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07/07/26 |अलवर सैटेलाइट चिकित्सालय में प्लास्टर गिरने के मामले को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया
एन.एस.बाछल, 07 जुलाई, जयपुर।
अलवर के काला कुआँ स्थित राजकीय सैटेलाइट चिकित्सालय में प्लास्टर गिरने की घटना को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, गायत्री राठौड़ ने प्रकरण पर त्वरित संज्ञान लेते हुए अलवर जिला कलक्टर से तथ्यात्मक रिपोर्ट ली है। साथ ही अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग को मरम्मत कार्य एवं दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई करने बाबत पत्र लिखा है।
गायत्री राठौड़ ने कहा कि मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी राजकीय चिकित्सालयों के भवनों की नियमित समीक्षा की जाए और जहां भी मरम्मत या संरचनात्मक सुधार की आवश्यकता हो, वहां संबंधित विभागों के समन्वय से समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार चिकित्सालय भवन का निर्माण वर्ष 1990 से 2023 के बीच विभिन्न चरणों में दानदाताओं एवं अन्य माध्यमों से कराया गया था। भवन के पुराने हिस्से में लंबे समय से मरम्मत की आवश्यकता थी। भवन की जर्जर स्थिति के संबंध में चिकित्सा विभाग ने सार्वजनिक निर्माण विभाग को कई बार पत्र लिखे थे।
प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, राजकीय सैटेलाइट चिकित्सालय, काला कुआँ द्वारा 4 अगस्त 2025, 25 अगस्त 2025, 4 सितम्बर 2025, 24 फरवरी 2026, 18 मई 2026, 8 जून 2026 और 29 जून 2026 को अधिशासी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, अलवर को मरम्मत के लिए पत्र भेजे गए थे। मरम्मत हेतु आवश्यक राशि का भुगतान भी चिकित्सा विभाग द्वारा कर दिया गया था।
घटना में एक चिकित्सक और एक महिला मरीज को हल्की चोटें आईं। दोनों को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया और उनकी स्थिति सामान्य है।
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07/07/26 |मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अथक प्रयासों से 20 वर्ष बाद सिंचाई के लिए खोला गया पांचना बांध का पानी : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 07 जुलाई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अथक प्रयासों एवं राज्य सरकार की सकारात्मक पहल से 20 वर्ष बाद पांचना बांध से सिंचाई के लिए जल प्रवाह प्रारंभ किया गया। हालांकि, जल प्रवाह के दौरान अचानक आई एक तकनीकी खामी के कारण कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी निर्धारित समय पर नहीं पहुंच सका।
स्थिति की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जल संसाधन विभाग एवं एसडीआरएफ की तकनीकी टीमों को मौके पर लगाया। विशेषज्ञों द्वारा युद्ध स्तर पर तकनीकी खामी को दूर करने का कार्य लगातार किया जा रहा है।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी टीम समस्या का पूर्ण समाधान होने तक निरंतर कार्य करती रहेगी। तकनीकी खामी दूर होते ही देर रात तक कमांड क्षेत्र की नहरों में जल प्रवाह पुनः प्रारंभ कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आमजन से शांति, सौहार्द एवं आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है तथा सिंचाई व्यवस्था को शीघ्र सुचारु करने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन ने भी किसानों से धैर्य बनाए रखने का आग्रह करते हुए विश्वास दिलाया है कि तकनीकी समस्या का शीघ्र समाधान कर सिंचाई जल उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशन में संबंधित विभागों द्वारा स्थिति की निरंतर निगरानी की जा रही है।
स्थिति की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं तकनीकी कार्यों की निगरानी के लिए ग्रामीण विकास विभाग के शासन सचिव कृष्ण कुणाल, भरतपुर रेंज के महानिरीक्षक कैलाश चंद बिश्नोई, संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया, मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग भुवन भास्कर, जिला कलक्टर करौली अक्षय गोदारा, जिला कलक्टर सवाई माधोपुर कानाराम, पुलिस अधीक्षक करौली लोकेश सोनवाल सहित जल संसाधन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, संवेदक एवं एसडीआरएफ की टीमें मौके पर मौजूद रहकर राहत एवं तकनीकी कार्यों में जुटी हुई हैं।
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06/07/26 |व्हाट्सएप ग्रुप से 500 करोड़ का महा-साइबर फ्रॉड, राजस्थान साइबर क्राइम टीम ने पुणे से मुख्य सरगना को दबोचा
एन.एस.बाछल, 06 जुलाई, जयपुर।
राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर देशव्यापी ठगी करने वाले एक बहुत बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस टीम ने इस 500 करोड़ रुपये के मेगा साइबर घोटाले के मुख्य मास्टरमाइंड को महाराष्ट्र के पुणे शहर से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी लोन देने के बहाने फर्जी कंपनियां बनाकर लोगों के दस्तावेज हड़पता था और फिर उनके नाम पर म्युल बैंक खाते खुलवाकर ठगी की रकम को ठिकाने लगाता था।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम विजय कुमार सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन पर परिवादी सेंधाराम चौधरी ने 16 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी की एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया था कि उसे 105 IND STOCKS ADV नाम के एक ऑनलाइन व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था, जहां निवेश और ट्रेडिंग के माध्यम से अत्यधिक मुनाफा कमाने का लालच और झूठा आश्वासन देकर उसके साथ ठगी की गई। जब पुलिस की तकनीकी टीम ने उक्त व्हाट्सएप ग्रुप की चैट और डेटा का गहन विश्लेषण किया, तो खुलासा हुआ कि इस अकेले ग्रुप के जरिए देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों से करीब 500 करोड़ रुपये की भारी-भरकम साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा चुका है।
ऐसे देते है करोड़ों की ठगी को अंजाम —
इस शातिर गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद योजनाबद्ध थी। साइबर अपराधी सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से आम लोगों को घर बैठे ट्रेडिंग से मोटा मुनाफा कमाने के मैसेज भेजते थे। शुरुआत में पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए वे निवेश के बदले मुनाफे की कुछ छोटी रकम पीड़ित के बैंक खाते में ट्रांसफर भी करते थे। जब पीड़ित को पुलिस और सिस्टम पर पूरा भरोसा हो जाता था, तो वह लालच में आकर अपनी जमा-पूंजी और मोटी रकम का निवेश कर देता था। जैसे ही बड़ा फंड अपराधियों के फर्जी खातों में ट्रांसफर होता, साइबर ठग पीड़ित को व्हाट्सएप ग्रुप से रिमूव कर देते थे और ग्रुप को डिलीट कर गायब हो जाते थे।
इस संवेदनशील और बड़े मामले की गंभीरता को देखते हुए उप महानिरीक्षक पुलिस साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह के निर्देशन तथा साइबर क्राइम पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा के सुपरविजन में स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, जयपुर की एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए गए दर्जनों बैंक खातों, व्हाट्सएप ग्रुप के डेटा और मोबाइल नंबरों का गहन तकनीकी विश्लेषण किया। इसके बाद टीम ने जाल बिछाकर इस पूरे सिंडिकेट के मास्टरमाइंड युवराज सतीश मुदलियार (35) निवासी लोहगांव पुणे सिटी (महाराष्ट्र) को पुणे से गिरफ्तार कर लिया, जिसे ट्रांजिट वारंट पर जयपुर लाया गया है।
फर्जी फाइनेंस कंपनियों की आड़ में जुटाता था म्यूल बैंक खाते, हवाला और क्रिप्टो के जरिए खपाता था ठगी का पैसा —
गिरफ्तार मुख्य आरोपी युवराज सतीश ने पुलिस पूछताछ में अपने पूरे नेटवर्क का सनसनीखेज खुलासा किया है। उसने बताया कि वह पुणे में ग्रेस फाइनेंस, पॉजिटिव बैलेंस और गुरु फाइनेंस नाम से लोन देने वाली फर्जी कंपनियां चलाता था। लोन पास कराने के नाम पर वह सीधे-साधे लोगों से उनके पैन कार्ड, पहचान पत्र, बैंक स्टेटमेंट और सैलरी स्लिप जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज प्राप्त कर लेता था। बाद में इन्हीं दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर वह उनके नाम पर म्युल बैंक खाते खुलवाता और खाताधारकों को इसके बदले 10 हजार रुपये का कमीशन देता था। इन खातों में आने वाली ठगी की करोड़ों की रकम को वह एटीएम से निकालता और हवाला नेटवर्क के जरिए अपने बिनांस वॉलेट (Binance Wallet) में क्रिप्टो करेंसी (USDT) खरीदकर विदेशों में बेच देता था, जिसके बदले उसे सीधा 5 प्रतिशत कमीशन मिलता था।
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06/07/26 |राजमार्गों का गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध निर्माण एवं रखरखाव डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता- मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 06 जुलाई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एक्सप्रेस-वे देश की अवसंरचनात्मक विकास एवं आर्थिक प्रगति का आधार है। उन्होनें कहा कि प्रदेश में राजमार्गों का गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध निर्माण एवं रखरखाव डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता है, ताकि आमजन को सुगम एवं सुरक्षित यातायात के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 8 किलोमीटर से अधिक लंबी मुकुंदरा टनल में सुरक्षा सहित सभी तकनीकी एवं पर्यावरणीय मानकों की पालना सुनिश्चित करते हुए निर्माण कार्य अतिशीघ्र पूर्ण किया जाए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री निवास पर मुकुंदरा टनल से संबंधित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेस-वे लंबित कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण करने एवं यात्री सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रदेश के विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।
उन्होंने अधिकारियों को सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी एवं सख्त कदम उठाने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए तथा ऑनलाइन चालान को और अधिक प्रभावी एवं तकनीक आधारित प्रणाली विकसित करते हुए चालान राशि की समयबद्ध वसूली सुनिश्चित की जाए।
पर्यावरण को सहेजकर, विकास की ओर अग्रसर
बैठक में जानकारी दी गई कि दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेस-वे पर यात्री सुविधा के लिए प्रत्येक 25 किलोमीटर की दूरी पर रेस्टोरेंट्स, वाहन चालकों के लिए पार्किंग, अपना घर आराम गृह, फूड कोर्ट, पेट्रोल पंप जैसी अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। साथ ही, मुकुंदरा टनल निर्माण के दौरान पर्यावरण एवं जैव विविधता संरक्षण का विशेष ध्यान रखते हुए एनिमल ओवर पास का निर्माण किया गया है। साथ ही, सौंदर्यीकरण के लिए पौधे लगाए गए हैं।
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित मुख्यमंत्री कार्यालय, वित्त विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी उपस्थित रहे।
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05/07/26 |यमुना जल समझौते को लेकर शेखावाटी के लिए बड़ी सौगात: अक्टूबर-नवंबर तक धरातल पर दिखेगा काम - जल संसाधन मंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 05 जुलाई, जयपुर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बालोतरा जिले के पचपदरा से आयोजित कार्यक्रम का जिला स्तरीय कार्यक्रम के तहत झुंझुनू ज़िले के केशव आदर्श विद्या मंदिर, इंदिरा नगर में लाइव प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नव नियुक्त कार्मिक, जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, आमजन एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
रोजगार उत्सव के अंतर्गत शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न विभागों के नवचयनित एवं नवनियुक्त अभ्यर्थियों का पंजीकरण किया गया। इसके पश्चात उन्हें मुख्यमंत्री का बधाई संदेश, स्वागत किट एवं नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं ने इस पहल को अपने जीवन का महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पचपदरा से दिए गए संबोधन एवं विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास का सीधा प्रसारण भी देखा गया, जिसे उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक सुना।
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने जिला स्तरीय कार्यक्रम के दौरान कहा कि शेखावाटी अंचल को यमुना का पानी मिलने के ऐतिहासिक समझौते को लेकर राज्य सरकार ने प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण समझौते के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विशेष आभार व्यक्त किया।
सुरेश सिंह रावत ने कहा कि शेखावाटी क्षेत्र पिछले 30 वर्षों से यमुना के पानी का इंतजार कर रहा था, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों की राजनीतिक उदासीनता और इच्छाशक्ति की कमी के कारण यह क्षेत्र इस लाभ से वंचित रहा। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हरियाणा और राजस्थान सरकार के बीच इस संबंध में एमओए (MOA) संपन्न हुआ है। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि आगामी अक्टूबर-नवंबर तक इस योजना का काम धरातल पर दिखाई देने लगेगा, जिससे क्षेत्र को पीने के पानी के साथ-साथ सिंचाई के लिए भी पर्याप्त जल मिल सकेगा। भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड में तीन नए बांध बनने जा रहे हैं, जिनमें राजस्थान की भी हिस्सेदारी है। इन बांधों के निर्माण के बाद शेखावाटी अंचल को बारह महीने निरंतर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजस्थान दौरे और उनके द्वारा दी गई विकास योजनाओं की सौगातों की भरपूर सराहना की। विधायक भांबू ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा राज्य को दिए गए 1 लाख 5 हजार करोड़ से अधिक के विकास प्रोजेक्ट्स से राजस्थान में उन्नति के एक नए युग की शुरुआत होगी।
विधायक राजेंद्र भांबू ने कहा कि शेखावाटी क्षेत्र को लंबे समय से प्रतीक्षित यमुना जल समझौते की सौगात मिलने से क्षेत्र की करीब 75 लाख जनता में भारी उत्साह और खुशी का माहौल है। उन्होंने कहा कि शेखावाटी का हर नागरिक आज गदगद है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का हृदय से आभार व्यक्त कर रहा है।
भांबू ने कहा कि ऊर्जा, सड़क, मेट्रो और रेलवे जैसे विभिन्न क्षेत्रों में 1.05 लाख करोड़ के बुनियादी ढांचों (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के लोकार्पण और शिलान्यास से राजस्थान को एक नई मजबूती मिलेगी। इन परियोजनाओं से राज्य के विकास को एक नई उड़ान मिलेगी, जिससे राजस्थान देश के अग्रणी और समर्थ राज्यों की श्रेणी में आकर खड़ा होगा। विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का जो सपना 'विकसित भारत 2047', 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' को सिद्ध करने का है, उसे साकार करने में राजस्थान की भूमि और यहां की जनता अपनी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने आज के दिन को राजस्थान के इतिहास में बेहद ऐतिहासिक और मील का पत्थर बताया। कार्यक्रम को जिला कलेक्टर डॉ अरुण गर्ग ने भी संबोधित किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम का वर्चुअल प्रसारण जिले भर में किया गया । इस दौरान सभी नगर पालिकाएं, पंचायत समितियां व ग्राम पंचायतें वर्चुअल रूप से कार्यक्रम से जुड़े रहे ।
ये रहे मौजूद
जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत, विधायक राजेंद्र भांबू, पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार, पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी, पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर, निवर्तमान जिला प्रमुख हर्षिनी कुल्हरी, एडीएम अजय कुमार आर्य, सीईओ परशुराम धानका, सीडीईओ अशोक शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी राजेश मील सहित जनप्रतिनिधि, जिला स्तरीय अधिकारी तथा सैकड़ो की संख्या में अभ्यर्थी व आमजन उपस्थित रहे ।
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04/07/26 |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का किया उद्घाटन
एन.एस.बाछल, 04 जुलाई, जयपुर।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने संशोधित उड़ान योजना का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायड़ू, केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, केन्द्रीय नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।
राजस्थान की समृद्ध विरासत के साथ विकास की झलक—
उल्लेखनीय है कि 480 करोड़ रुपए की लागत से विकसित जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल 23 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला है तथा इसकी प्रतिवर्ष यात्री क्षमता 20 लाख है। राजस्थान की समृद्ध विरासत से प्रेरित वास्तुकला से निर्मित यह टर्मिनल भवन अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं से सुसज्जित है। साथ ही, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण और हरित भवन निर्माण पद्धतियों जैसी विशेषताओं के साथ सतत विकास टर्मिनल के डिजाइन के अभिन्न अंग हैं। नए टर्मिनल भवन के उद्घाटन से बेहतर एयर कनेक्टिविटी के साथ ही पश्चिमी राजस्थान में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
‘उड़े देश का आम नागरिक’ के विजन को मिल रही मजबूती
प्रधानमंत्री द्वारा ‘उड़े देश का आम नागरिक’ के विजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई संशोधित उड़ान योजना में रीजनल एयर कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस योजना के तहत 28 हजार 840 करोड़ रुपये के आवंटन से अगले 10 वर्षों में विमानन आधारित विकास को गति दी जाएगी। इससे देश भर में व्यापक और स्थायी कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी तथा भारतीय विमानन क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
100 हवाई अड्डों के विकास पर जोर—
उल्लेखनीय है कि संशोधित उड़ान योजना के तहत देश भर में विमानन अवसंरचना के विस्तार के लिए मौजूदा अप्रयुक्त हवाई पट्टियों से 100 हवाई अड्डों के विकास पर विशेष बल दिया गया है। साथ ही, दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में पहुंच संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए योजना में 200 आधुनिक हेलीपैड का विकास भी प्रस्तावित है। इस योजना के तहत एयरलाइन कंपनियों को 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की वायबिलिटी गैप फंडिंग सहायता जारी रखी जाएगी, जिससे क्षेत्रीय परिचालन की निरंतरता सुनिश्चित हो सकेगी।
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04/07/26 |राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जोधपुर पहुंचने पर स्वागत किया
एन.एस.बाछल, 04 जुलाई, जयपुर।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक दिवसीय यात्रा पर जोधपुर पहुंचने पर स्वागत और अभिनंदन किया। बाद में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन के लोकार्पण में भी भागीदारी की।
उन्होंने जोधपुर में नए टर्मिनल के उद्घाटन और वहां क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने वाली संशोधित ‘उड़ान’ योजना की शुरुआत की प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। राज्यपाल ने कहा कि इससे देश में विमानन कनेक्टिविटी का विस्तार और विमानन-आधारित विकास को गति मिलेगी।
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04/07/26 |राजस्थान सरकार पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध – मदन दिलावर
एन.एस.बाछल, 04 जुलाई, जयपुर।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में "16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर राज्यों के पंचायती राज मंत्रियों की राष्ट्रीय कार्यशाला" में पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने राज्य सरकार का पक्ष रखा।
मदन दिलावर ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार पंचायती राज संस्थाओं को वित्तीय एवं प्रशासनिक रूप से अधिक सशक्त, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। ग्रामीण विकास की गति को तेज करने तथा स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वित्तीय विकेंद्रीकरण अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीण स्थानीय निकायों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राजस्थान सरकार इन अनुशंसाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।
मदन दिलावर ने कहा कि सहकारी संघवाद की भावना को सशक्त बनाने में इस प्रकार की राष्ट्रीय कार्यशालाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। राज्यों के बीच अनुभवों, नवाचारों और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान स्थानीय शासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा जनोन्मुखी बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के पंचायती राज मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लेकर 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के प्रभावी क्रियान्वयन सहित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया।
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03/07/26 |जैविक खेती को अपनाने से किसानों की आय में होगी वृद्धि, सहकारी भण्डार एवं काॅनफैड के माध्यम से होगी किसानों के जैविक उत्पादों की बिक्री-सहकारिता मंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 03 जुलाई, जयपुर।
सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने कहा कि सहकारिता की विचारधारा को अपनाकर हम एक ऐसे प्रदेश का निर्माण कर रहे हैं जिसमें हर हाथ को रोजगार के अवसर, हर परिवार में समृद्धि और प्रत्येक गांव में विकास की गंगा बहे। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा चलाये जा रहे ‘सहकार से समृद्धि’ कार्यक्रम के अन्तर्गत विभिन्न नवाचारों एवं योजनाओं के माध्यम से प्रतिदिन नये संकल्प एवं नई उर्जा के साथ सहकारी संस्थाऐं एवं अधिकारी काम कर रहे हैं।
अपेक्स बैंक स्थित सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मान समारोह में सम्मिलित प्रगतिशील किसानों, सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं व्यवस्थापकों को संबोधित करते हुये उन्होंने आह्वान किया कि अब समय आ गया है कि हम जैविक खेती पर अधिक से अधिक ध्यान केंद्रित करें और अपने अनुभव को किसान साथियों के मध्य साझा किया जाये ताकि दूसरे किसान भी जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित हो।
गौतम कुमार दक ने कहा कि किसानों के द्वारा उपजाये गये जैविक उत्पादों की बिक्री के लिये जिला सहकारी उपभोक्ता भण्डार एवं काॅनफैड द्वारा संचालित उपभोक्ता बिक्री केन्द्रों की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। उन्होंने कहा कि जैविक कृषि करने से हम आगे आने वाली पीढी को सुरक्षित भविष्य की सौगात देकर जा सकते हैं।
इस अवसर पर सहकारिता मंत्री द्वारा प्रगतिशील किसान श्रेणी में रोडवा खुर्द के मोहन लाल, झाक के देवाराम, भवानीपुरा के दुर्गालाल नागर, भाना के शम्भू लाल कुमावत, हथैनी के मुकेश सिंह, बासेडा के रणजीत लाल धाकड, नाला के मोहन सिंह रावत, पृथ्वीपुरा के सीताराम, भैराना के सुरेन्द्र अवाना, लतीफगंज के अमोलक चैधरी तथा केरलानाडा के भोजा राम को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
ग्राम सेवा सहकारी समितियों के अध्यक्ष की श्रेणी में कूम्हा के अध्यक्ष निरंजन सिंह, नोगावा के गुलशन कुमार आहूजा, इस्माइलपुर के कुन्दामल लखवानी, रसनाली के मुरलीधर, भाणा के किशन लाल कुमावत, चावण्ड के रमेश चंद मालावत, कोहली प्रेमपुरा के बनवारी लाल मीणा, सीमलवाडा के गोरधन लाल पाटीदार, कछोला के लादू लाल धाकड, गनाहेडा के रूप चंद मारोठिया, कंचनपुर के बिरजू सिंह, प्रागपुरा के उपेन्द्र सिंह, निवारू के शंकर लाल यादव, पोल्याडा की काली देवी गुर्जर, आवंलहेडा के शान्ति लाल शर्मा, लवाण के राधेश्याम सिरोहिया, भाटीवाड के आत्माराम, फिटकासनी के गणपत सिंह विश्नोई, बिलाडा के मोहन लाल खदाव एवं केरलानाडा के शंकर लाल को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापक की श्रेणी में छान ग्राम सेवा सहकारी समिति के रमेष चंद मथुरिया, भाणा के पन्ना दास वैष्णव, बरार के राजेन्द्र सिंह, वरसिंहपुर के श्री ललित जोशी, बोरखेडा के श्री चेतराम मीणा, बडा नया गांव के जम्बू कुमार जैन, केलवाडा के संता लाल कुशवाह, परा के चांदमल गुर्जर, खिरिया के देवेन्द्र चैधरी, सिंहोडी के धर्मपाल सिंह, मुण्डियारामसर के ओम सिंह, बीलवा के छोटे लाल मीणा, आमलदा के शोभा लाल धाकड, हरिपुरा के रमेष भारद्वाज, जहाजमावता की प्रेमलता देवी एवं पोल्याडा के बद्री लाल गुर्जर को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
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03/07/26 |आईसीडीएस राजस्थान के निदेशक ने किया 'खिलौना बैंक' का उद्घाटन, जमीन पर बैठकर बच्चों संग खेले, खेल
एन.एस.बाछल, 03 जुलाई, जयपुर।
समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS) राजस्थान के निदेशक वासुदेव मालावत ने विद्याधर नगर क्षेत्र स्थित हरिजन बस्ती आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में बच्चों के मानसिक, शारीरिक और रचनात्मक विकास को बढ़ावा देने के लिए 'खिलौना बैंक' का विधिवत उद्घाटन किया।
निरीक्षण के दौरान सबसे खास और अनुकरणीय तस्वीर तब देखने को मिली, जब निदेशक वासुदेव मालावत बिना किसी प्रशासनिक औपचारिकता के, स्वयं केंद्र के बच्चों के बीच जमीन पर दरी पर बैठ गए। उन्होंने खेल-खेल में शिक्षा देने वाली आधुनिक तकनीकों (प्ले-वे मेथड्स) के माध्यम से बच्चों के साथ कई मजेदार खेल खेले और उनसे बातचीत की। इस दौरान बच्चे सहज एवं प्रसन्नचित थे तथा ECCE गतिविधियों में भाग ले रहे थे निदेशक को अपने बीच पाकर नौनिहाल बेहद उत्साहित नजर आए।
आंगनबाड़ी प्रवेश उत्सव और बच्चे का जन्मदिन मनाया—
केंद्र पर बच्चों के जुड़ाव को बढ़ाने के लिए आयोजित अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी निदेशक ने भाग लिया।
उन्होंने शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से दो बच्चों का आंगनबाड़ी प्रवेश उत्सव मनाया और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। साथ ही, केंद्र के ही एक नन्हे बच्चे का जन्मदिन केक कटवाकर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
पोषण ट्रैकर आंकड़ों का किया भौतिक सत्यापन—
प्रशासनिक समीक्षा के तहत निदेशक वासुदेव मालावत ने केंद्र पर बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर की बारीकी से जांच की। उन्होंने मौके पर पांच बच्चों की लंबाई और वजन का मापन करवाया और फिर उसका मिलान 'पोषण ट्रैकर' (Poshan Tracker) ऐप पर दर्ज डिजिटल आंकड़ों से करके भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि बच्चों के विकास की निगरानी (Growth Monitoring) का डेटा पूरी सटीकता और समय पर ऐप पर दर्ज किया जाए।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय विभागीय अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका उपस्थित रहीं। निदेशक ने केंद्र पर स्वच्छता बनाए रखने और पूरक पोषाहार के सुचारू वितरण के आवश्यक निर्देश दिए।
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03/07/26 |
राजस्थान और पश्चिम बंगाल में बदलती स्थितियों में प्रगति के नये आयाम जोड़े-राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी
एन.एस.बाछल, 03 जुलाई, जयपुर।
राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर कोलकाता पहुँचे। देवनानी ने कोलकाता स्थित पश्चिम बंगाल राज्य सचिवालय में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से शिष्टाचार मुलाकात की। वासुदेव देवनानी का सुवेंदु अधिकारी ने पुष्प गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। वासुदेव देवनानी ने सुवेंदु अधिकारी का दुपट्टा पहनाकर और राजस्थान विधान सभा का स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनन्दन किया। स्पीकर वासुदेव देवनानी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की राजस्थान और पश्चिम बंगाल से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। वासुदेव देवनानी ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को बधाई देते हुए उनके नेतृत्व में पश्चिम बंगाल के विकास और सुशासन के नये कीर्तिमान स्थापित होने की शुभकामनाएं दी।
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का कोलकाता स्थित आईटीसी रॉयल बंगाल में राजस्थान फोरम द्वारा आयोजित 'मीट एंड ग्रीट' कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही राजस्थान से जुड़ी एक दर्जन से अधिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भव्य स्वागत किया।
वासुदेव देवनानी ने अपने उद्बोधन में राजस्थान के प्रवासियों का आव्हान किया कि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाये। उन्होंने कहा कि राजस्थान और पश्चिम बंगाल के बदलती हुई स्थितियों में नये सिरे से दोनों राज्यों की प्रगति व उन्नति के लिए नये आयाम जोड़े। वासुदेव देवनानी ने कहा कि राजस्थान निरन्तर प्रगति कर रहा है। वासुदेव देवनानी ने कहा कि कुछ समय पहले तक पश्चिम बंगाल की स्थिति चिंताजनक थी। उद्योग धंधे बाहर जा रहे थे। लोगों में भय का वातावरण था। अब बदलती स्थितियों से कि यहां के लोगों के चेहरों पर उत्साह और विश्वास स्पष्ट दिखाई दे रहा है। पश्चिम बंगाल प्रगति की ओर अग्रसर है।
वासुदेव देवनानी ने कहा कि राजस्थान के लोग जहां भी जाते है, वहां अपने श्रम से अपनी पहचान बना लेते है। वासुदेव देवनानी ने कहा कि कोलकाता में उन्हें छोटा राजस्थान दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानी निरन्तर प्रगति करें, समृद्ध बने और अपनी जन्म भूमि राजस्थान को कभी ना भूले। वासुदेव देवनानी ने कहा कि भारत जगत गुरू है और हमेशा रहेगा। समारोह में राजस्थान की समृद्ध कला, संस्कृति और लोक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानी समाज विश्वभर में राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान का सशक्त प्रतिनिधि है और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी 3 जुलाई को लोकसभा सचिवालय के पार्लियामेंटरी रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसीज़ (PRIDE) तथा पश्चिम बंगाल विधानसभा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नवनिर्वाचित विधायकों के राष्ट्रीय प्रबोधन कार्यक्रम में "संसदीय व्यवस्था में वित्तीय कार्य और बजटीय प्रक्रिया" विषय पर आयोजित तकनीकी सत्र में अध्यक्षीय उद्बोधन देंगे।
राजस्थान फोरम द्वारा आयोजित समारोह में फोरम के संस्थापक संदीप भूतोडिया ने बताया है कि राजस्थान फोरम प्रदेश की विभिन्न विधाओं से जुड़े 34 प्रतिष्ठित कलाकारों, साहित्यकारों, संस्कृतिकर्मियों, खिलाड़ियों और कला विशेषज्ञों का संगठन है, जो पिछले एक दशक से अधिक समय से राजस्थान की कला एवं कलाकारों के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। इस अवसर पर वासुदेव देवनानी का अभिनंदन किया गया। फोरम के सभापति ग्रैमी पुरस्कार विजेता एवं पद्मभूषण पंडित विश्वमोहन भट्ट हैं, जबकि पद्मभूषण से सम्मानित पैरालंपियन देवेंद्र झाझरिया इसके सदस्य हैं।
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02/07/26 |राजस्थान शक्ति, भक्ति, विचार, वीरता, संस्कृति और लोक परंपराओं की धरती- मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 02 जुलाई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान शक्ति, भक्ति, विचार, वीरता, संस्कृति और लोक परंपराओं की धरती है। यहां की लोककला, संत परंपरा, साहित्य की विरासत भारत की सांस्कृतिक विविधता दर्शाती है। वर्ष 2016 में उपनिवेशवाद से मुक्ति की थीम के साथ शुरू हुए लोकमंथन के पांचवें संस्करण का राजस्थान में आयोजन होना गर्व की बात है। वहीं, ‘हम भारत के लोग’ की थीम के साथ होने वाले इस आयोजन ने पूरे देश को वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश दिया है।
मुख्यमंत्री जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित लोकमंथन-2026 के कर्टन रेजर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकमंथन का उद्देश्य राष्ट्र सर्वाेपरि की भावना से प्रेरित विचारकों, कर्मशील लोगों, लोक कलाकारों, कारीगरों, शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं और युवाओं को एक साझा मंच प्रदान करना है। इसी क्रम में इस बार लोकमंथन भारतीय सभ्यता के वैश्विक संवाद का माध्यम बन रहा है, क्योंकि विश्वभर में मौजूद भारतीय संस्कृति के प्रतिनिधि भी इस बार भाग ले रहे हैं। जिससे राजस्थान की सांस्कृतिक प्रतिष्ठा को भी विश्व पटल पर नई पहचान मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने राजनीति को बनाया राष्ट्र निर्माण का साधन
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र प्रथम के संकल्प के साथ राजनीति को राष्ट्र निर्माण का साधन बनाया है। उनके निर्णय, योजना और अभियान के केंद्र में भारत माता, भारत की जनता और भारत का भविष्य रहता है। प्रधानमंत्री ने आर्थिक आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई प्रदान की है। एक भारत श्रेष्ठ भारत, वोकल फॉर लोकल, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के पीछे मूल भाव यही है कि भारत अपनी सांस्कृतिक शक्ति, बौद्धिक क्षमता और पारंपरिक ज्ञान के आधार पर विश्व का नेतृत्व करे। वहीं, अयोध्या का राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन का महाकाल लोक और सोमनाथ मंदिर आदि सांस्कृतिक पुनर्जागरण के साक्षी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोकमंथन की सफलता के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। यह आयोजन राजस्थान को राष्ट्रीय तथा सांस्कृतिक केंद्र के रूप में और अधिक प्रतिष्ठा प्रदान करेगा। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि इस आयोजन को भारत की सांस्कृतिक चेतना, बौद्धिक शक्ति और राष्ट्र प्रथम के संकल्प का महोत्सव बनाया जाए।
केन्द्रीय संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि हमारा सांस्कृतिक इतिहास सबसे पुराना है और लोकमंथन भारतीयों को उसी प्राचीन भारत के साथ जोड़ने का मंच है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह आयोजन अतीत का विषय नहीं होकर भविष्य का लक्ष्य प्राप्त करने का साधन है। ‘हम भारत के लोग’ के केवल लोकमंथन के आयोजन का विषय नहीं होकर 140 करोड़ भारतीयों का उद्घोष है।
प्रज्ञा प्रवाह समिति के संयोजक जे. नंद कुमार ने कहा कि लोकमंथन समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाने और प्राचीन भारत के सार्थक मूल्यों पर संवाद का माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस मंच पर संवाद का अर्थ जानना और जानकारी देने के साथ ही प्रत्येक व्यक्ति की अच्छाई और भलाई के लिए कार्य करने का संकल्प लेना है।
उन्होंने कहा कि पूरे देश में राजस्थान सबसे अधिक सांस्कृतिक विविधता वाला राज्य है। 2016 में भोपाल में उपनिवेशवाद से मुक्ति विषय के साथ लोकमंथन की शुरुआत की गई थी। अब राजस्थान जैसे लोक संस्कृति से परिपूर्ण राज्य की राजधानी में पांचवां संस्करण आयोजित होना इसे नए आयाम प्रदान करेगा।
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी एवं डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने भी संबोधित किया। साथ ही, लोकमंथन की वेबसाइट का लोकार्पण और प्रज्ञा प्रवाह समिति के संयोजक जे. नंद कुमार द्वारा लिखित पुस्तक ‘फोक से परे लोक’ का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान के लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गई।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघ चालक डॉ. रमेश चन्द्र अग्रवाल, पद्मश्री अलगोजा वादक तगाराम भील, ध्रुपद गायिका डॉ. मधु भट्ट तैलंग सहित कई प्रबुद्धजन एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
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01/07/26 |सहकारिता मंत्रालय की पहल से एम-पैक्स बन रही हैं ग्रामीण विकास की धुरी : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 01 जुलाई, जयपुर।
केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय की पहल से ग्राम पंचायत स्तर पर कार्य कर रही एम-पैक्स अब ग्रामीण विकास की धुरी बन चुकी है। पहले ग्राम सेवा सहकारी समिति केवल किसानों को ब्याज मुक्त फसली ऋण मुहैया कराने तक सीमित थी। यह समिति आज सहकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू किये गये 114 नवाचारों में से अपनी आवश्यकता के अनुसार ट्रांसफाॅर्म करते हुए किसानों को नवीन सेवाएं प्रदान कर रही हैं।
जयपुर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय पैक्स परिवर्तन दिवस एवं सहकार चौपाल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अतिरिक्त रजिस्ट्रार भोमाराम ने कहा कि आज एम-पैक्स काॅमन सर्विस सेंटर, कस्टम हायरिंग सेंटर, एफ.पी.ओ, जन औषधि केंद्र, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र के रूप में कार्य करते हुये वन-स्टॉप सॉल्यूशन बन कर सामने आयी है। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा आमजन को सहकारिता से जोड़ा जाना चाहिए । ग्रामीण स्तर पर ही एम-पैक्स के माध्यम से उच्च तकनीक आधारित सेवाएं मिलने से शहरों की ओर पलायन रोकने में मदद मिलेगी एवं ग्रामीण स्तर पर रोजगार के अवसर उत्पन्न हो सकेगें।
इस अवसर पर जयपुर संभाग के अतिरिक्त रजिस्ट्रार मदन लाल गुर्जर ने बताया कि पैक्स की कार्यप्रणाली को विश्वसनीय एवं सुगम बनाने के साथ दैनिक कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिये क्म्प्यूटरीकरण और डिजिटाइजेशन का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है। इस कार्य में पैक्स के पदाधिकारियों को दैनिक रूप से निगरानी करने की आवश्यकता है ताकि तकनीक का ग्रासरूट स्तर तक फायदा मिल सके तथा समिति की कार्यकुशलता में वृद्धि हो सके।
जयपुर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक दिनेश कुमार शर्मा ने कहा कि सहकार से समृद्धि कार्यक्रम के तहत ‘‘म्हारो खातो-म्हारो बैंक’’ पहल में सहकारी बैंकों में दुग्ध उत्पादकों एवं पशुपालकों के बैंक खाता खोलने से प्रगति के नये द्वार खुलेंगे। उन्होंने सहकार चौपाल में उपस्थित दुग्ध उत्पादक समितियों के अध्यक्ष एवं सचिवों को बताया कि केंद्रीय सहकारी बैंकों में दुग्ध उत्पादकों एवं पशुपालकों के जीरो बैलेंस पर खाते खोले जा रहे हैं और ऐसे खाताधारकों के लिये चेक बुक, एटीएम डेबिट कार्ड, आरटीजीएस एवं नेफ्ट जैसी सुविधाएं पूर्णतया नि:शुल्क हैं। ऐसे खाताधारक को लाॅकर किराया में 20 प्रतिशत की छूट का भी प्रावधान किया गया है।
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30/06/26 |सम्पत्ति का सबसे बड़ा सौन्दर्य है उसका समाज के लिए समर्पण- उप मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 30 जून, भोपाल।
शिक्षा के क्षेत्र में जनसहभागिता और सामाजिक योगदान को सम्मानित करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 30वें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह 2026 का आयोजन जयपुर स्थित बिड़ला ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम में 276 से अधिक भामाशाहों, प्रेरकों एवं एनआरआई दानदाताओं को शिक्षा विभूषण, शिक्षा भूषण, प्रेरक सम्मान से सम्मानित किया गया। इन भामाशाहों ने वित्त वर्ष 2025-26 में 318 करोड़ रुपए का सहयोग दिया है। इस मौके पर ‘भामाशाह प्रशस्ति’ पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।
समारोह में उपमुख्यमंत्री डाॅ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि भामाशाह सम्मान समारोह का दिन केवल सम्मान का नहीं बल्कि आत्मा के उत्सव का दिन है, संस्कृति का उत्सव है। उन्होंने कहा कि सम्पत्ति का सबसे बड़ा सौन्दर्य है, उसका समाज के लिए समर्पण। राजस्थान वीरों के साथ ही दानवीरों की धरती भी है। यहां तलवार के साथ ही त्याग भी देखने को मिलता है। मंच के समक्ष बैठे सभी व्यक्ति भामाशाह की परम्परा के प्रतिनिधि है। धन कमाना योग्यता हो सकती है लेकिन धन का समाज के लिए उपयोग महानता का प्रतीक है। अब राजस्थान की पहचान केवल किलों से नहीं , हमारे विद्यालयों से, हमारी बालिकाओं की प्रगति से भी होगी।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि मेवाड़ की शौर्य गाथा महाराणा प्रताप और भामाशाह के बिना अधूरी है। उन्होंने भामाशाह श्री पूनम चंद राठी का धन्यवाद ज्ञापित किया, जिनकी सहायता से बीकानेर के जयमलसर में राजकीय बालिका सैन्य विद्यालय बन रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय अब अधिक सुरक्षित व तकनीकी रूप से समक्ष बन रहे हैं। अब श्यामपट्ट की जगह स्मार्ट बोर्ड आ गए हैं। भामाशाहों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए एक विशेष सेल गठित की जा रही है जो पारदर्शी तरीके से कार्य करेगी। विद्यालय की प्रबंधन समिति में भामाशाहों के दो प्रतिनिधि भी होंगे। ऐसे कई प्रयास विभाग की ओर से किए जा रहे हैं। उन्होंने भामाशाहों को विश्वास दिलाया कि उनके द्वारा प्रदान किए गए धन को पूरा सदुपयोग शिक्षा के विकास के लिए ही होगा।
शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने महाराणा प्रताप व भामाशाह के त्याग का स्मरण करते हुए प्रदेश में शिक्षा की उन्नति के लिए आगे आने वाले भामाशाहों को धन्यवाद दिया। उन्होंने विभाग के प्रयासों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री विद्यादान कोष व ज्ञान संकल्प पोर्टल का जिक्र करते हुए बताया कि विभाग की ओर से भामाशाहों के लिए पूरी प्रक्रिया सरल व पारदर्शी बनाई गई है।
समारोह में मिड डे मील आयुक्त विश्वमोहन शर्मा, राज्य परियोजना निदेशक एवं समग्र शिक्षा राजस्थान आयुक्त डॉ.रश्मि शर्मा, माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट एवं निदेशक राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल राजस्थान महेंद्र खींची, सम्मानित भामाशाह, विशिष्ट भामाशाह, प्रेरक, समस्त विभागीय उपायुक्त एवं स्कूल शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी कार्मिक उपस्थित रहे।
दानदाताओं को मिला सम्मान-
समारोह में राजकीय विद्यालय के नए भवन निर्माण, अतिरिक्त निर्माण कार्य, निर्मित भवनों के विकास, भूमि दान देने तथा अन्य भौतिक संसाधनों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले 276 से अधिक भामाशाह, प्रेरक एवं एनआरआई दानदाताओं को सम्मानित किया गया। 49 भामाशाह को शिक्षा विभूषण व 105 भामाशाहों को शिक्षा भूषण सम्मान से नवाजा गया। 99 प्रेरकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में 23 एनआरआई दानदाता भी शामिल हैं।
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30/06/26 |किसान और सीमा पर जवान देश के प्राण तंत्र, खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाना हमारा संकल्प - लोकसभा अध्यक्ष
एन.एस.बाछल, 30 जून, जयपुर।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मार्गदर्शन एवं निर्देशों की पालना में सोमवार को कोटा में प्राकृतिक खेती विषयक भव्य किसान कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में लगभग एक हजार किसानों ने भाग लेकर प्राकृतिक खेती, कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाली खेती, बेहतर उत्पादन, कृषि विपणन, पशुपालन तथा उद्यानिकी के माध्यम से आय बढ़ाने की आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर प्राकृतिक खेती पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया गया तथा कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों का सम्मान भी किया गया।
प्राकृतिक खेती भारत की विरासत, समय की मांग—
कार्यशाला में ओम बिरला ने कहा कि खेत में किसान और सीमा पर जवान देश के प्राण हैं। वे हाड़ौती के किसानों के जीवन स्तर में सुधार लाने तथा खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं और इसे साकार करके रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती भारत की प्राचीन विरासत रही है तथा धरती की उर्वरा शक्ति, मानव स्वास्थ्य, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग को कम करना आज समय की आवश्यकता है।
खेती को मिलेगा व्यवसाय का स्वरूप—
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि हाड़ौती की जलवायु, उपजाऊ भूमि एवं भरपूर जल उपलब्धता इसे प्राकृतिक खेती के लिए देश के चुनिंदा क्षेत्रों में शामिल करती है। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रहकर बहुफसली खेती, उद्यानिकी, फल उत्पादन, मधुमक्खी पालन एवं पशुपालन को भी अपनाना चाहिए ताकि खेती लाभकारी व्यवसाय बन सके।
सिंचाई परियोजनाओं से खेतों तक पहुंचेगा पानी—
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसान हितैषी सोच का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने गुजरात में सिंचाई का आदर्श मॉडल विकसित किया तथा देशभर में वर्षों से लंबित लगभग 99 सिंचाई परियोजनाओं को गति देकर किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने का कार्य किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि ईआरसीपी एवं परवन जैसी महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाएं भी शीघ्र पूर्ण होंगी, जिससे किसानों को स्थायी लाभ मिलेगा।
पशुपालन, डेयरी और कोल्ड स्टोरेज से बढ़ेगी किसानों की आय—
ओम बिरला ने कहा कि हाड़ौती में पशुपालन की असीम संभावनाएं हैं। पशुपालन प्राकृतिक खेती का भी मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक तहसील एवं पंचायत स्तर पर कोल्ड स्टोरेज विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा ताकि पशुओं के लिए हरा चारा सुरक्षित रखा जा सके।
उन्होंने कहा कि मदर डेयरी एवं सरस डेयरी के साथ समन्वय स्थापित कर पशुपालकों का दूध, फल एवं सब्जियां उचित मूल्य पर खरीदी जाना सुनिश्चित किया जाएगा जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिल सके और उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो।
देश के बड़े बाजारों से जुड़ेंगे किसान—
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि किसानों के लिए आधुनिक मार्केटिंग लिंक तैयार किए जा रहे हैं जिससे वे हाड़ौती में रहकर ही दिल्ली, मुंबई सहित देश के बड़े बाजारों के भाव जान सकेंगे तथा अपने उत्पाद उचित मूल्य पर बेच सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिले और किसी भी किसान को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।
फलोद्यान और बहुमुखी खेती पर दिया जोर—
उन्होंने कहा कि हाड़ौती की जलवायु आम, नींबू, जामुन, पपीता सहित अनेक फलदार पौधों के लिए अत्यंत उपयुक्त है। किसानों को फलोद्यान विकसित करने, उच्च गुणवत्ता वाले बीज अपनाने तथा फल, फसल, वृक्ष एवं पशुपालन आधारित बहुमुखी खेती की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर किसानों एवं मातृशक्ति को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
हर पात्र किसान तक पहुंचेगी योजनाओं का लाभ—
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक पात्र किसान को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। इसके लिए किसान को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे बल्कि प्रशासन एवं संबंधित विभाग स्वयं किसानों तक पहुंचकर योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराएंगे।
कृषि में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण —कल्पना देवी
लाडपुरा विधायक कल्पना देवी ने कहा कि यदि किसान इस कार्यशाला में प्राप्त जानकारी को व्यवहार में अपनाते हैं तो कृषि क्षेत्र में नई क्रांति का सूत्रपात होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों, महिलाओं, युवाओं एवं श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रहे हैं। उन्होंने कृषि क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए ड्रोन दीदी एवं लखपति दीदी जैसी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक किसान के खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों ने दी जानकारी, किसानों ने साझा किए अनुभव—
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों, जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, प्राकृतिक कीट एवं रोग प्रबंधन सहित कम लागत में अधिक गुणवत्ता वाली उपज प्राप्त करने के उपायों की जानकारी दी तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस दौरान किसानों ने प्राकृतिक खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए इसके लाभ बताए। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत कोटा जिले में 35 क्लस्टरों के माध्यम से अब तक 4,375 किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं तथा जिले का लगभग 4 प्रतिशत कृषि क्षेत्र प्राकृतिक एवं जैविक खेती के अंतर्गत है।
प्राकृतिक खेती से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन—
कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यशाला में लगी कृषि एवं प्राकृतिक उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर किसानों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल, जिला कलक्टर डॉ. पीयूष समारिया, प्रेम गोचर, राकेश जैन, कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक अशोक शर्मा, संयुक्त निदेशक सत्येन्द्र पाठक, रविन्द्र जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, महिला किसान एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
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29/06/26 |स्वच्छता अभियान में प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत ने संभाली झाड़ू, किया श्रमदान-गुलाब सर्कल से बस स्टैंड मार्ग तक चलाया सफाई अभियान : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 29 जून, जयपुर।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 4 जुलाई को प्रस्तावित बालोतरा आगमन एवं राजस्थान रिफाइनरी के शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारियों के तहत जिलेभर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दूसरे दिन प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत एवं प्रभारी सचिव हरजीलाल अटल ने स्वयं श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया। अभियान में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, रिफाइनरी प्रबंधन तथा स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वच्छ और सुंदर बालोतरा के संकल्प को दोहराया।
पचपदरा के गुलाब सर्कल क्षेत्र में श्रमदान कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत, प्रभारी सचिव हरजीलाल अटल, जिला कलक्टर सुशील कुमार यादव, पचपदरा विधायक डॉ. अरूण चौधरी, राजस्थान रिफाइनरी के सीईओ कमलाकर, जनप्रतिनिधि भरत मोदी सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वयं झाड़ू लगाकर सफाई की। सभी ने गुलाब सर्कल से बस स्टैंड मार्ग तक सफाई अभियान चलाते हुए आमजन से अपने घर, प्रतिष्ठान और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने के लिए अपील की।
अभियान के दौरान प्रशासन ने सड़क मार्ग पर आवागमन में बाधा बन रहे अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई भी की, जिससे यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम बनाया जा सके। गुलाब सर्कल स्थित सेठ गुलाब चंद सालेचा की प्रतिमा को जल से स्वच्छ किया गया। इस अवसर पर अधिकारियों ने नागरिकों से सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई बनाए रखने तथा स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि आगामी 4 जुलाई को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजस्थान रिफाइनरी का राष्ट्र को समर्पण करेंगे। यह परियोजना पूरे राजस्थान के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। रिफाइनरी के संचालन से नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा, औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता को देशव्यापी जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। विकसित भारत के निर्माण में स्वच्छ भारत की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को स्वच्छता को केवल अभियान नहीं बल्कि अपनी दैनिक आदत बनाना चाहिए। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, गली और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता की जिम्मेदारी निभाए तो पूरा देश स्वच्छ और स्वस्थ बन सकता है।
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29/06/26 |पुरोहित का बास में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण, उपमुख्यमंत्री राजस्थान ने दिया समता का संदेश
एन.एस.बाछल, 29 जून, जयपुर।
उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा द्वारा सीकर के पुरोहित का बास में संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया गया।
उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण करते हुए कहा कि समाज का निर्माण समता, स्वतंत्रता, बंधुता और न्याय के मूल सिद्धांतों पर होना चाहिए। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से सभी वर्गों को समान अधिकार प्रदान करने का कार्य किया।
उन्होंने कहा कि जिस समाज के हाथ में किताब आ जाती है, उसकी बेड़िया अपने आप कट जाती है। बाबा साहेब की प्रतिमा हमें प्रेरणा देगी और लाइब्रेरी युवाओं को दिशा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि सीकर वीरों और शहीदों की भूमि है, जिसने सैनिक, शिक्षक, वैज्ञानिक और उद्योगपति दिए हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके विचारों को अपनाकर ही समता, स्वतंत्रता, बंधुता और न्याय पर आधारित समाज का निर्माण किया जा सकता है। बाबा साहेब की प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि समाज को प्रेरणा देने वाला प्रतीक है।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, सीकर विधायक राजेंद्र पारीक, खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती, पूर्व विधायक सीकर रतनलाल जलधारी, सांगलिया धूनी पीठाधीश्वर ओमदास महाराज सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित कर प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। साथ ही भामाशाहों का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम के दौरान 100 सीट की लाइब्रेरी निर्माण के लिए भूमि पूजन भी किया गया।
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28/06/26 |अंतर्राष्ट्रीय MSME दिवस पर जयपुर में बड़ा कार्यक्रम: 33 लाख से अधिक उद्यमों के साथ राजस्थान देश का चौथा सबसे बड़ा MSME राज्य
एन.एस.बाछल, 28 जून, जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रदेश की आर्थिक प्रगति, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता के आधार हैं। राज्य सरकार युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने, स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने तथा विकास और विरासत के समन्वय के साथ राजस्थान को देश का अग्रणी औद्योगिक राज्य बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर जयपुर के कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों, प्रयासों एवं हमारे उद्यमियों के साहस, आत्मविश्वास और कर्मठता के चलते 33 लाख से अधिक एमएसएमई उद्यमों के साथ राजस्थान आज देश का चौथा सबसे बड़ा एमएसएमई राज्य बन गया है। प्रदेश की डबल इंजन सरकार उद्योगों और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट ने प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास का एक नया विश्वास स्थापित किया है।
एक साल में 1600 से अधिक औद्योगिक भूखंड आवंटित
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार द्वारा उद्योगों हेतु भूमि उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डायरेक्ट अलॉटमेंट पॉलिसी-2025 लागू की गई है, जिसके चलते पिछले एक वर्ष में राज्यभर में 1600 से अधिक औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया गया है। वहीं, 23 प्राथमिक क्षेत्रों में जरूरी सुधार लागू किए हैं। साथ ही, शहरी क्षेत्रों में एमएसएमई इकाइयों के लिए लैंड यूज अप्रूवल की समय-सीमा 60 दिनों से घटाकर 30 दिन, उद्योग शुरू करने में दी जाने वाली स्वीकृति जारी करने की समय-सीमा 120 दिनों से घटाकर 30 दिन कर दी गई है। इसी प्रकार गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों की व्हाइट कैटेगरी सूची को 104 से बढ़ाकर 877 उद्योगों तक विस्तारित किया है, जिससे हजारों एमएसएमई को राहत मिली है।
मुख्यमंत्री ने की अहम घोषणाएं
- हस्तशिल्पियों, बुनकरों एवं सूक्ष्म उद्यमों के उत्पादों के लिए पीपीपी मॉडल पर हाटों का विकास एवं संचालन, पहले चरण में पुष्कर, नाथद्वारा, जैसलमेर और अलवर में हाटों का होगा विकास
- पंच गौरव योजना में चिन्हित प्रजातियों एवं वनस्पति संबंधी प्रसंस्करण इकाइयों को वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट योजना में वित्तीय सहायता
- रिप्स में एमएसएमई के लिए कैपिटल सब्सिडी की अवधि 10 वर्ष से घटाकर 7 वर्ष
- इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए मैन्यूफैक्चरिंग पैकेज के तहत चयनित कंपोनेंट श्रेणियों के लिए रिप्स-2024 में न्यूनतम निवेश की सीमा घटाकर 15 करोड़ रुपये
- वर्तमान में रिप्स-2024 के अंतर्गत अधिकतम 3 चरणों में निवेश की अनुमति है। अब भारत सरकार की ईसीएमएस योजना के अंतर्गत आने वाली परियोजनाओं को 5 चरणों में निवेश की अनुमति
- इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में कौशल एवं प्रशिक्षण के लिए महिला एवं दिव्यांग कार्मिकों का अधिकतम भत्ता 4 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपये प्रतिमाह
- राजस्थान वेंचर कैपिटल फंड के माध्यम से इस वर्ष 25 नए स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए राज्य में सोलर पैनल मैन्यूफैक्चरिंग पार्क, सिरेमिक पार्क, डाटा सेंटर पार्क और डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग पार्क जैसे नए औद्योगिक केंद्र विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार विकसित ग्राम-वार्ड अभियान के माध्यम से विकास का रोडमैप तैयार कर रही है। इसके माध्यम से हर जिले में स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा स्थानीय कृषि उत्पादों के आधार पर प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर रोजगार प्रदाता बनने की दिशा में आगे बढ़ें।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि सरकार उद्योगों के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए रीति-नीति एवं योजनाएं तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने 33 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए हैं। इसके लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति भी दे दी गई है।
उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री के. के. विश्नोई ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार नवाचार, सुशासन और प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से एमएसएमई, कौशल विकास तथा उद्योग क्षेत्र को नई गति दे रही है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राजस्थान औद्योगिक विकास नीति, ओडीओपी कॉफी टेबल बुक का विमोचन और रैम्प (राइजिंग एंड एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस) पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को ऋण, अनुदान तथा सब्सिडी के 13 करोड़ रुपये से अधिक के चैक और रीको की योजनाओं के लाभार्थियों को भूमि आवंटन पत्र व ऑफर लेटर प्रदान किए। इस दौरान उद्यमी हितेश अग्रवाल, शशिकांत अग्रवाल, डॉ. अश्विनी बगड़िया एवं अभिषेक ने मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए राज्य सरकार की उद्योग प्रोत्साहन की योजनाओं के लिए आभार जताया।
कार्यक्रम में सांसद मंजू शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल और आयुक्त नीलाभ सक्सेना सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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28/06/26 |मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सख्त निर्देश: सेवा शिविरों में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर होगी कड़ी कार्रवाई
एन.एस.बाछल, 28 जून, जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने का मजबूत माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन शिविरों का क्रियान्वयन सड़क, पानी, बिजली और चिकित्सा से जुड़ी समस्याओं के स्थायी समाधान के रूप में किया जाए। साथ ही, उन्होंने इन शिविरों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की प्रगति तथा वीबी-जी राम जी योजना के क्रियान्वयन के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने सेवा शिविरों में आने वाले नए प्रकरणों एवं लंबित प्रकरणों के निस्तारण की अलग-अलग सूची तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि यह सूची जिलेवार तैयार की जाए।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण सेवा शिविरों में वर्षों से लंबित राजस्व प्रकरणों का तुरंत निस्तारण किया जाए, जिससे ग्रामीणों को राहत मिल सके तथा इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। वहीं, उन्होंने शिविरों में सभी विभागों के कार्यों की प्रगति की निरंतर मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना को लेकर संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि 1 जुलाई से प्रदेश में इस योजना के क्रियान्वयन की सभी तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि यह योजना विकसित राजस्थान-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए वरदान साबित होगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, मुख्यमंत्री कार्यालय, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग, राजस्व विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।
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28/06/26 |राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं का सघन निरीक्षण: 10 जुलाई तक सड़कों पर दौड़ेंगी 600 नई '104 जननी एक्सप्रेस' एम्बुलेंस
एन.एस.बाछल, 28 जून, जयपुर: प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ के निर्देश पर सभी जिलों की स्वास्थ्य सेवाओं का 24 जून से 27 जून तक मुख्यालय के जिला प्रभारियों के दलों द्वारा सघन निरिक्षण किया गया। प्रभारियों द्वारा गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग, उपकरणों की स्थिति, प्रोटोकॉल की पालना, फायर और इलेक्ट्रिकल ऑडिट, दवाइओं का स्टोरेज, स्वास्थ्य भवनों एवं एम्बुलेंस की स्थिति सहित अन्य बिन्दुओं की सघन जांच की गई।
राठौड़ द्वारा जिलों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधा की स्थिति के सम्बन्ध में शनिवार को स्वास्थ्य भवन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के सीएमएचओ एवं जिला प्रभारियों से जानकारी ली गई। उन्होंने सिरोही, उदयपुर, कोटा, जालोर सहित अन्य जिलों के प्रभारियों से फीडबैक लिया। उन्होंने जिलों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, दवाईओं की उपलब्धता एवं उचित रखरखाव, स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में निर्धारित एसओपी की पालना, चिकित्सा संस्थानों में मरम्मत सम्बन्धी जरूरतों, विभिन्न स्वास्थ्य सूचकांकों में ख़राब प्रदर्शन करने वाले जिलो को आ रही समस्याओं इत्यादि बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि जर्जर भवनों का उपयोग नहीं करें एवं सभी प्रकार के प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि फैसिलिटी इंचार्ज सम्बंधित संस्थान की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरिक्षण करे। उनमे सुधार लाए तथा सीएमएचओ नियमित रूप से मॉनिटरिंग कर अस्पताल की व्यवस्थाओं में लगातार सुधार करें। साथ ही प्राथमिकता वाले कार्यों को जिला कलक्टर के संज्ञान में लाए।
प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि प्रदेशवासियों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हो, इसके लिए राज्य से लेकर ब्लॉक स्तर तक निरंतर मॉनिटरिंग करना आवश्यक है। वीसी के दौरान चिकित्सा केन्द्रों में चिकित्सा अधिकारिओं एवं स्टाफ की उपलब्धता, बंद पड़े उपकरणों के सुचारू संचालन, दवाईओं की उपलब्धता, मरीजों को समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधाएँ मिलने में आ रही दिक्कतों को अविलम्ब दूर करने एवं चिकित्सा केन्द्रों में आधारभूत सुविधाओं को दुरस्त करने पर विशेष जोर दिया।
राठौड़ ने प्रत्येक जिले में प्रकाशित समाचारों के संबंध में संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की तथा समाचारों में उठाए गए मुद्दों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य संस्थानों में प्राप्त होने वाली शिकायतों एवं समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए।
उन्होंने कहा कि सभी सीएमएचओ अपने-अपने जिलों में अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों की नियमित मॉनिटरिंग करें, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं स्टाफ की उपस्थिति, साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
प्रमुख शासन सचिव ने निर्देश दिए कि समाचारों में प्रकाशित समस्याओं का तथ्यों के आधार पर तत्काल परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाए तथा उसकी रिपोर्ट विभाग को समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी अधिकारी संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें।
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ ने कहा की प्रदेश में 10 जुलाई 2026 तक 104 एम्बुलेंस के 600 वाहनों का संचालन प्रारंभ कर दिया जाए। इस संबंध में जिलों के सीएमएचओ को टेकन ओवर किए जा चुके समस्त 104 जननी एक्सप्रेस वाहनों का शत प्रतिशत के मैपिंग संबंधित निर्देश दिए।
इस संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम ने कहा की वर्तमान सेवा प्रदाता द्वार हैंड ओवर टेकन ओवर की कार्यवाही 29 जून तक पूरी की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि नकारा 104 जननी एक्सप्रेस एम्बुलेंस वाहनों के स्थान पर रेंटल मोड पर वाहनों का संचालन सुनिश्चित करें एवं नकारा और अप्रक्रियाशील वाहनों की सूची मुख्यालय को दे।
वीसी में निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, निदेशक आर.सी.एच. डॉ. मधु रतेश्वर सहित सम्बंधित अधिकारी एवं मुख्यालय के जिला प्रभारी, सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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28/06/26 |अजमेर में 100 साल बाद वरुण सागर झील की खुदाई शुरू: ₹24 करोड़ से अधिक की नदी-जल संरक्षण परियोजनाओं का शिलान्यास
एन.एस.बाछल, 28 जून, जयपुर: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी एवं जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने शनिवार को ऎतिहासिक अजमेर जिले में वरुण सागर झील के डीसिल्टिंग कार्य का शुभारम्भ किया। लगभग 100 वर्षों बाद पहली बार झील की खुदाई का कार्य प्रारम्भ होने जा रहा है, इससे झील की जलधारण क्षमता बढ़ेगी, भराव क्षेत्र का विस्तार होगा तथा अतिक्रमण हटाकर झील को उसका मूल स्वरूप प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि यह अजमेर के लिए ऎतिहासिक क्षण है। झील के निर्माण के बाद पहली बार इसकी खुदाई की जा रही है। इससे झील अधिक गहरी होगी, जल संग्रहण क्षमता बढ़ेगी और वर्षा के दौरान अतिरिक्त पानी का बेहतर प्रबंधन होने से शहर को जलभराव की समस्या से भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटने से झील की प्राकृतिक सुंदरता में भी अभूतपूर्व निखार आएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में अजमेर को विकास की अनेक महत्वपूर्ण सौगातें मिली हैं। तारागढ़ किला विकास, लैपर्ड सफारी, साइंस पार्क, आनासागर विकास, वरुण सागर विकास तथा चौरसियावास तालाब के सौन्दर्यीकरण जैसे कार्य अजमेर को पर्यटन के नए केन्द्र के रूप में स्थापित करेंगे। इन परियोजनाओं से पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होगी तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
देवनानी ने बताया कि वरुण सागर झील पर भगवान वरुण देव की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी तथा आसपास के उद्यान का भी व्यापक कायाकल्प किया जाएगा, इससे यह क्षेत्र धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से और अधिक आकर्षक बनेगा।
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के विकास के प्रति पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेशभर में लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से झीलों, तालाबों एवं जल आवक मार्गों की डीसिल्टिंग एवं सफाई का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। अजमेर जिले में भी जल संरचनाओं के संरक्षण एवं विकास के लिए विशेष कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित ष्वन्दे गंगा जल संरक्षण अभियानष् अभूतपूर्व सफलता प्राप्त कर चुका है। प्रदेश में जल संरक्षण, पेयजल उपलब्धता एवं सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं, इससे राजस्थान जल प्रबंधन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहा है।
कार्यक्रम के दौरान वरुण सागर झील एवं अन्य विकास कार्यों का शिलान्यास एवं अवलोकन भी किया गया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष रमेश सोनी, मंडल अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह, महेन्द्र सिंह, सीताराम शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
वरुण सागर की भराव क्षमता बढ़ाने के लिए डीसिल्टिंग का कार्य किया जाएगा। इसके अंतर्गत वरुण सागर से गाद लगभग 188400 सीयूएम निकाली जाएगी। यह कार्य से वरुण सागर की भरात क्षमता में 6.65 एमसीएफटी वृद्धि होगी।
मुहामी से रूप नदी लगभग 62 किलोमीटर लंबाई में जंगल सफाई व डीसील्टिंग का कार्य करवाया जाएगा। इसके अंतर्गत रूप नदी में वर्षों से वर्षाकाल में बहकर आ रहे सिल्ट, मिट्टी को निकाला जाएगा। इससे नदी अपनी वास्तविक रूप में आ सकेगी व निर्बाध प्रवाह हो सकेगा। यह कार्य की लागत राशि 12.04 करोड़ रूपए आएगी।
डाई नदी, सागरमती नदी व इसकी वितरिकाओं के साथ फूलसागर कायड व बीर के प्राकृतिक नालो, कल्याणीपुरा चैनल की डीसील्टिंग का कार्य करवाया जाएगा। इसके अंतर्गत नदी नालों में पहाड़ों व शहर से आ रहे गाद, मिट्टी व सिल्ट को निकालने का कार्य करवाया जाएगा। डाई नदी, सागरमती नदी में लगातार वर्षों से जमा हो रहे गाद व सिल्ट के कारण नदी प्रवाह में कमी आई है तथा नदी क्षमता भी कम हुई है। इससे किसानों के तटबंधों की जमीन का वर्षा के दौरान लगातार कटाव होता है तथा बाढ़ की परिस्थितियों बनती है। इन परिस्थितियों के निस्तारण के लिए नदीं को अपने वास्तविक रूप में लाने का कार्य करवाया जाएंगे। इस कार्य की लागत राशि 3 करोड़ रूपए आएगी।
परियोजना के अंतर्गत सहोदरा नदी (देवरिया बाँध से मुण्डोती बाँध) के लगभग 4.50 किलोमीटर लम्बाई एवं औसतन 15.00 मीटर (बंथली से मुण्डोती बाँध) के लगभग 7.50 किलोमीटर लम्बाई एवं औसतन 25.00 मीटर चौड़ाई एव मुण्डोती बाँध के डाउनस्ट्रीम भाग से मनोहरपुरा ग्राम तक सहोदरा नदी के लगभग 1.35 किलोमीटर लम्बाई एवं औसतन 40 मीटर चौड़ाई वाले भाग का डी-सिल्टिंग एवं अवांछित वनस्पतियों की सफाई कार्य प्रस्तावित है। यह कार्य के अंतर्गत वर्षों से संचित गाद, सिल्ट एवं अन्य अवसादों का निष्कासन कर नदी की जल वहन क्षमता में वृद्धि की जाएगी तथा मुण्डोती बाँध तक जल की उपलब्धता में सुधार होगा। यह कार्य से नदी की डाउनस्ट्रीम जल निकासी क्षमता में वृद्धि होगी। मानसून अवधि में जलभराव एवं बाढ़ की समस्या में प्रभावी कमी आएगी। इसके अंतर्गत सहोदरा नदी से गाद लगभग 364200 सीयूएम निकाली जाएगी। इसकी लागत राशि 5.44 करोड रूपए आएगी।
परियोजना के अंतर्गत माशी नदी में गागून्दा एनीकट से गोली एनीकट तक लगभग 4.50 किलोमीटर लम्बाई एवं औसतन 20 मीटर चौड़ाई वाले भाग सुख सागर जलाशय के फीडर चैनल की लगभग 1.80 किलोमीटर लम्बाई में डीसिल्टिंग अवांछित वनस्पतियों की सफाई एव पुलिया मरम्मत कार्य प्रस्तावित है। यह कार्य के अंतर्गत नदी में वर्षों से संचित गाद, सिल्ट एवं अन्य अवसादों का निष्कासन कर नदी की मूल जल वहन क्षमता पुनस्र्थापित की जाएगी। इससे वर्षा ऋतु के दौरान जल प्रवाह सुचारु होगा तथा तटीय क्षेत्रों में कटाव एवं बाढ़ की संभावनाओं में कमी आएगी। इसके अंतर्गत माशी नदी से गाद लगभग 247200 सीयूएम निकाली जाएगी। इसकी लागत राशि 3.69 करोड रूपए आएगी।
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28/06/26 |जयपुर/अजमेर: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने राजीव कॉलोनी में ₹10 लाख के सड़क व नाली निर्माण कार्यों का किया शुभारम्भ
एन.एस.बाछल, 28 जून, जयपुर: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शनिवार को वार्ड संख्या 73 स्थित राजीव कॉलोनी में विधायक कोष से स्वीकृत नाली एवं सड़क निर्माण कार्यों का विधिवत शुभारम्भ किया।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने आज वार्ड संख्या 73 की राजीव कॉलोनी में बालकिशन शर्मा के मकान से धनजी के मकान तक नाली एवं सड़क निर्माण कार्यों का शुभारम्भ किया। यह दोनों विकास कार्य विधायक कोष से 10 लाख रुपए की लागत से कराए जाएंगे। इन विकास कार्यों के पूर्ण होने पर क्षेत्र में जल निकासी, स्वच्छता तथा आवागमन की सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।
विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने निर्माण कार्यों का शुभारम्भ करते हुए कहा कि विधानसभा क्षेत्र के सभी वार्डों में चरणबद्ध तरीके से आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक तक विकास का लाभ पहुंचाना उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से सड़क, नाली, पेयजल तथा विद्युत जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास की जीवनरेखा होती हैं। बेहतर सड़कें न केवल आवागमन को सुगम बनाती हैं, बल्कि व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक लोगों की पहुंच को भी सशक्त करती हैं। इसी प्रकार सुदृढ़ जल निकासी व्यवस्था से स्वच्छता में सुधार होता है तथा वर्षा ऋतु में जलभराव जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।
देवनानी ने कहा कि अजमेर शहर में समग्र विकास की सोच के साथ सड़क निर्माण एवं कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार किया गया है। वर्तमान में शहर में सैकड़ों करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जो भविष्य में अजमेर की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
उन्होंने कहा कि अजमेर आज पर्यटन नगरी के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। शहर में भव्य प्रवेश द्वार, आधुनिक लाइब्रेरी, लैपर्ड सफारी, साइंस पार्क, आईटी पार्क सहित अनेक महत्वाकांक्षी परियोजनाएं आकार ले रही हैं। इन विकास कार्यों से अजमेर न केवल पर्यटन के क्षेत्र में बल्कि शिक्षा, चिकित्सा, सूचना प्रौद्योगिकी, रोजगार, आयुर्वेद एवं आधुनिक अधोसंरचना के क्षेत्र में भी एक प्रमुख केन्द्र के रूप में स्थापित हो रहा है।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष श्री रचित कच्छावा, स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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27/06/26 |'द इन्टीट्यूट ऑफ चार्टेड एकाउंटेंट्स ऑफ इण्डिया’ द्वारा 'क्षितिज' कार्यक्रम आयोजित- राज्यपाल राजस्थान ने भारतीय ज्ञान परम्परा के आलोक में आधुनिक विकास के लिए आगे बढ़ने का किया आह्वान
एन.एस.बाछल, 27 जून, जयपुर।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि सीए हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। आयकर और जी.एस.टी. से जुड़े नियमों की पालना कराने के साथ ही सीए प्रोफेशनल्स औद्योगिक क्षेत्रों में पर्यावरण मानकों के अंकेक्षण की दिशा में भी विशेष रूप से सजग रहें। इसी से औद्योगिक विकास के साथ जलवायु परिवर्तन के खतरों से राष्ट्र बचा रहेगा। उन्होंने कहा कि चार्टेड एकाउण्टेट व्यवसाय और आर्थिक क्रियाकलापों के सूक्ष्म अंकेक्षण के अंतर्गत राष्ट्र के राजस्व वृद्धि के लिए अधिकाधिक योगदान दें। उन्होंने कैपिटल बजटिंग, बजट पूर्वानुमान, वित्तपोषण आदि कार्यों के अंतर्गत चार्टेड एकाउंटेंट्स को 'राष्ट्र प्रथम' की भावना रखते हुए कार्य करते हुए देश के विकास में अहम भूमिका निभाने का आह्वान किया।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे शनिवार को बिड़ला सभागार में ’द इन्टीट्यूट ऑफ चार्टेड एकाउण्टेट्स ऑफ इण्डिया’ द्वारा आयोजित 2047 में भारत की उत्कृष्टता के आलोक में आयोजित ’क्षितिज’ कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 'द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया' के आदर्श वाक्य ’य एष सुप्तेषु जागर्ति’ की चर्चा करते हुए कहा कि कठोपनिषद का यह मंत्र विद्यार्थियों के जीवन का आलोक बनना चाहिए। इसका अर्थ है, जब सब सोए हुए हों तो भी हमें जागते रहना चाहिए। उन्होंने राष्ट्र के प्रति समर्पित होकर सभी को अपना योगदान देने के लिए निरंतर सजग रहने पर जोर दिया।
हरिभाऊ बागडे ने सीएसआर के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और राष्ट्र विकास के कार्यों में सामाजिक सहभागिता के तहत अधिक से अधिक व्यावहारिक कार्य करवाए जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि फर्म, व्यावसायिक संगठनों, कंपनियों को सीए प्रोफेशनल्स ऐसे सुझाव दें जिससे सीएसआर के तहत ऐसे अछूते क्षेत्रों में कार्य हो सके जिनकी की समाज को आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षा प्रसार के अंतर्गत, वंचितों को गुणवत्ता की शिक्षा और साधन उपलब्ध कराने, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए योगदान जैसे क्षेत्रों में सरकारी क्षेत्र के साथ निजी क्षेत्र की भी प्रभावी भूमिका सुनिश्चित किए जाने पर जोर दिया।
राज्यपाल ने सीए विद्यार्थियों से जी.एस.टी.,फोरेन्सिक अंकेक्षण आदि से जुड़े तमाम कार्यों में कानून की मर्यादाओं में रहकर कार्य करने, नियमों का पालन कराने और पारदर्शिता रखते हुए औद्योगिक विकास के साथ देश के विकास में योगदाने देने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को भारत की ज्ञान परम्परा से जुड़कर आधुनिक विकास की राहों पर आगे बढ़ने की आवश्यकता जताई।
इससे पहले राज्यपाल ने स्मारिका "क्षितिज" का भी विमोचन किया।
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27/06/26 |भावना मेघवाल मेमोरियल ट्रस्ट 50 प्रतिभावान बच्चों को दिखाएगा बेहतर भविष्य की राह
एन.एस.बाछल, 27 जून, जयपुर।
बीकानेर जिले के 50 प्रतिभावान और जरूरतमंद युवाओं को करियर चयन में सहायता, संसाधन, मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से भावना मेघवाल मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से 'सुपर-50' कार्यक्रम चलाया जाएगा। इनका चयन एक कमेटी द्वारा किया जाएगा। दसवीं और बारहवीं परीक्षा पास विद्यार्थी, इस योजना के तहत चयनित होंगे जो नीट, यूपीएससी सहित अन्य स्तरीय परीक्षाओं की तैयारी करेंगे।
केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भावना मेघवाल मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित करियर काउंसलिंग कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बीकानेर के प्रतिभावान बच्चे अवसर और संसाधनों की कमी के कारण बेहतर करियर से वंचित न रहें, इसके मद्देनजर भावना मेघवाल मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा यह पहल की जा रही है। उन्होंने करियर काउंसलिंग कार्यक्रम के लिए कमेटी बनाने तथा चयन की कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि करियर की बेहतर राह पर ले जाने के लिए प्रत्येक बच्चे पर 3 लाख रुपए तथा कुल डेढ़ करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रतिभावान बच्चों की संख्या अधिक होने पर इसका दायरा बढ़ाया भी जा सकेगा।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दीपावली के आसपास वृहद करियर और रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। इस मेले में 2000 से अधिक युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर कंपनियों में रोजगार के अवसर मुहैया करवाए जाएंगे। अर्जुन राम मेघवाल ने भावना मेघवाल मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा लगातार दूसरे वर्ष आयोजित करियर काउंसलिंग कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि युवाओं को बेहतर करियर तक पहुंचने में ट्रस्ट सेतु का कार्य कर रहा है।
अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि आज के दौर में करियर के अनेक विकल्प हैं। युवा, सरकारी नौकरियों के अलावा भी बेहतर भविष्य की राह बढ़ सकते हैं। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को सर्वश्रेष्ठ विकल्प की ओर बढ़ाने का मार्गदर्शन प्राप्त होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने करियर के लिए सर्वश्रेष्ठ विकल्प चुनने तथा चुने हुए लक्ष्य की प्राप्ति के लिए गंभीरता से मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से बच्चों को आगे बढ़ने की सीख दी।
विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार ने कहा कि युवा असफलता को चुनौती के रूप में लें तथा इससे निराश होने की बजाय अधिक ऊर्जा से आगे बढ़ें। उन्होंने शिक्षा के साथ कौशल क्षमता बढ़ाने का आह्वान किया।
अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि कार्यक्रम के तहत पंजीकृत प्रत्येक विद्यार्थी को प्रमाण पत्र, डिक्शनरी तथा प्रोत्साहन स्वरूप 500 रुपए प्रदान किया जा रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि बच्चे इस राशि से पुस्तक खरीदें, जो कि उनके लिए उपयोगी साबित हों। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की दूरगामी सोच के तहत प्रारम्भ होने वाला सुपर-50 कार्यक्रम क्षेत्र के युवाओं के लिए वरदान साबित होगा।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री मेघवाल सहित सभी अतिथियों में मां सरस्वती, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा सुश्री भावना मेघवाल के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम के दौरान अनेक बच्चों ने अपने अनुभव साझा किए।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर सभी नशे को छोड़ने और दूसरों को इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लें। कार्यक्रम के पश्चात मंत्री मेघवाल ने बच्चों के बीच पहुँचकर उनके करियर के बारे में जानकारी ली और उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर बीकाजी के सहयोग से निर्विकल्प फाउंडेशन द्वारा संचालित करियर काउंसलिंग वैन के माध्यम से भी युवाओं को आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।
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27/06/26 |प्रदेश के सभी जिलों में मशरूम की खेती को मिलेगा बढ़ावा, किसानों को प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर- आयुक्त कृषि
एन.एस.बाछल, 27 जून, जयपुर।
कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने उदयपुर संभाग के दौरे के दौरान कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि में नवाचार, प्राकृतिक खेती तथा उच्च मूल्य वाली फसलों को प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में प्रदेश के सभी जिलों में मशरूम की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा तथा किसानों को व्यापक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
उदयपुर संभाग के कृषि अधिकारियों की समीक्षा बैठक में आयुक्त ने निर्देश दिए कि Farmers Fertilisers Framework (FFS) को संभाग के सभी जिलों में तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा, ताकि उर्वरकों का पारदर्शी, वैज्ञानिक एवं प्रभावी वितरण सुनिश्चित हो सके और किसानों को समय पर आवश्यक सुविधाएं मिलें।
बैठक में कृषि शिक्षा को अधिक सशक्त बनाने पर भी जोर देते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि राजकीय कृषि महाविद्यालयों के व्याख्याता आधुनिक तकनीक के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करें, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं नियमित शिक्षा उपलब्ध हो सके।
नरेश कुमार गोयल ने प्रताप विश्वविद्यालय को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए, जिससे कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं कौशल विकास को नई गति मिल सके।
दौरे के दौरान उन्होंने मशरूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा प्राकृतिक खेती से संबंधित गतिविधियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती, मूल्य संवर्धन तथा मशरूम उत्पादन के संबंध में अधिक से अधिक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए।
आयुक्त कृषि ने कहा कि कृषि विभाग का लक्ष्य किसानों तक नई तकनीक, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण एवं बेहतर सेवाएं पहुंचाकर कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाना है। इसके लिए सभी अधिकारी योजनाओं का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
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27/06/26 |विविधता में एकता का आधार भारत के विभिन्न राज्यों के लोग : राज्यपाल मध्यप्रदेश
एन.एस.बाछल, 27 जून, भोपाल।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भारत की विविधता में एकता का आधार भारत के विभिन्न राज्यों के लोग हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दूध में शक्कर घुल जाती है, उसी तरह से मध्यप्रदेश में बंगाल के मूल निवासी घुल मिल गये हैं। हमारी अनेकता में एकता की आत्मीयता और साम्यता को राज्य स्थापना दिवस के आयोजन साकार करते है। आयोजन के मंच पर हमारी वेशभूषा, गीत, नृत्य में समाई हमारी सांस्कृतिक विविधता में एकता की झलक मिलती है। पश्चिम बंगाल की प्रस्तुतियों में उन्हें गुजरात के गरबा नृत्य और वेशभूषा में असम राज्य की झलक दिखाई दी।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल लोकभवन में आयोजित पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस के प्रसंग में आयोजित समारोह में सम्मिलित भोपालवासी बंगाली मूल के लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डा. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में भोपाल के विभिन्न कालीबाड़ियों के सदस्य उपस्थित थे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का राष्ट्र प्रथम की भावना को सुदृढ़, राष्ट्रीय एकात्मकता को नई शक्ति प्रदाय करने और राज्यों के मध्य परस्पर सांस्कृतिक संवाद, आपसी समझ और भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ावा देने के प्रयास अद्भुत है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने गत वर्ष लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा स्थल पर एक नवम्बर से 15 नवम्बर तक भारत पर्व का ऐतिहासिक आयोजन कराया था। पर्व में सभी राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, सांस्कृतिक दलों और बच्चों की सहभागिता से एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को मंच प्रदान किया गया था। कार्यक्रम में 300 बच्चों ने कार्यक्रम में सहभागिता की थी। उन्होंने कहा कि भारत की गौरवशाली विरासत को समृद्ध बनाने में बंगाल राज्य का योगदान अतुलनीय है। प्रधानमंत्री मोदी स्वामी विवेकानन्द की जयंती पर विगत वर्षों से देश की युवाओं की आकांक्षाओं के अनुसार विकसित भारत निर्माण के लिए युवाओं के साथ संवाद करते हैं। लोक भवन के आयोजन में 7 से 60 साल के कलाकारों की सहभागिता और महिलाओं की बहुलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए बदलते भारत की झलक और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम में सपना गुहा ने स्वागत उद्बोधन में बंगाल की समृद्ध परम्पराओं, सांस्कृतिक विरासत के साथ ग्रामीण जन जीवन की सरलता और सांस्कृतिक छटा की रुपरेखा प्रस्तुत की सांस्कृतिक आयोजन की सूत्रधार महुआ चटर्जी ने “हमारा बंगाल रे” की थीम पर बंगाल के लोकगीत, नृत्य और जन जीवन को बाउल, झूमर, धमाइल, भटयाली लोक संगीत की प्रस्तुति के द्वारा सभागार में पश्चिम बंगाल के जन जीवन को जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि का स्थापना दिवस का वीडियो संदेश प्रसारित किया गया। पश्चिम बंगाल के सांस्कृतिक वैभव और आधुनिक विकास पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। अंत में मध्यप्रदेश के विकास और वैभव से परिचित कराने वाली लघु फिल्म का प्रसारण किया गया।
राज्यपाल का कार्यक्रम में बंगाली समाज के सचिव सलिल चटर्जी, निलॉय घोष ने अभिनन्दन किया। आभार प्रदर्शन डा. एन. बनर्जी ने किया। संचालन सहायक सत्कार अधिकारी सृष्टि श्रीवास्तव ने किया।
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26/06/26 |‘इलाज भी, विश्वास भी और विकास भी’-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से राजस्थान बनेगा मेडिकल टूरिज्म का हब
एन.एस.बाछल, 26 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी सोच के परिणामस्वरूप राजस्थान स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हील इन राजस्थान नीति-2025’ प्रदेश को मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (एमवीटी) के क्षेत्र में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाने की दिशा में अग्रसर है।
मुख्यमंत्री का विजन है कि राजस्थान केवल पर्यटन की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी देश का अग्रणी राज्य बने। इसी सोच को साकार करने के लिए राज्य सरकार ने चिकित्सा, पर्यटन, निवेश और डिजिटल नवाचार को एक मंच पर लाते हुए ‘हील इन राजस्थान’ जैसी अभिनव पहल शुरू की।
उपचार के साथ ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत का अनुभव-
अपनी ऐतिहासिक धरोहरों, समृद्ध संस्कृति और अतुलनीय पर्यटन स्थलों के लिए प्रसिद्ध राजस्थान चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। प्रदेश में अब देशी-विदेशी पर्यटक राजस्थान की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का अनुभव करने ही नहीं आएंगे, वे यहां विश्वस्तरीय उपचार भी प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल ने चिकित्सा और पर्यटन के इस अनूठे संगम को विकास के नए मॉडल के रूप में स्थापित किया है।
राजस्थान में 8 हजार से अधिक अस्पताल, 46 मेडिकल कॉलेज और 15 डेंटल कॉलेज संचालित हैं। इसके अलावा अत्याधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी एवं सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों का विस्तृत नेटवर्क प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान प्रदान कर रहा है।
राजस्थान में स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप गुणवत्तापूर्ण और किफायती उपचार सेवाएं आमजन के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले मरीजों को भी उपलब्ध हो रही हैं। राजस्थान की चिकित्सा व्यवस्था आधुनिक विज्ञान और भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का उत्कृष्ट संगम प्रस्तुत कर रही है। आयुर्वेद, योग, यूनानी और सिद्ध जैसी आयुष प्रणालियों को आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के साथ जोड़कर मरीजों को समग्र स्वास्थ्य लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।
डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम से मिलेगी मरीजों की सुविधा-
‘हील इन राजस्थान’ के अंतर्गत एमवीटी पोर्टल और मोबाइल एप विकसित किया जा रहा है। जिससे मरीजों को उपचार संबंधी सभी आवश्यक जानकारियां एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा सकेगी। टेलीमेडिसिन, टेली-कंसल्टेशन, डिजिटल डायग्नोस्टिक्स और ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवाओं ने चिकित्सा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सरल और सुलभ बनाया जा रहा है। विदेशी मरीजों की सुविधा के लिए बहुभाषी हेल्पलाइन सेवाओं की व्यवस्था भी की जा रही है, जिससे भाषा संबंधी बाधाओं को दूर कर बेहतर स्वास्थ्य अनुभव सुनिश्चित होगा।
निवेश, रोजगार और आर्थिक विकास को मिल रही गति-
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। राजस्थान निवेश संवर्धन योजना, औद्योगिक विकास नीति तथा पर्यटन नीति के माध्यम से निवेशकों को विभिन्न प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में नए निवेश आकर्षित हो रहे हैं, आधुनिक चिकित्सा संस्थान विकसित हो रहे हैं और प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
सुदृढ़ संस्थागत व्यवस्था से सुनिश्चित हो रहा प्रभावी क्रियान्वयन-
‘हील इन राजस्थान नीति-2025’ के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार मजबूत संस्थागत तंत्र विकसित कर रही है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कार्यकारी समिति तथा चिकित्सा शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में तकनीकी समिति गठित की गई है। एमवीटी सेल और सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से सेवा प्रदाताओं और निवेशकों को त्वरित एवं पारदर्शी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राजस्थान की ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि प्रदेश की पहचान वैश्विक चिकित्सा गंतव्य के रूप में और सशक्त हो।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ‘हील इन राजस्थान नीति-2025’ स्वास्थ्य, पर्यटन, निवेश और रोजगार को एक साथ आगे बढ़ाने वाली दूरदर्शी पहल साबित होगी। यह नीति प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ राजस्थान को वैश्विक मेडिकल टूरिज्म मानचित्र पर एक प्रतिष्ठित स्थान दिलाने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ाएगी। विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, डिजिटल नवाचार और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्ध नीतियों के बल पर राजस्थान आज एक ऐसे मॉडल के रूप में उभर रहा है, जहां “इलाज भी, विश्वास भी और विकास भी” एक साथ साकार हो रहा है।
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26/06/26 |डिजिवन पोर्टल बनेगा वन प्रबंधन का सशक्त डिजिटल प्लेटफॉर्म - मुख्य सचिव राजस्थान
एन.एस.बाछल, 26 जून, जयपुर।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने वन विभाग के मुख्यालय अरण्य भवन में 'डिजिवन' (DigiVan) पोर्टल का विस्तृत प्रदर्शन देखा तथा इसके अधिकतम उपयोग एवं तकनीकी सुदृढ़ीकरण के लिए विभागीय अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि डिजिवन पोर्टल वन विभाग के डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह प्लेटफॉर्म न केवल विभागीय सूचनाओं के बेहतर प्रबंधन में सहायक होगा बल्कि नीति निर्माण, निगरानी एवं निर्णय प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी बनाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि पोर्टल के उपयोग की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए प्रत्येक माह विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रदर्शन के आधार पर जिलों की रैंकिंग निर्धारित करें।
उन्होंने युवा अधिकारियों को डिजीवन पोर्टल के माध्यम से नवाचार एवं विश्लेषणात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करने तथा फील्ड स्तर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इसके उपयोग में दक्ष बनाने पर विशेष बल दिया। साथ ही, जिला स्तर पर अधिकाधिक डेटा संकलन एवं दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जिससे पोर्टल की उपयोगिता और प्रभावशीलता में निरंतर वृद्धि हो सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि डिजिवन पोर्टल में उपलब्ध उच्च गुणवत्ता वाले मल्टीपल-लेयर डेटा का पूर्ण उपयोग करते हुए वन विभाग को राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना चाहिए। उन्होंने इसे देश में अपनी तरह का प्रथम एवं अद्वितीय डिजिटल प्लेटफॉर्म बताते हुए कहा कि यह भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा एनालिटिक्स, मल्टीपल डेटा सोर्सेज एवं उभरती डिजिटल तकनीकों को पोर्टल से जोड़कर वन प्रबंधन को अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बनाया जाए। इन तकनीकों के माध्यम से विभागीय कार्यों की गुणवत्ता, दक्षता एवं निगरानी क्षमता में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
क्षमता निर्माण एवं तकनीकी जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्य सचिव ने प्रत्येक माह वेबिनार आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि कार्मिकों को नवीनतम तकनीकी सुविधाओं की जानकारी एवं प्रशिक्षण निरंतर उपलब्ध हो सके। उन्होंने अन्य विभागों के साथ एपीआई एवं डेटा शेयरिंग की संभावनाओं पर भी कार्य करने के निर्देश दिए। इससे डिजिवन पोर्टल को और अधिक सशक्त, उपयोगी एवं व्यापक बनाया जा सकेगा तथा विभिन्न विभागों के बीच डेटा आधारित समन्वय को नई गति मिलेगी।
बैठक में वन विभाग के एसीएस आनंद कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (हॉफ) अरिजीत बनर्जी, प्रमुख शासन सचिव (वित्त) वैभव गलरिया सहित वन विभाग एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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26/06/26 |चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने अलवर में चिकित्सा संस्थानों का औचक निरीक्षण किया
एन.एस.बाछल, 26 जून, जयपुर।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने अलवर में सामान्य, जनाना एवं शिशु चिकित्सालयों तथा गोविन्दगढ उपखण्ड में बदौड़ामेव सीएचसी व रामगढ उपखण्ड में बगडमेव पीएचसी का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों को बेहतर उपचार व सुविधाएं प्रदान करने के दिशा-निर्देश दिए।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लेकर संबंधित चिकित्सा अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ उपलब्ध संसाधनों का कुशलतम उपयोग करते हुए जिले की चिकित्सा व्यवस्था को दुरूस्त रखने के निर्देश दिये। उन्होंने सामान्य चिकित्सालय में रामाश्रय व सामान्य वार्ड, क्रिटिकल केयर यूनिट, आईसीयू, ऑपरेशन थियेटर तथा जनाना व शिशु चिकित्सालय में मदर मिल्क बैंक, लेबर रूम, पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड, ऑपरेशन थियेटर इत्यादि का औचक निरीक्षण कर चिकित्सा व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने इस दौरान भर्ती मरीजों से संवाद कर चिकित्सा व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने जनाना अस्पताल में मदर मिल्क बैंक के निरीक्षण के दौरान मिल्क स्टोरेज व्यवस्था की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
इससे पहले चिकित्सा मंत्री ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बडौदामेव एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बगडमेव का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने बदौड़ामेव सीएचसी में 4 में से 2 कार्मिक अवकाश पर होने तथा बगडमेव पीएचसी में नर्सिंग स्टाफ अवकाश पर होने के बारे में बताने पर उन्होंने संबंधित चिकित्सक व स्टाफ के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
चिकित्सा मंत्री ने बैठक लेकर चिकित्सा अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की, जिसमें ओपीडी की स्थिति, दवाओं की उपलब्धता, डिलिवरी एवं मोर्टिलिटी, एम्बुलेंस एवं उपकरण व्यवस्था, सीएचसी भवनों की स्थिति तथा चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ की वस्तुस्थिति का फीडबैक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने जिले के चिकित्सा संस्थानों में फायर सेफ्टी व्यवस्था की समीक्षा कर सुरक्षा के दृष्टिगत नियमित अंतराल पर मॉक ड्रील कर चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिये। उन्होंने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, मा वाउचर योजना आदि की प्रगति का फीडबैक लेकर पात्र लोगों को योजना से जोडकर लाभांवित कराने के निर्देश दिये।
इस दौरान सीएमएचओ डॉ. योगेन्द्र शर्मा, पीएमओ डॉ. प्रवीण शर्मा, डॉ. मनोज गर्ग, डॉ. केसरी सिंह, डॉ. जालम सिंह राठौड, मेडिकल कॉलेज की कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ. इन्दू सूद, डॉ. दिनेश सूद, नर्सिंग कॉलेज के प्रिंसिपल राजपाल यादव, नर्सिंग अधीक्षक सुशीला वर्मा व श्रीमती सरला शर्मा सहित संबंधित चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।
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26/06/26 |एप के माध्यम से होगा अनुदानित उर्वरकों का वितरण, किसानों को नहीं लगना पड़ेगा कतारों : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 26 जून, जयपुर।
कृषि विभाग के आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने कृषि विज्ञान केंद्र राजसमन्द में आयोजित कार्यक्रम में फर्टीलाइजर सेल्स एप्पलीकेशन सिस्टम (एफएसएएस) का शुभारम्भ किया। इस अभिनव व्यवस्था को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में राजसमंद एवं सिरोही जिलों में लागू किया गया है। कार्यक्रम में एडीएम नरेश बुनकर सहित कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, किसान एवं कृषि आदान विक्रेता उपस्थित रहे।
कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को पारदर्शी, सुगम एवं तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि एफएसएएस प्रणाली के माध्यम से किसानों को उनकी फार्मर आईडी के आधार पर अनुदानित उर्वरकों का वितरण किया जाएगा। इससे उर्वरक वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी तथा वास्तविक किसानों तक समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
राजसमंद जिले से हुई शुरुआत—
इस प्रणाली की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर राजसमंद जिले से की गई है। अब किसान अपने मोबाइल फोन के माध्यम से उर्वरक की बुकिंग कर सकेंगे तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें खाद की आपूर्ति पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित कराई जाएगी। इससे किसानों को खाद लेने के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा तथा समय और श्रम दोनों की बचत होगी। साथ ही उर्वरकों की कालाबाजारी एवं अनियमित वितरण पर भी प्रभावी रोक लग सकेगी।
एडीएम नरेश बुनकर ने कहा कि तकनीक आधारित यह पहल किसानों को सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को समय पर आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने किसानों से इस प्रणाली का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल—
अतिरिक्त निदेशक कृषि खंड भीलवाड़ा निरंजन सिंह राठौड़ ने कहा कि फर्टीलाइजर सेल्स एप्पलीकेशन सिस्टम (एफएसएएस) उर्वरक वितरण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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26/06/26 |युद्ध और आतंकवाद के दौर में 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना विश्व को दे सकती है नई दिशा : विधानसभा अध्यक्ष राजस्थान
एन.एस.बाछल, 26 जून, जयपुर।
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा है कि 21वीं सदी को वास्तव में मानवता की सदी बनाना है तो विश्व को युद्ध, धार्मिक कट्टरता और आतंकवाद के मार्ग से हटकर करुणा, सह-अस्तित्व, सेवा और विश्वबंधुत्व के मार्ग पर चलना होगा, यही भारत का दर्शन है, यही मानवता का पथ और विश्व शांति का शाश्वत आधार है।
लेह में राष्ट्रीय संगोष्ठी को वासुदेव देवनानी ने किया संबोधित-
लेह स्थित लद्दाख विश्वविद्यालय में आयोजित विश्व शांति और भारतीय दर्शन विश्व शांति में भारत की भूमिका और सांस्कृतिक मूल्य विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए स्पीकर श्री देवनानी ने कहा कि वर्तमान समय में सम्पूर्ण विश्व, युद्ध, आतंकवाद, धार्मिक कट्टरता, पर्यावरणीय संकट, सामाजिक विषमताओं, मानसिक तनाव और मानवीय मूल्यों के गिरावट जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में भारतीय दर्शन, विश्व में शांति, सह-अस्तित्व और स्थायी विकास का मार्ग दिखाने में सक्षम है। इस संगोष्ठी का आयोजन गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार हरियाणा, लद्दाख विश्वविद्यालय, हिमालय परिवार और सिंधु दर्शन यात्रा समिति के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।
भारतीय संस्कृति जीवन जीने की समग्र दृष्टि -
वासुदेव देवनानी ने कहा कि भारतीय संस्कृति जीवन जीने की समय दृष्टि है। यह मनुष्य को भौतिक उन्नति के साथ-साथ आत्मिक विकास, सामाजिक समरसता और वैश्विक कल्याण का भी संदेश देती है। भारत ने सदैव सम्पूर्ण विश्व को एक परिवार मानते हुए 'वसुधैव कुटुम्बकम्' का संदेश दिया है जो आज के वैश्विक परिदृश्य में और अधिक प्रासंगिक हो गया है। भारत की सांस्कृतिक चेतना विश्व के लिए आभा की किरण है। सिंधु नदी के तट पर लिखे गये वेदों में विश्व में सभी लोगों के सुखी व स्वस्थ जीवन का मार्ग है।
भारतीय ऋषि रिसर्च स्कॉलर व वैज्ञानिक-
वासुदेव देवनानी ने भारतीय ऋषियों को रिसर्च स्कॉलर व वैज्ञानिक बताते हुए कहा कि भारत के ऋषि-मुनियों ने हजारों वर्ष पूर्व मानव जीवन, प्रकृति और ब्रह्मांड के गहन रहस्यों पर शोध किया था। उनके द्वारा प्रतिपादित जीवन मूल्य आज भी प्रासंगिक हैं। भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता इसकी समन्वयवादी प्रवृत्ति है, जिसने विभिन्न विचारों, परंपराओं और संस्कृतियों को आत्मसात कर मानवता को एकता का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ने कभी विस्तारवाद या वर्चस्ववाद का मार्ग नहीं अपनाया बल्कि सदैव सह अस्तित्व के साथ विश्व कल्याण का विचार रखा।
भगवान बुद्ध मानवता के पुजारी -
वासुदेव देवनानी ने भगवान बुद्ध को मानवता का पुजारी बताते हुए कहा कि उनके द्वारा करुणा का संदेश दिया गया। भगवान महावीर ने अहिंसा को जीवन का आधार बताया और गुरु नानक देव ने सेवा, समरसता तथा विश्वबंधुत्व का मार्ग दिखाया। यही मूल्य आज विश्व को संघर्ष और हिंसा से बाहर निकाल सकते हैं। वासुदेव देवनानी ने विश्व स्तर पर बढ़ते आतंकवाद पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आतंकवाद मानवता के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। इसके विरुद्ध सम्पूर्ण विश्व समुदाय को एकजुट होकर कार्य करना होगा।
स्थायी शांति के लिए मानवीय मूल्यों पर आधारित संवाद व सम्मान आवश्यक-
वासुदेव देवनानी ने कहा कि शिकागो में 11 सितंबर, 1893 को विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानन्द द्वारा दिया गया "भाइयों और बहनों" का संबोधन केवल एक अभिवादन ही नहीं था बल्कि यह भारत की प्राचीन सनातन संस्कृति और सार्वभौमिक भाईचारे का एक शक्तिशाली संदेश था जिसमें विश्व को परिवार मानने का भारतीय दर्शन समाहित था। आतंकवाद किसी एक देश या समाज की समस्या नहीं बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए खतरा है। इसके उन्मूलन के लिए वैश्विक सहयोग, परस्पर विश्वास और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति का संदेश जीओ और जीने दो' का है। जब विश्व के अनेक भाग संघर्ष और अस्थिरता से जूझ रहे हैं, यह विचार आज के समय में अत्यंत महत्वपूर्ण है । स्थायी शांति केवल शक्ति संतुलन से नहीं बल्कि मानवीय मूल्यों, संवाद और आपसी सम्मान से स्थापित की जा सकती है।
योग विश्व में भारत की अमूल्य धरोहर-
वासुदेव देवनानी ने कहा कि योग भारत की अमूल्य धरोहर है। संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 11 दिसम्बर, 2014 को भारत के योग के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। इस प्रस्ताव को विश्व के 177 से अधिक देशों ने समर्थन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया जाना भारत की सांस्कृतिक विरासत की वैश्विक मान्यता का प्रमाण है। योग शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का विज्ञान है तथा मानवता को स्वास्थ्य, शांति और संतुलन का मार्ग प्रदान करता है। उन्होंने भारतीय संस्कृति के मूल्यों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति यदि अपनी सांस्कृतिक विरासत, नैतिक मूल्यों और जान परंपरा से जुड़कर आगे बढ़ेगी तो भारत न केवल विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर होगा बल्कि सम्पूर्ण मानवता को भी नई दिशा प्रदान करेगा।
राष्ट्रीय संगोष्ठी में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता, हिमालय परिवार व सिंधु दर्शन यात्रा समिति के संरक्षक इन्द्रेश कुमार, गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार हरियाणा के कुलपति नरसी राम विश्नोई, लद्दाख विश्वविद्यालय के कुलपति साकेत कुशवाहा, हरियाणा उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष के.सी. शर्मा, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण, प्रोफेसरगण और बढी संख्या में शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद थे।
स्पीकर वासुदेव देवनानी की लद्दाख के उपराज्यपाल श्री सक्सेना से शिष्टाचार भेंट -
राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने लोक भवन, लद्दाख में लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना से शिष्टाचार मुलाकात की। उन्होंने सक्सेना को 'सनातन संस्कृति की अटल दृष्टि' पुस्तक भेंट की।
दोनों के बीच राष्ट्र विकास, सुशासन, शिक्षा, पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। देवनानी ने लद्दाख में संचालित विकास कार्यों एवं प्रशासनिक नवाचारों की सराहना की तथा प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए उपराज्यपाल महोदय के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। उपराज्यपाल सक्सेना ने देश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच संवाद एवं सहयोग को राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया। भेंट के दौरान दोनों ने जनकल्याण, युवाओं के सशक्तिकरण तथा राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए।
स्पीकर वासुदेव देवनानी ने ऐतिहासिक लेह पैलेस का किया अवलोकन-
वासुदेव देवनानी ने लेह-लद्दाख प्रवास के दौरान ऐतिहासिक लेह पैलेस का अवलोकन किया तथा इसकी गौरवशाली विरासत, स्थापत्य कला एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी प्राप्त की।
जानकारी प्राप्त करने के बाद देवनानी ने कहा कि लेह पैलेस लद्दाख के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति और अद्वितीय वास्तुकला का जीवंत प्रतीक है। 17वीं शताब्दी में निर्मित यह 9 मंजिला महल आज भी लद्दाख की ऐतिहासिक पहचान के रूप में खड़ा है। उन्होंने कहा कि लेह पैलेस की वास्तुकला हिमालयी और तिब्बती शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह ऐतिहासिक धरोहर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रतिबिंबित करती है। देवनानी ने महल परिसर में संरक्षित ऐतिहासिक धरोहरों, प्राचीन कलाकृतियों तथा सांस्कृतिक विरासत का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे विरासत स्थल नई पीढ़ी को अपने इतिहास, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। लेह पैलेस से दिखाई देने वाला लेह नगर, सिंधु घाटी और आसपास की पर्वतमालाओं का मनोरम दृश्य लद्दाख की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक समृद्धि का अद्भुत परिचय कराता है। देवनानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लद्दाख में आधारभूत सुविधाओं, पर्यटन और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं, जिससे यह क्षेत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आकर्षण का केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने लद्दाख की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण राष्ट्र की पहचान और गौरव को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
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25/06/26 |सिंधु कुंभ बना राष्ट्रीय एकता का विराट मंच वेद और उपनिषदों की रचना से जुड़े है सिंधु तट- विधानसभा अध्यक्ष राजस्थान
एन.एस.बाछल, 25 जून, जयपुर।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने लेह-लद्दाख में आयोजित प्रथम सिंधु कुंभ के अंतर्गत पवित्र सिंधु घाट पर मां सिंधु नदी एवं भगवान झूलेलाल की पूजा-अर्चना कर देश, प्रदेश एवं समाज की सुख-समृद्धि, शांति तथा प्रगति की प्रार्थना की। इस प्रथम सिंधु कुंभ में देशभर के लगभग 20 राज्यों से 3500 से अधिक आए श्रद्धालुओं की सहभागिता से ऐसा लगा कि मानो सिंधु तट पर लघु भारत के दर्शन हो रहे हैं। राजस्थान से भी लगभग 500 से अधिक श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होने लेह-लद्दाख पहुँचे हैं। विभिन्न भाषाओं, परंपराओं और संस्कृतियों के लोग यहां एक सूत्र में बंधे दिखाई दे रहे हैं, जो भारत की सांस्कृतिक एकता का अनूठा उदाहरण है।
सिंधु कुंभ बना लघु भारत—
सिंधु नदी के तट पर हुए प्रथम सिंधु कुंभ में देशभर से जुटे हजारों लोग लघु भारत का प्रतिबिंब लग रहे थे। देशभर से लगभग साढ़े तीन हजार श्रद्धालु, संत-महात्मा, सामाजिक प्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए हैं। आयोजन में जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर, अनेक संत-महात्मा, राजस्थान विधान सभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, सिंधु कुंभ से जुडे इन्द्रेश कुमार, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता और त्रिपुरा विधान सभा अध्यक्ष रामपादा जमातिया सहित विभिन्न क्षेत्रों के अनेक विशिष्टजन उपस्थित रहे। उनकी सहभागिता ने आयोजन की गरिमा और महत्व को बढ़ा दिया।
सिंधु नदी आध्यात्म का बन रहा है पांचवां धाम—
इस अवसर पर वासुदेव देवनानी ने कहा कि सिंधु नदी एक जलधारा ही नहीं, भारतीय सभ्यता, संस्कृति और राष्ट्रीय अस्मिता की अमर प्रतीक है। यहां के तटों पर वेदों, उपनिषदों की रचना हुई है। भगवान झूलेलाल का अवतरण भी इसी पवित्र नदी के पावन तट पर हुआ। भारतीय ज्ञान परंपरा के विकास में भी सिंधु क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सिंधु के पावन तट पर श्रद्धा, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता का जो अद्भुत संगम दिखाई देता है, वह भारत की सनातन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के सशक्त परिचायक के साथ पांचवे धाम का स्वरूप बनता जा रहा है। भगवान झूलेलाल ने मानवता को प्रेम, सद्भाव, सेवा, जल संरक्षण और लोककल्याण का संदेश दिया। सिंधु तट पर उनकी पूजा भारतीय संस्कृति, आस्था और सामाजिक समरसता की पहचान है।
पर्यावरण, जल संरक्षण के साथ स्वच्छता व नशा मुक्ति का दिलाया संकल्प—
वासुदेव देवनानी ने कहा कि सिंधु कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया गया। इन संकल्पों को प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए। वासुदेव देवनानी ने कहा कि सिंधु कुंभ केवल एक आध्यात्मिक आयोजन ही नहीं, भारत की सांस्कृतिक एकता, राष्ट्रीय गौरव, आध्यात्मिक परंपरा और अखंड राष्ट्रभाव का विराट उत्सव है। यह आयोजन देशवासियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने तथा राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।
विगत कुछ वर्षों में सिंधु नदी के तटों का हुआ अभूतपूर्व विकास—
वासुदेव देवनानी ने कहा कि सिंधु नदी के तटों का विगत कुछ वर्षों में अभूतपूर्व विकास हुआ है। इन तटों के प्रति लोगों की रुचि बढ़ती जा रही है। यह तट जन आकांक्षाओं के अनुरूप आध्यात्म के पावन स्थल बन गये हैं। वासुदेव देवनानी ने आव्हान किया कि लोगों को इस पवित्र धाम के दर्शन अवश्य करने चाहिए।
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25/06/26 |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवाओं की उम्मीदों का आकाश खोल दिया है-जल संसाधन मंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 25 जून, जयपुर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं की उम्मीदों का आकाश खोल दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अब देश का युवा राष्ट्र विकास के साथ ही विश्व को नई दृष्टि और दिशा देने में सक्षम होता जा रहा है। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने किशनगढ़ एयरपोर्ट परिसर में स्थित एवियाना एविएशन अकेडमी में प्रशिक्षु पायलेट्स से संवाद करते हुए यह कहा।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 साल में भारत में जो विकास हुआ है, वह ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में इन विकास कार्यों का लाभ आम आदमी तक पहुंचाने का काम राज्य सरकार कर रही है।
किशनगढ़ एयरपोर्ट बनने से रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं, यहां के उद्यमियों और युवाओं की कनेक्टिविटी बढ़ी है, उन्हें व्यापक अवसर मिल रहे हैं, जो पहले सम्भव नहीं थे। आने वाले समय में यह एयरपोर्ट राजस्थान के बड़े एयरपोर्ट में गिना जाएगा। ट्रेनी पायलेट्स ने भी बड़े उत्साह से कहा कि पिछले 12 वर्ष में युवाओं के लिए मोदी जी ने बहुत काम किए हैं।
सुरेश सिंह रावत ने यह भी कहा कि उनके लिए इस अकादमी में आने का एक उद्देश्य यह भी है कि इससे राजस्थान के युवाओं को एयरक्राफ्ट पायलट जैसे नए कॅरियर के प्रति जागरूक किया जा सके।
इस दौरान सुरेश सिंह रावत ने हवाई जहाज के कॉकपिट में बैठकर उडान प्रक्रिया, तकनीक की प्रक्रिया जानी, हवाई जहाज के मेंटेनेंस और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की जानकारी भी प्राप्त की।
किशनगढ़ एयरपोर्ट के निदेशक बी.एस. मीणा ने हवाई उड़ान संबंधी समस्त प्रक्रिया से सुरेश सिंह रावत को अवगत कराया।
गौरतलब है कि जुलाई, 2024 में शुरू हुई इस अकादमी में 12 सिंगल इंजन और एक डबल इंजन एयरक्राफ्ट हैं। इस समय 150 कैडेट्स हवाई जहाज उड़ाने का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। अब तक 100 युवा यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपना भविष्य उज्जवल बना चुके हैं।
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25/06/26 |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 4 जुलाई को प्रस्तावित राजस्थान यात्रा,प्रधानमंत्री राष्ट्र को समर्पित करेंगे पचपदरा रिफाइनरी
एन.एस.बाछल, 25 जून, जयपुर।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 4 जुलाई को बालोतरा के पचपदरा आएंगे। इस अवसर पर पचपदरा रिफाइनरी के उद्घाटन एवं जयपुर मेट्रो फेज-2 के शिलान्यास के साथ ही प्रधानमंत्री प्रदेशभर में विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास की सौगात देंगे। इस दौरान विभिन्न सरकारी नौकरियों में चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर प्रधानमंत्री की इस प्रस्तावित यात्रा की तैयारियों को लेकर बैठक ली और ऐतिहासिक आयोजन को लेकर निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवा में नियुक्ति पत्र प्राप्त करना प्रत्येक युवा के जीवन का गौरवपूर्ण क्षण होता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों में विशेष आयोजन के साथ नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं एवं आमजन को प्रधानमंत्री के मुख्य कार्यक्रम से वर्चुअल माध्यम से जोड़ा जाए, ताकि वे इस ऐतिहासिक अवसर के सहभागी बन सकें। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं, जनप्रतिनिधियों एवं आमजन की सहभागिता सुनिश्चित की जाए ताकि यह आयोजन विकास, रोजगार एवं सहभागिता का उत्सव बन सकें।
सभी तैयारियां समय पर हो पूरी—
उन्होंने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी प्रदेश के औद्योगिक विकास, निवेश संवर्धन तथा रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है। ऐसेे में उद्घाटन कार्यक्रम से जुड़ी सभी तैयारियां समय पर पूर्ण की जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि रिफाइनरी परिसर में सुरक्षा मानकों को और अधिक सुदृढ़ किया जाए तथा प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रम के दौरान सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रहें और किसी प्रकार की कमी न रहे।
रिफाइनरी परिसर में हो सघन पौधारोपण, कार्यक्रम में ईंधन संरक्षण का दें संदेश—
मुख्यमंत्री ने रिफाइनरी प्रबंधन को इस अवसर पर सघन पौधारोपण अभियान संचालित करने के निर्देश देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी इस आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों में ईंधन संरक्षण एवं ऊर्जा बचत के प्रति आमजन को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सदैव श्रम और श्रमिकों का सम्मान करते हैं। रिफाइनरी में कार्यरत श्रमिकों की भी कार्यक्रम में सार्थक सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आयोजन स्थल पर आगंतुकों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा, यातायात सहित अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।
इस दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित एचआरआरएल एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही, एचपीसीएल एवं विभिन्न जिलों से संभागीय आयुक्त, आईजी, जिला कलक्टर सहित अन्य अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़ें।
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24/06/26 |कौशलयुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे मजबूत आधारशिला हैं : कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मध्यप्रदेश
एन.एस.बाछल, 24 जून, भोपाल।
कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश कौशल विकास के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क इसका सशक्त उदाहरण है, जिसने राष्ट्रीय ही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि कौशलयुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे मजबूत आधारशिला हैं। युवा केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि रोजगार सृजित करने की क्षमता भी विकसित करें और "स्किल्ड इंडिया, कौशलयुक्त भारत" के संकल्प को साकार करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
मंत्री गौतम टेटवाल संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क, भोपाल में आयोजित मई-2025 बैच के वैलेडिक्टरी समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने संत शिरोमणि रविदास की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए तथा विद्यार्थियों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर संस्थान का प्रेरणादायी गीत भी प्रस्तुत किया गया।
मंत्री गौतम टेटवाल ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले सभी प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए कहा कि यह प्रमाण-पत्र केवल प्रशिक्षण पूर्ण होने का प्रतीक नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, व्यावसायिक दक्षता और नए अवसरों की शुरुआत का प्रमाण है। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर सीखते रहने, बदलती तकनीकों के अनुरूप स्वयं को विकसित करने तथा अपने कौशल से प्रदेश और देश की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया।
समारोह में मई-2025 बैच के प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा विभिन्न ट्रेड्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। एडवांस नेटवर्किंग एंड सिस्टम्स एडमिनिस्ट्रेशन ट्रेड के छात्र आशीष कुमार को उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन एवं उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए मेडल ऑफ एक्सीलेंस प्रदान किया गया। वहीं एडवांस इलेक्ट्रिकल टेक्नोलॉजी (पावर एंड कंट्रोल) ट्रेड की छात्रा सान्ध्री त्रिवेदी को अनुशासन, उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन और निरंतर उत्कृष्टता के लिए मिनिस्टर मेडल से सम्मानित किया गया। बैच के स्टूडेंट को-ऑर्डिनेटर्स को भी नेतृत्व क्षमता एवं संस्थान की गतिविधियों में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह में विद्यार्थियों ने अपने प्रशिक्षण अनुभव साझा करते हुए संस्थान, फैकल्टी और प्लेसमेंट सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। इस बैच के अनेक प्रशिक्षुओं ने भारतीय वायु सेना, मध्यप्रदेश पुलिस, अदाणी समूह, हिंदुजा टेक लिमिटेड और ट्राइडेंट जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में रोजगार प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान "वॉक डाउन मेमोरी" वीडियो के माध्यम से विद्यार्थियों की एक वर्ष की प्रशिक्षण यात्रा, सीखने के अनुभव, सांस्कृतिक गतिविधियों, अंतर्राष्ट्रीय एक्सपोजर और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया।
प्रमुख सचिव, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मनीष सिंह ने वीडियो संदेश के माध्यम से प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कौशल, समर्पण और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति ही उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों से संस्थान के एलुमनाई नेटवर्क से जुड़े रहने का आग्रह किया।
कौशल विकास संचालनालय के संचालक बसंत कुर्रे ने कहा कि कौशल आधारित शिक्षा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने कौशल का निरंतर विकास करते हुए नए अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया। सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस के प्रदीप राउत ने कहा कि उद्योग जगत आज ऐसे युवाओं की अपेक्षा करता है जो सीखने के लिए सदैव तैयार रहें और नवाचार की सोच के साथ आगे बढ़ें।
संस्थान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) डॉ. गिरीश शर्मा ने अपने संदेश में कहा कि मई-2025 बैच के प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण के दौरान केवल तकनीकी दक्षता ही नहीं, बल्कि व्यावसायिकता, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता भी अर्जित की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान के प्रशिक्षु देश-विदेश में अपनी कार्यशैली और उत्कृष्ट प्रदर्शन से संस्थान तथा मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाएंगे।
कार्यक्रम में कौशल विकास संचालनालय के संचालक बसंत कुर्रे, संस्थान के डायरेक्टर एक्सटर्नल रिलेशंस नीरज सहाय, डायरेक्टर प्रोक्योरमेंट एंड फैकल्टी संजय जैन, डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन एंड फाइनेंस रोमा बाजपेयी, सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस के प्रदीप राउत, उप संचालकगण, सहायक संचालकगण, संस्थान के अधिकारी, कर्मचारी, प्रशिक्षु एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे।
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24/06/26 |गर्भवती एवं प्रसूता महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दें -चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग राजस्थान
एन.एस.बाछल, 24 जून, जयपुर।
प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, गायत्री राठौड़ द्वारा जोधपुर प्रवास के दौरान डॉ. सम्पूर्णानन्द आयुर्विज्ञान महाविद्यालय में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक ली गई।
बैठक में गर्भवती एवं प्रसूता महिलाओं के स्वास्थ्य की सतत निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी गर्भवती एवं प्रसूता महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, हीमोग्लोबिन जांच, स्क्रीनिंग एवं फॉलो-अप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एनीमिया एवं अन्य स्वास्थ्य जोखिमों से प्रभावित महिलाओं की पहचान कर उनकी विशेष मॉनिटरिंग करने तथा आशा सहयोगिनियों, बीसीएमओ एवं आरसीएचओ के माध्यम से प्रभावी ट्रैकिंग एवं समन्वय सुनिश्चित करने करने के निर्देश दिये गये।
बैठक में सभी चिकित्सा संस्थानों को निर्धारित एसओपी की पालना सुनिश्चित करते हुए सेल्फ ऑडिट जिनमें संस्थानों में उपलब्ध मानव संसाधन, औषधियों, उपकरण, अधोसंरचना, आईसीयू, ओटी एवं अन्य आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता बनाए रखने तथा चिन्हित कमियों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही चिकित्सा उपकरणों के एएमसी/सीएमसी कार्यों एवं खरीद प्रक्रियाओं को पूर्ण पारदर्शिता एवं वित्तीय नियमों की पालना के साथ संपादित करने के निर्देश दिये गये।
आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए सभी अस्पतालों में फायर सेफ्टी उपकरणों, विद्युत प्रणालियों एवं अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों के नियमित निरीक्षण एवं रखरखाव के निर्देश भी दिए गए।
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24/06/26 |अन्नदाता के ऊर्जादाता बनने का संकल्प हुआ साकार,सोलर पैनलों के नीचे लहलहा रही फसल : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 24 जून, जयपुर।
जयपुर जिले के कुंदनपुरा गांव (बस्सी-तूंगा) गांव में पायलट प्रोजेक्ट की सफलता ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना में स्थापित पारम्परिक सौर ऊर्जा संयंत्र से अलग हटकर अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता होने का संकल्प साकार कर दिखाया है। दरअसल कुसुम योजना में अब तक जो सौर ऊर्जा पैनल लगते थे, उनके पीवी सेल स्ट्रक्चर की ऊंचाई जमीन से मात्र दो से तीन फीट होने के कारण उनके नीचे फसल ले पाना संभव नहीं होता था। किसान कुछ मात्रा में ही गिनी चुनी सब्जियों की खेती कर पाते थे। ऐसे में इंडियन काउन्सिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकॉनोमिक रिलेशंस (आईसीआरआईईआर) ने कोटक महिन्द्रा बैंक के वित्तीय सहयोग से कुंदनपुरा में पायलट प्रोजेक्ट के तहत किसान कजोडमल जाट द्वारा पूर्व में स्थापित कुसुम प्लांट के सोलर पैनल की ऊंचाई बढ़ाकर उसे एग्री-पीवी प्लांट का स्वरूप प्रदान किया है।
दरअसल एग्री पीवी प्लांट आधुनिक तकनीक है जिसमें सोलर पैनलों को 10 से 12 फीट की ऊंचाई पर लगवाया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि नीचे फसलों को बढवार के लिए आवश्यक धूप एवं रोशनी मिल सके और ट्रेक्टर आसानी से घूम सके। इसका सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि भूमि का बिजली उत्पादन के साथ साथ फसल उत्पादन में भी उपयोग संभव हो रहा है। इससे पैनलों की सफाई में भी आसानी रहती है। अब कजोडमल ने वर्ष 2023 में स्थापित कंपोनेंट-ए के 0.5 मेगावाट क्षमता के इस प्लांट में इस बार मक्का और मिर्च की फसल उगाई है। सोलर पैनलों के नीचे फसल लहलहा रही है। यह प्रोजेक्ट दर्शाता है कि भविष्य में सोलर पैनलों के नीचे सभी प्रकार की फसलें एवं अच्छी उपज ले पाना संभव है।
चेयरमैन डिस्कॉम्स ने किया अवलोकन—
चेयरमैन डिस्कॉम्स आरती डोगरा ने इस सौर ऊर्जा संयंत्र का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह अत्याधुनिक तकनीक प्रदेश में कृषि क्षेत्र एवं किसानों का भाग्य बदलने वाली सिद्ध होगी। इससे इस योजना में अन्नदाता के ऊर्जादाता होने का ध्येय वाक्य भी साकार होगा। आरती डोगरा ने कजोडमल के परिवार से भी संवाद किया और पायलट प्रोजेक्ट में भागीदारी निभाने की प्रगतिशील सोच के लिए पूरे परिवार और ग्रामीणों को बधाई दी। देश में अपनी तरह का यह पहला प्लांट है। केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की निदेशक सुमन चन्द्रा इस प्लांट का शुभारम्भ करेंगी
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23/06/26 |राजस्थान को जल्द मिलेगा अपने हिस्से का पानी, जल प्रबंधन को मिलेगी और मजबूती- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
एन.एस.बाछल, 23 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल एवं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ यमुना जल परियोजना से संबंधित बैठक में भाग लिया।बैठक में परियोजना के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (एमओए) के महत्वपूर्ण बिन्दुओं को अंतिम रूप दिया गया। साथ ही, किशाऊ बांध परियोजना से संबंधित विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में ‘जल है तो कल है’ की भावना के साथ राज्यों के बीच समन्वय स्थापित कर जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में यमुना जल परियोजना को प्रभावी एवं दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत पानी को पारंपरिक नहर प्रणाली की बजाय पाइपलाइन के माध्यम से पहुंचाने का प्रस्ताव है, जिससे जल संरक्षण सुनिश्चित होने के साथ ही वितरण व्यवस्था अधिक व्यापक बनेगी।
किशाऊ बांध परियोजना से राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा को मिलेगा पानी
उन्होंने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना से जुड़े छह राज्यों के मुद्दों का भी समाधान हो गया है और शीघ्र ही उससे संबंधित एमओए भी किया जाएगा। इससे राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा सहित अन्य राज्यों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से भविष्य में जल संबंधी समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यमुना जल परियोजना राजस्थान विशेषकर शेखावाटी क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह परियोजना क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास तथा लाखों लोगों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केन्द्र एवं हरियाणा सरकार के सहयोग से परियोजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दशकों से लंबित परियोजनाओं को गति मिल रही है तथा राज्यों के बीच जल संबंधी मुद्दों का सकारात्मक समाधान निकल रहा है। राजस्थान को भी यमुना जल उपलब्ध कराने की मांग लंबे समय से की जा रही थी और अब इस दिशा में ठोस प्रगति हो रही है।
किसानों, उद्योगों और आमजन को मिलेगा व्यापक लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना जल परियोजना के क्रियान्वयन से जल्द ही राजस्थान को अपनेे हिस्से का पानी प्राप्त होगा, जिससे किसानों, उद्योगों और आमजन को व्यापक लाभ मिलेगा। साथ ही, प्रदेश में जल प्रबंधन को मजबूती मिलेगी और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने में भी सहायता मिलेगी।
हर व्यक्ति तक पानी की पहुंच सुनिश्चित करना लक्ष्य
नायब सिंह सैनी,मुख्यमंत्री हरियाणा
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हर व्यक्ति तक पानी की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकारें प्रतिबद्धता से काम कर रही हैं। इसी के तहत रेणुका, लखवार और किशाऊ परियोजनाओं के क्रियान्वयन से मिलने वाले पानी से राजस्थान, दिल्ली के साथ हरियाणा के लोगों को भी फायदा मिलेगा। बैठक में वर्षा के पानी को भी सहेजकर राजस्थान पहुंचाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में केन्द्र सरकार, राजस्थान के जल संसाधन विभाग तथा हरियाणा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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23/06/26 |झीलों की नगरी के रूप में विकसित हो रहा अजमेर, बढ़ेगा पर्यटन -विधानसभा अध्यक्ष
एन.एस.बाछल, 23 जून, जयपुर।
अजमेर के पर्यटन विकास में एक नया अध्याय जुड़ गया। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने चौरसियावास तालाब में 5.13 करोड़ रूपए की लागत से होने वाले सौन्र्यीकरण की नींव रखी। यह शहर की तीसरी सबसे बड़ी झील है। सौन्दर्यीकरण के साथ ही यहां पर्यटन से जुड़े नए अवसर उपलब्ध होंगे।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि यह सुंदर झील निकट भविष्य में पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केन्द्र बनेगी। हमारा शहर अब एक पर्यटन नगरी बन रहा है तथा देशी-विदेशी सैलानियों के लिए यहाँ पर्यटन के अनेक नए केन्द्र तेजी से विकसित हो रहे हैं। चौरसियावास तालाब का स्वरूप पूरी तरह से निखरेगा एवं यहाँ शानदार पाथ वे, सुंदर गार्डन, सघन वृक्षारोपण तथा अत्यंत आकर्षक लाइटिंग लगाई जाएगी और साथ ही झील के सम्पूर्ण भराव क्षेत्र से सभी प्रकार के अतिक्रमण हटाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि शहर की ऎतिहासिक आनासागर झील पर 8.5 किलोमीटर लम्बा पाथवे, चौपाटी, नौकायन एवं सैर-सपाटे की बेहतरीन जगह तैयार की गई है और इससे लोगों को पर्यटन की दृष्टि से काफी सुविधा मिल रही है। वरूण सागर झील के चारों तरफ भी पाथ वे का निर्माण होगा एवं एक विशाल उद्यान का विकास तेजी से हो रहा है। यहां वरूण देव की एक बहुत बड़ी मूर्ति एवं एक आकर्षक घाट बनेगा। इससे स्थानीय लोग तथा बाहरी सैलानी यहाँ अपना पूरा दिन से बिता सकेंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने तारागढ़ विकास की एक बहुत बड़ी सौगात दी है। करीब 20 करोड़ रुपए की भारी लागत से महान सम्राट पृथ्वीराज चौहान का ऎतिहासिक किला पूरी तरह से विकसित होगा तथा पहाड़ की ऊंची चोटी से पूरे शहर का एक बेहद आकर्षक नजारा दिखेगा। प्रकृति प्रेमियों के लिए लैपर्ड सफारी भी बेहतरीन टूरिस्ट पॉइंट के रूप में विकसित होगी एवं यहाँ तेंदुए, हिरण तथा अन्य कई जंगली जानवर आसानी से दिखेंगे। साथ ही महान पृथ्वीराज चौहान शासन काल के विभिन्न प्रतीक चिन्ह भी यहाँ देखे जा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा एवं खेल जगत के लिए एक नया साइंस पार्क, एक बड़ा नया स्टेडियम एवं एक भव्य कन्वेंशन सेन्टर शहर के समग्र विकास में चार चांद लगाएंगे। शहर के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर अम्बेडकर सर्किल तक पूरे कई किलोमीटर लम्बी सड़क का भी बहुत ही सुंदर तरीके से सौन्दर्यीकरण हो रहा है। इस प्रकार की पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से शहर में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार बहुत अधिक बढ़ेगा एवं होटल, रिसॉर्ट, टैक्सी, फूड तथा अन्य सभी प्रकार के व्यापारियों को सीधा आर्थिक फायदा होगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अनेक नए अवसर बढ़ेंगे तथा यह एक एकदम नए स्वरूप वाले शहर की एक बहुत ही शानदार शुरूआत है।
पाथ-वे का निमार्ण, पाल का मरम्मत, चैनल का निर्माण, पार्किंग का निर्माण, रिटेनिग वॉल चैन लिंक फ्रेसिंग कर सघन वृक्षारोपण कार्य एवं पाल पर डिकोरेटिव पोल लगाया जाना प्रस्तावित है। चौरसियावास तालाब की वेस्ट वियर की मरम्मत होने से तालाब में पानी की भराव क्षमता बढ़ेगी। इससे आस-पास के भू-जल स्तर में सुधार होगा।
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23/06/26 |अजमेर के सांपला में बनेगा भव्य द्वारकाधीश मंदिर, भूमि पूजन में उमड़ा जनसैलाब
एन.एस.बाछल, 23 जून, जयपुर।
अजमेर जिले में स्थित धार्मिक नगरी सांपला में भगवान द्वारकाधीश गोपाल महाराज के भव्य मंदिर निर्माण के भूमि पूजन समारोह में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत, नगरीय विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा और विधायक शत्रुघ्न गौतम सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
महामंडलेश्वर ध्रुवदास महाराज के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में जोराराम कुमावत ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में धर्म और संस्कृति के संरक्षण के लिए ऐसे धार्मिक आयोजन प्रेरणादायी हैं। सांपला में द्वारकाधीश मंदिर के प्रति लोगों की आस्था और समर्पण अद्भुत है। ग्रामीणों एवं विधायक शत्रुघ्न गौतम की मांग पर उन्होंने सांपला के राजकीय पशु चिकित्सालय को प्रथम श्रेणी में क्रमोन्नत करने का आश्वासन भी दिया।
झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि भगवान द्वारकाधीश के प्रति क्षेत्रवासियों का विश्वास और प्रेम समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर सांपला को नगर पालिका बनाने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शत्रुघ्न गौतम ने कहा कि सांपला का गोपाल मंदिर प्रदेशभर में आस्था का केंद्र है। द्वारका से पधारे भगवान द्वारकाधीश गोपाल महाराज के इस मंदिर का निर्माण 608 वर्ष बाद होने जा रहा है, जो क्षेत्र के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय साबित होगा। उन्होंने मंदिर निर्माण में सहयोग देने वाले ग्रामीणों का आभार भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री बंशीधर बाजिया ने कहा कि महामंडलेश्वर ध्रुवदास महाराज के मार्गदर्शन में बनने वाला यह मंदिर क्षेत्र की नई पहचान बनेगा। भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान धर्मनारायण जोशी एवं प्रहलाद चंद त्रिपाठी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मुख्य शिला, नवग्रह एवं 101 अन्य शिलाओं का पूजन कराया। इसके बाद संत-महात्माओं, अतिथियों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में मुख्य शिला स्थापित की गई।
कार्यक्रम में हरिमोहन शर्मा, भूपेंद्र सिंह शक्तावत, शैलेंद्र सिंह शक्तावत, राजवीर भिंचर, राजवीर हावा, अभिषेक कुमावत, रामेश्वर गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु मौजूद रहे। भूमि पूजन से पूर्व निकाली गई भव्य शोभायात्रा और महाकाल की आकर्षक झांकियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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23/06/26 |मुख्यमंत्री राजस्थान का मंगलवार को नई दिल्ली दौरा
एन.एस.बाछल, 23 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंगलवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ यमुना जल परियोजना से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेंगे। इस उच्चस्तरीय बैठक में यमुना जल परियोजना से संबंधित एमओए (मेमोरेन्डम ऑफ एग्रीमेंट) को अंतिम रूप देने के प्रयास किए जाएंगे। साथ ही, एमओए से संबंधित विभिन्न विषयों पर निर्णायक चर्चा की जाएगी।
हरियाणा व राजस्थान की सरकार केन्द्र सरकार के सहयोग से तेजी से परियोजना की क्रियान्विति की ओर बढ़ रही है, ताकि योजना शीघ्र ही मूर्त रूप ले और शेखावाटी क्षेत्र को भरपूर पेयजल की आपूर्ति हो सके। इस योजना से शेखावटी क्षेत्र के किसानों को भी पर्याप्त पानी मिलेगा और अन्नदाता खुशहाल होगा।
उल्लेखनीय है कि यमुना जल परियोजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए संयुक्त डीपीआर तैयार कर केन्द्रीय जल आयोग के साथ साझा कर दी गई है।
बैठक में जल संसाधन विभाग और हरियाणा सरकार के अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
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23/06/26 |मकान का पट्टा मिल गया, लगा जैसे जहां मिल गया: राजस्थान
एन.एस.बाछल, 23 जून, जयपुर।
जयपुर जिले की ईटावा भोजजी ग्राम पंचायत निवासी कमलेश कुमार सोनी पैतृक जमीन के पट्टे के लिए पटवारी, गिरदावर, तहसीलदार समेत कई अधिकारियों के कार्यालयों में जा—जाकर थक गया था। वह अपने मकान का पट्टा लेकर अपने मन को संतुष्ट करना चाहता था कि यह उसी का घर है, अब उसे कोई बेदखल नहीं कर सकता, उसके बाद उसके बच्चे इस घर के मालिक होंगे लेकिन सब जगह हाथ—पैर मारने के बाद भी अब तक उसे पट्टा नहीं मिल पा रहा था।
ईटावा भोजजी ग्राम पंचायत में ग्रामीण सेवा शिविर लगने की जानकारी मिलने पर कमलेश पुत्र रामगोपाल सोनी वहां पहुंचा और अपनी समस्या बताई।
ग्राम पंचायत ने उसे निर्धारित प्रक्रिया अनुसार पट्टा जारी कर शिविर स्थल पर ही पट्टा दे दिया। मकान का मालिकाना हक मिलने पर कमलेश ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए शिविर को आमजन के लिए वरदान बताया है।
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23/06/26 |सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, कठिन परिश्रम ही सफलता की कुंजी - जल संसाधन मंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 23 जून, जयपुर।
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने वर्धमान कन्या महाविद्यालय सभागार, ब्यावर में आयोजित पत्रिका इग्नाइटर्स-2026 कार्यक्रम में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत, पुलिस अधीक्षक रतन सिंह सहित विभिन्न गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि विद्यार्थी जीवन भविष्य की नींव रखने का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन और कठिन परिश्रम ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। प्रत्येक विद्यार्थी को अपने जीवन में एक आदर्श (रोल मॉडल) चुनकर उसके पदचिह्नों पर आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए।
मंत्री सुरेश सिंह रावत ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कहते हुए विद्यार्थियों से सोशल मीडिया का सकारात्मक एवं सीमित उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने और उन्हें सही दिशा देने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रत्येक नागरिक को वर्षा जल संचयन अपनाने, पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। यदि आज हम जल बचाएंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर सकेंगे। जल की प्रत्येक बूंद अमूल्य है और उसका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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22/06/26 |अवैध जल उपयोग पर सख्त कार्रवाई, नौ अभियानों में 2,518 अवैध कनेक्शन हटाकर जल संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 22 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पर्याप्त, स्वच्छ एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) द्वारा संचालित विशेष राज्यव्यापी अभियानों ने भीषण गर्मी के दौरान जल संकट के समाधान में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इन अभियानों के माध्यम से हजारों पेयजल समस्याओं का त्वरित समाधान कर लाखों लोगों को राहत पहुंचाई गई है तथा जलापूर्ति व्यवस्थाओं को नई मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री की सतत मॉनिटरिंग, त्वरित निर्णय क्षमता और जनहित के प्रति प्रतिबद्ध दृष्टिकोण के चलते विभाग ने जलापूर्ति व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने, शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा जल स्रोतों के संरक्षण के क्षेत्र में प्रभावी कार्य किए हैं। इसके सकारात्मक परिणाम प्रदेशभर में देखने को मिले हैं और पेयजल सेवाओं की गुणवत्ता एवं उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
एक ही दिन में 2,385 पेयजल समस्याओं का समाधान—
नवें विशेष राज्यव्यापी अभियान के दौरान विभागीय टीमों ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों, पाइपलाइन नेटवर्क तथा जलापूर्ति व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण कर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई की। अभियान के तहत 597 खराब हैंडपंपों को पुनः चालू किया गया, 512 पाइपलाइन लीकेज दुरुस्त किए गए, 165 प्रेशर संबंधी समस्याओं का समाधान किया गया तथा 161 क्षेत्रों में बाधित जलापूर्ति बहाल की गई। इसके अतिरिक्त कम जलापूर्ति, अल्प अवधि की सप्लाई एवं प्रदूषित जल संबंधी शिकायतों का भी प्रभावी निस्तारण किया गया। कुल मिलाकर एक ही दिन में 2,385 पेयजल संबंधी कार्य पूर्ण कर विभाग ने अपनी कार्यकुशलता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का परिचय दिया।
2,357 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण—
नवें अभियान के दौरान तकनीकी टीमों ने समन्वित एवं त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 2,357 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया। इससे प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को तत्काल राहत मिली तथा पेयजल संबंधी समस्याओं का त्वरित निवारण सुनिश्चित हो सका।
नौ अभियानों में 24 हजार से अधिक कार्य, पेयजल व्यवस्था हुई और मजबूत—
5 अप्रैल से 20 जून तक संचालित नौ विशेष राज्यव्यापी अभियानों के दौरान प्रदेशभर में 24,781 पेयजल संबंधी कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किए गए। इनमें 5,081 हैंडपंपों की मरम्मत, 3,360 पाइपलाइन लीकेज की दुरुस्ती, 1,610 प्रेशर संबंधी समस्याओं का समाधान तथा 1,816 बाधित जलापूर्ति मामलों का निस्तारण शामिल है। इसके अतिरिक्त 8,684 अन्य सुधारात्मक कार्यों के माध्यम से पेयजल व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं भरोसेमंद बनाया गया है। इन प्रयासों से विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता में सुधार हुआ है तथा हजारों परिवारों को भीषण गर्मी के दौरान राहत मिली है।
अवैध जल उपयोग के खिलाफ प्रभावी अभियान—
जल संरक्षण और संसाधनों के समुचित प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने अवैध जल उपयोग के विरुद्ध भी व्यापक अभियान चलाया है। नवें अभियान के दौरान 332 अवैध जल कनेक्शन हटाए गए, जिनमें होटल, ढाबों एवं कृषि कार्यों में उपयोग किए जा रहे कनेक्शन शामिल थे। अब तक विशेष अभियानों के दौरान कुल 2,518 अवैध जल कनेक्शन हटाए जा चुके हैं। इस कार्रवाई से जल की बर्बादी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है तथा आमजन के लिए उपलब्ध जल संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।
30 जून तक जारी रहेंगे विशेष अभियान
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेशभर में पेयजल व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने के लिए विशेष राज्यव्यापी अभियान 30 जून तक निरंतर संचालित किए जाएंगे। इन अभियानों का उद्देश्य प्रत्येक घर तक स्वच्छ, पर्याप्त एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना तथा गर्मी के मौसम में किसी भी नागरिक को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।
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22/06/26 |केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव तथा वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने शहर को दी 2 पिंक टॉयलेट एवं एक सार्वजनिक शौचालय की दी सौगात
एन.एस.बाछल, 22 जून, जयपुर।
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव तथा वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने विशेष पहल कर स्थानीय महिलाओं से कंपनी बाग में स्वच्छ भारत मिशन 2.0 (शहरी) के अंतर्गत 76.55 लाख रुपए की राशि से निर्मित कम्पनी बाग, केंद्रीय कारागृह में पिंक टॉयलेट व शिवाजी पार्क में सार्वजनिक शौचालय का लोकार्पण कराया। इस दौरान उन्होंने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि अलवर संसदीय क्षेत्र का चहुंमुखी विकास पहली प्राथमिकता है तथा आमजन की मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सड़क, रेल, शिक्षा, चिकित्सा आदि क्षेत्रों सार्थक प्रयास करते हुए विकास को गति प्रदान की गई है। उन्होंने अलवर के सर्वांगीण विकास को आगे बढाते हुए नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रतिबद्धता रही है तथा इसी दिशा में निरन्तर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित शौचालय की उपलब्धता महत्वपूर्ण आवश्यकता है तथा पिंक टॉयलेट महिलाओं की सुविधा और सम्मान को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा एवं सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए स्वच्छ भारत मिशन 2.0 (शहरी) के अंतर्गत दो पिंक टॉयलेट एवं सार्वजनिक शौचालय का लोकार्पण किया गया है, इससे महिलाओं की सुविधा में विस्तार होगा। इस पिंक टॉयलेट के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे उन्हें सम्मानजनक एवं सुविधाजनक वातवरण मिल सकेगा। उन्होंने स्वच्छता पर बल देते हुए कहा कि अलवर शहर को स्वच्छ व सुन्दर बनाना हम सभी का नैतिक दायित्व है तथा अलवर को स्वच्छता में अग्रणी शहर बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।
वन राज्यमंत्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और अलवर सांसद व केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव के नेतृत्व में अलवर हर क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से अलवर शहर को विकसित व सुन्दर शहर बनाने की दिशा में सकारात्मक भाव के साथ केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने एक मुहिम चलाई है, जिसके सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण में भी हमारा लक्ष्य टॉप के 10 शहरों में आने का है, जिसके लिए उन्होंने सभी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अलवर शहर में मातृशक्ति की सुविधा के लिए दो नए पिंक टॉयलेट एवं आमजन की सुविधा हेतु एक सार्वजनिक शौचालय आज लोकार्पित किए गए हैं।
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21/06/26 |मुख्यमंत्री राजस्थान ने आबूराज में किया रात्रि भ्रमण, आमजन, व्यापारियों एवं पर्यटकों से जाना हाल
एन.एस.बाछल, 21 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार रात्रि आबूराज में नक्की झील एवं आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने मॉल रोड स्थित बाजार में पैदल भ्रमण कर स्थानीय व्यापारियों, खरीदारी कर रहे लोगों, पर्यटकों तथा स्थानीय नागरिकों से संवाद किया और उनका हाल जाना।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं एवं युवाओं से आत्मीय बातचीत करते हुए फीडबैक लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें दुलार किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर आमजन में विशेष उत्साह देखने को मिला। लोगों ने मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी ली और खुशी जाहिर की।
रात्रि भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री बाजार क्षेत्र से पैदल चलते हुए नक्की झील तक पहुंचे। यहां उन्होंने झील के निकट स्थित वाटिका में उपस्थित लोगों से मुलाकात कर उनसे संवाद किया। मुख्यमंत्री ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से आबूराज में विकास कार्यों को लेकर चर्चा की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने नक्की झील में बोटिंग कर अवलोकन भी किया।
इस अवसर पर पंचायतीराज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, सांसद मदन राठौड़, सांसद लुम्बाराम चौधरी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, व्यापारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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21/06/26 |पीएम ई बस सेवा योजना,राजस्थान में पहली बार इलेक्ट्रिक बसों की शुरूआत
एन.एस.बाछल, 21 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री ई बस सेवा के तहत अमर जवान ज्योति से जेसीटीएसएल की 29 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। साथ ही, उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भीलवाड़ा में भी 18 इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इन बसों के संचालन से स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुगम सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी परिवहन में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अगस्त 2023 में पीएम ई-बस सेवा योजना प्रारम्भ की। केंद्र सरकार द्वारा इस योजना के डिपो निर्माण, इलेक्ट्रिक वर्क और संचालन में राज्य सरकार को सहायता दी जा रही है। इसके तहत इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहरों में प्रदूषण को कम करने का काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने ई बस का किया अवलोकन, आधुनिक सुविधाओं की ली जानकारी
मुख्यमंत्री ने अमर जवान ज्योति पर इलेक्ट्रिक बस का विधिवत पूजन कर अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने बस में पैनिक बटन, एसी और सीसीटीवी कैमरे जैसी आधुनिक सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही, चालक और परिचालक से बातचीत की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने टिकट लेकर अमर जवान ज्योति से स्टेट हेंगर तक इलेक्ट्रिक बस में सफर किया।
उन्होंने कहा कि इस योजना में राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा, अलवर तथा अजमेर का चयन हुआ है। केन्द्र सरकार द्वारा इन 8 जिलों के लिए 675 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई हैं। इसके अतिरिक्त भी 475 ई बसें स्वीकृत हुई हैं। इस प्रकार राजस्थान को कुल 1150 ई बसेें मिलेंगी। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में दीपावली तक 675 ई बसों का संचालन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक से सुसज्जित ये बसें विशेष रूप से दिव्यांगों, महिलाओं, विद्यार्थियों एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक एवं किफायती यात्रा का माध्यम बनेंगी। साथ ही, इन बसों में सीसीटीवी कैमरे होंगे जिनसे महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि प्रदेश के नागरिकों को आधुनिक, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 555 ई-बसंे शहरी परिवहन के लिए और 50 डबल डेकर ई-बस पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराएगी। इसके क्रियान्वयन के लिए तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है। यह कदम विकसित राजस्थान 2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में अहम कड़ी साबित होगा। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने पिछले ढाई वर्ष में राजस्थान के पानी, बिजली, उद्योग, परिवहन सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास को नई गति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हरियालो राजस्थान के जरिए पर्यावरण संरक्षण को मजबूती प्रदान कर रही है। इस अभियान के तहत अब तक लगभग 20 करोड़ पौधारोपण किया जा चुका है। उन्होंने प्रदेशवासियों से एक पेड़ मां के नाम और हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पौधारोपण करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विधायक कालीचरण सराफ, गोपाल शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अध्यक्ष जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड रवि जैन एवं जेसीटीएसएल के अन्य अधिकारियों सहित आमजन उपस्थित रहे। वहीं, भीलवाड़ा से विधायक उदयलाल भडाणा, अशोक कोठारी सहित आमजन वीसी के जरिए कार्यक्रम में जुड़े।
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21/06/26 |बीज खरीद से लेकर बाजार तक किसानों के साथ खड़ी है डबल इंजन सरकार- मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 21 जून, जयपुर।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल से पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी करते हुए देशभर के 9 करोड़ 44 लाख से अधिक किसानों के खातों में 18 हजार 880 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की। इस अवसर पर राजस्थान के 66 लाख से अधिक किसानों के खातों में भी 1 हजार 320 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुंची, जिससे प्रदेश के कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा और किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पाली जिले के सुमेरपुर स्थित टाउन हॉल से वीसी के जरिये प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से जुड़े और उनके संबोधन को सुना। राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश का किसान आत्मनिर्भरता और समृद्धि की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीएम-किसान योजना किसानों के जीवन में आर्थिक सुरक्षा और स्थायित्व का मजबूत आधार बनकर उभरी है।
खरीफ सीजन की बुवाई के समय किसानों को मिला आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 में योजना प्रारंभ होने के बाद से अब तक देशभर के किसानों के खातों में 4.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। खरीफ सीजन की बुवाई के समय पर जारी की गई यह किस्त खेती से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक साबित होगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन-धन, आधार और मोबाइल तंत्र के माध्यम से लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की पारदर्शी व्यवस्था विकसित की है। इससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश तो लगा ही है साथ ही किसानों को भी बिना किसी बिचौलिये के समय पर सहायता राशि प्राप्त हो रही है।
बीज खरीद से लेकर बाजार तक किसानों के साथ खड़ी है डबल इंजन सरकार—
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने बीज खरीद से लेकर बाजार तक किसानों के हित में अनेक ऐतिहासिक पहलें की हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीएम-कुसुम योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, ई-नाम और नमो ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं ने कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी है। कृषि क्षेत्र के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि कृषि बजट लगभग छह गुना बढ़कर 1.30 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। राज्य सरकार ने किसान सम्मान निधि की राशि 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 9 हजार रुपये कर दी है, जिससे लाखों किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिल रही है।
किसानों को 6,500 करोड़ रुपये से अधिक के फसल बीमा क्लेम का भुगतान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के 26 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत राजस्थान देश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है, जहां अब तक 2.19 करोड़ से अधिक बीमा पॉलिसियां जारी की जा चुकी हैं तथा किसानों को 6 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक के क्लेम का भुगतान किया गया है।
उन्होंने कहा कि गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 94 हजार से अधिक गोपालक परिवारों को 709 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं। वहीं मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत 20 लाख से अधिक पशुओं का पंजीकरण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त किसानों को गेहूं खरीद पर 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी प्रदान किया जा रहा है।
पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो रहा है। डबल इंजन सरकार किसान, महिला और युवा सशक्तीकरण के लिए नई योजनाएं लागू कर रही है, जिनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।
शहरी सेवा शिविर का भी किया अवलोकन, आमजन से किया संवाद—
इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सुमेरपुर में आयोजित शहरी सेवा शिविर का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न विभागों की स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की जानकारी ली तथा आमजन से संवाद कर सरकारी योजनाओं के प्रभाव और क्रियान्वयन का फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों को सहायता राशि के चेक भी वितरित किए।
कार्यक्रम में सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा, सांसद मदन राठौड़, विधायक पुष्पेन्द्र सिंह, शोभा चौहान, केसाराम चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
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21/06/26 |बिजली बचत से होगा ग्रिड का स्मार्ट प्रबंधन,जयपुर डिस्कॉम ने शुरू किया पायलट प्रोजेक्ट
एन.एस.बाछल, 21 जून, जयपुर।
जयपुर डिस्कॉम ने ग्रिड सुरक्षा एवं बिजली बचत की दिशा में एक अनूठी शुरूआत की है। इसके अन्तर्गत प्रौद्योगिकी कंपनी फ्लॉक एनर्जी के सहयोग से जयपुर में घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं के एयर कंडीशनर पर निःशुल्क स्मार्ट आईओटी डिवाइस लगाने का प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में वैशालीनगर, मानसरोवर एवं मालवीय नगर में करीब 2 हजार विद्युत उपभोक्ताओं के घरों में एयर कंडीशनर पर यह डिवाइस लगाई जा रही हैं।
देश में किसी विद्युत वितरण निगम द्वारा पीक ऑवर्स के दौरान घरेलू क्षेत्र की विद्युत खपत को ऑटोमेटेड डिमांड रिस्पांस (एडीआर) तकनीक से नियंत्रित करने की यह पहली परियोजना है। इस तकनीक का उपयोग कर पीक ऑवर्स में बिजली का अत्यधिक उपभोग करने वाले घरेलू उपकरणों, विशेष रूप से एयर कंडीशनरों की बिजली खपत को स्वचालित रूप से नियंत्रित किया जा सकेगा। इससे एक ओर जहां ग्रिड तथा विद्युत तंत्र पर पड़ने वाला दबाव कम होगा वहीं उपभोक्ताओं के विद्युत खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी। राजस्थान विद्युत नियामक प्राधिकरण के डिमांड फ्लेक्सिबिलिटी एवं डिमांड साइड मैनेजमेंट विनियम-2026 के अन्तर्गत यह पायलट प्रोजेक्ट प्रारंभ किया गया है।
डिवाइस कैसे करेगा काम
एडीआर डिवाइस दो भागों से मिलकर बनी है। एक स्मार्ट प्लग यूनिट को घर के किसी विद्युत सॉकेट में लगाया जाता है। वहीं दूसरी यूनिट को एयर कंडीशनर पर चिपकाया जाता है। इस डिवाइस को घर के वाई-फाई नेटवर्क के माध्यम से ग्रिड प्रबंधन प्रणाली के साथ कनेक्ट किया जाता है। जैसे ही ग्रिड पर बिजली की खपत उच्चतम स्तर पर होती है। यह सेंसर डिवाइस रूम के अनुकूलतम टैम्प्रेचर को मेंटेन करते हुए एसी के तापमान में 1 डिग्री की वृद्धि कर देता है। इससे यदि एसी प्रतिदिन 6 से 8 घंटे संचालित किया जाए तो बिजली की खपत 3 से 6 प्रतिशत तक कम हो जाती है।
बिजली की खपत में आएगी 1 मेगावाट तक की कमी
डिस्कॉम प्रबंधन का मानना है कि करीब 2000 विद्युत उपभोक्ताओं के एसी के उपयोग को एडीआर तकनीक से जोड़कर करीब बिजली की खपत में 1 मेगावाट तक की कमी लाई जा सकेगी। इससे उपभोक्ताओं के विद्युत उपभोग में करीब 6 प्रतिशत तक की भी बचत हो सकेगी। ग्रिड को ओवरलोड होने से बचाया जा सकेगा। इससे फॉल्ट भी कम होंगे। जिसका लाभ उपभोक्ताओं को ट्रिपिंग रहित सही वोल्टेज की विद्युत आपूर्ति के रूप में भी मिलेगा।
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21/06/26 |जनभावना का हुआ सम्मान, अब ’आबूराज’ के नाम से जाना जाएगा माउंट आबू : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 21 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश की डबल इंजन सरकार गुलामी के प्रतीकों को मिटा कर राष्ट्र का आत्मविश्वास एवं स्वाभिमान लौटाने का काम कर रही है। प्रदेश सरकार विकास के साथ-साथ राजस्थान की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आबूराज को पर्यटन, आधारभूत सुविधाओं और जनकल्याण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने सिरोही के आबूराज में 74 करोड़ रुपये से अधिक के 41 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। धन्यवाद सभा एवं संत समागम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विरासत भी, विकास भी’ के मूलमंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। इसी भावना के अनुरूप आबूपर्वत का नाम आबूराज पुनःस्थापित किया गया है। आबूराज केवल नाम परिवर्तन नहीं है यह हमारी संस्कृति, विरासत के साथ-साथ जनता की आस्था, संत समाज की भावना का सम्मान है।
गुलामी की मानसिकता से मुक्त हो रहा देश-प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलकर आत्मविश्वास और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ रहा है। पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में ऐसे अनेक निर्णय लिए गए हैं, जिन्होंने औपनिवेशिक सोच और प्रतीकों से मुक्ति दिलाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय को ‘सेवा तीर्थ’, राजभवन को ‘लोकभवन’ तथा केंद्रीय सचिवालय को ‘कर्तव्य भवन’ जैसे भारतीय मूल्यों से जुड़े नाम देकर शासन व्यवस्था को नई पहचान प्रदान की गई है।
उन्होंने कहा कि कर्तव्य पथ जैसे नाम राष्ट्र के प्रति दायित्व और सेवा भाव का संदेश देते हैं। भारतीय नौसेना ने भी औपनिवेशिक प्रतीकों को हटाकर छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत से जुड़े प्रतीकों को अपनाया है। इसी प्रकार अंडमान-निकोबार के हैवलॉक द्वीप का नाम ‘स्वराज द्वीप’, नील द्वीप का नाम ‘शहीद द्वीप’ तथा रॉस द्वीप का नाम ‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप’ रखा गया है। ये सभी कदम राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना और स्वाभिमान को सशक्त बनाने वाले हैं।
योग हमारी विरासत, विकास हमारा संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और महान विरासत है, जिसे वैश्विक पहचान दिलाने का कार्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुआ है। उन्होंने बताया कि रविवार को आबूराज में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने आह्वान किया कि योग की इस अमूल्य परंपरा को जन-जन तक पहुंचाते हुए आने वाली पीढ़ियों तक संरक्षित और संवर्धित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने सिरोही को दी विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सिरोही जिले में 37 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक लागत के 16 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें शिवगंज पुलिस थाने का प्रशासनिक भवन, मनोरा, जामोतरा, नारादरा, खेजड़िया एवं कानाकोलर के उप स्वास्थ्य केंद्र, सांतपुर, बसंतगढ़, झाड़ोली एवं जीरावल के अटल प्रगति पथ, वलदरा से कुमा तक मिसिंग लिंक सड़क तथा सिरोही का राजकीय अल्पसंख्यक बालक छात्रावास भवन प्रमुख हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 36 करोड़ 55 लाख रुपये से अधिक लागत के 25 विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इनमें पुलिस लाइन सिरोही का प्रशासनिक भवन, कामकाजी महिला भवन, माटासन, सनपुर, जोगापुरा नया एवं मुंगथला में नए उप स्वास्थ्य केंद्र, पिंडवाड़ा एवं शिवगंज बस स्टैंड, नीचलागढ़, मीन तलेटी, गिरवर एवं मोरस के छात्रावासों में अतिरिक्त कक्षों का निर्माण तथा विभिन्न कार्यालय भवनों एवं सड़कों के निर्माण कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का ध्येय विकास की धारा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि युवा, किसान, महिला, गरीब एवं समाज का प्रत्येक वर्ग सशक्त होगा तो प्रदेश और देश दोनों तेजी से आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार आमजन से किए गए संकल्पों को पूरा करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों के कल्याण, गरीबों के उत्थान, उद्योगों के विकास तथा युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने सहित प्रत्येक क्षेत्र में सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम में पंचायतीराज राज्य मंत्री ओटा राम देवासी, उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, सांसद मदन राठौड़, सांसद लुम्बाराम चौधरी, विधायक समाराम, महंत प्रतापपुरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं आमजन उपस्थित रहे।
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20/06/26 |नौगांवा की बीना देवी ने टीवी में पीएम स्वनिधि के बारे में देखा-सुना था, अब मिल गया योजना में 15 हजार रूपये का लोन : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 20 जून, जयपुर।
कोविड लॉकडाउन के कारण रेहडी, ठेले लगाकर सामान बेचने वाले ज्यादातर लोगों के पास पूंजी नहीं बची। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऐसे लोगों को रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पीएम स्वनिधि योजना शुरू की लेकिन इसके जबर्दस्त फायदों को देखते हुए इसे लगातार जारी रखा। नौगांवा की बीना देवी ने टीवी में इस योजना के लाभार्थियों की सफलता की कहानी देखी—सुनी थी। वह भी अपने रोजगार को विस्तार देने के लिए लोन लेना चाहती थी लेकिन शुरू में इतना सा ही लोन लेना चाहती थी कि व्यवस्थित रूप से व्यापार बढ़े और फालतू नगदी न पड़ी रहे अन्यथा बच्चों द्वारा मौजमस्ती में पैसा उड़ाने का डर था।
शुक्रवार को नौगांवा में लगे शहरी सेवा शिविर में बीना देवी को शिविर प्रभारी ने बताया कि उसका नाम पीएम स्वनिधि की पात्रता सूची और सर्वे में है और उसकी आवश्यकता पूरी करने के लिए यही योजना बेस्ट रहेगी। इस पर बीना देवी ने इस योजना में लोन का आवदेन किया और तत्काल औपचारिकताएं पूर्ण कर उसे 15 हजार रूपये लोन की राशि का चेक सौंपा गया। बीना देवी को बताया गया कि समय पर किश्त चुकायेगी तो केवल 7 प्रतिशत वार्षिक दर ब्याज लगेगा। डिजिटल लेनदेन पर मासिक कैशबैक भी मिलेगा।
बीना देवी ने बताया कि वह अपने रोजगार से दूसरी महिलाओं को भी जोड़ेगी और उन्हें भी इस योजना में लाभ दिलवायेगी। उसने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इस योजना में उसे फायदा दिलवाने तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का कैम्प लगवाने के लिए धन्यवाद दिया।
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20/06/26 |राज्यपाल राजस्थान ने राष्ट्रपति को जन्मदिन पर बधाई और शुभकामनाएं दी
एन.एस.बाछल, 20 जून, जयपुर।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को उनके जन्मदिन पर बधाई और शुभकामनाएं दी है।
हरिभाऊ बागडे ने जन्मदिन पर राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु के स्वस्थ और सुदीर्घ जीवन की कामना करते हुए कहा कि राष्ट्र के लिए सतत ऊर्जावान रहते उनका समर्पित जीवन प्रेरित करने वाला है। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध उनका नेतृत्व राष्ट्र को गौरवान्वित करने वाला है।
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20/06/26 |राज्य में विद्युत सेवाओं में सुधार और कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता -ऊर्जा मंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 20 जून, जयपुर।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिले। इसके लिए उपभोक्ता सेवाओं में सुधार के साथ-साथ कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर पूरा जोर दिया जा रहा है।
हीरालाल नागर विद्युत भवन में जयपुर, जोधपुर एवं अजमेर विद्युत वितरण निगमों को लेकर समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पड़ रही भीषण गर्मी में विद्युत आपूर्ति का बेहतर प्रबंधन किया जा रहा है।
हीरालाल नागर ने तीनों डिस्कॉम में मॉनिटरिंग टीम गठित करने के निर्देश दिए। यह टीम विद्युत तंत्र एवं विद्युत प्रबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से कार्यों की निगरानी करें ताकि निचले स्तर तक गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकें।
बैठक में डिस्कॉम्स चेयरमैन आरती डोगरा ने बताया कि तीनों डिस्कॉम्स में मुख्यालय स्तर से विशेष टीमों का गठन किया जाएगा जो रैंडम जांच कर कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगी। साथ ही, उपभोक्ता सेवाओं को सुगम बनाने के लिए उच्च स्तर से दिए निर्देशों का निचले स्तर तक प्रभावी क्रियान्वयन की मॉनीटरिंग करेंगी।
बैठक में जोधपुर विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. भंवरलाल सहित अन्य वरिष्ठ अभियंता मौजूद रहे। अजमेर डिस्कॉम के एमडी केपी वर्मा वीसी के माध्यम से जुड़े।
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20/06/26 |प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना से मिला सामाजिक सुरक्षा का कवच, मुख्यमंत्री राजस्थान ने निजी क्षेत्र में नवनियुक्त युवाओं को प्रदान किए नियुक्ति पत्र
एन.एस.बाछल, 20 जून, जयपुर।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि युवा भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं और देश का हुनर, कौशल एवं संभावनाएं असीम हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की क्षमता को अवसरों में बदलने के लिए प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना मील का पत्थर साबित हो रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) के तहत नई दिल्ली के विज्ञान भवन में देशभर के 15 लाख युवाओं को लाभान्वित करते हुए 2 हजार 400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को दी जा रही यह प्रोत्साहन राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि उनके परिश्रम और प्रतिभा का सम्मान है। सरकार युवाओं और उद्योग जगत के सामूहिक प्रयासों से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि पीएम-वीबीआरवाई आज न केवल पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को सशक्त बना रही है बल्कि उद्योगों को भी रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि योजना के माध्यम से अब तक 70 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं तथा 20 लाख से अधिक नवनियुक्त युवा अपनी नियुक्ति के छह माह पूर्ण कर चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना युवाओं के हुनर, कौशल और सामर्थ्य से ही पूरा होगा। आज देश का युवा रोजगार प्राप्त कर अपने सपनों को नई उड़ान दे रहा है। निवेश युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने का आधार बन रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश में 2 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप सक्रिय हैं और वैश्विक स्तर पर भारत के लिए नए अवसर खुल रहे हैं। 40 देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से ‘मेक इन इंडिया’ उत्पादों को नए बाजार उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे रोजगार और आर्थिक विकास को गति मिल रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार की सोच सिक्योर एंप्लॉयमेंट (सुरक्षित रोजगार) और सोशल सिक्योरिटी फॉर एव्री वर्कर (हर श्रमिक के लिए सामाजिक सुरक्षा) की है। इसी दिशा में कदम उठाते हुए टेक्नोलॉजी के माध्यम से ईपीएफओ और पेंशन व्यवस्था को सरल बनाया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नए लेबर कोड्स का उद्देश्य कामगारों को अधिक सुरक्षा, पारदर्शिता और अधिकार देना है, जिसमें फिक्स्ड टर्म एंप्लॉइज को सम्मान देना और मिनिमम वेज के दायरे को बढ़ाना शामिल है।
नवाचार, प्रतिभा और गुणवत्ता से साकार होगा विकसित भारत 2047 का विजन—
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से कहा कि 21वीं सदी में अवसर उन्हीं देशों के पास होंगे, जिनके पास स्किल टैलेंट, इनोवेशन और क्वालिटी होगी। उन्होंने कहा कि हमारे सामने जो अवसर हैं, उन्हें हमें पूरी शक्ति से अपनाना होगा। हमें नए बाजारों तक पहुंचना होगा, नए प्रॉडक्ट्स बनाने होंगे और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी होगी क्योंकि आज दुनिया भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो रही है और भारत इसका नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह सक्षम है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में रोजगार और सामाजिक सुरक्षा का नया युग
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व से आज देश बदल रहा है और एक नए भारत का निर्माण हो रहा है। सरकार एक ओर युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है तो दूसरी ओर उद्योगों और कारोबार को प्रोत्साहन देकर आर्थिक विकास को गति दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार और कारोबार दोनों के साथ खड़ी है तथा आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में देश के युवाओं के लिए रिकॉर्ड 17 करोड़ रोजगार सृजित किए गए हैं, वहीं वर्ष 2004 से 2014 तक केवल 2.92 करोड़ रोजगार के अवसरों का ही सृजन हुआ था। साथ ही जहां वर्ष 2014 से पहले देश में केवल 19 प्रतिशत लोगों (लगभग 25 करोड़) को सामाजिक सुरक्षा मिलती थी, आज देश के 64.3 प्रतिशत यानी करीब 94 करोड़ लोग सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ चुके हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लेते हुए निजी क्षेत्र में नवनियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रोजगार सृजन, कौशल विकास और युवा सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। कार्यक्रम में सांसद राव राजेंद्र सिंह, विधायक कालीचरण सर्राफ, संबंधित विभागों के अधिकारी, निजी नियोक्ता एवं नवनियुक्त कार्मिक उपस्थित रहे।
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19/06/26 |मिलावट के ख़िलाफ़ अभियान,खो नागौरियान क्षेत्र में नेचुरल ब्रांड के नाम से सॉस एवं मेंयोनीज़ की निर्माण फैक्ट्री पर कार्रवाई : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 19 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र खींवसर के पर्यवेक्षण व निगरानी में प्रदेश में संचालित 'शुद्ध आहार— मिलावट पर वार' अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय की निरीक्षण टीम ने जयपुर के खो नागौरियान क्षेत्र में नेचुरल ब्रांड के नाम से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक स्थिति में तैयार किये जा रहे सॉस एवं मेंयोनीज़ की फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई कर लगभग 1400 किलो खाद्य सामग्री नष्ट की और 2280 किलो खाद्य सामग्री सीज की । नियम विरुद्ध गतिविधियां पाये जाने पर फर्म का खाद्य अनुज्ञा पत्र निरस्त किया गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ.टी. शुभमंगला के बताया कि अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह, संयुक्त आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) डॉ. विजय प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में जयपुर मुख्यालय की सेंट्रल टीम ने निर्माण इकाई मैसेज श्याम इंडस्ट्रीज पर आकस्मिक निरीक्षण किया और वहां अनेक कमियां पाई गई, नियमों का उल्लंघन मिलर । उन्होंने बताया कि निरीक्षण में पाया गया कि फर्श जगह-जगह से टूटा हुआ था, फर्श के साथ लगी दीवारों पर न तो टाइलें थी, न ही किसी पेंट किया हुआ था । मौके पर मौजूद लगभग 6 स्टाफ का मेडिकल नहीं पाया गया । मौके पर भिवाड़ी और पालम के पते के नाम से भी मेयोनेज़ को पैक किया जा रहा था। वेजिटेबल सॉस में भारी मात्रा में कलर मिलाया जा रहा था। मेयोनीज बनाने के लिए काम आने वाला स्टार्च बिल्कुल अनहाइजीनिक स्थिति में रखा हुआ था ।
डॉ. शुभमंगला ने बताया कि मौके पर अनहाइजीनिक स्थिति में रखे हुए स्टार्च एवं सॉस में कीड़े पड़े हुए थे। इस 1400 किलो हानिकारक मटेरियल को मौके पर ही नष्ट कराया गया । टीम ने एफएसएस एक्ट के तहत मौके से कॉन्टिनेंटल सॉस और ग्रीन चिली सॉस के 1—1 नमूने और मेयोनेज़ के दो नमूने लिए। लगभग 2280 किलो खाद्य सामग्री सीज़ की गई।
उन्होंने बताया कि मौके पर पाई गई भारी अनियमितताओं के कारण संयुक्त आयुक्त डॉ. विजय प्रकाश शर्मा ने सीएमएचओ, जयपुर (द्वितीय) एवं उनके खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल को मौके पर बुलाया और फार्म का खाद्य अनुज्ञा पत्र मौके पर ही निरस्त करवाया | नमूने जांच हेतु जयपुर की खाद्य प्रयोगशाला में भेजे जा रहे हैं । जाँच रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा ने आमजन से अपील की है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट का अंदेशा हो तो तत्काल विभाग के स्थानीय अधिकारी को जानकारी दें ताकि जनस्वास्थ्य के प्रति हानिकारक खाद्य सामग्री निर्माण करने वाले या विक्रय करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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19/06/26 |पैसा नहीं होने के कारण पूरा नहीं हो सकता था पक्के मकान का सपना, प्रधानमंत्री आवास योजना ने दिया कोटपूतली-बहरोड़ जिले की कृष्णा देवी को पक्का घर
एन.एस.बाछल, 19 जून, जयपुर।
कोटपूतली-बहरोड़ जिले की पावटा पंचायत समिति की प्रेमनगर ग्राम पंचायत निवासी कृष्णा देवी पत्नी पूरणमल रैगर का बिना एक पैसा लगाये पक्का मकान बनाने का सपना साकार हो गया है।
लंबे समय से कच्चे मकान में रहने के कारण कृष्णा देवी एवं उनका परिवार बारिश के मौसम में टपकती छत से, सर्दी में टूटी खिडकियों से आने वाली शीत लहर से और गर्मी में धूल भरी आंधियों से परेशान था। कच्चा मकान होने के कारण चोरी का डर भी ज्यादा था। नहाते समय पर्दा लगाना पडता था, बच्चे—बच्ची को गेट पर बैठाना पडता था। घर तो था लेकिन सुविधाएं टैंट जैसी थी। सपना पक्का मकान था लेकिन जेब में रोजमर्रा के घरेलू खर्च से ज्यादा एक पैसा नहीं था।
प्रेमनगर में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में कृष्णा देवी के पति पूरणमल को जिला प्रभारी सचिव वी. सरवण कुमार ने पीएम आवास(ग्रामीण) में निर्मित पक्के घर की चाभी सौंपी। चाभी मिलते ही कृष्णा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को धन्यवाद दिया और कहा कि पक्के मकान से बहुत राहत मिली है। अपने पैसे से तो इस जनम में घर का सपना पूरा नहीं हो सकता था।
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18/06/26 |योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं : उप मुख्यमंत्री एवं आयुष मंत्री
एन.एस.बाछल, 18 जून, जयपुर।
उपमुख्यमंत्री एवं आयुष मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि संतुलित, सकारात्मक एवं अनुशासित जीवन जीने की प्रभावी साधना है। उन्होंने प्रदेशवासियों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
डॉ. बैरवा ने गुरुवार प्रातः जयपुर स्थित अपने राजकीय आवास के उद्यान परिसर में परिवार एवं सहायकों के साथ विभिन्न योगासनों, प्राणायाम तथा ध्यान क्रियाओं का अभ्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शरीर को ऊर्जा, मन को स्थिरता तथा जीवन को संतुलन प्राप्त होता है। योग मानसिक शांति, एकाग्रता और आत्मविश्वास को भी सुदृढ़ बनाता है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर योग के जनआंदोलन को मजबूत बनाएं। उन्होंने कहा कि योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर इसे स्वस्थ जीवनशैली का स्थायी आधार बनाया जाना चाहिए।
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18/06/26 |लोगों की समस्याओं का हर हाल में हो समाधान, अधिकारी नहीं बरतें कोई कोताही- मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 18 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उदयपुर में शहरी सेवा शिविर का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने उदयपुर विकास प्राधिकरण परिसर में आयोजित शिविर में उपस्थित लाभार्थियों से संवाद कर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं शिविर के संबंध में फीडबैक लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सरकारी सेवाओं का लाभ पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक व्यक्ति को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सेवा शिविरों के माध्यम से पट्टा वितरण, नामांतरण, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित विभिन्न राजस्व एवं नागरिक सुविधाओं से जुड़े प्रकरणों का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आवश्यक जांच अथवा प्रक्रिया के कारण अतिरिक्त समय लगने वाले प्रकरणों के निस्तारण के लिए फॉलोअप शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिविरों में आमजन से जुड़े छोटे से लेकर बड़े कार्यों को भी गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने अधिकारियोें से कहा कि शिविरों में आमजन की समस्याओं का समाधान हर हाल में किया जाए तथा इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, महिलाओं और वंचित वर्गों सहित सभी वर्गों को मूलभूत सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हों। पार्क, सड़क, नाली, सीवरेज, बिजली तथा अन्य नगरीय सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का भी प्राथमिकता से समाधान किया जाए।
मुख्यमंत्री ने आमजन से आह्वान किया कि वे अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों को शिविरों तक पहुंचाने में सहयोग करें, ताकि पात्र व्यक्ति योजनाओं और सेवाओं का लाभ सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी से ही इन शिविरों की सार्थकता सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री ने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉल्स का अवलोकन करते हुए जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को पट्टे, प्रमाण पत्र, भवन निर्माण स्वीकृति एवं सहायता राशि के चेक तथा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण भी प्रदान किए। लाभार्थियों ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, विधायक ताराचंद जैन, फूल सिंह मीणा, उदयलाल डांगी, श्रीचंद कृपलानी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं आमजन उपस्थित रहे।
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18/06/26 |पीएम कुसुम योजना,पात्र डवलपर्स को बैंक प्रदान करें त्वरित ऋण- चेयरमैन डिस्कॉम्स राजस्थान
एन.एस.बाछल, 18 जून, जयपुर।
पीएम-कुसुम (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान) योजना के तहत सौर ऊर्जा परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति बढ़ाने के लिए राजस्थान डिस्कॉम्स ने महत्वपूर्ण पहल की है। इसके अन्तर्गत डिस्कॉम्स चेयरमैन एवं जयपुर विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक आरती डोगरा ने ऋण लेने में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों और बाधाओं को दूर करने के लिए बैंकिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों तथा सोलर पावर डवलपर्स के साथ बुधवार को विद्युत भवन में बैठक की।
इस दौरान चेयरमैन डिस्कॉम्स ने कहा कि पीएम-कुसुम भारत सरकार द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय महत्व की योजना है। इसका उद्देश्य ऊर्जा के क्षेत्र में किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और कृषि में हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है। ऐसे में इस योजना की सफलता में बैंकों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
लोनिंग की प्रक्रिया को सरल बनाएं —
डिस्कॉम्स चेयरमैन ने बैंकिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे सोलर पावर डवलपर्स के ऋण आवेदनों पर सकारात्मक रुख अपनाएं। उन्होंने कहा कि बैंक अपनी आवश्यक औपचारिकताएं और प्रक्रिया जरूर पूर्ण करें, लेकिन पात्र आवेदकों को जटिल लोन मिलने में बेवजह देरी न हो। प्रक्रिया को जितना हो सके सुगम और त्वरित बनाया जाए ताकि पात्र डवलपर्स को समय पर वित्तीय मदद मिल सके। इससे प्लांट्स के स्थापित होने की रफ्तार और तेज होगी।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना में राजस्थान देश का अग्रणी राज्य है। प्रदेश में कुसुम कम्पोनेंट-ए एवं कम्पोनेंट-सी में 4468 मेगावाट के 2034 प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं।
अब हर महीने जोनल स्तर पर लगेंगे शिविर —
बैठक में निर्णय किया गया कि अब जुलाई माह से प्रत्येक माह निगम के जोनल स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में बैंकों के प्रतिनिधि, सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए ऋण आवेदन करने वाले डवलपर्स तथा डिस्कॉम के अधिकारियों की उपस्थिति में ऋण आवेदनों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करेंगे।
बैठक में डवलपर्स ने कोलैटरल सिक्योरिटी, लीज रजिस्ट्रेशन, म्यूटेशन, खाता विभाजन, राइट ऑफ वे आदि प्रक्रियाओं के कारण लोन मिलने में आ रही अपनी व्यावहारिक समस्याएं बताईं। बैंकिंग प्रतिनिधियों ने कहा कि कई बार डवलपर्स के स्तर से भी आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने की अनदेखी की जाती है। इस कारण ऋण स्वीकृति में स्वाभाविक रूप से विलम्ब होता है।
आरती डोगरा ने बैंक प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे कुसुम योजना के विशिष्ट मॉडल को ध्यान में रखते हुए लोन की शर्तों में व्यावहारिक लचीलापन लाएं। बैंकिंग संस्थानों के अधिकारियों ने चेयरमैन को आश्वस्त किया कि वे योजना के महत्व को समझते हुए ऋण प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाएंगे तथा लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करेंगे।
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18/06/26 |मरूभूमि में खजूर की खेती का कमाल: 270 पौधों से बदली किसान की तकदीर : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 18 जून, जयपुर।
पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने पाली जिले के सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के खोड़ मण्डल स्थित खैरोफड़ा ग्राम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय किसान द्वारा विकसित किए गए प्राकृतिक खेती आधारित खजूर के बाग का गहन निरीक्षण किया। मंत्री ने वहां अपनाई जा रही आधुनिक कृषि पद्धति, उन्नत जल प्रबंधन और उत्पादन व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने इसे क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए एक अनुकरणीय और प्रेरणादायी उदाहरण बताया।
5 वर्ष की मेहनत लाई रंग, सालाना आय 10 लाख रूपये —
निरीक्षण के दौरान उपस्थित प्रगतिशील कृषक ने मंत्री कुमावत को बताया कि लगभग 5 वर्ष पूर्व उन्होंने अपने खेत में खजूर के 270 पौधे लगाए थे। बेहतर देखरेख और सही प्रबंधन के चलते आज ये सभी पौधे पूरी तरह विकसित होकर फल देने लगे हैं। किसान ने बताया कि खजूर के इस बाग से अब उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख रूपये की शानदार वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। इस सफलता को देख कैबिनेट मंत्री ने किसान के प्रयासों की पीठ थपथपाई।
बूंद-बूंद सिंचाई और प्राकृतिक खाद का अनूठा संगम—
इस कृषि मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता इसका पर्यावरण अनुकूल होना है। कृषक द्वारा बाग में बूंद-बूंद (ड्रिप) सिंचाई पद्धति का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पानी की एक-एक बूंद का समुचित और किफायती उपयोग सुनिश्चित होता है। इसके साथ ही, पौधों को पोषण देने के लिए रासायनिक उर्वरकों की जगह पूरी तरह प्राकृतिक खाद का प्रयोग किया जा रहा है। इस दोहरे प्रबंधन से जहां एक ओर भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर खेती की लागत कम होकर यह अधिक लाभकारी साबित हो रही है।
क्षेत्र के किसानों के लिए बनेगा रोल मॉडल—
मंत्री कुमावत ने कहा कि सीमित पानी में प्राकृतिक तरीके से खजूर की खेती करना कृषि क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव है। प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और सटीक कृषि प्रबंधन का यह अनूठा प्रयास मरूभूमि के लिए वरदान है। यह मॉडल न केवल पर्यावरण को सुरक्षित रखता है, बल्कि किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प को भी पूरा करता है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों और स्थानीय किसानों से इस सफल प्रयोग को देखने और सीखने का आह्वान किया ताकि क्षेत्र में बागवानी को और बढ़ावा दिया जा सके।
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17/06/26 |आरएसएमएम खनन की नवीनतम तकनीक अपनाते हुए जीरो लॉस माइनिंग पर फोकस करें- मुख्य सचिव राजस्थान
एन.एस.बाछल, 17 जून, जयपुर।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि राजस्थान माइंस एवं मिनरल्स (आरएसएमएम) खनिजों के खनन में देश दुनिया की नवीनतम तकनीक को अपनाते हुए जीरो लॉस माइनिंग पर फोकस करें। उन्होंने कहा कि एग्रेसिव मार्केटिंग अपनाते हुए आरएसएमएम के कारोबार और लाभदायकता को बढाने के समग्र प्रयास करने होंगे।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सचिवालय में आरएसएमएम की 76 वीं वार्षिक साधारण सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आरएसएमएम राज्य सरकार का प्रमुख उपक्रम है और रॉक फास्फेट के खनन और विपणन से खेती - किसानी में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रॉकफास्फेट, लाइमस्टोन, लिग्नाइट और जिप्सम के खनन को और अधिक बढ़ाने के लिए सालाना एक्शन प्लान बनाकर क्रियान्वित करना होगा। उन्होंने पोटाश के एक्सप्लोरेशन की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए नई संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया।
अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोरा ने आरएसएमएम के मोनेटरिंग सिस्टम को मजबूत करने की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए कहा कि इससे और अधिक बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि आरएसएमएम द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में लाइमस्टोन, रॉक फॉस्फेट, लिग्नाइट और जिप्सम 70 करोड़ 64 लाख टन खनिजों की बिक्री की है। उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में इसे और अधिक बढ़ाने की आवश्यकता है।
आरएसएमएम के प्रबंध निदेशक पी. रमेश ने बताया कि आरएसएमएम द्वारा चालू वित्तीय वर्ष के दो माहों में 17793 लाख 35 हजार रुपये का कारोबार किया गया है। उन्होंने बताया कि आरएसएमएम में शोध और विकास के लिए आरएण्डडी प्रकोष्ठ का गठन किया गया है।
वार्षिक साधारण सभा की बैठक में निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा सहित सदस्यों ने आरएसएमएम के कारोबार और लाभदायकता बढ़ाने के संबंध में सुझाव दिए।#Anil Vij #Haryana #bjp #india #politics #Ambala #Danik Khabar #news #current news #chandigarh #punjab #himachal #Rajasthan
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17/06/26 |एसडीआरएफ जवानों के मुरीद हुए एनसीसी कैडेट्स, संकट के समय गोल्डन ऑवर में घायलों की मदद करने की सीखी विशेष तकनीक:राजस्थान
एन.एस.बाछल, 17 जून, जयपुर।
एनसीसी के 89 कैडेट्स ने एसडीआरएफ बटालियन मुख्यालय, गाडोता जयपुर का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान कैडेट्स को एसडीआरएफ की कार्यप्रणाली, संगठनात्मक संरचना, आपदा प्रबंधन प्रणाली तथा विभिन्न प्रकार के रेस्क्यू अभियानों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही फ्लड एवं रोप रेस्क्यू के ड्राई डेमो के माध्यम से आपदा की स्थिति में अपनाई जाने वाली बचाव तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।
एसडीआरएफ के कमाण्डेन्ट राजेन्द्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने जनजागरूकता कार्यक्रम के तहत फ्लड रेस्क्यू एवं रोप रेस्क्यू का ड्राई डेमो प्रस्तुत किया। कैडेट्स को जवानों ने बताया कि प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान किस प्रकार सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू अभियान संचालित किए जाते हैं तथा कठिन परिस्थितियों में जीवन रक्षा के लिए कौन-कौन सी तकनीकों का उपयोग किया जाता है।
आपदा से बचाव और प्राथमिक सहायता की जानकारी—
कार्यक्रम के दौरान कैडेट्स को विभिन्न प्रकार की आपदाओं से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि किसी दुर्घटना अथवा आपदा की स्थिति में रेस्क्यू टीमों के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले आमजन किस प्रकार सुरक्षित रहते हुए घायलों एवं अन्य प्रभावित लोगों की प्रभावी सहायता कर सकते हैं। प्राथमिक प्रतिक्रिया और सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया।
रेस्क्यू उपकरणों का कराया अवलोकन—
भ्रमण के दौरान एनसीसी कैडेट्स को एसडीआरएफ परिसर का दौरा कराया गया तथा आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। जवानों ने प्रत्येक उपकरण की कार्यप्रणाली, उपयोगिता एवं विभिन्न प्रकार की आपदाओं में उसके इस्तेमाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जिससे कैडेट्स को आपदा प्रबंधन की व्यावहारिक समझ विकसित हो सके।
कैडेट्स ने की एसडीआरएफ जवानों की सराहना—
कार्यक्रम के अंत में एनसीसी कैडेट्स ने फ्लड एवं रोप रेस्क्यू के ड्राई डेमो को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। उन्होंने एसडीआरएफ जवानों की दक्षता, अनुशासन और समर्पण की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को युवाओं के लिए अत्यंत लाभदायक बताया।
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17/06/26 |शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण, समाज निर्माण के लिए आवश्यक - विधानसभा अध्यक्ष राजस्थान
एन.एस.बाछल, 17 जून, जयपुर।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अजमेर जिले की राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय घी मंडी नागफणी में 45 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले नवीन कक्षा-कक्षों का शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षक की भूमिका तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र और समाज के निर्माण में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा ही नहीं देता, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य को भी आकार देता है। इसलिए शिक्षकों का दायित्व अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यापक है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होना आवश्यक है, ताकि उन्हें बेहतर शिक्षण वातावरण प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार एवं विकास के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यालयों में भवन, कक्षा-कक्ष, प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं तथा अन्य आवश्यक संसाधनों के विकास के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किए जा रहे हैं। विद्यालय में बनने वाले नए कक्षा-कक्ष विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण प्रदान करेंगे तथा विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।
वासुदेव देवनानी ने शिक्षकों से निष्ठा, समर्पण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि किसी भी विद्यालय के परीक्षा परिणाम उसके प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों की कार्यशैली और प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण होते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक समय की पाबंदी को प्राथमिकता दें तथा नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित होकर विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास पर ध्यान केंद्रित करें। पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहयोग प्रदान कर उन्हें मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जाए, वहीं उत्कृष्ट विद्यार्थियों की प्रतिभा को और अधिक निखारने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
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17/06/26 |मुख्यमंत्री राजस्थान ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन
एन.एस.बाछल, 17 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महाराणा प्रताप जंयती (ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया) के अवसर पर बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें नमन किया।
उन्होंने कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप स्वाभिमान, समर्पण और राष्ट्र चेतना के शाश्वत प्रतीक है। उनका त्याग, शौर्य एवं पराक्रम युगों-युगों तक राष्ट्र को प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सभी महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और समाज एवं देश-प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।
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16/06/26 |ट्रैफिक नियम उल्लंघकर्ताओं पर राजस्थान पुलिस का वज्रप्रहार
एन.एस.बाछल, 16 जून, जयपुर।
राज्य में सड़क परिवहन को सुगम, सरल एवं सुरक्षित बनाने तथा मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले चालकों को कड़ा सबक सिखाने के लिए राजस्थान पुलिस का विशेष अभियान पूरी रफ्तार से चल रहा है।
महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के आदेशानुसार महानिदेशक पुलिस प्रशिक्षण एवं यातायात अनिल पालीवाल एवं अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात डॉ. बी.एल. मीणा के कड़े पर्यवेक्षण में पूरे राज्य में 1 जून से 30 जून तक यह सघन प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। रविवार को भी सबसे अधिक कार्रवाई ब्लैक फिल्म लगे वाहनों (2853) पर हुई, जो सड़क सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती मानी जाती है।
इसके तहत वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन, बिना अनुमति के लाल-नीली बत्ती, हूटर, प्रेशर हॉर्न, काली फिल्म (ब्लैक फिल्म), अनधिकृत शब्द और नियम विरुद्ध नंबर प्लेट लगाने वाले वाहनों के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई जारी है, जो सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं।
एक ही दिन में 7,721 वाहनों पर कार्रवाई—
अभियान के तहत 14 जून को अकेले पूरे राज्य में 7,721 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें-
° 726 वाहन अवैध संरचनात्मक परिवर्तन वाले,
° 674 वाहन अनधिकृत लाल-नीली बत्ती एवं हूटर वाले,
° 438 वाहन प्रेशर हॉर्न/एयर हॉर्न वाले,
° 2,853 वाहन ब्लैक फिल्म लगे,
° 1,041 वाहन अनधिकृत शब्द एवं चिन्ह प्रदर्शित करने वाले,
° 1,989 वाहन नियम विरुद्ध नंबर प्लेट वाले पाए गए।
कोटा शहर सबसे आगे
14 जून की कार्रवाई में कोटा शहर 406 मामलों के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। इसके बाद अलवर (388), जयपुर पश्चिम (378), जयपुर ग्रामीण (338) और जयपुर यातायात (303) प्रमुख रहे। वहीं चित्तौड़गढ़ (296) और भीलवाड़ा (297) में भी उल्लेखनीय कार्रवाई दर्ज की गई।
सड़क सुरक्षा के लिए जारी रहेगा अभियान
डीजे ट्रैफिक पालीवाल का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने तथा सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष चलाया जा रहा है। उन्होंन आमजन से अपील की है कि वे वाहनों में किसी भी प्रकार अवैध संशोधन, ब्लैक फिल्म, प्रेशर हॉर्न, अनधिकृत हूटर अथवा नियम विरुद्ध नंबर प्लेट का उपयोग न करें तथा यातायात नियमों का पालन कर स्वयं और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
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16/06/26 |बारिश से पूर्व नालों की सफाई, पेचवर्क और मरम्मत का काम पूरा हो-विधानसभा अध्यक्ष राजस्थान
एन.एस.बाछल, 16 जून, जयपुर।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने आगामी दिनों में बारिश से पूर्व अजमेर शहर में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम बारिश से पूर्व नालों की शत-प्रतिशत सफाई करवा लें ताकि पानी की निकासी में अवरोध नहीं आए। निगम, एडीए और पीडब्ल्यूडी सड़कों के गड्ढे भरने, मरम्मत और पेचवर्क के काम आगामी 15 दिनों में पूरा कर लें। माकड़वाली रोड़ पर मरम्मत से संबंधित कार्य सार्वजनिक निर्माण विभाग शीघ्र करवा कर एडीए को सड़क सौंपेगा। जल भराव में बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पम्प तैयार रखे जाए।
विधानसभा अध्यक्ष ने सर्किट हाउस में अजमेर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, सार्वजनिक निर्माण विभाग से संबंधित कामकाज एवं बारिश से पूर्व की जाने वाली तैयारियों की समीक्षा की। जिला कलक्टर लोक बन्धु एवं आयुक्त नित्या के. भी बैठक में उपस्थित रहें। बैठक में वासुदेव देवनानी ने कहा कि आगामी कुछ दिनों में मानसून सक्रिय हो जाएगा। सभी संबंधित विभाग अपनी तैयारी पूरी कर लें। मानसून से पूर्व नालों की सफाई सुनिश्चित की जाए। नगर निगम शत-प्रतिशत नालों की सफाई करवाएं। निगम, एडीए और पीडब्ल्यूडी समन्वय स्थापित कर सड़कों की मरम्मत, पेचवर्क और अन्य कार्य करवाएं। बारिश ज्यादा होने पर कुछ क्षेत्रों में जलभराव से बचाव के लिए आवश्यक मात्रा में बड़े पम्प व मड पम्प तैनात रखे जाएं।
बैठक में माकड़वाली रोड़ पर सुधार के लिए चर्चा की गई। सार्वजनिक निर्माण विभाग क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत करवा कर शीघ्र एडीए को हैंडओवर करेगा। इसे बाद सड़क की देखरेख का जिम्मा एडीए संभालेगा। इसी तरह अन्य सड़कों के हैंडओवर व देखरेख पर भी चर्चा की गई।
बैठक में वासुदेव देवनानी ने अजमेर शहर में जल भराव से मुक्ति के लिए 150 करोड़ रूपए के डे्रनेज प्लान पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावों को शीघ्र तैयार किया जाए। इसी तरह डी-सिल्टिंग के विषय पर भी सिंचाई विभाग को त्वरित गति से काम करने के निर्देश दिए गए। सार्वजनिक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए कि पुष्कर घाटी में भारी वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए हाइट बैरियर जल्द लगाने के निर्देश दिए गए। जयपुर रोड़ पर अजमेर प्रवेश द्वारा के पास जल भराव की समस्या के समाधान के लिए एडीए आवश्यक इंतजाम करेगा। विवेकानन्द पार्क में आध्यात्मिक केन्द्र की स्थापना के लिए कार्य में गति लाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में वासुदेव देवननी ने नगर निगम गौशाला प्रबंधन, सरकारी भूमि में अतिक्रमण हटाने, विधायक कोष के कार्य, तारागढ़उ विकास सहित अन्य विषयों पर चर्चा की। बैठक में जिला कलक्टर लोक बन्धु ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर काम करें। बारिश के दिनों में अलर्ट मोड पर रह कर काम करें। आमजन को शहरी एवं ग्रामीण सेवा शिविरों का अधिक लाभ प्रदान करें।
बैठक में एडीए सचिव अनिल पूनिया, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता अशोक तंवर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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16/06/26 |गिव अप अभियान ने 84 लाख लोगों की लौटाई मुस्कान, देशभर में हुई सराहना : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 16 जून, जयपुर।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में एनएफएसए के लाभार्थियों से संवाद किया।
पंचायत समिति परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सुमित गोदारा ने कहा कि गिव अप अभियान ने प्रदेश के 84 लाख लोगों की खोई मुस्कान लौटाई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई में प्रदेश में चला यह अभियान देशभर के लिए नजीर बना। अभियान के तहत 82 लाख लोगों द्वारा स्वेच्छा से लाभ त्याग करना देशभर में नजीर है।
सुमित गोदारा ने कहा कि घर-घर संपर्क के दौरान यह सामने आया कि अपात्र लोग इस योजना का लाभ ले रहे थे जबकि पात्र एवं जरूरतमंद इससे वंचित हैं। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अनुसार प्रदेश के 4.46 करोड़ लोगों को ही इसका लाभ दिया जा सकता था। उन्होंने कहा कि इसे ध्यान रखते हुए 1 नवंबर, 2024 को यह अभियान शुरू किया और सक्षम लोगों से स्वेच्छा से एनएफएसए का लाभ त्यागने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि अभियान से प्रेरित होकर 56 लाख ने इसका त्याग किया और 29 लाख ने ईकेवाईसी नहीं करवाई।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने एक दशक से अधिक समय के बाद 26 जनवरी, 2025 को एनएफएसए पोर्टल चालू किया और अब तक 84 लाख वास्तविक पात्रजनों को लाभ दिया जा सका है। उन्होंने कहा कि इन लाभार्थियों को निःशुल्क इलाज, गैस सिलेंडर सब्सिडी और दुर्घटना में मृत्यु होने की स्थिति में परिजनों को पांच लाख रुपए तक की सहायता मिलेगी।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दस साल पूर्व चला ऐसा अभियान—
सुमित गोदारा ने कहा कि दस वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गैस सब्सिडी स्वेच्छा के छोड़ने का अभियान चला। जिसे आमजन का बड़ा समर्थन मिला। गिव अप अभियान को भी आमजन का भरपूर सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि देश के गृह मंत्री अमित शाह ने भी इसकी सराहना की। इस दौरान उन्होंने लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा प्रमाण पत्र प्रदान किए।
जनप्रतिनिधियों में हो सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना—
सुमित गोदारा ने गत ढाई वर्षों में लूणकरणसर क्षेत्र में हुए विकास कार्यों के बारे में बताया और कहा कि इस अवधि में क्षेत्र में पानी, बिजली, सड़क, चिकित्सा, शिक्षा और पशु चिकित्सा के सहित सात प्रमुख क्षेत्रों में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले ढाई सालों में श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र प्रदेश के अग्रणी क्षेत्रों में शामिल होगा। सुमित गोदारा ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए।
प्रत्येक क्षेत्र में लाभार्थियों से हो रहा संवाद—
सुमित गोदारा ने कहा कि प्रदेश में चले ऐतिहासिक गिव अप अभियान की सफलता के पश्चात मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों के एनएफएसए लाभार्थियों के साथ संवाद करने के निर्देश दिए हैं। इसकी अनुपालना में अब तक नोखा और खाजूवाला में लाभार्थी सम्मेलन आयोजित किया जा चुका है। भविष्य में अन्य विधानसभाओं में भी इसका आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रीडूंगरगढ़ में 34 लाख लोगों ने स्वेच्छा से एनएफएसए का लाभ छोड़ा है, जिससे 30 हजार से अधिक पात्र लोगों को योजना से जोड़कर राहत दी गई है।
श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत ने कहा कि गत ढाई वर्षों में क्षेत्र ने विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। क्षेत्र में सड़क, पानी, विद्युत तंत्र सुदृढ़ीकरण सहित आधारभूत सुविधाओं का विकास तेजी से हो रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के प्रत्येक गांव में बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मर लगे हैं। जिससे विद्युत तंत्र में आमूलचूल सुधार हुआ है।
विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री राम गोपाल सुथार ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मजदूरों, गरीबों, महिलाओं, वृद्धजनों और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार की अनेक योजनाएं इन वर्गों के लिए चलाई जा रही हैं। पात्र व्यक्ति इनका लाभ उठाएं, उन्होंने शहरी और ग्रामीण सेवा शिविरों में अधिक से अधिक लोगों को पहुंचाने का आह्वान किया।
इस दौरान जालम सिंह भाटी, रामेश्वर पारीक और छैलू सिंह शेखावत ने भी विचार रखे। कार्यक्रम में मानमल शर्मा, विनोद गिरी गुसाई, महेंद्रनाथ तंवर, कानाराम, राजकुमार कस्वा, हेमनाथ जाखड़ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान अनेक लोगों ने मंत्री सुमित गोदारा का मालाएं पहनाकर स्वागत किया।
बीकानेर से श्रीडूंगरगढ़ के बीच दर्जनों स्थानों पर हुआ अभिनन्दन—
इससे पहले बीकानेर से रवाना होने पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा का रायसर, सेरूणा, झंझेउ, जोधासर और लखासर सहित श्रीडूंगरगढ़ तक दर्जनों स्थानों पर भव्य स्वागत हुआ। बड़ी संख्या में लोगों ने की मंत्री सुमित गोदारा की अगवानी की। इनमें सेरूणा से पूर्व सरपंच, रणवीर सिंह, गौरीशंकर स्वामी, श्रीभगवान स्वामी, झंझेउ से भँवर सिंह तंवर, रीडी से बालू राम जाखड़, मुनीराम जाखड़, बादनूं से नवरत्न घिंटाला, लखासर से भंवर सिंह चंद्रावत, गोपालसर से सीताराम बुढ़िया, कुलदीप सारस्वत सहित अनेक जनप्रतिनिधि शामिल रहे।
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16/06/26 |सेई बांध टनल विस्तार : अब बेकार बहकर गुजरात नहीं जाएगा पानी
एन.एस.बाछल, 16 जून, जयपुर।
पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने उदयपुर जिले के कोटड़ा का दौरा किया। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बहुप्रतीक्षित सेई बांध की टनल (सुरंग) की चौड़ाई बढ़ाने के चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। जोराराम कुमावत ने टनल के भीतर जाकर निर्माण कार्य की प्रगति देखी और अधिकारियों से अब तक हुए कार्य, बची हुई खुदाई और कंक्रीट लाइनिंग के तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी ली।
योजना के लिए ₹100 करोड़ का बजट, 95% काम पूरा—
जोराराम कुमावत ने बताया कि सेई बांध से अतिरिक्त पानी को जवाई बांध तक पहुँचाने के लिए बनी 6.7 किलोमीटर लंबी सुरंग को चौड़ा करने के लिए सरकार ने बजट में कुल ₹100 करोड़ का प्रावधान किया है। पिछले तीन साल से चल रहे इस कार्य का करीब 95 फीसदी हिस्सा पूरा हो चुका है। अब केवल 90 मीटर टनल का कार्य बाकी है, जिसे आगामी 15 जुलाई तक हर हाल में पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पश्चिमी राजस्थान के जल संकट को दूर करने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है और निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं होगा। साथ ही, उन्होंने टनल के अंदर काम कर रहे श्रमिकों और इंजीनियरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखने की हिदायत दी।
जल निकासी क्षमता होगी 4 गुना, 22 दिन में भरेगा जवाई बांध—
जोराराम कुमावत ने बताया कि इस टनल का विस्तार होने से पानी की निकासी क्षमता 328 क्यूसेक से बढ़कर 1376 क्यूसेक हो जाएगी। 4 गुना क्षमता बढ़ने से मानसून के दौरान अतिरिक्त पानी व्यर्थ बहकर गुजरात नहीं जाएगा। इससे पाली, सिरोही और जालोर जिलों को भरपूर पानी मिल सकेगा। उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान में टनल की चौड़ाई कम होने के कारण सेई बांध से जवाई बांध तक पानी पहुँचने में 45 से 50 दिन का समय लगता है लेकिन यह कार्य पूरा होने के बाद मात्र 22 दिन में ही जवाई बांध को 74 एमसीएफटी पानी मिलने लगेगा, जो इस क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा।
मारवाड़ के लिए संजीवनी है यह परियोजना—
सेई बांध और इसकी टनल मारवाड़ क्षेत्र विशेषकर पाली जिले के लिए जीवनदायिनी मानी जाती है। कोटड़ा के सेई बांध से पानी को इस टनल के जरिए जवाई बांध में डाइवर्ट किया जाता है। जवाई बांध पाली और जोधपुर के कई इलाकों की प्यास बुझाता है। वर्तमान में टनल की क्षमता कम होने के कारण मानसून के दौरान सेई बांध का अतिरिक्त पानी बहकर गुजरात चला जाता है। टनल की चौड़ाई बढ़ने से पानी का प्रवाह (डिस्चार्ज क्षमता) तेजी से बढ़ेगा। मानसून का अतिरिक्त पानी व्यर्थ बहने से बचेगा। जवाई बांध कम समय में और अधिक मात्रा में भरा जा सकेगा। पाली सहित पूरे मारवाड़ क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई संकट का स्थाई समाधान होगा।
इको-टूरिज्म और सौंदर्यकरण योजना—
जोराराम कुमावत ने कहा कि अब इस बांध क्षेत्र को इको-टूरिज्म और स्थानीय पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत बांध की प्राकृतिक सुंदरता का उपयोग कर पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इस दौरान किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह गलथनी, अनोप सिंह राठौड़, पूनम सिंह परमार, निम्बेश्वर महादेव ट्रस्ट के अध्यक्ष जगत सिंह, शिवराज सिंह बिठिया, रविकांत रावल भी मौजूद रहे।
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15/06/26 |प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता-कालाबाजारी व अवैध भंडारण के विरूद्ध करें सख्त कार्रवाई- मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 15 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। इनके संतुलित उपयोग के लिए ऑनलाइन रिकॉर्ड संधारित किया जाए, जिससे किसान की उर्वरक आवश्यकता की तथ्यात्मक जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने कालाबाजारी व अवैध भंडारण के विरूद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित बैठक में कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों को उर्वरकों एवं प्राकृतिक खेती के संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाए, जिससे वे कृषकों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर सकें। साथ ही, उर्वरकों के संयमित उपयोग से उत्तम पैदावार लेने की जानकारी भी दे सकें।
उन्होंने कहा कि मृदा परीक्षण कर आवश्यकता अनुरूप उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाया। इस कार्य में किसान कृषि वैज्ञानिक का सहयोग लें। बैठक में कंपनियों के प्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति जारी रहेगी। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, विभागीय अधिकारी तथा उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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15/06/26 |ग्रामीण-शहरी सेवा शिविरों से घर-घर पहुंच रहा सुशासन- मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 15 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों के जरिए राज्य सरकार आमजन को घर के निकट ही त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिविरों के माध्यम से विभिन्न योजनाओं एवं नागरिक सेवाओं के प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित करें। साथ ही, प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का संवेदनशीलता के साथ निराकरण कर घर-घर सुशासन पहुंचाने के संकल्प को भी साकार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों के संबंध में मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित बैठक में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिला कलक्टर्स को शिविरों के आयोजन एवं इनमें उपलब्ध सेवाओं का सभी मीडिया माध्यमों पर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने शिविरों में कार्मिकों की उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया।
उन्होंने कहा कि आमजन को राहत पहुंचाकर इन शिविरों को सेवा एवं समाधान का महाभियान बनाया जाए। वहीं, सभी संबंधित विभाग और समस्त जिला प्रशासन इन शिविरों के सम्पूर्ण क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी का गंभीरता से पालन करें। उन्होंने जिला प्रभारी सचिव एवं संभागीय आयुक्तों को इन शिविरों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। वहीं, समस्त जिला कलक्टर्स को अधिकारियों की विशेष टीम गठित कर शिविरों का औचक निरीक्षण कर रिपोर्ट बनवाने के लिए भी निर्देशित किया।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आमजन की आवश्यकता से जुड़े बिजली, पानी और चिकित्सा के प्रकरणों पर प्राथमिकता से कार्य किया जाए, जिससे अधिक से अधिक आमजन लाभान्वित हो सकें। उन्होंने 181 के माध्यम से जिलावार शिकायतों के त्वरित समाधान के भी निर्देश दिए। साथ ही, मानसून पूर्व तैयारियां कर जलभराव की समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि शिविरों में आने वाली अतिक्रमण की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने शिविरों में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के विरूद्ध जिला कलक्टर्स को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि इन शिविरों में मिलने वाली विशेष रियायतों के प्रकरणों की सम्पूर्ण जानकारी सूचीबद्ध की जाए, ताकि पेंडेंसी की स्थिति में उनका उचित निस्तारण किया जा सके। वहीं, उन्होंने शिविरों में लाभान्वितों की सफलता की कहानियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, जिससे अन्य नागरिक भी इन शिविरों का लाभ उठा सकें।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में अंत्योदय एवं जनसेवा के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार 12 जून से 15 जुलाई तक ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों का आयोजन कर रही है। जिसमें एक ही छत के नीचे विभिन्न योजनाओं, नागरिक सुविधाओं एवं विशेष रियायतों से आमजन को लाभान्वित किया जा रहा है।
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी एवं सभी जिला कलक्टर्स वीसी के माध्यम से जुड़े। वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन, राजस्व, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पंचायतीराज विभाग सहित अन्य विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।
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15/06/26 |तस्करों पर काल बनकर टूटी ANTF: सुपर संडे पर कार्रवाइयों का शानदार छक्का : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 15 जून, जयपुर।
राजस्थान में नशे के काले कारोबार को जड़ से उखाड़ने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स वंदे भारत ट्रेन की गति से आगे बढ़ रही है। एएनटीएफ के महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के महत्वपूर्ण मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशों के तहत टास्क फोर्स ने स्थानीय पुलिस के समन्वय से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रो में कार्रवाइयों का छक्का लगाया है। इस महा-ऑपरेशन के दौरान अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करीब 92 लाख रुपये की कीमत का अवैध मादक पदार्थ 519.290 किलोग्राम डोडा चूरा, गांजे के 139 हरे पौधे, स्मैक, अफीम) जब्त कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
1. भीलवाड़ा (मांडल): मेवाड़ से मारवाड़ जा रहा जहर का ट्रक जब्त
एएनटीएफ को सूचना मिली थी कि चित्तौड़गढ़ (मेवाड़) से कोटा बाईपास होता हुआ एक ट्रक मांडल के रास्ते बाड़मेर (मारवाड़) जा रहा है, जिसमें भारी मात्रा में मादक पदार्थ है। टीम ने भीलवाड़ा के मांडल में कोठारी नदी की पुलिया पर नाकाबंदी की। हुलिए का ट्रक (RJ 38 GA 4189) आते देख जब उसे रोकने का इशारा किया गया, तो चालक ट्रक को तेज गति से भगा ले गया।
टीम ने पीछा कर मांडल चौकी के सामने सर्विस रोड पर ट्रक को रुकवाया। शातिर तस्कर प्रकाश जाट (31) निवासी ढाको का तला, धनाऊ, बाड़मेर पुलिस को गुमराह करने लगा।
गैस कटर मशीन से खोला राज:
जब स्थानीय मांडल पुलिस के साथ ट्रक के पीछे डाले को देखा गया तो वह बिल्कुल खाली था। लेकिन गहनता से जांच करने पर पता चला कि तस्कर ने ट्रक की चेचिस, बॉडी, केबिन और फर्श के बीच 1-1 फीट गहरे गुप्त चैंबर बना रखे थे और ऊपर से लोहे की चादर की वेल्डिंग करवा रखी थी। एएनटीएफ ने गैस कटर मशीन मंगाकर लोहे के इन गुप्त चैंबरों को कटवाया, तो उनके भीतर से 517.07 किलो ग्राम अवैध डोडा चूरा बरामद हुआ।
तस्करी का सौदा: आरोपी प्रकाश मारवाड़ में बैठे अपने आकाओं तक खेप पहुंचाने के लिए प्रति चक्कर 20,000 रुपये लेता था। उसने पुलिस से बचने और पहचान छुपाने के लिए अपनी नंबर प्लेट पर टेप चिपका रखी थी।
2. करौली (हिण्डौन सिटी): बगीची में लहलहा रही थी गांजे की अवैध खेती
एएनटीएफ की पुख्ता सूचना पर हिण्डौन सिटी थाना पुलिस ने बयाना रोड पर स्थित एक बगीची पर संयुक्त छापेमारी की। वहां पटवारी को मौके पर बुलाकर जमीन की पैमाइश कराई गई, तो पता चला कि 0.23 हेक्टेयर (आराजीयत भूमि) में अवैध गांजे की फसल खड़ी है। यह भूमि प्रतीक चतुर्वेदी पुत्र महेश चंद के नाम दर्ज पाई गई। पुलिस ने मौके से गांजे के 139 हरे पौधे (कुल वजन 26.215 किलोग्राम) जब्त कर जमीन मालिक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया है।
3. बाड़मेर (चौहटन): मारवाड़ टी एंड कैफे पर रेड, अफीम और डोडा चूरा बरामद
चौहटन के विरात्रा तिराहा स्थित प्राइवेट बस स्टैंड पर संचालित मारवाड़ टी एंड कैफे पर एएनटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त दबिश दी। अचानक हुई इस छापेमारी से कैफे मालिक हक्का-बक्का रह गया। दुकान की तलाशी लेने पर 1.806 किलोग्राम डोडा चूरा, 75 ग्राम विनिर्मित अफीम और नशीले पदार्थों की बिक्री से अर्जित 3600 रुपये नगद बरामद हुए। मौके से आरोपी कालूराम उर्फ खुमाराम बिश्नोई (66) निवासी चौहटन आगौर को गिरफ्तार किया गया।
4. उदयपुर (सविना): पुलिस को देख भाग रहे स्कूटी सवार दबोचे, डिग्गी से निकला गांजा
उदयपुर-सलुम्बर मेन रोड पर गश्त के दौरान फला मजरा बीड़ा डाकन कोटड़ा के पास सड़क किनारे स्कूटी लेकर खड़े दो युवक पुलिस टीम को देखकर भागने लगे। घेराबंदी कर जब दोनों को सविना थाना पुलिस की मौजूदगी में डिटेन किया गया, तो स्कूटी की डिग्गी से 483.9 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। मामले में आरोपी नवाजिश खान (25) निवासी भूपालपुरा हाल सविना और संजय लोहार (37) निवासी वर्मा कॉलोनी, सविना को गिरफ्तार किया गया।
5. बाड़मेर (धनाऊ): कपड़ों की आड़ में नशा बेच रहा था व्यवसायी
धनाऊ कस्बे में स्थित रमेश वस्त्र भंडार में कपड़ों के व्यापार की आड़ में नशे का धंधा किए जाने की पुख्ता सूचना पर टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ रेड की। दुकान की सघन तलाशी में 448 ग्राम अवैध डोडा चूरा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी दुकान संचालक थानसिंह उर्फ थानाराम जाट (36) निवासी करड़ो का तला, धनाऊ को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी थानसिंह के खिलाफ पूर्व में भी एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज हैं।
6. नागौर (सदर): बिना नंबरी बोलेरो में स्मैक बेचता पुराना तस्कर फिर गिरफ्तार
नागौर के गोगेलाव गांव की एक गली में बिना नंबरी बोलेरो गाड़ी में अवैध मादक पदार्थ बेचने की सूचना पर एएनटीएफ और सदर थाना पुलिस ने घेराबंदी की। पुलिस को देखकर गाड़ी से उतरकर भाग रहे शातिर तस्कर नाथूराम जाट (37) निवासी उत्तरादी ढाणी, गोगेलाव को तत्परता से दबोचा गया। गाड़ी की तलाशी में 7 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जिसके बाद स्मैक व बोलेरो को जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। उल्लेखनीय है कि इस शातिर आरोपी नाथूराम को मई 2026 में भी एएनटीएफ की टीम ने ही सलाखों के पीछे भेजा था।
सराहनीय कार्य करने वाली टीमें होंगी सम्मानित—
एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने इस शानदार सफलता पर भीलवाड़ा के मांडल, करौली के हिण्डौन सिटी, बाड़मेर के चौहटन व धनाऊ, उदयपुर के सविना और नागौर के सदर थाना पुलिस की विशेष भूमिका की सराहना की है। उन्होंने घोषणा की कि इस महा-ऑपरेशन में शामिल सभी जांबाज पुलिस अधिकारियों और जवानों को एएनटीएफ मुख्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में आधिकारिक रूप से सम्मानित किया जाएगा।
ANTF की आमजन से अपील: "आप दें सूचना, हम रखेंगे गुप्त"
"नशे को जड़ से उखाड़ फेंकना है, अब नहीं रुकना है, नशा मुक्त भारत बनाना है।" आईजी विकास कुमार ने आमजन से अपील की है कि यदि उनके पास नशे के कारोबारियों या किसी भी अपराधी से जुड़ी कोई भी जानकारी है, तो वे तुरंत एएनटीएफ नियंत्रण कक्ष के नंबर 0141-2502877 या व्हाट्सएप नंबर 9261225056 पर साझा करें। सूचना देने वाले नागरिक की पहचान और गोपनीयता का पूर्ण रूप से ख्याल रखा जाएगा।
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14/06/26 |राजस्थान, महाराष्ट्र, गोवा, दमन-दीव, गुजरात आदि की आंचलिक कलाओं को मिले वैश्विक मंच : राज्यपाल
एन.एस.बाछल, 14 जून, जयपुर।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने लुप्त होती दृश्य और प्रदर्शन कलाओं के संरक्षण के लिए प्रभावी प्रयास किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राजस्थान, महाराष्ट्र, गोवा, दमन—दीव, गुजरात आदि की लोक—कलाओं के दस्तावेजीकरण कर उनके संरक्षण के साथ ऐसी कलाओं को रोजगार से जोड़ पारम्परिक कलाकारों को प्रोत्साहित किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक वस्त्रों, घरेलू सज्जा और विश्व कला बाज़ार में हमारी आंचलिक कलाओं को कैसे पहचान मिले और कैसे इससे पारम्परिक कलाकारों को अधिकाधिक लाभान्वित किया जा सकता है, इस पर विशेष रूप से कार्य किया जाए।
हरिभाऊ बागडे गोवा में आयोजित पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक कला केन्द्र की शाषी परिषद् की बैठक में संबोधित कर रहे थे। बैठक में गोवा के राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू भी उपस्थित रहे।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र निरंतर यह प्रयास करे कि हमारी आंचलिक कलाओं को वैश्चिम स्तर पर मंच मिले। उन्होंने कहा कि लोक कलाओं से ही आधुनिक कलाओं का संसार बना है, इसलिए उनका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
राज्यपाल ने बैठक में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की और कहा कि केन्द्र नियमित गतिविधियों के रूप में कला—आयोजन तो कराए ही परन्तु कलाकारों की कला को विश्व स्तर पर स्थापित कैसे किया जाए, इस पर भी विशेष रूप से कार्य करे। इसके लिए उन्होंनें आंचलिक कलाओं की बाजार संभावनाओं, विपणन से जुड़ी क्रियाओं और कलात्मक बोध जगाने से जुड़े आयोजन अधिकाधिक करवाए जाने की आवश्यकता जताई।
राज्यपाल को बैठक में बताया गया कि एक अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2026 तक पश्चिम क्षेत्र सांस्कृति केन्द्र द्वारा 114 कोर—सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर 5 हजार 961 कलाकारों को लाभान्वित किया गया है। शिल्पग्राम के प्रति लोगों की रूचि बढ़ रही है तथा वहां आने वालों में प्रतिवर्ष 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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14/06/26 |संसदीय कार्य मंत्री ने मुख्यमंत्री जन आवास योजना के 110 आवंटियों को सौंपी आवास की चाबी : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 14 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत “गृह गौरव: खुशियों की चाबी” कार्यक्रम जोधपुर जिले के मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में 110 आवंटियों को आवास की चाबी सौंपी गई।
जोगाराम पटेल ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासनकाल के इन 12 वर्षों में देश ने पहली बार गरीब कल्याण और अभूतपूर्व विकास को समांतर रूप से चरितार्थ होते देखा है। उन्होंने कहा जब नेतृत्व की नीयत साफ हो, लक्ष्य राष्ट्रहित हो और समर्पण पूर्ण हो, तभी ऐसे परिवर्तन संभव होते हैं।
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा प्रधानमंत्री का "सभी के लिए आवास" का स्वप्न साकार हो रहा हैं। उन्होंने कहा नरेंद्र मोदी के विजन के तहत अब तक 4 करोड़ से अधिक प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कार्य पूरा हो चुका हैं। उन्होंने कहा सितंबर 2024 में शुरू की गई पीएमएवाई-यू 2.0 का लक्ष्य 2028-29 तक एक करोड़ अतिरिक्त पात्र शहरी लाभार्थियों को सहायता प्रदान करना है।
जोगाराम पटेल ने कहा मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के संवेदनशील नेतृत्व में दो साल के कार्यकाल में राजस्थान में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत नवीन 48 हज़ार आवास स्वीकृत किए गए हैं। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अन्तर्गत दो वर्षों में 7.16 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं।
जोगाराम पटेल ने कहा अपना घर होना हर व्यक्ति का सबसे बड़ा सपना होता है। मुख्यमंत्री जन आवास योजना के माध्यम से हम न केवल ईंट-पत्थर का मकान दे रहे हैं, बल्कि सम्मानजनक जीवन जीने का आधार प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा ग्राम बड़ली में निर्मित यह प्रोजेक्ट आधुनिक शहरी सुविधाओं से युक्त है, जहाँ निवासियों को गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया गया है।
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14/06/26 |आरयूएचएस अस्पताल को रिम्स के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 14 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर आरयूएचएस अस्पताल को रिम्स के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं। यहां रोगियों को आधुनिकतम चिकित्सा सुविधाएं सुगमता से उपलब्ध हो, इसके लिए सुपर स्पेशलिटी सेवाओं का और विस्तार किया जाएगा। साथ ही, विभिन्न विभागों में फैकल्टी एवं चिकित्सकों की कमी को भी शीघ्र दूर किया जाएगा।
चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) अस्पताल को आगामी समय में राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS), जयपुर के रूप में विकसित किए जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। उन्होंने संस्थान के चरणबद्ध उन्नयन, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार तथा मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत समीक्षा की।
प्रमुख शासन सचिव ने बैठक के दौरान अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं की वर्तमान स्थिति तथा भविष्य की संभावनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि हर कार्य की एक टाइमलाइन निर्धारित कर उसे समय पर पूरा किया जाए। सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के विस्तार के लिए उन्होंने फैकल्टी तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में ओपीडी, आईपीडी, ऑपरेशन थियेटर तथा प्रसूति सेवाओं में निरंतर वृद्धि दर्ज हो रही है, यह सुखद संकेत है। इन सेवाओं में और अधिक विस्तार की पर्याप्त संभावनाएं हैं तथा आगामी महीनों में इस सकारात्मक प्रगति को बनाए रखने और आगे बढ़ाने के लिए सभी विभाग समन्वित प्रयास करें।
प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य मरीजों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को रिम्स के विकास से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा संसाधनों के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए।
सिटी स्केन सेवा शुरू, जल्द एमआरआई भी होगी शुरू—
चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबू लाल गोयल ने बताया कि अस्पताल में सीटी स्कैन सेवा प्रारंभ कर दी गई है, जिससे मरीजों को उन्नत जांच सुविधाओं का लाभ मिलना शुरू हो गया है। साथ ही एमआरआई सेवा भी शीघ्र प्रारंभ किए जाने की प्रक्रिया प्रगति पर है, जिससे आमजन को अधिक व्यापक और आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।उन्होंने रक्त उपलब्धता एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए किए गए प्रयासों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अस्पताल के ब्लड बैंक को स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, जयपुर के सहयोग से और अधिक सुदृढ़ किया गया है। इसके अतिरिक्त अस्पताल में ट्रॉमा सेवाएं प्रारंभ कर दी गई हैं तथा भविष्य में इन सेवाओं के चरणबद्ध उन्नयन की कार्यवाही भी की जाएगी।
रोगियों को मिलेगा बेहतर विकल्प—
सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि सवाई मानसिंह अस्पताल की फैकल्टी एवं आरयूएचएस के इन्फ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करते हुए यहां आर्थोपेडिक्स एवं जनरल सर्जरी की सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा। इससे सवाई मानसिंह अस्पताल में भी रोगी भार कम हो सकेगा और रोगियों को उपचार के लिए एक बेहतर विकल्प मिल सकेगा।
कैथ लैब शुरू होने से हृदय रोगियों को राहत—
विशेषाधिकारी डॉ. अजीत सिंह शक्तावत ने बताया कि अत्याधुनिक कैथ लैब प्रारंभ होने से हृदय रोगियों को उन्नत जांच एवं उपचार सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी और उन्हें अन्य संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वर्तमान में अस्पताल में कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, यूरोलॉजी एवं प्लास्टिक सर्जरी सहित विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं संचालित हैं। इन सेवाओं को आवश्यक मानव संसाधन, अत्याधुनिक उपकरणों तथा अधोसंरचनात्मक संसाधनों के माध्यम से और अधिक सुदृढ़ एवं विस्तारित किया जा रहा है।
बैठक में आरयूएचएस मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. मोहनीश ग्रोवर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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14/06/26 |राजस्थान में वर्चुअल नेट मीटरिंग के तहत 201 मेगावाट सौर परियोजनाओं को मिली गति
एन.एस.बाछल, 14 जून, जयपुर।
राजस्थान में नवीकरणीय ऊर्जा के संवर्धन एवं विकास के लिए राज्य की नोडल एजेंसी राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी कॉरपोरेशन लिमिटेड ने वर्चुअल नेट मीटरिंग व्यवस्था के अंतर्गत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के विद्युत कनेक्शनों के सौरकरण हेतु निविदाएँ आमंत्रित की हैं। इस संबंध में निविदा सूचना संख्या RREC/TN-02/2026-27 दिनांक 12.06.2026 जारी की गई है।
इस निविदा के अंतर्गत 201 मेगावाट क्षमता के ग्रिड से जुड़े भू-आधारित (ग्राउंड-माउंटेड) सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। ये संयंत्र जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के आपूर्ति क्षेत्र में विभिन्न 33/11 केवी उपकेंद्रों के निकट स्थापित होंगे। इन संयंत्रों से उत्पन्न विद्युत का समायोजन PHED के विभिन्न विद्युत कनेक्शनों की खपत के विरुद्ध वर्चुअल नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत किया जाएगा। यह व्यवस्था राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (RERC) की ग्रिड इंटरएक्टिव डिस्ट्रिब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी जनरेटिंग सिस्टम्स (तृतीय संशोधन) विनियम, 2025 के अनुरूप होगी।
वर्चुअल नेट मीटरिंग ऐसी व्यवस्था है, जिसके अंतर्गत एक स्थान पर स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र से उत्पन्न बिजली को विभिन्न स्थानों पर स्थित अनेक उपभोक्ता कनेक्शनों के विरुद्ध समायोजित किया जा सकता है। संयंत्र द्वारा उत्पादित बिजली ग्रिड में प्रवाहित की जाती है तथा उसके अनुरूप इकाइयों का समायोजन विभिन्न उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में किया जाता है। सरल शब्दों में, एक स्थान पर स्थापित एक सौर संयंत्र अनेक अन्य स्थानों पर स्थित उपभोक्ताओं के बिजली व्यय को कम कर सकता है।
राज्य में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था विद्युत की सबसे बड़ी एवं महत्वपूर्ण उपभोक्ताओं में से एक है। यह सौरकरण पहल जलापूर्ति संचालन पर होने वाले बिजली व्यय को कम करने तथा उसके स्थान पर स्वच्छ एवं प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की जा रही है। इस परियोजना से इसकी 25 वर्ष की अवधि में लगभग 2,300 करोड़ रुपये की विद्युत लागत की बचत होने का अनुमान है, जिससे सरकारी राजकोष पर पड़ने वाले वित्तीय भार में कमी आएगी।
निविदा की प्रमुख विशेषताएं—
RESCO मॉडल पर विकास—
परियोजनाओं का विकास रिन्यूएबल एनर्जी सर्विस कंपनी मॉडल के तहत किया जाएगा, जिसमें चयनित सौर ऊर्जा उत्पादक संयंत्रों का डिजाइन, सर्वेक्षण, आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण, कमीशनिंग तथा 25 वर्षों तक संचालन एवं रखरखाव का कार्य करेंगे। इसके लिए सरकार को कोई पूंजीगत व्यय नहीं करना होगा।
एकल चरणीय, द्वि-भागीय निविदा प्रक्रिया:
निविदा प्रक्रिया राजस्थान राज्य ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के माध्यम से एकल चरणीय एवं द्वि-भागीय प्रणाली से संचालित होगी। चयन 25 वर्षों के लिए निविदाकर्ताओं द्वारा उद्धृत समतलीकृत (लेवलाइज्ड) टैरिफ (रु./किलोवाट-घंटा) के आधार पर किया जाएगा।
अधिकतम 50 मेगावाट की सीमा:
एक निविदाकर्ता अधिकतम 50 मेगावाट की संचयी क्षमता तक ही बोली लगा सकेगा, जिससे अधिकाधिक डेवलपर्स की भागीदारी एवं प्रतिस्पर्धी दरों की खोज को प्रोत्साहन मिलेगा।
RREC को उम्मीद है कि इस निविदा में डेवलपर्स एवं निवेशकों की व्यापक भागीदारी होगी तथा प्रतिस्पर्धी टैरिफ प्राप्त होंगे। निविदा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 14 जुलाई 2026 है।
विस्तृत निविदा दस्तावेज, कार्यक्षेत्र, पात्रता मानदंड एवं अन्य शर्तें राजस्थान राज्य ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल तथा RREC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
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13/06/26 |जयपुर डेयरी को ₹133 करोड़ का बूस्टर डोज-प्रोसेसिंग प्लांट के आधुनिकीकरण से बढी प्रसंस्करण क्षमता -रोज बनेगा 70 टन घी, क्षमता हुई 20 लाख लीटर
एन.एस.बाछल, 13 जून, जयपुर।
राजधानी जयपुर में दुग्ध उत्पादकों और उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (जयपुर डेयरी) के संयंत्र का ₹133 करोड़ की भारी-भरकम लागत से पूरी तरह आधुनिकीकरण और नवीनीकरण (मॉर्डनाइजेशन) कर दिया गया है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस इस नए प्लांट का उद्घाटन जल्द ही होने जा रहा है, जिससे जयपुर सहित आसपास के जिलों में दूध और घी की आपूर्ति व्यवस्था बेहद मजबूत हो जाएगी।
डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने किया निरीक्षण—
इस नए मेगा प्लांट के भव्य उद्घाटन समारोह की तैयारियों को परखने के लिए राज्य के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने संयंत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। मंत्री जोराराम कुमावत ने प्लांट के चप्पे-चप्पे का जायजा लिया और अधिकारियों से प्रोसेसिंग यूनिट्स की कार्यप्रणाली को समझा। निरीक्षण के बाद उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को उद्घाटन समारोह की तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डेयरी मंत्री ने बताया कि प्रोसेसिंग प्लांट का कार्य अंतिम चरण में है। जल्द ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इसका उदघाटन करेंगे।
इस निरीक्षण के दौरान राजस्थान कॉपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) की प्रबंध संचालक (एमडी) श्रुति भारद्वाज और जयपुर डेयरी के प्रबंध संचालक (एमडी) मनीष फौजदार भी मौजूद रहे। इन अधिकारियों ने मंत्री को आधुनिकीकरण के बाद आई नई तकनीकों और बढ़ी हुई क्षमताओं की तकनीकी जानकारी दी।
क्षमता में हुआ ऐतिहासिक विस्तार
डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि इस नवीनीकरण के बाद जयपुर डेयरी प्लांट की ताकत और उत्पादन क्षमता में जबरदस्त इजाफा हुआ है। दूध को संसाधित (प्रोसेस) करने की क्षमता अब 12 लाख लीटर से बढ़कर 20 लाख लीटर प्रतिदिन हो गई है। साथ ही दूध के पाउच पैक करने की क्षमता 10 लाख लीटर से बढ़कर 16.50 लाख लीटर प्रतिदिन पहुंच गई है। जोराराम कुमावत ने बताया कि इसके अतिरिक्त, संयंत्र में आधुनिक बॉयलर और मशीनरी स्थापित की गई है, जिसकी सहायता से प्रति घंटे लगभग 70 मीट्रिक टन भाप तथा घी, बटर, डेय वाटर जैसे विभिन्न दुग्ध उत्पादों का निर्माण किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि अब यह संयंत्र क्षेत्रीय दुग्ध उद्योग के लिए एक आधुनिक उदाहरण के रूप में स्थापित होगा।
पशुपालकों और उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा फायदा—
इस आधुनिकीकरण से न केवल जयपुर के लाखों उपभोक्ताओं को समय पर हाइजीनिक और उच्च गुणवत्ता वाला दूध मिल सकेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों पशुपालकों से भी अधिक मात्रा में दूध खरीदा जा सकेगा। प्रसंस्करण क्षमता बढ़ने से दूध खराब होने की समस्या खत्म होगी और डेयरी उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मदद मिलेगी।
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13/06/26 |खेल युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं - अलवर सांसद भूपेंद्र यादव
एन.एस.बाछल, 13 जून, जयपुर।
अलवर सांसद खेल उत्सव-2026 के अंतर्गत आरपीएस इंटरनेशनल स्कूल, बहरोड़ में आयोजित “समर कैंप 2026” (महिला वर्ग) के प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। समारोह में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा अलवर सांसद भूपेंद्र यादव ने प्रतिभागी महिला खिलाड़ियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। इस दौरान जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेन्द्र सिंह एवं वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री संजय शर्मा भी मौजूद रहे।
भूपेंद्र यादव ने कहा कि खेल केवल शारीरिक दक्षता का माध्यम नहीं हैं, यह युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और चुनौतियों का सामना करने का साहस भी विकसित करते हैं। वर्तमान समय में युवा खेल और तकनीक दोनों क्षेत्रों में अपनी क्षमता बढ़ाएं तो वे भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी रूप से सामना कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। यह दृढ़ संकल्प, नियमित अभ्यास और कठिन परिश्रम का परिणाम है। समर कैंप जैसे आयोजन प्रतिभाओं को निखारने, उन्हें बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और आत्मविश्वास बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं।
भूपेंद्र यादव ने कबड्डी, बास्केटबॉल, खो-खो सहित विभिन्न खेलों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिला प्रतिभागियों से मुलाकात की तथा उनसे समर कैम्प से मिले लाभ का फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि इस कैंप में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन से खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीक और खेल कौशल सीखने का अवसर मिला है। यह उनके भविष्य के लिए उपयोगी साबित होगा।
उन्होंने कहा कि अलवर सांसद खेल उत्सव युवाओं की प्रतिभा पहचानने और उन्हें उचित अवसर प्रदान करने की दिशा में एक व्यापक अभियान है। क्षेत्र में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए हॉकी एस्ट्रोटर्फ, कुश्ती स्टेडियम, खेल मैदान, रनिंग ट्रैक सहित अन्य खेल सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
भूपेंद्र यादव ने केन्द्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से देश के उत्कृष्ट प्रशिक्षक इस कैंप से जुड़े और खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त हुआ।
जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह ने कहा कि देश की बड़ी युवा आबादी ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। खिलाड़ियों में दिखाई देने वाला उत्साह, समर्पण और प्रतिभा यह विश्वास दिलाता है कि देश का भविष्य उज्ज्वल हाथों में है। उन्होंने बेटियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारतीय बेटियां हर क्षेत्र में देश का गौरव बढ़ा रही हैं।
वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि खेल जीवन में सफलता प्राप्त करने की सीख देते हैं। खेलों के माध्यम से अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “फिट इंडिया” और “खेलो इंडिया” अभियानों से देश में खेल संस्कृति को नई गति मिली है।
राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) की राज्य मिशन निदेशक (एसएमडी) प्रियंका गोस्वामी ने कहा कि सांसद खेल उत्सव और समर कैंप युवाओं की प्रतिभा को पहचानने एवं उन्हें सही दिशा देने के प्रभावी मंच हैं। ऐसे आयोजन भविष्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
समापन समारोह के दौरान भारतीय खेल प्राधिकरण के प्रशिक्षकों एवं कार्यक्रम में सहयोग प्रदान करने वाले पीटीआई को सम्मानित किया गया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर अलवर जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर, महासिंह चौधरी, पूर्व मंत्री राजेंद्र यादव, सरस डेयरी चेयरमैन नितिन सांगवान, अंजली यादव एवं शानू यादव, अलवर जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला, स्थानीय जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता, आरपीएस स्कूल चेयरमैन मनीष राव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में महिला प्रतिभागी उपस्थित रहे।
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13/06/26 |किसान को मिला कृषि यंत्र अनुदान, चेहरे पर लौटी मुस्कान : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 13 जून, जयपुर।
उदयपुर जिले में ग्रामीण सेवा शिविर-2026 अभियान के पहले ही बड़ी संख्या में ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान हुआ और उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला।
सवा लाख रूपये का अनुदान मिला—
मावली में आयोजित शिविर में जरूरतमंद किसान शंकरलाल निवासी लदानी को कृषि यंत्र खरीदने हेतु अनुदान स्वीकृत कर आर्थिक संबल प्रदान किया गया।
शंकरलाल ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह कृषि यंत्र खरीद नहीं पा रहा था। शिविर में कृषि विभाग के सहायक कृषि अधिकारी परसराम जाट ने उन्हें कृषि यंत्र योजना की जानकारी दी और बताया कि राज्य सरकार द्वारा मल्टीक्रॉप थ्रेशर सहित विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। शिविर में ही आवेदन तैयार करवा कर हाथों-हाथ स्वीकृत किया गया। एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा, उपखण्ड अधिकारी रमेश सिरवी पुनाड़िया की उपस्थिति में 1 लाख 25 हजार रुपये के अनुदान का चेक प्रदान किया गया। अनुदान प्राप्त होने पर शंकरलाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताया।
अटकी पेंशन बहाल—
उदयपुर जिले की ग्राम पंचायत चांदवास में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर चांदवास निवासी हरकू, राजूड़ी और सवली के लिए भी राहत लेकर आया। बायोमीट्रिक सत्यापन एवं फेस ऐप के माध्यम से बार-बार प्रयास करने के बावजूद उनका सत्यापन नहीं हो पाने से इन तीनों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन पिछले कई महीनों से बंद थी।
शिविर में मामला सामने आने पर बीडीओ ने तत्परता दिखाते हुए समाधान के निर्देश दिए। तकनीकी बाधा को दूर करने के लिए ओटीपी आधारित सत्यापन प्रक्रिया अपनाई गई और कुछ ही मिनटों में तीनों महिलाओं का सत्यापन सफलतापूर्वक कर उनकी रुकी हुई पेंशन बहाल कर दी गई। इसी शिविर में ग्राम पंचायत चांदवास निवासी रामा, वारकी तथा केशरी को पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ)सौंपे गये।
विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र मिला—
चांदवास निवासी उदयलाल के विवाह पंजीयन संबंधी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर उन्हें शिविर में ही विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।
नक्शा की गलती की शुद्ध—
ग्राम पंचायत चीरवा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में चीरवा निवासी खातेदार राजेश पुत्र स्व. नारायणलाल मेनारिया के नक्शा शुद्धिकरण के लिए आवेदन करने पर उपखण्ड अधिकारी मनसुख डामोर, नायब तहसीलदार रमेश कुमार राजपुरोहित ने राजस्व अभिलेखों में इंद्राज दुरुस्ती करवा कर राजेश को राहत पहुंचाई।
ग्रामीण सेवा शिविर अभियान साबित कर रहा है कि संवेदनशील प्रशासन और त्वरित निर्णय से आमजन की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही संभव है। एक ही छत के नीचे पेंशन बहाली, पीपीओ वितरण और विवाह पंजीयन जैसे कार्य होने से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल रहा। ग्रामीणों एवं लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनकल्याणकारी शिविरों के माध्यम से प्रशासन स्वयं गांव पहुंच रहा है और लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। उन्होंने इस पहल को ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत बताते हुए सरकार की संवेदनशीलता की सराहना की।
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13/06/26 |‘राष्ट्र प्रथम‘ को समर्पित गुमनाम नायकों की प्रेरक गाथा है, ‘भारत भाग्य विधाता‘ फिल्म- मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 13 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर के जवाहर सर्किल स्थित एंटरटेनमेंट पैराडाइज मिराज सिनेमा में फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की स्पेशल स्क्रीनिंग देखी। इस अवसर पर फिल्म की अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, सांसद मंजू शर्मा एवं फिल्म के निर्माता- निर्देशक , नर्स प्रोफेशनल्स एवं छात्राएं उपस्थित रही।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम‘ की भावना और समाज के प्रति संवेदनशीलता ही नागरिक की सबसे बड़ी पहचान होती है। राष्ट्र को सर्वाेपरि मानकर अपना सर्वस्व समाज और देश के लिए समर्पित करने वाले गुमनाम नायकों की प्रेरक गाथा को फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ में प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश ने 26/11 जैसे आतंकी हमलों से लेकर कोविड महामारी जैसे कठिन दौर में भी अनगिनत कर्मयोगियों की सेवा भावना को देखा है। चिकित्सकों, नर्सों, सुरक्षाकर्मियों तथा अन्य सेवा प्रदाताओं ने ऐसे समय में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए मानवता और राष्ट्रसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। यह फिल्म उन असंख्य लोगों के त्याग, साहस और समर्पण को रेखांकित करती है जो विपरीत परिस्थितियों में भी राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए निरंतर कार्य करते हैं।
उन्होंने फिल्म के निर्माता एवं उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी प्रेरणादायी फिल्में युवाओं को कर्तव्य और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे सभी समाज में सेवा एवं सहयोग के लिए आगे बढ़े।
इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए नर्सेज को सम्मानित भी किया गया।
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13/06/26 |सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित है हमारी सरकार-पशुपालन मंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 13 जून, जयपुर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण को समर्पित है। इसके कार्यकाल के गौरवपूर्ण 12 वर्ष विश्व में भारत की शान और महत्व बढ़ाने वाले साबित हुए हैं।
पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत पाली जिले के सुमेरपुर में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए निर्माणाधीन आधुनिक स्टेडियम का निरीक्षण करने के बाद यह बात कही। उन्होंने अधिकारियों को खेल मैदान के बीचो-बीच गुजर रही विद्युत लाइन को हटाने, पानी की निकासी के लिए पाइपलाइन डलवाने के निर्देश दिए। श्री कुमावत ने सुमेरपुर-जवाई बांध के मध्य बन रहे नए पुल के निर्माण कार्य की प्रगति देखी। उन्होंने कहा कि इस पुल के बनने से स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।
जोराराम कुमावत ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत सुमेरपुर में पौधारोपण किया। उन्होंने आमजन से प्रकृति को सुरक्षित रखने के लिए कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की। सुमेरपुर के जाखामाता औद्योगिक क्षेत्र में जाखामाता औद्योगिक विकास समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं क्षेत्र के उद्यमियों से भेंट कर क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, उद्योगों के विस्तार, रोजगार के नए अवसरों के सृजन तथा औद्योगिक इकाइयों के संचालन में आ रही व्यावहारिक समस्याओं के संबंध में विचार-विमर्श किया। उद्यमियों द्वारा अवगत कराए मुद्दों पर संबंधित अधिकारियों को उनके समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जोराराम कुमावत ने सुमेरपुर स्थित अपने आवास पर जनसुनवाई में आमजन की बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं सुनकर कई समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया और शेष मामलों के त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को फोन पर निर्देश दिए। इस दौरान अनोप सिंह राठौड़, पूनम सिंह परमार, रविकांत रावल, पूर्व चैयरमैन फूलाराम सुथार, गणेश भाटी, ट्रक यूनियन अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह परमार, तखतसिंह, नीलकंठ महादेव ट्रस्ट अध्यक्ष भवानी सिंह राठौड़, जाखानगर इंडस्ट्री के नारायणलाल कुमावत, अनगौर इंडस्ट्रीज के देवीप्रसाद लाखोटिया भी उपस्थित रहे।
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11/06/26 |वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से औद्योगिक विकास फास्ट्रैक पर : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 11 जून, जयपुर।
वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) के माध्यम से देश-प्रदेश में औद्योगिक विकास तेजी से फास्ट्रेक पर दौड़ रहा है। इस कॉरिडोर से रेल आधारित लॉजिस्टिक्स अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण और आपूर्ति श्रृंखला की विश्वसनीयता में बड़ा सुधार आ रहा है। कॉरिडोर में विशेषकर रेल-पर-ट्रक की सेवा से माल का आवागमन अधिक तेज और सुगम बना है। यह कॉरिडोर राजस्थान में आर्थिक विकास को गति देने एवं रोजगार बढ़ाने के साथ-साथ शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ा सामाजिक बदलाव लाने को तैयार है।
जवाहर लाल नेहरू पोर्ट टर्मिनल (जेएनपीटी) से दादरी तक फैले इस वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की लम्बाई 1 हजार 506 किमी. एवं लागत 1 लाख 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। कॉरिडोर का लगभग 39 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान से होकर गुजरता है। यह कॉरिडोर राजस्थान को भारत के उत्तरी एवं पश्चिमी बाजारों तक बेहतर संपर्क प्रदान करता है। कॉरिडोर के अंतर्गत जेएनपीटी से न्यू सफाले (वेतरणा) सेक्शन पर हाल ही में सफलतापूर्वक ट्रायल रन हो चुका है। इसके साथ ही, इस कॉरिडोर का काम पूर्ण हो चुका है। वहीं, कई सेक्शन में माल परिवहन पहले से ही प्रारंभ है।
अजमेर में 1.5 मिलियन टन क्षमता का कार्गो टर्मिनल शुरू-
यह कॉरिडोर राजस्थान के सीकर, रींगस, फुलेरा, ब्यावर, सिरोही से होकर गुजर रहा है। जिससे इन जिलों के साथ-साथ अन्य स्थानों के उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी। हाल ही में अजमेर के सराधना में नए गतिशक्ति मल्टी मॉडल कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन हुआ है। इस टर्मिनल में आधुनिक कार्गो हैंडलिंग अवसंरचना, वेयरहाउसिंग सुविधाएं तथा निर्बाध मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई गई है, जिससे उद्योगों एवं व्यापारियों के लिए माल परिवहन अधिक तेज, सुरक्षित एवं किफायती होगा। यह टर्मिनल प्रति माह लगभग 40 रेक (लगभग 1.5 मिलियन टन प्रति वर्ष) कार्गो हैंडल करने में सक्षम होगा, जिसमें मार्बल, ग्रेनाइट, खनिज तथा अन्य वस्तुएं शामिल हैं। यानि किशनगढ़ के मार्बल को कॉरिडोर के उच्च गति माल परिवहन नेटवर्क के माध्यम से जेएनपीटी, पीपावाव एवं मुंद्रा बंदरगाहों तक पहुंचाया जाएगा। इससे लोकल फॉर ग्लोबल का संकल्प साकार होगा।
ट्रेन की लम्बाई लगभग दोगुनी, रफ्तार 2.5 गुना से अधिक-
यह कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स अवसंरचना को सुदृढ़ करने के साथ ही माल परिवहन को तेजी से बढ़ाने की दीर्घकालिक पहल है। सामान्य कॉरिडोर की तुलना में 66 प्रतिशत वृद्धि के साथ इस कॉरिडोर की ऊंचाई 7.1 मीटर और 14 प्रतिशत वृद्धि के साथ चौड़ाई 3,660 एमएम रखी गई है। ट्रेन की लम्बाई 1500 मीटर है, जबकि सामान्य कॉरिडोर में 700 मीटर ही होती है। वहीं, डबल कन्टेनर स्टेक और 2.4 प्रतिशत ट्रेन लोड की क्षमता भी इस कॉरिडोर में उपलब्ध है। इस कॉरिडोर में ट्रेन की रफ्तार भी औसतन 25 किमी. से बढ़ाकर 65 किमी. प्रति घण्टे की गई है।
रेल-पर-ट्रक की सुविधा, डीजल की खपत कम-
डब्ल्यूडीएफसी की सबसे बड़ी विशेषता रेल-पर-ट्रक (टीओटी) सेवा है। यह रेलवे की दीर्घकालिक माल परिवहन परिवर्तन रणनीति के हिस्सा के रूप में बनाई गई है, जो बहु-मॉडल लॉजिस्टिक्स को सक्षम बनाता है। इस सेवा के तहत माल से लदे ट्रकों को विशेष रूप से संशोधित फ्लैट वैगनों पर समर्पित माल ढुलाई गलियारा के माध्यम से ले जाया जाता है। यह रेल-पर-ट्रक सेवा राजमार्गों की भीड़भाड़ को कम करने, आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने और राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स लागतों को अनुकूलित करने में मदद करती है। इससे डीजल की खपत घटती है और सड़क अवसंरचना की क्षति में कमी आती है।
टीओटी सेवा किसानों और उद्यमियों के लिए लाभकारी है। यह उन्हें अपनी फसलों और उत्पादों का तेजी से परिवहन करने की सुविधा प्रदान करती है। जैसे सीकर के प्याज को खेतों से नजदीकी टीओटी टर्मिनलों तक ले जाया जा सकता है, इसे समर्पित माल ढुलाई गलियारे के माध्यम से तेजी से स्थानांतरित किया जा सकता है, और सड़क मार्ग से दूर के उपभोक्ता केंद्रों तक न्यूनतम रख-रखाव और समय हानि के साथ पहुंचाया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसमें पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के अंतर्गत दादरी से जीएनपीटी एवं पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तहत लुधियाना से डंकुनी तक जोड़ा गया है। यह परियोजना देश का लगभग 70 प्रतिशत माल परिवहन करने के उद्देश्य से बनाई गई है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के दोनों तरफ 150 किलोमीटर का प्रभाव क्षेत्र दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रीयल कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत खुशखेड़ा-भिवाड़ी-नीमराना निवेश क्षेत्र और जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं।
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11/06/26 |राजस्थान पुलिस का बड़ा प्रहार, ट्रैफिक स्ट्राइक में शिकंजे में आने वालों का आंकड़ा 50 हजार पार
एन.एस.बाछल, 11 जून, जयपुर।
सड़क सुरक्षा को लेकर राजस्थान पुलिस का विशेष अभियान अब सख्ती के चरण में पहुंच गया है। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी अभियान के तहत मात्र 6 दिनों में 50,174 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अवैध ब्लैक फिल्म, नियम विरुद्ध नंबर प्लेट, अनधिकृत लेखन, मॉडिफिकेशन और हूटर-फ्लैशर लगाने वालों पर पुलिस ने कड़ा शिकंजा कसते हुए छठे दिन रिकॉर्ड 10,825 चालान बनाए। राजस्थान पुलिस की ‘पहले समझाइश, फिर सख्ती’ नीति के तहत यह अभियान सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में लगातार प्रभावी साबित हो रहा है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात डॉ. बी.एल. मीणा ने बताया कि डीजी ट्रैफिक श्री अनिल पालीवाल के पर्यवेक्षण में अभियान संचालित है। अभियान 4 जून से शुरू हुआ था, जिसमें अब तक वाहनों के शीशों पर अवैध काली फिल्म लगाने के मामलों में सर्वाधिक 19 हजार 694 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई दर्ज की गई।
इसके साथ ही, नियम विरुद्ध नंबर प्लेट एवं पंजीयन चिन्ह प्रदर्शित करने वाले 13 हजार 46 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई है। वाहनों पर अनाधिकृत शब्द, पदनाम, प्रतीक एवं अन्य लेखन प्रदर्शित करने के 6 हजार 791 मामलों में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की हैं। वहीं 4 हजार 757 वाहनों में अवैध बॉडी अथवा चेसिस मॉडिफिकेशन पाए जाने पर वाहन चालकों के विरुद्ध प्रवर्तन किया गया।
अभियान के दौरान अवैध लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट एवं हूटर का उपयोग करने वाले 3 हजार 244 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। साथ ही, प्रेशर हॉर्न एवं एयर हॉर्न का उपयोग करने वाले 2 हजार 642 वाहन चालकों को भी नियमों के उल्लंघन पर दंडित किया गया है।
- छठे दिन सर्वाधिक मामले दर्ज
अभियान में छठे दिन सर्वाधिक 10 हजार 825 वाहनों पर सख्त कार्रवाई करते हुए चालान बनाए गए। इस दिन 4 हजार 220 वाहनों से ब्लैक फिल्म हटवाई गई। नियम विरुद्ध नंबर प्लेट वाले 2 हजार 449 वाहनों और 1 हजार 784 वाहनों पर अनाधिकृत लेखन पाए जाने पर नियमानुसार प्रवर्तन किया गया। प्रेशर व एयर हॉर्न पर 571, अनाधिकृत लाल, नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट एवं हूटर के लिए 763 वाहनों पर कार्रवाईयां की गई हैं।
अभियान के प्रथम दिन 4 जून को 4716, 5 जून को 7300, 6 जून को 9362, 7 जून को 9523, 8 जून को 8448 और छठे दिन 9 जून को 10825 कार्रवाई की गई।
सड़क सुरक्षा में 'पहले समझाइश फिर सख्ती'—
उल्लेखनीय है कि राजस्थान पुलिस सड़क सुरक्षा की दिशा में 'पहले समझाइश, फिर सख्ती' की नीति के अनुरूप आगे बढ़ रही है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। डॉ. मीणा ने बताया कि सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने एवं दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रवर्तन एवं जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही है। उन्होंने वाहन चालकों से यातायात नियमों की पालना करने के लिए अपील की है।
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11/06/26 |ऑनलाइन जनसुनवाई बनी ग्रामीणों के लिए राहत का माध्यम, शिक्षा मंत्री की अभिनव पहल : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 11 जून, जयपुर।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की पहल पर आयोजित विशेष ऑनलाइन जनसुनवाई ग्रामीणों के लिए राहत का प्रभावी मंच बनकर सामने आई। कोटा कलेक्ट्रेट स्थित डीओआईटी केंद्र से इस जनसुनवाई के माध्यम से प्रदेश की सात चयनित ग्राम पंचायतों के लोगों ने सीधे मंत्री से संवाद कर अपनी समस्याएं रखीं और त्वरित समाधान प्राप्त किया।
वीसी के जरिए ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए मदन दिलावर ने संबंधित अधिकारियों को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ उनका निस्तारण करने के निर्देश दिए। कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर परिवादियों को तत्काल राहत प्रदान की गई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे शिकायतों के निस्तारण के लिए स्वयं मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें और समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें।
जनसुनवाई के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र लाभार्थियों को लाभ दिलाने के निर्देश दिए तथा वृद्धावस्था पेंशन के प्रकरणों का भी तत्काल निस्तारण किया। डूंगरपुर जिले की सीमलवाड़ा ग्राम पंचायत में सड़क के दोनों ओर उगी झाड़ियों को हटाने के निर्देश देकर आमजन को राहत दिलाई गई।
मदन दिलावर ने महिला, बुजुर्ग और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उनकी यह संवेदनशील कार्यशैली आमजन के प्रति सरकार की जवाबदेही और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यह विशेष ऑनलाइन जनसुनवाई ग्रामीण क्षेत्रों तक सुशासन और त्वरित प्रशासनिक सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक अभिनव एवं सराहनीय पहल साबित हुई है। इससे न केवल आमजन का समय और संसाधनों की बचत हुई बल्कि उन्हें अपने गांव से ही सीधे मंत्री के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर भी मिला।
जनसुनवाई में राजसमंद जिले की पिपलात्री, बारां जिले की कवाई, बीकानेर जिले की पांचू, चित्तौड़गढ़ जिले की मंडफिया, पाली जिले की सिंगरी, जयपुर जिले की दहमी कलां तथा डूंगरपुर जिले की सीमलवाड़ा ग्राम पंचायतें शामिल रहीं।
जनसुनवाई में संबंधित जिलों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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11/06/26 |संसदीय कार्य मंत्री ने जोधपुर के विभिन्न गांवों का दौरा कर पेयजल व्यवस्थाओं का लिया जायज़ा
एन.एस.बाछल, 11 जून, जयपुर।
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने जोधपुर जिले के लूणी विधानसभा क्षेत्र में पाल, डोली, सालावास, लूणी और सरेचा गांवों का दौरा कर आमजन से पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का फीडबैक लिया।
जोगाराम पटेल ने कहा क्षेत्र में समुचित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के मौसम में आमजन को पेयजल की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। पाईपलाईन के अंतिम छोर पर स्थित गांव—ढाणी तक आवश्यकता अनुरूप जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
संबंधित अधिकारी पेयजल व्यवस्था की कर रहे नियमित मॉनिटरिंग—
विधि मंत्री ने कहा कि समस्या वाले दूरस्थ गांवों एवं ढाणियों तक नियमित रूप से टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। संबंधित अधिकारी फील्ड में सक्रिय रहकर टैंकर संचालन एवं जल वितरण व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से टैंकर की सूचना, फोटो और वीडियो भेजी जाती है, जिससे टैंकर संचालन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है।
परम्परागत जल स्रोतों का संरक्षण जरूरी—
जोगाराम पटेल ने कहा पानी की चोरी रोकने और अवैध पेयजल कनेक्शन काटने पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। स्थाई समाधान के लिए परम्परागत जल स्रोतों का संरक्षण जरूरी है। उन्होंने कहा कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान, कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान और मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के माध्यम से नवीन जल संरचनाओं का निर्माण और परम्परागत जल स्रोतों का पुनरुद्धार भी किया जा रहा है।
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11/06/26 |निर्जला एकादशी पर जयपुर नगर निगम का ‘अमृत सेवा अभियान’ सेवा और जनभागीदारी का बनेगा महाउत्सव
एन.एस.बाछल, 11 जून, जयपुर।
भीषण गर्मी के बीच आमजन को राहत पहुंचाने तथा सेवा एवं जनकल्याण की भावना को सशक्त करने के उद्देश्य से जयपुर नगर निगम निर्जला एकादशी के अवसर पर 25 जून को ‘अमृत सेवा अभियान’ चलाने जा रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जनकल्याण, सेवा और नागरिक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सोच से प्रेरित यह अभियान शहरभर में सेवा, संवेदना और सामाजिक सहभागिता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करेगा। अभियान के तहत विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, स्वयंसेवी संगठनों एवं नागरिकों के सहयोग से शहर के विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविर स्थापित किए जाएंगे, जहां राहगीरों एवं जरूरतमंद लोगों को शीतल पेयजल, शरबत, जूस, छाछ एवं फलाहार वितरित किया जाएगा।
नगर निगम का उद्देश्य निर्जला एकादशी को केवल आस्था के पर्व तक सीमित न रखते हुए उसे सेवा, जनभागीदारी एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के उत्सव के रूप में स्थापित करना है। इसी कड़ी में अधिक से अधिक नागरिकों, संस्थाओं एवं संगठनों को अभियान से जोड़ने के लिए विशेष पंजीकरण व्यवस्था की गई है।
नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश कसेरा ने बताया कि आयोजन में भागदारी व सहयोग के इच्छुक नागरिक, सामाजिक संस्थाएं, व्यापारिक प्रतिष्ठान एवं स्वयंसेवी संगठन http://www.amritseva.in पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इसके साथ ही नगर निगम द्वारा जारी QR कोड स्कैन कर भी आसानी से पंजीकरण कराया जा सकता है। पंजीकरण एवं आवंटन के उपरांत नगर निगम द्वारा कैनोपी, कुर्सियां, टेबल, पंखे, फ्रंट ब्रांडिंग बैनर तथा सामान्य स्वच्छता संबंधी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
जयपुर नगर निगम ने शहरवासियों, सामाजिक संगठनों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों से इस पुनीत अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है ताकि निर्जला एकादशी के अवसर पर सेवा, सहयोग और मानवता का यह महाअभियान अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके तथा जरूरतमंदों को राहत प्रदान की जा सके। नगर निगम का यह प्रयास न केवल जनसेवा की भावना को सशक्त करेगा, बल्कि समाज में सहयोग, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व की संस्कृति को भी नई मजबूती प्रदान करेगा
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10/06/26 |पीएम कुसुम योजना-ऊर्जादाताओं को मिलेंगे 531 करोड़,सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने वाले वाले 553 ऊर्जादाताओं के लिए केन्द्रीय वित्तीय सहायता मंजूर
एन.एस.बाछल, 10 जून, जयपुर।
पीएम-कुसम योजना के कम्पोनेंट-सी में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर देश की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहे प्रदेश के 553 ऊर्जादाताओं के लिए भारत सरकार ने 531 करोड़ रूपए की केन्द्रीय वित्तीय सहायता (सीएफए) मंजूर की है। इस राशि का भुगतान अजमेर एवं जोधपुर विद्युत वितरण निगम द्वारा शीघ्र ही संबंधित ऊर्जादाताओं के बैंक खातों में किया जाएगा।
केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने इसके अन्तर्गत 429 मेगावाट के संयंत्र लगाने वाले जोधपुर विद्युत वितरण निगम के 432 ऊर्जादाताओं को 379.41 करोड़ रूपए तथा 169 मेगावाट क्षमता के प्लांट लगाने वाले अजमेर डिस्कॉम के 121 सौर ऊर्जा उत्पादकों के लिए 151.21 करोड़ रूपए की सहायता स्वीकृत की है।
अब तक 1012 करोड़ के क्लेम प्रस्तुत—
उल्लेखनीय है कि राजस्थान डिस्कॉम्स द्वारा केन्द्रीय वित्तीय सहायता के क्लेम जल्द प्रस्तुत करने के लिए सौर ऊर्जा उत्पादकों को पूर्ण सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इसका परिणाम है कि सौर ऊर्जा उत्पादकों को लगातार केन्द्रीय वित्तीय सहायता मिल रही है। अब तक जयपुर, जोधपुर एवं अजमेर विद्युत वितरण निगमों द्वारा कुल 1012 करोड़ रूपए की केन्द्रीय वित्तीय सहायता के क्लेम केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के समक्ष प्रस्तुत किए जा चुके हैं। जिनमें से 720 सौर ऊर्जा उत्पादकों के लिए भारत सरकार से 670 करोड़ रूपए की केन्द्रीय वित्तीय सहायता प्राप्त हो चुकी है।
योजना के घटक-सी में सब स्टेशन से 5 किमी के दायरे में अनुपजाऊ भूमि पर 5 मेगावाट तक के विकेन्द्रित सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाते हैं। प्लांट लगाकर सम्पूर्ण कृषि फीडर का सौरीकरण करने वाले सौर ऊर्जा उत्पादकों को भारत सरकार संयंत्र की लागत एवं क्षमता के आधार पर 30 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान करती है। इसके लिए अधिकतम सहायता 1.05 करोड़ रूपए प्रति मेगावाट निर्धारित है।
कम्पोनेंट-सी में 3371 मेगावाट की परियोजनाएं स्थापित—
प्रदेश में कम्पोनेंट-सी के अन्तर्गत 3371 मेगावाट क्षमता की 1312 परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। इनमें जोधपुर डिस्कॉम में 2647 मेगावाट, अजमेर डिस्कॉम में 373 मेगावाट तथा जयपुर डिस्कॉम में 352 के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए हैं। इस कम्पोनेंट में राजस्थान देश में तीसरे स्थान पर है।
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10/06/26 |यातायात नियमों का मखौल उड़ाने वालों पर राजस्थान पुलिस का बड़ा एक्शन
एन.एस.बाछल, 10 जून, जयपुर।
महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेशभर में चलाए जा रहे विशेष यातायात एवं कानून पालन अभियान के तहत राजस्थान पुलिस ने आठवें दिन व्यापक कार्रवाई करते हुए 8,448 वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की। अभियान का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करना तथा आमजन में जिम्मेदार वाहन संचालन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
डीजी ट्रैफिक अनिल पालीवाल के पर्यवेक्षण में चल रहे अभियान के बारे में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात डॉ बी एल मीणा ने बताया कि अभियान के दौरान पुलिस ने वाहनों में अवैध संरचनात्मक परिवर्तन, अनधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर एवं स्ट्रोब लाइट, प्रेशर हॉर्न, काली फिल्म, वाहनों पर अनधिकृत शब्द एवं चिन्ह तथा नियम विरुद्ध नम्बर प्लेट लगाने जैसे उल्लंघनों पर विशेष कार्रवाई की।
ब्लैक फिल्म और वीआईपी स्टाइल नंबर प्लेट का सबसे ज्यादा क्रेज
आंकड़ों के विश्लेषण से साफ है कि प्रदेश में लोग सबसे ज्यादा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं।
पूरे राज्य में सबसे ज्यादा 3,264 कार्रवाई वाहनों के शीशे पर लगी काली फिल्म के खिलाफ की गई।
नियम विरुद्ध और वीआईपी स्टाइल में नंबर प्लेट लगाने वाले 2,079 वाहन चालक पुलिस के हत्थे चढ़े।
अपनी गाड़ियों पर अवैध रूप से पद, जाति या अनाधिकृत शब्द लिखने वाले 1,204 लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
बिना अनुमति के गाड़ी की चेसिस या बॉडी को मॉडिफाई कराने वाले 861 वाहनों पर भी डंडा चला है।
बत्तीबाज़ों और प्रेशर हॉर्न पर भी कड़ा प्रहार
सड़कों पर बेवजह रौब झाड़ने और शोर मचाने वालों को भी पुलिस ने नहीं बख्शा। राज्यभर में 544 ऐसे मामले सामने आए जहां गाड़ियों पर अनाधिकृत रूप से लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर या हूटर लगे हुए थे। वहीं, ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले 496 प्रेशर हॉर्न और एयर हॉर्न के खिलाफ भी पुलिस ने सख्त एक्शन लिया है। पटाखे की ध्वनि करती बुलेट गाड़ियों के विरुद्ध भी कार्यवाही की जा रही है।
अभियान में कोटा शहर सर्वाधिक 572 कार्रवाइयों के साथ प्रथम स्थान पर रहा, जबकि अजमेर में 416, बाड़मेर में 340, चित्तौड़गढ़ में 311 तथा भरतपुर में 309 कार्रवाइयाँ दर्ज की गईं। वहीं भीलवाड़ा में 281, झुंझुनूं में 257, जयपुर ग्रामीण में 247 तथा उदयपुर में 215 कार्रवाई कर नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए गए।
जयपुर यातायात पुलिस ने भी अभियान में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 320 मामलों में कार्रवाई की, जबकि जोधपुर ट्रैफिक पुलिस ने 180 और जयपुर ग्रामीण पुलिस ने 247 मामलों में नियम उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की।
महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने सभी पुलिस इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान निरंतर जारी रखे जाएं। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी भी है। राजस्थान पुलिस का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता बढ़ाकर सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था स्थापित करना है।
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09/06/26 |विद्यार्थियों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में अहम भूमिका निभा रहा 'शाला संवाद' : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 09 जून, जयपुर।
डिजिटल युग में शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा विकसित शाला दर्पण पोर्टल विद्यार्थियों के लिए एक समग्र शैक्षणिक मंच के रूप में स्थापित हो चुका है। विशेष रूप से पोर्टल का 'स्कूल - शाला संवाद' सेक्शन विद्यार्थियों के लिए ज्ञान का भंडार साबित हो रहा है, जहां कक्षा 1 से 12 तक के लिए विविध और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई है।
इसमें विद्यार्थियों को न केवल अध्ययन सामग्री का भंडार मिलता है, साथ ही विषयवार वीडियो लेक्चर, एनसीईआरटी और आरबीएसई पाठ्यक्रम आधारित ई-कॉन्टेंट, विस्तृत प्रश्न बैंक, दूरदर्शन द्वारा प्रसारित शैक्षणिक कार्यक्रमों की सामग्री और ई-पत्रिकाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। यह सामग्री विद्यार्थियों को कठिन विषयों को सरल तरीके से समझने में मदद करती है और परीक्षा की तैयारी को अधिक व्यवस्थित बनाती है। छात्र लॉगिन करके इस पठन एवं डिजिटल सामग्री को प्राप्त कर सकते हैं।
शाला दर्पण पोर्टल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल पाठ्य सामग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रदान करता है। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में आसानी होती है।
इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म है 'टॉक टू टीचर'
इसके अलावा, 'टॉक टू टीचर' सुविधा विद्यार्थियों के लिए एक इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य कर रही है। इस सुविधा के माध्यम से छात्र-छात्राएं सीधे अपने शिक्षकों से जुड़ सकते हैं और पढ़ाई से संबंधित समस्याओं, शंकाओं या कठिनाइयों का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। यह पहल खासतौर पर उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है, जो किसी कारणवश कक्षा में अपनी शंकाएं स्पष्ट नहीं कर पाते।
ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए शाला दर्पण पोर्टल किसी वरदान से कम नहीं है। इंटरनेट के माध्यम से उन्हें शहरों के समान गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे शिक्षा में समानता को बढ़ावा मिल रहा है।
शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर पोर्टल को अपडेट किया जाता है, ताकि विद्यार्थियों को नवीनतम और प्रासंगिक सामग्री मिलती रहे। साथ ही, शिक्षकों को भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल शिक्षण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक आधुनिक और प्रभावी बन सके।
शाला दर्पण पोर्टल न केवल विद्यार्थियों के लिए बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संसाधन बन गया है। यह पारदर्शिता, संवाद और गुणवत्ता युक्त शिक्षा को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम है।
राजस्थान शिक्षा विभाग का यह नवाचार शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राज्य के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
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09/06/26 |बिजली निगमों में कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए लागू करें एकीकृत ईआरपी प्रणाली-ऊर्जा मंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 09 जून, जयपुर।
प्रदेश के बिजली निगमों की कार्यप्रणाली को पारदर्शी तथा अधिक कार्यकुशल बनाने के लिए ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) प्रणाली लागू की जाएगी। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने इस पर आधारित एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने के निर्देश दिए हैं। हीरालाल नागर ने कहा कि ऊर्जा विकास एवं आईटी सर्विसेज निगम लिमिटेड इस संबंध में आवश्यक सभी संभावनाओं को अमल में लाए जिससे कि सभी बिजली निगम इस पर काम कर सकें।
हीरालाल नागर विद्युत भवन में जयपुर, जोधपुर एवं अजमेर विद्युत वितरण निगम तथा ऊर्जा विकास एवं आईटी सर्विसेज निगम से जुड़े सूचना प्रौद्योगिकी विषयों पर समीक्षा कर रहे थे।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि एकीकृत डिजिटल टूल विकसित करने से निर्णय लेने की प्रक्रिया त्वरित एवं सुगम होगी। इससे मितव्ययता और पारदर्शिता आएगी। विशेषकर मानव संसाधन, वित्त, लेखा, खरीद तथा परिसंपत्तियों के प्रबंधन जैसे विषयों को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया जा सकेगा। इससे उपभोक्ता सेवाओं को बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी। बिलिंग, शिकायत निवारण जैसी प्रक्रियाओं की ट्रेकिंग आसान होगी।
1.95 करोड़ विद्युत उपभोक्ताओं को त्वरित एवं सुगम डिजिटल सेवाओं का लाभ—
इससे दौरान शासन सचिव ऊर्जा तथा चेयरमैन डिस्कॉम्स आरती डोगरा ने बताया कि वितरण निगम प्रदेश में 1 करोड़ 95 लाख से अधिक विद्युत उपभोक्ताओं (पीडीसी सहित) को डिजिटल माध्यम से सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
एकीकृत एप्लीकेशन एवं वेब पोर्टल बिजली मित्र से कनेक्शन, भुगतान, टैरिफ, शिकायत निवारण, आवेदन को ट्रेक करने जैसी सेवाएं उपभोक्ताओं को सुगम एवं त्वरित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं एकीकृत बिजली प्रबंध मैनेजमेंट पोर्टल एवं एप के जरिए साइट वेरीफिकेशन, एस्टीमेट तैयार करने, विजिलेंस, पीडीसी वेरीफिकेशन, मीटर टेस्टिंग, जीएसएस मॉनीटरिंग आदि से निगम की कार्यप्रणाली में सुगमता एवं पारदर्शिता आई है।
ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध निदेशक शिवप्रसाद नकाते ने ऊर्जा विकास निगम के आईटी आधारित कार्यों के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया।
इस अवसर पर ऊर्जा विभाग के सलाहकार नवीन अरोड़ा, अजमेर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक केपी वर्मा, तीनों विद्युत वितरण निगमों के निदेशक तकनीकी, अति. मुख्य अभियंता आईटी आदि मौजूद रहे।
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09/06/26 |योग दिवस का आयोजन प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साईट्स पर भी हो —मुख्य सचिव राजस्थान
एन.एस.बाछल, 09 जून, जयपुर।
12वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून (Yoga for Healthy Ageing) थीम पर राज्य में प्रत्येक जिले, ब्लॉक, ग्राम पंचायत सभी निजी एवं राजकीय शिक्षण संस्थानों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर प्रातः 6 से 8 बजे तक आयोजित किया जायेगा। इस आयोजन को गतवर्ष की भांति इस वर्ष भी सफलतम बनाने के लिए विभिन्न विभागों के सहयोग एवं सहभागिता के लिए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को शासन सचिवालय में बैठक ली। जिसमें संबंधित विभागों के सचिवगण और सभी जिला कलेक्टर्स वीसी के माध्यम से उपस्थित रहें।
बैठक में मुख्य सचिव ने योग दिवस के व्यापक आयोजन एवं योग संगम पोर्टल https://yoga.ayush.gov.in/yoga-sangam पर अधिक से अधिक पंजीकरण के साथ पूर्ण सहभागिता के संबंध में सभी विभागों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने हेतु निर्देश दिये। साथ ही, उक्त आयोजन के लिए 21 जून को सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों व महाविद्यालयों को खोले जाने, सभी चिकित्सा व नर्सिंग महाविद्यालयों में योग का आयोजन करने के साथ ही सभी कारागृहों, पुलिस थानों पर भी आयोजन करने एवं योग संगम पर पंजीकरण कराने व योग के उपरान्त प्रतिभागियों की संख्या एवं फोटो अपलोड करने के निर्देश प्रदान किये ।
मुख्य सचिव ने प्रत्येक जिले में प्रमुख पर्यटन स्थलों एवं राज्य में यूनेस्को द्वारा निर्धारित वर्ल्ड हेरिटेज साईट्स पर योग दिवस पर आयोजन किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में अधिक से अधिक स्थानीय आमजनों को सम्मिलित होने के लिए प्रेरित करें।
उक्त आयोजन के दिन ही NEET की परीक्षा होने से इस परीक्षा को सफल एवं सुरक्षित आयोजित किये जाने के संबंध में एहतियात के साथ आयोजन किये जाने हेतु भी कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया। साथ ही, सभी सहभागी विभागों एवं जिला कलेक्टरों को योग दिवस के आयोजन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये जाने एवं समन्वय हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किये जाने के संबंध में निर्देशित किया गया एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भावना को ध्यान में रखते हुए व्यापक आयोजन एवं गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी योग दिवस के आयोजन में देश में अग्रणी रहने के संबंध में निर्देशित किया गया।
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08/06/26 |नकली बीज प्रकरण में एसीबी की बड़ी कार्रवाई : राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक सहित, एक गिरफ्तार, पांच हिरासत में
एन.एस.बाछल, 08 जून, जयपुर।
राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के कृषकों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने कि मंशा के अनुरुप कार्य करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा की गई आज कि कार्रवाई खाद्य सुरक्षा से सीधे जुडी हुई हैं।
राजस्थान के कृषकों के लिए उन्नत एवं गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता एवं हमारे जीवन के लिए जरूरी खाद्य सामग्री आदि से जुड़ा हुआ प्रकरण होने के कारण राज्य सरकार द्वारा खराब बीज के गोदाम आदि पर विगत दिवसों में छापे आदि की कार्यवाही की गई,गोदाम को सील आदि किया गया,ऐसे खराब बीजों की बिक्री पर लोग रोक लगाई गई एवं खराब बीजों की प्रयोगशाला में परीक्षण आदि की कार्यवाही की गई।
इसी क्रम में किरण कपाड़िया की कंपनी गजराज ब्रांड के मूंगफली के बीजों के संदर्भ में भी उपरोक्त कार्रवाई की गई थी। इनके गोदाम को सील कर इनके बीजों की बिक्री पर रोक लगाई गई एवं लिए गए सैंपलों के परीक्षण आदि की कार्यवाही की गई।
किरण कपाड़िया से उनके गोदाम के बीज वापस गुजरात ले जाने एवं इस मामले को दबाने की व्यवस्था में लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपए जुगल किशोर, डायरेक्टर राजस्थान राज्य बीज निगम द्वारा प्राप्त किए एवं लगभग 60 लाख रुपए गणपत द्वारा प्राप्त किये गए।
एसीबी को सूत्र सुचना प्राप्त हुई कि आज सुबह जुगल किशोर द्वारा अपने भांजे स्वतंत्र बिश्नोई के माध्यम से इस राशि में से 90 लाख रुपए गंगानगर भिजवा रहा हैं। जिसपर ए सी बी टीम द्वारा संबंधित बस को लूणकरणसर में रुकवा कर तलाशी लेने पर 85 लाख रूपये राशि स्वतंत्र बिश्नोई से बरामद कर उसे लूणकरणसर में गिरफ्तार किया गया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, राजस्थान द्वारा किसानों को वितरित किए जाने वाले बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा बीज वितरण व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के संबंध में कार्रवाई करते हुए राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई, प्रोपराइटर किरण कापड़िया, गजराज ब्राण्ड (मूंगफली बीज), गणपत बिश्नोई, सुनील सेतीया तथा सतपाल को डिटेन कर पूछताछ की जा रही है। वहीं स्वतंत्र बिश्नोई को लूणकरणसर में नकद राशि सहित गिरफ्तार किया गया है।
एसीबी की टीम के द्वारा कार्रवाई करते हुए जुगल किशोर विश्नोई निदेशक राज्य बीज निगम के घर एवं बस कि सर्च के दौरान कुल 2 करोड़ 44 लाख रूपये कि राशि अभी तक प्राप्त हुई है।
प्रारंभिक अनुसंधान में यह तथ्य सामने आए हैं कि दिनांक 27 मई 2026 को किरण कापड़िया के मूंगफली बीज गोदाम पर की गई कार्रवाई के दौरान बीजों के नमूने एकत्रित किए गए थे तथा गजराज ब्राण्ड के बीजों के विक्रय पर रोक लगाई गई थी। अनुसंधान के दौरान यह संज्ञान में आया कि उक्त कार्रवाई को प्रभावित करने, प्रकरण को दबाने तथा गोदाम में रखे नकली बीजों को वापस गुजरात ले जाने की अनुमति दिलाने के एवं मदद करने कि एवज में बड़ी मात्रा में रिश्वत राशि का लेन-देन किया गया।इस कंपनी के संबंधित व्यक्तियों ने उनके विरुद्ध की गई कार्यवाही के संबंध में विभिन्न अधिकारी कर्मचारी एवं प्राइवेट व्यक्तियों से संपर्क कर अनुचित लाभ लिया जाना जैसे प्रयोगशाला में सैंपल पास करवाना बीजों की बिक्री पुन प्रारंभ करवाना आदि प्राप्त किए जाने का प्रयास किया जाना जानकारी में आया है।
उक्त प्रकरण में अग्रिम अनुसंधान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मुख्यालय में पद स्थापित वरिष्ठ अधिकारियों एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के उप महानिरीक्षक अजमेर के निकट पर्यवेक्षण में जारी है।
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08/06/26 |विश्वविद्यालय विद्यार्थियों में नैतिकता और सहनशीलता के गुण विकसित करे-राज्यपाल राजस्थान
एन.एस.बाछल, 08 जून, जयपुर।
राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने कहा कि अच्छी शिक्षा देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता कैसे बढ़े, इस पर भी विशेष रूप से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान विद्यार्थियों में नैतिकता और सहनशीलता के गुण विकसित करने पर विशेष ध्यान दे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के प्रकाश पुंज होते है। ज्ञान का पूरे समाज में प्रसार यहीं से होता है। इसलिए उन्हें उत्कृष्ट बनाने लिए सभी मिलकर कार्य करें।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे लोकभवन से महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के 23 वें स्थापना दिवस पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने स्वामी रामसुखदास जी महाराज का स्मरण करते हुए कहा कि वह विरले संत थे। उनके नाम पर विश्वविद्यालय में भवन निर्माण अच्छी पहल है। वह ऐसे संत थे जो प्रचार प्रसार से दूर रहते थे। उन्होंने कभी अपनी फोटो तक नहीं खिंचवाई। अपने चरण छूने से भी वह मना करते थे। ऐसे आदर्श संतों से प्रेरणा लेनी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि ऐसे ही एक महापुरुष गीता प्रेस के जरिए देश में संस्कृति और संस्कारों के प्रसार की अभूतपूर्व भूमिका निभाने वाले हनुमान प्रसाद पोद्दार जी थे। गोविंद वल्लभ पंत जी उन्हें भारत रत्न पुरस्कार देना चाहते थे और परन्तु उन्होंने लेने से मना कर दिया।
हरिभाऊ बागडे ने विश्वविद्यालय भवनों का नाम संत, महात्माओं के नाम पर किए जाने की सराहना की परंतु यह भी कहा कि जिन महापुरुषों, संतों के नाम पर भवनों के नाम रखे गये हैं, उनके बारे में संक्षिप्त और सार्थक परिचय पुस्तिका भी प्रकाशित हो ताकि नई पीढ़ी को उनके बारे में निरंतर जानकारी मिलती रहे। उन्होंने कहा कि बीकानेर में महाराजा गंगासिंह जी के समय खेजड़ी को काटने पर रोक का कानून बना था। राज्य सरकार ने भी खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून बनाया है। लोकभवन स्तर पर पिछले वर्ष सर्वपल्ली राधाकृष्ण आयुर्वेद विश्वविद्यालय में 300 से अधिक खेजड़ी के पेड़ लगाए गए। हमारा प्रयास है कि खेजड़ी का एक ऐसा पार्क विकसित किया जाए ताकि इस मरुभूमि के कल्पवृक्ष के बारे में जागरूकता का प्रसार हो। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की इस वृक्ष से इसीसे और निकटता होगी।
राज्यपाल ने गंग नहर निर्माण शताब्दी वर्ष पर जल संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पानी की बचत ही इसका निर्माण है। पानी बचाने के लिए जागरूकता का प्रसार होना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा राजस्थान के पारंपरिक पेड़ पौधों और जल संरक्षण से जुड़ी संस्कृति से जुड़ी किसी परियोजना पर कार्य करने की भी आवश्यकता जताई।
केंद्रीय विधि एवं कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का आदर्श केंद्र बने। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का जो संकल्प देश के प्रधानमंत्री की पहल पर लिया गया है, उसकी पूर्ति युवाओं के कंधों पर है। उन्होंने विश्वविद्यालयों में ज्ञान परंपरा के आलोक में भारतीय संस्कृति से जुड़े मूल्यों पर कार्य करने की आवश्यकता जताई।
उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि गंगनहर योजना के शताब्दी वर्ष पर जल संरक्षण के महती काम आरंभ हुए हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा में राजस्थान में किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी और कहा कि सरकार का प्रयास है कि उच्च शिक्षा गुणवत्ता और प्रसार में राजस्थान अग्रणी बने।
इससे पहले कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित ने विश्वविद्यालय गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया।
राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने विश्वविद्यालय में परीक्षा केंद्र, आचार्य तुलसी भवन, विज्ञान भवन, करणी भवन, कला भवन, रामसुखदास जी भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने राजस्थान नॉलेज कॉर्पोरेशन के साथ विश्वविद्यालय के हुए एमओयू के लिए बधाई दी और कहा कि इससे विद्यार्थियों को सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के नवीनतम ज्ञान, कौशल विकास का लाभ मिलेगा।
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08/06/26 |सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: राजस्थान सरकार की विशेष सोमनाथ यात्रा में वरिष्ठ नागरिकों ने किए सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दिव्य दर्शन
एन.एस.बाछल, 08 जून, जयपुर।
सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत राजस्थान सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत राजस्थान से गए 1008 वरिष्ठ नागरिक श्रद्धालुओं ने श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दिव्य-भव्य दर्शन किए।
सोमनाथ मंदिर दर्शन के दौरान श्रद्धालु संध्या आरती में सम्मिलित हुए तथा लाइट एंड साउंड शो का आनंद लिया। लाइट एंड साउंड शो में सोमनाथ महादेव मंदिर की पौराणिक और ऐतिहासिक गाथा का वर्णन किया गया।
शो में बताया गया कि भारत भूमि पर स्थित बारह ज्योतिर्लिंगों में सोमनाथ प्रथम ज्योतिर्लिंग है। इस मंदिर पर आतताइयों ने बार-बार आक्रमण किया, लूटा और खंडित किया किन्तु धर्मरक्षकों द्वारा इस मंदिर का बार-बार पुन: निर्माण करवाया गया। यह भारतीय संस्कृति है जो अटल, अमिट और अद्वितीय है। सोमनाथ मंदिर देश की इसी आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। कई बार मंदिर को तोड़ने और लूटने के बाद भी शक्ति, स्वाभिमान के साथ यह मंदिर पुनः स्थापित हुआ।
देश के स्वतंत्र होने पर तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रयासों से इस मंदिर का पुनः निर्माण करवाया गया। आतताइयों की तलवार ओमकार को हरा नहीं सकी। आस्था, विश्वास जीत गया। अरब सागर की छाती पर भारत की धर्म ध्वजा गौरव, मान-सम्मान और स्वाभिमान से आज भी लहरा रही है।
मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की पहल की है, जो हमारी सांस्कृतिक चेतना का महापर्व है।
इसी सांस्कृतिक चेतना को गुंजायमान करते हुए राजस्थान के एक हजार आठ वरिष्ठ नागरिक श्रद्धालुओं के गुजरात के वेरावल रेलवे स्टेशन पर 6 जून को आगमन पर गुजरात सरकार द्वारा भव्य स्वागत किया गया। वरिष्ठ नागरिकों को पुष्प-गुच्छ भेंट किए गए, स्वागत स्वरूप गुजराती लोक संस्कृति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वरिष्ठ नागरिकों में उत्साह और उमंग का संचार किया।
वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रियों को वेरावल से एसी बसों से गिर सोमनाथ स्थित थ्री स्टार होटल में ठहराया गया, जहाँ गुणवत्तापूर्ण रिफ्रेशमेंट, लंच और डिनर की समुचित व्यवस्था की गई।
राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग द्वारा गुजरात सरकार के सहयोग से संचालित इस यात्रा में शनिवार और रविवार को गिर सोमनाथ में गोलकधाम, राम मंदिर, बाणगंगा, भालका तीर्थ के दर्शन करवाए गए। इसी के साथ सोमनाथ स्वाभिमान पर्व गैलरी एवं हाट बाजार का भ्रमण भी करवाया गया। वरिष्ठ नागरिकों को सोमनाथ बीच दर्शन भी करवाए गए।
आगे का कार्यक्रम—
यात्रा प्रभारी आशुतोष गुप्ता ने बताया कि 5 जून को जयपुर से विशेष ट्रेन से वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रियों को वेरावल तक और एसी बसों से सोमनाथ लाया गया। 6 और 7 जून को सोमनाथ में विभिन्न धार्मिक स्थानों के दर्शन के पश्चात रविवार रात्रि 10 बजे वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्री विशेष ट्रेन से द्वारका एवं नागेश्वर धाम के दर्शन हेतु रवाना होंगे। वहाँ से 9 जून को विशेष ट्रेन से जयपुर वापसी होगी।
आशुतोष गुप्ता ने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य है अधिकाधिक वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा का लाभ दिया जाए। वरिष्ठ नागरिकों को धार्मिक तीर्थाटन करवाने के राजस्थान सरकार के संकल्प को देवस्थान विभाग द्वारा पूरा किया जा रहा है।
इसके लिए एसी ट्रेन, ठहरने, भोजन व परिवहन की समुचित व्यवस्था की गई है।
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08/06/26 |मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान जल आत्मनिर्भरता की ओर से तेजी से अग्रसर
एन.एस.बाछल, 08 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व एवं जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा ‘अपर हाई लेवल कैनाल परियोजना‘ को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए युद्धस्तर पर कार्य करवाए जा रहे हैं। वागड़ अंचल के किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर उभर रही इस परियोजना से जनजाति बहुल क्षेत्र में कृषि व्यवस्था एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
लगभग 2 हजार 500 करोड़ रुपए लागत की परियोजना से बांसवाड़ा जिले की 3 विधानसभा क्षेत्रों (बांसवाड़ा, बागीदौरा एवं कुशलगढ़) की 6 तहसीलों बांसवाड़ा, बागीदौरा, कुशलगढ़, सज्जनगढ़, आनंदपुरी एवं गांगड़तलाई के 338 गांवों की लगभग 42 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को लिफ्ट सिंचाई प्रणाली से जल उपलब्ध होगा। परियोजना से लगभग 3.5 लाख आबादी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होगी।
102 किमी मुख्य नहर लम्बाई, 22.50 किमी सुरंगें
परियोजना में आधुनिक इंजीनियरिंग टेक्नोलाॅजी से नहर नेटवर्क एवं विभिन्न संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना की कुल मुख्य नहर लंबाई 102 किलोमीटर है। इसमें 22.50 किलोमीटर लंबाई में सुरंगे/कट एंड कवर संरचनाएं, एक्वाडक्ट तथा नदी को पार करते हुए साइफन निर्मित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही लगभग 230 अन्य नहरी महत्वपूर्ण संरचनाए यथा सुपरपासेज, ड्रेनेज साइफन, रोड ब्रिज, एस्केप कम क्रॉस रेगुलेटर, हेड रेगुलेटर इत्यादि भी परियोजना में शामिल हैं।
प्रेशर प्रणाली आधारित कमांड क्षेत्र होगा विकसित
परियोजना के तहत अत्याधुनिक प्रेशर प्रणाली आधारित कमांड क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इससे खेत तक वैज्ञानिक एवं नियंत्रित सिंचाई स्काड़ा प्रणाली से सुनिश्चित हो सकेगी। सिंचित क्षेत्र में प्रत्येक 200 हेक्टेयर के ‘चक स्तर‘ पर लगभग 200 डिग्गियों का निर्माण प्रस्तावित है। मुख्य नहर प्रणाली से इन डिग्गियों तक पानी एमएस व डीआई पाइपलाइन पहुंचाया जाएगा। इसके बाद डिग्गियों से लगभग 5 हजार कि.मी. लंबाई का भूमिगत एचडीपीई पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिससे प्रेसराइज्ड इरिगेशन प्रणाली से खेतों तक पानी पहुंचेगा।
इस आधुनिक सिंचाई व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक लगभग 1.25 से 1.50 हेक्टेयर क्षेत्र पर हाइड्रेंट विकसित किए जाएंगे। इन हाइड्रेंट पॉइंट्स तक भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क बिछेगा, जहां से किसान सीधे सिंचाई के लिए जल प्राप्त कर सकेंगे। इस प्रणाली से खेत स्तर तक समान जल वितरण, न्यूनतम जल हानि तथा अधिक दक्ष सिंचाई सुनिश्चित होगी। आधुनिक माइक्रो एवं प्रेसराइज्ड इरिगेशन प्रणाली के जरिए कम पानी में अधिक क्षेत्र की सिंचाई संभव हो सकेगी। किसानों को निरंतर बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
स्काडा प्रणाली से ऑटोमाइज होगी माॅनिटरिंगपरियोजना में अत्याधुनिक स्काड़ा (पर्यवेक्षक नियंत्रण और डेटा अधिग्रहण) प्रणाली भी विकसित की जा रही है। इससे सम्पूर्ण प्रेशर प्रणाली आधारित तंत्र का संचालन एवं मॉनिटरिंग पूर्णतः ऑटोमाइज्ड होगी। इस प्रणाली से जल वितरण को समान रूप से सुनिश्चित करने, दबाव एवं प्रवाह को स्वचालित रूप से नियंत्रित करने तथा रियल टाइम डेटा मॉनिटरिंग एवं संचालन नियंत्रण की सुविधा उपलब्ध होगी। इस प्रणाली से पम्पिंग स्टेशन, रिलीफ वाल्व, हाइड्रेंट एवं विभिन्न शाखाओं में जल प्रवाह की सतत निगरानी संभव होगी।
वर्तमान में नहर की 42 किलोमीटर में काम किया जा रहा है। इनटेक स्ट्रक्चर एवं स्लूइस बैरल का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। टनल कार्य, एक्वाडक्ट, साइफन, कट एंड कवर के साथ नहर से डिग्गी तक भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क निर्माण कार्य भी विभिन्न स्थानों पर निरंतर जारी है।
नियमित माॅनिटरिंग से मिली गति
परियोजना की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जा रही है। समयबद्ध और पारदर्शिता से कार्यों को पूर्ण करने के लिए निर्माण एजेंसियों को विभागीय निर्देश दिए गए हैं। इस परियोजना के लिए 78 गांवों की लगभग 270 हेक्टेयर निजी भूमि का नियमानुसार अधिग्रहण किया जा रहा है। अब तक 67 गांवों की 211 हेक्टेयर भूमि के लिए लगभग 47 करोड़ रुपए राशि के अवार्ड पारित हो चुके हैं। लगभग 15 करोड़ रुपए मुआवजा राशि वितरित की गई है। शेष अधिग्रहण एवं वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रियाएं भी तेजी से हो रही हैं।
सिंचाई के लिए वर्षभर मिलेगा जल
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि आगामी वर्षों में यह परियोजना बांसवाड़ा जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाली मुख्य सिंचाई परियोजनाओं में शामिल होगी। इसके पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के किसानों को वर्षभर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। मक्का, गेहूं, दलहन, तिलहन एवं बागवानी फसलों का रकबा बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि इससे भू-जल स्तर सुधार, जल संरक्षण एवं ग्रामीण क्षेत्र के समग्र विकास को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही, यह परियोजना वागड़ क्षेत्र के जनजाति बहुल इलाकों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
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06/06/26 |किसान को पानी-बिजली की उपलब्धता के लिए बनाया रोडमैप, किसान आधुनिक खेती अपनाकर आय में करें वृद्धि- मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 06 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत-विकसित राजस्थान के विजन को साकार करने के लिए डबल इंजन सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता से काम कर रही है। राज्य सरकार ने किसान, पशुपालक और युवाओं की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदेश के विकास का रोडमैप तैयार किया है। इसी क्रम में सबसे पहले पानी-बिजली की आवश्यकता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देकर महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री भीलवाड़ा के खारी का लाम्बा ग्राम पंचायत में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस ग्राम पंचायत में नवीन कृषि पर्यवेक्षक मुख्यालय खोलने एवं नवीन कृषि पर्यवेक्षक पद के सृजन की घोषणा की। साथ ही, विद्यार्थियों की मांग पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विज्ञान, जीव विज्ञान एवं कृषि विज्ञान संकाय खोले जाने का भी आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के विकास के लिए जल उपलब्धता का रोडमैप बनाया। इसके तहत दशकों से अटकी योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य प्रारंभ किया। इसी क्रम में रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, आईजीएनपी एवं गंगनहर के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ माही, देवास तथा सोम-कमला-अंबा, ब्राह्मणी नदी परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी रोडमैप बनाकर ठोस कदम उठाए गए हैं। ढाई वर्ष में ऊर्जा उत्पादन बढ़ने से हम ऊर्जादाता भी बने हैं। वर्ष 2027 तक प्रदेशभर में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाने का लक्ष्य तय किया है तथा अब तक 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों को 6 हजार रुपये की किसान सम्मान निधि दी। वहीं, राज्य सरकार भी 3 हजार रुपये की सम्मान निधि दे रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक एवं जैविक खेती के जरिए अच्छी पैदावार से किसान अपनी आय को बढ़ाएं। स्थानीय कृषि उपज के अनुसार प्रोसेसिंग यूनिट्स की स्थापना से किसानों का आर्थिक सशक्तीकरण भी होगा। साथ ही, रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में डेयरी एवं सहकारिता सेक्टर को मजबूत बनाया जा रहा है। दूध की प्रसंस्करण इकाइयों की क्षमता एवं दूध संकलन केंद्रों की संख्या में निरंतर वृद्धि की जा रही है। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान दिया जा रहा है। गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना से पशुपालकों को आर्थिक संबल मिला है। हमारी सरकार ने पशुओं के इलाज के लिए मोबाइल वेटरनरी यूनिट का संचालन भी किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा कल्याण के संकल्प के साथ हमने ढाई वर्ष में 1.25 लाख पदों पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए हैं। इसी प्रकार 1 लाख 35 हजार पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं और सवा लाख पदों पर भर्ती कैलेंडर जारी किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पेपरलीक पर लगाम लगाई है।
उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राइजिंग राजस्थान समिट का आयोजन किया। इसमें 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए। जिनमें से अब तक 9 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतरे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए युवा नीति भी जारी की है। योजनाओं के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण सुविधा दी जा रही है।
मुख्यमंत्री का किसानों से संवाद—
किसान हरफूल ने बताया कि मैंने पॉलीहाउस, सोलर एवं फव्वारा योजना का लाभ लिया है। इन योजनाओं के माध्यम से आधुनिक खेती करना आसान हुआ है, विशेषकर पॉलीहाउस के जरिए खीरे की खेती से मेरी अच्छी आय हुई है।
किसान पुरूषोत्तम ने कहा कि उद्यानिकी विभाग से योजनाओं की जानकारी लेकर आंवला और नींबू की बागवानी से मेरी अच्छी आय हो रही है। आंवला की प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की तैयारी भी कर रहा हूं। फिलहाल मेरी 30 से 35 लाख रुपये की आय हो रही है।
किसान ओमप्रकाश ने बताया कि पहले परंपरागत खेती की वजह से पूरे दिन खेतों में सिंचाई के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती थी, लेकिन ड्रिप योजना का लाभ लेकर समय के साथ पानी की भी बचत हुई है। साथ ही, इस योजना के लाभ से उत्पादन भी बढ़ा है।
किसान रामलाल ने कहा कि कृषि विभाग से संपर्क कर तारबंदी योजना का लाभ लिया है। पहले उपज में नुकसान उठाना पड़ता था, लेकिन अब खेती सुरक्षित होने से अच्छी पैदावार मिल रही है।
किसान भंवरी देवी ने बताया कि परंपरागत कृषि विकास योजना का लाभ लेकर मेरी आय में बढ़ोतरी हुई है। इस योजना के कारण खेती की लागत में भी कमी आई है।
किसान गोपाल ने कहा कि मैं जैविक खाद के जरिये बागवानी कर रहा हूं। इससे मुझे पपीता की अच्छी पैदावार मिल रही है और मेरी आय बढ़ी है। मैं मंगला पशु बीमा योजना के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद देता हूं।
मुख्यमंत्री का पशुपालकों, युवाओं एवं बुजुर्गों से संवाद—
9वीं कक्षा की छात्रा और पर्यावरण प्रेमी श्रेया कुमावत ने मुख्यमंत्री को पौधा भेंट किया। मुख्यमंत्री ने संवाद कर उसका उत्साहवर्धन किया। श्रेया ने बताया कि वह पौधारोपण, ऑर्गेनिक गार्डनिंग, रिसाइक्लिंग और कचरा प्रबंधन के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही कैंसर मरीजों को बाल डोनेट के लिए कार्य करती है। पर्यावरण संरक्षण के लिए अब तक 50 हजार पौधों एवं 25 हजार सीड बॉल्स का निःशुल्क वितरण किया है। वहीं, 2 हजार 100 से अधिक वृक्षारोपण के अतिरिक्त 1 हजार पक्षी घर भी तैयार किए हैं। साथ ही, 5 हजार बच्चों की ग्रीन आर्मी तैयार कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य कर रही है।
पशुपालक बालू गुर्जर ने कहा कि मुझे राज्य सरकार की योजनाओं का बहुत लाभ मिला है। मैं सरस डेयरी में दूध बेचता हूं और 5 रुपये प्रति लीटर अनुदान से मेरी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। इसके साथ राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही मोबाइल वेटरनरी यूनिट का भी निरंतर लाभ मिल रहा है।
पशुपालक सीताराम शर्मा ने बताया कि मेरी एक भैंस गत वर्ष मर गई थी, लेकिन राज्य सरकार की मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत मुझे 40 हजार रुपये की मुआवजा राशि मिलने से मेरे परिवार को आर्थिक संबल मिला है।
तीर्थयात्री विमला ने बताया कि राज्य सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत पति सियाराम के साथ मुझे हवाई यात्रा के जरिए नेपाल जाने का अवसर मिला। इस यात्रा में सभी सुविधाएं भी मिली, इसके लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद।
आरएएस भर्ती-2024 में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले नवनीत ने पारदर्शिता से भर्ती परीक्षाओं के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद दिया।
सहायक प्रोफेसर भर्ती, भूगोल में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले नरेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने पेपरलीक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर समयबद्ध भर्ती परीक्षा का आयोजन किया, जिससे मेरा सरकारी नौकरी का सपना साकार हुआ है। इससे हमारा भरोसा भी मजबूत हुआ है, मुख्यमंत्री का धन्यवाद।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, विधायक जब्बर सिंह सांखला, गोपाल लाल शर्मा, उदयलाल भडाना, अशोक कुमार कोठारी, लालाराम बैरवा, गोपीचन्द मीणा, लादु लाल पितलिया, अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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06/06/26 |प्रदेश में महिलाओं के कल्याण और उत्थान के लिए चलाई विभिन्न योजनाएं- मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 06 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के कल्याण एवं सशक्तीकरण की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2014 के बाद इन सभी वर्गों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई हैं।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को भीलवाड़ा के खारी का लाम्बा गांव में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने मातृ शक्ति के लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, घर-घर शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना से गैस सिलेंडर, जन-धन योजना के तहत बैंक खाते, हर घर नल से जल जैसे कल्याणकारी कदम उठाए।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार होनहार बेटियों को स्कूटी योजना का लाभ दे रही है। इसके लिए सीधे अब उनके खाते में राशि जमा करने का निर्णय लिया है। मा वाउचर योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी की सुविधा दी जा रही है। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना में मिल रहे 5 रुपये प्रति लीटर अनुदान का लाभ बड़ी संख्या में महिलाओं को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त और सक्षम बन रही हैं। हमारी सरकार ने इस योजना में ऋण सीमा बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये एवं ब्याज घटाकर 1.5 प्रतिशत किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिला प्रतिनिधित्व के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसा महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने चौपाल में पुष्पा कंवर और अन्नू को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत चैक सौंपे। इसी प्रकार हंगामी देवी, रघुनाथ को पाइपलाइन योजना एवं हेमेन्द्र सिंह को फार्म पौण्ड योजना की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की तथा अर्चना व लीला को मिनी किट सौंपे। वहीं, चन्ता देवी जाट को कृषक सहकारी दुर्घटना में 10 लाख रुपये, अमर सिंह को ब्याजमुक्त ऋण के तहत 1.13 लाख रुपये, उमंग सीएलएफ से जुड़ी सोनू कंवर को 20 लाख एवं बजरंग बली समूह को 4 लाख रुपये एवं राजीविका महिला स्वयं सहायता समूह को 1 करोड़ 10 लाख 74 हजार रुपये से अधिक की राशि के चैक सौंपे। उन्होंने प्रभुलाल रैगर एवं अनुराधा नायक को अक्षय पोषण योजना की किट सौंपी।
मुख्यमंत्री का राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद—
राजीविका से जुड़ी क्लस्टर कॉर्डिनेटर सोनू कंवर ने कहा कि राजीविका से जुड़ने से पहले मैं घर से निकलने में भी डरती थी लेकिन अब कई जिलों में जाकर काम कर चुकी है। पहले मैं मूलभूत जरूरतों के लिए परिवार पर निर्भर थी लेकिन आज मैं घर चलाने में बराबर की मदद करती हूं। मेरी प्रति माह आय 20 से 25 हजार रुपये है और मैंने अपने पति को ट्रेलर लेने में भी मदद की है।
लखपति मास्टर ट्रेनर मोना देवी ने कहा कि राजीविका से जुड़ने से पहले मेरी आर्थिक स्थिति सही नहीं थी। जयपुर में ट्रेनिंग लेकर गांव-गांव में महिलाओं को ट्रेनिंग दी। अब तक 4 हजार से ज्यादा महिलाओं को प्रशिक्षण दे चुकी हूं। आज मेरी आय 16-17 हजार रुपये प्रति माह है। पहले मुझे गांव में कोई नहीं जानता था, आज हर कोई लखपति दीदी के नाम से जानता है।
कृषि सखी दिव्या शर्मा ने कहा कि राजीविका से जुड़ने के बाद मैंने ट्रेनिंग ली और गांव की महिलाओं को जैविक खाद से कृषि के फायदे बताते हुए प्रेरित किया। साथ ही, घरों में किचन गार्डन बनाने के लिए भी प्रशिक्षण दिया। इससे आज घरों में लोग ताजा सब्जी खा रहे हैं और दवाओं के दुष्प्रभाव से दूर हैं।
डेटा सखी हीना बानो ने कहा कि पहले घर से निकलने में झिझक होती थी और आज मैं गांव-गांव जाकर काम कर रही हूं। मेरी हर महीने आय 10 से 15 हजार रुपये हो रही है, जिससे मैं मेरे बच्चों के खर्चे के लिए किसी पर निर्भर नहीं हूं।
समूह से जुड़ी बसंती गुर्जर ने बताया कि राजीविका से जुड़ने से पहले मेरी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। बैंक से लोन लेकर अपने बच्चों को पढ़ाया। मैंने पड़ोस की 10 महिलाओं के साथ मिलकर समूह शुरू किया, आज सैकड़ों महिलाओं को ट्रेनिंग दे रही हूं। आज मैं आत्मनिर्भर हूं और बच्चे भी सरकारी नौकरी में हैं।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, विधायकगण जब्बर सिंह सांखला, गोपाल लाल शर्मा, उदयलाल भडाना, अशोक कुमार कोठारी, लालाराम बैरवा, गोपीचन्द मीणा और लादु लाल पितलिया, अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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06/06/26 |मानसून के दौरान विद्युत आपूर्ति में किसी भी प्रकार का व्यवधान नहीं हो सुरक्षा मानकों में सुधार हो और दुर्घटनाओं पर रोक लगे : ऊर्जा मंत्री
एन.एस.बाछल, 06 जून, जयपुर।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कोटा में थर्मल कॉलोनी स्थित इलेक्टर हॉस्टल में ऊर्जा विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में कोटा संभाग के अंतर्गत विद्युत विभाग के सर्विस, ट्रांसमीटर, वितरण और उत्पादन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बरसात के मौसम से पहले बिजली की पर्याप्त और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान विद्युत आपूर्ति में किसी भी प्रकार का व्यवधान नहीं आना चाहिए। इसके लिए यदि कहीं पर भी तकनीकी फाल्ट आने की संभावना नजर आती है, तो उसे अभी से चिन्हित कर तुरंत ठीक किया जाए। उन्होंने आपदा प्रबंधन, आवश्यक सामग्री की उपलब्धता और आपात स्थिति में त्वरित पुनर्स्थापन के लिए पुख्ता कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश भी दिए।
ऊर्जा मंत्री ने आमजन और पशुधन की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि संभाग में दुर्घटनाओं की संभावना वाली सभी लाइनों और खंभों को अविलंब ठीक किया जाए ताकि हादसों में कमी लाई जा सके। उन्होंने निर्देशित किया कि झूलते हुए तारों को कसा जाए, टेढ़े-मेढ़े पोल दुरुस्त किए जाएं और सड़कों व भवनों के ऊपर से गुजरने वाली हाई रिस्क लाइनों की गंभीरता से समीक्षा कर समाधान निकाला जाए। इसके अलावा, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में वृक्षों की कटाई-छंटाई का कार्य समय पर पूरा करने को कहा गया ताकि आंधी-तूफान के समय व्यवधान न हो।
कृषि एवं अन्य नवीन कनेक्शनों में तेजी लाने के निर्देश—
ऊर्जा मंत्री नागर ने कहा कि जिन कृषि कनेक्शनों के डिमांड नोट जमा हो चुके हैं, उन्हें शीघ्र विद्युत कनेक्शन जारी किए जाएं। ऑनलाइन प्राप्त होने वाले आवेदनों, औद्योगिक और घरेलू व अघरेलू कनेक्शनों के लंबित मामलों की भी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। बैठक में बताया गया कि बारां जिले के शाहाबाद, किशनगंज और छबड़ा में दिन के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 220 केवी का जीएसएस तैयार किया जा रहा है। संभाग के अन्य सभी स्थानों पर वर्तमान में दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
जनसमस्याओं का हो त्वरित निस्तारण और योजनाओं की समीक्षा—
ऊर्जा मंत्री ने फाल्ट रेक्टिफिकेशन टीम (एफआरटी) के कामकाज और कॉल सेंटर व संपर्क पोर्टल (181) पर दर्ज होने वाली उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान की रफ्तार पर भी चर्चा की। उन्होंने एफआरटी से जुड़ी शिकायतों को तुरंत दूर करने के कड़े निर्देश दिए। बैठक में पीएम सूर्य घर योजना, कुसुम प्रोजेक्ट, स्मार्ट मीटर स्थापना और बिजली चोरी रोकने हेतु सतर्कता गतिविधियों (विजिलेंस) की भी गहन समीक्षा की गई।
बैठक में जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता वाई.के. ऐरन, राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता के.के. मीणा, कोटा जोन के मुख्य संभागीय मुख्य अभियंता जी.एस. बैरवा सहित कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों के अधीक्षण अभियंता एवं अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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05/06/26 |संतों के विचारों और दिखाए गए मार्ग पर चलकर ही समाज का कल्याण संभव है—पशुपालन मंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 05 जून, जयपुर।
सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध आध्यात्मिक सिद्धपीठ, शिवमठ धाम गाड़ोदा में गुरुवार को ब्रह्मलीन परम पूज्य महंत गुलाब महाराज की 8वीं बरसोदी (पुण्यतिथि) श्रृद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर मठ परिसर में विशेष पूजा-अर्चना, संतों का समागम और विशाल भजन संध्या व भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हज़ारों की संख्या में श्रृद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजस्थान के गोपालन एवं पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत का मठ के मठाधीश महावीर जति महाराज और आयोजन समिति द्वारा भव्य स्वागत किया गया। मंत्री कुमावत ने सिद्धपीठ पर मत्था टेककर देश—प्रदेश के नागरिकों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने उपस्थित सभी सिद्ध संतों का चरण वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस आध्यात्मिक महोत्सव में सनातन धर्म के कई प्रख्यात संत और जनप्रतिनिधि एक मंच पर नज़र आए। कार्यक्रम में तारा तरा मठ के महंत एवं पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी महाराज उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि जोराराम कुमावत ने उपस्थित जनसमुदाय और संतों को संबोधित करते हुए सनातन संस्कृति और गौ-सेवा के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि "शिवमठ धाम गाड़ोदा की यह पावन धरा परम पूज्य ब्रह्मलीन महंत गुलाब महाराज की तपस्या से पवित्र है। ऐसे महान संतों के विचारों और दिखाए मार्ग पर चलकर ही समाज का कल्याण संभव है। कुमावत ने कहा कि "सनातन धर्म हमारी पहचान और जीवन जीने की कला है। आज के आधुनिक युग में हमें अपनी जड़ों को नहीं भूलना चाहिए। हमारी सरकार और हमारा समाज सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
जोराराम कुमावत ने कहा कि "गाय केवल एक पशु नहीं है, वह हमारी माता है और सनातन संस्कृति का मूल आधार है। गोपालन और गौ-संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का परम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि देवस्थान और गोपालन मंत्री होने के नाते मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि राज्य सरकार प्रदेश की गौशालाओं की आत्मनिर्भरता और गौवंश की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठा रही है।"
उन्होंने कहा कि "हमें अपनी युवा पीढ़ी को संतों के सान्निध्य में लाकर उन्हें नैतिक मूल्यों और गौ-सेवा के संस्कारों से जोड़ना होगा। जब तक हमारी संस्कृति सुरक्षित है, तब तक देश सुरक्षित है। संबोधन के पश्चात कुमावत को मठ की ओर से स्मृति चिह्न और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
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05/06/26 |राजस्थान एनर्जी सरप्लस स्टेट बनने की ओर अग्रसर,दो साल से प्रदेश में बिजली की कोई लोड शैडिंग नहीं -ऊर्जा मंत्री
एन.एस.बाछल, 05 जून, जयपुर।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि राज्य सरकार बिजली का लगातार बेहतर प्रबंधन कर रही है। प्रदेश में मांग के अनुरूप पर्याप्त बिजली उपलब्ध है। स्वयं के स्रोतों से उत्पादन बढ़ा है, जिससे एनर्जी एक्सचेंज पर निर्भरता कम हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से प्रदेश में बिजली की कोई लोड शैडिंग नहीं हुई।
हीरालाल नागर विद्युत भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से ऊर्जा विभाग की गतिविधियों एवं योजनाओं पर चर्चा कर रहे थे।
एनर्जी एक्सचेंज पर कम हो रही निर्भरता—
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान एनर्जी सरप्लस स्टेट बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि गर्मी की डिमांड को पूरा करने के लिए गत वर्ष अप्रेल माह में 2883 लाख यूनिट तथा मई माह में 8,273 लाख यूनिट बिजली एनर्जी एक्सचेंज से परचेज की गई थी। जबकि इस वर्ष अप्रेल में मात्र 214 लाख यूनिट तथा मई में मात्र 2804 लाख यूनिट बिजली ही खरीदी गई। इस वर्ष दोनों माह में कुल 8138 लाख यूनिट बिजली कम खरीदी गई और स्वयं के स्त्रोतों से उपलब्धता बढ़ायी है।
हीरालाल नागर ने कहा कि हम एनर्जी एक्सचेंज को बिजली बेच भी रहे हैं। इस वर्ष अप्रेल में 1140 लाख यूनिट तथा मई में 417 लाख यूनिट बिजली लगभग 10 रूपए प्रति यूनिट की दर से बेची भी गई है।
पीक डिमांड को पूरा करने के लिए विकसित कर रहे बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली—
हीरालाल नागर ने बताया कि कुसुम-2.0 में भारत सरकार ने राजस्थान को 6 हजार मेगावाट सोलर पावर क्षमता आवंटित करने के लिए आश्वस्त किया है। इसमें बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी सौर ऊर्जा संयंत्र के साथ लगाया जाएगा। स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से प्रदेश की पीक डिमांड को पूरा करने में यह उपयोगी साबित होगी। उन्होंने बताया कि बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित करने की दिशा में राजस्थान तेजी से अग्रसर है। पूगल के निर्माणाधीन सोलर पार्क में 2450 मेगावाट सोलर के साथ 6 हजार मेगावाट ऑवर की बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने की निविदा प्रक्रिया में है। वहीं उत्पादन निगम द्वारा कुल 6 हजार मेगावाट ऑवर की बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाएं चरणबद्ध रूप से विकसित की जा रही हैं। जिन्हें सितम्बर, 2027 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य है।
हीरालाल नागर ने कहा कि रात्रि को पीक डिमांड में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 33 केवी सब स्टेशनों एवं वितरण ट्रांसफार्मरों पर स्टैंडअलोन बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित करने जा रहे हैं। इससे दिन में उपलब्ध अतिरिक्त सौर उर्जा को संग्रहित किया जाएगा और शाम को पीक डिमांड के समय उपयोग किया जा सकेगा। इससे वोल्टेज लेवल में भी सुधार होगा। फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह कार्य तीनों विद्युत वितरण निगमों में जल्द ही प्रारंभ होगा। सकारात्मक परिणामों के आधार पर इसे वृहद् रूप में भी लागू करेंगे।
थर्मल इकाइयों से अब तक का सर्वाधिक उत्पादन—
हीरालाल नागर ने कहा कि प्रदेश की कोयला आधारित 23 इकाइयों ने 2 जून को क्षमता का 94.60 प्रतिशत अर्थात् 7171 मेगावाट विद्युत उत्पादन हासिल किया है। यह अब तक का सर्वाधिक विद्युत उत्पादन है। थर्मल प्लांटों का बेहतर रखरखाव होने सेे प्लांटों की क्षमता का 78 से 82 प्रतिशत तक विद्युत उत्पादन अर्जित कर रहे हैं। इस वर्ष अप्रैल एवं मई में इन इकाइयों से विद्युत उपलब्धता 84.34 प्रतिशत रही है जो कि गत वर्ष के 77.90 प्रतिशत से 6.50 प्रतिशत तक अधिक है।
शेष 15 जिलों में भी 2 ब्लॉक सप्लाई का रोडमैप तैयार—
हीरालाल नागर ने बताया कि 26 जिलों में किसानों को दिन के दो ब्लॉक में बिजली आपूर्ति की जा रही है। शेष 15 जिलों को भी दो ब्लॉक सप्लाई से जोड़ने का रोडमैप तैयार कर लिया है। इसके लिए विद्युत तंत्र को मजबूत कर रहे हैं। डिस्कॉम एवं प्रसारण संबंधी कुल 1109 बाधाएं चिन्हित कर उन्हें चरणबद्ध रूप से दूर किया जा रहा है। मात्र ढाई साल में 400 केवी 220 केवी तथा 132 केवी के 60 ग्रिड सब स्टेशन बनाए गए हैं।
ग्रीष्मकालीन मांग का बेहतर प्रबंधन—
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि गर्मी में बिजली आपूर्ति का बेहतर प्रबंधन किया जा रहा है। इस वर्ष ग्रीष्म में अब तक की सर्वाधिक मांग 17,333 मेगावाट (27 मई को रात 10ः30 बजे) रही है, जबकि उपलब्धता 17,353 मेगावाट थी। इसका अर्थ यह है कि सर्वाधिक मांग को भी बिना किसी कटौती के पूरा किया गया है।
हीरालाल नागर ने बताया कि वितरण निगमों ने गर्मियों में उपभोक्ताओं की नो करंट संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण का समुचित प्रबंध किया है। केन्द्रीकृत कॉल सेंटर 24 घंटे कार्यरत हैं। सर्किल, डिविजन एवं सब डिविजन स्तर पर कंट्रोल रूम के माध्यम से लोगों की शिकायतों को दर्ज कर उनका समाधान किया जा रहा है। सोशल मीडिया माध्यम एक्स, व्हॉटसएप, 181 हैल्पलाइन आदि से भी समस्याएं प्राप्त होती हैं और 1129 एफआरटी टीमों के जरिए उनका त्वरित निराकरण किया जाता है। एफआरटी गाडियों की जीपीएस से ट्रेकिंग की जा रही है।
गत वर्ष से कम हुईं ‘नो करंट‘ की शिकायतें—
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि जयपुर डिस्कॉम में गत वर्ष 1 अप्रेल से 2 जून के मध्य कुल 2 लाख 33 हजार 775 शिकायतें दर्ज हुई थीं जो इस वर्ष इसी अवधि में 1 लाख 68 हजार 914 रह गई हैं। इसका सीधा अर्थ है कि आपूर्ति एवं वोल्टेज में सुधार होने से शिकायतों की संख्या में कमी आई है।
अभियंताओं की कॉल सेंटर पर दिन के 24 घंटे में विभिन्न पारियों में ड्यूटी लगाई गई है। रात्रि में ट्रांसफार्मरों पर लोड की चेकिंग एवं बैलेंसिंग के लिए अभियंता ड्यूटी पर मौजूद रहते हैं। उन्होंने बताया कि हम इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पब्लिक चार्जिंग स्टेशन को भी प्रमोट कर रहे हैं। प्रदेश में 350 स्थानों पर कुल 805 ईवी चार्जिंग स्टेशन लागने जा रहे हैं। इससे राज्य में ईवी चार्जिंग के आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी।
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05/06/26 |पीएम सूर्यघर योजना में श्रेष्ठ उपलब्धि के लिए राजस्थान को 6 पुरस्कार
एन.एस.बाछल, 05 जून, जयपुर।
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए भारत सरकार ने राजस्थान को सम्मानित किया है। केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने दिल्ली में आयोजित समारोह में यह सम्मान प्रदान किए। ऊर्जा सचिव एवं राजस्थान डिस्कॉम्स की चेयरमैन आरती डोगरा ने चार अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार ग्रहण किए।
केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने योजना के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में दिल्ली में एक समारोह का आयोजन किया। इस दौरान 90 लाख से 1.50 करोड़ विद्युत उपभोक्ता वाले राज्यों के अंतर्गत मई माह के दौरान रूफ टॉप सौर ऊर्जा संयंत्रों के सर्वाधिक आवेदन, इंस्टॉलेशन, निरीक्षण तथा वेंडर्स के रजिस्ट्रेशन की कैटिगरी में राजस्थान को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इसी तरह सर्वाधिक इंस्टॉलेशन वाले 10 सर्वश्रेष्ठ जिलों की कैटेगरी में जयपुर को 7वें स्थान के लिए पुरस्कृत किया गया। जयपुर डिस्कॉम की अधीक्षण अभियंता (पीएम सूर्यघर) महिमा साराभाई ने यह सम्मान ग्रहण किया। इसके अतिरिक्त वेंडर श्रेणी में मई माह के दौरान उत्तर क्षेत्र के राज्यों में सर्वाधिक रूफ टॉप सोलर इंस्टॉलेशन की कैटिगरी में मिलन सौर ऊर्जा केंद्र को भी द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। इस प्रकार राजस्थान को इस योजना में कुल 6 पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष मई माह के दौरान इस योजना के अन्तर्गत जयपुर, जोधपुर एवं अजमेर वितरण निगमों में 39279 आवेदकों ने रजिस्ट्रेशन कराया, 27,700 आवेदनों का भौतिक सत्यापन किया गया, 26,632 रूफ टॉप सोलर इंस्टॉल हुए और 177 नए वेंडरों को योजना से जोड़ा गया।
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04/06/26 |राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के विद्युत गृहों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
एन.एस.बाछल, 04 जून, जयपुर।
राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के विद्युतगृहों ने कोयला आधारित कुल क्षमता 7580 मेगावाट की 23 इकाईयों से 2 जून 2026 को रात्रि 10 बजे तक का उच्चतम 7171 मेगावाट विद्युत उत्पादन करते हुए गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की हैं। प्रदेश में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ऊर्जा के क्षेत्र में विशेष फोकस रहा। इसमें विद्युत उत्पादन निगम ने भी पूर्व में इकाइयों के अंतर्गत चली आ रही तकनीकी खामियों को दूर करते हुए इकाइयों का चरणबद्ध तरीके से उचित रखरखाव करने से उत्पादन निगम के गठन के बाद से अब तक का सर्वश्रेष्ठ 7171 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया गया।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उत्पादन निगम के सीएमडी, अभियन्ताओं एवं समस्त कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने बताया कि राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के विद्युतगृहों ने 7580 मेगावाट क्षमता की सभी 23 थर्मल इकाइयों से 7171 मेगावाट का उच्चतम विद्युत उत्पादन दर्ज किया है जो कि पूर्व में 31 जनवरी 2025 को कोल आधारित इकाइयों द्वारा किये गए 6833 मेगावाट उत्पादन से अधिक है। पूर्व में 22 इकाइयों से उपलब्ध 7330 मेगावाट कुल उत्पादन क्षमता का 93.22 प्रतिशत यूटिलाइजेशन किया गया था। जबकि 2 जून को कोल आधारित इकाइयों द्वारा 7580 मेगावाट कुल उत्पादन क्षमता का 94.60 प्रतिशत यूटिलाइजेशन रहा जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ है।
ऊर्जा सचिव आरती डोगरा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने बताया कि दिनांक 2 जून 2026 को ही सूरतगढ़ थर्मल विद्युतगृह की सभी 8 इकाइयों कुल क्षमता 2820 मेगावाट द्वारा भी अब तक का सर्वश्रेष्ठ 2790 मेगावाट उत्पादन किया गया है। राज्य सरकार के दिशा-निर्देशन में कार्य करते हुए बेहतर रखरखाव, कुशल वार्षिक अनुरक्षण तथा श्रेष्ठ संचालन के कारण विद्युत उत्पादन ने यह शानदार सफलता हासिल की है। उन्होने आशा प्रकट की है कि भविष्य में भी इसी प्रकार बेहतर प्रदर्शन करते हुए निगम प्रदेश के विद्युत उत्पादन में अपना विशिष्ट योगदान देता रहेगा।
राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक देवेन्द्र श्रृंगी ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर कर विद्युतगृहों के सभी अभियंताओं एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए बताया कि निगम के कर्मचारियों की देखरेख एवं अनवरत मेहनत के कारण ही इकाईयों द्वारा सर्वश्रेष्ठ उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने सभी कर्मचारियों को भविष्य में भी इसी प्रकार आपसी समन्वय से अनवरत प्रयास करते हुए बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
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04/06/26 |डोर-स्टेप बैंकिंग की ओर अग्रसर राज्य की सहकारी समितियां-राजस्थान
एन.एस.बाछल, 04 जून, जयपुर।
सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां डॉ. समित शर्मा ने बताया कि राज्य की ग्रामीण आबादी को उनके घर तक बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सहकारिता विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। ‘सहकार से समृद्धि’ अभियान के अंतर्गत राज्य में ग्राम सेवा सहकारी समितियों (पैक्स) एवं प्राथमिक डेयरी सहकारी समितियों के माध्यम से अब फिनटेक आधारित डोर-स्टेप बैंकिंग सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
डॉ. शर्मा ने शासन सचिवालय में राजस्थान राज्य सहकारी बैंक के अधिकारियों की टू-डू लिस्ट की समीक्षा करते हुए सभी सक्रिय प्राथमिक डेयरी समितियों को बैंक मित्र बनाकर उन्हें माइक्रो एटीएम उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि 31 मार्च 2027 तक सभी सक्रिय 12 हजार प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों तथा 30 सितम्बर 2026 तक 5 हजार सहकारी समितियों को बैंक मित्र बनाकर माइक्रो एटीएम उपलब्ध करवाये जाएं।
शासन सचिव ने बताया कि नाबार्ड की वित्तीय सहायता से पैक्स एवं प्राथमिक डेयरी समितियों को माइक्रो एटीएम उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इन माइक्रो एटीएम के माध्यम से खातों का बैलेंस जानने, वित्तीय लेन-देन करने, ऋण राशि जारी करने तथा ऋण जमा कराने जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। अब तक लगभग 2 हजार 700 पैक्स तथा बैंक मित्र के रूप में कार्यरत 557 प्राथमिक डेयरी समितियों को माइक्रो एटीएम उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि सहकारी बैंकों द्वारा अपने एफआईजी पोर्टल पर ऐसी व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिसके माध्यम से पैक्स एवं डेयरी समितियों के व्यवस्थापक ग्रामीणों के निवास अथवा कार्यस्थल पर पहुंचकर उनके खाते खोल सकेंगे तथा जमा संग्रहण कर सकेंगे। इससे ग्रामीणों को अपने घर के निकट ही बैंकिंग सुविधाएं प्राप्त होंगी तथा सहकारी बैंकों की अमानतों में वृद्धि होने से उनकी ऋण वितरण क्षमता भी बढ़ेगी। योजना के तहत ग्रामीणों से जमा संग्रहण पर पैक्स एवं डेयरी समितियों को कमीशन के रूप में अतिरिक्त आय भी प्राप्त होगी।
डॉ. शर्मा ने बताया कि राज्य सहकारी बैंक द्वारा 7 मई को आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला से इस अभियान की शुरुआत की गई थी। इसके बाद प्रदेश के प्रत्येक जिले में केन्द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा कार्यशालाओं का आयोजन कर अभियान को गति दी जा रही है। राज्य में 11 हजार 70 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें से 9 हजार 500 से अधिक ग्राम पंचायतों में पैक्स का गठन किया जा चुका है। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक पैक्स स्थापित करना है।
शासन सचिव ने कहा कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को नई गति देगी तथा सहकारी संस्थाओं को बहुउद्देशीय सेवा केन्द्रों के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे सहकारिता आंदोलन को मजबूती मिलने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नया आधार मिलेगा।
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04/06/26 |राजस्थान बिजली के क्षेत्र में अग्रणी बनने की ओर
एन.एस.बाछल, 04 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश को वर्ष 2027 तक बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना हमारा लक्ष्य है। इसके लिए ऊर्जा विभाग विद्युत उत्पादन और प्रसारण के क्षेत्र में कुशल प्रबंधन से कार्य करे। उन्होंने कहा कि थर्मल, हाइड्रो, सोलर, विंड जैसे माध्यमों से किसानों, उद्योगों और आमजन को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर ऊर्जा विभाग की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान की पहचान बिजली खरीदने वाला नहीं, बल्कि बिजली बेचने वाला अग्रणी प्रदेश के रूप में ओर अधिक मजबूत हो, इसके लिए विभागीय अधिकारी पूर्ण जिम्मेदारी से कार्ययोजना के अनुसार काम करें।
उन्होंने कहा कि विद्युत तंत्र के सुदृढ़ीकरण से जुड़े कार्यों को गति प्रदान की जाए। साथ ही, 26 जिलों में किसानों को दिन में मिल रही बिजली की सुविधा को शेष जिलों में लागू करने के प्रयासों में भी तेजी लाई जाए। उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में हितधारकों को पीएम कुसुम योजना और पीएम सूर्य घर योजना से लाभांवित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी डिस्कॉम विद्युत आपूर्ति की उपलब्धता को बनाए रखने के लिए समन्वय से कार्य करें। साथ ही, उन्होंने जोधपुर डिस्कॉम में आरडीएसएस के शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के लिए शिकायत निवारण तंत्र को तकनीकी स्तर पर ओर अधिक प्रभावी बनाया जाए।
बैठक में बताया गया कि उत्पादन निगम की कोयला आधारित विद्युत इकाइयों ने 02 जून को सर्वाधिक क्षमता का उपयोग कर 7 हजार 171 मेगावाट विद्युत का उत्पादन किया। इसी प्रकार गत वर्ष मई माह में कुल बिजली आवश्यकता की 8 प्रतिशत बिजली खरीदी गई। वहीं, ठोस एवं प्रभावी प्रयासों से समान अवधि में इस वर्ष महज 2 प्रतिशत बिजली की ही खरीद की गई है। उन्होंने कहा कि विद्युत उत्पादन इकाइयों की क्षमता में वृद्धि के लिए भी जरूरी कदम उठाए जाएं।
इसी तरह बताया गया कि राज्य सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल में 400 केवी, 220 केवी और 132 केवी के 60 जीएसएस स्थापित हो चुके हैं। वहीं, 151 जीएसएस का कार्य प्रगति पर है। साथ ही, इसी समयावधि में 33 केवी के 444 सब स्टेशन स्थापित हुए हैं तथा 211 सब स्टेशन का कार्य प्रगति पर है।
बैठक में ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) अखिल अरोड़ा, ऊर्जा विभाग शासन सचिव आरती डोगरा सहित ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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03/06/26 |मुख्य सचिव राजस्थान ने ली कंप्लायंस रिडक्शन एंड डी-रेगुलेशन फेज-2 की समीक्षा बैठक संबंधित विभागों 20 जून तक कार्य पूरा करने के दिए निर्देश
एन.एस.बाछल, 03 जून, जयपुर।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सचिवालय में ‘कंप्लायंस रिडक्शन एंड डी-रेगुलेशन फेज-2’ की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, राजस्व, वन एवं पर्यावरण, शहरी विकास, श्रम, विधिक माप विज्ञान, न्याय और उद्योग विभाग को संबंधित कार्य 20 जून तक संपन्न कर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। बैठक में इन विभागों में किए जाने वाले सुधारों पर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में व्यापार में सुगमता और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘कंप्लायंस रिडक्शन एंड डी-रेगुलेशन फेज-2’ के तहत 16 विभागों से जुड़े कुल 28 प्राथमिकता क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं। इसमें भूमि उपयोग, भवन एवं निर्माण, यूटिलिटीज़ और विभिन्न अनुमतियां, विद्युत, पर्यावरण, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य से जुड़े उद्योग स्थापित करने से जुड़ी प्रक्रियाओं को और अधिक सरल बनाने पर जोर दिया गया है।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) शिखर अग्रवाल ने बैठक में बताया कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित कुल 28 क्षेत्रों में से 8 को राज्य में लागू कर दिया गया है, जिसमें ऊर्जा, उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा और उद्योग विभाग, रीको, बीआईपी तथा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड शामिल हैं। साथ ही, 15 क्षेत्रों के लिए एक्शन प्लान बना लिया गया है, जिसमें 5 क्रियान्वित हो चुके हैं और 10 क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं।
अनावश्यक नियमों और प्रक्रियाओं को समाप्त करने का लक्ष्य
इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य अनावश्यक नियमों और जटिल प्रक्रियाओं को समाप्त कर नागरिकों, उद्योगों और उद्यमियों के लिए सुगम, पारदर्शी एवं प्रभावी व्यवस्था विकसित करना है। इससे कंप्लायंस रिडक्शन और डी-रेगुलेशन से सेवाओं की गति और गुणवत्ता में सुधार होगा तथा राज्य के प्रशासनिक और आर्थिक ढांचे में सकारात्मक बदलाव आएगा। साथ ही, व्यवसायों को बार-बार अनुमति लेने, दस्तावेज़ जमा करने और निरीक्षण संबंधी जटिलताओं से राहत मिलेगी। इससे विशेष रूप से स्टार्टअप्स, एमएसएमई और नए उद्यमियों को लाभ होगा तथा उनके समय, लागत और संसाधनों की बचत सुनिश्चित हो सकेगी।
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03/06/26 |आवंटन और नई प्रोसेसिंग यूनिट्स से चमकेगी राजस्थान डेयरी, आएगी 360° पारदर्शिता
एन.एस.बाछल, 03 जून, जयपुर।
विकसित राजस्थान@2047 के संकल्प की सिद्धि में किसान और पशुपालकों का बड़ा योगदान रहने वाला है। एक ओर उन्हें सशक्त करना है, दूसरी ओर उन्हें सशक्त बना कर अर्थव्यवस्था का बड़ा ग्रोथ इंजन बनाना है जिससे 4.3 ट्रिलियन इकोनॉमी का सपना हकीकत में बदल जाए। इसके लिए राजस्थान में डेयरी नेटवर्क को मजबूत करने और पशुपालकों को संबल देने के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं और इसके उल्लेखनीय परिणाम मिल रहे हैं।
इसी दिशा में पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने शासन सचिवालय में डेयरी विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में आरसीडीएफ एमडी श्रीमती श्रुति भारद्धाज सहित विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में बजट घोषणाओं, लंबित भुगतानों और बुनियादी ढांचे के विकास पर विस्तृत मंथन हुआ।
पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन आवंटन नीति—
जोराराम कुमावत ने डेयरी नेटवर्क में पारदर्शिता लाने के लिए बड़े निर्देश दिए। अब नई आवंटन नीति के तहत दुग्ध सहकारी समितियां और दुग्ध संकलन केंद्र खोलने के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। इनका आवंटन भी पूरी तरह ऑनलाइन ही होगा।
समितियां स्वयं के खर्च पर लगा सकेंगी बीएमसी—
जोराराम कुमावत ने बल्क मिल्क कूलर्स के आवंटन की भी समीक्षा की। उन्होंने एक महत्वपूर्ण सुधार की जानकारी देते हुए बताया कि नई नीति के तहत अब दुग्ध समितियां अपने स्वयं के पूंजी निवेश से भी बीएमसी स्थापित कर सकेंगी। इससे दूध की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
बुनियादी ढांचे का विस्तार: नए प्लांट्स तैयार—
बैठक में राज्य में बनकर तैयार हो चुके नए प्रोसेसिंग और कैटल फीड प्लांट्स के लोकार्पण की तैयारियों की समीक्षा की गई। श्री कुमावत ने बताया कि जयपुर डेयरी में 10 लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाली एक और नई प्रोसेसिंग यूनिट, राजसमंद में 50 हजार लीटर क्षमता का नया प्रोसेसिंग प्लांट बनकर तैयार है। पाली में 300 टन प्रतिदिन की क्षमता वाला आधुनिक कैटल फीड प्लांट,गुलाबपुरा में 150 टन प्रतिदिन की क्षमता वाला कैटल फीड प्लांट भी बनकर तैयार हो चुका है। इन नवनिर्मित प्लांट्स के लोकार्पण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जोराराम कुमावत ने यह भी बताया कि कोटा में 150 टन प्रतिदिन क्षमता के नए कैटल फीड प्लांट के भूमि पूजन को लेकर भी रणनीति बनाई गई।
भुगतान और योजनाओं की समीक्षा—
डेयरी मंत्री ने बजट घोषणाओं को समय पर धरातल पर उतारने के लिए अधिकारियों को डेडलाइन तय करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री दुग्ध संबल योजना और पन्नाधाय बाल गोपाल योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने पशुपालकों और डेयरियों के सभी लंबित भुगतानों को तुरंत निपटाने के सख्त निर्देश दिए। जोराराम कुमावत ने साफ किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और पशुपालकों की आय को बढ़ाना है, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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03/06/26 |ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा आधुनिक खेल सुविधाओं का मंच -लोकसभा अध्यक्ष
एन.एस.बाछल, 03 जून, जयपुर।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा जिले के सुल्तानपुर में 14.5 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान झोटोली रोड पर 4.5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक इंडोर खेल स्टेडियम का लोकार्पण किया। खेलो इंडिया योजना के तहत बने इस मल्टीपरपज इण्डोर खेल स्टेडियम में स्थानीय खिलाड़ियों को बैडमिंटन, टेनिस, खो-खो, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, टेबल टेनिस, कबड्डी, जिम्नास्टिक, योग एवं फिटनेस गतिविधियों सहित विभिन्न खेलों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इस दौरान आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए स्पीकर बिरला ने कहा कि सुल्तानपुर क्षेत्र विकास के नए अध्याय लिख रहा है। वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान भी हो रहा है और हर क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में क्षेत्र में लगभग 207 करोड़ रुपए के विकास कार्य हुए हैं और इन पांच वर्षों में सुल्तानपुर क्षेत्र में 500 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्य कराने का लक्ष्य है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सुल्तानपुर में आधुनिक इंडोर खेल स्टेडियम बनकर तैयार हो गया है। अब ग्रामीण अंचल के खिलाड़ियों को मौसम की बाधाओं के बिना आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इसके साथ महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में खेल सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, वहीं एक करोड़ रुपये की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण भी कराया जा रहा है। साथ ही प्रत्येक पंचायत में सामुदायिक भवनों और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच है कि जिस प्रकार शहरों में घर-घर पेयजल पहुंचता है, उसी प्रकार गांवों में भी हर घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो। नोनेरा बांध पेयजल परियोजना के माध्यम से क्षेत्र की माताओं-बहनों को पेयजल संकट से राहत मिलेगी, वहीं किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचेगा। आज पूरे क्षेत्र में सड़क संपर्क व्यवस्था मजबूत हो रही है, कोटा-बूंदी क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योगों की नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं। खेती का स्वरूप बदलने और आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने से किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि किसानों के हित सर्वाेच्च प्राथमिकता हैं। एक भी किसान एमएसपी पर खरीद से वंचित न रहे, इसके लिए हमने समयसीमा के साथ खरीद के लक्ष्य को भी बढ़ाया। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ गरीबों के स्वास्थ्य, गर्भवती महिलाओं के पोषण, बुजुर्गों को सहायक उपकरण तथा दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम को भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर सहित अन्य वक्ताओं ने भी सम्बोधित किया।
सुल्तानपुर के बाद स्पीकर बिरला ग्राम पंचायत टाकरवाड़ा पहुंचे, यहां उन्होंने बूढ़ादीत, कोटड़ा दीपसिंह, झाड़गांव, बनेठिया, बड़ौद, लाखसनीजा और मदनपुरा पंचायतों में हुए 11.29 करोड़ रूपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। बिरला ने कहा कि किसी भी क्षेत्र का विकास सड़क, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से तय होता है। इसी सोच के साथ क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लक्ष्य है कि हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचे और हर घर को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो।
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03/06/26 |ऑपरेशन वज्र प्रहार: बारां पुलिस की ड्रग माफिया पर 'आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक' : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 03 जून, जयपुर।
मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही बारां पुलिस ने ‘ऑपरेशन वज्र प्रहार’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात ड्रग तस्कर बिरमचंद लोधा और उसके परिवार की करोड़ों रुपये की अवैध संपत्तियों पर स्थायी रोक लगा दी है। एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत की गई इस कार्रवाई में करीब 3 करोड़ 92 लाख 81 हजार 111 रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियां और बैंकिंग लेनदेन जांच के दायरे में लेकर फ्रीज किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि बारां पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी की कमर तोड़ने और नशा माफियाओं की आर्थिक जड़ों पर चोट करने के उद्देश्य से ‘ऑपरेशन वज्र प्रहार’ शुरू किया है। अभियान का लक्ष्य केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी अवैध कमाई से खड़ी की गई आर्थिक साम्राज्य को भी ध्वस्त करना है।
3.92 करोड़ की अवैध संपत्ति और बैंक ट्रांजेक्शन का खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया कि सारथल थाना क्षेत्र के डोकरी खोह निवासी बिरमचंद लोधा, उसकी पत्नी फूलाबाई, भाई राहुल लोधा और उसकी पत्नी भावना ने मादक पदार्थ तस्करी से अर्जित काली कमाई को विभिन्न संपत्तियों में निवेश किया था। इनकी फ्रीज की गई कुल संपत्ति और बैंक खातों में हुए लेनदेन की कुल राशि 3,92,81,111 रुपये है।
पुलिस ने अचल संपत्ति में 02 आलीशान मकान और 05 प्लॉट तथा चल संपत्ति में 02 कारें (मारुति व ईको) और 01 मोटरसाइकिल फ्रीज की गई है। इन वाहनों और संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 1,60,26,526 रुपये है। तस्कर और उसके परिजनों के खातों के विश्लेषण से पता चला कि विगत 01 वर्ष में ही इनके खातों में 2,32,54,585 रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ है, जिसका कोई वैध स्रोत नहीं पाया गया।
सक्षम प्राधिकारी नई दिल्ली से मिली विधिक मंजूरी—
सारथल पुलिस ने तस्कर बिरमचन्द लोधा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-F के तहत एक परिवाद सक्षम प्राधिकारी नई दिल्ली में पेश किया था। न्यायालय में दो महीने चली सुनवाई के बाद, माननीय न्यायालय ने बारां पुलिस के फ्रीजिंग आदेश को वैध माना। आदेश क्रमांक 1504 दिनांक 16 मई, 2026 के अनुपालन में आज 02 जून 2026 को जिला कलेक्टर बारां के निर्देश पर ग्राम सचिव दिगोद जागीर और सारथल पुलिस ने मौके पर जाकर संपत्ति को फ्रीज करने की कार्यवाही संपादित की।
तस्कर का आपराधिक रिकॉर्ड और पूर्व की जब्ती—
अभियुक्त बिरमचन्द लोधा के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के कुल 03 गंभीर प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें से एक कमर्शियल मात्रा का है। पूर्व की कार्यवाहियों में पुलिस इसके कब्जे से 250 किलो डोडा चूरा जब्त कर चुकी है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 10 लाख रुपये है। इसके अलावा तस्करी में प्रयुक्त एक बलेनो कार (कीमत 8 लाख) को भी पूर्व में जब्त किया जा चुका है।
अब ना बेच सकेंगे, ना उपयोग कर सकेंगे संपत्तियां—
सक्षम प्राधिकारी नई दिल्ली द्वारा आदेश को अनुमोदित किए जाने के बाद आरोपी और उसके परिजन अब इन संपत्तियों का उपयोग, विक्रय या हस्तांतरण नहीं कर सकेंगे। पुलिस का मानना है कि यह कार्रवाई नशा तस्करों के लिए कड़ा संदेश है कि अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति अंततः कानून के शिकंजे में आती है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने कहा कि बारां पुलिस भविष्य में भी मादक पदार्थ तस्करों और उनके सहयोगियों की अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रखेगी। उनका कहना है कि नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए आर्थिक कार्रवाई सबसे प्रभावी हथियार साबित हो रही है।
विशेष टीम की भूमिका—
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक कार्यालय एवं थाना सारथल की संयुक्त टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम में पुलिस निरीक्षक विनोद कुमार, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, थानाधिकारी सारथल धर्मपाल सिंह, सहायक उप निरीक्षक विमलेश मेहता, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, कांस्टेबल रमेश कुमार (उत्कृष्ट भूमिका), कमलेश कुमार और जितेन्द्र का विशेष योगदान रहा।
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02/06/26 |कालाखो बांध में जल पूजन, कलश यात्रा एवं पौधारोपण के साथ दिया जल संरक्षण का संदेश : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 02 जून, जयपुर।
वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत मंगलवार को दौसा जिले में स्थित कालाखो बांध पर जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत की उपस्थिति में जल पूजन, कलश यात्रा, पौधारोपण एवं जन-जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिलाओं एवं ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कालाखो बांध पर विधिवत जल पूजन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं अच्छी वर्षा की कामना की। इस अवसर पर महिलाओं द्वारा कलश यात्रा निकाली गई तथा जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया गया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पौधारोपण भी किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है तथा वर्षा जल के अधिकतम संचयन और जल स्रोतों के संरक्षण में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल संसाधनों के संरक्षण एवं सिंचाई व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के माध्यम से कालीसिंध, चंबल एवं पार्वती नदियों का जल क्षेत्र तक पहुंचेगा, जिससे दौसा जिले सहित पूर्वी राजस्थान में जल उपलब्धता बढ़ेगी तथा किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को वर्षा ऋतु से पूर्व जल स्रोतों, नहरों एवं एनीकटों की आवश्यक मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंत्री सुरेश सिंह रावत ने किसानों की मांग पर पुरानी केनाल प्रणाली की मरम्मत कराने तथा नहरों एवं जल मार्गों पर हुए अतिक्रमण हटाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा सिंचाई तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने जल संरक्षण के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा आगामी 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर अधिकाधिक पौधारोपण करने का आह्वान करते हुए कहा कि जल और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देना समय की आवश्यकता है।
इस अवसर पर सिकराय विधायक विक्रम बंशीवाल ने भी जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने नागरिकों से जल बचाने तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लेने की अपील की। विधायक श्री बंशीवाल ने ईआरसीपी योजना में शेष बांधों को भी जोड़ने तथा कालाखो बांध पर आवश्यक विकास कार्य कराने की मांग रखी।
कार्यक्रम में जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा, अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (लालसोट) मनमोहन मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिलाएं एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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02/06/26 |
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन में 90 करोड़ ‘आभा‘ खातों का बना ऐतिहासिक रिकॉर्ड : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 02 जून, जयपुर।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में गांव-ढाणी से लेकर कस्बों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं एवं सुविधाओं में निरंतर विस्तार हो रहा है। इसी क्रम में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन जैसे तकनीकी नवाचार का सफल क्रियान्वयन करते हुए मरीजों का डेटा यूनिक हेल्थ आभा आईडी के माध्यम से संधारित किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करना आसान हुआ है और लोगों को अपना हेल्थ रिकॉर्ड मोबाइल पर उपलब्ध भी हो रहा है।
यूनिक आभा (आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खातों) बनाने में राजस्थान ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 7 करोड़ 19 लाख से अधिक आभा आईडी बनाते हुए प्रदेश ने देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं, देशभर में वर्ष 2026 में इन खातों की संख्या ने 90 करोड़ के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर लिया है, जिससे नागरिक-केंद्रित डिजिटल स्वास्थ्य सेवा सशक्त हो रही है। गत 5 वर्षों से अधिक के कालखंड में आभा खाते बनाने में लगातार बढ़ोतरी हुई है। कुल आभा खातों की संख्या 2021 में 14.7 करोड़ से बढ़कर 2022 में 30.4 करोड़, 2023 में 50.6 करोड़, 2024 में 72.2 करोड़ और 2025 में 84.5 करोड़ दर्ज हुई थी।
आभा एक विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य पहचान है, जो नागरिकों को उनकी सहमति से उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से जोड़ने, देखने और साझा करने में सक्षम बनाती है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रमुख आधार स्तंभों में से एक के रूप में, ‘आभा’ विभिन्न स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, केंद्रों और डिजिटल स्वास्थ्य ऐप्स के बीच लंबे समय तक चलने वाले स्वास्थ्य रिकॉर्ड बनाने में मदद करती है, जिससे नागरिकों को उनकी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पर अधिक पारदर्शिता के साथ नियंत्रण और अधिकार मिलता है।
आभा से मेडिकल हिस्ट्री डिजिटाइज्ड, रोगी को मिलता सुगम उपचार
उल्लेखनीय है कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां मरीज, डॉक्टर और अस्पताल एक-दूसरे से डिजिटल रूप से जुड़े होते हैं। योजना के तहत पंजीकृत नागरिक की एक 14 अंकों की यूनिक आभा हेल्थ आईडी बनती है, जो रोगी की पहचान और मेडिकल रेकार्ड का आधार होती है। सभी लैब रिपोर्ट्स दवाइयों के पर्चे और पुरानी बीमारियों का डेटा इस आईडी में सुरक्षित रहता है, जिससे कागजों को साथ रखने की जरूरत खत्म हो जाती है। रोगी का पूरा डेटा सुरक्षित होता है और उसकी अनुमति के बिना कोई भी डॉक्टर या अस्पताल इसे नहीं देख सकता। इससे डॉक्टरों को मरीज की पुरानी मेडिकल हिस्ट्री समझने में आसानी होती है, जिससे सही समय पर सही इलाज मिल पाता है। इस तकनीकी नवाचार में आईएचएमएस की महत्वपूर्ण भूमिका है। आईएचएमएस एक एबीडीएएम कम्प्लायंट सॉफ्टवेयर है, जिसके द्वारा मरीज की आभा आईडी के साथ इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रेकार्ड लिंक किए जाते हैं।
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02/06/26 |'राजस्थान विकास मॉडल' और नवाचारों की हुई राष्ट्रीय स्तर पर सराहना
एन.एस.बाछल, 02 जून, जयपुर।
'राजस्थान विकास मॉडल' और नवाचारों की देशभर में सराहना हो रही है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की गत दिनों नई दिल्ली में विभिन्न मंत्रालयों के आला अधिकारियों के साथ हुई बैठक में सभी ने इस मॉडल की सराहना की है। अब मुख्य सचिव ने राज्य के संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए हैं कि विकास व व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों को और अधिक गति के साथ लागू करें।
मुख्य सचिव ने सचिवालय में आयोजित बैठक में कहा कि प्रदेश में ग्राम विकास चौपाल, ग्राम रथ अभियान, मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान, चंदन वन, माय भारत एवं राज उन्नति जैसी राज्य सरकार की पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों के रूप में पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि कई राज्यों द्वारा इन पहलों के क्रियान्वयन में रुचि भी दिखाई गई है। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को राज्य सरकार के इन नवाचारों का प्रभावी डॉक्यूमेंटेशन करने तथा सफलता की कहानियां तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में एचआरआरएल रिफाइनरी परियोजना के शीघ्र लोकार्पण, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क विस्तार तथा वैकल्पिक ऊर्जा उपयोग को बढ़ावा देने संबंधी कार्यों में प्रगति लायी जाए। साथ ही, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ समन्वय करते हुए आगामी 30 जून तक 43 हजार पाइप्ड गैस कनेक्शन लाइव करने की दिशा में कार्य में भी प्रगति लाए । बैठक के दौरान सेम्बकॉर्प समूह द्वारा दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र में प्रस्तावित मॉडल औद्योगिक पार्क परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने उद्योग विभाग को निवेश प्रस्तावों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा खान एवं पेट्रोलियम विभाग को परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रदेश में भ्रष्टाचारियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाये। डीरिग्यूलेशन एवं कम्प्लायंस रिडक्शन से संबंधित राजस्थान की मासिक मूल्यांकन रिपोर्ट को राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ कार्यप्रणाली के रूप में सराहा गया है, इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाये।
मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में प्राचीन ग्रंथों एवं पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन तथा संरक्षण के संबध में ज्ञान भारतम् मिशन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए विशेष प्राथमिकता वाला विषय है। उन्होंने कला एवं संस्कृति विभाग, संस्कृत शिक्षा विभाग तथा प्राच्य भाषा निदेशालय को मिशन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान प्रदेश में खनिज अन्वेषण, नीलामी प्रक्रिया, प्री-एम्बेडेड क्लीयरेंस एवं यूनिफाइड माइनिंग पोर्टल से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। राज्य सरकार द्वारा पेयजल, स्वच्छता, सिंचाई परियोजनाएं तथा ऊर्जा क्षेत्र सुधारों से जुड़े विषयों में अतिरिक्त ऋण सीमा के संबंध में भी चर्चा की गई।
बैठक में राजस्थान की महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी गई। बैठक में बालोतरा-पाचपदरा पाइपलाइन रेल लाइन कनेक्टिविटी से जुड़े लंबित विषयों पर विशेष चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने खान एवं पेट्रोलियम विभाग को रेल मंत्रालय, जिला प्रशासन एवं संबंधित हितधारकों के साथ समन्वय कर लंबित विषयों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
योजनाओं की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को दिये निर्देश-
मुख्य सचिव ने बैठक में केन्द्रीय गृह मंत्री के राजस्थान दौरे के दौरान दिए गए निर्देशों की पालना की समीक्षा की। उन्होंने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत सीमावर्ती गांवों में 4जी कनेक्टिविटी एवं सड़क संपर्क सुनिश्चित करने के विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि आगामी नवंबर तक सभी वाइब्रेंट गांवों में 4जी कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य सचिव ने ग्रामीण विकास विभाग एवं सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग को वास्तविक गैप का सत्यापन कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सीमावर्ती जिलों में आधार आईडी के 100 प्रतिशत सत्यापन से जुड़े विषयों की समीक्षा करते हुए कहा कि यह कार्य आगामी अक्टूबर तक पूर्ण किया जाये। मुख्य सचिव ने प्रशासनिक सुधार विभाग को सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग तथा डाक विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने जल संसाधन एवं पेयजल से जुड़े विषयों की समीक्षा करते हुए एमपीकेसी परियोजना, आईजीएनपी ट्रिब्यूनल विजिट, यमुना जल से जुड़े कार्यों तथा सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने जल संसाधन विभाग को केंद्र सरकार एवं संबंधित राज्यों के साथ सतत समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में जल संसाधन, खान एवं पेट्रोलियम, उद्योग, वन एवं पर्यावरण, पीडब्ल्यूडी, खेल एवं युवा मामले, प्रशासनिक सुधार विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने वीसी के माध्यम से बैठक में भाग लिया।
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02/06/26 |वाहन मोडिफाई कर मादक पदार्थों का परिवहन एवं गैर कानूनी गतिविधियां करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई:राजस्थान
एन.एस.बाछल, 02 जून, जयपुर।
वाहनों में अवैध मोडिफिकेशन कर मादक पदार्थों का परिवहन एवं अन्य गैर कानूनी गतिविधियों में संलिप्त असामाजिक तत्वों पर अब कड़ी कार्रवाई होगी। प्रदेशभर में ऐसे वाहन स्वामियों के खिलाफ चालान, जब्ती एवं अन्य कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ऐसी गैर कानूनी गतिविधियां करने वाले तत्वों के विरूद्ध राज्य सरकार की जीरो टोलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसकी अनुपालना में परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग द्वारा प्रदेशभर में जनजागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए सभी क्षेत्रीय एवं जिला परिवहन अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
परिवहन विभाग के संज्ञान में आया है कि असामाजिक तत्वों द्वारा वाहनों में अवैध मोडिफिकेशन कर मादक पदार्थों का अवैध परिवहन सहित अन्य गैर कानूनी गतिविधियां करने की संभावनाएं रहती हैं। वाहनों पर नियम विरूद्ध प्रतीक आदि लगाकर आमजन को भयभीत किए जाने की भी सूचनाएं मिलती हैं। ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्यव्यापी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के तहत मोटरयान अधिनियम, 1988 एवं केन्द्रीय मोटरयान नियम, 1989 के प्रावधानों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जाएगा।
परिवहन विभाग के अनुसार राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे वाहन संचालित होने की सूचनाएं सामने आती हैं, जिनमें नियमों के विपरीत अवैध मोडिफिकेशन, प्रेशर हॉर्न, एयर हॉर्न, अनाधिकृत लाल एवं नीली बत्तियां, फ्लैशर, हूटर, काली फिल्म, नियम विरूद्ध नम्बर प्लेट, अनाधिकृत शब्द, चिन्ह एवं लेखन प्रदर्शित किए जा रहे हैं। ऐसे वाहनों का उपयोग गैर कानूनी गतिविधियों एवं अपराधों में भी किए जाने की संभावना रहती है। मोडिफिकेशन के कारण वाहनों की पहचान नहीं होने से अपराधियों को पकड़ना भी मुश्किल हो जाता है। साथ ही, सड़क सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न होता है। ऐसी अवांछित गतिविधियों पर प्रभावी रोकथाम के लिए राज्यभर में व्यापक जन-जागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वाहन स्वामी स्वेच्छा से नियमों का पालन सुनिश्चित कर सकें।
अवैध मॉडिफिकेशन पर सख्त कार्रवाई—
विभाग ने स्पष्ट किया है कि वाहन की संरचना, बॉडी, चेसिस में ऐसा कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता, जिससे वाहन के पंजीकरण प्रमाण-पत्र में दर्ज मूल विवरण प्रभावित हो। वाहन का प्रकार, सीटिंग क्षमता, रंग एवं आयाम अथवा निर्माता द्वारा अनुमोदित विनिर्देशों से भिन्न कोई भी परिवर्तन अवैध माना जाएगा। किसी वाहन पर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना लाल या नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट, बीकन लाइट, हूटर, प्रेशर हॉर्न, एयर हॉर्न अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत ध्वनि उपकरण पाए जाने पर उन्हें मौके पर ही हटाया जाएगा। ऐसे मामलों में चालान के साथ-साथ ड्राइविंग लाइसेंस अयोग्य घोषित करने अथवा निरस्त करने की कार्रवाई भी होगी।
काली फिल्म लगाने वालों पर विशेष निगरानी—
वाहनों के शीशों पर निर्धारित मानकों से अधिक काली फिल्म अथवा अन्य अपारदर्शी सामग्री पाए जाने पर चालानी कार्रवाई की जाएगी। वाहन की बॉडी अथवा अन्य भागों पर नियम विरूद्ध शब्द, चिन्ह, स्टिकर, मोनोग्राम या लेखन प्रदर्शित करने/लगाने पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हाई सिक्योरिटी प्लेट पर विशेष फोकस—
परिवहन विभाग ने सभी वाहन स्वामियों को हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाने के निर्देश दिए हैं। फर्जी नम्बर प्लेट, अपठनीय नम्बर प्लेट, नम्बर प्लेट को स्टिकर या अन्य सामग्री से ढंकना अथवा नम्बर प्लेट पर अनाधिकृत शब्द, चिन्ह या मोनोग्राम प्रदर्शित करना गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में वाहन का चालान, जब्ती तथा आवश्यकता पड़ने पर पंजीकरण निलंबन की कार्रवाई होगी।
वाहन स्वामियों को 3 दिन का अवसर—
परिवहन विभाग ने राज्य के सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि यदि उनके वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन, नियम विरूद्ध नम्बर प्लेट अथवा अन्य उल्लंघन हो रहा है तो वे परिपत्र जारी होने की तिथि से तीन दिवस के भीतर उन्हें स्वयं ठीक कर लें। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद प्रदेशभर में विशेष जांच एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। उल्लंघन पाए जाने पर चालान, वाहन जब्ती तथा अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि वाहनों में मॉडिफिकेशन कर गैर कानूनी गतिविधियों पर रोक लगाना एवं सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। ऐसे असामाजिक तत्वों एवं नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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01/06/26 |डेयरी, पर्यटन और खनन में रोजगार की अपार संभावनाएं- मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 01 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार ने पहले दिन से ही युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं। 4 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने एवं 6 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम हो रहा है। इसी क्रम में 1 लाख 25 हजार से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्तियां प्रदान की गई हैं, 1 लाख 35 हजार से अधिक पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं एवं इस वर्ष 1 लाख 25 हजार पदों का भर्ती कैलेण्डर भी जारी किया गया है।
प्रधानमंत्री की ईंधन बचत की अपील, साईकिल से मुख्यमंत्री निवास पहुंचे युवा-
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईंधन बचत की अपील को आत्मसात कर बड़ी संख्या में युवा मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में साईकिल से पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं का उत्साहवर्धन किया। वहीं, उन्होंने आह्वान किया कि विकसित राजस्थान-2047 के सपने को साकार करने में युवा अपनी अहम भूमिका निभाएं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर युवाओं से संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पेपरलीक ने युवाओं के सपनों को तोड़ा, लेकिन हमारी सरकार ने इस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा है। हमारे कार्यकाल में बिना पेपरलीक के 350 से अधिक परीक्षाएं आयोजित हुई हैं। वहीं, प्रदेश के युवाओं को प्रगति के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए युवा नीति भी लाई गई है। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही स्वरोजगार के अवसर मिले, इसके लिए भी कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में ग्राम स्तर पर युवाओं के लिए अटल ज्ञान केन्द्रों को विकसित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि करीब 4 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया। 436 रोजगार सहायता शिविर आयोजित किए हैं, युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत 6 प्रतिशत ब्याज पुनर्भरण हेतु ऋण की सीमा को बढ़ाकर 2 करोड़ रूपये किया है। योजना के अन्तर्गत 248 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, राजस्थान स्टार्टअप कार्यक्रम के तहत फंडिंग प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के विकास की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए रोडमैप बनाया, जिसके तहत सबसे पहले जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राम जल सेतु लिंक परियोजना और यमुना जल समझौते को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। वहीं, आईजीएनपी एवं गंग नहर का सुदृढ़ीकरण, देवास परियोजना का विस्तार, ब्राह्मणी नदी एवं माही बांध परियोजना जैसे अनेक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक प्रदेशभर के किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इसी क्रम में 26 जिलों के किसानों को दिन में बिजली दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि हमने राइजिंग राजस्थान का आयोजन कर 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए, जिनमें से 9 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं। गांवों और शहरी वार्डों के विकास का रोडमैप बनाने के लिए मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास रथों के माध्यम से प्रदेश में किसान कल्याण की दिशा में कार्य किया गया है। जल संचय के लिए वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान और कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। हमारी सरकार ने हरियालो राजस्थान अभियान चलाकर लगभग 20 करोड़ पौधारोपण का कार्य किया है। इस वर्ष भी 10 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में डेयरी, सहकारिता, पर्यटन, खनन सहित विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इसलिए युवा इन क्षेत्रों से जुड़कर अपनी आजीविका का मार्ग प्रशस्त करें। उन्होंने कहा कि डेयरी सेक्टर में दूध संकलन केन्द्रों की संख्या एवं प्रसंस्करण इकाइयों की क्षमता में वृद्धि की गई है। वहीं, सहकारिता क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने के लिए नए सदस्य बनाए गए हैं। साथ ही, निरंतर नवीन पैक्स भी खोले जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को आगे बढ़ने के लिए अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन अपनी मेहनत और जुनून से वे बुलंदियों तक पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि देश की आजादी में भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल जैसे युवा स्वतंत्रता सेनानियों का अहम योगदान रहा। इसलिए प्रदेश का युवा इन्हें अपनी प्रेरणा का स्रोत बनाए और अध्ययन के जरिये ज्ञान में वृद्धि कर जीवन का मार्ग प्रशस्त करे।
इस अवसर पर राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी, युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, सांसद मदन राठौड़, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
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01/06/26 |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक मूल्यों का हो रहा पुनर्जागरण-मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 01 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर ने सेवा और न्याय को शासन का आधार बनाया। अहिल्याबाई ने समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के साथ ही देशभर में धार्मिक स्थलों के उत्थान के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को नई ऊर्जा प्रदान की। उनका जीवन हमें यह संदेश देता है कि शिक्षित, आत्मनिर्भर एवं सशक्त मातृ शक्ति ही देश और समाज की प्रगति का आधार है। उनके आदर्श वर्तमान में विकसित भारत एवं विकसित राजस्थान की नींव है।
मुख्यमंत्री बिड़ला ऑडिटोरियम में पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती पर प्रदेशस्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई ने काशी विश्वनाथ मंदिर सहित अनेक तीर्थस्थलों के पुनरुद्धार में महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ ही तीर्थराज पुष्कर में भी सरोवर के घाटों का निर्माण करवाया। धर्म और आस्था के साथ ही देवी होल्कर प्रशासनिक कुशलता तथा सैन्य नेतृत्व के लिए भी जानी जाती थीं। सेना में उन्होंने महिला सैन्य टुकड़ी का गठन कर अपनी दूरदृष्टि का परिचय दिया।
विमुक्त, घुमन्तू एवं अर्द्धघुमन्तू समाज के कल्याण के लिए राज्य सरकार संकल्पित—
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान करना ही लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों का वास्तविक अनुसरण है। इसी दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिला शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। साथ ही, हमारी सरकार ने बजट में घुमन्तू एवं अर्द्धघुमन्तू समाज के बच्चों के लिए स्कूल ऑन व्हील्स की घोषणा की है। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि समाज के छात्र-छात्राओं के लिए जयपुर में छात्रावास निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के कार्यों के अनुरूप ही आज देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनर्जागरण हो रहा है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, केदारनाथ धाम का पुनर्विकास, महाकाल लोक का निर्माण तथा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व इसके उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि आज देश विकास और विरासत, आधुनिकता और आस्था को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है।
प्रदेश में आस्था धामों का हो रहा कायाकल्प—
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी प्रदेश के प्रमुख आस्था धामों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मेहंदीपुर बालाजी, खाटूश्यामजी, सालासर बालाजी, तीर्थराज पुष्कर, तनोट माता, करणी माता, श्रीनाथजी, सांवरिया सेठ तथा गिरिराज धरण, पूंछरी का लौठा सहित विभिन्न आस्था केन्द्रों के विकास के लिए अनेक कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही, वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के माध्यम से अब तक 91 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थयात्रा कराई जा चुकी है। वहीं, इस वर्ष छह हजार वरिष्ठजनों को हवाई मार्ग से पशुपतिनाथ (नेपाल) तथा 50 हजार वरिष्ठजनों को एसी ट्रेन के माध्यम से विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा करवाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक समाज एवं प्रत्येक नागरिक का महत्वपूर्ण योगदान है। बघेल समाज ने पशुपालन, कृषि और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान और पशुपालक केे हित में निरंतर कार्य कर रही है। इसी दिशा में पशुपालकों को गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से ऋण सुविधा, उनके पशुधन की सुरक्षा के लिए पशु बीमा योजना तथा उपचार के लिए मोबाइल वेटरनरी यूनिट की सुविधा उपलब्ध करवा रही है। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा पशुपालकों को प्रति लीटर 5 रुपये का अनुदान भी दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध उत्पादन में राजस्थान देश का अग्रणी राज्य है। राज्य सरकार दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने, दुग्ध संयंत्रों के विस्तार तथा नए संग्रहण केन्द्र स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि पशुपालकों की आय में वृद्धि तथा युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सके।
वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान से जुड़ने का आह्वान—
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गंगा दशहरा (25 मई) से वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान संचालित किया जा रहा है। इसकेे माध्यम से जल स्रोतों की साफ-सफाई एवं मरम्मत के कार्य किए जा रहा हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सभी इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं।
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि समाज अहिल्या बाई होल्कर के जीवन से प्रेरणा लेकर एकजुट रहे और देश-प्रदेश के विकास में योगदान दे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पिछड़े वर्ग के युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही, किसानों और पशुपालकों के हित में भी राज्य सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं।
राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने कहा कि अहिल्या बाई होल्कर ने सैकड़ों साल पहले महिला शिक्षा को आगे बढ़ाने का काम किया। आज युवा ऐसी ही महान विभूतियों के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें और आने वाली पीढ़ी को संस्कारवान बनाने का कार्य करें।
कार्यक्रम में अहिल्याबाई होल्कर के जीवन पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया गया। इस अवसर पर अहिल्याबाई होल्कर के वंशज उदय सिंह राजे होल्कर, विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्ध घुमंतू जनजाति महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष दुष्यंत सिंह बघेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गडरिया, गाडरी, गायरी, धनगर, पाल, बघेल एवं होल्कर समाज के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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31/05/26 |प्रदेश के शहरों को स्वच्छता में अग्रणी बनाना हमारा लक्ष्य- मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 31 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विकसित राजस्थान 2047 के संकल्प को पूरा करने में कार्मिकों की अहम भूमिका है। ईमानदारी और पारदर्शिता से किया गया कार्य ही सुशासन की पहचान बनता है। इसलिए जनता को समय पर सेवाएं देकर कार्य संस्कृति को मजबूत बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आह्वान किया कि कार्मिक अपनी सेवा में पूर्ण शुचिता को अपनाएं और भ्रष्ट आचरण के दलदल से दूर रहकर जन सेवा के ध्येय को और अधिक मजबूत बनाएं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जयपुर के आरआईसी में आयोजित राजस्थान नगर पालिका कर्मचारी फेडरेशन के नवम महाधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘न खाऊंगा और न खाने दूंगा’ के मूलमंत्र पर चलते हुए हमने 103 अधिकारियों को निलंबित किया है, 6 अफसरों को सेवा से बर्खास्त किया है और 11 भ्रष्ट अधिकारियों की आजीवन पेंशन पर रोक लगाई है। वहीं रिश्वत, ट्रैप, पद का दुरुपयोग, आय से अधिक संपत्ति प्रकरणों के 108 मामलों में अभियोजन स्वीकृति दी है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत 37 अन्य प्रकरणों में भी कठोर कार्रवाई की है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता और बेहतर नागरिक सुविधाएं शहर की पहचान होती हैं। प्रदेश के शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाये रखने में नगर पालिका कर्मचारी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जो हर समय जनता की सेवा में जुटे रहते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में जयपुर ग्रेटर नगर निगम ने पूरे देश में 16वां स्थान प्राप्त किया, वहीं 3 लाख से 10 लाख की आबादी वाले शहरों में उदयपुर 13वें स्थान पर रहा है। उन्होंने कहा कि हमें प्रदेश के शहरों को स्वच्छता में देश में अग्रणी बनाने के लक्ष्य के साथ काम करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की स्वच्छ भारत मिशन की पहल देश में आज जन आंदोलन बन चुकी है। इस अभियान के माध्यम से लोगों की स्वच्छता की आदतों में बदलाव आया है। वहीं, घर-घर में शौचालय बनवाकर हमारी माता-बहनों के जीवन को एक गरिमा प्रदान की गई है। साथ ही, शहरों में अच्छे बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए स्मार्ट सिटी मिशन प्रारंभ किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से देशभर में जल संचय-जनभागीदारी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान को सशक्त बनाने के क्रम में राज्य में गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही हमारी सरकार ने हरियालो राजस्थान अभियान में अभी तक प्रदेशभर में लगभग 20 करोड़ पौधे लगाए हैं और इस वर्ष भी 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत प्रदेश में पहली बार चंदन वन भी विकासित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी देशवासियों से ऊर्जा की बचत और मितव्ययिता को अपनाने का आह्वान किया है, जिसमें हम सभी अपना सहयोग दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री कहा कि राज्य सरकार तकनीक, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ आगे बढ़ते हुए स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित शहरों के निर्माण के लिए कार्य कर रही है। इसी दिशा में पेयजल, सीवरेज, ड्रेनेज तथा डिजिटल नगर सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। अमृत 2.0 के तहत 11 हजार 560 करोड़ रुपये की राशि से राज्य के 200 शहरों और कस्बों में 363 परियोजनाओं पर काम हो रहा है। शहरी क्षेत्रों के लिए नई टाउनशिप नीति 2024 लागू की गई है। हमारा लक्ष्य है कि शहरों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ ही आधुनिक सफाई व्यवस्था और ठोस कचरा प्रबंधन सुदृढ़ हो।
उन्होंने कहा कि आमजन का सबसे पहला और सीधा संपर्क नगर निकाय के कर्मचारियों से ही होता है। ये सफाई, पेयजल, सड़क से लेकर सीवर, पार्कों का रखरखाव, अग्निशमन व जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं के माध्यम से जनता के जीवन को आसान और सुरक्षित बनाते हैं। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के इस दौर में आने वाले वर्षों में नगर निकायों की भूमिका और भी अधिक निर्णायक, व्यापक और महत्वपूर्ण होने जा रही है। ऐसे में वे सभी अपनी सेवा और समर्पण की भावना से प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के विकास के लिए पानी और बिजली के क्षेत्र में विभिन्न परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। राइजिंग राजस्थान के तहत लगभग 9 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने एसआईटी और एजीटीएफ का गठन किया, प्रदेश में पेपरलीक पर लगाम लगाई तथा युवाओं को निरंतर नौकरी के अवसर उपलब्ध करवा रहे हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कर्मचारी कल्याण स्मारिका का विमोचन किया।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि राजस्थान को मुख्यमंत्री के रूप में एक किसान पुत्र का नेतृत्व प्राप्त हुआ है, जिन्होंने किसानों के कल्याण और प्रदेश के समग्र विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही सहायता के साथ ही राज्य सरकार ने प्रदेश के किसानों की सम्मान निधि में वृद्धि की है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार गांवों और शहरों में जाकर आमजन से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहे हैं। राज्य सरकार ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ एवं ‘हरियालो राजस्थान’ के माध्यम से प्रदेश को हराभरा बनाने तथा जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास, सुशासन और जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जल प्रबंधन, ऊर्जा, युवाओं के हित, कर्मचारी कल्याण तथा आधारभूत संरचना के विकास जैसे क्षेत्रों में राज्य सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण पहल की हैं। मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में प्रदेश ‘विकसित राजस्थान-2047’ के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से अग्रसर है।
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30/05/26 |डिजिटल अरेस्ट से बचाएगा सीबीआई का 'अभय': राजस्थान पुलिस ने जारी की नए एआई चैटबॉट को लेकर विशेष एडवाइजरी
एन.एस.बाछल, 30 मई, जयपुर।
राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा द्वारा प्रदेश में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और आम नागरिकों को नए जमाने के हाइटेक खतरों से सुरक्षित रखने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि इन दिनों तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट स्कैम और अदालतों व जांच एजेंसियों के नाम पर भेजे जा रहे फर्जी अरेस्ट वारंट से नागरिकों को बचाने के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की गई है। इस बढ़ते खतरे से निपटने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा 'अभय' (ABHAY) नामक एक अत्यंत आधुनिक एआई आधारित नोटिस सत्यापन चैटबॉट विकसित किया गया है, जो किसी भी संदिग्ध नोटिस की असलियत बताने में सक्षम है।
क्या है अभय चैटबॉट और कैसे करता है डिजिटल सुरक्षा गार्ड का काम-
एडीजी वीके सिंह ने बताया कि ABHAY (Artificial Intelligence Based Helpful Assistant for You) एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संचालित चैटबॉट है, जो इंटरनेट पर सक्रिय अपराधियों के खिलाफ आम नागरिकों के लिए एक डिजिटल सुरक्षा गार्ड की तरह काम करता है। यह चैटबॉट चौबीसों घंटे (24x7) लाइव रहता है, जो किसी भी व्यक्ति को मिले संदिग्ध सीबीआई या अन्य सरकारी नोटिस की वास्तविकता की तुरंत जांच करके असली और नकली नोटिस के बीच का अंतर स्पष्ट कर देता है। इसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल अरेस्ट जैसे बड़े फ्रॉड के दौरान नागरिकों को घबराहट में कोई भी गलत या आत्मघाती कदम उठाने से रोकना है।
अभय चैटबॉट की चार सबसे बड़ी तकनीकी विशेषताएं—
साइबर शाखा के अनुसार यह एआई चैटबॉट बेहद एडवांस फीचर्स से लैस है, जो संकट के समय पीड़ितों के लिए मददगार साबित होता है:
1. रीयल-टाइम अपडेट: देश में जैसे ही साइबर अपराधी ठगी का कोई नया तरीका निकालते हैं, पुलिस और जांच एजेंसियां इसके बैकएंड डेटाबेस को तुरंत अपडेट कर देती हैं, जिससे यह चैटबॉट नए फ्रॉड को भी पहचान लेता है।
2. नो-पैनिक गाइडेंस : चैटबॉट को इस तरह प्रशिक्षित (ट्रेन) किया गया है कि यदि कोई डरा हुआ पीड़ित इससे बात करता है, तो यह उसे शांत रखकर स्टेप-बाय-स्टेप विधिक निर्देश देता है।
3. ऑटो-रूटिंग की सुविधा: यदि मामला अत्यधिक गंभीर श्रेणी का होता है, तो यह यूजर को सीधे भारत सरकार के आधिकारिक शिकायत पोर्टल के लिंक पर रीडायरेक्ट कर देता है।
4. बिना थके 24×7 सेवा: एक स्वचालित एआई सिस्टम होने के कारण यह आधी रात को भी ठगी का शिकार होने वाले व्यक्ति को उतनी ही त्वरित गति से विधिक सुरक्षात्मक जवाब देता है।
ग्रामीणों, महिलाओं और बुजुर्गों को सरल भाषा में मिलेगी तत्काल सहायता-
वीके सिंह ने बताया कि इस चैटबॉट को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि साइबर धोखाधड़ी होने के शुरुआती महत्वपूर्ण समय में यह पीड़ित को तुरंत बैंक खाता फ्रीज कराने या शिकायत दर्ज कराने जैसे सटीक कदम उठाने की सलाह देता है। यह सिस्टम हिंदी, अंग्रेजी के साथ-साथ स्थानीय क्षेत्रीय भाषाओं को समझने में पूरी तरह सक्षम है, जिससे ग्रामीण और कम तकनीकी समझ रखने वाले बुजुर्ग व महिलाएं भी डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन और फर्जी लोन ऐप जैसे हाइटेक स्कैम्स के बारे में अपनी भाषा में आसानी से सीख और समझ सकते हैं।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें: सीधे इन नंबरों पर करें शिकायत—
राजस्थान पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आने वाले कोर्ट या पुलिस के नोटिस से डरने की बजाय अभय के साथ उसका सत्यापन करें। यदि आपके साथ किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की घटना हो जाती है या ठगों द्वारा ऐसी कोशिश की जाती है, तो बिना डरे इसकी सूचना निकटतम पुलिस स्टेशन, साइबर पुलिस स्टेशन, राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in, साइबर हेल्पलाइन नम्बर 1930 अथवा साइबर हेल्पडेस्क नम्बर 9256001930 / 9257510100 पर दें।
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हिसार बस स्टैंड पर भीड़ में बिछड़ी राजस्थान की मासूम बच्ची, चौकी पुलिस की मुस्तैदी से 1 घंटे में मामा-मामी को सकुशल सौंपा
हिसार, 30 मई, (अन्नू): पुलिस अधीक्षक (SP) श्री सिद्धान्त जैन (IPS) के दिशा-निर्देशानुसार और थाना शहर प्रभारी निरीक्षक अमित कुंडू के नेतृत्व में हिसार पुलिस सुरक्षा के साथ-साथ मानवता और जनसेवा की भावना से निरंतर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में बस स्टैंड पुलिस चौकी हिसार की टीम ने सहायक उप-निरीक्षक (ASI) रणजीत सिंह की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते भीड़भाड़ में अपनी मां से बिछड़ी एक मासूम बच्ची को सकुशल उसके परिजनों से मिलवाकर बेहद सराहनीय कार्य किया है।
राजस्थान से मायके (बालसमंद) आ रही थी महिला, बस में छूट गई मासूम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्थान के जिला झुंझुनू के उदयपुरवाटी की रहने वाली एक महिला अपनी छोटी बच्ची और अपनी बहन के साथ एक प्राइवेट बस में सवार होकर अपने मायके गांव बालसमंद (हिसार) आ रही थी। बस में यात्रियों की अत्यधिक भीड़ थी। जब बस हिसार मुख्य बस स्टैंड पर आकर रुकी, तो भीड़भाड़ और हड़बड़ाहट के कारण महिला और उसकी बहन तो बस से नीचे उतर गईं, लेकिन मासूम बच्ची बस स्टैंड के परिसर में ही अपनी मां से पूरी तरह बिछड़कर अकेली रह गई।
रोती बच्ची को पुलिस ने लिया संरक्षण में, खिलाया-पिलाया और चुप कराया
बस स्टैंड पर अकेली खड़ी रोती हुई मासूम बच्ची पर जैसे ही वहां तैनात बस स्टैंड पुलिस चौकी की टीम की नजर पड़ी, पुलिस ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाई। एएसआई रणजीत सिंह और उनकी टीम ने बच्ची को अपनी सुरक्षात्मक देखरेख (संरक्षण) में लिया। पुलिस कर्मियों ने उसे पानी पिलाया, बिस्कुट खिलाए और लाड़-प्यार देकर पहले उसे शांत कराया ताकि वह डरे नहीं।
बस कंडक्टर से मिला सुराग; मामा-मामी को बुलाकर सौंपी लाडली
इसके बाद पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए सूझबूझ से काम लिया। टीम ने उस प्राइवेट बस के कंडक्टर और स्टैंड पर मौजूद अन्य चश्मदीदों से गहनता से पूछताछ कर बच्ची के परिजनों की जानकारी जुटानी शुरू की। पुलिस की तत्परता और लगातार प्रयासों के चलते कुछ ही देर में बच्ची के परिजनों का मोबाइल नंबर मिल गया, जिसके बाद हिसार में रह रहे बच्ची के सगे मामा-मामी का पता लगाकर उन्हें तुरंत बस स्टैंड चौकी पर बुलाया गया।
चौकी पर पहुंचे परिजनों की पूरी तस्दीक, पहचान और आवश्यक कानूनी कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद हिसार पुलिस ने मासूम बच्ची को सकुशल उसके मामा-मामी के सुपुर्द कर दिया। अपनी लाडली को सही-सलामत वापस पाकर परिजनों की आंखों में आंसू आ गए और उन्होंने हिसार पुलिस की इस त्वरित सहायता, सजगता और मानवीय कार्यशैली के लिए दिल से आभार व्यक्त किया।
हिसार पुलिस की आमजन से अपील:
"गर्मियों के सीजन और शादियों के चलते बसों व रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ रह रही है। यात्रा के दौरान अपने छोटे बच्चों का हाथ हमेशा पकड़कर रखें और उनका विशेष ध्यान रखें। किसी भी आपात स्थिति या बच्चा गुम होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबरों या नजदीकी पुलिसकर्मी से संपर्क करें।" — थाना शहर, हिसार
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29/05/26 |उद्यमियों की विद्युत संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए जयपुर डिस्कॉम का फैसला
एन.एस.बाछल, 29 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में जयपुर डिस्कॉम ने एक महत्वपूर्ण निर्णय किया है। इसके अन्तर्गत अब सभी ओएंडएम सर्किल में अधीक्षण अभियंताओं को क्षेत्र की औद्योगिक एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों के साथ प्रतिमाह बैठक करनी होगी। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य बिजली कनेक्शनों की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना, इसमें किसी भी प्रकार की देरी को खत्म करना तथा औद्योगिक क्षेत्रों में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
इन बैठकों में औद्योगिक कनेक्शन के लिए आए नए आवेदनों की समीक्षा की जाएगी कि वे किस स्तर पर प्रक्रियाधीन हैं। यदि कोई आवेदन लंबे समय से अटका हुआ है तो उसके तकनीकी या प्रशासनिक कारणों की समीक्षा कर उचित समाधान निकाला जाएगा। इसके अतिरिक्त औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली की ट्रिपिंग, कम वोल्टेज या अन्य तकनीकी समस्याओं को लेकर उद्यमियों से सीधा फीडबैक लिया जाएगा ताकि सप्लाई में सुधार किया जा सके।
डिस्कॉम प्रबंधन का मानना है कि इससे उद्योगों और निगम के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा। यह निर्णय कनेक्शन, विद्युत आपूर्ति एवं बिलिंग सहित उद्यमियों की विद्युत संबंधी अन्य समस्याओं के त्वरित निराकरण में प्रभावी सिद्ध होगा। इस संबंध में निदेशक तकनीकी की ओर से सभी ओएंडएम वृत्त अधीक्षण अभियंताओं को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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29/05/26 |सौर ऊर्जा संयंत्रों से 7 हजार 376 मेगावाट बिजली का उत्पादन, विद्युत उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के साथ हो रहा सुधार:राजस्थान
एन.एस.बाछल, 29 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार के बेहतर प्रबंधन एवं दूरगामी निर्णयों के फलस्वरूप प्रदेश में विद्युत प्रसारण एवं वितरण तंत्र में महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं, जिसके फलस्वरूप भीषण गर्मी के दौर में भी घरेलु, कृषि उपभोक्ताओं सहित उद्योगों को निर्बाध एवं पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। वहीं, जयपुर, जोधपुर एवं अजमेर विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा सतत मॉनिटरिंग एवं नवाचारों से विद्युत उपभोक्ताओं की शिकायतों में उल्लेखनीय कमी भी आई है।
राज्य सरकार वर्ष 2027 तक दिन के समय में किसानों को बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसके लिए विद्युत प्रसारण तंत्र का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। राज्य सरकार के अब तक के कार्यकाल में प्रदेशभर में 33 केवी के 444 सब स्टेशन स्थापित किए गए हैं। वहीं, 211 सब स्टेशन कार्य प्रगतिरत हैं। इसी प्रकार, 400, 220 और 132 केवी के 59 जीएसएस स्थापित किए गए हैं और 145 जीएसएस का कार्य प्रगतिरत हैं। वहीं, सौर ऊर्जा संयंत्र (कुसुम-ए, सी और रूफटॉप सहित) के वृहद नेटवर्क के जरिए लगभग 7 हजार 376 मेगावाट तथा कोयला आधारित तापीय परियोजनाओं से 7 हजार 830 मेगावाट विद्युत क्षमता उपलब्ध है।
तापमान में अत्यधिक बढ़ोतरी के कारण ट्रिपिंग अथवा फॉल्ट की आशंका से निपटने तथा उपभोक्ताओं को व्यवधान रहित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए डिस्कॉम्स कंपनियों में कार्ययोजना के तहत अलर्ट मोड पर कार्य किया है। गर्मी आने से पहले डिस्कॉम्स ने ट्रांसफार्मरों में 13 हजार 473 एमवीए की क्षमता आवर्धन, 11 केवी और 33 केवी के 4 हजार 815 फीडरों का विभाजन, लगभग 5 हजार सर्किट लाइनों का अतिरिक्त नेटवर्क विस्तार करने के साथ ही 3 हजार 682 जीएसएस के रखरखाव का कार्य व्यापक स्तर पर किया।
वहीं, उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए विद्युत वितरण निगमों ने प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र विकसित किया गया है। इस तंत्र में टोल फ्री कॉल सेंटर्स, ग्राहक सेवा केन्द्र, केन्द्रीय नियंत्रण कक्ष के साथ-साथ लगभग 1129 फॉल्ट रेक्टिफिकेशन टीम उपभोक्ताओं की शिकायतों पर रेपिड एक्शन लेते हुए उपभोक्ताओं को राहत पहुंचा रही है। परिणामस्वरूप शिकायतों एवं उनके निस्तारण के संबंध में उल्लेखनीय कमी आई है। जयपुर, अजमेर और जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में 1 अप्रेल 2025 से 20 मई 2025 तक नो करंट की लगभग 3 लाख 52 हजार शिकायतें दर्ज हुई, जो इस कालखण्ड में वर्ष 2026 के दौरान लगभग 41 हजार की कमी के साथ 3 लाख 11 हजार ही रह गई हैं। यह दर्शाता है कि विद्युत आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
राज्य में सरप्लस बिजली उपलब्ध-
प्रदेश में 1 मई को विद्युत की मांग 2860 लाख यूनिट थी जो हीटवेव के कारण अब बढ़कर 3850 लाख यूनिट तक पहुंच गई है। इस ग्रीष्म ऋतु की सर्वाधिक विद्युत मांग 27 मई को रात्रि करीब 10.15 बजे 17333 मेगावाट दर्ज हुई जिसे बिना किसी कटौती के पूरा किया गया है।
राज्य में दिन के समय डिमांड की तुलना में बिजली की सरप्लस उपलब्धता है। प्रदेश में 21 मई को 15563 मेगावाट की मांग के विरूद्ध 18751 मेगावाट की उपलब्धता रही। वहीं 22 मई को 15633 मेगावाट की मांग की तुलना में 17497 मेगावाट तथा 23 मई को 16611 मेगावाट मांग की तुलना में 20263 मेगावाट की विद्युत उपलब्धता रही। इसी प्रकार 24 मई को 15500 मेगावाट के सापेक्ष 19189 मेगावाट, 25 मई को 15948 मेगावाट की तुलना में 21285 मेगावाट, 26 मई को 16516 मेगावाट की तुलना में 20898 मेगावाट तथा 27 मई को 16683 मेगावाट की मांग के सापेक्ष 21542 मेगावाट की विद्युत उपलब्धता रही।
सोलर उत्पादन नहीं होने से रात्रि के समय उपलब्धता लगभग 16500 मेगावाट तक रह जाती है और मांग एवं आपूर्ति के बीच कमी होने की स्थिति में इसे एनर्जी एक्सचेंज के माध्यम से क्रय कर पूरा किया जाता है।
स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा पर विशेष जोर-
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार उत्पादन इकाइयों एवं प्रसारण तंत्रों का समयानुसार रख-रखाव सुनिश्चित किया जा रहा है। वहीं, सौर, पवन ऊर्जा परियोजनाओं के साथ-साथ पम्प स्टोरेज, गैस और जल विद्युत तथा बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि प्रदेश स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित कर सके।
जेवीवीएनएल का नवाचार, अभियंताओं रात्रि में कर रहे ‘विद्युत सुरक्षा’-
भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए डिस्कॉम्स प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही हैं। इसी कड़ी में जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने उल्लेखनीय पहल की है। इसके अंतर्गत निगम के कनिष्ठ अभियंता, सहायक अभियंता तथा अधिशासी अभियंता रात 8 बजे से रात्रि 11 बजे तक पीक ऑवर्स के दौरान फील्ड में जाते हैं। इस दौरान वे हैवी लोड वाले जीएसएस, फीडर, ट्रांसफॉर्मरों या पिलर बॉक्स को चेक कर लोड बैलेंसिंग करते हैं। इससे ट्रिपिंग तथा नो करंट संबंधी उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निराकरण में मदद मिल रही है। वहीं, वोल्टेज में उतार-चढ़ाव की समस्या को भी दूर किया जा रहा है।
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29/05/26 |टीबी मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा राजस्थान
एन.एस.बाछल, 29 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राजस्थान टीबी मुक्त होने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “टीबी मुक्त भारत” के संकल्प को साकार करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी दिशा में संचालित ‘टीबी मुक्त भारत अभियान-100 दिवसीय विशेष अभियान’ में राजस्थान ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। इस वर्ष 24 मार्च को शुरू हुए इस अभियान में मात्र दो माह में प्रदेश में करीब 19 लाख व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ‘निरामय राजस्थान’ के विजन के तहत टीबी जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन के लिए व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग, शीघ्र जांच, जनजागरूकता, पोषण सहायता एवं सामुदायिक सहभागिता को प्राथमिकता दी जा रही है। जनभागीदारी, तकनीक एवं संवेदनशीलता के साथ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवा कर हम टीबी की इस जंग को हर हाल में जीतेंगे।
11 हजार गांवों में अभियान, अब तक 5 हजार शिविर, 16 लाख से ज्यादा एक्सरे
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि प्रदेशभर में 24 मार्च से 11,328 हाई रिस्क गांवों एवं वार्डों में विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अभियान के अंतर्गत प्रदेश में अब तक करीब 5 हजार आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 18.93 लाख से अधिक व्यक्तियों की टीबी स्क्रीनिंग की गई। समय पर एवं सटीक जांच करने के लिए 16.51 लाख चेस्ट एक्स-रे तथा 1.41 लाख से अधिक एनएएटी जांचें सुनिश्चित की गईं।
32 हजार से अधिक नए रोगियों की पहचान
उन्होंने बताया कि सक्रिय केस खोज (एक्टिव केस फाइंडिंग) गतिविधियों के माध्यम से अभियान के दौरान कुल 32,102 नए टीबी रोगियों की पहचान की गई। इनमें 10,457 ऐसे मरीज शामिल हैं, जिनमें किसी प्रकार के लक्षण नहीं थे। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय एवं वैज्ञानिक कार्यप्रणाली को दर्शाती है। संवेदनशील एवं उच्च जोखिम वाली आबादी तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से अधिक से अधिक व्यक्तियों की एक्सरे एवं नाट मशीन से जांच की जा रही है।
12 हजार से अधिक को टीपीटी
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण एवं आवश्यकता आधारित उपचार सुनिश्चित करने हेतु डिफरेंशिएटेड टीबी केयर के अंतर्गत 32 हजार से अधिक पात्र मरीजों में से 16 हजार 500 से अधिक मरीजों का आकलन किया गया, जो 51 प्रतिशत उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि टीबी संक्रमण की रोकथाम के लिए टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी) के अंतर्गत 12 हजार 535 व्यक्तियों को टीपीटी आरंभ किया गया।
न्यूट्रिशन किट वितरण में 83 प्रतिशत उपलब्धि
उन्होंने बताया कि टीबी मरीजों के उपचार में पोषण सहायता अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से संचालित पोषण सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत 1 जनवरी 2026 से अब तक करीब 46 हजार सहमति प्राप्त टीबी मरीजों में से करीब 38 हजार लाभार्थियों को न्यूट्रिशन किट वितरित की गईं, जो करीब 83 प्रतिशत उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि निक्षय मित्र पहल के तहत अभियान अवधि में 2 हजार नए निक्षय मित्र पंजीकृत किए गए तथा सामुदायिक सहयोग से करीब 34 हजार फूड बास्केट टीबी मरीजों को वितरित किए गए। उन्होंने कहा कि यह समाज एवं सरकार की साझी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
जनजागरूकता पर विशेष फोकस, वर्ष 2025 में लक्ष्य से ज्यादा
टीबी मरीज अधिसूचित
निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि टीबी उन्मूलन के लिए जनभागीदारी एवं जनजागरूकता पर विशेष फोकस किया जा रहा है। अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया गया है। इसके अंतर्गत राज्यभर में 7500 स्कूल स्तरीय एवं 1363 कॉलेज स्तरीय गतिविधियां आयोजित की गईं। साथ ही करीब एक हजार माय भारत स्वयंसेवकों एवं 7 हजार से अधिक जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। डॉ. शर्मा ने बताया कि राजस्थान ने वर्ष 2025 में कुल 1.63 लाख टीबी मरीजों की अधिसूचना करते हुए निर्धारित लक्ष्य का 102 प्रतिशत हासिल किया है। साथ ही प्रदेश की 6,547 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है, जो राज्य के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है।
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29/05/26 |‘मैं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बोल रहा हूं... अपनी समस्या बताइए’ राजस्थान संपर्क हैल्पलाइन 181 पहुंचे मुख्यमंत्री
एन.एस.बाछल, 29 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हेल्पलाइन पर आमजन से फोन पर सीधे बात कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने खैराबाद (कोटा) के परिवादी प्रिंस को फोन पर आत्मीयता के साथ कहा - ‘मैं भजनलाल शर्मा बोल रहा हूं, आप अपनी समस्या बताइए।’ यह सुनकर परिवादी चौंके और मुख्यमंत्री के समक्ष बिजली आपूर्ति के संबंध में अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने परिवादी को समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन देते हुए अधिकारियों को तुरंत कार्यवाही के निर्देश दिए।
इसी तरह रामगढ़ पचवारा (दौसा) के पुनीराम ने फोन पर मुख्यमंत्री को भूखण्ड पट्टे से संबंधित अपनी समस्या बताई। इस पर मुख्यमंत्री ने पुनीराम को आत्मीयता से कहा - ‘मैं आपके गांव में भी आया हूं। आपकी समस्या के समाधान के लिए मैंने निर्देश दे दिये हैं।’ इस पर परिवादी ने प्रसन्नता व्यक्त की।
वहीं, अरांई (अजमेर) से हेमराज ने मुख्यमंत्री से अपने क्षेत्र में पानी की आपूर्ति संबंधी समस्या साझा की। इस पर मुख्यमंत्री ने परिवादी से विस्तार से जानकारी ली और अधिकारियों को समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि संपर्क हेल्पलाइन जनता की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम है। इस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करते हुए राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को हेल्पलाइन विजिट करने के निर्देश दिए हैं, जिससे समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है और आमजन को राहत मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान हेल्पलाइन सेंटर की कार्यप्रणाली, शिकायत पंजीकरण, फॉलो-अप एवं मॉनिटरिंग व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हेल्पलाइन के कार्मिकों से भी समय-समय पर फीडबैक लिया जाए एवं अच्छा काम करने वाले कार्मिकों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय शिकायतों के निस्तारण में नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग करने तथा प्रत्येक परिवादी को समयबद्ध एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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करनाल में वर्क फ्रॉम होम के नाम पर 11 लाख की साइबर ठगी: राजस्थान के बाड़मेर और जोधपुर से 3 शातिर ठग गिरफ्तार
करनाल, 28 मई (अन्नू): घर बैठे ऑनलाइन टास्क पूरा कर मोटी कमाई करने का लालच देकर एक महिला से लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का करनाल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जिला पुलिस थाना साइबर क्राइम करनाल की टीम ने सहायक उप निरीक्षक (ASI) रामफूल की अगुवाई में बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान के बाड़मेर और जोधपुर से तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल तीन मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
तरुण कुमार (पुत्र जैसाराम), निवासी: गांव बीजराड़, जिला बाड़मेर, राजस्थान।
अनवर लाल उर्फ अनिल कुमार (पुत्र मिठूराम), निवासी: गांव बीजराड़, जिला बाड़मेर, राजस्थान।
विकास (पुत्र पुखराज), निवासी: संत रविदास नगर, जिला जोधपुर, राजस्थान।
इंस्टाग्राम के विज्ञापन से शुरू हुआ ठगी का खेल
अनुसंधान अधिकारी (IO) ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि एक महिला शिकायतकर्ता ने करनाल साइबर थाना पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के अनुसार, महिला ने इंस्टाग्राम (Instagram) पर 'वर्क फ्रॉम होम' (घर बैठे काम करें) का एक लुभावना विज्ञापन देखा था। जैसे ही उसने उस लिंक पर क्लिक किया, उसके वॉट्सऐप (WhatsApp) पर एक मैसेज आया और बाद में आरोपियों ने उसे एक टेलीग्राम (Telegram) ग्रुप में जोड़ दिया।
शुरुआत में दिया मुनाफा, फिर पेड टास्क के नाम पर ऐंठे 11 लाख रुपये
टेलीग्राम ग्रुप में आरोपियों ने महिला को छोटे-छोटे ऑनलाइन टास्क पूरे कर ज्यादा मुनाफा कमाने का झांसा दिया। जालसाजों ने महिला का भरोसा जीतने के लिए शुरुआती टास्क पूरे होने पर उसके खाते में कुछ रुपये ट्रांसफर किए। जब महिला को पूरी तरह विश्वास हो गया, तो आरोपियों ने 'पेड टास्क' (VIP Task) के नाम पर उससे बड़ी रकम की मांग शुरू कर दी।
महिला आरोपियों के झांसे में इस कदर फंस गई कि उसने अलग-अलग तारीखों में अपने और अपने परिवार के बैंक खातों से कुल 11 लाख रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। रकम ऐंठने के बाद आरोपियों ने महिला से संपर्क तोड़ दिया और ग्रुप से ब्लॉक कर दिया, जिसके बाद पीड़िता को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ।
तकनीकी जांच के आधार पर राजस्थान में दबिश, आरोपी जेल बंद
महिला की शिकायत पर तत्परता दिखाते हुए थाना साइबर क्राइम करनाल में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61 के तहत मुकदमा नंबर 202 दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई थी।
पुलिस टीम ने बैंक खातों की डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों (IP Address व मोबाइल लोकेशन) को खंगालते हुए आरोपियों का सुराग लगाया। इसके बाद पुलिस टीम ने राजस्थान के बाड़मेर क्षेत्र में छापेमारी कर तीनों आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस द्वारा की गई शुरुआती पूछताछ के बाद आज तीनों आरोपियों को माननीय अदालत के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत (जेल) भेज दिया गया है। पुलिस अब इनके बैंक खातों को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्होंने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
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28/05/26 |
मुख्यमंत्री राजस्थान ने भीषण गर्मी और नौतपा के मद्देनजर प्रदेशवासियों से स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की अपील
एन.एस.बाछल, 28 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान में भीषण गर्मी और नौतपा के मद्देनजर प्रदेशवासियों से स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने एवं लू के प्रभावों से बचने के लिए जरूरी उपायों को दिनचर्या में अपनाने की अपील की है।
मुख्यमंत्री ने अत्यधिक गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, बच्चों-बुजुर्गों और अस्वस्थ व्यक्तियों की देखभाल करने के साथ ही प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
उन्होंने आमजन से आह्वान किया है कि गर्मी के इस दौर में संवेदनशीलता और करूणा की भावना से जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आगे आएं। वहीं, सार्वजनिक स्थानों पर छांव एवं शीतल जल की व्यवस्था करने तथा पशु-पक्षियों के लिए भी दाना-पानी उपलब्ध कराने में सक्रिय सहभागिता निभाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि तेज गर्मी के इस दौर में हमारे जनगणना कर्मी मेहनत और समर्पण से अपना दायित्व निभा रहे हैं। इसलिए उनके घर आने पर सहयोग की भावना को प्राथमिकता देते हुए उनका आदर-सत्कार करें। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की है।
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28/05/26 |जल है अनमोल जल को सुरक्षित व संग्रहित करें — पाली जिला प्रभारी मंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 28 मई, जयपुर।
पाली जिला प्रभारी मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि जल अनमोल है इसकी बूंद बूंद बचाये, जल सभी के लिए महत्वपूर्ण है हर कार्य में जल का उपयोग होता है इसलिए इसे सुरक्षित और संग्रहित रखना आवश्यक है उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा अनुसार प्रदेश में आमजन को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है जिससे सरकार के साथ-साथ आमजन भी इसमें भागीदार बनकर जागरूक बने और जल के महत्व को समझें।
जिला प्रभारी मंत्री शहर के पिंजरा पोल गौशाला में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कार्यक्रम में पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख व पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने गौशाला में गौ माता का पूजन किया व उन्हें गुड व चारा खिलाया साथ ही गौशाला का अवलोकन भी किया और पौधरोपण भी किया।इससे पहले आये हुए अतिथियों का स्वागत किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम में जिला कलेक्टर, अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ बजरंग सिंह, सीईओ मुकेश चौधरी अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद महेंद्र मेहता, उपखंड अधिकारी पाली विमलेंद्र राणावत, गोशाला के पदाधिकारी विनय भंसाली अध्यक्ष देवीलाल सांखला गुमानमल भंसाली रजनीश कर्णावट महावीर मेहता अशोक पंवार व आमजन मौजूद रहे।
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28/05/26 |बालश्रम और बाल तस्करी के खिलाफ राजस्थान पुलिस का बड़ा अभियान
एन.एस.बाछल, 28 मई, जयपुर।
राजस्थान में बालश्रम, बाल बंधुआ मजदूरी एवं मानव दुर्व्यापार (बाल तस्करी) के खिलाफ राज्यव्यापी एक माह का विशेष अभियान “उमंग-VII” चलाया जाएगा। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार यह अभियान 1 जून से 30 जून 2026 तक प्रदेशभर में संचालित होगा। अभियान का उद्देश्य बालश्रम एवं बाल तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा पीड़ित बच्चों का पुनर्वास सुनिश्चित करना है।
इस संबंध में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (सिविल राइट्स एवं एएचटी) हवासिंह घुमरिया ने प्रदेश के समस्त पुलिस आयुक्तों, रेंज आईजी, पुलिस उपायुक्तों एवं जिला पुलिस अधीक्षकों सहित जीआरपी अजमेर एवं जोधपुर को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में अभियान को पूरी संवेदनशीलता एवं समन्वय के साथ संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त
अभियान के प्रभावी संचालन के लिए प्रत्येक जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है । जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे अभियान से जुड़े सभी विभागों एवं हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित करें। इसके तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, बाल अधिकारिता विभाग, बाल कल्याण समिति, शेल्टर होम, चिल्ड्रन होम तथा विभिन्न गैर सरकारी संगठनों के साथ बैठक आयोजित कर संयुक्त रणनीति तैयार की जाएगी।
थानेवार रेस्क्यू टीमें होंगी गठित
पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक जिले में थानेवार विशेष रेस्क्यू टीमों का गठन किया जाए। प्रत्येक टीम में एक एसआई अथवा एएसआई सहित चार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इन टीमों को अभियान शुरू होने से पहले विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि बालश्रम एवं मानव तस्करी के मामलों की पहचान और कार्रवाई प्रभावी ढंग से हो सके।
इन टीमों में महिला एवं बाल विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग, बाल अधिकारिता विभाग, बाल कल्याण समिति तथा एनजीओ प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे रेस्क्यू और पुनर्वास कार्य अधिक संवेदनशील एवं समन्वित रूप से किया जा सके।
ढाबों, फैक्ट्रियों, होटलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में होगी स्क्रीनिंग
विशेष अभियान के दौरान होटल, ढाबे, ईंट भट्टे, फैक्ट्रियां, रेलवे प्लेटफॉर्म, बस स्टैंड, धार्मिक स्थल, हाईवे किनारे स्थित ढाबों तथा अस्थायी बस्तियों में रह रहे बच्चों की स्क्रीनिंग की जाएगी। पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिए हैं कि ऐसे बच्चों की पहचान कर उनका पूरा विवरण, फोटोग्राफ एवं आवश्यकता अनुसार वीडियोग्राफी भी की जाए।
यदि कोई बच्चा गुमशुदा अथवा मानव तस्करी का शिकार पाया जाता है तो उसके संबंध में तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुक्त कराए गए बच्चों का मेडिकल परीक्षण करवाया जाएगा तथा जरूरत पड़ने पर उनकी मानसिक स्थिति का भी परीक्षण कराया जाएगा।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे बच्चे
रेस्क्यू किए गए बच्चों को संबंधित चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही बच्चों के माता-पिता एवं परिजनों की जानकारी जुटाकर उन्हें परिवार से पुनः मिलाने के प्रयास किए जाएंगे। अन्य राज्यों से लाए गए नाबालिग बच्चों के मामलों में संबंधित राज्य एवं स्थानीय थानों को भी तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
मानव तस्करी गिरोहों पर होगी कड़ी कार्रवाई
पुलिस मुख्यालय ने विशेष रूप से निर्देश दिए हैं कि बालश्रम एवं बाल तस्करी के पीछे सक्रिय संगठित गिरोहों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। बच्चों के रात्रि निवास स्थलों की भी जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं कोई संगठित गैंग तो सक्रिय नहीं है।
यदि मानव तस्करी से जुड़े मामले सामने आते हैं तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143, 144, 145, 146, 98 एवं 99 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 75 एवं 79 तथा बालश्रम प्रतिषेध अधिनियम 1986 के प्रावधानों के तहत भी सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
डीजीपी का स्पष्ट संदेश : बच्चों के शोषण पर जीरो टॉलरेंस
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि बालश्रम, बाल बंधुआ मजदूरी एवं बाल तस्करी जैसे अपराधों के खिलाफ राज्य सरकार और राजस्थान पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। अभियान “उमंग-VII” के माध्यम से न केवल बच्चों को शोषण से मुक्त कराया जाएगा, बल्कि अपराधियों और संगठित गिरोहों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
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27/05/26 |वाईब्रेन्ट विलेज प्रोग्राम-।।,डबल इंजन सरकार के प्रयास बन रहे सीमावर्ती गांवों में समग्र विकास का आधार : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 27 मई, जयपुर।
सीमांत गांवों का विकास, वहां रहने वाले लोगों का आत्मविश्वास और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता देश की वास्तविक सामरिक शक्ति का आधार है। यही कारण है कि डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता और संवेदनशील दृष्टिकोण के चलते वर्षों तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहे सीमावर्ती गांव अब आधुनिक सुविधाओं और सशक्त आधारभूत ढांचे से जुड़ने लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच और ’सीमावर्ती गांव देश के अंतिम नहीं, बल्कि प्रथम गांव हैं’ की भावना को साकार करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास की नई तस्वीर गढ़ने जा रही है।
वाईब्रेंट विलेज प्रोग्राम-।। के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों को सुविधाओं के साथ-साथ आत्मनिर्भरता, सुरक्षा और समृद्धि की नई पहचान देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं योजना की निरंतर मॉनिटरिंग करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दे रहे हैं, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को विकास का वास्तविक लाभ मिल सके।
सड़कों का बिछेगा जाल, स्वास्थय, शिक्षा से लेकर संपर्क जैसी कई सुविधाओं का होगा विस्तार-
वाईब्रेन्ट विलेज प्रोग्राम-।। के तहत राजस्थान के 5 सीमावर्ती जिलों के 184 रणनीतिक गांवों में सड़क संपर्क, स्वास्थय, शिक्षा, बिजली, टेलीविजन, दूरसंचार कनेक्टिविटी, आजीविका सृजन, पर्यटन, संस्कृति, जागरूकता गतिविधियों को प्रोत्साहन, युवा सशक्तीकरण एवं कौशल विकास, वित्तीय समावेशन, सहकारिता, स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पाद संगठनों का विकास एवं परिसंपत्तियों के रखरखाव सहित ग्राम अवसंरचना से जुड़े व्यापक विकास कार्य किए जाएंगे। इन प्रयासों से सीमावर्ती क्षेत्रों में जीवन स्तर बेहतर तो होगा ही, साथ ही रोजगार, पर्यटन, स्थानीय आजीविका और सामाजिक सशक्तीकरण के नए अवसर भी विकसित होंगे।
प्रदेश के श्रीगंगानगर के 68, बीकानेर के 46, बाड़मेर के 36, जैसलमेर के 30 और फलौदी जिले के 4 गांवों को कार्यक्रम के तहत रणनीतिक गांवों के रूप में चयनित किया गया है। वर्तमान में वाईब्रेंट विलेज प्रोग्राम-।। के अंतर्गत चयनित कुल 184 में से 123 गांवों में 232 करोड़ से अधिक की लागत के 515 कार्य करवाये जाने प्रस्तावित हैं।
कार्यक्रम के अनुसार राज्य के रणनीतिक गांवों में विकास एवं योजनाओं की संतृप्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिवर्ष 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, राजस्थान के सीमा ब्लॉकों के 3 हजार 195 गांवों में सभी मौसम में 4 थीमेटिक क्षेत्रों की संतृप्ति के तहत सड़क संपर्क, दूरसंचार कनेक्टिविटी, टेलीविजन कनेक्टिविटी के साथ-साथ ऑन ग्रिड विद्युतीकरण किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के निकट रहने वाले समुदायों के साथ जुड़ाव बढ़ाने, विश्वास स्थापित करने एवं सकारात्मक संबंध विकसित करने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। जिसके तहत सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सामुदायिक बैठकों, पर्यटन गतिविधियों, प्रशिक्षण सत्रों तथा जागरूकता अभियानों के आयोजन के साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से संवेदनशील एवं भावनात्मक जुड़ाव और अधिक मजबूत किया जा रहा है।
कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केन्द्रीय, राज्य एवं जिला स्तर पर समितियों के माध्यम से समन्वय तंत्र विकसित किया गया है। ग्राम प्रोफाइल वेरिफिकेशन एवं अपडेशन, गैप आकलन-मूल्यांकन, ग्राम कार्य योजना के माध्यम से ग्राम अवसंरचना सुधार एवं सामुदायिक सहभागिता के लिए स्पष्ट उद्देश्य एवं कार्य निर्धारण किये गए हैं। इतना ही नहीं, गांवों के सत्यापन से लेकर प्रस्ताव तक की संपूर्ण प्रक्रिया वाईब्रेन्ट विलेज पोर्टल पर ही संपादित की जाएगी। यही कारण है कि कार्यक्रम के तहत अब तक 10 क्षेत्रों में संतृप्ति के लिए चयनित राजस्थान के समस्त 184 रणनीतिक गांवों का सत्यापन एवं प्रोफाइल अपडेशन किया जा चुका है। वहीं, 4 थीमेटिक क्षेत्रों में संतृप्ति हेतु सीमा ब्लॉक के कुल 3 हजार 195 गांवों में से 3 हजार अधिक गांवों का सत्यापन एवं 2 हजार 558 गांवों का प्रोफाइल अपडेशन किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री थार सीमा विकास कार्यक्रम से बदल रही सीमावर्ती गांवों की तस्वीर-
अंतर्राष्ट्रीय सीमा क्षेत्र की विशिष्ट आवश्यकताओं को मद्देनजर रखते हुए राज्य सरकार बजट घोषणा की अनुपालना में मुख्यमंत्री थार सीमा विकास कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया है। इस योजना के तहत 5 सीमावर्ती जिलों के 1 हजार 206 गांवों के समग्र विकास के लिए प्रतिवर्ष 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2025-26 में योजना के तहत बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थय, कृषि, पशुपालन, खेल, पर्यटन, आधारभूत संरचना विकास से जुड़े 137 करोड़ रुपये की लागत के 1 हजार से अधिक कार्यों को स्वीकृति दी गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता दिए जाने और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रभावी नेतृत्व में राज्य सरकार की सक्रिय कार्यशैली के चलते राजस्थान के सीमावर्ती गांव अब विकास, सुरक्षा और आत्मविश्वास के नए मॉडल के रूप में उभर रहे हैं। यह कार्यक्रम निर्माण कार्यों से इतर सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के जीवन में विश्वास, सुविधाओं और समृद्धि का नया संचार करने का एक व्यापक अभियान साबित होगा।
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27/05/26 |'जन भागीदारी सबसे दूर, सबसे पहले' अभियान के तहत जागरूकता एवं लाभ संतृप्ति शिविर आयोजित:राजस्थान
एन.एस.बाछल, 27 मई, जयपुर।
जनजातीय गौरव उत्सव के अंतर्गत केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय एवं राज्य सरकार के निर्देशानुसार 18 मई से 25 मई तक जयपुर जिले में “जन भागीदारी सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान संचालित किया गया। अभियान का शुभारंभ जिला कलक्टर संदेश नायक द्वारा किया गया था ।
अभियान के अंतर्गत जयपुर जिले की चिन्हित 10 पंचायत समितियों की 105 ग्राम पंचायतों के 177 जनजातीय बाहुल्य गांवों एवं सेवा केंद्रों पर जागरूकता एवं लाभ संतृप्ति शिविर आयोजित किए गए। अभियान के समापन अवसर पर जिला परिषद जयपुर की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रतिभा वर्मा ने बताया कि अभियान में 17 विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन को प्रदान की गई।
अभियान के दौरान विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया। अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, जयपुर बृजमोहन गुप्ता ने बताया कि जागरूकता एवं लाभ संतृप्ति शिविरों में जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड एवं ई-केवाईसी दस्तावेजीकरण, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, यूडीआईडी, एमएमयू, किसान क्रेडिट कार्ड, जनधन खाते, बीमा योजनाएं एवं पीएम किसान निधि सहित विभिन्न योजनाओं से आमजन को लाभान्वित किया गया। जिला प्रशासन द्वारा अभियान के माध्यम से दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास किए गए।
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27/05/26 |मंत्री डॉ. मंजू बाघमार को मिला वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन का अंतरराष्ट्रीय सम्मान : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 27 मई, जयपुर।
महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। लंदन स्थित प्रतिष्ठित संस्था ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ द्वारा उन्हें ब्रिटेन की संसद के पैलेस ऑफ वेस्टमिंस्टर में आयोजित होने वाले 10वें अवॉर्ड समिट के लिए विशेष आमंत्रण प्रदान किया गया है। यह समारोह 26 जून 2026 को लंदन में आयोजित होगा।
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन के वाइस प्रेसिडेंट सुशील गायकवाड़ ने व्यक्तिगत रूप से मंत्री बाघमार को यह सम्मान एवं आमंत्रण प्रदान किया। इस दौरान डॉ बाघमार की शिक्षा, समाजसेवा, महिला सशक्तिकरण तथा जनहित में किए गए बहुआयामी कार्यों की सराहना की गई।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व यही अंतरराष्ट्रीय सम्मान राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को प्रदान किया गया था। ऐसे प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मान से डॉ. बाघमार का सम्मानित होना संपूर्ण राज्य के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
राज्य मंत्री डॉ. बाघमार ने अपने पेशेवर जीवन में उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में उत्कृष्ट सेवाएं दी हैं। शिक्षा जगत में उनके योगदान, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और अकादमिक क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों को लंबे समय से सम्मान के साथ देखा जाता रहा है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान शिक्षा और सामाजिक चेतना को जोड़ते हुए कई प्रेरणादायी पहल कीं।
राजनीतिक जीवन मे व्यस्त होने के बावजूद भी डॉ. मंजू बाघमार सामाजिक सरोकारों से निरंतर जुड़ी रही हैं। महिला शिक्षा, बाल विकास, सामाजिक जागरूकता, जरूरतमंद वर्गों के सहयोग तथा समाजहित के विभिन्न अभियानों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। अपने व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन में उन्होंने अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनके कारण वे समाज के विभिन्न वर्गों में विशेष पहचान रखती हैं।
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा जारी आमंत्रण पत्र में उल्लेख किया गया है कि डॉ. बाघमार ने अपने संवेदनशील नेतृत्व, उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों तथा समाज के प्रति समर्पण से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बनाई है । लंदन में आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित समारोह में विश्वभर के मंत्री, राजनयिक, शिक्षाविद, सामाजिक नेतृत्वकर्ता एवं विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट हस्तियां भाग लेंगी। ऐसे वैश्विक मंच पर प्रदेश की मंत्री डॉ बाघमार की उपस्थिति न केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए सम्मान का विषय होगी।
राजनीतिक, शैक्षणिक, सामाजिक एवं विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने मंत्री बाघमार को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं देते हुए इसे प्रदेश के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताया है।
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26/05/26 |भीलवाड़ा में प्रमुख शासन सचिव ने नवाचार आधारित खेती को बताया कृषक समृद्धि का आधार
एन.एस.बाछल, 26 मई, जयपुर।
राज्य सरकार द्वारा संचालित कृषि एवं उद्यानिकी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा कृषकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी मंजू राजपाल ने भीलवाड़ा जिले की कोटड़ी तहसील के गोविंदपुरा ग्राम का दौरा कर विभिन्न कृषि एवं उद्यानिकी योजनाओं के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने क्षेत्र के प्रगतिशील कृषकों द्वारा अपनाई जा रही उन्नत कृषि तकनीकों, संरक्षित खेती, सूक्ष्म सिंचाई एवं सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख शासन सचिव ने किसान चांता देवी, धनराज माली एवं भंवर माली के खेतों का भ्रमण किया। यहां कृषकों द्वारा उद्यान विभाग की योजनाओं के अंतर्गत ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग तकनीक एवं संरक्षित खेती को अपनाते हुए मिर्ची, भिंडी, फूलगोभी तथा कुकरबिट वर्गीय फसलों की वैज्ञानिक खेती की जा रही है। कृषकों ने बताया कि सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली एवं मल्चिंग तकनीक से जल संरक्षण के साथ उत्पादन लागत में कमी आई है तथा गुणवत्तायुक्त उत्पादन प्राप्त हो रहा है, जिससे वे प्रतिवर्ष प्रति बीघा लगभग एक लाख से डेढ़ लाख रुपए तक की आय अर्जित कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप मोर क्रॉप), सूक्ष्म सिंचाई योजना तथा संरक्षित खेती योजनाओं के माध्यम से उन्हें आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन एवं अनुदान उपलब्ध कराया गया है। सिंचाई हेतु विद्युत कनेक्शन के स्थान पर सोलर पंप संयंत्र का उपयोग किया जा रहा है, जिस पर विभाग द्वारा 75 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया गया है। इससे सिंचाई लागत में उल्लेखनीय कमी आई है तथा ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है।
प्रमुख शासन सचिव ने कृषकों द्वारा स्थापित पोलीहाउस इकाई का भी निरीक्षण किया, जहां संरक्षित खेती के अंतर्गत खीरे का उत्पादन किया जा रहा है। कृषकों ने बताया कि पोलीहाउस तकनीक से वे प्रति सीजन लगभग 10 लाख रुपए का उत्पादन प्राप्त करते हैं, जिसमें लगभग 4 लाख रुपए की लागत आने के बाद 6 लाख रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित होता है।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि राज्य सरकार की कृषि एवं उद्यानिकी योजनाएं कृषकों को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म सिंचाई, संरक्षित खेती, सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई, फसल विविधीकरण, जैविक एवं उन्नत तकनीकी खेती वर्तमान समय की आवश्यकता है। इन योजनाओं के माध्यम से कृषकों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है तथा वे पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नवाचार आधारित खेती अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि विभाग एवं उद्यान विभाग की योजनाओं का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक कृषक प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, राष्ट्रीय बागवानी मिशन, आत्मा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, फसल विविधीकरण कार्यक्रम एवं संरक्षित खेती योजनाओं का लाभ उठा सकें। साथ ही उन्होंने कृषकों से आह्वान किया कि वे अपने अनुभव अन्य किसानों के साथ साझा कर उन्हें भी आधुनिक तकनीकों को अपनाने हेतु प्रेरित करें।
प्रमुख शासन सचिव ने उद्यान एवं कृषि विभाग के अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि विभागीय समन्वय एवं सतत फील्ड मॉनिटरिंग से योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो रहा है। उन्होंने कृषक हित में इसी प्रकार निरंतर कार्य करते रहने के निर्देश दिए।
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26/05/26 |नारी निकेतन बन रहे निराश्रित महिलाओं के लिए उम्मीद का नया सवेरा : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 26 मई, जयपुर।
सपनों के टूटने, अपनों के छूटने और सामाजिक प्रताड़ना के अंधकार से निकलकर जब कोई महिला राजस्थान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के 'नारी निकेतन' (राज्य महिला सदन) की दहलीज पर कदम रखती है, तो उसे सिर्फ एक छत नहीं मिलती, बल्कि मिलता है आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और जीने की नई किरण।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संवेदनशील नेतृत्व और दूरदर्शी सोच के चलते आज प्रदेश के ये केंद्र महज़ शेल्टर होम नहीं, बल्कि निराश्रित और आश्रयहीन युवतियों की तकदीर बदलने वाली कर्मस्थली बन चुके हैं। वर्तमान में विभाग द्वारा जयपुर संभाग के जिला मुख्यालय पर 150 क्षमता का एक महिला सदन और शेष अन्य संभागों के जिला मुख्यालयों पर 50-50 क्षमता के साथ एक-एक नारी निकेतन संचालित है, जहाँ उनके जीवन को एक नई और सम्मानजनक दिशा दी जा रही है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि इन संस्थानों का मुख्य उद्देश्य सामाजिक रूप से उत्पीड़ित, अनैतिक परिस्थितियों की शिकार एवं निराश्रित महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करना और उनमें नवजीवन का संचार करना है। यहां महिलाओं को सुरक्षित वातावरण में निःशुल्क आवास, भोजन, वस्त्र एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। यहां त्योहारों और सांस्कृतिक उत्सवों का आयोजन भी सामूहिक रूप से होता है, जिससे महिलाओं को अकेलेपन का अहसास न हो। इन्हें एडवांस्ड सिलाई-कढ़ाई और ब्यूटीशियन कोर्स जैसी आधुनिक ट्रेनिंग भी उपलब्ध कराई जाती है।
जब 11 आवासिनियों के लिए आए 1400 से ज्यादा रिश्ते-
इस सकारात्मक बदलाव और लगातार बढ़ते पुनर्वास का सबसे जीवंत उदाहरण हाल ही में राज्य महिला सदन, जयपुर में देखने को मिला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में जब संस्थान की 11 योग्य युवतियों के विवाह के लिए सार्वजनिक विज्ञप्ति जारी की गई, तो समाज की सोच में एक बड़ा बदलाव नजर आया। इन 11 बेटियों से विवाह के लिए प्रदेशभर से 1900 से अधिक उच्च शिक्षित और सुयोग्य युवकों ने आवेदन किया। विभाग ने केवल आर्थिक स्थिति नहीं, बल्कि पुलिस वेरिफिकेशन और पारिवारिक पृष्ठभूमि की पूरी जांच के बाद ही वरों का चयन किया। इन शादियों का आयोजन किसी रसूखदार परिवार की तरह धूमधाम से किया जाता है, जहाँ स्वयं मुख्यमंत्री और प्रशासनिक अधिकारी 'कन्यादान' करने और आशीर्वाद देने पहुंचते हैं।
महिलाओं के कल्याण पर बढ़ता व्यय-
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री गहलोत ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा महिला सदन एवं नारी निकेतनों में निवासरत 1006 महिलाओं के पुनर्वास और कल्याण पर पिछले ढाई वर्षों में 1613.35 लाख रुपये व्यय किए गए है। इन नारी निकेतनों की आवासनीयों में से 30 से ज्यादा महिलाओ को विवाह के माध्यम से पुनर्वासित किया गया है और 218 महिलाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया गया है। यह आंकड़े राज्य सरकार की महिलाओं के कल्याण और पुनर्वास के प्रति गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
नारी निकेतन बने सशक्तिकरण का नया पता-
अतीत के कड़वे अनुभवों को पीछे छोड़कर भविष्य को संवारने का जो काम राजस्थान के नारी निकेतन कर रहे हैं, वह समाज के लिए एक नजीर है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशीलता इस बात का जीवंत प्रमाण है कि यदि सही संरक्षण, सुरक्षा और अवसर मिले, तो समाज की सबसे वंचित महिला भी गरिमा के साथ सिर उठाकर जी सकती है। नारी निकेतन अब बेसहारा महिलाओं के लिए 'सशक्तिकरण का नया और स्थाई पता' बन चुके हैं।
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26/05/26 |जल के बिना सृष्टि की कल्पना असंभव : पशुपालन मंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 26 मई, जयपुर।
“वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026” के तहत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुसार सोमवार को गंगा दशहरा के अवसर पर पाली जिला प्रशासन द्वारा एक भव्य “वन्दे गंगा कलश यात्रा” का आयोजन किया गया। अभियान सोमवार से प्रांरभ होकर विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून तक चलेगा। अभियान में प्रत्येक दिन विभिन्न विभागों की विविध गतिविधियां आयोजित होगी।
कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने प्रातः व्यास सर्कल से हरी झंडी दिखाई और अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने फेरी को हरी झंडी दिखायी जल बचाने की व संरक्षित रखने की शपथ भी दिलायी। साथ ही लखोटिया उद्यान में श्रमदान एवं स्वच्छता गतिविधियां भी आयोजित की गई, जिनमें श्री कुमावत ने सहभागिता की। “वन्दे गंगा कलश यात्रा” के मार्ग और गऊ घाट पर पीपल पूजन, दीप प्रज्ज्वलन, आकर्षक रंगोली निर्माण तथा विधि-विधान से जल पूजन जैसे अनेक सांस्कृतिक व पर्यावरण-अनुकूल कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान पूरे क्षेत्र में जल संरक्षण के नारों की गूँज रही।
इस गरिमामयी कार्यक्रम में पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान जोराराम कुमावत ने राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद के अंतर्गत स्वरोजगार से जुड़ी विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया तथा महिला स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय उद्यमों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त की।
इसके उपरांत मंत्री कुमावत ने लखोटिया उद्यान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणादायी “एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं उपस्थित जनों के साथ पौधारोपण किया। साथ ही उपस्थित नारी शक्ति को पीपल के पौधे वितरित कर पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन को जल संरक्षण और नदियों की स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने जल की हर एक बूँद को सहेजने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जल के बिना सृष्टि की कल्पना असंभव है। हमारी प्राचीन संस्कृति ने हमेशा जल और प्रकृति को पूजनीय माना है। जोराराम कुमावत ने कहा कि आज बढ़ता जल संकट एक गंभीर चुनौती है। हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाना ही होगा।
मंत्री कुमावत ने उपस्थित जनसमूह को जल की बर्बादी रोकने और वर्षा जल संचयन (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) को अपनाने का संकल्प दिलाया। उनके साथ जिले के प्रभारी सचिव सचिव पी रमेश, जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी, नगरपरिषद के पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, जिला परिषद सीईओ मुकेश चौधरी, पुखराज पटेल, त्रिलोक चौधरी, स्काउट गाईड व बडी संख्या में बच्चे मौजूद रहे।
जल संरक्षण में मीडीया की अहम् भूमिका —पशुपालन मंत्री
कैबिनेट मंत्री कुमावत ने पत्रकार वार्ता में जल संरक्षण सद्पयोग के बारे में जागरूक कर 5 जून तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी मीडिया को दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप जल संरक्षण की थीम पर यह व्यापक अभियान शुरू किया गया है। 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) तक जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि किसी भी अभियान को धरातल पर लागू करवाने और आमजन तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने अपील की कि मीडिया इस अभियान के संदेश को जन-जन तक ले जा सकती है ,ताकि लोग इससे जुड़ सकें। उन्होंने विगत वर्ष हुए रिकॉर्ड पौधारोपण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हमारा दायित्व है कि हम आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ पर्यावरण, सुरक्षित धरोहर और समृद्ध संस्कृति सौंप कर जाएं। इसके लिए प्रकृति का संरक्षण और व्यापक पौधारोपण बेहद जरूरी है। उन्होने इसे जन जन का अभियान बनाने का आहा्न किया इसमें सभी की भागीदारी हो।
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25/05/26 |शिक्षित बन देश प्रदेश का नाम रोशन करें - शिक्षा व पंचायती राज मंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 25 मई, जयपुर।
शिक्षा व पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर पाली जिले के दौरे पर रहे। उन्होंने गोल निबड़ा स्थित शनिधाम में बाबा साहेब प्रतिभा सम्मान समारोह में पुरूस्कार वितरित किये। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को जीवन में शिक्षित बनकर आगे बढकर देश प्रदेश की सेवा करने का आहा्न किया। इस अवसर पर पर कार्यक्रम में दाती सेवा संस्थान एवं वादी नट भाट जागृति संस्थान के संयुक्त तत्वावधान 400 होनहार का सम्मान किया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में होनहार विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाने के लिए 24 मई रविवार को पाली के समीप गोल निबड़ा स्थित शनिधाम में बाबा साहेब प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन होने जा रहा है। यह कार्यक्रम श्री श्री 1008 श्री शनिधाम पीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर परमहंस स्वामी निजस्वरूपानंदपुरी जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित किया गया। तीन श्रेणियों में मिलें पुरस्कार समारोह में कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को उनके अंकों के आधार पर तीनों श्रेणियों में सम्मानित किया। इस सम्मान समारोह में पाली, जोधपुर, जालौर, सिरोही, बाड़मेर, सांचोर, बालोतरा, नागौर और व्यावर जिलों के 400 प्रतिभावान विद्यार्थी हिस्सा लिया।
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24/05/26 |मोबाइल सुरक्षा का अचूक हथियार बना 'संचार साथी' पोर्टल; जानें कैसे बचाएगा आपको फर्जी कॉल और सिम फ्रॉड से
एन.एस.बाछल, 24 मई, जयपुर।
साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित संचार साथी पोर्टल को लेकर एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल चोरी, फर्जी सिम, साइबर फ्रॉड और संदिग्ध कॉल्स से बचाव के लिए इस पोर्टल और मोबाइल ऐप का अधिक से अधिक उपयोग करें।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम श्री वीके सिंह ने बताया कि वर्तमान डिजिटल दौर में साइबर ठग लगातार नई तकनीकों के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में संचार साथी पोर्टल नागरिकों को मोबाइल और सिम कार्ड से जुड़ी सुरक्षा संबंधी कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराता है। यह पोर्टल गूगल प्ले स्टोर पर ऐप के रूप में भी उपलब्ध है।
खोया या चोरी हुआ मोबाइल तुरंत करें ब्लॉक—
पोर्टल के Block Your Lost/Stolen Mobile Handset फीचर के जरिए कोई भी व्यक्ति अपने चोरी या गुम हुए मोबाइल फोन के IMEI नंबर को ब्लॉक कर सकता है। इससे फोन में किसी भी कंपनी का सिम कार्ड इस्तेमाल नहीं हो पाएगा। मोबाइल मिलने पर उसे दोबारा अनब्लॉक भी किया जा सकता है।
खरीदने से पहले जांचें मोबाइल असली है या नहीं—
Know Your Mobile (KYM) मॉड्यूल के माध्यम से लोग नया या पुराना मोबाइल खरीदने से पहले उसका IMEI नंबर चेक कर यह पता लगा सकते हैं कि फोन ब्लैकलिस्टेड, डुप्लीकेट या चोरी का तो नहीं है।
आपके नाम पर कितने सिम एक्टिव हैं, तुरंत करें जांच—
TAFCOP (Know Mobile Connections in Your Name) फीचर से कोई भी व्यक्ति यह देख सकता है कि उसके आधार या नाम पर कितने मोबाइल नंबर सक्रिय हैं। यदि कोई अनजान नंबर दिखाई देता है, तो उसकी रिपोर्ट कर उसे बंद कराया जा सकता है।
फर्जी कॉल और मैसेज की भी कर सकते हैं शिकायत—
चक्षु (CHAKSHU) पोर्टल के जरिए व्हाट्सएप, कॉल या एसएमएस पर आने वाले फर्जी नौकरी, लॉटरी, केवाईसी अपडेट या बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी के प्रयासों की रिपोर्ट की जा सकती है।
विदेशी कॉल्स पर भारतीय नंबर दिखे तो रहें सतर्क—
एडीजी श्री सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी अब कॉलर आईडी स्पूफिंग तकनीक का इस्तेमाल कर विदेश से कॉल करते हुए भारतीय नंबर प्रदर्शित करते हैं। ऐसे मामलों में “Report Incoming International Call With Indian Number” फीचर के जरिए शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
राजस्थान पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी साइबर धोखाधड़ी या संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना निकटतम पुलिस स्टेशन, साइबर पुलिस स्टेशन, राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल
https://cybercrime.gov.in
या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें। साथ ही साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 एवं 9257510100 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
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24/05/26 |भीषण गर्मी में समुचित जलापूर्ति सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता- संसदीय कार्य मंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 24 मई, जयपुर।
जोधुपर जिले की लूणी विधानसभा क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में पाल रोड स्थित पंचायत समिति लूणी सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं पंचायती राज विभाग की पेयजल संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
जोगाराम पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार भीषण गर्मी में समुचित जलापूर्ति सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि गर्मी के दौरान पेयजल व्यवस्था के सुचारू संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
बैठक में आगामी दिनों में आयोजित होने वाली भोगीशैल परिक्रमा, नौतपा एवं भीषण गर्मी के मद्देनजर संभावित बढ़ती पेयजल मांग पर विशेष चर्चा की गई। मंत्री जोगाराम पटेल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित की जाएं ताकि आमजन को किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़े।
टैंकर आपूर्ति, सार्वजनिक टांकों एवं पेयजल भंडारण व्यवस्थाओं की हुई समीक्षा -
बैठक में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लूणी विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कुल पेयजल की मांग पर लगभग 16.8 एमएलडी जल उपलब्ध हो पा रहा है। अधिकारियों द्वारा सामान्य पेयजल आपूर्ति बहाली की संभावित समयावधि एवं आगामी व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी दी गई।
संसदीय कार्य मंत्री ने टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति, सार्वजनिक टांकों में पानी की उपलब्धता एवं पेयजल भंडारण व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि भीषण गर्मी के इस दौर में जल वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
टैंकरों की संख्या बढ़ाने एवं फील्ड मॉनिटरिंग के निर्देश-
जोगाराम पटेल ने निर्देश दिए कि आमजन को राहत पहुंचाने के लिए संवेदकों द्वारा टैंकरों की संख्या बढ़ाई जाए तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त टैंकर उपलब्ध करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी फील्ड में सक्रिय रहकर टैंकर संचालन एवं जल वितरण व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करें। साथ ही राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी टैंकरों की आवाजाही की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार वीडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से भी टैंकर संचालन की निगरानी की जाए, जिससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनी रहे।
समर कंटिंजेंसी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश -
विधि मंत्री ने समर कंटिंजेंसी कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र के सभी सार्वजनिक पेयजल टांकों की सूची तैयार कर विशेष अभियान चलाकर उनकी मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएं। उन्होंने परम्परागत जल स्रोतों के संरक्षण पर बल देते हुए पारंपरिक कुओं एवं तालाबों की स्थिति का आकलन कर उन्हें उपयोग योग्य बनाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि क्षेत्र में खराब पड़े हैंडपम्पों एवं ट्यूबवेलों की सूची तैयार कर उनकी शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में वैकल्पिक पेयजल स्रोतों को प्रभावी बनाया जा सकें।
जोगाराम पटेल ने पानी की चोरी, अवैध जल कनेक्शनों एवं पेयजल के दुरुपयोग पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इस दौरान उपखंड अधिकारी हसमुख कुमार, उपखंड अधिकारी (दक्षिण) पंकज जैन, विकास अधिकारी लूणी कंवरलाल सोनी, विकास अधिकारी धवा ओमप्रकाश चौधरी, अधिशासी अभियंता (जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी) महेन्द्र किराड सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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24/05/26 |फिट इंडिया साइकिल संडे: एसएमएस स्टेडियम में कॉमनवेल्थ डे 2030 थीम पर भव्य आयोजन: राजस्थान
एन.एस.बाछल, 24 मई, जयपुर।
सवाई मानसिंह स्टेडियम, जयपुर में रविवार को "फिट इंडिया – साइकिल संडे" कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष इस आयोजन की थीम "कॉमनवेल्थ डे 2030" रखी गई थी, जिसमें खिलाड़ियों, अधिकारियों, युवाओं और फिटनेस प्रेमियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण स्टेडियम परिसर के चारों ओर आयोजित साइकिल रैली रही। इस रैली का उद्देश्य नागरिकों में शारीरिक स्वास्थ्य, स्वस्थ जीवनशैली और कॉमनवेल्थ खेल 2030 के प्रति जागरूकता फैलाना था। इसके साथ ही जुम्बा सत्र भी आयोजित किया गया, जिसने कार्यक्रम को और अधिक ऊर्जावान बना दिया।
इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित हस्तियाँ उपस्थित रहीं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सीआरपीएफ जवानों एवं अन्य प्रतिभागियों के साथ 5 किलोमीटर साइकिल चलाकर देशभक्ति और खेल उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य चेतना और कॉमनवेल्थ 2030 की तैयारी की दिशा में एक सार्थक शुरुआत है। केंद्रीय सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें सीआरपीएफ के डीआईजी बृजेश तथा सीआईएसएफ के सहायक कमांडेंट प्रमुख रहे।
राजस्थान राज्य खेल परिषद के सचिव प्रवीण गुप्ता और वित्त सचिव टीना सोनी ने भी साइकिलिंग कार्यक्रम में स्वयं भाग लेकर युवाओं को प्रेरित किया। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के अधिकारियों ने भी युवा भागीदारी और फिटनेस जागरूकता को प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने शारीरिक स्वास्थ्य के महत्व, सामुदायिक खेल भागीदारी और भारत के बढ़ते खेल परिवेश पर प्रकाश डाला। प्रतिभागियों ने इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि जयपुर तथा पूरे राजस्थान में ऐसे और अधिक सार्वजनिक फिटनेस कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
कार्यक्रम का समापन एक सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने फिटनेस, अनुशासन और वैश्विक मंच पर भारत की खेल महत्वाकांक्षाओं के समर्थन का प्रण लिया।
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24/05/26 |मिशन निदेशक राजन विशाल का सीकर दौरा- 'हर घर जल' लक्ष्य को समयबद्ध पूरा करने पर दिया जोर
एन.एस.बाछल, 24 मई, जयपुर।
प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से मिशन निदेशक राजन विशाल ने शुक्रवार एवं सीकर जिले का दौरा कर विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता एवं 'हर घर जल' प्रमाणन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाते हुए गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि प्रदेश में 'हर घर जल' के संकल्प को समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से पूरा किया जा सके।
जल जीवन मिशन एवं अमृत 2.0 योजनाओं का निरीक्षण—
दौरे के दौरान मिशन निदेशक ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण जल योजनाओं झुन का बास, करणपुरा, सिहोट छोटी एवं लांपुवा (खंडेला) का निरीक्षण किया। इसके साथ ही अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत सीकर शहर के आनंद नगर में निर्माणाधीन उच्च जलाशय का भी जायजा लिया। उन्होंने कार्यों की प्रगति, पूर्णता की समयसीमा तथा वितरण पाइपलाइन की ड्रॉइंग-डिजाइन संबंधी जानकारी प्राप्त कर अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान पाइपलाइन विस्तार, जल स्रोत विकास एवं पेयजल आपूर्ति व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए तथा कार्यस्थलों पर नियमित तकनीकी निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
प्रत्येक ग्राम के लिए बनेगी 'सुजलम आईडी'—
राजन विशाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम के लिए 'सुजलम आईडी' तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड आधारित यह व्यवस्था जल योजनाओं की मॉनिटरिंग, संचालन एवं रखरखाव को अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाएगी। उन्होंने बताया कि 'सुजलम आईडी' के माध्यम से प्रत्येक योजना की तकनीकी जानकारी, जल स्रोत, पाइपलाइन नेटवर्क, लाभान्वित परिवारों, संचालन व्यवस्था एवं रखरखाव से संबंधित समस्त डाटा एकीकृत रूप से उपलब्ध रहेगा।
ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को सक्रिय करने पर जोर—
मिशन निदेशक ने ग्राम स्तर पर जल योजनाओं के बेहतर संचालन एवं रखरखाव के लिए ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समितियों को नियमित रूप से सक्रिय किया जाए तथा ग्रामीण समुदाय की सहभागिता बढ़ाई जाए।
उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन केवल निर्माण कार्यों तक सीमित योजना नहीं है, बल्कि यह सामुदायिक सहभागिता आधारित अभियान है। ग्राम स्तर पर समितियों की सक्रियता से योजनाओं का संचालन अधिक प्रभावी होगा तथा ग्रामीणों में जल संरक्षण एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।
उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी से जल स्रोत संरक्षण, जल गुणवत्ता निगरानी एवं योजनाओं के रखरखाव में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।
'हर घर जल' प्रमाणन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश—
राजन विशाल ने अधिकारियों को 'हर घर जल' प्रमाणन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन ग्रामों में प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन के माध्यम से नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो चुकी है, वहां समयबद्ध तरीके से सत्यापन एवं प्रमाणन की प्रक्रिया पूर्ण की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रमाणन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पेयजल सेवाओं की उपलब्धता का महत्वपूर्ण संकेतक है। इसलिए सभी पात्र ग्रामों का शीघ्र सत्यापन एवं प्रमाणन सुनिश्चित किया जाए।
योजनाओं की गुणवत्ता एवं स्थायित्व पर विशेष फोकस—
मिशन निदेशक ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल पेयजल उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि योजनाओं को दीर्घकाल तक टिकाऊ एवं प्रभावी बनाए रखना भी है। इसके लिए तकनीकी गुणवत्ता, नियमित रखरखाव, डिजिटल मॉनिटरिंग एवं जनसहभागिता को समान रूप से महत्व देना आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक स्तर पर समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति उपलब्ध हो सके।
दौरे के दौरान विभागीय अधिकारी एवं संबंधित परियोजनाओं से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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23/05/26 |ई-औषधि पोर्टल से आयुष सेवाओं में आएगी पारदर्शिता : उपमुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 23 मई, जयपुर।
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा की अध्यक्षता में शासन सचिवालय में आयुष विभाग (आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा एवं होम्योपैथी) की योजनाओं एवं प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, राष्ट्रीय आयुष मिशन, बजट घोषणाओं एवं संकल्प पत्र के क्रियान्वयन, विभागीय योजनाओं, अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026, पदोन्नति, शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक पदों पर भर्ती तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
उपमुख्यमंत्री डॉ. बैरवा ने कहा कि आगामी कार्ययोजना 2026-27 के अंतर्गत आयुष विभाग द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। डिजिटल आयुष मिशन के तहत ई-औषधि पोर्टल सहित आयुष सेवाओं का पूर्ण डिजिटलीकरण एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही आईएचएमएस पोर्टल के माध्यम से कम्प्यूटरीकृत क्रियान्वयन एवं डेटाबेस प्रबंधन को सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने सभी स्वीकृत एवं लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि राजस्थान को आयुष सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाए रखने के लिए प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल टूरिज्म एवं वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान के प्रमुख आयुर्वेदिक महत्व वाले पर्यटन स्थलों पर पीपीपी मोड पर विशेष आयुष वेलनेस केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश को आयुष वेलनेस हब के रूप में विकसित किया जा सके। अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में आयुष विश्वविद्यालयों के माध्यम से नए एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने की योजना भी प्रस्तावित है।
उपमुख्यमंत्री डॉ. बैरवा ने हीटवेव को देखते हुए आवश्यक तैयारियां पूर्ण रखने, चिकित्सालयों में चिकित्सकों एवं औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, होम्योपैथिक दवाओं की नियमित आपूर्ति बनाए रखने तथा नवीन आयुष चिकित्सालय भवनों के निर्माण कार्य गुणवत्ता एवं समयसीमा के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के अवसर पर राज्य, जिला, ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक आयोजन किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आंचल प्रसूता केन्द्रों पर गर्भवती महिलाओं को औषधीय गुणों से युक्त पौष्टिक लड्डुओं का वितरण जुलाई 2026 से प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित है। बैठक में चिकित्सालयों के क्रमोन्नयन, नवीन औषधालयों की स्थापना तथा प्रगतिरत बजट घोषणाओं की समीक्षा भी की गई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के अंतर्गत 1 अप्रैल 2025 से आयुष के 20 नए पैकेज जोड़े गए हैं। इसके तहत अब तक 84 आयुर्वेद चिकित्सालयों को पैनल में शामिल किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि बजट घोषणाओं के तहत वर्ष 2026-27 में आयुर्वेद के 4 जिला चिकित्सालय एवं 30 ब्लॉक स्तरीय इकाइयां, होम्योपैथी के लिए 1 फार्मेसी एवं ड्रग टेस्टिंग लैब तथा 1 जिला चिकित्सालय और यूनानी पद्धति के 2 जिला चिकित्सालय स्थापित किए जाएंगे। बैठक में चिकित्सा संवर्ग पदोन्नति, आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के एकीकृत महाविद्यालयों में शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक पदों पर भर्ती तथा 8 नवीन जिलों में सहायक निदेशक कार्यालयों के स्थान पर उपनिदेशक आयुर्वेद कार्यालय स्थापित करने संबंधी प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई।
बैठक में विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री सुबीर कुमार ने बताया कि विभाग की कुल 24 बजट घोषणाओं में से 10 पूर्ण हो चुकी हैं, 6 प्रगतिरत हैं तथा 8 पर कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि आयुष चिकित्सा सेवाओं का लाभ अधिकाधिक आमजन तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। विभाग के एम्बेसडर ‘आयु’ के माध्यम से ऑडियो-वीडियो संदेश प्रसारित कर आयुर्वेद के लाभों की जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत राज्य ने वित्तीय प्रबंधन में बेहतर प्रदर्शन किया है तथा आईएचएमएस पोर्टल के माध्यम से डिजिटल आयुष सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी समय में राजस्थान आयुर्वेद एवं आयुष सेवाओं के क्षेत्र में रोल मॉडल के रूप में उभरेगा। बैठक में विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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23/05/26 |उप मुख्यमंत्री राजस्थान ने "विजिट माय स्टेट” जैसे विशेष अभियान चलाने का दिया सुझाव
एन.एस.बाछल, 23 मई, जयपुर।
उप मुख्यमंत्री तथा पर्यटन मंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में सचिवालय से पर्यटन सेक्टर के स्टेकहोल्डर्स के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक आयोजित हुई।
पर्यटन सचिव शुचि त्यागी और पर्यटन आयुक्त रुक्मिणी रियाड़, अतिरिक्त निदेशक पर्यटन आनंद त्रिपाठी, पवन जैन सहित RATO प्रेजिडेंट महेन्द्र सिंह राठौड़, एवं शांभवी सिंह, FHTR प्रेजिडेंट सुरेंद्र सिंह शाहपुरा, ADTOI प्रेजिडेंट हेम सिंह, FRTO प्रेजिडेंट योगेंद्र सिंह, HRAR से तरुण बंसल एवं अधीरज सिंह, होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान के प्रेजिडेंट हुसैन खान एवं सचिव रणविजय सिंह, HFR प्रेजिडेंट पवन मेहता एवं अन्य सम्बंधित स्टेकहोल्डर्स के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में राजस्थान में वर्षपर्यंत पर्यटन बनाए रखने पर चर्चा की गई।
उप मुख्यमंत्री तथा पर्यटन मंत्री दिया कुमारी ने होटल एवं ट्रैवल इंडस्ट्री के स्टेकहोल्डर्स को सम्बोधित करते हुए कहा कि राजस्थान में पर्यटन को नए आयाम देने के लिए ‘अननोन डेस्टिनेशंस’ और ऑफ-सीजन टूरिज्म पर विशेष फोकस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग फैसिलिटेटर की भूमिका में है जो होटल इंडस्ट्री और ट्रैवल इंडस्ट्री को बिजनेस बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग करेगा। उन्होंने स्टेकहोल्डर्स से आग्रह किया कि वे समय-समय पर सुझाव, प्लान और प्रपोजल लेकर आएं जिससे नए आइडिया के साथ काम किया जा सके।
दिया कुमारी ने कहा कि वैश्विक विषम परिस्थितियों का सबसे अधिक प्रभाव पर्यटन क्षेत्र पर पड़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार पर्यटन क्षेत्र की चुनौतियों को अवसर में बदलने के उद्देश्य से ट्रैवल ट्रेड फ्रेटरनिटी के साथ यह संवाद सत्र आयोजित किया गया है ताकि स्टेकहोल्डर्स के सुझावों के आधार पर नई रणनीति तैयार की जा सके।
ऑफ-सीजन टूरिज्म बनेगा प्राथमिकता—
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सबसे बड़ी आवश्यकता राजस्थान को “वर्षपर्यंत पर्यटन राज्य” के रूप में विकसित करने की है। इसके लिए ऑफ-सीजन के साथ साथ शोल्डर सीजन का भी प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीक सीजन में टूरिस्ट ओवरफ्लो की स्थिति रहती है, जबकि मानसून और शोल्डर मंथ्स में टूरिज्म कम रहता है। इन महीनों में शादियां और बड़े आयोजन भी कम होते हैं। ऐसे में ऑफ-सीजन और मानसून टूरिज्म को बढ़ाने के लिए ट्रैवल मार्ट्स, रोड शो और विशेष कैंपेन पर काम किया जाएगा।
घरेलू पर्यटन को दिया जाएगा बढ़ावा, देशभर में होंगे राजस्थान के रोड शो—
उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने स्टेकहोल्डर्स के सुझाव पर आश्वस्त किया कि अलग-अलग राज्यों में राजस्थान को प्रमोट करने के लिए रोड शो जल्द शुरू किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के अच्छे अवसर है। उन्होंने “हॉलीडे इन राजस्थान” और “विजिट माय स्टेट” जैसे विशेष अभियान चलाने का सुझाव देते हुए कहा कि इन्हें सोशल मीडिया के जरिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक रूप से प्रचारित किया जाए ताकि अधिकाधिक पर्यटक राजस्थान में अपनी यात्राएं प्लान करें।
अननोन डेस्टिनेशंस पर जोर—
उप मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि बांसवाड़ा, झालावाड़, कोटा और शेखावाटी जैसे क्षेत्रों में अभी पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इन डेस्टिनेशंस को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने के लिए विभाग तेजी से काम कर रहा है।
फॉरेन ट्रैवल मार्ट्स में बढ़ेगी भागीदारी—
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में पर्यटन विभाग की फॉरेन ट्रैवल मार्ट्स में भागीदारी बढ़ी है और आगे इसे और बढ़ाया जाएगा। विभाग का मानना है कि सिर्फ पार्टिसिपेशन से काम नहीं चलेगा। ट्रैवल मार्ट के दौरान लोकल टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल इन्फ्लुएंसर्स, मीडिया और एजेंट्स के साथ मीटिंग, कल्चरल इवनिंग, राजस्थानी खान-पान और प्रेजेंटेशन आयोजित कर ‘मेक द मोस्ट ऑफ इट’ की रणनीति पर काम होगा।
उन्होंने कहा कि चीन में आयोजित होने वाले ट्रैवल मार्ट में भी राजस्थान पर्यटन विभाग सहभागिता करेगा।
दिया कुमारी ने स्टेकहोल्डर्स से अपील करते हुए कहा कि जब वे विदेशी ट्रैवल मार्ट्स में जाएं तो विभाग को सुझाव दें कि वहां और क्या इनक्लूड किया जा सकता है: लोकल एजेंट्स, मीडिया या इन्फ्लुएंसर्स के साथ बैठक, चाय पर चर्चा आदि।
मॉन्यूमेंट्स की टाइमिंग में बदलाव—
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए कई मॉन्यूमेंट्स और सरकारी टूरिस्ट प्लेसेस को सुबह जल्दी और शाम को देर तक खोला जा रहा है। जहां सिक्योरिटी और लाइटिंग की व्यवस्था हो गई है, वहां इसे लागू कर दिया गया है। शेष स्थानों पर भी जल्द काम होगा।
नया मीडिया कैंपेन जल्द—
उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग का सोशल मीडिया और मीडिया कैंपेन जारी है। जल्द ही राजस्थान पर्यटन का नया कैंपेन लॉन्च किया जाएगा।
जियोपॉलिटिकल स्थिति पर अपील —
उपमुख्यमंत्री ने माननीय प्रधानमंत्री जी की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान जियोपॉलिटिकल स्थिति और फ्यूल सिचुएशन को देखते हुए कारपूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा दिया जाए।
प्री-कोविड स्तर पर लाना है फॉरेन टूरिज्म—
दिया कुमारी ने कहा कि 2019 से पहले जितने विदेशी पर्यटक राजस्थान आते थे, अभी उसमें अंतर है। उसी स्थिति में राजस्थान को फिर से लाना है। इसके लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। एविएशन, रेल कनेक्टिविटी, टैक्स में रिडक्शन जैसे मुद्दों पर भारत सरकार के स्तर पर स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर प्रयास किए जाएंगे।
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23/05/26 |राजस्थान को रेल विकास की बड़ी सौगात
एन.एस.बाछल, 23 मई, जयपुर।
केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल अंतर्गत जोधपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान को विभिन्न रेल सेवाओं एवं आधारभूत परियोजनाओं की महत्वपूर्ण सौगातें प्रदान कीं। केंद्रीय मंत्रियों ने गाड़ी संख्या 04871, जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत सुपरफास्ट एक्सप्रेस उद्घाटन स्पेशल रेलसेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस की डिब्बा संरचना को 8 कोच से बढ़ाकर 20 कोच किए जाने की घोषणा की। साथ ही साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस रेलसेवा का विस्तार जैसलमेर तक किए जाने एवं कोच केयर कॉम्प्लेक्स, जैसलमेर के शुभारम्भ का लोकार्पण भी किया गया।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि नियमित गाड़ी संख्या 26481/26482, जोधपुर-दिल्ली कैंट-जोधपुर वंदे भारत सुपरफास्ट एक्सप्रेस में 24 मई 2026 से 2 एक्जीक्यूटिव चेयरकार, 16 वातानुकूलित चेयरकार तथा 2 ड्राइवर पावर कार सहित कुल 20 कोच संचालित किए जाएंगे। इससे यात्रियों को अधिक सीट उपलब्ध होंगी तथा यात्रा सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे विश्वस्तरीय सुविधाओं की दिशा में तीव्र गति से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि रेलवे केवल परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि देश की जीवनरेखा है तथा पिछले वर्षों में रेलवे क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हुए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान एवं विशेषकर मारवाड़ क्षेत्र को केंद्रीय रेल मंत्री द्वारा अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सौगात मिली है, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति प्राप्त हुई है। उन्होंने ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री के आह्वान का उल्लेख करते हुए आमजन से सहयोग की अपील भी की।
रेल अवसंरचना विस्तार से पश्चिमी राजस्थान को नई गति—
जैसलमेर में 67 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कोच केयर कॉम्प्लेक्स का शुभारम्भ, पर्यटन एवं कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा—
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान के प्रवासियों की लंबे समय से अतिरिक्त रेल सेवाओं की मांग रही है, जिसे ध्यान में रखते हुए चेन्नई, पुणे, हैदराबाद एवं मुंबई सहित विभिन्न महानगरों के लिए नई रेल सेवाएं प्रारम्भ की गई हैं। उन्होंने बताया कि जोधपुर में विकसित किया जा रहा कोचिंग टर्मिनल रेलवे विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगा तथा भविष्य में देशभर से नई रेल सेवाओं के संचालन में सहायक बनेगा। भगत की कोठी में वंदे भारत स्लीपर टर्मिनल भी विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि आगामी 10 माह में जोधपुर से हरिद्वार के लिए नई रेल सेवा प्रारम्भ करने की तैयारी चल रही है। राजस्थान में रेलवे विकास हेतु वर्तमान में लगभग 10,000 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट प्रदान किया जा रहा है, जबकि पूर्व में यह राशि मात्र 700 से 800 करोड़ रुपये थी।
केंद्रीय रेल मंत्री ने जानकारी दी कि राजस्थान में धांगरा-बांदीकुई, अजमेर-चित्तौड़गढ़, लूनी-भिलड़ी, रेवाड़ी-खाटूवास तथा सवाई माधोपुर-जयपुर रेलखंडों पर डबलिंग कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त मारवाड़ जंक्शन-मावली गेज कन्वर्जन, सुरंग निर्माण एवं नई रेल लाइनों के कार्य भी तीव्र गति से संचालित किए जा रहे हैं। पुष्कर एवं अंबाजी को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने हेतु नई रेल लाइन परियोजनाओं पर भी कार्य जारी है।
कार्यक्रम के दौरान जैसलमेर में 67 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कोच केयर कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया गया। इस परियोजना से ट्रेनों की मेंटेनेंस क्षमता में वृद्धि होगी, अधिक रेल सेवाओं का संचालन संभव हो सकेगा तथा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी।
केंद्रीय मंत्रियों ने कहा कि स्वर्ण नगरी जैसलमेर पर्यटन एवं सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सोनार किला, पटवों की हवेली, बड़ा बाग एवं थार मरुस्थल देश-विदेश के पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण केंद्र हैं। नई रेल सुविधाओं से जैसलमेर की कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी तथा पर्यटन एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही चिकित्सा एवं शिक्षा के लिए जोधपुर एवं अहमदाबाद जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।
उन्होंने बताया कि राजस्थान की संस्कृति, विरासत एवं शौर्य की झलक अब रेलवे स्टेशनों पर भी दिखाई दे रही है। जैसलमेर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि जयपुर स्टेशन को पिंक सिटी थीम पर विकसित किया जा रहा है। पाली स्टेशन का निर्माण कार्य भी तीव्र गति से प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन अब पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित हो रहे हैं।
केंद्रीय रेल मंत्री ने बताया कि राजस्थान में 25 गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 पूर्ण हो चुके हैं। इन परियोजनाओं से व्यापार, पर्यटन एवं यात्री सुविधाओं को व्यापक लाभ प्राप्त होगा।
साथ ही गाड़ी संख्या 20486, साबरमती-जैसलमेर प्रतिदिन सुपरफास्ट एक्सप्रेस रेलसेवा को वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह रेलसेवा 23 मई 2026 से साबरमती से प्रातः 7 बजे रवाना होकर दोपहर 2:40 बजे जोधपुर पहुंचेगी तथा 2:50 बजे प्रस्थान कर रात्रि 8:30 बजे जैसलमेर पहुंचेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 20485, जैसलमेर-साबरमती प्रतिदिन सुपरफास्ट एक्सप्रेस 23 मई 2026 से जैसलमेर से प्रातः 6:30 बजे रवाना होकर 11:40 बजे जोधपुर पहुंचेगी तथा 11:50 बजे प्रस्थान कर रात्रि 8 बजे साबरमती पहुंचेगी।
कार्यक्रम के अंत में केंद्रीय रेल मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्तमान परियोजनाओं के पूर्ण होने के पश्चात राजस्थान को 200 से अधिक नई रेल सेवाओं का लाभ मिलेगा तथा राज्य रेलवे विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।
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22/05/26 |ऑपरेशन सिन्दूर पर प्रत्येक भारतीय को गर्व, अब भारत मुंहतोड़ जवाब देता है- विधानसभा अध्यक्ष राजस्थान
एन.एस.बाछल, 22 मई, जयपुर।
ऑपरेशन सिन्दूर की पहली वर्षगांठ पर राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, अजमेर में कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर पर प्रत्येक भारतीय को गर्व है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने दिखा दिया है कि अब हम हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देते हैं। युवा कैडेट्स अपने जीवन में मर्यादा, अनुशासन, समर्पण और प्रतिबद्धता को आत्मसात करें।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर में भारत ने पूरे विश्व को अपनी ताकत का लोहा मनवाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह नया भारत है जो किसी से नहीं डरता।
विधानसभा अध्यक्ष ने स्कूल के वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उन्होंने एनसीसी कैडेट से आह्वान किया कि वे अनुशासन को अपने जीवन में आत्मसात करें।
वासुदेव देवनानी ने कहा कि प्रत्येक कैडेट को अपने जीवन में मर्यादा का पालन करना चाहिए। मर्यादा में रहते हुए कैडेट्स को क्या करना है और क्या नहीं करना है, इसका ज्ञान होना चाहिए। कई बार देश के युवा अज्ञानता वश देश और समाज के लिए गैर कल्याणकारी कार्यों में लिप्त हो जाते हैं। अपने जीवन में समर्पण का भाव सीखना प्रत्येक कैडेट के लिए आवश्यक है। अपने माता-पिता, अपने समाज और अपने राष्ट्र के लिए यह समर्पण होने पर राष्ट्र को भी ऐसे युवाओं पर गर्व का अनुभव होगा।
इस अवसर पर कैंप कमांडेंट कर्नल अजय दाधीच, प्रशासनिक अधिकारी कर्नल शैलेश शर्मा, राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल की प्रिंसिपल कर्नल रितु छेत्री, कप्तान अनिल कुमार नैनावत, लेफ्टिनेंट मीनाक्षी गहलोत, लेफ्टिनेंट सचिन चौधरी ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का स्वागत किया। एनसीसी कैडेट रिंकू चौधरी एवं रामरक्षा भाकर पायलटिंग करते हुए मुख्य अतिथि वासुदेव देवनानी को वॉर मेमोरियल तक लेकर गई। मीडिया प्रभारी कप्तान संत कुमार ने बताया कि इस अवसर पर पीपिंग सेरेमनी के तहत वासुदेव देवनानी द्वारा एनसीसी कैडेट्स को रैंक लगा कर उन्हें प्रमोट किया गया।
बालिका सैनिक स्कूल की बात पर जमकर बजाई कैडेट्स ने तालियां—
वासुदेव देवनानी द्वारा जिले में बालिका सैनिक स्कूल खोलने की जानकारी देने पर एनसीसी कैडेट्स ने भारत माता की जय के साथ जमकर तालियां बजाई। वासुदेव देवनानी ने बताया कि हाथी खेड़ा में तीन बीघा जमीन पर बालिका सैनिक स्कूल खोला जा रहा है। इसकी सभी औपचारिकताएं पूर्ण हो चुकी हैं, यह अजमेर के लिए गर्व की बात है।
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22/05/26 |राजस्थान को बनाएंगे स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल राज्य - मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
एन.एस.बाछल, 22 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान को जन-जन का आंदोलन बनाया। उन्होंने यह संदेश भी दिया कि स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समस्त देशवासियों का सामूहिक दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी का सपना था कि भारत स्वच्छ और स्वस्थ बने। प्रधानमंत्री ने इसी सपने को जनभागीदारी के माध्यम से नई ऊर्जा प्रदान की।
मुख्यमंत्री डूंगरपुर में नागरिक अभिनंदन एवं स्वच्छता संदेश कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गांवों में शौचालय निर्माण, शहरों में कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त अभियान और स्वच्छता के प्रति जागरूकता को लेकर देश में नई चेतना दिख रही है। स्वच्छता अब व्यवस्था के साथ ही संस्कार का विषय बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि डूंगरपुर की धरती ने स्वच्छता आंदोलन को एक नई पहचान देने का कार्य किया है। स्वच्छता को जनसहभागिता का उत्सव बनाया। जिसकी वजह से आज सब जगह डूंगरपुर मॉडल की चर्चा होती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी प्रदेश को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारा स्पष्ट लक्ष्य है कि राजस्थान विकास के साथ ही स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो।
आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग सिस्टम हो रहे विकसित
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ठोस कचरा प्रबंधन को मजबूत किया जा रहा है। शहरों में आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं। घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा रहा है। प्लास्टिक मुक्त राजस्थान के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। नगर निकायों को तकनीक आधारित व्यवस्थाओं से जोड़कर सफाई व्यवस्था को बेहतर करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
राजस्थान में स्वच्छ भारत मिशन की उपलब्धियां
उन्होंने कहा कि हमने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत करीब 3 लाख व्यक्तिगत शौचालय और 5 हजार से अधिक सामुदायिक शौचालय बनवाए हैं। साथ ही, 41 हजार से अधिक ओडीएफ प्लस मॉडल विलेज और 21 जिलों में गोबरधन-परियोजना के तहत बायो-गैस संयंत्रों की स्थापना की गई है। वहीं, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत 168 नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्रों की स्थापना के लिए 454 करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 348 पिंक टॉयलेट का निर्माण हो चुका है और तथा 356 पिंक टॉयलेट के निर्माण के लिए कार्यादेश जारी कर दिए गए हैं। 10 नगरीय निकायों को 28 मैकेनिकल रोड स्वीपर मशीन उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं। सेवा पखवाड़ा के दौरान 5 हजार 845 चिकित्सा संस्थानों पर स्वच्छता शिविरों का आयोजन किया गया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छता को स्वास्थ्य और पर्यटन से भी जोड़कर देख रही है। स्वच्छ शहर निवेश को आकर्षित करते हैं, पर्यटन को बढ़ावा देते हैं और नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाते हैं। उन्होंने कहा कि डूंगरपुर और बांसवाड़ा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने स्वच्छ राजस्थान पोस्टर का विमोचन भी किया।
इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबू लाल खराड़ी, सांसद मन्नालाल रावत, विधायक शंकरलाल डेचा, राजस्थान के स्वच्छता एम्बेसडर के. के. गुप्ता, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
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22/05/26 |अजमेर बन रहा आईटी और उद्योग का हब, आईटी पार्क में प्लॉट के लिए आए 22 आवेदन
एन.एस.बाछल, 22 मई, जयपुर।
रीको को अजमेर आईटी पार्क में प्लॉट के लिए 22 कम्पनियों के आवेदन मिले हैं। यहां सड़कें भी तैयार हो गई है। बिजली-पानी की सुविधा भी जल्द उपलबध होगी। आईटी के साथ इंडस्ट्री हब भी जल्द बनेगा। एक कम्पनी ने काम शुरू कर दिया है। रीको ने चाचियावास में 114 हैक्टेयर जमीन इंडस्ट्रीयल एरिया के लिए मांगी है। भिवाड़ी की तर्ज पर इस क्षेत्र का विकास होगा।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने आईटी पार्क का अवलोकन करने के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आईटी पार्क अजमेर में रोजगार, औद्योगिकीकरण और डिजिटल सेक्टर की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। इसके लिए विकास कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।
निरीक्षण के दौरान देवनानी ने सड़क निर्माण, समतलीकरण, बाउंड्री वॉल, डिमार्केशन, पावर लाइन और बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने रीको के अधिकारियों को निर्देश दिए कि समतलीकरण, लेवलिंग तथा सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण किया जाए। इससे विद्युत एवं पेयजल लाइनों जैसी सुविधाओं की स्थापना का कार्य समय से शुरू किया जा सकेगा। उन्होंने वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर तैयार करने और पार्क में उच्च गुणवत्ता वाली सड़क निर्माण सुनिश्चित करने को निर्देशित किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आईटी पार्क के भीतर प्लग-एंड-प्ले मॉडल को प्रोत्साहित करते हुए बहुमंजिला इमारतों में मल्टीपल आईटी यूनिट्स की स्थापना की सुविधा विकसित की जाएगी। बाउंड्री वॉल निर्माण से पार्क की स्पष्ट आउटलाइन और पहचान सुनिश्चित होगी। वहीं सड़क नेटवर्क, जल निकासी, विद्युत लाइनों और स्ट्रीट लाइट सहित सभी आवश्यक आधारभूत ढांचे को निर्धारित समयसीमा में विकसित किया जाए।
उन्होंने रीको के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईटी उद्योगों को अधिकाधिक आकर्षित करने के लिए पार्क में गार्डन, पार्किंग, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तथा अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएं। साथ ही ओएफसी केबलिंग की आवश्यकताओं को संबंधित नेटवर्क कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर तुरंत पूरा किया जाए।
रीको के अधिकारियों ने विधानसभा अध्यक्ष को जानकारी दी कि आईटी पार्क का कुल क्षेत्रफल 27.55 एकड़ है। इसमें से 45 हजार 310 वर्गमीटर भूमि औद्योगिक और कॉमर्शियल उपयोग के लिए बेची जाएगी। रीको ने आईटी पार्क के विकास के लिए 23.65 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की है। इसके अंतर्गत भूमि मुआवजा, समतलीकरण, सिविल निर्माण कार्य, सर्वे-डिमार्केशन, सड़क निर्माण, विद्युत कार्य, स्ट्रीट लाइट, वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर इत्यादि शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि आईटी पार्क का स्थान रणनीतिक रूप से अत्यंत लाभकारी है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग से एक किलोमीटर की दूरी पर, अजमेर शहर के केंद्र के निकट, अंतरराष्ट्रीय तीर्थ स्थल पुष्कर से 13 किलोमीटर तथा किशनगढ़ एयरपोर्ट से मात्र 20 किलोमीटर दूर स्थित है।
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22/05/26 |प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किसानों का हो रहा आर्थिक कल्याण, डेयरी एवं सहकारिता सेक्टर को बनाया अधिक मजबूत - मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 22 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने रोडमैप बनाकर प्रदेश में पानी, बिजली और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि सिंचाई एवं पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। वहीं, ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि कर 26 जिलों के किसानों को दिन में बिजली दी जा रही है।
मुख्यमंत्री डूंगरपुर के धम्बोला गांव में देर रात्रि ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान का आयोजन कर 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए, जिनमें से 9 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर चुके है। जिससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में किसान और युवाओं को विकास के अवसर उपलब्ध करवाएं जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण सुविधा दे रही है। वहीं, 4 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने के संकल्प को भी पूरा किया जाएगा। भर्ती परीक्षाएं पूर्ण पारदर्शिता से आयोजित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विकसित ग्राम वार्ड अभियान के तहत गांवों और शहरों के सर्वांगीण विकास के लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है। जिससे स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग कर युवाओं को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करवाएं जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उपज के अनुसार प्रोसेसिंग यूनिट्स की स्थापना से हमारा किसान सशक्त बनेगा। उन्होंने कहा कि कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर किसान वर्ग को अतिरिक्त आय के नए अवसर सृजित करने चाहिएं। किसानों को मिट्टी की उत्पादकता बनाए रखने के लिए जैविक खेती अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से सम्मान निधि मिल रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में डेयरी एवं सहकारिता सेक्टर को मजबूत बनाया जा रहा है। दूध की प्रसंस्करण इकाइयों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। नवीन पैक्स खोलकर नए सदस्य जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय भाषा सिखाने के लिए महत्वपूर्ण एमओयू किया गया है, प्रदेश के युवा इस अवसर का लाभ उठाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालकों के लिए हमारी सरकार ने मोबाइल वेटरनरी यूनिट की सुविधा उपलब्ध कराई है। जिससे घर बैठे पशुओं का ईलाज संभव हुआ है। मंगला पशु बीमा योजना का लाभ भी दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जैविक खेती अपनाने के लिए भी हमारी सरकार अनुदान दे रही है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि इटली के रोम में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एग्रीकोला मेडल से सम्मानित किया गया है। इस सम्मान से हमारे अन्नदाताओं की वैश्विक पहचान मजबूत बनी है। उन्होंने कहा कि विगत 12 वर्षों में प्रधानमंत्री ने कृषि एवं खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में अनेक पहल की हैं।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में नारायण लाल अहारी को मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के तहत 5 लाख रुपये का चैक एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत चिमन कुमार यादव एवं प्रवीण कुमार रोत को ऋण चैक सौंपा। उन्होंने हेमंत कुमार कलाल एवं राजपाल सिंह झाला को मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत ऋण चैक सौंपे। पॉली हाउस योजना के तहत प्रवीण अमृतलाल डामोर को 17.27 लाख रुपये के अनुदान की स्वीकृति प्रदान की। साथ ही, फार्म पौंड योजना के तहत बबली को 73 हजार 500 रुपये की अनुदान राशि का चैक प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों से संवाद भी किया।मुख्यमंत्री का युवाओं से संवाद
मेरा चयन वर्ष 2026 में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर हुआ है। यह भर्ती प्रक्रिया 2022 से शुरू हुई थी। 2023 में हमारी परीक्षा हुई, लेकिन दुर्भाग्यवश पेपर लीक हो गया। उस समय आपने तुरंत निर्णय लेते हुए 30 दिसंबर 2023 को पेपर रद्द करने की घोषणा की और साथ ही नई परीक्षा तिथि भी घोषित कर दी। इसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। इसके बाद दोबारा परीक्षा पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आयोजित हुई।
- युवा प्रियकांत पाटीदार
पहले पेपर लीक हो जाते थे जिससे हमारा मोरल डाउन हो जाता था, लेकिन पिछले दो साल में हमने देखा कि वैकेंसी का नोटिफिकेशन समय पर निकलता है, परीक्षा समय पर होती है, रिजल्ट पारदर्शी तरीके से आता है और जॉइनिंग भी समय पर हो रही है। इससे युवाओं का विश्वास वापस लौटा है।
- पटवार भर्ती चयनित युवा देवर्ष भट्ट
इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबू लाल खराड़ी, विधायक शंकरलाल डेचा, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में किसान और युवा उपस्थित रहे।#Anil Vij #Haryana #bjp #india #politics #Ambala #Danik Khabar #news #current news #chandigarh #punjab #himachal #Rajasthan
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22/05/26 |जल जीवन मिशन के प्रगतिरत कार्यों को प्राथमिकता से करें पूर्ण- मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 22 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डूंगरपुर जिला कलक्ट्रेट में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड विजिट कर आमजन की समस्याओं को सुनने तथा उनके त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों को विभागीय योजनाओं से भी लाभान्वित किया जाए।
उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों और विभागीय योजनाओं की समीक्षा की तथा अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से तय लक्ष्यों की प्राप्ति के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करके योजनाओं को धरातल पर उतारें। उन्होंने जिला कलक्टर को सभी उपखण्ड एवं विभागीय अधिकारियों की फील्ड विजिट सहित विभागीय जिम्मेदारियों की निरंतर समीक्षा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर सभी वर्गों के कल्याण एवं विकास को सुनिश्चित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के किसानों की जमीने बहुत छोटी हैं, इसलिए उन्हें कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। जिससे उनकी उपज और आय में वृद्धि हो सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक संख्या में पशुपालकों को विभागीय योजनाओं के प्रति जागरूक कर लाभान्वित किया जाए। उन्होंने कहा कि डूंगरपुर-बांसवाड़ा में आम की गुणवत्ता बहुत अच्छी है तथा मक्का की पैदावार भी अच्छी होती है। इसलिए यहां प्रोसेसिंग यूनिट्स को बढ़ावा देने के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाए। जिससे किसानों को अच्छी आमदनी और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सके।
मुख्यमंत्री ने डूंगरपुर में वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान में जन भागीदारी बढ़ाने, जल स्रोतों की साफ सफाई करने एवं कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के तहत जल संचय के कार्यों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बारिश के पानी का संचय कर उसकी उपयोगिता को बढ़ावा देने के लिए भी कार्ययोजना बनाई जाएं। इसके लिए जल संसाधन और पीएचईडी विभाग मिलकर काम करें।
उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत प्रगतिरत कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डूंगरपुर-बांसवाड़ा समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली विरासत वाले जिले हैं। इसलिए इस क्षेत्र के विकास को नए आयाम देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
बैठक में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबू लाल खराड़ी, सांसद मन्नालाल रावत, विधायक शंकरलाल डेचा, संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, टीएडी आयुक्त लक्ष्मी नारायण, जिला कलक्टर देशल दान, पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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21/05/26 |अंतिम छोर तक विकास हमारी पहली प्राथमिकता किसान लाभदायक खेती से बढ़ाए आमदनी - मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 21 मई, जयपुर।
बांसवाड़ा जिले के सुदूर आदिवासी अंचल में स्थित चुड़ादा गाँव में रात्रि चौपाल लगाने के बाद मुख्यमंत्री गुरुवार सुबह फिर से ग्रामीणों के बीच पहुँचे। उन्होंने गांव की गलियों में भ्रमण करते हुए स्थानीय लोगों से संवाद किया और जन-मन की बात जानी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विचार को साकार करने के लिए कार्य कर रही है। ग्राम विकास चौपाल उसी अंत्योदय दर्शन का जीवंत स्वरूप है। जहां अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक योजनाओं और विकास का लाभ पहुंचाना सरकार की पहली प्राथमिकता है।
पीपल के नीचे लगाई चौपाल, सुने लोगों के अभाव-अभियोग
भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने पीपल के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई और लोगों के अभाव-अभियोग सुनें। इस दौरान उन्होंने पानी से जुड़े विभिन्न मामलों पर संज्ञान लेते हुए जिला कलक्टर को सिंचाई के लिए हीरन नदी पर एनिकट निर्माण एवं पेयजल स्त्रोतों के लिए निर्देश दिए। इसके बाद वे मां बाड़ी केंद्र पहुंचकर बच्चों से मिले तथा उनकोे दुलार किया। भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने जगह-जगह रूककर बच्चों को उपहार स्वरूप चॉकलेट बाँटी तथा उन्हें पढ़-लिखकर उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री से चॉकलेट पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। साथ ही, उन्होंने ग्रामीणों से अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने तथा युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के लिए भी आह्वान किया।
कार्य में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों पर मुख्यमंत्री सख्त
इस दौरान कार्मिकों द्वारा कुशलगढ़ के खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गिरिश भाभोर के विरूद्ध वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत की गई। इस पर मुख्यमंत्री ने गंभीरता दिखाते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर चिकित्सा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डॉ. गिरिश भाभोर कोे एपीओ कर दिया।
पानी का कोई विकल्प नहीं, हर बूंद का सदुपयोग जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी का कोई विकल्प नहीं है, इसलिए प्रत्येक बूंद को बचाना और उसका समुचित उपयोग करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। फलदार वृक्ष पर्यावरण संरक्षण के साथ अतिरिक्त आय का भी बड़ा माध्यम बन सकते हैं। उन्होंने किसानों से माइक्रो सिंचाई, वर्षा जल संग्रहण, आधुनिक एवं बहुआयामी खेती, डिग्गी निर्माण पर भी विशेष ध्यान देने की अपील की।
जल संरक्षण को बनाए जन आंदोलन
उन्होंने कहा कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ पशुपालन को भी जोड़ना होगा, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके। मेहनत और नवाचार के माध्यम से खेती को लाभदायक बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांवों में ही रोजगार और आय के अवसर विकसित कर युवाओं को बाहर मजदूरी के लिए जाने से रोका जा सकता है। उन्होंने डूंगरपुर क्षेत्र में सामुदायिक सहभागिता से किए गए जल संरक्षण कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब गांव मिलकर जल स्रोतों को सहेजते हैं तो उसका लाभ पूरे क्षेत्र को मिलता है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने मौके पर ही किया मांगों का समाधान
इसके बाद मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से चाय पर चर्चा करते हुए उनकी मांगों का समाधान किया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गांव ठुम्मठ में मां बाड़ी केंद्र निर्माण के लिए 16.20 लाख रुपये, ठुम्मठ चौराहा पर सिंगल फेज ट्यूबवेल निर्माण के लिए 20 लाख रुपये तथा ग्राम चुड़ादा में मामा बालेश्वर दयाल मंदिर परिसर में इंटरलॉकिंग एवं सौंदर्यीकरण के लिए 7 लाख रूपये की तत्काल स्वीकृति भी जारी कर दी गई। साथ ही, मुख्यमंत्री ने राजकीय विद्यालय में दो कक्षा-कक्षों के निर्माण एवं गाँव के समीप दूध संकलन केन्द्र की स्थापना को लेकर भी अधिकारियों को निर्देशित किया। इससे पहले भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री को रोशनी कलाल ने सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित अपने पुत्र की बीमारी को ध्यान में रखते हुए अपने पति हेमेंद्र कुमार कलाल (सहायक अभियंता) का पदस्थापन जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग कार्यालय सागवाड़ा से बांसवाड़ा करने का अनुरोध किया। इस पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए हेमंत कुमार कलाल का पदस्थापन कार्यालय अधिशासी अभियंता परियोजना खंड बांसवाड़ा में करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने भी निर्देशों की अनुपालना में शीघ्र कार्रवाई कर इसके आदेश जारी कर दिए।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने संत मामा बालेश्वर दयाल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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21/05/26 |लखपति दीदी योजना महिलाओं की आत्मनिर्भरता की प्रतीक - मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 21 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बांसवाड़ा के कुशलगढ़स्थित चुड़ादा गांव में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम मेंराजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया।उन्होंने कहा कि राजीविका महिला सशक्तीकरण का रोल मॉडल है। इसके माध्यम से गांव की महिलाएं लाखों - करोड़ रुपये के करोबार से जुड़कर सशक्त हो रही हैं। ये ना केवल रोजगार उपलब्ध करवा रहा है, अपितु ग्रामीण क्षेत्रों में एक बड़ा सामाजिक बदलाव भी ला रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा अनुसार महिला, युवा, किसान और मजदूर के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। इन वर्गों के जीवन स्तर में सुधार होने से ही गांव, तहसील, जिला, प्रदेश और देश का विकास सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और उनके गरिमापूर्ण जीवन के लिए प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, घर-घर शौचालय का निर्माण, उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर वितरण, हर घर नल से जल और जन-धन खाते खुलवाकर महिलाओं और बेटियों के जीवन में खुशहाली लाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व की दिशा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया। इस अधिनियम को और सशक्त करने की प्रधानमंत्री ने हाल ही में पहल की, लेकिन विपक्ष ने राजनीति के चलते इस बिल को संसद में पारित नहीं होने दिया।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्यरत है। मा वाउचर योजना के अंतर्गत आज महिलाओं को फ्री सोनोग्राफी की सुविधा दी जा रही है। बालिकाओं को 13 लाख से अधिक साइकिलों और 44 हजार से अधिक स्कूटियों को वितरित कर लाभान्वित किया गया है। वहीं, मातृ वंदन योजना में राशि 5 हजार से बढ़ाकर 6,500 रुपये की गई है औरलाडो प्रोत्साहन योजना में बालिकाओं के जन्म पर 1 लाख 50 हजार रुपये का सेविंग बॉण्ड भी दिया जा रहा है। इसी प्रकार, 1 करोड़ से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को निशुल्क सेनेटरी नेपकिन वितरित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना से महिलाओं के जीवन स्तर में निरंतर सुधार आ रहा है। यह महिलाओं की आत्मनिर्भरता की प्रतीक बन गई है। प्रदेश की 22 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से लगभग 17 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं। डूंगरपुर और बांसवाड़ा में भी महिलाओं ने इस योजना का बढ़-चढ़ कर भाग लिया है। उन्होंने आह्वान किया कि महिलाएं स्वयं भी आगे बढ़ें और राजीविका के समूहों से औरों को भी जोड़ें। वे छोटी पूंजी से अपने बड़े सपनों को साकार करें। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की दुनिया में विशेष पहचान है। जनजातीय लोगों ने प्रदेश की गौरवशाली संस्कृति को संजोए रखा है।उनके गांव-ढ़ाणी का विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को चैक भी सौंपे। इस दौरान उन्होंने वन धन मैनेजर विधिका के आग्रह पर बांसवाड़ा में राजीविका बहनों के लिए सीएलएफ कार्यशाला बनवाने एवं क्लस्टर मैनेजर धर्मिष्ठा पण्ड्या के अनुरोध पर उत्पादों की पैकेजिंग यूनिट स्थापित करने के लिए जिला कलेक्टर को निर्देश दिए। इससे पहले स्थानीय कलाकारों ने आदिवासी अंचल के पारंपरिक लोक नृत्य के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। आदिवासी बंडी (जैकेट) एवं तीर-कमान भेंटकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन भी किया गया।
कार्यक्रम में जनजातीय क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमन्त मीणा, विधायक कैलाशचन्द्र मीणा, शंकरलालडेचासहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नारी शक्ति व ग्रामीण मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री से राजीविका से जुड़ी महिलाओं ने साझा किए अपने अनुभव
मैं ऑर्गेनिक व कैमिकल मुक्त प्रोडक्ट का निर्माण करती हूं। मैं 15 से 20 हजार मासिक कमा रही हूं। राजीविका में जुड़ने से मुझे आगे बढ़ने का अवसर मिला।
-वन धन मैनेजर गुणवति निनामा
बिजनेस कॉरेसपोन्डेंट सखी की ट्रेनिंग लेकर मैं आज 15 लाख से अधिक का ट्रांजेक्शन कर रही हूं, जिसमें लगभग 15 हजार मासिक की आय हो रही है। अब मेरे क्षेत्र के लोगों को बैंक की लाइन में लगने की आवश्यकता नहीं रही। मेरी महिलाओं से अपील है कि वे भी समूह से जुड़ें और आगे बढ़ें।
-बीसी सखी निर्मला
गांव-शहरों में हम ऑर्गेनिक प्रोडक्ट सेल कर रहे हैं। ये सभी प्रोडक्ट हाथों से बने हुए हैं। मेरी आज 25 से 30 हजार रुपये प्रतिमाह आय है। आर्थिक स्थिति मजबूत होन से मैंने अपनी कमाई से मकान का निर्माण भी कराया है।
-वन धन मैनेजर विधिका
राजीविका ने मुझे नई पहचान दी है। लोग मुझे लखपति दीदी के नाम से जानने लगे हैं। मेरे क्लस्टर में साथ 8 हजार 200 महिलाएं जुड़ी हुई हैं।
- क्लस्टर मैनेजर धर्मिष्टा पण्ड्या
मैं बैंक में खाते खुलवाने और लोन दिलवाने का कार्य करती हूं। अब तक 280 से अधिक महिलाओं को लोन दिलवा चुकी हूं। आज मेरी 10 से 15 हजार रुपये मसिक की आय है।
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21/05/26 |विधानसभा अध्यक्ष ने अजमेर के अशोक उद्यान प्रवेश द्वार से अंबेडकर सर्किल तक विकास कार्यों का किया निरीक्षण
एन.एस.बाछल, 21 मई, जयपुर।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अशोक उद्यान प्रवेश द्वार से अंबेडकर सर्किल तक संचालित सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों का निरीक्षण कर अधिकारियों को विभिन्न आवश्यक निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि अजमेर शहर का प्रवेश मार्ग प्रदेश एवं देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों एवं आगंतुकों के लिए प्रथम छवि प्रस्तुत करता है। इसके लिए इन मार्गों का विकास शहर की सांस्कृतिक, ऎतिहासिक एवं शैक्षणिक पहचान के अनुरूप किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने निर्देश दिए कि अशोक उद्यान प्रवेश द्वार से अजमेर शहर की ओर आरम्भ बस स्टैंड तक सड़क के दोनों ओर चरणबद्ध रूप से हेरिटेज थीम आधारित सौंदर्यीकरण कार्य करवाए जाएं। इसके अंतर्गत निर्धारित दूरी पर आकर्षक डेकोरेटिव एवं हेरिटेज लाइटिंग, फव्वारे, पौधारोपण, हरित पट्टियां तथा व्यवस्थित उद्यान विकसित किए जाएं।
उन्होंने कहा कि सड़क किनारे एवं साइड वॉल्स पर टेराकोटा रंगों का उपयोग करते हुए अजमेर की ऎतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करने वाले चित्र एवं भित्ति चित्र बनाए जाएं।
विधानसभा अध्यक्ष ने निर्देशित किया कि मार्ग के दोनों ओर स्थित दीवारों पर अजमेर की महान विभूतियों, चौहान शासकों, ऎतिहासिक झीलों तथा शहर की गौरवशाली विरासत को दर्शाने वाली कलात्मक पेंटिंग्स विकसित की जाएं। इससे शहर की ऎतिहासिक पहचान को नई पीढ़ी एवं आगंतुकों तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा की नगरी के रूप में विख्यात अजमेर की विशिष्ट पहचान को भी विभिन्न कलात्मक माध्यमों से प्रदर्शित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अशोक उद्यान प्रवेश द्वार के आसपास स्थित अतिक्रमण एवं झाड़ियों को हटाकर क्षेत्र को सुव्यवस्थित एवं स्वच्छ बनाने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न प्रमुख चौराहों पर आकर्षक सर्किल विकसित कर उनका सौंदर्यीकरण करवाने के लिए कहा। उन्होंने एमडीएस विश्वविद्यालय पुष्कर चौराहे पर सर्किल निर्माण करवाते हुए वहां सम्राट पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा स्थापित करने तथा संपूर्ण क्षेत्र को हेरिटेज स्वरूप में विकसित करने के निर्देश प्रदान किए।
उन्होंने कहा कि शहर में प्रवेश के प्रमुख मार्ग की सड़क चौड़ाई दोनों ओर समान एवं व्यवस्थित रहे। इसके लिए आवश्यकतानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। आरपीएससी कार्यालय के सामने सड़क की दोनों ओर समान चौड़ाई बनाए रखने, आरपीएससी चौराहे पर सर्किल निर्माण कर सौंदर्यीकरण करने तथा वहां पहचान स्वरूप प्रतीक चिन्ह विकसित करने के भी निर्देश दिए।
विधानसभा अध्यक्ष ने जयपुर रोड स्थित रॉयल एनफील्ड शोरूम के समीप जलभराव की समस्या का संज्ञान लेते हुए वहां प्रभावी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मार्ग के दोनों ओर सुव्यवस्थित ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाए ताकि वर्षा ऋतु में जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं हो तथा यातायात सुचारू बना रहे।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अजमेर शहर के प्रवेश मार्ग को आधुनिक सुविधाओं एवं हेरिटेज स्वरूप के समन्वय के साथ विकसित किया जाए। इससे शहर की ऎतिहासिक गरिमा, सांस्कृतिक विरासत एवं स्वच्छ-सुंदर छवि को नई पहचान मिलेगी।
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21/05/26 |माय भारत पोर्टल युवाओं के लिए ‘सिंगल विंडो सॉल्यूशन’ के रूप में विकसित हो- मुख्य सचिव राजस्थान
एन.एस.बाछल, 21 मई, जयपुर।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सचिवालय में आयोजित बैठक में माय भारत पोर्टल की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश के 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के अधिकाधिक युवाओं को पोर्टल से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप राजस्थान में माय भारत प्लेटफॉर्म पर विद्यार्थियों एवं युवाओं का व्यापक पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए विशेष अभियान चलाएं तथा प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुंच सुनिश्चित करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि माय भारत पोर्टल को युवाओं के लिए ‘सिंगल विंडो सॉल्यूशन’ के रूप में विकसित किया जाए, जहां उन्हें कौशल विकास, स्वयंसेवा, अनुभवात्मक शिक्षण, नवाचार, युवा नेतृत्व एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी एवं अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को मुख्यमंत्री स्तर पर दिए गए निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करते हुए युवा मामले विभाग को साप्ताहिक कम्प्लायंस रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी जिला कलेक्टरों द्वारा प्रतिमाह पोर्टल की प्रगति के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित कर उसकी कार्यवाही एवं मॉनिटरिंग रिपोर्ट भी भेजी जाए। मुख्य सचिव ने युवाओं को प्रेरित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के यूथ आइकॉन्स को अभियान से जोड़ने के निर्देश भी दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों एवं आईटीआई संस्थानों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर विद्यार्थियों का पंजीकरण कराया जाए। उन्होंने विशेष रजिस्ट्रेशन ड्राइव संचालित करने, शिक्षण संस्थानों में ‘माय भारत कैंपस एम्बेसडर’ नियुक्त करने तथा युवाओं को पोर्टल से जोड़ने के लिए प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रमों (Experiential Learning Programmes) को बढ़ावा देने के लिए जिला कलेक्टरों की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के साथ नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं युवा गतिविधियों को पोर्टल पर एकीकृत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीएसआर फंड एवं गैर सरकारी संगठनों के सहयोग से युवाओं को स्वरोजगार एवं कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
मुख्य सचिव ने ‘स्वस्थ राजस्थान-फिट राजस्थान’ की भावना के अनुरूप युवाओं के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने तथा माय भारत पोर्टल के माध्यम से विशेष रूप से नशामुक्ति अभियान संचालित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं, सेमिनार, युवा संवाद, पोस्टर एवं जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से युवाओं को समाज एवं राष्ट्र निर्माण से जोड़ा जाए। उन्होंने वृद्धाश्रमों एवं सामाजिक संस्थाओं से युवाओं की सहभागिता बढ़ाने तथा ‘विकसित भारत@2047’ की संकल्पना को साकार करने के लिए राष्ट्र निर्माण गतिविधियों का व्यापक आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रदेश में माय भारत पोर्टल के निदेशक देवेन्द्र व्यास ने माय भारत पोर्टल की वर्तमान प्रगति एवं विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजस्थान में अब तक लगभग 17.70 लाख युवा माय भारत पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। पोर्टल पर 49 विश्वविद्यालय, 420 कॉलेज एवं 243 विद्यालय ऑनबोर्ड किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि 13 विभागों एवं 9 जिला प्रशासन को पोर्टल से जोड़ा गया है तथा 942 अनुभवात्मक शिक्षण अवसर एवं 10,000 स्वयंसेवी मौके पब्लिश किये गए।
उन्होंने ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (VBYLD 2027)’, ‘नेशन फर्स्ट चैलेंज’, ‘माय भारत बजट क्वेस्ट’, ‘नारी शक्ति वंदन रन’ एवं अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में आयोजित ‘माय भारत बजट क्वेस्ट’ में 950 से अधिक युवाओं ने भाग लिया, जबकि ‘नारी शक्ति फॉर विकसित भारत रन’ में 1500 से अधिक युवतियों की सहभागिता रही। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) आधारित अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम 22 जिलों में आयोजित किए गए।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव युवा मामले एवं खेल विभाग प्रवीण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग दिनेश कुमार, शासन सचिव सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग डॉ. रवि कुमार सुरपुर सहित कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, स्कूल शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, चिकित्सा शिक्षा, शासन सचिव, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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20/05/26 |राजस्थान विधान सभा के 75वें वर्ष में होंगे चार बड़े कार्यक्रम – वासुदेव देवनानी
एन.एस.बाछल, 20 मई, जयपुर।
विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि राजस्थान विधान सभा के 75वें वर्ष में चार बड़े कार्यक्रम होंगे। एक वर्ष तक चलने वाले अमृत महोत्सव के तहत होने वाले समारोह ऐतिहासिक और गौरवशाली होंगे। यह उत्सव विधायिका को समर्पित होगा। समारोह की विशिष्टता के अनुरूप देश के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष को आमंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रमों में संसदीय और संविधान विशेषज्ञों के विशेष सत्र होंगे। सभी समारोहों में राज्य के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रीगण आमंत्रित होंगे। वासुदेव देवनानी ने कहा कि यह अमृत महोत्सव लोकतंत्र के इतिहास, वर्तमान और भविष्य को एक सूत्र में जोड़ने वाला ऐसा राष्ट्रीय आयोजन होगा, जिसमें अनुभव, परंपरा, नवाचार, महिला, युवा ऊर्जा और जनविश्वास एक साथ दिखाई देंगे। यह आयोजन भारतीय संसदीय लोकतंत्र की गौरवशाली आत्मा का उत्सव होगा।
स्पीकर वासुदेव देवनानी विधान सभा में राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ राजस्थान शाखा की कार्यकारिणी समिति की बैठक में राजस्थान विधान सभा के 75वें वर्ष में आयोजित किये जाने वाले समारोहों की चर्चा कर रहे थे। स्पीकर श्री देवनानी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल, नेता प्रतिपक्ष एवं राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ राजस्थान शाखा के उपाध्यक्ष टीकाराम जूली, संघ के सचिव एवं विधायक संदीप शर्मा, कार्यकारिणी समिति के सदस्य विधायक पुष्पेन्द्र सिंह, श्रीचन्द कृपलानी, शौभा चौहान, हरिमोहन शर्मा, हमीर सिंह भायल और देवी सिंह शेखावत सहित विधान सभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा भी मौजूद रहे।
पूर्व एवं वर्तमान विधायकों का सम्मेलन-
बैठक में तय किया गया कि जुलाई माह में होने वाला प्रथम कार्यक्रम राजस्थान की पहली से सोलहवीं विधान सभा तक के पूर्व एवं वर्तमान सदस्यों का विशाल सम्मलेन होगा, जिसमें लोकतंत्र की ऐतिहासिक यात्रा को जीवंत किया जाएगा। महत्वपूर्ण एवं उत्कृष्ट कानूनों, सामाजिक परिवर्तनकारी निर्णयों और संसदीय परंपराओं की समीक्षा की जाएगी। समारोह में पूर्व विधान सभा अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और वरिष्ठतम सदस्यों का विशेष सम्मान होगा। लोकतंत्र के सफर के अनुभव और चुनौतियों, विधायी विरासत, सदन की गरिमा और विधान सभा के डिजिटल रूपान्तरण पर भी सम्मेलन में चर्चा होगी।
महिला विधायकों का सम्मेलन-
अक्टूबर माह में दूसरा कार्यक्रम महिलाओं को समर्पित होगा। इसमें देशभर की महिला विधायक आयेगीं। समाज से सदन तक में भूमिका निभाने वाली महिला विधायकों के विकासवादी दृष्टिकोण, नीति निर्माण और प्रशासन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के साथ पूर्व महिला विधायकों के अनुभवों और युवा महिला विधायकों की आकांक्षाओं पर भी चर्चा होगी।
युवा जानेंगे संसदीय शिष्टाचार–
अमृत महोत्सव के तहत देश की युवा शक्ति को लोकतंत्र की जड़ों से जोड़ने और संविधान के प्रति जागरूक करने के लिए संसदीय शिष्टाचार की जानकारी दी जायेगी। जनवरी में प्रस्तावित समारोह में विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों में संविधान जागरूकता पर प्रतियोगिताओं में चयनित छात्र युवा संसद में भाग लेंगे।
अखिल भारतीय विधायी महाकुंभ –
देवनानी ने कहा कि अमृत उत्सव का भव्य समापन अखिल भारतीय विधायी महाकुंभ होगा। राजस्थान दिवस 2027 को प्रस्तावित महाकुंभ में देशभर के विधायी नेतृत्व की सहभागिता होगी। राज्यों के विधानमंडलों, अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सचिवों को भी समारोह में बुलाया जायेगा।
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18/05/26 |विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू जनजाति समाज के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार संकल्पित- मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 18 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू जनजाति समाज के सर्वांगीण विकास और सामाजिक उत्थान के लिए संकल्पित भाव से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सशक्त महिला, शिक्षित युवा, समृद्ध किसान और कुरीतिमुक्त समाज ही प्रदेश के समग्र विकास का आधार है। डबल इंजन सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं एवं बजट घोषणाओं के माध्यम से सुशासन की संकल्पना साकार हो रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुख्यमंत्री निवास पर गडरिया-गाड़री- गायरी-धनगर-पाल-बघेल सहित विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू जनजाति समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार द्वारा समाज हित में की गई बजट घोषणाओं एवं कल्याणकारी प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुण्यश्लोक अहिल्या बाई होल्कर की 301वीं जयंती पर आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय समारोह के पोस्टर का विमोचन किया।
महिला सशक्तीकरण की बेजोड़ मिसाल हैं पुण्यश्लोक अहिल्या बाई होल्कर
उन्होंने कहा कि विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू जनजाति समाज गौरवपूर्ण इतिहास एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का धनी है। खानवा के युद्ध में वीर सिंह बघेल ने राणा सांगा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मुगल आक्रांताओं के खिलाफ अदम्य साहस, शौर्य, स्वामीभक्ति का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। वहीं, गडरिया समाज पुण्यश्लोक अहिल्या बाई होल्कर की गौरवशाली परंपराओं के प्रति श्रद्धावान होकर उन्हें आगे बढ़ा रहा है। पुण्यश्लोक अहिल्या बाई होल्कर ने राष्ट्र को दिशा देने का कार्य किया। समाज उनके दिखाए मार्ग पर चलकर और आदर्शों से प्रेरणा लेकर कार्य करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे।
मुख्यमंत्री ने समाज के युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि वे विरासत में मिली खेती और पशुपालन की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उन्नत एवं आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दें और समाज में समृद्धि लाने की दिशा में प्रयास करें। साथ ही, उन्होंने रासायनिक उर्वरकों का सीमित उपयोग करने एवं जैविक खाद का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
नशे से दूर रहें, शिक्षा की ओर रुझान बढ़ाएं और राष्ट्र निर्माण में दें योगदान
उन्होंने कहा कि आज विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू जनजाति समाज कृषि एवं पशुपालन के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रहा है। समाज के शिक्षा और सामाजिक सुधार संबंधी कार्य भी सराहनीय हैं। समाज के युवा उच्च शिक्षा प्राप्त कर प्रशासनिक सेवाओं, राजनीति, सेना, पुलिस, शिक्षा, व्यापार और आईटी क्षेत्रों और सामाजिक सेवा में नई पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा अपने पूर्वजों की मेहनत और संस्कारों को ध्यान में रखते हुए नशे से दूर रहें। शिक्षा की ओर अपना रुझान बढ़ाएं और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें, सरकार हर संभव मदद को तैयार है।
किसानों और दुग्ध उत्पादकों को मिल रहा आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान और पशुपालक समृद्ध और खुशहाल बनें, इसके लिए हमारी डबल इंजन सरकार निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार ने किसान सम्मान निधि की राशि को 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार रुपये करने का काम किया है। अन्नदाता की मेहनत का सम्मान करते हुए गेहूं की एमएसपी पर 150 रुपये बोनस दिया जा रहा है, तो वहीं आज प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। पशुपालकों तक निःशुल्क पशु चिकित्सा के लिए मोबाइल सेवा 1962 शुरू की है। राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना में उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत 50 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही, गोशालाओं को 2 हजार 812 करोड़ रुपये अनुदान दिया गया है।
उन्होंने कहा कि पशुपालन किसानों के लिए अतिरिक्त आय एवं आर्थिक सुरक्षा का मजबूत माध्यम है। सरकार द्वारा कृषि कल्याण की दिशा में कार्य करते हुए प्रदेश में अब तक 2 हजार 185 नये दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति, दुग्ध संकलन केंद्र शुरू किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना के तहत लगभग 5 लाख किसानों को 1 हजार 383 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है। इतना ही नहीं सरस मायरा योजना के तहत दुग्ध उत्पादक सदस्यों की बेटी की शादी में 21 हजार रुपये नकद दिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना में हम ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध करवा रहे हैं। इस योजना में 94 हजार गोपालक परिवारों को 709 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत करीब 9 लाख पशुपालकों के 20 लाख से अधिक पशुओं का पंजीकरण किया गया।
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18/05/26 |शिक्षक मन परिवर्तन कर राष्ट्र विकास के लिए कार्य करे-राज्यपाल राजस्थान
एन.एस.बाछल, 18 मई, जयपुर।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि प्रशासनिक पदों पर चयनित अधिकारी पिछडे और कमजोर वर्ग के लोगों की समस्याओं के समाधान का विशेष ध्यान रखें। इसी से जीवन में दुआएं मिलेगी और नाम होगा। उन्होंने कहा कि नए भारत के निर्माण अर्थ है, गांव और गरीब लोगों के लिए समय देकर उनके कार्य करना।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे विद्याभारती, राजस्थान द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने समारोह में राजस्थान प्रशासनिक सेवा परिषद के 59 नव चयनित और तीन नव चयनित भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को सम्मानित किया।
राज्यपाल ने कहा कि आजादी के बाद देश में आदर्श संस्कारों और नैतिक मूल्यों के प्रसार में विद्याभारती ने निरन्तर महत्वपूर्ण भूमिका निभाईं है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1952 से ही देश में शिक्षा और संस्कृति के प्रसार में यह संगठन कार्य कर रहा है। उन्होंने प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को अपना मन परिवर्तन कर देश के बच्चों को प्रतिभाशाली बनाने के लिए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही समाज और राष्ट्र में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। झोपडी से महल तक की यात्रा शिक्षा से ही सम्भव है।
उन्होंने कहा कि देश में लॉर्ड थॉमस मैकाले ने देश में ऐसी शिक्षा के बीज डाले कि जैसे हम सदा गुलाम मानसिकता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति से अब उस गुलाम मानसिकता से मुक्ति की राह निकली है। उन्होंने नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों के मन में नैतिकता की शिक्षा का प्रसार किए जाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी ने कहा कि प्रशासनिक सेवा में चयनित अधिकारी सदा विनम्र रहें। इसी से वे उच्चतम शिखर पर भविष्य में पहुंच सकेंगे। उन्होंने कतार के अंतिम छोर पर स्थित व्यक्ति की आवाज सुनने को सदा प्राथमिकता देने, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ व्यवहार ही अच्छा नहीं रखने बल्कि जनता से जुड़े उनके कार्य करने करने का सदा प्रयास करने और विविधता को अंगीकार करते हुए गांव और शहर के लोगों की समस्याओं का समाधान प्रभावी रूप में किए जाने का आह्वान किया। उन्होंने अपने आस पास के वातावरण को समझते हुए, लोगों की आवश्यकता को ध्यान में रखकर तारीफ और खुशामद में अन्तर समझते हुए कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अच्छा करेंगे तो लोगों का यकीन प्रशासनिक सेवाओं के प्रति सदा बना रहेगा। उन्होंने नव चयनित अधिकारियों को बधाई देते हुए उनका अभिनंदन किया।
इससे पहले चंद्रशेखर गौड़ ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी। समारोह में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम, विद्याभारती के आखिल भारतीय मंत्री शिवप्रसाद और डॉ. जी. एल. शर्मा भी उपस्थित रहे।
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18/05/26 |केसरपुरा पंचायत भवन बनेगा राजस्थान के लिए मॉडल-दिया कुमारी
एन.एस.बाछल, 18 मई, जयपुर।
उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अजमेर के केसरपुरा में नवनिर्मित ग्राम पंचायत भवन का लोकार्पण करने के साथ ही ग्राम विकास चौपाल में आमजन से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना।
उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी अरावली एक्सप्रेस ट्रेन से जयपुर से अजमेर पहुंची। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील का अनुसरण करते हुए उन्होंने पेट्रोलियम पदार्थों की बचत करने के लिए रेल मार्ग को चुना। अजमेर के केसरपुरा में उप मुख्यमंत्री द्वारा नवनिर्मित ग्राम पंचायत भवन का लोकार्पण किया गया। लोकार्पण समारोह तथा ग्राम विकास चौपाल को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केसरपुरा का ग्राम पंचायत भवन पूरे राजस्थान के लिए मॉडल है। इस प्रकार के भवन सभी ग्राम पंचायतों को बनाने चाहिए। सुविधायुक्त भवन से ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी। स्थानीय बैठकों के लिए उपयुक्त स्थान प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कृषि के क्षेत्र में नवाचार किए जा रहे है। इनका प्रभाव नजर आने लगा है। स्थानीय जन प्रतिनिधि भी क्षेत्र के विकास के लिए तत्पर रहते है। प्रभारी मंत्री के रूप में कार्य करते हुए अजमेर के विकास में योगदान देना गर्व का विषय है। सरकार ने ग्राम विकास रथों के माध्यम से योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाई है। साथ ही ग्राम विकास चौपाली से आमजन की समस्याओं के समाधान भी हुए है। सुझाव पेटिका में प्राप्त सुझावों पर भी अमल होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार गांव तक बार-बार आ रही है। जनता की सेवा करने के लिए सरकार चुनी गई है। आमजन के जीवन को सुखद बनाना जन कल्याणकारी सरकार का उत्तरदायित्व है। विकास सतत चलने वाली प्रक्रिया है।
केन्द्रीय कृषि मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में गांव, गरीब, मजदूर, किसान तथा वंचित वर्ग के लिए विशेष कार्य हुए है। इसका असर पूरे देश में दिख रहा है। देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सुरक्षित है। उन्होंने पैट्रोलियम पदार्थों की बचत का आह्वान किया है। सभी को मिलकर विदेशी मुद्रा की बचत करने की आवश्यकता है। इसका लाभ पूरे देश को होगा। स्वदेशी वस्तुएं अपनाने से देश के पसीने को सम्मान मिलेगा।
उन्होंने कहा कि किसानों को परम्परागत खेती से आगे बढ़कर तकनीकी आधारित खेती को अपनाना चाहिए। इससे लागत कम होगी। किसानों को मिट्टी के जांच करानी चाहिए। रसायनों एवं उर्वरकों से भूमि बीमार हो रही है। जैविक खेती अपनाने से धरती, खेती तथा जीवन बचेगा। फल बगीचों की स्थापना करें। मेड़ पर स्थाई पेड़ लगाएं। इस अवसर पर विधायक रामस्वरूप लाम्बा एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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17/05/26 |शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार कर रही प्रभावी कार्य : पशुपालन मंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 17 मई, जयपुर।
जिले के प्रभारी मंत्री एवं पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम राजकीय विद्यालय, वार्ड संख्या-1, बाड़मेर के नवीन विद्यालय भवन का विधिवत पूजन-अर्चना कर भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया।
इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विद्यालय भवन के निर्माण से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा तथा शिक्षा गतिविधियों को और अधिक मजबूती मिलेगी।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन करने एवं अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी विद्यालय भवन निर्माण को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। इस दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने अतिथियों का स्वागत किया।
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17/05/26 |विकसित राजस्थान@2047 के विजन को गति देंगे तकनीक आधारित नवाचार : मुख्य सचिव राजस्थान
एन.एस.बाछल, 17 मई, जयपुर।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने झालाना, जयपुर स्थित भामाशाह टेक्नो हब का दौरा कर वहां संचालित स्टार्टअप्स, इनक्यूबेशन सेंटर तथा वहां किए जा रहे नवाचारों का अवलोकन किया। उन्होंने युवा आंत्रप्रेन्योर्स से संवाद कर उनके स्टार्टअप्स, नवाचारों एवं कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने भामाशाह टेक्नो हब में मिल रही आधुनिक सुविधाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने इन्क्यूबेशन सेंटर, स्टार्टअप्स को उलब्ध करवाए जा रहे सीटिंग स्पेस, टिंकरिंग लैब, स्लीपिंग पॉड्स, कॉन्फ्रेंस हॉल, जिम्नेजियम, कैफेटेरिया आदि सुविधाओं की जानकारी ली।
मुख्य सचिव ने इस अवसर पर युवा आंत्रप्रेन्योर्स को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में विकसित राजस्थान @2047 के निर्माण में तकनीक आधारित नवाचार महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग द्वारा संचालित आईस्टार्ट कार्यक्रम इस लक्ष्य की पूर्ति में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि तकनीक, उत्कृष्टता एवं नेक्स्ट जनरेशन रिफॉर्म्स के माध्यम से राजस्थान देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही युवाओं की नवाचार क्षमता एवं तकनीकी दक्षता प्रदेश को आत्मनिर्भर एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है, जिससे स्टार्टअप्स को आगे बढ़ने के व्यापक अवसर प्राप्त हो रहे हैं। आने वाले दिनों में इसे और गति दी जाएगी। उन्होंने STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथेमेटिक्स) शिक्षा को बढ़ावा देने, स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े विभागों के साथ लिंकेज बनाने और इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ अधिक से अधिक एंगेजमेंट के अवसर प्रदान करने के निर्देश दिए।
आईस्टार्ट राज्य सरकार का सफल मॉडल
मुख्य सचिव ने कहा कि अब स्टार्टअप्स को क्यूरेट कर अगले स्तर तक ले जाने की आवश्यकता है, ताकि वे रोजगार सृजन कर आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन के प्रभावी माध्यम बन सकें। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स की भी जिम्मेदारी है कि वे ऐसा नवाचार आधारित इकोसिस्टम तैयार करें, जो युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराए तथा राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अधिकाधिक सेवाएं फिजिकल प्लेटफॉर्म से ई-प्लेटफॉर्म की ओर स्थानांतरित हो रही हैं, क्योंकि डिजिटल माध्यम बेहतर प्राइवेसी एवं डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। इसी दिशा में आईस्टार्ट राज्य सरकार का ऐसा सफल मॉडल है, जिसने प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को नई पहचान दी है।
स्टार्टअप संचालकों से किया संवाद
इस दौरान मुख्य सचिव ने परिवहन सुविधा आधारित स्टार्टअप Office Glider, सस्टेनेबल फैशन आधारित CoasterBox तथा परफॉर्मेंस मार्केटिंग आधारित Intent Metric जैसे कई स्टार्टअप्स के नवाचारों की जानकारी ली। उन्होंने टिंकरिंग लैब का निरीक्षण कर 3-डी प्रिंटिंग की जानकारी ली तथा आरकेसीएल (राजस्थान नॉलेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के विद्यार्थियों से संवाद किया। इसी प्रकार उन्होंने एवीजीसी इन्क्यूबेशन लैब में VYUGXR स्टार्टअप (वर्चुअल रियलिटी) द्वारा विकसित स्पेक्टेकल्स आधारित यूनिक डिस्प्ले तकनीक अनुभव किया।
ओपन इंटरेक्शन सेशन के दौरान मुख्य सचिव ने एडुटेक आधारित Career Mitra, महिला हैल्थटेक से जुड़े Femease, वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़े Swachh तथा स्पोर्ट्सटेक आधारित Kingdom of Chess जैसे स्टार्टअप्स के प्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी चुनौतियों एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। इन नवाचारों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान में नवाचार एवं तकनीक आधारित उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं और राज्य देश के स्टार्टअप मानचित्र पर तेजी से अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है।
इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के शासन सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने कहा कि आईस्टार्ट कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश में स्टार्टअप्स के लिए एक सशक्त भौतिक एवं संस्थागत वातावरण तैयार किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत स्टार्टअप्स को उचित मेंटरशिप, मार्गदर्शन, नेटवर्किंग एवं संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे राजस्थान में मजबूत स्टार्टअप एवं उद्यमिता इकोसिस्टम विकसित हो रहा है। उन्होंने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग द्वारा संचालित यह पहल नवाचार को प्रोत्साहित करने, रोजगार सृजन बढ़ाने तथा वित्तीय एवं ज्ञान संसाधनों तक सहज पहुंच उपलब्ध कराने के माध्यम से राज्य की आर्थिक वृद्धि को गति देने का कार्य कर रही है।
सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के विशिष्ट सचिव एवं आयुक्त हिमांशु गुप्ता ने कहा कि आईस्टार्ट कार्यक्रम हब एंड स्पोक मॉडल पर आधारित है, इसमें 8 हजार से अधिक स्टार्टअप्स एवं 9 आईस्टार्ट नेस्ट शामिल हैं। साथ ही इस कार्यक्रम की रीच लॉन्चपैड के माध्यम से जिला स्तर तक है।
इस अवसर पर विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों सहित मेंटर्स, युवा आंत्रप्रेन्योर्स एवं निवेशक उपस्थित रहे।
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15/05/26 |राजस्थान एनर्जी काॅन्क्लेव,ऊर्जा की बचत ही है ऊर्जा उत्पादन का सबसे बड़ा और बेहतर विकल्प- मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 15 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि ऊर्जा की बचत ही ऊर्जा उत्पादन का सबसे सस्ता, प्रभावी और स्थायी विकल्प है। संसाधनों के विवेकपूर्ण और संयमित उपभोग की आदत ही ऊर्जा आत्मनिर्भरता की राह को प्रशस्त करेगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान आज सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है और आने वाले समय में ऊर्जा प्रदाता राज्य के रूप में अपनी पहचान और मजबूत करेगा। गैर परंपरागत ऊर्जा स्रोतों के विकास की असीम संभावनाओं के साथ प्रदेश हरित ऊर्जा क्रांति का केंद्र बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को राजस्थान एनर्जी काॅन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रप्रथम की भावना पर आधारित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ईंधन की एक-एक बूंद बचाने के मंत्र को अपनाते हुए सरकार ने राजकीय वाहनो के सीमित और संयमित उपयोग और ऊर्जा संरक्षण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
ईवी से पहुंचे मुख्यमंत्री, ईंधन बचत का दिया संदेश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कार्यक्रम में इलेक्ट्रिक व्हीकल से पहुंचे और ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण तथा ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने का सशक्त एवं प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऊर्जा संरक्षण एवं ईंधन की बचत जनभागीदारी से जुड़ा एक व्यापक जनआंदोलन है। पेट्रोल-डीजल की बचत समय की आवश्यकता है और स्वच्छ एवं वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाकर ही भविष्य की ऊर्जा चुनौतियों का समाधान संभव है। इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलती है।
निवेशकों से आह्वान - पधारो म्हारे देश
उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र के निवेशकों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप राजस्थान को ऊर्जा का पावरहाउस बनाने में भागीदारी निभाने की अपील की। साथ ही, उन्होंने कहा कि निवेश की दृष्टि से भी राजस्थान देश के सबसे अनुकूल राज्यों में शामिल है। सरकार उद्योगों और निवेशकों को हर संभव सहयोग एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्रगतिशील नीतियों का ही परिणाम है कि राज्य में सौर, पवन, बायो ऊर्जा, पंप स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन की परियोजनाओ में निवेश के प्रस्ताव मिले हैं, जो कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था के लिए एक नए युग की शुरुआत है।
अक्षय ऊर्जा में राजस्थान स्थापित कर रहा प्रतिमान
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह संकल्प लिया है कि भारत वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता स्थापित करने के साथ ही, वर्ष 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य भी प्राप्त करेगा। राजस्थान सरकार इस लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रही है। राज्य में 828 गीगावाट सौर ऊर्जा और 284 गीगावाट पवन ऊर्जा की संभावनाएं हंै। अब तक राज्य में 47 गीगावाट से अधिक की अक्षय ऊर्जा क्षमता स्थापित हो चुकी है और राजस्थान सौर परियोजना स्थापना में देश में अग्रणी है। हमारी सरकार के कार्यकाल में 24 हजार 410 मेगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि अक्षय ऊर्जा, बायो फ्यूल, ऊर्जा भंडारण एवं ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024 जारी की है।
ग्रीन एनर्जी, ई-मोबिलिटी की तरफ बढ़ा रहे मजबूत कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कृषि विद्युत भार को सौर ऊर्जा के माध्यम से पूरा करने के लिए कुसुम योजना के अंतर्गत लघु सौर परियोजनाएं कृषि भूमि पर स्थापित की जा रही हैं। योजना के तहत 4 हजार मेगावाट से अधिक की परियोजनाएं स्थापित हो चुकी हैं तथा 6500 मेगावाट की परियोजनाएं आवंटित की जा चुकी हैं। साथ ही, राज्य में राजकीय उपक्रमों एवं संयुक्त उपक्रमों द्वारा 4 हजार 670 मेगावाट के सोलर पार्क स्थापित हो चुके है। 12 हजार मेगावाट से अधिक के सोलर पार्क निर्माणाधीन हैं। राज्य सरकार द्वारा वर्तमान में 1000 से अधिक राजकीय भवनों पर सौर्यकरण किया जा चुका है। वर्चुअल एवं नेट मीटरिंग के माध्यम से 600 मेगावाट के प्लांट लगाए जाएंगे। प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत राज्य में 250 स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन की स्थापना की जाएगी।
ऊर्जा भंडारण बनेगा भविष्य की मांग की पूर्ति का आधार
उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2030 तक 115 गीगावाट अक्षय ऊर्जा तथा 10 गीगावाट की ऊर्जा भंडारण परियोजना स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसे वर्ष 2047 तक 290 गीगावाट किया जाएगा। 6 हजार मेगावाट बैट्री स्टोरेज क्षमता का आवंटन किया जा चुका है और 6 हजार 400 मेगावाट की परियोजना प्रक्रिया में हैं।
ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर ऊर्जा संरक्षण एवं ईंधन बचत हमारी जिम्मेदारी है। नागरिकों को जागरूक करते हुए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना, सोलर ऊर्जा का विस्तार करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए फास्ट चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना की जा रही है। वहीं, प्रधानमंत्री कुसुम जैसी दूरदर्शी योजनाओं के चलते प्रदेश ऊर्जा आत्मनिर्भता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास,ऊर्जा क्षेत्र के विषय विशेषज्ञों, निवेशकों सहित अन्य गणमान्य प्रतिभागियों ने शिरकत की।
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15/05/26 |अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ- सहकारिता मंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 15 मई, जयपुर।
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव, ढाणी-ढाणी तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ग्राम रथ अभियान के तहत भीलवाड़ा जिले के मांडल विधानसभा क्षेत्र के उपखंड करेड़ा के ग्राम भभाना में ग्राम रथ यात्रा पहुंची। रथ के पहुंचते ही ग्रामीणों ने उत्साह के साथ स्वागत किया।
एलईडी स्क्रीन युक्त इस रथ के माध्यम से मुख्यमंत्री की फ्लैगशिप योजनाओं, बजट घोषणाओं एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही योजनाओं से संबंधित पम्पलेट वितरित कर आमजन को जागरूक किया गया।
इस अवसर पर आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहकारिता विभाग मंत्री गौतम कुमार दक ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने सहकारिता, कृषि, पशुपालन, राजीविका, मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पालनहार, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। मंत्री दक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर लगाकर मौके पर ही पात्र लोगों के आवेदन भरवाएं एवं लंबित प्रकरणों का निस्तारण करें।
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15/05/26 |पीएम सूर्यघर योजना -राजस्थान में 2 लाख से अधिक इंस्टॉलेशन-प्रदेश ने किया महत्वपूर्ण पड़ाव पार
एन.एस.बाछल, 15 मई, जयपुर।
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में राजस्थान ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया। करीब 26 माह पूर्व शुरू हुई इस योजना के अन्तर्गत राज्य में 2 लाख से अधिक रूफ टॉप सौर ऊर्जा संयंत्र इंस्टॉल किए जा चुके हैं।
जयपुर की इमली वाला फाटक नटराज नगर निवासी तारा शर्मा प्रदेश की ऐसी विद्युत उपभोक्ता बन गई हैं जिन्होंने इस योजना में 2 लाख की संख्या वाला रूफ टॉप संयंत्र लगाया। इसके लिए जयपुर डिस्कॉम की अधीक्षण अभियंता (पीएम सूर्यघर) महिमा साराभाई तथा जयपुर शहर सर्किल (दक्षिण) के अधीक्षण अभियंता अनिल टोडवाल ने उनके घर पर जाकर उन्हें बधाई दी और योजनान्तर्गत सोलर कुक टॉप भी भेंट किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यह महत्वपूर्ण पहल देशवासियों को न केवल प्रदूषणरहित सौर ऊर्जा से जोड़ रही है बल्कि उन्हें ऊर्जा सुरक्षा भी प्रदान कर रही है। भारत सरकार द्वारा दी जा रही 78 हजार रूपए की सब्सिडी तथा 150 यूनिट निशुल्क बिजली योजना में राजस्थान सरकार द्वारा मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना में रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं को दी जा रही 17 हजार रूपए की अतिरिक्त सब्सिडी से प्रदेश में रूफ टॉप ऊर्जा संयंत्रों के लगने की रफ्तार बीते समय में तेजी से बढ़ी है।
1354 करोड़ की सब्सिडी हस्तांतरित —
अब तक इस योजना में प्रदेश में 771 मेगावाट क्षमता के संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं और स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्रों की संख्या गुरूवार को 2 लाख 416 के स्तर पर पहुंच गई। रूफ टॉप लगाने पर भारत सरकार से उपभोक्ताओं को सब्सिडी के रूप में 1354 करोड़ रुपए से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है।
अप्रेल में लगे सर्वाधिक 22,822 रूफ टॉप संयंत्र —
हाल ही अप्रेल माह में प्रदेश में 22822 रूफ टॉप सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित हुए हैं जो इस योजना में प्रदेशवासियों की तेजी से बढ़ रही भागीदारी को दर्शाता है। यह प्रदेश में अब तक किसी भी माह में लगे सर्वाधिक सौर ऊर्जा संयंत्र हैं।
जयपुर जिले में सर्वाधिक इंस्टॉलेशन —
इस योजना में प्रदेश में जयपुर जिले में सर्वाधिक 41296, श्री गंगानगर में 19135, सीकर में 12104, हनुमानगढ़ में 11530 तथा झुंझुनूं में 10,185 रूफ टॉप सोलर इंस्टॉल किए जा चुके हैं।
राजस्थान देश में 5वें स्थान पर —
इस योजना में गुजरात (6.61 लाख), महाराष्ट्र (5.69 लाख), उत्तर प्रदेश (5.25 लाख) और केरल (2.39) के बाद राजस्थान 200419 इंस्टॉलेशन के साथ देश में 5वें स्थान पर है।
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14/05/26 |गर्मी के मौसम में आमजन को नहीं हो कोई परेशानी, मुख्यमंत्री राजस्थान ने पानी-बिजली आपूर्ति को लेकर दिए सख्त निर्देश
एन.एस.बाछल, 14 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गर्मी के मौसम को देखते हुए प्रदेश में पेयजल एवं बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पानी और बिजली आपूर्ति को लेकर आमजन को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में शिकायतें प्राप्त होने पर संबंधित जिला कलक्टर एवं विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित बैठक में निर्देश दिए कि सभी जिला कलक्टर नियमित रूप से पानी-बिजली आपूर्ति को लेकर साप्ताहिक बैठकें कर निरंतर मॉनिटरिंग करें। संबंधित शिकायतों का विभागीय अधिकारी प्राथमिकता के साथ त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि गर्मी के दौरान आमजन को राहत पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने अस्पतालों में साफ-सफाई, पेयजल एवं आवश्यक सुविधाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यों को प्रभावी रूप से पूरा करना राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान इस योजना में अनियमितताएं हुई तथा कई कार्य अधूरे रह गए, जिससे आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रगतिरत कार्यों को लक्ष्य निर्धारण के साथ तय समयसीमा में पूरा करें तथा इसकी विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार करें।
जिलों में वीसी के माध्यम से बैठकों को दें प्राथमिकता —
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील के अनुरूप पेट्रोल-डीजल बचत के लिए सभी अधिकारी भी वाहनों के उपयोग में मितव्ययिता बरतें। उन्होंने कहा कि अधिकारी वाहनों का न्यूनतम उपयोग करें तथा अधिकाधिक कार पूलिंग व्यवस्था अपनाएं। साथ ही, जिलों में वीसी के माध्यम से बैठकों को प्राथमिकता दें। उन्होंने मुख्य सचिव को सभी जिला कलक्टर को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने के लिए कहा।
इस दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित मुख्यमंत्री कार्यालय, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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13/05/26 |ग्राम रथ अभियान में सामने आई किसान की सफलता की कहानी—राजस्थान
एन.एस.बाछल, 13 मई, जयपुर।
राज्य सरकार द्वारा राजस्थान ग्लोबल एग्रीटेक मीट-2026 व सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु संचालित ग्राम रथ अभियान का संचालन राज्य की ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में किया जा रहा है।
किशनगढ़—रेनवाल तहसील की ग्राम पंचायत हरसोली में आयोजित संध्या चौपाल में ग्राम पंचायत हरसोली के ग्राम किशनपुरा निवासी किसान सोहन लाल पुत्र रामदेव ने योजना से प्राप्त लाभ साझा करते हुए बताया कि वे एवं उनके परिवार के सदस्य कई वर्षों से खेती का कार्य कर रहे हैं। पूर्व में किराए पर कृषि यंत्र समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण फसल की बुवाई एवं कटाई में देरी होती थी, जिससे चारा एवं अन्य फसलों में नुकसान उठाना पड़ता था।
उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा आयोजित कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उन्हें कृषि यंत्र अनुदान योजना की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने कृषि विभाग में आवेदन किया तथा कृषि यंत्र खरीदने पर विभाग द्वारा उन्हें अनुदान राशि स्वीकृत की गई।
किसान सोहन लाल ने बताया कि अब कृषि यंत्र उपलब्ध होने से वे समय पर फसल की बुवाई एवं कटाई कर पा रहे हैं, जिससे उत्पादन में वृद्धि हुई है और उनकी आमदनी भी बढ़ी है। उन्होंने योजना से लाभ मिलने पर कृषि विभाग एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कृषि यंत्र अनुदान योजना का लाभ मिलने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए जिले के अन्य किसानों को भी उक्त योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया है।
इस मौके पर तहसीलदार कोमल यादव, खण्ड विकास अधिकारी छोटूराम मीणा, ग्राम विकास अधिकारी सावित्री कुमारी यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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13/05/26 |अबकी बार डिस्कॉम्स की ‘सेहत‘ में सुधार—राजस्थान
एन.एस.बाछल, 13 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन तथा ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के निर्देशन में ऊर्जा विभाग द्वारा प्रदेश के विद्युत वितरण निगमों को मजबूती दी जा रही है। इसी दिशा में बेहतर आर्थिक प्रबंधन से राजस्थान डिस्कॉम्स ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपना ऋणभार करीब 1352 करोड़ रूपए कम करने मेें कामयाबी हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश के वितरण निगमों पर कुल ऋण भार 97970 करोड़ रूपए था जो वर्ष 2025-26 में घटकर 96618 करोड़ रूपए रह गया है। इस अवधि में कुल ऋणों में अजमेर विद्युत वितरण निगम ने 935 करोड़ रूपए तथा जयपुर विद्युत वितरण निगम ने 644 करोड़ रूपए की कमी की है।
दरअसल राजस्थान डिस्कॉम्स ने वित्तीय मानकों को कड़ाई से लागू किया। यह सुनिश्चित किया कि बजट प्रावधानों के अनुरूप खर्चा हो। इससे अनावश्यक खर्चों में कमी आई। वर्तमान के साथ-साथ पुराने बकाया राजस्व की रिकवरी पर भी फोकस किया गया। ऋणों पर ब्याज दरों में कमी की गई। इन प्रयासों का परिणाम रहा कि अजमेर डिस्कॉम पर जो बकाया ऋण वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 26,059 करोड़ रूपए थे वह 2025-26 में घटकर 25,124 करोड़ रूपए तथा जयपुर डिस्कॉम पर बकाया ऋण इसी अवधि में 35,118 करोड़ रूपए से घटकर 34,474 करोड़ रूपए रह गए। वहीं जोधपुर विद्युत वितरण निगम के ऋण 36,792 से बढ़कर 37019 करोड़ रूपए हो गए हैं।
विशेष ब्याज दरों से मिली राहत—
आर्थिक मोर्चे पर निगमों को सबसे बड़ी सफलता वर्ष 2025-26 के दौरान पावर फाइनेंस कार्पोरेशन (पीएफसी) तथा रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन (आरईसी) से अपेक्षाकृत कम ब्याज दरों पर ऋण सुविधा हासिल करने में मिली। इस संबंध में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केन्द्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल से दिल्ली में मुलाकात कर आग्रह किया था। दोनों संस्थानों से डिस्कॉम्स को अब न्यूनतम 8.75 प्रतिशत की विशेष ब्याज दरों पर शॉर्ट टर्म तथा दीर्घावधि ऋण मिल रहे हैं। ऋणों पर देय ब्याज दरों में 0.90 प्रतिशत से लेकर 1.40 प्रतिशत तक की कमी आई है। इससे उच्च ब्याज दरों वाले ऋणों पर ब्याज के बोझ को कम किया जा सका।
पहली बार अर्जित किया 101 प्रतिशत राजस्व—
वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहली बार एक साथ तीनों डिस्कॉम्स ने शत-प्रतिशत राजस्व अर्जित करने में कामयाबी हासिल की। इस दौरान जयपुर डिस्कॉम ने 26 साल में पहली बार सर्वाधिक 102 प्रतिशत, अजमेर ने 100.23 प्रतिशत तथा जोधपुर डिस्कॉम ने 100.96 प्रतिशत राजस्व अर्जित किया। कुल राजस्व वसूली 77492 करोड़ रूपए से अधिक हुई जो कि बिलिंग राशि 76752 करोड़ रूपए से 740 करोड़ रूपए अधिक है। अर्थात इस साल तीनों निगमों ने उपभोक्ताओं को जितनी बिजली की आपूर्ति की, उसकी पूरी रिकवरी करने के साथ-साथ उपभोक्ताओं से पुराने बकाया 740 करोड़ रूपए भी वसूल किए।
जयपुर डिस्कॉम ने बदले सभी डिफेक्टिव मीटर—
जयपुर विद्युत वितरण निगम ने प्रभावी प्रयास करके वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सभी सर्किलों को जीरो डिफेक्टिव मीटर किया। इससे एवरेज बिलिंग पर अंकुश लगा और उपभोग के आधार पर शत-प्रतिशत बिलिंग सुनिश्चित हुई। वित्त वर्ष 2024-25 में मीटर के डिफेक्टिव होने के कारण जयपुर डिस्कॉम में उपभोक्ताओं को विद्युत शुल्क में 2 करोड़ 4 लाख रूपए की छूट दी गई थी। यह वित्तीय वर्ष 2025-26 में मात्र 14.84 लाख रूपए ही रह गई। इस कारण जयपुर डिस्कॉम को वित्त वर्ष 2025-26 में 1 करोड़ 90 लाख रूपए की बचत हुई।
कबाड़ के निस्तारण से मिली दोगुनी आय—
अनुपयोगी सामग्री के ऑक्शन में जयपुर डिस्कॉम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 118.45 करोड़ रूपए अर्जित किए। यह स्क्रेप मैटेरियल की नीलामी से निगम को प्राप्त अब तक की रिकॉर्ड आय है। यह आय बीते दो वित्तीय वर्षों में अनुपयोगी सामग्री की नीलामी से प्राप्त आय से करीब-करीब दोगुनी है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 61.29 करोड़ रूपए तथा 2024-25 में 55.76 करोड़ रूपए ही प्राप्त हुए थे।
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13/05/26 |सूरतगढ़ विद्युतगृह की 2x660 मेगावाट क्षमता की इकाईयों का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
एन.एस.बाछल, 13 मई, जयपुर।
राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के सूरतगढ़ तापीय विद्युत गृह की कुल 1320 मेगावाट क्षमता की 2 सुपरक्रिटिकल इकाईयों ने वित्त वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने ऊर्जा विभाग एवं उत्पादन निगम के प्रबन्धन को बधाई देते हुए बताया कि सूरतगढ़ तापीय विद्युत गृह की सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित 2x660 मेगावाट क्षमता की इकाई 7 एवं 8 से वाणिज्यिक उत्पादन क्रमश: दिनांक 1.12.2020 एवं 7.10.2021 को प्रारंभ हुआ था। प्रारंभिक अवधि में इन इकाईयों में कुछ तकनीकी खामिया थीं, जिन्हें लगातार प्रयास कर सफलतापूर्वक दूर किया गया। इन सतत सुधारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप वित्तीय वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही (जनवरी 2026 से मार्च 2026) के दौरान दोनों सुपरक्रिटिकल इकाईयों ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए ऊर्जा सचिव आरती डोगरा ने उत्पादन निगम के अभियंताओं एवं कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए शुभकामनाएं प्रेषित की एवं बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की चतुर्थ तिमाही के दौरान सूरतगढ़ तापीय विद्युत गृह की दोनों सुपरक्रिटिकल इकाईयों से 95.46 प्रतिशत उपलब्धता प्राप्त करते हुए राज्य में बढ़ती विद्युत मांग की आपूर्ति में स्टेट लोड डिस्पेच सेन्टर (एलडी) से सामंजस्य रखते हुए सराहनीय योगदान दिया। सुपरक्रिटिकल इकाईयों में स्पेसिफिक ऑयल खपत निर्धारित मांपदडों से भी कम रहा जिससे उपभोक्ताओं को कम लागत पर विद्युत उपलब्ध करवाना सम्भव हो सका।
राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक देवेन्द्र श्रृंगी ने भविष्य में भी इसी प्रकार सभी विद्युत इकाइयों से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रेरित किया।
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13/05/26 |'ज्ञान भारतम मिशन' के तहत राजस्थान में पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्यों की समीक्षा
एन.एस.बाछल, 13 मई, जयपुर।
कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के अंतर्गत अभी तक किए गए पांडुलिपि सर्वेक्षण की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि राजस्थान में 16.66 लाख से अधिक पांडुलिपियों का सर्वेक्षण किया गया है, जो देश में सर्वाधिक है।
बैठक में राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि कला एवं संस्कृति विभाग, राजस्थान के समन्वय एवं विशेषज्ञों की सहभागिता से यह सर्वेक्षण कार्य व्यापक स्तर पर संपन्न किया गया, जिसके अंतर्गत विष्णु पुराण, पद्म पुराण, शिव पुराण, वेदों, रामायण, महाभारत एवं श्रीमद्भगवद्गीता से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण पांडुलिपियों का दस्तावेजीकरण किया गया।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने एशियाटिक सोसाइटी के विशेषज्ञों से भी सहयोग का आग्रह किया है, ताकि इन अमूल्य ग्रंथों का संरक्षण एवं अध्ययन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जा सके। बताया गया कि राज्य के विभिन्न जैन ज्ञान भंडारों में संरक्षित प्राचीन हस्तलिखित ग्रंथ भारतीय ज्ञान परंपरा की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करते हैं।
सर्वेक्षण के दौरान दुर्लभ पांडुलिपियों का विस्तृत दस्तावेजीकरण किया गया। इसके अतिरिक्त वेदों की ऋचाओं, वैदिक दर्शन तथा भारतीय दार्शनिक परंपराओं से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण पांडुलिपियों का भी संकलन किया गया है। रामायण, महाभारत एवं श्रीमद्भगवद्गीता की विभिन्न भाषाओं एवं लिपियों में उपलब्ध सदियों पुरानी प्रतियां भी इस सर्वेक्षण का प्रमुख हिस्सा रहीं।
मुख्य सचिव ने कहा कि वर्तमान में इन दस्तावेजों की प्रकृति के आधार पर श्रेणीबद्ध सूची (कैटलॉगिंग) तैयार की जा रही है, जिससे शोधार्थियों एवं अकादमिक जगत को अध्ययन में सुविधा प्राप्त होगी।
बैठक में कैबिनेट सचिव ने निर्देश दिए कि अगले चरण में इन पांडुलिपियों, विशेषकर जैन ग्रंथों एवं पुराणों का उच्च गुणवत्ता वाले मेटाडेटा स्कैनिंग एवं डिजिटलीकरण का कार्य प्राथमिकता से किया जाए। इससे भारत की समृद्ध बौद्धिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को दीर्घकालीन रूप से सुरक्षित रखा जा सकेगा।
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12/05/26 |किसान व पशुपालकों के कल्याण केे लिए प्रतिबद्ध - उपमुख्यमंत्री राजस्थान ‘ग्राम-2026’ जयपुर में 23 से 25 मई को होगा’
एन.एस.बाछल, 12 मई, जयपुर।
जयपुर जिले की चौमू तहसील की ग्राम पंचायत मोरीजा में ग्राम रथ अभियान के तहत उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में संध्या चौपाल का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ योजनाओं को धरातल तक पहुंचा रही है। उन्होंने ग्राम रथ अभियान को जन-जन तक सरकार की योजनाओं और ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 के प्रचार—प्रसार का सशक्त माध्यम बताया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व प्रदेश सरकार कृषि, किसान व पशुपालकों क कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने इस दौरान ग्रामीणों की परिवेदनाएं पूर्ण संवेदनशीलता से सुनी एवं उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रदान किये। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा चौमूॅ उपखण्ड में विभिन्न सडकों के निर्माण एवं स्टेट हाइवे के निर्माण की स्वीकृति बाबत माननीया उपमुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया गया एवं चौमू-दूदू स्टेट हाइवे को फोरलेन हाइवे स्वीकृत करने बाबत मांग की। इस दौरान कला जत्था के स्थानीय कलाकारों ने नृत्य व गायन के अनुठे अंदाज में बेहतरीन प्रस्तुतियों से राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं व ग्राम के बारे में आमजन को जानकारी प्रदान की।
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12/05/26 |प्राकृतिक संसाधनों एवं जल संरचनाओं का संरक्षण जरूरी-पंचायती राज मंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 12 मई, जयपुर।
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के अंतर्गत जल ग्रहण विकास कार्यों के माध्यम से वर्षा जल के संग्रहण, चारागाहों के विकास एवं मिट्टी का कटाव को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने प्राकृतिक संसाधनों, जल संरचनाओं, कुएं, बावड़ियों, पानी के स्रोतों और प्रकृति को बचाना होगा।
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर कोटा जिले के सियाम ऑडिटोरियम में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के अन्तर्गत जल ग्रहण समिति अध्यक्ष, सचिव एवं सदस्यों की संभाग स्तरीय कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे। मदन दिलावर ने कहा कि हमें अपने प्राकृतिक संसाधनों को बचाना होगा। मदन दिलावर ने सियाम ऑडिटोरियम में लगी जल ग्रहण विकास प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
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12/05/26 |बदलते राजस्थान में प्रवासी राजस्थानी भी निभाएं अपनी सक्रिय भूमिका- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
एन.एस.बाछल, 12 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों ने अपनी उद्यमशीलता से देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है। राजस्थानी जहां भी रहते हैं, अपनी परम्परा, संस्कृति और मिट्टी से जुड़ाव बनाए रखते हैं। उन्होंने कहा कि देश-विदेश में बसे राजस्थानियों का यही जुड़ाव राजस्थान को ताकत प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने गुवाहाटी में राजस्थान फाउंडेशन के असम नॉर्थ ईस्ट चैप्टर की ओर से आयोजित अभिनंदन एवं स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रवासी राजस्थानी, विशेषकर मारवाड़ी समाज सामाजिक दायित्वों और परिश्रम के माध्यम से जन्मस्थली राजस्थान और कर्मभूमि असम को सम्पन्नता की ओर ले जाने में महती भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार 23 से 25 मई तक जयपुर में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम) 2026 का आयोजन करने जा रही है। इसमें हजारों किसान एवं पशुपालक, देश-विदेश के कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, तकनीकी जानकार, कृषि प्रसंस्करण उद्योगपति, स्टार्टअप एवं एग्रीटेक डेवलपर सम्मिलित होंगे।उन्होंने प्रवासी राजस्थानियों को इस महत्वाकांक्षी आयोजन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी बिजली, पानी से जूझता राजस्थान आज बदल रहा है। सभी जिलों में बिजली व पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। वहीं, कृषि, उद्योग और पर्यटन क्षेत्रों में भी विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रवासी राजस्थानियों का आह्वान करते हुए कहा कि बदलते राजस्थान में वे भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। राज्य सरकार प्रवासी राजस्थानी समाज को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने कहा कि राजस्थान फाउंडेशन को अधिक सक्रिय बनाया गया है ताकि देश के कोने-कोने में बसे प्रवासी राजस्थानियों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
इस अवसर पर राजस्थान फाउण्डेशन के असम नॉर्थ ईस्ट चैप्टर के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में प्रवासी राजस्थानी उपस्थित रहे।
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11/05/26 |अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति का कल्याण ही सरकार का ध्येय- पंचायतीराज राज्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 11 मई, जयपुर।
पंचायतीराज राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के कल्याण के ध्येय के साथ कार्य कर रही है। सरकार गरीब को 'गणेश' मानकर न केवल योजनाएं बना रही है, बल्कि धरातल पर उनका प्रभावी क्रियान्वयन भी सुनिश्चित कर रही है।
ओटाराम देवासी बूंदी जिले के हिण्डोली उपखंड क्षेत्र की डाबेटा ग्राम पंचायत में 'ग्राम रथ अभियान 2026' के तहत आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों को सम्बोधित कर रहे थे। राज्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश भर में कई जनहितैषी योजनाएं चलाकर आमजन को बड़ी राहत दी है और उनके ऐतिहासिक फैसलों ने दुनिया भर में देश का गौरव बढ़ाया हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए शुरू की गई किसान सम्मान निधि और तारबंदी जैसी अभूतपूर्व योजनाएं मील का पत्थर साबित हो रही हैं।
हर वर्ग को मिल रही राहत—
राज्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा हर वर्ग को राहत देने का कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाकर सरकार ने बुजुर्गों व बेसहारों को बड़ा संबल दिया है। उन्होंने बताया कि 'ग्राम रथों' के माध्यम से गांव-गांव जाकर लोगों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे जागरूक बनें और केंद्र व राज्य सरकार की इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री ने जनसुनवाई करते हुए ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं। ग्रामीणों ने पीएम आवास योजना की किस्तें दिलाने, गांव में सीसी रोड बनवाने, विद्यालय की चारदीवारी का निर्माण करवाने, क्षतिग्रस्त रास्तों को दुरुस्त करवाने और रुकी हुई पेंशन स्वीकृत करवाने जैसी समस्याएं उनके समक्ष रखीं। इस पर राज्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया और मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का त्वरित समाधान कर राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। इस दौरान लोक कलाकारों के दल ने स्थानीय भाषा में प्रस्तुति देते हुए राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया। इसके अलावा ग्राम रथ के माध्यम से भी योजनाओं की जानकारी दी गई।
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11/05/26 |राजस्थान राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने वेदों को बताया भारतीय संस्कृति की आत्मा
एन.एस.बाछल, 11 मई, जयपुर।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि वेद भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं और उन्होंने सदैव हमारी सभ्यता एवं संस्कारों का संरक्षण किया है। उन्होंने कहा कि हमारे वेदों में ज्ञान का अथाह सागर समाया हुआ है तथा भारत ने अपने इसी ज्ञान और दर्शन के बल पर पूरे विश्व में सम्मान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति और वैदिक ज्ञान केवल आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम नहीं, बल्कि समग्र विकास का आधार भी हैं। वैदिक परंपराएं मानव जीवन को अनुशासन, नैतिकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रदान करती हैं।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने गुरुकुल में अध्ययनरत ऋषि कुमारों को संबोधित करते हुए कहा कि सीखने की जिज्ञासा कभी समाप्त नहीं होनी चाहिए। मनुष्य जितना अधिक ज्ञान अर्जित करता है, उतना ही उसे यह अनुभव होता है कि अभी बहुत कुछ जानना और सीखना बाकी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा वह दीपक है जो अंधकार में भी सही मार्ग दिखाती है और जीवन को उद्देश्यपूर्ण बनाती है। उन्होंने कहा कि इतिहास में कई बार हमारे वेदों और संस्कृति को नष्ट करने के प्रयास किए गए, लेकिन भारतीय संस्कृति की जड़ें इतनी मजबूत हैं कि वह हर चुनौती के बाद और अधिक सशक्त होकर उभरी है। आज आवश्यकता इस बात की है कि नई पीढ़ी वैदिक परंपराओं, भारतीय संस्कारों और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाए।
कार्यक्रम में ब्रह्मर्षि खेतेश्वर वेद विज्ञान गुरुकुल, मवडी में आयोजित वार्षिकोत्सव धरोहर 2026 का अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ हुआ। गोधूली वेला में वन्दे मातरम् के सामूहिक गायन एवं दीपोत्सव के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया।
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11/05/26 |सुबह की सैर के साथ मुख्यमंत्री ने अजमेर के कड़ेल में ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद
एन.एस.बाछल, 11 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अजमेर जिले के कड़ेल गांव में सोमवार सुबह की सैर के साथ एक बार फिर आमजन के बीच पहुंचकर जन संवाद और जनविश्वास का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। रविवार रात को ग्राम चौपाल में ग्रामीणों से संवाद के बाद मुख्यमंत्री सुबह गांव की गलियों में पैदल भ्रमण करते नजर आए। ग्रामीण जब अपने घरों से बाहर निकले तो उन्होंने मुख्यमंत्री को सहज और सरल भाव से गांव के बीच उपस्थित पाया।
मुख्यमंत्री ने गांव की गलियों में भ्रमण करते हुए बुजुर्गों से आशीर्वाद लिया तथा महिलाओं, किसानों, पशुपालकों, युवाओं, फल एवं सब्जी विक्रेताओं और सफाईकर्मियों से बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों से राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक लिया और आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना।
मुख्यमंत्री को अपने बीच सहज रूप में पाकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को दुलारते हुए उनकी पढ़ाई-लिखाई की जानकारी ली साथ ही, उन्हें चॉकलेट वितरित की।
भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने गांव के प्राचीन शेषनाग भगवान मंदिर में दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं उत्तम स्वास्थय की कामना की। मंदिर परिसर में भी उन्होंने श्रद्धालुओं से भी संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने किसानों से गुलाब, आंवला, लेसवा, जामुन और प्याज सहित स्थानीय कृषि उत्पादों एवं पारंपरिक खेती की पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने किसानों को आधुनिक, वैज्ञानिक एवं नवाचार आधारित कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि उन्नत कृषि पद्धतियों और जल संरक्षण आधारित प्रयासों से उत्पादन और आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए संवेदनशीलता, प्रतिबद्धता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रही है।
ग्रामीणों की मांग पर मौके पर ही संवेदनशील निर्णय-
ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुनते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री ने गांव के प्राथमिक स्वास्थय केंद्र को सामुदायिक स्वास्थय केंद्र में क्रमोन्नत करने की घोषणा की। साथ ही, परिवहन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त बस संचालन सुनिश्चित करने तथा बालिका विद्यालय की चारदीवारी निर्माण के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने गांव में लंबित राजस्व प्रकरणों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को विशेष शिविर आयोजित कर राजस्व वादों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को त्वरित राहत पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ पी चाय, सुने अभाव अभियोग-
ग्राम भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ बैठकर चाय पी तथा गांव के विकास, खेती-किसानी, शिक्षा और दैनिक जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर आत्मीय चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री की सहजता ने ग्रामीणों को विशेष रूप से प्रभावित किया।
इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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10/05/26 |मुख्य सचिव राजस्थान ने प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, उर्वरक आपूर्ति सहित विभिन्न मुद्दों पर ली समीक्षा बैठक
एन.एस.बाछल, 10 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सचिवालय में प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, उर्वरक आपूर्ति की उपलब्धता संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर तेल वितरण कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपारेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ली।
मुख्य सचिव ने घरेलू-वाणिज्यिक और औद्योगिक ग्राहकों को पाइप द्वारा प्राकृतिक गैस (पीएनजी) और सीएनजी की आपूर्ति के लिए नगर गैस वितरण प्रणाली को बढ़ाने के निर्देश दिए साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार वितरकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में बताया गया कि पेट्रोल, डीजल और विमानन ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। राज्य के सभी रिटेल आउटलेट्स पर आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। पिछले 4 दिनों में एलपीजी बुकिंग के बैकलॉग में भारी कमी आई है। स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के सभी ऑटो एलपीजी स्टेशन 24x7 कार्य कर रहे हैं। इसकी बिक्री में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जयपुर शहर में टैंकरों की 24x7 आवाजाही सुनिश्चित की गई है। अप्रैल 2026 में कैंप लगाकर प्रवासी श्रमिकों और छात्रों को 5 किलो वाले 'फ्री ट्रेड एलपीजी' (FTL) सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं ताकि उन्हें खाना बनाने एवं घरेलु उपयोग में किसी प्रकार की समस्या ना हो।
बैठक में पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव, खान एवं पैट्रोलियम विभाग अपर्णा अरोड़ा, मुख्य सचिव, गृह भास्कर सावंत, आईओसीएल अध्यक्ष अरविंदर सिंह साहनी, राज्य स्तरीय तेल समन्वयक मनोज गुप्ता एवं आईओसीएल, बीपीसीएल एचपीसीएल के अधिकारीगण उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त सीकर जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक भी वीसी के माध्यम से जुड़े।
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10/05/26 |ग्राम रथ अभियान बन रहा ग्रामीण विकास की नई पहचान : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 10 मई, जयपुर।
राज्य सरकार की ओर से ग्रामीण विकास को नई गति देने और जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से 27 अप्रैल से 17 मई तक चलाए जा रहे ग्राम रथ अभियान का असर अब गांवों में साफ नजर आने लगा है।
एलईडी रथ के माध्यम से ऑडियो-वीडियो प्रस्तुतियों द्वारा राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं, उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई जा रही है । साथ ही विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर ही योजनाओं की विस्तृत जानकारी देकर लोगों को लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है ।
ग्राम रथ अभियान का मुख्य उद्देश्य 13 प्रमुख विभागों कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, सहकारिता, सिंचाई, उद्योग, ऊर्जा, राजस्व, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाना है।
जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी व ग्राम रथ अभियान की जिला नोडल अधिकारी प्रतिभा वर्मा ने बताया कि 10 मई को शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कवरपूरा, नांगल कोजू, आमेर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत काँट, कालवाड़, छापराडी, अचरोल, झोटवाड़ा विधान सभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मुंडियारामसर, फतेहपुरा, बगरू विधान सभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बालाबाला, जमवारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र की नगर पालिका क्षेत्र के बस्सी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत किशनपूरा, राजपुरा पातलवास, चाकसू विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मंडालिया मैदा, अजमेरीपुरा, रलवाता, द्वारकपुर, फुलेरा विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत डुंगरी खुर्द, चौमू विधान सभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत चेतपुरा अनंतपुरा जे.,बड कोलाई, भोजलावा, मोरीजा चीथवाड़ी दूदू विधान सभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भोजपुरा, चकवाड़ा, चौरू, गड्डा, में एलईडी वैन के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाएगा।
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10/05/26 |हर व्यक्ति तक सुलभ एवं त्वरित न्याय पहुंचाना हमारा संकल्प- मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 10 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि लोक अभियोजक न्याय व्यवस्था की एक अहम कड़ी है, जो विधिक मामलों में राज्य का प्रतिनिधित्व के साथ ही न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा में भी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि हर व्यक्ति तक सुलभ, त्वरित और पारदर्शी न्याय की पहुंच सुनिश्चित हो। इसी लक्ष्य के साथ राज्य सरकार प्रदेश में संवेदनशील, प्रभावी एवं जनोन्मुखी कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बिड़ला ऑडिटोरियम में विधि एवं विधिक कार्य विभाग द्वारा लोक अभियोजकों एवं विशेष लोक अभियोजकों के लिए आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बदलते कानूनों और न्यायिक दृष्टिकोणों के अनुरूप अधिकारियों का निरंतर प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। यह कार्यशाला लोक अभियोजकों को नए आपराधिक कानूनों, साइबर कानूनों तथा दिव्यांगजनों से जुड़े कानूनों के प्रति अधिक जागरूक, संवेदनशील एवं दक्ष बनाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तीन नए कानूनों के माध्यम से भारतीय न्याय प्रणाली को औपनिवेशिक सोच से मुक्त कर भारतीय बनाने का परिवर्तनकारी कार्य किया है। इन नए कानूनों में दंड के स्थान पर न्याय को प्राथमिकता देते हुए इनके केन्द्र में आम नागरिक को रखा गया है। इन कानूनों में डिजिटल इंडिया एवं ई-गवर्नेंस के माध्यम से न्याय प्रणाली को आधुनिक बनाने पर बल दिया गया है।
प्रदेश में 42 न्यायालय किए स्थापित-
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार तीनों नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस और अभियोजन को इन कानूनों की पूरी जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही, हमारी सरकार ने 42 न्यायालय स्थापित किए हैं। हमने फलौदी, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, बाड़मेर, डीग, कोटपूतली-बहरोड़ एवं सलूंबर में जिला एवं सेशन न्यायालय तथा बड़ी सादड़ी एवं केशोरायपाटन में नियमित अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायालय स्थापित किए हैं।
उन्होंने कहा कि झुंझुनूं, प्रतापगढ़, टोंक, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, बारां और सीकर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विशिष्ट न्यायालय एवं हनुमानगढ़, सवाई माधोपुर, चूरू, बीकानेर तथा जोधपुर में पॉक्सो एक्ट के तहत विशेष न्यायालय एवं एनआई एक्ट के तहत झुंझुनूं में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय खोले हैं।
27 हजार से अधिक लोगों को विधिक सहायता-
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 27 हजार से अधिक लोगों को विधिक सहायता उपलब्ध करवाई है तथा राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 4 हजार पीड़ितों को 85 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। इसी तरह, 1 लाख 20 हजार विधिक साक्षरता शिविरों के माध्यम से करीब 77 लाख लोग लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा न्यायालय भवनों का विडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी सुविधाएं प्रदान करते हुए डिजिटल न्याय प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है।
10 हजार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित-
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों की साइबर सुरक्षा को लेकर भी अत्यधिक सजग है। हमारी सरकार ने साइबर खतरों से बचाव हेतु साइबर सुरक्षा सिमुलेशन लैब की स्थापना की है। ऑपरेशन साइबर शील्ड चलाकर साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने एवं साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करने का काम किया है। इसके अलावा लगभग 10 हजार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर 12 लाख से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
साइबर अपराधों के एआई आधारित विश्लेषण की होगी व्यवस्था-
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य के समस्त पुलिस थानों पर साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं तथा वर्ष 2030 तक समस्त जिलों में साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसी तरह हमारी सरकार डिजिटल अरेस्ट सहित अन्य साइबर अपराधों पर नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर की भी स्थापना करने जा रही है। राज्य सरकार साइबर अपराधों के एआई आधारित विश्लेषण तथा साइबर हेल्पलाइन कॉल सेंटर की व्यवस्था करेगी।
उन्होंने कहा कि दिव्यांग दिव्यता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के माध्यम से दिव्यांगों के लिए शिक्षा, समानता, गैर-भेदभाव और बाधा-मुक्त वातावरण का निर्माण किया है। उन्होंने लोक अभियोजकों और लोक अभियोजकों से आह्वान करते हुए कहा कि वे दिव्यांगजनों से जुड़े प्रकरणों में अधिक गंभीर और संवेदनशील बनें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में कानून सामाजिक न्याय और जनकल्याण का आधार बन चुका है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से लोक अभियोजकों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी तथा विशेषज्ञों के अनुभव और सुझाव विधि क्षेत्र में वर्तमान और भावी चुनौतियों का समाधान खोजने में मददगार साबित होंगे।
विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार हर व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने के ध्येय के साथ कार्य कर रही है।
इस अवसर पर महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, प्रमुख शासन सचिव विधि विभाग राघवेंद्र काछवाल सहित विधि एवं विधिक कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में लोक अभियोजकगण व अधिवक्तागण मौजूद रहे।
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10/05/26 |केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भीषण गर्मी के मद्देनजर पेयजल एवं विद्युत व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को सजग रहने के निर्देश दिए
एन.एस.बाछल, 10 मई, जयपुर।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने जैसलमेर जिले की ग्राम पंचायत फलसूण्ड में आयोजित जनसुनवाई एवं रात्रि चौपाल में आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को उनके शीघ्र एवं नियमानुसार समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान ग्रामीणों ने केंद्रीय मंत्री का पुष्प वर्षा, माल्यार्पण एवं पारंपरिक स्वागत के साथ आत्मीय अभिनंदन किया। पूरे आयोजन में ग्रामीणों में उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
जनसुनवाई के दौरान केंद्रीय मंत्री ने एक-एक फरियादी की फरियाद को ध्यानपूर्वक सुना और प्राप्त परिवेदनाओं पर संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने आमजन को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने विशेष रूप से भीषण गर्मी के मद्देनजर पेयजल एवं विद्युत व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को सजग रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में आमजन को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए तथा पेयजल आपूर्ति एवं विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित रहे, इसके लिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि पेयजल संकट अथवा बिजली कटौती जैसी समस्याओं में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित मॉनिटरिंग करते हुए समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए एवं आमजन की शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ कार्यवाही की जाए। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से भी सरकार की योजनाओं का लाभ लेने एवं प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने का आह्वान किया।
इस अवसर पर पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी, पूर्व विधायक सांगसिंह भाटी, जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल, पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिला स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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09/05/26 |“शुद्ध आहार मिलावट पर वार” अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई - राजस्थान
एन.एस.बाछल, 09 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल एवं चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में प्रदेश में मिलावट के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मुहाना मंडी स्थित कोल्ड स्टोरेज मैसर्स अरावली ट्रेड विजन पर कार्रवाई करते हुए लगभग 8,500 किलो सड़े-गले एवं फंगस लगे फल तथा 1,500 किलो एक्सपायरी खजूर नष्ट करवाए।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह के निर्देशन में केंद्रीय दल एवं सीएमएचओ जयपुर प्रथम एवं द्वितीय की संयुक्त टीम को गर्मियों के मौसम में फलों की गुणवत्ता की निगरानी एवं सर्वे के लिए सुबह मुहाना मंडी भेजा गया था। निरीक्षण के दौरान अरावली कोल्ड स्टोरेज में बड़ी मात्रा में खराब हो चुके, सड़े-गले एवं फंगस लगे सेब, अंगूर, अनार, संतरा सहित अन्य फल पाए गए।
फर्म के मैनेजर द्वारा बताया गया कि उक्त फल विभिन्न व्यापारियों द्वारा कोल्ड स्टोरेज में रखवाए गए थे। विभागीय टीम द्वारा संबंधित व्यापारियों को मौके पर बुलाया गया। लगभग 4 से 5 घंटे इंतजार के बाद पहुंचे कुछ व्यापारियों ने स्वीकार किया कि खराब फलों की छंटाई एवं धुलाई कर उन्हें फुटकर व्यापारियों को कम कीमत पर बेच दिया जाता है। इस पर विभागीय अधिकारियों ने व्यापारियों को सख्त चेतावनी देते हुए इस प्रकार के खराब फलों की बिक्री नहीं करने के निर्देश दिए।
खाद्य सुरक्षा टीम ने दूषित फलों एवं एक्सपायरी खजूर को मंडी के डंपिंग यार्ड में नष्ट करवाया। संबंधित व्यापारियों को नोटिस जारी कर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान टीम ने आम के गोदामों का भी निरीक्षण किया। फल मंडी व्यापार संघ के साथ बैठक कर व्यापारियों को इथाईलीन के सुरक्षित एवं वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही मंडी पदाधिकारियों को कोल्ड स्टोरेज में रखे सड़े-गले फलों की बिक्री रोकने हेतु व्यापारियों को पाबंद करने के निर्देश दिए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा सभी फल एवं सब्जी विक्रेताओं को खाद्य कारोबार संचालन हेतु एफएसएस एक्ट के अंतर्गत अनिवार्य लाइसेंस बनवाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद शर्मा, देवेंद्र राणावत, अमित शर्मा, सुशील चोटवानी, विनोद थारवान, रमेश यादव, नंद किशोर कुमावत, अवधेश गुप्ता, नरेश चेजारा एवं विशाल मित्तल शामिल रहे।
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09/05/26 |आजादी के बाद पहली बार अजमेर के तारागढ़ किले का होगा विकास
एन.एस.बाछल, 09 मई, जयपुर।
अजमेर की ऐतिहासिक पहचान, गौरव और वीरता के प्रतीक सम्राट पृथ्वीराज चौहान से जुड़े तारागढ़ किले एवं इसके समीप के पहाड़ी क्षेत्र का शीघ्र ही व्यापक कायाकल्प किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तारागढ़ क्षेत्र का विस्तृत अवलोकन किया तथा प्रस्तावित विकास कार्यों की रूपरेखा पर चर्चा की। इस दौरान परकोटे, संपर्क मार्ग, ऐतिहासिक भवनों, प्राचीन संरचनाओं एवं चौहान शासकों से जुड़े शिलालेखों के संरक्षण और विकास को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया।
आजादी के बाद पहली बार समुद्र तल से लगभग 870 फीट ऊंचाई पर स्थित तारागढ़ किले एवं क्षेत्र के समग्र विकास और संरक्षण की व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। सम्राट पृथ्वीराज चौहान की वीरता, गौरव और अजमेर की ऐतिहासिक पहचान से जुड़े इस धरोहर क्षेत्र को विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने गत बजट में 20 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से अजमेर की ऐतिहासिक धरोहर को नई पहचान देने के साथ-साथ इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने कहा कि तारागढ़ प्रतापी सम्राट पृथ्वीराज चौहान की वीरता, स्वाभिमान और गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है। इसे उसी ऐतिहासिक गरिमा और सांस्कृतिक महत्व के अनुरूप विकसित किया जाएगा । उन्होंने परकोटे से लेकर तारागढ़ संपर्क मार्ग, पुराने भवनों, ऐतिहासिक संरचनाओं एवं अन्य निर्मित धरोहरों के संरक्षण एवं विकास के कार्य योजनाबद्ध ढंग से किए जाने के निर्देश दिए ।
उन्होंने कहा कि तारागढ़ क्षेत्र का विकास सर्वे प्लान के आधार पर वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित तरीके से किया जाएगा। क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक शिलालेखों, प्राचीन अवशेषों एवं अजयराज सहित अन्य चौहान शासकों से जुड़े इतिहास को खोजने, संरक्षित करने और आमजन तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। इससे आने वाली पीढ़ियों को अजमेर के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया जा सकेगा।
विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना शीघ्र तैयार कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। इससे आमजन एवं पर्यटकों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।
संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने बताया कि तारागढ़ विकास योजना के अंतर्गत जीर्णाेद्धार, म्यूजियम, पार्क, पार्किंग, कैफे तथा पर्यटन सुविधाओं के विकास से जुड़े प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त अजमेर और सम्राट पृथ्वीराज चौहान के इतिहास पर आधारित डॉक्यूमेंट्री, लेजर शो एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतीकरण जैसे नवाचारों पर भी विचार किया जा रहा है। इससे पर्यटकों को ऎतिहासिक अनुभव आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्राप्त हो सके।
जिला कलक्टर लोकबंधु ने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद तारागढ़ क्षेत्र अजमेर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में नई पहचान प्राप्त करेगा। इससे स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही अजमेर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अगरवाला, अजमेर विकास प्राधिकरण आयुक्त नित्या के., सचिव अनिल पूनिया, तहसीलदार ओम सिंह लखावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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09/05/26 |विधानसभा अध्यक्ष राजस्थान के प्रयास से बालिका शिक्षा संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
एन.एस.बाछल, 09 मई, जयपुर।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि किसी भी सभ्य एवं संस्कारित समाज की सबसे मजबूत नींव बालिका शिक्षा होती है। राज्य सरकार बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने, उन्हें सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने तथा महिला सशक्तिकरण को मजबूती प्रदान करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि राजकीय मॉडल बालिका विद्यालय को सावित्री बालिका विद्यालय के प्राइमरी विभाग के भवन में स्थानांतरित किया जाएगा। इससे बालिका शिक्षा अनवरत जारी रहे।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि इसके लिए सर्वप्रथम सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा भवन का सेफ्टी ऑडिट करवाया गया। सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट में यह सामने आया कि छात्राओं को स्थानांतरित करने से पूर्व भवन में व्यापक मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्य कराए जाना अत्यंत आवश्यक है। बालिकाओं को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सुविधायुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
राज्य सरकार ने बालिका शिक्षा के महत्व को प्राथमिकता देते हुए इस कार्य के लिए शीघ्र 60 लाख रुपये की स्वीकृति दिलाने में सहयोग प्रदान किया। जो बालिका शिक्षा के संरक्षण, संवर्धन एवं महिला सशक्तिकरण के प्रति उनकी संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच को दर्शाता है।
वासुदेव देवनानी ने कहा कि मॉडल स्कूल जैसी संस्थाएं शिक्षण केंद्र होने के साथ बालिकाओं के सपनों, आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला होती हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि बेटियां आधुनिक शिक्षा, संस्कार एवं सुरक्षित वातावरण के साथ आगे बढ़ें और समाज तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभाएं।
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08/05/26 |जाजोद की बेटियों की आवाज बनी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्राथमिकता रात्रि चौपाल में की थी विज्ञान संकाय की मांग, सुबह होते-होते जारी हो गए आदेश
एन.एस.बाछल, 08 मई, जयपुर।
‘बेटी पढ़े, बेटी बढ़े’ की भावना को साकार करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशील कार्यशैली का एक अनूठा उदाहरण सामने आया है। जिला सीकर के ब्लॉक खंडेला स्थित जाजोद गांव की बालिकाओं ने रात्रि चौपाल में मुख्यमंत्री से जो मांग रखी, वह आज सुबह होते-होते पूरी हो चुकी थी।
गुरुवार को रात्रि चौपाल के दौरान जाजोद गांव की कई छात्राएं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मिलीं और अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने बताया कि उनके राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जाजोद में विज्ञान संकाय की सुविधा नहीं है, जिसके कारण उन्हें या तो मजबूरी में अन्य विषयों से पढ़ाई करनी पड़ती है या फिर विज्ञान पढ़ने के लिए घर से काफी दूर जाना पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने रात को ही दिए निर्देश
बालिकाओं की बात सुनकर मुख्यमंत्री ने तत्काल उन्हें आश्वासन दिया कि उनके स्कूल में विज्ञान संकाय अवश्य खोला जाएगा। रात को ही उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दे दिए।
सुबह मिली खुशखबरी, बच्चियों के चेहरों पर खिली मुस्कान
शुक्रवार सुबह जब बालिकाएं स्कूल जाते समय मुख्यमंत्री से एक बार फिर मिलीं और अपनी मांग दोहराई, तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए बताया कि जाजोद के स्कूल में विज्ञान संकाय शुरू हो चुका है। राज्य सरकार की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। अब इस विद्यालय में आप गणित एवं जीव विज्ञान दोनों में से अपनी रुचि अनुसार विषय चुनकर इसी साल से पढ़ाई कर सकती हैं।
मुख्यमंत्री के मुंह से खुशखबरी सुनकर बच्चियों के चेहरे खिल उठे। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि उन्हें यकीन ही नहीं हो पा रहा कि उनकी मांग इतनी जल्दी पूरी होगी।
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08/05/26 |जब सोएगा जयपुर, तब करेगा नगर निगम — “ऑपरेशन क्लीन स्वीप” 9 मई (शनिवार) को रात्रिकालीन विशेष सफाई अभियान
एन.एस.बाछल, 08 मई, जयपुर।
नगर निगम जयपुर द्वारा शहर की स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 9 मई (शनिवार) को रात्रिकालीन विशेष सफाई अभियान “ऑपरेशन क्लीन स्वीप” चलाया जाएगा। नगर निगम आयुक्त ने गुरूवार को आयोजित प्रेस वार्ता में इस संबंध में जानकारी प्रदान की। नगर निगम आयुक्त ने बताया कि जयपुर शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए निगम लगातार विशेष अभियान चला रहा है और “ऑपरेशन क्लीन स्वीप” उसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह अभियान रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक संचालित किया जाएगा, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था को बिना यातायात बाधा के प्रभावी रूप से अंजाम दिया जा सके।
इस विशेष ड्राइव के तहत नगर निगम का मुख्य फोकस हेरिटेज क्षेत्र (परकोटा क्षेत्र) रहेगा, जहां व्यापक स्तर पर सफाई, कचरा निष्पादन और सौंदर्यीकरण कार्य किए जाएंगे। अभियान में करीब 2000 सफाई कर्मियों की तैनाती की जाएगी। सफाई कर्मियों को कार्य के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे, जिनमें हूपर, झाड़ू, डंपर, हाथ गाड़ी, गम बूट, टॉर्च, फावड़ा एवं विशेष नाइट जैकेट शामिल हैं। निगम प्रशासन ने इस अभियान के सफल संचालन हेतु 36 बीट्स का गठन किया है, जिनमें अधिकारियों एवं टीमों की जिम्मेदारी तय कर मॉनिटरिंग व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
अभियान में उद्योग जगत का भी सहयोग देखने को मिला है। CII के स्टेट हेड नितिन गुप्ता एवं डेनिश पावर लिमिटेड के CMD शिवम तलवार द्वारा सभी सफाई कर्मियों को ब्रांडेड इंसुलेटेड बोतलें उपलब्ध करवाई गई हैं, ताकि कार्य के दौरान उन्हें पेयजल की सुविधा मिल सके। नगर निगम प्रशासन ने बताया कि बीते एक माह में जयपुर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने की दिशा में यह तीसरी बड़ी पहल है। निगम का लक्ष्य है कि जयपुर न केवल देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल हो, बल्कि अपनी विरासत और सुंदरता के लिए भी नई पहचान स्थापित करे।
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08/05/26 |तकनीक और निवेश से राजस्थान में शुरू होगा खुशहाली का नया अध्याय– संसदीय कार्य मंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 08 मई, जयपुर।
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने जोधपुर जिले की लूणी विधानसभा क्षेत्र में डोली ग्राम पंचायत में ग्राम रथ का अवलोकन किया और किसानों और पशुपालकों को ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 (ग्राम-2026) की जानकारी दी।
किसानों की उन्नति प्रदेश की समृद्धि—
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार कृषि और पशुपालन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए कृत संकल्पित हैं। तकनीक और निवेश से राजस्थान में खुशहाली का नया अध्याय शुरू होगा। हमारे किसानों की उन्नति प्रदेश की समृद्धि का आधार बनेगी। उन्होंने कहा कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 के माध्यम से फूड प्रोसेसिंग उद्योग, एग्रो-पार्क और कृषि में निवेश के नए द्वार खुल रहे हैं।
‘ग्राम-2026’ में तकनीकी एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों से रूबरू होंगे किसान—
जोगाराम पटेल ने कहा हमारी सरकार प्रदेश में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 का आयोजन 23 से 25 मई को जयपुर में करने जा रही है,जिसके माध्यम से कृषि, एग्रीटेक, फूड प्रोसेसिंग, ड्रोन तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित खेती तथा कोल्ड चेन जैसे क्षेत्रों में निवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे। प्रदेश के किसान नई तकनीकी और कृषि पद्धतियों से रूबरू होंगे। इस आयोजन में देश-विदेश के निवेशक, कृषि वैज्ञानिक, स्टार्टअप्स और नीति निर्माता एक मंच पर आएंगे।
76 लाख से अधिक किसानों को मिल रही सम्मान निधि—
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 76 लाख से अधिक किसानों के खातों में लाभ राशि हस्तांतरित की गई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत साढ़े छह हजार करोड़ रुपये से अधिक के बीमा क्लेम वितरित किए गए हैं तथा 2 करोड़ 20 लाख बीमा पॉलिसी सृजित की गई हैं।
52 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज मुक्त ऋण वितरित—
जोगाराम पटेल ने कहा पीएम कुसुम योजना के तहत 65 हजार से अधिक सोलर पंप सेट स्थापित किए गए हैं। प्रदेश के 78 लाख किसानों को 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण उपलब्ध कराया गया है। राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना के तहत 1 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
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07/05/26 |मुख्यमंत्री राजस्थान ने घर-घर जाकर किया जनसंवाद, बुजुर्गों से लिया आशीर्वाद
एन.एस.बाछल, 07 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार सुबह प्रतापगढ़ के बम्बोरी ग्राम का पैदल भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने घर-घर जाकर ग्रामीणों से आत्मीयता से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने गांव भ्रमण के दौरान बुजुर्गों से आशीर्वाद लिया और उनके स्वास्थय, पेंशन एवं वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के संबंध में जानकारी ली। वहीं, जब बच्चों ने मुख्यमंत्री को अपना होमवर्क दिखाया और पढ़ाई के बारे में बात की, तो उन्होंने बच्चों को दुलार करते हुए चॉकलेट्स भी वितरित कीं। उन्होंने महिलाओं से संवाद करते हुए अधिकाधिक संख्या में राजीविका से जुड़ने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के विकास के बिना देश और प्रदेश का समग्र विकास संभव नहीं है। जब तक गांवों के बीच जाकर लोगों से संवाद नहीं किया जाएगा, तब तक उनकी समस्याओं को पूर्ण रूप से समझा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास चौपाल और ग्राम विकास रथ ‘विकसित राजस्थान’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में की गई महत्वपूर्ण पहल हैं।
मुख्यमंत्री ने की चाय पर चर्चा-
मुख्यमंत्री ने गांव में भ्रमण के बाद ग्रामीणों के साथ चाय पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बुजुर्गों एवं महिलाओं से संवाद किया तथा मूलभूत सुविधाओं से लेकर लोक कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा बताई गई समस्याओं के निराकरण के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने गांव में स्थित गंगेश्वर महादेव मंदिर में सपत्नीक जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की। साथ ही, उन्होंने लक्ष्मीनाथ जी मंदिर एवं चारभुजानाथ जी मंदिर में भी दर्शन किए। इस दौरान राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक, सांसद सीपी जोशी, विधायक श्रीचंद कृपलानी भी साथ रहे।
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07/05/26 |राजस्थान का अब तक का सबसे बड़ा दल अखिल भारतीय विद्युत प्रतियोगिता में भाग लेने पुणे पहुंचा
एन.एस.बाछल, 07 मई, जयपुर।
महाराष्ट्र पावर द्वारा पुणे के बालेवाड़ी स्टेडियम में 47वीं अखिल भारतीय विद्युत बास्केटबॉल, कुश्ती तथा महिला व पुरुषों की कबड्डी एवं खो-खो प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। बालेवाड़ी स्टेडियम में उद्घाटन समारोह के पश्चात सभी खेलों के मुकाबले शुरू हो गए हैं।
अखिल भारतीय विद्युत प्रतियोगिता में राजस्थान की कुल 6 टीमों में 47 खिलाड़ियों का अब तक का सबसे बड़ा दल भाग ले रहा है। राजस्थान के विद्युत निगमो की बास्केटबॉल एवं खो-खो की पुरुष टीम तथा महिलाओं की कबड्डी एवं खो-खो टीम भी पहली बार भाग ले रही है।
बालेवाड़ी स्टेडियम में हुए उद्घाटन समारोह में देशभर से भाग लेने आई टीमो में राजस्थान के दल ने शानदार मार्च पास्ट करते हुए सर्वश्रेष्ठ मार्च पास्ट की ट्रॉफी जीती। मार्चपास्ट में राजस्थान के दल का नेतृत्व मैनेजर पवन शर्मा ने किया।
मुकाबले में पुरुषों की खो-खो टीम ने लीग मैच में दमदार प्रदर्शन करते हुए विपक्षी टीम गुजरात ऊर्जा निगम को हराकर अगले दौर में प्रवेश किया।
महिलाओं की खो-खो टीम ने भी शानदार प्रदर्शन कर गुजरात की टीम को सेमीफाइनल में हराते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया है। फाइनल में राजस्थान की महिला खो-खो टीम का मुकाबला मेजबान महाराष्ट्र की टीम से होगा।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने राजस्थान विद्युत निगमो के सभी खिलाड़ियों को अखिल भारतीय विद्युत प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दी है।
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07/05/26 |राजीविका के माध्यम से राजस्थान बन रहा महिला सशक्तीकरण में रोल मॉडल - मुख्य सचिव
एन.एस.बाछल, 07 मई, जयपुर।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में शासन सचिवालय में राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् (राजीविका) की 21वीं कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मुख्य सचिव ने राजीविका द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण आजीविका सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्य योजना का विस्तृत अवलोकन किया गया, विशेष रूप से बजट घोषणाओं के अनुपालन में राजीविका द्वारा प्रारंभ की गई कार्यवाही की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अपेक्षित परिणाम सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय मॉडल की सूक्ष्म मॉनिटरिंग पर विशेष बल दिया।
मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के साथ व्यापक स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिये ताकि योजनाओं का समेकित और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में राजस्थान महिला निधि की उल्लेखनीय उपलब्धियों की सराहना करते हुए मुख्य सचिव ने बताया कि 850 करोड़ रूपये से अधिक के ऋण वितरण के बावजूद एनपीए 2% से कम रहना स्वयं सहायता समूह (एसएचजी)/ग्राम संगठन (वीओ)/क्लस्टर स्तरीय संघ (सीएलएफ) की महिलाओं के अनुशासन, प्रतिबद्धता एवं वित्तीय जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है।
महिला नेतृत्व आधारित आजीविकाओं के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्य सचिव ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों के लिए व्यापक बाजार संपर्क विकसित करने तथा उनकी दृश्यता बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके अंतर्गत आउटलेट्स, मॉल्स, पर्यटन स्थलों एवं अन्य अधिक आवागमन वाले स्थानों पर उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया।
मुख्य सचिव ने राजस्थान में 51 लाख महिलाओं के सशक्तीकरण हेतु राजीविका के प्रयासों की सराहना करते हुए “लखपति दीदी” पहल के अंतर्गत पहले से लाभान्वित महिलाओं के निरंतर मार्गदर्शन की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, लखपति दीदियों की संख्या बढ़ाने तथा “मिलियनेयर दीदी” के लक्ष्य की दिशा में कार्य करने के निर्देश भी प्रदान किए गए।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग दिनेश कुमार, प्रमुख शासन सचिव पशुपालन विभाग विकास सीताराम जी भाले, शासन सचिव ग्रामीण विकास विभाग कृष्ण कुणाल एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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07/05/26 |‘ग्राम-2026’ से मजबूत होगा प्रदेश का एग्रीकल्चर सेक्टर : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 07 मई, जयपुर।
संसदीय कार्य,विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने जोधपुर जिले की विधानसभा क्षेत्र लूणी की ग्राम पंचायत झंवर में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 (ग्राम-2026) के प्रचार-प्रसार के लिए राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में जा रहे ग्राम रथ अभियान का अवलोकन किया।उन्होंने ग्रामीणों की परिवेदनाएं गंभीरतापूर्वक सुनीं तथा उनके त्वरित एवं संतोषजनक निस्तारण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश प्रदान किए।
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा हमारे यशस्वी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व प्रदेश सरकार कृषि एवं किसान कल्याण के लिए अनवरत काम कर रही हैं। उन्होंने कहा ग्राम-2026’ से प्रदेश का एग्रीकल्चर सेक्टर मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि जनता की आकांक्षाओं को जानने, समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने के लिए फील्ड में जाना जरूरी है।
किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाकर की 9 हजार रुपये
जोगाराम पटेल ने कहा हमारी सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि का मजबूत इको-सिस्टम विकसित करने के लिए कार्य कर रही है और ग्राम-2026 का आयोजन उसी दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने कहा किसान सम्मान निधि की राशि को 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार रुपये किया गया है। उन्होंने कहा गेहूं की खरीद पर 150 रुपये बोनस दिया जा रहा है।
सुझाव पेटिका से आमजन के सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचेंगे
जोगाराम पटेल ने कहा ग्राम रथों को प्रदेश के हर गांव तक पहुंचाने का अभियान सराहनीय है। उन्होंने कहा ग्राम रथों के जरिए ना केवल लोगों तक उनके हितों की जानकारी पहुंचाई जा रही है, बल्कि इन रथों में एक सुझाव पेटिका भी रखी गई है। जिसके जरिए आमजन की समस्याएं और सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचेंगे।
जनभावनाओं के अनुरूप झंवर को बनाया पंचायत समिति
जोगाराम पटेल ने कहा पंचायती राज परिसीमन में जनभावनाओं के अनुरूप झंवर को पंचायत समिति बनाया गया है। उन्होंने कहा क्षेत्र में उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के लिए झंवर में महाविद्यालय खोला गया है। उन्होंने कहा लूणी विधानसभा क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए लगभग 500 करोड़ रूपये की लागत से लगभग 500 किलोमीटर सड़कों के निर्माण कार्य चल रहे है।
डबल इंजन की सरकार समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध– श्री बिश्नोई
राजस्थान जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री जसवंत सिंह बिश्नोई ने कहा डबल इंजन की सरकार राजस्थान के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा विकसित भारत 2047 के दीर्घकालिक विजन के अनुरूप ‘वीबी-जीरामजी’ योजना का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा अब 100 के बजाय 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है। उन्होंने कहा कृषि कार्य में मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 60 दिन के नो वर्क पीरियड का प्रावधान भी किया गया है।
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06/05/26 |प्रदेश में बस टर्मिनलों का होगा कायाकल्प,सार्वजनिक निजी भागीदारी से विकसित होंगे आधुनिक बस पोर्ट - मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 06 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य राजस्थान को परिवहन अवसंरचना के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है, जिससे प्रदेश की आमजन का सफर सुगम हो और विकास को नई गति मिले। प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से बस टर्मिनलों का पुनर्विकास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रदेश के बस टर्मिनलों के पुनर्विकास को लेकर महत्वपूर्ण बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चयनित जिला मुख्यालयों पर सार्वजनिक निजी भागीदारी के माध्यम से विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त आधुनिक बस पोर्ट विकसित किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस पोर्ट क्षेत्रीय परिवहन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होंगे। जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन एवं आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को बस पोर्ट्स के प्रभावी संचालन, सुव्यवस्थित प्रबंधन एवं दीर्घकालिक रखरखाव के लिए समग्र एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बस टर्मिनलों का आधुनिकीकरण आमजन को सुरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रस्तावित बस पोर्ट्स पर राजस्थान पथ परिवहन निगम एवं निजी बसों का बेहतर समन्वय से नियमित एवं समयबद्ध संचालन सुनिश्चित हो।
इस दौरान जानकारी दी गई कि बजट घोषणा की अनुपालना मेंयात्रियों को आधुनिकतम सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए उदयपुर, बीकानेर, भरतपुर, अलवर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, ब्यावर, अजमेर, बूंदी सहित चयनित जिला मुख्यालयों पर आधुनिकतम सुविधायुक्त बस पोर्ट विकसित किये जाएंगे।
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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05/05/26 |गरुड़ पोर्टल से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की होगी केंद्रीकृत रीयल-टाइम मॉनिटरिंग : मध्यप्रदेश
एन.एस.बाछल, 05 मई, भोपाल।
"गरुड़ पोर्टल" से प्रदेश के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की केंद्रीकृत रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जायेगी। इससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता के संचार के साथ संचालन की दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे सीवेज प्रबंधन की गुणवत्ता को और अधिक बेहतर बनाया जा सकेगा और समय पर निर्णय लेने में सुविधा होगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (एमपीयूडीसी) द्वारा राज्य में सीवेज प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़, आधुनिक एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल की गई है।
मध्यप्रदेश में अपनी तरह की यह प्रथम केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली है, जो वास्तविक समय में डेटा ट्रैकिंग के साथ-साथ उत्कृष्ट परिचालन निरीक्षण एवं त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रिया को अत्यंत सशक्त बनाती है। इस युगांतरकारी व नवाचारपूर्ण पहल से राज्य में पर्यावरण संरक्षण, जल गुणवत्ता के संवर्धन एवं नगरीय स्वच्छता के संकल्प को अभूतपूर्व मजबूती मिलने की पूर्ण अपेक्षा है।
आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि विभाग के अंतर्गत संचालित कुल 42 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में अत्याधुनिक एससीएडीए' (Supervisory Control and Data Acquisition - SCADA) सह 'ओसीईएमएस' (Online Continuous Effluent Monitoring System - OCEMS) प्रणाली को सफलतापूर्वक स्थापित व लागू कर दिया गया है। विदित हो कि पूर्व में इन संयंत्रों से प्राप्त होने वाला डेटा केवल संबंधित एसटीपी परिसर तक ही सीमित रहता था, जिसके कारण संपूर्ण व्यवस्था की समग्र निगरानी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। किंतु, इस नूतन प्रणाली के क्रियान्वयन से अब बॉयोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD), केमिकल ऑक्सीजन डिमांड सीओडी (COD), पीएच (pH) एवं टोटल सस्पेंडेड सॉलिड्स (TSS) जैसे सभी प्रमुख जल गुणवत्ता मापदंडों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है। इन सभी तकनीकी पैमानों की निगरानी अब यूएडीडी (UADD) कार्यालय के 'गरुड़ पोर्टल' के माध्यम से केंद्रीकृत रूप में की जा रही है, जिसके फलस्वरूप सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के प्रदर्शन पर अनवरत एवं प्रभावी दृष्टि रखी जा सकेगी।
मध्यप्रदेश में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लगभग 52 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) संचालित हैं, जिनमें यह उन्नत एससीएडीए एवं ओसीईएमएस प्रणाली कार्यरत है। विभाग द्वारा यह लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि शेष 12 एसटीपी का डेटा भी लगभग 30 अप्रैल 2026 तक गरुड़ पोर्टल पर उपलब्ध हो जाएगा, जिससे राज्य के सभी प्रमुख एसटीपी एक ही डिजिटल पटल पर पूर्णतः एकीकृत हो सकेंगे।
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05/05/26 |जयपुर जिला कलक्टर ने की स्व-गणना, ऑनलाइन प्रक्रिया को बताया सरल; आमजन से की भागीदारी की अपील
एन.एस.बाछल, 05 मई, जयपुर।
जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत जयपुर जिला कलक्टर संदेश नायक ने कलेक्ट्रेट में स्व-गणना कर अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए जयपुर जिले के नागरिकों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करें, जिससे सटीक एवं अद्यतन आंकड़े प्राप्त हो सकें।
जिला कलक्टर ने स्व-गणना पोर्टल https://se.census.gov.in के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं ऑनलाइन स्मार्टफोन पर दर्ज की तथा बताया कि यह प्रक्रिया अत्यंत सरल, सुरक्षित एवं समय की बचत करने वाली है। स्व-गणना की पूरी प्रक्रिया चन्द मिनटों में आसानी से पूर्ण की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन स्व-गणना प्रक्रिया में सबसे पहले पोर्टल पर लॉगिन कर बेसिक जानकारी दर्ज करनी होती है, जिसके बाद हाउसहोल्ड रजिस्ट्रेशन में परिवार के मुखिया का नाम एवं मोबाइल नंबर दर्ज किया जाता है। इसके पश्चात ओटीपी के माध्यम से सत्यापन कर पोर्टल पर दी गई भाषाओं में से अपनी पसंद की भाषा का चयन किया जाता है। आगे की प्रक्रिया में जिला, क्षेत्र, मोहल्ला एवं लैंडमार्क सहित लोकेशन से संबंधित जानकारी भरनी होती है तथा मैप पर अपने घर की सटीक लोकेशन मार्क करनी होती है। इसके बाद घर एवं परिवार से संबंधित जानकारी जैसे मकान की स्थिति, परिवार के सदस्यों की संख्या एवं उपलब्ध सुविधाओं का विवरण दर्ज किया जाता है। अंत में सभी जानकारी का सावधानीपूर्वक पुनः अवलोकन कर फॉर्म सबमिट किया जाता है, जिसके पश्चात 11 अंकों का एसई आईडी प्राप्त होता है, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में कुल 33 प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं, जिनमें मकान की स्थिति, स्वामित्व, परिवार के सदस्य, पानी, बिजली, शौचालय, किचन, इंटरनेट एवं वाहनों से संबंधित जानकारी शामिल होती है।
स्व-गणना अभियान 1 मई से 15 मई तक संचालित किया जा रहा है, जिसके पश्चात 16 मई से 14 जून तक डोर-टू-डोर सर्वे किया जाएगा। इस कार्य में लगभग 50 हजार सरकारी कर्मचारी लगाए गए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही हाउसहोल्ड पंजीकृत किया जा सकता है तथा फॉर्म अधूरा छोड़ने पर उसे मान्य नहीं माना जाएगा। डोर-टू-डोर सर्वे के दौरान प्रगणक को एसई आईडी दिखाना आवश्यक होगा।
जिला प्रशासन द्वारा इस अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस प्रक्रिया में शामिल हो सकें।
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05/05/26 |प्रदेश में ‘ग्राम रथ अभियान‘ का प्रथम सप्ताह,गांव-गांव पहुंच रही विकास की रौशनी और जागरूकता की लहर:राजस्थान
एन.एस.बाछल, 05 मई, जयपुर।
प्रदेश के किसानों को हर क्षेत्र में अग्रणी एवं उन्नत बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर सक्रिय प्रयास कर रही है। कृषि, निवेश, नवाचार और तकनीक के माध्यम से किसान समृद्धि का नया अध्याय लिखने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा आगामी 23 से 25 मई तक ग्राम (ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट) 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस महाआयोजन में प्रदेशभर से कृषक और पशुपालकों को देश और दुनिया के एग्रीकल्चर सैक्टर के नीति-निर्माता, रिसर्च स्कॉलर, उद्यमी, जन प्रतिनिधि और विषय विशेषज्ञों की मौजूदगी में आधुनिक कृषि की नई संभावनाओं से रूबरू होने के अवसर सुलभ होगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा और पहल पर इसी सिलसिले में ग्राम-2026 में आयोजित होने वाले महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की उपयोगी जानकारी किसानों और ग्रामीणों तक पहुंचाने और उनकी अधिकाधिक भागीदारी के उद्देश्य से राज्य के 183 विधानसभा क्षेत्रों में गत 27 अप्रैल से ‘ग्राम रथ अभियान‘ संचालित किया जा रहा है। इस 15 दिवसीय ग्राम रथ अभियान में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में रोजाना 5 से 6 स्थानों पर एलईडी मोबाइल वैन के माध्यम से योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी गांव-गांव तक किसानों एवं ग्रामीणों के अपूर्व उत्साह के बीच पहुंचाई जा रही है। ग्राम रथ अभियान केवल एक प्रचार कार्यक्रम नहीं बल्कि गांवों के समग्र विकास का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। यह अभियान राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें किसान, गांव और विकास- तीनों को केंद्र में रखकर एक सशक्त और आत्मनिर्भर राजस्थान के निर्माण की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
ग्रामीणों में उत्साह, महिलाओं और युवाओं की बढ़ी भागीदारी
ग्राम रथ अभियान को लेकर प्रथम सप्ताह में ही ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। ग्रामीण महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में इसमें भाग ले रहे हैं और संध्या चौपाल में भी बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इस दौरान आयोजित कला जत्था कार्यक्रम लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गए हैं और इनके माध्यम से संदेशों को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। यह अभियान केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं है बल्कि यह ग्रामीण समाज के साथ संवाद का एक सशक्त मंच बन गया है।
13 विभागों की योजनाएं एक ही मंच पर
ग्राम रथों के माध्यम से 13 विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध करवाई जा रही है। इनमें कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, सहकारिता, सिंचाई, उद्योग, ऊर्जा, राजस्व, पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास विभाग शामिल हैं। इन रथों पर संबंधित विभागों की प्रचार सामग्री उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे ग्रामीणों को एक ही स्थान पर सभी योजनाओं की समग्र जानकारी मिल रही है।
सरकार तक समस्याओं और सुझावों का बना सेतु
“कृषि, किसान और गांव सशक्त होंगे, तभी भारत आत्मनिर्भर बनेगा”, इसी सोच से प्रेरित होकर राज्य सरकार इस अभियान को आगे बढ़ा रही है। ग्राम रथ अभियान एक तरह से सरकार तक ग्रामीणों की समस्याओं और सुझावों के संकलन के लिए सेतु बन गया है। ग्राम रथों में की एक विशेष पहल सुझाव पेटिका है, जिसके माध्यम से ग्रामीण अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचा रहे हैं। राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। इस दौरान प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे लोगों का विश्वास और सहभागिता दोनों बढ़े हैं। अभियान में अब तक लाखों लोगों तक प्रचार सामग्री पहुंचाई जा चुकी है।
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04/05/26 |स्पीकर डॉ. देवनानी की एक और पहल: अनूठी बनेगी राजस्थान विधानसभा
एन.एस.बाछल, 04 मई, जयपुर।
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी की एक और पहल से विधान सभा परिसर में नक्षत्र वाटिका और हर्बल वाटिका का अभिनव सृजन किया जा रहा है। ये वाटिकाएं भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, प्राचीन ज्योतिषीय जान, आयुर्वेद चिकित्सा और पर्यावरण संरक्षण के समन्वय का सजीव उदाहरण बनेंगी। इन वाटिकाओं का उद्घाटन डॉ. देवनानी 5 राज्यों के स्पीकर्स के साथ 5 मई को प्रातः 10 बजे करेंगे। राजस्थान विधान सभा में इस नवाचार के मध्य प्रदेश, उत्तरप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम विधान सभा के अध्यक्ष सर्व नरेन्द्र सिंह तोमर, सतीश महाना, कुलदीप सिंह पठानिया, सूरमा पाढी और मिगमा नाबू साक्षी बनेंगे। इस मौके पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी मौजूद रहेंगे।
नक्षत्र वाटिका में होंगे 27 नक्षत्रों के पौधे- डॉ. देवनानी ने बताया कि नक्षत्र वाटिका की अवधारणा भारतीय ज्योतिष के 27 नक्षत्रों पर आधारित है। ज्योतिष में प्रत्येक नक्षत्र का संबंध एक विशिष्ट वृक्ष से माना गया है। इसके लिए विधान सभा के दक्षिण भाग में दोनों पार्किंग के मध्य पांच हजार वर्ग मीटर अर्ध चन्द्राकार उद्यान विकसित किया गया है। इस वाटिका में 27 नक्षत्रों अश्विनी, भरणी, कृतिका, रोहिणी, मृगसिर, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वाफाल्गुनी, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल. पूर्वाषाढा, उत्तराषाढा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती से संबंधित प्रमुख वृक्षों क्रमशः कुचला, आंवला, गूलर, जामुन, खैर, शीशम, बांस, पीपल, नागकेसर, बरगद/बट, पलाश, पाकड, रीठा/चमेली, बेल, अर्जुन, कटारी, मौलश्री, चीड/संभल, साल, जलवेतर/अशोक, कटहल, शमी/आक, मदार/शमी, कदंब, आम, नीम, महुआ का रोपण किया जा रहा है। इन पौधों का नौ ग्रहों, बारह राशियों और त्रिदेव ब्रह्मा. विष्णु एवं शिव से भी संबंध है।
हर्बल वाटिका में होंगे 38 औषधीय पौधे - डॉ. देवनानी ने बताया कि विधान सभा परिसर में आठ सौ पचास वर्ग मीटर में हर्बल वाटिका भी विशेष रूप से विकसित की गई है। इसके लिए विधान सभा के उत्तर पश्चिम क्षेत्र में 8x13 फीट की सुव्यवस्थित 38 क्यारियों 38 क्यारियों में 38 प्रजातियों के पौधे लगाये जा रहे हैं। प्रत्येक क्यारी में एक प्रजाति के 20 से 25 पौधों का रोपण किया जा रहा है। औषधीय पौधों में रोजमेरी, लौंग, समुद्र बेल, अजवाइन, बैजंती, पेपर-मिन्ट, पचोली, इंसुलिन, मेहंदी, पत्थर चट्टा, ओडोमास, केशवर्धनी, अश्वगंधा, सिट्रोनेला, कालमेघ, अग्रिमन्थ, हटजोड, ऐलोविरा (ग्वारपाटा), लेमनग्रास, वेटिवर ग्रास (खस), वेखंड (स्वीट फ्लैग), तुलसी, इलायची, पिपली, कपूर, गुज, दन्ती, मरवा, अक्कड काडा, स्टीविया, अजावृक्ष, सतावरी, रतनजोत. निरगुडी, रेड अडुसा (लाल वासा), सर्पगंधा, पान या नागरबेल और ब्राह्मी शामिल हैं, जो आयुर्वेदिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
वाटिकाएं भारतीय ज्ञान परम्परा का जीवंत प्रतीक-डॉ. देवनानी ने बताया कि ये वाटिकाएं केवल एक उद्यान नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा का जीवंत प्रतीक हैं। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी. बल्कि लोगों को अपने जन्म नक्षत्र से जुड़े वृक्षों के प्रति जागरूक भी करेगी। उन्होंने बताया कि पौराणिक ग्रंथों में वर्णित इन आयुर्वेदिक वृक्षों के संरक्षण से आमजन को समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी।
आने वाली पीढ़ियां भारतीय संस्कृति, ज्योतिष और प्रकृति से परिचित होंगी- डॉ. देवनानी ने कहा कि विधानसभा परिसर में विकसित ये वाटिकायें जैव विविधता को समृद्ध करने, औषधीय पौधों के संरक्षण और सकारात्मक वातावरण निर्माण में सहायक सिद्ध होंगी। साथ ही ये आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति, ज्योतिष और प्रकृति के गहरे संबंध से परिचित कराने का एक प्रेरणादायक माध्यम बनेंगी।
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04/05/26 |विषम परिस्थितियों में भी आपूर्ति सुचारु करने के लिए डटे रहे विद्युत कार्मिक:राजस्थान
एन.एस.बाछल, 04 मई, जयपुर।
जयपुर विद्युत वितरण निगम के विभिन्न सर्किलों में शनिवार शाम को तेज अंधड़ एवं वर्षा के कारण विद्युत तंत्र को क्षति पहुंची। कई स्थानों पर पेड़ की डालियां एवं हॉर्डिंग्स आदि टूट कर विद्युत तारों एवं कंडक्टर पर जा गिरे, जिससे विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई। निगम के अभियंता एवं फॉल्ट रेक्टिफिकेशन टीम आपूर्ति में व्यवधान को दूर करने के लिए तत्परता से जुट गए। अधिकतर इलाकों में रात को ही सप्लाई बहाल कर दी गई थी।
तूफान के तुरंत बाद निदेशक (तकनीकी) आरके शर्मा जयपुर डिस्कॉम के राममंदिर स्थित केन्द्रीकृत कॉल सेंटर पहुंचे और वहां उपभोक्ताओं की 'नो करेंट' संबंधी समस्याओं के तत्काल निराकरण की मॉनीटरिंग में जुट गए। डिस्कॉम्स चेयरमैन आरती डोगरा भी रात करीब 11.30 बजे कॉल सेंटर पहुंच गई और देर रात करीब 1 बजे तक कॉल सेंटर से ही सभी अभियंताओं एवं फील्ड में विद्युत आपूर्ति को बहाल करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का जायजा लिया। जयपुर के चारों सर्किलों में अधिशासी अभियंता एवं सहायक अभियंता विद्युत आपूर्ति सुचारू करने के प्रयासों में जुटे रहे।
तूफान से अधिक प्रभावित जयपुर जिला सर्किल के चौमू, जोबनेर, दूदू, हाथोज, हरमाडा, जमवारामगढ़ क्षेत्र तथा जयपुर शहर के वैशालीनगर, मुरलीपुरा, विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र, जगतपुरा, सीकर रोड स्थित अधिकतर कॉलोनियों में रात्रि को ही सप्लाई सुचारू कर दी गई थी।
11 केवी और 33 केवी के 435 फीडरों में से 408 फीडरों में सप्लाई बहाल-
तूफान से जयपुर जिला उत्तर एवं जयपुर जिला दक्षिण सर्किल में 333 वितरण ट्रांसफार्मरों तथा 1552 विद्युत खंभों को नुकसान पहुंचा, जिनमें से 239 ट्रांसफार्मरों तथा 1295 पोल को रविवार दोपहर तक दुरूस्त कर लिया गया था। इसी तरह 11 केवी के 423 फीडरों तथा 33 केवी के 12 फीडरों से विद्युत आपूर्ति में व्यवधान आया, जिनमें से 11 केवी के 396 फीडरों तथा 33 केवी के प्रभावित सभी 12 फीडरों में आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
तूफान का जयपुर जोन के जयपुर जिला दक्षिण एवं उत्तर सर्किल सहित दौसा, टोंक एवं कोटपूतली सर्किल में भी असर रहा। जयपुर जोन में कुल 433 वितरण ट्रांसफॉर्मरों को क्षति पहुंची। इनमें से 305 ट्रांसफॉर्मरों को सुचारू कर दिया गया था। जोन में 2351 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हुए। इनमें से 1711 विद्युत पोल दुरूस्त कर दिए गए थे। वहीं 11 केवी के 640 फीडर में से 583 फीडरों तथा 33 केवी के प्रभावित सभी 35 फीडरों में विद्युत आपूर्ति को यथावत कर दिया गया है। जयपुर, भरतपुर एवं कोटा जोन में इस अंधड़ के कारण 2784 गांव, कस्बों एवं शहरों में विद्युत आपूर्ति पर असर पड़ा, जिनमें से 2506 में आपूर्ति बहाल कर दी गई है। शेष में भी आपूर्ति सुचारू करने के लिए टीम जुटी हुई हैं।
दर्ज हुईं 2245 शिकायतें, 2171 का हुआ समाधान—
केन्द्रीकृत कॉल सेंटर पर विद्युत आपूर्ति में व्यवधान से संबंधित जयपुर शहर एवं जयपुर जिला सर्किल के उपभोक्ताओं की कुल 2245 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 2171 का समाधान कर दिया गया। कुल 74 शिकायतें अभी लंबित हैं।
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04/05/26 |मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से समृद्ध बन रहा प्रदेश का वन-धन:राजस्थान
एन.एस.बाछल, 04 मई, जयपुर।
राज्य सरकार द्वारा बांसवाड़ा के झांतलिया, उदयपुर के बांकी एवं सिरोही के जनापुर में चंदन वन विकसित किए जाएंगे। इन प्रत्येक चंदन वन में 10 हजार से अधिक चंदन के पौधे रोपित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित बैठक में इन चंदन वनों के लिए गुणवत्तापूर्ण पौधों का चयन करने तथा इनकी सुरक्षा के लिए चयनित स्थानों पर फेंसिंग के कार्य एवं सिंचाई के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में बांसवाड़ा, उदयपुर एवं सिरोही में चंदन वनों की स्थापना से राजस्थान की वन-धन संपदा और अधिक समृद्ध होगी। साथ ही, भविष्य में अन्य जिलों में भी चंदन वन विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।उन्होंने अधिकारियों को चंदन वन पौधारोपण कार्य में मानसून से पूर्व गड्ढ़े खुदाई, फेंसिंग कार्य सहित अन्य सभी तैयारियां निर्धारित समय पर पूरी करने के लिए निर्देशित किया।
किसानों को फलदार पौधे उपलब्ध करवाएगी राज्य सरकार
भजनलाल शर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय में वृद्धि के लिए राज्य सरकार किसानों को फलदार पौधे उपलब्ध करवाएगी। ऐसे में वन विभाग फलदार पौधों के वितरण की भी योजना बनाए। उन्होंने पहाड़ी एवं वन क्षेत्रों में ड्रोन सीडिंग एवं अरावली क्षेत्र में सघन वृक्षारोपण के भी निर्देश दिए।
आमजन कोकरें जागरूक, अभियान में हो अधिकाधिक जन भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्रमोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार ने वर्ष 2024 में 7 करोड़ से अधिक एवं वर्ष 2025 में 11 करोड़ से अधिक पौधे लगाए हैं। इसी कड़ी में इस वर्ष के लिए निर्धारित 10 करोड़ पौधारोपणके लक्ष्य को अभियान के रूप में लें और सभी विभागों एवं जिलों के लिए पौधारोपण के लक्ष्य निर्धारित करते हुए समन्वय स्थापित करें। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को जोड़ते हुए इस अभियान को लेकर आमजन को भी जागरूक करें, ताकि इस अभियान में अधिकाधिक जन भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
इस दौरानमुख्यमंत्री कार्यालय एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में जुड़े।
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03/05/26 |विकसित भारत में नारी की सहभागिता महत्वपूर्ण - राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष
एन.एस.बाछल, 03 मई, जयपुर।
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी ने एस.एस. जैन सुबोध पी.जी. महिला महाविद्यालय में आयोजित “पिनाकल -2026” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि युवा अपना लक्ष्य स्वयं तय करें। रुचि के विषय ही लें और कुंठाएं न पाले। उन्होंने कहा कि परिवार से संवाद बनाए रखें और मन के भावों को परिवार के सदस्यों को बताने मैं संकोच न करें।
डॉ. देवनानी ने कहा कि विकसित भारत में नारी की सहभागिता महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवतियों का आह्वान किया कि वे अन्याय के प्रति सावचेत रहे, संस्कारवान बने और अपनी संस्कृति को कभी ना भूले। परिवार समाज और राष्ट्र के लिए जीए। टूटते हुए घरों को रोके। समाज के मूल्यों के प्रति दृढ़ता बनाए रखें। राष्ट्र के लिए रियल नारी बने। उन्होंने कहा कि भारत सर्वोपरि है। हम दुनिया में किसी से कम नहीं है। भारत विश्व गुरु था, है और रहेगा।
डॉ. देवनानी ने कहा कि वार्षिक उत्सव परिश्रम, प्रतिभा और संस्कार के समन्वय का उत्सव है, जो उत्कृष्टता के शिखर की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने महाविद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों और आत्मविश्वास का निर्माण कर समाज को सशक्त दिशा प्रदान कर रहा है। ‘सुबोध’ का वास्तविक अर्थ ‘अच्छा ज्ञान’ है, और यह संस्थान उसी उद्देश्य को साकार कर रहा है।
स्पीकर वासुदेव देवनानी ने नारी शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जब एक नारी शिक्षित होती है, तो पूरा समाज शिक्षित होता है। भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने गार्गी और मैत्रेयी जैसी विदुषी महिलाओं का उदाहरण दिया, जिन्होंने प्राचीन काल में ज्ञान-विमर्श में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. देवनानी ने कहा कि मर्यादा, अनुशासन, प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ कार्य करेंगे तो विकास स्वत: हो जाएगा।
वासुदेव देवनानी ने कहा कि आज की नारी अब घर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देश की संसद और विधानसभाओं में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रही है, निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा बन रही है और नीतियों को दिशा दे रही है। विज्ञान, तकनीक, सेना, खेल और प्रशासन जैसे हर क्षेत्र में नारी अपनी पहचान स्थापित कर रही है। अब समय आ गया है कि नारी केवल सहभागिता तक सीमित न रहे, बल्कि नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति में खड़ी होकर राष्ट्र के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करे। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी के रूप में पूजनीय माना गया है और जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहीं देवत्व का वास होता है।
उन्होंने शिक्षा को केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम न मानते हुए कहा कि यह सोचने की क्षमता, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने का माध्यम है। वर्तमान समय को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी नवाचार का दौर बताते हुए उन्होंने युवाओं से नवाचार, नेतृत्व और नैतिकता के संतुलन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
वासुदेव देवनानी कहा कि भारत विश्व नेतृत्व की ओर अग्रसर है और इस यात्रा में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। नेतृत्व को परिभाषित करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाना और दूसरों को प्रेरित करना है।
स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए महाविद्यालय परिवार को बधाई दी और सभी छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वासुदेव देवनानी ने उत्कृष्ट छात्राओं को सम्मानित किया।इस मौके पर एस एस जैन सुबोध शिक्षा समिति के अध्यक्ष एन आर कोठारी, मानद सचिव एस एस बोथरा, भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी अल्पा चौधरी, भारतीय सेना की अधिकारी मेजर नीति बंसल सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद थे। महाविद्यालय की प्राचार्य स्वाति जैन ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
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03/05/26 |’माटी के लाल’ हैं विकसित राजस्थान के ’शिल्पकार’- मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 03 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। माटी कला के उत्पाद शगुन और प्रगति के प्रतीक हैं। राज्य सरकार माटी कला को प्रोत्साहित करने और इस कला से जुड़े शिल्पकारों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह कृतसंकल्पित है।
मुख्यमंत्री निवास पर कुम्हार, कुमावत, प्रजापत समाज के प्रतिनिधिमंडल ने बजट घोषणाओं और समाज हित में किए जा रहे प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताकर अभिनंदन किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते परिवेश में माटी कला के हितधारकों की समस्याओं का निराकरण करने तथा समाज के कल्याण एवं जीवन स्तर को और अधिक बेहतर बनाने की दिशा में हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
शिल्पकारों एवं कामगारों की सामाजिक सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
उन्होंने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कारपेंटर, मूर्तिकार, कुम्हार, राजमिस्त्री सहित 18 ट्रेड के दस्तकारों को 5 प्रतिशत की दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के तहत वर्ष 2025 तक 2 लाख से अधिक लाभार्थियों को प्रशिक्षण तथा 53 हजार से अधिक लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है। श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडर्स एवं लोक कलाकारों के लिए मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना शुरू की गई है। जिसके तहत 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर इस श्रेणी के लोगों को 3 हजार रुपये मासिक पेंशन देने का प्रावधान किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रावासों, आवासीय विद्यालयों में आवासरत एवं अध्ययनरत समाज के विद्यार्थियों को सुविधाओं के लिए दी जाने वाली मासिक राशि बढ़ाकर 3 हजार 250 रुपये प्रति विद्यार्थी कर दी गई है। इसी तरह एससी, एसटी एवं ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को कक्षा 8 उत्तीर्ण करने पर जन्म प्रमाण पत्र के साथ ही एससी/एसटी एवं ओबीसी प्रमाण पत्र देने की व्यवस्था की है।
‘माटी के लाल’ को मुहैया करवाए जा रहे आवश्यक संसाधन
मुख्यमंत्री ने कहा कि माटी कला से जुड़े कलाकारों के उत्थान के लिए माटी कला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। माटी कला बोर्ड के माध्यम से 1 हजार 350 माटी कला कामगारों को निशुल्क इलेक्ट्रिक चाक व मिट्टी गूंथने की मशीन के सेट उपलब्ध कराए हैं। डूंगरपुर में शिल्पग्राम बनाए जाने के लिए 9 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी की गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाज में शिक्षा की अलख जगाने, युवाओं की प्रतिभा को तलाशने और तराशने के साथ साथ कौशल विकास का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने युवाओं को कुशल बनाने के लिए लगभग साढ़े 3 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया है। मुख्यमंत्री युवा संबल योजना में लगभग दो लाख युवाओं को इंटर्नशिप करवाई जा रही है। हमने 144 राजकीय आईटीआई में स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि कुमावत समाज सृजन और कला से जुड़ा है तथा उन्हें वास्तुकला और शिल्पकला का वरदान है। समाज इस विरासत को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी को भी नई तकनीकों और कौशलों में दक्ष बनाने के लिए भी प्रयास करें। सरकार उनके साथ हर कदम पर खड़ी है।
कार्यक्रम में पशुपालन एवं डेयरी, गोपालन, देेवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कि उनके प्रयास से माटी कला पोषित और पल्लवित हो रही है। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से माटी कला फिर से अपने गौरव को हासिल कर रही है। प्रदेश के माटी कला के कलाकार देश-दुनिया में अपने हुनर का लोहा मनवा रहे हैं।
श्रीयादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद राय टाक ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार के नीतिगत निर्णयों से माटी कला को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा माटी कला समाज के युवाओं को स्वरोजगार के लिए मिट्टी गूंथने की मशीनें एवं इलेक्ट्रॉनिक चाक मुहैया करवाये जा रहे हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ’माटी राजस्थान री’ पुस्तक का विमोचन किया एवं विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने के लिए कुमावत समाज की विभूतियों को ’माटी के लाल’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में माटी कला के हितधारक एवं कुमावत समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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03/05/26 |मानसून पूर्व हो नालों की सफाई, आमजन को नहीं करना पड़े जल भराव का सामना - मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 03 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को शहरी परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतने एवं उन्हें समय पर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जयपुर सहित प्रदेश के अन्य शहरों में सुगम यातायात, स्वच्छता, सौन्दर्यीकरण एवं सुव्यवस्थित शहरी विकास के लिए हर संभव कदम उठाए जाएं।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित बैठक में कहा कि मानसून पूर्व नालों की सफाई सहित सुव्यवस्थित जल निकासी संबंधी कार्यों को मिशन मोड पर पूरा करें, ताकि बारिश के मौसम में आमजन को जल भराव की स्थिति का सामना नहीं करना पड़े।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता को लेकर जन जागरूकता बढ़ाते हुए सफाई कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, सफाई मित्रों की सहभागिता तथा कचरे का नियमित उठाव एवं निस्तारण की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएं। उन्होंने अधिकारियों को जयपुर में यातायात को सुगम बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा चौराहों को सिग्नल फ्री बनाने, गैर जरूरी रोड कट बंद करने, अतिक्रमण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने एवं सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीवरेज और ड्रेनेज की परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए स्वच्छ एवं सुरक्षित शहरी सुविधाएं विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि जयपुर को मॉडल शहर के रूप में विकसित करने के लिए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार विकास परियोजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित हो।
बैठक में मुख्यमंत्री ने जयपुर में प्रगतिरत एवं प्रस्तावित सालिग्रामपुरा आरओबी, सिविल लाइंस फाटक आरओबी, गोपालपुरा एलिवेटेड रोड, सांगानेर एलिवेटेड रोड, अरण्य भवन-जगतपुरा रोड, पुरानी चुंगी अंडरपास, राम मंदिर आरओबी, द्रव्यवती एलिवेटेड कॉरिडोर, महल रोड कॉरिडोर, सेक्टर रोड नेटवर्क सहित अन्य प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा की।
बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय, सार्वजनिक निर्माण विभाग, जेडीए, नगर निगम, पुलिस विभाग एवं जयपुर जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।
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03/05/26 |अरावली की तलहटी में करें ध्यान, 3 करोड़ की लागत से बनेगा आध्यात्मिक केन्द्र : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 03 मई, जयपुर।
अरावली की तलहटी में स्थित विवेकानंद पार्क में एक आधुनिक आध्यात्मिक, योग एवं ध्यान केन्द्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा बजट में घोषित इस परियोजना पर लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इससे यह स्थान शहरवासियों और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बनेगा।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विवेकानंद पार्क का निरीक्षण कर प्रस्तावित स्थल का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने पर जोर दिया।
वासुदेव देवनानी ने कहा कि अरावली पर्वतमाला की प्राकृतिक हरियाली और शांत वातावरण के बीच विकसित होने वाला यह केन्द्र ध्यान, योग और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत उपयुक्त रहेगा। यहां आने वाले लोग प्राकृतिक सुकून के बीच मेडिटेशन कर सकेंगे, जिससे मानसिक शांति और स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होगा।
परियोजना के तहत पार्क में आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसमें एक भव्य हॉल, विशेष मेडिटेशन हॉल, योग हॉल, सेमीनार कक्ष, आकर्षक फव्वारे और व्यापक वृक्षारोपण शामिल हैं। यह केन्द्र योग शिविरों, ध्यान सत्रों, आध्यात्मिक कार्यशालाओं एवं सेमीनारों के आयोजन के लिए आदर्श स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह पहल अजमेर शहर को योग, अध्यात्म और ध्यान गतिविधियों के लिए एक नई पहचान देगी। साथ ही यह स्थान स्थानीय नागरिकों के लिए स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
वासुदेव देवनानी ने यह भी कहा कि इस परियोजना से न केवल शहरवासियों को लाभ मिलेगा, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भी यहां के शांत और सुरम्य वातावरण में आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। यह केन्द्र अजमेर के पर्यटन एवं सांस्कृतिक महत्व को भी नई ऊंचाई प्रदान करेगा।
इस दौरान अजमेर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न योग एवं ध्यान संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
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02/05/26 |मुख्यमंत्री राजस्थान के निर्देश पर जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण की प्रक्रिया में आई तेजी
एन.एस.बाछल, 02 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर जयपुर में सार्वजनिक परिवहन की जीवन रेखा जयपुर मेट्रो फेज-2 का कार्य जल्द शुरू होगा। जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पाेरेशन लिमिटेड ने एलिवेटेड वायाडक्ट और 10 एलिवेटेड स्टेशन के डिजाइन एवं निर्माण कार्य के लिए 918.04 करोड़ से अधिक की लागत के कार्यों के लिए एलओए (स्वीकृति पत्र) जारी किया है।
इस स्वीकृति पत्र के तहत फर्म को जयपुर मेट्रो फेज-2 के पहले पैकेज में प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गोशाला तक के 12 किलोमीटर के कॉरिडोर के लिए एलिवेटेड वायाडक्ट और 10 एलिवेटेड स्टेशन (प्रहलादपुरा, मानपुरा, बीलवा कलां, बीलवा, गोनेर मोड़, सीतापुरा, जेईसीसी, कुंभा मार्ग, हल्दीघाटी गेट और पिंजरापोल गोशाला) के डिजाइन एवं निर्माण पूर्ण करना होगा। इसके साथ ही जयपुर मेट्रो फेज-2 के डिपो की ओर जाने वाली स्पर लाइन का निर्माण कार्य पैकेज में शामिल है। मुख्यमंत्री द्वारा मेट्रो के अधिकारियों को कुल 41 किलोमीटर में से शेष 29 किलोमीटर के लिए भी शीघ्र निविदा आमंत्रित करने के लिए निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 13,037.66 करोड़ रुपये की इस परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर मेट्रो रेल परियोजना की एक उच्च स्तरीय बैठक में इसके त्वरित क्रियान्वयन के लिए निर्देश दिये थे।
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02/05/26 |राजस्थान को "अष्टम पोषण पखवाड़ा" में देश में फिर से मिला प्रथम स्थान
एन.एस.बाछल, 02 मई, जयपुर।
राजस्थान ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सफलता का परचम लहराया है। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित “अष्टम पोषण पखवाड़ा” (09 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026) के दौरान राजस्थान ने सर्वाधिक गतिविधियां आयोजित कर देश में फिर से प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस अभियान के तहत प्रदेश के 41 जिलों के 62 हजार 139 आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुल 45 लाख 37 हजार 229 गतिविधियां संपन्न हुईं, जो राज्य की अभूतपूर्व सक्रियता को दर्शाती हैं।
उप मुख्यमंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी ने अधिकारियों द्वारा यह जानकारी के प्राप्त होने महिला एवं बाल विकास शासन सचिव पूनम तथा आईसीडीएस निदेशक वासुदेव मालावत तथा विभागीय अधिकारियों को बधाई दी।
शासन सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग पूनम ने बताया कि 112.33 प्रतिशत उपलब्धि के साथ उक्त प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पोषण पखवाड़े की मुख्य थीम “जीवन के प्रथम 06 वर्षों में अधिकतम मस्तिष्क विकास” रखी गई थी। उन्होंने बताया कि अभियान का शुभारंभ 9 अप्रैल को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी द्वारा किया गया।
शासन सचिव ने बताया कि निदेशक आईसीडीएस वासुदेव मालावत एवं अतिरिक्त निदेशक अनुपमा टेलर, उपनिदेशक धर्मवीर मीणा, उपनिदेशक डॉ. मंजू यादव, संयुक्त परियोजना समन्वयक ओम प्रकाश सैनी एवं गौरव चौधरी सहित समस्त जिलों के उपनिदेशक,सीडीओ, महिला पर्यवेक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत ने इस संकल्प को जमीन पर साकार किया।
निदेशक आईसीडीएस वासुदेव मालावत ने बताया कि अभियान के अंतिम चरण में सोशल मीडिया, क्विज और पोस्टर प्रतियोगिताओं के माध्यम से जन-जन तक पोषण का संदेश पहुँचाया गया। उन्होंने बताया कि 23 अप्रैल को समापन समारोह में सफल कहानियों और नवाचारों को साझा किया गया। राज्य सरकार का लक्ष्य जनभागीदारी के माध्यम से कुपोषण मुक्त राजस्थान और बच्चों के स्वर्णिम भविष्य की नींव रखना है, जिसमें इस पखवाड़े की सफलता एक मील का पत्थर साबित होगी।
अभियान की दिन-वार उपलब्धियां—
अभियान की शुरुआत से ही राजस्थान डैशबोर्ड पर शीर्ष पर बना रहा—
पहले दिन— 9 अप्रैल को मातृ एवं शिशु पोषण थीम के तहत समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण पखवाड़ा का शुभारंभ हुआ,पोषण रैली निकाली गई और पोषण जागरूकता हेतु नारा लेखन,पोषण एवं अम्मा कार्यक्रम पर चर्चा की गई
पोषण की कहानी दादी नानी की जुबानी का आयोजन किया गया, गर्भवती महिलाओं व बच्चों के लिए विशेष पोषण एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए प्रथम दिन ही 2.17 लाख गतिविधियां जनआंदोलन डेशबोर्ड पर दर्ज करके राजस्थान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया जिसे पोषण पखवाड़ा के अंत तक बरकरार रखा गया।
दूसरे दिन — 10 अप्रैल को पोषण व्यंजन प्रदर्शन और जंक फूड के विरुद्ध जागरूकता , खाना बनाने की प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया गया
तीसरे एवं चौथे दिन— 11 व 12 अप्रैल को समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों पर मस्तिष्क विकास के लिए प्रारंभिक प्रोत्साहन थीम पर विकासात्मक माइलस्टोन पहचान और नवचेतना मार्गदर्शिका अनुसार गतिविधियों का आयोजन किया गया।
पांचवां दिन— 13 अप्रैल को VHSNDs अर्थात village health sanitation and nutrition day का आयोजन किया गया जिसमें स्वास्थ्य जांच टीकाकरण कार्यक्रम आयोजित किए गए एवं ECCE पर जागरूकता सत्र आयोजित किए गए।
छठा दिन— 14 अप्रैल को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर मां बच्चे की अंत: क्रिया प्रदर्शन, भाषा एवं कहानी सत्र ,खेल आधारित शिक्षा पर चर्चा आदि गतिविधियों का आयोजन किया गया।
सातवां दिन— 15 अप्रैल को प्रारम्भिक वर्षों में खेल आधारित शिक्षा थीम पर आंगनबाड़ी केंद्रों में पुरुष अभिभावकों की भागीदारी एवं DIY अर्थात स्वयं के द्वारा खिलौने बनाने पर गतिविधियां आयोजित की गई
आठवां दिन— 16 अप्रैल को समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में खेल — खेल में शिक्षा के तहत खेल एवं नृत्य सत्र ,दौड़ कूद संतुलन तथा शारीरिक विकास व्यायाम/योग पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई ।
इसके अलावा स्क्रीन के ख़तरों पर आंगनबाड़ी केंद्रों में अभिभावकों के साथ चर्चा एवं परामर्श किया गया
नौवां दिन— 17 अप्रैल को स्क्रीन टाइम कम करने में माता पिता और समुदाय की भूमिका थीम पर आंगनबाड़ी केंद्रों में सुरक्षित स्क्रीन सीमा और डिजिटल आदतों पर वीडियो संदेश प्रसार सत्र आयोजित किए गए
दसवां दिन— 18 अप्रैल को समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों पर no screen hour या family play time पर गतिविधियां आयोजित कु गई।तथा मोबाइल/टीवी के दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी दी गई।
इसके अलावा बाहरी खेलों, शारीरिक गतिविधियों,खेलकुद और योग को बढ़ावा देने के लिए गतिविधियों का आयोजन किया गया
ग्यारहवां दिन व बारहवां दिन— 19-20 अप्रैल सशक्त आंगनबाडियों केंद्रों के लिए सामुदायिक समर्थन जुटाना थीम पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के पंखुड़ी पोर्टल के बारे में बताया गया जिसके तहत स्थानीय भामाशाहों को आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने के लिए स्थानीय समुदाय को प्रेरित किया गया
तेरहवां दिन— 21 अप्रैल आंगनबाड़ी केंद्रों में दान अभियान-आंगनबाडियों के लिए खिलौने,शिक्षण सामग्री और स्टेशनरी जुटाने के लिए जनसमर्थन हेतु गतिविधियां आयोजित की गई
सामाजिक जुड़ाव के लिए तिथि भोज जैसे कार्यक्रम का आह्वान किया गया
समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण मेला आयोजित किया गया
चौदहवाँ दिन— 22 अप्रैल सोशल मीडिया अभियान के तहत समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों पर आईईईसी प्रसार/ प्रदर्शन द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों पर दी जाने वाली सेवाओं के बारे में लोगों को जागरूक किया गया
पंद्रहवाँ दिन— 23 अप्रैल को पोषण और प्रारंभिक मस्तिष्क विकास पर प्रश्नोत्तरी,पोस्टर बनाने, नारा लेखन प्रतियोगिताओं के माध्यम से डिजिटल जुड़ाव आदि गतिविधियों का आयोजन किया गया।
प्रमुख गतिविधियां और नवाचार—
पखवाड़े के दौरान पांच विशेष विषयों पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मातृ एवं शिशु पोषण— गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य शिविर और आयरन-फोलिक एसिड वितरण, संतुलित आहार के महत्व ।
मस्तिष्क विकास के लिए प्रारंभिक प्रोत्साहन— 0-3 आयु वर्ग के बच्चों के मानसिक विकास के लिए "पोषण की कहानी दादी-नानी की जुबानी" जैसी कहानियों का सहारा लिया गया।
खेल आधारित शिक्षा— 3-6 आयु वर्ग के बच्चों के लिए खेल के माध्यम रोचक ढंग से शिक्षा देकर उनके संज्ञानात्मक विकास पर बल दिया गया इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर DIY खिलौना कार्यशाला, योग, नृत्य और कहानी सत्र आयोजित किए गए।
स्क्रीन टाइम में कमी— बच्चों को मोबाइल-टीवी से दूर रखने के लिए “नो स्क्रीन आवर” और “फैमिली प्ले टाइम” अभियान चलाए गए।
सामुदायिक सहयोग से सशक्त आंगनबाडी केंद्र का सृजन- इस,के तहत सभी केंद्र पर आयोजित ‘पोषण मेला एवं दान अभियान’ में समाजसेवियों द्वारा आंगनबाड़ियों को शिक्षण सामग्री और खिलौने दान किए जाने हेतु जागरूक किया गया।
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01/05/26 |जनगणना 2027,मुख्यमंत्री राजस्थान ने स्व-गणना में लिया भाग
एन.एस.बाछल, 01 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर जनगणना 2027 के तहत 1 मई से प्रारंभ हुई स्व-गणना में स्वयं भाग लेकर नागरिकों को प्रेरित किया। उन्होंने आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर अपना विवरण भरते हुए आवश्यक जानकारी दर्ज कर फॉर्म सबमिट किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना 2027 डिजिटल और विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि इस महाअभियान से प्रत्येक नागरिक जुड़े एवं राष्ट्र निर्माण के इस कार्यक्रम में पूर्ण सहयोग देकर इसे सफल बनाए।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत प्रगणक 16 मई से घर-घर जाकर मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना संबंधी कार्य शुरू करेंगे। इससे 15 दिन पहले 1 मई से 15 मई तक आमजन को स्व-गणना की विशेष सुविधा दी गई है, जिसमें नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं।
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01/05/26 |राज्य सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध- वन राज्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 01 मई, जयपुर।
वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने अलवर जिले के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, नयाबास में आयोजित सम्मान समारोह में शिरकत कर बोर्ड परीक्षा परिणाम में उत्कृष्ट अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
वन राज्यमंत्री ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए परीक्षा परिणाम में उच्च स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन अनुसार राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को सर्वसुविधाओं के साथ गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल सके, इसके लिए सरकार प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राजकीय विद्यालयों में शिक्षकगण लग्न एवं मेहनत के साथ बच्चों को रिजल्ट ओरिएंटेड शिक्षा प्रदान कर रहे हैं, इसी का परिणाम है कि यहां की प्रतिभाएं उच्च पदों पर पहुंचकर देश सेवा में अपना योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वन मंत्री एवं अलवर सांसद भूपेंद्र यादव ने संसदीय क्षेत्र अलवर के जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए राजकीय विद्यालयों में अब तक लगभग 113 ई- लाइब्रेरियों की स्थापना करवाई है।
इस दौरान प्रबुद्धजन, विद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र- छात्राएं मौजूद रहे।
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01/05/26 |अलवर को मिली प्रदेश की पहली पार्क लाइब्रेरी ‘विद्या कुंज’ की सौगात
एन.एस.बाछल, 01 मई, जयपुर।
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव एवं वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने अलवर शहर के डी-ब्लॉक बुध विहार में प्रदेश की पहली हाईटेक पार्क लाइब्रेरी ‘विद्या कुंज’, सूर्य नगर में अलवर दर्शन पार्क तथा इंदिरा गांधी स्टेडियम में कुश्ती हॉल का शुभारम्भ कर आमजन को समर्पित किया।
केंद्रीय वन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने अलवर को मिली सौगातों पर बधाई देते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार होने से विकास की रफ्तार दुगुनी हुई है। उन्होंने कहा कि आमजन की सहभागिता से किए जा रहे विकास कार्यों से अलवर जिला चहुंमुखी विकास की ओर तेजी से आगे बढ रहा है। उन्होंने कहा कि अलवर शहर को प्रदेश की पहली पार्क लाइब्रेरी के रूप में सौगात देकर वन राज्यमंत्री, जिला प्रशासन, यूआईटी ने सार्थक कार्य किया है। इस पार्क लाइब्रेरी से मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को बल मिलेगा। आमजन के जुड़ाव के लिए पुस्तक दान का कदम सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि अलवर संसदीय क्षेत्र के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के सभी युवाओं व हर वर्ग के व्यक्तियों को परम्परागत एवं आधुनिक डिजिटल शिक्षा मुहैया कराने के उद्देश्य से अलवर संसदीय क्षेत्र में 133 ई-गुरूकुल (ई-लाइब्रेरी) बनवाई गई हैं, जिनको यथाशीघ्र लोकार्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में जिस प्रकार से सार्थक प्रयास हुए है, जिसमें प्रशासन से लेकर पार्षद, सफाई कर्मचारी एवं नागरिकों की सहभागिता से अलवर शहर स्वच्छता के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही अलवर में पर्यटन में सरिस्का में आने वाले पर्यटक जहां वर्ष 2022-23 में वार्षिक 51 हजार की संख्या के मुकाबले वर्ष 2025-26 में 90 हजार से अधिक पर्यटक आए हैं, जिससे सरिस्का की आय में 62 लाख से बढकर 1 करोड़ 28 लाख रूपये हो गई है, जो कि अभूतपूर्व उपलब्धि है।
केंद्रीय वन मंत्री ने कुश्ती हॉल के शुभारम्भ के अवसर पर कुश्ती के 10 बॉयेज व 10 गर्ल्स श्रेष्ठ खिलाडियों को तीन साल तक स्कॉलरशिप देने की घोषणा कर कहा कि यह स्कॉलरशिप कुश्ती के श्रेष्ठ खिलाडियों को आगे बढ़ाने एवं उन्हें अपने खेल पर पूरा ध्यान खेल पर केंद्रित अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से दी जा रही है। उन्होंने जिला कलक्टर को निर्देशित किया कि स्टेडियम के विकास की एक विस्तृत तैयार करें, ताकि भविष्य की आवश्यकताओं के मद्देनजर स्टेडियम का विकास कराया जा सके। उन्होंने सूर्य नगर में अलवर दर्शन पार्क के शुभारम्भ के दौरान स्थानीय निवासियों द्वारा पेयजल टंकी की मांग करने पर उन्होंने पेयजल टंकी बनवाने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल बिग केट अलाइंस का नई दिल्ली में सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है, जिसमें 95 देश की सहभागिता रहेगी। उनका प्रयास है कि इन सभी देशों के प्रतिनिधि सरिस्का में आएं। उन्होंने कहा कि अलवर संसदीय क्षेत्र के हर पहलू के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने केंद्रीय वन मंत्री को अलवर विधानसभा क्षेत्र में 2 साल के दौरान कराए गए विकास कार्यों पर आधारित पुस्तिका भेंट की, जिस पर यादव ने कहा कि इस प्रकार सभी विधायकों को अपने विकास कार्यों की पुस्तिका प्रकाशित कर आमजन को उपलब्ध करानी चाहिए।
वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में एवं अलवर सांसद एवं केंद्रीय वन मंत्री भूपेन्द्र यादव के कुशल मार्गदर्शन में अलवर तेजी से विकास के पथ पर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वन मंत्री की प्रेरणा से ही पार्क लाइब्रेरी जैसे अनेक नवाचार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सांसद बनने पर भूपेन्द्र यादव ने अलवर की चार विषयों पर कार्य प्रारम्भ किया, जिसके तहत अलवर में पेयजल समस्या के निजात, युवाओं को आधुनिक शिक्षा हेतु ई-लाइब्रेरी, खिलाडियों को आगे बढ़ाने के लिए अलवर सांसद खेल उत्सव तथा स्वच्छता के क्षेत्र में अलवर को एक मॉडल के रूप में विकसित करने के कार्य स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन से अलवर शहर में नाले, नालियां, सीवरेज आदि के लिए 50 करोड़ रूपये स्वीकृत कराए गए हैं। कृषि उपज मंडी में बड़ा शेड स्वीकृत कराया गया है तथा शहर में ईआरसीपी एवं चम्बल का पानी आने तक पेयजल व्यवस्था सुचारू रखने के लिए 189 बोरिंग स्वीकृत कराकर चालू कराए, 81 बोरिंगों को गहरा कराया गया तथा उनका इस वर्ष का भी विधायक विकास निधि का पैसा पानी के लिए समर्पित किया गया है।
इस दौरान रामगढ विधायक सुखवंत सिंह, सरस डेयरी के चैयरमेन नितिन सांगवान, संभागीय आयुक्त वी. सरवन कुमार, जिला अध्यक्ष अशोक गुप्ता व महासिंह चौधरी सहित अनेक प्रबुद्ध व्यक्ति, संबंधित अधिकारी एवं बडी संख्या में आमजन मौजूद रहे।
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30/04/26 |भीषण गर्मी और हीटवेव से आमजन रहें सुरक्षित,बच्चे, वृद्धजन, गर्भवती महिला एवं बीमार व्यक्ति बरतें विशेष सावधानियां- मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 30 अप्रैल, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में जारी भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) के दौर के मद्देनजर आमजन से एहतियात बरतने की अपील करते हुए राज्य सरकार की एडवाइजरी की पालना करने की सलाह दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिक लू के दुष्प्रभावों से बचने के लिए आवश्यक सावधानियां सुनिश्चित करें। विशेष रूप से बच्चे, वृद्धजन, गर्भवती महिलाएं एवं बीमार व्यक्ति अतिरिक्त ध्यान रखें। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में बाहर अनावश्यक निकलने से बचें।
उन्होंने कहा कि हीट स्ट्रोक के गंभीर लक्षण जैसे बेहोशी, तेज बुखार की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता प्राप्त करें। आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं अथवा टोल-फ्री नंबर 108 अथवा 112 पर संपर्क करें ताकि समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न कार्यस्थलों पर नियोजित श्रमिकों, किसानों एवं पशुपालकों से लू एवं हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही, उन्होंने आमजन से संवेदनशीलता के साथ पशु और पक्षियों के खाने और पानी की व्यवस्था में सहयोग करने की अपील भी की है।
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30/04/26 |माय भारत डिजिटल प्लेटफॉर्म राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम- मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 30 अप्रैल, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि 1 मई (शुक्रवार) को आयोजित होने वाला फॉरेन लैंग्वेज कम्युनिकेशन स्किल प्रोग्राम युवाओं को रोजगारपरक बनाने की दृष्टि में महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस आयोजन की गतिविधियों में अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री कार्यालय में ‘फॉरेन लैंग्वेज कम्युनिकेशन स्किल प्रोग्राम’ कार्यक्रम की रूपरेखा एवं तैयारियों के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सुनिश्चित करने के साथ ही उन्हें रोजगार प्रदाता बनाने के लक्ष्य पर कटिबद्ध होकर कार्य कर रही है। स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन एवं परंपरागत आजीविका के साधनों को बढ़ावा देना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं।
उन्होंने कहा कि युवा शक्ति की भागीदारी से माय भारत डिजिटल प्लेटफॉर्म राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बन रहा है। इस प्लेटफॉर्म पर राजस्थान से 17 लाख से अधिक पंजीकरण हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को फॉरेन लैंग्वेज कम्युनिकेशन स्किल प्रोग्राम कार्यक्रम में इन युवाओं को जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि उनकी विदेश में नौकरी करने के सपनों को पंख लगे।
मुख्यमंत्री ने गौरवशाली भारतीय संस्कृति तथा राष्ट्रवाद जैसे राष्ट्रनिर्माण के विषयों से युवाओं को गहराई से जोड़ने पर भी बल दिया। साथ ही, उन्होंने कहा कि युवाओं को लोक कल्याणकारी योजनाओं, सरकार की उपलब्धियों के बारे में अवगत कराने के लिए विशेष रूपरेखा बनाई जाए। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने यंग लीडर्स से संवाद कर उनके सुझाव सुने। बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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30/04/26 |अजमेर के विकास का नया अध्याय, मल्टीपर्पज स्टेडियम और कन्वेंशन सेन्टर
एन.एस.बाछल, 30 अप्रैल, जयपुर।
अजमेर में आधारभूत संरचना के विकास को नई दिशा देते हुए मल्टीपर्पज स्टेडियम का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। कन्वेंशन सेन्टर का काम भी जल्द शुरू होगा। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इन दोनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं के निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर कार्यों की समीक्षा की तथा अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान वासुदेव देवनानी ने पृथ्वीराज नगर के समीप निर्माणाधीन मल्टीपर्पज खेल स्टेडियम का अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाला यह स्टेडियम 80 हजार दर्शकों की क्षमता वाला होगा। यह स्टेडियम न केवल खेल गतिविधियों के लिए उपयोगी होगा, बल्कि यहां बड़े धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक आयोजन भी आयोजित किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना अजमेर के खेल प्रतिभाओं को उभरने का एक सशक्त मंच प्रदान करेगी और युवाओं को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने जानकारी दी कि इस स्टेडियम के निर्माण के लिए डीएमएफटी फंड से राशि का प्रावधान किया गया है। पटेल मैदान के बाद यह स्थल शहर के बड़े आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। इस आधुनिक स्टेडियम का निर्माण मेट्रो शहरों की तर्ज पर किया जा रहा है, जिससे अजमेर को खेल और आयोजनों के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।
इसके साथ ही वासुदेव देवनानी ने माकड़वाली क्षेत्र में प्रस्तावित कन्वेंशन सेंटर स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत लगभग 34 करोड़ रुपये की लागत से इस भव्य कन्वेंशन सेंटर का निर्माण किया जाएगा। यह सेंटर हजारों लोगों की क्षमता वाला होगा और बड़े व्यापारिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनेगा।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए लगभग 28 करोड़ रुपये अजमेर विकास प्राधिकरण द्वारा तथा 6 करोड़ रुपये अन्य योजनाओं के अंतर्गत व्यय किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त विद्युत एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास पर भी पर्याप्त राशि खर्च की जाएगी। प्रथम चरण के बाद शीघ्र ही दूसरे चरण का कार्य भी प्रारंभ किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि करीब 3.2 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित हो रहे इस कन्वेंशन सेंटर में एक हजार से अधिक क्षमता का अत्याधुनिक सभागार, ओपन एयर थिएटर, कॉन्फ्रेंस हॉल, कैफेटेरिया तथा सैकड़ों वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा परिसर में फाउंटेन, बेसमेंट तथा आकर्षक ओपन स्पेस विकसित किए जाएंगे, जहां से प्राकृतिक दृश्य और प्रकाश सज्जा का आनंद लिया जा सकेगा।
वासुदेव देवनानी ने कहा कि यह कन्वेंशन सेंटर न केवल बड़े आयोजनों के लिए मंच उपलब्ध कराएगा, बल्कि परिवारों के लिए एक आकर्षक स्थल भी बनेगा, जहां वे सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मनोरंजन गतिविधियों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय व्यतीत कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि जयपुर, उदयपुर और जोधपुर की तर्ज पर अजमेर में भी अब बड़े स्तर के कॉन्सर्ट, प्रदर्शनियां और सम्मेलनों का आयोजन संभव हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि इन दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद अजमेर को एक आधुनिक, सुविधायुक्त और आकर्षक शहर के रूप में नई पहचान मिलेगी। इससे न केवल खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्राप्त होगी।
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