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    CBI का बड़ा खुलासा: बिल्डर-बैंक गठजोड़ का पर्दाफाश, होमबायर्स से धोखाधड़ी मामले में 9वीं चार्जशीट दाखिल

    नई दिल्ली/गाजियाबाद, 21 मई (अन्‍नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने देश के निर्दोष घर खरीदारों (होमबायर्स) से धोखाधड़ी और सरकारी बैंक अधिकारियों की मिलीभगत के एक बहुत बड़े गठजोड़ का भंडाफोड़ किया है। सीबीआई द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, जांच एजेंसी ने गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) में स्थित एक हाउसिंग प्रोजेक्ट में बड़े पैमाने पर हुई धोखाधड़ी और वित्तीय गड़बड़ी के मामले में एक बिल्डर कंपनी, उसके निदेशकों और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अधिकारियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया है।

    फर्जी दावों से ठगे गए निर्दोष निवेशक

    सीबीआई की जांच में सामने आया है कि आरोपी बिल्डर कंपनी मैसर्स मंजू जे होम्स इंडिया लिमिटेड (M/s Manju J Homes India Ltd.) और उसके डायरेक्टर्स ने बैंक अधिकारियों व कुछ अन्य निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर एक गहरी आपराधिक साजिश रची थी। इन लोगों ने घर खरीदारों और निवेशकों को झूठे आश्वासन और फर्जी दस्तावेज दिखाकर अपने जाल में फंसाया। इसके बाद गैर-कानूनी और धोखेबाजी के तरीके अपनाकर निवेशकों की गाढ़ी कमाई हड़प ली और वित्तीय संस्थान को भी भारी नुकसान पहुंचाया।

    एसबीआई के अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखा

    प्रेस रिलीज के अनुसार, जांच में यह भी साफ हुआ है कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के तत्कालीन अधिकारियों ने अपने आधिकारिक पद का जमकर दुरुपयोग किया। बैंक अफसरों ने तय नियमों, प्रक्रियाओं और गाइडलाइंस को ताक पर रखकर बिल्डर कंपनी को अनुचित वित्तीय लाभ पहुंचाया। इस मिलीभगत के कारण जहां एक तरफ बिल्डर को फायदा पहुंचाया गया, वहीं दूसरी तरफ संबंधित बैंक और फ्लैट खरीदने वाले आम नागरिकों को सीधे तौर पर आर्थिक चपत लगाई गई।

    अदालत में गंभीर धाराओं के तहत चार्जशीट पेश

    सीबीआई ने इस मामले में सक्षम अदालत के समक्ष आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात, जालसाजी (फर्जी दस्तावेज तैयार करना) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत चार्जशीट दाखिल की है। जांच के दौरान केंद्रीय एजेंसी को पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य और मौखिक गवाह मिले हैं, जो फंड के डायवर्जन (पैसों की हेराफेरी) और पद के दुरुपयोग की इस बड़ी साजिश को पूरी तरह साबित करते हैं।

    सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 50 मामलों की हो रही जांच

    सीबीआई ने बताया कि वह वर्तमान में माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में देश भर के विभिन्न बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ ऐसे करीब 50 मामलों की गहन जांच कर रही है। इससे पहले भी सीबीआई इसी तरह के मामलों में मैसर्स रुद्रा बिल्डवेल, ड्रीम प्रोकॉन, जेपी इन्फ्राटेक, एवीजे डेवलपर्स, सीएचडी डेवलपर्स, शुभकामना बिल्डटेक, सीक्वल बिल्डकॉन और लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स जैसी बड़ी कंपनियों और उनके निदेशकों सहित बैंक अफसरों के खिलाफ 8 चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। यह इस कड़ी में 9वीं चार्जशीट है। सीबीआई ने दोहराया है कि वह आर्थिक अपराधों और आम जनता के साथ होने वाले फ्रॉड को रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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    अलीगढ़ में बर्बरता की हदें पार: शराब के लिए रुपये न देने पर मौसेरे भाई ने ही किशोर के सिर में सिलबट्टे से ठोंकी कीलें, आरोपी गिरफ्तार

    जे कुमार अलीगढ़, 18 मई 2026: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के मडराक थाना क्षेत्र के शाहपुर कुतुब गांव में क्रूरता और दबंगई की एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ शराब पीने के लिए ₹200 न देने और शराब लाने से इनकार करने पर एक सिरफिरे किशोर ने अपने ही 15 वर्षीय मौसेरे भाई के सिर में लोहे की कीलें ठोंक दीं। इस दर्दनाक हमले में गंभीर रूप से घायल किशोर को नाजुक हालत में जवाहरलाल नेहरू (JN) मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों ने आपातकालीन ऑपरेशन कर उसके सिर से कीलें बाहर निकाली हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी किशोर को गिरफ्तार कर लिया है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, शाहपुर कुतुब निवासी पीड़ित मनीष (15) शनिवार को अपने घर के बाहर खड़ा था। इसी दौरान उसका मौसेरा भाई, जो कि उम्र में थोड़ा बड़ा (करीब 16-17 वर्ष) है, वहाँ पहुँचा और मनीष से शराब पीने के लिए ₹200 की मांग करने लगा। जब मनीष ने पैसे देने और उसके लिए शराब लाने से साफ मना कर दिया, तो आरोपी गुस्से से आगबबूला हो गया। उसने मनीष को जबरन दबोच लिया और घर में रखे भारी सिलबट्टे (मसाला पीसने वाला पत्थर) से उसके सिर पर लोहे की कीलें ठोंकना शुरू कर दिया। मनीष दर्द से चीखता-चिल्लाता रहा, लेकिन आरोपी का दिल नहीं पसीजा और उसने सिर में कीलें अंदर तक धंसा दीं।

    खून से लथपथ मनीष को परिजनों ने तुरंत जिला अस्पताल पहुँचाया, लेकिन कीलें सिर की हड्डी में काफी गहराई तक धंसी होने के कारण डॉक्टरों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे तुरंत एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम अस्पताल और मौके पर पहुँची। पुलिस ने पीड़ित मनीष की नानी धर्मवती देवी की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ जानलेवा हमले और विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वारदात के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी किशोर को हिरासत में ले लिया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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    लखनऊ में भारी बवाल: जिला कोर्ट परिसर में बुलडोजर एक्शन, वकीलों और पुलिस में तीखी झड़प के बाद लाठीचार्ज

    लखनऊ, 17 मई (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार सुबह प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसके बाद कोर्ट परिसर के आसपास हड़कंप मच गया। हाईकोर्ट के कड़े आदेश के बाद नगर निगम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने जिला कोर्ट परिसर के आसपास अवैध रूप से निर्मित चैंबरों और दुकानों को ढहाने का काम शुरू किया। नगर निगम ने इस क्षेत्र में बिना मानकों के बने ऐसे 240 अवैध कब्जों को चिन्हित किया था, जो कानून व्यवस्था और यातायात में बाधा बन रहे थे। इसी अतिक्रमण को हटाने के लिए सुबह-सुबह प्रशासनिक अमला बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंच गया।

    बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप, वकीलों का उग्र प्रदर्शन

    बुलडोजर की कार्रवाई की भनक लगते ही बड़ी संख्या में वकील जिला कोर्ट परिसर में जुटने शुरू हो गए और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वकीलों का गंभीर आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना या लिखित नोटिस दिए ही उनके चैंबरों को तोड़ने की तानाशाही कार्रवाई शुरू कर दी। वकीलों के कड़े तेवर और लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए मौके पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई।

    पुलिस से भिड़े वकील, स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज

    अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के दौरान जब वकीलों ने बुलडोजर को रोकने का प्रयास किया, तो उनकी वहां तैनात पुलिसकर्मियों से तीखी नोकझोंक और झड़प हो गई। माहौल को बिगड़ता देख और स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को अंततः हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) करना पड़ा। लाठीचार्ज के बाद कोर्ट परिसर के बाहर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कानून व्यवस्था को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।

    सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, कई थानों की पुलिस बल तैनात

    जिला कोर्ट परिसर में वकीलों के आक्रोश को देखते हुए एहतियातन तौर पर कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी (PAC) के जवानों को तैनात कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद मौके पर डटे हुए हैं और हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। भारी विरोध और तनातनी के बीच भी नगर निगम का बुलडोजर लगातार अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के काम में जुटा हुआ है। प्रशासन का कहना है कि आम जनता, वादकारियों और खुद वकीलों की सुविधा के लिए इस पूरे क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करवाना बेहद जरूरी हो गया था।

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    अयोध्या में राम मंदिर के करीब रणबीर कपूर ने खरीदी जमीन, 3.33 करोड़ रुपये में हुई बड़ी डील

    जे कुमार मुंबई, 15 मई 2026: बॉलीवुड सुपरस्टार रणबीर कपूर इन दिनों अपनी नई फिल्म के साथ-साथ रियल एस्टेट में किए गए एक बड़े निवेश को लेकर सुर्खियों में हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, रणबीर कपूर ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के पास एक प्रीमियम लोकेशन पर 3.33 करोड़ रुपये की जमीन खरीदी है। अयोध्या में बढ़ते धार्मिक पर्यटन और विकास को देखते हुए अभिनेता का यह कदम निवेश के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    सूत्रों के मुताबिक, रणबीर कपूर ने यह डील हाल ही में फाइनल की है। अयोध्या में पिछले कुछ समय से बड़े सेलिब्रिटी और उद्योगपतियों की रुचि बढ़ी है, और रणबीर भी अब उस सूची में शामिल हो गए हैं। इस जमीन का उपयोग किसी निजी विला या भविष्य के प्रोजेक्ट के लिए किया जा सकता है, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रणबीर कपूर को इससे पहले भी राम मंदिर के उद्घाटन समारोह के दौरान अयोध्या में देखा गया था, जहाँ उन्होंने इस पवित्र नगरी की ऊर्जा और विकास की सराहना की थी।

    मुंबई के गलियारों में चर्चा है कि रणबीर अपनी पत्नी आलिया भट्ट और बेटी राहा के लिए एक शांतिपूर्ण निवास स्थान तैयार करने की योजना बना रहे हैं। अयोध्या में जमीन की कीमतें राम मंदिर के निर्माण के बाद से आसमान छू रही हैं, ऐसे में रणबीर कपूर द्वारा प्राइम लोकेशन पर किया गया यह निवेश रणनीतिक रूप से काफी मजबूत है। उनसे पहले अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गज कलाकार भी अयोध्या में निवेश कर चुके हैं। इस खबर ने अयोध्या के रियल एस्टेट मार्केट में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है।

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    गोरखपुर में अटूट प्रेम की मिसाल: शादी के दिन हुआ दुल्हन का एक्सीडेंट, बारात लेकर अस्पताल पहुँचा दूल्हा

    जे कुमार गोरखपुर, 15 मई 2026: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से प्रेम और समर्पण की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। यहाँ शादी वाले दिन ही एक दर्दनाक हादसे में दुल्हन के घायल होने के बाद भी दूल्हे ने पीछे हटने के बजाय अस्पताल पहुँचकर जीवन भर साथ निभाने का संकल्प लिया। यह अनोखा विवाह अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

    घटना के अनुसार, जिस दिन घर में शहनाइयां बजनी थीं और बारात का स्वागत होना था, उसी सुबह दुल्हन एक सड़क हादसे का शिकार हो गई। गंभीर चोटें आने के कारण उसे तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे की खबर मिलते ही शादी की खुशियां गम में बदल गईं और दोनों परिवारों में हड़कंप मच गया। डॉक्टरों ने स्पष्ट कर दिया कि दुल्हन को पूरी तरह स्वस्थ होने में समय लगेगा और वह फिलहाल बेड से उठने की स्थिति में नहीं है।

    जब यह खबर दूल्हे तक पहुँची, तो उसने बिना देर किए एक बड़ा फैसला लिया। दूल्हे ने कहा कि वह शादी केवल खुशियों में ही नहीं, बल्कि हर परिस्थिति में साथ देने के लिए कर रहा है। इसके बाद दूल्हा शेरवानी पहनकर और बारात लेकर सीधे अस्पताल पहुँच गया। अस्पताल प्रशासन के सहयोग से वार्ड के भीतर ही रस्मों को निभाया गया। व्हीलचेयर और ड्रिप लगे होने के बावजूद, दूल्हे ने दुल्हन की मांग भरी और उसे अपना जीवनसाथी स्वीकार किया।

    इस भावुक पल को देखकर वहां मौजूद डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और मरीज भी अपनी आंखों से आंसू नहीं रोक पाए। परिजनों ने बताया कि दूल्हे के इस साहसी फैसले ने न केवल रिश्तों की गहराई को साबित किया है, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया है कि विवाह केवल बाहरी सुंदरता या सुख का नहीं, बल्कि मुश्किल समय में एक-दूसरे की ढाल बनने का नाम है। फिलहाल दुल्हन का उपचार जारी है और दूल्हा अस्पताल में ही उसकी देखभाल में जुटा हुआ है।

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    NDRF को मिला ‘प्रेसिडेंट्स कलर’: अमित शाह बोले— आपदा में NDRF की झलक ही देशवासियों में भर देती है सुरक्षा का भरोसा

    आरएस अनेजा, 14 मई नई दिल्ली - केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ प्रदान किए जाने के समारोह को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक और NDRF के महानिदेशक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

    समारोह को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि NDRF को ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ प्रदान किया जाना सिर्फ NDRF की सराहनीय सेवाओं को स्वीकार किया जाना ही नहीं, बल्कि यह SDRF, पंचायत से लेकर राज्य तक पूरी मशीनरी, NCC, NSS और हजारों की संख्या में सेवा में लगे आपदा मित्रों की सेवाओं का राष्ट्रपति महोदया द्वारा अनुमोदन किया जाना है। उन्होंने कहा कि NDRF के जवान देश में कहीं भी ‘आपदा सेवा सदैव सर्वत्र’ के घोष के साथ जाते हैं। NDRF के जवान देश-दुनिया में जहाँ कहीं भी गए, वहाँ प्यार और भरोसा अर्जित किया है। देश में कहीं भी आपदा आई हो या आने वाली हो, जब NDRF के जवान वहाँ पहुँचते हैं, तो जनता राहत की साँस लेती है कि अब उनका बचाव हो जाएगा।

    शाह ने कहा कि NDRF ने अपनी स्थापना के 20 साल में देश में कहीं भी बाढ़, भूकंप, चक्रवात या किसी अन्य प्रकार की आपदा आई हो, अपने सफल कार्यों के आधार पर पूरे देश की 140 करोड़ जनता का विश्वास अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा हो या कोई भीषण हादसा, NDRF की एक झलक ही देशवासियों के मन में सुरक्षा और भरोसे का भाव भर देती है। इस बल ने अब तक 1.5 लाख से अधिक लोगों की जान बचाई है और 9 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया है।

    केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि NDRF को प्रेसिडेंट्स कलर मिलना, NDRF के समस्त बल के सेवा, साहस, शौर्य और समर्पण के संचित गुणों का सम्मान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और NDRF ने अपने कार्यकाल में आपदा बचाव के क्षेत्र में भारत को वैश्विक नक्शे पर स्थापित करने का काम किया है। यह हम सभी के लिए गौरव की बात है, लेकिन देश के गृह मंत्री के नाते मेरे लिए यह विशेष गौरव का विषय है।

    अमित शाह ने कहा कि आज 116 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत वाली छह परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन परियोजनाओं के माध्यम से NDRF देश की जनता को किसी भी प्रकार की आपदा से सुरक्षित रखने के लिए और भी मजबूती से काम कर पाएगी।

    गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में 2014 से अब तक हमने न केवल आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए काम किया है, बल्कि अब हम ऐसी स्थिति में आ गए हैं कि अब हम जीरो कैजुअल्टी की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। जिस आपदा का पूर्वानुमान और मौसम विज्ञान विभाग से पूर्व जानकारी मिल जाती है, वहाँ जन, धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारा लक्ष्य होता है। उन्होंने कहा कि NDMA ने आपदा प्रबंधन से जुड़े नीति विषयक मामलों में ढेर सारे निर्णय लिए, बहुत सारे दिशानिर्देश जारी किए, और जन जागरूकता पैदा करने की दिशा में सफल प्रयास किए, जिसकी वजह से धीरे-धीरे आपदा बचाव देश का संस्कार बनता जा रहा है।

    अमित शाह ने कहा कि NDRF ने न केवल नागरिकों, बल्कि उनके साथ रहने वाले मूक पशुओं को भी बचाकर उत्कृष्ट सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि आपदा में जनहानि शून्य हो और संपत्तियों का नुकसान न्यूनतम हो।

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत सरकार का गृह मंत्रालय हीट वेव जैसी गंभीर चुनौतियों का भी बहुत ही प्रभावी तरीके से सामना करने की तैयारी कर चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार हीट वेव से होने वाली मृत्यु दर को शून्य तक लाने की दिशा में कार्य कर रही है।

    अमित शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय और NDRF ने क्षमता निर्माण और सामुदायिक भागीदारी पर बहुत बल दिया है। NDRF ने अपने 8,500 से अधिक जवानों, 10,000 से ज्यादा सिविल डिफेंस कर्मियों और 2 लाख 20 हजार से अधिक वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित करने का भागीरथ कार्य किया है। उन्होंने कहा कि दो वर्षों में 10,500 से अधिक नाविकों को भी प्रशिक्षित किया गया है।

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    नोएडा: पिज्जा पर थूकने का वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप, आरोपी कर्मचारी गिरफ्तार

    जे कुमार नोएडा, 12 मई 2026: उत्तर प्रदेश के नोएडा से एक बेहद घृणित और शर्मनाक मामला सामने आया है। सेक्टर-15 स्थित एक मशहूर फूड आउटलेट में पिज्जा बेस पर थूकने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने एक बार फिर बाहर मिलने वाले खाने की स्वच्छता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    वीडियो वायरल होने पर भड़का गुस्सा

    सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ सेकंड के वीडियो में देखा जा सकता है कि आउटलेट के अंदर काम कर रहा एक कर्मचारी पिज्जा तैयार करने से पहले उस पर थूक रहा है। वीडियो सामने आने के बाद नेटिजन्स का गुस्सा फूट पड़ा और लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की। खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) की टीम ने भी तत्काल मौके पर पहुंचकर दुकान के सैंपल लिए और जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस की कार्रवाई और आउटलेट सील

    नोएडा पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए आरोपी कर्मचारी के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है कि उसने ऐसा क्यों किया। वहीं, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने आउटलेट को फिलहाल के लिए सील कर दिया है।

    उपभोक्ताओं में चिंता

    इस तरह की घटनाओं ने आम जनता के मन में डर पैदा कर दिया है। नोएडा के निवासियों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे फूड आउटलेट्स की नियमित जांच करनी चाहिए और किचन में सीसीटीवी कैमरों की अनिवार्यता सुनिश्चित करनी चाहिए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समाज में वैमनस्य फैलाने और लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डालने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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    यू.पी. में 'साइको किलर' का खौफ: वाराणसी और चंदौली में दहशत, पुलिस ने जारी किया अलर्ट

    जे कुमार वाराणसी/चंदौली, 12 मई 2026: उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में इन दिनों एक कथित 'साइको किलर' ने पुलिस और जनता की नींद उड़ा रखी है। वाराणसी और पड़ोसी जिले चंदौली के सीमावर्ती इलाकों में पिछले कुछ दिनों में हुई तीन संदिग्ध हत्याओं ने इलाके में भारी दहशत पैदा कर दी है। हत्याओं के तरीके में समानता (सिग्नेचर स्टाइल) को देखते हुए पुलिस इसे किसी विक्षिप्त या पेशेवर अपराधी की करतूत मान रही है।

    हत्या का खौफनाक पैटर्न

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, हमलावर मुख्य रूप से सुनसान रास्तों या खेतों में अकेले जा रहे व्यक्तियों को निशाना बना रहा है। सभी वारदातों में पीड़ित के सिर पर भारी वस्तु या धारदार हथियार से हमला किया गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या के बाद हमलावर मौके से कोई कीमती सामान नहीं लूटता, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वारदात का उद्देश्य लूटपाट नहीं बल्कि केवल हत्या करना है।

    पुलिस की चौकसी और सोशल मीडिया पर अफवाहें

    वाराणसी और चंदौली पुलिस ने संयुक्त रूप से इस गुत्थी को सुलझाने के लिए 10 विशेष टीमें गठित की हैं। डीआईजी रेंज ने प्रभावित गांवों में रात की गश्त बढ़ाने और ग्रामीणों को समूहों में निकलने की सलाह दी है। इसी बीच, सोशल मीडिया पर साइको किलर की कथित तस्वीरों और ऑडियो संदेशों ने डर को और बढ़ा दिया है, हालांकि पुलिस ने इन्हें अफवाह बताते हुए लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध की सूचना तुरंत '112' पर देने की अपील की है।

    फिलहाल, संदिग्ध का स्केच तैयार किया जा रहा है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। स्थानीय लोग खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं और शाम ढलते ही गांवों में सन्नाटा पसर जाता है।

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    एटा: फेरों से पहले बिगड़ी दूल्हे की तबीयत, वधू पक्ष ने शादी से किया इनकार; बैरंग लौटी बारात

    जे कुमार एटा: फेरों से पहले बिगड़ी दूल्हे की तबीयत, वधू पक्ष ने शादी से किया इनकार; बैरंग लौटी बारात

    एटा, 12 मई 2026: उत्तर प्रदेश के एटा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ शादी की खुशियां उस वक्त मातम और हंगामे में बदल गईं जब दूल्हे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। दूल्हे की हालत देख वधू पक्ष ने किसी अनहोनी की आशंका के चलते शादी करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद बारात को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा।

    जयमाला के बाद बिगड़े हालात

    जानकारी के अनुसार, बारात बड़ी धूमधाम से एटा के एक गांव में पहुंची थी। द्वारचार और जयमाला की रस्में हंसी-खुशी संपन्न हुईं। लेकिन जैसे ही विवाह की मुख्य रस्म यानी फेरों का समय आया, दूल्हे को अचानक घबराहट और दौरे जैसी स्थिति महसूस होने लगी। दूल्हा मंडप में ही बेसुध होकर गिर पड़ा। आनन-फानन में उसे निजी अस्पताल ले जाया गया।

    लड़की पक्ष ने जताई नाराजगी

    दूल्हे की अचानक बिगड़ी तबीयत देख कन्या पक्ष के लोग भड़क गए। उनका आरोप था कि दूल्हे को कोई पुरानी बीमारी है, जिसे लड़के वालों ने उनसे छिपाया। परिजनों और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक पंचायत चली। दूल्हे पक्ष ने काफी मिन्नतें कीं और इसे सामान्य तबीयत खराब होना बताया, लेकिन वधू पक्ष अपनी जिद पर अड़ा रहा और बेटी की शादी करने से साफ मना कर दिया।

    पुलिस की मौजूदगी में हुआ समझौता

    हंगामा बढ़ता देख मौके पर पुलिस बुलाई गई। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच घंटों बातचीत हुई। अंत में तय हुआ कि दोनों पक्ष एक-दूसरे का लिया गया लेन-देन और उपहार वापस करेंगे। देर रात बिना शादी के ही दूल्हा और बाराती बैरंग वापस लौट गए। गांव में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।

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    होमबायर्स धोखाधड़ी मामला: CBI ने नोएडा की बिल्डर कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ दाखिल की सातवीं चार्जशीट

    नई दिल्ली/नोएडा, 11 मई (अन्‍नू): CBI द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, नोएडा स्थित एक हाउसिंग प्रोजेक्ट में घर खरीदारों के साथ बड़े पैमाने पर हुई धोखाधड़ी की जांच में एक महत्वपूर्ण विकास हुआ है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने M/s सीक्वल बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड (M/s Sequel Buildcon Private Limited) और उसके निदेशकों के खिलाफ संबंधित न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इन पर आरोप है कि इन्होंने एक आपराधिक साजिश के तहत निर्दोष घर खरीदारों और निवेशकों को झूठे आश्वासन और भ्रामक वादों के जरिए ठगा है।



    धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का खुलासा

    CBI की जांच में यह सामने आया है कि आरोपी बिल्डर कंपनी और उसके निदेशकों ने निवेशकों को गुमराह कर अवैध रूप से वित्तीय लाभ प्राप्त किया, जिससे पीड़ितों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, चार्जशीट भारतीय दंड संहिता (IPC) की उन धाराओं के तहत दाखिल की गई है जो आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और विश्वासघात से संबंधित हैं।



    सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 50 मामलों की जांच जारी

    CBI ने स्पष्ट किया है कि वह वर्तमान में माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर देश भर में विभिन्न बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ दर्ज 50 मामलों की जांच कर रही है। ये मामले मुख्य रूप से घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी और धन के दुरुपयोग (Diversion of Funds) से जुड़े हैं।



    पहले भी कई बड़ी कंपनियों पर हो चुकी है कार्रवाई

    प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, CBI इससे पहले इसी तरह के मामलों में 06 चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इन कंपनियों में प्रमुख नाम शामिल हैं:

    • M/s रुद्र बिल्डवेल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड

    • M/s ड्रीम प्रोकॉन प्राइवेट लिमिटेड

    • M/s जेपी इन्फ्राटेक लिमिटेड

    • M/s AVJ डेवलपर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड

    • M/s CHD डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड

    • M/s शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड


    CBI ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है कि वह आर्थिक अपराधों, भ्रष्टाचार और सार्वजनिक धोखाधड़ी के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी, विशेषकर उन मामलों में जो आम नागरिकों और घर खरीदारों के हितों को प्रभावित करते हैं।


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    यूपी में ट्रेनों पर पथराव: कानपुर शताब्दी, राजधानी और गरीब रथ को बनाया निशाना; यात्रियों में दहशत

    जे कुमार गाजियाबाद/कानपुर, 11 मई 2026: उत्तर प्रदेश में अराजक तत्वों द्वारा चलती ट्रेनों को निशाना बनाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला गाजियाबाद और दादरी रेलवे स्टेशनों के बीच सामने आया है, जहां उपद्रवियों ने कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस और गरीब रथ जैसी प्रीमियम ट्रेनों पर पथराव किया। इस घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और ट्रेनों को भारी नुकसान पहुंचा है।

    कोच के शीशे टूटे, यात्री बाल-बाल बचे

    जानकारी के अनुसार, कानपुर सेंट्रल की ओर जा रही 12034 कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस जैसे ही गाजियाबाद स्टेशन से आगे बढ़ी, उपद्रवियों ने उस पर पत्थरों की बौछार कर दी। पथराव के कारण शताब्दी एक्सप्रेस के C-1 कोच में सीट नंबर 44 और 49 के सामने लगे खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए। ट्रेन के अंदर बैठे यात्री अचानक हुए इस हमले से सहम गए और अपनी जान बचाने के लिए सीटों के नीचे छिपने को मजबूर हुए। गनीमत रही कि कांच के टुकड़ों से किसी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई।

    एक के बाद एक तीन ट्रेनों पर हमला

    शताब्दी एक्सप्रेस के बाद इसी रूट से गुजर रही राजधानी एक्सप्रेस और गरीब रथ पर भी पथराव की सूचना मिली। लगातार तीन महत्वपूर्ण ट्रेनों को निशाना बनाए जाने की घटना ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की चौकसी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों ने सुरक्षा के लिहाज से कोच के दरवाजे अंदर से बंद कर लिए और इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी।

    पुलिस और रेलवे की कार्रवाई

    घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ (RPF) दादरी ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और यात्रियों की जान खतरे में डालने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार:

    • CCTV जांच: ट्रेनों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि उपद्रवियों की पहचान की जा सके।

    • गश्त बढ़ाई गई: गाजियाबाद-दादरी खंड के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त तेज कर दी गई है।

    • सख्त चेतावनी: रेलवे पुलिस ने चेतावनी दी है कि ट्रेनों पर पथराव करना एक गंभीर अपराध है, जिसमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है।

    इस घटना के बाद से दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यात्री चिंतित हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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    पारिवारिक कलह का खौफनाक अंत: पिता की सहमति पर मां और भाई ने मिलकर की युवक की हत्या

    उत्तर प्रदेश, 10 मई (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश के शहबाजपुर और श्यामपुर गांव के बीच शनिवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब ग्रामीणों ने मध्य गंगा नहर के पुल की रेलिंग और जमीन पर खून के निशान देखे। नहर में करीब 15 फीट नीचे एक 35 वर्षीय युवक का शव पड़ा मिला, जिसकी पहचान फरीदपुर निवासी दुष्यंत के रूप में हुई। सूचना मिलते ही एएसपी अखिलेश भदौरिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में मृतक के सिर पर चोट के पांच गहरे निशान मिले, जिससे यह साफ हो गया कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई है।



    अपनों ने ही रचा मौत का जाल

    पुलिस जांच में जो सच्चाई सामने आई, वह बेहद चौंकाने वाली थी। जिस पिता ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, वही इस साजिश का हिस्सा निकला। पूछताछ के दौरान पिता पीतम सिंह और छोटे भाई संकित ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि दुष्यंत की आदतों और आए दिन होने वाली मारपीट व गाली-गलौज से पूरा परिवार तंग आ चुका था। दुष्यंत नशे का आदी था और पहले भी जेल जा चुका था। अंततः पिता की सहमति से मां माया देवी, भाई संकित और उनके एक साथी जोली ने मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई।


    पेचकस और ईंट से किया हमला

    हत्या की वारदात को उस समय अंजाम दिया गया जब दुष्यंत को उसकी रिश्तेदारी से घर लाया जा रहा था। रात करीब 12 बजे रास्ते में मां, भाई और साथी जोली ने मिलकर दुष्यंत पर पेचकस और ईंट से ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को सूखी नहर में फेंक दिया गया। बताया जा रहा है कि भाई संकित ने अपने साथी जोली को इस काम में मदद करने के लिए पांच लाख रुपये देने का वादा भी किया था।



    पुलिस की कार्रवाई और आधिकारिक बयान

    एसपी लखन सिंह यादव के अनुसार, मृतक दुष्यंत का आपराधिक इतिहास रहा है और वह सिलेंडर चोरी व जानलेवा हमले के मामले में पहले भी जेल जा चुका था। उसकी हरकतों से परेशान होकर ही परिजनों ने यह आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने पिता और पुत्र को हिरासत में ले लिया है और घटना में शामिल मां व फरार साथी की तलाश जारी है। इस मामले ने एक बार फिर नशे और घरेलू हिंसा के चलते बिखरते परिवारों की दुखद तस्वीर पेश की है।



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    रिश्वतखोरी पर सीबीआई का कड़ा प्रहार: मेरठ में सीजीएसटी अधीक्षक और कंप्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार

    नई दिल्ली/मेरठ, 08 मई (अन्‍नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के मेरठ में तैनात केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग के एक अधीक्षक और उनके कार्यालय में कार्यरत एक कंप्यूटर ऑपरेटर को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। CBI द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, यह कार्रवाई एक बिछाए गए जाल (Trap) के तहत की गई, जिसमें कंप्यूटर ऑपरेटर को अधीक्षक के पक्ष में रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथों दबोचा गया।


    कारण बताओ नोटिस वापस लेने का सौदा

    यह पूरा मामला एक शिकायतकर्ता को जारी किए गए 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) को वापस लेने से जुड़ा है। आरोप है कि इस नोटिस को रद्द करने के एवज में अधीक्षक की ओर से कंप्यूटर ऑपरेटर ने 6,000 रुपये की अवैध रिश्वत की मांग की थी। सीबीआई ने इस संबंध में 6 मई 2026 को मामला दर्ज किया और अगले ही दिन यानी 7 मई को आरोपियों को दबोच लिया।


    अधीक्षक और ऑपरेटर दोनों सलाखों के पीछे

    सीबीआई की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, कंप्यूटर ऑपरेटर को अधीक्षक (रेंज-I, सीजीएसटी कार्यालय, मेरठ) की ओर से पैसे लेते हुए पकड़ा गया। जांच एजेंसी ने साक्ष्यों के आधार पर अधीक्षक और कंप्यूटर ऑपरेटर दोनों को आरोपी मानते हुए गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि विभाग में भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस मामले की गहन जांच अभी भी जारी है ताकि अन्य संलिप्तताओं का पता लगाया जा सके।

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    अवैध हथियारों की तस्करी पर NIA का बड़ा प्रहार: कुख्यात तस्कर परवेज आलम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

    नई दिल्ली, 08 मई (अन्‍नू): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अवैध हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। NIA द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, एजेंसी ने एक कुख्यात तस्कर, परवेज आलम के खिलाफ चार्जशीट पेश की है। इस गिरोह का जाल बिहार, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में फैला हुआ था, जो अवैध रूप से प्रतिबंधित बोर के कारतूसों की सप्लाई करता था।


    नौवां आरोपी बना परवेज आलम

    पटना स्थित NIA की विशेष अदालत में दायर की गई इस चार्जशीट में परवेज आलम को नौवें आरोपी के रूप में नामजद किया गया है। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस पूरे मामले में अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से आठ आरोपियों के खिलाफ इस साल फरवरी में ही आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।



    सिंडिकेट की कार्यप्रणाली और जांच

    NIA की जांच में सामने आया है कि यह सिंडिकेट तीन स्तरों पर काम कर रहा था—मुख्य सप्लायर, बिचौलिए और निचले स्तर के खुदरा विक्रेता। NIA की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, एजेंसी ने अगस्त 2025 में इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। इससे पहले जुलाई 2025 में बिहार पुलिस ने भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद कर चार लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपी परवेज आलम का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है और साल 2013 से ही उस पर हथियारों की तस्करी के कई मामले दर्ज हैं।


    हरियाणा और अन्य राज्यों में छापेमारी

    जांच के दौरान NIA ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार में व्यापक तलाशी अभियान चलाया, जिसके बाद नेटवर्क के विभिन्न स्तरों पर काम करने वाले प्रमुख आरोपियों को दबोचा गया। परवेज को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ की गई, जिससे तस्करी के इस बड़े सिंडिकेट के कई राज खुले। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में अभी भी गहन जांच जारी है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।



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    बरेली: बाजार में 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाने पर बवाल; पुलिस ने 6 संदिग्धों को लिया हिरासत में

    जे कुमार बरेली, 5 मई 2026: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश का एक गंभीर मामला सामने आया है। शहर के एक व्यस्त बाजार में कुछ युवकों द्वारा कथित तौर पर 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाए गए, जिसके बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 लोगों को हिरासत में ले लिया है।

    घटना का विवरण

    • नारेबाजी: चश्मदीदों के अनुसार, बाजार में घूम रहे कुछ युवकों ने अचानक देश विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। आसपास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने इसका विरोध किया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।

    • पुलिस की त्वरित कार्रवाई: हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और अतिरिक्त बल मौके पर पहुँचा। पुलिस ने स्थिति को बिगड़ने से पहले ही संभाला और वीडियो फुटेज व चश्मदीदों की पहचान के आधार पर 6 युवकों को दबोच लिया।

    कानूनी कार्रवाई और जांच

    • मुकदमा दर्ज: पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पकड़े गए युवकों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कृत्य के पीछे उनका क्या उद्देश्य था और क्या वे किसी संगठन से जुड़े हैं।

    • सोशल मीडिया पर नजर: पुलिस प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ा दी है ताकि इस घटना से जुड़ी कोई भ्रामक जानकारी या वीडियो अफवाह न फैला सके।

    शांति की अपील

    बरेली पुलिस ने आम जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि शहर की कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है।

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    मेरठ: मकान में लगी भीषण आग; दम घुटने से पिता और मासूम पुत्री की दर्दनाक मौत

    जे कुमार मेरठ, 5 मई 2026: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक रिहायशी मकान में आग लगने से बड़ा हादसा हो गया है। इस दुखद घटना में धुएं के कारण दम घुटने से पिता और उनकी मासूम बेटी की मौत हो गई। घर में आग लगने के बाद मची चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग जमा हुए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

    हादसे का विवरण

    • अचानक लगी आग: घटना के समय परिवार घर के अंदर सो रहा था, तभी अज्ञात कारणों से मकान में आग भड़क गई।

    • दम घुटने से मौत: आग के कारण घर में जहरीला धुआं भर गया, जिससे कमरे में मौजूद पिता और उनकी छोटी बेटी का दम घुट गया और उनकी जान चली गई।

    • राहत कार्य: सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक अंदर फंसे दोनों लोगों की मृत्यु हो चुकी थी।

    जांच और कारण

    • शॉर्ट सर्किट की आशंका: शुरुआती जांच में आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, हालांकि पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

    • प्रशासनिक मुस्तैदी: स्थानीय पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।

    यह घटना गर्मी के मौसम में बिजली उपकरणों के सुरक्षित उपयोग और घरों में वेंटिलेशन की महत्ता को एक बार फिर रेखांकित करती है।

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    प्रतापगढ़ इंस्पेक्टर हत्याकांड: दोषी जीशान खान को 10 साल की जेल, सीबीआई अदालत ने सुनाया फैसला

    प्रतापगढ़, 04 मई (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में तैनात रहे इंस्पेक्टर अनिल कुमार की गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide) के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत, लखनऊ ने अपना फैसला सुना दिया है। सीबीआई द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, अदालत ने इस मामले के आरोपी जीशान खान को दोषी करार देते हुए 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। सजा के साथ-साथ दोषी पर 9,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।


    क्या था पूरा मामला?


    यह घटना 19 नवंबर 2015 की है, जब प्रतापगढ़ के कोतवाली थाना प्रभारी (SHO) इंस्पेक्टर अनिल कुमार की होटल वैष्णवी के मॉडल शॉप पर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सीबीआई के प्रेस नोट के मुताबिक, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश पर 29 जून 2018 को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। इससे पहले स्थानीय स्तर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।


    जांच और अदालती कार्यवाही


    सीबीआई ने सघन जांच के बाद दो आरोपियों—जीशान खान और बोचा उर्फ राजू सोनी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। सीबीआई द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, ट्रायल के दौरान आरोपी जीशान खान ने 4 अप्रैल 2026 को अपना जुर्म स्वीकार करते हुए एक लिखित आवेदन दिया था। इसके बाद उसकी फाइल को मुख्य केस से अलग कर नया केस नंबर आवंटित किया गया था।



    जुर्म की स्वीकारोक्ति बनी सजा का आधार


    विशेष न्यायाधीश, सीबीआई, लखनऊ ने रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों और दोषी जीशान खान द्वारा दिए गए इकबालिया बयान को आधार मानते हुए 2 मई 2026 को अपना निर्णय सुनाया। अदालत ने उसे इंस्पेक्टर की गैर-इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए कानून के तहत सजा मुकर्रर की। यह फैसला लंबे समय से न्याय का इंतजार कर रहे पीड़ित परिवार के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।


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    बलिया: गंगा स्नान के दौरान बड़ा हादसा, नदी में डूबे चार लोग; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

    जे कुमार बलिया, 4 मई 2026: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में गंगा नदी में स्नान के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ पवित्र स्नान के लिए गए चार लोग गहरे पानी में जाने के कारण नदी में डूब गए। इस घटना के बाद घाट पर मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई और तुरंत स्थानीय पुलिस व प्रशासन को सूचित किया गया।

    गहरे पानी में जाने से बिगड़ा संतुलन

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डूबे हुए लोग गंगा स्नान के लिए नदी में उतरे थे, लेकिन अचानक गहराई का अंदाजा न होने के कारण वे तेज धारा की चपेट में आ गए। आसपास के गोताखोरों और मल्लाहों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण वे सफल नहीं हो सके।

    प्रशासनिक सतर्कता और खोज अभियान

    सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुँच गईं। लापता लोगों की तलाश के लिए एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय गोताखोरों की मदद से सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। नदी के अलग-अलग किनारों पर जाल बिछाया गया है और पेट्रोलिंग की जा रही है।

    सुरक्षा की अपील

    गर्मी के मौसम में नदियों के किनारे बढ़ रही भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। घाटों पर निर्धारित सुरक्षित घेरे के भीतर ही स्नान करने और गहरे पानी की ओर न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।

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    रील का जानलेवा शौक: यूपी के सिद्धार्थनगर में 60 फीट ऊंची टंकी पर फंसे बच्चों का एयरफोर्स ने किया रेस्क्यू

    उत्तर प्रदेश, 03 मई (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में रील बनाने के चक्कर में पानी की टंकी पर फंसे दो किशोरों को करीब 16 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाल लिया गया है। रविवार सुबह भारतीय वायुसेना के MI-17 हेलिकॉप्टर ने मौके पर पहुंचकर एक साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और दोनों बच्चों को टंकी की ऊंचाई से एयरलिफ्ट किया। रेस्क्यू के तुरंत बाद उन्हें उपचार के लिए गोरखपुर स्थित एयरफोर्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह पूरा घटनाक्रम किसी फिल्म से कम नहीं था, जहां रात भर प्रशासन और ग्रामीण सांसें थामे खड़े रहे।



    रील बनाने के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा


    हादसे की शुरुआत शनिवार दोपहर करीब 3 बजे हुई, जब काशीराम आवास कॉलोनी के पांच बच्चे पास ही स्थित एक पुरानी और जर्जर पानी की टंकी पर रील बनाने के लिए चढ़ गए। जब बच्चे नीचे उतरने लगे, तो अचानक टंकी की पुरानी सीढ़ियां टूटकर गिर गईं। इस दौरान तीन बच्चे—शनि, बाले, और गोलू सीधे नीचे आ गिरे। मलबे के नीचे दबने से 12 वर्षीय बाले की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। बाकी के दो बच्चे, कल्लू और पवन, अपनी जान बचाने के लिए लोहे की रॉड पकड़कर लटक गए और फिर धीरे-धीरे दोबारा टंकी के ऊपरी हिस्से पर चढ़ गए।



    दलदल और बारिश ने डाली रेस्क्यू में बाधा


    प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती टंकी के चारों ओर फैला पानी और दलदल था। भारी-भरकम हाइड्रॉलिक क्रेन दलदल की वजह से टंकी तक नहीं पहुंच पा रही थी। क्रेन को अंदर ले जाने के लिए प्रशासन ने युद्धस्तर पर 150 मीटर लंबी सड़क बनाने का काम शुरू किया। देर रात तक काम जारी रहा, लेकिन करीब 3 बजे तेज बारिश ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया और बचाव कार्य रोकना पड़ा। हालात बिगड़ते देख डीएम और एसएसपी ने तुरंत सेना से मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद तड़के वायुसेना का हेलिकॉप्टर मौके पर पहुंचा।



    26 साल पुरानी जर्जर टंकी बनी मौत का जाल


    स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस टंकी पर यह हादसा हुआ, वह पिछले 26 वर्षों से बंद और जर्जर हालत में थी। प्रशासन ने इसे अनुपयोगी घोषित कर रखा था, लेकिन विडंबना यह है कि वहां न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगा था और न ही बच्चों को ऊपर चढ़ने से रोकने के लिए कोई सुरक्षा घेरा बनाया गया था। शनिवार को जब बच्चे टंकी पर फंसे थे, तो रस्सी के जरिए उन तक खाना और पानी पहुंचाया गया ताकि वे हिम्मत न हारें। फिलहाल, पूरे इलाके में इस घटना को लेकर दुख और नाराजगी का माहौल है।


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    यमुनानगर: ससुराल आए यूपी पुलिस के जवान पर हमला, वर्दी फाड़ी और मोबाइल तोड़ा

    यमुनानगर 30 अप्रैल (अन्‍नू): हरियाणा के यमुनानगर स्थित ससोली माजरी गांव में उस समय तनाव फैल गया, जब उत्तर प्रदेश पुलिस के एक जवान के साथ स्थानीय युवक द्वारा मारपीट और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया। यूपी के हापुड़ जिले में तैनात कांस्टेबल राहुल अपनी पत्नी को लेने के लिए ससुराल आए हुए थे। बुधवार रात जब वह अपनी पत्नी पूजा और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रेलवे स्टेशन जाने के लिए निकले, तभी रास्ते में गांव के ही एक युवक वैभव उर्फ जोनी ने उनके साथ विवाद शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि कांस्टेबल उस समय अपनी ड्यूटी ड्रेस (वर्दी) में थे और यह पूरा विवाद महज आपस में बातचीत करने जैसी छोटी सी बात पर शुरू हुआ था।

    विवाद की जड़ और आरोपी की धमकी

    कांस्टेबल की पत्नी पूजा के अनुसार, वह अपनी बहन और भाभियों के साथ गली से गुजरते हुए सामान्य चर्चा कर रही थीं। इसी दौरान आरोपी वैभव वहां पहुंचा और उन पर चिल्लाते हुए धीरे बात करने का दबाव बनाने लगा। जब परिजनों ने उसे टोका कि यह उनका आपसी मामला है, तो आरोपी उग्र हो गया और पूजा को थप्पड़ मारने की धमकी देने लगा। अपनी पत्नी के बचाव में जब कांस्टेबल राहुल आगे आए और उन्होंने युवक को समझाने का प्रयास किया, तो आरोपी ने अपना आपा खो दिया और सीधे पुलिसकर्मी पर ही हमला बोल दिया।

    वर्दी का अपमान और मौके से फरार आरोपी

    आरोप है कि हाथापाई के दौरान आरोपी ने न केवल कांस्टेबल राहुल के साथ मारपीट की, बल्कि उनकी सरकारी वर्दी भी फाड़ दी। इस हिंसक झड़प में राहुल का मोबाइल फोन भी टूट गया और आरोपी ने पास ही पड़ी ईंट उठाकर उन पर हमला करने की कोशिश की। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वैभव मौके से भागने में सफल रहा। घटना के तुरंत बाद डायल 112 को सूचित किया गया, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कांस्टेबल की पत्नी ने फर्कपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

    पुलिसिया कार्रवाई और जांच की स्थिति

    फर्कपुर थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें शिकायत मिल चुकी है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। शुरुआती पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ है कि सिपाही राहुल अपनी ड्यूटी खत्म कर सीधे पत्नी को लेने ससुराल पहुंचे थे और उन्हें उसी रात ट्रेन पकड़कर वापस लौटना था। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है। इस घटना ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और वर्दीधारी कर्मियों की सुरक्षा पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं।

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    प्रधानमंत्री 28-29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश की यात्रा करेंगे

    आरएस अनेजा, 26 अप्रैल नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 28-29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश की यात्रा पर रहेंगे। 28 अप्रैल को शाम करीब 5 बजे, प्रधानमंत्री वाराणसी में आयोजित महिला सम्मेलन में भाग लेंगे, जहां वे लगभग 6,350 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।

    29 अप्रैल को सुबह लगभग 8:30 बजे प्रधानमंत्री वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री हरदोई के लिए रवाना होंगे और लगभग 11:30 बजे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।

    वाराणसी में प्रधानमंत्री

    प्रधानमंत्री महिमा सम्मेलन में भाग लेंगे, जिसमें पूरे क्षेत्र से बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होंगी। प्रधानमंत्री 1,050 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 48 पूर्ण परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं में वाराणसी-आजमगढ़ सड़क का विस्‍तारीकरण करना, कज्जाकपुरा और कादीपुर में महत्वपूर्ण रेल ओवरब्रिज का उद्घाटन और भगवानपुर में 55 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का उद्घाटन शामिल हैं।

    प्रधानमंत्री विभिन्न सामुदायिक परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इनमें जल जीवन मिशन के अंतर्गत 30 ग्रामीण पेयजल योजनाएं, चंद्रावती घाट का पुनर्विकास, सारनाथ के पास सारंगनाथ मंदिर का पर्यटन विकास और नागवा स्थित संत रविदास पार्क का सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्य शामिल हैं। सार्वजनिक सेवाओं और खेलों में सुधार भी प्रमुखता से किए जा रहे हैं, जिनमें यूपी कॉलेज में सिंथेटिक हॉकी टर्फ, रामनगर में 100 बिस्तरों वाला वृद्धाश्रम और भेलूपुर जल शोधन संयंत्र में 1 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र शामिल हैं। प्रधानमंत्री तिब्बती अध्ययन केंद्रीय विश्वविद्यालय में सोवा रिग्पा भवन और अस्पताल का भी उद्घाटन करेंगे, जो आधुनिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों के साथ पारंपरिक चिकित्सा को एकीकृत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    प्रधानमंत्री लगभग 5,300 करोड़ रुपये की 112 से अधिक परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें अमृत 2.0 के तहत 13 सीवरेज और जल आपूर्ति योजनाएं, श्री शिव प्रसाद गुप्ता संभागीय जिला अस्पताल में 500 बिस्तरों वाला बहु-विशेषज्ञ अस्पताल, भोजुवीर और सिगरा में बाजार परिसरों और कार्यालयों का निर्माण, तालाबों का जीर्णोद्धार और नवीनीकरण, 198 बिस्तरों वाले अस्पताल का पुनर्निर्माण, 100 बिस्तरों वाले गहन चिकित्सा ब्लॉक का निर्माण और अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट और नमो घाट सहित प्रमुख घाटों पर पर्यटन सुविधाओं का विकास शामिल है। शासन और सामाजिक कल्याण अवसंरचना को मजबूत करने के लिए, प्रधानमंत्री रामनगर में एकीकृत संभागीय कार्यालय, नगर निगम कार्यालय भवन और एक सरकारी बाल आश्रय गृह और किशोर न्याय बोर्ड की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री बनास डेयरी से जुड़े उत्तर प्रदेश के दूध आपूर्तिकर्ताओं को बोनस के रूप में 105 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी हस्तांतरित करेंगे।

    प्रधानमंत्री वाराणसी जंक्शन-पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन तीसरी और चौथी रेलवे लाइन परियोजना की आधारशिला रखेंगे, जिसमें गंगा नदी पर रेल-सह-सड़क पुल का निर्माण भी शामिल है। यह परियोजना रेल यातायात में भीड़ कम करके, रसद दक्षता बढ़ाकर, बहु-मार्गीय संपर्क को मजबूत करके और यातायात को सुगम बनाकर वाराणसी और चंदौली जिलों को लाभ पहुंचाएगी। इससे काशी विश्वनाथ धाम, रामनगर क्षेत्र और राष्ट्रीय राजमार्ग-19 तक पहुंच में सुधार होगा, साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ रेल संपर्क मजबूत होगा।

    प्रधानमंत्री दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे: बनारस-पुणे (हडपसर) और अयोध्या-मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस)। ये ट्रेनें किफायती और आधुनिक यात्रा विकल्प प्रदान करेंगी और उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच संपर्क बढ़ाएंगी। बनारस-पुणे सेवा से काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंचना आसान होगा, जबकि अयोध्या-मुंबई सेवा से श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र तक संपर्क बेहतर होगा और प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी।

    हरदोई में प्रधानमंत्री

    प्रधानमंत्री हरदोई जिले में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे, जो देश में विश्व स्तरीय अवसंरचना के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा, 6-लेन (8-लेन तक विस्तारित करने योग्य), एक्सेस-नियंत्रित ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जिसका निर्माण लगभग 36,230 करोड़ रुपये की कुल लागत से किया गया है। यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों—मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरता है, जिससे उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी क्षेत्रों को एक ही निर्बाध हाई-स्पीड कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ा गया है।

    इस परियोजना से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय मौजूदा 10-12 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे रह जाने की उम्मीद है, जिससे आवागमन में सुगमता और परिवहन में दक्षता में सुधार होगा।

    इस परियोजना की एक प्रमुख विशेषता शाहजहांपुर जिले में 3.5 किलोमीटर लंबी आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (हवाई पट्टी) का निर्माण है। यह दोहरे उपयोग वाली अवसंरचना राष्ट्रीय सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करती है और आर्थिक लाभ के अलावा रणनीतिक महत्व भी प्रदान करती है।

    गंगा एक्सप्रेसवे को एक प्रमुख आर्थिक गलियारे के रूप में परिकल्पित किया गया है, जिसके मार्ग में पड़ने वाले 12 जिलों में लगभग 2,635 हेक्टेयर क्षेत्र में एकीकृत विनिर्माण और लॉजिस्टिक गलियारे विकसित किए जाएंगे। यह एक्सप्रेसवे लॉजिस्टिक्स लागत को कम करेगा, आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता में सुधार करेगा और विनिर्माण प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा।

    बेहतर संपर्क व्यवस्था से किसानों को शहरी और निर्यात बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होगा और ग्रामीण आय में वृद्धि होगी। इस परियोजना से पर्यटन को बढ़ावा मिलने, नए आर्थिक अवसर खुलने और पूरे क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है।

    गंगा एक्सप्रेसवे राज्य में एक व्यापक एक्सप्रेसवे नेटवर्क की रीढ़ की हड्डी के रूप में भी काम करेगा, जिसमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे और मेरठ से हरिद्वार तक प्रस्तावित विस्तार सहित कई लिंक कॉरिडोर या तो चालू हैं या योजनाबद्ध हैं। यह उभरता हुआ एक्सप्रेसवे नेटवर्क उत्तर प्रदेश में पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक उच्च गति वाली सड़क कनेक्टिविटी का विस्तार करेगा, जिससे संतुलित क्षेत्रीय विकास संभव होगा।

    गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ एक परिवहन परियोजना नहीं है, बल्कि एक परिवर्तनकारी पहल है जो लॉजिस्टिक लागत को कम करेगी, औद्योगिक निवेश को आकर्षित करेगी, कृषि और ग्रामीण आय को बढ़ावा देगी, रोजगार सृजित करेगी और पूरे राज्य में समग्र आर्थिक विकास को गति देगी।

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    मेरठ में हड़कंप: आधी रात सड़क पर टहलता दिखा विशाल मगरमच्छ, 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू

    जे कुमार मेरठ, 19 अप्रैल 2026: मेरठ के रिहायशी इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई जब आधी रात को सड़क पर एक विशालकाय मगरमच्छ दिखाई दिया। बीच सड़क पर मगरमच्छ को टहलता देख राहगीरों और स्थानीय निवासियों के होश उड़ गए। गनीमत रही कि समय रहते लोगों की नजर उस पर पड़ गई और किसी अप्रिय घटना से बचाव हो गया।

    2 घंटे चला हाई-वोल्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन:

    सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची। मगरमच्छ काफी आक्रामक था, जिसके चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी चुनौतियां आईं। लगभग 2 घंटे की कड़ी मशक्कत और सावधानी बरतने के बाद वन विभाग की टीम ने जाल और रस्सियों की मदद से मगरमच्छ को सुरक्षित काबू किया।

    गंगा में छोड़ा गया:

    वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, संभवतः यह मगरमच्छ पास की किसी नहर या जलाशय से रास्ता भटककर रिहायशी इलाके की सड़क पर आ गया था। रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उसे सुरक्षित रूप से गंगा नदी में छोड़ दिया गया है। प्रशासन ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

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    झांसी में सिलेंडर धमाके से मचा हड़कंप: दीपक की लौ ने जलाया घर, कमरे की छत भी उड़ी

    झांसी, 17 अप्रैल (अन्‍नू): झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित नैनागढ़ में गुरुवार रात एक भीषण हादसे ने पूरी कॉलोनी में दहशत फैला दी। एक मकान की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में आग लगने के बाद वहां रखे गैस सिलेंडर में जोरदार ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि कमरे की सीमेंट शेड वाली छत के परखच्चे उड़ गए। धमाके की आवाज सुनकर पास ही स्थित पुलिस चौकी के कर्मचारी और मोहल्ले के लोग घरों से बाहर निकल आए। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जानहानि नहीं हुई, लेकिन इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।


    दीपक की लौ बनी तबाही का कारण

    मकान मालिक जगदीश सिंह, जो पेशे से ऑटो चालक हैं, ने बताया कि उनकी बहू ने रात करीब 8 बजे छत पर बने कमरे के मंदिर में दीपक जलाया था। दीपक जलाने के बाद वह नीचे आ गई, जिसके कुछ ही देर बाद कमरे में आग भड़क गई। देखते ही देखते आग ने वहां रखे भरे हुए गैस सिलेंडर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वह ब्लास्ट हो गया। जगदीश ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें इतनी विकराल थीं कि सीढ़ियों तक पहुंचना भी नामुमकिन हो गया।


    लाखों का नुकसान, पुलिस और फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

    सूचना मिलते ही नैनागढ़ चौकी पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और घर में रखे अन्य दो सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, इस अग्निकांड में फ्रिज, वॉशिंग मशीन, दो मोबाइल फोन और नकदी समेत करीब एक लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया। प्रशासन ने राहत की सांस ली है कि समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया और कोई घायल नहीं हुआ।



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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को उत्तराखंड और UP का दौरा करेंगे

    आरएस अनेजा, 13 अप्रैल नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल 2026 को उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। सुबह लगभग 11:15 बजे, प्रधानमंत्री दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे के एलिवेटेड (ऊंचे) हिस्से पर वन्यजीव गलियारे की समीक्षा करने के लिए उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जाएंगे।

    सुबह लगभग 11:40 बजे, प्रधानमंत्री देहरादून के पास स्थित 'जय मां दात काली मंदिर' में दर्शन और पूजा करेंगे। इसके बाद, दोपहर लगभग 12:30 बजे, प्रधानमंत्री देहरादून में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर जनसभा को संबोधित भी करेंगे।

    213 किलोमीटर लंबा, छह-लेन वाला और एक्सेस-नियंत्रित (access-controlled) दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा ₹12,000 करोड़ से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। यह गलियारा दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों से होकर गुजरता है, और यह दिल्ली तथा देहरादून के बीच यात्रा के समय को, जो वर्तमान में छह घंटे से अधिक है, घटाकर लगभग ढाई घंटे कर देगा।

    इस परियोजना के कार्यान्वयन में 10 इंटरचेंज, तीन रेलवे ओवर ब्रिज (ROBs), चार बड़े पुल और 12 'वे-साइड एमेनिटीज़' (रास्ते में मिलने वाली सुविधाएं) का निर्माण भी शामिल है, ताकि निर्बाध और तीव्र गति की कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके। यात्रियों को अधिक सुरक्षित और कुशल यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए, यह गलियारा एक 'एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' (ATMS) से सुसज्जित है।

    इस क्षेत्र की पारिस्थितिक संवेदनशीलता, समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीवों को ध्यान में रखते हुए, इस गलियारे को कई ऐसी विशेषताओं के साथ डिज़ाइन किया गया है जिनका उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष को काफी हद तक कम करना है। जंगली जानवरों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए, इस परियोजना में वन्यजीवों की सुरक्षा से जुड़ी कई विशेष विशेषताएं शामिल की गई हैं। इनमें 12 किलोमीटर लंबा 'वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर' (ऊंचा गलियारा) शामिल है, जो पूरे एशिया के सबसे लंबे गलियारों में से एक है। इस गलियारे में आठ 'एनिमल पासेस' (जानवरों के लिए रास्ते), 200-200 मीटर लंबे दो 'एलिफेंट अंडरपासेस' (हाथियों के लिए सुरंगें), और दात काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी एक सुरंग भी शामिल है।

    दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा प्रमुख पर्यटन और आर्थिक केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ाकर, साथ ही पूरे क्षेत्र में व्यापार और विकास के नए अवसर खोलकर, क्षेत्रीय आर्थिक विकास को सुदृढ़ करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसके तहत अगली पीढ़ी के ऐसे बुनियादी ढांचे का विकास किया जाता है जो तीव्र गति की कनेक्टिविटी को पर्यावरणीय स्थिरता और नागरिकों के जीवन की बेहतर गुणवत्ता के साथ जोड़ता है।

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    गाजियाबाद: चोरी करने घुसा चोर शटर में ही फंसा, 6 घंटे तक गर्दन अटकी रही; फायर ब्रिगेड ने रेस्क्यू कर निकाला

    गाजियाबाद, 12 अप्रैल (अन्‍नू):  गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ चोरी के इरादे से एक क्लीनिक में घुस रहा चोर खुद ही 'शिकार' बन गया। आरोपी छत के रास्ते दीवार और शटर के बीच बनी मामूली जगह से अंदर घुसने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान उसका धड़ तो अंदर निकल गया, लेकिन गर्दन कंक्रीट की दीवार और शटर के बीच बुरी तरह फंस गई।


    6 घंटे तक छटपटाता रहा चोर

    पकड़े गए चोर की पहचान बिहार निवासी अभिषेक के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 7 बजे वह अभय खंड स्थित क्लीनिक में घुसने का प्रयास कर रहा था। गर्दन फंसने के बाद उसने बाहर निकलने की काफी कोशिश की और घंटों छटपटाता रहा, लेकिन सफल नहीं हो सका। वह करीब 6 घंटे तक उसी दर्दनाक स्थिति में लटका रहा। दोपहर करीब 12 बजे जब डॉक्टर क्लीनिक पहुँचे, तो उन्होंने शटर के पास चोर को फंसा देख तुरंत पुलिस को सूचित किया।



    फायर ब्रिगेड ने शटर काटकर सुरक्षित निकाला

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर बुलाया। वैशाली फायर स्टेशन के सीएफओ राहुल पाल ने बताया कि टीम ने विशेष उपकरणों की मदद से सावधानीपूर्वक शटर को काटा। युवक का आधा शरीर अंदर और आधा बाहर लटका हुआ था। करीब एक घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसकी गर्दन को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।



    पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

    पुलिस ने आरोपी अभिषेक को हिरासत में ले लिया है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि वह इलाके में रेकी करने के बाद चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। हालांकि, इस बार उसकी किस्मत ने साथ नहीं दिया और वह खुद ही जाल में फंस गया। सोशल मीडिया पर इस अनोखे रेस्क्यू और चोर की बेबसी का वीडियो भी चर्चा का विषय बना हुआ है।



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    BREAKING: वृंदावन के यमुना तट पर बड़ा हादसा: श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी, 10 की मौत

    वृंदावन, 10 अप्रैल (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश के वृंदावन में शुक्रवार की दोपहर एक हृदयविदारक घटना घटी, जब केसी घाट के समीप यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी एक नाव अनियंत्रित होकर पंटून पुल (पीपा पुल) से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि नाव तुरंत पलट गई और उसमें सवार लगभग 25 से 30 तीर्थयात्री गहरे पानी में डूब गए। बताया जा रहा है कि यह सभी श्रद्धालु पंजाब के लुधियाना, मुक्तेश्वर और हिसार से आए 150 लोगों के एक बड़े दल का हिस्सा थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नदी के बीच में तेज हवाओं के कारण नाव डगमगाने लगी थी और रफ्तार अधिक होने की वजह से वह सीधे पुल के खंभों से जा टकराई।


    बचाव अभियान और जनहानि


    हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और गोताखोरों की टीम ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। अब तक मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, डीआईजी शैलेश कुमार पांडे ने पुष्टि की है कि इस दुर्घटना में 10 श्रद्धालुओं की जान चली गई है। रेस्क्यू टीम ने तत्परता दिखाते हुए 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जिनमें से गंभीर रूप से घायल यात्रियों को संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। हालांकि, मौके पर उमड़ी भारी भीड़ के कारण बचाव दल को शुरुआत में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन गोताखोरों द्वारा अन्य लापता लोगों की तलाश अभी भी जारी है।


    लापरवाही का बड़ा खेल


    प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण क्षमता से अधिक भार और सुरक्षा मानकों की अनदेखी बताया जा रहा है। जिस निजी स्टीमर में यह हादसा हुआ, उसकी क्षमता केवल 15 यात्रियों की थी, लेकिन लालच में चालक ने उसमें 25 से अधिक लोगों को बैठा लिया था। स्थानीय पार्षद और चश्मदीदों का आरोप है कि न तो चालक के पास और न ही किसी श्रद्धालु के पास लाइफ जैकेट मौजूद थी। हादसे के तुरंत बाद चालक मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। प्रशासन की ओर से इसे एक बड़ी चूक माना जा रहा है, क्योंकि निजी नावों के संचालन पर निगरानी का अभाव साफ दिखाई दिया।


    मुख्यमंत्री की संवेदनाएं और निर्देश


    इस दर्दनाक हादसे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के माध्यम से उन्होंने इस घटना को हृदय विदारक बताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि बचाव और राहत कार्यों में कोई कमी न छोड़ी जाए और घायलों को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराया जाए। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए अधिकारियों को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो।

    नोट:  नई जानकारी मिलते ही खबर को अपडेट किया जाएगा।
     


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    लखनऊ: स्कूल में घुसकर प्रिंसिपल पर ताबड़तोड़ फायरिंग; मलिहाबाद में सिरफिरे युवक ने ऑफिस में मारी गोली

    जे कुमार लखनऊ, 3 अप्रैल 2026: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद इलाके में गुरुवार दोपहर एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। रहीमाबाद रेलवे स्टेशन के पास जुगराजगंज स्थित प्रभावती पी.वी. शिक्षण संस्थान में एक युवक ने स्कूल के अंदर घुसकर प्रिंसिपल अनिल कुमार सिंह पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी ने ऑफिस में घुसकर फायरिंग की, जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और बच्चे जान बचाकर भागने लगे।

    अलमारी के पीछे छिपकर बचाई जान: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे जुगराजगंज का निवासी विजय पाल अपनी वैगन-आर कार से स्कूल पहुँचा। वह हाथ में असलहा लहराता हुआ सीधे प्रिंसिपल के ऑफिस में दाखिल हुआ। हमले की आहट पाकर प्रिंसिपल अनिल कुमार सिंह अपनी कुर्सी से उठकर ऑफिस में रखी लोहे की अलमारी के पीछे छिप गए। हमलावर ने फायर किया, तो गोली अलमारी से टकराती हुई प्रिंसिपल के पेट में जा लगी।

    शिक्षकों ने साहस दिखाकर आरोपी को पकड़ा: गोली चलने की आवाज सुनकर स्कूल के शिक्षक और आस-पास के ग्रामीण तुरंत ऑफिस की ओर दौड़े। जब आरोपी दूसरा फायर करने की कोशिश कर रहा था, तभी शिक्षकों ने उसे दबोच लिया। हालांकि, आरोपी विजय पाल संघर्ष के बाद मौके से भागने में सफल रहा। इस दौरान स्कूल में मौजूद लगभग 150 बच्चों में भगदड़ मच गई, जिन्हें शिक्षकों ने बड़ी मुश्किल से सुरक्षित बाहर निकाला और शांत कराया।

    गंभीर हालत में ट्रामा सेंटर रेफर: घायल प्रिंसिपल को तुरंत मलिहाबाद स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया है। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में मामला पुरानी रंजिश, पैसों के लेनदेन या आपसी विवाद का लग रहा है। पुलिस ने आरोपी विजय पाल के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं।

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    लखनऊ: करोड़ों के एलआईसी (LIC) घोटाले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 12 साल बाद CBI के हत्थे चढ़ा भगोड़ा समीर जोशी

    लखनऊ, 1 अप्रैल (अन्‍नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए करोड़ों रुपये के वित्तीय धोखाधड़ी मामले में घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) समीर जोशी को गिरफ्तार कर लिया है। समीर जोशी पर भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के फंड में हेराफेरी करने का आरोप है। सीबीआई की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को 31 मार्च 2026 को लखनऊ के एक मेट्रो स्टेशन से दबोचा।


    ₹6.37 करोड़ का फर्जीवाड़ा
    यह मामला साल 2012 में एलआईसी लखनऊ की शिकायत पर दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि फरवरी 2006 से अगस्त 2010 के बीच लखनऊ के जानकीपुरम स्थित एलआईसी कार्यालय में भारी वित्तीय अनियमितताएं की गईं। आरोपियों ने अस्तित्वहीन (Non-existent) पॉलिसी धारकों के नाम पर फर्जी चेक तैयार किए और एलआईसी के फंड से ₹6,37,66,660 की हेराफेरी की। इस घोटाले को छिपाने के लिए बही-खातों में भी बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया था।

    साजिश और धोखाधड़ी का तरीका
    सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, समीर जोशी ने एलआईसी के तत्कालीन हायर ग्रेड असिस्टेंट पंकज सक्सेना के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। समीर जोशी, उसकी पत्नी अंजू जोशी और उसके कर्मचारी जितेंद्र कुमार के नाम पर फर्जी चेक जारी किए गए। इन फर्जी चेकों के जरिए लगभग ₹62 लाख की राशि भुनाई गई, जिसे आरोपियों ने आपस में बांट लिया था।



    जमानत के बाद हुआ था फरार
    समीर जोशी को जांच के दौरान पहले भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उसे जमानत मिल गई थी। जमानत पर बाहर आने के बाद वह अदालती कार्यवाही से बचकर भाग निकला और लंबे समय तक फरार रहा। जिसके बाद, 24 दिसंबर 2025 को अदालत ने उसे 'घोषित अपराधी' (PO) करार दिया था।



    31 मार्च 2026 को गिरफ्तारी के बाद आरोपी को संबंधित ट्रायल कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस मामले में सीबीआई पहले ही 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।


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    बैंक धोखाधड़ी: CBI कोर्ट ने SBI के पूर्व मैनेजर समेत दो को सुनाई 5-5 साल की कैद, 13 लाख का जुर्माना

    लखनऊ, 31 मार्च (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित विशेष CBI अदालत ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में अपना कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इलाहाबाद (अब प्रयागराज) की कर्नलगंज शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अशोक कुमार दीक्षित और मेसर्स जी.आर. एसोसिएट्स के मालिक गोविंद राम तिवारी को दोषी करार देते हुए पाँच-पाँच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोनों दोषियों पर कुल 13 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया है।


    यह मामला साल 2003-2004 के दौरान हुए एक सुनियोजित वित्तीय षड्यंत्र से जुड़ा है। सीबीआई द्वारा 31 मई 2005 को दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार, तत्कालीन मैनेजर अशोक कुमार दीक्षित ने गोविंद राम तिवारी के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची थी। आरोप था कि दीक्षित ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गोविंद राम द्वारा उपलब्ध कराए गए फर्जी और जाली दस्तावेजों के आधार पर कुल 36 हाउसिंग लोन (गृह ऋण) स्वीकृत और वितरित किए थे। करीब 1.69 करोड़ रुपये के इन अवैध ऋणों की वजह से बैंक को ब्याज समेत लगभग 1.81 करोड़ रुपये का बड़ा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा था।


    सीबीआई ने इस मामले की गहनता से जाँच करने के बाद 8 अगस्त 2007 को आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की लंबी सुनवाई और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने पाया कि दोनों आरोपियों ने जानबूझकर बैंक के साथ धोखाधड़ी की और खुद को अनुचित लाभ पहुँचाया। 30 मार्च 2026 को सुनाए गए इस फैसले ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बैंकिंग प्रणाली और सार्वजनिक धन के साथ खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों और बिचौलियों को बख्शा नहीं जाएगा।


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    रेलवे अधिकारी को भारी पड़ी 5000 की रिश्वत: CBI कोर्ट ने सुनाई 4 साल की जेल, 11 साल पुराने मामले में फैसला

    उत्तर प्रदेश/गाजियाबाद, 24 मार्च (अन्‍नू): भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के तत्कालीन चीफ यार्ड मास्टर रफी अहमद को रिश्वतखोरी के मामले में दोषी करार देते हुए 4 साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।


    जुर्माना कम करने के बदले मांगी थी 'रिश्वत' यह मामला साल 2015 का है, जब दोषी रफी अहमद ने एक ठेकेदार से रिश्वत की मांग की थी। दरअसल, ट्रेनों में गार्ड लाइन बॉक्स की लोडिंग-अनलोडिंग का काम संतोषजनक न होने के कारण ठेकेदार पर पेनल्टी (जुर्माना) लगाई गई थी। आरोप था कि इस पेनल्टी को कम करने के एवज में रफी अहमद ने शिकायतकर्ता से 30,000 रुपये की अवैध मांग की थी।


    पहली किस्त लेते ही सीबीआई के जाल में फंसा अधिकारी शिकायत मिलने पर सीबीआई ने 4 जुलाई 2015 को मामला दर्ज किया और एक रणनीतिक जाल बिछाया। एजेंसी ने आरोपी को उस वक्त रंगे हाथों गिरफ्तार किया, जब वह रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5,000 रुपये स्वीकार कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने गहन जांच की और 24 नवंबर 2015 को अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया।


    लंबे ट्रायल के बाद आया फैसला गाजियाबाद स्थित सीबीआई कोर्ट ने मामले की विस्तृत सुनवाई और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर 23 मार्च 2026 को रफी अहमद को दोषी ठहराया। अदालत ने स्पष्ट किया कि लोक सेवक द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर निजी लाभ कमाना एक गंभीर अपराध है। इस फैसले को रेलवे और अन्य सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

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    प्रयागराज: अमोनिया गैस टैंक फटने से कोल्ड स्टोरेज ढहा, मलबे में दबने से 4 मजदूरों की मौत

    जे कुमार प्रयागराज, 24 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के फाफामऊ क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक हृदयविदारक हादसा हो गया। चंदापुर गांव स्थित एक पुराने कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस का टैंक जोरदार धमाके के साथ फट गया, जिससे इमारत का एक बड़ा हिस्सा ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस भीषण दुर्घटना में अब तक 4 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 14 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मलबे में अभी भी कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका है।

    धमाके के साथ फैली जहरीली गैस: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 1:30 बजे जब मजदूर लंच के बाद आराम कर रहे थे, तभी अचानक एक तेज धमाका हुआ और पूरी छत नीचे आ गिरी। धमाके के तुरंत बाद अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिससे आसपास के लगभग एक किलोमीटर के इलाके में हड़कंप मच गया। गैस के तीखे प्रभाव के कारण रेस्क्यू टीम को शुरुआत में मलबे तक पहुँचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने मास्क लगाकर राहत कार्य शुरू किया।

    प्रशासनिक कार्रवाई और मुआवजा: यह कोल्ड स्टोरेज पूर्व मंत्री और सपा नेता अंसार अहमद का बताया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है और लाइसेंस व सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। केंद्र और राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। फिलहाल घायलों का इलाज एसआरएन अस्पताल (SRN Hospital) में चल रहा है।

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    मथुरा में भारी बवाल: 'फरसा वाले बाबा' की ट्रक से कुचलकर मौत, हाईवे पर पथराव और लाठीचार्ज; देखें क्या है पूरा मामला

    उत्तर प्रदेश/मथुरा, 21 मार्च (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शनिवार तड़के एक बेहद तनावपूर्ण घटनाक्रम में प्रसिद्ध गौरक्षक चंद्रशेखर बाबा, जिन्हें क्षेत्र में 'फरसा वाले बाबा' के नाम से जाना जाता था, की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। बरसाना के आजनौख गांव में गौशाला चलाने वाले बाबा के बारे में उनके साथियों का दावा है कि उन्हें रात करीब 4 बजे नेशनल हाईवे पर एक ट्रक में गौवंश तस्करी की सूचना मिली थी। सूचना पर बाबा अपने दो साथियों के साथ बाइक से ट्रक का पीछा करने निकले। कोसी और छाता थाना क्षेत्र के बीच जब उन्होंने ट्रक को ओवरटेक कर उसके सामने अपनी बाइक खड़ी की, तो ट्रक चालक ने रफ्तार बढ़ाते हुए उन्हें कुचल दिया और मौके से फरार हो गया। बाबा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।



    इस घटना की खबर फैलते ही ब्रज क्षेत्र में आक्रोश की आग भड़क उठी। हजारों की संख्या में गौरक्षक और स्थानीय ग्रामीण दिल्ली-मथुरा (NH-44) हाईवे पर जमा हो गए और शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि हत्या के आरोपियों का तुरंत एनकाउंटर किया जाए। जब पुलिस प्रशासन की टीमें जाम खुलवाने पहुंचीं, तो भीड़ बेकाबू हो गई और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी लहूलुहान हो गए और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की 5 से 6 गाड़ियों के शीशे तोड़कर उनमें तोड़फोड़ की। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने हवाई फायरिंग की, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा।


    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरी घटना का कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और किसी भी अपराधी को बख्शा न जाए। घटना के समय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी बवाल वाली जगह से महज 25 किलोमीटर दूर गोवर्धन में मौजूद थीं, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। गौ-रक्षकों का आरोप है कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि बाबा को 'शहीद' का दर्जा दिया जाए और पकड़े गए आरोपी को सार्वजनिक रूप से कड़ी सजा दी जाए।



    फिलहाल, कोसी और छाता थाना क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति को नियंत्रण में बताया जा रहा है। हाईवे पर लगा करीब 5 किलोमीटर लंबा जाम कड़ी मशक्कत के बाद खुलवाया गया है। समर्थकों के अनुसार,  चंद्रशेखर बाबा ब्रज में बेसहारा और घायल गायों की सेवा के लिए एक बड़ी पहचान रखते थे और हमेशा हाथ में फरसा रखने के कारण मशहूर थे। उनके समर्थकों का कहना है कि वे गौतस्करी के खिलाफ हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहते थे और इस बार भी वे गौमाता की रक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर निकले थे।

    फ़िलहाल पुलिस मामले में जाँच कर रही है


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    आगरा में भीषण सड़क हादसा: कैलादेवी से लौट रहे श्रद्धालुओं की बोलेरो पेड़ से टकराई, एक ही परिवार के 5 सदस्यों की मौत

    आगरा, 20 मार्च (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में नवरात्रि के पहले ही दिन एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां श्रद्धालुओं से भरी एक तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। इस दर्दनाक हादसे ने इटावा के एक ही परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया, जिसमें पिता, पुत्र, बहू और दो मासूम बच्चों सहित कुल 5 लोगों की जान चली गई। यह हादसा गुरुवार देर रात करीब 11 बजे चित्राहाट थाना क्षेत्र में हुआ, जब परिवार राजस्थान के कैलादेवी मंदिर में दर्शन कर वापस अपने घर लौट रहा था।


    टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और गाड़ी की छत के परखच्चे उड़ गए। चश्मदीदों के मुताबिक, हादसे के वक्त इतनी जोरदार आवाज हुई जैसे कोई धमाका हुआ हो। ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और गाड़ी में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की, लेकिन दरवाजे बुरी तरह लॉक हो चुके थे। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद शीशे तोड़कर सभी को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि तीन अन्य गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।



    मृतकों की पहचान इटावा के नगला वर निवासी कांता प्रसाद (70), उनके बेटे देवेंद्र (35), बहू सीमा (30), मासूम पोती आराध्या (3) और गाड़ी चला रहे नाती ऋषि (20) के रूप में हुई है। घायलों में परिवार के अन्य सदस्य शामिल हैं जिनका उपचार जारी है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के सही कारणों की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार के घर पर कोहराम मचा है।


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    भ्रष्टाचार पर CBI का कड़ा प्रहार: ECHS मेडिकल ऑफिसर और निजी अस्पताल का अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार

    नई दिल्ली, 17 मार्च (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले का भंडाफोड़ करते हुए पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS) के एक मेडिकल ऑफिसर और एक निजी अस्पताल के सहायक महाप्रबंधक (AGM) को गिरफ्तार किया है। 15 मार्च 2026 को दर्ज की गई इस प्राथमिकी के अनुसार, आरोपी मेडिकल ऑफिसर निजी अस्पताल के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर एक संगठित नेटवर्क चला रहा था, जिसके तहत वह अवैध रिश्वत के बदले ईसीएचएस के मरीजों को अनुचित लाभ पहुँचाते हुए उसी विशेष अस्पताल में रेफर करता था। इस साठगांठ के जरिए सरकारी व्यवस्था का दुरुपयोग कर निजी लाभ कमाया जा रहा था।



    CBI ने एक सुनियोजित जाल बिछाकर आरोपी लोक सेवक को निजी अस्पताल के प्रतिनिधि से 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद जांच एजेंसी ने उत्तर प्रदेश के नोएडा, एटा, फिरोजाबाद और फर्रुखाबाद में आरोपियों के विभिन्न ठिकानों पर सघन छापेमारी की। इस तलाशी अभियान के दौरान CBI को कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण मिले हैं, जो इस घोटाले की गहराई को समझने में सहायक होंगे। वर्तमान में इस मामले की विस्तृत जांच जारी है ताकि इस भ्रष्टाचार के खेल में शामिल अन्य लोगों के चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।


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    प्रयागराज: तीन महीने से स्टेशन पर खाकी का रौब झाड़ रहा फर्जी दरोगा चढ़ा पुलिस के हत्थे

    उत्तर प्रदेश/प्रयागराज, 16 मार्च (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जंक्शन पर राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के एक फर्जी दरोगा को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया युवक पिछले तीन महीनों से स्टेशन परिसर में खाकी वर्दी पहनकर रौब झाड़ रहा था। वह न केवल बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों को डरा-धमका करता था, बल्कि उसने अपने परिवार को भी धोखे में रखा हुआ था। रविवार को जीआरपी की टीम ने संदेह होने पर जब उससे पूछताछ की, तो उसकी असलियत सामने आ गई और उसने अपना जुम कबूल कर लिया।



    पूछताछ के दौरान आरोपी की पहचान गाजीपुर जिले के रेंगा गांव निवासी दिव्यांशु कुमार के रूप में हुई है। दिव्यांशु ने बताया कि वह लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था, लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी। परिवार की ओर से नौकरी के बढ़ते दबाव के कारण उसने झूठ बोल दिया कि उसका चयन आरपीएफ में दरोगा के पद पर हो गया है। अपने इस झूठ को सच साबित करने के लिए उसने बाजार से वर्दी, स्टार, बैच, मोनोग्राम और लाल जूते खरीदे और फर्जी अधिकारी बनकर घूमने लगा।



    हैरानी की बात यह है कि आरोपी ने इस फर्जीवाड़े का इस्तेमाल अपने परिवार का भरोसा जीतने के लिए भी किया। माघ मेले के दौरान वह अपनी पत्नी और माता-पिता को प्रयागराज लाया और वर्दी के रसूख का इस्तेमाल कर उन्हें संगम स्नान कराया। उसके आत्मविश्वास को देखकर परिजनों को जरा भी शक नहीं हुआ कि उनका बेटा वास्तव में बेरोजगार है। जीआरपी प्रभारी अखिलेश कुमार सिंह की टीम ने जब प्लेटफॉर्म नंबर एक पर गश्त के दौरान उसे संदिग्ध हालत में देखा, तो कड़ाई से पूछताछ करने पर वह घबरा गया और पूरा सच उगल दिया।


    सीओ रेलवे अरुण कुमार पाठक ने जानकारी दी कि आरोपी दिव्यांशु के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने उसके पास से आरपीएफ की वर्दी, 650 रुपये की नकदी, आधार कार्ड और एटीएम कार्ड बरामद किया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि पिछले तीन महीनों में उसने कितने यात्रियों को अपना निशाना बनाया और क्या इस गिरोह में कोई और भी शामिल है।



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    उत्तर प्रदेश कानपुर: प्रेम प्रसंग छिपाने के लिए 'मामा' बना हत्यारा: घाटमपुर में किशोर की गला घोंटकर हत्या, आरोपी ने कबूला जुर्म

    उत्तर प्रदेश/कानपुर, 10 मार्च (अन्‍नू): कानपुर के घाटमपुर थाना क्षेत्र के कठेठा गांव में 15 वर्षीय किशोर प्रतीक उर्फ कृष्णा सिंह की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि रिश्ते में मृतक का मामा लगने वाला आशुतोष सिंह निकला। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने प्रेम संबंधों का राज खुलने के डर से इस वारदात को अंजाम दिया। आरोपी पहले अहमदाबाद में पेंटिंग का काम करता था और कुछ समय पहले ही गांव लौटा था।


    हत्या की वजह आरोपी और मृतक की बहन के बीच चल रहा गुप्त प्रेम प्रसंग बना। आरोपी ने बताया कि कुछ समय पहले कृष्णा ने उसे अपनी बहन के साथ संदिग्ध हालत में देख लिया था, जिसके बाद कृष्णा के पिता ने उसे चेतावनी भी दी थी। हालांकि, आशुतोष ने सुधरने का वादा किया था, लेकिन वह दोबारा युवती से मिलने पहुंच गया और कृष्णा ने उसे फिर देख लिया। हालांकि इस बार किशोर ने घर पर कुछ नहीं बताया, लेकिन आरोपी के मन में यह खौफ बैठ गया कि कृष्णा कभी भी परिवार के सामने उसकी पोल खोल सकता है।


    वारदात वाले दिन 7 मार्च को, कृष्णा ने आवारा पशुओं को खेत से निकालने के लिए आशुतोष को अपने साथ चलने को कहा। खेत से लौटते समय आरोपी के मन में अचानक हत्या का विचार आया। उसने शारीरिक रूप से कमजोर कृष्णा को जमीन पर पटक दिया और गला दबाने लगा। जब किशोर ने संघर्ष किया, तो आरोपी ने उसकी लोअर का नाड़ा निकालकर उससे गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।


    शातिर आरोपी ने अपराध करने के बाद पकड़े जाने से बचने के लिए काफी नाटक किया। वह हत्या के बाद काम पर चला गया और शाम को वापस लौटकर परिजनों के साथ कृष्णा को खोजने का ढोंग करने लगा। वह बाइक पर बैठकर गांव वालों के साथ खोजबीन में शामिल रहा ताकि किसी को उस पर संदेह न हो। पुलिस ने जब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाली, तो मृतक के घर के नंबरों पर आशुतोष की अत्यधिक बातचीत ने शक पैदा कर दिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना गुनाह कुबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है।



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    उत्तर प्रदेश अंबेडकरनगर: मेले में मधुमक्खियों का तांडव, हमले में एक श्रद्धालु की गई जान, कई अन्य जख्मी

    उत्तर प्रदेश/अंबेडकरनगर, 10 मार्च (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले से एक ह्रदयविदारक खबर सामने आई है, जहाँ जलालपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नर्सरी बाजार स्थित औघड़ बाबा स्थान पर मंगलवार को मधुमक्खियों ने श्रद्धालुओं पर धावा बोल दिया। इस अचानक हुए हमले में दर्शन करने आए एक 55 वर्षीय व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद मेला परिसर में भगदड़ और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। घायलों को तुरंत पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने एक श्रद्धालु को मृत घोषित कर दिया।


    मिली जानकारी के अनुसार, औघड़ बाबा के स्थान पर हर मंगलवार को विशाल मेला लगता है, जिसमें दूर-दराज से भारी संख्या में श्रद्धालु आस्था के साथ पहुँचते हैं। मंदिर परिसर में लगे एक ऊँचे पेड़ पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता था। दोपहर के समय अचानक मधुमक्खियों का झुंड छत्ते से निकला और नीचे मौजूद भीड़ पर हमला कर दिया। इस हमले की चपेट में जैतपुर के राजापुर कुठमा निवासी संतराम भी आ गए। मधुमक्खियों के बुरी तरह काटने के कारण उनकी हालत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।



    मृतक की पत्नी यशोदा देवी ने बताया कि वे सभी श्रद्धा के साथ बाबा के दर्शन करने आए थे, लेकिन तभी इस प्राकृतिक आपदा ने उनके परिवार को उजाड़ दिया। मामले की सूचना पाकर एसओ सुनील पांडेय पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अन्य घायलों का उपचार बसखारी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। प्रशासन अब मामले की जांच कर रहा है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।


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    अयोध्या में 'बिग बी' का महा-निवेश: अमिताभ बच्चन ने 35 करोड़ रुपये में खरीदा नया भूखंड

    जे कुमार अयोध्या, 07 मार्च 2026: राम नगरी अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद से ही निवेश की जो लहर शुरू हुई थी, वह अब सातवें आसमान पर पहुंच गई है। इसी कड़ी में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में अपनी उपस्थिति को और अधिक मजबूत करते हुए एक बड़ा निवेश किया है। ताजा जानकारी के अनुसार, अमिताभ बच्चन ने सरयू नदी के तट के समीप स्थित एक पॉश इलाके में लगभग 35 करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल भूखंड (प्लॉट) खरीदा है। यह सौदा उनकी कंपनी 'एबी कॉर्प लिमिटेड' के माध्यम से संपन्न हुआ है और रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।

    अमिताभ बच्चन का अयोध्या से गहरा लगाव जगजाहिर है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जन्मे बच्चन पहले भी अयोध्या को अपनी जड़ों के करीब और दुनिया की 'आध्यात्मिक राजधानी' बता चुके हैं। यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने अयोध्या में निवेश किया है; इससे पहले भी वह 'द सरयू' प्रोजेक्ट के भीतर करोड़ों की जमीन खरीद चुके हैं। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या में जमीन की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी हुई है और बड़े फिल्मी सितारों का यहां निवेश करना इस नगरी के वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरने की पुष्टि करता है।

    नया खरीदा गया यह भूखंड लगभग 2.67 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और यह राम जन्मभूमि मंदिर से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अमिताभ बच्चन यहां एक आलीशान विला या अपने पिता डॉ. हरिवंश राय बच्चन की स्मृति में किसी विशेष स्मारक का निर्माण करवा सकते हैं। स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग ने भी इस निवेश का स्वागत किया है क्योंकि अमिताभ जैसे दिग्गज सितारों के जुड़ने से अयोध्या की ब्रांड वैल्यू में और इजाफा होता है। अयोध्या अब न केवल एक धार्मिक केंद्र रह गई है, बल्कि निवेश के लिहाज से देश का सबसे हॉट डेस्टिनेशन बन गई है, जहां मुंबई से लेकर दुबई तक के निवेशक अपनी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

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    अलीगढ़ में होली पर खूनी संघर्ष: रंग खेलने के विवाद में ताबड़तोड़ फायरिंग, भीड़ के पथराव में दरोगा का सिर फटा

    उत्तर प्रदेश/अलीगढ़, 05 मार्च (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में होली के उल्लास के बीच हिंसक झड़प की खबर सामने आई है। मडराक थाना क्षेत्र के पड़ियावली गांव में बुधवार को रंग खेलने के दौरान दो पड़ोसी परिवारों में शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते रणक्षेत्र में बदल गया। जानकारी के अनुसार, मनीष वार्ष्णेय और कैलाश के परिवारों के बीच दोपहर करीब 3 बजे कहासुनी शुरू हुई थी। बहस इतनी बढ़ी कि आरोपी कैलाश ने आपा खो दिया और अपने घर की छत पर चढ़कर अवैध हथियार से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में पड़ोसी मनीष के सीने में छर्रे लगे, जबकि वहां से गुजर रहा एक राहगीर जसवंत भी घायल हो गया।



    फायरिंग की घटना से गांव में भारी आक्रोश फैल गया और गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी कैलाश के घर को चारों तरफ से घेर लिया। भीड़ ने आरोपी के घर पर पथराव शुरू कर दिया और दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की। अनहोनी की आशंका को देखते हुए आरोपी ने खुद को भीतर कैद कर लिया। सूचना मिलते ही जब स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और उत्तेजित भीड़ को शांत कर पीछे हटाने का प्रयास किया, तो लोगों का गुस्सा पुलिस पर फूट पड़ा। उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया, जिसमें एसएसआई धर्मपाल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका सिर फट गया।


    बिगड़ते हालात को देखते हुए एसएसपी नीरज जादौन भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद उपद्रवियों को खदेड़ा जा सका। पुलिस ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी कैलाश को हिरासत में ले लिया है और इसके साथ ही पथराव करने वाले 12 अन्य संदिग्धों को भी पकड़ा गया है। घायलों को इलाज के लिए आगरा रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।


    एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीएसी और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अब वीडियो फुटेज और चश्मदीदों के आधार पर उन लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने कानून हाथ में लेकर पुलिस टीम पर हमला किया। प्रशासन ने कड़ी चेतावनी दी है कि माहौल बिगाड़ने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस की गश्त जारी है।



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    उत्तर प्रदेश: गोरखपुर में सीएम योगी का 'काला चश्मा' स्वैग: गोरखनाथ मंदिर में मनाई होली, दिया सामाजिक समरसता का संदेश

    उत्तर प्रदेश, 04, मार्च (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक होलिकोत्सव का शुभारंभ एक बेहद खास और आधुनिक अंदाज में किया. इस बार होली के जश्न में मुख्यमंत्री का अलग ही 'स्वैग' देखने को मिला, जहाँ वे काला चश्मा पहनकर उत्सव में शामिल हुए और फूलों व गुलाल के साथ होली खेली. मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह समाज में सुरक्षा, आपसी विश्वास और समरसता का एक बड़ा उत्सव है. उनके साथ मौजूद सांसद रवि किशन ने भी अबीर-गुलाल उड़ाया और पारंपरिक फगुआ गाकर माहौल को खुशनुमा बना दिया.


    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रहलाद की आस्था और अर्जुन की कर्तव्यनिष्ठा का जिक्र करते हुए कहा कि जब समाज में शांति और सौहार्द होता है, तभी पर्वों का असली आनंद आता है. उन्होंने जानकारी दी कि पूरे उत्तर प्रदेश में 1 लाख 61 हजार से अधिक स्थानों पर होलिका दहन का कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ है. सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज का भारत अपनी विरासत को सहेजने के साथ-साथ विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है.


    वहीं, राजधानी लखनऊ में भी होली की अद्भुत छटा देखने को मिली. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक एक हाथ में गदा और दूसरे में चाबुक लेकर ऊंट पर सवार होकर चौक पहुंचे, जहाँ उन्होंने सिलेंडर से गुलाल उड़ाकर लोगों का अभिवादन किया. उनके साथ पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश चंद्र शर्मा भी मौजूद रहे, जिन्होंने एक-दूसरे पर जमकर रंग डाला. दूसरी ओर, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने हैट पहनकर "होली खेले रघुबीरा" गीत गाया और पूरे उत्साह के साथ प्रदेशवासियों को इस पावन पर्व की बधाई दी.



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    विश्व कीर्तिमान: काशी में 'नमो वन' का आगाज, एक घंटे में 2.51 लाख पौधे रोपकर वाराणसी ने तोड़ा चीन का रिकॉर्ड

    जे कुमार वाराणसी, 2 मार्च 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए नया 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' बनाया है। रविवार, 1 मार्च को शहर के सुजाबाद-डोमरी इलाके में गंगा तट पर आयोजित एक विशाल पौधरोपण अभियान के दौरान मात्र एक घंटे के भीतर 2,51,446 पौधे रोपकर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया गया। इस महाभियान के साथ ही भारत ने चीन के 1.53 लाख पौधरोपण (प्रति घंटा) के आठ साल पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है। नगर निगम वाराणसी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सेना, एनडीआरएफ, पुलिस, एनसीसी कैडेट्स और स्थानीय नागरिकों सहित लगभग 20,000 से अधिक लोगों ने भाग लेकर इसे एक जन-आंदोलन का रूप दिया।

    यह रिकॉर्ड 'नमो वन' (Namo Van) अर्बन फॉरेस्ट प्रोजेक्ट के तहत बनाया गया है, जहाँ करीब 350 बीघा जमीन पर जापानी 'मियावाकी' तकनीक का उपयोग करके सघन वन विकसित किया जा रहा है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के आधिकारिक निर्णायक ऋषि नाथ ने मौके पर पहुंचकर इस उपलब्धि की पुष्टि की और महापौर अशोक कुमार तिवारी व नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को विश्व रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे काशी के माथे पर 'पर्यावरण का तिलक' बताया। इस शहरी वन को 60 सेक्टरों में बांटा गया है, जिनके नाम काशी के प्रसिद्ध घाटों पर रखे गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि यहाँ कुल 3 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएं, जिनमें फलदार, औषधीय और छायादार वृक्ष शामिल होंगे, जिससे आने वाले समय में यह क्षेत्र काशी के लिए 'ऑक्सीजन बैंक' के रूप में कार्य करेगा।

    #VaranasiWorldRecord #NamoVan #GreenKashi #GuinnessWorldRecord #EnvironmentalProtection #PlantationDrive #KashiNewRecord #YogiAdityanath #MiyawakiForest #CleanIndiaGreenIndia

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    मेरठ की नई रफ़्तार: प्रधानमंत्री 22 फरवरी को करेंगे नमो भारत और मेरठ मेट्रो का ऐतिहासिक आगाज़

    आरएस अनेजा, 21 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के मेरठ का दौरा करेंगे। दोपहर में करीब 12:30 बजे, प्रधानमंत्री शताब्दी नगर नमो भारत स्टेशन पर मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यहां से वे मेरठ साउथ स्टेशन तक मेट्रो का सफर करेंगे। दोपहर लगभग 1 बजे, प्रधानमंत्री मेरठ में लगभग 12,930 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।

    प्रधानमंत्री 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे भारत की पहली नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम (आरआरटीएस) के शेष खंडों का भी उद्घाटन करेंगे। इनमें दिल्ली में सराय काले खान और न्यू अशोक नगर के बीच का 5 किलोमीटर का खंड और उत्तर प्रदेश में मेरठ साउथ और मोदीपुरम के बीच का 21 किलोमीटर का खंड शामिल है।

    180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ, नमो भारत भारत की पहली क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली है। नमो भारत से साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ जैसे प्रमुख शहरी केंद्र दिल्ली से अधिक तेजी से जुड़ पाएगें।

    कॉरिडोर का शुरुआती स्टेशन सराय काले खान, इस उद्घाटन के साथ शुरू होने वाले चार नमो भारत स्टेशनों में से एक है। यह रणनीतिक रूप से एक प्रमुख मल्टी-मॉडल हब के रूप में स्थित है, जो हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन, वीर हकीकत राय आईएसबीटी और रिंग रोड को सरलता से जोड़ता है। शुरू होने वाले अन्य तीन नमो भारत स्टेशन शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम मेरठ में हैं।

    प्रधानमंत्री मेरठ दक्षिण और मोदीपुरम के बीच मेरठ मेट्रो सेवा का भी उद्घाटन करेंगे, जो नमो भारत के ही बुनियादी ढांचे पर संचालित होगी। यह देश में अपनी तरह की पहली पहल है। मेरठ मेट्रो भारत की सबसे तेज मेट्रो प्रणाली होगी, जिसकी अधिकतम परिचालन गति लगभग 120 किमी प्रति घंटा होगी। मेट्रो सभी निर्धारित पड़ावों सहित पूरी दूरी को मात्र 30 मिनट में तय करेगी।

    एक ही बुनियादी ढांचे पर नमो भारत और मेरठ मेट्रो का यह निर्बाध एकीकरण, तेज़ रफ्तार वाली अंतर-शहरी यात्रा और शहर के भीतर सुगम आवागमन के लिए मददगार साबित होगा, जो भारत में एकीकृत शहरी और क्षेत्रीय परिवहन के लिए एक मिसाल कायम करेगा। इससे सड़क यातायात में भीड़ कम होगी और नतीजतन वाहनों से होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में खासी कमी आएगी।

    ये परियोजनाएं शहरी गतिशीलता को बदलने और नागरिकों के जीवन को सरल बनाने वाली निर्बाध, कुशल, आधुनिक और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों को सुनिश्चित करने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को और गति प्रदान करेंगी।

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    यूपी में रसोई गैस क्रांति: अब घरों में पहुंचेंगे हल्के और सुरक्षित कंपोजिट फाइबर सिलेंडर

    जे कुमार 12 फरवरी 2026 : उत्तर प्रदेश के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस के इस्तेमाल का अनुभव अब पूरी तरह बदलने वाला है। प्रदेश सरकार और तेल कंपनियों के साझा प्रयासों से अब राज्य में फाइबर से बने कंपोजिट गैस सिलेंडर उतारने की तैयारी पूरी हो चुकी है। ये आधुनिक सिलेंडर न केवल दिखने में आकर्षक हैं, बल्कि सुरक्षा और सुविधा के मामले में पुराने भारी-भरकम लोहे के सिलेंडरों से कोसों आगे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बुजुर्गों को भारी सिलेंडर उठाने की समस्या से निजात दिलाना और रसोई में होने वाले हादसों पर लगाम लगाना है।

    इन फाइबर सिलेंडरों की सबसे बड़ी विशेषता इनका वजन है, जो पारंपरिक लोहे के सिलेंडरों के मुकाबले लगभग आधा होता है। जहां लोहे का खाली सिलेंडर ही काफी भारी होता है, वहीं कंपोजिट सिलेंडर को आसानी से एक हाथ से उठाया जा सकता है। सुरक्षा के लिहाज से इन्हें 'ब्लास्ट प्रूफ' माना गया है क्योंकि इनमें उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया गया है जो अत्यधिक तापमान या आग की स्थिति में भी सिलेंडर को फटने नहीं देती। इसके अलावा, ये सिलेंडर पारदर्शी श्रेणी के होते हैं, जिससे उपभोक्ता बाहर से ही देख सकेंगे कि उसमें कितनी गैस बची है। इससे गैस चोरी या कम गैस मिलने की शिकायतों पर पूरी तरह विराम लग जाएगा।

    तकनीकी रूप से इन सिलेंडरों को ट्रैकिंग सिस्टम से भी लैस किया जा रहा है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता आएगी। उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से शुरू होकर यह योजना जल्द ही पूरे प्रदेश में विस्तार लेगी। सरकार का यह कदम डिजिटल और स्मार्ट किचन की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। उपभोक्ताओं को इन सिलेंडरों के लिए पुराना कनेक्शन बदलने की सुविधा भी दी जाएगी। कुल मिलाकर, यह नई तकनीक उत्तर प्रदेश के करोड़ों परिवारों के लिए सुरक्षा और बचत का एक नया अध्याय शुरू करने वाली है।

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