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08/04/26 |- भारत,
टोल प्लाजा पर 10 अप्रैल से नकद भुगतान बंद: बिना फास्टैग वाले वाहनों को UPI से देना होगा 1.25 गुना शुल्क
अभिकान्त, 08 अप्रैल नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। केंद्र सरकार ने टोल प्लाजा पर भीड़ कम करने और यात्रा को अधिक सुगम बनाने के लिए नकद लेनदेन को पूरी तरह समाप्त करने का फैसला किया है। मंत्रालय द्वारा जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, आगामी 10 अप्रैल से देश के किसी भी टोल बूथ पर नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा।
वर्तमान नियमों के तहत टोल वसूली का प्राथमिक माध्यम फास्टैग (FASTag) ही रहेगा। हालांकि, यदि कोई वाहन बिना फास्टैग या बिना पर्याप्त बैलेंस वाले फास्टैग के टोल प्लाजा में प्रवेश करता है, तो उसे सड़क से वापस नहीं भेजा जाएगा। ऐसे यात्रियों के लिए UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के माध्यम से भुगतान करने का विकल्प उपलब्ध होगा। लेकिन, इसके लिए एक शर्त रखी गई है—नियम 4 के उप-नियम (2) के प्रावधानों के तहत, बिना फास्टैग वाले उपयोगकर्ताओं को निर्धारित टोल शुल्क का 1.25 गुना (सवा गुना) भुगतान करना होगा।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नकद लेनदेन में समय अधिक लगता है, जिससे टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। 10 अप्रैल से नकद खिड़कियां बंद होने के बाद, सभी लेन डिजिटल मोड में काम करेंगी। इससे टोल बूथ पर रुकने का समय कम होगा और ईंधन की बचत के साथ-साथ यात्रा का समय भी बचेगा।
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई वाहन चालक न तो फास्टैग का उपयोग करता है और न ही UPI के माध्यम से 1.25 गुना शुल्क देने को तैयार होता है, तो ऐसे वाहनों के खिलाफ नियम 14 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें वाहन को राजमार्ग से हटाने या प्रवेश से रोकने जैसे प्रावधान शामिल हैं। इसके अलावा, डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से बकाया टोल के लिए ई-नोटिस भेजने की व्यवस्था भी लागू की जा रही है।
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08/04/26 |- भारत,
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की 11वीं वर्षगांठ पर इसकी सफलता की सराहना की
अभिकान्त, 08 अप्रैल नई दिल्ली : प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि ठीक 11-वर्ष पहले शुरू की गई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना युवाओं के स्वरोजगार में बहुत मददगार साबित हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस योजना की सफलता यह दर्शाती है कि जब किसी व्यक्ति को सही अवसर मिलते हैं, तो वह न सिर्फ आत्मनिर्भर बन सकता है बल्कि राष्ट्र की प्रगति में भी योगदान दे सकता है। इस संदर्भ में, श्री मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें एक बुद्धिमान व्यक्ति के गुणों पर प्रकाश डाला गया है।
प्रधानमंत्री ने एक्स(X) पर लिखा:
"आज से ठीक 11 वर्ष पहले शुरू की गई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना युवाओं के स्वरोजगार में बहुत मददगार साबित हुई है। इस योजना की सफलता बताती है कि सही अवसर मिलने पर व्यक्ति न सिर्फ आत्मनिर्भर बन सकता है, बल्कि राष्ट्र की प्रगति में भी योगदान दे सकता है।
आत्मज्ञानं समारम्भस्तितिक्षा धर्मनित्यता।
यमर्था नापकर्षन्ति स वै पण्डित उच्यते॥
#11YearsOfMUDRA"
जो व्यक्ति अपनी योग्यता से भली-भांति परिचित हो, आत्मनिर्भर होकर कल्याणकारी कार्य करने में तत्पर हो, विपरीत परिस्थितियों को धैर्यपूर्वक सहन करता हो और सदा सदाचार का पालन करता हो, जिसे लोभ अपने मार्ग से विचलित नहीं कर पाता, वही वास्तव में बुद्धिमान कहलाता है।
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उपराष्ट्रपति ने नई दिल्ली में इग्नू के 39वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया
अभिकान्त, 07 अप्रैल नई दिल्ली : उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (आईजीएनओयू - इग्नू) के 39वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया, जहां 32 लाख से अधिक छात्रों ने अपनी डिग्री, डिप्लोमा और प्रमाण पत्र प्राप्त किए।
उपराष्ट्रपति ने इग्नू की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए इसे देश की खुली और दूरस्थ शिक्षा प्रणाली का स्तंभ बताया, जिसने देश भर में उच्च शिक्षा को सबके लिए महत्वपूर्ण रूप से सुलभ बनाया है। इसके समावेशी विस्तार पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इग्नू में 14 लाख से अधिक छात्र हैं, जिनमें 56 प्रतिशत महिलाएं और 58 प्रतिशत ग्रामीण तथा वंचित समुदायों से आते हैं। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के छात्रों की संख्या कई देशों की जनसंख्या से अधिक है, जो शैक्षिक समानता, सामाजिक गतिशीलता और राष्ट्रीय विकास में इसके महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाती है। उन्होंने छात्रों को आजीवन सीखते रहने, मूल्यों को बनाए रखने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि इग्नू अपने स्थापित दूरस्थ शिक्षा मॉडल के कारण सुदृढ़ बना रहा। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय ने निर्बाध शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वयं और ई-ज्ञानकोष जैसे डिजिटल प्लेटफार्मों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया और यह प्रौद्योगिकी-आधारित शिक्षा में अग्रणी बनकर उभरा।उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को अपनाए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि इग्नू ने कई निकास विकल्पों (स्नातक कार्यक्रम के दौरान बीच में प्रमाण-पत्र के साथ पाठ्यक्रम छोड़ना) के साथ चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिससे उच्च शिक्षा अधिक लचीली और छात्र-केंद्रित हो गई है। उन्होंने आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय ज्ञान प्रणालियों के एकीकरण की भी सराहना की।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते उपकरण सीखने के अनुभवों को बेहतर बना सकते हैं, छात्रों को बेहतर सहायता प्रदान कर सकते हैं और व्यक्तिगत शिक्षा को सक्षम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक विकास से डरने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जब देश में कंप्यूटर आए थे, तब आशंकाएं थीं कि कंप्यूटर नौकरियां छीन लेंगे; हालांकि, अंततः कंप्यूटर आने से अधिक रोजगार सृजित हुए और राष्ट्रीय विकास में योगदान बढ़ा।
उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों को भी इसी तरह से अपनाया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने ऐसी तकनीकों के जिम्मेदार और जवाबदेह उपयोग की जरूरत पर बल दिया।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत नैतिक मूल्यों में उसका विश्वास है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक विकास हमारी परंपराओं के साथ-साथ चलना चाहिए और वैज्ञानिक प्रगति नैतिक मूल्यों से निर्देशित होनी चाहिए।
उन्होंने अपने संबोधन के समापन में सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया और कहा कि व्यक्तिगत प्रयास, जब संयुक्त रूप से किए जाएंगे, तो वर्ष 2047 तक एक विकसित भारत के निर्माण में इससे काफी मदद मिलेगी।
उपराष्ट्रपति ने देश भर के छात्रों की सुगमता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय शैक्षणिक भंडार (एनएडी) के तहत डिजिलॉकर पर प्रमाण पत्र जारी किए। उन्होंने इग्नू पूर्व छात्र पोर्टल का भी शुभारम्भ किया, जिसमें 50 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं।
इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल श्री तरनजीत सिंह संधू; इग्नू की कुलपति प्रो. उमा कांजीलाल; और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने देश भर के क्षेत्रीय इग्नू केंद्रों में स्वयं प्रभा स्टूडियो का भी शुभारम्भ किया। त्रिपुरा के राज्यपाल इंद्र सेना रेड्डी नल्लू, गोवा के राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू, राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा और अन्य गणमान्य व्यक्ति अपने-अपने राज्य के क्षेत्रीय इग्नू केंद्रों से आभासी माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
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दिल्ली क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन: ISI समर्थित टेरर व आर्म्स तस्करी मॉड्यूल के 2 और गुर्गे गिरफ्तार, नेपाल के रास्ते आते थे हथियार
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ARSC) ने एक अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए दो और मुख्य गुर्गों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान इमरान (37) और कामरान (27) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले हैं। इन दोनों को लुकआउट सर्कुलर (LOC) के आधार पर आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया। यह मॉड्यूल मुख्य सरगना शाहबाज अंसारी के इशारे पर काम कर रहा था।
UAPA के तहत कार्रवाई: अब तक 12 गिरफ्तार और 23 विदेशी हथियार बरामद
इस मामले की गंभीरता और देश की सुरक्षा से जुड़े तथ्यों को देखते हुए पुलिस ने 31 मार्च 2026 को इस केस में UAPA (गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) की धाराएं जोड़ दी हैं। अब तक इस पूरे नेटवर्क के 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने इनके पास से अब तक 23 विदेशी अत्याधुनिक हथियार (जिनमें सब-मशीन गन भी शामिल है) और 211 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
हथियारों के लिए कार में बनाई थी 'सीक्रेट कैविटी'
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने बुलंदशहर से एक मारुति स्विफ्ट कार बरामद की है। इस कार को विशेष रूप से मॉडिफाई किया गया था और इसमें हथियारों को छिपाकर ले जाने के लिए गुप्त कैविटी (खाली जगह) बनाई गई थी, जो सामान्य चेकिंग में दिखाई नहीं देती थी। ताजा छापेमारी में इमरान और कामरान के पास से चीन निर्मित .30 बोर पिस्टल, .32 बोर रिवॉल्वर और 11 कारतूस बरामद हुए हैं।
नेपाल और थाईलैंड के रास्ते पाक-ISI का 'डेथ नेटवर्क'
जांच में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस पूरे सिंडिकेट को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का समर्थन प्राप्त है। हथियारों की तस्करी का रूट बेहद जटिल था:
रूट: हथियार पाकिस्तान से चलते थे, फिर थाईलैंड और वहां से नेपाल पहुँचते थे।
तरीका: पकड़े जाने के डर से हथियारों को 'डिस्मंतल' (पुर्जे अलग-अलग) करके भारत लाया जाता था।
असेंबलिंग: इमरान और कामरान नेपाल जाकर इन हथियारों की खेप लेते थे, फिर भारत लाकर उन्हें दोबारा जोड़ते (Reassemble) और दिल्ली-NCR सहित देश के अन्य हिस्सों में एंटी-नेशनल तत्वों को सप्लाई करते थे।
भारत को अस्थिर करने की बड़ी साजिशडीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि इस नेटवर्क का मुख्य उद्देश्य भारत की आंतरिक सुरक्षा को अस्थिर करना और आतंकी गतिविधियों के लिए फंड जुटाना था। हथियारों की बिक्री से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों में किया जाना था। पुलिस के अनुसार, ये अत्याधुनिक हथियार किसी बड़ी आतंकी घटना या 'हाई-इम्पैक्ट' ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए मंगाए गए थे।
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07/04/26 |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रकाश पर्व के अवसर पर श्री गुरु तेग बहादुर जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की
अभिकान्त, 07 अप्रैल नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज प्रकाश पर्व के पवित्र अवसर पर हमारी सभ्यता के महान आध्यात्मिक व्यक्तित्व श्री गुरु तेग बहादुर जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट में लिखा:
श्री गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व के पवित्र अवसर पर, मैं हमारी सभ्यता के एक महान आध्यात्मिक व्यक्तित्व को सादर नमन अर्पित करता हूं। उनका जीवन निर्भीकता, त्याग और मानवता के प्रति गहरे लगाव का प्रकाशमान उदाहरण है। वह घोर विपत्ति के बावजूद सत्य, गरिमा और आस्था की रक्षा में दृढ़ता से खड़े रहे। उनका शाश्वत संदेश हमें एक न्यायपूर्ण, करुणामय और सामंजस्यपूर्ण समाज के निर्माण में मार्गदर्शन करे।
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06/04/26 |- भारत,
दीनबंधु छोटूराम ईमानदारी, सामाजिक न्याय और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक थे : उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णनन
अभिकान्त, 06 अप्रैल हरियाणा : भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णनन ने आज हरियाणा के सोनीपत स्थित दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के 8वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।
उपराष्ट्रपति ने दीनबंधु छोटूराम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें ईमानदारी, सामाजिक न्याय और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि दीनबंधु छोटूराम ने किसानों और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं और न्यायसंगत भूमि व्यवस्था पर छोटूराम के प्रयास ने एक मजबूत कृषि ढांचे की नींव रखी, जिससे हरियाणा एक समृद्ध कृषि राज्य के रूप में उभरा और देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
दीक्षांत समारोह में स्नातक छात्रों को बधाई देते हुए उपराष्ट्रपति ने बताया कि स्वर्ण पदक विजेताओं में लगभग 64 प्रतिशत महिलाएं हैं और कुल उत्तीर्ण छात्रों में भी लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी है। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव का परिणाम बताया।
उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नवाचार, आत्मविश्वास और स्वदेशी समाधानों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कोविड -19 महामारी के दौरान भारत की भूमिका को याद करते हुए कहा कि जहां कई देशों ने वैक्सीन पर पेटेंट के माध्यम से लाभ कमाने की कोशिश की, वहीं भारत ने न केवल अपने नागरिकों को मुफ्त टीके उपलब्ध कराए, बल्कि 100 से अधिक देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराकर अपनी उदारता का परिचय दिया।
उपराष्ट्रपति ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों की चर्चा करते हुए छात्रों से इन्हें जिम्मेदारी के साथ अपनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता जताते हुए युवाओं से इसे पूरी तरह त्यागने और स्वस्थ व सकारात्मक जीवन अपनाने की अपील की। उन्होंने युवाओं को नशा मुक्त समाज के दूत बनने के लिए प्रेरित किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि चरित्र, ईमानदारी और कठिनाइयों से उबरने की क्षमता से तय होती है। उन्होंने छात्रों को धैर्य और साहस के साथ चुनौतियों का सामना करने की सलाह देते हुए कहा कि धर्म की हमेशा अधर्म पर विजय होती है।
उपराष्ट्रपति ने शिक्षा में औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सच्ची शिक्षा व्यक्ति को स्वतंत्र सोच, आत्मविश्वास और भारतीय विरासत पर गर्व करना सिखाती है।
इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, सहकारिता मंत्री अरविन्द कुमार शर्मा तथा विश्वविद्यालय के कुलपति श्री प्रकाश सिंह भी उपस्थित रहे।
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06/04/26 |होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) वर्तमान में दुनिया का सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग बना हुआ है परंतु इसके बावजूद भारत के 8 जहाज निकलने में कामयाब रहे
होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) वर्तमान में दुनिया का सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग बना हुआ है। inमार्च-अप्रैल 2026 के ताजा घटनाक्रमों के अनुसार, यह वैश्विक संघर्ष और ऊर्जा संकट का केंद्र है।
क्या है और कहाँ स्थित है?
होरमुज एक संकरा समुद्री रास्ता है जो फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी और अरब सागर** से जोड़ता है।
भौगोलिक स्थिति
इसके उत्तर में ईरान है और दक्षिण में ओमान (मुसंदम प्रायद्वीप) और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) स्थित हैं।
चौड़ाई अपने सबसे संकरे बिंदु पर यह केवल 33 से 39 किलोमीटर चौड़ा है। जहाजों के आने-जाने के लिए सुरक्षित लेन मात्र 3 किलोमीटर की ही होती है।
इसका महत्व
होरमुज को दुनिया की "तेल की धमनी" (Artery of Oil) कहा जाता है:
ऊर्जा आपूर्ति
दुनिया का लगभग 20% से 25% तेल और 20% तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) इसी रास्ते से गुजरती है।
निर्भरता
इराक, कुवैत, कतर और बहरीन जैसे देशों के लिए यह समुद्र तक पहुँचने का एकमात्र रास्ता है।
भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए 70-80% इसी मार्ग पर निर्भर हैं।
विभिन्न देशों का स्टैंड (2026 का संकट)
फरवरी-मार्च 2026 में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध छिड़ने के बाद इस क्षेत्र में तनाव चरम पर है
ईरान
इसने मार्ग को बंद करने की धमकी दी है और कई जहाजों पर ड्रोन/मिसाइल हमले किए हैं। ईरान इसे अपनी संप्रभुता और जवाबी कार्रवाई का हथियार मानता है। |
अमेरिका
अमेरिकी नौसेना ने "ऑपरेशन प्रॉस्परिटी गार्जियन 2" के तहत मार्ग को खुला रखने के लिए सैन्य अभियान शुरू किया है। |
भारत
भारत का रुख ऊर्जा सुरक्षा पर केंद्रित है। भारत ने ईरान से बातचीत कर अपने जहाजों के लिए 'सुरक्षित गलियारा' माँगा है। |
चीन
चीन इसे वैश्विक व्यापार के लिए खतरा मान रहा है लेकिन वह सीधे सैन्य भागीदारी के बजाय कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहा है।
फंसे हुए जहाजों और नाविकों की संख्या और ताजा आंकड़े
भारतीय जहाजों और नाविकों की स्थिति
भारत सरकार और 'डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ शिपिंग' (DG Shipping) द्वारा जारी नवीनतम जानकारी के अनुसार:
फंसे हुए भारतीय जहाज
कुल 36 भारतीय झंडे वाले (Indian-flagged) जहाज खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं। इनमें से 24 जहाज होरमुज के पश्चिम (फारस की खाड़ी के अंदर) और 12 जहाज पूर्व (ओमान की खाड़ी की ओर) स्थित हैं।
फंसे हुए नाविक
इन 36 जहाजों पर कुल 1,074 भारतीय नाविक मौजूद हैं। हालाँकि, यदि पूरे खाड़ी क्षेत्र (विदेशी जहाजों पर कार्यरत भारतीयों सहित) की बात करें, तो लगभग 23,000 भारतीय नाविक इस युद्ध क्षेत्र के प्रभाव में हैं।
निकलने में सफल
अब तक 964 से अधिक नाविक विभिन्न माध्यमों से सुरक्षित निकाले जा चुके हैं। हाल ही में भारत-ईरान कूटनीतिक वार्ता के बाद 8 से 9 प्रमुख जहाजों (जैसे Green Asha, Green Sanvi, Jag Vasant ) को सुरक्षित रास्ता दिया गया है।
अंतरष्ट्रीय स्तर की स्थिति
अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) और समुद्री खुफिया डेटा (Kpler) के अनुसार वैश्विक आंकड़े इस प्रकार हैं
कुल फंसे हुए जहाज
लगभग 2,190 से 3,200 व्यापारिक जहाज होरमुज के आसपास और फारस की खाड़ी के अंदर रुके हुए हैं। इनमें 320 से अधिक तेल और गैस टैंकर शामिल हैं।
कुल फंसे हुए नाविक
पूरी दुनिया के लगभग 20,000 से अधिक नाविक वर्तमान में इन जहाजों पर फंसे हुए हैं।
यातायात की स्थिति
सामान्य दिनों में यहाँ से रोज 120 जहाज गुजरते थे, लेकिन वर्तमान में ईरान के 'सिलेक्टिव ब्लॉकेड' (चयनात्मक नाकाबंदी) के कारण केवल 5 से 11 जहाज ही प्रतिदिन निकल पा रहे हैं।
निकलने में सफल
ईरान ने चीन, मलेशिया और भारत जैसे मित्र देशों के कुछ जहाजों को लारक द्वीप" (Larak Island) के पास बने एक विशेष कॉरिडोर से निकलने की अनुमति दी है। अब तक लगभग 48 गैर-ईरानी जहाज इस रास्ते का उपयोग कर बाहर निकल सके हैं।
28 फरवरी 2026 को संकट शुरू होने के बाद से
क्षतिग्रस्त जहाज
कम से कम 6 व्यापारिक जहाजों पर हमले हुए हैं।
लापता/मृत
कुल 2 नाविक या तो मारे गए हैं या लापता हैं।
डूबने वाले जहाज
1 टगबोट (Mussafah 2) पूरी तरह डूब चुकी है।
छोड़े गए जहाज
हमलों के डर से या नुकसान के कारण 7 जहाजों को चालक दल द्वारा समुद्र में ही छोड़ दिया गया है।
निष्कर्ष
भारत अपने "मित्र राष्ट्र" होने के दर्जे का लाभ उठाकर अपने जहाजों को धीरे-धीरे सुरक्षित निकाल रहा है, लेकिन अभी भी सैकड़ों नाविक और दर्जनों जहाज खाड़ी के अंदर फंसे हुए हैं जिन्हें निकालने के लिए प्रति जहाज $2 मिलियन (लगभग 16 करोड़ रुपये) तक का 'तेहरान टोल' (Tehran Toll) या कूटनीतिक छूट की
आवश्यकता पड़ रही है।
मार्च 2026 के अंत और अप्रैल की शुरुआत तक की रिपोर्टों के अनुसार स्थिति काफी गंभीर है
खबर यह है कि भारत-ईरान बातचीत के बाद कुछ जहाजों को सुरक्षित निकलने की अनुमति मिली है, लेकिन अभी भी कई नाविकों की वापसी की प्रक्रिया जारी है।
स्थिति
पल-पल बदल रही है। अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां अब इस रास्ते के बजाय अफ्रीका के 'केप ऑफ गुड होप' से होकर लंबा रास्ता अपना रही हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल और सामान की कीमतें काफी बढ़ गई हैं
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05/04/26 |अन्ना हजारे के आंदोलन में धोखे से डाटा चोरी कर बनी आम आदमी पार्टी : मंत्री अनिल विज
आम आदमी पार्टी की कोई पॉलिसी नहीं है, कोई विचारधारा नहीं है : अनिल विज
चंडीगढ़, 5 अप्रैल - हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने आम आदमी पार्टी पर कड़ा प्रहार किया है।
सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद आम आदमी पार्टी में घमासान मच गया है जिसपर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने जुबानी हमला करते हुए कहा कि पहले तो वह इस बात से सहमत नहीं है कि आम आदमी भी कोई पार्टी है, ये तो अन्ना हजारे के आंदोलन में धोखे से इनका जन्म हुआ। अन्ना हजारे जी ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध आंदोलन किया था उसमें जो इनको जनसमर्थन मिला उसकी आड़ में इन्होंने सारा डाटा चुरा लिया और इन्होंने अपनी पार्टी बना ली।
उनकी पार्टी की कोई पॉलिसी नहीं है, कोई विचारधारा नहीं है। यह टूटती जा रही है अभी तो कुछ ही केस हुए है अब आगे देखना इनका क्या होता है।
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05/04/26 |ऊर्जा मंत्री अनिल विज का तीखा पलटवार, कहा "राहुल गांधी के सपनों में अब मोदी के साथ ट्रंप भी आने लगे हैं"
सत्ता प्राप्ति ही राहुल गांधी का उद्देश्य है और काम करना इनके बस का नहीं है : मंत्री अनिल विज
चंडीगढ़, 5 अप्रैल - हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान कि डोनाल्ड ट्रंप नरेंद्र मोदी को नियंत्रित करते हैं पर कड़ा पलटवार करते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि राहुल गांधी को रोज सपने में नरेंद्र मोदी जी आते हैं और अब डोनाल्ड ट्रंप भी आने लगे है। जो सपने में आते हैं वो ही राहुल गांधी जागने के बाद बोलने लग जाते हैं।
इनको और कोई बात तो आती नहीं है, देश का विकास तो आता नहीं है, इनका 50 साल राज रहा इन्होंने देश का कोई विकास नहीं किया, इनकी संस्कृति नहीं है, इनके विचार नहीं है। इनके लिए सत्ता प्राप्ति ही एक उद्देश्य है और काम करना इनके बस का नहीं है।
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भारत के खिलाफ पाकिस्तान भविष्य में कोई गलत हिमाकत करेगा तो हिंदुस्तान इनको तहस-नस कर देगा : ऊर्जा मंत्री अनिल विज
इतिहास गवाह है कि भारत ने हमेशा इनको जाकर ठोका है : मंत्री अनिल विज
अम्बाला/चंडीगढ़, 5 अप्रैल – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान भविष्य में कोई गलत हिमाकत करेगा तो हिंदुस्तान इनको तहस-नस कर देगा।
विज आज पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
गत दिवस पाकिस्तान के रक्षामंत्री द्वारा दिए गए ब्यान कि भविष्य में युद्ध हुआ तो पाकिस्तान कोलकाता तक हमला करेगा पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि पाकिस्तानी जिस दिन से पैदा हुए हैं बचपन से यानि 1947 से तब से यह ऐसी बातें करते आ रहे हैं। इतिहास गवाह है कि भारत ने हमेशा इनको जाकर ठोका है। भारत में हमेशा चाहे वह 1965 की लड़ाई हो, चाहे वह 1971 की लड़ाई हो, चाहे कारगिल युद्ध हो या ऑपरेशन सिंदूर हो हमने इनको ठोका है। यह सिर्फ सपने ही लेते रहते हैं। -

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय समुद्री दिवस पर भारत की समुद्री विरासत को याद किया
आरएस अनेजा, 5 अप्रैल नई दिल्ली - राष्ट्रीय समुद्री दिवस के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को याद किया और इस क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों के अमूल्य योगदान को सराहा।
मोदी ने कहा कि समुद्री क्षेत्र में कार्यरत लोगों का समर्पण देश की अर्थव्यवस्था, व्यापार और कनेक्टिविटी को मज़बूत करता है।
प्रधानमंत्री ने देश के समृद्ध भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए समुद्री क्षेत्र की अपार संभावनाओं का लाभ उठाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
प्रधानमंत्री ने 'X' पर लिखा:
“राष्ट्रीय समुद्री दिवस के अवसर पर, हम भारत की समुद्री विरासत और इस क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों के अमूल्य योगदान को याद करते हैं। उनका समर्पण हमारी अर्थव्यवस्था, व्यापार और कनेक्टिविटी को मज़बूत करता है।
हम एक समृद्ध भविष्य के लिए अपने समुद्री क्षेत्र की अपार संभावनाओं का लाभ उठाना जारी रखेंगे।”
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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अनेक राज्यों में हुई अतिवृष्टि, ओला पाला का लिया संज्ञान
आरएस अनेजा, 5 अप्रैल नई दिल्ली - केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अनेक राज्यों में हुई अतिवृष्टि, ओला पाला का संज्ञान लिया। चौहान ने कृषि मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देशित किया कि ओला पाला, अतिवृष्टि से हुई फसल क्षति की समीक्षा करें।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संबंधित राज्यों के अधिकारियों से संपर्क कर जानकारी एकत्रित करें। चौहान ने किसान भाइयों-बहनों को आश्वस्त किया कि किसान भाई-बहन चिंता न करे, संकट की इस घड़ी में मोदी सरकार किसानों के साथ है।
चौहान आज संबंधित राज्यों के कृषि मंत्रियों से ओला पाला और अतिवृष्टि से हुई फसल क्षति के संबंध में चर्चा करेंगे। -

शांति और समग्र जीवन का मार्ग: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 'वैश्विक ध्यान सम्मेलन' को किया संबोधित
ध्यान है भीतर का दीपक: उपराष्ट्रपति ने साझा किया अज्ञानता से सत्य की ओर बढ़ने का मंत्र
आरएस अनेजा, 5 अप्रैल नई दिल्ली - उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज भारत मंडपम में 'ध्यान नेताओं के वैश्विक सम्मेलन - समग्र जीवन और एक शांतिपूर्ण विश्व के लिए ध्यान' को संबोधित किया। इस सम्मेलन का आयोजन 'पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटीज़ मूवमेंट' और 'बुद्धा-सीईओ क्वांटम फाउंडेशन' द्वारा किया गया था।
आयोजकों, वक्ताओं, ध्यान गुरुओं और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए, उपराष्ट्रपति ने समग्र जीवन और वैश्विक शांति के मार्ग के रूप में ध्यान को बढ़ावा देने के प्रति उनके समर्पण की सराहना की।
तमिल संत तिरुमुलर की शिक्षाओं को याद करते हुए, सीपी राधाकृष्णन ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ध्यान एक आंतरिक दीपक जलाने जैसा है, जो अज्ञानता को दूर करता है और सत्य तथा शांति की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि तिरुमुलर ने मानव शरीर को एक मंदिर और ध्यान को अपने भीतर स्थित ईश्वर को अनुभव करने का माध्यम बताया है।
यह देखते हुए कि आज दुनिया कई चुनौतियों से जूझ रही है, उन्होंने टिप्पणी की कि संघर्ष केवल बाहरी ही नहीं है, बल्कि व्यक्तियों के भीतर भी मौजूद है। इस संदर्भ में, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ध्यान शांति, स्पष्टता और सकारात्मक दृष्टिकोण लाकर एक परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकता है, साथ ही दूसरों को सुनने और समझने की क्षमता को भी विकसित करता है।
उपराष्ट्रपति ने इस बात को रेखांकित किया कि ध्यान की सच्ची शक्ति मानव के रूपांतरण में निहित है। उन्होंने कहा कि ध्यान तनाव को कम करने, एकाग्रता में सुधार करने, भावनात्मक लचीलेपन को बढ़ाने और अत्यधिक सोचने तथा अत्यधिक काम करने जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।
उपराष्ट्रपति ने सार्थक जीवन की कीमत पर भौतिक सफलता की निरंतर खोज के प्रति आगाह किया, और कहा कि यद्यपि धन को सुख-सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए, लेकिन उसे स्वयं जीवन पर हावी नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ध्यान सोच-विचार की क्षमता को बढ़ाता है और व्यक्तियों को संतुलित तथा संतोषजनक जीवन जीने में सक्षम बनाता है। उन्होंने इस धारणा को भी दूर किया कि ध्यान केवल आध्यात्मिक साधकों के लिए है; उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि यह हर किसी के लिए है और यह सामान्य व्यक्तियों को भी उच्च चेतना की ओर ले जा सकता है।
वर्ष 2047 तक एक विकसित भारत के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास के साथ-साथ मानसिक कल्याण का पोषण करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ध्यान आंतरिक शांति, भावनात्मक संतुलन और विचारों की स्पष्टता विकसित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो एक प्रगतिशील राष्ट्र के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के प्रति अपनी लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता को उजागर करते हुए, उपराष्ट्रपति ने वर्ष 2004 में नशीली दवाओं के उन्मूलन के उद्देश्य से की गई अपनी पदयात्रा को याद किया। नशीले पदार्थों के बढ़ते दुरुपयोग, विशेष रूप से युवाओं के बीच, पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि ध्यान व्यसन की समस्या से निपटने में एक शक्तिशाली साधन के रूप में कार्य कर सकता है, क्योंकि यह व्यक्तियों को तनाव, चिंता और दिशाहीनता पर काबू पाने में मदद करता है। दार्शनिक जिद्दू कृष्णमूर्ति का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, "बिना किसी मूल्यांकन के अवलोकन करने की क्षमता ही बुद्धिमत्ता का सर्वोच्च रूप है।"
उन्होंने कहा कि ध्यान व्यक्तियों को रुककर, बिना किसी पूर्वाग्रह के अपने विचारों का अवलोकन करने में सक्षम बनाता है, जिससे उनका व्यक्तिगत रूपांतरण होता है। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह का रूपांतरण अधिक समझदार व्यक्तियों, सौहार्दपूर्ण समुदायों, करुणामय नेतृत्व और अधिक मानवीय संस्थाओं को बढ़ावा देता है।
आंतरिक रूपांतरण की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि एक बेहतर दुनिया का निर्माण एक बेहतर और शांत मन विकसित करने से शुरू होता है, और ध्यान ही इस यात्रा का प्रारंभिक बिंदु है।
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रेलवे का नया संकल्प: सुरक्षा, सफाई और सुगम यात्रा पर रेल मंत्री का 'मिशन मोड' में काम करने का आह्वान
गरीब व मध्यम वर्ग को एक अच्छी सवारी तथा बेहतर अनुभव देने की भारतीय रेलवे की हर सम्भव कोशिश: रेल मंत्री
आरएस अनेजा, 4 अप्रैल नई दिल्ली - गरीब और मध्यम वर्ग को एक अच्छी सवारी तथा बेहतर अनुभव देना रेलवे की हर सम्भव कोशिश है। इस उद्देश्य के लिए हम सभी मिल कर काम करें। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज देश भर के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक में ये आह्वान किया। ये बैठक रेल भवन, नई दिल्ली से की गई।
रेल मंत्री ने रेल परिवार को पिछले वर्ष में अच्छा काम करने के लिए बधाई देते हुए, बैठक की शुरुआत की। साथ ही नए उत्साह के साथ, इस वर्ष काम करने के लिए अपनी नई प्राथमिकताएँ तय करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि पिछले साल रेल दुर्घटनाओं में आई एतिहासिक कमी और रिकॉर्ड माल ढुलाई ने देश भर में रेलवे की छवि सुधारने का काम किया है। बड़ी संख्या में विशेष ट्रेन चलाकर त्यौहारों के दौरान रेल यात्रा की बढ़ी हुई माँग को भी बड़ी ही प्रभावी तरीके से अधिकारियों ने पूरा किया है।
रेल मंत्री ने जोर देकर कहा कि रेलवे स्टेशन देश के लोगों के सामने हमारा चेहरा है। वो साफ़ सुथरे होने चाहिए। इस दिशा में देश भर के अधिकारियों को जी तोड़ मेहनत करनी चाहिए। अधिकारियों को प्रेरित करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे में पिछले एक दशक में आधुनिकीकरण के लिए एक रिकार्ड आवंटन हुआ है। अतः अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि इस आवंटन का उचित उपयोग कर देश भर के रेलवे स्टेशनों की तस्वीर बदलें। सुनिश्चित करें कि अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में धन राशि का आवंटन, स्टेशन में जन उपयोगी सुविधाओं का विकास करने में खर्च करें। ताकि सामान्य दिनों में यात्रियों का स्टेशन पर अनुभव और बेहतर किया जा सके।
त्यौहारों पर भीड़ को नियंत्रित कर प्लेटफॉर्म तक यात्रियों को बिना किसी भी दिक्कत के पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है ताकि रेल गाड़ियों में चढ़ना सुगम हो सके। अधिकारी ये सुनिश्चित करें कि इस दिशा में भी आवंटित धन राशि का उपयोग किया जाए। मौजूदा रेलवे प्रोजेक्ट्स में लंबित भूमि अधिग्रहण का मुद्दा भी बैठक में उठा। रेल मंत्री ने जोर देकर कहा कि लंबित भूमि अधिग्रहण द्रुत गति से आगे बढ़ायें। इसके लिए आवश्यक हो तो राज्य सरकारों के राजस्व व वन विभाग के अनुभवी सेवा निवृत्त अधिकारियों के अनुभव का लाभ भी लें।
रेल मंत्री ने कहा कि लोगों की आजीविका से जुड़े इस संवेदनशील मामले को एक मानवीय दृष्टिकोण से हल किया जाना आवश्यक है। देश के कई शहरी इलाकों में ये एक बड़ी समस्या है, जिसका समयबद्ध तरीके से निदान जरूरी है। अपनी पिछली बैठक में देश भर में भूमिगत रेल पुलियाएँ बनाने के निर्णय पर भी आज की बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। ये तय किया गया कि रेलवे पटरियों को पार करने के लिए अब जहाँ तक हो सके भूमिगत पुलियाएँ ही बनाई जाएँ। धीरे-धीरे हम रेलवे फुटओवर पुलों को कम बनाएँ, बैठक में चर्चा के दौरान ये महसूस किया गया। रेल मंत्री ने कहा, भले ही रेलवे स्टेशन हो या फिर स्टेशन परिसर के बाहर की पटरियाँ, दोनों में ही पहली कोशिश भूमिगत सुविधाजनक पुलिया बनाने की होनी चाहिए।
स्वाभाविक है कि पुल चढ़ने के बजाय पुलिया को लोग ज्यादा उपयोग करेंगे। चर्चा के दौरान ये निर्णय लिया गया कि देश के कई हिस्सों में एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत ऐसी पुलियाएँ बनवाई जाएँ जो सुविधाजनक हों। पैदल लोगों के साथ साथ ये पुलियाएँ लोगों को साइकिल, स्कूटर व मोटर साइकिल ले जाने में भी सहायक बनें। ज्यादा चौड़ी ऐसी रेल पुलियाएँ भी बनाए जाने का निर्णय लिया गया जिनसे ट्रैक्टर सहित अन्य गाड़ियाँ भी निकल सकें। शहरी व ग्रामीण दोनों इलाकों की अलग अलग जरूरतों के हिसाब से सुविधाजनक रेल पुलियाएँ बन सकें। इस दिशा में सभी अधिकारी प्रयास करेंगे।
समय पर रेल चलाने वाले ज़ोन को उनके अच्छे प्रदर्शन पर भी रेल मंत्री ने बधाई दी। देश के उन सभी ज़ोन की भी रेल मंत्री ने प्रशंसा की जिन्होंने 85% से अधिक रेल गाड़ियों को तमाम जमीनी चुनौतियों के बाबजूद समय पर चला कर स्वयं का पुराना प्रदर्शन सुधारा।
रेल मंत्री ने दोहराया कि सतत प्रयासों, प्रभावी योजना और यात्री-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ, भारतीय रेल देशभर के यात्रियों के लिए सुरक्षा, सेवा गुणवत्ता और समग्र यात्रा अनुभव को लगातार बेहतर बनाती रहेगी।
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03/04/26 |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुड फ्राइडे के अवसर पर सद्भाव और करुणा के मूल्यों पर प्रकाश डाला
आरएस अनेजा, 3 अप्रैल नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि गुड फ्राइडे हमें ईसा मसीह के बलिदान की याद दिलाता है।
मोदी ने आशा व्यक्त की कि यह दिन सद्भाव, करुणा और क्षमा के मूल्यों को और गहरा करेगा।
उन्होंने कहा कि भाईचारा और आशा हरेक का मार्गदर्शन करें।
एक एक्स पोस्ट में, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा;
“गुड फ्राइडे हमें ईसा मसीह के बलिदान की याद दिलाता है। यह दिन सद्भाव, करुणा और क्षमा के मूल्यों को और गहरा करे। भाईचारा और आशा हम सभी का मार्गदर्शन करे।”
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02/04/26 |मानवता के आधार पर मध्य पूर्व युद्ध के बीच हार्मुज में फंसे नाविकों के भोजन का इंतजाम करे ईरान – ऊर्जा मंत्री अनिल विज
अम्बाला/चंडीगढ़, 2 अप्रैल – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि मानवता के आधार पर मध्य पूर्व युद्ध के बीच हार्मुज में फंसे नाविकों के भोजन का इंतजाम ईरान को करना चाहिए।
उन्होंने एक बयान में कहा कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी गतिरोध के कारण स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है और हजारों नाविक इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं और उनके सामने भोजन एवं पानी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने कहा कि हजारों की संख्या में नाविक और जहाज इस समय खाड़ी क्षेत्र और होर्मुज के आसपास फंसे हुए हैं। नाविकों की ओर से अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को लगातार संदेश भेजे जा रहे हैं कि उनका भोजन और पीने का पानी खत्म हो चुका है। कई जहाजों पर राशन की भारी किल्लत है तथा वह पानी उबालकर पीने को मजबूर हैं। नाविक न केवल भूख-प्यास से बल्कि आसपास हो रही बमबारी और हमलों से भी डरे हुए हैं।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने जहाजों के गुजरने के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। जहाजों को अपनी क्रू लिस्ट, कार्गो विवरण और अन्य दस्तावेज जमा करने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद, अभी तक ईरान की ओर से फंसे हुए सभी नाविकों के लिए भोजन की कोई व्यवस्थित और बड़ी मानवीय सहायता की आधिकारिक घोषणा सार्वजनिक नहीं हुई है।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि मानवीय आधार पर ईरान और अन्य पड़ोसी देशों को इन नाविकों तक बुनियादी रसद पहुँचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है।
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01/04/26 |लखनऊ: करोड़ों के एलआईसी (LIC) घोटाले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 12 साल बाद CBI के हत्थे चढ़ा भगोड़ा समीर जोशी
लखनऊ, 1 अप्रैल (अन्नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए करोड़ों रुपये के वित्तीय धोखाधड़ी मामले में घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) समीर जोशी को गिरफ्तार कर लिया है। समीर जोशी पर भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के फंड में हेराफेरी करने का आरोप है। सीबीआई की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को 31 मार्च 2026 को लखनऊ के एक मेट्रो स्टेशन से दबोचा।
₹6.37 करोड़ का फर्जीवाड़ा
यह मामला साल 2012 में एलआईसी लखनऊ की शिकायत पर दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि फरवरी 2006 से अगस्त 2010 के बीच लखनऊ के जानकीपुरम स्थित एलआईसी कार्यालय में भारी वित्तीय अनियमितताएं की गईं। आरोपियों ने अस्तित्वहीन (Non-existent) पॉलिसी धारकों के नाम पर फर्जी चेक तैयार किए और एलआईसी के फंड से ₹6,37,66,660 की हेराफेरी की। इस घोटाले को छिपाने के लिए बही-खातों में भी बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया था।
साजिश और धोखाधड़ी का तरीका
सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, समीर जोशी ने एलआईसी के तत्कालीन हायर ग्रेड असिस्टेंट पंकज सक्सेना के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। समीर जोशी, उसकी पत्नी अंजू जोशी और उसके कर्मचारी जितेंद्र कुमार के नाम पर फर्जी चेक जारी किए गए। इन फर्जी चेकों के जरिए लगभग ₹62 लाख की राशि भुनाई गई, जिसे आरोपियों ने आपस में बांट लिया था।
जमानत के बाद हुआ था फरार
समीर जोशी को जांच के दौरान पहले भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उसे जमानत मिल गई थी। जमानत पर बाहर आने के बाद वह अदालती कार्यवाही से बचकर भाग निकला और लंबे समय तक फरार रहा। जिसके बाद, 24 दिसंबर 2025 को अदालत ने उसे 'घोषित अपराधी' (PO) करार दिया था।
31 मार्च 2026 को गिरफ्तारी के बाद आरोपी को संबंधित ट्रायल कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस मामले में सीबीआई पहले ही 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
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31/03/26 |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महावीर जयंती के अवसर पर गांधीनगर स्थित कोबा तीर्थ में सम्राट सम्प्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया
आरएस अनेजा, 31 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज भगवान महावीर जयंती के पावन अवसर पर गुजरात में गांधीनगर स्थित कोबा तीर्थ में सम्राट सम्प्रति संग्रहालय, जैन धरोहर संग्रहालय का उद्घाटन किया। श्री मोदी ने कहा, “कोबा तीर्थ आध्यात्मिक शांति से ओत-प्रोत है, यह वह स्थान है जहाँ अनेक जैन मुनियों और संतों की तपस्या अभिव्यक्त होती है तथा जहाँ सृजन और सेवा स्वाभाविक रूप से पुष्पित होते हैं।
कोबा तीर्थ की निरंतर चली आ रही परंपराओं को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्षों से इस पवित्र स्थल पर अध्ययन, साधना और आत्मानुशासन की परंपराएँ फलती-फूलती रही हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मूल्यों का संरक्षण, संस्कारों का संवर्धन और ज्ञान का पोषण—ये त्रिवेणी भारतीय सभ्यता की आधारशिला हैं। श्री मोदी ने कहा, “इस त्रिवेणी का प्रवाह निरंतर बनाए रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।”
प्रधानमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि जैन धर्म के शाश्वत ज्ञान और भारत की समृद्ध धरोहर को अब जैन धरोहर संग्रहालय के माध्यम से आने वाली सदियों के लिए संरक्षित किया जा रहा है, जिसे संतों द्वारा प्राचीन ज्ञान को नई पीढ़ी के समक्ष नए एवं आधुनिक रूपों में प्रस्तुत करने के उद्देश्य से परिकल्पित किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज वह भव्य सपना सम्राट सम्प्रति संग्रहालय के रूप में साकार हुआ है, जो जैन दर्शन, भारतीय संस्कृति और हमारी प्राचीन धरोहर का एक पवित्र केंद्र है।”
प्रधानमंत्री ने इस प्रयास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सभी जैन मुनियों, संतों और हजारों भक्तों को बधाई दी। धरोहर संरक्षण में नवाचार के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि जब प्राचीन ज्ञान को नए तरीकों से प्रस्तुत किया जाता है, तो विरासत और समृद्ध होती है और आने वाली पीढ़ियों को नई प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा, “सम्राट सम्प्रति संग्रहालय भारत के करोड़ों लोगों की धरोहर है और हमारे गौरवशाली अतीत का एक प्रमाण है,” ।
सम्राट सम्प्रति के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यद्यपि अनेक सभ्यताओं में महान चिंतक और दार्शनिक हुए, परंतु विश्व के कई हिस्सों में शासक सत्ता के प्रश्न पर आदर्शों को त्याग देते थे, जिससे विचार और शासन के बीच एक खाई उत्पन्न हो जाती थी। उन्होंने कहा कि सम्राट सम्प्रति केवल एक ऐतिहासिक राजा नहीं थे, बल्कि भारत के दर्शन और व्यवहार के बीच एक सेतु थे। मोदी ने कहा, “भारत में सम्राट सम्प्रति जैसे शासकों ने सत्ता को सेवा और साधना के रूप में देखा, उन्होंने सिंहासन से अहिंसा का विस्तार किया और पूर्ण वैराग्य तथा निःस्वार्थ भाव से सत्य, अस्तेय और अपरिग्रह का प्रचार-प्रसार किया।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संग्रहालय को अत्यंत सोच-समझकर इस प्रकार निर्मित किया गया है कि प्रत्येक कदम पर भारत की भव्यता का अनुभव होता है, और इसकी सात दीर्घाएँ देश की विविधता तथा सांस्कृतिक समृद्धि का उद्घोष करती हैं। उन्होंने प्रथम दीर्घा का उल्लेख किया, जिसमें नवपद—अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, साधु—तथा सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चरित्र और सम्यक तप के चार सिद्धांतों को प्रदर्शित किया गया है, और तृतीय दीर्घा का भी उल्लेख किया, जो तीर्थंकरों की कथाओं और शिक्षाओं को कलात्मक रूप से सजीव बनाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “जब ज्ञान सम्यक (सही/धर्मसम्मत) होता है, तो वह समता और सेवा की आधारशिला बन जाता है।”
प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि यह संग्रहालय जैन धरोहर के साथ-साथ भारत की अन्य धार्मिक परंपराओं—वैदिक, बौद्ध आदि—का भी भव्य रूप से प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने भारत की सबसे बड़ी शक्ति, उसकी विविधता और “विविधता में एकता” को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जहाँ विश्व ने धर्म और संप्रदाय के नाम पर संघर्ष देखे हैं, वहीं यह संग्रहालय सभी परंपराओं को इंद्रधनुष की भांति एक साथ प्रस्तुत करता है—वेद, पुराण, आयुर्वेद, योग और दर्शन, सभी सौहार्दपूर्वक साथ-साथ विद्यमान हैं। उन्होंने कहा, “यह केवल भारत में ही संभव है।”
वैश्विक स्तर पर व्याप्त अस्थिरता और अशांति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संग्रहालय में निहित धरोहर और संदेश का महत्व केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए अत्यंत गहन है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विश्व भर से जिज्ञासु आगंतुकों, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं की संख्या निरंतर बढ़ती रहेगी। श्री मोदी ने आग्रह किया( “जो भी यहाँ आए, वह भारत और जैन धर्म की शिक्षाओं को विश्व के हर कोने तक लेकर जाए।”
प्रधानमंत्री ने स्मरण किया कि भारत के प्राचीन विश्वविद्यालय—तक्षशिला और नालंदा—कभी लाखों पांडुलिपियों से समृद्ध थे, जिन्हें धार्मिक संकीर्णता से प्रेरित विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा नष्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि उन कठिन परिस्थितियों में सामान्य जनों ने शेष पांडुलिपियों को पीढ़ी दर पीढ़ी संरक्षित रखा। उन्होंने आचार्य भगवंत श्री पद्मसागर सुरिश्वरजी महाराज साहेब के असाधारण समर्पण की सराहना की, जिन्होंने साठ वर्षों तक देश के कोने-कोने में गाँव-गाँव और शहर-शहर जाकर पांडुलिपियों की खोज की। श्री मोदी ने कहा, “आज ताड़पत्रों और भोजपत्रों पर लिखी तीन लाख से अधिक पांडुलिपियाँ, जिनमें से कुछ सैकड़ों वर्ष पुरानी हैं, कोबा में सुरक्षित रूप से संकलित हैं, जो भारत के अतीत, वर्तमान और भविष्य के प्रति एक महान सेवा का प्रतिनिधित्व करती हैं।”
पांडुलिपियों के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की उपेक्षा को दूर करने के लिए ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ प्रारंभ किया गया है, जिसमें प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए प्राचीन पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण, वैज्ञानिक संरक्षण, स्कैनिंग, रासायनिक उपचार तथा डिजिटल अभिलेखीकरण किया जा रहा है। उन्होंने ‘मन की बात’ के अपने हालिया संस्करण का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने देशव्यापी सर्वेक्षण के बारे में बताया था, जिससे नागरिक अपने पास संरक्षित पांडुलिपियों को अपलोड कर सकते हैं। श्री मोदी ने कहा, “यह अभियान देश के कोने-कोने में बिखरी पांडुलिपियों के संकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
प्रधान मंत्री ने ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के अंतर्गत सरकारी प्रयासों तथा कोबा तीर्थ के असाधारण योगदान को भारत के नए सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि आज प्राचीन मंदिरों के पुनरुद्धार, तीर्थ स्थलों के विकास से लेकर आयुर्वेद और योग के प्रसार तक, देश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण, समझ और प्रदर्शन के लिए हर स्तर पर कार्य किया जा रहा है। लोथल में भव्य समुद्री संग्रहालय, वडनगर में संग्रहालय तथा दिल्ली में प्रस्तावित ‘युगे-युगीन भारत संग्रहालय’ जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार भारत के स्वतंत्रता संग्राम के वास्तविक इतिहास को बिना किसी राजनीतिक पूर्वाग्रह के सामने लाने के लिए सार्थक और व्यापक कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हमने धरोहर को राजनीतिक चश्मे से देखने की मानसिकता को समाप्त कर दिया है और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं, जो विकसित भारत विज़न की आत्मा है।”
प्रधानमंत्री ने भारत की धरोहर के संरक्षण में संतों के अथक प्रयासों की सराहना की और दिल्ली में आयोजित ऐतिहासिक नवकार महामंत्र दिवस कार्यक्रम का स्मरण किया, जहाँ जैन धर्म के सभी चार संप्रदाय एक साथ आए थे। उन्होंने उस अवसर पर प्रस्तुत अपने दस संकल्पों को दोहराया—जल संरक्षण; ‘एक पेड़ माँ के नाम’; स्वच्छता अभियान; वोकल फॉर लोकल; देश दर्शन; प्राकृतिक खेती; स्वस्थ जीवनशैली; योग और खेल; गरीबों की सहायता; तथा समुदाय द्वारा जोड़ा गया दसवाँ संकल्प—भारत की धरोहर का संरक्षण। उन्होंने कहा, “आज का यह कार्यक्रम इन सभी संकल्पों का सजीव प्रतिबिंब है।”
भविष्य के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की एकता और सांस्कृतिक शक्ति राष्ट्र के बड़े लक्ष्यों की प्राप्ति में प्रेरक शक्ति बनेगी। उन्होंने बल दिया कि जब लोग व्यक्तिगत आकांक्षाओं से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के लक्ष्यों के लिए कार्य करते हैं, तो विकास की गति तीव्र हो जाती है। अंत में श्री मोदी ने कहा, “मुझे विश्वास है कि सम्राट सम्प्रति संग्रहालय ज्ञान, साधना और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेगा, जो आने वाले समय में नई पीढ़ी को प्रेरित करेगा और समाज को ऊर्जा प्रदान करेगा।”
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31/03/26 |बैंक धोखाधड़ी: CBI कोर्ट ने SBI के पूर्व मैनेजर समेत दो को सुनाई 5-5 साल की कैद, 13 लाख का जुर्माना
लखनऊ, 31 मार्च (अन्नू): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित विशेष CBI अदालत ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में अपना कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इलाहाबाद (अब प्रयागराज) की कर्नलगंज शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अशोक कुमार दीक्षित और मेसर्स जी.आर. एसोसिएट्स के मालिक गोविंद राम तिवारी को दोषी करार देते हुए पाँच-पाँच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोनों दोषियों पर कुल 13 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला साल 2003-2004 के दौरान हुए एक सुनियोजित वित्तीय षड्यंत्र से जुड़ा है। सीबीआई द्वारा 31 मई 2005 को दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार, तत्कालीन मैनेजर अशोक कुमार दीक्षित ने गोविंद राम तिवारी के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची थी। आरोप था कि दीक्षित ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गोविंद राम द्वारा उपलब्ध कराए गए फर्जी और जाली दस्तावेजों के आधार पर कुल 36 हाउसिंग लोन (गृह ऋण) स्वीकृत और वितरित किए थे। करीब 1.69 करोड़ रुपये के इन अवैध ऋणों की वजह से बैंक को ब्याज समेत लगभग 1.81 करोड़ रुपये का बड़ा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा था।
सीबीआई ने इस मामले की गहनता से जाँच करने के बाद 8 अगस्त 2007 को आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की लंबी सुनवाई और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने पाया कि दोनों आरोपियों ने जानबूझकर बैंक के साथ धोखाधड़ी की और खुद को अनुचित लाभ पहुँचाया। 30 मार्च 2026 को सुनाए गए इस फैसले ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बैंकिंग प्रणाली और सार्वजनिक धन के साथ खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों और बिचौलियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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31/03/26 |- भारत,
उत्तराखंड: रोहालकी में गुलदार का खूनी खेल जारी, मामा-भांजे पर किया जानलेवा हमला; गुस्साई भीड़ ने वन टीम को घेरा
उत्तराखंड, 31 मार्च (अन्नू): उत्तराखंड के रोहालकी किशनपुर इलाके में गुलदार (तेंदुआ) का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार दूसरे दिन गुलदार ने इंसानों को अपना निशाना बनाया, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी डर और रोष व्याप्त है। ताजा घटना रविवार रात की है, जब राष्ट्रीय इंटर कॉलेज के समीप गुलदार ने बाइक सवार मामा-भांजे पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में 36 वर्षीय कपिल कुमार और उनका 26 वर्षीय भांजा शुभम कुमार बुरी तरह घायल हो गए। गनीमत रही कि शोर मचाने पर स्थानीय लोग लाठी-डंडे लेकर दौड़ पड़े, जिससे गुलदार को भागना पड़ा। घायलों को तुरंत पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कपिल कुमार के अनुसार, वे रविवार रात करीब 8:30 बजे बहादराबाद से अपने घर लौट रहे थे, तभी घात लगाकर बैठे गुलदार ने उन पर झपट्टा मार दिया। गौरतलब है कि इससे ठीक एक दिन पहले शनिवार रात को भी इसी इलाके में 60 वर्षीय बुजुर्ग व्यापारी ललित चौहान पर गुलदार ने उस वक्त हमला किया था, जब वे दुकान बढ़ाकर घर जा रहे थे। 24 घंटे के भीतर दो बड़ी वारदातों ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया।
सोमवार को जब वन विभाग की टीम मौका मुआयना करने पहुँची, तो आक्रोशित ग्रामीणों ने उन्हें बंधक बना लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद विभाग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए। ग्रामीण इस बात पर अड़े रहे कि जब तक गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा नहीं लगाया जाता, वे टीम को जाने नहीं देंगे। काफी हंगामे के बाद वन क्षेत्राधिकारी द्वारा लिखित आश्वासन मिलने पर ही टीम को मुक्त किया गया।
वन क्षेत्राधिकारी शिशुपाल सिंह ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रोहालकी गाँव में दो पिंजरे लगाए जा रहे हैं और वन कर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है। विभाग ने ग्रामीणों से रात के समय अकेले बाहर न निकलने और सावधानी बरतने की अपील की है। फिलहाल, पिंजरा लगने के बाद अब ग्रामीणों को इस आदमखोर गुलदार के पकड़े जाने का इंतजार है।
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31/03/26 |'दुनागिरी' का शंखनाद: भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा और आत्मनिर्भरता का नया मील का पत्थर
आरएस अनेजा, 31 मार्च नई दिल्ली - नीलगिरि क्लास (प्रोजेक्ट 17A) का पाँचवाँ जहाज़ और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) में बना इस क्लास का दूसरा जहाज़, 'दुनागिरी' (यार्ड 3023), 30 मार्च 2026 को कोलकाता स्थित GRSE में भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया।
यह युद्धपोत के डिज़ाइन और निर्माण में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। प्रोजेक्ट 17A फ्रिगेट बहुमुखी और बहु-मिशन वाले प्लेटफ़ॉर्म हैं, जिन्हें समुद्री क्षेत्र में मौजूदा और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
दुनागिरी, पहले के INS दुनागिरी का ही एक नया रूप है। INS दुनागिरी एक लिएंडर-क्लास फ्रिगेट था, जो 05 मई 1977 से 10 अक्टूबर 2010 तक भारतीय नौसेना के बेड़े का हिस्सा रहा और उसने राष्ट्र की 33 वर्षों तक गौरवशाली सेवा की। यह अत्याधुनिक फ्रिगेट नौसेना के डिज़ाइन, स्टील्थ (छिपकर चलने की क्षमता), मारक क्षमता, स्वचालन और जीवित रहने की क्षमता में एक बड़ी छलांग को दर्शाता है, और युद्धपोत निर्माण में 'आत्मनिर्भरता' का एक प्रशंसनीय प्रतीक है।
युद्धपोत डिज़ाइन ब्यूरो (WDB) द्वारा डिज़ाइन किए गए और युद्धपोत निरीक्षण टीम (कोलकाता) की देखरेख में बने P17A फ्रिगेट, स्वदेशी जहाज़ डिज़ाइन, स्टील्थ, जीवित रहने की क्षमता और युद्धक क्षमता में एक पीढ़ीगत छलांग को दर्शाते हैं। 'एकीकृत निर्माण' (Integrated Construction) के सिद्धांत पर आधारित इस जहाज़ का निर्माण किया गया और इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही सौंप दिया गया।
P17A जहाज़ों में P17 (शिवालिक) क्लास की तुलना में अधिक उन्नत हथियार और सेंसर लगाए गए हैं। इन जहाज़ों में 'कंबाइंड डीज़ल या गैस' (CODOG) प्रोपल्शन प्लांट की व्यवस्था है, जिसमें एक डीज़ल इंजन और एक गैस टर्बाइन शामिल है। ये इंजन और टर्बाइन प्रत्येक शाफ़्ट पर लगे 'कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर' (CPP) को चलाते हैं।
साथ ही, इनमें अत्याधुनिक 'एकीकृत प्लेटफ़ॉर्म प्रबंधन प्रणाली' (IPMS) भी लगी है। इन जहाज़ों के शक्तिशाली हथियार और सेंसर में ब्रह्मोस SSM, MFSTAR और MRSAM कॉम्प्लेक्स, 76mm SRGM, तथा 30mm और 12.7mm की 'क्लोज़-इन वेपन सिस्टम' (करीबी मारक प्रणाली) का मिश्रण शामिल है। इसके अलावा, इनमें पनडुब्बी-रोधी युद्ध के लिए रॉकेट और टॉरपीडो भी मौजूद हैं।
दुनागिरी पिछले 16 महीनों में भारतीय नौसेना को सौंपा जाने वाला पाँचवाँ P17A जहाज़ है। पहले चार P17A जहाज़ों के निर्माण से मिले अनुभवों की वजह से, 'दुनागिरी' के निर्माण की अवधि को घटाकर 80 महीने कर दिया गया है; जबकि इस श्रेणी के पहले जहाज़ (नीलगिरि) के निर्माण में 93 महीने लगे थे।
'दुनागिरी' की डिलीवरी देश की डिज़ाइन, जहाज़ निर्माण और इंजीनियरिंग क्षमताओं को दर्शाती है, और जहाज़ के डिज़ाइन व निर्माण—दोनों ही क्षेत्रों में 'आत्मनिर्भरता' पर नौसेना के निरंतर ज़ोर को भी प्रदर्शित करती है।
75% स्वदेशी सामग्री के साथ, इस परियोजना में 200 से अधिक MSME शामिल रहे हैं, और इसके माध्यम से लगभग 4,000 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से, तथा 10,000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोज़गार के अवसर प्राप्त हुए हैं।
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31/03/26 |प्रधानमंत्री ने सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर शोक व्यक्त किया
आरएस अनेजा, 31 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह न केवल सूरीनाम के लिए, बल्कि वैश्विक भारतीय समुदाय के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है। दिवंगत नेता के साथ अपनी कई मुलाकातों को याद करते हुए, श्री मोदी ने कहा कि सूरीनाम के लिए संतोखी जी की अथक सेवा और भारत-सूरीनाम संबंधों को मजबूत करने के उनके प्रयास उनकी आपसी बातचीत में स्पष्ट रूप से झलकते थे। उन्होंने भारतीय संस्कृति के प्रति संतोखी जी के विशेष लगाव को भी रेखांकित किया, और बताया कि जब उन्होंने संस्कृत में शपथ ली थी, तो उन्होंने कई लोगों का दिल जीत लिया था।
प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया:
“मेरे मित्र और सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति, चंद्रिकाप्रसाद संतोखी जी के आकस्मिक निधन से मैं अत्यंत स्तब्ध और दुखी हूँ। यह न केवल सूरीनाम के लिए, बल्कि वैश्विक भारतीय समुदाय के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है।
मुझे उनके साथ हुई अपनी कई मुलाकातों की याद आ रही है। सूरीनाम के लिए उनकी अथक सेवा और भारत-सूरीनाम संबंधों को मजबूत करने के उनके प्रयास हमारी आपसी बातचीत में स्पष्ट रूप से झलकते थे। भारतीय संस्कृति के प्रति उनका विशेष लगाव था। जब उन्होंने संस्कृत में शपथ ली थी, तो उन्होंने कई लोगों का दिल जीत लिया था।
दुख की इस घड़ी में, मैं उनके परिवार और सूरीनाम की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूँ। ओम शांति।
हमारी विभिन्न मुलाकातों की कुछ झलकियाँ साझा कर रहा हूँ…”
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31/03/26 |प्रधानमंत्री ने भगवान महावीर जन्म कल्याणक पर शुभकामनाएं दीं
आरएस अनेजा, 31 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान महावीर जन्म कल्याणक के पावन अवसर पर शुभकामनाएं दी हैं।
मोदी ने कहा कि भगवान महावीर का जीवन और उनकी शिक्षाएं सत्य, अहिंसा और करुणा के मार्ग को निरंतर प्रकाशित करती हैं। श्री मोदी ने कहा, “उनके आदर्श आध्यात्मिक रूप से उत्थानकारी हैं और आज के विश्व में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं। समानता और दया पर उनका ज़ोर हमें समाज के प्रति हमारी साझा ज़िम्मेदारी की याद दिलाता है।”
प्रधानमंत्री ने ‘X’ पर पोस्ट किया:
“भगवान महावीर जन्म कल्याणक के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान महावीर का जीवन और उनकी शिक्षाएं सत्य, अहिंसा और करुणा के मार्ग को निरंतर प्रकाशित करती हैं। उनके आदर्श आध्यात्मिक रूप से उत्थानकारी हैं और आज के विश्व में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं। समानता और दया पर उनका ज़ोर हमें समाज के प्रति हमारी साझा ज़िम्मेदारी की याद दिलाता है।”
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30/03/26 |गुजरात में पीएम मोदी का महादौरा: 31 मार्च को देंगे 20,000 करोड़ की सौगात; बदल जाएगी राज्य की तस्वीर
आरएस अनेजा, 30 मार्च नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 मार्च 2026 को गुजरात का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री गांधीनगर में सुबह लगभग 10 बजे सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर जनसभा को संबोधित भी करेंगे। प्रधानमंत्री अहमदाबाद के सानंद में स्थित केयन्स सेमीकॉन प्लांट का दोपहर लगभग 12:45 बजे उद्घाटन करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद, प्रधानमंत्री वाव-थराद जाएंगे, जहां शाम लगभग 4 बजे, वे 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की अनेक विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उनका उद्घाटन करके राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस अवसर पर वे जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री का गांधीनगर दौरा
महावीर जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री गांधीनगर के कोबा तीर्थ में सम्राट सम्प्रति संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। अशोक के पौत्र और जैन परंपरा में अहिंसा के प्रति समर्पण तथा जैन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए प्रसिद्ध सम्राट सम्प्रति के नाम पर स्थापित यह संग्रहालय जैन धर्म की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को प्रदर्शित करता है।
महावीर जैन आराधना केंद्र परिसर में स्थित इस संग्रहालय में सात अलग-अलग खण्ड हैं, जिनमें से प्रत्येक भारत की सभ्यतागत परंपराओं के अनूठे पहलुओं को समर्पित है। यह आगंतुकों को सदियों पुराने ज्ञान और विरासत की एक व्यापक यात्रा के दर्शन कराता है। संग्रहालय पारंपरिक प्रदर्शनों को आधुनिक डिजिटल और ऑडियो-विजुअल उपकरणों के साथ एकीकृत करता है, जिससे आगंतुकों, शोधकर्ताओं और विद्वानों के लिए एक गहन और आकर्षक अनुभव का निर्माण होता है।
यह संग्रहालय सदियों पुराने दुर्लभ अवशेषों, जैन कलाकृतियों और पारंपरिक विरासत संग्रहों का संरक्षण और प्रदर्शन करता है। इनमें जटिल रूप से गढ़ी गई पत्थर और धातु की मूर्तियां, विशाल तीर्थ पट्टा और यंत्र पट्टा, लघु चित्रकारी, चांदी के रथ, सिक्के और प्राचीन पांडुलिपियां शामिल हैं, जिन्हें सात भव्य दीर्घाओं में प्रदर्शित किया गया है। विशाल कक्षों में व्यवस्थित दो हजार से अधिक दुर्लभ खजानों से युक्त यह संग्रहालय आगंतुकों को जैन धर्म के विकास और इसके गहन सांस्कृतिक प्रभाव की कालानुक्रमिक समझ प्राप्त करने में सक्षम बनाता है।
प्रधानमंत्री का सानंद दौरा
प्रधानमंत्री अहमदाबाद के सानंद जीआईडीसी में स्थित केयन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही इस संयंत्र में वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत होगी, जो भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत उन्नत इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल (आईपीएम) के निर्माण से होगी, जो ऑटोमोटिव और औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए महत्वपूर्ण घटक हैं और जिन्हें कॉम्पैक्ट, कुशल और विश्वसनीय पावर स्विचिंग सिस्टम की आवश्यकता होती है। प्रत्येक मॉड्यूल में 17 चिप्स होते हैं और इनकी आपूर्ति कैलिफोर्निया स्थित अल्फा एंड ओमेगा सेमीकंडक्टर (एओएस) को की जाएगी। संयंत्र के सभी चरण पूरे होने पर, इसकी उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 6.33 मिलियन यूनिट होगी।
केयन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कार्यक्रम के तहत स्वीकृत परियोजनाओं में से माइक्रोन टेक्नोलॉजी के बाद वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने वाली दूसरी सेमीकंडक्टर सुविधा होगी।
यह परियोजना विशेष महत्व रखती है क्योंकि इसके अंतर्गत भारत की दूसरी ओएसएटी/एटीएमपी (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट/असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकिंग) इकाई उत्पादन चरण में प्रवेश कर रही है। यह परियोजना सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र में भारतीय मूल की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (ईएमएस) कंपनी के प्रवेश का भी प्रतीक है, जिससे घरेलू क्षमताओं को मजबूती मिलती है।
यह सुविधा स्वदेशी सेमीकंडक्टर पैकेजिंग क्षमता के निर्माण में योगदान देगी, भारत के चिप इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण कमी को दूर करेगी और उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण में आत्मनिर्भरता की परिकल्पना को आगे बढ़ाएगी।
प्रधानमंत्री का वाव-थारद दौरा
प्रधानमंत्री 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की अनेक विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, उनका उद्घाटन करेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये परियोजनाएं बिजली, रेलवे, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, स्वास्थ्य, शहरी विकास, जनजातीय विकास और ग्रामीण विकास सहित प्रमुख क्षेत्रों को कवर करती हैं।
प्रधानमंत्री 5,100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। यह एक्सप्रेसवे क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाएगा, धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (डीएसआईआर) में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा और आर्थिक विकास को गति प्रदान करेगा।
प्रधानमंत्री पक्की शोल्डर वाली चार लेन की इदर-बडोली बाईपास सड़क के निर्माण की आधारशिला रखेंगे। वे एनएच-754के के धोलावीरा-मौवाना-वाउवा-संतालपुर खंड (पैकेज-II) को दो लेन की पक्की शोल्डर वाली सड़क में अपग्रेड करने की भी आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं से राजमार्ग बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, धोलावीरा जैसे पर्यटन स्थलों सहित प्रमुख क्षेत्रों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी, लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ेगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री गांधीनगर-कोबा-एयरपोर्ट रोड पर भाईजीपुरा जंक्शन पर बनने वाले फ्लाईओवर सहित कई महत्वपूर्ण सड़क अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इस फ्लाईओवर से यातायात की भीड़ कम होगी और इसके नीचे व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी। गांधीनगर-कोबा-आरोदराम रोड पर स्थित पीडीपीयू जंक्शन पर भी फ्लाईओवर का उद्घाटन किया जाएगा। गांधीनगर को एयरपोर्ट से जोड़ने वाली इस सड़क पर प्रतिदिन 140,000 से अधिक वाहन गुजरते हैं। यह फ्लाईओवर अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच सीएच-0 जंक्शन से एयरपोर्ट तक सुचारू और निर्बाध यातायात सुनिश्चित करेगा।
प्रधानमंत्री खावड़ा पूलिंग स्टेशन-2 और उससे जुड़े 4.5 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के परिवहन हेतु संबद्ध पारेषण प्रणालियों सहित प्रमुख विद्युत पारेषण परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिनकी कुल लागत लगभग 3,650 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण और पारेषण क्षमता को मजबूत करेंगी।
रेल क्षेत्र में, प्रधानमंत्री कनलस-जामनगर दोहरीकरण परियोजना (28 किमी), राजकोट-कनलस दोहरीकरण परियोजना का एक भाग (111.20 किमी), और गांधीधाम-आदिपुर खंड (10.69 किमी) के चौगुने विस्तार को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं से रेल क्षमता में वृद्धि होगी, भीड़ कम होगी, परिचालन दक्षता में सुधार होगा और यात्रियों और माल की आवाजाही तेज होगी।
प्रधानमंत्री हिम्मतनगर-खेड़ब्रह्मा गेज रूपांतरण परियोजना (54.83 किमी) का भी उद्घाटन करेंगे, जिससे क्षेत्र में रेल संपर्क और यात्री आवागमन में सुधार होगा। वे खेदब्रह्मा-हिम्मतनगर-असरवा ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाएंगे।
प्रधानमंत्री गुजरात में शहरी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से शुरू की गई लगभग 5,300 करोड़ रुपये की 44 शहरी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य और परिवार कल्याण से जुड़ी विभिन्न पहलों का भी उद्घाटन करेंगे, जिनमें अहमदाबाद के असरवा स्थित सिविल अस्पताल में 858 बिस्तरों वाले रेन बसेरा और गांधीनगर के सिविल अस्पताल और जीएमईआरएस मेडिकल कॉलेज में इसी तरह की सुविधाओं का उद्घाटन शामिल है।
प्रधानमंत्री मोदी पाटन स्थित रानी की वाव में लाइट एंड साउंड शो, शर्मिष्ठा झील, वडनगर में वाटर स्क्रीन प्रोजेक्शन शो सहित पर्यटन परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और बनासकांठा में बलराम महादेव और विश्वेश्वर महादेव में पर्यटन अवसंरचना कार्यों की आधारशिला रखेंगे, जिनका उद्देश्य पर्यटन अनुभव को बढ़ाना और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है।
प्रधानमंत्री लगभग 1,780 करोड़ रुपये की लागत वाली दो प्रमुख जल पाइपलाइन परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिनमें बनासकांठा में कसारा-दंतीवाड़ा पाइपलाइन और पाटन और बनासकांठा के बीच से गुजरने वाली दिंद्रोल-मुक्तेश्वर पाइपलाइन शामिल हैं। प्रधानमंत्री अंबाजी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जल आपूर्ति योजना की आधारशिला रखेंगे। इससे बनासकांठा जिले के दंता और अमीरगढ़ तालुकों के 34 गांवों और अंबाजी शहर को पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे लगभग 1.5 लाख लोगों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री गांधीनगर जिले में लगभग 1000 करोड़ रुपये के संयुक्त निवेश से निर्मित तीन साबरमती नदी तट विस्तार परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।
प्रधानमंत्री अहमदाबाद के वेजलपुर में सरकारी लड़कों के छात्रावास का उद्घाटन करेंगे। यह सुविधा उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे जनजातीय छात्रों को सहायता प्रदान करेगी।#PMModi #GujaratDevelopment #ModiInGujarat #SemiconductorIndia #BreakingNews #DholeraExpressway #DigitalIndia #NewIndia #VibrantGujarat #DanikKhabar
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30/03/26 |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्यामजी कृष्ण वर्मा की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की
आरएस अनेजा, 30 मार्च नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत माता के वीर सपूत श्यामजी कृष्ण वर्मा को आज उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने कहा कि अपने क्रांतिकारी विचारों से उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में एक नई चेतना का संचार किया। मोदी ने कहा, “उनका जीवन और आदर्श देश की हर पीढ़ी को राष्ट्रीय सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।”
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
“भारत माता के वीर सपूत श्यामजी कृष्ण वर्मा को उनकी पुण्यतिथि पर सादर नमन। उन्होंने अपने क्रांतिकारी विचारों से आजादी के आंदोलन में नई चेतना जगाई थी। उनका जीवन और आदर्श देश की हर पीढ़ी को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।”कौन थे क्रांतिकारी श्यामजी कृष्ण वर्मा?
श्यामजी कृष्ण वर्मा भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, क्रांतिकारी और प्रखर राष्ट्रवादी विचारक थे। उन्होंने लंदन में रहकर 'इंडिया हाउस' की स्थापना की थी, जो विदेश में भारतीय क्रांतिकारियों का सबसे बड़ा केंद्र बना। उन्होंने 'द इंडियन सोशियोलॉजिस्ट' पत्रिका के माध्यम से ब्रिटिश शासन के खिलाफ आवाज उठाई। वे स्वामी दयानंद सरस्वती और बाल गंगाधर तिलक के विचारों से बेहद प्रभावित थे और उन्होंने विनायक दामोदर सावरकर जैसे अनेक युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया।
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29/03/26 |समुद्री सुरक्षा की साझा ढाल: 12 देशों के साथ भारत ने बुना सुरक्षित हिंद महासागर का भविष्य
आरएस अनेजा, 29 मार्च नई दिल्ली - भारतीय नौसेना ने 27 मार्च 2026 को दक्षिणी नौसेना कमान, कोच्चि स्थित समुद्री युद्ध पद्धति केंद्र में आईओएनएस समुद्री अभ्यास (आईएमईएक्स) टीटीएक्स 2026 की मेजबानी की। इस उच्च स्तरीय अभ्यास में हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (आईओएनएस) के सदस्य नौसेनाओं के विशिष्ट प्रतिनिधि, आईओएस सागर के अंतर्राष्ट्रीय अधिकारी और भारतीय नौसेना के अधिकारी हिंद महासागर क्षेत्र में उभरती गैर-पारंपरिक समुद्री सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ आए।
इस अभ्यास में बांग्लादेश, फ्रांस, इंडोनेशिया, केन्या, मालदीव, मॉरीशस, म्यांमार, सेशेल्स, सिंगापुर, श्रीलंका, तंजानिया और तिमोर-लेस्ते के देशों ने भाग लिया। यह विविध बहुराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व आपसी विश्वास को बढ़ावा देने और पूरे क्षेत्र में सहयोगात्मक समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सोलह वर्षों के अंतराल के बाद भारत को 2026-2028 के लिए आईओएनएस की अध्यक्षता मिली है। आईएमईएक्स टीटीएक्स 2026 क्षेत्रीय समुद्री नेतृत्व को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
अत्याधुनिक कृत्रिम वातावरण में आयोजित इस अभ्यास में हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में जटिल समुद्री सुरक्षा चुनौतियों का समाधान किया गया। यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार, ऊर्जा प्रवाह और संपर्क के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके प्रमुख उद्देश्यों में भाग लेने वाली नौसेनाओं के बीच परिचालन दृष्टिकोण और बाधाओं की साझा समझ को बढ़ाना, सूचनाएं साझा करना और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं जैसे समन्वय तंत्रों की जांच करना और व्यावहारिक अनुप्रयोग के माध्यम से समुद्री सुरक्षा दिशानिर्देशों के सत्यापन सहित आईओएनएस ढांचे के निरंतर परिष्करण का समर्थन करना शामिल था।
वास्तविक तैनाती की बाधाओं के बिना बहु-परिदृश्यीय आकस्मिकताओं का अनुकरण करके, इस अभ्यास ने प्रतिभागियों को पेशेवर आदान-प्रदान के नए रास्ते तलाशने और आपसी विश्वास को गहरा किया है। आईएमईएक्स टीटीएक्स 26 ने रचनात्मक संवाद, सामूहिक जिम्मेदारी और समुद्री चुनौतियों के क्षेत्रीय समाधानों के माध्यम से सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में आईओएनएस की भूमिका को पुनः स्थापित किया।
इस अभ्यास से प्राप्त जानकारियों से आईओएनएस ढांचे को और मजबूत करने की उम्मीद है जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में एक सुसंगत, उत्तरदायी और स्थिर समुद्री व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।
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सावधान! आप जो प्रोटीन पी रहे हैं वो असली है या ज़हर? दिल्ली पुलिस ने नकली सप्लीमेंट फैक्ट्री का किया भंडाफोड़
नई दिल्ली, 29 मार्च (अन्नू): अगर आप भी अपनी सेहत बनाने के लिए महंगे प्रोटीन सप्लीमेंट का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए चेतावनी है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (आर.के. पुरम टीम) ने नकली प्रोटीन सप्लीमेंट बनाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने राजधानी के रानी खेड़ा गांव में चल रही एक अवैध मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर छापा मारकर भारी मात्रा में कच्चा माल, नामी कंपनियों के नकली स्टिकर, होलोग्राम और मशीनें बरामद की हैं।
क्राइम ब्रांच की टीम ने इस मामले में नवीन कुमार उर्फ 'बंजारा' को गिरफ्तार किया है, जो हरियाणा के चरखी दादरी का रहने वाला है। यह कार्रवाई पहले गिरफ्तार हो चुके आरोपियों—मोहित तिवारी और मोहित दीक्षित—से मिली जानकारी और तकनीकी जांच के आधार पर की गई है। आरोपी नवीन रानी खेड़ा में एक गुप्त फैक्ट्री चला रहा था, जहां वह नामी अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स जैसे 'Optimum Nutrition' और 'Syntha-6' के नाम पर नकली पाउडर तैयार कर रहा था।
पुलिस की छापेमारी के दौरान मौके से चौंकाने वाली बरामदगी हुई है। जांच में सामने आया कि आरोपी माल्टोडेक्सट्रिन, कोको पाउडर और अलग-अलग फ्लेवरिंग एजेंट्स को मिलाकर घटिया क्वालिटी का पाउडर तैयार करता था। इसे असली जैसा दिखाने के लिए वह बाजार से खरीदे गए खाली डिब्बों में भरता और उन पर नामी ब्रांड्स के जाली स्टिकर, होलोग्राम और सील लगा देता था। पुलिस ने मौके से करीब 26 सीलबंद डिब्बे, सैकड़ों की संख्या में नकली स्टिकर, खाली जार और भारी मात्रा में फ्लेवर्ड कच्चा माल जब्त किया है। इसके अलावा, नकली लेबल छापने के लिए इस्तेमाल होने वाला कंप्यूटर और क्यूआर कोड प्रिंटिंग मशीन भी बरामद की गई है।
डीसीपी पंकज कुमार (आईपीएस) के अनुसार, आरोपी नवीन कुमार पहले भी इस तरह के अपराधों में शामिल रहा है। वह बेहद शातिराना तरीके से कम लागत वाले कच्चे माल का उपयोग कर महंगे सप्लीमेंट तैयार करता था, जिससे न केवल ब्रांड मालिकों को आर्थिक नुकसान हो रहा था बल्कि आम उपभोक्ताओं की सेहत के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग (FSSAI) के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया और नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन की जांच कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य गुर्गों तक पहुंचा जा सके।
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दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: साढ़े 4 करोड़ की नशीली दवाओं के साथ अंतर्राज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार
नई दिल्ली, 29 मार्च (अन्नू): राजधानी दिल्ली में नशे के सौदागरों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। क्राइम ब्रांच की टीम ने एक सुनियोजित अभियान के तहत दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक बड़े ड्रग कार्टेल का पर्दाफाश करते हुए भारी मात्रा में साइकोट्रोपिक पदार्थ जब्त किए हैं। इस कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग ₹4.5 करोड़ मूल्य की अल्प्रालोजम और ट्रामाडोल दवाएं बरामद की गई हैं। पुलिस ने इस मामले में चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक किशोर (CCL) को भी पकड़ा गया है।
इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत 17 मार्च 2026 को हुई, जब हेड कांस्टेबल दीपक परेवा और एएसआई रमेश बाबू को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में नशीली दवाओं की एक बड़ी खेप की आवाजाही की गुप्त सूचना मिली। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर प्रवीण राठी के नेतृत्व में और एसीपी सत्येंद्र मोहन की देखरेख में शिव विहार तिराहा, जोहरीपुर रोड पर जाल बिछाया गया। यहाँ पुलिस ने एक मोटरसाइकिल को रोका, जिस पर सवार नितिन पाठक और एक किशोर के पास से भारी मात्रा में नशीली गोलियां बरामद हुईं। इनके पास से शुरुआती तलाशी में करीब 1.912 किलोग्राम अल्प्रालोजम और 0.491 किलोग्राम ट्रामाडोल की गोलियां मिलीं।
पकड़े गए आरोपी नितिन पाठक से गहन पूछताछ के बाद पुलिस की कड़ियां जुड़ती गईं। इसकी निशानदेही पर उत्तर प्रदेश के भोपुरा में एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया, जहाँ से स्टोर मालिक प्रेम सिंह यादव को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से भी भारी मात्रा में नशीले कैप्सूल बरामद हुए। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने शालू कुमार और संजय सिंह नामक दो अन्य आरोपियों को भी धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, इस सिंडिकेट का जाल काफी गहरा था, जिसमें मेडिकल स्टोर चलाने वालों से लेकर फार्मास्युटिकल कंपनी के पूर्व मालिक तक शामिल थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की प्रोफाइल से पता चला है कि वे अधिक मुनाफे के लालच में इस अवैध धंधे में उतरे थे। आरोपी नितिन पाठक एक बी.एससी ग्रेजुएट है और पूर्व में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में काम कर चुका है, वहीं शालू कुमार की अपनी फार्मा कंपनी थी जो लॉकडाउन के दौरान बंद हो गई थी। कुल बरामदगी की बात करें तो पुलिस ने 3.539 किलोग्राम अल्प्रालोजम और 1.709 किलोग्राम ट्रामाडोल जब्त किया है। संयुक्त आयुक्त (क्राइम) धीरज कुमार और अतिरिक्त आयुक्त अभिषेक धनियां के मार्गदर्शन में एएनटीएफ की टीम अब इस नेटवर्क के अन्य संपर्कों को खंगालने में जुटी है।
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28/03/26 |विकसित यूपी की नई उड़ान: पीएम मोदी ने किया जेवर में नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन
आरएस अनेजा, 28 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। इस अवसर पर गर्व और खुशी व्यक्त करते हुए प्रधान मंत्री ने कहा कि आज विकसित यूपी, विकसित भारत अभियान में एक नया अध्याय जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि भारत का सबसे बड़ा राज्य अब सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाले राज्यों में से एक बन गया है। पीएम मोदी ने साझा किया कि उन्हें दोगुना गर्व महसूस हो रहा है, पहला, इस हवाई अड्डे की आधारशिला रखने और अब इसका उद्घाटन करने के लिए, और दूसरा, क्योंकि इस भव्य हवाई अड्डे का नाम उत्तर प्रदेश से जुड़ा है। श्री मोदी ने टिप्पणी की, "यह वह राज्य है जिसने मुझे अपना प्रतिनिधि चुना और मुझे संसद सदस्य बनाया और इसकी पहचान अब इस शानदार हवाई अड्डे से जुड़ी है।"
नए हवाई अड्डे के दूरगामी प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि नोएडा हवाई अड्डे से आगरा, मथुरा, अलीगढ, गाजियाबाद, मेरठ, इटावा, बुलन्दशहर और फ़रीदाबाद सहित एक विशाल क्षेत्र को लाभ होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हवाईअड्डा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, छोटे और मध्यम उद्यमों और युवाओं के लिए कई नए अवसर लाएगा। श्री मोदी ने राज्य के लोगों, विशेषकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा, "यहां से दुनिया भर के लिए विमान उड़ान भरेंगे और यह हवाई अड्डा विकसित उत्तर प्रदेश की उड़ान का प्रतीक भी बनेगा।"
वर्तमान वैश्विक स्थिति के बारे में बोलते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया आज बहुत चिंतित है, पश्चिम एशिया में एक महीने से अधिक समय से युद्ध चल रहा है, जिससे कई देशों में भोजन, पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरक सहित आवश्यक वस्तुओं का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत संघर्ष प्रभावित क्षेत्र से बहुत बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस का आयात करता है। श्री मोदी ने पुष्टि की, "सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है कि इस संकट का बोझ सामान्य परिवारों और किसानों पर न पड़े।"
वैश्विक संकट के समय भी भारत के तीव्र विकास की निरंतर गति को रेखांकित करते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि अकेले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में, यह चौथी बड़ी परियोजना है जिसका हाल के हफ्तों में या तो उद्घाटन किया गया है या इसकी आधारशिला रखी गई है। पीएम मोदी ने कहा, "इस अवधि के दौरान, नोएडा में एक प्रमुख सेमीकंडक्टर फैक्ट्री की आधारशिला रखी गई, देश की पहली दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन ने गति पकड़ी, मेरठ मेट्रो का विस्तार किया गया और आज नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया जा रहा है।"
प्रधानमंत्री ने यूपी के विकास में इन उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए वर्तमान सरकार को श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर फैक्ट्री भारत को प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बना रही है, मेरठ मेट्रो और नमो भारत रेल तेज और स्मार्ट कनेक्टिविटी प्रदान कर रही है, और जेवर हवाई अड्डा पूरे उत्तर भारत को दुनिया से जोड़ रहा है। श्री मोदी ने कहा, "आज मौजूदा सरकार के तहत वही नोएडा यूपी के विकास का एक शक्तिशाली इंजन बन रहा है।"
हवाईअड्डा परियोजना के इतिहास के बारे में विस्तार से बताते हुए, प्रधान मंत्री ने याद किया कि जेवर हवाईअड्डे को अटल जी ने 2003 में ही मंजूरी दे दी थी। और जैसे ही यहां वर्तमान सरकार बनी, नींव रखी गई, निर्माण हुआ और अब इसका परिचालन शुरू हो गया है,'' श्री मोदी ने कहा।
लॉजिस्टिक्स हब के रूप में क्षेत्र की उभरती भूमिका की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए, प्रधान मंत्री ने बताया कि यह क्षेत्र दो प्रमुख माल ढुलाई गलियारों का केंद्र बन रहा है, मालगाड़ियों के लिए विशेष रेलवे ट्रैक बिछाए गए हैं, जिन्होंने बंगाल और गुजरात के समुद्रों के साथ उत्तर भारत की कनेक्टिविटी को बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि दादरी वह रणनीतिक बिंदु है जहां ये दोनों गलियारे मिलते हैं, जिसका अर्थ है कि यहां किसान जो कुछ भी उगाते हैं और उद्योग पैदा करते हैं वह अब जमीन और हवाई मार्ग से दुनिया के हर कोने तक तेजी से पहुंच सकता है। पीएम मोदी ने कहा, "इस तरह की मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी यूपी को दुनिया भर के निवेशकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बना रही है।"
प्रधानमंत्री ने क्षेत्र की छवि में बदलाव को संबोधित करते हुए कहा। आज नोएडा पूरी दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार है। ये पूरा क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत कर रहा है।”
प्रधानमंत्री ने उन किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस परियोजना को वास्तविकता बनाने के लिए अपनी जमीनें दीं, यह देखते हुए कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में कृषि और खेती का बहुत महत्व है। श्री मोदी ने कहा कि आधुनिक कनेक्टिविटी के विस्तार से पश्चिमी यूपी में खाद्य प्रसंस्करण की संभावनाओं को और बढ़ावा मिलेगा, उन्होंने कहा, "यहां की कृषि उपज अब अधिक कुशलता से वैश्विक बाजारों तक पहुंचेगी।"
कच्चे तेल पर भारत की निर्भरता को कम करने में गन्ना किसानों के योगदान को स्वीकार करते हुए, प्रधान मंत्री ने गन्ने से उत्पादित इथेनॉल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। पीएम मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इथेनॉल उत्पादन में वृद्धि और पेट्रोल के साथ इसके मिश्रण के बिना, भारत को सालाना अतिरिक्त साढ़े चार करोड़ बैरल, लगभग 700 करोड़ लीटर कच्चे तेल का आयात करना पड़ता, उन्होंने कहा, "हमारे किसानों की कड़ी मेहनत ने देश को संकट के समय में यह बड़ी राहत दी है।"
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केंद्रीय विद्युत अभियांत्रिकी सेवा और भारतीय आर्थिक सेवा के अधिकारियों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की
आरएस अनेजा, 27 मार्च नई दिल्ली - केंद्रीय विद्युत अभियांत्रिकी सेवा (सीपीईएस) और भारतीय आर्थिक सेवा (आईईएस) के अधिकारियों ने आज (27 मार्च, 2026) राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।
अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वे भारत के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं और उनके निर्णय एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहायक होंगे। समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देने वाली नीतियों को आकार देने और सुधारों को लागू करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने अधिकारियों को समर्पण और उत्साह की भावना से कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने सफर में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन ये चुनौतियां राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान देने के अपार अवसर प्रदान करती हैं। उन्हें हमेशा जिज्ञासा, नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता और निरंतर सीखने की तत्परता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
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27/03/26 |रक्षा मंत्रालय का बड़ा कदम: तुंगुस्का मिसाइल प्रणाली और P8I विमान रखरखाव के लिए ₹858 करोड़ के अनुबंधों पर हस्ताक्षर
आरएस अनेजा, 27 मार्च नई दिल्ली - रक्षा मंत्रालय ने तुंगुस्का वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की खरीद और P8I लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान के निरीक्षण (डिपो स्तर) के लिए कुल 858 करोड़ रुपये के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन अनुबंधों पर 27 मार्च, 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में हस्ताक्षर किए गए।
भारतीय सेना के लिए तुंगुस्का वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियों की खरीद का अनुबंध, जिसका मूल्य 445 करोड़ रुपये है, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में रूस की JSC रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ हस्ताक्षरित किया गया। ये अत्याधुनिक मिसाइलें विमानों, ड्रोनों और क्रूज मिसाइलों सहित हवाई खतरों के खिलाफ भारत की बहु-स्तरीय वायु रक्षा क्षमताओं को बढ़ाएंगी। यह समझौता भारत-रूस रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और मजबूत करेगा।
भारतीय नौसेना के लिए P8I लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान के निरीक्षण (डिपो स्तर) का अनुबंध—जो 'बाय इंडियन' (Buy Indian) श्रेणी के तहत 100% स्वदेशी सामग्री के साथ 413 करोड़ रुपये का है—रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में बोइंग इंडिया डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड (जो बोइंग की पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय सहायक कंपनी है) के साथ हस्ताक्षरित किया गया।
यह अनुबंध देश के भीतर ही स्थित MRO (रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल) सुविधा पर P8I बेड़े के डिपो-स्तरीय रखरखाव को सुनिश्चित करेगा, जो भारत सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक-इन-इंडिया' के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप है।
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27/03/26 |ब्रिक्स युवा समन्वय बैठक 2026: भारत की अध्यक्षता में युवा सशक्तिकरण के नए युग का आगाज़
आरएस अनेजा, 27 मार्च नई दिल्ली - युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय के युवा कार्य विभाग ने वर्चुअल रूप से पहली ब्रिक्स युवा समन्वय बैठक का आयोजन किया। यह बैठक शाम 4:30 बजे से शाम 6:00 बजे (भारतीय समयानुसार) तक चली जिसमें ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
वर्ष 2026 के लिए भारत के ब्रिक्स की अध्यक्षता ग्रहण करने के साथ ही, इस बैठक से औपचारिक रूप से "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण " विषय के तहत गतिविधियों की शुरुआत हुई। इससे वर्ष भर के लिए युवा सहयोग कार्यक्रमों के लिए दिशा निर्धारित हुई है।
इस बैठक में भारत ने ब्रिक्स यूथ ट्रैक 2026 का एक संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया जिसमें कार्य समूह की बैठकें, विषयगत सहभागिताएं, ब्रिक्स स्वयंसेवी गतिविधियां, युवा विकास मंच, युवा परिषद की बैठक, युवा शिखर सम्मेलन और युवा मंत्रिस्तरीय बैठक सहित प्रमुख पहलों की रूपरेखा शामिल थी।
बैठक में सदस्य देशों के बीच सहयोग के लिए प्राथमिकता वाले विषयों पर चर्चा की गईं जिनमें शिक्षा और कौशल, युवा उद्यमिता, विज्ञान और नवाचार, सामाजिक भागीदारी, समावेशन, स्वास्थ्य और खेल, पर्यावरण और स्थिरता, अंतरधार्मिक संवाद और युवा आदान-प्रदान शामिल हैं।
इस बैठक ने सदस्य देशों को व्यापक विषयगत क्षेत्रों पर सहमति बनाने और ब्रिक्स यूथ ट्रैक 2026 के तहत सहयोग को मजबूत करने के लिए एक मंच प्रदान किया, जिससे भारत की अध्यक्षता के दौरान आगामी कार्यक्रमों की नींव रखी गई।
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27/03/26 |भारत-जापान मैत्री की नई उड़ान: ₹16,420 करोड़ के विकास ऋण के साथ बदलेंगे तीन राज्य
आरएस अनेजा, 27 मार्च नई दिल्ली - जापान सरकार ने भारत को शहरी परिवहन, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्रों में चार परियोजनाओं के लिए 275.858 अरब जापानी येन (लगभग 16,420 करोड़ रुपये) का आधिकारिक विकास सहायता (ओडीए) ऋण देने की प्रतिबद्धता जताई है, जिन्हें पंजाब, कर्नाटक और महाराष्ट्र राज्यों में कार्यान्वित किया जाना है।
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के संयुक्त सचिव श्री आलोक तिवारी और भारत में जापान के राजदूत केइची ओनो के बीच 24 मार्च, 2026 को ऋण समझौतों का आदान-प्रदान हुआ। इन परियोजनाओं में "बेंगलुरु मेट्रो रेल परियोजना (चरण 3) (I)" (102.480 अरब जापानी येन), "मुंबई मेट्रो लाइन 11 परियोजना (I)" (92.400 अरब जापानी येन), "महाराष्ट्र में तृतीयक स्वास्थ्य सेवा वितरण, चिकित्सा शिक्षा प्रणाली और नर्सिंग शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने की परियोजना (I)" (62.294 अरब जापानी येन) और "पंजाब में सतत बागवानी को बढ़ावा देने की परियोजना" (18.684 अरब जापानी येन) शामिल हैं। भारत सरकार और जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) के बीच ऋण समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं।
बेंगलुरु मेट्रो रेल परियोजना (चरण 3) (I) का उद्देश्य बेंगलुरु महानगर क्षेत्र में बढ़ती यातायात मांग से निपटने के लिए जन-तीव्र परिवहन प्रणाली का विस्तार करना है। इससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, शहरी पर्यावरण में सुधार होगा और अंततः यातायात जाम से राहत और बढ़ते मोटर वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी के माध्यम से जलवायु परिवर्तन को कम करने में मदद मिलेगी।
मुंबई मेट्रो लाइन 11 परियोजना (I) का उद्देश्य जन तीव्र परिवहन प्रणाली का विस्तार करके मुंबई में यातायात की बढ़ती मांग से निपटना है, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिले, शहरी पर्यावरण में सुधार हो और अंततः यातायात जाम से राहत और बढ़ते मोटर वाहनों के कारण होने वाले प्रदूषण में कमी के माध्यम से जलवायु परिवर्तन को कम किया जा सके।
महाराष्ट्र में तृतीयक स्वास्थ्य सेवा वितरण, चिकित्सा शिक्षा प्रणाली और नर्सिंग शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने की परियोजना (I) का उद्देश्य तृतीयक स्वास्थ्य सुविधाओं, कॉलेजों, अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और नर्सिंग स्कूलों के निर्माण के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को सुदृढ़ करके महाराष्ट्र में चिकित्सा देखभाल की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार करना है। इससे भारत में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (यूएचसी) को बढ़ावा देने में भी योगदान मिलेगा।
पंजाब में सतत बागवानी को बढ़ावा देने की परियोजना का उद्देश्य उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों में विविधता लाकर, सुदृढ़ मूल्य श्रृंखला और क्षमता विकास के लिए अवसंरचना का विकास करके सतत बागवानी को बढ़ावा देना और किसानों की आय में सुधार करना है। इससे पंजाब में पर्यावरण संरक्षण और सतत सामाजिक-आर्थिक विकास को बल मिलेगा।
भारत और जापान के बीच सन् 1958 से द्विपक्षीय विकास सहयोग का एक लंबा और फलदायी इतिहास रहा है। आर्थिक सहयोग, जो भारत-जापान संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ है, पिछले कुछ वर्षों में लगातार प्रगति कर रहा है। इससे भारत और जापान के बीच रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी और भी मजबूत होती है।
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27/03/26 |पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कटौती पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज बोले, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता का हर परिस्थिति में पूरा ध्यान रखते है”
अमेरिका के अलावा भारत के आसपास देशों में पेट्रोल के दाम बढ़े हैं, मगर हमारे देश में जनता की जेब पर बोझ न बढ़े इसलिए कटौती की गई : मंत्री अनिल विज
देश में लॉकडाउन की अफवाह पर ऊर्जा मंत्री ने दी कड़ी प्रतिक्रिया, कहा “देश विरोधी लोग देश में हर वक्त कोई न कोई भ्रांति फैलाकर रखना चाहते है”
अम्बाला/चंडीगढ़, 27 मार्च — हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर 10-10 रुपए एक्साइज ड्यूटी में कटौती करने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता का हर परिस्थिति में पूरा ध्यान रखते है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि खाड़ी के देशों में युद्ध चल रहा है और इसके कारण देश के लोगों को कोई परेशानी न उठानी पड़े इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल-डीजल पर 10-10 रुपए एक्साइज ड्यूटी कम कर दी है जबकि आसपास के देशों में तेल के दाम बढ़े हैं। अमेरिका, पाकिस्तान व आसपास देशों में तेल के दाम बढ़े लेकिन हमारे देश में लोगों की जेब पर बोझ न पड़े इसलिए यहां पर एक्साइज ड्यूटी कम की गई है।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने भारत में लॉकडाउन की अफवाह पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो देश विरोधी लोग हैं, विदेशी ताकतों के हाथों में खेलने वाले लोग हैं वो देश में हर वक्त कोई न कोई भ्रांति फैलाकर रखना चाहते है। उन्होंने कहा हमारा देश चार-पांच युद्ध लड़ चुका है लेकिन तब भी लॉकडाउन नहीं लगा। अब यह युद्ध भारत से लगभग पांच हजार किलोमीटर दूर लड़ा जा रहा है। ऐसे में केवल लोगों को भ्रमित करने और डराने के लिए यह लोग ऐसी अफवाहें फैला रहे हैं और इनको जनता जवाब देगी।
वहीं युद्ध के चलते एलपीजी गैस कमी को लेकर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि एलपीजी की किसी प्रकार की कोई किल्लत नहीं है। गैस उचित मात्रा में मिल रही है, अम्बाला छावनी साइंस इंडस्ट्री के लोगों को कुछ दिक्कत आई थी जिसके लिए उच्च अधिकारियों से बातचीत की गई और समाधान करने की निर्देश दिए गए हैं।
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म्यांमार के 'साइबर नर्क' में भारतीयों को धकेलने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार, CBI ने मुंबई से दबोचा आरोपी
नई दिल्ली, 27 मार्च (अन्नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे एक बेहद खतरनाक 'साइबर स्लेवरी' नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए इसके मुख्य मास्टरमाइंड सुनील नेलथु रामकृष्णन उर्फ 'कृष्ण' को मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि वह निर्दोष भारतीय नागरिकों को थाईलैंड में आकर्षक नौकरियों का लालच देकर म्यांमार के म्यावाडी क्षेत्र (विशेषकर बदनाम केके पार्क) में तस्करी के जरिए भेजता था, जहाँ उन्हें जबरन साइबर धोखाधड़ी के केंद्रों में बंधक बनाकर रखा जाता था।
सीबीआई की जांच में खुलासा हुआ है कि यह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट है। ये लोग पीड़ितों को पहले दिल्ली से बैंकॉक ले जाते थे और वहां से अवैध रास्तों के जरिए म्यांमार भेज देते थे। वहां पहुँचने के बाद इन भारतीयों को 'डिजिटल अरेस्ट' स्कैम, 'रोमांस फ्रॉड' और 'क्रिप्टोकरेंसी' निवेश के नाम पर दुनिया भर के लोगों को ठगने के लिए मजबूर किया जाता था। मना करने पर पीड़ितों को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी जाती थी, उन्हें कमरे में बंद रखा जाता था और उनकी आवाजाही पर सख्त पाबंदी होती थी।
साल 2025 में कुछ भारतीय नागरिक इन केंद्रों से किसी तरह भाग निकलने में सफल रहे और थाईलैंड पहुँचे, जहाँ से उन्हें मार्च और नवंबर 2025 में भारत वापस लाया गया। सीबीआई ने इन पीड़ितों से विस्तृत बातचीत की, जिससे इस पूरे गिरोह के काम करने के तरीके (Modus Operandi) का पता चला। खुफिया जानकारी के आधार पर की गई लंबी जांच के बाद सुनील उर्फ कृष्ण की पहचान इस नेटवर्क के मुख्य सूत्रधार के रूप में हुई।
आरोपी के भारत लौटते ही सीबीआई ने मुंबई में उस पर निगरानी रखी और उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके ठिकाने पर की गई छापेमारी के दौरान म्यांमार और कंबोडिया में चल रहे मानव तस्करी और साइबर क्राइम ऑपरेशंस से जुड़े कई अहम डिजिटल दस्तावेज और सबूत बरामद हुए हैं। सीबीआई अब इस नेटवर्क में शामिल अन्य विदेशी नागरिकों और सहयोगियों की तलाश कर रही है ताकि इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह की जड़ों को पूरी तरह से उखाड़ा जा सके।
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25/03/26 |
भारत ने अप्रैल में डिलीवरी के लिए लगभग 6 करोड़ (60 मिलियन) बैरल रूसी कच्चे तेल खरीदा है
भारत ने हाल ही में रूस से भारी मात्रा में कच्चा तेल खरीदा है, जिसकी बड़ी खेप अप्रैल 2026 में भारत पहुँचने वाली है।
भारतीय रिफाइनरियों ने अप्रैल में डिलीवरी के लिए लगभग 6 करोड़ (60 मिलियन) बैरल रूसी कच्चे तेल का सौदा पक्का किया है।
वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है।
फरवरी के मुकाबले बढ़ोतरी: यह मात्रा फरवरी 2026 में की गई खरीद से दोगुनी से भी अधिक है।
भारत के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव के कारण सऊदी अरब और इराक जैसे देशों से तेल की आपूर्ति में बाधा आ रही है। ऐसे में रूस एक भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरा है।
रूस से मिलने वाला तेल वैश्विक कीमतों (Brent Crude) के मुकाबले रियायती दरों पर मिल रहा है, जिससे भारत को अपनी अर्थव्यवस्था संभालने और महंगाई को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
भारत अपनी तेल की जरूरतों का लगभग 85% आयात करता है। अप्रैल की यह बड़ी खेप घरेलू बाजार में ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।
भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि तेल की खरीद पूरी तरह से राष्ट्रीय हित पर आधारित है और भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए किसी अन्य देश की अनुमति पर निर्भर न
हीं है।
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मंत्रिमंडल ने 28,840 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना - संशोधित उड़ान योजना को मंजूरी दी
आरएस अनेजा, 25 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत सरकार के बजटीय सहयोग से 28,840 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2035-36 तक दस वर्षों की अवधि के लिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना - संशोधित उड़ान के शुभारंभ और कार्यान्वयन को मंजूरी दे दी है।
प्रभाव :
कम सेवा प्राप्त और सेवा से वंचित क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय हवाई संपर्क में सुधार।
दूसरे और तीसरे दर्जे के शहरों में आर्थिक विकास, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा।
आम नागरिकों के लिए सस्ती हवाई यात्रा का समर्थन।
दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में आपातकालीन कार्रवाई और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में सुधार।
क्षेत्रीय हवाई अड्डों और एयरलाइन संचालकों के लिए अधिक व्यवहार्यता और स्थिरता।
आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी एयरोस्पेस क्षेत्र को बढ़ावा।
विकसित भारत 2047 लक्ष्य की ओर प्रगति।
इस योजना के प्रमुख घटक निम्नलिखित हैं:
(ए) हवाई अड्डों का विकास (पूंजीगत व्यय)
संशोधित उड़ान योजना के तहत, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए मौजूदा अनुपलब्ध हवाई पट्टियों से 100 हवाई अड्डों को विकसित करने का प्रस्ताव है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और भारत को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी विमानन इकोसिस्टम में बदलने के विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप है, जिसके लिए अगले आठ वर्षों में कुल 12,159 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा।
(बी) हवाई अड्डों का संचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम)
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (आरसीएस) के अंतर्गत आने वाले हवाई अड्डों के निरंतर संचालन एवं रखरखाव की उच्च लागत और सीमित राजस्व स्रोतों को देखते हुए, योजना के तहत तीन वर्षों के लिए प्रति हवाई अड्डे 3.06 करोड़ रुपये प्रति वर्ष और प्रति हेलीपोर्ट/वाटर एयरोड्रॉम 0.90 करोड़ रुपये प्रति वर्ष की अधिकतम सीमा के साथ संचालन एवं रखरखाव संबंधी सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव है, जिसका अनुमान लगभग 441 हवाई अड्डों के लिए 2,577 करोड़ रुपये है।
(सी) आधुनिक हेलीपैडों का विकास
पहाड़ी, दूरस्थ, द्वीपीय और विकासशील क्षेत्रों में कनेक्टिविटी संबंधी चुनौतियों का समाधान करने के लिए, योजना के तहत 15 करोड़ रुपये प्रति हेलीपैड की लागत से 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने का प्रस्ताव है, जिसकी कुल आवश्यकता अगले आठ वर्षों में (मुद्रास्फीति-समायोजित) 3,661 करोड़ रुपये होगी। यह योजना प्राथमिकता वाले और विकासशील जिलों पर केंद्रित है ताकि अंतिम-मील कनेक्टिविटी और आपातकालीन कार्रवाई में सुधार किया जा सके।
(डी) व्यवहार्यता में कमी के समाधान हेतु निधि (वीजीएफ)
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत, एयरलाइन संचालकों को आवंटित मार्गों पर परिचालन के लिए विजिबिलिटी फंड (वीजीएफ) के रूप में वित्तीय सहायता प्राप्त होती है। दीर्घकालीन बाजार के बदलाव की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, एयरलाइन संचालकों को 10 वर्षों में 10,043 करोड़ रुपये की विजिबिलिटी फंड सहायता प्रस्तावित की गई है।
(ई) आत्मनिर्भर भारत विमान अधिग्रहण
दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में संचालन के लिए आवश्यक छोटे फिक्स्ड-विंग विमानों और हेलीकॉप्टरों की कमी को दूर करने और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को आगे बढ़ाने के लिए, इस योजना में पवन हंस के लिए दो एचएएल ध्रुव हेलीकॉप्टर और एलायंस एयर के लिए दो एचएएल डोर्नियर विमान खरीदने का भी प्रस्ताव है।
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25/03/26 |- खेल,
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स्वर्ण पथ पर भारतीय लैक्रोस: पहले ही बड़े टूर्नामेंट में चैंपियन बनी टीमें, अब मिशन 'लॉस एंजिल्स 2028' पर नजर
आरएस अनेजा, 25 मार्च नई दिल्ली - केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बुधवार को रियाद में आयोजित एशियाई लैक्रोस खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष और महिला लैक्रोस टीमों को बधाई दी और उनसे कड़ी मेहनत जारी रखने और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करके इतिहास रचने का लक्ष्य रखने का आह्वान किया।
खिलाड़ियों से बातचीत करते हुए मांडविया ने लैक्रोस जैसे उभरते खेलों में दृढ़ संकल्प, अनुभव और निरंतर प्रयास के महत्व पर जोर दिया। श्री मांडविया ने कहा, “लैक्रोस भारत के लिए एक उभरता हुआ बड़ा खेल है। यह आपका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय अनुभव था और आप पहले ही पदक जीत चुके हैं। अब आपका ध्यान और अधिक मेहनत करने, अधिक अनुभव प्राप्त करने और लॉस एंजिल्स 2028 के लिए क्वालीफाई करके देश को गौरवान्वित करने पर केंद्रित होना चाहिए।”
मांडविया यह भी कहा कि सरकार खेलो इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से खिलाड़ियों का समर्थन करती रहेगी, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जुनून और दृढ़ता ही सफलता की कुंजी हैं।
इस फरवरी में सऊदी अरब के रियाद में आयोजित एशियाई लैक्रोस खेलों में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों और महिलाओं दोनों के सिक्स फॉर्मेट में स्वर्ण पदक जीते। भारतीय पुरुष और महिला टीमों ने फाइनल मैच में क्रमशः इराक और पाकिस्तान को हराया।
भारतीय महिला लैक्रोस टीम ने 2024 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया, जबकि पुरुष टीम ने 2025 में पदार्पण किया, जिससे यह सफलता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। भारत की इस जीत की एक खास बात यह थी कि इसमें देश भर के विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात, तमिलनाडु, ओडिशा, असम, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश शामिल हैं।
एशिया-पैसिफिक लैक्रोस यूनियन के तहत आयोजित एशियाई लैक्रोस खेल, लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक में लैक्रोस को शामिल करने से पहले इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी रास्ते विकसित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा हैं। भारत के अगले प्रमुख आयोजनों में अप्रैल में चीन के चेंगदू में आयोजित होने वाले तीसरे एशियाई लैक्रोस खेल और इस अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित होने वाली एशिया-पैसिफिक सिक्स लैक्रोस चैंपियनशिप शामिल हैं, जो एलए 2028 के लिए क्वालीफिकेशन के रूट के रूप में काम करेगी।
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आकाशवाणी 26 मार्च से राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का पूर्ण संस्करण प्रसारित करेगा
आरएस अनेजा, 25 मार्च नई दिल्ली - स्वतंत्रता के बाद से ही आकाशवाणी स्टेशनों की यह परंपरा रही है कि वे अपने सुबह के प्रसारण की शुरुआत अपनी प्रतिष्ठित धुन से करते हैं, जिसके बाद राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के दो छंदों वाला संस्करण (अवधि 65 सेकंड) प्रसारित किया जाता है।
गृह मंत्रालय द्वारा दिनांक 28 जनवरी, 2026 को जारी छह छंदों वाले राष्ट्रीय गीत संबंधी दिशानिर्देश के अनुसार, आकाशवाणी के सभी स्टेशनों पर 26 मार्च, 2026 से राष्ट्रीय गीत का नया संस्करण प्रसारित किया जाएगा। नए संस्करण की अवधि 3 मिनट 10 सेकंड है।
प्रसारित होने वाला प्रारंभिक संस्करण प्रसिद्ध हिंदी शास्त्रीय गायक पंडित चंद्रशेखर वाजे द्वारा राग देस में गाया गया है।
क्षेत्रीय वाद्ययंत्रों की विविधता को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय गीत के कई अन्य संस्करण भी रिकॉर्ड किए जा रहे हैं। इन संस्करणों को संबंधित राज्यों में स्थित आकाशवाणी स्टेशनों द्वारा अपनाया जाएगा।
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25/03/26 |सावधान! गैस बुकिंग की समय-सीमा को लेकर न हों भ्रमित, सरकार ने अफवाहों को किया खारिज
आरएस अनेजा, 25 मार्च नई दिल्ली - केंद्र सरकार ने एलपीजी रिफिल बुकिंग को लेकर भ्रमाक प्रचारों पर विराम लगाया है।
आज केंद्र सरकार द्वारा जारी बयान में सरकार ने कहा कि सरकार के संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ समाचार रिपोर्टें और सोशल मीडिया पोस्ट LPG रिफिल बुकिंग के लिए नई समय-सीमाओं का दावा कर रहे हैं—जैसे PMUY कनेक्शन के लिए 45 दिन, गैर-PMUY सिंगल बोतल कनेक्शन के लिए 25 दिन, और गैर-PMUY डबल बोतल कनेक्शन के लिए 35 दिन।
यह स्पष्ट किया जाता है कि इस तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। रिफिल बुकिंग की मौजूदा समय-सीमाएं अपरिवर्तित हैं और पहले की तरह ही लागू हैं:
शहरी क्षेत्रों में 25 दिन, और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन; चाहे कनेक्शन किसी भी प्रकार का हो।
नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी गलत जानकारियों पर विश्वास न करें और न ही उन्हें आगे फैलाएं; साथ ही, LPG रिफिल की अनावश्यक या घबराहट में की जाने वाली बुकिंग से बचें।
यह दोहराया जाता है कि देश में LPG का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, और चिंता का कोई कारण नहीं है।
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वजन घटाने वाली दवाओं (GLP-1) पर सरकार की स्ट्राइक: बिना डॉक्टरी सलाह इस्तेमाल पड़ेगा भारी
आरएस अनेजा, 25 मार्च नई दिल्ली - भारत के औषधि नियंत्रक ने वजन घटाने वाली दवा (जीएलपी-1) की आपूर्ति श्रृंखला में नैतिक औषधीय प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करने के लिए दवा की अनधिकृत बिक्री और प्रचार के विरूद्ध अपनी नियामक निगरानी को तेज कर दिया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने सलाह दी है कि चिकित्सक की सलाह पर ही इनका प्रयोग किया जाए। भारतीय बाजार में जीएलपी-1 आधारित वजन घटाने वाली दवाओं के कई नवीन जेनेरिक वेरिएंट के आने से खुदरा फार्मेसियों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, थोक विक्रेताओं और स्वास्थ्य क्लीनिकों के माध्यम से इनकी ऑन-डिमांड उपलब्धता को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। उचित चिकित्सा पर्यवेक्षण के बिना इन दवाओं के उपयोग से गंभीर दुष्प्रभाव और संबंधित स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं।
भारत के औषधि नियंत्रक ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए राज्य नियामकों के सहयोग से दवा आपूर्ति श्रृंखला में संभावित कदाचारों पर अंकुश लगाने और अनधिकृत बिक्री और उपयोग को रोकने और उन अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई शुरू की है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी निर्माताओं को एक व्यापक सलाह जारी की गई, जिसमें स्पष्ट रूप से भ्रमित विज्ञापनों और किसी भी प्रकार के अप्रत्यक्ष प्रचार पर रोक लगाई गई जो उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकता है या ऑफ-लेबल उपयोग को प्रोत्साहित कर सकता है।
वर्तमान में प्रवर्तन गतिविधियों को काफी बढ़ाया गया है। ऑनलाइन फार्मेसी गोदामों, दवा थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं, स्वास्थ्य और वजन घटाने वाले क्लीनिकों सहित 49 संस्थाओं में ऑडिट और निरीक्षण किए गए। ये निरीक्षण देश भर के कई क्षेत्रों में किए गए और इनका उद्देश्य अनधिकृत बिक्री, अनुचित नुस्खे लिखने की तरीकों और भ्रामक विपणन से संबंधित उल्लंघनों की पहचान करना था। इसके अलावा, दोषी संस्थाओं को नोटिस भी भेजे गए हैं।
नियामक इस बात पर जोर देता है कि मरीज़ों की सुरक्षा सर्वोपरि है। चिकित्सकीय देखरेख के बिना वजन घटाने वाली दवाओं का दुरुपयोग गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी दवाओं का उपयोग केवल योग्य चिकित्सकों के मार्गदर्शन में ही करें।
यहां यह दोहराना महत्वपूर्ण है कि भारत में इस दवा को एंडोक्रिनोलॉजिस्ट और इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञों के निर्देश पर ही मंजूरी दी गई है, और कुछ मामलों में केवल कार्डियोलॉजिस्ट द्वारा ही इसका उपयोग किया जा सकता है। आने वाले समय में नियामक निगरानी को और तेज किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस रद्द करना, जुर्माना लगाना और लागू कानूनों के अंतर्गत मुकदमा चलाना शामिल है।
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सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: महिला सैन्य अफसरों को पूर्ण पेंशन का हक, भेदभाव खत्म करने का आदेश
ए के वत्स, 24 मार्च हरियाणा : भारतीय न्यायपालिका ने सशस्त्र बलों में लैंगिक समानता की दिशा में आज एक और मील का पत्थर स्थापित किया है। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को एक युगांतकारी निर्णय सुनाते हुए भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) के तहत सेवा दे चुकीं महिला अधिकारियों को पूरी पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ देने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां और न्यायमूर्ति एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ ने स्पष्ट किया कि जिन महिला अधिकारियों को केवल 'सिस्टम' के भेदभाव के कारण परमानेंट कमीशन (PC) से वंचित रखा गया, उन्हें उनके संवैधानिक अधिकारों से दूर नहीं रखा जा सकता।
20 साल की सेवा मानकर मिलेगी एकमुश्त राहत: अदालत ने उन महिला अधिकारियों के लिए विशेष 'वन-टाइम' राहत की घोषणा की है, जो परमानेंट कमीशन न मिलने के कारण पहले ही सेवा मुक्त हो चुकी थीं। कोर्ट ने आदेश दिया कि ऐसी अधिकारियों की सेवा अवधि को काल्पनिक रूप से 20 वर्ष (पेंशन के लिए अनिवार्य न्यूनतम अवधि) पूरा माना जाए। इससे वे सभी महिलाएं अब पूर्ण पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य पूर्व-सैनिक लाभों की हकदार होंगी, जिन्हें 10 या 14 साल की सेवा के बाद बिना किसी वित्तीय सुरक्षा के घर भेज दिया गया था।
'व्यवस्थागत भेदभाव' पर कोर्ट की कड़ी टिप्पणी: सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने सशस्त्र बलों के भीतर मौजूद गहरे ढांचागत भेदभाव पर कड़ा प्रहार किया। पीठ ने कहा कि महिलाओं को परमानेंट कमीशन से बाहर रखना उनकी पेशेवर क्षमता या योग्यता की कमी नहीं थी, बल्कि यह उस भेदभावपूर्ण व्यवस्था का परिणाम था जो दशकों से चली आ रही थी। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि देश की रक्षा में महिलाओं का योगदान पुरुषों के बराबर है और उनके साथ सेवा की शर्तों में किसी भी प्रकार का पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्या था पूरा विवाद? यह कानूनी लड़ाई उन महिला अधिकारियों द्वारा शुरू की गई थी जो एसएससी के तहत भर्ती हुई थीं। नियमों के मुताबिक, एसएससी अधिकारियों का कार्यकाल 10 साल का होता है, जिसे अधिकतम 4 साल तक बढ़ाया जा सकता है। इसके बाद परमानेंट कमीशन (PC) मिलने पर ही वे पेंशन के हकदार होते हैं, अन्यथा उन्हें खाली हाथ सेवा छोड़नी पड़ती है। कई योग्य महिला अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि उन्हें पीसी देने में जानबूझकर बाधाएं उत्पन्न की गईं। आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल (AFT) से होते हुए यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा, जहाँ आज महिलाओं की जीत हुई है।
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CBI का भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: शाहदरा साउथ जोन के एमसीडी सहायक अभियंता को रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा
नई दिल्ली, 23 मार्च (अन्नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को जारी रखते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) के एक सहायक अभियंता (Assistant Engineer) को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी, जो शाहदरा साउथ जोन के गाजीपुर स्थित क्यूयूसी कार्यालय में तैनात था, को सीबीआई की टीम ने एक शिकायतकर्ता से 18,000 रुपये की अवैध राशि स्वीकार करते हुए मौके पर ही धर दबोचा।
यह कार्रवाई 18 मार्च 2026 को दर्ज की गई एक शिकायत के बाद की गई। आरोप के मुताबिक, सहायक अभियंता ने शिकायतकर्ता की बिल सत्यापन (Bill Verification) से जुड़ी एक फाइल को स्वीकृत करने और उसे आगे बढ़ाने के बदले में 20,000 रुपये के अनुचित लाभ की मांग की थी। सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और ईमानदारी को दरकिनार कर रिश्वत की मांग करने वाले इस अधिकारी के खिलाफ सीबीआई ने जाल बिछाने की योजना बनाई।
नियोजित योजना के तहत, 19 मार्च 2026 को सीबीआई ने ट्रैप लगाया। जैसे ही सहायक अभियंता ने शिकायतकर्ता से मोलभाव के बाद तय हुई 18,000 रुपये की राशि मांगी और उसे अपने हाथ में लिया, सीबीआई की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस सफल छापेमारी के बाद आरोपी अधिकारी को हिरासत में ले लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
सीबीआई ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्ट लोक सेवकों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही, जांच एजेंसी ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी उनसे काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो वे इसकी शिकायत करने में संकोच न करें। नागरिक अपनी शिकायत दिल्ली के सीजीओ परिसर स्थित सीबीआई कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं या हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर भ्रष्टाचार को मिटाने में सहयोग दे सकते हैं।
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23/03/26 |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शहीद दिवस पर भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की
आरएस अनेजा, 23 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज शहीद दिवस के अवसर पर महान स्वतंत्रता सेनानियों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र के लिए इन महान नायकों का बलिदान भारत की सामूहिक स्मृति में गहराई से अंकित है; उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि कम उम्र में ही उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के उद्देश्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता दिखाई।
मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि औपनिवेशिक शासन की ताकत से विचलित हुए बिना, उन्होंने दृढ़ विश्वास के साथ बलिदान का मार्ग चुना और राष्ट्र को अपने जीवन से ऊपर रखा; न्याय, देशभक्ति और निडर प्रतिरोध के उनके आदर्श आज भी अनगिनत भारतीयों के मन में प्रेरणा का संचार करते हैं।
प्रधानमंत्री ने एक्स(X) पर लिखा:
"आज हम भारत माता के वीर सपूतों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। राष्ट्र के लिए उनका बलिदान हमारी सामूहिक स्मृति में सदा के लिए अंकित है।
कम उम्र में ही उन्होंने असाधारण साहस और भारत की स्वतंत्रता के उद्देश्य के प्रति अटूट निष्ठा का परिचय दिया। औपनिवेशिक शासन की ताकत से विचलित हुए बिना, उन्होंने दृढ़ विश्वास के साथ बलिदान का मार्ग चुना और राष्ट्र को अपने जीवन से ऊपर रखा; न्याय, देशभक्ति और निडर प्रतिरोध के आदर्श आज भी अनगिनत भारतीयों के मन में प्रेरणा का संचार करते हैं।
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गृह मंत्री अमित शाह ने सिख धर्म के दूसरे गुरु श्री अंगद देव जी के ज्योति-ज्योत दिवस पर उन्हें नमन किया
आरएस अनेजा, 22 मार्च नई दिल्ली - केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिख धर्म के दूसरे गुरु श्री अंगद देव जी के ज्योति-ज्योत दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन किया।
X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा “गुरु अंगद देव जी ने महान गुरुमुखी लिपि को विकसित कर गुरु नानक देव जी की वाणी को जन-जन तक पहुँचाया। उन्होंने लंगर और संगत की परंपरा को सशक्त बनाकर सेवा, समानता और भाईचारे का संदेश दिया।
उनके आदर्श आज भी समाज को मार्गदर्शन देते हैं। सिख धर्म के दूसरे गुरु, श्री अंगद देव जी के ज्योति-ज्योत दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।”
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22/03/26 |- भारत,
- India,
- बिहार,
- नरेंद्र मोदी,
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं
आरएस अनेजा, 22 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज बिहार दिवस के अवसर पर बिहार के लोगों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य के लोगों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिहार ने लंबे समय से भारतीय विरासत को गौरव और आध्यात्मिकता प्रदान की है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य वर्तमान में प्रतिदिन प्रगति के नए अध्याय गढ़ रहा है। मोदी ने आगे विश्वास व्यक्त किया कि बिहार के कर्मठ और ऊर्जावान लोगों का समर्पण और क्षमता ‘विकसित बिहार’ के संकल्प को ‘विकसित भारत’ के साथ साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री ने एक्स(X) पर लिखा:
"बिहार दिवस के अवसर पर राज्य के अपने सभी परिवारजनों को अनेकानेक शुभकामनाएं। भारतीय विरासत को भव्यता और दिव्यता प्रदान करने वाला हमारा यह प्रदेश आज प्रगति के नित-नए अध्याय गढ़ने में जुटा है। मुझे विश्वास है कि विकसित बिहार के साथ विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में यहां के कर्मठ एवं ऊर्जावान लोगों का समर्पण और सामर्थ्य बहुत काम आएगा।"
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धुरंधर-2 फिल्म में "शेर-ए-बलूच रणवीर सिंह" के एंट्री अरेबियन सांग "Didi" ने ताजा की 34 वर्ष पुरानी यादे
आरएस अनेजा, 21 मार्च नई दिल्ली - हाल ही में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर “धुरंधर 2” फिल्म आए दिन नए रिकार्ड ध्वस्त कर रही है। मुख्य किरदार रणवीर सिंह का एंट्री ट्रैक 'शेर-ए-बलोच' में 'Didi' नाम का एक अरेबियन गाना है जबकि इससे पहले पहली धुरंधर फिल्म में अक्षय खन्ना के Flipperachi का 'FA9LA' गाना दिखाया गया था जिसने सुर्खियां बटोरी थी। फिल्म के दोनों गाने वाहवाही लूट रहे हैं।
पहली फिल्म 'धुरंधर' में अक्षय खन्ना का 'शेर-ए-बलूच' वाला अंदाज आज भी सिनेमा प्रेमियों के जेहन में ताजा है। बहरीनी कलाकार फ्लिपराची के सुपरहिट ट्रैक 'FA9LA' पर उनकी वह जादुई एंट्री और बलूच कैंप में अचानक किया गया उनका डांस सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था लेकिन अब दूसरे पार्ट में कहानी अक्षय से सीधे रणवीर सिंह पर पहुंच गई है।
'धुरंधर' में अक्षय खन्ना का किरदार 'रहमान डकैत' खत्म हो चुका है, और अब सत्ता की कमान रणवीर सिंह के हाथों में है। रणवीर का किरदार 'जसकीरत सिंह रंगी' (जिसे हमजा अली मजारी के नाम से भी जाना जाता है) अब नया 'शेर-ए-बलूच' बनकर पर्दे पर तहलका मचा रहे हैं। उनकी एंट्री का दृश्य बिल्कुल अक्षय खन्ना की याद दिलाता है, लेकिन इस बार म्यूजिक और तेवर दोनों ही एकदम अलग है।
"Didi" गाना पहली बार 1990 के दशक की शुरुआत में सुना गया, इसने कई रूप देखे हैं: क्लबों में, शादियों में, रेडियो स्टेशनों पर, और अब, "धुरंधर 2" में यह गाना प्रचलित हो रहा है। यह अरेबियान गाना Khaled—जिन्हें अक्सर Cheb Khaled के नाम से जाना जाता है—सिर्फ़ "Didi" के गायक ही नहीं हैं; वह ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने अल्जीरियाई राई (raï) संगीत को स्थानीय सड़कों से उठाकर वैश्विक मंचों तक पहुँचाया। और 2026 में, उनकी आवाज़ को एक बार फिर सिनेमाई प्रासंगिकता मिली है। 1992 में रिलीज़ हुआ "Didi" गाने ने पूरे यूरोप, मध्य पूर्व और एशिया के कुछ हिस्सों में चार्ट्स पर अपनी जगह बनाई। फ़्रांस में, इसने Top 10 में जगह बनाकर बाधाओं को तोड़ा—जो उस समय अल्जीरियाई अरबी में गाए गए किसी गाने के लिए एक असाधारण उपलब्धि थी।
Aditya Dhar की फ़िल्म "Dhurandhar: The Revenge" में, "Didi" की वापसी होती है—लेकिन पुरानी यादों के तौर पर नहीं। यह एक मकसद के साथ आता है। फ़िल्म के एंड क्रेडिट्स में "Didi – Sher E Baloch" नाम से दिखाया गया इसका नया रूप, एक नाटकीय दृश्य के दौरान बजता है, जहाँ Ranveer Singh के किरदार का स्वागत एक बलूच समूह द्वारा किया जाता है। यह पल भव्य, बहुआयामी और जान-बूझकर नाटकीय बनाया गया है।
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सीमाओं से परे युद्ध: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी ‘नए भारत’ के युवाओं को आधुनिक चुनौतियों से लड़ने की नई दृष्टि
आरएस अनेजा, 21 मार्च नई दिल्ली - “आज के ज़माने की लड़ाई सीमाओं से परे है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा में आर्थिक, डिजिटल, ऊर्जा और यहाँ तक कि खाद्य सुरक्षा भी शामिल है,” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा। उन्होंने एक मज़बूत सेना की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, जिसे ऐसे तैयार नागरिक समर्थन दें जो किसी भी हालात में देश की रक्षा के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हो सकें।
21 मार्च, 2026 को उत्तराखंड के सैनिक स्कूल, घोड़ाखाल के स्थापना दिवस समारोह और हीरक जयंती (Diamond Jubilee) के मौके पर वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि संघर्षों का स्वरूप पूरी तरह से बदल गया है। आज किसी भी देश को आर्थिक, साइबर, अंतरिक्ष और सूचना युद्ध के ज़रिए कमज़ोर किया जा सकता है, जिसके लिए हर नागरिक को हर समय सतर्क और तैयार रहने की ज़रूरत है।
जहाँ एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार रक्षा बलों को खास हथियारों और तकनीकों से लैस करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है, वहीं रक्षा मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नागरिकों, खासकर युवाओं को, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के ज़रिए मानसिक मज़बूती और बौद्धिक स्पष्टता विकसित करने की ज़रूरत है, ताकि वे देश को किसी भी स्थिति से निपटने में मदद कर सकें। VUCA (अस्थिर, अनिश्चित, जटिल और अस्पष्ट) की अवधारणा का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे आधुनिक चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अपना खुद का VUCA विकसित करें - यानी Vision (दृष्टि), Understanding (समझ), Courage (साहस) और Adaptability (अनुकूलन क्षमता)।
देश-निर्माण के लिए ज़रूरी मूल्यों को ज़्यादा से ज़्यादा युवाओं तक पहुँचाने की दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डालते हुए, श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हाल ही में देश भर में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत 100 नए सैनिक स्कूल खोलने का फ़ैसला लिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि एक और पहल के तहत नेशनल कैडेट कोर (NCC) में सीटों की संख्या बढ़ाई जा रही है। “पहले NCC में 17 लाख कैडेट्स को शामिल करने की क्षमता थी; अब इसे बढ़ाकर 20 लाख कर दिया गया है,” उन्होंने कहा।
रक्षा मंत्री ने सैनिक स्कूलों में लड़कियों के दाखिले के फ़ैसले को ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बताया, जो देश की 'नारी शक्ति' को और मज़बूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ये लड़कियाँ 'नारी शक्ति' की मशाल बनेंगी और अलग-अलग क्षेत्रों में सफलता की नई ऊँचाइयाँ छूएँगी। सैनिक स्कूल, घोड़ाखाल द्वारा राष्ट्र की सेवा में 60 वर्ष पूरे करने के अवसर पर छात्रों, शिक्षकों, पूर्व छात्रों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए, राजनाथ सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि छात्र अनुशासन और समर्पण के उच्चतम मानकों को बनाए रखना जारी रखेंगे, जिससे उनके परिवारों, संस्थान और राष्ट्र को गौरव प्राप्त होगा।
"दशकों के दौरान, इस स्कूल ने 800 से अधिक छात्रों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में और 2,000 से अधिक उम्मीदवारों को संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा (CDS) और वायु सेना सामान्य प्रवेश परीक्षा (AFCAT) जैसी विभिन्न प्रवेश योजनाओं के माध्यम से सशस्त्र बलों में भेजा है।" उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह संस्थान ऐसे नेताओं को तैयार करना जारी रखेगा जो राष्ट्र-निर्माण में सार्थक योगदान देंगे। उन्होंने आगे कहा कि स्कूल के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र, जिनमें पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल एम.के. कटियार भी शामिल हैं, छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
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21/03/26 |उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने नागपुर में 29वें 'भारतीय युवा संसद' सत्र को किया संबोधित
आरएस अनेजा, 21 मार्च नई दिल्ली - भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज महाराष्ट्र के नागपुर में महर्षि व्यास सभागार में भारतीय युवा संसद के 29वें राष्ट्रीय सत्र को संबोधित किया। यह सत्र "भारतीय भाषाएँ और विकसित भारत–2047" विषय पर आधारित है।
नागपुर के महत्व का उल्लेख करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह शहर राष्ट्रीय चेतना में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है, क्योंकि यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का जन्मस्थान है, जिसकी स्थापना डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में की थी। उन्होंने कहा कि एक छोटी सी पहल से राष्ट्रीय सेवा को समर्पित एक विशाल आंदोलन तक इस संगठन की यात्रा "राष्ट्र प्रथम" की भावना और राष्ट्र के प्रति समर्पण को दर्शाती है।
दो दशकों से अधिक समय से किए जा रहे कार्यों के लिए भारतीय युवा संसद राष्ट्रीय ट्रस्ट की सराहना करते हुए, उन्होंने कहा कि इस संगठन ने विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को आपस में जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे "एक भारत श्रेष्ठ भारत" की भावना को मजबूती मिली है।
"भारतीय भाषाएँ और विकसित भारत–2047" विषय पर बोलते हुए, उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की भाषाई विविधता उसकी एक बड़ी ताकत है, और कहा कि जब हम अपनी मातृभाषा में बोलते हैं, तो हम "क्षेत्रीय" नहीं, बल्कि "मौलिक" होते हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हर भाषा की अपनी एक विरासत होती है और ये सभी मिलकर राष्ट्र की सांस्कृतिक समरसता का निर्माण करती हैं। उन्होंने भारत के संविधान को कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने के हालिया प्रयासों का भी उल्लेख किया और कहा कि भाषाई विविधता को बढ़ावा देना और उसका संरक्षण करना राष्ट्रीय विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि 2047 तक "विकसित भारत" का लक्ष्य उधार के विचारों के माध्यम से प्राप्त नहीं किया जा सकता; इसके लिए भारत को अपनी जड़ों से जुड़कर नवाचार करना होगा, अपनी मूल भाषाओं और लिपियों में चिंतन करना होगा, और अपनी सभ्यतागत पहचान पर पूर्ण विश्वास रखते हुए आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने संस्कृत और अन्य भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की भूमिका की भी सराहना की, और कहा कि संस्कृत कई भारतीय भाषाओं को आपस में जोड़ती है तथा भारत की ज्ञान-परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है, और आज के युवा ही वह "अमृत पीढ़ी" हैं जो 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र के रूप में उभरते हुए देखेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह युवा संसद इस राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में अपना सार्थक योगदान देगी। इससे पहले दिन में, उपराष्ट्रपति ने नागपुर स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन में RSS के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की समाधि (स्मारक) पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री जिष्णु देव वर्मा; महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले; समाज सेवी डॉ. कृष्ण गोपाल; केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी; इंडियन यूथ पार्लियामेंट के राष्ट्रीय संयोजक श्री आशुतोष जोशी; और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ पूरे देश से बड़ी संख्या में युवा प्रतिभागियों ने भाग लिया।
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21/03/26 |नीले समंदर का नया शिकारी: नौसेना के बेड़े में शामिल होने को तैयार 'INS तारागिरी'
आरएस अनेजा, 21 मार्च नई दिल्ली - भारत की समुद्री संप्रभुता के लिए एक निर्णायक क्षण को चिह्नित करने वाले एक समारोह में, भारतीय नौसेना 03 अप्रैल 2026 को अपने नवीनतम स्टेल्थ फ्रिगेट, 'तारागिरी' (F41) को कमीशन करने की तैयारी कर रही है।
विशाखापत्तनम में होने वाला यह समारोह, जिसकी अध्यक्षता माननीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे, राष्ट्र के पूरी तरह से आत्मनिर्भर नौसैनिक शक्ति बनने की दिशा में की गई यात्रा का एक सशक्त प्रमाण होगा।
प्रोजेक्ट 17A श्रेणी के चौथे शक्तिशाली प्लेटफॉर्म के रूप में, 'तारागिरी' केवल एक जहाज नहीं है; यह 'मेक इन इंडिया' की भावना और हमारे स्वदेशी शिपयार्डों की परिष्कृत इंजीनियरिंग क्षमताओं का 6,670 टन का एक साकार रूप है।
मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) द्वारा निर्मित, यह फ्रिगेट पिछली डिज़ाइनों की तुलना में एक पीढ़ीगत छलांग का प्रतिनिधित्व करता है। इसकी बनावट अधिक सुव्यवस्थित है और इसका 'रडार क्रॉस-सेक्शन' (RCS) काफी कम है, जिससे यह अत्यंत घातक 'स्टेल्थ' (छिपकर वार करने की क्षमता) के साथ काम कर सकता है।
75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ, यह जहाज एक ऐसे घरेलू औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र की परिपक्वता को उजागर करता है, जिसमें अब 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) शामिल हैं। ये उद्यम भारत सरकार की 'आत्मनिर्भरता' पहलों में योगदान देते हुए, हजारों भारतीयों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करते हैं।
'कंबाइंड डीज़ल या गैस' (CODOG) प्रणोदन संयंत्र द्वारा संचालित, 'तारागिरी' को 'उच्च गति – उच्च सहनशक्ति' (High-Speed – High Endurance) की बहुमुखी प्रतिभा और बहु-आयामी समुद्री अभियानों के लिए डिज़ाइन किया गया है। जहाज का हथियार तंत्र विश्व-स्तरीय है, जिसमें सुपरसोनिक 'सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें', 'मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें' और एक विशेष 'पनडुब्बी-रोधी युद्ध' (ASW) प्रणाली शामिल है।
ये सभी प्रणालियाँ एक अत्याधुनिक 'कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम' के माध्यम से निर्बाध रूप से एकीकृत हैं, जो यह सुनिश्चित करता है कि चालक दल खतरों का जवाब अत्यंत सटीक और त्वरित गति से दे सके।
समुद्रों के एक प्रमुख शिकारी के रूप में अपनी भूमिका से परे, 'तारागिरी' को आधुनिक कूटनीति और मानवीय संकटों की जटिलताओं से निपटने के लिए भी तैयार किया गया है। इसकी लचीली मिशन प्रोफ़ाइल इसे उच्च-तीव्रता वाले युद्ध अभियानों से लेकर 'मानवीय सहायता और आपदा राहत' (HADR) कार्यों तक—हर प्रकार की स्थिति के लिए आदर्श बनाती है।
भारतीय नौसेना एक युद्ध-तैयार, सुसंगत, विश्वसनीय और 'आत्मनिर्भर' शक्ति के रूप में लगातार विकसित हो रही है। यह एक ऐसे 'विकसित और समृद्ध भारत' के लिए समुद्रों की सुरक्षा करती है, जिसकी रक्षा भारतीयों द्वारा डिज़ाइन किए गए, भारतीयों द्वारा निर्मित और भारतीयों द्वारा ही संचालित जहाजों के बेड़े द्वारा की जाती है। तारागिरी, बढ़ती समुद्री शक्ति के एक प्रकाश-स्तंभ और हमारी समुद्री सीमाओं के एक अभेद्य प्रहरी के रूप में, एक उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार खड़ी है।
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जल सुरक्षा का नया संकल्प: 'विश्व जल दिवस सम्मेलन 2026' कल और भारत की बदलती तस्वीर
आरएस अनेजा, 21 मार्च नई दिल्ली - दुनिया भर में 22 मार्च को मनाया जाने वाला 'विश्व जल दिवस' ताज़े पानी के बेहद ज़रूरी महत्व और पानी के टिकाऊ प्रबंधन की तत्काल ज़रूरत की याद दिलाता है। यह पानी की कमी, जलवायु परिवर्तन और सभी तक समान पहुँच जैसी बढ़ती चुनौतियों को उजागर करता है, साथ ही सरकारों, उद्योगों और समुदायों को आज और आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी सुरक्षित करने की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करता है। इस साल का वैश्विक विषय, "जल और लिंग," समावेशी और न्यायसंगत जल शासन की ज़रूरत पर और भी ज़्यादा ज़ोर देता है।
कार्रवाई के इस वैश्विक आह्वान को मज़बूती देते हुए, जल शक्ति मंत्रालय 23 मार्च 2026 को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में "जल के लिए उद्योग" विषय के तहत 'विश्व जल दिवस सम्मेलन 2026' का आयोजन करेगा। उद्घाटन सत्र केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल की उपस्थिति में होगा, जिसमें सरकार और उद्योग के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
यह सम्मेलन "संपूर्ण-सरकार" और "संपूर्ण-समाज" दृष्टिकोण के माध्यम से भारत की जल सुरक्षा को मज़बूत करने की दिशा में विभिन्न विभागों, शिक्षा जगत और उद्योगों के बीच बढ़ते तालमेल को उजागर करता है। पानी को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संसाधन और इसके प्रबंधन में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की प्राथमिक भूमिका को पहचानते हुए, उन्हें इस अवसर को मनाने के लिए उपयुक्त गतिविधियों का आयोजन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
ऐसी पहलें जन जागरूकता बढ़ा सकती हैं, सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दे सकती हैं, और पानी के ज़िम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहित कर सकती हैं। राज्य/केंद्र शासित प्रदेश जागरूकता कार्यक्रम चला सकते हैं, वर्षा जल संचयन और पुन: उपयोग जैसी बेहतरीन प्रथाओं को प्रदर्शित कर सकते हैं, पानी के उपयोग की दक्षता में सुधार के लिए उद्योगों और शहरी स्थानीय निकायों के साथ जुड़ सकते हैं, और समुदाय के नेतृत्व वाली पहलों को बढ़ावा दे सकते हैं।
यह सम्मेलन टिकाऊ जल प्रबंधन के लिए संवाद, नवाचार और सहयोग का एक राष्ट्रीय मंच होगा, जो नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं, शिक्षाविदों, स्टार्टअप्स, MSMEs और युवा नवप्रवर्तकों को एक साथ लाकर ऐसे समाधान तैयार करेगा जो बड़े पैमाने पर लागू किए जा सकें और प्रौद्योगिकी पर आधारित हों।
उद्योग को पानी के उपयोग की दक्षता, रीसाइक्लिंग, पुन: उपयोग और नवाचार के एक प्रमुख चालक के रूप में स्थापित करते हुए, यह सम्मेलन एक ऐसे बड़े बदलाव को उजागर करता है जहाँ उद्योग पानी के केवल उपयोगकर्ता होने से आगे बढ़कर पानी के संरक्षक बन रहे हैं, और ज़्यादा समझदारी भरे तथा टिकाऊ तरीकों को अपना रहे हैं। इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से 700 से ज़्यादा प्रतिनिधियों की भागीदारी देखने को मिलेगी।
एक मुख्य आकर्षण 'जल शक्ति हैकाथॉन' के विजेताओं का सम्मान होगा, जिसके माध्यम से जल क्षेत्र में किए गए अभिनव और प्रभावशाली समाधानों को मान्यता दी जाएगी। राज्य सरकारें इसमें सक्रिय रूप से भाग लेंगी, विशेष रूप से जनगणना-केंद्रित सत्र में; इस सत्र में प्रमुख राष्ट्रीय जल जनगणना रिपोर्टों के पूरा होने और उनके विमोचन के अवसर पर सम्मान समारोह भी आयोजित किया जाएगा, जो डेटा-आधारित जल शासन के महत्व को रेखांकित करेगा।
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सीमा सुरक्षा और शिक्षा का संगम: RRU और SSB के बीच ऐतिहासिक समझौता, अब जवानों के हुनर को मिलेगी शैक्षणिक डिग्री
आरएस अनेजा, 21 मार्च नई दिल्ली - भारत के आंतरिक सुरक्षा ढांचे को मज़बूत करने की दिशा में हाल ही में उठाए गए एक कदम के तहत, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) अकादमी ने, अपने प्रशिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर, आज विशेष सुरक्षा पाठ्यक्रमों को संबद्धता और मान्यता देने के लिए आधिकारिक तौर पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस औपचारिक हस्ताक्षर समारोह का आयोजन दिल्ली स्थित SSB मुख्यालय में किया गया, जिसमें RRU के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) कल्पेश एच. वंड्रा; RRU में संबद्धता और मान्यता के डीन श्री अविनाश खरेल; और SSB के महानिदेशक (DG) श्री संजय सिंघल सहित अन्य उच्चाधिकारियों ने भाग लिया।
यह रणनीतिक साझेदारी एक औपचारिक ढांचा स्थापित करती है, जिसके तहत 'राष्ट्रीय महत्व का संस्थान' होने के नाते RRU, SSB अकादमी में संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों को शैक्षणिक मान्यता प्रदान करेगा। समझौते की शर्तों के अनुसार, दोनों संस्थानों ने संसाधनों के व्यापक आदान-प्रदान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है, जिसमें संकाय की विशेषज्ञता, शिक्षण-अधिगम के उपकरण और विशेष प्रशिक्षण सुविधाएं शामिल हैं। इस सहयोग का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित शैक्षणिक अनुसंधान और सीमा सुरक्षा बलों की व्यावहारिक तथा ज़मीनी आवश्यकताओं के बीच की खाई को पाटना है।
इस कार्यक्रम के दौरान, प्रो. (डॉ.) कल्पेश एच. वंड्रा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह सहयोग पहले से ही परिणाम देने लगा है; उन्होंने बताया कि RRU ने हाल ही में SSB अधिकारियों के लिए "स्मार्ट सीमा प्रबंधन" (Smart Border Management) नामक एक विशेष पाठ्यक्रम संचालित किया था। व्यावसायिक विकास के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने के लिए, RRU अपनी अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और क्षेत्र-आधारित कार्यशालाओं के माध्यम से SSB कर्मियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इस पहल से SSB के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का आधुनिकीकरण होने की उम्मीद है, जिसमें सीमा निगरानी और आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के लिए प्रौद्योगिकी-आधारित समाधानों पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा।
SSB के महानिदेशक संजय सिंघल ने बल के लिए आवश्यक शैक्षणिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने की RRU की क्षमताओं पर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह साझेदारी अधिकारियों के "कौशल उन्नयन और पुनर्-कौशलन" (upskilling and re-skilling) पर विशेष रूप से केंद्रित होगी, ताकि वे सीमा प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा के निरंतर बदलते परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को ढाल सकें।
दोनों संस्थानों की प्रतिभा-पूंजी का सदुपयोग करते हुए, इस पहल का उद्देश्य सशस्त्र सीमा बल के भीतर निरंतर व्यावसायिक विकास के लिए एक सुदृढ़ पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में स्थापित, इस विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और पुलिसिंग के लिए एक प्रमुख शैक्षणिक और अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में कार्य करना है। यह विशेषज्ञों के एक वैश्विक नेटवर्क का उपयोग करके, एक अनुशासित ढांचे के भीतर विशेष पेशेवर शिक्षा प्रदान करता है।
इस MoU (समझौता ज्ञापन) के अनुसरण में, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय SSB द्वारा संचालित मौजूदा और भविष्य के पाठ्यक्रमों को मान्यता प्रदान करेगा। इसके परिणामस्वरूप, RRU के 'पाठ्यक्रमों के संयुक्त प्रत्यायन और प्रमाणन दिशानिर्देशों' के आधार पर, प्रमाण पत्र/डिप्लोमा/PG डिप्लोमा/एडवांस्ड डिप्लोमा/स्नातक डिग्री/स्नातकोत्तर डिग्री प्रदान की जा सकती है।
इस साझेदारी में कार्यान्वयन के लिए एक तार्किक ढांचा शामिल है:
पाठ्यक्रम मूल्यांकन: RRU, SSB प्रतिष्ठानों में मौजूदा पाठ्यक्रम का मूल्यांकन करेगा ताकि प्रशिक्षण घंटों और सामग्री की शैक्षणिक क्रेडिट के साथ समतुल्यता निर्धारित की जा सके।
पाठ्यक्रम संवर्धन: दोनों संस्थान, विशिष्ट डिग्री या डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए आवश्यक "अतिरिक्त क्रेडिट" की आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु, अतिरिक्त पाठ्यक्रम सामग्री या सिलेबस (पाठ्यक्रम) तैयार करने में सहयोग करेंगे।
मानकीकृत मूल्यांकन: RRU के नियमों (Statutes) द्वारा निर्धारित उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए, प्रत्येक मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम हेतु एक सुदृढ़ मूल्यांकन प्रक्रिया और ग्रेडिंग तंत्र स्थापित किया जाएगा।
शैक्षणिक निष्ठा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए, यह साझेदारी मौजूदा और अतिरिक्त, दोनों प्रकार की पाठ्यक्रम सामग्री की समय-समय पर जांच और सत्यापन को अनिवार्य बनाती है। यह सुनिश्चित करता है कि पाठ्यक्रम गतिशील बना रहे और उभरते सुरक्षा खतरों के प्रति संवेदनशील हो। इसके अतिरिक्त, यह समझौता सशस्त्र सीमा बल (SSB) अकादमी में एक समर्पित RRU डेस्क की स्थापना की सुविधा प्रदान करता है। यह प्रशासनिक केंद्र डेटा का प्रबंधन करेगा, दैनिक संचार को सुव्यवस्थित करेगा, और प्रत्यायन प्रक्रिया के प्रभावी कार्यान्वयन की देखरेख करेगा, जिससे विश्वविद्यालय और अर्धसैनिक बल के बीच निर्बाध समन्वय सुनिश्चित हो सके।
यह सहयोग गृह मंत्रालय के "एकीकृत प्रशिक्षण" (Integrated Training) के दृष्टिकोण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सैद्धांतिक अनुसंधान और व्यावहारिक सीमा प्रबंधन के बीच की खाई को पाटता है। SSB कर्मियों द्वारा प्राप्त किए गए कठोर प्रशिक्षण को प्रमाणित करके, यह MoU उन्हें करियर में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर और शैक्षणिक मान्यता प्रदान करता है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप है।
एक प्रमुख आंतरिक सुरक्षा विश्वविद्यालय और सीमा की रक्षा करने वाले एक अग्रिम पंक्ति के बल के बीच यह तालमेल, भारत की सुरक्षा संरचना को अधिक पेशेवर बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। सामरिक प्रशिक्षण को राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCrF) के साथ संरेखित करके, यह MoU सुनिश्चित करता है कि SSB के अधिकारियों और कर्मियों का समर्पण औपचारिक शैक्षणिक उपलब्धियों के रूप में परिलक्षित हो।
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भारत की जैव विविधता पर 'सर्जिकल स्ट्राइक': इनवेसिव स्पीशीज से निपटने के लिए NBA ने गठित की उच्च-स्तरीय विशेषज्ञ समिति
आरएस अनेजा, 21 मार्च नई दिल्ली - नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के पालन में, नेशनल बायोडायवर्सिटी अथॉरिटी (NBA) ने इनवेसिव एलियन स्पीशीज़ पर एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है, ताकि पूरे देश में ऐसी प्रजातियों से पैदा होने वाले बढ़ते पारिस्थितिक और सामाजिक-आर्थिक जोखिमों से निपटा जा सके।
यह फैसला NGT की एक स्वतः संज्ञान कार्यवाही (O.A. No. 162/2023) के बाद आया है, जिसमें इनवेसिव एलियन स्पीशीज़ से स्थानीय जैव विविधता, प्रमुख पारिस्थितिक तंत्रों, कृषि, खाद्य सुरक्षा, और मानव व वन्यजीवों के स्वास्थ्य को होने वाले गंभीर खतरों पर ज़ोर दिया गया था, और NBA को एक व्यापक अध्ययन करने का निर्देश दिया गया था। MoEFCC की उस सलाह से इसे और बल मिला, जिसमें एक समर्पित विशेषज्ञ निकाय स्थापित करने की बात कही गई थी।
तदनुसार, जैविक विविधता अधिनियम, 2002 (जैसा कि 2023 में संशोधित किया गया) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए, NBA ने इस मुद्दे पर रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए एक बहु-विषयक समिति का गठन किया है। समिति को यह ज़िम्मेदारी सौंपी गई है कि वह राज्यों से मिले इनपुट के आधार पर इनवेसिव एलियन स्पीशीज़ की एक समेकित राष्ट्रीय सूची तैयार करे, उच्च जोखिम वाली प्रजातियों की पहचान करे और उन्हें प्राथमिकता दे, तथा उनकी रोकथाम, नियंत्रण और उन्मूलन के लिए विज्ञान-आधारित प्रबंधन रणनीतियों, पारिस्थितिक बहाली के उपायों और राष्ट्रीय स्तर के दिशानिर्देशों की सिफारिश करे।
यह सर्वोत्तम प्रथाओं का दस्तावेजीकरण और प्रसार भी करेगी, ज्ञान के महत्वपूर्ण अंतरालों की पहचान करेगी, और दीर्घकालिक प्रबंधन व नीतिगत प्रतिक्रियाओं को मज़बूत करने के लिए अनुसंधान और डेटा सृजन कार्यक्रमों का प्रस्ताव रखेगी।
समिति की अध्यक्षता धनंजय मोहन, IFS (सेवानिवृत्त), पूर्व PCCF और वन बल प्रमुख, उत्तराखंड कर रहे हैं; जबकि प्रो. (डॉ.) ए. बीजू कुमार, कुलपति, केरल यूनिवर्सिटी ऑफ़ फिशरीज़ एंड ओशन स्टडीज़, सह-अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं।
समिति में प्रमुख मंत्रालयों और प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रख्यात विशेषज्ञ शामिल हैं, जिनमें जूलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया, बॉटनिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया, पौधों, मछलियों और कीटों के आनुवंशिक संसाधनों पर ICAR अनुसंधान ब्यूरो, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद, भारतीय वन्यजीव संस्थान, भारतीय वन सर्वेक्षण, और तमिलनाडु, ओडिशा, महाराष्ट्र व असम के राज्य वन विभागों के प्रतिनिधि शामिल हैं। इनके अलावा, IUCN जैसे अंतर्राष्ट्रीय और शैक्षणिक विशेषज्ञ तथा अग्रणी अनुसंधान संस्थानों के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल हैं।
समिति की संरचना में विशेषज्ञता का एक व्यापक दायरा झलकता है, जिसमें पारिस्थितिकी, वानिकी, कृषि, मत्स्य पालन, समुद्री विज्ञान और जैव विविधता संरक्षण जैसे क्षेत्र शामिल हैं। यह संरचना इनवेसिव एलियन स्पीशीज़ से निपटने के लिए एक समन्वित, विज्ञान-संचालित और 'संपूर्ण-सरकारी' (whole-of-government) दृष्टिकोण सुनिश्चित करती है।
यह समिति दो वर्षों की अवधि के लिए कार्य करेगी, और उससे भारत की जैव विविधता की सुरक्षा करने, पारिस्थितिकी तंत्र के लचीलेपन को बढ़ाने तथा राष्ट्रीय और वैश्विक जैव विविधता संबंधी प्रतिबद्धताओं को समर्थन देने में महत्वपूर्ण योगदान देने की अपेक्षा की जाती है।
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NHAI राष्ट्रीय राजमार्गों के संचालन और प्रबंधन के लिए AI-आधारित डैशकैम निगरानी प्रणाली शुरू करेगा
आरएस अनेजा, 20 मार्च नई दिल्ली - नेशनल हाईवे के ऑपरेशन और मैनेजमेंट को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, NHAI नेशनल हाईवे नेटवर्क के लगभग 40,000 km हिस्से पर एडवांस्ड AI पावर्ड डैशकैम एनालिटिक्स सर्विसेज़ (DAS) लगाएगा।
यह पहल पूरे देश में नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे के लिए हाई-टेक, डेटा-आधारित ऑपरेशन और रखरखाव (O&M) के इस्तेमाल को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) का लाभ उठाती है।
इस प्रोजेक्ट का मकसद हाई-रिज़ॉल्यूशन इमेज और वीडियो डेटा का इस्तेमाल करके रिमोट ट्रैकिंग और सड़क की स्थिति का आकलन करना है। सभी हिस्सों का पूरी तरह से साप्ताहिक सर्वे करने के लिए रूट पेट्रोल व्हीकल्स (RPVs) पर खास डैशबोर्ड कैमरे लगाए जाएंगे। 30 से ज़्यादा तरह के दोषों और गड़बड़ियों की अपने आप पहचान करने के लिए एडवांस्ड AI/ML प्रशिक्षित मॉडल लगाए जाएंगे।
मुख्य ध्यान सड़क की सतह (Pavement) की स्थिति पर होगा, जिसमें गड्ढों, दरारों और गंभीर टूट-फूट का पता लगाना शामिल है। अपनाई गई विधि में 'रोड फ़र्नीचर' भी शामिल होगा, जिसमें खराब या धुंधले लेन मार्किंग, क्रैश बैरियर और खराब स्ट्रीटलाइट की रियल-टाइम पहचान शामिल है। अवैध मीडियन ओपनिंग, बिना अनुमति वाले साइनबोर्ड, और अवैध पार्किंग या अतिक्रमण की निगरानी के ज़रिए सुरक्षा और अतिक्रमण पर खास ध्यान दिया जाएगा।
सड़क सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए, सड़क के संकेतों, सड़क की सतह के निशानों, रोड स्टड्स और हाईवे की रोशनी के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए महीने में कम से कम एक बार रात के समय भी साप्ताहिक सर्वे किया जाएगा। रखरखाव के अन्य ज़रूरी मुद्दे, जैसे पानी का जमाव, गायब ड्रेनेज कवर, पेड़-पौधों की बढ़त और बस-बे की स्थिति भी इसमें शामिल होगी।
रिपोर्ट की प्रभावी निगरानी के लिए, पूरे देश में रणनीतिक रूप से पाँच ज़ोन बनाए गए हैं, ताकि डेटा की व्यवस्थित निगरानी सुनिश्चित की जा सके। इस मकसद के लिए खास तौर पर एक विशेष IT प्लेटफ़ॉर्म विकसित किया जाएगा, जिसमें डेटा प्रबंधन, AI विश्लेषण और इंटरैक्टिव विज़ुअलाइज़ेशन डैशबोर्ड के लिए समर्पित मॉड्यूल होंगे।
यह समाधान समय के साथ सड़क की स्थितियों की आमने-सामने तुलना करने की भी सुविधा देता है, जिससे NHAI रखरखाव की प्रगति को सटीक रूप से ट्रैक कर पाता है और मरम्मत का काम कुशलता से कर पाता है। AI से मिले नतीजों को NHAI के केंद्रीय 'डेटा लेक' प्लेटफ़ॉर्म के साथ भी जोड़ा जाएगा, ताकि निर्बाध निगरानी हो सके और दोषों का समय पर सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
यह पहल नेशनल हाईवे के प्रौद्योगिकी-आधारित और कुशल ऑपरेशन और प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। AI-संचालित डैशकैम निगरानी का लाभ उठाने से समय पर रखरखाव हो पाएगा, सड़क सुरक्षा में सुधार होगा और पूरे नेशनल हाईवे नेटवर्क में उपयोगकर्ताओं का समग्र अनुभव बेहतर होगा।
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भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026: 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को रोशन करने की ओर बढ़ते कदम
आरएस अनेजा, 20 मार्च नई दिल्ली - भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 के दूसरे दिन केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय बिजली मंत्री स्तरीय बैठक बुलाई गई।
इस बैठक की सह-अध्यक्षता बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक ने की। इसमें चंडीगढ़ और पंजाब के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया, बिजली सचिव श्री पंकज अग्रवाल, सचिव (MNRE) श्री संतोष कुमार सारंगी, और विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के ऊर्जा मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
सभा को संबोधित करते हुए मनोहर लाल ने कहा कि BES 2026 'विकसित भारत 2047' के विज़न को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा। इस बात पर ज़ोर देते हुए कि आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे के लिए बिजली मौलिक आवश्यकता है, उन्होंने भारत की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला—जैसे 520 GW से अधिक की स्थापित क्षमता, DISCOM के बेहतर प्रदर्शन, बड़े पैमाने पर स्मार्ट मीटर लगाना, और बिजली की कमी में कमी आना।
उन्होंने सस्ती और कुशल बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच समन्वित प्रयासों का आह्वान किया। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ऊर्जा सुरक्षा के महत्व पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत बढ़ाने और नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बदलाव की गति तेज़ करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा स्रोत के रूप में परमाणु ऊर्जा की क्षमता का भी उल्लेख किया और 'SHANTI Act' को एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मनोहर लाल ने राज्यों को आवश्यक सुधारों को लागू करने में केंद्र की ओर से पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया, जिसमें कानूनी और प्रशासनिक उपाय भी शामिल हैं।
श्रीपाद नाइक ने बिजली क्षेत्र में बदलाव लाने में प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर प्रकाश डाला, और स्मार्ट मीटरिंग को इसका एक प्रमुख उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भारत की आधी स्थापित क्षमता गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से आती है, और उन्होंने नई मसौदा 'राष्ट्रीय बिजली नीति' के महत्व पर ज़ोर दिया, जिसमें 'विकसित भारत @ 2047' के विज़न को हासिल करने की रणनीतियां बताई गई हैं।
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20/03/26 |भारत के राष्ट्रपति ने वृंदावन में रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के नंद किशोर सोमानी ऑन्कोलॉजी ब्लॉक का उद्घाटन किया
आरएस अनेजा, 20 मार्च नई दिल्ली - भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज उत्तर प्रदेश के वृंदावन में रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के 'नंद किशोर सोमानी ऑन्कोलॉजी ब्लॉक' का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर बोलते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि रामकृष्ण मिशन आध्यात्मिक चेतना और मानवीय सेवा के संगम का एक सशक्त प्रतीक है। रामकृष्ण परमहंस की गहरी भक्ति ने एक शक्तिशाली धारा प्रवाहित की, जिसे उनके प्रमुख शिष्य, स्वामी विवेकानंद ने बाद में मानवता के कल्याण के लिए एक संस्थागत रूप दिया। रामकृष्ण मिशन ने निरंतर यह संदेश दिया है कि प्रेम, सेवा और करुणा ही ईश्वर-प्राप्ति का सर्वोच्च मार्ग हैं। इस मिशन ने यह सिद्ध किया है कि सच्ची निस्वार्थ सेवा और करुणा ही आध्यात्मिकता की वास्तविक अभिव्यक्ति हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि कैंसर सबसे गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। इस बीमारी का समय पर निदान और उच्च गुणवत्ता वाले उपचार तक पहुँच, किसी मरीज की जान बचाने में निर्णायक साबित हो सकती है। हालाँकि, कई परिवारों के लिए, आर्थिक बाधाओं के कारण इस बीमारी का इलाज कठिन या यहाँ तक कि असंभव भी प्रतीत होता है। ऐसे समय में, जनसेवा की भावना से प्रेरित संस्थाएँ सामाजिक कल्याण में सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं।
जागरूकता अभियानों और समय पर स्क्रीनिंग की सुविधाओं के माध्यम से, कैंसर की रोकथाम और शीघ्र उपचार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण केवल स्वस्थ नागरिकों के माध्यम से ही संभव हो पाएगा।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत अपने स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने और यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएँ प्रत्येक नागरिक तक पहुँचें। 'आयुष्मान भारत' जैसी ऐतिहासिक योजनाओं के माध्यम से, लाखों नागरिकों को किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। कैंसर के उपचार को भी 'आयुष्मान भारत' योजना के दायरे में लाया गया है, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को लाभ मिल रहा है।
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बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व सीनियर मैनेजर समेत 4 को जेल: साढ़े 3 करोड़ के फर्जीवाड़े में CBI कोर्ट ने सुनाया सख्त फैसला, लगा भारी जुर्माना
मुंबई/नई दिल्ली 20 मार्च (अन्नू): सीबीआई (CBI) की विशेष अदालत ने बैंक ऑफ इंडिया की नरीमन पॉइंट शाखा में हुए करोड़ों रुपये के धोखाधड़ी मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए बैंक के तत्कालीन सीनियर मैनेजर समेत चार लोगों को जेल और भारी जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला साल 2007-09 के दौरान फर्जी 'लेटर ऑफ क्रेडिट' (LC) के जरिए बैंक को चूना लगाने से जुड़ा है।
किसे कितनी मिली सजा: अदालत ने बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन सीनियर मैनेजर मनोज कुमार माथुर और इलेश शाह को 3-3 साल के कारावास और 50,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, 'इनफिनिट ट्रांसमिशन' के प्रोपराइटर हारित मेहता को 5 साल की जेल और 3.50 करोड़ रुपये के भारी-भरकम जुर्माने की सजा मिली है। इसी फर्म के डायरेक्टर अभय मेहता को भी 5 साल के कठोर कारावास और 1 करोड़ रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
फर्जीवाड़े का पूरा खेल: जांच के अनुसार, आरोपियों ने एक आपराधिक साजिश के तहत एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) की लोअर परेल शाखा के नाम पर 3.55 करोड़ रुपये का फर्जी लेटर ऑफ क्रेडिट तैयार किया था। बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन सीनियर मैनेजर मनोज कुमार माथुर ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर इस फर्जी दस्तावेज को असली मानकर डिस्काउंट कर दिया। इस राशि का एक हिस्सा पुरानी देनदारियों को चुकाने में इस्तेमाल किया गया, जबकि बाकी रकम को विभिन्न खातों के जरिए इधर-उधर (Siphon off) कर दिया गया।
16 साल बाद आया फैसला: सीबीआई ने इस मामले में 9 सितंबर 2010 को सात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। विस्तृत जांच के बाद 18 जून 2012 को 17 व्यक्तियों और फर्मों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने पाया कि आरोपियों ने बैंक को भारी वित्तीय नुकसान पहुँचाया और धन के स्रोत को छिपाने के लिए कई खातों का इस्तेमाल किया। अब अदालत ने सभी साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
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20/03/26 |उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 21 और 22 मार्च को महाराष्ट्र का दौरा करेंगे
आरएस अनेजा, 20 मार्च नई दिल्ली - उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार 21 और 22 मार्च, 2026 को महाराष्ट्र का दौरा करेंगे।
उपराष्ट्रपति 21 मार्च, 2026 को नागपुर के महर्षि व्यास सभागार में भारतीय युवा संसद के 29वें राष्ट्रीय सत्र के उद्घाटन समारोह में भाग लेंगे।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन उसी दिन बाद में, मुंबई के लोक भवन में रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह और 64वें जैन दीक्षा समारोह में भाग लेंगे।
उपराष्ट्रपति 22 मार्च, 2026 को पुणे के उरुली कंचन स्थित निसर्गोपचार आश्रम के स्थापना दिवस कार्यक्रम में भाग लेंगे।
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उत्तराखंड में मंत्रीमंडल विस्तार, पांच नए मंत्रियों को राज्यपाल ने शपथ दिलाई
आरएस अनेजा, 20 मार्च नई दिल्ली — उत्तराखंड सरकार में धामी मंत्रिमंडल में पांच नए मंत्रियों की एंट्री हो गई है। आज सुबह 10 बजे नव नियुक्त कैबिनेट मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राज्यपाल गुरमीत सिंह ने पांच विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जिसमें आज धामी मंत्रिमंडल के लिए विधायक मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, भरत चौधरी, राम सिंह कैड़ा और खजानदास को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। मंत्रिमंडल में गढ़वाल और कुमाऊं के क्षेत्रीय संतुलन को बनाने की बजाय विधायकों को तवज्जो दी गई है। उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार विस्तार की चर्चाओं को लेकर हमेशा सियासी हलचल बढ़ती रही है। अब धामी मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है
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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को दी नववर्ष और चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएँ
नई दिल्ली, 19 मार्च (अन्नू): केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नवसंवत्सर 'विक्रम संवत 2083' के शुभ अवसर पर समस्त देशवासियों को अपनी हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से संदेश साझा करते हुए कामना की कि यह नया साल सभी के जीवन में नई ऊर्जा, नवचेतना और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि देश का हर नागरिक सुख और शांति के साथ इस नववर्ष का स्वागत करे।
चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व की शुरुआत पर भी अमित शाह ने जनता को अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। उन्होंने माँ भगवती से सभी के उत्तम स्वास्थ्य और वैभवपूर्ण जीवन की कामना की। अपने संदेश में उन्होंने 'जय माता दी' का जयघोष करते हुए कहा कि देवी की कृपा से समाज में खुशहाली और संपन्नता बनी रहे। नवरात्रि का यह पर्व पूरे देश में भक्ति और शक्ति के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
इसके साथ ही, उन्होंने भारत के विभिन्न राज्यों में मनाए जाने वाले पारंपरिक त्योहारों जैसे उगादी, गुड़ी पड़वा, नवरेह, साजिबू चेइराओबा और चेटीचंड पर भी विशेष संदेश दिए। उन्होंने कर्नाटक और तेलुगु समुदाय के लोगों को उगादी की बधाई दी और महाराष्ट्र के नागरिकों के लिए गुड़ी पड़वा को विजय और शुभता का प्रतीक बताया। कश्मीरी पंडितों को नवरेह और मणिपुर के लोगों को साजिबू चेइराओबा की बधाई देते हुए उन्होंने सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने पर जोर दिया।
सिंधी समुदाय के प्रमुख पर्व चेटीचंड और भगवान झूलेलाल की जयंती पर भी अमित शाह ने अपनी शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि भगवान झूलेलाल द्वारा दिया गया आपसी सद्भाव और मानवता का संदेश हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने भगवान झूलेलाल से सभी के कल्याण की प्रार्थना की और विश्वास जताया कि ये विविधतापूर्ण उत्सव देश में एकता और भाईचारे की भावना को और भी मजबूत करेंगे।
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CBI की बड़ी कार्रवाई: बैंक धोखाधड़ी का मुख्य आरोपी चेन्नई से गिरफ्तार, पहचान बदलकर 9 साल से काट रहा था फरारी
चेन्नई/नई दिल्ली, 18 मार्च (अन्नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बैंक धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी एम. नागा कुमार उर्फ तमिल सेलवन को चेन्नई से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले कई वर्षों से अपनी पहचान छिपाकर गिरफ्तारी से बच रहा था, जिसे सीबीआई की विशेष टीम ने एक गुप्त और सुनियोजित ऑपरेशन के जरिए 16 मार्च 2026 को धर दबोचा।
यह पूरा मामला सितंबर 2015 का है, जब इंडियन बैंक की चेन्नई उत्तर क्षेत्र शाखा की शिकायत पर सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोप था कि मैसर्स श्री साईं बाबा रियल एस्टेट एंड कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर के. राजेंद्रन, चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म मैसर्स सारथी एंड बालू और कुछ अज्ञात लोक सेवकों ने मिलकर बैंक को करीब ₹4.66 करोड़ का चूना लगाया। आरोपियों ने विभिन्न होम लोन प्राप्त करने के लिए बैंक में जाली और फर्जी दस्तावेज जमा किए थे। एम. नागा कुमार इस मामले में उन कर्जदारों (Borrowers) में शामिल था, जिन्होंने धोखाधड़ी से लोन लिया था।
जांच के दौरान जब सीबीआई ने मार्च 2017 में 33 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, तब से नागा कुमार फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने बेहद शातिराना तरीका अपनाया। वह चेन्नई में ही अपनी पत्नी के साथ नई पहचान के साथ रह रहा था। उसने अपना नाम बदलकर 'तमिल सेलवन' रख लिया था और उसी के अनुसार अपने सभी पहचान पत्र और दस्तावेज भी संशोधित करवा लिए थे।
आरोपी का पता लगाने के लिए सीबीआई ने आधुनिक तकनीकी उपकरणों और जमीनी खुफिया जानकारी का सहारा लिया। गहन निगरानी के बाद जब यह पुष्टि हो गई कि तमिल सेलवन ही असल में फरार आरोपी नागा कुमार है, तो सीबीआई ने गुप्त अभियान चलाकर उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को चेन्नई की सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि पहचान बदलकर कानून की नजरों से बचना नामुमकिन है।
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भारतीय नौसेना की ओर से हिंद महासागर के आसपास के देशों के साथ सामुद्रिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए आईओएस सागर पहल
आरएस अनेजा, 18 मार्च नई दिल्ली- हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोगात्मक समुद्री सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, इंडियन ओशन शिप (आईओएस) सागर की 16 मार्च 2026 को शुरूआत हुई। यह आईओएस सागर पहल का दूसरा आयोजन है।
फरवरी 2026 में भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर नौसेना सिम्पोजियम (आईओएनएस) की अध्यक्षता ग्रहण की थी। इसलिए, इस आयोजन में हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर ) के 16 आईओएनएस देशों की भागीदारी शामिल है।
यह पहल भारत के दीर्घकालिक सामुद्रिक सहयोग के प्रयासों पर आधारित है और क्षेत्र में सभी के लिए सरकार के सुरक्षा और विकास (सागर) के संबंध में दृष्टिकोण को दर्शाती है, साथ ही यह पूरे क्षेत्र में महासागर यानी पारस्परिक और समग्र क्षेत्रीय सुरक्षा विकास के व्यापक कार्यक्रम को भी आगे बढ़ाती है।
आईओएस सागर एक अद्वितीय संचालन सहभागिता कार्यक्रम है जो विदेशी मित्र देशों के नौसैनिकों को भारतीय नौसेना के जहाज पर एक साथ प्रशिक्षण और नौकायन करने में सक्षम बनाता है। जहाज पर होने वाली गतिविधियों और व्यावसायिक प्रशिक्षण मॉड्यूल में अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों को शामिल करके, यह पहल व्यावहारिक सहयोग, अंतरसंचालनीयता और सामुद्रिक संचालन की साझा समझ को बढ़ावा देती है।
आईओएस सागर के वर्तमान आयोजन के हिस्से के रूप में, 16 विदेशी मित्र देशों के नौसैनिक इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।
कार्यक्रम का प्रारंभ कोच्चि में स्थित भारतीय नौसेना प्रशिक्षण केंद्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण सत्रों के साथ होगा, जहां प्रतिभागियों को नौसेना संचालन, समुद्री कौशल और सामुद्रिक सुरक्षा से जुड़ी अवधारणाओं के प्रमुख पहलुओं से अवगत कराया जाएगा। इस चरण के बाद, प्रतिभागियों को भारतीय नौसेना के जहाज पर तैनात किया जाएगा, जहां वे भारतीय नौसेना कर्मियों के साथ मिलकर समुद्री यात्रा करेंगे और समुद्र में संचालनात्मक गतिविधियों में भाग लेंगे।
यात्रा के दौरान, जहाज सामुद्रिक गतिविधियों और बंदरगाह के दौरे में भाग लेगा, जिससे क्षेत्र भर में सहयोगी नौसेनाओं और समुद्री एजेंसियों के साथ संवाद स्थापित करने में मदद मिलेगी। इन गतिविधियों का उद्देश्य पेशेवर संबंधों को मजबूत करना, सर्वोत्तम प्रणालियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और साझा सामुद्रिक चुनौतियों की एक गहरी समझ को विकसित करना है।
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CBSE की शिक्षकों को चेतावनी: कॉपी चेकिंग से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करने पर होगी कानूनी कार्रवाई
नई दिल्ली, 17 मार्च (अभी) : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों और परीक्षकों के लिए एक बेहद सख्त एडवाइजरी जारी की है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी तरह से गोपनीय होती है और इसे सार्वजनिक करना पेशेवर आचरण का उल्लंघन माना जाएगा। सीबीएसई ने पाया है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल कुछ शिक्षक और व्यक्ति सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी राय, अनुभव और मार्किंग से जुड़ी जानकारियां साझा कर रहे हैं, जो न केवल नियमों के विरुद्ध है बल्कि छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी भ्रम पैदा कर रहा है।
16 मार्च को जारी किए गए आधिकारिक सर्कुलर में बोर्ड ने स्कूल प्रिंसिपलों को निर्देश दिया है कि वे अपने शिक्षकों को इस संवेदनशील मामले में सचेत करें। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने बताया कि सोशल मीडिया पर पोस्ट की जा रही कई जानकारियां तथ्यहीन और भ्रामक हैं, जिससे अफवाहों को बल मिल रहा है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर बुरा असर पड़ रहा है। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि जो भी शिक्षक या व्यक्ति मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी, फोटो या अनुभव सार्वजनिक मंचों पर पोस्ट करेगा, उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई (Legal Action) की जाएगी।
सीबीएसई ने शिक्षकों को 'पेशेवर संयम' बरतने की सलाह देते हुए कहा है कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन एक अत्यंत जिम्मेदारी वाला कार्य है जिसे निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत ही पूरा किया जाना चाहिए। बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि किसी भी व्यक्ति को सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने के लिए सीबीएसई के नाम, लोगो (Logo) या उसकी इमारतों की तस्वीरों का उपयोग करने की अनुमति नहीं है। परीक्षकों से अपेक्षा की गई है कि वे अपनी ड्यूटी के दौरान गोपनीयता, गरिमा और व्यावसायिकता बनाए रखें। बोर्ड ने अभिभावकों और छात्रों से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अनधिकृत जानकारी पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक वेबसाइट (cbse.gov.in) पर दी गई सूचनाओं को ही सही मानें।
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पूर्व सैनिकों के लिए विशेष रोजगार मेले का आयोजन करेगा पुनर्वास महानिदेशालय
आरएस अनेजा, 17 मार्च नई दिल्ली - पुनर्वास महानिदेशालय (डीजीआर) पूर्व सैनिकों को सशक्त बनाने और नागरिक कार्यबल में उनका समर्थन करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में, पूर्व सैनिक कल्याण विभाग (रक्षा मंत्रालय) के अंतर्गत 20 मार्च 2026 को नई दिल्ली में पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार मेले का आयोजन कर रहा है।
यह रोज़गार मेला भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के पूर्व सैनिकों को सुरक्षा, आईटी, प्रशासन, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य सेवा, प्रशासन और इंजीनियरिंग सहित विविध क्षेत्रों के कॉर्पोरेट और उद्योग जगत के प्रमुख नियोक्ताओं से जोड़ने के लिए मंच के रूप में कार्य करेगा।
यह पहल पूर्व सैनिकों के पुनर्वास और कल्याण के प्रति पूर्व सैनिक कल्याण विभाग (रक्षा मंत्रालय) की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस रोजगार मेले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पूर्व सैनिकों के अनुशासन, नेतृत्व और तकनीकी विशेषज्ञता को रोजगार बाज़ार में मान्यता मिले। रक्षा मंत्रालय वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान देश भर में विभिन्न स्थानों पर पूर्व सैनिकों के लिए 18 रोजगार मेलों का आयोजन कर रहा है, जिनमें से सत्रह रोजगार मेले अब तक दिल्ली, चेन्नई, अहमदाबाद, लखनऊ, वाराणसी, कोलकाता, सिकंदराबाद, जम्मू, भोपाल, कोच्चि, गुवाहाटी, देहरादून, बेंगलुरु, पुणे और चंडीगढ़ में आयोजित किए जा चुके हैं।
रोजगार मेले में पूर्व सैनिकों को नियोक्ताओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का करने का अवसर मिलेगा, जो कार्यबल में पूर्व सैनिकों के अनूठे योगदान को समझते और सराहते हैं। पंजीकरण करने पर नियोक्ताओं को समर्पित, कुशल और कार्यकुशल पेशेवरों के रिज्यूमे देखने को मिलेगा। नियोक्ता रोजगार मेले के दौरान पहले से चयनित उम्मीदवारों के साक्षात्कार और चयन की योजना बना सकते हैं।
नियोक्ता और पूर्व सैनिक एआई-संचालित जॉब प्लेटफॉर्म www.esmhire.com पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण का लिंक डीजीआर की वेबसाइट www.dgrindia.gov.in पर भी उपलब्ध है। पूर्व सैनिकों और नियोक्ताओं के लिए पंजीकरण निःशुल्क है।
दिनांक और समय: 20 मार्च, 2026, सुबह 7:00 बजे से
स्थान: अरावली ऑडिटोरियम, शंकर विहार मेट्रो स्टेशन के पास, दिल्ली कैंट, नई दिल्ली-110010
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें :-
निदेशक (एसई), डीजीआर : dirsedgr@desw,gov.in| फ़ोन: 011-20862532
संयुक्त निदेशक (एसई), डीजीआर : seopadgr@desw.gov.in| फ़ोन: 011-20863432
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15/03/26 |- भारत,
पद्म पुरस्कार 2027 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू, 31 जुलाई तक ऑनलाइन भेजे जा सकेंगे नामांकन
नई दिल्ली, 15 मार्च (अभी) : गणतंत्र दिवस, 2027 के अवसर पर घोषणा किए जाने वाले पद्म पुरस्कार-2027 के लिए नामांकन/अनुशंसाएं 15 मार्च, 2026 से प्रारंभ हो गई हैं। पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2026 है। पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन/अनुशंसाएं केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (https://awards.gov.in) पर ऑनलाइन ही स्वीकार की जाएंगी।
पद्म पुरस्कार अर्थात् पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री, देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से हैं। 1954 में प्रारंभ किए गए इन पुरस्कारों की घोषणा प्रति वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। ये पुरस्कार ‘विशिष्ट कार्य’ के लिए दिए जाते हैं। ये पुरस्कार कला, साहित्य और शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान और इंजीनियरिंग, सार्वजनिक कार्य, सिविल सेवा, व्यापार और उद्योग आदि जैसे सभी क्षेत्रों/विषयों में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवा के लिए दिए जाते हैं। जाति, व्यवसाय, पद या लिंग के भेदभाव के बिना सभी व्यक्ति इन पुरस्कारों के लिए पात्र हैं। डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को छोड़कर, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम में काम करने वाले लोगों सहित सरकारी कर्मचारी पद्म पुरस्कारों के लिए पात्र नहीं हैं।
सरकार पद्म पुरस्कारों को ‘‘जनता का पद्म’’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए, सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे स्वयं के नामांकन सहित नामांकन/अनुशंसाएं भेजें। ऐसे प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान करने के लिए मिलकर प्रयास किए जाने चाहिए, जिनकी उत्कृष्टता और उपलब्धियां वास्तव में पहचान की हकदार हैं। ये व्यक्ति महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों, दिव्यांग व्यक्तियों में से हो सकते हैं जो समाज की नि:स्वार्थ सेवा कर रहे हों।
नामांकन/अनुशंसाओं में ऊपर बताए गए पोर्टल पर उपलब्ध प्रारूप में दी गई सभी उपयुक्त जानकारी होनी चाहिए जिसमें अनुशंसित व्यक्ति की अपने संबंधित क्षेत्र/विषय में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवाओं को स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया हो।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी गृह मंत्रालय की वेबसाइट (https://mha.gov.in) पर ‘पुरस्कार और पदक’ शीर्षक के अंतर्गत और पद्म पुरस्कार पोर्टल (https://padmaawards.gov.in) पर भी उपलब्ध है। इन पुरस्कारों से संबंधित नियम और कानून वेबसाइट पर इस लिंक https://padmaawards.gov.in/AboutAwards.aspx पर उपलब्ध हैं।
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देशव्यापी सोने की तस्करी का बड़ा भंडाफोड़: DRI ने दिल्ली-कोलकाता में पकड़ा संगठित गिरोह, 14.13 करोड़ का सोना-नकदी जब्त
नई दिल्ली, 15 मार्च (अभी) : राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) के अधिकारियों ने विदेशी मूल के सोने की भारत में तस्करी करने वाले एक शातिर और संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में तस्करी के सोने को रेल मार्ग से ढोने, उसे अवैध संयंत्रों में पिघलाकर पहचान मिटाने और फिर गुपचुप तरीके से घरेलू बाजार में खपाने वाले गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत की गई इस कार्रवाई में कुल 13.41 करोड़ रुपये मूल्य का सोना (8286.81 ग्राम), 19.67 लाख रुपये की चांदी और 51.74 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा जब्त की गई है।
यह पूरी कार्रवाई सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू हुई, जब डीआरआई के अधिकारियों ने कोलकाता से ट्रेन द्वारा नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे एक यात्री को घेराबंदी कर रोका। तलाशी के दौरान उसके पास से विदेशी मुहर वाला सोना बरामद हुआ, जिसे वह स्टेशन के बाहर एक व्यक्ति को सौंपने वाला था। पुलिस ने यात्री और प्राप्तकर्ता दोनों को तत्काल हिरासत में ले लिया। आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद दिल्ली में एक गुप्त ठिकाने पर छापेमारी की गई, जहाँ तस्करी के सोने को पिघलाकर उसमें मिलावट करने का अवैध धंधा चल रहा था। यहाँ से अतिरिक्त सोना, चांदी और नकदी बरामद करने के साथ ही इकाई के प्रबंधक को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
डीआरआई की जांच का अगला सिरा कोलकाता तक पहुँचा, जहाँ इस पूरे गिरोह के सरगना का पता चला। कोलकाता में एक अन्य अवैध पिघलाने वाली इकाई पर छापेमारी के दौरान सरगना को उसके दो साथियों के साथ दबोच लिया गया। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे तस्करी के सोने पर लगे विदेशी चिह्नों को मिटाने के लिए उसे पिघलाते थे और फिर रेल मार्ग के जरिए सुरक्षित तरीके से दिल्ली भेजते थे। इस संगठित अपराध में शामिल सभी छह व्यक्तियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है। विभाग अब इस तस्करी नेटवर्क की अंतरराष्ट्रीय कड़ियों और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।
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"शिक्षण में नवाचार और 'राष्ट्र प्रथम' के संकल्प से ही सिद्ध होगा 'विकसित भारत 2047': उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन"
आरएस अनेजा, 15 मार्च नई दिल्ली - उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।
उपराष्ट्रपति ने हिमाचल प्रदेश को देवभूमि और वीरभूमि बताते हुए कहा कि राज्य ने राष्ट्र के सशस्त्र बलों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने राज्य की समृद्ध आतिथ्य सत्कार, जीवंत संस्कृति और चिरस्थायी परंपराओं की भी प्रशंसा की।
राधाकृष्णन ने भारत की समृद्ध शैक्षणिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय और तक्षशिला जैसे महान प्राचीन शिक्षा केंद्र अपने शिक्षकों के ज्ञान, विद्वता और निरंतर बौद्धिक विकास के कारण फले-फूले। इन संस्थानों के गुरु और आचार्य आजीवन शिक्षार्थी थे जिन्होंने वाद-विवाद, संवाद और शोध के माध्यम से अपने ज्ञान को परिष्कृत किया, जिससे विचारों के विकास और सभ्यताओं की उन्नति का वातावरण बना। इसी भावना से प्रेरित होकर उन्होंने जोर दिया कि आधुनिक विश्वविद्यालयों को संकाय विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए और शिक्षण में नवाचार, अंतःविषयक अनुसंधान और वैश्विक सहयोग को प्रोत्साहित करना चाहिए।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को उत्साहपूर्वक लागू कर रहा है और भारतीय ज्ञान परंपराओं से संबंधित विषयों को शामिल किया है, जिससे एक नए दृष्टिकोण के साथ शिक्षा की एक नई संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा कई रचनाओं का डोगरी में अनुवाद करने और हिंदी साहित्य का पंजाबी में अनुवाद करने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वदेशी चिंतन और भारतीय शोध पद्धतियों पर इसका जोर भारत की बौद्धिक परंपराओं में नए सिरे से विश्वास को दर्शाता है।
राधाकृष्णन ने केंद्र और राज्य सरकारों के उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच अधिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि संयुक्त शोध, शिक्षकों की साझा विशेषज्ञता, डिजिटल संसाधनों और अकादमिक आदान-प्रदान के माध्यम से ऐसी साझेदारियां एक व्यापक शिक्षण समुदाय का निर्माण कर सकती हैं, जिससे छात्रों और विद्वानों दोनों को लाभ होगा और एक विकसित भारत के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उच्च शिक्षा प्रणाली के निर्माण में योगदान मिलेगा।
उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलों ने युवा नवप्रवर्तकों के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं। उन्होंने युवाओं में नवाचार को प्रोत्साहित करने और विश्वविद्यालय की "कम्युनिटी लैब" पहल की सराहना की, जिसके माध्यम से छात्र और शिक्षक आस-पास के समुदायों से जुड़ते हैं, पहुंच को मजबूत करते हैं और छात्रों को ग्रामीण भारत की वास्तविकताओं को समझने में मदद करते हैं।
उपराष्ट्रपति ने विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण का जिक्र करते हुए कहा कि स्वतंत्रता शताब्दी तक भारत को एक विकसित राष्ट्र में बदलने के लिए आर्थिक विकास, सामाजिक समावेश, तकनीकी उन्नति, पर्यावरणीय स्थिरता और नैतिक नेतृत्व की आवश्यकता होगी। उन्होंने आगे कहा कि इस परिकल्पना को साकार करने में छात्र और युवा सबसे महत्वपूर्ण हितधारकों में से हैं।
राधाकृष्णन ने इस बात पर जोर दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना समावेशी विकास पर आधारित होनी चाहिए, जिसमें हमारा कोई भी राज्य या समाज का कोई भी वर्ग पीछे नहीं रह जाए।
उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा नशामुक्त परिसर बनाने की दिशा में की गई पहलों की सराहना करते हुए कहा कि नशा युवाओं, समाज और राष्ट्र को बुरी तरह प्रभावित करता है और सभी से नशाखोरी के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आग्रह किया। उपराष्ट्रपति ने युवाओं से समाज कल्याण के लिए अपने ज्ञान का उपयोग करने, राष्ट्र की उन्नति के लिए जीने, हमेशा नशा न करने और सबसे बढ़कर राष्ट्र को सर्वोपरि 'राष्ट्र प्रथम' रखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आज के दीक्षांत समारोह में 700 से अधिक मेधावी छात्रों को उपाधियाँ और पदक प्रदान किए गए, जिनमें से अधिकांश महिलाएं थीं। उन्होंने कहा कि 32 स्वर्ण पदक विजेताओं में से 23 युवा महिलाएं थीं, और उनकी हिस्सेदारी राष्ट्र की प्रगति में महिलाओं के बढ़ते सशक्तिकरण और योगदान को दर्शाती हैं।
दीक्षांत समारोह में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता, हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री चंद्र कुमार, हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर, सांसद राजीव भारद्वाज और अनुराग सिंह ठाकुर, कुलाधिपति हरमोहिंदर सिंह बेदी और कुलपति सत प्रकाश बंसल के साथ-साथ संकाय सदस्य, छात्र और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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15/03/26 |सोनम वांगचुंग तत्काल होंगे रिहा, सरकार ने हिरासत रद करने का लिया फैसला
आरएस अनेजा, 15 मार्च नई दिल्ली - 24 सितंबर 2025 को शांतिप्रिय शहर लेह में उत्पन्न हुई गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लेह के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश के तहत श्री सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के प्रावधानों के अंतर्गत हिरासत में लिया गया। श्री सोनम वांगचुक उक्त अधिनियम के अंतर्गत हिरासत की अवधि का लगभग आधा समय व्यतीत कर चुके हैं।
सरकार लद्दाख में विभिन्न हितधारकों और समाज के नेताओं के साथ सक्रिय रूप से संवाद कर रही है ताकि क्षेत्र के लोगों की आकांक्षाओं और चिंताओं का समाधान किया जा सके। हालांकि, बंद और विरोध प्रदर्शनों का मौजूदा माहौल समाज के शांतिप्रिय स्वरूप के लिए हानिकारक साबित हुआ है और इसने छात्रों, नौकरी चाहने वालों, व्यवसायों, पर्यटन संचालकों और पर्यटकों सहित समुदाय के विभिन्न वर्गों को तथा लदाख की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है।
सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि सभी हितधारकों के साथ रचनात्मक और सार्थक संवाद को सुगम बनाया जा सके। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए, और उचित विचार-विमर्श के बाद, सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए श्री सोनम वांगचुक की हिरासत तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया है।
सरकार लद्दाख की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है। उसे आशा है कि उच्चाधिकार समिति और अन्य उपयुक्त मंचों सहित रचनात्मक सहयोग और संवाद के माध्यम से इस क्षेत्र से संबंधित मुद्दों का समाधान हो जाएगा।
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उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया
नई दिल्ली, 14 मार्च (अभी) : उपराष्ट्रपति ने हिमाचल प्रदेश को देवभूमि और वीरभूमि बताते हुए कहा कि राज्य ने राष्ट्र के सशस्त्र बलों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने राज्य की समृद्ध आतिथ्य सत्कार, जीवंत संस्कृति और चिरस्थायी परंपराओं की भी प्रशंसा की।
राधाकृष्णन ने भारत की समृद्ध शैक्षणिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय और तक्षशिला जैसे महान प्राचीन शिक्षा केंद्र अपने शिक्षकों के ज्ञान, विद्वता और निरंतर बौद्धिक विकास के कारण फले-फूले। इन संस्थानों के गुरु और आचार्य आजीवन शिक्षार्थी थे जिन्होंने वाद-विवाद, संवाद और शोध के माध्यम से अपने ज्ञान को परिष्कृत किया, जिससे विचारों के विकास और सभ्यताओं की उन्नति का वातावरण बना। इसी भावना से प्रेरित होकर उन्होंने जोर दिया कि आधुनिक विश्वविद्यालयों को संकाय विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए और शिक्षण में नवाचार, अंतःविषयक अनुसंधान और वैश्विक सहयोग को प्रोत्साहित करना चाहिए।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को उत्साहपूर्वक लागू कर रहा है और भारतीय ज्ञान परंपराओं से संबंधित विषयों को शामिल किया है, जिससे एक नए दृष्टिकोण के साथ शिक्षा की एक नई संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा कई रचनाओं का डोगरी में अनुवाद करने और हिंदी साहित्य का पंजाबी में अनुवाद करने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वदेशी चिंतन और भारतीय शोध पद्धतियों पर इसका जोर भारत की बौद्धिक परंपराओं में नए सिरे से विश्वास को दर्शाता है।
श्री राधाकृष्णन ने केंद्र और राज्य सरकारों के उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच अधिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि संयुक्त शोध, शिक्षकों की साझा विशेषज्ञता, डिजिटल संसाधनों और अकादमिक आदान-प्रदान के माध्यम से ऐसी साझेदारियां एक व्यापक शिक्षण समुदाय का निर्माण कर सकती हैं, जिससे छात्रों और विद्वानों दोनों को लाभ होगा और एक विकसित भारत के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उच्च शिक्षा प्रणाली के निर्माण में योगदान मिलेगा।
उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलों ने युवा नवप्रवर्तकों के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं। उन्होंने युवाओं में नवाचार को प्रोत्साहित करने और विश्वविद्यालय की "कम्युनिटी लैब" पहल की सराहना की, जिसके माध्यम से छात्र और शिक्षक आस-पास के समुदायों से जुड़ते हैं, पहुंच को मजबूत करते हैं और छात्रों को ग्रामीण भारत की वास्तविकताओं को समझने में मदद करते हैं।
उपराष्ट्रपति ने विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण का जिक्र करते हुए कहा कि स्वतंत्रता शताब्दी तक भारत को एक विकसित राष्ट्र में बदलने के लिए आर्थिक विकास, सामाजिक समावेश, तकनीकी उन्नति, पर्यावरणीय स्थिरता और नैतिक नेतृत्व की आवश्यकता होगी। उन्होंने आगे कहा कि इस परिकल्पना को साकार करने में छात्र और युवा सबसे महत्वपूर्ण हितधारकों में से हैं।
श्री राधाकृष्णन ने इस बात पर जोर दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना समावेशी विकास पर आधारित होनी चाहिए, जिसमें हमारा कोई भी राज्य या समाज का कोई भी वर्ग पीछे नहीं रह जाए।
उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा नशामुक्त परिसर बनाने की दिशा में की गई पहलों की सराहना करते हुए कहा कि नशा युवाओं, समाज और राष्ट्र को बुरी तरह प्रभावित करता है और सभी से नशाखोरी के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आग्रह किया। उपराष्ट्रपति ने युवाओं से समाज कल्याण के लिए अपने ज्ञान का उपयोग करने, राष्ट्र की उन्नति के लिए जीने, हमेशा नशा न करने और सबसे बढ़कर राष्ट्र को सर्वोपरि 'राष्ट्र प्रथम' रखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आज के दीक्षांत समारोह में 700 से अधिक मेधावी छात्रों को उपाधियाँ और पदक प्रदान किए गए, जिनमें से अधिकांश महिलाएं थीं। उन्होंने कहा कि 32 स्वर्ण पदक विजेताओं में से 23 युवा महिलाएं थीं, और उनकी हिस्सेदारी राष्ट्र की प्रगति में महिलाओं के बढ़ते सशक्तिकरण और योगदान को दर्शाती हैं।
दीक्षांत समारोह में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता, हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री चंद्र कुमार, हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर, सांसद राजीव भारद्वाज और अनुराग सिंह ठाकुर, कुलाधिपति हरमोहिंदर सिंह बेदी और कुलपति सत प्रकाश बंसल के साथ-साथ संकाय सदस्य, छात्र और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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क्षमता विकास आयोग की पहल: प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत करने के लिए दक्षिणी क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन
नई दिल्ली, 14 मार्च (अभी) : भारत सरकार के क्षमता विकास आयोग (सीबीसी) ने 13 मार्च 2026 को हैदराबाद स्थित प्रशासनिक कर्मचारी महाविद्यालय (एएससीआई) में सहयोगात्मक क्षमता विकास और संसाधन साझा करने पर दक्षिणी क्षेत्रीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में दक्षिण भारत के 23 सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थानों (सीएसटीआई) और प्रशिक्षण संस्थानों के 47 प्रतिभागियों ने संकाय आदान-प्रदान करने, साझा शिक्षण सामग्री और बुनियादी ढांचे को साझा करने के लिए व्यावहारिक रूपरेखाओं पर विचार-विमर्श करने के लिए भाग लिया।
सीबीसी की अध्यक्ष सुश्री एस. राधा चौहान के नेतृत्व में आयोजित परामर्श कार्यशाला का शुभारंभ सीबीसी की प्रधान सलाहकार सुश्री चंद्रलेखा मुखर्जी के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने कहा कि सीएसटीआई के बीच सहयोग अब तक संरचित संस्थागत तंत्रों के बजाय गैर-संस्थागत कारकों पर अधिक निर्भर रहा है। उन्होंने आपूर्ति-आधारित प्रशिक्षण से मांग-आधारित क्षमता विकास की ओर मूलभूत बदलाव का आह्वान किया जहां संस्थान व्यापक विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए शासन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करे।
इसके बाद एएससीआई के महानिदेशक डॉ. निम्मागड्डा रमेश कुमार ने संबोधित किया। उन्होंने लोक सेवक और सरकार के बीच आजीवन नियम के रूप में, सार्वजनिक नीति में नवाचार के लिए एएससीआई के केंद्र को इस बात के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया कि कैसे संस्थान लोक प्रशासन में निरंतर सुधार की संस्कृति को बढ़ावा दे सकते हैं।
मुख्य सत्र का संचालन राष्ट्रीय संचार अकादमी-वित्त के उप महानिदेशक और विषयगत कार्य बल के अध्यक्ष डॉ. कमल कपूर ने किया। उन्होंने कई सप्ताहों के परामर्श के दौरान कार्य बल द्वारा किए गए सामूहिक विचार-विमर्श के बारे बताया। उन्होंने साझा संसाधन निर्देशिका, विभिन्न संस्थानों में सामग्री की पुनरावृत्ति को दूर करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता और संस्थागत सहयोग के महत्व सहित संभावित क्षेत्रों का उल्लेख किया। उन्होंने संरचित सहयोग के लिए तीन स्तंभ बताए: संकाय साझा करना, सामग्री और ज्ञान साझा करना, और अवसंरचना साझा करना।
इसके बाद प्रतिभागियों ने तीन विषयगत समूहों में संरचित चर्चाओं में भाग लिया। प्रत्येक समूह ने मौजूदा बाधाओं पर चर्चा की, सहयोग के लिए व्यवहार्य तंत्रों की पहचान की और संस्थागत, प्रणाली-संचालित ढाँचों की ओर तंत्र को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से व्यावहारिक अनुशंसाएँ की। प्रमुख परिणामों में केंद्रीकृत संकाय और संसाधन निर्देशिका, सामग्री खोज और कैलेंडर एक करने, और एनएससीएसटीआई मान्यता और क्रेडिट तंत्र से जुड़े डिजिटल अवसंरचना डैशबोर्ड के प्रस्ताव शामिल थे।
कार्यशाला का समापन ब्रेकआउट परिणामों को एक करके आगे की राह पर टिप्पणियों के साथ हुआ, जिसके बाद सुश्री चंद्रलेखा मुखर्जी ने समापन भाषण दिया। उन्होंने एक सहयोगात्मक, एकीकृत और भविष्य के लिए तैयार सिविल सेवा प्रशिक्षण तंत्र के निर्माण की दिशा में ठोस सिफारिशों में क्षेत्रीय अंतर्दृष्टि को बदलने के महत्व का उल्लेख किया।
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14/03/26 |- भारत,
असम में CBI का बड़ा एक्शन: ₹16,000 की रिश्वत लेते SBI का असिस्टेंट मैनेजर रंगे हाथों गिरफ्तार
असम, 14 मार्च (अन्नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम के तहत असम के कामरूप (ग्रामीण) जिले में बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई की टीम ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की गुमी शाखा में कार्यरत असिस्टेंट मैनेजर (लोन ऑफिसर) को 16,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी पर आरोप है कि उसने ग्राहकों के लोन आवेदन को आगे बढ़ाने के बदले यह अवैध मांग की थी।
सीबीआई ने इस मामले में 12 मार्च 2026 को आरोपी असिस्टेंट मैनेजर के खिलाफ केस दर्ज किया था। यह कार्रवाई एक शिकायतकर्ता की शिकायत पर आधारित थी, जिसमें बताया गया था कि आरोपी अधिकारी ने 'छत पर सौर विद्युतीकरण' (Rooftop Solar Electrification) योजना के तहत ग्राहकों के ऋण आवेदनों की फाइल प्रोसेस करने के लिए 16,000 रुपये की रिश्वत की मांग की है।
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि स्वीकार की, उसे मौके पर ही दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई की टीमों ने आरोपी अधिकारी के ठिकानों पर तलाशी अभियान भी चलाया, ताकि मामले से जुड़े अन्य दस्तावेजों और साक्ष्यों को जुटाया जा सके।
सीबीआई के प्रवक्ता के अनुसार, गिरफ्तार किए गए असिस्टेंट मैनेजर को गुवाहाटी स्थित विशेष सीबीआई न्यायाधीश की अदालत में पेश किया जा रहा है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस मामले में बैंक के कुछ अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं या आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में लिप्त रहा है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।
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13/03/26 |असम को ₹4,500 करोड़ की सौगात: पीएम मोदी ने कोकराझार को दिया विकास का 'डबल इंजन', 3 नई ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी
आरएस अनेजा, 13 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम के लोगों को बड़ी सौगात दी। असम की राजधानी गुवाहाटी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम मोदी ने असम के कोकराझार में 4,570 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया और इसके साथ ही तीन नई ट्रेन सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई।
इसके साथ ही पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोगों से माफी भी मांगी। पीएम ने कहा, "मौसम खराब होने की वजह से मैं कोकराझार नहीं आ पा रहा हूं और इसके लिए मैं आप सभी से माफी मांगता हूं। पीएम ने कहा, मैं दिल्ली से निकला था आपके पास आने के लिए, लेकिन मुझे गुवाहाटी में ही उतरना पड़ा और अब मैं यहीं से आपसे बात कर पा रहा हूं।"
पीएम मोदी ने कहा, भाजपा-एनडीए की डबल इंजन सरकार असम के तेजी से विकास के लिए निरंतर काम कर रही है और आज ही विकास के लिए 4,500 करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इसमें से 1,100 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि बोडोलैंड की सड़कों के लिए खर्च होगी और इससे असम की रोड कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
पीएम मोदी ने 3,200 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली 'असम माला 3.0' की परियोजना की शुरुआत की, जिसके तहत, अंतर-राज्यीय संपर्क को बेहतर बनाने और राष्ट्रीय राजमार्गों व ग्रामीण सड़कों के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
पीएम मोदी ने असम के लिए तीन नई रेल सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई, इसमें कामाख्या-चारलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल है, जो उत्तर-पूर्व और दक्षिण भारत के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। गुवाहाटी-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस, असम और पश्चिम बंगाल के बीच संपर्क को बेहतर बनाएगी। वहीं नारंगी-अगरतला एक्सप्रेस असम और त्रिपुरा के बीच संपर्क को बेहतर बनाएगी।
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13/03/26 |प्रोजेक्ट GIB का 'चौथा साल' और बड़ी उपलब्धि: अब कैप्टिव ब्रीडिंग से निकलकर खुले आसमान में पंख फैलाएंगे ग्रेट इंडियन बस्टर्ड।
आरएस अनेजा, 13 मार्च नई दिल्ली - केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को बताया कि 'प्रोजेक्ट ग्रेट इंडियन बस्टर्ड' (GIB) अपने कैप्टिव ब्रीडिंग प्रोग्राम के चौथे साल में प्रवेश कर गया है। इस हफ़्ते राजस्थान के संरक्षण प्रजनन केंद्र में दो नए चूजों के जन्म के साथ, कैप्टिव ब्रीडिंग में रखे गए पक्षियों की कुल संख्या 70 हो गई है।
मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण-संवेदनशील नेतृत्व में, देश इस प्रोजेक्ट को बड़ी सफलता बनाने की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
श्री यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में इस घटनाक्रम की जानकारी दी और इसे 'प्रोजेक्ट GIB' के तहत हासिल की गई एक और बड़ी उपलब्धि बताया। मंत्री ने कहा कि इस हफ़्ते राजस्थान के संरक्षण प्रजनन केंद्र में जो दो चूजे जन्मे हैं, उनमें से एक का जन्म प्राकृतिक मिलन से और दूसरे का जन्म कृत्रिम गर्भाधान से हुआ है। इस प्रजाति के संरक्षण प्रयासों के लिए इसे एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताते हुए, श्री यादव ने कहा कि इस साल कैप्टिव ब्रीडिंग से जन्मे कुछ चूजों को धीरे-धीरे (सॉफ्ट रिलीज़ के ज़रिए) जंगल में छोड़ा जाएगा, जो इस प्रोजेक्ट के लिए एक नई और चुनौतीपूर्ण शुरुआत होगी। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए राजस्थान वन विभाग के वन अधिकारियों को भी बधाई दी।
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इंश्योरेंस कंपनी से धोखाधड़ी करने वाले पूर्व सहायक को 4 साल की जेल, CBI कोर्ट ने सुनाया सख्त फैसला
नई दिल्ली, 13 मार्च (अन्नू): गाजियाबाद स्थित विशेष सीबीआई (CBI) अदालत ने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के साथ वित्तीय धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने मेरठ स्थित कंपनी के तत्कालीन सहायक, दविंदर सिंह अधिकारी को दोषी करार देते हुए 4 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। सजा के साथ-साथ कोर्ट ने दोषी पर 35,000 रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला साल 2018 में सीबीआई द्वारा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान यह पाया गया कि आरोपी दविंदर सिंह अधिकारी ने साल 2014 से 2016 के बीच अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची थी। इस साजिश के तहत उसने धोखाधड़ी करते हुए इंश्योरेंस कंपनी को करीब 36,11,059 रुपये का वित्तीय नुकसान पहुँचाया था। आरोपी ने बदनियती के साथ कंपनी की इस भारी-भरकम राशि को अपने और अपने एक मित्र के बैंक खाते में स्थानांतरित कर लिया था। हालांकि, जांच शुरू होने और मामला दर्ज होने के बाद आरोपी ने पूरी राशि कंपनी के खाते में वापस जमा कर दी थी।
सीबीआई ने इस मामले में 31 मई 2021 को आरोप पत्र (Chargesheet) दाखिल किया था, जिसके बाद 6 जनवरी 2023 को अदालत ने आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए थे। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दविंदर सिंह अधिकारी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए गाजियाबाद की सक्षम अदालत में अपना गुनाह कबूल (Plead Guilty) करने के लिए आवेदन दायर किया था।
माननीय न्यायालय ने आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने के आवेदन को मंजूर करते हुए 12 मार्च 2026 को यह अंतिम फैसला सुनाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के साथ किया गया विश्वासघात गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इस सजा के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को कानून के शिकंजे से बचना मुमकिन नहीं है।
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13/03/26 |आपदा राहत हेतु केंद्र का बड़ा कदम: 6 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए ₹1,912.99 करोड़ की अतिरिक्त सहायता मंजूर
आररएस अनेजा, 13 मार्च नई दिल्ली - केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली एक उच्चस्तरीय समिति ने वर्ष 2025 में बाढ़, आकस्मिक बाढ़ (Flash Flood), बादल फटने (Cloudburst), चक्रवात 'मोंथा' और भूस्खलन से प्रभावित आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड तथा केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को 1,912.99 करोड़ रुपए की अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता को मंजूरी दी है।
यह केन्द्रीय सहायता राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से प्रदान की गई है, जो वर्ष की प्रारंभिक शेष राशि में उपलब्ध राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के 50% के समायोजन के अधीन है। कुल राशि 1,912.99 करोड़ रुपए में से, आंध्र प्रदेश के लिए 341.48 करोड़ रुपए, छत्तीसगढ़ के लिए 15.70 करोड़ रुपए, गुजरात के लिए 778.67 करोड़ रुपए, हिमाचल प्रदेश के लिए 288.39 करोड़ रुपए, नगालैंड के लिए 158.41 करोड़ रुपए तथा जम्मू-कश्मीर के लिए 330.34 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार प्राकृतिक आपदाओं और विपत्तियों के समय राज्य सरकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रही है।
यह अतिरिक्त सहायता उन धनराशि से अतिरिक्त है, जो केन्द्र सरकार द्वारा राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के तहत राज्यों को पहले ही जारी की जा चुकी हैं और जो राज्यों के पास खर्च के लिए उपलब्ध हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, केन्द्र सरकार ने 28 राज्यों को SDRF के तहत 20,735.20 करोड़ रुपए तथा 21 राज्यों को NDRF के तहत 3,628.18 करोड़ रुपए जारी किए हैं।
इसके अतिरिक्त, राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष (SDMF) से 23 राज्यों को 5,373.20 करोड़ रुपए तथा राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष (NDMF) से 21 राज्यों को 1,189.56 करोड़ रुपए भी जारी किए गए हैं।
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13/03/26 |प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 मार्च को पश्चिम बंगाल में 18,680 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे
आरएस अनेजा, 13 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 मार्च 2026 को पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 2 बजे कोलकाता में लगभग 18,680 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे।
क्षेत्र में सड़क अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के तहत, प्रधानमंत्री लगभग 16,990 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 420 किलोमीटर से अधिक की कुल लंबाई वाली कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। उद्घाटन की जा रही परियोजनाओं में पश्चिम बंगाल और झारखंड में एनएच-19 और पश्चिम बंगाल में एनएच-114 के खंड शामिल हैं। इन परियोजनाओं से सड़क सुरक्षा में सुधार, यात्रा समय में कमी, भीड़भाड़ और प्रदूषण में कमी, क्षेत्रीय संपर्क में वृद्धि, पर्यटन को बढ़ावा और क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री कई नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें एनएच-116ए के 231 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले खड़गपुर-मोरग्राम आर्थिक गलियारे के पांच पैकेज शामिल हैं। यह परियोजना खड़गपुर और सिलीगुड़ी के बीच आर्थिक गलियारे का हिस्सा है और पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुरा, हुगली, पूर्वी बर्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों से होकर गुजरेगी। खड़गपुर-मोरग्राम के बीच सीधी कनेक्टिविटी से यात्रा की दूरी लगभग 120 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रा समय में लगभग सात से आठ घंटे की बचत होगी।
यह गलियारा एनएच-16, एनएच-19, एनएच-14 और एनएच-12 सहित प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से भी जुड़ेगा, जिससे मल्टी-कॉरिडोर कनेक्टिविटी मजबूत होगी। प्रधानमंत्री एनएच-14 पर 5.6 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले दुबराजपुर बाईपास के निर्माण की आधारशिला भी रखेंगे, जिससे दुबराजपुर शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात कम होगा और यात्रा समय में लगभग एक घंटे की कमी आएगी। वह एनएच-14 पर कांगशबाती और शिलाबाती नदियों पर बनने वाले अतिरिक्त चार लेन वाले प्रमुख पुलों के निर्माण की आधारशिला भी रखेंगे।
प्रधानमंत्री इस यात्रा के दौरान कई जहाजरानी और बंदरगाह संबंधी परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे। वे हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स के बर्थ नंबर 2 के मशीनीकरण परियोजना का उद्घाटन करेंगे, जिससे कुशल, तेज और पर्यावरण के अनुकूल माल ढुलाई संभव हो सकेगी। यह परियोजना माल ढुलाई क्षमता को बढ़ाएगी, कुशल फुल-रेक रेल लोडिंग सिस्टम को सुगम बनाएगी, प्रमुख निष्पादन संकेतकों में सुधार करेगी, खतरनाक कार्यों में मानव जोखिम को कम करके सुरक्षा बढ़ाएगी और रोजगार सृजित करेगी। प्रधानमंत्री खिद्दरपुर डॉक्स (डॉक 1 - पश्चिम) में जीर्णोद्धार परियोजना का भी उद्घाटन करेंगे।
प्रधानमंत्री राज्य में कई बंदरगाह अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। इनमें श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह के हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स में बर्थ नंबर 5 का मशीनीकरण शामिल है। अन्य परियोजनाओं में कोलकाता डॉक सिस्टम में बैस्क्यूल ब्रिज का नवीनीकरण; किडरपोर डॉक-I (पूर्व) और डॉक-II (पूर्व) में जल निकासी प्रणालियों सहित यार्ड विकास; हावड़ा ब्रिज के स्तंभ से निमतला घाट तक कोलकाता नदी तट पर तटबंध संरक्षण कार्य; और कोलकाता डॉक सिस्टम में इंडेंचर मेमोरियल कॉम्प्लेक्स के पास एक नदी क्रूज टर्मिनल और नदी पर्यटन सुविधा के लिए टर्मिनल भवन का निर्माण शामिल है।
रेल सेक्टर में, प्रधानमंत्री पुरुलिया-आनंद विहार टर्मिनल (दिल्ली) एक्सप्रेस को झंडी दिखाएंगे, जिससे पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के बीच रेल कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी।
प्रधानमंत्री अमृत स्टेशन योजना के तहत पुनर्निर्मित छह रेलवे स्टेशनों का भी उद्घाटन करेंगे। इन स्टेशनों में कामाख्यागुरी, अनारा, तामलुक, हल्दिया, बरभूम और सिउरी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री दो रेल परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे: बेल्डा और दंतान के बीच 16 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन और कलाइकुंडा और कनिमोहुली के बीच स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली। इन परियोजनाओं से ट्रेनों की सुरक्षा और समयबद्धता में सुधार होगा, भीड़ कम होगी और क्षेत्र में यात्रियों के लिए यात्रा की सुगमता बढ़ेगी।
ये पहलें पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, कनेक्टिविटी बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
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13/03/26 |- भारत,
केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: देश में लागू हुई नई केरोसिन आवंटन नीति, राज्यों को मिली ज्यादा स्वायत्तता
नई दिल्ली, 13 मार्च (अभी) : भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और आम नागरिकों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए 'सुपीरियर केरोसिन तेल' के आवंटन के संबंध में एक महत्वपूर्ण आधिकारिक आदेश जारी किया है। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 से 2027-28 के लिए एक नई 'PDS केरोसिन आवंटन नीति' लागू की है, जिसके तहत अब 'सब्सिडी' और 'गैर-सब्सिडी' श्रेणियों के अलग-अलग आवंटन को समाप्त कर इसे 'PDS SKO' की एक एकल श्रेणी में बदल दिया गया है। मंत्रालय का यह निर्णय वैश्विक ऊर्जा बाजारों में जारी अस्थिरता और आपूर्ति श्रृंखला में संभावित व्यवधानों के बीच घरेलू स्तर पर ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
इस नई नीति के तहत, प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को उनकी पिछली तीन वर्षों की अधिकतम खपत के आधार पर तिमाही आधार पर केरोसिन का कोटा आवंटित किया जाएगा। इस व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि राज्य सरकारों को अब यह पूरी स्वायत्तता दी गई है कि वे आवंटित तेल का उपयोग अपनी विशिष्ट आवश्यकताओं जैसे कि खाना पकाने, रोशनी, मछली पकड़ने के जहाजों, मेलों, प्रदर्शनियों या प्राकृतिक आपदाओं के समय कर सकें। जो राज्य 'केरोसिन मुक्त' घोषित हो चुके हैं, वहां भी विशेष परिस्थितियों और आपदा प्रबंधन के लिए तेल कंपनियों के माध्यम से स्टॉक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह आवंटन 'एडहॉक' आधार पर किया गया है ताकि किसी भी राज्य में ईंधन की कमी न हो।
प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने वितरण प्रणाली में भी कड़े बदलाव किए हैं। अब राज्यों को आवंटित मात्रा को संबंधित तिमाही (45-90 दिन) के भीतर ही उठाना अनिवार्य होगा और बची हुई मात्रा को अगली तिमाही में ले जाने की अनुमति केवल प्राकृतिक आपदा जैसी आपात स्थितियों में ही मिलेगी। केंद्र ने सख्त चेतावनी दी है कि इस केरोसिन तेल का किसी भी व्यावसायिक कार्य या पेट्रोल-डीजल में मिलावट के लिए उपयोग नहीं होना चाहिए। वितरण की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए ई-पॉस (e-POS) मशीनों और बायोमेट्रिक सत्यापन पर जोर दिया गया है। यह पहल न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहारा देगी, बल्कि उन क्षेत्रों में रोशनी और ईंधन का संकट दूर करेगी जहाँ अभी भी स्वच्छ ईंधन (LPG) की पहुंच पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हो पाई है।
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12/03/26 |- भारत,
NCERT की पाठ्यपुस्तक में बड़ा बदलाव: भारतीय लेखकों को मिली प्रमुखता, 'कावेरी' में सुधा मूर्ति और रवींद्रनाथ टैगोर के पाठ शामिल
नई दिल्ली, 12 मार्च (अभी) : राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-SE 2023) के अनुरूप कक्षा 9 के लिए अंग्रेजी की एक नई पाठ्यपुस्तक 'कावेरी' (Kaveri) लॉन्च की है। यह नई पुस्तक पिछली दो पुस्तकों, 'बिहाइव' (Beehive) और 'मोमेंट्स' की जगह लेगी। इस बदलाव का सबसे महत्वपूर्ण पहलू पाठ्यपुस्तकों में भारतीय लेखकों और भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) को दी गई प्रमुखता है।
नई पाठ्यपुस्तक 'कावेरी' में अब अंतरराष्ट्रीय साहित्य के साथ-साथ भारतीय साहित्यिक विरासत का संतुलन बनाया गया है। इसमें सुधा मूर्ति की कहानी 'How I Taught My Grandmother to Read' को पहले पाठ के रूप में शामिल किया गया है। इसके अलावा, तमिल राष्ट्रवादी कवि सुब्रह्मण्य भारती, नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर, नागा लेखिका टेम्सुला आओ और असमिया उपन्यासकार मित्रा फुकन जैसे दिग्गज भारतीय लेखकों की रचनाओं को स्थान दिया गया है। पुस्तक में कुल 16 पाठ हैं, जिनमें से 8 भारतीय लेखकों द्वारा और शेष अंतरराष्ट्रीय लेखकों द्वारा रचित हैं, जो वैश्विक और स्थानीय दृष्टिकोण का सटीक मिश्रण पेश करते हैं।
विद्यार्थियों पर से पढ़ाई के बोझ को कम करने के लिए एनसीईआरटी ने सामग्री को काफी संक्षिप्त किया है। जहाँ पहले दो अलग-अलग किताबों में कुल 29 पाठ पढ़ने होते थे, वहीं अब उन्हें घटाकर केवल 16 पाठ कर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे छात्रों को रटकर पढ़ने के बजाय विषयों की गहरी समझ और व्यावहारिक कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी।
'कावेरी' पुस्तक केवल कहानियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें भारतीय ज्ञान प्रणाली के तत्व भी पिरोए गए हैं। पुस्तक में पारंपरिक शिल्प कौशल, मानवीय रिश्तों और भारतीय मूल्यों पर आधारित सामग्री शामिल की गई है। इसके साथ ही, आधुनिक भारत की उपलब्धियों को दर्शाने के लिए पैरालंपिक एथलीट दीपा मलिक का साक्षात्कार भी शामिल किया गया है, जो छात्रों को सीमाओं से परे सोचने और असंभव को संभव बनाने की प्रेरणा देता है।
एनसीईआरटी के अधिकारियों के अनुसार, यह नई पाठ्यपुस्तक सत्र 2026-27 से लागू होगी। पुस्तक में क्यूआर (QR) कोड भी दिए गए हैं, जो छात्रों को अतिरिक्त डिजिटल संसाधनों और ई-सामग्री तक पहुँच प्रदान करेंगे, जिससे सीखने की प्रक्रिया और अधिक रोचक और डिजिटल-फ्रेंडली बनेगी।
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12/03/26 |"सुरक्षित गलियारे, सुरक्षित भविष्य: रेलवे ट्रैक पर हाथियों की मौत रोकने के लिए MoEFCC और WII की बड़ी पहल"
आरएस अनेजा, 12 मार्च नई दिल्ली - पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के प्रोजेक्ट एलीफेंट डिवीज़न ने वाइल्डलाइफ़ इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया के साथ मिलकर देहरादून के वाइल्डलाइफ़ इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया (WII) में “रेलवे ट्रैक पर हाथियों की मौत को कम करने के लिए पॉलिसी लागू करने” पर दो दिन की नेशनल वर्कशॉप आयोजित की।
इस इवेंट में 40 लोग शामिल हुए, जिनमें MoEFCC के प्रोजेक्ट एलीफेंट डिवीज़न, रेल मंत्रालय, हाथी-रेंज वाले राज्यों के वन विभागों के सीनियर प्रतिनिधि और जाने-माने कंज़र्वेशन साइंटिस्ट शामिल थे। इसमें शामिल मुख्य रेलवे ज़ोन में ईस्ट सेंट्रल रेलवे, ईस्ट कोस्ट रेलवे, नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे, नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे, नॉर्दर्न रेलवे, साउथ ईस्टर्न रेलवे, सदर्न रेलवे और साउथ वेस्टर्न रेलवे शामिल थे।
भारत में दुनिया की 60% से ज़्यादा एशियाई हाथी आबादी रहती है, जिनके मुख्य रहने की जगहें पूर्वी, उत्तर-पूर्वी, दक्षिणी और मध्य इलाकों में फैली हुई हैं। लेकिन, हाथियों के रहने की जगहों में बढ़ते बंटवारे और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की वजह से रेलवे ट्रैक पर हाथियों की मौत के मामले बढ़े हैं, खासकर असम, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, ओडिशा, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों में। वर्कशॉप का मकसद कंजर्वेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के बीच तालमेल को मजबूत करना और साइंस-बेस्ड मिटिगेशन स्ट्रेटेजी को बढ़ावा देना था।
रेलवे ट्रैक पर जंगली जानवरों की मौत के बढ़ते मामलों को दूर करने की कोशिश में, MoEFCC ने WII और रेल मंत्रालय के साथ पार्टनरशिप में, हाथियों की रेंज में 110 सेंसिटिव रेलवे हिस्सों और दो टाइगर-रेंज राज्यों में 17 और हिस्सों की पहचान की है।
प्रोजेक्ट एलीफेंट, WII, राज्य वन विभागों और भारतीय रेलवे की टीमों द्वारा किए गए बड़े जॉइंट फील्ड सर्वे में साइट-स्पेसिफिक इकोलॉजिकल कंडीशन का मूल्यांकन किया गया और हर जगह के हिसाब से टारगेटेड मिटिगेशन उपायों का सुझाव दिया गया। 3,452.4 किलोमीटर लंबे 127 रेलवे खंडों के विस्तृत आकलन के आधार पर, 14 राज्यों में 1,965.2 किलोमीटर लंबे 77 खंडों को वन्यजीवों की आवाजाही के पैटर्न और जानवरों की मृत्यु के जोखिम को ध्यान में रखते हुए शमन के लिए प्राथमिकता दी गई थी।
इन प्राथमिकता वाले खंडों के लिए अनुशंसित शमन पैकेज में 503 रैंप और लेवल क्रॉसिंग, 72 पुल विस्तार और संशोधन, 39 बाड़ लगाने या खाई बनाने के ढांचे, 4 निकास रैंप, 65 नए अंडरपास और 22 ओवरपास शामिल हैं, कुल 705 शमन संरचनाएं हैं जो वन्यजीवों के सुरक्षित मार्ग को सुगम बनाने और टकरावों को कम करने के लिए डिजाइन की गई हैं।
इन सक्रिय उपायों के अलावा, कई नई रेलवे लाइनों और विस्तार परियोजनाओं - जिसमें ट्रैक दोहरीकरण और तिहराकरण शामिल है - में वन्यजीव-अनुकूल बुनियादी ढांचे को शामिल किया गया है महाराष्ट्र में दारेकसा-सालेकासा रेलवे ट्रैक ट्रिपलिंग प्रोजेक्ट और नागभीड़-इतवारी गेज कन्वर्जन प्रोजेक्ट, और महाराष्ट्र में कान्हा-नवेगांव-ताडोबा-इंद्रावती टाइगर कॉरिडोर को जोड़ने वाली वडसा-गढ़चिरौली रेलवे लाइन।
असम में अज़रा-कामाख्या रेलवे लाइन के 3.5 km के सेंसिटिव हिस्से पर एक खास इंटरवेंशन की योजना है, जो रानी-गरभंगा-दीपोर बील हाथी कॉरिडोर को जोड़ता है, जहाँ पहले कई हाथियों की मौत हो चुकी है। इस हिस्से को एलिवेटेड किया जाएगा ताकि हाथियों का कॉरिडोर में सुरक्षित मूवमेंट हो सके।
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12/03/26 |प्रधानमंत्री ने दांडी मार्च में शामिल होने वाली सभी विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की
आरएस अनेजा, 12 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दांडी मार्च में हिस्सा लेने वाले सभी महान लोगों को श्रद्धांजलि दी, जो आज ही के दिन 1930 में शुरू हुआ था।
प्रधानमंत्री ने सत्य की जीत पर ज़ोर देते हुए एक संस्कृत सुभाषित शेयर किया:
“सत्यमेव जयति नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः।
येनाक्रमन्त्यृषयो ह्याप्तकामा यत्र तत्सत्यस्य परमं निधानम्॥”
सुभाषित बताता है कि, सत्य की हमेशा जीत होती है और झूठ का अंत में नाश होता है। इसलिए, व्यक्ति को उस रास्ते पर चलना चाहिए जिस पर चलकर ऋषियों ने आनंद पाया और परम सत्य को जाना।
प्रधानमंत्री ने X पर लिखा;
“सन 1930 में आज ही के दिन दांडी मार्च की शुरुआत हुई थी। इसमें शामिल सभी विभूतियों का श्रद्धापूर्वक स्मरण!
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11/03/26 |विकसित केरलम: प्रधानमंत्री मोदी ने दी ₹11,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात
आरएस अनेजा, 11 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केरलम के विकास को गति देने के लिए आज जीवंत तटीय शहर कोच्चि का दौरा किया और कई प्रभावशाली परियोजनाओं का शुभारंभ किया। निवेश की व्यापकता पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने लगभग 11,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोच्चि आना हमेशा एक शानदार अनुभव होता है। उन्होंने कहा, "मैं इन परियोजनाओं के लिए केरलम के लोगों को हार्दिक बधाई देता हूं।"
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कोच्चि रिफाइनरी में आज पॉलीप्रोपाइलीन यूनिट की आधारशिला रखने का उद्देश्य पेट्रोलियम क्षेत्र को मजबूत बनाना है। इस यूनिट से प्रति वर्ष चार लाख टन पॉलीप्रोपाइलीन का उत्पादन होने की उम्मीद है, जिससे पैकेजिंग, कपड़ा और चिकित्सा उपकरण उद्योगों को सहयोग मिलेगा। इस सुविधा के रणनीतिक महत्व के बारे में चर्चा करते हुए श्री मोदी ने कहा, "आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए, 'मेक इन इंडिया' के लिए पेट्रोलियम सेक्टर का विस्तार बहुत आवश्यक है।"
भारत को वैश्विक विनिर्माण और प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में मजबूत करने के उद्देश्य से, प्रधानमंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में देश की प्रगति को सतत ऊर्जा की बढ़ती मांग से जोड़ा। श्री मोदी ने कहा कि केरलम को सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में प्रगति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, आज पश्चिम कल्लाडा में 50 मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर परियोजना की आधारशिला रखी गई है। श्री मोदी ने कहा कि केरलम में बड़ी संख्या में जलाशय मौजूद हैं, इसलिए राज्य में फ्लोटिंग सोलर पावर के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। हरित भविष्य की ओर बढ़ते कदम के बारे में बताते हुए श्री मोदी ने कहा, "हमारा प्रयास है कि केरलम सौर ऊर्जा उत्पादन में और आगे बढ़े।"
प्रधानमंत्री ने अमृत भारत स्टेशन योजना और रेलवे विद्युतीकरण के माध्यम से क्षेत्रीय संपर्क में हुई महत्वपूर्ण प्रगति का भी विस्तृत विवरण दिया। शोरानूर जंक्शन, कुट्टीपुरम और चांगनास्सेरी में आधुनिकीकरण के प्रयासों के साथ-साथ नई पलक्कड़-पोल्लाची ट्रेन सेवा से केरलम और तमिलनाडु दोनों राज्यों के निवासियों के यात्रा अनुभव में बड़ा बदलाव आने वाला है। स्थानीय विकास पर केन्द्रीय बजट के पड़ने वाले प्रभाव पर जोर देते हुए श्री मोदी ने कहा, "आज दुनिया आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे निवेश के लिए भारत की प्रशंसा करती है।"
सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के विषय पर प्रधानमंत्री ने प्रकाश डाला कि कोझिकोड बाईपास और अझिक्कल बंदरगाह से बेहतर कनेक्टिविटी सहित नई छह-लेन परियोजनाएं यात्रा में लगने वाले समय और भीड़भाड़ को काफी हद तक कम कर देंगी। श्री मोदी ने कहा, “इन सभी परियोजनाओं से केरलम के किसानों को लाभ होगा और यहां पर्यटन और अन्य उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।”
अपने संबोधन के समापन में प्रधानमंत्री ने दोहराते हुए कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश किया गया प्रत्येक रुपया युवाओं के लिए व्यापक रोजगार सृजन में उत्प्रेरक का काम करता है। श्री मोदी ने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि ये बहुक्षेत्रीय परियोजनाएं राज्य के समृद्ध भविष्य के लिए आवश्यक आधारशिला हैं। क्षेत्र की प्रगति के प्रति अपने संकल्प को दोहराते हुए श्री मोदी ने कहा, "मुझे पूर्ण विश्वास है कि ये परियोजनाएं 'विकसित केरलम' के हमारे संकल्प को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।"
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आरएस अनेजा, 11 मार्च नई दिल्ली - कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में 10 मार्च को विशेष सेवा पखवाड़ा 2026 के सफल समापन के साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 मनाया गया। इस कार्यक्रम में ईएसआईसी की महिला कर्मचारियों और लाभार्थियों के अधिकारों, मान्यता और कल्याण को बढ़ावा देने की अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई।
इस अवसर पर ईएसआईसी के महानिदेशक श्री अशोक कुमार सिंह, वित्तीय आयुक्त सुश्री टीएल यदेन, मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री मनीष कुमार अग्रवाल और चिकित्सा आयुक्त (एमई) डॉ. सपना मित्तल, मुख्य अतिथि और वक्ता सुश्री अंजू बाहरी और आश्रय ट्रस्ट के कार्यक्रम समन्वयक श्री मुंजेश यादव तथा ईएसआईसी मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे।
इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का विषय 'गिव टू गेन ईएसआईसी के मूल मार्गदर्शक सिद्धांत निस्वार्थ सेवा से मेल खाता है। ईएसआईसी के महानिदेशक श्री अशोक कुमार सिंह ने कहा कि यह विषय सामाजिक सुरक्षा के प्रति निगम की अटूट प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है। उन्होंने कहा कि ईएसआईसी अपनी व्यापक स्वास्थ्य सेवा पहलों के माध्यम से, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा देखभाल और सशक्त सामाजिक सुरक्षा तक निरंतर पहुंच सुनिश्चित करके देशभर में महिला लाभार्थियों को सशक्त बना रहा है।
वर्तमान में, ईएसआईसी 3.84 करोड़ से अधिक बीमित व्यक्तियों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है, जिसमें महिलाओं के स्वास्थ्य, मातृत्व लाभ और समग्र कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ईएसआईसी की वित्तीय आयुक्त सुश्री टीएल यदेन ने कहा कि ईएसआईसी देशभर में महिला लाभार्थियों को सशक्त बनाने और उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
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जल महोत्सव 2026: पानी की सुरक्षा के लिए सामुदायिक भागीदारी और महिला सशक्तिकरण पर राष्ट्रपति का ज़ोर
आरएस अनेजा, 11 मार्च नई दिल्ली - भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज (8 मार्च, 2026) नई दिल्ली में ‘जल महोत्सव 2026’ में शिरकत की और भाषण दिया।
इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में पानी सिर्फ़ एक बुनियादी सुविधा नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपराओं, रोज़ी-रोटी और सामुदायिक जीवन से जुड़ा है। इतने सालों तक, गांव वालों, खासकर महिलाओं और बच्चों को पीने का पानी बहुत दूर से लाना पड़ता था। साफ़ पानी देना सिर्फ़ सुविधा की बात नहीं थी; यह समय, सेहत और सम्मान की बात थी। इन चुनौतियों से निपटने के लिए, भारत सरकार ने ‘जल जीवन मिशन’ शुरू किया। जो गांव वाले कभी पीने के पानी के लिए संघर्ष करते थे, अब उनके घरों में साफ़ और सुरक्षित पानी मिल रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि जब किसी संसाधन की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ सरकार नहीं बल्कि पूरा समाज लेता है, तो उसका संरक्षण ज़्यादा असरदार और टिकाऊ हो जाता है। पानी के मैनेजमेंट और संरक्षण में सामुदायिक मालिकाना हक भी अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने भरोसा जताया कि 'जल अर्पण दिवस' मनाने से, यानी ग्राम पंचायतों को पानी सप्लाई का इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर्मल तौर पर सौंपने से, कम्युनिटी ओनरशिप की भावना मज़बूत होगी।
राष्ट्रपति को यह जानकर खुशी हुई कि सेल्फ-हेल्प ग्रुप पानी की टेस्टिंग, ऑपरेशन और दूसरे मेंटेनेंस के कामों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं जहाँ सेल्फ-हेल्प ग्रुप के कमिटमेंट और डेडिकेशन से महिलाओं और समाज की ज़िंदगी में अच्छे बदलाव आए हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि सेल्फ-हेल्प ग्रुप के ज़रिए महिलाओं की काबिलियत का इस्तेमाल करना पानी की सिक्योरिटी को सुलझाने में बहुत फायदेमंद होगा।
राष्ट्रपति ने कहा कि पानी की सिक्योरिटी को मज़बूत करने के लिए कई तरह के और मिलकर किए जाने वाले काम बहुत ज़रूरी हैं। उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि "क्लीन इंडिया मिशन" के साथ कोऑर्डिनेशन के ज़रिए ग्रामीण इलाकों में ग्रेवाटर मैनेजमेंट को बढ़ावा दिया जा रहा है। पानी के रिसोर्स को बनाए रखने के लिए, सेंट्रल ग्राउंडवाटर बोर्ड और दूसरे जुड़े हुए संगठनों के साथ मिलकर ग्राउंडवाटर रिचार्ज और पानी बचाने पर काम किया जा रहा है। कैच द रेन और जल संचय जन भागीदारी जैसे कैंपेन बारिश के पानी को जमा करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के कोऑर्डिनेशन से पानी की सिक्योरिटी पक्की होगी।
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रक्षा मंत्री ने ‘रक्षा बल विजन 2047: भविष्य के लिए तैयार भारतीय सेना के लिए एक रोडमैप’ जारी किया
आरएस अनेजा, 10 मार्च नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली में एक इवेंट में ‘डिफेंस फोर्सेज विजन 2047: भविष्य के लिए तैयार भारतीय सेना के लिए एक रोडमैप’ जारी किया।
यह पूरा ब्लूप्रिंट हेडक्वार्टर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ ने डिफेंस फोर्सेज को एक मॉडर्न, इंटीग्रेटेड और टेक्नोलॉजिकली एडवांस्ड सेना में बदलने के लिए तैयार किया है, जो 2047 तक भारत के विकसित भारत बनने के सपने को पूरा करने में मदद कर सके।
विजन डॉक्यूमेंट में डिफेंस फोर्सेज के अंदर ज़रूरी स्ट्रेटेजिक सुधारों, क्षमता बढ़ाने और ऑर्गेनाइजेशनल बदलावों की रूपरेखा बताई गई है ताकि बदलते जियोस्ट्रेटेजिक, टेक्नोलॉजिकल और सिक्योरिटी माहौल से असरदार तरीके से निपटा जा सके। इसमें सेना को एक इंटीग्रेटेड, मल्टी-डोमेन और फुर्तीली सेना में बदलने की सोची गई है, जो दुश्मनों को रोकने, संघर्ष के हर पहलू पर जवाब देने और तेज़ी से बदलते ग्लोबल और रीजनल हालात के बीच बढ़ते स्ट्रेटेजिक हितों की रक्षा करने में सक्षम हो।
विजन का एक मुख्य आधार सेनाओं के बीच तालमेल और तालमेल पर ज़ोर देना है, जिससे प्लानिंग, ऑपरेशन और क्षमता विकास में ज़्यादा तालमेल को बढ़ावा मिलता है। यह डॉक्यूमेंट भविष्य की युद्ध चुनौतियों के लिए अनुकूल फोर्स बनाने के लिए इनोवेशन, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और मॉडर्न ट्रेनिंग फ्रेमवर्क के महत्व पर भी ज़ोर देता है।
एक और मुख्य फोकस एरिया डिफेंस में आत्मनिर्भरता है, जो देश की खास सुरक्षा ज़रूरतों के हिसाब से स्वदेशी टेक्नोलॉजी और सॉल्यूशन के डेवलपमेंट और अपनाने को बढ़ावा देता है। घरेलू डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजिकल क्षमताओं को मज़बूत करने से ऑपरेशनल तैयारी बढ़ने और देश की ग्रोथ में योगदान देने की उम्मीद है।
विज़न डॉक्यूमेंट शॉर्ट-टर्म, मिड-टर्म और लॉन्ग-टर्म टाइमलाइन में स्पष्ट रूप से प्राथमिकता वाले क्षमता लक्ष्यों के साथ एक कैलिब्रेटेड रोडमैप अपनाता है। यह स्ट्रक्चर्ड अप्रोच एक वर्ल्ड क्लास डिफेंस फोर्स बनाने के लिए ज़रूरी ज़रूरी मिलिट्री क्षमताओं, इंस्टीट्यूशनल सुधारों और स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के डेवलपमेंट को गाइड करेगा।
भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों की जटिलता को पहचानते हुए, विज़न डॉक्यूमेंट पूरे देश के अप्रोच की ज़रूरत पर ज़ोर देता है, जिसमें नेशनल सिक्योरिटी सुनिश्चित करने के लिए मिलिट्री ताकत को डिप्लोमैटिक, टेक्नोलॉजिकल और इकोनॉमिक पावर के साथ जोड़ा जाता है। लगातार सुधारों, इनोवेशन और देश के कमिटमेंट के ज़रिए, इसका मकसद यह पक्का करना है कि भारत की आज़ादी के सौ साल तक, देश की सेना दुनिया भर में इज्ज़तदार, टेक्नोलॉजी में आगे और लड़ाई के लिए तैयार सेना के तौर पर खड़ी हो, और एक मज़बूत और मज़बूत विकसित भारत में योगदान दे।
इस मौके पर चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, चीफ ऑफ़ द नेवल स्टाफ एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, चीफ ऑफ़ द एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह, वाइस चीफ ऑफ़ द आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह और दूसरे सीनियर अधिकारी मौजूद थे।
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प्रधानमंत्री व गृह मंत्री ने CISF के स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दी
आरएस अनेजा, 10 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह ने केन्द्रीय औधोगिक सुरक्षा बल (CISF) के स्थापना दिवस पर उसके कर्मियों को शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया कि “सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स के सभी कर्मचारियों को उनके स्थापना दिवस पर हार्दिक बधाई। अपने पक्के इरादे, अनुशासन और लगन के लिए जाने जाने वाले CISF, पूरे देश में ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं। ड्यूटी के प्रति उनका अटूट कमिटमेंट भारत की सुरक्षा और तरक्की में बहुत बड़ा योगदान देता है।”
वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर एक पोस्ट में अमित शाह ने कहा, “CISF के स्थापना दिवस पर सभी कर्मियों को शुभकामनाएं। चाहे देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करना हो या संकट के समय राष्ट्र की रक्षा करना, उनकी समर्पण भावना सच्ची देशभक्ति और पेशेवर प्रतिबद्धता की भावना को दर्शाती है। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि।”
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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का महिला नेतृत्व वाले विकास पर आह्वान
आरएस अनेजा, 8 मार्च नई दिल्ली - अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया और समारोह को संबोधित किया।
यह राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों और योगदानों की खुशी मनाने और लैंगिक समानता, सुरक्षा, गरिमा और महिला सशक्तिकरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को दोहराने के लिए आयोजित किया गया।
राष्ट्रपति ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, न्यायपालिका, सेना, चिकित्सा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कला और उद्यमिता जैसे हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। वे पंचायतों में ग्रामीण विकास का नेतृत्व कर रही हैं।कई महिलाएं उद्योग, स्टार्टअप और कॉर्पोरेट जगत में नेतृत्व प्रदान करने के लिए अपनी क्षमताओं का भरपूर उपयोग कर रही हैं। वे खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। ऐसे उदाहरण यह विश्वास दिलाते हैं कि यदि महिलाओं को अवसर और समर्थन मिले तो वे हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकती हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत महिला नेतृत्व वाले विकास की ओर तेजी से अग्रसर है। पिछले एक दशक में महिलाओं के मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए मजबूत आधार तैयार किया गया है। भारत ने स्कूली शिक्षा में लैंगिक समानता हासिल कर ली है। उच्च शिक्षा में भी सकल नामांकन अनुपात के हिसाब से छात्राओं की संख्या अधिक है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है।केंद्रीय बजट 2026-27 में एसटीईएम छात्रों की पढ़ाई जारी रखने में सहायता के लिए प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास की स्थापना का प्रावधान है। हमारी बेटियां ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार हो रही हैं।
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08/03/26 |प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली में 33,500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की दी सौगात
आरएस अनेजा, 8 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली में ₹33,500 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य राजधानी में बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और शहरी जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। उन्होंने 18,300 करोड़ रुपए की लागत से दिल्ली मेट्रो का विस्तार किया वहीं प्रधानमंत्री ने मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया और तीन नए कॉरिडोर का शिलान्यास किया।
जिन दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया गया उनमें पिंक लाइन मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर (12.3 किमी)। इससे उत्तर और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लाखों लोगों को फायदा होगा। इसी प्रकार उन्होंने मैजेंटा लाइन का विस्तार किया जो दीपाली चौक से मजलिस पार्क (9.9 किमी) तक है।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया उनमें आर. के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर, एयरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 कॉरिडोर और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज कॉरिडोर शामिल है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सरोजिनी नगर, नेताजी नगर और कस्तूरबा नगर जैसे क्षेत्रों में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवासीय फ्लैट्स और कार्यालय परिसरों का उद्घाटन व शिलान्यास किया गया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, पीएम ने सरोजिनी नगर में महिला आवंटियों को उनके नए आवासों की चाबियां सौंपी।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि, 'आज भारत महिला सशक्तिकरण की नई गाथा लिख रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सफल नेतृत्व में राजधानी का विकास हो रहा है। राजनीति, प्रशासन, विज्ञान, खेल या समाज सेवा के क्षेत्र में भारत की नारी शक्ति हर क्षेत्र में नई ऊर्जा से आगे बढ़ रही है।' पीएम ने देश की नारी शक्ति को बधाई दी और राष्ट्र के विकास में उनके योगदान को स्वीकार किया।
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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश
आरएस अनेजा, 7 मार्च नई दिल्ली - भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर सभी नागरिकों, विशेषकर महिलाओं को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संदेश में कहा ‘’अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, मैं देश के सभी नागरिकों, विशेषकर महिलाओं को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देती हूं।
महिलाएं हमारे समाज और राष्ट्र की नींव हैं। उन्होंने शिक्षा, विज्ञान, खेल, कला और रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत का प्रदर्शन किया है।
शिक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त महिलाएं एक समृद्ध और प्रगतिशील राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। आज युवा महिलाएं नए भारत के सपनों को साकार कर रही हैं। उन्हें उचित अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन की आवश्यकता है। आइए हम सब मिलकर एक ऐसे समाज के निर्माण की दिशा में काम करें जहां महिलाओं को समान अवसर प्राप्त हों और वे अपनी क्षमताओं के बल पर आगे बढ़कर सफलता प्राप्त कर सकें।
मैं महिला दिवस के सफल आयोजन और सभी महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएं व्यक्त करती हूं।‘’
स्मरणीय है कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस प्रत्येक वर्ष आठ मार्च को मनाया जाता है।
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06/03/26 |- भारत,
सागर संकल्प: अनिश्चितता के दौर में 'आत्मनिर्भरता' ही भारत की रक्षा का एकमात्र कवच : रक्षामंत्री राजनाथ सिंह
आरएस अनेजा, 6 मार्च नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता में गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) लिमिटेड और एक निजी मीडिया संगठन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित रक्षा और समुद्री संवाद 'सागर संकल्प - भारत की समुद्री गौरव की पुनः प्राप्ति' का उद्घाटन करते हुए कहा, “अनिश्चितता के वर्तमान युग में प्रासंगिकता और तैयारी का एकमात्र रास्ता आत्मनिर्भरता ही है।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान वैश्विक स्थिति के कारण आपूर्ति श्रृंखलाओं का पुनर्निर्माण, नए समीकरणों का निर्माण और समुद्री गतिविधियों में निरंतर वृद्धि हुई है, जो हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के सरकार के संकल्प की पुष्टि करता है।
रक्षा मंत्री ने कहा, “पुराने विचार, पुरानी वैश्विक व्यवस्था और पुरानी धारणाएं तेजी से बदल रही हैं। ये वो अनिश्चितताएं हैं जिन्हें हमें समझना होगा। मध्य-पूर्व की वर्तमान स्थिति इसका एक प्रमुख उदाहरण है। वहां जो हो रहा है वह काफी असामान्य है। मध्य-पूर्व या हमारे पड़ोस में भविष्य में होने वाली घटनाओं के बारे में ठोस टिप्पणी करना मुश्किल है। होर्मुज जलडमरूमध्य या पूरा फारस की खाड़ी क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। जब इस क्षेत्र में अशांति होती है, तो इसका सीधा असर तेल और गैस की आपूर्ति पर पड़ता है। इसके अलावा, हम अन्य क्षेत्रों में भी आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान देख रहे हैं।
इन अनिश्चितताओं का अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार पर सीधा प्रभाव पड़ता है। वैश्विक परिदृश्य एक असामान्य स्थिति में है। इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि यह असामान्य स्थिति ही अब नए सिरे से सामान्य बनती जा रही है।”
राजनाथ सिंह ने “तकनीकी गतिशीलता” को आज की दुनिया का एक और महत्वपूर्ण तत्व बताते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी जीवन के हर क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव ला रही है, और रक्षा क्षेत्र में यह और भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रक्षा क्षेत्र में उच्च स्तरीय और सटीक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार उभरती और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने के लिए रक्षा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता हासिल करने का लक्ष्य रखती है।
रक्षा मंत्री ने रक्षा उत्पादन को गुणात्मक और मात्रात्मक रूप से मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा लागू किए गए संरचनात्मक और नीतिगत सुधारों का विस्तृत विवरण दिया, जिसमें पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन, निष्पादन के मानकीकरण और अनुसंधान एवं विकास पर विशेष जोर दिया गया। रक्षा क्षेत्र के उपक्रमों (डीपीएसयू) को सरकार के आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण का एक प्रमुख स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि जहाज निर्माण क्षेत्र में, जीआरएसई और अन्य शिपयार्डों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है ताकि घरेलू औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूत और भविष्योन्मुखी बनाया जा सके। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य जहाजों को केवल उत्पादन इकाइयों के रूप में विकसित करना नहीं है, बल्कि उन्हें प्रौद्योगिकी केंद्रों के रूप में विकसित करना है। बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण, डिजिटल जहाज डिजाइन उपकरणों, मॉड्यूलर निर्माण तकनीकों और आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण के माध्यम से उन्हें वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।”
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06/03/26 |मिजोरम में रेल क्रांति: पंजाब से सैरांग पहुँची पहली खाद्यान्न मालगाड़ी, विकास की नई पटरी पर राज्य
आरएस अनेजा, 6 मार्च नई दिल्ली - मिजोरम में यात्री और मालगाड़ी सेवाओं की शुरुआत के साथ यात्री परिवहन और माल ढुलाई में महत्वपूर्ण परिवर्तन आया है। इस क्षेत्र में विकास होने से पर्यटन बढ़ने के साथ-साथ संपर्क में सुधार हुआ है और आर्थिक विकास में भी योगदान मिला है।
एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में, भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की पहली खाद्यान्न मालगाड़ी 3 मार्च, 2026 को सैरांग रेलवे स्टेशन पर पहुंची। इस मालगाड़ी में पंजाब से लगभग 25,900 क्विंटल चावल से भरे 42 डिब्बे थे। यह राज्य में रेल आधारित माल ढुलाई संपर्क को मजबूत करने और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सैरांग में एफसीआई की खाद्यान्न मालगाड़ी के सफलतापूर्वक पहुंचने से बढ़ती परिचालन क्षमता का पता चलता है। इससे मिजोरम के रसद एवं खाद्य वितरण नेटवर्क को सहयोग देने में रेलवे अवसंरचना की बढ़ती भूमिका स्पष्ट होती है।
यह उल्लेख करना आवश्यक है कि 13 सितंबर, 2025 को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 51.38 किलोमीटर लंबी बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन का उद्घाटन मिजोरम के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी। इस महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना ने राज्य की राजधानी आइजोल को भारत के रेलवे मानचित्र पर ला खड़ा किया है। इससे राज्य सीधे राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ गया है। परिवहन में सुधार के अलावा, इस नई रेल लाइन से आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण अवसर पैदा होने और पूरे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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परंपरा, गौरव और अनुशासन: कल 8 बजे राष्ट्रपति भवन में होगा 'चेंज ऑफ गार्ड' समारोह
आरएस अनेजा, 6 मार्च नई दिल्ली - राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में होने वाली चेंज ऑफ़ गार्ड सेरेमनी अब शनिवार को बदले हुए समय पर होगी। यह इवेंट सुबह 8:00 बजे से 9:00 बजे तक फोरकोर्ट में होगा।
राष्ट्रपति भवन के अनुसार, चेंज ऑफ़ गार्ड सेरेमनी एक पुरानी मिलिट्री परंपरा है जिसकी शुरुआत बहुत पुराने समय से हुई है। पहले, महलों, किलों और डिफेंस जगहों पर तैनात गार्ड और संतरी को रेगुलर समय पर बदला जाता था ताकि सैनिकों का नया ग्रुप ड्यूटी संभाल सके। 30 मिनट की यह सेरेमनी हर शनिवार को होती है और यह गार्ड के बीच ज़िम्मेदारी के फॉर्मल ट्रांसफर का प्रतीक है। सेरेमनी के दौरान, गार्ड और संतरी समय-समय पर बदले जाते हैं, जो कई मिलिट्री जगहों में अपनाई जाने वाली परंपरा को जारी रखती है।
राष्ट्रपति भवन में, सेरेमोनियल आर्मी गार्ड बटालियन भारत के राष्ट्रपति के लिए सेरेमोनियल गार्ड और संतरी देने के लिए ज़िम्मेदार है। इस सेरेमनी को हाल ही में नया रूप दिया गया है और इसे ज़्यादा देखने में अच्छा और आम लोगों के लिए आसान बनाने के लिए दूसरी जगह ले जाया गया है। जगह को राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में शिफ्ट कर दिया गया है, जिससे विज़िटर्स के लिए वहां पहुंचना आसान हो जाएगा।
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03/03/26 |- भारत,
'मेक इन इंडिया' को नई उड़ान: कोस्ट गार्ड को मिलेंगे 6 स्वदेशी ALH हेलिकॉप्टर; नेवी की ताकत बढ़ाएगी 'श्टिल' मिसाइल
आरएस अनेजा, 3 मार्च नई दिल्ली - रक्षा मंत्रालय ने आज इंडियन कोस्ट गार्ड के लिए छह एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) Mk-II (मैरीटाइम रोल) और इंडियन नेवी के लिए सरफेस-टू-एयर वर्टिकल लॉन्च - श्टिल मिसाइलों की खरीद के लिए कुल 5,083 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट साइन किए।
ये कॉन्ट्रैक्ट डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली में साइन किए गए।
ALH Mk-III (MR)
ऑपरेशनल रोल इक्विपमेंट, एक इंजीनियरिंग सपोर्ट पैकेज और परफॉर्मेंस-बेस्ड लॉजिस्टिक्स सपोर्ट के साथ ALH Mk-III (MR) के लिए 2,901 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, बेंगलुरु के साथ बाय (इंडियन-इंडिजिनसली डिजाइन्ड, डेवलप्ड एंड मैन्युफैक्चर्ड) कैटेगरी के तहत साइन किया गया है।
इन ट्विन-इंजन हेलीकॉप्टर में अभी चल रहे एयरबोर्न प्लेटफॉर्म से बेहतर लेटेस्ट फीचर्स हैं और ये किनारे पर मौजूद एयरफील्ड के साथ-साथ समुद्र में जहाजों से भी कई तरह के समुद्री सुरक्षा मिशन करने में सक्षम हैं। इस इंडक्शन से आर्टिफिशियल आइलैंड, ऑफशोर इंस्टॉलेशन और मछुआरों और समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा के कामों को पूरा करने के लिए इंडियन कोस्ट गार्ड की क्षमता में काफी बढ़ोतरी होगी।
इस प्रोजेक्ट में 200 से ज़्यादा MSMEs से इक्विपमेंट की सप्लाई का प्लान है और इससे लगभग 65 लाख मैन-ऑवर का रोजगार मिलने की उम्मीद है। यह कॉन्ट्रैक्ट आत्मनिर्भर भारत और मेक-इन-इंडिया पहल के प्रति सरकार के कमिटमेंट को और मजबूत करता है, साथ ही देश के समुद्री सुरक्षा आर्किटेक्चर को और मजबूत करता है।
वर्टिकल लॉन्च - श्टिल मिसाइलें
सरफेस-टू-एयर वर्टिकल लॉन्च - श्टिल मिसाइलों और उनसे जुड़े मिसाइल होल्डिंग फ्रेम की खरीद के लिए 2,182 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट JSC रोसोबोरोनएक्सपोर्ट, रशियन फेडरेशन के साथ साइन किया गया है। इस खरीद का मकसद अलग-अलग तरह के हवाई खतरों के खिलाफ फ्रंटलाइन वॉरशिप की एयर डिफेंस क्षमताओं को काफी बढ़ाना है।
यह सिस्टम इंडियन नेवी के प्लेटफॉर्म पर लेयर्ड एयर डिफेंस आर्किटेक्चर को और मजबूत करेगा, जिससे रैपिड-रिएक्शन, हर मौसम में लड़ने की क्षमता और मुश्किल समुद्री माहौल में बेहतर सर्वाइवेबिलिटी मिलेगी। यह कॉन्ट्रैक्ट भारत और रूस के बीच लंबे समय से चली आ रही और समय की कसौटी पर खरी उतरी डिफेंस पार्टनरशिप को और दिखाता है, जो आपसी भरोसे और स्ट्रेटेजिक तालमेल पर आधारित है।
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03/03/26 |विश्व वन्यजीव दिवस: प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की समृद्ध जैव-विविधता और संरक्षण प्रयासों को सराहा
आरएस अनेजा, 3 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि विश्व वन्यजीव दिवस हमारी पृथ्वी को समृद्ध बनाने वाली और हमारे पारिस्थितिक तंत्र को कायम रखने वाली अद्भुत जीव विविधता का उत्सव मनाने का दिन है।
उन्होंने कहा कि यह वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए काम करने वाले सभी लोगों को सम्मानित करने और उनके संरक्षण, टिकाऊ प्रथाओं और प्राकृतिक निवास की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का दिन है ताकि वन्यजीव फलते-फूलते रहें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि भारत में विश्व के कुछ सबसे अद्भुत वन्य प्राणियों का निवास है और उनका पालन-पोषण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में बाघों की विश्व की 70% से अधिक और साथ ही एक सींग वाले गैंडों की सबसे बड़ी आबादी पायी जाती है तथा एशियाई हाथियों की अधिकतम संख्या भी यहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत विश्व का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां जंगल के राजा एशियाई शेरों की संख्या बढ़ रही है।
प्रधानमंत्री ने इस बात का उल्लेख किया कि सरकार ने वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अनेक प्रयास किए हैं। इनमें अन्य देशों के साथ सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने के लिए एक अद्वितीय मंच के रूप में अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस की स्थापना शामिल है। इसके अतिरिक्त, अन्य प्रयासों में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, घड़ियाल और स्लॉथ बियर के संरक्षण के उद्देश्य से की गई पहल के साथ-साथ चीतों का स्थानांतरण भी शामिल है।
प्रधानमंत्री ने भारत के सांस्कृतिक लोकाचार पर बल देते हुए कहा कि हमारे शास्त्र सभी जीवित प्राणियों के कल्याण के लिए प्रार्थना करते हैं और वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ उनके प्रति संवेदनशीलता को प्रेरित करते हैं। उन्होंने इस अवसर पर संस्कृत का नीतिपरक श्लोक साझा किया जिसमें कहा गया है-
"निर्वनो वध्यते व्याघ्रो निर्व्याघ्रं छिद्यते वनम्। तस्माद् व्याघ्रो वनं रक्षेद् वनं व्याघ्रं च पालयेत्॥"
उक्त सुभाषितम् का संदेश यह है कि जंगलों के बिना बाघ विलुप्त हो जाते हैं और बाघों के बिना जंगल नष्ट हो जाते हैं। इसलिए, बाघ जंगल की रक्षा करते हैं और जंगल बाघ की रक्षा करते हैं जो प्रकृति में परस्पर गहरी निर्भरता को रेखांकित करता है।
मोदी ने X पर अपने कई पोस्टों की श्रृंखला में कहा कि विश्व वन्यजीव दिवस हमारी पृथ्वी को समृद्ध बनाने और हमारे पारिस्थितिक तंत्र को बनाए रखने वाली अद्भुत जीव विविधता का उत्सव मनाने का दिन है। यह वन्यजीवों की सुरक्षा की दिशा में काम करने वाले सभी लोगों को सम्मानित करने का दिन है। हम संरक्षण, टिकाऊ प्रथाओं और आवासों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं ताकि हमारे वन्यजीव फलते-फूलते रहें।
हमें इस बात पर गर्व है कि भारत में विश्व के कुछ सबसे अद्भुत वन्य प्राणी पाए जाते हैं। विश्व में 70% से अधिक बाघों का निवास हमारे यहां है। हमारे यहां एक सींग वाले गैंडों की सबसे बड़ी आबादी और एशियाई हाथियों की अधिकतम संख्या भी है। भारत विश्व का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां वनराज एशियाई शेर फल-फूल रहे हैं।
एनडीए सरकार ने वन्यजीव संरक्षण के लिए कई प्रयास किए हैं। इनमें अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस की स्थापना शामिल है जो अन्य देशों के साथ सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने के लिए एक अद्वितीय मंच है। अन्य प्रयासों में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, घड़ियाल, स्लॉथ बियर की सुरक्षा और चीतों का स्थानांतरण शामिल हैं।
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साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण: जानें भारत में सूतक काल का समय और बरतने वाली सावधानियां
नई दिल्ली, 03, मार्च (अन्नू): आज, 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है, जिसे वैज्ञानिक दृष्टि के साथ-साथ आध्यात्मिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खगोल शास्त्र के अनुसार, जब चंद्रमा और सूर्य के बीच पृथ्वी इस तरह आ जाती है कि उसकी छाया चंद्रमा को ढक लेती है, तब चंद्र ग्रहण की स्थिति बनती है। इस दौरान चंद्रमा का रंग हल्का लाल या तांबे जैसा आभा लिए होता है, जिसे दुनिया भर में 'ब्लड मून' के नाम से भी जाना जाता है। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, इस बार यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में घटित हो रहा है, जिसका प्रभाव विभिन्न राशियों पर देखने को मिल सकता है।
समय की बात करें तो भारतीय समयानुसार यह ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर प्रारंभ हो जाएगा, हालांकि उस वक्त भारत में चंद्रमा क्षितिज से नीचे होने के कारण दिखाई नहीं देगा। देश के विभिन्न हिस्सों में चंद्रोदय शाम लगभग 6:26 से 6:32 बजे के बीच होगा, जो ग्रहण का अंतिम चरण होगा। चूंकि ग्रहण शाम 6:47 बजे तक समाप्त हो जाएगा, इसलिए भारतवासियों को इस खगोलीय घटना का दीदार करने के लिए मात्र 15 से 20 मिनट का समय ही मिल पाएगा। छोटे अंतराल के बावजूद, धार्मिक मान्यताओं के कारण इसके नियमों का पालन सुबह से ही शुरू हो गया है।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, आज सुबह 6:23 बजे से ही सूतक काल प्रभावी हो चुका है, जिसके चलते मंदिरों के पट बंद कर दिए गए हैं और सभी मांगलिक कार्यों पर रोक लग गई है। सूतक और ग्रहण की अवधि के दौरान भोजन पकाने, खाने, नए निवेश करने या नुकीली चीजों जैसे कैंची और चाकू का उपयोग करने से बचने की सलाह दी जाती है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को इस दौरान खुले आसमान के नीचे जाने या ग्रहण देखने से परहेज करना चाहिए, क्योंकि माना जाता है कि इस समय सक्रिय होने वाली नकारात्मक ऊर्जा गर्भस्थ शिशु पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। भोजन की शुद्धता बनाए रखने के लिए पके हुए खाने और पानी में तुलसी के पत्ते डालना शुभ माना जाता है।
ग्रहण के प्रभाव को कम करने के लिए इस दौरान मौन रहकर ईष्ट देव का ध्यान, गायत्री मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना अत्यंत फलदायी बताया गया है। ग्रहण समाप्त होने के पश्चात पूरे घर की शुद्धि के लिए गंगाजल का छिड़काव करना और स्वयं स्नान करना आवश्यक माना जाता है। इसके बाद सफेद वस्तुओं जैसे दूध, चावल, चीनी या सफेद वस्त्रों का दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है और कुंडली के दोषों का निवारण होता है। यदि आपने अभी तक स्नान और दान की तैयारी नहीं की है, तो ग्रहण समाप्ति के तुरंत बाद इन्हें संपन्न करना श्रेयस्कर रहेगा।
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27/02/26 |राष्ट्रपति ने जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पर स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरी
आरएस अनेजा, 27 फरवरी नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज राजस्थान के जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पर स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरी। इससे पहले, उन्होंने क्रमशः 2023 और 2025 में सुखोई 30 एमकेआई और राफेल में उड़ानें भरी थीं।
यह मिशन दो विमानों के एलसीएच फॉर्मेशन के रूप में क्रियान्वित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ग्रुप कैप्टन नयन शांतिलाल बहुआ के साथ पहले विमान में उड़ान भरी, जबकि वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और ग्रुप कैप्टन ए महेंद्र दूसरे विमान में नंबर 2 के रूप में सवार थे। लगभग 25 मिनट के इस मिशन के दौरान, उन्होंने गडिसर झील और जैसलमेर किले के ऊपर से उड़ान भरी और एक टैंक लक्ष्य पर हमला किया।
बाद में आगंतुक पुस्तिका में, राष्ट्रपति ने एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखकर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया, जिसमें उन्होंने कहा, “भारत के स्वदेशी रूप से विकसित हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' में उड़ान भरना मेरे लिए एक समृद्ध अनुभव रहा है। इस उड़ान ने मुझे राष्ट्र की रक्षा क्षमताओं पर नए सिरे से गर्व का अनुभव कराया है। मैं भारतीय वायु सेना और वायु सेना स्टेशन जैसलमेर की पूरी टीम को इस उड़ान के सफल आयोजन के लिए बधाई देती हूं।”
शाम को राष्ट्रपति जैसलमेर में भारतीय वायु सेना के वायु शक्ति अभ्यास का अवलोकन करेंगी।
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26/02/26 |प्रधानमंत्री योग पुरस्कार 2026 के लिए आवेदन शुरू
आरएस अनेजा, 26 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदृष्टि और नेतृत्व के मार्गदर्शन में, योग ने हाल के वर्षों में अभूतपूर्व वैश्विक पहुंच और जनभागीदारी रही है। समुदायों द्वारा निवारक स्वास्थ्य पद्धतियों को अपनाने से लेकर संस्थानों द्वारा योग को स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं में एकीकृत करने तक, यह अनुशासन शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण के प्रति अपने समग्र दृष्टिकोण के माध्यम से विभिन्न देशों के नागरिकों को लाभ पहुंचा रहा है।
प्रधानमंत्री योग पुरस्कार–2026 उन व्यक्तियों और संस्थानों को सम्मानित करता है जिनके निरंतर प्रयासों से विश्व स्तर पर योग का प्रभाव बढ़ा है। योग के विकास और प्रचार में उत्कृष्टता और समर्पण को मान्यता देने के जरिये ये पुरस्कार इस क्षेत्र में व्यापक भागीदारी, नवाचार और नेतृत्व को प्रेरित करते हैं।
आयुष मंत्रालय ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग के विकास और प्रचार में अनुकरणीय योगदान को मान्यता देने वाले प्रधानमंत्री योग पुरस्कार-2026 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।
आवेदन राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल www.awards.gov.in के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं ।
प्रत्येक पुरस्कार विजेता को निम्नलिखित प्राप्त होगा:
एक ट्रॉफी
एक प्रमाण पत्र
25 लाख रुपये का नकद पुरस्कार
यह पुरस्कार समारोह अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन के साथ ही आयोजित किया जाएगा।
पुरस्कार श्रेणियां
श्रेणी-I: योग के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार – व्यक्तिगत (राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय)
• दो पुरस्कारश्रेणी-II: योग संस्थानों के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार (राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय)
• दो पुरस्कारपात्रता मापदंड
इन पुरस्कारों का उद्देश्य उन व्यक्तियों और संस्थानों को सम्मानित करना है जिन्होंने योग के प्रचार और विकास में महत्वपूर्ण और उत्कृष्ट योगदान दिया है।
आवेदकों/नामांकित व्यक्तियों को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:
योग का समृद्ध अनुभव और गहन ज्ञान।
व्यक्तिगत श्रेणी (राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय) के अंतर्गत न्यूनतम पात्रता आयु: 30 वर्ष
योग के प्रचार-प्रसार और विकास में उत्कृष्ट योगदान के साथ कम से कम 10 (दस) वर्षों की बेदाग सेवा का अनुभव।
आवेदन की समयसीमा
आवेदन प्राप्त करने की प्रारंभ तिथि: 21 फरवरी, 2026
आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि: 21 मार्च, 2026
आवश्यकता पड़ने पर पंजीकरण की अंतिम तिथि को 15 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है। आयुष मंत्रालय अंतिम तिथि के बाद प्राप्त किसी भी आवेदन को अस्वीकार करने का अधिकार रखता है।
पात्र व्यक्तियों और संस्थानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल ( www.awards.gov.in ) के माध्यम से आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
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भारत टैक्सी संवाद: अमित शाह ने रखा सारथियों को मालिक बनाने का विजन
आरएस अनेजा, 23 फरवरी नई दिल्ली - केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में भारत टैक्सी के सारथियों के साथ संवाद किया।
संवाद के दौरान केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि जो श्रम कर रहा है, उसे ही मुनाफा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य टैक्सी के मालिक को धनी बनाना है और सारथी ही मालिक हैं। शाह ने कहा कि सारथी भारत टैक्सी के मालिक हैं और मुनाफे में भी उनका हिस्सा होगा। सहकारिता मंत्री ने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में देश के प्रत्येक म्युनिसिपल कॉरपोरेशन में ‘भारत टैक्सी’ होगी।
अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी को देश की पांच बड़ी कोऑपरेटिव्स को मिलाकर खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि अब जैसे-जैसे सारथियों की संख्या बढ़ती जाएगी और जो भी सारथी इसमें पार्टनर बनना चाहेगा उसे 500 रूपए के शेयर लेने पर मालिकाना हक मिल जाएगा। श्री शाह ने कहा कि जब भारत टैक्सी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का चुनाव होगा, तब इसमें कुछ स्थान सारथियों के लिए भी आरक्षित रखे जाएंगे। जब सारथी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में आ जाएंगे तब वे स्वयं अन्य सारथियों के सभी हितों की रक्षा और चिंता करेंगे।
केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी का उद्देश्य किसी निजी कंपनी की तरह बड़ा मुनाफा कमाना नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी का उद्देश्य हमारे सारथी भाइयों को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी के शेयर सारथियों के पास हैं और मालिक भी सारथी ही हैं, इसीलिए भारत टैक्सी की नीतियां भी सारथी ही बनाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी सारथियों की अपनी कंपनी है और इसमें सहकार करना ही हमारा सिद्धांत होना चाहिए। भारत टैक्सी सारथियों की क्षमता का दोहन करेगी न कि उनका शोषण करेगी।
अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी की कुल कमाई में से बीस प्रतिशत भारत टैक्सी के अकाउंट में सारथियों की पूंजी के रूप में जमा हो जाएगा और अस्सी प्रतिशत पैसा टैक्सी कितने किलोमीटर चली है, उसके अनुसार वापस सारथियों के खाते में जाएगा। श्री शाह ने कहा कि शुरूआती 3 साल भारत टैक्सी के विस्तार में जाएंगे और उसके बाद जितना भी मुनाफा होगा, उसका बीस प्रतिशत भारत टैक्सी में रहेगा और अस्सी प्रतिशत सारथी भाइयों को वापस दे दिया जाएगा।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी की शुरूआत एक बड़ा कोऑपरेटिव आंदोलन है। उन्होंने कहा कि इसके तहत भारत टैक्सी सारथियों की टैक्सी को मॉर्गेज (Mortgage) करेगी और भारत टैक्सी ही उन्हें कोऑपरेटिव बैंक के माध्यम से कर्ज दिलाएगी।
अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी में कुछ भी छिपा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सारथियों को हर जानकारी नोटिफिकेशन के माध्यम से उपलब्ध कराकर ‘भारत टैक्सी’ दुनिया की सबसे पारदर्शी कैब सर्विस बनेगी। भारत टैक्सी में सारथियों की मिनिमम वायबिलिटी पर किलोमीटर की दर की एक बेस लाइन बनाकर काम होगा। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी में ऑटो के मूल्य, पेट्रोल की खपत और मिनिमम मुनाफे को मिलाकर एक बेस रेट होगा और इससे नीचे यह ऑपरेट नहीं करेगी। श्री शाह ने कहा कि भारत टैक्सी का लक्ष्य मुनाफा कमाना नहीं है क्योंकि सारथी ही इस कोऑपरेटिव का मालिक है।
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दैनिक खबर" प्रस्तुत करता है 22 फरवरी,2026 के प्रातः 10 बजे के समाचार,
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दैनिक खबर पर प्रस्तुत है 21 फरवरी, 2026 को सांय 6 बजे के समाचार
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NHAI का बड़ा निर्णय: 1 अप्रैल 2026 से नेशनल हाईवे पर नकद टोल भुगतान पूरी तरह प्रतिबंधित, डिजिटल ट्रांजेक्शन अनिवार्य
नई दिल्ली, 21 फरवरी (अभी) : भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देश के परिवहन ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार आगामी 1 अप्रैल 2026 से देशभर के सभी नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर नकद भुगतान की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने की तैयारी कर रही है। इस नई नीति के लागू होने के बाद टोल टैक्स का भुगतान केवल डिजिटल माध्यमों से ही किया जा सकेगा। सरकार का लक्ष्य टोल सिस्टम को शत-प्रतिशत डिजिटल और 'कैशलेस' बनाकर यात्रा को अधिक सुगम और निर्बाध बनाना है।
टोल प्लाजा पर नकद भुगतान के कारण गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती हैं और खुले पैसों को लेकर यात्रियों व कर्मचारियों के बीच अक्सर विवाद की स्थिति बनी रहती है। एनएचएआई के आंकड़ों के अनुसार, कैश ट्रांजेक्शन में लगने वाला समय डिजिटल भुगतान के मुकाबले काफी अधिक होता है। डिजिटल भुगतान अनिवार्य होने से टोल बूथों पर वाहनों का ठहराव कम होगा, जिससे न केवल यात्रियों का कीमती समय बचेगा, बल्कि ईंधन की खपत में भी कमी आएगी।
नई व्यवस्था के तहत टोल प्लाजा पर भुगतान के लिए FASTag को प्राथमिक विकल्प के रूप में बनाए रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त, यात्रियों की सुविधा के लिए UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट वॉलेट के विकल्प भी उपलब्ध रहेंगे। यात्रियों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके वाहन पर लगा फास्टैग सक्रिय है और उसमें पर्याप्त बैलेंस उपलब्ध है। इस बदलाव से टोल संकलन में पारदर्शिता आएगी और राजस्व की लीकेज को भी रोका जा सकेगा। यह पहल प्रधानमंत्री के 'डिजिटल इंडिया' विजन को सड़कों पर उतारने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।
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18/02/26 |निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ ने असम में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर गुवाहाटी में राजनीतिक दलों संग की बैठक
आरएस अनेजा, 18 फरवरी नई दिल्ली - असम में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए भारत निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ ने कल गुवाहाटी में राजनीतिक दलों के साथ बैठक की।
इस दौरान राजनीतिक दलों ने सुझाव दिया कि राज्य में विधानसभा चुनाव एक चरण या अधिकतम दो चरणों में कराए जाएं। साथ ही चुनाव की तारीखें तय करते समय बिहू पर्व को ध्यान में रखने का आग्रह भी किया।
निवार्चन आयोग की टीम मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में तीन दिवसीय असम दौरे पर हैं, जहां वह चुनाव तैयारियों की समीक्षा कर रही है।
बैठक में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, आम आदमी पार्टी, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट, असम गण परिषद, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल सहित कई दलों ने भाग लिया। राजनीतिक दलों ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया की सराहना की।
इस बीच, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी चाहती है कि चुनाव अप्रैल के दूसरे-तीसरे सप्ताह में मनाए जाने वाले बोहाग बिहू से पहले कराए जाएं।
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17/02/26 |- भारत,
आज साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण: 'रिंग ऑफ फायर' का दिखेगा अद्भुत नजारा, जानें भारत पर इसका असर
नई दिल्ली, 17 फ़रवरी (अन्नू): पंचांग के अनुसार, साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण आज यानी 17 फरवरी को फाल्गुन मास की अमावस्या के अवसर पर लगने जा रहा है। खगोलीय दृष्टि से यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसे 'रिंग ऑफ फायर' भी कहा जाता है। इस स्थिति में चंद्रमा सूर्य के मध्य भाग को पूरी तरह ढक लेता है, जिससे सूर्य का बाहरी हिस्सा एक चमकती हुई सुनहरी चूड़ी की तरह दिखाई देता है। भारतीय समयानुसार, इस ग्रहण की शुरुआत दोपहर 03:26 बजे से होगी और यह शाम 07:57 बजे समाप्त होगा। ग्रहण की सबसे खास अवस्था, यानी 'रिंग ऑफ फायर', लगभग 2 मिनट 20 सेकंड तक देखी जा सकेगी।
धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इस ग्रहण का विशेष महत्व है क्योंकि यह शनि की राशि कुंभ में लगने जा रहा है। हालांकि, भारतीय खगोल प्रेमियों के लिए ध्यान देने वाली बात यह है कि यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा। यह मुख्य रूप से अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका, चिली, अर्जेंटीना और मेडागास्कर जैसे देशों में दिखाई देगा। भारत में दिखाई न देने के कारण यहाँ सूतक काल के नियम प्रभावी नहीं होंगे, जिससे लोग बिना किसी भय के अपने दैनिक पूजा-पाठ और मांगलिक कार्य संपन्न कर सकते हैं। विशेष रूप से फाल्गुन अमावस्या पर किए जाने वाले पितृ तर्पण और श्राद्ध कर्म भी निर्बाध रूप से किए जा सकेंगे।
भले ही भारत में सूतक लागू नहीं है, लेकिन पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में सावधानी बरतना शुभ माना जाता है। ज्योतिषविदों के अनुसार, ग्रहण के समय नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए ईश्वर का ध्यान और मंत्र जाप करना लाभकारी होता है। विशेषकर गर्भवती महिलाओं को नुकीली वस्तुओं से दूर रहने और घर के भीतर रहने की सलाह दी जाती है। ग्रहण के पश्चात पवित्र नदियों में स्नान करने या घर में गंगाजल का छिड़काव करने की परंपरा है। साथ ही, ग्रहण के बाद सामर्थ्य अनुसार कच्चे अन्न, काले तिल, गुड़ या तांबे के बर्तनों का दान करना पितृ दोष और शनि दोष से मुक्ति दिलाने वाला माना गया है।
राशियों पर प्रभाव की बात करें तो यह ग्रहण अलग-अलग जातकों के लिए मिश्रित परिणाम लेकर आएगा। मेष राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में उन्नति और आर्थिक लाभ के संकेत दे रहा है, वहीं वृषभ राशि वालों को निवेश और पारिवारिक कलह से बचने की जरूरत है। मिथुन राशि के लोगों के खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि कर्क राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण खुशियों की सौगात ला सकता है, जिससे उनके रुके हुए कार्य पूर्ण होने की संभावना है।
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CBSE बोर्ड परीक्षाओं का आगाज़: आज से 43 लाख छात्र देंगे परीक्षा, सुरक्षा और अनुशासन के कड़े इंतजाम
नई दिल्ली, 17 फ़रवरी (अन्नू): केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षाएं आज यानी मंगलवार से देशभर में शुरू हो गई हैं। शिक्षा जगत के इस सबसे बड़े आयोजन में इस वर्ष 43 लाख से अधिक विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। कक्षा 10वीं के छात्र आज गणित (बेसिक और स्टैंडर्ड) के साथ अपनी परीक्षा की शुरुआत करेंगे, जबकि 12वीं कक्षा के लिए बायोटेक्नोलॉजी, उद्यमिता और शॉर्टहैंड जैसे विषयों के पेपर निर्धारित किए गए हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो 10वीं कक्षा में लगभग 25.08 लाख और 12वीं में 18.59 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिनमें छात्र और छात्राओं की भागीदारी का उत्साह देखते ही बनता है।
परीक्षाओं को सुचारू और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए बोर्ड ने देशभर में कुल 15,649 परीक्षा केंद्र स्थापित किए हैं। परीक्षा का समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक तय किया गया है, लेकिन अनुशासन को प्राथमिकता देते हुए बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सुबह 10:00 बजे के बाद किसी भी छात्र को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। छात्रों को प्रश्नपत्र को अच्छी तरह समझने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी प्रदान किया जाएगा। संवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के जरिए पैनी नजर रखी जा रही है और मोबाइल या किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
परीक्षा के तनाव को कम करने के लिए विशेषज्ञों और प्रधानाचार्यों ने छात्रों को खास सलाह दी है। माउंट आबू पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य ज्योति अरोड़ा के अनुसार, सफलता का असली आधार अनुशासन, ईमानदारी और संयम है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया है कि वे प्रश्नपत्र को शांत मन से हल करें और मुख्य बिंदुओं को रेखांकित करते हुए स्पष्ट उत्तर लिखें। परीक्षा के दौरान घबराने के बजाय समय का सही प्रबंधन करना और उत्तर पुस्तिका को अंत में दोबारा जांचना बेहद जरूरी है। साथ ही, बेहतर फोकस के लिए छात्रों को ध्यान (Meditation) लगाने और पर्याप्त नींद लेने की सलाह भी दी गई है।
अभिभावकों और शिक्षकों से भी अनुरोध किया गया है कि वे इस समय छात्रों का मनोबल बढ़ाते रहें। यदि किसी परीक्षा में कुछ कमी रह जाए, तो उसे तनाव का कारण न बनने दें और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ें। बोर्ड का मानना है कि विद्यार्थी जितना तनावमुक्त रहकर परीक्षा देंगे, उनके परिणाम उतने ही बेहतर होंगे।#CBSEBoardExams2026 #ExamSeason #StudentLife #EducationIndia #CBSE10th12th #ExamTips #SuccessMindset #BoardExams
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16/02/26 |- भारत,
भारतीय व्यापार सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की
आरएस अनेजा, 16 फरवरी नई दिल्ली - इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट्स सर्विस, डिफेंस एयरोनॉटिकल क्वालिटी एश्योरेंस सर्विस और इंडियन ट्रेड सर्विस के ऑफिसर ट्रेनी आज (16 फरवरी, 2026) राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिले।
ऑफिसर ट्रेनी को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि जानी-मानी सेवाओं में उनके सेलेक्शन से उन्हें देश की सेवा करने का मौका मिलता है। उन्होंने उन्हें यह याद रखने की सलाह दी कि बहुत से युवा हैं जो अपनी जगह तक पहुँचने का सपना देखते हैं, लेकिन कुछ ही लोगों को अपने सपने पूरे करने का मौका मिल पाता है। उन्होंने कहा कि वे कई लोगों के लिए प्रेरणा और रोल मॉडल बन सकते हैं और मिसाल बनकर लीड करने की ज़िम्मेदारी उनके पूरे सफ़र में बनी रहेगी।
राष्ट्रपति ने कहा कि जब उनके जैसे ऑफिसर भारत के विकास और हर नागरिक की भलाई के लिए कमिटमेंट के साथ काम करेंगे, तो हमारा देश ग्लोबल स्टेज पर और मज़बूत, ज़्यादा काबिल और ज़्यादा इज्ज़तदार बनता रहेगा। वे काम के प्रति जो जुनून लाते हैं, वह एक ऐसी ताकत है जो कल के भारत को बदल सकती है।
इंडियन ऑडिट और अकाउंट्स सर्विस के अधिकारियों को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि वे जनता के भरोसे के रखवाले और फाइनेंशियल समझदारी के रखवाले हैं। उन्होंने कहा कि जब एग्जीक्यूटिव और ऑडिट संस्थाओं के बीच तालमेल होता है, तो गवर्नेंस सिस्टम पर अकाउंटेबिलिटी के फ्रेमवर्क का असर और वैल्यू एडिशन बढ़ता है। ऑडिट और एग्जीक्यूटिव के बीच एक असरदार पार्टनरशिप पब्लिक खर्च की क्षमता को बढ़ाने और चाहे गए नतीजे पाने में मदद करती है। उन्होंने अधिकारियों से संविधान और सर्विस की परंपराओं और मूल्यों को हमेशा बनाए रखने की कोशिश करने की अपील की।
इंडियन ट्रेड सर्विस के अधिकारियों को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि वे इन्वेस्टमेंट लाने, नौकरियां पैदा करने और ऐसा माहौल बनाने में योगदान देंगे जहां भारतीय बिजनेस इनोवेट कर सकें, बढ़ सकें और ग्लोबल लेवल पर मुकाबला कर सकें। उन्होंने कहा कि उनका गाइडिंग कम्पास हमेशा भारत का राष्ट्रीय हित होना चाहिए। उन्होंने उन्हें यह याद रखने की सलाह दी कि वे जो भी पॉलिसी लागू करते हैं, जो भी ट्रेड बैरियर को दूर करते हैं, जो भी एग्रीमेंट का समर्थन करते हैं — वह भारत को एक मजबूत और ग्लोबल लेवल पर ज्यादा सम्मानित ट्रेडिंग पार्टनर के रूप में उभरने में योगदान देगा।
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16/02/26 |भिवाड़ी केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग: 7 मजदूरों की दर्दनाक मौत, पीएम मोदी ने जताया दुख
आरएस अनेजा, 16 फरवरी नई दिल्ली - राजस्थान के भिवाड़ी (खैरथल-तिजारा जिला) में आज, सोमवार 16 फरवरी 2026 की सुबह एक भीषण हादसा हुआ है। खुशखेड़ा-करौली औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में आग लगने से कम से कम 7 मजदूरों की मौत हो गई है।
आग सोमवार सुबह लगभग 9:30 बजे भिवाड़ी के खुशखेड़ा-करौली इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक निजी केमिकल इकाई में लगी। अब तक 7 शव बरामद किए जा चुके हैं जबकि कुछ मजदूर अंदर फंसने से घायल हो गए। पुलिस को गश्त के दौरान आग का पता चला, जिसके बाद तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हादसे के वक्त फैक्ट्री में लगभग 20 से 25 मजदूर काम कर रहे थे। आग लगने पर कुछ मजदूर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन कई अंदर ही फंस गए।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। स्थानीय प्रशासन और अग्निशमन विभाग वर्तमान में कूलिंग ऑपरेशन और लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
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अंबाला छावनी में भीषण सड़क हादसा: शाहपुर के निकट जीटी रोड पर बेकाबू ट्रक ने कई वाहनों को रौंदा, बाइक और थ्री-व्हीलर सवार की दर्दनाक मौत
आरएस अनेजा, 16 फरवरी नई दिल्ली - अम्बाला में जीटी रोड पर शाहपुर के पास आज सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया जिसमें ट्रक के पलटने की वजह से बाइक सवार नीचे आ गया जिस कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई जबकि हादसे में एक अन्य भी मारा गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक चालक गलत तरीके से ट्रक चला रहा था जिस वजह से उसने पहले कई वाहनों को टक्कर मारी और फिर पलट गया जिसमें दो लोगों की मौत हो गई।
ट्रक के पलटने से ट्रक के नीचे आने से बाइक और थ्री व्हीलर सवार की मौत हो गई। हालांकि ये हादसा इतना भयानक था कि ट्रैक ने पहले कई वाहनों को टक्कर मारी और फिर पलट गया जिसके वजह से कई लोग उसके नीचे दब गए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अम्बाला की ओर सर्विस लाइन पर एक ट्रक बहुत ही गलत तरीके से चला आ रहा था जिसने पहले उनकी गाड़ी को टक्कर मारी और फिर कहीं वाहनों को टक्कर मार कर पलट गया इस दौरान कहीं वाहन उसके नीचे आ गए और लोग दब गए जिसकी वजह से मौके पर ही उनकी मौत हो गई, लेकिन गाड़ी सवार चार लोग बच गए।
जानकारी देते हुए मौके पर मौजूद पड़ाव थाना एसएचओ धर्मवीर ने बताया कि आज सुबह लगभग 10:00 बजे के आसपास के हादसा हुआ है जिसमें दो लोगों की मौत हो गई।
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16/02/26 |ईस्टर्न नेवल कमांड में 'MILAN विलेज' का आगाज़; 70 से ज़्यादा देशों के साथ सजेगी दोस्ती और संस्कृति की महफ़िल
आरएस अनेजा, 16 फरवरी नई दिल्ली - इंडियन नेवी ने ईस्टर्न नेवल कमांड में MILAN विलेज का उद्घाटन किया। यह उनके खास इंटरनेशनल नेवल एक्सरसाइज़, MILAN 2026 का हिस्सा था।
उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता वाइस एडमिरल संजय भल्ला, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, ईस्टर्न नेवल कमांड ने की, जिन्होंने हिस्सा लेने वाली नेवी के लिए औपचारिक तौर पर विलेज खोला और ग्लोबल समुद्री जुड़ाव को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई सुविधाओं का दौरा किया।
सोच-समझकर बनाए गए MILAN विलेज को एक एक्सपीरियंस ज़ोन के तौर पर सोचा और बनाया गया है, जो 70 से ज़्यादा देशों के डेलीगेट्स और नेवी के लोगों को भाईचारे और दोस्ती के माहौल में एक साथ लाता है। यह सोशल और कल्चरल लेन-देन के लिए एक हब के तौर पर काम करता है, जिससे प्रोफेशनल दायरे से आगे भी जुड़ाव मुमकिन होता है।
MILAN विलेज की एक खास बात कल्चरल लेन-देन पर ज़ोर देना है, जो भारत की अलग-अलग तरह की विरासत और परंपरा की एक गहरी और गहरी झलक दिखाता है। विलेज में वोकल आर्टिस्ट के लाइव परफॉर्मेंस, पारंपरिक लोक-डांस परफॉर्मेंस और भारत की जीवंत कलात्मक विरासत को दिखाने वाले कल्चरल ग्रुप होंगे।
इस गांव में नौसेना की यादगार चीज़ों, हैंडीक्राफ्ट और हैंडलूम प्रोडक्ट्स के कई स्टॉल हैं। ये सब मिलकर देश भर की कारीगरी दिखाते हैं। इसके अलावा, विज़िटर्स को मुंह में पानी लाने वाले भारतीय खाने का भी मज़ा मिलेगा, जिसमें भारत के अलग-अलग तरह के क्षेत्रीय स्वाद और जायके मिलेंगे।
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15/02/26 |प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाशिवरात्रि के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दी
आरएस अनेजा, 15 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज महाशिवरात्रि के अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दी। श्री मोदी ने कहा, “आदिदेव महादेव सदैव सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। सबका कल्याण हो और हमारा भारतवर्ष समृद्धि के शिखर पर विराजमान हो।”
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
“देशभर के मेरे परिवारजनों को महाशिवरात्रि की ढेरों शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि आदिदेव महादेव सदैव सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। उनके आशीर्वाद से सबका कल्याण हो और हमारा भारतवर्ष समृद्धि के शिखर पर विराजमान हो।
हर हर महादेव!”
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14/02/26 |"कांग्रेस एक 'रामलीला पार्टी', वर्दियां बदल-बदलकर आते हैं कलाकार" – अनिल विज का राहुल गांधी पर तीखा कटाक्ष
अम्बाला/चंडीगढ़, 14 फरवरी - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस पार्टी को रामलीला पार्टी बताते हुए कहा कि कांग्रेस के पास अब लोग तो रहे नहीं, इसीलिए ये वर्दियां बदल-बदलकर आ जाते हैं।
आज पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा किसान नेताओं से बातचीत करने के संबंध में पूछे गए सवाल पर बोलते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि जिस प्रकार रामलीला में वही कलाकार अलग-अलग वेशभूषा डालकर कभी रावण और राम दोनों की सेना में शामिल हो जाते हैं, ठीक उसी प्रकार कांग्रेस वाले भी कभी मजदूर, कभी किसान, कभी व्यापारी बनकर आ जाते हैं। इनके (कांग्रेस) पास अब लोग तो रहे नहीं इसीलिए यह वर्दियां बदल-बदलकर आ जाते हैं।जिस सदन में 140 करोड़ लोगों के भविष्य पर चर्चा होती है उस सदन में विपक्ष बात करने नहीं बल्कि इसे बाधित करने की मंशा से आता है : अनिल विज
अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को लेकर विपक्ष लगातार हंगामा कर रहा है जिसपर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष के पास अब कुछ नहीं रहा सिवाय विघन डालने के। उन्होंने कहा लोकसभा में अपनी बात कहना लोगों के विषय उठाना यह आवश्यक है, लेकिन घर से सोच कर आना कि हमने कार्रवाई बाधित करनी है, ये कभी कोई किताब उठा देते हैं तो कभी कोई।
मंत्री अनिल विज ने कहा कि सदन में देश हित हेतु 140 करोड़ लोगों के भविष्य पर चर्चा होती है उसे यह बाधित करते हैं। बात करना और बाधित करने में अंतर है। इन्हें बात करनी तो आती नहीं मगर लोकसभा को बाधित करने के लिए ये तरह-तरह के खेल बनाकर आते हैं।
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"दैनिक खबर" पर आज 14 फरवरी, 2026 प्रातः 10 बजे के ताज़ा समाचार।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज असम दौरा: पूर्वोत्तर की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी का करेंगे उद्घाटन; नेशनल हाईवे पर उतरेंगे राफेल और सुखोई, 40 मिनट तक आसमान में दिखेगा वायुसेना का अद्भुत शौर्य प्रदर्शन।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया नए प्रधानमंत्री कार्यालय 'सेवा तीर्थ' का उद्घाटन: साउथ ब्लॉक से विदा हुई गुलामी की मानसिकता; 'कर्तव्य भवन' से चलेगा देश, औपनिवेशिक प्रतीकों को पीछे छोड़ नए भारत का उदय।
डीजीसीए ने सख्त किए नियम: शराब पीकर उड़ान भरने वाले पायलटों का लाइसेंस होगा रद्द; विदेशी पायलटों का फाटा भी होगा निरस्त, 9 फरवरी से लागू हुई जीरो टॉलरेंस की नई सुरक्षा नीति।
सीडीएस जनरल अनिल चौहान की दोटूक: दुनिया में कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं, रणनीतिक जरूरत पर अकेले लड़ने को तैयार रहे भारत; पुणे सेमिनार में मानसिक और भौतिक मजबूती पर दिया जोर।
सलेम में विजय की रैली के दौरान दुखद हादसा: हीटस्ट्रोक और सीने में दर्द से 37 वर्षीय समर्थक की मौत; महाराष्ट्र से टीवीके चीफ से मिलने पहुंचा था सूरज, अस्पताल में तोड़ा दम।
पन्नू हत्याकांड साजिश: निखिल गुप्ता ने न्यूयॉर्क कोर्ट में कबूला जुर्म; 24 साल की जेल, भारतीय नागरिक ने सुपारी देने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को किया स्वीकार।
मिडिल ईस्ट में अमेरिका की बड़ी सैन्य तैनाती: दुनिया का सबसे बड़ा जंगी जहाज 'यूएसएस जेराल्ड फोर्ड' रवाना; वेनेजुएला ऑपरेशन के बाद अब ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए संभालेंगे मोर्चा, बढ़ी युद्ध की सुगबुगाहट।
भारतीय पासपोर्ट की धाक: हेनले इंडेक्स में 10 पायदान की छलांग लगाकर 75वें स्थान पर पहुँचा भारत; अब 56 देशों में मिलेगी वीजा फ्री एंट्री, बदहाल पाकिस्तान की रैंकिंग उत्तर कोरिया से भी नीचे गिरी।
अल फलाह यूनिवर्सिटी ईडी केस: चेयरमैन जवाद सिद्दीकी की न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ी; आरोपपत्र पर सुनवाई अब 27 मार्च को, बचाव पक्ष की दस्तावेज मांग पर कोर्ट ने जारी किया नोटिस।
दिल्ली के स्कूलों में 'कवच' सी सुरक्षा: बम की अफवाहों और अपहरण की खबरों के बाद बाहरी प्रवेश बैन; आईडी सत्यापन अनिवार्य, सीसीटीवी और बहुस्तरीय जांच से सुरक्षित होंगे नौनिहाल।
ग्रैप प्रतिबंधों और चोरी से दिल्ली के 'गोलचक्कर सुंदरीकरण प्रोजेक्ट' पर लगी ब्रेक: जनवरी की डेडलाइन अब मार्च 2026 तक बढ़ी; कलात्मक लैंडस्केपिंग और लाइटिंग के लिए करना होगा और इंतजार।
सूरजकुंड मेले में अनुज शर्मा की सुरमयी शाम: बॉलीवुड सिंगर के लोकप्रिय तरानों पर झूम उठे हजारों पर्यटक; मुख्य चौपाल पर शानदार प्रस्तुति से यादगार बना 39वां अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला।
हरियाणा में अनुबंध कर्मचारियों को बड़ी राहत: जॉब सिक्योरिटी पोर्टल पर ओटीपी और डेटा समस्याओं के समाधान हेतु मुख्य सचिव के सख्त निर्देश; पात्रता पूरी करने वाले कर्मियों को तुरंत मिलेगा सेवा सुरक्षा का लाभ।
हिसार में पुलिस और अपराधी पवन मूसा के बीच मुठभेड़: बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई पीएसआई की जान; जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से कुख्यात बदमाश गिरफ्तार, एनएच-52 पर बड़ी वारदात टली।
रोहतक में जस्टिस सूर्यकांत का आज भव्य अभिनंदन: बार एसोसिएशन के सम्मान समारोह में सीएम सैनी और हाईकोर्ट के जज होंगे शामिल; न्यायिक गरिमा और विकास पर मंथन के लिए जुटे दिग्गज।
सुखबीर बादल मानहानि मामला: चंडीगढ़ कोर्ट में आज पेशी से मांगी छूट; अमृतसर में अहम पार्टी मीटिंग का दिया हवाला, 8 साल पुराने केस में 16 फरवरी तक के लिए टल सकती है सुनवाई।
अंबाला पुलिस के रडार पर फर्जी जमानती गिरोह: जाली दस्तावेजों से कोर्ट को गुमराह करने वाले 60 आरोपी गिरफ्तार; पुलिस की अपील- जालसाजों से बचें और धोखाधड़ी की तुरंत सूचना दें।
अंबाला पुलिस का 'बुलेट' प्रहार: पटाखा छोड़ने और शोर मचाने वाले हुड़दंगियों पर कसा शिकंजा; 12 मोटरसाइकिलें ज़ब्त और भारी चालान, वीडियो भेजकर शिकायत करने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी।
आज फिर मिलेंगे शाम 6 बजे के मुख्य समाचारो के साथ।।.......
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दैनिक खबर पर प्रस्तुत हैं आज 12 फरवरी, 2026 के शाम 6 बजे के मुख्य समाचार
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12/02/26 |प्रशासनिक क्रांति का उदय: प्रधानमंत्री मोदी करेंगे ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ का भव्य उद्घाटन
आरएस अनेजा, 12 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13 फरवरी, 2026 को दोपहर लगभग 1:30 बजे सेवा तीर्थ भवन परिसर के नामकरण का अनावरण करेंगे।
इसके बाद प्रधानमंत्री सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन-1 तथा कर्तव्य भवन-2 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री शाम लगभग 6 बजे सेवा तीर्थ में एक जनसभा को संबोधित भी करेंगे।
यह उद्घाटन देश की प्रशासनिक शासन संरचना में एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर है। यह आधुनिक, कुशल, सुलभ और नागरिक-केंद्रित शासन प्रणाली के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
दशकों से, कई प्रमुख सरकारी कार्यालय और मंत्रालय सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में कई स्थानों पर फैले हुए खंडित और पुरानी अवसंरचनाओं से कार्य करते रहे। प्रमुख कार्यालयों के इस फैलाव के कारण परिचालन में अक्षमताएं, समन्वय संबंधी चुनौतियां, रखरखाव की बढ़ती लागत और काम करने के लिए अनुपयुक्त वातावरण जैसी समस्याएं उत्पन्न हुईं। आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार सुविधाओं से युक्त नए भवन परिसर के भीतर प्रशासनिक कार्यों को समेकित करके इन समस्याओं से अब मुक्ति मिल जाएगा।
सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय स्थित हैं, जो पहले अलग-अलग स्थानों पर स्थित थे।
कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 में वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, विधि एवं न्याय मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय सहित कई प्रमुख मंत्रालय स्थित हैं।
दोनों भवन परिसरों में डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय, सुव्यवस्थित सार्वजनिक संपर्क क्षेत्र और केंद्रीकृत स्वागत सुविधाएं मौजूद हैं। ये सुविधाएं सहयोग, दक्षता, सुचारू संचालन, नागरिकों की बेहतर भागीदारी और कर्मचारियों के कल्याण को बढ़ावा देंगी।
4-स्टार जीआरआईएचए मानकों के अनुसार डिज़ाइन किए गए इन परिसरों में नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां, जल संरक्षण उपाय, अपशिष्ट प्रबंधन समाधान और उच्च-प्रदर्शन वाली भवन संरचनाएं शामिल हैं। इन उपायों से परिचालन दक्षता बढ़ेगी और पर्यावरणीय प्रभाव को काफी हद तक कम किया जाएगा। भवन परिसरों में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, निगरानी नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया अवसंरचना जैसी व्यापक सुरक्षा व्यवस्थाएं भी शामिल हैं, जिनसे अधिकारियों और आगंतुकों के लिए एक सुरक्षित और सुलभ वातावरण सुनिश्चित होगा।
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12/02/26 |"वंदे मातरम के सभी 6 छंद अनिवार्य: ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने फैसले को सराहा, बोले - शहीदों के बलिदान को मिला असली सम्मान"
चंडीगढ़, 12 फरवरी - केंद्र सरकार द्वारा सभी सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों व महत्वपूर्ण आयोजनों में वंदेमातरम के सभी छह छंद बजाना अनिवार्य करने पर प्रतिक्रिया देते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि यह बहुत अच्छा कार्य किया है। वंदेमातरम जिसे गाते हुए अनेकों स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना बलिदान दिया, उसे मान्यता मिली है और अनिवार्य किया गया है कि हर सरकारी कार्यक्रम में इसको गाया जाए।
वहीं एआईएमआईएम नेता द्वारा वंदेमातरम गीत को लेकर किए गए विरोध पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि देश हित पर कोई भी बात होगी तो औवेसी साहब उसपर जरूर बोलेंगे। ये जब हमारे क्रांतिकारियों ने गाए, देशभक्तों व बलिदानियों ने गाए तो तब क्या यह ठीक नहीं था और आज यह गलत हो गया।
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दैनिक खबर पर प्रस्तुत हैं आज 11 फरवरी, 2026 के शाम 6 बजे के मुख्य समाचार
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11/02/26 |उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी
आरएस अनेजा, 11 फरवरी नई दिल्ली - भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी है।
एक सोशल मीडिया पोस्ट में, उपराष्टपति ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को एक दूर की सोचने वाला और राष्ट्र-निर्माता बताया, जिन्होंने अपना जीवन समाज की सेवा में लगा दिया। उन्होंने कहा कि उपाध्याय का इंटीग्रल ह्यूमैनिज्म का सिद्धांत पूरी दुनिया के लिए हमेशा काम का है। सीपी राधाकृष्णन ने आगे कहा कि उनके जीवन का संदेश, सबसे दबे-कुचले लोगों की दया से सेवा करना और नैतिक सार्वजनिक जीवन को बनाए रखना, भारत के विकसित भारत की यात्रा में एक गाइड करने वाली ताकत बना हुआ है।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। मोदी ने कहा कि उनके सिद्धांत और विचार, जो मूल्यों पर आधारित हैं, देश की हर पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे।
प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया: "मातृभूमि के अनन्य उपासक पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को उनकी पुण्यतिथि पर सादर नमन। मूल्यों पर आधारित उनके सिद्धांत और विचार देश की हर पीढ़ी के लिए पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे।"
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दैनिक खबर पर प्रस्तुत हैं आज 11 फरवरी, 2026 के प्रातः 10 बजे के ताज़ा समाचार
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ऐतिहासिक संशोधन: अब मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) को मिला 'एक्स-सर्विसमैन' का आधिकारिक दर्जा, नौकरियों में मिलेगा आरक्षण का लाभ
आरएस अनेजा, 10 फरवरी नई दिल्ली - सरकार ने संविधान के आर्टिकल 309 के तहत एक्स-सर्विसमैन (सेंट्रल सिविल सर्विसेज़ और पोस्ट्स में री-एम्प्लॉयमेंट) अमेंडमेंट रूल्स 2026 को नोटिफाई किया है।
यह मुख्य बदलाव रूल 2(c)(i) को बदलता है ताकि सेंट्रल सिविल सर्विसेज़ में एक्स-सर्विसमैन री-एम्प्लॉयमेंट के डेफिनिशन फ्रेमवर्क में उन लोगों को साफ तौर पर शामिल किया जा सके जिन्होंने रेगुलर आर्मी, नेवी या एयर फ़ोर्स के साथ-साथ इंडियन यूनियन की मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) में किसी भी रैंक पर, चाहे वे कॉम्बैटेंट हों या नॉन-कॉम्बैटेंट, सेवा की हो।
इस कदम से पहले की यह कन्फ्यूजन दूर हो गई है कि क्या MNS ऑफिसर, जो कमीशन्ड ऑफिसर हैं, दूसरे वेटरन्स की तरह ही री-एम्प्लॉयमेंट बेनिफिट्स के हकदार थे। यह अमेंडमेंट री-एम्प्लॉयमेंट रूल्स के तहत MNS कर्मचारियों को ऑफिशियली मान्यता देता है, और पूर्व डिफेंस कर्मचारियों के एक बड़े हिस्से के लिए रिहैबिलिटेशन और दूसरे करियर के मौकों को मजबूत करता है।
रूल 2, क्लॉज़ (c) अमेंडमेंट के तहत, ‘एक्स-सर्विसमैन’ की डेफ़िनिशन में अब रेगुलर आर्मी, नेवी और एयर फ़ोर्स के साथ ‘इंडियन यूनियन की मिलिट्री नर्सिंग सर्विस’ को साफ़ तौर पर लिस्ट किया गया है। यह रूल किसी भी ऐसे व्यक्ति पर लागू होता है जिसने किसी भी रैंक पर, चाहे वह कॉम्बैटेंट हो या नॉन-कॉम्बैटेंट, सेवा की हो। यह अमेंडमेंट 09 फरवरी, 2026 को इसके पब्लिकेशन के तुरंत बाद लागू हो गया।
यह अमेंडमेंट ऑफिशियली MNS कर्मचारियों को ये सुविधाएँ देता है:
रिज़र्वेशन कोटा: ग्रुप 'C' में 10% और ग्रुप 'D' सेंट्रल गवर्नमेंट पोस्ट में 20%।
एज रिलैक्सेशन: सिविल जॉब एलिजिबिलिटी के लिए उनकी असली उम्र में से मिलिट्री सर्विस के साल और 3 साल घटाने की एबिलिटी।
एम्प्लॉयमेंट प्रायोरिटी: यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन और स्टाफ़ सिलेक्शन कमीशन की नज़र में दूसरे एक्स-सर्विसमैन के बराबर दर्जा।
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नेशनल मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड कल विज्ञान भवन, नई दिल्ली में मेडिसिनल प्लांट्स पर चिंतन शिविर लगाएगा
आरएस अनेजा, 10 फरवरी नई दिल्ली - आयुष मंत्रालय का नेशनल मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड (NMPB) 11 फरवरी 2026 को देश में मेडिसिनल प्लांट्स सेक्टर से जुड़ी खास पॉलिसी, रिसर्च और उन्हें लागू करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मेडिसिनल प्लांट्स पर एक चिंतन शिविर आयोजित करेगा।
उद्घाटन सेशन में आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल होंगे। आयुष मंत्रालय के सेक्रेटरी वैद्य राजेश कोटेचा गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर शामिल होंगे। आयुष मंत्रालय की एडिशनल सेक्रेटरी और फाइनेंशियल एडवाइजर होवेदा अब्बास स्पेशल गेस्ट के तौर पर मौजूद रहेंगी।
चिंतन शिविर के बाद बोर्ड मीटिंग होगी, साथ ही टेक्निकल सेशन और पैनल डिस्कशन होंगे जिनमें एक्सपर्ट, पॉलिसीमेकर, रिसर्चर, इंडस्ट्री के प्रतिनिधि और दूसरे स्टेकहोल्डर शामिल होंगे। चर्चा में पॉलिसी फ्रेमवर्क को मजबूत करने, रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने और मेडिसिनल प्लांट्स सेक्टर में उन्हें लागू करने की चुनौतियों को हल करने पर फोकस किया जाएगा।
चिंतन शिविर से उम्मीद है कि यह पॉलिसी में दखल, रिसर्च को आगे बढ़ाने और संस्थाओं को मज़बूत करने के लिए ज़रूरी एरिया की पहचान करके औषधीय पौधों के सेक्टर को स्ट्रेटेजिक दिशा देगा। बातचीत के नतीजे खेती, बचाव, वैल्यू एडिशन और मार्केट लिंकेज को बढ़ाने के लिए एक कोऑर्डिनेटेड और आगे की सोच वाला रोडमैप बनाने में मदद करेंगे, जिससे आयुष इकोसिस्टम और मज़बूत होगा और सेक्टर की सस्टेनेबल ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के लोगों को 'बस्तर पंडुम' त्योहार के विशेष आयोजन पर बधाई दी
आरएस अनेजा, 10 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में मनाए गए 'बस्तर पंडुम' उत्सव के लिए छत्तीसगढ़वासियों को हार्दिक बधाई दी है।
इस उत्सव के दौरान बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और आदिवासी विरासत का भव्य प्रदर्शन किया गया। नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मोदी ने कहा, “पहले जब भी बस्तर का नाम लिया जाता था तब माओवाद, हिंसा और विकास में पिछड़ेपन की छवि मन में आती थी। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। आज बस्तर न केवल अपने विकास के लिए बल्कि यहां के लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए भी जाना जाता है। मेरी यही कामना है कि आने वाला समय इस क्षेत्र के लिए शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव की भावना से परिपूर्ण हो।”
केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह की ओर से X पर किए गए एक पोस्ट के उत्तर में श्री मोदी ने कहा:
"7 से 9 फरवरी के बीच छत्तीसगढ़ में ‘बस्तर पंडुम’ का विशेष आयोजन किया गया। इस उत्सव के दौरान बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत का भव्य रूप दिखा। इस प्रयास से जुड़े अपने सभी परिवारजनों को मेरी हार्दिक बधाई। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
पहले जब बस्तर का नाम लिया जाता था तो माओवाद, हिंसा और विकास में पिछड़ेपन की छवि उभरती थी। लेकिन अब हालात बिल्कुल बदल चुके हैं। आज बस्तर विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जाता है। मेरी यही कामना है कि यहां का आने वाला समय शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव की भावना से परिपूर्ण हो।"
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आध्यात्मिक संगम: पुरी, गंगासागर और अयोध्या धाम की दिव्य यात्रा के लिए आईआरसीटीसी चलाएगी स्पेशल ट्रेन, रिर्जेवेशन शुरू
आरएस अनेजा, 10 फरवरी नई दिल्ली - आईआरसीटीसी की भारत गौरव ट्रेन से “पुरी, गंगासागर और अयोध्या धाम यात्रा” के लिए सीमित सीटें शेष हैं।
आईआरसीटीसी के अत्यधिक लोकप्रिय पैकेज "पुरी, गंगासागर और अयोध्या धाम यात्रा” " में केवल कुछ सीटें शेष हैं, जो भारत गौरव विशेष पर्यटक ट्रेन द्वारा आध्यात्मिक रूप से समृद्ध 11-दिवसीय तीर्थ यात्रा है, जो 23 मई 2026 को पठानकोट कैंट स्टेशन से रवाना होगी।
यात्री इस पैकेज का लाभ उठा सकते हैं। यह अनूठी यात्रा एक परिवर्तनकारी आध्यात्मिक अनुभव का वादा करती है, जो तीर्थयात्रियों को दक्षिण भारत के कुछ सबसे पवित्र स्थलों: पुरी, कोलकाता, जसीडीह, गया वाराणसी और अयोध्या धाम के दर्शन करवायेगी ।
इस ट्रेन में पठानकोट, अमृतसर, जालंधर सिटी, लुधियाना, चंडीगढ़, अंबाला कैंट, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, हज़रत निज़ामुद्दीन, मथुरा जंक्शन, आगरा कैंट और कानपुर सेंट्रल। सहित कई बोर्डिंग और डिबोर्डिंग पॉइंट शामिल हैं।
यात्रा की अवधि 10 रातें / 11 दिन होगी तथा प्रस्थान तिथि: 23 मई और वापसी 02 जून होगी। ट्रेन में एसी व नॉन एसी श्रेणी शामिल है।
किफायती पैकेज दरें (जीएसटी सहित)
• स्टैंडर्ड क्लास: ₹28,270/- प्रति व्यक्ति
• कम्फर्ट क्लास: ₹32,440/- प्रति व्यक्ति
पैकेज में क्या शामिल है:
• कन्फर्म ट्रेन टिकट
• भोजन (चाय, नाश्ता, लंच, डिनर)
• डबल/ट्रिपल शेयरिंग के आधार पर आरामदायक और साफ आवास (स्टैंडर्ड के लिए नॉन-एसी; और कम्फर्ट क्लास के लिए एसी)
• बसों द्वारा स्थानांतरण और दर्शनीय स्थलों की यात्रा ( स्टैंडर्ड क्लास के लिए नॉन-एसी; और कम्फर्ट क्लास के लिए एसी)
• ऑनबोर्ड टूर एस्कॉर्ट, हाउसकीपिंग, सुरक्षा और पैरामेडिकल स्टाफ (बुनियादी दवाइयों सहित)
यह यात्रा आराम और सुरक्षा के साथ कई तीर्थों के दर्शन और आध्यात्मिक पूर्ति प्राप्त करने का एक अद्वितीय मौका प्रदान करती है - वो भी किफायती कीमत पर। सीटें सीमित हैं और मांग अधिक है – आज ही अपनी बुक करवाएं !
बुकिंग एवं विवरण के लिए:
www.irctctourism.com पर जाएँ
या कॉल करें: 0172-4645795, 7888831633, 7888831635, 8595930980, 8595930962, 7888696843 आप IRCTC के चंडीगढ़ कार्यालय (या अधिकृत एजेंटों) के माध्यम से भी बुकिंग कर सकते हैं।
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10/02/26 |पूर्वोत्तर विकास को नई गति; अश्विनी वैष्णव ने गुवाहाटी स्टेशन पर ब्लेंडेड हॉस्पिटैलिटी सेवाओं का शुभारंभ किया
आरएस अनेजा, 10 फरवरी नई दिल्ली - रेल संपर्क को मजबूत करते हुए और पूर्वोत्तर के विकास को नई गति देते हुए, रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से असम के गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर ब्लेंडेड हॉस्पिटैलिटी सेवाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने सैरांग और सिलचर के बीच नई ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर मिजोरम के मुख्यमंत्री श्री लालदुहोमा; सिलचर से सांसद श्री परिमल सुकलाबैद्य; राज्यसभा सदस्य श्री कनाद पुरकायस्थ; और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
सैरांग - सिलचर पैसेंजर रेलगाड़ी मिजोरम की राजधानी को असम की बराक घाटी से सीधे जोड़ेगी। इससे क्षेत्रीय एकीकरण में सुधार होगा और विद्यार्थियों, दैनिक यात्रियों और मरीजों को सुरक्षित, तेज और आरामदायक यात्रा मिलेगी।
इसी समय, गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर आधुनिक हॉस्पिटैलिटी सुविधाएं यात्रियों के आराम को बढ़ाएंगी और बेहतर, स्वच्छ और ग्राहक-अनुकूल यात्रा का अनुभव देंगे। इन सेवाओं में स्लीपिंग पॉड्स, आधुनिक एयर-कंडीशन्ड लाउंज और मल्टी-कुज़ीन रेस्टोरेंट शामिल हैं। ये सुविधाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आरामदायक माहौल मिले, जिससे स्टेशन की कुल उपयोगिता बेहतर होगी।
इस अवसर पर संबोधन में श्री वैष्णव ने कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में इस क्षेत्र के लिए रेल फंडिंग में काफी बढ़ोतरी की है। इसमें उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए केंद्रीय बजट 2026-27 में ₹11,486 करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में लगभग ₹72,468 करोड़ की परियोजनाएं पहले से ही चल रही हैं, जो संपर्क सुविधा और अवसंरचना को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास को दिखाती हैं।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह फोकस प्रधानमंत्री के इस विश्वास को दर्शाता है कि पूर्वोत्तर का विकास "विकसित भारत" के लिए ज़रूरी है और हर क्षेत्र को एक साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि रेल संपर्क न केवल यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाता है, बल्कि आर्थिक गतिविधि को भी बढ़ावा देता है। इससे सामान की आवाजाही आसान होती है, व्यापार को बढ़ावा मिलता है और स्थानीय उत्पादों के लिए बाज़ार खुलते हैं।
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देखिए "दैनिक खबर" पर आज 9 फरवरी, 2026 शाम 6 बजे के मुख्य समाचार
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09/02/26 |'पूर्वोदय' से बदलेगी बंगाल की तस्वीर: 14,205 करोड़ का बजट और सिलीगुड़ी से बुलेट ट्रेन का तोहफा
आरएस अनेजा, 9 फरवरी नई दिल्ली - केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सिउड़ी रोड ओवर ब्रिज का उद्घाटन किया। उन्होंने कुमारपुर रोड ओवर ब्रिज राष्ट्र को समर्पित किया और नई आसनसोल-बोकारो ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाई।
इस अवसर पर अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये परियोजनाएं पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्रों में रेल अवसंरचना को मजबूत करने, सुरक्षा बढ़ाने और क्षेत्रीय संपर्क में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस वर्ष पश्चिम बंगाल में रेलवे के लिए 14,205 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट आवंटन किया गया है, जो 2009-2014 के दौरान औसत आवंटन से 3 गुना से भी अधिक है। उन्होंने यह भी बताया कि पश्चिम बंगाल में लगभग 92,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं चल रही हैं, जो इस राज्य में अवसंरचना में बदलाव लाएंगी।
वैष्णव ने यह भी बताया कि हाल ही में माननीय प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए रेल संपर्क बढ़ाने के लिए बारह से अधिक नई रेलगाड़ियां शुरू की हैं। पहली वंदे भारत स्लीपर रेलगाड़ी पश्चिम बंगाल से शुरू हुई। यह इस क्षेत्र के विकास के लिए माननीय प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई 'पूर्वोदय' की दूरदर्शी पहल को दर्शाता है।
रेल मंत्री वैष्णव ने यह भी बताया कि इस वर्ष के रेल बजट में पश्चिम बंगाल के लिए पहली बुलेट ट्रेन की घोषणा की गई है और यह बुलेट ट्रेन सिलीगुड़ी से शुरू होगी। साथ ही, माननीय प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल को गुजरात से जोड़ने वाले पूर्व-पश्चिम माल गलियारे को मंजूरी दी है। सुरक्षित परिवहन के लिए रणनीतिक कदम के रूप में उत्तरी बंगाल के चिकन-नेक हिस्से में भूमिगत रेल गलियारे के निर्माण के लिए एक और पहल की जा रही है।
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09/02/26 |- भारत,
"प्रकृति का संरक्षण, समुदायों की समृद्धि: NBA ने पहुँचाया 90 से अधिक कमेटियों को ABS का लाभ"
आरएस अनेजा, 9 फरवरी नई दिल्ली - बायोडायवर्सिटी को बचाने और बायोलॉजिकल रिसोर्स के इस्तेमाल से होने वाले फायदों की निष्पक्ष और बराबर शेयरिंग पक्का करने की अपनी लगातार कोशिशों के तहत, नेशनल बायोडायवर्सिटी अथॉरिटी (NBA) ने स्टेट बायोडायवर्सिटी बोर्ड और यूनियन टेरिटरी बायोडायवर्सिटी काउंसिल के ज़रिए फायदा पाने वालों को 45.05 लाख रुपये बांटे हैं।
इस पेमेंट से 10 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों की 90 से ज़्यादा बायोडायवर्सिटी मैनेजमेंट कमेटियों (BMC) को फायदा होगा, जिनमें तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गोवा, महाराष्ट्र, असम, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली का नेशनल कैपिटल टेरिटरी और लद्दाख का केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं, साथ ही आंध्र प्रदेश के रेड सैंडर्स के 15 किसानों को भी फायदा होगा। ये BMCs अलग-अलग तरह के इकोलॉजिकल और इंस्टीट्यूशनल माहौल को दिखाती हैं, जिनमें ग्रामीण गांव, शहरी लोकल बॉडी, मैंग्रोव इलाके और इंडस्ट्रियल इलाके शामिल हैं।
फायदा शेयरिंग की रकम अलग-अलग बायोलॉजिकल रिसोर्स के इस्तेमाल से मिली थी, जिसमें कुछ कीड़े, मिट्टी और पानी में पाए जाने वाले माइक्रोऑर्गेनिज्म और उगाए गए रेड सैंडर्स शामिल हैं। इन रिसोर्स का इस्तेमाल कई तरह के प्रोडक्ट बनाने के लिए किया गया, जिससे पता चलता है कि बायोडायवर्सिटी कैसे साइंटिफिक इनोवेशन और बायो-इकोनॉमी को सपोर्ट करती है। एक्सेस और बेनिफिट-शेयरिंग मैकेनिज्म के ज़रिए, कंपनियों को होने वाले कमर्शियल फायदों का एक हिस्सा समुदायों को लौटाया जाता है, जिससे उनकी आजीविका बेहतर होती है और समुदायों को बायोडायवर्सिटी की एक्टिव रूप से रक्षा और संरक्षण करने के लिए बढ़ावा मिलता है।
हाल के सालों में, NBA ने पारदर्शिता में सुधार करने और व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देने के लिए आसान नियम बनाए हैं, साथ ही समुदायों के हितों और बायोडायवर्सिटी की सुरक्षा करना भी जारी रखा है। NBA राज्यों, लोकल बॉडी, रिसर्चर, इंडस्ट्री और समुदायों के साथ मिलकर बायोडायवर्सिटी संरक्षण और इसके सस्टेनेबल इस्तेमाल के लिए जागरूकता फैलाने और क्षमता निर्माण के लिए काम करता है। यह पीपल्स बायोडायवर्सिटी रजिस्टर के डॉक्यूमेंटेशन को सपोर्ट करता है, जिसमें पारंपरिक ज्ञान की जानकारी और जमीनी स्तर पर बायोडायवर्सिटी के मैनेजमेंट और सुरक्षा में भागीदारी वाला तरीका शामिल है।
कुल मिलाकर, इन उपायों के परिणामस्वरूप कुल ABS पेमेंट 145 करोड़ रुपये (लगभग 16 मिलियन अमेरिकी डॉलर) से ज़्यादा हो गया है। NBA राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर बायोलॉजिकल डायवर्सिटी पर कन्वेंशन और ABS पर नागोया प्रोटोकॉल के तहत भारत की जिम्मेदारियों को आगे बढ़ाने में और नेशनल बायोडायवर्सिटी टारगेट और कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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07/02/26 |गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू और कश्मीर पर एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की
आरएस अनेजा, 7 फरवरी नई दिल्ली - केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू और कश्मीर पर एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह सचिव, निदेशक (आई.बी.), थल सेनाध्यक्ष, जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के महानिदशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
अमित शाह ने जम्मू और कश्मीर में आतंकी इको-सिस्टम को ध्वस्त करने में सुरक्षा एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर में हमारे देश के दुश्मन तत्वों द्वारा पोषित आतंकी इको-सिस्टम को मोदी सरकार के समन्वित प्रयासों से लगभग समाप्त कर दिया गया है।
अमित शाह ने जम्मू और कश्मीर को आतंकवाद से मुक्त करने के प्रति मोदी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया। बैठक के दौरान सुरक्षा घेरे को और मज़बूत करने के लिए इनोवेटिव उपायों पर भी चर्चा की गई।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि De-radicalisation के प्रयासों से आतंकवाद-मुक्त जम्मू और कश्मीर के हमारे विज़न को तेज़ी से आगे बढ़ाने में बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने युवाओं को जोड़ने के लिए और कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि युवाओं को आय अर्जित करने वाली गतिविधियों में शामिल करने के लिए स्टार्ट-अप इकोसिस्टम, खेल क्षेत्र आदि को विकसित करने के लिए कदम उठाए जाएं।
अमित शाह ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और समन्वित तरीके से काम जारी रखने का निर्देश दिया जिससे हाल के दिनों में हासिल की गई उपलब्धियों को बरकरार रखते हुए 'आतंकवाद-मुक्त जम्मू और कश्मीर' का लक्ष्य जल्द से जल्द प्राप्त किया जा सके। शाह ने आश्वासन दिया कि इस प्रयास में सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
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पश्चिमी वायु कमान ने उच्च स्तरीय संयुक्त अभियान सम्मेलन की मेजबानी की: सर्वक्षेत्रीय संयुक्त अभियान (एडीजेओ) अभ्यास 2026 की रूपरेखा
आरएस अनेजा, 7 फरवरी नई दिल्ली - पश्चिमी वायु कमान मुख्यालय ने सर्वक्षेत्र संयुक्त अभियान (एडीजेओ) अभ्यास 2026 के ढांचे के अंतर्गत उच्च स्तरीय संयुक्त अभियान सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य युद्ध के परिचालन स्तर पर अंतर-सेवा और अंतर-सेवा समन्वय को मजबूत करना था, ताकि तेजी से जटिल होते बहु-क्षेत्रीय वातावरण में भारतीय रक्षा बलों की संयुक्त परिचालन क्षमताओं को सुदृढ़ किया जा सके। विचार-विमर्श में एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय (आईडीएस), भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी (डीएसए) और रक्षा खुफिया एजेंसी (डीआईए) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ नेतृत्व ने भाग लिया।
पश्चिमी वायु कमान के वरिष्ठ वायु सेना अधिकारी, एयर मार्शल जेएस मान ने अपने उद्घाटन भाषण में समकालीन और भविष्य के संघर्षों में संयुक्तता और एकीकृत युद्ध क्षमता के महत्व पर बल दिया। उन्होंने वायु, भूमि, समुद्र, अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्रों में निर्बाध एकीकरण प्राप्त करने वाले सर्वक्षेत्रीय परिचालन दृष्टिकोण की आवश्यकता का उल्लेख किया, जिससे चुनौतीपूर्ण और प्रतिबंधित वातावरण में निर्णायक परिणाम प्राप्त हो सकें। इसके अलावा, उन्होंने सेवाओं के बीच अंतर-संचालनीयता बढ़ाने, क्षेत्र-निरपेक्ष निर्णय लेने की प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने, सेंसर से शूटर तक के संबंधों को मजबूत करने और अधिक दक्षता और प्रभावशीलता के लिए परिचालन प्रक्रियाओं को परिष्कृत करने पर बल दिया।
एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने एडीजेओ 2026 सम्मेलन को संबोधित किया और एकीकृत योजना, खुफिया जानकारी साझा करने और क्षमता प्राथमिकीकरण के लिए संयुक्त व्यवस्था को संस्थागत रूप देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने भविष्य की आकस्मिक स्थितियों के लिए व्यापक परिचालन तत्परता को मजबूत करने के लिए सुसंगत अंतर-सेवा प्रतिक्रियाओं और क्षमता अंतराल की संरचित पहचान पर बल दिया।
उन्होंने सेवाओं के बीच तालमेल बिठाने और एकीकृत परिचालन परिणाम देने के लिए सर्वक्षेत्रीय एकीकरण को आगे बढ़ाने के महत्व पर बल दिया। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने मजबूत एकीकृत परिचालन क्षमता और सतत रणनीतिक तत्परता के निर्माण के लिए त्वरित सैद्धांतिक विकास और तीनों सेनाओं के संसाधनों के समन्वय का समर्थन किया।
सम्मेलन के समापन पर, पश्चिमी वायु कमान के वायु अधिकारी कमान-इन-चीफ, एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने एक व्यापक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर से प्राप्त महत्वपूर्ण सबकों का हवाला देते हुए भविष्य के युद्ध संचालन पर उनके दूरगामी प्रभावों की व्याख्या की। उन्होंने निर्णायक रणनीतिक प्रभाव उत्पन्न करने में वायु शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका, आक्रामक हवाई अभियानों के साथ सतही युद्धाभ्यास के समन्वय की अनिवार्यता और स्टैंड-ऑफ हथियारों के उपयोग से प्राप्त रणनीतिक लाभ पर जोर दिया।
एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने 1971 के युग की विशेषता वाले पारंपरिक घर्षण-आधारित मॉडल और प्रभाव-आधारित संचालन ढांचे से हटकर एक अधिक चुस्त, अनुकूलनीय और पूर्णतः एकीकृत संयुक्त युद्ध प्रतिमान की ओर दृढ़ बदलाव का समर्थन किया। उन्होंने मौजूदा क्षमता अंतराल की पहचान करने और उन्हें पाटने, सभी क्षेत्रों में अभिसरण को सुदृढ़ करने और सर्व-क्षेत्रीय युद्धक्षेत्र में समन्वित, प्रभाव-संचालित प्रतिक्रियाओं के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने की अनिवार्यता पर विशेष ध्यान दिलाया।
सर्वक्षेत्रीय संयुक्त अभियान अभ्यास 2026 एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों के संपूर्ण दायरे में सफलता प्राप्त करने में सक्षम, वास्तव में अंतर-संचालनीय और भविष्य के लिए तैयार संयुक्त बल के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाने की संभावना है। यह पहल राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए संयुक्तता, परिचालन तालमेल और निरंतर अनुकूलन के सिद्धांत के प्रति भारतीय रक्षा बलों की अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।
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05/02/26 |- भारत,
मिशन 'दलहन आत्मनिर्भरता': 7 फरवरी को सीहोर के FLRP में तैयार होगी देश की नई कृषि रणनीति
आरएस अनेजा, 5 फरवरी नई दिल्ली - देश में दालों में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को गति देने के लिए शनिवार, 7 फरवरी 2026 को सिहोर जिले के आमला स्थित खाद्य दलहन अनुसंधान केंद्र (फूड लेग्यूम रिसर्च प्लेटफ़ॉर्म – FLRP) में राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति बैठक आयोजित की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। इसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और दलहन उत्पादक राज्यों के कृषि मंत्री भी शामिल होंगे।
यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) तथा अंतरराष्ट्रीय शुष्क क्षेत्र कृषि अनुसंधान केंद्र (ICARDA) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान देश में दालों के उत्पादन, MSP, बीज प्रणाली, वैल्यू चेन और किसानों की आय में वृद्धि से जुड़ी सरकार की रणनीति पर विस्तृत संबोधन देंगे। म.प्र. के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संबोधन भी होगा।
इस राष्ट्रीय परामर्श में ओडिशा, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित कई दलहन उत्पादक राज्यों के कृषि मंत्री भाग लेंगे, वहीं पश्चिम बंगाल के कृषि मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़ेंगे।
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भारत की राष्ट्रपति ने अमृत उद्यान के उद्घाटन समारोह को सुशोभित किया
आरएस अनेजा, 1 फरवरी नई दिल्ली - भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (1 फरवरी, 2026) अमृत उद्यान शीतकालीन वार्षिक संस्करण 2026 के उद्घाटन समारोह को सुशोभित किया।
राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान 3 फरवरी से 31 मार्च, 2026 तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। लोग सप्ताह में छह दिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक (अंतिम प्रवेश शाम 5 बजे) उद्यान का भ्रमण कर सकते हैं। उद्यान सोमवार को बंद रहेगा, क्योंकि यह रखरखाव का दिन है, और होली के कारण 4 मार्च को भी बंद रहेगा।
अमृत उद्यान निम्नलिखित दिनों में विशेष श्रेणियों के लिए खुला रहेगा:
3 मार्च – रक्षा कर्मियों के लिए
5 मार्च – वरिष्ठ नागरिकों के लिए
10 मार्च – महिलाओं और आदिवासी महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए
13 मार्च – दिव्यांगजनों के लिए
उद्यान में प्रवेश और बुकिंग निःशुल्क है। ऑनलाइन बुकिंग https://visit.rashtrapatibhavan.gov.in/ पर की जा सकती है। आगंतुकों के अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से, इस वर्ष मौके पर बुकिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। आगंतुक केवल ऑनलाइन माध्यम से ही टिकट बुक कर सकते हैं। इसलिए, आगंतुकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्लॉट पहले से ही ऑनलाइन बुक कर लें। उन्हें टिकट में उल्लिखित समय-सीमा और अन्य निर्देशों का पालन करने की भी सलाह दी जाती है। किसी विशेष दिन के लिए बुकिंग पिछले दिन सुबह 10:00 बजे बंद हो जाएगी।
सभी आगंतुकों के लिए प्रवेश और निकास राष्ट्रपति भवन परिसर के गेट नंबर 35 से होगा, जो नॉर्थ एवेन्यू और राष्ट्रपति भवन के चौराहे के पास स्थित है। आगंतुकों की सुविधा के लिए, केन्द्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन से गेट नंबर 35 तक शटल बस सेवा सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे के बीच हर 30 मिनट पर उपलब्ध रहेगी। केन्द्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन से अंतिम शटल बस सेवा शाम 4:00 बजे होगी।
आगंतुकों के लिए मार्ग बाल वाटिका - पल्मेरिया गार्डन - बरगद गार्डन - बोन्साई गार्डन - कलकल बहती धारा - केंद्रीय लॉन - लंबा गार्डन - गोलाकार गार्डन होगा।
ट्यूलिप और विभिन्न प्रकार के गुलाबों के अलावा, इस वर्ष आगंतुक कलकल बहती धारा - झरनों वाली एक जलधारा और रिफ्लेक्सोलॉजी पथों वाला बरगद उद्यान देख सकेंगे।
आगंतुक अपने साथ मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक चाबियां, पर्स/हैंडबैग, पानी की बोतलें और शिशुओं के लिए दूध की बोतलें ले जा सकते हैं। सार्वजनिक मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर पीने का पानी, शौचालय और प्राथमिक चिकित्सा/चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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अमृत उद्यान के अलावा, लोग सप्ताह में छह दिन (मंगलवार से रविवार) राष्ट्रपति भवन और राष्ट्रपति भवन का संग्रहालय भी जा सकते हैं। वे प्रत्येक शनिवार को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में गार्ड परिवर्तन समारोह भी देख सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए https://visit.rashtrapatibhavan.gov.in/ पर जाएं।
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31/01/26 |सीएआरए ने गुवाहाटी में दिव्यांग बच्चों के पुनर्वास को मजबूत करने के लिए क्षेत्रीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की
आरएस अनेजा, 31 जनवरी नई दिल्ली - भारत सरकार के महिला और बाल विकास मंत्रालय के तहत केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) ने गुवाहाटी, असम में "विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (दिव्यांग बच्चों) के गैर-संस्थागत पुनर्वास को बढ़ावा देना" विषय पर एक क्षेत्रीय परामर्श कार्यशाला सफलतापूर्वक आयोजित की।
पूरे दिन चलने वाली परामर्श बैठक में 122 हितधारकों ने भाग लिया, जिनमें राज्य दत्तक ग्रहण संसाधन एजेंसियां (एसएआरए), विशेष गोद लेने एजेंसियां (एसएए), जिला बाल संरक्षण इकाइयां (डीसीपीयू), मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य पेशेवर, बाल संरक्षण कार्यकर्ता और क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से गोद लेने की प्रक्रिया से जुड़े कार्यकर्ता शामिल थे। बड़ी संख्या में भागीदारी ने यह दर्शाया कि विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों के लिए गोद लेने और पुनर्वास तंत्र को मजबूत करने के प्रति संस्थागत प्रतिबद्धता बढ़ रही है।
कार्यशाला की शुरुआत सीएआरए की पहलों का अवलोकन प्रस्तुत करते हुए हुई, जिनका उद्देश्य विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों के लिए परिवार-आधारित देखभाल को बढ़ावा देना है, इसके बाद एक फिल्म का प्रदर्शन किया गया जिसमें विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों को सफलतापूर्वक अपनाने की कहानियाँ दिखाई गईं। कार्यक्रम में आगे, प्रत्येक राज्य के प्रतिनिधियों ने बच्चों को अपनाने और गैर-संस्थागत देखभाल को सुगम बनाने में वर्तमान चुनौतियों, सर्वोत्तम प्रथाओं और अपनाये जा रहे अभिनव दृष्टिकोणों पर अपने अनुभव साझा किए।
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29/01/26 |- भारत,
लद्दाख के आसमान को मिली नई उड़ान: लेह एयर फ़ोर्स स्टेशन पर आधुनिक नागरिक विमानन बुनियादी ढांचे का आगाज़
आरएस अनेजा, 29 जनवरी नई दिल्ली - केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने पश्चिमी वायु कमान के वरिष्ठ एयर स्टाफ ऑफिसर एयर मार्शल जेएस मान की उपस्थिति में एयर फ़ोर्स स्टेशन लेह में नागर विमानन बुनियादी ढांचे को विकसित करने के उद्देश्य से एक परियोजना का उद्घाटन किया।
यह उद्घाटन लद्दाख में नागर विमानन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सिविल प्रशासन एवं क्षेत्र के विकास में शामिल सभी एजेंसियों के बीच घनिष्ठ सहयोग की भावना को परिपुष्ट बनाने में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बेहद चुनौतीपूर्ण ऊंचाई वाले क्षेत्र और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के बावजूद बुनियादी ढांचे का रिकॉर्ड समय में उन्नयन किया गया है।
विकसित किया गया बुनियादी ढांचा विमानों की जमीनी आवाजाही को आसान बनाने के साथ-साथ नागरिक उड़ानों के प्रस्थान को तेज करेगा। इन सुधारों से यात्रियों को सुविधा मिलेगी और समय की बचत होगी।
बेहतर वायु संपर्क लेह क्षेत्र में पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा देने के साथ-साथ आर्थिक अवसरों का सृजन करेगा और स्थानीय आजीविका का समर्थन करेगा। साथ ही, बेहतर सुविधाएं निवासियों और आगंतुकों दोनों के लिए अधिक विश्वसनीय हवाई सेवाएं सुनिश्चित करेंगी, जबकि मानवीय सहायता और आपदा राहत आवश्यकताओं पर तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षेत्र की क्षमता को भी मजबूती मिलेगी।
यह विकास लद्दाख के दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक विकास में सार्थक योगदान देगा।
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28/01/26 |- भारत,
गणतंत्र दिवस 2026: ‘बीटिंग रिट्रीट’ के दौरान विजय चौक में गूंजेंगी मनमोहक भारतीय धुनें
आरएस अनेजा, 28 जनवरी नई दिल्ली - प्रतिष्ठित विजय चौक 29 जनवरी 2026 को होने वाले ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह के दौरान मधुर भारतीय धुनों से गूंजने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
यह समारोह 77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे समारोहों के समापन का प्रतीक होगा। भारतीय थल सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बैंड प्रतिष्ठित दर्शक-दीर्घा के समक्ष मनमोहक और जोशीली धुनें प्रस्तुत करेंगे। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अन्य केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारीगण तथा आम नागरिक उपस्थित होंगे।
समारोह की शुरुआत संयुक्त बैंड द्वारा ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ की प्रस्तुति से होगी। इसके बाद पाइप्स एंड ड्रम्स बैंड द्वारा ‘अतुल्य भारत’, ‘वीर सैनिक’, ‘मिली जुली’, ‘नृत्य सरिता’, ‘मरूनी’ तथा ‘झेलम’ जैसी मधुर धुनें प्रस्तुत की जाएंगी। वहीं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बैंड ‘विजय भारत’, ‘हथरोही’, ‘जय हो’ और ‘वीर सिपाही’ की प्रस्तुति देंगे।
भारतीय वायु सेना के बैंड द्वारा ‘ब्रेव वॉरियर’, ‘ट्विलाइट’, ‘अलर्ट’ और ‘फ़्लाइंग स्टार’ धुनें प्रस्तुत की जाएंगी, जबकि भारतीय नौसेना का बैंड ‘नमस्ते’, ‘सागर पवन’, ‘मातृभूमि’, ‘तेजस्वी’ और ‘जय भारती’ की प्रस्तुति देगा। इसके पश्चात भारतीय थल सेना का बैंड ‘विजयी भारत’, ‘आरम्भ है, प्रचंड है’, ‘ऐ वतन, ऐ वतन’, ‘आनन्द मठ’, ‘सुगम्य भारत’ तथा ‘सितारे हिन्द’ की मधुर धुनें प्रस्तुत करेगा।
इसके उपरांत संयुक्त बैंड्स द्वारा ‘भारत के शान’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘ड्रमर्स कॉल’ की धुनें प्रस्तुत की जाएंगी। अंत में बुगलरों द्वारा सदाबहार और सर्वप्रिय धुन ‘सारे जहाँ से अच्छा’ की प्रस्तुति के साथ इस भव्य आयोजन का समापन होगा।
समारोह के प्रधान कंडक्टर स्क्वाड्रन लीडर लेइमापोकपम रुपचंद्र सिंह होंगे। भारतीय थल सेना बैंड के कंडक्टर सूबेदार मेजर प्रकाश जोशी होंगे, जबकि भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के बैंड के कंडक्टर क्रमशः एम. एंटनी, एमसीपीओ (एमयूएस) II तथा वारंट अधिकारी अशोक कुमार होंगे। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बैंड कंडक्टर इंस्पेक्टर चेतराम होंगे। पाइप्स एंड ड्रम्स बैंड सूबेदार एस.पी. चौरसिया के निर्देशन में प्रस्तुति देगा, जबकि बुगलर्स सूबेदार मनोज कुमार के नेतृत्व में प्रस्तुति देंगे।
इस वर्ष के समारोह के लिए विजय चौक पर बैठने के लिए बनाए गए एंक्लोज़र्स के नाम भारतीय वाद्य यंत्रों के नाम पर रखे गए हैं, जिनमें बाँसुरी, डमरू, एकतारा, इसराज, मृदंगम्, नगाड़ा, पखावज, संतूर, सारंगी, सारिंदा, सरोद, शहनाई, सितार, सुरबहार, तबला और वीणा शामिल हैं।
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28/01/26 |ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने महाराष्ट्र डिप्टी सीएम अजीत पवार के निधन पर अपने और प्रदेश की तरफ से दुख जताया व श्रद्धासुमन अर्पित किए
अम्बाला/चंडीगढ़, 28 जनवरी - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान हादसे में निधन होने पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि ये बहुत ही दुखद घटना है, आज सुबह जब ये सूचना मिली तो पूरे देश में शोक की लहर है।
आज पत्रकारों से बातचीत करते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने अपनी और हरियाणा की तरफ से श्रद्धा सुमन अर्पित किए है।
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27/01/26 |- भारत,
भारत-EU समझौता विकसित भारत की नींव: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान
आरएस अनेजा, 27 जनवरी नई दिल्ली : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायपुर में भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह समझौता केवल एक व्यापारिक करार नहीं, बल्कि भारत के बढ़ते वैश्विक नेतृत्व और आर्थिक सामर्थ्य का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जो भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। भारत के लिए महत्वपूर्ण कृषि उत्पाद—जैसे चाय, कॉफी, मसाले, टेबल अंगूर, खीरा और अचार वाली खीरा, सूखे प्याज, मीठा मक्का, चुनिंदा फल-सब्जियां और प्रोसेस्ड फूड—को इस समझौते से बड़ा लाभ होगा। प्रमुख क्षेत्रों में आपसी संवेदनशीलता का सम्मान करते हुए यह समझौता निर्यात वृद्धि को घरेलू प्राथमिकताओं के साथ संतुलित करता है और दोनों पक्षों के किसान समुदायों के लिए लाभ सुनिश्चित करता है। भारतीय कृषि के लिए यह एक बड़ा कदम है और देश के किसान समुदाय को बधाई है।
उन्होंने कहा कि आज भारत सिर्फ स्वयं आगे नहीं बढ़ रहा है, बल्कि पूरी दुनिया को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। यह समझौता भारतीय किसानों, कृषि उत्पादों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। भारत की कृषि शक्ति आज विश्व के सामने है—भारत चावल उत्पादन में पहले स्थान पर पहुंच चुका है और हमारी कृषि विकास दर ने हरित क्रांति के दौर को भी पीछे छोड़ दिया है।
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर विस्तार से बात करते हुए श्री चौहान ने कहा कि भारत-यूरोपियन यूनियन के बीच हुआ यह समझौता कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, निर्यात और निवेश के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा। इससे भारतीय कृषि उत्पादों को यूरोपीय बाजारों में बेहतर पहुंच मिलेगी, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यह समझौता आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की दिशा में एक मजबूत और दूरगामी कदम है।
चौहान ने कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं। घटिया पेस्टिसाइड और नकली बीज किसानों की कमर तोड़ देते हैं, इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी दिशा में सरकार एक सख्त पेस्टिसाइड अधिनियम और नया बीज अधिनियम लाने जा रही है, ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण इनपुट और सुरक्षित भविष्य मिल सके।
उन्होंने आगे कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए रोजगारयुक्त, गरीबी मुक्त और स्वावलंबी गांवों का निर्माण आवश्यक है। इसी संकल्प के तहत ‘विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम’ देश में लागू किया जा रहा है, जिससे गांव संपूर्ण विकसित ग्राम के रूप में उभर सकेंगे और ग्रामीण भारत विकास की मुख्यधारा में मजबूती से खड़ा होगा।
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यमुनानगर में ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने फहराया तिरंगा-ऊर्जा और परिवहन के विकास का संकल्प
गणतंत्र दिवस पर अनिल विज बोले- 24 घंटे बिजली और आधुनिक परिवहन से बनेगा विकसित हरियाणा
ऊर्जा उत्पादन से ई-बस सेवा तक, गणतंत्र दिवस मंच से अनिल विज ने दिखाई विकास की दिशा
‘बिजली और परिवहन आमजन की बुनियादी जरूरत’- गणतंत्र दिवस पर अनिल विज का बड़ा संदेश
जगमग गांव से इलेक्ट्रिक बसों तक, ऊर्जा-परिवहन में हरियाणा बन रहा रोल मॉडल- अनिल विज
यमुनानगर में गणतंत्र दिवस समारोह, अनिल विज ने ऊर्जा व परिवहन क्षेत्र सहित अन्य उपलब्धियाँ रखीं
पुलिस लाईन में शहीदी स्मारक पर जाकर शहीदों को किया नमन
गणतंत्र दिवस समारोह में विद्यार्थियों को 21 लाख की सौगात, 27 जनवरी की छुट्टी घोषित
चण्डीगढ, 26 जनवरी- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर यमुनानगर में आयोजित जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली तथा पुलिस लाईन में शहीदी स्मारक पर जाकर शहीदों को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों, शहीदों के परिवारों, बुजुर्गों, माताओं-बहनों, युवाओं, बच्चों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस बल, एनसीसी, एनएसएस, स्कूली विद्यार्थियों, पत्रकारों एवं जिले के गणमान्य नागरिकों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। कैबिनेट मंत्री ने गणतंत्र दिवस में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को मिठाई व उपहार देने के लिए 21 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने 27 जनवरी की छुट्टïी की घोषणा की।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में अनिल विज ने कहा कि आज का दिन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारे संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ, जिसने देश को न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मजबूत स्तंभ प्रदान किए। इसी संविधान ने भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित किया।
ऊर्जा मंत्री ने संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित संविधान सभा के सभी सदस्यों को नमन करते हुए कहा कि उनके अथक परिश्रम और दूरदर्शिता के कारण ही आज देश का लोकतांत्रिक ढांचा मजबूत और जीवंत है। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, लाला लाजपत राय, डॉ. राजेंद्र प्रसाद सहित उन सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया।
भारत की वैश्विक पहचान और हरियाणा का योगदान
मंत्री अनिल विज ने कहा कि आज़ादी के बाद से भारत निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहा है और आज विश्व में एक सशक्त, आत्मनिर्भर और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश के मेहनती किसानों, मजदूरों, कारीगरों, वैज्ञानिकों, सैनिकों और युवाओं के अथक परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विज्ञान, तकनीक, रक्षा, अर्थव्यवस्था और वैश्विक कूटनीति के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। चंद्रयान-3 मिशन की सफलता का उल्लेख करते हुए श्री विज ने कहा कि भारत चंद्रमा के दक्षिणी धु्रव पर सफलतापूर्वक उतरने वाला विश्व का पहला देश बना, जिसने पूरी दुनिया में भारत की वैज्ञानिक क्षमता और नवाचार का परचम लहराया।
उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय विकास यात्रा में हरियाणा का योगदान भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। राज्य ने सामाजिक-आर्थिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। अम्बाला छावनी में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों की स्मृति में निर्मित हो रहा भव्य स्मारक अब अंतिम चरण में है, जो आने वाली पीढिय़ों को देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देता रहेगा। इस स्मारक को रोजाना 5 हजार देख सकेंगें और अनसंग हीरोज को अपनी श्रद्धाजंलि दे सकेंगें। अंबाला छावनी में हवाई अडडा भी तैयार है जिसके माध्यम से देश के लोग हवाई सेवा का उपयोग करते हुए स्मारक में अनसंग हीरोज को श्रद्धाजंलि दे सकेंगें।
सैनिक सम्मान और शहीद परिवारों के प्रति प्रतिबद्धता
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हरियाणा की धरती सदैव वीरों की भूमि रही है। आज भी हरियाणा के युवाओं में देशसेवा का जज़्बा उतना ही प्रबल है और यह गर्व का विषय है कि भारतीय सेना का लगभग हर दसवां जवान हरियाणा से है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीदों और सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि शहीद सैनिकों, अर्धसैनिक बलों और अग्निवीरों के लिए अनुग्रह राशि बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये की गई है। अब तक 418 शहीदों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं। साथ ही अग्निवीरों के लिए सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि देश की रक्षा में योगदान देने वाले परिवारों को सम्मान, सुरक्षा और स्थायी सहयोग मिले।
सुशासन, सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि वर्तमान सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और हरियाणा एक-हरियाणवी एक के मूल मंत्र पर चलते हुए सुशासन और जनसेवा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। सूचना प्रौद्योगिकी के व्यापक उपयोग से प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि गरीब की बेटी की शादी के लिए 71,000 रुपये शगुन राशि, बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को 3,200 रुपये मासिक पेंशन, किसानों को फसल भुगतान सीधे खातों में तथा आयुष्मान भारत-चिरायु योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का नि:शुल्क स्वास्थ्य लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।
आवास, शिक्षा और रोजगार में ऐतिहासिक पहल
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हर गरीब के सिर पर छत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब तक 98,860 मकान वितरित किए जा चुके हैं और 49,670 मकान निर्माणाधीन हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत 15,256 प्लॉट वितरित किए गए हैं, जबकि ग्रामीण योजना के तहत 12,031 प्लॉट दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि चिराग योजना के माध्यम से गरीब परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में पढऩे का अवसर मिला है। कौशल रोजगार निगम के जरिए गरीब परिवारों के युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता और नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास
कृषि क्षेत्र में सुधारों का उल्लेख करते हुए श्री अनिल विज ने कहा कि "मेरी फसल-मेरा ब्यौरा" पोर्टल से 24 फसलों की खरीद राशि 48 घंटे के भीतर किसानों के खातों में पहुंच रही है। गन्ना किसानों को 415 रुपये प्रति क्विंटल तक भुगतान किया जा रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रदेश के 20.17 लाख किसानों को 21 किस्तों में 7,234 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक लाख एकड़ का लक्ष्य तय किया गया है तथा देशी गाय की खरीद पर 30,000 रुपये का प्रोत्साहन दिया जा रहा है। बेसहारा पशुओं के पुनर्वास के लिए 70 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
जल संरक्षण की दिशा में 152 नहर चैनलों का आधुनिकीकरण, 1,000 रिचार्ज कुओं की स्वीकृति से 8,000 एकड़ भूमि लाभान्वित होगी। इसके अलावा 158 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं और 11,034 तालाबों का पुनर्जीवन किया जा रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि बिजली आम नागरिक की बुनियादी आवश्यकता बने। एटी एंड सी लॉस 30.3 प्रतिशत से घटकर 9.97 प्रतिशत रह गया है। "म्हारा गांव-जगमग गांव" योजना के तहत 6,019 गांवों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने बताया कि यमुनानगर में 800 मेगावाट की अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई की आधारशिला 14 अप्रैल 2025 को रखी गई। इसके अतिरिक्त पानीपत और हिसार के खेडड़़ में 800-800 मेगावाट क्षमता के नए बिजली संयंत्र प्रस्तावित हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर रूफटॉप पर 30,000 से 78,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है और अब तक 37,308 सोलर रूफटॉप लगाए जा चुके हैं।
परिवहन, शहरी विकास और भविष्य का हरियाणा
परिवहन क्षेत्र पर बोलते हुए श्री विज ने कहा कि परिवहन केवल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और आर्थिक विकास का आधार है। राज्य परिवहन के बस बेड़े को 4,500 से बढ़ाकर 5,300 करने की स्वीकृति दी गई है। 375 एसी इलेक्ट्रिक बसों की खरीद तथा पीएम ई-बस सेवा परियोजना के तहत 10 शहरों में 450 नई ई-बसें चलाई जाएंगी।
अनिल विज ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी स्मरण कराता है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे संविधान के मूल्यों को आत्मसात करते हुए एकजुट होकर सशक्त भारत-विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी के परिजनों, बुजुर्गों व इत्यादि को सम्मानित किया।
ये रहे उपस्थित
उपायुक्त प्रीति, पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल, अतिरिक्त उपायुक्त नवीन आहूजा, भाजपा के जिला अध्यक्ष राजेश सपरा, हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड के पूर्व चेयरमैन रामनिवास गर्ग, पूर्व नगर निगम के मेयर मदन चौहान, वरिष्ठï भाजपा नेता रामेश्वर चौहान, एसडीएम जगाधरी विश्वनाथ, डीआरओ तरूण सहोता, डीडीपीओ नरेन्द्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लता, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी शिल्पा गुप्ता, जिला सूचना एवं जन सम्पर्क अधिकारी डॉ मनोज कुमार, जिला रैडक्रॉस समिति के सचिव रणधीर सिंह, जिला बाल कल्याण अधिकारी सुखमिन्द्र सिंह, पूर्व पार्षद संगीता सिंघल, शिक्षा विभाग से राजेश पोसवाल सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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स्वस्थ लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र पत्रकारिता अनिवार्य, एक भी स्तंभ कमजोर हुआ तो लोकतंत्र डगमगाएगा - ऊर्जा मंत्री अनिल विज
पत्रकार सरकार और समाज के बीच सेतु, सीसीटीवी की तरह हर गतिविधि पर रखनी होगी पैनी नजर - अनिल विज
डिजिटल युग में सच की जिम्मेदारी और भी बढ़ी, फेक न्यूज लोकतंत्र के लिए खतरा - विज
पत्रकारों के कल्याण के लिए अनिल विज का बड़ा ऐलान, मीडिया वेल बिंग एसोसिएशन को 31 लाख की सहायता
पंजाब में प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला लोकतंत्र पर सीधा प्रहार, देशभर में होनी चाहिए निंदा - विज
पत्रकारों के हित में हरियाणा सरकार प्रतिबद्ध, पेंशन से लेकर मुफ्त बस यात्रा तक कई योजनाएं लागू - विज
अम्बाला/चण्डीगढ, 24 जनवरी - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए पत्रकारों की स्वतंत्रता अति आवश्यक है क्योंकि लोकतंत्र के चार स्तंभों (विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मीडिया/प्रैस) में से एक स्तंभ भी कमजोर होगा तो लोकतंत्र डगमगा जाएगा। श्री विज ने कहा कि स्वतंत्र लोकतंत्र तभी रह सकता है, जब पत्रकार अपनी जिम्मेदारी का सही निर्वहन करें क्योंकि आज के युग में पत्रकार सीसीटीवी की तरह होने चाहिए और समाज की हर गतिविधि को सरकार तक पहुंचाने और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने हेतू एक सेतू की तरह कार्य करें। इसके अलावा, श्री विज ने कहा कि मीडिया जगत में कार्य करने वाले पत्रकारों को डिजीटल/तकनीक का भी सटीक रूप से प्रयोग करना चाहिए ताकि सच दुनिया को बताया जा सकें।
मंत्री अनिल विज आज अंबाला के किंगफिशर पर्यटन स्थल मीडिया वैल बिंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य-अतिथि उपस्थित पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने मीडिया वैल बिंग एसोसिएशन की गतिविधियों एवं पत्रकारों के कल्याण हेतू 31 लाख रूपए की राशि अपने ऐच्छिक कोष से देने की घोषणा की।
मीडिया समाज के दर्पण के रूप में अपना काम करता है- विज
मंत्री अनिल विज ने कहा कि मीडिया समाज का दर्पण होता है तथा सरकार व जनता के बीच मीडिया एक मजबूत कड़ी होता है, जो जनता की आवाज को सरकार तक तथा सरकार की उपलब्धियों एवं जनकल्याणकारी नीतियों को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र प्रणाली में चार स्तंब होते है जिनमें विधायिका, कार्य पालिका, न्याय पालिका और मीडिया/प्रैस होती है तथा मीडिया/प्रैस का विधायिका, कार्य पालिका और न्यायपालिका पर नजर रखने का दायित्व मीडिया/प्रैस का होता है क्योकि मीडिया समाज के दर्पण के रूप में अपना काम करता है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आपातकाल तक पत्रकारिता का मुख्य उदेश्य सामजिक दायित्व को निभाते हुए राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य करना रहा है।
आज की पत्रकारिता में डिजीटल क्रंाति की गति ने नए पहिए लगा दिए- विज
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि समय के अनुसार मीडिया जगत में आधुनिकता का संलग्न हुआ है और डिजीटल क्रांति ने मीडिया को सशक्त किया है। उन्होंने कहा कि आज की पत्रकारिता में डिजीटल क्रंाति की गति ने नए पहिए लगा दिए हैं। आज हम डिजीटल क्रांति से जुडक़र ब्रेकिंग न्यूज में जी रहे हैं और इंटरनेट और स्मार्टफोन ने पत्रकारिता को ड्राइंग रूम से निकालकर हर इंसान की हथेली में पहंुचा दिया है क्योंकि कही पर भी यदि कोई घटना होती है तो वह अब मोह्ल्ले या शहर में ना रहकर देश और विदेश में सैकेंडों लोगों तक पहुंच जाती है और यह सब डिजीटल क्रांति की देन है। श्री विज ने कहा कि समाज की हर गतिविधि पर फोक्स रखने के लिए मीडिया का दायित्व रहता है मीडिया को अपने दायित्व को बड़ी सहजता और सटीकता से निभाना होगा क्योंकि फेक न्यूज, पेड न्यूज और क्लिकबेट पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर सवाल खडे कर रहे हैं।
पत्रकारों को नए तकनीक/आविष्कारों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना होगा- विज
मंत्री विज ने कहा कि उनका मानना है कि आज दुनिया में जो भी नए आविष्कार हो रहे हैं हमें उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलना होगा और नई तकनीक को सीखना होगा। उन्होने कहा कि आज यहां पत्रकारिता जगत में युवाओं को लाने पर बल दिया गया है लेकिन उनके अनुसार इस कार्य में ओर भी आवश्यकता है जिस प्रकार विभागों में कार्य की दक्षता बेहतर हो, उसके लिए प्रशिक्षण दिया जाता है, उसी प्रकार जर्नलिस्म के क्षेत्र में भी इसे करने की जरूरत है यानि जिनका जर्नलिस्म में तकनीक अपनाने के साथ-साथ अन्य अनुभव है उनके द्वारा नई तकनीक के बारे में पत्रकारों को जानकारी देना जरूरी है और ऐसा होने से पत्रकारिता ओर सशक्त होगी।
पंजाब सरकार द्वारा प्रैस की स्वतंत्रता पर किए गए निदंनीय हमले, देशभर में हो निंदा- विज
ऊर्जा मंत्री ने अखबार के बिना सरकार और सरकार के बिना अखबार के बारे बताते हुए कहा कि कईं बार सरकारें भी अपने कर्त्तव्य से भटक जाती है जैसा कि हमने एमरजैंसी में देखा है। हाल ही में पंजाब में आप पार्टी की सरकार द्वारा प्रेस की स्वतंत्रता पर जो प्रहार किया गया है सारे देश को उसकी निंदा करनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी मीडिया हाउस पर ऐसा प्रहार करने से पहले कईं बारे सोचे। उन्होंने कहा कि पंजाब की सरकार ने पत्रकारों के साथ जो खिलवाड़ किया है वह ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाएगी।
पत्रकारों के हितों के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध- विज
मंत्री अनिल विज ने कहा कि पत्रकारों के हित के लिए प्रदेश सरकार द्वारा हरियाणा में अनेकों योजनाएं क्रियान्वित की हुई हैं जिसमें 15 हजार रूपए पैंशन देना, मान्यता प्राप्त पत्रकारों को 4000 किलोमीटर की निशुल्क बस यात्रा तथा एक्सीडैंट पोलिसी के तहत सहायता देना अन्य शामिल हैं। उन्होने ये भी कहा कि जिस प्रकार सरकार के पास विभागों के लिए बजट हेड होता है उसी प्रकार पत्रकारों के लिए अलग बजट हेड भी होना चाहिए।
पत्रकारों की मांगों को पूरा करने के लिए बुलाई बैठक
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री अनिल विज के समक्ष एसोसिएशन द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए हरियाणा रोडवेज की बसों में पहले की तरह दो सीटें आरक्षित होने, ग्रीन बसों में यात्रा की सुविधा उपलब्ध करवाने तथा वातानुकूलित बसों में मान्यता प्राप्त पत्रकारों को स्वीकृति होने बारे मांग रखी गई। जिस पर मंत्री ने कहा कि यह तीनों मांगे उनके परिवहन विभाग से जुड़ी हैं। श्री विज ने आश्वासन देते हुए कहा कि इन तीनों मांगों पर उन्होने अपने विभाग के अधिकारियों की एक बैठक आयोजित करने के आदेश दे दिए हैं और इन तीनों मांगो को विचार-विमर्श के बारे पूरा करने का काम किया जाएगा।
पत्रकारों को दी पोलिसी व दिए पुरस्कार
मंत्री अनिल विज ने इस मौके पर एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारों को एक्सीडैंट पोलिसी के तहत पोलिसी प्रमाण पत्र के साथ-साथ पत्रकारों को दिए जाने वाले उत्कृष्ट पुस्कार भी देकर प्रोत्साहित किया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह व शाल भेंट कर उनका अभिनंदन भी किया। इस अवसर पर श्री अनिल विज ने एसोसिएशन के पत्रकारों के साथ-साथ अन्य सभी पत्रकारो को कहा कि वह हमेशा उनके साथ खड़े हैं।
बैंकिंग प्रणाली से जीवन हुआ सुगम
बैंकिग प्रणाली से आज जीवन सुगम हो गया है। स्वयं का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होने बैंक में नौकरी की है और जब वे बैंक में थे उनकी ब्रांच में 150 कर्मचारी होते थे। कम्पयूटर आने की जब बात हुई तो ऐसे लगा कि अब कर्मचारियों की संख्या कम हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं था। अगर अब देखें तो बैंकिग प्रणाली से जीवन सुगम हुआ है। घर बैठकर बिजली का बिल या अन्य बिलों का भुगतान किया जा सकता है।
इस मौके पर मीडिया वैलविंग एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरनी व द ट्रिब्यून हिन्दी के संपादक नरेश कौशल ने कैबिनेट मंत्री का स्वागत किया।
ऐसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरनी ने ऊर्जा मंत्री को अवगत करवाते हुए बताया कि यह एसोएिशन चार साल पहले गठित की गई थी। आज इस एसोसिएशन के सदस्य एवं पदाधिकारी उत्तर भारत, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मु एवं कश्मीर में भी हैं। लगभग 1280 पत्रकारों को एक्सीडैंट पोलिसी के तहत सहायता की गई है तथा 351 पत्रकारों के टर्म इंश्योरैंस के तहत पंजीकरण भी किया गया है। कार्यक्रम में नए पत्रकारों को जोडने के साथ-साथ उन्हें विभिन्न तरह के पुरस्कारों से नवाजते हुए प्रोत्साहित भी किया गया है।
द ट्रिब्यून के मुख्य संपादक नरेश कौशल ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए पत्रकारों के लिए कैबिनेट मंत्री श्री अनिल विज को अभिभावक की संज्ञा दी। उन्होने इस मौके पर अपना पत्रकारिता से सम्बन्धित अनुभव भी सांझा किए।
इस अवसर पर मीडिया वैलविंग एसोएिशन के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरनी, प्रधान राजीव ऋषि, कोषाध्यक्ष्य तरूण कपूर, संगठन सचिव मेवा सिंह, नरेश उप्पल, सुरेन्द्र मेहता के साथ-साथ एसोसिएशन के अन्य सदस्यगण व प्रदेशभर से आए हुए पत्रकार उपस्थित रहे।
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24/01/26 |- भारत,
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एनसीसी कैडेटों को पदक से नवाजा; युवाओं से 'विकसित भारत' के लक्ष्य में जुटने का किया आह्वान
आरएस अनेजा, 24 जनवरी नई दिल्ली : रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने युवाओं से आह्वान किया है “जब दुनिया अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है तब हमारे युवाओं को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत रहना चाहिए और हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।” श्री सिंह ने युवाओं से आग्रह करते हुए कहा कि वे उन बहादुर और समर्पित एनसीसी कैडेटों से प्रेरणा लें जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश भर में आयोजित मॉक ड्रिल में जन जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने 24 जनवरी, 2026 को दिल्ली कैंट में आयोजित एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर में कैडेटों को संबोधित करते हुए एनसीसी कैडेटों को राष्ट्र की दूसरी रक्षा पंक्ति बताया जिन्होंने ऑपरेशन के दौरान सशस्त्र बलों का साथ देकर असाधारण रूप से अपनी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, “भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित आतंकवादियों और उनके ठिकानों को नष्ट कर दिया। यह पहलगाम में हुए दुर्भाग्यपूर्ण और कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले का मुंहतोड़ जवाब था। हमारे सैनिकों ने साहस और संयम से काम लिया। हमने केवल उन्हीं को निशाना बनाया और नष्ट किया जिन्होंने हमें नुकसान पहुंचाया। यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि वे शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत हैं।”
रक्षा मंत्री ने युवाओं को महाभारत के अभिमन्यु के समान बताया जो किसी भी प्रकार के चक्रव्यूह में प्रवेश कर विजयी होने का ज्ञान रखते हैं। उन्होंने युवाओं से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 2047 तक देश को विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को साकार करने में योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “हम अब ऐसे दौर में प्रवेश कर चुके हैं जहां युवाओं से अपेक्षाएं बढ़ गई हैं। वे राष्ट्र की अमूल्य संपत्ति हैं और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की जिम्मेदारी उन्हीं पर है।”
श्री सिंह ने एनसीसी को युवाओं के विकास का एक उत्कृष्ट माध्यम बताया जो राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देते हैं। उन्होंने कहा, “आज दुनिया भर में वीडियो गेम, फूड डिलीवरी और ऐसी ही अन्य चीजें मानव जीवन को आराम देने के लिए हैं। परेड, ड्रिल और शिविरों के माध्यम से एनसीसी आपको उस आराम क्षेत्र से बाहर निकलने में मदद करती है, जिससे कैडेट मानसिक रूप से मजबूत बनता है। इसके अलावा बच्चे कई जीवन कौशल सीखते हैं जो आपदाओं के दौरान खुद को और दूसरों को बचाने में उनकी मदद कर सकते हैं।”
रक्षा मंत्री ने कहा कि एनसीसी कैडेटों में अनुशासन और देशभक्ति की भावना पैदा करती है, और उन्हें 'ध्यान भटकने' की समस्या से उबरने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब लोग हर चीज तुरंत हासिल करना चाहते हैं, एनसीसी धैर्य, निरंतरता और एकाग्रता सिखाती है, जो जीवन की बड़ी चुनौतियों, राष्ट्र के प्रति महान जिम्मेदारियों और चरित्र निर्माण के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि यह एकाग्रता उनके जीवन के हर पहलू में झलकती है, चाहे वे सशस्त्र बलों में शामिल हों या डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, वैज्ञानिक, प्रशासक, राजनेता आदि बनें।
रक्षा मंत्री ने कैडेटों को जीवन में केवल एक ही लक्ष्य नहीं, बल्कि दूसरे विकल्पों के महत्व के बारे में समझाते हुए कहा कि जब केवल एक ही विकल्प (प्लान-ए) होता है और वह कारगर नहीं होता तो भय और निराशा उत्पन्न होती है, लेकिन अन्य विकल्प (प्लान-बी और प्लान-सी) तैयार रहने पर स्थिति नियंत्रण में आ जाती है। उन्होंने कैडेटों से कहा, “आपको हमेशा प्लान-बी के साथ तैयार रहना चाहिए और याद रखना चाहिए कि अगर आज बारिश होती है तो कल धूप जरूर निकलेगी। जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए, 'मेरा तरीका या फिर कोई और रास्ता वाली’ सोच के बजाय 'सैन्य सोच' को हमेशा ध्यान में रखें।”
रक्षा मंत्री ने राष्ट्र निर्माण में एनसीसी की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि एनसीसी के माध्यम से प्रशिक्षित कई लोगों ने देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा, “परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन मनोज पांडे और कैप्टन विक्रम बत्रा एनसीसी कैडेट थे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मैं भी कैडेट रह चुके हैं। कई अन्य लोग एनसीसी से स्नातक होकर देश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं। 1965 और 1971 के युद्धों के दौरान एनसीसी कैडेटों को रक्षा की दूसरी पंक्ति के रूप में तैनात किया गया था। यह हर क्षेत्र में एनसीसी द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका है।”
26 जनवरी को देश अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। इस अवसर पर श्री सिंह ने कहा कि यह दिन लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों के प्रति देश के संकल्प को मजबूत करने का स्मरण दिलाता है। उन्होंने कहा, “संविधान केवल एक पाठ नहीं है, बल्कि हमारे सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और अन्य अधिकारों एवं कर्तव्यों को सुदृढ़ करने का साधन है। हमें उस प्रकार का राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए जैसा हमारा संविधान हमसे चाहता है। हमें अपने संविधान को समझना चाहिए और हमें प्रदत्त कर्तव्यों और अधिकारों का निर्वाह करना चाहिए। हमारे एनसीसी कैडेट इस पूरे अभियान में ध्वजवाहक की भूमिका निभा सकते हैं।”
इस कार्यक्रम के अंतर्गत एक दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया जिसमें कैडेटों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और कर्तव्यनिष्ठा के लिए श्री सिंह ने रक्षा मंत्री पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। इस वर्ष रक्षा मंत्री पदक जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख निदेशालय की कैडेट अर्पुन दीप कौर और पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम निदेशालय के कैडेट पाल्डेन लेपचा को प्रदान किया गया। प्रशस्ति पत्र कर्नाटक एवं गोवा निदेशालय की पेटी ऑफिसर लीशा देजप्पा सुवर्णा, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ निदेशालय के जूनियर अंडर ऑफिसर पवन भगेल, उत्तर पूर्वी क्षेत्र निदेशालय की कॉर्पोरल राधा दोरजी और उत्तराखंड निदेशालय के कैडेट प्रिंस सिंह राणा को प्रदान किए गए।
रक्षा मंत्री ने एनसीसी की तीनों शाखाओं से चुने गए कैडेटों द्वारा प्रस्तुत किए गए शानदार 'गार्ड ऑफ ऑनर' का निरीक्षण किया।
इस कार्यक्रम का एक हिस्सा सिंधिया स्कूल, ग्वालियर (मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ निदेशालय) के एनसीसी कैडेटों द्वारा प्रस्तुत असाधारण बैंड प्रदर्शन भी था। श्री सिंह ने विभिन्न सामाजिक जागरूकता विषयों पर आधारित सभी 17 निदेशालयों के कैडेटों द्वारा सावधानीपूर्वक तैयार किए गए 'ध्वज क्षेत्र' का भी दौरा किया। उन्होंने कैडेटों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को भी देखा। इस अवसर पर एनसीसी महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स और एनसीसी एवं रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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"बारिश और तेज हवाओं के बीच नहीं डिगा जज्बा : ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने सुभाष पार्क में नेताजी की प्रतिमा को सैन्य अंदाज में किया नमन"
"नेता जी को समर्पित सबसे सुंदर 'सुभाष पार्क' में गूंजा 'नेताजी अमर रहें' का नारा, मंत्री अनिल विज ने जयंती पर बांटे लड्डू"
नेता सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने उन्हें भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ किया नमन
अम्बाला/चंडीगढ़, 23 जनवरी - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज नेता जी सुभाषचंद्र बोस जी के जन्मदिन (पराक्रम दिवस) के अवसर पर अम्बाला छावनी के सुभाष पार्क में तेज हवाओं व बारिश में नेता सुभाष चंद्र बोस जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने नेता जी की 12 फुट ऊंची प्रतिमा के समक्ष सैन्य अंदाज में ‘सैल्यूट’ कर ‘नेता जी अमर रहे’ के नारे भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ लगाए।इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि आज नेता सुभाष चंद्र बोस जी का जन्मदिन है और उनके नाम से हमने यहां अम्बाला छावनी में सुभाष पार्क बनवाया है। उन्होंने कहा कि आज हम हर वर्ष की तरह, जब से यह पार्क बना है, जब से यहां नेता जी विराजमान है हम हर वर्ष यहां अपने श्रद्धा सुमन प्रस्तुत करने के लिए आते हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आज 23 जनवरी को नेता सुभाष चंद्र बोस जी के जन्मदिवस को पराक्रम दिवस के तौर पर मनाया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कार्यकर्ताओं के साथ नेताजी को नमन किया और बाद में सभी को जन्मदिन के मौके पर लड्डू बांटे। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष स्वर्ण कौर, भाजपा नेता संजीव सोनी, आशीष अग्रवाल, हर्ष बिंद्रा, रवि बुद्धिराजा, विकास बहगल, प्रवेश शर्मा के अलावा बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
17 एकड़ में फैला सुभाष पार्क, ऊर्जा मंत्री की बदौलत नया रूप पार्क को मिला
गौरतलब है कि अम्बाला छावनी में ऊर्जा मंत्री अनिल विज के अथह प्रयासों से नेता सुभाष चंद्र बोस को समर्पित हरियाणा का सबसे सुंदर सुभाष पार्क यहां पर बनाया गया है जोकि 17 एकड़ में फैला है, जहां रोज हजारों लोग आकर नेताजी के जीवन से प्रेरित होते हैं। इस पार्क को मंत्री अनिल विज के प्रयासों से स्थापित किया गया था। यह पार्क प्रदेश के निहायत खूबसूरत पार्कों में शुमार है, जहां प्रदेशभर से लोग सैर सपाटे और इसकी खूबसूरती को निहारने के लिए आते हैं।
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22/01/26 |देशभक्ति और परंपरा का संगम : ऊर्जा मंत्री अनिल विज के नेतृत्व में सुभाष पार्क में मनाई जाएगी नेताजी की जयंती और फिर बसंत पंचमी पर पतंगो से सजेगा आसमान
गणतंत्र दिवस के अवसर पर पार्टी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाजपा नेता व समाज सेवी संजीव वालिया अम्बाला छावनी में ध्वजारोहण करेंगे
ऊर्जा मंत्री अनिल विज के नेतृत्व में हुई भाजपा कोर कमेटी की बैठक में लिए गए अह्म फैसले
चंडीगढ़/अम्बाला, 22 जनवरी- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में आज भारतीय जनता पार्टी अम्बाला छावनी कोर कमेटी की बैठक संपन्न हुई जिसमें कई फैसले लिए गए।
बैठक में तय किया गया कि 23 जनवरी शुक्रवार को नेता जी सुभाषचंद्र बोस जी का जन्मदिवस अम्बाला छावनी के सुभाष पार्क में प्रात: 11 बजे मनाया जाएगा। इस दौरान मंत्री अनिल विज भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ नेता जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन करेंगे। इस अवसर पर अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को सुभाष पार्क में पहुंचने का आह्वान किया गया।
वहीं इस कार्यक्रम के उपरांत 23 जनवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज कार्यकर्ताओं के साथ पतंगबाजी भी करेंगे। इस कार्यक्रम में भी कार्यकर्ताओं को बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने का आह्वान किया गया।
गणतंत्र दिवस पर भाजपा नेता संजीव वालिया ध्वजारोहण करेंगे
भारतीय जनता पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि इस बार 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर पार्टी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाजपा नेता संजीव वालिया ध्वजारोहण करेंगे। पार्टी द्वारा हर वर्ष की भांति इस बार भी सुभाष पार्क के समक्ष ध्वजारोहण किया जाएगा।
इसके अलावा बैठक में अम्बाला छावनी के विभिन्न विकास कार्यों एवं संगठनात्मक मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा की गई। इस अवसर पर भाजपा नेता ओम सहगल, बलविंद्र सिंह शाहपुर, ललता प्रसाद, सुरेंद्र बिंद्रा, राजीव गुप्ता डिम्पल, संजीव सोनी, आशीष अग्रवाल, बीएस बिंद्रा, हर्ष बिंद्रा, किरणपाल चौहान, विजेंद्र चौहान, रवि बुद्धिराजा, प्रवेश शर्मा, विकास बहगल, रामबाबू यादव, नरेंद्र राणा, फकीरचंद सैनी, भरत कोछड़, बलित नागपाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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21/01/26 |- भारत,
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक को इक्विटी सहायता प्रदान करने की मंजूरी दी
आरएस अनेजा, 21 जनवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) को 5,000 करोड़ रुपये की इक्विटी सहायता को मंजूरी दे दी है।
यह 5,000 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी वित्तीय सेवा विभाग द्वारा सिडबी में तीन चरणों में निवेश की जाएगी। इसमें वित्तीय वर्ष 2025–26 में 3,000 करोड़ रुपये का निवेश 31.03.2025 के बुक वैल्यू पर प्रति शेयर 568.65 रुपये किया जाएगा। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026–27 और 2027–28 में क्रमशः 1,000 करोड़ रुपये, 1,000 करोड़ रुपये की राशि संबंधित पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष की 31 मार्च की बुक वैल्यू पर निवेश की जाएगी।
5,000 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी निवेश के बाद वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले एमएसएमई की संख्या वित्तीय वर्ष 2025 के अंत में 76.26 लाख से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2028 के अंत तक 102 लाख (अर्थात लगभग 25.74 लाख नए एमएसएमई लाभार्थी जोड़े जाएंगे) होने की उम्मीद है। एमएसएमई मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट से उपलब्ध नवीनतम आंकड़ों (30.09.2025 तक) के अनुसार, 6.90 करोड़ एमएसएमई (अर्थात प्रति एमएसएमई औसतन 4.37 व्यक्तियों का रोजगार सृजन) द्वारा कुल 30.16 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान किया गया है। इस औसत को ध्यान में रखते हुए वित्तीय वर्ष 2027–28 के अंत तक अनुमानित 25.74 लाख नए एमएसएमई लाभार्थियों के जुड़ने से लगभग 1.12 करोड़ नए रोजगार के सृजन का अनुमान है।
निर्देशित ऋण पर विशेष ध्यान तथा आगामी पांच वर्षों में पोर्टफोलियो में अपेक्षित वृद्धि के कारण, सिडबी की बैलेंस शीट पर जोखिम-भारित परिसंपत्तियों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इस वृद्धि के चलते पूंजी-जोखिम भारित परिसंपत्ति अनुपात (सीआरएआर) के समान स्तर को बनाए रखने के लिए अधिक पूंजी की आवश्यकता होगी। इसके अतिरिक्त, ऋण प्रवाह को बढ़ाने के उद्देश्य से सिडबी द्वारा विकसित किए जा रहे डिजिटल एवं डिजिटल रूप से सक्षम, संपार्श्विक-मुक्त वाले ऋण उत्पाद तथा स्टार्ट-अप्स को प्रदान किया जा रहा उद्यम ऋण भी जोखिम-भारित परिसंपत्तियों में वृद्धि करेगा, जिसके परिणामस्वरूप स्वस्थ सीआरएआर बनाए रखने के लिए और अधिक पूंजी की आवश्यकता होगी।
अधिदेशित (निर्धारित) स्तर से काफी ऊपर स्वस्थ सीआरएआर को बनाए रखना क्रेडिट रेटिंग की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अतिरिक्त शेयर पूंजी के निवेश से स्वस्थ सीआरएआर बनाए रखने में सिडबी को लाभ होगा। इस अतिरिक्त पूंजी निवेश से सिडबी को उचित ब्याज दरों पर संसाधन जुटाने में सहायता मिलेगी, जिससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को प्रतिस्पर्धी लागत पर ऋण प्रवाह में वृद्धि हो सकेगी। प्रस्तावित इक्विटी पूंजी का चरणबद्ध अथवा क्रमिक निवेश अगले तीन वर्षों में उच्च दबाव परिदृश्य के अंतर्गत सीआरएआर को 10.50 प्रतिशत से ऊपर तथा पिलर-1 और पिलर-2 के अंतर्गत 14.50 प्रतिशत से ऊपर बनाए रखने में सिडबी को सक्षम बनाएगा।
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21/01/26 |- भारत,
राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान 3 फरवरी से आम लोगों के लिए खुलेगा
आरएस अनेजा, 21 जनवरी नई दिल्ली - राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान 3 फरवरी से 31 मार्च, 2026 तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा। लोग सप्ताह में छह दिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक (अंतिम प्रवेश 5.15 बजे) उद्यान में घूमने आ सकते हैं। उद्यान सोमवार को रखरखाव के दिन और 4 मार्च को होली के कारण बंद रहेगा।
अमृत उद्यान के लिए पंजीकरण और प्रवेश निःशुल्क है। बुकिंग https://visit.rashtrapatibhavan.gov.in/ पर की जा सकती है। आगंतुक प्रवेश द्वार के बाहर बने स्वयं सेवा कियोस्क से सीधे टिकट ले सकते हैं।
सभी आगंतुकों के लिए प्रवेश और निकास नॉर्थ एवेन्यू मार्ग के पास स्थित गेट संख्या 35 से होगा। आगंतुकों की सुविधा के लिए केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन से गेट नंबर 35 तक सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे के बीच हर 30 मिनट पर शटल बस सेवा उपलब्ध होगी। शटल बसों को 'अमृत उद्यान के लिए शटल सेवा' बैनर के माध्यम से पहचाना जा सकता है।
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21/01/26 |भाजपा में प्रजातांत्रिक चुनाव, विपक्ष में 'एजेंसी' सिस्टम, "नीचे से ऊपर बनाम ऊपर से नीचे” : मंत्री अनिल विज ने समझाया भाजपा और खानदानी पार्टियों के चुनाव का बड़ा अंतर
चंडीगढ़, 21 जनवरी - हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने भाजपा के नए अध्यक्ष चयन पर कहा कि सारे हिंदुस्तान में जितने राजनीतिक दल है उनमें से केवल भाजपा की एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसमें प्रजातांत्रिक तरीके से चुनाव होता है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सबसे पहले बूथ कमेटी बनती है, उसके बाद वार्ड बनता है, फिर जिला, फिर प्रदेश और आखिर में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव होते है। मंत्री अनिल विज ने विपक्षी पार्टियों पर तंज कसते हुए कहा कि यहां दूसरी खानदानी, पारिवारिक पार्टियों की तरह नहीं जिसमें पहले से प्रधान तय होते है। हमारा चुनाव नीचे से ऊपर जाता है जबकि विपक्षियों का ऊपर से नीचे आता है। उनमें प्रधान तय होते है, वो ही प्रदेशों के प्रमुख तय कर देते हैं, प्रदेशों के प्रमुख जिलो के प्रमुख तय कर देते हैं। जैसे एजेंसियां बांटी जाती है जिनमें कंपनी मालिक नीचे प्रदेशों के ड्रिब्यूटर बनाता है, फिर जिलों के बाकी पार्टियां भी इसी तरह हैं। मंत्री अनिल विज ने कहा कि मेरा मानना है कि जिस पार्टी के अंदर प्रजातंत्र व लोकतंत्र नहीं वो पार्टी देश के 140 करोड़ लोगों के प्रजातंत्र की रक्षा नहीं कर सकती।
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21/01/26 |"राहुल गांधी की विशेषज्ञता देश जानता है कि कितने चुनाव इन्होंने हरवाए, अब वही ज्ञान बांटने आए हैं": ऊर्जा मंत्री अनिल विज
चंडीगढ़/अम्बाला, 21 जनवरी- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कुरुक्षेत्र में कांग्रेस के नवनियुक्त जिला अध्यक्षों की मीटिंग को लेकर तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी की विशेषज्ञता सारा देश जनता है कि कितने चुनाव ये अपनी पार्टी को हरवा चुके है। जो ज्ञान राहुल गांधी के पास है वो अपने नीचे वाले कार्यकर्ताओं को देने आए है। मंत्री अनिल विज ने कहा कि ये कांग्रेस का अपना मामला है इससे हमें कोई लेना देना नहीं है।
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19/01/26 |- भारत,
भारतीय रेलवे ने ट्रैक के आधुनिकीकरण और सुरक्षा में महत्वपूर्ण प्रगति की है
आरएस अनेजा, 19 जनवरी नई दिल्ली - भारतीय रेलवे ने पिछले ग्यारह वर्षों में निरंतर निवेश और सुनियोजित क्रियान्वयन के माध्यम से अपनी पटरी अवसंरचना को मजबूत करने और सुरक्षा मानकों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। इन प्रयासों से देश भर में रेल संचालन अधिक सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय हो पाया है।
वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान, भारतीय रेलवे ने 6,851 किलोमीटर से अधिक पटरियों का नवीनीकरण किया। चालू वित्त वर्ष 2025-26 में, 7,500 किलोमीटर से अधिक पटरियों के नवीनीकरण का कार्य जारी है। इसके अतिरिक्त, 2026-27 में 7,900 किलोमीटर पटरियों के नवीनीकरण की योजना है। यह परिसंपत्तियों की विश्वसनीयता और सुरक्षा पर निरंतर जोर को दर्शाता है।
रेलगाड़ियों की सुचारू आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण विस्तारित रेल मार्ग के नवीनीकरण में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 2024-25 में 7,161 थिक वेब स्विच और 1,704 वेल्डेबल सीएमएस क्रॉसिंग स्थापित किए गए। 2025-26 में 8,000 से अधिक थिक वेब स्विच और 3,000 से अधिक वेल्डेबल सीएमएस क्रॉसिंग स्थापित किए जा रहे हैं।
पटरी की स्थिरता बनाए रखने और सवारी की गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक गिट्टी की मशीनीकृत गहन जांच लगातार की जा रही है। 2024-25 के दौरान 7,442 किलोमीटर पटरी की गहन जांच पूरी की गई, जबकि 2025-26 में 7,500 किलोमीटर से अधिक पटरी की गहन जांच का काम जारी है।
भारतीय रेलवे ने यंत्रीकृत रखरखाव को बढ़ावा देने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए अपने ट्रैक मशीन बेड़े का काफी विस्तार किया है। 2014 से अब तक 1,100 से अधिक ट्रैक मशीनें खरीदी जा चुकी हैं जिससे रेलवे नेटवर्क का रखरखाव तेज और अधिक कुशल तरीके से हो सकेगा।
रेलवे पटरी के किनारे सुरक्षा बाड़ लगाने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है ताकि मवेशियों के कुचले जाने और पटरियों पर अनाधिकृत प्रवेश की घटनाओं को कम किया जा सके और समग्र सुरक्षा को बढ़ाया जा सके। अब तक लगभग 15,000 किलोमीटर की बाड़ लगाई जा चुकी है, जिससे उन खंडों पर सुरक्षा में सुधार हुआ है जहां ट्रेनें 110 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति से चलती हैं।
इन निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप, भारतीय रेलवे ने पटरियों के उन्नयन में उल्लेखनीय प्रगति की है। 110 किमी प्रति घंटे और उससे अधिक की गति क्षमता वाली पटरियों की लंबाई 2014 में 31,445 किलोमीटर (नेटवर्क का लगभग 40 प्रतिशत) से बढ़कर वर्तमान में 84,244 किलोमीटर (नेटवर्क का लगभग 80 प्रतिशत) हो गई है जिससे ट्रेनों का संचालन तेज और अधिक कुशल हो गया है।
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19/01/26 |सरकार गोला-बारूद के निर्माण में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध : रक्षामंत्री राजनाथ सिंह
आरएस अनेजा, 19 जनवरी नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की गोला-बारूद निर्माण में आत्मनिर्भरता हासिल करने और देश को इस क्षेत्र में वैश्विक उत्पादन केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
नागपुर, महाराष्ट्र में सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड में मध्यम कैलिबर गोला-बारूद निर्माण सुविधा का उद्घाटन करते हुए, उन्होंने उस समय को याद किया जब गोला-बारूद की कमी ने देश की रक्षा तैयारियों को बाधित किया था और सरकार ने इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता को महसूस किया था।
रक्षा मंत्री ने रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने में निजी क्षेत्र के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय गोला-बारूद के निर्माण के कारण देश गोला-बारूद उत्पादन में लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से 2021 में भारतीय सेना को निजी क्षेत्र द्वारा निर्मित पूर्णतः भारतीय गोला-बारूद मल्टी-मोड हैंड ग्रेनेड सौंपे जाने का उल्लेख किया। उन्होंने आगे कहा कि सोलर ग्रुप द्वारा निर्मित नागास्त्र ड्रोन का ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सफलतापूर्वक उपयोग किया गया, क्योंकि इसने आतंकवादी ठिकानों पर सटीक प्रहार करके अपनी रणनीतिक क्षमता साबित की। उन्होंने नागास्त्र के अधिक उन्नत संस्करणों के विकास की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर ये हथियार देश के शत्रुओं के लिए अत्यंत घातक साबित होंगे।
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हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से की शिष्टाचार भेंट, विकास मुद्दों पर हुई चर्चा
नई दिल्ली/चंडीगढ़, 18 जनवरी : हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल से शिष्टाचार भेंट की। यह भेंट सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
इस अवसर पर दोनों मंत्रियों के मध्य हरियाणा राज्य में ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित वर्तमान स्थिति, विद्युत उत्पादन एवं वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने, निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
इसके अतिरिक्त, बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच केंद्र एवं राज्य सरकारें आपसी सहयोग एवं समन्वय के माध्यम से विकास योजनाओं को और अधिक गति देने पर भी विचार विमर्श हुआ, जिससे प्रदेश की प्रगति को नया आयाम मिलेगा और आमजन को इसका प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।
इस शिष्टाचार भेंट के दौरान जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक एवं रचनात्मक संवाद भी हुआ।
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सालों के नुकसान के बाद पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटीज़ ने पॉजिटिव, ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल बोले, यह नया अध्याय है
आरएस अनेजा, 18 जनवरी नई दिल्ली - देश की पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटीज़ (DISCOMs और पावर डिपार्टमेंट्स) ने मिलकर FY 2024-25 में ₹2,701 करोड़ का पॉजिटिव प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है, जो इस सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड्स के अनबंडलिंग और कॉर्पोरेटाइजेशन के बाद से पिछले कई सालों से डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटीज़ कुल मिलाकर PAT में नुकसान बता रही थीं।
FY 2024-25 में ₹2,701 करोड़ का पॉजिटिव PAT, FY 2023-24 में ₹25,553 करोड़ के नुकसान और FY 2013-14 में ₹67,962 करोड़ के नुकसान की तुलना में है।
इस पर टिप्पणी करते हुए, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि यह डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर के लिए एक नया अध्याय है और यह डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर की चिंताओं को दूर करने के लिए उठाए गए कई कदमों का नतीजा है।
मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विजन के कारण संभव हुई, जैसा कि उनके शब्दों में कहा गया है कि, “भारत न केवल अपनी ग्रोथ बल्कि दुनिया की ग्रोथ को भी आगे बढ़ा रहा है, जिसमें एनर्जी सेक्टर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है”। श्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार इस सेक्टर में ज़रूरी सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है ताकि पावर सेक्टर हमारी बढ़ती अर्थव्यवस्था को सपोर्ट कर सके और विकसित भारत की यात्रा में अपनी भूमिका निभा सके।
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17/01/26 |- भारत,
भारत में डॉल्फिन संरक्षण की नई लहर: देशव्यापी गणना के दूसरे चरण का आगाज
आरएस अनेजा, 17 जनवरी नई दिल्ली - पिछले साल मार्च में गिर में राष्ट्रीय वन्य जीवन बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) में प्रधान मंत्री द्वारा पहले दौर की जनसंख्या अनुमान परिणाम जारी करने के बाद, और देश में डॉल्फ़िन के संरक्षण को आगे बढ़ाने के लिए, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने आज उत्तर प्रदेश के बिजनौर से प्रोजेक्ट डॉल्फिन के तहत नदी और मुहाना डॉल्फ़िन का दूसरा रेंजवाइड अनुमान जारी किया।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने पिछले वन्यजीव सप्ताह के दौरान देहरादून में डॉल्फ़िन की अखिल भारतीय आबादी के आकलन और उनके आकलन प्रोटोकॉल के दूसरे दौर की शुरुआत की थी। इस कार्यक्रम का समन्वय भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई), देहरादून द्वारा राज्य वन विभागों और भागीदार संरक्षण संगठनों डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया, आरण्यक और भारतीय वन्यजीव ट्रस्ट के सहयोग से किया जाता है।
उत्तर प्रदेश के 13 जिलों के वन कर्मचारियों के लिए एक क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला कल बिजनौर में आयोजित की गई थी, और जैसे-जैसे सर्वेक्षण आगे बढ़ेगा, मानकीकृत क्षेत्र क्षमता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक 10-15 जिलों के लिए आगे का प्रशिक्षण रुक-रुक कर आयोजित किया जाएगा।
सर्वेक्षण तीन नावों में 26 शोधकर्ताओं के साथ शुरू हुआ, पारिस्थितिक और आवास मापदंडों को रिकॉर्ड किया गया, और पानी के नीचे ध्वनिक निगरानी के लिए हाइड्रोफोन जैसी प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया गया। पहले चरण में, सर्वेक्षण में बिजनौर से गंगा सागर और सिंधु नदी तक गंगा के मुख्य प्रवाह को शामिल किया जाएगा। दूसरे चरण में, यह ब्रह्मपुत्र, गंगा की सहायक नदियों, सुंदरवन और ओडिशा को कवर करेगा।
गंगा नदी डॉल्फ़िन के अलावा, सर्वेक्षण में सिंधु नदी डॉल्फ़िन और इरावदी डॉल्फ़िन की स्थिति के साथ-साथ आवास की स्थिति, खतरों और संबंधित संरक्षण-प्राथमिकता वाले जीवों की स्थिति का आकलन किया जाएगा। यह पहल भारत के नदी पारिस्थितिकी तंत्र के लिए साक्ष्य-आधारित संरक्षण योजना और नीति कार्रवाई का समर्थन करने के लिए मजबूत वैज्ञानिक डेटा उत्पन्न करेगी।
पिछले राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण (2021-23) में भारत में लगभग 6,327 नदी डॉल्फ़िन दर्ज की गईं, जिनमें गंगा, यमुना, चंबल, गंडक, घाघरा, कोसी, महानंदा और ब्रह्मपुत्र प्रणालियों में गंगा नदी डॉल्फ़िन और ब्यास में सिंधु नदी डॉल्फ़िन की एक छोटी आबादी शामिल है। उत्तर प्रदेश और बिहार में सबसे बड़ी संख्या है, इसके बाद पश्चिम बंगाल और असम हैं, जो दीर्घकालिक डॉल्फ़िन संरक्षण के लिए गंगा बेसिन के महत्वपूर्ण महत्व को उजागर करते हैं।
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एआईआईए ने आयुर्वेद आधारित स्टार्टअप्स के लिए एमएसएमई अवसरों पर जागरूकता कार्यक्रम के साथ राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस 2026 मनाया
आरएस अनेजा, 17 जनवरी नई दिल्ली - अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) ने राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस 2026 के अवसर पर अपने स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर, आयुर्वेद इनोवेशन एंड एंट्रीप्रिनियोरशिप इनक्यूबेशन सेंटर (एआईआईए- आईसीएआईएनई) के माध्यम से, नई दिल्ली परिसर में आयुर्वेद आधारित स्टार्टअप के लिए लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) अवसरों पर एक जागरूकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय के सहयोग से आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम में नीति निर्माता, शिक्षाविद, स्टार्टअप समर्थक और इच्छुक उद्यमी एमएसएमई और स्टार्टअप तंत्र को मजबूत करने पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ आए। इस कार्यक्रम में आयुर्वेद और एकीकृत स्वास्थ्य नवाचारों पर विशेष ध्यान दिया गया। इन सत्रों में सरकारी सहायता योजनाओं, नवाचार के लिए संस्थागत तंत्र, बौद्धिक संपदा संरक्षण, प्रमाणन और मानकीकरण आवश्यकताओं और प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप के लिए आवश्यक वित्तीय तंत्रों के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. अरुण कुमार के स्वागत भाषण से हुआ। अपने संबोधन में डॉ. अरुण कुमार ने आयुर्वेद में नवाचार-संचालित उद्यमिता के बारे में बताया। एमएसएमई के उप निदेशक श्री सुनील कुमार ने आयुर्वेद आधारित उद्यमों से संबंधित एमएसएमई पहलों और सरकारी योजनाओं का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। प्रो. मंजुषा राजगोपाला ने आयुर्वेद संस्थानों में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के शैक्षणिक और संस्थागत दृष्टिकोण को साझा किया।
एमएसएमई के संयुक्त निदेशक डॉ. आर.के. भारती ने मुख्य भाषण दिया। उन्होंने स्टार्टअप और एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत नीति-समर्थित तंत्र विशेष रूप से पारंपरिक चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों की आवश्यकता पर जोर दिया।
तकनीकी सत्रों में डीपीआईआईटी की पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक सुश्री संगीता नागर ने बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) और स्टार्टअप के लिए इसके महत्व पर और सिडबी की वरिष्ठ प्रबंधक सुश्री ज्योति नीरज ने स्टार्टअप और एमएसएमई के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता तंत्र और वित्तपोषण अवसरों पर विशेषज्ञ वार्ता प्रस्तुत की। कार्यक्रम का समापन एआईआईए- आईसीएआईएनई के सीईओ श्री सुजीत एरानेझथ और एमएसएमई के सहायक निदेशक श्री नवीन कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
इस कार्यक्रम ने आयुर्वेद पर आधारित एक मजबूत, नवाचार-संचालित स्टार्टअप तंत्र को बढ़ावा देने की एआईआईए- आईसीएआईएनई की प्रतिबद्धता को दोहराया गया। यह उद्यमिता, एमएसएमई विकास और टिकाऊ स्वास्थ्य देखभाल समाधानों के लिए राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है। भारत सरकार के लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा एक मेजबान संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त, एआईआईए–आईसीएआईएनई नवप्रवर्तकों को विचारों को प्रभावशाली उद्यमों में बदलने के लिए एक व्यवस्थित मंच प्रदान करके उन्हें सशक्त बना रहा है।
इस राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस पर, एआईआईए आयुर्वेद में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एआईआईए– आईसीएआईएनई के माध्यम से अपनी प्रतिबद्धता को दोहराई और साक्ष्य-आधारित, टिकाऊ और समावेशी स्वास्थ्य समाधानों में योगदान देने वाले नए जमाने के उद्यमों का समर्थन किया।
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17/01/26 |"आप एक 'लापता पार्टी' है, जो भावनाओं से खेलकर छिप जाती है": ऊर्जा मंत्री अनिल विज
चंडीगढ़ 17 जनवरी - हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने आम आदमी पार्टी द्वारा पंजाब में भाजपा मंत्री पर एफआईआर व आम आदमी पार्टी नेता आतिशी मार्लेना लापता के पोस्टर लगाने के मामले में पलटवार किया है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री अनिल विज ने कहा कि ये जो आम आदमी पार्टी है यह लापता पार्टी है जो लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करके छिप जाते हैं। इनमें सच्चाई का सामना करने की हिम्मत नहीं है और लोगों की भावनाओं को भड़काकर ताकि लोगों में आपस में द्वंद्व हो यह इनका खेल रहता है। समस्त आम आदमी पार्टी को माफी मांगी चाहिए और जो इस प्रकार से बेअदबी की है उसका जो सजा है वह इन्हें मिलनी चाहिए।
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भगवान श्रीकृष्ण के गीता ज्ञान की गंगा से कुरुक्षेत्र का बढ़ा आकर्षण - ऊर्जा मंत्री अनिल विज
ऊर्जा मंत्री ने महंत चिरंजीपुरी जी महाराज के 96वें जन्मदिवस पर प्राप्त किया आशीर्वाद
विज बोले- आधा गिलास लस्सी और एक लंगोटी में जीवनयापन करने वाले संत चिरंजीपुरी जी समाज के लिए प्रेरणा
कुरुक्षेत्र, 16 जनवरी - हरियाणा के ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में गीता का उपदेश देकर इस धरा का आकर्षण बढ़ा दिया है। इस धरा पर ज्ञान की जो गंगा बही, वह विश्व का मार्गदर्शन बन रही है और इस ज्ञान की गंगा से समाज को भी नई दिशा मिल रही है।
ऊर्जा मंत्री आज कुरूक्षेत्र में महंत चिरंजीपुरी जी महाराज के 96वें जन्मदिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। कार्यक्रम में पहुंचने पर मंदिर के ट्रस्टियां द्वारा उनका पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। उन्होंने महंत चिरंजी पुरी जी महाराज के समक्ष नतमस्तक होकर आशीर्वाद प्राप्त किया। श्री विज ने इस अवसर पर 100 बेड के अस्पताल के लिए 30 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा की।
मंत्री अनिल विज ने कहा कि महंत चिरंजी पुरी जी महाराज पिछले 40 सालों से आधा गिलास लस्सी और एक लंगोटी में अपना जीवनयापन कर रहे हैं, उनकी तपस्या और त्याग समाज के लिए प्रेरणा है। श्री ब्रहमपूरी अन्न क्षेत्र आश्रम ट्रस्ट कुरुक्षेत्र अष्टदश विभूति ज्ञान द्वारा 18 मंजिला मंदिर बनाया गया। ट्रस्ट द्वारा धर्मशाला संचालित है, जिसमें कुरुक्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आश्रय मिल रहा है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट द्वारा ब्रहमसरोवार के नजदीक 100 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा, उससे स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी और समाज के हर व्यक्ति को सहजता के साथ इलाज सुविधा मुहैया होगा।
जनसेवा सबसे बड़ा पुण्य का कार्य - विज
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि समाज में हर व्यक्ति सुख की प्राप्ति के लिए भागदौड़ कर रहा है, लेकिन जन सेवा सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। उन्होंने आह्वान किया कि हर व्यक्ति को समाजसेवा में अपना योगदान देना चाहिए। समाज से जो कुछ प्राप्त करते हैं तो समाज का हमारे ऊपर ऋण चढ़ता है। ऋण उतारने का एक ही तरीका है, जन सेवा के कार्यों में हिस्सेदारी की जाए, यदि व्यक्ति समाज सेवा के कार्यों में अपना योगदान नहीं देगा तो उसे समाज का ऋण उतारने के लिए धरती पर बार-बार जन्म लेना पड़ेगा।
समाज सेवा से मिलती है नई प्रेरणा - विज
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने महंत चिरंजीपुरी जी महाराज द्वारा पिछले 40 सालों से आधा गिलास लस्सी और एक लंगोटी में जीवन यापन करने की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया में कोई व्यक्ति भूखा न सोए और सभी को आश्रय मिले, यह ऐसे तपस्वियों के तप और त्याग के चलते ही संभव है। उन्होंने वैज्ञानिकों को आह्वान किया कि यदि भक्ति की शक्ति देखनी है तो महंत चिरंजीपुरी जी महाराज के आश्रम में आकर देखें कि एक संत आधा गिलास लस्सी पीकर समाज को नई दिशा दिखा रहा है।
इस मौके पर चिरंजी पुरी जी महाराज द्वारा ऊर्जा मंत्री को पगड़ी पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया तथा ऊर्जा मंत्री द्वारा महाराज के जन्म दिवस पर जरूरतमंद व्यक्तियों को कंबल भी वितरित किए। इस मौके पर राधे श्याम, सुभाष जिंदल, सुशील गुप्ता, नवीन, हरि ओम, सतपाल सिंगला, राजेश, जगदीश अग्रवाल, डा.पवन गोयल, रामपाल सिंगला, लच्छी राम मित्तल, सतीश कुमार मित्तल, राज गोयल, विजय गोयल, नरेन्द्र बिंदल, धर्मपाल, बृज भूषण सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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16/01/26 |आम आदमी पार्टी ने पंजाब में इमरजेंसी लगाई, सुने क्या बोले ऊर्जा मंत्री अनिल विज
लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला- पंजाब में आप सरकार इमरजेंसी जैसा माहौल बना रही:- अनिल विज
चण्डीगढ, 16 जनवरी- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्रीअनिल विज ने आज पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार को आडे हाथों लिया और कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने पंजाब में इमरजेंसी लगा दी है और लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है।
मंत्री अनिल विज ने आज एक्स पर (पहले टवीट) पर लिखा कि ‘‘जिस प्रकार से पंजाब में ‘पंजाब केसरी’ एक निष्पक्ष समाचार पत्र समूह तथा इससे जुड़े संस्थानों पर पंजाब सरकार द्वारा भिन्न - भिन्न विभागों के माध्यम से बिना किसी आधार और बिना निर्धारित तरीकों द्वारा नाजायज हमला बोल कर परेशान किया जा रहा है उससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा इमरजेंसी लगा दी गई है। लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है’’।
सनद रहे कि गत दिवस पंजाब केसरी ग्रुप द्वारा पंजाब के राज्यपाल गुलाब चन्द कटारिया को एक पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है कि पिछले कुछ दिनों से पंजाब सरकार किसी बाहरी उद्देश्य से पंजाब केसरी समूह और उससे जुड़ी संस्थाओं को विशेष रूप से निशाना बना रही है, जिसका उद्देश्य प्रेस को भयभीत करना प्रतीत होता है।
मंत्री अनिल विज ने इस हालिया घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र का मूल स्तंभ है और किसी भी प्रकार का दबाव, भय या प्रताड़ना अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि किसी मीडिया संस्थान को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया जाना गलत है। उन्होंने कहा कि पंजाब केसरी समूह एक प्रतिष्ठित समाचार संस्थान है, जिसने कठिन परिस्थितियों में भी निर्भीक पत्रकारिता की मिसाल कायम की है। उन्होंने स्मरण कराया कि स्व. लाला जगत नारायण और स्व. रमेश चंद्र जैसे महान पत्रकारों ने देश और समाज के लिए अपने प्राणों तक की आहुति दी, और उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह समूह दशकों से जनहित में कार्य कर रहा है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यदि किसी भी राज्य में अलग-अलग विभागों द्वारा एक ही समय में बार-बार कार्रवाई की जाती है और उससे यह संदेश जाता है कि मीडिया को डराने या उसकी आवाज दबाने का प्रयास हो रहा है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून अपना काम करे, लेकिन उसका दुरुपयोग किसी को डराने या चुप कराने के लिए नहीं होना चाहिए। श्री विज ने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई और प्रेस की स्वतंत्रता के बीच एक स्पष्ट रेखा होनी चाहिए। यदि किसी संस्था के विरुद्ध कोई तथ्यात्मक या कानूनी विषय है, तो उसकी जांच नियमों के तहत होनी चाहिए, न कि ऐसे तरीके से जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रश्नचिह्न लगे।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी माहौल में विशेष रूप से यह ज़रूरी हो जाता है कि मीडिया स्वतंत्र, निर्भीक और निष्पक्ष रूप से अपना कार्य कर सके, क्योंकि जनता तक सही जानकारी पहुँचाना मीडिया की जिम्मेदारी है और लोकतंत्र की मजबूती उसी पर निर्भर करती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस गंभीर विषय को लेकर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रेस की स्वतंत्रता, गरिमा और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकारें बदल सकती हैं, लेकिन स्वतंत्र मीडिया का सम्मान हमेशा बना रहना चाहिए।
मीडिया कर्मियों द्वारा पंजाब केसरी समूह के संबंध में किए गए टवीट के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में विज ने कहा कि पंजाब में निष्पक्ष समाचार-पत्र समूह पर जिस प्रकार से पंजाब की सरकार प्रहार कर रही है, और बिना कायदे व कानूनों के छापे मार रही है और उससे ऐसा प्रतीत होता है कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार में कांग्रेस की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की आत्मा आ गई है क्योंकि इंदिरा गांधी ने भी यही किया था और इंदिरा गांधी ने भी अपने कार्यकाल में समाचार-पत्रों पर प्रतिबंध लगा दिए थे। उस समय अखबारें आधी-आधी छपा करती थी और इमरजेंसी लग गई थी। इसलिए पंजाब में भी ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इमरजेंसी लग गई है।
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16/01/26 |आम आदमी पार्टी ने पंजाब में इमरजेंसी लगाई:- ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज
लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला- पंजाब में आप सरकार इमरजेंसी जैसा माहौल बना रही:- अनिल विज
विभिन्न विभागों की कार्रवाई से प्रेस की आज़ादी को कुचला और लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा:- विज
चण्डीगढ, 16 जनवरी - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार को आडे हाथों लिया और कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने पंजाब में इमरजेंसी लगा दी है और लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है।
विज ने आज एक्स पर (पहले टवीट) पर लिखा कि ‘‘जिस प्रकार से पंजाब में ‘पंजाब केसरी’ एक निष्पक्ष समाचार पत्र समूह तथा इससे जुड़े संस्थानों पर पंजाब सरकार द्वारा भिन्न - भिन्न विभागों के माध्यम से बिना किसी आधार और बिना निर्धारित तरीकों द्वारा नाजायज हमला बोल कर परेशान किया जा रहा है उससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा इमरजेंसी लगा दी गई है। लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है’’।
सनद रहे कि गत दिवस पंजाब केसरी ग्रुप द्वारा पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चन्द कटारिया को एक पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है कि पिछले कुछ दिनों से पंजाब सरकार किसी बाहरी उद्देश्य से पंजाब केसरी समूह और उससे जुड़ी संस्थाओं को विशेष रूप से निशाना बना रही है, जिसका उद्देश्य प्रेस को भयभीत करना प्रतीत होता है।
विज ने इस हालिया घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र का मूल स्तंभ है और किसी भी प्रकार का दबाव, भय या प्रताड़ना अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि किसी मीडिया संस्थान को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया जाना गलत है। उन्होंने कहा कि पंजाब केसरी समूह एक प्रतिष्ठित समाचार संस्थान है, जिसने कठिन परिस्थितियों में भी निर्भीक पत्रकारिता की मिसाल कायम की है। उन्होंने स्मरण कराया कि स्व. लाला जगत नारायण और स्व. रमेश चंद्र जैसे महान पत्रकारों ने देश और समाज के लिए अपने प्राणों तक की आहुति दी, और उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह समूह दशकों से जनहित में कार्य कर रहा है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यदि किसी भी राज्य में अलग-अलग विभागों द्वारा एक ही समय में बार-बार कार्रवाई की जाती है और उससे यह संदेश जाता है कि मीडिया को डराने या उसकी आवाज दबाने का प्रयास हो रहा है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून अपना काम करे, लेकिन उसका दुरुपयोग किसी को डराने या चुप कराने के लिए नहीं होना चाहिए। श्री विज ने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई और प्रेस की स्वतंत्रता के बीच एक स्पष्ट रेखा होनी चाहिए। यदि किसी संस्था के विरुद्ध कोई तथ्यात्मक या कानूनी विषय है, तो उसकी जांच नियमों के तहत होनी चाहिए, न कि ऐसे तरीके से जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रश्नचिह्न लगे।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी माहौल में विशेष रूप से यह ज़रूरी हो जाता है कि मीडिया स्वतंत्र, निर्भीक और निष्पक्ष रूप से अपना कार्य कर सके, क्योंकि जनता तक सही जानकारी पहुँचाना मीडिया की जिम्मेदारी है और लोकतंत्र की मजबूती उसी पर निर्भर करती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस गंभीर विषय को लेकर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रेस की स्वतंत्रता, गरिमा और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकारें बदल सकती हैं, लेकिन स्वतंत्र मीडिया का सम्मान हमेशा बना रहना चाहिए।
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राष्ट्रपति गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं
आरएस अनेजा, 15 जनवरी नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज पंजाब के अमृतसर में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि औपचारिक शिक्षा पूरी करने के बाद छात्र अलग-अलग दिशाओं में अपना सफर शुरू करेंगे। कुछ सरकारी या निजी क्षेत्र में सेवा करेंगे, कुछ उच्च शिक्षा या अनुसंधान करेंगे, जबकि कई अपना खुद का व्यवसाय स्थापित करेंगे या शिक्षण में अपना करियर बनाएंगे। हालांकि प्रत्येक क्षेत्र में अलग-अलग योग्यताओं और कौशलों की आवश्यकता होती है, लेकिन कुछ गुण हर क्षेत्र में प्रगति के लिए समान रूप से आवश्यक और सहायक होते हैं।राष्ट्रपति ने छात्रों को याद दिलाया कि शिक्षा केवल जीविका का साधन नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का भी साधन है। उन्होंने कहा कि जिस समाज ने उन्हें शिक्षा प्रदान की है, उसके प्रति वे ऋणी हैं। विकास की राह में पिछड़ चुके लोगों के उत्थान के कोशिश करना इस ऋण को चुकाने का एक तरीका हो सकता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि गुरु नानक देव जी ने हमें सिखाया है कि समाज में महिलाओं को समान अधिकार मिलने चाहिए। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय गुरु नानक देव की शिक्षाओं के अनुरूप महिला सशक्तिकरण के लिए प्रयासरत है, जो दीक्षांत समारोह में डिग्री और पदक प्राप्त करने वाली छात्राओं की अधिकता से स्पष्ट है।
उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र के हित में है कि महिलाओं को पूर्ण आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के अवसर मिलें और सभी को इसके लिए कोशिश करना चाहिए।
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78वां भारतीय सेना दिवस : शौर्य की विरासत और मिसाइल शक्ति से अभेद्य होता भारत
आरएस अनेजा, 15 जनवरी नई दिल्ली - आज भारतीय सेना दिवस उन वीर सैनिकों के अदम्य साहस, अनुशासन और सर्वोच्च बलिदान का स्मरण कराता है, जो हर परिस्थिति में राष्ट्र की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। यह केवल एक दिवस नहीं, बल्कि भारतीय सेना के शौर्य, और समर्पण को नमन करने का अवसर है। भारतीय सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है।
वर्ष 2026 में भारत अपना 78वाँ सेना दिवस मना रहा है। यह दिन 1949 में फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा के भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ के रूप में कार्यभार संभालने की याद में मनाया जाता है।
सेना दिवस केवल एक प्रतीकात्मक दिन नहीं, बल्कि यह उस संगठन की शक्ति और प्रतिबद्धता का उत्सव है जो सीमाओं की रक्षा करता है। वर्तमान भू-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में भारत की मिसाइल क्षमताएँ न केवल आक्रामकता का उत्तर देने में सक्षम हैं, बल्कि प्रामाणिक न्यूनतम प्रतिरोध नीति को मजबूती भी प्रदान करती हैं। जल, थल और नभ – तीनों क्षेत्रों में मिसाइलों की पहुँच और सटीकता भारत की सुरक्षा रणनीति की धुरी बन चुकी है।
मिसाइल शक्ति पर केंद्रित सेना दिवस
वर्ष 2026 के सेना दिवस पर देश का ध्यान उस मिसाइल शक्ति की ओर केंद्रित है, जो भारत की रणनीतिक सुरक्षा और आत्मनिर्भर सैन्य प्रणाली का मूल आधार बन चुकी है।
यह प्रमुख मिसाइलें भारत की ताकत
भारत की रणनीतिक प्रतिरोध प्रणाली का प्रमुख आधार अग्नि-5 अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता 5,000 किमी से अधिक है। इसमें MIRV तकनीक (Multiple Independently Targetable Re-entry Vehicles) के माध्यम से एक साथ कई लक्ष्यों पर प्रहार करने की क्षमता है।
इसका नया संस्करण, अग्नि-प्राइम, मध्यम दूरी के लिए विकसित की गई मिसाइल है जिसकी रेंज 1,000–2,000 किमी है। इसे कैनिस्टर में रखा जा सकता है, जिससे यह युद्धकालीन त्वरित तैनाती और उच्चतम उत्तरजीविता की सुविधा देती है।
भारत और रूस के सहयोग से विकसित ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल भारत की अग्रणी सटीक प्रहार प्रणाली है। इसका विस्तारित संस्करण 800 किमी तक की रेंज के साथ जल्द ही सेवा में शामिल होने वाला है। यह ज़मीन, समुद्र और वायु — तीनों प्लेटफॉर्म से लॉन्च की जा सकती है।
इसके अतिरिक्त, निर्भय सबसोनिक क्रूज मिसाइल भारत को दुश्मन की गहराई में स्थित कमांड सेंटरों और महत्वपूर्ण ढांचों को चुपचाप और सटीकता से निशाना बनाने की क्षमता देती है।
सुरक्षा के लिए रूस निर्मित एस-400 मिसाईल प्रणाली का लोहा हम ऑपरेशन सिंदूर में देख चुके है।
भारतीय सेना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
भारतीय सेना दुनिया की सबसे बड़ी स्वैच्छिक स्थायी सेनाओं में से एक है। इसमें 12 लाख से अधिक सक्रिय और लगभग 9 लाख रिजर्व सैनिक हैं।
भारतीय सेना सियाचिन ग्लेशियर की सुरक्षा करती है। यह दुनिया का सबसे ऊँचा युद्ध क्षेत्र और गैर-ध्रुवीय इलाकों का दूसरा सबसे लंबा ग्लेशियर है।
61वीं कैवेलरी रेजिमेंट भारत की सबसे बड़ी घुड़सवार यूनिट है। यह दुनिया की आखिरी सक्रिय बिना मशीनीकरण वाली कैवेलरी में शामिल है।
भारतीय सेना अपने अनुशासन और युद्ध क्षमता के लिए प्रसिद्ध है। विश्व में इसे अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा स्थान माना जाता है।
भारतीय सेना का आदर्श वाक्य “Service Before Self” है। यह 1949 से अब तक बिना बदले कायम है।
भारत संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में सबसे ज़्यादा सैनिक भेजता है। वर्तमान में 6,000 से अधिक भारतीय जवान तैनात हैं।
भारतीय सेना सिर्फ युद्ध ही नहीं, आपदा राहत में भी अहम भूमिका निभाती है। बाढ़, भूकंप, कोरोना और चुनाव सुरक्षा में सेना आगे रहती है।
योगेन्द्र सिंह यादव सबसे कम उम्र के परमवीर चक्र विजेता हैं। उन्होंने 19 वर्ष की उम्र में कारगिल युद्ध में यह सम्मान पाया।
कुछ स्पेशल फोर्स यूनिट्स की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहती है। उनकी संख्या, तैनाती और कमांड स्ट्रक्चर सार्वजनिक नहीं होता।
भारतीय सेना देश में सबसे ज़्यादा स्वैच्छिक रक्तदान करती है। हर साल हजारों यूनिट रक्तदान किया जाता है।
गोरखा सैनिक भारतीय सेना का गौरवशाली हिस्सा हैं। उन्होंने कारगिल युद्ध सहित कई लड़ाइयों में बहादुरी दिखाई।
सेना के पास प्रशिक्षित डॉग स्क्वाड भी होता है। ये कुत्ते विस्फोटक खोज, ट्रैकिंग और रेस्क्यू में मदद करते हैं।
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"नए भारत का चेहरा हैं NCC कैडेट्स": सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने युवाओं में भरा जोश
आरएस अनेजा, 14 जनवरी नई दिल्ली - सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने आज दिल्ली कैंट में नेशनल कैडेट कोर (NCC) गणतंत्र दिवस कैंप का दौरा किया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का हवाला देते हुए, उन्होंने युवाओं को "नए भारत का चेहरा" बताया और इस बात पर ज़ोर दिया कि वे देश की सबसे शक्तिशाली आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो अनुशासन, उद्देश्य और प्रतिबद्धता के माध्यम से राष्ट्रीय परिवर्तन लाने में सक्षम हैं।
COAS ने हाल के वर्षों में NCC कैडेट्स के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर को भारत के लचीलेपन के प्रदर्शन के रूप में बताया गया, जिसके दौरान 75,000 से ज़्यादा NCC कैडेट्स ने देश भर में नागरिक सुरक्षा, अस्पताल प्रबंधन, राहत सामग्री के वितरण और सामुदायिक सेवा में स्वेच्छा से भाग लिया। आधुनिकीकरण पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने कैडेट प्रशिक्षण में शामिल नए उपायों की सराहना की, जैसे ड्रोन प्रशिक्षण की शुरुआत, पुनीत सागर अभियान, एक भारत श्रेष्ठ भारत, एक पेड़ मां के नाम, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और स्वच्छ भारत अभियान जैसी राष्ट्रीय पहलों में भागीदारी, और युवा आपदा मित्र योजना के तहत 28 राज्यों के 315 जिलों में 94,400 कैडेट्स को आपदा तैयारी प्रशिक्षण। उन्होंने यह भी बताया कि 35,000 से ज़्यादा कैडेट्स ने देश भर में सेना इकाइयों और सैन्य अस्पतालों के साथ अटैचमेंट प्रशिक्षण किया है।
अपने समापन भाषण में, सेना प्रमुख ने इस बात पर ज़ोर दिया कि NCC सशस्त्र बलों में शामिल होने का एक महत्वपूर्ण रास्ता बना हुआ है, और बताया कि इस साल 150 से ज़्यादा कैडेट्स सैन्य प्रशिक्षण अकादमियों में शामिल हुए हैं। उन्होंने युवाओं से विचार, प्रौद्योगिकी और चरित्र में आत्मनिर्भरता अपनाने और IIT में आर्मी सेल और भारतीय सेना इंटर्नशिप कार्यक्रम 2025-26 जैसी पहलों के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। कैडेट्स से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, अनुशासन के साथ मार्च करने और समर्पण के साथ सेवा करने का आग्रह करते हुए, उन्होंने कहा कि एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित भारत का निर्माण उसके युवा ही करेंगे।
जनरल द्विवेदी ने कैडेट्स की त्रुटिहीन उपस्थिति और अनुकरणीय आचरण के लिए उनकी सराहना की, और गार्ड ऑफ ऑनर के शानदार प्रदर्शन, द सिंधिया स्कूल, ग्वालियर द्वारा बैंड प्रदर्शन, ध्वज क्षेत्र प्रस्तुति और कैडेट्स द्वारा जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला, जिन्होंने भारत की विविधता में एकता को प्रदर्शित किया। इस इवेंट के हिस्से के तौर पर, उन्होंने 'फ्लैग एरिया' का भी दौरा किया, जिसे NCC कैडेट्स ने तैयार किया था और पेश किया था। इसमें उन्होंने अपने-अपने राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक विरासत और डेवलपमेंट की प्रगति को दिखाया, और NCC 'हॉल ऑफ फेम' भी देखा। कैडेट्स ने स्टैटिक और फंक्शनल शिप मॉडल और एयरोमॉडलिंग के ज़रिए अपनी क्रिएटिविटी और टेक्निकल काबिलियत का भी प्रदर्शन किया।
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14/01/26 |- भारत,
"राष्ट्रीय चेतना के जीवित स्तंभ हैं हमारे पूर्व सैनिक: 10वें सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का भावुक संबोधन"
आरएस अनेजा, 14 जनवरी नई दिल्ली - 10वें रक्षा बल पूर्व सैनिक दिवस रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली कैंट के मानेकशॉ सेंटर में मुख्य समारोह की शोभा बढ़ाई, जिसमें दिल्ली/एनसीआर से लगभग 2500 पूर्व सैनिकों ने भाग लिया।
रक्षा मंत्री ने पूर्व सैनिकों के शौर्य, बलिदान और समर्पित सेवा को भावभीनी श्रद्धांजलि दी, उन्हें राष्ट्रीय चेतना के जीवित स्तंभ, सामूहिक साहस के प्रतीक और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने उनसे अपने अनुभवों से युवाओं का मार्गदर्शन करने; अग्निवीरों और युवा सैनिकों को सही दिशा देने; आपातकालीन स्थितियों में नागरिक प्रशासन के साथ खड़े रहने; सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने; और जमीनी स्तर पर देशभक्ति की भावना को और मजबूत करने का आग्रह किया, जिससे भविष्य के लिए एक मजबूत भारत की नींव रखी जा सके।
“आज, भारत तेजी से एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की ओर बढ़ रहा है। ऐसे समय में, पूर्व सैनिकों का अनुभव, नेतृत्व और मूल्य देश के लिए अमूल्य संपत्ति हैं। हमारे समाज, विशेष रूप से युवाओं को आपसे सीखने की जरूरत है। चाहे वह शिक्षा हो, कौशल विकास हो, आपदा प्रबंधन हो, सामुदायिक नेतृत्व हो या नवाचार का मार्ग हो, आपकी भागीदारी आने वाली पीढ़ियों पर सकारात्मक और स्थायी प्रभाव डाल सकती है,” राजनाथ सिंह ने उपस्थित पूर्व सैनिकों से कहा।
रक्षा मंत्री ने उन बहादुर पूर्व सैनिकों को याद किया जो लगभग 40 साल पहले भारतीय शांति सेना (IPKF) के हिस्से के रूप में शांति स्थापना के उद्देश्यों के लिए श्रीलंका में शुरू किए गए ऑपरेशन पवन का हिस्सा थे। “ऑपरेशन के दौरान, भारतीय सेना ने असाधारण साहस का प्रदर्शन किया। कई सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी। उनके शौर्य, बलिदान और संघर्षों को वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे।
आज, पीएम मोदी के नेतृत्व में, हमारी सरकार न केवल ऑपरेशन पवन में भाग लेने वाले शांति सैनिकों के योगदान को खुले तौर पर स्वीकार कर रही है, बल्कि हर स्तर पर उनके योगदान को मान्यता देने की प्रक्रिया में भी है। जब पीएम मोदी 2015 में श्रीलंका गए थे, तो उन्होंने IPKF स्मारक पर भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी थी। अब, हम नई दिल्ली में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में भी IPKF सैनिकों के योगदान को मान्यता दे रहे हैं और उन्हें वह सम्मान दे रहे हैं जिसके वे हकदार हैं,” उन्होंने कहा।
सचिव (पूर्व सैनिक कल्याण) ने बताया कि लगभग हर साल 60,000 सैनिक रिटायर होते हैं, जिससे लगभग 3.5 मिलियन पूर्व सैनिक हो जाते हैं। यह बताता है कि पूर्व सैनिकों का कल्याण एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है जिसे देश को पूरा करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पूर्व सैनिक अपने साथ बहुत सारा अनुभव, लीडरशिप क्वालिटी और कर्तव्य की गहरी भावना लाते हैं, और यह देश की सामूहिक ज़िम्मेदारी है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि पूर्व सैनिक सम्मान और आत्म-सम्मान के साथ अपना जीवन जिएं।
यह दिन हर साल 14 जनवरी को भारतीय सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल केएम करिअप्पा, OBE की विरासत और बेहतरीन सेवा को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है, जो 1953 में इसी दिन रिटायर हुए थे।
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13/01/26 |- भारत,
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दिल्ली विश्वविद्यालय में नशा मुक्त परिसर अभियान का उद्घाटन किया
आरएस अनेजा, 13 जनवरी नई दिल्ली - भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज दिल्ली विश्वविद्यालय में नशा मुक्त कैंपस अभियान का उद्घाटन किया, जिसमें युवाओं को मादक द्रव्यों के सेवन से बचाने और एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए निरंतर और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
इस बात पर जोर देते हुए कि मजबूत राष्ट्रों को मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता होती है, उपराष्ट्रपति ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल अकादमिक शिक्षा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ऐसे संस्थान हैं जहां मूल्यों को आकार दिया जाता है, नेतृत्व का पोषण किया जाता है और राष्ट्र का भविष्य गढ़ा जाता है। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली विश्वविद्यालय जैसा प्रमुख संस्थान मादक द्रव्यों के सेवन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाता है, तो यह बड़े पैमाने पर समाज को एक शक्तिशाली संदेश भेजता है।
उपराष्ट्रपति ने नशा मुक्त परिसर अभियान के तहत एक समर्पित ई-प्रतिज्ञा मंच (https://pledge.du.ac.in/home) और मोबाइल एप्लिकेशन भी लॉन्च किया, और देश भर के विश्वविद्यालयों के छात्रों से सक्रिय रूप से भाग लेने और नशा मुक्त परिसर के लिए प्रतिज्ञा लेने का आग्रह किया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि नशा मुक्त परिसर अभियान सभी केंद्रीय उच्च शैक्षणिक संस्थानों का एक अभिन्न अंग बन जाए।
इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि भारत एक युवा राष्ट्र है, उपराष्ट्रपति ने मादक द्रव्यों के सेवन को न केवल एक व्यक्तिगत समस्या बल्कि एक गंभीर सामाजिक चुनौती, सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता और देश के जनसांख्यिकीय लाभांश के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, शैक्षणिक प्रदर्शन, पारिवारिक सद्भाव, उत्पादकता और राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, जिसमें नार्को-आतंकवाद से इसका संबंध भी शामिल है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना तभी साकार हो सकती है जब युवा स्वस्थ, नशा मुक्त और उद्देश्य से प्रेरित रहेंगे। उन्होंने कहा कि एक नशा-मुक्त युवा कौशल हासिल करने, उद्यमिता को बढ़ावा देने और आर्थिक विकास और राष्ट्रीय विकास में सार्थक योगदान देने के लिए बेहतर ढंग से सुसज्जित है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 मानसिक स्वास्थ्य, जीवन कौशल और छात्र कल्याण पर जोर देकर इस समग्र दृष्टिकोण को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त कैंपस अभियान जैसी पहल सुरक्षित, समावेशी और सीखने का माहौल तैयार करके नीति की भावना के अनुरूप है।
जागरूकता कार्यक्रमों, परामर्श तंत्र, छात्र-नेतृत्व वाली पहल और हितधारक सहयोग को एकीकृत करने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय की सराहना करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि जब छात्र परिवर्तन के राजदूत बन जाते हैं, तो प्रभाव परिसरों से परे परिवारों और समुदायों तक फैलता है। उन्होंने छात्रों से सतर्क रहने, संकट में साथियों का समर्थन करने, मादक द्रव्यों के सेवन के खिलाफ बोलने और उदाहरण पेश करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह, वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य और छात्र उपस्थित थे।
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'कुत्तों को खिलाना है तो घर ले जाएं': आवारा कुत्तों के आतंक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, अब काटने पर राज्य सरकारों को देना होगा भारी मुआवजा
नई दिल्ली, 13 जनवरी (अभी) : देश के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों और उससे होने वाली मौतों पर सुप्रीम कोर्ट ने आज एक ऐतिहासिक और कड़ा रुख अपनाया है। 13 जनवरी 2026 को हुई सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय की जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने स्पष्ट कर दिया कि अब मानवीय सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अदालत ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए आदेश दिया है कि यदि किसी बच्चे या बुजुर्ग की कुत्ते के काटने से मौत होती है या वह जख्मी होता है, तो संबंधित राज्य सरकार इसके लिए उत्तरदायी होगी और उसे पीड़ित परिवार को भारी मुआवजा देना होगा।
सुनवाई के दौरान अदालत की तल्खी उस समय और बढ़ गई जब आवारा कुत्तों को खाना खिलाने वाले संगठनों और व्यक्तियों की जिम्मेदारी का मुद्दा उठा। जस्टिस विक्रम नाथ ने कड़े शब्दों में कहा कि जो लोग कुत्तों को सड़कों पर खाना खिलाते हैं, उन्हें उनकी जवाबदेही भी लेनी होगी। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि "एक काम करें, इन कुत्तों को अपने घर ले जाएं, उन्हें सड़कों पर आवारा भटकने के लिए क्यों छोड़ा जाता है जहाँ वे लोगों को डराते हैं और उन पर हमला करते हैं?" जब वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने इसे एक भावनात्मक मुद्दा बताया, तो बेंच ने पलटवार करते हुए कहा कि यह भावुकता केवल जानवरों के प्रति ही क्यों दिखाई देती है, इंसानों की सुरक्षा का क्या?
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 7 नवंबर 2025 को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया था, जिसमें अस्पतालों, स्कूलों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को पूरी तरह हटाने का निर्देश दिया गया था। आज की सुनवाई में कोर्ट ने अधिकारियों की निष्क्रियता पर भी नाराजगी जताई और कहा कि प्रशासन की ढिलाई के कारण ही यह समस्या आज विकराल रूप ले चुकी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों पर आम नागरिकों का सुरक्षित आवाजाही का अधिकार सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की फीडिंग या पशु प्रेम को इंसानी जान की कीमत पर बढ़ावा नहीं दिया जा सकता।
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13/01/26 |- भारत,
पीएफआरडीए ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत सुनिश्चित भुगतान के लिए रूपरेखा विकसित करने के लिए विशेषज्ञ समिति की घोषणा की
आरएस अनेजा, 13 जनवरी नई दिल्ली - पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है जिसे राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत सुनिश्चित भुगतान के लिए एक रूपरेखा तैयार करने के लिए दिशानिर्देश और नियम तैयार करने का काम सौंपा गया है। यह कदम पीएफआरडीए अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप है और इसका उद्देश्य ग्राहकों के लिए सेवानिवृत्ति आय की सुरक्षा को बढ़ाना है।
इस समिति का गठन पीएफआरडीए द्वारा विकसित भारत 2047 के व्यापक दृष्टिकोण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जहां प्रत्येक नागरिक अपने स्वर्णिम वर्षों में सच्ची वित्तीय स्वतंत्रता और सम्मान प्राप्त करता है।
समिति की अध्यक्षता डॉ. साहू रेगुलेटरी चैंबर्स के संस्थापक और भारतीय दिवाला और दिवालियापन बोर्ड (आईबीबीआई) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एम.एस. साहू करेंगे। 15 सदस्यीय पैनल में कानूनी, बीमांकिक, वित्त, बीमा, पूंजी बाजार और शिक्षा जैसे विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों का एक विविध समूह शामिल है। इसके अलावा, व्यापक विचार-विमर्श सुनिश्चित करने के लिए, समिति को फीडबैक और परामर्श के लिए विशेष आमंत्रित सदस्यों के रूप में बाहरी विशेषज्ञों या मध्यस्थों को आमंत्रित करने के लिए अधिकृत किया गया है।
समिति को संरचित पेंशन भुगतान पर एक स्थायी सलाहकार समिति के रूप में स्थापित किया गया है। इसके प्राथमिक अधिदेश में अन्य बातों के साथ-साथ शामिल हैं:
फ्रेमवर्क विकास: सुनिश्चित भुगतान के लिए नियम बनाना, जिसमें 30 सितंबर, 2025 के पीएफआरडीए परामर्श पत्र में हाइलाइट की गई पेंशन योजनाओं की खोज भी शामिल है।
निर्बाध संक्रमण: संचयन चरण से अवनति (भुगतान) चरण की ओर जाने वाले ग्राहकों के लिए एक सुचारु अंत-से-अंत संक्रमण सुनिश्चित करना।
बाजार-आधारित आश्वासन: कानूनी रूप से लागू करने योग्य और बाजार-आधारित गारंटी सुनिश्चित करने के लिए नवप्रवर्तन और निपटान अवधारणाओं पर विचार-विमर्श करना।
परिचालन डिजाइन: प्रदाताओं के लिए लॉक-इन अवधि, निकासी सीमा, मूल्य निर्धारण तंत्र और शुल्क संरचना जैसे शब्दों को परिभाषित करना।
जोखिम और कानूनी निरीक्षण: मजबूत जोखिम प्रबंधन (पूंजी और सॉल्वेंसी आवश्यकताएं) स्थापित करना और भुगतान के लिए कर निहितार्थ की जांच करना, जिसके लिए ग्राहक को एनपीएस आर्किटेक्चर से बाहर निकलने की आवश्यकता नहीं होती है।
उपभोक्ता संरक्षण: गलत बिक्री को रोकने और आश्वासन की प्रकृति और बाजार आधारित गारंटी के संबंध में ग्राहकों की अपेक्षाओं को प्रबंधित करने के लिए मानकीकृत प्रकटीकरण ढांचे का विकास करना।
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पीएफआरडीए ने वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन 2026 में एमएसएमई के लिए एनपीएस आउटरीच का आयोजन किया
आरएस अनेजा, 13 जनवरी नई दिल्ली - पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने कार्यान्वयन भागीदार 'पीडब्ल्यूसी' के सहयोग से राजकोट में आयोजित दूसरे वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (वीजीआरसी) में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के बीच राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के बारे में जागरूकता निर्माण सत्र आयोजित किया।
सम्मेलन का उद्घाटन प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। वीजीआरसी कार्यक्रम लोकप्रिय वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट (वीजीजीएस) श्रृंखला का हिस्सा है, जिसे 2003 में शुरू किया गया था और यह व्यापार सहयोग, ज्ञान विनिमय और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने वाले विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त मंच के रूप में विकसित हुआ है। क्षेत्रीय सम्मेलन राज्य की क्षेत्रीय क्षमता का प्रदर्शन करेंगे, जमीनी स्तर के विकास का लाभ उठाएंगे और विकसित भारत @2047 और विकसित गुजरात @2047 के व्यापक दृष्टिकोण के साथ संरेखित होंगे।
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सोने-चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़त: 1.40 लाख रुपये के पार पहुंचा सोना, चांदी के दाम भी ऐतिहासिक स्तर पर
नई दिल्ली, 12 जनवरी (अभी) : भारतीय सर्राफा बाजार में आज यानी 12 जनवरी 2026 को सोने और चांदी की कीमतों ने इतिहास रच दिया है।
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11/01/26 |- भारत,
जनवरी की कड़ाके की ठंड में जन्नत जैसा अहसास कराएंगी ये 5 जगहें, कम बजट में उठाएं बर्फबारी का लुत्फ
दैनिक खबर (अन्नू ): आज 11 जनवरी है और उत्तर भारत सहित पूरे देश में शीतलहर का जोर है। लेकिन घूमने-फिरने के शौकीनों के लिए यही वह समय है जब पहाड़ चांदी जैसी बर्फ की चादर ओढ़ लेते हैं और मैदानों में गुनगुनी धूप का आनंद दोगुना हो जाता है। अगर आप भी इस विंटर सीजन में घर से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसी शानदार जगहों के बारे में जहाँ आपका अनुभव यादगार रहेगा।
1. कश्मीर: धरती का स्वर्ग
जनवरी के महीने में कश्मीर की खूबसूरती अपने चरम पर होती है। इस समय गुलमर्ग और पहलगाम पूरी तरह बर्फ से ढके होते हैं। अगर आप एडवेंचर के शौकीन हैं, तो गुलमर्ग में स्कीइंग और गोंडोला राइड का अनुभव आपकी रूह को खुश कर देगा। डल झील के किनारे शिकारे की सवारी और 'कहवा' की चुस्की आपके सफर में चार चांद लगा देगी।
2. औली, उत्तराखंड: स्कीइंग प्रेमियों की पहली पसंद
अगर आप बहुत ज्यादा भीड़भाड़ से दूर रहना चाहते हैं, तो उत्तराखंड का औली सबसे बेहतरीन विकल्प है। यहाँ से नंदा देवी पर्वत का साफ नजारा दिखता है। जनवरी में यहाँ की कृत्रिम झील और बर्फ से लदी ढलानें आपको स्विट्जरलैंड जैसा अहसास कराएंगी। यहाँ होमस्टे का अनुभव आपको स्थानीय संस्कृति के और करीब ले जाएगा।
3. जैसलमेर, राजस्थान: आप मरुस्थल का अनुभव
अगर आपको बहुत ज्यादा ठंड पसंद नहीं है और आप मरुस्थल का अनुभव लेना चाहते हैं, तो जैसलमेर का रुख करें। जनवरी में राजस्थान की धूप बहुत सुखद होती है। 'सैम सैंड ड्यून्स' पर ऊंट की सवारी, राजस्थानी लोक संगीत और खुले आसमान के नीचे कैंपिंग का अनुभव बेहद सुकून देने वाला होता है। यहाँ का 'गोल्डन फोर्ट' इतिहास प्रेमियों के लिए किसी खजाने से कम नहीं है।
4. मनाली और सिसु: अटल टनल के पार एक नई दुनिया
हिमाचल प्रदेश का मनाली हमेशा से पर्यटकों का पसंदीदा रहा है। लेकिन अटल टनल बनने के बाद अब आप लाहौल घाटी के 'सिसु' तक आसानी से जा सकते हैं। जनवरी में सिसु झील पूरी तरह जम जाती है, जो देखने में किसी विदेशी फिल्म के सीन जैसा लगता है। रोहतांग पास बंद होने के बावजूद सोलंग वैली में आप पैराग्लाइडिंग और स्नो स्कूटर का मजा ले सकते हैं।
5. मुनस्यारी: कुमाऊं का छिपा हुआ रत्न
भीड़भाड़ से दूर अगर आप पंचाचूली की पहाड़ियों को करीब से देखना चाहते हैं, तो मुनस्यारी जरूर जाएं। यहाँ की शांति और प्राकृतिक सुंदरता आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाएगी। ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए खलिया टॉप एक बेहतरीन विकल्प है, जहाँ जनवरी में घुटनों तक बर्फ मिल सकती है।
यात्रा के दौरान बरतें ये सावधानियां:
गर्म कपड़ों का चयन: इन दिनों तापमान शून्य से काफी नीचे जा सकता है, इसलिए थर्मल और अच्छे विंटर गियर साथ रखें।
बुकिंग: सीजन होने के कारण होटल और रिसॉर्ट्स पहले से बुक कर लें।
स्वास्थ्य: पहाड़ी इलाकों में ऊंचाई के कारण सांस लेने में दिक्कत हो सकती है, इसलिए जरूरी दवाइयां साथ रखें।
दैनिक खबर की सलाह: अपनी यात्रा की योजना मौसम विभाग के ताजा अपडेट को देखकर ही बनाएं ताकि रास्ते में कोहरे या भारी बर्फबारी के कारण होने वाली परेशानी से बचा जा सके।
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11/01/26 |- भारत,
भारतीय वायु सेना और थिंक टैंकों का महामिलन: वायु सेना स्टेशन हिंडन में 57 शोधार्थियों का विशेष दौरा
आरएस अनेजा, 11 जनवरी नई दिल्ली - प्रमुख थिंक टैंकों के 57 शोधार्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के प्रमुख अड्डे, एयर फोर्स स्टेशन हिंडन के दौरे पर एक आउटरीच कार्यक्रम के अंतर्गत पहुंचा।
प्रतिनिधिमंडल में मनोहर पर्रिकर इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस (एमपी-आईडीएसए), ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ), विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन (वीआईएफ), सेंटर फॉर एयरोस्पेस पावर एंड स्ट्रैटेजिक स्टडीज (सीएपीएसएस), सेंटर फॉर लैंड वॉरफेयर स्टडीज (सीएलएडब्ल्यूएस), नेशनल मैरीटाइम फाउंडेशन (एनएमएफ), इंडिया फाउंडेशन, सेंटर फॉर कंटेम्परेरी चाइना स्टडीज (सीसीसीएस), यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया (यूएसआई) और सेंटर फॉर जॉइंट वॉरफेयर स्टडीज (सीईएनजेओडब्ल्यूएस) के शोधार्थी शामिल थे।
इस यात्रा का उद्देश्य शोधार्थियों को भारतीय वायु सेना के कर्मियों के साथ संवाद करने, परिचालन पहलुओं को समझने और सहयोगात्मक अनुसंधान के अवसरों का पता लगाने का अवसर प्रदान करना था। हिंडन वायुसेना स्टेशन के वायु सेना प्रमुख ने विद्वानों का स्वागत किया और भारतीय वायु सेना तथा शैक्षणिक संस्थानों के बीच साझेदारी को बढ़ावा देने के प्रति अपनी उत्सुकता व्यक्त की।
शोधार्थियों को भारतीय वायु सेना के परिचालन संबंधी पहलुओं, जिनमें इसका इतिहास, क्षमताएं और उपलब्धियां शामिल हैं, के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिनिधिमंडल को भारतीय वायु सेना के कर्मियों से बातचीत करने का अवसर भी मिला, जिन्होंने विभिन्न अभियानों पर अपने अनुभव और अंतर्दृष्टि साझा कीं। यह दौरा भारतीय वायु सेना और विचारकों के बीच आपसी समझ और सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। इससे अनुसंधान परियोजनाओं और अकादमिक आदान-प्रदान के माध्यम से आगे के सहयोग के लिए भी मार्ग प्रशस्त होता है।
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रेस्तरां में 'सर्विस चार्ज' की जबरन वसूली पर लगाम: CCPA ने 27 रेस्तरां पर की सख्त कार्रवाई
आरएस अनेजा, 11 जनवरी नई दिल्ली - केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(47) के तहत अनुचित व्यापार प्रथाओं को अपनाने के लिए देश भर में 27 रेस्तरां के खिलाफ स्वतः संज्ञान लिया है ,जो सेवा शुल्क की अनिवार्य लेवी से संबंधित है।
यह कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय के 28 मार्च 2025 के फैसले के बाद की गई है जिसमें सेवा शुल्क लगाने के संबंध में सीसीपीए द्वारा जारी दिशानिर्देशों को बरकरार रखा गया था। न्यायालय ने माना कि रेस्तरां द्वारा अनिवार्य रूप से सेवा शुल्क वसूलना कानून के विरुद्ध है और कहा कि सभी रेस्तरां प्रतिष्ठानों को सीसीपीए के दिशानिर्देशों का पालन करना आवश्यक है। न्यायालय ने यह भी पुष्टि की कि सीसीपीए कानून के अनुसार अपने दिशानिर्देशों को लागू करने के लिए पूर्ण रूप से सशक्त है।
जांच से पता चला कि कैफे ब्लू बॉटल, पटना और चाइना गेट रेस्टोरेंट प्राइवेट लिमिटेड (बोरा बोरा) , मुंबई सहित कई रेस्टोरेंट, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और सीसीपीए दिशानिर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए, स्वतः ही 10 प्रतिशत सेवा शुल्क वसूल रहे थे, जिसे अब दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी बरकरार रखा है।
यह कार्रवाई राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर शुरू की गई थी, जिसमें सेवा शुल्क की जानबूझकर अतिरिक्त राशि दर्शाने वाले बिल भी शामिल थे। विस्तृत जांच से यह सिद्ध हुआ कि इस प्रकार की प्रथा अधिनियम की धारा 2(47) के अंतर्गत अनुचित व्यापार व्यवहार है।
पटना स्थित कैफे ब्लू बॉटल के मामले में , सीसीपीए ने रेस्तरां को निम्नलिखित निर्देश दिए:
उपभोक्ता को सेवा शुल्क की पूरी राशि वापस करें
सेवा शुल्क लगाने की प्रथा को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए
30,000 रुपये का जुर्माना अदा करें
मुंबई के बोरा बोरा स्थित चाइना गेट रेस्टोरेंट प्राइवेट लिमिटेड के मामले में , रेस्टोरेंट ने सुनवाई के दौरान सेवा शुल्क वापस कर दिया। सीसीपीए ने रेस्टोरेंट को आगे निम्नलिखित निर्देश दिए:
इसके सॉफ़्टवेयर-जनरेटेड बिलिंग सिस्टम को संशोधित करें ताकि जानबूझकर रूप से सेवा शुल्क या इसी तरह के किसी भी शुल्क को न जोड़ा जाए।
उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन और अनुचित व्यापार प्रथा के लिए 50,000 रुपये का जुर्माना अदा करें।
यह सुनिश्चित करें कि सार्वजनिक प्लेटफार्मों पर उपलब्ध इसकी ईमेल आईडी, अधिनियम के तहत अनिवार्य रूप से उपभोक्ता शिकायतों के प्रभावी निवारण के लिए, हर समय सक्रिय और कार्यशील बनी रहे।
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर सेवा शुल्क लगाने के संबंध में प्राप्त शिकायतों पर कड़ी निगरानी रख रहा है और उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा करने और अनुचित व्यापार प्रथाओं को रोकने के लिए नियमों का पालन न करने वाले रेस्तरां के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना जारी रखेगा।
होटल और रेस्तरां में सेवा शुल्क लगाने के संबंध में अनुचित व्यापार प्रथाओं की रोकथाम और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए सीसीपीए द्वारा 4 जुलाई 2022 को जारी किए गए दिशानिर्देशों में यह निर्धारित किया गया है कि :
कोई भी होटल या रेस्तरां खाने के बिल में स्वचालित रूप से या जानबूझकर से सेवा शुल्क नहीं जोड़ेगा।
किसी भी अन्य नाम से सेवा शुल्क नहीं लिया जाएगा।
उपभोक्ताओं को सेवा शुल्क का भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा और उन्हें स्पष्ट रूप से सूचित किया जाना चाहिए कि यह स्वैच्छिक और वैकल्पिक है।
सेवा शुल्क का भुगतान करने से इनकार करने पर प्रवेश या सेवाओं के प्रावधान पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।
बिल में सेवा शुल्क नहीं जोड़ा जाएगा और इस पर जीएसटी लागू नहीं होगा।
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11/01/26 |- भारत,
मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की तृतीय हिंदी सलाहकार समिति की हुई बैठक
आरएस अनेजा, 11 जनवरी नई दिल्ली - विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की अध्यक्षता में आज मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की तृतीय संयुक्त हिन्दी सलाहकार समिति की बैठक नई दिल्ली में सम्पन्न हुई।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभी सदस्यों का वहाँ उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वागत किया। तत्पश्चात, मंत्रालय के दोनों विभागों, मत्स्यपालन विभाग और पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से उनके यहाँ किए जा रहे राजभाषा कार्यान्वयन कार्यों के संबंध में एक प्रस्तुति की गई, जिसमें उल्लेखित प्रगति एवं प्रयासों की समिति के सदस्यों ने सराहना की।
मंत्री राजीव रंजन सिंह और मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय राज्य मंत्री प्रो एस पी सिंह बघेल ने संयुक्त रूप से इस अवसर पर पशुपालन और डेयरी विभाग तथा मत्स्यपालन विभाग की हिंदी पत्रकाओं क्रमशः सुरभि, मत्स्य भारती और मत्स्य कीर्ति तथा विभागीय शब्दावली का विमोचन किया ।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि हिंदी एक सशक्त भाषा है और हमे अपनी हीन भावना से ऊपर उठकर सरकारी और निजी कार्यो में इसका अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए,तभी हम उसे आगे बढ़ा पाएंगे।
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10/01/26 |- भारत,
ईरान में प्रदर्शन लगातार जारी
ईरान में वर्तमान स्थिति काफी तनावपूर्ण है। जनवरी 2026 की शुरुआत से ही पूरे देश में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं, जो अब अपने दूसरे सप्ताह (लगभग 14वें दिन) में प्रवेश कर चुके हैं
प्रदर्शनों की शुरुआत 28 दिसंबर 2025 को बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और ईरानी रियाल की गिरती कीमत के कारण हुई थी।
आर्थिक मुद्दों से शुरू हुआ यह आंदोलन जल्द ही सत्ता परिवर्तन की मांगों में बदल गया। प्रदर्शनकारी 'तानाशाही मुर्दाबाद' जैसे नारे लगा रहे हैं और कई जगहों पर शाह के शासन की वापसी की मांग भी देखी गई है।
प्रदर्शन ईरान के सभी 31 प्रांतों के 180 से अधिक शहरों में फैल चुके हैं। तेहरान, मशहद, इस्फहान और तबरीज़ जैसे बड़े शहरों में भारी हिंसा और झड़पें हो रहीं हैं । मानवाधिकार संगठनों (जैसे HRANA) के अनुसार, अब तक कम से कम 65 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया सरकार ने प्रदर्शनों को दबाने और सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए देशभर में इंटरनेट और फोन सेवाओं को लगभग ठप कर दिया है।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई: ईरान की सरकार ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) को तैनात किया है। सुरक्षा बलों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाने के आरोप लगे हैं, जबकि सरकार इन्हें 'आतंकवादी साजिश' बता रही है
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरानी सरकार को चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों पर सख्ती की गई, तो अमेरिका 'कड़ा प्रहार' करेगा।
मानवाधिकार प्रमुख ने मौतों पर गहरी चिंता जताई है और हिंसा की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
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08/01/26 |- भारत,
ब्रेकिंग: गुजरात के राजकोट में भूकंप की आहट: उपलेटा और जेतपुर में कांपी धरती, रिक्टर स्केल पर 3.3 रही तीव्रता
गुजरात, 08 जनवरी (अन्नू ) : गुजरात में गुरुवार की रात भूकंप के झटकों से धरती डोल गई। राजकोट जिले के उपलेटा और जेतपुर तालुका में रात के समय अचानक महसूस किए गए इन झटकों ने स्थानीय निवासियों के बीच कुछ समय के लिए भय का माहौल पैदा कर दिया। जैसे ही कंपन महसूस हुआ, घबराहट में कई लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर सुरक्षित स्थानों की ओर निकल आए। हालांकि, यह कंपन महज कुछ सेकंड का था, जिसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो गई।
भूकंप विज्ञान केंद्र (Seismology Department) द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, भूकंप की यह घटना रात लगभग 8 बजकर 43 मिनट पर दर्ज की गई। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.3 मापी गई है, जिसे कम तीव्रता की श्रेणी में रखा जाता है।
वैज्ञानिकों ने बताया कि इस भूकंप का मुख्य केंद्र (एपिसेंटर) उपलेटा से करीब 30 किलोमीटर दूर जमीन के भीतर स्थित था। तीव्रता कम होने के कारण यह एक राहत भरा पहलू रहा कि क्षेत्र से किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
प्रशासन और विशेषज्ञों का कहना है कि 3.3 तीव्रता का भूकंप आमतौर पर बड़ी तबाही का कारण नहीं बनता, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से सावधानी बरतना जरूरी है। फिलहाल पूरे प्रभावित क्षेत्र में शांति है और जान-माल के नुकसान या मकानों में दरारें आने जैसी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।
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गणतंत्र दिवस परेड 2026 में पहली बार कर्तव्य पथ पर दिखेगा भारतीय सेना का 'मल्टी-एनिमल' दस्ता
आरएस अनेजा, 7 जनवरी नई दिल्ली - भारतीय सेना के रिमाउंट एंड वेटरनरी कॉर्प्स के जानवरों का एक खास दस्ता गणतंत्र दिवस 2026 परेड मार्च में पहली बार शामिल होगा। इस दस्ते में दो बैक्ट्रियन ऊंट, चार जांस्कर टट्टू, चार शिकारी पक्षी, दस भारतीय नस्ल के आर्मी कुत्ते, साथ ही पहले से सेवा में मौजूद छह पारंपरिक मिलिट्री कुत्ते शामिल होंगे।
ये सब मिलकर भारतीय सेना के ऑपरेशनल इकोसिस्टम में परंपरा, इनोवेशन और आत्मनिर्भरता का मिश्रण का प्रदर्शन करेंगे तथा देश की सबसे मुश्किल सीमाओं की सुरक्षा में जानवरों की अहम भूमिका को उजागर करेंगे।
जानवरों का यह दस्ता गणतंत्र दिवस 2026 पर सलामी मंच के सामने से गुजरेगा जो याद दिलाएगा कि भारत की रक्षा शक्ति सिर्फ मशीनों और सैनिकों से नहीं बनी है।
दस्ते की अगुवाई मजबूत बैक्ट्रियन ऊंट करेंगे, जिन्हें हाल ही में लद्दाख के ठंडे रेगिस्तानों में ऑपरेशन के लिए शामिल किया गया है। ये ऊंट बहुत ज़्यादा ठंड, पतली हवा और 15,000 फीट से ज़्यादा ऊंचाई के लिए पूरी तरह से अनुकूल हैं। ये 250 किलोग्राम तक का बोझ उठा सकते हैं और कम पानी और चारे के साथ लंबी दूरी तय कर सकते हैं।
गौरतलब है कि रीमाउंट वेटरनरी कोर (RVC) भारतीय सेना की एक महत्वपूर्ण, ऐतिहासिक शाखा है जो घोड़ों, कुत्तों, खच्चरों और यहां तक कि ऑपरेशनल सपोर्ट के लिए इस्तेमाल होने वाले पक्षियों जैसे सभी सैन्य जानवरों की ब्रीडिंग, पालन-पोषण, ट्रेनिंग और हेल्थकेयर के लिए ज़िम्मेदार है, खासकर मुश्किल इलाकों में। RVC अधिकारी वेटरनरी ग्रेजुएट होते हैं जो जानवरों के कल्याण, बीमारी नियंत्रण और ऑपरेशनल तैयारी का प्रबंधन करते हैं, लॉजिस्टिक्स और विशेष भूमिकाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सपोर्ट सिस्टम के रूप में काम करते हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि ये जानवर चुनौतीपूर्ण माहौल में ड्यूटी के लिए फिट रहें।
सेवा जानवरों में घोड़े, कुत्ते, टट्टू, ऊंट आदि शामिल है। इसके अलावा सामरिक तैनाती के लिए जानवरों की फिटनेस सुनिश्चित करना, जिसमें ऊंचे पहाड़ी इलाके (जैसे लद्दाख के ज़ांस्कर टट्टू) और विशेष इकाइयाँ (जैसे मुधोल हाउंड) शामिल हैं।
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07/01/26 |- भारत,
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जलभराव और ब्लैक स्पॉट की समस्या को लेकर बैठक की
आरएस अनेजा, 7 जनवरी नई दिल्ली - केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राजस्थान और हरियाणा में राष्ट्रीय राजमार्ग खंड पर जलभराव और ब्लैक स्पॉट की समस्याओं के संदर्भ में आज दिल्ली में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह, हरियाणा के मंत्री राव नरबीर सिंह और अधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक में विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग-919 भिवाड़ी-धारूहेड़ा, ब्यावर-भरतपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का अलवर-भरतपुर खंड, भरतपुर एलिवेटेड, जयपुर-जोधपुर एलिवेटेड, दिल्ली-जयपुर-किशनगढ़ हाईवे के ब्लैक स्पॉट पर चर्चा की गई। साथ ही खाटू श्याम रिंग रोड पर जलभराव की समस्या पर स्थायी समाधान के संदर्भ में चर्चा की गई।
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07/01/26 |- भारत,
"अब चुटकियों में बुक करें ऐतिहासिक स्मारकों के टिकट: ASI की विरासत अब ONDC नेटवर्क पर!"
आरएस अनेजा, 7 जनवरी नई दिल्ली - भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तहत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी ) पर 170 से ज़्यादा केंद्र संरक्षित स्मारकों और संग्रहालयों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग शुरू कर दी है।
यह पहल एएसआई के स्मारकों और संग्रहालयों तक डिजिटल पहुंच को बहुत बढ़ाती है। इससे भारत और विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए देश के कुछ सबसे मशहूर विरासत स्थलों और संग्रहालयों के प्रवेश टिकट कई डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए आसानी से बुक करना आसान हो जाता है।
एएसआई के टिकटिंग सिस्टम को ओपन डिजिटल नेटवर्क पर एकीकृत करके, नागरिक और पर्यटक अलग-अलग एप्लिकेशन के ज़रिए टिकट बुक कर सकते हैं। इससे पहुंच और सुविधा बेहतर होती है, साथ ही इंटरऑपरेबल डिजिटल सिस्टम के ज़रिए सार्वजनिक सेवाओं की पारदर्शी और कुशल डिलीवरी मज़बूत होती है।
ओएनडीसी-इनेबल्ड एप्लिकेशन के ज़रिए एएसआई स्मारकों के लिए टिकट बुक करने वाले पर्यटक मौजूदा सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। इसमें भारतीय पर्यटकों के लिए ₹5 और विदेशी नागरिकों के लिए ₹50 की छूट शामिल है।
ऑनलाइन बुकिंग से पर्यटक स्मारकों और संग्रहालयों में फिजिकल टिकट की कतारों से बच सकते हैं, जिससे तेज़ी से और आसानी से एंट्री सुनिश्चित होती है।
इस इंटीग्रेशन को एनडीएमएल (NSDL डेटाबेस मैनेजमेंट लिमिटेड) ने तकनीकी रूप से संभव बनाया है, जिसने एएसआई के स्मारकों और संग्रहालयों की पूरी इन्वेंट्री को ओएनडीसी नेटवर्क पर जोड़ा है।
टिकट अभी Highway Delite (वेब, Android और iOS), Pelocal के WhatsApp-आधारित टिकटिंग अनुभव (यूज़र +91 84228 89057 पर “Hi” भेजकर बुकिंग शुरू कर सकते हैं)। यह Abhee by Mondee (Android और iOS) जैसे प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। कई और कंज्यूमर-फेसिंग एप्लिकेशन ओएनडीसी नेटवर्क के साथ एकीकरण के अलग-अलग चरणों में हैं।
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07/01/26 |प्रधानमंत्री ने भारतीय तटरक्षक जहाज (ICGS) समुद्र प्रताप के कमीशनिंग की सराहना की
आरएस अनेजा, 7 जनवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडियन कोस्ट गार्ड शिप (ICGS) समुद्र प्रताप के कमीशनिंग की सराहना करते हुए कहा कि यह भारत की समुद्री यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि इस एडवांस्ड जहाज का शामिल होना कई कारणों से खास है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कमीशनिंग रक्षा और समुद्री क्षमता में आत्मनिर्भर भारत के भारत के विजन को मजबूती देती है। उन्होंने आगे कहा कि यह देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करता है, तटीय निगरानी को बढ़ाता है और भारत के विशाल समुद्री हितों की रक्षा करता है। यह सस्टेनेबिलिटी के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को भी दिखाता है, जिसमें पर्यावरण के अनुकूल संचालन सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट किया गया है।
X पर राजनाथ सिंह की एक पोस्ट का जवाब देते हुए, श्री मोदी ने लिखा कि “इंडियन कोस्ट गार्ड शिप (ICGS) समुद्र प्रताप की कमीशनिंग कई कारणों से खास है, जिसमें यह तथ्य भी शामिल है कि यह आत्मनिर्भरता के हमारे विजन को मजबूती देता है, हमारी सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देता है और सस्टेनेबिलिटी के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाता है, और भी बहुत कुछ।”
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प्रधानमंत्री ने विशाख रिफाइनरी में रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी के चालू होने की सराहना की
आरएस अनेजा, 6 जनवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज आंध्र प्रदेश में विशाखा रिफाइनरी में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी (RUF) के सफल चालू होने की सराहना की, और इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की यात्रा में एक निर्णायक कदम बताया।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह अत्याधुनिक सुविधा आत्मनिर्भर भारत के विज़न के अनुरूप, देश की ऊर्जा स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के प्रयासों को गति देती है।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के X पर एक पोस्ट का जवाब देते हुए, मोदी ने कहा कि "यह अत्याधुनिक सुविधा ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने के हमारे प्रयासों को गति देती है, जिससे हम इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहे हैं।"
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04/01/26 |- भारत,
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का निरीक्षण किया
आरएस अनेजा, 4 जनवरी नई दिल्ली - रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का निरीक्षण करने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का दौरा किया।
निरीक्षण के दौरान, केंद्रीय मंत्री ने स्लीपर कोचों का बारीकी से निरीक्षण किया, जिसमें बैठने और सोने की व्यवस्था, आधुनिक इंटीरियर, सुरक्षा सुविधाएँ और यात्री सुविधा प्रणालियाँ शामिल थीं। ट्रेन में यात्री सुरक्षा और उपलब्ध सुविधाओं पर खास जोर दिया गया है।
इस ट्रेन में स्वचालित दरवाजे, कवच सुरक्षा प्रणाली, आधुनिक अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, कीटाणुनाशक तकनीक और सभी डिब्बों में सीसीटीवी निगरानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्वच्छता बढ़ाने और पानी के छींटे रोकने के लिए शौचालयों को खास तौर पर नई डिजाइनों के साथ तैयार किया गया है, जो यात्रियों के आराम और स्वच्छता पर भारतीय रेलवे के विशेष ध्यान को दर्शाता है।
पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन असम के गुवाहाटी और पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बीच चलेगी, जो देश में लंबी दूरी की रात्रिकालीन रेल यात्रा में एक क्रांतिकारी कदम होगा। ट्रेन के परीक्षण, जांच और प्रमाणीकरण की पूरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जनवरी में इस मार्ग पर पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे।
केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान रेल अधिकारियों से बातचीत की और ट्रेन के तकनीकी पहलुओं की समीक्षा कर इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पूरी तरह से तैयार है। ट्रेन में 16 कोच हैं, जिनमें 11 एसी थ्री-टियर कोच, चार एसी टू-टियर कोच और एक एसी फर्स्ट क्लास कोच शामिल हैं और इसमें करीब 823 यात्री सफर कर सकते हैं। उन्नत सस्पेंशन सिस्टम, एर्गोनॉमिक इंटीरियर और उच्च स्वच्छता मानकों के साथ इस ट्रेन को उत्कृष्ट यात्रा और आरामदायक बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रा करने वाले मुसाफिरों को यात्रा के दौरान क्षेत्र विशेष व्यंजनों का आनंद मिलेगा। गुवाहाटी से शुरू होने वाली ट्रेन में प्रामाणिक असमिया व्यंजन परोसे जाएंगे, जबकि कोलकाता से शुरू होने वाली ट्रेन में पारंपरिक बंगाली व्यंजन उपलब्ध होंगे, जिससे ट्रेन में एक आनंददायक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध भोजन का अनुभव होगा।
180 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार पर चलने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कम समय लेने के साथ ही आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराती है, जिससे साफ होता है कि भारतीय रेलवे यात्री-केंद्रित सेवाओं और तकनीकी नवाचार पर फोकस कर लगातार आगे बढ़ रही है।
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02/01/26 |उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन आज से तमिलनाडु के दो दिवसीय दौरे पर
आरएस अनेजा, 2 जनवरी नई दिल्ली - उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 2 और 3 जनवरी, 2026 को तमिलनाडु का दो दिवसीय दौरा करेंगे।
उपराष्ट्रपति शुक्रवार, 2 जनवरी, 2026 को चेन्नई स्थित डॉ. एम.जी.आर. शैक्षिक एवं अनुसंधान संस्थान विश्वविद्यालय के 34वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
उपराष्ट्रपति इसके बाद ताज कोरोमंडल में राम नाथ गोयनका साहित्य सम्मान समारोह में शामिल होंगे। शाम को वे चेन्नई के कलाइवनार अरंगम में आयोजित सार्वजनिक स्वागत समारोह में भाग लेंगे। इसके बाद लोक भवन में तमिलनाडु के राज्यपाल द्वारा आयोजित नागरिक स्वागत समारोह में भी वे शामिल होंगे।
उपराष्ट्रपति शनिवार, 3 जनवरी, 2026 को वेल्लोर स्वर्ण मंदिर में श्री शक्ति अम्मा की 50वीं स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होंगे। दोपहर में, वे चेन्नई के ट्रिप्लिकेन स्थित कलाइवनार अरंगम में 9वें सिद्ध दिवस समारोह में भाग लेंगे।
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राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन की बड़ी सफलता: 8 महीनों में उपभोक्ताओं को वापस दिलाए 45 करोड़ रूपए
आरएस अनेजा, 27 दिसम्बर नई दिल्ली - भारत सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग की एक प्रमुख पहल, राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच), देश भर में उपभोक्ताओं की शिकायतों के प्रभावी, समयबद्ध और मुकदमेबाजी से पहले निवारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
25 अप्रैल से 26 दिसंबर 2025 तक आठ महीने की अवधि के दौरान, हेल्पलाइन ने 31 क्षेत्रों में राशि वापिस दिलवाने के दावों से संबंधित 67,265 उपभोक्ता शिकायतों का समाधान करते हुए 45 करोड़ रुपये की राशि के वापिस दिलवाई है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत मुकदमेबाजी से पहले, एनसीएच विवादों के त्वरित, किफायती और सौहार्दपूर्ण समाधान को सक्षम बनाती है जिससे उपभोक्ता आयोगों पर बोझ कम होता है।
ई -कॉमर्स क्षेत्र में शिकायतों और वापिस दिलवाई गई राशि की मात्रा और संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई जिसमें 39,965 शिकायतों के परिणामस्वरूप 32 करोड़ रुपये की राशि वापिस दिलवाई गई। इसके बाद यात्रा और पर्यटन क्षेत्र का स्थान रहा जिसमें 4,050 शिकायतें दर्ज की गई और 3.5 करोड़ रुपये की राशि वापिस दिलवाई गई।
ई-कॉमर्स क्षेत्र से राशि वापिस दिलवाने से संबंधित शिकायतें देश के सभी हिस्सों से प्राप्त हुई जिनमें प्रमुख महानगरों से लेकर दूरस्थ और कम आबादी वाले क्षेत्र भी शामिल हैं। यह राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन की राष्ट्रव्यापी पहुंच, सुगमता और प्रभावशीलता को दर्शाता है।
ऐसे पहुंचे उपभोक्ता हेल्पलाइन तक
यह हेल्पलाइन देशभर के उपभोक्ताओं के लिए है । उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1915 के माध्यम से 17 भाषाओं में अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
व्हाट्सएप (8800001915), एसएमएस (8800001915), ईमेल (nch-ca[at]gov[dot]in), एनसीएच ऐप, वेब पोर्टल ( www.consumerhelpline.gov.in ) और उमंग ऐप शामिल हैं जो उपभोक्ताओं को लचीलापन और सुविधा प्रदान करते हैं।
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राष्ट्रपति ने ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ प्रदान किए
आरएस अनेजा, 26 दिसम्बर नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (26 दिसंबर, 2025) नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में वीरता, सामाजिक सेवा, पर्यावरण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियों के लिए बच्चों को ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ प्रदान किए।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ प्राप्त करने वाले सभी बच्चों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पुरस्कार विजेता बच्चों ने अपने परिवारों, समुदायों और पूरे देश का गौरव बढ़ाया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये पुरस्कार देश भर के सभी बच्चों को प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदान किए गए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये पुरस्कार देश के सभी बच्चों को प्रेरित करेंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि लगभग 320 वर्ष पूर्व सिख धर्म के दसवें गुरु और सभी भारतीयों द्वारा श्रृद्धेय गुरु गोविंद सिंह जी और उनके चार पुत्रों ने सत्य और न्याय के समर्थन में संघर्ष करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। श्रीमती मुर्मु ने कहा कि दो सबसे छोटे साहिबजादों की वीरता का सम्मान और आदर भारत और विदेश दोनों में किया जाता है। उन्होंने उन महान बाल नायकों को श्रद्धापूर्वक याद किया जिन्होंने सत्य और न्याय के लिए गर्व के साथ अपने प्राणों की आहुति दी।
राष्ट्रपति ने कहा कि किसी देश की महानता तब निश्चित होती है जब उसके बच्चे देशभक्ति और उच्च आदर्शों से परिपूर्ण होते हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों ने वीरता, कला एवं संस्कृति, पर्यावरण, नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सामाजिक सेवा और खेल जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि सात वर्षीय वाका लक्ष्मी प्रग्निका जैसे प्रतिभाशाली बच्चों के कारण ही भारत को विश्व पटल पर शतरंज की महाशक्ति माना जाता है। अजय राज और मोहम्मद सिदान पी, जिन्होंने अपनी वीरता और सूझबू झ से दूसरों की जान बचाई, प्रशंसा के पात्र हैं। नौ वर्षीय बेटी व्योमा प्रिया और ग्यारह वर्षीय बहादुर बेटे कमलेश कुमार ने अपने साहस से दूसरों की जान बचाते हुए अपनी प्राण गंवा दिए। दस वर्षीय श्रवण सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान युद्ध से जुड़े जोखिमों के बावजूद अपने घर के पास सीमा पर तैनात भारतीय सैनिकों को नियमित रूप से पानी, दूध और लस्सी पहुंचाई। वहीं, दिव्यांग बेटी शिवानी होसुरू उप्पारा ने आर्थिक और शारीरिक सीमाओं को पार करते हुए खेल जगत में असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं। वैभव सूर्यवंशी ने अत्यंत प्रतिस्पर्धी और प्रतिभा-समृद्ध क्रिकेट जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है और कई रिकॉर्ड स्थापित किए। श्रीमती मुर्मु ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे साहसी और प्रतिभाशाली बच्चे आगे भी अच्छे कार्य करते रहेंगे और भारत के भविष्य को उज्ज्वल बनाएंगे।
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26/12/25 |भारत ने बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या की निंदा की: 'गंभीर चिंता का विषय' विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल
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25/12/25 |अटल बिहारी वाजपेयी, भारत के रत्न
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23/12/25 |- भारत,
रक्षा मंत्री ने सड़क ढांचागत परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट संबंधी मार्गदर्शिका जारी की
आरएस अनेजा, 23 दिसम्बर नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 23 दिसंबर, 2025 को नई दिल्ली स्थित साउथ ब्लॉक में सीमा सड़क संगठन – बीआरओ द्वारा तैयार सड़क ढांचागत परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट संबंधी मार्गदर्शिका जारी की। बीआरओ देश के कुछ सबसे दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण भूभागों में राजमार्गों और रणनीतिक सड़कों का निर्माण और रखरखाव करता है और उसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में इंजीनियरिंग डिजाइन, निर्माण पद्धति, निष्पादन रणनीति, गुणवत्ता नियंत्रण और लागत विश्लेषण शामिल होते हैं।
बीआरओ ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देशों, मानकों, दिशा-निर्देशों और प्रक्रियाओं को समाहित करते हुए संक्षिप्त, व्यापक और समान संदर्भ के लिए मार्गदर्शिका विकसित की है। इसका उद्देश्य नई सड़क निर्माण परियोजना या मौजूदा सड़क अवसंरचना उन्नयन परियोजना में निर्माण के प्रत्येक चरण में इंजीनियरों की सहायता करना है।
मार्गदर्शिका का उद्देश्य अपर्याप्त रूप से तैयार डीपीआर से होने वाली समय और लागत बढ़ने की समस्याओं का समाधान करना है। इससे रिपोर्ट की गुणवत्ता और एकरूपता में उल्लेखनीय सुधार और परियोजनाओं का समय पर निष्पादन सुनिश्चित होगा जिससे व्यवस्थित योजना, तकनीकी सटीकता, गुणवत्ता और लागत-प्रभावशीलता द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक संपर्क मार्ग और सामाजिक-आर्थिक विकास में सुधार होगा।
मार्गदर्शिका जारी किये जाने के अवसर पर थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी, रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग सचिव श्री वी उमाशंकर, सीमा सड़क संगठन महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल रघु श्रीनिवासन और अन्य वरिष्ठ असैन्य एवं सैन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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22/12/25 |- भारत,
DRDO और RRU ने रक्षा और आंतरिक सुरक्षा के लिए रिसर्च, शिक्षा, ट्रेनिंग और टेक्नोलॉजी सपोर्ट में सहयोग बढ़ाने के लिए MoU पर साइन किए।
आरएस अनेजा, 22 दिसम्बर नई दिल्ली - रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU) ने रक्षा और आंतरिक सुरक्षा के लिए अनुसंधान, शिक्षा, प्रशिक्षण और प्रौद्योगिकी सहायता के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस MoU पर 22 दिसंबर, 2025 को नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में विशिष्ट वैज्ञानिक और महानिदेशक (उत्पादन समन्वय और सेवा संपर्क) डॉ. चंद्रिका कौशिक और RRU के कुलपति प्रो. (डॉ.) बिमल एन पटेल ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और DRDO के अध्यक्ष डॉ. समीर वी कामत भी उपस्थित थे।
इस MoU का उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत के राष्ट्रीय विज़न और अमृत काल के दौरान पूरे देश के दृष्टिकोण के अनुरूप, रक्षा और आंतरिक सुरक्षा प्रौद्योगिकियों में भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा तैयारियों को बढ़ाने और आंतरिक सुरक्षा में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को मजबूत करने के लिए प्रौद्योगिकी, ज्ञान और परिचालन अंतर्दृष्टि को एकीकृत करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, जो गृह मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय महत्व का एक संस्थान है और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा नामित रक्षा अध्ययन के लिए नोडल केंद्र है, आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत शैक्षणिक, प्रशिक्षण और नीति विशेषज्ञता लाता है। DRDO, जो देश का प्रमुख रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन है, सशस्त्र बलों और सुरक्षा एजेंसियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अत्याधुनिक स्वदेशी प्रौद्योगिकियां और सिस्टम-स्तरीय विशेषज्ञता प्रदान करता है।
इस MoU के तहत, दोनों संगठन संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, PhD और फेलोशिप कार्यक्रमों और सुरक्षा बलों के लिए विशेष प्रशिक्षण और क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों पर सहयोग करेंगे। इस सहयोग में उभरती परिचालन चुनौतियों पर अध्ययन, प्रौद्योगिकी अंतर विश्लेषण, भविष्य की आवश्यकताओं का पूर्वानुमान, और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और गृह मंत्रालय के तहत अन्य एजेंसियों में शामिल DRDO द्वारा विकसित प्रणालियों के जीवन-चक्र प्रबंधन भी शामिल होंगे।
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21/12/25 |आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 23–24 दिसंबर, 2025 को ‘पेसा महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया जाएगा
आरएस अनेजा, 21 दिसम्बर नई दिल्ली - पंचायती राज मंत्रालय द्वारा पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 (पेसा) के लागू होने की वर्षगांठ के अवसर पर लोक संस्कृति के उत्सव के रूप में दो दिवसीय ‘पेसा महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है।
यह महोत्सव 23 और 24 दिसंबर, 2025 को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित होगा। पेसा अधिनियम की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 24 दिसंबर को ‘पेसा दिवस’ भी मनाया जाएगा। आंध्र प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री कोनिदाला पवन कल्याण महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। पंचायती राज मंत्रालय के केंद्रीय सचिव विवेक भारद्वाज इस अवसर पर केंद्र तथा राज्य सरकारों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। इस आयोजन में पंचायत प्रतिनिधियों, खिलाड़ियों और सांस्कृतिक कलाकारों सहित सभी 10 पेसा राज्यों से लगभग 2,000 प्रतिनिधियों के भाग लेने की आशा है।
पेसा से संबंधित कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय गतिविधियों का शुभारंभ 24 दिसंबर, 2025 को किया जाएगा। इनमें सूचना के प्रभावी प्रसार और पेसा के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए पेसा पोर्टल, राज्यों में कार्यान्वयन की प्रगति का आकलन करने हेतु पेसा संकेतक, जागरूकता बढ़ाने व जमीनी स्तर पर क्षमता निर्माण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जनजातीय भाषाओं में पेसा पर प्रशिक्षण मॉड्यूल तथा हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले पर आधारित एक ई-पुस्तक शामिल है, जिसमें क्षेत्र के पारंपरिक ज्ञान, संस्कृति एवं विरासत का दस्तावेजीकरण किया गया है।
इस महोत्सव के दौरान खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों की एक समृद्ध एवं विविध श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी, जो भारत की जनजातीय विरासत की बहुरंगी विविधता एवं जीवंतता को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित करेगी। महोत्सव का मुख्य स्थल विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी परिसर होगा, जबकि विभिन्न गतिविधियां विशाखापत्तनम शहर के प्रमुख स्थलों जैसे रामकृष्ण बीच, इंडोर स्टेडियम, क्रिकेट स्टेडियम तथा कलावाणी सभागार में आयोजित की जाएंगी।
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21/12/25 |केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने सुंदरबन में बाघ और हाथी के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय रणनीतियों की समीक्षा की
आरएस अनेजा, 21 दिसम्बर नई दिल्ली - राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की 28वीं बैठक और परियोजना हाथी की 22वीं संचालन समिति की बैठक 21 दिसंबर 2025 को पश्चिम बंगाल के सुंदरबन बाघ अभ्यारण्य में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
इन बैठकों में बाघ और हाथी बहुल राज्यों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, वैज्ञानिकों और क्षेत्र विशेषज्ञों के साथ-साथ प्रमुख संरक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने परियोजना बाघ और परियोजना हाथी की प्रगति की समीक्षा करने और भारत में बाघों और हाथियों के संरक्षण के लिए भावी रणनीतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए भाग लिया।
एनटीसीए की बैठक की अध्यक्षता करते हुए, यादव ने भारत के विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त बाघ संरक्षण मॉडल पर जोर दिया और विज्ञान-आधारित प्रबंधन, भू-भाग स्तर की योजना, सामुदायिक भागीदारी, अंतर-राज्यीय समन्वय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के महत्व का उल्लेख किया।
18 अप्रैल 2025 को आयोजित 27वीं बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि की गई और उसमें लिए गए निर्णयों पर कार्रवाई रिपोर्ट की समीक्षा की गई। चार क्षेत्रीय बैठकों के परिणामों पर चर्चा की गई जिसमें बाघ अभ्यारण्यों के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों पर विशेष ध्यान दिया गया। मानव-बाघ संघर्ष से निपटने के उपायों पर चर्चा की गई जिसमें एक त्रिपक्षीय रणनीति और 'बाघ अभ्यारण्यों के बाहर बाघों का प्रबंधन' परियोजना का शुभारंभ शामिल है। कर्मचारियों की कमी, वित्तीय बाधाओं, पर्यावास क्षरण और आक्रामक प्रजातियों के प्रबंधन से संबंधित मुद्दों की भी समीक्षा की गई और राज्यों तथा संबंधित अधिकारियों को उचित अनुवर्ती कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किए गए।
इस बैठक में एनटीसीए की तकनीकी समिति की बैठकों के निर्णयों की पुष्टि की गई जिनमें बाघ संरक्षण योजनाओं की स्वीकृति; चीता परियोजना का विस्तार और विकास; बाघों का स्थानांतरण; शिकार संवर्धन; भूदृश्य प्रबंधन योजना; मांसाहारी जानवरों के स्वास्थ्य प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम; और राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की स्थायी समिति को परियोजना प्रस्तावों पर एनटीसीए द्वारा दिए गए सुझाव शामिल हैं।
7वें राष्ट्रीय वन्यजीव संरक्षण बोर्ड के निर्देशों के अनुपालन पर अद्यतन जानकारी प्रस्तुत की गई जिसमें गुजरात के गांधीसागर वन्यजीव अभ्यारण्य और बन्नी घास के मैदान में चीता परियोजना का विस्तार और कैम्पा के तहत समर्थित पहलों की प्रगति शामिल है। प्रस्तावित ग्लोबल बिग कैट समिट के लिए की जा रही तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
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20/12/25 |राष्ट्रपति ने हैदराबाद में उद्यान उत्सव के उद्घाटन की तैयारियों का जायजा लिया
आरएस अनेजा, 20 दिसम्बर नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हैदराबाद स्थित राष्ट्रपति निलयम में उद्यान उत्सव के दूसरे संस्करण के उद्घाटन की तैयारियों का जायजा लिया।
उद्यान उत्सव 3 जनवरी से 11 जनवरी, 2026 तक सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक जनता के लिए खुला रहेगा, जिसमें अंतिम प्रवेश शाम 7 बजे होगा।
उत्सव में सभी आगंतुकों के लिए प्रवेश निःशुल्क है।
नौ दिवसीय कृषि और बागवानी उत्सव का उद्देश्य सतत कृषि, बागवानी और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार जीवनशैली के बारे में जन जागरूकता को और बढ़ाना है। यह भारत की हरित परंपराओं, सतत प्रथाओं और सामुदायिक भागीदारी का उत्सव होगा।
उत्सव में पुष्प और गैर-पुष्प आकर्षणों की एक विस्तृत श्रृंखला होगी, जिसमें मौसमी फूलों की क्यारियों को बेहतर बनाना, चुनिंदा पुष्प स्थापनाएं, सेल्फी पॉइंट और उन्नत उद्यान स्थान शामिल हैं। आगंतुक कृषि और बागवानी से संबंधित विषयगत स्टालों, लाइव प्रदर्शनों, पर्यावरण अनुकूल शिल्प कार्यशालाओं और इंटरैक्टिव ज्ञान क्षेत्रों का भी पता लगा सकते हैं।
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20/12/25 |- भारत,
गृह मंत्री अमित शाह ने सशस्त्र सीमा बल जवानों और उनके परिवारों को स्थापना दिवस की बधाई दी
आरएस अनेजा, 20 दिसम्बर नई दिल्ली - केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सशस्त्र सीमा बल (SSB) के सभी जवानों और उनके परिवारों को स्थापना दिवस की बधाई दी।
एक्स प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा सशस्त्र सीमा बल (SSB) के सभी जवानों और उनके परिवारों को स्थापना दिवस की बधाई। उन्होंने कहा कि हमारी सीमाओं की रक्षा करने से लेकर संकट के समय नागरिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने तक सशस्त्र सीमा बल ने हमेशा देश को गौरवान्वित किया है। अपने कर्तव्य का पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को सलाम।
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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम का फैसला, रमेश चंद्र डिमरी और नीरजा कुलवंत कलसन होंगे हाईकोर्ट के नए जज
चंडीगढ़, 17 दिसम्बर (ए.के. वत्स) : देश की सर्वोच्च अदालत के कॉलेजियम ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के रिक्त पदों को भरने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत की अध्यक्षता में 16 दिसंबर, 2025 को हुई कॉलेजियम की बैठक में दो वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों को हाईकोर्ट जज के रूप में पदोन्नत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने अपने दो वरिष्ठतम सहयोगियों (जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस विक्रम नाथ) के साथ विचार-विमर्श करने के बाद यह निर्णय लिया। कॉलेजियम ने दोनों अधिकारियों के न्यायिक रिकॉर्ड, ईमानदारी और पेशेवर दक्षता की बारीकी से समीक्षा की। यह सिफारिश पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के कॉलेजियम द्वारा पहले भेजे गए प्रस्ताव पर आधारित है।
कॉलेजियम द्वारा जिन दो नामों को केंद्र सरकार के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेजा गया है, वे हरियाणा सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस के वरिष्ठ अधिकारी हैं:
श्री रमेश चंद्र डिमरी: वर्तमान में वरिष्ठ न्यायिक सेवा में कार्यरत श्री डिमरी ने भिवानी और जगाधरी (यमुनानगर) सहित कई जिलों में जिला एवं सत्र न्यायाधीश (District and Sessions Judge) के रूप में अपनी विशिष्ट सेवाएं दी हैं।
सुश्री नीरजा कुलवंत कलसन: मूल रूप से भिवानी के बामला गांव की रहने वाली सुश्री कलसन वर्तमान में रोहतक में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वे नूंह (मेवात) और अंबाला में भी इसी पद पर रह चुकी हैं।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 85 है। वर्तमान में यह अदालत 59 जजों के साथ कार्य कर रही है, जिससे यहाँ 26 पद रिक्त हैं। इन दो नई नियुक्तियों के बाद हाईकोर्ट की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।
कॉलेजियम की सिफारिश अब केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय को भेजी गई है। प्रक्रिया के अनुसार केंद्र सरकार इन अधिकारियों के बैकग्राउंड की जांच करेगी। इसके बाद फाइल राष्ट्रपति के पास हस्ताक्षर (Warrant of Appointment) के लिए भेजी जाएगी। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद औपचारिक अधिसूचना जारी होगी, जिसके पश्चात दोनों न्यायाधीश शपथ ग्रहण करेंगे।
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13/12/25 |गृह मंत्री अमित शाह ने 2001 में संसद पर हुए हमले में वीरगति प्राप्त करने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी
आरएस अनेजा, 13 दिसम्बर नई दिल्ली - केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हुए आतंकवादी हमले में आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले सुरक्षा बलों के जवानों को श्रद्धांजलि दी।
X पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "आज का दिन आतंकवाद के खिलाफ हमारे सुरक्षा बलों के उस अदम्य शौर्य व साहस को फिर से स्मरण करने का दिन है, जब वर्ष 2001 में विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के मंदिर, हमारे संसद भवन पर हुए कायराना आतंकी हमले को उन्होंने अपने जज्बे से नाकाम किया। आतंकियों को मुँहतोड़ जवाब देते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले सुरक्षा बलों के जवानों को नमन करता हूँ। यह राष्ट्र वीर सेनानियों के त्याग व बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।"
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12/12/25 |- भारत,
यूपीएससी ने सभी विशिष्ट दिव्यांगता वाले उम्मीदवारों के लिए 'पसंदीदा केंद्र' की सुविधा का शुभारंभ किया
आरएस अनेजा, 12 दिसम्बर नई दिल्ली - संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने दिव्यांगजनों के लिए परीक्षा की सुगमता और पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सभी दिव्यांग उम्मीदवारों को अपनी परीक्षाओं के लिए 'पसंदीदा परीक्षा केंद्र' आवंटित करने का निर्णय लिया है।
इन उम्मीदवारों को अक्सर होने वाली व्यवस्था संबंधी चुनौतियों और विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, आयोग ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि प्रत्येक दिव्यांगजन आवेदक को वही परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाए जिसे उन्होंने आवेदन पत्र में अपनी पसंदीदा पसंद के रूप में चुना है।
इस पहल की जानकारी देते हुए यूपीएससी के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने कहा कि पिछले पांच वर्षों के परीक्षा केंद्रों के आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद, हमने पाया कि दिल्ली, कटक, पटना, लखनऊ और अन्य जैसे कुछ केंद्र आवेदकों की अधिक संख्या के कारण बहुत जल्दी अपनी क्षमता की अधिकतम सीमा तक पहुंच जाते हैं। इससे दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए चुनौतियां सामने आती हैं और उन्हें ऐसे केंद्रों का चयन करने के लिए मजबूर होना पड़ता है जो उनके लिए सुविधाजनक नहीं होते। मुझे प्रसन्नता है कि इस निर्णय से अब प्रत्येक दिव्यांग उम्मीदवार को अपने पसंदीदा केंद्र का आश्वासन मिलेगा, जिससे यूपीएससी परीक्षा में शामिल होने के दौरान उन्हें अधिकतम सुविधा और सहजता सुनिश्चित होगी।
प्रत्येक केंद्र की वर्तमान क्षमता का उपयोग सर्वप्रथम दिव्यांगजनों और गैर-दिव्यांगजनों दोनों तरह के उम्मीदवारों द्वारा किया जाएगा। केंद्र के एक बार अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच जाने के बाद, यह गैर-दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए चयन हेतु उपलब्ध नहीं रहेगा; हालांकि, दिव्यांग उम्मीदवार उस केंद्र का चयन करने का विकल्प जारी रख सकेंगे। इसके बाद यूपीएससी अतिरिक्त क्षमता की व्यवस्था करेगी ताकि किसी भी दिव्यांग उम्मीदवार को उसकी पसंद के केंद्र से वंचित न किया जाए।
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12/12/25 |कष्ट निवारण समिति की बैठक में आज कई केस हल हुए और बड़ी बात रही की शिकायतकर्ताओं ने अधिकारियों का धन्यवाद किया : ऊर्जा मंत्री अनिल विज
बैठक में शिकायत के आधार पर एक मामले में पुलिस कर्मचारी को सस्पेंड किया गया है : मंत्री अनिल विज
समिति की बैठक का सिस्टम है, डीसी के माध्यम से जो केस आते है उनकी सुनवाई की जाती है और निवारण किया जाता है : अनिल विज
चण्डीगढ़, 12 दिसंबर - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज कैथल में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आज की बैठक में काफी मामलों को हल किया गया है और सबसे बड़ी बात है कि जो अलग-अलग शिकायतकर्ता थे, उन्होंने अधिकारियों का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि आज एक मामले में पुलिस कर्मचारी को सस्पेंड किया गया है।
एक प्रश्न का जवाब देते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि समिति की बैठक का एक सिस्टम है, यहां इतने सारे केस नहीं सुने जा सकते। डीसी के माध्यम से जो केस बैठक में आते है उनकी वह सुनवाई करते है और निवारण करते हैं।
वीआईपी नंबर की बोली एक करोड़ 17 लाख लगाने वाले की संपत्ति की जांच कराने के लिए कहा गया था। बोली लगाने वाले व्यक्ति की संपत्ति की जांच कराने को कहा है और यह मामला अभी चल रहा है।
वहीं, कैथल में अतिक्रमण बढ़ने के सवाल पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि इस मामले में नगर परिषद को कार्रवाई व लोगों को भी सहयोग करना चाहिए। बिना सहयोग के यह संभव नहीं है।
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मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण में हरियाणा की तेज़ प्रगति, 95 लाख रिकॉर्ड्स का मिलान पूर्ण
चंडीगढ़, 11 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री ए. श्रीनिवास ने बताया कि भारत चुनाव आयोग के दिशानिर्देशानुसार प्रदेश में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य जारी है। अब तक लगभग 95 लाख मतदाताओं का मिलान वर्ष 2002 की अंतिम विशेष गहन पुनरीक्षण सूची से किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई मतदाता स्वयं या अपने परिवार/रिश्तेदारों के विवरण को वर्तमान विधानसभा क्षेत्र की वर्ष 2002 की सूची से मिलान करना चाहता है, तो आयोग की वेबसाइट http://www.eci.gov.in/ पर उपलब्ध “Search Your Name in Last SIR” विकल्प के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकता है।
श्री ए. श्रीनिवास ने जिलावार अब तक किए गए विशेष गहन पुनरीक्षण के बारे विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अब तक फतेहाबाद में सर्वाधिक 65.14 प्रतिशत, महेंद्रगढ़ में 64.27 प्रतिशत, सिरसा में 62.65 प्रतिशत, पंचकूला में 30.77 प्रतिशत, फरीदाबाद में 21.06 प्रतिशत तथा गुड़गाव में 15.29 प्रतिशत मिलान किया जा चुका है।
उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की है कि अपनी सही सूचना अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारियों को दें। वर्तमान में बूथ लेवल अधिकारी घर—घर जाकर मिलान कार्य कर रहे हैं।
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एससी/बीसी छात्रों के लिए बड़ी खबर : छात्रवृत्ति योजना के लिए 28 फरवरी 2026 तक करें आवेदन
आरएस अनेजा, 10 दिसम्बर अम्बाला - सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अन्त्योदय (सेवा) विभाग, हरियाणा पंचकूला द्वारा अनुसूचित जाति के छात्रों हेतु पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना तथा अन्य पिछड़ा वर्ग एवं विमुक्त जनजाति (डीएनटी) के छात्रों हेतु पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (पीएम यशस्वी घटक-ाा) के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए एनएसपी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाने हैं।
जिला कल्याण अधिकारी शिशपाल महला ने बताया कि आवेदन करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन ऑनलाइन करने हेतू निर्धारित मापदंड व शर्तें निम्नानुसार है:-
उन्होंने बताया कि छात्र पीएमएस-एससी हेतु अनुसूचित जाति वर्ग से तथा पीएम यशस्वी घटक-ाा हेतु अन्य पिछड़ा वर्ग या विमुक्त जनजाति (डीएनटी) वर्ग से संबंधित होना चाहिए। छात्र के परिवार की वार्षिक आय रूपए 2.50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। छात्र का हरियाणा राज्य का निवासी होना अनिवार्य है। पात्र छात्र शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए http://scholarships.gov.in पर 28 फरवरी 2026 तक एनएसपी पोर्टल पर फ्रेश आवेदन कर सकते हैं।
योजना संबंधी विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाइट www.haryanascbc.gov.in पर उपलब्ध है। -
08/12/25 |- भारत,
वंदे मातरम: 150 साल
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IISF पंचकूला में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल: भारत तेज़ी से 6G, एआई और नवाचार आधारित भविष्य की ओर अग्रसर
चंडीगढ़, 08 दिसम्बर (अभी) : केंद्रीय ऊर्जा, आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहरलाल ने पंचकूला में आयोजित भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF) के तीसरे दिन ‘नए युग की प्रौद्योगिकियाँ - विज़न 2047’ पर पैनल चर्चा को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि नई तकनीक और नवाचार को आगे बढ़ाना और उन्हें समाज के हित में अधिक से अधिक लागू करना अब हमारे वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों की जिम्मेदारी बन गई है।
श्री मनोहर लाल ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव का आयोजन हरियाणा के पंचकूला में हो रहा है और हम सभी इस महोत्सव के साक्षी बन रहे हैं। इससे पहले भी हरियाणा को फरीदाबाद में इस महोत्सव का आयोजन करने का अवसर मिल चुका है। उन्होंने कहा कि इस फ़ेस्टिवल का उद्देश्य अकादमिक जगत और उद्योग जगत को एक मंच पर लाना है, ताकि दोनों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में विज्ञान ने बहुत तरक्की की है। विज्ञान की ही बदौलत आज दुनिया बहुत छोटी लगने लगी है। दूरसंचार के माध्यम से हम वायर और वायरलेस तकनीक का उपयोग कर एक-दूसरे से बात कर सकते हैं और दुनिया में कहीं भी बैठे व्यक्ति को देख भी सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब इससे आगे बढ़ते हुए एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) का दौर आ गया है, जिसे भविष्य की महत्वपूर्ण तकनीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि एआई टूल्स का सही उपयोग करके किसी भी समस्या का प्रभावी समाधान निकाला जा सकता है । उन्होंने कहा कि वे वैज्ञानिकों से अनुरोध करते हैं कि एआई का प्रयोग सावधानीपूर्वक और समाजहित में करें, ताकि इसका सार्थक रूप से अधिकतम लाभ उठाया जा सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज एआई का उपयोग हर क्षेत्र में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में भी इसके प्रयोग पर विशेष बल दिया गया है। स्मार्ट मीटरिंग और आवश्यकता के अनुसार बिजली उपकरणों के संचालन में एआई महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जिससे खर्च में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के अलावा आवासन के क्षेत्र में भी एआई का प्रयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। मकानों की डिजाइन इस प्रकार तैयार की जा सकती है कि वे सर्दियों में अत्यधिक ठंडे न हों और गर्मियों में बहुत गर्म न हों। इसमें एआई की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
श्री मनोहर लाल ने कहा की भारत सरकार ने 1 लाख करोड़ का अनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) कोष शुरू किया, जो एआई, क्वांटम, स्वच्छ ऊर्जा और बायोटेक जैसे रणनीतिक और उभरते तकनीकी क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए एक प्रमुख पहल है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एनआरएफ) के तहत पेशेवर निधि प्रबंधकों के माध्यम से संचालित, गहन तकनीक परियोजनाओं को वित्तपोषित करके और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देकर भारत को एक वैश्विक नवाचार केंद्र बनाना है। उन्होंने कहा कि भारत अब संचार तकनीक में 5G से आगे बढ़कर तेज़ी से 6G की ओर अग्रसर हो रहा है।
इस अवसर पर श्री मनोहर लाल ने विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर भी दिए। हरियाणा से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि हरियाणा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेज़ी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार और अनुसंधान को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री श्री मोहनलाल ने विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
इस अवसर पर अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ. वी नारायण, आईआईटीएम के निदेशक डॉ. सूर्यचंद्र राव, सीएसआईआर-सीएसआईओ के निदेशक डॉ. शांतनु भट्टाचार्य सहित अन्य पैनलिस्ट भी उपस्थित थे।
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08/12/25 |- भारत,
ऑपरेशन सागर बंधु - भारतीय नौसेना ने श्रीलंका को 1000 टन मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए चार और युद्धपोत भेजे
आरएस अनेजा, 8 दिसम्बर नई दिल्ली - श्रीलंका को तत्काल खोज एवं बचाव तथा मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) सहायता प्रदान करने के लिए शुरू किए गए ऑपरेशन सागर बंधु के तहत भारतीय नौसेना ने चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों को (एचएडीआर) सामग्री की आपूर्ति हेतु चार और जहाज– आईएनएस घड़ियाल, एलसीयू 54, एलसीयू 51 और एलसीयू 57 तैनात किए हैं।
इससे पहले आईएनएस विक्रांत, आईएनएस उदयगिरी और आईएनएस सुकन्या ने राहत सहायता तथा हेलीबोर्न एसएआर सहायता प्रदान की हैं।
ये तीन एलसीयू (लैंडिंग क्राफ्ट यूटिलिटी) 7 दिसंबर, 2025 की सुबह कोलंबो पहुंचे और श्रीलंका के अधिकारियों को महत्वपूर्ण राहत सामग्री सौंप दी। मानवीय सहायता मिशन जारी रखने के लिए आईएनएस घड़ियाल 8 दिसंबर, 2025 को त्रिंकोमाली पहुंच गया है।
1000 टन सामग्री सहित जहाजों की यह तैनाती भारत और श्रीलंका के बीच घनिष्ठ जन-जन संपर्क तथा भारतीय नौसेना की अपने आईओआर (हिंद महासागर क्षेत्र) के पड़ोसी देशों को समय पर मानवीय सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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समृद्ध आध्यात्मिक परंपराएं भारत को बना रही है विश्व गुरु : उप राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन
चंडीगढ़, 07 दिसम्बर (अभी) : भारत के उप राष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि भारत के ऋषियों, मुनियों और तपस्वियों की साधना ने विश्व को ध्यान, आत्मबल और सत्य के मार्ग पर अग्रसर किया है। राजयोग, विपस्सना और तपस्या जैसी समृद्ध आध्यात्मिक परंपराएं आज भारत को विश्व गुरु बना रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प में भी यही आध्यात्मिक शक्ति राष्ट्र का मार्गदर्शन कर रही है।
उप राष्ट्रपति रविवार को गुरुग्राम जिला के बहोड़ा कलां में स्थित ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ओम शांति रिट्रीट सेंटर के रजत जयंती वर्ष के शुभारंभ अवसर पर "शुभारंभ - रश्मियां" कार्यक्रम को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। उप राष्ट्रपति ने इस अवसर पर ओम शांति संस्थान के रजत रश्मियां के नाम से मनाए जाने वाले रजत जयंती वर्ष का शुभारंभ किया। उप राष्ट्रपति के हरियाणा आगमन पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने उनका स्वागत किया।
उप राष्ट्रपति ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ करने उपरांत अपने संबोधन में कहा कि ध्यान आत्मा, मन और शरीर को गहन शांति प्रदान करता है। ध्यान की अवस्था में सकारात्मक विचार उत्पन्न होते हैं और आंतरिक ऊर्जा का संचार होता है। इसी ध्यान की अनुभूति के बीच, समाज के विभिन्न क्षेत्रों—एविएशन, चिकित्सा, विज्ञान, प्रशासन, सामाजिक सेवा और राजनीति से आए हुए व्यक्तित्वों से परिचय हुआ, जो इस बात का प्रमाण है कि ध्यान और आध्यात्मिक शांति हर मनुष्य की आवश्यकता है।
उप राष्ट्रपति ने कहा कि धर्म का पालन शांति और विजय दोनों देता है। मन को जीतना ही सफलता का प्रथम सूत्र है—यही गीता का संदेश है। जब तक हम भीतर सकारात्मकता, विनम्रता और सेवा-भाव नहीं अपनाते, तब तक मन की शांति संभव नहीं। तमिल परंपरा के महान कवि तिरुवल्लुवर ने कहा है—मन में लाखों विचार आते हैं, पर जीवन का अगला क्षण भी निश्चित नहीं। अतः चिंता नहीं, बल्कि सद्कर्म, सद्भाव और समाज-सेवा ही मनुष्य को सच्ची शांति प्रदान करते हैं। उन्होंने मानवहित में संस्थान द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना भी की।
उप राष्ट्रपति ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा विश्व के अनेक देशों को निःशुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराना भारत की “वसुधैव कुटुम्बकम” की सनातन भावना का श्रेष्ठ उदाहरण है। खुद के लिए जीते हुए भी सबके लिए जीने की यही मानवीय सोच भारत को वैश्विक शांति, करुणा और मानवता का मार्गदर्शक बनाती है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में सदैव केवल अपने ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व के कल्याण का संदेश निहित है। उप राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि आध्यात्मिकता हमारी सबसे बड़ी शक्ति है—यह प्रत्येक मनुष्य के भीतर विद्यमान होती है, बस आवश्यकता है उसे पहचानकर जीवन में उतारने की।
जीवन का सार समझने की शक्ति है आध्यात्मिकता : राव नरबीर सिंह
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि मनुष्य के जीवन में पारस्परिक द्वेष का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। यदि हम एक-दूसरे के प्रति सद्भाव बनाए रखें, तो जीवन स्वाभाविक रूप से सहज, सुंदर और संतुलित बन जाता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता का अर्थ किसी धर्म विशेष से जुड़ना नहीं, बल्कि जीवन के सार को समझना है। जब व्यक्ति आध्यात्मिक दृष्टि विकसित करता है, तो उसके विचार, व्यवहार और दुनिया को देखने का नजरिया बदल जाता है। मन में सकारात्मकता बढ़ती है और हर परिस्थिति तथा हर व्यक्ति में अच्छाई दिखाई देने लगती है, जिससे भीतर नई ऊर्जा का संचार होता है। जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने, सही निर्णय लेने और सच्चे अर्थों में विजय प्राप्त करने के लिए आध्यात्मिक शिक्षाएं मार्गदर्शन और गहरी समझ प्रदान करती हैं।
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