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    30/07/26 |

    तमिलनाडु: तंजावुर में फूस के मकान में भीषण आग के बाद फटा एलपीजी सिलेंडर; 15 साल की बच्ची समेत 10 लोग झुलसे, 7 ICU में भर्ती

    तमिलनाडु, 30 जुलाई (अन्‍नू): तमिलनाडु के तंजावुर जिले के चिन्ना अम्मानकुडी गाँव में बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ एक किसान के फूस (कच्चे) के मकान में अचानक भीषण आग लग गई। आग बुझाने के दौरान रसोईघर में रखा एलपीजी (LPG) सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया, जिसकी चपेट में आकर 15 वर्षीय बच्ची समेत कम से कम 10 लोग गंभीर रूप से झुलस गए।

    सोते समय हुआ हादसा, पड़ोसियों ने की बचाने की कोशिश

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा बुधवार देर रात करीब 2 बजे थिरुवोनम के पास स्थित लक्ष्मीपुरम इलाके में स्थानीय किसान मुरुगयन के फूस के मकान में हुआ। जिस समय आग लगी, उस वक्त परिवार के लोग गहरी नींद में सो रहे थे।

    मकान से आग की लपटें उठती देख आसपास के पड़ोसियों ने तुरंत परिवार को सतर्क किया और सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद स्थानीय लोग और पड़ोसी बाल्टियों में पानी लेकर आग पर काबू पाने की कोशिश करने लगे।

    आग बुझाते समय अचानक हुआ जोरदार धमाका

    जब ग्रामीण आग बुझाने में जुटे हुए थे, तभी रसोईघर में अत्यधिक ताप के कारण रखा एलपीजी सिलेंडर अचानक एक धमाके के साथ फट गया। सिलेंडर फटने से आग बुझा रहे कई लोग और परिवार के सदस्य आग की चपेट में आ गए।

    हादसे में घायल हुए लोग: इस दुर्घटना में मकान मालिक मुरुगयन, उनकी 15 वर्षीय बेटी अभिनया के अलावा मदद कर रहे पड़ोसी कासीनाथन, राजशेखर, पलानीवेल, वेम्बाईयन, कलैयारसी, भुवनेश्वरण, सेल्वराज और कालियाम्मल गंभीर रूप से झुलस गए।

    7 घायलों की हालत गंभीर, तंजावुर मेडिकल कॉलेज के ICU में भर्ती

    घटना की सूचना मिलते ही करम्बकुडी से दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद राहत व बचाव कार्य पूरा किया।

    • उपचार: घायलों में से 3 लोगों को पट्टुकोट्टई सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    • गंभीर स्थिति: गंभीर रूप से झुलसे 7 लोगों (जिसमें बच्ची भी शामिल है) को तंजावुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है, जहाँ वे आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।

    मामले में थिरुवोनम पुलिस ने दुर्घटना का केस दर्ज कर आग लगने के कारणों की जाँच शुरू कर दी है।

    #TamilNaduNews #ThanjavurAccident #LPGCylinderBlast #FireAccident #BreakingNews #TamilNadu #DanikKhabar

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    पश्चिम बंगाल 2021 चुनावी हिंसा: पॉक्सो कोर्ट ने दो दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा; पीड़िता को मिलेगा 5 लाख मुआवजा

    मूर्शिदाबाद/पश्चिम बंगाल, 30 जुलाई (अन्‍नू): सीबीआई (CBI) की मजबूत पैरवी के आधार पर पश्चिम बंगाल के मूर्शिदाबाद जिले की जंगीपुर स्थित विशेष पॉक्सो (POCSO) कोर्ट ने 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़े एक जघन्य मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने दोनों मुख्य दोषियों करीम शेख और सईद तार्जेन हुसैन को गैंगरेप (धारा 376DA IPC) के जुर्म में आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है।

    इसके अलावा अन्य धाराओं में सुनाई गई अलग-अलग अवधि की कठोर कारावास की सजाएं भी साथ-साथ (Concurrently) चलेंगी।

    कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने संभाली थी जांच

    पश्चिम बंगाल में वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भड़की चुनावी हिंसा को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 19 अगस्त 2021 को ऐतिहासिक आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने हत्या और महिलाओं के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों (बलात्कार एवं प्रयास) के मामलों की जांच सीधे सीबीआई (CBI) को सौंपी थी।

    इसी आदेश के अनुपालन में सीबीआई (SCB, कोलकाता) ने 27 मई 2022 को मूर्शिदाबाद के फराक्का पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी (FIR 118/21) को टेकओवर करते हुए मामला दर्ज किया था। पीड़िता के पिता की लिखित शिकायत पर धारा 376DA, 365 आईपीसी और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत केस दर्ज किया गया था।

    पीड़िता को 5 लाख मुआवजा और एम्बुलेंस नीलामी की राशि देने का आदेश

    मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने 28 जुलाई 2026 को दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया था और 29 जुलाई 2026 को सजा का ऐलान किया।

    सजा सुनाने के साथ ही माननीय अदालत ने आदेश दिया कि:

    • एम्बुलेंस बिक्री राशि: आरोपियों की एम्बुलेंस की बिक्री से मिलने वाली राशि सीधे पीड़िता को दी जाएगी।

    • सरकारी मुआवजा: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), मूर्शिदाबाद की ओर से पीड़िता को ₹5,00,000 (5 लाख रुपये) का मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

    #WestBengalNews #PostPollViolence #CBINews #POCSOCourt #Murshidabad #JusticeServed #BreakingNews #DanikKhabar

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    ड्रग सिंडिकेट मनी लॉन्ड्रिंग मामला: ईडी ने मुख्य आरोपी फैसल शेख और उसकी पत्नी सहित 12 के खिलाफ दाखिल की अभियोजन शिकायत; करोड़ों की संपत्ति अटैच

    मुंबई, 30 जुलाई (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED), मुंबई जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के कड़े प्रावधानों के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने विशेष पीएमएलए कोर्ट, मुंबई के समक्ष मुख्य आरोपी फैसल जावेद शेख, उसकी पत्नी अल्फिया शेख और 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ प्रोसेक्यूशन कंप्लेन (चार्जशीट) दाखिल की है।

    अदालत ने मामले का संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।

    एनसीबी (NCB) की एफआईआर से शुरू हुई थी जांच

    ईडी की यह कार्रवाई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), मुंबई द्वारा एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत दर्ज मामले के आधार पर शुरू की गई थी। एनसीबी की जांच में सामने आया था कि:

    • ड्रग किंगपिन से सांठगांठ: मुख्य आरोपी फैसल शेख कुख्यात ड्रग माफिया सलीम डोला के जरिए प्रतिबंधित ड्रग मेफेड्रोन (MD) खरीदता था।

    • ड्रग्स का नेटवर्क: फैसल शेख और उसकी पत्नी अल्फिया शेख ने एमडी ड्रग्स बेचने के लिए एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया हुआ था। वे सामिया खान, नासिर यासीन खान और अन्य सहयोगियों के जरिए इसे ग्राहकों तक पहुंचाते थे।

    फर्जी कंपनियों और खातों से काली कमाई को किया सफेद

    ईडी की जांच में ड्रग्स की बिक्री से होने वाली काली कमाई (Proceeds of Crime) को लीगल मनी में बदलने के खतरनाक पैटर्न का पर्दाफाश हुआ है:

    • कैश डिपॉजिट: आरोपी अवैध कमाई को सीधे अपने पर्सनल बैंक अकाउंट्स में कैश जमा कराकर वैध दिखाने की कोशिश करते थे।

    • शैल कंपनियां (Shell Companies): आरोपियों ने अपने व अपने सहयोगियों के नाम पर कई ऐसी फर्में खोली हुई थीं, जिनका कोई वास्तविक बिजनेस नहीं था।

    • फंड्स की हेराफेरी: अल्फिया और फैसल शेख ड्रग्स की बिक्री से मिला कैश अपने सहयोगी फैजान मोहम्मद शफी शेख को देते थे। फैजान अपनी प्रोप्राइटरशिप फर्म M/s Faiz Impex (मुंबई) और अन्य सहयोगियों के फर्जी बैंक खातों के जरिए इस पैसे की लॉन्ड्रिंग करता था। बाद में यही पैसा वापस मुख्य आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर अचल संपत्तियां खरीदने में इस्तेमाल किया जाता था।

    ईडी द्वारा अब तक की गई जब्ती व अटैचमेंट

    मामले की जांच के दौरान ईडी ने तलाशी अभियानों में भारी जब्ती और कुर्की की है:

    • ₹5.88 करोड़ की अचल संपत्तियां: मुंबई में स्थित 7 फ्लैट्स व अन्य अचल संपत्तियों को ईडी पहले ही अनंतिम रूप से (Provisionally) अटैच कर चुकी है।

    • ₹42 लाख नकद: सर्च ऑपरेशन के दौरान ₹42 लाख की नकदी जब्त की गई।

    • ₹1.76 करोड़ का सोना/ज्वेलरी: आरोपियों के ठिकानों से लगभग 1.6 किग्रा सोने के आभूषण बरामद किए गए।

    • ₹56 लाख की लग्जरी गाड़ियां: 3 सेकेंड हैंड लग्जरी गाड़ियां जब्त की गईं।

    • 12 बैंक खाते फ्रीज: आरोपियों और उनकी कंपनियों से जुड़े 12 बैंक खातों को फ्रीज किया जा चुका है।

    ईडी अधिकारियों के अनुसार मामले में मनी ट्रेल की विस्तृत जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

    #EDAction #PMLA #MumbaiNews #MoneyLaundering #DrugsSyndicate #NCBMumbai #BreakingNews #DanikKhabar

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    CBI की बड़ी कार्रवाई: दिल्ली PWD का असिस्टेंट इंजीनियर और 2 अन्य रिश्वतखोरी में गिरफ्तार; कुल 83.25 लाख कैश बरामद

    नई दिल्ली, 29 जुलाई (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने लोक निर्माण विभाग (PWD), नई दिल्ली के एक सहायक अभियंता (Assistant Engineer - AE) और दो निजी व्यक्तियों—रोहिणी स्थित M/s कौड़ा कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रतिनिधि तथा उसकी कंपनी के एक कर्मचारी को रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया है।

    सीबीआई ने इस संबंध में 27 जुलाई 2026 को मामला दर्ज किया था। आरोपी असिस्टेंट इंजीनियर पर आरोप है कि वह PWD द्वारा सौंपे गए निर्माण कार्यों के निष्पादन के बदले सरकारी ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुँचाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग कर रहा था। इसके एवज में वह ठेकेदार के प्रतिनिधि से अपने कर्मचारी के माध्यम से नियमित रूप से कमीशन और रिश्वत वसूलता था।

    21 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों कार्रवाई

    आपराधिक साजिश के तहत, 27 जुलाई 2026 को निजी फर्म के प्रतिनिधि ने अपने कर्मचारी को नई दिल्ली के पीतमपुरा स्थित असिस्टेंट इंजीनियर के आवास पर 21,00,000 रुपये (21 लाख रुपये) की रिश्वत पहुँचाने का निर्देश दिया था।

    सीबीआई ने तुरंत छापेमारी कर आरोपी एई के घर से पहुँचाई गई 21 लाख रुपये की रिश्वत राशि मौके पर ही बरामद कर ली

    छापेमारी के दौरान लाखों का कैश व संदिग्ध दस्तावेज जब्त

    कार्रवाई के दौरान सीबीआई को भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई है:

    • AE के घर से बरामदगी: 21 लाख की रिश्वत के अलावा, असिस्टेंट इंजीनियर के घर से 15.50 लाख रुपये कैश और कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए।

    • कंपनी प्रतिनिधि के घर से बरामदगी: M/s कौड़ा कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रतिनिधि के रिहायशी परिसरों की तलाशी के दौरान 46.75 लाख रुपये कैश और दस्तावेज मिले हैं।

    • कुल बरामदगी: इस पूरी कार्रवाई में सीबीआई अब तक कुल 83.25 लाख रुपये की नकदी जब्त कर चुकी है।

    सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि मामले में भ्रष्टाचार की जड़ों तक पहुँचने के लिए जांच लगातार जारी है।

    #DelhiNews #CBIRaid #CBIArrest #DelhiPWD #BriberyCase #Pitampura #CorruptionFreeIndia #BreakingNews #DanikKhabar

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    धनबाद अवैध कोयला खनन मामला: ED की बड़ी कार्रवाई; 31 ठिकानों पर छापेमारी, 160 करोड़ के म्यूचुअल फंड फ्रीज और 1.02 करोड़ कैश जब्त

    रांची/धनबाद, 29 जुलाई (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रांची जोनल ऑफिस ने अवैध कोयला खनन, कोयला तस्करी, रंगदारी (लेवी) और इससे जुड़ी अवैध गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने 28 जुलाई 2026 को झारखंड के धनबाद जिले में स्थित 31 विभिन्न ठिकानों पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत सर्च और सीजर अभियान चलाया।

    यह कार्रवाई अनिल गोयल, एलबी सिंह, हरेंद्र चौहान और अन्य से जुड़े सहयोगियों, रिश्तेदारों, उनकी कंपनियों और उनके निदेशकों (जिनमें गणेश यादव, पप्पू मंडल, रोहित यादव, माधो सिंह आदि शामिल हैं) के परिसरों पर की गई।

    झारखंड पुलिस की FIR और चार्जशीट के आधार पर जांच

    ईडी ने यह जांच झारखंड राज्य पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ दर्ज कराई गई कई FIR और पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट के आधार पर शुरू की थी। आरोपियों पर धनबाद और आसपास के इलाकों में अवैध कोयला खनन, चोरी के कोयले की स्मगलिंग और कोयले के उठाव पर अवैध वसूली करने के गंभीर आरोप हैं।

    PMLA की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने इन अपराधों के जरिए भारी मात्रा में 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' (अपराध से कमाई गई संपत्ति) अर्जित की। इस काले धन को सफेद दिखाने (Layering) के लिए कई फर्जी कंपनियों व लोगों का इस्तेमाल किया गया और बाद में इस रकम से चल-अचल संपत्तियां खरीदी गईं।

    छापेमारी में क्या-क्या हुआ बरामद और जब्त?

    छापेमारी की इस कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी जब्ती की है:

    • म्यूचुअल फंड्स फ्रीज: आरोपी एलबी सिंह (LB Singh) के लगभग 160 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट्स को ईडी ने फ्रीज कर दिया है।

    • कैश जब्त: ठिकाने से 1.02 करोड़ रुपये का बिना हिसाब-किताब का कैश बरामद कर जब्त किया गया।

    • संपत्तियों के दस्तावेज: 200 से अधिक अचल संपत्तियों (Immovable Properties) से जुड़े संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं, जिन्हें अपराध की कमाई से खरीदे जाने की आशंका है।

    • डिजिटल डिवाइस व खाते: कई डिजिटल उपकरण, संदिग्ध फाइलें और कंपनियों के बही-खाते बरामद किए गए हैं।

    नवंबर 2025 में भी हुई थी कार्रवाई

    इससे पहले भी इस मामले से जुड़ी कड़ियों को खंगालने के लिए नवंबर 2025 में अनिल गोयल, एलबी सिंह और उनसे जुड़ी संस्थाओं के ठिकानों पर ईडी द्वारा छापेमारी की जा चुकी है।

    ईडी अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी जांच और पूछताछ लगातार जारी है।

    #DhanbadNews #EDRaid #JharkhandNews #CoalScam #EnforcementDirectorate #PMLA #BreakingNews

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    29/07/26 |

    संचार मंत्री सिंधिया ने 'भारत 6जी एलायंस' की प्रगति की समीक्षा की और '5जी प्रयोगशाला उत्कृष्टता पुरस्कार' प्रदान किए

    आरएस अनेजा, 29 जुलाई नई दिल्ली - केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी और सचिव (दूरसंचार) श्री अमित अग्रवाल के साथ नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 'भारत 6जी एलायंस' (बी6जीए) की प्रगति की समीक्षा की।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 मार्च, 2023 को भारत का 6जी विजन दस्तावेज़ "भारत 6जी विजन" जारी किया था। इस विजन का लक्ष्य 2030 तक 6जी तकनीक के डिजाइन, विकास और उसे लागू करने में भारत को एक प्रमुख योगदानकर्ता बनाना है।

    इस बैठक में भारत के 6जी आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में 'भारत 6जी एलायंस' (बी6जीए) की प्रगति और अब तक किए गए कामों की समीक्षा की गई। यह एलायंस सात खास कार्यकारी समूह के जरिए काम करता है, जो इन क्षेत्रों को कवर करते हैं: स्पेक्ट्रम; डिवाइस तकनीक और विनिर्माण इकोसिस्टम; तकनीक; एप्लीकेशन; ग्रीन और सस्टेनेबिलिटी; आउटरीच; और 6जी के इस्तेमाल के तरीके और कमाई के जरिये।

    इस अलायंस के सदस्य संगठनों के पास 5जी और 6जी तकनीक से जुड़े 7,700 से ज्यादा पेटेंट फाइलिंग हैं, जिनमें 4,400 से ज्यादा विदेशी फाइलिंग शामिल हैं। यह भारत के शोध एवं नवाचार इकोसिस्टम की बढ़ती मजबूती को दिखाता है। 3जीपीपी में भारत की भागीदारी भी काफी बढ़ी है; इसमें भारतीय प्रतिभागियों की संख्या 2020 में 717 से बढ़कर 2025 में 1,787 हो गई है, जबकि इसी दौरान तकनीकी योगदान 196 से बढ़कर 2,943 हो गया है।

    टेलीकॉम स्टैंडर्ड्स डेवलपमेंट सोसाइटी, इंडिया (टीएसडीएसआई) की ओर से 6जी तकनीक के मानक तय करने की कोशिशों के बारे में भी जानकारी दी गई। बातचीत में इस बात पर जोर दिया गया कि वैश्विक मानक तय करने की प्रक्रियाओं में भारत की सक्रिय और सार्थक भागीदारी कितनी जरूरी है। साथ ही, यह सुनिश्चित करने की जरूरत पर भी बात हुई कि भारतीय नवाचार, तकनीक, इस्तेमाल के तरीके और जरूरतें, दुनिया भर में काम आने वाले 6जी मानकों को बनाने में योगदान दें।

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    29/07/26 |

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केन्द्र सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की

    आरएस अनेजा, 29 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर केन्द्र सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

    उन्होंने वित्त एवं अर्थव्यवस्था, वाणिज्य एवं उद्योग, तथा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से जुड़े मंत्रालयों और विभागों के भावी कार्य योजना की समीक्षा की। यह बैठक विकसित भारत के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में प्रगति को और तेज़ करने पर केंद्रित रही।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंत्रालयों और विभागों के बीच मजबूत टीम भावना विकसित करने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों से साझा उद्देश्य की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार के भीतर क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार की कार्यगत बाधाओं को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और एकीकृत एवं प्रभावी परिणाम सुनिश्चित कर सकें।

    जन-केंद्रित सुशासन का महत्व बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत के नागरिक ही सदैव शासन व्यवस्था के केंद्र में रहने चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि हर निर्णय और नीति आम-नागरिक के हितों और आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत जहां बुनियादी ढांचे के विकास में उल्लेखनीय निवेश कर रहा है, वहीं स्वदेशी तकनीकों को विकसित करने को भी समान प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। उन्होंने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता और घरेलू क्षमताओं के निर्माण के महत्व पर विशेष बल दिया।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा सुरक्षा का सीधा संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और नागरिकों के कल्याण से है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत को नवाचार, विविधता और क्षमता निर्माण में तेजी लाकर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना होगा।

    सुधारों को सिरफ एक चलन या फैशनेबल शब्द न मानकर प्रभावी शासन के लिए एक निरंतर आवश्यकता बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यप्रणालियों में सुधार लाने, कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने तथा संस्थागत दक्षता को मज़बूत करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ डिजिटल प्रणालियों और अवसंरचना को सुरक्षित रखने के लिए साइबर सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने उभरते साइबर खतरों के प्रति निरंतर सतर्कता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया और इस दिशा में इसे एक राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय संवाद और जनसंपर्क के महत्व पर भी बल दिया, जहां देश महत्वपूर्ण पहल कर रहा है, जिससे इन प्रयासों से जुड़ी भ्रामक जानकारी और बेबुनियाद आशंकाओं का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कार्यबल को उभरते और भविष्य के उद्योगों द्वारा आवश्यक कौशल से सुसज्जित करने के लिए नए शैक्षणिक पाठ्यक्रमों की योजना उद्योग जगत के साथ साझेदारी में बनानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को सदैव युवा, गतिशील और दूरदर्शी बने रहना चाहिए तथा नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप फुर्ती एवं नवाचार के साथ निरंतर स्वयं को ढालते रहना चाहिए।

    बैठक में सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित प्रगति, प्राथमिकताओं और कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रमुख मंत्रालयों एवं विभागों के सचिव तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

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    28/07/26 |

    ग्लासगो CWG 2026: महेंद्रगढ़ की शर्मिला धनखड़ ने रचा इतिहास; पैरा एथलेटिक्स में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

    हरियाणा , 28 जुलाई (अभिकान्त) : स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से भारत और हरियाणा के लिए एक बेहद गर्व की खबर सामने आई है। महेंद्रगढ़ जिले के छोटे से गांव छितरौली की रहने वाली धाकड़ पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने महिलाओं की शॉट पुट एफ-57 स्पर्धा में 9.81 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इस ऐतिहासिक स्वर्णिम थ्रो के साथ ही शर्मिला राष्ट्रमंडल खेलों के पैरा एथलेटिक्स इतिहास में गोल्ड मेडल जीतने वाली देश की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शर्मिला धनखड़ को इस अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए बधाई दी है। सीएम ने कहा कि शर्मिला की इस ऐतिहासिक जीत ने पूरे देश और हरियाणा प्रदेश का नाम दुनिया में रोशन किया है।

    शर्मिला की यह जीत केवल एक खेल का पदक नहीं, बल्कि जिंदगी के कड़े संघर्ष, साहस और अटूट आत्मविश्वास की गाथा है। महज दो साल की उम्र में पोलियो के कारण उनका एक पैर कमजोर हो गया था। आर्थिक तंगी के बीच बीता बचपन और पहली शादी में दहेज उत्पीड़न व घरेलू हिंसा के दर्द ने उन्हें तोड़कर रख दिया था। 26 साल की उम्र में दो छोटी बेटियों के साथ उन्हें घर से बेदखल कर दिया गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। इसके बाद दूसरी शादी में पति अजीत का अटूट सहयोग मिला और परिवार के साथ ने उन्हें खेल के मैदान पर नई पहचान बनाने की हिम्मत दी।

    ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए एक और अच्छी खबर हाई जंप इवेंट से आई। भारतीय एथलीट सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में 2.25 मीटर की शानदार छलांग लगाकर देश की झोली में रजत पदक (Silver Medal) डाला।

    शर्मिला धनखड़ की यह ऐतिहासिक सफलता साबित करती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी विपरीत क्यों न हों, यदि इरादे मजबूत हों तो संघर्ष भी एक दिन स्वर्णिम इतिहास में बदल जाता है।

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    नारनौल के बेटे दीपक चौधरी ने बढ़ाया मान; देश की सबसे बड़ी इवेंट संस्था EEMA के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए

    नारनौल (महेंद्रगढ़), 28 जुलाई (अन्‍नू): महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी जयप्रकाश चौधरी के पुत्र एवं स्वर्गीय रामनारायण चौधरी के पौत्र दीपक चौधरी ने राष्ट्रीय स्तर पर जिले व हरियाणा का मान बढ़ाया है। उन्हें भारत की प्रमुख इवेंट एवं एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री संस्था ईईएमए (Event and Entertainment Management Association - EEMA) का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है।

    हाल ही में संपन्न हुए ईईएमए चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतरे सात उम्मीदवारों में से दीपक चौधरी ने सर्वाधिक 104 मत प्राप्त कर शानदार जीत दर्ज की। वे आगामी तीन वर्षों के लिए इस प्रतिष्ठित संगठन की कमान संभालेंगे।

    देहरादून से शुरुआती पढ़ाई, मुंबई से की MBA; कहलाते हैं 'IP Man'

    दीपक चौधरी की शिक्षा और व्यावसायिक सफर काफी प्रेरणादायी रहा है:

    • शिक्षा: प्रारंभिक शिक्षा देहरादून के प्रतिष्ठित विद्यालय से पूरी करने के बाद उन्होंने इंदौर से बीसीए (BCA) और मुंबई से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की।

    • कंपनी की शुरुआत: उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने इवेंट इंडस्ट्री में कदम रखा और अपनी कड़ी मेहनत व दूरदर्शिता के बल पर 'EVA LIVE' नामक बहुचर्चित कंपनी की स्थापना की।

    • आई.पी. मैन की पहचान: आज वे देशभर की इवेंट एवं एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में ‘आई.पी. मैन’ (IP Man) के नाम से पहचाने जाते हैं।

    "साथ चलेंगे, आगे बढ़ेंगे" - दीपक चौधरी

    ईईएमए देश की इवेंट एवं एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का सबसे बड़ा और प्रभावशाली संगठन माना जाता है। अध्यक्ष चुने जाने के बाद दीपक चौधरी ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा:

    "ईईएमए का अध्यक्ष चुने जाने पर स्वयं को बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं। आप सभी का विश्वास मेरी सबसे बड़ी ताकत है। हम मिलकर इंडस्ट्री को मजबूत करेंगे, सदस्यों को सशक्त बनाएंगे और ईईएमए को अधिक एकजुट, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार संगठन बनाएंगे।"

    दीपक चौधरी की इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय उपलब्धि पर नारनौल और पूरे महेंद्रगढ़ जिले में खुशी की लहर है। शहर के गणमान्य लोगों और निवासियों ने उनके परिवार को बधाई दी है।

    #NarnaulNews #MahendragarhNews #DeepakChaudhary #EEMA #EEMAPresident #HaryanaPride #EvaLive #BreakingNews #DanikKhabar

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    28/07/26 |

    विश्व कप शूटिंग: ईशा सिंह ने जीता स्वर्ण पदक, मनु भाकर को मिला कांस्य; भारत का शानदार प्रदर्शन

    जे कुमार हॉंगझोऊ, 28 जुलाई 2026: निशानेबाजी (शूटिंग) विश्व कप में भारतीय महिला निशानेबाजों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा फहराते हुए देश का नाम रोशन किया है। 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भारत की होनहार निशानेबाज ईशा सिंह ने सटीक निशाना साधते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम किया, जबकि ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने कड़े मुकाबले के बाद कांस्य पदक (Bronze Medal) हासिल किया।

    शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखते हुए ईशा सिंह ने फाइनल राउंड में शानदार एकाग्रता और दबाव में सटीक प्रदर्शन का परिचय दिया और शीर्ष स्थान हासिल किया। वहीं, मनु भाकर ने भी बेहतरीन खेल भावना का प्रदर्शन करते हुए अंतिम क्षणों में अंक बटोरकर तीसरा स्थान पक्का किया।

    इस शानदार दोहरे पदक से भारतीय खेमे और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। खेल जगत की प्रमुख हस्तियों और खेल प्रशंसकों ने दोनों महिला एथलीटों को उनकी इस ऐतिहासिक सफलता के लिए बधाई दी और इसे भारतीय निशानेबाजी के स्वर्णिम दौर का एक और महत्वपूर्ण अध्याय बताया।

    #ShootingWorldCup #EshaSingh #ManuBhaker #GoldMedal #BronzeMedal #IndianShooting #SportsNews #BreakingNews #Hangzhou

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    27/07/26 |

    ज्योतिमय घोष ने जीता 'इंडियन आइडल 16' का खिताब; ट्रॉफी के साथ मिली 25 लाख रुपये की राशि

    जे कुमार मुंबई, 27 जुलाई 2026: देश के सबसे चर्चित और लोकप्रिय सिंगिंग रियलिटी शो 'इंडियन आइडल 16' (Indian Idol 16) का भव्य समापन हो गया है। सुरीली आवाज़ और शानदार गायकी से करोड़ों दर्शकों का दिल जीतने वाली ज्योतिमय घोष इस सीज़न की विजेता घोषित की गई हैं।

    ग्रैंड फिनाले के रोमांचक मुकाबले में ज्योतिमय ने अपनी बेहतरीन परफॉर्मेंस से जजों और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शो के जजों और जनता से मिले सर्वाधिक वोटों के आधार पर उन्हें 'इंडियन आइडल 16' कीचमकती ट्रॉफी सौंपी गई। इसके साथ ही विजेता के रूप में उन्हें 25 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि और एक नई ब्रांड न्यू कार भी इनाम में मिली।

    फिनाले की दौड़ में अन्य फाइनलिस्टों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन ज्योतिमय ने अपने निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर यह खिताब अपने नाम किया। ट्रॉफी जीतने के बाद भावुक हुई ज्योतिमय ने अपने प्रशंसकों, परिवार और शो के जजों का आभार व्यक्त करते हुए इसे अपने जीवन का सबसे यादगार पल बताया।

    #IndianIdol16 #JyotirmayeGhosh #IndianIdolWinner #SingingRealityShow #SonyTV #MusicNews #BreakingNews

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    CGPSC भर्ती घोटाला: ED ने पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को किया गिरफ्तार; 7 दिनों की रिमांड पर भेजा

    रायपुर/छत्तीसगढ़, 27 जुलाई (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED), रायपुर जोनल कार्यालय ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को राज्य सेवा परीक्षा में भ्रष्टाचार, पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में हेरफेर के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। ईडी ने टामन सिंह को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 19 के तहत 25 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें विशेष न्यायालय (PMLA), रायपुर के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से अदालत ने उन्हें 30 जुलाई 2026 तक 7 दिनों की ED कस्टडी में भेज दिया है।

    वर्ष 2020 और 2021 की परीक्षाओं में धांधली का आरोप

    ईडी ने यह जांच आर्थिक अपराध शाखा/एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW/ACB), रायपुर द्वारा दर्ज प्राथमिकी और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा टामन सिंह सोनवानी व अन्य के खिलाफ शुरू की गई जांच के आधार पर प्रारंभ की थी:

    • आपराधिक साजिश: जांच में सामने आया कि टामन सिंह सोनवानी ने सीजीपीएससी अध्यक्ष पद पर रहते हुए अन्य लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर अवैध लाभ (रिश्वत) के बदले प्रश्नपत्र लीक करने और चयन प्रक्रिया में हेरफेर करने की आपराधिक साजिश रची।

    • रिश्तेदारों का अवैध चयन: इस धांधली के जरिए उन्होंने अपने रिश्तेदारों और पसंदीदा उम्मीदवारों को डिप्टी कलेक्टर और पुलिस उपाधीक्षक (DSP) जैसे वरिष्ठ पदों पर फर्जी तरीके से चुनवाया।

    रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों में बदलाव

    ईडी की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है कि सीजीपीएससी के भर्ती नियमों में 2021 में संशोधन किया गया था:

    • परिभाषा से हटाया 'भतीजा' शब्द: रिश्तेदारों का चयन आसान बनाने के लिए 'परिवार' की परिभाषा से "nephew" (भतीजा) शब्द हटा दिया गया।

    • रिश्वत और मनी ट्रेल: अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) का कुछ हिस्सा नकद में लिया गया, जबकि बाकी रकम को अलग-अलग बैंकिंग लेन-देन के जरिए घुमाया गया।

    गैर-सहयोगात्मक रवैये के बाद गिरफ्तारी

    PMLA की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों में टामन सिंह सोनवानी ने टालमटोल वाले जवाब दिए और अहम तथ्यों को छिपाया। इसके बाद ईडी ने मनी ट्रेल (पैसों के लेन-देन) का पता लगाने, अपराध की कमाई को जब्त करने और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान करने के लिए उन्हें गिरफ्तार किया। मामले में आगे की विस्तृत जांच जारी है।

    #CGPSC #EDArrest #TamanSinghSonwani #CGPSCScam #ChhattisgarhNews #PMLA #RaipurNews #BreakingNews #DanikKhabar

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    भारत की विभाजन ‘इतिहास की सबसे बड़ी भूल’: पीओजेके की वापसी ही एकमात्र लंबित मुद्दा - डॉ. जितेंद्र सिंह

    आरएस अनेजा, 27 जुलाई नई दिल्ली - विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज भारत के विभाजन को “इतिहास की सबसे बड़ी भूल” करार दिया और कहा कि पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) को वापस लेना ही भारत और पाकिस्तान के बीच एकमात्र लंबित मुद्दा है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश का सुरक्षा परिदृश्य एक निर्णायक बदलाव से गुज़रा है और बाहरी आक्रमण के खिलाफ केवल प्रतिक्रियात्मक दृष्टिकोण से निर्णायक एवं सक्रिय जवाबी कार्रवाई वाले दृष्टिकोण में परिवर्तित हुआ है।

    डॉ. जितेंद्र सिंह नई दिल्ली के कश्मीरी सांस्कृतिक केंद्र में 'जम्मू-कश्मीर पीपल्स फोरम' और 'पीओजेके यूथ फोरम' (जो मीरपुर बलिदान भवन समिति की एक इकाई है) के सहयोग से आयोजित 27वें कारगिल विजय दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं जबकि कारगिल युद्ध के पूर्व सैनिक कर्नल के.के. शर्मा  ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

    इस कार्यक्रम का आयोजन जम्मू-कश्मीर पीपल्स फ़ोरम के संयोजक महिंदर मेहता और पीओजेके यूथ फ़ोरम की अगुवाई में किया गया ताकि 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जा सके।

    डॉ. जितेंद्र सिंह ने कारगिल विजय दिवस को याद करने और देश के लिए नए संकल्प का दिन बताते हुए कहा कि यह जीत भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और भारत की एकता, संप्रभुता एवं अखंडता की रक्षा के प्रति देश की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कारगिल से मिली सीख आज भी प्रासंगिक है क्योंकि देश के सामने आने वाली चुनौतियों के लिए लगातार सतर्क रहने और राष्ट्रीय एकता कायम रखने की आवश्यकता बनी हुई है।

    कारगिल युद्ध के ऐतिहासिक संदर्भ की बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 1999 की घटनाओं को अलग-थलग करके नहीं देखा जा सकता बल्कि इन्हें बंटवारे के समय से शुरू हुए घटनाक्रमों की एक लंबी कड़ी के हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए। देश के विभाजन को “इतिहास की सबसे बड़ी भूल” बताते हुए उन्होंने कहा कि इस निर्णय से लोगों को बहुत तकलीफ़ें झेलनी पड़ीं, लाखों लोग बेघर हो गए और दशकों तक चलने वाली दुश्मनी की नींव पड़ी। इस दुश्मनी में 1947, 1965, 1971 और कारगिल की लड़ाइयां, साथ ही लगातार सीमा-पार आतंकवाद और छद्म युद्ध शामिल हैं। उन्होंने आज़ाद भारत में कश्मीरी पंडितों के विस्थापन को भी सबसे गंभीर मानवीय त्रासदियों में से एक करार दिया।

    डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले दशक में भारत ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की सोच में बुनियादी बदलाव किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आतंकवाद के प्रति 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है, सीमा प्रबंधन को मजबूत किया है और सुरक्षा की पुरानी प्रतिक्रियावादी दृष्टिकोण की जगह एक ऐसी सक्रिय रणनीति अपनाई है जो बाहरी हमले का निर्णायक जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव ने राष्ट्रीय आत्मविश्वास को बहुत बढ़ावा दिया है और भारत की अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने की क्षमता को मजबूत किया है।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शांति एवं विकास का रिश्ता एक-दूसरे को मज़बूत करने वाला है और उन्होंने हाल के वर्षों में जम्मू और कश्मीर में आए अभूतपूर्व बदलाव की ओर इशारा किया। उन्होंने प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं का उल्लेख किया, जिनमें कश्मीर घाटी के लिए रेल संपर्क, दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज, नए एम्स संस्थान, लंबे समय से लंबित सिंचाई परियोजनाएं और तेज़ विकास पहलें शामिल हैं, जिनसे जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और जनता का विश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि लगातार शांति से तीव्र विकास संभव हुआ है जबकि विकास खुद स्थायी स्थिरता के लिए एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरा है।

    डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश में रक्षा उत्पादन में बढ़ती आत्मनिर्भरता ने राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बहुत हद तक बढ़ाया है, उन्नत रणनीतिक क्षमताएं विकसित की हैं और रक्षा उपकरणों का एक महत्वपूर्ण निर्यातक बनकर उभरा है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की तकनीकी प्रगति एवं और रणनीतिक आत्मविश्वास को दर्शाता है।

    नियंत्रण रेखा पार विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू और कश्मीर में विकास की गति पाकिस्तान-नियंत्रित जम्मू और कश्मीर के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। 1994 के सर्वसम्मत संसदीय प्रस्ताव को याद करते हुए, उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच पाकिस्तान-नियंत्रित जम्मू और कश्मीर की वापसी के अलावा कोई मुद्दा नहीं है यह दोहराया कि पीओजेके भारत का अभिन्न हिस्सा है।

    कारगिल युद्ध के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने युवा पीढ़ी से उनके साहस, देशभक्ति एवं निस्वार्थ बलिदान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कारगिल की भावना हर भारतीय को एक मजबूत, सुरक्षित, आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र के निर्माण की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करती है, साथ ही भारत की एकता, संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के सामूहिक संकल्प पर अडिग रहने के लिए भी प्रेरित करती है।

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    27/07/26 |

    भारत सीपीएसई परामर्श सम्मेलन 2026: ऊर्जा और खनन क्षेत्रों में परियोजना और परिसंपत्ति प्रबंधन का तीसरा संस्करण संपन्न

    आरएस अनेजा, 27 जुलाई नई दिल्ली - ऊर्जा और खनन क्षेत्रों के केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) में परियोजना क्रियान्वयन, परिसंपत्ति प्रबंधन और संगठनात्मक उत्कृष्टता को मजबूत करने पर गहन विचार-विमर्श के बाद, परियोजना और परिसंपत्ति प्रबंधन पर भारत सीपीएसई के परामर्श सम्मेलन 2026 का तीसरा संस्करण गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) वडोदरा में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

    इस कार्यक्रम का आयोजन क्षमता विकास आयोग (सीबीसी) और सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई), वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। इसमें गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) रणनीतिक ज्ञान भागीदार था। इस सम्मेलन में नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रमुखों, शिक्षाविदों और सीपीएसई के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया ताकि सर्वोत्तम व्यवस्थाओं का आदान-प्रदान किया जा सके और विकसित भारत 2047 के समर्थन में आगे की राह तय की जा सके।

    इस सम्‍मेलन में योजना, डीपीआर, अनुबंध, भूमि अधिग्रहण, परिसंपत्ति की अवधि प्रबंधन, डीप टेक प्रौद्योगिकी को अपनाने और पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म का उपयोग करके एक कार्यान्वयन योग्य सीपीएसई सुधार एजेंडा तैयार करने पर विस्तृत चर्चा हुई। इस सम्मेलन में एनटीपीसी, कोल इंडिया, भारत कोकिंग कोल, बीपीसीएल, एचपीसीएल, इंडियन ऑयल, ओएनजीसी, ओएनजीसी विदेश, ऑयल इंडिया, एमआरपीएल, गेल, सेल, मेकॉन, एनएमडीसी, हिन्दुस्तान कॉपर, नालको, एनएचपीसी, एसजेवीएन और पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के कुल 39 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

    उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मंगू सिंह (डीएमआरसी के पूर्व एमडी) उपस्थित थे। उन्होंने परियोजनाओं की सफलता के लिए अनुबंध प्रबंधन को एक महत्वपूर्ण पहलू बताया। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री के. मोसेस चालाई (डीपीई के सचिव) ने परिसंपत्ति और परियोजना प्रबंधन के लिए नवीन और डेटा-आधारित दृष्टिकोणों की आवश्यकता पर बल दिया।

    समापन सत्र को संबोधित करते हुए, जीएसवी के कुलपति प्रोफेसर मनोज चौधरी ने कहा कि इस सम्मेलन ने सहयोगात्मक शिक्षण को एक मजबूत गति प्रदान की है और जानकारीपूर्ण एवं डेटा-आधारित निर्णय लेने की संस्कृति को बढ़ावा दिया है। उन्होंने रेलवे, राजमार्ग, विमानन, समुद्री, रसद और अन्य अवसंरचना क्षेत्रों में क्षमता विकास में जीएसवी के बढ़ते योगदान के बारे में बताया। जीएसवी और सीबीसी के बीच हुए समझौता ज्ञापन का जिक्र करते हुए उन्होंने दोहराया कि यह आयोजन देश के अवसंरचना तंत्र में व्यावसायिक क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से सीबीसी-जीएसवी की दीर्घकालिक साझेदारी की निरंतरता का प्रतीक है।

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    26/07/26 |

    केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाला

    आरएस अनेजा, 26 जुलाई नई दिल्ली - केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आज कर्तव्य भवन में शिक्षा मंत्रालय का औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण किया। मंत्री के पास उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालयों का भी प्रभार है।

    जोशी ने मंत्रालय की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने इस बैठक में विभिन्न योजनाओं और अन्य पहलों के कार्यान्वयन की समीक्षा की। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।

    उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी और विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव टीके अनिल कुमार, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उपस्थित थे।

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    26/07/26 |

    ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान के हर दुस्साहस का निर्णायक जवाब देने की भारत की क्षमता का प्रमाण है: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

    आरएस अनेजा, 26 जुलाई नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर की सफलता इस बात का प्रमाण है कि भारत पाकिस्तान के हर दुस्साहस का उसकी कल्पना से परे कठोर जवाब देने में सक्षम है।”

    उन्होंने दोहराया कि पाकिस्तान से कोई बातचीत नहीं होगी और कोई भी संवाद केवल पीओके पर होगा। उन्होंने पीओके को पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जा किए गए भारत का अभिन्न अंग बताया। रक्षा मंत्री ने 26 जुलाई, 2026 को द्रास में 27वें कारगिल विजय दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की संप्रभुता के विरुद्ध हर घृणित कृत्य का उसी दृढ़ता से जवाब से दिया जाएगा, जिस दृढ़ जवाब से भारतीय रक्षा बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से आतंकवादियों और उनके संरक्षकों को अद्वितीय वीरता के साथ दिया था।

    राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान में सेना और आतंकवादियों के बीच का अंतर मिट चुका है, क्योंकि पाकि‍स्तान ने आतंकवाद को अपनी राज्य नीति का हिस्सा बना लिया है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान की सेना न केवल आतंकवादी संगठनों को शरण देती है, बल्कि उनके साथ मिलकर काम भी करती है। इसीलिए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने यह स्पष्ट कर दिया था कि भारत अब आतंकवादियों और उन्हें बढ़ावा देने वाली सरकारों को अलग-अलग इकाई के रूप में नहीं देखता।”

    रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि कारगिल युद्ध को 27 साल बीत चुके हैं और भारत और पाकिस्तान के रास्ते पूरी तरह से अलग हो गए हैं। “जहां भारत नवाचार के नए रास्ते तलाश रहा है, वहीं पाकिस्तान घुसपैठ के नए रास्ते खोज रहा है। भारत चिप डिजाइन में लगा है, वहीं पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देने में व्यस्त है। भारत स्टार्टअप तंत्र बना रहा है, वहीं पाकिस्तान आतंकी तंत्र बना रहा है।

    भारत सेमीकंडक्टर का निर्माण कर रहा है; पाकिस्तान आत्मघाती हमलावरों को तैयार कर रहा है। भारत अंतरिक्ष अभियानों के लिए जाना जाता है, वहीं पाकिस्तान प्रॉक्सी मिशन चला रहा है। भारत अंतरिक्ष में उपग्रह भेज रहा है, वहीं पाकिस्तान सीमा पार आतंकवादियों को भेज रहा है। भारत दुनिया को सॉफ्टवेयर उपलब्ध करा रहा है, वहीं पाकिस्तान स्लीपर सेल का निर्यात कर रहा है। भारत डेटा सेंटर स्थापित कर रहा है; वहीं पाकिस्तान कट्टरपंथीकरण केंद्र स्थापित कर रहा है। भारत यूपीआई के माध्यम से दुनिया को जोड़ रहा है, वहीं पाकिस्तान हवाला नेटवर्क के साथ आतंकवाद को जोड़ रहा है। संक्षेप में, हमारे रास्ते अलग हैं; यदि पाकिस्तान अपने नापाक इरादों से हमारी समृद्धि के रास्ते में बाधा डालने का प्रयास करता है, तो हमारी रक्षा बल मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं,” उन्होंने कहा।

    राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार में रक्षा बलों को खतरों का निर्णायक रूप से जवाब देने के लिए पूरी छूट देने की राजनीतिक इच्छाशक्ति है और उन्होंने विश्वास जताया कि जब तक भारत के सैनिक देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, तब तक कोई भी शत्रु भारत पर शत्रुतापूर्ण दृष्टि डालने का साहस नहीं करेगा।

    रक्षा मंत्री ने 1999 के कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वाले भारत के वीर सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्‍टन विक्रम बत्रा और कैप्‍टन मनोज कुमार पांडे सहित अनगिनत वीर सैनिकों को याद किया, जो राष्ट्र, विशेषकर युवाओं को प्रेरित करते हैं। उन्होंने कारगिल विजय दिवस को व्यक्तिगत सफलता और राष्ट्रीय कर्तव्य के बीच अंतर समझने की चाह रखने वाले प्रत्येक युवा के लिए प्रेरणा का दिन बताया। उन्होंने कहा, “यह दिन हमें सिखाता है कि ‘बलिदान’ और ‘सेवा’ की भावना किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होती है।”

    राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि कारगिल युद्ध स्मारक भारत की संपूर्णता को दर्शाता है, यहाँ शहीद हुए वीर देश के हर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा, "विविधताओं के बावजूद, एकता की यह दीवार उन लोगों के खिलाफ मजबूती से खड़ी है जो हमें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।"

    रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पश्चिम एशिया और रूस एवं यूक्रेन के बीच हुए संघर्षों ने न केवल रक्षा बलों की क्षमताओं की परीक्षा ली है, बल्कि राष्ट्रों के धैर्य, सहनशीलता और संकल्प की भी परीक्षा ली है। उन्होंने कहा कि यद्यपि भारत के पास एक मजबूत और सक्षम सेना है, फिर भी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का साझा दायित्व है। 'राष्ट्र सर्वोपरि' की भावना, अनुशासन और कर्तव्यबोध के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक भारतीय में सैनिक जैसी चेतना होनी चाहिए।

    उन्होंने आगे कहा, “मैं यह नहीं कह रहा हूं कि प्रत्येक नागरिक को सैनिक बनना चाहिए, लेकिन यदि कभी राष्ट्र को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़े जिसमें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जनता के समर्थन की आवश्यकता हो, तो प्रत्येक भारतीय को मानसिक, नैतिक और शारीरिक रूप से देश की रक्षा के लिए आगे आने को तैयार रहना चाहिए। जिस प्रकार प्रत्येक सैनिक सर्वप्रथम एक भारतीय होता है, उसी प्रकार एक सैनिक का साहस, अनुशासन और देशभक्ति प्रत्येक भारतीय के भीतर सदा जीवित रहनी चाहिए।”

    राजनाथ सिंह ने इस बात पर भी जोर दिया कि विकसित भारत @ 2047 की परि‍कल्‍पना आर्थिक समृद्धि से कहीं अधिक व्यापक है, और इसे रणनीतिक शक्ति, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक सद्भाव के प्रति प्रतिबद्धता बताया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस पर‍िकल्‍पना को तभी साकार किया जा सकता है जब राष्ट्र निर्माण के हर क्षेत्र में कारगिल युद्ध के नायकों द्वारा प्रदर्शित समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को अपनाया जाए।

    रक्षा मंत्री ने क‍हा क‍ि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा और सैनिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा, “कारगिल युद्ध ने हमें सिखाया है कि हमें हर मौसम और हर परिस्थिति में अपनी सीमाओं पर हमेशा सतर्क रहना चाहिए।” उन्होंने यह भी बताया कि सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है और साथ ही बदलते समय के अनुरूप सैन्य क्षमताओं के आधुनिकीकरण पर भी उतना ही जोर दिया जा रहा है ताकि उनकी परिचालन क्षमता को बढ़ाया जा सके।

    कैप्टन विक्रम बत्रा के प्रसिद्ध नारे 'ये दिल मांगे मोर' से प्रेरणा लेते हुए, श्री राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में तेजी से प्रगति हो रही है और सरकार इस प्रगति को और तेज करने के लिए प्रतिबद्ध है। “जब हमारी सरकार सत्ता में आई थी, तब भारत 65 से 70 प्रतिशत रक्षा उपकरण आयात करता था। आज हम अपने 65 प्रतिशत रक्षा उपकरण भारत में ही बना रहे हैं। आज हमारे सैनिकों के पास स्वदेशी रूप से विकसित वायु रक्षा नियंत्रण प्रणाली 'आकाश-तीर' है। हमने अगली पीढ़ी की आकाश मिसाइल विकसित कर ली है। भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत 'आईएनएस विक्रांत', हल्का लड़ाकू विमान 'तेजस', हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर 'प्रचंड', उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर 'ध्रुव', मुख्य युद्धक टैंक 'अर्जुन', 'पिनाका' मल्‍टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर, हवा से हवा में मार करने वाली 'अस्त्र' मिसाइल और आधुनिक ड्रोन एवं ड्रोन रोधी प्रणालियाँ भी रक्षा बलों की युद्ध क्षमता को मजबूत कर रही हैं। लेकिन, 'ये दिल मांगे मोर'। हम भारत में ही और भी आधुनिक हथियार, अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान, पनडुब्बियाँ और मिसाइलें बनाने के लिए काम करते रहेंगे,” उन्होंने कहा।

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    “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सच्चे लोकतांत्रिक जिन्हें प्रजातंत्र पर पूरा विश्वास, उन्होंने बच्चों की भावनाएं समझी और उन्हें माना” - ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    देश में अनेकों आंदोलन हुए मगर सरकारें टस से मस नहीं हुई, मगर मोदी जी ने सिद्ध किया कि उनका दिल 140 करोड़ देशवासियों से जुड़ा : मंत्री अनिल विज

    मंत्री अनिल विज का 'आप' पर तीखा हमला: कहा "दूसरों से इस्तीफा मांगने वालों को अपनी जेब में भी इस्तीफा रखना चाहिए"

    हुड्‌डा के समय अनेकों पेपर लीक हुए थे, तब उन्होंने माना होता तो आज पेपर लीक नहीं होते : अनिल विज

    अम्बाला, 26 जुलाई – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने पत्रकारों द्वारा धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षामंत्री पद से इस्तीफा देने के सवाल पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महान है और बच्चों की भावनाओं को वो अच्छी तरह से समझते हैं, इसलिए उन्होंने उनकी बातों को मान लिया। इससे यह भी सिद्ध हो गया कि मोदी जी सच्चे लोकतांत्रिक है और उनका प्रजातंत्र में पूरी तरह से विश्वास है, इसलिए वह “नरेंद्र मोदी जी को नमस्कार करते हैं”।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि इस देश में अनेकों आंदोलन हुए हैं, अनेकों बार लाठियां चली है, अनेकों बार गोलियां चली है और अनेक लोग मारे भी गए हैं लेकिन सरकारें टस से मस नहीं हुई और सरकारों ने कभी बातें नहीं मानी। मगर मोदी जी ने बच्चों की बात को मानकर सिद्ध कर दिया कि उनका दिल हिंदुस्तान के 140 करोड़ लोगों के साथ जुड़ा है और वह उनकी भावनाओं को समझते हैं। रात के 12:00 बजे तक भी प्रधानमंत्री सोशल मीडिया के जरिए संदेश देते रहे। नरेंद्र मोदी ग्रेट है और लोगों की भावनाओं को समझते और उसके मुताबिक वह कार्य करते हैं।

    उन्होंने कहा यह भी कहा धर्मेंद्र प्रधान जिन्होंने त्यागपत्र दिया है उनको वह व्यक्तिगत तौर पर जानते है, वह अच्छे इंसान व अच्छे राजनीतिज्ञ है। उनके विभाग में गलती हुई और उसी को देखते हुए उन्होंने त्यागपत्र दिया।

    मंत्री अनिल विज का 'आप' पर तीखा हमला: बोले "दूसरों से इस्तीफा मांगने वालों को अपनी जेब में भी इस्तीफा रखना चाहिए"

    दिल्ली के बाद अब पंजाब के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही है जिसे लेकर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि उन्हें भी इस्तीफा दे देना चाहिए जब ये लोग दूसरों से इस्तीफा मांगते है तो खुद का भी इस्तीफा जेब में रखना चाहिए। आम आदमी पार्टी जोरो शोरों से इस्तीफा मांग रही थी तो केजरीवाल जी को अपने मंत्री का इस्तीफा लेकर ही वहां जाना चाहिए था।

    हुड्‌डा के समय अनेकों पेपर लीक हुए थे, तब उन्होंने माना होता तो आज पेपर लीक नहीं होते : अनिल विज

    पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर हुड्डा के बयान कि शिक्षामंत्री भूपेंद्र प्रधान ने अगर पहले ही इस्तीफा दे दिया होता तो आंदोलन इतना न बढ़ता जिसको लेकर मंत्री अनिल विज ने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा खुद मुख्यमंत्री थे, उस वक्त अनेकों पेपर लीक हुए थे और अगर उन्होंने मान लिया होता तो आज यह नौबत ही नहीं आती और पेपर लीक ही नहीं होता।

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    मन की बात कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में जो हमारी उपलब्धियां है उनका जिक्र किया : ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल विजय दिवस पर भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस और शौर्य को नमन किया : मंत्री अनिल विज

    कार्यक्रम के जरिए जल संरक्षण की अपील: बरसात के पानी की एक-एक बूंद को सहेजकर भूजल स्तर को सुधारने का आह्वान : अनिल विज

    चंडीगढ़, 26 जुलाई – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने प्रधानमंत्री मोदी के लोकप्रिय मन की बात कार्यक्रम को साथियों के साथ सुना और कहा कि प्रधानमंत्री हर महीने देश की जनता के साथ मन की बात करते है और देश के कोने-कोने से जो हमारी उपलब्धियां है उनके बारे में जिक्र करते है।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले कारगिल विजय दिवस के बारे बात की। कारगिल विजय दिवस हमारे लिए बहुत बड़ा दिवस है क्योंकि पाकिस्तान छुपकर हिंदुस्तान पर हमला करने की कोशिश की थी। तब भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान के पांव उखड़ दिए थे और यहां तक था कि पाकिस्तान अपने सिपाहियों के शवों को भी वही छोड़कर भाग गए थे और उन्हें अपना मानने से इंकार कर दिया था। उन मृतक सैनिकों का संस्कार भी भारतीय सैनिकों द्वारा किया गया था। आज मोदी जी ने हर्बल टी की बात की है क्योंकि चाय का चलन हमारे देश में है उसके स्थान पर हर्बल टी अगर बदल दी जाती है तो उसके अनेकों फायदे शरीर को मिलते हैं। इसी तरह प्रधानमंत्री मोदी जी ने बरसात के पानी से धरती के जलस्तर को सुधारने का भी इशारा किया है। बरसात का काफी पानी बह जाता है जिससे जलस्तर लगातार नीचे गिर रहा है। यदि इसी पानी को धरती में पहुंचाया जाए तो जलस्तर ऊंचा हो सकता है। मोदी जी ने एक भी बूंद जायर नहीं करने का आह्वान करते हुए जलस्तर को रिचार्ज करने का आह्वान किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने अन्य बातें भी देश के सामने रखी हैं।

    आज ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने मन की बात कार्यक्रम सदर बाजार चौक स्थित जैन सोडा वाटर में सुना। उनके कार्यक्रम में पहुंचने पर संजीव जैन व वरूण जैन ने उनका स्वागत किया

    इस अवसर पर जसवंत जैन, संजीव वालिया, बीएस बिन्द्रा, गोपी सहगल, श्याम सुंदर अरोडा, संजीव सोनी, डीएस माथुर, एडी गांधी, दलीप मित्तल, विनय मल्होत्रा, काकू दास, आशीष अग्रवाल, नीरज जैन, नरेश भारद्वाज, जनक बुद्धिराजा एवं अन्य मौजूद रहे।

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    इंदौर नगर निगम फर्जी बिल घोटाला: ED की बड़ी कार्रवाई; 3.48 करोड़ की 9 संपत्तियां अटैच, अब तक कुल 59.18 करोड़ की जब्ती

    इंदौर/भोपाल, 26 जुलाई (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED), इंदौर उप-आंचलिक कार्यालय ने इंदौर नगर निगम (IMC) के बहुचर्चित फर्जी बिल घोटाले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने आरोपियों, उनके परिजनों और सहयोगियों के नाम पर दर्ज 3.48 करोड़ रुपये की 9 अचल संपत्तियों को अस्थाई रूप से कुर्क (Provisionally Attached) कर लिया है। कुर्क की गई संपत्तियों में इंदौर और धार (मध्य प्रदेश) स्थित आवासीय मकान, प्लॉट, व्यावसायिक दुकानें और कृषि भूमि शामिल हैं।

    103.62 करोड़ रुपये का घोटाला: फर्जी बिल और फर्जी वर्क ऑर्डर का खेल

    ईडी की यह जांच इंदौर के थाना एमजी रोड में दर्ज दर्जनों एफआईआर (FIRs) के आधार पर शुरू हुई थी:

    • घोटाले का तरीका: ठेकेदारों ने इंदौर नगर निगम के अधिकारियों और लोकल फंड ऑडिट/रेजिडेंट ऑडिट विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी वर्क ऑर्डर, फर्जी मेजरमेंट बुक (MB) और फर्जी बिल तैयार किए।

    • बिना काम किए निकाले पैसे: उन कार्यों के नाम पर बिल पास कराए गए जो या तो कभी हुए ही नहीं थे या फिर पुराने स्वीकृत ठेकों में पहले ही पूरे हो चुके थे।

    • सरकारी खजाने से लूट: इस साजिश के जरिए नगर निगम के खजाने से 103.62 करोड़ रुपये की राशि धोखाधड़ी से निकाली गई। इस रकम को नकद में निकालकर ठेकेदारों, अधिकारियों और अन्य लाभार्थियों के बीच बांटा गया तथा निजी संपत्तियां खरीदी गईं।

    मामले में अब तक ₹59.18 करोड़ की कुल जब्ती व कुर्की

    ईडी द्वारा मामले में की गई कुल कार्रवाई का ब्योरा:

    1. अचल संपत्तियां: इससे पहले 3 जुलाई 2025 को जारी आदेश में 33.65 करोड़ रुपये की 43 अचल संपत्तियां अटैच की गई थीं। नई कार्रवाई के बाद कुल अचल संपत्तियों की कुर्की का आंकड़ा 37.14 करोड़ रुपये हो गया है।

    2. नकद व कीमती सामान: धारा 17 के तहत की गई छापेमारी में 22.04 करोड़ रुपये की नकदी और कीमती सामान जब्त/फ्रीज किए जा चुके हैं।

    3. कुल जब्ती: इस मामले में अब तक अटैच और सीज की गई कुल संपत्ति की वैल्यू 59.18 करोड़ रुपये पहुंच गई है।

    मुख्य आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल में बंद

    मामले की गंभीरता को देखते हुए ईडी ने 1 जून 2026 को PMLA की धारा 19 के तहत मामले के 3 मुख्य आरोपियों—अभय सिंह राठौड़, मो. जाकिर और राहुल बडेरा—को गिरफ्तार किया था। तीनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) के तहत जेल में हैं। ईडी द्वारा मामले में आगे की जांच जारी है।

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    सारनाथ बना यूनेस्को विश्व धरोहर: 28 साल के लंबे इंतजार के बाद ऐतिहासिक बौद्ध स्थल को मिला वैश्विक सम्मान

    आरएस अनेजा, 26 जुलाई नई दिल्ली - वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के पास स्थित ऐतिहासिक एवं पवित्र बौद्ध स्थल सारनाथ को दक्षिण कोरिया के बुसान में आयोजित UNESCO World Heritage Centre समिति के 48वें सत्र में आधिकारिक विश्व धरोहर सूची में शामिल कर लिया गया है। 28 साल के लंबे इंतजार के बाद यह मान्यता मिलने से सारनाथ भारत का 45वां और उत्तर प्रदेश का चौथा विश्व धरोहर स्थल बन गया है।

    सारनाथ को तीन जुलाई 1998 को यूनेस्को की टेंटेटिव (संभावित) सूची में शामिल किया गया था। लंबे समय तक चली प्रक्रिया के बाद अब इसे विश्व धरोहर का दर्जा मिला है। इससे पहले उत्तर प्रदेश में ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी ही विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल थे। सारनाथ के जुड़ने से प्रदेश की विश्व धरोहर पहचान पहली बार पूर्वांचल तक पहुंच गई है।

    यूनेस्को की ओर से मान्यता प्राप्त संपत्ति में चौखंडी स्तूप और सारनाथ का पुरातात्विक परिसर शामिल है। चौखंडी स्तूप उस स्थान का प्रतीक माना जाता है जहां भगवान बुद्ध का अपने पांच प्रथम शिष्यों से मिलन हुआ था। वहीं, पुरातात्विक परिसर में धमेख स्तूप, प्राचीन विहारों के अवशेष और सम्राट अशोक का प्रसिद्ध स्तंभ शामिल हैं। ये स्मारक सारनाथ के बौद्ध धर्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकास की ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाते हैं।

    बौद्ध धर्म में सारनाथ का विशेष महत्व है। यहीं भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला उपदेश देकर धर्मचक्र प्रवर्तन किया था। इसी स्थान से बौद्ध संघ की स्थापना और करुणा, शांति तथा मध्यम मार्ग का संदेश पूरी दुनिया में प्रसारित हुआ। करीब 2600 वर्षों से यह स्थल बौद्ध श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

    प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इसे उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विरासत स्थलों के संरक्षण और विकास के प्रयासों का यह परिणाम है। उनके अनुसार, इस मान्यता से उत्तर प्रदेश के बौद्ध सर्किट को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी और प्रदेश का शांति एवं आध्यात्मिकता का संदेश दुनिया तक और प्रभावी ढंग से पहुंचेगा।

    पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि सारनाथ को विश्व धरोहर का दर्जा मिलने से विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और उन्हें उत्तर प्रदेश के अन्य बौद्ध स्थलों से जोड़ने में मदद मिलेगी। वहीं, संरक्षण वास्तु विशेषज्ञ आभा नारायण लांबा ने कहा कि सारनाथ केवल स्मारकों का समूह नहीं, बल्कि जीवंत सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का केंद्र है, जहां आज भी ढाई हजार वर्षों पुरानी बौद्ध परंपरा जीवित है।

    वहीं प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने उल्लेख किया कि सारनाथ का भगवान बुद्ध से गहरा संबंध है, जिनका ज्ञान, करुणा और सद्भाव का शाश्वत संदेश पूरी दुनिया को प्रेरित करता है। मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि यह सम्मान भारत की समृद्ध सभ्यतागत और आध्यात्मिक विरासत का उत्सव है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे दुनिया भर के और भी लोग सारनाथ आने और भगवान बुद्ध के आदर्शों से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल विजय दिवस पर बहादुर सैनिकों का आभार व्यक्त किया

    आरएस अनेजा, 26 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि कारगिल विजय दिवस पर, हमारा देश भारत की सुरक्षा के लिए बहादुर सैनिकों के असाधारण साहस और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करता है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहद मुश्किल हालात में भी उनका साहस हमेशा राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा। उन्होंने कहा कि उनकी अटूट देशभक्ति और कर्तव्य के प्रति निष्ठा पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

    X पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा:

    "कारगिल विजय दिवस पर, हमारा देश भारत की सुरक्षा के लिए बहादुर सैनिकों के असाधारण साहस और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करता है। बेहद मुश्किल हालात में भी उनका साहस हमेशा राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा। उनकी अटूट देशभक्ति और कर्तव्य के प्रति निष्ठा पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।"

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    नशा मुक्त भारत अभियान: प्रतियोगिता के माध्यम से नशे के खिलाफ जागरूकता का दें संदेश, 27 जुलाई तक करें आवेदन

    अभिकान्त, 25 जुलाई हरियाणा : नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत युवाओं एवं आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और स्वस्थ व सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसी क्रम में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत मेरा युवा भारत द्वारा नशा मुक्त युवा से विकसित भारत अभियान के तहत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।

    विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि इन प्रतियोगिताओं का मुख्य उद्देश्य युवाओं में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना है। इच्छुक प्रतिभागी माई भारत के आधिकारिक पोर्टल mybharat.gov.in पर जाकर अपना पंजीकरण कर सकते हैं। आवेदन एवं पंजीकरण की अंतिम तिथि 27 जुलाई निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवा नृत्य, गायन, नुक्कड़ नाटक, पेंटिंग, वाद-विवाद, रील मेकिंग, नारा लेखन तथा कविता लेखन प्रतियोगिताओं में भाग ले सकते हैं। उन्होंने सभी पात्र युवाओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन प्रतियोगिताओं में भाग लेकर नशा मुक्त भारत और विकसित भारत के निर्माण के इस अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही उन्हें राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रतिभाग करने का अवसर भी प्रदान किया जाएगा।

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    पश्चिम बंगाल: सीबीआई की बड़ी कार्रवाई; 4 लाख रुपये रिश्वत लेते रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर रंगे हाथों गिरफ्तार

    हावड़ा/कोलकाता, 25 जुलाई (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे (South Eastern Railway), चक्रधरपुर डिवीजन के उप मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर (Deputy Chief Signal & Telecommunication Engineer) को 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने इस मामले में कोलकाता की निजी कंपनी 'मैसर्स एमआरटी सिग्नल लिमिटेड' (M/s MRT Signals Ltd.) के दो प्रतिनिधियों को भी गिरफ्तार किया है।

    ठेके में अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले मांगी थी रिश्वत

    सीबीआई द्वारा 25 जुलाई 2026 को जारी प्रेस रिलीज के अनुसार:

    • मामला दर्ज: सीबीआई ने 24 जुलाई 2026 को आरोपी लोक सेवक और अन्य के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया था।

    • रिश्वत का कारण: आरोप है कि डिप्टी चीफ इंजीनियर ने चक्रधरपुर डिवीजन के तहत सिग्नल व टेलीकॉम कार्यों से जुड़ी 'प्राइस वेरिएशन क्लॉज' (PVC) और 'कॉन्ट्रैक्ट वेरिएशन फाइल' को पास करने व कंपनी को अनुचित फायदा पहुंचाने के बदले रिश्वत की मांग की थी।

    • पहले भी लिए थे 5 लाख: सीबीआई जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अधिकारी ने मई 2026 में इसी फाइल के सिलसिले में कंपनी से 5 लाख रुपये की रिश्वत पहले ही ले ली थी और बकाया रकम की मांग कर रहा था।

    हावड़ा रेलवे स्टेशन से रंगे हाथों गिरफ्तारी

    सीबीआई ने शिकायत के आधार पर जाल बिछाया और आरोपी अधिकारी को हावड़ा रेलवे स्टेशन से उस वक्त रंगे हाथों दबोच लिया, जब वह निजी कंपनी के प्रतिनिधियों से 4 लाख रुपये की रिश्वत ले रहा था। सीबीआई ने मौके पर ही रिश्वत की पूरी राशि (4 लाख रुपये) बरामद कर जब्त कर ली।

    तीन राज्यों में छापेमारी, कई दस्तावेज जब्त

    आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई टीमों ने पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में स्थित आरोपियों के आवासीय और कार्यालय परिसरों (Multiple Locations) में छापेमारी की। इस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद कर जब्त किए गए हैं। आरोपियों को सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जा रहा है।

    सालों बाद पश्चिम बंगाल में सीबीआई का पहला 'ट्रैप केस': सीबीआई ने स्पष्ट किया कि कई सालों के लंबे अंतराल के बाद पश्चिम बंगाल राज्य में रिश्वतखोरी का यह पहला ट्रैप केस (Trap Case) है, जहां आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

    #CBIRaid #CorruptionFreeIndia #HowrahRailwayStation #IndianRailways #WestBengalNews #SouthEasternRailway #BreakingNews #DanikKhabar

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    ईडी की नार्को-टेरर फंडिंग पर बड़ी कार्रवाई: पंजाब और जम्मू-कश्मीर में 9 ठिकानों पर छापेमारी; कई दस्तावेज जब्त, ₹49.9 लाख फ्रीज

    नई दिल्ली/श्रीनगर, 25 जुलाई (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED), जम्मू उप-आंचलिक कार्यालय ने नार्को-टेरर फंडिंग और धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत पंजाब और जम्मू-कश्मीर (नियंत्रण रेखा के पास) के 09 ठिकानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया है। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस और पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज मामलों के आधार पर की गई है।

    पाकिस्तान, हिजबुल मुजाहिदीन और पंजाब के बीच फैला नेटवर्क

    ईडी की जांच में पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच चल रहे एक सुव्यवस्थित और बहु-स्तरीय नार्को-टेरर फंडिंग नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है:

    • मुख्य हैंडलर व संचालक: पंजाब स्थित हैंडलर सतनाम सिंह और मंजीत सिंह उर्फ मान तथा कुपवाड़ा (एलओसी के पास) स्थित संचालक सफीर अहमद और कफील अहमद इस नेटवर्क को चला रहे थे।

    • पाकिस्तानी कनेक्शन: हेरोइन की खेप पाकिस्तान से वहां मौजूद हैंडलरों के जरिए भारत में तस्करी कर लाई जाती थी, जो आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े थे।

    ट्रक के टायर में छिपाकर होती थी हेरोइन की सप्लाई

    जांच में सामने आया कि एलओसी से सटे अमरोही सीमा के माध्यम से हेरोइन की तस्करी की जाती थी:

    • एक मामले में 35 पैकेट हेरोइन बरामद की गई, जिनमें से 5 पैकेट स्थानीय स्तर पर बांटे गए और 30 पैकेट श्रीनगर ले जाने के लिए एक ट्रक के टायर में छिपाए गए थे।

    • यह खेप श्रीनगर में पंजाब स्थित वाहक सरबजीत सिंह और हनी बसरा को पहुंचाई गई थी। बाद में सितंबर 2023 में बनिहाल में सरबजीत सिंह और हनी बसरा को 31 किलोग्राम हेरोइन (30 पैकेट) के साथ गिरफ्तार किया गया था।

    • इस नेटवर्क द्वारा कुल मिलाकर 60 किलोग्राम से अधिक हेरोइन इकट्ठा कर पंजाब में बेची गई और उससे प्राप्त रकम का उपयोग आतंकी गतिविधियों के वित्तपोषण (Terror Funding) के लिए किया गया।

    जाली दस्तावेज, फर्जी कागजात और वित्तीय लेनदेन का खुलासा

    सतनाम सिंह और मंजीत सिंह उर्फ मान के नेतृत्व वाले पंजाब-साइड नेटवर्क ने नशीले पदार्थों के परिवहन के लिए जाली दस्तावेजों, फर्जी वाहन कागजात, वाहनों में बनी गुप्त गुहाओं (Hidden Cavities) और नकद लेनदेन का इस्तेमाल किया।

    ईडी की जांच में मंजीत सिंह और सरबजीत सिंह के बैंक खातों में भारी मात्रा में नकद जमा (High-Value Cash Deposits) कराने के सबूत मिले हैं।

    दस्तावेज जब्त, ₹49.9 लाख की राशि वाले बैंक खाते फ्रीज

    छापेमारी के दौरान ईडी ने कई अपराध-संकेती दस्तावेज और बैंक खाता रिकॉर्ड जब्त किए हैं। इसके अलावा, जांच एजेंसी ने कई संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है, जिनमें कुल मिलाकर ₹49.9 लाख की राशि जमा है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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    झारखंड में एनआईए की बड़ी कार्रवाई: अवैध विस्फोटक मामले में 2 गिरफ्तार, 1,662 डिटोनेटर और 16 लाख कैश जब्त

    नई दिल्ली/कोडरमा, 25 जुलाई (अन्‍नू): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, झारखंड के कोडरमा जिले में छापेमारी के दौरान एनआईए ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान भारी मात्रा में अवैध डिटोनेटर, डिजिटल उपकरण और नकदी बरामद की गई है।

    साल 2024 के साल्टोरा मोटरसाइकिल ब्लास्ट से जुड़े हैं तार

    एनआईए की यह छापेमारी वर्ष 2024 में साल्टोरा इलाके में हुए मोटरसाइकिल विस्फोट मामले (Case RC-16/2024/NIA/DLI) से जुड़ी है।

    • विस्फोट का घटनाक्रम: यह मामला अवैध रूप से विस्फोटकों के परिवहन के दौरान हुए एक धमाके से शुरू हुआ था, जिसमें जॉयदेब मोंडल उर्फ बबलू मोंडल नामक आरोपी की मौत हो गई थी।

    • पूर्व में गिरफ्तारियां: इस मामले में एनआईए द्वारा अक्टूबर 2024 में केस दर्ज करने के बाद तीन अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।

    कोडरमा में छापेमारी और 2 मुख्य आरोपी गिरफ्तार

    एनआईए की टीमों ने कोडरमा में चार ठिकानों पर छापेमारी कर दो मुख्य आरोपियों को दबोचा:

    1. महेश मेहता

    2. शंकर यादव

    जांच में सामने आया कि ये दोनों बिना वैध लाइसेंस के अवैध रूप से विस्फोटकों के भंडारण और उनके परिवहन की साजिश में शामिल थे।

    बरामदगी का विवरण

    छापेमारी के दौरान एनआईए ने मौके से जब्त किया:

    • 1,662 नॉन-इलेक्ट्रिक डिटोनेटर

    • 5 डिजिटल डिवाइस

    • ₹16 लाख कैश

    नेटवर्क की गहराई से जांच जारी

    जांच एजेंसी एनआईए ने अवैध भंडारण और असुरक्षित परिवहन के पीछे चल रहे गुप्त नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। फिलहाल एनआईए यह पता लगाने में जुटी है कि इन विस्फोटकों का मुख्य स्रोत (Source) क्या था और इन्हें कहां पहुंचाया जाना था।

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    झारखंड में एनआईए की बड़ी कार्रवाई: अवैध विस्फोटक मामले में 2 गिरफ्तार, 1,662 डिटोनेटर और 16 लाख कैश बरामद

    नई दिल्ली/कोडरमा, 24 जुलाई (अन्‍नू): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, झारखंड के कोडरमा जिले में छापेमारी के दौरान एनआईए ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में अवैध डिटोनेटर (Detonators), डिजिटल उपकरण और नगदी बरामद की गई है।

    साल 2024 के साल्टोरा मोटरसाइकिल ब्लास्ट से जुड़े हैं तार

    एनआईए की यह छापेमारी वर्ष 2024 में पश्चिम बंगाल के साल्टोरा इलाके में हुए एक मोटरसाइकिल विस्फोट मामले (Case RC-16/2024/NIA/DLI) से जुड़ी है।

    • विस्फोट का घटनाक्रम: यह मामला अवैध रूप से विस्फोटकों के परिवहन के दौरान हुए एक धमाके से शुरू हुआ था, जिसमें जॉयदेब मोंडल उर्फ बबलू मोंडल नाम के एक आरोपी की मौत हो गई थी।

    • पूर्व में गिरफ्तारियां: इस मामले में एनआईए द्वारा अक्टूबर 2024 में केस दर्ज करने के बाद तीन अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।

    ताजा छापेमारी और गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

    एनआईए की टीमों ने कोडरमा में कुल चार ठिकानों पर छापेमारी कर दो मुख्य आरोपियों को दबोचा:

    1. महेश मेहता

    2. शंकर यादव

    जांच में पाया गया कि ये दोनों आरोपी बिना वैध लाइसेंस के अवैध रूप से विस्फोटकों का भंडारण करने और सह-आरोपियों तक उनकी आपूर्ति करने की साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे।

    1,662 डिटोनेटर, 5 डिजिटल डिवाइस और 16 लाख नगद जब्त

    छापेमारी के दौरान एनआईए ने मौके से निम्नलिखित चीजें बरामद कर सीज की हैं:

    • 1,662 गैर-इलेक्ट्रिक डिटोनेटर (Non-electric detonators)

    • 5 डिजिटल उपकरण (Digital devices)

    • ₹16 लाख नगद कैश

    विस्फोटकों के स्रोत और अंतिम ठिकाने की जांच जारी

    एनआईए की जांच में एक गुप्त और अवैध नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, जो विस्फोटकों के असुरक्षित भंडारण व परिवहन में लगा हुआ था। जांच एजेंसी अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इन विस्फोटकों का मुख्य स्रोत (Source) क्या था और इन्हें कहां पहुंचाया जाना था।

    #NIARaid #JharkhandNews #Koderma #ExplosivesSeized #SaltoraBlastCase #TerrorFunding #BreakingNews #DanikKhabar

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    हत्या और गैरकानूनी गतिविधियों में वांछित भगोड़ा मोहम्मदअली सऊदी अरब से डिपोर्ट होकर भारत लाया गया: CBI, NIA और विदेश मंत्रालय की संयुक्त कार्रवाई

    नई दिल्ली, 24 जुलाई (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, सीबीआई ने विदेश मंत्रालय (MEA), गृह मंत्रालय (MHA) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए रेड नोटिस (Red Notice) का सामना कर रहे वांछित भगोड़े मोहम्मदअली कन्नीर पल्लियालिल (MUHAMMEDALI KANNEER PALLIYALIL) को सऊदी अरब से भारत डिपोर्ट कराने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी को 23 जुलाई 2026 को सऊदी अरब से भारत वापस लाया गया।

    हत्या और गैरकानूनी गतिविधियों में एनआईए (NIA) को थी तलाश

    आरोपी मोहम्मदअली एनआईए (NIA) द्वारा गैरकानूनी गतिविधियों और हत्या के मामले में वांछित (Wanted) था।

    आरोप के अनुसार, एक बड़ी साजिश के तहत उसने अपने साथियों के साथ घातक हथियारों के साथ एक दुकान में अवैध रूप से प्रवेश किया, पीड़ित को बंधक बनाया और जानलेवा हथियारों से गंभीर चोटें पहुंचाकर उसकी निर्मम हत्या कर दी थी।

    इंटरपोल और रेड नोटिस के जरिए सऊदी अरब में हुई लोकेशन ट्रेस

    मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए के अनुरोध पर सीबीआई ने भारत में इंटरपोल (INTERPOL) के 'नेशनल सेंट्रल ब्यूरो' के रूप में कार्य करते हुए आरोपी के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी करवाया था:

    1. लोकेशन ट्रेस व गिरफ्तारी: रेड नोटिस जारी होने के बाद सऊदी अरब में उसकी भौगोलिक स्थिति (Geo-location) का पता चला, जिसके बाद सऊदी अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

    2. प्रत्यर्पण की प्रक्रिया: भारत की ओर से प्रत्यर्पण/डिपोर्टेशन की औपचारिक मांग भेजी गई।

    3. भारत डिपोर्टेशन: कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 23 जुलाई 2026 को उसे सऊदी अरब से भारत डिपोर्ट कर दिया गया।

    इंटरपोल समन्वय से अब तक 170 से अधिक अपराधी लाए जा चुके हैं भारत

    सीबीआई ने बताया कि भारत में 'इंटरपोल के राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो' के रूप में वह 'भारतपोल' (BHARATPOL) के माध्यम से देश की सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद करती है। सीबीआई, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के संयुक्त प्रयासों से हाल के वर्षों में इंटरपोल चैनलों का उपयोग करके 170 से अधिक वांछित अपराधियों और भगोड़ों को विदेश से भारत सफलतापूर्वक वापस लाया जा चुका है

    #CBI #NIA #SaudiArabia #Extradition #RedNotice #DanikKhabar #Interpol #NationalInvestigationAgency #BreakingNews

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    IRCTC मुंबई के वरिष्ठ अधिकारी और प्राइवेट कंपनी के डायरेक्टर को CBI ने रिश्वतकांड में किया गिरफ्तार; 27 जुलाई तक पुलिस कस्टडी

    मुंबई/कोलकाता, 24 जुलाई (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, सीबीआई ने भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के एक बड़े मामले में आईआरसीटीसी (IRCTC) वेस्ट जोन ऑफिस, मुंबई के एक वरिष्ठ अधिकारी और कोलकाता स्थित 'मैसर्स अरहा हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड' (M/s Araha Hospitality Pvt. Ltd.) के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है।

    सीबीआई ने इस संबंध में 22 जुलाई 2026 को मामला दर्ज किया था, जिसके बाद दोनों आरोपियों को 22 जुलाई 2026 को ही गिरफ्तार कर विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों आरोपियों को 27 जुलाई 2026 तक सीबीआई कस्टडी (पुलिस हिरासत) में भेज दिया है।

    लंबित बिल पास करने के एवज में ली बैंक खातों में कैश रिश्वत

    सीबीआई की जांच के अनुसार, आईआरसीटीसी के आरोपी लोक सेवक (Public Servant) ने प्राइवेट कंपनी के डायरेक्टर के साथ साजिश रचकर अनुचित लाभ उठाया:

    • रिश्वत की रकम: निजी कंपनी M/s Araha Hospitality Pvt. Ltd. के पेंडिंग बिल पास कराने और मदद करने के बदले अधिकारी के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) खाते में नगद रुपये जमा कराए गए।

    • तारीख और राशि: 21 अप्रैल 2026 को ₹1,98,500 और 8 जून 2026 को ₹2,00,000 की कैश राशि कंपनी के प्रतिनिधि द्वारा अधिकारी के खाते में जमा कराई गई थी।

    IRCTC कार्यालय में छापा, 4.62 लाख रुपये नगद और व्हाट्सएप चैट बरामद

    22 जुलाई 2026 को सीबीआई की टीम ने आईआरसीटीसी वेस्ट जोन ऑफिस, मुंबई में दोनों आरोपियों का आमना-सामना कराया:

    • कैश जब्ती: पूछताछ के दौरान प्राइवेट कंपनी के डायरेक्टर के पास से एक बैग मिला, जिसमें ₹4,49,500 और ₹13,200 (कुल ₹4,62,700) का नगद कैश बरामद हुआ।

    • व्हाट्सएप चैट व फोन जब्त: दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन खंगालने पर रिश्वत लेन-देन से जुड़ी आपत्तिजनक व्हाट्सएप चैट्स (WhatsApp Chats) मिलीं। सीबीआई ने दोनों के मोबाइल फोन और कंपनी से जुड़ी फाइलें व बिल सील कर कब्जे में ले लिए।

    इसके अलावा, आरोपी अधिकारी और प्राइवेट व्यक्ति के आवासीय परिसरों पर भी छापेमारी की गई, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। मामले में आगे की कानूनी जांच जारी है।

    #CBIBribeCase #IRCTCBribeScam #MumbaiNews #KolkataNews #CBIArrest #CorruptOfficials #RailwayNews #BreakingNews #DanikKhabar

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    चंडीगढ़ नगर निगम और स्मार्ट सिटी फंड हेराफेरी मामला: CBI की चंडीगढ़ व लुधियाना में 5 ठिकानों पर छापेमारी; डिजिटल दस्तावेज और सबूत जब्त

    चंडीगढ़, 23 जुलाई (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, चंडीगढ़ नगर निगम और 'चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड' (CSCL) के सरकारी फंडों में हुए गबन और हेराफेरी के मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने गुरुवार (23 जुलाई 2026) को चंडीगढ़ और पंजाब के लुधियाना में 5 विभिन्न ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की।

    यह छापेमारी आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) में स्थित चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी और नगर निगम के खातों से सरकारी धन के दुरुपयोग के संबंध में दर्ज मामलों के तहत की गई है।

    सरकारी अधिकारी और संदिग्ध लाभार्थियों के ठिकानों पर पड़ा छापा

    सीबीआई की टीमों ने संदिग्ध लाभार्थियों, सीएससीएल के लोक सेवक (Public Servant) अनुभव मिश्रा तथा मामले से जुड़ी निजी संस्थाओं व व्यवसायियों के रिहाइशी और व्यावसायिक परिसरों सहित कुल 5 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।

    तलाशी के दौरान सीबीआई ने कई महत्वपूर्ण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं:

    • डिजिटल साक्ष्य: स्टोरेज ड्राइव, डिजिटल सिग्नेचर और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज।

    • वित्तीय रिकॉर्ड: प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज, बैंक वित्तीय रिकॉर्ड और जांच से संबंधित अन्य अहम कागजात।

    जब्त किए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।

    हरियाणा के ₹504 करोड़ के बड़े बैंकिंग फ्रॉड से जुड़े हैं तार

    सीबीआई के अनुसार, यह गबन आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (सेक्टर-32 ब्रांच, चंडीगढ़) में हुए उस विशाल बैंकिंग फ्रॉड का हिस्सा है, जिसकी जांच राज्य सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने 'स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो, हरियाणा' से अपने हाथ में ली थी।

    • फर्जी एफडी और शेल कंपनियां: हरियाणा सरकार के 8 विभागों के लगभग ₹504 करोड़ के सरकारी फंड को फर्जी/गैर-मौजूद फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और धोखाधड़ी वाले डेबिट ट्रांजेक्शन के जरिए शेल कंपनियों में ट्रांसफर किया गया था।

    • 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट: इस मामले में सीबीआई अब तक 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक व एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के 6 अधिकारी, हरियाणा सरकार के 3 लोक सेवक, 2 कंपनियां और 6 निजी व्यक्ति शामिल हैं।

    CSCL और CREST मामलों में भी कार्रवाई तेज

    सीबीआई ने यूटी चंडीगढ़ से जुड़े दो और मामले भी अपने हाथ में लिए थे:

    1. स्मार्ट सिटी (CSCL) केस: इसमें 5 बैंकरों, 1 सीएससीएल अधिकारी और 1 निजी व्यक्ति के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।

    2. क्रैस्ट (CREST) केस: 'चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी' मामले में 5 बैंकरों, 2 अधिकारियों, 4 निजी व्यक्तियों और 2 कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दायर हो चुकी है।

    सीबीआई का कहना है कि गबन किए गए जनता के पैसों की पूरी ट्रेल (Trail) का पता लगाने और सभी दोषियों को कानून के कठघरे में लाने के लिए जांच जारी है।

    #CBIRaid #ChandigarhNews #LudhianaNews #ChandigarhSmartCity #MunicipalCorporation #IDFCFirstBank #CorruptionCase #BankingFraud #BreakingNews #DanikKhabar

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    ED ने फर्जी लेटर और लैंड यूज (CLU) घोटाले में आरोपी अजय सहगल पर दर्ज की चार्जशीट; 348 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा

    जालंधर/मोहाली, 23 जुलाई (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) के आधिकारिक बयान और जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, ED के जालंधर जोनल ऑफिस ने फर्जी सहमति पत्रों (Fake Consent Letters) के आधार पर लैंड यूज चेंज (CLU) करवाकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत मोहाली स्थित विशेष अदालत (PMLA) में मुख्य आरोपी अजय सहगल के खिलाफ चालान (Prosecution Complaint) दाखिल कर दिया है।

    पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी (FIR) के आधार पर शुरू की गई इस जांच में ईडी ने कुल 348 करोड़ रुपये के "प्रोसीड्स ऑफ क्राइम" (नशे/अपराध की काली कमाई/अवैध संपत्ति) का खुलासा किया है।

    फर्जी दस्तावेजों से 'सनटेक सिटी' प्रोजेक्ट और RERA रजिस्ट्रेशन

    ईडी की जांच में सामने आया कि 'इंडीयन कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसाइटी लिमिटेड' के सचिव अजय सहगल ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में फर्जी लेटर जमा करवाकर 108.58 एकड़ कृषि भूमि को रिहाइशी व व्यावसायिक प्लॉट्स ('SUNTEC CITY' प्रोजेक्ट) में बदलने के लिए अवैध रूप से CLU हासिल किया।

    • GMADA और RERA को धोखा: फर्जी CLU के आधार पर ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) से लाइसेंस और RERA रजिस्ट्रेशन हासिल किया गया।

    • नियमों की सरेआम धज्जियां: आरोपी ने ईडब्ल्यूएस (EWS) कोटे की जमीन ट्रांसफर नहीं की, बिना रेरा अप्रूवल के यूनिट बेचना शुरू कर दिया और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एरिया के बिना ही अवैध बिल्डिंग प्लान अप्रूव करवाया।

    भाइयों की कंपनी को बेचे राइट्स, ला कानेला प्रोजेक्ट्स में फर्जीवाड़ा

    जांच में खुलासा हुआ कि सोसाइटी और ABS Townships Pvt. Ltd. (पूर्व में VRS Township) के बीच समझौता किया गया, जिसमें सभी डेवलपमेंट व सेल राइट्स अजय सहगल के भाइयों—संजय सहगल और अनिल सहगल की कंपनी को दे दिए गए।

    • इसके बाद 'La Canela Phase 1' और 'District 7' प्रोजेक्ट्स के नाम पर रेरा रजिस्ट्रेशन कराकर अवैध कमाई की गई।

    • 'La Canela Phase 2' में बिना किसी रेरा अप्रूवल के ही आवासीय प्लॉट बेच डाले गए।

    348 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग: 30.98 लाख कैश जब्त और गिरफ्तारी

    ईडी की रिपोर्ट के मुताबिक:

    1. छापेमारी और कैश जब्ती: मई और जून 2026 में आरोपी के विभिन्न ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और ₹30.98 लाख का अघोषित कैश जब्त किया गया था।

    2. मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी: अजय सहगल को पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड पाए जाने पर 22 मई 2026 को ही गिरफ्तार कर लिया गया था।

    3. कुल संपत्ति का आकलन: ईडी ने पाया कि 348 करोड़ रुपये के कुल घोटाले में 212.58 करोड़ रुपये की बिक्री हो चुकी है, जबकि 135.41 करोड़ रुपये की संपत्ति/प्रॉपर्टी अनसोल्ड (अनबिकी) पड़ी है।

    मामले में ईडी की ओर से आगे की कानूनी जांच व कार्रवाई जारी है।

    #EDAction #EnforcementDirectorate #PMLA #AjaySehgal #SuntecCityFraud #GMADA #PunjabNews #MohaliCourt #BreakingNews

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    रेल नेटवर्क में बड़ा सुधार: ₹440 करोड़ की लागत से निमपुरा-मिदनापुर के बीच बनेगी तीसरी रेल लाइन

    आरएस अनेजा, 23 जुलाई नई दिल्ली - देश के अहम माल ढुलाई कॉरिडोर में से एक पर रेल क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, भारतीय रेलवे ने दक्षिण पूर्वी रेलवे में निमपुरा वेस्ट आउटर केबिन और मिदनापुर के बीच ₹440 करोड़ की लागत से 14.52 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन के निर्माण को मंज़ूरी दी है।

    यह प्रोजेक्ट भारतीय रेलवे की उन लगातार कोशिशों का हिस्सा है, जिनका मकसद ज़्यादा भीड़-भाड़ वाले रूटों पर नेटवर्क क्षमता बढ़ाना है, ताकि यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही तेज़ हो सके और साथ ही उद्योगों व ज़रूरी सामानों की बढ़ती परिवहन ज़रूरतों को पूरा किया जा सके।

    निमपुरा वेस्ट आउटर केबिन और मिदनापुर के बीच तीसरी लाइन

    मंज़ूर किए गए प्रोजेक्ट में दक्षिण पूर्वी रेलवे पर निमपुरा वेस्ट आउटर केबिन और मिदनापुर के बीच 14.52 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन का निर्माण शामिल है।

    यह सेक्शन 'हाई यूटिलाइज़ेशन नेटवर्क' (HUN-2) रूट का हिस्सा है, जहाँ निमपुरा वेस्ट आउटर केबिन-गोकुलपुर सेक्शन अभी सिंगल लाइन है, जबकि डबलिंग का काम पहले से ही चल रहा है। अतिरिक्त तीसरी लाइन से इस रणनीतिक रूप से अहम कॉरिडोर पर लाइन क्षमता काफी बढ़ेगी और ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी (कामकाज में लचीलापन) में सुधार होगा।

    माल ढुलाई क्षमता और यात्री सेवाओं को बढ़ावा

    इस रूट पर यात्री और माल ढुलाई का भारी ट्रैफिक रहता है। यहाँ मैंगनीज़, लौह अयस्क, कंटेनर, कोयला, क्लिंकर, पेलेट आयरन, लोहा और स्टील, गेहूं, पत्थर, स्लीपर, स्लैग, नमक, चावल, पेट्रोलियम उत्पाद, चूना पत्थर, जिप्सम, उर्वरक, खाद्य तेल, केमिकल सॉल्ट, चारकोल, सीमेंट, गिट्टी और राख जैसे ज़रूरी सामानों का परिवहन होता है, जिसकी कुल माल ढुलाई क्षमता लगभग 23.80 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) है।

    मौजूदा सेक्शन 115.71% लाइन क्षमता उपयोग पर चल रहा है, जो भारी भीड़-भाड़ का संकेत है। तीसरी लाइन से बढ़ते यात्री और माल ढुलाई ट्रैफिक को संभालने के लिए अतिरिक्त क्षमता बनेगी और साथ ही पूरे कॉरिडोर में ऑपरेशनल दक्षता में सुधार होगा।

    बेहतर रेल क्षमता के ज़रिए आर्थिक विकास को बढ़ावा

    पूरा होने पर, इस प्रोजेक्ट से 3.52 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) का अतिरिक्त माल ढुलाई ट्रैफिक संभव होने की उम्मीद है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ज़रूरी सामानों की आवाजाही में सुधार होगा, ऑपरेशनल रुकावटें कम होंगी, नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ेगी और इस अहम रेल कॉरिडोर पर निर्भर उद्योगों और व्यवसायों के लिए कनेक्टिविटी मज़बूत होगी। यह मंज़ूरी ज़्यादा ट्रैफ़िक वाले रूटों पर क्षमता बढ़ाने पर भारतीय रेलवे के लगातार फ़ोकस को दिखाती है। इससे आधुनिक, कुशल और भविष्य के लिए तैयार रेलवे नेटवर्क के ज़रिए आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ माल और यात्रियों की तेज़ी से आवाजाही भी संभव हो सकेगी।

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    प्रधानमंत्री ने युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा की

    आरएस अनेजा, 23 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इस बात पर ज़ोर दिया कि युवाओं की भलाई और उनके भविष्य से ज़्यादा ज़रूरी कुछ भी नहीं है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सज़ा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फ़ैसला किया है। मोदी ने बताया कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में सभी ज़रूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों की कड़ी का ही एक हिस्सा है।

    प्रधानमंत्री ने साफ़ तौर पर कहा कि जो लोग युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

    X पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा:

    "हमारे युवाओं की भलाई और उनके भविष्य से ज़्यादा ज़रूरी कुछ भी नहीं है!

    हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सज़ा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फ़ैसला किया है। संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में सभी ज़रूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। यह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों की कड़ी का ही एक हिस्सा है।

    जो लोग हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।"

    देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

    विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है।

    युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।"

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    ईडी की बड़ी कार्रवाई: पठानकोट अवैध रेत खनन मामले में 16 ठिकानों पर छापेमारी; ₹1.75 करोड़ नकद जब्त और ₹91.34 लाख बैंक खाते फ्रीज

    जालंधर/पठानकोट, 22 जुलाई (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत ईडी जालंधर जोनल कार्यालय की टीम ने 16 जुलाई 2026 को पठानकोट जिले के ग्राम भटियां (गोल पंचायत) में शामलात (सामान्य) भूमि पर अवैध रेत खनन मामले में 16 विभिन्न ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है।

    यह पूरा मामला तत्कालीन अपर-उपायुक्त (ADC) कुलदीप सिंह द्वारा पारित एक विवादित आदेश के जरिए शामलात भूमि को निजी लोगों के नाम अवैध रूप से हस्तांतरित करने से जुड़ा हुआ है।

    ₹1.75 करोड़ कैश जब्त, ₹91.34 लाख बैंक डिपॉजिट फ्रीज

    ईडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान कई संदिग्ध व अपराध-संकेती दस्तावेज बरामद किए गए हैं। कार्रवाई में ईडी ने:

    • ₹1.75 करोड़ की अघोषित नकदी (Unaccounted Cash) जब्त की है।

    • ₹91,34,322 की राशि वाले विभिन्न बैंक खातों पर PMLA की धारा 17(1A) के तहत फ्रीजिंग आदेश जारी किए हैं।

    रिटायरमेंट से ठीक एक दिन पहले दिया था विवादित आदेश

    ईडी के अनुसार, यह जांच विजिलेंस ब्यूरो (अमृतसर) द्वारा कुलदीप सिंह और 8 अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई थी।

    अंतरराष्ट्रीय सीमा (International Border) के पास रावी नदी तट स्थित इस भूमि पर तत्कालीन एडीसी कुलदीप सिंह की नियुक्ति राज्य सरकार के एक मंत्री की सिफारिश पर उनकी सेवानिवृत्ति से महज 4 दिन पहले की गई थी। उन्होंने अपने रिटायरमेंट से ठीक एक दिन पहले इस सरकारी भूमि को निजी हाथों में सौंपने का विवादित आदेश पारित किया था।

    स्टोन क्रशरों पर कसा शिकंजा, बिना नंबर प्लेट के चल रहे थे ट्रक

    छापेमारी के दौरान मैसर्स श्री साई स्टोन क्रशर एंड स्क्रीनर, मैसर्स शिव शंकर स्टोन क्रशर और उनसे जुड़ी संस्थाओं व प्रबंधकों के ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई।

    जांच में सामने आया कि बिना किसी वैध प्राधिकरण, टैक्स या रॉयल्टी का भुगतान किए रात के समय बिना नंबर प्लेट वाले ट्रकों/टिपरों के जरिए संगठित तरीके से अवैध खनन, बिक्री और परिवहन किया जा रहा था। इस अवैध गतिविधि में राज्य सरकार के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है, जिन्होंने सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया।

    पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का रुख और राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा

    प्रेस विज्ञप्ति में ईडी ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में लंबित जनहित याचिका (CWP-22567-2012) के आदेश का उल्लेख करते हुए बताया कि कोर्ट ने भी माना था कि सीमाओं पर रावी नदी पार खनन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। यह गतिविधि आईएसआई (ISI) पोषित तस्करों, आतंकवादियों और देशविरोधी तत्वों को मदद पहुंचाती है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए ईडी ने अवैध खनन की वैज्ञानिक जांच के लिए भारतीय सर्वेक्षण विभाग (Survey of India) से भी मदद मांगी है। मामले में आगे की जांच जारी है।

    #EDRaid #EDAction #PathankotSandMining #PMLA #JalandharED #IllegalMining #HaryanaPunjabNews #BreakingNews #DanikKhabar

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    21/07/26 |

    23 साल पुराने पिता की हत्या का बदला: 6 महीने की उम्र में खोया था पिता, 24 साल का होते ही कातिल को उतारा मौत के घाट

    पुणे, 21 जुलाई (अन्‍नू): पुणे ग्रामीण पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा (LCB) ने दो दशक से भी पुराने बदले की भावना से प्रेरित एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया है। पुलिस ने एक 24 वर्षीय युवक को अपने पिता की हत्या के आरोपी व्यक्ति को मौत के घाट उतारने के आरोप में गिरफ्तार किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि जब आरोपी के पिता की हत्या हुई थी, तब उसकी उम्र महज 6 महीने थी।

    पुराने कात्रज सुरंग के पास मिला था शव

    पुलिस के अनुसार, 11 जुलाई को पुणे जिले की भोर तहसील में पुराने कात्रज सुरंग (Katraj Tunnel) के पास 40 वर्षीय संजय बाबूराव काडू-देशमुख का शव मिला था। शव पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार करने के कई गंभीर निशान थे। घटना के बाद राजगढ़ पुलिस स्टेशन में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

    तकनीकी साक्ष्यों से बेनकाब हुए आरोपी

    पुणे ग्रामीण एलसीबी की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) के आधार पर कार्रवाई करते हुए 24 वर्षीय मंथन वैद्य और उसके साथी सौरभ परदेशी को 14 जुलाई को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि इस वारदात को अंजाम देने में मिजान शेख और संदीप कोरी नामक दो अन्य साथियों ने भी उनकी मदद की थी।

    2003 के विवाद से जुड़े हैं हत्या के तार

    मामले की जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रमोद क्षीरसागर और सहायक पुलिस निरीक्षक चेतन माचले ने बताया कि इस घटना के तार साल 2003 से जुड़े हैं। 2003 में मामूली विवाद के चलते संजय काडू-देशमुख ने मंथन के पिता दिनेश वैद्य की हत्या कर दी थी। उस समय मंथन महज 6 महीने का नवजात शिशु था।

    बड़ा होने के बाद मंथन के मन में अपने पिता की हत्या का बदला लेने की आग सुलग रही थी। उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर काडू-देशमुख की हत्या की पूरी साजिश रची। पुलिस ने बताया कि जिस वक्त काडू-देशमुख की हत्या की गई, वह एक अन्य आपराधिक मामले में अदालत से जमानत पर बाहर आया हुआ था। पुलिस ने मंथन वैद्य और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

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    21/07/26 |

    सिक्किम के नामची में दर्दनाक हादसा: टनल पर लैंडस्लाइड के बाद 27 मजदूर फंसे, 7 की मौत; मीथेन गैस लीक होने से रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतें

    सिक्किम/नामची, 21 जुलाई (अन्‍नू): सिक्किम के नामची जिले में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया। नामची स्थित मामरिंग में 'समरदुंग सुरंग' के प्रवेश द्वार (एंट्री गेट) पर अचानक हुए भीषण भूस्खलन (Landslide) के कारण टनल बंद हो गई। इस हादसे में सुरंग के अंदर काम कर रहे 27 मजदूर फंस गए, जिनमें से 7 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 20 अन्य मजदूर अब भी अंदर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।

    तीस्ता स्टेज-6 प्रोजेक्ट के लिए चल रहा था निर्माण कार्य

    यह टनल 'तीस्ता स्टेज-6 हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट' के तहत पटेल इंजीनियरिंग कंपनी द्वारा बनाई जा रही थी। जिला कलेक्टर (DC) अनुपा तामलिंग ने बताया कि दुर्घटना दोपहर करीब 3:40 बजे हुई। अनुमान के मुताबिक टनल के अंदर पटेल इंजीनियरिंग के 21 और एनएचपीसी (NHPC) के 6 समेत कुल 27 मजदूर फंसे हुए हैं। हालांकि प्रशासन के अनुसार यह संख्या कम या ज्यादा भी हो सकती है।

    सुरंग में मीथेन गैस का रिसाव, बेहोश हुए कई बचावकर्मी

    रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी चुनौती सुरंग के भीतर मीथेन (Methane) गैस का लीक होना साबित हो रही है। बंद सुरंग में जहरीली/दमघोंटू गैस के रिसाव, बेहद कम जगह और खराब रोशनी के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भारी बाधा आ रही है। टनल में दाखिल होने की कोशिश कर रहे कई बचावकर्मियों को चक्कर आने लगे और कुछ बेहोश हो गए, जिसके बाद रेस्क्यू को रोककर रणनीति बदलनी पड़ी।

    पश्चिम बंगाल से बुलाई गई स्पेशल रेस्क्यू टीम

    हादसे की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), जिला पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर तैनात हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल से विशेष 'गैस-रोधी उपकरणों' (Gas Masks & Breathing Apparatus) के साथ एक्सपर्ट रेस्क्यू टीम बुलाई गई है। मौके पर दर्जनों एंबुलेंस और मेडिकल स्टाफ को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

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    राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में काश्वी ने जीता कांस्य पदक: केवी नेशनल बॉक्सिंग में अंबाला की बेटी का जलवा

    अंबाला, 21 जुलाई (अन्‍नू): अंबाला छावनी की होनहार मुक्केबाज काश्वी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए केंद्रीय विद्यालय (KVS) राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में कांस्य पदक (Bronze Medal) हासिल किया है। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में 13 से 18 जुलाई तक किया गया था।

    एसडी कॉलेज बॉक्सिंग सेंटर पहुंचने पर हुआ जोरदार स्वागत

    अंबाला छावनी के खुख्रैन भवन के पास रहने वाली काश्वी एसडी कॉलेज में संचालित मुक्केबाजी केंद्र (Boxing Center) में नियमित रूप से प्रशिक्षण ले रही हैं। राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक जीतकर अंबाला लौटने पर काश्वी जब छावनी स्थित बॉक्सिंग सेंटर पहुंचीं, तो वहां खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने उनका जोरदार और भव्य स्वागत किया।

    कोच ने दी बधाई, काश्वी बोलीं- ओलंपिक में देश का नाम रोशन करना लक्ष्य

    इस अवसर पर बॉक्सिंग कोच नीरज ने काश्वी को उनकी इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कोच ने बताया कि काश्वी एक बेहद अनुशासित और मेहनती खिलाड़ी हैं, जिन्होंने इससे पहले भी राज्य व राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अंबाला का गौरव बढ़ाया है।

    पदक विजेता काश्वी ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और कोच के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने और स्वर्ण पदक जीतने के सपने को पूरा करने के लिए लगातार कड़ा अभ्यास और प्रशिक्षण ले रही हैं।

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    ₹1109 करोड़ के बैंक घोटाले में CBI की बड़ी कार्रवाई: पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और उत्तराखंड के 6 ठिकानों पर छापेमारी

    भुवनेश्वर/कोलकाता, 20 जुलाई (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने ₹1109 करोड़ के बैंक फ्रॉड मामले में चार राज्यों में बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई (CBI) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच एजेंसी ने ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित मेसर्स गुप्ता पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (M/s Gupta Power Infrastructure Ltd.) के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले में 18 जुलाई 2026 को पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और उत्तराखंड में कुल 6 अलग-अलग ठिकानों पर सघन तलाशी ली।

    केनरा बैंक को ₹1109 करोड़ का चूना लगाने का आरोप

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, यह मामला केनरा बैंक (Canara Bank) से प्राप्त विभिन्न फंड-बेस्ड और नॉन-फंड बेस्ड वित्तीय सुविधाओं में की गई कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है। कंपनी पर आरोप है कि उसने बैंक से अधिक क्रेडिट सुविधा हासिल करने के लिए अपने स्टॉक के मूल्यों में हेरफेर किया, ट्रेड रिसीवेबल्स को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया और कंपनी के वित्तीय विवरणों (Financial Statements) में फर्जीवाड़ा किया। इसके अलावा, लोन की रकम को डाइवर्ट करने और खातों की एवरग्रीनिंग (गड़बड़ी छिपाने) के जरिए केनरा बैंक को ₹1109 करोड़ का नुकसान पहुंचाया गया।

    4 निदेशकों के आवास, पंजीकृत कार्यालय और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर रेड

    सीबीआई (CBI) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, यह कार्रवाई भुवनेश्वर स्थित विशेष सीबीआई न्यायाधीश की अदालत द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर की गई। सर्च ऑपरेशन के तहत:

    • भुवनेश्वर (ओडिशा) में कंपनी के 4 आरोपी निदेशकों (Directors) के आवासीय परिसरों,

    • कोलकाता (पश्चिम बंगाल) स्थित कंपनी के पंजीकृत कार्यालय (Registered Office),

    • तथा काशीपुर (उधम सिंह नगर, उत्तराखंड), तिरुवल्लुर (तमिलनाडु) और भुवनेश्वर (ओडिशा) स्थित तीन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर छापेमारी की गई।

    सीबीआई के अनुसार, इस तलाशी अभियान के दौरान कई महत्वपूर्ण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं। मामले में आगे की कानूनी जांच जारी है।

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    उत्तराखंड से इराक तक 'फ्रेंच फ्राइज़' का स्वाद: एपीडा के सहयोग से राज्य ने कृषि-निर्यात में रचा नया इतिहास!

    आरएस अनेजा, 20 जुलाई नई दिल्ली - भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर से इराक को 24 मीट्रिक टन (एमटी) फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज़ के पहले निर्यात में सहायता प्रदान की है। वीरुन ग्लोबल ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्यात की गई यह खेप उत्तराखंड से मूल्यवर्धित कृषि निर्यात को बढ़ावा देने और भारत के प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

    निर्यातक ने विश्वास व्यक्त किया कि गुणवत्तापूर्ण उत्पाद से बार-बार ऑर्डर मिलेंगे और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दीर्घकालिक व्यापारिक संबंध स्थापित होंगे, जिससे कंपनी और क्षेत्र के लिए निर्यात के निरंतर अवसर पैदा होंगे। एपीडा ने निर्यातक को सियाल, गल्फूड, इंडसफूड और वर्ल्ड फ़ूड इंडिया सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनियों में भाग लेने में सहयोग दिया है, जिससे बाजार तक व्यापक पहुंच और खरीदारों के साथ बेहतर जुड़ाव संभव हुआ है।

    भारत प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों के वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में अपनी स्थिति को लगातार सुदृढ कर रहा है। 2025-26 के दौरान, प्रसंस्कृत सब्जियों का भारत का निर्यात 932.25 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें 7,26,874.70 मीट्रिक टन उत्पाद शामिल थे। इसमें से, मूल्यवर्धित आलू उत्पादों का निर्यात 277,108.51 मीट्रिक टन था, जिसका मूल्य 289.40 मिलियन डॉलर था। प्रसंस्कृत फलों और सब्जियों ने मिलकर वर्ष के दौरान एपीडा के निर्धारित निर्यात में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान दिया।

    एपीडा अध्यक्ष अभिषेक देव ने कहा कि उत्तराखंड जैसे भू-आबद्ध राज्यों से निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता पर लॉजिस्टिक्स लागत का लगातार प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि एपीडा निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार लाने और निर्यातकों के लिए अधिक बाजार पहुंच को सुगम बनाने के उद्देश्य से परिवहन सहायता प्रावधानों सहित राज्य कृषि निर्यात नीति के निर्माण और कार्यान्वयन पर उत्तराखंड सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है।

    उत्तराखंड में प्रसंस्कृत खाद्य उद्योग का विस्तार गुणवत्तापूर्ण कच्चे उत्पादों की निरंतर मांग सृजित करके, स्रोत स्तर पर मूल्यवर्धन को बढ़ावा देकर और निर्यात-उन्मुख आपूर्ति श्रृंखलाओं में अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करके कृषि मूल्य श्रृंखला में मजबूत बाजार अवसर पैदा कर रहा है। ऐसी पहलों से और बेहतर बाजार पहुंच के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ राज्य के प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

    एपीडा निर्यात अवसंरचना को सुदृढ़ करने, वैश्विक बाजारों तक पहुंच को सुगम बनाने और भारत से मूल्यवर्धित कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकारों, निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), प्रसंस्करणकर्ताओं और अन्य हितधारकों के साथ निरंतर मिलकर काम कर रहा है।

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    अभ्यास पिच ब्लैक 2026: ऑस्ट्रेलिया में गरजेगा भारत का 'राफेल', बहुराष्ट्रीय युद्ध अभ्यास का धमाकेदार आगाज़!

    आरएस अनेजा, 20 जुलाई नई दिल्ली - भारतीय वायु सेना (आईएएफ) व रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (आरएएएफ) बेस डार्विन में एक्सरसाइज पिच ब्लैक 2026 आज से शुरू हो गया है। 7 अगस्त 2026 तक चलने वाला यह अभ्यास पिच ब्लैक, आरएएएफ का प्रमुख द्विवार्षिक बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभ्यास है।

    इस अभ्यास का नाम उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के विशाल निर्जन क्षेत्रों में रात्रि उड़ान विशेष अभियान के कारण रखा गया है। अभ्यास के 45 वर्षों के लंबे इतिहास में, इस संस्करण में बड़ी संख्या में प्रतिभागी बल शामिल हैं, जो जटिल बड़े बल प्रयोग और बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभियानों के लिए सैन्य कर्मियों को एक साथ ला रहे हैं।

    भारतीय वायु सेना की टुकड़ी में पायलट, इंजीनियर, तकनीशियन, नियंत्रक और अन्य विशेषज्ञ सहित उच्च कुशल वायु योद्धा शामिल हैं। यह टुकड़ी राफेल मल्टीरोल लड़ाकू विमान का संचालन करेगी, जिसे सी-17 ग्लोबमास्टर-III और आईएल-78 वायु-से-वायु ईंधन भरने वाले विमानों का समर्थन प्राप्त होगा। यह अभ्यास भाग लेने वाली सेनाओं को अंतरसंचालनीयता बढ़ाने, बल एकीकरण को मजबूत करने और वैश्विक परिदृश्यों में सहयोगात्मक संचालन की दिशा में परिचालन सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करेगा। भारतीय वायु सेना की टुकड़ी में पायलट, इंजीनियर, तकनीशियन, नियंत्रक और अन्य विशेषज्ञ सहित उच्च कुशल वायु योद्धा शामिल हैं। यह टुकड़ी राफेल मल्टीरोल लड़ाकू विमान का संचालन करेगी, जिसे सी-17 ग्लोबमास्टर-III और आईएल-78 वायु-से-वायु ईंधन भरने वाले विमानों का समर्थन प्राप्त होगा। यह अभ्यास भाग लेने वाली सेनाओं को अंतरसंचालनीयता बढ़ाने, बल एकीकरण को मजबूत करने और वैश्विक परिदृश्यों में सहयोगात्मक संचालन की दिशा में परिचालन सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करेगा।

    अभ्यास पिच ब्लैक 26 लंबी दूरी पर अभियान संबंधी हवाई अभियानों को परखने, बहुराष्ट्रीय अंतर-संचालनीयता को बढ़ाने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में पेशेवर साझेदारियों को मजबूत करने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है। यह अभ्यास भाग लेने वाली वायु सेनाओं को एक वास्तविक और चुनौतीपूर्ण बहुराष्ट्रीय वातावरण में संचालन करने में सक्षम बनाएगा, जिससे परिचालन समन्‍वय और आपसी समझ को बढ़ावा मिलेगा। भारतीय वायु सेना ने इससे पहले 2018, 2022 और 2024 में इस अभ्यास में भाग लिया है, जो रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने की उसकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।

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    प्रधानमंत्री ने 37वें अंतरराष्ट्रीय बायोलॉजी ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन के लिए भारतीय टीम को बधाई दी

    आरएस अनेजा, 20 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज लिथुआनिया के विलनियस में आयोजित 37वें अंतरराष्ट्रीय बायोलॉजी ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन के लिए भारतीय टीम को बधाई दी।

    प्रतियोगिता में टीम के सभी चार सदस्यों ने पदक जीते, जिनमें एक स्वर्ण पदक भी शामिल है। श्री मोदी ने कहा कि भव्या गुनवाल, सौमिल माइती, निशित कलानी और अनमोल कुमार ने मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, सिस्टमैटिक्स और प्लांट कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी जैसे विषयों में बेहतरीन जानकारी का प्रदर्शन किया है और उनकी यह सफलता कई अन्य युवाओं को प्रेरित करेगी।

    प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:

    यह बहुत खुशी की बात है कि लिथुआनिया के विलनियस में आयोजित 37वीं इंटरनेशनल बायोलॉजी ओलंपियाड में भारतीय टीम के सभी चार सदस्यों ने पदक जीते, जिनमें एक स्वर्ण पदक भी शामिल है।

    ओलंपियाड में सफलता के लिए भव्या गुनवाल, सौमिल माइती, निशित कलानी और अनमोल कुमार पर हमें गर्व है। उन्होंने मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, एनिमल फिजियोलॉजी, एनिमल मॉर्फोलॉजी, सिस्टमैटिक्स और प्लांट कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी जैसे विषयों में बेहतरीन जानकारी का प्रदर्शन किया है।

    मुझे विश्वास है कि यह सफलता कई अन्य युवाओं को भी प्रेरित करेगी।

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    प्रधानमंत्री ने जापान ओपन 2026 का खिताब जीतने पर पीवी सिंधु को बधाई दी

    आरएस अनेजा, 20 जुलाई नई दिल्ली -प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज भारत की बेहतरीन शटलर पीवी सिंधु को जापान ओपन 2026 का खिताब जीतने पर बधाई दी। वे यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। श्री मोदी ने कहा कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान पीवी सिंधु का दृढ़ संकल्प और असाधारण कौशल देखने को मिला और वे देश भर के अनगिनत युवा खिलाड़ियों को खेलने और शानदार प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेंगी।

    प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:

    भारतीय बैडमिंटन के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि!

    जापान ओपन 2026 में जीत हासिल करने पर पीवी सिंधु को बधाई। पूरे टूर्नामेंट के दौरान उनका दृढ़ संकल्प और असाधारण कौशल देखने को मिला। यह उपलब्धि इसलिए और भी खास है, क्योंकि वे यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं। यह देश भर के अनगिनत युवा खिलाड़ियों को खेलने और शानदार प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।


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    संसद के मानसून सत्र 2026 की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने संबोधन दिया और संसद कार्यवाही सुचारू चलाने पर जोर दिया

    आरएस अनेजा, 20 जुलाई नई दिल्ली - संसद के मानसून सत्र 2026 की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने देश के विकास के लिए संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने पर जोर दिया।

    उन्होंने कहा कि मानसून का भी कुछ लाभ नजर आ रहा है और मानसून सत्र भी प्रारंभ हो रहा है। मानसून हो या मानसून सत्र, अगर दोनों प्रोएक्टिव हो, तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं, और दोनों प्रोडक्टिव होते हैं, तो देश का कल्याण होता है, जीव मात्र का कल्याण होता है। और इसलिए, हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून भी प्रोएक्टिव रहे, मानसून सत्र भी प्रोडक्टिव रहे।

    उन्होंने कहा पिछले एक महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं और देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है। चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो। एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं। पिछले वर्ष मानसून सत्र के ठीक पहले भारतीय नागरिक ‘इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन’ पर पहुंचा था और परसों ही भारत का एक युवा स्टार्टअप, उसने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है। विश्व के कम ही देश हैं, जहां इस प्रकार से प्राइवेट साहस हुए हैं और भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष में नई उड़ान भरी है, बहुत बड़ी सफलता है। और ये जो स्काई रूट स्टार्टअप है, उसमें जो नौजवान काम कर रहे हैं, मुझे बताया गया, उनकी पूरी टीम की जो एवरेज एज है, वो सिर्फ 28 साल है। ऐसे नौजवानों ने यह काम करके दिखाया। मैं किसी 56 साल के नौजवान की बात नहीं कर रहा हूं, मैं देश के ये स्टार्टअप ने 28 के एवरेज वाले नौजवानों ने अंतरिक्ष में भारत का झंडा गाड़ दिया है। उनको तो बधाई है ही है, लेकिन ऐसी बातें जो हैं, जो भारत को आत्मविश्वास से भर देती है। विश्व में भारत का प्रोफाइल सर्वमान्य, सर्व-स्वीकृत बनता जाता है।

    ये संयोग नहीं, ये एक संदेश है और बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम है। इससे बड़ा संदेश देश के लिए कोई और प्रेरणा नहीं दे सकता है।

    जो रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार होकर के आज देश चल पड़ा है, उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं, और सफल भी हो रहे हैं।

    पिछले दिनों राजस्थान में बहुत बड़ी ऑयल रिफाइनरी देश को समर्पित की गई। पिछले कुछ सप्ताह पहले, एक सेमीकंडक्टर प्लांट, यानी तीसरा, देश को समर्पित किया गया। अभी कुछ दिन पहले ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन और विश्व में बहुत कम देश ऐसे हैं कि जिनके पास ये सुविधा है। लेकिन भारत ने जो हाइड्रोजन ट्रेन देशवासियों को समर्पित की है, वो सबसे ताकतवर इंजन वाली है, और सबसे लंबी है। ये अपने आप में भारत के वैज्ञानिक, भारत के इंजीनियर्स, भारत के इनोवेटर्स, भारत के उद्यमी, भारत के श्रमिक, ये जो एक लक्ष्य लेकर के देश के लिए जी रहे हैं, देश के लिए काम कर रहे हैं, उसी का परिणाम है।

    हम भली-भांति जानते हैं और पूरी दुनिया चिंतित भी है, लगातार कहीं न कहीं युद्ध की स्थितियां बनती रही है। पश्चिम एशिया के युद्ध के कारण भारत जैसे देश जो एनर्जी के लिए औरों पर डिपेंडेंट है, उनके लिए ये पश्चिम एशिया का युद्ध एक बहुत ही बड़ा संकट का कारण रहा। पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, फर्टिलाइजर, केमिकल्स, यानी हर विषय में अनेक बाधाएं, अनेक संकट आए। उसके बावजूद भी भारत 7.7 परसेंट के ग्रोथ से दुनिया की मेजर इकोनॉमी में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश बनके रहा। ये भारत के सामर्थ्य का परिचायक है। भारत किस प्रकार से उत्साह और उमंग के साथ नई ऊंचाइयों को पार करना चाहता है। उसकी  इसमें एक झलक है और ऐसे में जब ये मानसून सत्र आरंभ हो रहा है, देश ने स्पीड पकड़ ली है और संसद का स्पिरिट उस स्पीड में नई ऊर्जा भर सकता है। सकारात्मक स्पिरिट राष्ट्र के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बहुत आवश्यक होता है। हमारे सदन में बहुत अनुभवी सांसद भी है, दल उनका कोई भी हो, लेकिन उनके पास एक लंबा अनुभव है। ऐसे समय में उनके अनुभव की, उनके ज्ञान की संसद को भी जरूरत है, देश को भी जरूरत है। और इसके लिए संसद का चलना, सार्थक चर्चा होना, मिल जुलकर के देश को आगे ले जाने के संकल्प लेना, ये मैं समझता हूं कि बहुत ही समय की मांग है। एस्पिरेशन से भरे हुए देश के युवाओं की मांग है कि हम आगे बढ़े। आज समय की मांग है कि राष्ट्र निष्ठा से भरे हुए, राष्ट्रभक्ति के लिए जी रहे, आवाज को सदन में उचित मंच मिलता रहे, वे अपनी आवाज को बुलंद करें, देश को दिशा दे, और इसलिए मैं आशा करता हूं, और मुझे पक्का विश्वास है, जहां तथ्य होते हैं, जहां तर्क होते हैं, वहां तूफान के लिए जगह नहीं होती है। अगर तर्क मजबूत है, तथ्य मजबूत है, तो शांत चित्त से भी अपनी आवाज को बुलंद बनाया जा सकता है। मैं आशा करता हूं तर्क और तथ्य के साथ सदन की चर्चा को समृद्ध किया जाए। हर आवाज को अवसर मिले, हर विचार को सम्मान मिले, ये संसद की हमारी भूमिका है। मैं सभी सांसदों से बढ़-चढ़कर के इस सदन में हिस्सा लेने के लिए निमंत्रित करता हूं। आज सुबह स्पीकर महोदय जी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से देश के सांसदों का स्वागत करने के अपने भाव को व्यक्त किया है। मैं भी उसमें अपना स्वर मिलाता हूं।

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    रिलायंस ADA ग्रुप पर CBI का बड़ा एक्शन: अनिल अंबानी के ग्रुप से जुड़ी कंपनियों के 15 ठिकानों पर छापेमारी; ₹27,337 करोड़ के घोटाले का आरोप

    मुंबई/दिल्ली, 19 जुलाई (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस एडीए (ADA) ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सीबीआई द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच एजेंसी ने 18 जुलाई 2026 को अनिल डी. अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस एडीए ग्रुप की दो प्रमुख कंपनियों—रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) के खिलाफ दर्ज मामलों में दिल्ली और मुंबई के 15 अलग-अलग ठिकानों पर सघन छापेमारी की है।

    23 जुड़ी हुई संस्थाओं और पूर्व अधिकारियों के ठिकानों पर रेड

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, इस सर्च ऑपरेशन के दायरे में रिलायंस एडीए ग्रुप से जुड़ी 23 इंटरलिंक्ड (आपस में जुड़ी) संस्थाएं आईं। इन पर आरोप है कि इन्होंने आरसीएफएल (RCFL) और आरएचएफएल (RHFL) द्वारा बैंकों से उधार लिए गए फंड को ग्रुप की दूसरी कंपनियों में डाइवर्ट (सेंधमारी/हस्तांतरित) करने के लिए एक माध्यम (कंड्यूट) के रूप में काम किया, जिससे कर्ज देने वाले बैंकों को भारी नुकसान हुआ। इसके अलावा, सीबीआई ने आरएचएफएल के पूर्व सीएफओ (CBI), रिलायंस एडीए ग्रुप के पूर्व सेक्रेटेरियल हेड और आरएचएफएल के पूर्व चीफ ट्रेजरी कंसलटेंट के परिसरों पर भी छापेमारी की। मुंबई के माननीय विशेष सीबीआई जज द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर की गई इस कार्रवाई में कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

    सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और LIC को ₹27,337 करोड़ का चूना

    प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, सीबीआई ने विभिन्न पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs) और एलआईसी (LIC) से मिली शिकायतों के आधार पर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom), रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (RTL) के खिलाफ कुल 7 एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं। इन सात मामलों में सरकारी बैंकों और एलआईसी को लगभग ₹27,337 करोड़ का भारी-भरकम नुकसान पहुंचाने का आरोप है।

    सुप्रीम कोर्ट कर रहा है जांच की निगरानी, 7 आरोपी पहले से जेल में

    सीबीआई ने प्रेस रिलीज में बताया कि इस पूरे मामले में एजेंसी अब तक 38 ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है, 4 चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं और 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत (जेल) में हैं। माननीय सुप्रीम कोर्ट खुद इस पूरे मामले की जांच की सीधे निगरानी कर रहा है। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि वह इन मामलों की त्वरित और व्यापक जांच पूरी करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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    JVL एग्रो इंडस्ट्रीज पर ED का बड़ा एक्शन: ₹3.94 करोड़ की संपत्ति कुर्क; बैंकों को ₹1970 करोड़ का चूना लगाने का आरोप

    प्रयागराज, 19 जुलाई (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) के इलाहाबाद सब-जोने कार्यालय ने जेवीएल (JVL) एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड और अन्य के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच में एक बड़ी कार्रवाई की है। ईडी द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत तीसरा अनंतिम कुर्की आदेश (PAO) जारी कर लगभग ₹3.94 करोड़ की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है।

    CBI की FIR के आधार पर ED ने शुरू की थी जांच

    ईडी द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, इस मामले में जांच की शुरुआत सीबीआई (CBI), लखनऊ द्वारा भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) और दाखिल चार्जशीट के आधार पर की गई थी। ईडी की तफ्तीश में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि JVL एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अपने प्रमोटर सत्य नारायण झुनझुनवाला और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर व्यक्तिगत फायदे के लिए एक सोची-समझी आपराधिक साजिश रची थी।

    बैंकों के समूह को लगाया ₹1970 करोड़ से अधिक का चूना

    प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, मुख्य आरोपी सत्य नारायण झुनझुनवाला ने अपने करीबियों के साथ मिलकर बैंकों के कंसोर्टियम (समूह) को ₹1970 करोड़ से अधिक का भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया। इस धोखाधड़ी से कमाए गए पैसों (Proceeds of Crime) को सोची-समझी रणनीति के तहत कंपनी के फंड से हटाकर परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और उनकी निजी कागजी कंपनियों (शेल कंपनियों) व फर्मों में ट्रांसफर कर दिया गया।

    13 ठिकानों पर छापेमारी, अब तक ₹882.61 करोड़ की संपत्ति अटैच

    ईडी ने बताया कि जांच के दौरान पीएमएलए की धारा 17 के तहत सत्य नारायण झुनझुनवाला और उनके सहयोगियों से जुड़े 13 अलग-अलग ठिकानों पर सघन छापेमारी की गई थी। इससे पहले भी ईडी इस मामले में ₹878.67 करोड़ की संपत्तियों के दो कुर्की आदेश जारी कर चुका है, जिनकी पुष्टि पीएमएलए अथॉरिटी द्वारा की जा चुकी है।

    ताजा कार्रवाई को मिलाकर इस पूरे मामले में अब तक कुर्क की गई कुल संपत्ति का आंकड़ा ₹882.61 करोड़ तक पहुंच गया है, जबकि इस घोटाले की कुल आपराधिक कमाई (Proceeds of Crime) लगभग ₹1972 करोड़ आंकी गई है। माननीय विशेष पीएमएलए कोर्ट ने मामले में दाखिल शिकायत पर पहले ही संज्ञान ले लिया है और ईडी द्वारा आगे की जांच लगातार जारी है।

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    अमरनाथ यात्रा: खराब मौसम के चलते पहलगाम और बालटाल दोनों रास्तों से यात्रा आज से अस्थायी रूप से रोकी गई

    श्रीनगर, 19 जुलाई (अन्‍नू): जम्मू-कश्मीर में पवित्र श्री अमरनाथ जी की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर आई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा आने वाले दिनों में खराब मौसम के पुख्ता पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने आज (रविवार, 19 जुलाई) से अमरनाथ यात्रा को दोनों ही रास्तों—पहलगाम और बालटाल—से अस्थायी रूप से रोकने का बड़ा फैसला लिया है। अधिकारियों ने शनिवार को आधिकारिक बयान जारी कर इस निर्णय की जानकारी साझा की।

    तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए एहतियातन लिया गया फैसला

    प्रशासन द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, यह कदम पूरी तरह से बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए आ रहे देश-विदेश के तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और भलाई को सुनिश्चित करने के लिए एहतियात के तौर पर उठाया गया है।

    बयान में स्पष्ट रूप से कहा गया, "अगले कुछ दिनों में मौसम की गंभीर और खराब स्थिति के अनुमान को ध्यान में रखते हुए, अमरनाथ यात्रा 19 जुलाई, 2026 से पहलगाम और बालटाल दोनों ट्रैकों से कुछ समय के लिए स्थगित की जा रही है।"

    बेस कैंपों पर रोके जाएंगे श्रद्धालु: कमिश्नर अंशुल गर्ग

    कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि रविवार सुबह से ही बालटाल और नुनवान/चंदनवाड़ी बेस कैंपों से किसी भी तीर्थयात्री या जत्थे को आगे (पवित्र गुफा की ओर) जाने की बिल्कुल भी इजाजत नहीं दी जाएगी।

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम विभाग से हरी झंडी मिलने, ट्रैक की स्थिति की पूरी बारीकी से जांच करने और रास्ते पूरी तरह सुरक्षित होने की पुष्टि के बाद ही यात्रा को दोबारा बहाल किया जाएगा। यात्रा फिर से कब शुरू होगी, इसकी आधिकारिक और सटीक जानकारी समय पर मीडिया और डिजिटल माध्यमों से जारी कर दी जाएगी।

    अब तक 3.70 लाख से अधिक भक्तों ने टेका मत्था

    अधिकारियों ने यात्रा के आधिकारिक आंकड़े साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक का सफर बेहद शानदार रहा है। अब तक 3.70 लाख से ज्यादा श्रद्धालु और शिवभक्त पवित्र गुफा मंदिर में पहुंचकर बाबा बर्फानी के सफल दर्शन कर चुके हैं और सुख-समृद्धि की कामना कर चुके हैं। प्रशासन ने बेस कैंपों पर मौजूद सभी श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और मौसम साफ होने तक सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की है।

    #AmarnathYatra2026 #DanikKhabar #AmarnathYatraSuspended #WeatherAlert #IMDPrediction #PahalgamRoute #BaltalRoute #KashmirNews #BabaBarfani #BreakingNews

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विक्रम-1 के सफल प्रक्षेपण पर स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम को बधाई दी

    आरएस अनेजा, 18 जुलाई, नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम से बात की और विक्रम-1 के सफल लॉन्च पर उन्हें बधाई दी। मोदी ने कहा कि यह भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक निर्णायक क्षण है। हमारे निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी नए मोर्चे खोल रही है और नवाचार को तेज कर रही है।

    मोदी ने कहा, "यह उपलब्धि अनगिनत युवाओं को बड़े सपने देखने और निडर होकर नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।"

    प्रधानमंत्री मोदी ने X पर पोस्ट किया;

    स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम से बात की और विक्रम-1 के सफल लॉन्च पर उन्हें बधाई दी।

    यह भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक निर्णायक क्षण है। हमारे निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी नए मोर्चे खोल रही है और नवाचार को तेज कर रही है।

    यह उपलब्धि अनगिनत युवाओं को बड़े सपने देखने और निडर होकर नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

    #Vikram1Successful #SkyrootAerospace #PMModiCongratulates #IndianSpaceHistory #PrivateSpaceSector #InnovationInIndia #Vikram1Launch #BreakingNews

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    किसानों को आसानी से मिलेगा कर्ज: डिजिटल भूमि रिकॉर्ड और RBI के एकीकृत ऋण इंटरफ़ेस (ULI) को जोड़ने की तैयारी

    आरएस अनेजा, 18 जुलाई, नई दिल्ली- ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग (डीओएलआर) ने हाल ही में भूमि प्रशासन और डिजिटल ऋण के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) के अभिसरण की संभावनाओं का पता लगाने के लिए आरबीआई इनोवेशन हब (आरबीआईएच) के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की।

    इस बैठक की अध्यक्षता भूमि संसाधन विभाग के सचिव नरेन्द्र भूषण ने की, जिन्होंने आरबीआई इनोवेशन हब के सीईओ साहिल किनी, मुख्य उत्पाद अधिकारी अभिषेक पोद्दार, उपाध्यक्ष अरुण सीतामराजू और आरबीआईएच की सहायक महाप्रबंधक - सॉल्यूशनिंग और पार्टनरशिप सुश्री अदिति दुबे के साथ बातचीत की।

    इस बैठक में परिकिपांडला नरहरि, संयुक्त सचिव (भूमि संसाधन), श्याम कुमार, निदेशक (भूमि संसाधन), और अमित कुमार सिंह, निदेशक (भूमि संसाधन) उपस्थित हुए।

    चर्चा का मुख्य उद्देश्य विभाग की डिजिटल भूमि शासन पहलों और एकीकृत ऋण इंटरफ़ेस (यूएलआई) के बीच समनव्य स्थापित करना था ताकि किसानों और ग्रामीण नागरिकों के लिए निर्बाध, सुरक्षित और सहमति-आधारित ऋण वितरण को सक्षम बनाया जा सके।

    प्रतिभागियों ने इस बात पर विचार-विमर्श किया कि कैसे प्रामाणिक, अंतरसंचालनीय डिजिटल भूमि अभिलेख संस्थागत ऋण तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार कर सकते हैं, साथ ही ऋण देने की व्यवस्था में पारदर्शिता और दक्षता को सुदृढ़ कर सकते हैं।

    सहयोग के जिन प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा हुई उनमें निम्नलिखित शामिल थे:

    प्रमाणित डिजिटल भूमि अभिलेखों तक सुरक्षित और मानकीकृत पहुंच को सक्षम बनाना।

    किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और अन्य कृषि ऋणों की डिजिटल डिलीवरी में तेजी लाना।

    लेनदेन की लागत को कम करना और ऋण प्रसंस्करण समय में सुधार करना।

    एक ही भूमि पार्सल के विरुद्ध एकाधिक वित्तपोषण को रोकने के लिए बंधक सूचना और चिह्नांकन तंत्र के माध्यम से जोखिम प्रबंधन को मजबूत करना।

    भूमि को औपचारिक ऋण प्राप्त करने के लिए एक विश्वसनीय डिजिटल संपत्ति में परिवर्तित करके वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना।

    बैठक में सामान्य डेटा मानकों को अपनाने, एपीआई की अंतरसंचालनीयता सुनिश्चित करने, यूएलपीआईएन (भू-आधार) के उपयोग का विस्तार करने और भूमि प्रशासन तथा वित्तीय क्षेत्र के हितधारकों के बीच घनिष्ठ सहयोग को बढ़ावा देने के महत्व पर भी जोर दिया गया।

    भूमि संसाधन विभाग ने आरबीआई इनोवेशन हब और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर एक सुरक्षित, अंतरसंचालनीय और नागरिक-केंद्रित डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जो ग्रामीण भारत में औपचारिक ऋण तक पहुंच का विस्तार करते हुए भूमि शासन को मजबूत करती है।

    #DigitalIndia #RuralDevelopment #ULI #RBIInnovationHub #DigitalLandRecords #KCCLoan #FinancialInclusion #BhuAadhar #DoLR #BreakingNews

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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस को शुभकामनाएं दीं

    आरएस अनेजा, 18 जुलाई, नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारत के पहले निजी तौर पर विकसित प्रक्षेपण यान विक्रम-1 के प्रथम कक्षीय प्रक्षेपण से पूर्व स्काईरूट एयरोस्पेस को शुभकामनाएं दीं और इसे राष्ट्र की अंतरिक्ष यात्रा में एक ऐतिहासिक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। श्री मोदी ने कहा कि विक्रम-1 का प्रक्षेपण भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं के लिए एक नए आयाम का द्वार खोलता है और नवाचार, प्रौद्योगिकी और उद्यमशीलता में देश की बढ़ती क्षमताओं को दर्शाता है।

    प्रधानमंत्री ने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से, इस ऐतिहासिक अभियान को देखने का आग्रह किया।

    प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया:

    भारत की अंतरिक्ष यात्रा के लिए एक ऐतिहासिक नई उपलब्धि!

    आज सुबह 11:30 बजे, स्काईरूट एयरोस्पेस भारत के पहले निजी तौर पर विकसित प्रक्षेपण यान विक्रम-1 का पहला कक्षीय प्रक्षेपण करेगी।

    यह चार चरणों वाला रॉकेट तेज़ी से और मांग के अनुसार प्रक्षेपण सेवाएं प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह मिशन हमारे युवाओं की प्रतिभा, दृढ़ संकल्प और उद्यमशीलता की भावना को उजागर करता है। यह भी दिखाता है कि हमारे अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए सुधार नवाचार और उद्यम के लिए नए अवसर कैसे खोल रहे हैं।

    स्काईरूट एयरोस्पेस की पूरी टीम को सफल प्रक्षेपण के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। विक्रम-1 ऊंचाइयों को छूए, इतिहास रचे और नवप्रवर्तकों की एक पीढ़ी को प्रेरित करे।

    मैं सभी भारतीयों, विशेषकर अपने युवा मित्रों से आग्रह करता हूं कि वे इस ऐतिहासिक मिशन का अनुसरण करें और #IndiaWithVikram1 का उपयोग करके टीम स्काईरूट की सफलता की कामना करें।

    #Vikram1Launch #SkyrootAerospace #IndiaWithVikram1 #PMModi #SpaceSectorReforms #MakeInIndia #ISRO #IndianSpaceHistory #BreakingNews

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    ₹500 करोड़ का बड़ा क्रिप्टोकरेंसी घोटाला: ED ने मास्टरमाइंड मिलन गर्ग सहित 3 मुख्य आरोपियों को किया गिरफ्तार, कोर्ट ने दी 12 दिन की कस्टडी

    नई दिल्ली/शिमला, 18 जुलाई (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) के शिमला सब-जोनाल ऑफिस ने एक बड़े क्रिप्टोकरेंसी घोटाले (Cryptocurrency Scam) की जांच में बड़ी सफलता हासिल की है। ईडी द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 19(1) के तहत तीन मुख्य आरोपियों मिलन गर्ग, सुखदेव ठाकुर और अभिषेक शर्मा को गिरफ्तार किया है।

    हिमाचल प्रदेश और पंजाब पुलिस द्वारा मुख्य साजिशकर्ता सुभाष शर्मा और अन्य के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर (FIR) के आधार पर ईडी ने इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच शुरू की थी।

    2.48 लाख से ज्यादा लोग बने शिकार, ₹500 करोड़ डूबे

    ईडी की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, आरोपियों ने साल 2018 में सुभाष शर्मा और हेमराज व अन्य के साथ मिलकर एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिप्टोकरेंसी आधारित मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) स्कीम लॉन्च की थी। बाद में इस धोखाधड़ी वाले प्लेटफॉर्म को विदेशी सर्वरों (डिजिटल ओशन) पर ट्रांसफर कर दिया गया और इसे korvio.iovoscow.com जैसे डोमेन के जरिए चलाया जाने लगा।

    आरोपियों ने आम जनता को "कोर्वियो कॉइन (KRO)" में भारी और पक्के रिटर्न का झांसा देकर निवेश कराया। यह पूरी तरह से एक पोंजी स्कीम (Ponzi Structure) थी, जिसमें नए निवेशकों से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल पुराने निवेशकों को रिटर्न देने के लिए किया जा रहा था। सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने डिजिटल रिकॉर्ड और डोमेन डेटा भी डिलीट कर दिया था। हालांकि, रिकवर किए गए डिजिटल साक्ष्यों से खुलासा हुआ है कि इस घोटाले में 2.48 लाख से अधिक निर्दोष लोग शिकार हुए हैं, जिससे निवेशकों को करीब 500 करोड़ रुपये (219 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के लेन-देन) का भारी नुकसान हुआ है।

    मिलन गर्ग था तकनीकी आर्किटेक्ट और मुख्य मास्टरमाइंड

    ईडी की जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी मिलन गर्ग इस फर्जी क्रिप्टोकरेंसी स्कीम (कोर्वियो/वोस्क्रो, हाइपनेक्स्ट और ए-ग्लोबल) का मुख्य मास्टरमाइंड और टेक्निकल आर्किटेक्ट था। उसी ने इन फर्जी प्लेटफॉर्म्स को डेवलप और कंट्रोल किया था। वह क्रिप्टो वॉलेट्स का प्रबंधन करने के साथ-साथ निवेशकों के फंड को अलग-अलग जगह रूट करता था और कैश को क्रिप्टोकरेंसी में बदलने का पूरा काम देखता था।

    सुखदेव और अभिषेक ने जुटाया था करोड़ों का कैश, रियल एस्टेट में लगाया पैसा

    जांच में यह भी पता चला कि सुखदेव ठाकुर और अभिषेक शर्मा इस स्कीम के शुरुआती प्रमोटर थे। इन दोनों ने निवेशकों को ऊंचे रिटर्न का झूठा भरोसा देकर भारी मात्रा में कैश इकट्ठा किया और उसे मुख्य आरोपी सुभाष शर्मा के निर्देश पर जुनेजा परिवार (विजय जुनेजा और मासूम जुनेजा) तक पहुंचाया। सुभाष शर्मा फिलहाल फरार चल रहा है।

    इस अवैध धंधे से इन प्रमोटरों ने तगड़ा कमीशन कमाया और अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) से अचल संपत्तियों में हिस्सेदारी खरीदी, जिसमें जुनेजा स्क्वायर नामक प्रॉपर्टी में सुखदेव ठाकुर की 10% और अभिषेक शर्मा की 5% हिस्सेदारी शामिल है। सुखदेव के बैंक खातों और क्रिप्टो वॉलेट्स का इस्तेमाल फंड रूट करने के लिए होता था, वहीं अभिषेक के खातों से भी संदिग्ध रियल एस्टेट कंपनियों में भारी लेन-देन मिला है।

    कोर्ट ने आरोपियों को 12 दिन की ईडी कस्टडी में भेजा

    ये तीनों आरोपी पहले से ही न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में चल रहे थे। ईडी ने शिमला की विशेष पीएमएलए कोर्ट में प्रोडक्शन वारंट के तहत आवेदन देकर इन तीनों को गिरफ्तार किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय अदालत ने तीनों आरोपियों को 12 दिन की ईडी कस्टडी में भेज दिया है, ताकि घोटाले की कुल रकम और मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। इससे पहले ईडी इस मामले में हेमराज और मासूम जुनेजा को भी गिरफ्तार कर चुकी है।

    #CryptoScam #EDAction #MoneyLaundering #ShimlaNews #HimachalCrime #MilanGarg #PMLACourt #BreakingNews #DanikKhabar

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    "मन चंगा तो कठौती में गंगा, संत रविदास जी की शिक्षाओं से ही बनेगा सतयुग" – ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने आज भारी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ संत रविदास एक्सप्रेस का कार्यकर्ताओं के साथ अम्बाला छावनी स्टेशन पर स्वागत किया

    अम्बाला, 17 जुलाई – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि संत गुरू रविदास महाराज ने कहा था कि “मन चंगा तो कठौती में गंगा”, यदि आपका मन ठीक है तो कुछ और करने की जरूरत नहीं और गंगा आप के बीच में बह रही है। यदि हम उनकी शिक्षाएं धारे तो आज सतयुग बन सकता है।

    मंत्री अनिल विज आज अम्बाला छावनी रेलवे स्टेशन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जालंधर छावनी से वाराणसी तक आरंभ की गई “संत रविदास एक्सप्रेस” के बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं के साथ स्वागत के उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि जालंधर छावनी से प्रारंभ की गई इस ट्रेन में सवार सारे यात्री न केवल यहां से, बल्कि हिंदुस्तान से वाराणसी रविदास जी की जन्मस्थली पर जाते हैं। उनकी शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक है और अगर विश्व उनकी कहीं बातों पर विश्वास कर लें तो यह युग कोई भी है, तो यह स्वर्ग बन सकता है।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि गुरू रविदास जी की कही बाते श्री गुरू ग्रंथ साहिब में भी शामिल की गई है। उन्होंने जात-पात से ऊपर उठने, अपने आप को सबके सामान रखने सब सामान हो। रविदास जी ने यह भी कहा कि कोई भी कार्य छोटा व बड़ा नहीं होता। वो स्वयं जूते गांठने का काम करते थे, उन्होंने अपने आप को कभी यह नहीं माना कि वह कोई छोटा कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा वह काम कर रहे हैं और काम काम होता है। कोई भी काम जो निष्ठा से करता है वह सब बराबर है, यह उन्होंने अपनी शिक्षाओं में कहा। अगर उनकी शिक्षाएं लोग धारे तो आज सतयुग बन सकता है।

    बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं के साथ नई ट्रेन का स्वागत किया

    इससे पहले ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं के साथ संत रविदास एक्सप्रेस का स्वागत किया। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही उन्होंने ट्रेन व स्टाफ पर फूलों की बरखा कर व स्टाफ को मालाएं पहनाकर उनका छावनी स्टेशन पर स्वागत किया। इस अवसर पर सांसद कार्तिकेय शर्मा के अलावा नगर परिषद अम्बाला छावनी की चेयरमैन स्वर्ण कौर, उपाध्यक्ष ललता प्रसाद, सुनील नदारिया, अनिल नागर, विजेंद्र चौहान, रवि बुद्धिराजा, प्रवेश शर्मा, रमन छतवाल, अनुज यादव, राजू बाली, प्रमोद, सन्नी तुली, बलजिंद्र सिंह, श्याम सुंदर अरोड़ा, आरती सहगल, रीना शाक्य, शिल्पा पासी, हिमांशु, दिवांश वालिया, सुनील शाक्या, लाडी कलरहेड़ी, सूरज राणा, अभिषेक धीमान, टिंकू राणा, रवि जाट, विकास सोनकर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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    जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत तमिलनाडु और त्रिपुरा में स्व-गणना शुरू

    आरएस अनेजा, 17 जुलाई नई दिल्ली - जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) के लिए स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा आज से तमिलनाडु और त्रिपुरा में प्रारंभ हो गई है। यह सुविधा 31 जुलाई, 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके पश्चात 1 अगस्त से 30 अगस्त, 2026 तक प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर क्षेत्रीय गणना का कार्य किया जाएगा।

    इन राज्यों के निवासी आधिकारिक स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से अपनी स्व-गणना पूरी कर सकते हैं। स्व-गणना पूरी होने पर प्राप्त Self-Enumeration ID (SE ID) को सुरक्षित रखें तथा प्रगणक के क्षेत्रीय भ्रमण के समय उन्हें उपलब्ध कराएँ, ताकि HLO प्रक्रिया सुगमता से पूर्ण की जा सके।

    इस बीच, केरल और नागालैंड में मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का क्षेत्रीय कार्य जारी है, जो 30 जुलाई, 2026 तक चलेगा। जिन परिवारों ने स्व-गणना का विकल्प नहीं चुना है, उन्हें प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर कवर किया जाएगा।

    अब तक जनगणना 2027 के प्रथम चरण का कार्य 29 राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों में सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है। इनमें अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, ओडिशा, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड शामिल हैं।

    जनगणना 2027 पहली बार व्यापक स्तर पर डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए आयोजित की जा रही है। आंकड़ों का संकलन समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से किया जा रहा है, जबकि पूर्ण एवं सटीक कवरेज सुनिश्चित करने हेतु पारंपरिक घर-घर जाकर गणना की व्यवस्था भी यथावत रखी गई है। इस चरण में अधिसूचित 33 प्रश्नों वाली संरचित प्रश्नावली के माध्यम से आवास की स्थिति, परिवार संबंधी विवरण, उपलब्ध सुविधाओं तथा परिवारों के स्वामित्व वाली परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र की जा रही है।

    जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत एकत्र की गई सभी सूचनाएँ पूर्णतः गोपनीय रखी जाती हैं तथा उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय विश्लेषण एवं विकास योजनाओं के निर्माण के लिए किया जाता है। अधिसूचित राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों के सभी निवासियों से आग्रह है कि वे जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएँ तथा प्रगणकों को आवश्यक जानकारी देकर पूर्ण सहयोग प्रदान करें।

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    केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने दमन के नमो एयरपोर्ट से पहली उड़ान को हरी झंडी दिखाई

    आरएस अनेजा, 17 जुलाई नई दिल्ली - केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु तथा दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल ने केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव के लिए एक ऐतिहासिक पहल के साथ 16 जुलाई, 2026 को दमन में नए कार्यान्वित नमो हवाई अड्डे से दमन-दिल्ली-दमन मार्ग पर उद्घाटन उड़ान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सरकारी स्वामित्व वाले क्षेत्रीय वाहक एलायंस एयर की इस उड़ान के शुभारंभ के साथ दमन का पहला सीधा हवाई संपर्क बन गया है।

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के दमन एयरपोर्ट के स्‍वप्‍न को साकार करने के साथ-साथ यह इंडियन कोस्ट गार्ड एयर स्टेशन (आईसीजीएएस), दमन से संचालित की जाने वाली द्विपक्षीय सुविधा है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस नागरिक टर्मिनल की आधारशिला 25 अप्रैल 2023 को रखी थी और हवाई अड्डे का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने 5 जून 2026 को किया था।

    केन्‍द्र शासित प्रदेश प्रशासन ने 25 एकड़ की भूमि पर 124 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण किया है, जिसमें नागर विमानन मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए 88 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। यह टर्मिनल 3,700 वर्ग मीटर में फैला है और अभी यह हर दिन एटीआर 14 उड़ानों को संचालित करने में सक्षम है, जिसकी वार्षिक क्षमता 3 लाख 67 हजार यात्रियों की है।

    उड़ान संचालन कार्यक्रम में केन्‍द्र शासित प्रदेश प्रशासन, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई), एलायंस एयर और भारतीय तटरक्षक बल के वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ-साथ दमन के स्‍थानीय लोग भी शामिल हुए।

    राम मोहन नायडू ने अपने संबोधन में कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर दमन के लोगों को दिल से बधाई। अपनी पहली उड़ान के साथ ही, दमन सीधे देश की राजधानी से जुड़ रहा है। अब सूरत या मुंबई से होकर 8 से 10 घंटे बिताने के बजाय, दिल्ली दमन से सिर्फ़ 2.5 घंटे दूर होगी और यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की बदलाव लाने वाली उड़ान योजना से ही संभव हुआ है।

    राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव को 13,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की 450 से अधिक परियोजनाओं का लाभ हुआ है, यही कारण है कि दमन के लोगों ने दमन की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने के प्रधानमंत्री के स्‍वप्‍न के सम्मान में अपने नए एयरपोर्ट का नाम 'नमो एयरपोर्ट' रखा है।

    इस क्षेत्र में दमन और दीव एवं दादरा और नगर हवेली में 7,000 से ज़्यादा उद्यम हैं और निकट के वापी और वलसाड में 15,000 से ज़्यादा उद्यम संचालित हैं। बेहतर हवाई संपर्क से कारोबार बढ़ेगा, निवेश आएगा और क्षेत्र के युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसरों का सृजन होगा।

    राम मोहन नायडू किंजरापु ने क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं का उल्‍लेख करते हुए कहा कि हर वर्ष लगभग 20 लाख पर्यटक दमन आते हैं और जैसे-जैसे पर्यटकों को दमन के हवाई संपर्क से जुड़ने की जानकारी मिलेगी, यहां आने वालों की संख्या तेज़ी से बढ़ेगी। उन्‍होंने कहा कि हमारी योजना रनवे को बढ़ाते हुए मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, पटना जैसे शहरों से संपर्क स्‍थापित करना है और दमन में एयरबस ए320 जैसे विमान सहित बड़े विमानों को उतारना है।

    दीव एयरपोर्ट का उदाहरण देते हुए उन्‍होंने कहा कि वर्ष 2013 में वार्षिक यात्रियों की संख्‍या सिर्फ़ 19,000 थी, जो बढ़कर अब एक लाख से ज़्यादा हो गई है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए दीव एयरपोर्ट पर एक नया टर्मिनल और एक और बड़ा रनवे बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।

    राम मोहन नायडू ने दमन एयरपोर्ट के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने दमन की ब्लू इकॉनमी को नीले आसमान की अपार संभावनाओं से जोड़ा है। दमन से मत्‍स्‍य, समुद्री उत्‍पाद और खाद्य प्रसंस्‍करण जैसे उत्‍पाद अब कुछ ही घंटों में देश के किसी भी कोने में पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे मछली पकड़ने वाले समुदाय को लाभ मिलेगा, समुद्री किसानों के लिए नए बाजार खुलेंगे और यहां फार्मा उद्यम को भी नई गति मिलेगी।

    नायडू ने बदलाव लाने वाली उड़ान योजना को और 10 वर्ष बढ़ाने पर भी बल दिया। अत्‍याधुनिक उड़ान योजना के अंतर्गत अगले 10 वर्षों में देश भर में 100 नए एयरपोर्ट और 200 नए हेलीपैड बनाने के लिए 29,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है, जिससे भारत का क्षेत्रीय विमानन संपर्क और मज़बूत होगा।

    राम मोहन नायडू ने अपने संबोधन का समापन करते हुए नमो एयरपोर्ट परियोजना को पूरा करने में भारतीय तटरक्षक बल के अहम योगदान के लिए उन्हें विशेष धन्यवाद दिया और इस ऐतिहासिक अवसर पर दमन के लोगों को हृदय से बधाई दी।

    इस अवसर पर दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव के प्रशासक श्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि नमो एयरपोर्ट गुजरात के वलसाड से लेकर महाराष्ट्र के पालघर तक फैले पूरे औद्योगिक कार्यबल के लिए एक गेम-चेंजर सिद्ध होगा, जिससे इस क्षेत्र के युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। उन्‍होंने भरोसा जताया कि अगले 15 वर्षों में हम दमन के नमो एयरपोर्ट को कई गुना बड़ा होते देखेंगे, जो इस क्षेत्र की अर्थव्‍यवस्‍था के लिए एक गेम-चेंजर के तौर पर उभरेगा।

    दमन के नमो एयरपोर्ट से उड़ान संचालन की शुरूआत हवाई यात्रा को आम बनाने और छोटे शहरों को बढ़ते विमानन नेटवर्क में जोड़ने के सरकार के विज़न में एक और बड़ी उपलब्धि है।

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    17/07/26 |

    भारतीय वन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने भारत की राष्ट्रपति से मुलाकात की

    आरएस अनेजा, 17 जुलाई नई दिल्ली - भारतीय वन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने राष्ट्रपति भवन सांस्‍कृतिक केन्‍द्र में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।

    अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वे केवल वनों के प्रशासक नहीं हैं, बल्कि भारत की प्राकृतिक धरोहर के संरक्षक भी हैं। आज उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। सम्‍पूर्ण विश्‍व जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता के ह्रास जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन चुनौतियों का निराकरण करने में वन महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस तरह, भारतीय वन सेवा के अधिकारियों का योगदान केवल भारत की पर्यावरणीय सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके योगदान से सतत विकास के वैश्विक प्रयासों को भी बल मिलेगा। उन्होंने युवा अधिकारियों को वन क्षेत्र का विस्‍तार करने पर ध्यान देने की सलाह दी, क्योंकि वन ही पृथ्‍वी पर जीवन के आधार हैं।

    राष्ट्रपति ने कहा कि वनों एवं उनके आसपास रहने वाले लोगों की वैध आकांक्षाओं के साथ संतुलन बनाते हुए पारिस्थितिक संरक्षण को आगे बढ़ाना चाहिए। विकास और संरक्षण को एक-दूसरे के विरोधी लक्ष्‍यों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने युवा अधिकारियों से आग्रह किया कि वे ऐसे समाधान विकसित करने की दिशा में कार्य करें, जिनसे प्रकृति और स्थानीय समुदाय दोनों एक साथ फल-फूल सकें। उन्होंने संरक्षण, वन-पुनर्स्थापन तथा सतत आजीविका से जुड़ी पहलों में जनभागीदारी को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदायों, वनवासियों, महिलाओं, किसानों तथा स्थानीय संस्थाओं के विचारों और चिंताओं को समझने से अधिकारियों को बहुमूल्य दृष्टिकोण प्राप्त होगा। समाज को वनों की सुरक्षा के कार्य में भागीदार बनाने से संरक्षण के प्रयास अधिक प्रभावी एवं दीर्घस्‍थायी बनेंगे।

    राष्ट्रपति ने कहा कि लोक सेवा का मूल उद्देश्य लोगों के जीवन को बेहतर बनाना और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देना है। वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए पारिस्थितिक सुरक्षा बहुत जरूरी है। उन्‍होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय वन सेवा के अधिकारियों के रूप में युवा अधिकारी यह सुनिश्चित करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे कि भारत की विकास यात्रा हरित, समावेशी और सतत बनी रहे।

    भारतीय वन सेवा के दो बैच के प्रशिक्षु अधिकारी वर्तमान में इंदिरा गांधी राष्‍ट्रीय वन अकादमी, देहरादून में अपनी प्रोफेशनल ट्रेनिंग ले रहे हैं। वर्ष 2024 बैच में 111 प्रशिक्षु अधिकारी हैं, जबकि वर्ष 2025 बैच में 131 प्रशिक्षु अधिकारी हैं; दोनों ही बैच में भूटान के दो-दो प्रशिक्षु अधिकारी शामिल हैं।

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    विकास की नई उड़ान: पीएम मोदी ने हरियाणा-चंडीगढ़ को दी ₹21,300 करोड़ की महा-सौगात!

    आरएस अनेजा, 17 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हरियाणा और चंडीगढ़ के अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान ₹21,300 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया है। इस ऐतिहासिक दौरे में उन्होंने हरियाणा को ₹14,700 करोड़ और चंडीगढ़ को ₹4,700 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी।

    हरियाणा में मुख्य परियोजनाएं (कुल लागत: ₹14,700 करोड़)

    प्रधानमंत्री ने जींद के एकलव्य स्टेडियम में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम से इन परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया और आधारशिला रखी। पीएम मोदी ने जींद रेलवे स्टेशन से जींद-सोनीपत रूट पर चलने वाली भारत की पहली पर्यावरण-अनुकूल हाइड्रोजन-चालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। स्वदेशी तकनीक से निर्मित यह 10 कोच वाली ट्रेन शून्य कार्बन उत्सर्जन करती है। दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे: लगभग ₹9,680 करोड़ की लागत से तैयार इस एक्सप्रेसवे के पैकेज 1 से 5 को राष्ट्र को समर्पित किया गया, जिससे दिल्ली से कटरा के बीच सफर का समय 14 घंटे से घटकर सिर्फ 6 घंटे रह जाएगा। जींद-गोहाना ग्रीनफील्ड ग्रीनफील्ड हाईवे (NH-352A) और अंबाला-काला अंब राजमार्ग का उद्घाटन किया गया, जबकि हांसी-बरवाला ब्राउनफील्ड हाईवे की आधारशिला रखी गई। भिवानी में 'पंडित नेकी राम शर्मा सरकारी मेडिकल कॉलेज' और नारनौल (कोरियावास) में 'महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज व राव तुला राम अस्पताल' को जनता को समर्पित किया गया। कुरुक्षेत्र शहर में लंबे समय से लगने वाले ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए आधुनिक एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का लोकार्पण किया गया। कुरुक्षेत्र में सिख गुरुओं की विरासत और परंपरा को संजोने के लिए आधुनिक तकनीक से लैस एक नए सिख संग्रहालय की आधारशिला रखी गई।

    चंडीगढ़ में मुख्य परियोजनाएं (कुल लागत: ₹4,700 करोड़ से अधिक)

    प्रधानमंत्री ने चंडीगढ़ को उत्तर भारत का प्रमुख मेडिकल हब और विकास का मॉडल बताते हुए PGIMER में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 300 बिस्तरों वाले 'एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर' और 'एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर' का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा ₹PM-ABHIM योजना के तहत 150 बिस्तरों वाले 'क्रिटिकल केयर ब्लॉक' की आधारशिला भी रखी गई। जीरकपुर के शहरी इलाकों में ट्रैफिक कम करने के लिए सीधे चंडीगढ़ एयरोसिटी को जोड़ने वाले अंबाला-चंडीगढ़ ग्रीनफील्ड राजमार्ग के पीआर-7 स्पर (जीरकपुर ग्रीनफील्ड बाईपास) की आधारशिला रखी गई। साथ ही, मोहाली के आईटी सिटी से कुराली तक बने 6 लेन के ग्रीनफील्ड राजमार्ग का उद्घाटन किया गया। उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC) में कुरुक्षेत्र बॉयज हॉस्टल, मेस और रिसर्च स्कॉलर्स हॉस्टल के साथ-साथ सेक्टर 46 के गवर्नमेंट कॉलेज में नए हॉस्टल ब्लॉक का शिलान्यास किया।

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    इस बरस सावन में अजब बात हुई, पहले गिरती थी बूंदें इस बरस नोटों की बरसात हुई क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हरियाणा में आए हैं और 14 हजार करोड़ से ज्यादा की सौगातें लाएं हैं - ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    प्रधानमंत्री मोदी ने हरियाणा को दी 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास सौगातें, हाइड्रोजन ट्रेन देश की ऐतिहासिक उपलब्धि - ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    अंबाला-कालाअम्ब राष्ट्रीय राजमार्ग से विकास को मिलेगी नई रफ्तार, व्यापार, पर्यटन और उद्योग को होगा बड़ा लाभ

    जींद से रवाना हुई देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, हरियाणा का नाम इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज - अनिल विज

    हाइड्रोजन और सौर ऊर्जा भारत का भविष्य, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हरियाणा हरित ऊर्जा की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है - अनिल विज

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने  अम्बाला में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जींद में में किए गए लोकार्पण/शिलान्यास कार्यक्रम में वर्चुअल मोड के माध्यम से भाग लिया  

    चण्डीगढ, 17 जुलाई- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने पूरे हरियाणावासियों की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का हरियाणा आगमन पर अलग अंदाज में स्वागत करते हुए पंक्तियां सुनाई ‘‘इस बरस सावन में अजब बात हुई, पहले गिरती थी बूंदें, इस बरस नोटों की बरसात हुई, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी हरियाणा में आए हैं और 14 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की सौगातें लाएं हैं’’। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जींद से सोनीपत के बीच चलाई गई हाइड्रोजन ट्रेन देश के लिए बहुत ही बडी उपलब्धि है।

    मंत्री विज ने आज अम्बाला में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर-कमलों द्वारा जींद में में किए गए लोकार्पण/शिलान्यास कार्यक्रम में वर्चुअल मोड के माध्यम से भाग लिया।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने जींद से सोनीपत के बीच आज चलाई गई हाइड्रोजन ट्रेन को सबसे बड़ी बात की संज्ञा देते हुए कहा कि हरियाणा का नाम आज इतिहास में लिखा गया है, क्योंकि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना की है। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही बड़ी बात है, क्योंकि कोयला, तेल व गैस जैसे संसाधन सीमित है और समाप्त होते जा रहे हैं।

    ऊर्जा मंत्री विज ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर बल देते हुए कहा कि अब हमें वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर जोर देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि हाइड्रोजन हमारे वायुमण्डल बहुत बडी मात्रा में उपलब्ध है पंरतु यह भी ठीक है कि यह हाइड्रोजन अकेले नहीं मिलती, यह ऑक्सीजन के साथ मिलकर एचटूओ पानी बनकर मिलती है या कार्बन मोनोऑक्साइड के साथ मिलकर मिथेने के रूप में मिलती है। उन्होंने बताया कि हाइड्रोजन को इन तत्वों से अलग करके और कम्बशन करके ऊर्जा तैयार की जाती है और उसके बाद ट्रेन को चलाया जाता है। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन का चलना देश की बहुत ही बड़ी उपलब्धि है।

    ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इसी प्रकार से देश सौर ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है, और हरियाणा में भी सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न नई योजनाओं को आरंभ किया जाएगा। इनमें हरियाणा सरकार के कर्मचारियों के लिए सोलर लगवाने हेतू योजना पर कार्य किया जा रहा है जिसके तहत पीएम सूर्य घर योजना के तहत लोगों के घरों में एक प्रकार से मुफ्त में लगा दें और यदि कोई किसी प्रकार की राशि की कटौती की जानी होगी तो अमुक उपभोक्ताओं के बिजली बिल से वसूल कर ली जाएगी। इस तरह से कर्मचारियों को भी मुफ्त में सोलर सिस्टम लगाकर दिया जाएगा और सब्सिडी सहित अन्य राशि को किस्तों में वसूल कर लिया जाएगा। इन योजनाओं के लागू होने से इन सभी प्रकार के उपभोक्ताओं को किसी बैंक के चक्कर नहीं काटने पडेंगें।

    मंत्री अनिल विज ने कहा कि ‘‘मैं प्रधानमंत्री जी का हरियाणा आगमन पर हरियाणा वासियों की ओर से आभार प्रकट करता हूं’’। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ओर भी अन्य सौगातें दी हैं। उल्लेखनीय है कि जिनमें अंबाला-कालाअम्ब राष्ट्रीय राजमार्ग विशेष रूप से अंबाला और आसपास के क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस परियोजना के पूर्ण होने से न केवल यातायात अधिक सुगम और सुरक्षित होगा, बल्कि हिमाचल प्रदेश तथा उत्तर भारत के अन्य राज्यों के साथ संपर्क और भी मजबूत होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगभग 1,184 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 33.81 किलोमीटर लंबे अंबाला-काला अम्ब राष्ट्रीय राजमार्ग को राष्ट्र को समर्पित किया गया है। यह आधुनिक चार-लेन राजमार्ग हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बीच संपर्क को नई गति और नई दिशा प्रदान करेगा। इस परियोजना के पूर्ण होने से यात्रा का समय कम होगा, सड़क सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार आएगा तथा व्यापार, उद्योग, पर्यटन और माल परिवहन को नई ऊर्जा व गति मिलेगी।

    इस राजमार्ग पर 13 प्रवेश एवं निकास बिंदु, लगभग 29 किलोमीटर सर्विस रोड, 7 व्हीकुलर अंडरपास, आधुनिक पुल एवं उन्नत जल निकासी व्यवस्था जैसी सुविधाएँ विकसित की गई हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ लाखों यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। यह केवल एक सड़क नहीं, बल्कि विकास का ऐसा सशक्त मार्ग है जो अंबाला, काला अम्ब, हिमाचल प्रदेश और पूरे उत्तर भारत की आर्थिक प्रगति को नई गति देगा।

    गौरतलब है कि इसी प्रकार, दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस वे, जींद-गोहाना राष्ट्रीय राजमार्ग, कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेलवे ट्रैक, भिवानी में पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कालेज, कोरियावास (नारनौल) में महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज एवं राव तुलाराम अस्पताल जैसी परियोजनाएं हरियाणा को विकास के नए आयाम प्रदान करेंगी। वहीं, सिख संग्रहालय, कुरुक्षेत्र और हांसी-बरवाला राष्ट्रीय राजमार्ग का शिलान्यास हमारी सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक बुनियादी ढांचे के समन्वित विकास का प्रतीक है।

    कार्यक्रम के उपरांत विज को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया। इस कार्यक्रम में श्री विज ई-वाहन से बिना सुरक्षा दल के पहुंचे और लोगों को हरित ऊर्जा अपनाने का संदेश भी दिया। इस मौके पर नारायणगढ की विधायक शैली चौधरी, पूर्व मंत्री असीम गोयल, पूर्व विधायक पवन सैनी, पूर्व विधायक संतोष सारवान, अंबाला की मेयर अक्षिता सैनी आदि मौजूद रहे। 

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    रिश्वतखोरी मामले में CBI का बड़ा एक्शन: जम्मू-कश्मीर PWD के असिस्टेंट इंजीनियर को ₹30,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा

    श्रीनगर/जम्मू, 17 जुलाई (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने केंद्र शासित प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक असिस्टेंट इंजीनियर (सहायक अभियंता) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी जम्मू-कश्मीर में 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' (PMGSY) को लागू करने वाले विंग में तैनात है।

    नुकसान के मुआवजे की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में मांगी थी घूस

    सीबीआई की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, डोडा जिले के थाथरी से कटावा को जोड़ने वाले पीएमजीएसवाई (PMGSY) सड़क प्रोजेक्ट के काम के दौरान शिकायतकर्ता का मकान क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके एवज में पीड़ित शिकायतकर्ता को करीब 10 लाख रुपये का मुआवजा मिलना तय हुआ था।

    आरोप है कि आरोपी असिस्टेंट इंजीनियर ने मुआवजे की इस राशि को प्रोसेस करने और रिलीज (जारी) करवाने के बदले में पीड़ित से 50,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद आरोपी अधिकारी 30,000 रुपये की रिश्वत लेने पर सहमत हो गया।

    जाल बिछाकर ₹30,000 लेते रंगे हाथों पकड़ा

    शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 16 जुलाई 2026 को आरोपी को पकड़ने के लिए एक जाल बिछाया। इस सफल ऑपरेशन के दौरान सीबीआई की टीम ने आरोपी असिस्टेंट इंजीनियर को शिकायतकर्ता से 30,000 रुपये की रिश्वत मांगते और उसे स्वीकार करते हुए रंगे हाथों धर दबोचा।

    सीबीआई ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ मामले की आगे की कानूनी जांच लगातार जारी है।

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    काम में लापरवाही का आरोप, ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने जनस्वास्थ्य विभाग के फोरमैन व तीन ट्यूबवेल आपरेटरों के विरुद्ध जांच के निर्देश दिए

    बोरवेल में गिरने से मारे गए बालक के परिजनों ने ऊर्जा मंत्री अनिल विज से की मुलाकात

    विवाहिता से मारपीट, शिकायत के बावजूद केस दर्ज नहीं होने पर मंत्री विज ने कार्रवाई के निर्देश दिए

    नवनियुक्त ग्रामीण युवा प्रभारी ने कार्यकर्ताओं के साथ मंत्री अनिल विज से आर्शीवाद लिया



    अम्बाला, 16 जुलाई – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज जनस्वास्थ्य विभाग के फोरमैन और विभिन्न ट्यूबवेलों पर तैनात ट्यूबवेल आपरेटरों के खिलाफ कार्य नहीं करने की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए विभाग के एसई को मामले में जांच कर सात दिनों के भीतर रिपोर्ट जमा कराने के निर्देश दिए।


    मंत्री अनिल विज आज अपने आवास पर जनसमस्याओं को सुन रहे थे।


    अम्बाला छावनी वार्ड नंबर दस से पार्षद रमन छतवाल ने ऊर्जा मंत्री अनिल विज को शिकायत देते हुए आरोप लगाया कि जनस्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एक फोरमैन व उसके तीन रिश्तेदार जोकि ट्यूबवेल आपरेटरों के पद पर कार्यरत हैं सहीं तरीके से काम नहीं कर रहे हैं। उनका आरोप था कि फोरमैन द्वारा आपरेटरों को अपने निजी कार्य में लगवाया जा रहा है जिससे पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। इसके अलावा उन्होंने फोरमैन व ट्यूबवेल आपरेटरों पर अन्य आरोप भी लगाए। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने मामले में संज्ञान लेते हुए विभाग के एसई को मामले में जांच कर रिपोर्ट सात दिनों में देने के निर्देश दिए।

    बोरवेल में गिरने से मारे गए बालक के परिजनों ने ऊर्जा मंत्री अनिल विज से की मुलाकात


    ऊर्जा मंत्री अनिल विज से धन्यौड़ा गांव में गत दिनों बोरवेल में गिरने से मौत के आगोश में समाए नन्हे बालक निरवैर सिंह के परिजनों ने मुलाकात की। परिजनों का आरोप था कि उनके बेटे की मौत के बाद पुलिस ने अभी तक मामले में आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की है। मंत्री अनिल विज ने परिजनों को मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया।

    इसी प्रकार, अम्बाला छावनी निवासी विवाहिता ने ऊर्जा मंत्री अनिल विज को शिकायत देते हुए बताया कि उसकी शादी कुछ वर्ष पूर्व लुधियाना में हुई थी और उनका पांच वर्ष का छोटा बालक है। विवाहिता ने कहा कि उसका पति उससे मारपीट करता है और उसका किसी अन्य महिला के साथ अफेयर है। उसे जब यह पता चला तो ससुराल पक्ष ने उसे घर से निकाल दिया और अब उसे बच्चा भी नहीं दे रहे। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने इस मामले में पुलिस को मामला दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए।  



    विवाहिता से मारपीट, शिकायत के बावजूद केस दर्ज नहीं होने पर मंत्री विज ने कार्रवाई के निर्देश दिए


    अम्बाला छावनी निवासी विवाहिता ने ऊर्जा मंत्री अनिल विज को शिकायत देते हुए बताया कि उसका पति से झगड़ा चल रहा था जिसके बाद उसके साथ मारपीट कर ससुराल पक्ष ने उसे घर से निकाल दिया। इस मामले में महिला थाने में शिकायत की गई, मगर पुलिस ने पांच माह बीतने के बाद न तो केस दर्ज किया न ही कोई कार्रवाई की। मंत्री अनिल विज ने कैंट डीएसपी को विवाहिता की शिकायत पर केस दर्ज करने के निर्देश दिए।

    इसी प्रकार टुंडला निवासी महिला ने पड़ोसियों द्वारा उसके साथ बदतमीजी करने व अभद्र व्यवहार करने, घसीटपुर निवासी परिवार ने आत्महत्या करने वाले व्यक्ति की पत्नी के खिलाफ कार्रवाई करने, छावनी निवासी महिला ने बिजली मीटर की कनेक्शन ठीक कराने व अन्य शिकायतें आई जिनपर मंत्री अनिल विज ने संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के दिशा-निर्देश दिए।



    नवनियुक्त ग्रामीण युवा प्रभारी ने कार्यकर्ताओं के साथ मंत्री अनिल विज से आर्शीवाद लिया


    ऊर्जा मंत्री अनिल विज से आज भाजपा ग्रामीण मंडल के नवनियुक्त युवा प्रभारी रवि कुमार ने कार्यकर्ताओं के साथ आर्शीवाद लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने "अनिल विज जिंदाबाद" के नारे भी लगाए। मंत्री अनिल विज ने नवनियुक्त प्रभारी को पार्टी के लिए बढ़चढ़ कर कार्य करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मंडल प्रधान विकास बहगल, महामंत्री भरत कोछड़, नरेंद्र राणा के अलावा अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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    16/07/26 |

    मणिपुर में सुरक्षा बलों का बड़ा एक्शन: उग्रवादियों के खिलाफ अभियान में 7 आरोपी गिरफ्तार; असम राइफल्स पर हमले के संदिग्ध भी दबोचे, अवैध हथियार बरामद

    मणिपुर, 16 जुलाई (अन्‍नू): मणिपुर के अशांत इलाकों में शांति व्यवस्था बहाल करने और उग्रवादी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए सुरक्षा बलों ने एक बड़ा और सफल संयुक्त अभियान चलाया है। राज्य के पहाड़ी और घाटी दोनों ही जिलों में चलाए गए इस विशेष तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) के दौरान सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े होने और अवैध हथियार रखने के आरोप में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। मणिपुर पुलिस ने आज इस पूरी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी साझा की है।

    असम राइफल्स के काफिले पर हमला करने वाले 4 संदिग्ध दबोचे

    पुलिस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, पुख्ता खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने मंगलवार को उखरुल जिले के सिकिबुंग गांव से चार स्थानीय निवासियों को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों की धरपकड़ बीते 6 जुलाई को असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर किए गए हमले के सिलसिले में की गई है।

    गौरतलब है कि उखरुल जिला मुख्यालय से करीब 17 किलोमीटर दूर नुंगशांग खोंग के पास शांगशाक क्षेत्र में संदिग्ध उग्रवादियों ने असम राइफल्स के काफिले को निशाना बनाया था, जिसमें सेना के दो जवान शहीद हो गए थे। इस मामले में पुलिस पहले ही तीन लोगों को हिरासत में ले चुकी है। पुलिस ने बताया कि ताजा कार्रवाई में पकड़े गए इन चार आरोपियों के कब्जे से दो एसबीबीएल (SBBL) बंदूकें, जिंदा कारतूस और एक वायरलेस संचार (कम्युनिकेशन) उपकरण बरामद हुआ है।

    प्रतिबंधित संगठन KCP-MC का सक्रिय सदस्य हथियार सहित गिरफ्तार

    इसी अभियान के तहत बुधवार को सुरक्षा बलों को घाटी वाले इलाके में भी बड़ी सफलता मिली। इंफाल पूर्व जिले के खुरई अहोंगई इलाके से प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन 'कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी-एमसी (प्रोग्रेसिव)' के एक सक्रिय सदस्य को दबोचा गया। आरोपी के पास से अवैध हथियार बरामद किए गए हैं।

    इंफाल पूर्व से दो अन्य युवक पिस्तौल और कारतूस के साथ काबू

    पुलिस ने बताया कि बुधवार को ही एक अन्य कार्रवाई में इंफाल पूर्व जिले के ही खुरई लैरिक्येंगबाम क्षेत्र से दो और संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सुरक्षा बलों ने जब इनकी तलाशी ली, तो इनके पास से एक पिस्तौल, दो मैगजीन और 11 जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस पकड़े गए सभी आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है।

    हिंसा के बाद से लगातार जारी है सर्च ऑपरेशन

    पुलिस के अनुसार, करीब तीन वर्ष पहले मणिपुर में भड़की जातीय हिंसा के बाद से ही सुरक्षा बल बेहद सतर्क हैं। राज्य के संवेदनशील, सीमावर्ती और दुर्गम इलाकों में सुरक्षा बलों द्वारा लगातार तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) और एरिया डोमिनेशन (क्षेत्र में प्रभुत्व स्थापित करने) की कार्रवाई चलाई जा रही है, ताकि असामाजिक तत्वों और उग्रवादियों के मंसूबों को नाकाम कर आम जनता को सुरक्षित माहौल दिया जा सके।

    #ManipurNews #ManipurPolice #SecurityForces #AssamRifles #AntiTerrorOperation #ImphalNews #Ukhrul #BreakingNews #danikkhabar

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    रिश्वतखोरी मामले में CBI का बड़ा एक्शन: सेंट्रल PSU के मैनेजिंग डायरेक्टर को 5 लाख की घूस लेते रंगे हाथों दबोचा

    नई दिल्ली/बेंगलुरु, 16 जुलाई (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच एजेंसी ने रिश्वतखोरी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज (PSU) के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) को गिरफ्तार किया है. सीबीआई ने 15 जुलाई 2026 को नोएडा में एक सफल जाल बिछाकर कर्नाटक एंटीबायोटिक्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड (KAPL), बेंगलुरु के मैनेजिंग डायरेक्टर को रंगे हाथों काबू किया.

    सर्विस एजेंट एग्रीमेंट के बदले मांगी थी ₹15 लाख की रिश्वत

    सीबीआई की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, आरोपी मैनेजिंग डायरेक्टर ने भोपाल स्थित एक फर्म से करीब 15 लाख रुपये की अनुचित लाभ (रिश्वत) की मांग की थी. यह फर्म केएपीएल (KAPL) की अधिकृत सर्विस एजेंट है और मध्य प्रदेश राज्य में सरकारी संस्थानों को दवाओं की आपूर्ति करने के काम से जुड़ी है. आरोपी ने यह रिश्वत फर्म के 'सर्विस एजेंट एग्रीमेंट' को मंजूरी देने, चालू वित्त वर्ष के लिए रिन्यूअल के लंबित आवेदनों को पास करने और दवाओं की बिक्री से मिलने वाले कमीशन में हिस्सेदारी के रूप में मांगी थी.

    नोएडा से ₹5 लाख की पहली किस्त लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

    शिकायत के बाद जाल बिछाते हुए सीबीआई की टीम ने आरोपी मैनेजिंग डायरेक्टर को नोएडा से उस समय रंगे हाथों दबोच लिया, जब वह मांगी गई 15 लाख रुपये की रिश्वत में से 5 लाख रुपये की पहली किस्त (पार्ट पेमेंट) स्वीकार कर रहा था.

    ठिकानों पर छापेमारी: भारी मात्रा में कैश, विदेशी करेंसी और सोना जब्त

    गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीमों ने आरोपी के बेंगलुरु, नोएडा और जबलपुर स्थित आवासीय और कार्यालय परिसरों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया. इस छापेमारी के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली:

    • नकदी और विदेशी मुद्रा: आरोपी के नोएडा स्थित आवास और बेंगलुरु के कार्यालय कक्ष से लगभग ₹75 लाख रुपये कैश और ₹4 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा बरामद की गई.

    • सोना और प्रॉपर्टी: इसके अतिरिक्त, तलाशी के दौरान लगभग 86 लाख रुपये मूल्य के 697 ग्राम सोने के आभूषण व सिक्के और आरोपी के एक आवासीय फ्लैट के प्रॉपर्टी के दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं.

    सीबीआई के अनुसार, इस पूरे भ्रष्टाचार के नेटवर्क और मामले की आगे की कानूनी जांच अभी लगातार जारी है.

    #CBIOperation #BriberyCase #KAPLBengaluru #NoidaNews #CorruptionFreeIndia #CBIArrest #BreakingNews #DanikKhabar

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    47 करोड़ से अधिक के बैंक धोखाधड़ी मामले में CBI का बड़ा एक्शन: 4 राज्यों में छापेमारी कर डिजिटल सबूत और अहम दस्तावेज बरामद

    हैदराबाद/नई दिल्ली, 16 जुलाई (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच एजेंसी ने 47 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक धोखाधड़ी मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने मेसर्स जुपिटर बायो साइंसेज लिमिटेड (M/s. Jupiter Bio Sciences Ltd), कंपनी के एमडी (MD), निदेशकों, अज्ञात लोक सेवकों और अज्ञात निजी व्यक्तियों के खिलाफ देश के चार अलग-अलग राज्यों में एक साथ सघन तलाशी अभियान चलाया है। यह कार्रवाई यूको बैंक (UCO Bank), हैदराबाद की शिकायत पर बैंक को 47.37 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान पहुंचाने के आरोप में की गई है।

    तेलंगाना हाई कोर्ट के निर्देश पर दर्ज हुआ था मामला

    सीबीआई की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, यूको बैंक द्वारा दायर रिट याचिका (Writ Petition No. 4112/2025) और सीबीआई द्वारा दायर समीक्षा याचिका (Review Petition No. 1/2026) पर सुनवाई करते हुए माननीय तेलंगाना उच्च न्यायालय ने इस मामले में निर्देश जारी किए थे। हाई कोर्ट के आदेशों के बाद सीबीआई ने 29 जून 2026 को इस संबंध में औपचारिक मुकदमा दर्ज किया था।

    फर्जी इनवॉइस और बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई गई प्रॉपर्टी के जरिए धोखाधड़ी

    बैंक की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी कंपनी और उसके निदेशकों ने लोन व क्रेडिट सुविधाएं प्राप्त करने के लिए बैंक के साथ सोची-समझी धोखाधड़ी की। आरोपियों ने इसके लिए फर्जी और मनगढ़ंत प्रोफॉर्मा इनवॉइस (Proforma Invoices) तैयार किए। इसके साथ ही बैंक के पास गिरवी रखी जाने वाली संपत्तियों (Collateral Securities) की वैल्यूएशन रिपोर्ट को भी जानबूझकर काफी बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया, जिससे बैंक को 47.37 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान उठाना पड़ा।

    कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और तमिलनाडु में छापेमारी

    मामला दर्ज होने के बाद सीबीआई की विशेष टीमों ने एक साथ कार्रवाई करते हुए कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और तमिलनाडु राज्यों में कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस तलाशी अभियान के दायरे में मुख्य रूप से आरोपी कंपनी मेसर्स जुपिटर बायो साइंसेज लिमिटेड के निदेशकों से जुड़े आवासीय और व्यावसायिक परिसर शामिल थे।

    फंड ट्रांसफर के रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य जब्त

    छापेमारी के दौरान सीबीआई ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद किए हैं। इनमें बैंक से लोन ली गई राशि को अन्य जगहों पर ट्रांसफर करने (Diversion of Funds) से जुड़े अहम रिकॉर्ड और जांच से जुड़ी महत्वपूर्ण सामग्रियां शामिल हैं। सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि इन सभी दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों की गहनता से जांच की जा रही है, ताकि इस पूरी साजिश के जाल, फंड के प्रवाह (Flow of Funds) और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके। मामले में आगे की कानूनी तफ्तीश लगातार जारी है।

    #CBIOperation #BankFraudCase #UCOBank #JupiterBioSciences #Raids #FinancialCrime #HighCourtTelangana #BreakingNews #DanikKhabar

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    इमिग्रेशन और वीजा धोखाधड़ी मामले में ED का बड़ा एक्शन: कई कंपनियों और आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दर्ज, ₹2.14 करोड़ की संपत्ति कुर्क

    जालंधर, 16 जुलाई (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जालंधर आंचलिक कार्यालय ने संगठित आप्रवासन (इमिग्रेशन) और वीजा धोखाधड़ी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। ईडी ने इस अपराध से अर्जित काले धन को सफेद करने (मनी लॉन्ड्रिंग) के आरोप में कई फर्मों और उनके संचालकों के खिलाफ जालंधर की विशेष पीएमएलए (PMLA) अदालत के समक्ष एक अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दर्ज की है।

    यह कार्रवाई मेसर्स रेड लीफ इमिग्रेशन प्राइवेट लिमिटेड, अमनदीप सिंह, पूनम रानी, अंकुर कुमार केहर, नितिन विज, कमलजोत कंसल, मेसर्स ओवरसीज पार्टनर और मेसर्स रुद्र कंसल्टेंसी सर्विसेज के विरुद्ध की गई है।

    अमेरिकी दूतावास की शिकायत पर दर्ज हुई थी FIR

    ईडी की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, नई दिल्ली स्थित संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के दूतावास द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर पंजाब और दिल्ली पुलिस ने कई एफआईआर (FIR) दर्ज की थीं। इन प्राथमिकियों के आधार पर ही ईडी ने अपनी जांच और तलाशी अभियान शुरू किया। जांच में सामने आया कि आरोपी एक सुनियोजित साजिश के तहत अमेरिका जाने वाले छात्रों और आगंतुकों के लिए फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र, मनगढ़ंत अनुभव प्रमाण-पत्र, जाली वित्तीय विवरण और बैंकों में झूठी धनराशि दिखाकर धोखाधड़ी से वीजा तैयार करवाते थे।

    कम योग्यता वालों को बनाते थे निशाना, वसूलते थे मोटी रकम

    ईडी की जांच में उजागर हुआ कि अमनदीप सिंह और पूनम रानी द्वारा प्रबंधित 'मेसर्स रेड लीफ इमिग्रेशन प्राइवेट लिमिटेड' ऐसे आवेदकों को निशाना बनाती थी जिनके पास जरूरी शैक्षणिक योग्यता या वित्तीय पात्रता नहीं होती थी। इन कमियों को छिपाने के लिए जाली दस्तावेज, गैप कवर सर्टिफिकेट और बैंकों में अस्थायी फंड की व्यवस्था करने के बदले आवेदकों से भारी रकम वसूली जाती थी। विदेशी विश्वविद्यालयों और वीजा अधिकारियों के साथ की जाने वाली पूरी ईमेल बातचीत को आरोपी खुद अपने स्तर पर नियंत्रित करते थे।

    झूठा बैंक बैलेंस दिखाने का खेल: प्रति आवेदक 40 हजार का कमीशन

    जांच में एक और बड़े गठजोड़ का खुलासा हुआ है। अंकुर कुमार केहर (संचालक मेसर्स ओवरसीज पार्टनर) ने नितिन विज (संचालक मेसर्स रुद्र कंसल्टेंसी सर्विसेज) के साथ मिलकर वीजा आवेदकों के बैंक खातों में अस्थायी रूप से भारी धनराशि जमा कराने का चक्रव्यूह रचा। इस तंत्र के माध्यम से 154 वीजा आवेदकों के खातों में बहुत कम समय के लिए लगभग 40-40 लाख रुपये जमा कराए गए और वित्तीय क्षमता का झूठा प्रमाण पत्र लेकर तुरंत निकाल लिए गए। इस बनावटी वित्तीय व्यवस्था के बदले आरोपियों द्वारा प्रति आवेदक लगभग 40,000 रुपये वसूले जाते थे।

    इसके अलावा, कमलजोत कंसल द्वारा संचालित 'मेसर्स इन्फोविज़ सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन' ने उन आवेदकों के लिए फर्जी प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और अनुभव प्रमाण-पत्र तैयार किए जिन्होंने कभी कहीं काम ही नहीं किया था।

    लॉकर और परिसरों से सोना, नकदी और डायरियां बरामद

    फरवरी 2025 में ईडी द्वारा की गई छापेमारी और परिसरों व लॉकरों की तलाशी के दौरान कई अपराध-संकेती दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अवैध लेनदेन के रिकॉर्ड वाली डायरियां बरामद हुई थीं। इसके साथ ही मौके से 19 लाख रुपये की अघोषित नकदी और लगभग 1 किलोग्राम वजन की सोने की छड़ भी जब्त की गई थी।

    ₹2.14 करोड़ की चल-अचल संपत्तियां कुर्क

    ईडी ने अपनी प्रेस रिलीज में बताया कि इस पूरे रैकेट के माध्यम से अपराध से अर्जित कुल कमाई (Proceeds of Crime) लगभग 2.14 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसमें से:

    • मेसर्स रेड लीफ इमिग्रेशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 1.37 करोड़ रुपये

    • मेसर्स ओवरसीज पार्टनर एवं मेसर्स रुद्र कंसल्टेंसी सर्विसेज द्वारा 61.60 लाख रुपये

    • मेसर्स इन्फोविज़ सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन द्वारा 15 लाख रुपये कमाए गए।

    ईडी ने पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए इस 2.14 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों (जिसमें आवासीय संपत्तियां और बैंक बैलेंस शामिल हैं) को अस्थायी रूप से कुर्क (सीज) कर दिया है। ईडी के अनुसार, इस मामले में आगे की जांच अभी लगातार जारी है।

    #EDAction #JalandharNews #VisaFraud #ImmigrationScam #PMLA #MoneyLaundering #FakeDocumentRacket #BreakingNews #DanikKhabar

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    ज़ीरो पलूशन, सिर्फ पानी की भाप : भारतीय रेलवे की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का आगाज़!

    आरएस अनेजा, 16 जुलाई नई दिल्ली - भारतीय रेलवे भारत की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन चलाने जा रही है। यह ट्रेन हाइड्रोजन का इस्तेमाल करके अपनी बिजली खुद बनाती है। हाइड्रोजन को सबसे साफ़ ईंधन माना जाता है और इसके इस्तेमाल से लगभग ज़ीरो एमिशन (प्रदूषण) होता है। यह उपलब्धि भारतीय रेलवे के ट्रेनों को चलाने के तरीके में एक नया अध्याय है, जो कोयले और भाप से साफ़ और टिकाऊ ऊर्जा स्रोतों की ओर भारत की यात्रा को दिखाती है।

    पिछले 12 सालों में, तेज़ी से हुए इलेक्ट्रिफ़िकेशन ने आयातित डीज़ल पर निर्भरता को काफ़ी कम कर दिया है, जिससे साफ़ रेल ट्रांसपोर्ट की दिशा में अगला कदम उठाने का रास्ता साफ़ हुआ है। आज, ब्रॉड गेज रूट के 99% से ज़्यादा हिस्से के इलेक्ट्रिफ़िकेशन के साथ, भारतीय रेलवे इस यात्रा को एक कदम और आगे ले जा रही है। आम इलेक्ट्रिक ट्रेनों के उलट, जो ओवरहेड लाइनों से बिजली लेती हैं, हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच केमिकल रिएक्शन से ट्रेन के अंदर ही बिजली बनाती है, और इसका एकमात्र बाई-प्रोडक्ट पानी की भाप होती है।

    एक तरह से, यह ट्रेन एक बार फिर अपना बिजली का स्रोत खुद साथ लेकर चलती है, जैसा कि कभी भाप और डीज़ल इंजन वाली ट्रेनें करती थीं। लेकिन कोयले या डीज़ल जैसे पारंपरिक ईंधन को जलाने के बजाय, हाइड्रोजन हवा से ऑक्सीजन लेकर ट्रेन के अंदर बिजली बनाती है, जिससे जलने की प्रक्रिया और बाहरी बिजली सप्लाई पर निर्भरता खत्म हो जाती है। चूँकि साफ़ हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी से ट्रेन के अंदर ही बिजली बनती है, इसलिए यह ट्रेन रेल ट्रांसपोर्ट का सबसे इको-फ्रेंडली रूप है, जो टिकाऊ ट्रांसपोर्ट के भविष्य को आगे बढ़ा रही है। इस एडवांस्ड प्रोपल्शन सिस्टम के साथ, भारत ने ट्रेन में मल्टी-लेयर सुरक्षा सिस्टम लगाए हैं जो हाइड्रोजन लीक, गर्मी, आग की लपटों और धुएं का पता लगाने में सक्षम हैं। जींद-सोनीपत सेक्शन पर 75 किमी/घंटा की ऑपरेशनल स्पीड और 110 किमी/घंटा की डिज़ाइन स्पीड के साथ, यह ट्रेन इस 89 किमी के रूट पर न सिर्फ़ ज़्यादा सुरक्षित है, बल्कि तेज़ भी है।

    दुनिया भर में अभी चल रही ज़्यादातर हाइड्रोजन पैसेंजर ट्रेनों में सिर्फ़ दो या तीन कोच होते हैं और उन्हें मुख्य रूप से छोटे रीजनल रूट पर चलाया जाता है। इसके उलट, भारतीय रेलवे की ट्रेन को 10-कोच वाली पैसेंजर ट्रेन के तौर पर तैयार किया गया है, जिसमें लगभग 2,600 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। यह ज़्यादा क्षमता वाले पैसेंजर ऑपरेशन के लिए हाइड्रोजन से चलने वाले रेल ट्रांसपोर्ट की क्षमता को दिखाता है।

    लेकिन हाइड्रोजन आसानी से आग पकड़ने वाला पदार्थ है, और इससे स्वाभाविक रूप से सबके मन में एक सवाल उठता है: क्या ऐसी गैस से चलने वाली ट्रेन में हज़ारों यात्रियों को बिठाना सुरक्षित है जो इतनी आसानी से आग पकड़ सकती है? यहाँ बताया गया है कि यह ट्रेन कैसे काम करती है और इंडियन रेलवे ने इसे सुरक्षित बनाने के लिए क्या-क्या किया है।

    हाइड्रोजन ट्रेन असल में कैसे काम करती है?

    आम डीज़ल इंजन, जो मैकेनिकल पावर बनाने के लिए ईंधन जलाते हैं, उनसे अलग हाइड्रोजन ट्रेन में एक छोटा पावर प्लांट होता है, जो 'प्रोटॉन एक्सचेंज मेम्ब्रेन' (PEM) फ्यूल सेल के रूप में काम करता है। ट्रेन के सिलेंडरों में जमा हाइड्रोजन, फ्यूल सेल के अंदर आस-पास की हवा से मिलने वाली ऑक्सीजन के साथ मिलकर बिजली बनाती है। यह बिजली ट्रैक्शन मोटर्स को चलाती है और पहियों को घुमाती है। इस इलेक्ट्रोकेमिकल रिएक्शन से निकलने वाली एकमात्र चीज़ें पानी की भाप और गर्मी हैं। इसमें न तो कोई दहन (जलने की प्रक्रिया) होता है, न धुआं निकलता है और न ही टेलपाइप से कार्बन का उत्सर्जन होता है।

    आसान शब्दों में कहें तो यह प्रक्रिया किसी जादू जैसी है: हाइड्रोजन + ऑक्सीजन → बिजली + पानी की भाप → ट्रेन का चलना। जो जादू जैसा लगता है, वह असल में साफ़-सुथरा विज्ञान है, जो ट्रेन के अंदर हाइड्रोजन को सीधे बिजली में बदलता है। इससे निकलने वाली एकमात्र चीज़ पानी की भाप है। इसमें न तो धुआं निकलता है और न ही सीधा कार्बन उत्सर्जन होता है, जिससे इंडियन रेलवे को ज़्यादा पर्यावरण-अनुकूल (ग्रीनर) बनाने में मदद मिलती है।

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    स्वास्थ्य सेवा में ड्रोन की 'ऊंची उड़ान': टीबी जांच का समय 15 से घटकर हुआ 5 दिन, मरीजों का खर्च ₹9,451 से सीधा ₹91!

    आरएस अनेजा, 16 जुलाई नई दिल्ली - भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने अपनी प्रमुख आई-ड्रोन पहल के तहत यह प्रदर्शित किया है कि तपेदिक (टीबी) के थूक के नमूनों के ड्रोन-सहायता प्राप्त परिवहन से सुदूरवर्ती और निम्‍न सुविधा वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए नैदानिक ​​सेवाओं तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है।

    ये निष्कर्ष तेलंगाना के यादद्री-भुवनगिरी जिले में एआईआईएमएस  बिबिनगर और जिला टीबी कार्यालय के सहयोग से राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत किए गए एक कार्यक्रम-आधारित अध्ययन से सामने आए हैं। इस अध्ययन में टीबी निदान के लिए रोगियों की यात्रा की पारंपरिक प्रणाली की तुलना ड्रोन-आधारित मॉडल से की गई, जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और उप-केंद्रों (एससी) से थूक के नमूने एकत्र किए गए और ड्रोन द्वारा निर्दिष्ट टीबी निदान प्रयोगशालाओं (यूटी) तक पहुंचाए गए।

    इस अध्ययन में 840 प्रतिभागियों को शामिल किया गया और पाया गया कि ड्रोन आधारित नमूना परिवहन शुरू होने के बाद टीबी निदान के लिए औसत समय 15 दिन से घटकर 5 दिन रह गया। इससे निदान में होने वाली देरी में भी अत्‍यधिक कमी आई, जिससे बीमारी की शीघ्र पुष्टि संभव हो सकी और नैदानिक ​​निर्णय लेने में तेजी आई।

    महत्वपूर्ण बात यह है कि इस अध्ययन में रोगियों पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ में भी उल्लेखनीय कमी देखी गई। टीबी निदान के लिए व्‍यक्तिगत रूप से होने वाला औसत खर्च (ओओपीई) पारंपरिक परिवहन प्रणाली के अंतर्गत लगभग 9,451 रुपए से घटकर ड्रोन-आधारित चरण में लगभग 91 रुपए रह गया। यह कमी मुख्य रूप से यात्रा लागत में कमी, वेतन हानि में कमी और रोगियों के घरों के पास थूक के नमूने एकत्र करने की सुविधा की उपलब्धता के कारण हुई। विशेष रूप से, ड्रोन-आधारित चरण के दौरान औसत ओओपीई शून्य था, जिससे पता चलता है कि कई प्रतिभागियों को निदान के लिए यात्रा संबंधी कोई व्‍यय नहीं करना पड़ा। यह उपाय 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, 60 उप-केंद्रों और चार टीबी इकाइयों को जोड़ने वाले एक हब-एंड-स्पोक नेटवर्क के माध्यम से लागू किया गया था। इससे रोगियों को निदान केंद्रों तक लंबी दूरी तय करने के बजाय अपने गांवों के पास स्थित स्वास्थ्य सुविधाओं में थूक के नमूने जमा करने की सुविधा मिली।

    इन निष्कर्षों पर टिप्‍पणी करते हुए स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव और आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने कहा, "किफायती और समय पर निदान की सुविधा भारत के टीबी उन्मूलन प्रयासों का केंद्र बिंदु बनी हुई है। यह अध्ययन दर्शाता है कि कैसे प्रौद्योगिकी भौगोलिक बाधाओं को दूर करने और रोगियों, विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर वित्‍तीय बोझ कम करने में मदद कर सकती है। आई-ड्रोन पहल के माध्यम से प्राप्त साक्ष्य भविष्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य नवाचारों को सूचित करने में सहायक होंगे और साथ ही विद्यमान स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणालियों के पूरक भी होंगे।"

    मात्रात्मक निष्कर्षों के साथ-साथ, अध्ययन में भाग लेने वाले स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि ड्रोन-आधारित परिवहन से देरी कम हुई, परिचालन दक्षता में सुधार हुआ और प्रारंभिक परिचय के बाद समुदायों द्वारा इसे अच्छी तरह स्वीकार किया गया। अध्ययन में मौसम, भार वहन की सीमाएं और निरंतर प्रशिक्षण की आवश्यकता जैसे परिचालन संबंधी पहलुओं की भी पहचान की गई, जो व्यापक कार्यान्वयन के लिए सावधानीपूर्वक योजना बनाने के महत्व को रेखांकित करता है।

    शोधकर्ताओं ने बताया कि ये निष्कर्ष एक जिले में कार्यक्रम के कार्यान्वयन पर आधारित हैं और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा वितरण को मजबूत करने में ड्रोन-आधारित लॉजिस्टिक्स की भूमिका का मूल्यांकन करने के लिए महत्वपूर्ण व्यावहारिक प्रमाण प्रदान करते हैं। विभिन्न क्षेत्रों में आगे के कार्यान्वयन से सूचित निर्णय लेने के लिए अतिरिक्त प्रमाण जुटाने में मदद मिलेगी।

    यह अध्ययन आईसीएमआर की आई-ड्रोन पहल के तहत प्राप्त बढ़ते प्रमाणों को और पुष्ट करता है, जो देश भर के दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में सुधार लाने के लिए टीकों, दवाओं, रक्त उत्पादों, नैदानिक ​​नमूनों, ऊतकों आदि के परिवहन हेतु ड्रोन के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग की संभावनाओं का पता लगा रही है।

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    बेंगलुरु अल-हिंद ISIS आतंकी साजिश मामला: मुख्य आरोपी मोहम्मद हनीफ खान को 7 साल की बामशक्कत जेल, NIA कोर्ट ने सुनाया फैसला

    नई दिल्ली/बेंगलुरु, 15 जुलाई (अन्‍नू): राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, बेंगलुरु (कर्नाटक) स्थित विशेष एनआईए अदालत ने 2020 के अल-हिंद ISIS आतंकी साजिश मामले में एक मुख्य आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है. अदालत ने आरोपी मोहम्मद हनीफ खान को 7 साल के कठोर कारावास (बामशक्कत जेल) की सजा सुनाई है और साथ ही 48,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है. इस मामले (RC-04/2020/NIA/DLI) में सजा पाने वाला यह पहला दोषी है. एनआईए अब तक इस पूरे मामले में कुल 20 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, और सभी को गिरफ्तार किया जा चुका है.

    ट्रेनिंग कैंप और ठिकाने बनाने के लिए की थी रेकी

    एनआईए की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में शुरू हुए ट्रायल के दौरान हनीफ ने अपना गुनाह कबूल कर लिया था. जांच में सामने आया कि हनीफ उस रेकी टीम का हिस्सा था, जिसने कर्नाटक के चामराजनगर जिले के शिवनसमुद्र क्षेत्र और गुंडलुपेट क्षेत्र का दौरा किया था. इस रेकी का मकसद अल-हिंद के सदस्यों के लिए ट्रेनिंग कैंप आयोजित करने और छिपने के ठिकाने बनाने के लिए घने जंगलों की पहचान करना था. इस पूरी साजिश का मुख्य उद्देश्य भारत में ISIS/दायिश विलायत (प्रांत) की स्थापना करना था.

    महबूब पाशा था मास्टरमाइंड, रची थी दंगों की साजिश

    एनआईए की जांच में खुलासा हुआ है कि इस पूरे आतंकी मॉड्यूल का मास्टरमाइंड मुख्य आरोपी महबूब पाशा था. पाशा ने गुरुग्रामपल्या स्थित अपने आवास पर कई बैठकें की थीं. इन बैठकों में प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS के देश विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने, सांप्रदायिक दंगे भड़काने और टारगेट किलिंग (लक्षित हत्याओं) को अंजाम देने की खतरनाक साजिश रची गई थी.

    हथियार सप्लाई और आरोपियों को भगाने में की मदद

    जांच एजेंसी के अनुसार, पाशा ने अपने रिश्तेदारों और सह-आरोपियों के साथ मिलकर क्षेत्र में ISIS की गतिविधियों को बढ़ाने के लिए हथियार और विस्फोटक जुटाने की भी साजिश रची थी. पाशा ने ही हनीफ को हिंसक वारदातों को अंजाम देने के लिए दो पिस्तौल और 60 जिंदा कारतूस मुहैया कराए थे. इसके अलावा, हनीफ ने ही साजिश के तहत कई सह-आरोपियों को बेंगलुरु से पश्चिम बंगाल भगाने के लिए एक किराए की कार चलाई थी.

    कर्नाटक पुलिस से NIA ने हाथ में ली थी जांच

    यह मामला मूल रूप से 10 जनवरी 2020 को बेंगलुरु सिटी में कर्नाटक राज्य पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था, जिसे कुछ दिनों बाद एनआईए ने अपने हाथ में ले लिया था. एनआईए ने बताया कि मामले की लगातार जांच जारी है और एजेंसी अब उस ऑनलाइन हैंडलर का पता लगाने का प्रयास कर रही है, जिसने इस पूरे आतंकी मॉड्यूल को तैयार करने की योजना बनाई और साजिश रची थी.

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    ताहिर हुसैन को सजा के बाद दिल्ली की राजनीति गरमाई: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का 'आप' पर तीखा जुबानी हमला

    नई दिल्ली, 15 जुलाई (अन्‍नू): दिल्ली दंगों के मामले में अदालत द्वारा ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने के बाद राजधानी की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) पर चौतरफा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया व्यक्ति वही है, जिस पर दिल्ली में दंगे भड़काने और खुफिया ब्यूरो (IB) के कर्मचारी अंकित शर्मा की बेरहमी से हत्या करने की जिम्मेदारी तय हुई है।

    मुख्यमंत्री का सवाल—ताहिर हुसैन से राजनीतिक संबंध क्यों रहे?

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि ताहिर हुसैन ने दिल्ली की जनता को गहरी और कभी न भूलने वाली पीड़ा पहुंचाई है। दंगों के दौरान न जाने कितने निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि ऐसे खूंखार अपराधी को आम आदमी पार्टी का सीधा राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था। मुख्यमंत्री ने 'आप' के शीर्ष नेताओं अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और मनीष सिसोदिया को कटघरे में खड़ा करते हुए सवाल किया कि वे दिल्ली की जनता के सामने आएं और जवाब दें कि आखिर ताहिर हुसैन के साथ उनके इतने गहरे राजनीतिक संबंध क्यों रहे।

    दिल्ली की जनता कभी माफ नहीं करेगी

    रेखा गुप्ता ने अदालत के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह फैसला उन सभी पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की दिशा में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है, जिन्होंने इन दंगों में अपने प्रियजनों को हमेशा के लिए खो दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता के प्रति ताहिर हुसैन के साथ-साथ उन नेताओं की भी बराबर की जवाबदेही बनती है, जिन्होंने उसे राजनीतिक सह दी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि दिल्ली की जनता दंगाइयों और उन्हें संरक्षण देने वाले नेताओं को कभी माफ नहीं करेगी।

    अंकित शर्मा हत्याकांड में कोर्ट ने ठहराया है दोषी

    गौरतलब है कि दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के जघन्य मामले में ताहिर हुसैन सहित पांच लोगों को दोषी करार दिया था। इसी फैसले को आधार बनाकर अब भारतीय जनता पार्टी और दिल्ली सरकार के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।

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    शहरों का कायाकल्प: हरित भविष्य की ओर बढ़ते कैपेसिटीज (CapaCITIES) के 10 बेमिसाल साल

    आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली - कैपेसिटीज (CapaCITIES) कार्यक्रम की एक दशक में हुई प्रगति का जश्न मनाते हुए, ICLEI दक्षिण एशिया और राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम 'शहरी जलवायु लचीलेपन को बढ़ाना: कैपेसिटीज की विरासत और आगे का रास्ता ' को नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित किया गया।

    कैपेसिटीज कार्यक्रम ने भारतीय शहरों को शहरी गवर्नेंस में कम कार्बन उत्सर्जन और जलवायु-लचीले विकास को मुख्यधारा में लाने के लिए ज्ञान, उपकरण और संस्थागत क्षमताएं प्रदान की हैं।

    भारत और भूटान में स्विट्जरलैंड दूतावास द्वारा वित्त पोषित और वर्ष 2016 में शुरू की गई, भारत में कम कार्बन और जलवायु-लचीले शहरी विकास पर क्षमता निर्माण परियोजना (कैपेसिटीज) कार्यक्रम ने कम कार्बन और जलवायु-लचीले शहरी विकास को गति प्रदान की है। स्थानीय क्षमताओं को सीधे मजबूत करके, कार्यक्रम ने स्थानीय कार्रवाई को राष्ट्रीय मिशनों और राज्य-स्तरीय लक्ष्यों के साथ जोड़कर भारत के 2070 के शुद्ध शून्य उत्सर्जन लक्ष्य का समर्थन किया है।

    यह पहल ICLEI साउथ एशिया, साउथ पोल और ईकॉन्सेप्ट की सहयोगी साझेदारी के माध्यम से कार्यान्वित की गई, जिसमें राष्ट्रीय शहरी मामलों का संस्थान ज्ञान भागीदार था। तमिलनाडु के कोयंबटूर, तिरुचिरापल्ली, तिरुनेलवेली, अहमदाबाद, राजकोट, वडोदरा, उदयपुर और सिलीगुड़ी शहरों के साथ-साथ गुजरात और तमिलनाडु की राज्य सरकारों को इस परियोजना से सहायता प्राप्त हुई।

    इस सम्मेलन में 30 से अधिक शहरों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, महापौर, आयुक्त और इंजीनियर, 6 राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, वित्तीय संस्थानों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि और तकनीकी विशेषज्ञ एकत्रित हुए, ताकि स्थानीय जलवायु क्षमताओं के निर्माण में एक दशक की समीक्षा की जा सके और शहरी सततता के भविष्य की रूपरेखा तैयार की जा सके।

    उद्घाटन सत्र में भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार श्री गोपाल प्रसाद , भारत और भूटान में स्विट्जरलैंड दूतावास की राजदूत सुश्री माया तिस्साफी, वडोदरा नगर निगम की महापौर सुश्री गीताबेन मकवाना , राजकोट नगर निगम की उप महापौर सुश्री दक्षाबेन वसानी , राष्ट्रीय शहरी मामलों का संस्थान की निदेशक डॉ. देबोलीना कुंडू और ICLEI के उप महासचिव और ICLEI दक्षिण एशिया के कार्यकारी निदेशक श्री इमानी कुमार उपस्थित थे। सत्र में शहरी भारत में स्थानीय स्तर पर संचालित जलवायु कार्रवाई को व्यापक बनाने और संस्थागत रूप देने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

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    होर्मेुज हमले के बाद भारत का कड़ा रुख: शुरू की 'सीफेरर-फर्स्ट' मुहिम, बनेगा रियल-टाइम 'ऑपरेशनल डैशबोर्ड'

    आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली - होर्मुज जलडमरूमध्य में दो व्यापारिक जहाजों पर हमलों के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते समुद्री सुरक्षा संकट के बीच केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री (एमओपीएसडब्ल्यू) सर्बानंद सोनोवाल ने एक व्यापक 'सीफेरर-फर्स्ट' प्रतिक्रिया शुरू की। इसके तहत संघर्ष से प्रभावित इलाके में काम कर रहे हर भारतीय नाविक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक व्यापक और अभूतपूर्व 'होल-ऑफ-गवर्नमेंट' (सरकार के सभी विभागों के सम्मिलित प्रयास) वाला दृष्टिकोण अपनाया है।

    आज यहां आयाेजित एक उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सोनोवाल ने वास्तविक समय में हर जहाज की निगरानी, प्रत्येक प्रभावित भारतीय नाविक के लिए समर्पित संपर्क अधिकारियों की नियुक्ति और विदेश मंत्रालय (एमईए), पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी), रसायन और उर्वरक मंत्रालय, भारतीय नौसेना, जहाजरानी महानिदेशालय (डीजीएस), ईरान और ओमान में भारतीय मिशनों के सहयोग से पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री (एमओपीएसडब्ल्यू) द्वारा चौबीसों घंटे समन्वय का आदेश दिया।

    होर्मुज जलडमरूमध्य में एमटी अल बहियाह और एमटी मोम्बासा पर हमलों के बाद यह समीक्षा महत्वपूर्ण मानी जाती है। दोनों जहाजों के कुल 46 लोगों के दल में 30 भारतीय नाविक शामिल थे। एमटी अल बहियाह पर एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। एमटी मोम्बासा पर नौ भारतीय नागरिक घायल हुए, जिनमें से दो गंभीर रूप से घायल हैं।

    सोनोवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एमओपीएसडब्ल्यू के केंद्रीय राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर के साथ-साथ एमओपीएसडब्ल्यू, विदेश मंत्रालय (एमईए), भारतीय नौसेना, डीजी शिपिंग, ईरान और ओमान में भारतीय दूतावासों के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य प्रमुख समुद्री एजेंसियों ने फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में बदलते सुरक्षा हालात की समीक्षा की। इसके साथ ही भारतीय नाविकों के सामने मौजूद खतरों का आकलन किया और भारत की आकस्मिक और आपातकालीन प्रतिक्रिया कार्य प्रणालियों का मूल्यांकन किया।

    इस त्रासदी पर गहरा दुख जताते हुए सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि भारत ने निहत्थे नागरिक व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के तरीके पर कड़ी नाराजगी और आपत्ति जताई है। इन गैर-जिम्मेदाराना, अनुचित और अकारण हमलों के कारण भारतीय नाविक की मौत हुई है और कुछ गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि वे ग्लोबल सप्लाई चेन को सुचारू रूप से चलाने में अहम भूमिका निभाने वाले कर्मचारी हैं। आज हुए दो हमलों में हमारे एक और बहादुर और बेगुनाह नाविक की दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद मौत और दूसरों के घायल होने से मुझे गहरा दुख और पीड़ा हुई है। मैं शोक-संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और उस भारतीय नाविक के लिए प्रार्थना करता हूं जिसने कर्तव्य-पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारे नाविकों के परिवारों की मदद और उनकी देखभाल की जाए। मैं प्रत्येक भारतीय नाविक और उनके परिवार को आश्वस्त करना चाहता हूं कि पूरी सरकार हरसंभव तरीके से और हर कीमत पर आपकी सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    सोनोवाल ने शिपिंग महानिदेशक (डीजीएस) को निर्देश दिया कि वे फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में चलने वाले हर जहाज (चाहे वे किसी भी देश के झंडे वाले हों) पर मौजूद हर भारतीय का हिसाब रखने के लिए एक व्यापक ऑपरेशनल डैशबोर्ड बनाएं।

    यह डैशबोर्ड जहाज की स्थिति, मालिकाना हक, कार्गो, क्रू की संख्या, क्रू की भलाई, खतरे का आकलन, प्रस्तावित यात्रा, अगले पोर्ट ऑफ कॉल और सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में रियल-टाइम जानकारी देगा।

    मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रभावित इलाके में मौजूद हर भारतीय नाविक का अलग-अलग पता लगाया जाए, चाहे जहाज किसी भी देश का हो। सोनोवाल ने इस बात पर जोर दिया कि समुद्र में काम करने वाले कर्मियों का कल्याण सबसे अहम है और भारतीय समुद्री कर्मियों की सुरक्षा और संरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।

    प्रभावित परिवारों को बिना किसी रुकावट के मदद मिलती रहे, यह पक्का करने के लिए सोनोवाल ने निर्देश दिया कि संकट से प्रभावित हर भारतीय नाविक के लिए एक खास संपर्क अधिकारी नियुक्त किया जाए। हर संपर्क अधिकारी परिवारों के लिए संपर्क का एकमात्र जरिया होगा। वह मेडिकल अपडेट, यात्रा से जुड़े कागजात, परिवार की मदद, स्वदेश वापसी, नाविक कल्याण निधि सहायता, बकाया मजदूरी, संविदात्मक हक और अन्य क्षतिपूर्ति के मामलों में तालमेल बिठाएगा।

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    15/07/26 |

    भारत के माल ढुलाई संचालन को मज़बूत करने के लिए 'रिफॉर्म एक्सप्रेस'

    आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली - 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' को आगे बढ़ाते हुए, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे को आधुनिक बनाने के लिए आज आठ और संरचनात्मक सुधारों की घोषणा की। इसके साथ ही, इस पहल के तहत लागू किए गए सुधारों की कुल संख्या 17 हो गई है। ये नए सुधार माल ढुलाई, लॉजिस्टिक्स, निर्माण के तरीकों, परियोजनाओं को पूरा करने, वैगन डिज़ाइन, कौशल विकास और आसान कारोबार में बड़े बदलाव लाएंगे।

    नई दिल्ली के रेल भवन में मीडिया को संबोधित करते हुए वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे भविष्य के लिए तैयार रेलवे व्यवस्था बनाने के लिए कई सुधार कर रहा है। ये सुधार मंत्रालय के उस लक्ष्य का हिस्सा हैं, जिसके तहत कार्यक्षमता बढ़ाने, नवाचार को बढ़ावा देने और रेलवे व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 52 हफ्तों में 52 सुधार लागू किए जाने हैं। श्री वैष्णव ने कहा कि रिफॉर्म एक्सप्रेस पहल के तहत पहले घोषित किए गए सुधारों के उत्साहजनक नतीजे मिलने शुरू हो गए हैं।

    वैष्णव ने कहा कि भारत में हर साल लगभग 340 मिलियन टन फ्लाई ऐश पैदा होती है, जिसमें से लगभग 96 मिलियन टन का इस्तेमाल सीमेंट उद्योग द्वारा किया जाता है। भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 13 मिलियन टन फ्लाई ऐश का परिवहन किया, जो देश में कुल फ्लाई ऐश उत्पादन का लगभग चार प्रतिशत है।

    उन्होंने कहा कि पारंपरिक रूप से फ्लाई ऐश को खुले वैगनों में ढोया जाता रहा है, जिससे लोडिंग, परिवहन और अनलोडिंग के दौरान धूल से प्रदूषण होता है। थर्मल पावर प्लांट में बड़े ऐश पॉन्ड में जमा करने पर भी फ्लाई ऐश पर्यावरण के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाती है।

    इन समस्याओं को दूर करने के लिए, भारतीय रेलवे ने फ्लाई ऐश के परिवहन के लिए एक नई कंटेनर-आधारित व्यवस्था शुरू की है। नई नीति के तहत, परिवहन के लिए खास तौर पर डिज़ाइन किए गए आईएसओ-मानक कंटेनरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन कंटेनरों को पावर प्लांट से सीधे टॉप-लोडिंग सिस्टम के ज़रिए भरा जा सकता है और साइड-डिस्चार्ज या न्यूमैटिक सिस्टम का इस्तेमाल करके बिना धूल प्रदूषण फैलाए खाली किया जा सकता है।

    वैष्णव ने कहा कि बंद-कंटेनर व्यवस्था से प्रदूषण-मुक्त परिवहन मुमकिन होगा, सीमेंट प्लांट में ज़रूरत पड़ने तक सुरक्षित स्टोरेज आसान होगा और लॉजिस्टिक्स की क्षमता में भी काफ़ी सुधार होगा। इन कंटेनरों को रीच स्टैकर्स के ज़रिए ले जाया जा सकता है, जिससे पावर प्लांट से सीमेंट प्लांट तक बिना किसी रुकावट के सामान की आवाजाही हो सकेगी। इस सुधार से फ्लाई ऐश की रेल से ढुलाई बढ़ने, सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होने और पर्यावरण की चुनौती को आर्थिक रूप से फायदेमंद संसाधन में बदलने की उम्मीद है।

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    15/07/26 |

    कारगिल विजय दिवस 2026: रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय समर स्मारक से कारगिल युद्ध स्मारक तक मोटरसाइकिल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

    आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारगिल विजय दिवस 2026 के राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय समर स्मारक से लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक तक 13 दिवसीय 'शौर्य विजय यात्रा' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    इस यात्रा में सेवारत और सेवानिवृत्त रक्षा बल कर्मियों सहित 28 बाइक सवार और उनके परिवार के सदस्य उत्तरी हिमालय के दुर्गम भूभाग से गुजरते हुए 1,900 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। यह यात्रा 1999 के कारगिल युद्ध में विजय सुनिश्चित करने वाले भारतीय वीरों के अदम्‍य साहस, दृढ़ संकल्प और सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करती है। यात्रा का आदर्श वाक्य है 'एक यात्रा, एक राष्ट्र, एक सलाम'।

    इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में वीर भारतीय सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने अदम्‍य साहस, धैर्य, अनुशासन और अद्वितीय देशभक्ति का एक स्वर्णिम अध्याय लिखा है, जिसका विश्वभर की सेनाएं आज भी अध्ययन करती हैं और सम्मान करती हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 20,000 फीट की ऊंचाई और शून्य से 40 डिग्री सेल्सियस नीचे तक गिरते तापमान में, हमारे सैनिकों ने साहस और दृढ़ता के साथ अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। उन्होंने दुश्मन के कब्जे से हर चोटी, पहाड़ी और बंकर को वापस ले लिया और तिरंगे का गौरव बनाए रखा। यह विजय हमारी भूमि, पहचान और सम्मान पर किसी भी शत्रुतापूर्ण दुस्‍साहस का पूरी शक्ति से जवाब देने के भारत के अटूट संकल्प का प्रतीक है।

    राजनाथ सिंह ने परम वीर चक्र से सम्मानित सभी भारतीय वीर सैनिकों, जिनमें कैप्टन विक्रम बत्रा, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे, सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) योगेंद्र सिंह यादव (सेवानिवृत्त) और सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार (सेवानिवृत्त) को युद्ध में विजय सुनिश्चित करने में उनके अमूल्य योगदान के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ये वीर सैनिक युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे।

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    भारत-मालदीव मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता का पहला दौर सफलतापूर्वक संपन्न

    आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली - द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारत-मालदीव मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए वार्ता का पहला दौर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह वार्ता वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई थी।

    भारत की वार्ता टीम का नेतृत्व वाणिज्य विभाग में संयुक्त सचिव और मुख्य वार्ताकार श्री उज्ज्वल कुमार घोष ने किया, जबकि मालदीव प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उसके मुख्य वार्ताकार श्री यूसुफ रिजा ने किया।

    वार्ता के पहले दौर के दौरान, दोनों पक्षों की वार्ता टीमों ने आठ नीतिगत क्षेत्रों को शामिल करते हुए आठ तकनीकी सत्रों में लिखित चर्चा में भाग लिया। दोनों पक्षों ने वार्ता के सभी पहलुओं पर ठोस प्रगति की और कई मुद्दों पर व्यापक सहमति बनी।

    केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मालदीव के आर्थिक विकास, परिवहन एवं व्यापार मंत्री मोहम्मद सईद से मुलाकात की। दोनों मंत्रियों ने भारत-मालदीव मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वार्ता सहित चल रही द्विपक्षीय आर्थिक पहलों की प्रगति की समीक्षा की। भारत और मालदीव के बीच राजनयिक संबंधों के 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) और मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) को जल्द से जल्द पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने दोनों देशों के लिए नए अवसर खोलने हेतु पर्यटन, स्टार्टअप, डिजिटल भुगतान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और व्यापार में सहयोग को और गहरा करने पर भी सहमति व्यक्त की।

    भारत, मालदीव का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2025-26 में 771.76 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि 2024-25 में यह 679.70 मिलियन अमेरिकी डॉलर था, जो 13.54 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

    प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) से बाजार पहुंच बढ़ाकर, निवेश को सुगम बनाकर, आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देकर और दोनों देशों में सतत आर्थिक विकास में योगदान देकर द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद है। दोनों पक्ष निष्पक्षता और पारस्परिकता के सिद्धांतों से निर्देशित एक व्यापक, संतुलित और समग्र समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं।

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    15/07/26 |

    उपराष्ट्रपति ने ‘द वॉयस ऑफ जस्टिस: जस्टिस गवई स्पीक्स’ पुस्तक का विमोचन किया

    आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली - भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन् ने आज उपराष्ट्रपति भवन में ‘द वॉयस ऑफ जस्टिस : जस्टिस गवई स्पीक्स’ पुस्तक का विमोचन किया। प्रो. (डॉ.) एस. शिवकुमार द्वारा संपादित तथा कॉमनवेल्थ लीगल एजुकेशन एसोसिएशन (सी.एल.ई.ए.) के सहयोग से थॉमसन रॉयटर्स द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी.आर. गवई के भाषणों, व्याख्यानों और विचारों का संकलन प्रस्तुत किया गया है।

    सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने इस पुस्तक को एक महत्त्वपूर्ण संवैधानिक दस्तावेज़ बताया, जो अनुभव, संवैधानिक अनुशासन और सार्वजनिक उत्तरदायित्व से परिपक्व हुई न्यायिक सोच को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक संवैधानिकता, विधि के शासन, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था पर महत्त्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करती है तथा भारत में संवैधानिक विमर्श और विधिक अध्ययन को सुदृढ़ करेगी।

    पुस्तक में संविधान पर व्यक्त विचारों का उल्लेख करते हुए सीपी राधाकृष्णन् ने कहा कि इसमें भारतीय संविधान को एक जीवंत और निरन्‍तर विकसित होने वाले दस्तावेज़ के रूप में उचित रूप से प्रस्तुत किया गया है, जिसने पिछले 75 वर्षों में निरंतरता और परिवर्तन, अधिकार और जवाबदेही तथा अधिकारों और कर्तव्यों के बीच संतुलन बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर संविधान लोकतांत्रिक स्थिरता और राष्ट्रीय एकता की आधारशिला बना हुआ है, वहीं उसमें संशोधन करने की संसद की शक्ति राष्ट्र को बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ने में सक्षम बनाती है।

    उपराष्ट्रपति ने कहा कि संवैधानिक शासन व्यवस्था को अक्षुण्ण बनाए रखने तथा विधि के शासन में नागरिकों के विश्वास की रक्षा करने में न्यायपालिका की अत्यंत महत्त्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक लोकतंत्र में अधिकार जितना महत्त्वपूर्ण है, उतना ही महत्त्वपूर्ण संयम भी है। साथ ही उन्होंने कहा कि मजबूत संस्थाएँ और न्याय व्यवस्था संस्थागत सत्यनिष्ठा, संवैधानिक अनुशासन, जनविश्वास तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता के आधार पर ही सुदृढ़ बनी रहती हैं।

    उपराष्ट्रपति ने कहा कि संवैधानिक शासन व्यवस्था नागरिकों की आकांक्षाओं तथा समाज की बदलती वास्तविकताओं के प्रति सदैव उत्तरदायी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा, अवसर और आशा सुनिश्चित करने के लिए वंचित समुदायों का सशक्तीकरण अत्यंत आवश्यक है। न्यायपालिका में न्यायमूर्ति बी.आर. गवई के योगदान की सराहना करते हुए श्री सी. पी. राधाकृष्णन् ने कहा कि उनकी न्यायिक यात्रा संवैधानिक मूल्यों, संस्थागत संतुलन तथा न्याय तक पहुँच सुनिश्चित करने के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का परिचायक है।

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    पश्चिम बंगाल का सुकांत घोष हत्याकांड: 10 साल से फरार घोषित अपराधी शिबू कुमार सिंह को CBI ने गोरखपुर से किया गिरफ्तार

    नई दिल्ली/कोलकाता, 14 जुलाई (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, एजेंसी ने पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित सुकांत घोष हत्याकांड में लंबे समय से फरार चल रहे घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) शिबू कुमार सिंह को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है. सीबीआई ने आरोपी को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से दबोचा है, जहां वह अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था.

    नाम बदलकर गोरखपुर में काटा लंबा फरार वक्त

    सीबीआई के मुताबिक, आरोपी शिबू कुमार सिंह गोरखपुर के साउथ गांधी आश्रम, रायगंज रोड स्थित एक ठिकाने पर छिपा हुआ था। वहां उसने अपना नाम बदलकर 'अखिलेश कुमार शाही' रख लिया था और इसी फर्जी पहचान के सहारे पुलिस और जांच एजेंसियों की नजरों से बच रहा था। गुप्त सूचनाओं (ह्यूमन इंटेलिजेंस) और तकनीकी इनपुट्स के आधार पर सीबीआई ने जाल बिछाकर उसे धर दबोचा।

    कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ था केस

    यह पूरा मामला साल 2009 का है। माननीय कलकत्ता हाई कोर्ट के 27 अगस्त 2009 के आदेश के बाद सीबीआई ने इस हत्याकांड की जांच अपने हाथों में ली थी। गहन तफ्तीश के बाद सीबीआई ने शिबू कुमार सिंह और तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ 31 दिसंबर 2010 को मुख्य आरोप पत्र (चार्जशीट) और फिर 14 नवंबर 2011 को सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी।

    10 साल पहले घोषित हुआ था भगोड़ा

    चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी आरोपी शिबू कुमार सिंह लगातार फरार चल रहा था और अदालती कार्यवाही में शामिल नहीं हो रहा था। इसके चलते कोर्ट ने 15 सितंबर 2016 को उसे आधिकारिक तौर पर घोषित अपराधी (भगोड़ा) घोषित कर दिया था।

    ट्रांजिट वारंट लेकर कोलकाता ले जाएगी टीम

    सीबीआई ने आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्थानीय अदालत से ट्रांजिट वारंट हासिल करने के बाद सीबीआई टीम आरोपी शिबू कुमार सिंह को कोलकाता लेकर जाएगी, जहां उसे संबंधित सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

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    वैकल्पिक स्रोत पर जाना आवश्यक, इसलिए प्रधानमंत्री सौर, वायु और हाइड्रोजन ऊर्जा को दे रहे प्रोत्साहन - ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    अम्बाला, 14 जुलाई - देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन करने जा रहे है जिसको लेकर हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि जो मौजूदा परिस्थिति बनी हुई है तेल कोयला ये स्रोत धीरे-धीरे खत्म हो रहे है तो वैकल्पिक स्रोत पर जाना बहुत आवश्यक है। इसलिए प्रधानमंत्री सौर ऊर्जा, वायु ऊर्जा को और हाइड्रोजन ऊर्जा को बहुत प्रोत्साहन दे रहे हैं।

    मंत्री विज आज पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी देश को नित नई ऊंचाइयों पर लेकर जा रहे है। उन्होंने कहा कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन भी हरियाणा से होने जा रहा है। मौजूदा परिस्थितियां बनी हुई है तेल कोयला ये स्रोत धीरे धीरे खत्म हो रहे है तो वैकल्पिक स्रोतों पर जाना बहुत आवश्यक है। इस लिए प्रधानमंत्री सोलर ऊर्जा, वायु ऊर्जा को और हाइड्रोजन ऊर्जा को बहुत प्रोत्साहन दे रहे हैं।

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    प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड: NIA की बड़ी कार्रवाई, दो मुख्य फरार आरोपी गिरफ्तार; अब तक 24 दबोचे गए

    नई दिल्ली/कर्नाटक, 13 जुलाई (अन्‍नू): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, कर्नाटक में 2022 में हुए भाजपा नेता प्रवीण नेट्टारू की भीषण हत्या के मामले में एजेंसी को एक बड़ी सफलता मिली है। NIA ने इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है।

    केरल और तमिलनाडु से हुई गिरफ्तारी

    NIA द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, आंध्र प्रदेश पुलिस से मिली सटीक इनपुट के आधार पर एक साझा ऑपरेशन चलाकर दोनों आरोपियों को दबोचा गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अब्दुल नासिर पी उर्फ नासिर और नौशाद के रूप में हुई है। अब्दुल नासिर को कोच्चि (केरल) और नौशाद को होसुर (तमिलनाडु) से शनिवार को गिरफ्तार किया गया।

    मुख्य हमलावरों को पनाह देने का आरोप

    आरोपियों पर प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के उन मुख्य हमलावरों को जानबूझकर पनाह देने और छुपाने का आरोप है, जिन्होंने दक्षिण कन्नड़ जिले में भाजपा युवा मोर्चा की जिला कार्यकारी समिति के सदस्य प्रवीण नेट्टारू की हत्या की थी। दोनों के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी थी।

    घोषित था 4-4 लाख रुपये का इनाम

    इन दोनों फरार आरोपियों के खिलाफ बेंगलुरु की विशेष एनआईए अदालत द्वारा लुकआउट सर्कुलर (LOC) और ओपन-डेटेड अरेस्ट वारंट जारी किया गया था। इसके साथ ही एनआईए ने इनकी जानकारी देने वाले को 4,00,000 रुपये (चार लाख रुपये) प्रत्येक का इनाम देने की घोषणा भी की थी।

    मामले में अभी भी तीन आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में एनआईए लगातार छापेमारी कर रही है।

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    दिल्ली: ऐतिहासिक विरासत को सहेजने के लिए 'शोध छात्रवृत्ति' को दी मंजूरी, हर महीने मिलेंगे 50 हजार रुपये तक

    नई दिल्ली, 13 जुलाई (अन्‍नू): दिल्ली सरकार ने राजधानी की हजारों साल पुरानी ऐतिहासिक विरासत के वैज्ञानिक अध्ययन, दस्तावेजीकरण (Documentation) और डिजिटलीकरण के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने पुरालेख और पुरातत्व (Archives and Archaeology) के क्षेत्र में शोध छात्रवृत्ति (Research Fellowship) को मंजूरी दे दी है। इसके तहत प्राचीन सभ्यताओं से जुड़े दस्तावेजों, सरकारी रिकॉर्डों, पुरातात्विक स्थलों और प्राचीन इमारतों को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित किया जाएगा।

    आने वाली पीढ़ियों के लिए विरासत को सहेजना प्राथमिकता: सीएम रेखा गुप्ता

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना को लेकर कहा कि दिल्ली सिर्फ देश की राजधानी ही नहीं है, बल्कि यह इतिहास, संस्कृति और सभ्यता की एक जीवंत धरोहर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान और व्यवस्थित दस्तावेजीकरण के जरिए इस समृद्ध विरासत को संभालना और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे अधिक सुलभ बनाना सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल है।

    विशेषज्ञों का समूह तैयार करने के लिए दो तरह की फेलोशिप

    एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, दिल्ली मंत्रिमंडल ने इतिहास, पुरातत्व और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में विशेष अध्ययन को बढ़ावा देने तथा विशेषज्ञों का एक मजबूत कैडर तैयार करने के उद्देश्य से दो विशिष्ट छात्रवृत्तियों को हरी झंडी दिखाई है:

    1. पुरालेख शोध छात्रवृत्ति (Archives Research Fellowship)

    2. पुरातत्व शोध छात्रवृत्ति (Archaeology Research Fellowship)

    इन आधुनिक और पारंपरिक क्षेत्रों पर होगा काम

    इस योजना के दायरे में कई महत्वपूर्ण और तकनीकी क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिनमें:

    • रिकॉर्ड का वैज्ञानिक रखरखाव और पुरालेखीय सामग्रियों का संरक्षण।

    • सूचनाओं का प्रसार और डेटा प्रबंधन।

    • माइक्रोफिल्मिंग (दस्तावेजों को सूक्ष्म फिल्म में सुरक्षित करना) और रीप्रोग्राफी (दस्तावेजों की हूबहू नकल तैयार करना)।

    • शोध प्रकाशन और प्राच्य (पुरानी) भाषाओं, विशेष रूप से उर्दू और फारसी से जुड़े अध्ययन।

    हर साल 15 शोधार्थियों का होगा चयन, मिलेगी आकर्षक राशि

    इस फेलोशिप योजना के तहत सरकार हर साल 15 शोधार्थियों (फेलो) का चयन करेगी। चुने गए इन फेलो का कार्यकाल एक वर्ष का होगा। शोध कार्य के दौरान इन शोधार्थियों को 25,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक की मासिक छात्रवृत्ति (Stipend) दी जाएगी, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बाधा के दिल्ली के गौरवशाली इतिहास को सहेजने में अपना योगदान दे सकें।

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    पीएम राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए 31 जुलाई तक करें आवेदन, चयनित बच्चों को राष्ट्रपति द्वारा किया जाएगा पुरस्कृत

    अभिकान्त, 12 जुलाई हरियाणा : भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए 31 जुलाई तक नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। इनमें राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के तहत बहादुरी, खेलकूद, सोशल साइंस, विज्ञान एवं तकनीक पर्यावरण सहित आर्ट एवं कल्चर के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि हासिल करने वाले बच्चे, जिनकी आयु 31 जुलाई को 5 वर्ष से लेकर 18 वर्ष तक हो, को वर्ष 2027 के जनवरी माह में आयोजित होने वाले समारोह में राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। अवार्ड की घोषणा 26 दिसंबर 2026 को राष्ट्रीय वीर बाल दिवस के अवसर पर की जाएगी।

     

    एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि बाल पुरस्कार में विभिन्न श्रेणियों के तहत कुल 25 बच्चों का चयन किया जाएगा। पुरस्कारों में एक मैडल सहित प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। सर्वप्रथम स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा प्राप्त आवेदनों की छंटनी की जाएगी, उसके उपरांत फाइनल नामों का सिलेक्शन नेशनल कमेटी द्वारा किया जाएगा। राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन, जिला कलेक्टर/जिला मजिस्ट्रेट, पंचायती राज संस्थाएं, सभी केंद्रीय और राज्य स्कूल बोर्ड सहित राष्ट्रीय चयन समिति नॉमिनेट कर सकती हैं। पुरस्कार से जुड़ी अन्य जानकारी अवाड्र्सडॉटजीओवीडॉटइन पर देखी जा सकती हैं।

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    हरियाणा सरकार की संवेदनशीलता से सुदृढ हो रहा है हरियाणा में न्यायिक परिसर का ढांचागत विकास : न्यायमूर्ति सूर्यकांत

    अभिकान्त, 12 जुलाई हरियाणा : भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण न्यायिक परिसर का निर्माण हरियाणा सरकार की संवेदनशीलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। सरकार की सक्रिय सहयोगिता के फलस्वरूप हरियाणा में न्यायिक परिसर का ढांचागत विकास सुदृढ हो रहा है और टॉवर ऑफ जस्टिस जैसे न्यायिक भवन न्याय प्रक्रिया को सौहार्दपूर्ण वातावरण देने में सहभागी बनेंगे। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत रविवार को गुरुग्राम में टॉवर ऑफ जस्टिस के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।

     

    देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने रविवार को गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय शहरी आवास  मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय कानून राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल,  केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह, जस्टिस विक्रम नाथ, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा, जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी, अध्यक्ष बिल्डिंग कमेटी, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के        जस्टिस दीपक सिब्बल व जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की गरिमामयी उपस्थिति में 'टावर ऑफ जस्टिस' न्यायिक परिसर का लोकार्पण किया। साथ ही उन्होंने गुरुग्राम लोकार्पण समारोह से ही वर्चुअल माध्यम से नूंह जिला के तावडू व पुन्हाना न्यायिक परिसर का शिलान्यास भी किया।

     

    न्यायमूर्ति सूर्यकांत व मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी सहित अन्य गणमान्य ने टॉवर ऑफ जस्टिस निर्माण में अपना योगदान देने वाले श्रमिकों को स्मृति चिह्न भेंटकर उनका सम्मान किया।

     

    न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि आज का अवसर मेरे लिए विशेष है। जनवरी 2017 में, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में न्यायाधीश रहते हुए, मुझे इस न्यायिक परिसर का भूमि-पूजन करने का अवसर मिला था। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम, जो कभी मुख्यतः कृषि के लिए जाना जाता था, वह आज उ‌द्योग, नवाचार और निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है। आज फार्च्यून 500 की आधे से अधिक कंपनियों के क्षेत्रीय कार्यालय, 1500 से अधिक भारतीय कंपनियाँ और स्टार्ट-अप्स यहाँ कार्यरत हैं। व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के साथ संपत्ति, तकनीक, अनुबंध और रोजगार से जुड़े विवाद भी बढ़े हैं। आज गुरुग्राम की अदालतों में 24,000 से अधिक सिविल डिस्प्यूट , लगभग 1,000 कमर्शियल डिस्प्यूट तथा नेगोशियबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के एक लाख से अधिक मामले लंबित हैं। ये आँकड़े न्याय व्यवस्था पर बढ़ते दायित्व का संकेत हैं। ऐसे समय में यह टॉवर ऑफ जस्टिस  केवल एक आधुनिक भवन नहीं है, बल्कि न्याय तक पहुँच को और अधिक प्रभावी बनाने का माध्यम है। न्यायालयों का वास्तविक महत्व उनकी भव्यता में नहीं, बल्कि इस बात में है कि वे नागरिक और न्याय के बीच की दूरी को कितना कम करते हैं। यह परिसर उसी सोच का प्रतीक है।

     

    न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि अतिरिक्त न्यायालयों के निर्माण के माध्यम से अधिक मामलों की सुनवाई संभव होगी, लंबित मामलों के निस्तारण में गति आएगी और विशेष रूप से कमर्शियल डिस्प्यूट तथा नेगोशियबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट से जुड़े मामलों के लिए अधिक न्यायिक क्षमता उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता सदैव ऐसी न्याय व्यवस्था का निर्माण होनी चाहिए जो दक्ष भी हो और निष्पक्ष भी। न्याय में गति आवश्यक है, परन्तु वह कभी भी संवैधानिक मूल्यों की कीमत पर प्राप्त नहीं की जा सकती। इस परिसर में आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तथा सुव्यवस्थित ज्यूडिशियल मालखाना जैसी सुविधाएँ भी विकसित की गई हैं। इस परियोजना की एक अन्य महत्त्वपूर्ण विशेषता प्रस्तावित इंटरनेशनल आर्बिटेशन सेंटर है जो उच्च न्यायालय के संरक्षण में संचालित होगा।

     

    उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य ऐसी न्यायपालिका का निर्माण है जो आधुनिक हो, किन्तु मानवीय भी हो, तकनीकी रूप से उन्नत हो, किन्तु संविधान के मूल्यों में दृढ़ता से निहित भी और प्रत्येक वाद के पीछे छिपे मानवीय जीवन को समझने वाली संवेदनशील संस्था भी बनी रहे। उन्होंने कहा हमारा उद्देश्य मामलों का शीघ्र निस्तारण करना तो है ही उसके साथ, हमारा प्रयास यह भी होना चाहिए कि कोई भी नागरिक आर्थिक, सामाजिक अथवा प्रक्रियागत कठिनाइयों के कारण स्वयं को न्याय से वंचित न महसूस करे। उन्होंने कहा कि टावर ऑफ जस्टिस केवल एक भव्य इमारत न रहे, बल्कि प्रत्येक नागरिक के लिए निष्पक्ष, प्रभावी और संवेदनशील न्याय का प्रतीक बनेगा।

     

    संविधान की मर्यादा का केंद्र है टॉवर ऑफ जस्टिस : मुख्यमंत्री

     

    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरुग्राम में निर्मित अत्याधुनिक 'टावर ऑफ जस्टिस' न्यायिक परिसर संविधान की मर्यादा, न्यायपालिका की गरिमा और नागरिकों के न्याय पर अटूट विश्वास का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए आर्थिक प्रगति के साथ-साथ त्वरित, सुलभ एवं पारदर्शी न्याय व्यवस्था भी उतनी ही आवश्यक है।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम आज ज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्टार्टअप और वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है। ऐसे शहर में आधुनिक न्यायिक परिसर की स्थापना न्याय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में जिस भवन की आधारशिला रखी गई थी, उसका लोकार्पण आज भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के कर कमलों से होना एक प्रेरणादायी एवं ऐतिहासिक संयोग है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के साथ-साथ 'ईज ऑफ जस्टिस' को भी समान महत्व देना होगा। न्याय व्यवस्था ऐसी हो जो सरल, सुलभ, पारदर्शी तथा समयबद्ध हो, ताकि प्रत्येक नागरिक को शीघ्र न्याय मिल सके और आर्थिक विकास को मजबूत कानूनी आधार प्राप्त हो।

     

    सैनी ने महाभारत के युधिष्ठिर एवं यक्ष संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय न्याय परंपरा का मूल आधार निष्पक्षता, धर्म और सिद्धांत हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि गुरु द्रोणाचार्य और माता शीतला देवी की पावन भूमि पर स्थापित यह न्यायिक परिसर आने वाले वर्षों में न्याय, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जनविश्वास को और अधिक सुदृढ़ करेगा। उन्होंने टॉवर ऑफ जस्टिस का जिक्र करते हुए कहा कि दो टावरों में विकसित यह परिसर उत्तर भारत के सबसे बड़े न्यायिक परिसरों में शामिल है। पुराने परिसर की 45 अदालतों की तुलना में यहां 55 आधुनिक अदालत कक्ष स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त परिसर में बैंक, डाकघर, बार लाइब्रेरी, मध्यस्थता केंद्र तथा अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे न्यायिक कार्यप्रणाली अधिक दक्ष, प्रभावी एवं जनहितकारी बनेगी।

     

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पुराने न्यायालय परिसर के एक हिस्से को अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक चैंबर्स के निर्माण हेतु समर्पित किया जाएगा, ताकि उन्हें बेहतर और पर्याप्त कार्यस्थल की सुविधा उपलब्ध हो सके।

     

    आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना से आमजन का न्याय पर विश्वास होगा और मजबूत : मनोहर लाल

     

    लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि टावर ऑफ जस्टिस का उद्घाटन केवल एक नए भवन का शुभारंभ नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था के प्रति आमजन के विश्वास को और सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि न्यायालय में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति अपने साथ न्याय की उम्मीद लेकर आता है। ऐसे में न्यायालय का वातावरण, वहां उपलब्ध सुविधाएं और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति सकारात्मक अनुभव नागरिकों के मन में विश्वास पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे जिले में बढ़ते मुकदमों को देखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त विशाल न्यायिक परिसर की आवश्यकता थी। इस परिसर में न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और वादकारियों के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की गई हैं, जो न्यायिक प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाएंगी।

     

    उन्होंने कहा कि यह भवन केवल आधुनिक अधोसंरचना का उदाहरण नहीं, बल्कि न्याय को अधिक सम्मानजनक और सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आज सबसे अधिक विवाद भूमि, पारिवारिक और अन्य सामाजिक मामलों से जुड़े हैं, जिससे न्यायालयों पर लगातार भार बढ़ रहा है। ऐसे में केवल न्यायालयों का विस्तार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अनावश्यक मुकदमों को कम करने, वैकल्पिक विवाद समाधान, मध्यस्थता और लोक अदालतों जैसी व्यवस्थाओं को भी मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रशासन में पारदर्शिता, डिजिटलीकरण और नागरिक हितों को केंद्र में रखकर अनेक सुधार किए हैं, फिर भी यदि न्यायालयों के निर्णयों से नीतियों में सुधार की आवश्यकता सामने आती है तो सरकार सकारात्मक सुझावों का स्वागत करेगी। उन्होंने न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और अधिवक्ता समुदाय से समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि न्याय सुलभ, किफायती और समयबद्ध होना चाहिए। इससे आम नागरिक का न्यायपालिका पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

     

    टावर ऑफ जस्टिस' विकसित भारत के लिए सशक्त, सुलभ और नागरिक केंद्रित न्याय व्यवस्था का प्रतीक : अर्जुन राम मेघवाल

     

    केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन केवल एक नए न्यायालय भवन के उद्घाटन का अवसर नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था को अधिक सुलभ, प्रभावी और नागरिक केंद्रित बनाने की सामूहिक प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम का टावर ऑफ जस्टिस आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो कार्यपालिका और न्यायपालिका के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने गुरुग्राम की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु द्रोणाचार्य की कर्मस्थली, माता शीतला की पावन भूमि और महाभारतकालीन परंपराओं से जुड़ा यह शहर आज न्याय व्यवस्था के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म' के मंत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए न्याय व्यवस्था का आधुनिक, पारदर्शी और सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है।

     

    उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार न्यायिक सुधारों को गति देने के लिए अधीनस्थ न्यायालयों के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है। ई-कोर्ट्स, ई-फाइलिंग, ई-प्रोसिक्यूशन, ई-प्रिज़न्स, ई-फोरेंसिक, ई-सेवा केंद्र, डिजिटल भुगतान तथा राष्ट्रीय न्यायिक डिजिटल प्रणालियों के माध्यम से न्याय प्रक्रिया को अधिक सरल, सुरक्षित और त्वरित बनाया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह परिसर विकसित, समावेशी और न्यायपूर्ण भारत के संकल्प का सशक्त प्रतीक बनेगा।

     

    प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध और सुलभ न्याय मिले-राव इंद्रजीत सिंह

     

    केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और 'ईज ऑफ लिविंग' के विजन की सफलता तभी संभव है, जब प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध और सुलभ न्याय मिले। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से विकसित अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है और कानून का प्रभावी शासन इसकी सबसे मजबूत आधारशिला है। वर्ष 2014 के बाद 1,500 से अधिक अप्रासंगिक कानून समाप्त किए गए, जन विश्वास अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता के माध्यम से अनेक छोटे अपराधों का अपराधीकरण समाप्त किया गया तथा न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, भरोसेमंद और तकनीक आधारित बनाया गया है। राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड, ई-फाइलिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित केस प्रबंधन तथा वाणिज्यिक न्यायालयों के विस्तार जैसे सुधार लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में लगभग सात एकड़ में निर्मित 55 न्यायालय कक्षों वाला टावर ऑफ जस्टिस इन सुधारों का सशक्त प्रतीक है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि न्याय में न तो अनावश्यक विलंब हो और न ही किसी नागरिक को न्याय से वंचित होना पड़े। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक राजधानी के रूप में तेजी से उभर रहे गुरुग्राम को उसकी बढ़ती आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना मिली है।

     

    न्याय व्यवस्था में जनविश्वास को और सशक्त बनाने का संकल्प है टावर ऑफ जस्टिस' : जस्टिस अनिल मिश्रा

     

    उद्घाटन समारोह में स्वागत संबोधन देते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा ने कहा कि गुरुग्राम के लिए यह ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर है। उन्होंने बताया कि इस भव्य न्यायिक परिसर की परिकल्पना भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसे हरियाणा सरकार तथा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सामूहिक प्रयासों से साकार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे केवल अधिकारियों और संस्थानों का ही नहीं, बल्कि हजारों निर्माण श्रमिकों, राजमिस्त्रियों, अभियंताओं तथा सहयोगी कर्मचारियों का अथक परिश्रम भी शामिल है, जिनके समर्पण ने इस स्वप्न को वास्तविकता में बदला। साथ ही उन्होंने स्थानीय न्यायिक अधिकारियों, न्यायालय कर्मचारियों, अधिवक्ताओं तथा न्यायिक व्यवस्था से जुड़े सभी कर्मियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया, जिनकी निष्ठा और निरंतर सेवा के कारण न्यायिक कार्य सुचारु रूप से संचालित होता रहा। जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी, अध्यक्ष बिल्डिंग कमेटी, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सभी अतिथियों का धन्यवाद व्यक्त किया।

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    12/07/26 |

    उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दिल्ली में समाज सुधारक मन्नथु पद्मनाभन की प्रतिमा का अनावरण किया

    आरएस अनेजा, 12 जुलाई नई दिल्ली - भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज द्वारका स्थित मन्नम इंटरनेशनल सेंटर में नायर सर्विस सोसाइटी, दिल्ली द्वारा आयोजित कार्यक्रम में समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी मन्नथु पद्मनाभन की प्रतिमा का अनावरण किया और 'मन्नम स्मृति मंडप' का उद्घाटन किया।

    सभा को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने इस अवसर को आधुनिक भारत के महानतम समाज सुधारकों और राष्ट्र-निर्माताओं में से एक की स्थायी विरासत का ऐतिहासिक उत्सव बताया। 'मन्नम स्मृति मंडप' स्थापित करने के अपने लंबे समय से पोषित सपने को साकार करने के लिए नायर सर्विस सोसाइटी (NSS), दिल्ली को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह स्मारक केवल एक ढांचा नहीं है, बल्कि "एक स्थायी विरासत की प्रतिष्ठा" और एक ऐसे दूरदर्शी व्यक्ति को जीवंत श्रद्धांजलि है, जिनके सामाजिक न्याय, समानता और राष्ट्र सेवा के आदर्श जाति, क्षेत्र और धर्म की सीमाओं से परे हैं। मन्नथु पद्मनाभन के जीवन और योगदान को याद करते हुए, श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि इस प्रख्यात समाज सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी और नायर सर्विस सोसाइटी के संस्थापक ने अपना जीवन शिक्षा, समाज सुधार, आत्मनिर्भरता और सामुदायिक सेवा के माध्यम से समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया।

    मन्नथु पद्मनाभन को सामुदायिक पुनर्जागरण का सच्चा नेता बताते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सोच संकीर्ण हितों से कहीं आगे थी। उन्होंने कहा, "उनका मानना ​​था कि हर इंसान समान सम्मान और समान अवसर का हकदार है। उनके जीवन का कार्य हमें याद दिलाता है कि वास्तविक सामाजिक प्रगति तभी संभव है जब न्याय, करुणा और समावेशिता समाज के मार्गदर्शक सिद्धांत बनें।"

    सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि नायर सर्विस सोसाइटी का उल्लेखनीय विकास ही इसके संस्थापक के असाधारण समर्पण और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि मन्नथु पद्मनाभन का दृढ़ विश्वास था कि महान संस्थान भारी धन-संपत्ति से नहीं, बल्कि महान प्रतिबद्धता से बनते हैं। यह याद करते हुए कि कैसे उन्होंने शैक्षणिक और सामाजिक संस्थानों की स्थापना के लिए आम घरों से भी छोटे-छोटे योगदान स्वीकार किए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि इन सामूहिक प्रयासों ने पीढ़ियों के जीवन को बदल दिया।

    उपराष्ट्रपति ने इस बात पर खुशी जताई कि अपनी स्थापना के एक सदी से भी अधिक समय बाद, मन्नथु पद्मनाभन के आदर्श केरल से कहीं आगे तक फैल गए हैं। उन्होंने विशेष रूप से NSS दिल्ली द्वारा कलारीपयट्टू, कथकली और मोहिनीअट्टम के माध्यम से केरल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और साथ ही आधुनिक शिक्षा और समाज सेवा को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे सक्रिय कार्यों की सराहना की। उन्होंने NSS दिल्ली को दिल्ली-NCR में 25 शाखाओं और लगभग 25,000 सदस्यों वाले संगठन के रूप में शानदार विकास के लिए बधाई भी दी।

    स्मारकों के महत्व पर बात करते हुए, श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा, "स्मारक केवल पत्थर पर की गई नक्काशी से कहीं अधिक हैं; वे समाज की सामूहिक चेतना में उकेरी गई नक्काशी हैं। उनका असली मकसद अतीत का जश्न मनाने से कहीं आगे है; वे भविष्य के लिए प्रेरणा हैं।"

    नागरिकों से महान समाज सुधारक के मूल्यों को अपनाने का आह्वान करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा, "मन्नाथु पद्मनाभन को हम सबसे बड़ी श्रद्धांजलि समानता, शिक्षा, करुणा, सेवा और राष्ट्रीय एकता पर आधारित समाज के निर्माण के उनके मिशन को आगे बढ़ाकर ही दे सकते हैं।"

    इस अवसर पर, उपराष्ट्रपति ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने वाले देशव्यापी 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मन्नम इंटरनेशनल सेंटर में एक पौधा भी लगाया।

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    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का यूरोप दौरा : स्पेन, बेल्जियम और फिनलैंड के साथ साझेदारी को मिलेगी नई उड़ान

    आरएस अनेजा, 12 जुलाई नई दिल्ली - केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 13-17 जुलाई 2026 तक स्पेन, बेल्जियम और फिनलैंड के दौरे पर जाने वाले भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।

    यह दौरा यूरोप में आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के भारत के संकल्प को दिखाता है, जिसमें व्यापार, निवेश, तकनीक, इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी पर ध्यान दिया जाएगा। इस प्रतिनिधिमंडल में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, क्लीन एनर्जी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, रत्न और आभूषण, फूड प्रोसेसिंग, हेल्थकेयर और डिज़ाइन जैसे क्षेत्रों की प्रमुख भारतीय कंपनियाँ शामिल हैं।

    13 जुलाई को स्पेन में, मंत्री स्पेन के चैंबर ऑफ कॉमर्स, CEOE और ICEX स्पेन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट के साथ एक बिजनेस राउंडटेबल में हिस्सा लेंगे। इस सत्र में स्पेन और भारत के उद्योग जगत के नेता ऑटोमोटिव, रिन्यूएबल एनर्जी, रेलवे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, फूड प्रोसेसिंग और पर्यटन के क्षेत्रों में अवसरों पर चर्चा करेंगे। इबेरड्रोला (Iberdrola), एक्शियोना (Acciona), CAF, टैल्गो (Talgo), गेस्टैम्प (Gestamp) और इंद्रा (Indra) जैसी स्पेनिश कंपनियाँ पहले से ही भारत में मजबूती से मौजूद हैं, जबकि TCS, इंफोसिस (Infosys), विप्रो (Wipro), टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) और L&T जैसी भारतीय कंपनियाँ डिजिटलीकरण और इंडस्ट्री 4.0 को बढ़ावा देने के लिए स्पेन में अपना कामकाज बढ़ा रही हैं। यह दौरा 'स्पेन-भारत डुअल ईयर 2026' के दौरान हो रहा है, जो राजनयिक संबंधों के 70 साल पूरे होने का जश्न है और इसमें बिजनेस-टू-बिजनेस साझेदारी पर जोर दिया जाएगा।

    14-15 जुलाई को बेल्जियम में, कार्यक्रम में एंटवर्प पोर्ट और एंटवर्प वर्ल्ड डायमंड सेंटर का दौरा शामिल है। पोर्ट का दौरा यूरोप के प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के बारे में जानकारी देगा और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, ग्रीन लॉजिस्टिक्स और मजबूत सप्लाई चेन में अपनाए जा रहे बेहतरीन तरीकों को दिखाएगा। एंटवर्प वर्ल्ड डायमंड सेंटर का दौरा ग्लोबल डायमंड वैल्यू चेन, सर्टिफिकेशन, जिम्मेदार सोर्सिंग और भारत के रत्न और आभूषण क्षेत्र के लिए अवसरों पर प्रकाश डालेगा। मंत्री थेल्स ग्रुप (Thales Group) के एलेन क्वेवरिन (Alain Queverin) और सिलॉक्स ग्रुप (Silox Group) के जीन-क्रिस्टोफ बोगार्ट (Jean-Christophe Bogaert) के साथ CEO-स्तर की बैठकें भी करेंगे। थेल्स एयरोस्पेस, डिफेंस, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल आइडेंटिटी के क्षेत्र में ग्लोबल लीडर है और भारत में उसकी महत्वपूर्ण साझेदारियाँ हैं, जबकि सिलॉक्स एक स्पेशलिटी केमिकल्स और रीसाइक्लिंग ग्रुप है जिसका गुजरात में बड़ा कामकाज है और वह बैटरी रीसाइक्लिंग और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग में सहयोग कर रहा है। इंडिया-EU बिजनेस राउंडटेबल और TTC प्लेनरी में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) के अवसरों, व्यापार को आसान बनाने, सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी और मजबूत सप्लाई चेन पर और अधिक ध्यान दिया जाएगा। 16-17 जुलाई को फ़िनलैंड में, मंत्री 'इंडिया-फ़िनलैंड बिज़नेस राउंडटेबल' में हिस्सा लेंगे और डिजिटलाइज़ेशन, क्लीन एनर्जी, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में फ़िनलैंड की कंपनियों के साथ बातचीत करेंगे। संस्थागत सहयोग को मज़बूत करने के लिए CII और 'बिज़नेस फ़िनलैंड' के बीच एक MoU पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इंडस्ट्री के दौरों में नोकिया कॉर्पोरेशन (टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर और 6G रिसर्च पर फोकस), कोने कॉर्पोरेशन (एलीवेटर, स्मार्ट मोबिलिटी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में माहिर), केम्पी ग्रुप (इंडस्ट्रियल मशीनरी और EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनी) और VTT रिसर्च सेंटर (सरकारी एप्लाइड रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन जो नए इनोवेशन को बढ़ावा देता है) शामिल होंगे। भारतीय बिज़नेस डेलिगेशन में बोरोसिल रिन्यूएबल्स, मदरसन ग्रुप, ट्रिविट्रॉन हेल्थकेयर, हरि कृष्णा एक्सपोर्ट्स और नेक्कंती सीफूड्स जैसी कंपनियाँ शामिल होंगी, जो AI और क्लीन टेक्नोलॉजी से लेकर रत्न और आभूषण, फ़ूड प्रोसेसिंग, हेल्थकेयर और डिज़ाइन जैसे क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करेंगी।

    स्पेन, बेल्जियम और फ़िनलैंड की इस यात्रा में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, क्लीन एनर्जी और सस्टेनेबिलिटी, डिजिटल और नई टेक्नोलॉजी, रत्न और आभूषण, तथा फ़ूड और कंज्यूमर इंडस्ट्री जैसे मुख्य विषयों पर ध्यान दिया जाएगा। यह यूरोप दौरा भारत को इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग और सस्टेनेबिलिटी के लिए एक रणनीतिक साझेदार के तौर पर स्थापित करता है। इंडस्ट्री के लीडर्स और बिज़नेस चैंबर्स के साथ सीधे बातचीत करके, यह डेलिगेशन व्यापार, निवेश और टेक्नोलॉजी सहयोग के लिए नए अवसर खोलेगा और एक भरोसेमंद ग्लोबल ग्रोथ पार्टनर के तौर पर भारत की भूमिका को और मज़बूत करेगा।

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    अम्बाला बलदेव नगर थाना कार ब्लास्ट मामला: NIA ने पाक आतंकी शहजाद भट्टी समेत 8 के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

    नई दिल्ली/अम्बाला, 12 जुलाई (अन्‍नू): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अम्बाला के बलदेव नगर पुलिस थाने के पार्किंग एरिया में इस साल जनवरी में हुए आईईडी (IED) कार बम धमाके के मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। एनआईए द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, एजेंसी ने पाकिस्तानी गैंगस्टर से आतंकवादी बने मुख्य साजिशकर्ता शहजाद भट्टी और सात गिरफ्तार भारतीय नागरिकों सहित कुल आठ आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी है।

    अम्बाला पुलिस थाने को दहलाने की थी साजिश:

    एनआईए द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, हरियाणा के पंचकूला स्थित विशेष एनआईए अदालत में दाखिल की गई इस चार्जशीट में आरोपियों की भूमिका और साजिश का पूरा ब्योरा दिया गया है। जांच में सामने आया है कि पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी ने पुलिस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर जनता में दहशत फैलाने के मकसद से अम्बाला के बलदेव नगर थाने पर हमले की पूरी साजिश रची थी।

    गैस सिलेंडर और विस्फोटकों से भरी कार को किया था पार्क:

    जांच एजेंसी ने खुलासा किया कि संभावित ठिकानों की रेकी (निरीक्षण) करने के बाद ही बलदेव नगर थाने को निशाना बनाया गया था। कुछ आरोपियों ने गैस सिलेंडरों और विस्फोटक पदार्थों से भरी कार को थाने के परिसर में पार्क किया था। यही नहीं, आरोपियों ने प्रचार-प्रसार और दहशत फैलाने के उद्देश्य से इस खौफनाक वारदात का बाकायदा वीडियो भी बनाया था।

    शहजाद भट्टी का भारत में मुख्य मोहरा था आकाश:

    एनआईए की जांच के अनुसार, पाकिस्तानी आतंकवादी शहजाद भट्टी ने भारत में अपने ऑपरेशनल मॉड्यूल स्थापित किए थे। उसने स्थानीय गुर्गों को रसद (Logistics) और विस्फोटक सामग्री का इंतजाम करने का काम सौंपा था। इस पूरी साजिश में भारत में भट्टी का मुख्य मोहरा आकाश नाम का आरोपी था, जो अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर हमलों को अंजाम देने का समन्वय (Coordination) संभाल रहा था।

    सोशल मीडिया के जरिए किया था ब्रेनवॉश:

    जांच में यह भी सामने आया है कि भट्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड (सुरक्षित) कम्युनिकेशन चैनलों के जरिए इन आरोपियों की भर्ती की थी और उनका ब्रेनवॉश (कट्टरपंथी बनाना) किया था। विभिन्न डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक, दस्तावेजी और फोरेंसिक सबूतों से यह पूरी तरह साबित हो चुका है कि आरोपी हमले की योजना के दौरान लगातार अपने पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में थे।

    शहजाद भट्टी समेत इन आरोपियों के नाम चार्जशीट में शामिल:

    पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी के अलावा जिन सात भारतीय आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है, उनकी पहचान करमजीत सिंह उर्फ टोनी, आकाश, सौरभ उर्फ सोबी उर्फ सौरभ, रमन कुमार, सत्यम, सुखदेव सिंह उर्फ सुखा और अमरजीत सिंह उर्फ अम्बी के रूप में हुई है। इन सभी पर यूए(पी) एक्ट 1967, बीएनएस 2023, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 और दूरसंचार अधिनियम 2023 की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। एनआईए (केस नंबर RC-03/2026/NIA/DLI) के तहत फंडिंग, भर्ती और विस्फोटकों की खरीद की इस पूरी चेन की गहराई से जांच जारी रखे हुए है।

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    रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप पर ईडी की बड़ी कार्रवाई: ₹1,021 करोड़ की नई संपत्तियां कुर्क; कुल जब्ती ₹20 हजार करोड़ के पार

    नई दिल्ली, 12 जुलाई (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच में एक बेहद बड़ी कार्रवाई की है। ईडी द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, एजेंसी ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) से जुड़े मामले में ₹1,021 करोड़ की नई संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) कर लिया है। यह पूरी कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत अमल में लाई गई है।

    ₹15,548 करोड़ के पब्लिक फंड की हेराफेरी का आरोप:

    ईडी द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह जांच सीबीआई (CBI) द्वारा विभिन्न सरकारी और निजी बैंकों से मिली शिकायतों के आधार पर दर्ज की गई कई प्राथमिकियों (FIRs) के बाद शुरू की गई थी। अब तक की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि RHFL और RCFL द्वारा जुटाए गए करीब ₹15,548 करोड़ के पब्लिक फंड को रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के नियंत्रण और प्रबंधन वाली शेल (फर्जी) कंपनियों और ग्रुप कंपनियों के एक जाल के जरिए सुनियोजित तरीके से डायवर्ट (हेराफेरी) किया गया था।

    रिलायंस पावर के शेयर्स भी जब्ती में शामिल:

    इस ताजा कार्रवाई में कुर्क की गई संपत्तियों में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के पास मौजूद रिलायंस पावर लिमिटेड के इक्विटी शेयर्स शामिल हैं। इसके अलावा, मैसर्स सासन पावर लिमिटेड और मैसर्स रिलायंस पावर लिमिटेड से मिलने वाली कुछ लोन राशियों (लोन अमाउंट रिसीवेबल) को भी ईडी ने अपने कब्जे में ले लिया है।

    कुल जब्ती ₹20,367 करोड़ पहुंची; 8 सीनियर अधिकारी जेल में:

    जांच एजेंसी ने प्रेस रिलीज में बताया कि वह रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के खिलाफ पीएमएलए (PMLA) और फेमा (FEMA) के तहत कई मामलों की जांच कर रही है।

    • दर्ज मामले: अब तक पीएमएलए के तहत 4 ईसीआईआर (ECIR) और फेमा के प्रावधानों के तहत 3 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

    • छापेमारी और जब्ती: जांच के दौरान ईडी अब तक 80 से अधिक ठिकानों पर तलाशी अभियान चला चुकी है। इस ₹1,021 करोड़ की ताजा कार्रवाई के बाद, पीएमएलए के तहत अब तक कुर्क की गई कुल संपत्ति ₹20,367 करोड़ तक पहुंच गई है। इसके अलावा, फेमा के तहत भी ₹77.86 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की गई हैं।

    • अदालती कार्रवाई और गिरफ्तारियां: ईडी अब तक अलग-अलग मामलों में कोर्ट में 4 प्रोसक्यूशन कंप्लेंट (चार्जशीट) और फेमा के तहत 1 शिकायत दर्ज कर चुकी है। इस मामले में रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के 8 सीनियर अधिकारियों और करीबी सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो इस समय न्यायिक हिरासत (जेल) में हैं।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर SIT का गठन:

    ईडी ने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए इस मामले की गहराई से जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। यह एसआईटी (SIT) इन सभी मामलों की बेहद तेजी और मुस्तैदी के साथ आगे की जांच कर रही है।

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    वियतनाम में दर्दनाक हादसा: फू क्वोक द्वीप के पास स्पीडबोट पलटी, 15 भारतीय पर्यटकों की मौत; पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख

    आरएस अनेजा, 12 जुलाई नई दिल्ली - वियतनाम के फू क्वोक (Phu Quoc) द्वीप के पास हुई एक दर्दनाक स्पीडबोट दुर्घटना में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई है, जिसपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस दुखद समाचार से अत्यंत दुखी हैं। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायल बचे लोगों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

    स्पीडबोट पर कुल 36 लोग सवार थे, जिनमें 32 भारतीय पर्यटक और 4 चालक दल (क्रू) के सदस्य शामिल थे। स्थानीय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। यह हादसा तब हुआ जब नाव होन मे रुत द्वीप से एन थ्रोई बंदरगाह जा रही थी और तट से महज 400 मीटर दूर समुद्र की तेज लहरों की चपेट में आकर पलट गई। मारे गए 15 भारतीयों में से 10 तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरल के निवासी थे।

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    12/07/26 |

    53 लाख श्रमिकों को मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सेवा: डॉ. मनसुख मंडाविया करेंगे ₹668 करोड़ की 7 बड़ी ESI परियोजनाओं का उद्घाटन!

    आरएस अनेजा, 12 जुलाई नई दिल्ली - केंद्रीय श्रम और रोजगार तथा युवा मामले और खेल मंत्री, डॉ. मनसुख मंडाविया, 14 जुलाई 2026 को तेलंगाना के सनथनगर स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) अस्पताल से देश भर में सात कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) हेल्थकेयर प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करेंगे।

    केंद्रीय मंत्री सनथनगर के ESIC अस्पताल के नए आउटपेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) ब्लॉक का व्यक्तिगत रूप से उद्घाटन करेंगे और छह प्रोजेक्ट्स का वर्चुअल तरीके से उद्घाटन करेंगे। ये प्रोजेक्ट्स हैं: बेल्टोला, असम में अपग्रेड किया गया 200 बिस्तरों वाला ESIC अस्पताल; श्रीपेरंबदूर, तमिलनाडु में 100 बिस्तरों वाला ESIC अस्पताल; राजमहेंद्रवरम, आंध्र प्रदेश में ESIS अस्पताल; सुरेंद्रनगर, गुजरात में ESI डिस्पेंसरी और ब्रांच ऑफिस; उद्योग नगर, कोटा में ESI डिस्पेंसरी और ब्रांच ऑफिस; और भवानी मंडी, राजस्थान में ESI डिस्पेंसरी। लगभग ₹668 करोड़ की लागत वाली ये मेडिकल सुविधाएं देश भर के करीब 53 लाख लाभार्थियों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करेंगी।

    श्रम और रोजगार तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री, शोभा करंदलाजे भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगी। कार्यक्रम के तहत, डॉ. मंडाविया उन निर्माण श्रमिकों को सम्मानित करेंगे जिन्होंने तेलंगाना के सनथनगर स्थित ESIC अस्पताल में OPD ब्लॉक के निर्माण में योगदान दिया और राष्ट्र-निर्माण में अपनी भूमिका निभाई। वह ESI लाभार्थियों को नकद लाभ भी वितरित करेंगे, जिससे श्रमिकों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता फिर से जाहिर होगी।

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    प्रधानमंत्री ने दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया

    आरएस अनेजा, 12 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने प्रख्यात पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका निधन संगीत और संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि विभिन्न भाषाओं में उनके गीत पीढ़ियों तक लोकप्रिय रहे और उन्होंने अद्वितीय गरिमा और बहुमुखी प्रतिभा के साथ हर भावना को अभिव्यक्त किया।

    मोदी ने कहा कि आने वाले वर्षों में भी उनकी मधुर धुनें श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करती रहेंगी।

    प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर लिखा;

    ‘‘प्रख्यात पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा का निधन संगीत और संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। विभिन्न भाषाओं में उनके गीत पीढ़ियों तक लोकप्रिय रहे। उन्होंने अद्वितीय गरिमा और बहुमुखी प्रतिभा के साथ हर भावना को अभिव्यक्त किया। उनकी मधुर धुनें आने वाले वर्षों में भी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करती रहेंगी। इस दुख की घड़ी में उनके परिवार, अनगिनत प्रशंसकों और संपूर्ण संगीत जगत के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। ओम शांति।’’

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    ग्लोबल मोबिलिटी का नया सवेरा: ब्रिक्स देशों से गडकरी का आह्वान – टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार हो ट्रांसपोर्ट सिस्टम

    आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली - सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज ब्रिक्स देशों से ऐसे परिवहन सिस्टम बनाने के लिए और ज़्यादा सहयोग करने का आह्वान किया जो टिकाऊ, मज़बूत, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार हों। उन्होंने कहा कि इस समूह की सामूहिक ताकत इनोवेशन, पार्टनरशिप और साझा ज़िम्मेदारी के ज़रिए ग्लोबल मोबिलिटी के भविष्य को आकार देने का एक अनोखा मौका देती है।

    भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में आयोजित तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक में उद्घाटन भाषण देते हुए, गडकरी ने ब्रिक्स सदस्य देशों के परिवहन मंत्रियों, प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों, वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों का नागपुर में स्वागत किया। उन्होंने इस बैठक को उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच परिवहन सहयोग को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम बताया।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता, जिसका विषय "मज़बूती, इनोवेशन, सहयोग और टिकाऊपन के लिए निर्माण" है, 'वसुधैव कुटुंबकम' (दुनिया एक परिवार है) की शाश्वत सोच से प्रेरित लोगों पर केंद्रित और "मानवता पहले" वाली सोच को दिखाती है। उन्होंने कहा कि दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाला ब्रिक्स ऐसे परिवहन सिस्टम के विकास का नेतृत्व करने की अनोखी स्थिति में है जो साफ़-सुथरे, सुरक्षित, स्मार्ट और ज़्यादा कुशल हों, साथ ही टिकाऊ आर्थिक विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी आगे बढ़ाएं।

    इस बात पर ज़ोर देते हुए कि परिवहन आर्थिक विकास की रीढ़ है, श्री गडकरी ने सड़क, रेल, समुद्री और विमानन क्षेत्रों में भारत के तेज़ी से हो रहे बदलावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत ने दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क विकसित किया है और साथ ही एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी का भी काफ़ी विस्तार किया है।

    दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर, सोनमर्ग टनल और 10,000 किलोमीटर से ज़्यादा लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये पहल बुनियादी ढांचे के विकास को पर्यावरण की स्थिरता और तकनीकी इनोवेशन के साथ जोड़ने के भारत के संकल्प को दिखाती हैं। उन्होंने बुनियादी ढांचे में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट जुटाने के लिए सफल फ्रेमवर्क के तौर पर 'हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल' का भी ज़िक्र किया।

    गडकरी ने कहा कि भारत के रेलवे में अभूतपूर्व आधुनिकीकरण हुआ है, जिसमें ब्रॉड-गेज नेटवर्क का लगभग पूरा विद्युतीकरण, वंदे भारत सेवाओं का विस्तार, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर प्रगति और नए पंबन ब्रिज जैसी शानदार इंजीनियरिंग उपलब्धियां शामिल हैं। उन्होंने मैरीटाइम अमृत काल विज़न 2047, ई-नाविक और ई-समुद्र जैसी डिजिटल पहल और ग्रीन शिपिंग पहल का भी ज़िक्र किया, जो समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स की क्षमता को मज़बूत करने की दिशा में अहम कदम हैं।

    सस्टेनेबल मोबिलिटी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पर ज़ोर देते हुए, श्री गडकरी ने इलेक्ट्रिक बसों को चलाने, ग्रीन अर्बन मोबिलिटी स्कीम और क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में UDAN पहल की सफलता का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि PM गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान ने इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल डेवलपमेंट के ज़रिए इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग को बदल दिया है, जिससे लॉजिस्टिक्स की लागत कम हुई है और प्रोजेक्ट को तेज़ी से लागू किया जा सका है।

    केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सुरक्षा और सस्टेनेबिलिटी भारत की ट्रांसपोर्ट रणनीति के केंद्र में हैं। उन्होंने पर्यावरण के लिहाज़ से ज़िम्मेदार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के उदाहरण के तौर पर कई पहलों का ज़िक्र किया, जैसे सड़क दुर्घटना पीड़ितों के कैशलेस इलाज के लिए PM-RAHAT स्कीम और सड़क निर्माण में रीसायकल किए गए प्लास्टिक कचरे, म्युनिसिपल कचरे, फ्लाई ऐश, स्टील स्लैग, बांस के क्रैश बैरियर और इस्तेमाल हो चुके टायरों का इस्तेमाल।

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    11/07/26 |

    PMFME योजना का ऐतिहासिक मील का पत्थर: 2 लाख सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को मिला लोन, चिराग पासवान ने मनाया जश्न

    आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली - खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने आज नई दिल्ली में एक खास कार्यक्रम की अध्यक्षता की। यह कार्यक्रम 'प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना' (PMFME) के तहत एक ऐतिहासिक उपलब्धि — दो लाख से ज़्यादा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को लोन मंज़ूर होने — का जश्न मनाने के लिए आयोजित किया गया था।

    2 लाख लोन मंज़ूरी का आंकड़ा पार करते हुए, इस योजना ने 20,300 करोड़ रुपये से ज़्यादा का प्रोजेक्ट निवेश जुटाया है। लाभार्थियों में से लगभग 90 प्रतिशत पहली पीढ़ी के उद्यमी हैं और 44 प्रतिशत महिला उद्यमी हैं। साथ ही, PMFME से जुड़े 75,000 से ज़्यादा उद्यम उद्यम आधार, उद्यम असिस्ट, FSSAI और GST जैसे रजिस्ट्रेशन के ज़रिए औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बने हैं। इस योजना ने लगभग 11 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर पैदा किए हैं।

    इस कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ राज्य सरकारों, सहयोगी मंत्रालयों, बैंकिंग संस्थानों, विकास सहयोगियों, उद्यमियों और स्वयं-सहायता समूहों व किसान उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

    कार्यक्रम में योजना की उपलब्धियों को उजागर करने वाले अहम प्रकाशन जारी किए गए, उद्यमियों ने अपनी सफलता की कहानियाँ साझा कीं और मंत्री ने PMFME लाभार्थियों से बातचीत की, जिनके उद्यम ज़मीनी स्तर पर योजना के असर को दिखाते हैं।

    सभा को संबोधित करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि दो लाख लाभार्थियों की उपलब्धि "यह दिखाती है कि यह विज़न पूरे देश में मापने योग्य नतीजों में बदल रहा है।" उन्होंने सभी लाभार्थियों में महिला उद्यमियों की लगभग 44 प्रतिशत भागीदारी को "महिला-नेतृत्व वाले विकास की सच्ची भावना और विकसित भारत की आधारशिला" बताया।

    मंत्री ने बिहार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश जैसे प्रमुख राज्यों के प्रदर्शन की तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि "सिर्फ़ जश्न मनाने के लिए नहीं है; यह एक मज़बूत नींव है जिस पर हम भारत की फ़ूड प्रोसेसिंग ग्रोथ स्टोरी का अगला चरण बनाएंगे।" उन्होंने "एक राष्ट्रीय नीति को उद्यम विकास के लिए ज़मीनी स्तर के आंदोलन" में बदलने के लिए राज्य सरकारों, ज़िला प्रशासनों और फ़ील्ड अधिकारियों की सराहना की।

    मंत्री ने स्कीम के 'सीड कैपिटल' सपोर्ट पर भी प्रकाश डाला, जिसके तहत 4.18 लाख से ज़्यादा स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्यों को मदद दी गई है। साथ ही, मंत्रालय के 80 कॉमन इनक्यूबेशन सेंटर्स के नेटवर्क को 27 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में मंज़ूरी दी गई है, जिनमें से 32 शुरू हो चुके हैं। स्कीम के तहत 1.76 लाख से ज़्यादा लाभार्थियों को ट्रेनिंग दी गई है, जिनमें से 77 प्रतिशत महिलाएं हैं। कार्यक्रम के दौरान, मंत्री ने रांची, झारखंड के 2 लाखवें लाभार्थी श्री इंद्रजीत सिंह को सम्मानित किया और उन्हें मंज़ूरी पत्र और सर्टिफ़िकेट सौंपा।

    दो लाख से ज़्यादा क्रेडिट-लिंक्ड लाभार्थियों की उपलब्धि भारत सरकार की माइक्रो फ़ूड प्रोसेसिंग सेक्टर को औपचारिक और मज़बूत बनाने की कोशिशों में एक अहम पड़ाव है। यह 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विकसित भारत @2047' के विज़न के तहत उद्यम-आधारित विकास के लिए मंत्रालय की लगातार प्रतिबद्धता को भी दोहराता है।

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    राजनीति टेस्ट क्रिकेट जैसी, धैर्य और निस्वार्थ सेवा से ही जीतेंगे जनता का भरोसा: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन

    आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली - भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज बिहार के गया जी स्थित 'बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट' (BIPARD) में बिहार विधानसभा के 18वें सत्र के सदस्यों के लिए दो दिवसीय ओरिएंटेशन-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

    बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद के पीठासीन अधिकारियों तथा लोकसभा सचिवालय के 'पार्लियामेंट्री रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसीज़' (PRIDE) की इस पहल की सराहना करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विधायकों को अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए तैयार करके लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करते हैं। गया जी में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि इस पहल ने प्रतीकात्मक रूप से "पटना को गया जी तक पहुँचाया" है।

    वैशाली की प्राचीन गणतंत्रात्मक परंपराओं का जिक्र करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत में लोकतंत्र की जड़ें बहुत गहरी हैं और इसे सही मायने में "लोकतंत्र की जननी" माना जाता है। उन्होंने बिहार को भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का "मार्गदर्शक" बताया और विधायकों से इसकी गौरवशाली विरासत को बनाए रखने का आग्रह किया। भगवान बुद्ध की धरती से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने कहा कि सच्चा ज्ञान इस बात को समझने में है कि जन-प्रतिनिधि शासन करने के लिए नहीं, बल्कि सेवा करने के लिए चुने जाते हैं। इस बात पर जोर देते हुए कि विकसित बिहार के बिना विकसित भारत का निर्माण नहीं हो सकता, उन्होंने विधायकों से ऐसे अवसर पैदा करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया जो बिहार को रोजगार और विकास का केंद्र बनाएं और दूसरे राज्यों से प्रवासी श्रमिकों को आकर्षित करें।

    लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व वाले 'संपूर्ण क्रांति आंदोलन' से अपने जुड़ाव का जिक्र करते हुए श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि इसी आंदोलन ने उनके राजनीतिक सफर की नींव रखी थी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम और आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए चलाए गए आंदोलन में बिहार की अहम भूमिका को भी याद किया। विधायकों को यह याद दिलाते हुए कि चुनाव तो पार्टी के आधार पर लड़े जाते हैं लेकिन शासन-कार्य राजनीतिक मतभेदों से ऊपर होना चाहिए, उन्होंने कहा कि चुनाव भले ही वोटों से जीते जाते हों, लेकिन लोगों का सम्मान और भरोसा सत्ता से नहीं, बल्कि निस्वार्थ सेवा से ही हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बनाए गए हर कानून, उठाए गए हर सवाल और हर बहस में अनगिनत लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की क्षमता होती है।

    उपराष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन संविधान और जन-कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "विधानसभा में विचार अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन संविधान ही हमारा साझा मार्गदर्शक होना चाहिए।" उन्होंने कहा कि स्वस्थ बहस लोकतंत्र को मज़बूत करती है, जबकि रचनात्मक सहयोग देश को आगे बढ़ाता है। प्रश्न काल, शून्य काल और कार्य सलाहकार समिति के महत्व पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने सदस्यों से विधायी कामकाज को सुचारू और उत्पादक ढंग से चलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ये संसदीय प्रक्रियाएँ व्यक्तिगत विधायकों को पार्टी से ऊपर उठकर अपने क्षेत्र के लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाने का महत्वपूर्ण अवसर देती हैं।

    लगातार सीखने के महत्व पर ज़ोर देते हुए, श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने विधायकों को सदन की कार्यवाही में भाग लेने से पहले अच्छी तरह से तैयारी करने और विधायी प्रक्रियाओं, समिति प्रणालियों और संसदीय परंपराओं की अच्छी समझ विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने सदस्यों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग जैसी उभरती हुई तकनीकों और NeVA जैसी डिजिटल विधायी पहलों को अपनाने का भी आह्वान किया, ताकि विधायी कामकाज को अधिक कुशल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाया जा सके।

    उप-राष्ट्रपति ने कहा कि राजनीति में धैर्य और दृढ़ता की आवश्यकता होती है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक यात्रा का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक बार ऐसी सरकार का नेतृत्व करने के बावजूद जो केवल सात दिन चली, वे बाद में बिहार के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री बने। राजनीति की तुलना टेस्ट क्रिकेट से करते हुए उन्होंने कहा कि सफलता धैर्य, दृढ़ता और सही अवसरों को चुनने से मिलती है।

    अपने संबोधन का समापन करते हुए उप-राष्ट्रपति ने कहा कि सोच-समझकर किया गया हस्तक्षेप किसी नीति को बदल सकता है, अच्छी तरह से बनाया गया कानून पीढ़ियों को बदल सकता है और एक संवेदनशील निर्णय अनगिनत नागरिकों में उम्मीद जगा सकता है। उन्होंने कहा, "नेतृत्व का असली पैमाना सदन के भीतर मिलने वाली तालियाँ नहीं, बल्कि सदन के बाहर लोगों में जगाया गया विश्वास है।" उन्होंने 18वीं बिहार विधानसभा के सभी सदस्यों को उपयोगी ओरिएंटेशन और सफल विधायी यात्रा के लिए शुभकामनाएँ दीं।

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    11/07/26 |

    नौसेना की बढ़ी ताक़त: पूर्वी बेड़े में शामिल हुआ स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट 'INS महेंद्रगिरि'

    आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली - आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुए एक समारोह में भारतीय नौसेना ने स्वदेशी रूप से बने एडवांस्ड स्टील्थ फ्रिगेट 'INS महेंद्रगिरि' को अपने पूर्वी बेड़े में शामिल किया। रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में इस फ्रंटलाइन युद्धपोत को जहाज निर्माण में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया। यह आत्मनिर्भरता बेहतरीन डिज़ाइन क्षमताओं, निर्माण में उत्कृष्टता, नौसेना-औद्योगिक इकोसिस्टम के तेज़ी से विकास और अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म को समय पर तैयार करने की क्षमता पर आधारित है।

    'INS महेंद्रगिरि' प्रोजेक्ट 17A के तहत स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट की श्रृंखला का छठा जहाज है जिसे सिर्फ़ डेढ़ साल के भीतर भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है। इस श्रृंखला का पहला जहाज 'INS नीलगिरि' जनवरी 2025 में कमीशन किया गया था, जिसके बाद अगस्त में 'INS उदयगिरि' और 'INS हिमगिरि', इस साल अप्रैल में 'INS तारागिरि' और पिछले महीने 'INS दूनागिरि' को शामिल किया गया। भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिज़ाइन ब्यूरो द्वारा डिज़ाइन किया गया और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), मुंबई द्वारा बनाया गया यह जहाज समुद्री अभियानों की पूरी श्रृंखला को अंजाम देने में सक्षम है। इसमें फ्लीट एयर डिफेंस, एंटी-सरफेस वॉरफेयर, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर, मैरीटाइम इंटरडिक्शन, निगरानी और मानवीय सहायता व आपदा राहत (HADR) जैसे कार्य शामिल हैं।

    75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री वाले इस युद्धपोत का विस्थापन (displacement) लगभग 6,670 टन है और यह 28 नॉट तक की गति तक पहुँचने में सक्षम है। यह सुपरसोनिक सतह-से-सतह पर मार करने वाली मिसाइलों, मध्यम-रेंज की सतह-से-हवा में मार करने वाली मिसाइलों, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर क्षमताओं और एक मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर से लैस है। साथ ही, इसमें एडवांस्ड स्टील्थ फीचर्स, आधुनिक सेंसर, नेटवर्क-सेंट्रिक कॉम्बैट सिस्टम और अत्याधुनिक हथियार प्रणालियाँ भी मौजूद हैं। “INS महेंद्रगिरि को ब्रह्मोस सतह-से-सतह पर मार करने वाली मिसाइल से लैस किया जा सकता है, जो दुनिया की सबसे तेज़ और सबसे घातक क्रूज़ मिसाइलों में से एक है। इसमें मल्टी-फ़ंक्शन रडार और सतह-से-हवा में मार करने वाली मिसाइलों का कॉम्बिनेशन भी है, जो लंबी दूरी से हवाई खतरों का पता लगाने और उन्हें खत्म करने में सक्षम हैं।

    इसके हथियारों में स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर, टॉरपीडो लॉन्चर, इंटीग्रेटेड एंटी-सबमरीन डिफेंस सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सुइट और क्लोज़-इन वेपन सिस्टम भी शामिल हैं। ये सभी क्षमताएं इस युद्धपोत को ताकतवर और मज़बूत बनाती हैं,” श्री राजनाथ सिंह ने कहा। उन्होंने भरोसा जताया कि यह “ब्लू-वॉटर शिप” न केवल तट के पास बल्कि गहरे समुद्र में भी भारत के समुद्री हितों की रक्षा करेगा।

    रक्षा मंत्री ने ज़ोर दिया कि हालांकि ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर वॉरफेयर, अंतरिक्ष-आधारित क्षमताएं, हाइपरसोनिक हथियार और बिना चालक वाले सिस्टम जैसी नई तकनीकों ने युद्ध के स्वरूप को काफी बदल दिया है, फिर भी पारंपरिक सैन्य क्षमताएं प्रभावी रक्षा का आधार बनी हुई हैं। उन्होंने कहा, “भविष्य के युद्ध भले ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लड़े जाएं, लेकिन उन्हें राष्ट्रीय संकल्प, प्रशिक्षित सैनिकों और विश्वसनीय सैन्य शक्ति के दम पर ही जीता जाएगा।” उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि एडवांस्ड तकनीकें और पारंपरिक प्लेटफॉर्म एक-दूसरे के प्रतियोगी नहीं, बल्कि पूरक हैं।

    राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की उस प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसके तहत अगली पीढ़ी की तकनीकों में निवेश करते हुए पारंपरिक क्षमताओं को भी मज़बूत करने का संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए पारंपरिक और आधुनिक क्षमताओं के प्रभावी एकीकरण का एक बेहतरीन उदाहरण था।” उन्होंने आगे कहा कि INS महेंद्रगिरि देश की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत एक तकनीकी रूप से उन्नत और युद्ध के लिए तैयार नौसेना का निर्माण किया जा रहा है।

    रक्षा मंत्री ने कहा कि समुद्री और आर्थिक सुरक्षा एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं। समुद्र न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए, बल्कि व्यापार, सप्लाई चेन, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने 'क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास' (SAGAR) के विज़न के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

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    नीति आयोग ने शांति अधिनियम 2025 के कार्यान्वयन पर हितधारकों के साथ परामर्श बैठक आयोजित की

    आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली - नीति आयोग ने नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र के समरसता सभागार में शांति अधिनियम 2025 के कार्यान्वयन पर हितधारकों के साथ परामर्श बैठक आयोजित की। इस बैठक में सरकार, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग जगत के विशेषज्ञों एवं प्रमुखों, नीति निर्माताओं ने भाग लिया और इस महत्वपूर्ण अधिनियम के परिचालन तंत्र पर विचार-विमर्श किया।

    तकनीकी चर्चाएँ अधिनियम के सफल कार्यान्वयन के लिए महत्वपूर्ण तीन मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित थी जिनमें विधायी एवं नियामक ढांचा: विचार-विमर्श शांति अधिनियम के मसौदा नियमों, विनियमों और संबंधित प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति के प्रावधानों पर केंद्रित था जिसमें उद्घाटन तकनीकी खंड में शांति अधिनियम, 2025 के तहत संवैधानिक अनुपालन तंत्रों को प्रस्तुत किया गया और इस बात पर चर्चा की गई कि घरेलू हितों की रक्षा करते हुए विदेशी पूंजी को कैसे आकर्षित किया जा सकता है।

    वित्त, बीमा और जनधारणा: हितधारकों ने अधिनियम के कार्यान्वयन में सहयोग हेतु आवश्यक वित्तीय तंत्रों और जोखिम-निवारण ढाँचों की समीक्षा की। चर्चा में दीर्घकालिक परियोजनाओं के लिए उपयुक्त बीमा व्यवस्थाओं के साथ-साथ परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के प्रति जन जागरूकता, सामुदायिक विश्वास और व्यापक स्वीकृति को मजबूत करने की रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

    विनिर्माण, संचालन एवं क्षमता विकास: मुख्य ध्यान परिचालन चरण पर था जिसमें घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को सुदृढ़ करने, परिचालन की तैयारी सुनिश्चित करने और व्‍यवस्‍था को बनाए रखने के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने पर बल दिया गया। हितधारकों ने आपूर्ति श्रृंखला की प्रतिरोधता बढ़ाने और औद्योगिक विस्तार को बढ़ावा देने तथा उच्च कोटि के सक्षम मानव संसाधन आधार विकसित करने के लिए समर्पित क्षमता विकास कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने पर भी चर्चा की।

     

    हितधारकों ने सभी तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विविध विचार प्रस्तुत किए जो शांति अधिनियम, 2025 के कार्यान्वयन तंत्र को मजबूत करने में उपयोगी होंगे।

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    भारत-न्यूजीलैंड संबंधों में नया अध्याय: रणनीतिक साझेदारी पर बनी सहमति, 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

    आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ऑकलैंड स्थित गवर्नमेंट हाउस में न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री माननीय क्रिस्टोफर लक्सन से भेंट की। गवर्नमेंट हाउस पहुंचने पर उनका पारंपरिक माओरी रीति-रिवाजों के अनुसार स्वागत किया गया। स्वागत समारोह में शांति, सम्मान और आतिथ्य का प्रतीक माने जाने वाले पारंपरिक माओरी अनुष्ठान शामिल थे। पारंपरिक स्वागत समारोह के उपरांत प्रधानमंत्री ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया।

    दोनों प्रधानमंत्रियों ने सीमित एवं प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय प्रारूपों में व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की। उनकी वार्ता में व्यापार एवं निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, कृषि-प्रौद्योगिकी, खेल, शिक्षा, पर्यटन, संस्कृति तथा जन-से-जन संबंधों सहित द्विपक्षीय संबंधों के समूचे आयाम शामिल रहे। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने पर सहमति व्यक्त की, जो भारत-न्यूज़ीलैंड संबंधों में एक नए अध्याय का प्रतीक है।

    उन्होंने पारस्परिक हित के सभी क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों नेताओं ने भारत–न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के शीघ्र कार्यान्वयन के महत्व पर बल दिया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया। नेताओं ने क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया तथा बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

    वार्ता के उपरांत दोनों प्रधानमंत्रियों की उपस्थिति में रक्षा एवं समुद्री सुरक्षा, जलसर्वेक्षण, खेल, आपदा प्रबंधन, डेयरी, पर्यटन, समुद्री विरासत, संस्कृति, खाद्य प्रौद्योगिकी तथा महासागर अनुसंधान के क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों एवं सहमतियों का आदान-प्रदान किया गया। परिणामों की सूची यहाँ देखी जा सकती है. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय साझेदारी की भावी दिशा पर एक संयुक्त वक्तव्य भी अंगीकृत किया.

    प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड में बिजनेस लीडर्स को संबोधित किया

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री माननीय क्रिस्टोफर लक्सन के साथ मिलकर सीईओ और बिजनेस लीडर्स के एक चुनिंदा समूह के साथ बातचीत की।

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस तथ्य को रेखांकित किया कि भारत और न्यूजीलैंड लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन के प्रति सम्मान, विविधता तथा सतत विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता से जुड़े हैं, जो एक महत्वाकांक्षी एवं भविष्योन्मुखी आर्थिक साझेदारी हेतु एक ठोस आधार प्रदान करते हैं। उन्होंने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते को एक अहम उपलब्धि बताया, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और गहरा एवं गतिशील बनाएगा तथा बाजार तक पहुंच, निवेश, सेवाओं, तकनीक और प्रतिभाओं की आवाजाही के नए अवसर खोलेगा।

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि भारत की निरंतर तेज विकास दर, युवा एवं कुशल श्रमशक्ति, बढ़ता मध्यम वर्ग, डिजिटल क्रांति, अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे पर जोर तथा निरंतर हो रहे आर्थिक सुधार, न्यूजीलैंड की कंपनियों के लिए व्यापार, निवेश और नवाचार के व्यापक अवसर पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्थिरता और निरंतर विकास की राह ने भारत को वैश्विक विकास में एक अहम योगदानकर्ता के तौर पर स्थापित किया है। उन्होंने न्यूजीलैंड के निवेशकों और व्यापारिक घरानों को भारत के साथ मिलकर बुनियादी ढांचे के विकास, नागर विमानन, लॉजिस्टिक्स, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी आवागमन, जल प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्र में काम करने के लिए आमंत्रित किया। भारत के जीवंत स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के बारे में बात करते हुए, उन्होंने नवाचार, फिनटेक तथा उभरती हुई प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में दोनों देशों के निजी क्षेत्रों के बीच अधिक सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डेयरी साइंस, बागवानी एवं वानिकी में न्यूजीलैंड की मजबूती और भारत के उपभोक्ता बाजार, फूड पार्क एवं एग्री-टेक से जुड़ी प्रतिभाओं को मिलकर ग्लोबल फूड वैल्यू चेन का निर्माण करना चाहिए।

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    CBI और DRI का बड़ा एक्शन: अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़; 53 दुर्लभ जानवर और पक्षी रेस्क्यू, 6 आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई/कोलकाता, 10 जुलाई (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, देश में वन्यजीवों की अवैध तस्करी के खिलाफ एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सीबीआई और डीआरआई (DRI) मुंबई ने वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) मुंबई व कोलकाता के सहयोग से एक बड़े संयुक्त ऑपरेशन में अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस दौरान देश के उच्च संरक्षण प्राप्त श्रेणी के कुल 53 संरक्षित जानवरों और पक्षियों को तस्करों के चंगुल से सुरक्षित छुड़ाया गया है। मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

    CBI की प्रेस रिलीज के अनुसार कार्रवाई की मुख्य बातें:

    • 53 दुर्लभ जीवों का रेस्क्यू: संयुक्त टीम ने छापेमारी कर 15 स्लो लोरिस (Slow Loris), 2 बिंतुरोंग (Binturong), 28 स्टार कछुए (Star Tortoises), 6 मिस्री गिद्ध (Egyptian Vultures) और 2 शिकरा पक्षी (Shikra birds) बरामद किए हैं। ये सभी जीव वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I (Schedule-I) के तहत लिस्टेड हैं, जिन्हें भारत में सर्वोच्च स्तर का कानूनी संरक्षण प्राप्त है।

    • महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में छापेमारी: डीआरआई मुंबई को एक अंतरराज्यीय आपराधिक सिंडिकेट के बारे में खुफिया इनपुट मिले थे। इसी सटीक जानकारी के आधार पर महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में कई ठिकानों पर एक साथ यह ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया गया।

    • मुंबई और कोलकाता से 6 गिरफ्तार: सीबीआई ने इस मामले में 7 और 8 जुलाई, 2026 को दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। कार्रवाई के तहत 3 आरोपियों को मुंबई से और 3 अन्य आरोपियों को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया है।

    • कड़ी धाराओं में केस दर्ज: यह मामला वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रावधानों और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में दर्ज किया गया है। तस्करों ने इन दुर्लभ जीवों को व्यापार के लिए भारत के अलग-अलग हिस्सों से इकट्ठा किया था।

    • वन विभाग को सौंपे गए जीव: शुरुआती कानूनी और मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद, रेस्क्यू किए गए सभी जानवरों और पक्षियों को सुरक्षित अभिरक्षा और उचित रखरखाव के लिए क्रमशः महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के वन विभागों को सौंप दिया गया है।

    सीबीआई के मुताबिक, दोनों बड़ी सुरक्षा एजेंसियों की इस संयुक्त कार्रवाई ने वन्यजीव तस्करी के बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। मामले की आगे की जांच और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश तेजी से जारी है।

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    पूर्व सपा विधायक दीप नारायण यादव पर ED का बड़ा एक्शन: झांसी और लखनऊ समेत 11 ठिकानों पर छापेमारी, बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज बरामद

    लखनऊ, 10 जुलाई (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, झांसी की गरौठा विधानसभा सीट से पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव और उनके करीबियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। ईडी के इलाहाबाद सब जोनल ऑफिस की टीमों ने बुधवार, 8 जुलाई को उत्तर प्रदेश के झांसी और लखनऊ सहित कुल 11 अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ सर्च ऑपरेशन चलाया। यह पूरी कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है।

    23 करोड़ से अधिक की आय से अधिक संपत्ति का मामला

    ED द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस जांच की शुरुआत उत्तर प्रदेश सरकार के विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट द्वारा दर्ज की गई एक FIR के आधार पर हुई थी। आरोप है कि दीप नारायण सिंह यादव ने अपने ज्ञात आय के स्रोतों से अलग, जांच अवधि के दौरान लगभग $23.02\text{ करोड़}$ रुपए की आय से अधिक (disproportionate) संपत्ति अर्जित की है।

    दर्ज हैं 60 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे

    ED की प्रेस रिलीज में खुलासा किया गया है कि पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के खिलाफ झांसी और उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के विभिन्न थानों में 60 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में डकैती, हत्या का प्रयास, रंगदारी (extortion), गैर-इरादतन हत्या का प्रयास, अमानत में खयानत, धोखाधड़ी और जालसाजी जैसे गंभीर संगीन अपराध शामिल हैं, जो PMLA एक्ट के तहत भी शेड्यूल्ड ऑफेंस के दायरे में आते हैं।

    शैल कंपनियों और करीबियों के नाम पर बनाई बेनामी संपत्ति

    जांच रिपोर्ट और चार्जशीट से सामने आया है कि दीप नारायण ने अपने राजनीतिक प्रभाव का गलत इस्तेमाल कर इन आपराधिक गतिविधियों से भारी काली कमाई (Proceeds of Crime) की है। इस पैसे को वैध दिखाने के लिए उन्होंने कई शेल (फर्जी) कंपनियां बनाईं और अपने परिवार के सदस्यों व करीबियों के नाम पर कई चल-अचल संपत्तियां खरीदीं।

    छापेमारी में ED के हाथ लगे अहम सबूत:

    • फर्जी कंपनियां: तलाशी के दौरान कई ऐसी कंपनियां मिलीं जो सिर्फ कागजों पर चल रही थीं और धरातल पर उनका कोई बिजनेस नहीं था।

    • संदिग्ध वित्तीय रिकॉर्ड: टीमों ने कंपनियों के बीच हुए संदिग्ध लेन-देन, थर्ड-पार्टी एग्रीमेंट्स और वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं।

    • लग्जरी एसेट्स और बेनामी संपत्ति: पूर्व विधायक के करीबियों और व्यापारिक साझेदारों के नाम पर रखी गई लग्जरी संपत्तियों और बेनामी अचल संपत्तियों के कागजात और डिजिटल रिकॉर्ड बरामद कर सीज कर दिए गए हैं।

    ED की प्रेस रिलीज के अनुसार, इस पूरे मामले में अभी आगे की जांच और कार्रवाई तेजी से जारी है।

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    'स्मार्ट बॉर्डर' से अभेद्य होगी भारत की सुरक्षा: सीमांत एसपी सम्मेलन में गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा विज़न

    आरएस अनेजा, 10 जुलाई नई दिल्ली - केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में सीमांत जिला पुलिस अधीक्षक सम्मेलन-2026 को संबोधित किया।

    इस अवसर पर अमित शाह ने कहा कि इस सम्मेलन से समग्र सीमा सुरक्षा के दृष्टिकोण को संस्थागत रूप मिला है और आने वाले समय में तटीय सीमा सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में भी हम समग्रता से आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में सीमाओं की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा, निराकरण की चिंता और इस दिशा में उपयुक्त उपायों को नीतिगत स्वरूप देने का काम होगा।

    अमित शाह ने कहा कि स्मार्ट बॉर्डर की कल्पना पर आधारित भारत की बॉर्डर सुरक्षा व्यवस्था आने वाले समय में विश्व में सबसे आधुनिक होगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार, संबद्ध सीमा रक्षक बल, राज्य एवं ज़िला प्रशासन, भारत सरकार के संबंधित हितधारक तथा स्थानीय नागरिकों के परस्पर जुड़ाव के साथ एक मज़बूत चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड का निर्माण कर रही है। श्री शाह ने कहा कि सुरक्षित सीमा, समृद्ध सीमांत और सजग समाज के साथ ही देश सुरक्षित हो सकता है।

    अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर में 400 प्रतिशत वृद्धि कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ इसे आगे बढ़ाया है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने वायब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के तहत देश के अंतिम गांव को देश का प्रथम गांव कहा है, इसके तहत पलायन रोकने, रोजगार बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। श्री शाह ने कहा कि मोदी जी ने जनसांख्यिकी परिवर्तन का अध्य्यन करने, उसमें असामान्य कारणों से हो रही वृद्धि को चिन्हित करने और भविष्य में इसे रोकने के उपाय सुझाने के लिए डेमोग्राफी मिशन की शुरूआत की है। उन्होंने कहा कि रूथलैस अप्रोच के साथ जनसांख्यिकी में असामान्य कारणों से हो रही वृद्धि को रोकना मोदी सरकार का संकल्प है। गृह मंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में हो रहे जनसंख्यिकी परिवर्तन का मूल कारण घुसपैठ है।

    केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए मोदी सरकार ने चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड का निर्माण किया है जिससे हमने अपनी अप्रोच को रिएक्टिव से प्रोएक्टिव में बदला है। मोदी सरकार आइसोलेटेड सीमा चौकी की व्यवस्था से एकीकृत सुरक्षा ग्रिड का निर्माण करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। गृह मंत्री ने सीमांत क्षेत्रों में असामान्य कारणों से जनसांख्यिकी में हो रहे बदलाव की सूचना जल्द से जल्द नीचे से उच्चतम स्तर तक पहुंचाने के महत्व पर बल दिया।

    अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार 31 हज़ार करोड़ से 1610 किलोमीटर लंबे म्यांमार बॉर्डर पर बाड़बंदी कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रॉक्सी वार, घुसपैठ, कट्टरपंथ का प्रसार, नारकोटिक्स, तस्करी, ड्रोन, साइबर अपराध, संगठित अपराध और जनसांख्यिकीय परिवर्तन रोकना, सीमा को रहने लायक बनाना और वहां से पलायन रोकना और सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारे उद्देश्य हैं।

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    न्यूयार्क में लहराया तिरंगा: 'लोकायन 2026' के तहत INS सुदर्शनी की ऐतिहासिक यात्रा सफल!

    आरएस अनेजा, 10 जुलाई नई दिल्ली - भारतीय नौसेना के सेल प्रशिक्षण पोत (एसटीएस) आईएनएस सुदर्शनी ने संयुक्त राज्य अमरीका के न्यूयॉर्क बंदरगाह की अपनी यात्रा सफलतापूर्वक संपन्‍न की। यह वर्तमान में चल रहे ‘लोकायन 2026’ अंतरमहासागरीय अभियान के अंतर्गत एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस यात्रा के माध्‍यम से भारत की समृद्ध समुद्री विरासत का प्रदर्शन किया गया तथा भारत और संयुक्त राज्य अमरीका के बीच रणनीतिक एवं सांस्कृतिक साझेदारी को और सुदृढ़ बनाया गया।

    भारतीय नौसेना की 10 माह की अंतरमहासागरीय तैनाती के अंतर्गत स्वदेशी में निर्मित तीन मस्तूल वाले बार्क पोत आईएनएस सुदर्शनी ने संयुक्त राज्य अमरीका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय नौसेना रिव्‍यू 250’ और ‘एसएआईएल4टीएच 250’ समारोहों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण आईएनएस सुदर्शनी की शानदार ‘परेड ऑफ सेल’ में भागीदारी रही, जिसके दौरान आईएनएस सुदर्शनी ने स्‍टैच्‍यू ऑफ लेबर्टी के समक्ष तथा वर्षन नदी के मार्ग से नौकायन करते हुए अन्‍य देशों के भव्‍य पातों और नौसैनिक जहाजों के बेडे के साथ गर्व से भारतीय ध्‍वज लहराते फहराया।

    ब्रुकलिन में अपने प्रवास के दौरान आईएनएस सुदर्शनी ने भारत के तैरते हुए सदभावना दूत के रूप में कार्य किया। इस अवधि में जहाज पर 1,000 से अधिक आगंतुकों का स्वागत किया गया, जिनमें भारतीय मूल के लोग, स्‍थानीय नागरिक तथा समुद्री गतिविधियों के प्रति रूचि रखने वाले लोग शामिल थे। आगंतुकों को भारतीय नौसेना की नौकायन प्रशिक्षण परंपराओं तथा भारत की समृद्ध समुद्री विरासत की जानकारी प्रदान की गई।

    जहाज में कई विशिष्ट अतिथि मेजबानी की, जिनमें न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्यदूत श्री बिनय श्रीकांत प्रधान और संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश शामिल थे। उन्होंने जहाज के चालक दल से बातचीत की और भारत की समुद्री विरासत को बढ़ावा देने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच लोगों के संपर्क समुद्री संबंधों को मजबूत करने में जहाज की भूमिका की सराहना की।

    जहाज पर आयोजित एक ‘स्‍टेट डिनर’ (राजकीय रात्रिभोज) ने वरिष्ठ राजनयिकों, सैन्य अधिकारी और विशिष्ट अतिथियों को एक साथ लाया, जिससे बढ़ते भारत-अमरीका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर मिला।

    सभी कार्यक्रमों के सफल समापन के बाद आईएनएस सुदर्शनी न्यूयॉर्क बंदरगाह से बोस्टन के लिए रवाना हो गई, जहां वह आगामी ‘सेल बोस्टन 2026’ समारोह में भाग लेगी। यह जहाज ‘लोकायन 2026' अभियान के तहत भारतीय नौसेना के मित्रता, समुद्री सहयोग और सद्भावना के संदेश को महासागरों के पार ले जाना जारी रखेगा।

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    भारत-ऑस्ट्रेलिया शिखर सम्मेलन: पारंपरिक ज्ञान (TKDL) की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक समझौता

    आरएस अनेजा, 10 जुलाई नई दिल्ली - ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान, काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR) और IP ऑस्ट्रेलिया के बीच CSIR की 'पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी' (CSIR-TKDL) तक पहुंच के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ MP की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

    TKDL एक्सेस समझौता शिखर सम्मेलन के दौरान हुई द्विपक्षीय चर्चाओं के अठारह प्रमुख परिणामों में से एक है। इन चर्चाओं में रक्षा और सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, शिक्षा, कौशल विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, फिल्म निर्माण, पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक संपत्तियों की वापसी जैसे कई विषय शामिल थे।

    'पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी' (TKDL) अपनी तरह का पहला 'प्रायर आर्ट' (पहले से मौजूद जानकारी) डेटाबेस है। इसे भारत ने इसलिए विकसित किया है ताकि गलत तरीके से पेटेंट दिए जाने के कारण उसके समृद्ध पारंपरिक ज्ञान का दुरुपयोग न हो। इस समझौते के तहत, IP ऑस्ट्रेलिया को TKDL डेटाबेस तक पहुंच मिलेगी। इससे वे ऑस्ट्रेलिया के पेटेंट कानूनों और जांच प्रक्रियाओं के अनुसार पेटेंट आवेदनों की जांच करते समय संबंधित 'प्रायर आर्ट' की पहचान कर सकेंगे।

    यह समझौता पेटेंट की जांच को अधिक जानकारीपूर्ण और कुशल बनाएगा। साथ ही, यह ऐसे ज्ञान पर पेटेंट दिए जाने को रोकने में मदद करेगा जो पहले से ही भारत की प्रलेखित पारंपरिक विरासत का हिस्सा है।

    भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही समृद्ध स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों, पारंपरिक प्रथाओं और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के केंद्र हैं। ये सदियों से विकसित हुई हैं और इनके दुरुपयोग का खतरा बना रहता है। इस समझौते पर हस्ताक्षर करना पारंपरिक ज्ञान की सुरक्षा और प्रलेखित 'प्रायर आर्ट' के प्रभावी उपयोग के माध्यम से बौद्धिक संपदा प्रणालियों को मजबूत करने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    इस समझौते के कार्यान्वयन की देखरेख IP ऑस्ट्रेलिया के पेटेंट कमिश्नर श्री एंड्रयू विल्किंसन; CSIR की महानिदेशक और DSIR की सचिव डॉ. एन. कलाईसेल्वी; और CSIR-TKDL यूनिट की प्रमुख और वैज्ञानिक-H डॉ. विश्वजननी जे. सत्तीगेरी करेंगे।

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    यूपी और उत्तराखंड में रेड अलर्ट, आज बंद रहेंगे स्कूल; प्रशासन ने जारी की एडवाईजरी

    नई दिल्ली, 10 जुलाई (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सहित पूरे उत्तर भारत में मानसूनी बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। नदियों के बढ़ते जलस्तर और मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में आज (शुक्रवार, 10 जुलाई) स्कूलों को बंद करने का सख्त आदेश जारी किया गया है।

    उत्तर प्रदेश: गाजियाबाद-मेरठ समेत इन जिलों में छुट्टी

    मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश के 'रेड अलर्ट' को देखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जिलाधिकारियों ने स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। इसके तहत बुलंदशहर, हापुड़, मेरठ और गाजियाबाद में शुक्रवार, 10 जुलाई को सभी स्कूल बंद रहेंगे। गाजियाबाद के जिलाधिकारी (DM) ने नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया है, क्योंकि शहर के अधिकांश हिस्सों में भयंकर जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

    उत्तराखंड: पहाड़ों में स्थिति गंभीर, विशेष आदेश जारी

    मैदानी इलाकों के साथ-साथ उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भी कुदरत का कहर जारी है। भारी बरसात के कारण देहरादून, पौड़ी, टिहरी और हरिद्वार जिलों में स्कूलों को बंद रखा गया है। खासकर पौड़ी गढ़वाल जिला प्रशासन ने शुक्रवार के लिए विशेष गाइडलाइंस और आदेश जारी किए हैं। दूसरी ओर, महाराष्ट्र की बात करें तो मुंबई में स्थिति सामान्य होने के बाद वहां सभी स्कूल और कॉलेज दोबारा खोल दिए गए हैं।

    प्रशासन की अपील: बेवजह बाहर न निकलें

    लगातार हो रही बारिश और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें। जलभराव वाले रास्तों से दूर रहें और बिजली गिरने के खतरे से बचने के लिए भूलकर भी पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों।

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    09/07/26 |

    समुद्री समृद्धि की ओर बढ़ते कदम: 'हाई सीज़' में टिकाऊ मछली पकड़ने के लिए उपराष्ट्रपति ने शुरू किया राष्ट्रीय कार्यक्रम

    आरएस अनेजा, 9 जुलाई नई दिल्ली - भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज भुवनेश्वर में 'हाई सीज़' (खुले समुद्र) में मछली पकड़ने के टिकाऊ तरीकों के लिए 'लेटर ऑफ़ ऑथराइज़ेशन' (LoA) जारी करने के राष्ट्रीय कार्यक्रम की शुरुआत की।

    इस मौके पर उन्होंने 'ओडिशा डीप सी फिशिंग मिशन डॉक्यूमेंट' भी लॉन्च किया और देश भर के दस 'फिश फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइज़ेशन' (FPPO) और मछुआरों को 'हाई सीज़ फिशिंग' के लिए LoA सौंपे। सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह पहल भारत की समुद्री यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत है, जिससे भारतीय मछुआरे देश के 'एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन' (EEZ) और 'हाई सीज़' की विशाल क्षमता का टिकाऊ तरीके से इस्तेमाल कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केंद्र सरकार, राज्य सरकार और मछली पकड़ने वाले समुदायों के उस सामूहिक संकल्प को दर्शाता है, जिसका मकसद मछली पालन क्षेत्र में विकास, टिकाऊपन और समृद्धि का नया दौर लाना है।

    उपराष्ट्रपति ने बताया कि भारत की तटरेखा 11,000 किलोमीटर से ज़्यादा लंबी है और 'एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन' लगभग 24 लाख वर्ग किलोमीटर का है, जिसमें समुद्री संपदा का भंडार है जिसका अभी तक पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि जहां मछली पकड़ने का काम पारंपरिक रूप से तट के पास ही होता रहा है, वहीं नया ढांचा भारतीय मछुआरों को आत्मविश्वास के साथ गहरे समुद्र में जाकर टूना जैसी महंगी मछलियों को टिकाऊ तरीके से पकड़ने में मदद करेगा।

    भारत के मछली पालन क्षेत्र में तेज़ी से हो रहे विकास का ज़िक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है और वैश्विक मछली उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी लगभग आठ प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र लगभग तीन करोड़ मछुआरों और मछली पालकों की आजीविका का सहारा है और पिछले वित्त वर्ष में समुद्री खाद्य पदार्थों का निर्यात ₹73,000 करोड़ से ज़्यादा रहा। उन्होंने भरोसा जताया कि 'हाई सीज़' पहल से भारत की निर्यात क्षमता और मज़बूत होगी तथा मछली पकड़ने, प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन, ट्रांसपोर्टेशन, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और निर्यात सेवाओं में रोज़गार के अवसर पैदा होंगे।

    उपराष्ट्रपति ने कहा कि नया ढांचा LoA जारी करने में मछली पालन सहकारी समितियों, 'फिश फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइज़ेशन' और भारतीय मछुआरों को प्राथमिकता देता है। उन्होंने इस पहल को तटीय समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम बताया और ज़ोर दिया कि सामूहिक प्रयासों से मछली पालन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सकता है।

    टिकाऊ तरीके से मछली पकड़ने को एक नैतिक ज़िम्मेदारी बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि आर्थिक प्रगति के साथ-साथ समुद्री संसाधनों का संरक्षण भी ज़रूरी है। उन्होंने डिजिटल ऑथराइज़ेशन सिस्टम, जहाज़ों की ट्रैकिंग, इंटरनेशनल सर्टिफ़िकेशन और गैर-कानूनी, बिना रिपोर्ट की गई और बिना नियम वाली मछली पकड़ने की गतिविधियों को रोकने के उपायों का सख्ती से पालन करने के महत्व पर ज़ोर दिया। युवाओं से मछली पालन को विज्ञान, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और ग्लोबल मौकों पर आधारित एक आधुनिक पेशे के तौर पर देखने का आग्रह करते हुए, उन्होंने संस्थानों से 'विकसित भारत 2047' के विज़न को साकार करने के लिए मछली पकड़ने वाले समुदायों को ज्ञान, टेक्नोलॉजी और फ़ाइनेंस के ज़रिए मदद जारी रखने को कहा।

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    CBI का बड़ा एक्शन: मुंबई की कंपनी पर 30.63 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड का केस दर्ज, कई ठिकानों पर की छापेमारी

    नई दिल्ली/मुंबई, 9 जुलाई (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, सीबीआई ने मुंबई की एक निजी कंपनी और उसके निदेशकों (Directors) के खिलाफ 30.63 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई के तहत जांच एजेंसी ने 8 जुलाई 2026 को कंपनी और उसके निदेशकों से जुड़े कई ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान (Searches) चलाया।

    पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शिकायत पर दर्ज हुआ केस

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी ने यह मामला 7 जुलाई 2026 को पंजाब नेशनल बैंक (PNB), सैम शाखा, मुंबई की शिकायत पर दर्ज किया था। यह एफआईआर एक निजी कंपनी, उसके निदेशकों, अज्ञात लोक सेवकों (Public Servants) और अज्ञात निजी व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज की गई है। इन सभी पर मिलीभगत कर शिकायतकर्ता बैंक को लगभग 30.63 करोड़ रुपये का चूना लगाने का आरोप है।

    फर्जी आंकड़े दिखाकर लिया लोन, फंड को किया डाइवर्ट

    आरोप है कि आरोपियों ने एक आपराधिक साजिश के तहत पंजाब नेशनल बैंक और कंसोर्टियम के अन्य सदस्य बैंकों से अधिक कैश क्रेडिट (CC) सीमा हासिल करने के लिए देनदारों (Debtors) के फर्जी और बढ़ा-चढ़ाकर आंकड़े पेश किए। इसके अलावा, झूठी वित्तीय जानकारियां देकर बैंकों से टर्म लोन स्वीकृत कराया गया। लोन मिलने के बाद आरोपियों ने उस फंड को दूसरे कामों में डाइवर्ट कर दिया (सैलरी या अन्य मदों में ट्रांसफर कर लिया), जिसके लिए वह मंजूर नहीं किया गया था।

    छापेमारी में आपत्तिजनक दस्तावेज और सबूत बरामद

    सीबीआई की प्रेस रिलीज के मुताबिक, बुधवार (8 जुलाई) को की गई इस छापेमारी के दौरान जांच टीम ने कई आपत्तिजनक बैंक दस्तावेज, संपत्ति के कागजात और अहम सबूत बरामद कर उन्हें जब्त कर लिया है। जब्त की गई सामग्री की प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि कुछ ऐसी देनदार संस्थाएं (Debtor Entities) भी दिखाई गईं, जिनकी साख (Credentials) की फिलहाल जांच की जा रही है। अधिक क्रेडिट सुविधाएं हासिल करने के लिए देनदारों के आंकड़े बढ़ाने से संबंधित दस्तावेज भी सीबीआई ने अपने कब्जे में ले लिए हैं।

    जांच जारी है: सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी साजिश का पूरी तरह से पर्दाफाश करने, लोन राशि के अंतिम उपयोग (End-use) का पता लगाने और इस धोखाधड़ी में शामिल सरकारी कर्मचारियों व निजी व्यक्तियों की भूमिका की पहचान करने के लिए विस्तृत कानूनी जांच लगातार जारी है।

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    भारत-ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक साझेदारी: सुरक्षित हिंद-प्रशांत और भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा का नया रोडमैप

    आरएस अनेजा, 9 जुलाई नई दिल्ली - ऑस्ट्रेलिया और भारत 'व्यापक रणनीतिक साझेदार' हैं और एक स्वतंत्र, खुले और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए एक जैसी सोच रखते हैं।

    ऑस्ट्रेलिया और भारत मध्य पूर्व की स्थिति और हमारे क्षेत्र पर इसके असर को लेकर गंभीर चिंता साझा करते हैं। इसमें ऊर्जा, संसाधनों और अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं की सप्लाई चेन और कीमतों पर लंबे समय तक पड़ने वाला असर भी शामिल है। इस व्यवधान के बीच, हम खुले बाज़ार और नियमों पर आधारित व्यापार के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराते हैं; ये सिद्धांत हमारी समृद्धि और आर्थिक सुरक्षा का आधार हैं।

    ऑस्ट्रेलिया और भारत टिकाऊ और भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्ति के लिए भरोसेमंद निजी क्षेत्र की साझेदारी और रणनीतिक निवेश की अहम भूमिका को समझते हैं। साथ ही, निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाने के समर्थन में, दोनों देश 'आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते' (ECTA), 'व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते' (CECA) की दिशा में चल रहे काम और अन्य संबंधित द्विपक्षीय ढांचों के माध्यम से द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार और निवेश सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ऑस्ट्रेलिया और भारत ऊर्जा क्षेत्र में क्षमता निर्माण और ज्ञान के आदान-प्रदान के महत्व को भी दोहराते हैं।

    भारत को लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) के एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता के रूप में ऑस्ट्रेलिया की भूमिका और ऑस्ट्रेलिया को तरल ईंधन और अन्य डाउनस्ट्रीम उत्पादों के एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की भूमिका को पहचानते हुए, ऑस्ट्रेलिया और भारत ऊर्जा उत्पादों की निरंतर आपूर्ति का समर्थन करने और हमारे दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार को और बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ऑस्ट्रेलिया और भारत ऊर्जा मूल्य श्रृंखला (value chain) में निवेश के अवसरों को प्रोत्साहित करने के महत्व को भी दोहराते हैं।

    ऑस्ट्रेलिया और भारत ने 'ऑस्ट्रेलिया-भारत परमाणु सहयोग समझौते' (2015) के तहत, विशेष रूप से शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए और 'अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी' (IAEA) के सुरक्षा उपायों के तहत भारत को ऑस्ट्रेलियाई यूरेनियम के निर्यात को सक्षम करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया है।

    ऑस्ट्रेलिया और भारत ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती (resilience) को बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध हैं। इसमें क्षेत्रीय सहयोग को गहरा करना, ऊर्जा परिवर्तन (energy transition) में तेजी लाना, नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देना और ऊर्जा तथा तरल ईंधन के लिए खुले व्यापार समझौतों को बनाए रखना शामिल है। दोनों देश मानते हैं कि अपने-अपने ऊर्जा प्रणालियों में विद्युतीकरण को बढ़ाना भविष्य में ऊर्जा सुरक्षा का एक मूल्यवान स्रोत होगा।

    ऑस्ट्रेलिया और भारत मानते हैं कि ऊर्जा के क्षेत्र में मजबूत व्यापार और बाज़ारों के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता पूरे क्षेत्र तक फैली हुई है। दोनों देश प्रशांत द्वीप देशों के लिए ऊर्जा संसाधन सुरक्षा से जुड़ी विशिष्ट चुनौतियों और उनकी मजबूती तथा आर्थिक समृद्धि के लिए ऊर्जा संसाधन आपूर्ति के महत्व को स्वीकार करते हैं। इस पृष्ठभूमि में, ऑस्ट्रेलिया और भारत ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।

    इसमें कोयला, डीज़ल, अन्य तरल ईंधन और प्राकृतिक गैस जैसे ऊर्जा उत्पादों की स्थिर, सुरक्षित और भरोसेमंद आपूर्ति बनाए रखना शामिल है। इसके अलावा, दोनों देशों ने ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव (एनर्जी ट्रांज़िशन) को तेज़ी से आगे बढ़ाने और कम कार्बन वाले ईंधन पर सहयोग मज़बूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस संदर्भ में, ऑस्ट्रेलिया ने 'ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस' (GBA) के लिए भारत की पहल का ज़िक्र किया।

    ऑस्ट्रेलिया और भारत अपने लोगों की सुरक्षा और समृद्धि के फ़ायदे के लिए वैश्विक ऊर्जा संसाधन आपूर्ति श्रृंखलाओं को खुला रखने में मदद करने के लिए क्षेत्रीय साझेदारों से अपील करते हैं।

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    प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया-भारत सीईओ फोरम और इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस कार्यक्रम को संबोधित किया

    आरएस अनेजा, 9 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री माननीय एंथनी अल्बनीज ने आज 9 जुलाई को मेलबर्न में संयुक्त रूप से ऑस्ट्रेलिया-भारत सीईओ फोरम और इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस कार्यक्रम को संबोधित किया।

    इन दोनों कार्यक्रमों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख सीईओ व बिजनेस लीडर्स, ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख सुपरएनुएशन फंड तथा संस्थागत निवेशकों के प्रतिनिधियों और ऑस्ट्रेलिया के अग्रणी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने भाग लिया।

    सीईओ फोरम को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि भारत की सुदृढ़ आर्थिक वृद्धि, नीतिगत सुधार, डिजिटल परिवर्तन और इनोवेशन का बढ़ता इकोसिस्टम ऑस्ट्रेलियाई भागीदारों के लिए नए व्यावसायिक अवसर पैदा कर रहे हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्थाओं के बीच आपसी तालमेल को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग, स्वच्छ ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स, माइनिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास, एविएशन, लॉजिस्टिक्स, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक, फ़ूड प्रोसेसिंग और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध व्यापक अवसरों को रेखांकित किया।

    उन्होंने कहा कि भारत का बड़े पैमाने पर कार्य करने का सामर्थ्य और ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता मिलकर दोनों देशों के लिए एक परस्पर लाभकारी स्थिति का निर्माण करते हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों को भारत में दीर्घकालिक निवेश के अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने भारत में ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों की बढ़ती उपस्थिति का स्वागत किया और इस बात पर विशेष बल दिया कि उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास में गहरा सहयोग न केवल दोनों देशों की प्रतिभाओं को भविष्य के लिए तैयार करेगा, बल्कि उन्हें वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने में भी मदद करेगा।

    सीईओ फोरम के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस कार्यक्रम को भी संबोधित किया, जिसमें दोनों पक्षों के 200 से अधिक सीईओ और बिजनेस लीडर्स का एक बड़ा समूह शामिल था। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच स्वाभाविक तालमेल के बारे में बात करते हुए, उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि साझा लोकतांत्रिक मूल्य, हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए एक समान दृष्टिकोण, लोगों के बीच मजबूत संबंध (पीपल-टू-पीपल टाइज) और मजबूत राजनीतिक समझ ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक साझेदारी को एक साथ बढ़ने और समृद्ध होने के लिए एक एक अच्छा माहौल तैयार किया है।

    वर्ष 2022 के आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट-ईसीटीए) पर आधारित व्यापार और निवेश संबंधों की वृद्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए, उन्होंने प्रस्तावित व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (कॉम्प्रिहेन्सिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट-सीईसीए) को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने का आह्वान किया, ताकि व्यावसायिक संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाया जा सके। उन्होंने बिजनेस लीडर्स से दोनों पक्षों की विशिष्टताओं का लाभ उठाने और ग्लोबल समाधान तलाशने का आग्रह किया, विशेष रूप से रेयर अर्थ्स, लिथियम, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन), सेमीकंडक्टर्स, एआई और डिफेंस सप्लाई चेन के क्षेत्रों में।

    प्रधानमंत्री मोदी ने यह सुझाव भी दिया कि द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि भारत के राज्य और ऑस्ट्रेलिया के प्रांत अपनी मूल क्षमताओं के आधार पर मजबूत आर्थिक साझेदारी स्थापित करें। दोनों मंचों पर हुई चर्चाओं से उत्पन्न आशावाद और सार्थक विचारों को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक संबंध निरंतर समृद्ध होते रहेंगे।

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    प्रधानमंत्री ने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रंबानन मंदिर परिसर में दर्शन किए

    आरएस अनेजा, 8 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज योग्याकार्ता में स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रंबानन मंदिर परिसर में दर्शन किए।

    एक विशेष पहल के तहत, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति श्री प्रबोवो सुबियांतो भी प्रधानमंत्री के साथ मंदिर दर्शन के लिए उपस्थित रहे। दोनों नेताओं ने मंदिर परिसर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की संरक्षण और जीर्णोद्धार परियोजना के शुभारंभ के उपलक्ष्य में एक पट्टिका का अनावरण किया।

    9वीं शताब्दी में निर्मित, प्रंबानन मंदिर परिसर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा मंदिर परिसर है जो भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर परिसर भारत और इंडोनेशिया के बीच साझा सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत का एक स्थायी प्रतीक है।

    यह संरक्षण परियोजना राष्ट्रपति श्री प्रबोवो की 2025 में भारत की राजकीय यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच हुए समझौते के बाद शुरू की गई है, जिसमें प्रंबानन परिसर के मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए भारत की सहायता की संभावनाओं का पता लगाने की बात कही गई थी।

    दक्षिण-पूर्व एशिया में कई विश्व धरोहर स्थलों के संरक्षण और जीर्णोद्धार में भारत का सफल इतिहास रहा है। एएसआई ने इससे पहले इंडोनेशिया के बोरोबुदुर मंदिर परिसर का व्यापक तौर पर दस्तावेजीकरण भी किया है। प्रंबानन मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए भारत का समर्थन साझा सभ्यतागत विरासत को संरक्षित करने के प्रति उसके अटूट संकल्‍प को दर्शाता है।

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    कंबोडिया मानव तस्करी और साइबर गुलामी मामला: NIA ने 3 राज्यों के 6 ठिकानों पर की छापेमारी

    नई दिल्ली, 8 जुलाई (अन्‍नू): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कंबोडिया से जुड़े मानव तस्करी और साइबर गुलामी (Cyber Slavery) के एक बड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। एनआईए की टीमों ने मंगलवार को उत्तर भारत के तीन राज्यों के 6 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ सघन तलाशी अभियान (Searches) चलाया।

    3 राज्यों में छापेमारी

    एनआईए द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, यह छापेमारी बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में की गई। इसमें बिहार के चार जिलों—गोपालगंज, सीवान, सारण और पूर्वी चंपारण में एक-एक ठिकाने पर दबिश दी गई। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश और दिल्ली में भी एक-एक स्थान पर तलाशी ली गई। यह कार्रवाई मामले के गिरफ्तार आरोपियों और फरार चल रहे संदिग्धों के सहयोगियों व मददगारों के ठिकानों पर की गई, जहां से पुलिस ने स्मार्टफोन, लैपटॉप, डिजिटल उपकरण और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं।

    साइबर गुलामी का सिंडिकेट

    प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, यह छापेमारी मानव तस्करी और साइबर गुलामी के उस बड़े सिंडिकेट की जांच का हिस्सा है, जिसका मास्टरमाइंड फरार आरोपी आनंद कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह है। इस मुख्य आरोपी के साथ उसके चार सहयोगियों प्रहलाद कुमार सिंह, अभय नाथ दुबे, अभिरंजन कुमार और रोहित यादव के खिलाफ एनआईए ने मई 2026 में चार्जशीट दाखिल की थी। इससे पहले फरवरी 2026 में आनंद के तीन गुर्गों (अभय, अभिरंजन और रोहित) को कंबोडिया से दिल्ली पहुंचने पर गिरफ्तार किया गया था।

    मोटी सैलरी का झांसा

    एनआईए की प्रेस रिलीज के अनुसार, अब तक की जांच में सामने आया है कि यह संगठित सिंडिकेट भारतीय युवाओं को कंबोडिया में वैध और मोटी सैलरी वाली नौकरियों का झूठा झांसा देकर फंसाता था। भारत में विभिन्न सब-एजेंटों और ट्रैवल एजेंटों के माध्यम से इन युवाओं को कंबोडिया भेजा जाता था। वहां पहुंचते ही पीड़ितों के पासपोर्ट छीन लिए जाते थे और उन्हें जबरन ऑनलाइन घोटाला करने वाली कंपनियों (Scam Companies) के हवाले कर दिया जाता था।

    इनकार पर अमानवीय प्रताड़ना

    जांच एजेंसी के मुताबिक, पीड़ितों ने अपने बयानों में खुलासा किया है कि कंबोडिया की स्कैम कंपनियों में उनसे जबरन काम कराया जाता था। अगर कोई युवक काम करने से मना करता था, तो उसे गंभीर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जाती थी। इंकार करने पर युवाओं को बिजली के झटके (Electric Shocks) देना, जबरन बंधक बनाकर रखना और खाना-पानी न देना जैसी अमानवीय यातनाएं दी जाती थीं। एनआईए ने बताया कि मामले के अन्य फरार आरोपियों और सिंडिकेट के सदस्यों की तलाश में लगातार प्रयास जारी हैं।

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    CBI का बड़ा एक्शन: BRO फंड गबन मामले में लद्दाख से असिस्टेंट इंजीनियर सहित 3 आरोपी गिरफ्तार

    नई दिल्ली/लद्दाख, 8 जुलाई (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एजेंसी ने सीमा सड़क संगठन (BRO) के फंड में हेराफेरी और गबन करने के मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने इस मामले में संलिप्त बीआरओ लद्दाख के एक असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) और कारगिल के दो लेबर सप्लाई एजेंटों सहित कुल 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    फर्जी मजदूरों के नाम पर फंड का गबन

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, गिरफ्तार किया गया असिस्टेंट इंजीनियर बीआरओ के 81 आरसीसी (81 RCC) के तहत खात्से बटालिक सेक्टर (Khatse Batalic Sector) का ऑफिसर इन-चार्ज था। इस अधिकारी ने दोनों मैनपावर सप्लाई एजेंटों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची। आरोपियों ने उन मजदूरों के नाम पर बीआरओ के सरकारी फंड का गबन किया जो वास्तव में थे ही नहीं (Non-existent labours)। इसके बाद एजेंटों द्वारा गबन की गई इस राशि को सीधे असिस्टेंट इंजीनियर के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया गया।

    हिमाचल प्रदेश सहित 27 ठिकानों पर छापेमारी

    प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, सीबीआई ने लद्दाख में बीआरओ की विभिन्न परियोजनाओं में फंड की हेराफेरी के संबंध में पहले ही 4 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थीं। इस मामले में कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए सीबीआई की टीमों ने बीते दिनों 26 अलग-अलग ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान (Searches) चलाया था। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अब हिमाचल प्रदेश में भी एक और ठिकाने पर छापेमारी की गई है।

    रक्षा मंत्रालय की शिकायत पर केस दर्ज

    सीबीआई की प्रेस रिलीज के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर की गई है। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सरकारी कर्मचारियों द्वारा आपराधिक कदाचार और रिश्वतखोरी, तथा भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और जालसाजी (Forgery) के गंभीर आरोपों में मामले दर्ज किए गए हैं।

    अदालत में पेशी और आगे की जांच

    विज्ञप्ति के अनुसार, सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को लद्दाख की संबंधित क्षेत्राधिकार अदालत (Jurisdictional Court) के समक्ष पेश किया जा रहा है। सीबीआई ने कहा है कि मामले की जांच अभी सक्रियता से जारी है और एजेंसी इस पूरे घोटाले की गहनता व तेजी से जांच करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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    प्रधानमंत्री कार्यालय ने अल-नीनो के असर और उससे निपटने की तैयारियों के लिए एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की

    आरएस अनेजा, 8 जुलाई नई दिल्ली - खरीफ़ सीज़न की प्रगति और अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों पर अल नीनो के संभावित असर को देखते हुए, इस संबंध में की गई तैयारियों की समीक्षा करने के लिए प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा की अध्यक्षता में सेवा तीर्थ में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

    इस बैठक में कृषि, बिजली, सहकारिता, पेयजल और स्वच्छता, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, आर्थिक मामलों, पशुपालन, ग्रामीण विकास, पृथ्वी विज्ञान, कृषि अनुसंधान और शिक्षा, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), सूचना और प्रसारण, उपभोक्ता मामलों, वित्तीय सेवाओं, उर्वरक और केंद्रीय जल आयोग सहित पंद्रह से अधिक मंत्रालयों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

    शुरुआत में, मौसम विभाग के अधिकारियों ने जून और 7 जुलाई तक बारिश की कुल स्थिति के बारे में जानकारी दी। मौसम विज्ञान के महानिदेशक ने देश में मॉनसून के फैलाव और अल-नीनो के संभावित असर के बारे में ताज़ा जानकारी दी। गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मॉनसून के आने में लगभग 10 दिन की देरी हुई। हालांकि, 07.07.2026 तक हुई बारिश के साथ, पूरे भारत में बारिश की कमी घटकर -12% रह गई है। जुलाई के पहले हफ्ते में मॉनसून सामान्य से ज़्यादा रहा है। जुलाई और अगस्त में कमज़ोर से मध्यम स्तर का अल-नीनो रहने की उम्मीद है। स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है, क्योंकि मॉनसून के मौसम की 30% से ज़्यादा बारिश जुलाई में ही होती है। यह भी बताया गया कि अल-नीनो वाले साल में ज़रूरी नहीं कि बारिश सामान्य से कम ही हो।

    कृषि सचिव ने खरीफ़ सीज़न के दौरान अल-नीनो के संभावित असर से निपटने की तैयारियों पर एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। बारिश, जलाशय में पानी के भंडार, फ़सल की बुवाई, ज़रूरी चीज़ों की उपलब्धता, बाज़ार के रुझान और कीट तथा बीमारियों की उभरती स्थितियों पर नज़र रखने के लिए राज्यों के साथ क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप की साप्ताहिक बैठकें की जा रही हैं, ताकि समय पर फ़ैसले लिए जा सकें और आपातकालीन स्थिति में कार्रवाई की जा सके। 262 संवेदनशील ज़िलों के लिए ज़िला कृषि आपातकालीन योजनाएँ अपडेट की गई हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने ज़िलों में मौजूद कृषि विज्ञान केंद्रों के लिए "भारतीय कृषि में अल-नीनो के जोखिमों का प्रबंधन" करने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं जारी कर दी हैं। इस बात पर भी ज़ोर दिया गया कि जलवायु के अनुकूल किस्मों और तकनीकों की वजह से कम बारिश के बावजूद पिछले कुछ सालों में अनाज का उत्पादन बनाए रखा गया है।

    संवेदनशील राज्यों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड कवरेज के लिए अभियान शुरू किए गए हैं और कृषि, वित्तीय सेवा और सहकारिता विभागों को एक तय समय-सीमा में ज़्यादा से ज़्यादा कवरेज सुनिश्चित करने का सुझाव दिया गया है। पशुपालन और डेयरी विभाग से कहा गया है कि वे सूक्ष्म या लघु, हर स्तर पर सूखे चारे, हरे चारे और पशु आहार की उपलब्धता का आकलन करें।

    पेयजल और स्वच्छता विभाग ने ज़िलों में स्थिति की निगरानी और अब तक की स्थिर स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्हें निर्देश दिया गया कि वे संवेदनशील ज़िलों में सूक्ष्म-स्तर पर योजना और निगरानी सुनिश्चित करें। जल संसाधन विभाग ने देश में भूजल और जलाशयों की स्थिति की जानकारी दी। हालाँकि अभी स्थिति स्थिर है, फिर भी पूरे मौसम के दौरान लगातार नज़र रखने की ज़रूरत है।

    स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने लू के लिए एडवाइज़री जारी की है और लू, ज़्यादा नमी और डेंगू के प्रकोप की निगरानी की भी व्यवस्था की है। ज़मीनी स्तर तक अलर्ट और एडवाइज़री की प्रभावी जानकारी पहुँचाना सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए गए।

    उपभोक्ता मामलों के विभाग ने चावल, गेहूं और दालों की खुदरा कीमतों और उनके बफर स्टॉक की स्थिति के बारे में जानकारी दी। उर्वरक विभाग ने रबी सीज़न के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता और संभावित शुरुआती स्टॉक के बारे में बताया। दोनों विभागों को सलाह दी गई कि वे ज़रूरी चीज़ों और उर्वरकों की सूक्ष्म और लघु हर स्तर पर उपलब्धता पर लगातार नज़र रखें।

    ग्रामीण विकास विभाग ने विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन के तहत 1 जुलाई से शुरू हुए कामों के बारे में जानकारी दी और साथ ही बताया कि अब तक 1 करोड़ कार्यदिवसों का रोज़गार पैदा किया जा चुका है। कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग ने जलवायु के अनुकूल बीजों की किस्मों के प्रसार के बारे में जानकारी दी। बिजली विभाग ने बिजली उत्पादन और उपलब्धता की स्थिति बताई।

    प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव ने निर्देश दिया कि पूरी स्थिति पर लगातार नज़र रखी जाए और राज्यों के साथ मिलकर उन ज़िलों पर मॉनसून या देर से आए मॉनसून के असर का आकलन किया जाए, जो ज़्यादा प्रभावित हो सकते हैं, ताकि ज़रूरत पड़ने पर सुधार के लिए कदम उठाए जा सकें।

    यह भी निर्देश दिया गया कि चारे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएं, साथ ही चारे के विकास के लिए योजनाएं बनाई जाएं और राज्यों के साथ मिलकर इस बारे में नियमित निगरानी की जाए। संवेदनशील जिलों में पीने के पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। संवेदनशील जिलों में जलाशयों के जल-स्तर पर नियमित नज़र रखी जा रही है और जलाशयों के पानी का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने तथा उपलब्ध पानी के विवेकपूर्ण इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए भी उचित निर्देश दिए गए।

    इस बात पर ज़ोर दिया गया कि समस्याओं का प्रभावी ढंग से समाधान निकालने के लिए मंत्रालयों को राज्यों के साथ मिलकर और आपसी तालमेल से काम करना चाहिए।

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    08/07/26 |

    उपराष्ट्रपति को कपास उत्पादकता मिशन (कपास कांति) के बारे में जानकारी दी गई

    आरएस अनेजा, 8 जुलाई नई दिल्ली - भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन को आज उपराष्ट्रपति भवन में कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा कृषि एवं किसान कल्याण और वस्त्र मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने कपास उत्पादकता मिशन (कपास कांति) के बारे में जानकारी दी।

    इस दौरान मिशन के तीन प्रमुख घटकों के बारे में बताया गया- अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और बेहतर कृषि पद्धतियों के माध्यम से कपास की उत्पादकता बढ़ाना, कस्तूरी कपास प्रमाणन और किसान कपास ऐप जैसी पहलों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले कपास की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना तथा वस्त्र निर्माण के क्षेत्र में नवाचार और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक युग के प्राकृतिक रेशों के उपयोग को बढ़ावा देना।

    उपराष्ट्रपति ने भारत में कपास के अनुकूल परिवेश को सुदृढ़ करने के लिए मिशन के समग्र दृष्टिकोण की सराहना करते हुए नवाचार को गति देने और नई प्रौद्योगिकियों को समय पर अपनाने में सहायता के लिए समयबद्ध अनुमोदन के उपयुक्त तंत्र की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रति एकड़ कपास की उपज में सुधार के महत्व पर बल देते हुए उत्पादकता बढ़ाने और अग्रणी कपास उत्पादक देशों के साथ अंतर को पाटने के लिए स्पष्ट और मापने योग्य लक्ष्यों को निर्धारित करने का आह्वान किया।

    उपराष्ट्रपति ने इस बात पर बल दिया कि भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा की क्षमता बढ़ाने के लिए अपनी स्थिति सुदृढ़ करनी चाहिए और गुणवत्तापूर्ण कपास की बढ़ती घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग को पूरा करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने मिशन के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने, बाजार के अनुकूल रणनीतियों को अपनाने और व्यापक प्रसार के लिए टेलीविजन वृत्तचित्रों के माध्यम से सफल पहलों को उजागर करने के महत्व पर भी बल दिया।

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    अमरनाथ यात्रा: 5 दिनों में 85 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन; आज 1 लाख पार हो सकता है आंकड़ा, छठा जत्था भी पहुंचा कश्मीर

    जम्मू/श्रीनगर, 07 जुलाई, (अन्‍नू): वार्षिक अमरनाथ यात्रा में तीर्थयात्रियों का उत्साह चरम पर है और हर दिन भारी भीड़ देखी जा रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यात्रा के पांचवें दिन 28,818 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा मंदिर में बाबा बर्फानी के दर्शन किए। इसी के साथ, 3 जुलाई से शुरू हुई इस यात्रा में अब तक दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की कुल संख्या 85,779 पहुंच गई है।

    श्रद्धालुओं का आंकड़ा 1 लाख पार होने की उम्मीद

    तीर्थयात्रियों के लगातार आने से उम्मीद जताई जा रही है कि आज श्रद्धालुओं की कुल संख्या एक लाख का आंकड़ा पार कर जाएगी। इस बीच, कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच मंगलवार तड़के जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से रवाना हुआ छठा जत्था पूरी तरह सुरक्षित कश्मीर पहुंच गया है।

    267 वाहनों के काफिले में रवाना हुए यात्री

    अधिकारियों ने बताया कि बालटाल जाने वाला काफिला सुबह 3:10 बजे रवाना हुआ, जबकि पहलगाम जाने वाला काफिला सुबह 3:50 बजे पुलिस, सीआरपीएफ (CRPF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी में निकला। इस पूरे काफिले में कुल 267 वाहन शामिल थे, जिनमें 126 बसें, 32 मीडियम मोटर वाहन (MMV), 104 लाइट मोटर वाहन (LMV) और पांच दोपहिया वाहन शामिल थे।

    सुरक्षा, चिकित्सा और लॉजिस्टिक्स के कड़े इंतजाम

    प्रशासन ने यात्रा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए बालटाल और पहलगाम, दोनों मार्गों पर व्यापक सुरक्षा, चिकित्सा और लॉजिस्टिकल इंतजाम किए हैं। इनमें चौबीसों घंटे सीसीटीवी निगरानी, ट्रैफिक कंट्रोल, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं और सुरक्षा कर्मियों की भारी तैनाती शामिल है। अधिकारियों के मुताबिक, अच्छे मौसम और कड़े सुरक्षा इंतजामों के चलते यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है। इस बार देश के साथ-साथ कई विदेशी नागरिकों ने भी पवित्र गुफा के दर्शन किए हैं।

    57 दिनों तक चलेगी पवित्र यात्रा

    गौरतलब है कि 57 दिनों तक चलने वाली इस पवित्र अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 3 जुलाई को गांदरबल के बालटाल कैंप और अनंतनाग के पहलगाम स्थित नुनवान बेस कैंप, दोनों जगहों से एक साथ हुई थी। प्रशासन का कहना है कि पूरी यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी उपाय लगातार किए जा रहे हैं।

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    NIA का बड़ा एक्शन: पहलगाम आतंकी हमले में हाफिज सईद के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल; भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश का आरोप

    नई दिल्ली/जम्मू, 07 जुलाई, (अन्‍नू): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। NIA द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, आतंकवाद निरोधी एजेंसी ने सोमवार को पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के सरगना व संस्थापक हाफिज सईद के खिलाफ जम्मू की विशेष एनआईए अदालत में सप्लीमेंट्री चार्जशीट (पूरक आरोप पत्र) दाखिल कर दी है।

    देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से साजिश रचने की धाराएं शामिल

    NIA की प्रेस रिलीज के मुताबिक, हाफिज सईद को उसकी व्यक्तिगत क्षमता और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा व उसके प्रॉक्सी संगठन TRF के प्रमुख के रूप में नामजद किया गया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। चार्जशीट में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से आतंकी साजिश रचने के लिए विशेष दंडात्मक धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

    वैज्ञानिक और ऑन-ग्राउंड जांच से जुटाए पुख्ता सबूत

    यह पूरक आरोप पत्र पहले दाखिल की जा चुकी 1,597 पन्नों की मूल चार्जशीट के सिलसिले में ही पेश किया गया है। इसमें पाकिस्तान की गहरी साजिश, हाफिज सईद की मुख्य भूमिका और एनआईए द्वारा की गई सटीक वैज्ञानिक व ऑन-ग्राउंड जांच के जरिए जुटाए गए सभी पुख्ता और समर्थक सबूत शामिल हैं। इससे पहले 15 दिसंबर 2025 को दाखिल की गई चार्जशीट में पाकिस्तानी हैंडलर साजिद जाट, 'ऑपरेशन महादेव' में मारे गए तीन आतंकियों और दो गिरफ्तार आरोपियों को नामजद किया गया था।

    पहलगाम में हुआ था 26 लोगों का टारगेटेड कत्लेआम

    गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों ने धर्म के आधार पर टारगेटेड किलिंग को अंजाम दिया था। इस कायरतापूर्ण हमले में 25 निर्दोष पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक (कुल 26 लोगों) की जान चली गई थी। इस मामले में शुरुआती एफआईआर (नंबर 25/2025) अनंतनाग जिले के पहलगाम पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी, जिसे बाद में गृह मंत्रालय के आदेश पर गहन जांच के लिए एनआईए को ट्रांसफर कर दिया गया था। एनआईए सीमा पार से रची जा रही इस पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए लगातार जांच में जुटी है।

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    पूर्वोत्तर को बड़ी उपलब्धि: मिजोरम विश्वविद्यालय का NHM बना भारत का 21वां निर्दिष्ट जैव भंडार

    आरएस अनेजा, 7 जुलाई नई दिल्ली - भारत में जैव विविधता संरक्षण और वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मिजोरम यूनिवर्सिटी, आइजोल के Natural History Museum (NHM) को देश का 21वां Designated Repository घोषित किया है।

    केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (National Biodiversity Authority) की सिफारिश और प्रस्ताव की समीक्षा के बाद 19 जून 2026 को इसे Biological Diversity Act, 2002 की धारा 39 के तहत Designated Repository के रूप में अधिसूचित किया।

    Designated Repository भारत की जैव विविधता व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां प्रमाणित जैविक नमूनों को सुरक्षित रखा जाता है। इससे वैज्ञानिक अध्ययन, प्रजातियों की पहचान और लंबे समय तक संरक्षण में मदद मिलती है।

    मिजोरम का NHM पौधों और जीव-जंतुओं के कई महत्वपूर्ण नमूनों को संरक्षित करेगा। इनमें टेरिडोफाइट्स, मैक्रोफंगी, सरीसृप, उभयचर, मछलियां, पतंगे, बीटल और तितलियां जैसी प्रजातियां शामिल होंगी।

    इसके अलावा यह संग्रहालय क्षेत्र में खोजी जाने वाली नई प्रजातियों के टाइप स्पेसिमेन को सुरक्षित रखने का केंद्र भी बनेगा। इससे भविष्य में वैज्ञानिक शोध और जैविक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

    साल 2022 में स्थापित NHM, मिजोरम यूनिवर्सिटी के तहत काम करता है। इसका स्थान Indo-Burma Biodiversity Hotspot क्षेत्र में होने के कारण इसे विशेष महत्व प्राप्त है।

    मिजोरम और पूर्वोत्तर भारत में 7,500 से ज्यादा फूलों वाले पौधों और 2,000 से अधिक जीव प्रजातियों की मौजूदगी पाई जाती है। ऐसे में यह संग्रहालय क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता के दस्तावेजीकरण में अहम भूमिका निभाएगा।

    NHM क्षेत्र की दुर्लभ और स्थानीय प्रजातियों के संरक्षण में भी मदद करेगा। इनमें मिजोरम के जंगलों में खोजी गई उभयचर प्रजाति Leptobrachella tamdil जैसी नई प्रजातियां भी शामिल हैं।

    Designated Repository बनने से पहले ही NHM ने 500 से अधिक जैविक नमूनों को इकट्ठा और संरक्षित किया है। इसके विशेषज्ञ पौधों, मछलियों, कीटों और अन्य जैविक समूहों पर शोध कर रहे हैं।

    यह कदम भारत के जैव विविधता संरक्षण नेटवर्क को और मजबूत करेगा। इससे स्थानीय स्तर पर नमूनों को सुरक्षित रखने, शोध को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    यह पहल भारत की National Biodiversity Strategy and Action Plan (2024-2030) और वैश्विक जैव विविधता संरक्षण लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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    आईआईएम बैंगलोर, इंडोनेशिया में अपना परिसर स्थापित करेगा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

    आरएस अनेजा, 7 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज घोषणा की कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बैंगलोर (आईआईएमबी) इंडोनेशिया में अपना परिसर स्थापित करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस परिसर से पूरे आसियान क्षेत्र के युवाओं को व्यापक लाभ होगा। यह घोषणा प्रधानमंत्री की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में की गई। प्रस्तावित परिसर इंडोनेशिया के मलंग स्थित सिंघासारी विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में स्थापित किया जाएगा और यह भारत के उच्च शिक्षा तंत्र के अंतर्राष्ट्रीयकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

    यह घोषणा भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के वैश्विक विस्तार में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दुबई में आईआईएम अहमदाबाद, अबू धाबी में आईआईटी दिल्ली और ज़ांज़ीबार में आईआईटी मद्रास द्वारा सफलतापूर्वक स्थापित विदेशी परिसरों के आधार पर, यह वैश्विक स्तर पर शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध एक विश्वसनीय वैश्विक ज्ञान भागीदार के रूप में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को रेखांकित करता है।

    इंडोनेशिया में प्रस्तावित परिसर आईआईएमबी का पहला अंतरराष्ट्रीय परिसर होगा और यह भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी और उच्च गुणवत्ता वाली किफायती शिक्षा के वैश्विक प्रदाता के रूप में भारत के उदय को रेखांकित करता है। यह पहल भारत और इंडोनेशिया की हिन्‍द-प्रशांत क्षेत्र में शैक्षणिक सहयोग, मानव पूंजी विकास और ज्ञान साझेदारी को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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    07/07/26 |

    ‘प्रगति’ प्रोजेक्ट लांच, 20 हजार कृषि-उद्यमी और 20 लाख किसानों को सशक्त बनाने का संकल्प

    आरएस अनेजा, 7 जुलाई नई दिल्ली - केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को ‘प्रगति’ (PRAGATI) नामक एक राष्ट्रीय पहल का शुभारंभ किया जिसका उद्देश्य 20 हजार ग्रामीण युवाओं को कृषि-उद्यमी बनाकर देश भर के 20 लाख छोटे और सीमांत किसानों की आय, उत्पादकता और आजीविका में व्यापक सुधार लाना है। यह बहु-साझेदार पहल भारत में समावेशी, टिकाऊ और जलवायु-संवेदनशील कृषि परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

    शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत का सपना विकसित कृषि और समृद्ध गांवों के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लागत घटाकर किसानों की आय बढ़ाना, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और कृषि को लाभकारी बनाना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि छोटे जोत वाले किसानों के लिए पारंपरिक खेती पर्याप्त नहीं है, इसलिए वैल्यू एडिशन, प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि ‘प्रगति’ इसी सोच का विस्तार है जो किसानों को तकनीक, मशीनीकरण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और बाजार से जोड़कर उनकी वास्तविक आय बढ़ाने का रास्ता तैयार करेगा।

    यह पहल देश के प्रमुख कृषि राज्यों- मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, असम और झारखंड में लागू की जाएगी। कार्यक्रम के तहत तैयार किए जाने वाले कृषि-उद्यमी गांव स्तर पर सलाह, मिट्टी परीक्षण, मशीन सेवाएं, वित्तीय लिंक, बाजार कनेक्ट और वैकल्पिक आय के अवसर उपलब्ध कराएंगे। श्री चौहान ने कहा कि केवल खेती करने से काम नहीं चलेगा, हमें वैल्यू एडिशन और विविधीकरण की ओर बढ़ना होगा- बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों से किसानों की आय में गुणात्मक वृद्धि संभव है। उन्होंने तकनीक के उपयोग, ड्रोन, डिजिटल सलाह और वैज्ञानिक खेती को भविष्य का आधार बताया।

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    NHAI शिलॉन्ग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रिश्वतखोरी मामले में गिरफ्तार; 4 लाख लेते रंगे हाथों दबोचा

    नई दिल्ली/शिलॉन्ग, 07 जुलाई, (अन्‍नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की है। CBI द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, जांच एजेंसी ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) शिलॉन्ग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और दो निजी व्यक्तियों को एक रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया है।

    यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर 1 जुलाई 2026 को दर्ज किए गए आपराधिक मामले के तहत की गई है।

    13.38 करोड़ के बिल पास करने के बदले मांगी थी 12 लाख की रिश्वत

    CBI की प्रेस रिलीज के मुताबिक, आरोपी प्रोजेक्ट डायरेक्टर पर आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता के करीब 13.38 करोड़ रुपए के बकाया बिलों को पास करने और प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बदले 12 लाख रुपए की रिश्वत (undue advantage) मांगी थी।

    आरोपी लोक सेवक ने शिकायतकर्ता को निर्देश दिया था कि वह रिश्वत की कुल राशि में से 4 लाख रुपए एडवांस के तौर पर दे।

    गुवाहाटी में बिछाया गया था रिश्वत के पैसों का जाल

    प्रेस रिलीज के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने शिकायतकर्ता को एडवांस के 4 लाख रुपए गुवाहाटी में एक निजी व्यक्ति को सौंपने के लिए कहा था। इसके बाद उस निजी व्यक्ति ने पैसों को गुवाहाटी में ही एक अन्य निजी व्यक्ति को सौंपने का निर्देश दिया।

    इस पूरी साजिश की भनक लगते ही CBI ने जाल बिछाया (Trap) और आरोपी निजी व्यक्ति को शिकायतकर्ता से 4 लाख रुपए की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।

    आरोपी अधिकारी समेत तीन गिरफ्तार, परिसरों की तलाशी जारी

    रंगे हाथों दबोचे जाने के बाद, CBI ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए NHAI के मुख्य आरोपी प्रोजेक्ट डायरेक्टर और सांठगांठ में शामिल दोनों निजी व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद जांच एजेंसी ने आरोपियों के संबंधित ठिकानों और परिसरों की सघन तलाशी (Searches) ली है। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।

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    CBI की बड़ी कार्रवाई: BRO फंड हेरफेर मामले में देश के 11 राज्यों में 26 जगहों पर छापेमारी; लेफ्टिनेंट कर्नल और मेजर समेत 10 अफसरों पर FIR

    नई दिल्ली, 07 जुलाई, (अन्‍नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) में सरकारी फंड के गबन और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में देशव्यापी बड़ी कार्रवाई की है। CBI द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, जांच एजेंसी ने इस घोटाले के सिलसिले में देश के 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित कुल 26 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ सघन छापेमारी (Searches) की है।

    यह कार्रवाई सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा तैयार करने वाले संगठन BRO में हुए बड़े फंड हेरफेर से जुड़े 4 आपराधिक मामलों के तहत की गई है।

    रक्षा मंत्रालय की शिकायत पर 4 एफआईआर दर्ज

    CBI की प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह पूरा मामला लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में चल रहे 'प्रोजेक्ट विजयक' (Project Vijayak) और 'प्रोजेक्ट योजक' (Project Yojak) में संविदात्मक / आकस्मिक श्रमिकों (Casual Labourers) की तैनाती में हुई भारी अनियमितताओं से जुड़ा है। जांच में सामने आया है कि फर्जी और कागजी श्रमिकों के नाम पर अवैध रूप से सरकारी भुगतान जारी किए गए।

    BRO के तकनीकी अधिकारियों के बोर्ड (Technical Board of Officers) द्वारा की गई एक आंतरिक जांच के बाद, रक्षा मंत्रालय की ओर से दर्ज कराई गई आपराधिक शिकायतों के आधार पर CBI ने इस मामले में 4 एफआईआर दर्ज की हैं।

    लेफ्टिनेंट कर्नल, मेजर और इंजीनियरों के खिलाफ केस

    इस महाघोटाले में सेना और विभाग के बड़े अधिकारी रडार पर आ गए हैं। एफआईआर में सरकारी धन का गबन, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश (IPC के तहत) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act), 1988 के तहत आपराधिक कदाचार और रिश्वतखोरी के आरोप लगाए गए हैं।

    CBI ने इस मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल (Lt. Col.), मेजर (Major) और इंजीनियर रैंक के कुल 10 सैन्य व असैन्य अधिकारियों समेत कई निजी व्यक्तियों को नामजद किया है।

    छापेमारी में मिले कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत

    CBI ने देश के जिन 11 राज्यों/यूटी में छापेमारी की है, उनमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड शामिल हैं।

    इस तलाशी अभियान के दौरान जांच एजेंसी ने आरोपियों के ठिकानों से कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य (Digital Evidence) बरामद किए हैं। CBI का कहना है कि वह इन मामलों की गहन और व्यापक जांच को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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    ब्रिक्स महिला कार्य समूह की बैठक कोच्चि में शुरू हुई

    आरएस अनेजा, 6 जुलाई नई दिल्ली - केरल के कोच्चि में ब्रिक्स महिला कार्य समूह (डब्ल्यूडब्ल्यूजी) की बैठक का शुभारंभ हो गया है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत यह बैठक हो रही है। ब्रिक्स सदस्य देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी इस दो दिवसीय बैठक में भाग ले रहे हैं। इस बैठक में महिला सशक्तिकरण और महिलाओं की अगुवाई में विकास से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा तथा साझा हितों के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत किया जाएगा।

    महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री अनिल मलिक ने प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत करते हुए कहा कि भले ही भौगोलिक दूरी ने हमें एक-दूसरे से दूर रखा हो, लेकिन महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की हमारी साझा प्रतिबद्धता ने हमें आपस में मजबूती से जोड़े रखा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बैठक सार्थक चर्चाओं, आपसी ज्ञानवर्धन और रचनात्मक सहयोग को बढ़ावा देगी जिससे महिला सशक्तिकरण के प्रति ब्रिक्स देशों की सामूहिक प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।

    भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का उल्लेख करते हुए श्री मलिक ने कहा कि महिला ट्रैक को चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों द्वारा निर्देशित किया गया है जो ब्रिक्स देशों की साझा आकांक्षाओं और समकालीन वैश्विक चुनौतियों को दर्शाते हैं। इनमें महिलाओं के शासन और नेतृत्व के माध्यम से अधिक सशक्त ब्रिक्स समूह बनाना, परिवर्तन के उत्प्रेरक के रूप में वित्तीय और डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देना, महिला उद्यमिता और कौशल विकास को प्रोत्साहित करना और जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा तथा पोषण में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करना शामिल है।

    उन्होंने कहा कि इन प्राथमिकताओं ने पिछले कई महीनों से संवाद के लिए एक मजबूत ढांचा प्रदान किया है और कोच्चि बैठक के दौरान विचार-विमर्श को आगे भी निर्देशित करती रहेंगी। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि तैयारी संबंधी परामर्शों के दौरान सदस्य देशों द्वारा प्रदर्शित रचनात्मक भावना अगले दो दिनों में होने वाली चर्चाओं को दिशा देती रहेगी, जिससे प्रतिभागियों को अपने विचारों का आदान-प्रदान करने, अपनी साझा समझ को परिष्कृत करने और बैठक के परिणामों पर आम सहमति बनाने में मदद मिलेगी।

    ये चर्चाएं भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के विषय "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" के अंतर्गत आयोजित की जा रही हैं जो जन-केंद्रित और मानवता-प्रथम दृष्टिकोण को दर्शाती हैं। कार्य समूह की बैठक के बाद 8 और 9 जुलाई, 2026 को कोच्चि में दो दिवसीय मंत्रिस्तरीय बैठक होगी।

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    इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री का वक्तव्य

    आरएस अनेजा, 6 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 से 11 जुलाई 2026 तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर है। यात्रा पर रवाना होने से पहले उन्होंने अपना वक्तव्य जारी किया है।

    इंडोनेशिया के राष्ट्रपति श्री प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर मैं 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया की यात्रा पर रहूंगा। वर्ष 2018 में मेरी पहली इंडोनेशिया यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। उसके बाद यह मेरी पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। यह यात्रा राष्ट्रपति प्रबोवो की भारत की राजकीय यात्रा के बाद हो रही है, जो 26 जनवरी, 2025 को हमारे गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे।

    भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत सभ्यतागत और जन-संबंध हैं और मेरी यह यात्रा हमारी बहुआयामी साझेदारी के सभी पहलुओं को और अधिक सुदृढ़ करेगी। इस यात्रा के दौरान, मैं इंडोनेशिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत करूंगा और राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रम्‍बनन मंदिर परिसर का दौरा करूंगा, जो हमारे घनिष्ठ सांस्कृतिक संबंधों का एक और उल्लेखनीय प्रमाण है।

    ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज के निमंत्रण पर मैं इंडोनेशिया से मेलबर्न का दौरा करूंगा। मेरी यह यात्रा हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगी। प्रधानमंत्री अल्बानीज के साथ मेरी चर्चाओं में रक्षा एवं सुरक्षा, व्यापार एवं निवेश, शिक्षा एवं परिवहन तथा जन-संपर्क क्षेत्रों में हमारे संबंधों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। मेलबर्न में मुझे भारतीय प्रवासी समुदाय से मिलने का अवसर मिलेगा, जो हमारी रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। इसके अलावा, यह दौरा भारत और ऑस्ट्रेलिया को उभरती एवं महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, खेल एवं खेल विज्ञान के क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने का अवसर भी प्रदान करेगा।

    न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर, मैं मेलबर्न से न्यूजीलैंड के ऑकलैंड के दौरे पर रहूंगा। मेरी यह यात्रा मार्च 2025 में प्रधानमंत्री लक्सन की भारत यात्रा के बाद हमारे द्विपक्षीय संबंधों में आई मजबूती को और आगे बढ़ाएगी। इस यात्रा के दौरान, मैं प्रधानमंत्री लक्सन के साथ आर्थिक, व्यापारिक और वाणिज्यिक संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करूंगा। मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के साथ ही भारत और न्यूजीलैंड ने द्विपक्षीय व्यापार और वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है। हमारे द्विपक्षीय संबंधों में भारतीय प्रवासी समुदाय का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और इस यात्रा के दौरान, मैं भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित करने के लिए उत्सुक हूं जिन्होंने जीवन के सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

    पूर्वी और दक्षिणी हिंद महासागर में स्थित क्रमशः इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया की मेरी यात्रा, जिसके बाद न्यूजीलैंड की यात्रा का कार्यक्रम है, भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और महासागर विजन के साथ-साथ एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति हमारे दृष्टिकोण को और अधिक सशक्त बनाएगी।

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    प्रधानमंत्री ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 6 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. मुखर्जी को एक विशिष्ट राष्ट्र निर्माता, प्रख्यात शिक्षाविद और दूरदर्शी नेता के रूप में याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपना जीवन भारत की एकता, गरिमा और प्रगति के लिए समर्पित कर दिया था।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा, औद्योगिक विकास और राष्ट्रीय एकता में डॉ. मुखर्जी का अमिट योगदान पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। श्री मोदी ने कहा कि जैसे-जैसे देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है, डॉ. मुखर्जी के विचार और आदर्श राष्ट्र के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे।

    प्रधानमंत्री ने ‘एक्‍स’ पर पोस्ट किया:

    आज, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर, मैं भारत के उन असाधारण राष्ट्र निर्माताओं में से एक को नमन करता हूं, जिनका जीवन विद्वत्ता, साहस और राष्ट्र सेवा के प्रति अटूट समर्पण से प्रेरित था। उन्होंने अपना जीवन भारत की एकता, गरिमा और प्रगति के लिए समर्पित कर दिया था।

    डॉ. मुखर्जी का योगदान कई क्षेत्रों में रहा। वे एक उत्कृष्ट विचारक और शिक्षाविद थे, जिन्होंने नवाचार और भविष्योन्मुखी शिक्षा का समर्थन किया। उद्योग मंत्री के रूप में, उन्होंने पारंपरिक क्षेत्रों और आजीविका के विकास को सुनिश्चित करते हुए औद्योगिक आत्मनिर्भरता की नींव रखी। बंगाल में अकाल के दौरान उनके मानवीय प्रयासों से मुसीबत में घिरे लोगों के प्रति उनकी गहरी संवेदना झलकती थी। सबसे बड़ी बात यह है कि भारत की एकता और अखंडता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

    जैसे-जैसे हम विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं, उनकी दूरदृष्टि हमारे मार्ग को रोशन करती रहेगी।

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    CBI की बड़ी कामयाबी: 2002 के गढ़वा किला मूर्ति चोरी और मर्डर केस का आखिरी फरार आरोपी रामनारायण उर्फ हैदर गिरफ्तार

    प्रयागराज, 6 जुलाई (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, सीबीआई ने करीब 24 साल पुराने ऐतिहासिक गढ़वा किला डकैती, मर्डर और प्राचीन मूर्ति चोरी के मामले में सालों से फरार चल रहे आखिरी मुख्य आरोपी रामनारायण उर्फ हैदर को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। सीबीआई की विशेष टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के थाना खागा क्षेत्र के अंतर्गत आते गांव नसीरपुर से दबोचा है। इस शातिर आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही इस हाई-प्रोफाइल केस के सभी फरार नामजद आरोपी अब कानून के शिकंजे में आ चुके हैं।

    गढ़वा किले में वॉचमैन की हत्या कर लूटी थी भगवान बुद्ध की मूर्ति

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, यह मामला साल 2002 का है, जब उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित ऐतिहासिक गढ़वा किले में एक दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया गया था।

    • क्रूरता से मर्डर: 21 और 22 अप्रैल 2002 की दरमियानी रात आरोपी विजय कुमार शुक्ला के नेतृत्व में 11 बदमाशों के एक संगठित गिरोह ने किले पर धावा बोला था। डकैती के दौरान बदमाशों ने वहां तैनात सुरक्षाकर्मी (वॉचमैन) विनोद कुमार श्रीवास्तव के साथ बुरी तरह मारपीट की और उसका मुंह बंद कर (Gagged) बेरहमी से उसकी हत्या कर दी थी।

    • लूटपाट और तोड़फोड़: गिरोह ने दूसरे वॉचमैन को भी बंधक बना लिया और स्टोर रूम का ताला तोड़कर वहां रखी भगवान बुद्ध की बेहद कीमती और प्राचीन पाषाण (पत्थर) की मूर्ति चुरा ली थी। मूर्ति को निकालते समय वह दो टुकड़ों में टूट गई थी।

    2.20 लाख में बेची थी मूर्ति, दिल्ली के रास्ते भेजी गई थी विदेश

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, इस मामले की शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस थाना शंकरगढ़ ने क्राइम नंबर 43/2002 के तहत आईपीसी की धारा 396 और 201 के तहत दर्ज की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए 9 सितंबर 2003 को इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई।

    सीबीआई की तफ्तीश में खुलासा हुआ कि चोरी की गई प्राचीन मूर्ति के टुकड़ों को एक गाड़ी के जरिए ले जाया गया था और मुख्य आरोपी विजय कुमार शुक्ला ने इसे दो अन्य व्यक्तियों को 2.20 लाख रुपये में बेच दिया था। इसके बाद इस ऐतिहासिक मूर्ति को दिल्ली के महिपालपुर स्थित एक गोदाम में शिफ्ट किया गया और वहां से इसे अवैध रूप से विदेश (Smuggled Abroad) भेज दिया गया था।

    CBI की चार्जशीट और फरार आरोपियों की धरपकड़

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, गहन जांच के बाद सीबीआई ने 22 दिसंबर 2005 को इस मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें से चार मुख्य आरोपी विजय कुमार शुक्ला, रवि करण, सूरज भान और रामनारायण उर्फ हैदर लगातार फरार चल रहे थे।

    इन फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए सीबीआई ने विशेष टीमों का गठन किया, जिन्होंने स्थानीय खुफिया तंत्र और सर्विलांस की मदद से लगातार पीछा किया:

    • सूरज भान और रवि करण: सीबीआई ने मुस्तैदी दिखाते हुए भगोड़े आरोपी सूरज भान को 22 मई 2026 और रवि करण को 2 जून 2026 को गिरफ्तार किया था।

    • विजय कुमार शुक्ला: मुख्य साजिशकर्ता विजय कुमार शुक्ला को उत्तर प्रदेश पुलिस ने किसी अन्य मामले में गिरफ्तार कर चित्रकूट जिला जेल में बंद कर रखा था। सीबीआई ने 16 जून 2026 को लखनऊ की सक्षम अदालत में अर्जी दाखिल कर उसे इस केस में पेश करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    अब सभी आरोपी भुगतेंगे किए की सजा

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, अब चौथे और आखिरी फरार आरोपी रामनारायण उर्फ हैदर की फतेहपुर से गिरफ्तारी के बाद इस जघन्य हत्याकांड और अंतरराष्ट्रीय मूर्ति तस्करी के सभी आरोपी ट्रैक किए जा चुके हैं। अब इन सभी के खिलाफ अदालत में कानून के मुताबिक सख्त ट्रायल चलाया जाएगा, ताकि मृतक वॉचमैन के परिवार को पूरा इंसाफ मिल सके।

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    PM राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए 31 जुलाई तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन, 26 दिसम्बर को होगी पुरस्कारों की घोषणा

    अभिकान्त, 05 जुलाई हरियाणा : भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा बच्चों की प्रतिभा को पहचान दिलाने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। पुरस्कार के लिए पात्र बच्चे 31 जुलाई, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    एक सरकारी प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार देश के सर्वाेच्च बाल सम्मान में शामिल है, जिसके माध्यम से उन बच्चों को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने कम उम्र में अपनी असाधारण प्रतिभा, लगन, मेहनत और उपलब्धियों से समाज व देश के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि इस पुरस्कार के अंतर्गत बहादुरी, नवाचार, खेल, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान एवं तकनीक, कला एवं संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले बच्चों द्वारा नामांकन किए जा सकते हैं। विभिन्न श्रेणियों में देशभर से कुल 25 बच्चों का चयन किया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि शिक्षा, खेल, नवाचार और अन्य क्षेत्रों में अपनी मेहनत से ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों को इस अवसर का लाभ उठाते हुए निर्धारित समय सीमा में आवेदन करना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों, स्कूल प्रबंधकों, शिक्षकों और संबंधित विभागों से आह्वान किया कि वे योग्य बच्चों की पहचान कर उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए आवेदन करने के लिए प्रेरित करें।

    उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 से संबंधित पात्रता, दिशा-निर्देश एवं आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in/  पर उपलब्ध है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यार्थी 31 जुलाई, 2026 तक पोर्टल के माध्यम से नामांकन कर सकते हैं।

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    05/07/26 |

    ठाणे में ऑनलाइन गेमिंग और निवेश के नाम पर बड़ा फ्रॉड: 26 वर्षीय युवक से 1.36 करोड़ रुपये की ठगी

    महाराष्ट्र, 5 जुलाई (अन्‍नू): महाराष्ट्र के ठाणे शहर में एक बेहद चौंकाने वाला साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) का मामला सामने आया है। यहाँ एक संगठित ऑनलाइन गेमिंग और निवेश गिरोह ने ऊंचे रिटर्न और आकर्षक मुनाफे का लालच देकर 26 वर्षीय एक युवक को अपने जाल में फंसाया और उससे कथित तौर पर 1.36 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि ठग ली। ठाणे के एक पुलिस अधिकारी ने रविवार (5 जुलाई) को इस मामले की विस्तृत जानकारी साझा की है।

    डिजिटल मीडिया के जरिए संपर्क कर गेमिंग के लिए उकसाया

    पुलिस अधिकारी के मुताबिक, अज्ञात साइबर अपराधियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म (सोशल मीडिया) के माध्यम से पीड़ित युवक से संपर्क साधा था। आरोपियों ने उसे शुरुआत में यह भरोसा दिलाया कि ऑनलाइन गेम खेलकर और कुछ चुनिंदा प्लेटफॉर्म्स पर निवेश करके बहुत ही कम समय में मोटा मुनाफा कमाया जा सकता है।

    आरोपियों के झांसे में आकर पीड़ित युवक उनकी बताई गई कई संदिग्ध वेबसाइटों पर अपना पंजीकरण (Registration) करने के लिए तैयार हो गया। इसके बाद जालसाजों ने उसे शुरुआती भुगतान और फिर बड़े निवेश के नाम पर अपने अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए उकसाया।

    दो साल में 1.36 करोड़ ट्रांसफर किए, रिफंड मांगने पर हुए फरार

    तफ्तीश में सामने आया कि यह पूरी धोखाधड़ी अक्टूबर 2024 से लेकर इस साल 30 जून 2026 के बीच (पिछले करीब दो वर्षों के दौरान) अंजाम दी गई। झांसे में आया युवक मुनाफे की उम्मीद में जालसाजों द्वारा दिए गए विभिन्न बैंक खातों में ऑनलाइन माध्यम से धीरे-धीरे कुल 1.36 करोड़ रुपये ट्रांसफर करता चला गया।

    • निकासी पर खड़े किए हाथ: जब हाल ही में शिकायतकर्ता युवक को पैसों की जरूरत पड़ी और उसने अपने द्वारा निवेश की गई मूल रकम के साथ-साथ उस पर दिखे डिजिटल मुनाफे को बैंक खाते में निकालना (Withdraw) चाहा, तो वेबसाइट संचालकों का असली चेहरा सामने आ गया।

    • संपर्क किया बंद: पैसे रिफंड करने के नाम पर वेबसाइट संचालकों ने पहले तो तकनीकी दिक्कतों का हवाला देकर अस्पष्ट और टालमटोल वाले जवाब देने शुरू किए, और बाद में पीड़ित के सभी नंबरों को ब्लॉक कर उससे पूरी तरह संपर्क बंद कर दिया। खुद को ठगा हुआ महसूस कर पीड़ित ने तुरंत इसकी शिकायत साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई।

    BNS और IT एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, जांच में जुटी साइबर सेल

    ठाणे साइबर थाना पुलिस ने पीड़ित युवक की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तीन संदिग्ध वेबसाइटों और उनसे जुड़े विभिन्न बैंक खाताधारकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा किए गए सभी वित्तीय लेनदेन (Financial Transactions) के रिकॉर्ड्स खंगाले जा रहे हैं और धोखाधड़ी में इस्तेमाल की गई वेबसाइटों की डिजिटल गतिविधियों व आईपी एड्रेस (IP Address) की बारीकी से तकनीकी जांच जारी है।

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    CBI की बड़ी कार्रवाई: उत्तर रेलवे का चीफ मटीरियल्स मैनेजर और सीनियर क्लर्क रिश्वत लेते गिरफ्तार, 1 लाख रुपये बरामद

    नई दिल्ली, 5 जुलाई (अन्‍नू) : केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, सीबीआई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर रेलवे (Northern Railways) के चीफ मटीरियल्स मैनेजर (CMM) और एक सीनियर क्लर्क सहित तीन लोगों को रिश्वतखोरी के मामले में रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में सीबीआई ने ट्रैप लगाकर 1 लाख रुपये की रिश्वत राशि भी बरामद की है।

    रेलवे टेंडर के बदले मांगी जा रही थी घूस

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, सीबीआई ने इस मामले में 3 जुलाई 2026 को कुल 6 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इनमें उत्तर रेलवे (मुख्यालय) के एक चीफ मटीरियल्स मैनेजर, एक डिप्टी चीफ मटीरियल्स मैनेजर, एक सीनियर क्लर्क, एक निजी कंपनी और उस कंपनी के दो प्रतिनिधि शामिल हैं। इनके अलावा कुछ अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है।

    • मिलीभगत का आरोप: आरोपियों पर आरोप है कि उत्तर रेलवे (HQ) के ये लोक सेवक निजी कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार में लिप्त थे।

    • नियमों का उल्लंघन: ये अधिकारी तय सरकारी प्रक्रियाओं और नियमों को ताक पर रखकर, रिश्वत के बदले उस निजी कंपनी को रेलवे के टेंडर दिलाने के लिए नाजायज फायदा पहुंचा रहे थे।

    जाल बिछाकर की गई गिरफ्तारी, ₹1 लाख की रिश्वत बरामद

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, पुख्ता इनपुट के आधार पर सीबीआई की टीम ने एक रणनीतिक जाल (Trap Operation) बिछाया। इस ऑपरेशन के दौरान, जब निजी कंपनी का प्रतिनिधि उत्तर रेलवे (HQ) के चीफ मटीरियल्स मैनेजर को 1 लाख रुपये की रिश्वत की रकम दे रहा था, तभी टीम ने इन्हें रंगे हाथों दबोच लिया और मौके से रिश्वत के ₹1 लाख बरामद कर लिए। इस मामले में कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने दोनों आरोपी लोक सेवकों (चीफ मटीरियल्स मैनेजर व सीनियर क्लर्क) और रिश्वत देने वाले निजी व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है।

    चार शहरों में ताबड़तोड़ छापेमारी, मिले डिजिटल सबूत

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने आरोपियों से जुड़े ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह तलाशी अभियान दिल्ली, गाजियाबाद, बुलंदशहर और कानपुर में कई स्थानों पर चलाया गया। इस सघन चेकिंग के दौरान सीबीआई ने भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस (मोबाइल, लैपटॉप आदि) बरामद किए हैं। सीबीआई के अनुसार मामले की गहन जांच अभी भी जारी है ताकि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।

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    CBI की बड़ी कार्रवाई: 231 करोड़ रुपये से अधिक के दो बैंक धोखाधड़ी मामलों में महाराष्ट्र और गुजरात में ताबड़तोड़ छापेमारी

    नई दिल्ली, 5 जुलाई (अन्‍नू): केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, सीबीआई ने 231 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से जुड़े दो अलग-अलग बैंक धोखाधड़ी (Bank Fraud) के मामलों में एक बड़ी समन्वित कार्रवाई को अंजाम दिया है। सीबीआई की बैंकिंग धोखाधड़ी और प्रतिभूति प्रभाग (BSFB), बेंगलुरु द्वारा दर्ज किए गए इन दोनों मामलों के सिलसिले में शनिवार (4 जुलाई) को महाराष्ट्र और गुजरात राज्यों में कई ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान (Searches) चलाया गया।

    पहला मामला: 'आर एल ज्वेल्स लिमिटेड' ने एसबीआई को लगाया ₹103.58 करोड़ का घाटा

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, पहला आपराधिक मामला स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), मुंबई की शिकायत के आधार पर मेसर्स आर एल ज्वेल्स लिमिटेड (M/s R L Jewels Ltd), इसके निदेशकों और कुछ अज्ञात लोक सेवकों (Public Servants) के खिलाफ दर्ज किया गया है।

    • आरोप: कंपनी और उसके निदेशकों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और संपत्ति के गबन का आरोप है, जिसके कारण स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को ₹103.58 करोड़ का भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।

    • फर्जीवाड़ा: एफआईआर के मुताबिक, आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत बैंक फंड का दुरुपयोग किया, अन्य बैंकों के चालू खातों (Current Accounts) के जरिए पैसों को डायवर्ट किया और बैंक को गुमराह करने के लिए बही-खातों व इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स में बड़े पैमाने पर हेरफेर और जालसाजी की।

    दूसरा मामला: 'आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड' पर ₹128.23 करोड़ के फ्रॉड का केस

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, दूसरा मामला केनरा बैंक (Canara Bank) की शिकायत पर मेसर्स आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड (M/s Ashapura Garments Ltd), इसके निदेशकों, अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया गया है।

    • आरोप: शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी के निदेशकों ने केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के एक कंसोर्टियम (समूह) के साथ धोखाधड़ी करने के लिए आपराधिक साजिश रची और बैंकों को ₹128.23 करोड़ का चूना लगाया।

    • फंड की हेराफेरी: आरोपियों ने टेक्सटाइल (कपड़ा) कारोबार के संचालन के लिए बैंक से स्वीकृत कराई गई क्रेडिट सुविधाओं और लोन की राशि को मुख्य बिजनेस में लगाने के बजाय उसे स्टील, एल्युमिनियम और कोयले का कारोबार करने वाली अन्य संस्थाओं में डायवर्ट कर दिया।

    महाराष्ट्र और गुजरात में छापेमारी, मिले अहम डिजिटल सबूत

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, सर्च ऑपरेशन के दौरान सीबीआई की टीमों ने महाराष्ट्र और गुजरात राज्यों में फैले कई रणनीतिक ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई के तहत दोनों आरोपी कंपनियों के निदेशकों के आवासीय परिसरों (Residential Properties), उनके व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और मेसर्स आर एल ज्वेल्स लिमिटेड व मेसर्स आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड के आधिकारिक दफ्तरों को पूरी तरह खंगाला गया।

    इस सघन तलाशी के दौरान सीबीआई ने भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज (Incriminating Documents) और डिजिटल सबूत बरामद किए हैं, जिनमें फंड डायवर्जन और वित्तीय हेराफेरी से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड शामिल हैं। इन सभी दस्तावेजी साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि इस पूरी बैंकिंग साजिश के विस्तार, फंड के प्रवाह (Flow of funds) और इसमें शामिल सभी चेहरों की भूमिका का पूरी तरह पर्दाफाश किया जा सके। सीबीआई ने बताया कि मामलों की आगे की तफ्तीश लगातार जारी है।

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    E20 ईंधन से घबराने की ज़रूरत नहीं: देश के दिग्गज ऑटो एक्सपर्ट्स ने कहा– ‘पुरानी गाड़ियों पर भी पूरी तरह सुरक्षित है इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल’

    आरएस अनेजा, 5 जुलाई नई दिल्ली - पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने भारी उद्योग मंत्रालय और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के साथ मिलकर नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें ऊर्जा और ऑटोमोबाइल क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञों ने ई20 इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल प्रोग्राम के बारे में मीडिया को जानकारी दी। इस बात पर ज़ोर दिया गया कि इथेनॉल ब्लेंडिंग एक सोची-समझी, वैज्ञानिक और चरण-दर-चरण प्रक्रिया रही है और वाहन मालिकों को भरोसा दिलाया गया कि ई20 ईंधन की वजह से चिंता करने की कोई वजह नहीं है।

    टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट विक्रम गुलाटी ने कहा कि ऑटोमोटिव उद्योग सबसे ज़्यादा विनियमित क्षेत्रों में से एक है, जहां गाड़ियों को बाज़ार में लाने से पहले और बाद में स्वतंत्र और वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त एजेंसियों द्वारा कड़े परीक्षण और प्रमाणीकरण से गुज़रना पड़ता है। उन्होंने इथेनॉल को एक हाई-परफॉर्मेंस वाला और साफ़ ईंधन बताया, जिसका इस्तेमाल 1900 के दशक की शुरुआत से और फ़ॉर्मूला रेसिंग में भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ई20 पर जाने का फ़ैसला पुरानी गाड़ियों पर कड़े परीक्षण के बाद ही लिया गया। साथ ही, उन्होंने साफ़ किया कि हाल ही में शुरू किए गए ई85 वितरण केंद्र सिर्फ़ फ्लैक्स-फ्यूल गाड़ियों के लिए हैं, जो भविष्य के लिए नीति की दिशा को दिखाते हैं।

    परीक्षण एजेंसियों की आज़ादी से जुड़े सवालों पर श्री गुलाटी ने साफ किया कि परीक्षण प्रोटोकॉल सिर्फ़ भारत में तय नहीं किए जाते, भारत यूएनईसीई का हिस्सा है, परीक्षण के तरीके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानकीकृत हैं और परीक्षण एजेंसियां ​​मान्यता प्राप्त और वैश्विक नियमों का पालन करती हैं। वे निर्यात की जाने वाली गाड़ियों का परीक्षण भी करती हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रोटोकॉल से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

    मारुति सुजुकी के कॉर्पोरेट अफेयर्स के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती ने ग्राहकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि ई10 के लिए डिज़ाइन की गई गाड़ियों का ई20 ईंधन के साथ सभी पैमानों पर परीक्षण किया गया है और कोई समस्या नहीं पाई गई। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में मारुति सुजुकी द्वारा सर्विस की गई 2.84 करोड़ कारों में से 1.5 करोड़ से ज़्यादा कारें तीन साल से ज़्यादा पुरानी थीं और इसलिए वे ई20-प्रमाणीकृत नहीं थीं, फिर भी, गाड़ियों में जंग लगने, घिसने या नुकसान होने या गाड़ी के पार्ट्स की उम्र पर असर पड़ने जैसी ई20 से जुड़ी कोई समस्या सामने नहीं आई।

    माइलेज के बारे में श्री भारती ने बताया कि ई10 की तुलना में ई20 की कैलोरीफिक वैल्यू यानी ऊर्जा क्षमता लगभग 3 से 3.5 प्रतिशत कम होती है और माइलेज पर असर भी इसी सीमा तक होता है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 20 किमी प्रति लीटर का माइलेज देने वाली कार पर इसका असर लगभग 0.6 किमी प्रति लीटर का होता है, जबकि टायर प्रेशर, ड्राइविंग का तरीका, सही गियर का इस्तेमाल, एक्सीलरेशन, ब्रेकिंग और रखरखाव जैसे कारक माइलेज में कहीं ज़्यादा अंतर पैदा करते हैं। शुद्ध पेट्रोल की तुलना में इथेनॉल के इस्तेमाल से बेहतर एक्सीलरेशन, बेहतर एंटी-नॉकिंग और बहुत कम प्रदूषण होता है, जिससे माइलेज में होने वाली यह कमी पूरी हो जाती है।

    उन्होंने साफ़ किया कि गाड़ियों को ई20 नियमों से कहीं ज़्यादा सुरक्षा मानकों के साथ डिज़ाइन किया गया है, और बाज़ार में कोई रेट्रोफ़िटमेंट किट नहीं दी जा रही है, क्योंकि ऐसे समाधान अभी सिर्फ शोध और विकास के स्तर तक ही सीमित हैं।

    इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल) की पूर्व चेयरमैन और प्रबंध निदेशक सुश्री वर्तिका शुक्ला ने कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम सभी हितधारकों के साथ बातचीत करके तैयार किया गया था और इसे वैज्ञानिक सबूतों और ऑटोमोटिव निर्माताओं के व्यापक परीक्षण का समर्थन हासिल है, जो वैश्विक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रक्रियाओं के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि ई20 फ़्यूल बीआईएस मानकों और बीएस-VI उत्सर्जन मानकों के मुताबिक है और देश भर के रिटेल आउटलेट्स पर एक समान रूप से उपलब्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि कई देशों में कई सालों से इथेनॉल ब्लेंड का इस्तेमाल हो रहा है।

    हीरो मोटोकॉर्प के चीफ़ बिज़नेस ऑफ़िसर श्री आशुतोष वर्मा ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी टू-व्हीलर निर्माण कंपनियों में से एक होने के नाते, कंपनी ने सर्विस से जुड़े बहुत सारे डेटा का विश्लेषण किया है। उन्हें ई20 पर चलने वाली गाड़ियों में पुराने ईंधन की तुलना में ज़्यादा नुकसान का कोई मामला नहीं मिला।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस को वर्तिका शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल), विक्रम गुलाटी, कंट्री हेड और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम), राहुल भारती, सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, कॉर्पोरेट अफेयर्स, मारुति सुजुकी, आशुतोष वर्मा, चीफ बिजनेस ऑफिसर, हीरो मोटोकॉर्प, प्रसाद कृष्णन, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, टीवीएस मोटर कंपनी व अन्य ने संबोधित किया।

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    जम्मू-कश्मीर का ऐतिहासिक कदम: यूएई पहुंचे शोपियन और पुलवामा के प्रीमियम चेरी और प्लम, किसानों को मिला 120% तक अधिक मुनाफा!

    आरएस अनेजा, 5 जुलाई नई दिल्ली - वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) ने जम्मू एवं कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अबू धाबी और दुबई के लिए प्रीमियम अरेको चेरी (उच्च घनत्व वाली यूरोपीय मीठी चेरी) और सेंट्रोज प्लम की पहली निर्यात खेप के आभासी शुभारंभ की सुविधा प्रदान की।

    शोपियन और पुलवामा जिलों के किसानों से प्राप्त एक मीट्रिक टन प्रीमियम स्टोन फ्रूट्स की निर्यात खेप, जम्मू और कश्मीर के उच्च मूल्य वाले बागवानी उत्पादों की बढ़ती निर्यात क्षमता और प्रीमियम भारतीय फलों की बढ़ती वैश्विक मांग को उजागर करती है।

    वर्चुअल फ्लैग-ऑफ समारोह का नेतृत्व एपीईडीए के अध्यक्ष अभिषेक देव ने किया। कार्यक्रम में एपीईडीए के अधिकारी, जम्मू-कश्मीर सरकार के बागवानी विभाग के अधिकारी, निर्यातक, अंतरराष्ट्रीय खरीदार और बागवानी क्षेत्र के अन्य हितधारक शामिल हुए। इस कार्यक्रम में क्षेत्र से उच्च गुणवत्ता वाले बागवानी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में सभी हितधारकों के सहयोगात्मक प्रयासों को प्रदर्शित किया गया।

    इस उपलब्धि पर किसानों और निर्यातकों को बधाई देते हुए एपीईडीए के अध्यक्ष अभिषेक देव ने कहा, "जम्मू और कश्मीर उत्कृष्ट बागवानी उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा है, जिसमें निर्यात की अपार संभावनाएं हैं। एपीईडीए निर्यात प्रोत्साहन पहलों, गुणवत्ता सुधार और वैश्विक खरीदारों तक पहुंच के माध्यम से किसानों के लिए बाजार तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यूएई को अरेको चेरी और सेंट्रोज़ बेर का निर्यात भारत के उत्कृष्ट फलों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग को दर्शाता है और उत्पादकों के लिए नए अवसर पैदा करेगा, साथ ही बेहतर मूल्य प्राप्ति के माध्यम से उनकी आय में वृद्धि में योगदान देगा।"

    निर्यात पहल से किसानों को महत्वपूर्ण लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इससे उन्हें प्रीमियम अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच मिलेगी और बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। निर्यात आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े उत्पादकों को चेरी पर घरेलू बाजार की मौजूदा कीमतों की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत और बेर पर 120 प्रतिशत अधिक लाभ प्राप्त हुआ, जो निर्यात आधारित बाजार पहुंच के माध्यम से प्राप्त महत्वपूर्ण मूल्यवर्धन को दर्शाता है।

    इस सफल शिपमेंट से शोपियन और पुलवामा के उत्पादकों के लिए निर्यात के नए अवसर पैदा होने, निर्यात-उन्मुख उत्पादन पद्धतियों को व्यापक रूप से अपनाने को प्रोत्साहन मिलने और जम्मू-कश्मीर के प्रीमियम स्टोन फ्रूट्स की वैश्विक उपस्थिति को और मजबूत करने की उम्मीद है।

    एपीईडीए बाजार संपर्क पहलों, गुणवत्ता आश्वासन सहायता, खरीदार संपर्क कार्यक्रमों और निर्यात सुगमीकरण उपायों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना जारी रखे हुए है। यूएई को अरेको चेरी और सेंट्रोज़ बेर का निर्यात भारत के ताजे फलों के निर्यात को बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि करने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में देश की उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

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    05/07/26 |

    विकसित भारत–जी राम जी के लिए राज्यों को ₹25,863 करोड़ की पहली किस्त जारी की

    आरएस अनेजा, 5 जुलाई नई दिल्ली - केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) [वीबी–जी राम जी] के क्रियान्वयन की समीक्षा की तथा राज्यों को योजना के संचालन के लिए ₹25,863 करोड़ की पहली किस्त (मदर सैंक्शन) जारी की।

    बैठक को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि सरकार का संकल्प था कि 1 जुलाई, 2026 से विकसित भारत–जी राम जी पूरे देश में बिना किसी व्यवधान के लागू हो। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि योजना पूरे देश में सफलतापूर्वक लागू हो चुकी है तथा मनरेगा से विकसित भारत–जी राम जी में ट्रांजीशन पूरी तरह सहज और सुचारु रहा है। अब तक किसी भी प्रकार की तकनीकी अथवा संचालन संबंधी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

    उन्होंने कहा कि गरीब मजदूर भाई-बहनों की सेवा ही भगवान की सेवा है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण श्रमिकों को सम्मानजनक रोजगार, समय पर मजदूरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण सुनिश्चित करना है।

    चौहान ने कहा कि मनरेगा को पूरे देश में लागू होने में लगभग तीन वर्ष का समय लगा था, जबकि विकसित भारत–जी राम जी एक ही दिन में पूरे देश में लागू हो गया। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, राज्यों के सहयोग तथा देश की प्रशासनिक क्षमता की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री के संकल्प, सुशासन और प्रभावी समन्वय का प्रतीक है।

    मंत्री ने प्रारंभिक प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि पहले सप्ताह में बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में कार्य प्रारंभ हुए हैं तथा लाखों ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने आंध्र प्रदेश, केरल और राजस्थान की विशेष सराहना करते हुए कहा कि इन राज्यों ने पहले ही दिन बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराया। उन्होंने ओडिशा और पश्चिम बंगाल से शेष ग्राम पंचायतों में शीघ्र कार्य प्रारंभ करने का आग्रह किया तथा झारखंड से योजना को अधिसूचित कर आवश्यक बजटीय प्रावधान सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। जिन राज्यों में आरबीआई खाते खोलने अथवा अन्य प्रक्रियाएं लंबित हैं, उन्हें भी समयबद्ध ढंग से पूरा करने को कहा गया।

    उन्होंने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी के अंतर्गत मजदूरी दरों में औसतन लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अब देश के किसी भी राज्य में मजदूरी ₹300 प्रतिदिन से कम नहीं होगी। यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण श्रमिकों की आय और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है।

    चौहान ने कहा कि आज जारी की गई ₹25,863 करोड़ की पहली किस्त का उद्देश्य राज्यों को समय पर संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि श्रमिकों को 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने सभी राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे भी अपनी हिस्सेदारी की राशि समय पर जारी करें, जिससे मजदूरी भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो।

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामविलास पासवान जी को श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 5 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने कहा, “उन्होंने समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्हें जनसेवा और राष्ट्रीयसेवा के प्रति उनके समर्पण के लिए हमेशा याद किया जाएगा।”

     

    प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट किया:

    पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान जी की जयंती पर उन्हें मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए उन्होंने अहम योगदान दिया। जनसेवा और राष्ट्रसेवा के प्रति अपने समर्पण भाव के लिए वे हमेशा याद किए जाएंगे।

     

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    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने द्वारका में किया 500 किलोवाट के सोलर प्लांट का उद्घाटन, हर साल होगी ₹72 लाख की बचत

    नई दिल्ली, 5 जुलाई (अन्‍नू): दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को पालम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले द्वारका सेक्टर-7 स्थित 'एयर फोर्स एवं नेवल ऑफिसर्स एन्क्लेव' में 500 किलोवाट क्षमता के एक विशाल सोलर पावर प्लांट का विधिवत उद्घाटन किया। देश की राजधानी की सबसे बड़ी आवासीय सौर परियोजनाओं (Residential Solar Projects) में शुमार यह प्लांट एन्क्लेव के करीब 375 घरों की बिजली जरूरतों को पूरी तरह से स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा (Clean and Renewable Energy) से पूरा करेगा।

    इस गरिमामयी उद्घाटन समारोह के मौके पर दक्षिण दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, पालम के विधायक कुलदीप सोलंकी और पूर्व विधायक धर्मदेव सोलंकी समेत कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे।

    बिजली बिल आधा हुआ, सालाना होगी ₹72 लाख की बड़ी बचत

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने परियोजना के आर्थिक और पर्यावरणीय लाभों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस आधुनिक सोलर प्लांट को तैयार करने में करीब 2 करोड़ रुपये की कुल लागत आई है। इस प्रोजेक्ट को पर्यावरण हितैषी नीतियों के तहत केंद्र सरकार की ओर से 90 लाख रुपये और दिल्ली सरकार की ओर से 10 लाख रुपये की वित्तीय सब्सिडी (Subsidy) प्रदान की गई है।

    • आधा हो जाएगा बिल: मुख्यमंत्री ने बताया कि इस सौर परियोजना के विधिवत शुरू होने से एन्क्लेव का मासिक (Monthly) बिजली बिल लगभग 12 लाख रुपये से घटकर सीधे 6 लाख रुपये रह जाएगा।

    • सालाना बचत: इस प्रकार इस प्लांट की बदौलत एन्क्लेव को हर साल करीब 72 लाख रुपये की भारी-भरकम वित्तीय बचत होगी।

    घरेलू रूफटॉप सोलर पर मिल रही ₹1 लाख से अधिक की सब्सिडी: मुख्यमंत्री

    उद्घाटन के बाद समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज पूरे देश के भीतर सौर ऊर्जा सेक्टर को एक नई गति और दिशा मिली है। इसी विजन पर आगे बढ़ते हुए दिल्ली सरकार भी स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए धरातल पर लगातार काम कर रही है।

    उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार की संयुक्त जन-कल्याणकारी योजनाओं के तहत आम घरेलू उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर (Rooftop Solar) पैनल लगाने के लिए 1 लाख रुपये से भी अधिक की मोटी सब्सिडी दी जा रही है, जिसका लोगों को ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाना चाहिए।

    दिल्ली की अन्य सोसायटियों के लिए रोल मॉडल बनेगा यह प्लांट

    मुख्यमंत्री ने एन्क्लेव के निवासियों की सराहना करते हुए कहा कि यह बड़ी परियोजना केवल बिजली के बिलों में बचत करने का एक जरिया नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी (Community Participation) का भी एक उत्कृष्ट और जीता-जागता उदाहरण है। उन्होंने पूरी उम्मीद और भरोसा जताया कि द्वारका सेक्टर-7 का यह सफल सोलर मॉडल आने वाले समय में दिल्ली की अन्य तमाम आवासीय सोसायटियों, बहुमंजिला इमारतों और बड़े संस्थानों को भी सौर ऊर्जा अपनाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगा।

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    पद्म पुरस्कारों के लिए 31 जुलाई तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

    अभिकान्त, 04 जुलाई हरियाणा : गणतंत्र दिवस 2027 पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन/सिफारिशों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इन पुरस्कारों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (https://awards.gov.in/) पर 31 जुलाई तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन किए जा सकते हैं। इन पुरस्कारों में पद्म विभूषण, पद्म भूषण व पद्मश्री पुरस्कार शामिल हैं।

     

     इस बारे में जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि नामांकन करने वाले व्यक्ति अधिकतम 800 शब्द का एक व्याख्यात्मक प्रशस्ति-पत्र जिसमें अनुशंसित व्यक्ति की संबंधित क्षेत्र/विषय में विशिष्ट और अन्य उपलब्धियों/सेवाओं का स्पष्ट उल्लेख किया गया हो, प्रस्तुत करें।

     

    उन्होंने बताया कि पद्म पुरस्कार, अर्थात पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री, देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से हैं। वर्ष 1954 में स्थापित इन पुरस्कारों की घोषणा हर वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। यह पुरस्कार कला, साहित्य और शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान और इंजीनियरिंग, सार्वजनिक कार्य, नागरिक सेवाओं, व्यापार और उद्योग जैसे सभी क्षेत्रों/विषयों में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवाओं के लिए उत्कृष्ट-कार्य को मान्यता प्रदान करने के लिए प्रदान किए जाते हैं। जाति, व्यवसाय, पद या लैंगिक भेदभाव के बिना सभी व्यक्ति इन पुरस्कारों के लिए पात्र हैं। डॉक्टर और वैज्ञानिकों को छोड़कर सार्वजनिक उपक्रमों में काम करने वाले सरकारी कर्मचारी पद्म पुरस्कार के लिए पात्र नहीं हैं।

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    💥आतंकवाद पर मोदी सरकार का 'महाप्रहार': 23 और खूंखार अपराधी 'आतंकवादी' घोषित!

    आरएस अनेजा, 4 जुलाई नई दिल्ली - आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार की Zero Tolerance Policy के अंतर्गत एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय ने 23 और व्यक्तियों को 'आतंकवादी' घोषित किया है।

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गृह मंत्रालय के इस निर्णय पर कहा कि मोदी सरकार भारत और भारत के लोगों की सुरक्षा के लिए हर आतंकी मॉड्यूल को खत्म करने के लिए कटिबद्ध है।

    गृह मंत्री श्री अमित शाह ने X पर एक पोस्ट में कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आतंकवाद के खिलाफ 'ज़ीरो टॉलरेंस' विजन को आगे बढ़ाते हुए गृह मंत्रालय ने आज प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े 23 खूंखार आतंकवादियों को 'गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम' (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित किया। ये घोषित आतंकवादी भारत-विरोधी गतिविधियों, आतंकी हमले करने, आतंकवाद को बढ़ावा देने, हथियारों की तस्करी, सीमा पार से घुसपैठ, आतंकवादी संगठनों की मदद करने, फंड जुटाने और आतंकवादियों की भर्ती करने जैसे कामों में शामिल हैं।

    आज घोषित किए गए 23 आतंकवादियों में से 17 पाकिस्तानी नागरिक हैं और 6 भारतीय नागरिक हैं। हालांकि, ये सभी अभी पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर से आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। मोदी सरकार भारत और के लोगों की सुरक्षा के लिए हर आतंकी मॉड्यूल को खत्म करने के लिए कटिबद्ध है।"

    इन आतंकियों को औपचारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया जाना न केवल इनके वित्तीय तंत्र, विचरण, भर्ती क्षमता और आतंक समर्थित गतिविधियों की रोकथाम कर आतंकी इकोसिस्टम को ख़त्म करने में सहायक सिद्ध होगा, बल्कि राष्ट्र-विरोधी एवं आतंकी गतिविधियों के विरुद्ध एक सशक्त निरोधक होने का भी सन्देश देगा। इसके अतिरिक्त, यह सुरक्षा एवं विधि प्रवर्तन संस्थाओं की राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय, दोनों स्तर पर समन्वित वैधानिक, अन्वेषणात्मक और निवारक कार्रवाई आरम्भ करने की क्षमता को बढ़ावा देगा।

    केंद्र सरकार द्वारा, वर्ष 2019 में विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 (UAPA) में संशोधन के उपरांत, अब तक कुल 57 व्यक्तियों को उक्त अधिनियम की धारा 35 के अधीन, उक्त अधिनियम की चतुर्थ अनुसूची में ‘आतंकवादी’ के रूप में नामोदिष्ट किया गया है।

    केंद्र सरकार द्वारा अब निम्नलिखित 23 अतिरिक्त व्यक्तियों को भी ‘आतंकवादी’ के रूप में उपर्युक्त चतुर्थ अनुसूची में नामोदिष्ट किया गया है :-

    1 मसूद इलियास कश्मीरी @ मुफ्ती मसूद इलियास @ मसूद इलियास @ अबु मोहम्मद @ एम. मसूद इलियास

    2 मोहम्मद मुसादिक @ डॉक्टर @ अब्दुल मनन @ सज्जाद @ हमज़ा @ वाहिद ख़ान

    3 मुफ्ती मोहम्मद असग़र खान @ अबू साद @ साद जिमी

    4 हाफ़िज़ अब्दुल शकूर @ कारी  जर्रार

    5 अब्दुल्ला जिहादी  @ शाहनवाज़ @ अल हिजामा

    6 फिरदौस अहमद भट

    7 गुलाम फरीद @ गुलशन कुमार @ फरीद

    8 हारून रशीद गनई @ शुनू

    9 बिलाल अहमद मीर @ अहमद भाई

    10 आबिद कयूम लोन

    11 नज़ीर अहमद गुज्जर @ अबू मनाज़िल

    12 अब्दुल रऊफ @ हाफिज अब्दुल रऊफ @ हाफिज अब्दुल रौफ @ हाफिज  अब्दुर रौफ

    13 अशफाक अहमद @ इशफाक अहमद

    14 हाफिज खालिद वालीद @ हाफिज खालिद नाइक @ खालिद वालिद

    15 मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की @ मौलाना इमदाद @ इमदाद भाई @ मौलाना इमददुल्लाह

    16 मौलाना सैफुल्लाह खालिद @ वलियुल @ मोहम्मद सलीम @ वाजिद

    17 मोहम्मद याकूब @ अबू सुमामा @ समामा इल्यास @ वारिस अली

    18 मौलाना यूसुफ ताईबी @ मोहम्मद यूसुफ

    19 ओवैस फारूज़ @ ओवैस अहमद मीर @ ओवैस फारूज़ मीर

    20 क़ारी याक़ूब शेख @ क़ारी मोहम्मद याक़ूब शेख @ याक़ूब शेख @ क़ारी शेख मुहम्मद याकूब @ मोहम्मद याकूब

    21 राणा इफ्तिखार @ राणा वलीद आतिफ @ राणा इफ्तिखार हैदर @ राणा इफ्तिखार अहमद @ हैदर खान

    22 वसीम नूर जाट @ क़ारी वसीम

    23 मोहम्मद शहीद फैसल @ उस्ताद @ मुहांदीस  @ ज़ाकिर

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    ED की बड़ी कार्रवाई: इंदौर के नव भारत गृह निर्माण सोसाइटी घोटाले में चार्जशीट दाखिल, श्रीकांत घंते समेत 5 पर कसा शिकंजा

    इन्दौर, 4 जुलाई (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी के इंदौर सब जोनल ऑफिस ने एक बड़ी कानूनी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ईडी ने इंदौर की 'नव भारत गृह निर्माण सहकारी संस्था' (Nav Bharat Grah Nirman Co-operative Society) में हुए करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले और धोखाधड़ी के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत माननीय विशेष अदालत, इंदौर के समक्ष एक मुख्य अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint / चार्जशीट) दाखिल कर दी है। यह चार्जशीट श्रीकांत घंते, सुभाष चंद्र दुबे, राकेश जैन, अंतिम जोशी और आनंद शाह के खिलाफ दर्ज की गई है। कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए 3 जुलाई 2026 को ही प्री-कॉग्निजेंस सुनवाई के लिए नोटिस भी जारी कर दिए हैं।

    इंदौर के एमजी रोड थाने में दर्ज FIR बनी जांच का आधार

    ईडी की प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस मामले की शुरुआत इंदौर के थाना एमजी रोड में 'नव भारत गृह निर्माण सहकारी संस्था लिमिटेड' के पदाधिकारियों के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिक एफआईआर (FIR) के बाद हुई थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। चूंकि ये धाराएं पीएमएलए (PMLA) के तहत अनुसूचित अपराध (Scheduled Offences) की श्रेणी में आती हैं, इसलिए ईडी ने इस मामले को अपने हाथ में लेकर मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से जांच शुरू की थी।

    सोसाइटी के फंड से खरीदी जमीन दूसरों को बेचकर डकार गए करोड़ों

    प्रवर्तन निदेशालय की गहन जांच में सामने आया कि सोसाइटी के चेयरमैन, वाइस प्रेसिडेंट और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्यों ने मिलकर बेहद शातिर तरीके से एक सुनियोजित घोटाले (Scam) को अंजाम दिया। इन पदाधिकारियों ने अपनी ही संस्था के सीधे-सादे सदस्यों के साथ बेईमानी से धोखाधड़ी की।

    • ऐसे की हेराफेरी: आरोपियों ने नव भारत हाउसिंग को-ऑपरेटिव सोसाइटी के फंड से जो जमीनें खरीदी थीं, उन्हें धोखे से अन्य बाहरी संस्थाओं और व्यक्तियों को बेच दिया और इस तरह मिलने वाले करोड़ों रुपये के फंड को सीधे हड़प लिया (Siphoning of funds)।

    • सबूत मिटाने की कोशिश: जांच में खुलासा हुआ कि जमीन की बिक्री से जो 'अपराध की कमाई' (Proceeds of Crime) पैदा हुई थी, उससे जुड़े बिना हिसाब-किताब वाले तमाम रिकॉर्ड्स और दस्तावेजों को आरोपियों ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से पूरी तरह नष्ट कर दिया था। इस अवैध पैसे को अलग-अलग लेयर्स में घुमाकर छुपाया गया और बाद में इसी फंड से कई अचल संपत्तियां (Immovable Properties) खड़ी कर ली गईं।

    नव भारत सहकारी संस्था को पहुँचाया ₹4.64 करोड़ का नुकसान, संपत्तियां कुर्क

    ईडी की प्रेस रिलीज के अनुसार, आरोपियों की इस धोखाधड़ी के कारण नव भारत गृह निर्माण सहकारी संस्था को सीधे तौर पर ₹4.64 करोड़ का भारी-भरकम और गलत नुकसान (Wrongful Loss) उठाना पड़ा।

    इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए ईडी ने इससे पहले 12 फरवरी 2026 को एक प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (Provisional Attachment Order) जारी किया था। इसके तहत मुख्य आरोपी श्रीकांत घंते और सुभाष चंद्र दुबे के नाम पर दर्ज ₹64.16 लाख मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थाई रूप से कुर्क (जब्त) कर लिया गया था। ईडी ने स्पष्ट किया है कि घोटाले की बाकी रकम और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच के लिए तफ्तीश अभी भी सरगर्मी से जारी है।

    #EDAction #IndoreNews #CooperativeSocietyScam #NavBharatSociety #MoneyLaundering #PMLACase #ShrikantGhante #FinancialFraudIndore #PropertyScam #BreakingNews #DanikKhabar

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    03/07/26 |

    ED की बड़ी कार्रवाई: 792 करोड़ के पोंजी घोटाले में जब्त विमान ₹3 करोड़ में नीलाम, निवेशकों को लौटाए जाएंगे पैसे

    हैदराबाद, 3 जुलाई (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी के हैदराबाद जोनल ऑफिस ने एक ऐतिहासिक और अपनी तरह की पहली अनूठी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) मामले के तहत जब्त किए गए एक चार्टर्ड विमान (Hawker 800A Aircraft) को सफलतापूर्वक नीलाम कर दिया है। एमएसटीसी लिमिटेड (MSTC Limited) के माध्यम से 1 जुलाई 2026 को पूरी की गई इस नीलामी प्रक्रिया में विमान को 3 करोड़ रुपये में बेचा गया है।

    राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जब्त हुआ था विमान

    ईडी की प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस 'हॉकर 800A' विमान को एजेंसी ने 7 मार्च 2025 को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चलाए गए एक तलाशी अभियान के दौरान जब्त किया था। यह पूरी कार्रवाई मैसर्स कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड (M/s Capital Protection Force Pvt. Ltd.), उसके मुख्य कर्ताधर्ता अमरदीप कुमार और अन्य के खिलाफ दर्ज पीएमएलए (PMLA) मामले के तहत की गई थी।

    विमान को जब्त करने के बाद ईडी ने पीएमएलए की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी के समक्ष आवेदन किया था, जिसे कोर्ट ने 18 अगस्त 2025 को मंजूरी दे दी। इसके बाद धन शोधन निवारण नियम, 2013 के नियमों के तहत संपत्ति को बेचने की विशेष अनुमति मांगी गई, जिस पर कोर्ट ने 20 नवंबर 2025 को आदेश जारी कर ईडी को इस विमान की नीलामी करने की हरी झंडी दी थी।

    क्या है 792 करोड़ रुपये का पोंजी घोटाला?

    ईडी के अनुसार, हैदराबाद स्थित कंपनी 'कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड' (फाल्कन ग्रुप) के सीएमडी अमरदीप कुमार और अन्य के खिलाफ साइबराबाद की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थीं। इसी के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी।

    जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी इनवॉइस डिस्काउंटिंग स्कीम (फर्जी बिलों के आधार पर छूट का धंधा) चलाने के नाम पर देश के एक बड़े हिस्से के निवेशकों को जाल में फंसाया। उन्होंने बिना किसी वास्तविक बिजनेस के, निवेशकों को उनकी रकम पर भारी-भरकम रिटर्न (मुनाफा) देने का झांसा देकर एक बड़ा पोंजी स्कीम नेटवर्क चलाया और करीब 792 करोड़ रुपये की भारी धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

    चार्टर्ड अकाउंटेंट और सीईओ सहित तीन आरोपी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार

    इस महाघोटाले में ईडी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए इससे पहले तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था:

    1. संदीप कुमार: मुख्य आरोपी अमरदीप कुमार का भाई।

    2. शरद चंद्र तोशनीवाल: गिरोह का मुख्य चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA)।

    3. आर्यन सिंह छाबरा: 'फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग' कंपनी का सीईओ।

    एजेंसी ने इन सभी के खिलाफ 29 सितंबर 2025 को संबंधित विशेष अदालत के समक्ष अपनी मुख्य अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) भी दाखिल कर दी थी।

    नीलामी से मिले ₹3 करोड़ असली निवेशकों को किए जाएंगे वापस

    ईडी ने अपनी प्रेस रिलीज में यह स्पष्ट रूप से रेखांकित किया है कि विमान की नीलामी से प्राप्त हुई 3 करोड़ रुपये की इस राशि का उपयोग पीएमएलए, 2002 के कानूनी प्रावधानों के तहत उन मासूम और वास्तविक निवेशकों को उनका पैसा लौटाने (Restitution) के लिए किया जाएगा, जो इस पोंजी स्कीम का शिकार हुए थे। हालांकि, यह प्रक्रिया पीएमएलए की विशेष अदालत की अंतिम अनुमति के अधीन होगी।

    एजेंसी ने दोहराया है कि वह अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) की पहचान करने, उसे कुर्क करने, अपराधियों को उसका लाभ लेने से रोकने और पीड़ितों को उनका हक दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस मामले में आगे की कड़ियां जोड़ने के लिए ईडी की जांच गहनता से जारी है।

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    राष्ट्रवादी शहर अम्बाला छावनी में भाजपा संस्थापक डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर होगा प्रदेशस्तरीय समारोह, मुख्यवक्ता केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्‌डा आएंगे

    छह जुलाई को सुभाष पार्क के समक्ष प्रात: 9 बजे आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री, प्रदेशाध्यक्ष व अन्य गणमान्य लोग शामिल होंगे : ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    कश्मीर में अलग संविधान के विरोधी डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कश्मीर यात्रा पर जाते समय अम्बाला छावनी में रूके थे : मंत्री अनिल विज

    कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने आज बीपीएस प्लेनेटोरियम में कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित किया

    अम्बाला, 03 जुलाई – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि आगामी छह जुलाई को प्रात: 9 बजे राष्ट्रवादी शहर अम्बाला छावनी में सुभाष पार्क के समक्ष हमारे संगठन के जन्मदाता डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा जिसमें मुख्य वक्ता के तौर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री व भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्‌डा, मुख्यमंत्री हरियाणा नायब सिंह सैनी, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता एवं प्रदेश से अन्य गणमान्य लोग शामिल होंगे।

    मंत्री अनिल विज आज अम्बाला छावनी के बीपीएस प्लेनेटेरियम में कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर बड़ी संख्या में मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी हमारे संगठन के जन्मदाता हैं जोकि यहां आए थे। उन्होंने ही जनसंघ बनाया और जनसंघ ही बाद में जनता पार्टी बनी और जनता पार्टी से ही भारतीय जनता पार्टी बनी।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि अम्बाला छावनी को केंद्र सरकार ने इस अभियान का प्रमुख केंद्र बनाने का निर्णय लिया है। दिल्ली से कश्मीर यात्रा के दौरान डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी हरियाणा में केवल अम्बाला छावनी में ही उतरे थे और यहां उन्होंने जनसभा की थी, इसलिए छह जुलाई उनकी जयंती के दिन बड़े स्तर पर जयंती मनाना तय किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेशस्तरीय यह कार्यक्रम प्रात: 9 बजे प्रारंभ होगा। इस कार्यक्रम में उन्होंने कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया। बैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने प्रबंधों को लेकर भी कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा की।

    “एक देश में दो प्रधान, दो विधान, दो निशान नहीं रहेंगे” यह नारा डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने दिया था : ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि हमारी पार्टी के संस्थापक डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जो पहली सरकार में उद्योग मंत्री थे, मगर उन्होंने कांग्रेस के रंग-ढंग देखकर उनसे अलग होकर अलग पार्टी बनाए जाने की जरूरत महसूस की और उन्होंने जनसंघ की स्थापना की। दीन दयाल उपाध्याय जी राष्ट्रवादी थे जोकि उनके साथ थे और वह हिंदुस्तान की संस्कृति को आगे बढ़ाना चाहते थे। विभाजन के समय जो कश्मीर में अनुछेद 370 लगाया गया जिसके वह विरोधी थे। एक देश में दो प्रधान, दो विधान, दो निशान नहीं रहेंगे यह नारा श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने दिया था।

    कश्मीर यात्रा के दौरान अम्बाला छावनी में रूके थे डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी : मंत्री अनिल विज

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि उस समय कश्मीर में जाने के लिए वहां की सरकार से परमिट लेना पड़ता था मगर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कहा था कि वह बिना परमिट लिए जाएंगे क्योंकि कश्मीर मेरे दिश का अभिन्न अंग है और वह कश्मीर तक जाएंगे। उन्होंने दिल्ली से अपनी यात्रा रेलगाड़ी से आरंभ की। इसके बाद वह अम्बाला छावनी में उतरे थे क्योंकि अम्बाला शुरू से राष्ट्रवादियों का शहर माना जाता था और यहां अनाज मंडी में उन्होंने जनसभा भी करी थी। इसके बाद वह कुछ कार्यकर्ताओं के घर भी गए थे। आठ मई को वह यहां आए थे और इसके अगले दिन वह पंजाब की ओर चले गए थे। 11 तारीख को कश्मीर सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया था। रहस्मय परिस्थितियों में वो हमें छोड़कर चले गए।

    अम्बाला छावनी में पूरे जोश के साथ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा : अनिल विज

    वहीं, पत्रकारों से बातचीत के दौरान ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती छह जुलाई को अम्बाला छावनी में पूरे जोश के साथ मनाई जाएगी और इसके लिए आज बड़ी संख्या में कार्यकर्ता इकट्‌ठा हुए हैं।

    उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने उस समय नारा दिया था कि एक देश में दो प्रधान, दो निशान और दो संविधान नहीं रहेंगे क्योंकि उस समय कांग्रेस की सरकार ने कश्मीर में अलग संविधान बनाकर अलग दर्जा दिया था अनुछेद 370 लगाकर। इसके विरोध में डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर जाने का निर्णय लिया। उस समय कश्मीर जाने के लिए सरकार से परमिट लेना पड़ता था और उन्होंने कहा था कि वह बिना परमिट के जाएंगे और इस यात्रा के दौरान वह एक दिन अम्बाला छावनी में रहे थे और यहां उन्होंने जनसभा भी की थी। इसलिए अम्बाला छावनी में उनका बहुत बड़ा कार्यक्रम होगा जिसको केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री व पूर्व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा जी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री जी, पार्टी प्रदेशाध्यक्ष एवं अन्य भी शामिल होंगे।

    वहीं आज इस कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता संजीव सोनी, विजेंद्र चौहान, जसबीर सिंह जस्सी, राजीव गुप्ता, किरणपाल चौहान, नप अध्यक्ष स्वर्ण कौर, उपाध्यक्ष ललता प्रसाद, रवि बुद्धिराजा, हर्ष बिंद्रा, विकास बहगल, प्रवेश शर्मा, आशीष अग्रवाल, बीएस बिंद्रा, राम बाबू यादव, भरत कोछड़, पुनीत सरपाल, बलविंद्र सिंह शाहपुर, सुदर्शन सिंह सहगल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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