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    अंबाला में 'रेड अलर्ट' जैसी गर्मी, पारा और चढ़ने की आशंका: डीसी अजय सिंह तोमर ने जारी की एडवाइजरी, दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहर न निकलने की सलाह

    जे कुमार अम्बाला, 22 मई 2026: उत्तर भारत सहित पूरा हरियाणा इन दिनों भीषण गर्मी और झुलसाने वाली 'लू' (Heat Wave) की चपेट में है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और हरियाणा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी की गई गंभीर चेतावनी के बाद अंबाला जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।

    उपायुक्त (DC) अजय सिंह तोमर ने जिले के सभी आला अधिकारियों और जन-उपयोगी विभागों के साथ आपातकालीन समीक्षा करते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 24 मई 2026 तक मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा और आने वाले दो-तीन दिनों के भीतर तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की और भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे लू का प्रकोप और अधिक जानलेवा हो जाएगा।

    अस्पतालों में 'हीट स्ट्रोक वार्ड' एक्टिव; सार्वजनिक स्थानों पर पानी के इंतजाम के आदेश

    उपायुक्त ने स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (Public Health), नगर निगम और श्रम विभाग को फील्ड में उतरकर तुरंत एहतियाती कदम उठाने को कहा है:

    • अस्पतालों को निर्देश: जिले के सभी नागरिक अस्पतालों (Civil Hospitals) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) में हीट स्ट्रोक (लू लगना) से निपटने के लिए विशेष बेड, ओआरएस (ORS) के पैकेट, जरूरी दवाइयां और डॉक्टरों की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    • पेयजल की व्यवस्था: बस अड्डों, मुख्य बाजारों, रेलवे स्टेशन, सरकारी दफ्तरों और भारी भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर नगर निगम और जन स्वास्थ्य विभाग तुरंत ठंडे और शुद्ध पीने के पानी (Water Booths) की व्यवस्था करे।

    • मजदूरों के लिए विशेष नियम: खुले आसमान के नीचे या कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए ठेकेदारों और संस्थानों को कार्यस्थल पर अनिवार्य रूप से छांव, आराम के लिए समय और ठंडे पानी का इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।

    दोपहर 12 से 3 बजे तक अनावश्यक बाहर निकलने पर रोक

    डीसी अजय सिंह तोमर ने अंबाला वासियों, विशेषकर अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि बहुत जरूरी काम न हो तो दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे के बीच धूप में बिल्कुल बाहर न निकलें। छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार व्यक्तियों का इस मौसम में विशेष ख्याल रखें क्योंकि उन पर हीट वेव का अटैक सबसे जल्दी होता है। बच्चों को दोपहर के वक्त पार्कों या गलियों में खेलने के लिए बिल्कुल न जाने दें।

    जिला प्रशासन द्वारा जारी विशेष हेल्थ एडवाइजरी: 'क्या करें और क्या न करें'

    प्रशासन ने आमजन की सुविधा और जान-माल की सुरक्षा के लिए एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की है, जिसे अपनाकर इस जानलेवा गर्मी से बचा जा सकता है:

    क्या करें (Do's)क्या न करें (Don'ts)* प्यास न लगने पर भी लगातार भरपूर पानी, नींबू पानी, ओआरएस और छाछ पीते रहें।* दोपहर 12 से 3 बजे के बीच सीधे तीखी धूप और हीट वेव के संपर्क में आने से बचें।* घर से बाहर निकलते समय सिर को सूती कपड़े, टोपी या छाते (Umbrella) से जरूर ढकें।* कभी भी खाली पेट (Empty Stomach) घर से बाहर न जाएं, पर्याप्त भोजन करके निकलें।* हल्के रंग के, ढीले-ढाले और सूती (Cotton) कपड़े पहनें ताकि शरीर को हवा लगती रहे।* खड़ी धूप में खड़ी बंद गाड़ियों (Locked Cars) के भीतर बच्चों या बुजुर्गों को अकेला न छोड़ें।* धूप में काम करने वाले श्रमिक समय-समय पर सीधे सूर्य की रोशनी से हटकर छांव में सुस्ताएं।* शराब (Alcohol), अत्यधिक चाय, कॉफी और तेज कैफीन वाले कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से परहेज करें।* चक्कर आने, कमजोरी या जी मिचलाने पर तुरंत ओआरएस लें और नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।* बासी, खराब या खुले में बिकने वाले कटे हुए फल और चाट-पकौड़ी आदि का सेवन बिल्कुल न करें।

    लापरवाही पड़ सकती है भारी, इन लक्षणों पर तुरंत भागें अस्पताल

    उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि यदि आपके आसपास या परिवार में किसी को भी अत्यधिक तेज बुखार, उल्टी आना, लगातार चक्कर, सांस लेने में तकलीफ या बेहोशी जैसी स्थिति बनती है, तो इसे सामान्य गर्मी समझकर घरेलू नुस्खों में वक्त बर्बाद न करें। यह गंभीर 'हीट स्ट्रोक' के लक्षण हो सकते हैं; ऐसी स्थिति में मरीज को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र लेकर जाएं। जिला प्रशासन सोशल मीडिया और मुनादी के जरिए पूरे जिले में जागरूकता अभियान भी चला रहा है।

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    अंबाला के अटल कैंसर केयर सेंटर के डॉक्टरों ने रचा इतिहास, 14 वर्षीय युवती को मिला नया जीवन

    जे कुमार अम्बाला छावनी, 20 मई 2026: अंबाला कैंट स्थित नागरिक अस्पताल के क्षेत्रीय अटल कैंसर केयर सेंटर (Atal Cancer Care Centre) के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट चिकित्सा प्रणाली, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और विशेषज्ञता का लोहा पूरे प्रदेश में मनवाया है। अस्पताल के डॉक्टरों की एक समर्पित टीम ने एक 14 वर्षीय युवती का बेहद जटिल और दुर्लभ ऑपरेशन कर उसे असहनीय दर्द से मुक्ति दिलाते हुए नया जीवन प्रदान किया है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, यह जन्मजात बीमारी इतनी दुर्लभ है कि दुनिया भर में लगभग एक लाख बच्चियों में से किसी एक में ही देखने को मिलती है।

    निजी अस्पतालों से मायूस होकर पहुँचे थे 'अटल कैंसर सेंटर'

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित 14 वर्षीय किशोरी को नवंबर 2025 में अचानक पेट के निचले हिस्से और साइड में तेज दर्द होना शुरू हुआ था। परिजनों ने उसे कई नामी निजी (प्राइवेट) अस्पतालों और डॉक्टरों के पास ले जाकर चेकअप करवाया और काफी पैसा खर्च कर इलाज कराया। लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी युवती की सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ और न ही कोई डॉक्टर बीमारी के सही कारण को पकड़ सका।

    हर जगह से निराश और मायूस होने के बाद परिजन 22 अप्रैल को अंबाला कैंट के अत्याधुनिक अटल कैंसर केयर सेंटर पहुँचे। यहाँ उनकी मुलाकात वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मीनाक्षी राणा भूषण से हुई। डॉ. मीनाक्षी ने पूरी संवेदनशीलता के साथ युवती की स्थिति को समझा और उसके अत्याधुनिक मेडिकल टेस्ट व स्कैन करवाए।

    जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा: जन्म से गायब था बच्चेदानी का मुंह

    जांच रिपोर्ट सामने आते ही डॉक्टर भी हैरान रह गए। रिपोर्ट्स में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि युवती के शरीर में जन्म से ही बच्चेदानी का मुंह (Cervix) विकसित नहीं हुआ था। इसके कारण मासिक धर्म (Menstruation) का आंतरिक बहाव बाहर नहीं आ पा रहा था, जिससे वह अंदर ही जमा हो रहा था और इसी वजह से उसे लगातार असहनीय और जानलेवा पेट दर्द का सामना करना पड़ रहा था। चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इस अत्यंत दुर्लभ स्थिति को संभालना किसी चुनौती से कम नहीं था।

    ढाई घंटे चला पेचीदा ऑपरेशन, टीम को मिली ऐतिहासिक सफलता

    बीमारी की सटीक पहचान होते ही डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए तुरंत सर्जरी करने का फैसला लिया। इस संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक संयुक्त टीम गठित की गई। डॉक्टर मीनाक्षी राणा भूषण के नेतृत्व में डॉक्टर अभिषेक भूषण (सर्जन), डॉक्टर वेद पाठक , डॉक्टर मोहित , नर्सिंग स्टाफ दिव्या और गुरविंदर की टीम ने मिलकर ऑपरेशन थिएटर में मोर्चा संभाला। यह जटिल ऑपरेशन करीब ढाई घंटे तक चला। डॉक्टरों ने अपनी सूझबूझ, अनुभव और अस्पताल में उपलब्ध अत्याधुनिक तकनीकों का सटीक इस्तेमाल करते हुए ऑपरेशन को शत-प्रतिशत सफल बनाया। अब युवती पूरी तरह स्वस्थ है और उसे इस तकलीफ से हमेशा के लिए निजात मिल गई है। सफल सर्जरी के बाद बेटी को मुस्कुराता देख परिजनों के चेहरे पर खुशी लौट आई है और उन्होंने पूरी टीम का कोटि-कोटि धन्यवाद किया है।

    कैबिनेट मंत्री अनिल विज और पीएमओ डॉ. पूजा पेंटल का जताया आभार

    इस ऐतिहासिक सफलता पर डॉक्टरों की टीम और अस्पताल प्रबंधन ने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल विज का विशेष आभार व्यक्त किया। डॉक्टरों ने कहा कि अनिल विज के अथक प्रयासों और दूरदर्शी सोच के कारण ही आज अंबाला कैंट को ऐसा विश्वस्तरीय मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक मशीनें मिल पाई हैं, जिनकी बदौलत आज सरकारी अस्पताल में भी वो ऑपरेशन मुमकिन हो रहे हैं जो बड़े-बड़े कॉर्पोरेट अस्पतालों में भी फेल हो जाते हैं।

    इसके साथ ही टीम ने अस्पताल की पीएमओ (PMO) डॉक्टर पूजा पेंटल का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया, जिनके निरंतर प्रशासनिक सहयोग, सही मार्गदर्शन और हौसला-अफजाई की वजह से पूरी टीम बिना किसी मानसिक तनाव के इस बड़े और जटिल मिशन को कामयाब कर सकी।

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    साइलेंट किलर है उच्च रक्तचाप, सही जीवनशैली और जागरूकता से ही संभव है बचाव: पीएमओ डॉ. पूजा पैंटल

    जे कुमार अम्बाला कैंट, 19 मई : नागरिक अस्पताल अम्बाला कैंट की मुख्य चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) डॉ. पूजा पैंटल ने आम जनता को स्वास्थ्य के प्रति सचेत करते हुए कहा कि उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) एक ऐसी गंभीर स्थिति है जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह शरीर के मुख्य अंगों जैसे हृदय, गुर्दे और मस्तिष्क को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि नागरिक अस्पताल में इस बीमारी की जांच और इलाज के लिए सभी पुख्ता इंतजाम मौजूद हैं, लेकिन लोगों का जागरूक होना सबसे ज्यादा जरूरी है।

    "साइलेंट किलर" है हाई बीपी, लक्षणों को पहचानें फिजिशियन डॉ. मनोज मंगला ने जानकारी देते हुए बताया कि सामान्य रक्तचाप (बीपी) 120/80 mmHg से कम होता है, जबकि 140/90 mmHg या उससे अधिक होने पर इसे उच्च रक्तचाप माना जाता है। उन्होंने कहा हाइपरटेंशन को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है क्योंकि इसके अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। हालांकि, कुछ मामलों में अत्यधिक थकान, सांस लेने में तकलीफ या पैरों में हल्की सूजन (जो हृदय की कमजोरी का संकेत हो सकती है) जैसे लक्षण सामने आते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

    बचाव और नियंत्रण के मुख्य उपाय

    डॉ. संजीव गोयल ने बताया कि खराब जीवनशैली, खाने में अधिक नमक (सोडियम) का इस्तेमाल, मोटापा, धूम्रपान, शराब का सेवन और अत्यधिक मानसिक तनाव इसके मुख्य कारण हैं। उन्होंने इससे बचने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए:

    ान-पान में सुधार:* भोजन में नमक (अचार, पापड़), डिब्बाबंद और तली-भुनी चीजों का परहेज करें। ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और पोटेशियम युक्त खाद्य पदार्थ (जैसे केला) शामिल करें।

    ियमित व्यायाम व योग:* प्रतिदिन तेज चलना या व्यायाम करना और तनाव मुक्त रहने के लिए योगा व मेडिटेशन का सहारा लें।

    ुबह के समय रखें विशेष ध्यान:* सुबह के वक्त शरीर में तनाव हार्मोन (कोर्टिसोल) का स्तर बढ़ता है, जिससे बीपी बढ़ सकता है। इसलिए रात को अच्छी नींद लें और सुबह शांत मन से दिन की शुरुआत करें।

    अस्पताल प्रशासन की अपील: आपातकालीन स्थिति में तुरंत लें सलाह

    डॉक्टर नीनू गांधी ने बताया कि यदि बीपी का स्तर 140/90 mmHg के पार है, तो यह 'स्टेज 2 हाइपरटेंशन' है। यह तुरंत आपातकालीन स्थिति तो नहीं है, लेकिन इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। यदि बीपी का स्तर 180/120 mmHg से ऊपर चला जाए, तो बिना देरी किए तुरंत शांत बैठें, गहरी सांस लें, पानी पिएं और अस्पताल आकर डॉक्टर की सलाह लें। उन्होंने अम्बाला कैंट और आसपास के क्षेत्र के नागरिकों से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच करवाएं और अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं।

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    अंबाला में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ टास्क फोर्स की बैठक: एडीसी विराट के कड़े निर्देश

    जे कुमार अंबाला, 20 मई 2026: 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान को धरातल पर अधिक प्रभावी बनाने और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुप्रथा पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बढ़ा दी गई है। अंबाला के अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) विराट ने जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और पीसी-पीएनडीटी अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के निर्देश दिए हैं।

    लिंग अनुपात की समीक्षा और एमटीपी मामले में FIR

    बैठक के दौरान एडीसी विराट ने जिले के वर्तमान लिंग अनुपात (Sex Ratio) और उसमें सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तृत समीक्षा की।

    • नियमित छापेमारी: बैठक में मौजूद सिविल सर्जन डॉ. रेणु बेरी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में पीएनडीटी (PNDT) और एमटीपी (MTP) से संबंधित नियमों को लागू करवाने के लिए लगातार गुप्त रेड की जा रही है।

    • कानूनी कार्रवाई: डॉ. बेरी ने एक बड़ी कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) के नियमों के उल्लंघन से जुड़े एक गंभीर मामले में विभाग द्वारा एफआईआर (FIR) भी दर्ज करवाई गई है। इस मुहिम में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग संयुक्त रूप से मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

    मेडिकल स्टोर्स और अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर होगी विशेष चेकिंग

    अतिरिक्त उपायुक्त ने स्वास्थ्य और ड्रग कंट्रोल विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए कि जिले में एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाए। इसके तहत:

    • सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों, एमटीपी सेंटर्स और केमिस्ट की दुकानों पर औचक निरीक्षण किया जाए।

    • दुकानों पर मिलने वाली एमटीपी किट्स, लाइसेंस और डॉक्टरों के ओरिजिनल प्रिस्क्रिप्शन (परचों) से जुड़े दस्तावेजों की गहनता से जांच हो।

    • यदि किसी भी केंद्र या दुकान पर नियमों की अवहेलना अथवा कोई भी अवैध गतिविधि पाई जाती है, तो बिना किसी ढिलाई के संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।

    कानूनी प्रावधानों के प्रति लोगों को करें जागरूक

    एडीसी विराट ने जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (DLSA) और अन्य विभागों को निर्देश दिए कि वे ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जागरूकता शिविर आयोजित करें। इन शिविरों में सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ आमजन को पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के कड़े कानूनी प्रावधानों और सजा के बारे में भी जागरूक किया जाए।

    उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि बेटा-बेटी एक समान हैं और आज हर क्षेत्र में लड़कियां देश का नाम रोशन कर रही हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल लिंग अनुपात में गिरावट को रोकना और बालिकाओं की शिक्षा व सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

    बैठक में यह अधिकारी रहे मौजूद

    इस महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक में सिविल सर्जन डॉ. रेणु बेरी, जिला न्यायवादी जे.बी. सिंह, जिला ड्रग कंट्रोलर (DCO) हेमंत ग्रोवर, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनीषा, अतिरिक्त एसएमओ डॉ. जश्नप्रीत सिंह, डॉ. नीरज और शिक्षा विभाग से सीमा रानी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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