जापान, स्वीडन, ट्यूनीशिया
ग्रुप G: बेल्जियम, मिस्र, ईरान, न्यूजीलैंड
ग्रुप H: स्पेन, काबो वर्दे (Cape Verde), सऊदी अरब, उरुग्वे
ग्रुप I: फ्रांस, सेनेगल, इराक, नॉर्वे
ग्रुप J: अर्जेंटीना, अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया, जॉर्डन
ग्रुप K: पुर्तगाल, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC), उज़्बेकिस्तान, कोलंबिया
ग्रुप L: इंग्लैंड, क्रोएशिया, घाना, पनामा
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03/05/26 |भारत–कंबोडिया द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास ‘सिनबैक्स-द्वितीय 2026’ के लिए भारतीय सेना का दल रवाना
आरएस अनेजा, 3 मई नई दिल्ली - भारतीय सेना का दल भारत–कंबोडिया द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास के दूसरे संस्करण - ‘सिनबैक्स-द्वितीय 2026’ - के लिए रवाना हो गया है।
यह अभ्यास 04 से 17 मई 2026 तक कंबोडिया साम्राज्य के कंम्पोंग स्पेयू प्रांत स्थित टेको सेन फ्नोम थॉम म्रीस प्रॉव रॉयल कंबोडियन एयर फोर्स प्रशिक्षण केंद्र (कैंप बेसिल) में आयोजित किया जाएगा। मित्र देशों के साथ चल रहे भारत के रक्षा सहयोग के अंतर्गत कंबोडिया के साथ यह द्विपक्षीय अभ्यास ‘सिनबैक्स-द्वितीय’ वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बदलते परिदृश्य के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र के अधिदेश के अध्याय VII के ढांचे के अंतर्गत आयोजित किया जाएगा, जिसमें उप-पारंपरिक वातावरण में अभियानों के संचालन हेतु कंपनी स्तर का संयुक्त प्रशिक्षण प्रदर्शित किया जाएगा।
भारतीय सेना के दल में 120 सैन्य कर्मी हैं, जिनमें अधिकांश मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन से हैं। कंबोडियाई दल 160 कार्मिकों का है, जो रॉयल कंबोडियन आर्मी से हैं।
यह संयुक्त अभ्यास उन आतंकवाद-रोधी अभियानों की वर्तमान कार्य-प्रक्रिया के अनुरूप होगा, जिनका सामना संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों के दौरान शांति-रक्षक बलों द्वारा किया जाता है । इस उद्देश्य की प्राप्ति विभिन्न व्यावहारिक एवं व्यापक विचार-विमर्शों तथा सामरिक अभ्यासों के माध्यम से की जाएगी, जो एक समग्र प्रमाणीकरण अभ्यास में परिणत होगा। अभ्यास के अंतर्गत ड्रोन संचालन, मोर्टार तथा स्नाइपर रणनीतियों सहित विशेष कौशल प्रशिक्षण भी होगा। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के दलों के बीच अंतर-संचालन क्षमता, समन्वय तथा परिचालन तालमेल को सुदृढ़ करना है।
यह अभ्यास न केवल वैश्विक शांति बनाए रखने के प्रति दोनों देशों की क्षमता को प्रदर्शित करेगा, बल्कि अर्ध-शहरी परिदृश्य में शत्रुतापूर्ण बलों के विरुद्ध विभिन्न अभियानों के दौरान प्राप्त परिचालन अनुभवों के आदान-प्रदान और सर्वोत्तम पद्धतियां साझा करने को भी प्रोत्साहित करेगा।
संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘सिनबैक्स-द्वितीय 2026’ भारत–कंबोडिया के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को प्रतिबिंबित करता है और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में पारस्परिक समझ को सुदृढ़ करते हुए दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करेगा।
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02/05/26 |भारत-म्यांमार समुद्री साझेदारी: नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी की महत्वपूर्ण यात्रा
आरएस अनेजा, 2 मई नई दिल्ली - नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी 2 से 5 मई 2026 तक म्यांमार की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं।
इस यात्रा के दौरान, नौसेना प्रमुख म्यांमार सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ जनरल ये विन ऊ, म्यांमार के रक्षा मंत्री जनरल यू हटुन आंग और म्यांमार नौसेना के कमांडर-इन-चीफ एडमिरल हेटिन विन के साथ-साथ म्यांमार सशस्त्र बलों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन वार्ताओं से चल रहे द्विपक्षीय समुद्री सहयोग की समीक्षा करने, परिचालन स्तर पर संबंधों को मजबूत करने और दोनों नौसेनाओं के बीच सहयोग के नए रास्ते तलाशने का अवसर मिलेगा।
इस यात्रा में म्यांमार नौसेना के केंद्रीय नौसेना कमान, नौसेना प्रशिक्षण कमान और प्रथम बेड़े में कार्यक्रम और म्यांमार सशस्त्र बलों के शहीद नायकों के युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करना शामिल हैं। इन कार्यक्रमों में रक्षा सहयोग से संबंधित कई विषयों पर चर्चा होगी, जिनमें समुद्री सुरक्षा, क्षमता विकास, क्षमता संवर्धन और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
भारतीय नौसेना रक्षा सहयोग बैठकों, स्टाफ वार्ताओं, प्रशिक्षण आदान-प्रदान और भारत-म्यांमार नौसेना अभ्यास (आईएमएनईएक्स), भारत-म्यांमार समन्वित गश्त (आईएमसीओआर), बंदरगाह के दौरों और जल सर्वेक्षणों सहित परिचालन संबंधी गतिविधियों के माध्यम से म्यांमार नौसेना के साथ नियमित रूप से संपर्क में रहती है। इसके अतिरिक्त, दोनों नौसेनाएं नियमित रूप से प्रशिक्षण आदान-प्रदान को आगे बढ़ाती हैं, बहुपक्षीय मंचों में भाग लेती हैं और क्षमता विकास की दिशा में सहयोग करती हैं।
नौसेना प्रमुख की यह यात्रा भारत-म्यांमार के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों की पुष्टि करती है। यह मित्रता आपसी सम्मान, विश्वास और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और स्थिरता के लिए साझा प्रतिबद्धता पर आधारित हैं।
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29/04/26 |द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग को सुदृढ़ करने हेतु नैरोबी में 10वीं भारत-केन्या संयुक्त व्यापार समिति की बैठक आयोजित की गई।
आरएस अनेजा, 29 अप्रैल नई दिल्ली - इंडिया-केन्या जॉइंट ट्रेड कमिटी (JTC) का 10वां सेशन 27-28 अप्रैल, 2026 को नैरोबी, केन्या में हुआ। इसका मकसद दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार और आर्थिक सहयोग का रिव्यू करना और उसे मज़बूत करना था। मीटिंग की को-चेयर भारत सरकार के कॉमर्स और इंडस्ट्री मंत्रालय के कॉमर्स डिपार्टमेंट के कॉमर्स सेक्रेटरी श्री राजेश अग्रवाल और केन्या रिपब्लिक के स्टेट डिपार्टमेंट फॉर ट्रेड की प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुश्री रेजिना अकोता ओम्बम ने की।
दोनों पक्षों ने आपसी व्यापार में लगातार बढ़ोतरी पर ध्यान दिया, जिसमें भारत केन्या के मुख्य ट्रेडिंग पार्टनर्स में से एक बनकर उभरा है। 2025-26 में भारत और केन्या के बीच कुल व्यापार USD 4.31 बिलियन था, जो 2024-25 के USD 3.45 बिलियन से 24.91 प्रतिशत ज़्यादा है। चर्चा ट्रेड डायवर्सिफिकेशन बढ़ाने, मार्केट एक्सेस की दिक्कतों को सुलझाने और इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल्स, एग्रीकल्चर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर्स में कॉम्प्लिमेंट्री का फ़ायदा उठाने पर फोकस थी।
कमेटी ने स्टैंडर्डाइजेशन और कन्फर्मिटी असेसमेंट में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) और केन्या ब्यूरो ऑफ स्टैंडर्ड्स (KEBS) के बीच मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) समेत चल रहे ट्रेड फैसिलिटेशन इनिशिएटिव्स पर प्रोग्रेस का रिव्यू किया। सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) और केन्या रेवेन्यू अथॉरिटी (KRA) के बीच भी एक MoU साइन किया गया, ताकि प्री-अराइवल कस्टम्स जानकारी का आदान-प्रदान किया जा सके, जिसमें कस्टम्स प्रोसीजर को आसान बनाने और बिजनेस करने में आसानी को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
JTC मीटिंग के दौरान ट्रेड, इन्वेस्टमेंट और इंडस्ट्री सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) और इंडिया केन्या चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के बीच एक और MoU साइन किया गया।
दोनों पक्षों ने लोकल करेंसी में ट्रेड सेटलमेंट को बढ़ावा देने की संभावना को माना। यह नोट किया गया कि केन्याई बैंकों ने इंडियन बैंकों के साथ स्पेशल रुपी वोस्ट्रो अकाउंट्स (SRVAs) खोले हैं, और इस फ्रेमवर्क का ज्यादा इस्तेमाल आसान बाइलेटरल ट्रांजैक्शन को आसान बना सकता है। लोकल करेंसी सेटलमेंट (LCS) मैकेनिज्म अपनाने की संभावना पर भी चर्चा की गई।
उभरते हुए एरिया में सेक्टर के हिसाब से सहयोग पर बात हुई। इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग में, ऑटोमोबाइल, मशीनरी और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट के एक्सपोर्ट को बढ़ाने के मौकों पर ज़ोर दिया गया, साथ ही ऑटोएक्सपो केन्या और द बिग 5 कंस्ट्रक्ट केन्या जैसी एग्ज़िबिशन में हिस्सा लेने पर भी बात हुई। रेलवे समेत इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में सहयोग पर बात हुई, जिसमें भारत ने केन्या के स्टैंडर्ड गेज रेलवे के लिए फ़ीज़िबिलिटी स्टडीज़, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और रोलिंग स्टॉक की सप्लाई में मदद की पेशकश की। भारतीय शिपयार्ड के साथ शिपबिल्डिंग में सहयोग के मौकों पर भी बात हुई।
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28/04/26 |भारतीय महासागर पोत सिंगापुर के चांगी नौसैनिक अड्डे पर पहुंचा
आरएस अनेजा, 28 अप्रैल नई दिल्ली - हिंद महासागर पोत (आईओएस सागर), आईएनएस सुनायना, सिंगापुर के चांगी नौसेना अड्डे पर पहुंचा, जो महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) की परिकल्पना के अंतर्गत चल रही आईओएस सागर तैनाती के दौरान उसका चौथा पोर्ट कॉल है।
16 मित्र विदेशी देशों (एफएफसी) के बहुराष्ट्रीय दल वाला यह पोत हिंद महासागर क्षेत्र में तैनात है और सिंगापुर पहुंचने से पहले माले, फुकेत और जकार्ता में बंदरगाहों पर रुक चुका है।
सिंगापुर पहुंचने पर पोत का गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जिससे भारत-सिंगापुर के मजबूत समुद्री संबंधों की पुष्टि हुई। सिंगापुर में भारत की उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले ने जहाज पर सवार चालक दल से बातचीत की और सागर विजन के तहत समुद्री साझेदारी को मजबूत करने और अंतर-संचालनीयता को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका की सराहना की। आईएनएस सुनायना के कमान अधिकारी कमांडर सिद्धार्थ चौधरी ने क्रांजी युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और सिंगापुर गणराज्य नौसेना (आरएसएन) के 9वें फ्लोटिला के कमांडर कर्नल चुआह मेंग सून से मुलाकात कर समुद्री सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की।
इस यात्रा के दौरान, पोत स्कूली बच्चों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स सहित आगंतुकों के लिए खुला रहा, जिससे उन्हें समुद्र में जीवन का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ।
यह जहाज पेशेवर और सामुदायिक स्तर पर कई तरह की बातचीत के माध्यम से राष्ट्रीय नौसेना (आरएसएन) के साथ जुड़ा हुआ है। आगामी गतिविधियों में आईओएस सागर के चालक दल द्वारा सिंगापुर में आरएसएन के नेविगेशन और डैमेज कंट्रोल सिमुलेटर, सूचना संलयन केंद्र और नौसेना संग्रहालय का दौरा शामिल है, जिससे सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय समुद्री जागरूकता बढ़ेगी। इसके अलावा, आईओएस सागर पर मौजूद एक थिंक टैंक के कर्मियों के साथ बातचीत, एक संयुक्त योग सत्र और एक औपचारिक डेक रिसेप्शन हितधारकों के साथ जुड़ाव को और मजबूत करेंगे।
आईएनएस सुनायना 29 अप्रैल, 2026 को सिंगापुर से रवाना होने वाल है, जो हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग को मजबूत करने और सामूहिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के अपने मिशन को जारी रखेगी।
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28/04/26 |आतंकवाद के गढ़ अब न्यायसंगत दंड से अछूते नहीं रहेंगे: बिश्केक में राजनाथ सिंह की दोटूक
आरएस अनेजा, 28 अप्रैल नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा, “ऑपरेशन सिंदूर ने भारत के इस दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित किया है कि आतंकवाद के गढ़ अब न्यायसंगत दंड से अछूते नहीं रहेंगे।”
उन्होंने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद की “बुराइयों” से निपटने के लिए एक एकीकृत मोर्चा बनाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें सुरक्षित ठिकानों को समाप्त करना और किसी भी राजनीतिक अपवाद को अस्वीकार करना शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्र की संप्रभुता पर हमला करने वाले राज्य-प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि दोहरे मापदंड के लिए कोई जगह नहीं है।
रक्षा मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि आतंकवादियों को उकसाने, आश्रय देने और सुरक्षित ठिकाने मुहैया कराने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने में दक्षिण अफ्रीकी परिषद (एससीओ) को हिचकिचाना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा, “आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से बिना किसी अपवाद के निपटकर हम क्षेत्रीय सुरक्षा को एक चुनौती से शांति और समृद्धि की आधारशिला में बदल सकते हैं।”
आतंकवाद विरोधी उपायों को सर्वोपरि बताते हुए श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि संगठन आतंकवाद के खिलाफ इस खतरे से लड़ने के लिए ऐसे कृत्यों और विचारधाराओं की निंदा करता है। उन्होंने पिछले वर्ष के तियानजिन घोषणापत्र का जिक्र किया, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ भारत का दृढ़ और सामूहिक रुख स्पष्ट हुआ था।
उन्होंने इसे आतंकवाद और इसके अपराधियों के प्रति देश के शून्य सहिष्णुता दृष्टिकोण का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा, “सामूहिक विश्वसनीयता की असली कसौटी निरंतरता में निहित है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवाद की कोई राष्ट्रीयता या विचारधारा नहीं होती। राष्ट्रों को आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ और सामूहिक रुख अपनाना चाहिए।”
रक्षा मंत्री ने क्षेत्रीय आतंकवाद-विरोधी संगठन (एससीओ) की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की अध्यक्षता के दौरान राष्ट्राध्यक्षों द्वारा जारी 'आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद की ओर ले जाने वाले कट्टरपंथ का मुकाबला' विषय पर संयुक्त वक्तव्य इस संबंध में साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए, एससीओ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज की विश्वदृष्टि खंडित प्रतीत होती है और देश तेजी से अंतर्मुखी होते जा रहे हैं।
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27/04/26 |रक्षा मंत्री किर्गिस्तान के बिश्केक में SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे
आरएस अनेजा, 27 अप्रैल नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 28 अप्रैल को किर्गिस्तान के बिश्केक में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में एक उच्च-स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
इस बैठक के दौरान, विभिन्न सदस्य देशों के रक्षा मंत्री इस क्षेत्र की रक्षा और सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। अंतरराष्ट्रीय शांति, आतंकवाद-रोधी उपायों और SCO सदस्य देशों के बीच रक्षा सहयोग से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।
इस वर्ष की SCO बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया की स्थिति के कारण भू-राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिल रही है। इस क्षेत्र के सबसे बड़े राजनीतिक और आर्थिक संगठनों में से एक, SCO, मौजूदा संघर्ष के प्रभाव को कम करने के उपायों पर चर्चा कर सकता है।
रक्षा मंत्री, मौजूदा वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच, वैश्विक शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेंगे और आतंकवाद तथा उग्रवाद के प्रति 'शून्य सहनशीलता' (Zero Tolerance) की भारत की निरंतर नीति पर ज़ोर देंगे। बैठक के इतर, श्री राजनाथ सिंह के कुछ प्रतिभागी देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने की भी संभावना है।
SCO एक अंतर-सरकारी संगठन है जिसकी स्थापना 15 जून, 2001 को चीन के शंघाई में हुई थी। इसके सदस्य देशों में भारत, रूस, चीन, कज़ाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस शामिल हैं। भारत 2017 में इसका पूर्ण सदस्य बना और 2023 में इसकी बारी-बारी से मिलने वाली अध्यक्षता (Rotating Chairmanship) संभाली।
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23/04/26 |काहिरा में भारत और मिस्र के बीच 11वीं संयुक्त रक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई
आरएस अनेजा, 23 अप्रैल नई दिल्ली - भारत-मिस्र संयुक्त रक्षा समिति (जेडीसी) ने काहिरा में आयोजित अपनी 11 वीं बैठक में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग बढ़ाने की दिशा में सार्थक चर्चा की।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संयुक्त सचिव (अंतर्राष्ट्रीय सहयोग) अमिताभ प्रसाद ने किया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में रक्षा मंत्रालय और रक्षा बलों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे। मिस्र के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा बलों और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया।
दोनों पक्षों ने पिछली संयुक्त रक्षा सम्मेलन बैठक के बाद से हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा की। रक्षा सहयोग के लिए दोनों पक्षो ने एक दूरदर्शी रूपरेखा तैयार की। उन्होंने वर्ष 2026-27 के लिए एक द्विपक्षीय रक्षा सहयोग योजना पर सहमति व्यक्त की।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य संरचित सैन्य अंतःक्रिया तंत्रों का विस्तार करना, संयुक्त प्रशिक्षण आदान-प्रदान को मजबूत करना, समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ाना, सैन्य अभ्यासों के दायरे और जटिलता को बढ़ाना और रक्षा उत्पादन एवं प्रौद्योगिकी में सहयोग को बढ़ावा देना है।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय रक्षा उद्योग की तेजी से बढ़ती विनिर्माण क्षमताओं पर एक प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में यह दर्शाया गया कि इसका उत्पादन 20 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो चुका है। भारत 100 से अधिक देशों को लगभग 4 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के उत्पाद निर्यात कर रहा है। दोनों पक्षों ने रक्षा उद्योग सहयोग योजना विकसित करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की।
रक्षा उद्योग सहयोग भारत-मिस्र रक्षा संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ बनकर उभर रहा है। दोनों पक्ष रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में सह-विकास और सह-उत्पादन के अवसरों की खोज कर रहे हैं।
इस बैठक के दौरान नौसेना-से-नौसेना स्टाफ वार्ता का उद्घाटन किया गया। हिंद महासागर क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता को बढ़ावा देने में भारतीय नौसेना द्वारा निभाई गई उत्कृष्ट भूमिका को प्रस्तुत किया गया। समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने में भारत के सूचना संलयन केंद्र द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने मिस्र की वायु सेना (ईएएफ) के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अमर अब्देल रहमान साकर से भी मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच घनिष्ठ सहयोग के लिए मिस्र की वायु सेना कमांडर को धन्यवाद दिया।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने हेलीपोलिस युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय वीरों को श्रद्धांजलि दी।
भारत-मिस्र रक्षा साझेदारी में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सितंबर 2022 में रक्षा मंत्री की मिस्र यात्रा के दौरान रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) थी। द्विपक्षीय संबंधों को वर्ष 2023 में रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया गया। 11 वीं बैठक ने दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों की पुष्टि की। दोनों देशों ने क्षेत्रीय सुरक्षा एवं स्थिरता के प्रति उनकी पारस्परिक प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया।
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20/04/26 |जापान में 7.4 तीव्रता के भीषण भूकंप से कांपी धरती, 3 मीटर ऊंची सुनामी की चेतावनी जारी
र आरएस अनेजा, 20 अप्रैल नई दिल्ली - जापान के उत्तर-पूर्वी तट पर आज 20 अप्रैल 2026 को 7.4 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया है। यह भूकंप सोमवार दोपहर महसूस किया गया, जिसका केंद्र इवाते प्रांत के पास सानरिकु तट से लगभग 100 किमी दूर समुद्र में 10 किमी की गहराई पर था।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने इवाते, होक्काइडो और आओमोरी प्रांतों के कुछ हिस्सों के लिए 3 मीटर (लगभग 10 फीट) तक ऊंची सुनामी की चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने लोगों से तुरंत समुद्र तटों और नदी के किनारों से हटकर ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि इनका असर केंद्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर टोक्यो की इमारतों में भी महसूस किया गया। भूकंप की तीव्रता 7.4-7.5 बताई गई है।
सुरक्षा कारणों से तोहोकू शिंकानसेन बुलेट ट्रेन सेवा को टोक्यो और शिन-आओमोरी के बीच रोक दिया गया है। टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी फुकुशिमा दाइची और दाइनी परमाणु संयंत्रों की जांच कर रही है, हालांकि फिलहाल किसी बड़े नुकसान या विकिरण के स्तर में बदलाव की सूचना नहीं है।
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03/04/26 |मध्य पूर्व में आज, 3 अप्रैल 2026 की ताजा प्रमुख खबरें
मध्य पूर्व में आज, 3 अप्रैल 2026 को तनाव अपने चरम पर है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहा यह युद्ध अब सैन्य ठिकानों से आगे बढ़कर आर्थिक और नागरिक बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को निशाना बना रहा है।
इजरायल पर हमला
ईरान ने रात भर तेल अवीव और यरूशलेम पर मिसाइलें दागीं। रिपोर्टों के अनुसार, तेल अवीव के पास एक एयरोस्पेस सुविधा और पेटाह टिकवा शहर को निशाना बनाया गया है। इजरायली एयर डिफेंस सक्रिय है, लेकिन कुछ जगहों पर नुकसान की खबरें हैं।
कुवैत और जॉर्डन में हलचल
कुवैत ने अपनी सीमा में आते हुए संदिग्ध मिसाइलों और ड्रोनों को इंटरसेप्ट (मार गिराना) किया है। वहीं, ईरान ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन के अल-अजराक एयर बेस पर मौजूद अमेरिकी लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को बंद कर रखा है। आज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में बहरीन द्वारा लाए गए एक प्रस्ताव पर मतदान होना है, जो इस रास्ते को सुरक्षित रखने के लिए "सभी आवश्यक रक्षात्मक साधनों" के उपयोग की अनुमति मांगता है।
तेल की कीमतों में उछाल
युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। ब्रेंट क्रूड $141 प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जो 2008 के बाद का उच्चतम स्तर है। भारत और पाकिस्तान जैसे देशों में ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि देखी जा रही है।
ट्रंप का कड़ा रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगले 2-3 हफ्तों में ईरान पर और भी "बेहद कड़े" हमले किए जाएंगे। उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह रोकने का संकल्प दोहराया है।
चीन और रूस की प्रतिक्रिया
चीन ने मध्य पूर्व में बल प्रयोग का विरोध किया है और तनाव कम करने की अपील की है। दूसरी ओर, होर्मुज के बंद होने से रूसी तेल की मांग वैश्विक बाजार में अचानक बढ़ गई है।
कॉर्पोरेट जगत को धमकी
ईरान (IRGC) ने गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल और मेटा जैसी 18 प्रमुख अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी है। ईरान का आरोप है कि ये कंपनियां इजरायली और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को तकनीकी सहायता प्रदान कर रही हैं।
ईरान में पिछले 34 दिनों से इंटरनेट और ब्लैक आउट जारी है, जिससे वहां की सटीक आंतरिक स्थिति और मानवीय हताहतों की जानकारी जुटाना मुश्किल
हो रहा है।
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02/04/26 |मानवता के आधार पर मध्य पूर्व युद्ध के बीच हार्मुज में फसे नाविकों के भोजन का इंतजाम करे ईरान
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी गतिरोध के कारण स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। ताज़ा रिपोर्टों (अप्रैल 2026) के अनुसार, हजारों नाविक इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं और उनके सामने भोजन एवं पानी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
इस मानवीय संकट को लेकर वर्तमान स्थिति और उठाए जा रहे कदमों का विवरण नीचे दिया गया है:
लगभग 20,000 नाविक और 3,000 से अधिक जहाज** इस समय खाड़ी क्षेत्र और होर्मुज के आसपास फंसे हुए हैं।
नाविकों की ओर से अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को लगातार संदेश भेजे जा रहे हैं कि उनका ताजा खाना और पीने का पानी खत्म हो चुका है। कई जहाजों पर राशन की भारी किल्लत है और वे **पानी उबालकर पीने** को मजबूर हैं।
नाविक न केवल भूख-प्यास से बल्कि आसपास हो रही बमबारी और हमलों से भी डरे हुए हैं।
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण कड़ा कर दिया है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है:
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने जहाजों के गुजरने के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। जहाजों को अपनी क्रू लिस्ट, कार्गो विवरण और अन्य दस्तावेज जमा करने पड़ रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद, अभी तक ईरान की ओर से फंसे हुए सभी नाविकों के लिए भोजन की कोई व्यवस्थित और बड़ी मानवीय सहायता की आधिकारिक घोषणा सार्वजनिक नहीं हुई है। हालांकि, ईरान ने कहा है कि वह 'मित्र देशों' के जहाजों की आवाजाही में समन्वय कर रहा है।
इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन (ITF) को नाविकों से लगातार मदद के गुहार मिल रहे हैं। उन्होंने सदस्य देशों से नाविकों के कल्याण और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए समन्वय करने की अपील की है।
संयुक्त राष्ट्र की संस्था इंटरनेशनल मैरिटाइम ऑर्गेनाइजेशन (IMO) ने फंसे हुए जहाजों और नाविकों को निकालने के लिए एक **'सुरक्षित समुद्री गलियारा' (Safe Corridor)** बनाने की मांग की है।
भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और उनकी स्थिति पर करीब से नजर रखी जा रही है। भारतीय जहाजों को फिलहाल होर्मुज से गुजरने के लिए विशेष अनुमति की आवश्यकता नहीं बताई गई है।
स्थिति यह है कि जब तक संघर्ष विराम या कोई सुरक्षित मानवीय गलियारा नहीं बनता, तब तक नाविकों तक भोजन पहुँचाना एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी। मानवीय आधार पर ईरान और अन्य पड़ोसी देशों को इन नाविकों तक बुनियादी रसद पहुँचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की तुरंत आवश्यकता है।
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23/03/26 |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर लोकसभा को संबोधित किया
आरएस अनेजा, 23 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज लोकसभा को पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और इससे भारत के समक्ष उत्पन्न व्यापक चुनौतियों के विषय पर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह संकट तीन सप्ताह से अधिक समय से जारी है, जिसके वैश्विक अर्थव्यवस्था और जनजीवन पर गंभीर दुष्परिणाम हुए हैं। प्रधानमंत्री ने इसके समाधान की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। श्री मोदी ने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा, "पूरी दुनिया सभी पक्षों से इस संकट के शीघ्र समाधान का आग्रह कर रही है।"
भारत के समक्ष विद्यमान चुनौतियों की प्रकृति पर विस्तार से चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध ने अभूतपूर्व आर्थिक, राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय दबाव पैदा कर दिया है। उन्होंने कहा कि युद्धग्रस्त और युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक संबंध हैं, संघर्ष क्षेत्र महत्वपूर्ण व्यापार मार्गों पर स्थित है और भारत की कच्चे तेल और गैस की आवश्यकताओं का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से पूरा होता है। खाड़ी देशों में रहने और काम करने वाले लगभग एक करोड़ भारतीयों और उन जलक्षेत्रों में वाणिज्यिक जहाजों पर सवार बड़ी संख्या में भारतीय चालक दल के सदस्यों की ओर ध्यान दिलाते हुए प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, "स्वाभाविक रूप से भारत की चिंताएं कहीं अधिक हैं, इसलिए यह आवश्यक है कि इस संकट पर भारत की संसद से एकजुट और सर्वसम्मत आवाज विश्व के सामने रखी जाए।"
प्रधानमंत्री ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार की त्वरित कार्रवाई का विवरण देते हुए सदन को सूचित किया कि युद्ध आरंभ होने के बाद से प्रभावित देशों में प्रत्येक भारतीय को आवश्यक सहायता प्रदान की गई है। श्री मोदी ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से दो चरण में अधिकांश पश्चिम एशियाई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बात की है, जिन्होंने भारतीयों की सुरक्षा के संबंध में पूर्ण आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा, "घायलों को बेहतर चिकित्सा उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है और ऐसी कठिन परिस्थितियों में शोक संतप्त परिवारों को आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है।"
प्रधानमंत्री ने विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए सक्रिय किए गए कांसुलर और संस्थागत सहायता ढांचे का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने बताया कि प्रभावित देशों में स्थित सभी भारतीय दूतावास निरंतर सहायता प्रदान कर रहे हैं, नियमित रूप से सलाह जारी कर रहे हैं, और भारत तथा अन्य प्रभावित देशों में चौबीसों घंटे चलने वाले नियंत्रण कक्ष और आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित किए गए हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सक्रिय लोकसम्पर्क पर बल देते हुए कहा, "इन तंत्रों के माध्यम से सभी प्रभावित लोगों को, चाहे वे भारतीय श्रमिक हों या पर्यटक, तुरंत जानकारी प्रदान की जा रही है।"
प्रधानमंत्री ने निकासी अभियान की व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए सदन को सूचित किया कि युद्ध आरंभ होने के बाद से 3,75,000 से अधिक भारतीय सुरक्षित रूप से भारत लौट चुके हैं, जिनमें अकेले ईरान से लगभग 1,000 भारतीय शामिल हैं, जिनमें से 700 से अधिक युवा मेडिकल छात्र हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सीबीएसई ने खाड़ी देशों में स्थित भारतीय स्कूलों में निर्धारित कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं और शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहा है। सरकार के दृष्टिकोण का सारांश प्रस्तुत करते हुए श्री मोदी ने कहा, "सरकार संवेदनशील, सतर्क और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है।"
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा आपूर्ति के गंभीर मुद्दे पर स्वीकार किया कि बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, गैस, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुएं होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर भारत पहुंचती हैं, और युद्ध के बाद से जलडमरूमध्य से होकर माल ढुलाई करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सरकार का मुख्य ध्यान आम परिवारों को कठिनाइयों से बचाने पर रहा है। एलपीजी के घरेलू उपयोग को प्राथमिकता देने और इसके घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने जैसे उपायों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, "पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।"
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले एक दशक में अपनाई गई ऊर्जा विविधीकरण रणनीति विद्यमान संकट में कितनी कारगर साबित हुई है। उन्होंने सदन को बताया कि भारत ने पिछले 11 वर्षों में ऊर्जा आयात के अपने स्रोतों को 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों तक कर दिया है, जिससे किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हो गई है। इस दूरदर्शितापूर्ण दृष्टिकोण पर बल देते हुए श्री मोदी ने कहा, "आज की परिस्थितियों में, ऊर्जा सुरक्षा के संबंध में पिछले एक दशक में उठाए गए कदम और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।"
प्रधानमंत्री ने रणनीतिक भंडार के विषय पर कहा कि भारत ने संकट के ऐसे ही समय के लिए कच्चे तेल के भंडारण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने सदन को सूचित किया कि भारत के पास आज 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक का कार्यनीतिक पेट्रोलियम भंडार है और तेल कंपनियों के अलग-अलग भंडारों के अतिरिक्त 65 लाख मीट्रिक टन से अधिक का भंडार बनाने का कार्य जारी है। भारत के शोधन तंत्र में समग्र सुधार पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, "पिछले 11 वर्षों में हमारी शोधन क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।"
प्रधानमंत्री ने वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं के साथ सरकार की सक्रिय भागीदारी और खाड़ी जलमार्गों की सतर्क निगरानी का विस्तृत विवरण दिया, ताकि भारत को तेल, गैस, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुएं ले जाने वाले जहाजों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जा सके। समुद्री गलियारों को सुरक्षित रखने के लिए सभी वैश्विक साझेदारों के साथ निरंतर संवाद का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा, "इन प्रयासों के कारण, होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हमारे कई जहाज हाल ही में भारत पहुंच चुके हैं।"
प्रधानमंत्री ने भारत के घरेलू ऊर्जा परिवर्तन की बात करते हुए इथेनॉल मिश्रण में हुई असाधारण प्रगति पर प्रकाश डाला, जो एक दशक पहले मात्र 1-1.5 प्रतिशत से बढ़कर आज लगभग 20 प्रतिशत हो गया है। इससे तेल आयात में प्रति वर्ष लगभग साढ़े चार करोड़ बैरल की कमी आई है। उन्होंने रेलवे के विद्युतीकरण का भी उल्लेख किया, जिससे प्रति वर्ष लगभग 180 करोड़ लीटर डीजल की बचत हुई है। मेट्रो नेटवर्क का विस्तार 2014 में 250 किलोमीटर से कम से बढ़कर आज लगभग 1,100 किलोमीटर हो गया है और केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को 15,000 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई गई हैं। भारत के ऊर्जा भविष्य में विश्वास जताते हुए, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जोर देकर कहा, "वैकल्पिक ईंधनों पर आज जिस स्तर पर काम हो रहा है, उससे भारत का भविष्य और भी सुरक्षित होगा।"
व्यापक आर्थिक प्रभावों पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि ऊर्जा आधुनिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और पश्चिम एशिया वैश्विक ऊर्जा आवश्यकताओं का एक प्रमुख स्रोत है, जिससे वर्तमान संकट विश्व भर की अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक चुनौती बन गया है। उन्होंने सदन को सूचित किया कि सरकार मजबूत आर्थिक आधारभूत सिद्धांतों, सेक्टर-विशिष्ट हितधारकों के परामर्श और भारत की आयात-निर्यात श्रृंखला में हर कठिनाई का आकलन और समाधान करने के लिए प्रतिदिन बैठक करने वाले एक समर्पित अंतर-मंत्रालयी समूह द्वारा समर्थित एक व्यापक अल्पकालिक, मध्यम-अवधि और दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है। श्री मोदी ने आशा व्यक्त करते हुए कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार और उद्योग के संयुक्त प्रयासों से हम इन परिस्थितियों का प्रभावी ढंग से सामना करने में सक्षम होंगे।"
कृषि पर युद्ध के प्रभाव के बारे में प्रधानमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि भारत के किसानों ने पर्याप्त खाद्यान्न भंडार सुनिश्चित कर लिया है और सरकार खरीफ की उचित बुवाई को सुविधाजनक बनाने के लिए काम कर रही है तथा हाल के वर्षों में मजबूत आपातकालीन खाद्य व्यवस्थाएं बनाई हैं। कोविड-19 महामारी और उससे संबंधित वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के दौरान भी, जब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में यूरिया की कीमतें 3,000 रुपये प्रति बोरी तक पहुंच गईं थीं, तब भी सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि भारतीय किसानों को वही बोरी 300 रुपये से कम में मिले। श्री मोदी ने कहा, "पहले भी हमारी सरकार ने वैश्विक संकटों का बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया।"
भारतीय कृषि को बाहरी झटकों से बचाने के लिए उठाए गए संरचनात्मक कदमों का विस्तार से उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले दशक में छह नए यूरिया संयंत्र चालू किए गए हैं, जिससे वार्षिक उत्पादन क्षमता में 76 लाख मीट्रिक टन से अधिक की वृद्धि हुई है। डीएपी और एनपीकेएस उर्वरकों का घरेलू उत्पादन लगभग 50 लाख मीट्रिक टन बढ़ा है और उर्वरक आयात के स्रोतों में विविधता लाई गई है। इन प्रयासों की व्यापकता पर बल देते हुए, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, "जिस प्रकार हमने तेल और गैस आयात को विविधीकृत किया है, उसी प्रकार हमने डीएपी और एनपीकेएस के आयात के विकल्पों का भी विस्तार किया है।"
प्रधानमंत्री ने मेड-इन-इंडिया नैनो यूरिया जैसे नवोन्मेषणों के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और डीजल पर किसानों की निर्भरता को कम करने के लिए पीएम-कुसुम योजना के तहत 22 लाख से अधिक सौर पंपों के वितरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।
जारी युद्ध के बीच गर्मी के मौसम में बिजली की बढ़ती मांग की चुनौती का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने सदन को सूचित किया कि देश भर के सभी बिजली संयंत्रों में पर्याप्त कोयले का भंडार उपलब्ध है और भारत ने लगातार दूसरे वर्ष 100 करोड़ टन कोयले के उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिजली उत्पादन से लेकर बिजली आपूर्ति तक सभी प्रणालियों की निरंतर निगरानी की जा रही है और पिछले दशक में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में हुई अभूतपूर्व प्रगति से सरकार की तैयारियों को अत्यधिक मजबूती मिली है। भारत की कुल संस्थापित बिजली उत्पादन क्षमता का आधा हिस्सा अब नवीकरणीय स्रोतों से आता है और देश की कुल नवीकरणीय क्षमता 250 गीगावाट के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुकी है। श्री मोदी ने कहा कि अकेले सौर ऊर्जा क्षमता पिछले 11 वर्षों में लगभग 3 गीगावाट से बढ़कर 140 गीगावाट हो गई है, लगभग 40 लाख रूफटॉप सौर पैनल लगाए गए हैं, गोबर्धन योजना के तहत 200 संपीड़ित बायोगैस संयंत्र अब चालू हैं, और परमाणु ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, साथ ही एक नई स्वीकृत लघु जल विद्युत विकास योजना भी है जो अगले पांच वर्षों में 1,500 मेगावाट क्षमता जोड़ेगी। उन्होंने जोर देकर कहा, "ये सभी प्रयास आज देश की बहुत सेवा कर रहे हैं, और वे भारत के ऊर्जा भविष्य को और भी अधिक सुरक्षित बनाएंगे।"
प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत की राजनयिक प्रतिक्रिया के संबंध में कहा कि भारत का रुख शुरू से ही स्पष्ट रहा है, जिसमें गहरी चिंता व्यक्त करना, तनाव कम करने की पक्षधरता करना और नागरिकों तथा ऊर्जा एवं परिवहन अवसंरचना पर हमलों का विरोध करना शामिल है। उन्होंने सदन को सूचित किया कि उन्होंने सभी संबंधित पश्चिम एशियाई नेताओं से बातचीत की है और उनसे तनाव कम करने और संघर्ष समाप्त करने का आग्रह किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में अवरोध पैदा करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "युद्ध के माहौल के बीच भी, भारत कूटनीति के माध्यम से भारतीय जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।"
मानवता और शांति के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत और कूटनीति ही इस समस्या का समाधान है। यह उल्लेख करते हुए कि भारत का हर प्रयास तनाव कम करने और शत्रुता को समाप्त करने की दिशा में निर्देशित है और इस युद्ध में किसी भी जीवन को खतरे में डालना मानवता के हितों के विरुद्ध है, श्री मोदी ने कहा, "भारत का प्रयास सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करना है।"
प्रधानमंत्री ने सदन का ध्यान संकट के आंतरिक सुरक्षा पहलू की ओर भी दिलाया और चेतावनी दी कि कुछ तत्व ऐसी स्थितियों का लाभ उठाने की कोशिश कर सकते हैं। सदन को यह सूचित करते हुए कि सभी कानून-व्यवस्था एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है और तटीय, सीमा, साइबर और रणनीतिक प्रतिष्ठानों सहित सभी क्षेत्रों में सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सावधान किया, "चाहे वह तटीय सुरक्षा हो, सीमा सुरक्षा हो, साइबर सुरक्षा हो या रणनीतिक प्रतिष्ठान, सभी की सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है।"
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि इस युद्ध के कारण उत्पन्न कठिन वैश्विक परिस्थितियां लंबे समय तक बनी रहने की संभावना है। उन्होंने राष्ट्र से कोविड-19 महामारी के समय की तरह ही एकजुट बने रहने और तैयार रहने की अपील की। श्री मोदी ने धैर्य, संयम और सतर्कता बरतने का आग्रह करते हुए तथा झूठी अफवाहें फैलाने, कालाबाजारी करने या जमाखोरी करने वालों के प्रति सावधान करते हुए सदन के माध्यम से सभी राज्य सरकारों से ऐसे तत्वों की कड़ी निगरानी और उनके विरूद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की। राष्ट्र के सामूहिक संकल्प में अपनी अटूट आस्था व्यक्त करते हुए, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, "जब इस देश की हर सरकार और हर नागरिक एक साथ चलेंगे, तभी हम हर चुनौती का सामना कर सकते हैं। यही हमारी पहचान है और यही हमारी शक्ति है।"