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    भारत टैक्सी संवाद: अमित शाह ने रखा सारथियों को मालिक बनाने का विजन

    आरएस अनेजा, 23 फरवरी नई दिल्ली - केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में भारत टैक्सी के सारथियों के साथ संवाद किया।

    संवाद के दौरान केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि जो श्रम कर रहा है, उसे ही मुनाफा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य टैक्सी के मालिक को धनी बनाना है और सारथी ही मालिक हैं। शाह ने कहा कि सारथी भारत टैक्सी के मालिक हैं और मुनाफे में भी उनका हिस्सा होगा। सहकारिता मंत्री ने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में देश के प्रत्येक म्युनिसिपल कॉरपोरेशन में ‘भारत टैक्सी’ होगी।

    अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी को देश की पांच बड़ी कोऑपरेटिव्स को मिलाकर खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि अब जैसे-जैसे सारथियों की संख्या बढ़ती जाएगी और जो भी सारथी इसमें पार्टनर बनना चाहेगा उसे 500 रूपए के शेयर लेने पर मालिकाना हक मिल जाएगा। श्री शाह ने कहा कि जब भारत टैक्सी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का चुनाव होगा, तब इसमें कुछ स्थान सारथियों के लिए भी आरक्षित रखे जाएंगे। जब सारथी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में आ जाएंगे तब वे स्वयं अन्य सारथियों के सभी हितों की रक्षा और चिंता करेंगे।

    केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी का उद्देश्य किसी निजी कंपनी की तरह बड़ा मुनाफा कमाना नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी का उद्देश्य हमारे सारथी भाइयों को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी के शेयर सारथियों के पास हैं और मालिक भी सारथी ही हैं, इसीलिए भारत टैक्सी की नीतियां भी सारथी ही बनाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी सारथियों की अपनी कंपनी है और इसमें सहकार करना ही हमारा सिद्धांत होना चाहिए। भारत टैक्सी सारथियों की क्षमता का दोहन करेगी न कि उनका शोषण करेगी।

    अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी की कुल कमाई में से बीस प्रतिशत भारत टैक्सी के अकाउंट में सारथियों की पूंजी के रूप में जमा हो जाएगा और अस्सी प्रतिशत पैसा टैक्सी कितने किलोमीटर चली है, उसके अनुसार वापस सारथियों के खाते में जाएगा। श्री शाह ने कहा कि शुरूआती 3 साल भारत टैक्सी के विस्तार में जाएंगे और उसके बाद जितना भी मुनाफा होगा, उसका बीस प्रतिशत भारत टैक्सी में रहेगा और अस्सी प्रतिशत सारथी भाइयों को वापस दे दिया जाएगा।

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी की शुरूआत एक बड़ा कोऑपरेटिव आंदोलन है। उन्होंने कहा कि इसके तहत भारत टैक्सी सारथियों की टैक्सी को मॉर्गेज (Mortgage) करेगी और भारत टैक्सी ही उन्हें कोऑपरेटिव बैंक के माध्यम से कर्ज दिलाएगी।

    अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी में कुछ भी छिपा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सारथियों को हर जानकारी नोटिफिकेशन के माध्यम से उपलब्ध कराकर ‘भारत टैक्सी’ दुनिया की सबसे पारदर्शी कैब सर्विस बनेगी। भारत टैक्सी में सारथियों की मिनिमम वायबिलिटी पर किलोमीटर की दर की एक बेस लाइन बनाकर काम होगा। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी में ऑटो के मूल्य, पेट्रोल की खपत और मिनिमम मुनाफे को मिलाकर एक बेस रेट होगा और इससे नीचे यह ऑपरेट नहीं करेगी। श्री शाह ने कहा कि भारत टैक्सी का लक्ष्य मुनाफा कमाना नहीं है क्योंकि सारथी ही इस कोऑपरेटिव का मालिक है।

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    सीमांत गांव अब 'आखिरी' नहीं 'प्रथम': अमित शाह ने असम से किया 'वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-II' का शंखनाद

    आरएस अनेजा, 20 फरवरी नई दिल्ली - केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज असम के नाथनपुर गांव में ₹6,839 करोड़ की लागत वाले वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम–II (VVP–II) की शुरूआत की। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा और केन्द्रीय गृह सचिव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

    अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज शुरु हो रहे वायब्रेंट विलेजेज-2 कार्यक्रम के माध्यम से पूरी बराक घाटी और असम के सीमांत ज़िलों के सभी गांवों में भारत के अन्य गांवों जितनी सुविधाएं देने का प्रयास और शुरूआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने की है। उन्होंने कहा कि एक ज़माना था जब सीमांत गांव को देश का आखिरी गांव कहा जाता था क्योंकि वो विकास, रोज़गार, बिजली कनेक्टिविटी और शिक्षा की दृष्टि से पिछड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने वायब्रेंट विलेजेज-1 कार्यक्रम में तय किया कि सीमा पर स्थित हर गांव आखिरी नहीं बल्कि भारत का प्रथम गांव है।

    शाह ने कहा कि आज से असम का यह गांव भी देश का प्रथम गांव बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह गांव न सिर्फ विकास की दौड़ में बल्कि रोज़गार, शिक्षा, सड़क और दूरसंचार के क्षेत्र में भी देश के प्रथम गांव होंगे।

    अमित शाह ने कहा कि वायब्रेंट विलेजज-2 में लगभग 6,900 करोड़ रूपए के खर्च से 17 राज्यों के 334 ब्लॉक्स के 1954 गांव शामिल हैं जिनमें 9 ज़िले, 26 ब्लॉक और 140 गांव असम के हैं। उन्होंने कहा कि असम के 140 गांवों में भारत के हर गांव जैसी पूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगीं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में अरूणाचल प्रदेश, बिहार, गुजरात, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के गांव भी शामिल हैं।

    शाह ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे 334 ब्लॉक्स में लगभग 2000 गांवों के विकास का लगभग 7,000 करोड़ रूपए का कार्यक्रम आज से शुरू हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें सुरक्षा, स्कीम सैचुरेशन और कनेक्टिविटी से जुड़ी कई योजनाएं शामिल हैं।

    अमित शाह ने कहा कि पिछली सरकारों ने असम में सालों तक शासन किया लेकिन राज्य के विकास के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि हमने अपने 10 साल के शासन में वो कर दिखाया जो पिछली सरकारें 50 साल में भी नहीं कर सकीं। उन्होंने कहा कि विगत 5 साल में प्रतिदिन असम में 14 किलोमीटर सड़क बनी है, जो भारत में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि असम में 24 हज़ार किलोमीटर से अधिक सड़कों को अपग्रेड किया गया है, अनेक पुल बनाए गए और 4 बड़े नए पुल पिछले 10 साल में हमारी डबल इंजन की सरकार ने असम की जनता को दिए हैं।

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि जब हमारी पार्टी की सरकार बनी थी तब असम में मल्टीडायमेंशनल पॉवर्टी 37 प्रतिशत थी, जो 2023 में घटकर 14 प्रतिशत रह गई। उन्होंने कहा कि 2013-14 में असम की प्रति व्यक्ति आय 49 हज़ार रूपए थी जो 2024-25 में तीन गुना बढ़कर 1 लाख 54 हज़ार रुपए हो गई।

    अमित शाह ने कहा कि हिमंता जी के नेतृत्व में आज असम पूरे नॉर्थईस्ट का हेल्थ हब बन गया है और असम में 27 हज़ार करोड़ रूपए का सेमीकंडक्टर प्लांट आया है। उन्होंने कहा कि सड़कों के विकास के लिए 30 हज़ार करोड़ रूपए, रेलवे के लिए 95 हज़ार करोड़ रूपए और एयरपोर्ट के लिए 10 हज़ार करोड़ रूपए देने का काम मोदी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि हम असम के विकास के लिए एक ल्यूक्रेटिव इंडस्ट्रियल पॉलिसी भी लेकर आए हैं।

    केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में असम देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा और वायब्रेंट विलेज-2 कार्यक्रम इसका एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है। उन्होंने कहा कि हर सीमांत गांव देश के अन्य गांवों जितना विकसित हो, सीमा से पलायन न हो, सीमा से घुसपैठिए न घुस सकें और सुरक्षित असम के माध्यम से सुरक्षित भारत की कल्पना हमारी सरकार का संकल्प है।

    शाह ने कहा कि आज वायब्रेंट विलेजेज-2 कार्यक्रम की शुरूआत बराक वैली से हो रही है और यह 17 राज्यों के सीमांत गांवों तक विकास को पहुंचाएगा।

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    गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू और कश्मीर पर एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की

    आरएस अनेजा, 7 फरवरी नई दिल्ली - केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू और कश्मीर पर एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

    बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह सचिव, निदेशक (आई.बी.), थल सेनाध्यक्ष, जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के महानिदशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    अमित शाह ने जम्मू और कश्मीर में आतंकी इको-सिस्टम को ध्वस्त करने में सुरक्षा एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर में हमारे देश के दुश्मन तत्वों द्वारा पोषित आतंकी इको-सिस्टम को मोदी सरकार के समन्वित प्रयासों से लगभग समाप्त कर दिया गया है।

    अमित शाह ने जम्मू और कश्मीर को आतंकवाद से मुक्त करने के प्रति मोदी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया। बैठक के दौरान सुरक्षा घेरे को और मज़बूत करने के लिए इनोवेटिव उपायों पर भी चर्चा की गई।

    केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि De-radicalisation के प्रयासों से आतंकवाद-मुक्त जम्मू और कश्मीर के हमारे विज़न को तेज़ी से आगे बढ़ाने में बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने युवाओं को जोड़ने के लिए और कदम उठाने के निर्देश दिए।

    उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि युवाओं को आय अर्जित करने वाली गतिविधियों में शामिल करने के लिए स्टार्ट-अप इकोसिस्टम, खेल क्षेत्र आदि को विकसित करने के लिए कदम उठाए जाएं।

    अमित शाह ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और समन्वित तरीके से काम जारी रखने का निर्देश दिया जिससे हाल के दिनों में हासिल की गई उपलब्धियों को बरकरार रखते हुए 'आतंकवाद-मुक्त जम्मू और कश्मीर' का लक्ष्य जल्द से जल्द प्राप्त किया जा सके। शाह ने आश्वासन दिया कि इस प्रयास में सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।


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    गृह मंत्री अमित शाह ने 2001 में संसद पर हुए हमले में वीरगति प्राप्त करने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी

    आरएस अनेजा, 13 दिसम्बर नई दिल्ली - केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हुए आतंकवादी हमले में आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले सुरक्षा बलों के जवानों को श्रद्धांजलि दी।

    X पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "आज का दिन आतंकवाद के खिलाफ हमारे सुरक्षा बलों के उस अदम्य शौर्य व साहस को फिर से स्मरण करने का दिन है, जब वर्ष 2001 में विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के मंदिर, हमारे संसद भवन पर हुए कायराना आतंकी हमले को उन्होंने अपने जज्बे से नाकाम किया। आतंकियों को मुँहतोड़ जवाब देते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले सुरक्षा बलों के जवानों को नमन करता हूँ। यह राष्ट्र वीर सेनानियों के त्याग व बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।"

    #parliment #pmo #amitshah #homeminister

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    वंदे मातरम् ने एक ऐसे राष्ट्र को जागरूक किया जो अपनी दिव्य शक्ति को भुला चुका था : गृह मंत्री अमित शाह

    आरएस अनेजा, 9 दिसम्बर नई दिल्ली - 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने पर राज्यसभा में बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "वंदे मातरम् की दोनों सदनों में इस चर्चा से, वंदे मातरम् के महिमा मंडन से, वंदे मातरम् के गौरव गान से हमारे बच्चे, किशोर, युवा और आने वाली कई पीढ़ियां वंदे मातरम् के महत्व को भी समझेगी और उसको राष्ट्र के पुनर्निर्माण का एक प्रकार से आधार भी बनाएगी..."

    'वंदे मातरम्' के 150 साल पूरे होने पर राज्यसभा में बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "वंदे मातरम् ने एक ऐसे राष्ट्र को जागरूक किया जो अपनी दिव्य शक्ति को भुला चुका था। राष्ट्र की आत्मा को जागरूक करने का काम वंदे मातरम् ने किया इसलिए महर्षि अरविंद ने कहा वंदे मातरम् भारत के पुनर्जन्म का मंत्र है..."*

    राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "जब अंग्रेजों ने वंदे मातरम् पर कई प्रतिबंध लगाए तब बंकिम बाबू ने एक पत्र में लिखा था कि मुझे कोई आपत्ति नहीं है मेरे सभी साहित्य को गंगा जी में बहा दिया जाए, यह मंत्र वंदे मातरम् अनंतकाल तक जीवित रहेगा, यह एक महान गान होगा और लोगों के हृदय को जीत लेगा और भारत के पुनर्निर्माण का यह मंत्र बनेगा..."

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    गृह मंत्री की घोषणा भारत 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा।

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