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टीबी को खत्म करने की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रहा हरियाणा : एसीएस हेल्थ
चंडीगढ़, 18 फरवरी (अभी) : हरियाणा में स्वास्थ्य के प्रति दृढ प्रतिबद्धता, डिजिटल नवाचार, मजबूत निदान प्रणाली एवं जनभागीदारी के साथ टीबी को खत्म करने और हर प्रभावित व्यक्ति की सम्मानजनक देखभाल सुनिश्चित करने करने के लिए कार्य किया जा रहा है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत रोगियों पर फोकस करते हुए निरीक्षण में टीबी दवा अभियान सबसे आगे रहा है।
स्वास्थ्य विभाग का राज्य टीबी सेल वेबसाइट टीबी सेवाओं की सही समय पर लोगों तक पहुँच बनाने, टीबी से होने वाली मौतों को कम करने के लिए चलाए जाने वाले जागरूकता अभियान के रूप में कार्य कर रहा है। नेशनल निक्षय डिजिटल प्लेटफॉर्म टीबी से ठीक हुए लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सहायता करने वाला अग्रणी केन्द्र है।
उन्होंने बताया कि राज्य में टीबी से जुड़ी सेवाओं तक पारदर्शी जनभागीदारी बढ़ाई जा रही है। राज्य सरकार ऐसे लाभार्थियों को जल्द ही लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि टीबी मुक्त होने के बाद लोगों को सुरक्षित जीवन मिल सके।
जनवरी से दिसंबर 2025 तक राज्य की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने बताया कि हरियाणा में एक लाख आबादी पर 9,75,000 लक्ष्य के मुकाबले 3,848 टेस्ट लिए गए जिसमें 2,52,537 थूक सैम्पल में से 88,689 टीबी केस पाए गए, जो सालाना लक्ष्य का 98 प्रतिशत है। इसी प्रकार प्राइवेट सेक्टर में भी पब्लिक-प्राइवेट कोऑर्डिनेशन से 105 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है।
वर्ष 2024 में 74,483 टीबी रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज करते हुए 90 प्रतिशत ईलाज रेट हासिल किया। इसमें एचआईवी टेस्टिंग 98 प्रतिशत, जबकि डायबिटीज जांच में 96 प्रतिशत टीबी रोगियों को कवर किया गया, जिससे सहयोगी परिस्थितियों में एकीकरण प्रबंधन मजबूत हुआ। सूक्ष्म जीव विज्ञान से कन्फर्म 90 प्रतिशत मामलों में सर्वभौमिक दवा संवेदनशीलता परीक्षण किया गया, जिससे देखभाल की गुणवता बेहतर हुई और ईलाज के सार्थक परिणाम रहे।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि हरियाणा में स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर लगातार बढ़ रहा है, जिसमें 23 जिला टीबी सेंटर, 168 टीबी यूनिट और 452 माइक्रोस्कोपी सेंटर में 45 सीबीएनएएटी मशीनों, 53 ट्रूनेट मशीनों और करनाल और पीजीआईएमस रोहतक में दो कल्चर और दवा संवदेनशीलता टेस्टिंग लैब से बेहतर सेवाएं दी जा रही हैं।
टीबी मुक्त भारत अभियान (निक्षय शिविर) के तहत 34 लाख से अधिक शारीरिक रूप से कमज़ोर लोगों का मैप तैयार कर 10 लाख से अधिक की स्क्रीनिंग की गई। निक्षय मित्र पहल के माध्यम से पोषण और जन सहयोग से हज़ारों लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिला। सितंबर 2022 से अब तक 2.64 लाख से अधिक फ़ूड बास्केट बांटे गए। विश्व टीबी दिवस 2025 पर निक्षय मित्र पहल से हरियाणा की देश भर में सराहना हुई़ और 2024 में 1,855 पंचायतें टीबी मुक्त बनाई गईं।
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पलवल में हेपेटाइटिस का तांडव: 14 दिनों में 12 जिंदगियां खत्म, 700 की स्क्रीनिंग के बीच 18 मरीजों की हालत नाजुक
जे कुमार पलवल, 17 फरवरी 2026: हरियाणा के पलवल जिले में हेपेटाइटिस संक्रमण ने महामारी का रूप ले लिया है, जहां पिछले 15 दिनों के भीतर 12 लोगों की मौत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। संक्रमण की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रशासन द्वारा अब तक की गई 700 लोगों की स्क्रीनिंग में कई नए मामले मिले हैं, जिनमें से 18 मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है।
विशेषज्ञों द्वारा दूषित पेयजल और स्वच्छता के अभाव को इस 'हेल्थ इमरजेंसी' का मुख्य कारण माना जा रहा है, जिसके चलते अब स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर पानी के सैंपल ले रही हैं। जिला प्रशासन ने सीवरेज और पेयजल लाइनों की लीकेज जांचने के आदेश जारी किए हैं और नागरिकों को सख्त हिदायत दी है कि वे पानी केवल उबालकर ही पिएं, ताकि संक्रमण की इस घातक चेन को तोड़ा जा सके।
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अम्बाला के अटल कैंसर केयर सेंटर में डॉक्टर मीनाक्षी भूषण ने 30 वर्षीय महिला के पेट से निकाली 7 किलो की रसौली, डॉक्टरों को मिली बड़ी सफलता
जे कुमार अम्बाला छावनी, 12 फरवरी 2026: अम्बाला छावनी स्थित नागरिक अस्पताल के अटल कैंसर केयर सेंटर के डॉक्टरों ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कैंसर सेंटर की वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर मीनाक्षी भूषण के नेतृत्व में एक टीम ने 30 वर्षीय महिला के पेट से लगभग 7 किलो वजनी रसौली (Tumor) निकालकर उसे नया जीवन दिया है। सरकारी अस्पताल में इतनी जटिल सर्जरी का सफल होना स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मजबूती का प्रतीक माना जा रहा है।
निजी अस्पतालों के चक्कर काट थक चुकी थी मरीज
जानकारी के अनुसार, अम्बाला के गाँव गड़ोली की रहने वाली 30 वर्षीय महिला पिछले काफी समय से पेट में भारीपन और असहनीय दर्द से जूझ रही थी। महिला ने इलाज के लिए कई बड़े निजी अस्पतालों के चक्कर लगाए, लेकिन वहां इलाज का खर्च और जटिलता देखते हुए उसे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अंततः वह अम्बाला छावनी स्थित अटल कैंसर केयर सेंटर पहुंची।
डॉक्टर मीनाक्षी भूषण ने बताया कि जब मरीज उनके पास आई, तो उसका पेट काफी फूल चुका था। सबसे पहले महिला की गहन चिकित्सा जाँच और स्कैनिंग की गई, जिसमें पेट के अंदर एक विशालकाय रसौली होने की पुष्टि हुई।
2 घंटे चला जटिल ऑपरेशन
मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों की एक विशेष टीम गठित की गई। डॉक्टर मीनाक्षी भूषण के नेतृत्व में डॉक्टर वेद पाठक, रेजिडेंट अमानत, स्टाफ नर्स ज्योति और पूजा की टीम ने करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इस सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया। डॉक्टर ने बताया कि रसौली का आकार और वजन इतना अधिक था कि उसने पेट के अन्य अंगों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था, जिससे मरीज की जान को खतरा हो सकता था। वर्तमान में महिला की स्थिति स्थिर है और वह स्वास्थ्य लाभ ले रही है।
अनिल विज के प्रयासों का परिणाम: डॉक्टर मीनाक्षी
सफल ऑपरेशन के बाद डॉक्टर मीनाक्षी भूषण ने हरियाणा के कैबिनेट मंत्री श्री अनिल विज का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि "आज इस केंद्र में जो अत्याधुनिक मशीनें और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हैं, वह श्री अनिल विज जी की दूरगामी सोच और प्रयासों की बदौलत हैं। इन्हीं आधुनिक उपकरणों की मदद से आज यहां हजारों गरीब और जरूरतमंद मरीजों का सफल इलाज मुमकिन हो पा रहा है।"
इसके साथ ही उन्होंने सिविल सर्जन डॉक्टर राकेश सहल और पीएमओ डॉक्टर पूजा पैंटल का भी मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार प्रकट किया। अस्पताल प्रशासन की इस सफलता से क्षेत्र के लोगों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
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ऐतिहासिक संशोधन: अब मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) को मिला 'एक्स-सर्विसमैन' का आधिकारिक दर्जा, नौकरियों में मिलेगा आरक्षण का लाभ
आरएस अनेजा, 10 फरवरी नई दिल्ली - सरकार ने संविधान के आर्टिकल 309 के तहत एक्स-सर्विसमैन (सेंट्रल सिविल सर्विसेज़ और पोस्ट्स में री-एम्प्लॉयमेंट) अमेंडमेंट रूल्स 2026 को नोटिफाई किया है।
यह मुख्य बदलाव रूल 2(c)(i) को बदलता है ताकि सेंट्रल सिविल सर्विसेज़ में एक्स-सर्विसमैन री-एम्प्लॉयमेंट के डेफिनिशन फ्रेमवर्क में उन लोगों को साफ तौर पर शामिल किया जा सके जिन्होंने रेगुलर आर्मी, नेवी या एयर फ़ोर्स के साथ-साथ इंडियन यूनियन की मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) में किसी भी रैंक पर, चाहे वे कॉम्बैटेंट हों या नॉन-कॉम्बैटेंट, सेवा की हो।
इस कदम से पहले की यह कन्फ्यूजन दूर हो गई है कि क्या MNS ऑफिसर, जो कमीशन्ड ऑफिसर हैं, दूसरे वेटरन्स की तरह ही री-एम्प्लॉयमेंट बेनिफिट्स के हकदार थे। यह अमेंडमेंट री-एम्प्लॉयमेंट रूल्स के तहत MNS कर्मचारियों को ऑफिशियली मान्यता देता है, और पूर्व डिफेंस कर्मचारियों के एक बड़े हिस्से के लिए रिहैबिलिटेशन और दूसरे करियर के मौकों को मजबूत करता है।
रूल 2, क्लॉज़ (c) अमेंडमेंट के तहत, ‘एक्स-सर्विसमैन’ की डेफ़िनिशन में अब रेगुलर आर्मी, नेवी और एयर फ़ोर्स के साथ ‘इंडियन यूनियन की मिलिट्री नर्सिंग सर्विस’ को साफ़ तौर पर लिस्ट किया गया है। यह रूल किसी भी ऐसे व्यक्ति पर लागू होता है जिसने किसी भी रैंक पर, चाहे वह कॉम्बैटेंट हो या नॉन-कॉम्बैटेंट, सेवा की हो। यह अमेंडमेंट 09 फरवरी, 2026 को इसके पब्लिकेशन के तुरंत बाद लागू हो गया।
यह अमेंडमेंट ऑफिशियली MNS कर्मचारियों को ये सुविधाएँ देता है:
रिज़र्वेशन कोटा: ग्रुप 'C' में 10% और ग्रुप 'D' सेंट्रल गवर्नमेंट पोस्ट में 20%।
एज रिलैक्सेशन: सिविल जॉब एलिजिबिलिटी के लिए उनकी असली उम्र में से मिलिट्री सर्विस के साल और 3 साल घटाने की एबिलिटी।
एम्प्लॉयमेंट प्रायोरिटी: यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन और स्टाफ़ सिलेक्शन कमीशन की नज़र में दूसरे एक्स-सर्विसमैन के बराबर दर्जा।
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आरबीएसके की बड़ी राहत: पीजीआई चंडीगढ़ में अम्बाला के 15 बच्चों की हुई हृदय जांच, 4 को मिली सर्जरी की सलाह
जे कुमार अम्बाला, 10 फरवरी 2026: स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत हृदय रोगों से जूझ रहे बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत भरी खबर सामने आई है। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. बलजिन्द्र सिंह ने जानकारी दी कि राज्य मुख्यालय पंचकूला की विशेष पहल पर पीजीआईएमईआर (PGIMER), चंडीगढ़ में एक विशेष ईको कैंप का सफल आयोजन किया गया, जिसमें अम्बाला जिले के 15 बच्चों को जांच के लिए भेजा गया।
आमतौर पर पीजीआई जैसे बड़े संस्थानों में लंबी कतारों और जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है, लेकिन इस विशेष अभियान के तहत अम्बाला के सभी 15 बच्चों को आरबीएसके वाहनों के माध्यम से चंडीगढ़ पहुँचाया गया। वहां सभी बच्चों का प्राथमिकता के आधार पर इलाज और चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। चिकित्सकीय परीक्षण के उपरांत 4 बच्चों को जीवन-रक्षक हृदय शल्य चिकित्सा (हार्ट सर्जरी) के लिए शीघ्र ऑपरेशन की सलाह दी गई है, जबकि अन्य बच्चों को फॉलो-अप पर रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की इस त्वरित कार्यवाही और सुचारू व्यवस्था से अभिभावकों ने अत्यंत संतोष व्यक्त किया है। एक ही दिन में बिना किसी विलंब के सभी परामर्श और जांचें पूरी होने पर परिजनों ने राज्य मुख्यालय और आरबीएसके टीम की भूरी-भूरी प्रशंसा की। डॉ. बलजिन्द्र सिंह ने कहा कि यह पहल जन्मजात हृदय रोगों से जूझ रहे बच्चों को नया जीवन देने की दिशा में सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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नेशनल मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड कल विज्ञान भवन, नई दिल्ली में मेडिसिनल प्लांट्स पर चिंतन शिविर लगाएगा
आरएस अनेजा, 10 फरवरी नई दिल्ली - आयुष मंत्रालय का नेशनल मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड (NMPB) 11 फरवरी 2026 को देश में मेडिसिनल प्लांट्स सेक्टर से जुड़ी खास पॉलिसी, रिसर्च और उन्हें लागू करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मेडिसिनल प्लांट्स पर एक चिंतन शिविर आयोजित करेगा।
उद्घाटन सेशन में आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल होंगे। आयुष मंत्रालय के सेक्रेटरी वैद्य राजेश कोटेचा गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर शामिल होंगे। आयुष मंत्रालय की एडिशनल सेक्रेटरी और फाइनेंशियल एडवाइजर होवेदा अब्बास स्पेशल गेस्ट के तौर पर मौजूद रहेंगी।
चिंतन शिविर के बाद बोर्ड मीटिंग होगी, साथ ही टेक्निकल सेशन और पैनल डिस्कशन होंगे जिनमें एक्सपर्ट, पॉलिसीमेकर, रिसर्चर, इंडस्ट्री के प्रतिनिधि और दूसरे स्टेकहोल्डर शामिल होंगे। चर्चा में पॉलिसी फ्रेमवर्क को मजबूत करने, रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने और मेडिसिनल प्लांट्स सेक्टर में उन्हें लागू करने की चुनौतियों को हल करने पर फोकस किया जाएगा।
चिंतन शिविर से उम्मीद है कि यह पॉलिसी में दखल, रिसर्च को आगे बढ़ाने और संस्थाओं को मज़बूत करने के लिए ज़रूरी एरिया की पहचान करके औषधीय पौधों के सेक्टर को स्ट्रेटेजिक दिशा देगा। बातचीत के नतीजे खेती, बचाव, वैल्यू एडिशन और मार्केट लिंकेज को बढ़ाने के लिए एक कोऑर्डिनेटेड और आगे की सोच वाला रोडमैप बनाने में मदद करेंगे, जिससे आयुष इकोसिस्टम और मज़बूत होगा और सेक्टर की सस्टेनेबल ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा।
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सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध हरियाणा सरकार का बड़ा कदम: अम्बाला में एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान का बिगुल बजा
जे कुमार अम्बाला, 15 जनवरी 2026: हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश की किशोरियों को जानलेवा 'सर्वाइकल कैंसर' से सुरक्षित करने के लिए 3 माह के विशेष एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए अम्बाला में जिला स्तरीय चिकित्सा अधिकारियों हेतु एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
100 प्रतिशत कवरेज का लक्ष्य: सिविल सर्जन डॉ. राकेश सेहल ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले की 14 से 15 वर्ष की आयु की सभी पात्र बच्चियों को एचपीवी वैक्सीन की शत-प्रतिशत खुराक प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि यह 3 माह का सघन अभियान जिले में किशोरियों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।
प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु: कार्यशाला के दौरान डॉ. नीलम कुशवाहा ने चिकित्सा अधिकारियों को सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में वैक्सीन की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण में निम्नलिखित विषयों पर जोर दिया गया:
वैक्सीन का सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग।
कोल्ड चेन प्रबंधन (वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए)।
रिपोर्टिंग एवं डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम।
सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने की रणनीतियां।
क्या है एचपीवी और यह क्यों है जरूरी? एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) एक अत्यंत सामान्य वायरस है जिसके 200 से अधिक प्रकार पहचाने जा चुके हैं। यह वायरस सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर टीकाकरण ही इस कैंसर को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
डोज शेड्यूल: सरकार की इस रणनीति के तहत 14-15 वर्ष की आयु वर्ग की लड़कियों को एक डोज (Single Dose) दी जाएगी। प्रशिक्षित चिकित्सा अधिकारी अब अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से इस टीकाकरण को अमली जामा पहनाएंगे।
अपील: स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14-15 वर्ष की बेटियों को इस जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और समाज को कैंसर मुक्त बनाने में सहयोग करें।
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अम्बाला छावनी सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी छलांग: 68.32 लाख का अत्याधुनिक 4K आर्थ्रोस्कोपी सिस्टम स्थापित
जे कुमार अम्बाला छावनी, 13 जनवरी 2026: अम्बाला छावनी के नागरिक अस्पताल (Civil Hospital) में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HMSCL) द्वारा अस्पताल को 68,32,000/- रुपये (अड़सठ लाख बत्तीस हजार रुपये) की लागत वाला अत्याधुनिक 4K आर्थ्रोस्कोपी कैमरा सिस्टम (4K Arthroscopy Camera System) सप्लाई किया गया है |
पीएमओ डॉ. पूजा पैंटल ने साझा किया विजन: इस गौरवशाली उपलब्धि पर जानकारी देते हुए अस्पताल की पीएमओ (PMO) डॉ. पूजा पैंटल ने बताया कि यह नई मशीन सरकारी स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव है। उन्होंने कहा कि "हमारा मुख्य लक्ष्य आम आदमी को वह तकनीक प्रदान करना है जो अब तक केवल बड़े कॉर्पोरेट अस्पतालों तक सीमित थी। 4K आर्थ्रोस्कोपी सिस्टम की विजुअल क्वालिटी सामान्य कैमरों से चार गुना अधिक स्पष्ट है। इससे जोड़ों के भीतर की मांसपेशियों, लिगामेंट्स और कार्टिलेज की अत्यंत बारीक तस्वीरें स्क्रीन पर दिखाई देंगी, जिससे सर्जरी के दौरान सटीकता (Precision) शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जा सकेगी।" डॉ. पैंटल ने यह भी जोड़ा कि इस मशीन के आने से 'स्पोर्ट्स इंजरी' (खेल के दौरान लगी चोट) और जोड़ों के जटिल रोगों का इलाज अब सरकारी दर पर संभव होगा।
मशीन के सेटअप और तकनीकी निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अश्वनी मोदगिल ने इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस कैमरा सिस्टम के माध्यम से होने वाली 'की-होल' (Key-hole) सर्जरी से मरीज को बहुत कम रक्तस्राव होता है, दर्द कम होता है और वह बहुत कम समय में अपने घर लौट सकता है। निरीक्षण के इस अवसर पर डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अमन सैनी और डॉ. विनोद कंबोज भी मौजूद रहे। डॉक्टरों की इस विशेषज्ञ टीम ने मशीन की कार्यप्रणाली को समझा और इसे क्षेत्र के मरीजों के लिए एक बड़ा वरदान बताया।
तकनीकी सहयोग और प्रबंधन: अस्पताल की इस तकनीकी उन्नति में बायो-मेडिकल इंजीनियर (BME) संजय और ओटीए (OTA) जगमाल का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने मशीन की इंस्टॉलेशन और भविष्य के रखरखाव को लेकर दिशा-निर्देश साझा किए।
गरीब मरीजों को मिलेगी राहत: आमतौर पर निजी अस्पतालों में आर्थ्रोस्कोपी सर्जरी पर लाखों का खर्च आता है, लेकिन सिविल अस्पताल अम्बाला छावनी में ₹68.32 लाख की इस मशीन के लग जाने से अब गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को यह उच्च तकनीक वाली चिकित्सा सुविधा नि:शुल्क या न्यूनतम खर्चे पर उपलब्ध होगी। इससे न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि आसपास के जिलों से आने वाले मरीजों को भी बड़े शहरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा।
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पीजीआईएमएस रोहतक में 28 बेड का नियोनेटल आईसीयू आज हुआ शुरू
जे कुमार, चंडीगढ़ , 17 दिसंबर- हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि गरीब परिवारों के नवजात बीमार बच्चों को चिकित्सा सुविधाओं से महरूम नहीं रहने दिया जाएगा , प्रदेश सरकार राज्य के प्रत्येक बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक स्वस्थ रखने के लिए प्रयासरत है। आज पीजीआईएमएस रोहतक के पीडियाट्रिक विभाग में 28 बेड की नियोनेटल आईसीयू की शुरुआत हो गई है। इससे गरीब तबके को विशेष लाभ होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अक्सर देखने में आता था कि जिन बच्चों का पीजीआईएमएस से बाहर जन्म होता है और किसी बीमारी के कारण उन्हें आईसीयू की जरूरत पड़ती थी तो यहां पर आईसीयू न होने के कारण नवजात शिशुओं और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पडता था। काफी वर्षों से रोहतक पीजीआईएमएस में बाहरी नवजात शिशुओं के लिए आईसीयू की कमी महसूस की जा रही थी।
उन्होंने कहा कि पीजीआईएमएस में पूरे प्रदेश से मरीज आते हैं ऐसे में गरीब मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस आईसीयू तैयार करवाया गया है। आज यह आईसीयू गंभीर नवजात शिशुओं की सेवा के लिए सौंप दिया गया हैं।
आरती सिंह राव ने बताया कि जो बच्चे समय से पहले पैदा हो जाते हैं, उनमें अक्सर देखा जाता है कि उनका वजन कम मिलता है और उन्हें सांस लेने में भी कई बार दिक्कत हो जाती है, जिसके चलते उन्हें नियोनेटल आईसीयू केयर की जरूरत पड़ती है। उन्होंने बताया कि इस नई सुविधा के शुरू होने से अब गंभीर रूप से बीमार बच्चों और नवजातों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों या अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पहले संस्थान में नियोनेटल आईसीयू बेड की सुविधा बहुत ही कम थी, जिस कारण एक महीने से छोटे बच्चों को भर्ती करने में काफी दिक्कतें आती थीं। अब आधुनिक मशीनों से लैस इस वार्ड में बच्चों को तत्काल और बेहतर उपचार मिलेगा।
पीजीआईएमएस रोहतक के कुलपति डाॅ.एच.के. अग्रवाल ने 28 बेड के नियोनेटल आईसीयू का उद्घाटन करने के बाद जानकारी दी कि इसमें चिकित्सा जगत की सभी अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं, जिसके लिए वे हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी तथा स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का विशेष तौर पर धन्यवाद व्यक्त करते हैं।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि आपातकाल विभाग में प्रतिमाह करीब 200 नवजात शिशु आते हैं जिन्हें आईसीयू की जरूरत पड़ती है। इस आईसीयू के शुरू हो जाने से प्रदेश में नवजात मृत्यु दर में भी काफी सुधार होगा जो कि राष्ट्र उत्थान के लिए बहुत बडी चीज है।
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अनिल विज के प्रयास से सेहत का उपहार : आयुष योगशाला में लाठी के साथ 'एडवांस स्ट्रेचिंग' से फिट हो रहे योग साधक - देखे वीडियो
चंडीगढ़, 17 दिसम्बर - हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के अथह प्रयासों से अम्बाला छावनी में सुभाष पार्क के पास स्थापित आयूष योगशाला आज हजारों लोगों के वरदान साबित हो रही है। महिला-पुरूष योग साधाक इस योगशाला में स्वास्थ्य लाभ हासिल करते हुए अपने जीवन को बेहतर बना रही है।
योगाचार्य पंकज कुमार ने बताया कि आयुष योगशाला में विभिन्न योग आसनों के साथ योग कक्षाओं में लाठी के साथ एडवांस स्ट्रेचिंग, योग साधकों से करवाई जा रही है। एडवांस स्ट्रेचिंग के उपरांत योग साधकों ने अपने शरीर में काफी हल्कापन महसूस किया एवम् प्राणायाम, ध्यान के उपरांत साधकों ने गहन शांति का अनुभव किया।
उन्होंने बताया योगशाला में रोजना योग की कक्षाएं निरंतर चल रही है। योग कक्षाएं सुबह 5 से 6 बजे, 6 से 7 बजे, 11 बजे से 12 बजे और शाम 4 बजे से 5 बजे तक चलती हैं। उन्होंने बताया कि योग साधक यहां बेहतर योग अभ्यास करते है जिससे उनका फिटनेस स्तर बेहतर हो रहा है।
गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री अनिल विज के प्रयासों से पूर्व में सुभाष पार्क के साथ योगशाला का निर्माण किया गया था। इस योगशाला में हजारों योगसाधक फिटनेस हासिल कर रहे हैं। योगशाला उनके लिए एक वरदान साबित हो रही है।
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15/12/25 |अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज का संदेश : कहा "एक साथ बैठो, गपशप करो और चाय का आनंद लो"
अम्बाला छावनी के सदर बाजार चौक पर 1970 से लगातार जारी है मंत्री अनिल विज का 'टी-प्वाइंट' सिलसिला
सदर बाजार चौक पर अखबार पढ़ने से शुरू हुआ दोस्तों के साथ चाय पीने का सिलसिला : अनिल विज
अम्बाला/चंडीगढ़, 15 दिसम्बर - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने आज अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस पर लोगों को पैगाम देते हुए लोगों को एक साथ बैठना चाहिए और बैठकर आपस में गपशप करनी चाहिए। सुविधा अनुसार अलग-अलग ग्रुपों में बैठकर चाय का आनंद आवश्य लेना चाहिए।आज अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि वह लगभग 1970 से अम्बाला छावनी के सदर बाजार चौक पर बैठ रहे हैं और तब से लेकर आज तक वह लगातार यहां आते हैं। चौक पर आकर शहर के सुख-दुख को अपने टी-प्वाइंट ग्रुप सदस्यों के साथ शेयर करते हैं। समाचार पत्रों का भी अवलोकन करते हैं।
उन्होंने बताया सदर चौक पर आने की शुरूआत इसलिए हुई क्योंकि शहर का यह मुख्य चौक है और इस चौक पर सारे अखबार सुबह आते हैं। वह अखबार पढ़ने के लिए यहां आते थे और वहीं से चला यह सिलसिला चला तथा अब यह टी-प्वाइंट बन गया है। पहले अखबार पढ़ने के साथ यहां सब मिलकर चाय पीते थे और बैठने का सिलसिला तभी से जारी है। मंत्री अनिल विज ने कहा कि एक साथ बैठकर चाय पीना और बातें करना यह अच्छी व स्वस्थ सोसाइटी के लिए जरूरी है। पहले लोग गलियों, पेड़ों के नीचे बैठते थे, मगर अब वो बंद करने से सामाजिक ढांचा कमजोर हुआ है।
वहीं आज अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने प्रतिदिन की भांति सदर बाजार टी-प्वाइंट पर पहुंचे अपने मित्रों के साथ चाय पी, इस दौरान उन्होंने चाय के साथ गीतों का भी आनंद लिया। इस अवसर पर संजीव वालिया, अजय बवेजा, विजेंद्र चौहान, अनिल बहल पप्पू सहित अन्य मौजूद रहे।
गौरतलब है कि मंत्री अनिल विज हर प्रात: सदर बाजार चौक पर अपने टी-प्वाइंट ग्रुप सदस्यों के साथ चाय पीकर अपनी दिनचर्या की शुरूआत करते हैं।
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हरियाणा में डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त, मुख्यमंत्री की सहमति के बाद सेवाएं आज से होंगी सुचारु
जे कुमार, चंडीगढ़, 12 दिसम्बर, 2025: हरियाणा में सरकारी डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव और हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMS) के प्रतिनिधिमंडल के बीच चली ढाई घंटे की बैठक में डॉक्टरों की प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई है।
आज से बहाल होंगी सेवाएं
डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने सरकार को हड़ताल वापस लेने का आश्वासन दिया है, जिसका अर्थ है कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पताल आज (शुक्रवार, 12 दिसंबर) से सुचारु रूप से कार्य करना शुरू कर देंगे।
सूत्रों के अनुसार, विवाद के मुख्य बिंदु एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) को लागू करने और सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) की सीधी भर्ती से जुड़ी मांगों पर सकारात्मक सहमति बनी है।
लिखित आदेश का इंतजार
बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री आरती राव मुख्यमंत्री आवास से निकल गई हैं। अब डॉक्टरों की मांगों पर अंतिम निर्णय और लिखित आदेश जारी करने की प्रक्रिया मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सहमति पर निर्भर है। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलते ही, स्वास्थ्य विभाग आधिकारिक तौर पर हड़ताल समाप्ति और सेवाओं की बहाली के आदेश जारी कर देगा। इस सहमति से प्रदेशभर के उन लाखों मरीजों को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें पिछले दो दिनों से स्वास्थ्य सेवाओं में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।
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सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकीय सेवाओं को किया जा रहा है मजबूत : स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव
चंडीगढ़, 05 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि प्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकीय सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए 450 चिकित्सा अधिकारियों (ग्रुप–A, HCMS-I) की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि नए चिकित्सकों की नियुक्ति से प्रदेश के लोगों, विशेषकर ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
यह भर्ती अभियान प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी तथा सुगम बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता का स्पष्ट संकेत है, जिससे सुनिश्चित किया जा सके कि प्रदेश का कोई भी नागरिक चिकित्सकीय सुविधा के अभाव में उपचार से वंचित न रहे।
निदेशालय स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि कुल 450 रिक्त पदों को विभिन्न श्रेणियों में भरा जाएगा, जिनमें 238 पद सामान्य वर्ग, 45 पद अनुसूचित जाति (GSC), 45 पद डिप्राइव्ड अनुसूचित जाति (DSC), 50 पद पिछड़ा वर्ग-A (BC-A), 27 पद पिछड़ा वर्ग-B (BC-B) और 45 पद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए निर्धारित हैं। इसके अतिरिक्त 22 पद HSM/DESM/DFF तथा 18 पद दिव्यांगजन (PwBD) हेतु आरक्षित हैं।
प्रवक्ता आगे बताया कि हरियाणा सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार आरक्षण का लाभ केवल हरियाणा राज्य के बोनाफाइड निवासियों को ही मिलेगा। इच्छुक और पात्र उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन प्रक्रिया, पात्रता मानदंड तथा विस्तृत विवरण स्वास्थ्य विभाग हरियाणा की आधिकारिक वेबसाइटों haryanahealth.gov.in तथा uhsr.ac.in पर उपलब्ध हैं। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ने की सलाह दी गई है।
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अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल में HRKNL कर्मचारियों का वेतन अटका, मंत्री अनिल विज से मिली राहत की उम्मीद
जे कुमार, 4 दिसम्बर : अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल में हरियाणा रोजगार कौशल निगम (HRKNL) के तहत कार्यरत कुछ कर्मचारियों को पिछले दो महीनों से वेतन न मिलने के कारण आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वेतन न मिलने से प्रभावित कर्मचारियों के घर का बजट बिगड़ गया है, जिसके चलते दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी चुनौती बन गया है। इन्हीं समस्याओं को लेकर आज प्रभावित कर्मचारी प्रदेश के ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज से मिलने पहुंचे और अपनी पीड़ा रखी।
कर्मचारियों ने बताया कि दो महीने से वेतन न आने के कारण उन्हें परिवार चलाने में दिक्कत हो रही है। कई बार संबंधित विभागों से संपर्क करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार आश्वासन तो मिल रहे हैं, लेकिन वेतन जारी न होने से मानसिक और आर्थिक तनाव बढ़ता जा रहा है।
इस पर मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों की शिकायत ध्यान से सुनी और तुरंत समाधान का भरोसा दिया। मंत्री ने बताया कि इस संबंध में उनकी सिविल सर्जन से बातचीत हुई है। सिविल सर्जन ने उन्हें बताया कि वेतन प्रक्रिया से जुड़ा मामला पोर्टल की तकनीकी दिक्कत के कारण अटका हुआ है, जिस पर तेजी से काम किया जा रहा है। विज ने कहा कि जल्द ही यह समस्या दूर हो जाएगी और सभी कर्मचारियों का वेतन उनके बैंक खातों में जमा करा दिया जाएगा।
कर्मचारियों को मंत्री विज से उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित वेतन अब शीघ्र जारी होगा और उनकी आर्थिक परेशानी कम होगी। अस्पताल में तैनात ये कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सरकार द्वारा आश्वासन मिलने से कर्मचारियों में राहत की भावना देखी जा रही है।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा विज्ञान भवन में विश्व एड्स दिवस के वार्षिक राष्ट्रीय समारोह का नेतृत्व करेंगे
आरएस अनेजा, 30 नवम्बर नई दिल्ली - केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, एक दिसंबर 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में विश्व एड्स दिवस 2025 के वार्षिक राष्ट्रीय समारोह के आयोजन का नेतृत्व करेंगे।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव; नाको के अपर सचिव एवं महानिदेशक; और स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जो एचआईवी की रोकथाम, उपचार, देखभाल और कलंक उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए भारत सरकार की अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि करेंगे।
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (एनएसीओ) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सरकारी नेता, विकास साझेदार, युवा प्रतिनिधि, समाज में इस कार्यक्रम के समर्थक, एचआईवी से पीड़ित व्यक्ति (पीएलएचआईवी) और अग्रणी स्वास्थ्य कार्यकर्ता एक साथ आएंगे। यह एड्स को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करने की दिशा में भारत की यात्रा को गति देने के लिए एकजुट दृष्टिकोण को दर्शाता है।
युवाओं के नेतृत्व में एक फ्लैश प्रदर्शन जागरूक और ज़िम्मेदारीपूर्ण व्यवहार के महत्व पर ज़ोर देगा। इसके बाद एक विषयगत प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा, जिसमें राष्ट्रीय एड्स एवं यौन संचारित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत डिजिटल नवाचारों, कार्यक्रम की उपलब्धियों और समुदाय-आधारित मॉडलों को प्रदर्शित किया जाएगा। लाभार्थियों के अनुभवों की कहानियाँ और एक दृश्य-श्रव्य प्रस्तुति एनएसीपी-5 के तहत भारत की प्रगति और आगामी प्राथमिकताओं के बारे में बताया जाएगा।
इस समारोह का एक प्रमुख आकर्षण नाको की राष्ट्रीय मल्टीमीडिया पहल के तहत एक नई अभियान वीडियो श्रृंखला का शुभारंभ होगा, जो तीन प्रमुख आधार - युवा एवं जागरूकता, ऊर्ध्वाधर संचरण का उन्मूलन, और कलंक एवं भेदभाव - पर केंद्रित होगी।
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अटल कैंसर केयर सेंटर में 9 किलो की गांठ का सफल ऑपरेशन, 8 महीने से पीड़ित युवती को मिली नई जिंदगी
जे कुमार, अम्बाला 26 नवम्बर : - अम्बाला छावनी स्थित नागरिक अस्पताल के अटल कैंसर केयर सेंटर में चिकित्सकों की टीम ने एक बड़ा चिकित्सा कारनामा करते हुए 26 वर्षीय युवती के पेट से 9 किलो वजनी गांठ को सफलतापूर्वक निकालकर उसकी जिंदगी को नया आयाम दे दिया। पिछले करीब 8 महीनों से गंभीर परेशानी झेल रही इस युवती का इलाज कई जगहों पर कराया गया, परंतु कोई राहत नहीं मिली। आखिरकार अटल कैंसर केयर सेंटर की टीम ने जटिल ऑपरेशन को अंजाम देकर मरीज और उसके परिजनों को नई उम्मीद दी।
इस सफल सर्जरी का नेतृत्व सेंटर में ड्यूटी पर तैनात गायनी विशेषज्ञ डॉ. मीनाक्षी भूषण ने किया। ऑपरेशन के दौरान उनकी टीम में डॉ. वेद पाठक, स्टाफ नर्स दिव्या, पूजा और लखविंदर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीमवर्क और बेहतर समन्वय के कारण यह जटिल सर्जरी पूरी तरह सफल रही।
डॉ. मीनाक्षी भूषण ने बताया कि मरीज अम्बाला की रहने वाली है और लंबे समय से पेट में बढ़ती गांठ के कारण असहनीय दर्द, कमजोरी और रोजमर्रा की गतिविधियों में कठिनाई का सामना कर रही थी। समय पर सही इलाज न मिलने की वजह से स्थिति और गंभीर होती जा रही थी। जांच में पता चला कि युवती के पेट में करीब 9 किलो की एक बड़ी गांठ मौजूद है, जिसे हटाना चिकित्सकीय रूप से काफी चुनौतीपूर्ण था। लेकिन टीम ने पूरी तैयारी के साथ ऑपरेशन किया और युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। डॉक्टर ने कहा कि ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत अब स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रही है। आगे कुछ दिनों तक निगरानी में रखकर इलाज जारी रहेगा।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर डॉ. मीनाक्षी भूषण ने हरियाणा के केबिनेट मंत्री अनिल विज का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मंत्री विज द्वारा अस्पताल में उपलब्ध करवाई गई आधुनिक सुविधाएं और अत्याधुनिक उपकरण इस तरह की जटिल सर्जरी को संभव बनाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने सीएमओ और पीएमओ अम्बाला का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने अस्पताल की व्यवस्था और संसाधनों को मजबूत बनाने में अहम योगदान दिया।
अटल कैंसर केयर सेंटर द्वारा किया गया यह सफल ऑपरेशन न केवल चिकित्सा क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह साबित करता है कि सरकारी अस्पतालों में भी उच्च स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। युवती और उसके परिवार ने डॉक्टरों की टीम के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है।
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सिरसा और सोनीपत के डॉक्टरों के निलंबन पर बवाल, आज 2 घंटे के लिए OPD बंद; पूरे हरियाणा में आंदोलन की चेतावनी
जे कुमार, चंडीगढ़ 20 नवम्बर - हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन (HCMA) ने प्रदेश के सिरसा और सोनीपत के डॉक्टरों के निलंबन के विरोध में कड़ा रुख अपनाया है। निलंबन के विरोध में आज, वीरवार को, सोनीपत और सिरसा के चिकित्सक पेन डाउन हड़ताल पर जाएंगे और प्रदर्शन करेंगे। इस कारण दोनों जिलों में दो घंटे के लिए ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी।
उत्पीड़न का आरोप और लिंगानुपात पर विरोध : - एसोसिएशन ने निलंबन पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए साफ कहा है कि डॉक्टरों के साथ बिना वजह उत्पीड़न की कार्रवाई की जा रही है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश ख्यालिया, महासचिव अनिल यादव, और डॉ. अमरजीत सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने तर्क दिया कि "पुरस्कार लेने के लिए तो महिला एवं बाल कल्याण विभाग के अधिकारियों को बुलाया जाता है, जबकि लिंगानुपात के मामले में डॉक्टरों का सीधे सीधे कोई लेना देना नहीं है, फिर भी उन्हें निलंबित किया जा रहा है।" एसोसिएशन ने इस आंदोलन को पूर्ण समर्थन दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सिरसा और सोनीपत के साथियों को न्याय नहीं मिला, तो आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश के अंदर आंदोलन पर विचार किया जाएगा।
25 नवंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल का अल्टीमेटम :- एचसीएमए ने पहले से ही अपनी अन्य मांगों (सीधे एसएमओ भर्ती का विरोध, एसीपी में वृद्धि का नोटिफिकेशन जारी न होना, और डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाना) को लेकर 25 नवंबर को पूरे प्रदेश में दो घंटे की कलम छोड़ हड़ताल का अल्टीमेटम दिया हुआ है। अगला कदम: एसोसिएशन ने अब 30 नवंबर को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी, जिसमें सभी जिलों के प्रतिनिधि व पदाधिकारी जुड़ेंगे और आंदोलन को लेकर बड़ा फैसला लिया जाएगा, जिसमें पूरी तरह से काम बंद पर विचार किया जाएगा।
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सीएमओ अंबाला की अपील, सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनें और बाहर के खाने से बचें
जे कुमार, अम्बाला 19 नवम्बर : - मौसम ने अब करवट बदलनी शुरू कर दी है, जिसके चलते सुबह और शाम के समय ठंडक महसूस होने लगी है। मौसम में आए इस बदलाव को देखते हुए, अंबाला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. राकेश सहल ने आम जनता से स्वास्थ्य के प्रति सतर्कता बरतने की अपील की है।
सर्दी से बचाव और खान-पान पर ध्यान दें : - सीएमओ डॉ. राकेश सहल ने जानकारी देते हुए बताया कि मौसम बदलने के कारण अस्पताल में गला दर्द और खांसी जैसे रूटीन के रोगी आ रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे इन छोटे-मोटे संक्रमणों से बचने के लिए एहतियात बरतें |
गर्म कपड़े पहनें: सुबह और शाम को ठंड बढ़ जाती है, इसलिए गर्म वस्त्र पहनकर शरीर को पूरी तरह से ढक कर रखें।
बाहर का खाना टालें: संक्रमण से बचने के लिए बाहर का खाना खाने से बचें और केवल ताजा व गर्म भोजन ही करें।
पानी पीते रहें: शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए पानी भी पर्याप्त मात्रा में पीते रहना चाहिए।
डॉ. सहल ने कहा कि वर्तमान में कोई खास तरह के रोगी नहीं आ रहे हैं, लेकिन अगर कोई व्यक्ति बीमार होता है, तो वह लापरवाही न बरते और तुरंत नजदीकी अस्पताल में उपचार करवाए। उन्होंने कहा कि समय पर सावधानी और उपचार से ही मौसमी बीमारियों से बचा जा सकता है।
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समय पर जांच और जागरूकता से कैंसर को हराया जा सकता है, राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस पर डॉ. पूजा पैंटल
जे कुमार, अम्बाला 7 नवम्बर - अंबाला छावनी राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस के अवसर पर 7 नवंबर को सिविल अस्पताल अंबाला छावनी की ओर से अटल कैंसर केयर सेंटर में एक विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के लक्षण, कारण, बचाव और उपचार के महत्व के बारे में जानकारी देना रहा। इस मौके पर बड़ी संख्या में मरीजों, स्वास्थ्य कर्मियों और आम नागरिकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पीएमओ डॉ. पूजा पैंटल ने की। उन्होंने बताया कि कैंसर आज देश में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बन चुका है, लेकिन यदि इसे समय रहते पहचान लिया जाए तो इसका उपचार पूरी तरह संभव है। उन्होंने कहा कि कैंसर शरीर के किसी भी हिस्से में असामान्य कोशिकाओं के अनियंत्रित वृद्धि से होता है, और यह धीरे-धीरे पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है। डॉ. यशपाल वर्मा ने लोगों को समझाया कि इस बीमारी से डरने के बजाय समय पर जांच और इलाज करवाना ही इसका सबसे बड़ा समाधान है।
डॉक्टर विकास गुप्ता ने मरीजों और उपस्थित लोगों को कैंसर के शुरुआती लक्षणों की जानकारी दी जैसे – शरीर में किसी गांठ का बनना, बिना वजह वजन कम होना, लंबे समय तक खांसी रहना, मुंह में छाले जो ठीक न हों |
डॉक्टर पूजा शर्मा ने महिलाओं में स्तन या गर्भाशय से संबंधित असामान्य बदलाव, आदि को लेकर जागरूक किया | उन्होंने कहा कि इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
डॉक्टर रोशनी व्यास ने बताया कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से कैंसर का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है। धूम्रपान, तंबाकू सेवन, शराब, जंक फूड और तनाव जैसी आदतें कैंसर को बढ़ावा देती हैं। डॉक्टर अरुण सिंगला ने लोगों से अपील की कि वे नियमित व्यायाम करें, पौष्टिक आहार लें, धूम्रपान और शराब से दूर रहें, तथा हर साल स्वास्थ्य जांच जरूर करवाएं।
इस अवसर पर अस्पताल की मेडिकल टीम ने उपस्थित लोगों को मुफ्त परामर्श और जागरूकता पर्चे भी वितरित किए। कार्यक्रम में कैंसर से जूझ चुके मरीजों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस तरह समय पर इलाज ने उनकी जिंदगी बचाई।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. पूजा पैंटल ने कहा कि कैंसर अब लाइलाज बीमारी नहीं रही। अगर लोग जागरूक रहें, तो इसे शुरुआती चरण में ही रोका और ठीक किया जा सकता है। उन्होंने सभी को संदेश दिया कि “समय पर जांच – जीवन की रक्षा” केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक सच्चाई है, जिसे अपनाकर हम कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रह सकते हैं।
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स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने डॉक्टरों को प्रिस्क्रिप्शन पर हस्ताक्षर और जेनेरिक नाम अनिवार्य करने का निर्देश दिया
जे कुमार, अम्बाला 2 नवम्बर - स्वास्थ्य मंत्री आरती राय द्वारा प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों के लिए आदेश जारी किए गए हैं। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य मरीजों के हित की रक्षा करना और चिकित्सा पर्ची में किसी भी तरह की अस्पष्टता को समाप्त करना है।
जेनेरिक दवाएं बड़े अक्षरों में होंगी दर्ज :- नए निर्देशों के तहत, यह भी सुनिश्चित किया गया है कि दवाओं के प्रिस्क्रिप्शन में दवाओं के जेनेरिक नाम बड़े और स्पष्ट अक्षरों में लिखे जाएं, ताकि मरीज आसानी से जेनेरिक दवाओं की पहचान कर सकें और महंगी ब्रांडेड दवाओं के बोझ से बच सकें। यह कदम जेनेरिक दवाओं को बढ़ावा देने की राष्ट्रीय नीति के अनुरूप है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती राय ने मीडिया को बताया, "मरीजों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उनका इलाज कौन सा डॉक्टर कर रहा है और उनकी मेडिकल रिपोर्ट पर किसके हस्ताक्षर हैं। यह नियम न केवल पर्ची पर अस्पष्ट और जल्दबाजी में किए गए हस्ताक्षर की समस्या को दूर करेगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि डॉक्टर अपनी जिम्मेदारी और पदनाम के प्रति जवाबदेह हों।" उन्होंने जोर दिया कि पारदर्शिता की दृष्टि से यह अत्यंत आवश्यक है कि प्रत्येक प्रिस्क्रिप्शन और लैब रिपोर्ट पर चिकित्सक की पहचान स्पष्ट रूप से अंकित हो।
इन निर्देशों के सख्ती से पालन के लिए, राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के सिविल सर्जनों को तुरंत प्रभाव से पत्र जारी कर दिया है। सिविल सर्जनों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में इन नियमों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराएं। नियम का उल्लंघन करने वाले चिकित्सकों पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। यह पहल सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली में मरीजों का विश्वास बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी।
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सिविल हॉस्पिटल अंबाला कैंट में 'टीबी चैंपियन' कार्यशाला आयोजित, स्वस्थ हुए लोग अब समाज में फैलाएंगे जागरूकता
जे कुमार, अम्बाला 30 अक्तूबर - टीबी (Tuberculosis) के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के उद्देश्य से आज सिविल हॉस्पिटल अंबाला कैंट में एक महत्वपूर्ण "टीबी चैंपियन कार्यशाला" का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला उप सिविल सर्जन एवं नोडल अधिकारी डॉ. सीमा के मार्गदर्शन और पीएमओ डॉ. पूजा पैंटल की उपस्थिति में, टीबी अलर्ट इंडिया द्वारा कर्नाटक हेल्थ प्रमोशन ट्रस्ट के सहयोग से 'इंपैक्ट इंडिया' कार्यक्रम के अंतर्गत संपन्न हुई।
कार्यशाला का मुख्य लक्ष्य टीबी से पूरी तरह स्वस्थ हो चुके व्यक्तियों को "टीबी चैंपियन" के रूप में प्रशिक्षित करना रहा, ताकि वे टीबी के उन्मूलन की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
पीएमओ डॉ. पूजा पैंटल ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद इन टीबी चैंपियंस को आयुष आरोग्य मंदिरों से जोड़ा जाएगा। इनका कार्य होगा:
समुदाय स्तर पर टीबी के प्रति जागरूकता फैलाना।
उपचाराधीन मरीजों को भावनात्मक और आवश्यक सहयोग प्रदान करना।
अपनी बीमारी से उबरने की प्रेरणादायक कहानी साझा कर अन्य मरीजों को उपचार पूरा करने के लिए प्रेरित करना।
एमओटीसी डॉ. नीनू गांधी ने टीबी सर्वाइवर्स को उत्साहपूर्वक टीबी चैंपियन बनने के लिए प्रेरित किया। मेडिकल ऑफिसर डॉ. मनोज मंगला ने टीबी के लक्षण, बचाव और समाज में जागरूकता उत्पन्न करने के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर, जिला प्रमुख रेखा ने टीबी चैंपियन की गतिविधियों को साझा किया, जबकि एसटीएस हरीश कुमार ने टीबी मरीजों के लिए चलाई जा रही सरकारी योजना 'निश्चय पोषण योजना' पर प्रकाश डाला। मौके पर सामुदायिक समन्वयक रजनी भी उपस्थित रहीं। यह पहल टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
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25/10/25 |
उच्च प्रदूषण के कारण श्वसन संबंधी बीमारियाँ, हृदय रोग और कैंसर का खतरा बढ़ गया है
भारत में प्रदूषण की स्थिति, खासकर वायु प्रदूषण, गंभीर बनी हुई है और यह देश के कई हिस्सों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।
यहाँ भारत में आज (25 अक्टूबर 2025) की प्रदूषण की स्थिति के कुछ प्रमुख बिंदु दिए गए हैं, जो हाल के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) और रिपोर्टों पर आधारित हैं:
देश के कई प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता 'खराब' से 'बहुत खराब' और कुछ स्थानों पर 'गंभीर' श्रेणी में है।
दिल्ली और NCR के आस-पास के शहरों (जैसे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में प्रदूषण का स्तर 'बहुत खराब' (Very Poor) श्रेणी में है, कई स्थानों पर AQI 300 के पार बना हुआ है।
हाल ही में, दिवाली के बाद पटाखों और मौसमी बदलावों (जैसे हवा की गति में कमी) के कारण प्रदूषण में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे कई निगरानी स्टेशनों पर AQI 'गंभीर' (Severe) श्रेणी में भी दर्ज किया गया था।
कोलकाता और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में भी वायु गुणवत्ता अक्सर 'खराब' (Poor) से 'बहुत खराब' श्रेणी में रहती है।
दक्षिण भारत के शहरों जैसे चेन्नई और हैदराबाद में स्थिति आमतौर पर उत्तर भारत की तुलना में बेहतर, लेकिन फिर भी 'मध्यम' (Moderate) या 'खराब' श्रेणी में देखी जाती है।
मुख्य प्रदूषक: हवा में पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5 और PM10) की सांद्रता बहुत अधिक है, जो स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
वायु प्रदूषण यह भारत में प्रदूषण का सबसे बड़ा मुद्दा है।
वाहनों से निकलने वाला धुआँ, औद्योगिक उत्सर्जन, निर्माण कार्य की धूल, पराली जलाना (फसलों के अवशेष), और दिवाली जैसे त्योहारों पर आतिशबाजी मुख्य कारण हैं।
उच्च प्रदूषण के कारण श्वसन संबंधी बीमारियाँ, हृदय रोग और कैंसर का खतरा बढ़ गया है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों में।
देश की कई प्रमुख नदियाँ (जैसे गंगा, यमुना) और अन्य जलस्रोत औद्योगिक कचरे, सीवेज और कृषि अपवाह के कारण प्रदूषित हैं।
यह पीने के पानी की गुणवत्ता को प्रभावित करता है और जलजनित रोगों के फैलने का कारण बनता है।
कई शहरों में ठोस कचरे का उचित प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है, जिससे लैंडफिल साइट्स (कचरा डंप करने की जगहें) प्रदूषण का स्रोत बनी हुई हैं।
वायु गुणवत्ता के 'बहुत खराब' या 'गंभीर' होने पर, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण लागू किए जाते हैं, जिसमें निर्माण कार्यों पर रोक, ईंट भट्टों और गर्म मिश्रण संयंत्रों को बंद करने जैसे उपाय शामिल हैं।
सरकारें प्रदूषण नियंत्रण के लिए स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने, इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने और औद्योगिक उत्सर्जन मानकों को सख्त करने जैसे उपाय कर रही हैं।
संक्षेप में, आज भारत में प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक है, खासकर उत्तर भारत के बड़े शहरी क्षेत्रों में, जहाँ वायु गुणवत्ता अक्सर खतरनाक स्तर पर पहुँच जाती है। इससे निपटने के लिए तत्काल और दीर्घकालिक दोनों तरह के उपायों की आवश्यकता है।
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दीपावली पर स्वास्थ्य विभाग मुस्तैद: ट्रॉमा सेंटर और कैंट इमरजेंसी में 10-10 बेड के बर्न वार्ड तैयार
जे कुमार, अम्बाला 20 अक्तूबर - दीपावली के अवसर पर पटाखों या अन्य कारणों से होने वाली आग लगने की आपातकालीन घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग, अम्बाला ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सिविल सर्जन डॉ. राकेश सहल के निर्देशानुसार, सिटी सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर और कैंट सिविल अस्पताल दोनों में 10-10 बेड के विशेष बर्न वार्ड (Burn Wards) स्थापित किए गए हैं।
डॉक्टरों की विशेष ड्यूटी:
आपातकालीन सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए दोनों अस्पतालों में डॉक्टरों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है।
सुबह और शाम की शिफ्ट: दोनों अस्पतालों में 2-2 डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है।
रात की ड्यूटी: रात के समय किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 3-3 डॉक्टरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अतिरिक्त, आपातकालीन स्थिति के लिए सभी स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को ऑन कॉल ड्यूटी पर रखा गया है। सभी इमरजेंसी सर्जनों की ड्यूटी भी सुनिश्चित की गई है ताकि दीपावली के दिन और उसके बाद भी तत्परता बनी रहे।
अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की तैयारी:
डॉ. सहल ने बताया कि दोनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में भी दो-दो बेड के बर्न वार्ड बनाए गए हैं। उन्होंने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को भी तैयार रहने और दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की यह पहल सुनिश्चित करती है कि त्यौहार के दौरान जनता को सर्वोत्तम आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएँ मिल सकें।
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पल्स पोलियो अभियान के तहत 0 से 5 तक के बच्चों को पिलाई जा रही है पोलियो ड्रॉपस
जे कुमार, अम्बाला 12 अक्तूबर - आज रविवार को पल्स पोलियो अभियान का शुभारम्भ किया गया | इस अभियान के तहत आवश्यक सावधानियां बरतते हुए जन्म से 5 साल तक के 129338 बच्चों को दो बूंद पोलियो की दवाई पिलाई जाएगी। यह जानकारी सिविल सर्जन डा. राकेश सहल ने दी | उन्होंने बताया कि पल्स पोलियो अभियान के तहत 12 अक्तूबर को सभी पोलियो बूथ पर तथा 13 व 14 अक्तूबर को घर-घर जाकर पोलियो की खुराक पिलाने का काम किया जाएगा।
जिला अम्बाला में 994 बूथों पर 2834 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी वर्कर, आशा सामाजिक कार्यकर्ता, नेहरू युवा कार्यकर्ता तथा विभिन्न गैर सरकारी संस्थाओं के सदस्यों, पंचायती राज व जिला प्रशासन के सहयोग से 0 से 5 वर्ष के 129338 बच्चों को पोलियो की अतिरिक्त खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है |जिला के औद्योगिक क्षेत्र, निर्माणधीन स्थल, झुग्गियों में रह रहे कामगार मजदूरों के बच्चों को हाई रिस्क एरिया घोषित कर विशेष टीमें लगाई गई ताकि कोई भी बच्चा पोलियो खुराक से वंचित न रहे।
जिला में पोलियो अभियान को प्रभावी ढंग से सफल बनाने हेतु 139 गाडियां, 48 मोबाईल टीम, 139 सुपरवाईजरों व कार्यक्रम अधिकारियों की डियुटी लगाई गई है। इसके साथ-साथ विभिन्न गतिविधियों एवं प्रचार-प्रसार के माध्यम से पल्स पोलियो अभियान के बारे जानकारी दी जा रही है।#ambala #news #helthdepartment #pulse-polio
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01/10/25 |सेवा पखवाड़े के दौरान भाजपा ने अम्बाला छावनी में समाज सेवा में नए आयाम स्थापित किए : ऊर्जा मंत्री अनिल विज
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टी.बी. मुक्त अभियान में राज्य सरकार तेजी और प्रभावी ढंग से कर रही कार्य: स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव
चंडीगढ़, 29 सितम्बर (अभी) -- हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री श्रीमती आरती सिंह राव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित वर्ष 2030 तक टी.बी. (क्षय रोग) को समाप्त करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार तेजी और प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि इस दिशा में अब तक किए गए प्रयास उल्लेखनीय हैं और प्रदेश स्वास्थ्य क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि इस वर्ष अब तक राज्यभर में 4 लाख से अधिक लोगों की जांच की गई है, जिनमें से 95 हजार का एक्स-रे परीक्षण किया गया। इन जांचों के उपरांत 57 हजार मरीजों में टी.बी. के मामले नोटिफाई हुए हैं। उन्होंने कहा कि टी.बी. रोगियों को सरकार द्वारा मुफ्त दवा उपलब्ध कराई जाती है और साथ ही उन्हें पोषण के लिए प्रतिमाह 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है। इस दिशा में अब तक 131 करोड़ रुपये सीधे मरीजों के खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजे जा चुके हैं।
आरती सिंह राव ने आगे बताया कि निरोगी हरियाणा स्कीम के तहत 94 लाख लाभार्थियों की जांच की गई है, जिसके दौरान 5.50 करोड़ से अधिक टेस्ट किए गए। इसके अतिरिक्त, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अब तक 27 लाख क्लेमों के एवज में 3,000 करोड़ रुपये का व्यय किया गया है। वहीं, चिरायु योजना के तहत 9.50 लाख क्लेमों पर 1,300 करोड़ रुपये का व्यय वहन किया गया है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एनीमिया मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत हरियाणा ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जहां पहले राज्य का स्थान 10वें पायदान पर था, वहीं अब यह सुधार कर 5वें स्थान पर आ गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धियां प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में प्रतिबद्धता और निरंतर प्रयासों का प्रमाण हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्र व राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से वर्ष 2030 तक टी.बी. उन्मूलन का लक्ष्य निश्चित रूप से प्राप्त किया जाएगा।
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सेवा पखवाड़े को लेकर लोगों व भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह, रक्तदान व स्वास्थ्य जांच शिविरों का लोग उठा रहे भरपूर लाभ : ऊर्जा मंत्री अनिल विज
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भाजपा द्वारा अम्बाला छावनी में सेवा पखवाड़ा बड़े उत्साह और जन-सहभागिता के साथ मनाया जा रहा है : भाजपा नेता कपिल विज
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सेवा पखवाड़े को लेकर लोगों व भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह, रक्तदान व स्वास्थ्य जांच शिविरों का लोग उठा रहे भरपूर लाभ : ऊर्जा मंत्री अनिल विज
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27/09/25 |राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ ने नई दिल्ली में अस्थि मर्म पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया
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स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण में हिमाचल सरकार ने 24.44 करोड़ रुपये अतिरिक्त स्वीकृत किए
हिमाचल, 25 सितम्बर (अभी) : स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि प्रदेश सरकार ने राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों की ईमारतों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए 24.44 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत की है। इस निर्णय से चिकित्सा सेवाओं को मजबूती मिलेगी और राज्य के लोग लाभान्वित होंगे।
उन्होंने बताया कि जिला कुल्लू में कैथ लैब के लिए 7.92 करोड़ रुपये, नागरिक अस्पताल नादौन में टाईप-3 और टाईप-4 आवास और अतिरिक्त खण्ड के निर्माण के लिए 2.64 करोड़ रुपये और नागरिक अस्पताल कंडाघाट के लिए 1.98 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए है। इसी तरह, जिला ऊना के नागरिक अस्पताल अंब के लिए 3.30 करोड़ रुपये और कांगड़ा जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हमीरपुर में चिकित्सकों के आवास, हमीरपुर देहरा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन, देहरा नागरिक अस्पताल में चिकित्सों के आवास, जिला कांगड़ा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनखंडी के भवन और गगरेट अस्पताल के लिए 1.32 करोड़ रुपये प्रति संस्थान जारी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में वर्तमान प्रदेश सरकार लोगों को घर-द्वार के निकट आधुनिक तथा गुणवत्तापूर्ण विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। राज्य के चिकित्सा संस्थानों में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों में आधुनिक तकनीकयुक्त चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं ताकि मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा के लिए प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े।#HimachalPradesh #Healthcare #HealthInfrastructure #SukhvinderSinghSukhu #MedicalServices #Kullu #Una #Kangra #Hamirpur #PublicHealth #HealthForAll
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सिविल अस्पताल की नई सौ बेड बिल्डिंग में क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) होगा जहां इलाज की सुविधाएं उपलब्ध होगी: ऊर्जा मंत्री अनिल विज
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आयुष विभाग अंबाला द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर बाड़ा में मनाया 10वां आयुर्वेद दिवस
जे कुमार, अम्बाला 23 सितम्बर - आयुष विभाग अंबाला द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर बाड़ा में 10वां आयुर्वेद दिवस हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. शशिकांत शर्मा के दिशा-निर्देशन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयुर्वेद को जन-जन तक पहुँचाने हेतु विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान धन्वंतरि पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा किया गया। नि:शुल्क आयुर्वेदिक व्याख्यान में डॉ. समिधा शर्मा (एम.डी. आयुर्वेद) ने जन-जन के लिए आयुर्वेद और पृथ्वी के लिए समाधान विषय पर सरल भाषा में विचार प्रस्तुत किए और आयुर्वेद की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि ग्राम सरपंच के प्रतिनिधि गुरमीत, ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच तथा विशिष्ट अतिथि ग्रामीण मंडल अध्यक्ष विकास बेघल ने भी ग्रामवासियों को पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को अपनाने हेतु प्रेरित किया। योग विशेषज्ञ संदीप मालिक ने दैनिक जीवन में योग के महत्व को समझाया।
कार्यक्रम में जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. शशिकांत शर्मा ने सभी अतिथियों एवं ग्राम वासियों का स्वागत करते हुए ग्रामीण सहभागिता की सराहना की। हिमालया ड्रग कंपनी के प्रबंधक हनी मल्होत्रा ने शुभकामनाएं प्रेषित कीं एवं कंपनी की ओर से जलपान व उपहारों की व्यवस्था की।
मंच संचालन का कार्य योग सहायक दपिंदरजीत कौर ने कुशलता से निभाया। शिविर पूर्व योग कक्षा का संचालन सोनिया शर्मा द्वारा किया गया, जिन्होंने शिविर में सक्रिय सहयोग भी प्रदान किया। गांव के गणमान्य नागरिकों अर्जुन, ज्योति, ममता, सुमन, जगीरो आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। आयुर्वेद से संबंधित रोचक क्विज़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विजेताओं को आयुष अंबाला की ओर से पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के अंतर्गत औषधीय पौधों की प्रदर्शनी, आयुर्वेदिक स्वास्थ्य जाँच शिविर एवं औषधि वितरण की व्यवस्था की गई। स्वास्थ्य शिविर में कुल 350 ग्रामीणों ने भाग लिया। उन्हें टॉनिक एवं बलवर्धक आयुर्वेदिक औषधियां वितरित की गईं।
इस शिविर में डॉ. दर्शन (आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर), नितिन (आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट), राजेश (आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट), जयप्रकाश (आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट) ने दवाओं का वितरण किया। सनी एवं रजनी (पार्ट टाइम वर्कर्स) ने श्रमदान कर शिविर को सफल बनाने में योगदान दिया।समारोह में कुल 250 ग्रामीणों ने भाग लिया, जिनके लिए हिमालया कंपनी एवं आयुष अंबाला की ओर से जलपान की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम के अंत में डॉ. समिधा शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए आयुर्वेद को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
इस आयोजन ने यह सिद्ध किया कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि एक समग्र जीवनशैली है, जो व्यक्ति और पर्यावरण दोनों के लिए कल्याणकारी है।#ambala #news #10thayurvedaday #celebrated #ayushdepartment #ayushman #arogyamandir #bara
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प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत की सातवीं वर्षगांठ मनाई
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स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देकर बड़े सुधारों की दिशा में बढ़ रही हिमाचल सरकार
हिमाचल, 22 सितम्बर (अभी): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लोगों को घर-द्वार के निकट आधुनिक और उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान केन्द्रीत कर रही है। इस उद्देश्य से सरकार ने प्रदेश में चिकित्सा अधोसंचरना और विश्वस्तरीय उपचार सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं।
एक बड़ी उपलब्धि के रूप में शिमला स्थित अटल इस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी चमियाणा और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। यह अत्याधुनिक सुविधा चरणबद्ध तरीके से हमीरपुर, चंबा, नेरचौक और नाहन के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में भी उपलब्ध करवाई जाएगी। साथ ही राज्य के जोनल, रीजनल और सिविल अस्पतालों को भी आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, ताकि पूरे प्रदेश में आधुनिक उपचार उपलब्ध हो सके।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश की बागडोर संभालते ही वर्तमान प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। इसके तहत अस्पतालों में आवश्यकता के अनुसार आधुनिक उपकरणों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सों और पैरा-मेडिकल स्टाफ की भर्ती की जा रही है। इस प्रक्रिया के बाद मरीजों को विशेष उपचार के लिए हिमाचल प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
हाल ही में सरकार ने 3020 मेडिकल अधिकारी के संयुक्त कैडर को दो हिस्सों में बांटने को मंजूरी दी है। इसमें 2337 पद मेडिकल अधिकारी (जनरल) के लिए होंगे, जिनके लिए एमबीबीएस योग्यता आवश्यक है और जो मुख्य रूप से ओपीडी/आईपीडी व पेलेटिव स्वास्थ्य सेवाएं देंगे। वहीं 683 पद मेडिकल अधिकारी (स्पेशलिस्ट) के लिए रखे गए हैं, जिनके लिए एमबीबीएस के साथ पीजी डिग्री/डिप्लोमा अनिवार्य होगा और वे विशेष क्लीनिकल सेवाएं प्रदान करेंगे। यह सुधार भविष्य की चिकित्सा चुनौतियों को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करेगा।
स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए सरकार ने 200 मेडिकल अधिकारी, विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों में 38 सहायक प्रोफेसर तथा 400 स्टाफ नर्सों को जॉब ट्रेनी के रूप में नियुक्त करने को मंजूरी दी है। इससे प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों और अस्पतालों की क्षमता बढ़ेगी और लोगों को विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से सुनिश्चित होंगी।
प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने तथा लोगांे को किफायती दरों पर विशेष चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इन कदमों से प्रदेश के लोगों को आधुनिक उपचार की सुविधा राज्य में ही मिल सकेगी और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
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सेवा पखवाड़े के तहत अम्बाला छावनी में आयोजित किए जा रहे स्वास्थ्य जांच शिविरों का लोगों को मिल रहा लाभ, कई तरह के टेस्ट की सुविधा शिविरों में : ऊर्जा मंत्री अनिल विज
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जिला में तंबाकू व निकोटिन वाले गुटखा, पान, मसाला पर एक साल के लिए रहेगा प्रतिबंध : डीसी
जे कुमार, पलवल 21 सितम्बर - सरकार की ओर से जिला में तंबाकू व निकोटिन युक्त गुटखा व पान-मसाला के निर्माण, भंडारण व बिक्री पर आगामी एक वर्ष के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। यदि कोई व्यक्ति या व्यापारी इसकी अवहेलना करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीसी डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश अनुसार हरियाणा राज्य में आगामी एक वर्ष के लिए किसी खाद्य उत्पाद में संघटकों के रूप में तंबाकू व निकोटिन वाले पदार्थों जैसे गुटखा व पान मसाला के निर्माण, भंडारण व वितरण पर बैन लगाया गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत निर्मित खाद्य सुरक्षा एवं मानक नियम, 2011 के विनियम 2.3.4 के अनुसार किसी खाद्य उत्पाद के संघटकों के रूप में तंबाकू, व निकोटिन के उपयोग पर विभाग द्वारा सितंबर 2024 में एक वर्ष के लिए प्रतिबंध लगाया गया था जिसे अब आगामी एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि विभाग से प्राप्त पत्र के अनुसार राज्य के किसी भी भाग में अब गुटखा, पान-मसाला में तंबाकू व निकोटिन का पाया जाना कानूनी अपराध है। कोई भी खाद्य कारोबारी उपरोक्त खाद्य पदार्थों का निर्माण, भंडारण या बिक्री करता है तो उसके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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टीबी मुक्त नगर निगमों पर राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन
चंडीगढ़, 20 सितम्बर (अभी) - हरियाणा को टीबी मुक्त करने के अभियान के तहत पंचकूला में स्वाथ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तपेदिक (टीबी) मुक्त नगर निगमों पर एक राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य टीबी मुक्त नगर निगमों के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना था।
इस कार्यशाला में 22 विभागों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
पंचकूला के मेयर श्री कुलभूषण गोयल ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यशाला में भाग लिया। उन्होंने अपने संबोधन में टीबी से जुड़े कलंक (स्टिग्मा) को खत्म करने पर जोर दिया ताकि संदिग्ध मरीज़ बिना किसी हिचकिचाहट के आगे आकर अपनी जांच करा सकें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को नए रोगियों के बारे में सूचित करने और उन्हें निक्षय मित्र पहल के तहत पोषण किट प्रदान करने को नैतिक कर्तव्य बताया। उन्होंने 200 रोगियों को गोद लेने की घोषणा की और आवश्यकता पड़ने पर और अधिक पोषण किट प्रदान करने की पेशकश भी की। उन्होंने राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के विभिन्न स्टॉलों का भी दौरा किया और हैंड हेल्डएक्स-रे के माध्यम से अपनी टीबी की जांच करवाई।
पंचकूला के पार्षद श्री जय कौशिक ने भी एआई ऐप 'कफ अगेंस्ट टीबी' के माध्यम से अपनी जांच कराई। उपमहानिदेशक टीबी, डॉ.उर्वशी सिंह, ने वर्चुअल माध्यम से कार्यशाला में भाग लिया और इस पहल के लिए हरियाणा राज्य टीबी सेल की सराहना की, क्योंकि हरियाणा ऐसा करने वाला पहला राज्य है।
महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (डीजीएचएस) डॉ. कुलदीप सिंह ने टीबी के संक्षिप्त इतिहास पर प्रकाश डाला और सभी से अपील की कि वे अन्य दान के बजाय निक्षय मित्र बनकर टीबी रोगियों की मदद करें।
स्वास्थ्य सेवा निदेशक (टीबी), डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने टीबी मुक्त वार्डों के महत्व पर मुख्य संबोधन दिया और सभी प्रतिभागियों से टीबी उन्मूलन की लड़ाई में योद्धा के रूप में काम करने का आग्रह किया।
राज्य टीबीअधिकारी, डॉ. राजेश राजू ने बताया कि राज्य पहले से ही टीबीमुक्त पंचायतों के लिए काम कर रहा है, लेकिन अब हमें नगर निगमों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि टीबी केवल गरीबों की बीमारी नहीं है, यह किसी को भी प्रभावित कर सकती है। उन्होंने बताया कि भारत-पाकिस्तान युद्ध की स्थिति समाप्त होने के अगले दिन ही हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की थी।
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सभी चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध करवाए जाएंगे विश्व स्तरीय उपकरणः स्वास्थ्य मंत्री
हिमाचल, 18 सितम्बर (अभी): स्वास्थ्य मंत्री (कर्नल) डॉ. धनी राम शांडिल ने आज यहां हिमाचल प्रदेश चिकित्सा सेवाएं निगम लिमिटेड के बोर्ड बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी चिकित्सा संस्थानों में विश्व स्तरीय चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के लिए उच्च तकनीक वाली डायग्नोस्टिक मशीनें खरीदी जाएंगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को राज्य के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के लिए आवश्यक मशीनरी और उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण दवाओं, चिकित्सा सामग्री और उपकरणों की पारदर्शी खरीद के लिए निगम की सराहना की। उन्होंने कहा कि निगम के प्रयासों से राज्य की स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में सहायता मिली है।
निगम के प्रबंध निदेशक दिव्यांशु सिंघल ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।
स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, विशेष सचिव वित्त विजयवर्धन, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी भी बैठक में उपस्थित थे।
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हिमाचल : एड्स नियंत्रण समिति ने रेड रिबन प्रतियोगिता का आयोजन किया
हिमाचल, 18 सितम्बर (अभी): परियोजना निदेशक राजीव कुमार की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी ने मंगलवार को युवाओं को जागरूक करने के लिए राज्य स्तरीय रेड रिबन प्रश्नोत्तरी (क्विज़) प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य स्कूल के छात्रों में एचआईवी, एड्स, यौन संक्रमित रोग, टीबी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जागरूक करना था।
राजीव कुमार ने कहा कि स्वस्थ समाज बनाने के लिए युवाओं में एचआईवी के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। प्रभावित लोगों के प्रति सहानुभूतिपूर्वक कार्य करके छात्र प्रेरणास्रोत बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी, नेतृत्व कौशल विकसित करने और अपने स्कूल व मोहल्ले में जानकारी प्रदान करने के प्रति प्रेरित करते हैं। जागरूकता से न केवल भ्रांतियां कम होती हैं, बल्कि लोगों को सही निर्णय लेने और एक सशक्त, जिम्मेदार और सहिष्णु समाज बनाने में मदद मिलती है।
बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, शिमला, सिरमौर और ऊना के जिला स्तर पर विजेता स्कूलों की टीमें इस प्रतियोगिता में शामिल हुईं। शिमला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संजौली टीम के ईशान जोगटा और त्रिकांश शर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। यह टीम 22 सितंबर 2025 को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के रेड रिबन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। अन्य आठ राज्यों की टीमों के साथ वे इस प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में भाग लेंगे।
हमीरपुर के सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल अमरोही की टीम (अशिन्का ठाकुर और तमन्ना) ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि सोलन के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की टीम (ईशान और सारांश ठाकुर) तीसरे स्थान पर रही।
राजीव कुमार ने विजेताओं और प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए और छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि छात्रों में जागरूकता उत्पन्न करना एक स्वस्थ और सहानुभूतिपूर्ण समाज बनाने में मदद करता है। ज्ञान और नेतृत्व दूसरों को प्रेरित कर सकते हैं और राज्य भर में जागरूकता उत्पन्न करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।#HimachalPradesh #AIDSControl #RedRibbon #YouthAwareness #HIVAwareness #SchoolQuiz #HealthEducation #StudentsForHealth #SocialResponsibility
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स्वस्थ्य नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत 3525 मरीजों ने करवाई अपनी जांच
जे कुमार, अम्बाला 18 सितम्बर - सिविल सर्जन डॉ. राकेश सहल के निर्देशानुसार "स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार" अभियान के अंतर्गत नागरिक अस्पताल, अम्बाला छावनी में एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता एवं परामर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पीएमओ डॉ. पूजा पेंटल की देखरेख में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ और अस्पताल की सभी ओपीडी में इसका प्रभावी रूप से संचालन किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉक्टर रचना बंसल, डॉक्टर संजीव शर्मा, डॉक्टर मंजू धीमान, डॉक्टर शीलकान्त पजनी, डॉक्टर संजीव गोयल, डॉक्टर अश्वनी मोदगिल, डॉक्टर रिधि गर्ग, डॉक्टर सुधीर, डॉक्टर अमिता, डॉक्टर जोगिंदर सिंह, डॉक्टर खुशबू, सैनिटरी इंस्पेक्टर जतिन यादव, एनसीडी स्टाफ रीना, टीकाकरण स्टाफ मनीषा, आईसीटीसी से हिमानी, तनु, संदीप समेत अन्य स्टाफ मोजूद रहा।
इस विशेष अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को विभिन्न जांच, परामर्श, पोषण, टीकाकरण तथा मातृत्व स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। महिलाओं की समग्र स्वास्थ्य जांच में हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, थायरॉइड, कैल्शियम तथा आयरन स्तर की जांचें शामिल रहीं। इसके साथ ही, नवजात शिशुओं और बच्चों के लिए टीकाकरण सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
इस अवसर पर अस्पताल परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। महिला और बाल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बैनर, पोस्टर एवं सूचना-पट्ट लगाए गए, जिनमें स्वस्थ जीवनशैली, पोषण, प्रसव पूर्व देखभाल, स्तनपान, स्वच्छता तथा माहवारी स्वच्छता जैसे विषयों को प्रमुखता से दर्शाया गया।
कार्यक्रम में नोडल ऑफिसर डॉक्टर नीनू गांधी ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा, एक महिला जब स्वस्थ होती है, तभी वह अपने परिवार की बेहतर देखभाल कर सकती है। मातृत्व स्वास्थ्य न केवल मां के लिए, बल्कि पूरे परिवार की सेहत के लिए अत्यंत आवश्यक है।
डॉ. पूजा पेंटल ने बताया कि यह कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य सेवाएं देने का माध्यम है, बल्कि यह महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ठोस कदम भी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में जागरूकता और समय पर जांच ही सबसे बड़ा बचाव है।
स्वास्थ्य जांच और परामर्श के साथ-साथ महिलाओं को पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में बताया गया। उन्हें आयरन, कैल्शियम और फोलिक एसिड की गोलियां भी वितरित की गईं। आशा कार्यकर्ताओं व आंगनवाड़ी सेविकाओं ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्रों से जुड़ने और नियमित जांच करवाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में टीबी रोग के मरीजो को निक्षेय मित्र योजना के तहत राशन की किट भी वितरित की गई। डॉ. नीनू गांधी ने अंत में कहा, यह अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य अधिकार को केंद्र में रखता है। हमें यह समझना होगा कि जब महिलाएं जागरूक और स्वस्थ होंगी, तभी समाज और राष्ट्र प्रगति करेगा।
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विभागीय कार्यों को तत्परता से पूरा करते हुए नजर आए विकासात्मक परिवर्तन : स्वास्थ्य मंत्री
चंडीगढ़, 16 सितम्बर (अभी) - हरियाणा की स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि रेवाड़ी जिला के विभागीय अधिकारी पूरी संजीदगी के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करें। विभागीय कार्यों की प्रगति बारे समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को कहा कि विकास कार्यों को तत्परता से पूरा करते हुए रेवाड़ी जिला में विकासात्मक परिवर्तन नजर आना चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री मंगलवार को रेवाड़ी में इस जिला से जुड़े विकास कार्यों व जनहितकारी पहलुओं पर संबंधित अधिकारियों की बैठक ले रही थी। बैठक में रेवाड़ी से विधायक लक्ष्मण सिंह यादव व बावल से विधायक डा.कृष्ण कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि वे रामपुरा गांव की बेटी हैं जोकि रेवाड़ी जिला में है, ऐसे में रेवाड़ी जिला उनकी जन्म व कर्म भूमि होने पर वे इस जिला के उत्थान के लिए पूरी तरह से सदैव सजग हैं और रहेंगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विकासात्मक स्वरूप के साथ रेवाड़ी जिला नजर आए इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य होने सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने बैठक में शहर की सफाई और कचरा प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा करते हुए शहरी निकाय विभाग के अधिकारियों को शहरी स्वच्छता अभियान में अपनी भूमिका को प्रभावी रूप से निभाने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को शहर में सफाई व्यवस्था की निरंतर मॉनिटरिंग करने के लिए भी कहा गया।
स्वास्थ्य मंत्री ने विकास कार्यों को लेकर तैयार एजेंडे में शामिल सड़कों के सुधारीकरण पर संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बरसात का मौसम अब खत्म हो गया है, ऐसे में अब जिला की सभी सडक़ों की मरम्मत की जाए व नई सड़कों का निर्माण कार्य भी यथाशीघ्र शुरू करवाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सड़क निर्माण कार्यों में प्रयोग होने वाली निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखने के आदेश दिए। उन्होंने शहर की नई आबादी में जलभराव की समस्या के उचित समाधान बारे जानकारी ली। उन्होंने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को रेजांगला पार्क क्षेत्र से अतिक्रमण हटवाने के आदेश दिए।
स्वास्थ्य मंत्री ने परिवार पहचान पत्र के संबंध में अधिकारियों को सही से क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी सेवाओं को तय समय सीमा में देना सुनिश्चित करें। शहर के नाई वाली फ्लाईओवर के पास रामपुरा रोड पर होने वाले अतिक्रमण का समाधान करने के भी निर्देश दिए गए तथा चौक का सौंदर्यीकरण करने को भी कहा गया।
वहीं मसानी बैराज को लेकर हुई समीक्षा में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जनस्वास्थ्य व सिंचाई विभाग मिलकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें ताकि मसानी बैराज में साफ पानी आए और बैराज में एसटीपी का गंदा पानी न जाए।
आरती सिंह राव ने कहा कि बरसात के मौसम के बाद जल जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग पूर्ण रूप से सतर्क है। उन्होंने बताया कि डेंगू व अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए विभाग की ओर से प्रदेश के सभी अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयां मुहैया करवा दी गई है। साथ ही फोगिंग करवाने के भी निर्देश दिए गए है। उन्होंने बताया कि पूरे हरियाणा में बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन के साथ विभाग अपनी भूमिका निभा रहा है।
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गांव सिंगवाला मे स्वास्थ्य विभाग पीएनडीटी टीम मे झोलछाप डॉक्टर क्लीनिक पर की कारवाई
जे कुमार, अम्बाला 15 सितम्बर - सिविल सर्जन के आदेशों पर स्वास्थ्य विभाग अम्बाला द्वारा गाँव सिंगावाला में नकली झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। स्वास्थ्य विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई का नेतृत्व पीएनडीटी के नोडल ऑफिसर एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. मुकेश कंडारा तथा डॉ. ऋषिपाल ने अपनी टीम के साथ किया। यह कार्रवाई दशमेश क्लीनिक पर की गई, जहाँ पर बिना किसी मान्यता व मेडिकल डिग्री के झोलाछाप डॉक्टर मनजीत सिंह लोगों का इलाज कर रहा था।
जांच के दौरान टीम को मोके से एमटीपी किट्स भी बरामद की गईं। यह किट्स अवैध तरीके से गर्भपात कराने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं, जिनका बिना विशेषज्ञ की देखरेख में उपयोग करना महिलाओं के स्वास्थ्य और जीवन के लिए गंभीर खतरा है। मौके पर मौजूद टीम ने तत्काल सभी किट्स और अन्य आपत्तिजनक सामग्री को जब्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में अवैध रूप से चिकित्सा व्यवसाय करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस तरह की गतिविधियाँ न केवल कानून का उल्लंघन हैं बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन से सीधा खिलवाड़ भी करती हैं। विभाग की ओर से कहा गया कि इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और संबंधित धाराओं के तहत पुलिस मामले को आगे बढ़ाएगी।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. मुकेश कंडारा ने बताया कि नकली झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि गांव सिंगावाला में आज जो करवाई की गई है उसकी उन्हें सूचना मिली थी उसी के आधार पर यह करवाई की गई है। डॉक्टर मुकेश ने आम जनता से भी अपील की कि वे किसी भी तरह की स्वास्थ्य सेवा के लिए हमेशा मान्यता प्राप्त चिकित्सक और पंजीकृत अस्पतालों का ही सहारा लें। यदि कहीं भी झोलाछाप डॉक्टर के बारे में जानकारी हो तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग या पुलिस को सूचित करें।
सिविल सर्जन राकेश सहल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों पर नकेल कसने के लिए समय-समय पर छापेमारी की जाती रहेगी। यह कार्रवाई इसी कड़ी का हिस्सा है, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुरक्षित, मानक और पारदर्शी बनाया जा सके।
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कुरुक्षेत्र सिविल अस्पताल मे स्वास्थ्य मंत्री आरती राव का निरीक्षण, व्यवस्थाओ का लिया जायजा
जे कुमार, कुरुक्षेत्र 12 सितम्बर - हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कुरुक्षेत्र अचानक सिविल अस्पताल में छापा मारा वहां पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्टाफ से भी बातचीत की, महिला टॉयलेट को लेकर अधिकारियों को लगाई लताड़ ,महिला टॉयलेट का बंद दरवाजा सुरक्षा कर्मियों से तुड़वाया |
स्वास्थ्य मंत्री आरती राव अचानक से कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल में पहुंची जहां पर उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और वहां पर आए हुए मरीजों से भी बातचीत की और जाना कि यहां के डॉक्टर के द्वारा किस प्रकार से मरीजों के साथ डील की जा रही है। उन्होंने मेडिकल स्टोर शौचालय सहित कई चीजों को लेकर जांच की है जिसमें कई खामियां मिलीं और अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए बोला गया है।
मीडिया से बात करते हुए आरती राव ने कहा कि मैं यहां पर स्पेशल जांच करने के लिए पहुंची हूं यहां पर मैं मरीजों से बातचीत की सफाई की व्यवस्था भी अच्छी सफाई की व्यवस्था ठीक है हालांकि अस्पताल में कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है इसलिए कहीं पर मलबा पड़ा हुआ है मैंने पीएमओ से इसके बारे में बोल दिया है कि इसको जल्दी साफ करवाए और जल्द ही मैं इसकी तस्वीर मंगाऊंगी की यह साफ हुआ है या नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल के अंदर मेडिकल स्टोर के भी मैंने जांच की है यहां पर करीब 40 प्रकार की दवाइयां है जो कुछ कमी है उनको आने वाले समय में पूरा किया जाएगा ताकि किसी भी मरीज को बाहर से दवाई ना खरीदनी पड़े।
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100 टीबी मरीजों को इन्नर व्हील क्लब अम्बाला ने नागरिक अस्पताल मे बांटा राशन
जे कुमार, अम्बाला, 9 सितम्बर - सिविल सर्जन डॉ. राकेश सहल के आदेशों पर तथा डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सीमा की देखरेख में आज नागरिक अस्पताल अंबाला में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 100 टीबी मरीजों को इनर व्हील क्लब ऑफ अंबाला के सहयोग से राशन वितरित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मरीजों को न केवल उपचार से जोड़ना बल्कि उन्हें पोषण सहयोग उपलब्ध करवाना भी रहा, ताकि वे जल्द स्वस्थ हो सकें।
नागरिक अस्पताल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में पीएमओ डॉ. पूजा पेंटल मुख्य रूप से मौजूद रहीं। अस्पताल की ओर से डॉ. नीनू गांधी, डॉ. हरमनप्रीत सिंह, डॉ. निरुपमा, वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक हरीश कुमार तथा पीपीएम मीना देवी ने अपनी अहम भूमिका निभाई। वहीं इनर व्हील क्लब ऑफ अंबाला की ओर से प्रेजिडेंट सुशील मलिक, सेकेटरी रमन गुलाटी, एडिटर नीलम ठुकराल, शारदा जोशी, नील कमल खेड़ा और सविता विशेष तौर पर उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से टीबी मरीजों को प्रोत्साहित किया और उन्हें नियमित दवाई लेने का महत्व समझाया।
कार्यक्रम की थीम “पक्के इलाज का पक्का वादा – डॉट्स” रही। इस मौके पर मौजूद विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है, बशर्ते इसका इलाज समय पर और नियमित रूप से किया जाए। मरीजों को जानकारी दी गई कि अगर किसी व्यक्ति को दो हफ्ते से ज्यादा खांसी बनी रहे, बुखार आता हो, रात में पसीना आता हो, भूख न लगती हो और वजन घट रहा हो तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें और जांच करवाएं।
डॉ. पूजा पेंटल ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए सरकार और समाज मिलकर काम कर रहे हैं। पोषण और सही समय पर दवाई लेना टीबी से जंग जीतने के लिए बेहद जरूरी है। इनर व्हील क्लब की ओर से मरीजों को राशन उपलब्ध करवाना एक सराहनीय कदम है, जिससे मरीजों को पोषण मिलेगा और उनका इलाज भी सफल होगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने मिलकर “टीबी को जड़ से खत्म करने” का संकल्प लिया और शपथ ग्रहण की। यह संदेश दिया गया कि समाज के हर वर्ग को इस मुहिम से जुड़ना चाहिए ताकि देश से टीबी को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
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इद्रीश फ़ाउंडेशन अम्बाला ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं तक पहुँची सेनेटरी पैड्स की मदद
जे कुमार, अम्बाला 6 सितम्बर - इद्रीश फ़ाउंडेशन ने बाढ़ प्रभावित टांगरी क्षेत्र के एकता विहार मेन चौक से सेनेटरी पैड्स वितरण अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के पहले चरण में 200 परिवारों तक सेनेटरी पैड्स पहुँचाए गए।
इस मुहिम में री-क्रिएट अर्थ, रोट्रैक्ट क्लब एस.डी. कॉलेज, रोटरैक्ट क्लब ऑफ अंबाला यूथ सेंट्रल तथा इद्रीश फ़ाउंडेशन के वॉलंटियर्स गुरदीप सिंह, नीलिमा, दीपांशु, सचिन, दीपिका, अंजलि और चाहत ने सक्रिय भूमिका निभाई।
यह पहल बाढ़ प्रभावित महिलाओं और किशोरियों की स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए की गई। मौके पर प्रबंधन टीम से मेहक ने बताया कि ऐसे समय में भोजन और अन्य राहत सामग्री तो पहुँच रही है, लेकिन महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। साफ कपड़े और पैड्स न मिलने के कारण संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। हमारी कोशिश है कि अधिक से अधिक महिलाओं तक यह मदद पहुँच सके।
इसी दौरान नीलिमा ने जानकारी दी कि हाल ही में पजोक्हरा साहिब और रेड क्रॉस के साथ मिलकर रोटी सेवा चलाई गई थी। उस दौरान यह महसूस हुआ कि महिलाओं को बेसिक मेंस्ट्रुअल हाइजीन अवेयरनेस और सहायता की बेहद ज़रूरत है, जिसके बाद यह पहल शुरू की गई।
अभियान की अगली कड़ी में इद्रीश फ़ाउंडेशन इमरजेंसी मेडिकल किट भी उपलब्ध कराएगा, जिसमें पैरासिटामोल, ओआरएस, बेसिक दवाइयाँ, एंटीबायोटिक ऑइंटमेंट, बैंडेज-कॉटन, डिटॉल/सैवलॉन, डिजिटल थर्मामीटर, मच्छररोधी क्रीम/पैच, हैंड सैनिटाइज़र, फेस मास्क और सेनेटरी पैड्स शामिल होंगे। साथ ही ज़रूरतमंदों को तिरपाल जैसी अन्य सामग्री भी दी जाएगी।
फ़ाउंडर ने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए री-क्रिएट अर्थ की मनिषा जी को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा मनिषा भले ही अंबाला से बाहर थीं, लेकिन उन्होंने यहाँ की जनता को इस संकट में याद रखा और हमारी इस राहत मुहिम को सहयोग दिया।इद्रीश फ़ाउंडेशन ने आश्वासन दिया है कि आने वाले दिनों में यह राहत कार्य और भी बड़े स्तर पर जारी रहेंगे।
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हिमाचल के 34 स्वास्थ्य संस्थानों में शीघ्र लगेंगी नई सीटी स्कैन मशीन: स्वास्थ्य मंत्री
हिमाचल, 05 सितंबर (अभी): स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने यहां उच्च स्तरीय क्रय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश के 34 स्वास्थ्य संस्थानों में शीघ्र ही अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीनें स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इन मशीनों की खरीद की प्रक्रिया तीन महीनों में पूरी कर दी जाएगी तथा दिसम्बर, 2025 तक प्रदेश की जनता इन सेवाओं का लाभ उठा सकेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन मशीनों के स्थापित होने से लोगों को निकटवर्ती स्थानों पर ही आधुनिक और विश्वसनीय सीटी स्कैन सेवाएं उपलब्ध होंगी।
ये मशीनें सिविल अस्पताल पांवटा साहिब, राजगढ़, अर्की, नालागढ़, नादौन, देहरा, जवाली, अंब, चौपाल, रोहड़ू, ठियोग, रिकांगपिओ, मंडी, बिलासपुर, नूरपुर, घुमारवीं, करसोग, सुंदरनगर, सरकाघाट, जोगिंद्रनगर, मनाली, आनी, भरमौर, चौहड़ी और भोरंज में स्थापित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त जोनल अस्पताल धर्मशाला और डीडीयू शिमला तथा क्षेत्रीय अस्पताल ऊना, सोलन, केलांग और कुल्लू सहित एमजीएमएससी खनेरी रामपुर तथा अन्य स्थानों में भी यह मशीनंे स्थापित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे का आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त वित्तीय राशि सहित हर सम्भव सहायता प्रदान की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन स्वास्थ्य संस्थानों की सूची, उनके समयबद्ध निर्माण हेतु आवश्यक बजट तथा स्टाफ की आवश्यकता का ब्यौरा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जैसे ही अनुमान तैयार होंगे, सरकार उनके निर्माण और अत्याधुनिक मशीनों की खरीद के लिए पर्याप्त धनराशि जारी करेगी। साथ ही स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया भी तुरंत आरंभ कर दी जाएगी।
डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि सर्जरी के लिए पांच फेको मशीनें भी खरीदी गई हैं, जिन्हें चंबा चिकित्सा महाविद्यायल, क्षेत्रीय अस्पताल चंबा और सिविल अस्पताल रोहड़ू, पांवटा साहिब और ऊना में स्थापित किया जा रहा है। इनमें से अधिकांश में स्थापना प्रक्रिया आरम्भ हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में दवाओं और अन्य आवश्यक चिकित्सा सामग्रियों की खरीद त्रैमासिक आधार पर की जाती है जिससे बार-बार औपचारिकताओं और अनुमोदन में विलंब होता है। इस समस्या से निपटने से एक ऐसा तंत्र विकसित किया जाएगा जिससे निर्बाध और शीघ्र आपूर्ति सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि वर्तमान की त्रैमासिक खरीद व्यवस्था को बदलकर अर्धवार्षिक आधार पर करने की प्रणाली स्थापित करना विचाराधीन है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने शिशु देखभाल किट्स में गुणवत्तापूर्ण वस्तुओं को शामिल करने का निर्णय लिया है। सरकारी या निजी अस्पतालों में जन्मे नवजात शिशुओं को कुल 18 वस्तुएं इन किट्स के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाएंगी। इन किट्स में प्रदान की जाने वाली 18 वस्तुओं के नमूने सरकार को प्राप्त हो चुके हैं और विशेषज्ञों द्वारा गुणवत्ता परीक्षण के बाद इनके ऑर्डर दिए जाएंगे।
बैठक में सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सलाहकार (इंफ्रास्ट्रक्चर) अनिल कपिल, एचपीएमएससीएल के प्रबंध निदेशक दिव्यांशु सिंगल, निदेशक स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन जितेंद्र संाजटा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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पंडित बी.डी. शर्मा हेल्थ साइंस विश्वविद्यालय रोहतक में यूजी/पीजी कोर्स में प्रवेश के लिए होगी सीईटी परीक्षा
जे कुमार, पलवल, 5 सितम्बर - जिलाधीश डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने पंडित बी.डी. शर्मा हेल्थ साइंस विश्वविद्यालय रोहतक में यूजी/पीजी कोर्स में प्रवेश लेने के लिए रविवार 7 सितंबर को आयोजित की जाने वाली कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) की परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला में बनाए गए | परीक्षा केंद्र पर परीक्षा के दिन सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 लागू करने के आदेश जारी किए हैं।
जिलाधीश की ओर से जारी किए गए आदेश में जिला में स्थापित किए गए परीक्षा केंद (राजकीय बहुतकनीकी संस्थान मंडकोला) के 200 मीटर के दायरे में अनावश्यक व्यक्तियों के मुक्त आवागमन पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया गया है।
जिलाधीश की ओर से जारी आदेशों के तहत जिला में स्थापित परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के दायरे में अनावश्यक व्यक्तियों के मुक्त आवागमन के साथ-साथ फोटो स्टेट मशीनों, जेरॉक्स मशीनों, फैक्स मशीनों, डुप्लीकेटिंग मशीनों और अन्य संचार गतिविधियों के संचालन।परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में आग्नेयास्त्रों, तलवारों, गंडासी, लाठी, बरछा, कुल्हाड़ी, जेली, चाकू जैसे (सिखों द्वारा धार्मिक प्रतीक के रूप में प्रयोग की जाने वाली कृपाण को छोड़कर) हथियारों को ले जाने पर पूरी तरह से रोक रहेगी।
यह आदेश ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों तथा सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे। यदि कोई व्यक्ति इन आदेश के उल्लंघन का दोषी पाया जाता है, तो वह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223 के तहत दंड का भागी होगा।
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नेत्रदान पखवाड़ा अम्बाला : "नेत्रदान जिंदगी को रोशनी" थीम पर जागरूकता कार्यक्रम
जे कुमार, अम्बाला 4 सितम्बर - स्वास्थ्य विभाग की ओर से चल रहे 40वें नेत्रदान पखवाड़े के 11वें दिन "नेत्रदान जिंदगी को रोशनी" थीम पर जागरूकता अभियान आयोजित किया गया।
इस अवसर पर लोगों को संदेश दिया गया कि मृत्यु के बाद भी उनकी आंखें किसी दूसरे जरूरतमंद को रोशनी दे सकती हैं। कार्यक्रम में नेत्र रोग विशेषज्ञों ने मरीजों को आंखों की प्राथमिक देखभाल के साथ-साथ काला मोतिया जैसी गंभीर बीमारी के बारे में भी जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने बताया कि काला मोतिया (ग्लूकोमा) दृष्टिहीनता का एक प्रमुख कारण बनता जा रहा है। इसे "साइलेंट थीफ ऑफ विजन" यानी दृष्टि का मौन चोर भी कहा जाता है क्योंकि यह धीरे-धीरे आंखों की नसों को प्रभावित कर व्यक्ति को अंधकार की स्थिति तक पहुंचा देता है।
कई बार इसके लक्षण सामान्य दिखाई देते हैं जैसे आंखों में तेज दर्द, सिर दर्द, बार-बार चश्मे का नंबर बदलना या जलते बल्ब के चारों ओर इंद्रधनुषी घेरे दिखना। ऐसे में तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लेना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों ने लोगों से अपील की कि वे नेत्रदान के संकल्प के साथ-साथ आंखों की नियमित जांच करवाते रहें और समाज में नेत्रदान को जन-आंदोलन बनाने में सहयोग दें।
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भ्रूण लिंग जांच जैसी कुप्रथाओं को जड़ से समाप्त को लेकर जागरूकता की जरूरत : सिविल सर्जन
जे कुमार, अम्बाला, 4 सितम्बर - सिविल सर्जन अम्बाला में जिले में घटते लिंगानुपात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बालिकाओं के जन्म को उत्सव की तरह मनाएँ और उन्हें जीवन तथा शिक्षा का समान अधिकार दें।
स्वास्थ्य विभाग यह अपील करता है कि समाज में बालिका के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना समय की आवश्यकता है। भ्रूण लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं को जड़ से समाप्त करने के लिए सभी को जागरूक होना होगा।
नवजात बालिका का जन्म खुशी और गर्व का विषय है। बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। परिवार और समाज मिलकर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को सफल बनाएँ। सरकारी योजनाओं जैसे सुकन्या समृद्धि योजना, लाड़ली योजना आदि का लाभ हर बेटी तक पहुँचाया जाए।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से आह्वान किया कि- बेटियों को बचाना और संवारना सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। आइए, हम सब मिलकर लिंगानुपात सुधारने में अपनी भूमिका निभाएँ।#ambala #news #healthdepartment #sexratio
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राज्यपाल ने 5 टीबी रोगियों को ‘निक्षय मित्र‘ के रूप में अपनाया
चंडीगढ़, 01 सितंबर (अभी) - हरियाणा के राज्यपाल श्री असीम कुमार घोष व उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मित्रा घोष ने राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत 5 टीबी रोगियों को पोषण संबंधी सहायता प्रदान करके गोद लिया। इस कार्यक्रम में राज्य टीबी अधिकारी डॉ राजेश राजू और डब्ल्यूएचओ के नोमिनी डॉ सुखवंत ने राज्यपाल को प्रदेश में चल रहे टीबी अभियान की वर्तमान स्थिति के बारे में अवगत करवाया।
राज्यपाल प्रो0 असीम कुमार घोष ने सोमवार को हरियाणा राजभवन में ‘निक्षय मित्र‘ के रूप में पंजीकरण करवाया और 5 टीबी रोगियों को गोद लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हरियाणा को टीबी मुक्त अभियान में हर प्रकार की सहायता के लिए वे तैयार हैं। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग को इस अभियान में साथ आने और टीबी रोगियों व उनके परिवारों को इस बीमारी के खिलाफ उनकी लड़ाई में समर्थन देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सामुदायिक सहायता कार्यक्रम -‘निक्षय मित्र‘ को 9 सितंबर, 2022 को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मूर्मू द्वारा ‘प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान‘ के तहत लॉन्च किया गया था। इस पहल का उद्देश्य टीबी के इलाज के दौरान पोषण, जांच और व्यावसायिक सहायता के लिए अतिरिक्त सहायता प्रदान करके टीबी रोगियों के इलाज के परिणामों में सुधार करना है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में इस पहल की शुरूआत 17 सितंबर, 2022 को की गई थी। प्रथम चरण में हरियाणा प्रदेश के लगभग 2200 गांव टीबी मुक्त हो चुके हैं। इसी प्रकार समस्त हरियाणा को टीबी मुक्त करने के लिए हरियाणा सरकार सराहनीय कार्य कर रही है।
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रेवाड़ी जिले में 6 स्वास्थ्य परियोजनाओं का कार्य शुरू
चंडीगढ़, 01 सितंबर (अभी) – हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। रेवाड़ी जिले के कोसली विधानसभा क्षेत्र में लगभग 2.93 करोड़ रुपये की लागत से उप-स्वास्थ्य केंद्रों (SHCs) और ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य इकाई (BPHU) के निर्माण कार्य शुरू हो गए हैं।
जाटूसाना ब्लॉक के चौकी नं. 2 गांव, डहिना ब्लॉक के मौतला कलां गांव और नाहड़ ब्लॉक के लूखी गांव में उप-स्वास्थ्य केंद्रों का कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही, नाहड़ ब्लॉक के कोसली गांव में एक ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य इकाई का निर्माण किया जा रहा है। नाहड़ ब्लॉक के नहरूगढ़ (गामड़ी) गांव और डहिना ब्लॉक के धावना गांव में भी उप-स्वास्थ्य केंद्र बनाए जा रहे हैं।
परियोजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा, “सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जाए। नए उप-स्वास्थ्य केंद्र और ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य इकाई बनने से ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं नजदीक ही उपलब्ध होंगी और इलाज के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।”
उन्होंने कहा कि “स्वास्थ्य एक मजबूत समाज की नींव है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रेवाड़ी जिले की जनता को उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को और अधिक मजबूती मिलेगी।”
ये परियोजनाएं राज्य सरकार की उस व्यापक योजना का हिस्सा हैं जिसके तहत पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार किया जा रहा है। नई स्वास्थ्य सुविधाओं से न केवल ग्रामीण और शहरी जनता को समय पर इलाज मिल सकेगा, बल्कि यह रोजगार के अवसर भी पैदा करेंगी, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करेंगी और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेंगी।
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अटल कैंसर केयर सेंटर अम्बाला में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मीनाक्षी राणा भूषण ने किया सफल ऑपरेशन
जे कुमार, 25 अगस्त अम्बाला : अम्बाला छावनी स्थित अटल कैंसर केयर सेंटर में एक और बड़ी चिकित्सकीय सफलता दर्ज की गई है। यहां स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मीनाक्षी राणा भूषण ने 46 वर्षीय महिला का सफल ऑपरेशन कर नई उम्मीद जगाई है। बराड़ा क्षेत्र की रहने वाली यह महिला पिछले कई महीनों से बच्चेदानी की बड़ी रसोली से गंभीर रूप से परेशान थी। लगातार बढ़ती समस्या और शारीरिक कष्टों के कारण उसकी दिनचर्या प्रभावित हो रही थी, लेकिन अब ऑपरेशन के बाद मरीज को राहत मिली है।
इस जटिल ऑपरेशन के दौरान बेहोशी विशेषज्ञ डॉ. हरीश, डॉ. रुचि तथा ऑपरेशन थिएटर की पूरी टीम मौजूद रही। सबके सामूहिक प्रयास से यह सर्जरी पूरी तरह सफल रही। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति सामान्य है और डॉक्टरों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में वह पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी सकेगी।
पीएमओ डॉ. पूजा पेंटल ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए डॉ. मीनाक्षी और उनकी पूरी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि अटल कैंसर केयर सेंटर अम्बाला छावनी में लगातार बेहतर इलाज और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। यह ऑपरेशन भी चिकित्सा क्षेत्र में सेंटर की दक्षता और क्षमता का स्पष्ट प्रमाण है।
सफल ऑपरेशन के बाद डॉ. मीनाक्षी राणा भूषण ने हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माननीय मंत्री जी के प्रयासों और दूरदर्शी सोच से ही अटल कैंसर केयर सेंटर जैसे अत्याधुनिक संस्थान को आधुनिक उपकरण और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध हो पाया है। इसी कारण आज यहां बड़े-बड़े जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक हो पा रहे हैं और मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ रहा।
डॉ. मीनाक्षी ने यह भी कहा कि इस उपलब्धि में सिविल सर्जन और पीएमओ मैडम का निरंतर सहयोग महत्वपूर्ण रहा है। उनकी दिशा-निर्देश और सहयोग से ही स्वास्थ्य सेवाओं में और अधिक मजबूती आई है।
इस ऑपरेशन के बाद एक बार फिर यह साबित हुआ है कि अटल कैंसर केयर सेंटर, अम्बाला छावनी न केवल कैंसर बल्कि स्त्री रोग संबंधी गंभीर बीमारियों के इलाज में भी अपनी खास पहचान बना रहा है। यहाँ की चिकित्सा टीम का समर्पण, आधुनिक तकनीक और बेहतर संसाधन मिलकर मरीजों को नई जिंदगी दे रहे हैं।
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अंबाला में ब्रह्माकुमारिस की मुखिया की 18वीं पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर का आयोजन
जे कुमार, अम्बाला 24 अगस्त : ब्रह्माकुमारिस संस्थान की मुखिया राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की 18वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में अंबाला सिटी में एक विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारिस परिवार के सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दादी की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्वलित करके किया गया। उपस्थित जनों ने दादी प्रकाशमणि के जीवन मूल्यों और समाज सेवा के कार्यों को स्मरण किया। उनके त्याग, तपस्या और निस्वार्थ सेवा भाव को प्रेरणा मानते हुए शिविर का आयोजन किया गया, ताकि जरूरतमंदों की मदद की जा सके।
रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर में आकर रक्त संग्रह की व्यवस्था की। चिकित्सकों ने रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें सुरक्षित तरीके से रक्तदान करवाया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि दादी प्रकाशमणि का जीवन मानवता और आध्यात्मिकता के लिए समर्पित था। उनके बताए मार्ग पर चलते हुए समाज की सेवा करना ही उनकी सच्ची श्रद्धांजलि है। रक्तदान जैसे पुण्य कार्य से कई जिंदगियों को नया जीवन मिलता है और समाज में सहयोग व भाईचारे की भावना मजबूत होती है |
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारिस संस्थान के स्थानीय प्रभारी ने सभी रक्तदाताओं और सहयोगियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि दादी प्रकाशमणि की शिक्षाओं को समाज में जीवित रखा जा सके। शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, युवा व महिलाएं उपस्थित रहे और दादी प्रकाशमणि की पुण्यतिथि को सेवा कार्यों के साथ यादगार बनाया।
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नेशनल डी-वार्मिंग डे 26 अगस्त को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पूरी – सिविल सर्जन ने लगाई ड्यूटी
जे कुमार, अम्बाला 24 अगस्त : नेशनल डी-वार्मिंग डे के अवसर पर 26 अगस्त को जिला अंबाला में व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सिविल सर्जन डॉ. राकेश सहल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में जगह-जगह स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटियां लगाई गई हैं। नागरिक अस्पताल अंबाला सिटी, अंबाला छावनी, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात रहेगी।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत 1 वर्ष से 5 वर्ष तक के बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों पर डी-वार्मिंग की टेबलेट खिलाई जाएगी। वहीं 6 से 19 वर्ष तक के बच्चों, किशोर व किशोरियों को स्कूलों में टेबलेट दी जाएगी। यह दवा परजीवियों को खत्म करने के साथ बच्चों में खून की कमी (एनीमिया) को कम करने में सहायक होती है और शरीर को बेहतर पोषण तत्व उपलब्ध कराती है।
सिविल सर्जन ने बताया कि इस अभियान के लिए स्कूल हेल्थ टीमों को भी जिम्मेदारी दी गई है ताकि हर पात्र बच्चे तक दवा पहुंच सके। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को इस कार्यक्रम में अवश्य शामिल करवाएं और उन्हें टेबलेट खिलाने में सहयोग करें।
डी-वार्मिंग डे का उद्देश्य बच्चों और किशोरों को पेट के कीड़ों से सुरक्षित रखना है, जिससे उनकी सेहत और पढ़ाई दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि जिले में अधिक से अधिक बच्चों को इस अभियान से जोड़ा जाए।
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अंबाला छावनी में एनसीडीसी की निर्माणाधीन शाखा को अगले 18 महीनों में किया जाएगा तैयार - ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नडडा ने पत्र के माध्यम से दी ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज को जानकारी
एनसीडीसी के निर्माण को पूरा करने के लिए संबंधित केन्द्रीय एजेंसी सीपीडब्ल्यूडी को दिए गए निर्देश - अनिल विज
लगभग 17 करोड़ रुपए की लागत से अम्बाला छावनी में एनसीडीसी की शाखा को बनाया जा रहा - विज
अंबाला /चण्डीगढ, 21 अगस्त - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि अंबाला छावनी में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) की निर्माणाधीन शाखा को अगले 18 महीनों में तैयार किया जाएगा।
मंत्री अनिल विज ने बताया कि इस संबंध में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नडडा द्वारा एक पत्र उन्हें भेजा गया है। उल्लेखनीय है कि पत्र के माध्यम से बताया गया है कि एनसीडीसी के निर्माण को पूरा करने के लिए संबंधित केन्द्रीय एजेंसी सीपीडब्ल्यूडी को निर्देश दे दिए गए है कि इस शाखा का निर्माण 18 महीनों में पूरा कर दिया जाए।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि सीपीडब्यलूडी को गत दिनों 1.39 करोड रूपए की राशि की पहली किस्त जारी की जा चुकी है। गौरतलब है कि लगभग 17 करोड़ रुपए की लागत से अम्बाला छावनी में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) की शाखा को बनाया जा रहा है।
श्री विज ने बताया कि अम्बाला छावनी विधानसभा क्षेत्र के नग्गल में बनाए जा रहे राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र (एनसीडीसी) में जहां विभिन्न रोगों से संबंधित टेस्ट की सुविधा होगी, वहीं बीमारी से संबंधित अनुसंधान का कार्य भी किया जाएगा और अनुसंधान होने से देश-प्रदेश सहित व विश्व के लोगों को फायदा होगा।
उन्होंने बताया कि इस शाखा को लगभग 4 एकड से अधिक भूमि पर स्थापित किया जा रहा है ताकि टेस्ट के साथ-साथ विभिन्न रोगों पर अनुसंधान भी हो सकें। इस शाखा के खुलने से हरियाणा सहित आसपास के सात राज्यों के विभिन्न रोगों से संबंधित टेस्ट इस शाखा में किए जा सकेंगें। एनसीडीसी शाखा के अंबाला छावनी में खुलने से प्रदेश सहित दिल्ली, उत्तर प्रदेश, जम्मू, पंजाब, राजस्थान इत्यादि के लोगों को विभिन्न बीमारियों से संबंधित टेस्ट करवाने में सुविधा मिलेगी।
श्री विज ने बताया कि एनसीडीसी शाखा के निर्माण के लिए पहले फेज का कार्य आरंभ हो चुका है। एनसीडीसी के प्रावधानों के तहत लैब बनाई जाएगी और सीपीडब्ल्यूडी इस पर कार्य कर रही है। उल्लेखनीय है कि अम्बाला छावनी में एनसीडीसी का निर्माण इसलिए हुआ क्योंकि अंबाला हवाई, रेलवे जंक्शन और रोड नेटवर्क से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। अंबाला छावनी में अटल कैंसर देखभाल केंद्र, सिविल अस्पताल अंबाला छावनी और तीन मेडिकल कॉलेज इसके नजदीक है, जहां से नियमित नमूने लिए जा सकते हैं।
गौरतलब है कि एनसीडीसी शाखा में इबोला वायरस रोग (2014), महामारी इन्फ्लुएंजा ए एच1एन1 (2009-10), सार्स प्रकोप जैसी नई संक्रामक बीमारियों का पता लगाने, नियंत्रित करने और रोकने में मदद करेंगी। शाखा में डायरिया, हैजा, टाइफाइड, हेपेटाइटिस ए और ई, चिकनपॉक्स और खसरा आदि जैसी हवा, पानी और खाद्य जनित बीमारियों के प्रकोप का पता लगाने, इलाज करने और रोकने का कार्य होगा।
एनसीडीसी में यह सुविधाएं होगी
ग्राउंड फ्लोर - रिसेप्शन, वेटिंग एरिया रूम, लॉबी, कांफ्रेंस हॉल, एडमिन आफिस, सिक्योरिटी रूम, आईटी वीडियो रूम, हेड आफ एनसीडीसी रूम एवं अन्य प्रशासनिक कार्यालय होंगे।
फर्स्ट फ्लोर - सेम्पल कलेक्शन एवं यूटीलिटी रूम, वेटिंग रूम, लॉबी के अलावा, क्लाइमेट चेंज रूम, ईओसी रूम, ट्रेनिंग रूम, आईडीएसपी, ईपीडीमिलॉजी स्टाफ रूम, पैंट्री एवं अन्य रूम होंगे।
सेकेंड फ्लोर - इस फ्लोर में लैब व अन्य उपकरण लगाए जाएंगे जिनमें क्लाईमेट चेंज रूम, माक्रो लैब बैक्टीरयोलॉजी, एएमआर लैब, लैब टीचिंग एंड डेमो रूम, एएमआर आफिसर रूम, वीरोलॉजी, लौबी एवं अन्य रूम होंगे।
थर्ड फ्लोर -नॉन बीएसएल लैब एरिया, बीएसएल-2 लैब एरिया, स्टाफ कॉमन रूम, ओपन टैरेस, पैंट्री एवं अन्य रूम होंगे तथा पूरी बिल्डिंग में दो लिफ्टों का प्रावधान भी हैं।#jpnadda #centralhealthminister #anilvij #ncdc
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डेंगू से बचाव के लिए साफ-सफाई का रखें विशेष ध्यान
चंडीगढ़, 20 अगस्त (अभी) - हरियाणा सरकार ने प्रदेश की जनता का आह्वान किया है कि वे अपने आसपास व घरों के अन्दर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि बारिश के मौसम में मक्खी-मच्छर पनपते हैं जिन्हें रोकने के लिए साफ सफाई का होना बहुत जरूरी है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मलेरिया फैलाने वाले मच्छर रुके हुए गंदे पानी में पैदा होते हैं, जबकि डेंगू फैलाने वाले मच्छर साफ पानी में पैदा होते हैं। सभी व्यक्ति पानी की टंकियों को समय-समय पर अच्छी तरह साफ करके पूरी तरह ढक कर रखें। उन्होंने सलाह दी कि डेंगू होने पर अचानक तेज बुखार; खासकर कुछ दिन बाद कम होकर फिर से तेज बुखार आना, तेज सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों तथा जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी, थकान होना आदि लक्षण दिखाई देते हैंं। इनमें से कोई भी लक्षण होने पर तुरंत अपने नजदीकी अस्पताल में सम्पर्क करें और जांच करवाएं। चिकित्सक की सलाह से ही दवा खाएं।
उन्होंने बताया कि घर के आस-पास सफाई रखें, घरों के अन्दर व आस-पास के गड्ढों में पानी एकत्रित न होने दें। यदि कूलर प्रयोग में नहीं लाया जा रहा है तो उसमें पानी एकत्रित न होनें दें। फ्रिज के नीचे रखी हुई पानी एकत्रित करने वाली ट्रे को भी प्रतिदिन खाली कर दें। गड्ढों को मिट्टी से भर दें। रुकी हुई नालियों को साफ रखें ताकि उनमें पानी ठहर न सके और मच्छरों को पनपने का मौका न मिल पाए। हर रविवार घर और आस पास के क्षेत्र की सफाई करके शुष्क दिवस (ड्राई डे) मनाएं।#haryana #dengue #attention #cleanliness #advisory #danikkhabar #news
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डेंगू-चिकनगुनिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, करीब 700 लोगों को थमाए गए नोटिस
जे कुमार, अम्बाला छावनी 20 अगस्त : बरसात के मौसम में डेंगू व चिकनगुनिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए विशेष अभियान शुरू कर दिया है। विभाग की टीमों द्वारा लगातार कॉलोनियों और मोहल्लों में जाकर घर-घर डेंगू के लार्वा की जांच की जा रही है। यह पूरा अभियान डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. संजीव सिंगला की देखरेख में चल रहा है।
अब तक की जांच के दौरान कई घरों व अन्य स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिलने की पुष्टि हुई है। ऐसे मामलों में विभाग की ओर से लगभग 700 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई केवल लोगों को जागरूक करने और सतर्क करने के उद्देश्य से की जा रही है ताकि वे समय रहते साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें और डेंगू-चिकनगुनिया के प्रकोप से बच सकें।
डॉ. संजीव सिंगला ने बताया कि लोग अक्सर कूलरों, पानी की टंकियों, गमलों और छत पर रखे बर्तनों में जमा पानी को नजरअंदाज कर देते हैं, जहां डेंगू के मच्छर तेजी से पनपते हैं। उन्होंने कहा कि यदि लोग सप्ताह में एक बार कूलर का पानी बदलें, टंकियों को ढककर रखें और आसपास गंदा पानी जमा न होने दें, तो बड़ी हद तक बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने लोगों से अपील की है कि वे अभियान में सहयोग करें और घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में निरीक्षण और सख्त किया जाएगा तथा नियमों की अवहेलना करने वालों पर आवश्यकतानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने एमटीपी मामलों की रिवर्स ट्रैकिंग को किया मजबूत , 43 एफआईआर दर्ज
चंडीगढ़, 19 अगस्त (अभी) – हरियाणा की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव के निर्देशानुसार, हरियाणा में लिंगानुपात सुधारने हेतु राज्य टास्क फोर्स (एसटीएफ) की साप्ताहिक बैठक आज यहाँ स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अवैध गर्भपात पर अंकुश लगाने और 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत राज्य के लिंगानुपात में और सुधार लाने के प्रयासों को तेज़ करने पर ध्यान फ़ोकस किया गया।
बैठक में बताया गया कि स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग के निरंतर प्रयासों के चलते राज्य में 1 जनवरी से 18 अगस्त, 2025 तक लिंगानुपात 905 दर्ज किया गया है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 899 था।
बैठक के दौरान, अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अवैध गर्भपात के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया और अधिकारियों को दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसमें दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों के लाइसेंस रद्द करने के भी नर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सभी चिकित्सीय गर्भपात (एमटीपी) और 12 सप्ताह से अधिक के गर्भपात के मामलों की रिवर्स ट्रैकिंग लागू कर रहा है, खासकर उन मामलों में जहाँ महिलाओं की पहले से ही एक या अधिक बेटियाँ हैं। रिवर्स ट्रैकिंग मामलों में कुल 43 एफआईआर दर्ज की गई हैं जबकि 3 एफआईआर प्रक्रियाधीन हैं। कुल 38 निजी अस्पतालों/क्लिनिकों को संदिग्ध अवैध गर्भपात के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
इसके अलावा, स्वास्थ्य अधिकारियों की एक टीम ने नरेला से आकर सोनीपत में एमटीपी किट की आपूर्ति करने वाले एक झोलाछाप डॉक्टर को भी सोनीपत में गिरफ्तार किया गया है। राज्य की टीम द्वारा अब 12 सप्ताह से अधिक समय के गर्भपात के मामलों की 1182 और मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) की रिवर्स ट्रैकिंग भी शुरू करेगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सभी जिलों के सीएमओ को पुलिस के साथ सक्रिय समन्वय के साथ-साथ सभी कानूनी सहायता प्रदान की जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन सभी मामलों को अदालतों में उनके तार्किक निष्कर्ष तक पहुँचाया जा सके और दोषसिद्धि सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को स्टाफिंग प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और इन मामलों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सीएमओ के पास कानूनी मैनपावर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
पुलिस विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि विभाग छापेमारी के दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है और लिंग निर्धारण और अवैध गर्भपात में शामिल पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आरोपियों के फोन रिकॉर्ड और लोकेशन हिस्ट्री का पता लगा रहे हैं।
श्री सुधीर राजपाल ने उन गर्भवती महिलाओं से जुड़ी सहेलियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए जहाँ लड़कियों का गर्भपात हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को यह पता लगाने का निर्देश दिया कि क्या गर्भपात किया गया भ्रूण लड़की का था और किसी भी अवैधता के मामले में सख्त कार्रवाई की जाए।
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सिविल सर्जन कार्यालय में हुई पीसी पीएनडीटी की मासिक बैठक
जे कुमार, पलवल 19 अगस्त : जिला सलाहकार समिति पीसी पीएनडीटी की मासिक बैठक सिविल सर्जन कार्यालय पलवल में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता चेयरमैन डिस्ट्रिक्ट एप्रोप्रियेट अथॉरिटी पलवल डा. जयंत आहूजा, नोडल ऑफिसर डॉ. संजय शर्मा द्वारा की गई। बैठक में नागरिक अस्पताल पलवल की गायनाकोलॉजिस्ट डॉ. कृतिका तंवर, माइक्रो बायोलॉजिस्ट डॉ सरफराज, बाल रोग चिकित्सक डॉ. वासुदेव, एडीए पलवल ब्रिज मोहन, एनजीओ से डा. पिंकी, पलवल डोनर कलब से अल्पना मित्तल मौजूद रहे।
बैठक में ओल्ड जी.टी. रोड पर बाबरी मोड के पास होडल में स्थित मेडीस्कैन डायग्नोसिस में एमबीबीएस एमडी डा. वेंकट स्वरूप रवि का पीएनडीटी के अंतर्गत नाम जोड़ने बारे, सत्य साईं संजीवनी इंटरनेशनल सेंटर फॉर चाइल्ड हार्ट केस एंड रिसर्च बघौला (मातृ) में पीएनडीटी के अंतर्गत एमबीबीएस एमडी (पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी), डॉ. अनूप सिंह, डा. वाघमारे, एमबीबीएस डीएनबी स्वप्ना उत्तमराव और एमबीबीएस एमडी (ओबीजी) डॉ. ज्योति चौहान के नाम जोड़ने के लिए आवेदन प्राप्त हुए। पुन्हाना चौक के पास होडल में स्थित संपत नर्सिंग होम में पीएनडीटी के अंतर्गत एमबीबीएस डीजीओ डॉ. राहुल गायकवाड का नाम जोड़ने, अमर हॉस्पिटल मदर चाइल्ड केयर एंड अल्ट्रासाउंड सेंटर होडल में पीएनडीटी के तहत डॉ. रश्मि ठाकुर का नाम हटाने और एमबीबीएस एमएस डॉ. माधवी सिंह का नाम जोड़ने बारे तथा वरदान नर्सिंग होम पलवल के अल्ट्रासाउंड केंद्र के नवीनीकरण के लिए आवेदन प्राप्त हुआ। गुरु नानक अस्पताल पलवल में पीएनडीटी के अंतर्गत डा. पंकज सिंघल का नाम हटाने और एमडी रेडियो डॉ राजीव कुमार को यूएसजी स्क्रीनिंग के लिए उनका नाम जोड़ने व तालाब चौक हसनपुर में स्थित पाहिल अल्ट्रासाउंड सेंटर के बंद होने के कारण यूएसजी मशीन को बाय बैक करने बारे विचार-विमर्श किया गया।बैठक में बीआरसी हथीन अल्ट्रासाउंड उटावड़ रोड में पीएनडीटी के अंतर्गत डॉ. नितिन यादव का नाम हटाने और रश्मि का यूएसजी स्क्रीनिंग समय दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बदलने के लिए आवेदन प्राप्त हुए। न्यू मेवात अल्ट्रासाउंड सेंटर हथीन रोड उटावड़ में सोनोलॉजिस्ट की अनुपलब्धता के कारण अल्ट्रासाउंड मशीन को सील करने के लिए आवेदन प्राप्त हुआ। प्राइड्स फीटल मेडिसिन सेंटर रसूलपुर रोड पलवल में डा. ज्योति सहरावत की यूएसजी स्क्रीनिंग के समय में परिवर्तन के लिए आवेदन प्राप्त हुआ। न्यू सोहना रोड पलवल पर स्थित चौहान अल्ट्रासाउंड का 5 दिन वर्किंग 24*7 व बुधवार को पूरा दिन 3:30 बजे से 6:30 बजे तक को छोडक़र यूएसजी स्क्रीनिंग के समय में परिवर्तन करने के लिए आवेदन प्राप्त हुआ। एसडीएच होडल में 4 सी-आरएस प्रोब के उत्तल प्रोब में परिवर्तन की सूचना के लिए आवेदन प्राप्त हुआ। नागरिक अस्पताल पलवल में पीएनडीटी के अंतर्गत एमबीबीएस डीजीओ डा. ललित कुमार का नाम जोड़ने के लिए आवेदन प्राप्त हुआ।
सिविल सर्जन डॉ. सत्येंद्र वशिष्ठ ने पीएनडीटी नोडल अधिकारी डा. संजय शर्मा को निर्देश दिए कि वे सभी प्राइवेट अस्पताल/क्लीनिक/सरकारी अस्पताल के यूएसजी सेंटर का नियमित निरीक्षण कर उनकी रिपोर्ट तैयार करके प्रस्तुत करें। यदि किसी अस्पताल व क्लीनिक या यूएसजी सेंटर के कार्य में पीएनडीटी की हिदायतों के अनुसार कार्य नहीं होता हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाए।#monthlymeeting #pcpndt #civilsurgeonoffice #palwal #haryana
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अम्बाला मे फर्जी नशा मुक्ति केंद्र का स्वास्थ्य विभाग ने किया भंडाफोड़
जे कुमार, 19 अगस्त अंबाला : जिले में अवैध रूप से संचालित हो रहे नशा मुक्ति केंद्रों पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर अंबाला के साहा इलाके में चल रहे एक अवैध नशा मुक्ति केंद्र पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान केंद्र से लगभग 23 युवकों को रेस्क्यू किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस अवैध केंद्र की जानकारी उन्हें गुप्त सूचना के माध्यम से प्राप्त हुई थी। छापेमारी के दौरान यहां मौजूद युवकों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला गया और उनका स्वास्थ्य परीक्षण (मेडिकल चेकअप) करवाया गया। रेस्क्यू किए गए सभी युवकों के परिजनों को इस बारे में सूचना दी जाएगी और उन्हें परिजनों के हवाले किया जाएगा।
डॉ. मुकेश, डिप्टी सीएमओ, अंबाला ने बताया कि इस मामले की गहन जांच की जा रही है कि आखिर यह अवैध नशा मुक्ति केंद्र कौन चला रहा था और यहां युवकों को किस तरह रखा गया था। उन्होंने कहा कि बिना पंजीकरण और मान्यता के इस प्रकार का केंद्र संचालित करना गैरकानूनी है और इसमें दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में इस तरह के अवैध केंद्रों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी मान्यता प्राप्त नशा मुक्ति केंद्रों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं और समय-समय पर उनकी जांच भी की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी स्थान पर इस प्रकार के अवैध केंद्रों की जानकारी मिलती है तो तुरंत विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
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रक्तदान केवल रक्त नहीं, यह मानवता को समर्पित एक नया जीवनदान है : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा
चंडीगढ़, 17 अगस्त (अभी) - केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने गुरुग्राम जिला के गांव बहोड़ा कला स्थित ब्रह्मकुमारी ओम शांति रिट्रीट सेंटर में आयोजित रक्तदान अभियान 2025 का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने संबोधित करते हुए कहा कि रक्तदान न केवल मानव जीवन को बचाने का कार्य है, बल्कि यह एक प्रकार की राष्ट्र सेवा भी है। उन्होंने कहा कि रक्तदान को केवल एक दान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह मानवता को समर्पित एक नया जीवनदान है। जब कोई व्यक्ति रक्तदान करता है, तो वह केवल रक्त नहीं दे रहा होता, बल्कि किसी के जीवन को बचाने और समाज में मानवता की ज्योति जलाने का महान कार्य कर रहा होता है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत सरकार ने ई-रक्तकोष तैयार किया है, जिसमें रक्त से संबंधित सभी जानकारियों का एक महत्वपूर्ण डेटाबेस तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जरूरत पड़ने पर रक्त को आसानी से और शीघ्रता से जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा सके।
रक्तदान शिविर के शुभारंभ अवसर पर संबोधित करते हुए ब्रह्मकुमारी संतोष दीदी ने बताया कि दादी प्रकाशमणि की 18वीं पुण्यतिथि पर आयोजित इस सार्थक अभियान के अंतर्गत 22 से 25 अगस्त तक देशभर के विभिन्न क्षेत्रों और शिक्षण संस्थानों में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें एक लाख से अधिक ब्लड डोनेशन यूनिट का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में पटौदी की विधायक श्रीमती बिमला चौधरी, सोशल सर्विस विंग की चैयरपर्सन राजयोगिनी ब्रह्मकुमारी संतोष एवं ओम शांति रिट्रीट सेंटर की निदेशक ब्रह्मकुमारी आशा तथा सोशल सर्विस विंग के उप चैयरपर्सन ब्रहमकुमार प्रेम सिंह एवं सोशल सर्विस विंग के नेशनल कोऑर्डिनेटर बीके अवतार सहित ब्रह्मकुमारी संस्थान के अतिरिक्त महासचिव डॉ प्रताप मिड्ढा की उपस्थिति रही।
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स्वस्थ हरियाणा की ओर एक और नायाब कदम, 48 नए मेडिकल ऑफिसर नियुक्त
जे कुमार, 17 अगस्त : हरियाणा सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 48 नए मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति की है। यह कदम प्रदेश की जनता को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार इन डॉक्टरों के नियुक्ति पत्र जारी कर दिए गए हैं और उन्हें जल्द से जल्द अपने-अपने स्थान पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। इन नियुक्तियों से लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में डॉक्टरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी।
जानकारी के अनुसार 26 डॉक्टरों को राज्य के विभिन्न सिविल अस्पतालों में तैनात किया गया है। वहीं शेष डॉक्टरों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट्स तथा सब डिविजनल अस्पतालों में नियुक्त किया गया है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए यह कदम अत्यंत कारगर साबित होगा।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इन नियुक्तियों से आपातकालीन सेवाओं, प्रसूति एवं शिशु देखभाल, सामान्य बीमारियों के उपचार तथा विशेषज्ञ सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता में सुधार होगा। सरकार का उद्देश्य है कि हर व्यक्ति को समय पर और बेहतर इलाज मिल सके।
स्वस्थ हरियाणा मिशन के तहत सरकार लगातार स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ बनाने में जुटी है। इन नियुक्तियों के साथ प्रदेश के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक और ठोस कदम उठाया गया है।
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16/08/25 |79वें स्वतंत्रता दिवस पर गांव चताण में 40 ग्रामीणों ने किया रक्तदान
जे कुमार, 16 अगस्त अम्बाला : 79वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर व बारिशों की वजह से अस्पतालों में आई रक्त की कमी को पूरा करने के लिए विश्वास फाउंडेशन, इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी व श्री कृष्णा गऊ सेवा ग्रुप बतौड़ जिला पंचकूला ने मिलकर गांव चताण, शहजादपुर जिला अम्बाला के कम्युनिटी सेंटर के हॉल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर सुबह 10:30 बजे शुरू हुआ और दोपहर बाद 2 बजे तक चला। ब्लड बैंक होमी भाभा कैंसर इंस्टिट्यूट मुल्लापुर न्यू चंडीगढ़ जिला मोहाली की टीम ने डॉक्टर नवीन बंसल की दखरेख में 40 यूनिटस रक्त एकत्रित किया।
विश्वास फाउंडेशन की अध्यक्ष साध्वी नीलिमा विश्वास ने बताया की इस रक्तदान शिविर का उद्घाटन गांव चताण के सरपंच सतीश सैनी द्वारा किया गया। शिविर को सफल बनाने किरणपाल, सुरेंदर, राज कुमार, हरवीन्द्र व आशु का सहयोग अति सराहनीय रहा।
शिविर की समाप्ति पर सभी रक्तदाताओ को प्रशंसा पत्र व गिफ्ट देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर श्यामसुंदर साहनी, रणधीर सिंह, सत्य भूषण खुराना ब्लड बैंक के डॉक्टर्स व अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे।
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प्रधानमंत्री ने भारत को 2047 तक सिकल सेल रोग मुक्त बनाने के लक्ष्य से जुड़ी ऐतिहासिक पहल पर लेख साझा किया
आरएस अनेजा, 12 अगस्त नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को सिकल सेल रोग मुक्त बनाने के लक्ष्य से जुड़ी ऐतिहासिक पहल पर आज केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का एक लेख साझा किया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से पीएमओ इंडिया के हैंडल से एक्स पर किए गए पोस्ट में कहा गया है:
“भारत का राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन आनुवंशिक विकार से निपटने से लेकर समानता और सम्मान सुनिश्चित करने तक जन स्वास्थ्य में एक नए युग का सूत्रपात करता है।
केंद्रीय मंत्री @JPNadda ने 2047 तक सिकल सेल रोग मुक्त भारत के लक्ष्य से जुड़ी इस ऐतिहासिक पहल पर लेख लिखा है, उनके विचारों को अवश्य पढ़ा जाना चाहिए!”
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08/08/25 |इनर व्हील क्लब अम्बाला डिफेन्स यूनाइटेड ने मनाया विश्व स्तनपान जागरूकता सप्ताह
जे कुमार, 8 अगस्त अम्बाला छावनी : इनर व्हील क्लब अम्बाला डिफेन्स यूनाइटेड की उपाध्यक्ष हरप्रीत कपूर ने नागरिक अस्पताल अम्बाला छावनी में नवजात शिशुओं को पोशाकें बांटी और जननियों को पोशक आहार दिया। प्रसुति कक्ष की मुख्य डॉक्टर रचना ने नवजात शिशुओं की मांओं को बच्चों को मां का दूध पिलाने के लिए उपदेश दिया।
डॉक्टर ने बताया कि मां का दूध पिलाने से इनकी रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।कम से कम छह महीने तक अपने शिशु को केवल अपना ही दूध पिलाएं। तत्पश्चात् ठोस आहार के साथ दो वर्ष तक मां अपना दूध पिलाएं तो बच्चे स्वस्थ रहेंगे।
क्लब उपाध्यक्ष हरप्रीत कपूर ने भी स्तनपान के लाभों के बारे में अपने अनुभव सांझा करते हुए बताया। वहां उपस्थित सभा महिलाओं ने बहुत रुचि ली और अपने नवजात शिशुओं को अपना दूध पिलाने का संकल्प लिया।
सेक्रेटरी चरणजीत कौर, तुरन्त पूर्व अध्यक्ष सुनीता चोपड़ा, पूर्व अध्यक्ष आशा पिपलानी, कोषाध्यक्ष सुचित्रा सिंह, सम्पादक अनिता और लवली जैन ने मौके पर अपनी अपनी भावनाये प्रस्तुत की। स्तनपान जागरूकता पर बनाया पोस्टर डॉक्टर को अर्पित किया। जिसे प्रसूति विभाग में लगाया गया।
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08/08/25 |एनटीईपी प्रोग्राम के तहत नागरिक अस्पताल में टीबी उन्मूलन पर बैठक आयोजित
जे कुमार 8 अगस्त अम्बाला : छावनी के नागरिक अस्पताल के मीटिंग हॉल में नेशनल ट्यूबरकुलोसिस एलिमिनेशन प्रोग्राम (एनटीईपी) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता प्रधान चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) डॉ. पूजा पैंटल ने की। कार्यक्रम में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सीमा एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की कंसल्टेंट डॉक्टर सुखवंत भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
इस बैठक में नागरिक अस्पताल के सभी डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य टीबी रोग को जड़ से समाप्त करने के लिए चल रहे प्रयासों की समीक्षा करना और आगामी रणनीतियों पर चर्चा करना था।
पीएमओ डॉ. पूजा पैंटल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि "टीबी मुक्त हरियाणा" का लक्ष्य तभी संभव है जब हम सामूहिक रूप से जिम्मेदारी लें और प्रत्येक मरीज तक समय पर उपचार एवं परामर्श पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि निक्षय पोषण योजना और निक्षय मित्र योजना के माध्यम से मरीजों को सिर्फ दवा नहीं, बल्कि पोषण और मानसिक सहयोग भी देना बेहद जरूरी है।
डॉ. नीनू गांधी और STS हरीश ने टीबी की स्थिति, केस फाइंडिंग, एक्टिव केस सर्चिंग, मरीजों की फॉलो-अप प्रक्रिया, रिपोर्टिंग प्रणाली और सरकारी पोर्टल ‘निक्षय’ पर मरीजों के पंजीकरण आदि बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी। साथ ही, टीबी मरीजों को पूरा इलाज पूरा कराने के लिए समुदाय में जागरूकता फैलाने पर भी बल दिया।
डॉ. सीमा ने बताया कि टीबी एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है, यदि मरीज नियमित दवा लें और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े रहें। उन्होंने सभी चिकित्सकों से अपील की कि वे टीबी की स्क्रीनिंग में और अधिक सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में यह भी तय किया गया कि जिला स्तर पर निक्षय मित्रों की संख्या को बढ़ाया जाएगा ताकि मरीजों को दवा के साथ-साथ सामाजिक सहयोग भी मिल सके। बैठक के अंत में सभी उपस्थितजनों ने टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूर्ण सहयोग देने का संकल्प लिया।
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07/08/25 |वेतन न मिलने से नाराज़ NHM कर्मचारियो ने मुख्यमंत्री के नाम सिविल सर्जन को सौंपा ज्ञापन
जे कुमार 7 अगस्त अम्बाला छावनी : स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले कार्यरत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों ने वेतन न मिलने के कारण गहरा रोष व्यक्त करते हुए सिविल सर्जन डॉक्टर राकेश सहल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि पिछले 4 महीनों से उन्हें वेतन नहीं मिला है, जिससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है और वे आर्थिक तथा मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।
कर्मचारियों ने जानकारी दी कि 20 अगस्त 2024 को स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित अग्रवाल के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि एनएचएम कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए तीन माह के एडवांस बजट का प्रावधान किया जाएगा। इसके बावजूद अभी तक वेतन जारी नहीं किया गया है, जो कि न केवल कर्मचारी हितों के खिलाफ है, बल्कि यह विभागीय आश्वासनों की अवहेलना भी है।
संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि वेतन में इस तरह की अनावश्यक देरी से कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है और वे आर्थिक तंगी का शिकार हो रहे हैं। बैंकों की किश्तें, बच्चों की फीस और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करना उनके लिए अत्यंत कठिन हो गया है।
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने 2 अगस्त 2025 को प्रदेश कार्यसमिति की ऑनलाइन बैठक के दौरान आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की और निर्णय लिया कि यदि 9 अगस्त रक्षाबंधन तक वेतन का भुगतान नहीं होता है, तो सभी NHM कर्मचारी काली राखी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इसके अतिरिक्त, हर जिले में सिविल सर्जन कार्यालयों पर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संघ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण रहेगा, परन्तु इसके दायित्व की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन की होगी, जो समय रहते कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं कर रहा है।
ज्ञापन सौंपते समय यूनियन नेता दौलत राम, डॉक्टर सुनील हरि, संजय कुमार, शिल्पा, विजय कुमार, राहुल कंबोज, मोनिका, मनीष सहित कई अन्य कर्मचारी मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में समय पर वेतन जारी करने की मांग की। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र वेतन का भुगतान सुनिश्चित करें, ताकि वे अपने परिवार के साथ रक्षाबंधन जैसे पवित्र त्योहार को सम्मानपूर्वक मना सकें और राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहें।
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07/08/25 |नागरिक अस्पताल में 60 वर्षीय महिला के अंडेदानी से 10 किलो का ट्यूमर निकाला गया, ऑपरेशन रहा सफल
जे कुमार, अम्बाला छावनी, 7 अगस्त : नागरिक अस्पताल अम्बाला छावनी के सर्जन डॉक्टर रिधि गर्ग और डॉक्टर रजनी सैनी की विशेषज्ञ टीम ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए लगभग 60 वर्षीय महिला के अंडेदानी (ओवरी) से करीब 10 किलो वजनी एडेनोमा ट्यूमर का सफल ऑपरेशन किया है। यह ऑपरेशन करीब दो घंटे तक चला, जिसमें अत्याधुनिक सर्जिकल तकनीकों और टीमवर्क की भूमिका अहम रही।
डॉ. रिधि गर्ग ने बताया कि महिला करीब डेढ़ महीने पहले ओपीडी में जांच के लिए आई थी, जहां शुरुआती परीक्षणों के बाद पता चला कि उसकी अंडेदानी में लगभग 28 सेंटीमीटर आकार की गांठ है। तत्काल महिला को ऑपरेशन के लिए आवश्यक सभी मेडिकल परीक्षणों से गुजरवाया गया। रिपोर्ट्स के आधार पर महिला को स्पेशल वार्ड में 4 दिन तक भर्ती रखा गया, ताकि उसकी स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा सके। इसके बाद ऑपरेशन किया गया, जो पूरी तरह से सफल रहा।
डॉ. रिधि गर्ग ने इस अवसर पर कहा कि, "ऐसे मामलों से यह सीख मिलती है कि शरीर में किसी भी असामान्य लक्षण की अनदेखी नहीं करनी चाहिए और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाना आवश्यक है।"
इस विशेष उपलब्धि पर प्रधान चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) डॉ. पूजा पैंटल ने डॉक्टरों की टीम को बधाई दी और उनके समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि, "इस तरह की जटिल सर्जरी का नागरिक अस्पताल में सफल होना इस बात का प्रमाण है कि आज यहां की चिकित्सा सुविधाएं किसी निजी अस्पताल से कम नहीं हैं।"
डॉ. पैंटल ने इसके लिए विशेष रूप से हरियाणा सरकार के ऊर्जा, परिवहन मंत्री अनिल विज का आभार प्रकट किया, जिनके प्रयासों से अस्पताल में आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और उन्नत उपकरणों की सुविधा उपलब्ध हो सकी है। यह ऑपरेशन न सिर्फ अस्पताल की कार्यक्षमता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकारी अस्पतालों में भी उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं संभव हैं।
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06/08/25 |पीजीआई से आई टीम ने प्रोजेक्ट संकल्प के तहत मृत जन्म व नवजात शिशु मृत्यु दर को लेकर आयोजित की वर्कशॉप
जे कुमार, 6 अगस्त अम्बाला : छावनी के नागरिक अस्पताल में "प्रोजेक्ट संकल्प" के तहत एक दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य मृत जन्म (Stillbirth) और नवजात शिशु मृत्यु दर को घटाकर एकल अंक (Single Digit) तक लाना है। इस कार्यशाला में स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता को सुधारने पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया गया, ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सके।
इस वर्कशॉप में “इम्प्रूविंग क्वालिटी ऑफ केयर” यानी देखभाल की गुणवत्ता में सुधार से जुड़ी आधुनिक रणनीतियों और नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की गई। वर्कशॉप में नागरिक अस्पताल की गायनी विभाग की डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, बाल रोग विशेषज्ञों और संबंधित विभागों के कर्मचारियों ने भाग लिया और अपने अनुभवों को साझा करते हुए प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यक्रम में बतौर विशेषज्ञ वक्ता पीजीआई चंडीगढ़ से डॉक्टर प्रवीण कुमार, डॉक्टर सोनिका राज और डॉक्टर सूक्षम जैन (पीजीआई सेक्टर 32, चंडीगढ़), डॉक्टर शिव साजन सैनी तथा आदेश मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर तृप्ति अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने मातृ व शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए अपनाई जाने वाली तकनीकी विधियों, अस्पताल स्तर पर की जाने वाली क्लिनिकल ऑडिट, डिलीवरी के समय उठाए जाने वाले महत्वपूर्ण कदम, वेंटिलेशन मैनेजमेंट, नवजात पुनर्जीवन (Newborn Resuscitation) आदि विषयों पर गहन जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने अपने सत्रों में हेल्थ स्टाफ को यह भी बताया कि किस प्रकार समय पर उपचार और ट्रांसपोर्ट, डेटा मॉनिटरिंग, समुदाय से जुड़ाव, और स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता को सुनिश्चित कर मातृ-शिशु मृत्यु दर को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर प्रशिक्षण और गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम आवश्यक हैं।
कार्यक्रम में अस्पताल की पीएमओ डॉक्टर पूजा पैंटल भी उपस्थित रही। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नागरिक अस्पताल द्वारा इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन न सिर्फ स्टाफ की कार्यक्षमता बढ़ाता है, बल्कि यह आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने की दिशा में भी एक सकारात्मक पहल है। उन्होंने कहा कि “प्रोजेक्ट संकल्प” का लक्ष्य हर नवजात शिशु को जीवन का अधिकार देना है, और इसके लिए हम सभी को एकजुट होकर काम करना होगा।
इस वर्कशॉप का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं था, बल्कि स्वास्थ्य कर्मियों को संवेदनशील बनाना भी था ताकि वे हर गर्भवती महिला और नवजात शिशु की देखभाल को प्राथमिकता दें। कार्यशाला के अंत में उपस्थित सभी स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए।
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06/08/25 |इद्रीश फाउंडेशन ने बेटियों को दिया स्वास्थ्य और आत्म-सम्मान का पाठ
जे कुमार 6 अगस्त अम्बाला : केन्द्रीय विद्यालय नंबर 4 में इद्रीश फाउंडेशन द्वारा मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य किशोरियों को मासिक धर्म से जुड़ी स्वच्छता, स्वास्थ्य, सावधानियों और आत्मसम्मान के प्रति जागरूक करना था। इस कार्यक्रम की मुख्य वक्ता रहीं इद्रीश फाउंडेशन की संस्थापक एवं मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ सुश्री नेहा परवीन, जिन्होंने मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता की अनदेखी से होने वाले खतरों जैसे संक्रमण, एलर्जी, प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने बच्चियों को समझाया कि गलत मिथकों और शर्म के चलते कई बार लड़कियां सही जानकारी नहीं ले पातीं, जिससे उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। नेहा ने बच्चियों को यह भी बताया कि मासिक धर्म कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है जिसे साफ-सफाई, संतुलित खानपान और आत्म-सम्मान के साथ अपनाना चाहिए। उन्होंने बच्चियों से खुले संवाद में उनके सवालों के जवाब दिए और हर एक को विश्वास दिलाया कि पीरियड्स पर बात करना गलत नहीं, जरूरी है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अमन गुप्ता ने इद्रीश फाउंडेशन को इस प्रभावशाली कार्यक्रम के लिए धन्यवाद देते हुए स्मृति चिन्ह और थैंक यू कार्ड प्रदान किया।इस अवसर पर स्टाफ नर्स अनु ने भी स्वास्थ्य संबंधी तकनीकी जानकारी साझा की। कार्यक्रम में OSCA और इद्रीश फाउंडेशन के इंटर्न्स अंजली, चाहत और तनुजा ने भी भाग लिया और बताया कि इस कार्यक्रम के दौरान उन्हें समुदाय के साथ संवाद, जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य शिक्षा का अनुभव और युवाओं के सवालों से रूबरू होने का बहुमूल्य अनुभव मिला।
एक छात्रा ने कहा हमें पहली बार यह समझ आया कि अगर हम सफाई का ध्यान नहीं रखेंगे तो इससे कितनी बीमारियाँ हो सकती हैं हमे प्राची मैडम जो बताया काफी अच्छा लगा | वहीं दूसरी छात्रा ने बताया, नेहा मैम ने पीरियड्स को लेकर जो मिथक थे, उन्हें तोड़कर हमें सही जानकारी दी। अब डर नहीं लगता। कार्यक्रम के अंत में इद्रीश फाउंडेशन की प्राची ने धन्यवाद ज्ञापन किया। बच्चियों को हाइजीन जानकारी दी और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी गई।
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05/08/25 |भ्रूण-हत्या के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सिविल अस्पताल नारायणगढ़ में दिलवाई शपथ
जे कुमार नारायणगढ़, 5 अगस्त : सिविल अस्पताल नारायणगढ़ में आज कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सीनियर मेडिकल ऑफिसर (एसएमओ) डॉ. प्रवीण कुमार ने की।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्रवीण कुमार ने उपस्थित चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा व स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अन्य कर्मियों को कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ सशक्त शपथ दिलवाई। उन्होंने कहा कि यह सामाजिक बुराई न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि यह समाज की संतुलित संरचना के लिए भी खतरा है। उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों को यह संकल्प दिलवाया कि वे लिंग परीक्षण जैसे गैरकानूनी कार्यों में लिप्त नहीं होंगे और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे।
एसएमओ ने यह भी बताया कि भ्रूण लिंग परीक्षण पर कानूनी रूप से प्रतिबंध है और इसका उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि बेटियो को समाज मे समान अवसर व सम्मान मिलना चाहिए।
इस अवसर पर उपस्थित सभी चिकित्सकों व स्टाफ ने एकजुट होकर समाज में इस बुराई के खिलाफ काम करने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम के अंत में सभी को जागरूकता सामग्री भी वितरित की गई ताकि वे समुदाय में इस संदेश को आगे बढ़ा सकें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस तरह के कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि जनमानस में जागरूकता बनी रहे और समाज में सकारात्मक बदलाव आ सके।
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04/08/25 |नूरा हेल्थ के शोध सहयोगी ने नागरिक अस्पताल की केयर कम्पेनियन प्रोग्राम की तैयारियों की जांच की
जे कुमार अम्बाला छावनी, 4 अगस्त : स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों को बेहतर परामर्श उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे केयर कैम्पियन प्रोग्राम (Care Companion Program - CCP) के अंतर्गत नूरा हेल्थ की एक रिसर्च एसोसिएट का दौरा नागरिक अस्पताल अम्बाला छावनी में प्रस्तावित है। यह दौरा विशेष रूप से गैर-संचारी रोगों (NCD) से संबंधित CCP गतिविधियों की निगरानी और मूल्यांकन हेतु किया जाएगा।
इस संबंध में CCP कार्यक्रम की गतिविधियों को सुचारु रूप से संचालित किया गयाकरें। नूरा हेल्थ की रिसर्च एसोसिएट द्वारा अस्पताल में आयोजित CCP सत्रों की गुणवत्ता, मरीजों और उनके परिजनों की भागीदारी, और NCD क्लिनिक की व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया जाएगा।
प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि स्टाफ मरीजों और उनके परिजनों के लिए अच्छे और इंफॉर्मेटिव CCP सत्र आयोजित करें, जिससे उन्हें हाईपरटेंशन, डायबिटीज, हृदय रोग जैसे गंभीर गैर-संचारी रोगों की पहचान, रोकथाम और प्रबंधन की जानकारी दी जा सके। इसके साथ ही NCD क्लिनिक का एक राउंड भी करवाया जाएगा, जिसमें व्यवस्थाओं, दवाओं की उपलब्धता, रेफरल सिस्टम और फॉलोअप प्रक्रिया को दर्शाया जाएगा। इस कार्यक्रम में पीएमओ डॉक्टर पूजा पैंटल, डॉ. प्रगति सिंगला तथा नर्सिंग ऑफिसर रीना रानी भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
पीएमओ डॉ. पूजा पैंटल ने बताया कि “NCD जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए जागरूकता और सही जानकारी देना बेहद जरूरी है। CCP जैसे कार्यक्रम मरीजों को सशक्त बनाते हैं और बेहतर परिणाम लाने में सहायता करते हैं। अस्पताल स्तर पर हम सभी स्टाफ को नियमित रूप से प्रशिक्षित कर रहे हैं ताकि कार्यक्रम का क्रियान्वयन प्रभावी हो।”
केयर कैम्पियन प्रोग्राम का उद्देश्य मरीजों और उनके देखभाल करने वालों को ऐसे व्यवहार और ज्ञान से लैस करना है, जो उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाए। इस कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण प्राप्त नर्सिंग स्टाफ, मरीजों और उनके परिवार को यह सिखाते हैं कि discharge के बाद किस तरह से देखभाल करनी है ताकि पुनः अस्पताल में भर्ती की जरूरत न पड़े।
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04/08/25 |जियोफेंसिंग के विरोध में स्वास्थ्य विभाग (एनएचएम) कर्मचारियों ने एक घंटे रखा वर्क सस्पेंड
जे कुमार अम्बाला छावनी, 4 अगस्त : हरियाणा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत हजारों कर्मचारियों ने आज जियोफेंसिंग व्यवस्था के खिलाफ एकजुट होकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदेशभर में एनएचएम कर्मचारियों ने सुबह 10 बजे से 11 बजे तक एक घंटे का वर्क सस्पेंड रखा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि जियोफेंसिंग को तुरंत प्रभाव से समाप्त करने की मांग की। यूनियन नेताओं ने कहा कि यह प्रणाली कर्मचारियों की निजता का हनन है और इससे कार्यस्थल पर एक असहज माहौल बनता है।राज्य के सभी जिलों में एनएचएम कर्मचारियों की यूनियनों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि जियोफेंसिंग तकनीक से उनकी व्यक्तिगत गतिविधियों पर निगरानी रखना मानसिक दबाव उत्पन्न करता है। उन्होंने कहा कि फील्ड में काम करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ता पहले ही विषम परिस्थितियों में कार्य करते हैं, और अब उन पर तकनीकी निगरानी का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।
यूनियन नेताओं ने सरकार को चेताया कि अगर जियोफेंसिंग को जल्द ही बंद नहीं किया गया तो वह आने वाले समय में आंदोलन को और तेज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जियोफेंसिंग का विरोध केवल एक तकनीकी पहलू नहीं, बल्कि यह कर्मचारियों के आत्मसम्मान, स्वतंत्रता और कार्य की गरिमा से जुड़ा मुद्दा है।
कर्मचारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी भी जनकल्याण योजना के विरोध में नहीं हैं, बल्कि वे केवल ऐसी व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं जो उनकी निगरानी और अनुचित रिपोर्टिंग को बढ़ावा देती है। एनएचएम कर्मचारियों ने सरकार से बातचीत कर इस मुद्दे का समाधान निकालने की अपील की है, ताकि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों और कर्मचारियों में असंतोष भी न फैले।
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04/08/25 |विश्व स्तनपान सप्ताह के चलते गर्भवती महिलाओ को दिलवाई शपथ, किया जागरूक
जे कुमार अम्बाला छावनी, 4 अगस्त : नागरिक अस्पताल अम्बाला छावनी में विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत सोमवार को एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नवजात शिशुओं के पूर्ण विकास के लिए माँ के दूध के महत्व और सम्पूर्ण पोषण को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रचना बंसल ने की, जिन्होंने नर्सिंग ऑफिसर और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मिलकर गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को स्तनपान के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जीवन के पहले छह माह तक शिशु को केवल माँ का दूध देना चाहिए, जिससे शिशु को रोग प्रतिरोधक क्षमता, संपूर्ण पोषण और मानसिक विकास में सहायता मिलती है।
डॉ. रचना बंसल ने बताया कि माँ का दूध बच्चों को संक्रमण से बचाता है और उन्हें स्वस्थ जीवन की नींव देता है। स्तनपान न केवल शिशु के लिए, बल्कि माँ के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है। इससे माँ में स्तन कैंसर और अन्य बीमारियों का खतरा भी कम होता है।
इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ पोषण, नियमित जांच और स्तनपान की आवश्यकता से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को स्तनपान कराने की सही तकनीक, बैठने की मुद्रा और दूध उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर भी प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम में मौजूद नर्सिंग स्टाफ ने माताओं को स्तनपान के प्रति सकारात्मक रवैया अपनाने का आह्वान किया। महिलाओं ने कार्यक्रम के अंत में स्तनपान को बढ़ावा देने और हर नवजात को माँ का पहला दूध (कोलोस्ट्रम) देने की शपथ भी ली।
इस अवसर पर अस्पताल प्रशासन ने बताया कि 1 से 7 अगस्त तक चलने वाले विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान अस्पताल में अलग-अलग गतिविधियों जैसे पोस्टर प्रतियोगिता, हेल्थ टॉक्स और काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक महिलाओं को स्तनपान के प्रति प्रेरित किया जा सके।
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जियो फेंसिंग के विरोध मे 4 अगस्त को एक घंटे का स्वास्थ विभाग मे रहेगा वर्क सस्पेंड
जे कुमार 3 अगस्त अम्बाला : जियो फेंसिंग के विरोध मे 4 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक घंटे का वर्क करने का आह्वान किया हुआ है लेकिन इस एक घंटे के वर्क सस्पेड के दोरान आपातकालीन सुविधाए चालू रहेगी, अम्बाला जिला के प्रधान तरनदीप सिंह ने बताया कि पूरे हरियाणा मे रविवार को मीटिंग के दोरान इसकी पूरी रूप रेखा तैयार कि गई है | उन्होने बताया कि इस 1 घंटे के वर्क सस्पेंड को लेकर सिविल सर्जन को पहले ही पत्र के जरिए अवगत करवाया गया है, साथ ही तालमेल कमेटी द्वारा भी पत्राचार के माध्यम से उच्च अधिकारियों को भी अवगत करवा दी गया है |
प्रधान तरनदीप ने बताया कि 3 अगस्त को सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। इस दौरान सिविल सर्जन कार्यालयों पर गेट मीटिंग आयोजित की जाएगी और सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा। कमेटी ने मांग की है कि जियो फेंसिंग सिस्टम को तुरंत वापस लिया जाए। इस कार्य बहिष्कार से 4 अगस्त को प्रदेश के सिविल अस्पतालों में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होने बताया कि हमारी मंशा जनता को परेशान करना बिलकुल भी नही है लेकिन उच्चअधिकारी हररोज नए से नए लेटर जारी करके कर्मचारियो को इस तरह से आंदोलन के लिए मजबूर कर रही है |
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देश में तेजी से फैलता बहुत बड़ा खतरा
अनिल विज, अंबाला छावनी 3 अगस्त 2025
भारत में कैंसर एक गंभीर समस्या बन गई है, जिसके मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार, 2023 में भारत में कैंसर के 14 लाख से ज़्यादा मामले दर्ज किए गए थे।
धूम्रपान और तंबाकू का सेवन मुंह, फेफड़े और गले के कैंसर का मुख्य कारण है। इसी तरह, शराब के अधिक सेवन से लिवर और पाचन तंत्र से जुड़े कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
आजकल की व्यस्त जीवनशैली में लोग व्यायाम और पौष्टिक आहार पर कम ध्यान देते हैं। प्रसंस्कृत (processed) और फास्ट फूड का अधिक सेवन भी मोटापे और कई तरह के कैंसर को बढ़ावा दे रहा है।
वायु और जल प्रदूषण भी कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है। हवा में मौजूद हानिकारक कण फेफड़ों के कैंसर का कारण बन सकते हैं।
कुछ प्रकार के कैंसर आनुवांशिक होते हैं, जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक जा सकते हैं। अगर आपके परिवार में किसी को कैंसर हुआ है, तो आपको इसका खतरा ज़्यादा हो सकता है।
वायरल संक्रमण, जैसे हेपेटाइटिस बी और सी (लिवर कैंसर) और HPV (सर्वाइकल कैंसर), भी कैंसर का कारण बन सकते हैं
कैंसर को पूरी तरह रोकना शायद संभव नहीं है, लेकिन कुछ उपाय करके इसके जोखिम को कम किया जा सकता है:
* स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं:
* नियमित व्यायाम: हर दिन कम से कम 30 मिनट तक व्यायाम करने से शरीर का वजन नियंत्रित रहता है और कैंसर का खतरा कम होता है।
* पौष्टिक आहार: ताजे फल, सब्जियां, दालें और अनाज जैसे फाइबर-युक्त आहार का सेवन करें। लाल और प्रसंस्कृत मांस का सेवन कम करें।
* तंबाकू और शराब से दूर रहें: कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है तंबाकू (धूम्रपान और चबाने वाला) और शराब का सेवन पूरी तरह से बंद कर देना।
* टीकाकरण: कुछ कैंसर से बचाव के लिए टीके उपलब्ध हैं, जैसे HPV का टीका, जो सर्वाइकल कैंसर से बचाव करता है।
हो सके तो प्रदूषण वाले वातावरण से बचें। अगर प्रदूषण ज़्यादा है, तो घर से बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करें।
कैंसर का जल्दी पता लगाने से इलाज आसान हो जाता है। इसलिए समय-समय पर डॉक्टर से जांच कराते रहना चाहिए, खासकर अगर आपके परिवार में किसी को कैंसर रहा हो।
जागरूकता फैलाना: कैंसर के बारे में जानकारी होने से लोग इसके शुरुआती लक्षणों को पहचान सकते हैं और समय पर डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।
आप इन उपायों को अपनाकर खुद को और अपने परिवार को कैंसर के खतरे से बचा सकते हैं। अगर आप या आपके परिवार में कोई कैंसर से पीड़ित है, तो समय पर इलाज और डॉक्टर की सलाह बहुत ज़रूरी है।