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    18/09/26 |

    भारत-नेपाल अंतर-सरकारी उप-समिति की व्यापार, पारगमन और अनधिकृत व्यापार से निपटने के लिए सहयोग पर सम्पन्न

    आरएस अनेजा, 18 सितंबर नई दिल्ली - अनधिकृत व्यापार को नियंत्रित करने के लिए व्यापार, पारगमन और सहयोग संबंधी भारत-नेपाल अंतर-सरकारी उप-समिति (आईजीएससी) की बैठक 16 और 17 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में संपन्न हुई।

    इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव श्री उज्ज्वल कुमार घोष ने किया, जबकि नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व नेपाल सरकार के उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय के संयुक्त सचिव बुद्ध बहादुर गुरुंग ने किया। बैठक में दोनों देशों के संबंधित मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।

    आईजीएससी व्यापार और व्यापार से संबंधित मुद्दों की विस्तृत जांच करने और द्विपक्षीय व्यापार और पारगमन को सुविधाजनक बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संस्थागत तंत्र है।

    बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने बाजार पहुंच, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, मानक, खाद्य सुरक्षा, पौध स्वच्छता उपाय, फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सा उपकरण, आयुष उत्पाद, सीमा अवसंरचना, रेल एवं सड़क संपर्क और व्यापार से जुड़ी अन्य विषयों की समीक्षा की।

    दोनों पक्षों ने भारत और नेपाल के उत्पादों के लिए अधिक बाजार पहुंच को सुगम बनाने के उपायों पर चर्चा की। कृषि उत्पाद, डेयरी उत्पाद, खाद्य उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सा उपकरण और आयुष उत्पादों से संबंधित मुद्दों के साथ-साथ मानकों और पौध स्वच्छता संबंधी आवश्यकताओं पर भी विचार विमर्श किया गया।

    बैठक में सीमा शुल्क सहयोग और व्यापार सुगमता को मजबूत करने पर भी चर्चा की गई। इसमें आगमन से पहले सूचनाओं का आदान-प्रदान, मूल प्रमाण पत्रों का इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन, सीमा शुल्क स्वचालन और डिजिटलीकरण शामिल हैं। चर्चा का मुख्य उद्देश्य वैध व्यापार को सुगम बनाना और लागू नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने तथा तरजीही व्यापार समझौतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए तंत्र को मजबूत करना था।

    पारगमन और संपर्क पर मुख्य रूप से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने रेल और सड़क संपर्क, माल ढुलाई, एकीकृत चेक पोस्ट, और भूमि-बंदरगाह बुनियादी ढांचे का मूल्यांकन किया। इन चर्चाओं में मौजूदा सुविधाओं का अधिक प्रभावी उपयोग और द्विपक्षीय और पारगमन व्यापार को प्रभावित करने वाली संचालित बाधाओं को दूर करने पर भी ध्यान दिया गया।

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    14/09/26 |

    बाढ़ से नेपाल में मची तबाही के बाद भारत रोज 18 घंटे बिजली नेपाल को देगा

    आरएस अनेजा, 14 सितंबर नई दिल्ली - भारत ने नेपाल को इस साल 31 दिसंबर तक रोजाना 18 घंटे बिजली की आपूर्ति करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नेपाल में हाल में आई भीषण बाढ़ से कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं और बिजली ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके कारण देश की घरेलू बिजली उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है।

    विद्युत मंत्रालय ने नेपाल Electricity Authority को 31 दिसंबर 2026 तक रोजाना 18 घंटे बिजली निर्यात करने की मंजूरी दी है।

    654 MW तक बिजली निर्यात की मंजूरी

    सरकारी बयान के अनुसार, भारत Muzaffarpur-Dhalkebar 400 kV D/c लाइन के जरिए अधिकतम 600 MW और Tanakpur-Mahendranagar 132 kV S/c लाइन के जरिए अधिकतम 54 MW बिजली नेपाल को निर्यात कर सकेगा। इस तरह कुल 654 MW तक बिजली की आपूर्ति की जा सकती है।

    जनवरी 2027 से नेपाल को कितनी बिजली निर्यात की जाएगी, इसकी समीक्षा दिसंबर 2026 में की जाएगी।

    हाल की बाढ़ से नेपाल के हाइड्रोपावर इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान हुआ है। इससे घरेलू बिजली उत्पादन क्षमता कम हुई और देश में बिजली की अतिरिक्त जरूरत पैदा हुई है। भारत ने कहा कि यह मंजूरी मुश्किल दौर में नेपाल की बिजली जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी और दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करेगी।

    सरकार ने कहा कि भारत नेपाल का समर्थन करने और ऊर्जा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    बाढ़ के बाद भारत ने बढ़ाई मानवीय सहायता

    बाढ़ के बाद भारत ने नेपाल के लिए मानवीय सहायता भी तेज की है। भारतीय वायुसेना के विमानों के जरिए काठमांडू में राहत सामग्री और बचाव से जुड़ी सामग्री पहुंचाई गई। भारत ने Search, Rescue और Forensic Operations में मदद के लिए अपने कर्मियों को भी तैनात किया।

    भारत ने Mud Rescue Suits, Gas Detectors, Breathing Apparatus, Inflatable Walkways, Portable Generators, Lighting Towers और Dewatering Pumps जैसे विशेष उपकरण भी भेजे हैं।

    पीड़ितों की पहचान में मदद के लिए भारत ने DNA Kits, Reagents और DNA Profiling से जुड़े उपकरण भी उपलब्ध कराए हैं।

    बाढ़ में 1,386 लोगों की मौत, 5,130 अब भी लापता

    इस बीच नेपाल में फ्लैश फ्लड से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,386 हो गई है। आठ प्रभावित जिलों से और शव बरामद किए गए हैं। National Disaster Risk Reduction and Management Authority के अनुसार, बरामद शवों में से अब तक 104 की पहचान की जा चुकी है और उन्हें परिवारों को सौंप दिया गया है।

    करीब 5,130 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों की ओर से Search and Rescue Operations जारी हैं। अब तक 13,700 से अधिक लोगों को बचाया जा चुका है, जबकि 339 लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

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    तिब्बत में झील टूटी, नेपाल में हाई अलर्ट, जलस्तर बढ़ने की आशंका

    आरएस अनेजा, 28 अगस्त नई दिल्ली - तिब्बत और नेपाल सीमा पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और ग्लेशियर टूटने से बनी अस्थायी कृत्रिम झील (Landslide Dammed Lake) के टूटने से चिंता बढ़ गई है।

    26 अगस्त 2026 को पहाड़ों से विशाल ग्लेशियर गिरने के बाद नदियों का रास्ता रुक गया था, जिससे यह 'वाटर बम' तैयार हुआ था। अब आज 28 अगस्त को इस प्राकृतिक झील के टूटने से लाखों क्यूबिक मीटर पानी बेहद तेज गति से निचले इलाकों की तरफ बढ़ रहा है।

    तिब्बत में चीन और नेपाल ने राहत व बचाव अभियान रोक दिया है। तिब्बत के बर्फीले पहाड़ों में करीब 17,000 फीट की ऊंचाई पर एक विशाल ग्लेशियर का हिस्सा टूटकर लेंगदे नदी में गिर गया था। मलबे के कारण नदी का बहाव रुक गया और चीन में चोचेन व पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास एक अस्थायी झील बन गई।

    इस कृत्रिम बांध में करीब 20 से 50 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था। पानी का दबाव अत्यधिक बढ़ने और भारी बारिश के कारण यह प्राकृतिक बांध अचानक टूट गया।

    नेपाल पुलिस और प्रशासन ने सिंधुपालचोक, रसुवा, नुवाकोट और भोटेकोशी नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में लाउडस्पीकर से हाई अलर्ट और तुरंत सुरक्षित स्थानों (ऊंचाइयों) पर जाने की चेतावनी जारी की है।

    #TibetFlood #NepalDisaster #GlacialCollapse #FlashFloods #BreakingNews #DanikKhabar #DisasterAlert

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    27/08/26 |

    संकट की घड़ी में पड़ोसी धर्म: पीएम मोदी ने की बालेन्द्र शाह से बात, राहत और बचाव कार्यों में नेपाल के साथ जुटा भारत

    आरएस अनेजा, 27 अगस्त नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जानमाल की हानि पर संवेदना व्यक्त की। मोदी ने कहा कि इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।

    प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है और भारतीय दल बचाव तथा राहत कार्यों में नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

    प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:

    प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जानमाल की हानि पर संवेदना व्यक्त की। इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।

    भारत नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। हमारे दल बचाव और राहत प्रयासों में मिलकर निकटता से समन्वय कर रहे हैं।

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    27/07/26 |

    नेपाल में फिर चलेंगे ₹200 और ₹500 के भारतीय नोट; 25,000 रुपये तक नकदी ले जाने की अनुमति

    जे कुमार काठमांडू, 27 जुलाई 2026: नेपाल सरकार और नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) ने भारतीय मुद्रा के इस्तेमाल को लेकर एक बड़ा और राहत देने वाला फैसला लिया है। लगभग एक दशक पुराने प्रतिबंध को ढीला करते हुए नेपाल ने भारतीय नागरिकों और अपने देश के लोगों को ₹200 और ₹500 मूल्य वर्ग के नए भारतीय नोट देश में लाने और ले जाने की अनुमति दे दी है।

    नेपाल राष्ट्र बैंक द्वारा जारी ताजा दिशा-निर्देशों के अनुसार, केवल 9 नवंबर 2016 के बाद जारी किए गए ₹200 और ₹500 के नए नोट ही मान्य होंगे। हालांकि, प्रति व्यक्ति अधिकतम ₹25,000 की सीमा पूर्ववत लागू रहेगी। वर्ष 2016 में भारत में हुई नोटबंदी के बाद नेपाल में ₹100 से बड़े भारतीय नोटों के चलन पर रोक लगा दी गई थी।

    इस फैसले से भारत से नेपाल जाने वाले पर्यटकों, तीर्थयात्रियों, सीमावर्ती व्यापारियों और कामकाजी लोगों को करेंसी एक्सचेंज और नकदी संकट से बड़ी राहत मिलेगी। गौरतलब है कि 9 नवंबर 2016 से पहले के पुराने ₹500 और ₹1,000 के नोटों पर प्रतिबंध अभी भी बरकरार रहेगा। #NepalNews #IndianRupeeInNepal #KathmanduNews #CurrencyUpdate #NepalTravel #BreakingNews #IndiaNepalRelations

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    12/05/26 |

    काठमांडू एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला: तुर्किश एयरलाइंस के विमान में लगी आग, बाल-बाल बचे 288 यात्री

    जे कुमार काठमांडू, 12 मई 2026: नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (TIA) पर आज एक बड़ा विमान हादसा होने से बाल-बाल बच गया। इस्तांबुल से काठमांडू आ रहे तुर्किश एयरलाइंस के एक विमान के लैंडिंग के दौरान उसके इंजन में अचानक आग लग गई। विमान में चालक दल सहित कुल 288 यात्री सवार थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

    लैंडिंग के समय इंजन से उठी लपटें

    प्रत्यक्षदर्शियों और एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, विमान जैसे ही रनवे पर उतरा, उसके दाहिने इंजन से चिंगारियां और काला धुआं निकलने लगा। कुछ ही सेकंड में लपटें दिखाई देने लगीं, जिससे रनवे पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और तकनीकी टीम में हड़कंप मच गया। पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर विमान को रोका और फायर ब्रिगेड को सूचित किया।

    त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन

    हवाई अड्डे की फायर फाइटिंग टीम ने मौके पर पहुंचकर तुरंत आग पर काबू पाया। यात्रियों को इमरजेंसी गेट और स्लाइड के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस अफरा-तफरी के बीच कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है। घटना के बाद त्रिभुवन हवाई अड्डे पर उड़ानों का परिचालन करीब दो घंटे के लिए रोक दिया गया, जिससे कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुईं।

    जांच के आदेश

    नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने इस तकनीकी खराबी और आग लगने के कारणों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। प्रारंभिक जांच में बर्ड हिट (पक्षी से टकराने) या तकनीकी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। विमान को रनवे से हटाकर हैंगर में खड़ा कर दिया गया है।

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    16/03/26 |

    नेपाल में बड़ा सड़क हादसा: मनकामना मंदिर से लौट रहे 7 भारतीय श्रद्धालुओं की मौत

    जे कुमार काठमांडू, 16 मार्च 2026: नेपाल के मध्य क्षेत्र में स्थित गोरखा जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। प्रसिद्ध मनकामना मंदिर के दर्शन कर वापस लौट रहे भारतीय तीर्थयात्रियों की एक इलेक्ट्रिक माइक्रोबस अनियंत्रित होकर पहाड़ी सड़क से करीब 150 मीटर गहरी खाई में गिर गई। इस दुर्घटना में 7 भारतीय नागरिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस में सवार अन्य कई यात्री घायल हो गए।

    हादसे का विवरण और बचाव कार्य घटना शनिवार रात की है, जब श्रद्धालु मनकामना मंदिर से अपनी पूजा संपन्न कर नीचे की ओर आ रहे थे। शहीद लखन ग्रामीण नगरपालिका के पास एक तीखे मोड़ पर चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद बस पहाड़ से लुढ़कते हुए नीचे खड्ड में जा गिरी। मृतकों में 5 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं, जो तमिलनाडु के कोयंबटूर और शिवगंगा जिले के रहने वाले थे।

    सूचना मिलते ही नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से रेसक्यू ऑपरेशन शुरू किया। अंधेरा और ढलान होने के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। घायलों को तुरंत पास के अंबुखैरेनी और भरतपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है।

    प्रशासनिक कार्रवाई शुरुआती जांच में हादसे का कारण ब्रेक फेल होना या सड़क की खराब स्थिति माना जा रहा है। तमिलनाडु सरकार और भारतीय विदेश मंत्रालय इस मामले में नेपाल प्रशासन के संपर्क में हैं। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम काठमांडू में कराने के बाद उन्हें विशेष विमान से भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नेपाल के पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षा मानकों और पुरानी गाड़ियों के रखरखाव को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    #NepalBusAccident #IndianPilgrims #ManakamanaTemple #GorkhaNews #Tragedy #RoadSafety #NepalIndiaRelations #BreakingNewsNepal

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    13/09/25 |

    सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री बनी

    सुशील कार्की का जन्म 7 जून 1952 को विराटनगर, नेपाल में हुआ था।

    उन्होंने अपनी पढ़ाई भारत में की है।

    उन्होंने 1972 में विराटनगर के महेंद्र मोरंग परिसर से बी.ए. की डिग्री प्राप्त की।

    इसके बाद उन्होंने 1975 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर (M.A.) की उपाधि प्राप्त की।

    1978 में उन्होंने त्रिभुवन विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की।

    पारिवारिक पृष्ठभूमि: वह एक साधारण किसान परिवार से आती हैं और अपने सात भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं।

    उनका विवाह दुर्गा प्रसाद सुबेदी से हुआ है, जिनसे उनकी मुलाकात बनारस में पढ़ाई के दौरान हुई थी।

    उन्होंने 1979 में वकालत की शुरुआत की।

    1985 में उन्होंने महेंद्र मल्टीपल कैंपस, धरान में सहायक शिक्षिका के रूप में भी काम किया।

    2007 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता बनाया गया।

    2009 में वह सुप्रीम कोर्ट में तदर्थ (ad-hoc) न्यायाधीश नियुक्त हुईं, और 2010 में वह स्थायी न्यायाधीश बन गईं।

    11 जुलाई 2016 को, वह नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनीं।

    उन्होंने जून 2017 तक इस पद पर कार्य किया।

    अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और लोकतंत्र के संरक्षक के रूप में न्यायपालिका की भूमिका को मजबूत किया।

    नेपाल में हालिया जेन-ज़ेड के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद, सुशीला कार्की को देश का अंतरिम प्रधानमंत्री चुना गया।

    13 सितंबर 2025 को उन्होंने राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल से पद और गोपनीयता की शपथ ली।

    यह पहली बार है जब कोई महिला नेपाल की प्रधानमंत्री बनी है।

    उनकी नियुक्ति संवैधानिक रूप से असामान्य है क्योंकि वह संसद की सदस्य नहीं हैं। उन्हें यह पद इसलिए मिला क्योंकि प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक दलों के बीच उनके नाम पर सहमति बनी।

    अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में, उनका मुख्य लक्ष्य देश में स्थिरता लाना और आगामी चुनाव कराना है।

    उन्हें जेन-ज़ेड प्रदर्शनकारियों की पांच प्रमुख शर्तों को मानना पड़ा, जिनमें से एक न्यायिक आयोग का गठन करना है जो हाल की हिंसा की घटनाओं की जांच करेगा।

    नेपाल में अगले 6 से 12 महीने में आम चुनाव कराने की भी जिम्मेदारी उनके ऊपर है।

    उनका चयन भ्रष्टाचार विरोधी और निष्पक्ष छवि के कारण हुआ है, जिससे उन्हें युवाओं का भारी समर्थन मिला है।

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    12/09/25 |

    नेपाल में चल रहे 'जेन-जी' आंदोलन के दौरान भारतीय पर्यटकों पर हमला

    नेपाल में चल रहे 'जेन-जी' आंदोलन के दौरान भारतीय पर्यटकों पर हमले की खबरें सामने आई हैं। ये घटनाएँ मुख्य रूप से काठमांडू में हुई हैं।

    प्रमुख घटनाएँ:

    * बस पर हमला: 9 सितंबर 2025 को, आंध्र प्रदेश के 49 पर्यटकों को लेकर जा रही एक बस पर काठमांडू में प्रदर्शनकारियों ने हमला किया। उन्होंने बस में तोड़फोड़ की, यात्रियों से लूटपाट की और पथराव किया, जिससे कई लोग घायल हो गए। यात्रियों के मोबाइल फोन, नकदी और गहने लूट लिए गए। भारतीय दूतावास की मदद से इन पर्यटकों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया।

    * होटल में आग: काठमांडू के एक 5-स्टार होटल में प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी, जिसमें उत्तर प्रदेश की एक महिला की मौत हो गई। यह महिला अपने पति के साथ नेपाल की यात्रा पर गई थी। इस घटना से अन्य भारतीय पर्यटक भी दहशत में हैं।

    सुरक्षा और सहायता:

    * भारतीय दूतावास की पहल: भारतीय दूतावास ने नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर फंसे हुए भारतीय नागरिकों को निकालने का प्रयास किया है। इसके लिए विशेष विमानों की व्यवस्था की गई है।

    * हेल्पलाइन नंबर: विदेश मंत्रालय और उत्तर प्रदेश पुलिस ने नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

    * सीमा पर सुरक्षा: भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सुरक्षा बल, जिसमें सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) शामिल है, सतर्क हैं।

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