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    CBI की बड़ी कामयाबी: 2002 के गढ़वा किला मूर्ति चोरी और मर्डर केस का आखिरी फरार आरोपी रामनारायण उर्फ हैदर गिरफ्तार

    प्रयागराज, 6 जुलाई (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, सीबीआई ने करीब 24 साल पुराने ऐतिहासिक गढ़वा किला डकैती, मर्डर और प्राचीन मूर्ति चोरी के मामले में सालों से फरार चल रहे आखिरी मुख्य आरोपी रामनारायण उर्फ हैदर को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। सीबीआई की विशेष टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के थाना खागा क्षेत्र के अंतर्गत आते गांव नसीरपुर से दबोचा है। इस शातिर आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही इस हाई-प्रोफाइल केस के सभी फरार नामजद आरोपी अब कानून के शिकंजे में आ चुके हैं।

    गढ़वा किले में वॉचमैन की हत्या कर लूटी थी भगवान बुद्ध की मूर्ति

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, यह मामला साल 2002 का है, जब उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित ऐतिहासिक गढ़वा किले में एक दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया गया था।

    • क्रूरता से मर्डर: 21 और 22 अप्रैल 2002 की दरमियानी रात आरोपी विजय कुमार शुक्ला के नेतृत्व में 11 बदमाशों के एक संगठित गिरोह ने किले पर धावा बोला था। डकैती के दौरान बदमाशों ने वहां तैनात सुरक्षाकर्मी (वॉचमैन) विनोद कुमार श्रीवास्तव के साथ बुरी तरह मारपीट की और उसका मुंह बंद कर (Gagged) बेरहमी से उसकी हत्या कर दी थी।

    • लूटपाट और तोड़फोड़: गिरोह ने दूसरे वॉचमैन को भी बंधक बना लिया और स्टोर रूम का ताला तोड़कर वहां रखी भगवान बुद्ध की बेहद कीमती और प्राचीन पाषाण (पत्थर) की मूर्ति चुरा ली थी। मूर्ति को निकालते समय वह दो टुकड़ों में टूट गई थी।

    2.20 लाख में बेची थी मूर्ति, दिल्ली के रास्ते भेजी गई थी विदेश

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, इस मामले की शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस थाना शंकरगढ़ ने क्राइम नंबर 43/2002 के तहत आईपीसी की धारा 396 और 201 के तहत दर्ज की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए 9 सितंबर 2003 को इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई।

    सीबीआई की तफ्तीश में खुलासा हुआ कि चोरी की गई प्राचीन मूर्ति के टुकड़ों को एक गाड़ी के जरिए ले जाया गया था और मुख्य आरोपी विजय कुमार शुक्ला ने इसे दो अन्य व्यक्तियों को 2.20 लाख रुपये में बेच दिया था। इसके बाद इस ऐतिहासिक मूर्ति को दिल्ली के महिपालपुर स्थित एक गोदाम में शिफ्ट किया गया और वहां से इसे अवैध रूप से विदेश (Smuggled Abroad) भेज दिया गया था।

    CBI की चार्जशीट और फरार आरोपियों की धरपकड़

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, गहन जांच के बाद सीबीआई ने 22 दिसंबर 2005 को इस मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें से चार मुख्य आरोपी विजय कुमार शुक्ला, रवि करण, सूरज भान और रामनारायण उर्फ हैदर लगातार फरार चल रहे थे।

    इन फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए सीबीआई ने विशेष टीमों का गठन किया, जिन्होंने स्थानीय खुफिया तंत्र और सर्विलांस की मदद से लगातार पीछा किया:

    • सूरज भान और रवि करण: सीबीआई ने मुस्तैदी दिखाते हुए भगोड़े आरोपी सूरज भान को 22 मई 2026 और रवि करण को 2 जून 2026 को गिरफ्तार किया था।

    • विजय कुमार शुक्ला: मुख्य साजिशकर्ता विजय कुमार शुक्ला को उत्तर प्रदेश पुलिस ने किसी अन्य मामले में गिरफ्तार कर चित्रकूट जिला जेल में बंद कर रखा था। सीबीआई ने 16 जून 2026 को लखनऊ की सक्षम अदालत में अर्जी दाखिल कर उसे इस केस में पेश करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    अब सभी आरोपी भुगतेंगे किए की सजा

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, अब चौथे और आखिरी फरार आरोपी रामनारायण उर्फ हैदर की फतेहपुर से गिरफ्तारी के बाद इस जघन्य हत्याकांड और अंतरराष्ट्रीय मूर्ति तस्करी के सभी आरोपी ट्रैक किए जा चुके हैं। अब इन सभी के खिलाफ अदालत में कानून के मुताबिक सख्त ट्रायल चलाया जाएगा, ताकि मृतक वॉचमैन के परिवार को पूरा इंसाफ मिल सके।

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    प्रतापगढ़ में खौफनाक वारदात: मजदूरी के पैसे मांगने पर राजमिस्त्री और उसके साथियों ने गृहस्वामी को क्रिकेट बैट से पीट-पीटकर मार डाला

    प्रतापगढ़, 5 जुलाई (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के अंतू थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज और रूह कँपा देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के चमनगंज गांव में महज मजदूरी के भुगतान (पैसों के लेनदेन) को लेकर हुए मामूली विवाद में एक राजमिस्त्री और उसके दो साथियों ने मिलकर एक अधेड़ व्यक्ति की क्रिकेट बैट से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात शनिवार रात की बताई जा रही है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक (SP) भारी पुलिस बल के साथ खुद देर रात मौका-मुआयना करने पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं।

    मकान निर्माण के पैसों को लेकर रात 9:30 बजे बढ़ा विवाद

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रतापगढ़ के चमनगंज गांव के रहने वाले राममिलन गुप्ता (55 वर्ष) अपने मकान का निर्माण कार्य करवा रहे थे। शनिवार की रात करीब 9:30 बजे मकान का काम करने वाले राजमिस्त्री राजा राम और उसके दो अन्य साथी मजदूरी के पैसों का हिसाब करने और भुगतान लेने के लिए राममिलन गुप्ता के पास पहुंचे थे।

    पैसों के लेनदेन और भुगतान की बात को लेकर राममिलन और राजमिस्त्री के बीच अचानक कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बहस इतनी ज्यादा बढ़ गई कि बात हाथापाई और जानलेवा हमले तक पहुंच गई।

    शराब के नशे में धुत थे आरोपी, बैट से किए ताबड़तोड़ वार

    पुलिस सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, वारदात के वक्त राजमिस्त्री राजा राम और उसके दोनों साथी पूरी तरह शराब के नशे में धुत (नशे में लिप्त) थे। विवाद के उग्र होते ही तीनों आरोपियों ने आव देखा न ताव, पास ही पड़ा क्रिकेट बैट उठा लिया और 55 वर्षीय राममिलन गुप्ता पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए।

    आरोपियों ने राममिलन के सिर और शरीर पर बैट से इतने क्रूर प्रहार किए कि वह लहूलुहान होकर वहीं जमीन पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। चीख-पुकार सुनकर जब तक आसपास के लोग और परिजन इकट्ठा हुए, तीनों आरोपी रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित, आरोपियों की तलाश में जुटीं टीमें

    घटना की लाइव सूचना तुरंत आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 (Dial-112) को दी गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की पीसीआर वैन तुरंत मौके पर पहुंची और तड़प रहे राममिलन गुप्ता को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    इस वारदात की गंभीरता को देखते हुए जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) तुरंत भारी पुलिस फोर्स के साथ चमनगंज गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और स्थानीय थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच के अधिकारियों को आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए आवश्यक और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और नामजद आरोपियों को बहुत जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

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    बदायूं में बड़ी पुलिस मुठभेड़: 50 हजार का इनामी डकैत 'ढालू' ढेर, गोलीबारी में दरोगा और सिपाही घायल

    बदायूं, 2 जुलाई (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात पुलिस और अपराधियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में 50,000 रुपये का इनामी शातिर डकैत मारा गया। इस मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की ओर से की गई अंधाधुंध गोलीबारी में उत्तर प्रदेश पुलिस के एक उप-निरीक्षक (दरोगा) और एक कांस्टेबल (सिपाही) भी गोली लगने से घायल हो गए हैं। दोनों घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

    बदायूं-बिजनौर हाईवे पर चेकिंग के दौरान मुठभेड़

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अंकिता शर्मा ने मुठभेड़ की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिला पुलिस अपराधियों की धरपकड़ के लिए लगातार चेकिंग अभियान चला रही है। बुधवार देर रात सिविल लाइंस पुलिस थाने की एक टीम शहर से करीब 5 किलोमीटर दूर बदायूं-बिजनौर राजमार्ग पर संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी।

    रुकने का इशारा करने पर की फायरिंग: इसी दौरान पुलिस टीम ने एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार को रुकने का इशारा किया। पुलिस को सामने देख बाइक सवार ने रुकने के बजाय मोटरसाइकिल की रफ्तार बढ़ा दी और भागने की कोशिश की। जब पुलिस ने उसका पीछा किया, तो बदमाश ने पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए सीधी गोलियां चलानी शुरू कर दीं। पुलिस टीम ने तुरंत अपनी पोजीशन ली और आत्मरक्षा (Self Defense) में जवाबी कार्रवाई करते हुए गोलियां चलाईं, जिसमें बदमाश गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा।

    अस्पताल में डकैत घोषित हुआ मृत; दरोगा और सिपाही के हाथ में लगी गोली

    एसएसपी ने बताया कि गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए आरोपी को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मारे गए डकैत की पहचान 35 वर्षीय जितेंद्र उर्फ ढालू के रूप में हुई है।

    • जांबाज पुलिसकर्मी घायल: इस मुठभेड़ में डकैत का बहादुरी से सामना करते हुए शेखूपुर पुलिस चौकी प्रभारी एवं उप-निरीक्षक (SI) नीरज कुमार और कांस्टेबल अविनाश गोली लगने से घायल हो गए। दोनों पुलिसकर्मियों के बाएं हाथ में गोलियां लगी हैं। घायल जांबाजों का अस्पताल में उपचार किया जा रहा है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है।

    इस्लामनगर डकैती में चल रहा था फरार, बरेली रेंज DIG ने रखा था इनाम

    पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मारा गया डकैत जितेंद्र उर्फ ढालू मूल रूप से हापुड़ जिले के धौलाना का रहने वाला था। वह बीते 19 मई को बदायूं के इस्लामनगर थाने में दर्ज डकैती के एक बड़े मामले में मुख्य रूप से फरार चल रहा था। इस मामले में पुलिस गिरोह के सात शातिर सदस्यों को पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी थी, जबकि जितेंद्र लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर बरेली रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) द्वारा 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी। जितेंद्र के खिलाफ बदायूं, अमरोहा, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) और अन्य जिलों में डकैती, लूट और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर अपराधों के एक दर्जन (12) से अधिक मामले दर्ज थे।

    सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल और लूटे गए आभूषण बरामद

    मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटना स्थल की सघन तलाशी ली। मारे गए डकैत के कब्जे से पुलिस को एक अवैध सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल (Semi-Automatic Pistol), भारी मात्रा में जिंदा व खोखा कारतूस और कुछ सोने-चांदी के आभूषण बरामद हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद आभूषणों का गहनता से सत्यापन किया जा रहा है। अंदेशा है कि ये जेवरात पिछले दिनों पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में डाली गई डकैतियों से संबंधित हैं।

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    सहारनपुर में दर्दनाक हादसा: 'खातिरदारी' रेस्तरां में सामान ढोने वाली लिफ्ट की चपेट में आने से मालिक हर्ष खुराना की मौत

    सहारनपुर, 1 जुलाई (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाले हादसे की खबर सामने आई है। यहाँ कोर्ट रोड पर स्थित मशहूर 'खातिरदारी' रेस्तरां में माल ढुलाई (सामान ढोने) के लिए बनाई गई एक अस्थायी लिफ्ट की चपेट में आने से रेस्तरां के मालिक की दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह दुखद घटना सोमवार देर रात करीब 1:30 बजे की है, जब सामान आने में हो रही देरी का कारण जानने के लिए रेस्तरां मालिक लिफ्ट शाफ्ट के भीतर झांक कर देख रहे थे।

    सामान आने में हुई देरी, तो शाफ्ट में झांकने लगे मालिक

    सदर बाजार थाने के प्रभारी निरीक्षक चंद्रसेन सैनी ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मृतक की पहचान 58 वर्षीय हर्ष खुराना के रूप में हुई है, जो सहारनपुर की तिलक नगर कॉलोनी के निवासी थे और कोर्ट रोड पर 'खातिरदारी' नाम से अपना रेस्तरां चलाते थे।

    पुलिस के मुताबिक, सोमवार देर रात करीब 1:30 बजे हर्ष खुराना ने रेस्तरां की ऊपरी मंजिल पर मौजूद अपने कर्मचारियों से कुछ सामान नीचे भेजने के लिए कहा था। आदेश देने के काफी देर बाद तक जब सामान नीचे नहीं पहुंचा, तो खुराना स्वयं स्थिति का जायजा लेने के लिए लिफ्ट के पास पहुंचे। सामान न आने की वजह जानने के लिए जैसे ही उन्होंने लिफ्ट के शाफ्ट (खाली हिस्से) के अंदर अपना सिर डालकर ऊपर की तरफ झांका, तभी अचानक ऊपर से लिफ्ट तेजी से नीचे आ गई।

    सिर और गर्दन पर लगी घातक चोट, रेस्तरां में मची अफरा-तफरी

    प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि अचानक नीचे आई भारी-भरकम लिफ्ट सीधे हर्ष खुराना के सिर और गर्दन से जोरदार तरीके से टकरा गई। लिफ्ट की सीधी टक्कर लगने के कारण उनके सिर और गर्दन पर बेहद गंभीर और प्राणघातक चोटें आईं, जिससे वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े।

    हादसा होते ही रेस्तरां परिसर में मौजूद कर्मचारियों के बीच चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों ने बिना समय गंवाए गंभीर रूप से घायल हर्ष खुराना को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    यात्री लिफ्ट नहीं, सामान ढोने वाली अस्थायी जुगाड़ू लिफ्ट थी

    सदर बाजार पुलिस ने बताया कि जिस लिफ्ट से यह हादसा हुआ, वह कोई सामान्य यात्री लिफ्ट (Passenger Lift) नहीं थी। रेस्तरां प्रबंधन द्वारा केवल भारी सामान, बर्तन और खाद्य सामग्री को नीचे से ऊपर की मंजिलों तक लाने-ले जाने के लिए एक अस्थायी लिफ्ट (Goods Hoist) तैयार कराई गई थी, जिसमें सुरक्षा मानकों की कमी थी।

    घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर वैधानिक प्रक्रिया पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। थाना प्रभारी चंद्रसेन सैनी ने बताया कि पुलिस इस मामले की हर पहलू से गहनता से जांच कर रही है कि यह हादसा किसी तकनीकी खराबी या केबल टूटने के कारण अचानक हुआ या फिर इसमें रेस्तरां के किसी कर्मचारी या मैकेनिक की लापरवाही शामिल थी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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    रायबरेली जिला अस्पताल की शर्मनाक घटना पर डिप्टी सीएम का बड़ा एक्शन: मरीज को लात मारने वाली सफाईकर्मी पिंकी तत्काल प्रभाव से निलंबित

    रायबरेली, 1 जुलाई (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिला चिकित्सालय से एक बेहद विचलित और शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी द्वारा लाचार मरीज के साथ बर्बरता और अभद्रता की गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने मामले का तुरंत संज्ञान लिया। डिप्टी सीएम के कड़े रुख और तत्काल प्रभाव से कठोर कार्रवाई के निर्देश के बाद आरोपी कर्मचारी को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया है।

    क्या है पूरा मामला और वायरल वीडियो का सच?

    राज्य सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, पिछले दिनों सोशल मीडिया पर रायबरेली जिला अस्पताल का एक वीडियो तेजी से प्रसारित (वायरल) हो रहा था।

    • अमानवीय व्यवहार: इस वीडियो में अस्पताल में तैनात पिंकी नामक एक सफाईकर्मी एक असहाय मरीज के साथ बेहद अमानवीय और क्रूर व्यवहार करती नजर आ रही थी।

    • पैर से मारा और दी गालियां: आरोपी कर्मी ने न केवल मरीज के साथ अभद्र और गंदी भाषा का प्रयोग किया, बल्कि उसे पैर से (लात) भी मारा। स्वास्थ्य विभाग के एक जिम्मेदार संस्थान में मरीज के साथ हुए इस कृत्य को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया, जिसके बाद सीधे शासन स्तर से कार्रवाई की गाज गिरी।

    डिप्टी सीएम के निर्देश पर सीएमएस ने किया सस्पेंड

    बयान के अनुसार, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के कड़े दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए रायबरेली जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉक्टर पुष्पेन्द्र कुमार ने त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने आरोपी सफाईकर्मी पिंकी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) करने के आदेश जारी कर दिए।

    अधिकारियों ने बताया कि निलंबन की इस अवधि के दौरान आरोपी कर्मी पिंकी को जिला चिकित्सालय के आयुष विभाग की ओपीडी (OPD) से संबद्ध (Attach) किया गया है।

    कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत होगी 3 सदस्यीय जांच

    अस्पताल प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध विभागीय जांच सुनिश्चित करने के लिए 3 सदस्यीय विशेष जांच समिति का गठन कर दिया गया है। यह समिति निर्धारित समय के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।

    अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आरोपी कर्मी पिंकी का यह घिनौना कृत्य कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियमों और प्रावधानों के पूरी तरह से प्रतिकूल (खिलाफ) पाया गया है। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के कड़े प्रावधानों के अंतर्गत संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई भी विधिवत रूप से प्रारंभ कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मरीजों के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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    उन्नाव में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर भीषण सड़क हादसा: हरियाणा से बिहार जा रही तेज रफ्तार स्लीपर बस ने अर्टिगा कार को पीछे से मारी टक्कर

    उन्नाव, 1 जुलाई (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश के उन्नाव में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर बुधवार तड़के साढ़े 4 बजे एक रूह कंपकंपा देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। यहाँ एक बेहद तेज रफ्तार स्लीपर बस ने आगे चल रही अर्टिगा कार को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और वह सड़क पर करीब 20 फीट तक घिसटती चली गई, जबकि अनियंत्रित हुई बस एक्सप्रेस-वे से नीचे उतरकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में कार सवार एक ही परिवार के 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें दो मासूम बच्चियां और एक बुजुर्ग महिला भी शामिल हैं। हादसे के वक्त दोनों गाड़ियां एक ही लेन में आगे बढ़ रही थीं।

    यह हादसा जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर बांगरमऊ थाना क्षेत्र में हुआ। चीख-पुकार सुनकर दौड़े राहगीरों की सूचना पर स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और बस की खिड़कियों के शीशे तोड़कर भीतर फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

    100 की स्पीड में थी बस; हरियाणा से बिहार जा रही थी

    बांगरमऊ के क्षेत्राधिकारी (CO) हर्ष मोदी ने हादसे की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 'बाबा ट्रैवलर' की यह डबल डेकर स्लीपर बस (रजिस्ट्रेशन नंबर: BR 06 PF 1024) हरियाणा के झज्जर से बिहार के नालंदा जा रही थी। हादसे के वक्त बस में करीब 70 यात्री सवार थे और बस की रफ्तार करीब 100 किमी प्रति घंटा थी।

    वहीं, अर्टिगा कार (रजिस्ट्रेशन नंबर: UP 58 AK 3461) संतकबीर नगर जिले की थी, जो आगरा से लखनऊ की ओर जा रही थी। कार में कुल 9 लोग सवार थे। हादसे में कार सवार 4 लोग और बस में सवार 4 यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।

    हादसे में इन्होंने गंवाई अपनी जान

    एक्सप्रेस-वे पर काल बनी तेज रफ्तार बस की चपेट में आने से कार सवार निम्नलिखित लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई:

    1. विनोद (45) — (कार चालक व परिवार के मुखिया)

    2. दिव्या (13) — (विनोद की पुत्री)

    3. अंजू (40) — (विनोद की रिश्तेदार)

    4. अमृता (6) — (अंजू की पुत्री)

    5. भुनभुन (60) — (विनोद के बुजुर्ग रिश्तेदार)

    हादसे की भयावहता की सूचना मिलते ही उन्नाव के जिलाधिकारी (DM) घनश्याम मीना और पुलिस अधीक्षक (SP) जय प्रकाश सिंह ने भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल का मुआयना किया और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए।

    घायल मासूम आर्यन बोला— "दोस्त की कार लेकर वृंदावन घूमने निकले थे"

    इस भीषण हादसे में सुरक्षित बचे विनोद के 16 वर्षीय बेटे आर्यन ने अस्पताल में रोते हुए बताया कि वे लोग संत कबीरनगर के बढ़या बाबू गांव के रहने वाले हैं। पूरा परिवार मंगलवार की रात करीब 8 बजे अपने एक दोस्त की अर्टिगा कार लेकर वृंदावन बांके बिहारी के दर्शन और घूमने के लिए निकला था।

    लखनऊ में थोड़ी देर रुकने के बाद वे लोग आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर चढ़े थे। कार को उसके पापा विनोद ही चला रहे थे, तभी सुबह के वक्त पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में आर्यन की मां प्रिया (40), बहन अपराजिता (10) और ममेरी बहन रिदा (5) पुत्री राजेश गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।

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    मेरठ विकास प्राधिकरण की वेबसाइट हैक: होमपेज पर प्रदर्शित किए गए भारत विरोधी और पाक समर्थक संदेश

    जे कुमार मेरठ, 29 जून 2026: उत्तर प्रदेश के मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) की आधिकारिक वेबसाइट पर एक बड़ा साइबर हमला हुआ है। अज्ञात साइबर अपराधियों ने प्राधिकरण की वेबसाइट को हैक कर इसके मुख्य पृष्ठ (होमपेज) को बदल दिया और उस पर आपत्तिजनक भारत विरोधी तथा पाकिस्तान समर्थक नारे व संदेश प्रदर्शित कर दिए। शनिवार को जैसे ही यह मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया, पूरे प्रशासनिक अमले और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

    ब्लैक स्क्रीन पर लिखे मिले आपत्तिजनक संदेश

    आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, शनिवार को जब यूज़र्स ने सामान्य जानकारी के लिए एमडीए की वेबसाइट को लॉग-इन करने का प्रयास किया, तो पोर्टल पर सामान्य डेटा के बजाय एक ब्लैक स्क्रीन दिखाई दे रही थी। इस स्क्रीन पर देश विरोधी और पाकिस्तान के समर्थन में नारे लिखे हुए थे।

    प्रशासनिक कदम: सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक का पता चलते ही एमडीए की तकनीकी और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) टीमों ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने सर्वर को सुरक्षित करने के लिए वेबसाइट को तुरंत इंटरनेट से डिस्कनेक्ट (ऑफलाइन) कर दिया। फिलहाल वेबसाइट को 'अंडर मेंटेनेंस' मोड पर डाल दिया गया है।

    मुकदमा दर्ज, जांच में जुटीं साइबर एजेंसियां

    मेरठ के पुलिस अधीक्षक (सिटी) विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि मामला पुलिस के संज्ञान में है और इसे बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।

    पुलिस का बयान: "मेरठ विकास प्राधिकरण की वेबसाइट हैक होने की जानकारी मिलते ही सुरक्षात्मक कदम उठाए गए हैं। इस संबंध में अज्ञात हैकर्स के खिलाफ संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पुलिस और साइबर सेल की टीमें इस डिजिटल हमले के पीछे जिम्मेदार चेहरों की पहचान करने के लिए गहनता से जांच कर रही हैं।"

    आईटी एक्सपर्ट्स सर्वर के बैकअप डेटा को रिकवर करने और सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में जुटे हैं ताकि पोर्टल को जल्द से जल्द सुरक्षित रूप से दोबारा बहाल किया जा सके।

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    संभल की राइस मिल में दर्दनाक हादसा: टैंक में बनी जहरीली गैस की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौत, साथी को बचाने में गई जान

    जे कुमार संभल (उत्तर प्रदेश), 26 जून 2026: उत्तर प्रदेश के संभल जिले के बहजोई थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक औद्योगिक हादसा सामने आया है। यहाँ इसामपुर रोड पर स्थित 'एसआर राइस मिल' (SR Rice Mill) में बुधवार-गुरुवार की मध्यरात्रि मक्का सुखाने वाली मशीन के गहरे टैंक (हौदी) में जमा विषैली गैस की चपेट में आने से दो श्रमिकों की दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान मुरादाबाद के मुंडापांडे निवासी विजय पाल (42 वर्ष) और ओमपाल (32 वर्ष) के रूप में हुई है।

    साथी को तड़पता देख बचाने कूदा था दूसरा मजदूर

    पुलिस और मिल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, राइस मिल में देर रात मक्के की नमी (मॉइस्चर) हटाने और सफाई का कार्य चल रहा था, तभी यह भीषण हादसा हुआ |

    गैस की चपेट में पहला मजदूर: रात करीब 2:30 बजे मक्के के जमाव को ठीक करने के लिए मजदूर विजय पाल मिल के गहरे टैंक के भीतर नीचे उतरा। टैंक में पहले से बनी सिलिकॉन/विषैली गैस के कारण उसका दम घुटने लगा और वह वहीं बेहोश हो गया।

    बचाने की कोशिश में दूसरी मौत: बाहर खड़े साथी मजदूर ओमपाल ने जब विजय को संकट में देखा, तो वह उसे बचाने के लिए बिना किसी सुरक्षा उपकरण के तुरंत हौदी में उतर गया। मगर, वह भी जहरीली गैस के तीव्र प्रभाव के कारण चंद मिनटों में बेहोश हो गया और दोनों की मौके पर ही सांसें थम गईं।

    सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर पुलिस की जांच शुरू

    सुबह जब अन्य कर्मचारियों ने दोनों को टैंक में बेसुध देखा, तो फैक्ट्री में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बहजोई थाना प्रभारी और एसपी (SP) कृष्ण कुमार बिश्नोई भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।

    कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने दोनों शवों को चेंबर से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवा दिया है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह हादसा सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी और दम घुटने के कारण हुआ प्रतीत होता है। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि क्या मिल प्रबंधन ने मजदूरों को मास्क या सुरक्षा किट जैसी बुनियादी सुविधाएं दी थीं या नहीं। फैक्ट्री मालिक और पीड़ित परिवारों के बीच वार्ता जारी है और लापरवाही पाए जाने पर मिल संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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    शामली में अनोखी शादी: शामली और बरेली की दो युवतियों ने रचाया समलैंगिक विवाह, परिजनों के विरोध के बाद पुलिस से मांगी सुरक्षा

    जे कुमार शामली, 26 जून 2026: उत्तर प्रदेश के शामली जिले से एक लीक से हटकर मामला सामने आया है, जहाँ दो युवतियों ने समाज और परिवार की परवाह न करते हुए आपस में समलैंगिक विवाह (Same-Sex Marriage) कर लिया है। इसमें एक युवती शामली के एक गांव की रहने वाली है, जबकि दूसरी युवती बरेली की निवासी है। दोनों ने एक-दूसरे को अपना जीवनसाथी चुनते हुए शादी रचाई और अब साथ रह रही हैं। हालांकि, इस रिश्ते से नाराज परिजनों के विरोध को देखते हुए दोनों ने सुरक्षा की गुहार लगाई है।

    सोशल मीडिया पर हुई थी दोस्ती, प्यार में बदली

    जानकारी के अनुसार, दोनों युवतियों की उम्र करीब 22 और 24 वर्ष है। उनके इस कदम के पीछे की कहानी सोशल मीडिया से शुरू हुई थी |

    दोस्ती और प्रेम: करीब दो साल पहले दोनों युवतियों की मुलाकात एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे उनकी बातचीत दोस्ती और फिर गहरे प्यार में बदल गई।

    शादी का फैसला: दोनों के बीच का लगाव इस हद तक बढ़ गया कि उन्होंने समाज की रूढ़ियों को दरकिनार कर पूरी जिंदगी एक-साथ बिताने का फैसला कर लिया। इसके बाद बरेली की युवती अपने घर से निकलकर शामली आ गई, जहां दोनों ने अपनी मर्जी से विवाह कर लिया।

    परिजनों ने जताया कड़ा विरोध, मामला पहुंचा थाने

    जैसे ही युवतियों के इस कदम की जानकारी उनके परिजनों को हुई, घर में कोहराम मच गया। दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को स्वीकार करने से साफ मना कर दिया और युवतियों पर अलग होने का दबाव बनाने लगे।

    कानूनी कदम और सुरक्षा: परिजनों के कड़े विरोध और संभावित खतरे को देखते हुए दोनों युवतियां शामली के स्थानीय पुलिस थाने पहुंचीं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपने बालिग होने के दस्तावेज प्रस्तुत किए और सुरक्षा की मांग की। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर शांति से बात करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों युवतियां बालिग हैं और अपनी मर्जी से जीवन जीने के लिए स्वतंत्र हैं, इसलिए उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाएगी।

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    वाराणसी: गंगा में नाव पर चिकन पार्टी का वीडियो वायरल, पुलिस ने 5 हुड़दंगियों को किया गिरफ्तार

    जे कुमार वाराणसी, 24 जून 2026: धर्मनगरी काशी में मोक्षदायिनी गंगा नदी के बीचों-बीच नाव पर चिकन पार्टी करने और हुड़दंग मचाने का एक शर्मनाक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पवित्र गंगा की मर्यादा को ठेस पहुंचाने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इस मामले में वाराणसी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वीडियो में दिख रहे 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

    पवित्र नदी के बीच उड़ाई जा रही थीं नियमों की धज्जियां

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यह वीडियो दशाश्वमेध और अस्सी घाट के बीच का बताया जा रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ युवक चलती नाव पर बैठकर मांसाहारी भोजन (चिकन) पका रहे हैं और खा रहे हैं |

    हुड़दंग: आरोपी युवक न केवल आस्था की प्रतीक गंगा नदी में चिकन पार्टी कर रहे थे, बल्कि तेज आवाज में संगीत बजाकर हुड़दंग भी मचा रहे थे।

    जनाक्रोश: वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय तीर्थ पुरोहितों, नाविकों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके बाद लोगों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की।

    मुकदमा दर्ज, नाव भी हुई जब्त

    मामले को गंभीरता से लेते हुए वाराणसी के कमिश्नरेट पुलिस अधिकारियों ने तुरंत जांच के आदेश दिए। पुलिस ने वीडियो के आधार पर सभी युवकों की पहचान की और उन्हें दबोच लिया।

    एसीपी का बयान: स्थानीय थाना प्रभारी ने बताया कि धार्मिक स्थल की पवित्रता भंग करने, सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता फैलाने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई नाव को भी सीज कर दिया है और नाविक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि गंगा नदी में किसी भी प्रकार की अनैतिक या गैर-धार्मिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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    मुजफ्फरनगर में बड़ी मुठभेड़: छोटा राजन गैंग का शूटर और ₹25 हजारी इनामी 'सत्तू' गिरफ्तार; पुलिस पर की अंधाधुंध फायरिंग

    मुजफ्फरनगर, 23 जून (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश की मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक बेहद सनसनीखेज और बड़े एनकाउंटर में देश के कुख्यात माफिया सरगना छोटा राजन गैंग के शातिर शूटर और 25 हजार रुपये के इनामी मोस्ट वांटेड अपराधी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाना पुलिस और बदमाशों के बीच सोमवार देर रात हुई इस सीधी मुठभेड़ (Encounter) में पैर में गोली लगने के बाद शातिर अपराधी को दबोच लिया गया।

    पकड़े गए आरोपी की पहचान सतपाल उर्फ सत्तू के रूप में हुई है, जो मूल रूप से चंडीगढ़ का रहने वाला है। इस मुठभेड़ के दौरान बदमाश की ओर से की गई फायरिंग में दो जांबाज पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    नाबालिग किशोरी का अपहरण कर हुआ था फरार; जांच में जुटी थीं 10 टीमें

    मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गत 19 जून को मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से एक नाबालिग किशोरी के अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी (SSP) संजय कुमार वर्मा ने तुरंत एक्शन लेते हुए पुलिस की 10 विशेष टीमें गठित की थीं।

    • 1000 सीसीटीवी कैमरों से सर्विलांस: पुलिस टीमों ने आरोपी का सुराग लगाने के लिए जिले और हाईवे के करीब 1,000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला।

    • टोल प्लाजा पर ट्रैकिंग: तकनीकी सर्विलांस और टोल प्लाजा से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस को सोमवार देर रात करीब 11:25 बजे रुड़की रोड स्थित बामनहेड़ी क्षेत्र में आरोपी की लोकेशन मिली, जिसके बाद वहां सघन चेकिंग अभियान शुरू किया गया।

    पुलिस को देख ओरा कार दौड़ाई, फिर शुरू कर दी सीधे फायरिंग

    बामनहेड़ी के पास चेकिंग के दौरान पुलिस टीम को एक संदिग्ध हुंडई ओरा (Aura) कार आती दिखाई दी। पुलिस ने जब उसे रुकने का इशारा किया, तो कार चला रहा सतपाल उर्फ सत्तू गाड़ी की रफ्तार बढ़ाकर भागने लगा। पुलिस टीमों ने जब उसे चारों तरफ से घेरा, तो उसने खुद को फंसता देख कार छोड़ दी और पुलिस टीम पर सीधे जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी।

    बदमाश द्वारा चलाई गईं गोलियां पुलिस की एक सरकारी गाड़ी पर भी लगीं, जबकि इस अंधाधुंध गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने तुरंत आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग (Cross Firing) की, जिसमें एक गोली सीधे सतपाल उर्फ सत्तू के पैर में जा लगी और वह जमीन पर गिर गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया।

    लूट का सामान, अवैध पिस्टल और फर्जी आईडी बरामद

    मुठभेड़ के बाद जब पुलिस ने घायल बदमाश और उसकी ओरा कार की तलाशी ली, तो उसके पास से भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्री बरामद हुई, जिसमें शामिल हैं:

    • एक .32 बोर की अवैध पिस्टल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस।

    • एक फर्जी पहचान पत्र (ओमिटेड आईडी कार्ड)।

    • मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई ओरा कार।

    • अपहृत (किडनैप) की गई नाबालिग किशोरी की लूटी हुई सोने की बालियां।

    छोटा राजन का शूटर, 15 साल जेल में काटी और लुधियाना जेल से था फरार

    पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, उसने उत्तर प्रदेश और पंजाब पुलिस समेत खुफिया एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। आरोपी सतपाल उर्फ सत्तू कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि देश के कुख्यात अंडरवर्ल्ड माफिया छोटा राजन गैंग का सक्रिय शूटर रह चुका है।

    उसके खिलाफ हत्या, डकैती, लूट, अपहरण और दुष्कर्म जैसे करीब दो दर्जन (24 से अधिक) संगीन मुकदमे अलग-अलग राज्यों में दर्ज हैं और वह अपने जीवन के करीब 15 साल जेल की सलाखों के पीछे काट चुका है। वह फरवरी 2026 में पंजाब की लुधियाना जेल से चकमा देकर फरार हो गया था, जिसके बाद से ही वह उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में अपनी पहचान छिपाकर नाबालिग लड़कियों को निशाना बना रहा था और उनके अपहरण व रेप जैसी खौफनाक वारदातों को अंजाम दे रहा था।

    घायल पुलिसकर्मियों का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे एसपी सिटी

    एनकाउंटर में घायल हुए बदमाश सतपाल को प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया है, जहां वह पुलिस कस्टडी में है। वहीं, घायल दोनों पुलिसकर्मियों का स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है।

    वारदात की सूचना मिलते ही एसपी सिटी (SP City) अमृत जैन ने तुरंत अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिसकर्मियों का हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। फिलहाल पुलिस आरोपी के पूरे क्रिमिनल नेटवर्क, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले सहयोगियों और उसे शरण देने वाले लोगों के बारे में गहनता से जानकारी जुटा रही है।

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    बैंक की जिद और सिस्टम की बेरुखी: फर्रुखाबाद में टूटे पैर के साथ 73 साल की बुजुर्ग महिला को ठेले पर लेटकर पहुंचना पड़ा बैंक, झुलसाती धूप में छाता ताने दर्द से कराहती रहीं दादी

    फर्रुखाबाद, 7 जून (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद (फतेहगढ़) से मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली और बैंकिंग सिस्टम की क्रूर बेरुखी की एक बेहद दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। यहाँ एक बेबस बेटा और पोता अपनी 73 वर्षीय बुजुर्ग दादी को, जिनका एक सप्ताह पहले एक्सीडेंट में पैर टूट गया था, भीषण गर्मी और झुलसाती धूप में हाथ-ठेले पर लिटाकर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा में ले जाने को मजबूर हुए। बुजुर्ग महिला टूटे पैर के असहनीय दर्द से कराहते हुए ठेले पर छाता ताने लेटी रहीं और रास्ते भर उनका गला सूखता रहा। इस पूरी घटना का एक वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बैंक प्रबंधन और प्रशासनिक दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    26 साल से ले रही हैं पेंशन, एक्सीडेंट में टूट गया पैर

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, फतेहगढ़ इलाके के मोहल्ला हाथी खान की रहने वाली बुजुर्ग महिला किशन प्यारी (उम्र 73 वर्ष) के पति बिजली विभाग में तैनात थे। करीब 26 वर्ष पूर्व उनके निधन के बाद से किशन प्यारी को नियमित रूप से पेंशन मिलती है, जिससे उनके परिवार का गुजारा होता है। वह अपने बेटे संजीव पाल (जो हाथ-ठेला चलाकर माल ढुलाई का काम करते हैं) और पोते मनु पाल (जो एक यूट्यूब सिंगर हैं) के साथ रहती हैं।

    गत रविवार, 31 मई 2026 को एक सड़क हादसे में किशन प्यारी का पैर बुरी तरह टूट गया, जिसके बाद से वह पूरी तरह बेड रेस्ट पर हैं और हिलने-डुलने की स्थिति में भी नहीं हैं।

    कार में पैर आ नहीं रहा था, एम्बुलेंस मिली नहीं, तो ठेले पर लादकर निकले

    बुजुर्ग महिला के पोते मनु पाल ने बैंककर्मियों की बदतमीजी और जिद का सनसनीखेज आरोप लगाते हुए बताया:

    "दादी का पैर टूटने के बाद हमें इलाज और घर के खर्च के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी। गुरुवार (4 जून) को मैं पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में गया था और अधिकारियों को दादी की गंभीर हालत के बारे में बताया। लेकिन बैंककर्मियों ने मेरी बात सुनने के बजाय बदतमीजी की। बैंक मैनेजर जिद पर अड़ गए कि खाताधारक को खुद बैंक लेकर आओ, जब तक वह खुद आकर बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा नहीं लगाएंगी और बैंक स्टाफ उन्हें अपनी आंखों से नहीं देख लेगा, तब तक पेंशन के पैसे नहीं निकलेंगे।"

    मनु ने आगे बताया कि दादी की हालत ऐसी थी कि कार की सीट पर उनका टूटा हुआ पैर मुड़ नहीं पा रहा था और काफी कोशिशों के बाद भी सरकारी या प्राइवेट एम्बुलेंस बुक नहीं हो सकी। बैंक के कड़े रुख और पैसों की किल्लत के आगे बेबस होकर आखिरकार बेटे संजीव पाल ने अपना माल ढोने वाला ठेला निकाला। दादी को उस पर लिटाया गया, धूप से बचाने के लिए हाथ में छाता थमाया गया और बेटा व पोता रोते-कराहते हुए उन्हें तड़पती धूप में खींचकर बैंक की तरफ निकल पड़े।

    आरबीआई (RBI) की गाइडलाइन की सरेआम अवहेलना

    यह पूरी घटना रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के उन कड़े नियमों और उपभोक्ता अधिकारों का सरेआम माखौल उड़ाती है, जिसमें स्पष्ट निर्देश हैं कि 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग, दिव्यांग अथवा गंभीर रूप से बीमार खाताधारक जो बैंक आने में असमर्थ हैं, उन्हें बैंक 'डोरस्टेप बैंकिंग' (Doorstep Banking) के तहत घर जाकर सेवाएं प्रदान करेगा। ऐसे मामलों में बैंक अधिकारी को खुद घर जाकर सत्यापन (Verification) करना होता है, लेकिन जमीनी हकीकत फर्रुखाबाद की सड़कों पर ठेले पर तड़पती बुजुर्ग महिला के रूप में दिखाई दी।

    मैनेजर की सफाई: 'द दोबारा मिले तो बात करेंगे कि ऐसा क्यों हुआ'

    मामला तूल पकड़ने और वीडियो वायरल होने के बाद पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक (Branch Manager) प्रवेश कुमार वर्मा ने अपनी सफाई पेश की है। मैनेजर ने दावों के उलट कहा: "हमारे स्टाफ द्वारा उन लोगों को केवल यह कहा गया था कि यदि खाताधारक को लाने की थोड़ी भी स्थिति हो तो उन्हें ले आएं, ताकि हम किसी कर्मचारी को बाहर भेजकर गाड़ी में ही भुगतान (Payment) की व्यवस्था कर दें। जब हमें पता चला कि उनका पैर टूटा है, तो हमने उन्हें एक-दो दिन इंतजार करने का आश्वासन दिया था कि हम किसी कर्मचारी को घर भेजकर औपचारिकताएं पूरी करा देंगे।"

    मैनेजर ने यह भी माना कि उनके पास हर महीने ऐसे 3 से 4 मामले आते हैं जिनमें घर जाकर भुगतान कराया जाता है। हालांकि, पीड़ित परिवार द्वारा लगाए गए बदतमीजी के आरोपों पर उन्होंने कहा कि अगर वह लोग दोबारा बैंक आते हैं या मिलते हैं, तो उनसे बातचीत की जाएगी कि आखिर उस दिन ऐसी क्या गलतफहमी हुई जिसके कारण उन्हें बुजुर्ग महिला को ठेले पर लाना पड़ा।

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    मथुरा के पॉश इलाके में हाईवोल्टेज ड्रामा: अखाड़े पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर भाग रहे दबंग की दरोगा से बीच सड़क पर भिड़ंत, छीना-झपटी के बाद काबू

    मथुरा, 7 जून (अन्‍नू): मथुरा के थाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पॉश इलाके कृष्णा नगर में रात उस समय सनसनी फैल गई, जब हाथ में लाइसेंसी रिवॉल्वर लहराते हुए भाग रहे एक सिरफिरे दबंग और यूपी पुलिस के दरोगा के बीच सड़क पर करीब आधे घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला। दरोगा ने जब आरोपी से हथियार छीनने का प्रयास किया, तो वह पुलिसकर्मियों से ही भिड़ गया। उसने दरोगा के साथ धक्का-मुक्की और छीना-झपटी की तथा ऊंची आवाज में देख लेने की धमकियां देने लगा।

    इस दौरान दरोगा बार-बार चिल्लाते रहे— "बंदूक नीचे रखो, गोली चल जाएगी!" लेकिन आरोपी लगातार अकड़ दिखाता रहा। आखिरकार पुलिस टीम ने भारी मशक्कत और सख्ती के बाद आरोपी को जमीन पर पटक कर काबू किया। इस ड्रामे के दौरान पर्यटकों से गुलजार रहने वाले कृष्णा नगर की सड़क पर दोनों तरफ वाहनों का लंबा जाम लग गया और भारी भीड़ जमा हो गई।

    अखाड़े पर 10-11 राउंड फायरिंग से मची थी अफरा-तफरी

    पुलिस के अनुसार, इस पूरे ड्रामे की शुरुआत रात करीब 9 बजे भूतेश्वर अखाड़े पर हुई थी। आरोपी दिनेश वशिष्ठ (उम्र 32 वर्ष, निवासी: गांव सेही, थाना शेरगढ़) शुक्रवार रात एक सफेद रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो कार में सवार होकर भूतेश्वर अखाड़े पहुंचा था। कार से उतरते ही उसने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर निकाली और अखाड़े पर ताबड़तोड़ लगभग 10 से 11 राउंड फायरिंग झोंक दी।

    गोलियों की तड़तड़ाहट से अखाड़े और आसपास के बाजार में हड़कंप मच गया और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। चीख-पुकार सुनकर जब अखाड़े के पहलवान और स्थानीय लोग लाठी-डंडे लेकर दौड़े और पुलिस को सूचना दी, तो आरोपी दिनेश अपनी स्कॉर्पियो कार को मौके पर ही छोड़कर हाथ में पिस्टल लहराता हुआ पैदल ही भाग निकला।

    प्रेम प्रसंग और बदनामी के विवाद में खूनी खेल की थी तैयारी

    कोतवाली पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी दिनेश वशिष्ठ की एक युवती से दोस्ती है और दोनों अक्सर साथ रहते हैं। उस युवती का सगा भाई भूतेश्वर अखाड़े में पहलवानी करता है। गोविंदपुर गोपालपुरा के रहने वाले करन नामक युवक ने युवती के भाई को दिनेश और उसकी बहन की दोस्ती के बारे में बता दिया था और कहा था कि अपनी बहन को समझाए, इससे परिवार की बदनामी हो रही है।

    भाई द्वारा डांटे जाने पर जब लड़की ने पूरी बात दिनेश को बताई, तो वह आगबबूला हो गया। उसने पहले करन को फोन पर गालियां देकर जान से मारने की धमकी दी और फिर शुक्रवार रात करन को सबक सिखाने के लिए अखाड़े पर धावा बोल दिया। गनीमत यह रही कि दिनेश द्वारा चलाई गई अंधाधुंध गोलियों की चपेट में कोई नहीं आया और बड़ा हादसा टल गया।

    बीच सड़क पर दरोगा से भिड़ंत, 1 किमी दूर जाकर दबोचा

    अखाड़े से करीब 1 किलोमीटर दूर कृष्णा नगर क्षेत्र में पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर आरोपी दिनेश को सड़क के बीचों-बीच रोक लिया। खुद को घिरा देख आरोपी हाथ में पिस्टल तानकर खड़ा हो गया, जिससे राहगीरों में दहशत फैल गई।

    मौके पर मौजूद कृष्णा नगर चौकी प्रभारी संजीव कुमार और उप-निरीक्षक (SI) मुस्ताक मोहम्मद मेहंदी ने अपनी जान की परवाह न करते हुए आरोपी को दबोच लिया। आरोपी पुलिसकर्मियों को ही धक्का देकर हथियार छीनने का प्रयास करने लगा। बाद में दोनों दरोगाओं ने आरोपी को घसीटते हुए सड़क के किनारे किया और सख्ती बरतते हुए उसके हाथ से रिवॉल्वर छीन ली। पुलिस ने मौके से 6 खाली कारतूस के खोखे भी बरामद किए हैं।

    सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, सख्त धाराओं में केस दर्ज

    मामले की पुष्टि करते हुए कृष्णा नगर चौकी प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पुराना पारिवारिक व व्यक्तिगत विवाद था, जिसके चलते फायरिंग की यह गंभीर घटना हुई।

    शहर कोतवाल विनोद बाबू मिश्रा ने बताया कि आरोपी दिनेश वशिष्ठ को हिरासत में लेकर गहनता से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल और भागने वाले रूट पर लगे सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को कब्जे में ले लिया है। आरोपी के खिलाफ सरेआम जानलेवा फायरिंग करने, आर्म्स एक्ट का उल्लंघन करने और ऑन-ड्यूटी पुलिस अधिकारियों पर हमला व सरकारी कार्य में बाधा डालने की संगीन व गैर-जमानती धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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    फतेहपुर पुलिस की बड़ी सफलता: ₹21 लाख के 137 गुमशुदा मोबाइल बरामद; एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने स्वामियों को सौंपे फोन

    फतेहपुर, 4 जून (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में पुलिस ने मोबाइल चोरी और गुमशुदगी की वारदातों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष अभियान के तहत 137 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। बरामद किए गए इन सभी मल्टीमीडिया फोनों की अनुमानित कीमत लगभग ₹21 लाख बताई गई है।

    यह पूरी कार्रवाई फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) श्री अभिमन्यु मांगलिक के कुशल निर्देशन में अमली जामा पहनाई गई। गुरुवार को रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सम्मेलन कक्ष में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने स्वयं सभी मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किए। अपना खोया हुआ कीमती फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने फतेहपुर पुलिस की कार्यशैली की जमकर सराहना की।

    सीईआईआर पोर्टल और सीसीटीएनएस टीमों का संयुक्त प्रयास

    पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में गुम या चोरी हुए मोबाइल फोनों की बरामदगी के लिए आमजन से प्राप्त प्रार्थना पत्रों पर सर्विलांस और तकनीकी टीम ने तुरंत काम शुरू किया। इन फोनों को भारत सरकार के सीईआईआर (CEIR) पोर्टल की मदद से ट्रैक किया गया। इस बड़े रिकवरी अभियान की सफलता जनपदीय सीसीटीएनएस (CCTNS) टीम और जिले के सभी थानों की सीसीटीएनएस टीमों के संयुक्त और सराहनीय प्रयासों का परिणाम है।

    थाना बिंदकी ने मारी बाजी, सर्वाधिक 20 मोबाइल किए बरामद

    इस विशेष अभियान के तहत जिले के अलग-अलग थानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए मोबाइल रिकवर किए। बरामदगी के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:

    • थाना बिंदकी: सबसे आगे रहते हुए सर्वाधिक 20 मोबाइल फोन बरामद किए।

    • कोतवाली पुलिस: कुल 15 मोबाइल फोन रिकवर करने में सफलता पाई।

    • थाना मलवां व थाना राधानगर: दोनों थानों की टीमों ने 10-10 मोबाइल फोन ढूंढे।

    • थाना किशनपुर, खागा व थरियांव: इन तीनों थानों की टीमों ने 9-9 मोबाइल फोन बरामद किए।

    इसके अलावा जिले के अन्य थानों की पुलिस टीमों ने भी इस रिकवरी अभियान में बेहद सक्रिय और सराहनीय भूमिका निभाई।

    जनता का बढ़ा भरोसा, पुलिस की तकनीकी दक्षता आई सामने

    पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने इस उल्लेखनीय कार्य के लिए जनपदीय सीसीटीएनएस टीम और सभी थानों की टीमों की पीठ थपथपाई और उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि फतेहपुर पुलिस आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और उनकी संपत्ति की सुरक्षा के लिए दिन-रात लगातार प्रयासरत है। इस सफल अभियान से न केवल पुलिस के प्रति जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है, बल्कि तकनीकी क्षेत्र में पुलिस की कार्यकुशलता और दक्षता भी प्रदर्शित हुई है।

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    बागपत में चाय बनाते समय सिलेंडर में भड़क उठी आग; देखते ही देखते घर में मचा हड़कंप, जान बचाने भागे लोग

    अभिकांत बागपत, 4 जून 2026 : उत्तर प्रदेश के बागपत में एक घर में हुई छोटी सी लापरवाही के कारण बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ एक घर की रसोई में चाय बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि पूरे परिवार की खुशियाँ पल भर में छीन गईं। आग की ऊंची लपटों को देखकर घर में मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए बाहर की तरफ भागे।

    चाय बनाते समय अचानक भड़की आग

    मिली जानकारी के अनुसार, परिवार के सदस्य रोज की तरह सुबह रसोई में चाय तैयार कर रहे थे। इसी दौरान गैस पाइप या रेगुलेटर में हुई मामूली सी लीकेज (लापरवाही) के कारण सिलेंडर में अचानक आग सुलग गई। जब तक परिवार के लोग कुछ समझ पाते और आग पर काबू पाने का प्रयास करते, तब तक लपटों ने पूरी रसोई को अपनी चपेट में ले लिया।

    चीख-पुकार के बीच जान बचाकर भागे परिजन

    आग को तेजी से फैलता देख घर के भीतर चीख-पुकार मच गई। सिलेंडर के फटने के डर और धुएं के गुबार के बीच परिजनों ने सूझबूझ दिखाई और समय रहते घर से बाहर भागकर अपनी जान बचाई। हालांकि, इस हादसे में घर के भीतर रखा कीमती सामान, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और कपड़े जलकर पूरी तरह खाक हो गए। शोर सुनकर आस-पास के ग्रामीण और पड़ोसी भी मौके पर इकट्ठा हो गए और अपने स्तर पर आग बुझाने के प्रयासों में जुट गए।

    सुरक्षा नियमों की अनदेखी पड़ सकती है भारी

    स्थानीय प्रशासन और अग्निशमन विभाग (Fire Department) लगातार नागरिकों से अपील करता है कि रसोई घर में काम करते समय हमेशा सावधानी बरतें। गैस एजेंसियों द्वारा समय-समय पर दिए जाने वाले सुरक्षा निर्देशों, जैसे- रात को रेगुलेटर बंद करना, आईएसआई (ISI) मार्क वाले पाइप का इस्तेमाल करना और लीकेज होने पर तुरंत खिड़की-दरवाजे खोल देना, जैसी छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर ऐसे बड़े हादसों से बचा जा सकता है। फिलहाल इस घटना के बाद पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है।

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