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    19/08/26 |

    लुधियाना के पिज्जा आउटलेट पर ताबड़तोड़ फायरिंग, गोपी लहोरिया ग्रुप ने इंस्टाग्राम पोस्ट डालकर ली जिम्मेदारी

    पंजाब , 19 अगस्त (अभिकान्त) : शहर के पॉश इलाके भाई रणधीर सिंह (BRS) नगर स्थित 'पिज़्ज़ा फ्रॉम मेक्सिको' आउटलेट पर देर रात हुई अंधाधुंध फायरिंग के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस वारदात की जिम्मेदारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर 'गोपी लहोरिया ग्रुप' नाम के पेज ने पोस्ट डालकर ली है। पोस्ट में लिखा गया है कि बार-बार फोन इग्नोर करने की वजह से यह महज एक छोटा सा ट्रेलर दिया गया है और अगली बार सीधा अंजाम भुगतने की धमकी दी गई है। घटना के बाद हरकत में आई पुलिस की साइबर सेल टीम अब इस इंस्टाग्राम अकाउंट, आईपी एड्रेस और लोकेशन की गहनता से पड़ताल कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि पोस्ट किसी असली गैंग द्वारा डाली गई है या किसी शरारती तत्व ने दहशत फैलाने के लिए फर्जी हैंडल से साझा की है।

    वहीं, दुकान के अंदर से सामने आए सनसनीखेज सीसीटीवी फुटेज में हमलावरों की खौफनाक करतूत कैद हुई है। फुटेज के अनुसार, टोपी पहने दो हमलावर आउटलेट के अंदर दाखिल हुए और महज 3 सेकंड के भीतर लगातार 3 गोलियां दाग दीं। वारदात के दौरान एक हमलावर की पिस्टल से फायर हो गया, जबकि दूसरा अपनी पिस्तौल लोड करने की कोशिश करता रह गया। गोलीबारी के तुरंत बाद दोनों आरोपी बाहर खड़ी स्प्लेंडर बाइक पर अपने तीसरे साथी के साथ मौके से फरार हो गए।

    इस मामले में थाना सराभा नगर पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच अधिकारी एएसआई दविंदर सिंह के मुताबिक, घटनास्थल से गोलियों के 3 खाली खोल बरामद किए गए हैं। पुलिस की विभिन्न टीमें सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर शूटरों के सुराग जुटाने में लगी हैं और दावा किया जा रहा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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    19/08/26 |

    मलेशिया से डिपोर्ट कराकर बंबीहा गैंग के 3 खतरनाक गुर्गे गिरफ्तार, लुधियाना ब्लास्ट साजिश व टारगेट किलिंग में थे शामिल

    पंजाब , 19 अगस्त (अभिकान्त) : पंजाब पुलिस ने विदेशों में बैठकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे गैंगस्टरों के खिलाफ अपनी मुहिम को तेज करते हुए बंबीहा गैंग को बड़ा झटका दिया है। पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से मलेशिया में छिपे बंबीहा गैंग के तीन प्रमुख गुर्गों—जस बेहबल, अजय सिंह और पवनीदीप सिंह—को डिपोर्ट करवाकर भारत लाते ही गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए तीनों आरोपियों पर पंजाब और पड़ोसी राज्यों में रंगदारी मांगने और टारगेट किलिंग जैसी कई गंभीर आपराधिक वारदातों में शामिल होने के आरोप हैं।

    पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार किए गए अजय सिंह और पवनीदीप सिंह लुधियाना में हैंड ग्रेनेड ब्लास्ट की एक बड़ी साजिश के मुख्य सूत्रधार थे। नवंबर 2025 में लुधियाना पुलिस द्वारा हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किए गए कुछ संदिग्ध युवकों से पूछताछ के दौरान इस साजिश की परतें खुली थीं। उस दौरान आरोपियों के कब्जे से चीनी हैंड ग्रेनेड बरामद किया गया था और यह बात सामने आई थी कि मलेशिया में बैठकर अजय और पवनीदीप ने ही शहर में दहशत फैलाने की यह पूरी पटकथा लिखी थी। इसके बाद पंजाब पुलिस ने केंद्र सरकार के माध्यम से दोनों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की थी।

    विदेशों में शरण लिए बैठे अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पंजाब पुलिस को यह एक और बड़ी सफलता मिली है। राज्य पुलिस ने फरवरी 2026 में 'ऑपरेशन प्रहार' के जरिए विदेशों में छिपे 38 गैंगस्टरों और वांछित अपराधियों की सूची तैयार कर उन्हें भारत लाने की कानूनी कार्रवाई शुरू की थी। इसी कड़ी में जून में KZF के दो कथित आतंकियों गुरविंदर सिंह और मनजीत सिंह को मलेशिया से तथा जुलाई में 'ऑपरेशन नोमैड हंट' के तहत मोस्ट वांटेड गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला को जकार्ता (इंडोनेशिया) से डिपोर्ट करवाकर गिरफ्तार किया जा चुका है। अब बंबीहा गैंग के इन तीन गुर्गों की गिरफ्तारी के साथ ही विदेशों से प्रत्यर्पित करवाए गए अपराधियों की संख्या छह हो गई है।

    #PunjabPolice #BambihaGang #AntiGangsterTaskForce #PunjabNews #DanikKhabar #BreakingNews #CrimeNews #OperationPrahaar

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    17/08/26 |

    अमृतसर में हथियारों की तस्करी का पर्दाफाश: 6 पिस्तौल और 10 मैगजीन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

    पंजाब , 17 अगस्त (अभिकान्त) : अमृतसर की घरिंडा थाना पुलिस और सीआईए (CIA) स्टाफ की टीम ने सीमावर्ती इलाके में हथियारों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 30 बोर की 6 पिस्तौल, 10 मैगजीन और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पिंड भकना निवासी कैप्टनप्रीत सिंह उर्फ संधू और अरशदीप सिंह के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ थाना घरिंडा में आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    गुप्त सूचना के आधार पर सीआईए स्टाफ के एएसआई जगतार सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ने जीटी रोड अटारी के पास नाकाबंदी की थी। सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी पाकिस्तान से हथियार और गोला-बारूद लाकर स्थानीय इलाकों में सप्लाई करने का काम करते हैं और काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार होकर खेप की डिलीवरी देने जा रहे हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को मौके पर ही दबोच लिया।

    पुलिस द्वारा की गई तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 6 अवैध पिस्तौल और 10 मैगजीन जब्त की गईं। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि हथियारों की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों को सौंपा जाना था। पुलिस नेटवर्क के जरिए पाकिस्तान से जुड़े संभावित संपर्कों और स्थानीय खरीदारों का पता लगाने में जुटी हुई है।

    #AmritsarNews #PunjabPolice #IllegalArmsBusted #Danikkhabar #ArmsSmuggling #PunjabNews #BreakingNews #PoliceAction

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    11/08/26 |

    फाजिल्का में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की बड़ी सफलता: 30 किलोग्राम हेरोइन के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार

    पंजाब , 11 अगस्त (अभिकान्त) : नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की टीम ने फाजिल्का जिले के जलालाबाद में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कार सवार तीन युवकों को काबू कर उनके कब्जे से 30 किलो 672 ग्राम हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।

    ANTF फिरोजपुर रेंज की टीम को मिले गुप्त इनपुट और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने जलालाबाद-फाजिल्का हाईवे पर हरिकृष्ण सिनेमा के पास नाकेबंदी की थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोककर जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसमें से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद हुई। तीनों आरोपियों की उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच है। इनमें से दो आरोपी फिरोजपुर के निवासी हैं, जबकि एक आरोपी गांव गुलाम पधरा का रहने वाला बताया जा रहा है।

    पुलिस ने गुरुहरसहाय नंबर की उस कार को भी जब्त कर लिया है जिसमें नशा ले जाया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा। रिमांड के दौरान गहन पूछताछ की जाएगी कि इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन कहां से लाई गई थी और इसे आगे किन-किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। इसके साथ ही पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।

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    फाजिल्का सीमा पर पाकिस्तानी ड्रोन से हथियार भेजने की साजिश नाकाम, खेतों से चीनी पिस्टल और कारतूस बरामद

    पंजाब , 08 अगस्त (अभिकान्त) : भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पड़ोसी देश पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए हथियार भेजने की एक और नापाक साजिश को भारतीय सुरक्षा बलों ने बेनकाब कर दिया है। फाजिल्का जिले के सीमावर्ती गांव टाहलीवाला के पास बीएसएफ (BSF) और घुबाया पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक ड्रोन और उसके साथ भेजी गई हथियारों की खेप बरामद की गई है।

    बीएसएफ से सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस चौकी घुबाया के इंचार्ज अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सुरक्षा बलों ने बिना देर किए पूरे इलाके की घेराबंदी कर सील कर दिया और कई घंटों तक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। तलाशी अभियान के दौरान धान के खेत से एक ड्रोन बरामद हुआ, जिसके साथ चाइना मेड (चीन निर्मित) पिस्टल, दो मैगजीन और चार जिंदा कारतूस बंधे हुए थे।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह पाकिस्तानी ड्रोन अंतरराष्ट्रीय तारबंदी को पार कर भारतीय सीमा में लगभग एक किलोमीटर अंदर तक दाखिल हो चुका था। फिलहाल सुरक्षा बलों और पुलिस ने बरामद ड्रोन व हथियारों को अपने कब्जे में लेकर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि हथियारों की यह खेप सीमा पार से किस तस्कर या नेटवर्क के लिए भेजी गई थी और इस खेप को हासिल करने के लिए भारतीय सीमा में कौन से असामाजिक तत्व सक्रिय थे।

    #FazilkaNews #BSF #PunjabPolice #AntiDroneOperation #BorderSecurity #PakistaniDrone #Danikkhabar #PunjabNews #BreakingNews #FaizlkaBorder #SecurityAlert

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    05/08/26 |

    लुधियाना में राहगीरों से मोबाइल छीनने वाले गिरोह का पर्दाफाश: 49 मोबाइल फोन के साथ 4 आरोपी गिरफ्तार

    पंजाब , 05 अगस्त (अभिकान्त) : थाना सदर पुलिस ने शहर में राहगीरों को अपना निशाना बनाने और मोबाइल छीनने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार सदस्यों को रंगे हाथ दबोच लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से विभिन्न नामी कंपनियों के कुल 49 छीने हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिन्हें वे बेचने की फिराक में थे।

    मामले की जानकारी देते हुए जांच अधिकारी एएसआई हरबंस सिंह ने बताया कि वह अपनी टीम के साथ इलाके में नियमित गश्त पर तैनात थे। उसी दौरान एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि छीने गए मोबाइलों को बेचने की नियत से कुछ संदिग्ध युवक गांव संगोवाल स्थित डी-मार्ट के पीछे एक खाली मकान में एकत्र हुए हैं और खरीदारों का इंतजार कर रहे हैं।

    सूचना को गंभीरता से लेते हुए एएसआई हरबंस सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बिना देर किए बताए गए ठिकाने पर अचानक छापेमारी की। पुलिस ने घेराबंदी कर मौके पर मौजूद चारों आरोपियों को काबू कर लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से 49 मोबाइल फोन बरामद हुए, जिसके बाद सभी को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुनीत कुमार और राजीव कुमार (निवासी कासाबाद चौक, लुधियाना), अताउल शेख (निवासी सीतामढ़ी, बिहार) और उमेश कुमार (निवासी सीतामढ़ी, बिहार) के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बरामद फोन कहां-कहां से छीने गए थे और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन शामिल हैं।

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    05/08/26 |

    पंजाब विजिलेंस ने मोहाली DC दफ्तर की सीनियर असिस्टेंट 1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार; 8 लाख की मांगी थी घूस

    पंजाब , 05 अगस्त (अभिकान्त) : पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ा प्रहार करते हुए मोहाली स्थित उपायुक्त (डीसी) कार्यालय में तैनात सीनियर असिस्टेंट भुपिंदर कौर को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिला कर्मचारी ने एक निजी कंपनी में प्लॉट दिलाने के नाम पर शिकायतकर्ता से कुल आठ लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने पूरी योजना बनाकर ट्रैप लगाया और आरोपी महिला को मौके से ही धर दबोचा।

    मामले की जानकारी देते हुए विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि बटाला निवासी शिकायतकर्ता प्रभजीत सिंह ने विजिलेंस ब्यूरो को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि उनकी मुलाकात स्काई रॉक कंपनी के एक प्लॉट को लेकर डीसी दफ्तर में तैनात सीनियर असिस्टेंट भुपिंदर कौर से हुई थी। कर्मचारी ने उन्हें प्लॉट दिलाने का पूरा भरोसा दिया और इसके बदले आठ लाख रुपये की मांग रखी। जब आरोपी कर्मचारी अपनी मांग पर अड़ी रही, तो शिकायतकर्ता ने उससे हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग कर ली और सबूत के तौर पर विजिलेंस ब्यूरो को सौंप दी।

    विजिलेंस की प्रारंभिक जांच में ऑडियो रिकॉर्डिंग और शिकायत सही पाए जाने के बाद दो स्वतंत्र सरकारी गवाहों की मौजूदगी में एक योजनाबद्ध ट्रैप लगाया गया। तय रणनीति के मुताबिक, जैसे ही शिकायतकर्ता ने पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये की राशि आरोपी महिला कर्मचारी को सौंपी, विजिलेंस की टीम ने उसे डीसी कार्यालय परिसर में ही दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान डीसी कार्यालय में थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी और हंगामे की स्थिति बन गई। आरोपी महिला ने कार्रवाई का विरोध करते हुए खुद को निर्दोष बताया और आरोप लगाया कि उसे जबरन पैसे थमाए गए हैं, हालांकि टीम ने उसके पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली।

    विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी भुपिंदर कौर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही ब्यूरो इस पहलू की भी गहनता से जांच कर रहा है कि इस रिश्वतकांड में डीसी दफ्तर या बाहर का कोई अन्य व्यक्ति या अधिकारी शामिल था या नहीं।

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    सहारनपुर: पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट; मध्य प्रदेश के 2 मजदूरों की मौत, ठेकेदार समेत 2 लापता; मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

    सहारनपुर, 25 जुलाई (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नया गांव (थाना गंगोह) स्थित 'राणा फायर वर्क्स' पटाखा फैक्टरी में शुक्रवार शाम एक जोरदार विस्फोट हो गया। इस दर्दनाक हादसे में मध्य प्रदेश के रहने वाले 2 श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ठेकेदार सहित 2 अन्य लोग लापता हैं। धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज करीब 2 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई।

    मध्य प्रदेश के रहने वाले थे मृतक; 2 किलोमीटर तक गूंजा धमाका

    अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) मयंक पाठक ने बताया कि हादसा शुक्रवार शाम करीब 5 बजे हुआ:

    • मृतकों की पहचान: मृतकों की पहचान इंदौर (मध्य प्रदेश) निवासी दीपक (23) और संदीप (25) के रूप में हुई है। विस्फोट इतना भयानक था कि दोनों श्रमिकों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे।

    • लापता लोग: घटना के बाद से फैक्टरी का ठेकेदार आकाश रावत और उसका एक कर्मचारी लालू लापता हैं। मलबे और आसपास के क्षेत्रों में उनकी तलाश की जा रही है।

    दीपावली के लिए बनाए जा रहे थे पटाखे

    फैक्टरी में काम करने वाले प्रत्यक्षदर्शी श्रमिकों ने पुलिस को बताया कि परिसर में आगामी दीपावली त्योहार के लिए बड़े पैमाने पर पटाखे तैयार किए जा रहे थे और वहां भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का स्टॉक रखा गया था। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि विस्फोटक सामग्री के रख-रखाव या इस्तेमाल के दौरान बरती गई लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।

    डीएम और एसपी ने लिया जायजा, मजिस्ट्रेट जांच के दिए आदेश

    घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अरविंद चौहान और पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया और राहत व बचाव कार्य का जायजा लिया:

    • फैक्टरी सील: घटना के बाद पटाखा फैक्टरी को तुरंत प्रभाव से सील कर दिया गया है।

    • मजिस्ट्रेट जांच: जिलाधिकारी ने एसडीएम के नेतृत्व में हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।

    • सुरक्षा मानकों की जांच: डीएम चौहान ने बताया कि फैक्टरी का लाइसेंस 2028 तक वैध है, लेकिन जांच की जा रही है कि क्या सुरक्षा मानकों और लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन किया गया था।

    मौके पर फॉरेंसिक टीम और विस्फोटक विशेषज्ञों की टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं।

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    19/07/26 |

    मोगा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 60 किलो डोडा पोस्त के साथ तस्कर गिरफ्तार, तस्करी में इस्तेमाल SX4 कार भी जब्त

    अभिकान्त, 19 जुलाई पंजाब : मोगा पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना फतेहगढ़ पंजतूर की पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए 60 किलोग्राम डोडा चूरा पोस्त के साथ एक कथित नशा तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही नशा तस्करी की इस वारदात में इस्तेमाल की जा रही एक मारुति SX4 कार को भी पुलिस ने मौके पर ही जब्त कर लिया है।

    पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मोगा सरताज सिंह चहल (IPS) के दिशा-निर्देशों पर, एसपी (इन्वेस्टिगेशन) बाल कृष्ण सिंगला और डीएसपी धर्मकोट सुखविंदर सिंह बराड़ की सीधी निगरानी में अमल में लाई गई। थाना प्रभारी बलविंदर सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ जोगेवाला रोड, फतेहगढ़ पंजतूर के मुख्य चौक पर रूटीन गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि बोगेवाला गांव का रहने वाला लवप्रीत सिंह उर्फ लव अपनी मारुति SX4 कार (नंबर PB-05-AS-0699) में डोडा चूरा पोस्त की एक बड़ी खेप लेकर ग्राहकों को सप्लाई करने के लिए इंतजार कर रहा है।

    मुखबिर से मिली सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए तुरंत चिन्हित स्थान पर छापेमारी की और घेराबंदी करके आरोपी लवप्रीत सिंह को मौके पर ही दबोच लिया। जब पुलिस ने जब्त की गई मारुति कार की गहनता से तलाशी ली, तो उसमें से 60 किलोग्राम डोडा चूरा पोस्त बरामद हुआ। इस बरामदगी के बाद थाना फतेहगढ़ पंजतूर में आरोपी के खिलाफ एफआईआर नंबर 58 के तहत एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 15, 61 और 85 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड हासिल कर लिया है। अब जांच एजेंसियां आरोपी के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक्स को खंगाल रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशे की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किसे बेचा जाना था, जिससे नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

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    19/07/26 |

    कोलकाता में दहशत: रिहायशी इमारत में जोरदार विस्फोट, जांच के दौरान मिले 2 जिंदा बम

    जे कुमार कोलकाता, 19 जुलाई 2026: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के एक घने रिहायशी इलाके में रविवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत के भीतर भीषण विस्फोट (धमाका) हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि इमारत के एक फ्लैट की खिड़कियों के कांच टूट गए और पूरी दीवार में दरारें आ गईं। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत अलर्ट कर दिया, क्योंकि तलाशी के दौरान उसी परिसर से दो जिंदा बम भी बरामद किए गए हैं।

    स्थानीय निवासियों के अनुसार, दोपहर के समय अचानक एक फ्लैट से कानफोड़ू आवाज सुनाई दी, जिसके तुरंत बाद वहां से धुएं का गुबार निकलने लगा। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस, बम निरोधक दस्ता (Bomb Squad) और फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने जब क्षतिग्रस्त फ्लैट और उसके आसपास के हिस्से को सील कर गहन तलाशी अभियान चलाया, तो वहां एक बैग में छिपाकर रखे गए दो शक्तिशाली जिंदा देसी बम मिले। बम निरोधक दस्ते ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए दोनों बमों को अपने कब्जे में लिया और सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उन्हें डिफ्यूज (निष्क्रिय) कर दिया।

    शुरुआती जांच में पुलिस को अंदेशा है कि फ्लैट के भीतर अवैध रूप से बम बनाने या उन्हें लाकर छिपाने का काम चल रहा था और इसी दौरान किसी लापरवाही की वजह से यह ब्लास्ट हो गया। पुलिस ने इस सिलसिले में फ्लैट के मालिक और किराएदार के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से ही आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए कोलकाता पुलिस की स्पेशल सेल संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

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    19/07/26 |

    अमृतसर पुलिस ने सीमा पार नशा और हथियार तस्करी नेटवर्क का किया भंडाफोड़; 4 तस्कर गिरफ्तार, 5.5 किलो हेरोइन

    अभिकान्त, 19 जुलाई पंजाब : अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार (इंटरनेशनल बॉर्डर) से संचालित होने वाले नशा और अवैध हथियार तस्करी के एक बड़े नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई करते हुए चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने पकड़े गए तस्करों के कब्जे से 5.557 किलोग्राम हेरोइन और दो अवैध पिस्तौल बरामद किए हैं, जिन्हें पंजाब और आसपास के इलाकों में सप्लाई किया जाना था.

    मामले का खुलासा करते हुए अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से की गई प्रारंभिक पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. जांच के अनुसार, यह गिरोह सीधे तौर पर विदेश में बैठे बड़े नशा और हथियार तस्करों के संपर्क में था. विदेशी आकाओं द्वारा ड्रोन या अन्य माध्यमों से सीमा पार से हेरोइन और हथियारों की खेप इन आरोपियों तक पहुंचाई जाती थी, जिसे ये आगे स्थानीय आपराधिक तत्वों और छोटे तस्करों को सप्लाई करने का काम करते थे.

    पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इस बड़ी बरामदगी और नेटवर्क को लेकर अमृतसर के थाना इस्लामाबाद और थाना छेहरटा में आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं के तहत प्राथमिकियां (FIR) दर्ज की गई हैं. पुलिस की विशेष टीमें अब इस पूरे तस्करी तंत्र (Smuggling Network) की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं. जांच के दौरान आरोपियों के विदेशी संपर्कों, उनके बैंक खातों, खेप की पूरी सप्लाई चेन और इस धंधे में शामिल अन्य स्थानीय सहयोगियों की भूमिका की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है.

    पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने साफ किया कि मामले की गहन जांच अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े हर छोटे-बड़े आरोपी की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. उन्होंने प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सीमा पार से संचालित होने वाले नशा और हथियार तस्करी के नेटवर्क पर पुलिस का यह प्रहार लगातार जारी रहेगा, ताकि राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत बनी रहे और नशे के अवैध कारोबार पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके.

    #AmritsarNews #PunjabPolice #DrugSmuggling #AmdsSeized #Danikkhabar #HeroinRecovery #CrossBorderSmuggling #GurpreetSinghBhullar #AmritsarCrime2026

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    05/07/26 |

    ठाणे में ऑनलाइन गेमिंग और निवेश के नाम पर बड़ा फ्रॉड: 26 वर्षीय युवक से 1.36 करोड़ रुपये की ठगी

    महाराष्ट्र, 5 जुलाई (अन्‍नू): महाराष्ट्र के ठाणे शहर में एक बेहद चौंकाने वाला साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) का मामला सामने आया है। यहाँ एक संगठित ऑनलाइन गेमिंग और निवेश गिरोह ने ऊंचे रिटर्न और आकर्षक मुनाफे का लालच देकर 26 वर्षीय एक युवक को अपने जाल में फंसाया और उससे कथित तौर पर 1.36 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि ठग ली। ठाणे के एक पुलिस अधिकारी ने रविवार (5 जुलाई) को इस मामले की विस्तृत जानकारी साझा की है।

    डिजिटल मीडिया के जरिए संपर्क कर गेमिंग के लिए उकसाया

    पुलिस अधिकारी के मुताबिक, अज्ञात साइबर अपराधियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म (सोशल मीडिया) के माध्यम से पीड़ित युवक से संपर्क साधा था। आरोपियों ने उसे शुरुआत में यह भरोसा दिलाया कि ऑनलाइन गेम खेलकर और कुछ चुनिंदा प्लेटफॉर्म्स पर निवेश करके बहुत ही कम समय में मोटा मुनाफा कमाया जा सकता है।

    आरोपियों के झांसे में आकर पीड़ित युवक उनकी बताई गई कई संदिग्ध वेबसाइटों पर अपना पंजीकरण (Registration) करने के लिए तैयार हो गया। इसके बाद जालसाजों ने उसे शुरुआती भुगतान और फिर बड़े निवेश के नाम पर अपने अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए उकसाया।

    दो साल में 1.36 करोड़ ट्रांसफर किए, रिफंड मांगने पर हुए फरार

    तफ्तीश में सामने आया कि यह पूरी धोखाधड़ी अक्टूबर 2024 से लेकर इस साल 30 जून 2026 के बीच (पिछले करीब दो वर्षों के दौरान) अंजाम दी गई। झांसे में आया युवक मुनाफे की उम्मीद में जालसाजों द्वारा दिए गए विभिन्न बैंक खातों में ऑनलाइन माध्यम से धीरे-धीरे कुल 1.36 करोड़ रुपये ट्रांसफर करता चला गया।

    • निकासी पर खड़े किए हाथ: जब हाल ही में शिकायतकर्ता युवक को पैसों की जरूरत पड़ी और उसने अपने द्वारा निवेश की गई मूल रकम के साथ-साथ उस पर दिखे डिजिटल मुनाफे को बैंक खाते में निकालना (Withdraw) चाहा, तो वेबसाइट संचालकों का असली चेहरा सामने आ गया।

    • संपर्क किया बंद: पैसे रिफंड करने के नाम पर वेबसाइट संचालकों ने पहले तो तकनीकी दिक्कतों का हवाला देकर अस्पष्ट और टालमटोल वाले जवाब देने शुरू किए, और बाद में पीड़ित के सभी नंबरों को ब्लॉक कर उससे पूरी तरह संपर्क बंद कर दिया। खुद को ठगा हुआ महसूस कर पीड़ित ने तुरंत इसकी शिकायत साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई।

    BNS और IT एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, जांच में जुटी साइबर सेल

    ठाणे साइबर थाना पुलिस ने पीड़ित युवक की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तीन संदिग्ध वेबसाइटों और उनसे जुड़े विभिन्न बैंक खाताधारकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा किए गए सभी वित्तीय लेनदेन (Financial Transactions) के रिकॉर्ड्स खंगाले जा रहे हैं और धोखाधड़ी में इस्तेमाल की गई वेबसाइटों की डिजिटल गतिविधियों व आईपी एड्रेस (IP Address) की बारीकी से तकनीकी जांच जारी है।

    #ThaneCrime #CyberFraud #OnlineGamingScam #InvestmentFraud #ThaneCyberPolice #BNS #ITAct #FinancialFraud #OnlineScamAlert #BreakingNews #DanikKhabar

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    फरीदाबाद के धौज में सनसनीखेज वारदात: पुलिस मुखबिरी के शक में युवक पर चढ़ाई तेज रफ्तार स्कॉर्पियो; यमुनानगर CIA को चकमा देकर भागा था आरोपी

    फरीदाबाद, 2 जुलाई (अन्‍नू): हरियाणा के फरीदाबाद जिले के धौज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिरोही गांव में बुधवार दोपहर एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। चोरी के एक मामले में यमुनानगर सीआईए (CIA) की रेड से बचकर भागे एक वांछित आरोपी ने पुलिस को मुखबिरी करने के शक में एक स्थानीय युवक पर अपनी काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। इस पूरी घटना का एक बेहद खौफनाक 17 सेकेंड का वीडियो मौके पर मौजूद ग्रामीणों के मोबाइल में रिकॉर्ड हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    चोरी के मामले में दबिश देने पहुंची थी यमुनानगर CIA

    जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब 2 बजे यमुनानगर सीआईए (CIA) की एक विशेष टीम चोरी के मामले में पकड़े गए एक अन्य आरोपी की निशानदेही पर धौज के रहने वाले वांछित आरोपी परवेज तालीम को दबोचने फरीदाबाद पहुंची थी। लेकिन पुलिस के जाल बिछाने से ठीक पहले ही आरोपी परवेज को भनक लग गई। वह तुरंत अपने एक साथी के साथ काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर मौके से रफूचक्कर हो गया। सीआईए की टीम ने काफी दूर तक उसकी गाड़ी का पीछा भी किया, लेकिन शातिर आरोपी पुलिस को चकमा देकर वहां से भाग निकलने में कामयाब रहा।

    घर में घुसकर महिला से गाली-गलौज और खेतों में मारपीट

    पुलिस के चंगुल से बचकर भागने के बाद आरोपी परवेज सीधे धौज क्षेत्र के ही सिरोही गांव पहुंचा। आरोप है कि वह वहां रहने वाली शहनाज नामक महिला के घर में जबरन घुस गया और गाली-गलौज करने लगा। देखते ही देखते दोनों पक्षों में विवाद इतना बढ़ गया कि उनके बीच जमकर लाठी-डंडे और मारपीट शुरू हो गई। यह खूनी संघर्ष घर के आंगन से निकलकर पास के खेतों तक पहुंच गया, जहां दोनों ओर से बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए।

    मुखबिरी के शक में नसीफ को मारी सीधी टक्कर, दीवार से टकराई गाड़ी

    खेतों में मचे बवाल के बीच आरोपी परवेज तालीम को शक हुआ कि गांव के ही युवक नफीस (नसीफ) ने यमुनानगर सीआईए को उसकी लोकेशन देकर पुलिस बुलाई थी। इसी बात से आगबबूला होकर उसने अपनी स्कॉर्पियो स्टार्ट की और पहले भीड़ की तरफ गाड़ी दौड़ाई।

    वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नसीफ अपनी जान बचाने के लिए घर की तरफ बदहवास होकर दौड़ रहा है, लेकिन पीछे से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। नसीफ को कुचलने के बाद बेकाबू स्कॉर्पियो सीधे एक मकान की पक्की दीवार से जा टकराई।

    कई लोग घायल, निजी अस्पताल में भर्ती; आरोपी गाड़ी छोड़कर फरार

    इस भीषण टक्कर के कारण नसीफ गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। हादसे के तुरंत बाद चारों तरफ चीख-पुकार मच गई, जिसका फायदा उठाकर मुख्य आरोपी परवेज तालीम और उसका साथी अपनी क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो को मौके पर ही छोड़कर पैदल ही फरार हो गए। इस पूरी वारदात में नसीफ के अलावा महिला शहनाज के परिवार के कुछ अन्य सदस्यों को भी गंभीर चोटें आई हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए तुरंत पास के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है। घटना के बाद से ही सिरोही और धौज इलाके में भारी तनाव का माहौल बना हुआ है।

    स्थानीय पुलिस और यमुनानगर CIA तलाश में जुटी

    वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची और जांच का जिम्मा संभाला। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो को कब्जे में लेकर सभी पहलुओं की गहनता से तफ्तीश की जा रही है और घायलों के बयानों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। वहीं दूसरी ओर, यमुनानगर सीआईए की टीम भी फरार वांछित आरोपी परवेज और उसके मददगार साथी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।

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    लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर दो मिठाई विक्रेताओं से मांगी 3 करोड़ की फिरौती, व्यापारियों में दहशत

    जे कुमार 2 जुलाई 2026 असंध : हरियाणा में रंगदारी और फिरौती के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर दो प्रसिद्ध मिठाई विक्रेताओं से कुल 3 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई है। जानकारी के अनुसार, बदमाशों ने व्यापारियों को विदेशी नंबरों से कॉल और व्हाट्सएप मैसेज भेजकर जान से मारने की धमकी दी है। एक मिठाई विक्रेता से 2 करोड़ और दूसरे से 1 करोड़ रुपये की मोटी रकम की मांग की गई है। धमकी भरे मैसेज में साफ लिखा गया है कि अगर तय समय के भीतर पैसे नहीं दिए गए, तो इसका अंजाम बेहद बुरा होगा।

    इस घटना के बाद से स्थानीय व्यापारियों और मिठाई विक्रेताओं में भारी डर और रोष का माहौल है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ितों ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें तुरंत एक्शन में आ गई हैं और जिन नंबरों से धमकी दी गई थी, उन्हें ट्रेस किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से व्यापारियों के प्रतिष्ठानों और उनके घरों के आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि यह वाकई लॉरेंस बिश्नोई गैंग की करतूत है या किसी स्थानीय बदमाश ने दहशत फैलाने के लिए इस नाम का इस्तेमाल किया है।

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    अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, अमृतसर पुलिस ने 7 अत्याधुनिक पिस्तौलों के साथ दो तस्करों को दबोचा

    अभिकान्त, 01 जुलाई पंजाब : अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार से संचालित होने वाले अपराधों और अवैध हथियारों के नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय एक हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस विशेष कार्रवाई के दौरान गिरोह के दो मुख्य तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान पुलिस टीम ने इनके कब्जे से कुल 7 अत्याधुनिक पिस्तौलें (सोफिस्टिकेटेड वेपन्स) और 40 जिंदा कारतूस बरामद करने में सफलता हासिल की है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से पंजाब में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की साजिश नाकाम हो गई है।

    मामले की प्रारंभिक तफ्तीश में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी सीधे तौर पर विदेशों में बैठे बड़े हथियार तस्करों और गैंगस्टरों के संपर्क में थे। यह पूरा नेटवर्क कानून प्रवर्तन एजेंसियों और पुलिस की नजरों से बचने के लिए आधुनिक तकनीक और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का सहारा ले रहा था। विदेशी तस्करों से सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार संवाद कर ये आरोपी सीमा पार से अवैध हथियारों और कारतूसों की बड़ी खेप भारत मंगवाते थे। इसके बाद इस अत्याधुनिक खेप को पंजाब और उसके आसपास के राज्यों में सक्रिय आपराधिक तत्वों व गैंगस्टरों को ऊंचे दामों पर सप्लाई किया जाता था।

    अमृतसर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से अपने नापाक मंसूबों को अंजाम दे रहा था और इसके तार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार तक फैले हुए हैं। इस पूरे मामले को लेकर अमृतसर के थाना सुल्तानविंड में संबंधित सख्त कानूनी धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों को रिमांड पर लेकर गहराई से पूछताछ कर रही है ताकि इस अवैध नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक, यानी हथियार कहां से चले और आगे किन-किन अपराधियों तक पहुंचने थे, इसका पूरा सच सामने लाया जा सके। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पंजाब पुलिस मुख्यमंत्री और डीजीपी के निर्देशों के तहत संगठित अपराध और सीमा पार तस्करी के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर काम कर रही है और इस सप्लाई चेन से जुड़े हर एक चेहरे को बेनकाब कर जेल भेजा जाएगा।

    #AmritsarPolice #WeaponSmugglingBusted #PunjabPolice #InternationalRacket #ArmsSeized #SultanwindPolice #LawAndOrder #PunjabCrimeUpdate #Danikkhabar

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    29/06/26 |

    अम्बाला: क्रेडिट कार्ड बनाने के नाम पर 1.15 लाख रुपए ठगे, साइबर क्राइम थाना पुलिस ने दर्ज किया केस

    अम्बाला, 29 जून (अन्‍नू): क्रेडिट कार्ड जारी करने का झांसा देकर शातिर साइबर ठगों द्वारा एक व्यक्ति से ऑनलाइन 1.15 लाख रुपए की ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. यह वारदात तब हुई जब पीड़ित अम्बाला में अपने रिश्तेदारों से मिलने आए हुए थे. पीड़ित की शिकायत के आधार पर अम्बाला साइबर क्राइम थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

    अम्बाला पुलिस लाइन आए थे पीड़ित

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के औरैया निवासी कृष्ण कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बीते 22 जून को अम्बाला आए थे. वह यहां पुलिस लाइन अम्बाला स्थित क्वार्टर नंबर 171-सी में रह रही अपनी बेटी अवनी तिवारी और अपने दामाद से मिलने के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई, जिसने उनके साथ इस बड़ी ठगी को अंजाम दिया.

    व्हाट्सएप पर फर्जी 'जोनल अधिकारी' की प्रोफाइल लगा भेजा ऐप

    ठगी के इस तरीके को लेकर पीड़ित ने बताया:

    • PNB कर्मचारी बनकर किया कॉल: फोन करने वाले अज्ञात व्यक्ति ने खुद को पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का कर्मचारी बताया और कहा कि बैंक उन्हें एक क्रेडिट कार्ड जारी करना चाहता है.

    • व्हाट्सएप पर फर्जी प्रोफाइल: विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने व्हाट्सएप पर खुद को बैंक का 'जोनल अधिकारी' दर्शाते हुए एक फर्जी प्रोफाइल पिक्चर (डीपी) लगा रखी थी.

    • फर्जी ऐप करवाया डाउनलोड: शातिर ने व्हाट्सएप पर 'पीएनबी क्रेडिट कार्ड 3 एपीके' (PNB Credit Card 3 APK) नाम की एक संदिग्ध एप्लीकेशन फाइल भेजी. आरोपी के झांसे में आकर कृष्ण कुमार ने उस ऐप को मोबाइल में डाउनलोड कर लिया और उसमें अपने बैंक खाते की गोपनीय जानकारी भर दी.

    जानकारी भरते ही फोन बंद, दो बैंकों के खातों से साफ हुई रकम

    ऐप में बैंक डिटेल्स सबमिट करने के कुछ ही देर बाद आरोपी का मोबाइल फोन बंद हो गया. अनहोनी की आशंका होने पर जब पीड़ित तुरंत बैंक शाखा में पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि कॉल करने वाला कोई बैंक कर्मचारी नहीं बल्कि एक धोखेबाज था.

    जब उन्होंने अपने बैंक खातों की स्टेटमेंट निकलवाई, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. ठगों ने उनके दो अलग-अलग बैंक खातों में सेंध लगाकर कुल 1,14,993 रुपए (लगभग 1.15 लाख) निकाल लिए थे:

    1. HDFC बैंक खाता: 22 जून को इस खाते से पहले 10,000 रुपए और फिर 99,999 रुपए उड़ाए गए.

    2. PNB बैंक खाता: इसके बाद 25 जून को इस खाते से भी 4,998 रुपए निकाल लिए गए.

    साइबर थाना पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मामला दर्ज कर उस संदिग्ध व्हाट्सएप नंबर, ऐप लिंक और बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल्स को ट्रेस करना शुरू कर दिया है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी के कहने पर भी मोबाइल में कोई अनजान APK फाइल या ऐप डाउनलोड न करें.

    #AmbalaNews #CyberCrimeAmbala #OnlineFraud #CreditCardScam #CyberThug #PNB #HDFCBank #Awareness #AmbalaPoliceLine #BreakingNews #DanikKhabar

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    28/06/26 |

    उत्तराखंड: हरिद्वार में 5 महीने पुराने संदिग्ध मौत मामले का खुलासा, बीमार पत्नी को जहर देकर मारने वाला पति गिरफ्तार

    हरिद्वार, 28 जून (अन्‍नू): उत्तराखंड के हरिद्वार में बहादराबाद थाना पुलिस ने रविवार को करीब पांच महीने पुराने एक महिला की संदिग्ध मौत के मामले का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने गहन जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों और विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी ही बीमार पत्नी को इलाज के बहाने पानी में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश कर दिया है।

    मृतका के भाई ने दर्ज कराई थी हत्या की शिकायत

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत इस संवेदनशील मामले की विवेचना स्वयं बहादराबाद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह द्वारा अमल में लाई गई।

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 4 फरवरी 2026 को मरगूबपुर निवासी मोहम्मद अनीश ने एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उसकी बहन की मौत स्वाभाविक नहीं थी, बल्कि उसके पति अफजाल ने इलाज के बहाने उसे पानी में जहर मिलाकर पिलाया था, जिससे उसकी जान गई। इस शिकायत के आधार पर बहादराबाद कोतवाली में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई थी।

    FSL रिपोर्ट ने खोली पोल, आरोपी ने कबूला जुर्म

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारिकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए थे। पोस्टमार्टम के बाद मृतका के विसरा को सुरक्षित कर परीक्षण के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजा गया था।

    • जहर की हुई पुष्टि: हाल ही में आई एफएसएल रिपोर्ट में इस बात की आधिकारिक पुष्टि हो गई कि महिला की मौत किसी जहरीले पदार्थ के सेवन के कारण ही हुई थी। इसके बाद वैज्ञानिक साक्ष्यों और अन्य गवाहों के आधार पर पति अफजाल की संलिप्तता पूरी तरह स्पष्ट हो गई।

    • घेराबंदी कर हाईवे पुल से दबोचा: आरोपी अफजाल कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था और फरार चल रहा था। शुक्रवार देर रात पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वह इलाका छोड़कर कहीं दूर भागने की फिराक में है। सूचना मिलते ही बहादराबाद पुलिस ने शांतर्शाह क्षेत्र के बढ़ेड़ी राजपूतान हाईवे पुल पर घेराबंदी की और आरोपी को दबोच लिया।

    बीमारी से परेशान होकर उठाया खौफनाक कदम

    पुलिस द्वारा की गई कड़ी पूछताछ में आरोपी पति अफजाल ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसने बताया कि वह अपनी पत्नी की लंबी बीमारी और उसके इलाज से बेहद परेशान हो चुका था। इसी मानसिक तनाव और परेशानी के कारण उसने अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने की साजिश रची और इलाज के बहाने पानी में जहरीला पदार्थ देकर उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ अग्रिम वैधानिक व कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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    सोनीपत बस स्टैंड के सामने फिल्मी स्टाइल में एटीएम लूट: पुलिस गश्त के बीच गैस कटर से काटी मशीन, 20.17 लाख रुपये पार

    जे कुमार सोनीपत, 25 जून 2026: सोनीपत शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील इलाके में शुमार मुख्य बस स्टैंड के बाहर बदमाशों ने पुलिस की गश्ती व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। बेखौफ चोरों ने बस स्टैंड के सामने स्थित बैंक के एटीएम (ATM) को गैस कटर से काटकर उसमें रखे 20 लाख 17 हजार रुपये की भारी-भरकम नकदी पर हाथ साफ कर दिया। इस दुस्साहसिक चोरी से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

    CCTV कैमरों पर स्प्रे कर कटर से काटी मशीन

    पुलिस को दी गई शिकायत और प्रारंभिक जांच के अनुसार, बदमाशों ने बेहद सुनियोजित और पेशेवर तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया |

    पहचान छुपाई: चोरों ने एटीएम बूथ में दाखिल होते ही सबसे पहले वहां लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के लेंस पर काले रंग का स्प्रे कर दिया ताकि उनकी पहचान न हो सके।

    गैस कटर का इस्तेमाल: इसके बाद आरोपियों ने गैस कटर की मदद से एटीएम मशीन के कैश चेस्ट वाले हिस्से को साइड से बेहद सफाई से काट डाला। हैरानी की बात यह है कि मुख्य सड़क पर पुलिस की गश्त और बस स्टैंड के पास हलचल होने के बावजूद किसी को कटर की चिंगारियों या आवाज की भनक तक नहीं लगी।

    सुबह ग्राहकों के पहुंचने पर हुआ खुलासा, मामला दर्ज

    वारदात का खुलासा सुबह उस वक्त हुआ जब कुछ आम ग्राहक पैसे निकालने के लिए एटीएम बूथ पर पहुंचे। मशीन को एक तरफ से बुरी तरह क्षतिग्रस्त और खुला देखकर स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।

    पुलिसिया कार्रवाई: घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी और सिविल लाइन थाना प्रभारी सहित फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुंचीं। एटीएम में कैश डालने वाली अधिकृत कंपनी के मैनेजर की शिकायत पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में चोरी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस आसपास की दुकानों पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों के सुराग तलाशने में जुटी है।

    #SonipatNews #ATMLoot #SonipatBusStand #GasCutterTheft #HaryanaCrime #ATMChori #SonipatPolice #BreakingNewsHaryana

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    कैथल में घर के बेडरूम में बेड के नीचे चल रही थी अवैध शराब की 'फैक्ट्री'; टाइल्स के नीचे छिपाई थीं 500-500 लीटर की 3 टंकियां

    अभिकान्त, 24 जून हरियाणा : हरियाणा के कैथल जिले में अवैध रूप से कच्ची शराब तैयार करने और उसके लिए जरूरी लाहण को छिपाने का एक ऐसा शातिर और हैरान कर देने वाला तरीका सामने आया है, जिसे देखकर खुद पुलिस और आबकारी विभाग (Excise Department) के अधिकारी भी दंग रह गए। यहां एक आरोपी ने किसी सुनसान जगह या जंगल के बजाय अपने ही घर के बेडरूम को कच्ची शराब का ठिकाना बना रखा था। आरोपी ने बेडरूम में बेड (पलंग) के ठीक नीचे जमीन को खोदकर 500-500 लीटर की क्षमता वाली 3 बड़ी प्लास्टिक की टंकियां दबा रखी थीं और उन्हें लाहण से पूरा भर रखा था।

    प्रशासन और किसी को इस बात की भनक न लगे, इसके लिए आरोपी ने उन टंकियों के ऊपरी हिस्से को ढककर उसके ऊपर बकायदा फर्श की टाइल्स लगा रखी थीं, ताकि सामान्य रूप से देखने पर वहां सिर्फ एक साधारण बेडरूम का फर्श नजर आए।

    पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, गुप्तचर इकाई और स्थानीय पुलिस को एक पुख्ता सूचना मिली थी कि इलाके में एक व्यक्ति अपने घर के भीतर ही बड़े स्तर पर अवैध शराब तैयार करने के काले कारोबार में लिप्त है। इस सटीक इनपुट के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से आरोपी के मकान पर अचानक छापेमारी (रेड) की।

    शुरुआती जांच में घर के बाहरी हिस्सों और कमरों में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। लेकिन जब पुलिस टीम बेडरूम में दाखिल हुई और मुखबिर के बताए अनुसार बेड को वहां से हटाया गया, तो फर्श पर लगी टाइल्स कुछ अलग नजर आईं। पुलिस ने जब उन टाइल्स को कड़ाई से उखाड़ना शुरू किया, तो नीचे का नजारा देखकर सबके होश उड़ गए। फर्श के नीचे गहरे गड्ढे बनाकर छिपाई गईं तीनों टंकियां बरामद कर ली गईं, जिनमें भारी मात्रा में कच्ची शराब बनाने का मैटेरियल (लाहण) भरा हुआ था।

    पुलिस ने आबकारी विभाग के नियमों के तहत बरामद किए गए सैकड़ों लीटर लाहण को मौके पर ही पूरी तरह से नष्ट करवा दिया है, ताकि उसका दोबारा इस्तेमाल न हो सके। पुलिस ने इस बेहद शातिर तरीके से अवैध धंधा चलाने वाले आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम (Excise Act) के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी यह कच्ची शराब किन-किन इलाकों में सप्लाई करता था और इस नेटवर्क में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

    #KaithalNews #IllegalLiquar #ExciseRaidHaryana #CrimeNewsKaithal #HaryanaPoliceAction #LahanSeized_ #Danikkhabar

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    JJP के युवा जिला प्रधान अमन मान को गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग से मिली जान से मारने की धमकी, 2 करोड़ की मांगी रंगदारी

    अभिकान्त, 21 जून हरियाणा : हरियाणा के पानीपत जिले में एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां जननायक जनता पार्टी (JJP) के युवा जिला प्रधान अमन मान को जान से मारने की धमकी देकर दो करोड़ रुपये की भारी-भरकम रंगदारी (फिरौती) मांगी गई है। धमकी देने वाले शातिर ने खुद को देश के कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा ग्रुप का सक्रिय सदस्य बताया है। पीड़ित युवा नेता की लिखित शिकायत पर थाना शहर पानीपत पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच अभियान शुरू कर दिया है।

    शहर पुलिस स्टेशन के थाना प्रबंधक को सौंपे गए अपने प्रार्थना पत्र में बिशन स्वरूप कॉलोनी के निवासी अमन मान ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से उनके मोबाइल फोन पर लगातार अलग-अलग इंटरनेशनल (बाहरी) नंबरों से कॉल्स आ रही थीं। शुरुआत में उन्होंने इन कॉल्स को कोई अज्ञात या सामान्य फोन समझकर ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया और नजरअंदाज कर दिया। लेकिन बीते 23 मई को उनके पास विदेशी के एक विशेष नंबर से दोबारा कॉल आई, जिसके बाद स्थिति बेहद गंभीर हो गई।

    इस बार फोन करने वाले शख्स ने बेहद आक्रामक लहजे में बात की और खुद को रोहित गोदारा गैंग का सदस्य बताते हुए अमन मान को सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी दी। फोन पर आरोपी ने दो टूक शब्दों में ₹2 करोड़ की रंगदारी की डिमांड की। इसके साथ ही आरोपी ने यह सख्त चेतावनी भी दी कि यदि मांग पूरी नहीं की गई और पैसे नहीं दिए गए, तो अमन मान और उनके पूरे परिवार को गंभीर नुकसान पहुंचाया जाएगा (खत्म कर दिया जाएगा)।

    जेजेपी नेता अमन मान ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया है कि इन लगातार मिल रही अंतरराष्ट्रीय धमकियों के कारण उनका पूरा परिवार इस समय अत्यधिक भयभीत है और गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहा है। उन्हें अपनी और अपने परिजनों की जान-माल की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर खतरा सता रहा है।

    अमन मान ने पानीपत पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की गहनता और तकनीकी स्तर पर जांच करने, फिरौती मांगने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने और उनके डरे हुए परिवार को तुरंत उचित पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने की पुरजोर मांग की है। पुलिस ने शिकायत पत्र को रिकॉर्ड पर लेते हुए इस फिरौती सिंडिकेट के पीछे छिपे चेहरों का पता लगाने के लिए आगामी तफ्तीश तेज कर दी है।

    #PanipatNews #JJPHaryana #AmanMaan #RohitGodaraGang #ExtortionCall #HaryanaPolice #CrimeInPanipat #SecurityDemand #Danikkhabar

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    ऑनलाइन गेमिंग के कर्ज में डूबे बीकॉम के छात्र ने शुरू की हथियारों की तस्करी, रोहतक CIA द्वारा विदेशी पिस्तौल व कारतूस सहित गिरफ्तार

    अभिकान्त, 19 जून हरियाणा : हरियाणा की रोहतक सीआईए (सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) पुलिस टीम ने अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए विदेशी हथियारों के साथ एक युवक को रंगे हाथों काबू किया है। पकड़ा गया आरोपी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े अवैध हथियारों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने (कूरियर करने) का काम करता था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, ताकि गहन पूछताछ कर हथियारों की खेप भेजने वाले मुख्य सरगना और इसे हासिल करने वाले खरीदारों तक पहुंचा जा सके।

    रोहतक के एसपी गौरव राजपुरोहित ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि विदेशी हथियारों के साथ दबोचे गए आरोपी की पहचान रोहतक की जनता कॉलोनी निवासी कृत के रूप में हुई है, जो बीकॉम प्रथम वर्ष का छात्र है। पुलिस टीम ने उसके कब्जे से एक अत्याधुनिक चाइनीज पिस्तौल और एक अन्य विदेशी हथियार सहित 8 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। गिरफ्तारी के वक्त आरोपी इन घातक हथियारों को शहर में कहीं सप्लाई करने की फिराक में घूम रहा था।

    एसपी गौरव राजपुरोहित ने बताया कि आरोपी छात्र की क्राइम हिस्ट्री की जांच में एक चौंकाने वाली कहानी सामने आई है। आरोपी कृत बुरी तरह से ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में फंस गया था, जिसमें वह मोटी रकम हार गया। गेमिंग के इस कर्ज और लत के बारे में उसने अपने घरवालों को कुछ नहीं बताया और इसी मजबूरी का फायदा उठाकर वह सोशल मीडिया के जरिए एक विदेशी ऑपरेटर के चंगुल में फंस गया। विदेशी हैंडलर ने उसे पैसों का लालच देकर हथियारों की कूरियर डिलीवरी के काम पर लगा दिया। आरोपी का काम सिर्फ हथियारों को बताए गए ठिकाने से उठाकर दूसरी जगह सुरक्षित पहुंचाना था, जिसके बदले उसे हर एक सफल सप्लाई के लिए लगभग 1 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम मिलती थी।

    विदेशी नंबरों से मिलते थे निर्देश, माता-पिता हैरान

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी के मोबाइल से दो विदेशी नंबर बरामद हुए हैं। इन्हीं नंबरों के जरिए विदेशी आका उसे इंटरनेट कॉलिंग और मैसेजिंग ऐप्स पर निर्देश देता था कि हथियार किस जगह से उठाने हैं और कहां डिलीवर करने हैं। मैसेज मिलने के बाद वह हथियारों को कुछ समय अपने पास सुरक्षित रखता और अगला हुक्म आते ही उसे आगे सप्लाई कर देता था। वह अब तक 20 से ज्यादा बार हथियारों को इधर से उधर ट्रांसफर कर चुका है।

    आरोपी के पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उसकी मां एक सरकारी विभाग में चतुर्थ श्रेणी (क्लास फोर) कर्मचारी हैं। उसके सीधे-साधे माता-पिता को इस बात की कानों-कान भनक नहीं थी कि उनका बेटा पढ़ाई छोड़कर अपराध की इतनी बड़ी और खतरनाक दुनिया में कदम रख चुका है। पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद भी परिजनों को इस बात पर यकीन नहीं हो रहा है कि उनका बेटा एक अंतरराष्ट्रीय आर्म्स सिंडिकेट का हिस्सा बन चुका है।

    #RohtakNews #RohtakCIATeam #IllegalWeaponsSmuggling #OnlineGamingAddiction #ForeignWeaponsSeized #SPGauravRajpurohit #HaryanaCrimeUpdate #Danikkhabar

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    गाँव दुखेड़ी गोलीकांड मामले में अंबाला पुलिस का बड़ा एक्शन: सीआईए-02 ने मात्र 24 घंटे में मुख्य आरोपी अंकित को दबोचा

    अंबाला, 19 जून (अन्‍नू): अंबाला जिला पुलिस ने आपराधिक तत्वों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति और त्वरित कार्रवाई का एक और बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। अंबाला पुलिस की सीआईए-02 (CIA-02) टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए गाँव दुखेड़ी में हुए सनसनीखेज गोलीकांड के मुख्य आरोपी को वारदात के मात्र 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।

    पकड़े गए मुख्य आरोपी की पहचान अंकित कुमार (निवासी: गाँव दुखेड़ी, जिला अंबाला) के रूप में हुई है।

    क्या था पूरा मामला और पुलिसिया कार्रवाई:

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी वारदात पुरानी रंजिश का परिणाम थी:

    • जान से मारने की नियत से चलाई गोली: 17 जून 2026 को गाँव दुखेड़ी में आरोपियों ने आपसी दुश्मनी के चलते केशव नाम के एक युवक पर जान से मारने की नियत से अंधाधुंध गोली चला दी थी।

    • थाना पड़ाव में केस दर्ज: इस जानलेवा हमले के तुरंत बाद पीड़ित पक्ष की शिकायत पर अंबाला के थाना पड़ाव में संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया था।

    • एसपी ने खुद संभाला मोर्चा: मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) अंबाला, अजीत सिंह शेखावत ने तुरंत कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने सीआईए की टीमों को अलर्ट पर रहने और आरोपियों की धरपकड़ के सख्त आदेश जारी किए। एसपी ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जिम्मेदारी तुरंत सीआईए-02 को सौंपी।

    सीआईए-02 ने बिछाया जाल, 24 घंटे में मुख्य आरोपी ढेर

    पुलिस अधीक्षक के कुशल मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए सीआईए-02 के प्रभारी उप-निरीक्षक (SI) रवि कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने आधुनिक तकनीकी सर्विलांस और जमीनी स्तर पर गुप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपियों को पकड़ने के लिए चौतरफा जाल बिछाया।

    पुलिस टीम ने कमाल की मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात के लगभग 24 घंटे के भीतर ही मुख्य आरोपी अंकित कुमार को गुप्त ठिकाने से धर दबोचा।

    पूछताछ में हुआ पुरानी रंजिश का खुलासा; कोर्ट में किया जाएगा पेश

    सीआईए-02 प्रभारी उप-निरीक्षक रवि कुमार ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अब तक की शुरुआती पूछताछ में आरोपी अंकित कुमार ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी ने खुलासा किया कि पीड़ित केशव और आरोपी पक्ष एक-दूसरे को पहले से अच्छी तरह जानते थे। उनके बीच किसी बात को लेकर लंबे समय से पुरानी आपसी रंजिश (रंजिश) चल रही थी, जिसके चलते इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।

    उप-निरीक्षक रवि कुमार के अनुसार, गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी अंकित कुमार को कल माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। पुलिस कोर्ट से आरोपी का रिमांड हासिल करेगी, ताकि रिमांड अवधि के दौरान उससे गहनता से पूछताछ की जा सके। पुलिस का मुख्य उद्देश्य वारदात में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार (हथियार) को बरामद करना और इस वारदात में उसका साथ देने वाले अन्य फरार सहयोगियों के ठिकानों का पता लगाकर उन्हें भी जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाना है।

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    हांसी में सीआईए (CIA) टीम की रेड के दौरान युवक की मौत, परिजनों ने हिसार के अस्पताल के बाहर किया हंगामा

    अभिकान्त, 11  जून हिसार/हांसी: हांसी में सीआईए (CIA) टीम की एक छापेमारी (रेड) के दौरान युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना से आक्रोशित मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने हिसार के एक निजी अस्पताल के बाहर एकत्रित होकर जमकर हंगामा किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। परिजनों ने सीआईए टीम पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। हंगामे और तनाव की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया।

    रेड के दौरान बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में तोड़ा दम

    मिली जानकारी के अनुसार, सीआईए की टीम किसी मामले के सिलसिले में हांसी क्षेत्र में छापेमारी करने पहुंची थी। इसी कार्रवाई के दौरान उक्त युवक की तबीयत अचानक बिगड़ गई या कोई अन्य घटना घटी, जिसके बाद उसे तुरंत इलाज के लिए हिसार के एक निजी अस्पताल में लाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल के बाहर जमा हो गए और उनका गुस्सा फूट पड़ा।

    परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

    अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर रहे परिजनों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान युवक के साथ बदसलूकी या कथित तौर पर सख्ती की गई, जिसके कारण उसकी जान गई है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। वे आरोपियों पर मामला दर्ज होने तक शव का पोस्टमार्टम न कराने की बात पर अड़ गए।

    स्थिति को संभालने में जुटा पुलिस प्रशासन

    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हिसार और हांसी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ अस्पताल परिसर और बाहर तैनात हो गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया और आश्वासन दिया कि पूरे मामले की गहनता से निष्पक्ष जांच की जाएगी। कानून के मुताबिक जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

    #HansiNews #HisarNews #CIARaid #HaryanaPolice #YouthDeathControversy #HaryanaCrime2026 #HospitalHungama #Danikkhabar

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    पंचकूला में नशा तस्करी पर बड़ा प्रहार: एंटी नारकोटिक सेल ने 716 ग्राम चरस के साथ हर्षवर्धन को दबोचा, ई-साक्ष्य ऐप से हुई वीडियोग्राफी

    पंचकूला, 9 जून (अन्‍नू): हरियाणा पुलिस की एंटी नारकोटिक सेल (ANC) ने नशे के सौदागरों और ड्रग्स तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पंचकूला में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। सेल की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर सेक्टर-24 क्षेत्र में रणनीतिक छापेमारी करते हुए एक शातिर नशा तस्कर को करीब 716 ग्राम अवैध चरस की भारी खेप के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ थाना चंडीमंदिर में एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत कड़ा मामला दर्ज किया गया है।

    पार्किंग क्षेत्र में डिलीवरी देने की फिराक में खड़ा था तस्कर

    इस सफल कार्रवाई की विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 8 जून को एंटी नारकोटिक सेल की टीम को एक पुख्ता गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। मुखबिर ने बताया था कि सेक्टर-24 का रहने वाला एक व्यक्ति भारी मात्रा में चरस की सप्लाई देने के लिए सेक्टर-24 जाने वाली मुख्य सड़क के पास स्थित पार्किंग क्षेत्र में आने वाला है और किसी ग्राहक का इंतजार कर रहा है।

    सूचना को बेहद संवेदनशील और पुख्ता मानते हुए एएसआई (ASI) परविंद्र सिंह के नेतृत्व में तुरंत एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया और बताए गए स्थान के आसपास सादे कपड़ों में नाकाबंदी कर निगरानी शुरू कर दी गई।

    घेराबंदी कर दबोचा, मौके पर बुलाए गए एनडीपीएस नोडल अधिकारी

    निगरानी के दौरान पुलिस टीम को पार्किंग क्षेत्र में एक संदिग्ध व्यक्ति हाथ में कैरी बैग लेकर घूमता हुआ दिखाई दिया। मुखबिर द्वारा सटीक इशारा करते ही मुस्तैद पुलिस जवानों ने चारों तरफ से घेराबंदी कर उसे मौके पर ही काबू कर लिया। पुलिस पूछताछ में उसने अपनी पहचान हर्षवर्धन नाहरवाल (उम्र 42 वर्ष), निवासी: जीएच-12, सेक्टर-24, पंचकूला के रूप में बताई।

    मामले की संवेदनशीलता और नियमों का पालन करते हुए मौके पर आबकारी एवं कराधान अधिकारी (AETO) एवं एनडीपीएस नोडल अधिकारी सुनील सीले को भी सरकारी गवाह के तौर पर बुलाया गया।

    ई-साक्ष्य ऐप (e-Sakshya App) से हुई डिजिटल वीडियोग्राफी, बरामद हुई चरस

    नए कानूनी प्रावधानों के तहत पूरी तलाशी, जब्ती और बरामदगी की प्रक्रिया की पारदर्शी तरीके से ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से लाइव डिजिटल वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई। नोडल अधिकारी की मौजूदगी में जब आरोपी के हाथ में पकड़े कैरी बैग की तलाशी ली गई, तो उसके भीतर से एक काले रंग की पॉलीथिन बरामद हुई।

    पॉलीथिन को खोलकर जांच करने पर उसमें से नशीला पदार्थ चरस बरामद हुआ। सरकारी इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर चरस का कुल वजन 716 ग्राम पाया गया। पुलिस ने बरामद चरस को नियमानुसार सील कर अपने कब्जे में ले लिया। इसके अलावा, आरोपी के पास से तस्करी के नेटवर्क में इस्तेमाल किए जा रहे दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

    थाना चंडीमंदिर में बीएनएस/एनडीपीएस के तहत मुकदमा दर्ज; पुराना क्रिमिनल बैकग्राउंड खंगाल रही पुलिस

    इस बड़ी बरामदगी के बाद आरोपी हर्षवर्धन नाहरवाल के खिलाफ थाना चंडीमंदिर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(b)(II)(B) के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

    पुलिस की प्रारंभिक तफ्तीश में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि आरोपी हर्षवर्धन कोई नौसिखिया नहीं है, बल्कि वह एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले भी नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी से संबंधित आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। पुलिस अब आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह चरस की यह बड़ी खेप कहां से लेकर आया था और ट्राईसिटी (पंचकूला, चंडीगढ़, मोहाली) में उसके इस गिरोह से कौन-कौन से फुटकर नशा पेडलर जुड़े हुए हैं।

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    हर्बल पार्क में अम्बाला साइबर पुलिस का विशेष अभियान: डिजिटल अरेस्ट की धमकी से न डरने की सलाह,

    जे कुमार अम्बाला शहर, 4 जून 2026 : अम्बाला को साइबर अपराध से मुक्त बनाने और आमजन को डिजिटल ठगी के प्रति सचेत करने के लिए अम्बाला पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के कुशल निर्देशानुसार आज अम्बाला साइबर पुलिस की टीम ने अम्बाला शहर के प्रसिद्ध हर्बल पार्क में एक विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पार्क में आए नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते खतरों के प्रति आगाह करना और उन्हें सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के तौर-तरीके सिखाना था।

    'गोल्डन ऑवर' में हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें कॉल

    अभियान के दौरान मौजूद साइबर विशेषज्ञों ने नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में अपराधी नए-नए हथकंडे अपनाकर लोगों की गाढ़ी कमाई लूट रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे बिना वक्त गंवाए 'गोल्डन ऑवर' (शुरुआती समय) के भीतर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करनी चाहिए। इसके अलावा पीड़ित व्यक्ति राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। विशेषज्ञों ने बताया कि ठगी के तुरंत बाद जितनी जल्दी सूचना दी जाएगी, बैंक खातों को ब्लॉक करवाकर पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक रहती है।'डिजिटल अरेस्ट' की धमकी से बिल्कुल न डरें

    हाल के दिनों में बढ़ते 'डिजिटल अरेस्ट' के मामलों पर बात करते हुए साइबर सेल के अधिकारियों ने नागरिकों को ढाढस बंधाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश का कानून या कोई भी पुलिस एजेंसी किसी भी व्यक्ति को वीडियो कॉल के जरिए 'डिजिटल अरेस्ट' नहीं करती है। यदि कोई खुद को सीबीआई, पुलिस या कस्टम अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट की धमकी देता है, तो वह पूरी तरह से ठग है, इसलिए उनसे डरने के बजाय तुरंत पुलिस से संपर्क करें।

    अभियान के समापन पर अम्बाला साइबर पुलिस ने जनता से अपील करते हुए कहा कि सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी और अचूक हथियार है। इसलिए हमेशा सतर्क रहें और सुरक्षित रहें।

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    ऑपरेशन मैदान" नशामुक्त अम्बाला की ओर बड़ा कदम: पुलिस अधीक्षक अम्बाला ने केमिस्ट एसोसिएशन के साथ की अहम बैठक, दिए कड़े निर्देश

    जे कुमार अम्बाला, 4 जून 2026 : अम्बाला को पूरी तरह नशामुक्त बनाने और युवा पीढ़ी को नशे की दलदल से सुरक्षित रखने के लिए अम्बाला पुलिस लगातार धरातल पर कड़े कदम उठा रही है। इसी सिलसिले में पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने जिला केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। जिला सचिवालय में आयोजित इस विशेष बैठक का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली प्रतिबंधित नशीली दवाओं और विभिन्न प्रकार के सिंथेटिक इंजेक्शनों की अवैध बिक्री व उनके दुरुपयोग पर पूरी तरह से शिकंजा कसना रहा।

    बैठक के दौरान जिला केमिस्टों को कड़े लहजे में हिदायत देते हुए पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली किसी भी प्रतिबंधित दवा या साल्ट को बिना किसी वैध डॉक्टर के मूल पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) के कतई न बेचा जाए। इसके साथ ही दुकानों में पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सभी केमिस्ट संचालकों को अपने प्रतिष्ठानों के अंदर और बाहर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि काउंटर पर होने वाली हर गतिविधि का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके। बैठक में एसोसिएशन के सदस्यों ने पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया कि ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा जिले की सभी केमिस्ट शॉप्स की नियमित रूप से चेकिंग की जा रही है ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाले तत्वों को तुरंत पकड़ा जा सके।

    पुलिस अधीक्षक की इस बड़ी मुहिम का स्वागत करते हुए जिला केमिस्ट एसोसिएशन ने अंबाला पुलिस को विश्वास दिलाया कि वे समाज को नशामुक्त करने के इस अभियान में प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी मेडिकल स्टोर संचालक इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करेंगे और किसी भी सूरत में काली कमाई करने वाले संदिग्धों को शह नहीं दी जाएगी।

    इस महत्वपूर्ण बैठक में केमिस्ट एसोसिएशन के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिनमें मुख्य रूप से जिला कन्वीनर बालित नागपाल, होलसेलर अशोक कुमार, अम्बाला कैंट इकाई के प्रधान मनोज गर्ग और अम्बाला शहर इकाई के प्रधान वरिंद्र गर्ग सहित एसोसिएशन के अन्य सक्रिय सदस्य मौजूद रहे। बैठक के अंत में अम्बाला पुलिस ने जिले के सभी नागरिकों और मेडिकल स्टोर संचालकों से अपील की कि वे एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए संदिग्ध नशा तस्करों की सूचना तुरंत पुलिस प्रशासन से साझा करें।

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    कैथल HSVP दफ्तर में एसीबी की रेड: वीटा बूथ की परमिशन के नाम पर 50 हजार घूस लेते क्लर्क रंगे हाथ गिरफ्तार

    अभिकान्त, 29 मई हरियाणा : हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। कैथल में एसीबी की टीम ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) कार्यालय में औचक छापेमारी करते हुए वहां तैनात एक क्लर्क को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी क्लर्क की पहचान संजय कुमार के रूप में हुई है। एसीबी की यह पूरी कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट गुरविंदर सिंह की गरिमामयी मौजूदगी में बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दी गई।

    चीका के रहने वाले तिलक राम ने एंटी करप्शन ब्यूरो को इस संबंध में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। तिलक राम ने अपनी शिकायत में बताया कि वह क्षेत्र में एक वीटा बूथ खोलने के लिए प्रशासनिक परमिशन (अनुमति) लेना चाहता था। आरोप है कि इस सरकारी कार्य को करवाने और फाइल को आगे बढ़ाने के बदले एचएसवीपी (HSVP) कार्यालय में कार्यरत क्लर्क संजय कुमार ने उससे सीधे तौर पर 60 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।

    तिलक राम रिश्वत की यह रकम नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने इसकी सूचना तुरंत एसीबी को दी। इस बीच, शिकायतकर्ता और आरोपी क्लर्क के बीच बातचीत के बाद रिश्वत का सौदा 50 हजार रुपये में पक्का हो गया। सौदा तय होने के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही तिलक राम ने तय रणनीति के तहत क्लर्क संजय कुमार को केमिकल लगे हुए 50 हजार रुपये थमाए, वैसे ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में घात लगाए बैठी एसीबी की टीम ने आरोपी को धर दबोचा। हाथ धुलवाने पर आरोपी क्लर्क की उंगलियां लाल हो गईं, जिसके बाद उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया। पुलिस आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

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    भिवानी में हेरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार: रोहतक से खरीदकर लाए थे नशा, कोर्ट ने भेजा जेल

    भिवानी, 28 मई (अन्‍नू): जिला पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक और कामयाबी हासिल की है। पुलिस अधीक्षक (SP) श्री सुमित कुमार के सख्त निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए थाना शहर भिवानी की टीम ने मोटरसाइकिल पर नशीला पदार्थ लेकर जा रहे दो शातिर तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 6.6 ग्राम हेरोइन (चीटा) बरामद हुई है। कोर्ट से मिले एक दिन के रिमांड के बाद पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी यह नशा रोहतक जिले से खरीदकर लाए थे।

    हनुमान गेट के पास जैन चौक चौकी पुलिस ने बिछाया जाल

    मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 26 मई 2026 को थाना शहर भिवानी के अंतर्गत आने वाली पुलिस चौकी जैन चौक के उप-निरीक्षक (SI) धर्मबीर अपनी टीम के साथ हनुमान गेट क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध वाहनों की पड़ताल कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से पक्का इनपुट मिला कि दो युवक मोटरसाइकिल पर भारी मात्रा में मादक पदार्थ लेकर ग्राहक की तलाश में आने वाले हैं।

    पिपली वाली जोहड़ी के पास नाकाबंदी कर दबोचे आरोपी

    सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए पिपली वाली जोहड़ी के पास पहुंचकर नाकाबंदी की और चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। कुछ ही देर बाद मुखबिर के बताए हुलिए के अनुसार एक मोटरसाइकिल आती दिखाई दी। पुलिस ने तत्परता से घेराबंदी कर बाइक को रुकवाया और तलाशी ली। चेकिंग के दौरान मोटरसाइकिल सवार दोनों युवकों के कब्जे से 6.6 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जिसके बाद पुलिस ने बाइक को जब्त कर दोनों को हिरासत में ले लिया।

    पकड़े गए तस्करों की पहचान:

    1. पंकज (पुत्र मुन्नालाल), निवासी: पिपली वाली जोहड़ी, भिवानी।

    2. आरजू (पुत्र अशोक), निवासी: पिपली वाली जोहड़ी, भिवानी।

    पहले से दर्ज हैं मुकदमे, रिमांड के बाद भेजे गए जिला जेल

    थाना शहर भिवानी में दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपियों को माननीय अदालत में पेश कर 1 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया।

    रिमांड के दौरान हुई गहन पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे भिवानी के युवाओं को ऊंचे दामों पर बेचने के लिए यह हेरोइन जिला रोहतक से खरीदकर लाए थे। पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया कि दोनों आरोपी पुराने क्रिमिनल हैं। आरोपी आरजू के खिलाफ पहले से चोरी का एक मामला दर्ज है, जबकि पंकज के खिलाफ चोरी और एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से ही मुकदमे दर्ज हैं। रिमांड अवधि खत्म होने के बाद आज दोनों को दोबारा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जिला कारागार (जेल) भेज दिया गया है।

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    नारनौल में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के घर घुसने वाले निकले 'पारदी गुलेल गैंग' के शातिर बदमाश, मुठभेड़ के बाद पकड़े गए एमपी के 7 आरोपी

    महेंद्रगढ़, 24 मई (अन्‍नू): हरियाणा के महेंद्रगढ़ और नारनौल क्षेत्र में दहशत फैलाने वाले अंतरराज्यीय 'पारदी गुलेल गैंग' को लेकर पुलिस रिमांड के दौरान बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। महेंद्रगढ़ सीआईए और थाना शहर की संयुक्त पुलिस टीमों द्वारा पकड़े गए इस गैंग के सदस्यों ने कुबूल किया है कि बीते 16 मई को नारनौल में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के आवास में जबरन घुसने वाले लोग इसी गैंग के गुर्गे थे। पुलिस की मुस्तैद टीमों ने 22 मई को एक भीषण मुठभेड़ के बाद इस गैंग के सात खूंखार बदमाशों को भारी मात्रा में हथियारों के साथ दबोचने में कामयाबी हासिल की थी।

    पूछताछ में खुली कई अन्य वारदातों की कड़ियां

    पूछताछ के दौरान सामने आया है कि इस गैंग के दो शातिर बदमाशों ने 16 मई को ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के सुरक्षित माने जाने वाले आवास परिसर में घुसपैठ की थी। इसके अलावा, उसी दिन इन बदमाशों ने नारनौल शहर के अलग-अलग इलाकों से दो मोटरसाइकिलें भी चोरी की थीं। आरोपियों ने माना कि वे सभी एक संगठित सिंडिकेट के रूप में काम करते हैं। आरोपियों ने बताया कि हरियाणा में प्रवेश करने के बाद उन्होंने सबसे पहले 14 मई को भिवानी शहर के इलाके में चोरी की थी और इसके ठीक अगले दिन 15 मई को इस गैंग के सदस्य महेंद्रगढ़ शहर से दो मोटरसाइकिलें उड़ा ले गए थे।

    मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं सभी सात आरोपी

    पुलिस को 22 मई को इस गैंग के महेंद्रगढ़ शहर के इलाके में छिपे होने की पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी। जब पुलिस टीम ने घेराबंदी की, तो बदमाशों ने खुद को घिरा देख पुलिस पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई और मुठभेड़ के दौरान दो बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गए। पकड़े गए सभी 7 आरोपी मूल रूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं, जिनकी पहचान मनीराम, अभय, अर्जुन, विरेन्द्र, सुनील, चांद और विजय के रूप में हुई है।

    बदमाशों के कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और औजार बरामद

    पकड़े गए इन बदमाशों का प्रोफाइल बेहद खूंखार है। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा इनमें से दो बड़े इनामी बदमाशों की सरगर्मी से तलाश की जा रही थी, जिसमें आरोपी विजय पर 15,000 रुपये और चांद पर 5,000 रुपये का नकद इनाम घोषित था। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इनके कब्जे से एक आधुनिक स्वचालित पिस्तौल और एक देसी कट्टा बरामद किया था। इसके साथ ही, जब पुलिस ने इनके थैलों की तलाशी ली, तो अंदर से लोहे का नुकीला सरिया, रेती, प्लास, वायर कटर, पेचकस, एक मोबाइल फोन, एक घड़ी और घरों के ताले व शीशे तोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाली गुलेल सहित अन्य सामग्रियां बरामद हुईं।

    अदालत से 4 दिन का पुलिस रिमांड मंजूर

    इस पूरी वारदात और पुलिस पर हमले को लेकर थाना शहर महेंद्रगढ़ में इन सभी बदमाशों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की विभिन्न कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए पांच स्वस्थ आरोपियों को माननीय अदालत में पेश कर आगे की गहन पूछताछ और बची हुई कड़ियों को जोड़ने के लिए 4 दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया है। वहीं, मुठभेड़ के दौरान क्रॉस फायरिंग में घायल हुए दो अन्य आरोपी अभी पुलिस कस्टडी के तहत अस्पताल में उपचाराधीन हैं, जिनसे ठीक होने के बाद पूछताछ की जाएगी।

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    पानीपत में करोड़ों के यार्न ठग गिरोह का पर्दाफाश: सीआईए-1 ने दबोचा एक आरोपी, व्यापारियों को फर्जी चेक थमाकर लगाते थे चूना

    पानीपत, 23 मई (अन्‍नू): हरियाणा की पानीपत जिला पुलिस की सीआईए-वन (CIA-1) टीम ने फैक्टरी मालिकों और यार्न (धागा) कारोबारियों को अपना शिकार बनाने वाले एक शातिर ठग गिरोह के मुख्य सदस्य को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपी की पहचान प्रीत सिंह (निवासी सैनी कॉलोनी, न्यू मॉडल टाउन, जाटल रोड, पानीपत) के रूप में हुई है। आरोपी ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर एक यार्न कारोबारी से करीब 2 लाख 29 हजार 979 रुपये का धागा खरीदा और भुगतान के बदले फर्जी चेक थमाकर धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया था।

    उग्राखेड़ी की फैक्टरी से मंगाया था 3744 किलो धागा

    सीआईए-वन प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सोनीपत के गांव ढुराना निवासी अरविंद ने थाना चांदनी बाग में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। अरविंद उग्राखेड़ी काला आंबा रोड पर 'श्याम यार्न' के नाम से फैक्टरी चलाते हैं। शिकायत के अनुसार, 11 सितंबर 2025 को दीपक कपूर, प्रीत सिंह, राज रतन और राहुल कुमार नामक चार युवक उनकी फैक्टरी में आए। उन्होंने खुद को 'निर्मल बाला जी स्पिन टेक्स प्राइवेट लिमिटेड' का प्रतिनिधि बताया और कहा कि सेक्टर-25 में उनकी चार अलग-अलग फर्में (ओम ट्रेडर्स, महादेव इंटरप्राइजेज, नानक इंटरप्राइजेज और फर्निशिंग वाला) हैं।

    चारों आरोपियों ने झांसे में लेकर 3744 किलो धागे का ऑर्डर दिया। अरविंद ने 13 सितंबर 2025 को माल गाड़ियों में लोड करवाकर सेक्टर-25 स्थित उनके पते पर भिजवा दिया। भुगतान के रूप में आरोपियों ने 2,29,979 रुपये का एक चेक दिया, जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। जब पीड़ित ने पैसे मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगे और बाद में धमकी देते हुए कहा कि उनका काम ही लोगों को ठगना है।

    कई अन्य व्यापारियों से भी कर चुके हैं लाखों की ठगी

    पीड़ित अरविंद ने जब बाजार के अन्य व्यापारियों से इस बारे में बात की, तो एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा हुआ। इन चारों शातिर ठगों ने इसी मोडस ऑपरेंडी (तरीके) का इस्तेमाल कर कई और कारोबारियों को भी अपना शिकार बनाया था, जिनमें शामिल हैं:

    • गुप्ता यार्न: 5 लाख 95 हजार 456 रुपये की ठगी

    • महादेव टेक्सटाइल मील: 4 लाख 45 हजार 410 रुपये की ठगी

    • निर्मल बाला जी कॉट स्पिन: 2 लाख 10 हजार रुपये की ठगी

    कर्ज और घाटे के कारण शार्टकट से पैसा कमाने की रची थी साजिश

    सीआईए प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि वीरवार शाम को हुई गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी प्रीत सिंह से गहनता से पूछताछ की गई, तो उसने अपने तीनों साथियों के साथ मिलकर इस ठगी की बात कबूल की। प्रीत सिंह ने बताया कि पहले पानीपत टोल प्लाजा के पास उसकी प्लास्टिक दाना बनाने की फैक्टरी थी, लेकिन भारी नुकसान होने के कारण करीब डेढ़ साल पहले उसे अपनी फैक्टरी बंद करनी पड़ी।

    कर्ज और घाटे से उबरने के लिए उसने अपने पुराने दोस्तों (दीपक कपूर, राज रतन और राहुल) के साथ मिलकर शार्टकट तरीके से अमीर बनने की साजिश रची। उन्होंने व्यापारियों से माल हड़पने के लिए फर्जी फर्में बनाईं। आरोपी ने खुलासा किया कि पीड़ित अरविंद से ठगा गया 3744 किलो धागा उन्होंने लुधियाना की धागा मार्केट में जाकर केवल 2 लाख रुपये में कैश बेच दिया था और उस रकम को चारों ने आपस में बराबर-बराबर बांट लिया था।

    कोर्ट से 2 दिन का पुलिस रिमांड मंजूर, साथियों की तलाश जारी

    पुलिस टीम ने शुक्रवार को आरोपी प्रीत सिंह को माननीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान सीआईए-1 की टीम आरोपी के हिस्से में आई ठगी की नकदी बरामद करने का प्रयास करेगी। साथ ही, इस वारदात में शामिल गिरोह के अन्य तीन फरार आरोपियों (दीपक कपूर, राज रतन और राहुल कुमार) के संभावित ठिकानों का पता लगाकर उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने के लिए छापेमारी की जा रही है।

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    पंचकूला में IPO ट्रेडिंग के नाम पर 1.37 करोड़ की ठगी: लुधियाना से 2 और शातिर ठग गिरफ्तार, 6 दिन के रिमांड पर

    पंचकूला, 23 मई (अन्‍नू): हरियाणा की पंचकूला साइबर क्राइम थाना पुलिस ने करोड़ों रुपये के हाई-टेक फर्जीवाड़े पर एक और बड़ा प्रहार किया है। पुलिस टीम ने आईपीओ (IPO) और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर एक नागरिक से हुई 1.37 करोड़ रुपये की भारी-भरकम साइबर ठगी के मामले में पंजाब के लुधियाना से दो और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। दोनों आरोपियों को माननीय अदालत में पेश कर पुलिस ने 6 दिन के रिमांड पर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस अब तक कुल 8 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है।

    सिम कार्ड और बैंक खाते खरीदकर ट्रांसफर करते थे ठगी की रकम

    साइबर थाना पुलिस की शुरुआती जांच और आरोपियों से पूछताछ में एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। आरोपी बेहद शातिर तरीके से दूसरों के नाम पर फर्जी बैंक खाते, एक्टिवेटेड सिम कार्ड और बैंकिंग किट (चेकबुक व एटीएम) मोटी रकम देकर खरीदते थे। इसके बाद साइबर ठगी के जरिए देश भर के लोगों से लूटी गई रकम को इन फर्जी खातों में अलग-अलग लेयर्स (परतों) में ट्रांसफर कर दिया करते थे। इस पूरे खेल के बदले इन दोनों आरोपियों को मोटा कमीशन मिलता था।

    रिमांड के दौरान खुलेंगे कई और बड़े राज, अन्य संदिग्धों की तलाश जारी

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों को 6 दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर गहनता से पूछताछ की जा रही है। रिमांड के दौरान इस गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य साथियों के ठिकानों का पता लगाया जाएगा। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन्होंने अब तक देश भर में कितने और लोगों को अपना शिकार बनाया है और ठगी की रकम को कहाँ ठिकाने लगाया है। मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

    पंचकूला पुलिस की नागरिकों से जरूरी अपील:

    मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) हरियाणा और हरियाणा पुलिस के निर्देशानुसार, पंचकूला पुलिस ने आम जनता को डिजिटल फ्रॉड से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है:

    • सोशल मीडिया (Facebook, Instagram), व्हाट्सएप ग्रुप या किसी अनजान मोबाइल ऐप्स के जरिए मिलने वाले आकर्षक IPO, स्टॉक मार्केट या ऑनलाइन ट्रेडिंग निवेश के ऑफर्स के झांसे में बिल्कुल न आएं।

    • अधिक मुनाफे का लालच देने वाले किसी भी अनाधिकृत लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी अज्ञात खाते में पैसे ट्रांसफर करें।

    • यदि आप या आपका कोई परिचित किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी या ऑनलाइन ठगी का शिकार होता है, तो बिना वक्त गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

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    टोहाना में बाइक चोरी का पर्दाफाश: अस्पताल के बाहर से उड़ाई थी मोटरसाइकिल, जींद के 3 चोर गिरफ्तार

    फतेहाबाद, 22 मई (अन्‍नू): हरियाणा के फतेहाबाद जिले की थाना शहर टोहाना पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी की वारदात को सुलझाते हुए जींद जिले के रहने वाले तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को माननीय अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान निर्मल सिंह (निवासी नरनगढ़, जींद), अजय और विक्रम उर्फ विक्की (दोनों निवासी कलवान, जींद) के रूप में हुई है।

    जैन समाधि अस्पताल के बाहर से गायब हुई थी बाइक

    थाना शहर टोहाना के प्रभारी निरीक्षक कुलदीप सिंह ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि हनुमान नगर (दमकोरा रोड, टोहाना) के रहने वाले अशोक कुमार ने पुलिस को एक लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में अशोक ने बताया था कि 29 अप्रैल 2026 को वह किसी काम से अपनी मोटरसाइकिल लेकर टोहाना के जैन समाधि अस्पताल गया था। उसने अपनी बाइक को अस्पताल के बाहर सही से लॉक करके खड़ा किया था, लेकिन जब वह थोड़ी देर बाद काम निपटाकर वापस लौटा, तो उसकी मोटरसाइकिल वहां से गायब थी।

    बीएनएस (BNS) की धाराओं के तहत दर्ज हुआ था मुकदमा

    पीड़ित अशोक कुमार ने पहले अपने स्तर पर अस्पताल के आसपास और शहर में मोटरसाइकिल की काफी खोजबीन की, लेकिन जब बाइक का कहीं कोई सुराग नहीं लगा, तो उसने मामले की सूचना पुलिस को दी। अशोक की शिकायत के आधार पर थाना शहर टोहाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 के तहत मुकदमा नंबर 130 दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई थी।

    जांच के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी

    मुकदमा दर्ज होने के बाद शहर टोहाना पुलिस की एक टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए जींद के इन तीनों आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस अब आरोपियों से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन्होंने इस चोरी की बाइक को कहाँ छुपाया है या किसे बेचा है, साथ ही इलाके में हुई अन्य चोरी की वारदातों में भी इनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।

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    पानीपत में नशा तस्कर गिरफ्तार: बरसत रोड पर आधा किलो अफीम के साथ दबोचा, यूपी के बरेली से लाया था खेप

    पानीपत, 22 मई (अन्‍नू): हरियाणा की पानीपत जिला पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। सीआईए-3 (CIA-3) की टीम ने बरसत रोड इलाके में नाकेबंदी के दौरान एक शातिर नशा तस्कर को भारी मात्रा में अफीम के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी नूरवाला का रहने वाला मोहम्मद इमरान है, जिसके कब्जे से पुलिस ने 504 ग्राम (आधा किलो से अधिक) अफीम बरामद की है।

    गंदा नाला पुलिया पर ग्राहक के इंतजार में खड़ा था आरोपी

    सीआईए-3 प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि उनकी एक टीम बुधवार को गश्त और चेकिंग के दौरान नूरवाला अड्डा के पास मौजूद थी। इसी बीच मुखबिर से पुख्ता जानकारी मिली कि नूरवाला निवासी मोहम्मद इमरान नशीले पदार्थ बेचने का धंधा करता है और वह इस समय बरसत रोड पर गंदा नाला पुलिया के पास किसी ग्राहक की फिराक में खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए मौके पर दबिश दी और संदिग्ध युवक को चारों तरफ से घेरकर काबू कर लिया।

    यूपी के बरेली से कम दाम में खरीदकर लाया था नशा

    पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी मोहम्मद इमरान (पुत्र शान मोहम्मद) ने बताया कि वह करीब 4-5 दिन पहले उत्तर प्रदेश के बरेली से एक अज्ञात युवक से 600 ग्राम अफीम बेहद कम कीमत पर खरीदकर पानीपत लाया था। इस खेप में से उसने कुछ अफीम यहाँ आने-जाने वाले अज्ञात ट्रक और गाड़ी ड्राइवरों को ऊंचे दामों में बेच दी थी। बुधवार को वह बची हुई 504 ग्राम अफीम को ठिकाने लगाने और नए ग्राहकों को सप्लाई करने के लिए पुलिया के पास खड़ा था, तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

    कोर्ट ने भेजा 4 दिन के पुलिस रिमांड पर, मुख्य सप्लायर की तलाश जारी

    थाना प्रभारी ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई पानीपत के पुलिस अधीक्षक (SP) श्री भूपेंद्र सिंह (IPS) के नेतृत्व में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत की गई है। आरोपी के खिलाफ थाना सेक्टर 13/17 में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वीरवार को आरोपी को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से सख्ती से पूछताछ करेगी ताकि यूपी के बरेली में बैठे मुख्य नशा सप्लायर के ठिकानों का पता लगाकर उसे भी सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

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    पानीपत में मणप्पुरम गोल्ड लोन घोटाला: लॉकर से असली सोना निकाल पीतल पर चढ़ाया पानी, दूसरा आरोपी पूर्व असिस्टेंट मैनेजर भी गिरफ्तार

    पानीपत, 22 मई (अन्‍नू): हरियाणा की पानीपत सीआईए-3 (CIA-3) पुलिस ने जीटी रोड स्थित 'मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड गोल्ड लोन ब्रांच' में ग्राहकों के गिरवी रखे गहने बदलकर धोखाधड़ी करने वाले दूसरे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान उत्तम नगर (गोहाना, सोनीपत) के रहने वाले ब्रांच के पूर्व असिस्टेंट मैनेजर साहिल के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी साहिल को बुधवार शाम को काबू किया। पूछताछ में उसने इस पूरे फर्जीवाड़े में पहले से जेल में बंद ब्रांच के पूर्व मैनेजर राजेसाब महबूल यलगार के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है।

    कड़े से 40% सोना निकालकर बनवाया पीतल का नकली कड़ा

    सीआईए-3 प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी साहिल ने इस काले धंधे का पूरा राज उगला। उसने बताया कि दोनों ने मिलकर लॉकर में रखे एक ग्राहक के सोने के कड़े को निकाला और उसमें से 40 प्रतिशत असली सोना निकालकर उसे बाजार में 2.50 लाख रुपये में बेच दिया। इसके बाद पकड़े जाने के डर से उन्होंने हुबहू वैसा ही पीतल का कड़ा तैयार करवाया और उस पर सोने का अर्क (पॉलिश) चढ़वाकर वापस बैंक के लॉकर में रख दिया।

    हिस्से में आए थे 1 लाख रुपये, कोर्ट ने भेजा जेल

    आरोपी ने बताया कि इस धोखेबाजी की रकम में से उसके हिस्से में 1 लाख रुपये आए थे, जिसमें से ज्यादातर पैसे उसने ऐश-ओ-आराम में खर्च कर दिए। पुलिस ने साहिल के कब्जे से बचे हुए 5 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं और वीरवार को उसे माननीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। बता दें कि इस मामले के पहले आरोपी और पूर्व मैनेजर राजेसाब महबूल यलगार के हिस्से में 1.50 लाख रुपये आए थे, जिससे 10 हजार रुपये बरामद कर पुलिस उसे पहले ही जेल भेज चुकी है।

    ऐसे खुला था 'नकली सोने' का यह पूरा राज (यह है मामला)

    इस चौंकाने वाले मामले का खुलासा तब हुआ जब शिमला मौलाना गाँव के रहने वाले सुनील ने थाना शहर पुलिस को शिकायत दी। सुनील ने मई 2024 में अपने 19 तोले सोने के गहने इस ब्रांच में गिरवी रखकर लोन लिया था। 19 जुलाई 2025 को जब सुनील अपने दोस्त संदीप के साथ लोन के सारे पैसे चुकाकर गहने वापस लेने गया, तो बैंक कर्मियों ने उसे पॉलिथीन बैग में पैक गहने सौंप दिए।

    बाहर आकर जब सुनील ने पैकेट खोला, तो उसे अपने सोने के कड़े का वजन कुछ अलग लगा। बैंक कर्मियों के कहने पर जब उसने सुनार से कड़े की जांच कराई, तो पता चला कि वह कड़ा असली सोने का नहीं बल्कि पीतल का है, जिस पर सिर्फ सोने का पानी चढ़ा हुआ था।

    दिल्ली से बनवाया था हूबहू नकली कड़ा

    जब सुनार ने इस नकली कड़े की फोटो अपने सुनार संगठन के ग्रुप में डाली, तो कड़ा बनाने वाले एक कारीगर दीपक भोला का सुराग मिला। कारीगर दीपक ने पूछताछ में खुलासा किया कि मणप्पुरम गोल्ड लोन का ब्रांच मैनेजर राजेसाब महबूल यलगार और असिस्टेंट मैनेजर साहिल उसके पास आए थे और असली कड़ा दिखाकर हूबहू पीतल की नकल बनाने को कहा था। पानीपत के सुनारों द्वारा मना करने पर उन्होंने दिल्ली की एक दुकान से यह नकली कड़ा तैयार करवाया था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने बीएनएस (BNS) की धाराओं के तहत केस दर्ज कर दोनों बैंक अफसरों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

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    करनाल में बड़ा फर्जीवाड़ा: कोर्ट में फर्जी दस्तावेज देकर जमानत कराने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल

    करनाल, 22 मई (अन्‍नू): हरियाणा की करनाल पुलिस ने अदालतों में फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपराधियों की जमानत कराने वाले एक शातिर खेल का पर्दाफाश किया है। जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना सिविल लाइन के अंतर्गत आने वाली सेक्टर-13 पुलिस चौकी की टीम को यह बड़ी कामयाबी मिली है। यह पूरा एक्शन चौकी इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर जसविंदर कौर के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल बलजीत सिंह की अगुवाई वाली टीम द्वारा पुख्ता सूचना के आधार पर लिया गया।

    उत्तर प्रदेश और करनाल के रहने वाले हैं आरोपी

    पुलिस टीम ने मामले में तत्परता दिखाते हुए छापेमारी की और दो आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान महेंद्र (निवासी टिकडा कॉलोनी, फूशगढ़, करनाल) और रविंद्र (निवासी मिमलाना, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। जब पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाशी ली, तो उनके पास से फर्जी आईडी दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनका इस्तेमाल वे कोर्ट की जमानत प्रक्रिया में कर रहे थे।

    पैसों के लालच में तैयार करते थे फर्जी कागजात

    पुलिस की शुरुआती पूछताछ और जांच में सामने आया है कि ये आरोपी केवल आर्थिक लाभ (पैसा कमाने) के चक्कर में फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। इसके बाद वे इन नकली कागजातों को असली के तौर पर माननीय अदालत के सामने पेश करके अपराधियों की जमानत करवा देते थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए करनाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

    कोर्ट ने भेजा जेल, गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी

    पकड़े गए दोनों आरोपियों को पुलिस टीम द्वारा माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस पूरे फर्जीवाड़ा रैकेट में कोर्ट परिसर या बाहर के कौन-से अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस इन आरोपियों के मोबाइल रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है।

    करनाल पुलिस की आम जनता को सख्त हिदायत

    इस कार्रवाई के बाद जिला पुलिस करनाल ने आम जनता के लिए एक जरूरी चेतावनी जारी की है। पुलिस ने अपील की है कि कोई भी नागरिक किसी भी प्रकार के कानूनी या दस्तावेजी कार्य में शॉर्टकट या फर्जीवाड़ा न अपनाए। अदालती कार्यवाही में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करना एक बेहद गंभीर और गैर-जमानती अपराध है, और ऐसा करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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    फरीदाबाद में अवैध हथियारों पर एक्शन: क्राइम ब्रांच ने अलग-अलग जगहों से 3 बदमाशों को दबोचा, 3 देसी कट्टे बरामद

    फरीदाबाद, 22 मई (अन्‍नू): अवैध हथियार रखने और उनके जरिए वारदातों को अंजाम देने वाले अपराधियों के खिलाफ फरीदाबाद पुलिस ने अपना शिकंजा और कस दिया है। 20 मई को फरीदाबाद पुलिस की अलग-अलग क्राइम ब्रांच टीमों ने गुप्त सूचनाओं और मुस्तैदी के आधार पर छापेमारी करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन तीनों के कब्जे से तीन अवैध देसी कट्टे बरामद कर उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है।

    पहली गिरफ्तारी: दिल्ली का रहने वाला अक्षय एसजीएम नगर से काबू

    पुलिस प्रवक्ता ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पहली सफलता क्राइम ब्रांच सेक्टर-48 की टीम को मिली। पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि एक युवक अवैध हथियार के साथ घूम रहा है। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए टीम ने एस.जी.एम नगर इलाके में नाकाबंदी की और उत्तम नगर (दिल्ली) के रहने वाले 26 वर्षीय अक्षय को एक अवैध देसी कट्टे के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

    दूसरी गिरफ्तारी: आगरा कैनाल रोड के पास से किशन धरा गया

    इसी कड़ी में दूसरी कार्रवाई क्राइम ब्रांच डीएलएफ (DLF) की टीम द्वारा अमल में लाई गई। डीएलएफ टीम ने फरीदाबाद के आगरा कैनाल रोड, खेड़ी पुल के पास नाकेबंदी के दौरान एक संदिग्ध युवक को दबोचा। पूछताछ में उसकी पहचान राहुल कॉलोनी (एस.जी.एम नगर, फरीदाबाद) के रहने वाले 22 वर्षीय किशन के रूप में हुई। तलाशी लेने पर किशन के पास से भी एक अवैध देसी कट्टा बरामद हुआ।

    तीसरी गिरफ्तारी: आईएमटी कट के पास से गोविंदा गिरफ्तार

    तीसरा एक्शन अपराध शाखा सेंट्रल (Crime Branch Central) की टीम ने लिया। सेंट्रल टीम ने सेक्टर-2 कट, आईएमटी (IMT) के पास से एक और आरोपी को काबू करने में सफलता हासिल की। पकड़े गए आरोपी की पहचान बल्लभगढ़ (शहर थाना एरिया) के रहने वाले 22 वर्षीय गोविंदा के रूप में हुई है। गोविंदा के कब्जे से भी पुलिस को एक अवैध देसी कट्टा मिला है।

    आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज, भेजे गए जेल

    पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पकड़े गए तीनों आरोपियों का मकसद इन अवैध हथियारों के दम पर किसी वारदात को अंजाम देना या दहशत फैलाना था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ फरीदाबाद के संबंधित थानों में आर्म्स एक्ट (शस्त्र अधिनियम) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

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