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    साइबर फ्रॉड पर CBI की बड़ी कार्रवाई: अवैध SIM Box रैकेट में एयरटेल का एरिया डिस्ट्रीब्यूटर गिरफ्तार

    नई दिल्ली, 13 सितंबर (अन्‍नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने साइबर अपराधों में इस्तेमाल हो रहे अवैध सिम बॉक्स गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एयरटेल के एक एरिया डिस्ट्रीब्यूटर को गिरफ्तार किया है।

    सीबीआई (CBI) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, यह कार्रवाई बिहार के वैशाली जिले और ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले में 10 स्थानों पर की गई छापेमारी के बाद अमल में लाई गई। छापेमारी के दौरान मोबाइल, लैपटॉप और भारी मात्रा में फर्जी सिम कार्ड जब्त किए गए हैं।

    सीबीआई (CBI) प्रेस रिलीज के मुख्य बिंदु व जांच का विवरण:

    • एयरटेल डिस्ट्रीब्यूटर गिरफ्तार: सीबीआई ने महुआ, वैशाली (बिहार) के एयरटेल एरिया डिस्ट्रीब्यूटर को फर्जी तरीके से बड़ी संख्या में सिम कार्ड जारी करने और उन्हें अवैध सिम बॉक्स ऑपरेशन्स के लिए सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

    • 1300 से अधिक फर्जी सिम बरामद: पिछले साल बिहार के सुपौल जिले में एक अवैध सिम बॉक्स का पता चला था, जिसे बाद में सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया। उस ठिकाने से 1300 से अधिक सिम कार्ड बरामद हुए थे।

    • 73 साइबर क्राइम केसों से जुड़ाव: सीबीआई जांच और डेटा विश्लेषण में सामने आया कि इस सिम बॉक्स नेटवर्क का इस्तेमाल देशभर में कम से कम 73 साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए किया गया था, जिनमें 'डिजिटल अरेस्ट' (Digital Arrest) जैसे गंभीर फ्रॉड भी शामिल हैं।

    • बायोमेट्रिक धोखाधड़ी से बनाए सिम: जांच में पाया गया कि डिस्ट्रीब्यूटर ने वैशाली के एक दर्जन से अधिक पॉइंट ऑफ सेल (PoS) के क्रेडेंशियल्स का दुरुपयोग कर 700 से अधिक सिम जारी किए थे। आम नागरिकों को धोखा देकर e-KYC के दौरान बार-बार बायोमेट्रिक डेटा दर्ज कराकर उनके नाम पर फर्जी सिम निकाले गए थे।

    • BNS और IT एक्ट के तहत मामला दर्ज: बिहार सरकार द्वारा हस्तांतरित इस मामले की जांच सीबीआई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी, जालसाजी, जबरन वसूली, आईटी एक्ट (IT Act) और टेलीकम्यूनिकेशन एक्ट 2022 के तहत कर रही है।

    सीबीआई की सार्वजनिक चेतावनी:

    सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई अवधारणा नहीं है। नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है कि वे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के नाम पर पैसे मांगने वाली फर्जी कॉल या फर्जी निवेश योजनाओं के झांसे में न आएं।

    #CBI #CBIRaid #CyberFraud #SIMBoxRacket #DigitalArrest #AirtelDistributor #CyberCrime #DanikKhabar #BreakingNews

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    बीएसएफ का मानवीय चेहरा: गंगा नदी में डूब रहे 10 बांग्लादेशी नागरिकों को सुरक्षित बचाया; 30 दिन के नवजात को दिया नया जीवन

    नई दिल्ली/मालदा, 13 सितंबर (अन्‍नू): सीमा सुरक्षा बल (BSF) के सतर्क और जांबाज जवानों ने गंगा नदी के तेज बहाव में डूब रहे तीन बच्चों, तीन महिलाओं और चार पुरुषों सहित कुल 10 बांग्लादेशी नागरिकों की जान बचाकर इंसानियत की मिसाल पेश की है।

    बचाए गए लोगों में 30 दिन का एक नवजात शिशु भी शामिल था, जिसकी हालत बेहद गंभीर थी। बीएसएफ जवानों ने मौके पर ही प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां अब शिशु की हालत पूरी तरह स्थिर और सामान्य बताई जा रही है।

    रेस्क्यू ऑपरेशन का घटनाक्रम और मुख्य बिंदु:

    • बीओपी खांडुआ के पास हादसा: घटना 12 सितंबर 2026 की शाम की है। मालदा सेक्टर के अंतर्गत बीओपी (Border Out Post) खांडुआ के पास तैनात 71वीं बटालियन के जवानों ने गंगा नदी के तेज बहाव में कई लोगों को डूबते और मदद के लिए संघर्ष करते देखा।

    • स्पीड बोट से त्वरित रेस्क्यू: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बीएसएफ जवानों ने बिना समय गंवाए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और स्पीड बोट के जरिए मौके पर पहुंचे। जवानों के अथक प्रयासों से सभी 10 लोगों को नदी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    बांग्लादेश के जोहरपुर के रहने वाले हैं नागरिक:

    पूछताछ में बचाए गए लोगों ने बताया कि वे बांग्लादेश के जोहरपुर गांव के निवासी हैं और चपाई नवाबगंज से अपने गांव लौट रहे थे। पद्मा (गंगा) नदी पार करते समय अचानक उनकी नाव पलट गई और तेज बहाव में बहकर वे भारतीय सीमा की तरफ आ गए।

    BGB को सकुशल सौंपा गया:

    सभी जरूरी कागजी व प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बीएसएफ ने 10 बांग्लादेशी नागरिकों को बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) की 53वीं बटालियन के जवानों के सुपुर्द कर दिया।

    #BSF #BSFIndia #IndianArmy #HumanityFirst #RiverGanga #BorderSecurityForce #BGB #DanikKhabar #BreakingNews

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    ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से की मुलाकात

    आरएस अनेजा, 12 सितंबर, नई दिल्ली- ईरान इस्लामी गणराज्य के राष्ट्रपति, डॉ. मसूद पेज़ेश्कियान ने आज, 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति, द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।

    भारत की अपनी पहली यात्रा पर राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान का स्वागत करते हुए, राष्ट्रपति ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान ईरान से मिले समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।

    दोनों नेताओं ने ईरान और भारत के बीच लंबे समय से चले आ रहे मित्रतापूर्ण संबंधों पर चर्चा की, जिनमें दोनों देश के बीच घनिष्‍ठ सांस्‍कृतिक संबंध और लोगों के बीच आपसी संबंध शामिल हैं। राष्ट्रपति ने क्षेत्र में स्थायी शांति के प्रयासों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई और संघर्षों का समाधान संवाद तथा कूटनीति के माध्यम से किए जाने का आह्वान किया।


    #IndiaIran #DroupadiMurmu #MasoudPezeshkian #BRICS2026 #RashtrapatiBhavan #Diplomacy #DainikKhabar #BreakingNews

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    विशाखापत्तनम में पश्चिमी नौसेना कमान में कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव टेबल टॉप एक्सरसाइज संपन्न

    आरएस अनेजा, 12 सितंबर, नई दिल्ली- तीन दिवसीय टेबल टॉप एक्सरसाइज (टीटीएक्स) आज विशाखापत्तनम में पश्चिमी नौसेना कमान (ईएनसी) में सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। इसका आयोजन कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (सीएससी) के अंतर्गत किया गया। यह एक्सरसाइज 09 सितंबर 2026 को पश्चिमी नौसेना कमान के चीफ स्टाफ ऑफिसर (ऑपरेशन्स) रियर एडमिरल मनोज झा के उद्घाटन भाषण के साथ शुरू हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य 'हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में गैर-कानूनी समुद्री गतिविधियों से निपटने की समन्वित प्रतिक्रिया' विकसित करना था।

    सीएससी सदस्य देशों और पर्यवेक्षक देशों के प्रतिनिधिमंडलों और समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों ने 72 घंटों से अधिक समय तक गहन सिम्युलेटेड ऑपरेशनल परिदृश्यों पर कार्य किया। बातचीत का मुख्य केंद्र जटिल और गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटना था। इनमें समुद्री आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और अवैध, मछली पकड़ने की बिना रिपोर्ट की गई और अनियमित (आईयूयू) गतिविधि शामिल है।

    प्रतिभागियों ने मौजूदा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की समीक्षा की और सामूहिक मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस (एमडीए) को बेहतर बनाने के लिए सूचना साझा करने की व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया।

    यह एक्सरसाइज क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव देशों के सामूहिक संकल्प को दोहराती है। यह क्षेत्र की सुरक्षा और वृद्धि के लिए परस्पर एवं समग्र प्रगति यानि 'महासागर' (MAHASAGAR - Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) के विजन के अनुरूप है।


    #Visakhapatnam News #EasternNavalCommand #IndianNavy #ColomboSecurityConclave #MAHASAGAR Vision #MaritimeSecurity #DanikKhabar #BreakingNews

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    प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान फेडरल डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ इथियोपिया के प्रधानमंत्री से मुलाकात की

    आरएस अनेजा, 12 सितंबर, नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में, भारत की अध्यक्षता में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर, फेडरल डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ इथियोपिया के प्रधानमंत्री महामहिम डॉ. अबी अहमद अली से मुलाकात की।

    दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से चर्चा हुई। उन्होंने आर्थिक सहयोग, रक्षा एवं सुरक्षा साझेदारी और क्षमता विकास सहित प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। यह बैठक दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की अदीस अबाबा की ऐतिहासिक यात्रा के बाद की प्रगति पर आधारित थी।

    दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने बहुपक्षीय मंचों पर घनिष्ठ सहयोग बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इथियोपिया की भागीदारी की सराहना की और कहा कि उसकी उपस्थिति से ग्लोबल साउथ की साझी आवाज को और मजबूती मिली है।


    #PMModi #AbiyAhmedAli #IndiaEthiopia #BRICS2026 #GlobalSouth #Diplomacy #DanikKhabar #BreakingNews

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    प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान वियतनाम समाजवादी गणराज्य के प्रधानमंत्री से भेंट की

    आरएस अनेजा, 12 सितंबर, नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान वियतनाम समाजवादी गणराज्य के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग से मुलाकात की।

    प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सहयोगी देश के रूप में वियतनाम के भाग लेने का स्वागत किया। इस बैठक में दोनों राजनेताओं को द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा करने का अवसर मिला, जिन्हें वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और वियतनाम समाजवादी गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम टो लैम की मई 2026 में भारत यात्रा के दौरान बढ़ाकर उन्नत समग्र रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। दोनों नेताओं ने आपसी महत्व के विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए और अपनी साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दोहराया।

    भारत और वियतनाम की मित्रता लंबे समय से चली आ रही है, जो सभ्यता की साझा विरासत, परस्पर विश्वास और समझ पर आधारित है। वियतनाम भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति का एक प्रमुख स्तंभ है और दक्षिण पूर्व एशिया के साथ भारत के व्यापक संवाद में एक महत्वपूर्ण साझीदार है।

    #PMModi #Vietnam #BRICS2026 #ActEastPolicy #IndiaVietnam #Diplomacy #DanikKhabar #BreakingNews

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    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से अलग आबू धाबी के क्राउन प्रिंस से मुलाकात की

    आरएस अनेजा, 12 सितंबर, नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से अलग आबू धाबी के क्राउन प्रिंस महामहिम शेख खालिद बिन मोहम्मद के साथ 12 सितम्‍बर, 2026 को बैठक की।

    दोनों नेताओं ने भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के महत्व को दोहराया जो मजबूत राजनीतिक, सांस्कृतिक, वाणिज्यिक, ऊर्जा और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संबंधों पर आधारित है। उन्होंने जनवरी 2026 में यूएई के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत की सफल यात्रा तथा इसी तरह मई 2026 में प्रधानमंत्री की यूएई की यात्रा को याद किया।

    प्रधानमंत्री ने भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स में यूएई की सक्रिय और रचनात्मक भागीदारी की सराहना की। दोनों नेताओं ने भारत की अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स के अंतर्गत हुए सकारात्मक परिणामों का स्वागत किया और सहमति व्यक्त की कि दोनों देश साझा हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने तथा ब्रिक्स सहयोग को और मजबूत करने के लिए इस मंच के माध्यम से मिलकर काम करना जारी रखेंगे।

    दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी द्वारा भारत के ओडिशा में 11.5 अरब अमेरिकी डॉलर की एकीकृत ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम परियोजना के विकास में निवेश करने की घोषणा का सकारात्मक स्वागत किया। यह भारत में एल्युमिनियम क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा एकीकृत निवेश है। इस परियोजना से ओडिशा को वैश्विक एल्युमिनियम विनिर्माण केन्‍द्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    दोनों नेताओं ने माना कि यूएई के नवीनतम संप्रभु निवेश कोष के रूप में ल'इमाद भारत-यूएई साझेदारी को पारस्परिक लाभ के लिए और गहरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और नवाचार सहित रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर भी चर्चा की।

    इस यात्रा ने नियमित उच्च-स्तरीय नेतृत्व संपर्क की परंपरा तथा पीढ़ीगत निरंतरता की पुनर्पुष्टि की, जो भारत और यूएई के बीच स्थायी संबंधों का आधार है।

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    UKSSSC ग्राम पंचायत विकास अधिकारी भर्ती घोटाला: ED की बड़ी कार्रवाई; पूर्व CM के पूर्व OSD चंदन सिंह जीना के ठिकानों से ₹1.28 करोड़ की संपत्ति जब्त व फ्रीज

    देहरादून/नई दिल्ली, 12 सितंबर (अन्‍नू): प्रर्वतन निदेशालय (ED) के देहरादून उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा 2016 में आयोजित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) परीक्षा में हुई बड़े पैमाने की धांधली और भ्रष्टाचार के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई की है।

    ईडी द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, 10 सितंबर 2026 को देहरादून सहित कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व OSD रहे चंदन सिंह जीना के ठिकानों से ₹32 लाख कैश, सोने के सिक्के, सोने की चेन और 12 लग्जरी घड़ियां बरामद की गई हैं।

    घर पर भेजी जाती थीं OMR शीट्स, फिर भरी जाती थीं खाली बालियां; जानें ED प्रेस रिलीज के मुख्य बिंदु:

    • दिग्गजों व अधिकारियों के ठिकानों पर रेड: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने UKSSSC के तत्कालीन अध्यक्ष, तत्कालीन सचिव, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक, OMR प्रोसेसिंग करने वाली प्राइवेट कंप्यूटर एजेंसी के मालिक, बिचौलियों और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व OSD/PA चंदन सिंह जीना के आवासीय परिसरों पर छापेमारी की।

    • OMR शीट बदलकर धांधली का सनसनीखेज खुलासा: जांच में सामने आया कि UKSSSC की सुरक्षित कस्टडी से OMR उत्तर पुस्तिकाओं (Answer Sheets) को तत्कालीन सचिव के निजी आवास पर भेजा जाता था। वहां अधूरी/खाली छोड़ी गई OMR शीट्स के रोल नंबर नोट करके उन्हें प्राइवेट कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारियों को सौंपा जाता था, जो दलालों के जरिए रिश्वत लेकर फर्जी तरीके से उत्तर के गोले भरते और बदलते थे।

    • पूर्व OSD के ठिकाने से ₹1.28 करोड़ से अधिक की जब्ती व फ्रीज: चंदन सिंह जीना के ठिकाने से ₹32 लाख की अघोषित नकदी, 200.5 ग्राम वजन के सोने के सिक्के व चेन (13 सोने के सिक्के और 7 सोने की चेन) तथा रोलेक्स, राडो, पियागेट, मोवाडो, टिसोट और कैसीओ एडिफिस जैसी ब्रांड्स की 12 लग्जरी घड़ियां बरामद की गईं। इसके अलावा PMLA की धारा 17(1A) के तहत जीना और उनके परिजनों के बैंक खातों में मौजूद ₹52,16,312 की राशि को फ्रीज कर दिया गया है।

    • आय के स्रोतों से मेल नहीं खा रहे खर्चे: ईडी की जांच में यह भी पाया गया कि पूर्व OSD ने कैश में भी भारी खर्च किए हैं, जिनका उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से कोई हिसाब नहीं मिल पा रहा है।

    • डिजिटल सबूत और मोबाइल जब्त: छापेमारी के दौरान कई अधिकारियों व आरोपियों के मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त किए गए हैं। UKSSSC के कई पूर्व अधिकारियों और सहयोगियों के पास से भी नकदी व जेवरात मिले हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है।

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    CBI की बड़ी कार्रवाई: 1 करोड़ रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में CGST सुपरिंटेंडेंट और कंसल्टेंट गिरफ्तार; 10 लाख लेते रंगे हाथ दबोचा

    नई दिल्ली/रायगढ़, 12 सितंबर (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी के एक बड़े मामले में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) और केंद्रीय उत्पाद शुल्क, रायगढ़ के आयुक्त कार्यालय (भूमि एवं भवन अनुभाग) के अधीक्षक (सुप्रिंटेंडेंट) तथा एक CGST कंसल्टेंट को गिरफ्तार किया है।

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, दोनों आरोपियों को 10 सितंबर 2026 को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया और 11 सितंबर 2026 को सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालत ने दोनों आरोपियों को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।

    1 करोड़ रुपये की घूस का था मामला, जाल बिछाकर पकड़ा; जानें सीबीआई प्रेस रिलीज के मुख्य बिंदु:

    • रीडेवलपमेंट परियोजना की NOC के लिए मांगी घूस: सीबीआई के अनुसार, न्यू पनवेल में एक निजी रियल्टी कंपनी के प्रोजेक्ट हेड की शिकायत पर 9 सितंबर 2026 को मामला दर्ज किया गया था। कंपनी ने सेक्टर 17, न्यू पनवेल में दो इमारतों के पुनर्विकास (Redevelopment) का काम शुरू किया था, जिसमें 24 फ्लैट CGST और सेंट्रल एक्साइज रायगढ़ कमिश्नरेट के थे। आरोपी सुप्रिंटेंडेंट ने रीडेवलपमेंट के लिए NOC देने और फ्लैट सौंपने के बदले 1 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

    • किश्तों में तय हुई थी रिश्वत की रकम: शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी अधिकारी ने 10 सितंबर 2026 को 10 लाख रुपये नकद, आरोपी लोक सेवक द्वारा खरीदे गए फ्लैट के डाउनपेमेंट के रूप में 20 लाख रुपये और DG HRD CGST नई दिल्ली के अन्य अधिकारियों के लिए बाद के चरण में 70 लाख रुपये की मांग रखी थी।

    • 10 लाख रुपये लेते दबोचे गए आरोपी: सीबीआई की टीम ने 10 सितंबर 2026 को ट्रैप (जाल) बिछाया। इस दौरान आरोपी सुप्रिंटेंडेंट ने शिकायतकर्ता को रिश्वत के 10 लाख रुपये मौके पर मौजूद CGST कंसल्टेंट को सौंपने का निर्देश दिया। सीबीआई ने दोनों को वहीं रंगे हाथ धर दबोचा।

    • मामले में जांच जारी: सीबीआई ने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और अधिकारियों की भूमिका की गहनता से आगे की जांच जारी है।

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    10/09/26 |

    उपभोक्ता अधिकारों की बड़ी जीत: उपभोक्ता हेल्पलाइन ने 15 महीनों में दिलाए 105 करोड़ रुपये से अधिक के रिफंड

    आरएस अनेजा, 10 सितंबर नई दिल्ली - उपभोक्ता मामले विभाग की राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) ने 25 अप्रैल 2025 से 31 जुलाई 2026 तक की पंद्रह महीने की अवधि के दौरान 35 क्षेत्रों में 1,66,189 रिफंड से संबंधित शिकायतों का समाधान करते हुए उपभोक्ताओं को 105 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड दिलाने में सहायता की है।

    ये रिफंड मुकदमा-पूर्व चरण में दिलाए गए, जिससे उपभोक्ताओं को उपभोक्ता आयोगों का रूख किए बिना समय पर राहत प्राप्‍त करने में सहायता मिली। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन देशभर के उपभोक्ताओं के लिए शिकायत दर्ज कराने और समाधान प्राप्त करने हेतु एकल-सम्‍पर्क मंच के रूप में उभरी है।

    ई-कॉमर्स क्षेत्र में रिफंड संबंधी शिकायतों की संख्‍या सबसे अधिक रही। इस क्षेत्र में 1,00,466 शिकायतों के परिणामस्वरूप 74 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड दिलाने में सहायता की गई। इसके बाद यात्रा एवं पर्यटन क्षेत्र का स्थान रहा, जहां 10 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड दिलाने में सहायता की गई। मई 2026 से जुलाई 2026 के दौरान ई-कॉमर्स क्षेत्र में दिए गए रिफंड की राशि एक रुपये से लेकर 35,83,790 रुपये तक रहीं। इसमें विभिन्न प्रकार और अलग-अलग मूल्य वाली उपभोक्ता शिकायतें शामिल थीं।

    राष्‍ट्रीय उपभोक्‍ता हेल्‍पलाइन (एनसीएच) एक समन्‍वय-आधारित व्‍यवस्‍था के माध्यम से कार्य करती है। इसके अंतर्गत उपभोक्ताओं की शिकायतों को डिजिटल माध्‍यम से संबंधित कंपनियों को भेजा जाता है, ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका समाधान किया जा सकें। इस प्रक्रिया में उपभोक्ता की प्रतिक्रिया की निरंतर निगरानी और शिकायतों की स्थिति पर नजर रखने की व्‍यवस्‍था भी शामिल है।

    एनसीएच के माध्यम से प्राप्त रिफंड संबंधी शिकायतें देश के महानगरों के साथ-साथ दूरदराज के क्षेत्रों से भी प्राप्‍त हुई हैं। ये उपभोक्ता शिकायतों के निवारण के लिए इस मंच की देशव्‍यापी पहुंच को दर्शाता है।

    राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन उपभोक्ताओं को 17 भाषाओं में शिकायत निवारण की सुविधा प्रदान करती है। इसके लिए कई माध्‍यम उपलब्‍ध हैं-

    टोल-फ्री: 1915

    व्हाट्सएप/एसएमएस: 8800001915

    आईएनजीआरएएम पोर्टल

    ईमेल: nch-ca[at]gov[dot]in

    एनसीएच मोबाइल ऐप

    वेब पोर्टल

    उमंग ऐप

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    सहारनपुर: PNB करेंसी चेस्ट में फर्जी नोट षड्यंत्र मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई; फरार बैंक कर्मचारी अमित कुमार गिरफ्तार

    नई दिल्ली/सहारनपुर, 9 सितंबर (अन्‍नू): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करेंसी चेस्ट में जाली भारतीय मुद्रा नोटों (FICN) से जुड़ी साजिश के मुख्य आरोपी और फरार बैंक कर्मचारी अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।

    एनआईए द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी केस (RC-02/2026/NIA/LKW) में प्राथमिकी (FIR) में नामजद मुख्य अभियुक्तों में से एक है।

    PNB चेस्ट से मिले थे 17.29 करोड़ के फर्जी नोट; जानें NIA प्रेस रिलीज के मुख्य बिंदु:

    • PNB करेंसी चेस्ट से बड़ी बरामदगी: 29 अगस्त 2026 को सहारनपुर के थाना सदर बाजार को पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये के अंकित मूल्य के जाली भारतीय नोट बरामद होने की पुख्ता सूचना मिली थी।

    • बैंक के 3 कर्मचारी हुए थे निलंबित: शुरुआती जांच के दौरान बैंक के 3 कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई थी, जिसके बाद बैंक प्रबंधन द्वारा उन तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था।

    • पहले पुलिस, फिर NIA को सौंपी गई जांच: इस मामले में पहले 29 अगस्त 2026 को थाना सदर बाजार (सहारनपुर) में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 178 के तहत FIR नंबर 0431/2026 दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 3 सितंबर 2026 को इस केस को री-रजिस्टर कर जांच अपने हाथ में ले ली।

    • साजिश का पर्दाफाश करने में जुटी एजेंसी: एनआईए की टीमें इस पूरे अंतर्राष्ट्रीय/राष्ट्रीय नेटवर्क का पता लगाने और इस साजिश में शामिल अन्य सह-आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी व जांच कर रही हैं।

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    असम: अनियंत्रित डिपॉजिट घोटाले में CBI कोर्ट का बड़ा फैसला; आरोपी मोहम्मद शाकिर को 4 साल की कैद और ₹14 लाख का जुर्माना

    गुवाहाटी, 9 सितंबर (अन्‍नू): असम में निवेशकों से अनियंत्रित जमा राशि (Unregulated Deposits) एकत्र करने और हेराफेरी करने के मामले में सीबीआई अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। सीबीआई द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, गुवाहाटी स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने 7 सितंबर 2026 को मामले के मुख्य आरोपी मोहम्मद शाकिर को 4 साल के सश्रम कारावास (Rigorous Imprisonment) और 14.05 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

    शेयर बाजार में मुनाफे के नाम पर ठगी; जानें CBI प्रेस रिलीज के मुख्य बिंदु:

    • झूठे वादों से जुटाया फंड: आरोपी मोहम्मद शाकिर ने निवेशकों को शेयर बाजार में निवेश करने और उस पर गारंटीड तथा अवास्तविक रूप से ऊंचे रिटर्न देने का झूठा वादा किया था। इस लालच में आकर आम जनता ने बड़ी रकम जमा कराई, जिसके बाद उनके साथ धोखाधड़ी की गई।

    • 2024 में दर्ज हुआ था केस: सीबीआई ने इस पूरे फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद 25 अक्टूबर 2024 को मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू की थी।

    • मार्च 2026 में दाखिल हुई थी चार्जशीट: जांच पूरी करने के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने 28 मार्च 2026 को आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र (Chargesheet) दाखिल किया था।

    अदालत ने ठहराया दोषी:

    अदालत ने मामले की पूरी सुनवाई और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी मोहम्मद शाकिर को 31 अगस्त 2026 को दोषी करार दिया था। इसके बाद 7 सितंबर 2026 को उसे 4 साल की जेल और ₹14.05 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई गई।

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    मुंबई: रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस मामले में CBI का बड़ा एक्शन; 17 आरोपियों के खिलाफ दूसरी चार्जशीट दाखिल

    मुंबई, 8 सितंबर (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) मामले में मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष पहली पूरक (दूसरी) चार्जशीट दाखिल की है। सीबीआई द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, इस चार्जशीट में रिलायंस एडीए ग्रुप (Reliance ADA Group) के तीन वरिष्ठ अधिकारियों, 8 कंपनियों और 3 प्रमुख बैंकों के 6 अधिकारियों सहित कुल 17 आरोपियों के नाम शामिल किए गए हैं।

    इनमें रिलायंस एडीए ग्रुप के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर अमिताभ झुनझुनवाला, RCL के CFO अमित बापना और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के कंपनी सेक्रेटरी रमेश शेनॉय का नाम प्रमुख है।

    ₹9,280 करोड़ से अधिक के बैंक फ्रॉड और षड्यंत्र का आरोप; जानें CBI प्रेस रिलीज के मुख्य बिंदु:

    • फंड्स का डायवर्जन और बैंकों को भारी नुकसान: सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि RCFL द्वारा उधार ली गई ₹6,229.54 करोड़ की राशि को शर्तों का उल्लंघन करते हुए मध्यस्थ संस्थाओं (conduit entities) के जरिए रिलायंस एडीए ग्रुप की विभिन्न कंपनियों में डायवर्ट किया गया। इससे कंसोर्टियम बैंकों को भारी नुकसान और आरोपियों को अनुचित लाभ पहुंचा।

    • बैंकों को कुल ₹9,280 करोड़ की चपत: बैंक ऑफ महाराष्ट्र और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शिकायत पर सीबीआई ने मामला दर्ज किया था। इस पूरे मामले में सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों को कुल मिलाकर लगभग ₹9,280 करोड़ का नुकसान हुआ है।

    • अब तक 24 आरोपी चार्जशीटेड: मामले में पहली चार्जशीट 7 जुलाई 2026 को 7 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की गई थी। इस नई सप्लीमेंट्री चार्जशीट के साथ ही मामले में अब तक कंपनियों और व्यक्तियों सहित कुल 24 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।

    • बैंक अफसरों और 8 बड़ी कंपनियों पर केस: चार्जशीट में रिलायंस पावर, रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस टेलीकॉम, रिलायंस बिग एंटरटेनमेंट जैसी 8 कंपनियों तथा बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक के 6 अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। इनके खिलाफ आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act, 1988) के तहत आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी की धाराएं लगाई गई हैं।

    • सुप्रीम कोर्ट कर रहा निगरानी: सीबीआई (BSFB, दिल्ली) द्वारा दर्ज अन्य 8 प्राथमिकी (FIRs) में अब तक कुल 6 चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं और 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि इन मामलों की जांच माननीय सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जारी है।

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    कोलकाता: ED का ₹280 करोड़ से अधिक के बैंक फ्रॉड मामले में बड़ा एक्शन; 12 ठिकानों पर छापेमारी, ₹64 करोड़ की संपत्तियां फ्रीज

    कोलकाता, 8 सितंबर (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कोलकाता जोनल ऑफिस-I ने ₹280 करोड़ से अधिक के बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, 'कोहिनूर पावर प्राइवेट लिमिटेड' (KPPL) और उसके निदेशकों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत पश्चिम बंगाल भर में 12 ठिकानों पर बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

    गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) द्वारा कलकत्ता की विशेष अदालत में दर्ज शिकायत और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) के निर्देशों के आधार पर ईडी ने यह जांच शुरू की थी।

    फर्जी बैंक खातों और शेल कंपनियों के जरिए फंड की हेराफेरी; जानें ED प्रेस रिलीज के मुख्य बिंदु:

    • झूठे दस्तावेज प्रस्तुत कर लिया कर्ज: ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि KPPL कंपनी और उसके निदेशकों ने झूठी जानकारी प्रस्तुत करने, खातों की किताबों में हेरफेर करने और बैंकों के कंसोर्टियम को गुमराह कर लोन की राशि स्वीकृत करवाई। बाद में कंपनी IBC के तहत लिक्विडेशन में चली गई, जिससे बैंकों को 97.5% का भारी नुकसान हुआ और सिर्फ ₹7 करोड़ ही रिकवर हो सके।

    • 100 से अधिक शेल कंपनियां और फर्जी लेनदेन: कंपनी के प्रमोटरों विजय बोथरा और प्रशांत बोथरा द्वारा 100 से अधिक फर्जी (शेल) कंपनियों को नियंत्रित किया जा रहा था। फर्जी लेनदेन के जरिए फंड को प्रमोटरों, उनके परिजनों और डमी निदेशकों के नाम पर विदेश में निवेश करने व संपत्तियां खरीदने में डायवर्ट किया गया।

    • कोलकाता में मिली अचल संपत्तियां: जांच के दौरान कोलकाता और उसके आसपास अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) से खरीदी गई दर्जनों अचल संपत्तियों का पता चला है, जिनसे प्रमोटर लगभग ₹26 लाख प्रति माह का किराया वसूल रहे थे।

    • ₹64 करोड़ के बैंक खाते व वित्तीय शेयर फ्रीज: सर्च ऑपरेशन के दौरान 150 से अधिक शेल कंपनियों/व्यक्तियों के बैंक खातों के साथ-साथ म्यूचुअल फंड, शेयर और डेट सिक्योरिटीज को फ्रीज कर दिया गया है। इन वित्तीय संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग ₹64 करोड़ है।

    • डिजिटल साक्ष्य व दस्तावेज जब्त: ईडी की टीम ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में आपत्तिजनक डिजिटल सबूत, वित्तीय दस्तावेज और प्रॉपर्टी पेपर्स जब्त किए हैं। मामले में आगे की कानूनी जांच जारी है।

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    डिजिटल अरेस्ट साइबर क्राइम पर CBI का देशभर में बड़ा क्रैकडाउन: 20 राज्यों में 89 ठिकानों पर छापेमारी, हरियाणा के आरोपी समेत 3 गिरफ्तार

    नई दिल्ली, 5 सितंबर (अन्‍नू): देश में पांव पसार रहे डिजिटल अरेस्ट के जरिए साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोहों के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 'ऑपरेशन चक्र-VI' के तहत अब तक का सबसे बड़ा राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद सीबीआई ने 20 राज्यों में 89 स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर डिजिटल अरेस्ट सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया और 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    सीबीआई की इस कार्रवाई में बैंकिंग दस्तावेज, डिजिटल डिवाइसेज और खाते-संबंधी अहम सुराग जब्त किए गए हैं।

    करोड़ों रुपये की ठगी का खुलासा और हरियाणा कनेक्शन:

    • 3 प्रमुख मामलों में भारी ठगी:

      • BITS पिलानी मामला: पीड़िता को 3 महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ₹7.67 करोड़ ठगे गए।

      • गुजरात मामला: पीड़ित को 3 महीने तक डिजिटल अरेस्ट रखकर ₹19.24 करोड़ की ठगी की गई।

      • कर्नाटक मामला: पीड़ित को 1 महीने तक डिजिटल हिरासत में रखकर ₹15.45 करोड़ ऐंठे गए।

    • हरियाणा के आरोपी समेत 3 गिरफ्तार:

      • आकाश (निवासी हरियाणा): आरोपी के खाते में ₹1.95 करोड़ की ठगी की रकम ट्रांसफर हुई थी, जिसे उसने उसी दिन अन्य खातों में ट्रांसफर कर मनी लॉन्ड्रिंग की।

      • राजा कर्माकर (कोलकाता): इसके फर्म के खाते में ₹1.5 करोड़ की ठगी की राशि प्राप्त हुई थी।

      • ज्योति रानी: इसके खाते में ठगी की राशि क्रेडिट हुई, जिसे इसने कैश में निकालकर और अन्य खातों में भेजकर पैसों का सुराग मिटाने का प्रयास किया।

    • आगे की कार्रवाई: सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, वित्तीय व तकनीकी विश्लेषण के आधार पर बाकी फरार नेटवर्क और मास्टरमाइंड्स की तलाश जारी है।

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    05/09/26 |

    National Teachers' Award 2026: चंडीगढ़ के रवि जायसवाल और पंजाब के डॉ. दिनेश कुमार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा होंगे सम्मानित

    चंडीगढ़ , 05 सितंबर (अभिकान्त) : राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देशभर के 48 चुनिंदा शिक्षकों को 'राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार' से सम्मानित करेंगी। इन उत्कृष्ट शिक्षकों की सूची में चंडीगढ़ के साइंस टीचर रवि जायसवाल और पंजाब के पटियाला से फिजिक्स लेक्चरर डॉ. दिनेश कुमार का नाम विशेष रूप से शामिल है। इन दोनों शिक्षकों ने सरकारी स्कूलों में विज्ञान और भौतिकी (फिजिक्स) की शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित न रखकर प्रयोग, तकनीक और व्यावहारिक अनुभव से जोड़कर एक नई मिसाल कायम की है।

    चंडीगढ़ की मलोया कॉलोनी स्थित गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल में पदस्थ साइंस टीचर रवि जायसवाल ने छात्रों के लिए विज्ञान को बेहद आसान और मनोरंजक बना दिया है। उन्होंने स्कूल हॉल में टिन और थर्मोकोल जैसी बेकार सामग्रियों का उपयोग कर एक 3D गुंबद थिएटर (Dome Theater) तैयार किया, जिसका विचार उन्हें कपूरथला की साइंस सिटी से मिला था। इस थिएटर में विद्यार्थियों को अंतरिक्ष और विज्ञान से जुड़ी एनिमेशन व तस्वीरें दिखाई जाती हैं। इसके अलावा उन्होंने स्कूल परिसर में एक मौसम केंद्र भी स्थापित किया है, जहां छात्र वर्षामापी यंत्र से बारिश मापने का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करते हैं। जायसवाल की मार्गदर्शन में करीब 20 छात्र राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रदर्शनियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। वे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की पढ़ाई जारी रखने में निजी स्तर पर मदद भी करते हैं, और उनके पढ़ाए दो पूर्व छात्र वर्तमान में पंजाब यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहे हैं।

    वहीं, पंजाब से एकमात्र चयनित शिक्षक डॉ. दिनेश कुमार पटियाला के सरकारी विक्टोरिया गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल में पिछले 10 से अधिक वर्षों से फिजिक्स लेक्चरर के रूप में कार्यरत हैं। शिक्षण में 25 वर्षों का अनुभव रखने वाले 52 वर्षीय डॉ. कुमार ने कंप्यूटर प्रोग्रामिंग की मदद से एक 'वर्चुअल फिजिक्स लैब' तैयार की है। यह तकनीक उन सरकारी स्कूलों की छात्राओं के लिए वरदान साबित हो रही है, जहां महंगे लैब उपकरणों की कमी है। इसके अलावा उन्होंने दैनिक जीवन की बेकार वस्तुओं से 100 से अधिक ज़ीरो-कॉस्ट मॉडल बनाए हैं, जो जटिल वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझने में मदद करते हैं। फिजिक्स में पीएचडी धारक डॉ. दिनेश को वर्ष 2020 में पंजाब सरकार द्वारा 'स्टेट टीचर अवॉर्ड' से भी नवाजा जा चुका है। वे नियमित रूप से स्कूल समय के बाद जरूरतमंद छात्राओं को मुफ्त अतिरिक्त कक्षाएं प्रदान करते हैं।

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    टोल प्लाजा घोटाला मामला: ED ने देशभर में 14 ठिकानों पर की छापेमारी; 1.03 करोड़ कैश जब्त, फर्जी ऐप से चूना लगाने का भंडाफोड़

    नई दिल्ली, 4  सितंबर (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) के इलाहाबाद सब-जोनल कार्यालय ने टोल प्लाजा घोटाला (Toll Plaza Scam) मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है। ED की टीमों ने 2 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और दिल्ली-NCR में स्थित 14 परिसरों पर छापेमारी की।

    फर्जी मोबाइल ऐप से NHAI को लगाया जा रहा था करोड़ों का चूना

    यह मामला उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा मिर्जापुर के अतरैला टोल प्लाजा सहित देशभर के विभिन्न टोल प्लाजा पर बड़े पैमाने पर अवैध टोल वसूली को लेकर दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) पर आधारित है। जनवरी 2025 में UP पुलिस ने अतरैला शिव गुलाम टोल प्लाजा पर धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया था, जहाँ बिना FASTag या कम बैलेंस वाले वाहनों से टोल वसूलने के लिए एक अनाधिकृत मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा था। यह अवैध ऐप फर्जी रसीदें जनरेट करता था और NHAI के आधिकारिक सिस्टम से इस कलेक्शन को छिपाकर सरकार को राजस्व का भारी नुकसान पहुँचा रहा था।

    ED द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार:

    • 'Mobdata' और 'Any' ऐप का इस्तेमाल: जांच में सामने आया है कि गैर-फास्टैग वाहनों से अवैध टोल वसूली के लिए 'Mobdata' और 'Any' नाम के अनाधिकृत ऐप विकसित कर तैनात किए गए थे।

    • 100 से ज्यादा टोल प्लाजा पर फैला था जाल: जब्त डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच से पता चला है कि इस फर्जी तंत्र का इस्तेमाल देशभर के लगभग 100 टोल प्लाजा पर किया जा रहा था। डिजिटल रिकॉर्ड में करोड़ों रुपये की फर्जी टोल रसीदें दर्ज पाई गई हैं।

    • NHAI के ठेकेदारों की संलिप्तता: एनएचएआई (NHAI) द्वारा टोल वसूली के लिए सौंपी गई संस्थाओं और बिचौलियों की इस अवैध ऐप के नेटवर्क में संलिप्तता पाई गई है।

    1.03 करोड़ रुपये नकद बरामद, 8 बैंक लॉकर फ्रीज

    छापेमारी के दौरान ED ने लगभग 1.03 करोड़ रुपये नकद, खाते की किताबें, वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक से संबंधित दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। इसके अलावा 8 बैंक लॉकरों को फ्रीज कर दिया गया है। मामले में आगे की जांच और गहनता से जारी है।

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    जीव-जंतुओं की अवैध तस्करी रोकने के लिए भारत और थाईलैंड आए एक साथ; CBI ने आयोजित की दो दिवसीय 'केस कोऑर्डिनेशन' बैठक

    नई दिल्ली, 3 सितंबर (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 2 से 3 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में 'लाइव एनिमल ट्रैफिकिंग' (जीवित पशु-पक्षियों की अवैध तस्करी) पर भारत और थाईलैंड के बीच दो दिवसीय केस कोऑर्डिनेशन बैठक का आयोजन किया है। इस बैठक का सह-आयोजन इंटरपोल के एनवायर्नमेंटल सिक्योरिटी सब-डायरेक्टरेट (ENS) के समन्वय से किया जा रहा है।

    CBI द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार:

    • एशिया में बढ़ रहा पेट ट्रेड और तस्करी का ट्रेंड: दक्षिण-पूर्व एशिया और दक्षिण एशिया के बीच दुर्लभ जानवरों और पक्षियों की तस्करी का चलन तेजी से बढ़ रहा है। मुख्य रूप से हवाई मार्गों का उपयोग कर थाईलैंड, मलेशिया और इंडोनेशिया से भारत सहित दक्षिण एशियाई देशों में वन्य जीवों की तस्करी की जा रही है, जिसमें सिंगापुर का उपयोग ट्रांजिट पॉइंट के रूप में किया जाता है। इसके अलावा म्यांमार के रास्ते थाईलैंड से भूमि मार्ग का भी इस्तेमाल हो रहा है।

    • तस्करी के तरीकों और रूट्स पर चर्चा: दो दिवसीय बैठक के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधि वन्य जीवों की तस्करी के ट्रेंड, रूट, छुपाने के तरीकों और आपराधिक नेटवर्क की पहचान पर विस्तार से चर्चा कर रहे हैं।

    • ट्रांसनेशनल क्राइम है वन्य जीव तस्करी: मनोज शशिधर: कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए सीबीआई के विशेष निदेशक मनोज शशिधर ने कहा कि जीवित पशु-पक्षियों की तस्करी केवल वन्यजीव संरक्षण का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गतिविधि बन चुका है। इसमें कई बिचौलिए और देश शामिल होते हैं, इसलिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने वन्यजीव तस्करी में शामिल भगोड़ों के खिलाफ इंटरपोल नोटिस जारी करवाने के महत्व पर भी जोर दिया।

    विभिन्न भारतीय एजेंसियों और विभागों की भागीदारी

    बैठक में थाईलैंड के अधिकारियों के अलावा भारत के वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB), DRI, स्पेशल टास्क फोर्स (उत्तर प्रदेश), स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (मध्य प्रदेश), वन एवं पर्यावरण विभाग (ओडिशा) और सीबीआई के अधिकारी भाग ले रहे हैं।

    NCB-नई दिल्ली के रूप में अपनी भूमिका निभाते हुए सीबीआई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वन्यजीव तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। पिछले दो वर्षों में सीबीआई ने इंटरपोल के सहयोग से कई विदेशी अधिकार क्षेत्रों के साथ मिलकर दो क्षेत्रीय जांच व विश्लेषणात्मक बैठकों का सफल आयोजन किया है।

    #CBI #WildlifeTrafficking #IndiaThailand #INTERPOL #WildlifeProtection #CrimeNews #DanikKhabar #BreakingNews

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    छत्तीसगढ़ DMF घोटाला: ED ने मुख्य बिचौलिए सतपाल सिंह छाबड़ा को किया गिरफ्तार; कोर्ट ने भेजी 5 दिन की कस्टडी रिमांड

    छत्तीसगढ़, 3 सितंबर (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय के रायपुर जोनल ऑफिस ने छत्तीसगढ़ में हुए बहुचर्चित जिला खनिज संस्थान न्यास (District Mineral Foundation - DMF) फंड घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सतपाल सिंह छाबड़ा (पुत्र धरमपाल सिंह छाबड़ा) को 1 सितंबर 2026 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को रायपुर स्थित विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहाँ से कोर्ट ने उसे 5 दिनों की ED कस्टडी रिमांड पर भेज दिया है।

    ED द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार:

    • ACB/EOW और छत्तीसगढ़ पुलिस की FIR के आधार पर जांच: ईडी ने इस मामले की जांच रायपुर ACB/EOW और छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा DMF फंड के गबन को लेकर दर्ज की गई विभिन्न प्राथमिकियों (FIRs) के आधार पर शुरू की थी।

    • ₹9,188.20 करोड़ के फंड में हेराफेरी: वित्त वर्ष 2019-20 से 2023-24 के दौरान छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों को DMFT के तहत लगभग ₹9,188.20 करोड़ प्राप्त हुए थे। जांच में सामने आया कि अधिकारियों, बिचौलियों और विक्रेताओं के एक सुव्यवस्थित सिंडिकेट द्वारा इस राशि का बड़ा हिस्सा तय उद्देश्यों से हटाकर सप्लाई-ओरिएंटेड कार्यों में डाइवर्ट कर दिया गया, ताकि फर्जी/अत्यधिक मूल्य (Inflated Pricing) और भारी कमीशन वसूला जा सके।

    • बीज निगम के जरिए 25% से 50% तक कमीशनखोरी: फंड का एक बड़ा हिस्सा 'छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम' (बीज निगम) के माध्यम से भेजा गया। यहाँ बिचौलियों ने रेट कॉन्ट्रैक्ट होल्डर कंपनियों के वर्क ऑर्डर पर 25% से 50% तक का कमीशन वसूला। इस कमीशन राशि को वर्क ऑर्डर जारी करने और भुगतान रिलीज करवाने के एवज में लोक सेवकों (Public Servants) और प्रभावशाली व्यक्तियों तक पहुँचाया जाता था।

    • सतपाल सिंह छाबड़ा की मुख्य भूमिका: सतपाल सिंह सिंडिकेट के मुख्य बिचौलियों (Liaisoners) और वित्तीय समन्वयकों में से एक के रूप में काम कर रहा था। वह ज्यादा कमीशन देने वाले सप्लाई कार्यों की पहचान करता, चुनिंदा विक्रेताओं में प्रतिशत के आधार पर काम बांटता, वर्क ऑर्डर और पेमेंट जारी करवाता और वेंडरों से कमीशन एकत्र कर सिंडिकेट के सदस्यों में बांटता था।

    बैंक खातों में मिले ₹31 करोड़ के 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम'

    ईडी द्वारा बैंकिंग लेन-देन के विश्लेषण और दर्ज बयानों की जांच से खुलासा हुआ है कि आरोपी ने लगभग ₹31 करोड़ की अवैध कमीशन राशि प्राप्त की, जो कि अपराध की आय ('Proceeds of Crime') है। यह पूरी रकम आरोपी, उसके परिवार के सदस्यों, HUF और उसके नियंत्रण वाली संस्थाओं/कंपनियों के बैंक खातों में प्राप्त की गई थी।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए सतपाल सिंह छाबड़ा को धारा 19 PMLA के तहत गिरफ्तार किया गया है और फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।

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    NCB की बड़ी कार्रवाई: पटना में ₹4.54 करोड़ की नशीली दवाएं नष्ट; 'ड्रग-फ्री इंडिया' के संकल्प को दोहराया

    नई दिल्ली/बिहार, 3 सितंबर (अन्‍नू): नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने बिहार के पटना में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग ₹4.54 करोड़ मूल्य की जब्त नशीली दवाओं (Narcotic Drugs) को नष्ट कर दिया है। इस प्रक्रिया के तहत 4 विचारणाधीन मामलों से जुड़ी कुल 1,170.150 किलोग्राम जब्त की गई नशीली दवाओं का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया।

    ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करने और री-सर्कुलेशन रोकने की दिशा में बड़ा कदम

    इतने बड़े पैमाने पर जब्त दवाओं को नष्ट करने का मुख्य उद्देश्य नशीले पदार्थों को दोबारा बाजार या समाज में पहुँचने से रोकना और ड्रग तस्करों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है। NCB ने इस कदम के जरिए एक बार फिर देश को 'ड्रग-फ्री इंडिया' (नशा मुक्त भारत) बनाने के अपने दृढ़ संकल्प को रेखांकित किया है।

    मानस (MANAS) हेल्पलाइन पर दें नशीले पदार्थों से जुड़ी जानकारी

    NCB ने नागरिकों से अपील की है कि वे नशीली दवाओं की तस्करी या इससे जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना 'मानस' हेल्पलाइन पर साझा करें:

    • टोल-फ्री नंबर: 1933

    • गोपनीयता: सूचना देने वाले नागरिकों की पहचान पूरी तरह से गुप्त और गोपनीय रखी जाएगी।

    #NCB #DrugFreeIndia #PatnaNews #MANASHelpline #AntiDrugDrive #DanikKhabar #BreakingNews

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    बैंक धोखाधड़ी मामले में CBI कोर्ट का बड़ा फैसला: ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के पूर्व स्पेशल असिस्टेंट को 7 साल की कैद और 4.3 लाख रुपये जुर्माना

    नई दिल्ली/जयपुर, 02 सितंबर  (अन्‍नू): CBI द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, जयपुर स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने 1 सितंबर 2026 को बैंक धोखाधड़ी के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने राजस्थान के दौसा जिले में स्थित ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (लालसोट शाखा) के तत्कालीन स्पेशल असिस्टेंट मुरारी लाल मीणा को दोषी ठहराते हुए 7 साल की सश्रम कारावास (Rigorous Imprisonment) और 4,30,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

    अनाधिकृत "नो ड्यूज सर्टिफिकेट" जारी कर बैंक को पहुंचाया ₹83.69 लाख का नुकसान

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की शिकायत पर 20 दिसंबर 2017 को यह मामला दर्ज किया था। जांच में पाया गया कि आरोपी मुरारी लाल मीणा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 25 ऋण खातों पर बकाया लोन होने के बावजूद अनाधिकृत (unauthorized) "नो ड्यूज सर्टिफिकेट" जारी किए थे। इस फर्जीवाड़े के जरिए उसने बंधक (mortgaged) रखी गई सिक्योरिटीज को छुड़ाने में मदद की और बैंक को कुल 83,69,495 रुपये का वित्तीय नुकसान पहुंचाया।

    चार्जशीट और मुकदमे की सुनवाई के बाद अदालत ने सुनाया फैसला

    सीबीआई ने मामले की गहन जांच पूरी करने के बाद 28 अगस्त 2019 को आरोपी मुरारी लाल मीणा के खिलाफ आरोप-पत्र (Charge-sheet) दाखिल किया था। इसके बाद 23 जनवरी 2024 को अदालत द्वारा आरोप तय किए गए थे। पूरे मामले की सुनवाई (Trial) के बाद सीबीआई अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए यह कठोर सजा सुनाई।

    #CBINews #BankFraudCase #CBICourt #JaipurNews #Rajasthan #DausaNews #DanikKhabar #BreakingNews

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    नालागढ़ थाना आईईडी विस्फोट मामला: NIA ने तीन और आरोपियों को किया गिरफ्तार, गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर हुई 6

    हिमाचल प्रदेश, 1 सितंबर (अन्‍नू): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन में हुए आईईडी (IED) विस्फोट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 1 जनवरी 2026 की सुबह करीब 9:40 बजे नालागढ़ थाने में जांच अधिकारी के कमरे से सटी बाहरी दीवार के पास यह विस्फोट हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए NIA ने 8 मई 2026 को मामला (RC-27/2026/NIA/DLI) पुन: दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली थी।

    एनआईए द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

    NIA द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, जांच के दौरान इस आतंकी साजिश में तीन और आरोपियों की संलिप्तता पाई गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

    1. अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श कंदोलिया (निवासी मोहल्ला सिरहिंदिया, राहों, जिला एसबीएस नगर, पंजाब)

    2. करणप्रताप (निवासी मोहल्ला रोटा, राहों, जिला एसबीएस नगर, पंजाब)

    3. दिलजोत सैनी (निवासी झांसी पार्क कॉलोनी, नवांशहर रोड, राहों, जिला एसबीएस नगर, पंजाब)

    यह तीनों आरोपी पहले से ही गढ़शंकर पुलिस स्टेशन (पंजाब) में दर्ज प्राथमिकी संख्या 11/2026 के सिलसिले में हिरासत में थे, जिन्हें अब इस विस्फोट मामले में एनआईए द्वारा औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है।

    मामले में अब तक कुल 6 गिरफ्तारियां, बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने में जुटी एजेंसी

    इससे पहले NIA ने इस मामले में तीन अन्य आरोपियों—महावीर कुमार उर्फ काका, अजय मेहरा और मनप्रीत सिंह उर्फ मणी को गिरफ्तार किया था। इन नए तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही नालागढ़ विस्फोट कांड में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 6 हो गई है। एनआईए का कहना है कि इस हमले के पीछे की वृहद साजिश, आतंकी नेटवर्क और अन्य संदिग्धों की भूमिका को उजागर करने के लिए आगे की गहन जांच जारी है।

    #NIANews #HimachalPradesh #NalagarhBlast #CrimeNews #PunjabNews #DanikKhabar #BreakingNews

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    30/08/26 |

    उपराष्ट्रपति सजावटी मछली पालन के विस्‍तार के लिए रणनीतिक कार्ययोजना “मिशन रंगीन मछली 2031” जारी करेंगे

    आरएस अनेजा, 30 अगस्त नई दिल्ली - मत्स्य पालन विभाग, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सोमवार, 31 अगस्त 2026 को अगत्ती, लक्षद्वीप में भारत सरकार के मत्स्य पालन मंत्रालय का एक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर माननीय उपराष्ट्रपति “मिशन रंगीन मछली 2031”—सजावटी मत्स्य पालन के विकास के लिए रणनीतिक कार्ययोजना—जारी करेंगे।

    इस आउटरीच कार्यक्रम में केन्‍द्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह; मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी तथा पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल तथा लक्षद्वीप के माननीय प्रशासक श्री प्रफुल्ल खोड़ा पटेल की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मछली पालकों और मछुआरों, जिनमें महिला मछली पालक एवं महिला मछुआरे भी शामिल हैं, की प्रत्यक्ष भागीदारी होगी। इसके अलावा, सरकार के मत्स्य पालन विभाग, लक्षद्वीप सरकार, मत्स्य पालन क्लस्टर तथा संबंधित मंत्रालयों और विभागों के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में भाग लेंगे।

    देश की विशाल समुद्री संपदा के बावजूद भारत के व्यापक समुद्री संसाधनों का अभी भी काफी हद तक उपयोग नहीं हो पाया है। 11,099 किलोमीटर लंबी तटरेखा, 22 लाख वर्ग किलोमीटर के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (ईईजैड) और 53.1 लाख टन की अनुमानित समुद्री मत्स्य क्षमता के साथ भारत में सतत मत्स्य पालन, गहरे समुद्र में मछली पकड़ने, समुद्री जलीय कृषि (मैरिकल्चर) और नीली अर्थव्यवस्था के विकास की अपार संभावनाएं हैं। लक्षद्वीप इस अप्रयुक्त क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण है। यहां लगभग 4 लाख वर्ग किलोमीटर का अनन्य आर्थिक क्षेत्र (ईईजैड) है, जो भारत के कुल ईईजैड का लगभग 17 प्रतिशत है, तथा 4,200 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला लैगून है। यह विशाल और संसाधन-संपन्न समुद्री इकोसिस्‍टम उच्च-मूल्य वाले मत्स्य संसाधनों के दोहन, मैरिकल्चर के विस्तार, तटीय आजीविकाओं के सृजन तथा सतत नीली अर्थव्यवस्था के विकास को गति देने की महत्वपूर्ण संभावनाएं प्रदान करता है।

    सरकार मत्स्य पालन क्षेत्र में एकीकृत और मूल्य श्रृंखला-आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर-आधारित दृष्टिकोण अपना रही है। इसी रणनीति के अनुरूप, लक्षद्वीप को समुद्री शैवाल की खेती, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और बाजार संपर्क को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित समुद्री शैवाल क्लस्टर के रूप में अधिसूचित किया गया है। लक्षद्वीप के द्वीप समुद्री सजावटी मत्स्य संसाधनों से भी समृद्ध हैं, जो समुद्री इकोसिस्‍टम के संरक्षण के साथ-साथ सतत पालन, निर्यात और आजीविका सृजन की महत्वपूर्ण संभावनाएं प्रदान करते हैं।

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    बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई अदालत ने 13 दोषियों को सुनाई 5 साल की सजा, लगा 1.56 लाख रुपये का जुर्माना

    नई दिल्ली, 30 अगस्त (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, इंदौर स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में 13 निजी व्यक्तियों को दोषी ठहराते हुए 5 साल के सश्रम कारावास और कुल 1.56 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

    फर्जी दस्तावेज और फर्जी पहचान से लिया था 3 करोड़ से अधिक का लोन

    सीबीआई की प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह मामला 30 मार्च 2012 को यूको बैंक (इंदौर) के डिप्टी जोनल मैनेजर की शिकायत पर दर्ज किया गया था। आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर तीसरे पक्ष की जमीनों को बंधक बनाकर और काल्पनिक पहचान का सहारा लेकर लोन सुविधाएं प्राप्त की थीं। इसके अलावा, सब-रजिस्ट्रार के फर्जी हस्ताक्षर वाले फर्जी बिक्री विलेख (Forged Sale Deeds) और फर्जी एसडीएम राजस्व डायवर्जन आदेश जमा करके बैंक को 3 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाया था।

    10 चार्जशीट के बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला

    जांच पूरी होने के बाद, सीबीआई ने 20 दिसंबर 2013 को 10 चार्जशीट दाखिल की थीं। अदालत ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए ट्रायल की प्रक्रिया शुरू की और सुनवाई पूरी होने के बाद सभी 13 आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। सजा पाने वालों में अनिल पटेल, मनमोहन यादव, कैलाश यादव, मोना यादव, दीपक यादव, आशीष पटेल, तुलसीराम यादव, मोहन यादव, रजनी यादव, संदीप यादव, सतीश पटेल (पाटिल), कल्पना पटेल और राधा यादव शामिल हैं।

    #CBI #BankFraud #IndoreNews #CBICourt #Justice #CrimeNews #DanikKhabar #BreakingNews

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    केंद्रीय खेल मंत्री ने मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह का नेतृत्व किया

    आरएस अनेजा, 29 अगस्त, नई दिल्ली- आज देश ने महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की 121वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया, जिनका भारतीय खेल जगत में योगदान प्रेरणा का एक चिरस्थायी स्रोत बना हुआ है।

    नई दिल्ली में, केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की उपस्थिति में, इंडिया गेट स्थित मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में एक विशेष खेल कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    इस वर्ष का राष्‍ट्रीय खेल  दिवस समारोह राष्ट्रव्यापी 'एक घंटा खेल के मैदान में' पहल पर केंद्रित रहा, जो नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं को, खेल और शारीरिक गतिविधि के लिए कम से कम एक घंटा समर्पित करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

    कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्रियों द्वारा मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुआ। सुबह 8:00 बजे से ही सैकड़ों प्रतिभागियों ने विभिन्न खेल और फिटनेस गतिविधियों में भाग लेकर समारोह में हिस्सा लिया।

    इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि राष्ट्रव्यापी 'एक घंटा खेल के मैदान में' पहल का उद्देश्य फिट इंडिया मूवमेंट को मजबूत करना और लोगों को खेलों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

    उन्होंने कहा, "मेजर ध्यानचंद की 121वीं जयंती के अवसर पर, जिसे राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है, 'फिट इंडिया मूवमेंट' को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रव्यापी 'एक घंटा खेल के मैदान में' कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।"

    डॉ. मांडविया ने कहा  “देश भर में लाखों युवा हर गली में और हर मैदान में एक घंटे खेलने के लिए सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि मोदी जी के नेतृत्व में देश बदल रहा है, देश आगे बढ़ रहा है, एक नए भारत का निर्माण हो रहा है”।

    उन्होंने कहा, “मोदी जी के नए भारत के निर्माण के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए, हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि हर कोई स्वस्थ रहे, समाज तंदुरुस्त हो। यही हमें एक समृद्ध राष्ट्र बनने में मदद करेगा। आइए हम सभी हर सप्ताह एक घंटा खेल के मैदान में बिताएं और अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें।”

    अर्जुन राम मेघवाल ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में नियमित खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डाला।

    उन्होंने कहा, “खेल हमेशा से मेरे जीवन का हिस्सा रहे हैं, कबड्डी और फुटबॉल से लेकर लगभग हर दिन बैडमिंटन खेलने तक। मेरा निजी आदर्श वाक्य है 'सुबह संगीत और शाम को खेल'। खेलों में नियमित रूप से भाग लेने से हम शारीरिक रूप से चुस्त, स्वस्थ और मानसिक तनाव से मुक्त रहते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी जी द्वारा राष्ट्रीय खेल दिवस पर खेलों के लिए एक घंटा समर्पित करने का आह्वान भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह 'हम फिट तो इंडिया फिट' पहल का समर्थन करता है और एक विकसित राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”


    क्रिकेट, फुटबॉल और रस्साकशी जैसी गतिविधियों का आयोजन भागीदारी, टीम भावना और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए किया गया था।


    एक क्रिकेट प्रतियोगिता में चार टीमें शामिल थीं — मिनिस्ट्री इलेवन, एसएआई इलेवन, मीडिया इलेवन और इन्फ्लुएंसर्स इलेवन।

    डॉ. मनसुख मांडविया के नेतृत्व वाली मिनिस्‍ट्री इलेवन जिसमें खेल विभाग के सचिव हरि रंजन राव तथा मंत्रालय के अधिकारी शामिल थे, ने शुरूआती क्रिकेट मैच में मीडिया इलेवन पर शानदार जीत हासिल की। ​​इन्फ्लुएंसर्स इलेवन में प्रमुख सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और फिट इंडिया एंबेसडर शामिल थे।

    मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह ने मेजर ध्यानचंद की अमर विरासत को श्रद्धांजलि अर्पित की और देश भर में खेल, फिटनेस और सक्रिय जीवन शैली की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

    #NationalSportsDay #MajorDhyanChand #FitIndiaMovement #MansukhMandaviya #ArjunRamMeghwal #SportsIndia #DanikKhabar #BreakingNews

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    DHFL लोन फ्रॉड मामला: ED ने 51.75 करोड़ रुपये किए फ्रीज, यूके की संपत्ति बेचने और विदेशी ट्रांजैक्शन का खुलासा

    नई दिल्ली, 29 अगस्त (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, निदेशालय की मुख्यालय जांच इकाई ने 19 अगस्त 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत एक बड़ी तलाशी कार्रवाई की। यह कार्रवाई M/s दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (DHFL) और उसके प्रवर्तकों द्वारा किए गए बड़े लोन फ्रॉड से जुड़ी जारी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में की गई है।

    34,615 करोड़ रुपये के नुकसान और बैंक धोखाधड़ी का मामला

    ED की जांच सीबीआई (CBI), AC-VI, नई दिल्ली द्वारा दर्ज एक FIR के आधार पर शुरू हुई थी, जो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 17 बैंकों के कंसोर्टियम की ओर से दर्ज शिकायत पर आधारित थी। आरोपी कपिल वाधवान और धीरज वाधवान ने कंसोर्टियम बैंकों से कुल 42,871.42 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधाएं प्राप्त कर धोखाधड़ी की साजिश रची। लोन की रकम को DHFL के खातों में हेरफेर और गबन के जरिए इधर-उधर किया गया, जिससे कंसोर्टियम बैंकों को लगभग 34,615 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ।

    यूके की संपत्ति और फर्जी लोन एग्रीमेंट के जरिए हेरफेर

    जांच में यह बात सामने आई कि कपिल वाधवान की पत्नी वनीता वाधवान के नाम पर यूनाइटेड किंगडम (UK) में स्थित 'हर्टमोर हाउस' (Hurtmore House) नामक संपत्ति को फर्जी देनदारी दिखाकर कई लेन-देन के माध्यम से ठिकाने लगाया गया। इसके लिए M/s अल जालोर ट्रेडिंग FZE और वनीता वाधवान के बीच एक कथित लोन समझौता तैयार कर यूके की संपत्ति को बंधक रखा गया था। इस पूरे अरेंजमेंट का मकसद विदेश में मौजूद संपत्ति का इस्तेमाल कर भारत में DHFL लोन फ्रॉड से जुड़ी देनदारी को निपटाना था।

    51.75 करोड़ रुपये फ्रीज और दस्तावेज जब्त

    उक्त संपत्ति को साल 2026 में बेच दिया गया था और बिक्री से मिली राशि को पंजीकृत मालिक के बजाय भारत में M/s अल जालोर ट्रेडिंग FZE के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। ED ने सर्च ऑपरेशन के दौरान M/s अल जालोर ट्रेडिंग FZE के बैंक खाते की जांच की और उसमें मौजूद अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) के लगभग 5.41 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 51.75 करोड़ रुपये) को PMLA की धारा 17(1A) के तहत फ्रीज कर दिया है। कार्रवाई के दौरान कई अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज और रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं तथा मामले की आगे की जांच जारी है।

    #DHFL #EDAction #EDPressRelease #MoneyLaundering #KapilWadhawan #FinancialFraud #PMLA #BreakingNews #DanikKhabar

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    राष्ट्रीय खेल दिवस: पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को दी बधाई; मेजर ध्यानचंद को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    आरएस अनेजा, 29 अगस्त, नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर सभी खेल प्रेमियों को शुभकामनाएं दीं। मोदी ने कहा कि खिलाड़ियों का समर्पण, जुनून और दृढ़ संकल्प पूरे राष्ट्र को गौरवान्वित करता है।

    प्रधानमंत्री ने महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद जी को भी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनकी प्रतिभा और भारतीय हॉकी में जिनका योगदान आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है।

    मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया:

    हर खेल प्रेमी को… आपका समर्पण, जुनून और दृढ़ संकल्प सभी को गौरवान्वित करता है।

    हम महान मेजर ध्यानचंद जी को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिनकी प्रतिभा पीढ़ियों को प्रेरित करती है।

    #NationalSportsDay”

    #NationalSportsDay #NarendraModi #MajorDhyanChand #IndianSports #HockeyLegend #DanikKhabar #BreakingNews

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    ओडिशा: सीबीआई ने डाकघर बचत धोखाधड़ी मामले में 11 साल से फरार पूर्व शाखा पोस्ट मास्टर को किया गिरफ्तार

    भुवनेश्वर/बरगढ़, 28 अगस्त (अन्‍नू): केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने डाकघर बचत धोखाधड़ी मामले में लंबे समय से फरार चल रही तत्कालीन शाखा पोस्ट मास्टर शब्दा स्वैन को ओडिशा के बरगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई की टीम ने आरोपी को उस समय दबोचा जब वह एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने आई थी।

    फर्जी पासबुक एंट्री कर किया ₹13.98 लाख का गबन:

    • कब का है मामला: आरोपी शब्दा स्वैन वर्ष 2008 से 2014 के दौरान ओडिशा के बोंडा स्थित डाकघर में शाखा पोस्ट मास्टर के पद पर तैनात थी।

    • गबन का तरीका: आरोप है कि उसने अपने कार्यकाल के दौरान जमाकर्ताओं से एकत्रित ₹13,98,232 की राशि का गबन किया। उसने ग्राहकों की पासबुक में फर्जी प्रविष्टियां (Fake Entries) कीं और आधिकारिक अभिलेखों में जमा राशि का कोई हिसाब दर्ज नहीं किया।

    • 2015 से चल रही थी फरार: सीबीआई, एसीबी भुवनेश्वर ने मामले में चार्जशीट दायर की थी (मामला संख्या आरसी 17(ए)/2014-बीबीएस), जिसके बाद आरोपी 31 दिसंबर 2015 से ही फरार चल रही थी। वर्ष 2022 में उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी किया गया था।

    • अदालत में पेशी: गिरफ्तारी के बाद सीबीआई आरोपी को भुवनेश्वर की सक्षम अदालत में पेश कर रही है।

    #CBIRaid #OdishaNews #PostalScam #CBIAction #CrimeNews #DanikKhabar #BreakingNews

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    दिल्ली: स्पेशल सेल का 'ऑपरेशन समीरा'; ISI जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़, SIM कार्ड और सैन्य जानकारियां भेजने वाला दंपती गिरफ्तार

    नई दिल्ली, 28 अगस्त (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज ने देश विरोधी गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 'ऑपरेशन समीरा' के तहत पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI समर्थित जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सीमा पार जासूसी करने के आरोप में सराय काले खां निवासी 25 वर्षीय साहिल और उसकी 21 वर्षीय पत्नी समीरा (नोएडा में कॉल सेंटर कर्मी) को गिरफ्तार किया है।

    जांच में सामने आया है कि यह दंपती साल 2024 से लगातार पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में था और भारत की सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील सामरिक जानकारियां कराची व इस्लामाबाद भेज रहा था।

    दुबई के रास्ते भेजे 8 SIM कार्ड; छावनियों की रेकी का खुलासा:

    • दुबई के रास्ते पाकिस्तान पहुंचे SIM: कपल ने स्थानीय स्तर पर 8 भारतीय SIM कार्ड खरीदे, जिन्हें 2024 और 2025 के बीच दुबई के गुप्त रास्तों के जरिए पाकिस्तान स्थित ISI हैंडलर्स तक पहुंचाया गया। इसके बदले उन्हें ₹30,000 मिले थे। इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल पाकिस्तान से भारतीय WhatsApp अकाउंट चालू करने और संवेदनशील ग्रुप्स में घुसपैठ के लिए किया गया।

    • सैन्य इलाकों की निगरानी और जानकारी लीक: आरोपी साहिल को देश के विभिन्न राज्यों में स्थित छावनी (कैंटोनमेंट) क्षेत्रों की रेकी करने, तस्वीरें जुटाने और सेना के कोर्ट-मार्शल मामलों का सामना कर रहे जवानों की जानकारी पाकिस्तान भेजने की जिम्मेदारी मिली हुई थी।

    • इंस्टाग्राम से हुई शुरुआत: साहिल 2024 में इंस्टाग्राम के जरिए समीरा के माध्यम से एक पाकिस्तानी एजेंट से जुड़ा था। पैसों के लालच में आकर दोनों जासूसी नेटवर्क के सक्रिय सदस्य बन गए।

    • फोरेंसिक जांच में खुली पोल: स्पेशल सेल ने सराय काले खां स्थित चांद बीबी कैंप से पहले साहिल को पकड़ा। मोबाइल की फोरेंसिक जांच में चैट सामने आने के बाद उसकी पत्नी समीरा को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके फोन में कई संदिग्ध चैट व कॉल रिकॉर्डिंग मिली हैं।

    #DelhiPolice #SpecialCell #OperationSamira #ISINetwork #DelhiNews #NationalSecurity #DanikKhabar #BreakingNews

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    27/08/26 |

    प्रधानमंत्री जन धन योजना ने देश के वित्तीय समावेशन परिदृश्य को बदलने के 12 वर्ष पूरे किए

    आरएस अनेजा, 27 अगस्त नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 28 अगस्त, 2014 को अपने पहले कार्यक्रमों में से एक के रूप में शुरू की गई प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) ने 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं।

    प्रधानमंत्री जन धन योजना के इन 12 वर्षों में देश के वित्तीय परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव आया है। यह योजना विश्व स्तर पर वित्तीय समावेशन की दिशा में एक मिसाल बन गई है। विश्व की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन पहल के रूप में प्रधानमंत्री जन धन योजना सभी भारतीयों के लिए बैंकिंग तक पहुंच को लगातार नया रूप दे रही है।

    वित्त मंत्रालय सशक्त वित्तीय समावेशन योजनाओं और प्रयासों के माध्यम से हाशिए पर पड़े और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों को सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री जन धन योजना यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक बैंकिंग सुविधा से वंचित व्‍यक्तियों को बैंक खाता मिले—जिसमें न्यूनतम शेष राशि की कोई आवश्यकता नहीं है और कोई रखरखाव शुल्क नहीं है।

    प्रत्येक खाते के साथ एक निःशुल्क रुपे डेबिट कार्ड मिलता है, जिसमें 2 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा कवर शामिल है, जो डिजिटल लेनदेन और वित्तीय सुरक्षा को बढ़ावा देता है। खाताधारकों को 10,000 रुपए तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा भी मिलती है, जो आपातस्थिति में सुरक्षा प्रदान करती है।

    प्रधानमंत्री जन धन योजना खातों ने जन सुरक्षा योजनाओं, जैसे पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना और पीएम सुरक्षा बीमा योजना के माध्यम से असंगठित क्षेत्र के लाखों श्रमिकों को जीवन और दुर्घटना बीमा प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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    मुजफ्फरनगर: रक्षाबंधन से पहले खाद्य विभाग का बड़ा प्रहार; 10 क्विंटल मिलावटी मावा नष्ट, 900 किलो खतरनाक सामान जब्त

    मुजफ्फरनगर, 27 अगस्त (अन्‍नू): रक्षाबंधन के त्योहार के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने मिलावटखोरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। बीते मंगलवार देर रात करीब 1:30 बजे छपार थाना क्षेत्र में खाद्य विभाग की टीम ने एक मावा भट्टी पर अचानक छापेमारी की। इस दौरान भारी मात्रा में बेहद अस्वच्छ माहौल में तैयार किया जा रहा मिलावटी मावा और उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाले खतरनाक केमिकल बरामद किए गए।

    कार्रवाई के दौरान मौके की गंभीरता को देखते हुए टीम ने लगभग 10 क्विंटल (1,000 किलोग्राम) मिलावटी मावा तुरंत नष्ट करवा दिया, जिसकी बाजार कीमत करीब ₹2 लाख आंकी गई है।

    सेलखड़ी, वनस्पति और हाइड्रो मिलाकर तैयार हो रहा था 'धीमा जहर':

    • अस्वच्छ माहौल और खतरनाक मिलावट: जांच अधिकारियों के अनुसार, मावे का वजन, गाढ़ापन और सफेदी बढ़ाने के लिए उसमें सेलखड़ी, वनस्पति, SMP, ईसबगोल और हाइड्रो जैसे हानिकारक पदार्थों की मिलावट की जा रही थी, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।

    • साढ़े 4 लाख रुपये का सामान जब्त: भट्टी से कुल 900 किलोग्राम मिलावट सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग ₹4.5 लाख है:

      • 648 किग्रा SMP (मूल्य लगभग ₹2,00,000)

      • 176 किग्रा वनस्पति (मूल्य लगभग ₹37,678)

      • 43 किग्रा इंटरस्ट्रेटिफाइड फैट (मूल्य लगभग ₹10,000)

    • 10 लीगल सैंपल लैब भेजे गए: खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने भट्टी से कुल 10 लीगल सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं।

    • बिना लाइसेंस चल रही थी भट्टी, सील: खाद्य अधिकारी अर्चना धीरान ने बताया कि आरोपी कारोबारी टिंकू बिना किसी वैध खाद्य लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के यह भट्टी संचालित कर रहा था। नियमों के उल्लंघन पर आरोपी के खिलाफ संबंधित थाने में सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है तथा भट्टी को पूरी तरह सील कर दिया गया है।

    खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

    #MuzaffarnagarNews #UPNews #FSDACrackdown #AdulterationCheck #FoodSafety #DanikKhabar #BreakingNews #FestivalSafety

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    आगरा: रक्षाबंधन से पहले मिलावटखोरों पर बड़ा प्रहार; MP से लाया जा रहा 7,000 लीटर मिलावटी दूध नष्ट, मावा सीज

    आगरा, 27 अगस्त (अन्‍नू): रक्षाबंधन के त्योहार को देखते हुए आगरा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने मिलावटखोरों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। त्योहार से ठीक पहले शहर में मिलावटी दूध, मावा और कृत्रिम पनीर की आवक रोकने के लिए विभाग की टीमों ने बुधवार तड़के बड़ा अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान मध्य प्रदेश से लाया जा रहा 7,000 लीटर मिलावटी दूध नष्ट कराया गया, वहीं फतेहाबाद से भारी मात्रा में मिलावटी मावा सीज किया गया।

    खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम जनता से अपील की है कि त्योहारों पर मिठाई या दूध-मावा खरीदते समय सतर्क रहें और जांच-परखकर ही खरीदारी करें।

    तड़के 4 बजे सैंया टोल प्लाजा पर कार्रवाई; कई नामी दुकानों से लिए गए सैंपल:

    • सैंया टोल प्लाजा पर कार्रवाई: बुधवार सुबह करीब 4 बजे FSDA की टीम ने सैंया टोल प्लाजा पर मध्य प्रदेश के मुरैना से आ रहे दूध के टैंकर को रोका। चालक रामनिवास कोई वैध दस्तावेज या बिल पेश नहीं कर सका। टीम ने सैंपल लेकर करीब ₹1.75 लाख कीमत का 7,000 लीटर मिलावटी दूध मौके पर ही नष्ट करवा दिया।

    • फतेहाबाद में मावा जब्त: नाथूपुर (फतेहाबाद) स्थित श्री श्यामू सिंह के प्रतिष्ठान पर छापेमारी कर टीम ने 145 किग्रा मिलावटी मावा और 52 किग्रा वनस्पति जैसा संदिग्ध पदार्थ सीज किया।

    • प्रसिद्ध प्रतिष्ठानों पर छापेमारी:

      • खंदारी: बीकानेर स्वीट्स से घेवर और मेवा बाटी का सैंपल।

      • तोता का ताल: नीरज डेरी से घी का नमूना।

      • किशोरपुरा: केदारी डेरी से घेवर का सैंपल।

      • अछनेरा: लाल सिंह हलवाई के यहां से मावा लड्डू का नमूना।

    • 16 सैंपल लैब भेजे गए: सहायक आयुक्त (खाद्य) महेंद्र प्रताप ने बताया कि दिनभर चले अभियान में कुल 16 सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेजे गए हैं। त्योहार पर मांग 40 से 55 फीसदी बढ़ने के कारण मुरैना (MP) और राजाखेड़ा-धौलपुर (राजस्थान) से बड़े पैमाने पर मिलावटी सामान की सप्लाई की कोशिश की जाती है, जिस पर विभाग की पैनी नजर है।

    #AgraNews #UPNews #FSDACrackdown #AdulterationCheck #FoodSafety #AgraPolice #DanikKhabar #BreakingNews

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    25/08/26 |

    पब्लिकेशन डिवीज़न ने FIP एक्सीलेंस इन बुक प्रोडक्शन अवार्ड्स 2026 में 7 सम्मान जीते

    आरएस अनेजा, 25 अगस्त नई दिल्ली - भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग को 'फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स (FIP) अवार्ड्स फॉर एक्सीलेंस इन बुक प्रोडक्शन 2026' में प्रकाशन के क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए सात पुरस्कार मिले हैं। विभाग की हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू भाषाओं की पत्रिकाओं, किताबों और संदर्भ प्रकाशनों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया गया है।

    प्रकाशन विभाग के महानिदेशक डॉ. धीरज ककड़िया ने पुरस्कार जीतने वाली किताबों और पत्रिकाओं के संपादकों को सम्मानित किया और इस उपलब्धि से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी।

    इस मौके पर डॉ. धीरज ककड़िया ने कहा, "प्रकाशन विभाग को मिले सात पुरस्कार इसके अधिकारियों और कर्मचारियों की सामूहिक कड़ी मेहनत, समर्पण और बेहतरीन काम का सबूत हैं। यह सम्मान हमें उच्च गुणवत्ता वाला, विश्वसनीय और उपयोगी कंटेंट प्रकाशित करने के लिए और प्रेरित करता है। प्रकाशन विभाग हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में बेहतरीन किताबें और पत्रिकाएं पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनमें ज्ञान, साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रीय विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विचार और दृष्टिकोण शामिल हों।"

    उन्होंने आगे कहा कि विभाग द्वारा प्रकाशित किताबें और पत्रिकाएं राष्ट्रीय विकास, ज्ञान और विज्ञान, साहित्य, संस्कृति, कला और समसामयिक मुद्दों से जुड़ी विविध और मूल्यवान सामग्री पाठकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

    इन सात पुरस्कारों में चार दूसरे पुरस्कार और तीन तीसरे पुरस्कार शामिल हैं। यह उपलब्धि प्रकाशन के क्षेत्र में बेहतरीन काम, संपादकीय गुणवत्ता और कंटेंट की विविधता के प्रति प्रकाशन विभाग की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

    दूसरे पुरस्कार पाने वाले प्रकाशन

    'भारत 2026' (हिंदी) को 'संदर्भ पुस्तकें – हिंदी' श्रेणी में दूसरा पुरस्कार मिला।

    'विंग्स टू अवर होप्स – वॉल्यूम 2' को 'सामान्य और व्यापार पुस्तकें – अंग्रेजी' श्रेणी में दूसरा पुरस्कार मिला।

    'योजना – जुलाई 2026' (हिंदी), जिसका विषय 'विकसित भारत@2047' था, को 'पत्रिकाएं और हाउस मैगजीन – हिंदी' श्रेणी में दूसरा पुरस्कार मिला।

    'कुरुक्षेत्र – 1952 से ग्रामीण विकास मासिक पत्रिका' को 'पत्रिकाएं और हाउस मैगजीन – अंग्रेजी' श्रेणी में दूसरा पुरस्कार मिला।

    तीसरे पुरस्कार पाने वाले प्रकाशन

    'धरती की सेहत' को 'बच्चों की किताबें (सामान्य रुचि) (0-10 वर्ष) – हिंदी' श्रेणी में तीसरा पुरस्कार मिला।

    'रंगोली रूप सुर लय की' को 'कला और कॉफी टेबल पुस्तकें – हिंदी' श्रेणी में तीसरा पुरस्कार मिला। 'आजकल उर्दू' – जुलाई 2026 को भारतीय भाषाओं (उर्दू) की पत्रिकाओं और हाउस मैगज़ीन श्रेणी में तीसरा पुरस्कार मिला।

    ये पुरस्कार विश्वसनीय, जानकारीपूर्ण और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध सामग्री प्रकाशित और प्रसारित करने में 'पब्लिकेशन डिवीज़न' की भूमिका को और मजबूत करते हैं। यह सम्मान डिवीज़न को पाठकों के लिए प्रामाणिक और जन-केंद्रित सामग्री वाली उच्च-गुणवत्ता वाली किताबें, पत्रिकाएं और संदर्भ प्रकाशन लाने के काम को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

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    अहमदाबाद: ईडी की बड़ी कार्रवाई; सयोना कलर्स बैंक फ्रॉड केस में ₹9.19 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

    अहमदाबाद/नई दिल्ली, 25 अगस्त (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED), अहमदाबाद जोनल ऑफिस ने बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मेसर्स सयोना कलर्स प्राइवेट लिमिटेड (M/s Sayona Colors Private Limited) और अन्य से जुड़ी ₹9.19 करोड़ की चल और अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क (Provisionally Attached) किया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है।

    ईडी की जांच सीबीआई (CBI, BS&FB मुंबई) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। एफआईआर में मेसर्स सयोना कलर्स प्राइवेट लिमिटेड (SCPL), इसके निदेशक परेश डी. पटेल, मेसर्स शामरॉक केमी प्राइवेट लिमिटेड और इसके निदेशकों पर बैंकों के साथ ₹71.88 करोड़ की धोखाधड़ी करने और फर्जी समझौतों के जरिए फंड को सिस्टर कंसर्न (संबद्ध कंपनियों) में डायवर्ट करने का आरोप है।

    फर्जी समझौते, लेटर ऑफ क्रेडिट का दुरुपयोग और सर्कुलर राउटिंग:

    • फंड्स का डायवर्जन: ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि सयोना कलर्स प्राइवेट लिमिटेड (SCPL) ने लोन की राशि का इस्तेमाल अपने प्रमोटरों और ग्रुप कंपनियों के नाम पर संपत्तियां खरीदने के लिए किया।

    • क्रेडिट लिमिट बढ़ाने की धोखाधड़ी: कंपनी ने लेटर ऑफ क्रेडिट (Letter of Credit) सुविधाओं का दुरुपयोग कर लोन फंड को ग्रुप कंपनियों में ट्रांसफर किया। साथ ही, फर्जी समझौतों और सर्कुलर राउटिंग (आपसी लेनदेन) का सहारा लेकर बैंकों को क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के लिए गुमराह किया।

    • अटैच की गई संपत्तियां: कुर्क की गई संपत्तियों में लोन के पैसों से सीधे खरीदी गई 4 कृषि भूमियां, फिक्स्ड डिपॉजिट्स (Term Deposits), 2 औद्योगिक भूमियां, एक रिहायशी फ्लैट और दो डिमैट खातों में मौजूद इक्विटी शेयर्स शामिल हैं।

    ईडी के मुताबिक, इस मामले में यह दूसरा कुर्की आदेश जारी किया गया है। इसके साथ ही इस केस में कुल कुर्की का मूल्य बढ़कर ₹9.62 करोड़ हो गया है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।

    #EDAction #BankFraud #EDAhmedabad #PMLA #SayonaColors #CrimeNews #FinancialFraud #DanikKhabar #BreakingNews

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    जम्मू-कश्मीर: क्रॉस-बॉर्डर आतंकी साजिश पर NIA का बड़ा प्रहार; 5 जिलों में 10 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

    श्रीनगर, 23 अगस्त (अन्‍नू): जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से रची जा रही आतंकवादी साजिशों और उनके स्थानीय मददगारों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने व्यापक कार्रवाई की है। एनआईए ने 22 अगस्त 2026 को श्रीनगर, कुपवाड़ा, अनंतनाग, पुलवामा और बडगाम जिलों के 10 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।

    यह कार्रवाई पाकिस्तान स्थित आतंकी आकाओं और उनके स्थानीय ओजीडब्ल्यू नेटवर्क के बीच साठगांठ की गहन जांच के सिलसिले में की गई है, जो घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों को रसद, आश्रय और अन्य सहायता प्रदान कर रहे थे।

    हैंड ग्रेनेड व कारतूस की बरामदगी से शुरू हुई थी जांच; कई महत्वपूर्ण सबूत जब्त:

    • मामले की पृष्ठभूमि: यह मामला श्रीनगर के जाकूरा थाने में दर्ज एफआईआर (No. 0024/2026) से संबंधित है। 31 मार्च 2026 की देर रात एक नाका चेकिंग के दौरान प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक ओजीडब्ल्यू को गिरफ्तार किया गया था, जिसके पास से एक हैंड ग्रेनेड और जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। बाद में एनआईए ने इस केस को दोबारा दर्ज कर (RC-02/2026/NIA/JMU) जांच अपने हाथ में ली।

    • छापेमारी का उद्देश्य: एनआईए की टीमों ने साजिश, हथियारों व विस्फोटकों की आपूर्ति, आतंकियों के छिपने और उनके वित्तीय लेनदेन (Financial Trail) से जुड़े नए डिजिटल उपकरणों और आपत्तिजनक दस्तावेजों को सुरक्षित कब्जे में ले लिया है।

    • नेटवर्क ध्वस्त करने की तैयारी: शुरुआती जांच से स्पष्ट हुआ है कि पाकिस्तानी हैंडलर स्थानीय सहयोगियों के जरिए रेकी, पनाह देने और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने का काम कर रहे थे। एजेंसी का कहना है कि जब्त साक्ष्यों के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।

    #NIARaid #JammuKashmir #Srinagar #TerrorConspiracy #LashkarETaiba #KashmirNews #DanikKhabar

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    महाराष्ट्र: 23 साल से फरार आरोपी रूप सिंह को सीबीआई ने किया गिरफ्तार; 1998 के गबन मामले में था वांछित

    महाराष्ट्र, 22 अगस्त (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 1998 के एक आपराधिक गबन मामले में पिछले 23 वर्षों से फरार चल रहे उद् घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) रूप सिंह को 21 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला लगभग ₹9 लाख मूल्य के माल (सामान) की चोरी और आपराधिक गबन से जुड़ा हुआ है।

    यह मामला 4 अक्टूबर 1998 को अमलानेर पुलिस स्टेशन, महाराष्ट्र में दर्ज एफआईआर (क्र. 178/1998) से शुरू हुआ था। आरोप था कि 27 सितंबर 1998 को दो ट्रक चालकों, बाबू खान और असलम खान ने दो ट्रकों में लदे हुए घी और मूंग दाल के सामान का गबन कर चोरी कर ली थी। बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने 25 फरवरी 2002 के आदेश के तहत इस मामले की जांच सीबीआई को ट्रांसफर करने के निर्देश दिए थे।

    2010 में कोर्ट ने घोषित किया था भगोड़ा; दूसरा मुख्य आरोपी 2025 में हुआ था गिरफ्तार:

    • सीबीआई की चार्जशीट: सीबीआई ने 5 अप्रैल 2002 को मामला दर्ज कर जांच शुरू की और 19 दिसंबर 2003 को अमलानेर के जेएमएफसी (JMFC) कोर्ट में रूप सिंह, अर्जुन सिंह, बाबू खान और असलम खान के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

    • जमानत के बाद हुए थे फरार: विचारण (Trial) के दौरान आरोपी रूप सिंह और अर्जुन सिंह को जमानत मिल गई थी, जिसके बाद वे फरार हो गए। अदालत ने 11 नवंबर 2010 को दोनों को घोषित अपराधी (PO) करार दिया था।

    • लंबे समय बाद सफलता: सीबीआई के निरंतर प्रयासों के बाद 23 साल से फरार रूप सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले मामले का एक अन्य आरोपी अर्जुन सिंह 22 साल तक फरार रहने के बाद 7 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया जा चुका है।

    #CBIArest #MaharashtraNews #AmalnerCase #AbscondingAccused #CBIAction #DainikKhabar #BreakingNews

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    22/08/26 |

    तेलंगाना: फार्मा कंपनी में केमिकल रिएक्टर फटने से बड़ा हादसा; 2 कर्मचारियों की मौत, 9 घायल

    तेलंगाना, 22 अगस्त (अन्‍नू): तेलंगाना के यादाद्री भुवनागिरी जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। पोचमपल्ली मंडल स्थित एक फार्मास्युटिकल कंपनी में शुक्रवार देर रात अचानक केमिकल रिएक्टर में भीषण विस्फोट हो गया। इस दर्दनाक हादसे में दो कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नौ अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब नाइट शिफ्ट के दौरान कर्मचारी काम बदल (शिफ्ट चेंज) रहे थे। धमाका इतना जोरदार था कि प्लांट के एक बड़े हिस्से में भीषण आग लग गई, जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई।

    आग पर पाया गया काबू; पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की शुरू:

    • भीषण आग पर पाया काबू: हादसे की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद प्लांट में लगी आग पर काबू पाया।

    • घायलों की हालत नाजुक: झुलसे हुए सभी नौ कर्मचारियों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, इनमें से दो कर्मचारियों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और वे 50 प्रतिशत से अधिक झुलस चुके हैं।

    • कानूनी कार्रवाई जारी: स्थानीय पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज कर लिया है और रिएक्टर में हुए विस्फोट के तकनीकी व सुरक्षा कारणों की गहनता से जांच की जा रही है।

    #TelanganaNews #YadadriBhuvanagiri #PharmaPlantBlast #ReactorExplosion #Pochampally #DainikKhabar #BreakingNews

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    हैदराबाद हिट एंड रन केस: एस्टन मार्टिन हादसे में सांसद लिंगमनेनी रमेश ने बेटे संजुश का किया बचाव; 'पीड़िता को पहुंचाया था अस्पताल'

    हैदराबाद, 22 अगस्त (अन्‍नू): हैदराबाद के माधापुर इलाके में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद आंध्र प्रदेश से जन सेना पार्टी के राज्य सभा सांसद लिंगमनेनी रमेश अपने 21 वर्षीय बेटे लिंगमनेनी संजुश के बचाव में सामने आए हैं। 16 अगस्त को हुए इस हादसे में इनऑर्बिट मॉल की कर्मचारी 26 वर्षीय भारती मुखी की जान चली गई थी।

    सांसद ने स्पष्ट किया कि हादसे के वक्त लग्जरी कार 'एस्टन मार्टिन' (TG-09-G-0666) उनका बेटा ही चला रहा था। हालांकि, उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दुर्घटना के तुरंत बाद उनके बेटे ने बिना किसी देरी के पीड़िता को अपनी कार से अपोलो अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को खुद सूचित किया। उन्होंने बताया कि संजुश के तीन अलग-अलग मेडिकल और ड्रग टेस्ट कराए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट पूरी तरह नेगेटिव आई है।

    तेज रफ्तार और लापरवाही का मामला दर्ज; साइबराबाद पुलिस ने जारी किया नोटिस:

    • कैसे हुआ हादसा: 16 अगस्त की दोपहर करीब 3 बजे भारती मुखी अपनी सहकर्मी के साथ सड़क पार कर रही थीं, तभी तेज रफ्तार एस्टन मार्टिन कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। सिर में गंभीर चोट आने और अधिक खून बहने के कारण अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    • कानूनी कार्रवाई: साइबराबाद पुलिस ने आरोपी लिंगमनेनी संजुश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज किया है।

    • गिरफ्तारी पर स्थिति: एसीपी सीएच श्रीधर के अनुसार, यह जमानती अपराध है और इसमें अधिकतम सजा 7 साल से कम है। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत पुलिस ने आरोपी को प्रक्रियात्मक नोटिस जारी किया है और मामले की निष्पक्ष जांच जारी है।

    #HyderabadHitAndRun #JanaSenaMP #LingamaneniRamesh #AstonMartinAccident #MadhapurAccident #DainikKhabar #BreakingNews

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    21/08/26 |

    रिश्वतखोरी मामले में आयकर अधिकारी को 3 साल की कैद; सीबीआई कोर्ट अहमदाबाद ने सुनाया फैसला

    नई दिल्ली, 21 अगस्त (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अहमदाबाद स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने 21 अगस्त 2026 को रिश्वतखोरी के एक मामले में आयकर अधिकारी (OSD) जरनैल बी. सिंह को दोषी ठहराते हुए 3 साल के कठोर कारावास और ₹20,000 जुर्माने की सजा सुनाई है।

    सजा पाने वाला अधिकारी प्रत्यक्षकर भवन, अहमदाबाद में संयुक्त/अपर आयकर आयुक्त (ऑडिट) कार्यालय में पदस्थ था।

    ₹10,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों हुआ था गिरफ्तार:

    • मामले की पृष्ठभूमि: सीबीआई ने 22 फरवरी 2013 को आरोपी आयकर अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उस पर आरोप था कि उसने "श्रीलेखा विविधलक्षी चैरिटेबल ट्रस्ट" को आयकर अधिनियम की धारा 11 और 80जी के तहत छूट प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में शिकायतकर्ता से ₹10,000 की रिश्वत मांगी थी।

    • ट्रैप और चार्जशीट: सीबीआई ने शिकायत के बाद जाल बिछाकर आरोपी को शिकायतकर्ता से ₹10,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। मामले की जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने 31 अक्टूबर 2013 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।

    • कोर्ट का फैसला: लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर 21 अगस्त 2026 को आरोपी अधिकारी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

    #CBINews #BriberyCase #IncomeTaxOfficer #AhmedabadNews #AntiCorruption #DainikKhabar #NationalNews

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    CBI की बड़ी कार्रवाई: 10 साल से भगोड़ा घोषित आरोपी लुधियाना से गिरफ्तार; लोकसभा सचिवालय का कर्मचारी बताकर ठगे थे ₹50,000

    नई दिल्ली, 21 अगस्त (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सीबीआई ने एक दशक (10 साल) से फरार चल रहे भगोड़े (Proclaimed Offender) आरोपी जितेंद्र पाठक को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी पर नई दिल्ली स्थित लोकसभा सचिवालय का कर्मचारी बनकर धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज है।

    सीबीआई ने इस संबंध में 13 जुलाई 2009 को मामला दर्ज किया था। आरोप था कि जितेंद्र पाठक और उसके साथियों ने संसद भवन में नौकरी लगवाने के नाम पर एक निजी व्यक्ति से ₹50,000 की ठगी की थी। जांच पूरी होने के बाद दिसंबर 2009 में आरोपी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई थी।

    2016 में घोषित हुआ था भगोड़ा; लुधियाना में छिपा बैठा था आरोपी:

    • 10 साल से फरार: चार्जशीट दाखिल होने के बाद आरोपी कभी भी अदालत के समक्ष पेश नहीं हुआ। अदालत द्वारा कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 28 सितंबर 2016 को जितेंद्र पाठक को भगोड़ा घोषित कर दिया गया था।

    • लुधियाना से दबोचा: सीबीआई टीम द्वारा चलाए गए फील्ड वेरिफिकेशन और तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि आरोपी पंजाब के लुधियाना में पहचान छिपाकर रह रहा है। इसके बाद सीबीआई ने विशेष ऑपरेशन चलाकर 19 अगस्त 2026 को आरोपी को लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया।

    #CBIRaid #CBIArrest #LudhianaNews #ProclaimedOffender #FakeJobRacket #DanikKhabar #NationalNews

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    जौहर यूनिवर्सिटी मनी लॉन्ड्रिंग मामला: ईडी की रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में 10 ठिकानों पर छापेमारी; कई फर्जी दस्तावेज जब्त

    नई दिल्ली, 21 अगस्त (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), लखनऊ आंचल कार्यालय ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर की इमारतों के निर्माण के लिए किए गए कथित अवैध भूमि अधिग्रहण और सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़ी धन-शोधन जांच में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने पीएमएलए (PMLA), 2002 के तहत 19 अगस्त 2026 को रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में कुल 10 परिसरों में तलाशी अभियान चलाया है।

    उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा पुलिस थाना अजीम नगर, रामपुर में दर्ज 26 एफआईआर और पुलिस कोतवाली, रामपुर में दर्ज 1 एफआईआर के आधार पर ईडी ने यह जांच शुरू की थी। इन एफआईआर में रंगदारी, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसी धाराएं शामिल हैं। आरोप है कि विश्वविद्यालय ने अपने कुलाधिपति मोहम्मद आजम खान व अन्य के माध्यम से किसानों की जमीन और भारत सरकार की 'एनिमी प्रॉपर्टी' (दुश्मन संपत्ति) को गैर-कानूनी तरीके से हड़पा था।

    फर्जी दान के अभिलेख और डिजिटल साक्ष्य जब्त; मनी ट्रेल की जांच जारी:

    • दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त: छापेमारी के दौरान ईडी ने अपराध से संबंधित आपत्तिजनक दस्तावेज, ट्रस्ट द्वारा कथित तौर पर प्राप्त फर्जी दान (Fake Donation) से जुड़े अभिलेख और जांच से संबंधित डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं।

    • संपूर्ण मनी ट्रेल की पड़ताल: एजेंसी अपराध से हुई आय की उत्पत्ति, उसे छिपाने, कब्जे और उपयोग से जुड़ी पूरी 'मनी ट्रेल' (Money Trail) खंगाल रही है, जिसमें विश्वविद्यालय के लिए बनाई गई संपत्तियां भी शामिल हैं।

    • आगे की कार्रवाई: ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की गहनता से जांच जारी है।

    #AzamKhan #JauharUniversity #EDRaid #MoneyLaundering #PMLA #RampurNews #DainikKhabar #UPNews

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    पानीपत: रिश्वतखोरी के मामले में असिस्टेंट DGFT गिरफ्तार; सीबीआई ने 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा

    पानीपत, 20 अगस्त (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने हरियाणा के पानीपत स्थित संयुक्त विदेश व्यापार महानिदेशालय कार्यालय में कार्यरत सहायक महानिदेशक को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है।

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने शिकायतकर्ता से उसकी क्लाइंट की 'एक्सपोर्ट प्रमोशन कैपिटल गुड्स' (EPCG) ऑथराइजेशन फाइल की कमियां दूर करने और उसे आगे प्रोसेस करने के एवज में 30,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने 19 अगस्त 2026 को मामला दर्ज किया और जाल बिछाकर अधिकारी को रिश्वत की राशि स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

    पंचकूला सीबीआई कोर्ट में पेशी, आवास और दफ्तर पर सर्च जारी:

    • कोर्ट में पेशी: गिरफ्तार किए गए आरोपी अधिकारी को पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा।

    • छापेमारी व जांच: कार्रवाई के तहत सीबीआई की टीमें आरोपी अधिकारी के रिहायशी मकान और दफ्तरी परिसरों की तलाशी ले रही हैं। मामले में आगे की कानूनी जांच जारी है।

    #PanipatNews #CBIRaid #DGFTBriberyCase #PanipatCBI #HaryanaNews #DainikKhabar #CorruptionFreeIndiaa

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    बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व डीजीएम समेत 6 दोषियों को 10-10 साल की सजा; लगा ₹2.70 करोड़ का जुर्माना

    नई दिल्ली, 20 अगस्त (अन्‍नू): सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, बैंक ऑफ इंडिया के एक बड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में चेन्नई स्थित सीबीआई अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन डीजीएम एन. वेंकाटाचलम सहित छह लोगों को 10-10 साल के कठोर कारावास (RI) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी दोषियों पर कुल मिलाकर 2.70 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

    सजा पाने वालों में चार लोक सेवक—एन. वेंकाटाचलम (तत्कालीन डीजीएम, बैंक ऑफ इंडिया), एम. शिवकुमार (रिकॉर्ड क्लर्क), टी. दासरथन (वीएओ) और एम. मनिचावेलु (वीएओ) शामिल हैं। इनके अलावा दो आम नागरिकों एसएमटी ओ.पी. थमरई पू और पी. थंडापानी को भी कोर्ट ने दोषी पाया है।

    फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़पे थे ₹238.97 लाख; 2010 में दर्ज हुआ था केस:

    • 238.97 लाख का फ्रॉड: सीबीआई ने बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर 19 मई 2010 को मामला दर्ज किया था। आरोप था कि मुख्य आरोपी ई. मुथुस्वामी और अन्य लोगों ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर साजिश रची, फर्जी दस्तावेज पेश किए और धोखाधड़ी से ₹238.97 लाख का क्रेडिट फंड हड़प लिया।

    • चार्जशीट और सुनवाई: गहन जांच के बाद सीबीआई ने 28 दिसंबर 2011 को 5 सरकारी अधिकारियों और 7 आम नागरिकों सहित कुल 12 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।

    • अन्य आरोपियों की स्थिति: सुनवाई के दौरान 4 निजी आरोपियों (ई. मुथुस्वामी, ए. विंसेंट, के. श्रीकांत और एम. जोथी) का निधन हो गया, जिससे उनके खिलाफ मामला समाप्त हो गया। एक आरोपी एसएमटी लावण्या को बरी कर दिया गया, जबकि एक अन्य लोक सेवक वी. उमापति के खिलाफ मामला अलग से चल रहा है।

    #BankFraud #BankOfIndia #CBIAction #ChennaiNews #DanikKhabar #NationalNews

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    ईडी की बड़ी कार्रवाई: अरुणाचल प्रदेश के पापुम बारे जिले में 2.69 करोड़ की दो संपत्तियां अनंतिम रूप से कुर्क

    ईटानगर, 20 अगस्त (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED), ईटानगर उप-आंचलिक कार्यालय ने लाड़ा-सरली सीमांत राजमार्ग परियोजना (पैकेज-IV एवं V) में भूमि अधिग्रहण मुआवजे के आकलन और वितरण में हुई धोखाधड़ी और धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने आरोपी न्याकपो यांगफो की ₹2.69 करोड़ मूल्य की दो अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क कर लिया है।

    कुर्क की गई संपत्तियों में पापुम बारे जिले के बालिजान सर्किल स्थित तारासो गांव की 7,950 वर्ग मीटर भूमि (मूल्य ₹1.59 करोड़) तथा चेसा गांव स्थित दो मत्स्य तालाबों सहित 3,440 वर्ग मीटर भूमि (मूल्य ₹1.10 करोड़) शामिल हैं।

    फर्जी तरीके से हड़पे थे ₹3.25 करोड़ का मुआवजा; ACB की FIR पर शुरू हुई थी जांच:

    • ACB की FIR से हुआ खुलासा: ईडी ने यह जांच अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा सरकारी अधिकारियों और निजी लाभार्थियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। परियोजना के पैकेज-IV और V में फर्जीवाड़े के जरिए सार्वजनिक धन के गबन का आरोप था।

    • बांस व SPT भवन के नाम पर फर्जीवाड़ा: जांच में सामने आया कि आरोपी न्याकपो यांगफो को कुल ₹3.36 करोड़ का मुआवजा मिला था। हालांकि, जांच समिति और भौतिक सत्यापन के निष्कर्षों में पता चला कि इसमें से लगभग ₹3.25 करोड़ की राशि बांस, अन्य पेड़ों और SPT भवन के मद में फर्जी/अनुचित तरीके से प्राप्त की गई थी, जिनका धरातल पर कोई अस्तित्व ही नहीं था।

    • मुआवजे के पैसे से खरीदी गई जमीन: आरोपी को 05.06.2025 को ₹1.89 करोड़ मिलने पर उसने अगले ही दिन तारासो गांव में ₹1.59 करोड़ की भूमि खरीदी। इसी प्रकार 22.07.2025 को ₹1.46 करोड़ का अतिरिक्त मुआवजा मिलने पर उसने 23.07.2025 को चेसा गांव में ₹1.10 करोड़ में मत्स्य तालाबों वाली जमीन खरीदी।

    ईडी द्वारा अपराध की आय से खरीदी गई इन दोनों संपत्तियों को कुर्क कर लिया गया है। इस घोटाले में शामिल अन्य लाभार्थियों और अधिकारियों की भूमिका की जांच अभी जारी है।

    #EDAction #ArunachalPradesh #PMLA #ArunachalHighwayScam #Itanagar #DanikKhabar #NationalNews

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    टेरर फंडिंग मामला: एनआईए विशेष अदालत ने झारखंड के टीपीसी मामले में 12 दोषियों को सुनाई सजा

    रांची, 19 अगस्त (अन्‍नू): एनआईए (NIA) की विशेष अदालत ने झारखंड के चतरा जिले में उग्रवादी संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) के लिए कोयला कारोबारियों, ठेकेदारों और ट्रांसपोर्टरों से जबरन लेवी वसूली व टेरर फंडिंग मामले (RC-06/2018/NIA/DLI) में 12 दोषियों को सजा सुनाई है।

    अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के तहत:

    • 5 दोषियों को: अधिकतम 10 साल का सश्रम कारावास (Rigorous Imprisonment)।

    • 6 दोषियों को: अधिकतम 8 साल का सश्रम कारावास।

    • 1 दोषी को: अधिकतम 5 साल का सश्रम कारावास दिया गया है।

    119 गवाहों की गवाही और एनआईए जांच का ब्योरा:

    • मामले की पृष्ठभूमि: यह मामला झारखंड के चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र स्थित आम्रपाली और मगध कोयला खनन क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। एनआईए ने 22 दिसंबर 2018 को 16 आरोपियों के खिलाफ और 10 जनवरी 2020 को 5 अन्य आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट (Supplementary Chargesheet) दाखिल की थी।

    • अदालती कार्यवाही: 13 आरोपियों के खिलाफ शुरुआती ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष के 119 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद 12 अगस्त 2026 को विशेष अदालत ने 12 आरोपियों को आईपीसी और यूएपीए (UA(P) Act) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया था, जबकि एक आरोपी को बरी कर दिया गया था।

    आपराधिक साजिश का हुआ खुलासा:

    एनआईए की जांच में स्थापित हुआ कि प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) के सदस्य स्थानीय कमेटियों, कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों और अधिकारियों की साठगांठ से आपराधिक साजिश रच रहे थे। इस साजिश के तहत कोयला खदानों से कोयले के उत्खनन और परिवहन की अनुमति देने के बदले में अवैध लेवी वसूली की जाती थी।

    #NIANews #TerrorFundingCase #JharkhandNews #RanchiNIACourt #TPCCase #NationalNews #DainikKhabar

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    रिश्वतखोरी मामला: CBI ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के डिप्टी कंट्रोलर ऑफ एकाउंट्स को किया गिरफ्तार

    नई दिल्ली, 19 अगस्त (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB), नई दिल्ली में इंटरनल फाइनेंशियल एडवाइजर (IFA) के रूप में कार्यरत डिप्टी कंट्रोलर ऑफ एकाउंट्स (ICAS:2020) को रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया है।

    सीबीआई ने शिकायत के आधार पर 18 अगस्त 2026 को आरोपी अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि अधिकारी ने प्राइवेट कंपनी के पेंडिंग कॉन्ट्रैक्ट के रिन्यूअल की फाइल को तेजी से निपटाने के एवज में शिकायतकर्ता से 15 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में सौदा 10 लाख रुपये में तय हुआ था।

    पत्नी के माध्यम से ली रिश्वत, जाल बिछाकर सीबीआई ने किया गिरफ्तार:

    • ट्रैप लगाकर कार्रवाई: सीबीआई ने 18 अगस्त 2026 को योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर आरोपी लोक सेवक (IFA/DCA) को अपनी पत्नी के जरिए 10 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।

    • आगे की जांच जारी: सीबीआई ने आरोपी अधिकारी को हिरासत में ले लिया है और मामले की विस्तृत जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    • नागरिकों से अपील: सीबीआई ने भ्रष्टाचार के मामलों की शिकायत दर्ज कराने के लिए सीबीआई एसीबी दिल्ली कार्यालय (सीजीओ कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड) में संपर्क करने या हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना देने का आह्वान किया है।

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    बैंक धोखाधड़ी मामला: सीबीआई कोर्ट ने तीन दोषियों को सुनाई 4-4 साल की जेल और 3.5 लाख जुर्माना

    नई दिल्ली, 19 अगस्त (अन्‍नू): सीबीआई की एक विशेष अदालत ने यूको बैंक (UCO Bank) से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले में तीन आरोपियों—अमित चतुर्वेदी, संजय चतुर्वेदी और प्रवीन जुनेजा को दोषी ठहराते हुए 4-4 साल के कठोर कारावास और प्रत्येक पर 3.5-3.5 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

    केस के अनुसार, सीबीआई ने 8 अप्रैल 2009 को प्रारंभिक जांच के आधार पर मामला दर्ज किया था। आरोपियों पर षड्यंत्र रचकर, फर्जी जानकारी और जाली दस्तावेज जमा करके यूको बैंक से 7 करोड़ रुपये का रुपी टर्म लोन हासिल करने तथा इस राशि का दुरुपयोग कर बैंक के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप था।

    2010 में दाखिल हुई थी चार्जशीट, तीसरी बार मिली सजा:

    • जांच और चार्जशीट: सीबीआई ने मामले की विस्तृत जांच के बाद 1 जून 2010 को आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र (Chargesheet) दाखिल किया था, जिसके बाद ट्रायल पूरा होने पर अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया।

    • लगातार तीसरी सजा: सीबीआई के अनुसार, इन तीनों दोषियों—अमित चतुर्वेदी, संजय चतुर्वेदी और प्रवीन जुनेजा—की सीबीआई द्वारा जांच किए गए बैंक फ्रॉड मामलों में यह लगातार तीसरी सजा (Third Conviction) है, जो इस अदालती फैसले को और भी महत्वपूर्ण बनाती है।

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    ED का बड़ा एक्शन: 10,000 करोड़ के सागा ग्रुप घोटाले में मुंबई-भोपाल में रेड, 30 करोड़ के शेयर और 1.53 करोड़ कैश जब्त

    नई दिल्ली, 18 अगस्त (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुख्यालय की टीम ने 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के SAGA ग्रुप पोंजी घोटाले के सिलसिले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने 13 अगस्त से 16 अगस्त 2026 के बीच समीर अग्रवाल और उनके सहयोगियों से जुड़े मुंबई और भोपाल स्थित कई आवासीय और व्यावसायिक ठिकानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत छापेमारी की। यह घोटाला लोनी अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (LUCC) और अन्य संबद्ध सहकारी समितियों से जुड़ा हुआ है।

    नकदी, विदेशी मुद्रा और करोड़ों के शेयर फ्रीज

    छापेमारी के दौरान ईडी ने भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए। इसके अलावा अपराध से अर्जित संपत्ति के तहत 30 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के लिस्टेड शेयर, सिक्योरिटीज, म्यूचुअल फंड्स, एलआईसी पॉलिसी और बैंक बैलेंस फ्रीज कर दिए हैं। कार्रवाई में 9 हाई-एंड लग्जरी गाड़ियां, 1.53 करोड़ रुपये कैश, करीब 35 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा और 5.25 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के आभूषण व बुलियन जब्त किए गए हैं।

    10,000 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा, 3 से 5 साल में पैसा दोगुना-तिगुना करने का झांसा

    उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की थी। आरोप है कि 2009 से समीर अग्रवाल (सागा ग्रुप) द्वारा प्रचारित आवर्ती जमा (RD), फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और मासिक आय योजनाओं में निवेश के नाम पर जनता को ठगा जा रहा था। निवेशकों को 3 से 5 वर्षों में पैसा दोगुना या तिगुना करने और कार जैसे उपहार देने का फर्जी लालच दिया गया। इस तरह बिना किसी वास्तविक व्यवसाय के फर्जी बैंकिंग ढांचे का उपयोग कर 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई गई।

    शेल कंपनियों और हवाला के जरिए विदेशों में भेजा गया पैसा

    जांच में खुलासा हुआ कि निवेशकों से ज्यादातर नकदी जमा कराई जाती थी। इसे क्षेत्रीय कैश-चेस्ट के जरिए डायवर्ट कर प्रमोटरों द्वारा देश-विदेश में अचल और चल संपत्तियों में निवेश करने के लिए इस्तेमाल किया गया। इस फंड को स्थानांतरित करने के लिए शेल कंपनियों और हवाला चैनलों का सहारा लिया गया। ईडी की जांच में 50 से अधिक ऐसी फर्जी (शेल) कंपनियों के विस्तृत नेटवर्क का पता चला है, जिन्हें सिंडिकेट के ऑपरेटरों द्वारा नियंत्रित किया जा रहा था।

    विदेश भागा मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल, आरोपी रवि शंकर तिवारी गिरफ्तार

    सागा ग्रुप का सीएमडी और मुख्य नियंत्रक समीर अग्रवाल देश छोड़कर फरार हो चुका है और वर्तमान में भगोड़ा है। ईडी इस मामले में पहले भी दो अलग-अलग प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर संपत्तियां कुर्क कर चुकी है। वहीं, ग्रुप के प्रमुख पदाधिकारी रवि शंकर तिवारी को 14 जुलाई 2026 को पीएमएलए के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है और 24 जुलाई 2026 को विशेष अदालत के समक्ष अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) भी दाखिल की जा चुकी है। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।

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    ईडी का बड़ा एक्शन: अहमदाबाद में 129.80 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क; रीयल एस्टेट में होमबॉयर्स से ठगी का पर्दाफाश

    अहमदाबाद, 18 अगस्त (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अहमदाबाद जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत कार्रवाई करते हुए 129.80 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई रौनक रवजीभाई सोनाणी, विपुलभाई गोर्धनभाई गंगाणी, मेसर्स केशव नारायण ग्रुप व अन्य के खिलाफ अहमदाबाद में होमबॉयर्स और निवेशकों के साथ की गई बड़ी रीयल एस्टेट धोखाधड़ी के मामले में की गई है।

    बिना RERA अप्रूवल और एनए परमिशन के बेची दुकानें व फ्लैट्स

    ईडी की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने आम खरीदारों, छोटे निवेशकों, व्यापारियों और मध्यम वर्गीय परिवारों को निशाना बनाया। उन्होंने अपनी योजनाओं को वैध बताकर आकर्षक प्री-लॉन्च दरों पर फ्लैट्स और दुकानें देने का झांसा दिया। इतना ही नहीं, निवेशकों को 54% से 100% तक के सुनिश्चित रिटर्न का फर्जी आश्वासन दिया गया।

    छाछरोड़ी व शीला प्रोजेक्ट में सैकड़ों खरीदारों से करोड़ों ऐंठे

    जांच से खुलासा हुआ कि बिना किसी अनिवार्य एनए (N.A.) अनुमति और रेरा पंजीकरण के प्रोजेक्ट्स बेचे जा रहे थे। छाछरोड़ी योजना में लगभग 250 खरीदारों/निवेशकों से और शीला स्थित 'अक्षर अनंत' योजना में 44 से अधिक खरीदारों से भारी रकम वसूली गई। न तो खरीदारों को दुकानें व फ्लैट्स का पजेशन दिया गया और न ही पैसे वापस लौटाए गए।

    फर्जी दस्तावेज और डमी सेल डीड से हड़पी जमीन

    आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से फर्जी वादों के सहारे पैसे ऐंठकर फंड को डायवर्ट किया। छाछरोड़ी प्रोजेक्ट में RERA रजिस्ट्रेशन "अंडर प्रोसेस" बताकर बाद में उस जमीन को केवल महेंद्रभाई पटेल, आशिष विष्णुभाई पटेल व अन्य के नाम ट्रांसफर कर दिया। इसी तरह शीला स्थित अक्षर अनंत प्रोजेक्ट में फर्जी एमओयू बनाकर बाद में प्रोजेक्ट बंद कर दिया गया और जमीन पूर्व रमेशचंद्र पटेल, दीपराजसिंह विक्रमसिंह झाला, महेंद्रसिंह प्रद्युम्नसिंह चुड़ासमा व अन्य के नाम ट्रांसफर कर दी गई। भुगतान दिखाए बिना डमी सेल डीड के जरिए तीसरे पक्षों को संपत्तियां बेची गईं।

    129.80 करोड़ की जमीन कुर्क, आगे की जांच जारी

    मामले में अहमदाबाद के डीसीबी, सैटेलाइट, नवरंगपुरा और बोपल पुलिस स्टेशनों में दर्ज 5 प्राथमिकियों और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दाखिल चार्जशीट के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की थी। कुर्क की गई संपत्तियों में छाछरोड़ी, शीला और कलोल/कडी तालुका के जेसंगपुरा व अगोल की कुल 44,000 वर्ग मीटर से अधिक की जमीनें शामिल हैं। ईडी ने खरीदारों को सलाह दी है कि किसी भी रीयल एस्टेट प्रोजेक्ट में निवेश से पहले रेरा रजिस्ट्रेशन, एनए परमिशन और मालिकाना हक के दस्तावेजों की अच्छी तरह से जांच कर लें।

    #EDAction #RealEstateScam #AhmedabadNews #EDRaid #PMLA #DainikKhabar #RealEstateFraud

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    विजयवाड़ा: 7 करोड़ के बोनस दावे को पास कराने के लिए ₹15 लाख रिश्वत लेते रेलवे इंजीनियर रंगे हाथों गिरफ्तार

    विजयवाड़ा, 17 अगस्त (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दक्षिण मध्य रेलवे के एक सीनियर सेक्शन इंजीनियर और एक निजी व्यक्ति को ₹15 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ₹7 करोड़ के बोनस दावे की फाइल में हेरफेर कर उसे मंजूर कराने के एवज में ली जा रही रिश्वत के मामले में की गई है।

    179.50 करोड़ का प्रोजेक्ट और 7 करोड़ बोनस का खेल

    • प्रोजेक्ट और दावे का मामला: दक्षिण मध्य रेलवे द्वारा दो निजी कंपनियों (गणपति इंजीनियरिंग वर्क्स और येल्ला कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड) के ज्वाइंट वेंचर को ₹179.50 करोड़ का ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग का काम सौंपा गया था। काम समय से पहले पूरा होने पर कंपनी ने करीब ₹7 करोड़ के बोनस का दावा पेश किया था।

    • फाइल की तारीखों में हेरफेर: आरोप है कि विजयवाड़ा स्थित CSTE (चीफ सिग्नल एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर) प्रोजेक्ट्स कार्यालय के अधिकारियों ने ठेकेदार कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए बोनस से जुड़ी फाइल की तारीखों में फेरबदल और हेरफेर किया।

    विशाखापट्टनम से विजयवाड़ा जाते समय CBI ने बिछाया जाल

    • रिश्वत की डिलवरी: निजी कंपनी के प्रबंध निदेशक (MD) ने आरोपी सीनियर सेक्शन इंजीनियर को सूचना दी थी कि उसका बेटा विशाखापट्टनम से विजयवाड़ा आते समय रास्ते में रिश्वत की रकम (₹15 लाख) डिलीवर करेगा।

    • रंगे हाथों गिरफ्तारी: सूचना मिलते ही सीबीआई की टीम ने 16 अगस्त 2026 को जाल बिछाया और आरोपी इंजीनियर (बापीराजू) को निजी व्यक्ति (श्रीचंद) से ₹15 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। मौके से पूरी रकम बरामद कर ली गई।

    चार शहरों में छापेमारी; कोर्ट में पेशी आज

    • कई ठिकानों पर छापेमारी: गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई टीमों ने विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा, पिथापुरम और हैदराबाद स्थित आरोपियों के परिसरों और ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की।

    • अदालत में पेशी: दोनों गिरफ्तार आरोपियों को आज (17 अगस्त 2026) विजयवाड़ा की सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जा रहा है। मामले में आगे की कानूनी व विवेचनात्मक जांच जारी है।

    #CBIArest #RailwayNews #VijayawadaNews #CorruptionFreeIndia #SouthCentralRailway #CBIAction #DainikKhabar #CrimeNews

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    भाजपा की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा: राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने जारी की पदाधिकारियों की सूची, जानें किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी

    नई दिल्ली , 17 अगस्त (अभिकान्त) : भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा पार्टी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं अन्य संगठनात्मक दायित्वों के लिए नेताओं की नई टीम की घोषणा कर दी गई है। केंद्रीय कार्यालय से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।

    राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

    • वसुंधरा राजे सिंधिया (राजस्थान)

    • तीरथ सिंह रावत (उत्तराखंड)

    • राम माधव (दिल्ली)

    • बैजयंत जय पांडा (ओडिशा)

    • डी. पुरंदेश्वरी (आंध्र प्रदेश)

    • रेखा वर्मा (उत्तर प्रदेश)

    • वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोषी (गुजरात)

    • (डॉ.) भारती प्रवीण पवार (महाराष्ट्र)

    • सरदार मनप्रीत सिंह बादल (पंजाब)

    • लाल सिंह आर्य (मध्य प्रदेश)

    • प्रो. एस. नागराज (कर्नाटक)

    • प्रो. तारिक मंसूर (उत्तर प्रदेश)

    • (डॉ.) मधुचंद कर (पश्चिम बंगाल)

    संगठन एवं राष्ट्रीय महामंत्री

    • राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन): बी.एल. संतोष (दिल्ली)

    • राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन): शिवप्रकाश (मुंबई) एवं सौदान सिंह (चंडीगढ़)

    • राष्ट्रीय महामंत्री: विनोद तावड़े (महाराष्ट्र), सुनील बंसल (दिल्ली), बिप्लब कुमार देव (त्रिपुरा), स्मृति ईरानी (उत्तर प्रदेश), डॉ. सतीश पूनिया (राजस्थान), गजेंद्र पटेल (मध्य प्रदेश), हरीश द्विवेदी (उत्तर प्रदेश) और संजय भाटिया (हरियाणा)।

    राष्ट्रीय मंत्री

    संगठन में युवा व क्षेत्रीय संतुलन बनाते हुए 16 नेताओं को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है, जिनमें कविता पाटीदार (मध्य प्रदेश), के. सुरेंद्रन (केरलम), डॉ. भोला सिंह (उत्तर प्रदेश), डॉ. प्रदीप वर्मा (झारखंड), जगदीश ईश्वरभाई पटेल (गुजरात), डॉ. संदीप पाठक (दिल्ली), फांग नोन कोन्याक (नागालैंड), संगीता यादव (उत्तर प्रदेश), अनिल एंटनी (केरलम), डॉ. एम. वेंकटेशन (तमिलनाडु), मनोज तिग्गा (पश्चिम बंगाल), सिद्धार्थ शंभु (बिहार), डॉ. स्वदेश सिंह (दिल्ली), सुगांका देव बर्मन (असम), रोहन गुप्ता (गुजरात) और जय प्रकाश (दिल्ली) शामिल हैं।

    कोषाध्यक्ष, कार्यालय व मीडिया प्रभारी

    • राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष: पीयूष गोयल (महाराष्ट्र)

    • राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष: राजेश मंगल (राजस्थान)

    • राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी: तरुण चुघ (पंजाब)

    • राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री: महेंद्र पांडे (उत्तराखंड)

    • नॉर्थ ईस्ट संयोजक: डॉ. संबित पात्रा (ओडिशा)

    • नॉर्थ ईस्ट सह-संयोजक: राजीव बब्बर (दिल्ली)

    • प्रकोष्ठ संकुल संयोजक: विष्णु दत्त शर्मा (मध्य प्रदेश)

    • प्रकोष्ठ संकुल सह-संयोजक: ऋतुराज सिन्हा (बिहार) एवं श्री विष्णु वर्धन रेड्डी (आंध्र प्रदेश)

    • मीडिया संयोजक: अनिल बलूनी (उत्तराखंड)

    • मीडिया सह-संयोजक: आशीष ऊषा अग्रवाल (मध्य प्रदेश), प्रदीप भंडारी (दिल्ली) एवं सिद्धार्थ यादव (दिल्ली)

    • सोशल मीडिया संयोजक: श्री दीपक म्हसके (छत्तीसगढ़)

    • सोशल मीडिया सह-संयोजक: प्रीति गांधी (महाराष्ट्र), शिवानंद द्विवेदी (दिल्ली), आलोक भट्ट (उत्तराखंड) एवं अरुण यादव (हरियाणा)

    विभिन्न मोर्चों के नए अध्यक्ष

    • युवा मोर्चा: डॉ. हेमांग जोशी (गुजरात)

    • महिला मोर्चा: रूप कुमारी चौधरी (छत्तीसगढ़)

    • ओबीसी मोर्चा: अमरपाल मौर्य (उत्तर प्रदेश)

    • किसान मोर्चा: बंसीलाल गुर्जर (मध्य प्रदेश)

    • एससी मोर्चा: शिवेश कुमार राम (बिहार)

    • एसटी मोर्चा: डॉ. मन्नालाल रावत (राजस्थान)

    • अल्पसंख्यक मोर्चा: कुंवर बासित अली (उत्तर प्रदेश)

    #BJP #NitinNaveen #BJPNationalTeam #BJPOfficeBearers #Danikkhabar #BJPAppointments #BreakingNews #IndianPolitics

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    दैनिक खबर: आज 17 अगस्त, 2026 के प्रातः 10 बजे के ताज़ा समाचार

    भारत-फ्रांस संबंधों में नया अध्याय:

    पीएम मोदी और मैक्रों की मुलाकात के बाद 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' में बदला रिश्ता

    NALSAR दीक्षांत समारोह विवाद:

    CJI सूर्यकांत ने मुख्य अतिथि बनने के निमंत्रण को किया खारिज, कहा- शामिल होने का सवाल ही नहीं

    बांबे हाई कोर्ट लिपिक टाइपिंग टेस्ट में तकनीकी गड़बड़ी का आरोप:

    अभ्यर्थियों ने छत्रपति संभाजीनगर में किया प्रदर्शन, दोबारा परीक्षा की मांग

    तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी का BRS नेताओं पर बड़ा आरोप: तेलंगाना CM बोले-BRS ने सरकार गिराने के लिए तंत्र-मंत्र कराया: बोले:

    कांग्रेस सरकार को गिराने और सूखा लाने के लिए कराया तंत्र-मंत्र; मंदिरों में जा क्षुद्र पूजा करने का लगाया दावा।

    लखनऊ में घरों में पानी भरा: यूपी में मानसून का कहर:

    लखनऊ में जलभराव से सड़कें बनीं तालाब, 11 नदियां उफान पर; उत्तराखंड के चमोली में भूस्खलन के कारण बद्रीनाथ हाईवे हुआ बंद।

    ईरान से समझौते को लेकर खाड़ी देश ट्रम्प से नाराज: अमेरिका-ईरान बातचीत से खाड़ी देशों में निराशा:

    ट्रम्प प्रशासन के प्रयासों के बावजूद नहीं हुआ समझौता; व्हाइट हाउस ने मतभेद की खबरों को खारिज कर मजबूत संबंधों का किया दावा।

    कैम्ब्रिज के सबसे कम उम्र के ब्लैक प्रोफेसर की मौत:

    कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के सबसे कम उम्र के अश्वेत प्रोफेसर जेसन अर्डे का निधन: 41 वर्ष की उम्र में घर पर मिले बेहोश; पुलिस ने अचानक मौत की जताई आशंका, जांच जारी।

    इजराइली PM नेतन्याहू को हार का खतरा:

    इजराइल चुनाव सर्वे में नेतन्याहू पर भारी पड़े पूर्व सेना प्रमुख: 'जमान इजराइल' पोल में आइजेनकोट की पार्टी 'यसार' को 25 तो लिकुड को 21 सीटें; 27 अक्टूबर को होना है मतदान।

    अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के 5 साल पूरे:

    तालिबान के काबुल पर कब्जे के 5 साल पूरे: देश पर नियंत्रण मजबूत और अर्थव्यवस्था में सुधार का दावा; महिलाओं के अधिकारों पर लगीं पाबंदियां, शारीरिक सजाएं फिर से हुईं आम।

    दिल्ली मर्डर केस: आदर्श नगर में 16 वर्षीय किशोर की हत्या मामला:

    दिल्ली पुलिस ने हरिद्वार से दबोचे दो कुख्यात आरोपी; वारदात को अंजाम देकर हुए थे फरार, एसीपी जहांगीरपुरी की टीम को मिली सफलता।

    दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड का हुआ पुनर्गठन:

    उपराज्यपाल ने तिलक राज कटारिया को बनाया उपाध्यक्ष; कविता राठौर और मोहन गोयल गैर-सरकारी सदस्य नियुक्त, राजपत्र अधिसूचना जारी।

    दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड का पुनर्गठन:

    उपराज्यपाल ने तिलक राज कटारिया को बनाया उपाध्यक्ष; कविता राठौर और मोहन गोयल बने गैर-सरकारी सदस्य, सरकार ने जारी की आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना।

    एम्स में भर्ती जेपी नड्डा की हालत स्थिर, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती:

    डॉक्टरों ने डिस्चार्ज पर अभी नहीं लिया फैसला; लगातार की जा रही स्वास्थ्य की निगरानी, हालत स्थिर और पहले से बेहतर।

    किसानों के दिल्ली कूच से पहले खनौरी बॉर्डर सील:

    किसानों की 'किसान बचाओ पदयात्रा' को देखते हुए खनौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर सील: कंटीले तार और कंक्रीट ब्लॉक लगाकर रास्ते बंद; भारी पुलिस बल तैनात, रूट बदले, डल्लेवाल के नेतृत्व में जंतर-मंतर कूच की तैयारी।

    भारतीय सेना की ताकत बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्रालय का बड़ा कदम:

    टाटा और NIBE के साथ ₹1,577 करोड़ के दो कॉन्ट्रैक्ट साइन; खरीदे जाएंगे लॉइटरिंग म्युनिशन सिस्टम और अन्य रक्षा उत्पाद।

    फरीदाबाद की बड़खल झील का ₹1.50 करोड़ की लागत से होगा सौंदर्यीकरण:

    प्रमुख पार्कों और मार्गों पर लगाई जाएंगी विक्टोरियन शैली की कास्ट आयरन बैंच, 15 महीने में पूरा होगा विकास कार्य।

    हरियाणा पुलिस में 400 SPO पदों पर भर्ती: हरियाणा पुलिस के टेलीकम्युनिकेशन विंग में होगी 400 स्पेशल पुलिस ऑफिसर (SPO) की भर्ती:

    पूर्व सैनिकों और एचएसआईएसएफ के पूर्व कांस्टेबलों से मांगे गए आवेदन, जल्द शुरू होगी चयन प्रक्रिया।

    गुरुग्राम के निर्वाणा कंट्री में ग्रीन बेल्ट बनी कूड़ा डंपिंग यार्ड:

    ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से सीएंडडी मलबा फेंकने का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश, प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने 62वें शीतला माता मेला महोत्सव में टेका माथा:

    स्वैच्छिक कोष से 1 लाख रुपये देने की घोषणा

    अम्बाला के डिफेंस कॉलोनी में धूमधाम से मनाया गया हरियाली तीज महोत्सव:

    800 निवासियों ने ली भागदारी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बंधा समां

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    महाराष्ट्र: FDA का शाहरुख, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस; 'विमल इलायची' के विज्ञापन से पान मसाले के इनडायरेक्ट प्रचार का आरोप

    मुंबई, 16 अगस्त (अन्‍नू): महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA का आरोप है कि ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन के जरिए राज्य में प्रतिबंधित ‘विमल पान मसाला’ का इनडायरेक्ट (सरोगेट) प्रचार किया जा रहा है।

    15 दिन में मांगा जवाब; मन्नत और जुहू स्थित आवास पर भेजा नोटिस

    • 11 अगस्त को भेजा नोटिस: FDA ने तीनों अभिनेताओं को 11 अगस्त को नोटिस भेजकर 15 दिनों के भीतर जवाब और स्पष्टीकरण मांगा है।

    • पते पर पहुंचा नोटिस: शाहरुख खान को उनके बांद्रा स्थित आवास ‘मन्नत’, अजय देवगन को जुहू स्थित घर और टाइगर श्रॉफ को उनकी कंपनी ‘टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस एलएलपी’ के पते पर नोटिस भेजा गया है।

    • FDA का तर्क: नोटिस में कहा गया है कि विज्ञापन में 'विमल' नाम, प्रोडक्ट और डायलॉग का इस्तेमाल इस तरह किया गया है जिससे मूल पान मसाला ब्रांड को बढ़ावा मिलता है।

    महाराष्ट्र में पान मसाले पर बैन; गुटखा नेटवर्क पर 'मकोका' की तैयारी

    • 2012 से लागू है प्रतिबंध: महाराष्ट्र में तंबाकू या निकोटिन युक्त गुटखा और पान मसाला के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर 2012 से रोक है। 13 जुलाई 2026 को इस बैन को पुनः एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है।

    • मकोका (MCOCA) के तहत कार्रवाई: FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के निर्देशानुसार संगठित गुटखा व तंबाकू नेटवर्क के खिलाफ पुलिस के साथ मिलकर 'मकोका' (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) के तहत कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है।

    • 2 महीने में 15 करोड़ की जब्ती: 25 मई से 31 जुलाई के बीच FDA ने 658 ठिकानों पर रेड मारकर ₹15.11 करोड़ का प्रतिबंधित माल जब्त किया है, 519 FIR दर्ज की हैं और 701 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    क्या है सरोगेट एडवर्टाइजिंग का विवाद?

    • सरोगेट विज्ञापन का अर्थ: प्रतिबंधित उत्पाद (जैसे पान मसाला/शराब) का सीधा विज्ञापन न करके उसी ब्रांड के किसी अन्य उत्पाद (जैसे इलायची/सोडा) का विज्ञापन करना सरोगेट एडवर्टाइजिंग कहलाता है।

    • विमल का पुराना रुख: 2018 में भी स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दिए नोटिस पर कंपनी ने कहा था कि वह घरेलू बाजार में तंबाकू उत्पाद नहीं बनाती। जनवरी 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट ने तंबाकू-रहित उत्पादों के व्यापार को कानूनी अधिकार मानते हुए विज्ञापन की अनुमति दी थी। हालांकि, महाराष्ट्र में पान मसाला पूरी तरह प्रतिबंधित होने के कारण FDA इसे नियमों का उल्लंघन मान रहा है।

    #ShahRukhKhan #AjayDevgn #TigerShroff #MaharashtraFDA #VimalPanMasala #SurrogateAds #BollywoodNews #DainikKhabar

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    15/08/26 |

    80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संबोधन

    आरएस अनेजा, 15 अगस्त नई दिल्ली - 80वें स्वतंत्रता दिवस के भाषण में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने, भारत को आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने, विनिर्माण, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने, ऊर्जा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने, युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने तथा ‘शक्ति की सप्त धारा’ के माध्यम से देश की विकास यात्रा को नई गति देने की व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत की।  

     

    प्रधानमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

    1. आज हम सब 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। आज हर दिलों की धड़कन वंदे मातरम के नाद से गूंज रही है। आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है और देश उत्साह और उमंग के साथ नए संकल्पों को लेकर के आज आगे बढ़ रहा है।

    2. देश आज उन महान सपूतों का पुण्य स्मरण करती है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए त्याग, बलिदान की पराकाष्‍ठा की। अपने तप, त्याग और बलिदान से आजादी के एकमात्र लक्ष्य को लेकर के अपनी पूरी जिंदगी खपा दी। पूज्य बापू समेत सभी स्‍वतंत्र सेनानियों को बलिदान की महान परंपरा जगाने वाले महान क्रांतिकारियों को आज मैं श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं।

    3. आजादी के बाद 15 अगस्त को लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम गूंज रहा है। आज जब हम देश के लोग वंदे मातरम के 150 वर्ष मना रहे हैं, तो इससे बड़ा उत्तम अवसर क्‍या हो सकता है।

    4. पिछले दिनों, देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ का प्रकोप रहा, भूस्खलन का प्रकोप रहा, अनेक परिवार प्रभावित हुए। उनके दुख, दर्द को हम भलिभांति अनुभव करते हैं। पीड़ित परिवारों को मैं विश्वास दिलाता हूं कि हम और पूरा देश उनके साथ खड़े हैं।

    5. कोई भी राष्ट्र तब महान बनता है, तब अपनी सिद्धियों को प्राप्त करता है, जब अपने सपनों, अपने संकल्पों और अपने सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है।

    6. हमारे संकल्प भी ऊंचे होने चाहिए क्योंकि जब सपने ऊंचे होते हैं, संकल्प ऊंचे होते हैं, तो हमारे सामर्थ्य की ऊंचाई भी बढ़ती है, हमारे प्रयासों की ऊंचाई भी बढ़ती है और तब जाकर के हम सपनों को साकार कर सकते हैं।

    7. आज भारत ने भी एक बहुत बड़ा सपना देखा है, दृढ़ संकल्प के साथ देखा है, नई ऊंचाइयों को छूने के लिए देखा है, और वह सपना है, जब आजादी के 100 साल होंगे। 2047 में हम विकसित भारत बना के रहेंगे।

    8. 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ से, इस लक्ष्य को हमें हासिल करना है और जब दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश विकसित होने का संकल्प लेता है, तो यह दुनिया की नजरों में भी हमारे साहस का परिचायक बन जाता है। दुनिया हमारी तरफ देखने का नजरिया बदलने के लिए मजबूर हो जाती है।

    9.  पिछले 12 वर्ष में देश के कोटि-कोटि नागरिकों ने दलित हो, पीड़ित हो, वंचित हो, आदिवासी हो, गांव में रहने वाला हो, शहर में रहने वाला हो, गरीब हो, मध्यम वर्ग का हो, युवा हो, बुजुर्ग हो, नारी हो, पुरुष हो, उत्तर हो, दक्षिण हो, पूरब हो, पश्चिम हो, हर किसी ने पिछले 12 साल में एक संकल्प के साथ, समर्पण के साथ, देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में हर प्रकार से प्रयास किया है। 

    10. मैं उनके इन प्रयासों का आदरपूर्वक स्वीकार करता हूं और उसी का परिणाम है, कि इतने कितने कम समय में 25 करोड़ देशवासी, गरीबी को परास्त करके गरीबी से बाहर निकले हैं

    11. इन्हीं देशवासियों के प्रयास का परिणाम है कि हम कभी फ्रेजाइल फाइव में गिने जाते थे। 12 साल के भीतर-भीतर हम एक मेजर इकोनॉमी में फास्टेस्ट ग्रोइंग इकोनॉमी बन गए हैं।

    12. पिछले 12 वर्षों में डिफेंस प्रोडक्शन करीब 4 गुना हुआ। खादी और ग्राम उद्योग का उत्पादन करीब 5 गुना हुआ, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग करीब 7 गुना बढ़ा, आधुनिक रेलवे कोच का निर्माण 21 गुना बढ़ा, मोबाइल फोन उत्पादन 35 गुना बढ़ा, इतना ही नहीं आधुनिक युग को देखकर के भी डिजिटल और इनोवेशन की दुनिया में भी हमने अपना परचम लहराया।

    13. इंटरनेट यूजर, इंटरनेट कंज्यूमर करीब-करीब चार गुना बढ़े, पेटेंट ग्रांट होने की संख्या 4 गुना बढ़ी, डिजिटल ट्रांजेक्शन 100 गुना बढ़े, सामान्य मानवी की सुविधाओं की तरफ भी हमने उतना ही गंभीरता से काम किया।

    14. हर साल औसतन 15 गुना ज्यादा तेजी से हमने नल से जल कनेक्शन दिए। हर साल औसतन छह गुनी ज्यादा रफ्तार से लोगों को गैस कनेक्शन दिए। हर साल चार गुनी रफ्तार से गरीबों के लिए टॉयलेट बनाने का काम किया। हर साल तीन गुना ज्यादा तेजी से गरीबों को घर देने का काम किया।

    15. देश ने गवर्नेंस में भी बहुत बदलाव लाया। हजारों की संख्या में compliances खत्म किए। सैंकड़ों की तादाद में पुराने कानून खत्म किए। पिछली शताब्दी के कानूनों से 21वीं शताब्दी की मार्च नहीं हो सकती।

    16. हमने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मेट्रो का विस्तार किया है, हमने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को ताकत दी। जिस स्पीड से काम, जिस स्केल पर काम किया, यह सब यह रफ्तार, यह विस्तार, यह अचीवमेंट आजादी के बाद पहली बार पिछले एक दशक ने देखा है और जब इतनी सारी सिद्धियां हमारे सामने हों, इतनी तेज गति दिखाई देती हो, देशवासियों का सामर्थ्य पल-पल प्रबल होता है, तब तो 2047 में विकसित भारत बनने का संकल्प कभी भी अधूरा नहीं रह सकता है।

    17. हमें भी अपनी क्षमताओं को बढ़ाना है, अपने हितों की सुरक्षा हमें खुद को करनी है, और इसलिए आत्मनिर्भर भारत का संकल्प बहुत दृढ़ता के साथ हम लेकर के आगे बढ़ रहे हैं। मेक इन इंडिया, स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल, इन सारे क्षेत्रों में आज हर भारतीय का मन जुड़ रहा है।

    18. आज की डिजिटल दुनिया में, आज की टेक्नोलॉजी में, चिप का महात्म्य हम समझते हैं। कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गुड्स होगा, हमारे मेडिकल इक्विपमेंट होंगे, हमारा ट्रांसपोर्ट के रास्ते होंगे, हर किसी में चिप अनिवार्य है और इसे इस चिप के बिना दुनिया थम जाए, ऐसी स्थिति पैदा हो चुकी है और इसलिए भारत ने आत्मनिर्भर होने की दिशा में अपना सेमीकंडक्टर प्लांट, बड़ा सेमीकंडक्टर प्लांट, तीन सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो चुके हैं

    19. मैं देशवासियों को कहना चाहता हूं, आने वाले सात-आठ वर्ष में और 5-7 या 8 सेमीकंडक्टर प्लांट बहुत ही जल्द शुरू होने वाले हैं। यह आत्मनिर्भर भारत हमें विकसित भारत की दिशा में जाने का महामार्ग देती है।

    20. क्रिटिकल मिनरल का लक्ष्य साझा किया जाए, नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स यह हमने लॉन्च किया। बजट में क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर की हमने घोषणा की है, कई देशों के साथ एग्रीमेंट हो रहे हैं, विश्व के कई देश अब इस क्रिटिकल मिनरल्स की दिशा में भारत पर भरोसा करने लगे हैं।

    21. अब एनर्जी के बिना भी नई दुनिया को चलाना मुश्किल है और इसलिए हमें चिप हो, AI हो, डाटा सेंटर हो, हमें बहुत बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत होगी। एनर्जी सिक्योरिटी, यह हमारे समय की मांग है और इसलिए हमने पहले से ही उस दिशा में एक के बाद एक मजबूत कदम उठाए हैं।

    22. एनर्जी सिक्योरिटी का एक बड़ा माध्यम है, परमाणु ऊर्जा न्यूक्लियर एनर्जी, हमने पार्लियामेंट में शांति एक्ट पास कर करके, एक नए लक्ष्य पर जाने का रास्ता तय कर लिया है। 2047 तक हम 100 गीगावॉट न्यूक्लियर पावर का लक्ष्य लेकर के चल रहे हैं।

    23. इसी एक दशक में हम पांच नए न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य लेकर के चल रहे हैं। इस वर्ष भारत ने फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में महारत हासिल करके एक अहम पड़ाव पार किया है और उसके कारण परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में हमें एक बहुत बड़ा सफलता का कदम हमने रखा है।

    24. हमने पिछले वर्ष उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रखते हुए, समुद्र मंथन की घोषणा की थी और पिछले दिनों हमने 85000 करोड रुपए इस काम के लिए आवंटित करके काम को गति देने का निर्णय कर लिया है।

    25. 2014 से पहले मतलब आज से 12 साल पहले, हमारे देश में सिर्फ 70 शहरों में पाइप से गैस की व्यवस्था थी, पाइप से गैस डिस्ट्रीब्यूशन होता था। 12 साल में इन 70 शहरों को हमने 700 शहरों तक पहुंचा दिया है। यह होती है रफ्तार, यह होता है विस्तार।

    26. 2014 के पहले मुश्किल से 20-22 लाख घरों में पाइप से गैस पहुंचता था, आज पौने दो करोड़ घरों में पाइप से गैस पहुंचाने का काम हो रहा है। 12 वर्ष पहले देश में सोलर एनर्जी की कैपेसिटी सिर्फ 2 गीगावॉट थी, 2 गीगावॉट, आज 160 गीगावॉट हमने प्राप्त किया है लक्ष्य।

    27. हमने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना चालू की और आज मुझे संतोष है कि इतने कम समय में 50 लाख घरों का सोलर एनर्जी का काम, हम आंकड़ा पार कर चुके हैं, तेजी से चल रहा है और उसके कारण हजारों घरों का बिजली बिल जीरो हो गया है।

    28. हजारों घर अपनी बिजली का उपयोग करने से अतिरिक्त बिजली आज बेचकर के कमाई कर रहे हैं। हर परिवार को हम इस काम के लिए 80000 रुपया सरकार की तरफ से एक-एक परिवार को मदद दी जा रही है, तब जाकर के हम इस काम को पूरा कर रहे हैं।

    29. यह जो हमारी रेलवे है, उसका इलेक्ट्रिफिकेशन का काम हमारे देश में 1925 में शुरू हुआ था। लेकिन 90 साल में 1925 से लेकर के 90 साल में सिर्फ 30% रेल का इलेक्ट्रिफिकेशन हुआ था। हमने इन एक दशक के अंदर शत प्रतिशत काम पूरा कर दिया। 90 साल में 30%, 10 साल में 70%, यह होता है काम और इसके कारण डीजल, जो हमें बाहर से लाना पड़ता है, उसकी बचत हुई। बिजली से हमारी ट्रेनें चली, पर्यावरण को फायदा होने लगा।

    30. देश ने पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन शुरू कर दी है और मुझे खुशी है कि ये सबसे लंबी ट्रेन है और सबसे ताकतवर ट्रेन है और दुनिया में हाइड्रोजन ट्रेन के क्षेत्र में भी भारत अपना ने झंडा गाड़ दिया है।

    31. कोरोना जैसी वैश्विक महामारी ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया था, सारी व्यवस्थाएं चरमरा गई थीं, कोरोना से बाहर निकले, युद्ध की विभीषिका की खबरें आने लगीं, कहीं यूक्रेन तो कहीं पश्चिम एशिया, हर जगह पर तनाव का माहौल।

    32. देश ने देख लिया कि पिछले 10-12 साल की सुविचारित योजनाएं रंग ला रही हैं और हम इतने बड़े संकट के बावजूद भी नागरिक देवो भवः के मंत्र को लेकर के जीते हुए भारत ने जो तैयारियां की थी, एक के बाद एक कदम उठाया था, सोचा नहीं था कि यह संकट आएगा, लेकिन उस संकट के समय में यह सारी चीजें काम आ गई और आज देश में गैस भी है, पेट्रोल भी है, यूरिया भी है। हम अपनी ताकत के ऊपर खड़े हो रहे हैं, चल रहे हैं।

    33. सरकार अपने कंधों पर वो बोझ उठा रही है और दुनिया से जो 3000 रूपया में यूरिया का बोरा हमें मिलता है, वो हमारे किसानों को हम सिर्फ 300 रूपये में दे पाते हैं। इतना ही नहीं DAP, आज दुनिया में बाजार 5000 पहुँच चुका है, लेकिन मेरे देश के किसानों को दिक्कत ना हो, इसलिए 1350 रुपए में आज भी DAP देने का काम हम कर रहे हैं।

    34. दुनिया अपने पास जो कुछ भी है, उसको वेपनाइज करने में लगी है। संसाधनों का वेपनाइज, रिसोर्स का वेपनाइज, पेट्रोल, डीजल, फर्टिलाइजर, दवाइयां, टेक्नोलॉजी की चिप्स, इतना ही नहीं भू-भाग को भी वेपनाइज किया जा रहा है।

    35. आज भारत दुनिया के लिए एक स्वीकृत और सम्माननीय देश के रूप में बन रहा है। भारत के पास स्थिर पॉलिटिकल मैंडेट है, स्थिर सरकार है, भारत का वाइब्रेंट लोकतंत्र है, भारत का मजबूत न्याय तंत्र है और हम सबको दिशा देने वाला भारत का संविधान है और अब दुनिया हमारे इस सामर्थ्य को पहचानने लगी है।

    36. 2014 के बाद, दुनिया के करीब 40 देशों के साथ हमारा एफटीए एग्रीमेंट हो रहा है। आप देखिए, कितना बड़ा अवसर आया है, लेकिन मैं यह जो ट्रेड एग्रीमेंट्स हुए हैं, यह एक बहुत बड़ा अवसर है और इसलिए खास करके मैं मेरे MSMEs को कहना चाहूंगा कि हमें इस मौके को छोड़ना नहीं है।

    37. दुनिया में हमें पहुंचना है, भारत के उत्पाद की हर चीज विश्व के बाजार में पहुंचे और चाहे हमारा टेक्सटाइल हो, हमारी मशीनरी हो, दवाइयां हो, हमने मौका छोड़ता नहीं है, लेकिन वैश्विक जो पैरामीटर्स हैं, उस पैरामीटर को हमें पार करना होगा। हमें दुनिया से जो मिलता है, उससे अच्छा देना पड़ेगा। 

    38. केरलम से लेकर के गुजरात और तमिलनाडु से लेकर के बंगाल, यह हमारा समुद्री तट, हमारे मछुआरे भाई-बहन आज इस FTA के कारण हमारे श्रिंप यानी झींगा, उसके एक्सपोर्ट की बहुत संभावना बढ़ी है। हमारे सी फूड की दुनिया में पहुंच बनने की संभावना बढ़ी हुई है।

    39. हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं और हम आने वाले दिनों में भी नेक्स्ट लेवल रिफॉर्म की ओर बढ़ने वाले हैं और इसलिए सरकार, समाज, उद्योग, उत्पादक, किसान, हर किसी ने अपनी ट्रेडिशनल व्यवस्थाओं में रिफॉर्म करना पड़ेगा, सोच में रिफॉर्म करना होगा, अपने लक्ष्यों को रिफॉर्म करना होगा।

    40. आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश के सामने शक्ति की इस सप्त धारा का आह्वान करता हूं। आने वाले 5-7 साल में, जो पिछले 5-7 दशक में नहीं हुआ, वो सप्त धारा के सामर्थ्य से, शक्ति से, हम देश को नई ऊंचाई, नई गति देंगे और नए लक्ष्यों को पार करने वाला सामर्थ्य देंगे।

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    छत्तीसगढ़: CBI की बड़ी कार्रवाई; भिलाई में SECR के सीनियर DME ₹50 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, घर से ₹77 लाख नकद बरामद

    रायपुर, 15 अगस्त (अन्‍नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR), भिलाई में तैनात भारतीय रेलवे यांत्रिक इंजीनियर सेवा (IRSME) के वरिष्ठ अधिकारी और सीनियर डिविजनल मैकेनिकल इंजीनियर (Sr. DME) को रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने अधिकारी के साथ उनके एक मध्यस्थ (Dallal/Tout) को भी धर दबोचा है।

    पेंडिंग बिल पास करने के एवज में मांगी थी रिश्वत

    • ₹2 लाख की मांग: सीबीआई द्वारा 13 अगस्त 2026 को दर्ज की गई FIR के अनुसार, आरोपी सीनियर डीएमई ने शिकायतकर्ता के लंबे समय से लंबित (Pending) बिलों को पास करने और भुगतान जारी करने के एवज में 2 लाख रुपये की अवैध रिश्वत मांगी थी।

    • ₹1 लाख में तय हुआ सौदा: शिकायतकर्ता द्वारा मोलभाव (Negotiation) करने के बाद आरोपी अधिकारी रिश्वत की रकम घटाकर 1 लाख रुपये लेने पर सहमत हुआ।

    रंगे हाथों गिरफ्तारी और ₹77 लाख का कैश बरामद

    • ट्रैप लगाकर पकड़ा: सीबीआई ने जाल बिछाकर 13 अगस्त को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50,000 रुपये स्वीकार करते हुए आरोपी अधिकारी को उस वक्त रंगे हाथों पकड़ लिया, जब मध्यस्थ अधिकारी के निर्देश पर यह रकम ले रहा था।

    • छापेमारी में मिला कुबेर का खजाना: गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीमों ने आरोपी अधिकारी के रायपुर और भिलाई स्थित आवासीय और दफ्तर के परिसरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। तलाशी के दौरान सीबीआई को लगभग ₹77 लाख की भारी नकदी (Cash) और ₹14 लाख मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण बरामद हुए हैं।

    अदालत ने 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा

    सीबीआई ने आरोपी सीनियर डीएमई और मध्यस्थ दोनों को 14 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया, जहां से अदालत ने दोनों आरोपियों को 4 दिनों की सीबीआई रिमांड (Police Custody) पर भेज दिया है। एजेंसी फिलहाल आरोपी अधिकारी की अन्य अचल संपत्तियों और बैंक खातों की गहनता से जांच कर रही है।

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    अरुणाचल प्रदेश: लाडा-सारली फ्रंटियर हाईवे घोटाले में ED का बड़ा एक्शन; न्यकपो यांगफो की 2.69 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां कुर्क

    अरुणाचल प्रदेश, 15 अगस्त (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय के ईटानगर उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने अरुणाचल प्रदेश के लाडा-सारली फ्रंटियर हाईवे प्रोजेक्ट (पैकेज-IV व V) में भूमि अधिग्रहण मुआवजे के वितरण में हुई वित्तीय अनियमितताओं के मामले में न्यकपो यांगफो (Nyakpo Yangfo) की 2.69 करोड़ रुपये मूल्य की दो अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क (Provisionally Attach) कर लिया है।

    जब्त संपत्तियों का विवरण

    • तरासो गांव की जमीन: पापुम पारे जिले के बालीजान वृत्त स्थित तारासो गांव में 7,950 वर्ग मीटर जमीन (मूल्य 1.59 करोड़ रुपये)।

    • चेस्सा गांव की जमीन व मछली तालाब: बालीजान वृत्त के चेस्सा गांव में 3,440 वर्ग मीटर जमीन और 2 मछली तालाब (मूल्य 1.10 करोड़ रुपये)।

    फर्जी पेड़-पौधों के नाम पर उठाया 3.25 करोड़ का अवैध मुआवजा

    • ACB की एफआईआर से शुरू हुई जांच: ईडी ने ईटानगर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा सरकारी अधिकारियों और निजी लाभार्थियों के खिलाफ दर्ज FIR के आधार पर जांच शुरू की थी। एफआईआर में मुआवजा आकलन और वितरण में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप था।

    • फिजिकल वेरिफिकेशन में खुली पोल: जांच में सामने आया कि न्यकपो यांगफो को पैकेज-IV और V के तहत कुल 3.36 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला था। हालांकि, फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी की जांच में पाया गया कि बांस (Bamboo), सामान्य पेड़ों और SPT भवनों के नाम पर लगभग 3.25 करोड़ रुपये का फर्जी/अपात्र मुआवजा लिया गया था, जो मौके पर मौजूद ही नहीं थे।

    मनी ट्रेल का हुआ खुलासा

    • 05 जून 2025: 1.89 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलने के ठीक अगले दिन (06 जून 2025) आरोपी ने तारासो गांव में 1.59 करोड़ रुपये में 7,950 वर्ग मीटर जमीन खरीदी।

    • 22 जुलाई 2025: 1.46 करोड़ रुपये की अगली किस्त मिलने के अगले दिन (23 जुलाई 2025) उसने चेस्सा गांव में 1.10 करोड़ रुपये में 3,440 वर्ग मीटर जमीन और 2 मछली तालाब खरीदे।

    • ईडी ने मनी ट्रेल (Money Trail) स्थापित कर यह साबित किया कि इन संपत्तियों की खरीदारी सीधे तौर पर अपराध की आय (Proceeds of Crime) से की गई थी।

    मामले में अन्य अवैध लाभार्थियों की भूमिका और संलिप्तता की जांच जारी है।

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    अमृतसर: 500 किलोग्राम हेरोइन नार्को-टेरर केस में NIA की बड़ी कार्रवाई; आरोपी अनवर मसीह की 2 अचल संपत्तियां अटैच

    अमृतसर, 14 अगस्त (अन्‍नू): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर सिंडिकेट और 500 किलोग्राम हेरोइन तस्करी मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने मामले के मुख्य आरोपी अनवर मसीह की अमृतसर स्थित दो अचल संपत्तियों को कुर्क/अटैच कर लिया है।

    UAPA के तहत हुई कार्रवाई; मौके पर चस्पा किया गया आदेश

    • जब्त संपत्तियों का ब्योरा: एनआईए द्वारा अटैच की गई संपत्तियां अमृतसर के सुल्तानविंड स्थित आकाश विहार (फेज-1) के प्लॉट नंबर 128 और 129 हैं, जो आरोपी अनवर मसीह के नाम पर रजिस्टर्ड हैं।

    • कानूनी धारा: यह कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA, 1967 की धारा 25(1) के तहत की गई है।

    • राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी: 13 अगस्त को गवाहों और स्थानीय राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में संपत्तियों पर अटैचमेंट ऑर्डर पढ़कर चस्पा किया गया और विधिवत पंचनामा तैयार किया गया।

    लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और 6 देशों में फैले नेटवर्क से कनेक्शन

    • सलाया ड्रग जब्ती मामला: यह कार्रवाई मामला संख्या RC-26/2020/NIA/DLI (सलाया ड्रग्स जब्ती कांड) के तहत की गई है, जो पाकिस्तान से समुद्री रास्ते से भारत में 500 किलो हेरोइन की तस्करी से जुड़ा है।

    • अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट: एनआईए की तफ्तीश में सामने आया कि अनवर मसीह इटली, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, थाईलैंड, ईरान और पाकिस्तान तक फैले एक बड़े तस्कर नेटवर्क का अहम हिस्सा था।

    • आतंकी फंडिंग: इस नार्को-नेटवर्क के जरिए मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की भारत विरोधी गतिविधियों को फाइनेंस करने के लिए किया जा रहा था।

    मामले में अब तक 26 आरोपी गिरफ्तार

    एनआईए के अनुसार, इस पूरे नार्को-टेरर नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। मामले में अब तक 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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    पंजाब: VHP नेता विकास प्रभाकर हत्याकांड में NIA की बड़ी कार्रवाई; अमृतसर एयरपोर्ट से एक और आरोपी गिरफ्तार

    नई दिल्ली, 14 अगस्त (अन्‍नू): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पंजाब के नंगल में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के स्थानीय नेता विकास प्रभाकर उर्फ ​​विकास बग्गा की टारगेट किलिंग (Targeted Killing) मामले में एक और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से डिटेन किए जाने के बाद एनआईए ने औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।

    अमृतसर एयरपोर्ट से LOC के आधार पर गिरफ्तारी

    • आरोपी की पहचान: गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनवीर राम उर्फ आशु के रूप में हुई है।

    • लुक आउट सर्कुलर (LOC): एनआईए द्वारा जारी लुक आउट सर्कुलर के आधार पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे गुरुवार को अमृतसर एयरपोर्ट से हिरासत में लिया। इसके बाद एनआईए ने उसे गिरफ्तार कर लिया और अब उसे विशेष एनआईए अदालत (Special NIA Court) के समक्ष पेश किया जाएगा।

    विदेश में बैठे आतंकियों से जुड़े तार

    • बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) की साजिश: एनआईए जांच के अनुसार, विकास प्रभाकर की हत्या की साजिश जर्मनी में बैठे प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के हैंडलर्स हरजीत सिंह उर्फ लाडी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू ने रची थी।

    • हथियारों का इंतजाम और मुख्य कड़ी: मनवीर राम (आशु) यूएई (UAE) में बैठकर काम कर रहा था। उसे हत्याकांड को अंजाम देने के लिए हथियारों का प्रबंध करने का जिम्मा सौंपा गया था। वह जर्मनी में बैठे आकाओं, भारत में हथियार सप्लाई करने वालों और अन्य सहयोगियों के बीच एक मुख्य कड़ी (Crucial Link) के रूप में काम कर रहा था।

    मामले की पृष्ठभूमि

    • केस नंबर: RC-06/2024/NIA/DLI

    • जांच का जिम्मा: एनआईए ने 9 मई 2024 को इस हत्याकांड की जांच अपने हाथ में ली थी।

    • चार्जशीट: एनआईए इस मामले में अब तक मुख्य आरोप पत्र के साथ-साथ दो पूरक आरोप पत्र (Supplementary Chargesheets) अदालत में दाखिल कर चुकी है।

    एजेंसी इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए गहन जांच जारी रखे हुए है।

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    छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ED ने कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को किया गिरफ्तार; 7 दिनों की रिमांड पर भेजा

    रायपुर, 14 अगस्त (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED), रायपुर आंचलिक कार्यालय ने छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले से जुड़े धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। रामगोपाल अग्रवाल छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष थे।

    जेल में निरुद्ध कैदी के रूप में हुई गिरफ्तारी

    • 11 अगस्त को गिरफ्तारी: रायपुर केंद्रीय जेल में विचाराधीन कैदी के रूप में निरुद्ध रामगोपाल अग्रवाल को PMLA की धारा 19 के तहत 11 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया।

    • 7 दिनों की ED रिमांड: गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष न्यायालय (PMLA), रायपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 18 अगस्त 2026 तक (7 दिनों के लिए) प्रवर्तन निदेशालय की कस्टडी (अभिरक्षा) में भेज दिया है।

    3,000 करोड़ रुपये का सिंडिकेट और अवैध कमाई

    • EOW/ACB की FIR पर जांच: ED ने यह जांच आर्थिक अपराध शाखा/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (EOW/ACB), रायपुर द्वारा दर्ज FIR तथा विशेष न्यायालय में दायर चार्जशीट के आधार पर शुरू की थी।

    • 2019 से 2023 के बीच घोटाला: आरोप है कि वर्ष 2019 से 2023 की अवधि के दौरान आबकारी प्रशासन में आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के जरिए बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया।

    • सिंडिकेट का पर्दाफाश: जांच के अनुसार, अनिल टुटेजा (सेवानिवृत्त IAS), अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी (ITS) के साथ मिलकर बने सिंडिकेट ने अवैध कमीशन, बेहिसाबी देशी शराब की बिक्री, डिस्टिलरों व विदेशी शराब कंपनियों से वसूले गए कमीशन और FL-10A लाइसेंस के जरिए लगभग 3,000 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय उत्पन्न की।

    राजीव भवन (कांग्रेस कार्यालय) पहुंचाई गई थी नकदी

    • कोषाध्यक्ष के रूप में मिला पैसा: ED की जांच में सामने आया कि अपराध से अर्जित नकदी का एक बड़ा हिस्सा रामगोपाल अग्रवाल को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष के रूप में दिया गया था।

    • समंस का नहीं दिया था सही जवाब: PMLA की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों से खुलासा हुआ कि नकदी रायपुर स्थित राजीव भवन (कांग्रेस कमेटी कार्यालय) पहुंचाई गई थी। रामगोपाल अग्रवाल ED द्वारा जारी चार समंसों पर उपस्थित होने में विफल रहे थे और बाद में दर्ज बयानों में भी टालमटोल वाले उत्तर दिए थे।

    फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।

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    12/08/26 |

    भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा: अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत 'श्रुति' का जलावतरण

    आरएस अनेजा, 12 जुलाई नई दिल्ली - अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत (एनजीओपीवी) यार्ड 3037 (श्रुति) को कोलकाता स्थित मेसर्स जीआरएसई, कोलकाता में जलावतरित किया गया।

    इस अवसर पर युद्धपोत उत्पादन एवं अधिग्रहण नियंत्रक वाइस एडमिरल संजय साधु भी मौजूद थे और जलावतरण श्रीमती मनिका साधु ने किया। यह कार्यक्रम भारतीय नौसेना की समृद्ध परंपराओं और मूल्यों को प्रदर्शित करता है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में भारतीय नौसेना, रक्षा मंत्रालय और जीआरएसई के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

    एनजीओपीवी का निर्माण एक साथ दो शिपयार्ड, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल), गोवा और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई), कोलकाता में किया जा रहा है। देश में ही परिकल्पित और निर्मित किए जा रहे ये जहाज समुद्री निगरानी, खोज व बचाव, अपतटीय परिसंपत्तियों की सुरक्षा, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत तथा समुद्री डकैती रोधी अभियानों जैसे विभिन्न कार्यों में मौजूदा अपतटीय गश्ती पोतों व नए अपतटीय गश्ती पोतों की क्षमताओं को बढ़ाएंगे।

    इन जहाजों के नाम भारत की समृद्ध विरासत से प्रेरित हैं। इस जहाज का नाम ‘श्रुति’ रखा गया है, जो चारों वेदों का प्रतीक है। जहाज के प्रतीक चिह्न में सप्तऋषि तारामंडल और लाल-सफेद रंग का प्रकाश स्तंभ दर्शाया गया है।

    इस जहाज का जलावतरण भारतीय नौसेना के स्वदेशी पोत निर्माण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सफलता भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ की परिकल्पना के अनुरूप है।

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    12/08/26 |

    विश्व हाथी दिवस 2026: भारत में 60% एशियाई हाथी; सरकार ने की संरक्षण की प्रतिबद्धता

    आरएस अनेजा, 12 अगस्त नई दिल्ली - केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने विश्व हाथी दिवस 2026 के अवसर पर हाथियों और मनुष्यों के लिए साझा भविष्य सुनिश्चित करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

    सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने बताया कि भारत में 14 राज्यों में 33 हाथी अभयारण्य और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित 150 हाथी गलियारे हैं। श्री यादव ने कहा कि हाथियों की उन्नत जनसंख्या निगरानी और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए कड़े उपाय हाथी संरक्षण को मजबूत कर रहे हैं।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा, “हाथियों के भविष्य को सुरक्षित करके ही हम अपने जंगलों, जैव विविधता और पर्यावरण विरासत को सुरक्षित कर सकते हैं।” उन्होंने यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया कि आने वाले समय में भी देश के जंगलों और प्राकृतिक दृश्यों में हाथी स्वतंत्र रूप से विचरण करते रहें।

    इस अवसर पर, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत पृथ्वी पर सबसे समृद्ध और विविध भूदृश्यों वाले देशों में से एक है। श्री सिंह ने कहा कि विश्व के लगभग 60 प्रतिशत जंगली एशियाई हाथी भारत में रहते हैं, जो उन्हें देश की पारिस्थितिक विरासत का जीवंत प्रतीक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, भारत के हाथी अभ्यारण्य हाथी संरक्षण के प्रति देश की प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।

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    12/08/26 |

    उपराष्ट्रपति ने वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सांसदों की 'हर घर तिरंगा' बाइक रैली को रवाना किया

    आरएस अनेजा, 12 अगस्त नई दिल्ली - उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में सांसदों और अन्य जन प्रतिनिधियों के साथ मिलकर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 'हर घर तिरंगा' बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    यह रैली भारत मंडपम से मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम तक गई, जिसने राष्ट्रीय गौरव, एकता और नागरिक भागीदारी का संदेश दिया।

    इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम ने मातृभूमि के प्रति प्रेम को राष्ट्रीय कर्तव्य में बदल दिया और भारत के स्वतंत्रता संग्राम की भावना की सशक्त अभिव्यक्ति बन गया। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे इसके अमर शब्दों ने अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों को साहस, बलिदान और आशा से प्रेरित किया।

    उपराष्ट्रपति ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की अपनी हालिया यात्रा को याद करते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप और ऐतिहासिक सेलुलर जेल का उनका दौरा अत्यंत भावपूर्ण रहा। उन्होंने 1943 में नेताजी द्वारा तिरंगा फहराने और सेलुलर जेल में कैद स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को याद किया, जिनमें से कई ने वंदे मातरम के नारे के साथ फांसी को गले लगाया।

    भारत के स्वतंत्रता संग्राम में राष्ट्रगान वंदे मातरम के राष्ट्रव्यापी प्रभाव को रेखांकित करते हुए सीपी राधाकृष्णन ने राष्ट्रीय कवि सुब्रमण्यम भारती सहित वी.ओ. चिदंबरम पिल्लई, सुब्रमण्यम शिव, तिरुप्पुर कुमारन और वंचिनाथन जैसे तमिलनाडु के स्वतंत्रता सेनानियों और नेताओं के योगदान और बलिदानों को याद किया, जिन्होंने वंदे मातरम की भावना और संदेश को आम लोगों तक पहुंचाया।

    उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2022 में शुरू किया गया 'हर घर तिरंगा अभियान' एक जन आंदोलन में तब्दील हो चुका है, जिसमें नागरिक तिरंगा यात्राओं, बाइक और साइकिल रैलियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी मातृभूमि की भावना को मूर्त रूप देता है। उन्होंने सांसदों और जन प्रतिनिधियों से अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में इस अभियान को बढ़ावा देने और नागरिकों को गर्व के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।

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    पश्चिम बंगाल: 2021 चुनाव बाद हुई हिंसा के हत्या मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई; ₹50 हजार का इनामी भगोड़ा गोपाल दास गिरफ्तार

    कोलकाता, 12 अगस्त (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 11 अगस्त 2026 को पश्चिम बंगाल में वर्ष 2021 के चुनाव बाद हुई हिंसा (Post-Poll Violence) से जुड़े हत्या के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे उद्घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) को गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई ने गुप्त सूचना (Human Intelligence) और तकनीकी इनपुट के आधार पर गोपाल दास उर्फ विशाल पॉल को रबींद्रनगर (मध्यमग्राम, उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल) से दबोचा।

    ₹50,000 का घोषित था इनाम; 2021 से चल रहा था फरार

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार:

    • इनामी आरोपी: आरोपी गोपाल दास वर्ष 2021 में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही लगातार फरार चल रहा था और कभी भी जांच या ट्रायल में शामिल नहीं हुआ।

    • सीबीआई का इनाम: उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई ने उस पर ₹50,000 का नकद इनाम घोषित किया हुआ था।

    अभिजीत सरकार हत्याकांड से जुड़ा है मामला

    • मामले की पृष्ठभूमि: 2 मई 2021 को कोलकाता के शीतलाताला लेन में बीजेपी कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी।

    • कलकत्ता हाईकोर्ट का आदेश: माननीय कलकत्ता उच्च न्यायालय के 19 अगस्त 2021 के आदेश के अनुपालन में सीबीआई ने 25 अगस्त 2021 को नारकेलडांगा पुलिस थाने की एफआईआर सं. 124/2021 को टेकओवर करते हुए मामला दर्ज किया था।

    38 आरोपियों में TMC के तत्कालीन विधायक व पार्षद भी शामिल; कोर्ट ने भेजा जेल

    • चार्जशीट दर्ज: सीबीआई ने जांच पूरी करने के बाद 2021 और 2025 में गोपाल दास उर्फ विशाल पॉल सहित कुल 38 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट व सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी।

    • प्रमुख नाम: आरोपियों में टीएमसी के तत्कालीन विधायक परेश पॉल, तत्कालीन टीएमसी पार्षद स्वपन समाद्दार और श्रीमती पापिया घोष के नाम भी शामिल हैं।

    • न्यायिक हिरासत: मामला फिलहाल सिटी सेशन कोर्ट, कलकत्ता में विचाराधीन है। गिरफ्तार आरोपी गोपाल दास को 11 अगस्त 2026 को सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

    #CBINews #WestBengalNews #PostPollViolence #AbhijitSarkarCase #KolkataNews #TMC #DanikKhabar #NationalNews

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    लखनऊ: आय से अधिक संपत्ति मामले में IRCTC के पूर्व चीफ रीजनल मैनेजर को 3 साल की सजा; CBI कोर्ट ने लगाया ₹14.75 लाख का जुर्माना

    लखनऊ, 11 अगस्त (अन्‍नू): विशेष सीबीआई अदालत ने आय से अधिक संपत्ति के एक पुराने मामले में आईआरसीटीसी (IRCTC) के तत्कालीन चीफ रीजनल मैनेजर को दोषी ठहराते हुए 3 साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी अधिकारी पर ₹14.75 लाख का जुर्माना भी लगाया है। सीबीआई ने इस संबंध में 11 अगस्त 2026 को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी।

    ₹70,000 की रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद दर्ज हुआ था मामला

    सीबीआई द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार:

    • ट्रैप की घटना: IRCTC क्षेत्रीय कार्यालय (लखनऊ) में तत्कालीन मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक (Chief Regional Manager) कृष्ण मोहन त्रिपाठी को 31 अक्टूबर 2009 को ₹70,000 की रिश्वत (Illegal Gratification) मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था।

    • DA केस दर्ज: रिश्वत मामले की तफ्तीश के दौरान जब आरोपी की संपत्तियों की जांच की गई, तो सामने आया कि उसने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित कर रखी है। इसके बाद सीबीआई ने 24 फरवरी 2010 को उसके खिलाफ पृथक आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था।

    आय से 102.53% अधिक पाई गई संपत्ति; 2011 में दाखिल हुई थी चार्जशीट

    • चार्जशीट: जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने 13 दिसंबर 2011 को आरोपी कृष्ण मोहन त्रिपाठी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।

    • अदालत में साबित हुआ जुर्म: मुकदमे (Trial) की सुनवाई के दौरान प्रॉसिक्यूशन ने साबित किया कि आरोपी के पास कुल ₹1,44,02,221 की आय से अधिक संपत्ति पाई गई, जो उसकी कुल वैध आय का 102.53 प्रतिशत थी।

    ट्रायल पूरा होने के बाद माननीय सीबीआई अदालत ने आरोपी को दोषी पाते हुए 3 साल के कठोर कारावास और ₹14.75 लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई।

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    विजयवाड़ा: ₹50,000 की रिश्वत लेते CGST का सुपरिटेंडेंट रंगे हाथों गिरफ्तार; CBI ने बिछाया था जाल

    आंध्र प्रदेश, 11 अगस्त (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए इब्राहिमपटनम, विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) में तैनात सेंट्रल जीएसटी (CGST) के अधीक्षक (Superintendent) को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। CBI ने इस संबंध में 10 अगस्त 2026 को आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी साझा की।

    टैक्स डिमांड नोटिस न जारी करने के लिए मांगी थी ₹1.5 लाख की रिश्वत

    CBI द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:

    • शिकायत: एक निजी कंपनी चलाने वाले शिकायतकर्ता ने CBI से शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी CGST अधिकारी ने उसकी कंपनी पर टैक्स देनदारी (Tax Liability) का डिमांड नोटिस जारी न करने और मामले को पूरी तरह रफा-दफा करने के एवज में ₹1,50,000 की रिश्वत की मांग की थी।

    • केस दर्ज: शिकायत के आधार पर CBI ने 10 अगस्त 2026 को आरोपी लोक सेवक (Public Servant) के खिलाफ मामला दर्ज किया।

    ₹50,000 लेते रंगे हाथों गिरफ्तार; विजयवाड़ा ठिकानों पर छापेमारी

    • ट्रैप की कार्रवाई: शिकायत दर्ज होने के बाद CBI ने 10 अगस्त 2026 को ही जाल बिछाया और आरोपी अधिकारी को शिकायतकर्ता से रिश्वत की किश्त के रूप में ₹50,000 स्वीकार करते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।

    • रकम बरामद: ट्रैप कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी रकम (₹50,000) मौके से ही बरामद कर ली गई।

    • ठिकानों पर रेड: गिरफ्तारी के बाद CBI की टीमों ने विजयवाड़ा में स्थित आरोपी अधिकारी के रिहाइशी व अन्य ठिकानों पर छापेमारी (Searches) शुरू कर दी है।

    11 अगस्त को अदालत में किया जाएगा पेश

    CBI अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी लोक सेवक को 11 अगस्त 2026 को विजयवाड़ा की सक्षम अदालत (Competent Court) के समक्ष पेश किया जाएगा। मामले में विस्तृत जांच (Investigation) लगातार जारी है।

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    ₹2000 करोड़ से अधिक का चीट फंड घोटाला: ED ने 'वेलफेयर बिलडिंग्स' के ठिकानों पर की छापेमारी; ₹1.01 करोड़ कैश और 182 बैंक खाते फ्रीज

    भुवनेश्वर/विशाखापत्तनम, 11 अगस्त (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED), भुवनेश्वर जोनल कार्यालय ने बहुचर्चित ₹2000 करोड़ से अधिक के चीट फंड और चिट फंड घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने 5 अगस्त 2026 को 'M/s Wellfare Buildings and Estates Pvt. Ltd. (WBEPL)' और इसके निदेशकों मल्ला विजया प्रसाद (Malla Vijaya Prasad), वराह रामकृष्ण सत्य श्रीनिवास राव अल्ला (Varaha Ramakrishna Satya Srinivasa Rao Alla) व अन्य से जुड़े विशाखापत्तनम और हैदराबाद स्थित 5 परिसरों पर मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत छापेमारी (Search Operations) की।

    ₹1.01 करोड़ कैश बरामद, 182 बैंक खाते फ्रीज

    छापेमारी के दौरान ED की टीमों ने भारी मात्रा में नकदी और चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए हैं:

    • नकदी बरामदगी: कार्रवाई के दौरान ₹1.01 करोड़ भारतीय मुद्रा जब्त की गई।

    • संपत्ति व डिजिटल साक्ष्य: कंपनी, इसके निदेशकों और संबंधित संस्थाओं से जुड़े डिजिटल डिवाइस व संपत्ति के महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

    • बैंक खाते व लग्जरी गाड़ियां: ED ने कंपनी और उसके निदेशकों से जुड़े 182 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है, साथ ही 6 हाई-एंड लग्जरी गाड़ियों (High-End Luxury Vehicles) पर भी फ्रीजिंग ऑर्डर जारी किए हैं।

    CBI, EOW और SFIO की FIR पर शुरू हुई थी जांच

    ED ने यह कार्रवाई आर्थिक अपराध शाखा (EOW) भुवनेश्वर, सीबीआई एसीबी (CBI ACB Dhanbad), ओडिशा पुलिस और सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) द्वारा M/s WBEPL और इसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज कराई गई कई FIR और चार्जशीट के आधार पर शुरू की थी।

    रियल एस्टेट के नाम पर पोंजी स्कीम; ₹2000 करोड़ की ठगी

    ED की तफ्तीश में कंपनी द्वारा किए गए बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है:

    • पोंजी स्कीम का जाल: कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर व निदेशकों ने रियल एस्टेट कारोबार का मुखौटा पहनकर बड़े पैमाने पर डिपॉजिट जुटाने की स्कीम चलाई।

    • फंड्स का गबन: वैधानिक नियमों का उल्लंघन करते हुए ₹2000 करोड़ से अधिक का पब्लिक फंड अनधिकृत रूप से जुटाया गया। नए निवेशकों के पैसों से पुराने निवेशकों को भुगतान किया गया और निवेशकों की राशि को व्यक्तिगत फायदे व अन्य उद्देश्यों में डायवर्ट कर दिया गया।

    • विशाखापत्तनम में जमीन देने का झांसा: ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और आंध्र प्रदेश के हजारों निवेशकों को विशाखापत्तनम में जमीन देने के नाम पर ठगा गया। बाद में कंपनी ने कई राज्यों में स्थित अपने ब्रांच ऑफिस बंद कर दिए और निवेशकों के पैसे हड़प लिए।

    ED के अधिकारियों के अनुसार, मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई और जांच (Further Investigation) जारी है।

    #ED #ChitFundScam #WellfareBuildings #MoneyLaundering #PMLA #MallaVijayaPrasad #DanikKhabar #NationalNews

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    11/08/26 |

    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल लॉन्च किया

    आरएस अनेजा, 11 अगस्त नई दिल्ली - केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को आईसीएआर-आईएआरआई, पूसा में राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) के माध्यम से देश भर के कृषि छात्रों के लिए छात्रवृत्ति और फेलोशिप फंड जारी किए।

    इस पहल के तहत, 6,000 से अधिक छात्रों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे 21.35 करोड़ रुपये की कुल राशि जारी की गई। इस नई पहल की शुरुआत के साथ, कृषि छात्रों को अब अनावश्यक कठिनाइयों या देरी का सामना किए बिना डीबीटी के माध्यम से हर महीने अपनी छात्रवृत्ति राशि प्राप्त होगी। इस पहल का उद्देश्य छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों को समय पर और परेशानी मुक्त तरीके से वित्तीय सहायता मिले।

    इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छात्रवृत्ति केवल वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि कृषि शिक्षा को मजबूत, अधिक व्यावहारिक और अवसरों से बेहतर ढंग से जोड़ने का एक साधन भी है। उन्होंने कहा कि अब डीबीटी प्रणाली लागू होने से छात्रों को समय पर सहायता मिलेगी और पारंपरिक देरी की समस्या समाप्त हो जाएगी। छात्रों को संबोधित करते हुए, श्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि कृषि शिक्षा में व्यावहारिक प्रशिक्षण बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि केवल कक्षा-आधारित शिक्षा अच्छे किसान, वैज्ञानिक या कृषि उद्यमी तैयार नहीं कर सकती है।

    उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों को कक्षा से परे व्यावहारिक अनुभव हासिल करने और कृषि की वास्तविकताओं को समझने के अवसरों की आवश्यकता है। उन्होंने छात्रों से सुधार के लिए अपने सुझाव और विचार साझा करने की भी अपील की ताकि शिक्षा और प्रशिक्षण प्रणाली को लगातार मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा का उद्देश्य न केवल ज्ञान प्रदान करना होना चाहिए, बल्कि युवाओं को कृषि क्षेत्र में प्रभावी योगदान देने के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल, आत्मविश्वास और समझ से लैस करना भी होना चाहिए।

    चौहान ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में सरकार कृषि क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा, पोषण और किसानों की आय सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने आईसीएआर (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) के वैज्ञानिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि किसानों की कड़ी मेहनत के साथ उनके शोध ने देश के खाद्यान्न भंडार को मजबूत किया है और भारत की कृषि प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने युवाओं से अपना करियर बनाने के साथ-साथ बड़े लक्ष्य निर्धारित करने का आग्रह किया और उन्हें देश के लिए कुछ सार्थक करने के लिए प्रोत्साहित किया। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि कृषि विद्यार्थियों को केवल रोजगार तलाशने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नवाचार, स्टार्ट-अप और अनुसंधान में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने युवा पीढ़ी को कृषि को व्यापक अवसर प्रदान करने वाले क्षेत्र के रूप में देखने और उभरती चुनौतियों के लिए नए समाधान खोजने में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस क्षेत्र में वैज्ञानिक उन्नति, उद्यमिता और नवाचार को आगे बढ़ाने में युवा कृषि पेशेवरों और छात्रों के महत्व को रेखांकित किया।

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    11/08/26 |

    'वंदे मातरम् के 150 वर्ष' और 'विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति' का सम्मान करने के लिए स्वतंत्रता दिवस समारोह-2026

    आरएस अनेजा, 11 अगस्त नई दिल्ली - राष्ट्र 15 अगस्त, 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से मुख्य समारोह का नेतृत्व करेंगे। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे हो रहे हैं।

    आज़ादी की लड़ाई के दौरान लाखों लोगों को प्रेरित करने वाले इस राष्ट्रीय गीत को, इसकी यादगार विरासत के सम्मान में पहली बार लाल किले की प्राचीर से गाया जाएगा। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लाखों भारतीयों को प्रेरित करने वाले इस राष्ट्रीय गीत की गौरवशाली विरासत के सम्मान में पहली बार इसे लाल किले की प्राचीर से गाया जाएगा।

    प्रधानमंत्री के लाल किले के प्रांगण में पहुंचने के अवसर पर ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जाएगा। इसके बाद वे राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और राष्ट्र को पारंपरिक रूप से संबोधित करेंगे। रक्षा सचिव ने कहा कि इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘युवा शक्ति’ को भी विशेष सम्मान दिया जाएगा और वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण में युवाओं के योगदान को रेखांकित किया जाएगा।

    वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने का अवसर

    फूलों की सजावट में ‘वंदे मातरम्’ की झलक दिखाई देगी। इसके तहत एनसीसी के 2,500 लड़के-लड़कियां कैडेट्स और ‘मेरा भारत’ (माई भारत) के स्वयंसेवक मिलकर लाल किले की प्राचीर के सामने ज्ञानपथ पर ‘वंदे मातरम्’ की आकृति बनाएंगे। भारतीय वायु सेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक बैनर लेकर उड़ान भरेगा और लाल किले पर मौजूद लोगों पर पुष्पवर्षा करेगा।

    सैन्य बैंड की प्रस्तुतियां

    आजादी की लड़ाई के दौरान पीढ़ियों को एकजुट करने और प्रेरित करने वाले राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को सम्मान देने के लिए 8 अगस्त, 2026 से देशभर में कई बैंड प्रस्तुतियों का आयोजन किया जा रहा है। देश के 343 प्रमुख स्थानों पर सेना, नौसेना, वायु सेना, भारतीय तटरक्षक बल, एनसीसी, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), एकीकृत रक्षा स्टाफ (आईडीएस), रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और असम राइफल्स के बैंड की प्रस्तुतियां 15 अगस्त, 2026 तक जारी रहेंगी। नागरिकों में देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इन बैंड प्रस्तुतियों के आयोजन स्थलों पर आम जनता के लिए प्रवेश खुला रखा गया है।

    युवा शक्ति: विकसित भारत@2047 की यात्रा का नेतृत्व

    वर्ष 2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं की उपलब्धियों को सम्मानित किया जाएगा। इंटरनेशनल फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथमेटिक्स ओलंपियाड-2026 में पदक जीतने वाले 19 छात्रों की उपलब्धियां विज्ञान के क्षेत्र में युवा शक्ति की सफलता का उदाहरण हैं। इन छात्रों को स्वतंत्रता दिवस समारोह में आमंत्रित किया गया है और उन्हें लाल किले की प्राचीर पर बैठाया जाएगा।

    पृष्ठभूमि में लगाए गए कट-आउट्स परमाणु और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की प्रगति को दर्शाएंगे, जबकि ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ क्षेत्र में फूलों की सजावट ‘विकसित भारत@2047’ की दिशा में भारत की यात्रा को प्रदर्शित करेगी।

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    मल्लापुरम अवैध विस्फोटक मामला: NIA ने मुख्य साजिशकर्ता हारिस टीए को किया गिरफ्तार; मामले में अब तक 10 गिरफ्तारियां

    नई दिल्ली, 09 अगस्त (अन्‍नू): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने केरल के मल्लापुरम में अवैध विस्फोटकों के जखीरे की जब्ती से जुड़े मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य साजिशकर्ता हारिस टीए (Haris TA) को गिरफ्तार कर लिया है। इस नई गिरफ्तारी के साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो गई है।

    मल्लापुरम के मंजेरी से हुई गिरफ्तारी

    • मुख्य साजिशकर्ता: एनआईए ने हारिस टीए को शनिवार (08 अगस्त) को केरल के मल्लापुरम जिले के मंजेरी से दबोचा। आरोपी इस मामले में जब्त किए गए विस्फोटकों की अवैध खरीद और आपूर्ति की मुख्य साजिश में शामिल था।

    • कर्नाटक से भी हुई थीं गिरफ्तारियां: हारिस की गिरफ्तारी से ठीक एक दिन पहले (07 अगस्त को) एनआईए ने कर्नाटक के विजयपुरा से 3 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

    क्या था मल्लापुरम विस्फोटक मामला? (RC-01/2026/NIA/KOC)

    • विस्फोटकों का जखीरा: यह मामला 7 फरवरी 2026 का है, जब मल्लापुरम के चेम्माड-थलाप्पारा मार्ग पर स्थित 'फरहा हॉलो ब्रिक्स कंपनी' के परिसर में खड़ी एक लारी (रजिस्ट्रेशन नंबर KL 10 BF 8395) से 89,600 एक्सप्लोसिव स्टिक्स (Explosive Sticks) और 10,500 शॉक ट्यूब (NONEL) बरामद किए गए थे।

    • शुरुआती कार्रवाई: केरल पुलिस ने लारी को जब्त कर 3 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनके पास इन खतरनाक विस्फोटकों के परिवहन या भंडारण का कोई वैध लाइसेंस या अनुमति नहीं थी।

    एनआईए की जांच और 19 ठिकानों पर छापेमारी

    मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए ने केस को पुनः दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली। जांच के दौरान एजेंसी ने तीन राज्यों में 19 अलग-अलग स्थानों पर सघन छापेमारी की, जहां से कई आपत्तिजनक दस्तावेज, सामग्री और साजिश में शामिल अन्य लोगों के सुराग मिले।

    एनआईए के अनुसार, मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। विस्फोटकों की अवैध खरीद, आपूर्ति श्रृंखला और इसके पीछे की व्यापक साजिश को बेनकाब करने के लिए जांच अभी जारी है।

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    उन्नाव: CBI ने बीघापुर डाकघर के ऑफिस असिस्टेंट को रंगे हाथ किया गिरफ्तार; लोन सब्सिडी वेरिफिकेशन के नाम पर मांगी थी रिश्वत

    लखनऊ, 09 अगस्त (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में स्थित बीघापुर डाकघर के ऑफिस असिस्टेंट को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने आरोपी को शिकायतकर्ता से 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए ट्रैप (जाल) बिछाकर पकड़ा।

    क्या है पूरा मामला?

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार:

    • लोन और सब्सिडी का मामला: शिकायतकर्ता ने 'प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम' (PMEGP) योजना के तहत बेकरी खोलने/चलाने के लिए उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक (भगवंत नगर शाखा) से 10,00,000 रुपये का लोन लिया था। इस लोन के लिए 3,49,500 रुपये की सब्सिडी राशि बैंक में क्रेडिट हो चुकी थी।

    • रिश्वत की मांग: लोन की इस सब्सिडी का सत्यापन (Verification) करने के एवज में बीघापुर डाकघर के आरोपी ऑफिस असिस्टेंट ने शिकायतकर्ता से 35,000 रुपये रिश्वत की मांग की थी।

    सीबीआई का ट्रैप और रंगे हाथ गिरफ्तारी

    • मामला दर्ज: शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने 07 अगस्त 2026 को आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया।

    • रंगे हाथ पकड़ा गया: 08 अगस्त 2026 को सीबीआई की टीम ने जाल बिछाया और आरोपी ऑफिस असिस्टेंट को शिकायतकर्ता से 25,000 रुपये की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए मौके पर ही धर दबोचा।

    अदालत में पेशी

    गिरफ्तार किए गए आरोपी डाकघर कर्मचारी को लखनऊ स्थित सीबीआई की सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जा रहा है।

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    रिलायंस कम्युनिकेशंस मनी लॉन्ड्रिंग मामला: ED ने राउज एवेन्यू कोर्ट में दायर की पूरक शिकायत: ₹40,185 करोड़ की गड़बड़ी का खुलासा

    नई दिल्ली, 09 अगस्त (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मेसर्स रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCOM) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू जिला अदालत की विशेष PMLA कोर्ट के समक्ष 08 अगस्त 2026 को पूरक अभियोग पत्र (Supplementary Prosecution Complaint) दाखिल किया है।

    प्रमुख आरोपी और धाराएं

    ED ने PMLA, 2002 की धारा 3 और धारा 70 के तहत (जो धारा 4 के अंतर्गत दंडनीय है) निम्नलिखित संस्थाओं और व्यक्तियों को आरोपी बनाया है:

    • कंपनियां: मेसर्स रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCOM) और मेसर्स रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (RTL)।

    • व्यक्तिगत आरोपी: गौतम भाईलाल दोषी, सतीश सेठ, अमिताभ झुनझुनवाला और अन्य।

    मामले का बैकग्राउंड और ED की जांच

    • CBI FIR पर आधारित कार्रवाई: ED ने CBI की बैंकिंग प्रतिभूति एवं धोखाधड़ी शाखा (BSFB), नई दिल्ली द्वारा बैंकों और वित्तीय संस्थानों की शिकायतों के आधार पर दर्ज प्राथमिकियों (FIRs) से अपनी जांच शुरू की थी।

    • फंड्स की हेराफेरी: जांच में सामने आया कि RCOM, RTL और रिलायंस इन्फ्राटेल लिमिटेड द्वारा ली गई क्रेडिट सुविधाओं का डायवर्जन किया गया।

    • 2007 से जारी धोखाधड़ी: ED के अनुसार, यह फर्जीवाड़ा साल 2007 या उससे भी पहले शुरू हुआ था। लोन की रकम को रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस कैपिटल लिमिटेड जैसी समूह कंपनियों में ट्रांसफर किया गया। इसके अलावा विदेश में प्रमोटरों की निजी संपत्तियां खरीदने और RCOM के मुनाफे को फर्जी तरीके से बढ़ाकर दिखाने में भी इसका इस्तेमाल हुआ।

    आंकड़े और जब्ती की मांग

    • ₹40,185.55 करोड़ की अपराध आय (Proceeds of Crime): जांच में कुल डिफ़ॉल्ट और हेराफेरी की राशि ₹40,185.55 करोड़ आंकी गई है। इसमें US$ 1 बिलियन के FCCB (Foreign Currency Convertible Bonds) का गलत तरीके से प्रमाणीकरण भी शामिल है।

    • ₹8,078.06 करोड़ की संपत्ति जब्ती की मांग: ED ने अटैच की गई ₹8,078.06 करोड़ मूल्य की संपत्तियों (जो नई दिल्ली, नवी मुंबई, भुवनेश्वर, चेन्नई और पुणे में स्थित हैं) को जब्त करने के लिए कोर्ट से प्रार्थना की है।

    गिरफ्तारी और अदालती स्थिति

    • मामले में गौतम भाईलाल दोषी को 12 जून 2026 और सतीश सेठ को 09 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया था, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

    • विशेष अदालत ने 15 जून 2026 को मुख्य अभियोग पत्र पर संज्ञान लिया था। मामले में आगे की जांच जारी है।

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    नीदरलैंड: चर्चिल लेन पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर राम मोहन राय ने अर्पित किए श्रद्धासुमन; बोले—'सत्य और नैतिक शक्ति हथियारों से अधिक शक्तिशाली'

    एम्स्टर्डम/नई दिल्ली, 09 अगस्त (अन्‍नू): नीदरलैंड के एम्स्टर्डम स्थित ऐतिहासिक चर्चिल लेन पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष गांधी ग्लोबल फैमिली के महासचिव एवं वरिष्ठ अधिवक्ता राम मोहन राय ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन आज भी पूरी दुनिया को सत्य, नैतिक साहस और मानवता की सेवा का अटूट संदेश देता है।

    इतिहास के बदलाव का प्रतीक: चर्चिल लेन पर गांधी की प्रतिमा

    राम मोहन राय ने कहा कि जिस सड़क का नाम ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल के नाम पर रखा गया है, वहीं महात्मा गांधी की प्रतिमा का स्थापित होना इतिहास के महान बदलाव का सजीव प्रतीक है:

    • विंस्टन चर्चिल और गांधी: चर्चिल महात्मा गांधी के सबसे प्रखर आलोचकों में से एक थे और उन्होंने गांधी जी के प्रति कई बार अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था।

    • नैतिक शक्ति की विजय: समय ने यह साबित कर दिया कि सत्ता और हथियारों के बल के बजाय सत्य, अहिंसा और नैतिक शक्ति अधिक प्रभावशाली होती है। गांधी जी ने बिना किसी हथियार के विशाल ब्रिटिश साम्राज्य को चुनौती दी और करोड़ों देशवासियों में आजादी की अलख जगाई।

    'एकला चलो रे' को जीवन में उतारने की आवश्यकता

    आज के वैश्विक परिदृश्य पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा:

    • वैश्विक चुनौतियां: आज पूरी दुनिया युद्ध, आतंकवाद, हिंसा, असहिष्णुता, मानसिक तनाव और पर्यावरणीय संकटों से जूझ रही है। ऐसे समय में केवल सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है।

    • भीतरी गांधी को जगाएं: राय ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की पंक्तियों—‘यदि तोर डाक सुने केउ ना आसे, तबे एकला चलो रे’—का स्मरण कराते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर के गांधी को जगाकर अकेले भी सत्य और मानवता के पक्ष में खड़ा होना होगा।

    "मेरा जीवन ही मेरा संदेश है"

    गांधी ग्लोबल फैमिली के महासचिव ने कहा कि गांधी जी की तस्वीर लगाना आसान है, लेकिन उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारना कठिन। गांधी जी स्वयं कहते थे, ‘मेरा जीवन ही मेरा संदेश है।’ इसलिए बापू को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम केवल उनके नाम का स्मरण न करें, बल्कि उनके विचारों, करुणा और मानवीय मूल्यों का अपने आचरण में विस्तार करें।

    #MahatmaGandhi #AmsterdamNews #GandhiGlobalFamily #WinstonChurchill #RamMohanRai #EklaChaloRe #TruthAndNonViolence #DanikKhabar #InternationalNews

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    एशियन कैनो मैराथन चैंपियनशिप: चंडीगढ़ के जगनबीर सिंह बाजवा ने दो कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया

    अभिकान्त , 09 अगस्त चंडीगढ़: जापान में आयोजित प्रतिष्ठित एशियन कैनो मैराथन चैंपियनशिप में चंडीगढ़ के 20 वर्षीय होनहार खिलाड़ी जगनबीर सिंह बाजवा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो कांस्य (ब्रॉन्ज) पदक अपने नाम किए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत, पंजाब और चंडीगढ़ का मान बढ़ाने वाले जगनबीर ने प्रतियोगिता की 3.4 किलोमीटर और 10 किलोमीटर, दोनों ही प्रमुख स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

    इस कड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में वियतनाम के फाम वान हान ने पहला स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक जीता, जबकि मेजबान जापान के उएदे शितोरा दूसरे स्थान पर रहे और रजत पदक जीता। बेहद कम उम्र और विश्वस्तरीय अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद जगनबीर ने उत्कृष्ट खेल भावना का परिचय देते हुए दोनों श्रेणियों में तीसरा स्थान हासिल किया।

    जगनबीर की इस ऐतिहासिक सफलता पर उनके कोच और स्वयं पूर्व स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी रविंदर सिंह ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जगनबीर लंबे समय से कड़ी मेहनत, अटूट लगन और अनुशासन के साथ अभ्यास कर रहे थे। इतनी कम उम्र में एशियन चैंपियनशिप जैसे बड़े और चुनौतीपूर्ण मंच पर दो-दो पदक जीतना उनके उज्ज्वल भविष्य का स्पष्ट संकेत है।

    वहीं, भारतीय टीम के कोच और 'कैनो मैराथन इंडिया' के चेयरमैन दीपक कुमार सिंह के कुशल मार्गदर्शन में भारतीय दल ने इस प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन दर्ज किया। उन्होंने जगनबीर की इस उपलब्धि में उनके परिवार के निरंतर सहयोग और उनकी व्यक्तिगत मेहनत को सबसे अहम कारक बताया।

    #AsianCanoeMarathon #JaganbirSinghBajwa #ChandigarhSports #IndianCanoeing #AsianChampionship2026 #Danikkhabar #SportsNews #ChandigarhNews #BreakingNews #IndiaAtAsia

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    NIA की बड़ी कार्रवाई: सीमा पार आतंकी साजिश मामले में दो के खिलाफ चार्जशीट दाखिल; पैसेंजर ट्रेन को बम से उड़ाने का था प्लान

    नई दिल्ली, 08 अगस्त (अन्‍नू): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार को भारत-पाकिस्तान सीमा पार से आईईडी (IED), हथियार और हेरोइन की तस्करी कर भारत में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रचने के मामले में दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल की है।

    एनआईए की विशेष अदालत, मोहाली में दाखिल इस चार्जशीट में गिरफ्तार आरोपी शुभम कुमार और फरार चल रहे जसवीर चौधरी को नामजद किया गया है।

    गंभीर धाराओं के तहत आरोप दर्ज

    एनआईए ने दोनों आरोपियों पर आतंकवाद और तस्करी से जुड़ी कड़ी धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं:

    • गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (UAPA)

    • भारतीय न्याय संहिता (BNS)

    • विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (Explosive Substances Act)

    • शस्त्र अधिनियम (Arms Act)

    • एनडीपीएस अधिनियम (NDPS Act)

    • रेलवे अधिनियम (Railways Act)

    फरवरी 2026 में एसएसओसी अमृतसर ने की थी पहली गिरफ्तारी

    यह मामला शुरुआत में फरवरी 2026 में स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल (SSOC), अमृतसर द्वारा दर्ज किया गया था, जब शुभम कुमार को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से:

    • धातु के केस में पैक लाइव आईईडी (IED)

    • रिमोट-कंट्रोल डिवाइस

    • .30 बोर की विदेशी निर्मित पिस्तौल और मैगजीन

    • 20 जिंदा कारतूस

    • मोबाइल फोन और हेरोइन बरामद हुई थी।

    एनआईए ने मार्च 2026 में इस केस की जांच अपने हाथ में ली और पाकिस्तान आधारित हैंडलरों व उनके भारतीय सहयोगियों के बीच चल रहे इस नेटवर्क का पर्दाफाश किया।

    पैसेंजर ट्रेन में टाइमर आईईडी प्लांट करने की थी साजिश

    एनआईए की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:

    • ट्रेन धमाके की साजिश: आरोपी शुभम कुमार को भारी जान-माल के नुकसान के इरादे से एक पैसेंजर ट्रेन में टाइमर-एक्टिवेटेड आईईडी (Timer-activated IED) लगाने का जिम्मा सौंपा गया था।

    • कई राज्यों में हमलों का प्लान: इस साजिश का मुख्य उद्देश्य पंजाब और दिल्ली सहित कई प्रमुख स्थानों पर हमले कर जन-धन की हानि पहुंचाना, शांति व्यवस्था भंग करना और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना था।

    पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स की तलाश जारी

    एनआईए ने बताया कि मामले में पर्याप्त मौखिक, दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर वैधानिक समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल की गई है। एजेंसी पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों और उनके सीमा पार नेटवर्क के अन्य सहयोगियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए आगे की जांच कर रही है।

    #NIA #TerrorPlotAverted #IEDPlot #NationalInvestigationAgency #MohaliCourt #CrossBorderTerrorism #PunjabNews #DanikKhabar #NationalNews

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    ईडी की बड़ी कार्रवाई: मेसर्स दीपक केबल (इंडिया) लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल; 1,047 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक फ्रॉड का मामला

    बेंगलुरु/नई दिल्ली, 08 अगस्त (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बेंगलुरु जोनल कार्यालय ने बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मेसर्स दीपक केबल (इंडिया) लिमिटेड (M/s DCIL), इसके पूर्व प्रबंध निदेशक (MD) के. वेंकटेश्वर राव और अन्य सहयोगियों के खिलाफ प्रधान नगर नागरिक एवं सत्र न्यायालय (बेंगलुरु) में अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint / चार्जशीट) दाखिल की है।

    ईडी द्वारा 07 अगस्त 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई है।

    आरोपियों की सूची

    ईडी ने इस मामले में कंपनी सहित निम्नलिखित 11 संस्थाओं और व्यक्तियों को आरोपी बनाया है:

    1. मेसर्स दीपक केबल (इंडिया) लिमिटेड (M/s DCIL)

    2. के. वेंकटेश्वर राव (पूर्व प्रबंध निदेशक, DCIL)

    3. श्रीमती सत्यवती बल्ला (पूर्व निदेशक, DCIL)

    4. मेसर्स सूर्या ट्रांसमिशन लिमिटेड

    5. मेसर्स आधुनिक पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड

    6. मेसर्स अमृता कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड (ACPL)

    7. पी. वेंकटेश्वर राव (प्रबंध निदेशक, ACPL)

    8. मेसर्स केजीएन इलेक्ट्रिकल्स

    9. मोहम्मद इद्रेस (पार्टनर, केजीएन इलेक्ट्रिकल्स)

    10. मेसर्स शरावती कंडक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड (SCPL)

    11. कारदम पटेल (प्रबंध निदेशक, SCPL)

    बैंकों को 1,047 करोड़ रुपये से अधिक का पहुंचाया चूना

    • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) धोखाधड़ी: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, SAMB बेंगलुरु की शिकायत पर सीबीआई (CBI) द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की। आरोप है कि DCIL और इसके प्रमोटरों ने धोखाधड़ी कर एसबीआई को 899.35 करोड़ रुपये (ब्याज और कानूनी खर्चों सहित) का नुकसान पहुंचाया।

    • पंजाब नेशनल बैंक (PNB) धोखाधड़ी: सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ भी धोखाधड़ी कर 147.93 करोड़ रुपये के फंड की हेराफेरी की।

    फर्जी बिक्री/खरीद और फंड डायवर्जन का खेल

    ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि एल्युमिनियम कंडक्टर्स और पावर ट्रांसमिशन उपकरण बनाने वाली कंपनी DCIL ने बैंकों के कंसोर्टियम (समूह) से फर्जी वित्तीय रिकॉर्ड और बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए आंकड़ों के आधार पर क्रेडिट सुविधाएं हासिल कीं।

    • फर्जी लेनदेन: कंपनी ने बिना किसी सामान की डिलीवरी/आवाजाही के मेसर्स सूर्या ट्रांसमिशन, आधुनिक पावर, अमृता कंस्ट्रक्शंस, केजीएन इलेक्ट्रिकल्स और शरावती कंडक्टर्स जैसी संबंधित और गैर-संबंधित कंपनियों के साथ फर्जी खरीद-बिक्री के सौदे दिखाए।

    • संपत्तियों की खरीद: अपराध से अर्जित इस राशि (Proceeds of Crime) को प्रमोटरों/निदेशकों के व्यक्तिगत खातों और संबंधित कंपनियों के खातों में ट्रांसफर किया गया। इस राशि का उपयोग अचल संपत्तियों को खरीदने और आईडीएफसी लिमिटेड व एसेंट इंडिया फंड्स से अपनी ही कंपनी के शेयर बाय-बैक (Buy-back) करने में किया गया।

    एमडी गिरफ्तार, 51.28 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क

    • पूर्व एमडी की गिरफ्तारी: मामले में गहन जांच के बाद ईडी ने पूर्व एमडी के. वेंकटेश्वर राव को 02 जून 2026 को गिरफ्तार किया था, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

    • संपत्ति जब्ती: ईडी ने 30 जुलाई 2026 को एक अंतरिम आदेश जारी कर आरोपियों के नाम पर दर्ज लगभग 51.28 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से जब्त (Provisionally Attached) कर लिया है।

    प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार मामले में आगे की कानूनी जांच अभी जारी है।

    #EDAction #BankFraud #MoneyLaundering #PMLA #DeepakCable #SBI #PNB #DanikKhabar #NationalNews

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    प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड: NIA का बड़ा एक्शन; 4 लाख के इनामी और रेड कॉर्नर नोटिस वाले मुख्य आरोपी उम्मर फारूक को कोच्चि से धर दबोचा

    नई दिल्ली, 07 अगस्त (अन्‍नू): राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने वर्ष 2022 में कर्नाटक के भाजपा नेता प्रवीण नेट्टारू की जघन्य हत्या के मामले में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। एनआईए ने लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी उम्मर फारूक एम.आर. को केरल के कोच्चि से गिरफ्तार कर लिया है।

    इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में अब तक गिरफ्तार किए गए कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है।

    4 लाख रुपये का इनाम और रेड कॉर्नर नोटिस था जारी

    • इंटेलिजेंस इनपुट पर रेड: एनआईए की टीम ने सटीक खुफिया जानकारी (Credible Intelligence Inputs) के आधार पर कोच्चि में एक विशेष अभियान चलाकर उम्मर फारूक को दबोचा।

    • रेड कॉर्नर नोटिस: फरार आरोपी उम्मर फारूक के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) और गैर-जमानती वारंट (Non-Bailable Warrant) जारी था।

    • 4 लाख का इनाम: जांच एजेंसी ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 4 लाख रुपये के इनाम की घोषणा भी की थी।

    प्रतिबंधित संगठन PFI के दफ्तर में रची गई थी साजिश

    एनआईए की चार्जशीट और अब तक की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:

    • साजिश की बैठक: उम्मर फारूक ने अन्य सह-आरोपियों के साथ सुलिया (Sullia) कस्बे में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के कार्यालय में आयोजित साजिश बैठक में भाग लिया था।

    • रेकी के लिए दी थी मोटरसाइकिल: हत्या से पहले बेलारे (Bellare) गांव में टारगेट की पहचान करने और इलाके की रेकी (Reconnaissance) करने के लिए उम्मर फारूक अपनी मोटरसाइकिल सह-आरोपी को देने पर सहमत हुआ था।

    • गवाह को खत्म करने की कोशिश: उस पर मामले के एक संरक्षित गवाह (Protected Witness) को खत्म करने के प्रयास में अन्य सह-आरोपियों के साथ शामिल होने का भी गंभीर आरोप है।

    जुलाई में भी हुई थीं दो अहम गिरफ्तारियां

    इससे पहले इसी साल जुलाई 2026 में एनआईए ने आंध्र प्रदेश पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर दो अन्य फरार आरोपियों—अब्दुल नासिर पी. उर्फ नासिर (कोच्चि, केरल से) और नौशाद (होसुर, तमिलनाडु से) को गिरफ्तार किया था।

    26 जुलाई 2022 को हुई थी भाजपा नेता की हत्या

    दक्षिण कन्नड़ जिले के स्थानीय भाजपा युवा मोर्चा नेता प्रवीण नेट्टारू की 26 जुलाई 2022 को निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद भारी जनाक्रोश पैदा हुआ था। एनआईए जांच से साफ हुआ है कि यह हत्या प्रतिबंधित संगठन पीएफआई के कैडरों द्वारा रची गई एक बड़ी आपराधिक साजिश का हिस्सा थी।

    मामले में अभी भी 2 आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में एनआईए लगातार छापेमारी कर रही है।

    #NIARaid #PraveenNettaruMurderCase #UmmarFarookArrested #NIAAction #PFIBan #KochiNews #DanikKhabar

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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 8 अगस्त को आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करेंगे

    आरएस अनेजा, 07 अगस्त, नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 8 अगस्त 2026 को सुबह 11 बजे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे इस कार्यक्रम में डिग्री प्राप्त करने वाले 3000 से अधिक स्नातकों सहित 587 पीएचडी शोधार्थियों को संबोधित करेंगे।

    इस अवसर पर प्रधानमंत्री प्रतिभाशाली छात्रों को उनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता की स्वीकृति स्वरूप, संस्थान के सर्वाधिक प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान करेंगे। इनमें राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, निदेशक स्वर्ण पदक, शंकर दयाल शर्मा स्वर्ण पदक और परफेक्ट टेन स्वर्ण पदक शामिल हैं।

    अत्याधुनिक अनुसंधान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने की देश की प्रतिबद्धता के तहत प्रधानमंत्री आईआईटी दिल्ली के सोनीपत कैंपस में स्थापित एआई-सक्षम उच्च-प्रदर्शन सुपरकंप्यूटिंग सुविधा 'परम प्रज्ञा' का उद्घाटन करेंगे। इस सुपरकंप्यूटिंग सुविधा से संस्थान की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा विज्ञान, उन्नत कंप्यूटिंग और अंतःविषय अनुसंधान क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।


    #PMModi #IITDelhi #Convocation2026 #ParamPragya #Supercomputer #IITDelhiSonipat #HaryanaNews #DanikKhabar

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    बिहार: मुंगेर में डिजिटल जॉब व दोगुने रिटर्न के नाम पर 11.67 करोड़ की ठगी; ED ने जॉलीवुड म्यूजिक से जुड़े 5 ठिकानों पर की छापेमारी

    पटना/मुंगेर, 07 अगस्त (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय के पटना जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत मुंगेर जिले (बिहार) में 5 ठिकानों पर बड़ी छापेमारी की है। यह कार्रवाई M/s Jollywood Music Industries Pvt. Ltd. और M/s DLMS Jollywood Music Pvt. Ltd. द्वारा किए गए करोड़ों रुपये के निवेश घोटाले के सिलसिले में की गई है।

    यह फर्जीवाड़ा मुंगेर के एक ही परिवार द्वारा चलाया जा रहा था, जिसका मुख्य आरोपी जिंतेंद्र कुमार राजीव और उसके सहयोगी हैं।

    ऐसे बिछाया जाल: 2.56 लाख जमा करो और वीडियो देखकर कमाओ 15 हजार

    ईडी की जांच में इस पोंजी/डिजिटल जॉब स्कैम की चौंकाने वाली कार्यप्रणाली सामने आई है:

    • डिजिटल जॉब का झांसा: ठगों ने आम लोगों को "डिजिटल जॉब" देने और पैसा दोगुना करने का लालच दिया।

    • टारगेट व टास्क: निवेशकों से 2,56,500 रुपये की सिक्योरिटी मनी ली जाती थी। इसके बदले कंपनी की वेबसाइट पर हर महीने 4,800 ऑडियो/वीडियो देखने पर 15,000 रुपये मासिक कमाई और अतिरिक्त बोनस देने का दावा किया गया।

    • बाइक-कार का ऑफर: नए निवेशकों को जोड़ने (MLM मॉडल) पर अतिरिक्त कमीशन के साथ-साथ मोटरसाइकिल और कारें देने का भी लालच दिया गया।

    सॉफ्टवेयर इंजीनियर से वेबसाइट स्लो कराकर रोकी पेमेंट

    निवेशकों से 11.67 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जुटाने के बाद कंपनी ने अपनी असली चाल चली:

    • कंपनी के सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने जानबूझकर वेबसाइट की स्पीड काफी धीमी (Slow) कर दी।

    • इसके चलते निवेशकों के लिए महीने में 4,800 वीडियो देखने का टास्क पूरा करना तकनीकी रूप से असंभव हो गया।

    • शर्तें पूरी न होने का बहाना बनाकर निवेशकों का पे-आउट (भुगतान) रोक दिया गया।

    अचल संपत्तियों (Immovable Properties) की खरीद में खपाया गया पैसा

    • मामले की शुरुआत: जमालपुर, मुंगेर और आसपास के इलाकों में हुई इस ठगी को लेकर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत जिंतेंद्र कुमार राजीव, धीरज कुमार व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी।

    • ईडी का एक्शन: साल 2025 में इस मामले की जांच हाथ में लेने के बाद ईडी को पता चला कि ठगी की रकम को अचल संपत्तियों की खरीद में डायवर्ट किया गया है।

    • छापेमारी में जब्ती: ईडी की टीमों ने कंपनी निदेशकों, सॉफ्टवेयर विशेषज्ञों और प्रमोटर गायकों (Singers) के आवासीय परिसरों पर रेड मारी। इस दौरान अचल संपत्तियों के कागजात, बैंक खातों के विवरण, एग्रीमेंट, निवेशकों की सूची और कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

    मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

    #EDRaid #MungerNews #BiharCrime #JollywoodMusicFraud #InvestmentScam #PMLA #DanikKhabar

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर देशवासियों को बधाई दी

    आरएस अनेजा, 7 अगस्त नई दिल्ली - प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (National Handloom Day) के मौके पर देशवासियों को बधाई दी और भारत की समृद्ध और जीवंत हथकरघा विरासत का जश्न मनाया। उन्होंने देश के बुनकरों और कारीगरों के कौशल, रचनात्मकता और समर्पण को नमन किया और कहा कि पीढ़ियों से उन्होंने अपनी कारीगरी के ज़रिए भारत की सदियों पुरानी परंपराओं को संजोया और समृद्ध किया है।

    श्री मोदी ने हथकरघा क्षेत्र को समर्थन देने के सरकार के संकल्प को दोहराया। उन्होंने इसे ग्रामीण सशक्तिकरण, महिलाओं के नेतृत्व में विकास और 'आत्मनिर्भर भारत' के विज़न का एक अहम स्तंभ बताया। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से सोशल मीडिया पर अपने पसंदीदा हथकरघा उत्पाद और GRWM वीडियो शेयर करने का भी आग्रह किया।

    प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया:

    आज, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर, हम भारत की समृद्ध और जीवंत हथकरघा विरासत का जश्न मना रहे हैं। हम अपने बुनकरों और कारीगरों के कौशल, रचनात्मकता और समर्पण को भी सलाम करते हैं। पीढ़ियों से, उन्होंने हमारी परंपराओं को संजोया और समृद्ध किया है।

    हमारी सरकार हथकरघा क्षेत्र को समर्थन देना जारी रखेगी, जो ग्रामीण सशक्तिकरण, महिलाओं के नेतृत्व में विकास और 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को पूरा करने का एक अहम स्तंभ है।

    #NationalHandloomDay का इस्तेमाल करके अपने पसंदीदा हथकरघा उत्पाद और GRWM वीडियो ज़रूर शेयर करें, इससे इस क्षेत्र से जुड़े लोगों का हौसला बढ़ेगा।

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    04/08/26 |

    रक्षा मंत्री ने प्रादेशिक सेना संबंधी रक्षा मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की

    आरएस अनेजा, 6 अगस्त नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 6 अगस्त, 2026 को नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय के लिए संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें 'प्रादेशिक सेना' पर चर्चा केंद्रित रही। बैठक के दौरान, वरिष्ठ अधिकारियों ने समिति के सदस्यों को प्रादेशिक सेना के अधिदेश, भूमिका और प्रमुख उपलब्धियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। समिति के सदस्‍यों ने बल को और सुदृढ़ करने और इसकी समग्र प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए बहुमूल्य सुझाव दिए।

    राजनाथ सिंह ने बल देकर कहा कि प्रादेशिक सेना प्रशिक्षित सैनिकों का एक आरक्षित भंडार बनाकर रक्षा बलों की क्षमता बढ़ाती है, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर शीघ्र तैनात किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब कर्मी अपना कार्यकाल पूरा करके नागरिक जीवन में लौटते हैं, तो वे समाज और सेना के बीच एक जीवंत सेतु का काम करते हैं, जो लोगों, विशेषकर युवाओं को रक्षा बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित करते हैं।

    प्रादेशिक सेना एक प्रशिक्षित, प्रेरित और सशक्त बल है, जिसमें लगभग 44,400 कर्मी और 59 विविध इकाइयां शामिल हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान तत्काल राहत और सहायता प्रदान करने में यह बल सबसे अग्रिम भूमिका निभाता है। उन्होंने केरल में आई बाढ़, ओडिशा के चक्रवात और हाल ही में असम में आई बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्य करने और जरूरतमंदों को चिकित्सा सहायता प्रदान करने में उनकी भूमिका की सराहना की।

    राजनाथ सिंह ने पर्यावरण प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन शमन में उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि प्रादेशिक सेना के पारिस्थितिक कार्य बलों ने अब तक लगभग 10 करोड़ पौधे लगाए हैं, जिनमें से 80-85 प्रतिशत पौधे जीवित रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हरित पहल प्रधानमंत्री के 'मिशन लाइफ' और 'पंचामृत' लक्ष्यों को जमीनी स्तर पर साकार कर रही है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में तैनात प्रादेशिक सेना द्वारा 'हर घर तिरंगा' अभियान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के प्रयासों की भी प्रशंसा की।

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    04/08/26 |

    राष्ट्रपति 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर, भारत के हथकरघा क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए हथकरघा पुरस्कार 2025 प्रदान करेंगी

    आरएस अनेजा, 5 जुलाई नई दिल्ली - राष्ट्रपति 7 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह के दौरान प्रतिष्ठित हथकरघा पुरस्कार प्रदान करेंगी।

    इस समारोह में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति, हथकरघा उद्योग के प्रतिनिधि, मास्टर बुनकर, डिजाइनर, निर्यातक, कारीगर और अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे।

    भारत की समृद्ध हथकरघा परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन और विकास में असाधारण योगदान के लिए कुल 22 पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा, जिनमें 3 संत कबीर हथकरघा पुरस्कार विजेता और 19 राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार विजेता शामिल हैं।

    हथकरघा क्षेत्र में उत्कृष्टता का उत्सव

    वस्त्र मंत्रालय ने संत कबीर हथकरघा पुरस्कार और राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार 2025 के विजेताओं की घोषणा की है। ये पुरस्कार हथकरघा क्षेत्र में बुनाई, नवाचार, डिजाइन विकास, विपणन पहल, स्टार्ट-अप उद्यमों और उत्पादक कंपनियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन को मान्यता देते हैं।

    ये पुरस्कार राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम (एनएचडीपी) के हथकरघा विपणन सहायता (एचएमए) घटक के अंतर्गत स्थापित किए गए हैं और हथकरघा क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए सर्वोच्च राष्ट्रीय मान्यता का प्रतिनिधित्व करते हैं।

    राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह के दौरान ये पुरस्कार उन व्यक्तियों और संगठनों को प्रदान किए जाएंगे, जिन्होंने भारत की हथकरघा विरासत को मजबूत करने और घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में इसकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

    इस कार्यक्रम में देश भर से संसद सदस्य, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, उद्योग विशेषज्ञ, शैक्षणिक संस्थान, निर्यातक, डिजाइनर और हथकरघा बुनकर के शामिल होने की उम्मीद है।

    हथकरघा पुरस्कार

    हथकरघा पुरस्कारों का उद्देश्य हथकरघा क्षेत्र में उत्कृष्टता, नवाचार और निरंतर प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित करना है। ये पुरस्कार उत्कृष्ट शिल्प कौशल, पारंपरिक कौशल को संरक्षित करते हुए आधुनिक तकनीकों को अपनाने, उत्पाद विविधीकरण, डिजाइन नवाचार और बुनकर समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान को मान्यता देते हैं।

    संत कबीर हथकरघा पुरस्कार

    यह पुरस्कार उन हथकरघा बुनकरों के लिए देश का सर्वोच्च सम्मान है, जिन्होंने असाधारण शिल्प कौशल और भारत की बुनाई परंपराओं को संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए आजीवन समर्पण दिखाया है।

    पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं का चयन असाधारण तकनीकी कौशल, नवाचार, इस क्षेत्र में निरंतर योगदान, पारंपरिक बुनाई के तरीकों को बढ़ावा देने, कारीगरों को मार्गदर्शन देने और समुदाय के विकास के लिए किए गए प्रयासों के आधार पर किया जाता है।

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    लखनऊ: रिश्वतखोरी मामले में रेलवे के पूर्व इंजीनियर को 4 साल की सख्त सजा; CBI अदालत ने ठोका जुर्माना

    लखनऊ, 05 अगस्त (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत, लखनऊ ने रिश्वतखोरी के एक मामले में सख्त फैसला सुनाते हुए उत्तर मध्य रेलवे (NCR) बांदा के तत्कालीन सहायक मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर (ADSTE) गिरिजेश कुमार गौर को 4 साल की सश्रम कारावास और ₹20,000 जुर्माने की सजा सुनाई है।

    बिल पास करने के बदले मांगी थी ₹20,000 की रिश्वत

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति (दिनांक 04.08.2026) के अनुसार:

    • मामले की पृष्ठभूमि: शिकायतकर्ता ने उत्तर मध्य रेलवे (बांदा) के एडीएसटीई कार्यालय के तहत अनुबंध पर अपना वाहन लगाया हुआ था। उसके ₹80,000 मूल्य के बकाया बिलों को पास और स्वीकृत करने के एवज में तत्कालीन ADSTE गिरिजेश कुमार गौर ने ₹20,000 की रिश्वत मांगी थी।

    • रिश्वत का तरीका: आरोपी इंजीनियर ने बिल मंजूर करने से पहले ₹10,000 और बिल पास होने के बाद ₹10,000 देने की शर्त रखी थी।

    सीबीआई ने जाल बिछाकर रंगे हाथों दबोचा था

    • ट्रैप की कार्रवाई: शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामला दर्ज कर 27 मई 2016 को जाल (Trap) बिछाया। आरोपी गिरिजेश कुमार गौर को उसके आवास पर रिश्वत की पहली किस्त की मांग करते हुए और ₹9,700 की अवैध राशि स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।

    • चार्जशीट व फैसला: सीबीआई ने जांच पूरी कर 24 जून 2016 को आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र (Chargesheet) दाखिल किया था। मामले में चले लंबे ट्रायल के बाद अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।

    #CBINews #LucknowCBICourt #CorruptionNews #RailwayEngineerSentenced #BandaNews #AntiCorruption #DanikKhabar

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    04/08/26 |

    पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना ने 50 लाख से अधिक छत सौर प्रतिष्ठानों की उपलब्धि अर्जित की

    आरएस अनेजा, 5 जुलाई नई दिल्ली - पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है, जिसके तहत देश भर में 50.06 लाख से अधिक परिवार अब रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन से लाभान्वित हो रहे हैं।

    शुरुआत के महज दो साल में अर्जित की गई यह उपलब्धि पिछले दस वर्षों में दर्ज की गई 7.94 लाख रूफटॉप सोलर परियोजनाओं की तुलना में उल्लेखनीय तेजी दर्शाती है। यह 75,021 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ विश्व के सबसे बड़े रूफटॉप सोलर कार्यक्रम के तीव्र कार्यान्वयन को प्रदर्शित करती है। पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत भारत सरकार की प्रमुख रूफटॉप सोलर योजना है।

    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यह योजना आज हर छह दिन में 1 लाख परिवारों को लाभ पहुंचा रही है, जिससे यह विश्व स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ते स्वच्छ ऊर्जा कार्यक्रमों में से एक बन गई है। पिछले नौ महीनों में संस्थापना की गति 3.2 गुना बढ़ गई है, जो अक्टूबर 2025 में प्रतिदिन 5,038 संस्थापनाओं से बढ़कर जुलाई 2026 में लगभग 16,328 संस्थापनाएं प्रतिदिन हो गई है।

    सिर्फ जुलाई 2026 में 5.06 लाख परिवारों को लाभ मिला, जो इस योजना की शुरुआत के बाद से अब तक का सबसे उच्च मासिक आंकड़ा है।

    इस गति को बनाए रखने के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से लाभार्थियों को सीधे 28,024 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी की गई है। इसके परिणामस्वरूप, लगभग 19 लाख परिवारों का बिजली का बिल अब शून्य हो गया है, जिससे परिवारों पर वित्तीय बोझ में अत्‍यधिक कमी आई है। वित्त वर्ष 2024-25 में 12 लाख से अधिक परिवारों ने अधिशेष बिजली की बिक्री से कुल 421 करोड़ रुपये अर्जित किए। यह ग्रिड को बिजली वापस करने वाले प्रत्येक परिवार के लिए प्रति वर्ष लगभग 3,500 रुपये की अतिरिक्त आय के बराबर है।

    यूटिलिटी लेड एग्रीगेशन मॉडल के तहत 4 राज्यों में पीएमएवाई, बीपीएल और एससी/एसटी परिवारों के लिए 1.6 लाख इंस्टॉलेशन पूरे हो चुके हैं और इस मॉडल को 12 राज्यों में लागू करने की मंजूरी मिल चुकी है। यह मॉडल कम आय वाले परिवारों को रूफटॉप सोलर तक पहुंच प्रदान कर रहा है, साथ ही राज्यों को टैरिफ सब्सिडी का बोझ कम करने में भी मदद कर रहा है। रेपो दर से 50 आधार अंक अधिक के बेंचमार्क पर 5.75 प्रतिशत की रियायती दर पर 21.87 लाख आवेदकों को ऋण स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 17.5 लाख इंस्टॉलेशन ऋण वित्तपोषण के माध्यम से पहले ही पूरे किए जा चुके हैं और जनसमर्थ पोर्टल के साथ इसके एकीकरण से कागजी कार्रवाई के बिना ऋण प्रक्रिया संभव रही है।

    इस योजना ने विक्रेताओं और रोजगार का एक व्यापक ढांचा भी तैयार किया है, जिसमें देशभर में 34,219 पंजीकृत विक्रेता हैं, जिनमें से 29,469 सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। रूफटॉप सोलर वैल्यू चेन को सहयोग देने वाले क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के तहत 2.32 लाख से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया गया है। इस योजना के तहत अब तक कुल 14.8 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित की जा चुकी है।

    यह योजना आवेदन से लेकर सब्सिडी जारी होने तक पूरी तरह से ऑनलाइन और डिजिटल प्रक्रिया पर आधारित है, जिसमें उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार के कागजी कार्य या कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। यह जनसमर्थ पोर्टल के साथ पेपरलेस लोन के एकीकरण, पीएफएमएस के साथ 15 दिनों के भीतर सब्सिडी जारी करने की सुविधा, 80 से अधिक डीएसकॉम के साथ एपीआई एकीकरण से सुगम प्रक्रिया, राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से डिजिटल नेट मीटरिंग समझौते और उपभोक्ताओं को दिखाई देने वाली स्टार रेटिंग प्रदान करने वाले विक्रेता रेटिंग ढांचे के माध्यम से संभव हुआ है। डीसीआर पोर्टल के साथ एकीकरण घरेलू कंटेंट अनुपालन सुनिश्चित करता है।

    सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 10 किलोवाट तक की रूफटॉप सौर ऊर्जा के लिए मान्यता प्राप्त अनुमोदन और व्यवहार्यता शुल्क में छूट दी गई है। 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने रूफटॉप सौर ऊर्जा के लिए आवेदन और नेट मीटरिंग शुल्क हटा दिए हैं। डिस्कॉम को प्रोत्साहन के रूप में 3,807.6 करोड़ रुपये और शहरी स्थानीय निकायों को लगभग 104 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। 46 शहरों में सिटी एक्सेलेरेटर प्रोग्राम शुरू किया गया है और विक्रेता जवाबदेही ढांचे के तहत लगभग 23,000 तृतीय-पक्ष गुणवत्ता निरीक्षण किए गए हैं।

    केंद्रीय मंत्रालयों ने लगभग 41,542 व्‍यवहार्य सरकारी भवनों की पहचान की है जिनकी क्षमता 1,418 मेगावाट है, जिनमें से 25,255 भवनों में 872 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना शुरू हो चुकी है। राज्यों ने लगभग 3,20,000 व्‍यवहार्य सरकारी भवनों की पहचान की है जिनकी क्षमता 4,400 मेगावाट है, जिनमें से 81,329 भवनों में 1,450 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना शुरू हो चुकी है। कुल मिलाकर, अब तक 1.06 लाख सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा परियोजना शुरू हो चुकी है। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सौर ऊर्जा परियोजनाओं में भुगतान जोखिम को कम करने और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए आरईएससीओ बोलीदाताओं को प्रोत्साहित करने हेतु एक भुगतान सुरक्षा तंत्र भी शुरू किया गया है।

    अब 50 लाख से अधिक परिवारों को लाभ मिल चुका है और संस्थापना कार्य में तेजी जारी है। पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना विकेंद्रीकृत, नागरिक नेतृत्व वाली स्वच्छ ऊर्जा अपनाने में वैश्विक देश के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत कर रही है। साथ ही, भारतीय परिवारों के लिए ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा स्वतंत्रता के दोहरे लक्ष्यों को आगे बढ़ा रही है।

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    देहरादून: बिटकॉइन में निवेश के नाम पर ₹200 करोड़ की ठगी; ED ने मास्टरमाइंड हेमंत ईश्वर शर्मा की ₹8.54 करोड़ की संपत्तियां की कुर्क

    देहरादून, 05 अगस्त (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED), देहरादून उप-आंचलिक कार्यालय ने क्रिप्टो-करेंसी/बिटकॉइन के नाम पर देशभर के निवेशकों से लगभग ₹200 करोड़ की धोखाधड़ी करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत आरोपी हेमंत ईश्वर शर्मा की ₹8.54 करोड़ मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क (Attach) कर लिया है।

    आइसलैंड में पंजीकृत वेबसाइट BTCFUND.IS के जरिए रचा ठगी का जाल

    ईडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार:

    • FIR के आधार पर जांच: ईडी ने पुलिस थाना राजपुर (देहरादून) और पुलिस थाना दिनेशपुर (जिला ऊधम सिंह नगर, उत्तराखंड) में हेमंत ईश्वर शर्मा और अन्य के खिलाफ दर्ज आईपीसी की प्राथमिकियों (FIRs) के आधार पर जांच शुरू की थी।

    • विदेशी नागरिकों के जुड़े होने का झूठा दावा: आरोपी ने आइसलैंड में पंजीकृत अपनी वेबसाइट BTCFUND.IS के जरिए लोगों को बिटकॉइन में निवेश करने और भारी रिटर्न (High Returns) का लालच दिया। उसने फर्जी दावा किया कि उसकी कंपनी से कई विदेशी नागरिक जुड़े हैं, जिससे लोगों ने योजना को अंतरराष्ट्रीय और विश्वसनीय मानकर पैसा लगाया।

    • 5 साल चलाया फर्जीवाड़ा: यह पोंजी/धोखाधड़ी योजना वर्ष 2014 से 2018 (लगभग 5 वर्षों) तक चलाई गई। जब वेबसाइट पर भारी मात्रा में बिटकॉइन एकत्र हो गए, तो आरोपी ने अचानक वेबसाइट बंद कर दी और निवेशकों का पैसा हड़प लिया।

    क्रिप्टो एक्सचेंज, रियल एस्टेट व बीएमडब्ल्यू कारों में खपाया काला धन

    ब्लॉकचेन विश्लेषण (Blockchain Analysis) से खुलासा हुआ है कि आरोपी ने लगभग 856.23 बीटीसी (BTC) यानी करीब ₹200 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की।

    • मनी लॉन्ड्रिंग का तरीका: आरोपी ने इस पैसे का शोधन (Money Laundering) क्रिप्टो एक्सचेंजों के माध्यम से किया।

    • आलीशान जीवनशैली: ठगी की राशि से आरोपी ने 2 बीएमडब्ल्यू (BMW) कारें खरीदीं, देहरादून के पॉश इलाके में एक आलीशान बंगला बनाया, मकान का नवीनीकरण कराया और देहरादून व आसपास के क्षेत्रों में करोड़ों रुपये की अचल संपत्तियां हासिल कीं।

    जेल में बंद है आरोपी; अब तक ₹13.10 करोड़ की संपत्ति कुर्क

    • पहले भी हुई कुर्की: इससे पूर्व भी ईडी ने हेमंत शर्मा की ₹4.56 करोड़ मूल्य की संपत्तियों को कुर्क किया था। नई कार्रवाई को मिलाकर अब तक कुल ₹13.10 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं।

    • न्यायालय ने लिया संज्ञान: ईडी ने आरोपी हेमंत शर्मा को गिरफ्तार किया था, जो वर्तमान में सुद्धोवाला कारागार, देहरादून में बंद है। ईडी ने 20 मई 2026 को विशेष न्यायालय (PMLA) देहरादून के समक्ष प्रॉसिक्यूशन शिकायत दायर की थी, जिस पर माननीय न्यायालय ने 13 जुलाई 2026 को संज्ञान लिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

    #EDAction #DehradunNews #BitcoinScam #PMLA #CryptoFraud #HemantIshwarSharma #DanikKhabar

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    03/08/26 |

    गिरिराज सिंह ने आईआईटी दिल्ली में हैंडलूम टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया

    आरएस अनेजा, 4 अगस्त नई दिल्ली - केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने आईआईटी दिल्ली में हैंडलूम टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE-HT) का उद्घाटन किया, जो प्रौद्योगिकी, नवाचार और शोध के माध्यम से भारत के हथकरघा क्षेत्र के आधुनिकीकरण के सरकार के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

    सभा को संबोधित करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस सरकार की उस दृष्टि का प्रतिनिधित्व करता है जिसमें भारत की समृद्ध बुनाई धरोहर को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के साथ जोड़कर एक भविष्य-उन्मुख हैंडलूम पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नवाचार, डिजिटल तकनीक, टिकाऊपन और उद्यमशीलता बुनकरों की उत्पादकता बढ़ाने, बाजार तक पहुंच सुदृढ़ करने और उनकी आजीविका सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

    नीलम शामी राव ने अकादमी, उद्योग और सरकारी संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, ताकि हैंडलूम क्षेत्र के लिए व्यवहारिक तकनीकी समाधान विकसित किए जा सकें।

    डॉ. एम. बीना ने कहा कि यह सेंटर शोध, ज्ञान साझा करने, कौशल विकास और नवाचार के लिए एक उत्प्रेरक बनेगा और बुनकरों, डिजाइनरों, उद्यमियों और स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर सृजित करेगा।

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    नई दिल्ली: आजादी की 79वीं वर्षगांठ पर NCC ने आयोजित की 'साइक्लोथॉन-2026'; खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने दिखाई हरी झंडी

    आरएस अनेजा, 02 अगस्त, नई दिल्ली- नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) ने भारत की आजादी के 79 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज नई दिल्ली में साइक्लोथॉन-2026 का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। साथ ही, इसका लक्ष्य देशभक्ति, अनुशासन, एकता और राष्ट्र सेवा जैसे उन मूल्यों को सुदृढ़ करना भी था, जो नेशनल कैडेट कोर की आधारशिला हैं।

    केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने साइक्लोथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, प्रख्यात मुक्केबाज़ एम.सी. मैरी कॉम तथा विख्यात टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस भी उपस्थित रहे। भारत की आजादी के 79 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने 79 एनसीसी कैडेटों के दल के साथ 79 किलोमीटर की सांकेतिक साइकिल यात्रा में भाग लिया। यह आयोजन मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम से शुरू होकर राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख स्थलों से गुजरते हुए निर्धारित मार्ग पूरा करने के बाद वहीं संपन्न हुआ।

    "स्वच्छ भारत, हरित भारत, फिट भारत" थीम पर आयोजित इस साइक्लोथॉन ने 'टीबी मुक्त भारत', 'स्वच्छ भारत', 'एक पेड़ माँ के नाम' और 'हर घर तिरंगा' जैसे राष्ट्रीय अभियानों के प्रति एनसीसी की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों और आम नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन में कमी तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, साइकिल को पर्यावरण-अनुकूल, टिकाऊ और प्रभावी परिवहन साधन के रूप में अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।


    एनसीसी साइक्लोथॉन-2026 केवल एक खेल आयोजन नहीं था, बल्कि यह शारीरिक फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार नागरिकता के प्रति जन-जागरूकता का एक प्रभावी मंच भी बना। इस पहल ने युवाओं को अनुशासन, टीम भावना, धैर्य और सामुदायिक सेवा की भावना अपनाकर सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के वाहक बनने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, इसने सशक्त, स्वस्थ और हरित भारत के निर्माण के संकल्प को भी नई ऊर्जा प्रदान की।


    #NCC #Cyclothon2026 #FitIndia #MansukhMandaviya #GreenIndia #CleanIndia #DanikKhabar

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    जुलाई 2026 में भारत के कोयला उत्पादन में 7.51% की बढ़ोतरी; कुल उत्पादन 69.75 मीट्रिक टन पहुंचा

    आरएस अनेजा, 02 अगस्त, नई दिल्ली- देश के कोयला क्षेत्र ने जुलाई 2026 में शानदार प्रदर्शन दर्ज करते हुए उत्पादन और आपूर्ति दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हासिल की है। कोयला मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में भारत का कुल कोयला उत्पादन बढ़कर 69.75 मीट्रिक टन (अस्थायी) तक पहुंच गया, जो जुलाई 2025 में दर्ज 64.88 मीट्रिक टन की तुलना में 7.51 प्रतिशत अधिक है।

    कोयले की आपूर्ति (Dispatch) में 17.34% का उछाल

    उत्पादन के साथ-साथ कोयले की निर्बाध आपूर्ति में भी बड़ी तेजी देखने को मिली है:

    • जुलाई आपूर्ति में वृद्धि: जुलाई 2026 में कोयले की कुल आपूर्ति 86.33 मीट्रिक टन (अस्थायी) दर्ज की गई। यह पिछले वर्ष जुलाई 2025 (73.57 मीट्रिक टन) के मुकाबले 17.34 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्शाती है।

    • चालू वित्त वर्ष का प्रदर्शन (FY 2026-27): जुलाई 2026 तक देश का संचयी (Cumulative) कोयला उत्पादन 302.24 मीट्रिक टन और कुल संचयी प्रेषण 354.70 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। इसमें पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 5.87 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

    कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) का शानदार योगदान

    सरकारी कोयला कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited) ने इस वृद्धि में मुख्य भूमिका निभाई है:

    • CIL उत्पादन: जुलाई 2026 में CIL ने 50.35 मीट्रिक टन कोयले का उत्पादन किया, जो पिछले वर्ष जुलाई की तुलना में 8.42% अधिक है।

    • CIL आपूर्ति: CIL ने जुलाई के दौरान 63.67 मीट्रिक टन कोयले का प्रेषण किया, जिसमें 17.43% की बढ़त दर्ज की गई।

    • चालू वित्त वर्ष में जुलाई तक CIL के संचयी प्रेषण में भी 6.81% का इजाफा हुआ है।

    आयात पर निर्भरता घटाने पर जोर

    कोयला मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उत्पादन और आपूर्ति में यह रिकॉर्ड वृद्धि देश में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने, निरंतर उपलब्धता बनाए रखने और विदेशों से कोयला आयात पर निर्भरता कम करने के प्रयासों का परिणाम है।

    #CoalProduction #CoalIndia #MinistryOfCoal #IndianEconomy #EnergySecurity #DanikKhabar

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    भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पीबीजी सोल्जरेथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

    आरएस अनेजा, 02 अगस्त , नई दिल्ली- भारत की राष्ट्रपति, द्रौपदी मुर्मु ने आज, राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित समारोह में राष्‍ट्रपति के अंगरक्षक रेजिमेंट द्वारा आयोजित, पीबीजी सोल्जरेथॉन को वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मिजोरम के राज्‍यपाल, जनरल (सेवानिवृत्‍त) डॉ. वी.के. सिंह भी उपस्‍थित थे। जनरल सिंह इस पहल के संरक्षक हैं। राष्ट्रपति ने इस अवसर की स्‍मृति में एक विशेष डाक आवरण का भी विमोचन किया। यह दौड़ (रेस) दिल्ली छावनी स्‍थित करियप्पा परेड ग्राउंड में आयोजित की गई थी।


    'सैनिकों के लिए दौड़ें, सैनिकों के साथ दौड़ें' की संकल्‍पना पर आधारित 'सोल्जरेथॉन' सामान्‍य जनों और सशस्त्र बलों के बीच संबंधों को सुदृढ़ करने का एक विशिष्‍ट मंच है। 'वास्‍तविक नायक – भारत के सशस्त्र बलों का समर्थन' थीम पर आधारित यह आयोजन हमारे सैनिकों के समर्पण, साहस और बलिदान को सम्मान अर्पित करता है और नागरिकों को इस बात के लिए प्रोत्‍साहित करता है कि वे इसमें सक्रियतापूर्वक भाग लेकर उनके प्रति एकजुटता दिखाएं।


    सोल्जरेथॉन रेस तीन श्रेणियों में आयोजित की जाती है - 3 किमी, 5 किमी और 10 किमी। सोल्जरेथॉन से प्राप्‍त राशि का उपयोग सशस्‍त्र बलों के पैराप्लेजिक रिहैबिलिटेशन सेंटर की सहायता करने और लड़ाई में हताहत हुए सैनिकों के परिवारजनों के कल्याण, आदि के लिए किया जाता है। पीबीजी सोल्जरेथॉन का उदेश्य इस बल के घोड़ों और सैनिकों की सहायता करना है।


    #PresidentMurmu #PBGSoldierathon #PresidentBodyguard #IndianArmy #Soldierathon2026 #DelhiCantonment #DanikKhabar

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    बैंक धोखाधड़ी मामला: सीबीआई अदालत ने एसबीआई के 2 अधिकारियों समेत 8 दोषियों को सुनाई 10-10 साल की सजा; भारी जुर्माना भी लगाया

    चेन्नई/नई दिल्ली, 02 अगस्त (अन्‍नू): सीबीआई अदालत, चेन्नई ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की चेंगम शाखा से जुड़े एक बैंक धोखाधड़ी मामले में फैसला सुनाते हुए 8 आरोपियों को दोषी ठहराया है। अदालत ने सभी दोषियों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

    दोषियों में एसबीआई के दो तत्कालीन अधिकारी और छह निजी व्यक्ति शामिल हैं।

    सजा और जुर्माने का विवरण

    • 10 साल की कठोर कैद: अदालत ने सभी 8 दोषियों को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

    • ₹50-50 लाख का जुर्माना: तत्कालीन शाखा प्रबंधक एन. गोपालकृष्णन, तत्कालीन ग्रामीण विपणन व वसूली अधिकारी पी. बालामुरली, आर. वेंकटरमन, एस. रवि और डी. शंकर पर ₹50-50 लाख का जुर्माना लगाया गया है।

    • ₹20-20 लाख का जुर्माना: अन्य दोषियों आर. राजन, पी. पन्नीरसेल्वम और टी. मुरुगन पर ₹20-20 लाख का जुर्माना ठोका गया है।

    क्या था पूरा मामला?

    • मामले की शुरुआत: सीबीआई ने यह मामला 23 सितंबर 2011 को एसबीआई चेंगलपट्टू के क्षेत्रीय प्रबंधक की शिकायत के आधार पर दर्ज किया था।

    • फर्जी लोन और बैंक को नुकसान: अक्टूबर 2007 से मई 2008 के दौरान, एसबीआई चेंगम शाखा के बैंक अधिकारियों ने 'मेसर्स कांथम्मा मिल्क चिलिंग प्लांट' के प्रोप्राइटर के. पुरूषोथमन के साथ मिलीभगत की। फर्जी आवेदनों और दस्तावेजों के आधार पर 728 डेयरी लोन (कुल राशि ₹2,32,96,000) मंजूर किए गए।

    • इस धोखाधड़ी के कारण बैंक को कुल ₹1,97,27,692 का भारी नुकसान हुआ था।

    जांच और चार्जशीट

    सीबीआई ने जांच पूरी कर 25 जून 2013 को चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान मुख्य साजिशकर्ता के. पुरूषोथमन और पूर्व उप प्रबंधक के. रविचंद्रन का निधन हो गया, जिसके बाद उनके खिलाफ आरोप समाप्त कर दिए गए थे। सुनवाई पूरी होने पर अदालत ने बचे हुए सभी 8 आरोपियों को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई।

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    IIT दिल्ली में ‘हैंडलूम हैकाथॉन 2.0’ का सफल समापन: वस्त्र मंत्रालय और IIT दिल्ली की पहल; देश भर की शीर्ष 100 टीमों ने पेश किए टेक-बेस्ड इनोवेटिव सॉल्यूशंस

    आरएस अनेजा, 02 अगस्त , नई दिल्ली- हैंडलूम हैकाथॉन 2.0 – ‘‘बुनाई में नवाचार’’ का दूसरा संस्करण आईआईटी दिल्ली के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (एफआईटीटी) में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस हैकाथॉन में 2,500 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्‍सा लिया, जिनमें से 280 प्रतिभागी देश भर से चयनित शीर्ष 100 टीमों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इनका उद्देश्य भारत के हथकरघा क्षेत्र के लिए प्रौद्योगिकी आधारित समाधान विकसित करना था।

    इस हैकाथॉन ने नवप्रवर्तकों, शोधकर्ताओं, संकाय सदस्यों और हथकरघा विशेषज्ञों को करघे के आधुनिकीकरण, डिजाइन नवाचार, स्थिरता, बाजार पहुंच और बुनकरों की आजीविका से संबंधित चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक राष्ट्रीय मंच प्रदान किया। चयनित टीमों ने उत्पादकता में सुधार, पारंपरिक शिल्प कौशल के संरक्षण और हथकरघा क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न विषयों पर अभिनव समाधान प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम में वस्त्र मंत्रालय की विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीना, आईएएस, आईआईटी दिल्ली के वस्त्र और फाइबर इंजीनियरिंग विभाग की प्रमुख डॉ. दीप्ति गुप्ता, आईआईटी दिल्ली पूर्व छात्र संघ के सचिव श्री पंकज कपाडिया और थिंकस्टार्टअप के सह-संस्थापक श्री संजीव शिवेश ने भाग लिया, जो हथकरघा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार, शिक्षा जगत और उद्योग के सहयोगात्मक प्रयासों को प्रदर्शित करता है।

    डॉ. एम. बीना ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए भारत की समृद्ध हथकरघा विरासत और आधुनिक प्रौद्योगिकी के बीच पूरक संबंध पर प्रकाश डाला।

    ‘‘हथकरघा हमारी समृद्ध विरासत का प्रतीक है, जबकि प्रौद्योगिकी भविष्य का प्रतिनिधित्व करती है। हथकरघा हैकाथॉन के माध्यम से, हम अपने बुनकर समुदाय को सशक्त बनाने के लिए इन दोनों क्षेत्रों को एक साथ ला रहे हैं।’’

    उन्होंने कहा कि हथकरघा बुनाई में स्थिरता और चक्रीयता अंतर्निहित होती है और उन्होंने बुनाई प्रक्रियाओं, डिजाइन विकास और आधुनिक विपणन में नवाचार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय की प्रमुख पहलों पर प्रकाश डाला, जिनमें इंडियन हैंडमेड पोर्टल भी शामिल है, जो एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है और बुनकरों को बिना किसी मध्यस्थ के अपने उत्पादों को विश्व स्तर पर प्रदर्शित करने और बेचने में सक्षम बनाता है।

    डॉ. एम. बीना ने मैनुअल श्रम को कम करने, पारंपरिक बुनाई प्रक्रियाओं में वैज्ञानिक सटीकता को एकीकृत करने और बुनकरों की आजीविका को बढ़ाने वाले तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए आईआईटी और एनआईएफटी जैसे प्रमुख संस्थानों के साथ संस्थागत साझेदारी के महत्व पर जोर दिया।

    पंकज कपाडिया ने इस अवसर पर कहा कि हथकरघा क्षेत्र को पुनर्जीवित करने में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर प्रकाश डाला और पारंपरिक शिल्प कौशल और नवाचार के बीच सहयोग का स्वागत किया।

    डॉ. दीप्ति गुप्ता ने कहा कि आईआईटी दिल्ली में स्थापित होने वाला आगामी हथकरघा प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र हथकरघा के साथ प्रौद्योगिकी के एकीकरण को मजबूत करेगा, जिससे हस्तनिर्मित वस्त्रों की विशिष्टता को संरक्षित करते हुए मानकीकरण और उत्पादकता को बढ़ावा मिलेगा। वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से अगले सप्ताह इस केंद्र का उद्घाटन प्रस्तावित है।

    संजीव शिवेश ने फाइनलिस्ट टीमों को बधाई दी और उन्हें हथकरघा क्षेत्र के लिए नवोन्मेषी समाधान विकसित करना जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया, साथ ही फाइनलिस्टों में उनके चयन को उचित सामाजिक और आर्थिक प्रभाव पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

    इस हैकाथॉन ने भारत के हथकरघा उद्योग को सुदृढ़ करने के लिए नवाचार, सहयोगात्मक अनुसंधान और प्रौद्योगिकी आधारित पहलों को बढ़ावा देने के प्रति वस्त्र मंत्रालय की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। युवा नवप्रवर्तकों को इस क्षेत्र के लिए व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करके, इस पहल का उद्देश्य उत्पादकता, स्थिरता और बाजार प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करने के साथ-साथ देश की समृद्ध हथकरघा विरासत को संरक्षित करना भी है।

    हैंडलूम हैकाथॉन 2.0 के विजेताओं को चार विषयगत श्रेणियों में सम्मानित किया गया - बुनकरों की आजीविका और वित्तीय समावेशन, बाजार पहुंच और डिजिटल एकीकरण, स्थिरता और पर्यावरणीय प्रभाव, और डिजाइन और संचालन में नवाचार। विजेता समाधानों में बुनकरों की आजीविका के लिए एआई-सक्षम प्लेटफॉर्म, डिजिटल बाजार पहुंच उपकरण, पर्यावरण के अनुकूल रंगाई और निगरानी प्रणाली, और करघे के आधुनिकीकरण और डिजाइन के लिए प्रौद्योगिकी-आधारित नवाचार शामिल थे।

    विजेता टीमों ने केसीजी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, आईआईएचटी सलेम, आईआईटी मद्रास, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, श्री ईश्वर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, कुमारगुरु कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, केएलबी आईआईएचटी हैदराबाद और स्टार्टअप सविन्या स्टूडियो जैसे विभिन्न कॉलेजों का प्रतिनिधित्व किया।

    हैंडलूम हैकाथॉन 2.0 का सफल समापन वस्त्र मंत्रालय के नवाचार को बढ़ावा देने, अकादमिक-उद्योग सहयोग को मजबूत करने और प्रौद्योगिकी-सक्षम और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी हथकरघा इकोसिस्‍टम के निर्माण के प्रयासों में एक और महत्वपूर्ण कदम है, जो भारत के बुनकरों के दीर्घकालिक विकास और समृद्धि का समर्थन करता है।

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    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का तीन दिवसीय ओडिशा दौरा: जगदगुरु कृपालु विश्वविद्यालय का उद्घाटन और तप्तपानी में करेंगी देव-दर्शन

    आरएस अनेजा, 02 अगस्त , नई दिल्ली/भुवनेश्वर: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 3 से 5 अगस्त, 2026 तक अपने गृह राज्य ओडिशा के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगी। इस दौरान राष्ट्रपति कटक में एक विश्वविद्यालय का उद्घाटन करने के साथ-साथ रेल मार्ग से यात्रा कर प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन और आरती में भाग लेंगी।

    राष्ट्रपति के दौरे का विस्तृत कार्यक्रम:

    • 3 अगस्त, 2026 (सोमवार):

      • राष्ट्रपति ओडिशा पहुंचेंगी और कटक स्थित जगदगुरु कृपालु विश्वविद्यालय (Jagadguru Kripalu University) का औपचारिक उद्घाटन करेंगी।

    • 4 अगस्त, 2026 (मंगलवार):

      • राष्ट्रपति भुवनेश्वर से बरहमपुर तक की यात्रा रेल मार्ग से तय करेंगी।

      • इसके पश्चात वे तप्तपानी (Taptapani) स्थित प्रसिद्ध मां कंधुनी देवी मंदिर और शिव मंदिर में दर्शन करेंगी तथा विशेष आरती में भाग लेंगी।

    • 5 अगस्त, 2026 (बुधवार):

      • दौरे के अंतिम दिन अन्य कार्यक्रमों के उपरांत राष्ट्रपति नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी।

    #PresidentMurmu #DroupadiMurmu #OdishaVisit #Cuttack #Bhubaneswar #Berhampur #Taptapani #JagadguruKripaluUniversity #DanikKhabar

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    UKSSSC पेपर लीक मामला: ED देहरादून ने हाकम सिंह रावत की ₹63.30 लाख की संपत्ति की अनंतिम कुर्की की

    देहरादून, 02 अगस्त (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED), देहरादून सब जोनल कार्यालय ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) परीक्षा पेपर लीक घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत आरोपी हाकम सिंह रावत की ₹63.30 लाख मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से जब्त (Attachment) कर लिया है।

    FIR और जांच का आधार

    • मामले की पृष्ठभूमि: ED ने यह जांच देहरादून के रायपुर पुलिस स्टेशन द्वारा वर्ष 2021 की UKSSSC स्नातक स्तरीय (VDO/VPDO) परीक्षा के पेपर लीक के संबंध में दर्ज FIR तथा सतर्कता क्षेत्र (Vigilance Sector) देहरादून द्वारा 2016 की VDO/VPDO परीक्षा में धांधली को लेकर दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी।

    • संगठित सिंडिकेट: जांच में सामने आया कि हाकम सिंह रावत, परीक्षा प्रिंटिंग एजेंसी 'M/s RMS Techno Solutions Pvt. Ltd.' के कर्मचारियों, सरकारी कर्मचारियों, बिचौलियों और एजेंटों के एक संगठित गिरोह ने गोपनीय प्रश्नपत्रों को लीक किया और अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूली।

    काले धन को सफेद करने का तरीका

    1. ₹95 लाख की अवैध कमाई: वित्तीय जांच से खुलासा हुआ कि हाकम सिंह रावत ने अभ्यर्थियों से लगभग ₹95 लाख हासिल किए और इसे अपनी वैध आय के रूप में दिखाने की कोशिश की।

    2. आईटीआर में कृषि आय का झूठा दावा: बैंक खातों के विश्लेषण और आयकर रिटर्न (ITR) की जांच में पाया गया कि जमा की गई नकदी उसकी घोषित आय से कहीं अधिक थी। उसने अवैध नकदी को सही ठहराने के लिए कृषि आय का झूठा सहारा लिया था।

    3. संपत्तियों की खरीद: परीक्षा लीक के इस अवैध कारोबार से कमाए गए पैसों से हाकम सिंह रावत ने चल और अचल संपत्तियां खरीदीं, जिन्हें अब ED ने PMLA की धारा 5 के तहत अटैच कर लिया है।

    14 ठिकानों पर छापेमारी और चार्जशीट

    • छापेमारी व साक्ष्य: ED द्वारा 14 परिसरों पर की गई छापेमारी, बैंक खातों की जांच और डिजिटल उपकरणों के विश्लेषण से हाकम सिंह रावत की संलिप्तता के पुख्ता सबूत मिले हैं।

    • विशेष अदालत में शिकायत: उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा दाखिल चार्जशीट के आधार पर ED ने देहरादून स्थित विशेष PMLA अदालत में हाकम सिंह रावत, RMS टेक्नो सॉल्यूशंस के कर्मचारियों और लोक सेवकों के खिलाफ अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) भी दर्ज कर दी है।

    • मामले में आगे की जांच जारी है।

    #UKSSSCPaperLeak #EDAction #HakamSinghRawat #DehradunNews #PMLA #UttarakhandNews #DanikKhabar

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    ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: मुक्केबाजी, ट्रिपल जंप और शॉट पुट में भारत का परचम; PM मोदी ने पदक विजेताओं को दी बधाई

    आरएस अनेजा, 02 अगस्त , नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 (CWG 2026) में भारत के पदक विजेताओं को उनकी ऐतिहासिक सफलताओं पर हार्दिक बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीतने वाली प्रीति और जैस्मिन लंबोरिया, ट्रिपल जंप में पदक जीतने वाले प्रवीण चित्रवेल और सेल्वा प्रभु थिरुमारन तथा शॉट पुट में रजत पदक जीतने वाले शुभम जुयाल के प्रदर्शन की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

    1. प्रीति (Preeti) — स्वर्ण पदक (महिला 54 किग्रा मुक्केबाजी)

    • उपलब्धि: महिला मुक्केबाजी के 54 किलोग्राम भार वर्ग में प्रीति ने अपने निरंतर और उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर स्वर्ण पदक जीता।

    • PM मोदी का संदेश: "महिला मुक्केबाजी के 54 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर प्रीति ने शानदार प्रदर्शन किया है। खेल में उनका प्रदर्शन लगातार बेहतरीन रहा है। उन्हें इस जीत पर बहुत-बहुत बधाई!"

    2. जैस्मिन लंबोरिया (Jaismine Lamboria) — स्वर्ण पदक (महिला 57 किग्रा मुक्केबाजी)

    • उपलब्धि: महिला 57 किलोग्राम वर्ग में जैस्मिन ने अपने समर्पण और निरंतरता का परिचय देते हुए भारत के नाम एक और स्वर्ण पदक किया।

    • PM मोदी का संदेश: "ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों की महिला मुक्केबाजी के 57 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने पर जैस्मिन लंबोरिया को बधाई। उनका समर्पण और निरंतर शानदार प्रदर्शन उनकी इस सफलता में साफ झलकता है।"

    3. प्रवीण चित्रवेल (Praveen Chithravel) — रजत पदक (पुरुषों की ट्रिपल जंप)

    • उपलब्धि: प्रवीण चित्रवेल ने पुरुषों की ट्रिपल जंप स्पर्धा में अपने करियर की अब तक की सर्वश्रेष्ठ जंप (Personal Best) लगाते हुए देश के लिए रजत पदक जीता।

    • PM मोदी का संदेश: "यह देखकर बेहद खुशी हुई कि प्रवीण चित्रवेल ने 2026 राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुषों की ट्रिपल जंप स्पर्धा में रजत पदक जीता है और साथ ही अपने खेल करियर की सर्वश्रेष्ठ जंप भी लगाई है।"

    4. सेल्वा प्रभु थिरुमारन (Selva Prabhu Thirumaran) — कांस्य पदक (पुरुषों की ट्रिपल जंप)

    • उपलब्धि: इसी स्पर्धा में सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने भी अपने करियर की पर्सनल बेस्ट जंप लगाते हुए कांस्य पदक हासिल किया।

    • PM मोदी का संदेश: "सेल्वा प्रभु थिरुमारन पर गर्व है, जिन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में अपने करियर की पर्सनल बेस्ट जंप लगाते हुए कांस्य पदक जीता। उन्हें बहुत-बहुत बधाई!"

    5. शुभम जुयाल (Shubham Juyal) — रजत पदक (पुरुषों की शॉट पुट F-57)

    • उपलब्धि: शुभम जुयाल ने पुरुषों की शॉट पुट एफ-57 स्पर्धा में अपनी शानदार तकनीक और समर्पण के बल पर रजत पदक जीता।

    • PM मोदी का संदेश: "पुरुषों की शॉट पुट एफ-57 स्पर्धा में रजत पदक देश के नाम करने पर शुभम जुयाल पर अत्यंत गर्व है। उनकी शानदार तकनीक और खेल के प्रति उनका समर्पण सराहनीय है।"

    #CWG2026 #TeamIndia #Glasgow2026 #PMModi #IndianBoxing #TripleJump #Paralympics #DanikKhabar

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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में पुरुषों की 60 किलोग्राम मुक्केबाजी में गोल्ड मेडल जीतने पर सचिन सिवाच को बधाई दी

    आरएस अनेजा, 02 अगस्त , नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 में पुरुषों की 60 किलोग्राम मुक्केबाजी स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर सचिन सिवाच को बधाई दी है।

    प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि सचिन सिवाच की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के उभरते मुक्केबाजों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।

    प्रधानमंत्री ने उन्हें उनके भावी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वे आगे भी भारत को गौरवान्वित करते रहेंगे।

    प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा:

    "सचिन सिवाच ने ग्लासगो में इतिहास रचते हुए देश के लिए स्वर्ण पदक जीता!

    पुरुषों की 60 किलोग्राम मुक्केबाजी स्पर्धा में इस शानदार सफलता के लिए उन्हें बहुत-बहुत बधाई। उनकी यह उपलब्धि अनेक युवा मुक्केबाजों को प्रेरित करेगी। भविष्य के प्रयासों के लिए उन्हें ढेरों शुभकामनाएं। वे यूँ ही हमेशा भारत को गौरवान्वित करते रहें।

    #CommonwealthGames2026 #SachinSiwach #BoxingGold #PMModi #TeamIndia #CWG2026 #DanikKhabar

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    भोगापुरम विकास परियोजनाएं: पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश में ₹17,900 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का किया उद्घाटन

    आरएस अनेजा, 01 अगस्त , नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज आंध्र प्रदेश के विजयनगरम् जिले के भोगापुरम में 17,900 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली अनेक विकास परियोजनाओं का शिलान्यास तथा उद्घाटन किया और इन्‍हें राष्ट्र को समर्पित किया। स्वर्ण आंध्र के विज़न के लिए इस दिन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने इस शुभ माह में उत्तर आंध्र की पावन धरती पर आने का अवसर मिलने के लिए गहन आभार व्यक्त किया तथा भगवान श्री वराह लक्ष्मी नरसिंह स्वामी, श्री कूर्मनाथ स्वामी और मां पैडितल्ली अम्मावारु को अपनी श्रद्धापूर्ण वंदना अर्पित की। श्री मोदी ने कहा, “आज उत्तर आंध्र की पवित्र भूमि पर उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है।”

    लगभग अठारह हजार करोड़ रुपये की लागत वाली विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हवाई अड्डा अवसंरचना, सड़क संपर्क और ऊर्जा सुरक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी ये बहुआयामी पहलें राज्य की तीव्र प्रगति का सशक्त प्रतीक हैं। श्री मोदी ने कहा, “ये विकास कार्य उस अद्भुत गति के सच्चे प्रतीक हैं, जिसके साथ आंध्र प्रदेश आगे बढ़ रहा है।”

    इस अवसर को अभूतपूर्व ऐतिहासिक महत्व का क्षण बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विशाल अवसंरचनात्मक उपलब्धियों के साथ-साथ आज का दिन पारंपरिक धीमसा नृत्य के माध्यम से स्थापित एक शानदार विश्व रिकॉर्ड का भी साक्षी बना है। श्री मोदी ने कहा, “आज का यह कार्यक्रम अनेक मोर्चों पर नया इतिहास रचने और नए कीर्तिमान स्थापित करने का अवसर है।”

    तेरह हजार से अधिक जनजातीय बहनों और बेटियों द्वारा प्रस्तुत इस शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने उनके अद्भुत उत्साह और अनुशासन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह जीवंत प्रस्तुति देश की समृद्ध विविधता और गहराई से संरक्षित जनजातीय विरासत का सुंदर प्रतिबिंब है। श्री मोदी ने कहा, “यहां प्रदर्शित हमारी जनजातीय संस्कृति का गौरव वास्तव में अत्यंत भव्य और अविस्मरणीय दृश्य था।”

    जनजातीय समुदायों के महानायक अल्लूरी सीताराम राजू के वीरतापूर्ण योगदान और जनजातीय कल्याण के प्रति उनके आजीवन समर्पण को नमन् करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी पावन भूमि पर आरंभ किया गया यह नया हवाई अड्डा क्षेत्रीय विकास के लिए एक महत्वपूर्ण रनवे तथा युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक सशक्त लॉन्चपैड है। मोदी ने कहा, “यह हवाई अड्डा आंध्र प्रदेश और उत्तर आंध्र के विकास का रनवे है। यह आंध्र प्रदेश के युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए एक लॉन्चपैड है।”

    नए हवाई अड्डे का नाम महान स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर रखने के सरकार के औपचारिक निर्णय की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह स्‍मरणीय श्रद्धांजलि इस हवाई अड्डे से होकर गुजरने वाले प्रत्येक यात्री में राष्ट्रसेवा की गहरी भावना का संचार करेगा। मोदी ने कहा, “इस हवाई अड्डे से यात्रा करने वाला प्रत्येक नागरिक श्री अल्लूरी सीताराम राजू के नाम से जनसेवा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा प्राप्त करेगा।”

    पिछले बारह वर्षों में नागरिक उड्डयन क्षेत्र में हुए असाधारण परिवर्तन का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में देश में केवल 74 परिचालित हवाई अड्डे थे, जबकि आज उनकी संख्या बढ़कर 166 हो गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से छोटे शहरों के सामान्य नागरिकों के लिए भी हवाई यात्रा सुलभ हुई है। श्री मोदी ने कहा, “आज छोटे शहरों के सामान्य लोग भी सुविधापूर्वक हवाई यात्रा कर रहे हैं। अब वह समय नहीं रहा जब हवाई यात्रा केवल बड़े महानगरों तक सीमित थी।”

    प्रधानमंत्री ने कहा कि उड़ान योजना ने देश के नागरिक उड्डयन परिदृश्य में बुनियादी बदलाव लाने का कार्य किया है। उन्होंने बताया कि इस पहल ने गरीब से गरीब परिवारों को भी हवाई यात्रा का सपना साकार करने का अवसर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में 29,000 करोड़ रुपये के बड़े निवेश के साथ उड़ान योजना के दूसरे चरण का शुभारंभ किया गया है। मोदी ने कहा, “इस योजना ने गरीब से गरीब लोगों को भी अपने जीवन भर के सपनों को पूरा करने में सक्रिय रूप से सहायता की है।”

    नागरिक उड्डयन क्षेत्र की एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने हाल ही में काशी में प्रारंभ किए गए ‘स्पोक एयरपोर्ट’ मॉडल का उल्लेख किया, जिसे अब सफलतापूर्वक अमृतसर तक विस्‍तृत कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप पंजाब का यह शहर अब 25 से अधिक अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से जुड़ गया है। श्री मोदी ने कहा, “आंध्र प्रदेश की इसी पावन भूमि से मैं इस उपलब्धि के लिए पंजाब के लोगों को भी हार्दिक बधाई देता हूं।”

    प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के नेतृत्व में वर्तमान सरकार की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के विकास के एजेंडा को अब दोगुनी गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। मोदी ने कहा, “हमारे आंध्र प्रदेश में विकसित भारत के लिए सर्वोच्च विकास इंजन बनने की अपार क्षमता हमेशा से रही है।”

    देश की ब्लू इकोनॉमी को सशक्त बनाने की राष्ट्रीय रणनीति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने विशाखापत्तनम से कृष्णपट्टनम तक स्थित मौजूदा बंदरगाहों के आधुनिकीकरण तथा मुलापेटा और रामायपट्टनम में नए बंदरगाहों के निर्माण के माध्यम से पूरे तटीय क्षेत्र को एक एकीकृत तटीय आर्थिक गलियारे के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी परिकल्पना प्रस्तुत की। मोदी ने कहा, “हमारा रणनीतिक विज़न इस पूरे क्षेत्र को एक समृद्ध तटीय आर्थिक गलियारे के रूप में व्यापक रूप से विकसित करने का है।”

    बंदरगाहों के व्यापक विकास के साथ-साथ प्रधानमंत्री ने राज्यभर में राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के सघन नेटवर्क के तीव्र निर्माण का भी उल्लेख किया। उन्होंने विशाखापत्तनम–रायपुर एक्सप्रेसवे जैसे प्रमुख मार्गों को क्षेत्रीय विकास का महत्वपूर्ण प्रेरक बताया। मोदी ने कहा, “ये एक्सप्रेसवे परियोजनाएं पूरे इस क्षेत्र को अभूतपूर्व गति प्रदान कर रही हैं।”

    इस क्षेत्र को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से निर्बाध रूप से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान में लगभग एक लाख करोड़ रुपये की लागत वाली रेल परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि पूरे रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण किया जा चुका है तथा 70 से अधिक रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। श्री मोदी ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं कि यह पूरा क्षेत्र देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से सहज रूप से जुड़ सके।”

    इन बहुआयामी परिवहन उन्नयनों को एकीकृत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान रेल, बंदरगाह और हवाई अवसंरचना को एक सूत्र में पिरोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे लॉजिस्टिक्स व्यवस्था अधिक दक्ष बनेगी, स्थानीय किसानों का सशक्‍तीकरण होगा और कारोबार सुगमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। मोदी ने कहा, “जब यह आधुनिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पूरी तरह तैयार हो जाएगा, तब इससे उद्योगों को बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी, हमारे किसानों को भी बड़ा लाभ होगा और ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।”

    राज्य की दूरदर्शी नवाचार परंपरा की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने सॉफ्टवेयर और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में यहां के युवाओं की वैश्विक पहचान की प्रशंसा की। उन्होंने दोहराया कि सरकार इस असाधारण प्रतिभा-संपन्न युवा शक्ति का उपयोग सीधे क्षेत्रीय विकास के लिए करने के प्रति दृढ़ संकल्पित है।

    युवा प्रतिभा को देश में ही अवसर उपलब्ध कराकर उसकी क्षमता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने भविष्योन्मुख प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों पर विशेष ध्यान केंद्रित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि विशाखापत्तनम में नए सेमीकंडक्टर संयंत्र का शिलान्यास इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। श्री मोदी ने कहा, “हमारी प्रतिभाशाली युवा शक्ति की क्षमता का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के लिए हमारा ध्यान अब मुख्‍यत: सेमीकंडक्टर जैसे भविष्योन्मुख प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों पर केंद्रित है।”

    राज्य में औद्योगिक क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन की परिकल्पना प्रस्तुत करते हुए प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सॉफ्टवेयर क्षेत्र में अपनी पहचान के साथ-साथ आंध्र प्रदेश एक सशक्त विनिर्माण केंद्र के रूप में भी विकसित होगा। इससे भविष्योन्मुख रोजगार के अवसरों का एक नया पारिस्थितिकी तंत्र तैयार होगा। श्री मोदी ने कहा, “यह रणनीतिक परिवर्तन राज्यभर में भविष्योन्मुख रोजगार के अवसरों और प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों के लिए एक नया वातावरण तैयार करेगा।”

    वैश्विक आर्थिक विकास केंद्रों की कार्यप्रणाली का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल कारखाने स्थापित कर देने से विकास संभव नहीं होता, बल्कि उसके लिए एक व्यापक औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र और अनुकूल वातावरण भी आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निरंतर व्यक्तिगत प्रयासों से आंध्र प्रदेश में ऐसा वातावरण सावधानीपूर्वक विकसित किया जा रहा है। श्री मोदी ने कहा, “इसी दिन-रात की मेहनत का परिणाम है कि आज दुनिया की अनेक बड़ी कंपनियां यहां निवेश करने के लिए उत्सुक हैं।”

    उन्नत प्रौद्योगिकी अवसंरचना का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने एआई और डेटा सेंटर से जुड़े समानांतर विकास कार्यों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से गूगल द्वारा 15 अरब अमेरिकी डॉलर के विशाल परिसर की घोषणा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य में वैश्विक निवेशकों की बढ़ती रुचि का स्पष्ट संकेत है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय युवाओं को मिलेगा। मोदी ने कहा, “दुनिया की अनेक और वैश्विक कंपनियां भी यहां नई संभावनाएं देख रही हैं, जिसका बड़ा लाभ राज्य और देश के युवाओं को मिलेगा।”

    डिजिटल प्रौद्योगिकी से आगे बढ़ते हुए राज्य के औद्योगिक विकास की व्यापक तस्वीर प्रस्तुत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार नक्कापल्ली में एक विशाल फार्मा पार्क की स्थापना के लिए व्यापक सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे आंध्र प्रदेश देश के अग्रणी औषधि निर्माण केंद्रों में से एक के रूप में विकसित होगा। मोदी ने कहा, “इस सहयोग के साथ आंध्र प्रदेश तेजी से देश के सबसे बड़े फार्मा हबों में से एक के रूप में विकसित होगा।”

    अक्षय ऊर्जा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि अकेले रायलसीमा क्षेत्र ने ही पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश आकर्षित किए हैं। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार इन महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। मोदी ने कहा, “हमारी सरकार ऐसी प्रत्येक बड़ी संभावना को वास्तविकता में बदलने के लिए दिन-रात कार्य करती रहेगी।”

    प्रधानमंत्री ने सभी क्षेत्रों में सरकार के विकास एजेंडा की तीव्र गति का उल्लेख करते हुए कहा कि अकेले उनकी पिछली तीन यात्राओं के दौरान ही दो लाख करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया है। मोदी ने कहा, “हाल में लॉन्‍च की गई इन विशाल परियोजनाओं से आप सहज ही अनुमान लगा सकते हैं कि प्रत्येक क्षेत्र में कार्य कितनी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।”

    इस व्यापक विकास यात्रा के अंतर्गत उत्तर आंध्र के जिलों के सुनियोजित सशक्तीकरण पर गहरा संतोष व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि विशाखापत्तनम आर्थिक क्षेत्र (वीईआर) को एशिया के अग्रणी आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में रणनीतिक रूप से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थापित की जा रही प्रत्येक नई सुविधा इसी साझा लक्ष्य को आगे बढ़ा रही है। मोदी ने कहा, “हमारा अंतिम लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विशाखापत्तनम आर्थिक क्षेत्र एशिया का सबसे प्रमुख आर्थिक केंद्र बने।”

    निवेश को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार में बदलने की सरकार की मूल आर्थिक सोच का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि सार्वजनिक और निजी निवेश में वृद्धि से विनिर्माण को गति मिलती है, निर्यात बढ़ता है और अंततः लोगों की आय तथा जीवन स्तर में सुधार होता है। उन्होंने कहा कि आज आंध्र प्रदेश में भी यही परिवर्तन देखने को मिल रहा है। मोदी ने कहा, “जब रोजगार बढ़ता है, तो लोगों की आय स्वाभाविक रूप से बढ़ती है और परिवारों के दैनिक जीवन में भी उल्लेखनीय सुधार आता है।”

    अपने संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य के प्रति पूर्ण विश्वास व्यक्त किया और कहा कि आज आरंभ की गई ये अनेक परियोजनाएं स्वर्ण आंध्र और विकसित भारत—दोनों के संकल्पों को साकार करने की दिशा में बुनियादी स्‍तंभ सिद्ध होंगी।

    #PMModi #BhogapuramAirport #AlluriSitaramaRaju #AndhraPradesh #SwarnaAndhra #ViksitBharat #CivilAviation #DanikKhabar

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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2 अगस्त को 'नशा मुक्त युवा- विकसित भारत संकल्प अभियान' की शुरुआत करेंगे

    आरएस अनेजा, 01 अगस्त , नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 2 अगस्त, 2026 को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'नशा मुक्त युवा- विकसित भारत संकल्प अभियान' का शुभारंभ करेंगे। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और उन्हें अपने समुदायों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के दूत बनने के लिए प्रोत्साहित करना है।

    इस शुभारंभ के साथ ही मादक पदार्थों के सेवन के विरुद्ध 100 सप्ताह तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी जन भागीदारी अभियान की शुरुआत होगी। इस अभियान के तहत, नशामुक्त समाज के निर्माण में जागरूकता बढ़ाने और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए देश भर में हर रविवार को साप्ताहिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों में खेलों का आयोजन, वाकाथॉन, ध्यान सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक, चर्चा मंच, कला प्रतियोगिताएं और सामुदायिक भागीदारी कार्यक्रम होंगे।

    इस पहल का उद्देश्य मादक पदार्थों के सेवन के विरुद्ध एक सामूहिक आंदोलन के लिए शैक्षणिक संस्थानों, युवा संगठनों, नागरिक समाज समूहों, उद्योग निकायों और आध्यात्मिक संगठनों को एक साझा मंच पर लाकर सामुदायिक भागीदारी को और मजबूत करना है।

    इस कार्यक्रम में देशभर के 10,000 से अधिक स्थानों से युवा भाग लेंगे। माय भारत वॉलिंटियर्स, माय भारत नेशनल सर्विस स्‍कीम वॉलिंटियर्स, युवा क्लब, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, गैर सरकारी संगठन, उद्योग संघों के युवा विंग और 125 से अधिक सहयोगी आध्यात्मिक संगठन इस कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से भाग लेंगे।

    #NashaMuktBharat #PMModi #ViksitBharat #YouthPower #DrugFreeIndia #MyBharat #NSS #DanikKhabar

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    अयोध्या: CBI की बड़ी कार्रवाई; ₹60,000 की रिश्वत लेते कैंटोनमेंट बोर्ड का असिस्टेंट सैनिटरी इंस्पेक्टर रंगे हाथों गिरफ्तार

    अयोध्या/लखनऊ, 01 अगस्त (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित छावनी परिषद के सहायक स्वच्छता निरीक्षक को रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने आरोपी को शिकायतकर्ता से ₹60,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा।

    सफाई कर्मियों की संविदा भर्ती के नाम पर मांगी थी रिश्वत

    सीबीआई द्वारा 1 अगस्त 2026 को जारी प्रेस रिलीज के अनुसार:

    • शिकायत: शिकायतकर्ता ने 28 जुलाई 2026 को छावनी परिषद में हाउसकीपिंग/सफाई कार्य के लिए ठेके पर अपने परिचित कुछ कर्मचारियों की भर्ती का अनुरोध किया था।

    • रिश्वत की मांग: आरोप है कि आरोपी असिस्टेंट सैनिटरी इंस्पेक्टर ने प्रति कर्मचारी ₹20,000 की रिश्वत मांगी और शिकायतकर्ता को कम से कम 20 ऐसे कर्मचारियों के दस्तावेज 30 जुलाई की शाम तक जमा कराने को कहा। आरोपी ने चेतावनी दी थी कि रिश्वत न देने पर कर्मचारियों को काम पर नहीं रखा जाएगा।

    सीबीआई ने बिछाया जाल, ₹60,000 रिश्वत लेते दबोचा

    शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने 30 जुलाई 2026 को एफआईआर दर्ज की और उसी दिन जाल (Trap) बिछाया:

    • रंगे हाथों गिरफ्तारी: बात तय होने के बाद 5 कर्मचारियों के लिए ₹12,000 प्रति कर्मचारी की दर से कुल ₹60,000 की रिश्वत स्वीकार करते समय आरोपी को सीबीआई टीम ने रंगे हाथों पकड़ लिया।

    • 13 अगस्त तक जेल: आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद 31 जुलाई 2026 को लखनऊ स्थित सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से अदालत ने उसे 13 अगस्त 2026 तक न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

    #CBI #CBIAnyodHYA #AyodhyaNews #CantonmentBoard #BriberyCase #CorruptionFreeIndia #LucknowCourt #DanikKhabar

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    फर्जी सरकारी अफसर बन ठगी करने के मामले में ED की बड़ी कार्रवाई; निलंबित IAS अभिषेक चंद्रा और मुख्य आरोपी की ₹1.12 करोड़ की संपत्ति कुर्क

    त्रिपुरा, 01 अगस्त (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय के अगरतला सब जोनल कार्यालय ने सरकारी अधिकारियों का रूप धारण कर निवेशकों और व्यवसायियों से धोखाधड़ी करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत ₹1.12 करोड़ मूल्य की बैंक बैलेंस राशि को अनंतिम रूप से कुर्क कर लिया है।

    कुर्क की गई संपत्ति में मुख्य आरोपी उत्पल कुमार चौधरी, त्रिपुरा कैडर के निलंबित आईएएस अधिकारी अभिषेक चंद्रा और एक प्राइवेट हाउसिंग कंपनी द्वारा नियंत्रित शेल संस्थाओं के बैंक खाते शामिल हैं।

    फर्जी पहचान पत्र और सरकारी विभागों के नाम पर ठगी

    ईडी की जांच पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा पुलिस द्वारा उत्पल कुमार चौधरी और उसके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी (Forgery) और आपराधिक विश्वासघात के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी।

    • गृह मंत्रालय का फर्जी अफसर: जांच में सामने आया कि उत्पल कुमार चौधरी ने खुद को केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) का वरिष्ठ अधिकारी बताकर फर्जी आई-कार्ड बनवाए थे।

    • फर्जी सरकारी संस्थाएं: आरोपी ने 'डायरेक्टरेट ऑफ हायर एजुकेशन, त्रिपुरा' और 'M/s ब्रिज एंड रूफ कं.' जैसे सरकारी विभागों व सार्वजनिक उपक्रमों से मिलते-जुलते नाम वाली फर्जी फर्में बनाईं।

    • टेंडर और मिड-डे मील के नाम पर ठगी: आरोपी ने व्यवसायियों और निवेशकों को सरकारी टेंडर, मिड-डे मील सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट और रबर बिजनेस में भारी मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपये इन खातों में ट्रांसफर करवाए।

    निलंबित IAS अभिषेक चंद्रा की भूमिका

    जांच में खुलासा हुआ कि त्रिपुरा कैडर के निलंबित आईएएस (IAS) अधिकारी अभिषेक चंद्रा ने उत्पल कुमार चौधरी और उसके गिरोह द्वारा जुटाए गए 'काले धन' को अपने व्यक्तिगत बैंक खातों में सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से प्राप्त किया। इसके अलावा, एक प्राइवेट हाउसिंग कंपनी में अपने नाम पर फ्लैट बुकिंग के लिए भी इस राशि का इस्तेमाल करवाया।

    अब तक कुल ₹1.63 करोड़ की संपत्ति जब्त

    ईडी ने बताया कि शेल कंपनियों के जरिए जमा किए गए फंड को नकद निकालकर आपस में बांटा गया और अचल संपत्तियों व वाहनों में निवेश किया गया।

    ताजा आदेश के साथ ही इस मामले में दो अटैचमेंट ऑर्डर के जरिए अब तक कुर्क की गई कुल संपत्ति का मूल्य ₹1.63 करोड़ हो गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

    #ED #EnforcementDirectorate #IASAbhishekChandra #MoneyLaundering #PMLA #TripuraNews #FraudCase #DanikKhabar

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    त्रिपुरा: अवैध IPL सट्टेबाजी सिंडिकेट पर ED का बड़ा एक्शन; ₹1.05 करोड़ की संपत्ति कुर्क, अब तक कुल ₹2.43 करोड़ की संपत्ति जब्त

    अगरतला/नई दिल्ली, 01 अगस्त (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अगरतला सब जोनल कार्यालय ने त्रिपुरा में चलाए जा रहे एक अवैध आईपीएल/क्रिकेट सट्टेबाजी सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत आरोपी और उसकी पत्नी के नाम पर दर्ज ₹1.05 करोड़ मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से (Provisionally Attach) कुर्क कर लिया है।

    कुर्क की गई संपत्तियों में 9 अचल संपत्तियां और बैंक खातों में जमा राशि शामिल है।

    त्रिपुरा पुलिस की FIR के आधार पर जांच शुरू

    ईडी ने त्रिपुरा पुलिस (अमतली पुलिस स्टेशन) द्वारा आईपीसी और त्रिपुरा जुआ अधिनियम, 1926 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। यह कार्रवाई प्रसेनजीत पॉल और लक्ष्मण पॉल के खिलाफ दर्ज की गई थी।

    • मई 2023 की छापेमारी: 11 मई 2023 को त्रिपुरा पुलिस ने प्रसेनजीत पॉल के आवासीय परिसरों पर तलाशी ली थी, जिसमें ₹93 लाख नकद, एक लैपटॉप, मोबाइल फोन, 4 डेबिट कार्ड और सट्टेबाजी के लेन-देन की प्रविष्टियों वाली 17 नोटबुक बरामद की गई थीं।

    सट्टेबाजी और काली कमाई का सिंडिकेट

    ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि प्रसेनजीत पॉल अपने मामा लक्ष्मण पॉल और अन्य सहयोगियों की मिलीभगत से आईपीएल और अन्य क्रिकेट मैचों पर सट्टेबाजी का एक संगठित सिंडिकेट चला रहा था:

    • गिरफ्तारी से बचने में मदद: एफआईआर में नामजद सह-आरोपी लक्ष्मण पॉल ने प्रसेनजीत पॉल को अवैध सट्टेबाजी गतिविधियों में मदद की और उसे गिरफ्तारी से बचने में सहायता दी।

    • पत्नी के नाम पर खाते व संपत्ति: लक्ष्मण पॉल अपनी पत्नी श्रीमती झूमा दे पॉल के नाम पर कई बैंक खातों का संचालन और नियंत्रण कर रहा था। इन खातों में बड़ी मात्रा में नकदी जमा की गई और बिना किसी वैध आय स्रोत के करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई गई।

    अगरतला और कोलकाता में अचल संपत्तियां शामिल

    यह इस मामले में ईडी द्वारा जारी किया गया दूसरा प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर है। इससे पहले 16 मार्च 2026 को प्रसेनजीत पॉल और उसकी मां के नाम पर संपत्तियां कुर्क की गई थीं।

    हालिया आदेश के तहत कुर्क की गई संपत्तियों में शामिल हैं:

    1. अचल संपत्तियां: पश्चिम त्रिपुरा में स्थित कृषि और आवासीय भूमि और कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में एक संपत्ति (जो मुख्य रूप से नकद भुगतान के माध्यम से खरीदी गई थी)।

    2. बैंक खाते: लक्ष्मण पॉल और झूमा दे पॉल के नाम पर बैंक खातों में जमा शेष राशि।

    अब तक ₹2.43 करोड़ की कुल संपत्ति जब्त

    ताजा कार्रवाई के साथ, इस मामले में ईडी द्वारा कुर्क की गई 'क्राइम की कमाई' (Proceeds of Crime) का कुल मूल्य (नकद, अचल संपत्ति और बैंक बैलेंस मिलाकर) लगभग ₹2.43 करोड़ हो गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

    #ED #EnforcementDirectorate #IPLBetting #MoneyLaundering #PMLA #TripuraNews #Kolkata #DanikKhabar

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    30/07/26 |

    रेलवे की ऐतिहासिक पहल: वंदे भारत एक्सप्रेस में सूरत से अहमदाबाद सफलतापूर्वक पहुँचाया “जीवित हृदय”

    आरएस अनेजा, 31 जुलाई नई दिल्ली - भारतीय रेल ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से जीवित हृदय (Live Heart) का सफलतापूर्वक परिवहन किया।

    सूरत से अहमदाबाद तक हृदय को ट्रेन संख्या 20901 मुंबई सेंट्रल–गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस से सुरक्षित एवं निर्धारित समय में पहुंचाया गया। इस हृदय का प्रत्यारोपण यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर, अहमदाबाद में किया जाएगा।

    यह अत्यंत संवेदनशील और समयबद्ध जीवनरक्षक अभियान भारतीय रेल, गुजरात राज्य पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) तथा चिकित्सा टीमों के बीच उत्कृष्ट समन्वय का उदाहरण रहा।

    हृदय को अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 से यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर तक सुरक्षित एवं निर्बाध रूप से पहुंचाने के लिए RPF और गुजरात राज्य पुलिस द्वारा ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इसके माध्यम से अंग को निर्धारित समयसीमा के भीतर अस्पताल पहुंचाया गया, ताकि प्रत्यारोपण प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो।

    मंडल रेल प्रबंधक, अहमदाबाद, वेद प्रकाश ने कहा, “यह भारतीय रेल के लिए अत्यंत गर्व और संतोष का क्षण है कि वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से एक जीवित हृदय को सूरत से अहमदाबाद तक सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से पहुंचाया गया। ऐसे जीवनरक्षक मिशन में समय का प्रत्येक क्षण महत्वपूर्ण होता है। ”

    इस ऐतिहासिक मिशन की सफलता में भारतीय रेल के विभिन्न विभागों, RPF, गुजरात राज्य पुलिस, चिकित्सकों, अंग प्रत्यारोपण समन्वयकों तथा सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी एजेंसियों के बीच प्रभावी एवं त्वरित समन्वय के कारण यह चुनौतीपूर्ण जीवनरक्षक अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

    यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय रेल की त्वरित, सुरक्षित और विश्वसनीय सेवाओं के साथ-साथ मानव जीवन की रक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है।

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    30/07/26 |

    तमिलनाडु: तंजावुर में फूस के मकान में भीषण आग के बाद फटा एलपीजी सिलेंडर; 15 साल की बच्ची समेत 10 लोग झुलसे, 7 ICU में भर्ती

    तमिलनाडु, 30 जुलाई (अन्‍नू): तमिलनाडु के तंजावुर जिले के चिन्ना अम्मानकुडी गाँव में बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ एक किसान के फूस (कच्चे) के मकान में अचानक भीषण आग लग गई। आग बुझाने के दौरान रसोईघर में रखा एलपीजी (LPG) सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया, जिसकी चपेट में आकर 15 वर्षीय बच्ची समेत कम से कम 10 लोग गंभीर रूप से झुलस गए।

    सोते समय हुआ हादसा, पड़ोसियों ने की बचाने की कोशिश

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा बुधवार देर रात करीब 2 बजे थिरुवोनम के पास स्थित लक्ष्मीपुरम इलाके में स्थानीय किसान मुरुगयन के फूस के मकान में हुआ। जिस समय आग लगी, उस वक्त परिवार के लोग गहरी नींद में सो रहे थे।

    मकान से आग की लपटें उठती देख आसपास के पड़ोसियों ने तुरंत परिवार को सतर्क किया और सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद स्थानीय लोग और पड़ोसी बाल्टियों में पानी लेकर आग पर काबू पाने की कोशिश करने लगे।

    आग बुझाते समय अचानक हुआ जोरदार धमाका

    जब ग्रामीण आग बुझाने में जुटे हुए थे, तभी रसोईघर में अत्यधिक ताप के कारण रखा एलपीजी सिलेंडर अचानक एक धमाके के साथ फट गया। सिलेंडर फटने से आग बुझा रहे कई लोग और परिवार के सदस्य आग की चपेट में आ गए।

    हादसे में घायल हुए लोग: इस दुर्घटना में मकान मालिक मुरुगयन, उनकी 15 वर्षीय बेटी अभिनया के अलावा मदद कर रहे पड़ोसी कासीनाथन, राजशेखर, पलानीवेल, वेम्बाईयन, कलैयारसी, भुवनेश्वरण, सेल्वराज और कालियाम्मल गंभीर रूप से झुलस गए।

    7 घायलों की हालत गंभीर, तंजावुर मेडिकल कॉलेज के ICU में भर्ती

    घटना की सूचना मिलते ही करम्बकुडी से दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद राहत व बचाव कार्य पूरा किया।

    • उपचार: घायलों में से 3 लोगों को पट्टुकोट्टई सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    • गंभीर स्थिति: गंभीर रूप से झुलसे 7 लोगों (जिसमें बच्ची भी शामिल है) को तंजावुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है, जहाँ वे आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।

    मामले में थिरुवोनम पुलिस ने दुर्घटना का केस दर्ज कर आग लगने के कारणों की जाँच शुरू कर दी है।

    #TamilNaduNews #ThanjavurAccident #LPGCylinderBlast #FireAccident #BreakingNews #TamilNadu #DanikKhabar

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    29/07/26 |

    संचार मंत्री सिंधिया ने 'भारत 6जी एलायंस' की प्रगति की समीक्षा की और '5जी प्रयोगशाला उत्कृष्टता पुरस्कार' प्रदान किए

    आरएस अनेजा, 29 जुलाई नई दिल्ली - केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी और सचिव (दूरसंचार) श्री अमित अग्रवाल के साथ नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 'भारत 6जी एलायंस' (बी6जीए) की प्रगति की समीक्षा की।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 मार्च, 2023 को भारत का 6जी विजन दस्तावेज़ "भारत 6जी विजन" जारी किया था। इस विजन का लक्ष्य 2030 तक 6जी तकनीक के डिजाइन, विकास और उसे लागू करने में भारत को एक प्रमुख योगदानकर्ता बनाना है।

    इस बैठक में भारत के 6जी आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में 'भारत 6जी एलायंस' (बी6जीए) की प्रगति और अब तक किए गए कामों की समीक्षा की गई। यह एलायंस सात खास कार्यकारी समूह के जरिए काम करता है, जो इन क्षेत्रों को कवर करते हैं: स्पेक्ट्रम; डिवाइस तकनीक और विनिर्माण इकोसिस्टम; तकनीक; एप्लीकेशन; ग्रीन और सस्टेनेबिलिटी; आउटरीच; और 6जी के इस्तेमाल के तरीके और कमाई के जरिये।

    इस अलायंस के सदस्य संगठनों के पास 5जी और 6जी तकनीक से जुड़े 7,700 से ज्यादा पेटेंट फाइलिंग हैं, जिनमें 4,400 से ज्यादा विदेशी फाइलिंग शामिल हैं। यह भारत के शोध एवं नवाचार इकोसिस्टम की बढ़ती मजबूती को दिखाता है। 3जीपीपी में भारत की भागीदारी भी काफी बढ़ी है; इसमें भारतीय प्रतिभागियों की संख्या 2020 में 717 से बढ़कर 2025 में 1,787 हो गई है, जबकि इसी दौरान तकनीकी योगदान 196 से बढ़कर 2,943 हो गया है।

    टेलीकॉम स्टैंडर्ड्स डेवलपमेंट सोसाइटी, इंडिया (टीएसडीएसआई) की ओर से 6जी तकनीक के मानक तय करने की कोशिशों के बारे में भी जानकारी दी गई। बातचीत में इस बात पर जोर दिया गया कि वैश्विक मानक तय करने की प्रक्रियाओं में भारत की सक्रिय और सार्थक भागीदारी कितनी जरूरी है। साथ ही, यह सुनिश्चित करने की जरूरत पर भी बात हुई कि भारतीय नवाचार, तकनीक, इस्तेमाल के तरीके और जरूरतें, दुनिया भर में काम आने वाले 6जी मानकों को बनाने में योगदान दें।

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    29/07/26 |

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केन्द्र सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की

    आरएस अनेजा, 29 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर केन्द्र सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

    उन्होंने वित्त एवं अर्थव्यवस्था, वाणिज्य एवं उद्योग, तथा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से जुड़े मंत्रालयों और विभागों के भावी कार्य योजना की समीक्षा की। यह बैठक विकसित भारत के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में प्रगति को और तेज़ करने पर केंद्रित रही।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंत्रालयों और विभागों के बीच मजबूत टीम भावना विकसित करने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों से साझा उद्देश्य की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार के भीतर क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार की कार्यगत बाधाओं को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और एकीकृत एवं प्रभावी परिणाम सुनिश्चित कर सकें।

    जन-केंद्रित सुशासन का महत्व बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत के नागरिक ही सदैव शासन व्यवस्था के केंद्र में रहने चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि हर निर्णय और नीति आम-नागरिक के हितों और आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत जहां बुनियादी ढांचे के विकास में उल्लेखनीय निवेश कर रहा है, वहीं स्वदेशी तकनीकों को विकसित करने को भी समान प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। उन्होंने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता और घरेलू क्षमताओं के निर्माण के महत्व पर विशेष बल दिया।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा सुरक्षा का सीधा संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और नागरिकों के कल्याण से है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत को नवाचार, विविधता और क्षमता निर्माण में तेजी लाकर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना होगा।

    सुधारों को सिरफ एक चलन या फैशनेबल शब्द न मानकर प्रभावी शासन के लिए एक निरंतर आवश्यकता बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यप्रणालियों में सुधार लाने, कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने तथा संस्थागत दक्षता को मज़बूत करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ डिजिटल प्रणालियों और अवसंरचना को सुरक्षित रखने के लिए साइबर सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने उभरते साइबर खतरों के प्रति निरंतर सतर्कता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया और इस दिशा में इसे एक राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय संवाद और जनसंपर्क के महत्व पर भी बल दिया, जहां देश महत्वपूर्ण पहल कर रहा है, जिससे इन प्रयासों से जुड़ी भ्रामक जानकारी और बेबुनियाद आशंकाओं का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कार्यबल को उभरते और भविष्य के उद्योगों द्वारा आवश्यक कौशल से सुसज्जित करने के लिए नए शैक्षणिक पाठ्यक्रमों की योजना उद्योग जगत के साथ साझेदारी में बनानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को सदैव युवा, गतिशील और दूरदर्शी बने रहना चाहिए तथा नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप फुर्ती एवं नवाचार के साथ निरंतर स्वयं को ढालते रहना चाहिए।

    बैठक में सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित प्रगति, प्राथमिकताओं और कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रमुख मंत्रालयों एवं विभागों के सचिव तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

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    28/07/26 |

    ग्लासगो CWG 2026: महेंद्रगढ़ की शर्मिला धनखड़ ने रचा इतिहास; पैरा एथलेटिक्स में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

    हरियाणा , 28 जुलाई (अभिकान्त) : स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से भारत और हरियाणा के लिए एक बेहद गर्व की खबर सामने आई है। महेंद्रगढ़ जिले के छोटे से गांव छितरौली की रहने वाली धाकड़ पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने महिलाओं की शॉट पुट एफ-57 स्पर्धा में 9.81 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इस ऐतिहासिक स्वर्णिम थ्रो के साथ ही शर्मिला राष्ट्रमंडल खेलों के पैरा एथलेटिक्स इतिहास में गोल्ड मेडल जीतने वाली देश की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शर्मिला धनखड़ को इस अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए बधाई दी है। सीएम ने कहा कि शर्मिला की इस ऐतिहासिक जीत ने पूरे देश और हरियाणा प्रदेश का नाम दुनिया में रोशन किया है।

    शर्मिला की यह जीत केवल एक खेल का पदक नहीं, बल्कि जिंदगी के कड़े संघर्ष, साहस और अटूट आत्मविश्वास की गाथा है। महज दो साल की उम्र में पोलियो के कारण उनका एक पैर कमजोर हो गया था। आर्थिक तंगी के बीच बीता बचपन और पहली शादी में दहेज उत्पीड़न व घरेलू हिंसा के दर्द ने उन्हें तोड़कर रख दिया था। 26 साल की उम्र में दो छोटी बेटियों के साथ उन्हें घर से बेदखल कर दिया गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। इसके बाद दूसरी शादी में पति अजीत का अटूट सहयोग मिला और परिवार के साथ ने उन्हें खेल के मैदान पर नई पहचान बनाने की हिम्मत दी।

    ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए एक और अच्छी खबर हाई जंप इवेंट से आई। भारतीय एथलीट सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में 2.25 मीटर की शानदार छलांग लगाकर देश की झोली में रजत पदक (Silver Medal) डाला।

    शर्मिला धनखड़ की यह ऐतिहासिक सफलता साबित करती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी विपरीत क्यों न हों, यदि इरादे मजबूत हों तो संघर्ष भी एक दिन स्वर्णिम इतिहास में बदल जाता है।

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    28/07/26 |

    विश्व कप शूटिंग: ईशा सिंह ने जीता स्वर्ण पदक, मनु भाकर को मिला कांस्य; भारत का शानदार प्रदर्शन

    जे कुमार हॉंगझोऊ, 28 जुलाई 2026: निशानेबाजी (शूटिंग) विश्व कप में भारतीय महिला निशानेबाजों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा फहराते हुए देश का नाम रोशन किया है। 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भारत की होनहार निशानेबाज ईशा सिंह ने सटीक निशाना साधते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम किया, जबकि ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने कड़े मुकाबले के बाद कांस्य पदक (Bronze Medal) हासिल किया।

    शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखते हुए ईशा सिंह ने फाइनल राउंड में शानदार एकाग्रता और दबाव में सटीक प्रदर्शन का परिचय दिया और शीर्ष स्थान हासिल किया। वहीं, मनु भाकर ने भी बेहतरीन खेल भावना का प्रदर्शन करते हुए अंतिम क्षणों में अंक बटोरकर तीसरा स्थान पक्का किया।

    इस शानदार दोहरे पदक से भारतीय खेमे और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। खेल जगत की प्रमुख हस्तियों और खेल प्रशंसकों ने दोनों महिला एथलीटों को उनकी इस ऐतिहासिक सफलता के लिए बधाई दी और इसे भारतीय निशानेबाजी के स्वर्णिम दौर का एक और महत्वपूर्ण अध्याय बताया।

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    27/07/26 |

    ज्योतिमय घोष ने जीता 'इंडियन आइडल 16' का खिताब; ट्रॉफी के साथ मिली 25 लाख रुपये की राशि

    जे कुमार मुंबई, 27 जुलाई 2026: देश के सबसे चर्चित और लोकप्रिय सिंगिंग रियलिटी शो 'इंडियन आइडल 16' (Indian Idol 16) का भव्य समापन हो गया है। सुरीली आवाज़ और शानदार गायकी से करोड़ों दर्शकों का दिल जीतने वाली ज्योतिमय घोष इस सीज़न की विजेता घोषित की गई हैं।

    ग्रैंड फिनाले के रोमांचक मुकाबले में ज्योतिमय ने अपनी बेहतरीन परफॉर्मेंस से जजों और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शो के जजों और जनता से मिले सर्वाधिक वोटों के आधार पर उन्हें 'इंडियन आइडल 16' कीचमकती ट्रॉफी सौंपी गई। इसके साथ ही विजेता के रूप में उन्हें 25 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि और एक नई ब्रांड न्यू कार भी इनाम में मिली।

    फिनाले की दौड़ में अन्य फाइनलिस्टों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन ज्योतिमय ने अपने निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर यह खिताब अपने नाम किया। ट्रॉफी जीतने के बाद भावुक हुई ज्योतिमय ने अपने प्रशंसकों, परिवार और शो के जजों का आभार व्यक्त करते हुए इसे अपने जीवन का सबसे यादगार पल बताया।

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    भारत की विभाजन ‘इतिहास की सबसे बड़ी भूल’: पीओजेके की वापसी ही एकमात्र लंबित मुद्दा - डॉ. जितेंद्र सिंह

    आरएस अनेजा, 27 जुलाई नई दिल्ली - विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज भारत के विभाजन को “इतिहास की सबसे बड़ी भूल” करार दिया और कहा कि पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) को वापस लेना ही भारत और पाकिस्तान के बीच एकमात्र लंबित मुद्दा है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश का सुरक्षा परिदृश्य एक निर्णायक बदलाव से गुज़रा है और बाहरी आक्रमण के खिलाफ केवल प्रतिक्रियात्मक दृष्टिकोण से निर्णायक एवं सक्रिय जवाबी कार्रवाई वाले दृष्टिकोण में परिवर्तित हुआ है।

    डॉ. जितेंद्र सिंह नई दिल्ली के कश्मीरी सांस्कृतिक केंद्र में 'जम्मू-कश्मीर पीपल्स फोरम' और 'पीओजेके यूथ फोरम' (जो मीरपुर बलिदान भवन समिति की एक इकाई है) के सहयोग से आयोजित 27वें कारगिल विजय दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं जबकि कारगिल युद्ध के पूर्व सैनिक कर्नल के.के. शर्मा  ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

    इस कार्यक्रम का आयोजन जम्मू-कश्मीर पीपल्स फ़ोरम के संयोजक महिंदर मेहता और पीओजेके यूथ फ़ोरम की अगुवाई में किया गया ताकि 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जा सके।

    डॉ. जितेंद्र सिंह ने कारगिल विजय दिवस को याद करने और देश के लिए नए संकल्प का दिन बताते हुए कहा कि यह जीत भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और भारत की एकता, संप्रभुता एवं अखंडता की रक्षा के प्रति देश की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कारगिल से मिली सीख आज भी प्रासंगिक है क्योंकि देश के सामने आने वाली चुनौतियों के लिए लगातार सतर्क रहने और राष्ट्रीय एकता कायम रखने की आवश्यकता बनी हुई है।

    कारगिल युद्ध के ऐतिहासिक संदर्भ की बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 1999 की घटनाओं को अलग-थलग करके नहीं देखा जा सकता बल्कि इन्हें बंटवारे के समय से शुरू हुए घटनाक्रमों की एक लंबी कड़ी के हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए। देश के विभाजन को “इतिहास की सबसे बड़ी भूल” बताते हुए उन्होंने कहा कि इस निर्णय से लोगों को बहुत तकलीफ़ें झेलनी पड़ीं, लाखों लोग बेघर हो गए और दशकों तक चलने वाली दुश्मनी की नींव पड़ी। इस दुश्मनी में 1947, 1965, 1971 और कारगिल की लड़ाइयां, साथ ही लगातार सीमा-पार आतंकवाद और छद्म युद्ध शामिल हैं। उन्होंने आज़ाद भारत में कश्मीरी पंडितों के विस्थापन को भी सबसे गंभीर मानवीय त्रासदियों में से एक करार दिया।

    डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले दशक में भारत ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की सोच में बुनियादी बदलाव किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आतंकवाद के प्रति 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है, सीमा प्रबंधन को मजबूत किया है और सुरक्षा की पुरानी प्रतिक्रियावादी दृष्टिकोण की जगह एक ऐसी सक्रिय रणनीति अपनाई है जो बाहरी हमले का निर्णायक जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव ने राष्ट्रीय आत्मविश्वास को बहुत बढ़ावा दिया है और भारत की अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने की क्षमता को मजबूत किया है।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शांति एवं विकास का रिश्ता एक-दूसरे को मज़बूत करने वाला है और उन्होंने हाल के वर्षों में जम्मू और कश्मीर में आए अभूतपूर्व बदलाव की ओर इशारा किया। उन्होंने प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं का उल्लेख किया, जिनमें कश्मीर घाटी के लिए रेल संपर्क, दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज, नए एम्स संस्थान, लंबे समय से लंबित सिंचाई परियोजनाएं और तेज़ विकास पहलें शामिल हैं, जिनसे जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और जनता का विश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि लगातार शांति से तीव्र विकास संभव हुआ है जबकि विकास खुद स्थायी स्थिरता के लिए एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरा है।

    डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश में रक्षा उत्पादन में बढ़ती आत्मनिर्भरता ने राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बहुत हद तक बढ़ाया है, उन्नत रणनीतिक क्षमताएं विकसित की हैं और रक्षा उपकरणों का एक महत्वपूर्ण निर्यातक बनकर उभरा है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की तकनीकी प्रगति एवं और रणनीतिक आत्मविश्वास को दर्शाता है।

    नियंत्रण रेखा पार विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू और कश्मीर में विकास की गति पाकिस्तान-नियंत्रित जम्मू और कश्मीर के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। 1994 के सर्वसम्मत संसदीय प्रस्ताव को याद करते हुए, उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच पाकिस्तान-नियंत्रित जम्मू और कश्मीर की वापसी के अलावा कोई मुद्दा नहीं है यह दोहराया कि पीओजेके भारत का अभिन्न हिस्सा है।

    कारगिल युद्ध के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने युवा पीढ़ी से उनके साहस, देशभक्ति एवं निस्वार्थ बलिदान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कारगिल की भावना हर भारतीय को एक मजबूत, सुरक्षित, आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र के निर्माण की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करती है, साथ ही भारत की एकता, संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के सामूहिक संकल्प पर अडिग रहने के लिए भी प्रेरित करती है।

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    27/07/26 |

    भारत सीपीएसई परामर्श सम्मेलन 2026: ऊर्जा और खनन क्षेत्रों में परियोजना और परिसंपत्ति प्रबंधन का तीसरा संस्करण संपन्न

    आरएस अनेजा, 27 जुलाई नई दिल्ली - ऊर्जा और खनन क्षेत्रों के केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) में परियोजना क्रियान्वयन, परिसंपत्ति प्रबंधन और संगठनात्मक उत्कृष्टता को मजबूत करने पर गहन विचार-विमर्श के बाद, परियोजना और परिसंपत्ति प्रबंधन पर भारत सीपीएसई के परामर्श सम्मेलन 2026 का तीसरा संस्करण गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) वडोदरा में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

    इस कार्यक्रम का आयोजन क्षमता विकास आयोग (सीबीसी) और सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई), वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। इसमें गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) रणनीतिक ज्ञान भागीदार था। इस सम्मेलन में नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रमुखों, शिक्षाविदों और सीपीएसई के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया ताकि सर्वोत्तम व्यवस्थाओं का आदान-प्रदान किया जा सके और विकसित भारत 2047 के समर्थन में आगे की राह तय की जा सके।

    इस सम्‍मेलन में योजना, डीपीआर, अनुबंध, भूमि अधिग्रहण, परिसंपत्ति की अवधि प्रबंधन, डीप टेक प्रौद्योगिकी को अपनाने और पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म का उपयोग करके एक कार्यान्वयन योग्य सीपीएसई सुधार एजेंडा तैयार करने पर विस्तृत चर्चा हुई। इस सम्मेलन में एनटीपीसी, कोल इंडिया, भारत कोकिंग कोल, बीपीसीएल, एचपीसीएल, इंडियन ऑयल, ओएनजीसी, ओएनजीसी विदेश, ऑयल इंडिया, एमआरपीएल, गेल, सेल, मेकॉन, एनएमडीसी, हिन्दुस्तान कॉपर, नालको, एनएचपीसी, एसजेवीएन और पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के कुल 39 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

    उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मंगू सिंह (डीएमआरसी के पूर्व एमडी) उपस्थित थे। उन्होंने परियोजनाओं की सफलता के लिए अनुबंध प्रबंधन को एक महत्वपूर्ण पहलू बताया। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री के. मोसेस चालाई (डीपीई के सचिव) ने परिसंपत्ति और परियोजना प्रबंधन के लिए नवीन और डेटा-आधारित दृष्टिकोणों की आवश्यकता पर बल दिया।

    समापन सत्र को संबोधित करते हुए, जीएसवी के कुलपति प्रोफेसर मनोज चौधरी ने कहा कि इस सम्मेलन ने सहयोगात्मक शिक्षण को एक मजबूत गति प्रदान की है और जानकारीपूर्ण एवं डेटा-आधारित निर्णय लेने की संस्कृति को बढ़ावा दिया है। उन्होंने रेलवे, राजमार्ग, विमानन, समुद्री, रसद और अन्य अवसंरचना क्षेत्रों में क्षमता विकास में जीएसवी के बढ़ते योगदान के बारे में बताया। जीएसवी और सीबीसी के बीच हुए समझौता ज्ञापन का जिक्र करते हुए उन्होंने दोहराया कि यह आयोजन देश के अवसंरचना तंत्र में व्यावसायिक क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से सीबीसी-जीएसवी की दीर्घकालिक साझेदारी की निरंतरता का प्रतीक है।

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    26/07/26 |

    केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाला

    आरएस अनेजा, 26 जुलाई नई दिल्ली - केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आज कर्तव्य भवन में शिक्षा मंत्रालय का औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण किया। मंत्री के पास उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालयों का भी प्रभार है।

    जोशी ने मंत्रालय की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने इस बैठक में विभिन्न योजनाओं और अन्य पहलों के कार्यान्वयन की समीक्षा की। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।

    उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी और विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव टीके अनिल कुमार, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उपस्थित थे।

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    26/07/26 |

    ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान के हर दुस्साहस का निर्णायक जवाब देने की भारत की क्षमता का प्रमाण है: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

    आरएस अनेजा, 26 जुलाई नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर की सफलता इस बात का प्रमाण है कि भारत पाकिस्तान के हर दुस्साहस का उसकी कल्पना से परे कठोर जवाब देने में सक्षम है।”

    उन्होंने दोहराया कि पाकिस्तान से कोई बातचीत नहीं होगी और कोई भी संवाद केवल पीओके पर होगा। उन्होंने पीओके को पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जा किए गए भारत का अभिन्न अंग बताया। रक्षा मंत्री ने 26 जुलाई, 2026 को द्रास में 27वें कारगिल विजय दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की संप्रभुता के विरुद्ध हर घृणित कृत्य का उसी दृढ़ता से जवाब से दिया जाएगा, जिस दृढ़ जवाब से भारतीय रक्षा बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से आतंकवादियों और उनके संरक्षकों को अद्वितीय वीरता के साथ दिया था।

    राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान में सेना और आतंकवादियों के बीच का अंतर मिट चुका है, क्योंकि पाकि‍स्तान ने आतंकवाद को अपनी राज्य नीति का हिस्सा बना लिया है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान की सेना न केवल आतंकवादी संगठनों को शरण देती है, बल्कि उनके साथ मिलकर काम भी करती है। इसीलिए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने यह स्पष्ट कर दिया था कि भारत अब आतंकवादियों और उन्हें बढ़ावा देने वाली सरकारों को अलग-अलग इकाई के रूप में नहीं देखता।”

    रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि कारगिल युद्ध को 27 साल बीत चुके हैं और भारत और पाकिस्तान के रास्ते पूरी तरह से अलग हो गए हैं। “जहां भारत नवाचार के नए रास्ते तलाश रहा है, वहीं पाकिस्तान घुसपैठ के नए रास्ते खोज रहा है। भारत चिप डिजाइन में लगा है, वहीं पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देने में व्यस्त है। भारत स्टार्टअप तंत्र बना रहा है, वहीं पाकिस्तान आतंकी तंत्र बना रहा है।

    भारत सेमीकंडक्टर का निर्माण कर रहा है; पाकिस्तान आत्मघाती हमलावरों को तैयार कर रहा है। भारत अंतरिक्ष अभियानों के लिए जाना जाता है, वहीं पाकिस्तान प्रॉक्सी मिशन चला रहा है। भारत अंतरिक्ष में उपग्रह भेज रहा है, वहीं पाकिस्तान सीमा पार आतंकवादियों को भेज रहा है। भारत दुनिया को सॉफ्टवेयर उपलब्ध करा रहा है, वहीं पाकिस्तान स्लीपर सेल का निर्यात कर रहा है। भारत डेटा सेंटर स्थापित कर रहा है; वहीं पाकिस्तान कट्टरपंथीकरण केंद्र स्थापित कर रहा है। भारत यूपीआई के माध्यम से दुनिया को जोड़ रहा है, वहीं पाकिस्तान हवाला नेटवर्क के साथ आतंकवाद को जोड़ रहा है। संक्षेप में, हमारे रास्ते अलग हैं; यदि पाकिस्तान अपने नापाक इरादों से हमारी समृद्धि के रास्ते में बाधा डालने का प्रयास करता है, तो हमारी रक्षा बल मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं,” उन्होंने कहा।

    राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार में रक्षा बलों को खतरों का निर्णायक रूप से जवाब देने के लिए पूरी छूट देने की राजनीतिक इच्छाशक्ति है और उन्होंने विश्वास जताया कि जब तक भारत के सैनिक देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, तब तक कोई भी शत्रु भारत पर शत्रुतापूर्ण दृष्टि डालने का साहस नहीं करेगा।

    रक्षा मंत्री ने 1999 के कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वाले भारत के वीर सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्‍टन विक्रम बत्रा और कैप्‍टन मनोज कुमार पांडे सहित अनगिनत वीर सैनिकों को याद किया, जो राष्ट्र, विशेषकर युवाओं को प्रेरित करते हैं। उन्होंने कारगिल विजय दिवस को व्यक्तिगत सफलता और राष्ट्रीय कर्तव्य के बीच अंतर समझने की चाह रखने वाले प्रत्येक युवा के लिए प्रेरणा का दिन बताया। उन्होंने कहा, “यह दिन हमें सिखाता है कि ‘बलिदान’ और ‘सेवा’ की भावना किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होती है।”

    राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि कारगिल युद्ध स्मारक भारत की संपूर्णता को दर्शाता है, यहाँ शहीद हुए वीर देश के हर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा, "विविधताओं के बावजूद, एकता की यह दीवार उन लोगों के खिलाफ मजबूती से खड़ी है जो हमें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।"

    रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पश्चिम एशिया और रूस एवं यूक्रेन के बीच हुए संघर्षों ने न केवल रक्षा बलों की क्षमताओं की परीक्षा ली है, बल्कि राष्ट्रों के धैर्य, सहनशीलता और संकल्प की भी परीक्षा ली है। उन्होंने कहा कि यद्यपि भारत के पास एक मजबूत और सक्षम सेना है, फिर भी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का साझा दायित्व है। 'राष्ट्र सर्वोपरि' की भावना, अनुशासन और कर्तव्यबोध के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक भारतीय में सैनिक जैसी चेतना होनी चाहिए।

    उन्होंने आगे कहा, “मैं यह नहीं कह रहा हूं कि प्रत्येक नागरिक को सैनिक बनना चाहिए, लेकिन यदि कभी राष्ट्र को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़े जिसमें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जनता के समर्थन की आवश्यकता हो, तो प्रत्येक भारतीय को मानसिक, नैतिक और शारीरिक रूप से देश की रक्षा के लिए आगे आने को तैयार रहना चाहिए। जिस प्रकार प्रत्येक सैनिक सर्वप्रथम एक भारतीय होता है, उसी प्रकार एक सैनिक का साहस, अनुशासन और देशभक्ति प्रत्येक भारतीय के भीतर सदा जीवित रहनी चाहिए।”

    राजनाथ सिंह ने इस बात पर भी जोर दिया कि विकसित भारत @ 2047 की परि‍कल्‍पना आर्थिक समृद्धि से कहीं अधिक व्यापक है, और इसे रणनीतिक शक्ति, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक सद्भाव के प्रति प्रतिबद्धता बताया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस पर‍िकल्‍पना को तभी साकार किया जा सकता है जब राष्ट्र निर्माण के हर क्षेत्र में कारगिल युद्ध के नायकों द्वारा प्रदर्शित समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को अपनाया जाए।

    रक्षा मंत्री ने क‍हा क‍ि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा और सैनिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा, “कारगिल युद्ध ने हमें सिखाया है कि हमें हर मौसम और हर परिस्थिति में अपनी सीमाओं पर हमेशा सतर्क रहना चाहिए।” उन्होंने यह भी बताया कि सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है और साथ ही बदलते समय के अनुरूप सैन्य क्षमताओं के आधुनिकीकरण पर भी उतना ही जोर दिया जा रहा है ताकि उनकी परिचालन क्षमता को बढ़ाया जा सके।

    कैप्टन विक्रम बत्रा के प्रसिद्ध नारे 'ये दिल मांगे मोर' से प्रेरणा लेते हुए, श्री राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में तेजी से प्रगति हो रही है और सरकार इस प्रगति को और तेज करने के लिए प्रतिबद्ध है। “जब हमारी सरकार सत्ता में आई थी, तब भारत 65 से 70 प्रतिशत रक्षा उपकरण आयात करता था। आज हम अपने 65 प्रतिशत रक्षा उपकरण भारत में ही बना रहे हैं। आज हमारे सैनिकों के पास स्वदेशी रूप से विकसित वायु रक्षा नियंत्रण प्रणाली 'आकाश-तीर' है। हमने अगली पीढ़ी की आकाश मिसाइल विकसित कर ली है। भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत 'आईएनएस विक्रांत', हल्का लड़ाकू विमान 'तेजस', हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर 'प्रचंड', उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर 'ध्रुव', मुख्य युद्धक टैंक 'अर्जुन', 'पिनाका' मल्‍टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर, हवा से हवा में मार करने वाली 'अस्त्र' मिसाइल और आधुनिक ड्रोन एवं ड्रोन रोधी प्रणालियाँ भी रक्षा बलों की युद्ध क्षमता को मजबूत कर रही हैं। लेकिन, 'ये दिल मांगे मोर'। हम भारत में ही और भी आधुनिक हथियार, अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान, पनडुब्बियाँ और मिसाइलें बनाने के लिए काम करते रहेंगे,” उन्होंने कहा।

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    “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सच्चे लोकतांत्रिक जिन्हें प्रजातंत्र पर पूरा विश्वास, उन्होंने बच्चों की भावनाएं समझी और उन्हें माना” - ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    देश में अनेकों आंदोलन हुए मगर सरकारें टस से मस नहीं हुई, मगर मोदी जी ने सिद्ध किया कि उनका दिल 140 करोड़ देशवासियों से जुड़ा : मंत्री अनिल विज

    मंत्री अनिल विज का 'आप' पर तीखा हमला: कहा "दूसरों से इस्तीफा मांगने वालों को अपनी जेब में भी इस्तीफा रखना चाहिए"

    हुड्‌डा के समय अनेकों पेपर लीक हुए थे, तब उन्होंने माना होता तो आज पेपर लीक नहीं होते : अनिल विज

    अम्बाला, 26 जुलाई – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने पत्रकारों द्वारा धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षामंत्री पद से इस्तीफा देने के सवाल पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महान है और बच्चों की भावनाओं को वो अच्छी तरह से समझते हैं, इसलिए उन्होंने उनकी बातों को मान लिया। इससे यह भी सिद्ध हो गया कि मोदी जी सच्चे लोकतांत्रिक है और उनका प्रजातंत्र में पूरी तरह से विश्वास है, इसलिए वह “नरेंद्र मोदी जी को नमस्कार करते हैं”।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि इस देश में अनेकों आंदोलन हुए हैं, अनेकों बार लाठियां चली है, अनेकों बार गोलियां चली है और अनेक लोग मारे भी गए हैं लेकिन सरकारें टस से मस नहीं हुई और सरकारों ने कभी बातें नहीं मानी। मगर मोदी जी ने बच्चों की बात को मानकर सिद्ध कर दिया कि उनका दिल हिंदुस्तान के 140 करोड़ लोगों के साथ जुड़ा है और वह उनकी भावनाओं को समझते हैं। रात के 12:00 बजे तक भी प्रधानमंत्री सोशल मीडिया के जरिए संदेश देते रहे। नरेंद्र मोदी ग्रेट है और लोगों की भावनाओं को समझते और उसके मुताबिक वह कार्य करते हैं।

    उन्होंने कहा यह भी कहा धर्मेंद्र प्रधान जिन्होंने त्यागपत्र दिया है उनको वह व्यक्तिगत तौर पर जानते है, वह अच्छे इंसान व अच्छे राजनीतिज्ञ है। उनके विभाग में गलती हुई और उसी को देखते हुए उन्होंने त्यागपत्र दिया।

    मंत्री अनिल विज का 'आप' पर तीखा हमला: बोले "दूसरों से इस्तीफा मांगने वालों को अपनी जेब में भी इस्तीफा रखना चाहिए"

    दिल्ली के बाद अब पंजाब के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही है जिसे लेकर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि उन्हें भी इस्तीफा दे देना चाहिए जब ये लोग दूसरों से इस्तीफा मांगते है तो खुद का भी इस्तीफा जेब में रखना चाहिए। आम आदमी पार्टी जोरो शोरों से इस्तीफा मांग रही थी तो केजरीवाल जी को अपने मंत्री का इस्तीफा लेकर ही वहां जाना चाहिए था।

    हुड्‌डा के समय अनेकों पेपर लीक हुए थे, तब उन्होंने माना होता तो आज पेपर लीक नहीं होते : अनिल विज

    पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर हुड्डा के बयान कि शिक्षामंत्री भूपेंद्र प्रधान ने अगर पहले ही इस्तीफा दे दिया होता तो आंदोलन इतना न बढ़ता जिसको लेकर मंत्री अनिल विज ने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा खुद मुख्यमंत्री थे, उस वक्त अनेकों पेपर लीक हुए थे और अगर उन्होंने मान लिया होता तो आज यह नौबत ही नहीं आती और पेपर लीक ही नहीं होता।

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    सारनाथ बना यूनेस्को विश्व धरोहर: 28 साल के लंबे इंतजार के बाद ऐतिहासिक बौद्ध स्थल को मिला वैश्विक सम्मान

    आरएस अनेजा, 26 जुलाई नई दिल्ली - वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के पास स्थित ऐतिहासिक एवं पवित्र बौद्ध स्थल सारनाथ को दक्षिण कोरिया के बुसान में आयोजित UNESCO World Heritage Centre समिति के 48वें सत्र में आधिकारिक विश्व धरोहर सूची में शामिल कर लिया गया है। 28 साल के लंबे इंतजार के बाद यह मान्यता मिलने से सारनाथ भारत का 45वां और उत्तर प्रदेश का चौथा विश्व धरोहर स्थल बन गया है।

    सारनाथ को तीन जुलाई 1998 को यूनेस्को की टेंटेटिव (संभावित) सूची में शामिल किया गया था। लंबे समय तक चली प्रक्रिया के बाद अब इसे विश्व धरोहर का दर्जा मिला है। इससे पहले उत्तर प्रदेश में ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी ही विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल थे। सारनाथ के जुड़ने से प्रदेश की विश्व धरोहर पहचान पहली बार पूर्वांचल तक पहुंच गई है।

    यूनेस्को की ओर से मान्यता प्राप्त संपत्ति में चौखंडी स्तूप और सारनाथ का पुरातात्विक परिसर शामिल है। चौखंडी स्तूप उस स्थान का प्रतीक माना जाता है जहां भगवान बुद्ध का अपने पांच प्रथम शिष्यों से मिलन हुआ था। वहीं, पुरातात्विक परिसर में धमेख स्तूप, प्राचीन विहारों के अवशेष और सम्राट अशोक का प्रसिद्ध स्तंभ शामिल हैं। ये स्मारक सारनाथ के बौद्ध धर्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकास की ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाते हैं।

    बौद्ध धर्म में सारनाथ का विशेष महत्व है। यहीं भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला उपदेश देकर धर्मचक्र प्रवर्तन किया था। इसी स्थान से बौद्ध संघ की स्थापना और करुणा, शांति तथा मध्यम मार्ग का संदेश पूरी दुनिया में प्रसारित हुआ। करीब 2600 वर्षों से यह स्थल बौद्ध श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

    प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इसे उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विरासत स्थलों के संरक्षण और विकास के प्रयासों का यह परिणाम है। उनके अनुसार, इस मान्यता से उत्तर प्रदेश के बौद्ध सर्किट को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी और प्रदेश का शांति एवं आध्यात्मिकता का संदेश दुनिया तक और प्रभावी ढंग से पहुंचेगा।

    पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि सारनाथ को विश्व धरोहर का दर्जा मिलने से विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और उन्हें उत्तर प्रदेश के अन्य बौद्ध स्थलों से जोड़ने में मदद मिलेगी। वहीं, संरक्षण वास्तु विशेषज्ञ आभा नारायण लांबा ने कहा कि सारनाथ केवल स्मारकों का समूह नहीं, बल्कि जीवंत सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का केंद्र है, जहां आज भी ढाई हजार वर्षों पुरानी बौद्ध परंपरा जीवित है।

    वहीं प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने उल्लेख किया कि सारनाथ का भगवान बुद्ध से गहरा संबंध है, जिनका ज्ञान, करुणा और सद्भाव का शाश्वत संदेश पूरी दुनिया को प्रेरित करता है। मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि यह सम्मान भारत की समृद्ध सभ्यतागत और आध्यात्मिक विरासत का उत्सव है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे दुनिया भर के और भी लोग सारनाथ आने और भगवान बुद्ध के आदर्शों से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल विजय दिवस पर बहादुर सैनिकों का आभार व्यक्त किया

    आरएस अनेजा, 26 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि कारगिल विजय दिवस पर, हमारा देश भारत की सुरक्षा के लिए बहादुर सैनिकों के असाधारण साहस और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करता है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहद मुश्किल हालात में भी उनका साहस हमेशा राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा। उन्होंने कहा कि उनकी अटूट देशभक्ति और कर्तव्य के प्रति निष्ठा पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

    X पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा:

    "कारगिल विजय दिवस पर, हमारा देश भारत की सुरक्षा के लिए बहादुर सैनिकों के असाधारण साहस और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करता है। बेहद मुश्किल हालात में भी उनका साहस हमेशा राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा। उनकी अटूट देशभक्ति और कर्तव्य के प्रति निष्ठा पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।"

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    ED ने फर्जी लेटर और लैंड यूज (CLU) घोटाले में आरोपी अजय सहगल पर दर्ज की चार्जशीट; 348 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा

    जालंधर/मोहाली, 23 जुलाई (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) के आधिकारिक बयान और जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, ED के जालंधर जोनल ऑफिस ने फर्जी सहमति पत्रों (Fake Consent Letters) के आधार पर लैंड यूज चेंज (CLU) करवाकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत मोहाली स्थित विशेष अदालत (PMLA) में मुख्य आरोपी अजय सहगल के खिलाफ चालान (Prosecution Complaint) दाखिल कर दिया है।

    पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी (FIR) के आधार पर शुरू की गई इस जांच में ईडी ने कुल 348 करोड़ रुपये के "प्रोसीड्स ऑफ क्राइम" (नशे/अपराध की काली कमाई/अवैध संपत्ति) का खुलासा किया है।

    फर्जी दस्तावेजों से 'सनटेक सिटी' प्रोजेक्ट और RERA रजिस्ट्रेशन

    ईडी की जांच में सामने आया कि 'इंडीयन कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसाइटी लिमिटेड' के सचिव अजय सहगल ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में फर्जी लेटर जमा करवाकर 108.58 एकड़ कृषि भूमि को रिहाइशी व व्यावसायिक प्लॉट्स ('SUNTEC CITY' प्रोजेक्ट) में बदलने के लिए अवैध रूप से CLU हासिल किया।

    • GMADA और RERA को धोखा: फर्जी CLU के आधार पर ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) से लाइसेंस और RERA रजिस्ट्रेशन हासिल किया गया।

    • नियमों की सरेआम धज्जियां: आरोपी ने ईडब्ल्यूएस (EWS) कोटे की जमीन ट्रांसफर नहीं की, बिना रेरा अप्रूवल के यूनिट बेचना शुरू कर दिया और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एरिया के बिना ही अवैध बिल्डिंग प्लान अप्रूव करवाया।

    भाइयों की कंपनी को बेचे राइट्स, ला कानेला प्रोजेक्ट्स में फर्जीवाड़ा

    जांच में खुलासा हुआ कि सोसाइटी और ABS Townships Pvt. Ltd. (पूर्व में VRS Township) के बीच समझौता किया गया, जिसमें सभी डेवलपमेंट व सेल राइट्स अजय सहगल के भाइयों—संजय सहगल और अनिल सहगल की कंपनी को दे दिए गए।

    • इसके बाद 'La Canela Phase 1' और 'District 7' प्रोजेक्ट्स के नाम पर रेरा रजिस्ट्रेशन कराकर अवैध कमाई की गई।

    • 'La Canela Phase 2' में बिना किसी रेरा अप्रूवल के ही आवासीय प्लॉट बेच डाले गए।

    348 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग: 30.98 लाख कैश जब्त और गिरफ्तारी

    ईडी की रिपोर्ट के मुताबिक:

    1. छापेमारी और कैश जब्ती: मई और जून 2026 में आरोपी के विभिन्न ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और ₹30.98 लाख का अघोषित कैश जब्त किया गया था।

    2. मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी: अजय सहगल को पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड पाए जाने पर 22 मई 2026 को ही गिरफ्तार कर लिया गया था।

    3. कुल संपत्ति का आकलन: ईडी ने पाया कि 348 करोड़ रुपये के कुल घोटाले में 212.58 करोड़ रुपये की बिक्री हो चुकी है, जबकि 135.41 करोड़ रुपये की संपत्ति/प्रॉपर्टी अनसोल्ड (अनबिकी) पड़ी है।

    मामले में ईडी की ओर से आगे की कानूनी जांच व कार्रवाई जारी है।

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    रेल नेटवर्क में बड़ा सुधार: ₹440 करोड़ की लागत से निमपुरा-मिदनापुर के बीच बनेगी तीसरी रेल लाइन

    आरएस अनेजा, 23 जुलाई नई दिल्ली - देश के अहम माल ढुलाई कॉरिडोर में से एक पर रेल क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, भारतीय रेलवे ने दक्षिण पूर्वी रेलवे में निमपुरा वेस्ट आउटर केबिन और मिदनापुर के बीच ₹440 करोड़ की लागत से 14.52 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन के निर्माण को मंज़ूरी दी है।

    यह प्रोजेक्ट भारतीय रेलवे की उन लगातार कोशिशों का हिस्सा है, जिनका मकसद ज़्यादा भीड़-भाड़ वाले रूटों पर नेटवर्क क्षमता बढ़ाना है, ताकि यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही तेज़ हो सके और साथ ही उद्योगों व ज़रूरी सामानों की बढ़ती परिवहन ज़रूरतों को पूरा किया जा सके।

    निमपुरा वेस्ट आउटर केबिन और मिदनापुर के बीच तीसरी लाइन

    मंज़ूर किए गए प्रोजेक्ट में दक्षिण पूर्वी रेलवे पर निमपुरा वेस्ट आउटर केबिन और मिदनापुर के बीच 14.52 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन का निर्माण शामिल है।

    यह सेक्शन 'हाई यूटिलाइज़ेशन नेटवर्क' (HUN-2) रूट का हिस्सा है, जहाँ निमपुरा वेस्ट आउटर केबिन-गोकुलपुर सेक्शन अभी सिंगल लाइन है, जबकि डबलिंग का काम पहले से ही चल रहा है। अतिरिक्त तीसरी लाइन से इस रणनीतिक रूप से अहम कॉरिडोर पर लाइन क्षमता काफी बढ़ेगी और ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी (कामकाज में लचीलापन) में सुधार होगा।

    माल ढुलाई क्षमता और यात्री सेवाओं को बढ़ावा

    इस रूट पर यात्री और माल ढुलाई का भारी ट्रैफिक रहता है। यहाँ मैंगनीज़, लौह अयस्क, कंटेनर, कोयला, क्लिंकर, पेलेट आयरन, लोहा और स्टील, गेहूं, पत्थर, स्लीपर, स्लैग, नमक, चावल, पेट्रोलियम उत्पाद, चूना पत्थर, जिप्सम, उर्वरक, खाद्य तेल, केमिकल सॉल्ट, चारकोल, सीमेंट, गिट्टी और राख जैसे ज़रूरी सामानों का परिवहन होता है, जिसकी कुल माल ढुलाई क्षमता लगभग 23.80 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) है।

    मौजूदा सेक्शन 115.71% लाइन क्षमता उपयोग पर चल रहा है, जो भारी भीड़-भाड़ का संकेत है। तीसरी लाइन से बढ़ते यात्री और माल ढुलाई ट्रैफिक को संभालने के लिए अतिरिक्त क्षमता बनेगी और साथ ही पूरे कॉरिडोर में ऑपरेशनल दक्षता में सुधार होगा।

    बेहतर रेल क्षमता के ज़रिए आर्थिक विकास को बढ़ावा

    पूरा होने पर, इस प्रोजेक्ट से 3.52 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) का अतिरिक्त माल ढुलाई ट्रैफिक संभव होने की उम्मीद है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ज़रूरी सामानों की आवाजाही में सुधार होगा, ऑपरेशनल रुकावटें कम होंगी, नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ेगी और इस अहम रेल कॉरिडोर पर निर्भर उद्योगों और व्यवसायों के लिए कनेक्टिविटी मज़बूत होगी। यह मंज़ूरी ज़्यादा ट्रैफ़िक वाले रूटों पर क्षमता बढ़ाने पर भारतीय रेलवे के लगातार फ़ोकस को दिखाती है। इससे आधुनिक, कुशल और भविष्य के लिए तैयार रेलवे नेटवर्क के ज़रिए आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ माल और यात्रियों की तेज़ी से आवाजाही भी संभव हो सकेगी।

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    प्रधानमंत्री ने युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा की

    आरएस अनेजा, 23 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इस बात पर ज़ोर दिया कि युवाओं की भलाई और उनके भविष्य से ज़्यादा ज़रूरी कुछ भी नहीं है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सज़ा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फ़ैसला किया है। मोदी ने बताया कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में सभी ज़रूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों की कड़ी का ही एक हिस्सा है।

    प्रधानमंत्री ने साफ़ तौर पर कहा कि जो लोग युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

    X पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा:

    "हमारे युवाओं की भलाई और उनके भविष्य से ज़्यादा ज़रूरी कुछ भी नहीं है!

    हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सज़ा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फ़ैसला किया है। संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में सभी ज़रूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। यह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों की कड़ी का ही एक हिस्सा है।

    जो लोग हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।"

    देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

    विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है।

    युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।"

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    21/07/26 |

    23 साल पुराने पिता की हत्या का बदला: 6 महीने की उम्र में खोया था पिता, 24 साल का होते ही कातिल को उतारा मौत के घाट

    पुणे, 21 जुलाई (अन्‍नू): पुणे ग्रामीण पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा (LCB) ने दो दशक से भी पुराने बदले की भावना से प्रेरित एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया है। पुलिस ने एक 24 वर्षीय युवक को अपने पिता की हत्या के आरोपी व्यक्ति को मौत के घाट उतारने के आरोप में गिरफ्तार किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि जब आरोपी के पिता की हत्या हुई थी, तब उसकी उम्र महज 6 महीने थी।

    पुराने कात्रज सुरंग के पास मिला था शव

    पुलिस के अनुसार, 11 जुलाई को पुणे जिले की भोर तहसील में पुराने कात्रज सुरंग (Katraj Tunnel) के पास 40 वर्षीय संजय बाबूराव काडू-देशमुख का शव मिला था। शव पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार करने के कई गंभीर निशान थे। घटना के बाद राजगढ़ पुलिस स्टेशन में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

    तकनीकी साक्ष्यों से बेनकाब हुए आरोपी

    पुणे ग्रामीण एलसीबी की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) के आधार पर कार्रवाई करते हुए 24 वर्षीय मंथन वैद्य और उसके साथी सौरभ परदेशी को 14 जुलाई को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि इस वारदात को अंजाम देने में मिजान शेख और संदीप कोरी नामक दो अन्य साथियों ने भी उनकी मदद की थी।

    2003 के विवाद से जुड़े हैं हत्या के तार

    मामले की जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रमोद क्षीरसागर और सहायक पुलिस निरीक्षक चेतन माचले ने बताया कि इस घटना के तार साल 2003 से जुड़े हैं। 2003 में मामूली विवाद के चलते संजय काडू-देशमुख ने मंथन के पिता दिनेश वैद्य की हत्या कर दी थी। उस समय मंथन महज 6 महीने का नवजात शिशु था।

    बड़ा होने के बाद मंथन के मन में अपने पिता की हत्या का बदला लेने की आग सुलग रही थी। उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर काडू-देशमुख की हत्या की पूरी साजिश रची। पुलिस ने बताया कि जिस वक्त काडू-देशमुख की हत्या की गई, वह एक अन्य आपराधिक मामले में अदालत से जमानत पर बाहर आया हुआ था। पुलिस ने मंथन वैद्य और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

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    21/07/26 |

    सिक्किम के नामची में दर्दनाक हादसा: टनल पर लैंडस्लाइड के बाद 27 मजदूर फंसे, 7 की मौत; मीथेन गैस लीक होने से रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतें

    सिक्किम/नामची, 21 जुलाई (अन्‍नू): सिक्किम के नामची जिले में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया। नामची स्थित मामरिंग में 'समरदुंग सुरंग' के प्रवेश द्वार (एंट्री गेट) पर अचानक हुए भीषण भूस्खलन (Landslide) के कारण टनल बंद हो गई। इस हादसे में सुरंग के अंदर काम कर रहे 27 मजदूर फंस गए, जिनमें से 7 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 20 अन्य मजदूर अब भी अंदर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।

    तीस्ता स्टेज-6 प्रोजेक्ट के लिए चल रहा था निर्माण कार्य

    यह टनल 'तीस्ता स्टेज-6 हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट' के तहत पटेल इंजीनियरिंग कंपनी द्वारा बनाई जा रही थी। जिला कलेक्टर (DC) अनुपा तामलिंग ने बताया कि दुर्घटना दोपहर करीब 3:40 बजे हुई। अनुमान के मुताबिक टनल के अंदर पटेल इंजीनियरिंग के 21 और एनएचपीसी (NHPC) के 6 समेत कुल 27 मजदूर फंसे हुए हैं। हालांकि प्रशासन के अनुसार यह संख्या कम या ज्यादा भी हो सकती है।

    सुरंग में मीथेन गैस का रिसाव, बेहोश हुए कई बचावकर्मी

    रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी चुनौती सुरंग के भीतर मीथेन (Methane) गैस का लीक होना साबित हो रही है। बंद सुरंग में जहरीली/दमघोंटू गैस के रिसाव, बेहद कम जगह और खराब रोशनी के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भारी बाधा आ रही है। टनल में दाखिल होने की कोशिश कर रहे कई बचावकर्मियों को चक्कर आने लगे और कुछ बेहोश हो गए, जिसके बाद रेस्क्यू को रोककर रणनीति बदलनी पड़ी।

    पश्चिम बंगाल से बुलाई गई स्पेशल रेस्क्यू टीम

    हादसे की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), जिला पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर तैनात हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल से विशेष 'गैस-रोधी उपकरणों' (Gas Masks & Breathing Apparatus) के साथ एक्सपर्ट रेस्क्यू टीम बुलाई गई है। मौके पर दर्जनों एंबुलेंस और मेडिकल स्टाफ को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

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    राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में काश्वी ने जीता कांस्य पदक: केवी नेशनल बॉक्सिंग में अंबाला की बेटी का जलवा

    अंबाला, 21 जुलाई (अन्‍नू): अंबाला छावनी की होनहार मुक्केबाज काश्वी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए केंद्रीय विद्यालय (KVS) राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में कांस्य पदक (Bronze Medal) हासिल किया है। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में 13 से 18 जुलाई तक किया गया था।

    एसडी कॉलेज बॉक्सिंग सेंटर पहुंचने पर हुआ जोरदार स्वागत

    अंबाला छावनी के खुख्रैन भवन के पास रहने वाली काश्वी एसडी कॉलेज में संचालित मुक्केबाजी केंद्र (Boxing Center) में नियमित रूप से प्रशिक्षण ले रही हैं। राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक जीतकर अंबाला लौटने पर काश्वी जब छावनी स्थित बॉक्सिंग सेंटर पहुंचीं, तो वहां खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने उनका जोरदार और भव्य स्वागत किया।

    कोच ने दी बधाई, काश्वी बोलीं- ओलंपिक में देश का नाम रोशन करना लक्ष्य

    इस अवसर पर बॉक्सिंग कोच नीरज ने काश्वी को उनकी इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कोच ने बताया कि काश्वी एक बेहद अनुशासित और मेहनती खिलाड़ी हैं, जिन्होंने इससे पहले भी राज्य व राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अंबाला का गौरव बढ़ाया है।

    पदक विजेता काश्वी ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और कोच के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने और स्वर्ण पदक जीतने के सपने को पूरा करने के लिए लगातार कड़ा अभ्यास और प्रशिक्षण ले रही हैं।

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    उत्तराखंड से इराक तक 'फ्रेंच फ्राइज़' का स्वाद: एपीडा के सहयोग से राज्य ने कृषि-निर्यात में रचा नया इतिहास!

    आरएस अनेजा, 20 जुलाई नई दिल्ली - भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर से इराक को 24 मीट्रिक टन (एमटी) फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज़ के पहले निर्यात में सहायता प्रदान की है। वीरुन ग्लोबल ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्यात की गई यह खेप उत्तराखंड से मूल्यवर्धित कृषि निर्यात को बढ़ावा देने और भारत के प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

    निर्यातक ने विश्वास व्यक्त किया कि गुणवत्तापूर्ण उत्पाद से बार-बार ऑर्डर मिलेंगे और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दीर्घकालिक व्यापारिक संबंध स्थापित होंगे, जिससे कंपनी और क्षेत्र के लिए निर्यात के निरंतर अवसर पैदा होंगे। एपीडा ने निर्यातक को सियाल, गल्फूड, इंडसफूड और वर्ल्ड फ़ूड इंडिया सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनियों में भाग लेने में सहयोग दिया है, जिससे बाजार तक व्यापक पहुंच और खरीदारों के साथ बेहतर जुड़ाव संभव हुआ है।

    भारत प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों के वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में अपनी स्थिति को लगातार सुदृढ कर रहा है। 2025-26 के दौरान, प्रसंस्कृत सब्जियों का भारत का निर्यात 932.25 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें 7,26,874.70 मीट्रिक टन उत्पाद शामिल थे। इसमें से, मूल्यवर्धित आलू उत्पादों का निर्यात 277,108.51 मीट्रिक टन था, जिसका मूल्य 289.40 मिलियन डॉलर था। प्रसंस्कृत फलों और सब्जियों ने मिलकर वर्ष के दौरान एपीडा के निर्धारित निर्यात में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान दिया।

    एपीडा अध्यक्ष अभिषेक देव ने कहा कि उत्तराखंड जैसे भू-आबद्ध राज्यों से निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता पर लॉजिस्टिक्स लागत का लगातार प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि एपीडा निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार लाने और निर्यातकों के लिए अधिक बाजार पहुंच को सुगम बनाने के उद्देश्य से परिवहन सहायता प्रावधानों सहित राज्य कृषि निर्यात नीति के निर्माण और कार्यान्वयन पर उत्तराखंड सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है।

    उत्तराखंड में प्रसंस्कृत खाद्य उद्योग का विस्तार गुणवत्तापूर्ण कच्चे उत्पादों की निरंतर मांग सृजित करके, स्रोत स्तर पर मूल्यवर्धन को बढ़ावा देकर और निर्यात-उन्मुख आपूर्ति श्रृंखलाओं में अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करके कृषि मूल्य श्रृंखला में मजबूत बाजार अवसर पैदा कर रहा है। ऐसी पहलों से और बेहतर बाजार पहुंच के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ राज्य के प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

    एपीडा निर्यात अवसंरचना को सुदृढ़ करने, वैश्विक बाजारों तक पहुंच को सुगम बनाने और भारत से मूल्यवर्धित कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकारों, निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), प्रसंस्करणकर्ताओं और अन्य हितधारकों के साथ निरंतर मिलकर काम कर रहा है।

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    अभ्यास पिच ब्लैक 2026: ऑस्ट्रेलिया में गरजेगा भारत का 'राफेल', बहुराष्ट्रीय युद्ध अभ्यास का धमाकेदार आगाज़!

    आरएस अनेजा, 20 जुलाई नई दिल्ली - भारतीय वायु सेना (आईएएफ) व रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (आरएएएफ) बेस डार्विन में एक्सरसाइज पिच ब्लैक 2026 आज से शुरू हो गया है। 7 अगस्त 2026 तक चलने वाला यह अभ्यास पिच ब्लैक, आरएएएफ का प्रमुख द्विवार्षिक बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभ्यास है।

    इस अभ्यास का नाम उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के विशाल निर्जन क्षेत्रों में रात्रि उड़ान विशेष अभियान के कारण रखा गया है। अभ्यास के 45 वर्षों के लंबे इतिहास में, इस संस्करण में बड़ी संख्या में प्रतिभागी बल शामिल हैं, जो जटिल बड़े बल प्रयोग और बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभियानों के लिए सैन्य कर्मियों को एक साथ ला रहे हैं।

    भारतीय वायु सेना की टुकड़ी में पायलट, इंजीनियर, तकनीशियन, नियंत्रक और अन्य विशेषज्ञ सहित उच्च कुशल वायु योद्धा शामिल हैं। यह टुकड़ी राफेल मल्टीरोल लड़ाकू विमान का संचालन करेगी, जिसे सी-17 ग्लोबमास्टर-III और आईएल-78 वायु-से-वायु ईंधन भरने वाले विमानों का समर्थन प्राप्त होगा। यह अभ्यास भाग लेने वाली सेनाओं को अंतरसंचालनीयता बढ़ाने, बल एकीकरण को मजबूत करने और वैश्विक परिदृश्यों में सहयोगात्मक संचालन की दिशा में परिचालन सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करेगा। भारतीय वायु सेना की टुकड़ी में पायलट, इंजीनियर, तकनीशियन, नियंत्रक और अन्य विशेषज्ञ सहित उच्च कुशल वायु योद्धा शामिल हैं। यह टुकड़ी राफेल मल्टीरोल लड़ाकू विमान का संचालन करेगी, जिसे सी-17 ग्लोबमास्टर-III और आईएल-78 वायु-से-वायु ईंधन भरने वाले विमानों का समर्थन प्राप्त होगा। यह अभ्यास भाग लेने वाली सेनाओं को अंतरसंचालनीयता बढ़ाने, बल एकीकरण को मजबूत करने और वैश्विक परिदृश्यों में सहयोगात्मक संचालन की दिशा में परिचालन सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करेगा।

    अभ्यास पिच ब्लैक 26 लंबी दूरी पर अभियान संबंधी हवाई अभियानों को परखने, बहुराष्ट्रीय अंतर-संचालनीयता को बढ़ाने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में पेशेवर साझेदारियों को मजबूत करने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है। यह अभ्यास भाग लेने वाली वायु सेनाओं को एक वास्तविक और चुनौतीपूर्ण बहुराष्ट्रीय वातावरण में संचालन करने में सक्षम बनाएगा, जिससे परिचालन समन्‍वय और आपसी समझ को बढ़ावा मिलेगा। भारतीय वायु सेना ने इससे पहले 2018, 2022 और 2024 में इस अभ्यास में भाग लिया है, जो रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने की उसकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।

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    प्रधानमंत्री ने 37वें अंतरराष्ट्रीय बायोलॉजी ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन के लिए भारतीय टीम को बधाई दी

    आरएस अनेजा, 20 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज लिथुआनिया के विलनियस में आयोजित 37वें अंतरराष्ट्रीय बायोलॉजी ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन के लिए भारतीय टीम को बधाई दी।

    प्रतियोगिता में टीम के सभी चार सदस्यों ने पदक जीते, जिनमें एक स्वर्ण पदक भी शामिल है। श्री मोदी ने कहा कि भव्या गुनवाल, सौमिल माइती, निशित कलानी और अनमोल कुमार ने मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, सिस्टमैटिक्स और प्लांट कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी जैसे विषयों में बेहतरीन जानकारी का प्रदर्शन किया है और उनकी यह सफलता कई अन्य युवाओं को प्रेरित करेगी।

    प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:

    यह बहुत खुशी की बात है कि लिथुआनिया के विलनियस में आयोजित 37वीं इंटरनेशनल बायोलॉजी ओलंपियाड में भारतीय टीम के सभी चार सदस्यों ने पदक जीते, जिनमें एक स्वर्ण पदक भी शामिल है।

    ओलंपियाड में सफलता के लिए भव्या गुनवाल, सौमिल माइती, निशित कलानी और अनमोल कुमार पर हमें गर्व है। उन्होंने मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, एनिमल फिजियोलॉजी, एनिमल मॉर्फोलॉजी, सिस्टमैटिक्स और प्लांट कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी जैसे विषयों में बेहतरीन जानकारी का प्रदर्शन किया है।

    मुझे विश्वास है कि यह सफलता कई अन्य युवाओं को भी प्रेरित करेगी।

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    प्रधानमंत्री ने जापान ओपन 2026 का खिताब जीतने पर पीवी सिंधु को बधाई दी

    आरएस अनेजा, 20 जुलाई नई दिल्ली -प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज भारत की बेहतरीन शटलर पीवी सिंधु को जापान ओपन 2026 का खिताब जीतने पर बधाई दी। वे यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। श्री मोदी ने कहा कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान पीवी सिंधु का दृढ़ संकल्प और असाधारण कौशल देखने को मिला और वे देश भर के अनगिनत युवा खिलाड़ियों को खेलने और शानदार प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेंगी।

    प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:

    भारतीय बैडमिंटन के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि!

    जापान ओपन 2026 में जीत हासिल करने पर पीवी सिंधु को बधाई। पूरे टूर्नामेंट के दौरान उनका दृढ़ संकल्प और असाधारण कौशल देखने को मिला। यह उपलब्धि इसलिए और भी खास है, क्योंकि वे यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं। यह देश भर के अनगिनत युवा खिलाड़ियों को खेलने और शानदार प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।


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    संसद के मानसून सत्र 2026 की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने संबोधन दिया और संसद कार्यवाही सुचारू चलाने पर जोर दिया

    आरएस अनेजा, 20 जुलाई नई दिल्ली - संसद के मानसून सत्र 2026 की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने देश के विकास के लिए संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने पर जोर दिया।

    उन्होंने कहा कि मानसून का भी कुछ लाभ नजर आ रहा है और मानसून सत्र भी प्रारंभ हो रहा है। मानसून हो या मानसून सत्र, अगर दोनों प्रोएक्टिव हो, तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं, और दोनों प्रोडक्टिव होते हैं, तो देश का कल्याण होता है, जीव मात्र का कल्याण होता है। और इसलिए, हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून भी प्रोएक्टिव रहे, मानसून सत्र भी प्रोडक्टिव रहे।

    उन्होंने कहा पिछले एक महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं और देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है। चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो। एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं। पिछले वर्ष मानसून सत्र के ठीक पहले भारतीय नागरिक ‘इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन’ पर पहुंचा था और परसों ही भारत का एक युवा स्टार्टअप, उसने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है। विश्व के कम ही देश हैं, जहां इस प्रकार से प्राइवेट साहस हुए हैं और भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष में नई उड़ान भरी है, बहुत बड़ी सफलता है। और ये जो स्काई रूट स्टार्टअप है, उसमें जो नौजवान काम कर रहे हैं, मुझे बताया गया, उनकी पूरी टीम की जो एवरेज एज है, वो सिर्फ 28 साल है। ऐसे नौजवानों ने यह काम करके दिखाया। मैं किसी 56 साल के नौजवान की बात नहीं कर रहा हूं, मैं देश के ये स्टार्टअप ने 28 के एवरेज वाले नौजवानों ने अंतरिक्ष में भारत का झंडा गाड़ दिया है। उनको तो बधाई है ही है, लेकिन ऐसी बातें जो हैं, जो भारत को आत्मविश्वास से भर देती है। विश्व में भारत का प्रोफाइल सर्वमान्य, सर्व-स्वीकृत बनता जाता है।

    ये संयोग नहीं, ये एक संदेश है और बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम है। इससे बड़ा संदेश देश के लिए कोई और प्रेरणा नहीं दे सकता है।

    जो रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार होकर के आज देश चल पड़ा है, उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं, और सफल भी हो रहे हैं।

    पिछले दिनों राजस्थान में बहुत बड़ी ऑयल रिफाइनरी देश को समर्पित की गई। पिछले कुछ सप्ताह पहले, एक सेमीकंडक्टर प्लांट, यानी तीसरा, देश को समर्पित किया गया। अभी कुछ दिन पहले ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन और विश्व में बहुत कम देश ऐसे हैं कि जिनके पास ये सुविधा है। लेकिन भारत ने जो हाइड्रोजन ट्रेन देशवासियों को समर्पित की है, वो सबसे ताकतवर इंजन वाली है, और सबसे लंबी है। ये अपने आप में भारत के वैज्ञानिक, भारत के इंजीनियर्स, भारत के इनोवेटर्स, भारत के उद्यमी, भारत के श्रमिक, ये जो एक लक्ष्य लेकर के देश के लिए जी रहे हैं, देश के लिए काम कर रहे हैं, उसी का परिणाम है।

    हम भली-भांति जानते हैं और पूरी दुनिया चिंतित भी है, लगातार कहीं न कहीं युद्ध की स्थितियां बनती रही है। पश्चिम एशिया के युद्ध के कारण भारत जैसे देश जो एनर्जी के लिए औरों पर डिपेंडेंट है, उनके लिए ये पश्चिम एशिया का युद्ध एक बहुत ही बड़ा संकट का कारण रहा। पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, फर्टिलाइजर, केमिकल्स, यानी हर विषय में अनेक बाधाएं, अनेक संकट आए। उसके बावजूद भी भारत 7.7 परसेंट के ग्रोथ से दुनिया की मेजर इकोनॉमी में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश बनके रहा। ये भारत के सामर्थ्य का परिचायक है। भारत किस प्रकार से उत्साह और उमंग के साथ नई ऊंचाइयों को पार करना चाहता है। उसकी  इसमें एक झलक है और ऐसे में जब ये मानसून सत्र आरंभ हो रहा है, देश ने स्पीड पकड़ ली है और संसद का स्पिरिट उस स्पीड में नई ऊर्जा भर सकता है। सकारात्मक स्पिरिट राष्ट्र के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बहुत आवश्यक होता है। हमारे सदन में बहुत अनुभवी सांसद भी है, दल उनका कोई भी हो, लेकिन उनके पास एक लंबा अनुभव है। ऐसे समय में उनके अनुभव की, उनके ज्ञान की संसद को भी जरूरत है, देश को भी जरूरत है। और इसके लिए संसद का चलना, सार्थक चर्चा होना, मिल जुलकर के देश को आगे ले जाने के संकल्प लेना, ये मैं समझता हूं कि बहुत ही समय की मांग है। एस्पिरेशन से भरे हुए देश के युवाओं की मांग है कि हम आगे बढ़े। आज समय की मांग है कि राष्ट्र निष्ठा से भरे हुए, राष्ट्रभक्ति के लिए जी रहे, आवाज को सदन में उचित मंच मिलता रहे, वे अपनी आवाज को बुलंद करें, देश को दिशा दे, और इसलिए मैं आशा करता हूं, और मुझे पक्का विश्वास है, जहां तथ्य होते हैं, जहां तर्क होते हैं, वहां तूफान के लिए जगह नहीं होती है। अगर तर्क मजबूत है, तथ्य मजबूत है, तो शांत चित्त से भी अपनी आवाज को बुलंद बनाया जा सकता है। मैं आशा करता हूं तर्क और तथ्य के साथ सदन की चर्चा को समृद्ध किया जाए। हर आवाज को अवसर मिले, हर विचार को सम्मान मिले, ये संसद की हमारी भूमिका है। मैं सभी सांसदों से बढ़-चढ़कर के इस सदन में हिस्सा लेने के लिए निमंत्रित करता हूं। आज सुबह स्पीकर महोदय जी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से देश के सांसदों का स्वागत करने के अपने भाव को व्यक्त किया है। मैं भी उसमें अपना स्वर मिलाता हूं।

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    जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत तमिलनाडु और त्रिपुरा में स्व-गणना शुरू

    आरएस अनेजा, 17 जुलाई नई दिल्ली - जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) के लिए स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा आज से तमिलनाडु और त्रिपुरा में प्रारंभ हो गई है। यह सुविधा 31 जुलाई, 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके पश्चात 1 अगस्त से 30 अगस्त, 2026 तक प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर क्षेत्रीय गणना का कार्य किया जाएगा।

    इन राज्यों के निवासी आधिकारिक स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से अपनी स्व-गणना पूरी कर सकते हैं। स्व-गणना पूरी होने पर प्राप्त Self-Enumeration ID (SE ID) को सुरक्षित रखें तथा प्रगणक के क्षेत्रीय भ्रमण के समय उन्हें उपलब्ध कराएँ, ताकि HLO प्रक्रिया सुगमता से पूर्ण की जा सके।

    इस बीच, केरल और नागालैंड में मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का क्षेत्रीय कार्य जारी है, जो 30 जुलाई, 2026 तक चलेगा। जिन परिवारों ने स्व-गणना का विकल्प नहीं चुना है, उन्हें प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर कवर किया जाएगा।

    अब तक जनगणना 2027 के प्रथम चरण का कार्य 29 राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों में सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है। इनमें अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, ओडिशा, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड शामिल हैं।

    जनगणना 2027 पहली बार व्यापक स्तर पर डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए आयोजित की जा रही है। आंकड़ों का संकलन समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से किया जा रहा है, जबकि पूर्ण एवं सटीक कवरेज सुनिश्चित करने हेतु पारंपरिक घर-घर जाकर गणना की व्यवस्था भी यथावत रखी गई है। इस चरण में अधिसूचित 33 प्रश्नों वाली संरचित प्रश्नावली के माध्यम से आवास की स्थिति, परिवार संबंधी विवरण, उपलब्ध सुविधाओं तथा परिवारों के स्वामित्व वाली परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र की जा रही है।

    जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत एकत्र की गई सभी सूचनाएँ पूर्णतः गोपनीय रखी जाती हैं तथा उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय विश्लेषण एवं विकास योजनाओं के निर्माण के लिए किया जाता है। अधिसूचित राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों के सभी निवासियों से आग्रह है कि वे जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएँ तथा प्रगणकों को आवश्यक जानकारी देकर पूर्ण सहयोग प्रदान करें।

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    केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने दमन के नमो एयरपोर्ट से पहली उड़ान को हरी झंडी दिखाई

    आरएस अनेजा, 17 जुलाई नई दिल्ली - केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु तथा दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल ने केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव के लिए एक ऐतिहासिक पहल के साथ 16 जुलाई, 2026 को दमन में नए कार्यान्वित नमो हवाई अड्डे से दमन-दिल्ली-दमन मार्ग पर उद्घाटन उड़ान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सरकारी स्वामित्व वाले क्षेत्रीय वाहक एलायंस एयर की इस उड़ान के शुभारंभ के साथ दमन का पहला सीधा हवाई संपर्क बन गया है।

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के दमन एयरपोर्ट के स्‍वप्‍न को साकार करने के साथ-साथ यह इंडियन कोस्ट गार्ड एयर स्टेशन (आईसीजीएएस), दमन से संचालित की जाने वाली द्विपक्षीय सुविधा है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस नागरिक टर्मिनल की आधारशिला 25 अप्रैल 2023 को रखी थी और हवाई अड्डे का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने 5 जून 2026 को किया था।

    केन्‍द्र शासित प्रदेश प्रशासन ने 25 एकड़ की भूमि पर 124 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण किया है, जिसमें नागर विमानन मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए 88 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। यह टर्मिनल 3,700 वर्ग मीटर में फैला है और अभी यह हर दिन एटीआर 14 उड़ानों को संचालित करने में सक्षम है, जिसकी वार्षिक क्षमता 3 लाख 67 हजार यात्रियों की है।

    उड़ान संचालन कार्यक्रम में केन्‍द्र शासित प्रदेश प्रशासन, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई), एलायंस एयर और भारतीय तटरक्षक बल के वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ-साथ दमन के स्‍थानीय लोग भी शामिल हुए।

    राम मोहन नायडू ने अपने संबोधन में कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर दमन के लोगों को दिल से बधाई। अपनी पहली उड़ान के साथ ही, दमन सीधे देश की राजधानी से जुड़ रहा है। अब सूरत या मुंबई से होकर 8 से 10 घंटे बिताने के बजाय, दिल्ली दमन से सिर्फ़ 2.5 घंटे दूर होगी और यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की बदलाव लाने वाली उड़ान योजना से ही संभव हुआ है।

    राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव को 13,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की 450 से अधिक परियोजनाओं का लाभ हुआ है, यही कारण है कि दमन के लोगों ने दमन की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने के प्रधानमंत्री के स्‍वप्‍न के सम्मान में अपने नए एयरपोर्ट का नाम 'नमो एयरपोर्ट' रखा है।

    इस क्षेत्र में दमन और दीव एवं दादरा और नगर हवेली में 7,000 से ज़्यादा उद्यम हैं और निकट के वापी और वलसाड में 15,000 से ज़्यादा उद्यम संचालित हैं। बेहतर हवाई संपर्क से कारोबार बढ़ेगा, निवेश आएगा और क्षेत्र के युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसरों का सृजन होगा।

    राम मोहन नायडू किंजरापु ने क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं का उल्‍लेख करते हुए कहा कि हर वर्ष लगभग 20 लाख पर्यटक दमन आते हैं और जैसे-जैसे पर्यटकों को दमन के हवाई संपर्क से जुड़ने की जानकारी मिलेगी, यहां आने वालों की संख्या तेज़ी से बढ़ेगी। उन्‍होंने कहा कि हमारी योजना रनवे को बढ़ाते हुए मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, पटना जैसे शहरों से संपर्क स्‍थापित करना है और दमन में एयरबस ए320 जैसे विमान सहित बड़े विमानों को उतारना है।

    दीव एयरपोर्ट का उदाहरण देते हुए उन्‍होंने कहा कि वर्ष 2013 में वार्षिक यात्रियों की संख्‍या सिर्फ़ 19,000 थी, जो बढ़कर अब एक लाख से ज़्यादा हो गई है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए दीव एयरपोर्ट पर एक नया टर्मिनल और एक और बड़ा रनवे बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।

    राम मोहन नायडू ने दमन एयरपोर्ट के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने दमन की ब्लू इकॉनमी को नीले आसमान की अपार संभावनाओं से जोड़ा है। दमन से मत्‍स्‍य, समुद्री उत्‍पाद और खाद्य प्रसंस्‍करण जैसे उत्‍पाद अब कुछ ही घंटों में देश के किसी भी कोने में पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे मछली पकड़ने वाले समुदाय को लाभ मिलेगा, समुद्री किसानों के लिए नए बाजार खुलेंगे और यहां फार्मा उद्यम को भी नई गति मिलेगी।

    नायडू ने बदलाव लाने वाली उड़ान योजना को और 10 वर्ष बढ़ाने पर भी बल दिया। अत्‍याधुनिक उड़ान योजना के अंतर्गत अगले 10 वर्षों में देश भर में 100 नए एयरपोर्ट और 200 नए हेलीपैड बनाने के लिए 29,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है, जिससे भारत का क्षेत्रीय विमानन संपर्क और मज़बूत होगा।

    राम मोहन नायडू ने अपने संबोधन का समापन करते हुए नमो एयरपोर्ट परियोजना को पूरा करने में भारतीय तटरक्षक बल के अहम योगदान के लिए उन्हें विशेष धन्यवाद दिया और इस ऐतिहासिक अवसर पर दमन के लोगों को हृदय से बधाई दी।

    इस अवसर पर दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव के प्रशासक श्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि नमो एयरपोर्ट गुजरात के वलसाड से लेकर महाराष्ट्र के पालघर तक फैले पूरे औद्योगिक कार्यबल के लिए एक गेम-चेंजर सिद्ध होगा, जिससे इस क्षेत्र के युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। उन्‍होंने भरोसा जताया कि अगले 15 वर्षों में हम दमन के नमो एयरपोर्ट को कई गुना बड़ा होते देखेंगे, जो इस क्षेत्र की अर्थव्‍यवस्‍था के लिए एक गेम-चेंजर के तौर पर उभरेगा।

    दमन के नमो एयरपोर्ट से उड़ान संचालन की शुरूआत हवाई यात्रा को आम बनाने और छोटे शहरों को बढ़ते विमानन नेटवर्क में जोड़ने के सरकार के विज़न में एक और बड़ी उपलब्धि है।

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    17/07/26 |

    भारतीय वन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने भारत की राष्ट्रपति से मुलाकात की

    आरएस अनेजा, 17 जुलाई नई दिल्ली - भारतीय वन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने राष्ट्रपति भवन सांस्‍कृतिक केन्‍द्र में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।

    अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वे केवल वनों के प्रशासक नहीं हैं, बल्कि भारत की प्राकृतिक धरोहर के संरक्षक भी हैं। आज उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। सम्‍पूर्ण विश्‍व जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता के ह्रास जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन चुनौतियों का निराकरण करने में वन महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस तरह, भारतीय वन सेवा के अधिकारियों का योगदान केवल भारत की पर्यावरणीय सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके योगदान से सतत विकास के वैश्विक प्रयासों को भी बल मिलेगा। उन्होंने युवा अधिकारियों को वन क्षेत्र का विस्‍तार करने पर ध्यान देने की सलाह दी, क्योंकि वन ही पृथ्‍वी पर जीवन के आधार हैं।

    राष्ट्रपति ने कहा कि वनों एवं उनके आसपास रहने वाले लोगों की वैध आकांक्षाओं के साथ संतुलन बनाते हुए पारिस्थितिक संरक्षण को आगे बढ़ाना चाहिए। विकास और संरक्षण को एक-दूसरे के विरोधी लक्ष्‍यों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने युवा अधिकारियों से आग्रह किया कि वे ऐसे समाधान विकसित करने की दिशा में कार्य करें, जिनसे प्रकृति और स्थानीय समुदाय दोनों एक साथ फल-फूल सकें। उन्होंने संरक्षण, वन-पुनर्स्थापन तथा सतत आजीविका से जुड़ी पहलों में जनभागीदारी को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदायों, वनवासियों, महिलाओं, किसानों तथा स्थानीय संस्थाओं के विचारों और चिंताओं को समझने से अधिकारियों को बहुमूल्य दृष्टिकोण प्राप्त होगा। समाज को वनों की सुरक्षा के कार्य में भागीदार बनाने से संरक्षण के प्रयास अधिक प्रभावी एवं दीर्घस्‍थायी बनेंगे।

    राष्ट्रपति ने कहा कि लोक सेवा का मूल उद्देश्य लोगों के जीवन को बेहतर बनाना और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देना है। वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए पारिस्थितिक सुरक्षा बहुत जरूरी है। उन्‍होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय वन सेवा के अधिकारियों के रूप में युवा अधिकारी यह सुनिश्चित करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे कि भारत की विकास यात्रा हरित, समावेशी और सतत बनी रहे।

    भारतीय वन सेवा के दो बैच के प्रशिक्षु अधिकारी वर्तमान में इंदिरा गांधी राष्‍ट्रीय वन अकादमी, देहरादून में अपनी प्रोफेशनल ट्रेनिंग ले रहे हैं। वर्ष 2024 बैच में 111 प्रशिक्षु अधिकारी हैं, जबकि वर्ष 2025 बैच में 131 प्रशिक्षु अधिकारी हैं; दोनों ही बैच में भूटान के दो-दो प्रशिक्षु अधिकारी शामिल हैं।

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    16/07/26 |

    मणिपुर में सुरक्षा बलों का बड़ा एक्शन: उग्रवादियों के खिलाफ अभियान में 7 आरोपी गिरफ्तार; असम राइफल्स पर हमले के संदिग्ध भी दबोचे, अवैध हथियार बरामद

    मणिपुर, 16 जुलाई (अन्‍नू): मणिपुर के अशांत इलाकों में शांति व्यवस्था बहाल करने और उग्रवादी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए सुरक्षा बलों ने एक बड़ा और सफल संयुक्त अभियान चलाया है। राज्य के पहाड़ी और घाटी दोनों ही जिलों में चलाए गए इस विशेष तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) के दौरान सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े होने और अवैध हथियार रखने के आरोप में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। मणिपुर पुलिस ने आज इस पूरी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी साझा की है।

    असम राइफल्स के काफिले पर हमला करने वाले 4 संदिग्ध दबोचे

    पुलिस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, पुख्ता खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने मंगलवार को उखरुल जिले के सिकिबुंग गांव से चार स्थानीय निवासियों को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों की धरपकड़ बीते 6 जुलाई को असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर किए गए हमले के सिलसिले में की गई है।

    गौरतलब है कि उखरुल जिला मुख्यालय से करीब 17 किलोमीटर दूर नुंगशांग खोंग के पास शांगशाक क्षेत्र में संदिग्ध उग्रवादियों ने असम राइफल्स के काफिले को निशाना बनाया था, जिसमें सेना के दो जवान शहीद हो गए थे। इस मामले में पुलिस पहले ही तीन लोगों को हिरासत में ले चुकी है। पुलिस ने बताया कि ताजा कार्रवाई में पकड़े गए इन चार आरोपियों के कब्जे से दो एसबीबीएल (SBBL) बंदूकें, जिंदा कारतूस और एक वायरलेस संचार (कम्युनिकेशन) उपकरण बरामद हुआ है।

    प्रतिबंधित संगठन KCP-MC का सक्रिय सदस्य हथियार सहित गिरफ्तार

    इसी अभियान के तहत बुधवार को सुरक्षा बलों को घाटी वाले इलाके में भी बड़ी सफलता मिली। इंफाल पूर्व जिले के खुरई अहोंगई इलाके से प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन 'कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी-एमसी (प्रोग्रेसिव)' के एक सक्रिय सदस्य को दबोचा गया। आरोपी के पास से अवैध हथियार बरामद किए गए हैं।

    इंफाल पूर्व से दो अन्य युवक पिस्तौल और कारतूस के साथ काबू

    पुलिस ने बताया कि बुधवार को ही एक अन्य कार्रवाई में इंफाल पूर्व जिले के ही खुरई लैरिक्येंगबाम क्षेत्र से दो और संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सुरक्षा बलों ने जब इनकी तलाशी ली, तो इनके पास से एक पिस्तौल, दो मैगजीन और 11 जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस पकड़े गए सभी आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है।

    हिंसा के बाद से लगातार जारी है सर्च ऑपरेशन

    पुलिस के अनुसार, करीब तीन वर्ष पहले मणिपुर में भड़की जातीय हिंसा के बाद से ही सुरक्षा बल बेहद सतर्क हैं। राज्य के संवेदनशील, सीमावर्ती और दुर्गम इलाकों में सुरक्षा बलों द्वारा लगातार तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) और एरिया डोमिनेशन (क्षेत्र में प्रभुत्व स्थापित करने) की कार्रवाई चलाई जा रही है, ताकि असामाजिक तत्वों और उग्रवादियों के मंसूबों को नाकाम कर आम जनता को सुरक्षित माहौल दिया जा सके।

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    स्वास्थ्य सेवा में ड्रोन की 'ऊंची उड़ान': टीबी जांच का समय 15 से घटकर हुआ 5 दिन, मरीजों का खर्च ₹9,451 से सीधा ₹91!

    आरएस अनेजा, 16 जुलाई नई दिल्ली - भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने अपनी प्रमुख आई-ड्रोन पहल के तहत यह प्रदर्शित किया है कि तपेदिक (टीबी) के थूक के नमूनों के ड्रोन-सहायता प्राप्त परिवहन से सुदूरवर्ती और निम्‍न सुविधा वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए नैदानिक ​​सेवाओं तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है।

    ये निष्कर्ष तेलंगाना के यादद्री-भुवनगिरी जिले में एआईआईएमएस  बिबिनगर और जिला टीबी कार्यालय के सहयोग से राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत किए गए एक कार्यक्रम-आधारित अध्ययन से सामने आए हैं। इस अध्ययन में टीबी निदान के लिए रोगियों की यात्रा की पारंपरिक प्रणाली की तुलना ड्रोन-आधारित मॉडल से की गई, जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और उप-केंद्रों (एससी) से थूक के नमूने एकत्र किए गए और ड्रोन द्वारा निर्दिष्ट टीबी निदान प्रयोगशालाओं (यूटी) तक पहुंचाए गए।

    इस अध्ययन में 840 प्रतिभागियों को शामिल किया गया और पाया गया कि ड्रोन आधारित नमूना परिवहन शुरू होने के बाद टीबी निदान के लिए औसत समय 15 दिन से घटकर 5 दिन रह गया। इससे निदान में होने वाली देरी में भी अत्‍यधिक कमी आई, जिससे बीमारी की शीघ्र पुष्टि संभव हो सकी और नैदानिक ​​निर्णय लेने में तेजी आई।

    महत्वपूर्ण बात यह है कि इस अध्ययन में रोगियों पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ में भी उल्लेखनीय कमी देखी गई। टीबी निदान के लिए व्‍यक्तिगत रूप से होने वाला औसत खर्च (ओओपीई) पारंपरिक परिवहन प्रणाली के अंतर्गत लगभग 9,451 रुपए से घटकर ड्रोन-आधारित चरण में लगभग 91 रुपए रह गया। यह कमी मुख्य रूप से यात्रा लागत में कमी, वेतन हानि में कमी और रोगियों के घरों के पास थूक के नमूने एकत्र करने की सुविधा की उपलब्धता के कारण हुई। विशेष रूप से, ड्रोन-आधारित चरण के दौरान औसत ओओपीई शून्य था, जिससे पता चलता है कि कई प्रतिभागियों को निदान के लिए यात्रा संबंधी कोई व्‍यय नहीं करना पड़ा। यह उपाय 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, 60 उप-केंद्रों और चार टीबी इकाइयों को जोड़ने वाले एक हब-एंड-स्पोक नेटवर्क के माध्यम से लागू किया गया था। इससे रोगियों को निदान केंद्रों तक लंबी दूरी तय करने के बजाय अपने गांवों के पास स्थित स्वास्थ्य सुविधाओं में थूक के नमूने जमा करने की सुविधा मिली।

    इन निष्कर्षों पर टिप्‍पणी करते हुए स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव और आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने कहा, "किफायती और समय पर निदान की सुविधा भारत के टीबी उन्मूलन प्रयासों का केंद्र बिंदु बनी हुई है। यह अध्ययन दर्शाता है कि कैसे प्रौद्योगिकी भौगोलिक बाधाओं को दूर करने और रोगियों, विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर वित्‍तीय बोझ कम करने में मदद कर सकती है। आई-ड्रोन पहल के माध्यम से प्राप्त साक्ष्य भविष्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य नवाचारों को सूचित करने में सहायक होंगे और साथ ही विद्यमान स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणालियों के पूरक भी होंगे।"

    मात्रात्मक निष्कर्षों के साथ-साथ, अध्ययन में भाग लेने वाले स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि ड्रोन-आधारित परिवहन से देरी कम हुई, परिचालन दक्षता में सुधार हुआ और प्रारंभिक परिचय के बाद समुदायों द्वारा इसे अच्छी तरह स्वीकार किया गया। अध्ययन में मौसम, भार वहन की सीमाएं और निरंतर प्रशिक्षण की आवश्यकता जैसे परिचालन संबंधी पहलुओं की भी पहचान की गई, जो व्यापक कार्यान्वयन के लिए सावधानीपूर्वक योजना बनाने के महत्व को रेखांकित करता है।

    शोधकर्ताओं ने बताया कि ये निष्कर्ष एक जिले में कार्यक्रम के कार्यान्वयन पर आधारित हैं और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा वितरण को मजबूत करने में ड्रोन-आधारित लॉजिस्टिक्स की भूमिका का मूल्यांकन करने के लिए महत्वपूर्ण व्यावहारिक प्रमाण प्रदान करते हैं। विभिन्न क्षेत्रों में आगे के कार्यान्वयन से सूचित निर्णय लेने के लिए अतिरिक्त प्रमाण जुटाने में मदद मिलेगी।

    यह अध्ययन आईसीएमआर की आई-ड्रोन पहल के तहत प्राप्त बढ़ते प्रमाणों को और पुष्ट करता है, जो देश भर के दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में सुधार लाने के लिए टीकों, दवाओं, रक्त उत्पादों, नैदानिक ​​नमूनों, ऊतकों आदि के परिवहन हेतु ड्रोन के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग की संभावनाओं का पता लगा रही है।

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    शहरों का कायाकल्प: हरित भविष्य की ओर बढ़ते कैपेसिटीज (CapaCITIES) के 10 बेमिसाल साल

    आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली - कैपेसिटीज (CapaCITIES) कार्यक्रम की एक दशक में हुई प्रगति का जश्न मनाते हुए, ICLEI दक्षिण एशिया और राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम 'शहरी जलवायु लचीलेपन को बढ़ाना: कैपेसिटीज की विरासत और आगे का रास्ता ' को नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित किया गया।

    कैपेसिटीज कार्यक्रम ने भारतीय शहरों को शहरी गवर्नेंस में कम कार्बन उत्सर्जन और जलवायु-लचीले विकास को मुख्यधारा में लाने के लिए ज्ञान, उपकरण और संस्थागत क्षमताएं प्रदान की हैं।

    भारत और भूटान में स्विट्जरलैंड दूतावास द्वारा वित्त पोषित और वर्ष 2016 में शुरू की गई, भारत में कम कार्बन और जलवायु-लचीले शहरी विकास पर क्षमता निर्माण परियोजना (कैपेसिटीज) कार्यक्रम ने कम कार्बन और जलवायु-लचीले शहरी विकास को गति प्रदान की है। स्थानीय क्षमताओं को सीधे मजबूत करके, कार्यक्रम ने स्थानीय कार्रवाई को राष्ट्रीय मिशनों और राज्य-स्तरीय लक्ष्यों के साथ जोड़कर भारत के 2070 के शुद्ध शून्य उत्सर्जन लक्ष्य का समर्थन किया है।

    यह पहल ICLEI साउथ एशिया, साउथ पोल और ईकॉन्सेप्ट की सहयोगी साझेदारी के माध्यम से कार्यान्वित की गई, जिसमें राष्ट्रीय शहरी मामलों का संस्थान ज्ञान भागीदार था। तमिलनाडु के कोयंबटूर, तिरुचिरापल्ली, तिरुनेलवेली, अहमदाबाद, राजकोट, वडोदरा, उदयपुर और सिलीगुड़ी शहरों के साथ-साथ गुजरात और तमिलनाडु की राज्य सरकारों को इस परियोजना से सहायता प्राप्त हुई।

    इस सम्मेलन में 30 से अधिक शहरों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, महापौर, आयुक्त और इंजीनियर, 6 राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, वित्तीय संस्थानों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि और तकनीकी विशेषज्ञ एकत्रित हुए, ताकि स्थानीय जलवायु क्षमताओं के निर्माण में एक दशक की समीक्षा की जा सके और शहरी सततता के भविष्य की रूपरेखा तैयार की जा सके।

    उद्घाटन सत्र में भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार श्री गोपाल प्रसाद , भारत और भूटान में स्विट्जरलैंड दूतावास की राजदूत सुश्री माया तिस्साफी, वडोदरा नगर निगम की महापौर सुश्री गीताबेन मकवाना , राजकोट नगर निगम की उप महापौर सुश्री दक्षाबेन वसानी , राष्ट्रीय शहरी मामलों का संस्थान की निदेशक डॉ. देबोलीना कुंडू और ICLEI के उप महासचिव और ICLEI दक्षिण एशिया के कार्यकारी निदेशक श्री इमानी कुमार उपस्थित थे। सत्र में शहरी भारत में स्थानीय स्तर पर संचालित जलवायु कार्रवाई को व्यापक बनाने और संस्थागत रूप देने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

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    होर्मेुज हमले के बाद भारत का कड़ा रुख: शुरू की 'सीफेरर-फर्स्ट' मुहिम, बनेगा रियल-टाइम 'ऑपरेशनल डैशबोर्ड'

    आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली - होर्मुज जलडमरूमध्य में दो व्यापारिक जहाजों पर हमलों के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते समुद्री सुरक्षा संकट के बीच केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री (एमओपीएसडब्ल्यू) सर्बानंद सोनोवाल ने एक व्यापक 'सीफेरर-फर्स्ट' प्रतिक्रिया शुरू की। इसके तहत संघर्ष से प्रभावित इलाके में काम कर रहे हर भारतीय नाविक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक व्यापक और अभूतपूर्व 'होल-ऑफ-गवर्नमेंट' (सरकार के सभी विभागों के सम्मिलित प्रयास) वाला दृष्टिकोण अपनाया है।

    आज यहां आयाेजित एक उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सोनोवाल ने वास्तविक समय में हर जहाज की निगरानी, प्रत्येक प्रभावित भारतीय नाविक के लिए समर्पित संपर्क अधिकारियों की नियुक्ति और विदेश मंत्रालय (एमईए), पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी), रसायन और उर्वरक मंत्रालय, भारतीय नौसेना, जहाजरानी महानिदेशालय (डीजीएस), ईरान और ओमान में भारतीय मिशनों के सहयोग से पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री (एमओपीएसडब्ल्यू) द्वारा चौबीसों घंटे समन्वय का आदेश दिया।

    होर्मुज जलडमरूमध्य में एमटी अल बहियाह और एमटी मोम्बासा पर हमलों के बाद यह समीक्षा महत्वपूर्ण मानी जाती है। दोनों जहाजों के कुल 46 लोगों के दल में 30 भारतीय नाविक शामिल थे। एमटी अल बहियाह पर एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। एमटी मोम्बासा पर नौ भारतीय नागरिक घायल हुए, जिनमें से दो गंभीर रूप से घायल हैं।

    सोनोवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एमओपीएसडब्ल्यू के केंद्रीय राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर के साथ-साथ एमओपीएसडब्ल्यू, विदेश मंत्रालय (एमईए), भारतीय नौसेना, डीजी शिपिंग, ईरान और ओमान में भारतीय दूतावासों के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य प्रमुख समुद्री एजेंसियों ने फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में बदलते सुरक्षा हालात की समीक्षा की। इसके साथ ही भारतीय नाविकों के सामने मौजूद खतरों का आकलन किया और भारत की आकस्मिक और आपातकालीन प्रतिक्रिया कार्य प्रणालियों का मूल्यांकन किया।

    इस त्रासदी पर गहरा दुख जताते हुए सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि भारत ने निहत्थे नागरिक व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के तरीके पर कड़ी नाराजगी और आपत्ति जताई है। इन गैर-जिम्मेदाराना, अनुचित और अकारण हमलों के कारण भारतीय नाविक की मौत हुई है और कुछ गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि वे ग्लोबल सप्लाई चेन को सुचारू रूप से चलाने में अहम भूमिका निभाने वाले कर्मचारी हैं। आज हुए दो हमलों में हमारे एक और बहादुर और बेगुनाह नाविक की दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद मौत और दूसरों के घायल होने से मुझे गहरा दुख और पीड़ा हुई है। मैं शोक-संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और उस भारतीय नाविक के लिए प्रार्थना करता हूं जिसने कर्तव्य-पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारे नाविकों के परिवारों की मदद और उनकी देखभाल की जाए। मैं प्रत्येक भारतीय नाविक और उनके परिवार को आश्वस्त करना चाहता हूं कि पूरी सरकार हरसंभव तरीके से और हर कीमत पर आपकी सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    सोनोवाल ने शिपिंग महानिदेशक (डीजीएस) को निर्देश दिया कि वे फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में चलने वाले हर जहाज (चाहे वे किसी भी देश के झंडे वाले हों) पर मौजूद हर भारतीय का हिसाब रखने के लिए एक व्यापक ऑपरेशनल डैशबोर्ड बनाएं।

    यह डैशबोर्ड जहाज की स्थिति, मालिकाना हक, कार्गो, क्रू की संख्या, क्रू की भलाई, खतरे का आकलन, प्रस्तावित यात्रा, अगले पोर्ट ऑफ कॉल और सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में रियल-टाइम जानकारी देगा।

    मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रभावित इलाके में मौजूद हर भारतीय नाविक का अलग-अलग पता लगाया जाए, चाहे जहाज किसी भी देश का हो। सोनोवाल ने इस बात पर जोर दिया कि समुद्र में काम करने वाले कर्मियों का कल्याण सबसे अहम है और भारतीय समुद्री कर्मियों की सुरक्षा और संरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।

    प्रभावित परिवारों को बिना किसी रुकावट के मदद मिलती रहे, यह पक्का करने के लिए सोनोवाल ने निर्देश दिया कि संकट से प्रभावित हर भारतीय नाविक के लिए एक खास संपर्क अधिकारी नियुक्त किया जाए। हर संपर्क अधिकारी परिवारों के लिए संपर्क का एकमात्र जरिया होगा। वह मेडिकल अपडेट, यात्रा से जुड़े कागजात, परिवार की मदद, स्वदेश वापसी, नाविक कल्याण निधि सहायता, बकाया मजदूरी, संविदात्मक हक और अन्य क्षतिपूर्ति के मामलों में तालमेल बिठाएगा।

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    15/07/26 |

    भारत के माल ढुलाई संचालन को मज़बूत करने के लिए 'रिफॉर्म एक्सप्रेस'

    आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली - 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' को आगे बढ़ाते हुए, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे को आधुनिक बनाने के लिए आज आठ और संरचनात्मक सुधारों की घोषणा की। इसके साथ ही, इस पहल के तहत लागू किए गए सुधारों की कुल संख्या 17 हो गई है। ये नए सुधार माल ढुलाई, लॉजिस्टिक्स, निर्माण के तरीकों, परियोजनाओं को पूरा करने, वैगन डिज़ाइन, कौशल विकास और आसान कारोबार में बड़े बदलाव लाएंगे।

    नई दिल्ली के रेल भवन में मीडिया को संबोधित करते हुए वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे भविष्य के लिए तैयार रेलवे व्यवस्था बनाने के लिए कई सुधार कर रहा है। ये सुधार मंत्रालय के उस लक्ष्य का हिस्सा हैं, जिसके तहत कार्यक्षमता बढ़ाने, नवाचार को बढ़ावा देने और रेलवे व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 52 हफ्तों में 52 सुधार लागू किए जाने हैं। श्री वैष्णव ने कहा कि रिफॉर्म एक्सप्रेस पहल के तहत पहले घोषित किए गए सुधारों के उत्साहजनक नतीजे मिलने शुरू हो गए हैं।

    वैष्णव ने कहा कि भारत में हर साल लगभग 340 मिलियन टन फ्लाई ऐश पैदा होती है, जिसमें से लगभग 96 मिलियन टन का इस्तेमाल सीमेंट उद्योग द्वारा किया जाता है। भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 13 मिलियन टन फ्लाई ऐश का परिवहन किया, जो देश में कुल फ्लाई ऐश उत्पादन का लगभग चार प्रतिशत है।

    उन्होंने कहा कि पारंपरिक रूप से फ्लाई ऐश को खुले वैगनों में ढोया जाता रहा है, जिससे लोडिंग, परिवहन और अनलोडिंग के दौरान धूल से प्रदूषण होता है। थर्मल पावर प्लांट में बड़े ऐश पॉन्ड में जमा करने पर भी फ्लाई ऐश पर्यावरण के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाती है।

    इन समस्याओं को दूर करने के लिए, भारतीय रेलवे ने फ्लाई ऐश के परिवहन के लिए एक नई कंटेनर-आधारित व्यवस्था शुरू की है। नई नीति के तहत, परिवहन के लिए खास तौर पर डिज़ाइन किए गए आईएसओ-मानक कंटेनरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन कंटेनरों को पावर प्लांट से सीधे टॉप-लोडिंग सिस्टम के ज़रिए भरा जा सकता है और साइड-डिस्चार्ज या न्यूमैटिक सिस्टम का इस्तेमाल करके बिना धूल प्रदूषण फैलाए खाली किया जा सकता है।

    वैष्णव ने कहा कि बंद-कंटेनर व्यवस्था से प्रदूषण-मुक्त परिवहन मुमकिन होगा, सीमेंट प्लांट में ज़रूरत पड़ने तक सुरक्षित स्टोरेज आसान होगा और लॉजिस्टिक्स की क्षमता में भी काफ़ी सुधार होगा। इन कंटेनरों को रीच स्टैकर्स के ज़रिए ले जाया जा सकता है, जिससे पावर प्लांट से सीमेंट प्लांट तक बिना किसी रुकावट के सामान की आवाजाही हो सकेगी। इस सुधार से फ्लाई ऐश की रेल से ढुलाई बढ़ने, सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होने और पर्यावरण की चुनौती को आर्थिक रूप से फायदेमंद संसाधन में बदलने की उम्मीद है।

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    15/07/26 |

    कारगिल विजय दिवस 2026: रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय समर स्मारक से कारगिल युद्ध स्मारक तक मोटरसाइकिल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

    आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारगिल विजय दिवस 2026 के राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय समर स्मारक से लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक तक 13 दिवसीय 'शौर्य विजय यात्रा' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    इस यात्रा में सेवारत और सेवानिवृत्त रक्षा बल कर्मियों सहित 28 बाइक सवार और उनके परिवार के सदस्य उत्तरी हिमालय के दुर्गम भूभाग से गुजरते हुए 1,900 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। यह यात्रा 1999 के कारगिल युद्ध में विजय सुनिश्चित करने वाले भारतीय वीरों के अदम्‍य साहस, दृढ़ संकल्प और सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करती है। यात्रा का आदर्श वाक्य है 'एक यात्रा, एक राष्ट्र, एक सलाम'।

    इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में वीर भारतीय सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने अदम्‍य साहस, धैर्य, अनुशासन और अद्वितीय देशभक्ति का एक स्वर्णिम अध्याय लिखा है, जिसका विश्वभर की सेनाएं आज भी अध्ययन करती हैं और सम्मान करती हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 20,000 फीट की ऊंचाई और शून्य से 40 डिग्री सेल्सियस नीचे तक गिरते तापमान में, हमारे सैनिकों ने साहस और दृढ़ता के साथ अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। उन्होंने दुश्मन के कब्जे से हर चोटी, पहाड़ी और बंकर को वापस ले लिया और तिरंगे का गौरव बनाए रखा। यह विजय हमारी भूमि, पहचान और सम्मान पर किसी भी शत्रुतापूर्ण दुस्‍साहस का पूरी शक्ति से जवाब देने के भारत के अटूट संकल्प का प्रतीक है।

    राजनाथ सिंह ने परम वीर चक्र से सम्मानित सभी भारतीय वीर सैनिकों, जिनमें कैप्टन विक्रम बत्रा, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे, सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) योगेंद्र सिंह यादव (सेवानिवृत्त) और सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार (सेवानिवृत्त) को युद्ध में विजय सुनिश्चित करने में उनके अमूल्य योगदान के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ये वीर सैनिक युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे।

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    भारत-मालदीव मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता का पहला दौर सफलतापूर्वक संपन्न

    आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली - द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारत-मालदीव मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए वार्ता का पहला दौर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह वार्ता वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई थी।

    भारत की वार्ता टीम का नेतृत्व वाणिज्य विभाग में संयुक्त सचिव और मुख्य वार्ताकार श्री उज्ज्वल कुमार घोष ने किया, जबकि मालदीव प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उसके मुख्य वार्ताकार श्री यूसुफ रिजा ने किया।

    वार्ता के पहले दौर के दौरान, दोनों पक्षों की वार्ता टीमों ने आठ नीतिगत क्षेत्रों को शामिल करते हुए आठ तकनीकी सत्रों में लिखित चर्चा में भाग लिया। दोनों पक्षों ने वार्ता के सभी पहलुओं पर ठोस प्रगति की और कई मुद्दों पर व्यापक सहमति बनी।

    केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मालदीव के आर्थिक विकास, परिवहन एवं व्यापार मंत्री मोहम्मद सईद से मुलाकात की। दोनों मंत्रियों ने भारत-मालदीव मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वार्ता सहित चल रही द्विपक्षीय आर्थिक पहलों की प्रगति की समीक्षा की। भारत और मालदीव के बीच राजनयिक संबंधों के 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) और मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) को जल्द से जल्द पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने दोनों देशों के लिए नए अवसर खोलने हेतु पर्यटन, स्टार्टअप, डिजिटल भुगतान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और व्यापार में सहयोग को और गहरा करने पर भी सहमति व्यक्त की।

    भारत, मालदीव का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2025-26 में 771.76 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि 2024-25 में यह 679.70 मिलियन अमेरिकी डॉलर था, जो 13.54 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

    प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) से बाजार पहुंच बढ़ाकर, निवेश को सुगम बनाकर, आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देकर और दोनों देशों में सतत आर्थिक विकास में योगदान देकर द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद है। दोनों पक्ष निष्पक्षता और पारस्परिकता के सिद्धांतों से निर्देशित एक व्यापक, संतुलित और समग्र समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं।

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    15/07/26 |

    उपराष्ट्रपति ने ‘द वॉयस ऑफ जस्टिस: जस्टिस गवई स्पीक्स’ पुस्तक का विमोचन किया

    आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली - भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन् ने आज उपराष्ट्रपति भवन में ‘द वॉयस ऑफ जस्टिस : जस्टिस गवई स्पीक्स’ पुस्तक का विमोचन किया। प्रो. (डॉ.) एस. शिवकुमार द्वारा संपादित तथा कॉमनवेल्थ लीगल एजुकेशन एसोसिएशन (सी.एल.ई.ए.) के सहयोग से थॉमसन रॉयटर्स द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी.आर. गवई के भाषणों, व्याख्यानों और विचारों का संकलन प्रस्तुत किया गया है।

    सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने इस पुस्तक को एक महत्त्वपूर्ण संवैधानिक दस्तावेज़ बताया, जो अनुभव, संवैधानिक अनुशासन और सार्वजनिक उत्तरदायित्व से परिपक्व हुई न्यायिक सोच को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक संवैधानिकता, विधि के शासन, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था पर महत्त्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करती है तथा भारत में संवैधानिक विमर्श और विधिक अध्ययन को सुदृढ़ करेगी।

    पुस्तक में संविधान पर व्यक्त विचारों का उल्लेख करते हुए सीपी राधाकृष्णन् ने कहा कि इसमें भारतीय संविधान को एक जीवंत और निरन्‍तर विकसित होने वाले दस्तावेज़ के रूप में उचित रूप से प्रस्तुत किया गया है, जिसने पिछले 75 वर्षों में निरंतरता और परिवर्तन, अधिकार और जवाबदेही तथा अधिकारों और कर्तव्यों के बीच संतुलन बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर संविधान लोकतांत्रिक स्थिरता और राष्ट्रीय एकता की आधारशिला बना हुआ है, वहीं उसमें संशोधन करने की संसद की शक्ति राष्ट्र को बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ने में सक्षम बनाती है।

    उपराष्ट्रपति ने कहा कि संवैधानिक शासन व्यवस्था को अक्षुण्ण बनाए रखने तथा विधि के शासन में नागरिकों के विश्वास की रक्षा करने में न्यायपालिका की अत्यंत महत्त्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक लोकतंत्र में अधिकार जितना महत्त्वपूर्ण है, उतना ही महत्त्वपूर्ण संयम भी है। साथ ही उन्होंने कहा कि मजबूत संस्थाएँ और न्याय व्यवस्था संस्थागत सत्यनिष्ठा, संवैधानिक अनुशासन, जनविश्वास तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता के आधार पर ही सुदृढ़ बनी रहती हैं।

    उपराष्ट्रपति ने कहा कि संवैधानिक शासन व्यवस्था नागरिकों की आकांक्षाओं तथा समाज की बदलती वास्तविकताओं के प्रति सदैव उत्तरदायी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा, अवसर और आशा सुनिश्चित करने के लिए वंचित समुदायों का सशक्तीकरण अत्यंत आवश्यक है। न्यायपालिका में न्यायमूर्ति बी.आर. गवई के योगदान की सराहना करते हुए श्री सी. पी. राधाकृष्णन् ने कहा कि उनकी न्यायिक यात्रा संवैधानिक मूल्यों, संस्थागत संतुलन तथा न्याय तक पहुँच सुनिश्चित करने के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का परिचायक है।

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    12/07/26 |

    उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दिल्ली में समाज सुधारक मन्नथु पद्मनाभन की प्रतिमा का अनावरण किया

    आरएस अनेजा, 12 जुलाई नई दिल्ली - भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज द्वारका स्थित मन्नम इंटरनेशनल सेंटर में नायर सर्विस सोसाइटी, दिल्ली द्वारा आयोजित कार्यक्रम में समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी मन्नथु पद्मनाभन की प्रतिमा का अनावरण किया और 'मन्नम स्मृति मंडप' का उद्घाटन किया।

    सभा को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने इस अवसर को आधुनिक भारत के महानतम समाज सुधारकों और राष्ट्र-निर्माताओं में से एक की स्थायी विरासत का ऐतिहासिक उत्सव बताया। 'मन्नम स्मृति मंडप' स्थापित करने के अपने लंबे समय से पोषित सपने को साकार करने के लिए नायर सर्विस सोसाइटी (NSS), दिल्ली को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह स्मारक केवल एक ढांचा नहीं है, बल्कि "एक स्थायी विरासत की प्रतिष्ठा" और एक ऐसे दूरदर्शी व्यक्ति को जीवंत श्रद्धांजलि है, जिनके सामाजिक न्याय, समानता और राष्ट्र सेवा के आदर्श जाति, क्षेत्र और धर्म की सीमाओं से परे हैं। मन्नथु पद्मनाभन के जीवन और योगदान को याद करते हुए, श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि इस प्रख्यात समाज सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी और नायर सर्विस सोसाइटी के संस्थापक ने अपना जीवन शिक्षा, समाज सुधार, आत्मनिर्भरता और सामुदायिक सेवा के माध्यम से समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया।

    मन्नथु पद्मनाभन को सामुदायिक पुनर्जागरण का सच्चा नेता बताते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सोच संकीर्ण हितों से कहीं आगे थी। उन्होंने कहा, "उनका मानना ​​था कि हर इंसान समान सम्मान और समान अवसर का हकदार है। उनके जीवन का कार्य हमें याद दिलाता है कि वास्तविक सामाजिक प्रगति तभी संभव है जब न्याय, करुणा और समावेशिता समाज के मार्गदर्शक सिद्धांत बनें।"

    सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि नायर सर्विस सोसाइटी का उल्लेखनीय विकास ही इसके संस्थापक के असाधारण समर्पण और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि मन्नथु पद्मनाभन का दृढ़ विश्वास था कि महान संस्थान भारी धन-संपत्ति से नहीं, बल्कि महान प्रतिबद्धता से बनते हैं। यह याद करते हुए कि कैसे उन्होंने शैक्षणिक और सामाजिक संस्थानों की स्थापना के लिए आम घरों से भी छोटे-छोटे योगदान स्वीकार किए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि इन सामूहिक प्रयासों ने पीढ़ियों के जीवन को बदल दिया।

    उपराष्ट्रपति ने इस बात पर खुशी जताई कि अपनी स्थापना के एक सदी से भी अधिक समय बाद, मन्नथु पद्मनाभन के आदर्श केरल से कहीं आगे तक फैल गए हैं। उन्होंने विशेष रूप से NSS दिल्ली द्वारा कलारीपयट्टू, कथकली और मोहिनीअट्टम के माध्यम से केरल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और साथ ही आधुनिक शिक्षा और समाज सेवा को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे सक्रिय कार्यों की सराहना की। उन्होंने NSS दिल्ली को दिल्ली-NCR में 25 शाखाओं और लगभग 25,000 सदस्यों वाले संगठन के रूप में शानदार विकास के लिए बधाई भी दी।

    स्मारकों के महत्व पर बात करते हुए, श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा, "स्मारक केवल पत्थर पर की गई नक्काशी से कहीं अधिक हैं; वे समाज की सामूहिक चेतना में उकेरी गई नक्काशी हैं। उनका असली मकसद अतीत का जश्न मनाने से कहीं आगे है; वे भविष्य के लिए प्रेरणा हैं।"

    नागरिकों से महान समाज सुधारक के मूल्यों को अपनाने का आह्वान करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा, "मन्नाथु पद्मनाभन को हम सबसे बड़ी श्रद्धांजलि समानता, शिक्षा, करुणा, सेवा और राष्ट्रीय एकता पर आधारित समाज के निर्माण के उनके मिशन को आगे बढ़ाकर ही दे सकते हैं।"

    इस अवसर पर, उपराष्ट्रपति ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने वाले देशव्यापी 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मन्नम इंटरनेशनल सेंटर में एक पौधा भी लगाया।

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    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का यूरोप दौरा : स्पेन, बेल्जियम और फिनलैंड के साथ साझेदारी को मिलेगी नई उड़ान

    आरएस अनेजा, 12 जुलाई नई दिल्ली - केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 13-17 जुलाई 2026 तक स्पेन, बेल्जियम और फिनलैंड के दौरे पर जाने वाले भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।

    यह दौरा यूरोप में आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के भारत के संकल्प को दिखाता है, जिसमें व्यापार, निवेश, तकनीक, इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी पर ध्यान दिया जाएगा। इस प्रतिनिधिमंडल में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, क्लीन एनर्जी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, रत्न और आभूषण, फूड प्रोसेसिंग, हेल्थकेयर और डिज़ाइन जैसे क्षेत्रों की प्रमुख भारतीय कंपनियाँ शामिल हैं।

    13 जुलाई को स्पेन में, मंत्री स्पेन के चैंबर ऑफ कॉमर्स, CEOE और ICEX स्पेन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट के साथ एक बिजनेस राउंडटेबल में हिस्सा लेंगे। इस सत्र में स्पेन और भारत के उद्योग जगत के नेता ऑटोमोटिव, रिन्यूएबल एनर्जी, रेलवे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, फूड प्रोसेसिंग और पर्यटन के क्षेत्रों में अवसरों पर चर्चा करेंगे। इबेरड्रोला (Iberdrola), एक्शियोना (Acciona), CAF, टैल्गो (Talgo), गेस्टैम्प (Gestamp) और इंद्रा (Indra) जैसी स्पेनिश कंपनियाँ पहले से ही भारत में मजबूती से मौजूद हैं, जबकि TCS, इंफोसिस (Infosys), विप्रो (Wipro), टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) और L&T जैसी भारतीय कंपनियाँ डिजिटलीकरण और इंडस्ट्री 4.0 को बढ़ावा देने के लिए स्पेन में अपना कामकाज बढ़ा रही हैं। यह दौरा 'स्पेन-भारत डुअल ईयर 2026' के दौरान हो रहा है, जो राजनयिक संबंधों के 70 साल पूरे होने का जश्न है और इसमें बिजनेस-टू-बिजनेस साझेदारी पर जोर दिया जाएगा।

    14-15 जुलाई को बेल्जियम में, कार्यक्रम में एंटवर्प पोर्ट और एंटवर्प वर्ल्ड डायमंड सेंटर का दौरा शामिल है। पोर्ट का दौरा यूरोप के प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के बारे में जानकारी देगा और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, ग्रीन लॉजिस्टिक्स और मजबूत सप्लाई चेन में अपनाए जा रहे बेहतरीन तरीकों को दिखाएगा। एंटवर्प वर्ल्ड डायमंड सेंटर का दौरा ग्लोबल डायमंड वैल्यू चेन, सर्टिफिकेशन, जिम्मेदार सोर्सिंग और भारत के रत्न और आभूषण क्षेत्र के लिए अवसरों पर प्रकाश डालेगा। मंत्री थेल्स ग्रुप (Thales Group) के एलेन क्वेवरिन (Alain Queverin) और सिलॉक्स ग्रुप (Silox Group) के जीन-क्रिस्टोफ बोगार्ट (Jean-Christophe Bogaert) के साथ CEO-स्तर की बैठकें भी करेंगे। थेल्स एयरोस्पेस, डिफेंस, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल आइडेंटिटी के क्षेत्र में ग्लोबल लीडर है और भारत में उसकी महत्वपूर्ण साझेदारियाँ हैं, जबकि सिलॉक्स एक स्पेशलिटी केमिकल्स और रीसाइक्लिंग ग्रुप है जिसका गुजरात में बड़ा कामकाज है और वह बैटरी रीसाइक्लिंग और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग में सहयोग कर रहा है। इंडिया-EU बिजनेस राउंडटेबल और TTC प्लेनरी में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) के अवसरों, व्यापार को आसान बनाने, सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी और मजबूत सप्लाई चेन पर और अधिक ध्यान दिया जाएगा। 16-17 जुलाई को फ़िनलैंड में, मंत्री 'इंडिया-फ़िनलैंड बिज़नेस राउंडटेबल' में हिस्सा लेंगे और डिजिटलाइज़ेशन, क्लीन एनर्जी, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में फ़िनलैंड की कंपनियों के साथ बातचीत करेंगे। संस्थागत सहयोग को मज़बूत करने के लिए CII और 'बिज़नेस फ़िनलैंड' के बीच एक MoU पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इंडस्ट्री के दौरों में नोकिया कॉर्पोरेशन (टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर और 6G रिसर्च पर फोकस), कोने कॉर्पोरेशन (एलीवेटर, स्मार्ट मोबिलिटी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में माहिर), केम्पी ग्रुप (इंडस्ट्रियल मशीनरी और EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनी) और VTT रिसर्च सेंटर (सरकारी एप्लाइड रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन जो नए इनोवेशन को बढ़ावा देता है) शामिल होंगे। भारतीय बिज़नेस डेलिगेशन में बोरोसिल रिन्यूएबल्स, मदरसन ग्रुप, ट्रिविट्रॉन हेल्थकेयर, हरि कृष्णा एक्सपोर्ट्स और नेक्कंती सीफूड्स जैसी कंपनियाँ शामिल होंगी, जो AI और क्लीन टेक्नोलॉजी से लेकर रत्न और आभूषण, फ़ूड प्रोसेसिंग, हेल्थकेयर और डिज़ाइन जैसे क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करेंगी।

    स्पेन, बेल्जियम और फ़िनलैंड की इस यात्रा में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, क्लीन एनर्जी और सस्टेनेबिलिटी, डिजिटल और नई टेक्नोलॉजी, रत्न और आभूषण, तथा फ़ूड और कंज्यूमर इंडस्ट्री जैसे मुख्य विषयों पर ध्यान दिया जाएगा। यह यूरोप दौरा भारत को इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग और सस्टेनेबिलिटी के लिए एक रणनीतिक साझेदार के तौर पर स्थापित करता है। इंडस्ट्री के लीडर्स और बिज़नेस चैंबर्स के साथ सीधे बातचीत करके, यह डेलिगेशन व्यापार, निवेश और टेक्नोलॉजी सहयोग के लिए नए अवसर खोलेगा और एक भरोसेमंद ग्लोबल ग्रोथ पार्टनर के तौर पर भारत की भूमिका को और मज़बूत करेगा।

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    वियतनाम में दर्दनाक हादसा: फू क्वोक द्वीप के पास स्पीडबोट पलटी, 15 भारतीय पर्यटकों की मौत; पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख

    आरएस अनेजा, 12 जुलाई नई दिल्ली - वियतनाम के फू क्वोक (Phu Quoc) द्वीप के पास हुई एक दर्दनाक स्पीडबोट दुर्घटना में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई है, जिसपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस दुखद समाचार से अत्यंत दुखी हैं। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायल बचे लोगों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

    स्पीडबोट पर कुल 36 लोग सवार थे, जिनमें 32 भारतीय पर्यटक और 4 चालक दल (क्रू) के सदस्य शामिल थे। स्थानीय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। यह हादसा तब हुआ जब नाव होन मे रुत द्वीप से एन थ्रोई बंदरगाह जा रही थी और तट से महज 400 मीटर दूर समुद्र की तेज लहरों की चपेट में आकर पलट गई। मारे गए 15 भारतीयों में से 10 तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरल के निवासी थे।

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    12/07/26 |

    53 लाख श्रमिकों को मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सेवा: डॉ. मनसुख मंडाविया करेंगे ₹668 करोड़ की 7 बड़ी ESI परियोजनाओं का उद्घाटन!

    आरएस अनेजा, 12 जुलाई नई दिल्ली - केंद्रीय श्रम और रोजगार तथा युवा मामले और खेल मंत्री, डॉ. मनसुख मंडाविया, 14 जुलाई 2026 को तेलंगाना के सनथनगर स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) अस्पताल से देश भर में सात कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) हेल्थकेयर प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करेंगे।

    केंद्रीय मंत्री सनथनगर के ESIC अस्पताल के नए आउटपेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) ब्लॉक का व्यक्तिगत रूप से उद्घाटन करेंगे और छह प्रोजेक्ट्स का वर्चुअल तरीके से उद्घाटन करेंगे। ये प्रोजेक्ट्स हैं: बेल्टोला, असम में अपग्रेड किया गया 200 बिस्तरों वाला ESIC अस्पताल; श्रीपेरंबदूर, तमिलनाडु में 100 बिस्तरों वाला ESIC अस्पताल; राजमहेंद्रवरम, आंध्र प्रदेश में ESIS अस्पताल; सुरेंद्रनगर, गुजरात में ESI डिस्पेंसरी और ब्रांच ऑफिस; उद्योग नगर, कोटा में ESI डिस्पेंसरी और ब्रांच ऑफिस; और भवानी मंडी, राजस्थान में ESI डिस्पेंसरी। लगभग ₹668 करोड़ की लागत वाली ये मेडिकल सुविधाएं देश भर के करीब 53 लाख लाभार्थियों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करेंगी।

    श्रम और रोजगार तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री, शोभा करंदलाजे भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगी। कार्यक्रम के तहत, डॉ. मंडाविया उन निर्माण श्रमिकों को सम्मानित करेंगे जिन्होंने तेलंगाना के सनथनगर स्थित ESIC अस्पताल में OPD ब्लॉक के निर्माण में योगदान दिया और राष्ट्र-निर्माण में अपनी भूमिका निभाई। वह ESI लाभार्थियों को नकद लाभ भी वितरित करेंगे, जिससे श्रमिकों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता फिर से जाहिर होगी।

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    प्रधानमंत्री ने दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया

    आरएस अनेजा, 12 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने प्रख्यात पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका निधन संगीत और संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि विभिन्न भाषाओं में उनके गीत पीढ़ियों तक लोकप्रिय रहे और उन्होंने अद्वितीय गरिमा और बहुमुखी प्रतिभा के साथ हर भावना को अभिव्यक्त किया।

    मोदी ने कहा कि आने वाले वर्षों में भी उनकी मधुर धुनें श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करती रहेंगी।

    प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर लिखा;

    ‘‘प्रख्यात पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा का निधन संगीत और संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। विभिन्न भाषाओं में उनके गीत पीढ़ियों तक लोकप्रिय रहे। उन्होंने अद्वितीय गरिमा और बहुमुखी प्रतिभा के साथ हर भावना को अभिव्यक्त किया। उनकी मधुर धुनें आने वाले वर्षों में भी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करती रहेंगी। इस दुख की घड़ी में उनके परिवार, अनगिनत प्रशंसकों और संपूर्ण संगीत जगत के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। ओम शांति।’’

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    ग्लोबल मोबिलिटी का नया सवेरा: ब्रिक्स देशों से गडकरी का आह्वान – टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार हो ट्रांसपोर्ट सिस्टम

    आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली - सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज ब्रिक्स देशों से ऐसे परिवहन सिस्टम बनाने के लिए और ज़्यादा सहयोग करने का आह्वान किया जो टिकाऊ, मज़बूत, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार हों। उन्होंने कहा कि इस समूह की सामूहिक ताकत इनोवेशन, पार्टनरशिप और साझा ज़िम्मेदारी के ज़रिए ग्लोबल मोबिलिटी के भविष्य को आकार देने का एक अनोखा मौका देती है।

    भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में आयोजित तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक में उद्घाटन भाषण देते हुए, गडकरी ने ब्रिक्स सदस्य देशों के परिवहन मंत्रियों, प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों, वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों का नागपुर में स्वागत किया। उन्होंने इस बैठक को उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच परिवहन सहयोग को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम बताया।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता, जिसका विषय "मज़बूती, इनोवेशन, सहयोग और टिकाऊपन के लिए निर्माण" है, 'वसुधैव कुटुंबकम' (दुनिया एक परिवार है) की शाश्वत सोच से प्रेरित लोगों पर केंद्रित और "मानवता पहले" वाली सोच को दिखाती है। उन्होंने कहा कि दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाला ब्रिक्स ऐसे परिवहन सिस्टम के विकास का नेतृत्व करने की अनोखी स्थिति में है जो साफ़-सुथरे, सुरक्षित, स्मार्ट और ज़्यादा कुशल हों, साथ ही टिकाऊ आर्थिक विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी आगे बढ़ाएं।

    इस बात पर ज़ोर देते हुए कि परिवहन आर्थिक विकास की रीढ़ है, श्री गडकरी ने सड़क, रेल, समुद्री और विमानन क्षेत्रों में भारत के तेज़ी से हो रहे बदलावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत ने दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क विकसित किया है और साथ ही एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी का भी काफ़ी विस्तार किया है।

    दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर, सोनमर्ग टनल और 10,000 किलोमीटर से ज़्यादा लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये पहल बुनियादी ढांचे के विकास को पर्यावरण की स्थिरता और तकनीकी इनोवेशन के साथ जोड़ने के भारत के संकल्प को दिखाती हैं। उन्होंने बुनियादी ढांचे में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट जुटाने के लिए सफल फ्रेमवर्क के तौर पर 'हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल' का भी ज़िक्र किया।

    गडकरी ने कहा कि भारत के रेलवे में अभूतपूर्व आधुनिकीकरण हुआ है, जिसमें ब्रॉड-गेज नेटवर्क का लगभग पूरा विद्युतीकरण, वंदे भारत सेवाओं का विस्तार, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर प्रगति और नए पंबन ब्रिज जैसी शानदार इंजीनियरिंग उपलब्धियां शामिल हैं। उन्होंने मैरीटाइम अमृत काल विज़न 2047, ई-नाविक और ई-समुद्र जैसी डिजिटल पहल और ग्रीन शिपिंग पहल का भी ज़िक्र किया, जो समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स की क्षमता को मज़बूत करने की दिशा में अहम कदम हैं।

    सस्टेनेबल मोबिलिटी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पर ज़ोर देते हुए, श्री गडकरी ने इलेक्ट्रिक बसों को चलाने, ग्रीन अर्बन मोबिलिटी स्कीम और क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में UDAN पहल की सफलता का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि PM गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान ने इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल डेवलपमेंट के ज़रिए इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग को बदल दिया है, जिससे लॉजिस्टिक्स की लागत कम हुई है और प्रोजेक्ट को तेज़ी से लागू किया जा सका है।

    केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सुरक्षा और सस्टेनेबिलिटी भारत की ट्रांसपोर्ट रणनीति के केंद्र में हैं। उन्होंने पर्यावरण के लिहाज़ से ज़िम्मेदार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के उदाहरण के तौर पर कई पहलों का ज़िक्र किया, जैसे सड़क दुर्घटना पीड़ितों के कैशलेस इलाज के लिए PM-RAHAT स्कीम और सड़क निर्माण में रीसायकल किए गए प्लास्टिक कचरे, म्युनिसिपल कचरे, फ्लाई ऐश, स्टील स्लैग, बांस के क्रैश बैरियर और इस्तेमाल हो चुके टायरों का इस्तेमाल।

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    11/07/26 |

    PMFME योजना का ऐतिहासिक मील का पत्थर: 2 लाख सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को मिला लोन, चिराग पासवान ने मनाया जश्न

    आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली - खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने आज नई दिल्ली में एक खास कार्यक्रम की अध्यक्षता की। यह कार्यक्रम 'प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना' (PMFME) के तहत एक ऐतिहासिक उपलब्धि — दो लाख से ज़्यादा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को लोन मंज़ूर होने — का जश्न मनाने के लिए आयोजित किया गया था।

    2 लाख लोन मंज़ूरी का आंकड़ा पार करते हुए, इस योजना ने 20,300 करोड़ रुपये से ज़्यादा का प्रोजेक्ट निवेश जुटाया है। लाभार्थियों में से लगभग 90 प्रतिशत पहली पीढ़ी के उद्यमी हैं और 44 प्रतिशत महिला उद्यमी हैं। साथ ही, PMFME से जुड़े 75,000 से ज़्यादा उद्यम उद्यम आधार, उद्यम असिस्ट, FSSAI और GST जैसे रजिस्ट्रेशन के ज़रिए औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बने हैं। इस योजना ने लगभग 11 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर पैदा किए हैं।

    इस कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ राज्य सरकारों, सहयोगी मंत्रालयों, बैंकिंग संस्थानों, विकास सहयोगियों, उद्यमियों और स्वयं-सहायता समूहों व किसान उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

    कार्यक्रम में योजना की उपलब्धियों को उजागर करने वाले अहम प्रकाशन जारी किए गए, उद्यमियों ने अपनी सफलता की कहानियाँ साझा कीं और मंत्री ने PMFME लाभार्थियों से बातचीत की, जिनके उद्यम ज़मीनी स्तर पर योजना के असर को दिखाते हैं।

    सभा को संबोधित करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि दो लाख लाभार्थियों की उपलब्धि "यह दिखाती है कि यह विज़न पूरे देश में मापने योग्य नतीजों में बदल रहा है।" उन्होंने सभी लाभार्थियों में महिला उद्यमियों की लगभग 44 प्रतिशत भागीदारी को "महिला-नेतृत्व वाले विकास की सच्ची भावना और विकसित भारत की आधारशिला" बताया।

    मंत्री ने बिहार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश जैसे प्रमुख राज्यों के प्रदर्शन की तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि "सिर्फ़ जश्न मनाने के लिए नहीं है; यह एक मज़बूत नींव है जिस पर हम भारत की फ़ूड प्रोसेसिंग ग्रोथ स्टोरी का अगला चरण बनाएंगे।" उन्होंने "एक राष्ट्रीय नीति को उद्यम विकास के लिए ज़मीनी स्तर के आंदोलन" में बदलने के लिए राज्य सरकारों, ज़िला प्रशासनों और फ़ील्ड अधिकारियों की सराहना की।

    मंत्री ने स्कीम के 'सीड कैपिटल' सपोर्ट पर भी प्रकाश डाला, जिसके तहत 4.18 लाख से ज़्यादा स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्यों को मदद दी गई है। साथ ही, मंत्रालय के 80 कॉमन इनक्यूबेशन सेंटर्स के नेटवर्क को 27 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में मंज़ूरी दी गई है, जिनमें से 32 शुरू हो चुके हैं। स्कीम के तहत 1.76 लाख से ज़्यादा लाभार्थियों को ट्रेनिंग दी गई है, जिनमें से 77 प्रतिशत महिलाएं हैं। कार्यक्रम के दौरान, मंत्री ने रांची, झारखंड के 2 लाखवें लाभार्थी श्री इंद्रजीत सिंह को सम्मानित किया और उन्हें मंज़ूरी पत्र और सर्टिफ़िकेट सौंपा।

    दो लाख से ज़्यादा क्रेडिट-लिंक्ड लाभार्थियों की उपलब्धि भारत सरकार की माइक्रो फ़ूड प्रोसेसिंग सेक्टर को औपचारिक और मज़बूत बनाने की कोशिशों में एक अहम पड़ाव है। यह 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विकसित भारत @2047' के विज़न के तहत उद्यम-आधारित विकास के लिए मंत्रालय की लगातार प्रतिबद्धता को भी दोहराता है।

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    राजनीति टेस्ट क्रिकेट जैसी, धैर्य और निस्वार्थ सेवा से ही जीतेंगे जनता का भरोसा: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन

    आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली - भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज बिहार के गया जी स्थित 'बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट' (BIPARD) में बिहार विधानसभा के 18वें सत्र के सदस्यों के लिए दो दिवसीय ओरिएंटेशन-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

    बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद के पीठासीन अधिकारियों तथा लोकसभा सचिवालय के 'पार्लियामेंट्री रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसीज़' (PRIDE) की इस पहल की सराहना करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विधायकों को अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए तैयार करके लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करते हैं। गया जी में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि इस पहल ने प्रतीकात्मक रूप से "पटना को गया जी तक पहुँचाया" है।

    वैशाली की प्राचीन गणतंत्रात्मक परंपराओं का जिक्र करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत में लोकतंत्र की जड़ें बहुत गहरी हैं और इसे सही मायने में "लोकतंत्र की जननी" माना जाता है। उन्होंने बिहार को भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का "मार्गदर्शक" बताया और विधायकों से इसकी गौरवशाली विरासत को बनाए रखने का आग्रह किया। भगवान बुद्ध की धरती से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने कहा कि सच्चा ज्ञान इस बात को समझने में है कि जन-प्रतिनिधि शासन करने के लिए नहीं, बल्कि सेवा करने के लिए चुने जाते हैं। इस बात पर जोर देते हुए कि विकसित बिहार के बिना विकसित भारत का निर्माण नहीं हो सकता, उन्होंने विधायकों से ऐसे अवसर पैदा करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया जो बिहार को रोजगार और विकास का केंद्र बनाएं और दूसरे राज्यों से प्रवासी श्रमिकों को आकर्षित करें।

    लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व वाले 'संपूर्ण क्रांति आंदोलन' से अपने जुड़ाव का जिक्र करते हुए श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि इसी आंदोलन ने उनके राजनीतिक सफर की नींव रखी थी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम और आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए चलाए गए आंदोलन में बिहार की अहम भूमिका को भी याद किया। विधायकों को यह याद दिलाते हुए कि चुनाव तो पार्टी के आधार पर लड़े जाते हैं लेकिन शासन-कार्य राजनीतिक मतभेदों से ऊपर होना चाहिए, उन्होंने कहा कि चुनाव भले ही वोटों से जीते जाते हों, लेकिन लोगों का सम्मान और भरोसा सत्ता से नहीं, बल्कि निस्वार्थ सेवा से ही हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बनाए गए हर कानून, उठाए गए हर सवाल और हर बहस में अनगिनत लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की क्षमता होती है।

    उपराष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन संविधान और जन-कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "विधानसभा में विचार अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन संविधान ही हमारा साझा मार्गदर्शक होना चाहिए।" उन्होंने कहा कि स्वस्थ बहस लोकतंत्र को मज़बूत करती है, जबकि रचनात्मक सहयोग देश को आगे बढ़ाता है। प्रश्न काल, शून्य काल और कार्य सलाहकार समिति के महत्व पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने सदस्यों से विधायी कामकाज को सुचारू और उत्पादक ढंग से चलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ये संसदीय प्रक्रियाएँ व्यक्तिगत विधायकों को पार्टी से ऊपर उठकर अपने क्षेत्र के लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाने का महत्वपूर्ण अवसर देती हैं।

    लगातार सीखने के महत्व पर ज़ोर देते हुए, श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने विधायकों को सदन की कार्यवाही में भाग लेने से पहले अच्छी तरह से तैयारी करने और विधायी प्रक्रियाओं, समिति प्रणालियों और संसदीय परंपराओं की अच्छी समझ विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने सदस्यों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग जैसी उभरती हुई तकनीकों और NeVA जैसी डिजिटल विधायी पहलों को अपनाने का भी आह्वान किया, ताकि विधायी कामकाज को अधिक कुशल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाया जा सके।

    उप-राष्ट्रपति ने कहा कि राजनीति में धैर्य और दृढ़ता की आवश्यकता होती है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक यात्रा का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक बार ऐसी सरकार का नेतृत्व करने के बावजूद जो केवल सात दिन चली, वे बाद में बिहार के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री बने। राजनीति की तुलना टेस्ट क्रिकेट से करते हुए उन्होंने कहा कि सफलता धैर्य, दृढ़ता और सही अवसरों को चुनने से मिलती है।

    अपने संबोधन का समापन करते हुए उप-राष्ट्रपति ने कहा कि सोच-समझकर किया गया हस्तक्षेप किसी नीति को बदल सकता है, अच्छी तरह से बनाया गया कानून पीढ़ियों को बदल सकता है और एक संवेदनशील निर्णय अनगिनत नागरिकों में उम्मीद जगा सकता है। उन्होंने कहा, "नेतृत्व का असली पैमाना सदन के भीतर मिलने वाली तालियाँ नहीं, बल्कि सदन के बाहर लोगों में जगाया गया विश्वास है।" उन्होंने 18वीं बिहार विधानसभा के सभी सदस्यों को उपयोगी ओरिएंटेशन और सफल विधायी यात्रा के लिए शुभकामनाएँ दीं।

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    11/07/26 |

    नौसेना की बढ़ी ताक़त: पूर्वी बेड़े में शामिल हुआ स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट 'INS महेंद्रगिरि'

    आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली - आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुए एक समारोह में भारतीय नौसेना ने स्वदेशी रूप से बने एडवांस्ड स्टील्थ फ्रिगेट 'INS महेंद्रगिरि' को अपने पूर्वी बेड़े में शामिल किया। रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में इस फ्रंटलाइन युद्धपोत को जहाज निर्माण में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया। यह आत्मनिर्भरता बेहतरीन डिज़ाइन क्षमताओं, निर्माण में उत्कृष्टता, नौसेना-औद्योगिक इकोसिस्टम के तेज़ी से विकास और अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म को समय पर तैयार करने की क्षमता पर आधारित है।

    'INS महेंद्रगिरि' प्रोजेक्ट 17A के तहत स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट की श्रृंखला का छठा जहाज है जिसे सिर्फ़ डेढ़ साल के भीतर भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है। इस श्रृंखला का पहला जहाज 'INS नीलगिरि' जनवरी 2025 में कमीशन किया गया था, जिसके बाद अगस्त में 'INS उदयगिरि' और 'INS हिमगिरि', इस साल अप्रैल में 'INS तारागिरि' और पिछले महीने 'INS दूनागिरि' को शामिल किया गया। भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिज़ाइन ब्यूरो द्वारा डिज़ाइन किया गया और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), मुंबई द्वारा बनाया गया यह जहाज समुद्री अभियानों की पूरी श्रृंखला को अंजाम देने में सक्षम है। इसमें फ्लीट एयर डिफेंस, एंटी-सरफेस वॉरफेयर, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर, मैरीटाइम इंटरडिक्शन, निगरानी और मानवीय सहायता व आपदा राहत (HADR) जैसे कार्य शामिल हैं।

    75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री वाले इस युद्धपोत का विस्थापन (displacement) लगभग 6,670 टन है और यह 28 नॉट तक की गति तक पहुँचने में सक्षम है। यह सुपरसोनिक सतह-से-सतह पर मार करने वाली मिसाइलों, मध्यम-रेंज की सतह-से-हवा में मार करने वाली मिसाइलों, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर क्षमताओं और एक मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर से लैस है। साथ ही, इसमें एडवांस्ड स्टील्थ फीचर्स, आधुनिक सेंसर, नेटवर्क-सेंट्रिक कॉम्बैट सिस्टम और अत्याधुनिक हथियार प्रणालियाँ भी मौजूद हैं। “INS महेंद्रगिरि को ब्रह्मोस सतह-से-सतह पर मार करने वाली मिसाइल से लैस किया जा सकता है, जो दुनिया की सबसे तेज़ और सबसे घातक क्रूज़ मिसाइलों में से एक है। इसमें मल्टी-फ़ंक्शन रडार और सतह-से-हवा में मार करने वाली मिसाइलों का कॉम्बिनेशन भी है, जो लंबी दूरी से हवाई खतरों का पता लगाने और उन्हें खत्म करने में सक्षम हैं।

    इसके हथियारों में स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर, टॉरपीडो लॉन्चर, इंटीग्रेटेड एंटी-सबमरीन डिफेंस सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सुइट और क्लोज़-इन वेपन सिस्टम भी शामिल हैं। ये सभी क्षमताएं इस युद्धपोत को ताकतवर और मज़बूत बनाती हैं,” श्री राजनाथ सिंह ने कहा। उन्होंने भरोसा जताया कि यह “ब्लू-वॉटर शिप” न केवल तट के पास बल्कि गहरे समुद्र में भी भारत के समुद्री हितों की रक्षा करेगा।

    रक्षा मंत्री ने ज़ोर दिया कि हालांकि ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर वॉरफेयर, अंतरिक्ष-आधारित क्षमताएं, हाइपरसोनिक हथियार और बिना चालक वाले सिस्टम जैसी नई तकनीकों ने युद्ध के स्वरूप को काफी बदल दिया है, फिर भी पारंपरिक सैन्य क्षमताएं प्रभावी रक्षा का आधार बनी हुई हैं। उन्होंने कहा, “भविष्य के युद्ध भले ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लड़े जाएं, लेकिन उन्हें राष्ट्रीय संकल्प, प्रशिक्षित सैनिकों और विश्वसनीय सैन्य शक्ति के दम पर ही जीता जाएगा।” उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि एडवांस्ड तकनीकें और पारंपरिक प्लेटफॉर्म एक-दूसरे के प्रतियोगी नहीं, बल्कि पूरक हैं।

    राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की उस प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसके तहत अगली पीढ़ी की तकनीकों में निवेश करते हुए पारंपरिक क्षमताओं को भी मज़बूत करने का संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए पारंपरिक और आधुनिक क्षमताओं के प्रभावी एकीकरण का एक बेहतरीन उदाहरण था।” उन्होंने आगे कहा कि INS महेंद्रगिरि देश की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत एक तकनीकी रूप से उन्नत और युद्ध के लिए तैयार नौसेना का निर्माण किया जा रहा है।

    रक्षा मंत्री ने कहा कि समुद्री और आर्थिक सुरक्षा एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं। समुद्र न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए, बल्कि व्यापार, सप्लाई चेन, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने 'क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास' (SAGAR) के विज़न के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

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    नीति आयोग ने शांति अधिनियम 2025 के कार्यान्वयन पर हितधारकों के साथ परामर्श बैठक आयोजित की

    आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली - नीति आयोग ने नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र के समरसता सभागार में शांति अधिनियम 2025 के कार्यान्वयन पर हितधारकों के साथ परामर्श बैठक आयोजित की। इस बैठक में सरकार, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग जगत के विशेषज्ञों एवं प्रमुखों, नीति निर्माताओं ने भाग लिया और इस महत्वपूर्ण अधिनियम के परिचालन तंत्र पर विचार-विमर्श किया।

    तकनीकी चर्चाएँ अधिनियम के सफल कार्यान्वयन के लिए महत्वपूर्ण तीन मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित थी जिनमें विधायी एवं नियामक ढांचा: विचार-विमर्श शांति अधिनियम के मसौदा नियमों, विनियमों और संबंधित प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति के प्रावधानों पर केंद्रित था जिसमें उद्घाटन तकनीकी खंड में शांति अधिनियम, 2025 के तहत संवैधानिक अनुपालन तंत्रों को प्रस्तुत किया गया और इस बात पर चर्चा की गई कि घरेलू हितों की रक्षा करते हुए विदेशी पूंजी को कैसे आकर्षित किया जा सकता है।

    वित्त, बीमा और जनधारणा: हितधारकों ने अधिनियम के कार्यान्वयन में सहयोग हेतु आवश्यक वित्तीय तंत्रों और जोखिम-निवारण ढाँचों की समीक्षा की। चर्चा में दीर्घकालिक परियोजनाओं के लिए उपयुक्त बीमा व्यवस्थाओं के साथ-साथ परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के प्रति जन जागरूकता, सामुदायिक विश्वास और व्यापक स्वीकृति को मजबूत करने की रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

    विनिर्माण, संचालन एवं क्षमता विकास: मुख्य ध्यान परिचालन चरण पर था जिसमें घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को सुदृढ़ करने, परिचालन की तैयारी सुनिश्चित करने और व्‍यवस्‍था को बनाए रखने के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने पर बल दिया गया। हितधारकों ने आपूर्ति श्रृंखला की प्रतिरोधता बढ़ाने और औद्योगिक विस्तार को बढ़ावा देने तथा उच्च कोटि के सक्षम मानव संसाधन आधार विकसित करने के लिए समर्पित क्षमता विकास कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने पर भी चर्चा की।

     

    हितधारकों ने सभी तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विविध विचार प्रस्तुत किए जो शांति अधिनियम, 2025 के कार्यान्वयन तंत्र को मजबूत करने में उपयोगी होंगे।

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    भारत-न्यूजीलैंड संबंधों में नया अध्याय: रणनीतिक साझेदारी पर बनी सहमति, 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

    आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ऑकलैंड स्थित गवर्नमेंट हाउस में न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री माननीय क्रिस्टोफर लक्सन से भेंट की। गवर्नमेंट हाउस पहुंचने पर उनका पारंपरिक माओरी रीति-रिवाजों के अनुसार स्वागत किया गया। स्वागत समारोह में शांति, सम्मान और आतिथ्य का प्रतीक माने जाने वाले पारंपरिक माओरी अनुष्ठान शामिल थे। पारंपरिक स्वागत समारोह के उपरांत प्रधानमंत्री ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया।

    दोनों प्रधानमंत्रियों ने सीमित एवं प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय प्रारूपों में व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की। उनकी वार्ता में व्यापार एवं निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, कृषि-प्रौद्योगिकी, खेल, शिक्षा, पर्यटन, संस्कृति तथा जन-से-जन संबंधों सहित द्विपक्षीय संबंधों के समूचे आयाम शामिल रहे। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने पर सहमति व्यक्त की, जो भारत-न्यूज़ीलैंड संबंधों में एक नए अध्याय का प्रतीक है।

    उन्होंने पारस्परिक हित के सभी क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों नेताओं ने भारत–न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के शीघ्र कार्यान्वयन के महत्व पर बल दिया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया। नेताओं ने क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया तथा बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

    वार्ता के उपरांत दोनों प्रधानमंत्रियों की उपस्थिति में रक्षा एवं समुद्री सुरक्षा, जलसर्वेक्षण, खेल, आपदा प्रबंधन, डेयरी, पर्यटन, समुद्री विरासत, संस्कृति, खाद्य प्रौद्योगिकी तथा महासागर अनुसंधान के क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों एवं सहमतियों का आदान-प्रदान किया गया। परिणामों की सूची यहाँ देखी जा सकती है. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय साझेदारी की भावी दिशा पर एक संयुक्त वक्तव्य भी अंगीकृत किया.

    प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड में बिजनेस लीडर्स को संबोधित किया

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री माननीय क्रिस्टोफर लक्सन के साथ मिलकर सीईओ और बिजनेस लीडर्स के एक चुनिंदा समूह के साथ बातचीत की।

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस तथ्य को रेखांकित किया कि भारत और न्यूजीलैंड लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन के प्रति सम्मान, विविधता तथा सतत विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता से जुड़े हैं, जो एक महत्वाकांक्षी एवं भविष्योन्मुखी आर्थिक साझेदारी हेतु एक ठोस आधार प्रदान करते हैं। उन्होंने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते को एक अहम उपलब्धि बताया, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और गहरा एवं गतिशील बनाएगा तथा बाजार तक पहुंच, निवेश, सेवाओं, तकनीक और प्रतिभाओं की आवाजाही के नए अवसर खोलेगा।

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि भारत की निरंतर तेज विकास दर, युवा एवं कुशल श्रमशक्ति, बढ़ता मध्यम वर्ग, डिजिटल क्रांति, अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे पर जोर तथा निरंतर हो रहे आर्थिक सुधार, न्यूजीलैंड की कंपनियों के लिए व्यापार, निवेश और नवाचार के व्यापक अवसर पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्थिरता और निरंतर विकास की राह ने भारत को वैश्विक विकास में एक अहम योगदानकर्ता के तौर पर स्थापित किया है। उन्होंने न्यूजीलैंड के निवेशकों और व्यापारिक घरानों को भारत के साथ मिलकर बुनियादी ढांचे के विकास, नागर विमानन, लॉजिस्टिक्स, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी आवागमन, जल प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्र में काम करने के लिए आमंत्रित किया। भारत के जीवंत स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के बारे में बात करते हुए, उन्होंने नवाचार, फिनटेक तथा उभरती हुई प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में दोनों देशों के निजी क्षेत्रों के बीच अधिक सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डेयरी साइंस, बागवानी एवं वानिकी में न्यूजीलैंड की मजबूती और भारत के उपभोक्ता बाजार, फूड पार्क एवं एग्री-टेक से जुड़ी प्रतिभाओं को मिलकर ग्लोबल फूड वैल्यू चेन का निर्माण करना चाहिए।

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    'स्मार्ट बॉर्डर' से अभेद्य होगी भारत की सुरक्षा: सीमांत एसपी सम्मेलन में गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा विज़न

    आरएस अनेजा, 10 जुलाई नई दिल्ली - केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में सीमांत जिला पुलिस अधीक्षक सम्मेलन-2026 को संबोधित किया।

    इस अवसर पर अमित शाह ने कहा कि इस सम्मेलन से समग्र सीमा सुरक्षा के दृष्टिकोण को संस्थागत रूप मिला है और आने वाले समय में तटीय सीमा सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में भी हम समग्रता से आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में सीमाओं की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा, निराकरण की चिंता और इस दिशा में उपयुक्त उपायों को नीतिगत स्वरूप देने का काम होगा।

    अमित शाह ने कहा कि स्मार्ट बॉर्डर की कल्पना पर आधारित भारत की बॉर्डर सुरक्षा व्यवस्था आने वाले समय में विश्व में सबसे आधुनिक होगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार, संबद्ध सीमा रक्षक बल, राज्य एवं ज़िला प्रशासन, भारत सरकार के संबंधित हितधारक तथा स्थानीय नागरिकों के परस्पर जुड़ाव के साथ एक मज़बूत चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड का निर्माण कर रही है। श्री शाह ने कहा कि सुरक्षित सीमा, समृद्ध सीमांत और सजग समाज के साथ ही देश सुरक्षित हो सकता है।

    अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर में 400 प्रतिशत वृद्धि कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ इसे आगे बढ़ाया है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने वायब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के तहत देश के अंतिम गांव को देश का प्रथम गांव कहा है, इसके तहत पलायन रोकने, रोजगार बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। श्री शाह ने कहा कि मोदी जी ने जनसांख्यिकी परिवर्तन का अध्य्यन करने, उसमें असामान्य कारणों से हो रही वृद्धि को चिन्हित करने और भविष्य में इसे रोकने के उपाय सुझाने के लिए डेमोग्राफी मिशन की शुरूआत की है। उन्होंने कहा कि रूथलैस अप्रोच के साथ जनसांख्यिकी में असामान्य कारणों से हो रही वृद्धि को रोकना मोदी सरकार का संकल्प है। गृह मंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में हो रहे जनसंख्यिकी परिवर्तन का मूल कारण घुसपैठ है।

    केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए मोदी सरकार ने चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड का निर्माण किया है जिससे हमने अपनी अप्रोच को रिएक्टिव से प्रोएक्टिव में बदला है। मोदी सरकार आइसोलेटेड सीमा चौकी की व्यवस्था से एकीकृत सुरक्षा ग्रिड का निर्माण करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। गृह मंत्री ने सीमांत क्षेत्रों में असामान्य कारणों से जनसांख्यिकी में हो रहे बदलाव की सूचना जल्द से जल्द नीचे से उच्चतम स्तर तक पहुंचाने के महत्व पर बल दिया।

    अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार 31 हज़ार करोड़ से 1610 किलोमीटर लंबे म्यांमार बॉर्डर पर बाड़बंदी कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रॉक्सी वार, घुसपैठ, कट्टरपंथ का प्रसार, नारकोटिक्स, तस्करी, ड्रोन, साइबर अपराध, संगठित अपराध और जनसांख्यिकीय परिवर्तन रोकना, सीमा को रहने लायक बनाना और वहां से पलायन रोकना और सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारे उद्देश्य हैं।

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    न्यूयार्क में लहराया तिरंगा: 'लोकायन 2026' के तहत INS सुदर्शनी की ऐतिहासिक यात्रा सफल!

    आरएस अनेजा, 10 जुलाई नई दिल्ली - भारतीय नौसेना के सेल प्रशिक्षण पोत (एसटीएस) आईएनएस सुदर्शनी ने संयुक्त राज्य अमरीका के न्यूयॉर्क बंदरगाह की अपनी यात्रा सफलतापूर्वक संपन्‍न की। यह वर्तमान में चल रहे ‘लोकायन 2026’ अंतरमहासागरीय अभियान के अंतर्गत एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस यात्रा के माध्‍यम से भारत की समृद्ध समुद्री विरासत का प्रदर्शन किया गया तथा भारत और संयुक्त राज्य अमरीका के बीच रणनीतिक एवं सांस्कृतिक साझेदारी को और सुदृढ़ बनाया गया।

    भारतीय नौसेना की 10 माह की अंतरमहासागरीय तैनाती के अंतर्गत स्वदेशी में निर्मित तीन मस्तूल वाले बार्क पोत आईएनएस सुदर्शनी ने संयुक्त राज्य अमरीका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय नौसेना रिव्‍यू 250’ और ‘एसएआईएल4टीएच 250’ समारोहों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण आईएनएस सुदर्शनी की शानदार ‘परेड ऑफ सेल’ में भागीदारी रही, जिसके दौरान आईएनएस सुदर्शनी ने स्‍टैच्‍यू ऑफ लेबर्टी के समक्ष तथा वर्षन नदी के मार्ग से नौकायन करते हुए अन्‍य देशों के भव्‍य पातों और नौसैनिक जहाजों के बेडे के साथ गर्व से भारतीय ध्‍वज लहराते फहराया।

    ब्रुकलिन में अपने प्रवास के दौरान आईएनएस सुदर्शनी ने भारत के तैरते हुए सदभावना दूत के रूप में कार्य किया। इस अवधि में जहाज पर 1,000 से अधिक आगंतुकों का स्वागत किया गया, जिनमें भारतीय मूल के लोग, स्‍थानीय नागरिक तथा समुद्री गतिविधियों के प्रति रूचि रखने वाले लोग शामिल थे। आगंतुकों को भारतीय नौसेना की नौकायन प्रशिक्षण परंपराओं तथा भारत की समृद्ध समुद्री विरासत की जानकारी प्रदान की गई।

    जहाज में कई विशिष्ट अतिथि मेजबानी की, जिनमें न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्यदूत श्री बिनय श्रीकांत प्रधान और संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश शामिल थे। उन्होंने जहाज के चालक दल से बातचीत की और भारत की समुद्री विरासत को बढ़ावा देने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच लोगों के संपर्क समुद्री संबंधों को मजबूत करने में जहाज की भूमिका की सराहना की।

    जहाज पर आयोजित एक ‘स्‍टेट डिनर’ (राजकीय रात्रिभोज) ने वरिष्ठ राजनयिकों, सैन्य अधिकारी और विशिष्ट अतिथियों को एक साथ लाया, जिससे बढ़ते भारत-अमरीका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर मिला।

    सभी कार्यक्रमों के सफल समापन के बाद आईएनएस सुदर्शनी न्यूयॉर्क बंदरगाह से बोस्टन के लिए रवाना हो गई, जहां वह आगामी ‘सेल बोस्टन 2026’ समारोह में भाग लेगी। यह जहाज ‘लोकायन 2026' अभियान के तहत भारतीय नौसेना के मित्रता, समुद्री सहयोग और सद्भावना के संदेश को महासागरों के पार ले जाना जारी रखेगा।

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    भारत-ऑस्ट्रेलिया शिखर सम्मेलन: पारंपरिक ज्ञान (TKDL) की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक समझौता

    आरएस अनेजा, 10 जुलाई नई दिल्ली - ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान, काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR) और IP ऑस्ट्रेलिया के बीच CSIR की 'पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी' (CSIR-TKDL) तक पहुंच के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ MP की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

    TKDL एक्सेस समझौता शिखर सम्मेलन के दौरान हुई द्विपक्षीय चर्चाओं के अठारह प्रमुख परिणामों में से एक है। इन चर्चाओं में रक्षा और सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, शिक्षा, कौशल विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, फिल्म निर्माण, पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक संपत्तियों की वापसी जैसे कई विषय शामिल थे।

    'पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी' (TKDL) अपनी तरह का पहला 'प्रायर आर्ट' (पहले से मौजूद जानकारी) डेटाबेस है। इसे भारत ने इसलिए विकसित किया है ताकि गलत तरीके से पेटेंट दिए जाने के कारण उसके समृद्ध पारंपरिक ज्ञान का दुरुपयोग न हो। इस समझौते के तहत, IP ऑस्ट्रेलिया को TKDL डेटाबेस तक पहुंच मिलेगी। इससे वे ऑस्ट्रेलिया के पेटेंट कानूनों और जांच प्रक्रियाओं के अनुसार पेटेंट आवेदनों की जांच करते समय संबंधित 'प्रायर आर्ट' की पहचान कर सकेंगे।

    यह समझौता पेटेंट की जांच को अधिक जानकारीपूर्ण और कुशल बनाएगा। साथ ही, यह ऐसे ज्ञान पर पेटेंट दिए जाने को रोकने में मदद करेगा जो पहले से ही भारत की प्रलेखित पारंपरिक विरासत का हिस्सा है।

    भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही समृद्ध स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों, पारंपरिक प्रथाओं और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के केंद्र हैं। ये सदियों से विकसित हुई हैं और इनके दुरुपयोग का खतरा बना रहता है। इस समझौते पर हस्ताक्षर करना पारंपरिक ज्ञान की सुरक्षा और प्रलेखित 'प्रायर आर्ट' के प्रभावी उपयोग के माध्यम से बौद्धिक संपदा प्रणालियों को मजबूत करने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    इस समझौते के कार्यान्वयन की देखरेख IP ऑस्ट्रेलिया के पेटेंट कमिश्नर श्री एंड्रयू विल्किंसन; CSIR की महानिदेशक और DSIR की सचिव डॉ. एन. कलाईसेल्वी; और CSIR-TKDL यूनिट की प्रमुख और वैज्ञानिक-H डॉ. विश्वजननी जे. सत्तीगेरी करेंगे।

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    यूपी और उत्तराखंड में रेड अलर्ट, आज बंद रहेंगे स्कूल; प्रशासन ने जारी की एडवाईजरी

    नई दिल्ली, 10 जुलाई (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सहित पूरे उत्तर भारत में मानसूनी बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। नदियों के बढ़ते जलस्तर और मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में आज (शुक्रवार, 10 जुलाई) स्कूलों को बंद करने का सख्त आदेश जारी किया गया है।

    उत्तर प्रदेश: गाजियाबाद-मेरठ समेत इन जिलों में छुट्टी

    मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश के 'रेड अलर्ट' को देखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जिलाधिकारियों ने स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। इसके तहत बुलंदशहर, हापुड़, मेरठ और गाजियाबाद में शुक्रवार, 10 जुलाई को सभी स्कूल बंद रहेंगे। गाजियाबाद के जिलाधिकारी (DM) ने नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया है, क्योंकि शहर के अधिकांश हिस्सों में भयंकर जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

    उत्तराखंड: पहाड़ों में स्थिति गंभीर, विशेष आदेश जारी

    मैदानी इलाकों के साथ-साथ उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भी कुदरत का कहर जारी है। भारी बरसात के कारण देहरादून, पौड़ी, टिहरी और हरिद्वार जिलों में स्कूलों को बंद रखा गया है। खासकर पौड़ी गढ़वाल जिला प्रशासन ने शुक्रवार के लिए विशेष गाइडलाइंस और आदेश जारी किए हैं। दूसरी ओर, महाराष्ट्र की बात करें तो मुंबई में स्थिति सामान्य होने के बाद वहां सभी स्कूल और कॉलेज दोबारा खोल दिए गए हैं।

    प्रशासन की अपील: बेवजह बाहर न निकलें

    लगातार हो रही बारिश और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें। जलभराव वाले रास्तों से दूर रहें और बिजली गिरने के खतरे से बचने के लिए भूलकर भी पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों।

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    09/07/26 |

    समुद्री समृद्धि की ओर बढ़ते कदम: 'हाई सीज़' में टिकाऊ मछली पकड़ने के लिए उपराष्ट्रपति ने शुरू किया राष्ट्रीय कार्यक्रम

    आरएस अनेजा, 9 जुलाई नई दिल्ली - भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज भुवनेश्वर में 'हाई सीज़' (खुले समुद्र) में मछली पकड़ने के टिकाऊ तरीकों के लिए 'लेटर ऑफ़ ऑथराइज़ेशन' (LoA) जारी करने के राष्ट्रीय कार्यक्रम की शुरुआत की।

    इस मौके पर उन्होंने 'ओडिशा डीप सी फिशिंग मिशन डॉक्यूमेंट' भी लॉन्च किया और देश भर के दस 'फिश फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइज़ेशन' (FPPO) और मछुआरों को 'हाई सीज़ फिशिंग' के लिए LoA सौंपे। सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह पहल भारत की समुद्री यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत है, जिससे भारतीय मछुआरे देश के 'एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन' (EEZ) और 'हाई सीज़' की विशाल क्षमता का टिकाऊ तरीके से इस्तेमाल कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केंद्र सरकार, राज्य सरकार और मछली पकड़ने वाले समुदायों के उस सामूहिक संकल्प को दर्शाता है, जिसका मकसद मछली पालन क्षेत्र में विकास, टिकाऊपन और समृद्धि का नया दौर लाना है।

    उपराष्ट्रपति ने बताया कि भारत की तटरेखा 11,000 किलोमीटर से ज़्यादा लंबी है और 'एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन' लगभग 24 लाख वर्ग किलोमीटर का है, जिसमें समुद्री संपदा का भंडार है जिसका अभी तक पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि जहां मछली पकड़ने का काम पारंपरिक रूप से तट के पास ही होता रहा है, वहीं नया ढांचा भारतीय मछुआरों को आत्मविश्वास के साथ गहरे समुद्र में जाकर टूना जैसी महंगी मछलियों को टिकाऊ तरीके से पकड़ने में मदद करेगा।

    भारत के मछली पालन क्षेत्र में तेज़ी से हो रहे विकास का ज़िक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है और वैश्विक मछली उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी लगभग आठ प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र लगभग तीन करोड़ मछुआरों और मछली पालकों की आजीविका का सहारा है और पिछले वित्त वर्ष में समुद्री खाद्य पदार्थों का निर्यात ₹73,000 करोड़ से ज़्यादा रहा। उन्होंने भरोसा जताया कि 'हाई सीज़' पहल से भारत की निर्यात क्षमता और मज़बूत होगी तथा मछली पकड़ने, प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन, ट्रांसपोर्टेशन, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और निर्यात सेवाओं में रोज़गार के अवसर पैदा होंगे।

    उपराष्ट्रपति ने कहा कि नया ढांचा LoA जारी करने में मछली पालन सहकारी समितियों, 'फिश फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइज़ेशन' और भारतीय मछुआरों को प्राथमिकता देता है। उन्होंने इस पहल को तटीय समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम बताया और ज़ोर दिया कि सामूहिक प्रयासों से मछली पालन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सकता है।

    टिकाऊ तरीके से मछली पकड़ने को एक नैतिक ज़िम्मेदारी बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि आर्थिक प्रगति के साथ-साथ समुद्री संसाधनों का संरक्षण भी ज़रूरी है। उन्होंने डिजिटल ऑथराइज़ेशन सिस्टम, जहाज़ों की ट्रैकिंग, इंटरनेशनल सर्टिफ़िकेशन और गैर-कानूनी, बिना रिपोर्ट की गई और बिना नियम वाली मछली पकड़ने की गतिविधियों को रोकने के उपायों का सख्ती से पालन करने के महत्व पर ज़ोर दिया। युवाओं से मछली पालन को विज्ञान, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और ग्लोबल मौकों पर आधारित एक आधुनिक पेशे के तौर पर देखने का आग्रह करते हुए, उन्होंने संस्थानों से 'विकसित भारत 2047' के विज़न को साकार करने के लिए मछली पकड़ने वाले समुदायों को ज्ञान, टेक्नोलॉजी और फ़ाइनेंस के ज़रिए मदद जारी रखने को कहा।

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    भारत-ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक साझेदारी: सुरक्षित हिंद-प्रशांत और भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा का नया रोडमैप

    आरएस अनेजा, 9 जुलाई नई दिल्ली - ऑस्ट्रेलिया और भारत 'व्यापक रणनीतिक साझेदार' हैं और एक स्वतंत्र, खुले और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए एक जैसी सोच रखते हैं।

    ऑस्ट्रेलिया और भारत मध्य पूर्व की स्थिति और हमारे क्षेत्र पर इसके असर को लेकर गंभीर चिंता साझा करते हैं। इसमें ऊर्जा, संसाधनों और अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं की सप्लाई चेन और कीमतों पर लंबे समय तक पड़ने वाला असर भी शामिल है। इस व्यवधान के बीच, हम खुले बाज़ार और नियमों पर आधारित व्यापार के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराते हैं; ये सिद्धांत हमारी समृद्धि और आर्थिक सुरक्षा का आधार हैं।

    ऑस्ट्रेलिया और भारत टिकाऊ और भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्ति के लिए भरोसेमंद निजी क्षेत्र की साझेदारी और रणनीतिक निवेश की अहम भूमिका को समझते हैं। साथ ही, निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाने के समर्थन में, दोनों देश 'आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते' (ECTA), 'व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते' (CECA) की दिशा में चल रहे काम और अन्य संबंधित द्विपक्षीय ढांचों के माध्यम से द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार और निवेश सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ऑस्ट्रेलिया और भारत ऊर्जा क्षेत्र में क्षमता निर्माण और ज्ञान के आदान-प्रदान के महत्व को भी दोहराते हैं।

    भारत को लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) के एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता के रूप में ऑस्ट्रेलिया की भूमिका और ऑस्ट्रेलिया को तरल ईंधन और अन्य डाउनस्ट्रीम उत्पादों के एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की भूमिका को पहचानते हुए, ऑस्ट्रेलिया और भारत ऊर्जा उत्पादों की निरंतर आपूर्ति का समर्थन करने और हमारे दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार को और बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ऑस्ट्रेलिया और भारत ऊर्जा मूल्य श्रृंखला (value chain) में निवेश के अवसरों को प्रोत्साहित करने के महत्व को भी दोहराते हैं।

    ऑस्ट्रेलिया और भारत ने 'ऑस्ट्रेलिया-भारत परमाणु सहयोग समझौते' (2015) के तहत, विशेष रूप से शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए और 'अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी' (IAEA) के सुरक्षा उपायों के तहत भारत को ऑस्ट्रेलियाई यूरेनियम के निर्यात को सक्षम करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया है।

    ऑस्ट्रेलिया और भारत ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती (resilience) को बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध हैं। इसमें क्षेत्रीय सहयोग को गहरा करना, ऊर्जा परिवर्तन (energy transition) में तेजी लाना, नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देना और ऊर्जा तथा तरल ईंधन के लिए खुले व्यापार समझौतों को बनाए रखना शामिल है। दोनों देश मानते हैं कि अपने-अपने ऊर्जा प्रणालियों में विद्युतीकरण को बढ़ाना भविष्य में ऊर्जा सुरक्षा का एक मूल्यवान स्रोत होगा।

    ऑस्ट्रेलिया और भारत मानते हैं कि ऊर्जा के क्षेत्र में मजबूत व्यापार और बाज़ारों के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता पूरे क्षेत्र तक फैली हुई है। दोनों देश प्रशांत द्वीप देशों के लिए ऊर्जा संसाधन सुरक्षा से जुड़ी विशिष्ट चुनौतियों और उनकी मजबूती तथा आर्थिक समृद्धि के लिए ऊर्जा संसाधन आपूर्ति के महत्व को स्वीकार करते हैं। इस पृष्ठभूमि में, ऑस्ट्रेलिया और भारत ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।

    इसमें कोयला, डीज़ल, अन्य तरल ईंधन और प्राकृतिक गैस जैसे ऊर्जा उत्पादों की स्थिर, सुरक्षित और भरोसेमंद आपूर्ति बनाए रखना शामिल है। इसके अलावा, दोनों देशों ने ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव (एनर्जी ट्रांज़िशन) को तेज़ी से आगे बढ़ाने और कम कार्बन वाले ईंधन पर सहयोग मज़बूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस संदर्भ में, ऑस्ट्रेलिया ने 'ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस' (GBA) के लिए भारत की पहल का ज़िक्र किया।

    ऑस्ट्रेलिया और भारत अपने लोगों की सुरक्षा और समृद्धि के फ़ायदे के लिए वैश्विक ऊर्जा संसाधन आपूर्ति श्रृंखलाओं को खुला रखने में मदद करने के लिए क्षेत्रीय साझेदारों से अपील करते हैं।

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    प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया-भारत सीईओ फोरम और इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस कार्यक्रम को संबोधित किया

    आरएस अनेजा, 9 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री माननीय एंथनी अल्बनीज ने आज 9 जुलाई को मेलबर्न में संयुक्त रूप से ऑस्ट्रेलिया-भारत सीईओ फोरम और इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस कार्यक्रम को संबोधित किया।

    इन दोनों कार्यक्रमों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख सीईओ व बिजनेस लीडर्स, ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख सुपरएनुएशन फंड तथा संस्थागत निवेशकों के प्रतिनिधियों और ऑस्ट्रेलिया के अग्रणी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने भाग लिया।

    सीईओ फोरम को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि भारत की सुदृढ़ आर्थिक वृद्धि, नीतिगत सुधार, डिजिटल परिवर्तन और इनोवेशन का बढ़ता इकोसिस्टम ऑस्ट्रेलियाई भागीदारों के लिए नए व्यावसायिक अवसर पैदा कर रहे हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्थाओं के बीच आपसी तालमेल को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग, स्वच्छ ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स, माइनिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास, एविएशन, लॉजिस्टिक्स, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक, फ़ूड प्रोसेसिंग और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध व्यापक अवसरों को रेखांकित किया।

    उन्होंने कहा कि भारत का बड़े पैमाने पर कार्य करने का सामर्थ्य और ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता मिलकर दोनों देशों के लिए एक परस्पर लाभकारी स्थिति का निर्माण करते हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों को भारत में दीर्घकालिक निवेश के अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने भारत में ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों की बढ़ती उपस्थिति का स्वागत किया और इस बात पर विशेष बल दिया कि उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास में गहरा सहयोग न केवल दोनों देशों की प्रतिभाओं को भविष्य के लिए तैयार करेगा, बल्कि उन्हें वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने में भी मदद करेगा।

    सीईओ फोरम के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस कार्यक्रम को भी संबोधित किया, जिसमें दोनों पक्षों के 200 से अधिक सीईओ और बिजनेस लीडर्स का एक बड़ा समूह शामिल था। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच स्वाभाविक तालमेल के बारे में बात करते हुए, उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि साझा लोकतांत्रिक मूल्य, हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए एक समान दृष्टिकोण, लोगों के बीच मजबूत संबंध (पीपल-टू-पीपल टाइज) और मजबूत राजनीतिक समझ ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक साझेदारी को एक साथ बढ़ने और समृद्ध होने के लिए एक एक अच्छा माहौल तैयार किया है।

    वर्ष 2022 के आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट-ईसीटीए) पर आधारित व्यापार और निवेश संबंधों की वृद्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए, उन्होंने प्रस्तावित व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (कॉम्प्रिहेन्सिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट-सीईसीए) को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने का आह्वान किया, ताकि व्यावसायिक संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाया जा सके। उन्होंने बिजनेस लीडर्स से दोनों पक्षों की विशिष्टताओं का लाभ उठाने और ग्लोबल समाधान तलाशने का आग्रह किया, विशेष रूप से रेयर अर्थ्स, लिथियम, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन), सेमीकंडक्टर्स, एआई और डिफेंस सप्लाई चेन के क्षेत्रों में।

    प्रधानमंत्री मोदी ने यह सुझाव भी दिया कि द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि भारत के राज्य और ऑस्ट्रेलिया के प्रांत अपनी मूल क्षमताओं के आधार पर मजबूत आर्थिक साझेदारी स्थापित करें। दोनों मंचों पर हुई चर्चाओं से उत्पन्न आशावाद और सार्थक विचारों को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक संबंध निरंतर समृद्ध होते रहेंगे।

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    प्रधानमंत्री ने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रंबानन मंदिर परिसर में दर्शन किए

    आरएस अनेजा, 8 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज योग्याकार्ता में स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रंबानन मंदिर परिसर में दर्शन किए।

    एक विशेष पहल के तहत, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति श्री प्रबोवो सुबियांतो भी प्रधानमंत्री के साथ मंदिर दर्शन के लिए उपस्थित रहे। दोनों नेताओं ने मंदिर परिसर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की संरक्षण और जीर्णोद्धार परियोजना के शुभारंभ के उपलक्ष्य में एक पट्टिका का अनावरण किया।

    9वीं शताब्दी में निर्मित, प्रंबानन मंदिर परिसर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा मंदिर परिसर है जो भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर परिसर भारत और इंडोनेशिया के बीच साझा सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत का एक स्थायी प्रतीक है।

    यह संरक्षण परियोजना राष्ट्रपति श्री प्रबोवो की 2025 में भारत की राजकीय यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच हुए समझौते के बाद शुरू की गई है, जिसमें प्रंबानन परिसर के मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए भारत की सहायता की संभावनाओं का पता लगाने की बात कही गई थी।

    दक्षिण-पूर्व एशिया में कई विश्व धरोहर स्थलों के संरक्षण और जीर्णोद्धार में भारत का सफल इतिहास रहा है। एएसआई ने इससे पहले इंडोनेशिया के बोरोबुदुर मंदिर परिसर का व्यापक तौर पर दस्तावेजीकरण भी किया है। प्रंबानन मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए भारत का समर्थन साझा सभ्यतागत विरासत को संरक्षित करने के प्रति उसके अटूट संकल्‍प को दर्शाता है।

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    प्रधानमंत्री कार्यालय ने अल-नीनो के असर और उससे निपटने की तैयारियों के लिए एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की

    आरएस अनेजा, 8 जुलाई नई दिल्ली - खरीफ़ सीज़न की प्रगति और अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों पर अल नीनो के संभावित असर को देखते हुए, इस संबंध में की गई तैयारियों की समीक्षा करने के लिए प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा की अध्यक्षता में सेवा तीर्थ में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

    इस बैठक में कृषि, बिजली, सहकारिता, पेयजल और स्वच्छता, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, आर्थिक मामलों, पशुपालन, ग्रामीण विकास, पृथ्वी विज्ञान, कृषि अनुसंधान और शिक्षा, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), सूचना और प्रसारण, उपभोक्ता मामलों, वित्तीय सेवाओं, उर्वरक और केंद्रीय जल आयोग सहित पंद्रह से अधिक मंत्रालयों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

    शुरुआत में, मौसम विभाग के अधिकारियों ने जून और 7 जुलाई तक बारिश की कुल स्थिति के बारे में जानकारी दी। मौसम विज्ञान के महानिदेशक ने देश में मॉनसून के फैलाव और अल-नीनो के संभावित असर के बारे में ताज़ा जानकारी दी। गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मॉनसून के आने में लगभग 10 दिन की देरी हुई। हालांकि, 07.07.2026 तक हुई बारिश के साथ, पूरे भारत में बारिश की कमी घटकर -12% रह गई है। जुलाई के पहले हफ्ते में मॉनसून सामान्य से ज़्यादा रहा है। जुलाई और अगस्त में कमज़ोर से मध्यम स्तर का अल-नीनो रहने की उम्मीद है। स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है, क्योंकि मॉनसून के मौसम की 30% से ज़्यादा बारिश जुलाई में ही होती है। यह भी बताया गया कि अल-नीनो वाले साल में ज़रूरी नहीं कि बारिश सामान्य से कम ही हो।

    कृषि सचिव ने खरीफ़ सीज़न के दौरान अल-नीनो के संभावित असर से निपटने की तैयारियों पर एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। बारिश, जलाशय में पानी के भंडार, फ़सल की बुवाई, ज़रूरी चीज़ों की उपलब्धता, बाज़ार के रुझान और कीट तथा बीमारियों की उभरती स्थितियों पर नज़र रखने के लिए राज्यों के साथ क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप की साप्ताहिक बैठकें की जा रही हैं, ताकि समय पर फ़ैसले लिए जा सकें और आपातकालीन स्थिति में कार्रवाई की जा सके। 262 संवेदनशील ज़िलों के लिए ज़िला कृषि आपातकालीन योजनाएँ अपडेट की गई हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने ज़िलों में मौजूद कृषि विज्ञान केंद्रों के लिए "भारतीय कृषि में अल-नीनो के जोखिमों का प्रबंधन" करने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं जारी कर दी हैं। इस बात पर भी ज़ोर दिया गया कि जलवायु के अनुकूल किस्मों और तकनीकों की वजह से कम बारिश के बावजूद पिछले कुछ सालों में अनाज का उत्पादन बनाए रखा गया है।

    संवेदनशील राज्यों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड कवरेज के लिए अभियान शुरू किए गए हैं और कृषि, वित्तीय सेवा और सहकारिता विभागों को एक तय समय-सीमा में ज़्यादा से ज़्यादा कवरेज सुनिश्चित करने का सुझाव दिया गया है। पशुपालन और डेयरी विभाग से कहा गया है कि वे सूक्ष्म या लघु, हर स्तर पर सूखे चारे, हरे चारे और पशु आहार की उपलब्धता का आकलन करें।

    पेयजल और स्वच्छता विभाग ने ज़िलों में स्थिति की निगरानी और अब तक की स्थिर स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्हें निर्देश दिया गया कि वे संवेदनशील ज़िलों में सूक्ष्म-स्तर पर योजना और निगरानी सुनिश्चित करें। जल संसाधन विभाग ने देश में भूजल और जलाशयों की स्थिति की जानकारी दी। हालाँकि अभी स्थिति स्थिर है, फिर भी पूरे मौसम के दौरान लगातार नज़र रखने की ज़रूरत है।

    स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने लू के लिए एडवाइज़री जारी की है और लू, ज़्यादा नमी और डेंगू के प्रकोप की निगरानी की भी व्यवस्था की है। ज़मीनी स्तर तक अलर्ट और एडवाइज़री की प्रभावी जानकारी पहुँचाना सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए गए।

    उपभोक्ता मामलों के विभाग ने चावल, गेहूं और दालों की खुदरा कीमतों और उनके बफर स्टॉक की स्थिति के बारे में जानकारी दी। उर्वरक विभाग ने रबी सीज़न के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता और संभावित शुरुआती स्टॉक के बारे में बताया। दोनों विभागों को सलाह दी गई कि वे ज़रूरी चीज़ों और उर्वरकों की सूक्ष्म और लघु हर स्तर पर उपलब्धता पर लगातार नज़र रखें।

    ग्रामीण विकास विभाग ने विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन के तहत 1 जुलाई से शुरू हुए कामों के बारे में जानकारी दी और साथ ही बताया कि अब तक 1 करोड़ कार्यदिवसों का रोज़गार पैदा किया जा चुका है। कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग ने जलवायु के अनुकूल बीजों की किस्मों के प्रसार के बारे में जानकारी दी। बिजली विभाग ने बिजली उत्पादन और उपलब्धता की स्थिति बताई।

    प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव ने निर्देश दिया कि पूरी स्थिति पर लगातार नज़र रखी जाए और राज्यों के साथ मिलकर उन ज़िलों पर मॉनसून या देर से आए मॉनसून के असर का आकलन किया जाए, जो ज़्यादा प्रभावित हो सकते हैं, ताकि ज़रूरत पड़ने पर सुधार के लिए कदम उठाए जा सकें।

    यह भी निर्देश दिया गया कि चारे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएं, साथ ही चारे के विकास के लिए योजनाएं बनाई जाएं और राज्यों के साथ मिलकर इस बारे में नियमित निगरानी की जाए। संवेदनशील जिलों में पीने के पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। संवेदनशील जिलों में जलाशयों के जल-स्तर पर नियमित नज़र रखी जा रही है और जलाशयों के पानी का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने तथा उपलब्ध पानी के विवेकपूर्ण इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए भी उचित निर्देश दिए गए।

    इस बात पर ज़ोर दिया गया कि समस्याओं का प्रभावी ढंग से समाधान निकालने के लिए मंत्रालयों को राज्यों के साथ मिलकर और आपसी तालमेल से काम करना चाहिए।

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    08/07/26 |

    उपराष्ट्रपति को कपास उत्पादकता मिशन (कपास कांति) के बारे में जानकारी दी गई

    आरएस अनेजा, 8 जुलाई नई दिल्ली - भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन को आज उपराष्ट्रपति भवन में कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा कृषि एवं किसान कल्याण और वस्त्र मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने कपास उत्पादकता मिशन (कपास कांति) के बारे में जानकारी दी।

    इस दौरान मिशन के तीन प्रमुख घटकों के बारे में बताया गया- अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और बेहतर कृषि पद्धतियों के माध्यम से कपास की उत्पादकता बढ़ाना, कस्तूरी कपास प्रमाणन और किसान कपास ऐप जैसी पहलों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले कपास की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना तथा वस्त्र निर्माण के क्षेत्र में नवाचार और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक युग के प्राकृतिक रेशों के उपयोग को बढ़ावा देना।

    उपराष्ट्रपति ने भारत में कपास के अनुकूल परिवेश को सुदृढ़ करने के लिए मिशन के समग्र दृष्टिकोण की सराहना करते हुए नवाचार को गति देने और नई प्रौद्योगिकियों को समय पर अपनाने में सहायता के लिए समयबद्ध अनुमोदन के उपयुक्त तंत्र की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रति एकड़ कपास की उपज में सुधार के महत्व पर बल देते हुए उत्पादकता बढ़ाने और अग्रणी कपास उत्पादक देशों के साथ अंतर को पाटने के लिए स्पष्ट और मापने योग्य लक्ष्यों को निर्धारित करने का आह्वान किया।

    उपराष्ट्रपति ने इस बात पर बल दिया कि भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा की क्षमता बढ़ाने के लिए अपनी स्थिति सुदृढ़ करनी चाहिए और गुणवत्तापूर्ण कपास की बढ़ती घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग को पूरा करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने मिशन के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने, बाजार के अनुकूल रणनीतियों को अपनाने और व्यापक प्रसार के लिए टेलीविजन वृत्तचित्रों के माध्यम से सफल पहलों को उजागर करने के महत्व पर भी बल दिया।

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    पूर्वोत्तर को बड़ी उपलब्धि: मिजोरम विश्वविद्यालय का NHM बना भारत का 21वां निर्दिष्ट जैव भंडार

    आरएस अनेजा, 7 जुलाई नई दिल्ली - भारत में जैव विविधता संरक्षण और वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मिजोरम यूनिवर्सिटी, आइजोल के Natural History Museum (NHM) को देश का 21वां Designated Repository घोषित किया है।

    केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (National Biodiversity Authority) की सिफारिश और प्रस्ताव की समीक्षा के बाद 19 जून 2026 को इसे Biological Diversity Act, 2002 की धारा 39 के तहत Designated Repository के रूप में अधिसूचित किया।

    Designated Repository भारत की जैव विविधता व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां प्रमाणित जैविक नमूनों को सुरक्षित रखा जाता है। इससे वैज्ञानिक अध्ययन, प्रजातियों की पहचान और लंबे समय तक संरक्षण में मदद मिलती है।

    मिजोरम का NHM पौधों और जीव-जंतुओं के कई महत्वपूर्ण नमूनों को संरक्षित करेगा। इनमें टेरिडोफाइट्स, मैक्रोफंगी, सरीसृप, उभयचर, मछलियां, पतंगे, बीटल और तितलियां जैसी प्रजातियां शामिल होंगी।

    इसके अलावा यह संग्रहालय क्षेत्र में खोजी जाने वाली नई प्रजातियों के टाइप स्पेसिमेन को सुरक्षित रखने का केंद्र भी बनेगा। इससे भविष्य में वैज्ञानिक शोध और जैविक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

    साल 2022 में स्थापित NHM, मिजोरम यूनिवर्सिटी के तहत काम करता है। इसका स्थान Indo-Burma Biodiversity Hotspot क्षेत्र में होने के कारण इसे विशेष महत्व प्राप्त है।

    मिजोरम और पूर्वोत्तर भारत में 7,500 से ज्यादा फूलों वाले पौधों और 2,000 से अधिक जीव प्रजातियों की मौजूदगी पाई जाती है। ऐसे में यह संग्रहालय क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता के दस्तावेजीकरण में अहम भूमिका निभाएगा।

    NHM क्षेत्र की दुर्लभ और स्थानीय प्रजातियों के संरक्षण में भी मदद करेगा। इनमें मिजोरम के जंगलों में खोजी गई उभयचर प्रजाति Leptobrachella tamdil जैसी नई प्रजातियां भी शामिल हैं।

    Designated Repository बनने से पहले ही NHM ने 500 से अधिक जैविक नमूनों को इकट्ठा और संरक्षित किया है। इसके विशेषज्ञ पौधों, मछलियों, कीटों और अन्य जैविक समूहों पर शोध कर रहे हैं।

    यह कदम भारत के जैव विविधता संरक्षण नेटवर्क को और मजबूत करेगा। इससे स्थानीय स्तर पर नमूनों को सुरक्षित रखने, शोध को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    यह पहल भारत की National Biodiversity Strategy and Action Plan (2024-2030) और वैश्विक जैव विविधता संरक्षण लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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    आईआईएम बैंगलोर, इंडोनेशिया में अपना परिसर स्थापित करेगा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

    आरएस अनेजा, 7 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज घोषणा की कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बैंगलोर (आईआईएमबी) इंडोनेशिया में अपना परिसर स्थापित करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस परिसर से पूरे आसियान क्षेत्र के युवाओं को व्यापक लाभ होगा। यह घोषणा प्रधानमंत्री की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में की गई। प्रस्तावित परिसर इंडोनेशिया के मलंग स्थित सिंघासारी विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में स्थापित किया जाएगा और यह भारत के उच्च शिक्षा तंत्र के अंतर्राष्ट्रीयकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

    यह घोषणा भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के वैश्विक विस्तार में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दुबई में आईआईएम अहमदाबाद, अबू धाबी में आईआईटी दिल्ली और ज़ांज़ीबार में आईआईटी मद्रास द्वारा सफलतापूर्वक स्थापित विदेशी परिसरों के आधार पर, यह वैश्विक स्तर पर शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध एक विश्वसनीय वैश्विक ज्ञान भागीदार के रूप में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को रेखांकित करता है।

    इंडोनेशिया में प्रस्तावित परिसर आईआईएमबी का पहला अंतरराष्ट्रीय परिसर होगा और यह भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी और उच्च गुणवत्ता वाली किफायती शिक्षा के वैश्विक प्रदाता के रूप में भारत के उदय को रेखांकित करता है। यह पहल भारत और इंडोनेशिया की हिन्‍द-प्रशांत क्षेत्र में शैक्षणिक सहयोग, मानव पूंजी विकास और ज्ञान साझेदारी को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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    07/07/26 |

    ‘प्रगति’ प्रोजेक्ट लांच, 20 हजार कृषि-उद्यमी और 20 लाख किसानों को सशक्त बनाने का संकल्प

    आरएस अनेजा, 7 जुलाई नई दिल्ली - केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को ‘प्रगति’ (PRAGATI) नामक एक राष्ट्रीय पहल का शुभारंभ किया जिसका उद्देश्य 20 हजार ग्रामीण युवाओं को कृषि-उद्यमी बनाकर देश भर के 20 लाख छोटे और सीमांत किसानों की आय, उत्पादकता और आजीविका में व्यापक सुधार लाना है। यह बहु-साझेदार पहल भारत में समावेशी, टिकाऊ और जलवायु-संवेदनशील कृषि परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

    शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत का सपना विकसित कृषि और समृद्ध गांवों के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लागत घटाकर किसानों की आय बढ़ाना, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और कृषि को लाभकारी बनाना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि छोटे जोत वाले किसानों के लिए पारंपरिक खेती पर्याप्त नहीं है, इसलिए वैल्यू एडिशन, प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि ‘प्रगति’ इसी सोच का विस्तार है जो किसानों को तकनीक, मशीनीकरण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और बाजार से जोड़कर उनकी वास्तविक आय बढ़ाने का रास्ता तैयार करेगा।

    यह पहल देश के प्रमुख कृषि राज्यों- मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, असम और झारखंड में लागू की जाएगी। कार्यक्रम के तहत तैयार किए जाने वाले कृषि-उद्यमी गांव स्तर पर सलाह, मिट्टी परीक्षण, मशीन सेवाएं, वित्तीय लिंक, बाजार कनेक्ट और वैकल्पिक आय के अवसर उपलब्ध कराएंगे। श्री चौहान ने कहा कि केवल खेती करने से काम नहीं चलेगा, हमें वैल्यू एडिशन और विविधीकरण की ओर बढ़ना होगा- बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों से किसानों की आय में गुणात्मक वृद्धि संभव है। उन्होंने तकनीक के उपयोग, ड्रोन, डिजिटल सलाह और वैज्ञानिक खेती को भविष्य का आधार बताया।

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    ब्रिक्स महिला कार्य समूह की बैठक कोच्चि में शुरू हुई

    आरएस अनेजा, 6 जुलाई नई दिल्ली - केरल के कोच्चि में ब्रिक्स महिला कार्य समूह (डब्ल्यूडब्ल्यूजी) की बैठक का शुभारंभ हो गया है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत यह बैठक हो रही है। ब्रिक्स सदस्य देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी इस दो दिवसीय बैठक में भाग ले रहे हैं। इस बैठक में महिला सशक्तिकरण और महिलाओं की अगुवाई में विकास से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा तथा साझा हितों के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत किया जाएगा।

    महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री अनिल मलिक ने प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत करते हुए कहा कि भले ही भौगोलिक दूरी ने हमें एक-दूसरे से दूर रखा हो, लेकिन महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की हमारी साझा प्रतिबद्धता ने हमें आपस में मजबूती से जोड़े रखा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बैठक सार्थक चर्चाओं, आपसी ज्ञानवर्धन और रचनात्मक सहयोग को बढ़ावा देगी जिससे महिला सशक्तिकरण के प्रति ब्रिक्स देशों की सामूहिक प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।

    भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का उल्लेख करते हुए श्री मलिक ने कहा कि महिला ट्रैक को चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों द्वारा निर्देशित किया गया है जो ब्रिक्स देशों की साझा आकांक्षाओं और समकालीन वैश्विक चुनौतियों को दर्शाते हैं। इनमें महिलाओं के शासन और नेतृत्व के माध्यम से अधिक सशक्त ब्रिक्स समूह बनाना, परिवर्तन के उत्प्रेरक के रूप में वित्तीय और डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देना, महिला उद्यमिता और कौशल विकास को प्रोत्साहित करना और जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा तथा पोषण में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करना शामिल है।

    उन्होंने कहा कि इन प्राथमिकताओं ने पिछले कई महीनों से संवाद के लिए एक मजबूत ढांचा प्रदान किया है और कोच्चि बैठक के दौरान विचार-विमर्श को आगे भी निर्देशित करती रहेंगी। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि तैयारी संबंधी परामर्शों के दौरान सदस्य देशों द्वारा प्रदर्शित रचनात्मक भावना अगले दो दिनों में होने वाली चर्चाओं को दिशा देती रहेगी, जिससे प्रतिभागियों को अपने विचारों का आदान-प्रदान करने, अपनी साझा समझ को परिष्कृत करने और बैठक के परिणामों पर आम सहमति बनाने में मदद मिलेगी।

    ये चर्चाएं भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के विषय "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" के अंतर्गत आयोजित की जा रही हैं जो जन-केंद्रित और मानवता-प्रथम दृष्टिकोण को दर्शाती हैं। कार्य समूह की बैठक के बाद 8 और 9 जुलाई, 2026 को कोच्चि में दो दिवसीय मंत्रिस्तरीय बैठक होगी।

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    इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री का वक्तव्य

    आरएस अनेजा, 6 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 से 11 जुलाई 2026 तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर है। यात्रा पर रवाना होने से पहले उन्होंने अपना वक्तव्य जारी किया है।

    इंडोनेशिया के राष्ट्रपति श्री प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर मैं 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया की यात्रा पर रहूंगा। वर्ष 2018 में मेरी पहली इंडोनेशिया यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। उसके बाद यह मेरी पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। यह यात्रा राष्ट्रपति प्रबोवो की भारत की राजकीय यात्रा के बाद हो रही है, जो 26 जनवरी, 2025 को हमारे गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे।

    भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत सभ्यतागत और जन-संबंध हैं और मेरी यह यात्रा हमारी बहुआयामी साझेदारी के सभी पहलुओं को और अधिक सुदृढ़ करेगी। इस यात्रा के दौरान, मैं इंडोनेशिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत करूंगा और राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रम्‍बनन मंदिर परिसर का दौरा करूंगा, जो हमारे घनिष्ठ सांस्कृतिक संबंधों का एक और उल्लेखनीय प्रमाण है।

    ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज के निमंत्रण पर मैं इंडोनेशिया से मेलबर्न का दौरा करूंगा। मेरी यह यात्रा हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगी। प्रधानमंत्री अल्बानीज के साथ मेरी चर्चाओं में रक्षा एवं सुरक्षा, व्यापार एवं निवेश, शिक्षा एवं परिवहन तथा जन-संपर्क क्षेत्रों में हमारे संबंधों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। मेलबर्न में मुझे भारतीय प्रवासी समुदाय से मिलने का अवसर मिलेगा, जो हमारी रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। इसके अलावा, यह दौरा भारत और ऑस्ट्रेलिया को उभरती एवं महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, खेल एवं खेल विज्ञान के क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने का अवसर भी प्रदान करेगा।

    न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर, मैं मेलबर्न से न्यूजीलैंड के ऑकलैंड के दौरे पर रहूंगा। मेरी यह यात्रा मार्च 2025 में प्रधानमंत्री लक्सन की भारत यात्रा के बाद हमारे द्विपक्षीय संबंधों में आई मजबूती को और आगे बढ़ाएगी। इस यात्रा के दौरान, मैं प्रधानमंत्री लक्सन के साथ आर्थिक, व्यापारिक और वाणिज्यिक संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करूंगा। मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के साथ ही भारत और न्यूजीलैंड ने द्विपक्षीय व्यापार और वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है। हमारे द्विपक्षीय संबंधों में भारतीय प्रवासी समुदाय का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और इस यात्रा के दौरान, मैं भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित करने के लिए उत्सुक हूं जिन्होंने जीवन के सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

    पूर्वी और दक्षिणी हिंद महासागर में स्थित क्रमशः इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया की मेरी यात्रा, जिसके बाद न्यूजीलैंड की यात्रा का कार्यक्रम है, भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और महासागर विजन के साथ-साथ एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति हमारे दृष्टिकोण को और अधिक सशक्त बनाएगी।

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    प्रधानमंत्री ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 6 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. मुखर्जी को एक विशिष्ट राष्ट्र निर्माता, प्रख्यात शिक्षाविद और दूरदर्शी नेता के रूप में याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपना जीवन भारत की एकता, गरिमा और प्रगति के लिए समर्पित कर दिया था।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा, औद्योगिक विकास और राष्ट्रीय एकता में डॉ. मुखर्जी का अमिट योगदान पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। श्री मोदी ने कहा कि जैसे-जैसे देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है, डॉ. मुखर्जी के विचार और आदर्श राष्ट्र के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे।

    प्रधानमंत्री ने ‘एक्‍स’ पर पोस्ट किया:

    आज, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर, मैं भारत के उन असाधारण राष्ट्र निर्माताओं में से एक को नमन करता हूं, जिनका जीवन विद्वत्ता, साहस और राष्ट्र सेवा के प्रति अटूट समर्पण से प्रेरित था। उन्होंने अपना जीवन भारत की एकता, गरिमा और प्रगति के लिए समर्पित कर दिया था।

    डॉ. मुखर्जी का योगदान कई क्षेत्रों में रहा। वे एक उत्कृष्ट विचारक और शिक्षाविद थे, जिन्होंने नवाचार और भविष्योन्मुखी शिक्षा का समर्थन किया। उद्योग मंत्री के रूप में, उन्होंने पारंपरिक क्षेत्रों और आजीविका के विकास को सुनिश्चित करते हुए औद्योगिक आत्मनिर्भरता की नींव रखी। बंगाल में अकाल के दौरान उनके मानवीय प्रयासों से मुसीबत में घिरे लोगों के प्रति उनकी गहरी संवेदना झलकती थी। सबसे बड़ी बात यह है कि भारत की एकता और अखंडता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

    जैसे-जैसे हम विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं, उनकी दूरदृष्टि हमारे मार्ग को रोशन करती रहेगी।

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    PM राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए 31 जुलाई तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन, 26 दिसम्बर को होगी पुरस्कारों की घोषणा

    अभिकान्त, 05 जुलाई हरियाणा : भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा बच्चों की प्रतिभा को पहचान दिलाने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। पुरस्कार के लिए पात्र बच्चे 31 जुलाई, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    एक सरकारी प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार देश के सर्वाेच्च बाल सम्मान में शामिल है, जिसके माध्यम से उन बच्चों को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने कम उम्र में अपनी असाधारण प्रतिभा, लगन, मेहनत और उपलब्धियों से समाज व देश के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि इस पुरस्कार के अंतर्गत बहादुरी, नवाचार, खेल, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान एवं तकनीक, कला एवं संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले बच्चों द्वारा नामांकन किए जा सकते हैं। विभिन्न श्रेणियों में देशभर से कुल 25 बच्चों का चयन किया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि शिक्षा, खेल, नवाचार और अन्य क्षेत्रों में अपनी मेहनत से ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों को इस अवसर का लाभ उठाते हुए निर्धारित समय सीमा में आवेदन करना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों, स्कूल प्रबंधकों, शिक्षकों और संबंधित विभागों से आह्वान किया कि वे योग्य बच्चों की पहचान कर उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए आवेदन करने के लिए प्रेरित करें।

    उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 से संबंधित पात्रता, दिशा-निर्देश एवं आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in/  पर उपलब्ध है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यार्थी 31 जुलाई, 2026 तक पोर्टल के माध्यम से नामांकन कर सकते हैं।

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    05/07/26 |

    ठाणे में ऑनलाइन गेमिंग और निवेश के नाम पर बड़ा फ्रॉड: 26 वर्षीय युवक से 1.36 करोड़ रुपये की ठगी

    महाराष्ट्र, 5 जुलाई (अन्‍नू): महाराष्ट्र के ठाणे शहर में एक बेहद चौंकाने वाला साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) का मामला सामने आया है। यहाँ एक संगठित ऑनलाइन गेमिंग और निवेश गिरोह ने ऊंचे रिटर्न और आकर्षक मुनाफे का लालच देकर 26 वर्षीय एक युवक को अपने जाल में फंसाया और उससे कथित तौर पर 1.36 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि ठग ली। ठाणे के एक पुलिस अधिकारी ने रविवार (5 जुलाई) को इस मामले की विस्तृत जानकारी साझा की है।

    डिजिटल मीडिया के जरिए संपर्क कर गेमिंग के लिए उकसाया

    पुलिस अधिकारी के मुताबिक, अज्ञात साइबर अपराधियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म (सोशल मीडिया) के माध्यम से पीड़ित युवक से संपर्क साधा था। आरोपियों ने उसे शुरुआत में यह भरोसा दिलाया कि ऑनलाइन गेम खेलकर और कुछ चुनिंदा प्लेटफॉर्म्स पर निवेश करके बहुत ही कम समय में मोटा मुनाफा कमाया जा सकता है।

    आरोपियों के झांसे में आकर पीड़ित युवक उनकी बताई गई कई संदिग्ध वेबसाइटों पर अपना पंजीकरण (Registration) करने के लिए तैयार हो गया। इसके बाद जालसाजों ने उसे शुरुआती भुगतान और फिर बड़े निवेश के नाम पर अपने अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए उकसाया।

    दो साल में 1.36 करोड़ ट्रांसफर किए, रिफंड मांगने पर हुए फरार

    तफ्तीश में सामने आया कि यह पूरी धोखाधड़ी अक्टूबर 2024 से लेकर इस साल 30 जून 2026 के बीच (पिछले करीब दो वर्षों के दौरान) अंजाम दी गई। झांसे में आया युवक मुनाफे की उम्मीद में जालसाजों द्वारा दिए गए विभिन्न बैंक खातों में ऑनलाइन माध्यम से धीरे-धीरे कुल 1.36 करोड़ रुपये ट्रांसफर करता चला गया।

    • निकासी पर खड़े किए हाथ: जब हाल ही में शिकायतकर्ता युवक को पैसों की जरूरत पड़ी और उसने अपने द्वारा निवेश की गई मूल रकम के साथ-साथ उस पर दिखे डिजिटल मुनाफे को बैंक खाते में निकालना (Withdraw) चाहा, तो वेबसाइट संचालकों का असली चेहरा सामने आ गया।

    • संपर्क किया बंद: पैसे रिफंड करने के नाम पर वेबसाइट संचालकों ने पहले तो तकनीकी दिक्कतों का हवाला देकर अस्पष्ट और टालमटोल वाले जवाब देने शुरू किए, और बाद में पीड़ित के सभी नंबरों को ब्लॉक कर उससे पूरी तरह संपर्क बंद कर दिया। खुद को ठगा हुआ महसूस कर पीड़ित ने तुरंत इसकी शिकायत साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई।

    BNS और IT एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, जांच में जुटी साइबर सेल

    ठाणे साइबर थाना पुलिस ने पीड़ित युवक की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तीन संदिग्ध वेबसाइटों और उनसे जुड़े विभिन्न बैंक खाताधारकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा किए गए सभी वित्तीय लेनदेन (Financial Transactions) के रिकॉर्ड्स खंगाले जा रहे हैं और धोखाधड़ी में इस्तेमाल की गई वेबसाइटों की डिजिटल गतिविधियों व आईपी एड्रेस (IP Address) की बारीकी से तकनीकी जांच जारी है।

    #ThaneCrime #CyberFraud #OnlineGamingScam #InvestmentFraud #ThaneCyberPolice #BNS #ITAct #FinancialFraud #OnlineScamAlert #BreakingNews #DanikKhabar

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    E20 ईंधन से घबराने की ज़रूरत नहीं: देश के दिग्गज ऑटो एक्सपर्ट्स ने कहा– ‘पुरानी गाड़ियों पर भी पूरी तरह सुरक्षित है इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल’

    आरएस अनेजा, 5 जुलाई नई दिल्ली - पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने भारी उद्योग मंत्रालय और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के साथ मिलकर नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें ऊर्जा और ऑटोमोबाइल क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञों ने ई20 इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल प्रोग्राम के बारे में मीडिया को जानकारी दी। इस बात पर ज़ोर दिया गया कि इथेनॉल ब्लेंडिंग एक सोची-समझी, वैज्ञानिक और चरण-दर-चरण प्रक्रिया रही है और वाहन मालिकों को भरोसा दिलाया गया कि ई20 ईंधन की वजह से चिंता करने की कोई वजह नहीं है।

    टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट विक्रम गुलाटी ने कहा कि ऑटोमोटिव उद्योग सबसे ज़्यादा विनियमित क्षेत्रों में से एक है, जहां गाड़ियों को बाज़ार में लाने से पहले और बाद में स्वतंत्र और वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त एजेंसियों द्वारा कड़े परीक्षण और प्रमाणीकरण से गुज़रना पड़ता है। उन्होंने इथेनॉल को एक हाई-परफॉर्मेंस वाला और साफ़ ईंधन बताया, जिसका इस्तेमाल 1900 के दशक की शुरुआत से और फ़ॉर्मूला रेसिंग में भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ई20 पर जाने का फ़ैसला पुरानी गाड़ियों पर कड़े परीक्षण के बाद ही लिया गया। साथ ही, उन्होंने साफ़ किया कि हाल ही में शुरू किए गए ई85 वितरण केंद्र सिर्फ़ फ्लैक्स-फ्यूल गाड़ियों के लिए हैं, जो भविष्य के लिए नीति की दिशा को दिखाते हैं।

    परीक्षण एजेंसियों की आज़ादी से जुड़े सवालों पर श्री गुलाटी ने साफ किया कि परीक्षण प्रोटोकॉल सिर्फ़ भारत में तय नहीं किए जाते, भारत यूएनईसीई का हिस्सा है, परीक्षण के तरीके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानकीकृत हैं और परीक्षण एजेंसियां ​​मान्यता प्राप्त और वैश्विक नियमों का पालन करती हैं। वे निर्यात की जाने वाली गाड़ियों का परीक्षण भी करती हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रोटोकॉल से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

    मारुति सुजुकी के कॉर्पोरेट अफेयर्स के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती ने ग्राहकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि ई10 के लिए डिज़ाइन की गई गाड़ियों का ई20 ईंधन के साथ सभी पैमानों पर परीक्षण किया गया है और कोई समस्या नहीं पाई गई। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में मारुति सुजुकी द्वारा सर्विस की गई 2.84 करोड़ कारों में से 1.5 करोड़ से ज़्यादा कारें तीन साल से ज़्यादा पुरानी थीं और इसलिए वे ई20-प्रमाणीकृत नहीं थीं, फिर भी, गाड़ियों में जंग लगने, घिसने या नुकसान होने या गाड़ी के पार्ट्स की उम्र पर असर पड़ने जैसी ई20 से जुड़ी कोई समस्या सामने नहीं आई।

    माइलेज के बारे में श्री भारती ने बताया कि ई10 की तुलना में ई20 की कैलोरीफिक वैल्यू यानी ऊर्जा क्षमता लगभग 3 से 3.5 प्रतिशत कम होती है और माइलेज पर असर भी इसी सीमा तक होता है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 20 किमी प्रति लीटर का माइलेज देने वाली कार पर इसका असर लगभग 0.6 किमी प्रति लीटर का होता है, जबकि टायर प्रेशर, ड्राइविंग का तरीका, सही गियर का इस्तेमाल, एक्सीलरेशन, ब्रेकिंग और रखरखाव जैसे कारक माइलेज में कहीं ज़्यादा अंतर पैदा करते हैं। शुद्ध पेट्रोल की तुलना में इथेनॉल के इस्तेमाल से बेहतर एक्सीलरेशन, बेहतर एंटी-नॉकिंग और बहुत कम प्रदूषण होता है, जिससे माइलेज में होने वाली यह कमी पूरी हो जाती है।

    उन्होंने साफ़ किया कि गाड़ियों को ई20 नियमों से कहीं ज़्यादा सुरक्षा मानकों के साथ डिज़ाइन किया गया है, और बाज़ार में कोई रेट्रोफ़िटमेंट किट नहीं दी जा रही है, क्योंकि ऐसे समाधान अभी सिर्फ शोध और विकास के स्तर तक ही सीमित हैं।

    इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल) की पूर्व चेयरमैन और प्रबंध निदेशक सुश्री वर्तिका शुक्ला ने कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम सभी हितधारकों के साथ बातचीत करके तैयार किया गया था और इसे वैज्ञानिक सबूतों और ऑटोमोटिव निर्माताओं के व्यापक परीक्षण का समर्थन हासिल है, जो वैश्विक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रक्रियाओं के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि ई20 फ़्यूल बीआईएस मानकों और बीएस-VI उत्सर्जन मानकों के मुताबिक है और देश भर के रिटेल आउटलेट्स पर एक समान रूप से उपलब्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि कई देशों में कई सालों से इथेनॉल ब्लेंड का इस्तेमाल हो रहा है।

    हीरो मोटोकॉर्प के चीफ़ बिज़नेस ऑफ़िसर श्री आशुतोष वर्मा ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी टू-व्हीलर निर्माण कंपनियों में से एक होने के नाते, कंपनी ने सर्विस से जुड़े बहुत सारे डेटा का विश्लेषण किया है। उन्हें ई20 पर चलने वाली गाड़ियों में पुराने ईंधन की तुलना में ज़्यादा नुकसान का कोई मामला नहीं मिला।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस को वर्तिका शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल), विक्रम गुलाटी, कंट्री हेड और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम), राहुल भारती, सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, कॉर्पोरेट अफेयर्स, मारुति सुजुकी, आशुतोष वर्मा, चीफ बिजनेस ऑफिसर, हीरो मोटोकॉर्प, प्रसाद कृष्णन, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, टीवीएस मोटर कंपनी व अन्य ने संबोधित किया।

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    05/07/26 |

    विकसित भारत–जी राम जी के लिए राज्यों को ₹25,863 करोड़ की पहली किस्त जारी की

    आरएस अनेजा, 5 जुलाई नई दिल्ली - केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) [वीबी–जी राम जी] के क्रियान्वयन की समीक्षा की तथा राज्यों को योजना के संचालन के लिए ₹25,863 करोड़ की पहली किस्त (मदर सैंक्शन) जारी की।

    बैठक को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि सरकार का संकल्प था कि 1 जुलाई, 2026 से विकसित भारत–जी राम जी पूरे देश में बिना किसी व्यवधान के लागू हो। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि योजना पूरे देश में सफलतापूर्वक लागू हो चुकी है तथा मनरेगा से विकसित भारत–जी राम जी में ट्रांजीशन पूरी तरह सहज और सुचारु रहा है। अब तक किसी भी प्रकार की तकनीकी अथवा संचालन संबंधी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

    उन्होंने कहा कि गरीब मजदूर भाई-बहनों की सेवा ही भगवान की सेवा है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण श्रमिकों को सम्मानजनक रोजगार, समय पर मजदूरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण सुनिश्चित करना है।

    चौहान ने कहा कि मनरेगा को पूरे देश में लागू होने में लगभग तीन वर्ष का समय लगा था, जबकि विकसित भारत–जी राम जी एक ही दिन में पूरे देश में लागू हो गया। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, राज्यों के सहयोग तथा देश की प्रशासनिक क्षमता की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री के संकल्प, सुशासन और प्रभावी समन्वय का प्रतीक है।

    मंत्री ने प्रारंभिक प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि पहले सप्ताह में बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में कार्य प्रारंभ हुए हैं तथा लाखों ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने आंध्र प्रदेश, केरल और राजस्थान की विशेष सराहना करते हुए कहा कि इन राज्यों ने पहले ही दिन बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराया। उन्होंने ओडिशा और पश्चिम बंगाल से शेष ग्राम पंचायतों में शीघ्र कार्य प्रारंभ करने का आग्रह किया तथा झारखंड से योजना को अधिसूचित कर आवश्यक बजटीय प्रावधान सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। जिन राज्यों में आरबीआई खाते खोलने अथवा अन्य प्रक्रियाएं लंबित हैं, उन्हें भी समयबद्ध ढंग से पूरा करने को कहा गया।

    उन्होंने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी के अंतर्गत मजदूरी दरों में औसतन लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अब देश के किसी भी राज्य में मजदूरी ₹300 प्रतिदिन से कम नहीं होगी। यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण श्रमिकों की आय और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है।

    चौहान ने कहा कि आज जारी की गई ₹25,863 करोड़ की पहली किस्त का उद्देश्य राज्यों को समय पर संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि श्रमिकों को 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने सभी राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे भी अपनी हिस्सेदारी की राशि समय पर जारी करें, जिससे मजदूरी भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो।

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामविलास पासवान जी को श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 5 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने कहा, “उन्होंने समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्हें जनसेवा और राष्ट्रीयसेवा के प्रति उनके समर्पण के लिए हमेशा याद किया जाएगा।”

     

    प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट किया:

    पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान जी की जयंती पर उन्हें मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए उन्होंने अहम योगदान दिया। जनसेवा और राष्ट्रसेवा के प्रति अपने समर्पण भाव के लिए वे हमेशा याद किए जाएंगे।

     

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    पद्म पुरस्कारों के लिए 31 जुलाई तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

    अभिकान्त, 04 जुलाई हरियाणा : गणतंत्र दिवस 2027 पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन/सिफारिशों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इन पुरस्कारों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (https://awards.gov.in/) पर 31 जुलाई तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन किए जा सकते हैं। इन पुरस्कारों में पद्म विभूषण, पद्म भूषण व पद्मश्री पुरस्कार शामिल हैं।

     

     इस बारे में जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि नामांकन करने वाले व्यक्ति अधिकतम 800 शब्द का एक व्याख्यात्मक प्रशस्ति-पत्र जिसमें अनुशंसित व्यक्ति की संबंधित क्षेत्र/विषय में विशिष्ट और अन्य उपलब्धियों/सेवाओं का स्पष्ट उल्लेख किया गया हो, प्रस्तुत करें।

     

    उन्होंने बताया कि पद्म पुरस्कार, अर्थात पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री, देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से हैं। वर्ष 1954 में स्थापित इन पुरस्कारों की घोषणा हर वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। यह पुरस्कार कला, साहित्य और शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान और इंजीनियरिंग, सार्वजनिक कार्य, नागरिक सेवाओं, व्यापार और उद्योग जैसे सभी क्षेत्रों/विषयों में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवाओं के लिए उत्कृष्ट-कार्य को मान्यता प्रदान करने के लिए प्रदान किए जाते हैं। जाति, व्यवसाय, पद या लैंगिक भेदभाव के बिना सभी व्यक्ति इन पुरस्कारों के लिए पात्र हैं। डॉक्टर और वैज्ञानिकों को छोड़कर सार्वजनिक उपक्रमों में काम करने वाले सरकारी कर्मचारी पद्म पुरस्कार के लिए पात्र नहीं हैं।

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    💥आतंकवाद पर मोदी सरकार का 'महाप्रहार': 23 और खूंखार अपराधी 'आतंकवादी' घोषित!

    आरएस अनेजा, 4 जुलाई नई दिल्ली - आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार की Zero Tolerance Policy के अंतर्गत एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय ने 23 और व्यक्तियों को 'आतंकवादी' घोषित किया है।

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गृह मंत्रालय के इस निर्णय पर कहा कि मोदी सरकार भारत और भारत के लोगों की सुरक्षा के लिए हर आतंकी मॉड्यूल को खत्म करने के लिए कटिबद्ध है।

    गृह मंत्री श्री अमित शाह ने X पर एक पोस्ट में कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आतंकवाद के खिलाफ 'ज़ीरो टॉलरेंस' विजन को आगे बढ़ाते हुए गृह मंत्रालय ने आज प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े 23 खूंखार आतंकवादियों को 'गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम' (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित किया। ये घोषित आतंकवादी भारत-विरोधी गतिविधियों, आतंकी हमले करने, आतंकवाद को बढ़ावा देने, हथियारों की तस्करी, सीमा पार से घुसपैठ, आतंकवादी संगठनों की मदद करने, फंड जुटाने और आतंकवादियों की भर्ती करने जैसे कामों में शामिल हैं।

    आज घोषित किए गए 23 आतंकवादियों में से 17 पाकिस्तानी नागरिक हैं और 6 भारतीय नागरिक हैं। हालांकि, ये सभी अभी पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर से आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। मोदी सरकार भारत और के लोगों की सुरक्षा के लिए हर आतंकी मॉड्यूल को खत्म करने के लिए कटिबद्ध है।"

    इन आतंकियों को औपचारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया जाना न केवल इनके वित्तीय तंत्र, विचरण, भर्ती क्षमता और आतंक समर्थित गतिविधियों की रोकथाम कर आतंकी इकोसिस्टम को ख़त्म करने में सहायक सिद्ध होगा, बल्कि राष्ट्र-विरोधी एवं आतंकी गतिविधियों के विरुद्ध एक सशक्त निरोधक होने का भी सन्देश देगा। इसके अतिरिक्त, यह सुरक्षा एवं विधि प्रवर्तन संस्थाओं की राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय, दोनों स्तर पर समन्वित वैधानिक, अन्वेषणात्मक और निवारक कार्रवाई आरम्भ करने की क्षमता को बढ़ावा देगा।

    केंद्र सरकार द्वारा, वर्ष 2019 में विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 (UAPA) में संशोधन के उपरांत, अब तक कुल 57 व्यक्तियों को उक्त अधिनियम की धारा 35 के अधीन, उक्त अधिनियम की चतुर्थ अनुसूची में ‘आतंकवादी’ के रूप में नामोदिष्ट किया गया है।

    केंद्र सरकार द्वारा अब निम्नलिखित 23 अतिरिक्त व्यक्तियों को भी ‘आतंकवादी’ के रूप में उपर्युक्त चतुर्थ अनुसूची में नामोदिष्ट किया गया है :-

    1 मसूद इलियास कश्मीरी @ मुफ्ती मसूद इलियास @ मसूद इलियास @ अबु मोहम्मद @ एम. मसूद इलियास

    2 मोहम्मद मुसादिक @ डॉक्टर @ अब्दुल मनन @ सज्जाद @ हमज़ा @ वाहिद ख़ान

    3 मुफ्ती मोहम्मद असग़र खान @ अबू साद @ साद जिमी

    4 हाफ़िज़ अब्दुल शकूर @ कारी  जर्रार

    5 अब्दुल्ला जिहादी  @ शाहनवाज़ @ अल हिजामा

    6 फिरदौस अहमद भट

    7 गुलाम फरीद @ गुलशन कुमार @ फरीद

    8 हारून रशीद गनई @ शुनू

    9 बिलाल अहमद मीर @ अहमद भाई

    10 आबिद कयूम लोन

    11 नज़ीर अहमद गुज्जर @ अबू मनाज़िल

    12 अब्दुल रऊफ @ हाफिज अब्दुल रऊफ @ हाफिज अब्दुल रौफ @ हाफिज  अब्दुर रौफ

    13 अशफाक अहमद @ इशफाक अहमद

    14 हाफिज खालिद वालीद @ हाफिज खालिद नाइक @ खालिद वालिद

    15 मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की @ मौलाना इमदाद @ इमदाद भाई @ मौलाना इमददुल्लाह

    16 मौलाना सैफुल्लाह खालिद @ वलियुल @ मोहम्मद सलीम @ वाजिद

    17 मोहम्मद याकूब @ अबू सुमामा @ समामा इल्यास @ वारिस अली

    18 मौलाना यूसुफ ताईबी @ मोहम्मद यूसुफ

    19 ओवैस फारूज़ @ ओवैस अहमद मीर @ ओवैस फारूज़ मीर

    20 क़ारी याक़ूब शेख @ क़ारी मोहम्मद याक़ूब शेख @ याक़ूब शेख @ क़ारी शेख मुहम्मद याकूब @ मोहम्मद याकूब

    21 राणा इफ्तिखार @ राणा वलीद आतिफ @ राणा इफ्तिखार हैदर @ राणा इफ्तिखार अहमद @ हैदर खान

    22 वसीम नूर जाट @ क़ारी वसीम

    23 मोहम्मद शहीद फैसल @ उस्ताद @ मुहांदीस  @ ज़ाकिर

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    03/07/26 |

    ED की बड़ी कार्रवाई: 792 करोड़ के पोंजी घोटाले में जब्त विमान ₹3 करोड़ में नीलाम, निवेशकों को लौटाए जाएंगे पैसे

    हैदराबाद, 3 जुलाई (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी के हैदराबाद जोनल ऑफिस ने एक ऐतिहासिक और अपनी तरह की पहली अनूठी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) मामले के तहत जब्त किए गए एक चार्टर्ड विमान (Hawker 800A Aircraft) को सफलतापूर्वक नीलाम कर दिया है। एमएसटीसी लिमिटेड (MSTC Limited) के माध्यम से 1 जुलाई 2026 को पूरी की गई इस नीलामी प्रक्रिया में विमान को 3 करोड़ रुपये में बेचा गया है।

    राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जब्त हुआ था विमान

    ईडी की प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस 'हॉकर 800A' विमान को एजेंसी ने 7 मार्च 2025 को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चलाए गए एक तलाशी अभियान के दौरान जब्त किया था। यह पूरी कार्रवाई मैसर्स कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड (M/s Capital Protection Force Pvt. Ltd.), उसके मुख्य कर्ताधर्ता अमरदीप कुमार और अन्य के खिलाफ दर्ज पीएमएलए (PMLA) मामले के तहत की गई थी।

    विमान को जब्त करने के बाद ईडी ने पीएमएलए की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी के समक्ष आवेदन किया था, जिसे कोर्ट ने 18 अगस्त 2025 को मंजूरी दे दी। इसके बाद धन शोधन निवारण नियम, 2013 के नियमों के तहत संपत्ति को बेचने की विशेष अनुमति मांगी गई, जिस पर कोर्ट ने 20 नवंबर 2025 को आदेश जारी कर ईडी को इस विमान की नीलामी करने की हरी झंडी दी थी।

    क्या है 792 करोड़ रुपये का पोंजी घोटाला?

    ईडी के अनुसार, हैदराबाद स्थित कंपनी 'कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड' (फाल्कन ग्रुप) के सीएमडी अमरदीप कुमार और अन्य के खिलाफ साइबराबाद की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थीं। इसी के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी।

    जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी इनवॉइस डिस्काउंटिंग स्कीम (फर्जी बिलों के आधार पर छूट का धंधा) चलाने के नाम पर देश के एक बड़े हिस्से के निवेशकों को जाल में फंसाया। उन्होंने बिना किसी वास्तविक बिजनेस के, निवेशकों को उनकी रकम पर भारी-भरकम रिटर्न (मुनाफा) देने का झांसा देकर एक बड़ा पोंजी स्कीम नेटवर्क चलाया और करीब 792 करोड़ रुपये की भारी धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

    चार्टर्ड अकाउंटेंट और सीईओ सहित तीन आरोपी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार

    इस महाघोटाले में ईडी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए इससे पहले तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था:

    1. संदीप कुमार: मुख्य आरोपी अमरदीप कुमार का भाई।

    2. शरद चंद्र तोशनीवाल: गिरोह का मुख्य चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA)।

    3. आर्यन सिंह छाबरा: 'फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग' कंपनी का सीईओ।

    एजेंसी ने इन सभी के खिलाफ 29 सितंबर 2025 को संबंधित विशेष अदालत के समक्ष अपनी मुख्य अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) भी दाखिल कर दी थी।

    नीलामी से मिले ₹3 करोड़ असली निवेशकों को किए जाएंगे वापस

    ईडी ने अपनी प्रेस रिलीज में यह स्पष्ट रूप से रेखांकित किया है कि विमान की नीलामी से प्राप्त हुई 3 करोड़ रुपये की इस राशि का उपयोग पीएमएलए, 2002 के कानूनी प्रावधानों के तहत उन मासूम और वास्तविक निवेशकों को उनका पैसा लौटाने (Restitution) के लिए किया जाएगा, जो इस पोंजी स्कीम का शिकार हुए थे। हालांकि, यह प्रक्रिया पीएमएलए की विशेष अदालत की अंतिम अनुमति के अधीन होगी।

    एजेंसी ने दोहराया है कि वह अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) की पहचान करने, उसे कुर्क करने, अपराधियों को उसका लाभ लेने से रोकने और पीड़ितों को उनका हक दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस मामले में आगे की कड़ियां जोड़ने के लिए ईडी की जांच गहनता से जारी है।

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