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    विकसित भारत @2047: 'उद्यम और सहानुभूति' के संगम से रचेगा नया इतिहास - उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन

    आरएस अनेजा, 21 फरवरी नई दिल्ली - उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कॉर्पोरेट सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व (सीएसआर) शिखर सम्मेलन 2026 को संबोधित किया।

    उपराष्ट्रपति ने शिखर सम्मेलन के आयोजन और नेतृत्व, विचारों और कार्रवाई के आह्वान को एक साथ लाने के लिए टाइम्स ऑफ इंडिया समूह की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब संस्थाएं मिलकर काम करती हैं, तो समाज और राष्ट्र सामूहिक रूप से आगे बढ़ते हैं। उन्‍होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत के इस परिवर्तनकारी दौर में ऐसा सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में भारत की प्रगति का उल्‍लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत विश्व की दसवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि संरचनात्मक सुधारों, समावेशी विस्तार, डिजिटल कनेक्टिविटी, वित्तीय समावेशन और अवसंरचना विकास ने 25 करोड़ से अधिक नागरिकों को अत्यधिक गरीबी से बाहर निकाला है और सभी क्षेत्रों और समुदायों में आकांक्षाओं को बढ़ाया है।

    उन्होंने कहा कि विकास के अगले चरण में सरकार, उद्योग और नागरिक समाज के बीच गहन साझेदारी की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व अब हाशिए पर नहीं बल्कि राष्ट्रीय प्रगति के केंद्र में है। उन्होंने सीएसआर को उस क्षेत्र के रूप में वर्णित किया जहां उद्यम और सहानुभूति आपस में मिलते है, जहां वित्तीय विवरण मानवीय कहानियों से जुड़ते हैं और जहां विकास को एक उद्देश्य मिलता है।

    आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि विकास व्यापक होना चाहिए, समृद्धि समावेशी होनी चाहिए और सतत विकास अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सीएसआर सार्वजनिक शिक्षा को मजबूत करके, दूरस्थ क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाकर, उद्योग-अनुकूल कौशल विकास को बढ़ावा देकर, महिला नेतृत्व वाले उद्यमों का समर्थन करके और नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन से निपटने की पहलों के माध्यम से हरित परिवर्तन को गति देकर एक परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकता है।

    उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि सीएसआर केवल कानून का पालन करना ही नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि ईमानदार करदाता सबसे अधिक देशभक्त नागरिकों में से हैं और जब भारतीय कॉर्पोरेट जगत समुदायों, स्थिरता, युवाओं और नवाचार में निवेश करता है तो इससे सामाजिक पूंजी का निर्माण होता है और दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित होता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत प्रौद्योगिकी को अपनाने वाले देश से नवप्रवर्तक देश बनने की ओर अग्रसर है और उसे ऐसे नवाचार करने के लिए प्रेरित होना चाहिए जिन्हें दुनिया अपना सके।

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    इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान प्रधानमंत्री और मॉरीशस के प्रधानमंत्री के बीच द्विपक्षीय वार्ता

    आरएस अनेजा, 21 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के अवसर पर मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम के साथ द्विपक्षीय बैठक की।

    प्रधानमंत्री रामगुलाम की सितंबर 2025 की राजकीय यात्रा के पश्चात, उनके वर्तमान कार्यकाल में यह दूसरी भारत यात्रा है। यह मुलाकात 09 फरवरी 2026 को दोनों नेताओं के बीच हुई टेलीफोन बातचीत के बाद हुई है।

    दोनों नेताओं ने उन्नत रणनीतिक साझेदारी की प्रगति और व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं डिजिटल सहयोग जैसे बहुआयामी क्षेत्रों में जुड़ाव की समीक्षा की। उभरती प्रौद्योगिकियों की बढ़ती प्रासंगिकता को स्वीकार करते हुए, उन्होंने समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवाचार-आधारित क्षेत्रों में सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

    दोनों नेताओं ने मॉरीशस की विकास प्राथमिकताओं के समर्थन में भारत द्वारा दिए गए विशेष आर्थिक पैकेज के कार्यान्वयन की समीक्षा की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि मॉरीशस भारत की विकास साझेदारी के लिए एक रोल मॉडल है, जो आपसी विश्वास और प्रगति के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत के विजन महासागर (MAHASAGAR) और नेबरहुड फर्स्ट नीति के तहत भारत-मॉरीशस साझेदारी के स्थायी महत्व की पुष्टि की। उन्होंने आपसी समृद्धि और ग्लोबल साउथ की साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में इस साझेदारी के योगदान पर विशेष बल दिया।

    दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग को और अधिक मजबूत करने तथा हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि में योगदान देने के लिए मिलकर काम करना जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।

  • दैनिक खबर पर प्रस्तुत है 21 फरवरी, 2026 के ताजा समाचार

    दैनिक खबर पर प्रस्तुत है 21 फरवरी, 2026 के ताजा समाचार

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    "भविष्य की ओर भारत: इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के प्रतिनिधियों ने उपराष्ट्रपति से की मुलाकात, नवाचार और समावेशिता पर हुई चर्चा"

    आरएस अनेजा, 20 फरवरी नई दिल्ली - इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 में भाग लेने वाले सीईओ और प्रतिनिधियों के एक समूह ने उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की।

    उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) किस प्रकार वैश्विक कार्य परिदृश्य को मौलिक रूप से बदल रही है और नए अवसरों के द्वार खोल रही है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और रोजगार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में एआई की परिवर्तनकारी क्षमता पर कहा कि भारत बड़े पैमाने पर एआई-संचालित नवाचार और तैनाती से लाभ उठाने के लिए विशिष्ट रूप से तैयार है। उन्होंने एक मजबूत और सहयोगात्मक एआई इकोसिस्टम के निर्माण में निरंतर सहयोग के लिए भारत एआई मिशन के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

    प्रतिनिधियों ने शिखर सम्मेलन को व्यापकता और प्रभाव के लिहाज से शानदार बताया, जिसमें देश भर के उभरते हुए युवाओं की प्रतिभा, नवोन्मेषी विचार और दूरदर्शी समाधानों का जीवंत प्रदर्शन हुआ। उन्होंने व्यावहारिक और नागरिक-केंद्रित अनुप्रयोगों पर भी चर्चा की, जिनमें संसदीय कार्यवाही में एआई द्वारा संचालित एक साथ भाषा अनुवाद का उपयोग शामिल है जो शासन में सुलभता, दक्षता और समावेशिता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा सकता है।

    उपराष्ट्रपति ने कहा कि एआई सटीकता बढ़ाती है, काम को आसान बनाती है और समाज को व्यापक रूप से सार्थक लाभ पहुंचाती है। एआई के भविष्य के प्रति प्रबल आशावाद व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह तकनीक न केवल मौजूदा भूमिकाओं को बदलेगी बल्कि पूरी तरह से नए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी करना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक महत्वपूर्ण पहल है जो देश को वैश्विक एआई परिदृश्य में एक प्रमुख खिलाड़ी और स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सुशासन में परिवर्तन के एक प्रमुख चालक के रूप में स्थापित करती है।

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    एआई और डीपटेक के साथ 'विकसित भारत' का संकल्प: प्रधानमंत्री मोदी ने की स्टार्टअप दिग्गजों के साथ रणनीतिक बैठक

    आरएस अनेजा, 20 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज सुबह सेवा तीर्थ में एआई और डीपटेक स्टार्टअप के सीईओ के साथ एक गोलमेज बैठक की।

    इस गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने वाले स्टार्टअप्‍स प्रमुख सेक्‍टरों में जनसंख्या-स्तरीय चुनौतियों का समाधान कर रहे हैं। स्वास्थ्य सेवा में, वे उन्नत निदान, जीन थेरेपी और कुशल रोगी रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए एआई का उपयोग करते हैं जिससे कि अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण देखभाल पहुंचाई जा सके। कृषि में, वे उत्पादकता बढ़ाने और जलवायु जोखिमों के प्रबंधन में सहायता के लिए भू-स्थानिक और अंडरवॉटर इंटेलीजेंस का लाभ उठाते हैं। इस समूह में साइबर सुरक्षा, नैतिक एआई, अंतरिक्ष, न्याय और शिक्षा तक स्थानीय भाषा में पहुंच के माध्यम से सामाजिक सशक्तिकरण और उद्यम उत्पादकता को सुदृढ़ करने के लिए पुरानी प्रणालियों के आधुनिकीकरण पर केंद्रित उद्यम भी शामिल हैं। ये सभी मिलकर एक ऐसे इकोसिस्‍टम का प्रतिनिधित्व करते हैं जो स्थानीय आवश्‍यकताओं को पूरा करते हुए एआई-संचालित नवोन्‍मेषण में वैश्विक नेतृत्व का निर्माण करता है।

    एआई स्टार्टअप्स ने भारत द्वारा अपने कृत्रिम बुद्धिमत्ता इकोसिस्‍टम को सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस सेक्‍टर के तीव्र विस्तार और अपार संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि एआई नवोन्‍मेषण और तैनाती की वैश्विक गति तेजी से भारत की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि देश अब एआई विकास के लिए एक सहायक और गतिशील वातावरण प्रदान करता है, जिससे वैश्विक एआई परिदृश्य में इसकी मजबूत उपस्थिति स्थापित हो रही है। उन्होंने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट की भी प्रशंसा की और इसे एआई से संबंधित वैश्विक चर्चाओं को आकार देने में देश की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतिबिंब बताया।

    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने साहसिक कदम उठाने और प्रभावशाली समाधान विकसित करने वाले नवप्रवर्तकों को बधाई दी। उन्होंने कृषि और पर्यावरण संरक्षण जैसे विभिन्न सेक्‍टरों में एआई प्रौद्योगिकी के उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा की, जिसमें मृदा स्वास्थ्य की रक्षा के लिए फसल उत्पादकता और उर्वरक उपयोग की निगरानी शामिल है। भारतीय भाषाओं और संस्कृति को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने मातृभाषा में उच्च शिक्षा के लिए एआई टूल्‍स के विस्तार का आह्वान किया।

    प्रधानमंत्री ने सुदृढ़ डेटा प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया, गलत सूचनाओं के प्रति सावधान किया और भारत की आवश्‍यकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करने का आग्रह किया। यूपीआई को सरल और विस्तार योग्य डिजिटल नवोन्‍मेषण का एक मॉडल बताते हुए, उन्होंने भारतीय कंपनियों में विश्वास जताया और घरेलू उत्पादों पर भरोसा करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने अंतरिक्ष सेक्‍टर में निजी भागीदारी बढ़ाने की बात भी कही और भारतीय स्टार्टअप्‍स में निवेशकों की मजबूत रुचि का उल्लेख किया।

    इस बैठक में एब्रिज, अदालत एआई, ब्रेनसाइटएआई, क्रेडो एआई, एका केयर, ग्लीन, इनोगल, इनवीडियो, माइको, ओरिजिन, प्रोफेज़, रासेन, रूब्रिक, सैटश्योर, सुपरनोवा और साइफा एआई के सीईओ और संस्थापक उपस्थित थे।

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    AI के भविष्य पर मंथन: दिल्ली में PM मोदी और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई की मुलाकात, भारत के टैलेंट को नई दिशा देने पर जोर

    आरएस अनेजा, 18 फरवरी नई दिल्ली - गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने आज दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद नरेंद्र मोदी ने कहा कि “दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट के दौरान सुंदर पिचाई से मिलकर बहुत अच्छा लगा।

    उन्होंने कहा कि AI में भारत जो काम कर रहा है, उसके बारे में बात हुई और गूगल इस फील्ड में हमारे टैलेंटेड स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स के साथ कैसे काम कर सकता है, इस पर भी बात हुई।

    मौजूदा समय में पिचाई इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने के लिए दिल्ली आए हुए हैं। समिट में उनका मुख्य संबोधन 20 फरवरी को प्रस्तावित है।

    इससे पहले पिचाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया था,"एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत में वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है।"

    दूसरी तरफ, इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में 19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन भाषण देंगे, जो वैश्विक सहयोग और समावेशी एवं जिम्मेदार एआई के लिए भारत के दृष्टिकोण को दिशा देगा।

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    6G से लेकर रक्षा तक: पीएम मोदी की फिनलैंड और स्पेन के साथ ऐतिहासिक मुलाकात, द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य

    आरएस अनेजा, 18 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो और स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज़ से मुलाकात करते हुए देशों के बीच व्यापार, रक्षा व अन्य क्षेत्रों में परस्पर सहयोग को बढ़ावा देने को लेकर चर्चा की।

    फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुलाकात करते हुए दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने का लक्ष्य रखा। दोनों नेताओं ने 6G, इनोवेशन, क्लीन एनर्जी, बायोफ्यूल, सर्कुलर इकोनॉमी जैसी फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि भारत-EU FTA के लिए उनके पर्सनल सपोर्ट के लिए उन्हें धन्यवाद दिया, जो भारत-यूरोप संबंधों में एक सुनहरे युग की शुरुआत करता है। भारत और फिनलैंड का लक्ष्य ट्रेड को दोगुना करना है, जिससे इकोनॉमिक लिंकेज को मज़बूती मिलेगी। हमने 6G, इनोवेशन, क्लीन एनर्जी, बायोफ्यूल, सर्कुलर इकोनॉमी जैसी फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने पर भी बात की।

    वहीं स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज़ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनोें ने इंडिया-स्पेन दोस्ती को बढ़ावा देने के तरीकों पर बात की, खासकर डिफेंस, सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी और दूसरे एरिया में। दोनों देश 2026 को इंडिया-स्पेन ईयर ऑफ कल्चर, टूरिज्म और AI के तौर पर मना रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा कि “दिल्ली में प्रेसिडेंट पेड्रो सांचेज़ के साथ एक अच्छी मीटिंग हुई। इंडिया-स्पेन दोस्ती को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा हुई, खासकर डिफेंस, सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी और दूसरे एरिया में। हमारे देश 2026 को इंडिया-स्पेन ईयर ऑफ़ कल्चर, टूरिज्म और AI के तौर पर मना रहे हैं। इससे लोगों के बीच जुड़ाव और गहरा होगा। यूनिवर्सिटीज़ का एक बड़ा डेलीगेशन भी इंडिया आया है, यह देखकर खुशी हुई। यह भी हमारे लोगों को जोड़ने में बहुत मदद करेगा।

    EU के साथ ऐतिहासिक FTA का स्पेन के साथ इकोनॉमिक पार्टनरशिप पर बहुत अच्छा असर पड़ेगा और हमारे देशों के लोगों को नए मौके मिलेंगे।

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    विशाखापट्टनम में समुद्री शक्ति का महाकुंभ: मित्र देशों के 70 जहाज शामिल होंगे 'इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू' आज राष्ट्रपति करेंगी आगाज़

    आरएस अनेजा, 18 फरवरी नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु विशाखापट्टनम में आज इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (आईएफआर) 2026 में शामिल होंगी। राष्ट्रपति देश की सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर होती हैं। इसी नाते वह इस कार्यक्रम का निरीक्षण करेंगी। भारत और 70 मित्र देशों के नेवल डेलिगेशन, जहाज़ों, सबमरीन और एयरक्राफ्टों लगभग 70 जहाजों राष्ट्रपति फ्लीट रिव्यू करेंगी।

    इससे पहले भारत वर्ष 2001 में मुंबई और 2016 में विशाखापत्तनम में आईएफआर का आयोजन कर चुका है। मित्र देशों के युद्धपोत, पनडुब्बियां और विमान समुद्र में एकत्र होकर अपनी ताकत और क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अहम भूमिका निभाने वाला भारतीय विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत इस बार का मुख्य आकर्षण रहेगा। मित्र देशों की नौसेनाएं भारत में निर्मित इस विमानवाहक पोत को नजदीक से देखेंगी।

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विक्रांत कैरियर बैटल ग्रुप इंडियन नेवी के अटैकिंग डिटरेंट पोस्चर का मेन हिस्सा था। उसने भारतीय नौसेना की रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसकी मौजूदगी के कारण पाकिस्तान नौसेना रक्षात्मक स्थिति में आने को मजबूर हुई और उसे जल्द युद्धविराम का अनुरोध करना पड़ा।

    आईएफआर 2026 के तहत अंतरराष्ट्रीय सिटी परेड, सांस्कृतिक प्रदर्शनियां और आम जनता से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य विश्व की समुद्री विरासत का उत्सव मनाना है। विशाखापट्टनम में भारतीय नौसेना के प्रमुख बहुपक्षीय अभ्यास ‘मिलन 26’ का 13वां संस्करण भी आयोजित हो रहा है। यह अभ्यास बंगाल की खाड़ी में पूर्वी नौसैनिक कमान के नेतृत्व में हो रहा है। इसमें 135 से अधिक देशों को आमंत्रित किया गया है।

    मिलन अभ्यास का उद्देश्य मित्र देशों की नौसेनाओं के बीच पेशेवर संबंध मजबूत करना, बेहतर अनुभव साझा करना और समुद्री सहयोग बढ़ाना है। इस अभ्यास में बड़े स्तर पर संयुक्त नौसैनिक अभियान चलाए जाएंगे, जिससे सभी देशों की नौसेनाओं को साथ मिलकर काम करने का अनुभव मिलेगा। इसके अलावा शहर में इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम सम्मेलन भी आयोजित किया जा रहा है। यह पहली बार है जब भारत एक साथ तीन बड़े समुद्री आयोजनों की मेजबानी कर रहा है।

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    सुरक्षित समंदर, साझा भविष्य: गोवा समुद्री सम्मेलन में होगी 14 देशों की रणनीतिक पहल

    आरएस अनेजा, 18 फरवरी नई दिल्ली - गोवा समुद्री सम्मेलन (जीएमसी-26) का पांचवां संस्करण 21 फरवरी 2026 को गोवा स्थित नौसैनिक युद्ध महाविद्यालय में आयोजित किया जाएगा।

    भारतीय नौसेना की एक प्रमुख रणनीतिक पहल के रूप में यह सम्मेलन हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) के समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों की सामूहिक बुद्धिमत्ता और परिचालन अनुभव को एक मंच पर लाकर समकालीन समुद्री चुनौतियों के समाधान हेतु परिणामोन्मुख विचार और व्यावहारिक समाधान विकसित करने का एक प्रमुख मंच बन चुका है।

    केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि होंगे। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी 14 देशों के नौसेना प्रमुखों, समुद्री बलों के प्रमुखों तथा वरिष्ठ प्रतिनिधियों के मेजबानी करेंगे। इन देशों में शामिल हैः बांग्लादेश, कोमोरोस, इंडोनेशिया, केन्या, मेडागास्कर, मलेशिया, मालदीव, मॉरीशस, म्यांमार, सेशेल्स, सिंगापुर, श्रीलंका, थाईलैंड और तंजानिया। इस वर्ष के सम्मेलन का विषय हैः 'हिंद महासागर क्षेत्र में साझा समुद्री सुरक्षा चुनौतियां - अवैध और अनियमित मत्स्य पालन तथा अन्य अवैध समुद्री गतिविधियों जैसे गतिशील खतरों को कम करने के लिए प्रयासों को आगे बढ़ाना'। यह विषय हिंद महासागर क्षेत्र में महत्वपूर्ण हित रखने वाले समुद्री देशों के बीच तालमेल, सहयोग और समन्वय अनिवार्य आवश्यकता को रेखांकित करता है।

    गोवा समुद्री संगोष्ठी और गोवा समुद्री सम्मेलन की स्थापना क्रमशः वर्ष 2016 और 2017 में की गई थी ताकि हिंद महासागर क्षेत्र के प्रमुख देशों के साथ सहयोगात्मक चिंतन और पारस्परिक समझ को बढ़ावा दिया जा सके। यह पहल ‘महासागर (एनएएचएएसएजीएआर)- क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास हेतु पारस्परिक एवं समग्र उन्नति’ की परिकल्पना के अनुरूप है। जीएमसी के माध्यम से समुद्री पड़ोसी देशों के साथ सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान की जाती है और समग्र क्षमता निर्माण के लिए साझा मार्ग निर्धारित किए जाते है। यह सम्मेलन द्विवार्षिक रूप से आयोजित किया जाता है और इससे पहले गोवा समुद्री संगोष्ठी का आयोजन किया जाता है, जो सहभागी देशों के बीच कार्य-स्तरीय बैठकों के माध्यम से एक आधारभूत कार्यक्रम के रूप में कार्य करता है।

    हिंद महासागर क्षेत्र  का समुद्री क्षेत्र को पारंपरिक एवं अपारंपरिक दोनों प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनका क्षेत्रीय सुरक्षा और आजीविका पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। समुद्री आतंकवाद, तस्करी, अवैध, अनियमित और बिना सूचना के मछली पकड़ना, समुद्री डकैती, सशस्त्र डकैती और अनियमित प्रवासन जैसे खतरे सुरक्षित समुद्र के लक्ष्य को लगातार कमजोर कर रहे हैं। जलवायु परिवर्तन, साइबर खतरे और अवैध जहाजरानी जैसी उभरती चुनौतियां इन जोखिमों को और बढ़ा देती हैं। इन खतरों की अंतरराष्ट्रीय और बहुआयामी प्रकृति को देखते हुए भागीदार देशों के बीच बेहतर और प्रभावी सहयोगात्मक तंत्र की आवश्यकता है।

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    भारत-आयरलैंड द्विपक्षीय वार्ता: दूरसंचार और डिजिटल भविष्य के लिए हाथ मिलाएंगे दो देश

    आरएस अनेजा, 18 फरवरी नई दिल्ली - केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नई दिल्ली स्थित संचार भवन में आयरलैंड के सार्वजनिक व्यय, अवसंरचना, लोक सेवा सुधार एवं डिजिटलीकरण मंत्री जैक चैम्बर्स के साथ एक द्विपक्षीय बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।

     

    भारतीय प्रतिनिधिमंडल में संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, दूरसंचार विभाग के सचिव अमित अग्रवाल तथा दूरसंचार विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। आयरिश प्रतिनिधिमंडल में आयरलैंड के सार्वजनिक व्यय, अवसंरचना, लोक सेवा सुधार एवं डिजिटलीकरण मंत्री जैक चैम्बर्स, भारत में आयरलैंड के राजदूत केविन केली तथा आयरलैंड सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित थे।

    बैठक में दूरसंचार, डिजिटल अवसंरचना, उभरती प्रौद्योगिकियों तथा नियामकीय सहयोग के क्षेत्रों में सहयोग को और सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इस अवसर पर दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ एवं मैत्रीपूर्ण संबंधों की पुनः पुष्टि की गई।

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    प्रधानमंत्री ने इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 के उद्घाटन की खास बातें सांझा कीं

    आरएस अनेजा, 17 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 को आइडिया, इनोवेशन और इरादे का एक मज़बूत मेल बताया।

    उद्घाटन की खास बातें बताते हुए, मोदी ने कहा कि एक्सपो ने दुनिया की भलाई के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को बनाने में भारतीय टैलेंट की असाधारण क्षमता को दिखाया।

    सबसे बढ़कर, इस इवेंट ने इंसानी तरक्की के लिए ज़िम्मेदारी से, सबको साथ लेकर और बड़े पैमाने पर AI का इस्तेमाल करने के भारत के कमिटमेंट को फिर से पक्का किया।

    X पर एक पोस्ट में, मोदी ने कहा कि “इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 आइडिया, इनोवेशन और इरादे का एक मज़बूत मेल था। इसने दुनिया की भलाई के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को बनाने में भारतीय टैलेंट की असाधारण क्षमता को दिखाया।

    सबसे बढ़कर, इसने इंसानी तरक्की के लिए ज़िम्मेदारी से, सबको साथ लेकर और बड़े पैमाने पर AI का इस्तेमाल करने के हमारे कमिटमेंट को फिर से पक्का किया। ये हैं खास बातें…”

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    प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति का भारत में स्वागत किया, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया

    आरएस अनेजा, 17 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का गर्मजोशी से स्वागत किया और भरोसा जताया कि यह दौरा भारत-फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

    इस दौरे की अहमियत बताते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुंबई और बाद में दिल्ली में हुई मुलाकातों से दोनों देशों के बीच स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को नई रफ़्तार मिलेगी। उन्होंने फिर से कहा कि उनके सहयोग से न केवल दोनों देशों को बल्कि बड़े ग्लोबल समुदाय को भी फ़ायदा होता रहेगा।

    X पर अलग-अलग पोस्ट में, मोदी ने लिखा कि “भारत में आपका स्वागत है!

    भारत आपके दौरे और हमारे आपसी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का इंतज़ार कर रहा है। मुझे भरोसा है कि हमारी बातचीत से सभी सेक्टर में सहयोग और मज़बूत होगा और ग्लोबल तरक्की में मदद मिलेगी।

    मुंबई में और बाद में दिल्ली में मिलते हैं, मेरे प्यारे दोस्त @EmmanuelMacron।”

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    रक्षा मंत्री और उनके फ्रांसीसी समकक्ष बेंगलुरु में 6वें वार्षिक रक्षा वार्ता की सह-अध्यक्षता करेंगे

    आरएस अनेजा, 15 फरवरी नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 17 फरवरी, 2026 को कर्नाटक के बेंगलुरु में फ्रांस की आर्म्ड फोर्सेज़ और वेटरन्स अफेयर्स मिनिस्टर कैथरीन वॉट्रिन के साथ 6वें इंडिया-फ्रांस एनुअल डिफेंस डायलॉग की को-चेयर करेंगे। मीटिंग में इंडस्ट्रियल कोलेबोरेशन को बढ़ाने पर फोकस के साथ, बाइलेटरल डिफेंस कोऑपरेशन के सभी पहलुओं का रिव्यू किया जाएगा।

    मीटिंग के दौरान, एक डिफेंस कोऑपरेशन एग्रीमेंट को अगले 10 सालों के लिए रिन्यू किए जाने की उम्मीद है, जिसमें दोनों डिफेंस मिनिस्टर्स की मौजूदगी में हैमर मिसाइलों की मैन्युफैक्चरिंग के लिए जॉइंट वेंचर पर एक MoU पर साइन किए जाने की संभावना है। इंडियन आर्मी और फ्रेंच लैंड फोर्सेज़ की जगहों पर ऑफिसर्स की आपसी तैनाती के बारे में भी एक अनाउंसमेंट होने की उम्मीद है।

    दोनों मिनिस्टर्स के कर्नाटक के वेमागल में प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी और फ्रांस के प्रेसिडेंट श्री इमैनुएल मैक्रों द्वारा टाटा एयरबस के H125 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर फाइनल असेंबली के वर्चुअल उद्घाटन के भी गवाह बनने की उम्मीद है।

    डिफेंस ट्रेडिशनली दोनों देशों के बीच रिश्तों का एक अहम पिलर रहा है। 2024-2025 में कई हाई-प्रोफाइल बातचीत के ज़रिए मज़बूत और लंबे समय तक चलने वाले दो-तरफ़ा रिश्ते साफ़ तौर पर दिखे। फ्रांस के राष्ट्रपति के रिपब्लिक डे परेड 2024 में चीफ़ गेस्ट के तौर पर आने से पहले, PM मोदी जुलाई 2023 में बैस्टिल डे परेड में गेस्ट ऑफ़ ऑनर थे।

    हाल ही में हुई इंडिया-EU सिक्योरिटी और डिफ़ेंस पार्टनरशिप, यूरोपियन देशों के साथ मिलकर काम करने को और मज़बूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मिलिट्री-टू-मिलिट्री सहयोग बढ़ रहा है। इंडिया और फ्रांस रेगुलर तौर पर तीन बड़ी एक्सरसाइज़ कर रहे हैं - आर्मी के साथ एक्सरसाइज़ शक्ति, नेवी के साथ एक्सरसाइज़ वरुण, और एयर फ़ोर्स के साथ एक्सरसाइज़ गरुड़, और कई दूसरे मौके पर भी।

    12 अक्टूबर, 2025 को फ्रांस की डिफ़ेंस मिनिस्टर बनने के बाद यह मिस कैथरीन वॉट्रिन का पहला इंडिया दौरा होगा। इंडिया-फ़्रांस एनुअल डिफ़ेंस डायलॉग, डिफ़ेंस और सिक्योरिटी सहयोग का रिव्यू करने और उसे गाइड करने के लिए एक स्ट्रक्चर्ड मिनिस्टीरियल-लेवल की दो-तरफ़ा मीटिंग है। मीटिंग का 5वां एडिशन 11-13 अक्टूबर, 2023 तक फ्रांस में हुआ।

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    थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ऑस्ट्रेलिया की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे

    आरएस अनेजा, 15 फरवरी नई दिल्ली - थल सेनाध्यक्ष (सीओएएस) जनरल उपेंद्र द्विवेदी 16 से 19 फरवरी 2026 तक ऑस्ट्रेलिया की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत करना और दोनों देशों के बीच बढ़ते तालमेल को बढ़ावा देना है।

    अपनी इस यात्रा के दौरान, सेना प्रमुख (सीओएएस) ऑस्ट्रेलिया के रक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे। इन मुलाकातों का मुख्य जोर दोनों सेनाओं के बीच आपसी एंगेजमेंट को बढ़ाना है, जिसमें ट्रेनिंग, संयुक्त युद्धाभ्यास, अनुभवों का आदान-प्रदान और एक-दूसरे की क्षमताओं को मजबूत करना शामिल है।

    सिडनी में, थल सेनाध्यक्ष (सीओएएस) फोर्सेस कमांड (एफओआरसीओएमडी), स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (एसओसीओएमडी) और 2nd डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा करेंगे। उल्लेखनीय है कि 2nd डिवीजन की टुकड़ियाँ ही द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास ऑस्ट्राहिंद (AUSTRAHIND) में भाग लेती हैं, जिसका अगला संस्करण 2026 में भारत में आयोजित होना है।

    कैनबरा पहुँचने पर जनरल उपेंद्र द्विवेदी का दिन की शुरुआत में औपचारिक स्वागत किया जाएगा और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इसके बाद, वे ऑस्ट्रेलियाई सेना के प्रमुख, लेफ्टिनेंट जनरल साइमन स्टुअर्ट से मुलाकात करेंगे। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और ऑस्ट्रेलियाई सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल साइमन स्टुअर्ट, दोनों ही यूएस आर्मी वार कॉलेज के 2015 बैच के एल्युमनाई रहे हैं।

    सहपाठी होने के नाते दोनों के बीच बहुत गहरे और मजबूत पेशेवर संबंध हैं, जो दोनों देशों के सैन्य रिश्तों को एक नई ऊँचाई देंगे। इस बैठक के बाद, ऑस्ट्रेलियन डिफेंस फोर्सेज हेडक्वार्टर में एक विस्तृत राउंड टेबल बैठक आयोजित की जाएगी। इस चर्चा का मुख्य एजेंडा रक्षा सहयोग, सैन्य आधुनिकीकरण और भविष्य के ऑपरेशन्स पर केंद्रित रहेगा। अपनी यात्रा के दौरान, सेना प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस कॉलेज के कमांडर से भी बातचीत करेंगे। इसके साथ ही, वे ऑस्ट्रेलियाई कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में वहां के सैन्य अधिकारियों को संबोधित भी करेंगे।

    बैठकों के इस सिलसिले में, थल सेनाध्यक्ष (सीओएएस) ऑस्ट्रेलिया के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस (सीडीएफ) और रक्षा विभाग के सचिव से मुलाकात करेंगे। इसके बाद, जनरल उपेंद्र द्विवेदी हेडक्वार्टर्स जॉइंट ऑपरेशंस कमांड (एचक्यूजीओसी) का दौरा करेंगे। यहाँ वे कमांडर जॉइंट ऑपरेशंस से भेंट करेंगे, जहाँ उन्हें ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बलों की कार्यप्रणाली (ऑपरेशनल डायनामिक्स) के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। इस दौरान उन्हें विशेष रूप से इंटीग्रेटेड और मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस के बारे में ब्रीफ किया जाएगा।

    अपनी यात्रा के दौरान, थल सेनाध्यक्ष (सीओएएस) ऑस्ट्रेलियन वॉर मेमोरियल पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे। यह गौरवशाली परंपरा दोनों देशों के साझा बलिदान और सैन्य सेवा की विरासत को सम्मान देने का प्रतीक है। इसके साथ ही, जनरल उपेंद्र द्विवेदी ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय पूर्व सैनिकों से भी मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात भारतीय सशस्त्र बलों और उनके पूर्व सैनिकों के बीच के अटूट और चिरस्थाई बंधन को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।

    यह यात्रा रक्षा सहयोग को और अधिक बढ़ाने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए संयुक्त रूप से योगदान देने की दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को फिर से दोहराती है।

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    "चीन की सरहद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'लैंडिंग', हाईवे बना रनवे, अनिल विज बोले : नॉर्थ ईस्ट जाने से कांग्रेस डरती थी, मोदी ने इतिहास रच दिया"

    चंडीगढ़, 14 फरवरी - असम के डिब्रूगढ़ में एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विमान हाईवे पर लैंड हुआ जिसे लेकर कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि सारे देश के लिए बहुत ही गर्व की बात है, जब प्रधानमंत्री ने आज हाईवे पर बहुत बड़े जहाज से लैंड किया।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस के तो प्रधानमंत्री नॉर्थ ईस्ट में चीन की वजह से जाने से डरते थे, कांग्रेस ने उस क्षेत्र को पूरे तरीके से नजरअंदाज करते हुए कोई विकास नहीं किया। हमारे प्रधानमंत्री मोदी के आने के बाद उन्होंने नॉर्थ ईस्ट पर विशेष ध्यान दिया है। वहां पर विकास हुआ, गाड़ियां चलाई गई, सड़कें बनाई गई और यह कीर्तिमान स्थापित किया कि वहां हाईवे पर जहाज उतर सकता है और उसे आज हाइवे पर उतार सारे विश्व को दिखा दिया है।  


    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार में सुरक्षा चक्र हुआ अभेद्य, 114 राफेल जेट्स से आसमान में बढ़ेगी भारत की धमक : अनिल विज


    देश के सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए भारतीय वायु सेना 114 राफेल जेट खरीदने जा रही है जिसे लेकर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि जब से नरेंद्र मोदी की सरकार आई है तब से देश की सुरक्षा के लिए हमारी सेनाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम हो रहे हैं। लगातार नए शस्त्र खरीदे जा रहे हैं और भारत स्वयं रक्षा क्षेत्र में तरक्की कर चुका है और रक्षा उत्पाद निर्यात भी कर रहा है।

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    टी-20 विश्वकप : भारत-नामीबिया का मुकाबला आज, सुबह मुकाबले में श्रीलंका ने ओमान को हराया

    आरएस अनेजा, 12 फरवरी नई दिल्ली - आईसीसी टी20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 में आज 12 फरवरी (गुरुवार) को सबसे बड़ा मुकाबला भारत और नामीबिया के बीच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम (शाम 7 बजे) में खेला जाएगा। इसके अलावा, टूर्नामेंट के छठे दिन अन्य मुकाबलों में नेपाल का सामना इटली से (मुंबई) होगा जबकि सुबह हुए मैच में श्रीलंका ने ओमान को मात दी।

    12 फरवरी 2026 के प्रमुख मुकाबले (T20 World Cup):

    भारत बनाम नामीबिया (IND vs NAM): शाम 7:00 बजे (IST), अरुण जेटली स्टेडियम, दिल्ली

    नेपाल बनाम इटली (NEP vs ITA): दोपहर 3:00 बजे (IST), वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई

    भारत-नामीबिया: यह भारत का टूर्नामेंट में दूसरा मैच है। दिल्ली पुलिस ने भारी भीड़ के कारण मेट्रो और ट्रैफिक के लिए स्पेशल एडवाइजरी जारी की है। इस मुकाबले में भारत जीता तो वह अपने ग्रुप में शीर्ष पर पहुंच जाएगा।

    इससे पहले आज सुबह श्रीलंका बनाम ओमान के मध्य सुबह पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम मुकाबला हुआ जिसमें श्रीलंका ने जोरदार बल्लेबाजी करते हुए ओमान को 105 रन से हराते हुए विजयी हासिल की।

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    "नेहरू ने जमीन बेची, इंदिरा ने पीओके लेने व चिकन नेक के साथ जमीन लेने के अवसर गवाए" – ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस की ऐतिहासिक भूलों पर राहुल गांधी को घेरा

    भारत आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में जितना सुरक्षित है उतना पहले कभी नहीं था : मंत्री अनिल विज

    मंत्री अनिल विज की राहुल गांधी को नसीहत - "पहले अपने परिवार का इतिहास पढ़ें, फिर बोलें"

    अम्बाला/चंडीगढ़, 12 फरवरी - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी 95वीं बार चुनाव हारकर अपने होश खो चुके हैं।

    पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री अनिल विज ने कहा कि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में जितना आज सुरक्षित है उतना पहले कभी नहीं था। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि राहुल गांधी को अपने परिवार का इतिहास जानना चाहिए, नेहरू जी ने 40 हजार स्क्वेयर किलोमीटर जगह चीन को बेच दी थी। इसी तरह 1971 युद्ध में इंदिरा गांधी ने 90 हजार युद्ध बंदी (पीओडब्ल्यू) जो हमारे पास थे वो पाकिस्तान को दे दिए, अगर चाहते तो उनका सौदा कर पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) मांग सकते थे।

    उन्होंने कहा हमने जंग में बंगलादेश को मुक्त कराया था। आज वहां चिकन नेक (भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को शेष भारत से जोड़ने वाला मार्ग) का इतना महत्व है, अगर ये चाहते तो बांगलादेश के ऊपर की जमीन मांग सकते थे। मगर इन्होंने गलतियों पर गलतियां की और इसका ठीकरा अब और जगह फोड़ना चाहते हैं।

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    दूसरे सुपर ओवर में साऊथ अफ्रीका ने अफगानिस्तान को हराकर जीता रोमांचक मुकाबला

    आरएस अनेजा, 11 फरवरी नई दिल्ली - आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में 11 फरवरी को ग्रुप-डी का अहम मुकाबला साऊथ अफ्रीका बनाम अफगानिस्तान के मध्य अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया जोकि एक इतिहास बन गया। दूसरे सुपर ओवर में मैच का निर्णय हुआ जिसमें दक्षिण अफ्रीका ने अफगानिस्तान को मात देते हुए रोमांचक तरीके से यह मैच जीत लिया।

    दूसरे सुपर ओवर में पहले बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने एक ओवर में 23 रन बनाते हुए अफगानिस्तान को 24 रन का लक्ष्य दिया जवाब में अफगानिस्तान 19 रन ही बना सकी और लक्ष्य से पिछड़ गई।

    इससे पहले मैच के पहले सुपर ओवर में पहले बल्लेबाजी करते हुए अफगानिस्तान ने एक ओवर में 17 रन बनाए, जवाब में साउथ अफ्रीका ने भी एक ओवर में 17 रन बनाते हुए मैच को फिर से टाई किया और मैच दूसरे सुपर ओवर में पहुंच गया।

    वहीं इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए साउथ अफ्रीका की टीम ने 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 187 रन स्कोरबोर्ड पर लगाए। अफगानिस्तान के लिए अजमतुल्लाह ने सबसे ज्यादा 3 शिकार किए। वहीं, कप्तान राशिद खान ने 2 विकेट चटकाए। इसके जवाब में अफगानिस्तान की टीम 20 ओवर में 187 रन के स्कोर पर सिमट गई। इस तरह मुकाबला सुपर ओवर में चला गया।

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    श्रीलंका में ऐतिहासिक प्रदर्शनी के बाद भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेष भारत वापस लाए गए

    आरएस अनेजा, 11 फरवरी नई दिल्ली - भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेष आज श्रीलंका से भारत वापस लाए गए। ये अवशेष कोलंबो के गंगारामया मंदिर में एक सप्ताह तक सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए रखे गए थे।

    मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और अरुणाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री चोवना मीन के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल, वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं और अधिकारियों के साथ, इन पवित्र अवशेषों को वापस ला रहा है, जिन्हें पहली बार अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी के लिए विदेश भेजा गया था। इस अवसर पर श्रीलंका के मंत्रियों और भारत के श्रीलंका में उच्चायुक्त की उपस्थिति में भंडारनायके अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर औपचारिक प्रस्थान समारोह आयोजित किया गया।

    सात दिवसीय प्रदर्शनी के दौरान श्रीलंका भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगारामया मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। इस दौरान दस लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने सार्वजनिक दर्शन में भाग लिया, जिससे यह यह आयोजन एक अहम आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उपलब्धि के रूप में स्थापित हुआ। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री, कैबिनेट मंत्री, संसद सदस्य, पूर्व राष्ट्रपति और अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित कई वरिष्ठ श्रीलंकाई नेताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

    प्रदर्शनी का उद्घाटन राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने किया। श्रीलंका सरकार ने इस ऐतिहासिक आध्यात्मिक आयोजन को संभव बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और भारत की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया। भारत की ओर से उद्घाटन समारोह में गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत और गुजरात के उपमुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी उपस्थित थे। जिसमें भारत और श्रीलंका के बीच साझा बौद्ध विरासत और सभ्यतागत संबंधों को प्रदर्शित किया गया।

    प्रदर्शनी के विस्तार के रूप में, "पवित्र पिपरावा का अनावरण" और "समकालीन भारत के पवित्र अवशेष और सांस्कृतिक जुड़ाव" नामक विशेष प्रदर्शनियों का आयोजन किया गया। इन प्रदर्शनियों में भारत और श्रीलंका के बीच साझा बौद्ध विरासत और सभ्यतागत संबंधों को प्रदर्शित किया गया।

    अप्रैल 2025 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की श्रीलंका यात्रा के दौरान घोषित इस ऐतिहासिक प्रदर्शनी ने भारत और श्रीलंका के प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को और गहरा किया है। इसने वैश्विक बौद्ध विरासत के संरक्षक के रूप में भारत की भूमिका और श्रीलंका के साथ जन-जन और सांस्कृतिक संबंधों को गहरा करने की भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को भी बल दिया है।

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    टी-20 वर्ल्ड कप : आज मैदान में उतरेंगे कई दिग्गज, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज का महा मुकाबला - देखे शेड्यूल

    आरएस अनेजा, 11 फरवरी नई दिल्ली - टी-20 वर्ल्ड कप के आज 11 फरवरी को पांचवें दिन बड़े मुकाबले हो रहे हैं। पहला मैच दक्षिण अफ्रीका बनाम अफगानिस्तान मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में सुबह 11:00 बजे शुरू हुआ। वर्तमान में दक्षिण अफ्रीका बल्लेबाजी कर रहा है।

    इसी तरह दिन का दूसरा मुकाबला ऑस्ट्रेलिया बनाम आयरलैंड है, यह मुकाबला कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में दोपहर 03:00 बजे खेला जाएगा।

    वहीं तीसरा व रोमांचक मुकाबला इंग्लैंड बनाम वेस्टइंडीज के बीच होगा, यह हाई-प्रोफाइल मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में शाम 07:00 बजे शुरू होगा।

    ग्रुप डी के ही दूसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड आमने-सामने होंगे। इस मैच से ऑस्ट्रेलिया इस वर्ल्ड कप में अपने अभियान का आगाज कर रही है। वहीं आयरलैंड को श्रीलंका के हाथों अपने पहले मैच में हार का सामना करना पड़ा था।

    मिशेल मार्श की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलिया की टीम में ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टॉयनिस और ट्रेविस हेड जैसे आक्रामक खिलाड़ी हैं। वहीं गेंदबाजी में टीम स्ट्रगल कर रही है। पैट कमिंस पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं, वहीं जोश हेजलवुड शुरुआती मुकाबले नहीं खेलेंगे, आयरलैंड में जोश लिटिल, हैरी टैक्टर और जॉर्ज डॉकरैल जैसे खिलाड़ी हैं जो इस टीम को एक मजबूत दावेदार बनाते हैं।

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    कनाडा के स्कूल में अंधाधुंध फायरिंग: 9 लोगों की मौत, मुख्य हमलावर ढेर

    ब्रिटिश कोलंबिया, 11 फरवरी 2026: कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत स्थित टम्बलर रिज सेकेंडरी स्कूल से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक अज्ञात हमलावर द्वारा की गई ताबड़तोड़ फायरिंग में 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हिंसक हमले में करीब 27 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के समय स्कूल परिसर में चीख-पुकार मच गई और छात्र अपनी जान बचाने के लिए इधर-बधर भागने लगे।

    स्थानीय पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुँचकर पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया और स्थिति को अपने नियंत्रण में लिया। पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मुख्य हमलावर (शूटर) भी मारा गया है। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ कई की हालत नाजुक बनी हुई है।

    प्रारंभिक जांच में पुलिस हमलावर की पहचान और इस भयानक कृत्य के पीछे के उद्देश्यों का पता लगाने में जुटी है। कनाडा सरकार और स्थानीय प्रशासन ने इस सामूहिक हत्याकांड की कड़ी निंदा की है और इसे शिक्षा संस्थान पर एक कायराना हमला करार दिया है। पूरे टम्बलर रिज इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और शोक की लहर व्याप्त है।

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    भारत ने सऊदी अरब के रियाद में वर्ल्ड डिफेंस शो 2026 में स्वदेशी डिफेंस ताकत दिखाई

    आरएस अनेजा, 10 फरवरी नई दिल्ली - रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने सऊदी अरब के रियाद में हुए वर्ल्ड डिफेंस शो (WDS) 2026 में एक हाई-लेवल भारतीय डेलीगेशन को लीड किया।

    वे WDS की ओपनिंग सेरेमनी देखने के लिए इंटरनेशनल हस्तियों के साथ शामिल हुए और इवेंट में पहले इंडिया पवेलियन का उद्घाटन किया, जिसमें डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (DPSUs) और प्राइवेट भारतीय कंपनियों द्वारा भारत की मैन्युफैक्चरिंग काबिलियत दिखाई गई। RRM ने सऊदी अरब मिलिट्री इंडस्ट्रीज (SAMI) और सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के एग्जीबिशन एरिया का भी दौरा किया, ताकि उनके लेटेस्ट स्वदेशी टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट का रिव्यू किया जा सके।

    संजय सेठ ने सऊदी अरब के एग्जीक्यूटिव अफेयर्स के असिस्टेंट रक्षा मंत्री डॉ. खालिद बिन हुसैन अल-बियारी के साथ चर्चा की, जिससे दोनों देशों की आर्म्ड फोर्सेज के बीच कोऑपरेशन और एंगेजमेंट बढ़ सके। उन्होंने सऊदी अरब जनरल अथॉरिटी फॉर डिफेंस डेवलपमेंट (GADD) के गवर्नर डॉ. फलेह बिन अब्दुल्ला अल-सुलेमान से भी मुलाकात की और भारत के ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के तौर पर उभरने पर रोशनी डाली। RRM ने GADD अधिकारियों को डिफेंस टेक्नोलॉजी के को-डेवलपमेंट के मौकों का पता लगाने के लिए भारत की R&D फैसिलिटीज़ का दौरा करने के लिए इनवाइट किया।

    संजय सेठ ने सऊदी अरब के जनरल अथॉरिटी ऑफ़ मिलिट्री इंडस्ट्रीज (GAMI) के गवर्नर, अहमद बिन अब्दुलअज़ीज़ अल-ओहाली से मुलाकात की और स्ट्रेटेजिक सहयोग के कॉमन एरिया और दोनों देशों के सप्लाई चेन इकोसिस्टम को मज़बूत करने के बारे में चर्चा की। RRM ने भारत की डिफेंस क्षमताओं का सीधा अनुभव लेने के लिए GAMI के नेतृत्व वाले एक जॉइंट डेलीगेशन के भारत दौरे का भी प्रस्ताव रखा।

    भारतीय दूतावास में आयोजित भारतीय और सऊदी डिफेंस कंपनियों के प्रमुखों को अपने संबोधन में, RRM ने डिफेंस ज़रूरतों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए भारत और सऊदी अरब के बीच जॉइंट सहयोग के महत्व पर ज़ोर दिया और "मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड" विज़न के तहत ग्लोबल सपोर्ट के लिए भारत के कमिटमेंट को हाईलाइट किया।

    RRM ने UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट और सऊदी राज्य की जन्मभूमि ‘दिरिया’ का भी दौरा किया। बाद में, उन्होंने भारतीय दूतावास में एक इवेंट में भारतीय डायस्पोरा को संबोधित किया। अपने भाषण में, उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और डिजिटल साक्षरता जैसे सभी सेक्टर में भारत की तरक्की पर ज़ोर दिया। RRM ने ‘राष्ट्र पहले’ वाले नज़रिए की वकालत की और सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय समुदाय को उनके सपोर्ट के लिए दूतावास के अधिकारियों की तारीफ़ की।

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    टी-20 विश्व कप 2026 : आज मैदान पर उतरेंगे दिग्गज, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड की साख दांव पर, पहले मैच में जीता नीदरलैंड

    आरएस अनेजा, 10 फरवरी नई दिल्ली - भारत-श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में हो रहे आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 का आज मंगलवार 10 फरवरी को चौथा दिन है। आज विभिन्न देशों में तीन और दिलचस्प मुकाबले होंगे।

    आज टी20 विश्व कप में तीन मैच खेले जाने हैं जिसमें पाकिस्तान, न्यूजीलैंड, यूएई, यूएसए, नामीबिया और नीदरलैंड की टीमें मैदान पर होने वाली हैं। इनमें से दो मुकाबले भारतीय जमीन पर खेले जाएंगे, जबकि एक मैच श्रीलंका में आयोजित होगा।

    आज का पहला मैच : नामीबिया बनाम नीदरलैंड में प्रात: 11 बजे हुआ। नामीबिया का ये मौजूदा विश्व कप संस्करण में पहला मैच था जहां वो अपनी छाप छोड़ने में सफल रहे। इस मैच में नीदरलैंड ने नामीबिया को सात विकेट से मात दी। पहले बल्लेबाजी करते हुए नामीबिया ने 8 विकेट पर 156 रन बनाए जिसके जवाब में नीदरलैंड ने 18 ओवर में तीन विकेट खोकर 158 रन बनाकर लक्ष्य हासिल किया।

    आज का दूसरा मैच : न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की टीमों के बीच खेला जाना है। ये ग्रुप-D का मुकाबला होगा। न्यूजीलैंड की टीम ने अपना पहला मैच अफगानिस्तान के खिलाफ 5 विकेट से जीतकर विजयी आगाज किया था। जबकि यूएई की टीम आज टूर्नामेंट में अपना पहला मैच खेलने उतरेगी।

    आज का तीसरा मैच : पाकिस्तान बनाम यूएसए (अमेरिका) के बीच खेला जाएगा। ये ग्रुप-ए का मुकाबला होगा। अब तक पाकिस्तान ने टूर्नामेंट में अपना पहला मैच नीदरलैंड के खिलाफ हांफते-हांफते जीतते हुए अपने अभियान का विजयी आगाज किया था। जबकि यूएसए की टीम को शानदार प्रदर्शन के बाद सूर्यकुमार यादव की तूफानी बल्लेबाजी झेलनी पड़ी और उन्हें भारत के खिलाफ हार झेलनी पड़ी थी।

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    भारत को जर्मनी में BIOFACH 2026 में 'कंट्री ऑफ़ द ईयर' चुना गया

    आरएस अनेजा, 10 फरवरी नई दिल्ली - भारत को BIOFACH 2026 में कंट्री ऑफ़ द ईयर चुना गया है। यह ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स के लिए दुनिया का सबसे बड़ा ट्रेड फेयर है। यह 10 से 13 फरवरी 2026 तक जर्मनी के नूर्नबर्ग में होने वाला है।

    भारत सरकार के कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्ट्री के तहत एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फ़ूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA), BIOFACH 2026 में भारत की भागीदारी को एक खास और असरदार मौजूदगी के साथ ऑर्गनाइज़ कर रही है। भारत की भागीदारी देश की समृद्ध खेती की विरासत और ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स के एक बड़े ग्लोबल सप्लायर के तौर पर उसकी ताकत को दिखाएगी।

    BIOFACH जर्मनी दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे असरदार प्रदर्शनी है जो खास तौर पर ऑर्गेनिक फ़ूड और खेती को समर्पित है। APEDA एक दशक से ज़्यादा समय से BIOFACH में भाग ले रहा है और इस इवेंट में लगातार अपनी मज़बूत मौजूदगी बनाए रखी है।

    BIOFACH 2026 में भारत का हिस्सा लेना पिछले एडिशन के मुकाबले काफी बड़ा है, जो भारतीय ऑर्गेनिक एक्सपोर्ट की बढ़ती पहुंच, ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स की ग्लोबल डिमांड और एक्सपोर्टर्स, एसोसिएशन्स और फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन्स (FPOs) की बढ़ती हिस्सेदारी को दिखाता है।

    14 साल के समय के बाद, भारत का ऑर्गेनिक खेती सेक्टर एक बार फिर BIOFACH 2026 में सेंटर स्टेज पर आने वाला है।

    APEDA का बनाया इंडिया कंट्री पैवेलियन 1,074 स्क्वायर मीटर एरिया में फैला होगा और इसमें 67 को-एग्जिबिटर्स होंगे, जिनमें ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्टर्स, फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन्स (FPOs), कोऑपरेटिव्स, ऑर्गेनिक लैब्स, राज्य सरकार के ऑर्गेनाइजेशन्स और कमोडिटी बोर्ड्स शामिल हैं। पैवेलियन में चावल, तिलहन, हर्ब्स, मसाले, दालें, काजू, अदरक, हल्दी, बड़ी इलायची, दालचीनी, आम प्यूरी और एसेंशियल ऑयल्स जैसे कई तरह के ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स दिखाए जाएंगे।

    इंडिया पवेलियन में 20 से ज़्यादा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एग्ज़िबिटर हिस्सा ले रहे हैं, जो देश की खेती और इलाके की अलग-अलग तरह की चीज़ों को दिखाता है। इनमें असम, मेघालय, मणिपुर, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, और उत्तराखंड शामिल हैं। इस हिस्सेदारी में इलाके के खास ऑर्गेनिक प्रोडक्ट और वैल्यू-एडेड फ़ूड प्रोडक्ट पर ज़ोर दिया गया है, जो दिखाता है कि भारत इंटरनेशनल ऑर्गेनिक ट्रेड में साल-दर-साल कैसे बढ़ रहा है।

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    रक्षा मंत्री ने नई दिल्ली में हेलेनिक गणराज्य के रक्षा मंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता की

    आरएस अनेजा, 10 फरवरी नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में हेलेनिक गणराज्य के रक्षा मंत्री निकोलाओस-जॉर्जियोस डेंडियास के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों मंत्रियों ने भारत-ग्रीस रणनीतिक साझेदारी शांति, स्थिरता, स्वतंत्रता और पारस्परिक सम्मान के साझा मूल्यों पर आधारित होने की बात दोहराई।

    दोनों देशों ने भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'एजेंडा 2030' के तहत ग्रीस के रक्षा सुधारों के बीच साझेदारी के माध्यम से अपने-अपने स्वदेशी रक्षा उद्योगों की क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया। भारत और ग्रीस के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के लिए एक संयुक्त आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए, यह पांच वर्षीय रोडमैप तैयार करने का प्रारंभिक बिंदु है।

    रक्षा मंत्रियों ने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और रणनीतिक सम्बंधों को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। 2026 के लिए एक द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना का भी आदान-प्रदान किया गया। इसमें दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच सैन्य गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की गई है।

    दोनों प्राचीन समुद्री राष्ट्रों के बीच विभिन्न प्रमुख समुद्री मुद्दों पर सहमति का भी उल्लेख किया गया। ग्रीस की ओर से गुरुग्राम स्थित सूचना संलयन केंद्र-हिंद महासागर क्षेत्र (आईएफसी-आईओआर) में एक ग्रीक अंतर्राष्ट्रीय संपर्क अधिकारी की नियुक्ति की घोषणा की गई।

    बैठक से पहले, ग्रीस के रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने मानेकशॉ केंद्र में त्रि-सेवा गार्ड ऑफ ऑनर का भी निरीक्षण किया।

    इस यात्रा के दौरान, हेलेनिक प्रतिनिधिमंडल ने बेंगलुरु में प्रमुख रक्षा एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों का दौरा किया और साथ ही नई दिल्ली में रक्षा उपक्रमों (डीपीएसयू), रक्षा उद्योग और स्टार्टअप प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। यह यात्रा दोनों देशों की सरकारों और लोगों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सौहार्दपूर्ण और घनिष्ठ संबंधों पर आधारित भारत और हेलेनिक गणराज्य के बीच रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि करती है।

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    देवभूमि की 'हरियाली' पर संकट: सैटेलाइट डेटा ने दी उत्तराखंड के जंगलों में बदलाव की चेतावनी

    आरएस अनेजा, 9 फरवरी नैनीताल - हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड के जंगलों और घास के मैदानों की सेहत अब पहले जैसी नहीं रही। आधुनिक सैटेलाइट तकनीक और डेटा विश्लेषण से यह खुलासा हुआ है कि पिछले दो दशकों में राज्य की वनस्पतियों के व्यवहार और घनत्व में चिंताजनक बदलाव आए हैं। आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जर्वेशनल साइंसेज (ARIES), नैनीताल के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक शोध में यह बात सामने आई है कि जलवायु परिवर्तन और मानवीय हस्तक्षेप हिमालयी इकोसिस्टम को गहराई से प्रभावित कर रहे हैं।

    22 सालों का डिजिटल लेखा-जोखा

    ARIES के वैज्ञानिक डॉ. उमेश डुमका के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने वर्ष 2001 से 2022 तक के आंकड़ों का विश्लेषण किया। इस अध्ययन के लिए Google Earth Engine (GEE) जैसे शक्तिशाली वैश्विक प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग किया गया, जिसने दो दशकों के विशाल सैटेलाइट डेटा को प्रोसेस करना संभव बनाया।

    एनडीवीआई : वनस्पतियों को मापने का पैमाना

    शोधकर्ताओं ने वनस्पतियों के स्वास्थ्य को मापने के लिए नॉर्मलाइज़्ड डिफरेंस वेजिटेशन इंडेक्स (NDVI) और एन्हांस्ड वेजिटेशन इंडेक्स (EVI) का सहारा लिया।

    • उच्च NDVI: घने जंगलों, स्वस्थ फसलों और आर्द्रभूमि को दर्शाता है।

    • निम्न NDVI: चट्टानों, रेत, बर्फ या बंजर भूमि का संकेत देता है।

    अध्ययन के अनुसार, उत्तराखंड में मानसून के ठीक बाद (Post-monsoon) हरियाली अपने चरम पर होती है, जबकि मानसून से पहले (Pre-monsoon) यह सबसे कम स्तर पर होती है। लेकिन पिछले 22 वर्षों के रुझान बताते हैं कि यह प्राकृतिक चक्र अब डगमगा रहा है।

    बदलते मिजाज के पीछे के मुख्य कारण

    अध्ययन में उन कारकों की पहचान की गई है जो उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुँचा रहे हैं:

    1. अंधाधुंध शहरीकरण: शहरों के विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास के कारण हरित क्षेत्र में कमी आई है।

    2. खेती का विस्तार और पेड़ों की कटाई: कृषि भूमि की बढ़ती मांग और अवैध कटाई ने जंगलों के घनत्व को प्रभावित किया है।

    3. बढ़ता प्रदूषण: इंडस्ट्रियल और शहरी स्रोतों से निकलने वाले प्रदूषण ने कुछ खास इलाकों में वनस्पतियों के विकास को धीमा कर दिया है।

    4. जलवायु परिवर्तन: तापमान में वृद्धि और बारिश के बदलते पैटर्न ने पौधों की 'लचीलापन' (Resilience) क्षमता को कम कर दिया है।

    खतरे की घंटी: क्यों है यह चिंताजनक?

    हिमालयी इकोसिस्टम की यह संवेदनशीलता सीधे तौर पर लाखों लोगों के जीवन से जुड़ी है। वनस्पतियों में आने वाला कोई भी बड़ा बदलाव न केवल जैव विविधता को खतरे में डालता है, बल्कि जल स्रोतों के सूखने और प्राकृतिक आपदाओं (जैसे भूस्खलन और बाढ़) के जोखिम को भी कई गुना बढ़ा देता है।

    "यह अध्ययन एक अर्ली-वार्निंग सिस्टम (पूर्व चेतावनी प्रणाली) की तरह है। यदि हम समय रहते अपनी नीतियों में बदलाव नहीं करते, तो हिमालयी संतुलन को फिर से बहाल करना नामुमकिन हो सकता है।" — डॉ. उमेश डुमका, प्रमुख शोधकर्ता, ARIES

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    आईएनएस सुदर्शिनी ने लोकायन 26 के पहले पोर्ट कॉल को पूरा किया, भारत–ओमान समुद्री संबंधों को मजबूत किया

    आरएस अनेजा, 9 फरवरी नई दिल्ली - भारतीय नौसेना की सेल ट्रेनिंग शिप आईएनएस सुदर्शिनी ने 05 फरवरी 2026 को सलालाह, ओमान में अपना पहला पोर्ट कॉल सफलतापूर्वक पूरा किया। यह यात्रा जहाज की महत्वाकांक्षी दस महीने की महासागरीय यात्रा लोकायन 26 में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई। इसका उद्देश्य भारत की समृद्ध समुद्री विरासत और विश्व परिवार (वसुधैव कुटुम्बकम) के सिद्धांत को दुनिया भर में प्रदर्शित करना है।

    भ्रमण के दौरान आईएनएस सुदर्शनिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने ओमान की रॉयल नेवी के साउदर्न नेवल एरिया कमांडर कैप्टन मोहम्मद अल ग़ैलेनी और रॉयल नेवी ऑफ़ ओमान के जहाज अल मोज़ेर के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन मोहम्मद अल महारी के साथ बातचीत की। इन संवादों में भारत और ओमान के बीच ऐतिहासिक समुद्री संबंधों को रेखांकित किया गया और दोनों नौसेनाओं के बीच मित्रता को और मजबूत किया गया। पेशेवर सहयोग को जारी रखते हुए जहाज ने रॉयल नेवी ऑफ़ ओमान के अधिकारियों के लिए भी एक यात्रा का आयोजन किया।

    लोगों के बीच संपर्क के प्रदर्शन में सेैल ट्रेनिंग जहाज आगंतुकों के लिए खुला था। स्कूल के बच्चो सहित 600 से अधिक आगंतुकों को तीन-मास्टेड बार्क का प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया और उन्हें महासागर में नौकायन की बारीकियों से परिचित कराया गया।

    आईएनएस सुदर्शिनी अब लोकायन 26 के अपने अगले चरण पर आगे बढ़ रही है और भारत की शाश्वत समुद्री विरासत को महासागरों में ले जा रही है। पाल फहराए और उत्साह बनाये रखते हुए, वह समुद्री उत्कृष्टता, मित्रता और सद्भावना का प्रतीक बनकर सेवा जारी रखती है।

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    इंडियन कोस्ट गार्ड का बड़ा एक्शन: समुद्र में अंतरराष्ट्रीय तेल तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़; 3 जहाज जब्त

    आरएस अनेजा, 7 फरवरी नई दिल्ली - इंडियन कोस्ट गार्ड (ICG) ने सावधानीपूर्वक प्लान किए गए समुद्र-हवाई कोऑर्डिनेटेड ऑपरेशन के ज़रिए एक इंटरनेशनल तेल तस्करी रैकेट का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया। इस ऑपरेशन ने संघर्ष वाले इलाकों से आने वाले बड़ी मात्रा में तेल और तेल-आधारित कार्गो के अवैध ट्रांसफर में शामिल एक जटिल नेटवर्क को खत्म कर दिया।

    मुंबई से लगभग 100 नॉटिकल मील पश्चिम में इंडियन कोस्ट गार्ड के जहाजों ने तीन संदिग्ध जहाजों को रोका। जहाजों की लगातार तलाशी, जहाज पर मिले इलेक्ट्रॉनिक डेटा की पुष्टि, दस्तावेजों का वेरिफिकेशन, और चालक दल के सदस्यों से विस्तृत पूछताछ से ICG की विशेषज्ञ बोर्डिंग टीमों को घटनाओं की पूरी कड़ी स्थापित करने और आपराधिक तौर-तरीकों की पुष्टि करने में मदद मिली।

    तस्करी सिंडिकेट एक ऐसे तरीके का इस्तेमाल करता था जिसमें सस्ता तेल समुद्री जहाजों द्वारा ले जाया जाता था और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में समुद्र के बीच में मोटर टैंकरों में ट्रांसफर किया जाता था। शुरुआती जांच में पता चला कि इस सिंडिकेट में कई देशों में काम करने वाले हैंडलर शामिल थे, जो समुद्र में जहाजों के बीच कार्गो की बिक्री और ट्रांसफर को कोऑर्डिनेट करते थे।

    यह ऑपरेशन ICG के टेक्नोलॉजी-सक्षम निगरानी प्रणालियों द्वारा पता चलने के बाद शुरू किया गया था, जिसने भारतीय विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के भीतर संदिग्ध गतिविधि में शामिल एक मोटर टैंकर की पहचान की थी। बाद में डिजिटल जांच और जहाजों की आवाजाही के डेटा पैटर्न के विश्लेषण से दो अतिरिक्त जहाजों की पहचान हुई जो टैंकर की ओर बढ़ रहे थे, जिन पर तेल-आधारित कार्गो के अवैध जहाज-से-जहाज ट्रांसफर में शामिल होने का संदेह था, जिससे भारत सहित तटीय राज्यों को देय भारी शुल्क से बचा जा सके।

    फिजिकल बोर्डिंग के माध्यम से डिजिटल सबूतों की पुष्टि होने पर, तीनों जहाजों को पकड़ लिया गया। शुरुआती निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि समुद्री कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा पता चलने से बचने के लिए जहाज अक्सर अपनी पहचान बदलते रहते थे। शुरुआती जांच से यह भी पता चलता है कि जहाजों के मालिक विदेशी देशों में रहते हैं। पकड़े गए जहाजों को आगे की जांच के लिए मुंबई ले जाया जाएगा और बाद में उचित कानूनी कार्रवाई के लिए भारतीय सीमा शुल्क और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंप दिया जाएगा।

    यह ऑपरेशन, जो उन्नत डिजिटल निगरानी के माध्यम से शुरू किया गया था और इंडियन कोस्ट गार्ड की बढ़ती समुद्री उपस्थिति द्वारा लागू किया गया था, एक बार फिर समुद्री क्षेत्र में एक नेट सुरक्षा प्रदाता के रूप में भारत की भूमिका और समुद्र में अंतरराष्ट्रीय नियमों पर आधारित व्यवस्था को सख्ती से लागू करने वाले के रूप में भारत की भूमिका को रेखांकित करता है।

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    भारत-अमेरिका इंतेज़ार व्यापार समझौते का आगाज़: पीएम मोदी ने बताया 'साझा समृद्धि' की ओर बड़ा कदम

    आरएस अनेजा, 7 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क पर हुए समझौते का स्वागत किया और इसे दोनों देशों के लिए बहुत अच्छी खबर बताया।

    प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और कहा कि यह फ्रेमवर्क भारत-अमेरिका साझेदारी की बढ़ती गहराई, विश्वास और गतिशीलता को दिखाता है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता किसानों, उद्यमियों, MSMEs, स्टार्ट-अप इनोवेटर्स और मछुआरों के लिए नए अवसर खोलकर 'मेक इन इंडिया' को मजबूत करेगा, साथ ही महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोज़गार पैदा करेगा।

    उन्होंने आगे कहा कि यह फ्रेमवर्क निवेश और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को गहरा करेगा, लचीली और भरोसेमंद सप्लाई चेन को मजबूत करेगा और वैश्विक विकास में योगदान देगा।

    विकसित भारत बनाने के भारत के विज़न को दोहराते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत भविष्य-उन्मुख वैश्विक साझेदारियों के लिए प्रतिबद्ध है जो लोगों को सशक्त बनाती हैं और साझा समृद्धि को बढ़ावा देती हैं।

    भारत और अमेरिका के बीच उपरोक्त अंतरिम समझौते के बारे में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री, श्री पीयूष गोयल के X पोस्ट पर जवाब देते हुए, मोदी ने X पर लिखा;

    “भारत और अमेरिका के लिए बहुत अच्छी खबर!

    हमने अपने दो महान देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क पर सहमति जताई है। मैं हमारे देशों के बीच मजबूत संबंधों के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के लिए उन्हें धन्यवाद देता हूं।

    यह फ्रेमवर्क हमारी साझेदारी की बढ़ती गहराई, विश्वास और गतिशीलता को दर्शाता है। यह भारत के मेहनती किसानों, उद्यमियों, MSMEs, स्टार्ट-अप इनोवेटर्स, मछुआरों और अन्य लोगों के लिए नए अवसर खोलकर 'मेक इन इंडिया' को मजबूत करता है। यह महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोज़गार पैदा करेगा।

    भारत और अमेरिका इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह फ्रेमवर्क हमारे बीच निवेश और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को और गहरा करेगा।

    यह फ्रेमवर्क लचीली और भरोसेमंद सप्लाई चेन को भी मजबूत करेगा और वैश्विक विकास में योगदान देगा। जैसे-जैसे भारत विकसित भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, हम ऐसी वैश्विक साझेदारियां बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो भविष्य-उन्मुख हों, हमारे लोगों को सशक्त बनाएं और साझा समृद्धि में योगदान दें।

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    रक्षा राज्य मंत्री तीसरे विश्व रक्षा प्रदर्शनी 2026 में भाग लेने के लिए सऊदी अरब जा रहे भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे

    आरएस अनेजा, 7 फरवरी नई दिल्ली - रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ 8 से 9 फरवरी 2026 तक सऊदी अरब में आयोजित होने वाले तीसरे विश्व रक्षा प्रदर्शनी (डब्ल्यूडीएस) 2026 में भाग लेने के लिए एक उच्च स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।

    इसमें 700 से अधिक प्रदर्शकों और लगभग 400 आधिकारिक प्रतिनिधिमंडलों के भाग लेने की उम्मीद है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में रक्षा उत्पादन विभाग और सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

    इस आयोजन में रक्षा राज्य मंत्री 400 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले पहले भारतीय पवेलियन का उद्घाटन करेंगे। यह पवेलियन रक्षा विनिर्माण और प्रौद्योगिकी में भारत की बढ़ती स्वदेशी क्षमताओं को प्रदर्शित करेगा। इसमें आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (एवीएनएल), एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यूईआईएल), मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड (एमआईएल), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (आईओएल), भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) और यंत्र इंडिया लिमिटेड (वाईआईएल) जैसे देश के सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख रक्षा उद्यम शामिल होंगे जो टैंक, तोप प्रणाली, मिसाइल, गोला-बारूद व रडार सहित अपने अन्य उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे।

    विश्व रक्षा प्रदर्शनी 2026 के अवसर पर रक्षा राज्य मंत्री और सऊदी अरब के उनके समकक्ष के बीच एक द्विपक्षीय बैठक की संभावना है। इसके अतिरिक्त, रक्षा राज्य मंत्री दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और औद्योगिक साझेदारी को बढ़ाने के लिए सऊदी अरब के प्रमुख उद्योग निकायों के प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत करेंगे।

    विश्व रक्षा प्रदर्शनी सऊदी अरब द्वारा आयोजित एक द्विवार्षिक अंतरराष्ट्रीय रक्षा प्रदर्शनी है। भारतीय रक्षा उद्योग के लिए इसका रणनीतिक महत्व काफी ज्यादा है क्योंकि यह न केवल भारत की स्वदेशीकरण पहलों, उन्नत तकनीकों और विनिर्माण क्षमताओं को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि वैश्विक रक्षा तंत्र में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूत करने के लिए भी एक अहम मंच के रूप में कार्य करता है।

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    वैभव सूर्यवंशी के तूफान में उड़े अंग्रेज, u-19 फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को हराकर जीता वर्ल्ड कप

    आरएस अनेजा, 6 फरवरी नई दिल्ली - भारत ने आज 6 फरवरी 2026 को इंग्लैंड को 100 रन से हराकर ICC अंडर-19 पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2026 का खिताब जीत लिया है। यह भारत का रिकॉर्ड छठा अंडर-19 विश्व कप खिताब है।

    फाइनल मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में 411/9 का विशाल स्कोर बनाया। जवाब में इंग्लैंड की टीम 40.2 ओवरों में 311 रन पर सिमट गई। मैच के हीरो भारत के 14 वर्षीय सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने केवल 80 गेंदों में 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे। यह किसी भी अंडर-19 विश्व कप फाइनल का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है।

    आयुष म्हात्रे ने 53 रनों का योगदान दिया। गेंदबाजी में आर.एस. अंबरीश ने 3 विकेट लिए, जबकि दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान ने 2-2 विकेट चटकाए।

    अंडर-19 विश्व कप 2026 फाइनल का स्कोरकार्ड

    भारत (India U-19) 411/9 (50 ओवर) वैभव सूर्यवंशी (175), आयुष म्हात्रे (53)

    इंग्लैंड (England U-19) 311 (40.2 ओवर) कालेब फाल्कनर (115), बेन डॉकिन्स (66)

    भारत ने इससे पहले 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में यह खिताब जीता था। यह फाइनल जिम्बाब्वे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला गया। महिला टीम की बात करें तो, भारत ने 2 फरवरी 2025 को लगातार दूसरा अंडर-19 महिला T20 विश्व कप भी जीता था।

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    ग्लोबल मंच पर भारतीय मॉडल: महिला नेतृत्व और समावेशी विकास पर भारत-ग्वाटेमाला के बीच रणनीतिक चर्चा

    आरएस अनेजा, 5 फरवरी नई दिल्ली - केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने न्यूयॉर्क में सामाजिक विकास आयोग की बैठक में ग्वाटेमाला की सामाजिक विकास उप मंत्री क्लाउडिया टेरेसा वैलेंजुएला लोपेज से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ग्वाटेमाला के साथ सौहार्दपूर्ण और पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी को और मजबूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।

    केंद्रीय मंत्री ने चर्चा के दौरान महिला नेतृत्व और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में भारत के समग्र सरकारी दृष्टिकोण पर बल दिया। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कौशल विकास, डिजिटल सशक्तिकरण और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी से जुड़ी प्रमुख पहलों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। इसके साथ ही, उन्होंने स्वयं-सहायता समूहों, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण, पीएम पोषण स्कूली भोजन योजना और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना जैसे प्रमुख कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए भारत के अनुभव सामने रखे और सर्वोत्तम नियमों को साझा करने की भारत की तत्परता भी व्यक्त की। लड़कियों के लिए शक्तिसैट वैश्विक एसटीईएम पहल में ग्वाटेमाला का शामिल होना अत्यंत प्रेरणादायक था।

    दोनों पक्षों ने लैंगिक समानता, गरीबी उन्मूलन, समावेशी विकास और संयुक्त राष्ट्र में बहुपक्षीय सहयोग के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने सामाजिक विकास, महिला सशक्तिकरण और स्वदेशी समुदायों के कल्याण के लिए और अधिक सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया।

    केंद्रीय मंत्री ने भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पंखुड़ी पोर्टल के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने लोगों को प्रेरित किया कि वे आंगनवाड़ी केंद्रों और बाल देखभाल गृहों का समर्थन करें और स्वैच्छिक व परोपकारी योगदान के माध्यम से भारत के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

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    शिखर की ओर भारत के कदम: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने माउंट एकॉनकागुआ जॉइंट अभियान को दिखाई हरी झंडी

    आरएस अनेजा, 5 फरवरी नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अर्जेंटीना में माउंट एकॉनकागुआ के लिए एक जॉइंट अभियान को हरी झंडी दिखाई। 6,961 मीटर ऊंचा यह पहाड़ दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी और एशिया के बाहर सबसे ऊंचा पहाड़ है। यह जॉइंट अभियान नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (NIM), उत्तरकाशी और जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स (JIM&WS), पहलगाम द्वारा किया जा रहा है।

    रक्षा मंत्री ने NIM और JIM&WS की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने कर्मियों को साहस, हिम्मत और दृढ़ संकल्प के साथ चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया है। टीम को अपनी शुभकामनाएं देते हुए, उन्होंने कहा कि इस मुश्किल चोटी पर चढ़ना सिर्फ शारीरिक सहनशक्ति की परीक्षा नहीं है, बल्कि नेतृत्व, टीम वर्क और मानसिक मजबूती की सच्ची परीक्षा है, जो भारत के बेहतरीन पर्वतारोहियों की पहचान है। उन्होंने विश्वास जताया कि टीम के सदस्य दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी और एशिया के बाहर सबसे ऊंचे पहाड़ पर चढ़ाई का अभियान सफलतापूर्वक पूरा करेंगे और देश को गर्व महसूस कराएंगे।

    छह सदस्यों की टीम में उच्च प्रशिक्षित प्रशिक्षक शामिल हैं - कर्नल हेम चंद्र सिंह, कैप्टन जी संतोष कुमार, श्री दीप बहादुर साही, श्री विनोद गुसाईं, नायब सूबेदार भूपिंदर सिंह और हवलदार रमेश कुमार। यह यात्रा 06 फरवरी, 2026 को शुरू होगी और उम्मीद है कि यह अभियान महीने के अंत तक पूरा हो जाएगा।

    माउंट एकॉनकागुआ पर प्राप्त ज्ञान, अनुभव और आत्मविश्वास देश भर में युवाओं, सशस्त्र बलों के कर्मियों और एडवेंचर के शौकीनों के लिए सुरक्षित, मजबूत और अधिक प्रभावी प्रशिक्षण में सीधे योगदान देगा। यह अभियान वैश्विक एडवेंचर और पर्वतारोहण में भारत की बढ़ती उपस्थिति का भी प्रतीक है।

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    विकसित भारत @2047: संयुक्त राष्ट्र में भारत ने रखा सामाजिक न्याय और समावेशी विकास का वैश्विक विजन

    आरएस अनेजा, 4 फरवरी नई दिल्ली - भारत ने "कोपेनहेगन से दोहा तक दूसरे विश्व सामाजिक विकास शिखर सम्मेलन के नतीजों का लाभ उठाने" पर संयुक्त राष्ट्र की चर्चा में अपने अधिकार-आधारित, समावेशी और जन-केंद्रित विकास दृष्टिकोण पर ज़ोर दिया। भारत का बयान देते हुए, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सामाजिक न्याय विकसित भारत@2047 के भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के केंद्र में है।

    यह याद दिलाते हुए कि कोपेनहेगन घोषणा ने लोगों को विकास के केंद्र में रखा था और दोहा राजनीतिक घोषणा ने उभरती वैश्विक चुनौतियों के बीच इस प्रतिबद्धता की पुष्टि की, मंत्री ने कहा कि भारत का "सबका साथ, सबका विकास" का शासन दर्शन सभी के लिए गरिमा, समानता और अवसर सुनिश्चित करने के लिए पूरे सरकार और पूरे समाज के दृष्टिकोण को दर्शाता है।

    भारत के बड़े पैमाने पर सामाजिक सुरक्षा और समावेशन उपायों पर प्रकाश डालते हुए, सावित्री ठाकुर ने बताया कि:

    800 मिलियन से अधिक लोग खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों के तहत कवर किए गए हैं

    550 मिलियन से अधिक नागरिक स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से मुफ्त स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करते हैं

    16,000 जन आरोग्य केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाएं और चिकित्सा उपकरण प्रदान किए जाते हैं

    1.45 मिलियन से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि स्थानीय शासन में सेवा कर रही हैं, जो जमीनी स्तर पर लोकतंत्र के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है

    बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी प्रमुख पहलें लड़कियों के लिए शिक्षा और वित्तीय सुरक्षा को मजबूत कर रही हैं

    श्रम सुधार समान वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल और महिलाओं की कार्यबल भागीदारी को बढ़ावा देते हैं

    बड़े पैमाने पर बिना गारंटी वाले ऋणों ने लाखों महिलाओं, उद्यमियों और स्ट्रीट वेंडरों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में प्रवेश करने में सक्षम बनाया है

    SMILE जैसी लक्षित योजनाएं ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और अन्य कमजोर समूहों के पुनर्वास और समावेशन का समर्थन कर रही हैं

    ठाकुर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत की विकास यात्रा डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और नागरिक भागीदारी को एकीकृत करती है, जिससे पारदर्शिता और अंतिम-मील तक डिलीवरी सुनिश्चित होती है।

    भारत के सभ्यतागत लोकाचार "वसुधैव कुटुंबकम" - दुनिया एक परिवार है - की पुष्टि करते हुए, मंत्री ने वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने और दुनिया भर में सामाजिक न्याय को आगे बढ़ाने के लिए अपने विकास अनुभव को साझा करने के लिए भारत की तत्परता व्यक्त की।

    इस सत्र में संयुक्त राष्ट्र के अधिकांश सदस्य देशों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

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    भारतीय नौसेना का पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन सिंगापुर के चांगी नौसेना बेस पर पहुंचा

    आरएस अनेजा, 17 जनवरी नई दिल्ली - भारतीय नौसेना का पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1TS), जिसमें आईएनएस तीर, आईएनएस शार्दुल, आईएनएस सुजाता और भारतीय तटरक्षक जहाज सारथी शामिल हैं, 15 जनवरी 2026 को सिंगापुर के चांगी नौसेना बेस पर पहुंचे। स्क्वाड्रन दक्षिण पूर्व हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में प्रशिक्षण तैनाती पर है।

    तैनाती का महत्व इसलिए बढ़ गया है क्योंकि वर्ष 2026 को 'दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) - भारत समुद्री सहयोग वर्ष 2026' के रूप में मनाया जा रहा है।

    यात्रा के दौरान, भारतीय नौसेना और सिंगापुर गणराज्य नौसेना (आरएसएन) के कर्मी क्षमता बढ़ाने और समुद्री सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से कई बंदरगाह गतिविधियों और पेशेवर बातचीत में शामिल होंगे। दोनों नौसेनाओं के प्रशिक्षुओं के बीच संरचित प्रशिक्षण आदान-प्रदान, संयुक्त योग सत्र और खेल कार्यक्रमों की एक श्रृंखला की भी योजना बनाई गई है।

    सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सिंगापुर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर भारतीय नौसेना बैंड द्वारा प्रदर्शन किया जाएगा। उनके प्रवास के दौरान जहाज स्कूली बच्चों के दौरे के लिए खुले रहेंगे।

    आगमन पर, सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले ने 1टीएस के प्रशिक्षुओं के साथ बातचीत की। वरिष्ठ अधिकारी 1टीएस और कमांडिंग अधिकारियों ने समुद्री प्रशिक्षण और सिद्धांत कमान (एमटीडीसी) के कमांडर से भी मुलाकात की। सूचना संलयन केंद्र के अंतर्राष्ट्रीय संपर्क अधिकारियों की एक टीम की यात्रा के दौरान व्यावसायिक अनुभव साझा किए गए।

    यात्रा के दूसरे दिन सिंगापुर गणराज्य की नौसेना के साथ सामुदायिक सहभागिता और बातचीत देखी गई। सूचना संलयन केंद्र और आरएसएन संग्रहालय का दौरा, मैत्रीपूर्ण खेल कार्यक्रम और श्री नारायण ओल्ड एज और नर्सिंग होम में एक आउटरीच गतिविधि कुछ मुख्य आकर्षण थे।

    यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट नीति को आगे बढ़ाने में दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ मजबूत समुद्री साझेदारी और निरंतर जुड़ाव को मजबूत करती है। यह दोनों नौसेनाओं के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग को भी बढ़ाता है, हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (आईओएनएस) के प्रति भारत के नेतृत्व और प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जबकि महासागर (सभी क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) के दृष्टिकोण के अनुरूप समुद्री सहकारी जुड़ाव को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण कदम का संकेत देता है।

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    तीन देशों के दूतों ने भारत के राष्ट्रपति को अपने परिचय पत्र सौंपे

    आरएस अनेजा, 14 जनवरी नई दिल्ली - भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में त्रिनिदाद और टोबैगो, ऑस्ट्रिया और संयुक्त राज्य अमेरिका के दूतों से परिचय पत्र स्वीकार किए।

    जिन देशों के दूतों ने अपने परिचय पत्र प्रस्तुत किए उनमें त्रिनिदाद और टोबैगो गणराज्य के उच्चायुक्त चंद्रदत्त सिंह, ऑस्ट्रिया गणराज्य के राजदूत डॉ. रॉबर्ट ज़िशग और संयुक्त राज्य अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर शामिल थे। गौरतलब है कि तीनों दूतों की नियुक्तियां हाल ही में उनके देशों द्वारा भारत में की गई हैं।

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    ISRO के भरोसेमंद 'वर्कहॉर्स' को लगा झटका: उपग्रहों की स्थिति स्पष्ट नहीं, जाने क्यों विफल हुआ मिशन

    आरएस अनेजा, 13 जनवरी नई दिल्ली - भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के लिए GSLV-F10/EOS-03 मिशन की विफलता एक बड़ा झटका थी, क्योंकि इसमें भारत का 'वर्कहॉर्स' कहा जाने वाला भरोसेमंद रॉकेट शामिल था।

    ISRO प्रमुख वी. नारायणन ने कहा कि तीसरे चरण का प्रज्वलन शुरू में सामान्य नजर आया, लेकिन एक गड़बड़ी ने यान को उसके निर्धारित पथ से विचलित कर दिया। वहीं ISRO की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, ईंधन टैंक में दबाव की कमी के कारण इंजन प्रज्जवलित नहीं हो सका।

    PSLV ने अब तक लगभग 60 मिशनों में लगभग 90 प्रतिशत सफलता दर्ज की है। मई 2025 में इसी तरह की तीसरी स्टेज की विफलता के बाद यह लॉन्चर की पहली उड़ान थी, जिससे PSLV की जांच और भी तेज हो गई है जिसे लंबे समय से भारत की अंतरिक्ष उड़ान महत्वाकांक्षाओं की रीढ़ माना जाता रहा है।

    कई उपग्रहों की स्थिति अनिश्चित

    EOS-N1 को भारत के सशस्त्र बलों के लिए हाई-रिजॉल्यूशन हाइपरस्पेक्ट्रल छवियां प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया था। यह उपग्रह सैकड़ों स्पेक्ट्रल बैंडों में पृथ्वी को स्कैन करता था और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए सतह की लगातार निगरानी करता था। इस मिशन में 15 छोटे उपग्रह भी ले जाए गए थे, जिनमें ब्रिटेन और थाईलैंड का एक पृथ्वी-अवलोकन पेलोड, मछुआरों के लिए ब्राजील का एक समुद्री बीकन, भारत का एक इन-ऑर्बिट ईंधन भरने का प्रदर्शन और स्पेन का केआईडी री-एंट्री कैप्सूल शामिल थे। ये सभी उपग्रह निम्न पृथ्वी कक्षा में स्थापित किए जाने थे। मलबे और टेलीमेट्री विश्लेषण लंबित होने के कारण इनकी स्थिति अभी अनिश्चित है।

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    भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता: पीयूष गोयल की ब्रुसेल्स यात्रा ने भरी निर्णायक उड़ान

    आरएस अनेजा, 11 जनवरी नई दिल्ली - केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रुसेल्स की अपनी दो दिवसीय यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न की। यह यात्रा भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की वार्ता में एक निर्णायक कदम है।

    व्यापार एवं आर्थिक सुरक्षा आयुक्त श्री मारोस शेफकोविच के साथ उच्च स्तरीय वार्ताओं की एक श्रृंखला में दोनों नेताओं ने वार्ता टीमों को लंबित मुद्दों को हल करने और समझौते को शीघ्रता से आगे बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया।

    यह यात्रा ब्रुसेल्स में गहन राजनयिक और तकनीकी बैठकों के एक सप्ताह के समापन का प्रतीक है जो एक व्यापक समझौते को साकार करने के लिए दोनों पक्षों के राजनीतिक संकल्प को दर्शाती है। मंत्रिस्तरीय बैठक से पहले, वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और यूरोपीय आयोग की व्यापार महानिदेशक सुश्री सबाइन वेयंड के बीच 6-7 जनवरी 2026 को उच्च स्तरीय चर्चाएँ हुई। इन बैठकों में विभिन्न वार्ताओं में हुई प्रगति का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने मतभेदों को कम करने और लंबित मुद्दों पर स्पष्टता सुनिश्चित करने के लिए काम किया जिससे मंत्रिस्तरीय वार्ता का मार्ग प्रशस्त हुआ।

    अपनी बैठक के दौरान, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और आयुक्त शेफकोविच ने प्रस्तावित समझौते के प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। दोनों पक्षों ने वस्तुओं के लिए बाजार पहुंच, उत्पत्ति के नियम, सेवाओं आदि सहित विभिन्न वार्ता क्षेत्रों में हुई निरंतर प्रगति पर ध्यान दिया। मंत्रिस्तरीय चर्चाओं ने रचनात्मक बातचीत के माध्यम से लंबित मुद्दों को हल करने के लिए दोनों पक्षों के दृढ़ राजनीतिक संकल्प की पुष्टि की। दोनों पक्षों ने एक निष्पक्ष, संतुलित और महत्वाकांक्षी समझौते को अंतिम रूप देने के रणनीतिक महत्व पर बल दिया जो उनके साझा मूल्यों, आर्थिक प्राथमिकताओं और नियम-आधारित व्यापार ढांचे के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप हो।

    यह यात्रा दोनों पक्षों द्वारा आधुनिक, व्यापक और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते को शीघ्र संपन्न करने की दिशा में विश्वास और नए सिरे से दृढ़ संकल्प व्यक्त करने के साथ समाप्त हुई।

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    कनाडा इमिग्रेशन का बड़ा फैसला: बुजुर्गों की PR पर लगी अस्थायी रोक, पंजाबियों के 'कनाडा ड्रीम' को लगा झटका

    पंजाब, 09 जनवरी (अन्‍नू) : कनाडा सरकार ने अपनी इमिग्रेशन पॉलिसी में एक बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय मूल के लोगों, विशेषकर पंजाबियों को बड़ा झटका दिया है। नई घोषणा के तहत, देखभाल और पारिवारिक पुनर्मिलन के नाम पर बुजुर्गों (माता-पिता और दादा-दादी) को मिलने वाले परमानेंट रेसिडेंस (PR) वीजा पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 2026 से 2028 के इमिग्रेशन लेवल प्लान के तहत पीआर की कुल संख्या में कटौती की जा रही है। इसके परिणामस्वरूप, 'पेरेंट्स एंड ग्रैंडपेरेंट्स प्रोग्राम' (PGP) के लिए साल 2025 में कोई भी नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। फिलहाल केवल उन आवेदनों पर विचार होगा जो 2024 में पहले ही जमा किए जा चुके हैं।


    इस फैसले का सीधा असर उन हजारों पंजाबी परिवारों पर पड़ेगा जो अपने बुजुर्गों को स्थायी रूप से कनाडा बुलाना चाहते थे। आँकड़ों के मुताबिक, हर साल करीब 25 से 30 हजार बुजुर्गों को कनाडा की पीआर मिलती है, जिनमें से लगभग 6 हजार अकेले पंजाब से होते हैं। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बुजुर्गों के कनाडा आने पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है। वे अभी भी 'सुपर वीजा' का लाभ उठा सकते हैं, जिसके तहत वे लगातार 5 साल तक कनाडा में रह सकते हैं। इसके अलावा, सामान्य टूरिस्ट या विजिटर वीजा के विकल्प भी खुले रहेंगे, जिससे वे अपने बच्चों से मिलने जा सकेंगे।



    कनाडा सरकार ने इस कठोर कदम के पीछे देश में गहराते आवास संकट (Housing Crisis) और स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते अतिरिक्त दबाव को मुख्य कारण बताया है। कनाडा में वर्तमान में 65 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 81 लाख लोग हैं, जिससे मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बोझ बढ़ गया है। इसी रणनीति के तहत, दिसंबर 2025 में 'होम केयर वर्कर' पायलट प्रोग्राम (केयरगिवर प्रोग्राम) को भी अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है। यह प्रोग्राम मार्च 2026 में दोबारा शुरू होने वाला था, लेकिन अब इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।



    इमिग्रेशन विशेषज्ञों का मानना है कि इस खबर से लोगों के बीच घबराहट (Panic) पैदा हुई है, लेकिन स्थिति उतनी गंभीर नहीं है जितनी दिख रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब कनाडा ने अपनी नीति बदली हो; इससे पहले भी रिव्यू के लिए ऐसे प्रोग्राम रोके गए हैं। बुजुर्गों के पास अभी भी अपने बच्चों के पास रहने के कई कानूनी रास्ते उपलब्ध हैं। सरकार 2028 के बाद इस पूरी योजना की समीक्षा करेगी, जिसके बाद ही PGP प्रोग्राम को दोबारा शुरू करने पर कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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    आईसीसी का सख्त रुख: 'बांग्लादेश को भारत आकर ही खेलना होगा टी20 वर्ल्ड कप, वरना अंक कटेंगे!'

    आरएस अनेजा, 7 जनवरी नई दिल्ली - अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की आगामी T20 विश्व कप 2026 के मैचों को भारत से बाहर स्थानांतरित करने की मांग को खारिज कर दिया है। आईसीसी ने स्पष्ट कर दिया है कि बांग्लादेश को टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा करनी होगी, अन्यथा उसे अंक गंवाने पड़ सकते हैं।

    बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने कथित सुरक्षा चिंताओं और भारत-बांग्लादेश के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव का हवाला देते हुए अपने मैच श्रीलंका में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था। आईसीसी ने किसी भी विशिष्ट सुरक्षा खतरे की जानकारी न होने का हवाला देते हुए इस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है।

    आईसीसी ने बीसीबी को सूचित किया है कि टूर्नामेंट का कार्यक्रम अपरिवर्तित रहेगा। यदि बांग्लादेश की टीम भारत नहीं आती है, तो उसे उन मैचों में वॉकओवर माना जाएगा और विरोधी टीमों को अंक दे दिए जाएँगे, जिससे वे विश्व कप से बाहर हो सकते हैं।

    गौरतलब है कि यह विवाद मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा आईपीएल 2026 टीम से रिलीज़ किए जाने के बाद बढ़ा है, जिसके बाद दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड के बीच तनाव बढ़ गया।

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    हज 2026: मदीना पहुंचे अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव, भारतीय हाजियों की सुविधाओं का लिया जायज़ा

    आरएस अनेजा, 7 जनवरी नई दिल्ली - हज 2026 के लिए भारत सरकार की शुरुआती और सक्रिय तैयारियों के तहत, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय (एमओएमए) सचिव, डॉ. चंद्र शेखर कुमार ने मदीना में भारतीय हज तीर्थयात्री कार्यालय (आईएचपीओ) का दौरा किया और भारतीय हज यात्रियों के लिए किए जा रहे इंतज़ामों की समीक्षा की।

    डॉ. चंद्र शेखर ने मदीना में भारतीय हाजियों के लिए आराम, सुरक्षा और अच्छी सर्विस पक्का करने के लिए उनके रहने की जगह और मेडिकल सुविधाओं सहित मुख्य सुविधाओं का ज़मीनी जायज़ा लिया। यह दौरा सऊदी अरब में हज की तैयारियों की समीक्षा करने और सऊदी हज मंत्रालय के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने के लिए एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा था।

    सचिव ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत सरकार अग्रिम योजना, सऊदी अधिकारियों के साथ करीबी समन्‍वय और ज़मीनी इंतज़ामों की लगातार निगरानी पर खास ध्यान देते हुए, भारत से आने वाले हज यात्रियों को हर संभव तरीके से सुविधा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

    मंत्रालय की डिजिटल पहलों पर ज़ोर देते हुए, डॉ. कुमार ने कहा कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय तीर्थयात्रियों की सुविधा और सर्विस डिलीवरी को बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल कर रहा है। मंत्रालय द्वारा तैयार किया गया हज सुविधा ऐप इस दिशा में एक बड़ा कदम है, जो भारतीय हाजियों को पारदर्शी, कुशल और तीर्थयात्री-केंद्रित डिजिटल सेवाएं प्रदान करता है।

    यह दौरा हज 2026 के दौरान भारत से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए एक सुरक्षित, सुचारू और आध्यात्मिक रूप से संतोषजनक हज अनुभव सुनिश्चित करने के लिए सरकार के लगातार प्रयासों को दर्शाता है।

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    बांग्लादेश हिन्दुओं का कत्लखाना

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    वेनेजुएला पर हमले के बाद ट्रम्प की वैश्विक चेतावनियाँ

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों की खबरों के बाद कड़ी वैश्विक चेतावनियाँ जारी कीं, खासकर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के दावों के बीच। इन चेतावनियों में वेनेजुएला के मादुरो के बाद के भविष्य पर अमेरिकी नियंत्रण पर ज़ोर दिया गया और अगर विरोधी दखल देते हैं तो आगे सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए गए। इन बयानों से अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ गया है, रूस, चीन, ईरान और क्यूबा जैसे देशों ने कड़ी निंदा की है ।

    ## ट्रम्प के मुख्य बयान

    ट्रम्प ने एक इमरजेंसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मादुरो को "आतंकवादी" बताया और दावा किया कि इस्ला मार्गरीटा और काराकास नौसैनिक ठिकानों जैसी जगहों पर हवाई हमलों के बाद अमेरिका वेनेजुएला की नई नेतृत्व संरचना तय करेगा [

    उन्होंनेसभी गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखने और संभावित ज़मीनी हमलों की चेतावनी दी, इस ऑपरेशन को पुरानी सरकार को खत्म करने के लिए एक सीमित लेकिन निर्णायक हमला बताया ।

    फॉक्स न्यूज़ इंटरव्यू क्लिप्स में देश में का-प्रभावित व्यवस्था स्थापित करने के उनके इरादे को उजागर किया गया ।

    ## वैश्विक प्रतिक्रियाएँ

    रूस ने हमलों की "सशस्त्र आक्रामकता" के रूप में निंदा की, लैटिन अमेरिका से शांति क्षेत्र बने रहने का आग्रह किया और बाहरी सैन्य हस्तक्षेप को खारिज कर दिया । चीन ने इन कार्रवाइयों को संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया, और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए जोखिमों की चेतावनी दी । ईरान, क्यूबा और यहाँ तक कि भारत की CPM पार्टी ने इसे "अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद" बताया, और वेनेजुएला की स्वायत्तता की रक्षा के लिए वैश्विक विरोध का आह्वान किया रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन के ज़ेलेंस्की ने इस घटनाक्रम के बीच ट्रम्प से पुतिन को अगला निशाना बनाने का आग्रह किया ।

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    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया है। आगे क्या होगा

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    स्विटजरलैंड में नए साल का जश्न मातम में तब्दील, लग्जरी बार में धमाके से 40 की मौत 100 से ज्यादा घायल

    आरएस अनेजा, 2 जनवरी नई दिल्ली - नए साल के मौके पर स्विटजरलैंड से एक दुखद घटना सामने आई है। क्रैन्स मोंटाना के महंगे अल्पाइन स्की रिसॉर्ट शहर के एक बार में धमाका हुआ जिसमें 40 लोगों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा घायल हो गए हैं।

    धमाका स्थानीय समयानुसार रात करीब 1:30 बजे ले कॉन्स्टेलेशन नाम के एक बार में हुआ। यह बार पर्यटकों के बीच काफी मशहूर है। हादसे के वक्त लोग यहां पर नए साल का जश्न मनाने के लिए जुटे हुए थे। घटना को आतंकी घटना से इंकार किया गया है।

    मरने वालों में ज्यादातर पर्यटक हैं, जो छुट्टियों के सीजन में क्रैन्स-मोंटाना आए थे। बचाव और जांच की कोशिशों के चलते क्रांस-मोंटाना के ऊपर नो-फ्लाई जोन भी लगा दिया है। धमाके के समय बार के अंदर सैकड़ों लोग थे, धमाका बार के बेसमेंट में हुआ, जिसकी कुल क्षमता लगभग 400 लोगों की है।

    यह इलाका हाई-एंड हॉलिडे रिसॉर्ट्स के लिए जाना जाता है। स्विट्जरलैंड की सबसे खास जगहों में से एक, क्रैन्स-मोंटाना अपनी साल भर रहने वाली धूप के लिए मशहूर है। इसकी खास वजह यह है कि क्रैन्स-मोंटाना रोन वैली में दक्षिण की ओर वाले पठार पर स्थित है।

    यह इलाका समुद्र तल से 1,500 मीटर ऊपर, मैटरहॉर्न से लेकर यूरोप की सबसे ऊंची चोटियों में से एक मोंट ब्लांक तक फैला है। लगभग 15,000 की छोटी आबादी का एक समुदाय यहां रहता है, और यह सेलिब्रिटीज के स्काई डाइविंग, गोल्फ खेलने और खाने-पीने के लिए पसंदीदा और शांत जगहों में से एक माना जाता है।

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    रक्षा मंत्रालय ने क्लोज क्वार्टर बैटल कार्बाइन और हैवी वेट टॉरपीडो के लिए 4,666 करोड़ रुपये के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए

    आरएस अनेजा, 31 दिसम्बर नई दिल्ली - रक्षा मंत्रालय ने क्लोज क्वार्टर बैटल (सीक्यूबी) कार्बाइन और हैवी वेट टॉरपीडो की खरीद के लिए कुल 4,666 करोड़ रुपये की लागत के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए। ये अनुबंध रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली में संपन्न हुए।

    क्लोज क्वार्टर बैटल कार्बाइन

    भारतीय सेना और नौसेना के लिए 2,770 करोड़ रुपये के 4.25 लाख से अधिक क्लोज क्वार्टर बैटल कार्बाइन और सहायक उपकरणों के अनुबंध पर भारत फोर्ज लिमिटेड और पीएलआर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ हस्ताक्षर किए गए। यह उपलब्धि 'आत्मनिर्भर भारत' की विजन के अंतर्गत भारतीय सैनिकों को विश्व-स्तरीय मारक क्षमता से लैस करने और पुरानी प्रणालियों को अत्याधुनिक स्वदेशी तकनीक से बदलने के असाधारण और निरंतर प्रयासों की परिणति है।

    आधुनिक पैदल सेना के शस्त्रागार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होने के नाते, क्लोज क्वार्टर बैटल कार्बाइन अपने कॉम्पैक्ट डिज़ाइन और उच्च मारक क्षमता के कारण निकटवर्ती युद्ध में निर्णायक बढ़त प्रदान करती है, जिससे सीमित स्थानों में भी त्वरित और निर्णायक मारक क्षमता सुनिश्चित होती है। यह अनुबंध सरकार और निजी क्षेत्र के बीच तालमेल को दर्शाता है, जिससे मेक-इन-इंडिया पहल को और गति मिलेगी। यह परियोजना समग्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और कंपोनेंट के निर्माण और कच्चे माल की आपूर्ति के माध्यम से भारतीय लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्रोत्साहित करके स्वदेशी रक्षा उद्योगों को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    भारी वजन वाले टॉरपीडो

    भारतीय नौसेना की कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियों (पी-75) के लिए 48 भारी वजन वाले टॉरपीडो और संबंधित उपकरणों की खरीद और एकीकरण के लिए लगभग 1,896 करोड़ रुपये की लागत से इटली की डब्ल्यूएएसएस सबमरीन सिस्टम्स एस.आर.एल. के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। इस अधिग्रहण से छह कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियों की युद्ध क्षमता में वृद्धि होगी। टॉरपीडो की डिलीवरी अप्रैल, 2028 से शुरू होगी और 2030 की शुरुआत तक पूरी हो जाएगी।

    #MinistryOfDefence #ContractsSigned #CloseQuarterBattle #BattleCarbines #HeavyWeightTorpedoes #IndianDefence #NationalSecurity #DefenceAcquisitions #DefenceProcurement #IndiaMilitary #DefenseTechnology #WeaponSystems #DefenceBudget #MilitaryInvestments #TechnologyInDefense #Weaponry #SecurityForces #StrategicAcquisition #SelfRelianceInDefense

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    आईएनएसवी कौंडिन्य अपनी पहली यात्रा पर रवाना

    आरएस अनेजा, 30 दिसम्बर नई दिल्ली - भारतीय नौसेना का नौकयन पोत कौंडिन्य, जो भारतीय नौसेना का स्वदेशी रूप से बनाया गया पारंपरिक नौकायन पोत है, गुजरात के पोरबंदर से ओमान सल्तनत के मस्कट के लिए अपनी पहली विदेशी यात्रा पर रवाना हुआ। यह ऐतिहासिक अभियान भारत की प्राचीन समुद्री विरासत को एक जीवित समुद्री यात्रा के माध्यम से पुनर्जीवित करने, समझने और मनाने के प्रयासों में एक प्रमुख मील का पत्थर है।

    इस पोत को औपचारिक रूप से वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पश्चिमी नौसेना कमान ने, भारत में ओमान सल्तनत के राजदूत महामहिम इस्सा सालेह अल शिबानी और भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और विशिष्ट मेहमानों की गरिमामयी उपस्थिति में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    आईएनएसवी कौंडिन्य का निर्माण पारंपरिक सिलाई वाली जहाज निर्माण तकनीकों का उपयोग करके किया गया है, जिसमें प्राकृतिक सामग्री और तरीकों का इस्तेमाल किया गया है जो कई सदियों पुराने हैं। ऐतिहासिक स्रोतों और चित्रात्मक साक्ष्यों से प्रेरित, यह पोत भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण, नाविकता और समुद्री नेविगेशन की समृद्ध विरासत का प्रतिनिधित्व करता है। यह यात्रा उन प्राचीन समुद्री मार्गों का अनुसरण करती है जो कभी भारत के पश्चिमी तट को ओमान से जोड़ते थे, जिससे हिंद महासागर में व्यापार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और निरंतर सभ्यतागत बातचीत संभव होती थी।

    इस अभियान से साझा समुद्री विरासत को मज़बूत करके और सांस्कृतिक और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा देकर भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय संबंधों में काफी सुधार होने की उम्मीद है। मस्कट में आईएनएसवी कौंडिन्य का आगमन दोस्ती, आपसी विश्वास और सम्मान के स्थायी बंधन का एक शक्तिशाली प्रतीक होगा, जिसने सदियों से इन दोनों समुद्री देशों को जोड़ा है। यह यात्रा गुजरात और ओमान के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंधों को भी उजागर करती है, जो अब तक जारी सहयोग की एक विरासत को दर्शाती है।

    इस अभियान के माध्यम से, भारतीय नौसेना समुद्री कूटनीति, विरासत संरक्षण और क्षेत्रीय सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। आईएनएसवी कौंडिन्य की यात्रा भारत के सभ्यतागत समुद्री दृष्टिकोण और हिंद महासागर क्षेत्र में एक जिम्मेदार और सांस्कृतिक रूप से जुड़ी समुद्री राष्ट्र के रूप में उसकी भूमिका का प्रमाण है।

    कमांडर विकास शेओरान जहाज के कप्तान होंगे, जबकि कमांडर वाई हेमंत कुमार, जो इस परियोजना की शुरुआत से ही इससे जुड़े हुए हैं, अभियान के ऑफिसर-इन-चार्ज के रूप में काम करेंगे। चालक दल में चार अधिकारी और तेरह नौसैनिक शामिल हैं।

    #INSVKaundinya #IndianNavy #MaidenVoyage #MakeInIndia #NariShakti #AtmanirbharBharat #SailingTheSeas #WindInOurSails #NavalAdventure #OceanBound #MaritimeExcellence #KaundinyaSetsSail #NewHorizons #BlueWaterLegacy #SmoothSailing

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    बांग्लादेश में ISI का कथित “सेल” खुलना — भारत और क्षेत्र के लिए खतरे की घंटी?

    यदि बांग्लादेश में पाकिस्तान की ISI के किसी सेल/नेटवर्क के सक्रिय होने की बातें सही सिद्ध होती हैं, तो यह भारत, बांग्लादेश और पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के दौरान और हसीना के सत्ता से हटने के बाद, ISI ने बांग्लादेश में अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ISI ने ढाका में पाकिस्तानी हाई कमीशन के अंदर एक स्पेशल "ढाका सेल" बनाया है, जो आतंकवादियों और कट्टरपंथियों को तैयार करने का काम करता है।

    🔴 भारत की सुरक्षा के लिए खतरा

    पूर्वी भारत में आतंक नेटवर्क को फिर से सक्रिय करने की कोशिश हो सकती है।

    भारत का पूर्वोत्तर हिस्सा एक पतली पट्टी से मुख्य भूमि से जुड़ा है। बांग्लादेश में अस्थिरता या भारत-विरोधी तत्वों की मौजूदगी इस रास्ते के लिए खतरा पैदा कर सकती है।

    पश्चिम बंगाल, असम, त्रिपुरा और पूर्वोत्तर राज्यों में घुसपैठ, कट्टरपंथ और अवैध गतिविधियाँ बढ़ने का जोखिम।

    भारत के उत्तर-पूर्वी उग्रवादी समूहों (जैसे ULFA) ने बांग्लादेश की धरती का उपयोग सुरक्षित ठिकानों के रूप में किया है। ISI की मौजूदगी इन समूहों को फिर से जीवित कर सकती है।

    फर्जी मुद्रा, हथियार और ड्रग्स तस्करी को बढ़ावा मिल सकता है।

    🔴 ISI जैसे बाहरी तत्वों की मौजूदगी से

    कट्टरपंथी संगठनों को हवा

    राजनीतिक अस्थिरता

    सरकार और सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव बढ़ सकता है

    रणनीतिक रूप से यह भारत को घेरने (Encirclement) की नीति का हिस्सा हो सकता है।

    सिलीगुड़ी कॉरिडोर (Chicken’s Neck) जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर अप्रत्यक्ष दबाव।

    मुख्य लक्ष्य भारत के खिलाफ है – पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में अस्थिरता पैदा करना, घुसपैठ बढ़ाना, और आतंकी नेटवर्क मजबूत करना। साथ ही, बांग्लादेश में अस्थिरता बनाए रखना और अंतरिम सरकार (मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में) के साथ रक्षा और इंटेलिजेंस सहयोग बढ़ाना।

    दोनों देशों के बीच आतंकवाद के खिलाफ सहयोग अब तक मजबूत रहा है।

    ऐसी गतिविधियाँ यदि बढ़ती हैं, तो

    खुफिया समन्वय और बॉर्डर मैनेजमेंट और मजबूत करना पड़ेगा।

    बांग्लादेश पर अंतरराष्ट्रीय दबाव भी बढ़ सकता है।

    🛡️ भारत को क्या करना चाहिए?

    खुफिया एजेंसियों की सतर्कता और साझा ऑपरेशन

    बांग्लादेश के साथ राजनयिक और सुरक्षा संवाद

    सीमा पर BSF–BGB समन्वय को और सशक्त करना

    अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंक प्रायोजकों को बेनकाब करना

    निष्कर्ष

    👉 बांग्लादेश में ISI के किसी भी तरह के नेटवर्क की मौजूदगी सिर्फ अफवाह नहीं, बल्कि संभावित रणनीतिक खतरा है।

    👉 समय रहते कड़ा एक्शन और सहयोग ही इसका जवाब है, वरना इसका असर भारत की आंतरिक सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति पर पड़ सकता है।

    #ब्रेकिंगन्यूज़ #टीवीडिबेट #सरकारीबयान #ड्राफ्ट #समाजिकमुद्दे #राजनीतिका #समाचार #जागरूकता #समकालीनसमस्या #वीडोकॉन्टेंट #विश्लेषण #विज्ञापन #तथ्य #भारत #वर्तमानयख़बरें #ट्रेंडीसमाचार #सोशलमीडिया #टॉपट्रेंड्स #नईराय #जनary

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    भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से ज्यादा रोजगार बढ़ेंगे : न्यूजीलैंड पीएम लक्सन

    आरएस अनेजा, 27 दिसम्बर नई दिल्ली - न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने शनिवार को कहा कि भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से ज्यादा रोजगार बढ़ेंगे। साथ ही निर्यात और आय में भी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने यह बात तब कही जब भारत और न्यूजीलैंड ने एक व्यापक और लंबे समय से प्रतीक्षित एफटीए (मुक्त व्यापार समझौता) पूरा किया।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लक्सन ने कहा, “हमने कहा था कि हम अपने पहले कार्यकाल में भारत के साथ एक मुक्त व्यापार समझौता करेंगे और हमने इसे पूरा किया। इस ऐतिहासिक समझौते का मतलब 1.4 अरब भारतीय उपभोक्ताओं के लिए दरवाजे खोलकर ज्यादा नौकरियां, ज्यादा आय और ज्यादा निर्यात करना है।”

    एफटीए पर बातचीत औपचारिक रूप से 16 मार्च को शुरू हुई थी। नौ महीनों में पूरे हुए इस समझौते का स्वागत करते हुए लक्सन ने कहा, ” बेसिक्स को ठीक करो। भविष्य का निर्माण करो।” इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-न्यूजीलैंड एफटीए को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया था।

    उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “भारत-न्यूजीलैंड संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण, द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को मजबूत बढ़ावा। मेरे दोस्त पीएम क्रिस्टोफर लक्सन और मैंने ऐतिहासिक भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के पूरा होने के बाद कुछ समय पहले बहुत अच्छी बातचीत की।”

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    प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के साथ टेलीफोन पर बातचीत की

    आरएस अनेजा, 22 दिसम्बर नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री, द राइट ऑनरेबल क्रिस्टोफर लक्सन के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने ऐतिहासिक, महत्वाकांक्षी और आपसी फायदे वाले भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के सफल समापन की संयुक्त रूप से घोषणा की।

    मार्च 2025 में पीएम लक्सन की भारत यात्रा के दौरान बातचीत शुरू होने के बाद, दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि 9 महीने के रिकॉर्ड समय में FTA का पूरा होना दोनों देशों के बीच संबंधों को और गहरा करने की साझा महत्वाकांक्षा और राजनीतिक इच्छाशक्ति को दिखाता है। यह FTA द्विपक्षीय आर्थिक जुड़ाव को काफी गहरा करेगा, बाजार तक पहुंच बढ़ाएगा, निवेश प्रवाह को बढ़ावा देगा, दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को मजबूत करेगा, और साथ ही दोनों देशों के इनोवेटर्स, उद्यमियों, किसानों, MSMEs, छात्रों और युवाओं के लिए विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर खोलेगा।

    FTA द्वारा प्रदान की गई मजबूत और विश्वसनीय नींव के साथ, दोनों नेताओं ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के साथ-साथ अगले 15 वर्षों में न्यूजीलैंड से भारत में 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश पर विश्वास व्यक्त किया। नेताओं ने खेल, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों जैसे द्विपेंडुलम सहयोग के अन्य क्षेत्रों में हासिल की गई प्रगति का भी स्वागत किया, और भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी को और मजबूत करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

    दोनों नेता संपर्क में रहने पर सहमत हुए।

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    दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में गोलीबारी, 9 लोगों की मौत, 10 घायल

    जे कुमार 21 दिसम्बर 2025 : दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग शहर के पश्चिम में स्थित बेकर्सडेल टाउनशिप में रविवार को धड़ाधड़ हुई गोलीबारी में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हो गए। यह जानकारी रॉयटर्स ने साउथ अफ्रीकन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (SABC) के हवाले से दी है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

    यह गोलीबारी बेकर्सडेल टाउनशिप में हुई। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला किस वजह से किया गया और हमलावरों की पहचान क्या है। घटना के बाद स्थानीय लोग सहमे हुए हैं और पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है। बताया जा रहा है कि टाउनशिप में रात 1 बजे से ठीक पहले एक शराबखाने में हथियारबंद लोगों ने ये गोलीबारी की।

    मृतकों की संख्या को लेकर भ्रम : इस घटना में 10 लोगों के मारे जाने की खबर दी थी। हालांकि, बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में मृतकों की संख्या को संशोधित कर 9 बताया गया। इससे साफ है कि शुरुआती जानकारी में बदलाव हुआ है, जबकि घायलों की संख्या 10 बताई जा रही है।

    #9-killed-10-injured #shooting-in-johannesburg-south-africa #news #india

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    केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया

    आरएस अनेजा, 18 दिसम्बर नई दिल्ली - केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री, जितिन प्रसाद ने न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की उच्च-स्तरीय बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने वर्ल्ड समिट ऑन द इंफॉर्मेशन सोसाइटी (डब्ल्यूएसआईएस+20) के परिणामों के कार्यान्वयन की समग्र समीक्षा पर भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य प्रस्तुत किया।

    संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) द्वारा 2001 में 'सूचना समाज पर विश्व शिखर सम्मेलन' (डब्ल्यूएसआईएस) को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी कि वह ज्ञान और प्रौद्योगिकी की क्षमता का उपयोग सभी के विकास के लिए करे और यह सुनिश्चित करे कि इनका लाभ हर व्यक्ति और हर देश तक पहुँचे। डब्ल्यूएसआईएस की यह प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न हुई थी—पहला जिनेवा (2003) में और दूसरा ट्यूनिस (2005) में। बाद में, 2015 में आयोजित डब्ल्यूएसआईएस+10 समीक्षा प्रक्रिया के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इसके परिणामों के कार्यान्वयन में हुई प्रगति का जायजा लिया। अब, वर्ष 2025 में आयोजित 'डब्ल्यूएसआईएस+20 समीक्षा' अपनी शुरुआत से लेकर पिछले दो दशकों की उपलब्धियों, प्रमुख रुझानों, प्रगति और चुनौतियों का व्यापक आकलन कर रही है और भविष्य के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की रूपरेखा तैयार कर रही है।

    इस अवसर पर अपना संबोधन देते हुए, प्रसाद ने कहा कि पिछले दो दशकों में डब्ल्यूएसआईएस ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब डिजिटल प्रौद्योगिकियों को साझा मूल्यों द्वारा निर्देशित किया जाता है, तो वे विकास, समावेशिता और मानवीय गरिमा को किस प्रकार बढ़ावा दे सकती हैं। उन्होंने आगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस कथन को भी याद दिलाया जिसमें उन्होंने जोर देकर कहा था कि "वैश्विक चुनौतियों की मांग है कि हमारी वैश्विक कार्रवाई हमारे वैश्विक लक्ष्यों के अनुरूप होनी चाहिए।"

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    भारत-यूएई संयुक्त सैन्य अभ्यास डेजर्ट साइक्लोन के लिए सेना का दल रवाना हुआ

    आरएस अनेजा, 18 दिसम्बर नई दिल्ली - भारत-यूएई संयुक्त सैन्य अभ्यास डेजर्ट साइक्लोन-II के दूसरे संस्करण में भाग लेने के लिए भारतीय सेना का एक दल संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के लिए रवाना हो गया है, जिसका आयोजन 18 से 30 दिसंबर 2025 तक अबू धाबी यूएई में किया जाना है।

    भारतीय दल में 45 जवान शामिल हैं, जिनमें से अधिकांश मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन से हैं। संयुक्त अरब अमीरात की थल सेना का दल, जिसकी संख्या लगभग समान है, 53वीं मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री बटालियन द्वारा प्रतिनिधित्व किया जाएगा।

    इस अभ्यास का उद्देश्य शहरी वातावरण में संयुक्त प्रशिक्षण के माध्यम से भारतीय सेना और यूएई थल सेना के बीच अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ाना और रक्षा सहयोग को बढ़ावा देना है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत अभियानों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिससे दोनों सेनाएं शांति स्थापना, आतंकवाद विरोधी और स्थिरता अभियानों के लिए एक साथ काम कर सकें।

    दोनों देशों के सैनिक संयुक्त रूप से लगभग दो सप्‍ताह तक सामरिक अभ्यासों की एक विस्तृत श्रृंखला पर प्रशिक्षण लेंगे, जिसमें शहरी क्षेत्रों में लड़ाई, हेलीकॉप्टर आधारित अभियान और विस्तृत मिशन योजना शामिल हैं। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में अभियानों के संचालन के लिए यूएएस और काउंटर-यूएएस तकनीकों का एकीकरण किया जाएगा।

    27-28 अक्टूबर 2025 को यूएई थल सेना के कमांडर और 15-19 दिसंबर 2025 को यूएई राष्ट्रपति गार्ड के कमांडर की सफल यात्रा की गति को आगे बढ़ाते हुए, एक्सरसाइज डेजर्ट साइक्लोन-II भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करेगा।

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    भारत और अर्जेंटीना ने आईसीएआर-आईएनटीए कार्य योजना पर हस्ताक्षर किए

    आरएस अनेजा, 18 दिसम्बर नई दिल्ली - भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और अर्जेंटीना के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजी ने कृषि अनुसंधान, क्षमता निर्माण और प्रौद्योगिकी विनिमय में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए कार्य योजना 2025-2027 पर हस्ताक्षर किए हैं।

    कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई) के सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट तथा भारत में अर्जेंटीना गणराज्य के राजदूत मारियानो ऑगस्टिन कौसिनो ने आज आईसीएआर-आईएनटीए कार्य योजना पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किये। यह समझौता द्विपक्षीय कृषि सहयोग को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    इस कार्य योजना में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, बिना जुताई के खेती, संवहनीय कृषि विज्ञान, मशीनीकरण, सूक्ष्म सिंचाई और पानी में उर्वरक मिलाकर सिंचाई, फसल एवं पशु जैव प्रौद्योगिकी, पशुधन वृद्धि, समशीतोष्ण और उष्णकटिबंधीय फसलों के लिए उत्पादन प्रौद्योगिकियों, डिजिटल कृषि, जैव सुरक्षा और पादप स्वच्छता के उपायों और मूल्य श्रृंखला विकास के क्षेत्रों में सहयोग करने पर सहमति हुई।