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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाशिवरात्रि के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दी

    आरएस अनेजा, 15 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज महाशिवरात्रि के अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दी। श्री मोदी ने कहा, “आदिदेव महादेव सदैव सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। सबका कल्‍याण हो और हमारा भारतवर्ष समृद्धि के शिखर पर विराजमान हो।”

    प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट किया:

    “देशभर के मेरे परिवारजनों को महाशिवरात्रि की ढेरों शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि आदिदेव महादेव सदैव सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। उनके आशीर्वाद से सबका कल्याण हो और हमारा भारतवर्ष समृद्धि के शिखर पर विराजमान हो।

    हर हर महादेव!”

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    कुरुक्षेत्र में महाशिवरात्रि की धूम: 56 हजार लीटर गंगाजल से संगमेश्वर महादेव का अभिषेक, मध्यरात्रि में होगी भव्य भस्म आरती

    हरियाणा/कुरुक्षेत्र, 15 फ़रवरी (अन्‍नू): धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के पिहोवा स्थित प्राचीन संगमेश्वर महादेव मंदिर (अरुणाय) में महाशिवरात्रि का पर्व बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर महादेव के अभिषेक के लिए हरिद्वार की हर की पौड़ी से विशेष रूप से 56 हजार लीटर गंगाजल लाया गया है। हरियाणा और पंजाब समेत उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से करीब 5 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर के भीतर और बाहर बड़े टैंकर स्थापित किए गए हैं, जहाँ से श्रद्धालु नि:शुल्क गंगाजल लेकर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर रहे हैं।



    इस बार मंदिर प्रबंधन ने तकनीक का भी सहारा लिया है। गंगाजल के टैंकों में आधुनिक गेज सिस्टम लगाया गया है, जिसे एक मोबाइल ऐप के जरिए नियंत्रित किया जा रहा है। यह ऐप न केवल जल के स्तर की निगरानी करता है, बल्कि जल की शुद्धता की जानकारी भी देता है। जैसे ही टैंक में पानी 100 लीटर से कम होता है, सिस्टम ऑटोमैटिक अलर्ट भेज देता है। बुजुर्गों, दिव्यांगों और कांवड़ियों के लिए गेट नंबर-3 से सीधे प्रवेश की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें लंबी कतारों में न लगना पड़े। भीड़ बढ़ने की स्थिति में विशेष 'जलहरी' के माध्यम से बाहर से ही जल चढ़ाने का विकल्प भी रखा गया है।



    महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की विशेष पूजा आयोजित की जा रही है, जिसमें मध्यरात्रि की आरती आकर्षण का केंद्र होगी। उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर यहाँ 21 किलो शुद्ध भस्म से एक घंटे तक विशेष भस्म आरती की जाएगी। इस भस्म को एक महीने की कड़ी मेहनत के बाद गाय के गोबर के उपलों से तैयार कर कपड़े से छानकर शुद्ध किया गया है। आरती के दौरान कुछ समय के लिए अभिषेक रोक दिया जाएगा, जिसे आरती संपन्न होते ही पुनः शुरू कर दिया जाएगा। व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेवादल के 500 स्वयंसेवक मुस्तैद हैं।



    संगमेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास और मान्यताएं भी अद्भुत हैं। महंत विश्वनाथ गिरी के अनुसार, यहाँ का शिवलिंग 'स्वयंभू' है, जिसे प्राचीन काल में महात्मा गणेश गिरी ने खोजा था। मंदिर के चमत्कारों के बारे में कहा जाता है कि यहाँ दूध से कभी मक्खन नहीं निकाला जाता और न ही परिसर में चारपाई का उपयोग होता है। अरुणा, वरुणा और सरस्वती नदियों के संगम पर स्थित होने के कारण इन्हें 'संगमेश्वर' कहा जाता है। श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी की देखरेख में आयोजित इस महाकुंभ जैसे मेले ने पूरी धर्मनगरी को शिवमय कर दिया है।



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    श्रीलंका में ऐतिहासिक प्रदर्शनी के बाद भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेष भारत वापस लाए गए

    आरएस अनेजा, 11 फरवरी नई दिल्ली - भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेष आज श्रीलंका से भारत वापस लाए गए। ये अवशेष कोलंबो के गंगारामया मंदिर में एक सप्ताह तक सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए रखे गए थे।

    मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और अरुणाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री चोवना मीन के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल, वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं और अधिकारियों के साथ, इन पवित्र अवशेषों को वापस ला रहा है, जिन्हें पहली बार अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी के लिए विदेश भेजा गया था। इस अवसर पर श्रीलंका के मंत्रियों और भारत के श्रीलंका में उच्चायुक्त की उपस्थिति में भंडारनायके अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर औपचारिक प्रस्थान समारोह आयोजित किया गया।

    सात दिवसीय प्रदर्शनी के दौरान श्रीलंका भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगारामया मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। इस दौरान दस लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने सार्वजनिक दर्शन में भाग लिया, जिससे यह यह आयोजन एक अहम आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उपलब्धि के रूप में स्थापित हुआ। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री, कैबिनेट मंत्री, संसद सदस्य, पूर्व राष्ट्रपति और अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित कई वरिष्ठ श्रीलंकाई नेताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

    प्रदर्शनी का उद्घाटन राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने किया। श्रीलंका सरकार ने इस ऐतिहासिक आध्यात्मिक आयोजन को संभव बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और भारत की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया। भारत की ओर से उद्घाटन समारोह में गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत और गुजरात के उपमुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी उपस्थित थे। जिसमें भारत और श्रीलंका के बीच साझा बौद्ध विरासत और सभ्यतागत संबंधों को प्रदर्शित किया गया।

    प्रदर्शनी के विस्तार के रूप में, "पवित्र पिपरावा का अनावरण" और "समकालीन भारत के पवित्र अवशेष और सांस्कृतिक जुड़ाव" नामक विशेष प्रदर्शनियों का आयोजन किया गया। इन प्रदर्शनियों में भारत और श्रीलंका के बीच साझा बौद्ध विरासत और सभ्यतागत संबंधों को प्रदर्शित किया गया।

    अप्रैल 2025 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की श्रीलंका यात्रा के दौरान घोषित इस ऐतिहासिक प्रदर्शनी ने भारत और श्रीलंका के प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को और गहरा किया है। इसने वैश्विक बौद्ध विरासत के संरक्षक के रूप में भारत की भूमिका और श्रीलंका के साथ जन-जन और सांस्कृतिक संबंधों को गहरा करने की भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को भी बल दिया है।

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    10/02/26 |

    आध्यात्मिक संगम: पुरी, गंगासागर और अयोध्या धाम की दिव्य यात्रा के लिए आईआरसीटीसी चलाएगी स्पेशल ट्रेन, रिर्जेवेशन शुरू

    आरएस अनेजा, 10 फरवरी नई दिल्ली - आईआरसीटीसी की भारत गौरव ट्रेन से “पुरी, गंगासागर और अयोध्या धाम यात्रा” के लिए सीमित सीटें शेष हैं।

    आईआरसीटीसी के अत्यधिक लोकप्रिय पैकेज "पुरी, गंगासागर और अयोध्या धाम यात्रा” " में केवल कुछ सीटें शेष हैं, जो भारत गौरव विशेष पर्यटक ट्रेन द्वारा आध्यात्मिक रूप से समृद्ध 11-दिवसीय तीर्थ यात्रा है, जो 23 मई 2026 को पठानकोट कैंट स्टेशन से रवाना होगी।

    यात्री इस पैकेज का लाभ उठा सकते हैं। यह अनूठी यात्रा एक परिवर्तनकारी आध्यात्मिक अनुभव का वादा करती है, जो तीर्थयात्रियों को दक्षिण भारत के कुछ सबसे पवित्र स्थलों: पुरी, कोलकाता, जसीडीह, गया वाराणसी और अयोध्या धाम के दर्शन करवायेगी ।

    इस ट्रेन में पठानकोट, अमृतसर, जालंधर सिटी, लुधियाना, चंडीगढ़, अंबाला कैंट, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, हज़रत निज़ामुद्दीन, मथुरा जंक्शन, आगरा कैंट और कानपुर सेंट्रल। सहित कई बोर्डिंग और डिबोर्डिंग पॉइंट शामिल हैं।

    यात्रा की अवधि 10 रातें / 11 दिन होगी तथा प्रस्थान तिथि: 23 मई और वापसी 02 जून होगी। ट्रेन में एसी व नॉन एसी श्रेणी शामिल है।

    किफायती पैकेज दरें (जीएसटी सहित)

    • स्टैंडर्ड क्लास: ₹28,270/- प्रति व्यक्ति

    • कम्फर्ट क्लास: ₹32,440/- प्रति व्यक्ति

    पैकेज में क्या शामिल है:

    • कन्फर्म ट्रेन टिकट

    • भोजन (चाय, नाश्ता, लंच, डिनर)

    • डबल/ट्रिपल शेयरिंग के आधार पर आरामदायक और साफ आवास (स्टैंडर्ड के लिए नॉन-एसी; और कम्फर्ट क्लास के लिए एसी)

    • बसों द्वारा स्थानांतरण और दर्शनीय स्थलों की यात्रा ( स्टैंडर्ड क्लास के लिए नॉन-एसी; और कम्फर्ट क्लास के लिए एसी)

    • ऑनबोर्ड टूर एस्कॉर्ट, हाउसकीपिंग, सुरक्षा और पैरामेडिकल स्टाफ (बुनियादी दवाइयों सहित)

    यह यात्रा आराम और सुरक्षा के साथ कई तीर्थों के दर्शन और आध्यात्मिक पूर्ति प्राप्त करने का एक अद्वितीय मौका प्रदान करती है - वो भी किफायती कीमत पर। सीटें सीमित हैं और मांग अधिक है – आज ही अपनी बुक करवाएं !

    बुकिंग एवं विवरण के लिए:

    www.irctctourism.com पर जाएँ

    या कॉल करें: 0172-4645795, 7888831633, 7888831635, 8595930980, 8595930962, 7888696843 आप IRCTC के चंडीगढ़ कार्यालय (या अधिकृत एजेंटों) के माध्यम से भी बुकिंग कर सकते हैं।

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    हज 2026: मदीना पहुंचे अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव, भारतीय हाजियों की सुविधाओं का लिया जायज़ा

    आरएस अनेजा, 7 जनवरी नई दिल्ली - हज 2026 के लिए भारत सरकार की शुरुआती और सक्रिय तैयारियों के तहत, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय (एमओएमए) सचिव, डॉ. चंद्र शेखर कुमार ने मदीना में भारतीय हज तीर्थयात्री कार्यालय (आईएचपीओ) का दौरा किया और भारतीय हज यात्रियों के लिए किए जा रहे इंतज़ामों की समीक्षा की।

    डॉ. चंद्र शेखर ने मदीना में भारतीय हाजियों के लिए आराम, सुरक्षा और अच्छी सर्विस पक्का करने के लिए उनके रहने की जगह और मेडिकल सुविधाओं सहित मुख्य सुविधाओं का ज़मीनी जायज़ा लिया। यह दौरा सऊदी अरब में हज की तैयारियों की समीक्षा करने और सऊदी हज मंत्रालय के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने के लिए एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा था।

    सचिव ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत सरकार अग्रिम योजना, सऊदी अधिकारियों के साथ करीबी समन्‍वय और ज़मीनी इंतज़ामों की लगातार निगरानी पर खास ध्यान देते हुए, भारत से आने वाले हज यात्रियों को हर संभव तरीके से सुविधा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

    मंत्रालय की डिजिटल पहलों पर ज़ोर देते हुए, डॉ. कुमार ने कहा कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय तीर्थयात्रियों की सुविधा और सर्विस डिलीवरी को बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल कर रहा है। मंत्रालय द्वारा तैयार किया गया हज सुविधा ऐप इस दिशा में एक बड़ा कदम है, जो भारतीय हाजियों को पारदर्शी, कुशल और तीर्थयात्री-केंद्रित डिजिटल सेवाएं प्रदान करता है।

    यह दौरा हज 2026 के दौरान भारत से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए एक सुरक्षित, सुचारू और आध्यात्मिक रूप से संतोषजनक हज अनुभव सुनिश्चित करने के लिए सरकार के लगातार प्रयासों को दर्शाता है।

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    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने टुंडली में गुरुद्वारा बाज साहिब के नए भवन का नींव पत्थर रखा

    अम्बाला, 05 जनवरी- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज प्रात: गांव टुंडली में गुरुद्वारा बाज साहिब के नए भवन का नींव पत्थर रखते हुए गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी टुंडली और श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दी।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि नया भवन पहले से बड़ा होगा जिससे अधिक श्रद्धालु भवन में बैठ पाएंगे।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने भवन निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले अरदास में हिस्सा लिया और नींव पत्थर रखा। ”बोले सो निहाल” जयकारों के बीच श्रद्धापूर्वक गुरुद्वारे के भवन का नींव पत्थर रखा गया। इससे पहले गांव टुंडली में पहुंचने पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान गुरमीत सिंह व अन्य ने उनका स्वागत किया। मंत्री अनिल विज को सिरोपा पहनाकर उन्हें सम्मानित भी किया गया।

    गुरुद्वारा बाज साहिब प्रबंधक कमेटी के प्रधान गुरमीत सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा बाज साहिब का वर्तमान भवन कई दशक पुराना है और छोटा है। अब नया भवन पहले से बड़ा बनाया जा रहा है जिसकी आज शुरूआत की गई है।

    इस अवसर पर गांव टुंडली से बाबा बचित्तर सिंह, बलबीर सिंह, रघुबीर सिंह, लखविंद्र सिंह, अजैब सिंह, कुलबीर सिंह, नायब सिंह, धीर सिंह के अलावा जसबीर सिंह जस्सी, सुदर्शन सिंह सहगल, रणधीर सिंह, रामबाबू याद, डा. ऋषिपाल, गुरप्रीत सिंह, जसमेर सिंह, रोशन सिंह बरनाला, उधम सिंह, गुरविंद्र सिंह, तरविंद्र सिंह बंटी, गुरदीप सिंह जनेतपुर, बलदेव सिंह, शमशेर सिंह, लाल सिंह, पाल सिंह, बलकार सिंह, रतन सिंह टुंडली, चौड सिंह, कुलबीर सिंह आदि मौजूद रहे।