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    महेंद्रगढ़ को मिली 13 स्वास्थ्य संस्थानों की सौगात, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना राज्य सरकार की प्रतिबद्धता : आरती सिंह राव

    अभिकान्त, 07 जुलाई हरियाणा : हरियाणा सरकार ने प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार की ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महेंद्रगढ़ जिले के लिए कुल 13 स्वास्थ्य संस्थानों को मंजूरी दी है। इसके तहत जिले में 12 नए उप-स्वास्थ्य केंद्र (Sub-Health Centers) खोले जाएंगे, जबकि एक मौजूदा उप-स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) बनाया जाएगा।

     

    हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए कहा, "राज्य सरकार प्रदेश के हर नागरिक, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके घर के नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"

     

    रामबास का स्वास्थ्य केंद्र होगा अपग्रेड

     

    स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि ग्रामीण आबादी को बेहतर इलाज और ओपीडी की सुविधाएं देने के लिए महेंद्रगढ़ जिले के गांव रामबास में स्थित उप-स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के रूप में अपग्रेड करने की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है। इस अपग्रेडेशन से स्थानीय निवासियों को अब सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

     

    इन 12 गांवों में खुलेंगे नए उप-स्वास्थ्य केंद्र

     

    इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने महेंद्रगढ़ जिला के ही गांव छापड़ा सलीमपुर, कनीना, छीलरो, मुंडिया खेड़ा, भड़फ, मोरुण्ड , नायन, राय मलिकपुर, मुसनोता, चंदपुरा , नांगल नुनिया तथा गांव सेका में नया उपस्वास्थ्य केंद्र खोलने की मंजूरी दी है।

     

    ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में आएगा क्रांतिकारी बदलाव

     

    स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि उक्त नए स्वास्थ्य केंद्रों के खुलने से महेंद्रगढ़ जिले के सुदूर गांवों में रहने वाले लोगों को प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, मातृ-शिशु देखभाल और अन्य बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना होगा। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी नागरिक बुनियादी स्वास्थ्य लाभ से वंचित न रहे।

     

    उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से न केवल महेंद्रगढ़ जिले के चिकित्सा ढांचे में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त किया है।

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    स्वास्थ्य विभाग द्वारा 7 जुलाई से 22 जुलाई तक चलाया जाएगा 'शून्य निवारणीय मातृ मृत्यु' पखवाड़ा : स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव

    अभिकान्त, 06 जुलाई चंडीगढ़ : हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि राज्य में प्रत्येक गर्भवती महिला को समय पर गुणवत्तापूर्ण और व्यापक मातृ स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सामुदायिक आउटरीच को तेज किया जाए  ताकि कोई भी गर्भवती महिला आवश्यक प्रसव पूर्व देखभाल या संस्थागत प्रसव सेवाओं से महरूम न रह जाए।

    आरती सिंह राव ने बताया कि मातृ स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने और राज्य में मातृ मृत्यु दर को और कम करने की एक बड़ी पहल के तहत, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हरियाणा ने प्रदेश के सभी जिलों में कल 7 जुलाई से 22 जुलाई तक 'शून्य निवारणीय मातृ मृत्यु पखवाड़ा' (Zero Preventable Maternal Death Pakhwada) मनाने का निर्णय लिया है। पखवाड़े भर चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक गर्भवती महिला को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और व्यापक मातृ स्वास्थ्य सेवाएं मिलें ताकि कोई भी ऐसी मातृ मृत्यु न हो जिसे रोका जा सकता था। यह पहल माताओं के जीवन को सुरक्षित रखने और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के उच्चतम मानकों को प्राप्त करने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

    उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग सुलभ, न्यायसंगत और उच्च गुणवत्ता वाली मातृ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है। स्वास्थ्य कर्मियों, चिकित्सा पेशेवरों, सहयोगी संगठनों और समुदाय के सामूहिक प्रयासों के माध्यम से, राज्य का लक्ष्य 'शून्य निवारणीय मातृ मृत्यु पखवाड़ा' को माताओं के जीवन की रक्षा करने और हरियाणा में प्रत्येक महिला के लिए सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बनाना है।

    स्वास्थ्य मंत्री ने सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के सभी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से पखवाड़े के दौरान निकट समन्वय में काम करने और प्रत्येक गर्भवती महिला के लिए समय पर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण देखभाल सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने परिवारों से भी आग्रह किया है कि वे गर्भवती महिलाओं को नियमित प्रसव पूर्व जांच कराने, खतरे के संकेतों को जल्दी पहचानने और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करें।

    एनएचएम, हरियाणा के मिशन-निदेशक डॉ. आर. एस. ढिल्लों ने इस अवसर पर उक्त पखवाड़ा की जानकारी साझा करते हुए कहा कि इस अभियान के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए सभी सिविल सर्जनों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठकें की गई हैं। इन बैठकों के दौरान, सिविल सर्जनों को उच्च जोखिम वाली गर्भधारण (high-risk pregnancies) की पहचान करने, प्रसव पूर्व देखभाल सेवाओं को मजबूत करने, समय पर रेफरल सुनिश्चित करने, प्रथम रेफरल इकाइयों (FRUs) में चौबीसों घंटे तत्परता बनाए रखने और विशेष ध्यान देने की आवश्यकता वाली प्रत्येक गर्भवती महिला की बारीकी से निगरानी करने के लिए कड़े और सक्रिय कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को सख्त निगरानी रखने और किसी भी प्रसूति संबंधी आपात स्थिति (obstetric emergency) का तुरंत जवाब देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    डॉ. ढिल्लों ने आगे कहा कि उच्च जोखिम वाले गर्भधारण की पहचान और फॉलो-अप, समय पर रेफरल और परिवहन, रक्त और रक्त घटकों (blood components) की उपलब्धता, आपातकालीन प्रसूति देखभाल, विशेषज्ञ सेवाओं और लेबर रूम व प्रसूति सुविधाओं के निर्बाध संचालन पर विशेष जोर दिया गया है। स्वास्थ्य टीमों को आशा (ASHA), एएनएम (ANM), स्टाफ नर्सों और चिकित्सा अधिकारियों के माध्यम से सामुदायिक आउटरीच को तेज करने का निर्देश भी दिया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी गर्भवती महिला आवश्यक प्रसव पूर्व देखभाल या संस्थागत प्रसव (institutional delivery) सेवाओं से न चूके।

    एनएचएम के निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि मातृ स्वास्थ्य को एक साझा जिम्मेदारी मानते हुए, स्वास्थ्य विभाग ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन  हरियाणा के राज्य अध्यक्ष और फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (FOGSI) के हरियाणा चैप्टर के अध्यक्षों से सक्रिय सहयोग और भागीदारी मांगी है। इन संस्थाओं से अनुरोध किया गया है कि वे अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और शून्य निवारणीय मातृ मृत्यु के उद्देश्य को प्राप्त करने में हर संभव सहायता प्रदान करें।"

     

    डॉ. वीरेंद्र यादव ने आगे यह भी बताया कि आईएमए और फॉग्सी (FOGSI) से जुड़े सभी निजी डॉक्टर अपने-अपने अस्पतालों में प्रसव के 7 दिनों के भीतर सभी प्रसवित महिलाओं को "2 निःशुल्क प्रसवोत्तर जांच (Post-natal check-ups)" प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि यह कदम गुणवत्तापूर्ण प्रसवोत्तर देखभाल जांच सुनिश्चित करेगा और किसी भी उच्च जोखिम वाले कारक को दूर करेगा जो स्तनपान कराने वाली माँ के जीवन के लिए घातक हो सकता है।

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    हरियाणा : चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित; हरियाणा को इसी महीने मिलेंगे 431 नए चिकित्सक

    अभिकान्त, 05 जुलाई हरियाणा : हरियाणा के राजकीय चिकित्सालयों में चिकित्सकों की कमी को दूर करने तथा स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने एक लंबी प्रतीक्षा के उपरांत चिकित्सा अधिकारियों (डॉक्टरों) की सीधी भर्ती का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत कुल 431 उम्मीदवारों को अंतिम रूप से सफल घोषित किया गया है, जिन्हें इसी माह के भीतर राज्य के विभिन्न चिकित्सालयों और स्वास्थ्य केंद्रों में नियुक्त कर दिया जाएगा।

    परिणाम की घोषणा के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने आगामी पदस्थापन (पोस्टिंग) की प्रशासनिक प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है। इसके तहत चयनित अभ्यर्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण चरण अपनी पसंद के स्टेशनों (चॉइस फिलिंग) का विकल्प भरना है। विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, सभी सफल अभ्यर्थियों को अपने पसंदीदा कार्यस्थल अथवा जिले की प्राथमिकता दर्ज करने के लिए चार दिन का समय प्रदान किया गया है। निर्धारित समयावधि में ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त विकल्पों, मेरिट और प्रशासनिक नियमों के आधार पर ही इन चिकित्सकों को विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा, जिससे प्रदेश के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाएं अधिक सुलभ हो सकेंगी।

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    अंबाला के कैंसर अस्पताल में शीघ्र लगवाई जाए एडवांस तकनीक की पैट-स्कैन मशीन: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री ने मशीन की स्थापना के लिए स्वास्थ्य विभाग को अगले 15 दिन में टेंडर के नियम-शर्तें अनुमोदित करवाने के निर्देश दिए

    चंडीगढ़, 2 जुलाई-हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज एक बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैंसर मरीजों की सुविधा के लिए अंबाला के कैंसर अस्पताल में जल्द से जल्द पैट-स्कैन मशीन की स्थापना करवाई जाए। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को अगले 15 दिन में टेंडर के नियम-शर्तें तैयार कर इन्हंे अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर परिवहन मंत्री अनिल विज व मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री आरके खुल्लर भी मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अंबाला का कैंसर अस्पताल कैंसर के मरीजों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और यहां आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल में पैट-स्कैन मशीन का होना बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पैट-स्कैन मशीन एक उन्नत चिकित्सा इमेजिंग मशीन है जो मरीज के शरीर में कैंसर की पहचान करने के लिए बहुत कारगर है। इससे यह भी पता लग जाता है कि कैंसर किस स्टेज में है और यह शरीर के किस-किस हिस्से में फैल चुका है। इस मशीन के माध्यम से कीमोथैरेपी या रेडियोथैरेपी के प्रभाव का मूल्यांकन भी किया जा सकता है जिससे कैंसर के इलाज में काफी मदद मिलती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अंबाला के कैंसर अस्पताल में पहले प्रस्तावित एनालोग मशीन के स्थान पर डिजिटल मशीन लगाई जाए ताकि कैंसर की पहचान के सटीक परिणाम मिल सके और मरीजों के इलाज में अधिक सुविधा मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नई खरीदी जाने वाली पैट-स्कैन मशीन अब तक की सबसे आधुनिक तकनीक वाली हो। उन्होंने कहा कि पैट-स्कैन मशीन से टैस्ट करवाने वाले कैंसर मरीजों के लिए किफायती दरें निर्धारित की जाएं ताकि मरीजों की जेब पर अधिक बोझ न पड़े। उन्होंने कहा कि हालांकि आयुष्मान भारत योजना के पात्र व्यक्ति किसी भी अस्पताल में निःशुल्क पैट-स्कैन करवा सकता है लेकिन अंबाला के कैंसर अस्पताल में इस सुविधा को प्राथमिकता के आधार पर मुहैया करवाया जाएगा।

    परिवहन मंत्री अनिल विज ने बताया कि अंबाला के कैंसर अस्पताल में केवल हरियाणा से ही नहीं बल्कि 6-7 राज्यों के मरीज अपना इलाज करवाने के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि अंबाला के पास सद्दोपुर में पैट-स्कैन मशीन की सुविधा है लेकिन इस मशीन का अंबाला कैंसर अस्पताल में भी होना बहुत आवश्यक है, क्योंकि अस्पताल में भर्ती मरीज को जांच के लिए कहीं अन्य स्थान पर ले जाना कष्टदायक होता है। उन्होंने कहा कि अंबाला कैंसर अस्पताल में पीजीआई चंडीगढ़ से भी महंगी मशीनें लगाई गई हैं। पैट-स्कैन मशीन लगने के बाद मरीजों को इस अस्पताल का पूरा लाभ मिल सकेगा।

    इस अवसर पर एचएमएससीएल के प्रबंध निदेशक मनोज व स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

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    हरियाणा में प्रत्येक जिले के नागरिक अस्पताल में प्लेटलेट्स की सुविधा पूरी तरह से मुफ्त : स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव

    अभिकान्त, 01 जुलाई हरियाणा : हरियाणा में मानसून की दस्तक के साथ ही स्वास्थ्य विभाग डेंगू के खिलाफ पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। इसी कड़ी में हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रदेश की जनता को सचेत रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी है। स्वास्थ्य मंत्री ने "आओ मिलकर डेंगू रोकें" का नारा देते हुए राज्य के नागरिकों से अपील की है कि वे जुलाई महीने को 'डेंगू रोधी महीने' के रूप में मनाएं और अपने आस-पास पानी जमा न होने दें।

     

    उन्होंने बताया कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है, जो मुख्य रूप से दिन के समय काटता है और हमेशा रुके हुए साफ पानी में ही पनपता है। स्वास्थ्य मंत्री ने जनता से अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने और "पानी ठहरेगा जहां - मच्छर पनपेगा वहां" की बात को गंभीरता से लेने का आग्रह किया है।

     

    आरती सिंह राव ने प्रदेशवासियों को सलाह दी है कि वे प्रत्येक रविवार को अपने घरों में और शुक्रवार को अपने कार्यालयों में 'सुखा दिवस' जरूर मनाएं। इस दिन सभी पानी के बर्तनों, कूलर, टंकी, फ्रिज के पीछे बनी ट्रे, गमले तथा गमलों के नीचे रखी ट्रे को खाली करके कम से कम 24 घंटे तक सुखाएं ताकि मच्छर के अंडे और लार्वा पूरी तरह नष्ट हो जाएं।

     

    इसके साथ ही उन्होंने छतों पर रखी पानी की टंकियों को हमेशा ढक्कन लगाकर बंद रखने तथा मानसून की बरसात शुरू होने से पहले छत पर पड़े बेकार प्लास्टिक के सामान, पुराने टायर और नारियल के खोल आदि को साफ करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि घरों के आस-पास के गड्ढों को मिट्टी से भरवा दें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छर रोधी क्रीम या कीटनाशक से उपचारित मच्छरदानी का उपयोग करें।

     

    स्वास्थ्य मंत्री ने हरियाणा सरकार की ओर से राज्य के नागरिकों को दी जा रही सुविधाओं  की जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा के प्रत्येक जिले के नागरिक अस्पताल में प्लेटलेट्स की सुविधा पूरी तरह से मुफ्त उपलब्ध करवाई गई है। इसके अतिरिक्त, राज्य के प्रत्येक जिले के नागरिक अस्पतालों में कुल 27 सरकारी डेंगू जांच प्रयोगशालाएं क्रियाशील हैं, जहां डेंगू की जांच पूरी तरह नि:शुल्क की जा रही है। निजी क्षेत्र पर नियंत्रण की बात करते हुए उन्होंने साफ किया कि सभी प्राइवेट लैब को एलाइजा आधारित एनएस-1 एवं आई.जी.एम. डेंगू टेस्ट अधिकतम 600 रुपये में ही करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इन सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए नागरिक अपने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी या जिला मलेरिया अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

     

    स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों को डेंगू के लक्षणों के प्रति सचेत करते हुए कहा कि अकस्मात तेज बुखार होना, अचानक तेज सिर दर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होना और आंखों के पीछे दर्द होना (जो आंखें घुमाने से बढ़ता है), इसके मुख्य लक्षण हैं। उन्होंने जनता को सख्त हिदायत दी है कि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अपने नजदीकी चिकित्सा केंद्र में जाकर खून की मुफ्त जांच करवाएं। उन्होंने विशेष तौर पर आगाह किया कि मरीज हमेशा चिकित्सक की सलाह से ही दवाई खाएं और भूलकर भी स्वयं कोई दवा न लें। स्वास्थ्य मंत्री ने अंत में संदेश दिया कि यदि हमें इस बीमारी को अपने राज्य से दूर रखना है, तो हम सबको मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

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    हरियाणा में आज पल्स पोलियो 2026 अभियान की शुरुआत हुई

    अभिकान्त, 28 जून हरियाणा : हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और भारत व हरियाणा को वर्ष 2014 से मिला 'पोलियो मुक्त' दर्जा स्वास्थ्य विभाग, अग्रणी कार्यकर्ताओं और आम जनता के साझा प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने प्रदेश के सभी माता-पिता से अपील की कि वे अपने 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां इस गंभीर बीमारी से पूरी तरह सुरक्षित रह सकें। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य का एक भी बच्चा इस सुरक्षा चक्र से छूटना नहीं चाहिए।

     

    हरियाणा को पोलियो मुक्त बनाए रखने के अपने संकल्प को दोहराते हुए राज्य सरकार ने आज से सभी जिलों में राष्ट्रीय प्रतिरक्षण दिवस (NID) के तहत पल्स पोलियो 2026 अभियान की शुरुआत कर दी है। अभियान के पहले दिन प्रदेश भर में विशेष बूथ गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन विभिन्न जिलों में मंत्रियों, विधायकों, उपायुक्तों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया गया।

     

     इसी कड़ी में हरियाणा विधानसभा के  उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा ने जींद जिले में इस अभियान की शुरुआत की। वहीं, भिवानी में विधायक घनश्याम सर्राफ, फरीदाबाद में मूलचंद शर्मा, करनाल में जगमोहन आनंद, महेंद्रगढ़ में ओ.पी. यादव, रेवाड़ी में लक्ष्मण सिंह, सोनीपत में निखिल मदान और यमुनानगर में घनश्याम दास अरोड़ा ने बूथों का उद्घाटन कर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। रोहतक में पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर और कुरुक्षेत्र में पूर्व विधायक सुभाष सुधा ने इस अभियान का शुभारंभ किया, जबकि गुड़गांव में पार्षद सोनिया यादव व सतपाल और झज्जर में एमसी अनु रानी ने मोर्चा संभाला। पलवल जिले में एनएचएम हरियाणा के निदेशक (एमसीएच) ने इस गतिविधि की शुरुआत की।

     

    28 से 30 जून 2026 तक चलने वाले इस तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान के दौरान राज्य के लगभग 35.50 लाख बच्चों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के पहले ही दिन 5 वर्ष तक की आयु के लगभग 20 लाख (56 प्रतिशत) बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई जा चुकी हैं। इस महाअभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए राज्य भर में लगभग 17,000 बूथ स्थापित किए गए हैं, जिन पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को मिलाकर कुल 34,000 स्वास्थ्य टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा, ईंट-भट्टों, निर्माण स्थलों, पोल्ट्री फार्मों और झुग्गी-झोपड़ियों जैसे दूरदराज या कम पहुंच वाले क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों तक पहुंचने के लिए लगभग 1500 मोबाइल टीमें भी मुस्तैद की गई हैं।

     

    अभियान की कड़े स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों में लगभग 3400 फील्ड सुपरवाइजर और जिला स्तरीय अधिकारियों ने गतिविधियों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही इम्यूनाइजेशन फील्ड वॉलिंटियर्स और डब्ल्यूएचओ (NPSP-WHO) के स्वतंत्र मॉनिटर्स ने भी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

     

     स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान की देखरेख के लिए 16 राज्य पर्यवेक्षकों को भी तैनात किया गया है। इस जमीनी कवायद से पहले प्रिंट और डिजिटल मीडिया, माइकिंग (लाउडस्पीकर से मुनादी) और अन्य जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से जनता को जागरूक किया गया था।

     

    जो बच्चे आज यानी 28 जून को बूथ पर आकर दवा नहीं ले पाए हैं, उनको स्वास्थ्य विभाग की टीमें 29 और 30 जून को घर-घर जाकर और मोबाइल टीमों के जरिए हाई-रिस्क वाले क्षेत्रों, जैसे झुग्गी-झोपड़ियों, ईंट-भट्टों और निर्माण स्थलों पर प्रवासी आबादी के बच्चों को कवर करेंगी।

     

    स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, अन्य संबंधित विभागों और जनता के लगातार प्रयासों के चलते भारत और हरियाणा को साल 2014 में ही पोलियो मुक्त घोषित कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर बार इस अभियान को पूरी मुस्तैदी से चलाकर देश के इस 'पोलियो मुक्त' दर्जे को कायम रखना है, जिसके लिए आम जनता से भी सक्रिय सहयोग की अपील की है।

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    हरियाणा : पल्स पोलियो राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान की तैयारियों को लेकर हुई बैठक, 28 जून से शुरू होगा अभियान

    अभिकान्त, 25 जून चंडीगढ़ : हरियाणा में आगामी पल्स पोलियो राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान की तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य (MCH) निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 28 जून, 2026 से शुरू होने वाले इस राष्ट्रव्यापी अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी हितधारकों और जिला अधिकारियों के साथ मिलकर तैयारियों की समीक्षा करना था। बैठक में राज्य के सभी सिविल सर्जन, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (DIOs), यूएनओ, और डीएमईओ सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

    इस अभियान को जमीनी स्तर पर पूरी तरह प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सरकारी विभागों और सामाजिक संस्थाओं ने भी बैठक में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। इसमें महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पंचायती राज, शहरी स्थानीय निकाय, श्रम, ईएसआई, जनसंपर्क, आयुष, चिकित्सा शिक्षा, परिवहन, और रेलवे जैसे प्रमुख विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसके साथ ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP) और रोटरी क्लब के पदाधिकारियों ने भी इसमें शामिल होकर अभियान को सफल बनाने की प्रतिबद्धता जताई।

    स्वास्थ्य विभाग द्वारा तय की गई रूपरेखा के अनुसार, तीन दिवसीय इस विशेष अभियान की शुरुआत 28 जून को बूथ गतिविधि के साथ होगी, जहां अभिभावक अपने बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाने के लिए नजदीकी केंद्रों पर ला सकेंगे। इसके बाद, जो बच्चे किसी कारणवश पहले दिन बूथ पर नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए 29 और 30 जून को स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर विशेष दौरा किया जाएगा ताकि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा चक्र से वंचित न रह सके।

    इस राष्ट्रव्यापी पल्स पोलियो अभियान के तहत पूरे हरियाणा में शून्य से पांच वर्ष की आयु वर्ग के लगभग 36.09 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार और स्वास्थ्य प्रशासन ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि सभी विभाग आपस में बेहतर समन्वय स्थापित कर काम करें, ताकि राज्य के हर कोने में रहने वाले लक्षित बच्चों तक इस जीवन रक्षक दवा की पहुंच सुनिश्चित की जा सके और राज्य को पोलियो मुक्त बनाए रखा जा सके।

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    ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ पहल के तहत हरियाणा के आठ जिला अस्पतालों में लगेंगी मैमोग्राफी मशीनें

    अभिकान्त, 18 जून हरियाणा : महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हरियाणा सरकार राज्य के आठ जिला अस्पतालों में फुल-फील्ड डिजिटल मैमोग्राफी (एफएफडीएम) मशीनें स्थापित करेगी। यह कार्य मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा शुरू की गई प्रमुख पहल ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ क्लीनिक के तहत किया जाएगा।

    इस संबंध में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इन मशीनों के माध्यम से महिलाओं को स्तन कैंसर की जांच और समय पर उपचार की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि मैमोग्राफी मशीनें जिला नागरिक अस्पताल

    पंचकूला, रेवाड़ी, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, पानीपत, करनाल और नारनौल के अलावा गुरुग्राम के सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में स्थापित की जाएंगी। इन मशीनों की स्थापना से महिलाओं को अपने ही जिले में उन्नत स्तन कैंसर जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें उपचार के लिए दूर-दराज के अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

    डॉ. मिश्रा ने कहा कि ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ क्लीनिक का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इसी वर्ष 29 मई को किया था। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग, जांच, परामर्श, निदान और निवारक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसी कड़ी में हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचएमएससीएल) के माध्यम से राज्य स्वास्थ्य खरीद एवं क्रय समिति (एसएचपीपीसी) द्वारा 11 फुल-फील्ड डिजिटल मैमोग्राफी मशीनों की खरीद को मंजूरी प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक मशीन की लागत लगभग 1.18 करोड़ रुपये है। इन मशीनों की स्थापना से राज्य में महिलाओं के लिए कैंसर जांच सेवाओं का दायरा व्यापक होगा तथा स्वास्थ्य अवसंरचना को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।

    अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि वर्तमान में मैमोग्राफी सेवाएं केवल अंबाला छावनी के उप-मंडल नागरिक अस्पताल तथा झज्जर और रोहतक जिलों में उपलब्ध हैं। नई मशीनों की स्थापना के बाद राज्य के और अधिक जिलों में स्तन कैंसर की जांच सुविधा उपलब्ध हो जाएगी, जिससे रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान संभव होगी और उपचार की सफलता दर में वृद्धि होगी।

    डॉ. मिश्रा ने यह भी जानकारी दी कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने पीएम केयर्स योजना के तहत हरियाणा को पांच अतिरिक्त मैमोग्राफी यूनिट आवंटित करने की मंजूरी दी है। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (एनएचएसआरसी) के माध्यम से नौ मशीनों की मांग भेजी थी, जिसके विरुद्ध पांच मशीनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन अतिरिक्त मशीनों को रोगियों की संख्या, स्थानीय आवश्यकता और सेवा मांग के आधार पर अन्य जिलों में स्थापित किया जाएगा, ताकि राज्य के अधिक से अधिक क्षेत्रों में महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

    डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि स्तन कैंसर के खिलाफ लड़ाई में प्रारंभिक पहचान सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। समय पर जांच से न केवल उपचार अधिक सफल होता है, बल्कि रोग से होने वाली जटिलताओं और मृत्यु दर में भी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि मैमोग्राफी सेवाओं का विस्तार महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में हरियाणा सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से महिलाओं को समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिलेगी तथा राज्य में महिला स्वास्थ्य संकेतकों में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।

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    कैथल में 28 से 30 जून तक पल्स पोलियो अभियान: 17 जून से 'दस्त रोको' अभियान भी शुरू

    जे कुमार कैथल, 17 जून 2026: जिला में आगामी 28 जून से 30 जून तक पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत 0 से 5 वर्ष तक के लगभग 1 लाख 1 हजार 283 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही, बच्चों को डायरिया से बचाने के लिए 16 जून से 31 जुलाई तक 'दस्त रोको अभियान' भी चलाया जाएगा। नगराधीश कैप्टन प्रमेश सिंह ने जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी संबंधित विभागों को इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के कड़े निर्देश दिए हैं।

    28 जून को बूथ पर और दो दिन घर-घर पिलाई जाएगी दवा

    नगराधीश कैप्टन प्रमेश सिंह ने अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि पल्स पोलियो अभियान को पूरी सफलता से लागू करने के लिए जिले भर में व्यापक तैयारियां की गई हैं |

    बूथ और डोर-टू-डोर एक्टिविटी: अभियान के पहले दिन यानी 28 जून को बूथ एक्टिविटी के तहत बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। इसके बाद 29 व 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियों ड्रॉप पिलाएंगी। 619 बूथ और मोबाइल टीमें: इस कार्य के लिए जिले में कुल 619 बूथ स्थापित किए जा रहे हैं।

    हाई-रिस्क एरिया पर विशेष फोकस: झुग्गी-झोपड़ियों, ईंट-भट्टों और निर्माणाधीन भवनों जैसे अति संवेदनशील (हाई-रिस्क) क्षेत्रों को कवर करने के लिए 60 मोबाइल टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर बच्चों को दवा पिलाने के लिए 30 विशेष टीमें लगाई गई हैं।

    पड़ोसी देशों से खतरा बरकरार: हालांकि डब्ल्यूएचओ (WHO) द्वारा भारत को 27 मार्च 2014 को ही पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है, लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पोलियो वायरस की मौजूदगी के कारण भारत में इसके दोबारा आने का खतरा हमेशा बना रहता है। इसीलिए यह एहतियाती अभियान बेहद जरूरी है।

    डायरिया से बचाव के लिए सिविल सर्जन की अपील

    बैठक के दौरान सिविल सर्जन डॉ. रेणू चावला ने 'दस्त रोको अभियान' की जानकारी देते हुए अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को डायरिया के संक्रमण से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की हिदायतों का पालन करें।

    सिविल सर्जन ने हिदायत दी कि यदि बच्चे में डायरिया या डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) का कोई भी गंभीर लक्षण दिखे, तो बिना देरी किए तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

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    अवैध लिंग जांच नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए हरियाणा लेगा उत्तर प्रदेश का सहयोग

    अभिकान्त, 16 जून चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने अवैध लिंग जांच के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अंतर्राज्यीय सहयोग को मजबूत करने की पहल की है। इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के तहत उत्तर प्रदेश के साथ सहयोग की पहल की है।

    उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) श्री अमित कुमार घोष को लिखे पत्र में डॉ. मिश्रा ने जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार तथा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के प्रति दोनों राज्यों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बालिका के अधिकारों और गरिमा के लिए खतरा पैदा करने वाली अवैध गतिविधियों को समाप्त करने के लिए समन्वित प्रवर्तन कार्रवाई और प्रशासनिक सहयोग अत्यंत आवश्यक है।

    हरियाणा की सतत और सक्रिय प्रवर्तन रणनीति का उल्लेख करते हुए डॉ. मिश्रा ने बताया कि राज्य की पीसीपीएनडीटी टीमें अवैध लिंग जांच में संलिप्त तत्वों के खिलाफ लगातार डिकॉय ऑपरेशन और छापेमारी कर रही हैं। जनवरी 2024 से मार्च 2026 के बीच हरियाणा ने कुल 84 छापेमारी अभियान चलाए, जिनमें से 37 अभियान उत्तर प्रदेश में संचालित किए गए। यह राज्य की सीमाओं से बाहर जाकर भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की हरियाणा की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई जिलों के प्रशासन द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभागों के बीच संस्थागत स्तर पर बेहतर समन्वय से प्रवर्तन कार्यवाहियों की प्रभावशीलता को और अधिक बढ़ाया जा सकता है। उनके अनुसार, सफल छापेमारी, प्राथमिकी दर्ज कराने, आरोपियों के खिलाफ अभियोजन चलाने तथा दोषसिद्धि सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    डॉ. मिश्रा ने उत्तर प्रदेश सरकार से अनुरोध किया कि हरियाणा से सटे जिलों के जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वहां पहुंचने वाली पीसीपीएनडीटी टीमों को तत्काल प्रशासनिक और पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने ऐसे अभियानों से जुड़े न्यायालयीन मामलों की निरंतर निगरानी और प्रभावी पैरवी की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जा सके।

    उन्होंने बताया कि यह पहल अवैध लिंग जांच के प्रति हरियाणा सरकार की जीरो टोलरेंस नीति और बालिका संरक्षण के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि पड़ोसी राज्यों के बीच मजबूत समन्वय से अवैध नेटवर्क को अधिक प्रभावी ढंग से ध्वस्त किया जा सकेगा और जन्म के समय लिंगानुपात में और सुधार लाने में मदद मिलेगी।

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    अम्बाला छावनी के नागरिक अस्पताल में PMSMY योजना के 10 साल पूरे होने पर भव्य कार्यक्रम आयोजित

    जे कुमार अम्बाला कैंट, 10 जून 2026: अम्बाला छावनी (Ambala Cantt) स्थित नागरिक अस्पताल (Civil Hospital) के परिसर में आज एक विशेष और भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMY) योजना के सफल 10 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने शिरकत की।

    गर्भवती महिलाओं के लिए वरदान साबित हुई योजना: पीएमओ

    नागरिक अस्पताल की पीएमओ (PMO) डॉ. पूजा पैंटल ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले एक दशक में इस योजना ने देश और प्रदेश में मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) को कम करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। इस योजना के तहत प्रत्येक माह की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व मुफ्त जांच (ANC) और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं, जिससे जोखिम वाली गर्भधारण (High-Risk Pregnancy) की समय रहते पहचान कर जच्चा-बच्चा की जान बचाई जा रही है। उन्होंने अस्पताल के स्त्री रोग विभाग द्वारा दी जा रही बेहतरीन सेवाओं की सराहना की।

    गर्भवती महिलाएं नियमित जांच से जोखिम को टालें: डॉ. रचना बंसल

    वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) डॉ. रचना बंसल ने इस विशेष अवसर पर गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान सही पोषण और समय पर डॉक्टरी सलाह बेहद जरूरी है।

    9 तारीख का उठाएं लाभ: डॉ. रचना बंसल ने महिलाओं से अपील की कि वे हर महीने की 9 तारीख को अस्पताल में आकर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत अपनी निःशुल्क एएनसी (ANC) जांच और टेस्ट अवश्य करवाएं।

    हाई-रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान: समय पर होने वाली जांचों से शरीर में खून की कमी (Anemia), हाई ब्लड प्रेशर या अन्य जटिलताओं का पहले ही पता चल जाता है, जिससे प्रसव के समय होने वाले किसी भी बड़े खतरे को आसानी से टाला जा सकता है।#AmbalaNews #AmbalaCantt #CivilHospitalAmbala #PMSMY10Years #PradhanMantriSurakshitMatritvaAbhiyan #HealthcareHaryana #DrRachnaBansal #DrPoojaPaintal #LocalNewsAmbala

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    अम्बाला शहर में निःशुल्क मेगा मेडिकल चेकअप व मैमोग्राफी जांच शिविर कल; विशेषज्ञ डॉक्टर देंगे सेवाएं

    जे कुमार अम्बाला शहर, 9 जून 2026: भारत विकास परिषद (नगर शाखा) द्वारा स्वर्गीय पवन अग्रवाल (सीनियर चार्टर्ड अकाउंटेंट) की पुण्य स्मृति में कल, यानी बुधवार 10 जून 2026 को एक विशाल निःशुल्क मेडिकल चेकअप एवं मैमोग्राफी जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है. इस शिविर के माध्यम से शहर व आस-पास के क्षेत्रवासियों को नामी विशेषज्ञ डॉक्टरों से सीधे परामर्श और गंभीर बीमारियों की निःशुल्क जांच कराने का अवसर मिलेगा.

    शिविर की मुख्य बातें और समय-सारणी

    • दिनांक व समय: 10 जून 2026 (बुधवार), प्रातः 09:30 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक.

    • स्थान: परिषद भवन, अग्रसेन चौक, अम्बाला शहर.

    इन रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर देंगे निःशुल्क परामर्श

    शिविर में मरीजों की जांच और परामर्श के लिए विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों के ख्याति प्राप्त विशेषज्ञ अपनी सेवाएं देंगे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

    • प्लास्टिक सर्जरी विशेषज्ञ: डॉ. मयंक अग्रवाल

    • न्यूरोसर्जरी विशेषज्ञ: डॉ. कार्तिक नांदरा

    • कार्डियोलॉजी (हृदय रोग) विशेषज्ञ: डॉ. रजत जैन

    महिलाओं के लिए विशेष निःशुल्क मैमोग्राफी जांच (कैंसर स्क्रीन)

    विशेष रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य और उनमें बढ़ते स्तन कैंसर (Breast Cancer) के खतरों को ध्यान में रखते हुए शिविर में निःशुल्क मैमोग्राफी जांच की अत्याधुनिक सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है. इस विशेष स्क्रीनिंग व जांच मोबाइल वैन का संचालन अमृत कैंसर फाउंडेशन (चंडीगढ़) एवं रोटरी क्लब अम्बाला डायमंड के विशेष सहयोग से किया जाएगा.

    कृत्रिम अंग प्राप्त करने के लिए भी खुली रहेगी खिड़की

    आयोजकों ने बताया कि इस शिविर में केवल स्वास्थ्य जांच ही नहीं होगी, बल्कि जो जरूरतमंद या दिव्यांग व्यक्ति निःशुल्क कृत्रिम अंग (आर्टिफिशियल लिम्ब्स) प्राप्त करने के इच्छुक हैं, उनके लिए भी शिविर स्थल पर विशेष संपर्क सुविधा और पंजीकरण की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी.

    भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों ने अम्बाला और आस-पास के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे कल समय पर पहुंचकर इस बहुउपयोगी और निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं.

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    बिजनोर में भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़: गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग और यूपी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 4 गिरफ्तार

    जे कुमार गुरुग्राम/बिजनोर, 6 जून 2026 : हरियाणा के गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उत्तर प्रदेश के बिजनोर में एक बड़े अंतरराज्यीय भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गुरुग्राम पीएनडीटी (PNDT) टीम और बिजनोर स्थानीय पुलिस ने एक संयुक्त गुप्त ऑपरेशन चलाकर अवैध रूप से लिंग जांच करने वाले रैकेट को रंगे हाथों दबोचा। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, नकद राशि और घटना में इस्तेमाल की गई गाड़ी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    डिकॉय कस्टमर (फर्जी मरीज) भेजकर बिछाया जाल

    गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि एक गिरोह गर्भवती महिलाओं को लिंग जांच के लिए हरियाणा से उत्तर प्रदेश के बिजनोर ले जाता है।

    • जाल बिछाया: टीम ने मामले की सत्यता जांचने के लिए एक फर्जी गर्भवती महिला (डिकॉय कस्टमर) को तैयार किया और दलालों से संपर्क साधा।

    • सौदा तय: दलालों ने लिंग जांच के लिए मोटी रकम तय की और महिला को एक निश्चित गाड़ी में बैठाकर गुरुग्राम से बिजनोर (उत्तर प्रदेश) लेकर पहुंचे।

    छापेमारी के दौरान हड़कंप, पोर्टेबल मशीन बरामद

    जैसे ही दलाल महिला को बिजनोर के एक गुप्त ठिकाने पर ले गए और अल्ट्रासाउंड के जरिए लिंग जांच की प्रक्रिया शुरू की, वैसे ही पीछे मुस्तैद गुरुग्राम की पीएनडीटी टीम और बिजनोर पुलिस ने संयुक्त रूप से वहां धावा बोल दिया। अचानक हुई इस छापेमारी से मौके पर हड़कंप मच गया। टीम ने मौके से अवैध पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, दलालों के पास से टेस्ट के लिए दिए गए चिन्हित नोट (नकद रुपये) और गाड़ी को जब्त कर लिया।

    सख्त कानूनी कार्रवाई और जांच जारी

    पुलिस ने इस काले धंधे में संलिप्त डॉक्टर और मुख्य दलालों सहित चार लोगों को हिरासत में ले लिया है। आरोपियों के खिलाफ पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था और इसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि इस रैकेट में और कौन-कौन से अस्पताल या डॉक्टर शामिल हैं।

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    उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ की अहम बैठक, दिए दिशा-निर्देश

    जे कुमार अम्बाला, 4 जून 2026 : उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने आज अपने कैंप कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में पल्स पोलियो, टीबी मुक्त अभियान, डेंगू, मलेरिया, डायरिया, संचारी-गैर संचारी रोगों की रोकथाम और मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने जैसे विभिन्न स्वास्थ्य संकेतकों की बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. रेणू बेरी सहित कई वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे।

    बैठक के दौरान डॉ. जश्न ने बताया कि आगामी 28 जून से पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। इसके तहत 29 और 30 जून को स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर और स्लम एरिया में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी। वहीं, डॉ. सीमा तंवर ने टीबी मुक्त अभियान और डॉ. विपिन भंडारी ने शिशु मृत्यु दर नियंत्रण के कार्यों पर प्रस्तुति दी।

    उपायुक्त तोमर ने मानसून और हीटवेव के मद्देनजर डेंगू व जल जनित बीमारियों से बचाव के लिए आमजन को पहले से जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से ईंट-भट्टों और स्लम एरिया में रहने वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया ताकि जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित रहें। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर समन्वय के साथ जनता तक पहुँचाने की अपील की।

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    सरकारी अस्पतालों में साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था अब पी.पी.पी. मोड पर; मुस्तैदी में कोताही बर्दाश्त नहीं : स्वास्थ्य मंत्री

    अभिकांत अम्बाला, 3 जून 2026 : हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने राज्य के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को विश्वस्तरीय और चाक-चौबंद बनाने के लिए एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकारी नागरिक अस्पतालों (सिविल हॉस्पिटल्स) में अब साफ-सफाई (Sanitation) और सुरक्षा व्यवस्था (Security) को पी.पी.पी. (Public-Private Partnership - पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर संचालित करवाया जाएगा।

    इस महत्वपूर्ण निर्णय का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों में आने वाले मरीजों को स्वच्छ वातावरण देना और डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की सुरक्षा को पूरी तरह पुख्ता करना है।

    लापरवाही बरतने वाली कंपनियों पर गिरेगी गाज

    स्वास्थ्य मंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग आमजन की सहूलियत और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। पी.पी.पी. मोड के तहत जिम्मेदारी संभालने वाली कंपनियों के लिए कड़े नियम व शर्तें तय की जाएंगी:

    • नियमित मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण: अस्पतालों के प्रशासनिक अधिकारियों को रोज साफ-सफाई और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की रिपोर्ट जांचनी होगी।

    • कोताही पर भारी जुर्माना: यदि किसी भी विंग या वार्ड में गंदगी पाई जाती है या सुरक्षा व्यवस्था में ढील के कारण कोई अप्रिय घटना होती है, तो संबंधित आउटसोर्स एजेंसी या कंपनी के खिलाफ भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उनका टेंडर तुरंत निरस्त कर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।

    मरीजों की सुविधा और स्टाफ की सुरक्षा पहली प्राथमिकता

    आरती सिंह राव ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या को देखते हुए मौजूदा आंतरिक व्यवस्था पर काम का बोझ काफी बढ़ गया था। नई व्यवस्था के तहत:

    • सुरक्षा के कड़े इंतजाम: अस्पतालों में अक्सर तीमारदारों और डॉक्टरों के बीच होने वाले विवादों व सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए प्रोफेशनल सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया जाएगा, जो चौबीसों घंटे हर संवेदनशील वार्ड पर नजर रखेंगी।

    • संक्रमण मुक्त होंगे वार्ड: मरीजों को इन्फेक्शन (संक्रमण) से बचाने के लिए अस्पतालों की साफ-सफाई में आधुनिक मशीनों और उच्च गुणवत्ता वाले कीटाणुनाशकों का उपयोग अनिवार्य किया जाएगा।

    स्वास्थ्य मंत्री के इस कदम से आने वाले दिनों में हरियाणा के सरकारी अस्पतालों की तस्वीर बदलने और स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर में बड़ा सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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    एस.ए. जैन सीनियर मॉडल स्कूल के छात्रों ने किया धर्मशाला और मैक्लोडगंज का शैक्षिक भ्रमण

    जे कुमार अम्बाला शहर, 3 जून 2026 : अम्बाला शहर के प्रतिष्ठित एस.ए. जैन सीनियर मॉडल स्कूल के छात्रों के लिए हाल ही में आयोजित की गई एक शैक्षिक यात्रा (Educational Tour) बेहद यादगार और ज्ञानवर्धक साबित हुई। स्कूल के छात्रों के एक दल ने 27 मई से 1 जून 2026 तक हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत पर्यटन और सांस्कृतिक स्थलों—धर्मशाला और मैक्लोडगंज का एक व्यापक भ्रमण किया। इस पूरी यात्रा में छात्रों को सीखने, रोमांच, दर्शनीय स्थलों की सैर और समृद्ध सांस्कृतिक अन्वेषण का एक अनूठा संगम देखने को मिला।

    यह यात्रा न केवल मनोरंजन का साधन रही, बल्कि इसने छात्रों को किताबी ज्ञान से परे व्यावहारिक रूप से अपने ज्ञान का विस्तार करने और जीवनभर संजो कर रखने योग्य यादें बनाने का बेहतरीन अवसर प्रदान किया।

    टीम वर्क और आत्मनिर्भरता का पाठ सीखकर लौटे छात्र

    प्रकृति की गोद में बिताए इन दिनों ने छात्रों के व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाई। स्कूल प्रशासन के अनुसार:

    • गुणों का विकास: इस यात्रा ने छात्रों में आपस में टीम वर्क (सामूहिक भावना), आत्मनिर्भरता और पहाड़ों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत व प्राकृतिक सुंदरता के प्रति गहरी सराहना की भावना को बढ़ावा दिया।

    • सराहनीय अनुशासन: पूरी यात्रा के दौरान छात्रों ने गजब के अनुशासन, अटूट उत्साह और आपसी सहयोग का परिचय दिया, जिसके परिणामस्वरूप यह पूरा दौरा सुरक्षित, आनंदमयी और अत्यंत सफल रहा।

    स्कूल प्रबंधक समिति और प्रधानाचार्या ने थपथपाई पीठ

    छात्रों और उनके साथ गए स्टाफ सदस्यों के लौटने पर स्कूल की प्रबंधक समिति ने उनके इस सराहनीय आचरण और यात्रा में पूरे मन से की गई भागीदारी की खुलकर प्रशंसा की।

    मैनेजमेंट और प्राचार्या ने संयुक्त रूप से कहा कि छात्रों में आत्मविश्वास पैदा करने, अनुभवात्मक शिक्षा (Experiential Learning) को बढ़ावा देने और उनके समग्र बौद्धिक व सामाजिक विकास के लिए ऐसी शैक्षिक यात्राएं समय-समय पर आयोजित होना बेहद आवश्यक हैं।

    यादगार स्मृतियों के साथ हुआ यात्रा का समापन

    इस ज्ञानवर्धक यात्रा का समापन अत्यंत हर्षोल्लास और सकारात्मक ऊर्जा के साथ हुआ। पहाड़ों की वादियों से लौटकर आए प्रत्येक प्रतिभागी छात्र और शिक्षक नए अनुभवों से समृद्ध थे। इस यात्रा ने न केवल सहपाठियों के बीच आपसी संबंधों और दोस्ती को और मजबूत किया, बल्कि उन्हें आने वाले कई वर्षों तक सहेज कर रखने लायक सुनहरी यादें भी दे दीं।

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    आर्य कॉलेज अम्बाला कैंट में दो दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर संपन्न: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में 32 छात्राओं ने सीखे योग के गुर

    जे कुमार अम्बाला कैंट, 3 जून 2026 : हरियाणा योग आयोग और उच्चतर शिक्षा विभाग, हरियाणा के निर्देशानुसार, अम्बाला कैंट के प्रतिष्ठित आर्य कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस - 2026 के उपलक्ष्य में दो दिवसीय योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह विशेष शिविर कॉलेज के शारीरिक शिक्षा विभाग और एन.सी.सी. (NCC) यूनिट के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित हुआ, जिसमें कॉलेज की 32 छात्राओं ने बड़े उत्साह और ऊर्जा के साथ भाग लिया।

    छात्राओं ने किया सूर्य नमस्कार और प्राणायाम का व्यावहारिक अभ्यास

    दो दिवसीय इस विशेष सत्र के दौरान सभी 32 प्रतिभागी छात्राओं को विभिन्न योगासनों का गहन व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। शिविर में मुख्य रूप से निम्नलिखित आसनों के सही तरीके और उनके फायदों के बारे में बताया गया:

    • शारीरिक सुदृढ़ता के लिए आसन: छात्राओं को सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वृक्षासन और वज्रासन का अभ्यास कराया गया, जो शरीर को लचीला और मजबूत बनाने में सहायक हैं।

    • प्राणायाम से मानसिक शांति: एकाग्रता बढ़ाने और तनाव को दूर करने के लिए विशेष रूप से प्राणायाम का अभ्यास कराया गया, ताकि छात्राएं शैक्षणिक जीवन में शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ रह सकें।

    पुंडरी से आईं डॉ. प्रेम लता ने किया व्यवस्था का निरीक्षण

    इस विशेष कार्यक्रम में सी.आई.एस.के.एम.वी. (CISKMV) कॉलेज, पुंडरी की शारीरिक शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेम लता ने बतौर ऑबजर्वर (पर्यवेक्षक) शिरकत की। उन्होंने दो दिनों तक चली इस पूरी कार्यशाला की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और छात्राओं द्वारा किए जा रहे अभ्यास व योग प्रोटोकॉल का बारीकी से निरीक्षण किया।

    योग हमारी प्राचीन संस्कृति का अमूल्य हिस्सा: प्राचार्या प्रोफेसर अंजु बाला

    कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही आर्य कॉलेज की प्राचार्या प्रोफेसर अंजु बाला ने छात्राओं को संबोधित करते हुए योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:

    "योग हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति का एक अमूल्य और गौरवशाली हिस्सा है। आधुनिक समय में मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ व संतुलित बनाए रखने के लिए नियमित योग करना बेहद आवश्यक है।"

    प्राचार्या ने सभी छात्राओं को प्रेरित किया कि वे इस सीख को केवल शिविर तक सीमित न रखें, बल्कि अपने दैनिक जीवन में भी योग को अनिवार्य रूप से अपनाएं।

    योग और स्वास्थ्य पर विचार गोष्ठी का भी हुआ आयोजन

    इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में शारीरिक शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्षा एवं सहायक प्रोफेसर डॉ. सरिता चौधरी की मुख्य भूमिका रही। उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि हमें योग को किसी एक दिन के उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।

    इस दो दिवसीय आयोजन के तहत योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण के साथ-साथ एक विचार गोष्ठी (सेमीनार) का भी आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में उपस्थित प्राध्यापकों और विशेषज्ञों ने "स्वास्थ्य और शिक्षा में योग का महत्व" विषय पर गहन चर्चा की। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागी छात्राओं और स्टाफ सदस्यों को जीवनभर योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाए रखने का संकल्प दिलाया गया।

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    बेटियों की किलकारी से गूंजा नागरिक अस्पताल: अम्बाला छावनी में मई महीने में लड़कों के मुकाबले ज्यादा जन्मीं लड़कियां

    जे कुमार अम्बाला छावनी, 3 जून 2026 : अम्बाला छावनी के नागरिक अस्पताल के प्रसूति विभाग (मेटरनिटी विंग) में मई महीने के दौरान बेटियों की जबरदस्त किलकारी गूंजी है। आंकड़ों के मुताबिक, मई माह में अस्पताल में नवजात लड़कों की तुलना में लड़कियों (बेटियों) ने अधिक संख्या में जन्म लिया है, जो क्षेत्र में सुधरते लिंगानुपात (सेक्स रेशियो) और 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान की जमीनी सफलता को दर्शाता है।

    स्वास्थ्य अधिकारियों ने साझा किए आंकड़े : नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉक्टर पूजा पैंटल ने जानकारी दी कि अस्पताल में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को प्रसूति विभाग में हर प्रकार की आधुनिक और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं चौबीसों घंटे मुहैया कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के बेहतरीन प्रयासों के चलते सुरक्षित प्रसव की दर में लगातार इजाफा हो रहा है, और इस बार बेटियों के जन्म का आंकड़ा लड़कों से आगे निकल गया है।

    वहीं, अस्पताल की एसएमओ डॉक्टर रचना बंसल ने प्रसूति विभाग की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अस्पताल का गायनी वार्ड पूरी तरह सुसज्जित है, जहाँ सामान्य प्रसव (नॉर्मल डिलीवरी) के साथ-साथ जटिल परिस्थितियों में सिजेरियन ऑपरेशन (एलएससीएस) भी बेहद कुशलता के साथ किए जाते हैं।

    गर्भवती महिलाओं को मिल रही है 100 प्रतिदिन की विशेष डाइट

    एस एम ओ डॉक्टर रचना बंसल ने सरकार द्वारा दी जाने वाली कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा सरकार मातृ-शिशु स्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने बताया सरकार के नियमों के अनुसार, नागरिक अस्पताल में प्रत्येक डिलीवरी (प्रसव) के बाद जच्चा-बच्चा के बेहतर स्वास्थ्य के लिए गर्भवती महिला को ₹100 प्रतिदिन के हिसाब से विशेष पौष्टिक डाइट (खुराक) दी जाती है। यह निशुल्क डाइट महिला को अस्पताल में रहने के दौरान तब तक लगातार दी जाती है, जब तक कि डॉक्टर द्वारा उसे अस्पताल से पूरी तरह डिस्चार्ज (छुट्टी) नहीं कर दिया जाता।"

    सुविधाओं के चलते बढ़ा सरकारी अस्पताल पर विश्वास

    अकादमिक और ढांचागत सुधारों के बाद अम्बाला छावनी का यह नागरिक अस्पताल अब क्षेत्रीय स्तर पर प्रसव के लिए पहली पसंद बनता जा रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, यहाँ मिलने वाली निशुल्क दवाइयां, मुफ्त टेस्ट, नवजात शिशुओं के लिए विशेष नर्सरी (SNCU) और सरकार की वित्तीय प्रोत्साहन योजनाओं के चलते अब गर्भवती महिलाओं के परिजन निजी अस्पतालों के महंगे इलाज के बजाय सरकारी अस्पताल पर सबसे ज्यादा भरोसा जता रहे हैं। मई महीने के ये उत्साहजनक आंकड़े न केवल स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी को दर्शाते हैं, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति बदलती सकारात्मक सोच का भी एक बड़ा प्रमाण हैं।

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    स्वस्थ हरियाणा की दिशा में बड़ा कदम, मुख्यमंत्री ने 100 करोड़ से अधिक की स्वास्थ्य परियोजनाओं का किया शुभारंभ

    अभिकान्त, 29 मई हरियाणा : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वस्थ हरियाणा-समृद्व हरियाणा के संकल्प को और मजबूत करते हुए और प्रदेशवासियों के बेहतर स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक बडा कदम उठाते हुए पंचकूला में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र की 100 करोड रूपये से अधिक की 9 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उदघाटन एवं शिलान्यास किया।

     

    इस अवसर पर हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चैधरी भी उपस्थित रही।

     

    मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य अवसंरचना को आधुनिक और सशक्त बनाने की दिशा में बडा कदम उठाते हुए 22.29 करोड रूपये की लागत से 30 स्वास्थ्य संस्थानों का उदघाटन और 21.50 करोड रूपये की लागत से 16 स्वास्थ्य संस्थानों का शिलान्यास किया। इसके अलावा उन्होने जिला नागरिक अस्पताल सोनीपत में 6.45 करोड रूपये की लागत से विश्राम गृह का शिलान्यास, 0.34 करोड रूपये  प्रतिवर्ष की लागत से 23 जिला अस्पताओं में स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार क्लिनिक( महिला क्लिनिक) का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होने पीपीपी माॅडल के तहत सीटी स्कैन एंव एमआरआई सेवाओं का विस्तार करते हुए 12 करोड रूपये की लागत से जिला अस्पताल पानीपत और कुरूक्षेत्र में एमआरआई और 10 करोड रूपये की लागत से सब डिविजनल अस्पताल बहादुरगढ और जिला अस्पताल दादरी में 10 करोड रूपये की लागत से सीटी स्कैन सेवाओं का शुभारंभ किया।

     

    मुख्यमंत्री ने हृदय रोगों की समय पर पहचान एवं उपचार हेतु 600 स्वास्थ्य संस्थाओं में 3 करोड रूपये प्रतिवर्ष की लागत से टेली-ईसीजी सेवाओं का शुभारंभ, कारपोरेट सोशल रिंसपोंसिबिलिटि के तहत 24 करोड रूपये से अधिक राशि के एनस्थिसिया वर्कस्टेशन, डिफिब्रिलेटर, एक्स-रे मशीन, टूनैट मशीन और आईसीयू बेड की व्यवस्था का शुभारंभ, 3.60 करोड रूपये प्रतिवर्ष की लागत से महर्षि च्वयन मैडिकल कोलेज, कोरियावास (नारनौल) और श्री अटल बिहारी वाजेपयी राजकीय मैडिकल कालेज छांयसा (फरीदाबाद) में निशुल्क डायलिसिस सुविधा का शुभारंभ, 1.73 करोड रूप्ये की लागत से 23 जिला अस्पतालों में आमजन को ब्रांडेड दवाईयां सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाने के लिए अमृत फार्मेसी का शिलान्यास और 0.91 करोड रूपये की लागत से 4600 आशा कार्यकर्ताओं के लिए आपदा प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

     

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा का आज का दिन इसलिए भी विशेष है क्योंकि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों की जनसेवा यात्रा का गौरवपूर्ण उत्सव मना रहे हैं। इन 12 वर्षों में भारत ने स्वास्थ्य क्षेत्र में जो ऐतिहासिक परिवर्तन देखा है, वह अभूतपूर्व है। उन्होने कहा कि एक समय था जब गरीब परिवार इलाज के लिए बड़े शहरों के चक्कर लगाते थे। बीमारी केवल शारीरिक पीड़ा नहीं देती थी, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी तोड़ देती थी। लेकिन आज आयुष्मान भारत योजना, जन औषधि केंद्र, डिजिटल हेल्थ मिशन, मेडिकल कॉलेजों का विस्तार और आधुनिक जांच सुविधाओं ने स्वास्थ्य सेवाओं को गरीब के घर-द्वार तक पहुंचा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होने स्वास्थ्य विभाग को लक्ष्य दिया था कि हर जिला अस्पताल अपने शहर का सबसे बेहतर अस्पताल बने। आज उन्हें खुशी है कि हरियाणा के जिला अस्पतालों में तेजी से बदलाव दिखाई दे रहा है।

     

    उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार हर जिले तक हाई-एंड डायग्नोस्टिक सुविधाएं पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रही है। आज प्रदेश के 18 जिलों में सी.टी. स्कैन सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा, 7 जिलों में एम.आर.आई. सेवाएं शुरू हो चुकी हैं तथा सभी जिलों में अल्ट्रासाउंड और ब्लड एनालाइजर सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस वित्त वर्ष के बजट में शेष जिलों में भी सी.टी.स्कैन, एम.आर.आई. और डिजिटल एक्स-रे मशीनों की व्यवस्था करने का प्रावधान किया है। उन्होने कहा कि इसके अलावा 13 और जिला अस्पतालों में एम.आर.आई. सेवाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आने वाले समय में हरियाणा का नागरिक अपने ही जिले में विश्वस्तरीय जांच सुविधाओं का लाभ ले सकेगा।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 22 जिला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर सेंटर शुरू किए गए हैं। अब कैंसर मरीजों को अपने जिले में ही इलाज की सुविधा मिलेगी। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिली है। उन्होने कहा कि समय पर जाचं को ही जीवन की सुरक्षा माना जाता है। इसलिए हम जांच सेवाएं व्यापक कर रहे हैं। पिछले वर्ष पीपीपी मॉडल के माध्यम से जिला अस्पतालों में लगभग 2 लाख डायलिसिस सत्र, 1 लाख 65 हजार सीटी स्कैन, 70 हजार एम.आर.आई स्कैन, 36 हजार ईको कार्डियोग्राफी और हजारों कोरोनरी एंजियोग्राम एवं स्टेंट प्रत्यारोपण किए गए। ये आंकड़े बताते हैं कि अब लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं अपने जिले में ही मिल रही हैं।

     

     

    मुख्यमंत्रीे कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता डॉक्टरों और चिकित्साकर्मियों की उपलब्धता पर भी निर्भर करती है। पिछले वर्ष 777 मेडिकल ऑफिसर्स की भर्ती पूरी की गई है और 450 मेडिकल ऑफिसर्स की भर्ती अंतिम चरण में है। आने वाले समय में हरियाणा के अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता को और मजबूत किया जाएगा। उन्होने कहा कि स्वस्थ नागरिक किसी भी राज्य की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। इसी सोच के साथ हमने स्वास्थ्य बजट में ऐतिहासिक वृद्धि की है। इस वर्ष स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट में 32.89 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 14 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होने कहा कि जब वर्ष 2014 में हमने जनसेवा का दायित्व संभाला था, तब प्रदेश का स्वास्थ्य बजट केवल 2 हजार 646 करोड़ रुपये था। आज यह कई गुणा बढ़ चुका है।

     

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए हमने वर्ष 2014 में हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने का संकल्प लिया था। उस समय हरियाणा में केवल 6 मेडिकल कॉलेज थे। आज उनकी संख्या बढ़कर 17 हो चुकी है। इसके अलावा एम.बी.बी.एस सीटें 700 से बढ़कर 2 हजार 710 हो गई हैं। इसी प्रकार नर्सिंग, फिजियोथैरेपी और पैरामेडिकल शिक्षा का भी तेजी से विस्तार किया गया है। 

     

    उन्होने कहा कि प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 550 एम्बुलेंस का नेटवर्क स्थापित किया है और उसे  डायल-112 से जोडा गया है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में फोन आते ही 9 से 10 मिनट में एंबुलेंस वहां पहुंच जाती है। इस वित वर्ष के बजट में आपातकालीन सेवाओं को और मजबूत करने के लिए 70 नई एडवांस लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस और 167 नई बेसिक लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस खरीदने का प्रावधान किया है।

     

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ योग, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और नशा मुक्त जीवनशैली को भी अपनाने का आहवान किया।

     

    इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आशा कार्यकर्ताओं के लिए आपदा जागरूकता और प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रशिक्षण पुस्तिका का विमोचन भी किया। इसके अलावा उन्होने कारपोरेट सोशल रिसपोंसिबिलिटी के तहत स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देेने के लिए बीपीसीएल फाउंडेशन, एचडीएफसी बैंक और जना बैंक के प्रतिनिधियों को समृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

     

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने कहा कि प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में स्वास्थ्य के साथ साथ विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होने कहा कि वर्तमान  सरकार का लक्ष्य केवल इलाज देना नहीं, बल्कि हर नागरिक तक बेहतर, सस्ती और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज जिन परियोजनाओं की शुरुआत की है, वह प्रदेश के लाखों लोगों को सीधा लाभ पहुंचाएंगी।

     

    उन्होने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए राज्य के सभी जिला अस्पतालों में स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार (महिला क्लीनिक) शुरू किए गए हैं, जहां महिलाओं को सर्वाईकल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, अनिमिया, मैनापोज जैसी बीमारियों की जांच व इलाज की सुविधा मिलेगी।

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    योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए हरियाणा सरकार प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

    अभिकान्त, 29 मई हरियाणा : हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस वर्ष भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को पूरे प्रदेश में व्यापक जनभागीदारी के साथ भव्य स्तर पर आयोजित किया जाए। इस वर्ष योग दिवस का थीम" स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" होगा। सभी जिला उपायुक्त ऑन लाइन माध्यम से जुड़े।

     

     मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम इस बार पंचकूला में आयोजित किया जाएगा, जबकि जिला, उपमंडल और ग्राम पंचायत स्तर तक विशेष योग कार्यक्रमों का आयोजन कर योग को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग निर्धारित की गई है। इसी थीम के अनुरूप प्रदेशभर में योग शिविर, जागरूकता अभियान और विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि लोगों विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को योग के प्रति प्रेरित किया जा सके और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिले।

     

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभूतपूर्व पहचान और सम्मान मिला है। आज पूरी दुनिया भारत की इस प्राचीन संस्कृति और जीवन पद्धति को अपना रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार युवाओं को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हुए स्वस्थ भारत और स्वस्थ हरियाणा के निर्माण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

     

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योग दिवस कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रहें, बल्कि इसे एक जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर अधिक से अधिक लोगों को योग से जोड़ा जाए।

     

    अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा ने बैठक में बताया कि योग दिवस के सफल आयोजन के लिए व्यापक स्तर पर प्रबंध किए जा रहे हैं उन्होंने विस्तार से योग दिवस मनाने की रूपरेखा रखी।

     

    हरियाणा योग आयोग के अध्यक्ष जयदीप आर्य ने बताया कि योग दिवस के सफल आयोजन के लिए सभी की भागीदारी होना आवश्यक है। योग से स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, पंचायत, नगर पालिका, नगर परिषद, सामाजिक धार्मिक संस्थाओं को जोड़ा गया है योग पर जागरूकता के लिए रैलियां निकाली जाएगी। 19 जून को योग दिवस के लिए फाइनल रिहर्सल का आयोजन होगा। उन्होंने बताया कि 8 जून से 10 जून तक योग जागरण यात्राएं  निकाली जाएंगी। इसके अलावा 15 जून को योग मैराथन का आयोजन होगा। 16 जून से 18 जून तक प्रशिक्षण रिसीवर लगाए जाएंगे, जहां योग प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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    मेदांता अस्पताल के सहयोग से सुदृढ़ होंगी अटेली क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं : स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव

    अभिकान्त, 26 मई हरियाणा : हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने राज्य के ग्रामीण और कम सेवा वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हरियाणा स्वास्थ्य विभाग, मेदांता फाउंडेशन के माध्यम से मेदांता अस्पताल के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) करने जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल अटेली और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) फर्रुखनगर व मीरपुर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (MCH) सेवाओं को अपग्रेड करना और उन्हें और अधिक मजबूत बनाना है।

    स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के अनुसार, यह पूरी सहभागिता पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड के तहत संचालित की जाएगी। इस सहयोग के अंतर्गत प्रसूति कक्षों (Labour rooms) और सिजेरियन सेक्शन (C-Section) ओटी सुविधाओं को आधुनिक बनाया जाएगा। नवजात शिशुओं की देखभाल (Neonatal care), उन्नत डायग्नोस्टिक सेवाएं और एम्बुलेंस सहायता सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा ,स्वास्थ्य कर्मचारियों की स्किल और कैपेसिटी बिल्डिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यह समझौता ज्ञापन (MoU) शुरुआत में तीन वर्षों के लिए प्रस्तावित किया गया है। दोनों पक्षों की आपसी सहमति और संतोषजनक प्रदर्शन के आधार पर इस अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकेगा।

    आरती सिंह राव ने उम्मीद जताई है कि इस एमओयू पर हस्ताक्षर होने के तुरंत बाद अटेली  क्षेत्र में और इसके छह महीने के भीतर फर्रुखनगर और मीरपुर के सीएचसी (CHC) में गुणवत्तापूर्ण मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में बड़ा सुधार होगा। यह कदम राज्य के पिछड़े या कम सेवा वाले क्षेत्रों में माध्यमिक स्वास्थ्य सेवा वितरण (Secondary healthcare delivery) को सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

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    शहजादपुर कमेटी हॉल में 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' कार्यक्रम की धूम: 450 स्वास्थ्य व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने ली बेटियों को बचाने की शपथ

    जे कुमार अम्बाला/शहजादपुर, 25 मई 2026: स्वास्थ्य विभाग अंबाला द्वारा 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना के अंतर्गत आज शहजादपुर के कमेटी हॉल में एक विशाल और प्रभावी संवेदीकरण कार्यक्रम (Sensitisation Programme) का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम की अध्यक्षता अंबाला की सिविल सर्जन डॉ. रेनू बेरी ने की।

    कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग के तंत्र को मजबूत कर समाज से कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथा को जड़ से खत्म करना था। इस मुहिम में कुल 450 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें मुख्य रूप से सीडीपीओ (CDPOs), महिला व पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता (MPHW), आशा (ASHA) वर्कर्स और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (AWWs) शामिल हुए।

    अवैध लिंग जांच के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का सख्त रुख: डॉ. रेनू बेरी

    मंच से उपस्थित सभी वक्ताओं ने समाज में बेटियों के अस्तित्व, उनकी सुरक्षा और महिला शिक्षा (Female Education) को बढ़ावा देने की पुरजोर वकालत की। वक्ताओं ने कहा कि जब तक आम जनता को लिंग जांच (Sex Determination) के खिलाफ जागरूक नहीं किया जाएगा, तब तक एक स्वस्थ समाज की कल्पना अधूरी है।

    अपनी अध्यक्षता में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. रेनू बेरी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:

    "बेटियां हमारे समाज और भविष्य का मजबूत आधार हैं। अंबाला स्वास्थ्य विभाग जिले भर में पीसी-पीएनडीटी (PC-PNDT) और एमटीपी (MTP) अधिनियमों को कड़ाई से लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अवैध रूप से लिंग जांच करने या भ्रूण हत्या में शामिल किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।"

    विशेषज्ञ डॉक्टरों ने कानून और सरकारी योजनाओं की दी बारीकी से जानकारी

    कार्यक्रम के दौरान विभाग के वरिष्ठ नोडल अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को कानूनी और वित्तीय सुरक्षा चक्रों के बारे में विस्तार से समझाया:

    • अवैध लिंग जांच पर वार: उप-सिविल सर्जन (PNDT) डॉ. मुकेश कंदरा और नोडल अधिकारी (PNDT) डॉ. नीरज ने प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम की बारीकियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि किस तरह अवैध लिंग जांच के खिलाफ विभाग अपनी खुफिया टीमों (Raid Teams) के जरिए सख्त कार्रवाई को अंजाम दे रहा है और इसे जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

    • सुरक्षित गर्भपात और वित्तीय मदद: नोडल अधिकारी (MTP) डॉ. पल्लवी ने सुरक्षित और कानूनी गर्भपात के नियमों की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही उन जनकल्याणकारी योजनाओं पर विशेष प्रकाश डाला जो बेटियों के जन्म लेने पर उनके माता-पिता को वित्तीय सहायता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती हैं।

    एसएमओ डॉ. गुरप्रीत सिंह ने दिलाई शपथ, गूंजा कमेटी हॉल

    कार्यक्रम के अंतिम और मुख्य सत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) शहज़ादपुर के एसएमओ डॉ. गुरप्रीत सिंह द्वारा मंच से सभी उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान को सफल बनाने की सामूहिक शपथ (Oath) दिलाई गई। सभी ने हाथ आगे बढ़ाकर समाज में रूढ़िवादी सोच को बदलने और जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

    अंत में, कार्यक्रम में पहुंचे सभी मुख्य अतिथियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित (Vote of Thanks) करते हुए इस बेहद सफल और प्रेरणादायक संवेदीकरण कार्यक्रम का समापन हुआ।

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    हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: बुजुर्गों के लिए शुरू होगा 'वृद्ध सेवा एवं स्वास्थ्य' पोर्टल : स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव

    अभिकान्त, 25 मई हरियाणा : हरियाणा की स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं आयुष मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि राज्य में नागरिकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर और समग्र स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए जल्द ही दो बड़ी कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बुजुर्गों के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    बुजुर्गों के लिए हर गुरुवार लगेंगे विशेष स्वास्थ्य शिविर

    स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य और बेहतर जीवन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (AYUSH) में हर सप्ताह गुरुवार को विशेष स्वास्थ्य शिविर (Weekly Health Camps) आयोजित किए जाएंगे।

    इन स्वास्थ्य शिविरों के डेटा की सटीक मॉनिटरिंग और प्रबंधन के लिए 'वृद्ध सेवा एवं स्वास्थ्य' पोर्टल विकसित किया गया है, इसको जल्द ही लांच किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य राज्यभर के बुजुर्गों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की पारदर्शी निगरानी करना है।

    ओपीडी और आईपीडी मरीजों के लिए 'संजीवनी योग' कार्यक्रम

    आरती सिंह राव ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, निवारक (preventive) और समग्र (holistic) बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक विशेष कार्यक्रम "संजीवनी योग (SanYog)" शुरू किया जा रहा है। इसके अंतर्गत ओपीडी (OPD) और वेटिंग एरिया में जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए आयुष डॉक्टरों और योग सहायकों के माध्यम से योग सत्र, प्राणायाम और स्वस्थ जीवन शैली के संबंध में मार्गदर्शन दिया जाएगा।

    स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आईपीडी (IPD) वार्ड यानि अस्पतालों में भर्ती मरीजों को स्वास्थ्य विभाग के संबंधित चिकित्सा अधिकारियों और डॉक्टरों की सलाह पर विशेष योग थेरेपी और लाइफस्टाइल काउंसिलिंग (परामर्श) प्रदान की जाएगी।

    उन्होंने बताया कि उक्त महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं , जल्द ही 'वृद्ध सेवा एवं स्वास्थ्य' पोर्टल और 'संजीवनी योग (SanYog)' कार्यक्रम का आधिकारिक रूप से भव्य शुभारंभ किया जाएगा।

    स्वास्थ्य मंत्री ने दोहराया कि योग, प्राणायाम और आधुनिक चिकित्सा का यह अनूठा संगम हरियाणा को एक स्वस्थ और निरोगी प्रदेश बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

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    अंबाला में 'रेड अलर्ट' जैसी गर्मी, पारा और चढ़ने की आशंका: डीसी अजय सिंह तोमर ने जारी की एडवाइजरी, दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहर न निकलने की सलाह

    जे कुमार अम्बाला, 22 मई 2026: उत्तर भारत सहित पूरा हरियाणा इन दिनों भीषण गर्मी और झुलसाने वाली 'लू' (Heat Wave) की चपेट में है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और हरियाणा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी की गई गंभीर चेतावनी के बाद अंबाला जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।

    उपायुक्त (DC) अजय सिंह तोमर ने जिले के सभी आला अधिकारियों और जन-उपयोगी विभागों के साथ आपातकालीन समीक्षा करते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 24 मई 2026 तक मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा और आने वाले दो-तीन दिनों के भीतर तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की और भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे लू का प्रकोप और अधिक जानलेवा हो जाएगा।

    अस्पतालों में 'हीट स्ट्रोक वार्ड' एक्टिव; सार्वजनिक स्थानों पर पानी के इंतजाम के आदेश

    उपायुक्त ने स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (Public Health), नगर निगम और श्रम विभाग को फील्ड में उतरकर तुरंत एहतियाती कदम उठाने को कहा है:

    • अस्पतालों को निर्देश: जिले के सभी नागरिक अस्पतालों (Civil Hospitals) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) में हीट स्ट्रोक (लू लगना) से निपटने के लिए विशेष बेड, ओआरएस (ORS) के पैकेट, जरूरी दवाइयां और डॉक्टरों की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    • पेयजल की व्यवस्था: बस अड्डों, मुख्य बाजारों, रेलवे स्टेशन, सरकारी दफ्तरों और भारी भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर नगर निगम और जन स्वास्थ्य विभाग तुरंत ठंडे और शुद्ध पीने के पानी (Water Booths) की व्यवस्था करे।

    • मजदूरों के लिए विशेष नियम: खुले आसमान के नीचे या कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए ठेकेदारों और संस्थानों को कार्यस्थल पर अनिवार्य रूप से छांव, आराम के लिए समय और ठंडे पानी का इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।

    दोपहर 12 से 3 बजे तक अनावश्यक बाहर निकलने पर रोक

    डीसी अजय सिंह तोमर ने अंबाला वासियों, विशेषकर अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि बहुत जरूरी काम न हो तो दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे के बीच धूप में बिल्कुल बाहर न निकलें। छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार व्यक्तियों का इस मौसम में विशेष ख्याल रखें क्योंकि उन पर हीट वेव का अटैक सबसे जल्दी होता है। बच्चों को दोपहर के वक्त पार्कों या गलियों में खेलने के लिए बिल्कुल न जाने दें।

    जिला प्रशासन द्वारा जारी विशेष हेल्थ एडवाइजरी: 'क्या करें और क्या न करें'

    प्रशासन ने आमजन की सुविधा और जान-माल की सुरक्षा के लिए एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की है, जिसे अपनाकर इस जानलेवा गर्मी से बचा जा सकता है:

    क्या करें (Do's)क्या न करें (Don'ts)* प्यास न लगने पर भी लगातार भरपूर पानी, नींबू पानी, ओआरएस और छाछ पीते रहें।* दोपहर 12 से 3 बजे के बीच सीधे तीखी धूप और हीट वेव के संपर्क में आने से बचें।* घर से बाहर निकलते समय सिर को सूती कपड़े, टोपी या छाते (Umbrella) से जरूर ढकें।* कभी भी खाली पेट (Empty Stomach) घर से बाहर न जाएं, पर्याप्त भोजन करके निकलें।* हल्के रंग के, ढीले-ढाले और सूती (Cotton) कपड़े पहनें ताकि शरीर को हवा लगती रहे।* खड़ी धूप में खड़ी बंद गाड़ियों (Locked Cars) के भीतर बच्चों या बुजुर्गों को अकेला न छोड़ें।* धूप में काम करने वाले श्रमिक समय-समय पर सीधे सूर्य की रोशनी से हटकर छांव में सुस्ताएं।* शराब (Alcohol), अत्यधिक चाय, कॉफी और तेज कैफीन वाले कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से परहेज करें।* चक्कर आने, कमजोरी या जी मिचलाने पर तुरंत ओआरएस लें और नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।* बासी, खराब या खुले में बिकने वाले कटे हुए फल और चाट-पकौड़ी आदि का सेवन बिल्कुल न करें।

    लापरवाही पड़ सकती है भारी, इन लक्षणों पर तुरंत भागें अस्पताल

    उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि यदि आपके आसपास या परिवार में किसी को भी अत्यधिक तेज बुखार, उल्टी आना, लगातार चक्कर, सांस लेने में तकलीफ या बेहोशी जैसी स्थिति बनती है, तो इसे सामान्य गर्मी समझकर घरेलू नुस्खों में वक्त बर्बाद न करें। यह गंभीर 'हीट स्ट्रोक' के लक्षण हो सकते हैं; ऐसी स्थिति में मरीज को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र लेकर जाएं। जिला प्रशासन सोशल मीडिया और मुनादी के जरिए पूरे जिले में जागरूकता अभियान भी चला रहा है।

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    अंबाला के अटल कैंसर केयर सेंटर के डॉक्टरों ने रचा इतिहास, 14 वर्षीय युवती को मिला नया जीवन

    जे कुमार अम्बाला छावनी, 20 मई 2026: अंबाला कैंट स्थित नागरिक अस्पताल के क्षेत्रीय अटल कैंसर केयर सेंटर (Atal Cancer Care Centre) के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट चिकित्सा प्रणाली, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और विशेषज्ञता का लोहा पूरे प्रदेश में मनवाया है। अस्पताल के डॉक्टरों की एक समर्पित टीम ने एक 14 वर्षीय युवती का बेहद जटिल और दुर्लभ ऑपरेशन कर उसे असहनीय दर्द से मुक्ति दिलाते हुए नया जीवन प्रदान किया है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, यह जन्मजात बीमारी इतनी दुर्लभ है कि दुनिया भर में लगभग एक लाख बच्चियों में से किसी एक में ही देखने को मिलती है।

    निजी अस्पतालों से मायूस होकर पहुँचे थे 'अटल कैंसर सेंटर'

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित 14 वर्षीय किशोरी को नवंबर 2025 में अचानक पेट के निचले हिस्से और साइड में तेज दर्द होना शुरू हुआ था। परिजनों ने उसे कई नामी निजी (प्राइवेट) अस्पतालों और डॉक्टरों के पास ले जाकर चेकअप करवाया और काफी पैसा खर्च कर इलाज कराया। लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी युवती की सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ और न ही कोई डॉक्टर बीमारी के सही कारण को पकड़ सका।

    हर जगह से निराश और मायूस होने के बाद परिजन 22 अप्रैल को अंबाला कैंट के अत्याधुनिक अटल कैंसर केयर सेंटर पहुँचे। यहाँ उनकी मुलाकात वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मीनाक्षी राणा भूषण से हुई। डॉ. मीनाक्षी ने पूरी संवेदनशीलता के साथ युवती की स्थिति को समझा और उसके अत्याधुनिक मेडिकल टेस्ट व स्कैन करवाए।

    जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा: जन्म से गायब था बच्चेदानी का मुंह

    जांच रिपोर्ट सामने आते ही डॉक्टर भी हैरान रह गए। रिपोर्ट्स में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि युवती के शरीर में जन्म से ही बच्चेदानी का मुंह (Cervix) विकसित नहीं हुआ था। इसके कारण मासिक धर्म (Menstruation) का आंतरिक बहाव बाहर नहीं आ पा रहा था, जिससे वह अंदर ही जमा हो रहा था और इसी वजह से उसे लगातार असहनीय और जानलेवा पेट दर्द का सामना करना पड़ रहा था। चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इस अत्यंत दुर्लभ स्थिति को संभालना किसी चुनौती से कम नहीं था।

    ढाई घंटे चला पेचीदा ऑपरेशन, टीम को मिली ऐतिहासिक सफलता

    बीमारी की सटीक पहचान होते ही डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए तुरंत सर्जरी करने का फैसला लिया। इस संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक संयुक्त टीम गठित की गई। डॉक्टर मीनाक्षी राणा भूषण के नेतृत्व में डॉक्टर अभिषेक भूषण (सर्जन), डॉक्टर वेद पाठक , डॉक्टर मोहित , नर्सिंग स्टाफ दिव्या और गुरविंदर की टीम ने मिलकर ऑपरेशन थिएटर में मोर्चा संभाला। यह जटिल ऑपरेशन करीब ढाई घंटे तक चला। डॉक्टरों ने अपनी सूझबूझ, अनुभव और अस्पताल में उपलब्ध अत्याधुनिक तकनीकों का सटीक इस्तेमाल करते हुए ऑपरेशन को शत-प्रतिशत सफल बनाया। अब युवती पूरी तरह स्वस्थ है और उसे इस तकलीफ से हमेशा के लिए निजात मिल गई है। सफल सर्जरी के बाद बेटी को मुस्कुराता देख परिजनों के चेहरे पर खुशी लौट आई है और उन्होंने पूरी टीम का कोटि-कोटि धन्यवाद किया है।

    कैबिनेट मंत्री अनिल विज और पीएमओ डॉ. पूजा पेंटल का जताया आभार

    इस ऐतिहासिक सफलता पर डॉक्टरों की टीम और अस्पताल प्रबंधन ने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल विज का विशेष आभार व्यक्त किया। डॉक्टरों ने कहा कि अनिल विज के अथक प्रयासों और दूरदर्शी सोच के कारण ही आज अंबाला कैंट को ऐसा विश्वस्तरीय मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक मशीनें मिल पाई हैं, जिनकी बदौलत आज सरकारी अस्पताल में भी वो ऑपरेशन मुमकिन हो रहे हैं जो बड़े-बड़े कॉर्पोरेट अस्पतालों में भी फेल हो जाते हैं।

    इसके साथ ही टीम ने अस्पताल की पीएमओ (PMO) डॉक्टर पूजा पेंटल का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया, जिनके निरंतर प्रशासनिक सहयोग, सही मार्गदर्शन और हौसला-अफजाई की वजह से पूरी टीम बिना किसी मानसिक तनाव के इस बड़े और जटिल मिशन को कामयाब कर सकी।

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    साइलेंट किलर है उच्च रक्तचाप, सही जीवनशैली और जागरूकता से ही संभव है बचाव: पीएमओ डॉ. पूजा पैंटल

    जे कुमार अम्बाला कैंट, 19 मई : नागरिक अस्पताल अम्बाला कैंट की मुख्य चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) डॉ. पूजा पैंटल ने आम जनता को स्वास्थ्य के प्रति सचेत करते हुए कहा कि उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) एक ऐसी गंभीर स्थिति है जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह शरीर के मुख्य अंगों जैसे हृदय, गुर्दे और मस्तिष्क को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि नागरिक अस्पताल में इस बीमारी की जांच और इलाज के लिए सभी पुख्ता इंतजाम मौजूद हैं, लेकिन लोगों का जागरूक होना सबसे ज्यादा जरूरी है।

    "साइलेंट किलर" है हाई बीपी, लक्षणों को पहचानें फिजिशियन डॉ. मनोज मंगला ने जानकारी देते हुए बताया कि सामान्य रक्तचाप (बीपी) 120/80 mmHg से कम होता है, जबकि 140/90 mmHg या उससे अधिक होने पर इसे उच्च रक्तचाप माना जाता है। उन्होंने कहा हाइपरटेंशन को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है क्योंकि इसके अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। हालांकि, कुछ मामलों में अत्यधिक थकान, सांस लेने में तकलीफ या पैरों में हल्की सूजन (जो हृदय की कमजोरी का संकेत हो सकती है) जैसे लक्षण सामने आते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

    बचाव और नियंत्रण के मुख्य उपाय

    डॉ. संजीव गोयल ने बताया कि खराब जीवनशैली, खाने में अधिक नमक (सोडियम) का इस्तेमाल, मोटापा, धूम्रपान, शराब का सेवन और अत्यधिक मानसिक तनाव इसके मुख्य कारण हैं। उन्होंने इससे बचने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए:

    ान-पान में सुधार:* भोजन में नमक (अचार, पापड़), डिब्बाबंद और तली-भुनी चीजों का परहेज करें। ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और पोटेशियम युक्त खाद्य पदार्थ (जैसे केला) शामिल करें।

    ियमित व्यायाम व योग:* प्रतिदिन तेज चलना या व्यायाम करना और तनाव मुक्त रहने के लिए योगा व मेडिटेशन का सहारा लें।

    ुबह के समय रखें विशेष ध्यान:* सुबह के वक्त शरीर में तनाव हार्मोन (कोर्टिसोल) का स्तर बढ़ता है, जिससे बीपी बढ़ सकता है। इसलिए रात को अच्छी नींद लें और सुबह शांत मन से दिन की शुरुआत करें।

    अस्पताल प्रशासन की अपील: आपातकालीन स्थिति में तुरंत लें सलाह

    डॉक्टर नीनू गांधी ने बताया कि यदि बीपी का स्तर 140/90 mmHg के पार है, तो यह 'स्टेज 2 हाइपरटेंशन' है। यह तुरंत आपातकालीन स्थिति तो नहीं है, लेकिन इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। यदि बीपी का स्तर 180/120 mmHg से ऊपर चला जाए, तो बिना देरी किए तुरंत शांत बैठें, गहरी सांस लें, पानी पिएं और अस्पताल आकर डॉक्टर की सलाह लें। उन्होंने अम्बाला कैंट और आसपास के क्षेत्र के नागरिकों से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच करवाएं और अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं।

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    अंबाला में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ टास्क फोर्स की बैठक: एडीसी विराट के कड़े निर्देश

    जे कुमार अंबाला, 20 मई 2026: 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान को धरातल पर अधिक प्रभावी बनाने और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुप्रथा पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बढ़ा दी गई है। अंबाला के अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) विराट ने जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और पीसी-पीएनडीटी अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के निर्देश दिए हैं।

    लिंग अनुपात की समीक्षा और एमटीपी मामले में FIR

    बैठक के दौरान एडीसी विराट ने जिले के वर्तमान लिंग अनुपात (Sex Ratio) और उसमें सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तृत समीक्षा की।

    • नियमित छापेमारी: बैठक में मौजूद सिविल सर्जन डॉ. रेणु बेरी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में पीएनडीटी (PNDT) और एमटीपी (MTP) से संबंधित नियमों को लागू करवाने के लिए लगातार गुप्त रेड की जा रही है।

    • कानूनी कार्रवाई: डॉ. बेरी ने एक बड़ी कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) के नियमों के उल्लंघन से जुड़े एक गंभीर मामले में विभाग द्वारा एफआईआर (FIR) भी दर्ज करवाई गई है। इस मुहिम में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग संयुक्त रूप से मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

    मेडिकल स्टोर्स और अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर होगी विशेष चेकिंग

    अतिरिक्त उपायुक्त ने स्वास्थ्य और ड्रग कंट्रोल विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए कि जिले में एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाए। इसके तहत:

    • सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों, एमटीपी सेंटर्स और केमिस्ट की दुकानों पर औचक निरीक्षण किया जाए।

    • दुकानों पर मिलने वाली एमटीपी किट्स, लाइसेंस और डॉक्टरों के ओरिजिनल प्रिस्क्रिप्शन (परचों) से जुड़े दस्तावेजों की गहनता से जांच हो।

    • यदि किसी भी केंद्र या दुकान पर नियमों की अवहेलना अथवा कोई भी अवैध गतिविधि पाई जाती है, तो बिना किसी ढिलाई के संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।

    कानूनी प्रावधानों के प्रति लोगों को करें जागरूक

    एडीसी विराट ने जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (DLSA) और अन्य विभागों को निर्देश दिए कि वे ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जागरूकता शिविर आयोजित करें। इन शिविरों में सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ आमजन को पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के कड़े कानूनी प्रावधानों और सजा के बारे में भी जागरूक किया जाए।

    उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि बेटा-बेटी एक समान हैं और आज हर क्षेत्र में लड़कियां देश का नाम रोशन कर रही हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल लिंग अनुपात में गिरावट को रोकना और बालिकाओं की शिक्षा व सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

    बैठक में यह अधिकारी रहे मौजूद

    इस महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक में सिविल सर्जन डॉ. रेणु बेरी, जिला न्यायवादी जे.बी. सिंह, जिला ड्रग कंट्रोलर (DCO) हेमंत ग्रोवर, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनीषा, अतिरिक्त एसएमओ डॉ. जश्नप्रीत सिंह, डॉ. नीरज और शिक्षा विभाग से सीमा रानी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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