प्रधानमंत्री मोदी का शासन मॉडल 2025 में “सुशासन, तकनीक और जनभागीदारी” के त्रिसूत्र पर आधारित रहा।
K.K
वर्ष 2025 भारत के राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह वर्ष निरंतरता, स्थिरता और दूरदर्शी नीतियों का प्रतीक रहा। बीते वर्षों में शुरू की गई योजनाओं को 2025 में और अधिक मजबूती मिली, वहीं कई नए सुधारात्मक कदमों ने भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और वैश्विक रूप से प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाया। प्रधानमंत्री मोदी का शासन मॉडल 2025 में “सुशासन, तकनीक और जनभागीदारी” के त्रिसूत्र पर आधारित रहा।
आर्थिक क्षेत्र में वर्ष 2025 सरकार के लिए विकास और स्थिरता का वर्ष रहा। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने मजबूती दिखाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने निवेश-अनुकूल माहौल को बनाए रखा, जिससे देश-विदेश से पूंजी निवेश बढ़ा। बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए सड़क, रेल, एक्सप्रेसवे, बंदरगाह और हवाई अड्डों के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। इन परियोजनाओं से न केवल आवागमन आसान हुआ, बल्कि लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी मिला।
विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को 2025 में नई ऊर्जा मिली। घरेलू उद्योगों को प्रोत्साहन देने, आयात पर निर्भरता कम करने और निर्यात को बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए आसान ऋण व्यवस्था, डिजिटल भुगतान और बाज़ार तक पहुंच को सरल बनाया गया, जिससे छोटे उद्यमियों को मजबूती मिली और ग्रामीण व शहरी अर्थव्यवस्था को गति प्राप्त हुई।
डिजिटल इंडिया अभियान वर्ष 2025 में शासन का एक सशक्त आधार बना। डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना ने सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज और नागरिक-केंद्रित बनाया। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रमाणपत्र, सब्सिडी और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचा, जिससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका में कमी आई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और डिजिटल कौशल पर सरकार के बढ़ते फोकस ने भारत को तकनीकी रूप से अग्रणी देशों की पंक्ति में खड़ा करने की दिशा में कदम बढ़ाया।
शिक्षा के क्षेत्र में 2025 प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप सुधारों का वर्ष रहा। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में नवाचार, अनुसंधान और कौशल-आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया गया। डिजिटल लर्निंग, ऑनलाइन पाठ्यक्रम और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया। उच्च शिक्षा में रिसर्च और स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहन देकर युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया गया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार ने आम नागरिक तक सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित किया। प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया गया और दूरदराज़ के इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया गया। निवारक स्वास्थ्य, पोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया। डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और टेलीमेडिसिन जैसी पहलें स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और प्रभावी बनाने में सहायक रहीं।
कृषि और ग्रामीण विकास प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकताओं में सदैव अग्रणी रहे हैं। वर्ष 2025 में टिकाऊ कृषि, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, फसल विविधीकरण और कृषि-आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, आवास, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार से जीवन स्तर में सुधार हुआ।
ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र में वर्ष 2025 भारत के हरित भविष्य की ओर बढ़ते कदमों का साक्षी बना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नवीकरणीय ऊर्जा, विशेषकर सौर और पवन ऊर्जा, को प्रोत्साहन दिया गया। स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल मिला, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता भी बढ़ी। इलेक्ट्रिक वाहनों, ऊर्जा दक्षता और हरित हाइड्रोजन जैसी पहलों ने भारत को जलवायु परिवर्तन से निपटने में अग्रणी भूमिका प्रदान की।
राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में 2025 सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता का परिचायक रहा। सीमा सुरक्षा, रक्षा आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर विशेष जोर दिया गया। ‘मेक इन इंडिया’ के तहत रक्षा उपकरणों का स्वदेशीकरण बढ़ा, जिससे देश की रणनीतिक क्षमता मजबूत हुई। सशस्त्र बलों के कल्याण, प्रशिक्षण और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए गए।
विदेश नीति के मोर्चे पर वर्ष 2025 में भारत की वैश्विक भूमिका और सुदृढ़ हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने बहुपक्षीय मंचों पर भारत की आवाज़ को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विकासशील देशों की समस्याओं, वैश्विक शांति, जलवायु परिवर्तन और आपूर्ति-श्रृंखला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भारत ने नेतृत्वकारी भूमिका निभाई। व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग के माध्यम से प्रमुख देशों के साथ संबंध और गहरे हुए।
सुशासन और प्रशासनिक सुधार 2025 में सरकार के प्रमुख स्तंभ बने रहे। ई-गवर्नेंस, प्रक्रिया सरलीकरण और समयबद्ध निर्णयों ने प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाया। डेटा-आधारित नीति निर्माण और पारदर्शिता से नागरिकों का सरकार पर विश्वास और मजबूत हुआ। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
युवाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया। कौशल विकास, स्टार्टअप्स, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देकर युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान किए गए। खेल, संस्कृति और रचनात्मक क्षेत्रों में प्रतिभाओं को मंच मिला, जिससे भारत की सॉफ्ट पावर भी मजबूत हुई।
कुल मिलाकर, वर्ष 2025 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के लिए स्थिरता, विकास और वैश्विक प्रतिष्ठा का वर्ष सिद्ध हुआ। यह वर्ष इस बात का प्रमाण रहा कि दूरदर्शी नेतृत्व, स्पष्ट नीतियां और जनभागीदारी के माध्यम से एक मजबूत, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत का निर्माण संभव है। 2025 में किए गए प्रयास आने वाले वर्षों के लिए भारत की विकास यात्रा की ठोस नींव साबित होंगे।