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    असम में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई: रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार हुआ एनएफ रेलवे का सीनियर सेक्शन इंजीनियर

    नई दिल्ली/गुवाहाटी, 14 जून (अन्‍नू): केंद्र सरकार की प्रमुख जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी डिजिटल और ऑन-ग्राउंड स्ट्राइक की है। सीबीआई (CBI) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, ब्यूरो की एक विशेष टीम ने असम के सिलचर में तैनात पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NF Railway) के एक सीनियर सेक्शन इंजीनियर (SSE) को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों (Red-Handed) गिरफ्तार किया है।

    रेलवे अधिकारी पर आरोप है कि उसने एक ठेकेदार द्वारा पहले से किए जा चुके काम के लंबित बिलों को पास करने और प्रोसेस करने के एवज में कुल बिल राशि का 1 प्रतिशत (1%) अवैध रिश्वत (Illegal Gratification) के रूप में मांगा था।

    सीबीआई (CBI) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुख्य बिंदु:

    • 13 जून को दर्ज हुआ था मुकदमा: सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, इस पूरे मामले में पीड़ित कांट्रैक्टर (ठेकेदार) की शिकायत पर गहराई से तफ्तीश करने के बाद 13 जून 2026 को आरोपी रेलवे अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत नियमित मामला दर्ज किया गया था।

    • ₹20 लाख का बिल था पेंडिंग: शिकायतकर्ता ठेकेदार ने एनएफ रेलवे, सिलचर (असम) के तहत जो काम पहले ही पूरा कर लिया था, उसका लगभग ₹20 लाख रुपये का फाइनल बिल काफी समय से क्लीयरेंस के लिए अटका हुआ था। आरोपी अधिकारी जानबूझकर इस फाइल को दबाए बैठा था।

    बिल पास करने के लिए मांगा 1% कमीशन; सीबीआई ने बिछाया जाल

    प्रेस रिलीज के अनुसार, घटनाक्रम 12 जून 2026 को तब शुरू हुआ जब पीड़ित ठेकेदार अपने रुके हुए पैसों को जारी करवाने की गुहार लेकर एनएफ रेलवे, सिलचर में तैनात सीनियर सेक्शन इंजीनियर (SSE, C&W) से निजी तौर पर मिला।

    • रिश्वत की डिमांड: मुलाकात के दौरान आरोपी सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक उसे कुल पेंडिंग बिल राशि (₹20 लाख) का एक प्रतिशत (1%) यानी ₹20,000 नकद रिश्वत के तौर पर नहीं दिया जाता, तब तक वह फाइल को आगे नहीं बढ़ाएगा और बिल क्लीयर नहीं करेगा।

    • रंगे हाथों दबोचा: ठेकेदार भ्रष्टाचार के आगे झुकना नहीं चाहता था, इसलिए उसने तुरंत इसकी शिकायत सीबीआई को दी। सीबीआई की एंटी-करप्शन विंग ने तत्काल जाल (Trap) बिछाया। जैसे ही आरोपी इंजीनियर ने शिकायतकर्ता से ₹20,000 की नकद रिश्वत की रकम मांगी और उसे अपने हाथ में थाम लिया, ठीक उसी वक्त पहले से मुस्तैद सीबीआई की टीम ने धावा बोलकर उसे रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी के हाथों से केमिकल टेस्ट के जरिए रिश्वत के पैसे भी रिकवर कर लिए गए।

    गुवाहाटी कोर्ट में पेशी; आवासीय ठिकानों पर छापेमारी जारी

    सीबीआई के आधिकारिक प्रवक्ता ने प्रेस रिलीज में पुष्टि की है कि आरोपी सीनियर सेक्शन इंजीनियर को गिरफ्तार कर लिया गया है और सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आज यानी 14 जून 2026 को गुवाहाटी (Assam) की सक्षम/विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष पेश किया जा रहा है, जहां से एजेंसी उसकी कस्टडी की मांग करेगी।

    इसके साथ ही, गिरफ्तारी के तुरंत बाद ही सीबीआई की अलग-अलग टीमों द्वारा आरोपी अधिकारी के विभिन्न आवासीय और व्यावसायिक परिसरों (Residential Premises) पर सघन सर्च ऑपरेशन (छापेमारी) शुरू कर दी गई है, जो अभी भी जारी है। तलाशी के दौरान अधिकारी के बैंक खातों, बेनामी संपत्तियों और अन्य निवेशों से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है ताकि भ्रष्टाचार की गहराई का पता लगाया जा सके। मामले की विस्तृत जांच अभी भी जारी है।

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    आयुष मंत्रालय ने यूट्यूब पर सीधे योग प्रसारण के सबसे अधिक दर्शकों का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया

    आरएस अनेजा, 14 जून नई दिल्ली - आयुष मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले एक ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्‍त करते हुए आज यूट्यूब पर सीधे योग प्रसारण के सबसे अधिक दर्शकों का नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। 4,35,831 दर्शक आयुष मंत्रालय के आधिकारिक यूट्यूब चैनल के माध्यम से सीधे प्रसारण किए गए एक विशेष वैश्विक ऑनलाइन योग सत्र में शामिल हुए।

    यह रिकॉर्ड बनाने का प्रयास अंतर्राष्‍ट्रीय योग वर्ष 2026 के लिए मंत्रालय के प्रचार कार्यक्रमों के अंतर्गत आयोजित किया गया था और इसमें भारत और विश्व भर के योग अभ्यासकर्ताओं, छात्रों, संस्थानों, पेशेवरों और स्वास्थ्य के प्रति उत्साही लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस कार्यक्रम में कॉमन योगा प्रोटोकॉल (सीवाईपी) और योग 365 अभियान के माध्यम से योग को दैनिक अभ्यास के रूप में बढ़ावा देने के मंत्रालय के दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया गया।

    आयुष मंत्रालय ने 4,35,831 सत्यापित दर्शक दर्ज किए, जो 2024 में स्थापित 2,46,252 दर्शकों के पिछले गिनीज वर्ल्‍ड रिकॉर्ड से अधिक है। इस नए रिकॉर्ड में पिछले रिकॉर्ड की तुलना में 1,89,579 दर्शक अधिक थे। इस प्रकार इसने यूट्यूब सीधे योग प्रसारण के सबसे अधिक दर्शकों का एक नया विश्‍व रिकॉर्ड बनाया।

    केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए इस ऐतिहासिक उपलब्धि में योगदान देने वाले विश्वभर के नागरिकों को बधाई दी और कहा, "आज की यह उपलब्धि स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति साझा प्रतिबद्धता के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों, संस्कृतियों और देशों के लोगों को जोड़ने की योग की असाधारण शक्ति को दर्शाती है। यह नया गिनीज वर्ल्‍ड रिकॉर्ड जीवन शैली के रूप में योग की बढ़ती वैश्विक स्वीकृति को दर्शाता है और योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने के हमारे सामूहिक संकल्प को मजबूत करता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026  से पहले मैं सभी से 'योग 365' की भावना को अपनाने और एक स्वस्थ, मजबूत और अधिक लचीले समाज के निर्माण में योगदान देने का आग्रह करता हूं।"

    आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि में योगदान देने वाले सभी हितधारकों और प्रतिभागियों को बधाई दी और कहा, "यह उपलब्धि केवल एक नया वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है; यह उस संदेश के बारे में है जो हम विश्‍व को दे रहे हैं। भारी संख्या में भागीदारी स्वास्थ्य और कल्याण के एक शक्तिशाली साधन के रूप में योग की बढ़ती मान्यता को दर्शाती है। हमारा उद्देश्य लोगों को योग को एक दिवसीय आयोजन के रूप में नहीं, बल्कि जीवन भर के अभ्यास के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना और 'योग 365' को साकार करना है।"

    इस कार्यक्रम के दौरान ओडिशा के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मुकेश महालिंग; केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित माननीय मंत्रियों के विशेष संदेश प्रसारित किए गए। उन्होंने ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रतिभागियों को बधाई देते हुए निवारक स्वास्थ्य देखभाल और समग्र कल्याण के साधन के रूप में योग के महत्व पर जोर दिया और नागरिकों से योग को अपने दैनिक जीवन में शामिल करके 365 योग की भावना को अपनाने का आह्वान किया।

    यह कार्यक्रम आयुष मंत्रालय द्वारा मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान और अन्य सहयोगी संगठनों के सहयोग से आयोजित किया गया था। भारत और विश्व भर से प्रतिभागियों ने आयुष मंत्रालय के आधिकारिक यूट्यूब चैनल के माध्यम से सीधे सत्र में भाग लिया और हैबिल्ड टीम द्वारा पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रदान किए गए विशेषज्ञ मार्गदर्शन में सामूहिक रूप से कॉमन योगा प्रोटोकॉल (सीवाईपी) का अभ्यास किया।

    यह उपलब्धि ऐसे समय में प्राप्‍त हुई है जब भारत " स्वस्थ आयु के लिए योग" विषय के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 मनाने की तैयारी कर रहा है। यह विषय स्वस्थ दीर्घायु को बढ़ावा देने, जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने और सभी आयु वर्ग के लोगों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक कल्याण में योग की भूमिका को दर्शाता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 का मुख्य आयोजन 21 जून को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में होगा। इसमें योग प्रेमी, अभ्यासकर्ता और हितधारक स्वास्थ्य और सद्भाव के वैश्विक आंदोलन में एक साथ भाग लेंगे।

    आयुष मंत्रालय ने सभी प्रतिभागियों, योग संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी विभागों, कॉर्पोरेट संगठनों, सामाजिक समूहों और वैश्विक भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया जिनकी उत्साहपूर्ण भागीदारी ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को संभव बनाया।

    मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले नागरिकों से योग को जीवन शैली के रूप में अपनाने और "हर घर योग, हर दिन योग" के संदेश को आगे बढ़ाने के अपने आह्वान को दोहराया है।

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    13/06/26 |

    IMA पासिंग आउट परेड में बोलीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु: "सैनिकों की भलाई और देश की संप्रभुता ही आपका सर्वोच्च कर्तव्य"

    आरएस अनेजा, 13 जून नई दिल्ली - भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (13 जून, 2026) देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में 158वें नियमित पाठ्यक्रम और 141वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण किया।

    इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा देश के सबसे कठिन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से एक को सफलतापूर्वक पूरा करने पर अधिकारी कैडेटों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उनका साहस और बुद्धिमत्ता ही उनकी ताकत होगी। नौ महिला कैडेटों को देखकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। उन्होंने कहा कि यह आईएमए के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण है। यह न केवल भारत के रक्षा बलों के इतिहास में महत्‍वपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि महिला नेतृत्व वाले विकास की दिशा में भारत की प्रगति का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि और भी कई महिला कैडेट अकादमी में शामिल होंगी।

    राष्ट्रपति ने मित्र देशों के कैडेटों को भी बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वे अपनी सेवा और आईएमए में सीखे गए मूल्यों के माध्यम से अपने सशस्त्र बलों और देशों के लिए उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करेंगे।

    राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में विदेशी कैडेटों की उपस्थिति विश्वभर के देशों के साथ मित्रता, सहयोग और शांतिपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस संस्थान में कैडेट आपसी विश्वास, समझ और पेशेवर संबंध विकसित करते हैं जो राष्ट्रों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    राष्ट्रपति ने अधिकारी कैडेटों से कहा कि वे हमारे राष्ट्र की संप्रभुता, एकता और अखंडता के रक्षक हैं। उन पर 140 करोड़ से अधिक नागरिकों का विश्वास है। उन्होंने उन्हें याद दिलाया कि सेवा सर्वोच्च कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती सुरक्षा चुनौतियों, तकनीकी प्रगति और जटिल वैश्विक परिवेश के इस युग में भारतीय सेना को अनुकूलनशील और भविष्य के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने युवा अधिकारियों से जीवन भर सीखने वाले, साहसी निर्णय लेने वाले और नैतिक नेता बनने का आग्रह किया।

    राष्ट्रपति ने कहा कि सेना अधिकारी होने के नाते, कैडेट सैनिकों का नेतृत्व करने, उनका मार्गदर्शन करने और उनकी देखभाल करने के लिए जिम्मेदार होंगे। उन्हें उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नेतृत्व करना होगा, उनमें आत्मविश्वास जगाना होगा और टीम वर्क और समर्पण की भावना को प्रोत्साहित करना होगा। सैनिकों की भलाई के साथ-साथ परिचालन दक्षता को संतुलित करके, वे विश्वास का निर्माण करेंगे और जिन इकाइयों का वे नेतृत्व करेंगे, उनकी युद्ध क्षमता को मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि उनसे आगे बढ़कर नेतृत्व करने, अपने सैनिकों की देखभाल करने और हमारे सशस्त्र बलों की उत्कृष्ट परंपराओं को बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है।

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    जोरहाट एयरबेस पर AN-32 क्रैश, 5 जांबाजों ने गंवाई जान; सह-पायलट घायल

    आरएस अनेजा, 13 जुलाई नई दिल्ली - असम के जोरहाट (Jorhat) एयरबेस पर 13 जून 2026 को भारतीय वायुसेना का एक AN-32 परिवहन विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस दुखद हादसे में वायुसेना के 5 जवान शहीद हो गए हैं।

    विमान नियमित उड़ान के बाद रौरिया (Rowriah) एयरफोर्स स्टेशन पर लैंड कर रहा था, तभी इसमें अचानक आग लग गई और यह दो हिस्सों में टूट गया। वायुसेना ने घटना की जांच के लिए 'कोर्ट ऑफ इंक्वायरी' (Court of Inquiry) के आदेश दे दिए हैं। 5 जवानों के बलिदान खबर है, जबकि सह-पायलट (Co-pilot) के घायल होने और अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिली है। बताते हैं कि‍ ‍ लैंडिंग के दौरान विमान मुख्य रनवे के बजाय घास वाले हिस्से में जा गिरा, जिससे उसमें धमाका हुआ और आग लग गई।

    हादसे में पायलट सहित पांच का बलिदान

    शहीदों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शामिल थे। वायुसेना ने अपने आधिकारिक बयान में इन सभी वायु योद्धाओं के नाम जारी करते हुए उनके साहस और समर्पण को नमन किया। देशभर में इस घटना को लेकर शोक की लहर है और लोग शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

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    हरियाणा में आंधी-तूफान से प्रभावित बिजली व्यवस्था की बहाली तेज, 1,552 कर्मचारी दिन-रात जुटे - ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    13,277 क्षतिग्रस्त बिजली खंभों की मरम्मत युद्धस्तर पर, अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल - अनिल विज

    बिजली संकट पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज सख्त, अधिकारियों को शीघ्र आपूर्ति बहाल करने के निर्देश

    हरियाणा में तूफान के बाद बिजली व्यवस्था पटरी पर, शेष क्षेत्रों में तेजी से जारी बहाली कार्य - अनिल विज

    चंडीगढ़, 13 जून - हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने प्रदेश में हाल ही में आए आंधी-तूफान के कारण प्रभावित हुई बिजली व्यवस्था का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को युद्धस्तर पर बहाल किया जाए तथा प्रभावित उपभोक्ताओं को न्यूनतम समय में राहत पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था को शीघ्र सामान्य बनाने के लिए विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

    विज ने बताया कि तेज आंधी और तूफान के कारण प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुल 13,277 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त अथवा उखड़ गए, जिनकी मरम्मत एवं पुनर्स्थापना का कार्य तेजी से जारी है। इनमें उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) के 2,791 तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के 10,486 खंभे शामिल हैं।

    उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को जल्द से जल्द सुचारू करने के लिए विभाग द्वारा 1,552 कर्मचारियों की विशेष टीमें तैनात की गई हैं। इनमें यूएचबीवीएन के 620 तथा डीएचबीवीएन के 932 कर्मचारी एवं तकनीकी दल शामिल हैं, जो दिन-रात फील्ड में रहकर बिजली लाइनों, ट्रांसफार्मरों एवं अन्य बिजली ढांचे की मरम्मत का कार्य कर रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि आंधी-तूफान की वजह से प्रदेश में 233 गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है इसमें यूएचबीवीएन के तहत 32 गांव है जबकि डीएचबीवीएन के 201 गांव है। इसी प्रकार, प्रदेश में 842 फीडर प्रभावित हुए है जिनमें यूएचबीवीएन के 458 और डीएचबीवीएन 384 फीडर शामिल है।

    ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा/आंधी-तूफान के कारण कई स्थानों पर बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई थी, लेकिन विभाग की तत्परता और कर्मचारियों की मेहनत से अधिकांश क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है। शेष प्रभावित क्षेत्रों में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है और विभाग का लक्ष्य है कि सभी उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए।

    विज ने कहा कि राज्य सरकार और ऊर्जा विभाग आमजन को बेहतर एवं निर्बाध बिजली सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मरम्मत कार्यों की लगातार निगरानी की जाए तथा जहां भी आवश्यक हो, अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं ताकि बिजली आपूर्ति बहाली में किसी प्रकार की देरी न हो।

    उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस दौरान धैर्य बनाए रखें तथा बिजली लाइनों या टूटे हुए खंभों के आसपास जाने से बचें। किसी भी प्रकार की बिजली संबंधी समस्या की सूचना तुरंत संबंधित बिजली कार्यालय या शिकायत केंद्र को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं तथा प्रदेश में बिजली व्यवस्था को पूर्ण रूप से सामान्य करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

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    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने साहा इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर में फायर ब्रिगेड तैनात करने के दिए निर्देश

    मंत्री अनिल विज एचएसआईआईडीसी के एमडी से बोले, फायर ब्रिगेड गाड़ी के साथ पानी का बोरवेल तुरंत प्रभाव से कराया जाए

    इंडस्ट्रियल सेंटर में गत दिवस ग्लावेयर फैक्टरी में आगजनी की घटना का जायजा लेने पहुंचे मंत्री अनिल विज

    अम्बाला, 13 जून – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इफ्रास्ट्रक्चर डिवेल्पमेंट (एचएसआईआईडीसी) के एमडी को साहा इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर में तुरंत प्रभाव से फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी खड़ी करने के दिशा-निर्देश दिए हैं।

    मंत्री विज आज साहा इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर स्थित ग्लासवेयर फैक्टरी में कल लगी आग की घटना का जायजा लेने के लिए पहुंचे थे जहां उन्हें इंडस्ट्रियल एरिया में कोई फायर ब्रिगेड गाड़ी की तैनाती नहीं होने की जानकारी मिली थी।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने एचएसआईआईडीसी के एमडी से कहा कि “यहां तुरंत प्रभाव से कहीं से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ी लाकर खड़ी की जाए ताकि आपात समय में तुरंत कार्रवाई की जा सके”। उन्होंने यह भी कहा कि गाड़ी में पानी भरने के लिए पानी का बोर भी करवाया जाए।

    वहीं, मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि साहा इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर में 300 के लगभग यूनिट है और काफी लेबर काम करती है। यहां कल एक फैक्टरी में आग लग गई थी। उन्होंने आज देखा व पाया कि फैक्टरी पूरी तरह से जल चुकी है। उनकी जानकारी में आया है कि यहां पर फायर ब्रिगेड नहीं है और उन्होंने इस मामले में एमडी से बात की है ताकि यहां पर फायर ब्रिगेड खड़ी की जाए और पानी के लिए बोर करवाया जाए। यहां फायर ब्रिगेड खड़ी करने के लिए जगह है और फायर ब्रिगेड का इंतजाम यहां होना जरूरी है।

    गौरतलब है कि बीती शाम इंडस्ट्रियल एरिया साहा स्थित शिव दयाल सूद एंड संस की ग्लावेयर फैक्टरी में आग लग गई थी जिससे पूरी फैक्टरी पूरी तरह से जलकर राख हो गई थी।

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    दिल्ली पुलिस का बड़ा अभियान: लाल किले से हुआ “नशा मुक्त भारत पखवाड़ा – 2026” का शंखनाद; 26 जून तक चलेगी एंटी-ड्रग्स महा-मुहिम

    नई दिल्ली, 13 जून (अन्‍नू): देश की युवा पीढ़ी को नशे के जानलेवा चंगुल से बचाने और समाज को पूरी तरह नशामुक्त करने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक बहुत बड़े राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत की है। दिल्ली पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, आगामी 'अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध और अवैध तस्करी दिवस' (26 जून) के मद्देनजर राजधानी में 12 जून से 26 जून 2026 तक “नशा मुक्त भारत पखवाड़ा – 2026” का आयोजन किया जा रहा है। इस पखवाड़े के तहत पूरी दिल्ली में नागरिकों और विशेषकर युवाओं को जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर आउटरीच कार्यक्रम और अभियान चलाए जा रहे हैं।

    लाल किले से अभियान का भव्य आगाज: प्रेस रिलीज

    दिल्ली पुलिस की प्रेस रिलीज के अनुसार, एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), क्राइम ब्रांच ने बीते कल यानी 12 जून 2026 को पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले (Red Fort) पर आयोजित एक भव्य सार्वजनिक जागरूकता कार्यक्रम के साथ इस अभियान की आधिकारिक शुरुआत की।

    इस उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता एएनटीएफ (क्राइम ब्रांच) के डीसीपी श्री गौरव गुप्ता ने की। उनके साथ उत्तरी जिला दिल्ली के एडिशनल डीसीपी श्री राम दुलेश सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, कलाकार, मीडियाकर्मी और हजारों की संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे।

    लॉन्चिंग इवेंट के मुख्य आकर्षण व गतिविधियां

    लाल किले पर आयोजित इस उद्घाटन कार्यक्रम में जनभागीदारी बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने के लिए कई विशेष प्रस्तुतियां दी गईं:

    • पेंटिंग प्रदर्शनी व नुक्कड़ नाटक: "ड्रग-फ्री दिल्ली" थीम पर एक सुंदर पेंटिंग प्रदर्शनी लगाई गई। साथ ही, श्री राहुल खन्ना के ग्रुप द्वारा नशे के दुष्प्रभावों पर एक बेहद प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक (Street Play) प्रस्तुत किया गया।

    • दिल्ली पुलिस बैंड व जन संपर्क वाहन: कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस के बैंड ने शानदार प्रस्तुति दी। वहीं, नशामुक्ति से जुड़े जागरूकता वीडियो दिखाने के लिए विशेष 'जन संपर्क वाहनों' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

    • लाइव शपथ और अवेयरनेस बैलून: समारोह के अंत में हवा में अवेयरनेस बैलून छोड़े गए और वहां मौजूद हजारों लोगों ने दिल्ली को नशामुक्त बनाने के लिए एक लाइव शपथ (Live Pledge) ली। कार्यक्रम में बेहतरीन प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को सम्मानित भी किया गया।

    ड्रग्स के खिलाफ मोदी सरकार और गृह मंत्री का 'जीरो टॉलरेंस' विजन

    दिल्ली पुलिस की प्रेस रिलीज में बताया गया है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "नशामुक्त भारत" के सपने को साकार करने के लिए केंद्र सरकार ने नशीले पदार्थों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति अपनाई है। माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने समाज से इस खतरे को पूरी तरह खत्म करने के लिए नशा तस्करों के खिलाफ निर्णायक और कठोरतम कार्रवाई करने पर बार-बार जोर दिया है।

    दिल्ली में इस राष्ट्रीय विजन को माननीय उप-राज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू के मार्गदर्शन और पुलिस कमिश्नर (CP) सतीश गोलछा के कुशल नेतृत्व में बेहद आक्रामक तरीके से धरातल पर उतारा जा रहा है। पुलिस कमिश्नर ने सभी जिलों और स्पेशल विंग्स को निर्देश दिए हैं कि वे नशा माफियाओं के नेटवर्क को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दें।

    दिल्ली पुलिस के चौंकाने वाले आंकड़े: साल 2026 में अब तक की बड़ी रिकवरी

    प्रेस रिलीज में दिल्ली पुलिस द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बड़े आंकड़े भी सार्वजनिक किए गए हैं, जो ड्रग्स के खिलाफ उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं:

    • वर्ष 2025 का रिकॉर्ड: पिछले साल दिल्ली में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत कुल 2,154 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें रिकॉर्ड 2,853 नशा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

    • वर्ष 2026 (31 मई तक की कार्रवाई): इस साल के शुरुआती 5 महीनों में ही दिल्ली पुलिस ने 1,361 एनडीपीएस केस दर्ज कर 1,713 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    • साल 2026 में जब्त नशीले पदार्थों की सूची:

      • गांजा (Ganja): लगभग 1,339 किलोग्राम

      • चरस (Charas): 23.3 किलोग्राम

      • हेरोइन/स्मैक (Heroin/Smack): 19.2 किलोग्राम

      • अफीम (Opium): 10.9 किलोग्राम

      • पोस्त दाना/डोडा पोस्त: 70 किलोग्राम

      • कोकीन (Cocaine): 2.2 किलोग्राम (सहित अन्य प्रतिबंधित दवाएं)

    वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में चल रहा महा-अभियान

    यह पूरा अवेयरनेस और धरपकड़ अभियान दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों— विशेष पुलिस आयुक्त (क्राइम) एच.जी.एस. धालीवाल, जॉइंट सीपी (ANTF) धीरज कुमार और एडिशनल सीपी (ANTF, क्राइम) अभिषेक धनिए की सीधी देखरेख व सुपरविजन में चलाया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि तस्करों को पकड़ने के साथ-साथ इस 15 दिवसीय अभियान का मुख्य लक्ष्य युवाओं को नशे को 'ना' कहने के लिए प्रेरित करना और एक सुरक्षित व स्वस्थ समाज का निर्माण करना है।

    #NashaMuktBharatPakhwada #DelhiPoliceAction #RedFortEvent #DCPGauravGugta #LGTaranjitSinghSandhu #CPSatishGolchha #ANTFCrimeBranch #NDPSCaseDelhi #DrugFreeDelhi2026 #ZeroTolerance #BreakingNews #DanikKhabar

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    ED का पंजाब बासमती राइस लिमिटेड पर बड़ा एक्शन: ₹350.84 करोड़ के बैंक फ्रॉड मामले में जालंधर जोनल ऑफिस की छापेमारी

    नई दिल्ली/जालंधर, 13 जून (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जालंधर जोनल ऑफिस ने करोड़ों रुपये के हाई-प्रोफाइल बैंक धोखाधड़ी (Bank Fraud) और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ईडी (ED) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी ने मेशर्स पंजाब बासमती राइस लिमिटेड (M/s Punjab Basmati Rice Limited) और उसके प्रमोटरों व निदेशकों (Directors) के खिलाफ कड़ा शिकंजा कसते हुए उनके कई व्यावसायिक और आवासीय ठिकानों पर ताबड़तोड़ सर्च ऑपरेशन चलाया है।

    इस छापेमारी के दौरान ईडी की टीम ने भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य, आपत्तिजनक दस्तावेज, भारतीय मुद्रा और अमेरिकी डॉलर (विदेशी करेंसी) बरामद कर जब्त कर ली है।

    ईडी (ED) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुख्य बिंदु:

    • 05 जून को हुई थी छापेमारी: ईडी द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, निदेशालय की विभिन्न टीमों ने 05 जून 2026 को मेशर्स पंजाब बासमती राइस लिमिटेड और उसके प्रमोटर/निदेशक कुलविंदर सिंह मखनी व अन्य से जुड़े कुल 06 अलग-अलग व्यावसायिक और आवासीय परिसरों (Premises) पर एक साथ व्यापक तलाशी अभियान (Search Operation) चलाया था।

    • 6 बैंकों के समूह को लगाया ₹350.84 करोड़ का चूना: जांच एजेंसी के मुताबिक, मेशर्स पंजाब बासमती राइस लिमिटेड और उसके प्रमोटरों/निदेशकों ने केनरा बैंक (Canara Bank) के नेतृत्व वाले 06 कंसोर्टियम सदस्य बैंकों (Bank Consortium) के साथ कुल ₹350.84 करोड़ रुपये की भारी-भरकम बैंकिंग धोखाधड़ी को अंजाम दिया था, जिससे सरकारी व पब्लिक सेक्टर के बैंकों को सीधे तौर पर करोड़ों रुपये का वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।

    सीबीआई (CBI) की एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी ईडी की जांच

    ईडी की प्रेस रिलीज में स्पष्ट किया गया है कि इस मामले की मनी लॉन्ड्रिंग जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), नई दिल्ली द्वारा दर्ज की गई मूल एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। सीबीआई ने इस कंपनी और उसके प्रमोटरों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860 की विभिन्न सुसंगत धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act), 1988 की धारा 13(2) के साथ पठित 13(1)(d) के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

    मोडस ऑपेरेंडी: फर्जी और शेल कंपनियों का बनाया था जाल

    ईडी (ED) की शुरुआती जांच और साक्ष्यों के विश्लेषण में आरोपियों की बड़ी साजिश और धोखाधड़ी के तौर-तरीकों का सनसनीखेज खुलासा हुआ है:

    1. फंड्स की हेराफेरी (Divertion of Funds): कंपनी ने अपने प्रमोटरों और निदेशकों की मिलीभगत से पब्लिक सेक्टर के बैंकों से लोन के रूप में प्राप्त राशि (फंड्स) का इस्तेमाल उस काम में नहीं किया जिसके लिए लिया गया था। इस पैसे को अन्यत्र डायवर्ट कर निदेशकों ने अपने निजी मुनाफे के लिए इस्तेमाल किया।

    2. कागजों पर दिखाई फर्जी बिक्री: आरोपी कंपनी और उसके निदेशकों ने अपने स्टॉक (बासमती चावल आदि) की बिक्री को कागजों पर पूरी तरह काल्पनिक/फर्जी संस्थाओं (Fictitious Entities) को होना दिखाया। बाद में इन फर्जी संस्थाओं को कंपनी के बही-खातों में देनदार (Debtors) के रूप में प्रदर्शित कर दिया गया।

    3. कैश में विड्रॉल: इतना ही नहीं, स्टॉक की बिक्री और उससे प्राप्त होने वाली राशि (Sale Proceeds) को घुमाने के लिए कई अन्य शेल कंपनियों (Shell Entities) का इस्तेमाल किया गया और बाद में इस पूरी मोटी रकम को बैंक खातों से सीधे कैश (नकद) के रूप में निकाल कर ठिकाने लगा दिया गया।

    सर्च ऑपरेशन के दौरान ₹8.50 लाख कैश और $8600 डॉलर जब्त

    ईडी द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, 5 जून को चली इस लंबी छापेमारी के दौरान आरोपियों के ठिकानों से धन के अवैध लेन-देन से जुड़े कई डिजिटल और भौतिक रिकॉर्ड बरामद किए गए।

    इसके साथ ही, तलाशी लिए गए परिसरों से ₹8.50 लाख रुपये की भारतीय नकदी (Cash) और 8,600 अमेरिकी डॉलर (USD) की विदेशी मुद्रा बरामद कर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के कड़े प्रावधानों के तहत मौके पर ही जब्त (Seize) कर ली गई है। ईडी के आला अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में कड़ियों को जोड़ने के लिए आगे की तफ्तीश (Further Investigation) पूरी तत्परता से जारी है, और आने वाले दिनों में प्रमोटरों की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क करने जैसी बड़ी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।

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    इंडिया AI मिशन ने अपना स्वदेशी AI मॉडल 'वार्या' (Varya) लॉन्च किया, वीडियो स्टोरी बनाने वाला AI मॉडल कम कीमत पर अच्छी क्वालिटी देगा

    आरएस अनेजा, 12 जून नई दिल्ली - AI-नेटिव ट्रांसफॉर्मेशन कंपनी, Avataar ने आज 'Varya' लॉन्च करने की घोषणा की। यह एक डिस्टिल्ड वीडियो मॉडल है जिसे भारत के अगली पीढ़ी के यूज़र्स के लिए एडवांस्ड वीडियो AI को सस्ता, आसान और काम का बनाने के लिए बनाया गया है।

    इसे आज नई दिल्ली में एक प्रेस इवेंट में लॉन्च किया गया। इस मौके पर भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव श्री एस. कृष्णन और Avataar की लीडरशिप टीम मौजूद थी।

    Varya को भारत के अलग-अलग संदर्भों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, न कि भारत की किसी आम या सामान्य सोच के आधार पर। इस मॉडल को भारत के अलग-अलग क्षेत्रों, त्योहारों, समुदायों, खान-पान, पहनावे, सार्वजनिक जगहों और रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जुड़े सांस्कृतिक रूप से समृद्ध विज़ुअल आउटपुट को समझने और बनाने के लिए तैयार किया गया है। चाहे गाँव के क्लासरूम में टीचर विज़ुअल लेसन बना रहा हो, MSME प्रोडक्ट के विज्ञापन बना रहा हो, या कोई नागरिक वीडियो के ज़रिए सरकारी जानकारी हासिल कर रहा हो - Varya का मकसद एक साधारण विचार को एक चलती-फिरती कहानी में बदलना है।

    Avataar उन कंपनियों में से एक थी जिन्हें IndiaAI मिशन ने स्वदेशी फ़ाउंडेशन AI क्षमताएँ विकसित करने के लिए चुना था। सब्सिडी वाले राष्ट्रीय AI कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुँच ने उस रिसर्च को संभव बनाया जिससे Varya का निर्माण हुआ। यह दिखाता है कि कैसे पब्लिक AI इंफ्रास्ट्रक्चर घरेलू इनोवेशन को तेज़ी से आगे बढ़ा सकता है।

    जैसे-जैसे वीडियो सीखने, व्यापार, बातचीत और कहानी कहने का मुख्य ज़रिया बनता जा रहा है, वैसे-वैसे अच्छी क्वालिटी का वीडियो कंटेंट तेज़ी से और आसानी से बनाने की क्षमता भी ज़रूरी होती जा रही है।

    IndiaAI मिशन के सहयोग से विकसित Varya एक डिस्टिलेशन तकनीक का इस्तेमाल करता है। यह वीडियो बनाने की प्रक्रिया को 50 स्टेप्स से घटाकर 4 स्टेप्स पर ले आता है, जबकि आउटपुट की क्वालिटी वैसी ही बनी रहती है। Avataar के इंटरनल इन्फ़रेंस-कॉस्ट बेंचमार्क के अनुसार, Varya ₹0.48 प्रति सेकंड की लागत से वीडियो बना सकता है। यह कई बड़े ग्लोबल वीडियो मॉडल्स की तुलना में 10 गुना तक सस्ता है।

    इस प्रोडक्ट का अनुभव एक आसान वादे पर आधारित है: आइडिया → वीडियो → कहानी। यूज़र्स कोई आइडिया टाइप कर सकते हैं, इमेज अपलोड कर सकते हैं, वीडियो बना सकते हैं और अतिरिक्त क्लिप्स के ज़रिए कहानी को आगे बढ़ा सकते हैं। एक प्रॉम्प्ट से लेसन, विज्ञापन, गाइड, फ़िल्म या कोई यादगार पल बनाया जा सकता है।

    भारत जैसे देश में, जहाँ AI को सिर्फ़ लाखों लोगों के लिए नहीं, बल्कि एक अरब से ज़्यादा लोगों के लिए काम करना है, वहाँ क्षमता (एफ़िशिएंसी) कोई तकनीकी बात भर नहीं है। यह सबको साथ लेकर चलने (समावेशन) की नींव है। Varya भारत के AI लक्ष्यों को दिखाता है

    लॉन्च के मौके पर सेक्रेटरी एस. कृष्णन ने कहा, "IndiaAI मिशन के तहत सपोर्ट किए गए शुरुआती मॉडल्स में से एक का लॉन्च भारत की AI यात्रा में एक अहम पड़ाव है। Varya उस तरह की रिसर्च-बेस्ड क्षमता बनाने का उदाहरण है जिसे हम बढ़ावा देना चाहते हैं। यह गर्व का पल है जो देश में ही AI क्षमताएं बनाने और एक मज़बूत डीप-टेक इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के हमारे संकल्प को दिखाता है। शुरुआती मॉडल्स को रणनीतिक सपोर्ट देकर, हम बड़े पैमाने पर इनोवेशन को मुमकिन बना रहे हैं और अगली पीढ़ी के AI सॉल्यूशंस के लिए आधार तैयार कर रहे हैं। हम भारत की AI क्षमताओं को और मज़बूत करने और ऐसे किफायती इनोवेशन को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं जो वर्ल्ड-क्लास हों और बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुँच सकें।"

    Avataar एक टेक्निकल रिपोर्ट भी जारी करेगा जिसमें Varya के मॉडल आर्किटेक्चर, डिस्टिलेशन मेथड और बेंचमार्क की जानकारी होगी।

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    डिफेंस कालोनी में प्रापर्टी डीलर पर जमीनी धोखाधड़ी का आरोप, ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने पंजोखरा पुलिस को दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

    टुंडला में जमीन पर कब्जा व मारपीट के मामले में ऊर्जा मंत्री अनिल विज सख्त, बोले ”गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी”

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज से हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष जगदीश झींडा ने की मुलाकात

    अम्बाला, 12 जून – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने डिफेंस कालोनी में जमीनी धोखाधड़ी व टुंडला में जमीन पर कब्जा व मारपीट मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए पंजोखरा थाना पुलिस को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुंडागर्दी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी, उन्होंने इन मामलों में कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश पुलिस को दिए।

    मंत्री अनिल विज आज अपने आवास पर लोगों की समस्याओं को सुन रहे थे।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज के समक्ष टुंडला निवासी परिवार सदस्यों ने बताया कि उन्होंने जमीन पर पेड़ काटने की शिकायत नगर परिषद से की थी। जब मौका देखने के लिए कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो यहीं के रहने वाले व्यक्ति ने इसका विरोध जताया और कस्सी लेकर परिवार पर हमला किया। इस मामले में की शिकायत पुलिस से भी की गई थी, मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं। परिवार का आरोप था कि पूर्व में भी आरोपियों ने उनकी जमीन पर जबरन कब्जा किया था, जिसपर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने मामले में पंजोखरा थाना पुलिस को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    इसी प्रकार डिफेंस कालोनी सेक्टर-सी में जमीनी धोखाधड़ी मामले की शिकायत पीड़ित परिवार ने ऊर्जा मंत्री अनिल विज को दी। टुंडला निवासी परिवार ने बताया कि उन्होंने डिफेंस कालोनी के प्रापर्टी डीलर के माध्यम से डिफेंस कालोनी में 209 वर्ग गज का प्लाट खरीदा था। इसके लिए उन्होंने प्रापर्टी डीलर को राशि दी व रजिस्टरी भी उनके नाम हुई। मगर तब उन्होंने तहसीलदार से निशानदेही कराई तो पता चला कि यह प्लाट कागजों में किसी और के नाम है। परिवार ने बताया कि उन्होंने प्रापर्टी डीलर से प्लाट उनके नाम करने को कहा तो न तो उन्हें प्लाट मिला न ही राशि लौटाई गई। उलटा प्रापर्टी डीलर ने फर्जी एग्रीमेंट कर उनके साथ धोखाधड़ी की। इस मामले में ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने पंजोखरा थाना पुलिस को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

    अन्य शिकायतों पर कार्रवाई के निर्देश दिए

    इसी प्रकार ऊर्जा मंत्री अनिल विज के समक्ष अन्य शिकायतें आई जिनपर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के दिशा-निर्देश दिए। पंजोखरा साहिब गांव से आए लोगों ने बिजली की तारों की लाइन को ठीक कराने, एकता विहार क्षेत्र निवासी लोगों ने पानी निकासी ठीक कराने, बब्याल निवासी महिला ने बिजली बिल ठीक कराने एवं अन्य शिकायतें आई जिनपर मंत्री अनिल विज ने कार्रवाई के निर्देश दिए।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने की भेंट

    वहीं आज ऊर्जा मंत्री अनिल विज के निवास पर हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

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    ₹5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों धरा गया MCL का सिक्योरिटी इंस्पेक्टर, ओडिशा के झारसुगुड़ा में CBI की बड़ी कार्रवाई

    नई दिल्ली, 12 जून (अन्‍नू): भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने ओडिशा में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सीबीआई की टीम ने महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (Mahanadi Coalfields Limited - MCL) के एक सुरक्षा निरीक्षक (Security Inspector) को ₹5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

    सीबीआई (CBI) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, यह कार्रवाई ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले के ब्रजराजनगर स्थित ओरिएंट एरिया में की गई है। आरोपी अधिकारी के खिलाफ पुख्ता शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और उसे घूस की रकम के साथ रंगे हाथों दबोच लिया।

    संडे ड्यूटी लगाने के नाम पर मांगी थी घूस

    सीबीआई द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला अपने ही विभाग के एक कर्मचारी को परेशान करने और उससे अवैध उगाही करने से जुड़ा है:

    • क्या था मामला: महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) के ही एक कर्मचारी (शिकायतकर्ता) ने सीबीआई को शिकायत दर्ज कराई थी कि ओरिएंट एरिया का सिक्योरिटी इंस्पेक्टर रोटेशनल बेसिस (बारी-बारी से) पर उसकी 'संडे ड्यूटी' (Sunday Duty) लगाने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा है।

    • ₹5,000 की डिमांड: आरोपी सुरक्षा निरीक्षक ने शिकायतकर्ता कर्मचारी से संडे ड्यूटी अलॉट करने के बदले ₹5,000 रुपये की घूस मांगी थी। पीड़ित कर्मचारी रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने मामले की सूचना सीधे केंद्रीय जांच एजेंसी को दे दी।

    सीबीआई ने बिछाया जाल, रंगे हाथों दबोचा

    शिकायत मिलने के तुरंत बाद सीबीआई ने तथ्यों की पुष्टि की और 11 जून 2026 को जाल (Trap) बिछाया। योजना के मुताबिक, जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी सिक्योरिटी इंस्पेक्टर को ब्रजराजनगर (झारसुगुड़ा) में ₹5,000 रुपये की केमिकल युक्त रिश्वत की राशि सौंपी, वैसे ही आसपास सादे कपड़ों में मुस्तैद सीबीआई की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। मौके पर की गई कागजी कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से रिश्वत के पैसे बरामद कर लिए गए।

    अदालत में किया जाएगा पेश, जांच जारी

    सीबीआई की प्रेस रिलीज के अनुसार, आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की वैधानिक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपी सुरक्षा निरीक्षक को सीबीआई के विशेष नियमों के तहत अगले दिन सक्षम न्यायालय (Competent Court) के समक्ष पेश किया जाएगा। जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी कर्मचारियों से ड्यूटी लगाने या अन्य कामों के नाम पर इसी तरह अवैध वसूली करता आ रहा था।

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लिया हिस्सा

    अभिकान्त, 11 जून हरियाणा : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन के कल्चरल सेंटर में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी व अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया। बैठक में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र और राज्य मिलकर "टीम इंडिया" की भावना से काम करें, तभी विकसित भारत का लक्ष्य हासिल होगा। उन्होंने कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और मानव संसाधन निर्माण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई।

    बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश से जुड़ी विभिन्न मांगों को रखा। उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘भव्य योजना’ के तहत बनाए जाने वाले प्रथम 50 औद्योगिक पार्कों में हरियाणा को भी शामिल किया जाए। इसके साथ-साथ हरियाणा को सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने हेतु विशेष प्रोत्साहन पैकेज दिया जाए। उन्होंने हरियाणा में राष्ट्रीय स्तर का एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाए तथा एआई और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर हब के विकास के लिए विशेष केंद्रीय पैकेज प्रदान किया जाए। उन्होंने औद्योगिक मॉडल टाउनशिप, सेक्टर-विशिष्ट औद्योगिक पार्क, ग्रीन हाइड्रोजन तथा नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी की। उन्होंने राष्ट्रीय नवाचार एवं अनुसंधान कोष में हरियाणा को प्राथमिकता प्रदान करने पर भी जोर दिया।

    बैठक में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब आपके दूरदर्शी नेतृत्व में भारत अमृतकाल में ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य की ओर गति से अग्रसर है। पिछले 12 वर्षों में एक नए भारत का निर्माण हुआ है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने मध्य-पूर्व क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात के दौरान लिए गए निर्णायक फैसलों ने विश्व मंच पर भारत के बढ़ते सामर्थ्य का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के विजन को आधार बनाकर हमने हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट-2047 तैयार किया है। हमारा लक्ष्य वर्ष 2047 तक देश की अर्थव्यवस्था में 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का योगदान करना है। इसके साथ-साथ हरियाणा को 40 लाख रुपये से अधिक प्रति व्यक्ति आय वाला राज्य बनाना है।

    हरियाणा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सबसे पहले लागू किया

    मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकसित मानव पूंजी के निर्माण की नींव प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2020 में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति से रख दी थी। हमने इस नीति को सबसे पहले लागू किया है। हमने स्कूलों में बच्चों का नामांकन व प्रारंभिक शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए राज्य में 17 हजार 859 ‘स्कूल रेडीनेस मेले’ लगाए। इनमें दो लाख बच्चों व अढ़ाई लाख अभिभावकों ने भाग लिया। वर्ष 2018 से आरंभ की गई “सुपर-100” योजना मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचाने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर रही है। पिछले 5 वर्षों में इस योजना के अंतर्गत 267 विद्यार्थियों ने I.I.T, एन.आई.टी तथा मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्राप्त किया है। सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापरक शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए 250 पी.एम.श्री स्कूल व 218 मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल खोले जा चुके हैं। उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने की इस कड़ी को एक स्तर आगे बढ़ाते हुए हरियाणा सरकार द्वारा इसी वर्ष 250 सीएम ईई (चीफ मिनिस्ट्र एफिसिएंसी एंड अरली इंग्लिश) स्कूलों की स्थापना की गई है। बेटियों को उच्च शिक्षा प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में हर 20 किलोमीटर के दायरे में एक कॉलेज खोला गया है। इस समय प्रदेश में 61 महिला कॉलेज चल रहे हैं। हरियाणा के उच्च शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हमने नींव पोर्टल लॉन्च किया है। इस पर प्रदेश के सभी 187 कॉलेज और 47 विश्वविद्यालय जोड़े गए हैं।

    राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम के क्रियान्वयन में हरियाणा अव्वल

    मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम के क्रियान्वयन में हरियाणा अव्वल है। प्रति लाख जनसंख्या पर हमारे 1 हजार 520 युवा अप्रेंटिसशिप कर रहे हैं। यह संख्या देश में सर्वाधिक है। इस उपलब्धि के लिए हरियाणा को चैंपियन आफ चेंज अवार्ड से सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की महत्वपूर्ण पहल ‘ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग’ योजना का हरियाणा में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। आईटीआई की 20 प्रतिशत सीटों को ड्यूल ट्रेनिंग सिस्टम में बदला गया है। इस समय प्रदेश में लगभग 11 हजार बच्चे प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इस योजना में प्रशिक्षण पाने वाले 70 प्रतिशत से अधिक युवाओं को रोजगार मिल रहा है। पीएम सेतू योजना के तहत 4 क्लस्टरों में 21 ITI चिन्हित की गई हैं। हर क्लस्टर पर 241 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

    हरियाणा खेलों का पावर हाउस

    मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा को खेलों का पावर हाउस माना जाता है। हम आपके ‘खेलो इंडिया’ विजन से प्रेरणा लेते हुए खेलों को जन-आंदोलन बनाने में गति से काम कर रहे हैं। गर्व की बात है कि एशियन गेम्स-2026 के लिए चुनी गई भारतीय कुश्ती टीम में सभी 18 खिलाड़ी हरियाणा के हैं। हमने ऐसे खिलाड़ियों को बचपन से ही तैयार करने की नीति बनाई है। हम मिशन ओलंपिक-2036 के लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं। इस दिशा में मिशन ओलंपिक-2036 विजयी भव योजना तैयार की है।

    हरियाणा ने बनाई मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति-2026

    मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मानव पूंजी का वास्तविक मूल्य तभी है, जब उसे अवसर मिले। इसीलिए, हमने ‘मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति-2026’ तथा नौ नई सेक्टोरल नीतियां लागू की हैं। हमारा लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना और 10 लाख नए रोजगार सृजित करना है। हमने इसी माह एक तारीख को अपनी नई औद्योगिक नीतियां लॉन्च की और एक ही दिन में हमें 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें 30 हजार करोड़ रुपये की एफ.डी.आई परियोजनाएं शामिल हैं। साथ ही 7 उद्योगों के लिए प्लॉट का आबंटन भी किया है। हरियाणा गंभीरता से मानव  पूंजी के विकास में लगा हुआ है।

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    11/06/26 |

    हर मील पर नजर: एनएसवी देश के राष्ट्रीय राजमार्गों को कैसे सुरक्षित बना रहे हैं

    आरएस अनेजा, 11 जून नई दिल्ली - भारत के व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों पर एक सुहावनी सुबह, एक आकर्षक सफेद गाड़ी आगे बढ़ती है - न तो पुलिस की गाड़ी, न ही रखरखाव ट्रक, बल्कि कुछ कहीं अधिक भविष्यवादी। इसकी छत पर लगे स्कैनर अदृश्य किरणें छोड़ते हैं, उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले कैमरे धीरे से चलते हैं और उन्नत 3डी लेजर सेंसर सड़क के हर इंच का मानचित्रण शुरू कर देते हैं।

    यह नेटवर्क सर्वे व्हीकल (एनएसवी) है - लेजर प्रोफाइलर, जीपीएस और अत्याधुनिक इमेजिंग तकनीक से लैस एक नवाचार। हर चक्कर में, यह सड़क की सतह पर दरारें, गड्ढे और असमानता की जांच करता है, जिससे राजमार्ग जीवंत डिजिटल मानचित्रों में बदल जाते हैं। देखने में यह एक साधारण ड्राइव लगती है, लेकिन वास्तव में यह भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की निगरानी, ​​रखरखाव और सुरक्षा के तरीके में एक क्रांति है।

    भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों के यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण कदम की घोषणा की है: सभी राज्यों और उनके नेटवर्क में उन्नत 3डी लेजर-आधारित प्रणालियों से लैस नेटवर्क सर्वे वाहनों (एनएसवी) की तैनाती।
    राष्ट्रीय राजमार्गों पर तैनात ये अत्याधुनिक वाहन मात्र सर्वेक्षण मशीनें नहीं हैं। ये सड़क की गुणवत्ता के डिजिटल संरक्षक हैं। सड़क के हर हिस्से को स्कैन करके, नेटवर्क सर्वे व्हीकल सड़क की स्थिति और सतह की जानकारी एकत्र करते हैं, गड्ढों और पैच में मौजूद खामियों की पहचान करते हैं।

    जन कल्याण के लिए नवाचार

    3डी-लेजर तकनीक को अपनाना सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की जनहित में नवाचार का लाभ उठाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पहल राजमार्ग रखरखाव में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली है, जिससे न केवल खामियों का पता लगाया जा सकेगा बल्कि उन्हें शीघ्रता से ठीक भी किया जा सकेगा, जिससे लाखों यात्रियों के लिए सुगम और सुरक्षित यात्राएं सुनिश्चित होंगी।

    जो काम पहले महीनों लगते थे, वह अब कुछ ही दिनों में पूरा हो जाएगा - जिससे सड़कें अधिक सुरक्षित होंगी, खामियां तेजी से ठीक होंगी और सभी संबंधित पक्षों के बीच पारदर्शी संचार सुनिश्चित होगा।

    प्रतिदिन 80 किमी से 300 किमी तक

    पहले, सर्वेक्षण एक दिन में केवल 20-80 किलोमीटर की दूरी तय कर पाते थे। आज, उन्नत तकनीक की बदौलत, नेटवर्क एवं व्हीकल प्रतिदिन 300 किलोमीटर तक का सर्वेक्षण कर सकता है। दक्षता में इस प्रगति का मतलब है सड़क की खामियों का तेजी से पता लगाना और मौके पर तेजी से कार्रवाई करना।

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    सिंगर गुरु रंधावा की जिम पर ताबड़तोड़ फायरिंग: लॉरेंस गैंग ने ली जिम्मेदारी, ऑडियो जारी कर दी जान से मारने की धमकी

    अभिकान्त, 11  जून, नई दिल्ली: दिल्ली के पॉश इलाके पश्चिम विहार में गुरुवार तड़के मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने एक नामी फिटनेस सेंटर (जिम) के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. यह जिम मशहूर पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा का है, जो इसके को-फाउंडर और ब्रांड एंबेसडर भी हैं. वारदात के कुछ ही घंटों बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. इसके साथ ही गैंगस्टर हैरी बॉक्सर ने एक कथित ऑडियो क्लिप जारी कर गुरु रंधावा को जान से मारने की सीधी धमकी दी है, जिससे दिल्ली से लेकर पंजाब तक के मनोरंजन और खेल जगत में हड़कंप मच गया है.

    सुबह सवा 5 बजे केयरटेकर ने देखा तो हुआ खुलासा

    इस दुस्साहसिक वारदात का खुलासा तब हुआ जब सुबह करीब 5:15 बजे जिम के केयरटेकर वहां पहुंचे. जिम के मुख्य दरवाजे के शीशे चकनाचूर और दीवारों पर गोलियों के निशान देखकर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया. दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों सहित स्थानीय थाना पुलिस और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं. फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से कम से कम 7 खाली कारतूस और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं. राहत की बात यह रही कि तड़के हुई इस वारदात के समय जिम के अंदर कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.

    लॉरेंस गैंग की धमकी: 'सलमान खान से दूर रहने को समझाया था'

    हमले के बाद सोशल मीडिया पर अनिल पंडित (USA) और लॉरेंस ग्रुप की तरफ से एक पोस्ट वायरल की गई है. पोस्ट में लिखा गया है:

    "राम-राम सभी भाइयों को. आज जो दिल्ली में गुरु रंधावा की '24Hs Fitness' जिम पर फायरिंग हुई है, वह मैंने (अनिल पंडित USA) और लॉरेंस ग्रुप ने की है. यह सिंगर सलमान खान से कुछ ज्यादा ही करीबी हो रहा था. इसे हमने पहले भी समझाया था कि उससे दूर रहो, वह हमारा दुश्मन है, लेकिन इसको समझ नहीं आई. जितने भी हमारे दुश्मन हैं, वे किसी भी कोने में छुप जाएं, जल्दी ही सबसे मुलाकात होगी. वेट एंड वॉच."

    पोस्ट के अंत में जितेंद्र गोगी मान ग्रुप, हैरी बॉक्सर, आरजू बिश्नोई और अंकित सेरसा जैसे कुख्यात शार्पशूटरों के नाम लिखे हैं.

    जिम के को-फाउंडर और ब्रांड एंबेसडर हैं गुरु रंधावा

    जांच में सामने आया है कि जिस '24Hs Fitness' सेंटर पर हमला हुआ है, उसके मुख्य मालिक राजौरी गार्डन के रहने वाले दो बड़े कारोबारी हैं. पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा ने जुलाई 2025 में दिल्ली के होटल ले मेरिडियन में इस प्रीमियम जिम ब्रांड का भव्य उद्घाटन किया था, जिसमें वे बतौर को-फाउंडर और ब्रांड एंबेसडर जुड़े हुए हैं. इसके अलावा गुरु रंधावा भारत में एक और ग्लोबल जिम चेन 'एनीटाइम फिटनेस' के भी प्रमुख चेहरों में से एक रहे हैं. भारत में इस ग्लोबल मास्टर फ्रेंचाइजी को मैनेजिंग डायरेक्टर विकास जैन और डायरेक्टर विशाल क्वात्रा संभालते हैं, जिसके दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर में 150 से अधिक आउटलेट्स हैं.

    रंगदारी और गैंगवार के एंगल से दिल्ली पुलिस की छापेमारी

    बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के बाद अब पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा को मिली इस सीधी धमकी को दिल्ली पुलिस बेहद गंभीरता से ले रही है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, रंगदारी (जबरन वसूली), गैंगस्टरों की आपसी रंजिश और कारोबारियों की निजी दुश्मनी समेत तमाम पहलुओं को जोड़कर जांच की जा रही है. बदमाशों की धरपकड़ के लिए स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच सहित कई विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो जिम के आसपास और हमलावरों के भागने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं.

    #DelhiNews #GuruRandhawa #LawrenceBishnoiGang #WestViharFiring #DelhiPolice #SalmanKhan #CrimeUpdate2026 #DelhiGymFiring #दानिकखबर

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    ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर महाठगी करने वाला मास्टरमाइंड गणेश बालासो काले थाईलैंड से डिपोर्ट, CBI ने भारत लाकर महाराष्ट्र पुलिस को सौंपा

    नई दिल्ली/मुम्बई, 11 जून (अन्‍नू): पार्ट-टाइम जॉब और ऑनलाइन अर्निंग का झांसा देकर देश के हजारों निर्दोष नागरिकों को अपना शिकार बनाने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर वित्तीय अपराध नेटवर्क के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को एक बहुत बड़ी कामयाबी मिली है। सीबीआई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चले एक त्वरित और बेहद सटीक ऑपरेशन के तहत 'रेड नोटिस' (Red Notice) के मुख्य विषय और वांटेड भगोड़े अपराधी गणेश बालासो काले (Ganesh Balaso Kale) को थाईलैंड से भारत डिपोर्ट कराने में सफलता हासिल की है।

    सीबीआई (CBI) की जारी की गई प्रेस रिलीज के अनुसार, विदेश मंत्रालय (MEA), गृह मंत्रालय (MHA) और थाईलैंड में स्थित भारतीय दूतावास के बेहतरीन और करीबी समन्वय (Coordination) के चलते इस मोस्ट वांटेड अपराधी को 10 जून 2026 को थाईलैंड से सफलतापूर्वक डिपोर्ट कर भारत लाया गया।

    ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर करता था करोड़ों का फ्रॉड

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, आरोपी गणेश बालासो काले देश भर में फैले एक बड़े साइबर वित्तीय अपराधियों (Cyber Financial Criminals) के नेटवर्क का संचालन कर रहा था।

    • मोडस ऑपेरेंडी (Modus Operandi): यह सिंडिकेट सोशल मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से आम लोगों को घर बैठे 'ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब' (Online Part-Time Jobs) करने का लालच देता था।

    • झांसे में लेकर ठगी: शुरुआती तौर पर पीड़ितों को मुनाफे का झांसा दिया जाता था और बाद में उनसे बड़ी मौद्रिक जमा राशि (Monetary Investments) निवेश के नाम पर करवाकर करोड़ों रुपये की ठगी कर ली जाती थी।

    • फर्जी बैंक खातों का जाल: आरोपी ने इस काली कमाई को रूट करने के लिए कई सीधे-साधे और अनभिज्ञ लोगों को ब्याज व भारी कमीशन का लालच दिया। उसने इन लोगों के बैंक खातों का उपयोग अवैध फंड ट्रांसफर और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया।

    • फर्जी सिम और मोबाइल का सिंडिकेट: जांच में यह भी सामने आया है कि इस आरोपी ने अपने अन्य सह-आरोपियों को अपराध को अंजाम देने के लिए बड़ी संख्या में मोबाइल फोन की व्यवस्था करने और फर्जी आईडी पर एक्टिवेटेड सिम कार्ड (Fake SIM Cards) जुटाने के निर्देश दे रखे थे।

    रेड कॉर्नर नोटिस के महज 20 दिनों के भीतर बैंकॉक में दबोचा गया

    इस शातिर अपराधी के देश छोड़कर भाग जाने के बाद इसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस' (Interpol Red Corner Notice) जारी कराया गया था।

    • नोटिस और गिरफ्तारी: इसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस मई 2026 में प्रकाशित (Published) किया गया था। नोटिस जारी होने के बाद भारतीय एजेंसियों की सक्रियता के चलते थाईलैंड के अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए 24 मई 2026 को इसे बैंकॉक में डिटेन (हिरासत में) कर लिया।

    • 20 दिनों के भीतर डिपोर्टेशन: नोटिस प्रकाशन के महज 20 दिनों के भीतर इस भगोड़े को ट्रैक करना, दबोचना और वापस भारत लाना विभिन्न अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों और भारतीय दूतावास के बीच हुए बेहतरीन और त्वरित एक्शन को दर्शाता है।

    मुम्बई एयरपोर्ट पर उतरी फ्लाइट, महाराष्ट्र साइबर सेल ने लिया हिरासत में

    सीबीआई के आधिकारिक बयान के अनुसार, थाईलैंड से डिपोर्ट किया गया आरोपी 11 जून 2026 को मुम्बई एयरपोर्ट पर पहुंचा। भारत की धरती पर कदम रखते ही सीबीआई की टीम ने उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए महाराष्ट्र पुलिस की साइबर सेल (Cyber Cell, Maharashtra Police) के अधिकारियों को सौंप दिया, जिन्होंने आरोपी को अपनी कस्टडी में ले लिया है।

    प्रेस रिलीज में आगे बताया गया है कि सीबीआई, भारत में इंटरपोल के लिए 'नेशनल सेंट्रल ब्यूरो' (NCB-India) के रूप में काम करती है और 'भारतपोल' (BHARATPOL) के माध्यम से देश की सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इंटरपोल चैनलों से मदद दिलाती है। इसी वैश्विक तालमेल के चलते पिछले कुछ वर्षों में देश से भागे 160 से अधिक वांटेड अपराधियों को विभिन्न देशों से सफलतापूर्वक भारत वापस लाया जा चुका है।

    #CBIRaid #CyberCrimeFraud #GaneshBalasoKale #ThailandDeportation #MaharashtraCyberCell #OnlineJobScam #InterpolRedNotice #Bharatpol #FinancialFraudBusted #BreakingNews #DanikKhabar

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    ₹1400 करोड़ का SKNL बैंक घोटाला: ED ने अलीबाग (महाराष्ट्र) में 60 करोड़ से अधिक की 'अरेबियन सी-फेसिंग' लग्जरी प्रॉपर्टी की कुर्क

    मुम्बई, 11 जून (अन्‍नू): देश के बड़े बैंकिंग घोटालों और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ आर्थिक अपराध जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। ईडी की इंदौर इकाई ने ₹1,400 करोड़ रुपये के मशहूर 'एस. कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड' (S. Kumars Nationwide Limited - SKNL) बैंक धोखाधड़ी मामले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जांच एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के सख्त प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में स्थित एक बेहद महंगी और आलीशान अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क (Provisionally Attach) कर लिया है।

    प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी की गई आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, कुर्क की गई यह संपत्ति अलीबाग के पास मुरुद, रायगढ़ (महाराष्ट्र) में स्थित एक आलीशान 'अरेबियन सी-फेसिंग' (समुद्र की तरफ मुख वाली) लग्जरी प्रॉपर्टी है। वर्तमान बाजार में इस इम्मूवेबल प्रॉपर्टी की अनुमानित कीमत ₹60 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।

    बैंकों के कंसोर्टियम से मिले लोन को शेल कंपनियों में किया डायवर्ट

    ईडी द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, मनी लॉन्ड्रिंग की यह जांच एस. कुमार्स (SKNL) कंपनी और उसके प्रमोटरों द्वारा बैंकों के एक बड़े समूह (Consortium of Banks) के साथ की गई ₹1,400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ी है।

    जांच में सामने आया कि कंपनी के तत्कालीन चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) नितिन शंभूकुमार कासलीवाल ने इस महाघोटाले को अंजाम देने के लिए एक बेहद जटिल वित्तीय जाल बुना था। जब SKNL कंपनी ने विभिन्न राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के कंसोर्टियम से व्यापार विस्तार के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधाएं (लोन फंड) हासिल कीं, तो नितिन कासलीवाल ने उस पैसे का इस्तेमाल कंपनी के काम में करने के बजाय उसे अपने और अपने परिवार के नियंत्रण वाली मुखौटा (शेल) कंपनियों और आपस में जुड़ी संस्थाओं के एक नेटवर्क में डायवर्ट (पारगमन) और लेयर करना शुरू कर दिया।

    लोन के पैसे से समंदर किनारे खड़ा किया 'ऐश-ओ-आराम' का साम्राज्य

    ईडी की तफ्तीश में यह पूरी तरह साबित हो गया है कि बैंकों से धोखाधड़ी कर जो करोड़ों रुपये डायवर्ट किए गए थे (जिसे कानूनी भाषा में 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' यानी अपराध की कमाई कहा जाता है), उसी फंड के एक बड़े हिस्से का इस्तेमाल कासलीवाल ने निजी ऐश-ओ-आराम के लिए मुरुद (अलीबाग) में इस बेहद कीमती समुद्र के सामने वाली जमीन को खरीदने और उस पर आलीशान विला/प्रॉपर्टी का निर्माण करने के लिए किया था। सीधे तौर पर बैंक के पैसों की इस लॉन्ड्रिंग का पुख्ता सबूत मिलने के बाद ईडी ने इस पर अपना सरकारी बोर्ड लगा दिया है।

    लंदन में बकिंघम पैलेस के पास भी ईडी ने जब्त की थी ₹119 करोड़ की प्रॉपर्टी

    नितिन कासलीवाल और एस. कुमार्स ग्रुप के विदेशी वित्तीय साम्राज्य पर किए गए प्रहार की जानकारी देते हुए ईडी ने अपनी प्रेस रिलीज में एक और बड़ा खुलासा किया है:

    • लंदन में छापेमारी और जब्ती: इससे पहले ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गहराई से जांच करते हुए 23 दिसंबर 2025 को PMLA की धारा 17 के तहत कई ठिकानों पर छापेमारी की थी।

    • ऑफशोर ट्रस्ट का पर्दाफाश: इस सर्च ऑपरेशन के दौरान ईडी को विदेशों में छिपाई गई संपत्तियों और ऑफशोर ट्रस्ट व शेल कंपनियों के गुप्त स्ट्रक्चर से जुड़े बेहद अहम डिजिटल सबूत मिले थे।

    • बकिंघम पैलेस के पास जब्ती: इन सबूतों के आधार पर ईडी इंदौर की टीम ने पूर्व में यूनाइटेड किंगडम (UK) की राजधानी लंदन में स्थित विश्वप्रसिद्ध बकिंघम पैलेस (Buckingham Palace) के पास एक अत्यंत बेशकीमती हाई-वैल्यू प्रॉपर्टी को सफलतापूर्वक अटैच किया था। लंदन की इस कुर्क की गई संपत्ति का बाजार मूल्य लगभग ₹119.55 करोड़ रुपये है।

    ईडी ने प्रेस रिलीज के अंत में साफ किया है कि बैंकों के समूह के साथ की गई इस ₹1,400 करोड़ की महाधोखाधड़ी में शामिल अन्य सह-आरोपियों, बेनामीदारों और देश-विदेश में फैली अन्य संपत्तियों (Proceeds of Crime) की पहचान करने व उन्हें वित्तीय रूप से लॉक करने के लिए आगे की जांच (Further Investigation) बेहद आक्रामक तरीके से जारी है।

    #EDAction #SKNLBankFraud #NitinKasliwal #PropertyAttached #AlibaugProperty #SeaFacingLuxury #MoneyLaunderingBusted #EDIndore #PMLACase #LondonPropertyFrozen #BreakingNews #DanikKhabar

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    10/06/26 |

    समंदर में बढ़ेगी भारत की ताकत: रक्षा मंत्रालय और Accord Software के बीच ₹449 करोड़ का मेगा डिफेंस डील

    आरएस अनेजा, 10 जून नई दिल्ली - रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के लिए 20 'एनहैंस्ड कैपेबिलिटी ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम' (ECGNSS) जैमर खरीदने के लिए बेंगलुरु की कंपनी 'अकॉर्ड सॉफ्टवेयर एंड सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड' (ASSPL) के साथ 449 करोड़ रुपये का अनुबंध किया है। इस अनुबंध में कम से कम 75% स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। 'खरीदें (भारतीय - स्वदेशी रूप से डिज़ाइन, विकसित और निर्मित)' श्रेणी के तहत यह अनुबंध 10 जून, 2026 को नई दिल्ली में रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में किया गया।

    इस सिस्टम की क्षमताओं में दुश्मन के GNSS रिसीवर के सैटेलाइट सिग्नल पकड़ने और ट्रैक करने की क्षमता को कम करना, साथ ही सिग्नल स्पूफिंग या भ्रामक जैमिंग करना शामिल है। इसके शामिल होने से भारतीय नौसेना के जहाजों के लिए कई तरह के खतरों वाले माहौल में सुरक्षित रूप से काम करना आसान हो जाएगा।

    यह अनुबंध देश की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक-इन-इंडिया' के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। यह रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने और आधुनिक सैन्य तकनीक को स्वदेशी बनाने की चल रही कोशिशों में एक अहम पड़ाव है।

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    जवाहरलाल नेहरू का बतौर प्रधानमंत्री 12 साल कार्यकाल “अंधेरी रात”, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल “चमकता हुआ सूरज” : ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 वर्षों में 'सबका साथ-सबका विश्वास' लेकर देश को नई बुलंदियों पर पहुंचाया : मंत्री अनिल विज

    नरेंद्र मोदी के बतौर प्रधानमंत्री सबसे लंबा कार्यकाल 12 वर्ष होने पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कार्यकर्ताओं के साथ हवन-यज्ञ किया और दीर्घायु की कामना की

    अम्बाला, 10 जून – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री के पद पर कार्य करते हुए प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से भी ज्यादा आज उनका एक दिन हो गया है। दोनों के समय का यदि तुलनात्मक अध्ययन किया जाए तो “जवाहर लाल नेहरू जी के 12 साल अंधेरी रात थे” और “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 12 साल चमकता हुआ सूरज है”, जिसमंु हर क्षेत्र तरक्की का रहा है।

    मंत्री अनिल विज आज अम्बाला छावनी के सनातन धर्म मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे लंबे समय 12 वर्ष तक प्रधानमंत्री रहने के उपलक्ष्य पर आयोजित हवन यज्ञ के उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि आज आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निर्वाचित प्रधानमंत्री बनकर काम करते हुए सबसे ज्यादा लंबा समय 12 वर्ष पूरे हो गए हैं। उन्होंने कहा आज अम्बाला छावनी में हमने श्रद्धा के साथ सभी भाजपा कार्यकर्ताओं ने हवन यज्ञ करके प्रार्थना की है कि जिस प्रकार उन्होंने 12 सालों में देश के हर क्षेत्र, हर वर्ग, सबको साथ लेकर, सबका विश्वास बनाकर काम किया है, इसी प्रकार से वो लंबे समय तक इस देश के लिए काम करते रहें और हमारा देश नई बुलंदियों को छूता रहे।

    वहीं, आज सनातन धर्म मंदिर में ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ हवन यज्ञ में हिस्सा लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीर्घायु की कामना की। इससे पहले उनका यहां पहुंचने पर सनातन धर्म मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों व अन्य ने पुष्प गुच्छ देकर अभिनंदन किया। इस अवसर पर नप अध्यक्ष स्वर्ण कौर, उपाध्यक्ष ललता प्रसाद, मार्केट कमेटी चेयरमैन बलविंद्र शाहपुर, भाजपा नेता भाजपा नेता बीएस बिंद्रा, संजीव वालिया, विजेंद्र चौहान, जसबीर जस्सी, राजीव डिम्पल, किरणपाल चौहान, प्रवेश शर्मा, रवि बुद्धिराजा, हर्ष बिंद्रा, विकास बहगल, आशीष अग्रवाल, बलित नागपाल, तरविंद्र सिंह सोनू, सुदर्शन सिंह सहगल, संजीव अत्री, श्याम सुंदर अरोड़ा, शिवा काकरान, राज कुमार राजा, दीपक भसीन, आशीष गुलाटी, आरती सहगल, सोनाली उप्पल, नेहा पुरी, भोली बिंद्रा, रशिम वर्मा, मीनू धीमान आदि मौजूद रहे।

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    श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर 541 सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान रवाना, ऐतिहासिक गुरुधामों के करेंगे दर्शन

    अभिकान्त, 10 जून पंजाब : पांचवें पातशाह साहिब श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस के पावन अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की अगुवाई में श्रद्धालुओं का एक विशेष जत्था पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के लिए रवाना हुआ। अंतरराष्ट्रीय अटारी-वाघा संयुक्त जांच चौकी पर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला और "बोले सो निहाल, सत श्री अकाल" के गगनभेदी जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने अपनी इस पवित्र यात्रा की शुरुआत की। जानकारी के मुताबिक कुल 561 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट वीजा के लिए भेजे गए थे, जिनमें से पाकिस्तान हाई कमीशन द्वारा 541 श्रद्धालुओं को वीजा जारी किया गया, जबकि 20 श्रद्धालुओं की वीजा अर्जी तकनीकी कारणों से स्वीकृत नहीं हो सकी।

    धर्म प्रचार कमेटी के सचिव गुरिंदर सिंह मथरेवाल ने बताया कि पाकिस्तान में 18 जून को श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस से संबंधित मुख्य धार्मिक समागम आयोजित किए जाएंगे। यह जत्था विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन करने के बाद इन समागमों में शामिल होगा और अपनी यात्रा पूरी कर 19 जून को भारत वापस लौटेगा। इस जत्थे की अगुवाई एसजीपीसी सदस्य भूपिंदर सिंह भलवान कर रहे हैं, जबकि गुरमीत सिंह बाहू को उप-आगू नियुक्त किया गया है। अपनी इस यात्रा के दौरान श्रद्धालु गुरुद्वारा जन्म स्थान ननकाना साहिब, गुरुद्वारा पंजा साहिब और गुरुद्वारा करतारपुर साहिब सहित कई ऐतिहासिक गुरुधामों में माथा टेकेंगे और धार्मिक समागमों में हिस्सा लेंगे।

    इस धार्मिक यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं और उनके परिवारों में भारी उत्साह और भावुकता देखने को मिल रही है। श्रद्धालुओं ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि विभाजन के बाद सरहद पार छूटे इन पवित्र स्थलों के दर्शन करना उनके जीवन का एक बड़ा सपना था, जो अब गुरु साहिब की कृपा से पूरा होने जा रहा है। मोगा से आए श्रद्धालु मेजर सिंह ने बताया कि वह पहली बार इस यात्रा पर जा रहे हैं और उनका पूरा परिवार इसे लेकर बेहद उत्साहित है। वहीं, प्रसिद्ध लेखक और समाजसेवी लखविंदर सिंह लखा सलेमपुरी ने कहा कि वर्षों से जिन गुरुधामों के दर्शन की अरदास वे रोज करते आ रहे थे, आज वह अवसर साक्षात प्राप्त हुआ है।

    #AttariBorder #SGPCJatha #PakistanGurudwaraYatra #GuruArjanDevJi #ShaheediDiwas2026 #KartarpurSahib #NankanaSahib #SikhPilgrims #Danikkhabar

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    क्रॉस-बॉर्डर ड्रग सिंडिकेट पर ED का बड़ा प्रहार: त्रिपुरा, मिजोरम और बंगाल में छापेमारी; ₹142 करोड़ से अधिक की काली कमाई का खुलासा

    नई दिल्ली/अगरतला, 10 जून, (अन्‍नू): देश में सीमा पार से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी और ड्रग्स के जरिए कमाए गए काले धन (मनी लॉन्ड्रिंग) के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बहुत बड़ी और चौकाने वाली कार्रवाई को अंजाम दिया है। ईडी के आइजोल सब-जोनल ऑफिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय एक बड़े ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार म्यांमार, बांग्लादेश और भारत के तीन राज्यों से जुड़े हुए हैं। इस गिरोह ने ड्रग तस्करी के जरिए 142 करोड़ रुपये से अधिक की 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' (काली कमाई) जुटाई और उसे फर्जी बैंक खातों व हवाला नेटवर्क के जरिए ठिकाने लगाया।

    प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी की गई आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, ईडी की टीमों ने 8 जून 2026 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और मिजोरम के 4 संवेदनशील ठिकानों पर एक साथ व्यापक सर्च ऑपरेशन (छापेमारी) चलाया।

    NCB की ₹49 किलो ड्रग्स जब्ती मामले से शुरू हुई थी जांच

    ईडी की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, मनी लॉन्ड्रिंग की यह जांच नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), अगरतला जोनल यूनिट द्वारा एनडीपीएस (NDPS) एक्ट, 1985 के तहत दर्ज मुकदमा नंबर 07/2025 के आधार पर शुरू की गई थी।

    दरअसल, 21 अगस्त 2025 को एनसीबी ने मिजोरम में राष्ट्रीय राजमार्ग-06A (NH-06A) पर एक बड़े वाहनों के काफिले को रोककर तलाशी ली थी। इस दौरान गाड़ियों से 49.101 किलोग्राम 'मेथाम्फेटामाइन' (Methamphetamine) टैबलेट्स और 40 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी, जिसके बाद मौके से 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। चूंकि एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 22 और 29 पीएमएलए के तहत अनुसूचित अपराध (Scheduled Offences) हैं, इसलिए ईडी ने इस नेटवर्क के वित्तीय साम्राज्य को ढहाने के लिए केस अपने हाथ में लिया।

    म्यांमार से चम्फाई सेक्टर के रास्ते भारत आती थी ड्रग्स खेप

    ईडी की जांच में इस सिंडिकेट का बेहद शातिर और संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क सामने आया है:

    • तस्करी का रूट: यह सिंडिकेट म्यांमार स्थित सप्लायर्स से भारी मात्रा में मेथाम्फेटामाइन ड्रग्स खरीदता था। इसके बाद इसे मिजोरम के चम्फाई/जोखावथार सेक्टर के रास्ते भारत में अवैध रूप से स्मगल (तस्करी) किया जाता था और आगे त्रिपुरा में बैठे रिसीवरों तक पहुंचाया जाता था।

    • हवाला और शेल कंपनियों का नेटवर्क: ड्रग्स की बिक्री से मिलने वाले करोड़ों रुपये को बेहद चालाकी से म्यांमार के नागरिकों द्वारा सीमावर्ती पतों का उपयोग करके खोले गए बैंक खातों, शेल (फर्जी) कंपनियों और हवाला चैनलों के जरिए लेयर और इंटीग्रेट किया गया ताकि पैसों के असली मालिक का पता न चल सके। जांच में अब तक ₹142 करोड़ से अधिक के संदिग्ध क्रेडिट लेनदेन की पहचान की जा चुकी है।

    • मुख्य सरगना पहले से जेल में: इस सिंडिकेट को ड्रग्स देने वाला मुख्य म्यांमार-आधारित सप्लायर चिंतुआंग उर्फ ​​त्लुआंगा और मुख्य परिवहन सुविधा प्रदाता (लॉजिस्टिक्स हैंडलर) जबरुल हक पहले ही एनसीबी द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

    बॉर्डर पर बने 'करोड़पति सुमन' के घर पेड़ों पर लगे थे 25 कैमरे, डॉग स्क्वाड ने की जांच

    8 जून को ईडी द्वारा की गई छापेमारी के दौरान सुरक्षा और सतर्कता का एक हैरान कर देने वाला नजारा सामने आया। ईडी ने सिंडिकेट से जुड़े 4 प्रमुख चेहरों के आवासीय और आधिकारिक परिसरों को निशाना बनाया:

    1. अनवर हुसैन उर्फ ​​सुमन मिया उर्फ ​​'करोड़पति सुमन' और जाशिम मिया (सोनामूरा, सिपाहीजला, त्रिपुरा): ये दोनों इस जब्त की गई ड्रग्स खेप के अंतिम खरीदार और मुख्य रिसीवर थे। जांच में सामने आया कि इनके घर बिल्कुल भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बने हुए थे। जांच एजेंसी को चकमा देने और सीमा पार से आने-जाने वाली खेप पर नजर रखने के लिए इन दोनों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा की कटीली तारों के पास स्थित जंगली इलाकों में पेड़ों पर 25 से अधिक अत्याधुनिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे छिपाकर लगा रखे थे। इनके ठिकानों की गहन तलाशी के लिए ईडी को डॉग स्क्वाड (Dog Squad) की मदद लेनी पड़ी।

    2. श्रीमती हमिंगथानसंगी (जोखावथार, मिजोरम): यह ठिकाना म्यांमार सीमा से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित था। इसके बैंक खाते में ₹33 करोड़ से अधिक के संदिग्ध क्रेडिट ट्रांजैक्शन पाए गए हैं।

    3. श्रीमती चैताली दास, मेसर्स रीजू एंटरप्राइजेस (उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल): यह एक प्रोपराइटरशिप फर्म है, जिसका इस्तेमाल ड्रग्स की काली कमाई (Proceeds of Crime) को डाइवर्ट करने और रूट बदलने के लिए किया जा रहा था।

    CRPF और BSF के घेरे में हुई छापेमारी, डिजिटल सबूत जब्त

    अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की संवेदनशीलता और सुरक्षा खतरों को देखते हुए ईडी ने इस पूरे सर्च ऑपरेशन के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के हथियारबंद जवानों का सहयोग लिया। पूरी घेराबंदी के बीच की गई इस छापेमारी में ईडी ने आरोपियों के ठिकानों से भारी मात्रा में आपत्तिजनक वित्तीय दस्तावेज, मोबाइल, लैपटॉप जैसे डिजिटल डिवाइस और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े अहम सबूत बरामद कर जब्त किए हैं। ईडी के अनुसार, इस सिंडिकेट के अन्य सहयोगियों और वित्तीय संपत्तियों को कुर्क करने के लिए आगे की जांच (Further Investigation) तेजी से जारी है।

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    PACL महाघोटाला: पीड़ित निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी, ED लौटाएगा ₹9,420 करोड़ की 282 संपत्तियां

    नई दिल्ली, 10 जून (अन्‍नू): देश के सबसे बड़े पोंजी स्कीम घोटालों में से एक 'पीएसीएल लिमिटेड' (PACL) निवेश धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी मिली है। ईडी ने ठगी के शिकार हुए लाखों मासूम निवेशकों के डूबे पैसे वापस दिलाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर हासिल किया है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की माननीय विशेष अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए घोटाले से जुड़ी 282 अचल संपत्तियों (Immovable Properties) को 'जस्टिस लोढ़ा कमेटी' को वापस सौंपने (Restitution) का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।

    प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा 9 जून 2026 को जारी की गई आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, कोर्ट द्वारा लौटाई जा रही इन 282 अचल संपत्तियों का अनुमानित वर्तमान बाजार मूल्य (Current Market Value) ₹9,420.57 करोड़ है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत गठित समिति के माध्यम से संपत्तियों की लिक्विडेशन (बिक्री) कर ठगे गए निवेशकों के पाई-पाई का भुगतान सुनिश्चित करना है।

    चालू वित्त वर्ष में ही ₹1,595 करोड़ की संपत्ति कुर्क, कुल जब्ती ₹28,626 करोड़ पार

    ईडी द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस महाघोटाले के मुख्य सूत्रधार स्वर्गीय निर्मल सिंह भांगू, उनकी कंपनियों और उनके पारिवारिक सदस्यों के खिलाफ ईडी का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। जांच एजेंसी ने मौजूदा वित्तीय वर्ष के दौरान ही लगभग ₹1,595.85 करोड़ की नई संपत्तियों को कुर्क (Attach) किया है।

    इसके साथ ही, पीएसीएल (PACL) मामले में ईडी द्वारा अब तक की गई कुल संपत्ति कुर्की का आंकड़ा बढ़कर ₹28,626 करोड़ के विशाल स्तर पर पहुंच गया है। ईडी ने बताया कि जब्त की गई संपत्तियां न केवल भारत के विभिन्न राज्यों में फैली हैं, बल्कि इनमें विदेशों (जैसे ऑस्ट्रेलिया) में खरीदी गई महंगी संपत्तियां और आलीशान विला भी शामिल हैं। ये तमाम संपत्तियां मैसर्स पीएसीएल लिमिटेड, मैसर्स पीजीएफ लिमिटेड, उनके प्रमोटरों और दिवंगत निर्मल सिंह भांगू के परिजनों — बारींदर कौर (बेटी), हरसातिंदर पाल सिंह हेयर (दामाद), सुखविंदर कौर (बेटी), गुरप्रताप सिंह (दामाद) और प्रेम कौर (पत्नी) व उनकी मुखौटा कंपनियों के नाम पर दर्ज हैं।

    68,000 करोड़ का निवेश जाल: 48,000 करोड़ रुपये अब भी बकाया

    यह पूरा मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा मैसर्स पीएसीएल लिमिटेड (PACL) और उसके प्रमोटरों के खिलाफ लाखों निवेशकों से धोखाधड़ी करने के आरोप में दर्ज की गई एफआईआर (FIR) से शुरू हुआ था। सीबीआई द्वारा दाखिल चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट के अनुसार:

    • अवैध सामूहिक निवेश योजना (पॉन्जी स्कीम): आरोपियों ने देश भर के सीधे-साधे और मध्यमवर्गीय लोगों को झांसा देकर सामूहिक निवेश योजनाओं (Collective Investment Schemes) के नाम पर ₹68,000 करोड़ से अधिक की विशाल राशि जुटाई थी।

    • फर्जी दस्तावेजों का खेल: निवेशकों को लुभाने के लिए किस्त-आधारित और कैश-डाउन प्लान दिए गए। उन्हें फर्जी एग्रीमेंट्स और अलॉटमेंट लेटर्स थमा दिए गए, जबकि जमीनों का कोई मालिकाना हक उन्हें कभी मिला ही नहीं।

    • बकाया राशि: जांच के अनुसार, ठगी के शिकार हुए इन निवेशकों के लगभग ₹48,000 करोड़ आज भी इस फ्रॉड नेटवर्क के पास फंसे हुए हैं।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित हुई थी 'जस्टिस आर.एम. लोढ़ा कमेटी'

    प्रेस रिलीज के अनुसार, इस मामले में सिविल अपील संख्या 13301/2015 (सुब्रत भट्टाचार्य बनाम सेबी) की सुनवाई करते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी 2016 को भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस आर.एम. लोढ़ा (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में एक विशेष समिति का गठन करने के निर्देश सेबी (SEBI) को दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि पीएसीएल की सभी संपत्तियों को बेचकर जो भी राशि प्राप्त होगी, उसे सीधे तौर पर गरीब निवेशकों को रिफंड किया जाएगा।

    इसी आदेश के तहत, ईडी ने 26 जुलाई 2016 को मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) का आपराधिक मामला (ECIR) दर्ज किया था। ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि निवेशकों की गाढ़ी कमाई (Proceeds of Crime) को बेहद शातिर तरीके से दर्जनों आपस में जुड़ी मुखौटा कंपनियों के जरिए डाइवर्ट और लेयर किया गया था, जिसका इस्तेमाल बाद में रिश्तेदारों और प्रॉक्सी (बेनामीदारों) के नाम पर देश-विदेश में जमीनें खरीदने के लिए हुआ।

    मुख्य आरोपी गिरफ्तार, भगोड़ों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी

    घोटालेबाजों पर कानूनी कार्रवाई की जानकारी देते हुए ईडी ने बताया कि वह कोर्ट में 10 सितंबर 2018 को ही अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दर्ज करा चुका है, जिस पर अदालत ने संज्ञान लिया हुआ है। इसके अतिरिक्त:

    • भगोड़ा आर्थिक अपराधी (FEOA) कानून: निर्मल सिंह भांगू की बेटी सुखविंदर कौर और दामाद गुरप्रताप सिंह के खिलाफ भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    • गिरफ्तारियां: ईडी ने मामले के मुख्य आरोपियों में से एक हरसातिंदर पाल सिंह हेयर (दामाद) को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है।

    • गैर-जमानती वारंट (NBW): मुख्य आरोपी की बेटी बारींदर कौर और पत्नी प्रेम कौर के खिलाफ कोर्ट द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं और उनकी तलाश में छापेमारी जारी है।

    ईडी ने प्रेस रिलीज के अंत में दोहराया है कि वह इस महाघोटाले के पीड़ितों को पूरा न्याय दिलाने, 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' की हर एक पाई की पहचान करने, उसे जब्त करने और निवेशकों को वापस लौटाने के लिए कानून के तहत पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मामले की आगे की जांच (Further Investigation) तेजी से जारी है।

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    वैश्विक पटल पर गूंजी भारत की गूंज: सबसे लंबे समय तक निर्वाचित पीएम बनने पर नरेन्द्र मोदी को दुनिया भर से मिली बधाई

    आरएस अनेजा, 10 जून नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा सेवा करने वाले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने की पूर्व संध्या पर विश्व भर के नेताओं से हार्दिक बधाई संदेश प्राप्त हुए। वैश्विक नेताओं ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुए परिवर्तनकारी शासन, 'ग्लोबल साउथ' के मुखर समर्थन और एक समावेशी तथा आर्थिक रूप से सशक्त भारत के उनके विजन की सराहना की है।

    श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने 8 जून 2026 को प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में श्रीलंका की सरकार और वहां के लोगों की ओर से उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा: "यह उपलब्धि न केवल आपके कार्यकाल की अवधि को दर्शाती है, बल्कि उस भरोसे और विश्वास का भी प्रमाण है जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की जनता ने बार-बार आपके नेतृत्व में जताया है।" राष्ट्रपति ने भारत के उल्लेखनीय आर्थिक और सामाजिक बदलाव का भी ज़िक्र किया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विज़न ने भारत की सीमाओं से परे, श्रीलंका सहित कई देशों के लोगों को प्रेरित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने 4-6 अप्रैल 2025 के दौरान श्रीलंका का दौरा किया था। यह इस द्वीप देश की उनकी चौथी यात्रा थी, जिसके दौरान उन्हें 'मित्र विभूषण' से सम्मानित किया गया - यह श्रीलंका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है जो किसी विदेशी गणमान्य व्यक्ति को दिया जाता है। इस यात्रा ने भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी पहले) नीति को और मज़बूत किया; श्रीलंका भारत की अटूट साझेदारी से सबसे ज़्यादा लाभ उठाने वाले देशों में से एक है, जिसमें 2022 में श्रीलंका की आर्थिक मुश्किलों के दौरान भारत का अहम सहयोग भी शामिल है।

    पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एक व्‍यक्तिगत वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी को "एक रोल मॉडल और लीडरशिप की मिसाल" बताया। उन्होंने कहा - "आज 20 करोड़ से ज़्यादा लोगों को गरीबी से निकालकर बेहतर ज़िंदगी देना एक अद्भुत उपलब्धि है।" प्रधानमंत्री मारापे ने पापुआ न्यू गिनी की स्‍नेहपूर्ण दोस्ती और दोनों देशों के बीच संबंधों को और मज़बूत करने की इच्छा ज़ाहिर की। मई 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पापुआ न्यू गिनी की ऐतिहासिक यात्रा भारत–प्रशांत द्वीपीय देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण क्षण था। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की यह पहली यात्रा थी। यह यात्रा भारत–प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (एफआईपीआईसी) के तीसरे शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए की गई थी। इस यात्रा ने 'ग्लोबल साउथ' के एक प्रतिबद्ध साथी के तौर पर भारत की भूमिका पर जोर दिया।

    त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी और कहा कि "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्‍व में भारत वैश्विक मामलों में एक प्रमुख आवाज़ बनकर उभरा है।" उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की साधारण शुरुआत से लेकर तीन कार्यकाल तक 1.4 अरब लोगों वाले देश का नेतृत्व करने तक के सफ़र पर प्रकाश डाला और विदेश नीति, आर्थिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक-आर्थिक विकास में भारत की अहम उपलब्धियों पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने 3-4 जुलाई 2025 को त्रिनिदाद और टोबैगो की एक ऐतिहासिक यात्रा की - जो 26 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा थी - और यह यात्रा त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय प्रवासियों के आगमन की 180वीं वर्षगांठ के मौके पर हुई।

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    10/06/26 |

    उपराष्ट्रपति को जल शक्ति मंत्रालय की प्रमुख नदी अंतर्संबंध और जल संरक्षण पहलों के बारे में जानकारी दी गई

    आरएस अनेजा, 10 जून नई दिल्ली - केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी और जल शक्ति मंत्रालय में जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग (डीओडब्ल्यूआर, आरडी और जीआर) के वरिष्ठ अधिकारियों ने आज उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की।

    इस मुलाकात के दौरान, उपराष्ट्रपति को जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग की ओर से चलाई जा रही विभिन्न पहलों और परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।

    उपराष्ट्रपति ने जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण को मजबूत करने के लिए शुरू की गई विभाग की प्रमुख पहल "जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी)" की सराहना की। इस पहल में सरकारों, समुदायों, उद्योगों और नागरिक समाज संगठनों को शामिल करते हुए समग्र समाज दृष्टिकोण अपनाया गया है। उन्हें बताया गया कि जेएसजेबी 2.0 के तहत 1.55 करोड़ से अधिक जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण संरचनाओं की स्थापना की गई है, जो लक्ष्य से काफी अधिक है।

    उपराष्ट्रपति को केन-बेतवा लिंक परियोजना, पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना और गोदावरी-कावेरी लिंक परियोजना सहित प्रमुख नदी-जोड़ परियोजनाओं की प्रगति से भी अवगत कराया गया। श्री सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि नदियों को आपस में जोड़ने से जल संकट को दूर करने, सूखे से राहत दिलाने, सिंचाई क्षेत्र का विस्तार करने और संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करने में बड़ी सहायता मिल सकती है।

    उपराष्ट्रपति ने सुझाव दिया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना जैसी प्रमुख राष्ट्रीय जल अवसंरचना परियोजनाओं का वृत्तचित्रों और अभिलेखीय रिकॉर्डों के माध्यम से व्यापक रूप से दस्तावेजीकरण किया जाना चाहिए ताकि भावी पीढ़ियां राष्ट्र निर्माण के इन ऐतिहासिक प्रयासों की सराहना कर सकें और उन पर गर्व महसूस कर सकें।

    नदी जोड़ने के समर्थन में अपनी पिछली पदयात्रा को याद करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि नदी जोड़ने की परियोजनाओं को लागू करने में धन की उपलब्धता मुख्य चुनौती नहीं है। उन्होंने कहा कि मानसिकता संबंधी मुद्दे और राजनीतिक विचार अक्सर बाधा बन जाते हैं। उन्होंने व्यापक राष्ट्रीय हित में जल प्रबंधन के लिए दूरदर्शी और सहयोगात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया।

    केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी ने उपराष्ट्रपति को सितंबर 2026 में आयोजित होने वाले भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह में आमंत्रित किया।

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    अंबाला छावनी का शहीद स्मारक बनेगा एशिया का सबसे बड़ा स्मारक, युवा पीढ़ी को मिलेगा वास्तविक इतिहास - केन्द्रीय मंत्री बीएल वर्मा

    1857 की क्रांति की पहली चिंगारी अंबाला से भड़की थी, शहीद स्मारक के प्रमाणों ने आश्चर्यचकित किया- बी.एल. वर्मा

    प्रधानमंत्री मोदी जल्द राष्ट्र को समर्पित करें शहीद स्मारक, देश-दुनिया के आकर्षण का बनेगा केंद्र - बी.एल. वर्मा

    700 करोड़ की लागत, 22 गैलरियां और 22 एकड़ में इतिहास का जीवंत दस्तावेज बनेगा अंबाला शहीद स्मारक - केन्द्रीय मंत्री

    अनिल विज की दूरदर्शिता का परिणाम है भव्य शहीद स्मारक, पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा यह योगदान - बी.एल. वर्मा

    पढ़ने से नहीं, इतिहास को देखकर समझेगी नई पीढ़ी; अंबाला का शहीद स्मारक बनेगा राष्ट्रभक्ति का नया तीर्थ - केन्द्रीय मंत्री

    अम्बाला, 9 जून - केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने कहा कि अंबाला क्रांतिकारियों की धरती रही है और यहां निर्मित ’’“आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक”’’ न केवल देश बल्कि एशिया का सबसे बड़ा शहीद स्मारक बनने जा रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी शीघ्र ही इस भव्य स्मारक को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिससे नई पीढ़ी देश के गौरवशाली और वास्तविक इतिहास को प्रत्यक्ष रूप से जान और समझ सकेगी।

    वर्मा आज अंबाला छावनी में निर्माणाधीन ’’आजादी की पहली लड़ाई के शहीद स्मारक’’ का अवलोकन करने के उपरांत मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज भी उपस्थित रहे।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्मारक के पूर्ण होने और जनता के लिए खुलने के बाद इसकी भव्यता और दिव्यता देश-दुनिया के लोगों को आकर्षित करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह स्मारक इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग इसे देखने आएंगे।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज पिछले लगभग 30 वर्षों से इस स्मारक के निर्माण के लिए निरंतर संघर्षरत रहे हैं, के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि स्मारक का अवलोकन करने के दौरान वे स्वयं आश्चर्यचकित रह गए। उन्होंने कहा कि “अब तक मैं भी वही मानता था जो इतिहास की पुस्तकों में लिखा गया है, लेकिन यहां प्रदर्शित अंग्रेजों के आधिकारिक दस्तावेजों और टेलीग्रामों को देखने के बाद यह स्पष्ट होता है कि 10 मई 1857, रविवार सुबह 9 बजे अंबाला छावनी से क्रांति की चिंगारी भड़की थी। ऐसे प्रमाणों को इतिहास में उचित स्थान मिलना ही चाहिए और अब इसे इतिहास में जोड जाएगा।”

    वर्मा ने कहा कि स्मारक में आधुनिक तकनीक के माध्यम से 1857 की क्रांति और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। यहां प्रदर्शित ऐतिहासिक घटनाओं, क्रांतिकारियों के संघर्ष और स्वतंत्रता आंदोलन की झलकियों को देखकर वास्तव में यहां से जाने का मन नहीं करता। उन्होंने कहा कि स्मारक में बहुउद्देशीय सुविधाओं का भी समावेश किया गया है, जिससे यह केवल एक स्मारक ही नहीं, बल्कि एक जीवंत ऐतिहासिक अनुभव केंद्र के रूप में विकसित होगा।

    उन्होंने ऊर्जा मंत्री अनिल विज की दूरदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि श्री विज एक विजनरी नेता हैं। उनकी सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प का ही परिणाम है कि यह ऐतिहासिक परियोजना साकार रूप ले सकी है। उन्होंने कहा कि स्मारक में यह भी दर्शाया गया है कि 1857 की क्रांति के दौरान रोटी, कमल और पेड़ों की छाल जैसे साधनों का उपयोग गुप्त संदेशों के आदान-प्रदान के लिए किया जाता था। यह जानकारी नई पीढ़ी के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक है।

    उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया है कि पूरे शहीद स्मारक का विस्तार से अवलोकन करने में लगभग 6 से 8 घंटे का समय लगता है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज के आमंत्रण पर वे भविष्य में पुनः यहां अवश्य आएंगे।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वे चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द से जल्द इस स्मारक को राष्ट्र को समर्पित करें, ताकि देश की युवा पीढ़ी अपने वास्तविक इतिहास को प्रत्यक्ष रूप से देख और समझ सके। उन्होंने कहा कि पढ़ने, सुनने और प्रत्यक्ष देखने में बड़ा अंतर होता है। जब इतिहास आंखों के सामने जीवंत रूप में प्रस्तुत होता है, तो वह मन और मस्तिष्क पर स्थायी छाप छोड़ता है।

    एक अन्य प्रश्न के उत्तर में वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण हुए हैं और यह अवधि विश्वास, विकास और जनकल्याण को समर्पित रही है।

    अवलोकन के दौरान ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने केंद्रीय मंत्री को वॉक-थ्रू प्रस्तुति के माध्यम से शहीद स्मारक की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न गैलरियों में 1857 के स्वतंत्रता संग्राम, वीर क्रांतिकारियों और ऐतिहासिक युद्धों के जीवंत चित्रण के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान दोनों नेताओं ने स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान पर चर्चा की तथा उनके जीवन और संघर्षों से जुड़े प्रसंगों को साझा किया।

    श्री विज ने केंद्रीय मंत्री को यह भी बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में शाहजहांपुर में प्राप्त 1857 कालीन राइफल और कारतूस का उल्लेख किया था। इन ऐतिहासिक धरोहरों को भी शहीद स्मारक में प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

    उन्होंने बताया कि लगभग 22 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह स्मारक देश ही नहीं बल्कि एशिया का सबसे बड़ा शहीद स्मारक है, जिसके निर्माण पर लगभग 700 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। स्मारक में 22 अत्याधुनिक गैलरियों के माध्यम से 1857 के स्वतंत्रता संग्राम, विभिन्न युद्धों और वीर शहीदों के बलिदान का जीवंत चित्रण किया गया है।

    इस पर केंद्रीय मंत्री श्री बी.एल. वर्मा ने श्री विज की सराहना करते हुए कहा कि यह स्मारक उनके दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति का स्थायी प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य व्यक्ति को उसके जीवनकाल के बाद भी लोगों की स्मृतियों में जीवित रखते हैं। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि ‘‘श्री विज के यह सार्थक प्रयास जिंदा रहेंगें क्योंकि श्री विज रहेंगें तो भी याद किए जाएंगें या नहीं रहेंगें तो भी याद किए जाएंगें’’।

    अवलोकन के दौरान केंद्रीय मंत्री को 1857 कालीन टेलीग्राम, कठपुतली प्रदर्शन, देशभर से एकत्रित पवित्र मिट्टी और अन्य ऐतिहासिक प्रदर्शनों की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम के अंत में केंद्रीय मंत्री श्री बी.एल. वर्मा और ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने डिजिटल माध्यम से 1857 के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा “भारत माता की जय” के उद्घोष लगाए।

    इससे पूर्व दोनों मंत्रियों ने शहीद स्मारक परिसर में रुद्राक्ष का पौधारोपण भी किया। 

    इस अवसर पर एसडीएम कनिका गोयल, नगर परिषद अध्यक्ष स्वर्ण कौर, उपाध्यक्ष ललता प्रसाद के अलावा भाजपा नेता कपिल विज, संजीव वालिया, विपिन्न खन्ना, संजीव सोनी, राजीव गुप्ता, विजेंद्र चौहान, किरणपाल चौहान, जसबीर जस्सी, अजय बवेजा, प्रवेश शर्मा, रवि बुद्धिराजा, हर्ष बिंद्रा, विकास बहगल, आशीष अग्रवाल, भरत कोछड़, फकीरचंद सैनी, वरिंद्र सिंह, सुभाष शर्मा, सुनील नदारिया, इकबाल ढांडा,  सुरेंद्र सहगल, राज कुमार राजा, राजू बाली, ललित, सुरेंद्र सहगल गोपी, अनिल बहल, अनिल नागर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।  

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    भारत के ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार: देश में 'कोयला एक्सचेंज' स्थापना का रास्ता साफ, कोयला मंत्रालय ने जारी किए नियम

    आरएस अनेजा, 09 जून , नई दिल्ली- भारत की कोयला आपूर्ति श्रृंखला के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सरकार ने देश में कोयला एक्सचेंजों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया है। हाल ही में पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2025 ने खनिज एक्सचेंज की अवधारणा को लागू किया है और केंद्र सरकार को कोयले और उसके प्रसंस्कृत रूपों सहित खनिजों के पारदर्शी और कुशल व्यापार को बढ़ावा देने का अधिकार दिया है। उपरोक्त के अनुसरण में, कोयला मंत्रालय द्वारा 04.06.2026 को राजपत्र में कोयला एक्सचेंज नियम, 2026 प्रकाशित किए गए हैं। ये नियम कोयला मंत्रालय की वेबसाइट https://coal.gov.in/sites/default/files/2026-06/09-06-2026a-wn.pdf पर उपलब्ध हैं।

    इस पहल को सुगम बनाने के लिए, कोयला मंत्रालय ने दिसंबर 2025 में कोयला नियंत्रक संगठन (सीसीओ) को कोयला एक्सचेंजों के पंजीकरण और विनियमन के लिए जिम्मेदार प्राधिकरण के रूप में नामित किया है। पात्र संस्थाओं को सीसीओ द्वारा कोयला एक्सचेंज स्थापित करने तथा संचालित करने, बाजार नियम तथा उपनियम बनाने और कोयला व्यापार को सुगम बनाने के लिए अधिकृत किया जाएगा। पंजीकरण 25 वर्षों की अवधि के लिए वैध होंगे।

    कोल एक्सचेंज की शुरुआत से कोयला विपणन में एक क्रांतिकारी बदलाव आएगा, क्योंकि यह पारंपरिक "एक से अनेक" बिक्री मॉडल से हटकर एक प्रतिस्पर्धी "अनेक से अनेक" व्यापार मंच की ओर अग्रसर है। इससे पारदर्शी और बाजार-आधारित मूल्य निर्धारण संभव होगा, दक्षता में सुधार होगा और वाणिज्यिक तथा कैप्टिव खनिकों सहित कोयला उत्पादकों को खरीदारों के व्यापक समूह तक आसान पहुंच प्राप्त होगी। सार्वजनिक क्षेत्र की कोयला कंपनियां भी बाजार में अपनी भागीदारी बढ़ाने के लिए इस मंच का लाभ उठा सकती हैं।

    कोयला विनिमय पहल व्यापार करने में सुगमता बढ़ाने, पारदर्शिता को बढ़ावा देने और एक आधुनिक, आत्मनिर्भर ऊर्जा परितंत्र के निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अधिक प्रतिस्पर्धी और कुशल कोयला बाजार बनाकर, इस सुधार से ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलने, औद्योगिक विकास को समर्थन मिलने और सतत आर्थिक विकास तथा भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा क्षेत्र के माध्यम से विकसित भारत की परिकल्पना में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है।

    #CoalExchangeIndia #EnergySectorReform #MinistryOfCoal #CCO #MinesAndMineralsAct2025 #CoalExchangeRules2026 #EaseOfDoing Business #AtmanirbharBharat #ViksitBharat2047 #BreakingNews #DanikKhabar

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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्वास, विकास और जन कल्याण के प्रति समर्पित सरकार के 12 वर्षों पर विशेष रूप से जोर दिया

    आरएस अनेजा, 09 जून , नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि सरकार के पिछले 12 वर्ष विश्वास, विकास और जन कल्याण को समर्पित रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों के आशीर्वाद और सबसे पहले राष्ट्र की भावना से प्रेरित होकर युवाओं, महिलाओं और किसान भाई-बहनों को सशक्त बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है।

    नरेन्द्र मोदी ने कहा कि अथक प्रयासों के फलस्वरूप ही आज देश ने बुनियादी ढांचे से लेकर डिजिटल क्रांति तक विश्व स्तर पर एक नई पहचान हासिल की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए सरकार सेवा, सुशासन और समृद्धि के इस पथ पर निरंतर अग्रसर रहेगी।

    प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया:

    "हमारी सरकार के बीते 12 वर्ष विश्वास, विकास और जन कल्याण को समर्पित रहे हैं। 140 करोड़ देशवासियों के आशीर्वाद और राष्ट्र प्रथम की भावना से हमने युवाओं, महिलाओं और अपने किसान भाई-बहनों को सशक्त बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। यह हमारे अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर डिजिटल क्रांति तक आज देश को दुनिया भर में एक नई पहचान मिली है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए हम सेवा, सुशासन और समृद्धि के इसी पथ पर निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे।

    #सेवाके12साल #PMModi #12YearsOfService #ViksitBharat #DigitalIndia #InfrastructureGrowth #YouthEmpowerment #FarmersWelfare #WomenEmpowerment #GoodGovernance #ModiSarkar2026 #BreakingNews #DanikKhabar

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    ईडी की बड़ी कार्रवाई: कंबोडिया से भारत में सैकड़ों करोड़ के साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़, राजस्थान और पंजाब के 7 ठिकानों पर छापेमारी

    जयपुर, 9 जून (अन्‍नू): देश में पैर पसार रहे अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगों और उनके मददगारों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ईडी के जयपुर जोनल ऑफिस ने सीमा पार (कंबोडिया और मलेशिया) से संचालित होने वाले एक बेहद शातिर और बड़े साइबर फ्रॉड व मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के सदस्य भारत में फर्जी तरीके से सिम कार्ड एक्टिवेट कर उन्हें विदेशी हैंडलर्स को भेजते थे, जिसके जरिए भारत के ही निर्दोष नागरिकों से सैकड़ों करोड़ रुपये की ठगी की जा रही थी।

    प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, ईडी की टीमों ने 5 जून 2026 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत राजस्थान और पंजाब के 4 प्रमुख शहरों— किशनगढ़ (अजमेर), नागौर, जोधपुर और लुधियाना (पंजाब) में कुल 7 संदिग्ध परिसरों/ठिकानों पर एक साथ बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन (छापेमारी) चलाया।

    जोधपुर साइबर क्राइम थाने की एफआईआर (FIR) से खुला राज

    ईडी की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस मामले की मनी लॉन्ड्रिंग जांच जोधपुर के साइबर पुलिस स्टेशन (DCP क्राइम) में दर्ज एक प्राथमिक एफआईआर (FIR) के आधार पर शुरू की गई थी। यह एफआईआर कुछ सिम कार्ड वेंडर्स (Point of Sale - POS) के खिलाफ सिम कार्ड के दुरुपयोग और अवैध एक्टिवेशन को लेकर दर्ज कराई गई थी।

    जब ईडी ने इस मामले की गहन कड़ाई से जांच की, तो एक बेहद चौंकाने वाला अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क सामने आया। जांच में पता चला कि भारत के स्थानीय सिम वेंडर्स ने धोखाधड़ी से हजारों की संख्या में भारतीय मोबाइल नंबर (सिम कार्ड) एक्टिवेट किए थे। इन एक्टिवेटेड सिम कार्ड्स को कंबोडिया भेजा गया, जहां से भारत के विभिन्न राज्यों के लोगों को व्हाट्सएप (WhatsApp) कॉल और मैसेज करके सैकड़ों करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड को अंजाम दिया जा रहा था।

    2.3 लाख नंबरों की जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

    ईडी द्वारा किए गए तकनीकी विश्लेषण में इस नेटवर्क की भयावहता का पता चला है:

    • जांचे गए नंबर: लगभग 2.3 लाख (2,30,000) संदिग्ध मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया गया।

    • कंबोडिया में एक्टिव सिम: जांच में पाया गया कि इनमें से करीब 36,000 सिम कार्ड सीधे तौर पर कंबोडिया में एक्टिव थे और वहीं से ऑपरेट हो रहे थे।

    • फ्रॉड में शामिल नंबर: इन एक्टिव सिम कार्ड्स में से लगभग 5,300 सिम कार्ड सीधे तौर पर पूरे भारत में सैकड़ों करोड़ रुपये के अलग-अलग साइबर फ्रॉड मामलों को अंजाम देने में लिप्त पाए गए हैं।

    मासूम और कम पढ़े-लिखे लोगों को बनाते थे शिकार, एयरटेल-जियो की पीओएस आईडी का दुरुपयोग

    प्रेस रिलीज के अनुसार, इस पूरे सिंडिकेट के पीछे राहुल कुमार झा, मोहम्मद शरीफ और संदीप भट्ट मुख्य भूमिका में थे। ये तीनों अन्य सिम वेंडर साथियों— प्रकाश भील, रामावतार राठी, हरीश मलाकार और हेमंत पंवार के साथ मिलकर मिलीभगत (Connivance) से काम कर रहे थे।

    इन सिम वेंडर्स के पास प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटर्स जैसे एयरटेल (Airtel), जियो (JIO) और वीआई (VI) की आधिकारिक पॉइंट ऑफ सेल (POS) आईडी थी, जिसका इस्तेमाल सिम कार्ड जारी करने और एक्टिवेट करने के लिए किया जाता था।

    धोखाधड़ी का तरीका: ये वेंडर्स मुख्य रूप से कम पढ़े-लिखे, सीधे-साधे और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपना निशाना बनाते थे। सिम पोर्ट करने या नया सिम कार्ड जारी करने के बहाने ये आरोपी उन भोले-भाले ग्राहकों के दस्तावेजों और बायोमेट्रिक का इस्तेमाल करते थे। ग्राहक के सामने एक सिम एक्टिवेट करने के साथ-साथ ये धोखे से उनके नाम पर अतिरिक्त सिम कार्ड भी एक्टिवेट कर लेते थे। इसके बाद इन अतिरिक्त फर्जी सिम कार्ड्स को राहुल कुमार झा और उसके सहयोगियों के माध्यम से प्रति सिम तय कमीशन लेकर मलेशियाई और कंबोडियन नागरिकों (हैंडलर्स) को सप्लाई कर दिया जाता था।

    30 बैंक खाते फ्रीज, करोड़ों की चल-अचल संपत्ति और दस्तावेज जब्त

    ईडी ने बताया कि इस व्यापक सर्च ऑपरेशन के दौरान आरोपियों के ठिकानों से भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य और आपत्तिजनक दस्तावेज/सामग्री जब्त की गई है। इस कार्रवाई के दौरान आरोपियों से जुड़े करीब 30 बैंक खातों (Bank Accounts) की पहचान कर उन्हें फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही आरोपियों द्वारा साइबर ठगी और कमीशन की काली कमाई से बनाई गई कई चल और अचल संपत्तियों का भी भंडाफोड़ हुआ है। ईडी के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय रैकेट की कड़ियों को पूरी तरह जोड़ने के लिए मामले में आगे का अनुसंधान और जांच तेजी से जारी है।

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    'विकसित भारत' का संकल्प एक राष्ट्रीय संकल्प है, जिसमें सभी को सहयोग करना होगा: लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला

    अभिकान्त, 08 जून चंडीगढ़ : लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज कहा कि 'विकसित भारत' का संकल्प एक राष्ट्रीय संकल्प है, जिसमें देश के प्रत्येक नागरिक और संस्था को सहयोग करना होगा। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस संकल्प को साकार करने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि हमारी नीतियाँ, योजनाएँ, कार्यक्रम और बजटीय प्रावधान समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले हों। हमें सामाजिक परिवर्तन की गति को तेज करना है, नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना है और समाज को एक प्रगतिशील दिशा देनी है। उन्होंने कहा कि विधायकों की इस संकल्प की प्राप्ति में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है, क्योंकि विधायक अपने क्षेत्रों में नीतियों और जनकल्याणकारी पहलों के माध्यम से धरातल पर परिवर्तन लाने के सबसे प्रभावी माध्यम होते हैं।

    बिरला ने यह उद्गार चंडीगढ़ स्थित हरियाणा विधान सभा के चैम्बर में कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) इंडिया रीज़न ज़ोन-II (नॉर्थ ज़ोन) कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किए। इस गरिमामयी अवसर पर राज्य सभा के उप सभापति हरिवंश, हरियाणा के मुख्य मंत्री नायब सिंह, हरियाणा विधान सभा के अध्यक्ष श्री हरविन्द्र कल्याण, हरियाणा सरकार के संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा सहित राज्य सरकार के अन्य मंत्री और विधान सभा सदस्य उपस्थित रहे।

    21वीं सदी के इस दशक को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए श्री बिरला ने कहा कि आज वैश्विक परिदृश्य में बड़े बदलाव हो रहे हैं और दुनिया अनेक प्रकार के तनावों से गुज़र रही है। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में भी भारत एक स्थिर, मजबूत और सुदृढ़ कानूनी ढाँचे वाले सुशासन के साथ अपनी दीर्घकालिक नीतियों और योजनाओं के बल पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि दुनिया के विकसित देशों में हो रहे परिवर्तनों का बारीकी से अध्ययन करते हुए भारत ने अपनी सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप समय-समय पर आवश्यक और व्यावहारिक बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर नई आशा और असीम संभावनाओं के साथ देख रही है, इसलिए यह समय सामूहिक प्रयासों और व्यापक सहभागिता का है।

    लोक सभा अध्यक्ष ने आह्वान किया कि देश में ऐसा जनआंदोलन खड़ा होना चाहिए जिससे प्रत्येक नागरिक यह महसूस कर सके कि विकसित भारत के निर्माण में उसका भी अमूल्य योगदान है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि जब समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित होगी, तब भारत की सामूहिक शक्ति और विशेष रूप से हमारी युवाशक्ति इतनी सुदृढ़ हो जाएगी कि हम वर्ष 2047 से पहले ही 'विकसित भारत' के संकल्प को सिद्ध कर लेंगे। इस संदर्भ में उन्होंने उल्लेख किया कि कभी हमारी बढ़ती जनसंख्या को एक चुनौती माना जाता था, लेकिन आज वही युवा आबादी हमारी सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है। इसके लिए हमें अपने युवाओं को कौशल विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नवाचार (Innovation) के लिए तैयार करना होगा। उन्होंने यह महत्वपूर्ण सुझाव भी दिया कि हमारे विधानमंडलों में बनने वाली नीतियाँ और कानून नई पीढ़ी की आकांक्षाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप होने चाहिए।

    संसदीय लोकतंत्र में जनभागीदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए बिरला ने कहा कि जनसंवाद और सार्थक चर्चाओं के माध्यम से नागरिकों में यह विश्वास पैदा होना चाहिए कि यह सदन उनका अपना है और जनप्रतिनिधि उनकी वास्तविक आवाज़ हैं। इसलिए सदनों में होने वाली चर्चाएँ, नीतियाँ और कानून सदैव राष्ट्रहित से प्रेरित होने चाहिए और उनमें जनता की सहभागिता बढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि जितनी अधिक जनभागीदारी होगी, सामाजिक परिवर्तन उतना ही व्यापक और गहरा होगा। लोकतांत्रिक संस्थाओं में जुड़ाव जितना बढ़ेगा, विकसित भारत का सपना उतनी ही तेजी से साकार होगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि चाहे ग्राम पंचायत हो, पंचायत समिति हो, जिला परिषद हो, नगर पालिका हो, विधानसभा हो या लोकसभा—लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में जनभागीदारी बढ़ने से नए विचार, विविध दृष्टिकोण और रचनात्मक सुझाव सामने आते हैं, जिससे विकास की गति को नई ऊर्जा मिलती है।

    बिरला ने आगे कहा कि किसी भी राज्य का कानूनी ढाँचा जितना पारदर्शी और मजबूत होगा, वह राज्य उतनी ही तीव्र गति से प्रगति करेगा। जहाँ नीतियाँ स्पष्ट होती हैं, कानून न्यायसंगत होते हैं और शासन स्थिर व मजबूत होता है, वहाँ निवेश की संभावनाएँ स्वतः बढ़ जाती हैं। निवेशक हमेशा वहीं आते हैं जहाँ उन्हें नीति और कानून की निरंतरता पर पूर्ण विश्वास होता है; अतः इसे सुदृढ़ बनाए रखना हमारी एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस दो दिवसीय सम्मेलन की कार्यवाही के दौरान 'विकसित भारत के संकल्प', 'जनभागीदारी', 'जनआंदोलन' और 'सामूहिक उत्तरदायित्व' जैसे गंभीर विषयों पर सार्थक और परिणामोन्मुखी चर्चा होगी।

    इस दो दिवसीय CPA इंडिया रीज़न ज़ोन-II (नॉर्थ ज़ोन) कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में देश के 12 राज्यों की विधायिकाओं के पीठासीन अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसमें सीपीए ज़ोन–II के सदस्य प्रदेशों—हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली—की विधायिकाओं के पीठासीन अधिकारियों के अतिरिक्त अन्य राज्यों, जैसे—मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा, उत्तर प्रदेश सिक्किम और पश्चिम बंगाल की विधायिकाओं के पीठासीन अधिकारियों ने भी सहभागिता की।

    सम्मेलन के विभिन्न पूर्ण सत्रों में 'भविष्य की चुनौतियों और विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को साकार करने में जागरूक समाज एवं जनप्रतिनिधियों की भूमिका' विषय पर विस्तृत विमर्श किया जा रहा है।

    कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन से पूर्व, लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हरियाणा विधानसभा भवन में नवस्थापित 'पार्लियामेंट्री रिसर्च एंड इन्फ़ॉर्मेशन सेंटर' (PRIC) का भी उद्घाटन किया, जो विधायी कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।

    सम्मेलन के प्रथम दिन, लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राजभवन में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से शिष्टाचार भेंट भी की और विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा की।

    इस सम्मेलन में सभी प्रतिनिधियों के आवागमन की व्यवस्था ई-बसों के माध्यम से की गई है। लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला उद्घाटन सत्र के समापन के बाद प्रतिनिधियों के साथ ई-बस में रवाना हुए।

    विकसित भारत केवल आर्थिक लक्ष्य नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय अभियान : उपसभापति हरिवंश

    उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की प्राप्ति में जागरूक समाज और जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष बल दिया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला के उस दूरदर्शी प्रयास की सराहना की, जिसके तहत पहली बार सीपीए इंडिया को नौ जोनों में विभाजित कर संसदीय संवाद को अधिक सक्रिय, नियमित और व्यवस्थित बनाया गया है।

    हरिवंश ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब देश के सभी क्षेत्रों का संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर क्षेत्र के राज्यों का इस लक्ष्य की प्राप्ति में विशेष योगदान है। पंजाब और हरियाणा देश के कुल गेहूं उत्पादन में लगभग एक-चौथाई योगदान देकर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के मजबूत स्तंभ बने हुए हैं। देश के कुल भू-भाग का मात्र 1.3 प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद हरियाणा राष्ट्रीय जीडीपी में 3.6 प्रतिशत का योगदान दे रहा है।

    उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा राज्य को ‘1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ बनाने के लक्ष्य तथा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 2000 करोड़ रुपये के फंड के साथ स्थापित देश के पहले ‘डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर’ की विशेष रूप से सराहना की।

    भविष्य की जटिल तकनीकी एवं पर्यावरणीय चुनौतियों का उल्लेख करते हुए

    उपसभापति ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को तात्कालिक राजनीतिक चिंताओं से ऊपर उठकर दीर्घकालिक राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर विचार करना होगा। उन्होंने कहा कि समाज और विधायकों को मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, पराली प्रबंधन, जल संकट तथा तीव्र शहरीकरण जैसी उभरती चुनौतियों का सामना साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण (एविडेंस-बेस्ड पॉलिसीमेकिंग) और विशेषज्ञों के साथ निरंतर संवाद के माध्यम से करना होगा।

    उन्होंने कहा कि हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली तथा जम्मू-कश्मीर जैसे राज्य और केंद्रशासित प्रदेश विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन क्षेत्रों ने कृषि, उद्योग, सेवा क्षेत्र, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और खेलों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

    हरिवंश ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने डिजिटल प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष अनुसंधान, स्टार्टअप, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आधार, यूपीआई और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी व्यवस्थाओं ने सुशासन, पारदर्शिता और सेवा वितरण को नई दिशा प्रदान की है। आज भारत विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है तथा वैश्विक मंच पर एक विश्वसनीय और सक्षम साझेदार के रूप में उभर रहा है।

    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा जनप्रतिनिधियों की भूमिका को प्रभावी बनाने के लिए व्यावहारिक और दूरगामी सुझावों का मार्ग प्रशस्त करेगा।

    #CPANorthZone2026 #OmBirla #Harivansh #NayabSinghSaini #HaryanaAssembly #ViksitBharat2047 #ChandigarhNews #Danikkhabar

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    ग्रीन एनर्जी के भविष्य का नेतृत्व करेगा हरियाणा, राष्ट्रीय पुरस्कारों से बढ़ा गौरव - ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    पीएम सूर्य घर योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन, हरियाणा बना सौर क्रांति का अग्रदूत - अनिल विज

    हर घर सोलर, हरियाणा आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में तेजी से अग्रसर - विज

    चण्डीगढ़, 8 जून – हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में हरियाणा को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा न केवल ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, बल्कि स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

    मंत्री विज आज चण्डीगढ़ में प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हरियाणा को राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त पुरस्कारों के प्रमाण-पत्र एवं स्मृति चिह्नों का अवलोकन कर रहे थे। इस अवसर पर ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ तथा उत्तर एवं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगमों के प्रबंध निदेशक श्री विक्रम सिंह ने उन्हें ये सम्मान चिह्न एवं प्रमाण-पत्र सौंपे।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना को सफल बनाने के लिए ऊर्जा विभाग, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग तथा बिजली निगमों के अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। इन्हीं सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप हरियाणा को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर तीन प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।

    उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ, हरित एवं आत्मनिर्भर ऊर्जा के विजन को साकार करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा 13 फरवरी, 2024 को प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना का शुभारंभ किया गया था। इस महत्वाकांक्षी योजना के सफल क्रियान्वयन में हरियाणा ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

    श्री विज ने बताया कि राज्य सरकार ने 31 मार्च, 2027 तक प्रदेश के 2 लाख 22 हजार घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को समयबद्ध रूप से प्राप्त करने तथा सौर ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अनेक प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि योजना की नियमित समीक्षा की जा रही है तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं ताकि भविष्य की ऊर्जा के रूप में सौर ऊर्जा का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

    गौरतलब है कि हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान “मंथ ऑफ सोलर” अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर हरियाणा को “पीएम सूर्य घर एक्सीलेंस अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया। राज्य को “सर्वाधिक उपभोक्ता आवेदन” श्रेणी में तृतीय स्थान (17,142 आवेदन), “सर्वाधिक सोलर इंस्टॉलेशन” श्रेणी में द्वितीय स्थान (11,983 स्थापना) तथा “सर्वाधिक डिस्कॉम निरीक्षण (यूएचबीवीएन एवं डीएचबीवीएन)” श्रेणी में तृतीय स्थान (12,514 निरीक्षण) प्राप्त हुआ।

    उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि ऊर्जा विभाग, राज्य नोडल एजेंसी, उत्तर एवं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगमों (यूएचबीवीएन एवं डीएचबीवीएन) तथा फील्ड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों और क्रियान्वयन साझेदारों के समन्वित एवं समर्पित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हरियाणा भविष्य में भी सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ऊर्जा आत्मनिर्भरता एवं हरित विकास के राष्ट्रीय उद्देश्यों को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा।

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    श्रम मंत्री अनिल विज का नई श्रम संहिताओं पर सुझाव, पूरे देश में लागू हों एक समान नियम

    लेबर कोड्स के ड्राफ्ट नियम राज्यों को भेजेगी केंद्र सरकार, विज के प्रस्ताव पर मंडाविया की सहमति

    हरियाणा ने नई श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन में हितधारकों से मांगे सुझाव - अनिल विज

    चार नई श्रम संहिताएं श्रमिकों और उद्योगों के लिए ऐतिहासिक सुधार - विज

    हरियाणा में 94 लाख से अधिक श्रमिक कार्यरत, नई श्रम संहिताओं के लागू होने की तैयारी तेज - विज

    चण्डीगढ़, 8 जून - हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया से आग्रह किया कि नई श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के तहत बनाए जाने वाले नियमों एवं विनियमों के ड्राफ्ट राज्यों के श्रम विभागों को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि पूरे देश में एकरूपता के साथ समान नियम लागू किए जा सकें। उन्होंने कहा कि यदि किसी राज्य को अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कुछ संशोधन करने की आवश्यकता हो, तो वह बाद में किए जा सकते हैं। इस पर, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने श्री विज के सुझाव की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने 8 मई को ही संबंधित नियमों का प्रारूप तैयार कर लिया है और शीघ्र ही सभी राज्यों को ड्राफ्ट नियम भेज दिए जाएंगे।

    मंत्री विज आज चण्डीगढ़ में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से दिल्ली से आयोजित बैठक में भाग ले रहे थे। इस बैठक में पूरे देशभर से राज्यों व यूटी प्रशासन के श्रम मंत्रियों सहित सचिवों ने भाग लिया।

    बैठक के दौरान श्री विज ने वेतन संहिता- 2019, औद्योगिक संबंध संहिता- 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता- 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यस्थल परिस्थितियां संहिता- 2020 को क्रियान्वित करने पर की जा रही राज्य की कार्यवाही की जानकारी भी सांझा की और बताया कि केंद्र सरकार द्वारा तैयार की गई चार नई श्रम संहिताओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए श्रमिकों, उद्योगों और अन्य हितधारकों के साथ व्यापक संवाद स्थापित किया जाएगा, ताकि उनके सुझावों को शामिल करते हुए किसी भी प्रकार की व्यावहारिक कठिनाई का समाधान किया जा सके। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने चारों श्रम संहिताओं के प्रारूप नियमों को सार्वजनिक परामर्श (पब्लिक डोमेन) के लिए जारी कर दिया है तथा हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।

    उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार नई श्रम संहिताओं को लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है और श्रमिकों के हितों की रक्षा के साथ-साथ उद्योगों के लिए सरल एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री विज ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा चार नई श्रम संहिताओं का निर्माण श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम है। उन्होंने कहा कि पूर्व में लागू अधिकांश श्रम कानून औपनिवेशिक काल की परिस्थितियों के अनुरूप बनाए गए थे, जिन्हें बदलते समय और आधुनिक औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुसार संशोधित एवं अद्यतन करना अत्यंत आवश्यक था।

    उन्होंने कहा कि यद्यपि इन कानूनों में सुधार काफी पहले हो जाना चाहिए था, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली वर्तमान केंद्र सरकार ने व्यापक अध्ययन, विचार-विमर्श और परामर्श के बाद श्रम कानूनों को नए भारत की आवश्यकताओं के अनुरूप पुनर्गठित कर श्रमिकों और उद्योगों दोनों के हितों को संतुलित करने का कार्य किया है। नई श्रम संहिताएं श्रमिकों के अधिकारों को और अधिक मजबूत करने के साथ-साथ रोजगार सृजन एवं औद्योगिक विकास को भी गति प्रदान करेंगी। श्री विज ने बताया कि हरियाणा के श्रम विभाग के आंकडों के अनुसार राज्य में कुल 28,256 संचालित फैक्टरियां है जिनमें कुल 25,68,064 श्रमिक कार्यरत है। इसी प्रकार, कुल संचालित दुकानें एवं प्रतिष्ठान 5,34,498 हैं, जिनमें 68,89,300 श्रमिक कार्यरत है। उन्होंने बातया कि ई-श्रम पर कुल पंजीकृत श्रमिकों की संख्या 54,36,146 है जबकि कुल गीग वर्कर 21,177 है।

    इससे पूर्व, वर्चुअल बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि चार नई श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार राज्यों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा मॉडल रूल्स पहले ही प्रकाशित किए जा चुके हैं, जिससे राज्यों को नियमों के निर्माण और क्रियान्वयन में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण के वर्तमान दौर में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के निवेश और श्रमिकों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए भारत के श्रम कानूनों में व्यापक सुधार किए गए हैं। नई श्रम संहिताओं का उद्देश्य ऐसा आधुनिक एवं संतुलित श्रम ढांचा तैयार करना है, जिससे देश में निवेश को बढ़ावा मिले और श्रमिकों के अधिकार भी सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से अंतरराष्ट्रीय कंपनियों तथा श्रमिकों, दोनों को एक पारदर्शी और सुगम कार्य वातावरण उपलब्ध होगा।

    केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नई श्रम संहिताओं में श्रमिकों के हितों को विशेष महत्व दिया गया है। इसके तहत नियुक्ति पत्र (अप्यांटमेंट लेटर) को अनिवार्य बनाया गया है, समान कार्य के लिए महिला एवं पुरुष को समान वेतन सुनिश्चित किया गया है तथा फिक्स्ड टर्म रोजगार (फिक्सड टर्म एम्पलॉयमेंट) को स्पष्ट कानूनी आधार प्रदान किया गया है। इसके अलावा, खतरनाक एवं जोखिमपूर्ण कार्यों में लगे श्रमिकों की सुरक्षा और कल्याण के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नई संहिताओं में श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा (सोशल सिक्योरिटी) को व्यापक रूप से शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नई श्रम संहिताओं को लागू करने में राज्यों को तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि नए प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

    उन्होंने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि केंद्र सरकार देश के एक करोड़ युवाओं को प्रतिष्ठित कंपनियों में इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आगामी 19 जून को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देशभर के युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को समन्वय एवं साझेदारी की भावना के साथ कार्य करना होगा, ताकि श्रमिकों के कल्याण और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके।

    बैठक के दौरान केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा चार नई श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन संबंधी एक विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई। प्रस्तुति में नई श्रम संहिताओं को लागू करने की दिशा में किए गए कार्यों की जानकारी साझा की गई। हरियाणा के संबंध में बताया गया कि राज्य सरकार ने मई माह में श्रम संहिताओं के नियमों को प्री-पब्लिश कर हितधारकों से सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित कर ली हैं। इसके अतिरिक्त, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) आधारित सुधारों पर भी प्रस्तुति दी गई, जिसमें समाधान पोर्टल सहित विभिन्न डिजिटल प्रणालियों की जानकारी साझा की गई। राज्यों के श्रम विभागों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने राज्यों में नियमों को शीघ्र प्रकाशित करें तथा आईटी प्रणालियों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

    चंडीगढ़ से इस वर्चुअल बैठक में हरियाणा के श्रम मंत्री श्री अनिल विज के अलावा श्रम विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री राजीव रंजन, ईएसआईसी की निदेशक श्रीमती अंजलि सचदेवा तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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    ऊर्जा मंत्री अनिल विज का बड़ा ऐलान - रक्तदान शिविर में रक्तदान करने वाले हर रक्तदाता को दिए जाएंगे 1100-1100 रुपए

    निरंकारी ट्रस्ट के रक्तदान शिविर में पहुंचे अनिल विज; बोले- रक्त का कोई और विकल्प नहीं, जरूर करें दान

    जब जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष चल रहा हो, तब रक्त की एक-एक बूंद अमूल्य बन जाती है- अनिल विज

    रक्त का कोई कारखाना नहीं होता और न ही इसे कृत्रिम रूप से तैयार किया जा सकता- विज

    अम्बाला, 7 जून - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज स्वैच्छिक रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए घोषणा करी कि रक्तदान शिविर में रक्तदान करने वाले हर रक्तदाता को स्वैच्छिक कोष से 1100-1100 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। ऊर्जा मंत्री की इस घोषणा से रक्तदाताओं व आयोजकों के बीच उत्साह की लहर दौड़ गई।

    मंत्री विज ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और यह किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने का माध्यम बनता है।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि जब जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष चल रहा हो, तब रक्त की एक-एक बूंद अमूल्य बन जाती है। रक्त का कोई कारखाना नहीं होता और न ही इसे कृत्रिम रूप से तैयार किया जा सकता है। यह केवल एक इंसान द्वारा दूसरे इंसान को दिया जाने वाला ऐसा अनमोल उपहार है, जो किसी को नया जीवन दे सकता है।

    उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने का आह्वान करते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद के लिए जीवनदान साबित हो सकता है, इसलिए सभी स्वस्थ नागरिकों को इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्त केवल एक इंसान से दूसरे इंसान तक पहुंचने वाला जीवन का अनमोल उपहार है। आपका स्वैच्छिक रक्तदान किसी जरूरतमंद की धड़कनों को फिर से गति दे सकता है, किसी परिवार की उम्मीदों को बचा सकता है और किसी की जिंदगी में नई रोशनी ला सकता है। इसलिए रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है।

    मंत्री अनिल विज आज संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा संत निरंकारी भवन रेस कोर्स रोड अम्बाला छावनी में रक्तदान शिविर में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। उन्होंने रिब्बन काटकर रक्तदान शिविर का शुभारम्भ किया व रक्तदाताओं को बैज लगाकर प्रोत्साहित भी किया।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा हर वर्ष यहां पर रक्तदान शिविर का आयोजन किए जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह ट्रस्ट निस्वार्थ भाव से मानव सेवा के हित में जो कार्य कर रहे है वह अनुसरणीय है। सामाजिक व धार्मिक गतिविधियों में निरंकारी संस्था द्वारा जो कार्य किए जा रहे है उससे अन्य को भी प्रेरणा मिलती हैं। रक्तदान जीवन का सबसे बड़ा दान है। एक स्वस्थ्य व्यक्ति को रक्तदान आवश्य करना चाहिए। रक्तदान करके हम अमूल्य जिंदगियों को बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि रक्त की आपूर्ति केवल मानव शरीर से ही सम्भव हैं, रक्त का और कोई वैकल्पिक साधन नहीं है।

    इस अवसर पर संत निरंकारी चौरिटेबल फांउडेशन ट्रस्ट अम्बाला के प्रधान नवतेज सेठी ने कैबिनेट मंत्री का यहां पहुंचने पर अभिन्नदन किया और बताया कि संत निरंकारी मिशन वर्ष 1986 से रक्तदान अभियानों के माध्यम से मानवता की सेवा में निरंतर समर्पित है। अब तक देश भर में 9,174 से अधिक रक्तदान शिविरों के माध्यम से लगभग 15 लाख यूनिट रक्त दिया जा चूका हैं, जो मिशन को देश के सबसे बड़ी स्वैच्छिक रक्तदान अभियानों में से एक बनाता हैं।

    इस मौके पर संत निरंकारी चौरिटेबल फांउडेशन ट्रस्ट अम्बाला के प्रधान नवतेज सेठी, संचालक सतीश सेठी, नगर परिषद् अध्यक्ष स्वर्ण कौर, उपाध्यक्ष ललता प्रसाद, भाजपा पदाधिकारी अजय बवेजा, आरती सहगल, श्याम सुन्दर अरोड़ा के साथ-साथ संस्था के अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें।

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    रक्तदान ही जीवनदान : ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने अंबाला में निरंकारी मिशन के रक्तदान शिविर का किया शुभारंभ

    प्रत्येक रक्तदाता को अपने स्वैच्छिक कोष से 1100-1100 रुपए प्रदान कर हौंसला बढ़ाया

    अंबाला, 07 जून - संत निरंकारी चैरिटेबल फांउडेशन ट्रस्ट द्वारा आज संत निरंकारी भवन रेस कोर्स रोड अम्बाला छावनी में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा के परिवहन, उर्जा एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने बतौर मुख्यअतिथि शिरकत करते हुए रिब्बन काटकर रक्तदान शिविर का शुभारम्भ किया। इस मौके पर उन्होंने रक्तदाताओं को बैज लगाकर प्रोत्साहित भी किया।

    मंत्री अनिल विज ने संत निरंकारी चैरिटेबल फांउडेशन ट्रस्ट द्वारा हर वर्ष यहां पर रक्तदान शिविर का आयोजन किए जाने की सराहना की। उन्होनें कहा कि यह ट्रस्ट निस्वार्थ भाव से मानव सेवा के हित में जो कार्य कर रहे है वह अनुसरणीय है। उन्होंने कहा कि सामाजिक व धार्मिक गतिविधियों में निरंकारी संस्था द्वारा जो कार्य किए जा रहे है उससे अन्य को भी पे्ररणा मिलती हैं। उन्होनें कहा कि रक्तदान जीवन का सबसे बड़ा दान है। एक स्वस्थ्य व्यक्ति को रक्तदान आवश्य करना चाहिए।

    रक्तदान करके हम अमूल्य जिन्दगीयों को बचा सकते हैं। उन्होनें यह भी कहा कि रक्त की आपूर्ति केवल मानव शरीर से ही सम्भव हैं, रक्त का और कोई वैकल्पिक साधन नहीं हैं और न ही रक्त किसी फैक्ट्री में तैयार किया जा सकता हैं। उन्होनें इस मौके पर स्वैच्छा से रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को 1100-1100 रूपए की राशि प्रोत्साहन के रूप में देने की घोषणा भी की।

    इस अवसर पर संत निरंकारी चैरिटेबल फांउडेशन ट्रस्ट अम्बाला के प्रधान नवतेज सेठी ने कैबिनेट मंत्री का यहां पहुंचने पर अभिन्नदन किया और बताया कि संत निरंकारी मिशन वर्ष 1986 से रक्तदान अभियानों के माध्यम से मानवता की सेवा में निरंतर समर्पित है। अब तक देश भर में 9,174 से अधिक रक्तदान शिविरों के माध्यम से लगभग 15 लाख यूनिट रक्त दिया जा चूका हैं, जो मिशन को देश के सबसे बड़ी स्वैच्छिक रक्तदान अभियानों में से एक बनाता हैं।

    इस मौके पर संत निरंकारी चैरिटेबल फांउडेशन ट्रस्ट अम्बाला के प्रधान नवतेज सेठी, संचालक सतीश सेठी, नगर परिषद् अध्यक्ष स्वर्ण कौर, उपाध्यक्ष ललता प्रसाद, भाजपा पदाधिकारी अजय बवेजा, आरती सहगल, श्याम सुन्दर अरोड़ा के साथ-साथ संस्था के अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें।

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    कॉकरोच एक बहुत ही गंदे कीट का नाम है । इसको छोटा बच्चा भी देख कर चप्पल से कुचल देता है । संघर्ष करो यह प्रजातंत्र में सबको अधिकार है परंतु अपना नाम बदल लो । हरियाणा मंत्री अनिल विज

    चंडीगढ़, 7 जून - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ट्वीट किया।

    इस संबंध में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि “कॉकरोच एक बहुत ही गंदे कीट का नाम है। इसको छोटा बच्चा भी देखकर चप्पल से कुचल देता है। संघर्ष करो, इस प्रजातंत्र में सबको अधिकार है, परंतु अपना नाम बदल लो।”

    #AnilVij #HaryanaNews #ChandigarhNews #CockroachJantaParty #HaryanaPolitics2026 #Danikkhabar

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    07/06/26 |

    हरिद्वार में उमड़ेगा आस्था का सैलाब: जून के दूसरे वीकेंड और सोमवती अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद, पुलिस ने कसी कमर

    हरिद्वार, 7 जून (अन्‍नू): जून महीने के दूसरे वीकेंड (शनिवार व रविवार) और उसके ठीक अगले दिन सोमवार को पड़ने वाले पावन 'सोमवती अमावस्या' स्नान पर्व को लेकर तीर्थनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ने का अनुमान है। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन पहले से ही अपने चरम पर है, जिसके चलते अगले शनिवार से सोमवार तक तीन दिनों के भीतर लाखों की संख्या में लोगों के गंगा स्नान के लिए पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

    श्रद्धालुओं के इस भारी जनसैलाब को देखते हुए हरिद्वार पुलिस और प्रशासनिक अमले के सामने भीड़ प्रबंधन (Crowd Management), सुगम यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने की एक बेहद गंभीर और बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। इस चुनौती से निपटने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह के सख्त निर्देश पर जिला पुलिस ने धरातल पर अपना विस्तृत 'होमवर्क' और रणनीतिक योजना तैयार करना शुरू कर दिया है।

    हाईवे से लेकर हरकी पैड़ी तक रहेगा तीन दिवसीय 'महा-दबाव'

    पिछले कई दिनों से गर्मी की छुट्टियों और गंगा स्नान के चलते हरिद्वार के सभी होटल, धर्मशालाएं और मार्ग पहले से ही पैक चल रहे हैं। पुलिस की खुफिया और ट्रैफिक विंग के आकलन के अनुसार, आगामी वीकेंड पर यह दबाव कई गुना अधिक बढ़ जाएगा।

    शनिवार से सोमवार तक लगातार तीन दिनों तक दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58), शहर के सभी प्रमुख संपर्क मार्गों, पार्किंग स्थलों, रेलवे स्टेशन, केंद्रीय बस अड्डों के साथ-साथ मुख्य घाट 'हरकी पैड़ी' और अन्य सहायक गंगा घाटों पर पैर रखने तक की जगह मिलना मुश्किल होगा। इसे देखते हुए पुलिस ने अपनी विशेष कार्ययोजना को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

    ड्रोन से निगरानी और चरणबद्ध एंट्री: यह है पुलिस का मास्टर प्लान

    एसएसपी नवनीत सिंह के नेतृत्व में तैयार किए गए विशेष सुरक्षा व ट्रैफिक मास्टर प्लान के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

    • रूट डायवर्जन और बैरिकेडिंग: दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा (अम्बाला) की तरफ से आने वाले वाहनों के लिए शहर की बाहरी सीमाओं पर ही भारी रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में मजबूत लोहे की बैरिकेडिंग कर वाहनों और पैदल यात्रियों के रास्ते पूरी तरह अलग किए जा रहे हैं।

    • चरणबद्ध प्रवेश (Staggered Entry): शहर के भीतर मुख्य पार्किंग फुल होने की स्थिति में वाहनों को होल्डिंग एरिया (बाहरी पार्किंगों) में रोका जाएगा और चरणबद्ध तरीके से, सीमित संख्या में ही वाहनों को शहर के भीतर आने की अनुमति दी जाएगी।

    • तीसरी आंख और ड्रोन से मॉनिटरिंग: हरकी पैड़ी सहित सभी प्रमुख और संवेदनशील गंगा घाटों, संकरी गलियों और चौराहों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के अलावा आसमान से 'ड्रोन कैमरों' के जरिए पल-पल की भीड़ पर नजर रखी जाएगी, ताकि कहीं भी भगदड़ या जाम के हालात न बनें।

    आपात स्थिति से निपटने के लिए बनाया गया 'कंट्रोल नेटवर्क'

    यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस को विशेष और कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। हाईवे के सभी कट और शहर के मुख्य चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल व होमगार्ड्स के जवान तैनात रहेंगे। इसके साथ ही, किसी भी संभावित आपातकालीन स्थिति (Medical Emergency या जल भराव) से निपटने के लिए हरिद्वार पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, जल पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) और आपदा प्रबंधन विभाग के बीच एक मजबूत समन्वय व कंट्रोल नेटवर्क स्थापित किया गया है। घाटों पर चौबीसों घंटे गोताखोरों की टीमें बोट के साथ अलर्ट मोड पर रहेंगी।

    श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: एसएसपी नवनीत सिंह

    आगामी स्नान पर्व की तैयारियों की पुष्टि करते हुए एसएसपी हरिद्वार श्री नवनीत सिंह ने बताया:

    "यात्रा सीजन, वीकेंड और सोमवती अमावस्या के त्रिवेणी संयोग के मद्देनजर जिला पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन का खाका खींच लिया है। सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और सुरक्षाकर्मियों को उनके पॉइंट अलॉट कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा ही हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।"

    एसएसपी ने देश-विदेश और पड़ोसी राज्यों से आने वाले सभी श्रद्धालुओं व पर्यटकों से भावुक अपील की है कि वे यात्रा के दौरान धैर्य बनाए रखें, यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें और सोशल मीडिया व चौकों पर पुलिस प्रशासन द्वारा जारी किए जा रहे रूट चार्ट और निर्देशों का पूरा सहयोग करें, ताकि सभी लोग सुरक्षित, सुगम और शांतिपूर्ण तरीके से अपना धार्मिक अनुष्ठान और गंगा स्नान संपन्न कर सकें।

    #HaridwarNews #SomvatiAmavasya2026 #GangaSnanHaridwar #SSPNavneetSingh #CrowdManagement #HarKiPauri #TrafficPlanHaridwar #CharDhamYatra #UttarakhandTourism #BreakingNews #DanikKhabar

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    ऊर्जा मंत्री अनिल विज का तपती धूप में “ऑपरेशन बाढ़ नियंत्रण”, 41 डिग्री में चार घंटे अफसरों को लेकर फील्ड में उतरे

    मंत्री अनिल विज ने पानी निकासी के लिए अफसरों को दी सात दिन की मोहलत, फिर डीसी की हाई कमेटी करेगी जांच; रिपोर्ट सीधे मंत्री को जाएगी

    अनिल विज ने अंबाला में परखी बाढ़ नियंत्रण की हकीकत, बेहतर काम करने वाले अफसरों को मिलेगा इनाम



    अंबाला, 6 जून – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज आज 41 डिग्री तापमान की तपती धूप के बावजूद पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए। मंत्री अनिल विज ने डीसी सहित अफसरों के साथ बाढ़ नियंत्रण प्रबंधों का जायजा लेने के लिए नदी, नालों, ड्रेनों और पंप हाउसों पर चार घंटे तक एक-एक लोकेशन पर जमीनी हकीकत को जाना।

    निरीक्षण के दौरान कई जगह ऐसे दृश्य सामने आए जहां विभागीय प्रबंध पूरे नहीं पाए गए जिससे मंत्री अनिल विज खासे खफा हुए। जहां-जहां मंत्री पहुंचे, वहां सफाई और खुदाई के लिए बड़ी-बड़ी मशीनें चलती दिखाई दीं, मगर कुछ स्थानों पर मंत्री के सामने ही लोगों ने दावा कर दिया कि कुछ दिन पहले तक यहां कोई मशीन काम नहीं कर रही थी। यह बात सुनते ही सिंचाई विभाग के अधिकारी बचाव में आए और बोले कि मशीनें दो दिन पहले ही लगाई गई हैं। इस पर मंत्री अनिल विज ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि लगता है निरीक्षण का कार्यक्रम तय होने के बाद ही विभागों को सफाई कार्य याद आया ताकि मौके पर काम होता हुआ दिखाई दे।

    अफसरों को दिखाई हकीकत, अब सात दिन की उलटी गिनती शुरू

    जमीनी निरीक्षण के बाद मंत्री विज ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि अब बहाने नहीं चलेंगे। उन्होंने उपायुक्त अजय सिंह तोमर को निर्देश दिए कि एक हाई लेवल कमेटी गठित की जाए जो सात दिन बाद उन्हीं सभी स्थानों पर जाकर जांच करे जहां शनिवार को निरीक्षण किया गया। कमेटी यह रिपोर्ट तैयार करेगी कि एक सप्ताह में कितना काम हुआ, कौन से निर्देश पूरे हुए और किन अधिकारियों ने लापरवाही बरती। यह रिपोर्ट सीधे मंत्री अनिल विज को सौंपी जाएगी। विज ने कहा कि निरीक्षण का फायदा तभी है जब उसका परिणाम जमीन पर दिखाई दे। यदि समय रहते खामियां दूर कर दी गईं तो अंबाला छावनी को संभावित बाढ़ और जलभराव से काफी हद तक बचाया जा सकेगा। उन्होंने अफसरों की हौंसला बढ़ाते हुए यह भी कहा कि बेहतर कार्य करने वाले अफसरों को आगामी स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित भी किया जाएगा।

    टांगरी नदी पर घसीटपुर में काजवे पर फूटा गुस्सा मंत्री अनिल विज का गुस्सा

    टांगरी नदी में घसीटपुर पर बने काजवे को देखकर मंत्री अनिल विज खासे नाराज नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर दिखाया कि किस प्रकार छोटा काजवे बरसात के समय पानी के बहाव में सबसे बड़ी बाधा बन जाता है। जब यह सामने आया कि इसे हटाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है तो मंत्री ने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने तत्काल काजवा तोड़ने के निर्देश दिए और कहा कि इसकी जगह अस्थायी लकड़ी का पुल बनाया जाए ताकि लोगों की आवाजाही भी बनी रहे और बरसाती पानी का बहाव भी बाधित न हो।

    रेलवे और कैंट बोर्ड अधिकारियों से भी तीखे सवाल

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने रेलवे कॉलोनी के पास गुडगुडिया नाले का निरीक्षण करते समय अधिकारियों को दिखाया कि मुख्य नाला झाड़ियों और गाद से अटा पड़ा है। पानी निकासी का रास्ता संकरा हो चुका है और बरसात में यह बड़ी समस्या पैदा कर सकता है।

    मंत्री के सवालों पर रेलवे अधिकारियों ने जल्द सफाई कराने की बात कही

    इसके बाद रेलवे और कैंटोनमेंट बोर्ड के अधीन आने वाले नालों का निरीक्षण करते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों को दिखाया कि कई स्थानों पर बड़े नालों का आकार अचानक छोटा हो जाता है, जिससे पानी का प्रवाह कम हो जाता है। इस पर अधिकारियों ने जल्द कार्रवाई की बात कही। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने चेतावनी दी कि यदि नालों की चौड़ाई और प्रवाह क्षमता नहीं बढ़ाई गई तो बरसात का पानी वापस आबादी वाले क्षेत्रों में घुसेगा और जलभराव की स्थिति पैदा करेगा।

    बाढ़ नियंत्रण प्रबंधों का जायजा लेने पूरी छावनी में घूम मंत्री अनिल विज

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने अपना निरीक्षण बब्याल पंप हाउस से शुरू किया। इसके बाद चंदपुरा पुल, टांगरी नदी बांध के किनारों, महेशनगर पंप हाउस, महेशनगर ड्रेन, रामबाग रोड नाला, 12 क्रॉस रोड नाला, यादव धर्मशाला के पास गुडगुडिया नाला, घसीटपुर में टांगरी नदील पर पानी निकासी व्यवस्था, रेलवे कॉलोनी क्षेत्र तथा सैन्य क्षेत्र के नालों का निरीक्षण किया।

    करीब चार घंटे तक चले इस मैराथन निरीक्षण में अधिकारियों को हर उस स्थान पर ले जाया गया जहां बरसात के दौरान जलभराव या पानी निकासी की समस्या सामने आती रही है।

    “अब रिपोर्ट नहीं, रिजल्ट चाहिए”, ऊर्जा मंत्री अनिल विज का अफसरों को संदेश

    निरीक्षण के अंत में मंत्री अनिल विज का संदेश साफ था बाढ़ नियंत्रण और पानी निकासी के मामलों में अब केवल फाइलों और बैठकों से काम नहीं चलेगा। सात दिन बाद फिर उन्हीं स्थानों की समीक्षा होगी और इस बार विभागीय दावों नहीं बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले काम के आधार पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

    इस अवसर पर डीसी अजय तोमर, सीईओ कैंटोनमेंट बोर्ड राहुल आनंद शर्मा, सिंचाई विभाग से एसई मनीष भारद्वाज, पीडब्ल्यूडी से एसई भूपेंद्र सिंह, नप ईओ देवेन्द्र नरवाल, जीएम रोडवेज अश्विनी डोगरा, जनस्वास्थ्य विभाग से एक्सईएन हरभजन सिंह सहित नेशनल हाईवे, रेलवे सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। 

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    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बाढ़ नियंत्रण तैयारियों की बैठक में अफसरों की लगाई क्लास, फिर ग्राउंड पर दिखाया आईना

    "कुंभकरण भी 6 महीने में जाग जाता था, तुम सालभर बाद जागते हो..." : अधिकारियों पर बरसे मंत्री अनिल विज

    अम्बाला में अनिल विज का 'एक्शन मोड': बाढ़ नियंत्रण में ढिलाई पर अधिकारियों की लगाई क्लास, कहा- कागजों में नहीं, जमीन पर दिखे काम

    टांगरी नदी और नालों की सफाई में जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों से किए सवाल, बैठक में लगाई फटकार

    अंबाला, 06 जून - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने शनिवार को अम्बाला छावनी पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में बाढ़ नियंत्रण और जल निकासी व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों की कड़ी क्लास लगाई। बैठक में नगर परिषद, सिंचाई विभाग, रेलवे, कैंटोनमेंट बोर्ड, नेशनल हाईवे अथॉरिटी समेत कई विभागों के अधिकारियों से एक-एक बिंदु पर जवाब तलब किया। उनके सवालों पर तो कई अधिकारी बगले झांकते नजर आए।

    ऊर्जा मंत्री विज ने बरसात से पहले टांगरी नदी, नालों की सफाई, ड्रेनों के निर्माण, पानी निकासी और बाढ़ नियंत्रण कार्यों में देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिम्मेदार विभाग समय पर नहीं जागे। उन्होंने तलख अंदाज में कहा, “कुंभकरण भी छह महीने बाद नींद से जाग जाता था, लेकिन यहां कुछ विभाग तो एक साल बाद जागते हैं।”

    बैठक में डीसी अजय तोमर, सीईओ कैंटोनमैंट बोर्ड राहुल आनंद शर्मा, सिंचाई विभाग से एसई मनीष भारद्वाज, पीडब्ल्यूडी से एसई भूपिंद्र सिंह, नप ईओ देवेन्द्र नरवाल, जीएम रोडवेज अश्वनी डोगरा, जनस्वास्थ्य विभाग से एक्सईएन हरभजन सिंह सहित नेशनल हाईवे, रेलवे सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

    गुडगुडिया नाले पर तीन विभागों के अफसरों से सवाल, पूछा- अब तक सफाई क्यों नहीं?

    बैठक में गुडगुडिया नाले की सफाई के लिए जिम्मेदार नगर परिषद, कैंटोनमेंट बोर्ड और रेलवे अधिकारियों से कड़े सवाल पूछे गए। विज ने पूछा कि बरसात सिर पर है, फिर भी व्यापक स्तर पर सफाई कार्य क्यों शुरू नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि कागजों में नहीं, जमीन पर काम दिखाई देना चाहिए।

    “मैं खुद मौके पर ले जाकर दिखाऊंगा हकीकत” : अनिल विज

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों को आईना दिखाते हुए कहा कि बाढ़ नियंत्रण कार्यों के लिए जिम्मेदार अफसरों को वह स्वयं विभिन्न स्थलों पर ले जाकर बताएंगे कि वास्तविक स्थिति क्या है और कितना काम अभी बाकी है। बैठक के बाद उन्होंने कई बिंदुओं पर ग्राउंड रियलिटी का भी जायजा लिया।

    सिंचाई विभाग की खिंचाई, मंत्री अनिल विज ने अधूरे कामों पर जताई नाराजगी

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से चंद्रपुरी से मच्छौंडा तक ड्रेन से टांगरी नदी में पानी निकासी के लिए डाली गई भूमिगत पाइपलाइन पर आपत्ति जताई और कहा कि पूर्व में भी इस पानी लाइन को लिफ्ट कर नदी में पानी छोड़ने के लिए कहा गया था जोकि अब तक पूरा नहीं हतुआ है। उन्होंने महेशनगर ड्रेन के अधूरे कार्यों पर अधिकारियों से जवाब मांगा। उन्होंने कहा ड्रेन का निर्माण पूर्व में आईआईटी रूड़की द्वारा डिजाइन किया गया था आगे भी ड्रेन उसी डिजाइन के हिसाब से बनाई जाए।

    उन्होंने टांगरी नदी के संकरे होते बहाव क्षेत्र पर भी उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि पीछे से चौड़ी नदी शहर में आते-आते छोटी हो जाती है, जिससे जल प्रवाह प्रभावित होता है और बाढ़ का खतरा बढ़ता है।

    इंडस्ट्रियल एरिया की दीवार टूटने का मामला भी उठा

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों को याद दिलाया कि पिछले वर्ष इंडस्ट्रियल एरिया की दीवार तोड़े जाने से पानी अंदर घुस गया था। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि इस बार ऐसी स्थिति न बने और जरूरत पड़े तो पुलिस सुरक्षा भी लगाई जाए। साथ ही चारदीवारी निर्माण कार्य में तेजी लाने के आदेश दिए।

    नेशनल हाईवे अथॉरिटी से भी मांगा जवाब

    जगाधरी रोड क्षेत्र में पानी निकासी को लेकर मंत्री विज ने एनएचएआई अधिकारियों से सवाल किए। उन्होंने कहा कि टांगरी और बेगना नदी के बीच पानी का बहाव बाधित होता है और भारी बारिश में समस्या पैदा होती है। अधिकारियों ने स्वीकार किया कि व्यवस्था में सुधार की जरूरत है और बरसात से पहले कार्य पूरा करने का भरोसा दिया।

    दिल्ली होटल अग्निकांड का जिक्र कर दी चेतावनी

    बैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने हाल ही में दिल्ली के एक होटल में आग लगने से हुई जनहानि का उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार विभागों की लापरवाही भी जिम्मेदार होती है। उन्होंने कहा कि अम्बाला में भी बाढ़ नियंत्रण को लेकर किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा जिम्मेदारी अधिकारी अपने कार्यों को गंभीरता से करें ताकि समय रहते कार्य हो और जनता को नुक्सान से बचाया जा सके।

    अतिक्रमण, सफाई और पार्किंग पर भी सख्त निर्देश

    बैठक के दौरान मंत्री अनिल विज ने अम्बाला छावनी बाजारों में स्वच्छता बनाए रखने, गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग डस्टबिन में डालने तथा सफाई व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने रेलवे रोड व एसडीएम कार्यालय के आसपास अवैध पार्किंग के खिलाफ अभियान चलाने व इलाके में सफाई व्यवस्था को बेहतर करने को कहा ताकि बरसातों के समय पानी निकासी सुचारू रूप से होती रहे।

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    बैंक धोखाधड़ी मामला: 15 साल से फरार चल रहे घोषित अपराधी पी. अरोकियासामी को सीबीआई ने दबोचा

    नई दिल्ली/चेन्नई , 6 जून (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बैंक धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। सीबीआई ने पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से कानून की नजरों से बचकर फरार चल रहे एक शातिर घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।

    केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के सूचना अनुभाग द्वारा आज यानी 6 जून 2026 को जारी की गई आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, एजेंसी ने बैंक को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले मुख्य आरोपियों में से एक पी. अरोकियासामी (P. Arokiasamy) को 4 जून 2026 को एक विशेष ऑपरेशन के तहत दबोच लिया है।

    केंचुआ खाद और डेयरी फार्मिंग के नाम पर लिया था ₹2.01 करोड़ का फर्जी लोन

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत 21 जनवरी 2010 को दर्ज की गई एक शिकायत के आधार पर हुई थी। आरोप था कि मैसर्स सन बायो मैन्योर प्राइवेट लिमिटेड (M/s. Sun Bio Manure Pvt. Ltd., Chennai) के निदेशकों ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर एक बड़ी साजिश को अंजाम दिया था।

    कंपनी के निदेशकों ने तमिलनाडु के सलेम जिले में स्थित 'इंडियन बैंक' की वीरापांडी शाखा (Indian Bank, Veerapandi Branch, Salem District) से केंचुआ खाद (Vermi Culture) और डेयरी फार्मिंग (Dairy Farming) की गतिविधियों को शुरू करने के नाम पर ₹201.63 लाख (₹2.01 करोड़) का लोन मंजूर करवाया था। इस लोन को लेने के लिए आरोपियों ने कुछ संपत्तियों (Properties) के दस्तावेज बैंक के पास गिरवी (Mortgage) रखे थे, जबकि जांच में सामने आया कि आरोपी उन संपत्तियों के वास्तविक मालिक थे ही नहीं। इस तरह जाली दस्तावेजों के आधार पर बैंक के साथ ₹2.01 करोड़ की बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।

    अदालत ने 2011 में ही घोषित कर दिया था भगोड़ा, फर्जी निकला था पता

    मामले की गहन जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने मैसर्स सन बायो मैन्योर प्राइवेट लिमिटेड, इसके निदेशकों एस. शक्तिवेल, एस. विजयाकुमारी, पी. अरोकियासामी और तत्कालीन इंडियन बैंक के शाखा प्रबंधक (Branch Manager) एस. बालासुब्रमण्यम सहित अन्य निजी व्यक्तियों के खिलाफ अदालत में आरोप-पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था।

    इस मुख्य मामले की कानूनी सुनवाई के बाद अन्य दोषियों को कोर्ट से सजा भी मिल चुकी है, लेकिन आरोपी पी. अरोकियासामी केस दर्ज होने के समय से ही (पिछले 15 साल से) लगातार फरार चल रहा था। उसने बैंक रिकॉर्ड और जांच एजेंसी को जो अपना पता (Address) दिया था, वह भी पूरी तरह फर्जी और गलत पाया गया था। उसकी गिरफ्तारी न होने के कारण अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (Non-Bailable Warrant) जारी किया था और वर्ष 2011 में कोयंबटूर स्थित माननीय द्वितीय अतिरिक्त सीबीआई मामलों की अदालत (Hon'ble II Additional Court of CBI cases, Coimbatore) ने उसे आधिकारिक तौर पर 'घोषित अपराधी' (Proclaimed Offender) करार दिया था।

    सीबीआई के निरंतर प्रयासों से दबोचा गया आरोपी, 19 जून तक जेल भेजा

    प्रेस रिलीज के मुताबिक, कानून के शिकंजे से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे इस भगोड़े को पकड़ने के लिए सीबीआई की टीम पिछले लंबे समय से टेक्निकल इनपुट्स और ग्राउंड स्तर पर काम कर रही थी। आखिरकार, एजेंसी के निरंतर, सूक्ष्म और अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप 4 जून 2026 को पी. अरोकियासामी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी को सक्षम न्यायालय (Competent Court) के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पी. अरोकियासामी को 19 जून 2026 तक के लिए न्यायिक हिरासत (Judicial Remand) में जेल भेज दिया है।

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    डीएवी पीजी कॉलेज छात्रवृत्ति घोटाला: ईडी ने कोर्ट में पीयूष चंद्र भटनागर और रंजना रावत के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

    देहरादून, 6 जून (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED), देहरादून ने उत्तराखंड के बहुचर्चित डीएवी (पीजी) कॉलेज छात्रवृत्ति घोटाला प्रकरण में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत एक बड़ी कानूनी कार्रवाई को अंजाम दिया है।

    प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज (HKHo4OLa8AAEplo.jpg) के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी ने इस घोटाले के मुख्य आरोपी श्री पीयूष चंद्र भटनागर एवं श्रीमती रंजना रावत के विरुद्ध पीएमएलए के कड़े प्रावधानों के तहत तैयार किया गया 'अभियोजन परिवाद' (Prosecution Complaint/चार्जशीट) माननीय विशेष PMLA न्यायालय, देहरादून के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है। यह चार्जशीट 29 मई 2026 को दाखिल की गई।

    उत्तराखंड पुलिस की एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर शुरू हुई जांच

    ईडी द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, इस पूरे घोटाले की नींव उत्तराखंड पुलिस द्वारा भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860 की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) और उसके बाद अदालत में पेश किए गए आरोप-पत्र के आधार पर टिकी है।

    पुलिस चार्जशीट में आरोप था कि अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए सरकार द्वारा स्वीकृत की गई छात्रवृत्ति (वजीफा) की राशि को आरोपियों ने षड्यंत्र रचकर कॉलेज के आधिकारिक खातों के बजाय देना बैंक की एक शाखा में खोले गए एक अनधिकृत (फर्जी) बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिया और उसका गबन कर लिया।

    कॉलेज के नाम में कूटरचना कर खोला फर्जी बैंक खाता, ₹2.27 करोड़ केवल ब्याज कमाया

    ईडी की पीएमएलए जांच में जो तथ्य और तौर-तरीके (Modus Operandi) सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं:

    • नाम में हेराफेरी: डीएवी (पीजी) कॉलेज की प्रबंध समिति द्वारा देना बैंक की 'लक्ष्मी रोड शाखा' में खाता खोलने की मंजूरी दी गई थी। लेकिन कॉलेज के तत्कालीन छात्रवृत्ति प्रभारी/सहायक लिपिक श्री पीयूष चंद्र भटनागर और उनके सहयोगियों ने कॉलेज के नाम में कूटरचना (Forging) कर देना बैंक की 'जीएमएस रोड शाखा' में एक अनधिकृत खाता खोल डाला।

    • ब्याज की मोटी कमाई: वर्ष 2009 से 2014 की अवधि के दौरान इस फर्जी खाते में करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति निधि को अवैध रूप से ट्रांसफर किया गया। जांच में यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया है कि इस अवधि के दौरान उक्त अनधिकृत खाते में जमा धनराशि से आरोपियों ने लगभग ₹2.27 करोड़ की अतिरिक्त ब्याज आय भी अर्जित कर ली, जिसे डकार लिया गया।

    बीमा प्रीमियम, नकद निकासी और निजी बैंक खातों में किया पैसे का ट्रांसफर

    ईडी की जांच के अनुसार, छात्रवृत्ति प्रभारी से पदोन्नत होकर कार्यालय अधीक्षक बने पीयूष चंद्र भटनागर इस अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) के सृजन, छिपाव और उसके निजी उपयोग में मुख्य भूमिका निभा रहे थे:

    • इस अनधिकृत खाते में से ₹42.50 लाख की रकम नगद (Cash) निकाली गई।

    • ₹66.50 लाख की राशि विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर डिमांड ड्राफ्ट (धनादेश) जारी करवाकर निकाली गई।

    • ₹99.43 लाख की भारी-भरकम राशि पीयूष चंद्र भटनागर के विभिन्न व्यक्तिगत (पर्सनल) बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।

    • इस गबन के पैसे का उपयोग पीयूष चंद्र और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर जीवन बीमा पॉलिसियों (Insurance Premiums) के भुगतान, नगद निकासी और अन्य व्यक्तिगत विलासिताओं के लिए किया गया।

    साइनिंग अथॉरिटी रंजना रावत ने निभाई घोटाले को सुगम बनाने की भूमिका

    प्रेस रिलीज के मुताबिक, छात्रवृत्ति समन्वयक (Scholarship Coordinator) के रूप में कार्यरत और कॉलेज के बैंक खातों की अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (Authorized Signatory) श्रीमती रंजना रावत ने इस वित्तीय अपराध को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रंजना रावत ने यह भली-भांति जानते हुए भी कि देना बैंक का यह खाता अनधिकृत है, उस पर कई रिक्त (ब्लैंक) चेक और धन हस्तांतरण दस्तावेजों पर अपने हस्ताक्षर किए। इन्हीं हस्ताक्षरित दस्तावेजों के माध्यम से करोड़ों रुपये का अनधिकृत वित्तीय लेनदेन किया गया और विभिन्न लाभार्थियों के जरिए अपराध की कमाई को रोटेट (परतबद्ध) किया गया।

    स्कूटी और अचल संपत्तियां जब्त, अनंतिम कुर्की को मंजूरी

    जांच एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले में पैसे के ट्रेल को ट्रैक करते हुए पाया कि अपराध की कमाई का एक हिस्सा पीयूष चंद्र भटनागर और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर बीमा पॉलिसियों, बैंक जमा राशियों और एक होंडा एक्टिवा एच-स्मार्ट (125 सीसी) वाहन के रूप में चल संपत्तियों में परिवर्तित किया जा चुका था। इसके बाद ईडी ने कार्रवाई करते हुए 27 मई 2026 को एक अनंतिम कुर्की आदेश (Provisional Attachment Order) जारी कर ₹7.86 लाख मूल्य की इन चल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क (जब्त) कर लिया था।

    ईडी ने स्पष्ट किया है कि बैंक दस्तावेजों, गवाहों के बयानों और पीएमएलए की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों के पुख्ता डिजिटल व दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर यह चार्जशीट दाखिल की गई है और न्यायालय में आरोपियों को सख्त सजा दिलाने के लिए एजेंसी प्रतिबद्ध है।

    #EDPressRelease #DAVCollegeScholarshipScam #MoneyLaundering #DehradunCourt #PiyushChandBhatnagar #RanjanaRawat #PMLAChargeSheet #UttarakhandCrime #PropertyAttached #BreakingNews #DanikKhabar

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    06/06/26 |

    रेल मंत्री हाइड्रोजन ट्रेन की प्रगति जांची

    आरएस अनेजा, 6 जून नई दिल्ली - केंद्रीय रेल, सूचना और प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उत्तर रेलवे के तिलक ब्रिज-शकूर बस्ती रेल खंड का व्यापक निरीक्षण किया।

    इस दौरे में उन्होंने वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की और क्षेत्र में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं और वर्तमान में जारी कार्यों की प्रगति का आकलन किया।

     

    शकूर बस्ती डिपो में उन्नत तकनीकों और रखरखाव सुविधाओं का निरीक्षण

    निरीक्षण के दौरान, रेल मंत्री ने शकूर बस्ती स्टेशन का दौरा किया, जहाँ उन्होंने अत्याधुनिक वापस लेने योग्य ओवरहेड उपकरण (रिट्रैक्टेबल ओवरहेड इक्विपमेंट; ओएचई) प्रणाली का गहन निरीक्षण किया। यह तकनीक इंजन और रेलों के रखरखाव शेड में सुरक्षित और कुशल रखरखाव सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

     

    उन्होंने बोगी पिट और बोगी उठाने की सुविधाओं का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को जमीनी स्तर पर परिचालन दक्षता को और बढ़ाने का निर्देश दिया।

     

    हाइड्रोजन ट्रेन का निरीक्षण

    इस दौरे का एक प्रमुख आकर्षण हाइड्रोजन ट्रेन का निरीक्षण था। रेल मंत्री ने इस पर्यावरण-अनुकूल हरित तकनीक पहल की प्रगति की समीक्षा की, जो भविष्य में भारतीय रेलवे को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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    06/06/26 |

    आईएनएस चिल्का में गूंजेगी देशसेवा की हुंकार: 12 जून को अग्निवीरों और तटरक्षक नाविकों की पासिंग आउट परेड

    आरएस अनेजा, 6 जून नई दिल्ली - प्रशिक्षुओं के 01/26 बैच की पासिंग आउट परेड (पीओपी) 12 जून, 2026 को आईएनएस चिल्का में आयोजित की जाएगी। यह परेड भारतीय नौसेना के अग्निवीरों और भारतीय तटरक्षक बल के नाविकों के आठवें बैच द्वारा किए गए 16 सप्ताह के कठोर प्रारंभिक प्रशिक्षण की सफल समाप्ति का प्रतीक है। यह आयोजन अनुशासित, दृढ़ और पेशेवर रूप से सक्षम समुद्री योद्धाओं के रूप में उनके रूपांतरण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो राष्ट्र की सेवा के सफर पर निकलने के लिए तैयार हैं।

    पश्चिमी नौसेना कमान के ध्वज अधिकारी कमान-इन-चीफ, वाइस एडमिरल संजय वत्सयान परेड के मुख्य अतिथि और पर्यवेक्षक होंगे। इस अवसर पर उत्तीर्ण होने वाले प्रशिक्षुओं के परिवारजन, विशिष्ट पूर्व सैनिक, प्रख्यात खिलाड़ी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।

    यह पासिंग आउट परेड भारतीय नौसेना की इस प्रतिबद्धता का प्रमाण है कि प्रशिक्षण एक पेशेवर लड़ाकू बल की नींव है।

    कर्तव्य, सम्मान और साहस के मूल मूल्यों पर आधारित संरचित शैक्षणिक, शारीरिक और बाहरी प्रशिक्षण के माध्यम से युवा रंगरूटों को अनुशासित, आत्मविश्वासी और पेशेवर रूप से सक्षम समुद्री योद्धाओं के रूप में ढालने में आईएनएस चिल्का एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    पासिंग-आउट समारोह के अंतर्गत, मुख्य अतिथि विदाई समारोह की अध्यक्षता करेंगे और मेधावी प्रशिक्षुओं, चैंपियन डिवीजन और सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षक को पुरस्कार और ट्राफियां प्रदान करेंगे। इस अवसर पर प्रशिक्षुओं की द्विभाषी पत्रिका 'अंकुर' का भी विमोचन किया जाएगा।

    पासिंग आउट परेड के बाद, प्रशिक्षु भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों पर विभिन्न नौसैनिक प्रतिष्ठानों और समुद्री परिसंयोजनों में विशेष व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए आगे बढ़ेंगे।

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    म्यांमार सुपारी तस्करी और ₹970 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट पर ईडी का बड़ा प्रहार: मिजोरम के चम्फाई में 9 ठिकानों पर छापेमारी

    नई दिल्ली, 6 जून (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने म्यांमार से भारत में अवैध रूप से की जा रही सूखी सुपारी की बड़े पैमाने पर तस्करी और उससे जुड़े ₹970 करोड़ से अधिक के धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।

    प्रवर्तन निदेशालय (ED) के आइजोल उप-आंचलिक कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 17(1) के तहत मिजोरम के चम्फाई में स्थित 9 अलग-अलग आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों पर एक व्यापक तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) संचालित किया है। यह छापेमारी 4 जून 2026 को की गई।

    तस्करी के इस बड़े नेटवर्क में इन व्यापारिक परिसरों पर हुई कार्रवाई

    ईडी द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, चम्फाई में जिन संदिग्धों और उनके व्यावसायिक ठिकानों पर छापेमारी की गई, उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

    • श्रीमती लालरेमपुई और श्रीमती लालनेनमी (स्वामित्वधारक: मेसर्स रेम रेम एंड बेबी स्टोर)

    • सांगनेहज्वेला (स्वामित्वधारक: मेसर्स एसएनवी स्टोर)

    • थांगखानमुंगा (स्वामित्वधारक: मेसर्स सीएस स्टोर)

    • रोथुआमलुआिया (स्वामित्वधारक: मेसर्स एनएस एंटरप्राइजेज)

    • लालरेममाविया (स्वामित्वधारक: मेसर्स एस एंड आर हार्डवेयर स्टोर)

    • लालदुआ (स्वामित्वधारक: मेसर्स जेएच फैमिली एंटरप्राइज)

    • जोनुनसांगा (स्वामित्वधारक: मेसर्स मामी स्टोर)

    • श्रीमती जोसांगपुई के आवासीय व व्यावसायिक परिसर।

    गुवाहाटी उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई ने दर्ज की थी एफआईआर

    इस मामले की बैकग्राउंड की बात करें तो म्यांमार के रास्ते भारत में अवैध रूप से सुपारी आयात करने के इस सिंडिकेट के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB), सीबीआई, इम्फाल द्वारा एक प्राथमिकी (प्राथमिक जनहित याचिका संख्या 5/2022 में माननीय गुवाहाटी उच्च न्यायालय द्वारा 16 जुलाई 2024 को पारित आदेश के अनुपालन में) दर्ज की गई थी। इसी एफआईआर के आधार पर ईडी ने अपनी जांच शुरू की थी। यह अपराध भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120बी, 420, 467 और 471 के तहत दंडनीय है, जो पीएमएलए एक्ट की अनुसूची के भाग-ए के अंतर्गत अनुसूचित अपराध की श्रेणी में आता है।

    तिउ नदी पार कराकर होती थी तस्करी, असम के फाइनेंसर कर रहे थे फंडिंग

    ईडी की जांच में सीमा पार से चल रहे इस अवैध धंधे के तौर-तरीकों (Modus Operandi) का सनसनीखेज खुलासा हुआ है:

    • तस्करी का रूट: म्यांमार के नागरिकों द्वारा तिउ नदी पार कराकर 'जोखावथार' एवं 'चम्फाई' के रास्ते बिना सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) चुकाए सूखी सुपारी भारत में अवैध रूप से लाई जाती थी।

    • स्थानीय गोदाम: सीमा पर यह खेप स्थानीय सुविधा प्रदाताओं (लोकल फैसिलिटेटर्स) को सौंप दी जाती थी, जो इसे चम्फाई स्थित बड़े गोदामों में डंप करते थे। इसके बाद असम-मिजोरम सीमा पर स्थित 'वैरंगते' तक इसके सुरक्षित परिवहन का को-ऑर्डिनेशन किया जाता था।

    • असम कनेक्शन: इस पूरे सिंडिकेट को असम के बड़े स्वर्ण (गोल्ड) व्यापारियों और फाइनेंसरों द्वारा वित्तीय मदद (फंडिंग) दी जा रही थी। वे बैंकिंग चैनलों के जरिए मिजोरम के खातों में मोटी रकम भेजते थे।

    • बर्मा करेंसी में भुगतान: भारत से यह पैसा म्यांमार के आपूर्तिकर्ताओं को भारतीय मुद्रा में भेजा जाता था, जिसे बाद में सीमा के पास सक्रिय अवैध मुद्रा विनिमयकर्ताओं (मनी एक्सचेंजर्स) के माध्यम से बर्मा (म्यांमार) की मुद्रा में परिवर्तित कर दिया जाता था।

    फर्जी बागान प्रमाणपत्रों से बनाए ₹251 करोड़ के जाली ई-वे बिल

    ईडी की जांच में यह भी उजागर हुआ है कि वर्ष 2021 से 2024 की अवधि के दौरान चम्फाई जिले में सुपारी के परिवहन को वैध दिखाने के लिए ₹251.19 करोड़ के एसजीएसटी (SGST) तथा ₹86.25 करोड़ के सीजीएसटी (CGST) के ई-वे बिल धोखाधड़ी और जाली दस्तावेजों के आधार पर जारी किए गए थे। इसके लिए फर्जी बागान प्रमाणपत्रों और जाली कस्टम क्लीयरेंस दस्तावेजों का सहारा लिया गया, जबकि संबंधित बागान मालिक जीएसटी (GST) के अंतर्गत पंजीकृत तक नहीं थे।

    ₹2 से ₹15 प्रति किलो कमीशन, ₹970 करोड़ का संदिग्ध ट्रांजैक्शन

    पीएमएलए की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों से यह स्थापित हुआ है कि स्थानीय सुविधा प्रदाताओं को सुपारी की खरीद, परिवहन और कस्टम से बचाने के लिए प्रति किलोग्राम ₹2 से लेकर ₹15 तक का कमीशन मिलता था।

    इतना ही नहीं, जब भी सीमा शुल्क अधिकारियों द्वारा कोई जब्ती की जाती थी, तो जब्ती को वैध आयातित माल के रूप में दिखाने के लिए फर्जी 'बिल ऑफ एंट्री' प्रस्तुत की जाती थी। इसके लिए प्रति जब्ती ₹20 लाख से लेकर ₹1 करोड़ तक का भुगतान किया जाता था। अभियुक्तों के बैंक खातों के विश्लेषण से पता चला है कि वर्ष 2013 से 2025 के बीच ₹970 करोड़ से अधिक की अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से रोटेट और लेयरिंग किया गया।

    छापेमारी में डिजिटल सबूत और बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज जब्त

    ईडी ने बताया कि चम्फाई में की गई इस बड़ी छापेमारी के दौरान पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इनमें मुख्य रूप से अपराध के संकेत देने वाले दस्तावेज, अभियुक्तों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गई अचल संपत्तियों के स्वामित्व विलेख (प्रॉपर्टी पेपर्स), व्यावसायिक लेन-देन के रिकॉर्ड, मोबाइल फोन और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं, जिन्हें एजेंसी ने जब्त कर लिया है। मामले की तह तक जाने के लिए ईडी की आगे की जांच और वित्तीय कड़ियों को खंगालने की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

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    रिश्वतखोरी के मामले में सीबीआई का बड़ा एक्शन: रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर को 1 लाख रुपये घूस लेते रंगे हाथों दबोचा

    नई दिल्ली/जबलपुर, 5 जून (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी को मोटी रकम की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सीबीआई के सूचना अनुभाग द्वारा आज यानी 5 जून 2026 को जारी की गई प्रेस रिलीज के अनुसार, एजेंसी ने वेस्ट सेंट्रल रेलवे (पश्चिम मध्य रेलवे) के डिप्टी चीफ इंजीनियर-II (कन्स्ट्रक्शन) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचने में सफलता हासिल की है। यह गिरफ्तारी 4 जून 2026 को की गई।

    1 करोड़ रुपये के पेंडिंग बिल और सिक्योरिटी रिलीज करने के नाम पर मांगी घूस

    सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, एजेंसी ने यह मामला 4 जून 2026 को ही मिली एक लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया था। शिकायतकर्ता (ठेकेदार) ने आरोप लगाया था कि आरोपी डिप्टी चीफ इंजीनियर उसके कॉन्ट्रैक्ट वर्क (अनुबंध कार्य) से जुड़े करीब 1 करोड़ रुपये के पेंडिंग बिलों के भुगतान, सिक्योरिटी डिपॉजिट (जमानत राशि) को रिलीज करने और पीवीसी (PVC) बकाये के निपटारे के एवज में 1,00,000 रुपये (1 लाख रुपये) की अवैध रिश्वत (Undue Advantage) की मांग कर रहा है।

    एमपी के सागर में सीबीआई ने बिछाया जाल, रंगे हाथों दबोचे गए साहब

    शिकायत की सत्यता जांचने के बाद सीबीआई की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश के सागर में एक रणनीतिक जाल (Trap) बिछाया। जैसे ही आरोपी डिप्टी चीफ इंजीनियर ने शिकायतकर्ता से 1 लाख रुपये की रिश्वत की रकम मांगी और उसे स्वीकार किया, वैसे ही मौके पर मुस्तैद सीबीआई की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।

    गेस्ट हाउस और घर की तलाशी में मिली अघोषित नगदी व प्रॉपर्टी के दस्तावेज

    प्रेस रिलीज के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीमों ने आरोपी अधिकारी के ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान आरोपी के गेस्ट हाउस (अतिथि गृह) के कमरे की तलाशी लेने पर 62,000 रुपये की अघोषित नगदी (Unaccounted Cash) बरामद की गई। इसके अतिरिक्त, जब आरोपी के निजी आवास (घर) की तलाशी ली गई, तो वहां से रियल एस्टेट (जमीन-जायदाद) में किए गए भारी निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण और आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जिनकी जांच जारी है।

    आज जबलपुर की सक्षम अदालत में पेश करेगी सीबीआई

    सीबीआई ने आरोपी डिप्टी चीफ इंजीनियर को गिरफ्तार कर लिया है और कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए उसे आज यानी 5 जून 2026 को जबलपुर स्थित सक्षम सीबीआई अदालत (Competent Court) के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां जांच एजेंसी आगे की पूछताछ के लिए रिमांड की मांग कर सकती है। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि मामले में भ्रष्टाचार के अन्य संभावित पहलुओं को खंगालने के लिए जांच निरंतर जारी है।

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    05/06/26 |

    पद्म पुरस्कार-2027 के लिए नामांकन 31 जुलाई, 2026 तक

    आरएस अनेजा, 5 जून नई दिल्ली - गणतंत्र दिवस 2027 के अवसर पर घोषित होने वाले पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन/सिफारिशें शुरू हो गई हैं। पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2026 है। पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन/सिफारिशें केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (https://awards.gov.in) पर ऑनलाइन ही स्वीकार की जाएंगी।

    पद्म पुरस्कार, अर्थात् पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से हैं। सन् 1954 में स्थापित ये पुरस्कार प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर घोषित किए जाते हैं। यह पुरस्कार 'विशिष्ट कार्यों' को मान्यता देने के उद्देश्य से दिया जाता है और कला, साहित्य एवं शिक्षा, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, जनसंपर्क, सिविल सेवा, व्यापार एवं उद्योग आदि सभी क्षेत्रों में विशिष्ट एवं असाधारण उपलब्धियों/सेवाओं के लिए प्रदान किया जाता है। जाति, व्यवसाय, पद या लिंग के भेदभाव के बिना सभी लोग इन पुरस्कारों के लिए पात्र हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्यरत सरकारी कर्मचारी, जिनमें डॉक्टर और वैज्ञानिक शामिल नहीं हैं, पद्म पुरस्कारों के लिए पात्र नहीं हैं।

    सरकार पद्म पुरस्कारों को “जनता का पद्म” बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अतः सभी नागरिकों से स्वनामांकन सहित नामांकन/सिफारिशें करने का अनुरोध किया जाता है। महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों, दिव्यांगजनों और समाज की निःस्वार्थ सेवा कर रहे प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान करने के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए, जिनकी उत्कृष्टता और उपलब्धियां वास्तव में मान्यता के योग्य हैं।

    नामांकन/सिफारिशों में उपर्युक्त पोर्टल पर उपलब्ध प्रारूप में निर्दिष्ट सभी प्रासंगिक विवरण शामिल होने चाहिए, जो संबंधित क्षेत्र/विषय में अनुशंसित व्यक्ति की विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवा को स्पष्ट रूप से उजागर करते हों।

    इस संबंध में विस्तृत जानकारी गृह मंत्रालय की वेबसाइट (https://mha.gov.in ) और पद्म पुरस्कार पोर्टल ( https://padmaawards.gov.in ) पर 'पुरस्कार और पदक' शीर्षक के अंतर्गत उपलब्ध है। इन पुरस्कारों से संबंधित नियम और विनियम वेबसाइट पर https://padmaawards.gov.in/AboutAwards.aspx लिंक पर उपलब्ध हैं।