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    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने प्रकाश पर्व के अवसर पर श्री गुरु तेग बहादुर जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की

    अभिकान्त, 07 अप्रैल नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज प्रकाश पर्व के पवित्र अवसर पर हमारी सभ्यता के महान आध्यात्मिक व्यक्तित्व श्री गुरु तेग बहादुर जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

    प्रधानमंत्री ने एक्‍स पोस्‍ट में लिखा:

    श्री गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व के पवित्र अवसर पर, मैं हमारी सभ्यता के एक महान आध्यात्मिक व्यक्तित्व को सादर नमन अर्पित करता हूं। उनका जीवन निर्भीकता, त्याग और मानवता के प्रति गहरे लगाव का प्रकाशमान उदाहरण है। वह घोर विपत्ति के बावजूद सत्य, गरिमा और आस्था की रक्षा में दृढ़ता से खड़े रहे। उनका शाश्वत संदेश हमें एक न्यायपूर्ण, करुणामय और सामंजस्यपूर्ण समाज के निर्माण में मार्गदर्शन करे।

    #GuruTeghBahadurJi #ParkashPurab2026 #PMModi #SikhHeritage #SpiritualIndia #HumanityFirst #SacrificeForTruth #HindKiChadar #NewIndia #HarmonyInSociety #Danikkhabar

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    ऊर्जा मंत्री अनिल विज का तीखा पलटवार, कहा "राहुल गांधी के सपनों में अब मोदी के साथ ट्रंप भी आने लगे हैं"

    सत्ता प्राप्ति ही राहुल गांधी का उद्देश्य है और काम करना इनके बस का नहीं है : मंत्री अनिल विज

    चंडीगढ़, 5 अप्रैल - हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया है।

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान कि डोनाल्ड ट्रंप नरेंद्र मोदी को नियंत्रित करते हैं पर कड़ा पलटवार करते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि राहुल गांधी को रोज सपने में नरेंद्र मोदी जी आते हैं और अब डोनाल्ड ट्रंप भी आने लगे है। जो सपने में आते हैं वो ही राहुल गांधी जागने के बाद बोलने लग जाते हैं।

    इनको और कोई बात तो आती नहीं है, देश का विकास तो आता नहीं है, इनका 50 साल राज रहा इन्होंने देश का कोई विकास नहीं किया, इनकी संस्कृति नहीं है, इनके विचार नहीं है। इनके लिए सत्ता प्राप्ति ही एक उद्देश्य है और काम करना इनके बस का नहीं है।

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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुड फ्राइडे के अवसर पर सद्भाव और करुणा के मूल्यों पर प्रकाश डाला

    आरएस अनेजा, 3 अप्रैल नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि गुड फ्राइडे हमें ईसा मसीह के बलिदान की याद दिलाता है।

    मोदी ने आशा व्यक्त की कि यह दिन सद्भाव, करुणा और क्षमा के मूल्यों को और गहरा करेगा।

    उन्होंने कहा कि भाईचारा और आशा हरेक का मार्गदर्शन करें।

    एक एक्स पोस्ट में, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा;

    “गुड फ्राइडे हमें ईसा मसीह के बलिदान की याद दिलाता है। यह दिन सद्भाव, करुणा और क्षमा के मूल्यों को और गहरा करे। भाईचारा और आशा हम सभी का मार्गदर्शन करे।”

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    मानवता के आधार पर मध्य पूर्व युद्ध के बीच हार्मुज में फंसे नाविकों के भोजन का इंतजाम करे ईरान – ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    अम्बाला/चंडीगढ़, 2 अप्रैल – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि मानवता के आधार पर मध्य पूर्व युद्ध के बीच हार्मुज में फंसे नाविकों के भोजन का इंतजाम ईरान को करना चाहिए।

    उन्होंने एक बयान में कहा कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी गतिरोध के कारण स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है और हजारों नाविक इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं और उनके सामने भोजन एवं पानी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

    उन्होंने कहा कि हजारों की संख्या में नाविक और जहाज इस समय खाड़ी क्षेत्र और होर्मुज के आसपास फंसे हुए हैं। नाविकों की ओर से अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को लगातार संदेश भेजे जा रहे हैं कि उनका भोजन और पीने का पानी खत्म हो चुका है। कई जहाजों पर राशन की भारी किल्लत है तथा वह पानी उबालकर पीने को मजबूर हैं। नाविक न केवल भूख-प्यास से बल्कि आसपास हो रही बमबारी और हमलों से भी डरे हुए हैं।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने जहाजों के गुजरने के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। जहाजों को अपनी क्रू लिस्ट, कार्गो विवरण और अन्य दस्तावेज जमा करने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद, अभी तक ईरान की ओर से फंसे हुए सभी नाविकों के लिए भोजन की कोई व्यवस्थित और बड़ी मानवीय सहायता की आधिकारिक घोषणा सार्वजनिक नहीं हुई है।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि मानवीय आधार पर ईरान और अन्य पड़ोसी देशों को इन नाविकों तक बुनियादी रसद पहुँचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है।

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    प्रधानमंत्री ने परम पूज्य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीगलु को श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 1 अप्रैल नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज परम पूज्य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीगलु की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

    मोदी ने कहा कि वे करुणा, विनम्रता और मानवता की अटूट सेवा के प्रतीक के रूप में सब की स्मृति‍ में अमर हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन दूसरों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया और यह सिद्ध किया कि सच्ची महानता दूसरों की सेवा में निहित है। श्री मोदी ने कहा कि शिक्षा, सामाजिक कल्याण और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान ने समाज पर अमिट छाप छोड़ी है। आज भी उनका जीवन अनगिनत व्यक्तियों को निस्वार्थता और सेवा के मार्ग पर चलने के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान करता है।

    प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्‍ट किया;

    “उनकी जयंती के अवसर पर मैं परम पूज्य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीगलु को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। वे करुणा, विनम्रता और मानवता की अटूट सेवा के प्रतीक के रूप में सब की स्मृति में अमर हैं। जीवन भर दूसरों के उत्थान के लिए समर्पित रहकर उन्होंने यह सिद्ध किया कि सच्ची महानता दूसरों की सेवा में निहित है। शिक्षा, सामाजिक कल्याण और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान ने समाज पर अमिट छाप छोड़ी है। आज भी उनका जीवन अनगिनत व्यक्तियों को निस्वार्थता और सेवा के मार्ग पर चलने के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान करता है।”

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    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने महावीर जयंती के अवसर पर गांधीनगर स्थित कोबा तीर्थ में सम्राट सम्प्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया

    आरएस अनेजा, 31 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज भगवान महावीर जयंती के पावन अवसर पर गुजरात में गांधीनगर स्थित कोबा तीर्थ में सम्राट सम्प्रति संग्रहालय, जैन धरोहर संग्रहालय का उद्घाटन किया। श्री मोदी ने कहा, “कोबा तीर्थ आध्यात्मिक शांति से ओत-प्रोत है, यह वह स्थान है जहाँ अनेक जैन मुनियों और संतों की तपस्या अभिव्यक्त होती है तथा जहाँ सृजन और सेवा स्वाभाविक रूप से पुष्पित होते हैं।

    कोबा तीर्थ की निरंतर चली आ रही परंपराओं को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्षों से इस पवित्र स्थल पर अध्ययन, साधना और आत्मानुशासन की परंपराएँ फलती-फूलती रही हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मूल्यों का संरक्षण, संस्कारों का संवर्धन और ज्ञान का पोषण—ये त्रिवेणी भारतीय सभ्यता की आधारशिला हैं। श्री मोदी ने कहा, “इस त्रिवेणी का प्रवाह निरंतर बनाए रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।”

    प्रधानमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि जैन धर्म के शाश्वत ज्ञान और भारत की समृद्ध धरोहर को अब जैन धरोहर संग्रहालय के माध्यम से आने वाली सदियों के लिए संरक्षित किया जा रहा है, जिसे संतों द्वारा प्राचीन ज्ञान को नई पीढ़ी के समक्ष नए एवं आधुनिक रूपों में प्रस्तुत करने के उद्देश्य से परिकल्पित किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज वह भव्य सपना सम्राट सम्प्रति संग्रहालय के रूप में साकार हुआ है, जो जैन दर्शन, भारतीय संस्कृति और हमारी प्राचीन धरोहर का एक पवित्र केंद्र है।”

    प्रधानमंत्री ने इस प्रयास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सभी जैन मुनियों, संतों और हजारों भक्‍तों को बधाई दी। धरोहर संरक्षण में नवाचार के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि जब प्राचीन ज्ञान को नए तरीकों से प्रस्तुत किया जाता है, तो विरासत और समृद्ध होती है और आने वाली पीढ़ियों को नई प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा, “सम्राट सम्प्रति संग्रहालय भारत के करोड़ों लोगों की धरोहर है और हमारे गौरवशाली अतीत का एक प्रमाण है,” ।

    सम्राट सम्प्रति के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यद्यपि अनेक सभ्यताओं में महान चिंतक और दार्शनिक हुए, परंतु विश्व के कई हिस्सों में शासक सत्ता के प्रश्न पर आदर्शों को त्याग देते थे, जिससे विचार और शासन के बीच एक खाई उत्पन्न हो जाती थी। उन्होंने कहा कि सम्राट सम्प्रति केवल एक ऐतिहासिक राजा नहीं थे, बल्कि भारत के दर्शन और व्यवहार के बीच एक सेतु थे। मोदी ने कहा, “भारत में सम्राट सम्प्रति जैसे शासकों ने सत्ता को सेवा और साधना के रूप में देखा, उन्होंने सिंहासन से अहिंसा का विस्तार किया और पूर्ण वैराग्य तथा निःस्वार्थ भाव से सत्य, अस्तेय और अपरिग्रह का प्रचार-प्रसार किया।”

    प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संग्रहालय को अत्यंत सोच-समझकर इस प्रकार निर्मित किया गया है कि प्रत्येक कदम पर भारत की भव्यता का अनुभव होता है, और इसकी सात दीर्घाएँ देश की विविधता तथा सांस्कृतिक समृद्धि का उद्घोष करती हैं। उन्होंने प्रथम दीर्घा का उल्लेख किया, जिसमें नवपद—अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, साधु—तथा सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चरित्र और सम्यक तप के चार सिद्धांतों को प्रदर्शित किया गया है, और तृतीय दीर्घा का भी उल्लेख किया, जो तीर्थंकरों की कथाओं और शिक्षाओं को कलात्मक रूप से सजीव बनाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “जब ज्ञान सम्यक (सही/धर्मसम्मत) होता है, तो वह समता और सेवा की आधारशिला बन जाता है।”

    प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि यह संग्रहालय जैन धरोहर के साथ-साथ भारत की अन्य धार्मिक परंपराओं—वैदिक, बौद्ध आदि—का भी भव्य रूप से प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने भारत की सबसे बड़ी शक्ति, उसकी विविधता और “विविधता में एकता” को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जहाँ विश्व ने धर्म और संप्रदाय के नाम पर संघर्ष देखे हैं, वहीं यह संग्रहालय सभी परंपराओं को इंद्रधनुष की भांति एक साथ प्रस्तुत करता है—वेद, पुराण, आयुर्वेद, योग और दर्शन, सभी सौहार्दपूर्वक साथ-साथ विद्यमान हैं। उन्होंने कहा, “यह केवल भारत में ही संभव है।”

    वैश्विक स्तर पर व्याप्त अस्थिरता और अशांति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संग्रहालय में निहित धरोहर और संदेश का महत्व केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए अत्यंत गहन है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विश्व भर से जिज्ञासु आगंतुकों, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं की संख्या निरंतर बढ़ती रहेगी। श्री मोदी ने आग्रह किया( “जो भी यहाँ आए, वह भारत और जैन धर्म की शिक्षाओं को विश्व के हर कोने तक लेकर जाए।”

    प्रधानमंत्री ने स्मरण किया कि भारत के प्राचीन विश्वविद्यालय—तक्षशिला और नालंदा—कभी लाखों पांडुलिपियों से समृद्ध थे, जिन्हें धार्मिक संकीर्णता से प्रेरित विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा नष्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि उन कठिन परिस्थितियों में सामान्य जनों ने शेष पांडुलिपियों को पीढ़ी दर पीढ़ी संरक्षित रखा। उन्होंने आचार्य भगवंत श्री पद्मसागर सुरिश्वरजी महाराज साहेब के असाधारण समर्पण की सराहना की, जिन्होंने साठ वर्षों तक देश के कोने-कोने में गाँव-गाँव और शहर-शहर जाकर पांडुलिपियों की खोज की। श्री मोदी ने कहा, “आज ताड़पत्रों और भोजपत्रों पर लिखी तीन लाख से अधिक पांडुलिपियाँ, जिनमें से कुछ सैकड़ों वर्ष पुरानी हैं, कोबा में सुरक्षित रूप से संकलित हैं, जो भारत के अतीत, वर्तमान और भविष्य के प्रति एक महान सेवा का प्रतिनिधित्व करती हैं।”

    पांडुलिपियों के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की उपेक्षा को दूर करने के लिए ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ प्रारंभ किया गया है, जिसमें प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए प्राचीन पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण, वैज्ञानिक संरक्षण, स्कैनिंग, रासायनिक उपचार तथा डिजिटल अभिलेखीकरण किया जा रहा है। उन्होंने ‘मन की बात’ के अपने हालिया संस्करण का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने देशव्यापी सर्वेक्षण के बारे में बताया था, जिससे नागरिक अपने पास संरक्षित पांडुलिपियों को अपलोड कर सकते हैं। श्री मोदी ने कहा, “यह अभियान देश के कोने-कोने में बिखरी पांडुलिपियों के संकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”

    प्रधान मंत्री ने ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के अंतर्गत सरकारी प्रयासों तथा कोबा तीर्थ के असाधारण योगदान को भारत के नए सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि आज प्राचीन मंदिरों के पुनरुद्धार, तीर्थ स्थलों के विकास से लेकर आयुर्वेद और योग के प्रसार तक, देश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण, समझ और प्रदर्शन के लिए हर स्तर पर कार्य किया जा रहा है। लोथल में भव्य समुद्री संग्रहालय, वडनगर में संग्रहालय तथा दिल्ली में प्रस्तावित ‘युगे-युगीन भारत संग्रहालय’ जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार भारत के स्वतंत्रता संग्राम के वास्तविक इतिहास को बिना किसी राजनीतिक पूर्वाग्रह के सामने लाने के लिए सार्थक और व्यापक कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हमने धरोहर को राजनीतिक चश्‍मे से देखने की मानसिकता को समाप्त कर दिया है और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं, जो विकसित भारत विज़न की आत्मा है।”

    प्रधानमंत्री ने भारत की धरोहर के संरक्षण में संतों के अथक प्रयासों की सराहना की और दिल्ली में आयोजित ऐतिहासिक नवकार महामंत्र दिवस कार्यक्रम का स्मरण किया, जहाँ जैन धर्म के सभी चार संप्रदाय एक साथ आए थे। उन्होंने उस अवसर पर प्रस्तुत अपने दस संकल्पों को दोहराया—जल संरक्षण; ‘एक पेड़ माँ के नाम’; स्वच्छता अभियान; वोकल फॉर लोकल; देश दर्शन; प्राकृतिक खेती; स्वस्थ जीवनशैली; योग और खेल; गरीबों की सहायता; तथा समुदाय द्वारा जोड़ा गया दसवाँ संकल्प—भारत की धरोहर का संरक्षण। उन्होंने कहा, “आज का यह कार्यक्रम इन सभी संकल्पों का सजीव प्रतिबिंब है।”

    भविष्य के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की एकता और सांस्कृतिक शक्ति राष्ट्र के बड़े लक्ष्यों की प्राप्ति में प्रेरक शक्ति बनेगी। उन्होंने बल दिया कि जब लोग व्यक्तिगत आकांक्षाओं से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के लक्ष्यों के लिए कार्य करते हैं, तो विकास की गति तीव्र हो जाती है। अंत में श्री मोदी ने कहा, “मुझे विश्वास है कि सम्राट सम्प्रति संग्रहालय ज्ञान, साधना और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेगा, जो आने वाले समय में नई पीढ़ी को प्रेरित करेगा और समाज को ऊर्जा प्रदान करेगा।”

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    प्रधानमंत्री ने सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर शोक व्यक्त किया

    आरएस अनेजा, 31 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि यह न केवल सूरीनाम के लिए, बल्कि वैश्विक भारतीय समुदाय के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है। दिवंगत नेता के साथ अपनी कई मुलाकातों को याद करते हुए, श्री मोदी ने कहा कि सूरीनाम के लिए संतोखी जी की अथक सेवा और भारत-सूरीनाम संबंधों को मजबूत करने के उनके प्रयास उनकी आपसी बातचीत में स्पष्ट रूप से झलकते थे। उन्होंने भारतीय संस्कृति के प्रति संतोखी जी के विशेष लगाव को भी रेखांकित किया, और बताया कि जब उन्होंने संस्कृत में शपथ ली थी, तो उन्होंने कई लोगों का दिल जीत लिया था।

    प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया:

    “मेरे मित्र और सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति, चंद्रिकाप्रसाद संतोखी जी के आकस्मिक निधन से मैं अत्यंत स्तब्ध और दुखी हूँ। यह न केवल सूरीनाम के लिए, बल्कि वैश्विक भारतीय समुदाय के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है।

    मुझे उनके साथ हुई अपनी कई मुलाकातों की याद आ रही है। सूरीनाम के लिए उनकी अथक सेवा और भारत-सूरीनाम संबंधों को मजबूत करने के उनके प्रयास हमारी आपसी बातचीत में स्पष्ट रूप से झलकते थे। भारतीय संस्कृति के प्रति उनका विशेष लगाव था। जब उन्होंने संस्कृत में शपथ ली थी, तो उन्होंने कई लोगों का दिल जीत लिया था।

    दुख की इस घड़ी में, मैं उनके परिवार और सूरीनाम की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूँ। ओम शांति।

    हमारी विभिन्न मुलाकातों की कुछ झलकियाँ साझा कर रहा हूँ…”

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    प्रधानमंत्री ने भगवान महावीर जन्म कल्याणक पर शुभकामनाएं दीं

    आरएस अनेजा, 31 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान महावीर जन्म कल्याणक के पावन अवसर पर शुभकामनाएं दी हैं।

    मोदी ने कहा कि भगवान महावीर का जीवन और उनकी शिक्षाएं सत्य, अहिंसा और करुणा के मार्ग को निरंतर प्रकाशित करती हैं। श्री मोदी ने कहा, “उनके आदर्श आध्यात्मिक रूप से उत्थानकारी हैं और आज के विश्व में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं। समानता और दया पर उनका ज़ोर हमें समाज के प्रति हमारी साझा ज़िम्मेदारी की याद दिलाता है।”

    प्रधानमंत्री ने ‘X’ पर पोस्ट किया:

    “भगवान महावीर जन्म कल्याणक के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान महावीर का जीवन और उनकी शिक्षाएं सत्य, अहिंसा और करुणा के मार्ग को निरंतर प्रकाशित करती हैं। उनके आदर्श आध्यात्मिक रूप से उत्थानकारी हैं और आज के विश्व में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं। समानता और दया पर उनका ज़ोर हमें समाज के प्रति हमारी साझा ज़िम्मेदारी की याद दिलाता है।”

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    गुजरात में पीएम मोदी का महादौरा: 31 मार्च को देंगे 20,000 करोड़ की सौगात; बदल जाएगी राज्य की तस्वीर

    आरएस अनेजा, 30 मार्च नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 31 मार्च 2026 को गुजरात का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री गांधीनगर में सुबह लगभग 10 बजे सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर जनसभा को संबोधित भी करेंगे। प्रधानमंत्री अहमदाबाद के सानंद में स्थित केयन्स सेमीकॉन प्लांट का दोपहर लगभग 12:45 बजे उद्घाटन करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद, प्रधानमंत्री वाव-थराद जाएंगे, जहां शाम लगभग 4 बजे, वे 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की अनेक विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उनका उद्घाटन करके राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस अवसर पर वे जनसभा को भी संबोधित करेंगे।


    प्रधानमंत्री का गांधीनगर दौरा

    महावीर जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री गांधीनगर के कोबा तीर्थ में सम्राट सम्प्रति संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। अशोक के पौत्र और जैन परंपरा में अहिंसा के प्रति समर्पण तथा जैन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए प्रसिद्ध सम्राट सम्प्रति के नाम पर स्थापित यह संग्रहालय जैन धर्म की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को प्रदर्शित करता है।


    महावीर जैन आराधना केंद्र परिसर में स्थित इस संग्रहालय में सात अलग-अलग खण्‍ड हैं, जिनमें से प्रत्येक भारत की सभ्यतागत परंपराओं के अनूठे पहलुओं को समर्पित है। यह आगंतुकों को सदियों पुराने ज्ञान और विरासत की एक व्यापक यात्रा के दर्शन कराता है। संग्रहालय पारंपरिक प्रदर्शनों को आधुनिक डिजिटल और ऑडियो-विजुअल उपकरणों के साथ एकीकृत करता है, जिससे आगंतुकों, शोधकर्ताओं और विद्वानों के लिए एक गहन और आकर्षक अनुभव का निर्माण होता है।


    यह संग्रहालय सदियों पुराने दुर्लभ अवशेषों, जैन कलाकृतियों और पारंपरिक विरासत संग्रहों का संरक्षण और प्रदर्शन करता है। इनमें जटिल रूप से गढ़ी गई पत्थर और धातु की मूर्तियां, विशाल तीर्थ पट्टा और यंत्र पट्टा, लघु चित्रकारी, चांदी के रथ, सिक्के और प्राचीन पांडुलिपियां शामिल हैं, जिन्हें सात भव्य दीर्घाओं में प्रदर्शित किया गया है। विशाल कक्षों में व्यवस्थित दो हजार से अधिक दुर्लभ खजानों से युक्त यह संग्रहालय आगंतुकों को जैन धर्म के विकास और इसके गहन सांस्कृतिक प्रभाव की कालानुक्रमिक समझ प्राप्त करने में सक्षम बनाता है।


    प्रधानमंत्री का सानंद दौरा

    प्रधानमंत्री अहमदाबाद के सानंद जीआईडीसी में स्थित केयन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही इस संयंत्र में वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत होगी, जो भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।


    वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत उन्नत इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल (आईपीएम) के निर्माण से होगी, जो ऑटोमोटिव और औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए महत्वपूर्ण घटक हैं और जिन्हें कॉम्पैक्ट, कुशल और विश्वसनीय पावर स्विचिंग सिस्टम की आवश्यकता होती है। प्रत्येक मॉड्यूल में 17 चिप्स होते हैं और इनकी आपूर्ति कैलिफोर्निया स्थित अल्फा एंड ओमेगा सेमीकंडक्टर (एओएस) को की जाएगी। संयंत्र के सभी चरण पूरे होने पर, इसकी उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 6.33 मिलियन यूनिट होगी।


    केयन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कार्यक्रम के तहत स्वीकृत परियोजनाओं में से माइक्रोन टेक्नोलॉजी के बाद वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने वाली दूसरी सेमीकंडक्टर सुविधा होगी।


    यह परियोजना विशेष महत्व रखती है क्योंकि इसके अंतर्गत भारत की दूसरी ओएसएटी/एटीएमपी (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट/असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकिंग) इकाई उत्पादन चरण में प्रवेश कर रही है। यह परियोजना सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र में भारतीय मूल की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (ईएमएस) कंपनी के प्रवेश का भी प्रतीक है, जिससे घरेलू क्षमताओं को मजबूती मिलती है।

    यह सुविधा स्वदेशी सेमीकंडक्टर पैकेजिंग क्षमता के निर्माण में योगदान देगी, भारत के चिप इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण कमी को दूर करेगी और उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण में आत्मनिर्भरता की परिकल्पना को आगे बढ़ाएगी।


    प्रधानमंत्री का वाव-थारद दौरा

    प्रधानमंत्री 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की अनेक विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, उनका उद्घाटन करेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये परियोजनाएं बिजली, रेलवे, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, स्वास्थ्य, शहरी विकास, जनजातीय विकास और ग्रामीण विकास सहित प्रमुख क्षेत्रों को कवर करती हैं।


    प्रधानमंत्री 5,100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। यह एक्सप्रेसवे क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाएगा, धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (डीएसआईआर) में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा और आर्थिक विकास को गति प्रदान करेगा।


    प्रधानमंत्री पक्की शोल्डर वाली चार लेन की इदर-बडोली बाईपास सड़क के निर्माण की आधारशिला रखेंगे। वे एनएच-754के के धोलावीरा-मौवाना-वाउवा-संतालपुर खंड (पैकेज-II) को दो लेन की पक्की शोल्डर वाली सड़क में अपग्रेड करने की भी आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं से राजमार्ग बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, धोलावीरा जैसे पर्यटन स्थलों सहित प्रमुख क्षेत्रों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी, लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ेगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।


    प्रधानमंत्री गांधीनगर-कोबा-एयरपोर्ट रोड पर भाईजीपुरा जंक्शन पर बनने वाले फ्लाईओवर सहित कई महत्वपूर्ण सड़क अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इस फ्लाईओवर से यातायात की भीड़ कम होगी और इसके नीचे व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी। गांधीनगर-कोबा-आरोदराम रोड पर स्थित पीडीपीयू जंक्शन पर भी फ्लाईओवर का उद्घाटन किया जाएगा। गांधीनगर को एयरपोर्ट से जोड़ने वाली इस सड़क पर प्रतिदिन 140,000 से अधिक वाहन गुजरते हैं। यह फ्लाईओवर अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच सीएच-0 जंक्शन से एयरपोर्ट तक सुचारू और निर्बाध यातायात सुनिश्चित करेगा।


    प्रधानमंत्री खावड़ा पूलिंग स्टेशन-2 और उससे जुड़े 4.5 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के परिवहन हेतु संबद्ध पारेषण प्रणालियों सहित प्रमुख विद्युत पारेषण परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिनकी कुल लागत लगभग 3,650 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण और पारेषण क्षमता को मजबूत करेंगी।


    रेल क्षेत्र में, प्रधानमंत्री कनलस-जामनगर दोहरीकरण परियोजना (28 किमी), राजकोट-कनलस दोहरीकरण परियोजना का एक भाग (111.20 किमी), और गांधीधाम-आदिपुर खंड (10.69 किमी) के चौगुने विस्तार को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं से रेल क्षमता में वृद्धि होगी, भीड़ कम होगी, परिचालन दक्षता में सुधार होगा और यात्रियों और माल की आवाजाही तेज होगी।


    प्रधानमंत्री हिम्मतनगर-खेड़ब्रह्मा गेज रूपांतरण परियोजना (54.83 किमी) का भी उद्घाटन करेंगे, जिससे क्षेत्र में रेल संपर्क और यात्री आवागमन में सुधार होगा। वे खेदब्रह्मा-हिम्मतनगर-असरवा ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाएंगे।


    प्रधानमंत्री गुजरात में शहरी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से शुरू की गई लगभग 5,300 करोड़ रुपये की 44 शहरी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य और परिवार कल्याण से जुड़ी विभिन्न पहलों का भी उद्घाटन करेंगे, जिनमें अहमदाबाद के असरवा स्थित सिविल अस्पताल में 858 बिस्तरों वाले रेन बसेरा और गांधीनगर के सिविल अस्पताल और जीएमईआरएस मेडिकल कॉलेज में इसी तरह की सुविधाओं का उद्घाटन शामिल है।


    प्रधानमंत्री मोदी पाटन स्थित रानी की वाव में लाइट एंड साउंड शो, शर्मिष्ठा झील, वडनगर में वाटर स्क्रीन प्रोजेक्शन शो सहित पर्यटन परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और बनासकांठा में बलराम महादेव और विश्वेश्वर महादेव में पर्यटन अवसंरचना कार्यों की आधारशिला रखेंगे, जिनका उद्देश्य पर्यटन अनुभव को बढ़ाना और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है।


    प्रधानमंत्री लगभग 1,780 करोड़ रुपये की लागत वाली दो प्रमुख जल पाइपलाइन परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिनमें बनासकांठा में कसारा-दंतीवाड़ा पाइपलाइन और पाटन और बनासकांठा के बीच से गुजरने वाली दिंद्रोल-मुक्तेश्वर पाइपलाइन शामिल हैं। प्रधानमंत्री अंबाजी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जल आपूर्ति योजना की आधारशिला रखेंगे। इससे बनासकांठा जिले के दंता और अमीरगढ़ तालुकों के 34 गांवों और अंबाजी शहर को पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे लगभग 1.5 लाख लोगों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री गांधीनगर जिले में लगभग 1000 करोड़ रुपये के संयुक्त निवेश से निर्मित तीन साबरमती नदी तट विस्तार परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।


    प्रधानमंत्री अहमदाबाद के वेजलपुर में सरकारी लड़कों के छात्रावास का उद्घाटन करेंगे। यह सुविधा उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे जनजातीय छात्रों को सहायता प्रदान करेगी।

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    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने श्यामजी कृष्ण वर्मा की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 30 मार्च नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने भारत माता के वीर सपूत श्यामजी कृष्ण वर्मा को आज उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने कहा कि अपने क्रांतिकारी विचारों से उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में एक नई चेतना का संचार किया। मोदी ने कहा, “उनका जीवन और आदर्श देश की हर पीढ़ी को राष्ट्रीय सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।”



    प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट किया:

    “भारत माता के वीर सपूत श्यामजी कृष्ण वर्मा को उनकी पुण्यतिथि पर सादर नमन। उन्होंने अपने क्रांतिकारी विचारों से आजादी के आंदोलन में नई चेतना जगाई थी। उनका जीवन और आदर्श देश की हर पीढ़ी को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।”

    कौन थे क्रांतिकारी श्यामजी कृष्ण वर्मा?

    श्यामजी कृष्ण वर्मा भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, क्रांतिकारी और प्रखर राष्ट्रवादी विचारक थे। उन्होंने लंदन में रहकर 'इंडिया हाउस' की स्थापना की थी, जो विदेश में भारतीय क्रांतिकारियों का सबसे बड़ा केंद्र बना। उन्होंने 'द इंडियन सोशियोलॉजिस्ट' पत्रिका के माध्यम से ब्रिटिश शासन के खिलाफ आवाज उठाई। वे स्वामी दयानंद सरस्वती और बाल गंगाधर तिलक के विचारों से बेहद प्रभावित थे और उन्होंने विनायक दामोदर सावरकर जैसे अनेक युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया।

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    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने गुजरात के पोरबंदर में माधवपुर मेले के अवसर पर शुभकामनाएँ दीं

    आरएस अनेजा, 29 मार्च नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने गुजरात के पोरबंदर में चल रहे माधवपुर मेले के लिए शुभकामनाएँ दी हैं। मोदी ने कहा कि यह जीवंत उत्सव हमारी गौरवशाली संस्कृति को प्रदर्शित करता है और साथ ही गुजरात तथा पूर्वोत्तर के बीच कालातीत सांस्कृतिक संबंध को सुदृढ़ करता है। मोदी ने कहा, “यह उत्सव विविध परंपराओं को एक साथ लाता है, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की सच्ची भावना को प्रतिबिम्बित करता है। मैं लोगों से इस मेले में आने का आह्वान करता हूँ!”


    प्रधानमंत्री ने अप्रैल 2022 के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में माधवपुर मेले के महत्व और हमारी संस्कृति में उसके महत्व के बारे में बात की।

    प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:

    गुजरात के पोरबंदर में चल रहे माधवपुर मेले के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ।

    यह जीवंत उत्सव हमारी गौरवशाली संस्कृति को प्रदर्शित करता है और साथ ही गुजरात तथा पूर्वोत्तर के बीच कालातीत सांस्कृतिक संबंध को सुदृढ़ करता है।

    “यह उत्सव विविध परंपराओं को एक साथ लेकर आता है, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की सच्ची भावना को प्रतिबिम्बित करता है। मैं लोगों से इस मेले में आने का आह्वान करता हूँ!”

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    विकसित यूपी की नई उड़ान: पीएम मोदी ने किया जेवर में नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन

    आरएस अनेजा, 28 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। इस अवसर पर गर्व और खुशी व्यक्त करते हुए प्रधान मंत्री ने कहा कि आज विकसित यूपी, विकसित भारत अभियान में एक नया अध्याय जुड़ा है।

    उन्होंने कहा कि भारत का सबसे बड़ा राज्य अब सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाले राज्यों में से एक बन गया है। पीएम मोदी ने साझा किया कि उन्हें दोगुना गर्व महसूस हो रहा है, पहला, इस हवाई अड्डे की आधारशिला रखने और अब इसका उद्घाटन करने के लिए, और दूसरा, क्योंकि इस भव्य हवाई अड्डे का नाम उत्तर प्रदेश से जुड़ा है। श्री मोदी ने टिप्पणी की, "यह वह राज्य है जिसने मुझे अपना प्रतिनिधि चुना और मुझे संसद सदस्य बनाया और इसकी पहचान अब इस शानदार हवाई अड्डे से जुड़ी है।"

    नए हवाई अड्डे के दूरगामी प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि नोएडा हवाई अड्डे से आगरा, मथुरा, अलीगढ, गाजियाबाद, मेरठ, इटावा, बुलन्दशहर और फ़रीदाबाद सहित एक विशाल क्षेत्र को लाभ होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हवाईअड्डा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, छोटे और मध्यम उद्यमों और युवाओं के लिए कई नए अवसर लाएगा। श्री मोदी ने राज्य के लोगों, विशेषकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा, "यहां से दुनिया भर के लिए विमान उड़ान भरेंगे और यह हवाई अड्डा विकसित उत्तर प्रदेश की उड़ान का प्रतीक भी बनेगा।"

    वर्तमान वैश्विक स्थिति के बारे में बोलते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया आज बहुत चिंतित है, पश्चिम एशिया में एक महीने से अधिक समय से युद्ध चल रहा है, जिससे कई देशों में भोजन, पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरक सहित आवश्यक वस्तुओं का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत संघर्ष प्रभावित क्षेत्र से बहुत बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस का आयात करता है। श्री मोदी ने पुष्टि की, "सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है कि इस संकट का बोझ सामान्य परिवारों और किसानों पर न पड़े।"

    वैश्विक संकट के समय भी भारत के तीव्र विकास की निरंतर गति को रेखांकित करते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि अकेले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में, यह चौथी बड़ी परियोजना है जिसका हाल के हफ्तों में या तो उद्घाटन किया गया है या इसकी आधारशिला रखी गई है। पीएम मोदी ने कहा, "इस अवधि के दौरान, नोएडा में एक प्रमुख सेमीकंडक्टर फैक्ट्री की आधारशिला रखी गई, देश की पहली दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन ने गति पकड़ी, मेरठ मेट्रो का विस्तार किया गया और आज नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया जा रहा है।"

    प्रधानमंत्री ने यूपी के विकास में इन उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए वर्तमान सरकार को श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर फैक्ट्री भारत को प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बना रही है, मेरठ मेट्रो और नमो भारत रेल तेज और स्मार्ट कनेक्टिविटी प्रदान कर रही है, और जेवर हवाई अड्डा पूरे उत्तर भारत को दुनिया से जोड़ रहा है। श्री मोदी ने कहा, "आज मौजूदा सरकार के तहत वही नोएडा यूपी के विकास का एक शक्तिशाली इंजन बन रहा है।"

    हवाईअड्डा परियोजना के इतिहास के बारे में विस्तार से बताते हुए, प्रधान मंत्री ने याद किया कि जेवर हवाईअड्डे को अटल जी ने 2003 में ही मंजूरी दे दी थी। और जैसे ही यहां वर्तमान सरकार बनी, नींव रखी गई, निर्माण हुआ और अब इसका परिचालन शुरू हो गया है,'' श्री मोदी ने कहा।

    लॉजिस्टिक्स हब के रूप में क्षेत्र की उभरती भूमिका की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए, प्रधान मंत्री ने बताया कि यह क्षेत्र दो प्रमुख माल ढुलाई गलियारों का केंद्र बन रहा है, मालगाड़ियों के लिए विशेष रेलवे ट्रैक बिछाए गए हैं, जिन्होंने बंगाल और गुजरात के समुद्रों के साथ उत्तर भारत की कनेक्टिविटी को बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि दादरी वह रणनीतिक बिंदु है जहां ये दोनों गलियारे मिलते हैं, जिसका अर्थ है कि यहां किसान जो कुछ भी उगाते हैं और उद्योग पैदा करते हैं वह अब जमीन और हवाई मार्ग से दुनिया के हर कोने तक तेजी से पहुंच सकता है। पीएम मोदी ने कहा, "इस तरह की मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी यूपी को दुनिया भर के निवेशकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बना रही है।"

    प्रधानमंत्री ने क्षेत्र की छवि में बदलाव को संबोधित करते हुए कहा। आज नोएडा पूरी दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार है। ये पूरा क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत कर रहा है।”

    प्रधानमंत्री ने उन किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस परियोजना को वास्तविकता बनाने के लिए अपनी जमीनें दीं, यह देखते हुए कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में कृषि और खेती का बहुत महत्व है। श्री मोदी ने कहा कि आधुनिक कनेक्टिविटी के विस्तार से पश्चिमी यूपी में खाद्य प्रसंस्करण की संभावनाओं को और बढ़ावा मिलेगा, उन्होंने कहा, "यहां की कृषि उपज अब अधिक कुशलता से वैश्विक बाजारों तक पहुंचेगी।"

    कच्चे तेल पर भारत की निर्भरता को कम करने में गन्ना किसानों के योगदान को स्वीकार करते हुए, प्रधान मंत्री ने गन्ने से उत्पादित इथेनॉल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। पीएम मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इथेनॉल उत्पादन में वृद्धि और पेट्रोल के साथ इसके मिश्रण के बिना, भारत को सालाना अतिरिक्त साढ़े चार करोड़ बैरल, लगभग 700 करोड़ लीटर कच्चे तेल का आयात करना पड़ता, उन्होंने कहा, "हमारे किसानों की कड़ी मेहनत ने देश को संकट के समय में यह बड़ी राहत दी है।"

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    प्रधानमंत्री ने बालेंद्र शाह को नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने पर बधाई दी

    आरएस अनेजा, 27 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बालेंद्र शाह को नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने पर बधाई दी। श्री मोदी ने कहा, “आपकी नियुक्ति नेपाल की जनता द्वारा आपके नेतृत्व पर जताए गए भरोसे को दर्शाती है। मैं भारत और नेपाल के बीच की मित्रता और सहयोग को दोनों देशों के लोगों के पारस्परिक लाभ के लिए नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।”

    प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया:

    “नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने पर श्री बालेंद्र शाह को हार्दिक बधाई।

    आपकी नियुक्ति नेपाल की जनता द्वारा आपके नेतृत्व पर जताए गए भरोसे को दर्शाती है। मैं भारत-नेपाल मित्रता और सहयोग को दोनों देशों की जनता के पारस्परिक लाभ के लिए नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।”

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    पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कटौती पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज बोले, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता का हर परिस्थिति में पूरा ध्यान रखते है”

    अमेरिका के अलावा भारत के आसपास देशों में पेट्रोल के दाम बढ़े हैं, मगर हमारे देश में जनता की जेब पर बोझ न बढ़े इसलिए कटौती की गई : मंत्री अनिल विज

    देश में लॉकडाउन की अफवाह पर ऊर्जा मंत्री ने दी कड़ी प्रतिक्रिया, कहा “देश विरोधी लोग देश में हर वक्त कोई न कोई भ्रांति फैलाकर रखना चाहते है”

    अम्बाला/चंडीगढ़, 27 मार्च — हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर 10-10 रुपए एक्साइज ड्यूटी में कटौती करने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता का हर परिस्थिति में पूरा ध्यान रखते है।

    पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि खाड़ी के देशों में युद्ध चल रहा है और इसके कारण देश के लोगों को कोई परेशानी न उठानी पड़े इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल-डीजल पर 10-10 रुपए एक्साइज ड्यूटी कम कर दी है जबकि आसपास के देशों में तेल के दाम बढ़े हैं। अमेरिका, पाकिस्तान व आसपास देशों में तेल के दाम बढ़े लेकिन हमारे देश में लोगों की जेब पर बोझ न पड़े इसलिए यहां पर एक्साइज ड्यूटी कम की गई है।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने भारत में लॉकडाउन की अफवाह पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो देश विरोधी लोग हैं, विदेशी ताकतों के हाथों में खेलने वाले लोग हैं वो देश में हर वक्त कोई न कोई भ्रांति फैलाकर रखना चाहते है। उन्होंने कहा हमारा देश चार-पांच युद्ध लड़ चुका है लेकिन तब भी लॉकडाउन नहीं लगा। अब यह युद्ध भारत से लगभग पांच हजार किलोमीटर दूर लड़ा जा रहा है। ऐसे में केवल लोगों को भ्रमित करने और डराने के लिए यह लोग ऐसी अफवाहें फैला रहे हैं और इनको जनता जवाब देगी।

    वहीं युद्ध के चलते एलपीजी गैस कमी को लेकर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि एलपीजी की किसी प्रकार की कोई किल्लत नहीं है। गैस उचित मात्रा में मिल रही है, अम्बाला छावनी साइंस इंडस्ट्री के लोगों को कुछ दिक्कत आई थी जिसके लिए उच्च अधिकारियों से बातचीत की गई और समाधान करने की निर्देश दिए गए हैं।

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    मार्कापुरम में मातम: आग का गोला बनी निजी बस, 13 यात्रियों की दर्दनाक मौत; पीएम मोदी और सीएम नायडू ने जताया शोक

    आरएस अनेजा, 26 मार्च नई दिल्ली - आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के मार्कापुरम में आज (26 मार्च) तड़के लगभग पांच बजे एक अत्यंत दुखद सड़क दुर्घटना हुई है। यहाँ रायवरम के पास एक निजी बस और बजरी से लदे टिपर ट्रक के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई, जिसके बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई।

    दुर्घटना मार्कापुरम जिले में रायवरम के पास खदान क्षेत्र में हुई। जानकारी के अनुसार, इस हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 25 लोग घायल हैं। कुछ यात्रियों की बस के अंदर ही जिंदा जलने से दर्दनाक मौत हो गई। निजी बस तेलंगाना के जगतियाल से नेल्लोर जिले के कलिगिरी जा रही थी। हादसे के वक्त बस में करीब 41 यात्री सवार थे। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को इलाज के लिए गुंटूर के सरकारी अस्पताल में रेफर किया गया है।

    उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

    आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं और दुख व्यक्त किया है। तेलंगाना सरकार ने पीड़ितों के परिवारों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबरों के साथ कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं।

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    रक्षा मंत्री ने पश्चिम एशिया की स्थिति और भारत की रक्षा तैयारियों पर इसके प्रभाव की समीक्षा की

    आरएस अनेजा, 25 मार्च नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, सेना प्रमुखों, रक्षा सचिव, रक्षा उत्पादन सचिव और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के अध्यक्ष के साथ बैठक के दौरान पश्चिम एशिया की स्थिति और भारत की रक्षा तैयारियों पर इसके प्रभाव का जायजा लिया।

    उन्हें वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य, मौजूदा संघर्षों के संभावित विस्तार के भारत पर पड़ने वाले प्रभाव के साथ-साथ वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति से उत्पन्न चुनौतियों और अवसरों के बारे में जानकारी दी गई। मौजूदा उपकरणों के रखरखाव और सेवाक्षमता सहित रक्षा उपकरणों की खरीद और उत्पादन के लिए आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन पर स्थिति के प्रभाव का भी विश्लेषण किया गया।

    रक्षा मंत्री ने निर्देश दिया कि भारत की तैयारियों को बेहतर बनाने के लिए मौजूदा संघर्ष से मिले परिचालन और तकनीकी सबक का निरंतर अध्ययन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमें अगले दशक के लिए एक व्यापक एकीकृत रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता है, जिसमें सीखे गए सबक, आगे आने वाली चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखते हुए सभी मोर्चों पर आत्मनिर्भरता और परिचालन तत्परता सुनिश्चित की जाए।”

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    नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की

    आरएस अनेजा, 24 मार्च नई दिल्ली- नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।


    प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक पोस्ट में कहा;

    “नागालैंड के राज्यपाल, श्री @nkishoreyadav ने प्रधानमंत्री @narendramodi से मुलाकात की।

    @ LokBhavanKohima

    #PMModi #NagalandGovernor #NandKishoreYadav #NewDelhi #CounstitionalMeet #NagalandDevelopment #NationalNews #DanikKhabar

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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर लोकसभा को संबोधित किया

    आरएस अनेजा, 23 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज लोकसभा को पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और इससे भारत के समक्ष उत्पन्न व्यापक चुनौतियों के विषय पर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह संकट तीन सप्ताह से अधिक समय से जारी है, जिसके वैश्विक अर्थव्यवस्था और जनजीवन पर गंभीर दुष्‍परिणाम हुए हैं। प्रधानमंत्री ने इसके समाधान की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। श्री मोदी ने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा, "पूरी दुनिया सभी पक्षों से इस संकट के शीघ्र समाधान का आग्रह कर रही है।"

    भारत के समक्ष विद्यमान चुनौतियों की प्रकृति पर विस्तार से चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध ने अभूतपूर्व आर्थिक, राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय दबाव पैदा कर दिया है। उन्होंने कहा कि युद्धग्रस्त और युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक संबंध हैं, संघर्ष क्षेत्र महत्वपूर्ण व्यापार मार्गों पर स्थित है और भारत की कच्चे तेल और गैस की आवश्‍यकताओं का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से पूरा होता है। खाड़ी देशों में रहने और काम करने वाले लगभग एक करोड़ भारतीयों और उन जलक्षेत्रों में वाणिज्यिक जहाजों पर सवार बड़ी संख्या में भारतीय चालक दल के सदस्यों की ओर ध्यान दिलाते हुए प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, "स्वाभाविक रूप से भारत की चिंताएं कहीं अधिक हैं, इसलिए यह आवश्यक है कि इस संकट पर भारत की संसद से एकजुट और सर्वसम्मत आवाज विश्व के सामने रखी जाए।"

    प्रधानमंत्री ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार की त्वरित कार्रवाई का विवरण देते हुए सदन को सूचित किया कि युद्ध आरंभ होने के बाद से प्रभावित देशों में प्रत्येक भारतीय को आवश्यक सहायता प्रदान की गई है। श्री मोदी ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से दो चरण में अधिकांश पश्चिम एशियाई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बात की है, जिन्होंने भारतीयों की सुरक्षा के संबंध में पूर्ण आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा, "घायलों को बेहतर चिकित्सा उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है और ऐसी कठिन परिस्थितियों में शोक संतप्त परिवारों को आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है।"

    प्रधानमंत्री ने विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए सक्रिय किए गए कांसुलर और संस्थागत सहायता ढांचे का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने बताया कि प्रभावित देशों में स्थित सभी भारतीय दूतावास निरंतर सहायता प्रदान कर रहे हैं, नियमित रूप से सलाह जारी कर रहे हैं, और भारत तथा अन्य प्रभावित देशों में चौबीसों घंटे चलने वाले नियंत्रण कक्ष और आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित किए गए हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सक्रिय लोकसम्‍पर्क पर बल देते हुए कहा, "इन तंत्रों के माध्यम से सभी प्रभावित लोगों को, चाहे वे भारतीय श्रमिक हों या पर्यटक, तुरंत जानकारी प्रदान की जा रही है।"

    प्रधानमंत्री ने निकासी अभियान की व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए सदन को सूचित किया कि युद्ध आरंभ होने के बाद से 3,75,000 से अधिक भारतीय सुरक्षित रूप से भारत लौट चुके हैं, जिनमें अकेले ईरान से लगभग 1,000 भारतीय शामिल हैं, जिनमें से 700 से अधिक युवा मेडिकल छात्र हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सीबीएसई ने खाड़ी देशों में स्थित भारतीय स्कूलों में निर्धारित कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं और शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहा है। सरकार के दृष्टिकोण का सारांश प्रस्‍तुत करते हुए श्री मोदी ने कहा, "सरकार संवेदनशील, सतर्क और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है।"

    प्रधानमंत्री ने ऊर्जा आपूर्ति के गंभीर मुद्दे पर स्वीकार किया कि बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, गैस, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुएं होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर भारत पहुंचती हैं, और युद्ध के बाद से जलडमरूमध्य से होकर माल ढुलाई करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सरकार का मुख्य ध्यान आम परिवारों को कठिनाइयों से बचाने पर रहा है। एलपीजी के घरेलू उपयोग को प्राथमिकता देने और इसके घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने जैसे उपायों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, "पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।"

    प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले एक दशक में अपनाई गई ऊर्जा विविधीकरण रणनीति विद्यमान संकट में कितनी कारगर साबित हुई है। उन्होंने सदन को बताया कि भारत ने पिछले 11 वर्षों में ऊर्जा आयात के अपने स्रोतों को 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों तक कर दिया है, जिससे किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हो गई है। इस दूरदर्शितापूर्ण दृष्टिकोण पर बल देते हुए श्री मोदी ने कहा, "आज की परिस्थितियों में, ऊर्जा सुरक्षा के संबंध में पिछले एक दशक में उठाए गए कदम और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।"

    प्रधानमंत्री ने रणनीतिक भंडार के विषय पर कहा कि भारत ने संकट के ऐसे ही समय के लिए कच्चे तेल के भंडारण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने सदन को सूचित किया कि भारत के पास आज 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक का कार्यनीतिक पेट्रोलियम भंडार है और तेल कंपनियों के अलग-अलग भंडारों के अतिरिक्त 65 लाख मीट्रिक टन से अधिक का भंडार बनाने का कार्य जारी है। भारत के शोधन तंत्र में समग्र सुधार पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, "पिछले 11 वर्षों में हमारी शोधन क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।"

    प्रधानमंत्री ने वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं के साथ सरकार की सक्रिय भागीदारी और खाड़ी जलमार्गों की सतर्क निगरानी का विस्तृत विवरण दिया, ताकि भारत को तेल, गैस, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुएं ले जाने वाले जहाजों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जा सके। समुद्री गलियारों को सुरक्षित रखने के लिए सभी वैश्विक साझेदारों के साथ निरंतर संवाद का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा, "इन प्रयासों के कारण, होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हमारे कई जहाज हाल ही में भारत पहुंच चुके हैं।"

    प्रधानमंत्री ने भारत के घरेलू ऊर्जा परिवर्तन की बात करते हुए  इथेनॉल मिश्रण में हुई असाधारण प्रगति पर प्रकाश डाला, जो एक दशक पहले मात्र 1-1.5 प्रतिशत से बढ़कर आज लगभग 20 प्रतिशत हो गया है। इससे तेल आयात में प्रति वर्ष लगभग साढ़े चार करोड़ बैरल की कमी आई है। उन्होंने रेलवे के विद्युतीकरण का भी उल्लेख किया, जिससे प्रति वर्ष लगभग 180 करोड़ लीटर डीजल की बचत हुई है। मेट्रो नेटवर्क का विस्तार 2014 में 250  किलोमीटर से कम से बढ़कर आज लगभग 1,100 किलोमीटर हो गया है और केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को 15,000 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई गई हैं। भारत के ऊर्जा भविष्य में विश्वास जताते हुए, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जोर देकर कहा, "वैकल्पिक ईंधनों पर आज जिस स्‍तर पर काम हो रहा है, उससे भारत का भविष्य और भी सुरक्षित होगा।"

    व्यापक आर्थिक प्रभावों पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि ऊर्जा आधुनिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और पश्चिम एशिया वैश्विक ऊर्जा आवश्यकताओं का एक प्रमुख स्रोत है, जिससे वर्तमान संकट विश्व भर की अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक चुनौती बन गया है। उन्होंने सदन को सूचित किया कि सरकार मजबूत आर्थिक आधारभूत सिद्धांतों, सेक्‍टर-विशिष्ट हितधारकों के परामर्श और भारत की आयात-निर्यात श्रृंखला में हर कठिनाई का आकलन और समाधान करने के लिए प्रतिदिन बैठक करने वाले एक समर्पित अंतर-मंत्रालयी समूह द्वारा समर्थित एक व्यापक अल्पकालिक, मध्यम-अवधि और दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है। श्री मोदी ने आशा व्यक्त करते हुए कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार और उद्योग के संयुक्त प्रयासों से हम इन परिस्थितियों का प्रभावी ढंग से सामना करने में सक्षम होंगे।"

    कृषि पर युद्ध के प्रभाव के बारे में प्रधानमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि भारत के किसानों ने पर्याप्त खाद्यान्न भंडार सुनिश्चित कर लिया है और सरकार खरीफ की उचित बुवाई को सुविधाजनक बनाने के लिए काम कर रही है तथा हाल के वर्षों में मजबूत आपातकालीन खाद्य व्यवस्थाएं बनाई हैं। कोविड-19 महामारी और उससे संबंधित वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के दौरान भी, जब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में यूरिया की कीमतें 3,000 रुपये प्रति बोरी तक पहुंच गईं थीं, तब भी सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि भारतीय किसानों को वही बोरी 300 रुपये से कम में मिले। श्री मोदी ने कहा, "पहले भी हमारी सरकार ने वैश्विक संकटों का बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया।"

    भारतीय कृषि को बाहरी झटकों से बचाने के लिए उठाए गए संरचनात्मक कदमों का विस्तार से उल्‍लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले दशक में छह नए यूरिया संयंत्र चालू किए गए हैं, जिससे वार्षिक उत्पादन क्षमता में 76 लाख मीट्रिक टन से अधिक की वृद्धि हुई है। डीएपी और एनपीकेएस उर्वरकों का घरेलू उत्पादन लगभग 50 लाख मीट्रिक टन बढ़ा है और उर्वरक आयात के स्रोतों में विविधता लाई गई है। इन प्रयासों की व्यापकता पर बल देते हुए, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, "जिस प्रकार हमने तेल और गैस आयात को विविधीकृत किया है, उसी प्रकार हमने डीएपी और एनपीकेएस के आयात के विकल्पों का भी विस्तार किया है।"

    प्रधानमंत्री ने मेड-इन-इंडिया नैनो यूरिया जैसे नवोन्‍मेषणों के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और डीजल पर किसानों की निर्भरता को कम करने के लिए पीएम-कुसुम योजना के तहत 22 लाख से अधिक सौर पंपों के वितरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।

    जारी युद्ध के बीच गर्मी के मौसम में बिजली की बढ़ती मांग की चुनौती का उल्‍लेख करते  हुए प्रधानमंत्री ने सदन को सूचित किया कि देश भर के सभी बिजली संयंत्रों में पर्याप्त कोयले का भंडार उपलब्ध है और भारत ने लगातार दूसरे वर्ष 100 करोड़ टन कोयले के उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिजली उत्पादन से लेकर बिजली आपूर्ति तक सभी प्रणालियों की निरंतर निगरानी की जा रही है और पिछले दशक में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में हुई अभूतपूर्व प्रगति से सरकार की तैयारियों को अत्‍यधिक मजबूती मिली है। भारत की कुल संस्थापित बिजली उत्पादन क्षमता का आधा हिस्सा अब नवीकरणीय स्रोतों से आता है और देश की कुल नवीकरणीय क्षमता 250 गीगावाट के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुकी है। श्री मोदी ने कहा कि अकेले सौर ऊर्जा क्षमता पिछले 11 वर्षों में लगभग 3 गीगावाट से बढ़कर 140 गीगावाट हो गई है, लगभग 40 लाख रूफटॉप सौर पैनल लगाए गए हैं, गोबर्धन योजना के तहत 200 संपीड़ित बायोगैस संयंत्र अब चालू हैं, और परमाणु ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, साथ ही एक नई स्वीकृत लघु जल विद्युत विकास योजना भी है जो अगले पांच वर्षों में 1,500 मेगावाट क्षमता जोड़ेगी। उन्होंने जोर देकर कहा, "ये सभी प्रयास आज देश की बहुत सेवा कर रहे हैं, और वे भारत के ऊर्जा भविष्य को और भी अधिक सुरक्षित बनाएंगे।"

    प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत की राजनयिक प्रतिक्रिया के संबंध में कहा कि भारत का रुख शुरू से ही स्पष्ट रहा है, जिसमें गहरी चिंता व्यक्त करना, तनाव कम करने की पक्षधरता करना और नागरिकों तथा ऊर्जा एवं परिवहन अवसंरचना पर हमलों का विरोध करना शामिल है। उन्होंने सदन को सूचित किया कि उन्‍होंने सभी संबंधित पश्चिम एशियाई नेताओं से बातचीत की है और उनसे तनाव कम करने और संघर्ष समाप्त करने का आग्रह किया है। उन्‍होंने जोर देकर कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में अवरोध पैदा करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "युद्ध के माहौल के बीच भी, भारत कूटनीति के माध्यम से भारतीय जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।"

    मानवता और शांति के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत और कूटनीति ही इस समस्‍या का समाधान है। यह उल्‍लेख करते हुए कि भारत का हर प्रयास तनाव कम करने और शत्रुता को समाप्त करने की दिशा में निर्देशित है  और इस युद्ध में किसी भी जीवन को खतरे में डालना मानवता के हितों के विरुद्ध है, श्री मोदी ने कहा, "भारत का प्रयास सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करना है।"

    प्रधानमंत्री ने सदन का ध्यान संकट के आंतरिक सुरक्षा पहलू की ओर भी दिलाया और चेतावनी दी कि कुछ तत्व ऐसी स्थितियों का लाभ उठाने की कोशिश कर सकते हैं। सदन को यह सूचित करते हुए कि सभी कानून-व्यवस्था एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है और तटीय, सीमा, साइबर और रणनीतिक प्रतिष्ठानों सहित सभी क्षेत्रों में सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सावधान किया, "चाहे वह तटीय सुरक्षा हो, सीमा सुरक्षा हो, साइबर सुरक्षा हो या रणनीतिक प्रतिष्ठान, सभी की सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है।"

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि इस युद्ध के कारण उत्पन्न कठिन वैश्विक परिस्थितियां लंबे समय तक बनी रहने की संभावना है। उन्होंने राष्ट्र से कोविड-19 महामारी के समय की तरह ही एकजुट बने रहने और तैयार रहने की अपील की। श्री मोदी ने धैर्य, संयम और सतर्कता बरतने का आग्रह करते हुए तथा झूठी अफवाहें फैलाने, कालाबाजारी करने या जमाखोरी करने वालों के प्रति सावधान करते हुए सदन के माध्यम से सभी राज्य सरकारों से ऐसे तत्वों की कड़ी निगरानी और उनके विरूद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की। ​​राष्ट्र के सामूहिक संकल्प में अपनी अटूट आस्था व्यक्त करते हुए, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, "जब इस देश की हर सरकार और हर नागरिक एक साथ चलेंगे, तभी हम हर चुनौती का सामना कर सकते हैं। यही हमारी पहचान है और यही हमारी शक्ति है।"

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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शहीद दिवस पर भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 23 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज शहीद दिवस के अवसर पर महान स्वतंत्रता सेनानियों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र के लिए इन महान नायकों का बलिदान भारत की सामूहिक स्मृति में गहराई से अंकित है; उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि कम उम्र में ही उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के उद्देश्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता दिखाई।

    मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि औपनिवेशिक शासन की ताकत से विचलित हुए बिना, उन्होंने दृढ़ विश्वास के साथ बलिदान का मार्ग चुना और राष्ट्र को अपने जीवन से ऊपर रखा; न्याय, देशभक्ति और निडर प्रतिरोध के उनके आदर्श आज भी अनगिनत भारतीयों के मन में प्रेरणा का संचार करते हैं।

    प्रधानमंत्री ने एक्स(X) पर लिखा:

    "आज हम भारत माता के वीर सपूतों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। राष्ट्र के लिए उनका बलिदान हमारी सामूहिक स्मृति में सदा के लिए अंकित है।

    कम उम्र में ही उन्होंने असाधारण साहस और भारत की स्वतंत्रता के उद्देश्य के प्रति अटूट निष्ठा का परिचय दिया। औपनिवेशिक शासन की ताकत से विचलित हुए बिना, उन्होंने दृढ़ विश्वास के साथ बलिदान का मार्ग चुना और राष्ट्र को अपने जीवन से ऊपर रखा; न्याय, देशभक्ति और निडर प्रतिरोध के आदर्श आज भी अनगिनत भारतीयों के मन में प्रेरणा का संचार करते हैं।

    #PrimeMinisterModi #BhagatSingh #Rajguru #Sukhdev #MartyrsDay #Tribute #IndianFreedomFighters #Patriotism #IndependenceHeroes #HistoryMatters #InspiringLeadership #CourageousYouth #LegacyOfBravery #NationalPride #RememberTheHeroes #TeamIndia #IndianHistory #Sacrifice #HeroicLegends #UnityInDiversity

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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं

    आरएस अनेजा, 22 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज बिहार दिवस के अवसर पर बिहार के लोगों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य के लोगों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिहार ने लंबे समय से भारतीय विरासत को गौरव और आध्यात्मिकता प्रदान की है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य वर्तमान में प्रतिदिन प्रगति के नए अध्याय गढ़ रहा है। मोदी ने आगे विश्वास व्यक्त किया कि बिहार के कर्मठ और ऊर्जावान लोगों का समर्पण और क्षमता ‘विकसित बिहार’ के संकल्प को ‘विकसित भारत’ के साथ साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    प्रधानमंत्री ने एक्स(X) पर लिखा:

    "बिहार दिवस के अवसर पर राज्य के अपने सभी परिवारजनों को अनेकानेक शुभकामनाएं। भारतीय विरासत को भव्यता और दिव्यता प्रदान करने वाला हमारा यह प्रदेश आज प्रगति के नित-नए अध्याय गढ़ने में जुटा है। मुझे विश्वास है कि विकसित बिहार के साथ विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में यहां के कर्मठ एवं ऊर्जावान लोगों का समर्पण और सामर्थ्य बहुत काम आएगा।"

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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नव संवत्सर के पावन अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दीं

    आरएस अनेजा, 19 मार्च नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नव संवत्सर के शुभ अवसर पर देशवासियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं और समृद्धि से भरे वर्ष तथा राष्ट्रीय प्रगति के प्रति नए संकल्प की कामना की है।

    नव संवत्सर के अत्यंत विशेष अवसर पर सभी को अपनी शुभकामनाएं देते हुए, प्रधानमंत्री ने प्रार्थना की कि आने वाला नव वर्ष प्रत्येक के जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सेवा की भावना को मजबूत करे। मोदी ने आगे उम्मीद जताई कि ये मूल्य राष्ट्र निर्माण की दिशा में किए जा रहे सामूहिक प्रयासों को नई गति प्रदान करेंगे, और साथ ही उन्होंने सभी नागरिकों के लिए असीम सुख, सफलता और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

    प्रधानमंत्री ने एक्स (X)पर लिखा;

    "देशवासियों को नव संवत्सर की अनंत शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि यह नया साल आप सभी के जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सेवा की भावना को और सशक्त करे, जो राष्ट्र निर्माण के प्रयासों को भी नई मजबूती दे।"

    “नव संवत्सर के अत्यंत विशेष अवसर पर सभी को शुभकामनाएं। सभी को असीम सुख, सफलता और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त हो। मैं प्रार्थना करता हूं कि आने वाला नव वर्ष प्रत्येक के जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सेवा की भावना को और सुदृढ़ करे। साथ ही, राष्ट्र-निर्माण की दिशा में किए जा रहे हमारे सामूहिक प्रयासों को भी यह एक नई गति प्रदान करे।”  

    #NavSamvatsar #HindiNewYear #VikramSamvat2083 #NewYear2026 #NationBuilding #SelflessService #Prosperity #NewBeginnings #IndianCulture #AmritKaal #DanikKhabar

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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुड़ी पड़वा, उगादी, चेती चांद, नवरेह और साजिबू चेइराओबा के अवसर पर शुभकामनाएं दीं

    आरएस अनेजा, 19 मार्च नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुड़ी पड़वा, उगादी, चेती चांद, नवरेह और साजिबू चेइराओबा के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।

    एक्स(X)पर अलग-अलग पोस्ट में, प्रधानमंत्री ने लिखा:

    “गुड़ी पड़वा की हार्दिक शुभकामनाएं!”

    “गुढीपाडव्याच्या हार्दिक शुभेच्छा!”

    “गुडी पाडव्याचीं परबीं”

    “आपका उगादी मंगलमय हो!”

    “ನಿಮ್ಮ ಯುಗಾದಿ ಸಡಗರದಿಂದ ಕೂಡಿರಲಿ! ”

    “ఉగాది పండుగను ఆనందంగా జరుపుకోండి!”

    “चेती चांद की हार्दिक शुभकामनाएं! आपके लिए यह वर्ष बहुत ही शुभ हो, ऐसी कामना करता हूं।”

    “नवरेह पोश्ते! आने वाला वर्ष आपके लिए बहुत अच्छा हो।”

    “साजिबू चेइराओबा की शुभकामनाएं। सभी के लिए एक शानदार वर्ष की कामना करता हूं।”

    #GudiPadwa #Ugadi #ChetiChand #Navreh #SajibuCheiraoba #IndianNewYear #ChaitraNavratri #FestivalsOfIndia #UnityInDiversity #NewBeginnings #DanikKhabar

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    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने मध्य प्रदेश के इंदौर में हुई अग्नि दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति शोक व्यक्त किया

    नई दिल्ली, 18 मार्च (अन्‍नू): प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इंदौर में हुई दुखद अग्नि दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों के लिए अनुग्रह राशि की घोषणा की है।

    प्रधानमंत्री ने इंदौर अग्निकांड में हुई जानमाल की हानि पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। मोदी ने घोषणा की कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे।

    प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर लिखा;

    “मध्य प्रदेश के इंदौर में हुई अग्नि दुर्घटना में हुई जानमाल की हानि से मैं अत्यंत व्यथित हूं। मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा बल (पीएमएनआरएफ) की ओर से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।”

    #IndoreFireTragedy #PMModi #IndoreNews #ExGratia #PMNRF #MadhyaPradesh #Condolences #SafetyFirst #RescueOperation #DanikKhabar

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    असम को ₹4,500 करोड़ की सौगात: पीएम मोदी ने कोकराझार को दिया विकास का 'डबल इंजन', 3 नई ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी

    आरएस अनेजा, 13 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम के लोगों को बड़ी सौगात दी। असम की राजधानी गुवाहाटी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम मोदी ने असम के कोकराझार में 4,570 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया और इसके साथ ही तीन नई ट्रेन सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई।

    इसके साथ ही पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोगों से माफी भी मांगी। पीएम ने कहा, "मौसम खराब होने की वजह से मैं कोकराझार नहीं आ पा रहा हूं और इसके लिए मैं आप सभी से माफी मांगता हूं। पीएम ने कहा, मैं दिल्ली से निकला था आपके पास आने के लिए, लेकिन मुझे गुवाहाटी में ही उतरना पड़ा और अब मैं यहीं से आपसे बात कर पा रहा हूं।"

    पीएम मोदी ने कहा, भाजपा-एनडीए की डबल इंजन सरकार असम के तेजी से विकास के लिए निरंतर काम कर रही है और आज ही विकास के लिए 4,500 करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इसमें से 1,100 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि बोडोलैंड की सड़कों के लिए खर्च होगी और इससे असम की रोड कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

    पीएम मोदी ने 3,200 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली 'असम माला 3.0' की परियोजना की शुरुआत की, जिसके तहत, अंतर-राज्यीय संपर्क को बेहतर बनाने और राष्ट्रीय राजमार्गों व ग्रामीण सड़कों के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

    पीएम मोदी ने असम के लिए तीन नई रेल सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई, इसमें कामाख्या-चारलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल है, जो उत्तर-पूर्व और दक्षिण भारत के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। गुवाहाटी-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस, असम और पश्चिम बंगाल के बीच संपर्क को बेहतर बनाएगी। वहीं नारंगी-अगरतला एक्सप्रेस असम और त्रिपुरा के बीच संपर्क को बेहतर बनाएगी।

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 मार्च को पश्चिम बंगाल में 18,680 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे

    आरएस अनेजा, 13 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 मार्च 2026 को पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 2 बजे कोलकाता में लगभग 18,680 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे।

    क्षेत्र में सड़क अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के तहत, प्रधानमंत्री लगभग 16,990 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 420 किलोमीटर से अधिक की कुल लंबाई वाली कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। उद्घाटन की जा रही परियोजनाओं में पश्चिम बंगाल और झारखंड में एनएच-19 और पश्चिम बंगाल में एनएच-114 के खंड शामिल हैं। इन परियोजनाओं से सड़क सुरक्षा में सुधार, यात्रा समय में कमी, भीड़भाड़ और प्रदूषण में कमी, क्षेत्रीय संपर्क में वृद्धि, पर्यटन को बढ़ावा और क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

    प्रधानमंत्री कई नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें एनएच-116ए के 231 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले खड़गपुर-मोरग्राम आर्थिक गलियारे के पांच पैकेज शामिल हैं। यह परियोजना खड़गपुर और सिलीगुड़ी के बीच आर्थिक गलियारे का हिस्सा है और पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुरा, हुगली, पूर्वी बर्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों से होकर गुजरेगी। खड़गपुर-मोरग्राम के बीच सीधी कनेक्टिविटी से यात्रा की दूरी लगभग 120 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रा समय में लगभग सात से आठ घंटे की बचत होगी।

    यह गलियारा एनएच-16, एनएच-19, एनएच-14 और एनएच-12 सहित प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से भी जुड़ेगा, जिससे मल्टी-कॉरिडोर कनेक्टिविटी मजबूत होगी। प्रधानमंत्री एनएच-14 पर 5.6 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले दुबराजपुर बाईपास के निर्माण की आधारशिला भी रखेंगे, जिससे दुबराजपुर शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात कम होगा और यात्रा समय में लगभग एक घंटे की कमी आएगी। वह एनएच-14 पर कांगशबाती और शिलाबाती नदियों पर बनने वाले अतिरिक्त चार लेन वाले प्रमुख पुलों के निर्माण की आधारशिला भी रखेंगे।

    प्रधानमंत्री इस यात्रा के दौरान कई जहाजरानी और बंदरगाह संबंधी परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे। वे हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स के बर्थ नंबर 2 के मशीनीकरण परियोजना का उद्घाटन करेंगे, जिससे कुशल, तेज और पर्यावरण के अनुकूल माल ढुलाई संभव हो सकेगी। यह परियोजना माल ढुलाई क्षमता को बढ़ाएगी, कुशल फुल-रेक रेल लोडिंग सिस्टम को सुगम बनाएगी, प्रमुख निष्पादन संकेतकों में सुधार करेगी, खतरनाक कार्यों में मानव जोखिम को कम करके सुरक्षा बढ़ाएगी और रोजगार सृजित करेगी। प्रधानमंत्री खिद्दरपुर डॉक्स (डॉक 1 - पश्चिम) में जीर्णोद्धार परियोजना का भी उद्घाटन करेंगे।

    प्रधानमंत्री राज्य में कई बंदरगाह अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। इनमें श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह के हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स में बर्थ नंबर 5 का मशीनीकरण शामिल है। अन्य परियोजनाओं में कोलकाता डॉक सिस्टम में बैस्क्यूल ब्रिज का नवीनीकरण; किडरपोर डॉक-I (पूर्व) और डॉक-II (पूर्व) में जल निकासी प्रणालियों सहित यार्ड विकास; हावड़ा ब्रिज के स्तंभ से निमतला घाट तक कोलकाता नदी तट पर तटबंध संरक्षण कार्य; और कोलकाता डॉक सिस्टम में इंडेंचर मेमोरियल कॉम्प्लेक्स के पास एक नदी क्रूज टर्मिनल और नदी पर्यटन सुविधा के लिए टर्मिनल भवन का निर्माण शामिल है।

    रेल सेक्टर में, प्रधानमंत्री पुरुलिया-आनंद विहार टर्मिनल (दिल्ली) एक्सप्रेस को झंडी दिखाएंगे, जिससे पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के बीच रेल कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी।

    प्रधानमंत्री अमृत स्टेशन योजना के तहत पुनर्निर्मित छह रेलवे स्टेशनों का भी उद्घाटन करेंगे। इन स्टेशनों में कामाख्यागुरी, अनारा, तामलुक, हल्दिया, बरभूम और सिउरी शामिल हैं।

    प्रधानमंत्री दो रेल परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे: बेल्डा और दंतान के बीच 16 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन और कलाइकुंडा और कनिमोहुली के बीच स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली। इन परियोजनाओं से ट्रेनों की सुरक्षा और समयबद्धता में सुधार होगा, भीड़ कम होगी और क्षेत्र में यात्रियों के लिए यात्रा की सुगमता बढ़ेगी।

    ये पहलें पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, कनेक्टिविटी बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

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    प्रधानमंत्री ने दांडी मार्च में शामिल होने वाली सभी विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 12 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दांडी मार्च में हिस्सा लेने वाले सभी महान लोगों को श्रद्धांजलि दी, जो आज ही के दिन 1930 में शुरू हुआ था।

    प्रधानमंत्री ने सत्य की जीत पर ज़ोर देते हुए एक संस्कृत सुभाषित शेयर किया:

    “सत्यमेव जयति नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः।

    येनाक्रमन्त्यृषयो ह्याप्तकामा यत्र तत्सत्यस्य परमं निधानम्॥”

    सुभाषित बताता है कि, सत्य की हमेशा जीत होती है और झूठ का अंत में नाश होता है। इसलिए, व्यक्ति को उस रास्ते पर चलना चाहिए जिस पर चलकर ऋषियों ने आनंद पाया और परम सत्य को जाना।

    प्रधानमंत्री ने X पर लिखा;

    “सन 1930 में आज ही के दिन दांडी मार्च की शुरुआत हुई थी। इसमें शामिल सभी विभूतियों का श्रद्धापूर्वक स्मरण!

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    विकसित केरलम: प्रधानमंत्री मोदी ने दी ₹11,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात

    आरएस अनेजा, 11 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केरलम के विकास को गति देने के लिए आज जीवंत तटीय शहर कोच्चि का दौरा किया और कई प्रभावशाली परियोजनाओं का शुभारंभ किया। निवेश की व्यापकता पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने लगभग 11,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोच्चि आना हमेशा एक शानदार अनुभव होता है। उन्होंने कहा, "मैं इन परियोजनाओं के लिए केरलम के लोगों को हार्दिक बधाई देता हूं।"

    प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कोच्चि रिफाइनरी में आज पॉलीप्रोपाइलीन यूनिट की आधारशिला रखने का उद्देश्य पेट्रोलियम क्षेत्र को मजबूत बनाना है। इस यूनिट से प्रति वर्ष चार लाख टन पॉलीप्रोपाइलीन का उत्पादन होने की उम्मीद है, जिससे पैकेजिंग, कपड़ा और चिकित्सा उपकरण उद्योगों को सहयोग मिलेगा। इस सुविधा के रणनीतिक महत्व के बारे में चर्चा करते हुए श्री मोदी ने कहा, "आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए, 'मेक इन इंडिया' के लिए पेट्रोलियम सेक्टर का विस्तार बहुत आवश्यक है।"

    भारत को वैश्विक विनिर्माण और प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में मजबूत करने के उद्देश्य से, प्रधानमंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में देश की प्रगति को सतत ऊर्जा की बढ़ती मांग से जोड़ा। श्री मोदी ने कहा कि केरलम को सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में प्रगति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, आज पश्चिम कल्लाडा में 50 मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर परियोजना की आधारशिला रखी गई है। श्री मोदी ने कहा कि केरलम में बड़ी संख्या में जलाशय मौजूद हैं, इसलिए राज्य में फ्लोटिंग सोलर पावर के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। हरित भविष्य की ओर बढ़ते कदम के बारे में बताते हुए श्री मोदी ने कहा, "हमारा प्रयास है कि केरलम सौर ऊर्जा उत्पादन में और आगे बढ़े।"

    प्रधानमंत्री ने अमृत भारत स्टेशन योजना और रेलवे विद्युतीकरण के माध्यम से क्षेत्रीय संपर्क में हुई महत्वपूर्ण प्रगति का भी विस्तृत विवरण दिया। शोरानूर जंक्शन, कुट्टीपुरम और चांगनास्सेरी में आधुनिकीकरण के प्रयासों के साथ-साथ नई पलक्कड़-पोल्लाची ट्रेन सेवा से केरलम और तमिलनाडु दोनों राज्यों के निवासियों के यात्रा अनुभव में बड़ा बदलाव आने वाला है। स्थानीय विकास पर केन्द्रीय बजट के पड़ने वाले प्रभाव पर जोर देते हुए श्री मोदी ने कहा, "आज दुनिया आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे निवेश के लिए भारत की प्रशंसा करती है।"

    सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के विषय पर प्रधानमंत्री ने प्रकाश डाला कि कोझिकोड बाईपास और अझिक्कल बंदरगाह से बेहतर कनेक्टिविटी सहित नई छह-लेन परियोजनाएं यात्रा में लगने वाले समय और भीड़भाड़ को काफी हद तक कम कर देंगी। श्री मोदी ने कहा, “इन सभी परियोजनाओं से केरलम के किसानों को लाभ होगा और यहां पर्यटन और अन्य उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।”

    अपने संबोधन के समापन में प्रधानमंत्री ने दोहराते हुए कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश किया गया प्रत्येक रुपया युवाओं के लिए व्यापक रोजगार सृजन में उत्प्रेरक का काम करता है। श्री मोदी ने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि ये बहुक्षेत्रीय परियोजनाएं राज्य के समृद्ध भविष्य के लिए आवश्यक आधारशिला हैं। क्षेत्र की प्रगति के प्रति अपने संकल्प को दोहराते हुए श्री मोदी ने कहा, "मुझे पूर्ण विश्वास है कि ये परियोजनाएं 'विकसित केरलम' के हमारे संकल्प को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।"

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    मंत्रिमंडल ने तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में घोषणा को मंजूरी दी

    आरएस अनेजा, 11 नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में घोषणा को मंजूरी दे दी है।

    तमिलनाडु में मंदिरों के शहर के रूप में प्रसिद्ध मदुरै स्थित मदुरै हवाई अड्डा राज्य के सबसे पुराने हवाई अड्डों में से एक है। यह दक्षिणी तमिलनाडु के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है और पर्यटन एवं तीर्थयात्रा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाता है, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास में योगदान होता है।

    मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने से क्षेत्रीय संपर्क बढ़ेगा, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रियों और व्यवसायों को आकर्षित करने की हवाई अड्डे की क्षमता शहर के ऐतिहासिक महत्व के अनुरूप है।

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली में 33,500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की दी सौगात

    आरएस अनेजा, 8 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली में ₹33,500 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

    इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य राजधानी में बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और शहरी जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। उन्होंने 18,300 करोड़ रुपए की लागत से दिल्ली मेट्रो का विस्तार किया वहीं प्रधानमंत्री ने मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया और तीन नए कॉरिडोर का शिलान्यास किया।

    जिन दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया गया उनमें पिंक लाइन मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर (12.3 किमी)। इससे उत्तर और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लाखों लोगों को फायदा होगा। इसी प्रकार उन्होंने मैजेंटा लाइन का विस्तार किया जो दीपाली चौक से मजलिस पार्क (9.9 किमी) तक है।

    वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया उनमें आर. के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर, एयरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 कॉरिडोर और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज कॉरिडोर शामिल है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने सरोजिनी नगर, नेताजी नगर और कस्तूरबा नगर जैसे क्षेत्रों में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवासीय फ्लैट्स और कार्यालय परिसरों का उद्घाटन व शिलान्यास किया गया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, पीएम ने सरोजिनी नगर में महिला आवंटियों को उनके नए आवासों की चाबियां सौंपी।

    इससे पहले प्रधानमंत्री ने महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि, 'आज भारत महिला सशक्तिकरण की नई गाथा लिख रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सफल नेतृत्व में राजधानी का विकास हो रहा है। राजनीति, प्रशासन, विज्ञान, खेल या समाज सेवा के क्षेत्र में भारत की नारी शक्ति हर क्षेत्र में नई ऊर्जा से आगे बढ़ रही है।' पीएम ने देश की नारी शक्ति को बधाई दी और राष्ट्र के विकास में उनके योगदान को स्वीकार किया।

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    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कोटा विमान पत्तन की नींव रखी; हड़ौती क्षेत्र के परिवर्तन को दिखाता है

    आरएस अनेजा, 7 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज वीडियो संदेश के माध्यम से कोटा विमान पत्तन के शिलान्यास समारोह को संबोधित किया। यह हड़ौती क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मोदी ने जोर देते हुए कहा, “राजस्थान अभूतपूर्व गति से प्रगति कर रहा है और यह नया विमान पत्तन आर्थिक और औद्योगिक विकास में सहायक होगा।”

     

    सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अजमेर की अपनी हालिया यात्रा का उल्लेख किया, जहां हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया और 21,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर लगातार आयोजित ये कार्यक्रम राज्य के विकास पथ के बारे में सशक्त संदेश देते हैं और बताते हैं कि "ये हमें बताते हैं कि राजस्थान आज कितनी तेजी से प्रगति कर रहा है।"

     

    प्रधानमंत्री ने कहा कि आज कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ के लिए नई उम्मीदों का दिन है, क्योंकि लगभग 1,500 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक विमान पत्तन का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। श्री मोदी ने क्षेत्र के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, "यह आधुनिक विमान पत्तन आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करेगा।"

     

    प्रधानमंत्री ने नवंबर 2023 में अपनी यात्रा को याद करते हुए संतोष व्यक्त किया कि विमान पत्तन के संबंध में जनता से किया गया वादा अब पूरा हो रहा है। उड़ानों के लिए जयपुर या जोधपुर जाने की पिछली असुविधा से मुक्ति का उल्‍लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा, "जब यह विमान पत्तन  शुरू होगा, तो यात्रा आसान हो जाएगी और कोटा सहित पूरे क्षेत्र में व्यापार तेजी से बढ़ेगा।"

     

    प्रधानमंत्री ने कोटा को शिक्षा और ऊर्जा दोनों का एक अनूठा केंद्र बताया, जो परमाणु, कोयला, गैस और जल स्रोतों से विद्युत उत्पादन करता है। श्री मोदी ने कोटा डोरिया साड़ियों, कोटा पत्‍थर और बूंदी के बासमती चावल जैसे स्थानीय कृषि उत्पादों की वैश्विक पहचान की प्रशंसा करते हुए कहा कि "कोटा में इस नए विमान पत्तन से ये संभावनाएं कई गुना बढ़ जाएगी।"

     

    क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने श्री मथुराधीश जी और गराडिया महादेव के आध्यात्मिक महत्व के साथ-साथ मुकुंदरा पहाड़ियों जैसे वन्यजीव केंद्रों का भी उल्लेख किया। श्री मोदी ने जोर देते हुए कहा, “बेहतर वायु संपर्क से वैश्विक पर्यटक इस क्षेत्र में आएंगे और इसका सीधा लाभ यहां के युवाओं, व्यापारियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा।”

     

    प्रधानमंत्री ने कोटा में हो रही व्यापक संपर्क क्रांति का भी उल्‍लेख किया जिसमें अमृत भारत योजना के तहत रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे शामिल है। कृषि आधारित उद्योगों की ओर बढ़ते रुझान पर जोर देते हुए श्री मोदी ने कहा, "रेल और सड़क के बाद वायु संपर्क का यह नया अध्याय कोटा के विकास को और गति प्रदान करेगा।"

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    विश्व वन्यजीव दिवस: प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की समृद्ध जैव-विविधता और संरक्षण प्रयासों को सराहा

    आरएस अनेजा, 3 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि विश्व वन्यजीव दिवस हमारी पृथ्वी को समृद्ध बनाने वाली और हमारे पारिस्थितिक तंत्र को कायम रखने वाली अद्भुत जीव विविधता का उत्सव मनाने का दिन है।

    उन्होंने कहा कि यह वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए काम करने वाले सभी लोगों को सम्मानित करने और उनके संरक्षण, टिकाऊ प्रथाओं और प्राकृतिक निवास की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का दिन है ताकि वन्यजीव फलते-फूलते रहें।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि भारत में विश्व के कुछ सबसे अद्भुत वन्य प्राणियों का निवास है और उनका पालन-पोषण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में बाघों की विश्व की 70% से अधिक और साथ ही एक सींग वाले गैंडों की सबसे बड़ी आबादी पायी जाती है तथा एशियाई हाथियों की अधिकतम संख्या भी यहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत विश्व का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां जंगल के राजा एशियाई शेरों की संख्या बढ़ रही है।

    प्रधानमंत्री ने इस बात का उल्लेख किया कि सरकार ने वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अनेक प्रयास किए हैं। इनमें अन्य देशों के साथ सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने के लिए एक अद्वितीय मंच के रूप में अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस की स्थापना शामिल है। इसके अतिरिक्त, अन्य प्रयासों में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, घड़ियाल और स्लॉथ बियर के संरक्षण के उद्देश्य से की गई पहल के साथ-साथ चीतों का स्थानांतरण भी शामिल है।

    प्रधानमंत्री ने भारत के सांस्कृतिक लोकाचार पर बल देते हुए कहा कि हमारे शास्त्र सभी जीवित प्राणियों के कल्याण के लिए प्रार्थना करते हैं और वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ उनके प्रति संवेदनशीलता को प्रेरित करते हैं। उन्होंने इस अवसर पर संस्कृत का नीतिपरक श्लोक साझा किया जिसमें कहा गया है-

    "निर्वनो वध्यते व्याघ्रो निर्व्याघ्रं छिद्यते वनम्। तस्माद् व्याघ्रो वनं रक्षेद् वनं व्याघ्रं च पालयेत्॥"

    उक्त सुभाषितम् का संदेश यह है कि जंगलों के बिना बाघ विलुप्त हो जाते हैं और बाघों के बिना जंगल नष्ट हो जाते हैं। इसलिए, बाघ जंगल की रक्षा करते हैं और जंगल बाघ की रक्षा करते हैं जो प्रकृति में परस्पर गहरी निर्भरता को रेखांकित करता है।

    मोदी ने X पर अपने कई पोस्टों की श्रृंखला में कहा कि विश्व वन्यजीव दिवस हमारी पृथ्वी को समृद्ध बनाने और हमारे पारिस्थितिक तंत्र को बनाए रखने वाली अद्भुत जीव विविधता का उत्सव मनाने का दिन है। यह वन्यजीवों की सुरक्षा की दिशा में काम करने वाले सभी लोगों को सम्मानित करने का दिन है। हम संरक्षण, टिकाऊ प्रथाओं और आवासों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं ताकि हमारे वन्यजीव फलते-फूलते रहें।

    हमें इस बात पर गर्व है कि भारत में विश्व के कुछ सबसे अद्भुत वन्य प्राणी पाए जाते हैं। विश्व में 70% से अधिक बाघों का निवास हमारे यहां है। हमारे यहां एक सींग वाले गैंडों की सबसे बड़ी आबादी और एशियाई हाथियों की अधिकतम संख्या भी है। भारत विश्व का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां वनराज एशियाई शेर फल-फूल रहे हैं।

    एनडीए सरकार ने वन्यजीव संरक्षण के लिए कई प्रयास किए हैं। इनमें अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस की स्थापना शामिल है जो अन्य देशों के साथ सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने के लिए एक अद्वितीय मंच है। अन्य प्रयासों में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, घड़ियाल, स्लॉथ बियर की सुरक्षा और चीतों का स्थानांतरण शामिल हैं।

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    प्रधानमंत्री योग पुरस्कार 2026 के लिए आवेदन शुरू

    आरएस अनेजा, 26 फरवरी नई दिल्ली -  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदृष्टि और नेतृत्व के मार्गदर्शन में, योग ने हाल के वर्षों में अभूतपूर्व वैश्विक पहुंच और जनभागीदारी रही है। समुदायों द्वारा निवारक स्वास्थ्य पद्धतियों को अपनाने से लेकर संस्थानों द्वारा योग को स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं में एकीकृत करने तक, यह अनुशासन शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण के प्रति अपने समग्र दृष्टिकोण के माध्यम से विभिन्न देशों के नागरिकों को लाभ पहुंचा रहा है।

    प्रधानमंत्री योग पुरस्कार–2026 उन व्यक्तियों और संस्थानों को सम्मानित करता है जिनके निरंतर प्रयासों से विश्व स्तर पर योग का प्रभाव बढ़ा है। योग के विकास और प्रचार में उत्कृष्टता और समर्पण को मान्यता देने के जरिये ये पुरस्कार इस क्षेत्र में व्यापक भागीदारी, नवाचार और नेतृत्व को प्रेरित करते हैं।

    आयुष मंत्रालय ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग के विकास और प्रचार में अनुकरणीय योगदान को मान्यता देने वाले प्रधानमंत्री योग पुरस्कार-2026 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।

    आवेदन राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल www.awards.gov.in के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं ।

    प्रत्येक पुरस्कार विजेता को निम्नलिखित प्राप्त होगा:

    • एक ट्रॉफी

    • एक प्रमाण पत्र

    • 25 लाख रुपये का नकद पुरस्कार

    यह पुरस्कार समारोह अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन के साथ ही आयोजित किया जाएगा।

    पुरस्कार श्रेणियां

    श्रेणी-I: योग के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार – व्यक्तिगत (राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय)
    • दो पुरस्कार

    श्रेणी-II: योग संस्थानों के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार (राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय)
    • दो पुरस्कार

    पात्रता मापदंड

    इन पुरस्कारों का उद्देश्य उन व्यक्तियों और संस्थानों को सम्मानित करना है जिन्होंने योग के प्रचार और विकास में महत्वपूर्ण और उत्कृष्ट योगदान दिया है।

    आवेदकों/नामांकित व्यक्तियों को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:

    • योग का समृद्ध अनुभव और गहन ज्ञान।

    • व्यक्तिगत श्रेणी (राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय) के अंतर्गत न्यूनतम पात्रता आयु: 30 वर्ष

    • योग के प्रचार-प्रसार और विकास में उत्कृष्ट योगदान के साथ कम से कम 10 (दस) वर्षों की बेदाग सेवा का अनुभव।

    आवेदन की समयसीमा

    • आवेदन प्राप्त करने की प्रारंभ तिथि: 21 फरवरी, 2026

    • आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि: 21 मार्च, 2026

    आवश्यकता पड़ने पर पंजीकरण की अंतिम तिथि को 15 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है। आयुष मंत्रालय अंतिम तिथि के बाद प्राप्त किसी भी आवेदन को अस्वीकार करने का अधिकार रखता है।

    पात्र व्यक्तियों और संस्थानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल ( www.awards.gov.in ) के माध्यम से आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

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    कश्मीर की उड़ान को लगेंगे नए पंख: श्रीनगर एयरपोर्ट के ₹1,677 करोड़ के 'सिविल एन्क्लेव' को मोदी कैबिनेट की मंज़ूरी

    आरएस अनेजा, 24 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने आज श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 1,677 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से प्रस्तावित सिविल एन्क्लेव के डेवलपमेंट को मंज़ूरी दे दी है।

    यह कश्मीर घाटी में एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को मज़बूत करने में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। प्रोजेक्ट के दायरे में सुरक्षाकर्मियों के लिए बैरक बनाना भी शामिल है। इंडियन एयर फ़ोर्स (IAF) के बडगाम एयरबेस के अंदर एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया द्वारा ऑपरेट किया जाने वाला यह एयरपोर्ट, जिसे 2005 में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम दिया गया था, श्रीनगर शहर से लगभग 12 km दूर है।

    73.18 एकड़ में फैले नए सिविल एन्क्लेव प्रोजेक्ट में 71,500 स्क्वायर मीटर (मौजूदा स्ट्रक्चर के 20,659 स्क्वायर मीटर सहित) में फैली एक स्टेट-ऑफ़-द-आर्ट टर्मिनल बिल्डिंग होगी, जिसे पीक आवर्स में 2,900 पैसेंजर्स को सर्विस देने के लिए डिज़ाइन किया गया है और इसकी सालाना कैपेसिटी 10 मिलियन पैसेंजर्स प्रति वर्ष (MPPA) होगी। बड़े एप्रन में 15 एयरक्राफ्ट पार्किंग बे होंगे, जिसमें 1 वाइडबॉडी (कोड E) (9 मौजूदा और 6 प्रस्तावित) शामिल हैं, जबकि 3,658m x 45m रनवे को IAF ऑपरेट करता रहेगा। इस प्रोजेक्ट में 1,000 कारों के लिए मल्टी-लेवल कार पार्किंग सुविधा का कंस्ट्रक्शन भी शामिल होगा।

    आर्किटेक्चर के हिसाब से, नया टर्मिनल मॉडर्न डिज़ाइन और कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक अच्छा मेल दिखाएगा, जिसमें बारीक लकड़ी का काम और स्थानीय रूप से प्रेरित कारीगरी जैसे पारंपरिक एलिमेंट शामिल होंगे, साथ ही आसान पैसेंजर प्रोसेसिंग एरिया, बड़े लाउंज और एडवांस्ड सिक्योरिटी और चेक-इन सुविधाओं के ज़रिए ऑपरेशनल एफिशिएंसी बनाए रखी जाएगी।

    डेवलपमेंट का आधार सस्टेनेबिलिटी बनी हुई है, जिसमें एडवांस्ड वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, एनर्जी की खपत कम करने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा नेचुरल लाइटिंग, और कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए स्थानीय रूप से सोर्स किए गए इको-फ्रेंडली मटीरियल का इस्तेमाल जैसी खूबियां शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट का टारगेट एक प्रतिष्ठित 5-स्टार GRIHA रेटिंग हासिल करना है।

    इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के अलावा, इस प्रोजेक्ट से डल झील, शंकराचार्य मंदिर और मुगल गार्डन जैसी मशहूर जगहों से कनेक्टिविटी बेहतर होने से टूरिज्म और इकोनॉमिक ग्रोथ को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे रोजगार के मौके बनेंगे, इन्वेस्टमेंट बढ़ेगा और श्रीनगर की एक खास टूरिस्ट और इकोनॉमिक डेस्टिनेशन के तौर पर जगह और मजबूत होगी। इस तरह सिविल एन्क्लेव का डेवलपमेंट वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर देने, यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं और बेहतर कनेक्टिविटी देने की दिशा में एक बड़ा बदलाव लाने वाला कदम है, साथ ही यह कश्मीर की सांस्कृतिक और प्राकृतिक खूबसूरती को दुनिया के सामने दिखाएगा।

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    मलयालम अस्मिता को सम्मान: मोदी कैबिनेट ने दी केरल का नाम ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को हरी झंडी

    आरएस अनेजा, 24 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने आज ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी।

    केंद्रीय कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद, भारत के राष्ट्रपति केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026 नाम का एक बिल, भारत के संविधान के आर्टिकल 3 के प्रोविज़ो के तहत अपनी राय बताने के लिए केरल राज्य विधानसभा को भेजेंगे। केरल राज्य विधानसभा की राय मिलने के बाद, भारत सरकार आगे की कार्रवाई करेगी और ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के लिए केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026 को संसद में पेश करने के लिए राष्ट्रपति की सिफारिश ली जाएगी।

    केरल की लेजिस्लेटिव असेंबली ने 24.06.2024 को “केरल” राज्य का नाम बदलकर “केरलम” करने के लिए एक प्रस्ताव पास किया, जो इस तरह है:

    “हमारे राज्य का नाम मलयालम भाषा में 'केरलम' है। भाषा के आधार पर 1 नवंबर, 1956 को राज्य बनाए गए थे। केरल पिरावी दिवस भी 1 नवंबर को ही है। राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही मलयालम भाषा बोलने वाले लोगों के लिए यूनाइटेड केरल बनाने की ज़ोरदार मांग रही है। लेकिन संविधान के पहले शेड्यूल में हमारे राज्य का नाम 'केरल' दर्ज है। यह असेंबली एकमत से केंद्र सरकार से अपील करती है कि वह संविधान के आर्टिकल 3 के अनुसार नाम को 'केरलम' करने के लिए तुरंत कदम उठाए।”

    इसके बाद, केरल सरकार ने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि वह संविधान के आर्टिकल 3 के अनुसार ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करके संविधान के पहले शेड्यूल में बदलाव करने के लिए ज़रूरी कदम उठाए।

    संविधान के आर्टिकल 3 में मौजूदा राज्यों के नाम बदलने का प्रावधान है। आर्टिकल 3 के अनुसार, संसद कानून बनाकर किसी भी राज्य का नाम बदल सकती है। आर्टिकल 3 के आगे के प्रोविज़ो में कहा गया है कि इस मकसद के लिए कोई भी बिल संसद के किसी भी सदन में प्रेसिडेंट की सिफारिश के बिना पेश नहीं किया जाएगा और जब तक कि बिल में शामिल प्रस्ताव किसी भी राज्य के इलाके, सीमाओं या नाम पर असर न डाले, प्रेसिडेंट ने बिल को उस राज्य की लेजिस्लेचर को रेफरेंस में बताई गई अवधि के अंदर या प्रेसिडेंट द्वारा दी गई अतिरिक्त अवधि के अंदर अपने विचार बताने के लिए भेजा हो और बताई गई या दी गई अवधि खत्म हो गई हो।

    ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के मामले पर भारत सरकार के गृह मंत्रालय में विचार किया गया और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और केंद्रीय सहकारिता मंत्री की मंज़ूरी से, ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के लिए कैबिनेट के लिए ड्राफ़्ट नोट को उनकी टिप्पणियों के लिए कानून और न्याय मंत्रालय के कानूनी मामलों के विभाग और विधायी विभाग को भेजा गया। कानून और न्याय मंत्रालय के कानूनी मामलों के विभाग और विधायी विभाग ने ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव पर सहमति जताई है।

    #Keralam #Kerala #StateNameChange #CabinetApproval #KeralamNameChange #GovernmentUpdates #MalayalamIdentity #CulturalHeritage #IndianStates #NameAlteration #KeralaPride #StateRebranding #LanguageAndIdentity #NationalAwareness #KeralamTransformation #HistoricalChange #StateOfKeralam #GovernmentDecisions #VibrantKerala

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    प्रधानमंत्री व गृह मंत्री ने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता जी को श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 24 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता जी की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। प्रधानमंत्री ने उन्हें एक ऐसे करिश्माई नेता और उत्कृष्ट प्रशासक के रूप में याद किया जिन्होंने लोगों के दिलों में अमिट स्थान बनाया है।

    मोदी ने तमिलनाडु की मुख्यमंत्री के रूप में जे. जयललिता के परिवर्तनकारी कार्यकाल का उल्लेख किया है और बताया है कि उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास पर दृढ़ ध्यान केंद्रित करते हुए उत्कृष्ट कल्याणकारी शासन का प्रबल समर्थन किया।

    प्रधानमंत्री ने उनके साथ हुई मुलाकातों को प्रसन्नतापूर्वक याद किया। श्री मोदी ने इस महीने के 'मन की बात' कार्यक्रम में उनके जीवन और कार्यों के बारे में अपने विशिष्ट विचार भी साझा किए।

    प्रधानमंत्री ने X पर लिखा कि जयललिता जी की जयंती पर उन्हें स्मरण कर रहा हूं। उन्होंने एक करिश्माई नेता और उत्कृष्ट प्रशासक के रूप में अनगिनत लोगों के दिलों और दिमागों में अपना स्थान बनाया है। उनका जीवन अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प से परिपूर्ण था। तमिलनाडु की मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास पर विशेष ध्यान देते हुए कल्याणकारी शासन का नेतृत्व किया। वे करुणामयी और निर्णायक दोनों थीं। मुझे उनके साथ हुई मुलाकातों को स्मरण करके बहुत प्रसन्नता होती है।

    इस महीने के #MannKiBaat कार्यक्रम में मैंने उनके बारे में यही कहा था।"

    वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।

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    प्रधानमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री व टीएमसी नेता मुकुल रॉय के निधन पर दुख जताया

    आरएस अनेजा, 23 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल रॉय के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मोदी ने कहा कि मुकुल रॉय को उनके राजनीतिक अनुभव और समाज सेवा के प्रयासों के लिए हमेशा याद किया जाएगा।

    प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर एक पोस्ट में कहा कि ‘‘पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल रॉय के निधन से गहरा दुःख हुआ है। उन्हें उनके राजनीतिक अनुभव और समाज सेवा के प्रयासों के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उनके परिवार और समर्थकों के प्रति गहरी संवेदनाएं हैं। ॐ शांति।’’

    गौरतलब है कि टीएमसी के नेता मुकुल रॉय का निधन कोलकाता के अपोलो अस्पताल में हुआ। उनके बेटे शुभ्रांशु रॉय के अनुसार, सोमवार तड़के करीब 1:30 बजे उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया। वह एक अनुभवी नेता थे, मुकुल रॉय बीजेपी और टीएमसी दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके थे। वे टीएमसी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। 2017 में बीजेपी में वह शामिल हुए, लेकिन 2021 में ममता बनर्जी के फिर मुख्यमंत्री बनने के बाद दोबारा टीएमसी में लौट गए थे। वह राज्यसभा सांसद और रेल मंत्री भी रह चुके थे।

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    "स्वदेशी से आत्मनिर्भर और आत्मनिर्भर से बनेगा विकसित भारत": अम्बाला में बोले प्रदेश महामंत्री फणीन्द्र नाथ शर्मा

    महामंत्री फणीन्द्र नाथ शर्मा ने शास्त्री कालोनी में कार्यकर्ताओं के साथ सुना मन की बात कार्यक्रम, वरिष्ठ भाजपा नेता कपिल विज ने स्वागत किया

    अम्बाला, 22 फरवरी- भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) फणीन्द्र नाथ शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी "मन की बात" कार्यक्रम के माध्यम से देश व दुनिया को बहुत कुछ देते हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने वोकल फॉर लोकल यानि स्वदेशी का आह्वान किया, स्वेदशी से आत्मनिर्भर भारत और फिर विकसित भारत बनेगा, इसलिए हमें हमेशा स्वदेशी को ही बढ़ावा देना है।  


    फणींद्रनाथ शर्मा आज अम्बाला छावनी शास्त्री कॉलोनी के बूथ नंबर 136 में भाजपा कार्यकर्ताओं व स्थानीय लोगों के साथ मन की बात कार्यक्रम सुनने के बाद संबोधित कर रहे थे।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने पहले कहा था कि संगठन तभी मजबूत होगा जब बूथ मजबूत होगा, इसलिए मन की बात कार्यक्रम बूथ में होना चाहिए। मन की बात में कार्यकर्ता व क्षेत्र के लोगों की भी भागीदारी होनी चाहिए।
     

    इससे पहले कार्यक्रम में पहुंचे प्रदेश महामंत्री फणींद्रनाथ शर्मा का वरिष्ठ भाजपा नेता कपिल विज व अन्य ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर नप उपाध्यक्ष ललता प्रसाद, मंडल प्रधान प्रवेश शर्मा, पार्षद प्रमोद कुमार, पार्षद बलजिंदर पाल सिंह, विपिन खन्ना, बूथ प्रधान दीपक कौशिक, सतीश शाक्य, कुलदीप सिंह, रवि वर्मा, दीपक भसीन, राजेश अग्रवाल, डॉ हरप्रकाश शर्मा, सन्नी तुल्ली, सोनिया देशवाल, विवेक जैन, राजकुमार, अरविन्द, संजीव, दीपक, संजय, गौरव, आकाश, जुगल किशोर  गिरधारी, रजनीश गोम्बर, सतपाल, जस्सी, आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

  • दैनिक खबर" प्रस्तुत करता है 22 फरवरी,2026 के प्रातः 10 बजे के समाचार,

    दैनिक खबर" प्रस्तुत करता है 22 फरवरी,2026 के प्रातः 10 बजे के समाचार,

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    मेरठ की नई रफ़्तार: प्रधानमंत्री 22 फरवरी को करेंगे नमो भारत और मेरठ मेट्रो का ऐतिहासिक आगाज़

    आरएस अनेजा, 21 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के मेरठ का दौरा करेंगे। दोपहर में करीब 12:30 बजे, प्रधानमंत्री शताब्दी नगर नमो भारत स्टेशन पर मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यहां से वे मेरठ साउथ स्टेशन तक मेट्रो का सफर करेंगे। दोपहर लगभग 1 बजे, प्रधानमंत्री मेरठ में लगभग 12,930 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।

    प्रधानमंत्री 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे भारत की पहली नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम (आरआरटीएस) के शेष खंडों का भी उद्घाटन करेंगे। इनमें दिल्ली में सराय काले खान और न्यू अशोक नगर के बीच का 5 किलोमीटर का खंड और उत्तर प्रदेश में मेरठ साउथ और मोदीपुरम के बीच का 21 किलोमीटर का खंड शामिल है।

    180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ, नमो भारत भारत की पहली क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली है। नमो भारत से साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ जैसे प्रमुख शहरी केंद्र दिल्ली से अधिक तेजी से जुड़ पाएगें।

    कॉरिडोर का शुरुआती स्टेशन सराय काले खान, इस उद्घाटन के साथ शुरू होने वाले चार नमो भारत स्टेशनों में से एक है। यह रणनीतिक रूप से एक प्रमुख मल्टी-मॉडल हब के रूप में स्थित है, जो हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन, वीर हकीकत राय आईएसबीटी और रिंग रोड को सरलता से जोड़ता है। शुरू होने वाले अन्य तीन नमो भारत स्टेशन शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम मेरठ में हैं।

    प्रधानमंत्री मेरठ दक्षिण और मोदीपुरम के बीच मेरठ मेट्रो सेवा का भी उद्घाटन करेंगे, जो नमो भारत के ही बुनियादी ढांचे पर संचालित होगी। यह देश में अपनी तरह की पहली पहल है। मेरठ मेट्रो भारत की सबसे तेज मेट्रो प्रणाली होगी, जिसकी अधिकतम परिचालन गति लगभग 120 किमी प्रति घंटा होगी। मेट्रो सभी निर्धारित पड़ावों सहित पूरी दूरी को मात्र 30 मिनट में तय करेगी।

    एक ही बुनियादी ढांचे पर नमो भारत और मेरठ मेट्रो का यह निर्बाध एकीकरण, तेज़ रफ्तार वाली अंतर-शहरी यात्रा और शहर के भीतर सुगम आवागमन के लिए मददगार साबित होगा, जो भारत में एकीकृत शहरी और क्षेत्रीय परिवहन के लिए एक मिसाल कायम करेगा। इससे सड़क यातायात में भीड़ कम होगी और नतीजतन वाहनों से होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में खासी कमी आएगी।

    ये परियोजनाएं शहरी गतिशीलता को बदलने और नागरिकों के जीवन को सरल बनाने वाली निर्बाध, कुशल, आधुनिक और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों को सुनिश्चित करने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को और गति प्रदान करेंगी।

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    फुटबाल खेलते समय दिल का दौरा पड़ने से शिलांग सांसद डॉ. रिकी एजे सिंगकॉन का निधन, पीएम ने जताया शोक

    आरएस अनेजा, 20 फरवरी नई दिल्ली - मेघालय की राजधानी शिलांग के लोकसभा सांसद रिकी एजे सिंगकॉन का गत शाम को अचानक निधन हो गया। वह 54 वर्ष के थे और वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी - वीपीपी के सदस्य थे और साथ ही पार्टी के महासचिव भी थे। उनके अचानक निधन से वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी को बड़ा झटका लगा है और राज्य में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।

    फुटबॉल खेलते हुए आया हार्ट अटैक

    सिंगकॉन शाम को शिलांग के मावलाई मावियोंग इलाके में एक मैदान में अपने दोस्तों के साथ फुटबॉल खेल रहे थे। फुटबॉल खेलते हुए वह अचानक मैदान पर गिर पड़े और उन्हें हार्ट अटैक आ गया। उन्हें तुरंत डॉ. एच. गॉर्डन रॉबर्ट्स अस्पताल ले जाया गया, जहां रात को डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि शिलांग से लोकसभा सांसद डॉ. रिकी ए.जे. सिंगकॉन के निधन से गहरा दुःख हुआ है। मेघालय की जनता के प्रति उनकी समर्पित सेवा के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, मित्रों और समर्थकों के साथ हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।

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    प्रधानमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के लोगों को उनके राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं

    आरएस अनेजा, 20 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के लोगों को उनके राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं।

    प्रधानमंत्री ने परंपरा और प्रकृति के बीच सामंजस्य के उज्ज्वल उदाहरण के रूप में अरुणाचल प्रदेश की सराहना की। उन्होंने उल्लेख किया कि यहाँ के ऊर्जावान और परिश्रमी नागरिक राष्ट्र की प्रगति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    एक्स पर एक पोस्ट में नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि “अरुणाचल प्रदेश के लोगों को उनके राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं।”

    मनोरम प्राकृतिक परिदृश्यों और अद्वितीय सांस्कृतिक विविधता से संपन्न अरुणाचल प्रदेश परंपरा और प्रकृति के बीच सामंजस्य का एक उज्ज्वल उदाहरण है। इसके ऊर्जावान और परिश्रमी नागरिक राष्ट्र की प्रगति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही, राज्य की विविध जनजातीय परंपराएँ हमारे राष्ट्र को अत्यंत समृद्ध बनाती हैं। आने वाले समय में राज्य निरंतर विकास की नई ऊँचाइयां छूता रहे।”

    वहीं उन्होंने मिजोरम के लोगों को उनके राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

    मिजोरम अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और चिरस्थायी सांस्कृतिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की मजबूत सामुदायिक भावना और लोगों का सौम्‍य व्‍यवहार, करूणा और सहानुभूति के मूल्यों का प्रतीक हैं। परंपराओं, संगीत और दैनिक जीवन के अन्य पहलुओं में व्यक्त समृद्ध मिज़ो विरासत बेहद प्रेरणादायक है।

    "आगामी वर्षों में मिजोरम विकास के पथ पर अग्रसर हो और नई उपलब्धियां हासिल करे।"

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाशिवरात्रि के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दी

    आरएस अनेजा, 15 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज महाशिवरात्रि के अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दी। श्री मोदी ने कहा, “आदिदेव महादेव सदैव सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। सबका कल्‍याण हो और हमारा भारतवर्ष समृद्धि के शिखर पर विराजमान हो।”

    प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट किया:

    “देशभर के मेरे परिवारजनों को महाशिवरात्रि की ढेरों शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि आदिदेव महादेव सदैव सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। उनके आशीर्वाद से सबका कल्याण हो और हमारा भारतवर्ष समृद्धि के शिखर पर विराजमान हो।

    हर हर महादेव!”

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    प्रधानमंत्री ने कश्मीरी पंडित समुदाय को हेराथ पोश्ते की बधाई दी

    आरएस अनेजा, 15 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कश्मीरी पंडित समुदाय के समृद्ध परंपराओं को दर्शाने वाले पवित्र त्योहार ‘हेराथ पोश्ते’ की शुभकामनाएं दीं।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “इस पवित्र अवसर पर, मैं सभी के जीवन में स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करता हूं। यह नए सफलता के मार्ग खोले और हर घर को खुशियों और संतोष से भर दे।”

    प्रधानमंत्री ने X पर लिखा: “हेराथ पोश्ते” यह पवित्र त्योहार हमारे कश्मीरी पंडित समुदाय की समृद्ध परंपराओं को दर्शाता है। इस पवित्र अवसर पर, मैं सभी के जीवन में स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करता हूं। यह नए सफलता के मार्ग खोले और हर घर को खुशियों और संतोष से भर दे।

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    असम में इतिहास रचेंगे पीएम मोदी: डिब्रूगढ़ में बाईपास बनेगा लड़ाकू विमानों का 'रणक्षेत्र', चीन बार्डर पर बढ़ेगी ताकत

    आरएस अनेजा, 12 फरवरी नई दिल्ली - असम में 14 फरवरी 2026 को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल होने वाली है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी डिब्रूगढ़ जिले के मोरान बाईपास पर 14 फरवरी को आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) का उद्घाटन करेंगे और इसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सुविधा (ईएलएफ) होगी। यह सुविधा राजमार्ग के एक चिन्हित हिस्से को आपात स्थिति में वैकल्पिक रनवे के रूप में उपलब्ध कराएगी, जो लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों के आपातकालीन लैंडिंग और टेक-ऑफ संचालन में सक्षम होगा। यह दूरस्थ क्षेत्रों में मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) अभियानों के दौरान भी महत्वपूर्ण साबित होगा।

    असम में इस सुविधा के उद्घाटन का यह अवसर राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस अवसर पर प्रधानमंत्री, असम के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिक और सेना से जुड़े गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहेंगे।

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    प्रशासनिक क्रांति का उदय: प्रधानमंत्री मोदी करेंगे ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ का भव्य उद्घाटन

    आरएस अनेजा, 12 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13 फरवरी, 2026 को दोपहर लगभग 1:30 बजे सेवा तीर्थ भवन परिसर के नामकरण का अनावरण करेंगे।

    इसके बाद प्रधानमंत्री सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन-1 तथा कर्तव्य भवन-2 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री शाम लगभग 6 बजे सेवा तीर्थ में एक जनसभा को संबोधित भी करेंगे।

    यह उद्घाटन देश की प्रशासनिक शासन संरचना में एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर है। यह आधुनिक, कुशल, सुलभ और नागरिक-केंद्रित शासन प्रणाली के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

    दशकों से, कई प्रमुख सरकारी कार्यालय और मंत्रालय सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में कई स्थानों पर फैले हुए खंडित और पुरानी अवसंरचनाओं से कार्य करते रहे। प्रमुख कार्यालयों के इस फैलाव के कारण परिचालन में अक्षमताएं, समन्वय संबंधी चुनौतियां, रखरखाव की बढ़ती लागत और काम करने के लिए अनुपयुक्त वातावरण जैसी समस्याएं उत्पन्न हुईं। आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार सुविधाओं से युक्त नए भवन परिसर के भीतर प्रशासनिक कार्यों को समेकित करके इन समस्याओं से अब मुक्ति मिल जाएगा।

    सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय स्थित हैं, जो पहले अलग-अलग स्थानों पर स्थित थे।

    कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 में वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, विधि एवं न्याय मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय सहित कई प्रमुख मंत्रालय स्थित हैं।

    दोनों भवन परिसरों में डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय, सुव्यवस्थित सार्वजनिक संपर्क क्षेत्र और केंद्रीकृत स्वागत सुविधाएं मौजूद हैं। ये सुविधाएं सहयोग, दक्षता, सुचारू संचालन, नागरिकों की बेहतर भागीदारी और कर्मचारियों के कल्याण को बढ़ावा देंगी।

    4-स्टार जीआरआईएचए मानकों के अनुसार डिज़ाइन किए गए इन परिसरों में नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां, जल संरक्षण उपाय, अपशिष्ट प्रबंधन समाधान और उच्च-प्रदर्शन वाली भवन संरचनाएं शामिल हैं। इन उपायों से परिचालन दक्षता बढ़ेगी और पर्यावरणीय प्रभाव को काफी हद तक कम किया जाएगा। भवन परिसरों में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, निगरानी नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया अवसंरचना जैसी व्यापक सुरक्षा व्यवस्थाएं भी शामिल हैं, जिनसे अधिकारियों और आगंतुकों के लिए एक सुरक्षित और सुलभ वातावरण सुनिश्चित होगा।

    #RiseOfAdministrativeRevolution #SevaTeerth #KartavyaBhawan #PrimeMinisterModi #Inauguration #InnovationInLeadership #GoodGovernance #DigitalIndia #AdministrativeReforms #NationalProgress #PublicService #LeadershipMatters #TransformYourNation #Empowerment #GovernmentInitiatives #CivicEngagement #SmartAdministration #FutureOfGovernance #BuildingTheNation

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    "वंदे मातरम के सभी 6 छंद अनिवार्य: ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने फैसले को सराहा, बोले - शहीदों के बलिदान को मिला असली सम्मान"

    चंडीगढ़, 12 फरवरी - केंद्र सरकार द्वारा सभी सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों व महत्वपूर्ण आयोजनों में वंदेमातरम के सभी छह छंद बजाना अनिवार्य करने पर प्रतिक्रिया देते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि यह बहुत अच्छा कार्य किया है। वंदेमातरम जिसे गाते हुए अनेकों स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना बलिदान दिया, उसे मान्यता मिली है और अनिवार्य किया गया है कि हर सरकारी कार्यक्रम में इसको गाया जाए।

    वहीं एआईएमआईएम नेता द्वारा वंदेमातरम गीत को लेकर किए गए विरोध पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि देश हित पर कोई भी बात होगी तो औवेसी साहब उसपर जरूर बोलेंगे। ये जब हमारे क्रांतिकारियों ने गाए, देशभक्तों व बलिदानियों ने गाए तो तब क्या यह ठीक नहीं था और आज यह गलत हो गया।

    #VandeMataram #AnilVij #EnergyMinister #Martyrs #SacrificesHonored #PatrioticSongs #IndianCulture #NationalPride #IndianIdentity #VerseOfHonor #PledgeToTheNation #UnityInDiversity #NationalSong #CulturalHeritage #India #Inspiration #RespectForMartyrs

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    उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी

    आरएस अनेजा, 11 फरवरी नई दिल्ली - भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी है।

    एक सोशल मीडिया पोस्ट में, उपराष्टपति ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को एक दूर की सोचने वाला और राष्ट्र-निर्माता बताया, जिन्होंने अपना जीवन समाज की सेवा में लगा दिया। उन्होंने कहा कि उपाध्याय का इंटीग्रल ह्यूमैनिज्म का सिद्धांत पूरी दुनिया के लिए हमेशा काम का है। सीपी राधाकृष्णन ने आगे कहा कि उनके जीवन का संदेश, सबसे दबे-कुचले लोगों की दया से सेवा करना और नैतिक सार्वजनिक जीवन को बनाए रखना, भारत के विकसित भारत की यात्रा में एक गाइड करने वाली ताकत बना हुआ है।

    वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। मोदी ने कहा कि उनके सिद्धांत और विचार, जो मूल्यों पर आधारित हैं, देश की हर पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे।

    प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया: "मातृभूमि के अनन्य उपासक पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को उनकी पुण्यतिथि पर सादर नमन। मूल्यों पर आधारित उनके सिद्धांत और विचार देश की हर पीढ़ी के लिए पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे।"

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    प्रधानमंत्री ने जापान की प्रधानमंत्री के तौर पर चुनी गईं महामहिम सुश्री साने ताकाइची को बधाई दी

    आरएस अनेजा, 21 अक्टूबर नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जापान की नई प्रधानमंत्री साने ताकाइची को उनकी जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि वह दोनों देशों के बीच खास रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए तत्पर हैं।

    जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं साने ताकाइची को मंगलवार को जापान की संसद में एक अहम चुनाव के बाद प्रधानमंत्री चुना गया। यह चुनाव पुनः मतदान के जरिए हुआ था, जिसमें वह जीतकर जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। यह एक ऐतिहासिक पल माना जा रहा है क्योंकि जापान की राजनीति में पहली बार किसी महिला को यह पद मिला है।

    जापान की संसद के दो सदन होते हैं, उच्च सदन और निचला सदन। दोनों सदनों ने ताकाइची को बहुमत के साथ प्रधानमंत्री चुना है। उच्च सदन में उन्हें 125 वोट मिले, जो जरूरी बहुमत से केवल एक वोट ज्यादा था। निचले सदन में उन्हें 237 वोट मिले, जो जरूरी बहुमत से अधिक था।

    पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट के जरिए ताकाइची को दी जीत की बधाई

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए ताकाइची को जीत की बधाई दी और कहा, ”साने ताकाइची, जापान की प्रधानमंत्री चुने जाने पर आपको हार्दिक बधाई। मैं भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं। हमारे गहरे होते संबंध हिंद-प्रशांत और उसके बाहर शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण हैं।”

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