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    परिवहन मंत्री अनिल विज की बड़ी सौगात : अम्बाला में लोकल बस सेवा पर्यावरण अनुकूल शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिक एवं वातानुकूल हुई

    लोकल बस सेवा पुन: आरंभ करने से अब तक चार करोड़ राजस्व प्राप्ति व 22 लाख यात्रियों ने उठाया लाभ : मंत्री अनिल विज

    परिवहन मंत्री अनिल विज ने टिकट लेकर बस में किया सफर

    परिवहन मंत्री अनिल विज ने लोकल बस सेवा का विस्तार करते हुए 10 नई इलेक्ट्रिक व वातानुकूलित बसों को हरी झंडी दिखाई, अब सभी 25 बसें इलेक्ट्रिक व वातानुकूलित हुई


    अम्बाला/चंडीगढ़, 23 मई- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा में अम्बाला छावनी ऐसा शहर है जहां पर लोकल सेवा की सभी 25 बसें पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिकल एवं वातानुकूलित हैं। इन बसों की सुविधाओं से अम्बाला के लोगों को अपने आवागमन में काफी आसानी हुई है।


    परिवहन मंत्री अनिल विज आज देर शाम पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस अम्बाला छावनी के निकट  लोकल बस सेवा में शामिल हुई 10 नई इलेक्ट्रिकल वातानुकूलित बसों को हरी झंडी दिखाने से पहले आपार जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।  

    परिवहन मंत्री अनिल विज इस मौके पर लोगों को इन बस सुविधाओं की सौगात मिलने की मुबारकबाद दी। उन्होंने कहा कि लगभग 20 साल तक यहां पर लोकल बस सर्विस सेवा बंद थी। जब उन्हें इस विभाग का दायित्व मिला तो उन्होंने एक नवम्बर 2024 से यहां पर दोबारा से लोकल बस सर्विस शुरू करवाई। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में आज यहां पर और 10 नई इलैक्ट्रीकल वातानुकूलित बसें उपलब्ध करवाई। अब यहां पर कुल 25 नई बसें इलैक्ट्रीकल वातानुकूलित बसें हो गई हैं जिससे खासकर गर्मी के मौसम में लोगों को अपने आवागमन में काफी आसानी होगी।

    लोकल बस सेवा पुन: आरंभ करने से अब तक चार करोड़ राजस्व प्राप्ति व 22 लाख यात्रियों ने उठाया लाभ : मंत्री अनिल विज



    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा एक नवम्बर 2024 से जब से यहां से लोकल बस सेवा शुरू हुई है तब से अब तक 4 करोड़ रुपए राजस्व आय प्राप्ति हुई है जबकि लगभग 22 लाख यात्रियों ने इस सुविधा कालाभ उठाया है। अम्बाला छावनी एक ऐसा शहर बन गया है जहां पर सभी लोकल बस सर्विस इलैक्ट्रीकल वातानुकूलित बसें है। यह 17 रूटों पर लोकल सेवा संचालित हो रही है।

    परिवहन मंत्री अनिल विज ने टिकट लेकर बस में किया सफर

    परिवहन मंत्री अनिल विज ने नई बसों को हरी झंडी दिखाने के बाद टिकट लेकर बस में बैठकर इस बस सुविधा का कार्यकर्ताओं के साथ लाभ लिया। कार्यकर्ताओं के साथ-साथ अन्य लोगों ने इस सौगात को दिए जाने के लिए परिवहन मंत्री का दिल से आभार व्यक्त किया।



    सोनीपत, गुरुग्राम व पिपली में नए बस अड्‌डे बनेंगे : मंत्री अनिल विज


    परिवहन मंत्री ने इस मौके पर यह भी कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए परिवहन विभाग द्वारा अनेकों कार्य किए जा रहे हैं। कुछ नए बस अड्डों को पीपी मोड़ पर बनाया जा रहा है जिनमें पीपली, सोनीपत व गुरुग्राम बस अड्डा शामिल है। गुरुग्राम में बस अड्डा वहां पर बनेगा जहां पर मैट्रो स्टेशन नजदीक होगा। यानि जैसे ही यात्री मैट्रो स्टेशन से बाहर आएगा तो उसे वहीं नजदीक से इलैक्ट्रीकल वातानुकूलित बस सुविधा मिल सकेगी। यहां पर भी पीपी मोड़ की तर्ज पर बस अड्डा बनाया जाएगा। इसके साथ-साथ कुछ अन्य बस अड्डे अधूरे भी हैं जिनमें काम चल रहा है, उन्हे भी तेजी से पूरा करवाकर जनता को समर्पित किया जाएगा।



    बसों में जल्द उपलब्ध होगी ट्रैकिंग सुविधा : अनिल विज


    परिवहन मंत्री अनिल विज ने इस अवसर पर यह भी कहा कि परिवहन विभाग द्वारा बसों की ट्रैकिंग सिस्टम पर भी काम चल रहा है। जिस प्रकार एयरपोर्ट पर जाकर यह पता चल जाता है कि कौन सी फ्लाईट कब आएगी उसकी जानकारी मिलती है। उसी प्रकार इस ट्रैकिंग सिस्टम से पता चल सकेगा कि कौन सी बस कहां पर है और कब तक आएगी। इसके लिए बकायदा एप भी बनाई गई है। सम्बन्धित व्यक्ति जहां पर उसकी लोकेशन है वहां पर वह मोबाईल पर ऐप के माध्यम से बस की जानकारी ले सकता है। इस सिस्टम की विशेषता यह भी होगी जहां इससे बसों के आवागमन का पता चल सकेगा वहीं यदि कोई चालक बस को रूट के अलावा कहीं ओर से निकालने का प्रयास करता है तो उसकी भी वार्निंग सिस्टम के माध्यम से पता चल सकेगी। सम्बन्धित चालक को ऐसा करने पर स्पष्टीकरण भी फोन के माध्यम से मिल जाएगा। उन्होने  यह भी कहा कि यदि बस चालक बस को बस स्टैंड के अंदर न ले जाकर या फ्लाई ओवर के उपर से ले जाता है तो यह गतिविधि भी सिस्टम के माध्यम से पता लग जाएगी। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि यह हिन्दुस्तान का पहला मॉडल होगा।



    बस अड्‌डों पर पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की दिशा में चल रहा कार्य : अनिल विज


    परिवहन मंत्री अनिल विज ने इस मौके पर यह भी कहा कि जल्द ही बस अड्डों पर यात्रियों को पौष्टिक आहार मिले, इस दिशा में भी कार्य किए जाएंगे। जिस प्रकार रेलवे में आईआरटीसी पूरे हिन्दुस्तान में कार्य करती है उसी प्रकार परिवहन विभाग के माध्यम से यहां पर कारपोरेशन बनाई जाएगी ताकि बस अड्डों पर यात्रियों को पौष्टिक आहार मिल सके। उन्होने यह भी कहा कि हरियाणा के सभी बस अड्डे अतिक्रमण मुक्त हों, इस दिशा में भी कार्य किए गए हैं। विभाग द्वारा इस संबध में सभी जीएम को लैटर भी जारी कर दिए गए है कि किसी भी बस अड्डे पर अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। बस अड्डों पर सफाई व्यवस्था बेहतर हो, इसके लिए वैक्यूम मशीनों के साथ-साथ सभी शौचालय भी साफ-सुथरे हों, इसके लिए कार्य किए जा रहे हैं।



    श्रम मित्र ऐप के माध्यम से घर बैठे मिस्त्री, मजदूर, पलम्बर व अन्य मिल सकेंगे : अनिल विज


    श्रम मंत्री ने इस मौके पर यह भी कहा कि श्रम विभाग के माध्यम से श्रम मित्र ऐप भी बनाई गई है जिसके माध्यम से लोगों को जिस भी मजदूर या कारीगर की आवश्कता होगी तो वह ऐप के माध्यम से उस लेबर को बुला सकता है। सम्बन्धित श्रमिक चाहे वह किसी भी क्षेत्र का हो, चाहे वह मिस्त्री, मजदूर, पलम्बर, ऐसी ठीक करने वाला या सीवरेज का कार्य करने वाला हो इस ऐप पर रजिस्ट्रेशन कर सकता है। इस ऐप के माध्यम से लोगो को काफी फायदा मिलेगा और श्रमिकों को भी प्रतिदिन मिलने वाला रोजगार  मिलने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में सुधार लाने की दृष्टि से वह कार्य कर रहे हैं।



    यह लोग मौजूद रहे


    इस मौके पर एसडीएम कनिका गोयल, हरियाणा सिटी बस सर्विस लिमिटड के अतिरिक्त सीईओ अशोक बंसल, जीएम रोडवेज अश्वनी डोगरा, आरटीए सुशील कुमार, नगर परिषद अध्यक्ष स्वर्ण कौर, उपाध्यक्ष ललता प्रसाद, मंडल प्रधान रवि बुद्धिराजा, हर्ष बिन्द्रा, परवेश शर्मा, विकास बहगल, भाजपा पदाधिकारी संजीव सोनी, रवि सहगल, पुनीत सरपाल, दीपक भसीन, बलित नागपाल, शैली खन्ना, संजीव अत्री, मदन लाल शर्मा, बिजेन्द्र चौहान, किरण पाल चौहान, राजीव डिम्पल, आरती सहगल के साथ-साथ भाजपा पार्टी के अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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    आजादी की पहली लड़ाई को समर्पित “शहीद स्मारक” का उद्घाटन जल्द होगा : ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने शहीद स्मारक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की और दिशा-निर्देश दिए

    अम्बाला/चंडीगढ़, 23 मई- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि 1857 में आजादी की पहली लड़ाई को समर्पित शहीद स्मारक का उद्घाटन जल्द होगा तथा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी भी इस स्मारक का अवलोकन कर चुके है, इसी के दृष्टिगत जो शेष छोटे-मोटे कार्य बचे हुए है संबधित विभाग व एजेंसी उसे युद्ध स्तर पर करना सुनिश्चित करे।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज आज शहीद स्मारक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस मौके पर उनके साथ उपायुक्त अजय सिंह तोमर, एसडीएम अम्बाला छावनी कनिका गोयल व शहीद स्मारक के निदेशक डा. कुलदीप सैनी मौजूद रहे।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि यहां पर बनाया जा रहा आजादी की पहली लड़ाई का स्मारक राष्ट्रीय स्तर का स्मारक है तथा यहां पर दूर-दराज से पर्यटक आकर इसकी सुदंरता का आभास करेगें, इसी को ध्यान में रखते हुए स्मारक से जुडेस जो छोटे मोटे कार्य बचे है उन्हें पूरी तत्परता के साथ करना है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी इस स्मारक का उद्घाटन करेंगे।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बैठक के दौरान संबधित एजेंसियों एवं विभागों के अधिकारियों से जानकारी लेने के उपरांत यहां पर टिकट की बेहतर व्यवस्था बारे, एंट्री एवं एग्जिट गेट के अलावा अनाधिकृत गेट न लगाने बारे, म्यूजियम में लाईटिंग की व्यवस्था बारे, सीढिय़ों के साथ लाईटिंग की व्यवस्था के साथ-साथ रैप की व्यवस्था बारे, स्मारक परिसर में रैलिंग की व्यवस्था बारे, स्मारक के अंदर गैलरी से शुरू होकर बाहर तक आने वाले रास्ते एवं अन्य बिंदुओं बारे अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा चूंकि शहीद स्मारक का उद्घाटन नजदीक है इसलिए कार्य युद्धस्तर पर किए जाए।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की प्रोजेक्ट निदेशक को निर्देश दिए कि शहीद स्मारक के बाहर यानि जीटी रोड पर एक्सीलेटर की व्यवस्था करने तथा जीटी रोड पर फेंसी लाइट तथा पौधरोपण के निर्देश दिए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के इलेक्ट्रिकल विंग के एक्सईन को भी निर्देश दिए कि शहीदी स्मारक के बाहर तथा अंदर लाईटों की बेहतर व्यवस्था करना सुनिश्चित करें ताकि रात के समय में लोगों को इस स्मारक की सुंदरता दिख सके।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने यह भी निर्देश दिए कि आजादी की पहली लड़ाई अंबाला छावनी से शुरू हुई थी यानि मेरठ से 10 घंटे पहले इसकी शुरूआत कर दी थी जिसके तथ्य भी है। उन्होंने कहा कि इस सारे विवरण को यहां पर थ्री-डी के माध्यम से दर्शाया जाए ताकि यहां पर आने वाले पर्यटकों एवं अन्य को आजादी की पहली लड़ाई एवं उसकी घटनाओं तथा इतिहास के बारे में संपूर्ण जानकारी मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि यह भव्य स्मारक युवाओं के साथ -साथ अन्य के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनेगा।

    इस मौके पर शहीदी स्मारक के निदेशक डा. कुलदीप सैनी ने आजादी की लड़ाई के भव्य स्मारक के तहत यहां पर जो-जो कार्य कर लिए गए है तथा जो कुछ शेष बचे हुए उसके बारे विस्तार से जानकारी दी।

    इस अवसर पर एसडीएम कनिका गोयल, बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता वीकेगोयल, लोक निर्माण के कार्यकारी अभियंता रितेश गोयल, कार्यकारी अभियंता इलेक्ट्रिक नवीन राठी, कार्यकारी अभियंता जनस्वास्थ्य विभाग हरबजन सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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  • पीएम-मोदी-ने-17वें-रोजगार-मेले-को-किया-संबोधित.jpeg

    प्रधानमंत्री 23 मई को रोजगार मेले में सरकारी नौकरी में 51 हजार से अधिक नव नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे

    आरएस अनेजा, 22 मई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी कल 23 मई को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा 19वें रोजगार मेले में विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में 51 हजार से अधिक नव नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। वे आयोजन को संबोधित भी करेंगे।

    रोजगार सृजन को प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता के अनुरूप रोजगार मेला इस दृष्टिकोण को साकार रूप देने की महत्वपूर्ण पहल है। रोजगार मेला आरंभ किए जाने के बाद से देश भर में अब तक आयोजित 18 रोजगार मेलों के माध्यम से लगभग 12 लाख नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं।

    19वां रोजगार मेला देश भर में 47 स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। इसमें देश के सभी हिस्सों से चयनित नव नियुक्त उम्मीदवार रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग आदि सहित केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कार्यभार ग्रहण करेंगे।

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    अम्बाला छावनी का “आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक” बनेगा राष्ट्रभक्ति का प्रेरणास्थल - मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

    यह स्मारक होगा देश का ऐतिहासिक और आधुनिक तकनीक से सुसज्जित पहला स्मारक - मुख्यमंत्री

    नई पीढ़ी को देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देगा अम्बाला छावनी का भव्य शहीद स्मारक- मुख्यमंत्री

    1857 के गुमनाम वीरों की गौरवगाथा को जीवंत करेगा अम्बाला का शहीद स्मारक - अनिल विज



    अम्बाला/चण्डीगढ़, 21 मई - हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अम्बाला छावनी में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा को समर्पित “आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक” देशभक्ति, शौर्य और बलिदान का अद्भुत प्रतीक होगा। उन्होंने कहा कि यह स्मारक न केवल हमारी ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणा का सशक्त केंद्र बनेगा।


    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वीरवार को अम्बाला छावनी में निर्माणाधीन “आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक” का अवलोकन कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि इस स्मारक का कार्य अब अंतिम चरणों में है। इस अवसर पर हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, इतिहासकार, डिजाइन विशेषज्ञ तथा संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

    वीर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि देने हेतू समर्पित होगा स्मारक - मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री ने स्मारक परिसर का विस्तृत निरीक्षण/अवलोकन करते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, ऐतिहासिक प्रस्तुति एवं आधुनिक तकनीक के समावेश की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह स्मारक देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगा। उन्होंने कहा कि 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम भारत के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है और इस स्मारक के माध्यम से युवा पीढ़ी को देशभक्ति, त्याग और राष्ट्र समर्पण की प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री सैनी ने कहा कि हरियाणा की भूमि वीरों और बलिदानियों की धरती रही है तथा प्रदेश सरकार स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रनायकों की स्मृतियों को संरक्षित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह स्मारक आधुनिक तकनीक, ऐतिहासिक तथ्यों और भव्य वास्तुकला का अद्भुत संगम होगा, जो देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा।

    स्मारक में शेष कार्यों  को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

    अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को स्मारक में शेष छोटे-मोटे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्मारक के प्रत्येक भाग में ऐतिहासिक तथ्यों की प्रमाणिकता और प्रस्तुति की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए, ताकि यहां आने वाले लोगों को स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास का वास्तविक अनुभव प्राप्त हो सके।


    शहीद स्मारक होगा देशभक्ति की भावना को जीवंत रखने वाला राष्ट्रीय चेतना केंद्र - मुख्यमंत्री
     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्मारक केवल एक भवन नहीं, बल्कि देशभक्ति की भावना को जीवंत रखने वाला राष्ट्रीय चेतना केंद्र होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में आजादी के अमृत काल के अंतर्गत स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए अनेक  प्रयास किए जा रहे हैं और “आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक” उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।


    मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री द्वारा इस परियोजना के लिए किए  प्रयासों की करी सराहना


    मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और विशेष रुचि के कारण यह स्मारक एक भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह स्मारक भविष्य में राष्ट्रीय गौरव का प्रमुख केंद्र बनेगा और देशभक्ति की भावना को और अधिक सशक्त करेगा।


    1857 की क्रांति पर आधारित यह स्मारक देश का अपनी तरह का पहला और ऐतिहासिक स्मारक- अनिल विज


    हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज “आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक” का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री को स्मारक से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं, तकनीकी प्रबंधों एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 1857 की क्रांति पर आधारित यह स्मारक देश का अपनी तरह का पहला और ऐतिहासिक स्मारक है, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम की विभिन्न वीर गाथाओं, युद्धों और बलिदानों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। श्री विज ने कहा कि स्मारक में 1857 के संग्राम से जुड़े गुमनाम (अनसंग) वीरों और क्रांतिकारियों के संघर्ष को विशेष रूप से दर्शाया गया है, ताकि देशवासियों को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया जा सके। यह स्मारक विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण ज्ञान केंद्र सिद्ध होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूलों, कॉलेजों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों को स्मारक भ्रमण हेतु प्राथमिकता दी जाए, ताकि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास, देशभक्ति और बलिदान की अमूल्य विरासत के बारे में विस्तृत जानकारी मिल सके।


    मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी व ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने “आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक” में बनाई गई विभिन्न गैलरियों व ऑडिटोरियम में अवलोकन किया। ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने 1857 की क्रांति से जुडे एक लघु वृतचित्र को भी देखा और  सराहा।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री ने स्मारक के प्रांगण में रूद्राक्ष का पोधा भी लगाया ।


    अवलोकन के दौरान लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं कला विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के. मकरंद पाण्डुरंग, भाजपा जिलाध्यक्ष मंदीप राणा, उपायुक्त अजय ंिसह तोमर, पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत, उपमण्डल अधिकारी नागरिक सुश्री कनिका गोयल, शहीद स्मारक के निदेशक डॉ कुलदीप सैनी, वरिष्ठ इतिहासकार कपिल कुमार व डिजाईन कंपनी के पदाधिकारियों के अलावा नगर परिषद अध्यक्ष स्वर्ण कौर, उपाध्यक्ष ललता प्रसाद, मण्डल प्रधान रवि बुद्धिराजा, विकास बहगल, हर्ष बिन्द्रा, प्रवेश शर्मा, भाजपा पदाधिकारी बिजेन्द्र चौहान, मदन लाल शर्मा, बलित नागपाल, रामबाबू यादव, जसबीर जस्सी, संजीव सोनी, आरती सहगल, दीपक भसीन, बीएस बिन्द्रा, नेहा शर्मा, मोनिका विग, साधना, प्रवीन जैन के अतिरिक्त सैकडों भाजपा कार्यकर्ता व मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री के प्रशसंक उपस्थित थे। 



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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह देश के सच्चे सेवक, भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे” - ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    “जनता बार-बार कांग्रेस और राहुल गांधी को नकार रही है” - अनिल विज

    “मोदी सरकार में 14वें से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ा भारत” - विज

    “प्रधानमंत्री की विदेश नीति के कारण वैश्विक संकटों में भी सुरक्षित रहे भारत के हित” - अनिल विज

    “राहुल गांधी को जनता के जनादेश का सम्मान करना चाहिए” - ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    चण्डीगढ़, 20 मई - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह देश के सच्चे सेवक हैं, जो दिन-रात मेहनत करके भारत को विश्व पटल पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।

    विज आज यहां चण्डीगढ़ में मीडिया कर्मियों द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं गृह मंत्री श्री अमित शाह के संबंध में की गई टिप्पणी पर पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे।

    राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विज ने कहा कि जब कांग्रेस ने केंद्र की सत्ता छोड़ी थी, तब देश की अर्थव्यवस्था विश्व में 14वें स्थान पर थी, जबकि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है और विश्व स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ी है।

    विज ने राहुल गांधी को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें कम-से-कम जनता के जनादेश का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकतंत्र की बातें तो करते हैं, लेकिन देश की जनता बार-बार उनके विचारों और राजनीति को नकार रही है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल गांधी लगभग 95 चुनाव हार चुके हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि जनता कांग्रेस और उसके नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ा निर्णायक होती है और आज देश की जनता कदम-कदम पर कांग्रेस को अस्वीकार कर रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी की नीतियों और नेतृत्व पर विश्वास जता रही है। यही कारण है कि आज देश के 22 से अधिक राज्यों में भारतीय जनता पार्टी या उसके सहयोगी दलों की सरकारें कार्य कर रही हैं।

    राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री पर “नौटंकी” करने और “टॉफी बांटने” संबंधी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए विज ने कहा कि प्रधानमंत्री देश के मुखिया हैं और चाहे वे देश में हों या विदेश में, हर परिस्थिति में देश का प्रशासन और नेतृत्व संभालते हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार परिवार का मुखिया कठिन समय में परिवार को सचेत करता है, उसी प्रकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी देशहित में जनता को आवश्यक सलाह दी है।

    विज ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा हाल ही में कही गई सात बातों में एक बात विदेश यात्राओं को लेकर भी थी और संभवतः यही बात राहुल गांधी को सबसे अधिक चुभी है, क्योंकि वे स्वयं सबसे अधिक विदेश यात्राएं करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार राहुल गांधी अब तक लगभग 80 विदेश यात्राएं कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान राहुल गांधी स्टार प्रचारकों में शामिल थे, लेकिन चुनाव प्रचार के समय भी वे विदेश में घूमते रहे। विज ने कहा कि आज राहुल गांधी को इसलिए भी तकलीफ हो रही है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विदेश यात्राओं के माध्यम से भारत के हितों को मजबूत कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस नेतृत्व इन प्रयासों को समझने में असफल रहा है।

    उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति आज विश्व में सबसे प्रभावशाली नीतियों में गिनी जा रही है। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए विज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मजबूत विदेश नीति का ही परिणाम है कि अंतरराष्ट्रीय संकटों के दौरान भी भारत के हित सुरक्षित रहे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि “स्ट्रेट ऑफ हार्मुज” जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भी भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हुई, जबकि कई अन्य देशों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

    विज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विदेश यात्राएं व्यक्तिगत कारणों से नहीं, बल्कि भारत के हितों को मजबूत करने, वैश्विक संबंधों को सुदृढ़ करने और देश की आर्थिक एवं रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने के लिए करते हैं। वहीं, उन्होंने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे “चुपके-चुपके चीन से मुलाकातें करते हैं” और देशहित के गंभीर मुद्दों पर भी राजनीति करने से नहीं चूकते।

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    तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी आइसलैंड की प्रधानमंत्री से मिले

    आरएस अनेजा, 20 मई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के दौरान ओस्लो में आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्टर्न फ्रॉस्टडॉटिर के साथ द्विपक्षीय बैठक की।


    प्रधानमंत्री फ्रॉस्टडॉटिर के पदभार ग्रहण करने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आइसलैंड के इतिहास में सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने पर फ्रॉस्टडॉटिर को बधाई दी।

    दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया। दोनों ने विशेष रूप से भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के लागू होने के संदर्भ में बातचीत की। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि टीईपीए व्यापार, निवेश और विनिर्माण सहयोग में द्विपक्षीय क्षमता को उजागर करने का एक उत्कृष्ट अवसर है।

    दोनों नेताओं ने भू-तापीय ऊर्जा, मत्स्य पालन, नवोन्मेषी प्रौद्योगिकी, रचनात्मक अर्थव्यवस्था, संस्कृति, पर्यटन, गतिशीलता और जन-जन संपर्क जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने आर्कटिक अनुसंधान में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की।

    प्रधानमंत्री मोदी ने आइसलैंड की प्रधानमंत्री सुश्री क्रिस्टर्न फ्रॉस्टडॉटिर को आपसी सहमति से सुविधाजनक समय पर भारत आने का निमंत्रण दिया।

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    “इस्तीफा मांगना आसान, काम करके दिखाना मुश्किल कृ धर्मेंद्र प्रधान सबसे सक्षम मंत्रियों में से एक” - ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    “नीट पेपर लीक मामले में दोषियों पर लगातार कार्रवाई, किसी को बख्शा नहीं जाएगा” - अनिल विज

    “प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्राओं से मजबूत हुए भारत के वैश्विक संबंध” - अनिल विज

    “चुनौतियां चाहे कितनी भी हों, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित हाथों में” -विज



    अम्बाला, 17 मई- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आजकल राजनीति में बिना सोचे-समझे इस्तीफा मांगना एक “कॉमन बात” बन गई है। किसी से भी खड़े होकर इस्तीफा मांग लेना बहुत आसान है, लेकिन असली बात काम करके दिखाने की होती है।


    मंत्री अनिल विज आज अम्बाला में मीडिया कर्मियों के सवालों के जवाब दे रहे थे।


    विज ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान का बचाव करते हुए कहा कि वे केंद्र सरकार के सबसे सक्षम और मेहनती मंत्रियों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही यह घटना सामने आई, केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं और दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाने के संबंध में श्री अनिल विज ने कहा कि भगवंत मान को शायद प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का उद्देश्य समझ नहीं आता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशहित में विदेश यात्राएं करते हैं ताकि भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंध मजबूत हों, व्यापार बढ़े और दुनिया में भारत की स्थिति और सशक्त बने।


    उन्होंने कहा कि कुछ लोग केवल राजनीति के लिए विदेश यात्राओं पर टिप्पणी करते हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के हित में कार्य कर रहे हैं। श्री विज ने कहा कि क्या विपक्ष चाहता है कि प्रधानमंत्री देश के विदेशी संबंध मजबूत करने के लिए बाहर ही न जाएं और घर बैठ जाएं? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नेतृत्व से भारत की वैश्विक छवि को नई ऊंचाई दी है।


    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि “यह दशक दुनिया के लिए आपदाओं का दशक बनता जा रहा है”, प्रतिक्रिया देते हुए श्री अनिल विज ने कहा कि चुनौतियां चाहे कैसी भी हों, देश सुरक्षित हाथों में है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कोरोना महामारी जैसी बड़ी चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया। इसके अलावा अनेक कठिन परिस्थितियों के तहत आपरेशन सिंदूर में भी प्रधानमंत्री ने अपनी दूरदर्शी सोच और मजबूत नेतृत्व से देश को मजबूती के साथ आगे बढ़ाया है। श्री विज ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और युद्ध जैसे हालातों के बीच भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को हर चुनौती से सुरक्षित बाहर निकालने में पूरी तरह सक्षम हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत न केवल सुरक्षित रहेगा बल्कि विश्व में और अधिक मजबूत राष्ट्र के रूप में उभरेगा।

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड यात्रा 2026: 'रणनीतिक साझेदारी' और वैश्विक सहयोग की नई रूपरेखा

    आरएस अनेजा, 17 मई नई दिल्ली - नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के निमंत्रण पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16-17 मई 2026 को नीदरलैंड की आधिकारिक यात्रा की। यह प्रधानमंत्री मोदी की नीदरलैंड की दूसरी यात्रा थी।

    16 मई की सुबह, प्रधानमंत्री मोदी का नीदरलैंड के महामहिम राजा विलेम अलेक्जेंडर और महारानी मैक्सिमा ने हेग स्थित रॉयल पैलेस 'हुइस टेन बॉश' में द्विपक्षीय बैठक के लिए स्वागत किया। महामहिमों ने प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में दोपहर के भोजन का भी आयोजन किया।

    प्रधानमंत्री जेटेन और प्रधानमंत्री मोदी ने सीमित और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के लिए मुलाकात की, जिसके बाद 16 मई की शाम को रात्रिभोज का आयोजन हुआ। दोनों प्रधानमंत्रियों ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे और ऐतिहासिक व्यापारिक संबंधों, गहरी जड़ों वाले जन-दर-जन संपर्कों और मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को याद किया, और इस बहुआयामी रिश्ते को और अधिक विस्तार देने तथा गहरा करने की अपनी इच्छा व्यक्त की। इस संदर्भ में, दोनों नेताओं ने हाल के वर्षों में विभिन्न सहयोग कार्यक्रमों में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया; यह प्रगति नियमित संवादों के माध्यम से, जिसमें सर्वोच्च राजनीतिक स्तर का संवाद भी शामिल है, तथा 2023 में भारत की G20 अध्यक्षता और फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित 'AI इम्पैक्ट समिट' के दौरान हुए सार्थक सहयोग के माध्यम से हासिल की गई है।

    संबंधों में आई मजबूत गति और दोनों देशों के बीच बढ़ती समानताओं को स्वीकार करते हुए, दोनों नेताओं ने भारत और नीदरलैंड के बीच संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया। इस संदर्भ में, उन्होंने 'रणनीतिक साझेदारी रोडमैप' को अपनाने का स्वागत किया, जिसके तहत दोनों पक्ष सभी क्षेत्रों में नियमित और संरचित सहयोग के माध्यम से काम करने पर सहमत हुए। इन क्षेत्रों में राजनीति, व्यापार और निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर सहित महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियां, अंतरिक्ष, AI एवं क्वांटम प्रणाली, विज्ञान एवं नवाचार, स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी), स्वास्थ्य, सतत कृषि एवं खाद्य प्रणालियां, जल प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन एवं ऊर्जा संक्रमण, सतत परिवहन, समुद्री विकास, शिक्षा, संस्कृति और जन-दर-जन संपर्क शामिल हैं। दोनों पक्ष नीति नियोजन के क्षेत्र में भी आदान-प्रदान की संभावनाओं को तलाशने पर सहमत हुए। दोनों नेताओं ने इस संबंध में दिसंबर 2025 में विभिन्न प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में हुए समझौतों का स्वागत किया, जैसे कि रक्षा, सेमीकंडक्टर और संबंधित उभरती प्रौद्योगिकियां, डिजिटल और साइबर स्पेस में बढ़ा हुआ सहयोग, फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा उपकरणों में सहयोग, एक संयुक्त व्यापार और निवेश समिति की स्थापना, साथ ही लोथल और एम्स्टर्डम में समुद्री संग्रहालयों के बीच सहयोग।

    दोनों नेताओं ने 'भविष्य के लिए समझौता' (Pact for the Future) का संज्ञान लिया और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों के अनुरूप लोकतंत्र, मानवाधिकार, अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा, तथा एक नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था सहित साझा मूल्यों और सिद्धांतों को बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों सरकारों ने बहुपक्षीय प्रणाली को मजबूत करने और उसमें सुधार करने की अपनी प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सदस्यता की स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों का विस्तार शामिल है ताकि समकालीन वास्तविकताओं को दर्शाया जा सके; और उन्होंने एक निश्चित समय सीमा के भीतर पाठ-आधारित वार्ता का आह्वान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने एक सुधारित और विस्तारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए नीदरलैंड के निरंतर समर्थन हेतु प्रधानमंत्री जेटेन को धन्यवाद दिया।

    दोनों नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और इस संबंध में, इस वर्ष जनवरी में एक पारस्परिक रूप से लाभकारी भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के लिए वार्ता के समापन का स्वागत किया। वे इस बात पर सहमत हुए कि यह मुक्त व्यापार समझौता दुनिया की दूसरी और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा—विशेषकर ऐसे समय में जब भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक चुनौतियां बढ़ रही हैं—और यह आर्थिक खुलेपन तथा नियम-आधारित व्यापार के प्रति साझा प्रतिबद्धता को उजागर करेगा। दोनों नेताओं ने सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर एक साथ हस्ताक्षर किए जाने का भी स्वागत किया; यह साझेदारी यूरोपीय संघ और भारत के बीच सुरक्षा और रक्षा पर संवाद तथा सहयोग को मजबूत करेगी, और समुद्री सुरक्षा, साइबर, आतंकवाद-रोधी तथा रक्षा औद्योगिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में ठोस परिणाम प्रदान करेगी।

    नेताओं ने एक ऐसे मुक्त, खुले, सुरक्षित और शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र के महत्व पर सहमति व्यक्त की, जो अंतर्राष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान, नौवहन की स्वतंत्रता, तथा किसी भी प्रकार के दबाव या संघर्ष की अनुपस्थिति पर आधारित हो। हिंद-प्रशांत पर यूरोपीय संघ की रणनीति का स्मरण करते हुए, प्रधानमंत्री जेटेन ने हिंद-प्रशांत महासागर पहल (IPOI) में शामिल होने और जर्मनी तथा यूरोपीय संघ के साथ मिलकर 'क्षमता निर्माण और संसाधन साझाकरण' स्तंभ का सह-नेतृत्व करने के नीदरलैंड के निर्णय की घोषणा की।

    यूक्रेन के मुद्दे पर, दोनों पक्षों ने चल रहे युद्ध पर चिंता व्यक्त की, जिसके कारण भारी मानवीय पीड़ा जारी है और जिसके वैश्विक परिणाम सामने आ रहे हैं। दोनों नेता उन सिद्धांतों पर आधारित संवाद और कूटनीति के माध्यम से, यूक्रेन में एक व्यापक, न्यायसंगत और स्थायी शांति की प्राप्ति की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का समर्थन जारी रखने पर सहमत हुए।

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    सर्वांगीण विकास ही देश की असली तरक्की: राम मंदिर से सोमनाथ मंदिर तक, हमारी मान्यताओं को मिल रहा है पूर्ण सम्मान : ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    मैनें भी सोमनाथ मंदिर में जाकर शीश नवाया है व दर्शन किए, वहां वातावरण मन को तृप्ति व शांति देने वाला है : मंत्री अनिल विज

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने आज हाथीखाना मंदिर में सोमनाथ मंदिर के 75वें प्राण-प्रतिष्ठा पर आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” पर बतौर मुख्यतिथि लोगों को संबोधित किया

    अम्बाला/चंडीगढ़, 11 मई- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी भी पल को चूकते नहीं है, जो हमारी जनता की मान्यताओं के स्थान है जिनमें राम मंदिर, विश्वनाथ मंदिर हो या अन्य स्थान हो, सभी को पूरा सम्मान दिया जाता है। उसी प्रकार आज सोमनाथ मंदिर के 75वें प्राण-प्रतिष्ठा अवसर पर प्रधानमंत्री ने सारे देश को जोड़ा है तथा वो स्वयं सोमनाथ मंदिर में दर्शन करने के लिए वहां उपस्थित हुए हैं।

    मंत्री अनिल विज आज सोमनाथ मंदिर के 75वीं प्राण-प्रतिष्ठा पर अम्बाला छावनी के कैलाश हाथीखाना मंदिर में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” में बतौर मुख्य अतिथि लोगों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सैनी के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि देश वहीं तरक्की करता है जिसका सर्वांगीण विकास हो, उसकी अर्थव्यवस्था भी सुधरे, उसका ढांचा भी मजबूत बने, जनता को मिलने वाली सुविधाएं, सेनाएं भी मजबूत हो और हमारी मान्यता और सांस्कृति के जितने भी स्थान है उनका भी उत्थान हो तथा प्रधानमंत्री मोदी इन सबका ध्यान रखते हैं।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि उन्होंने भी सोमनाथ मंदिर में जाकर शीश नवाया है व दर्शन किए हैं। वहां पर जो वातावरण और शांति है वह लाख स्माधियों से भी ज्यादा मन को तृप्ति व शांति देने वाली है। आज वहां पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं गए हैं क्योंकि 1951 में भारत के प्रथम राष्ट्रपति राधाकृष्णन जी ने प्राण प्रतिष्ठा की थी, आज इसी का 75वां वर्ष मंदिर में मनाया जा रहा है जहां पर शिव का स्थान है और मंदिर है।

    उन्होंने कहा आज सोमनाथ मंदिर का 75वां पर्व अम्बाला छावनी के ऐतिहासिक कैलाश हाथीखाना मंदिर में मनाया जा रहा है जोकि सौभाग्य की बात है। वह संत बाबा मनमोहन दास जी का आभार व्यक्त करना चाहते हैं कि उन्होंने खुद इस कार्यक्रम में शामिल होकर इस कार्यक्रम को सफल बनाया।

    सोमनाथ मंदिर हमारे स्वाभिमान और मान्यता का स्थान, इसलिए बाहरी आक्रमणकारियों ने बार-बार लूटा व तोड़ा : ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास प्रचलित है जिसे अनेकों बार तोड़ा गया व अनेकों बार बनाया गया। बाहर से जितने आक्रमणकारी आते थे जिनमें गजनवी, औरंगजेब व अन्य लुटेरे थे। वह हमारे देश में बाहर से जो भी शासन करने आते थे वह सब लुटेरे थे। उन्होंने हमेशा सोमनाथ मंदिर जोकि धन-धानय से भरपूर था इसको लूटने की कोशिश की और अनेकों बार इसको तोड़ा भी गया क्योंकि यह हमारी मान्यता और स्वाभिमान का स्थान था।

    लुटेरे हमारे स्वाभिमान पर प्रहार करना चाहते थे, इसलिए बार-बार इसे तोड़ा गया। 1947 में हिंदुस्तान जब आजाद हुआ तब सोमनाथ मंदिर बाहरी आक्रमणों की वजह से खंडित था। मगर सरदार वल्लभ भाई पटेल ने प्रण लिया था कि हम पहले जैसा ही मंदिर बनाकर देंगे। मगर तब चर्चाएं आई कि और मंदिर को जनता के सहयोग से पुन: बनाया गया।

    सोमनाथ का स्तम्भ दक्षिणी ध्रुव की ओर जो यह दर्शाता है कि हमारे पूर्वज भूगोल में पारंगत थे : मंत्री अनिल विज

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि सोमनाथ मंदिर में जो 10 शिवलिंग हैं इनमें पहला शिवलिंग पहले मंदिर में लगा है। यह मंदिर भारत भूमि में अरब सागर के किनारे है जहां से दक्षिणी ध्रुव तक बीच में कोई भूमि का टुकड़ा नहीं, कोई भी देश नहीं, कोई भी खंड व भाग नहीं है। वहां पर एक स्तम्भ भी है जोकि दक्षिण धुरव की ओर इशारा करता है, वह यह भी दर्शाता है कि हमारे पूर्वज इस ज्ञान में पारंगत थे। उन्हें मालूम था कि पृथ्वी गोल है इसे भू-गोल कहते हैं जिसे अंग्रेजों ने बाद में बताया कि पृथ्वी गोल है। मगर हम शुरू से इसे भू-गोल कहते हैं। इसके अलावा एस्ट्रॉलजी का भी सारा ज्ञान हमारे पूर्वजों को था।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने हाथीखाना मंदिर में माथा टेका

    इससे पहले कार्यक्रम में पहुंचे ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने हाथीखाना मंदिर में माथा टेका और आर्शीवाद लिया। कार्यक्रम में पहुंचने पर मंत्री अनिल विज का डीसी अजय सिंह तोमर व एसडीएम अम्बाला छावनी कनिका गोयल ने अभिन्नदन किया। अधिकारियों ने बताया कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक वर्ष भर चलने वाले राष्ट्रीय स्मराणोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में आज अम्बाला छावनी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यअतिथि मंत्री अनिल विज ने मंन्दिर के मंहत संत मोहनदास जी को सम्मान पूर्वक शॉल भेंटकर उनका आर्शीवाद लिया।

    वहीं उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने मुख्यअतिथि को स्मृति चिन्ह व शॉल भेंटकर उनका स्वागत किया। मंत्री ने इस मौके पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देने वाले प्रत्येक स्कूल को 21-21 हजार रूपए अपने स्वैच्छिक कोष से देने की घोषणा की।

    कलश यात्रा का किया गया आयोजन

    सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर हाथीखाना मंदिर के प्रांगण में कलश यात्रा का भी आयोजन भी किया गया था। इसके साथ-साथ सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग द्वारा सोमनाथ मंन्दिर पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। मंत्री अनिल विज ने इस प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और उसकी सराहना भी की।

    इस मौके पर उपायुक्त अजय सिंह तोमर, एसडीएम कनिका गोयल, नगर परिषद् के उपाध्यक्ष ललता प्रसाद, भाजपा नेता प्रवेश शर्मा, रवि बुद्धिराजा, हर्ष बिंद्रा, विकास बहगल, अजय बवेजा, बिजेन्द्र चौहान, राजीव गुप्ता, संजीव वालिया, शैली खन्ना, नरेन्द्र राणा, आरती सहगल, महेश गोयल, मदन लाल शर्मा, श्याम सुंदर अरोड़ा, अनिल नागर सहित अन्य मौजूद रहे।

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    प्रधानमंत्री ने सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी

    आरएस अनेजा, 9 मई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने सुवेंदु अधिकारी को आज पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि सुवेंदु अधिकारी ने जनता से गहरे जुड़ाव रखने वाले और उनकी आकांक्षाओं को करीब से समझने वाले नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मोदी ने उन्हें आगामी कार्यकाल की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दी।

    प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री पद की शपथ लेने पर श्री दिलीप घोष, श्रीमती अग्निमित्रा पॉल, श्री अशोक कीर्तनिया, श्री क्षुदिराम टुडू और श्री निसीथ प्रमाणिक को भी बधाई दी।

    मोदी ने कहा कि इन नेताओं ने जमीनी स्तर पर अथक परिश्रम किया है और जनता की सेवा की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मंत्री बनने पर वे पश्चिम बंगाल के विकास पथ को आगे बढ़ाएंगे और उन्हें अपनी शुभकामनाएं दी।

    प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

    “सुवेंदु अधिकारी जी को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई। उन्होंने जनता से गहराई से जुड़े रहकर और उनकी आकांक्षाओं को करीब से समझते हुए एक उत्कृष्ट नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई है। उनके सफल कार्यकाल के लिए मेरी शुभकामनाएं।

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    भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर बोले ऊर्जा मंत्री अनिल विज, “जनता ने सारी पार्टियों को स्कैन कर पहचाना, काम करने वाली पार्टी केवल भाजपा”

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज का विपक्ष पर तंज, “बाकि पार्टियां या तो पारिवारिक जुगाड़ या सत्ता हथियारे के दल”

    जहां-जहां चुनाव हुए वहां भाजपा जीती, अब पंजाब में भी कमल खिलेगा और भाजपा जीतेगी : अनिल विज

    ढोल-नगाड़ों की थाप पर भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने मनाया जीत का जश्न, जमकर हुई आतिशबाजी

    अम्बाला/चंडीगढ़, 04 मई – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने पश्चिम बंगाल, असम व पंडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत पर कहा कि हिंदुस्तान की जनता ने सारी पार्टियों को स्कैन कर अच्छी तरह पहचान लिया कि काम करने वाली पार्टी केवल भारतीय जनता पार्टी है, बाकि तो जुगाड़ है, पारिवारिक जुगाड़ है या सत्ता हथियाने के दल बने हुए हैं।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने बंगाल में इतनी बड़ी जीत हासिल कर इतिहास रच दिया और भाजपा जहां-जहां चुनाव लड़ रही वहां भाजपा हरियाणा में जीती, दिल्ली में जीती, फिर मुंबई व बिहार में जीती और अब बंगाल व असम में जीते हैं तथा आगे भी जहां-जहां चुनाव होंगे वहां भाजपा जीतेगी और कमल का फूल खिलेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सांस्कारिक पार्टी, विचारों की पार्टी, देश की पार्टी, राष्ट्रवाद की पार्टी है जिसकी नीतियां है, देश में शिक्षा व सुरक्षा तथा हर प्रकार की जिसकी नीतियां भाजपा की है और इस वजह से भाजपा को लोग पसंद कर रहे हैं।

    वहीं, आगे पंजाब में चुनावों को लेकर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि पंजाब में आगे चुनाव है और गली-गली से भाजपा जिंदाबाद की आवाज आएगी। उन्होंने कहा पंजाब में पूरी तरह से भाजपा की सरकार बनने जा रही है।

    इससे पहले आज अम्बाला छावनी स्थित भारतीय जनता पार्टी के निकलसन रोड स्थित कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने जमकर जीत का जश्न बनाया। बड़ी संख्या में पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने ढोल नगाड़ों की थाप पर जमकर भांगड़ा डाला और लड्‌डू बांटे। इस दौरान जमकर आतिशबाजी भी हुई।

    इस अवसर पर भाजपा नेता संजीव सोनी, जसबीर जस्सी, विजेंद्र चौहान, अजय बवेजा, संजीव वालिया, प्रवेश शर्मा, रवि बुद्धिराजा, हर्ष बिंद्रा, विकास बहगल, आशीष अग्रवाल, भरत कोछड़, बलित नागपाल, रवि सहगल के अलावा बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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    हरियाणा के राज्यपाल ने प्रधानमंत्री से भेंट की

    आरएस अनेजा, 2 मई नई दिल्ली - हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने आज प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी से भेंट की।

    प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट किया:

    "हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने प्रधानमंत्री @narendramodi से भेंट की।"

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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गंगटोक में पद्म पुरस्कार विजेताओं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों से मुलाकात की

    आरएस अनेजा, 28 अप्रैल नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल शाम गंगटोक की अपनी यात्रा के दौरान पद्म पुरस्कार विजेताओं तथा विभिन्न क्षेत्रों में अपने उत्कृष्ट कार्य से विशिष्ट पहचान बनाने वाले लोगों से मुलाकात की।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर लिखा;

    “आज शाम गंगटोक में पद्म पुरस्कार विजेताओं और विभिन्न क्षेत्रों में अपने उत्कृष्ट कार्य से विशिष्ट पहचान बनाने वाले लोगों से बातचीत की। उनके साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा करना अत्यंत सुखद रहा।”

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    प्रधानमंत्री 28-29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश की यात्रा करेंगे

    आरएस अनेजा, 26 अप्रैल नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 28-29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश की यात्रा पर रहेंगे। 28 अप्रैल को शाम करीब 5 बजे, प्रधानमंत्री वाराणसी में आयोजित महिला सम्मेलन में भाग लेंगे, जहां वे लगभग 6,350 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।

    29 अप्रैल को सुबह लगभग 8:30 बजे प्रधानमंत्री वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री हरदोई के लिए रवाना होंगे और लगभग 11:30 बजे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।

    वाराणसी में प्रधानमंत्री

    प्रधानमंत्री महिमा सम्मेलन में भाग लेंगे, जिसमें पूरे क्षेत्र से बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होंगी। प्रधानमंत्री 1,050 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 48 पूर्ण परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं में वाराणसी-आजमगढ़ सड़क का विस्‍तारीकरण करना, कज्जाकपुरा और कादीपुर में महत्वपूर्ण रेल ओवरब्रिज का उद्घाटन और भगवानपुर में 55 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का उद्घाटन शामिल हैं।

    प्रधानमंत्री विभिन्न सामुदायिक परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इनमें जल जीवन मिशन के अंतर्गत 30 ग्रामीण पेयजल योजनाएं, चंद्रावती घाट का पुनर्विकास, सारनाथ के पास सारंगनाथ मंदिर का पर्यटन विकास और नागवा स्थित संत रविदास पार्क का सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्य शामिल हैं। सार्वजनिक सेवाओं और खेलों में सुधार भी प्रमुखता से किए जा रहे हैं, जिनमें यूपी कॉलेज में सिंथेटिक हॉकी टर्फ, रामनगर में 100 बिस्तरों वाला वृद्धाश्रम और भेलूपुर जल शोधन संयंत्र में 1 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र शामिल हैं। प्रधानमंत्री तिब्बती अध्ययन केंद्रीय विश्वविद्यालय में सोवा रिग्पा भवन और अस्पताल का भी उद्घाटन करेंगे, जो आधुनिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों के साथ पारंपरिक चिकित्सा को एकीकृत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    प्रधानमंत्री लगभग 5,300 करोड़ रुपये की 112 से अधिक परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें अमृत 2.0 के तहत 13 सीवरेज और जल आपूर्ति योजनाएं, श्री शिव प्रसाद गुप्ता संभागीय जिला अस्पताल में 500 बिस्तरों वाला बहु-विशेषज्ञ अस्पताल, भोजुवीर और सिगरा में बाजार परिसरों और कार्यालयों का निर्माण, तालाबों का जीर्णोद्धार और नवीनीकरण, 198 बिस्तरों वाले अस्पताल का पुनर्निर्माण, 100 बिस्तरों वाले गहन चिकित्सा ब्लॉक का निर्माण और अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट और नमो घाट सहित प्रमुख घाटों पर पर्यटन सुविधाओं का विकास शामिल है। शासन और सामाजिक कल्याण अवसंरचना को मजबूत करने के लिए, प्रधानमंत्री रामनगर में एकीकृत संभागीय कार्यालय, नगर निगम कार्यालय भवन और एक सरकारी बाल आश्रय गृह और किशोर न्याय बोर्ड की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री बनास डेयरी से जुड़े उत्तर प्रदेश के दूध आपूर्तिकर्ताओं को बोनस के रूप में 105 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी हस्तांतरित करेंगे।

    प्रधानमंत्री वाराणसी जंक्शन-पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन तीसरी और चौथी रेलवे लाइन परियोजना की आधारशिला रखेंगे, जिसमें गंगा नदी पर रेल-सह-सड़क पुल का निर्माण भी शामिल है। यह परियोजना रेल यातायात में भीड़ कम करके, रसद दक्षता बढ़ाकर, बहु-मार्गीय संपर्क को मजबूत करके और यातायात को सुगम बनाकर वाराणसी और चंदौली जिलों को लाभ पहुंचाएगी। इससे काशी विश्वनाथ धाम, रामनगर क्षेत्र और राष्ट्रीय राजमार्ग-19 तक पहुंच में सुधार होगा, साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ रेल संपर्क मजबूत होगा।

    प्रधानमंत्री दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे: बनारस-पुणे (हडपसर) और अयोध्या-मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस)। ये ट्रेनें किफायती और आधुनिक यात्रा विकल्प प्रदान करेंगी और उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच संपर्क बढ़ाएंगी। बनारस-पुणे सेवा से काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंचना आसान होगा, जबकि अयोध्या-मुंबई सेवा से श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र तक संपर्क बेहतर होगा और प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी।

    हरदोई में प्रधानमंत्री

    प्रधानमंत्री हरदोई जिले में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे, जो देश में विश्व स्तरीय अवसंरचना के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा, 6-लेन (8-लेन तक विस्तारित करने योग्य), एक्सेस-नियंत्रित ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जिसका निर्माण लगभग 36,230 करोड़ रुपये की कुल लागत से किया गया है। यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों—मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरता है, जिससे उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी क्षेत्रों को एक ही निर्बाध हाई-स्पीड कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ा गया है।

    इस परियोजना से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय मौजूदा 10-12 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे रह जाने की उम्मीद है, जिससे आवागमन में सुगमता और परिवहन में दक्षता में सुधार होगा।

    इस परियोजना की एक प्रमुख विशेषता शाहजहांपुर जिले में 3.5 किलोमीटर लंबी आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (हवाई पट्टी) का निर्माण है। यह दोहरे उपयोग वाली अवसंरचना राष्ट्रीय सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करती है और आर्थिक लाभ के अलावा रणनीतिक महत्व भी प्रदान करती है।

    गंगा एक्सप्रेसवे को एक प्रमुख आर्थिक गलियारे के रूप में परिकल्पित किया गया है, जिसके मार्ग में पड़ने वाले 12 जिलों में लगभग 2,635 हेक्टेयर क्षेत्र में एकीकृत विनिर्माण और लॉजिस्टिक गलियारे विकसित किए जाएंगे। यह एक्सप्रेसवे लॉजिस्टिक्स लागत को कम करेगा, आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता में सुधार करेगा और विनिर्माण प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा।

    बेहतर संपर्क व्यवस्था से किसानों को शहरी और निर्यात बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होगा और ग्रामीण आय में वृद्धि होगी। इस परियोजना से पर्यटन को बढ़ावा मिलने, नए आर्थिक अवसर खुलने और पूरे क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है।

    गंगा एक्सप्रेसवे राज्य में एक व्यापक एक्सप्रेसवे नेटवर्क की रीढ़ की हड्डी के रूप में भी काम करेगा, जिसमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे और मेरठ से हरिद्वार तक प्रस्तावित विस्तार सहित कई लिंक कॉरिडोर या तो चालू हैं या योजनाबद्ध हैं। यह उभरता हुआ एक्सप्रेसवे नेटवर्क उत्तर प्रदेश में पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक उच्च गति वाली सड़क कनेक्टिविटी का विस्तार करेगा, जिससे संतुलित क्षेत्रीय विकास संभव होगा।

    गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ एक परिवहन परियोजना नहीं है, बल्कि एक परिवर्तनकारी पहल है जो लॉजिस्टिक लागत को कम करेगी, औद्योगिक निवेश को आकर्षित करेगी, कृषि और ग्रामीण आय को बढ़ावा देगी, रोजगार सृजित करेगी और पूरे राज्य में समग्र आर्थिक विकास को गति देगी।

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    बंगाल में पहले चरण का मतदान जारी है। 11 बजे तक 41.11% मतदान हुआ। अल्पसंख्यक क्षेत्रों में उत्साह, नौदा में धमाके से तनाव

    #बंगालचुनाव #चुनाव2023 #पहलेचरण #मतदान #बंगालमेंमतदान #41_विधानसभा #शांतिपूर्णचुनाव #उत्साह #अल्पसंख्यका #धमाकेसेतनाव #नौदामें #पॉलिटिक्स #WestBengalElections #लोकतंत्र #मतदाता #चुनावीउत्सव #IndiaVotes #DemocracyInAction #VotingDay #PoliticalAwareness

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    प्रधानमंत्री ने सम्राट चौधरी को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी

    आरएस अनेजा, 15 अप्रैल नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सम्राट चौधरी को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि सम्राट चौधरी की ऊर्जा, जनसेवा के प्रति समर्पण और जमीनी अनुभव राज्य के लिए अत्यंत लाभप्रद सिद्ध होगा। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि श्री चौधरी के कुशल नेतृत्व में जनता की आकांक्षाएं पूरी होंगी और बिहार सर्वांगीण विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

    प्रधानमंत्री ने विजय कुमार चौधरी और श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को भी बिहार के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी।

    प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों नेताओं का जमीनी अनुभव और उनकी जन हित प्रति प्रतिबद्धता बिहार के विकास को नई दिशा और गति प्रदान करेगी और राज्य सुशासन, पारदर्शिता और जन कल्याण के नए मानक स्थापित करेगा।

    प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया साइट X पर लिखा;

    “बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर सम्राट चौधरी जी को बहुत-बहुत बधाई और ढेरों शुभकामनाएं! उनकी ऊर्जा, जनसेवा के प्रति समर्पण और जमीनी अनुभव राज्य के लिए बेहद उपयोगी साबित होने वाला है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि उनके कुशल नेतृत्व में जनता-जनार्दन की आकांक्षाओं को पूरा करते हुए बिहार चौतरफा विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिमाचल दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश के लोगों को शुभकामनाएं दीं

    आरएस अनेजा, 15 अप्रैल नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिमाचल दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश के लोगों को शुभकामनाएं दी हैं।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यह पवित्र देवभूमि अपनी समृद्ध परंपराओं, अनुपम सांस्कृतिक धरोहर तथा यहां के लोगों की मेहनत, कर्तव्यनिष्ठा और विनम्रता के कारण एक विशेष पहचान रखती है।

    इस शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य के सभी परिवारों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की

    प्रधानमंत्री ने एक्स(X) पर लिखा;

    “समस्त हिमाचलवासियों को हिमाचल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। यह पावन देवभूमि अपनी समृद्ध परंपराओं, अनुपम सांस्कृतिक धरोहर और यहां के लोगों की कर्मठता, कर्तव्यनिष्ठा और विनम्रता के कारण विशेष पहचान रखती है। इस पुनीत अवसर पर मैं प्रदेश के सभी परिवारजनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं।”

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को उत्तराखंड और UP का दौरा करेंगे

    आरएस अनेजा, 13 अप्रैल नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल 2026 को उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। सुबह लगभग 11:15 बजे, प्रधानमंत्री दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे के एलिवेटेड (ऊंचे) हिस्से पर वन्यजीव गलियारे की समीक्षा करने के लिए उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जाएंगे।

    सुबह लगभग 11:40 बजे, प्रधानमंत्री देहरादून के पास स्थित 'जय मां दात काली मंदिर' में दर्शन और पूजा करेंगे। इसके बाद, दोपहर लगभग 12:30 बजे, प्रधानमंत्री देहरादून में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर जनसभा को संबोधित भी करेंगे।

    213 किलोमीटर लंबा, छह-लेन वाला और एक्सेस-नियंत्रित (access-controlled) दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा ₹12,000 करोड़ से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। यह गलियारा दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों से होकर गुजरता है, और यह दिल्ली तथा देहरादून के बीच यात्रा के समय को, जो वर्तमान में छह घंटे से अधिक है, घटाकर लगभग ढाई घंटे कर देगा।

    इस परियोजना के कार्यान्वयन में 10 इंटरचेंज, तीन रेलवे ओवर ब्रिज (ROBs), चार बड़े पुल और 12 'वे-साइड एमेनिटीज़' (रास्ते में मिलने वाली सुविधाएं) का निर्माण भी शामिल है, ताकि निर्बाध और तीव्र गति की कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके। यात्रियों को अधिक सुरक्षित और कुशल यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए, यह गलियारा एक 'एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' (ATMS) से सुसज्जित है।

    इस क्षेत्र की पारिस्थितिक संवेदनशीलता, समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीवों को ध्यान में रखते हुए, इस गलियारे को कई ऐसी विशेषताओं के साथ डिज़ाइन किया गया है जिनका उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष को काफी हद तक कम करना है। जंगली जानवरों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए, इस परियोजना में वन्यजीवों की सुरक्षा से जुड़ी कई विशेष विशेषताएं शामिल की गई हैं। इनमें 12 किलोमीटर लंबा 'वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर' (ऊंचा गलियारा) शामिल है, जो पूरे एशिया के सबसे लंबे गलियारों में से एक है। इस गलियारे में आठ 'एनिमल पासेस' (जानवरों के लिए रास्ते), 200-200 मीटर लंबे दो 'एलिफेंट अंडरपासेस' (हाथियों के लिए सुरंगें), और दात काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी एक सुरंग भी शामिल है।

    दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा प्रमुख पर्यटन और आर्थिक केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ाकर, साथ ही पूरे क्षेत्र में व्यापार और विकास के नए अवसर खोलकर, क्षेत्रीय आर्थिक विकास को सुदृढ़ करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसके तहत अगली पीढ़ी के ऐसे बुनियादी ढांचे का विकास किया जाता है जो तीव्र गति की कनेक्टिविटी को पर्यावरणीय स्थिरता और नागरिकों के जीवन की बेहतर गुणवत्ता के साथ जोड़ता है।

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    प्रधानमंत्री ने जलियांवाला बाग के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 13 अप्रैल नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज जलियांवाला बाग के वीर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री मोदी ने कहा कि उनका बलिदान हमारे लोगों के अडिग साहस की एक सशक्त याद दिलाता है।

    प्रधानमंत्री ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया, जिसमें समाज में परोपकारी शक्तियों के पोषण का आह्वान किया गया है, जो राष्ट्र को समृद्ध, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाती हैं, साथ ही विभाजन, अन्याय और असंतोष उत्पन्न करने वाली विनाशकारी शक्तियों का दृढ़ता से प्रतिरोध करने का संदेश दिया गया है।

    प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा:

    “आज के दिन हम जलियांवाला बाग के वीर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनका बलिदान हमारे लोगों के अडिग साहस की एक सशक्त याद दिलाता है। उनके द्वारा प्रदर्शित किया गया साहस और दृढ़ संकल्प पीढ़ियों को स्वतंत्रता, न्याय और गरिमा के मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रेरित करता रहता है।”

    “ਅੱਜ ਦੇ ਦਿਨ, ਅਸੀਂ ਜੱਲ੍ਹਿਆਂਵਾਲਾ ਬਾਗ਼ ਦੇ ਸੂਰਬੀਰ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਨੂੰ ਦਿਲੋਂ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਭੇਟ ਕਰਦੇ ਹਾਂ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਕੁਰਬਾਨੀ ਸਾਡੇ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਕਦੇ ਨਾ ਝੁਕਣ ਵਾਲੇ ਜਜ਼ਬੇ ਦੀ ਮਜ਼ਬੂਤ ਯਾਦ ਦਿਵਾਉਂਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਵੱਲੋਂ ਵਿਖਾਇਆ ਗਿਆ ਹੌਸਲਾ ਅਤੇ ਪੱਕਾ ਇਰਾਦਾ, ਆਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਪੀੜ੍ਹੀਆਂ ਨੂੰ ਆਜ਼ਾਦੀ, ਇਨਸਾਫ਼ ਅਤੇ ਮਾਣ-ਸਨਮਾਨ ਦੀਆਂ ਕਦਰਾਂ-ਕੀਮਤਾਂ ਉੱਤੇ ਪਹਿਰਾ ਦੇਣ ਲਈ ਲਗਾਤਾਰ ਪ੍ਰੇਰਿਤ ਕਰਦਾ ਆ ਰਿਹਾ ਹੈ।”

    “जलियांवाला बाग नरसंहार के सभी अमर बलिदानियों को मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। विदेशी हुकूमत की बर्बरता के खिलाफ उनके अदम्य साहस और स्वाभिमान की गाथा देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।

    इन्द्रं वर्धन्तो अप्तुरः कृण्वन्तो विश्वमार्यम्।

    अपघ्नन्तो अराव्णः॥"

    हे परिश्रमी लोगों! अपने समाज में उन परोपकारी शक्तियों का पोषण करें, जो राष्ट्र को समृद्ध, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाती हैं। साथ ही, उन विनाशकारी शक्तियों का दृढ़ता से प्रतिरोध करें, जो समाज में विभाजन, अन्याय और असंतोष उत्पन्न करती हैं।

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    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने प्रकाश पर्व के अवसर पर श्री गुरु तेग बहादुर जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की

    अभिकान्त, 07 अप्रैल नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज प्रकाश पर्व के पवित्र अवसर पर हमारी सभ्यता के महान आध्यात्मिक व्यक्तित्व श्री गुरु तेग बहादुर जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

    प्रधानमंत्री ने एक्‍स पोस्‍ट में लिखा:

    श्री गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व के पवित्र अवसर पर, मैं हमारी सभ्यता के एक महान आध्यात्मिक व्यक्तित्व को सादर नमन अर्पित करता हूं। उनका जीवन निर्भीकता, त्याग और मानवता के प्रति गहरे लगाव का प्रकाशमान उदाहरण है। वह घोर विपत्ति के बावजूद सत्य, गरिमा और आस्था की रक्षा में दृढ़ता से खड़े रहे। उनका शाश्वत संदेश हमें एक न्यायपूर्ण, करुणामय और सामंजस्यपूर्ण समाज के निर्माण में मार्गदर्शन करे।

    #GuruTeghBahadurJi #ParkashPurab2026 #PMModi #SikhHeritage #SpiritualIndia #HumanityFirst #SacrificeForTruth #HindKiChadar #NewIndia #HarmonyInSociety #Danikkhabar

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    प्रधानमंत्री ने परम पूज्य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीगलु को श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 1 अप्रैल नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज परम पूज्य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीगलु की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

    मोदी ने कहा कि वे करुणा, विनम्रता और मानवता की अटूट सेवा के प्रतीक के रूप में सब की स्मृति‍ में अमर हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन दूसरों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया और यह सिद्ध किया कि सच्ची महानता दूसरों की सेवा में निहित है। श्री मोदी ने कहा कि शिक्षा, सामाजिक कल्याण और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान ने समाज पर अमिट छाप छोड़ी है। आज भी उनका जीवन अनगिनत व्यक्तियों को निस्वार्थता और सेवा के मार्ग पर चलने के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान करता है।

    प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्‍ट किया;

    “उनकी जयंती के अवसर पर मैं परम पूज्य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीगलु को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। वे करुणा, विनम्रता और मानवता की अटूट सेवा के प्रतीक के रूप में सब की स्मृति में अमर हैं। जीवन भर दूसरों के उत्थान के लिए समर्पित रहकर उन्होंने यह सिद्ध किया कि सच्ची महानता दूसरों की सेवा में निहित है। शिक्षा, सामाजिक कल्याण और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान ने समाज पर अमिट छाप छोड़ी है। आज भी उनका जीवन अनगिनत व्यक्तियों को निस्वार्थता और सेवा के मार्ग पर चलने के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान करता है।”

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    प्रधानमंत्री ने भगवान महावीर जन्म कल्याणक पर शुभकामनाएं दीं

    आरएस अनेजा, 31 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान महावीर जन्म कल्याणक के पावन अवसर पर शुभकामनाएं दी हैं।

    मोदी ने कहा कि भगवान महावीर का जीवन और उनकी शिक्षाएं सत्य, अहिंसा और करुणा के मार्ग को निरंतर प्रकाशित करती हैं। श्री मोदी ने कहा, “उनके आदर्श आध्यात्मिक रूप से उत्थानकारी हैं और आज के विश्व में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं। समानता और दया पर उनका ज़ोर हमें समाज के प्रति हमारी साझा ज़िम्मेदारी की याद दिलाता है।”

    प्रधानमंत्री ने ‘X’ पर पोस्ट किया:

    “भगवान महावीर जन्म कल्याणक के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान महावीर का जीवन और उनकी शिक्षाएं सत्य, अहिंसा और करुणा के मार्ग को निरंतर प्रकाशित करती हैं। उनके आदर्श आध्यात्मिक रूप से उत्थानकारी हैं और आज के विश्व में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं। समानता और दया पर उनका ज़ोर हमें समाज के प्रति हमारी साझा ज़िम्मेदारी की याद दिलाता है।”

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    गुजरात में पीएम मोदी का महादौरा: 31 मार्च को देंगे 20,000 करोड़ की सौगात; बदल जाएगी राज्य की तस्वीर

    आरएस अनेजा, 30 मार्च नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 31 मार्च 2026 को गुजरात का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री गांधीनगर में सुबह लगभग 10 बजे सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर जनसभा को संबोधित भी करेंगे। प्रधानमंत्री अहमदाबाद के सानंद में स्थित केयन्स सेमीकॉन प्लांट का दोपहर लगभग 12:45 बजे उद्घाटन करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद, प्रधानमंत्री वाव-थराद जाएंगे, जहां शाम लगभग 4 बजे, वे 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की अनेक विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उनका उद्घाटन करके राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस अवसर पर वे जनसभा को भी संबोधित करेंगे।


    प्रधानमंत्री का गांधीनगर दौरा

    महावीर जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री गांधीनगर के कोबा तीर्थ में सम्राट सम्प्रति संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। अशोक के पौत्र और जैन परंपरा में अहिंसा के प्रति समर्पण तथा जैन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए प्रसिद्ध सम्राट सम्प्रति के नाम पर स्थापित यह संग्रहालय जैन धर्म की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को प्रदर्शित करता है।


    महावीर जैन आराधना केंद्र परिसर में स्थित इस संग्रहालय में सात अलग-अलग खण्‍ड हैं, जिनमें से प्रत्येक भारत की सभ्यतागत परंपराओं के अनूठे पहलुओं को समर्पित है। यह आगंतुकों को सदियों पुराने ज्ञान और विरासत की एक व्यापक यात्रा के दर्शन कराता है। संग्रहालय पारंपरिक प्रदर्शनों को आधुनिक डिजिटल और ऑडियो-विजुअल उपकरणों के साथ एकीकृत करता है, जिससे आगंतुकों, शोधकर्ताओं और विद्वानों के लिए एक गहन और आकर्षक अनुभव का निर्माण होता है।


    यह संग्रहालय सदियों पुराने दुर्लभ अवशेषों, जैन कलाकृतियों और पारंपरिक विरासत संग्रहों का संरक्षण और प्रदर्शन करता है। इनमें जटिल रूप से गढ़ी गई पत्थर और धातु की मूर्तियां, विशाल तीर्थ पट्टा और यंत्र पट्टा, लघु चित्रकारी, चांदी के रथ, सिक्के और प्राचीन पांडुलिपियां शामिल हैं, जिन्हें सात भव्य दीर्घाओं में प्रदर्शित किया गया है। विशाल कक्षों में व्यवस्थित दो हजार से अधिक दुर्लभ खजानों से युक्त यह संग्रहालय आगंतुकों को जैन धर्म के विकास और इसके गहन सांस्कृतिक प्रभाव की कालानुक्रमिक समझ प्राप्त करने में सक्षम बनाता है।


    प्रधानमंत्री का सानंद दौरा

    प्रधानमंत्री अहमदाबाद के सानंद जीआईडीसी में स्थित केयन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही इस संयंत्र में वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत होगी, जो भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।


    वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत उन्नत इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल (आईपीएम) के निर्माण से होगी, जो ऑटोमोटिव और औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए महत्वपूर्ण घटक हैं और जिन्हें कॉम्पैक्ट, कुशल और विश्वसनीय पावर स्विचिंग सिस्टम की आवश्यकता होती है। प्रत्येक मॉड्यूल में 17 चिप्स होते हैं और इनकी आपूर्ति कैलिफोर्निया स्थित अल्फा एंड ओमेगा सेमीकंडक्टर (एओएस) को की जाएगी। संयंत्र के सभी चरण पूरे होने पर, इसकी उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 6.33 मिलियन यूनिट होगी।


    केयन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कार्यक्रम के तहत स्वीकृत परियोजनाओं में से माइक्रोन टेक्नोलॉजी के बाद वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने वाली दूसरी सेमीकंडक्टर सुविधा होगी।


    यह परियोजना विशेष महत्व रखती है क्योंकि इसके अंतर्गत भारत की दूसरी ओएसएटी/एटीएमपी (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट/असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकिंग) इकाई उत्पादन चरण में प्रवेश कर रही है। यह परियोजना सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र में भारतीय मूल की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (ईएमएस) कंपनी के प्रवेश का भी प्रतीक है, जिससे घरेलू क्षमताओं को मजबूती मिलती है।

    यह सुविधा स्वदेशी सेमीकंडक्टर पैकेजिंग क्षमता के निर्माण में योगदान देगी, भारत के चिप इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण कमी को दूर करेगी और उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण में आत्मनिर्भरता की परिकल्पना को आगे बढ़ाएगी।


    प्रधानमंत्री का वाव-थारद दौरा

    प्रधानमंत्री 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की अनेक विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, उनका उद्घाटन करेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये परियोजनाएं बिजली, रेलवे, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, स्वास्थ्य, शहरी विकास, जनजातीय विकास और ग्रामीण विकास सहित प्रमुख क्षेत्रों को कवर करती हैं।


    प्रधानमंत्री 5,100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। यह एक्सप्रेसवे क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाएगा, धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (डीएसआईआर) में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा और आर्थिक विकास को गति प्रदान करेगा।


    प्रधानमंत्री पक्की शोल्डर वाली चार लेन की इदर-बडोली बाईपास सड़क के निर्माण की आधारशिला रखेंगे। वे एनएच-754के के धोलावीरा-मौवाना-वाउवा-संतालपुर खंड (पैकेज-II) को दो लेन की पक्की शोल्डर वाली सड़क में अपग्रेड करने की भी आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं से राजमार्ग बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, धोलावीरा जैसे पर्यटन स्थलों सहित प्रमुख क्षेत्रों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी, लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ेगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।


    प्रधानमंत्री गांधीनगर-कोबा-एयरपोर्ट रोड पर भाईजीपुरा जंक्शन पर बनने वाले फ्लाईओवर सहित कई महत्वपूर्ण सड़क अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इस फ्लाईओवर से यातायात की भीड़ कम होगी और इसके नीचे व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी। गांधीनगर-कोबा-आरोदराम रोड पर स्थित पीडीपीयू जंक्शन पर भी फ्लाईओवर का उद्घाटन किया जाएगा। गांधीनगर को एयरपोर्ट से जोड़ने वाली इस सड़क पर प्रतिदिन 140,000 से अधिक वाहन गुजरते हैं। यह फ्लाईओवर अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच सीएच-0 जंक्शन से एयरपोर्ट तक सुचारू और निर्बाध यातायात सुनिश्चित करेगा।


    प्रधानमंत्री खावड़ा पूलिंग स्टेशन-2 और उससे जुड़े 4.5 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के परिवहन हेतु संबद्ध पारेषण प्रणालियों सहित प्रमुख विद्युत पारेषण परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिनकी कुल लागत लगभग 3,650 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण और पारेषण क्षमता को मजबूत करेंगी।


    रेल क्षेत्र में, प्रधानमंत्री कनलस-जामनगर दोहरीकरण परियोजना (28 किमी), राजकोट-कनलस दोहरीकरण परियोजना का एक भाग (111.20 किमी), और गांधीधाम-आदिपुर खंड (10.69 किमी) के चौगुने विस्तार को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं से रेल क्षमता में वृद्धि होगी, भीड़ कम होगी, परिचालन दक्षता में सुधार होगा और यात्रियों और माल की आवाजाही तेज होगी।


    प्रधानमंत्री हिम्मतनगर-खेड़ब्रह्मा गेज रूपांतरण परियोजना (54.83 किमी) का भी उद्घाटन करेंगे, जिससे क्षेत्र में रेल संपर्क और यात्री आवागमन में सुधार होगा। वे खेदब्रह्मा-हिम्मतनगर-असरवा ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाएंगे।


    प्रधानमंत्री गुजरात में शहरी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से शुरू की गई लगभग 5,300 करोड़ रुपये की 44 शहरी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य और परिवार कल्याण से जुड़ी विभिन्न पहलों का भी उद्घाटन करेंगे, जिनमें अहमदाबाद के असरवा स्थित सिविल अस्पताल में 858 बिस्तरों वाले रेन बसेरा और गांधीनगर के सिविल अस्पताल और जीएमईआरएस मेडिकल कॉलेज में इसी तरह की सुविधाओं का उद्घाटन शामिल है।


    प्रधानमंत्री मोदी पाटन स्थित रानी की वाव में लाइट एंड साउंड शो, शर्मिष्ठा झील, वडनगर में वाटर स्क्रीन प्रोजेक्शन शो सहित पर्यटन परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और बनासकांठा में बलराम महादेव और विश्वेश्वर महादेव में पर्यटन अवसंरचना कार्यों की आधारशिला रखेंगे, जिनका उद्देश्य पर्यटन अनुभव को बढ़ाना और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है।


    प्रधानमंत्री लगभग 1,780 करोड़ रुपये की लागत वाली दो प्रमुख जल पाइपलाइन परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिनमें बनासकांठा में कसारा-दंतीवाड़ा पाइपलाइन और पाटन और बनासकांठा के बीच से गुजरने वाली दिंद्रोल-मुक्तेश्वर पाइपलाइन शामिल हैं। प्रधानमंत्री अंबाजी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जल आपूर्ति योजना की आधारशिला रखेंगे। इससे बनासकांठा जिले के दंता और अमीरगढ़ तालुकों के 34 गांवों और अंबाजी शहर को पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे लगभग 1.5 लाख लोगों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री गांधीनगर जिले में लगभग 1000 करोड़ रुपये के संयुक्त निवेश से निर्मित तीन साबरमती नदी तट विस्तार परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।


    प्रधानमंत्री अहमदाबाद के वेजलपुर में सरकारी लड़कों के छात्रावास का उद्घाटन करेंगे। यह सुविधा उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे जनजातीय छात्रों को सहायता प्रदान करेगी।

    #PMModi #GujaratDevelopment #ModiInGujarat #SemiconductorIndia #BreakingNews #DholeraExpressway #DigitalIndia #NewIndia #VibrantGujarat #DanikKhabar

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    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने गुजरात के पोरबंदर में माधवपुर मेले के अवसर पर शुभकामनाएँ दीं

    आरएस अनेजा, 29 मार्च नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने गुजरात के पोरबंदर में चल रहे माधवपुर मेले के लिए शुभकामनाएँ दी हैं। मोदी ने कहा कि यह जीवंत उत्सव हमारी गौरवशाली संस्कृति को प्रदर्शित करता है और साथ ही गुजरात तथा पूर्वोत्तर के बीच कालातीत सांस्कृतिक संबंध को सुदृढ़ करता है। मोदी ने कहा, “यह उत्सव विविध परंपराओं को एक साथ लाता है, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की सच्ची भावना को प्रतिबिम्बित करता है। मैं लोगों से इस मेले में आने का आह्वान करता हूँ!”


    प्रधानमंत्री ने अप्रैल 2022 के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में माधवपुर मेले के महत्व और हमारी संस्कृति में उसके महत्व के बारे में बात की।

    प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:

    गुजरात के पोरबंदर में चल रहे माधवपुर मेले के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ।

    यह जीवंत उत्सव हमारी गौरवशाली संस्कृति को प्रदर्शित करता है और साथ ही गुजरात तथा पूर्वोत्तर के बीच कालातीत सांस्कृतिक संबंध को सुदृढ़ करता है।

    “यह उत्सव विविध परंपराओं को एक साथ लेकर आता है, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की सच्ची भावना को प्रतिबिम्बित करता है। मैं लोगों से इस मेले में आने का आह्वान करता हूँ!”

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    नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की

    आरएस अनेजा, 24 मार्च नई दिल्ली- नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।


    प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक पोस्ट में कहा;

    “नागालैंड के राज्यपाल, श्री @nkishoreyadav ने प्रधानमंत्री @narendramodi से मुलाकात की।

    @ LokBhavanKohima

    #PMModi #NagalandGovernor #NandKishoreYadav #NewDelhi #CounstitionalMeet #NagalandDevelopment #NationalNews #DanikKhabar

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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर लोकसभा को संबोधित किया

    आरएस अनेजा, 23 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज लोकसभा को पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और इससे भारत के समक्ष उत्पन्न व्यापक चुनौतियों के विषय पर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह संकट तीन सप्ताह से अधिक समय से जारी है, जिसके वैश्विक अर्थव्यवस्था और जनजीवन पर गंभीर दुष्‍परिणाम हुए हैं। प्रधानमंत्री ने इसके समाधान की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। श्री मोदी ने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा, "पूरी दुनिया सभी पक्षों से इस संकट के शीघ्र समाधान का आग्रह कर रही है।"

    भारत के समक्ष विद्यमान चुनौतियों की प्रकृति पर विस्तार से चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध ने अभूतपूर्व आर्थिक, राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय दबाव पैदा कर दिया है। उन्होंने कहा कि युद्धग्रस्त और युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक संबंध हैं, संघर्ष क्षेत्र महत्वपूर्ण व्यापार मार्गों पर स्थित है और भारत की कच्चे तेल और गैस की आवश्‍यकताओं का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से पूरा होता है। खाड़ी देशों में रहने और काम करने वाले लगभग एक करोड़ भारतीयों और उन जलक्षेत्रों में वाणिज्यिक जहाजों पर सवार बड़ी संख्या में भारतीय चालक दल के सदस्यों की ओर ध्यान दिलाते हुए प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, "स्वाभाविक रूप से भारत की चिंताएं कहीं अधिक हैं, इसलिए यह आवश्यक है कि इस संकट पर भारत की संसद से एकजुट और सर्वसम्मत आवाज विश्व के सामने रखी जाए।"

    प्रधानमंत्री ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार की त्वरित कार्रवाई का विवरण देते हुए सदन को सूचित किया कि युद्ध आरंभ होने के बाद से प्रभावित देशों में प्रत्येक भारतीय को आवश्यक सहायता प्रदान की गई है। श्री मोदी ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से दो चरण में अधिकांश पश्चिम एशियाई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बात की है, जिन्होंने भारतीयों की सुरक्षा के संबंध में पूर्ण आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा, "घायलों को बेहतर चिकित्सा उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है और ऐसी कठिन परिस्थितियों में शोक संतप्त परिवारों को आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है।"

    प्रधानमंत्री ने विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए सक्रिय किए गए कांसुलर और संस्थागत सहायता ढांचे का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने बताया कि प्रभावित देशों में स्थित सभी भारतीय दूतावास निरंतर सहायता प्रदान कर रहे हैं, नियमित रूप से सलाह जारी कर रहे हैं, और भारत तथा अन्य प्रभावित देशों में चौबीसों घंटे चलने वाले नियंत्रण कक्ष और आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित किए गए हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सक्रिय लोकसम्‍पर्क पर बल देते हुए कहा, "इन तंत्रों के माध्यम से सभी प्रभावित लोगों को, चाहे वे भारतीय श्रमिक हों या पर्यटक, तुरंत जानकारी प्रदान की जा रही है।"

    प्रधानमंत्री ने निकासी अभियान की व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए सदन को सूचित किया कि युद्ध आरंभ होने के बाद से 3,75,000 से अधिक भारतीय सुरक्षित रूप से भारत लौट चुके हैं, जिनमें अकेले ईरान से लगभग 1,000 भारतीय शामिल हैं, जिनमें से 700 से अधिक युवा मेडिकल छात्र हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सीबीएसई ने खाड़ी देशों में स्थित भारतीय स्कूलों में निर्धारित कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं और शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहा है। सरकार के दृष्टिकोण का सारांश प्रस्‍तुत करते हुए श्री मोदी ने कहा, "सरकार संवेदनशील, सतर्क और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है।"

    प्रधानमंत्री ने ऊर्जा आपूर्ति के गंभीर मुद्दे पर स्वीकार किया कि बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, गैस, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुएं होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर भारत पहुंचती हैं, और युद्ध के बाद से जलडमरूमध्य से होकर माल ढुलाई करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सरकार का मुख्य ध्यान आम परिवारों को कठिनाइयों से बचाने पर रहा है। एलपीजी के घरेलू उपयोग को प्राथमिकता देने और इसके घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने जैसे उपायों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, "पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।"

    प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले एक दशक में अपनाई गई ऊर्जा विविधीकरण रणनीति विद्यमान संकट में कितनी कारगर साबित हुई है। उन्होंने सदन को बताया कि भारत ने पिछले 11 वर्षों में ऊर्जा आयात के अपने स्रोतों को 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों तक कर दिया है, जिससे किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हो गई है। इस दूरदर्शितापूर्ण दृष्टिकोण पर बल देते हुए श्री मोदी ने कहा, "आज की परिस्थितियों में, ऊर्जा सुरक्षा के संबंध में पिछले एक दशक में उठाए गए कदम और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।"

    प्रधानमंत्री ने रणनीतिक भंडार के विषय पर कहा कि भारत ने संकट के ऐसे ही समय के लिए कच्चे तेल के भंडारण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने सदन को सूचित किया कि भारत के पास आज 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक का कार्यनीतिक पेट्रोलियम भंडार है और तेल कंपनियों के अलग-अलग भंडारों के अतिरिक्त 65 लाख मीट्रिक टन से अधिक का भंडार बनाने का कार्य जारी है। भारत के शोधन तंत्र में समग्र सुधार पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, "पिछले 11 वर्षों में हमारी शोधन क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।"

    प्रधानमंत्री ने वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं के साथ सरकार की सक्रिय भागीदारी और खाड़ी जलमार्गों की सतर्क निगरानी का विस्तृत विवरण दिया, ताकि भारत को तेल, गैस, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुएं ले जाने वाले जहाजों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जा सके। समुद्री गलियारों को सुरक्षित रखने के लिए सभी वैश्विक साझेदारों के साथ निरंतर संवाद का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा, "इन प्रयासों के कारण, होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हमारे कई जहाज हाल ही में भारत पहुंच चुके हैं।"

    प्रधानमंत्री ने भारत के घरेलू ऊर्जा परिवर्तन की बात करते हुए  इथेनॉल मिश्रण में हुई असाधारण प्रगति पर प्रकाश डाला, जो एक दशक पहले मात्र 1-1.5 प्रतिशत से बढ़कर आज लगभग 20 प्रतिशत हो गया है। इससे तेल आयात में प्रति वर्ष लगभग साढ़े चार करोड़ बैरल की कमी आई है। उन्होंने रेलवे के विद्युतीकरण का भी उल्लेख किया, जिससे प्रति वर्ष लगभग 180 करोड़ लीटर डीजल की बचत हुई है। मेट्रो नेटवर्क का विस्तार 2014 में 250  किलोमीटर से कम से बढ़कर आज लगभग 1,100 किलोमीटर हो गया है और केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को 15,000 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई गई हैं। भारत के ऊर्जा भविष्य में विश्वास जताते हुए, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जोर देकर कहा, "वैकल्पिक ईंधनों पर आज जिस स्‍तर पर काम हो रहा है, उससे भारत का भविष्य और भी सुरक्षित होगा।"

    व्यापक आर्थिक प्रभावों पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि ऊर्जा आधुनिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और पश्चिम एशिया वैश्विक ऊर्जा आवश्यकताओं का एक प्रमुख स्रोत है, जिससे वर्तमान संकट विश्व भर की अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक चुनौती बन गया है। उन्होंने सदन को सूचित किया कि सरकार मजबूत आर्थिक आधारभूत सिद्धांतों, सेक्‍टर-विशिष्ट हितधारकों के परामर्श और भारत की आयात-निर्यात श्रृंखला में हर कठिनाई का आकलन और समाधान करने के लिए प्रतिदिन बैठक करने वाले एक समर्पित अंतर-मंत्रालयी समूह द्वारा समर्थित एक व्यापक अल्पकालिक, मध्यम-अवधि और दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है। श्री मोदी ने आशा व्यक्त करते हुए कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार और उद्योग के संयुक्त प्रयासों से हम इन परिस्थितियों का प्रभावी ढंग से सामना करने में सक्षम होंगे।"

    कृषि पर युद्ध के प्रभाव के बारे में प्रधानमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि भारत के किसानों ने पर्याप्त खाद्यान्न भंडार सुनिश्चित कर लिया है और सरकार खरीफ की उचित बुवाई को सुविधाजनक बनाने के लिए काम कर रही है तथा हाल के वर्षों में मजबूत आपातकालीन खाद्य व्यवस्थाएं बनाई हैं। कोविड-19 महामारी और उससे संबंधित वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के दौरान भी, जब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में यूरिया की कीमतें 3,000 रुपये प्रति बोरी तक पहुंच गईं थीं, तब भी सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि भारतीय किसानों को वही बोरी 300 रुपये से कम में मिले। श्री मोदी ने कहा, "पहले भी हमारी सरकार ने वैश्विक संकटों का बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया।"

    भारतीय कृषि को बाहरी झटकों से बचाने के लिए उठाए गए संरचनात्मक कदमों का विस्तार से उल्‍लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले दशक में छह नए यूरिया संयंत्र चालू किए गए हैं, जिससे वार्षिक उत्पादन क्षमता में 76 लाख मीट्रिक टन से अधिक की वृद्धि हुई है। डीएपी और एनपीकेएस उर्वरकों का घरेलू उत्पादन लगभग 50 लाख मीट्रिक टन बढ़ा है और उर्वरक आयात के स्रोतों में विविधता लाई गई है। इन प्रयासों की व्यापकता पर बल देते हुए, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, "जिस प्रकार हमने तेल और गैस आयात को विविधीकृत किया है, उसी प्रकार हमने डीएपी और एनपीकेएस के आयात के विकल्पों का भी विस्तार किया है।"

    प्रधानमंत्री ने मेड-इन-इंडिया नैनो यूरिया जैसे नवोन्‍मेषणों के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और डीजल पर किसानों की निर्भरता को कम करने के लिए पीएम-कुसुम योजना के तहत 22 लाख से अधिक सौर पंपों के वितरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।

    जारी युद्ध के बीच गर्मी के मौसम में बिजली की बढ़ती मांग की चुनौती का उल्‍लेख करते  हुए प्रधानमंत्री ने सदन को सूचित किया कि देश भर के सभी बिजली संयंत्रों में पर्याप्त कोयले का भंडार उपलब्ध है और भारत ने लगातार दूसरे वर्ष 100 करोड़ टन कोयले के उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिजली उत्पादन से लेकर बिजली आपूर्ति तक सभी प्रणालियों की निरंतर निगरानी की जा रही है और पिछले दशक में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में हुई अभूतपूर्व प्रगति से सरकार की तैयारियों को अत्‍यधिक मजबूती मिली है। भारत की कुल संस्थापित बिजली उत्पादन क्षमता का आधा हिस्सा अब नवीकरणीय स्रोतों से आता है और देश की कुल नवीकरणीय क्षमता 250 गीगावाट के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुकी है। श्री मोदी ने कहा कि अकेले सौर ऊर्जा क्षमता पिछले 11 वर्षों में लगभग 3 गीगावाट से बढ़कर 140 गीगावाट हो गई है, लगभग 40 लाख रूफटॉप सौर पैनल लगाए गए हैं, गोबर्धन योजना के तहत 200 संपीड़ित बायोगैस संयंत्र अब चालू हैं, और परमाणु ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, साथ ही एक नई स्वीकृत लघु जल विद्युत विकास योजना भी है जो अगले पांच वर्षों में 1,500 मेगावाट क्षमता जोड़ेगी। उन्होंने जोर देकर कहा, "ये सभी प्रयास आज देश की बहुत सेवा कर रहे हैं, और वे भारत के ऊर्जा भविष्य को और भी अधिक सुरक्षित बनाएंगे।"

    प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत की राजनयिक प्रतिक्रिया के संबंध में कहा कि भारत का रुख शुरू से ही स्पष्ट रहा है, जिसमें गहरी चिंता व्यक्त करना, तनाव कम करने की पक्षधरता करना और नागरिकों तथा ऊर्जा एवं परिवहन अवसंरचना पर हमलों का विरोध करना शामिल है। उन्होंने सदन को सूचित किया कि उन्‍होंने सभी संबंधित पश्चिम एशियाई नेताओं से बातचीत की है और उनसे तनाव कम करने और संघर्ष समाप्त करने का आग्रह किया है। उन्‍होंने जोर देकर कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में अवरोध पैदा करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "युद्ध के माहौल के बीच भी, भारत कूटनीति के माध्यम से भारतीय जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।"

    मानवता और शांति के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत और कूटनीति ही इस समस्‍या का समाधान है। यह उल्‍लेख करते हुए कि भारत का हर प्रयास तनाव कम करने और शत्रुता को समाप्त करने की दिशा में निर्देशित है  और इस युद्ध में किसी भी जीवन को खतरे में डालना मानवता के हितों के विरुद्ध है, श्री मोदी ने कहा, "भारत का प्रयास सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करना है।"

    प्रधानमंत्री ने सदन का ध्यान संकट के आंतरिक सुरक्षा पहलू की ओर भी दिलाया और चेतावनी दी कि कुछ तत्व ऐसी स्थितियों का लाभ उठाने की कोशिश कर सकते हैं। सदन को यह सूचित करते हुए कि सभी कानून-व्यवस्था एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है और तटीय, सीमा, साइबर और रणनीतिक प्रतिष्ठानों सहित सभी क्षेत्रों में सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सावधान किया, "चाहे वह तटीय सुरक्षा हो, सीमा सुरक्षा हो, साइबर सुरक्षा हो या रणनीतिक प्रतिष्ठान, सभी की सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है।"

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि इस युद्ध के कारण उत्पन्न कठिन वैश्विक परिस्थितियां लंबे समय तक बनी रहने की संभावना है। उन्होंने राष्ट्र से कोविड-19 महामारी के समय की तरह ही एकजुट बने रहने और तैयार रहने की अपील की। श्री मोदी ने धैर्य, संयम और सतर्कता बरतने का आग्रह करते हुए तथा झूठी अफवाहें फैलाने, कालाबाजारी करने या जमाखोरी करने वालों के प्रति सावधान करते हुए सदन के माध्यम से सभी राज्य सरकारों से ऐसे तत्वों की कड़ी निगरानी और उनके विरूद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की। ​​राष्ट्र के सामूहिक संकल्प में अपनी अटूट आस्था व्यक्त करते हुए, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, "जब इस देश की हर सरकार और हर नागरिक एक साथ चलेंगे, तभी हम हर चुनौती का सामना कर सकते हैं। यही हमारी पहचान है और यही हमारी शक्ति है।"

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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुड़ी पड़वा, उगादी, चेती चांद, नवरेह और साजिबू चेइराओबा के अवसर पर शुभकामनाएं दीं

    आरएस अनेजा, 19 मार्च नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुड़ी पड़वा, उगादी, चेती चांद, नवरेह और साजिबू चेइराओबा के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।

    एक्स(X)पर अलग-अलग पोस्ट में, प्रधानमंत्री ने लिखा:

    “गुड़ी पड़वा की हार्दिक शुभकामनाएं!”

    “गुढीपाडव्याच्या हार्दिक शुभेच्छा!”

    “गुडी पाडव्याचीं परबीं”

    “आपका उगादी मंगलमय हो!”

    “ನಿಮ್ಮ ಯುಗಾದಿ ಸಡಗರದಿಂದ ಕೂಡಿರಲಿ! ”

    “ఉగాది పండుగను ఆనందంగా జరుపుకోండి!”

    “चेती चांद की हार्दिक शुभकामनाएं! आपके लिए यह वर्ष बहुत ही शुभ हो, ऐसी कामना करता हूं।”

    “नवरेह पोश्ते! आने वाला वर्ष आपके लिए बहुत अच्छा हो।”

    “साजिबू चेइराओबा की शुभकामनाएं। सभी के लिए एक शानदार वर्ष की कामना करता हूं।”

    #GudiPadwa #Ugadi #ChetiChand #Navreh #SajibuCheiraoba #IndianNewYear #ChaitraNavratri #FestivalsOfIndia #UnityInDiversity #NewBeginnings #DanikKhabar

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    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने मध्य प्रदेश के इंदौर में हुई अग्नि दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति शोक व्यक्त किया

    नई दिल्ली, 18 मार्च (अन्‍नू): प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इंदौर में हुई दुखद अग्नि दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों के लिए अनुग्रह राशि की घोषणा की है।

    प्रधानमंत्री ने इंदौर अग्निकांड में हुई जानमाल की हानि पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। मोदी ने घोषणा की कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे।

    प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर लिखा;

    “मध्य प्रदेश के इंदौर में हुई अग्नि दुर्घटना में हुई जानमाल की हानि से मैं अत्यंत व्यथित हूं। मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा बल (पीएमएनआरएफ) की ओर से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।”

    #IndoreFireTragedy #PMModi #IndoreNews #ExGratia #PMNRF #MadhyaPradesh #Condolences #SafetyFirst #RescueOperation #DanikKhabar

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    असम को ₹4,500 करोड़ की सौगात: पीएम मोदी ने कोकराझार को दिया विकास का 'डबल इंजन', 3 नई ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी

    आरएस अनेजा, 13 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम के लोगों को बड़ी सौगात दी। असम की राजधानी गुवाहाटी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम मोदी ने असम के कोकराझार में 4,570 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया और इसके साथ ही तीन नई ट्रेन सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई।

    इसके साथ ही पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोगों से माफी भी मांगी। पीएम ने कहा, "मौसम खराब होने की वजह से मैं कोकराझार नहीं आ पा रहा हूं और इसके लिए मैं आप सभी से माफी मांगता हूं। पीएम ने कहा, मैं दिल्ली से निकला था आपके पास आने के लिए, लेकिन मुझे गुवाहाटी में ही उतरना पड़ा और अब मैं यहीं से आपसे बात कर पा रहा हूं।"

    पीएम मोदी ने कहा, भाजपा-एनडीए की डबल इंजन सरकार असम के तेजी से विकास के लिए निरंतर काम कर रही है और आज ही विकास के लिए 4,500 करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इसमें से 1,100 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि बोडोलैंड की सड़कों के लिए खर्च होगी और इससे असम की रोड कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

    पीएम मोदी ने 3,200 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली 'असम माला 3.0' की परियोजना की शुरुआत की, जिसके तहत, अंतर-राज्यीय संपर्क को बेहतर बनाने और राष्ट्रीय राजमार्गों व ग्रामीण सड़कों के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

    पीएम मोदी ने असम के लिए तीन नई रेल सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई, इसमें कामाख्या-चारलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल है, जो उत्तर-पूर्व और दक्षिण भारत के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। गुवाहाटी-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस, असम और पश्चिम बंगाल के बीच संपर्क को बेहतर बनाएगी। वहीं नारंगी-अगरतला एक्सप्रेस असम और त्रिपुरा के बीच संपर्क को बेहतर बनाएगी।

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    प्रधानमंत्री ने दांडी मार्च में शामिल होने वाली सभी विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 12 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दांडी मार्च में हिस्सा लेने वाले सभी महान लोगों को श्रद्धांजलि दी, जो आज ही के दिन 1930 में शुरू हुआ था।

    प्रधानमंत्री ने सत्य की जीत पर ज़ोर देते हुए एक संस्कृत सुभाषित शेयर किया:

    “सत्यमेव जयति नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः।

    येनाक्रमन्त्यृषयो ह्याप्तकामा यत्र तत्सत्यस्य परमं निधानम्॥”

    सुभाषित बताता है कि, सत्य की हमेशा जीत होती है और झूठ का अंत में नाश होता है। इसलिए, व्यक्ति को उस रास्ते पर चलना चाहिए जिस पर चलकर ऋषियों ने आनंद पाया और परम सत्य को जाना।

    प्रधानमंत्री ने X पर लिखा;

    “सन 1930 में आज ही के दिन दांडी मार्च की शुरुआत हुई थी। इसमें शामिल सभी विभूतियों का श्रद्धापूर्वक स्मरण!

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    विकसित केरलम: प्रधानमंत्री मोदी ने दी ₹11,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात

    आरएस अनेजा, 11 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केरलम के विकास को गति देने के लिए आज जीवंत तटीय शहर कोच्चि का दौरा किया और कई प्रभावशाली परियोजनाओं का शुभारंभ किया। निवेश की व्यापकता पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने लगभग 11,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोच्चि आना हमेशा एक शानदार अनुभव होता है। उन्होंने कहा, "मैं इन परियोजनाओं के लिए केरलम के लोगों को हार्दिक बधाई देता हूं।"

    प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कोच्चि रिफाइनरी में आज पॉलीप्रोपाइलीन यूनिट की आधारशिला रखने का उद्देश्य पेट्रोलियम क्षेत्र को मजबूत बनाना है। इस यूनिट से प्रति वर्ष चार लाख टन पॉलीप्रोपाइलीन का उत्पादन होने की उम्मीद है, जिससे पैकेजिंग, कपड़ा और चिकित्सा उपकरण उद्योगों को सहयोग मिलेगा। इस सुविधा के रणनीतिक महत्व के बारे में चर्चा करते हुए श्री मोदी ने कहा, "आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए, 'मेक इन इंडिया' के लिए पेट्रोलियम सेक्टर का विस्तार बहुत आवश्यक है।"

    भारत को वैश्विक विनिर्माण और प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में मजबूत करने के उद्देश्य से, प्रधानमंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में देश की प्रगति को सतत ऊर्जा की बढ़ती मांग से जोड़ा। श्री मोदी ने कहा कि केरलम को सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में प्रगति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, आज पश्चिम कल्लाडा में 50 मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर परियोजना की आधारशिला रखी गई है। श्री मोदी ने कहा कि केरलम में बड़ी संख्या में जलाशय मौजूद हैं, इसलिए राज्य में फ्लोटिंग सोलर पावर के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। हरित भविष्य की ओर बढ़ते कदम के बारे में बताते हुए श्री मोदी ने कहा, "हमारा प्रयास है कि केरलम सौर ऊर्जा उत्पादन में और आगे बढ़े।"

    प्रधानमंत्री ने अमृत भारत स्टेशन योजना और रेलवे विद्युतीकरण के माध्यम से क्षेत्रीय संपर्क में हुई महत्वपूर्ण प्रगति का भी विस्तृत विवरण दिया। शोरानूर जंक्शन, कुट्टीपुरम और चांगनास्सेरी में आधुनिकीकरण के प्रयासों के साथ-साथ नई पलक्कड़-पोल्लाची ट्रेन सेवा से केरलम और तमिलनाडु दोनों राज्यों के निवासियों के यात्रा अनुभव में बड़ा बदलाव आने वाला है। स्थानीय विकास पर केन्द्रीय बजट के पड़ने वाले प्रभाव पर जोर देते हुए श्री मोदी ने कहा, "आज दुनिया आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे निवेश के लिए भारत की प्रशंसा करती है।"

    सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के विषय पर प्रधानमंत्री ने प्रकाश डाला कि कोझिकोड बाईपास और अझिक्कल बंदरगाह से बेहतर कनेक्टिविटी सहित नई छह-लेन परियोजनाएं यात्रा में लगने वाले समय और भीड़भाड़ को काफी हद तक कम कर देंगी। श्री मोदी ने कहा, “इन सभी परियोजनाओं से केरलम के किसानों को लाभ होगा और यहां पर्यटन और अन्य उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।”

    अपने संबोधन के समापन में प्रधानमंत्री ने दोहराते हुए कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश किया गया प्रत्येक रुपया युवाओं के लिए व्यापक रोजगार सृजन में उत्प्रेरक का काम करता है। श्री मोदी ने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि ये बहुक्षेत्रीय परियोजनाएं राज्य के समृद्ध भविष्य के लिए आवश्यक आधारशिला हैं। क्षेत्र की प्रगति के प्रति अपने संकल्प को दोहराते हुए श्री मोदी ने कहा, "मुझे पूर्ण विश्वास है कि ये परियोजनाएं 'विकसित केरलम' के हमारे संकल्प को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।"

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    मंत्रिमंडल ने तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में घोषणा को मंजूरी दी

    आरएस अनेजा, 11 नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में घोषणा को मंजूरी दे दी है।

    तमिलनाडु में मंदिरों के शहर के रूप में प्रसिद्ध मदुरै स्थित मदुरै हवाई अड्डा राज्य के सबसे पुराने हवाई अड्डों में से एक है। यह दक्षिणी तमिलनाडु के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है और पर्यटन एवं तीर्थयात्रा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाता है, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास में योगदान होता है।

    मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने से क्षेत्रीय संपर्क बढ़ेगा, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रियों और व्यवसायों को आकर्षित करने की हवाई अड्डे की क्षमता शहर के ऐतिहासिक महत्व के अनुरूप है।

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली में 33,500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की दी सौगात

    आरएस अनेजा, 8 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली में ₹33,500 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

    इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य राजधानी में बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और शहरी जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। उन्होंने 18,300 करोड़ रुपए की लागत से दिल्ली मेट्रो का विस्तार किया वहीं प्रधानमंत्री ने मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया और तीन नए कॉरिडोर का शिलान्यास किया।

    जिन दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया गया उनमें पिंक लाइन मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर (12.3 किमी)। इससे उत्तर और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लाखों लोगों को फायदा होगा। इसी प्रकार उन्होंने मैजेंटा लाइन का विस्तार किया जो दीपाली चौक से मजलिस पार्क (9.9 किमी) तक है।

    वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया उनमें आर. के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर, एयरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 कॉरिडोर और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज कॉरिडोर शामिल है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने सरोजिनी नगर, नेताजी नगर और कस्तूरबा नगर जैसे क्षेत्रों में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवासीय फ्लैट्स और कार्यालय परिसरों का उद्घाटन व शिलान्यास किया गया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, पीएम ने सरोजिनी नगर में महिला आवंटियों को उनके नए आवासों की चाबियां सौंपी।

    इससे पहले प्रधानमंत्री ने महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि, 'आज भारत महिला सशक्तिकरण की नई गाथा लिख रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सफल नेतृत्व में राजधानी का विकास हो रहा है। राजनीति, प्रशासन, विज्ञान, खेल या समाज सेवा के क्षेत्र में भारत की नारी शक्ति हर क्षेत्र में नई ऊर्जा से आगे बढ़ रही है।' पीएम ने देश की नारी शक्ति को बधाई दी और राष्ट्र के विकास में उनके योगदान को स्वीकार किया।

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    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कोटा विमान पत्तन की नींव रखी; हड़ौती क्षेत्र के परिवर्तन को दिखाता है

    आरएस अनेजा, 7 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज वीडियो संदेश के माध्यम से कोटा विमान पत्तन के शिलान्यास समारोह को संबोधित किया। यह हड़ौती क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मोदी ने जोर देते हुए कहा, “राजस्थान अभूतपूर्व गति से प्रगति कर रहा है और यह नया विमान पत्तन आर्थिक और औद्योगिक विकास में सहायक होगा।”

     

    सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अजमेर की अपनी हालिया यात्रा का उल्लेख किया, जहां हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया और 21,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर लगातार आयोजित ये कार्यक्रम राज्य के विकास पथ के बारे में सशक्त संदेश देते हैं और बताते हैं कि "ये हमें बताते हैं कि राजस्थान आज कितनी तेजी से प्रगति कर रहा है।"

     

    प्रधानमंत्री ने कहा कि आज कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ के लिए नई उम्मीदों का दिन है, क्योंकि लगभग 1,500 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक विमान पत्तन का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। श्री मोदी ने क्षेत्र के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, "यह आधुनिक विमान पत्तन आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करेगा।"

     

    प्रधानमंत्री ने नवंबर 2023 में अपनी यात्रा को याद करते हुए संतोष व्यक्त किया कि विमान पत्तन के संबंध में जनता से किया गया वादा अब पूरा हो रहा है। उड़ानों के लिए जयपुर या जोधपुर जाने की पिछली असुविधा से मुक्ति का उल्‍लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा, "जब यह विमान पत्तन  शुरू होगा, तो यात्रा आसान हो जाएगी और कोटा सहित पूरे क्षेत्र में व्यापार तेजी से बढ़ेगा।"

     

    प्रधानमंत्री ने कोटा को शिक्षा और ऊर्जा दोनों का एक अनूठा केंद्र बताया, जो परमाणु, कोयला, गैस और जल स्रोतों से विद्युत उत्पादन करता है। श्री मोदी ने कोटा डोरिया साड़ियों, कोटा पत्‍थर और बूंदी के बासमती चावल जैसे स्थानीय कृषि उत्पादों की वैश्विक पहचान की प्रशंसा करते हुए कहा कि "कोटा में इस नए विमान पत्तन से ये संभावनाएं कई गुना बढ़ जाएगी।"

     

    क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने श्री मथुराधीश जी और गराडिया महादेव के आध्यात्मिक महत्व के साथ-साथ मुकुंदरा पहाड़ियों जैसे वन्यजीव केंद्रों का भी उल्लेख किया। श्री मोदी ने जोर देते हुए कहा, “बेहतर वायु संपर्क से वैश्विक पर्यटक इस क्षेत्र में आएंगे और इसका सीधा लाभ यहां के युवाओं, व्यापारियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा।”

     

    प्रधानमंत्री ने कोटा में हो रही व्यापक संपर्क क्रांति का भी उल्‍लेख किया जिसमें अमृत भारत योजना के तहत रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे शामिल है। कृषि आधारित उद्योगों की ओर बढ़ते रुझान पर जोर देते हुए श्री मोदी ने कहा, "रेल और सड़क के बाद वायु संपर्क का यह नया अध्याय कोटा के विकास को और गति प्रदान करेगा।"

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    विश्व वन्यजीव दिवस: प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की समृद्ध जैव-विविधता और संरक्षण प्रयासों को सराहा

    आरएस अनेजा, 3 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि विश्व वन्यजीव दिवस हमारी पृथ्वी को समृद्ध बनाने वाली और हमारे पारिस्थितिक तंत्र को कायम रखने वाली अद्भुत जीव विविधता का उत्सव मनाने का दिन है।

    उन्होंने कहा कि यह वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए काम करने वाले सभी लोगों को सम्मानित करने और उनके संरक्षण, टिकाऊ प्रथाओं और प्राकृतिक निवास की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का दिन है ताकि वन्यजीव फलते-फूलते रहें।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि भारत में विश्व के कुछ सबसे अद्भुत वन्य प्राणियों का निवास है और उनका पालन-पोषण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में बाघों की विश्व की 70% से अधिक और साथ ही एक सींग वाले गैंडों की सबसे बड़ी आबादी पायी जाती है तथा एशियाई हाथियों की अधिकतम संख्या भी यहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत विश्व का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां जंगल के राजा एशियाई शेरों की संख्या बढ़ रही है।

    प्रधानमंत्री ने इस बात का उल्लेख किया कि सरकार ने वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अनेक प्रयास किए हैं। इनमें अन्य देशों के साथ सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने के लिए एक अद्वितीय मंच के रूप में अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस की स्थापना शामिल है। इसके अतिरिक्त, अन्य प्रयासों में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, घड़ियाल और स्लॉथ बियर के संरक्षण के उद्देश्य से की गई पहल के साथ-साथ चीतों का स्थानांतरण भी शामिल है।

    प्रधानमंत्री ने भारत के सांस्कृतिक लोकाचार पर बल देते हुए कहा कि हमारे शास्त्र सभी जीवित प्राणियों के कल्याण के लिए प्रार्थना करते हैं और वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ उनके प्रति संवेदनशीलता को प्रेरित करते हैं। उन्होंने इस अवसर पर संस्कृत का नीतिपरक श्लोक साझा किया जिसमें कहा गया है-

    "निर्वनो वध्यते व्याघ्रो निर्व्याघ्रं छिद्यते वनम्। तस्माद् व्याघ्रो वनं रक्षेद् वनं व्याघ्रं च पालयेत्॥"

    उक्त सुभाषितम् का संदेश यह है कि जंगलों के बिना बाघ विलुप्त हो जाते हैं और बाघों के बिना जंगल नष्ट हो जाते हैं। इसलिए, बाघ जंगल की रक्षा करते हैं और जंगल बाघ की रक्षा करते हैं जो प्रकृति में परस्पर गहरी निर्भरता को रेखांकित करता है।

    मोदी ने X पर अपने कई पोस्टों की श्रृंखला में कहा कि विश्व वन्यजीव दिवस हमारी पृथ्वी को समृद्ध बनाने और हमारे पारिस्थितिक तंत्र को बनाए रखने वाली अद्भुत जीव विविधता का उत्सव मनाने का दिन है। यह वन्यजीवों की सुरक्षा की दिशा में काम करने वाले सभी लोगों को सम्मानित करने का दिन है। हम संरक्षण, टिकाऊ प्रथाओं और आवासों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं ताकि हमारे वन्यजीव फलते-फूलते रहें।

    हमें इस बात पर गर्व है कि भारत में विश्व के कुछ सबसे अद्भुत वन्य प्राणी पाए जाते हैं। विश्व में 70% से अधिक बाघों का निवास हमारे यहां है। हमारे यहां एक सींग वाले गैंडों की सबसे बड़ी आबादी और एशियाई हाथियों की अधिकतम संख्या भी है। भारत विश्व का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां वनराज एशियाई शेर फल-फूल रहे हैं।

    एनडीए सरकार ने वन्यजीव संरक्षण के लिए कई प्रयास किए हैं। इनमें अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस की स्थापना शामिल है जो अन्य देशों के साथ सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने के लिए एक अद्वितीय मंच है। अन्य प्रयासों में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, घड़ियाल, स्लॉथ बियर की सुरक्षा और चीतों का स्थानांतरण शामिल हैं।

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    कश्मीर की उड़ान को लगेंगे नए पंख: श्रीनगर एयरपोर्ट के ₹1,677 करोड़ के 'सिविल एन्क्लेव' को मोदी कैबिनेट की मंज़ूरी

    आरएस अनेजा, 24 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने आज श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 1,677 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से प्रस्तावित सिविल एन्क्लेव के डेवलपमेंट को मंज़ूरी दे दी है।

    यह कश्मीर घाटी में एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को मज़बूत करने में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। प्रोजेक्ट के दायरे में सुरक्षाकर्मियों के लिए बैरक बनाना भी शामिल है। इंडियन एयर फ़ोर्स (IAF) के बडगाम एयरबेस के अंदर एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया द्वारा ऑपरेट किया जाने वाला यह एयरपोर्ट, जिसे 2005 में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम दिया गया था, श्रीनगर शहर से लगभग 12 km दूर है।

    73.18 एकड़ में फैले नए सिविल एन्क्लेव प्रोजेक्ट में 71,500 स्क्वायर मीटर (मौजूदा स्ट्रक्चर के 20,659 स्क्वायर मीटर सहित) में फैली एक स्टेट-ऑफ़-द-आर्ट टर्मिनल बिल्डिंग होगी, जिसे पीक आवर्स में 2,900 पैसेंजर्स को सर्विस देने के लिए डिज़ाइन किया गया है और इसकी सालाना कैपेसिटी 10 मिलियन पैसेंजर्स प्रति वर्ष (MPPA) होगी। बड़े एप्रन में 15 एयरक्राफ्ट पार्किंग बे होंगे, जिसमें 1 वाइडबॉडी (कोड E) (9 मौजूदा और 6 प्रस्तावित) शामिल हैं, जबकि 3,658m x 45m रनवे को IAF ऑपरेट करता रहेगा। इस प्रोजेक्ट में 1,000 कारों के लिए मल्टी-लेवल कार पार्किंग सुविधा का कंस्ट्रक्शन भी शामिल होगा।

    आर्किटेक्चर के हिसाब से, नया टर्मिनल मॉडर्न डिज़ाइन और कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक अच्छा मेल दिखाएगा, जिसमें बारीक लकड़ी का काम और स्थानीय रूप से प्रेरित कारीगरी जैसे पारंपरिक एलिमेंट शामिल होंगे, साथ ही आसान पैसेंजर प्रोसेसिंग एरिया, बड़े लाउंज और एडवांस्ड सिक्योरिटी और चेक-इन सुविधाओं के ज़रिए ऑपरेशनल एफिशिएंसी बनाए रखी जाएगी।

    डेवलपमेंट का आधार सस्टेनेबिलिटी बनी हुई है, जिसमें एडवांस्ड वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, एनर्जी की खपत कम करने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा नेचुरल लाइटिंग, और कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए स्थानीय रूप से सोर्स किए गए इको-फ्रेंडली मटीरियल का इस्तेमाल जैसी खूबियां शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट का टारगेट एक प्रतिष्ठित 5-स्टार GRIHA रेटिंग हासिल करना है।

    इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के अलावा, इस प्रोजेक्ट से डल झील, शंकराचार्य मंदिर और मुगल गार्डन जैसी मशहूर जगहों से कनेक्टिविटी बेहतर होने से टूरिज्म और इकोनॉमिक ग्रोथ को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे रोजगार के मौके बनेंगे, इन्वेस्टमेंट बढ़ेगा और श्रीनगर की एक खास टूरिस्ट और इकोनॉमिक डेस्टिनेशन के तौर पर जगह और मजबूत होगी। इस तरह सिविल एन्क्लेव का डेवलपमेंट वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर देने, यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं और बेहतर कनेक्टिविटी देने की दिशा में एक बड़ा बदलाव लाने वाला कदम है, साथ ही यह कश्मीर की सांस्कृतिक और प्राकृतिक खूबसूरती को दुनिया के सामने दिखाएगा।

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    मलयालम अस्मिता को सम्मान: मोदी कैबिनेट ने दी केरल का नाम ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को हरी झंडी

    आरएस अनेजा, 24 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने आज ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी।

    केंद्रीय कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद, भारत के राष्ट्रपति केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026 नाम का एक बिल, भारत के संविधान के आर्टिकल 3 के प्रोविज़ो के तहत अपनी राय बताने के लिए केरल राज्य विधानसभा को भेजेंगे। केरल राज्य विधानसभा की राय मिलने के बाद, भारत सरकार आगे की कार्रवाई करेगी और ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के लिए केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026 को संसद में पेश करने के लिए राष्ट्रपति की सिफारिश ली जाएगी।

    केरल की लेजिस्लेटिव असेंबली ने 24.06.2024 को “केरल” राज्य का नाम बदलकर “केरलम” करने के लिए एक प्रस्ताव पास किया, जो इस तरह है:

    “हमारे राज्य का नाम मलयालम भाषा में 'केरलम' है। भाषा के आधार पर 1 नवंबर, 1956 को राज्य बनाए गए थे। केरल पिरावी दिवस भी 1 नवंबर को ही है। राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही मलयालम भाषा बोलने वाले लोगों के लिए यूनाइटेड केरल बनाने की ज़ोरदार मांग रही है। लेकिन संविधान के पहले शेड्यूल में हमारे राज्य का नाम 'केरल' दर्ज है। यह असेंबली एकमत से केंद्र सरकार से अपील करती है कि वह संविधान के आर्टिकल 3 के अनुसार नाम को 'केरलम' करने के लिए तुरंत कदम उठाए।”

    इसके बाद, केरल सरकार ने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि वह संविधान के आर्टिकल 3 के अनुसार ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करके संविधान के पहले शेड्यूल में बदलाव करने के लिए ज़रूरी कदम उठाए।

    संविधान के आर्टिकल 3 में मौजूदा राज्यों के नाम बदलने का प्रावधान है। आर्टिकल 3 के अनुसार, संसद कानून बनाकर किसी भी राज्य का नाम बदल सकती है। आर्टिकल 3 के आगे के प्रोविज़ो में कहा गया है कि इस मकसद के लिए कोई भी बिल संसद के किसी भी सदन में प्रेसिडेंट की सिफारिश के बिना पेश नहीं किया जाएगा और जब तक कि बिल में शामिल प्रस्ताव किसी भी राज्य के इलाके, सीमाओं या नाम पर असर न डाले, प्रेसिडेंट ने बिल को उस राज्य की लेजिस्लेचर को रेफरेंस में बताई गई अवधि के अंदर या प्रेसिडेंट द्वारा दी गई अतिरिक्त अवधि के अंदर अपने विचार बताने के लिए भेजा हो और बताई गई या दी गई अवधि खत्म हो गई हो।

    ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के मामले पर भारत सरकार के गृह मंत्रालय में विचार किया गया और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और केंद्रीय सहकारिता मंत्री की मंज़ूरी से, ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के लिए कैबिनेट के लिए ड्राफ़्ट नोट को उनकी टिप्पणियों के लिए कानून और न्याय मंत्रालय के कानूनी मामलों के विभाग और विधायी विभाग को भेजा गया। कानून और न्याय मंत्रालय के कानूनी मामलों के विभाग और विधायी विभाग ने ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव पर सहमति जताई है।

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    प्रधानमंत्री व गृह मंत्री ने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता जी को श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 24 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता जी की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। प्रधानमंत्री ने उन्हें एक ऐसे करिश्माई नेता और उत्कृष्ट प्रशासक के रूप में याद किया जिन्होंने लोगों के दिलों में अमिट स्थान बनाया है।

    मोदी ने तमिलनाडु की मुख्यमंत्री के रूप में जे. जयललिता के परिवर्तनकारी कार्यकाल का उल्लेख किया है और बताया है कि उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास पर दृढ़ ध्यान केंद्रित करते हुए उत्कृष्ट कल्याणकारी शासन का प्रबल समर्थन किया।

    प्रधानमंत्री ने उनके साथ हुई मुलाकातों को प्रसन्नतापूर्वक याद किया। श्री मोदी ने इस महीने के 'मन की बात' कार्यक्रम में उनके जीवन और कार्यों के बारे में अपने विशिष्ट विचार भी साझा किए।

    प्रधानमंत्री ने X पर लिखा कि जयललिता जी की जयंती पर उन्हें स्मरण कर रहा हूं। उन्होंने एक करिश्माई नेता और उत्कृष्ट प्रशासक के रूप में अनगिनत लोगों के दिलों और दिमागों में अपना स्थान बनाया है। उनका जीवन अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प से परिपूर्ण था। तमिलनाडु की मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास पर विशेष ध्यान देते हुए कल्याणकारी शासन का नेतृत्व किया। वे करुणामयी और निर्णायक दोनों थीं। मुझे उनके साथ हुई मुलाकातों को स्मरण करके बहुत प्रसन्नता होती है।

    इस महीने के #MannKiBaat कार्यक्रम में मैंने उनके बारे में यही कहा था।"

    वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।

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    प्रधानमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री व टीएमसी नेता मुकुल रॉय के निधन पर दुख जताया

    आरएस अनेजा, 23 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल रॉय के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मोदी ने कहा कि मुकुल रॉय को उनके राजनीतिक अनुभव और समाज सेवा के प्रयासों के लिए हमेशा याद किया जाएगा।

    प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर एक पोस्ट में कहा कि ‘‘पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल रॉय के निधन से गहरा दुःख हुआ है। उन्हें उनके राजनीतिक अनुभव और समाज सेवा के प्रयासों के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उनके परिवार और समर्थकों के प्रति गहरी संवेदनाएं हैं। ॐ शांति।’’

    गौरतलब है कि टीएमसी के नेता मुकुल रॉय का निधन कोलकाता के अपोलो अस्पताल में हुआ। उनके बेटे शुभ्रांशु रॉय के अनुसार, सोमवार तड़के करीब 1:30 बजे उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया। वह एक अनुभवी नेता थे, मुकुल रॉय बीजेपी और टीएमसी दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके थे। वे टीएमसी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। 2017 में बीजेपी में वह शामिल हुए, लेकिन 2021 में ममता बनर्जी के फिर मुख्यमंत्री बनने के बाद दोबारा टीएमसी में लौट गए थे। वह राज्यसभा सांसद और रेल मंत्री भी रह चुके थे।

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    मेरठ की नई रफ़्तार: प्रधानमंत्री 22 फरवरी को करेंगे नमो भारत और मेरठ मेट्रो का ऐतिहासिक आगाज़

    आरएस अनेजा, 21 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के मेरठ का दौरा करेंगे। दोपहर में करीब 12:30 बजे, प्रधानमंत्री शताब्दी नगर नमो भारत स्टेशन पर मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यहां से वे मेरठ साउथ स्टेशन तक मेट्रो का सफर करेंगे। दोपहर लगभग 1 बजे, प्रधानमंत्री मेरठ में लगभग 12,930 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।

    प्रधानमंत्री 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे भारत की पहली नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम (आरआरटीएस) के शेष खंडों का भी उद्घाटन करेंगे। इनमें दिल्ली में सराय काले खान और न्यू अशोक नगर के बीच का 5 किलोमीटर का खंड और उत्तर प्रदेश में मेरठ साउथ और मोदीपुरम के बीच का 21 किलोमीटर का खंड शामिल है।

    180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ, नमो भारत भारत की पहली क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली है। नमो भारत से साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ जैसे प्रमुख शहरी केंद्र दिल्ली से अधिक तेजी से जुड़ पाएगें।

    कॉरिडोर का शुरुआती स्टेशन सराय काले खान, इस उद्घाटन के साथ शुरू होने वाले चार नमो भारत स्टेशनों में से एक है। यह रणनीतिक रूप से एक प्रमुख मल्टी-मॉडल हब के रूप में स्थित है, जो हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन, वीर हकीकत राय आईएसबीटी और रिंग रोड को सरलता से जोड़ता है। शुरू होने वाले अन्य तीन नमो भारत स्टेशन शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम मेरठ में हैं।

    प्रधानमंत्री मेरठ दक्षिण और मोदीपुरम के बीच मेरठ मेट्रो सेवा का भी उद्घाटन करेंगे, जो नमो भारत के ही बुनियादी ढांचे पर संचालित होगी। यह देश में अपनी तरह की पहली पहल है। मेरठ मेट्रो भारत की सबसे तेज मेट्रो प्रणाली होगी, जिसकी अधिकतम परिचालन गति लगभग 120 किमी प्रति घंटा होगी। मेट्रो सभी निर्धारित पड़ावों सहित पूरी दूरी को मात्र 30 मिनट में तय करेगी।

    एक ही बुनियादी ढांचे पर नमो भारत और मेरठ मेट्रो का यह निर्बाध एकीकरण, तेज़ रफ्तार वाली अंतर-शहरी यात्रा और शहर के भीतर सुगम आवागमन के लिए मददगार साबित होगा, जो भारत में एकीकृत शहरी और क्षेत्रीय परिवहन के लिए एक मिसाल कायम करेगा। इससे सड़क यातायात में भीड़ कम होगी और नतीजतन वाहनों से होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में खासी कमी आएगी।

    ये परियोजनाएं शहरी गतिशीलता को बदलने और नागरिकों के जीवन को सरल बनाने वाली निर्बाध, कुशल, आधुनिक और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों को सुनिश्चित करने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को और गति प्रदान करेंगी।

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    फुटबाल खेलते समय दिल का दौरा पड़ने से शिलांग सांसद डॉ. रिकी एजे सिंगकॉन का निधन, पीएम ने जताया शोक

    आरएस अनेजा, 20 फरवरी नई दिल्ली - मेघालय की राजधानी शिलांग के लोकसभा सांसद रिकी एजे सिंगकॉन का गत शाम को अचानक निधन हो गया। वह 54 वर्ष के थे और वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी - वीपीपी के सदस्य थे और साथ ही पार्टी के महासचिव भी थे। उनके अचानक निधन से वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी को बड़ा झटका लगा है और राज्य में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।

    फुटबॉल खेलते हुए आया हार्ट अटैक

    सिंगकॉन शाम को शिलांग के मावलाई मावियोंग इलाके में एक मैदान में अपने दोस्तों के साथ फुटबॉल खेल रहे थे। फुटबॉल खेलते हुए वह अचानक मैदान पर गिर पड़े और उन्हें हार्ट अटैक आ गया। उन्हें तुरंत डॉ. एच. गॉर्डन रॉबर्ट्स अस्पताल ले जाया गया, जहां रात को डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि शिलांग से लोकसभा सांसद डॉ. रिकी ए.जे. सिंगकॉन के निधन से गहरा दुःख हुआ है। मेघालय की जनता के प्रति उनकी समर्पित सेवा के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, मित्रों और समर्थकों के साथ हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।

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    प्रधानमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के लोगों को उनके राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं

    आरएस अनेजा, 20 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के लोगों को उनके राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं।

    प्रधानमंत्री ने परंपरा और प्रकृति के बीच सामंजस्य के उज्ज्वल उदाहरण के रूप में अरुणाचल प्रदेश की सराहना की। उन्होंने उल्लेख किया कि यहाँ के ऊर्जावान और परिश्रमी नागरिक राष्ट्र की प्रगति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    एक्स पर एक पोस्ट में नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि “अरुणाचल प्रदेश के लोगों को उनके राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं।”

    मनोरम प्राकृतिक परिदृश्यों और अद्वितीय सांस्कृतिक विविधता से संपन्न अरुणाचल प्रदेश परंपरा और प्रकृति के बीच सामंजस्य का एक उज्ज्वल उदाहरण है। इसके ऊर्जावान और परिश्रमी नागरिक राष्ट्र की प्रगति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही, राज्य की विविध जनजातीय परंपराएँ हमारे राष्ट्र को अत्यंत समृद्ध बनाती हैं। आने वाले समय में राज्य निरंतर विकास की नई ऊँचाइयां छूता रहे।”

    वहीं उन्होंने मिजोरम के लोगों को उनके राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

    मिजोरम अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और चिरस्थायी सांस्कृतिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की मजबूत सामुदायिक भावना और लोगों का सौम्‍य व्‍यवहार, करूणा और सहानुभूति के मूल्यों का प्रतीक हैं। परंपराओं, संगीत और दैनिक जीवन के अन्य पहलुओं में व्यक्त समृद्ध मिज़ो विरासत बेहद प्रेरणादायक है।

    "आगामी वर्षों में मिजोरम विकास के पथ पर अग्रसर हो और नई उपलब्धियां हासिल करे।"

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाशिवरात्रि के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दी

    आरएस अनेजा, 15 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज महाशिवरात्रि के अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दी। श्री मोदी ने कहा, “आदिदेव महादेव सदैव सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। सबका कल्‍याण हो और हमारा भारतवर्ष समृद्धि के शिखर पर विराजमान हो।”

    प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट किया:

    “देशभर के मेरे परिवारजनों को महाशिवरात्रि की ढेरों शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि आदिदेव महादेव सदैव सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। उनके आशीर्वाद से सबका कल्याण हो और हमारा भारतवर्ष समृद्धि के शिखर पर विराजमान हो।

    हर हर महादेव!”

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    असम में इतिहास रचेंगे पीएम मोदी: डिब्रूगढ़ में बाईपास बनेगा लड़ाकू विमानों का 'रणक्षेत्र', चीन बार्डर पर बढ़ेगी ताकत

    आरएस अनेजा, 12 फरवरी नई दिल्ली - असम में 14 फरवरी 2026 को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल होने वाली है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी डिब्रूगढ़ जिले के मोरान बाईपास पर 14 फरवरी को आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) का उद्घाटन करेंगे और इसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सुविधा (ईएलएफ) होगी। यह सुविधा राजमार्ग के एक चिन्हित हिस्से को आपात स्थिति में वैकल्पिक रनवे के रूप में उपलब्ध कराएगी, जो लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों के आपातकालीन लैंडिंग और टेक-ऑफ संचालन में सक्षम होगा। यह दूरस्थ क्षेत्रों में मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) अभियानों के दौरान भी महत्वपूर्ण साबित होगा।

    असम में इस सुविधा के उद्घाटन का यह अवसर राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस अवसर पर प्रधानमंत्री, असम के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिक और सेना से जुड़े गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहेंगे।

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    प्रशासनिक क्रांति का उदय: प्रधानमंत्री मोदी करेंगे ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ का भव्य उद्घाटन

    आरएस अनेजा, 12 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13 फरवरी, 2026 को दोपहर लगभग 1:30 बजे सेवा तीर्थ भवन परिसर के नामकरण का अनावरण करेंगे।

    इसके बाद प्रधानमंत्री सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन-1 तथा कर्तव्य भवन-2 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री शाम लगभग 6 बजे सेवा तीर्थ में एक जनसभा को संबोधित भी करेंगे।

    यह उद्घाटन देश की प्रशासनिक शासन संरचना में एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर है। यह आधुनिक, कुशल, सुलभ और नागरिक-केंद्रित शासन प्रणाली के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

    दशकों से, कई प्रमुख सरकारी कार्यालय और मंत्रालय सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में कई स्थानों पर फैले हुए खंडित और पुरानी अवसंरचनाओं से कार्य करते रहे। प्रमुख कार्यालयों के इस फैलाव के कारण परिचालन में अक्षमताएं, समन्वय संबंधी चुनौतियां, रखरखाव की बढ़ती लागत और काम करने के लिए अनुपयुक्त वातावरण जैसी समस्याएं उत्पन्न हुईं। आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार सुविधाओं से युक्त नए भवन परिसर के भीतर प्रशासनिक कार्यों को समेकित करके इन समस्याओं से अब मुक्ति मिल जाएगा।

    सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय स्थित हैं, जो पहले अलग-अलग स्थानों पर स्थित थे।

    कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 में वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, विधि एवं न्याय मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय सहित कई प्रमुख मंत्रालय स्थित हैं।

    दोनों भवन परिसरों में डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय, सुव्यवस्थित सार्वजनिक संपर्क क्षेत्र और केंद्रीकृत स्वागत सुविधाएं मौजूद हैं। ये सुविधाएं सहयोग, दक्षता, सुचारू संचालन, नागरिकों की बेहतर भागीदारी और कर्मचारियों के कल्याण को बढ़ावा देंगी।

    4-स्टार जीआरआईएचए मानकों के अनुसार डिज़ाइन किए गए इन परिसरों में नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां, जल संरक्षण उपाय, अपशिष्ट प्रबंधन समाधान और उच्च-प्रदर्शन वाली भवन संरचनाएं शामिल हैं। इन उपायों से परिचालन दक्षता बढ़ेगी और पर्यावरणीय प्रभाव को काफी हद तक कम किया जाएगा। भवन परिसरों में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, निगरानी नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया अवसंरचना जैसी व्यापक सुरक्षा व्यवस्थाएं भी शामिल हैं, जिनसे अधिकारियों और आगंतुकों के लिए एक सुरक्षित और सुलभ वातावरण सुनिश्चित होगा।

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    "वंदे मातरम के सभी 6 छंद अनिवार्य: ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने फैसले को सराहा, बोले - शहीदों के बलिदान को मिला असली सम्मान"

    चंडीगढ़, 12 फरवरी - केंद्र सरकार द्वारा सभी सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों व महत्वपूर्ण आयोजनों में वंदेमातरम के सभी छह छंद बजाना अनिवार्य करने पर प्रतिक्रिया देते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि यह बहुत अच्छा कार्य किया है। वंदेमातरम जिसे गाते हुए अनेकों स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना बलिदान दिया, उसे मान्यता मिली है और अनिवार्य किया गया है कि हर सरकारी कार्यक्रम में इसको गाया जाए।

    वहीं एआईएमआईएम नेता द्वारा वंदेमातरम गीत को लेकर किए गए विरोध पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि देश हित पर कोई भी बात होगी तो औवेसी साहब उसपर जरूर बोलेंगे। ये जब हमारे क्रांतिकारियों ने गाए, देशभक्तों व बलिदानियों ने गाए तो तब क्या यह ठीक नहीं था और आज यह गलत हो गया।

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    उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी

    आरएस अनेजा, 11 फरवरी नई दिल्ली - भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी है।

    एक सोशल मीडिया पोस्ट में, उपराष्टपति ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को एक दूर की सोचने वाला और राष्ट्र-निर्माता बताया, जिन्होंने अपना जीवन समाज की सेवा में लगा दिया। उन्होंने कहा कि उपाध्याय का इंटीग्रल ह्यूमैनिज्म का सिद्धांत पूरी दुनिया के लिए हमेशा काम का है। सीपी राधाकृष्णन ने आगे कहा कि उनके जीवन का संदेश, सबसे दबे-कुचले लोगों की दया से सेवा करना और नैतिक सार्वजनिक जीवन को बनाए रखना, भारत के विकसित भारत की यात्रा में एक गाइड करने वाली ताकत बना हुआ है।

    वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। मोदी ने कहा कि उनके सिद्धांत और विचार, जो मूल्यों पर आधारित हैं, देश की हर पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे।

    प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया: "मातृभूमि के अनन्य उपासक पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को उनकी पुण्यतिथि पर सादर नमन। मूल्यों पर आधारित उनके सिद्धांत और विचार देश की हर पीढ़ी के लिए पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे।"