17/12/25

राष्ट्रीय जलभूत मानचित्रण, उसकी प्रबंधन योजना एवं आंकड़ा प्रसार पर लघु सचिवालय में कार्यशाला का आयोजन

जे कुमार पलवल 17 दिसम्बर : उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने केंद्रीय भूमि जल बोर्ड से पलवल में टीडीएस तथा हथीन में जलभराव की स्थिति में सुधार के लिए विशेष रूप से सहयोग की अपील की। वे मंगलवार को लघु सचिवालय में आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे थे, जिसका विषय राष्ट्रीय जलभूत मानचित्रण, उसकी प्रबंधन योजना एवं आंकड़ा प्रसार रहा।


भारत सरकार के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग एवं जल शक्ति मंत्रालय के संयोजन में केंद्रीय भूमि जल बोर्ड उत्तर पश्चिमी क्षेत्र चंडीगढ़ के तत्वावधान में कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने भूजल स्तर को ऊंचा उठाने पर विशेष रूप से बल दिया। भूजल संसाधनों के सतत प्रबंधन के उद्देश्य से आयोजित कार्यशाला में उन्होंने पलवल की स्थिति का गंभीरता से आकलन किया।

उन्होंने कहा कि यहां पानी में टीडीएस की मात्रा अधिक मिलती है, जिसे कम करने के लिए जरूरी उपाय किये जायें। साथ ही हथीन में हजारों एकड़ भूमि में जलभराव की स्थिति रहती है, जिसकी निकासी की उचित व्यवस्था व स्थाई समाधान करवाया जाए। इसके लिए करोड़ों रुपये की प्रस्तावित परियोजना भी तैयार की गई है। इस दिशा में केंद्रीय भूमि जल बोर्ड उत्तर पश्चिमी क्षेत्र से विशेष सहयोग अपेक्षित है।


उपायुक्त डा. वशिष्ठ ने कहा कि उन्हें जलस्तर की पूर्ण रिपोर्ट प्रेषित करें। कहां जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है और कहां वृद्धि हुई है। इसके कारणों के साथ रिपोर्ट दें ताकि उचित कदम उठाये जायें। साथ ही उन्होंने व्यर्थ जल दोहन पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण सबका संयुक्त दायित्व है। जल के महत्व को गंभीरता से समझने की आवश्यकता है। व्यर्थ में जल की बर्बादी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जल की व्यर्थ बर्बादी करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। पानी की पाइप से गाडिय़ों को लंबे समय तक साफ करके पानी की बर्बादी नहीं करनी चाहिए। नल को खुला नहीं छोड़ना चाहिए। छोटे-छोटे प्रयासों से ही हम जल संरक्षण को मजबूती दे सकते हैं।


इस दौरान उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जल शक्ति मंत्रालय एवं केंद्रीय भूमि जल बोर्ड उत्तर पश्चिमी क्षेत्र के संयोजन में हथीन खंड की शोध पुस्तिका का भी लोकार्पण किया। इनसे पहले क्षेत्रीय निदेशक निधिश वर्मा ने विस्तार से संबंधित विषय पर चर्चा की। साथ ही वैज्ञानिक विद्यानंद नेगी और मयंक दीक्षित ने भी अपने संबोधन में पलवल जिला की भूजल स्थिति की जानकारी दी। इस अवसर पर जिला परिषद के सीईओ जितेंद्र कुमार, हथीन के एसडीएम अप्रतिम सिंह, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी उपमा अरोड़ा सहित संबंधित विभागीय अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे। कार्यशाला में विशेष रूप से कृषि, सिंचाई, स्थानीय निकाय, पंचायत और जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

#palwal #news #haryana #Workshop organized #miniSecretariat #NationalAquiferMapping

Previous

हरसमय पोर्टल से हटेंगे प्रतिबंध: अब फिर से आसान होगी ऑनलाइन FIR डाउनलोड करना

Next

द्वितीय खेलो इंडिया बीच गेम्स-2026: पलवल में कबड्डी खिलाड़ियों के लिए चयन ट्रायल कल से