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    IPL धमाका: न्यू चंडीगढ़ में PBKS vs SRH मैच के लिए ऑफलाइन टिकटों की बिक्री शुरू, जानें रेट और नियम

    चंडीगढ़, 6 अप्रैल (अन्‍नू): न्यू चंडीगढ़ (मुल्लनपुर) में 11 अप्रैल को होने वाले पंजाब किंग्स (PBKS) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच रोमांचक मुकाबले के लिए क्रिकेट प्रेमियों का इंतज़ार खत्म हो गया है। आज से टिकटों की ऑफलाइन बिक्री शुरू हो रही है। दर्शक महाराजा यादवेंद्र सिंह पीसीए क्रिकेट स्टेडियम के बाहर बने बॉक्स ऑफिस काउंटर से सीधे टिकट खरीद सकते हैं। अब तक ये टिकटें केवल ऑनलाइन 'डिस्ट्रिक्ट ऐप' पर ही उपलब्ध थीं।


    टिकट खरीदने के लिए जरूरी नियम


    स्टेडियम काउंटर से टिकट खरीदने के लिए दर्शकों को अपना एक ओरिजिनल आईडी प्रूफ (जैसे आधार कार्ड) साथ ले जाना अनिवार्य होगा। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए रेलवे की तरह यहाँ भी सीमा तय की गई है; एक आईडी प्रूफ पर केवल दो टिकट ही खरीदे जा सकते हैं। भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।



    ₹2500 से शुरू हैं टिकटों के दाम


    मैच के लिए टिकटों की कीमतें अलग-अलग श्रेणियों में रखी गई हैं। सबसे सस्ती टिकट ₹2500 से शुरू हो रही है। इसके अलावा ₹3500 और ₹6500 की कैटेगरी भी उपलब्ध है। प्रीमियम अनुभव चाहने वाले दर्शकों के लिए ₹20,000 और ₹25,000 की हाई-एंड टिकटें भी बेची जा रही हैं। कुल पांच अलग-अलग श्रेणियों में अपनी पसंद के अनुसार टिकट चुनी जा सकती है।


    मैच का समय और एंट्री का शेड्यूल


    यह मुकाबला दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा। दर्शकों की सहूलियत और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्टेडियम के गेट सुबह 11:30 बजे ही खोल दिए जाएंगे। दूर-दराज से आने वाले प्रशंसक समय पर अपनी सीट ले सकें, इसके लिए यह फैसला लिया गया है। पार्किंग के लिए ग्राउंड के आसपास 8 अलग-अलग स्थानों पर व्यवस्था की गई है, जिसके लिए टिकट के साथ ही पार्किंग पास भी खरीदा जा सकता है।



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    स्वर्ण पथ पर भारतीय लैक्रोस: पहले ही बड़े टूर्नामेंट में चैंपियन बनी टीमें, अब मिशन 'लॉस एंजिल्स 2028' पर नजर

    आरएस अनेजा, 25 मार्च नई दिल्ली - केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बुधवार को रियाद में आयोजित एशियाई लैक्रोस खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष और महिला लैक्रोस टीमों को बधाई दी और उनसे कड़ी मेहनत जारी रखने और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करके इतिहास रचने का लक्ष्य रखने का आह्वान किया।

    खिलाड़ियों से बातचीत करते हुए मांडविया ने लैक्रोस जैसे उभरते खेलों में दृढ़ संकल्प, अनुभव और निरंतर प्रयास के महत्व पर जोर दिया। श्री मांडविया ने कहा, “लैक्रोस भारत के लिए एक उभरता हुआ बड़ा खेल है। यह आपका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय अनुभव था और आप पहले ही पदक जीत चुके हैं। अब आपका ध्यान और अधिक मेहनत करने, अधिक अनुभव प्राप्त करने और लॉस एंजिल्स 2028 के लिए क्वालीफाई करके देश को गौरवान्वित करने पर केंद्रित होना चाहिए।”

    मांडविया यह भी कहा कि सरकार खेलो इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से खिलाड़ियों का समर्थन करती रहेगी, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जुनून और दृढ़ता ही सफलता की कुंजी हैं।

    इस फरवरी में सऊदी अरब के रियाद में आयोजित एशियाई लैक्रोस खेलों में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों और महिलाओं दोनों के सिक्स फॉर्मेट में स्वर्ण पदक जीते। भारतीय पुरुष और महिला टीमों ने फाइनल मैच में क्रमशः इराक और पाकिस्तान को हराया।

    भारतीय महिला लैक्रोस टीम ने 2024 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया, जबकि पुरुष टीम ने 2025 में पदार्पण किया, जिससे यह सफलता और भी महत्‍वपूर्ण हो जाती है। भारत की इस जीत की एक खास बात यह थी कि इसमें देश भर के विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात, तमिलनाडु, ओडिशा, असम, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश शामिल हैं।

    एशिया-पैसिफिक लैक्रोस यूनियन के तहत आयोजित एशियाई लैक्रोस खेल, लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक में लैक्रोस को शामिल करने से पहले इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी रास्ते विकसित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा हैं। भारत के अगले प्रमुख आयोजनों में अप्रैल में चीन के चेंगदू में आयोजित होने वाले तीसरे एशियाई लैक्रोस खेल और इस अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित होने वाली एशिया-पैसिफिक सिक्स लैक्रोस चैंपियनशिप शामिल हैं, जो एलए 2028 के लिए क्वालीफिकेशन के रूट के रूप में काम करेगी।

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    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 25 मार्च से 6 अप्रैल के बीच; खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया बोले: ‘अवसर और दायरे को बढ़ाने का हिस्सा’

    आरएस अनेजा, 6 मार्च नई दिल्ली - पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन 25 मार्च से 6 अप्रैल के बीच छत्तीसगढ़ के तीन शहरों – रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा – में किया जाएगा। इसकी घोषणा गुरुवार को केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने की।

    इन खेलों में सात पदक स्पर्धाएँ – एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, तीरंदाजी, तैराकी और कुश्ती- शामिल होंगी। इसके अलावा दो डेमो गेम– मल्लखंभ और कबड्डी – भी आयोजित किए जाएंगे। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (KITG) में भारत के अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।

    डॉ. मांडविया ने कहा, “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स हमारे बढ़ते हुए प्रयासों का हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य हर उस युवा को अवसर और मंच प्रदान करना है जो खेलना चाहता है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन का हिस्सा है, और इस यात्रा में खेलों की बहुत बड़ी भूमिका है।”

    पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (KITG) का लोगो, थीम सॉन्ग और मैस्कॉट 23 दिसंबर को बिलासपुर के स्वर्गीय बी. आर. यादव स्पोर्ट्स स्टेडियम में औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया था। इस समारोह में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव भी उपस्थित थे।

    डॉ. मांडविया ने इस बात पर जोर दिया कि ये खेल आदिवासी क्षेत्रों से उभर रही प्रतिभाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, “आदिवासी क्षेत्रों से प्रतिभाओं को सामने लाना बेहद अहम है और हमारे खिलाड़ी आधार का लगातार विस्तार समय की आवश्यकता है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि आदिवासी समुदायों के प्रतिभाशाली युवाओं की जल्द पहचान हो, उन्हें व्यवस्थित तरीके से समर्थन मिले और उन्हें राष्ट्रीय खेल ढांचे में शामिल किया जाए।”

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), भारतीय ओलंपिक संघ, राष्ट्रीय खेल महासंघों और छत्तीसगढ़ राज्य आयोजन समिति द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। इन खेलों के तकनीकी मानक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अनुरूप रखे जाएंगे।

    आधिकारिक मैस्कॉट ‘मोरवीर’ का नाम छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा है। यह दो शब्दों से बना है – ‘मोर’, जिसका छत्तीसगढ़ी में अर्थ ‘मेरा’ या ‘हमारा’ होता है, और ‘वीर’, जो साहस और पराक्रम का प्रतीक है। मोरवीर भारत के आदिवासी समुदायों की भावना, गर्व और पहचान का प्रतिनिधित्व करता है।

    आदिवासी खिलाड़ियों को समर्पित इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी करने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य बन गया है, जो भारत की खेल यात्रा में आदिवासी सशक्तिकरण और जमीनी स्तर पर भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स, भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की प्रमुख खेलो इंडिया योजना का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य जनभागीदारी बढ़ाना और खेलों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है। वर्ष 2020 में स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग सिग्नल्स एक्ट, 2007 के तहत खेलो इंडिया गेम्स को ‘राष्ट्रीय महत्व का आयोजन’ घोषित किया गया था।             

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    खेल विभाग हरियाणा की खेल नर्सरी योजना 2026-27: खिलाड़ियों को मिलेगा मासिक वजीफा, प्रशिक्षकों को मानदेय

    अम्बाला, 22 फरवरी (अभी) : उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि खेल विभाग हरियाणा, पंचकूला द्वारा आगामी सत्र 2026-27 के लिए सरकारी, निजी शिक्षण संस्थानों तथा ग्राम पंचायतों में खेल नर्सरियां संचालित की जाएंगी। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को प्रारंभिक स्तर पर पहचान कर उन्हें सुनियोजित प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।

    उपायुक्त ने बताया कि योजना के तहत 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को 1500 रुपये प्रतिमाह तथा 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को 2000 रुपये प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान की जाएगी।

    उन्होंने आगे बताया कि खेल नर्सरी में नियुक्त प्रशिक्षकों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर मानदेय दिया जाएगा। एनआईएस डिप्लोमा धारक प्रशिक्षकों को 25,000 रुपये प्रतिमाह तथा सिक्स वीक सर्टिफिकेट कोर्स, बी.पी.एड., एम.पी.एड. अथवा नेशनल लेवल खिलाड़ी को 20,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय निर्धारित किया गया है।

    यदि कोई शिक्षण संस्थान अथवा ग्राम पंचायत नियमानुसार सफलतापूर्वक खेल नर्सरी का संचालन करती है तो उस नर्सरी को माननीय मुख्यमंत्री, हरियाणा सरकार द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा।

    उपायुक्त ने बताया कि खेल नर्सरी में चयनित खिलाड़ियों को अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पदक अर्जित कर छात्रवृत्ति के पात्र बन सकेंगे।

    खेल नर्सरियों में आर्चरी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बेसबॉल, बास्केटबॉल, बॉक्सिंग, कैनोइंग, साइक्लिंग, फेंसिंग, फुटबॉल, जिम्नास्टिक्स, हैंडबॉल, हॉकी, जूडो, कबड्डी, लॉन टेनिस, नेटबॉल, रोइंग, शूटिंग, सॉफ्टबॉल, स्विमिंग, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, वॉलीबॉल, वेटलिफ्टिंग, रेसलिंग, वुशु, कराटे, खो-खो, क्रिकेट, योग, स्केटिंग तथा इक्वेस्ट्रियन जैसे विभिन्न खेल शामिल किए गए हैं।

    उपायुक्त ने सभी पात्र शिक्षण संस्थानों, ग्राम पंचायतों एवं इच्छुक खिलाड़ियों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाकर जिले में खेल संस्कृति को सशक्त बनाने में सहयोग करें।

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    चंडीगढ़ में एथलेटिक्स का जलवा: सुखना लेक पर रेस वॉक संपन्न, अब अंतरराष्ट्रीय मैराथन की तैयारी

    चंडीगढ़, 22 फरवरी (अन्नू): चंडीगढ़ के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। सुखना लेक पर आयोजित 13वीं भारतीय ओपन रेस वॉक प्रतियोगिता का दो दिवसीय सफल समापन हुआ। इस बार की प्रतियोगिता बेहद खास रही क्योंकि पहली बार यहां 20 किमी के बजाय 21 किमी (हाफ मैराथन) की रेस वॉक आयोजित की गई।

    प्रतियोगिता के अंतिम दिन रविवार को देश भर के दिग्गज खिलाड़ियों ने अपनी रफ्तार और तकनीक का प्रदर्शन किया। पुरुष वर्ग की 21 किमी रेस वॉक में मुख्य आकर्षण पेरिस ओलंपियन अक्षदीप सिंह, परमजीत सिंह बिष्ट, सूरज पंवार और विकास सिंह रहे, जिन्होंने 2025 के सीजन और टोक्यो विश्व चैंपियनशिप में भारत का मान बढ़ाया था। हालांकि, इस कड़े मुकाबले में पंजाब के हर्षदीप सिंह ने बाजी मारते हुए पहला स्थान हासिल किया। वहीं, महिला वर्ग में हरियाणा की रवीना ने अपनी शानदार फॉर्म बरकरार रखते हुए हाफ मैराथन का खिताब अपने नाम किया। प्रतियोगिता की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) ने मलेशिया सहित तीन विदेशी जजों को भी आमंत्रित किया था।

    1 मार्च को शहर रचेगा इतिहास: पहली इंटरनेशनल मैराथन

    अभी रेस वॉक का उत्साह थमा भी नहीं है कि शहर एक और बड़े आयोजन के लिए तैयार है। 1 मार्च को चंडीगढ़ अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय मैराथन की मेजबानी करेगा। यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने इस मेगा इवेंट की घोषणा करते हुए बताया कि यह पंजाब और चंडीगढ़ के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण होगा। खेल विभाग द्वारा आयोजित इस मैराथन में 38 अंतरराष्ट्रीय एथलीटों सहित लगभग 3,500 धावकों के शामिल होने की उम्मीद है।

    यह मैराथन चार अलग-अलग श्रेणियों में आयोजित की जाएगी:

    • फुल मैराथन (42.195 किमी): चंडीगढ़ क्लब से शुरू होकर यह शहर के प्रमुख लैंडमार्क्स जैसे रॉक गार्डन, सुखना लेक, मटका चौक और पीजीआई से गुजरते हुए वापस वहीं समाप्त होगी। इसके लिए 6 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।

    • हाफ मैराथन: यह फुल मैराथन वाले रूट पर ही एक चक्र में पूरी होगी।

    • 10 किमी टाइम्ड रन: यह मार्ग एयरफोर्स म्यूजियम और रोज गार्डन से होते हुए गुजरेगा।

    • 5 किमी रन: यह सुखना पाथ मार्ग पर आयोजित की जाएगी।

    इस आयोजन से चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स मानचित्र पर अपनी एक मजबूत पहचान बनाने की ओर अग्रसर है।

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