Skip to Videos
  • download (1).jpg

    भारत-अमेरिका इंतेज़ार व्यापार समझौते का आगाज़: पीएम मोदी ने बताया 'साझा समृद्धि' की ओर बड़ा कदम

    आरएस अनेजा, 7 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क पर हुए समझौते का स्वागत किया और इसे दोनों देशों के लिए बहुत अच्छी खबर बताया।

    प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और कहा कि यह फ्रेमवर्क भारत-अमेरिका साझेदारी की बढ़ती गहराई, विश्वास और गतिशीलता को दिखाता है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता किसानों, उद्यमियों, MSMEs, स्टार्ट-अप इनोवेटर्स और मछुआरों के लिए नए अवसर खोलकर 'मेक इन इंडिया' को मजबूत करेगा, साथ ही महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोज़गार पैदा करेगा।

    उन्होंने आगे कहा कि यह फ्रेमवर्क निवेश और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को गहरा करेगा, लचीली और भरोसेमंद सप्लाई चेन को मजबूत करेगा और वैश्विक विकास में योगदान देगा।

    विकसित भारत बनाने के भारत के विज़न को दोहराते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत भविष्य-उन्मुख वैश्विक साझेदारियों के लिए प्रतिबद्ध है जो लोगों को सशक्त बनाती हैं और साझा समृद्धि को बढ़ावा देती हैं।

    भारत और अमेरिका के बीच उपरोक्त अंतरिम समझौते के बारे में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री, श्री पीयूष गोयल के X पोस्ट पर जवाब देते हुए, मोदी ने X पर लिखा;

    “भारत और अमेरिका के लिए बहुत अच्छी खबर!

    हमने अपने दो महान देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क पर सहमति जताई है। मैं हमारे देशों के बीच मजबूत संबंधों के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के लिए उन्हें धन्यवाद देता हूं।

    यह फ्रेमवर्क हमारी साझेदारी की बढ़ती गहराई, विश्वास और गतिशीलता को दर्शाता है। यह भारत के मेहनती किसानों, उद्यमियों, MSMEs, स्टार्ट-अप इनोवेटर्स, मछुआरों और अन्य लोगों के लिए नए अवसर खोलकर 'मेक इन इंडिया' को मजबूत करता है। यह महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोज़गार पैदा करेगा।

    भारत और अमेरिका इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह फ्रेमवर्क हमारे बीच निवेश और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को और गहरा करेगा।

    यह फ्रेमवर्क लचीली और भरोसेमंद सप्लाई चेन को भी मजबूत करेगा और वैश्विक विकास में योगदान देगा। जैसे-जैसे भारत विकसित भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, हम ऐसी वैश्विक साझेदारियां बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो भविष्य-उन्मुख हों, हमारे लोगों को सशक्त बनाएं और साझा समृद्धि में योगदान दें।

    #IndiaUSTrade #PMModi #TradeAgreement #SharedProsperity #EconomicGrowth #InternationalRelations #BilateralTrade #IndiaUSRelations #TradePartnership #GlobalEconomy #Leadership #FutureOfTrade #IndoUSCollaboration #TradeOpportunities #InvestInIndia #EconomicProsperity #PolicyMaking #TradeStrategy #GeoEconomicPower #UnityInDiversity

  • download - 2026-01-12T190040.377.jpg

    सोने-चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़त: 1.40 लाख रुपये के पार पहुंचा सोना, चांदी के दाम भी ऐतिहासिक स्तर पर

    नई दिल्ली, 12 जनवरी (अभी) : भारतीय सर्राफा बाजार में आज यानी 12 जनवरी 2026 को सोने और चांदी की कीमतों ने इतिहास रच दिया है।

  • download.jpg

    राष्ट्रीय कपड़ा मंत्रियों का सम्मेलन कल से गुवाहाटी में शुरू होगा

    आरएस अनेजा, 7 जनवरी नई दिल्ली - वस्त्र मंत्रालय द्वारा असम सरकार के सहयोग से आयोजित राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों का सम्मेलन कल, 8 जनवरी को गुवाहाटी, असम में शुरू होगा। दो दिवसीय सम्मेलन "भारत के वस्त्र: विकास, विरासत और नवाचार की बुनाई" विषय पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वस्त्र मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी एक साथ आएंगे।

    इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य वस्त्र क्षेत्र में नीति, निवेश, स्थिरता, निर्यात, बुनियादी ढांचे के विकास और तकनीकी प्रगति पर विचार-विमर्श के लिए एक मंच प्रदान करना है। यह 2030 तक भारत को एक वैश्विक वस्त्र विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसमें "विकास भी, विरासत भी" की भावना के अनुरूप निर्यात को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन और समावेशी विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

    सम्मेलन में बुनियादी ढांचे और निवेश, भारत के वस्त्र निर्यात का विस्तार, कच्चा माल और फाइबर, तकनीकी वस्त्र और नए जमाने के फाइबर, और हथकरघा और हस्तशिल्प के संरक्षण और संवर्धन जैसे प्रमुख क्षेत्रों को कवर करने वाले सत्र होंगे। पीएम मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (पीएम मित्रा) पार्क, स्थिरता और पर्यावरणीय अनुपालन, तकनीकी वस्त्र, नवाचार और एकीकृत मूल्य-श्रृंखला विकास जैसी प्रमुख पहलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों और अधिकारियों से भाग लेने और सर्वोत्तम प्रथाओं, चुनौतियों और नीतिगत सुझावों को साझा करने की उम्मीद है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रों और जिलों में वस्त्र मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना है।

    नेशनल टेक्सटाइल मिनिस्टर्स कॉन्फ्रेंस से केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग मजबूत होने और एक प्रतिस्पर्धी, टिकाऊ और समावेशी टेक्सटाइल सेक्टर के लिए एक साफ रोडमैप तैयार होने की उम्मीद है।

    #NationalTextilesMinistersConference #TextilesIndustry #GuwahatiEvent #TextilesConference2023 #MinistersSummit #TextileInnovation #GuwahatiUpdates #NationalTextiles #TextileDevelopment #FashionIndustry #SustainableTextiles #TextilePolicy #Guwahati #TextilesTrade #TextilesAgenda #IndustryLeaders #NetworkingEvent #TextileGrowth #TextileFutures #TextilesSector

  • download.jpeg

    भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से ज्यादा रोजगार बढ़ेंगे : न्यूजीलैंड पीएम लक्सन

    आरएस अनेजा, 27 दिसम्बर नई दिल्ली - न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने शनिवार को कहा कि भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से ज्यादा रोजगार बढ़ेंगे। साथ ही निर्यात और आय में भी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने यह बात तब कही जब भारत और न्यूजीलैंड ने एक व्यापक और लंबे समय से प्रतीक्षित एफटीए (मुक्त व्यापार समझौता) पूरा किया।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लक्सन ने कहा, “हमने कहा था कि हम अपने पहले कार्यकाल में भारत के साथ एक मुक्त व्यापार समझौता करेंगे और हमने इसे पूरा किया। इस ऐतिहासिक समझौते का मतलब 1.4 अरब भारतीय उपभोक्ताओं के लिए दरवाजे खोलकर ज्यादा नौकरियां, ज्यादा आय और ज्यादा निर्यात करना है।”

    एफटीए पर बातचीत औपचारिक रूप से 16 मार्च को शुरू हुई थी। नौ महीनों में पूरे हुए इस समझौते का स्वागत करते हुए लक्सन ने कहा, ” बेसिक्स को ठीक करो। भविष्य का निर्माण करो।” इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-न्यूजीलैंड एफटीए को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया था।

    उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “भारत-न्यूजीलैंड संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण, द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को मजबूत बढ़ावा। मेरे दोस्त पीएम क्रिस्टोफर लक्सन और मैंने ऐतिहासिक भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के पूरा होने के बाद कुछ समय पहले बहुत अच्छी बातचीत की।”

  • 7686448.jpg

    वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का इस्राइल दौरा संपन्‍न, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को मजबूती मिली

    आरएस अनेजा, 25 नवम्बर नई दिल्ली - केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस्राइल की अपनी सफल यात्रा (20-22 नवंबर 2025) पूरी की। उन्‍होंने इस यात्रा के दौरान भारत-इस्राइल रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से कई उच्च स्तरीय बैठकें कीं।

    इस्राइल के अर्थव्यवस्था एवं उद्योग मंत्री नीर बरकत के साथ चर्चा में मुक्त व्यापार समझौते पर चर्चा हुई। इस चर्चा का एक प्रमुख आकर्षण भारत-इस्राइल मुक्त व्यापार समझौते के लिए संदर्भ शर्तों पर हस्ताक्षर है जो एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी परिणाम के लिए वार्ता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस्राइल के वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच के साथ चर्चा में बुनियादी ढांचे, खनन के क्षेत्र में भारतीय कंपनियों के लिए अवसरों और इस्राइल में भारतीय कामगारों के लिए अवसरों पर चर्चा हुई। इस्राइल के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री एवी डिचर के साथ चर्चा में इस्राइल की दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा रणनीति, बीज-सुधार प्रौद्योगिकियों और कृषि जल-पुन उपयोग पर चर्चा हुई।

    गोयल ने भारत-इस्राइल व्यापार मंच और सीईओ मंच में भाग लिया जिसमें दोनों पक्षों की ओर से उद्योग जगत की मजबूत भागीदारी हुई। 250 से ज्‍यादा बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकें भी आयोजित की गईं।

    #piyushgoyal #india #israel #business #trade #internationaltrade

  • 153084532.jpg

    बैंक से लेकर जीएसटी तक, एक नवंबर से बदले कई नियम, नागरिकों पर पड़ेगा असर

    आरएस अनेजा, 01 नवम्बर नई दिल्ली - एक नवम्बर से सरकार ने कई नियमों में बदलाव किया है जिनका आमजन पर असर पड़ेगा। बैंक से लेकर जीएसटी तक, कई नियमों में बदलाव किया गया है। जिन नियमों में बदलाव हुआ है वह निम्न है -

    बैंक नामांकन प्रक्रिया में परिवर्तन

    1 नवंबर, 2025 से बैंक डिपॉजिट अकाउंट, सेफ्टी लॉकर और सेफ कस्टडी में रखी चीज़ों के लिए नए नॉमिनेशन नियम लागू करेंगे। वित्त मंत्रालय ने कन्फर्म किया है कि बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम, 2025 की धारा 10 से 13 के प्रावधान उसी तारीख से लागू होंगे।

    नए FASTag नियम 2025

    जिन गाड़ियों ने जरूरी Know Your Vehicle (KYV) वेरिफिकेशन प्रोसेस पूरा नहीं किया है, उनके FASTags डीएक्टिवेट हो सकते हैं। हालांकि, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने प्रोसेस को आसान बना दिया है और तुरंत सर्विस सस्पेंड किए बिना कंप्लायंस सुनिश्चित करने के लिए जारी करने वाले बैंकों से रिमाइंडर के साथ एक ग्रेस पीरियड दे रहा है। बिना वैलिड, फंक्शनल FASTag वाली गाड़ियों के लिए एक रिवाइज्ड फीस स्ट्रक्चर 15 नवंबर, 2025 से लागू होगा, न कि 1 नवंबर से। जो ड्राइवर UPI या दूसरे अप्रूव्ड डिजिटल तरीकों से पेमेंट करेंगे, उनसे स्टैंडर्ड टोल फीस का 1.25 गुना (1.25x) चार्ज लिया जाएगा।

    आधार कार्ड अपडेट करने से जुडा नियम

    आज से आधार कार्ड अपडेट करने के नियम बदल गए हैं। 1 नवंबर से, UIDAI ने बच्चों के आधार कार्ड को अपडेट करने के लिए ₹125 की बायोमेट्रिक फीस एक साल के लिए माफ कर दी है। 5 से 15 साल के बच्चों से अब आधार में बायोमेट्रिक जानकारी अपडेट करने के लिए कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। हालांकि, बड़ों को अपने आधार को अपडेट करने के लिए फीस देनी होगी। नाम, पता या मोबाइल नंबर बदलने के लिए ₹75 और फिंगरप्रिंट/आइरिस स्कैन अपडेट करने के लिए ₹125 की फीस लगेगी।

    जीएसटी को लेकर अहम बदलाव

    नया गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) रजिस्ट्रेशन आज, 1 नवंबर, 2025 से शुरू हो गया है, और ज्यादातर नए एप्लीकेंट्स के लिए तीन वर्किंग दिनों के अंदर ऑटोमैटिक अप्रूवल देने वाला एक नया, आसान सिस्टम शुरू किया गया है।

    GST काउंसिल के फैसले के मुताबिक, 1 नवंबर से एक नया टैक्स स्ट्रक्चर लागू हो गया है। पहले चार रेट थे: 5%, 12%, 18%, और 28%। लेकिन, अब 12% और 28% वाले स्लैब हटा दिए गए हैं। इनकी जगह, सरकार ने लग्जरी और नुकसानदायक प्रोडक्ट्स पर 40% का एक नया स्पेशल GST स्लैब लागू किया है। इसका असर ऑटोमोबाइल, शराब, तंबाकू, हाई-एंड गैजेट्स और कुछ इम्पोर्टेड प्रोडक्ट्स पर पड़ेगा। कम कीमत वाले जरूरी सामानों पर 5% और 18% GST रेट जारी रहेंगे।

    पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाण पत्र

    सभी सेंट्रल और राज्य सरकार के पेंशनर्स को अपनी मंथली पेंशन बिना किसी रुकावट के पाने के लिए 1 नवंबर 2025 से 30 नवंबर 2025 के बीच अपना सालाना लाइफ सर्टिफिकेट (जीवन प्रमाण) जमा करना होगा। यह सालाना प्रोसेस इस बात का सबूत है कि पेंशनर जिंदा है और पेंशन पेमेंट पाने के लिए एलिजिबल है। 80 साल और उससे ज़्यादा उम्र के लोगों को पहले ही 1 अक्टूबर से अपने सर्टिफिकेट जमा करने की इजाज़त दे दी गई है।

    #india #goi #pensioner #gst #aadharcard #FASTag2025 #banknomination

  • G4cVOqLWYAAa69l.jpeg

    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग संघों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की

    आरएस अनेजा, 30 अक्टूबर नई दिल्ली - केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग संघों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की।

     बैठक में वाणिज्य विभाग, राजस्व विभाग, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी), निर्यात संवर्धन परिषदों और विभिन्न उद्योग संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान, विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) और वाणिज्य विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही के दौरान किए गए प्रमुख सुधारों, निर्यात को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से आगामी सुधार उपायों और इस अवधि के दौरान निर्यात प्रदर्शन पर विस्तृत प्रस्तुतियां दीं।

    चर्चा में उद्योग जगत से जुड़े मुद्दों और चुनौतियों, निर्यात विविधीकरण में उपलब्धियों तथा देश से निर्यात को और अधिक बढ़ावा देने के लिए हितधारकों के विचारों और अपेक्षाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।

    एफआईईओ, वस्त्र, परिधान, इंजीनियरिंग, रत्न एवं आभूषण, चिकित्सा उपकरण, फार्मास्यूटिकल्स, सेवाएं, ईपीसीएच, दूरसंचार, चमड़ा, सीआईआई, फिक्की, पीएचडीसीसीआई, एसआईएएम, एसोचैम और नैसकॉम जैसे विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने अनुकूल व्यापार वातावरण को बढ़ावा देने और भारतीय निर्यातकों के लिए बाजार के अवसरों का विस्तार करने में केंद्रीय मंत्री और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की।

    पीयूष गोयल ने व्यापार सुगमता और भारतीय निर्यातकों के लिए उन्नत वैश्विक बाजार पहुंच के सृजन हेतु चल रही पहलों के माध्यम से सुविधाजनक व्यापार को मजबूत करने के लिए सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

    #piyushgoyal #MinistryofCommerce&Industry


  • I-3-9-10-25.jpg
  • G1cmEr4XwAAsrrR.jpeg
  • download (99).jpeg

    हिमाचल एचपीएमसी में 55,000 मीट्रिक टन सेब की हुई खरीद 

    हिमाचल, 19 सितम्बर (अभी): हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश और सड़कों को हुए नुकसान के बावजूद 27 जून से 15 सितंबर, 2025 की अवधि में 20 किलो वजन की कुल 1,73,74,204 सेब की पेटियां विभिन्न मंडियों में पहुची हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 1,23,18,924 पेटियां बाजार पहुंची थी। यह मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की निरंतर निगरानी और लोक निर्माण विभाग के अथक प्रयासों के कारण संभव हुआ है। 

    सेब पेटियों का सुचारू परिवहन सुनिश्चित करने के लिए क्षतिग्रस्त सड़कों को रिकॉर्ड समय में या तो बहाल कर दिया गया है या अस्थायी रूप से जोड़ा गया है। अधिकतम नुकसान के दौरान भी प्रदेश सरकार सेब उत्पादकों की सुविधा के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है। 

    एचपीएमसी के माध्यम से, 55,000 मीट्रिक टन की खरीद की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। इसे सुगम बनाने के लिए, एचपीएमसी ने 274 संग्रहण केंद्र स्थापित किए हैं, जहां सेब की खरीद सक्रिय रूप से चल रही है। हालांकि, कई क्षेत्रों में सड़कें खराब होने के कारण ट्रक अभी भी कुछ केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सेब पेटियों का समय पर उठान सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त ट्रकों की तैनाती के निर्देश दिए हैं।

    पराला (शिमला), परवाणू (सोलन) और जरोल (मंडी) स्थित एचपीएमसी के फल प्रसंस्करण संयंत्र पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं और प्रतिदिन लगभग 400 टन सेब का प्रसंस्करण हो रहा है। प्रतिकूल मौसम के बावजूद, राज्य सरकार सेब उत्पादकों को सहायता प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है ताकि बागवानों को किसी भी नुकसान का सामना न करना पड़े। 

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि राज्य सरकार सेब उत्पादकों के हितों की रक्षा और उनकी भलाई सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमने लाभकारी मूल्यों की गारंटी देने और बागवानों के शोषण को समाप्त करने के लिए यूनिवर्सल कार्टन की शुरुआत की है।

    #HimachalPradesh #AppleSeason #SukhvinderSinghSukhu #HPMC #RoadRestoration #Agriculture #Horticulture #FarmerWelfare #HimachalApples

  • WhatsApp Image 2025-09-19 at 12.25.19_97fff7fa.jpg

    देश की तरुणाई को संभालने के लिए सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग के कानून को लाकर बहुत अच्छा कदम उठाया : ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    ऑनलाइन गेमिंग ने कई घरों को बर्बाद कर दिया हैं और करोड़ों रूपए लोगों के लुट लिए गए हैं : विज

    चंडीगढ़ 19 सितंबर: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने आगामी 1 अक्टूबर से ऑनलाइन गेमिंग नियम लागू होने के संबंध में कहा है कि सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग के संबंध में यह बहुत अच्छा कदम उठाया है क्योंकि ऑनलाइन गेमिंग ने कई घरों को बर्बाद कर दिया हैं और करोड़ों रूपए लोगों के लुट लिए गए हैं और वह धनराशि कहां लग रही है और जो कंपनियां यह धनराशि कमा रही है वह कहां लगा रही हैं?

    केंद्र सरकार का आभार प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि देश की तरुणाई को संभालने के लिए सरकार ने यह बहुत अच्छा कदम उठाया है।

    #AnilVij #OnlineGaming #HaryanaGovernment #GamingRules #ConsumerProtection #GamblingAddiction #YouthWelfare #DigitalIndia #GovernmentRegulation #ProtectingFamilies

  • download.jpeg

    सहकारिताओं, किसानों और ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए वस्तु सेवा कर (GST) दर में व्यापक कटौती

    आरएस अनेजा, 06 सितम्बर नई दिल्ली - केन्द्र सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय में वस्तु एवं सेवा कर (GST) में व्यापक कमी की घोषणा की है, जिससे सहकारी संस्थाओं, किसानों और ग्रामीण उद्यमों सहित 10 करोड़ से अधिक डेयरी किसानों को सीधा लाभ होगा।

    ये सुधार सहकारी क्षेत्र को मजबूत बनाएंगे, उनके उत्पादों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएंगे, उनके उत्पादों की माँग और उनकी आय बढ़ाएंगे। यह ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देगा, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में सहकारिताओं को प्रोत्साहित करेगा और लाखों परिवारों के लिए आवश्यक वस्तुएँ किफायती रूप से उपलब्ध कराएगा। जीएसटी दर में कटौती खेती और पशुपालन में लगी सहकारिताओं को लाभ पहुँचाएगी, टिकाऊ खेती की प्रथाओं को बढ़ावा देगी और छोटे किसानों तथा किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को सीधा लाभ देगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लाये गये #NextGenGST रिफार्म का पूरे दुग्ध सहकारी क्षेत्र ने स्वागत किया है, जिसमें अमूल जैसे सबसे बड़े सहकारी ब्रांड भी शामिल हैं।

    दुग्ध क्षेत्र में किसानों और उपभोक्ताओं को वस्तु सेवा कर में सीधे राहत दी गई है। दूध और पनीर, चाहे ब्रांडेड हों या बिना ब्रांड के, को जीएसटी से मुक्त किया गया है। मक्खन, घी और ऐसे ही अन्य उत्पादों पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। लोहे, स्टील और एल्युमिनियम से बने दूध के कनस्तरों पर भी जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है।

    इन उपायों से दुग्ध उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे, दुग्ध किसानों को सीधी राहत मिलेगी और विशेषकर दूध प्रसंस्करण में लगी महिला-नेतृत्व वाली ग्रामीण उद्यमशीलता तथा स्वयं सहायता समूह (SHGs) को मजबूती मिलेगी। किफायती दुग्ध उत्पाद घर-घर में आवश्यक प्रोटीन और वसा स्रोत उपलब्ध कराएंगे और दुग्ध सहकारिताओं की आय बढ़ाएँगे।

    खाद्य प्रसंस्करण और घरेलू वस्तुओं में बड़ी राहत दी गई है। चीज़, नमकीन, मक्खन और पास्ता पर जीएसटी 12% या 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है। जैम, जेली, खमीर, भुजिया और फलों का गूदा/जूस आधारित पेय पदार्थ अब 5% जीएसटी पर आएंगे। चॉकलेट, कॉर्न फ्लेक्स, आइसक्रीम, पेस्ट्री, केक, बिस्किट और कॉफी पर भी जीएसटी 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है।

    कम जीएसटी से खाद्य पदार्थों पर घरेलू खर्च घटेगा, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में माँग बढ़ेगी और खाद्य प्रसंस्करण एवं दुग्ध सहकारिताओं की वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा। इससे खाद्य प्रसंस्करण और दुग्ध प्रसंस्करण सहकारिताएँ तथा निजी डेयरियाँ मजबूत होंगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। इसके साथ ही पैकिंग पेपर, डिब्बे और पेटियों (crates) पर जीएसटी घटाकर 5% कर दिया गया है, जिससे सहकारिताओं और खाद्य उत्पादकों के लिए लॉजिस्टिक्स और पैकेजिंग लागत कम होगी।

    कृषि यंत्र क्षेत्र में, 1800 सीसी से कम क्षमता वाले ट्रैक्टरों पर जीएसटी घटाकर 5% कर दिया गया है। इससे ट्रैक्टर अधिक किफायती होंगे और इसका लाभ केवल फसल उत्पादक किसानों को ही नहीं बल्कि पशुपालन और मिश्रित खेती करने वालों को भी मिलेगा, क्योंकि इनका उपयोग चारे की खेती, चारे के परिवहन और कृषि उत्पाद प्रबंधन में किया जा सकता है। ट्रैक्टर के टायर, ट्यूब, हाइड्रोलिक पंप और अन्य अनेक पुर्जों पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% किया गया है, जिससे लागत और घटेगी और सहकारिताओं को सीधा लाभ होगा।

    उर्वरक क्षेत्र में, अमोनिया, सल्फ्यूरिक अम्ल और नाइट्रिक अम्ल जैसे प्रमुख कच्चे माल पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है। इससे उल्टा कर ढांचा सुधरेगा, उर्वरक कंपनियों की इनपुट लागत घटेगी, किसानों के लिए कीमतें बढ़ने से रुकेंगी और बुवाई के समय पर किफायती उर्वरक उपलब्ध होंगे। इसका सीधा लाभ सहकारिताओं को होगा।

    #gst #pmo #goi

  • 1718789829-3352.jpg

    मत्स्य पालन की समस्‍त मूल्य श्रृंखला को जीएसटी राहत, जीएसटी दर घटाकर 5 प्रतिशत की गई

    आरएस अनेजा, 04 सितम्बर नई दिल्ली - जीएसटी को वास्तव में एक "अच्छा और सरल कर" बनाने और अर्थव्यवस्था के हर सेक्‍टर को सशक्त बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप, 3 सितंबर 2025 को आयोजित अपनी 56वीं बैठक में जीएसटी परिषद द्वारा अनुमोदित नवीनतम जीएसटी सुधारों के तहत मत्स्य पालन सेक्‍टर को एक बड़ा प्रोत्‍साहन मिला है। मत्स्य पालन सेक्‍टर में कर दरों के महत्वपूर्ण विवेकीकरण से प्रचालन लागत में कमी लाने, घरेलू और निर्यात बाजारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद मिलेगी और देश में अपनी आजीविका के लिए मछली पकड़ने और जलीय कृषि पर निर्भर लाखों मछली किसानों और अन्य हितधारकों को प्रत्‍यक्ष रूप से लाभ पहुंचेगा।

    संशोधित संरचना के तहत, मछली के तेल, मछली के अर्क और तैयार या संरक्षित मछली और झींगा उत्पादों पर जीएसटी दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मूल्यवर्धित समुद्री भोजन अधिक किफायती हो जाएगा और भारत के समुद्री खाद्य निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ जाएगी। जलीय कृषि कार्यों और हैचरी के लिए आवश्यक डीजल इंजन, पंप, एरेटर और स्प्रिंकलर पर अब पहले के 12 से 18 प्रतिशत के बजाय केवल 5 प्रतिशत जीएसटी दर लागू होगी, जिससे मछली किसानों के लिए प्रचालन लागत में अत्‍यधिक कमी आएगी। तालाब की तैयारी और जल गुणवत्ता प्रबंधन में उपयोग किए जाने वाले अमोनिया और सूक्ष्म पोषक तत्वों जैसे महत्वपूर्ण रसायनों पर भी पहले के 12 से 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर लगाया जाएगा, जिससे चारे, तालाब की कंडीशनिंग और खेत-स्तरीय कार्यप्रणालियों की लागत में कमी आएगी। मछली पकड़ने की छड़ों, टैकल, लैंडिंग नेट, बटरफ्लाई नेट और गियर पर जीएसटी की दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे मनोरंजक/खेल मछली पकड़ने के साथ-साथ छोटे स्‍तर पर जलीय कृषि और कैप्चर फिशरी करने वाले किसानों को भी लाभ होगा। इससे आवश्यक गियर अधिक किफायती होंगे, इनपुट लागत कम होगी और इस क्षेत्र में आजीविका को सहारा मिलेगा। इस निर्णय से प्रसंस्करण इकाइयों को और राहत मिलेगी, क्योंकि खाद्य और कृषि-प्रसंस्करण, जिसमें समुद्री भोजन भी शामिल है, में जॉब वर्क सेवाओं पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। जैविक खाद बनाने और पर्यावरण के अनुकूल तालाब प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कम्पोस्टिंग मशीनों पर अब 5 प्रतिशत कर लगेगा, जिससे स्थायी जलीय कृषि कार्य प्रणालियों को बढ़ावा मिलेगा।

    #gst #narenderamodi #pmo

  • VideoCapture_20250904-125920.jpg

    जीएसटी की दरों/स्लैब बदलाव से बहुत ज्यादा सकारात्मक नतीजे सामने निकलकर आएंगे : ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    जीएसटी की दरों कम करने व स्लैब बदलाव के निर्णय से सभी वर्गों को फायदा होगा : अनिल विज

    प्रधानमंत्री ने जीएसटी की दरों में बदलाव करके विकास के पहिए को रॉकेट की स्पीड से गति देने का काम किया : विज

    अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व गति देने के लिए श्री विज ने एक्स पर लिखा : "नरेंद्र मोदी इज ग्रेट"

    अम्बाला/चंडीगढ़, 4 सितंबर : हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) की दरों में कमी करने और स्लैब बदलाव पर लिए गए निर्णय से बहुत ज्यादा सकारात्मक नतीजे सामने निकलकर आएंगे और इस निर्णय से सभी वर्गों को फायदा होगा। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जीएसटी की दरों में बदलाव करके विकास के पहिए को रॉकेट की स्पीड से गति देने का काम किया है। 

    मंत्री विज आज मीडिया कर्मियों द्वारा जीएसटी की दरों में कमी और स्लैब में हुए बदलाब के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। उधर, विज ने एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करके लिखा कि "जीएसटी की दरों में बदलाव से आर्थिक विकास, निवेश और मांग बढ़ने से देश की अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व गति आएगी। नरेंद्र मोदी इज ग्रेट"।

    उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी की दरों को सरल करने के साथ साथ कम करके विकास का पहिया रॉकेट की स्पीड से चला दिया है। 

    मंत्री अनिल विज ने अर्थव्यवस्था के चक्र के संबंध में कहा कि "यह चक्र होता है अगर दाम कम होंगे तो लोग ज्यादा खरीदारी करेंगे, यदि खरीदारी ज्यादा होगी तो ज्यादा मांग भी बढ़ेगी, यदि ज्यादा मांग बढ़ेगी तो ओर ज्यादा कारखाने खुलेंगे, कारखाने ज्यादा खुलेंगे तो लोगों को रोजगार मिलेगा, लोगों को रोजगार मिलेगा तो वह अपनी आय से दोबारा बाजार से खरीदारी करेंगे और फिर दोबारा से मांग बढ़ेगी"।  

    ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस प्रकार से भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास का पहिया तेजी से चला दिया है। 

    #anilvij #gst #pmo #narenderamodi

  • H20250830189943.jpg

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मियागी प्रान्त के सेंडाई में सेमीकंडक्टर संयंत्र का दौरा किया

    आरएस अनेजा, 30 अगस्त नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ मियागी प्रान्त के सेंडाई स्थित सेमीकंडक्टर संयंत्र का दौरा किया। दोनों नेताओं ने सेंडाई में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की अग्रणी जापानी कंपनी टोक्यो इलेक्ट्रॉन मियागी लिमिटेड (टीईएल मियागी) का दौरा किया।

    इस दौरान मोदी को वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में टीईएल की भूमिका, इसकी उन्नत विनिर्माण क्षमताओं और भारत के साथ इसके जारी एवं नियोजित सहयोग के बारे में जानकारी दी गई। संयंत्र के दौरे से नेताओं को सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला, निर्माण और परीक्षण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच मौजूद अवसरों की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।

    मोदी के सेंडाई दौरे ने भारत के बढ़ते सेमीकंडक्टर विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र और उन्नत सेमीकंडक्टर उपकरण एवं प्रौद्योगिकी में जापान की ताकत के बीच पूरकता को उजागर किया। दोनों पक्षों ने इस क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने, जापान-भारत सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला साझेदारी पर सहयोग ज्ञापन के साथ-साथ भारत-जापान औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता साझेदारी और आर्थिक सुरक्षा संवाद के तहत वर्तमान सहयोग को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

    प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री इशिबा की इस संयुक्त यात्रा ने भारत और जापान के बीच मज़बूत, लचीली और विश्वसनीय सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखलाएँ विकसित करने के साझा दृष्टिकोण को भी रेखांकित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस यात्रा में शामिल होने के लिए जापान के प्रधानमंत्री इशिबा का आभार व्यक्त किया और इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में जापान के साथ मिलकर काम करने की भारत की तत्परता की पुष्टि की।

    प्रधानमंत्री इशिबा ने सेंडाई में प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में दोपहर के भोजन का आयोजन किया। इस अवसर पर मियागी प्रान्त के गवर्नर और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

    #pmo #narendermodi #pmjapanvisit

  • Untitled-1.jpg
    28/08/25 |

    अमेरिका से टैरिफ वार के बीच भारत सरकार का बड़ा ऐलान , 31 दिसंबर तक कॉटन इंपोर्ट ड्यूटी पर छूट

    आरएस अनेजा, 28 अगस्त नई दिल्ली

    अमेरिका से टैरिफ वॉर के बीच केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने आज भारतीय कपड़ा उद्योग के लिए बड़ी राहत देने का फैसला लिया है। देश में कपास की मौजूदगी बढ़ाने के लिए सरकार ने 19 अगस्त 2025 से 30 सितंबर 2025 तक कपास पर इंपोर्ट ड्यूटी को अस्थायी रूप से समाप्त किया था।

    अब केंद्रीय सरकार ने इस छूट को और बढ़ाते हुए 30 सितंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक कपास पर आयात शुल्क माफी की अवधि बढ़ा दी है। इसका मकसद निर्यातकों को अतिरिक्त समर्थन देना और भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करना है।

    भारत सरकार का कपड़ा उद्योग को कच्चे माल की सुनिश्चित उपलब्धता प्रदान करेगा और निर्यात को भी बढ़ावा देगा। इससे भारतीय कपड़ा क्षेत्र के कॉम्पिटिशन को मजबूती मिलेगी और ग्लोबल बाजार में इसकी पकड़ और मजबूत होगी।

    #traffifwar #cottonindustry #ministryoffinance

  • image001YX2K.jpg

    डीपीआईआईटी ने ज़ेप्टो के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

    आरएस अनेजा, 12 अगस्त नई दिल्ली

    वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने अपने 'ज़ेप्टो नोवा' इनोवेशन चैलेंज के माध्यम से विनिर्माण क्षेत्र में प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप्स को समर्थन और विस्तार देने के लिए ज़ेप्टो प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

    इस सहयोग का उद्देश्य छह महीने के एकाग्र कार्यक्रम के माध्यम से स्टार्टअप्स की खोज और उनका मार्गदर्शन करना है। यह कार्यक्रम हार्डवेयर, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, पैकेजिंग और दीर्घकालिक विनिर्माण के क्षेत्रों में तकनीक विकसित करने वाले स्टार्टअप्स को सहायता प्रदान करेगा। वे ज़ेप्टो के वितरण और डिजिटल बुनियादी ढांचे का उपयोग करके प्रोटोटाइप से बाजार तक के लिए तैयार समाधानों का विकास कर सकेंगे।

    यह साझेदारी विशेषज्ञों के नेतृत्व में होने वाली कार्यशालाओं और स्टार्टअप इंडिया सहयोग के माध्यम से महिलाओं की मुख्य भूमिका वाले और टियर दो/तीन के स्टार्टअप्स पर ध्यान केंद्रित करके उन्हें मार्गदर्शन और क्षमता निर्माण के संबंध में सहायता प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त ज़ेप्टो अपनी आपूर्ति श्रृंखला में 100 से अधिक भारतीय स्टार्टअप्स को जोड़ेगा जिससे उन्हें उत्पादों को प्रदर्शित करने, बाजार तक पहुंच प्राप्त करने और अपनी उपस्थिति का विस्तार करने के लिए मंच मिलेगा।

    डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव श्री संजीव ने इस अवसर पर कहा कि यूनिकॉर्न का समर्थन स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के सबसे प्रभावशाली तरीकों में से एक है जो उन्हें सफल उद्यमों की यात्रा के बारे में जानकर सीखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके अनुकूल परिवेश में योगदान देना यूनिकॉर्न के लिए न केवल एक अवसर है बल्कि एक ज़िम्मेदारी भी है। स्टार्टअप्स के विकास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि बाज़ार तक पहुंच उनकी सफलता के लिए महत्वपूर्ण कारक बनी हुई है।

    समझौता ज्ञापन पर डीपीआईआईटी के निदेशक डॉ. सुमीत जारंगल और ज़ेप्टो के सह-संस्थापक श्री कैवल्य वोहरा ने हस्ताक्षर किए।

    ज़ेप्टो के सह-संस्थापक श्री कैवल्य वोहरा ने कहा कि डीपीआईआईटी के साथ साझेदारी ज़ेप्टो नोवा कार्यक्रम के माध्यम से विनिर्माण के बेहतर भविष्य को साकार करने में स्टार्टअप्स की सहायता करेगी।

    #ministryofcommerceandindustry #

  • Pic 2.jpg

    ट्रम्प टैरिफ पर कैबिनेट मंत्री अनिल विज बोले, “हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है और वह देश का नुकसान नहीं होने देंगे”

    प्रधानमंत्री डटकर मुकाबला कर रहे हैं ताकि हिंदुस्तान का व्यापार किसी भी तरह प्रभावित न हो : कैबिनेट मंत्री अनिल विज


    चंडीगढ़/अम्बाला, 7 अगस्त- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद विपक्ष द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लगने पर कड़ा पलटवार किया है।

    पत्रकारों से बातचीत के दौरान ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है और वह देश का नुकसान नहीं होने देंगे। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा 50% जो टैरिफ लगाया गया, उसका क्या समाधान करना है, प्रधानमंत्री उसका डटकर मुकाबला कर रहे हैं और नई मार्केट को ढूंढने का काम किया जा रहा है ताकि हिंदुस्तान का व्यापार किसी भी तरह प्रभावित न हो।

    #anilvij #americatraiff #pmo #donaldtrump

  • 1002374213.jpg

    डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में तनाव पैदा हो गया है।

    अनिल विज, अंबाला छावनी, 2 अगस्त, 2025

    हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में तनाव पैदा हो गया है। इस घोषणा का भारत के निर्यात पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन भारत सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए कूटनीतिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर प्रयास कर रही है।

    25% टैरिफ लगने से भारत के लगभग $86 बिलियन के वार्षिक निर्यात का लगभग आधा हिस्सा प्रभावित हो सकता है। इससे अमेरिका में भारतीय उत्पादों की कीमतें बढ़ जाएंगी, जिससे भारतीय निर्यातकों को नुकसान होगा।

    टैरिफ का सबसे ज्यादा असर रत्न और आभूषण, कपड़ा, ऑटो पार्ट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों पर पड़ने की संभावना है। हालांकि, कुछ उत्पादों, जैसे दवाएं, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और पेट्रोलियम उत्पादों को इस टैरिफ से छूट मिली है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से व्यापार में अस्थिरता आ सकती है, जिससे भारतीय व्यवसायों और उद्योगों में चिंता है। कुछ लोगों का मानना है कि यह टैरिफ केवल एक दबाव रणनीति है, ताकि अमेरिका भारत के साथ एक व्यापार समझौते पर बातचीत कर सके।

    भारत सरकार ने कहा है कि वह इस फैसले के असर का अध्ययन कर रही है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह अपने किसानों, व्यापारियों और MSMEs के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

    भीहैरत के पास अमेरिका के खिलाफ WTO में शिकायत करने का विकल्प है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए ये टैरिफ WTO के नियमों का उल्लंघन करते हैं।

    भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत जारी रहने की उम्मीद है। भारत अपने हितों की रक्षा के लिए इन वार्ताओं में मजबूत स्थिति में रहना चाहता है।

    सरकार जवाबी टैरिफ लगाने पर भी विचार कर रही है, जिससे अमेरिका से आयात होने वाले कुछ उत्पादों पर शुल्क बढ़ सकता है। इससे पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ सकती हैं

    2023 में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग $190 बिलियन तक पहुंच गया, जिसमें वस्तुएं और सेवाएं दोनों शामिल हैं। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।

    * व्यापार के क्षेत्र:

    * भारत से निर्यात: भारत अमेरिका को मुख्य रूप से कपड़ा, रत्न और आभूषण, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटो पार्ट्स, आईटी सेवाएं और समुद्री उत्पाद (झींगा) निर्यात करता है।

  • Screenshot_20250423_084436_WhatsApp.jpg
  • 1001449572.jpg

    200 एमबीपीएस की गति तथा लगभग 3000 रुपए मासिक की दर से स्टारलिंक सैटेलाइट सेवा जल्द ही भारत में लॉन्च होने की संभावना

    अनिल विज, अंबाला छावनी, 30 जुलाई, 2025

    ऐसा प्रतीत होता है कि स्टारलिंक सैटेलाइट सेवा जल्द ही भारत में लॉन्च होने की राह पर है!

    हालिया रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि स्टारलिंक को आवश्यक नियामक मंज़ूरी मिल गई है, जिसमें IN-SPACe मंज़ूरी भी शामिल है, जो एक बड़ी बाधा थी। हालाँकि आधिकारिक लॉन्च की तारीख की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि सेवाएँ 2025 के अंत या 2026 की शुरुआत तक शुरू हो सकती हैं। कुछ रिपोर्ट्स अगले तीन महीनों के भीतर संभावित रोलआउट का भी संकेत देती हैं।

    नियामक मंज़ूरी: स्टारलिंक ने भारत में परिचालन अधिकार हासिल कर लिए हैं, और IN-SPACe मंज़ूरी एक महत्वपूर्ण कदम है।

    लक्षित क्षेत्र: स्टारलिंक के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद है जहाँ पारंपरिक ब्रॉडबैंड बुनियादी ढाँचा सीमित है।

    प्राथमिक तौर पर भारत में लगभग 20 लाख कनेक्शनों तक सीमित हो सकती है।

    गति: 200 एमबीपीएस तक की गति प्रदान करने की उम्मीद है।

    मासिक सदस्यता योजनाओं की कीमत लगभग ₹3,000 से ₹4,200 होने का अनुमान है।

    मानक किट (हार्डवेयर) की कीमत लगभग ₹33,000 होने की उम्मीद है।

    वितरण: स्टारलिंक हार्डवेयर का वितरण भारती एयरटेल और रिलायंस जियो जैसी दूरसंचार कंपनियों के माध्यम से किया जा सकता है।

    हालाँकि आधार तैयार हो चुका है, व्यावसायिक लॉन्च से पहले कुछ और स्वीकृतियाँ और सेटअप लंबित हो सकते हैं। यह भारत में इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए, विशेष रूप से कम सेवा वाले क्षेत्रों के लिए, एक महत्वपूर्ण विकास है।

  • Screenshot_20250423_084436_WhatsApp.jpg
  • download.jpeg

    सीईटीए के चलते ब्रिटेन को निर्यात में 70% वृद्धि के अनुमान के साथ भारत का समुद्री खाद्य उद्योग नई ऊचांइयों पर

    आरएस अनेजा, 26 जुलाई नई दिल्ली

    4 जुलाई 2025 को व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) पर दस्तखत के साथ भारत और ब्रिटेन के आर्थिक संबंधों ने एक अहम पड़ाव हासिल किया। इस समझौते को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर की मौजूदगी में औपचारिक रूप दिया गया और भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के व्यापार और वाणिज्य मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स द्वारा आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए गए।

    सीईटीए 99% टैरिफ लाइनों पर बिना किसी शुल्क के पहुँच प्रदान करता है और प्रमुख सेवा क्षेत्रों के अवसर भी खोलता है। खासकर, समुद्री क्षेत्र के लिए, यह समझौता समुद्री खाद्य उत्पादों की एक बड़ी श्रृंखला पर आयात शुल्क भी हटाता है, जिससे ब्रिटेन के बाजार में भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ती है। इससे विशेष रूप से झींगा, फ्रोजन मछली और मूल्यवर्धित समुद्री उत्पादों के निर्यात को लाभ होने की उम्मीद है, जिससे कपड़ा, चमड़ा और रत्न एवं आभूषण जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों के साथ-साथ भारत के प्रमुख समुद्री खाद्य गंतव्यों में से एक में, उसकी मौजूदगी बढ़ेगी।

    भारत द्वारा ब्रिटेन को किए जाने वाले प्रमुख समुद्री खाद्य निर्यातों में मौजूदा वक्त में वन्नामेई झींगा (लिटोपेनियस वन्नामेई), फ्रोजन स्क्विड, झींगा मछली, फ्रोजन पॉम्फ्रेट और ब्लैक टाइगर झींगा शामिल हैं। इन सभी को सीईटीए की शुल्क-मुक्त पहुँच के तहत और अधिक बाजार की हिस्सेदारी मिलने की उम्मीद है।

    भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) के तहत, यूके टैरिफ अनुसूची श्रेणियों 'ए' के अंतर्गत आने वाली सभी मछलियां और मत्स्य पालन वस्तुओं को अब समझौते के लागू होने की तिथि से 100% शुल्क-मुक्त पहुँच प्राप्त होगी।

    एचएस कोड 03: मछली, क्रस्टेशियन, मोलस्क और अन्य जलीय अकशेरुकी (जैसे, झींगा, ट्यूना, मैकेरल, सार्डिन, स्क्विड, केकड़ा, कटलफिश, फ्रोजन पॉम्फ्रेट, लॉबस्टर)

    एचएस कोड 05: मूंगा, कौड़ी, आर्टेमिया, आदि।

    एचएस कोड 15: मछली के तेल और समुद्री वसा

    एचएस कोड 1603/1604/1605: तैयार या संरक्षित समुद्री भोजन, कैवियार, अर्क और रस

    एचएस कोड 23: मछली का भोजन, मछली और झींगा का चारा, और पशु चारे में प्रयुक्त अवशेष

    एचएस कोड 95: मछली पकड़ने का सामान (छड़, हुक, रील, आदि)

    इन उत्पादों पर पहले 0% से 21.5% तक का शुल्क लगता था, जो अब हटा दिया गया है। इससे ब्रिटेन के बाजार में लागत प्रतिस्पर्धात्मकता में काफी सुधार हुआ है। हालाँकि, एचएस 1601 (सॉसेज और इसी तरह की वस्तुएं) के तहत आने वाले उत्पाद स्टेजिंग श्रेणी 'यू' के तहत आते हैं और उन्हें कोई विशेष सुविधा नहीं मिलती है।

    2024-25 में भारत का कुल समुद्री खाद्य निर्यात 7.38 अरब डॉलर (60,523 करोड़ रुपए) तक पहुँच गया, जो 1.78 मिलियन मीट्रिक टन के बराबर था। 4.88 अरब डॉलर की आय और 66% हिस्सेदारी के साथ फ्रोजन झींगा सबसे बड़ा निर्यात बना रहा। विशेष रूप से यूके को समुद्री निर्यात 104 मिलियन डॉलर (879 करोड़ रुपए) का था, जिसमें अकेले फ्रोजन झींगा का योगदान 80 मिलियन डॉलर (77%) था। हालाँकि, यूके के 5.4 अरब डॉलर के समुद्री खाद्य आयात बाजार में, भारत की हिस्सेदारी महज़ 2.25% है। अब सीईटीए लागू होने के साथ, उद्योग जगत का अनुमान है कि आने वाले सालों में ब्रिटेन को समुद्री निर्यात में 70% की वृद्धि होगी।

    #india #britain

  • Screenshot_20250423_084436_WhatsApp.jpg
  • download (2).jpeg

    भारत और यूनाइटेड किंगडम के मध्य आर्थिक और व्यापार समझौता हुआ

    आरएस अनेजा, 24 जुलाई नई दिल्ली

    भारत और यूनाइटेड किंगडम के मध्य गुरुवार आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) पर हस्ताक्षर किए, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “साझा समृद्धि की योजना” करार दिया। चेकर्स एस्टेट में ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के साथ मुलाकात के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए। 

    इस दौरान पीएम मोदी ने स्टारमर के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार जताते हुए कहा, “यह समझौता भारतीय टेक्सटाइल, फुटवियर, रत्न-आभूषण, समुद्री खाद्य, और इंजीनियरिंग सामान को यूके में बेहतर बाजार पहुंच देगा।” 

    उन्होंने यह भी कहा कि ”भारतीय कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उद्योग के लिए नए अवसर खुलेंगे, जिससे युवा, किसान, मछुआरे, और एमएसएमई लाभान्वित होंगे। दूसरी ओर, यूके के मेडिकल डिवाइस और एयरोस्पेस जैसे उत्पाद भारत में किफायती दरों पर उपलब्ध होंगे।”

    पीएम मोदी ने कहा, डबल कॉन्ट्रीब्यूशन कन्वेंशन पर सहमति से टेक्नोलॉजी और फाइनेंस जैसे सेवा क्षेत्रों को नई ऊर्जा मिलेगी, कारोबारी लागत कम होगी, और निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा। पीएम मोदी ने कहा, “यूके की अर्थव्यवस्था को भारतीय कुशल प्रतिभा का लाभ मिलेगा, जिससे दोनों देशों में निवेश और रोजगार के नए अवसर बनेंगे।”

    #pm #narenderamodi #uk

  • WhatsApp Image 2025-07-22 at 3.58.23 PM.jpeg
    22/07/25 |

    हरियाणा सरकार प्रदेश में इलैक्ट्रिक वाहनों को बढावा देना चाहती है - अनिल विज

    हरियाणा सरकार प्रदेश में प्रदूषणमुक्त यातायात को बढावा/प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध - परिवहन मंत्री श्री अनिल विज

    हरियाणा सरकार प्रदेश में इलैक्ट्रिक वाहनों को बढावा देना चाहती है - अनिल विज

    राज्य में जल्द ही लोगों को इलैक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए आ रही दिक्कतों जैसे कि चार्जिंग इत्यादि को दूर किया जाएगा - विज

    ईवी वाहनों की बिक्री, अवसरंचना इत्यादि को स्थापित करने के लिए ईवी कपंनियों के फुल पैकेज स्कीम के सुझाव को सरकार विचार करके अमलीजामा पहनाने का काम करेगी - विज

    ईवी कंपनियां ईवी वाहनों के लिए अवसरंचना जैसे कि चार्जिंग स्टेशन इत्यादि के विस्तार पर बल दें- विज

    चण्डीगढ, 22 जुलाई - हरियाणा के परिवहन मंत्री श्री अनिल विज ने आज कहा कि वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश में प्रदूषणमुक्त यातायात को बढावा/प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए राज्य सरकार प्रदेश में इलैक्ट्रिक वाहनों को बढावा देना चाहती है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि जल्द ही राज्य में लोगों को इलैक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए आ रही दिक्कतों जैसे कि चार्जिंग इत्यादि को दूर किया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि यदि ईवी कंपनियां ईवी वाहनों की बिक्री, अवसरंचना इत्यादि को स्थापित करने के लिए किसी भी प्रकार की कोई योजना या स्कीम (फुल पैकेज स्कीम) को बनाने का सुझाव देती हैं तो उस पर सरकार विचार करके अमलीजामा पहनाने का काम करेगी।

    श्री विज आज यहां चण्डीगढ में देशभर में इलैक्ट्रिक वाहनों के निर्माता कंपनियों जैसे कि महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा, टाटा मोटर्स, हुंडई मोटर्स, एमजी मोटर्स और कीया मोटर्स के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस बैठक में परिवहन विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री टीएल सत्यप्रकाश, परिवहन आयुक्त श्री अतुल द्धिवेदी सहित परिवहन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    ईवी कंपनियां ईवी वाहनों के लिए अवसरंचना जैसे कि चार्जिंग स्टेशन इत्यादि के विस्तार पर बल दें- विज

    परिवहन मंत्री श्री अनिल विज ने बैठक में वाहन निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधियों से कहा कि सरकार प्रदेश में इलैक्ट्रिक वाहनों को बढावा देना चाहती है और इसके वे चाहते है कि इलैक्ट्रिक वाहनों के लिए सडकोें/राष्ट्रीय राजमार्गाें/राज्य राजमार्गों पर पर्याप्त संख्या में चार्जिंग स्टेशन होने चाहिए। इसके अतिरिक्त श्री विज ने प्रतिनिधियों से कहा कि हम चाहते हैं कि राज्य में ईवी वाहनों की चार्जिंग को कंपनियों के द्वारा सुनिश्चित किया जाए ताकि अमुक कंपनियों के वाहन सडकों पर चल सकें। इसके संबंध में श्री विज ने गत दिनों केन्द्रीय सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी के द्वारा ली गई बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि उनके द्वारा केन्द्र सरकार को उस बैठक में सुझाव दिया गया था कि आजकल लोग अपने व्यक्तिगत वाहन में लंबी-लंबी यात्राएं करते हैं और यात्रा के दौरान परिवार के लोगों को यात्रा ठहराव/रूकने के लिए एक बेहतरीन जगह जैसे कि रेस्ट हाउस होना चाहिए। जहां पर सभी प्रकार की सुविधाएं जैसे कि शौचालय, रिफेर्शमेंट, बैठने की जगह इत्यादि होनी चाहिए क्योंकि आमतौर पैट्रोल पम्प में इस प्रकार की सुविधाएं नहीं होती है। अतः कपंनियां अपने स्तर पर ईवी वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए इस प्रकार की सुविधाएं भी देना सुनिश्चित करें ताकि लोग ईवी वाहनों की तरफ आकृर्षित हों सकें।

    हरियाणा में ईवी वाहनों को बढावा देने के लिए राज्य सरकार की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा - विज

    श्री विज ने वाहन निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधियों से आहवान करते हुए कहा कि ईवी वाहनों को बेचना ही एक लक्ष्य नहीं होना चाहिए बल्कि ईवी वाहनों के लिए एक अवसंरचना को स्थापित करना भी मूल लक्ष्य में शामिल होना चाहिए ताकि लोगों को ईवी वाहनों को रखने व चलाने के लिए किसी भी प्रकार की दिक्कत महसूस न हो। उन्होंने प्रतिनिधियों से कहा कि वे सरकार की ओर से देश की इलैक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनियों को आश्वास्त करते हैं कि हरियाणा में ईवी वाहनों को बढावा देने के लिए राज्य सरकार की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा। इसलिए यदि ये ईवी कंपनियां ईवी वाहनों की अवसरंचना को स्थापित करने के साथ-साथ वाहनों की बिक्री इत्यादि के लिए किसी भी प्रकार की कोई योजना या स्कीम (फुल पैकेज स्कीम) को बनाने का सुझाव देती हैं तो उस पर सरकार विचार करके अमलीजामा पहनाने का काम करेगी।

    इलैक्ट्रिक वाहनों का परपंरागत पैट्रोल व डीजल वाहनों के साथ खर्च की तुलना की जाए - विज

    श्री विज ने बैठक के दौरान प्रतिनिधियों से कहा कि इलैक्ट्रिक वाहनों का परपंरागत पैट्रोल व डीजल वाहनों के साथ खर्च की तुलना की जाए ताकि इलैक्ट्रिक वाहनों को प्रदेश में प्रोत्साहित किया जाए और लोगों को आराम व लाभ भी मिल सकें। इसके अलावा, श्री विज ने ईवी कपंनियों के प्रतिनिधियों को परामर्श देते हुए कहा कि ईवी वाहनों की अवसंरचना को स्थापित करने के लिए ईवी कंपनियां तकनीकी रूप से अध्ययन करवा सकती है और प्रयोग के तौर पर हरियाणा को चुन सकती है और इसके लिए हरियाणा सरकार पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि यदि ईवी उपभोक्ता को ईवी अवसरंचना जैसे कि चार्जिंग स्टेशन इत्यादि की सुविधा राज्य में मिलेगी तो यह ‘विन-विन परिस्थिति’ बनेगी जिससे उपभोक्ताओं को लाभ होगा और कपंनियों को भी लाभ प्राप्त होगा तथा कंपनियों की संवृद्धि होगी।

    बैठक के उपरांत श्री विज ने आज महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा कंपनी की बीई-6, टाटा की हैरियर-ईवी, एमजी मोटर्स की एम-9, हुंडई क्रेटा ईवी की टेस्ट ड्राइव की और कीया ईवी-6 कार में बैठें और इन कारों के फीचर इत्यादि की जानकारी हासिल की तथा कपंनियों के प्रतिनिधियों को अपनी ओर से सुझाव भी दिए।

    इस बैठक में टाटा मोटर्स की तरफ से श्री यश सहगल, हंुडई की तरफ से अनिमेश कुमार, महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा की तरफ से रोबिन कुमार दास, पामेला टिक्कू, एमजी की तरफ से अभिषेक मिश्रा, वरूण सूद, कीया की तरफ से कपिल बिंदल सहित अन्य प्रतिनिधि व वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    #haryana #danikkhabar #news #transportministry #anilvijminister #encourage #EV #pollutionfree #environment