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    आप पार्टी के आरोप निराधार, जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश- ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    चण्डीगढ़, 13 फरवरी: कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा नई रणनीति बनाए जाने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में अनिल विज ने कहा कि उनकी पार्टी टुकडे-टुकडे पार्टी है और अब ये यदा-कदा टुकडों को जोडने की कोशिश करते रहते हैं। लेकिन वह फिर टूट जाते हैं।

    आप पार्टी द्वारा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त करने के मामलें को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में विज ने कहा कि इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री जी ने जवाब दे दिया है, कि मैं तो जानता भी नही, और मुझे उस नाम का भी नहीं पता। ऐसा लगता है कि आप पार्टी पंजाब में लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है।

    #AnilVij #HaryanaPolitics #CongressTukdeTukde #AAPvsBJP #NayabSaini #PoliticalWarOfWords #PunjabPolitics #ChandigarhUpdate #HaryanaMinister #HorseTradingAllegations

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    पंजाब मुख्यमंत्री के एसवाईएल बयान पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज बोले “हम भी हरि के प्रदेश से है जो सबको साथ लेकर चलने का संदेश देते हैं”

    अम्बाला/चंडीगढ़, 28 जनवरी - पंजाब मुख्यमंत्री के एसवाईएल बयान पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज बोले “हम भी हरि के प्रदेश से है जो सबको साथ लेकर चलने का संदेश देते हैं”

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के एसवाईएल को लेकर बयान कि हम कन्हैया के वंशज है जो दुश्मनों को भी पानी पिलाते है, हरियाणा तो फिर भी हमारा दोस्त है पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि भगवंत मान के मुंह से यह अच्छी बात निकली है और हम भी “हरि” के प्रदेश से है और “हरि” सबको साथ लेकर चलने का संदेश देते है।

    #SYLDispute #AnilVij #BhagwantMann #HaryanaVsPunjab #WaterCrisis #PoliticsToday #HaryanaNews #AmbalaUpdate #HariYanviPride

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    "आप एक 'लापता पार्टी' है, जो भावनाओं से खेलकर छिप जाती है": ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    चंडीगढ़ 17 जनवरी - हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने आम आदमी पार्टी द्वारा पंजाब में भाजपा मंत्री पर एफआईआर व आम आदमी पार्टी नेता आतिशी मार्लेना लापता के पोस्टर लगाने के मामले में पलटवार किया है।

    पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री अनिल विज ने कहा कि ये जो आम आदमी पार्टी है यह लापता पार्टी है जो लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करके छिप जाते हैं। इनमें सच्चाई का सामना करने की हिम्मत नहीं है और लोगों की भावनाओं को भड़काकर ताकि लोगों में आपस में द्वंद्व हो यह इनका खेल रहता है। समस्त आम आदमी पार्टी को माफी मांगी चाहिए और जो इस प्रकार से बेअदबी की है उसका जो सजा है वह इन्हें मिलनी चाहिए।

    #MissingParty #EmotionalPlay #AnilVij #EnergyMinister #PoliticalDrama #PublicResponse #PoliticalWildlife #EnergyPolicy #PoliticalAccountability #VoterAwareness #EmotionalIntelligence #PoliticalTruths #DebateTime #OpinionsMatter #Elections2023 #PoliticalComedy #TransparencyInPolitics #PowerDynamics #MediaInfluence

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    आम आदमी पार्टी ने पंजाब में इमरजेंसी लगाई, सुने क्या बोले ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला- पंजाब में आप सरकार इमरजेंसी जैसा माहौल बना रही:- अनिल विज

    चण्डीगढ, 16 जनवरी- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्रीअनिल विज ने आज पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार को आडे हाथों लिया और कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने पंजाब में इमरजेंसी लगा दी है और लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है।

    मंत्री अनिल विज ने आज एक्स पर (पहले टवीट) पर लिखा कि ‘‘जिस प्रकार से पंजाब में ‘पंजाब केसरी’ एक निष्पक्ष समाचार पत्र समूह तथा इससे जुड़े संस्थानों पर पंजाब सरकार द्वारा भिन्न - भिन्न विभागों के माध्यम से बिना किसी आधार और बिना निर्धारित तरीकों द्वारा नाजायज हमला बोल कर परेशान किया जा रहा है उससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा इमरजेंसी लगा दी गई है। लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है’’।

    सनद रहे कि गत दिवस पंजाब केसरी ग्रुप द्वारा पंजाब के राज्यपाल गुलाब चन्द कटारिया को एक पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है कि पिछले कुछ दिनों से पंजाब सरकार किसी बाहरी उद्देश्य से पंजाब केसरी समूह और उससे जुड़ी संस्थाओं को विशेष रूप से निशाना बना रही है, जिसका उद्देश्य प्रेस को भयभीत करना प्रतीत होता है।

    मंत्री अनिल विज ने इस हालिया घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र का मूल स्तंभ है और किसी भी प्रकार का दबाव, भय या प्रताड़ना अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि किसी मीडिया संस्थान को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया जाना गलत है। उन्होंने कहा कि पंजाब केसरी समूह एक प्रतिष्ठित समाचार संस्थान है, जिसने कठिन परिस्थितियों में भी निर्भीक पत्रकारिता की मिसाल कायम की है। उन्होंने स्मरण कराया कि स्व. लाला जगत नारायण और स्व. रमेश चंद्र जैसे महान पत्रकारों ने देश और समाज के लिए अपने प्राणों तक की आहुति दी, और उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह समूह दशकों से जनहित में कार्य कर रहा है।

    ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यदि किसी भी राज्य में अलग-अलग विभागों द्वारा एक ही समय में बार-बार कार्रवाई की जाती है और उससे यह संदेश जाता है कि मीडिया को डराने या उसकी आवाज दबाने का प्रयास हो रहा है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून अपना काम करे, लेकिन उसका दुरुपयोग किसी को डराने या चुप कराने के लिए नहीं होना चाहिए। श्री विज ने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई और प्रेस की स्वतंत्रता के बीच एक स्पष्ट रेखा होनी चाहिए। यदि किसी संस्था के विरुद्ध कोई तथ्यात्मक या कानूनी विषय है, तो उसकी जांच नियमों के तहत होनी चाहिए, न कि ऐसे तरीके से जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रश्नचिह्न लगे।

    उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी माहौल में विशेष रूप से यह ज़रूरी हो जाता है कि मीडिया स्वतंत्र, निर्भीक और निष्पक्ष रूप से अपना कार्य कर सके, क्योंकि जनता तक सही जानकारी पहुँचाना मीडिया की जिम्मेदारी है और लोकतंत्र की मजबूती उसी पर निर्भर करती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस गंभीर विषय को लेकर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रेस की स्वतंत्रता, गरिमा और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकारें बदल सकती हैं, लेकिन स्वतंत्र मीडिया का सम्मान हमेशा बना रहना चाहिए।

    मीडिया कर्मियों द्वारा पंजाब केसरी समूह के संबंध में किए गए टवीट के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में विज ने कहा कि पंजाब में निष्पक्ष समाचार-पत्र समूह पर जिस प्रकार से पंजाब की सरकार प्रहार कर रही है, और बिना कायदे व कानूनों के छापे मार रही है और उससे ऐसा प्रतीत होता है कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार में कांग्रेस की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की आत्मा आ गई है क्योंकि इंदिरा गांधी ने भी यही किया था और इंदिरा गांधी ने भी अपने कार्यकाल में समाचार-पत्रों पर प्रतिबंध लगा दिए थे। उस समय अखबारें आधी-आधी छपा करती थी और इमरजेंसी लग गई थी। इसलिए पंजाब में भी ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इमरजेंसी लग गई है।

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    आम आदमी पार्टी ने पंजाब में इमरजेंसी लगाई:- ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज

    लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला- पंजाब में आप सरकार इमरजेंसी जैसा माहौल बना रही:- अनिल विज

    विभिन्न विभागों की कार्रवाई से प्रेस की आज़ादी को कुचला और लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा:- विज

    चण्डीगढ, 16 जनवरी - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार को आडे हाथों लिया और कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने पंजाब में इमरजेंसी लगा दी है और लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है।

    विज ने आज एक्स पर (पहले टवीट) पर लिखा कि ‘‘जिस प्रकार से पंजाब में ‘पंजाब केसरी’ एक निष्पक्ष समाचार पत्र समूह तथा इससे जुड़े संस्थानों पर पंजाब सरकार द्वारा भिन्न - भिन्न विभागों के माध्यम से बिना किसी आधार और बिना निर्धारित तरीकों द्वारा नाजायज हमला बोल कर परेशान किया जा रहा है उससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा इमरजेंसी लगा दी गई है। लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है’’।

    सनद रहे कि गत दिवस पंजाब केसरी ग्रुप द्वारा पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चन्द कटारिया को एक पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है कि पिछले कुछ दिनों से पंजाब सरकार किसी बाहरी उद्देश्य से पंजाब केसरी समूह और उससे जुड़ी संस्थाओं को विशेष रूप से निशाना बना रही है, जिसका उद्देश्य प्रेस को भयभीत करना प्रतीत होता है।

    विज ने इस हालिया घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र का मूल स्तंभ है और किसी भी प्रकार का दबाव, भय या प्रताड़ना अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि किसी मीडिया संस्थान को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया जाना गलत है। उन्होंने कहा कि पंजाब केसरी समूह एक प्रतिष्ठित समाचार संस्थान है, जिसने कठिन परिस्थितियों में भी निर्भीक पत्रकारिता की मिसाल कायम की है। उन्होंने स्मरण कराया कि स्व. लाला जगत नारायण और स्व. रमेश चंद्र जैसे महान पत्रकारों ने देश और समाज के लिए अपने प्राणों तक की आहुति दी, और उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह समूह दशकों से जनहित में कार्य कर रहा है।

    ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यदि किसी भी राज्य में अलग-अलग विभागों द्वारा एक ही समय में बार-बार कार्रवाई की जाती है और उससे यह संदेश जाता है कि मीडिया को डराने या उसकी आवाज दबाने का प्रयास हो रहा है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून अपना काम करे, लेकिन उसका दुरुपयोग किसी को डराने या चुप कराने के लिए नहीं होना चाहिए। श्री विज ने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई और प्रेस की स्वतंत्रता के बीच एक स्पष्ट रेखा होनी चाहिए। यदि किसी संस्था के विरुद्ध कोई तथ्यात्मक या कानूनी विषय है, तो उसकी जांच नियमों के तहत होनी चाहिए, न कि ऐसे तरीके से जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रश्नचिह्न लगे।

    उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी माहौल में विशेष रूप से यह ज़रूरी हो जाता है कि मीडिया स्वतंत्र, निर्भीक और निष्पक्ष रूप से अपना कार्य कर सके, क्योंकि जनता तक सही जानकारी पहुँचाना मीडिया की जिम्मेदारी है और लोकतंत्र की मजबूती उसी पर निर्भर करती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस गंभीर विषय को लेकर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रेस की स्वतंत्रता, गरिमा और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकारें बदल सकती हैं, लेकिन स्वतंत्र मीडिया का सम्मान हमेशा बना रहना चाहिए।

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    " पंजाब मुख्यमंत्री या तो इस्तीफ़ा दें या फिर अपने से जुड़ी बेअदबी वाली वीडियो की जांच करवाएं – सुनील जाखड़

    पंजाब, 10 जनवरी (अभी) : भारतीय जनता पार्टी के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री आतिशी द्वारा अपनी वीडियो को लेकर दी गई सफ़ाई अपने आप में ही दोष स्वीकार करने जैसी प्रतीत होती है, लेकिन इसके बावजूद पंजाब पुलिस ने एक दिन के भीतर उस वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराकर उन्हें क्लीन चिट दे दी। उन्होंने सवाल उठाया कि वही पंजाब पुलिस मुख्यमंत्री से संबंधित वीडियो की एक दिन में फॉरेंसिक जांच कर उन्हें भी क्लीन चिट क्यों नहीं दे सकी।

    उन्होंने कहा कि काफ़ी समय बीत जाने के बावजूद न तो पुलिस द्वारा जांच करवाई जा रही है और न ही मुख्यमंत्री स्वयं इसकी जांच के आदेश देने का साहस दिखा रहे हैं, जो अपने आप में ही इस मामले में कुछ गड़बड़ होने का संकेत देता है।

    सुनील जाखड़ ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को चुनौती दी कि वे या तो अपने पद से इस्तीफ़ा दें या फिर अपने से जुड़ी कथित धार्मिक बेअदबी वाली वीडियो की तुरंत जांच करवाकर स्वयं को पूरी तरह निर्दोष साबित करें। उन्होंने कहा कि यदि आतिशी से संबंधित वीडियो की जांच एक दिन में हो सकती है, तो मुख्यमंत्री से संबंधित वीडियो की जांच भी निश्चित रूप से एक दिन में हो सकती है।

    उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री अपने से जुड़ी वीडियो की फॉरेंसिक जांच करवाने का साहस नहीं रखते, तो उन्हें मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

    जालंधर पुलिस द्वारा आतिशी के बयान वाली वीडियो की एक दिन में फॉरेंसिक जांच किए जाने की तेज़ी पर टिप्पणी करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केवल एक ही वीडियो नहीं, बल्कि दो अन्य ऑडियो-वीडियो क्लिप भी लंबे समय से समाज में घूम रही हैं, जिनकी जांच करवाने से सरकार बच रही है।

    उन्होंने कहा कि आतिशी ने अपनी सफ़ाई में यह बात भी स्वीकार की है कि उन्होंने “कुत्ते” शब्द का प्रयोग किया। उन्होंने सवाल किया कि यह शब्द किस संदर्भ में इस्तेमाल किया गया, क्योंकि यह अत्यंत महत्वपूर्ण है। विधानसभा की चल रही कार्यवाही के दौरान जिनकी इज्जत की बात हो रही थी, उस संदर्भ में आतिशी के बयान को समझा जा सकता है और पार्टी नेताओं की घटिया मानसिकता का आकलन किया जा सकता है।

    उन्होंने कहा कि एक ओर पंजाब के मुख्यमंत्री श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के सम्मान में विशेष विधानसभा सत्र बुला रहे हैं और दूसरी ओर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री विधानसभा में इस तरह की निंदनीय भाषा का प्रयोग कर रही हैं।

    सुनील जाखड़ ने कहा कि जहां एक ओर आतिशी की वीडियो को एक दिन में फॉरेंसिक जांच के बाद क्लीन चिट मिल जाती है, वहीं दूसरी ओर पटियाला के एसएसपी से संबंधित वह ऑडियो, जिसमें कथित तौर पर ज़िला परिषद चुनावों में हेराफेरी की योजना बनाई जा रही है, और मुख्यमंत्री से जुड़ी कथित धार्मिक बेअदबी वाली वीडियो समाज में घूम रही है। उन्होंने सरकार को चुनौती दी कि दोनों ऑडियो और वीडियो क्लिप की तुरंत किसी फॉरेंसिक लैब से जांच करवाई जाए और सच्चाई सामने लाई जाए।

    उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद भी सरकार द्वारा पटियाला एसएसपी की ऑडियो की जांच को लेकर अब तक कोई जवाब नहीं दिया गया है, जबकि मुख्यमंत्री को अपने से संबंधित वीडियो की जांच करवाकर स्वयं को निर्दोष साबित करने का अवसर नहीं गंवाना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि अब तक इन दोनों ऑडियो-वीडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच न करवाना अपने आप में यह साबित करता है कि ये क्लिप वास्तविक हो सकती हैं।

    उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जैसे उच्च पद पर बैठे व्यक्ति के बारे में इस तरह की वीडियो का प्रसारित होना और उनके द्वारा सच्चाई स्पष्ट करने के लिए जांच न करवाना बिल्कुल भी शोभा नहीं देता।

    इसके साथ ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था, पंजाब का नशे का केंद्र बनते जाना और बढ़ते भ्रष्टाचार को लेकर सरकार से जवाब मांगने के लिए भारतीय जनता पार्टी 16 जनवरी को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगी।

    राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इस मोर्चे पर आम आदमी पार्टी की सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है और राज्य में लगभग कोई सरकार बची ही नहीं है।

    #SunilJakhar #PunjabPolitics #BhagwantMann #Atishi #ForensicProbe #BJPvsAAP #PunjabPolice #JusticeDelay #PoliticalRow #LawAndOrderPunjab #ChandigarhProtest #SacrilegeVideoRow #CleanChitControversy

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    श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के भव्य आयोजन के लिए  सर्वदलीय बैठक का हुआ आयोजन

    चंडीगढ़, 04 नवम्बर (अभी) — नौवें सिख गुरु एवं हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के भव्य आयोजन के लिए आज सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया।

    बैठक में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, नेता प्रतिपक्ष श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कैबिनेट मंत्री श्री अनिल विज, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष श्री मोहन लाल कौशिक, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, बहुजन समाज पार्टी के नेता श्री कृष्ण जमालपुर, इनेलो के गुरविंदर धमीजा, जेजेपी के प्रदेशाध्यक्ष श्री ब्रज शर्मा, आम आदमी पार्टी से श्री सुशील गुप्ता सहित अन्य गणमान्य नेता उपस्थित रहे।

    बैठक में सभी नेताओं ने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के  सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी नेताओं ने कार्यक्रम की श्रृंखला में अन्य कार्यक्रमों को शामिल करने के साथ-साथ सभी कार्यक्रमों को मर्यादापूर्ण और गरिमापूर्ण तरीके से मनाने के सुझाव दिए। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव भी पास किया गया, जिसमें सभी दलों के नेताओं ने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस को गरिमापूर्ण ढंग से मनाने का प्रण लिया और हर संभव सहयोग देने का ऐलान किया।

    बैठक में बताया गया कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के इस भव्य आयोजन के दौरान प्रदेश में चार प्रमुख यात्राएं निकाली जाएंगी। पहली यात्रा सिरसा के रोड़ी से 8 नवंबर को आरंभ होगी। सभी ने सर्वसम्मति से यह सुझाव दिया कि जहां-जहां गुरु साहिबान के चरण पड़े, वहां से यात्रा गुजरे।


    इसके अतिरिक्त, क्षेत्र के सभी प्रबुद्ध जन को भी यात्राओं से जोड़ा जाये। बैठक में आये एक महत्वपूर्ण सुझाव पर सहमति जताते हुए कहा गया कि 350 कन्याओं द्वारा मुख्य कार्यक्रम में गुरु कीर्तन किया जायेगा।  

    बैठक में डॉ प्रभलीन ने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस को गरिमापूर्ण ढंग से मनाने के लिए प्रस्तावित कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी।  


    उन्होंने बताया कि श्री  गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस  समारोह के सफल आयोजन के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है।

    श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी का हरियाणा की भूमि से गहरा जुड़ाव रहा है। अपनी यात्राओं के दौरान उन्होंने हरियाणा की भूमि को पवित्र किया और सत्य, सहनशीलता और निर्भयता का शाश्वत संदेश दिया। इन स्थानों पर स्थित पवित्र गुरुद्वारे, उनके आशीर्वाद और शिक्षाओं की हमें याद दिलाते हैं।

    सभी दलों ने एकमत से श्री गुरु तेग बहादुर जी के सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए उनके 350वें शहीदी वर्ष को गरिमापूर्ण ढंग से मनाने का प्रण लिया।


    #GuruTeghBahadurSahib #350thShaheediDiwas #SarvadaliyaBaithak #HaryanaCM #NaibSinghSaini #BhupinderSinghHooda #AllPartyMeet #SikhGuru #HaryanaEvents #TirbuteToGuruSahib

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    पंजाब कांग्रेस ने 'साम-दाम' वाली टिप्पणी को लेकर सिसोदिया के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करने की मांग की

    पंजाब, 26 अ]गस्त (अभी) : पंजाब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने आज आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया के विरुद्ध पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव जीतने के लिए 'साम, दाम, दंड भेद' का इस्तेमाल करने संबंधी टिप्पणियां को लेकर औपचारिक तौर पर शिकायतें दर्ज करवाईं।

    पार्टी के एक प्रवक्ता ने बताया कि राज्य भर के सभी जिलों के पार्टी कार्यकर्ताओं ने संबंधित डिप्टी कमिश्नरों को ज्ञापन सौंपे हैं और प्रत्येक जिले/कमिश्नरेट के एसएसपी/कमिश्नर से आप नेता के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करने की मांग की है।

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सिसोदिया ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की मौजूदगी में अपनी टिप्पणी के जरिए अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को हिंसा समेत हर तरह के हथकंडे अपनाने के लिए उकसाया है, जिसका हिंसा के अलावा कोई अन्य मतलब नहीं है।

    प्रवक्ता ने कहा कि पंजाब के लोग पहले से ही गैंगस्टरों द्वारा हत्याओं और फिरौती के लिए कॉल्स की बढ़ती घटनाओं के कारण भय के माहौल में जी रहे हैं। अब सिसोदिया ने चुनाव जीतने के लिए हिंसा के इस्तेमाल का सुझाव देकर इस डर को और बढ़ा दिया है। जिस पर पार्टी ने चेतावनी दी है कि कोई भी पंजाबी इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।

    इस दौरान लुधियाना, जालंधर और अमृतसर समेत सभी कमिश्नरेट और सभी जिला मुख्यालयों में शिकायतें दर्ज करवाई गईं।

    #punjab #aap #congress #politics #complaint #danikkhabar #news

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    पूर्व सांसद परनीत कौर ने 'आप' सरकार की 'बदलाखोरी की राजनीति' और पुलिस के दुरुपयोग की करी निंदा

    पंजाब, 21 अगस्त (अभी) : पूर्व सांसद परनीत कौर ने आज पटियाला जिले के गांव मसिंगण, सनौर में पंजाब पुलिस द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं और गांव वालों के साथ की गई बदसलूकी की कड़ी निंदा करी। यह घटना उस समय हुई जब भारतीय जनता पार्टी केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं, जैसे आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, और अन्य प्रमुख सरकारी पहलों के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए शांतिपूर्वक कैंप लगा रही थी।

    परनीत कौर ने कहा कि यह कैंप पूरी इजाजत और पारदर्शिता के साथ लगाया गया था। इसके बावजूद, 'आम आदमी पार्टी' (आप) की सरकार ने अपनी राजनीतिक असुरक्षा के कारण पुलिस को इसे जबरदस्ती बंद करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा, "जिस पुलिस को पंजाब के युवाओं को तबाह कर रहे अपराध और नशे से लड़ना चाहिए, उसी को गांव वालों और भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने के लिए एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। यह राज नहीं, यह बदले की राजनीति है।"

    उन्होंने आगे कहा कि यह अकेले मसिंगण की घटना नहीं है, बल्कि पूरे पंजाब में भाजपा के कैंपों को बंद करवाया जा रहा है और वरिष्ठ नेताओं को भी कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार करने के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह 'आप' सरकार के डर और निराशा को दर्शाता है।

    'आप' नेता मनीष सिसोदिया के 2027 के विधानसभा चुनावों के बारे में हाल ही में दिए गए बयान 'साम, दाम, दंड, भेद' का जिक्र करते हुए, परनीत कौर ने कहा कि आज की घटना उसी भ्रष्ट और तानाशाही सोच का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

    श्रीमती कौर ने पुष्टि की कि पंजाब भाजपा ने इस संबंध में पंजाब के राज्यपाल को एक मांग पत्र सौंपा है। इसमें उन्होंने 'आप' सरकार के कहने पर कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की है और लोगों के केंद्रीय योजनाओं का लाभ लेने के लोकतांत्रिक अधिकार की रक्षा की अपील की है।

    अंत में, उन्होंने दृढ़ता से कहा कि कोई भी डराना या राजनीतिक बदले की भावना उन्हें रोक नहीं सकेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा इन कल्याणकारी योजनाओं को पंजाब के हर कोने में पहुंचाती रहेगी ताकि लोगों को मोदी सरकार के तहत उनका हक मिल सके। उन्होंने दावा किया कि 'आप' आज पूरी तरह से पंजाब विरोधी साबित हो गई है।

    #punjab #mp #preneetkaur #condemned #misuseofpolice #danikkhabar

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    पंजाब डूब रहा है- असल में और प्रशासनिक रूप से, 'आप' ने पंजाबियों को भगवान भरोसे छोड़ा: प्रताप सिंह बाजवा

    पंजाब, 18 अगस्त (अभी): पंजाब के कई हिस्सों में बिगड़ते बाढ़ संकट के बीच, पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सोमवार को आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर तीखा हमला किया, जिसमें बढ़ती मानवीय आपदा के सामने घोर प्रशासनिक विफलता और पूरी तरह से लापरवाही का आरोप लगाया।

    बाजवा ने सरकार की 'शर्मनाक निष्क्रियता' के लिए उसकी आलोचना की और कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश और बांधों से अंधाधुंध पानी छोड़े जाने से हजारों एकड़ उपजाऊ खेत जलमग्न हो गए हैं. उन्होंने कहा कि कम से कम छह जिलों- होशियारपुर, कपूरथला, फाजिल्का, फिरोजपुर, गुरदासपुर और तरनतारन में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही है, जहां नदियों का जलस्तर बढ़ने और तटबंध टूटने से अनगिनत जिंदगियों, घरों और फसलों पर तत्काल खतरा मंडरा रहा है।

    बाजवा ने कहा, "यह सरकार लोगों की पूरी तरह से विफल रही है। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। बचाव प्रयास व्यावहारिक रूप से मौजूद नहीं हैं। त्वरित, निर्णायक कार्रवाई करने के बजाय, प्रशासन कहीं नहीं दिख रहा है, हताश स्थानीय लोगों को बाढ़ के पानी से लड़ने के लिए छोड़ रहा है।

    बाजवा ने जोर देकर कहा कि सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के साथ बाढ़ प्रवण क्षेत्रों को साल दर साल नजरअंदाज किया जाता है, जो प्रशासनिक उपेक्षा का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने तर्क दिया कि आवर्ती तबाही से योजना की कमी, पड़ोसी राज्यों के साथ खराब समन्वय और पुरानी बाढ़ प्रबंधन प्रणालियों का पता चलता है - आगे उनके दावे को रेखांकित करते हुए कि सरकार की विफलता संकट के लिए केंद्रीय है।

    उन्होंने कहा, ''आप सरकार 2023 की बाढ़ से सबक लेने में स्पष्ट रूप से विफल रही है, जिससे पूरे राज्य में व्यापक तबाही हुई। इसने भविष्य के जोखिमों को कम करने के लिए सबसे बुनियादी उपाय भी नहीं किए हैं - जैसे कि जल निकासी प्रणालियों को साफ करना या तटबंधों को मजबूत करना, "बाजवा ने कहा। उन्होंने कहा, 'बाढ़ प्रबंधन प्रणालियों को उन्नत करने और मानसून की तैयारी करने के बजाय सरकार ने आत्मसंतोष चुना. नतीजतन, पंजाब के लोग, खासकर इसके किसान, एक बार फिर इस उदासीनता की कीमत चुका रहे हैं।

    जवाबदेही की मांग करते हुए, बाजवा ने जोर देकर कहा कि पंजाब की बाढ़ निरंतर सरकार की विफलता का प्रत्यक्ष परिणाम है - नियंत्रण से परे प्राकृतिक आपदाएं नहीं। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि केवल प्रभावी शासन ही ऐसी त्रासदियों को जारी रखने से रोक सकता है

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    एसवाईएल पानी मामले में पहले भी फैसला हरियाणा के पक्ष में आया था और उम्मीद है अब भी यह हरियाणा के हक में आएगा : कैबिनेट मंत्री अनिल विज

    एसवाईएल पानी मामले में पहले भी फैसला हरियाणा के पक्ष में आया था और उम्मीद है अब भी यह हरियाणा के हक में आएगा : मंत्री अनिल विज

    पंजाब जिसकी संस्कृति छबील लगाकर पानी पिलाने की है, वह लोग हरियाणा का पानी रोक रहे हैं : अनिल विज

    किसको कितना पानी देना है इसका फैसला न हमारी सरकार कर सकती है न ही पंजाब सरकार : विज


    चंडीगढ़/अम्बाला, 7 अगस्त- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान एसवाईएल मामले को लेकर प्रतिक्रिया दी है।

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कल दिल्ली में कहा कि हरियाणा के उनके साथ कोई लड़ाई नहीं है परंतु उनके पास पानी नहीं है जिसपर प्रतिक्रिया देते हुए कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि हाल ही में हरियाणा-पंजाब के मुख्यमंत्रियों की इस मुद्दे पर मीटिंग अच्छे वातावरण में हुई है। सुप्रीम कोर्ट में इसकी डेट है, पहले भी फैसला हरियाणा के हक में आया था और अभी उम्मीद है कि फैसला हरियाणा के हक में ही आएगा, फैसले को लागू करना चाहिए।

    किसको कितना पानी देना है इसका फैसला न हमारी सरकार कर सकती है न ही पंजाब सरकार : मंत्री अनिल विज

    कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा पंजाब में से किसको कितना पानी देना है इसका फैसला न तो हमारी सरकार कर सकती है न पंजाब की सरकार कर सकती है। इसके लिए बाकायदा कई ट्रिब्यूनल बनाए गए हैं। उन्होंने जो फैसला दिया वही पानी हरियाणा मांग रहा है और इस पानी पर हरियाणा का हक है। सुप्रीम कोर्ट ने भी अनेकों बार हरियाणा के पक्ष में फैसले दिए है और पंजाब  सरकार को ये स्वीकार कर लेना चाहिए।

    पंजाब जिसकी संस्कृति छबील लगाकर पानी पिलाने की है, वह लोग हरियाणा का पानी रोक रहे हैं : अनिल विज

    पंजाब सरकार ने पहले अपनी विधानसभा बुलाकर समझौते को एक तरफ रद्द कर दिया था, जो जमीन एक्वायर की हुई थी जिसके पैसे हरियाणा सरकार ने दिए थे उन्होंने वह डी-नोटिफाई कर दिया। इसी से इन लोगों की नीयत का पता चलता है और वह पंजाब जिसकी संस्कृति छबील लगाकर पानी पिलाना है, वह लोग हरियाणा का पानी रोक रहे हैं।

    #syl #anilvij #haryana #punjab #

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    पंजाब की लैंड पूलिंग पालिसी के विरोध में किसान संगठन आगे आए

    विशेष संवाददाता पंजाब, 04 अगस्त:

    पंजाब में लैंड पूलिंग की नीति को लेकर चारों तरफ विरोध होना शुरू हो चुका है जिसके लिए किसान संगठन ओर राजनीतिक पार्टियों विरोध में उतर आई है और किसान संगठनों में एकता की बात चलने लगी है वही किसान नेता जगजीत सिंह डालेवाल ने साफ कर दिया है कि किसान संगठन किसी भी तरह से राज्य सरकार के झांसे में नहीं आने वाले उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के पुराने बयान भी याद करवाए कि किस तरह मुख्यमंत्री कहते होते थे कि यदि कोई नेता आपके पास आता है तो उसको आप सवाल पूछो ओर वही पर डला तो डला होता है कही से चला होता है।

    इसके साथ ही सात अगस्त को लुधियाना जिले के जोधा कस्बे में एक बड़ी रैली संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक करने जा रहा है जिसमें हजारों किसान लैंड पूलिंग नीति का विरोध करने के लिए रैली में पहुंचेंगे वही पर राज्य सरकार कोई न कोई चाल चलकर अपने लोगों को बुलाकर किसान दिखा कर लोगों में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर सकती है इस नीति को लेकर कि लोग खुश है लेकिन जब तक यह रद्द नहीं होती तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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    किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ेगी: जमीन हड़पना और आयकर: प्रताप सिंह बाजवा

    पंजाब, 01 अगस्त (अभी): आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग नीति में एक महत्वपूर्ण दोष को उजागर करते हुए, पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) प्रताप सिंह बाजवा ने शुक्रवार को दृढ़ता से कहा कि आयकर (आईटी) निहितार्थ पूल की गई भूमि पर लागू होंगे, जिससे भूमि मालिकों पर पर्याप्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। यह सीधे तौर पर सरकार के इस कथन को कमजोर करता है कि नीति पूरी तरह से फायदेमंद और किसानों के अनुकूल है।

    "शहरी कृषि भूमि को आयकर अधिनियम के तहत पूंजीगत संपत्ति के रूप में स्पष्ट रूप से मान्यता प्राप्त है, जिसका अर्थ है कि इसकी बिक्री से कोई भी लाभ कराधान के अधीन है। हालांकि, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013 में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार के तहत अधिग्रहित भूमि को इस कराधान से छूट दी गई है। चूंकि मौजूदा अधिग्रहण 1995 के कानून के तहत हो रहा है, इसलिए आयकर नियमों को तदनुसार लागू किया जाएगा।

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बाजवा ने कहा कि नगर समिति/निगम के अधिकार क्षेत्र के तहत कृषि भूमि को जनसंख्या के आकार के आधार पर शहरी कृषि भूमि के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। 10,000 से 1 लाख की आबादी वाले कस्बों/शहरों के लिए, एमसी के भीतर या उससे आगे 2 किलोमीटर की भूमि को शहरी माना जाता है। 1 लाख से 10 लाख तक की आबादी के लिए, सीमा 6 किलोमीटर तक फैली हुई है, और 10 लाख से अधिक आबादी के लिए, यह सीमा 8 किलोमीटर तक फैली हुई है।

    "जब भूमि के मालिक को साहूलियात प्रमाणपत्र प्राप्त होता है – लैंड पूलिंग योजना में भाग लेने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज – आयकर निहितार्थ प्रभावी हो जाएंगे। भूस्वामियों को 1 अप्रैल, 2001 तक कलेक्टर दर और उनके विशिष्ट क्षेत्र के लिए वर्तमान कलेक्टर दर के बीच अंतर पर 12.5 प्रतिशत आयकर का भुगतान करना होगा।

    बाजवा ने यह भी कहा कि सरकार लुधियाना, समराला और मोहाली जैसी नगरपालिकाओं के आसपास की भूमि का अधिग्रहण कर रही है। इसलिए, भूस्वामियों को 31 जुलाई, 2026 से पहले अपने आयकर दायित्वों का निपटान करना होगा।

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    विपक्ष हमारी हिन्दूस्तान की सारी मान्यताओं के खिलाफ है - कैबिनेट मंत्री अनिल विजI

    हमारे देश में अनेकों आपरेशन हिन्दूस्तान के नामों पर ही हुए हैं - विज

    विपक्ष अब देश का विरोध करने लग गया है - विज

    अम्बाला/ चण्डीगढ, 31 जुलाई- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन व श्रम मंत्री अनिल विज ने संसद में लोकसभा और राज्यसभा में चल रही आपरेशन महादेव व शिवशक्ति पर बहस के दौरान विपक्ष ने सेना के भगवाकरण करने के संबंध में सवाल उठाया है, के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि विपक्ष हमारी हिन्दूस्तान की सारी मान्यताओं के खिलाफ है।

    उन्होंने विपक्ष को समझाते हुए कहा कि ‘‘विपक्ष को यह मालूम होना चाहिए कि हमारे देश की सेना की हर यूनिट में मंदिर और गुरूद्वारें बनाए गए हैं। विपक्ष को यह भी मालूम होना चाहिए कि जब हमारे जाबांज सिपाही दुश्मन पर टूट पडते हैं तो बजरंग बली की जय करते हुए आगे बढते है। विपक्ष को यह भी मालूम होना चाहिए कि हमारे देश में अनेकों आपरेशन हिन्दूस्तान के नामों पर ही हुए हैं’’।

    विपक्ष देश की जितनी भी मान्यताएं, श्रद्धा व पूजा केन्द्र हैं, अब उनका विरोध करने लग गया है’’ - विज

    श्री विज ने विपक्ष को आडे हाथों लेते हुए कहा कि ‘‘विपक्ष को शर्म आनी चाहिए कि क्या हम अपने सैन्य आपरेशनों के नाम के पाकिस्तान की मिसाइलों के नाम पर रखें या पाकिस्तान या दूसरे देशों के नाम पर रखें! उन्होंने कहा कि विपक्ष पूरी तरह से मुदों से भटक गया है और प्रधानमंत्री जी का राजनीतिक विरोध करते-करते अब विपक्ष देश का विरोध करने लग गया है। उन्होंने कहा कि देश की जितनी भी मान्यताएं व श्रद्धा व पूजा केन्द्र हैं, अब विपक्ष उनका विरोध करने लग गया है’’।

    #anilvij #operationmahadev #parliment

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    पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस शिक्षकों के साथ 22 जुलाई को करेंगे संवाद

    पंजाब, 21 जुलाई (अभी): पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस 22 जुलाई को विरासत-ए-खालसा के ऑडिटोरियम में एक अनूठी पहल "शिक्षकों के साथ संवाद" का आयोजन कर रहे हैं। इसमें सिंगापुर, फिनलैंड, अहमदाबाद से प्रशिक्षित शिक्षक, स्कूल प्रमुख, केंद्रीय शिक्षक, मुख्य शिक्षक, खंड शिक्षा अधिकारी, ईटीटी शिक्षक और राष्ट्रीय व राज्य स्तर के पुरस्कार विजेता शिक्षक भाग लेंगे।

    यह जानकारी आज यहां शिक्षा कोऑर्डिनेटर रिटायर्ड लैक्चरार दया सिंह और जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी प्रेम कुमार मित्तल ने दी। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा अपने शिक्षा मंत्री से सीधे विचार-विमर्श करने की यह अनूठी पहल रूपनगर जिले से शुरू की गई है।

    उन्होंने बताया कि इस विशेष कार्यक्रम के तहत शिक्षा मंत्री विरासत-ए-खालसा के ऑडिटोरियम में उन अध्यापकों से विचार-विमर्श करेंगे, जिन्होंने पिछले दिनों सिंगापुर, फिनलैंड और अहमदाबाद में प्रशिक्षण लेकर पंजाब को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में अहम भूमिका निभाई है। इस विशेष कार्यक्रम में रूपनगर जिले के सभी सरकारी स्कूलों के राष्ट्रीय और राज्य पुरस्कार प्राप्त अध्यापक, प्रमुख, प्रिंसिपल, केंद्रीय मुख्य अध्यापक, मुख्य अध्यापक, ईटीटी अध्यापक, खंड शिक्षा अधिकारी भी भाग लेंगे। इस दौरान शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस द्वारा अपने विभाग की कार्य प्रणाली में किए गए सुधारों और शिक्षा क्रांति के तहत शुरू किए गए विकास और बुनियादी ढांचे में सुधारों के साथ सरकारी स्कूलों की बदली हुई सूरत की तस्वीर पेश की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूल अब कॉन्वेंट और मॉडल स्कूलों से भी बेहतर हो गए हैं और इस कार्यक्रम के दौरान स्कूलों की एक दमदार तस्वीर देखने को मिलेगी।

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    पंजाब मुख्यमंत्री ने शिक्षा, मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में ब्रिटेन के साथ मजबूत संबंधों पर दिया ज़ोर

    पंजाब, 21 जुलाई (अभी): पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कपड़ा उद्योग, बागवानी, शिक्षा, खेल सामग्री, लाइट इंजीनियरिंग, साइकिल निर्माण, रक्षा और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में ब्रिटेन के साथ मजबूत संबंध स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया है।

    ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर कैरोलिन रोवैट ने आज मुख्यमंत्री से उनके सरकारी आवास पर भेंट की। इस दौरान पंजाब और ब्रिटेन के पुराने संबंधों का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में पंजाबी समुदाय का महत्वपूर्ण योगदान है।

    मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उपरोक्त क्षेत्रों के विकास को लेकर व्यापक समझौतों के महत्त्व को रेखांकित किया और पंजाब एवं ब्रिटेन की सरकारों के बीच एक संरचित संवाद प्रणाली विकसित करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रणाली दोनों पक्षों के बीच ज्ञान और कौशल के आदान-प्रदान को और अधिक सहज बनाएगी जिससे विकास और समृद्धि को बल मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब और ब्रिटेन के बीच विशेषकर सहयोग वाले क्षेत्रों में साझेदारी की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि निरंतर संवाद दोनों पक्षों के लिए लाभदायक रहेगा।

    एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि धोखेबाज वीज़ा एजेंट युवाओं का शोषण करते हैं जो उन्हें सुनहरे सपने दिखाकर अपने जाल में फंसा लेते हैं। उन्होंने कहा कि ये एजेंट झूठे वादे करते हैं और गैर-कानूनी साधनों का उपयोग करते हैं, जिससे कई परिवार आर्थिक और भावनात्मक संकट का सामना करते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ये एजेंट अक्सर सब्ज़बाग दिखाकर झूठा भरोसा देते हैं, जिससे अंततः युवाओं पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ता है।

    मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश हाई कमिशन की ‘वीज़ा फ्रॉड से बचाव’ मुहिम और इसके व्हाट्सएप चैटबॉट की शुरुआत की सराहना की, जो यू.के. के लिए सुरक्षित और वैध मार्गों की जानकारी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह पहल लोगों को सही मार्गदर्शन देकर सीधे पहुंच उपलब्ध कराती है और उनके भविष्य को सुरक्षित करने में मददगार है।

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    बिक्रम मजीठिया से इतनी घबराई क्यों है आम आदमी पार्टी की सरकार

    अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया जिनको माझे का जरनैल भी कहा जाता है जो इस समय पटियाला जिले की की न्यू नाभा जेल में आय से अधिक सम्पत्ति केस में बंद है पंजाब सरकार इतना घबराई क्यों है इसी पर हम मंथन कर रहे है। सूत्रों के अनुसार बिक्रम मजीठिया को लेकर दिल्ली से चंडीगढ़ लगातार ही पल पल की जानकारी नाभा जेल से सरकार को भेजी जा रही है जेल के अंदर ओर बाहर हरेक की निगाह बिक्रम मजीठिया पर लगी हुई है लेकिन जेल में उनके नजदीकियों को मुलाकात का समय तक नहीं नहीं दिया जा रहा जिसको लेकर सारे पंजाब में चर्चा छिड़ी हुई है आखिर जेल ऑथोरिटी ऐसे कैसे कर सकती है जिसका जेल मैनुअल में मुलाकात के बारे में साफ लिखा हुआ है इसका खुलासा आज नाभा न्यू जेल के बाहर शिरोमणी अकाली दल के चीफ स्पोक्समैन अर्शदीप कलेर ने उनसे मुलाकात करके किया उन्होंने कहा कि उनके पारिवारिक सदस्यों जिनमें सुखबीर बादल ओर संसद हरसिमरत कौर बादल को मुलाकात से मना कर दिया गया है ओर आज पार्टी के पांच सीनियर नेताओं ने उनको मिलने का निवेदन जेल ऑथोरिटी को किया गया था जो रिजेक्ट कर दिया गया जिसको लेकर सरकार की घबराहट साफ झलक रही है।

    इससे पहले जब जब बिक्रम मजीठिया को उनके केस में पेश किया जाता था तो उनको पेश करने के लिए पुलिस की भारी तादाद में गाड़िया ही गाड़िया दिखाई देती है और जिस गाड़ी में मजीठिया को बिठाया जाता उसके अंदर तक पर्दे लगा दिए जाते है और कोर्ट के बाहर कर्फ्यू जैसे हालात बना दिए जाते है मीडिया को तो उनके पास तो क्या गाड़ी तक नहीं फटकने दिया जाता लेकिन जिस दिन उनको नाभा जेल से लेकर आया गया तो रास्ते में जगह जगह अकाली दल के वर्करों ने सड़को पर उतर कर उनके हक में नारेबाजी की उससे जाहिर है कि घबराहट तो आएगी ही । मजीठिया के बकील दमनवीर सोबती कहते है कि मजीठिया को जेल के अंदर दो ऐसे कैदियों के साथ रखा गया है जिन पर बच्चों के कत्ल के दोष है। वही पर उनकी पत्नी गणीव कौर मजीठिया कहती है कि जो आरोप सरकार ने ढोल पीट पीट कर लगाए थे अब वह अदालत में गिरने लगे है जिस तरह शिमला के मशोबरा में एक हजार एकड़ जमीन का सरकारी तंत्र ने शोर मचाया था अब वो भी अदालत में गिर गया है अब धीरे धीरे सारे आरोप सरकार के इसी तरह गिरते चले जाएंगे क्योंकि पंजाब विजिलेंस को कुछ मिला ही नहीं है। बेशक सरकारी वकील अहम सबूत होने की बात कर रहे है लेकिन आने वाले समय में पता लगेगा कि विजिलेंस अपनी चार्जशीट में क्या पेश करती है जबकि मजीठिया के खिलाफ एन डी पी एस का जो मामला मोहाली में दर्ज किया गया था उसमें तो अभी तक सिट चार्जशीट ही नहीं पेश कर सकी जिसको लेकर मजीठिया के वकील सरकार को चैलेंज करते हुए कहते है कि यदि हिम्मत है तो कोई भी एन डी पी एस की धारा आय से अधिक संपति वाले मामले में लगाकर दिखाओ और मुख्यमंत्री में हिम्मत है तो बिक्रम मजीठिया का नशे के मामले में सीधा नाम लेकर दिखाए बिना नाम लिए जो मर्जी कहते रहे।

    फिलहाल पंजाब ही नहीं बल्कि विदेशों में रहने वाले पंजाबियों की नजरे इस केस पर लगी हुई कि किस तरह कोर्ट का रुख रहने वाला है और बिक्रम मजीठिया को कब तक राहत मिलेगी जा नहीं यह सरकार के लिए भी अग्नि परीक्षा से कम होने वाला नहीं ।

    वही पर बिक्रम मजीठिया के खिलाफ मामले में सबसे दिलचस्प बात रही जो बिक्रम मजीठिया के खिलाफ थे और एक दूसरे के खिलाफ जमकर बयानबाजी करते थे अब मजीठिया के खिलाफ मामले में उनके हक में आते दिखाई दिए जिनमें खासतौर पर सुखपाल खैरा ओर कुंवर विजय प्रताप वही कांग्रेस नेता प्रताप बाजवा ने उनकी पत्नी गणीव कौर के घर पर विजिलेंस की करवाई की निंदा करके सरकार को कही न कही बैकफुट पर ले आई जिसके लिए सरकार ने कभी सोचा भी नहीं था कि ऑपोजिशन मजीठिया के पक्ष में इतने जोरदार ढंग के साथ मजीठिया के साथ खड़ जाएगी । वही पर बाजवा की जब वीडियो सोशल मीडिया पर डाली गई तो प्रताप बाजवा ने शिकायत कर पंजाब के दो मंत्रियों हरपाल चीमा ओर आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष ओर मंत्री अमन अरोड़ा के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस में मुकदमा दर्ज करवा दिया जिसकी जांच चल रही है।