Skip to Videos
  • Untitled Project (72).jpg

    अंबाला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सरकारी नौकरी के नाम पर लाखों ठगने वाला एक और आरोपी नारायणगढ़ से गिरफ्तार, अब तक ₹31.70 लाख बरामद

    अंबाला, 27 मई (अन्‍नू): अंबाला जिला पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय ठग गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मामले के एक और मुख्य आरोपी को नारायणगढ़ के नगर खेड़ा इलाके से रंगे हाथों दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपी के पास से पुलिस ने ठगी की भारी-भरकम रकम भी बरामद की है।

    महेश नगर निवासी मुकेश कुमार की शिकायत पर दर्ज हुआ था केस

    मामले की विस्तृत पृष्ठभूमि की जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि राजेंद्र पार्क, अंबाला छावनी (Ambala Cantt) के रहने वाले पीड़ित मुकेश कुमार ने 11 नवंबर 2025 को थाना महेश नगर में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

    शिकायत के अनुसार:

    • जनवरी 2023 का मामला: आरोपी प्रवीण कुमार और उसके शातिर साथियों ने मुकेश कुमार के बेटे को झांसे में लिया और उसे एक प्रतिष्ठित विभाग में सरकारी नौकरी लगवाने का झूंठा वादा किया।

    • लाखों की ऐंठन: नौकरी की एवज में आरोपियों ने पीड़ित परिवार से किस्तों में लाखों रुपये ऐंठ लिए।

    • धोखाधड़ी: लंबा समय बीत जाने के बाद भी जब बेटे की कोई नौकरी नहीं लगी, तो पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे। आरोपियों ने पैसे लौटाने से साफ मना कर दिया और जान से मारने की धमकियां देने लगे।

    एसपी के निर्देश पर इंस्पेक्टर परमवीर की टीम ने बिछाया जाल

    मामले की गंभीरता और वित्तीय धोखाधड़ी के बड़े नेटवर्क को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) अंबाला के कड़े दिशा-निर्देशों पर आर्थिक अपराध शाखा के इंचार्ज निरीक्षक (इंस्पेक्टर) परमवीर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था।

    तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर इस टीम ने नारायणगढ़ के नगर खेड़ा क्षेत्र में रेड की और आरोपी प्रवीण कुमार (मूल निवासी: गांव अंधेरी, नारायणगढ़; हाल पता: नजदीक पेट्रोल पंप, नारायणगढ़) को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।

    ठगी के नेटवर्क से अब तक ₹31.70 लाख की कुल रिकवरी

    आर्थिक अपराध शाखा की जांच में इस गिरोह द्वारा की गई रिकवरी का आंकड़ा काफी बड़ा हो चुका है:

    • पहले की बरामदगी: इस मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके एक अन्य सह-आरोपी की निशानदेही और रिमांड के दौरान पुलिस पहले ही ₹25 लाख की नगदी जब्त कर चुकी थी।

    • ताजा बरामदगी: हाल ही में पकड़े गए आरोपी प्रवीण कुमार के कब्जे से पुलिस ने ₹6 लाख 70 हजार की नगद राशि और बरामद की है।

    • कुल रिकवरी: इस पूरे मुकदमे में अंबाला पुलिस अब तक कुल ₹31,70,000 (31 लाख 70 हजार रुपये) की रिकॉर्ड रिकवरी कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपी को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत (जेल) भेज दिया गया है।

    अंबाला पुलिस की जनता से विशेष अपील: "मेरिट से मिलती है नौकरी, ठगों से रहें सावधान"

    अंबाला पुलिस इस मामले के जरिए आम जनता और युवाओं से पुरजोर अपील करती है कि हरियाणा या केंद्र सरकार में नौकरियां पूरी तरह से पारदर्शी, आधिकारिक चयन परीक्षाओं और केवल योग्यता (Merit) के आधार पर ही दी जाती हैं।

    किसी भी बिचौलिए, दलाल या व्यक्ति के बहकावे में आकर सरकारी नौकरी पाने के नाम पर रुपयों का लेनदेन बिल्कुल न करें। यदि कोई भी व्यक्ति नौकरी लगवाने के नाम पर पैसों की मांग करता है, तो वह सीधा ठग है। ऐसे संदिग्ध लोगों की सूचना तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या आर्थिक अपराध शाखा को दें ताकि समय रहते उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।

    #AmbalaPolice #EOWAmbala #JobScamBusted #FraudArrested #DanikKhabar #NarayanagarhNews #MaheshNagarThana #ParamveerSinghEOW #CyberCrimeHaryana #AntiCorruptionDrive #AmbalaUpdate

  • Screenshot 2026-05-25 162724.jpg

    कूरियर के माध्यम से दिल्ली से बांग्लादेश भेजे जा रहे चोरी के 158 स्मार्टफोन जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार

    अभिकान्त, 25 मई नई दिल्ली : दिल्ली-एनसीआर से चोरी के मोबाइल फोन खरीदकर उन्हें पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश भेजने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का दक्षिणी जिला पुलिस की एएटीएस (AATS) टीम ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ओखला विहार में छापेमारी कर दो आरोपियों—अब्दुल शमीम और अहिदुज्जमान को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी मूल रूप से पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के रहने वाले हैं और दिल्ली के ओखला विहार में रहकर चोरी के फोन इकट्ठा करने का काम करते थे। गिरफ्तारी के वक्त इनके पास से चोरी के 5 मोबाइल फोन बरामद किए गए।

    कूरियर कंपनी की मदद से बीच रास्ते में रोकी गई खेप

    पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को एक बड़ी खेप की जानकारी मिली। तस्करों ने कूरियर कंपनी के माध्यम से चोरी के मोबाइल फोन्स की एक बड़ी खेप पश्चिम बंगाल के लिए रवाना कर दी थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कूरियर कंपनी की मदद से पार्सल को रास्ते में ही ट्रैक किया और बीच सफर से 158 चोरी के मोबाइल फोन बरामद कर लिए।

    ऐसे काम करता था तस्करी का यह नेटवर्क

    पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह दिल्ली और एनसीआर के इलाकों से झपटमारी और चोरी किए गए मोबाइल फोन को सस्ते दामों में खरीदता था। जब फोन की संख्या ज्यादा हो जाती थी, तो पकड़े जाने के डर से इन्हें कूरियर के जरिए पश्चिम बंगाल के मालदा भेजा जाता था। मालदा बॉर्डर के नजदीक होने के कारण वहां से इन मोबाइलों को आसानी से सीमा पार बांग्लादेश भेज दिया जाता था, जहां इन्हें ऊंचे दामों पर बेचा जाता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश कर रही है।

    #DelhiPolice #MobileSmuggling #AATS #CrimeNews #DelhiCrime #BangladeshBorder #Malda #OkhlaVihar #MobileTheft #SecurityUpdate #Danikkhabar

  • Untitled Project (15).jpg

    नारनौल में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के घर घुसने वाले निकले 'पारदी गुलेल गैंग' के शातिर बदमाश, मुठभेड़ के बाद पकड़े गए एमपी के 7 आरोपी

    महेंद्रगढ़, 24 मई (अन्‍नू): हरियाणा के महेंद्रगढ़ और नारनौल क्षेत्र में दहशत फैलाने वाले अंतरराज्यीय 'पारदी गुलेल गैंग' को लेकर पुलिस रिमांड के दौरान बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। महेंद्रगढ़ सीआईए और थाना शहर की संयुक्त पुलिस टीमों द्वारा पकड़े गए इस गैंग के सदस्यों ने कुबूल किया है कि बीते 16 मई को नारनौल में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के आवास में जबरन घुसने वाले लोग इसी गैंग के गुर्गे थे। पुलिस की मुस्तैद टीमों ने 22 मई को एक भीषण मुठभेड़ के बाद इस गैंग के सात खूंखार बदमाशों को भारी मात्रा में हथियारों के साथ दबोचने में कामयाबी हासिल की थी।

    पूछताछ में खुली कई अन्य वारदातों की कड़ियां

    पूछताछ के दौरान सामने आया है कि इस गैंग के दो शातिर बदमाशों ने 16 मई को ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के सुरक्षित माने जाने वाले आवास परिसर में घुसपैठ की थी। इसके अलावा, उसी दिन इन बदमाशों ने नारनौल शहर के अलग-अलग इलाकों से दो मोटरसाइकिलें भी चोरी की थीं। आरोपियों ने माना कि वे सभी एक संगठित सिंडिकेट के रूप में काम करते हैं। आरोपियों ने बताया कि हरियाणा में प्रवेश करने के बाद उन्होंने सबसे पहले 14 मई को भिवानी शहर के इलाके में चोरी की थी और इसके ठीक अगले दिन 15 मई को इस गैंग के सदस्य महेंद्रगढ़ शहर से दो मोटरसाइकिलें उड़ा ले गए थे।

    मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं सभी सात आरोपी

    पुलिस को 22 मई को इस गैंग के महेंद्रगढ़ शहर के इलाके में छिपे होने की पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी। जब पुलिस टीम ने घेराबंदी की, तो बदमाशों ने खुद को घिरा देख पुलिस पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई और मुठभेड़ के दौरान दो बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गए। पकड़े गए सभी 7 आरोपी मूल रूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं, जिनकी पहचान मनीराम, अभय, अर्जुन, विरेन्द्र, सुनील, चांद और विजय के रूप में हुई है।

    बदमाशों के कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और औजार बरामद

    पकड़े गए इन बदमाशों का प्रोफाइल बेहद खूंखार है। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा इनमें से दो बड़े इनामी बदमाशों की सरगर्मी से तलाश की जा रही थी, जिसमें आरोपी विजय पर 15,000 रुपये और चांद पर 5,000 रुपये का नकद इनाम घोषित था। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इनके कब्जे से एक आधुनिक स्वचालित पिस्तौल और एक देसी कट्टा बरामद किया था। इसके साथ ही, जब पुलिस ने इनके थैलों की तलाशी ली, तो अंदर से लोहे का नुकीला सरिया, रेती, प्लास, वायर कटर, पेचकस, एक मोबाइल फोन, एक घड़ी और घरों के ताले व शीशे तोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाली गुलेल सहित अन्य सामग्रियां बरामद हुईं।

    अदालत से 4 दिन का पुलिस रिमांड मंजूर

    इस पूरी वारदात और पुलिस पर हमले को लेकर थाना शहर महेंद्रगढ़ में इन सभी बदमाशों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की विभिन्न कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए पांच स्वस्थ आरोपियों को माननीय अदालत में पेश कर आगे की गहन पूछताछ और बची हुई कड़ियों को जोड़ने के लिए 4 दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया है। वहीं, मुठभेड़ के दौरान क्रॉस फायरिंग में घायल हुए दो अन्य आरोपी अभी पुलिस कस्टडी के तहत अस्पताल में उपचाराधीन हैं, जिनसे ठीक होने के बाद पूछताछ की जाएगी।

    #NarnaulNews #MahendragarhPolice #PardiGang #Encounter #CongressHaryana #CrimeNewsHaryana #CIAMahendragarh #GulelGang #Arrested

  • Untitled Project (13).jpg
    23/05/26 |

    दिल्ली के पॉश इलाके में नौकर ने कराई डकैती: बिजनेसमैन की फैमिली को बंधक बनाने वाले गैंग का मुख्य डकैत दिल्ली से गिरफ्तार

    नई दिल्ली, 23 मई (अन्‍नू): देश की राजधानी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले पॉश इलाके में हुई एक सनसनीखेज डकैती के मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को बड़ी कामयाबी मिली है। दिल्ली पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, सेंट्रल रेंज क्राइम ब्रांच की टीम ने तुगलक रोड थाना क्षेत्र में हुई डकैती की वारदात में शामिल एक खूंखार और मोस्ट वांटेड डकैत को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान निहाल हसन उर्फ संजय के रूप में हुई है, जो पहले से हत्या के प्रयास, लूट और डकैती जैसे 20 गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।

    नए रखे घरेलू नौकर ने ही खोल दिया था कोठी का मुख्य गेट

    दिल्ली पुलिस की प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह वारदात बीती 17 अप्रैल 2026 को गोल्फ कोर्स एरिया स्थित एक आलीशान कोठी में रात करीब 8:30 बजे अंजाम दी गई थी। पीड़ित बिजनेसमैन ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने महज 4-5 दिन पहले ही सुशील नाम के एक युवक को घरेलू नौकर के तौर पर काम पर रखा था।

    वारदात की रात नौकर सुशील ने पूरी प्लानिंग के तहत जानबूझकर कोठी का मुख्य गेट खोल दिया, जिसके बाद हथियारों से लैस उसके 5-6 अन्य साथी अंदर घुस आए। इन बदमाशों ने घर में मौजूद परिवार के सदस्यों को हथियारों के बल पर बंधक बना लिया, उनके साथ मारपीट की और घर में रखी कीमती ज्वेलरी, नकदी और अन्य सामान लूटकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुगलक रोड थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। इस केस में पुलिस 3 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी, जबकि मुख्य आरोपी निहाल हसन उर्फ संजय फरार चल रहा था।

    खजूरी इलाके में घेराबंदी कर क्राइम ब्रांच ने दबोचा

    बाकी बचे आरोपियों की धरपकड़ का जिम्मा क्राइम ब्रांच (सेंट्रल रेंज) के इंस्पेक्टर विनय कुमार की टीम को सौंपा गया था। टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी पर नजर रखनी शुरू की। इसी दौरान 21 मई 2026 को पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी निहाल हसन अपने साथियों से मिलने दिल्ली के खजूरी इलाके में आने वाला है।

    सूचना मिलते ही एसीपी (ACP) सत्येंद्र मोहन के करीबी मार्गदर्शन में एसआई दिनेश कुमार, एसआई मोहित, एसआई विकास सोलंकी, एसआई जय कुमार और हेड कांस्टेबलों की टीम ने खजूरी इलाके में जाल बिछाया। पुलिस की भनक लगते ही आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने एक संक्षिप्त पीछा करने के बाद उसे सफलतापूर्वक दबोच लिया। आरोपी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35.1(B) के तहत गिरफ्तार कर तुगलक रोड थाना पुलिस को सूचित कर दिया गया है।

    गैंग की खतरनाक मोडस ऑपरेंडी (तरीका)

    प्रेस रिलीज के अनुसार, यह गैंग बेहद शातिर तरीके से वारदातों को अंजाम देता था:

    • रेकी और नौकर प्लांट करना: गैंग के सदस्य पहले अमीर और पॉश सोसायटियों की रेकी करते थे। इसके बाद घर की सुरक्षा और नकदी की जानकारी जुटाने के लिए सुनियोजित तरीके से अपने ही किसी सदस्य को वहां घरेलू नौकर के तौर पर रखवा देते थे।

    • हथियारों के बल पर बंधक बनाना: जैसे ही नौकर को परिवार के आने-जाने और कीमती सामान का पता चलता, वह अपने साथियों के लिए दरवाजा खोल देता था। इसके बाद यह गैंग तलवारों, लोहे की रॉड और अन्य घातक हथियारों के साथ घर में घुसकर दहशत फैलाता था और लोगों को बंधक बनाकर लूटपाट करता था।

    आरोपी निहाल हसन उर्फ संजय का आपराधिक प्रोफाइल:

    • 20 गंभीर मामले दर्ज: आरोपी दिल्ली और आसपास के राज्यों में डकैती, लूट, चोरी और आर्म्स एक्ट के करीब 20 मुकदमों में नामजद है।

    • 7 केसों में मिल चुकी है सजा: आरोपी को अलग-अलग माननीय अदालतों द्वारा 7 मामलों में दोषी करार देकर सजा भी सुनाई जा चुकी है।

    • परिवार ने किया बेदखल: लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने के कारण उसके खुद के परिवार ने उसे बेदखल कर दिया था। वह आखिरी बार 13 मई 2025 को जमानत पर जेल से बाहर आया था।

    दिल्ली पुलिस के डीसीपी (DCP) संजीव कुमार यादव (IPS) के अनुसार, आरोपी से गहनता से पूछताछ की जा रही है ताकि डकैती का लूटा गया सामान बरामद किया जा सके और इस वारदात में शामिल अन्य फरार आरोपियों को भी जल्द से मुख्य धारा में लाकर जेल भेजा जा सके।

    #DelhiPolicePressRelease #CrimeBranchAction #DacoityCaseSolved #TughlakRoadDacoity #DelhiCrimeNews #DanikKhabar #PoshAreaRobbery #DomesticHelpFraud #DelhiPoliceCrimeBranch #NihalHasanArrested

  • Untitled Project (10).jpg

    पानीपत में करोड़ों के यार्न ठग गिरोह का पर्दाफाश: सीआईए-1 ने दबोचा एक आरोपी, व्यापारियों को फर्जी चेक थमाकर लगाते थे चूना

    पानीपत, 23 मई (अन्‍नू): हरियाणा की पानीपत जिला पुलिस की सीआईए-वन (CIA-1) टीम ने फैक्टरी मालिकों और यार्न (धागा) कारोबारियों को अपना शिकार बनाने वाले एक शातिर ठग गिरोह के मुख्य सदस्य को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपी की पहचान प्रीत सिंह (निवासी सैनी कॉलोनी, न्यू मॉडल टाउन, जाटल रोड, पानीपत) के रूप में हुई है। आरोपी ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर एक यार्न कारोबारी से करीब 2 लाख 29 हजार 979 रुपये का धागा खरीदा और भुगतान के बदले फर्जी चेक थमाकर धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया था।

    उग्राखेड़ी की फैक्टरी से मंगाया था 3744 किलो धागा

    सीआईए-वन प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सोनीपत के गांव ढुराना निवासी अरविंद ने थाना चांदनी बाग में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। अरविंद उग्राखेड़ी काला आंबा रोड पर 'श्याम यार्न' के नाम से फैक्टरी चलाते हैं। शिकायत के अनुसार, 11 सितंबर 2025 को दीपक कपूर, प्रीत सिंह, राज रतन और राहुल कुमार नामक चार युवक उनकी फैक्टरी में आए। उन्होंने खुद को 'निर्मल बाला जी स्पिन टेक्स प्राइवेट लिमिटेड' का प्रतिनिधि बताया और कहा कि सेक्टर-25 में उनकी चार अलग-अलग फर्में (ओम ट्रेडर्स, महादेव इंटरप्राइजेज, नानक इंटरप्राइजेज और फर्निशिंग वाला) हैं।

    चारों आरोपियों ने झांसे में लेकर 3744 किलो धागे का ऑर्डर दिया। अरविंद ने 13 सितंबर 2025 को माल गाड़ियों में लोड करवाकर सेक्टर-25 स्थित उनके पते पर भिजवा दिया। भुगतान के रूप में आरोपियों ने 2,29,979 रुपये का एक चेक दिया, जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। जब पीड़ित ने पैसे मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगे और बाद में धमकी देते हुए कहा कि उनका काम ही लोगों को ठगना है।

    कई अन्य व्यापारियों से भी कर चुके हैं लाखों की ठगी

    पीड़ित अरविंद ने जब बाजार के अन्य व्यापारियों से इस बारे में बात की, तो एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा हुआ। इन चारों शातिर ठगों ने इसी मोडस ऑपरेंडी (तरीके) का इस्तेमाल कर कई और कारोबारियों को भी अपना शिकार बनाया था, जिनमें शामिल हैं:

    • गुप्ता यार्न: 5 लाख 95 हजार 456 रुपये की ठगी

    • महादेव टेक्सटाइल मील: 4 लाख 45 हजार 410 रुपये की ठगी

    • निर्मल बाला जी कॉट स्पिन: 2 लाख 10 हजार रुपये की ठगी

    कर्ज और घाटे के कारण शार्टकट से पैसा कमाने की रची थी साजिश

    सीआईए प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि वीरवार शाम को हुई गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी प्रीत सिंह से गहनता से पूछताछ की गई, तो उसने अपने तीनों साथियों के साथ मिलकर इस ठगी की बात कबूल की। प्रीत सिंह ने बताया कि पहले पानीपत टोल प्लाजा के पास उसकी प्लास्टिक दाना बनाने की फैक्टरी थी, लेकिन भारी नुकसान होने के कारण करीब डेढ़ साल पहले उसे अपनी फैक्टरी बंद करनी पड़ी।

    कर्ज और घाटे से उबरने के लिए उसने अपने पुराने दोस्तों (दीपक कपूर, राज रतन और राहुल) के साथ मिलकर शार्टकट तरीके से अमीर बनने की साजिश रची। उन्होंने व्यापारियों से माल हड़पने के लिए फर्जी फर्में बनाईं। आरोपी ने खुलासा किया कि पीड़ित अरविंद से ठगा गया 3744 किलो धागा उन्होंने लुधियाना की धागा मार्केट में जाकर केवल 2 लाख रुपये में कैश बेच दिया था और उस रकम को चारों ने आपस में बराबर-बराबर बांट लिया था।

    कोर्ट से 2 दिन का पुलिस रिमांड मंजूर, साथियों की तलाश जारी

    पुलिस टीम ने शुक्रवार को आरोपी प्रीत सिंह को माननीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान सीआईए-1 की टीम आरोपी के हिस्से में आई ठगी की नकदी बरामद करने का प्रयास करेगी। साथ ही, इस वारदात में शामिल गिरोह के अन्य तीन फरार आरोपियों (दीपक कपूर, राज रतन और राहुल कुमार) के संभावित ठिकानों का पता लगाकर उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने के लिए छापेमारी की जा रही है।

    #PanipatNews #YarnTraderFraud #PanipatPolice #CIA1Panipat #YarnMarketScam #ChequeBounceFraud #ThanaChandniBagh #CrimeNewsHaryana #BusinessFraud #DanikKhabar

  • Untitled Project (5).jpg

    पंचकूला में IPO ट्रेडिंग के नाम पर 1.37 करोड़ की ठगी: लुधियाना से 2 और शातिर ठग गिरफ्तार, 6 दिन के रिमांड पर

    पंचकूला, 23 मई (अन्‍नू): हरियाणा की पंचकूला साइबर क्राइम थाना पुलिस ने करोड़ों रुपये के हाई-टेक फर्जीवाड़े पर एक और बड़ा प्रहार किया है। पुलिस टीम ने आईपीओ (IPO) और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर एक नागरिक से हुई 1.37 करोड़ रुपये की भारी-भरकम साइबर ठगी के मामले में पंजाब के लुधियाना से दो और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। दोनों आरोपियों को माननीय अदालत में पेश कर पुलिस ने 6 दिन के रिमांड पर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस अब तक कुल 8 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है।

    सिम कार्ड और बैंक खाते खरीदकर ट्रांसफर करते थे ठगी की रकम

    साइबर थाना पुलिस की शुरुआती जांच और आरोपियों से पूछताछ में एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। आरोपी बेहद शातिर तरीके से दूसरों के नाम पर फर्जी बैंक खाते, एक्टिवेटेड सिम कार्ड और बैंकिंग किट (चेकबुक व एटीएम) मोटी रकम देकर खरीदते थे। इसके बाद साइबर ठगी के जरिए देश भर के लोगों से लूटी गई रकम को इन फर्जी खातों में अलग-अलग लेयर्स (परतों) में ट्रांसफर कर दिया करते थे। इस पूरे खेल के बदले इन दोनों आरोपियों को मोटा कमीशन मिलता था।

    रिमांड के दौरान खुलेंगे कई और बड़े राज, अन्य संदिग्धों की तलाश जारी

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों को 6 दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर गहनता से पूछताछ की जा रही है। रिमांड के दौरान इस गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य साथियों के ठिकानों का पता लगाया जाएगा। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन्होंने अब तक देश भर में कितने और लोगों को अपना शिकार बनाया है और ठगी की रकम को कहाँ ठिकाने लगाया है। मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

    पंचकूला पुलिस की नागरिकों से जरूरी अपील:

    मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) हरियाणा और हरियाणा पुलिस के निर्देशानुसार, पंचकूला पुलिस ने आम जनता को डिजिटल फ्रॉड से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है:

    • सोशल मीडिया (Facebook, Instagram), व्हाट्सएप ग्रुप या किसी अनजान मोबाइल ऐप्स के जरिए मिलने वाले आकर्षक IPO, स्टॉक मार्केट या ऑनलाइन ट्रेडिंग निवेश के ऑफर्स के झांसे में बिल्कुल न आएं।

    • अधिक मुनाफे का लालच देने वाले किसी भी अनाधिकृत लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी अज्ञात खाते में पैसे ट्रांसफर करें।

    • यदि आप या आपका कोई परिचित किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी या ऑनलाइन ठगी का शिकार होता है, तो बिना वक्त गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

    #PanchkulaPolice #CyberCrimePanchkula #IPOTradingFraud #CyberFraud #StayAlert #CyberSafety #HaryanaPolice #CMOHaryana #CyberCellAction #DanikKhabar

  • WhatsApp Image 2026-05-22 at 5.27.46 PM.jpeg

    टोहाना में बाइक चोरी का पर्दाफाश: अस्पताल के बाहर से उड़ाई थी मोटरसाइकिल, जींद के 3 चोर गिरफ्तार

    फतेहाबाद, 22 मई (अन्‍नू): हरियाणा के फतेहाबाद जिले की थाना शहर टोहाना पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी की वारदात को सुलझाते हुए जींद जिले के रहने वाले तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को माननीय अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान निर्मल सिंह (निवासी नरनगढ़, जींद), अजय और विक्रम उर्फ विक्की (दोनों निवासी कलवान, जींद) के रूप में हुई है।

    जैन समाधि अस्पताल के बाहर से गायब हुई थी बाइक

    थाना शहर टोहाना के प्रभारी निरीक्षक कुलदीप सिंह ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि हनुमान नगर (दमकोरा रोड, टोहाना) के रहने वाले अशोक कुमार ने पुलिस को एक लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में अशोक ने बताया था कि 29 अप्रैल 2026 को वह किसी काम से अपनी मोटरसाइकिल लेकर टोहाना के जैन समाधि अस्पताल गया था। उसने अपनी बाइक को अस्पताल के बाहर सही से लॉक करके खड़ा किया था, लेकिन जब वह थोड़ी देर बाद काम निपटाकर वापस लौटा, तो उसकी मोटरसाइकिल वहां से गायब थी।

    बीएनएस (BNS) की धाराओं के तहत दर्ज हुआ था मुकदमा

    पीड़ित अशोक कुमार ने पहले अपने स्तर पर अस्पताल के आसपास और शहर में मोटरसाइकिल की काफी खोजबीन की, लेकिन जब बाइक का कहीं कोई सुराग नहीं लगा, तो उसने मामले की सूचना पुलिस को दी। अशोक की शिकायत के आधार पर थाना शहर टोहाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 के तहत मुकदमा नंबर 130 दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई थी।

    जांच के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी

    मुकदमा दर्ज होने के बाद शहर टोहाना पुलिस की एक टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए जींद के इन तीनों आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस अब आरोपियों से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन्होंने इस चोरी की बाइक को कहाँ छुपाया है या किसे बेचा है, साथ ही इलाके में हुई अन्य चोरी की वारदातों में भी इनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।

    #TohanaNews #BikeTheftCase #TohanaPolice #FatehabadCrime #DanikKhabar #JindCriminals #JainSamadhiHospital #HaryanaPolice #CrimeNewsTohana

  • WhatsApp Image 2026-05-22 at 8.55.09 AM.jpg

    पानीपत में नशा तस्कर गिरफ्तार: बरसत रोड पर आधा किलो अफीम के साथ दबोचा, यूपी के बरेली से लाया था खेप

    पानीपत, 22 मई (अन्‍नू): हरियाणा की पानीपत जिला पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। सीआईए-3 (CIA-3) की टीम ने बरसत रोड इलाके में नाकेबंदी के दौरान एक शातिर नशा तस्कर को भारी मात्रा में अफीम के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी नूरवाला का रहने वाला मोहम्मद इमरान है, जिसके कब्जे से पुलिस ने 504 ग्राम (आधा किलो से अधिक) अफीम बरामद की है।

    गंदा नाला पुलिया पर ग्राहक के इंतजार में खड़ा था आरोपी

    सीआईए-3 प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि उनकी एक टीम बुधवार को गश्त और चेकिंग के दौरान नूरवाला अड्डा के पास मौजूद थी। इसी बीच मुखबिर से पुख्ता जानकारी मिली कि नूरवाला निवासी मोहम्मद इमरान नशीले पदार्थ बेचने का धंधा करता है और वह इस समय बरसत रोड पर गंदा नाला पुलिया के पास किसी ग्राहक की फिराक में खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए मौके पर दबिश दी और संदिग्ध युवक को चारों तरफ से घेरकर काबू कर लिया।

    यूपी के बरेली से कम दाम में खरीदकर लाया था नशा

    पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी मोहम्मद इमरान (पुत्र शान मोहम्मद) ने बताया कि वह करीब 4-5 दिन पहले उत्तर प्रदेश के बरेली से एक अज्ञात युवक से 600 ग्राम अफीम बेहद कम कीमत पर खरीदकर पानीपत लाया था। इस खेप में से उसने कुछ अफीम यहाँ आने-जाने वाले अज्ञात ट्रक और गाड़ी ड्राइवरों को ऊंचे दामों में बेच दी थी। बुधवार को वह बची हुई 504 ग्राम अफीम को ठिकाने लगाने और नए ग्राहकों को सप्लाई करने के लिए पुलिया के पास खड़ा था, तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

    कोर्ट ने भेजा 4 दिन के पुलिस रिमांड पर, मुख्य सप्लायर की तलाश जारी

    थाना प्रभारी ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई पानीपत के पुलिस अधीक्षक (SP) श्री भूपेंद्र सिंह (IPS) के नेतृत्व में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत की गई है। आरोपी के खिलाफ थाना सेक्टर 13/17 में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वीरवार को आरोपी को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से सख्ती से पूछताछ करेगी ताकि यूपी के बरेली में बैठे मुख्य नशा सप्लायर के ठिकानों का पता लगाकर उसे भी सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

    #PanipatNews #DrugSmugglerArrested #PanipatPolice #CIA3Panipat #OpiumSeized #AntiDrugDrive #DanikKhabar #HaryanaCrime #UPToHaryanaDrugs

  • WhatsApp Image 2026-05-22 at 9.55.18 AM.jpg

    पानीपत में मणप्पुरम गोल्ड लोन घोटाला: लॉकर से असली सोना निकाल पीतल पर चढ़ाया पानी, दूसरा आरोपी पूर्व असिस्टेंट मैनेजर भी गिरफ्तार

    पानीपत, 22 मई (अन्‍नू): हरियाणा की पानीपत सीआईए-3 (CIA-3) पुलिस ने जीटी रोड स्थित 'मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड गोल्ड लोन ब्रांच' में ग्राहकों के गिरवी रखे गहने बदलकर धोखाधड़ी करने वाले दूसरे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान उत्तम नगर (गोहाना, सोनीपत) के रहने वाले ब्रांच के पूर्व असिस्टेंट मैनेजर साहिल के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी साहिल को बुधवार शाम को काबू किया। पूछताछ में उसने इस पूरे फर्जीवाड़े में पहले से जेल में बंद ब्रांच के पूर्व मैनेजर राजेसाब महबूल यलगार के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है।

    कड़े से 40% सोना निकालकर बनवाया पीतल का नकली कड़ा

    सीआईए-3 प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी साहिल ने इस काले धंधे का पूरा राज उगला। उसने बताया कि दोनों ने मिलकर लॉकर में रखे एक ग्राहक के सोने के कड़े को निकाला और उसमें से 40 प्रतिशत असली सोना निकालकर उसे बाजार में 2.50 लाख रुपये में बेच दिया। इसके बाद पकड़े जाने के डर से उन्होंने हुबहू वैसा ही पीतल का कड़ा तैयार करवाया और उस पर सोने का अर्क (पॉलिश) चढ़वाकर वापस बैंक के लॉकर में रख दिया।

    हिस्से में आए थे 1 लाख रुपये, कोर्ट ने भेजा जेल

    आरोपी ने बताया कि इस धोखेबाजी की रकम में से उसके हिस्से में 1 लाख रुपये आए थे, जिसमें से ज्यादातर पैसे उसने ऐश-ओ-आराम में खर्च कर दिए। पुलिस ने साहिल के कब्जे से बचे हुए 5 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं और वीरवार को उसे माननीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। बता दें कि इस मामले के पहले आरोपी और पूर्व मैनेजर राजेसाब महबूल यलगार के हिस्से में 1.50 लाख रुपये आए थे, जिससे 10 हजार रुपये बरामद कर पुलिस उसे पहले ही जेल भेज चुकी है।

    ऐसे खुला था 'नकली सोने' का यह पूरा राज (यह है मामला)

    इस चौंकाने वाले मामले का खुलासा तब हुआ जब शिमला मौलाना गाँव के रहने वाले सुनील ने थाना शहर पुलिस को शिकायत दी। सुनील ने मई 2024 में अपने 19 तोले सोने के गहने इस ब्रांच में गिरवी रखकर लोन लिया था। 19 जुलाई 2025 को जब सुनील अपने दोस्त संदीप के साथ लोन के सारे पैसे चुकाकर गहने वापस लेने गया, तो बैंक कर्मियों ने उसे पॉलिथीन बैग में पैक गहने सौंप दिए।

    बाहर आकर जब सुनील ने पैकेट खोला, तो उसे अपने सोने के कड़े का वजन कुछ अलग लगा। बैंक कर्मियों के कहने पर जब उसने सुनार से कड़े की जांच कराई, तो पता चला कि वह कड़ा असली सोने का नहीं बल्कि पीतल का है, जिस पर सिर्फ सोने का पानी चढ़ा हुआ था।

    दिल्ली से बनवाया था हूबहू नकली कड़ा

    जब सुनार ने इस नकली कड़े की फोटो अपने सुनार संगठन के ग्रुप में डाली, तो कड़ा बनाने वाले एक कारीगर दीपक भोला का सुराग मिला। कारीगर दीपक ने पूछताछ में खुलासा किया कि मणप्पुरम गोल्ड लोन का ब्रांच मैनेजर राजेसाब महबूल यलगार और असिस्टेंट मैनेजर साहिल उसके पास आए थे और असली कड़ा दिखाकर हूबहू पीतल की नकल बनाने को कहा था। पानीपत के सुनारों द्वारा मना करने पर उन्होंने दिल्ली की एक दुकान से यह नकली कड़ा तैयार करवाया था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने बीएनएस (BNS) की धाराओं के तहत केस दर्ज कर दोनों बैंक अफसरों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

    #PanipatNews #GoldLoanFraud #ManappuramGoldLoan #DanikKhabar #PanipatPolice #CrimeBranchPanipat #GoldScam #HaryanaCrime #BankingFraud

  • WhatsApp Image 2026-05-22 at 8.27.01 AM.jpg

    अंबाला के साहा में पशु क्रूरता पर एक्शन: पिकअप गाड़ी में बेरहमी से ठूंसी गई भैंसें मुक्त, तस्करों पर केस दर्ज

    अंबाला, 22 मई (अन्‍नू): अंबाला जिले के साहा थाने की पुलिस ने बेजुबान पशुओं की तस्करी और उनके खिलाफ क्रूरता बरतने वाले तत्वों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। साहा पुलिस की एक विशेष टीम इलाके में कानून व्यवस्था और सुरक्षा के मद्देनजर गश्त व संदिग्ध वाहनों की चेकिंग पर तैनात थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने एक तेज रफ्तार पिकअप गाड़ी को आते देखा और उसे रुकने का इशारा किया। पुलिस की इस मुस्तैदी के कारण बेजुबान पशुओं को तस्करों के चंगुल से समय रहते छुड़ा लिया गया।

    गाड़ी में पैर रखने तक की जगह नहीं छोड़ी थी, घुट रहा था दम

    जब पुलिसकर्मियों ने रुकवाई गई संदिग्ध पिकअप गाड़ी की पीछे से तलाशी ली, तो अंदर का नजारा देखकर वे भी हैरान रह गए। गाड़ी के भीतर क्षमता से कई गुना अधिक भैंसों को बेरहमी से लादा गया था। तस्करों ने ज्यादा मुनाफा कमाने और पैसों के लालच में बेजुबान पशुओं को इस कदर ठूंस-ठूंस कर भरा था कि गाड़ी में तिनका भर भी जगह नहीं बची थी और दम घुटने के कारण पशु तड़प रहे थे।

    पुलिस ने तुरंत करवाया चारे-पानी का प्रबंध

    पशुओं की गंभीर हालत को देखते हुए साहा पुलिस ने तुरंत मानवता दिखाई। पुलिसकर्मियों ने बिना वक्त गंवाए सभी भैंसों को गाड़ी से सुरक्षित बाहर निकलवाया। इसके तुरंत बाद पुलिस टीम द्वारा प्रताड़ित और प्यासे बेजुबान पशुओं के लिए तुरंत चारे और पीने के साफ पानी का प्रबंध किया गया, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली।

    पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज, गाड़ी जब्त

    साहा थाना प्रभारी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि बेजुबान पशुओं को इस तरह प्रताड़ित करने और उनकी अवैध तस्करी करने के आरोप में आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम (Prevention of Cruelty to Animals Act) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही पिकअप गाड़ी को कब्जे में ले लिया है और इस रैकेट के पीछे शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आगे की कानूनी तफ्तीश शुरू कर दी है।

    #AmbalaNews #SahaPolice #AnimalCruelty #BuffaloSmuggling #DanikKhabar #HaryanaPolice #AmbalaCrime #ActionAgainstCruelty

  • WhatsApp Image 2026-05-21 at 5.13.22 PM.jpg

    करनाल में बड़ा फर्जीवाड़ा: कोर्ट में फर्जी दस्तावेज देकर जमानत कराने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल

    करनाल, 22 मई (अन्‍नू): हरियाणा की करनाल पुलिस ने अदालतों में फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपराधियों की जमानत कराने वाले एक शातिर खेल का पर्दाफाश किया है। जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना सिविल लाइन के अंतर्गत आने वाली सेक्टर-13 पुलिस चौकी की टीम को यह बड़ी कामयाबी मिली है। यह पूरा एक्शन चौकी इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर जसविंदर कौर के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल बलजीत सिंह की अगुवाई वाली टीम द्वारा पुख्ता सूचना के आधार पर लिया गया।

    उत्तर प्रदेश और करनाल के रहने वाले हैं आरोपी

    पुलिस टीम ने मामले में तत्परता दिखाते हुए छापेमारी की और दो आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान महेंद्र (निवासी टिकडा कॉलोनी, फूशगढ़, करनाल) और रविंद्र (निवासी मिमलाना, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। जब पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाशी ली, तो उनके पास से फर्जी आईडी दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनका इस्तेमाल वे कोर्ट की जमानत प्रक्रिया में कर रहे थे।

    पैसों के लालच में तैयार करते थे फर्जी कागजात

    पुलिस की शुरुआती पूछताछ और जांच में सामने आया है कि ये आरोपी केवल आर्थिक लाभ (पैसा कमाने) के चक्कर में फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। इसके बाद वे इन नकली कागजातों को असली के तौर पर माननीय अदालत के सामने पेश करके अपराधियों की जमानत करवा देते थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए करनाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

    कोर्ट ने भेजा जेल, गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी

    पकड़े गए दोनों आरोपियों को पुलिस टीम द्वारा माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस पूरे फर्जीवाड़ा रैकेट में कोर्ट परिसर या बाहर के कौन-से अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस इन आरोपियों के मोबाइल रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है।

    करनाल पुलिस की आम जनता को सख्त हिदायत

    इस कार्रवाई के बाद जिला पुलिस करनाल ने आम जनता के लिए एक जरूरी चेतावनी जारी की है। पुलिस ने अपील की है कि कोई भी नागरिक किसी भी प्रकार के कानूनी या दस्तावेजी कार्य में शॉर्टकट या फर्जीवाड़ा न अपनाए। अदालती कार्यवाही में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करना एक बेहद गंभीर और गैर-जमानती अपराध है, और ऐसा करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

    #KarnalNews #KarnalPolice #FraudBusted #FakeDocuments #DanikKhabar #CourtBailScam #HaryanaCrime #PoliceAction #UPCrime

  • WhatsApp Image 2026-05-21 at 10.13.42 PM.jpg

    फरीदाबाद में अवैध हथियारों पर एक्शन: क्राइम ब्रांच ने अलग-अलग जगहों से 3 बदमाशों को दबोचा, 3 देसी कट्टे बरामद

    फरीदाबाद, 22 मई (अन्‍नू): अवैध हथियार रखने और उनके जरिए वारदातों को अंजाम देने वाले अपराधियों के खिलाफ फरीदाबाद पुलिस ने अपना शिकंजा और कस दिया है। 20 मई को फरीदाबाद पुलिस की अलग-अलग क्राइम ब्रांच टीमों ने गुप्त सूचनाओं और मुस्तैदी के आधार पर छापेमारी करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन तीनों के कब्जे से तीन अवैध देसी कट्टे बरामद कर उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है।

    पहली गिरफ्तारी: दिल्ली का रहने वाला अक्षय एसजीएम नगर से काबू

    पुलिस प्रवक्ता ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पहली सफलता क्राइम ब्रांच सेक्टर-48 की टीम को मिली। पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि एक युवक अवैध हथियार के साथ घूम रहा है। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए टीम ने एस.जी.एम नगर इलाके में नाकाबंदी की और उत्तम नगर (दिल्ली) के रहने वाले 26 वर्षीय अक्षय को एक अवैध देसी कट्टे के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

    दूसरी गिरफ्तारी: आगरा कैनाल रोड के पास से किशन धरा गया

    इसी कड़ी में दूसरी कार्रवाई क्राइम ब्रांच डीएलएफ (DLF) की टीम द्वारा अमल में लाई गई। डीएलएफ टीम ने फरीदाबाद के आगरा कैनाल रोड, खेड़ी पुल के पास नाकेबंदी के दौरान एक संदिग्ध युवक को दबोचा। पूछताछ में उसकी पहचान राहुल कॉलोनी (एस.जी.एम नगर, फरीदाबाद) के रहने वाले 22 वर्षीय किशन के रूप में हुई। तलाशी लेने पर किशन के पास से भी एक अवैध देसी कट्टा बरामद हुआ।

    तीसरी गिरफ्तारी: आईएमटी कट के पास से गोविंदा गिरफ्तार

    तीसरा एक्शन अपराध शाखा सेंट्रल (Crime Branch Central) की टीम ने लिया। सेंट्रल टीम ने सेक्टर-2 कट, आईएमटी (IMT) के पास से एक और आरोपी को काबू करने में सफलता हासिल की। पकड़े गए आरोपी की पहचान बल्लभगढ़ (शहर थाना एरिया) के रहने वाले 22 वर्षीय गोविंदा के रूप में हुई है। गोविंदा के कब्जे से भी पुलिस को एक अवैध देसी कट्टा मिला है।

    आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज, भेजे गए जेल

    पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पकड़े गए तीनों आरोपियों का मकसद इन अवैध हथियारों के दम पर किसी वारदात को अंजाम देना या दहशत फैलाना था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ फरीदाबाद के संबंधित थानों में आर्म्स एक्ट (शस्त्र अधिनियम) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

    #FaridabadNews #FaridabadPolice #CrimeBranchAction #IllegalWeapons #ArmsAct #FaridabadCrime #PoliceArrest #HaryanaPolice #DanikKhabar