Skip to Videos
  • WhatsApp Image 2026-05-21 at 2.59.39 PM.jpg

    फतेहाबाद में महिला नशा तस्कर गिरफ्तार: रतिया में घर के बाहर बेच रही थी हेरोइन, नकदी भी बरामद

    फतेहाबाद, 21 मई (अन्‍नू): हरियाणा के फतेहाबाद जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम के तहत एंटी नारकोटिक सेल (ANC) को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम को यह कामयाबी रतिया इलाके में मिली। एएनसी सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर साधु राम ने बताया कि उनकी एक विशेष टीम नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने और चेकिंग के लिए नया बस अड्डा रतिया के सामने तैनात थी। इसी दौरान मुखबिर से पुख्ता जानकारी मिली कि मिराना गाँव की रहने वाली एक महिला अपने घर के बाहर खड़े होकर हेरोइन (चिट्टा) बेचने का धंधा करती है।

    पुलिस को देख भागने लगी महिला आरोपी

    गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने बिना वक्त गंवाए नियमानुसार एक रेडिंग पार्टी (छापेमार टीम) तैयार की और बताए गए ठिकाने पर दबिश दी। पुलिस टीम को अचानक सामने देखकर आरोपी महिला बुरी तरह घबरा गई और बचने के लिए अपने घर के अंदर भागने की कोशिश करने लगी। पुलिस कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए शक के आधार पर उसे मौके पर ही रोक लिया और हिरासत में ले लिया।

    पर्स से मिली हेरोइन और हजारों की ड्रग मनी

    महिला पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में जब नियमानुसार आरोपी महिला की तलाशी ली गई, तो उसके हाथ में मौजूद पर्स से 8.41 ग्राम अवैध हेरोइन बरामद हुई। इसके साथ ही पर्स से 6,250 रुपये की नकदी भी मिली, जिसे नशा बेचकर कमाए गए पैसे (ड्रग मनी) माना जा रहा है। पुलिस ने बरामद की गई हेरोइन और नकदी को तुरंत सील कर अपने कब्जे में ले लिया।

    एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, कोर्ट में होगी पेशी

    पकड़ी गई आरोपी महिला की पहचान मिराना निवासी मनजीत कौर (पत्नी जंगीर सिंह) के रूप में हुई है। इस संबंध में थाना सदर रतिया में आरोपी महिला के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 21(बी)/61/85 के तहत मुकदमा नंबर 117 दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी महिला को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह यह नशा कहाँ से खरीद कर लाती थी और इलाके में उसके साथ कौन-कौन से तस्कर जुड़े हुए हैं।

    #FatehabadNews #RatiaNews #AntiDrugDrive #ANCFatehabad #HaryanaPolice #NDPSCase #DrugSmugglerArrested #CrimeNews #DanikKhabar

  • WhatsApp Image 2026-05-21 at 1.57.24 PM.jpg

    जींद में हनीट्रैप गिरोह का पर्दाफाश: रेप के झूठे केस में फंसाकर ₹6 लाख मांगने वाली मुख्य आरोपी समेत 3 महिलाएं गिरफ्तार

    जींद, 21 मई (अन्‍नू): हरियाणा के जींद जिले में पुलिस ने हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग करने वाले एक शातिर महिला गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जींद के पुलिस अधीक्षक (SP) श्री कुलदीप सिंह के कुशल मार्गदर्शन और डीएसपी नरवाना कमलदीप राणा के नेतृत्व में सीआईए नरवाना, गढ़ी थाना और धमतान चौकी की संयुक्त टीम ने जाल बिछाकर मुख्य आरोपी महिला सहित गैंग की 3 महिला सदस्यों को रंगे हाथों दबोचने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। यह गिरोह भोले-भले लोगों को झूठे मुकदमों का डर दिखाकर लाखों रुपये ऐंठता था।

    यमुनानगर और कुचराना की रहने वाली हैं आरोपी महिलाएं

    पुलिस गिरफ्त में आई मुख्य आरोपी महिला की पहचान सोनिया के रूप में हुई है, जो कुचराना की रहने वाली है। वहीं इस पूरी साजिश में उसका साथ देने वाली उसकी दो अन्य महिला सहयोगियों की पहचान संगीता (निवासी दशमेश कॉलोनी, यमुनानगर) और सीमा (निवासी कंसोपुर कॉलोनी, यमुनानगर) के रूप में हुई है। पुलिस अब इन तीनों के पूरे नेटवर्क और पुराने रिकॉर्ड को खंगाल रही है।

    डेयरी मालिक को रेप के झूठे केस में फंसाकर मांगे थे लाखो रुपये

    सीआईए स्टाफ नरवाना के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह ने बताया कि धमतान साहिब निवासी मलकियत ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार, आरोपी महिला सोनिया उसके भतीजे नरेश की डेयरी पर काम करती थी। सोनिया ने साजिश के तहत नरेश पर रेप का झूठा केस दर्ज करवा दिया और अब केस वापस लेने व राजीनामा करने के नाम पर 6 लाख रुपये की मांग कर रही थी। आरोपी महिलाएं पीड़ित परिवार से 2 लाख 50 हजार रुपये पहले ही ऐंठ चुकी थीं।

    ढाबे पर पैसे लेते ही पुलिस टीम ने मारी रेड

    डीएसपी नरवाना के आदेश पर पुलिस टीम ने आरोपियों को पकड़ने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया। टीम ने पीड़ित को 3 लाख रुपये के नोट दिए, जिनके सीरियल नंबर पुलिस डायरी में पहले ही नोट कर लिए गए थे। डील के मुताबिक, आरोपी महिलाओं ने पीड़ित को रकम लेकर जिमिंदारा ढाबे के पास बुलाया। जैसे ही तीनों महिलाओं ने शिकायतकर्ता से 3 लाख रुपये की नकदी हाथ में ली, वैसे ही सादी वर्दी में तैनात संयुक्त पुलिस टीम ने रेड मारकर उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।

    नए कानून (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज

    पकड़ी गई आरोपी महिलाओं के खिलाफ थाना गढ़ी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2), 308(6) और 61(2) के तहत मुकदमा नंबर 61 दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी। रिमांड के दौरान गहनता से पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह गिरोह अब तक और कितने लोगों को अपना शिकार बनाकर ब्लैकमेल कर चुका है।

    #JindNews #HoneytrapBusted #HaryanaCrime #JindPolice #DanikKhabar #NarwanaCrime #CyberCrimeHaryana #CrimeNews

  • WhatsApp Image 2026-05-21 at 1.56.49 PM.jpeg

    रोहतक CIA की बड़ी कामयाबी: वारदात से पहले धरे गए बिना नंबर की गाड़ी वाले 2 शातिर बदमाश, 5 पिस्तौल और 25 कारतूस बरामद

    रोहतक, 21 मई (अन्‍नू): हरियाणा की रोहतक सीआईए-1 (CIA-1) स्टाफ की टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए किसी खूनी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे दो बदमाशों को रंगे हाथों दबोच लिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट (शस्त्र अधिनियम) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। कोर्ट में पेशी के बाद पुलिस ने दोनों को दो दिन के रिमांड पर लिया है, ताकि हथियारों के नेटवर्क और उनकी अगली प्लानिंग का पर्दाफाश किया जा सके।

    मकडौली टोल के पास मिली थी गुप्त सूचना

    रोहतक पुलिस प्रवक्ता मनीष ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई 19 मई 2026 को अमल में लाई गई। सीआईए-1 प्रभारी इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह के मार्गदर्शन और एएसआई अनिल के नेतृत्व में पुलिस टीम अपराधियों की धरपकड़ के लिए मकडौली टोल प्लाजा के पास गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि सांघी गाँव का एक शातिर युवक अपने साथी के साथ बिना नंबर प्लेट की गाड़ी में हथियारों से लैस होकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए घूम रहा है।

    आउटर बाईपास पर घेराबंदी कर दबोचे आरोपी

    सूचना मिलते ही पुलिस एक्शन मोड में आ गई और आउटर बाईपास पर गाँव ब्राह्मणवास-सांघी रोड के पास तुरंत नाकाबंदी कर गाड़ियों की चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान ब्राह्मणवास की तरफ से आ रही एक संदिग्ध बिना नंबर की गाड़ी को पुलिस ने घेरा और उसमें सवार दो युवकों को शक के आधार पर हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उनकी पहचान ब्राह्मणवास निवासी प्रशांत उर्फ पुष्कर और सांघी निवासी आकाश उर्फ गोलू के रूप में हुई।

    तलाशी में मिला हथियारों का जखीरा और नंबर प्लेट्स

    जब पुलिस ने नियमानुसार दोनों बदमाशों की तलाशी ली, तो उनके पास से कुल 5 अवैध देसी पिस्तौल/कट्टे और 25 जिंदा कारतूस (रौंद) बरामद हुए। इनमें प्रशांत के पास से 1 पिस्तौल व 12 कारतूस और आकाश के पास से 4 पिस्तौल व 13 कारतूस मिले। इसके अलावा पुलिस ने गाड़ी से दो नंबर प्लेट्स भी बरामद की हैं, जिन्हें वे वारदात के बाद पुलिस को चकमा देने के लिए बदलने वाले थे। इस संबंध में थाना सदर में मुकदमा नंबर 125/2026 दर्ज किया गया है और जांच पीएसआई सीमंत को सौंपी गई है।

    हत्या और जानलेवा हमले के पुराने मुकदमों में हैं नामजद

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़े गए दोनों आरोपी बेहद शातिर और आदतन अपराधी हैं। आरोपी आकाश उर्फ गोलू के खिलाफ पहले से ही हत्या का प्रयास (अटेंप्ट टू मर्डर), पुलिस मुठभेड़ और अवैध हथियार रखने जैसे करीब 8 संगीन मामले दर्ज हैं। वहीं, उसके दूसरे साथी प्रशांत उर्फ पुष्कर पर भी पहले से हत्या (मर्डर) का एक गंभीर मामला दर्ज है। पुलिस अब रिमांड के दौरान यह पता लगाने में जुटी है कि ये हथियार कहाँ से लाए गए थे और इनका निशाना कौन था।

    #RohtakNews #RohtakPolice #CIARohtak #CrimeNews #IllegalWeapons #HaryanaCrime #Encounter Specialist #DanikKhabar

  • WhatsApp Image 2026-05-15 at 7.54.16 PM.jpg

    हिसार में भीषण सड़क हादसा: दो ट्रकों की भिड़ंत के बाद लगी आग, लापरवाही बनी हादसे की वजह

    हिसार, 15 मई (अन्‍नू): हिसार के साउथ बाइपास पर सेक्टर-33 के पास शुक्रवार यानि आज दोपहर एक हृदयविदारक घटना घटी, जहाँ दो ट्रकों की आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि भिड़ंत के तुरंत बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि एक ट्रक का चालक केबिन में ही फंस गया और उसे बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला, जिससे वह जिंदा जल गया। मृतक की पहचान फतेहाबाद के गांव चिंदड़ निवासी जगन (पुत्र बलबीर) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि जगन तोशाम के खानक से रोड़ी भरकर सिरसा की ओर जा रहा था।


    परिवार का इकलौता सहारा था मृतक जगन

    इस हादसे ने एक हंसते-खेलते साधारण परिवार को गहरे जख्म दिए हैं। गांव के सरपंच ने बताया कि 21 वर्षीय जगन अपने पिता का इकलौता बेटा था और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। जगन की शादी करीब चार साल पहले हुई थी और उसका एक तीन साल का मासूम बेटा भी है। साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि वाले इस परिवार के पास आय का कोई बड़ा साधन नहीं है, पिता भी गांव में मजदूरी करते हैं। इस असमय मौत से चिंदड़ गांव में मातम छा गया है।


    कटर से काटकर निकाला गया शव

    हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुँचीं। आग बुझाने के बाद देखा गया कि ट्रक का केबिन बुरी तरह पिचक चुका था, जिसमें चालक दब गया था। शव इतनी बुरी तरह जल चुका था और केबिन में फंसा था कि उसे निकालने के लिए लोहे के कटर का इस्तेमाल करना पड़ा। पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद शव के अवशेषों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया। राहगीरों और निजी गाड़ी वालों की मदद से मृतक की शिनाख्त हो सकी।



    रॉन्ग साइड और लापरवाही बनी हादसे की वजह

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक ट्रक गलत दिशा (रॉन्ग साइड) से आ रहा था, जिसके कारण यह सीधी टक्कर हुई। दुर्घटना के बाद दूसरे ट्रक में सवार चालक सहित तीन लोग मौके से फरार हो गए। पुलिस अब ट्रक नंबर के आधार पर उनकी तलाश कर रही है। बताया जा रहा है कि डीजल टैंक फटने या रिसाव के कारण आग ने तुरंत विकराल रूप ले लिया था। सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और हाईवे पर यातायात को सुचारू करवाया।



    #HisarNews #RoadAccident #HaryanaPolice #FatehabadNews #TruckAccident #FireTragedy #HighwaySafety #BreakingNews #DanikKhabar

  • HIVnBi1aMAAlXVZ.jpg

    दिल्ली: मोबाइल शोरूम में सेंधमारी करने वाला मेवात गैंग का शातिर अपराधी गिरफ्तार

    नई दिल्ली, 15 मई (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (न्यू दिल्ली रेंज) ने मेवात क्षेत्र के एक कुख्यात अपराधी और घोषित अपराधी (PO) को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। दिल्ली पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 44 वर्षीय निजाम उर्फ 'केकड़ा' के रूप में हुई है, जो हरियाणा के नूंह (मेवात) जिले का रहने वाला है। वह साल 2024 में महिपालपुर स्थित 'खुशी कम्युनिकेशन' नामक मोबाइल शोरूम का शटर काटकर करीब 35 लाख रुपये के मोबाइल और एक्सेसरीज चोरी करने की सनसनीखेज वारदात में शामिल था।



    अदालत ने घोषित किया था भगोड़ा

    प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी। पुलिस ने पहले ही इस गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी के 102 मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल वाहन बरामद कर लिया था, लेकिन निजाम लगातार फरार चल रहा था। बार-बार ठिकाने बदलने और गिरफ्तारी से बचने के कारण पटियाला हाउस कोर्ट ने इसी साल 20 अप्रैल 2026 को उसे 'घोषित अपराधी' (Proclaimed Offender) करार दिया था।


    मेवात में 10 दिनों तक पुलिस टीम ने डाला डेरा

    एसीपी उमेश बर्थवाल और इंस्पेक्टर राकेश शर्मा के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए मैन्युअल और तकनीकी निगरानी का सहारा लिया। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पुलिस टीम ने मेवात के दुर्गम इलाकों में लगातार 10 दिनों तक डेरा डाले रखा। आखिरकार, पुख्ता जानकारी के आधार पर टीम ने घेराबंदी कर निजाम को उसके क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।



    हत्या और चोरी जैसे आधा दर्जन मामलों में शामिल

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, निजाम एक शातिर अपराधी है और मेवात के 'हयात उर्फ लंबू' गैंग का सक्रिय सदस्य है। यह गैंग दिल्ली-NCR में शटर काटकर दुकानों में चोरी करने के लिए कुख्यात है। आरोपी के खिलाफ दिल्ली और हरियाणा में हत्या, सेंधमारी और चोरी जैसे 6 संगीन आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है ताकि इस गैंग द्वारा की गई अन्य वारदातों और उनके साथियों का पता लगाया जा सके।



    #DelhiPolice #CrimeBranch #MewatGang #MobileTheft #Arrested #DelhiNews #NuhNews #CrimeUpdate #BreakingNews #DanikKhabar

  • HIBTxICakAAwxv_.jpg

    दिल्ली: तिलक नगर पुलिस की बड़ी कामयाबी: चोरी और वाहन चोरी के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़; तीन आरोपी गिरफ्तार

    नई दिल्ली, 11 मई (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, तिलक नगर थाने के सतर्क स्टाफ ने दो अलग-अलग ऑपरेशनों के दौरान मध्य प्रदेश के इंदौर के रहने वाले तीन आरोपियों को दबोचा है। पुलिस ने इनके पास से चोरी की तीन मोटरसाइकिलें, 2,29,500 रुपये की नकद राशि और घर के ताले तोड़ने वाले उपकरण बरामद किए हैं। इस कार्रवाई से तिलक नगर, राजौरी गार्डन, बिंदापुर और रंजीत नगर थानों में दर्ज चोरी के कुल 5 मामलों को सुलझा लिया गया है।



    केस-1: 19,500 रुपये और चोरी की मोटरसाइकिल के साथ एक गिरफ्तार

    प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, 8 मई 2026 की शाम को तिलक नगर पुलिस की टीम न्यू महावीर नगर इलाके में गश्त पर थी। इसी दौरान गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर एक संदिग्ध को मोटरसाइकिल सहित पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से 19,500 रुपये नकद मिले। आरोपी की पहचान 40 वर्षीय बोंडी सिंह उर्फ रघुवीर (निवासी इंदौर, मध्य प्रदेश) के रूप में हुई। जांच में पता चला कि वह जो यामाहा FZ मोटरसाइकिल चला रहा था, वह राजौरी गार्डन इलाके से चोरी की गई थी।



    केस-2: भागते हुए पकड़े गए दो शातिर चोर; 2.10 लाख रुपये बरामद

    दिल्ली पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उसी दिन एक अन्य कार्रवाई में पुलिस ने मुखर्जी पार्क के पास दो संदिग्धों को मोटरसाइकिल पर आते देखा। पुलिस को देखकर आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन संतुलन बिगड़ने से वे गिर पड़े और पकड़े गए। इनकी पहचान कुंदन सिंह (26 वर्ष) और कुणाल उर्फ बलवीर सिंह (25 वर्ष) के रूप में हुई।

    पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने चंद्र नगर इलाके में एक बंद घर का ताला तोड़कर बड़ी चोरी की थी। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने 2,10,000 रुपये नकद और चोरी की दो मोटरसाइकिलें (होंडा शाइन और हीरो डीलक्स) बरामद कीं। इनके पास से घर तोड़ने के औजार भी मिले हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ये दोनों आरोपी पहले भी चोरी के कई मामलों में शामिल रहे हैं।



    पुलिस टीम और आगामी जांच

    डीसीपी (पश्चिम जिला) दराडे शरद भास्कर (IPS) के अनुसार, इस सफल ऑपरेशन को तिलक नगर एसएचओ के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल करण सिंह, राकेश, बबलू राम मीणा और अरविंद की टीम ने अंजाम दिया। पुलिस अब इन आरोपियों के अन्य साथियों और चोरी का माल खरीदने वालों (Receivers) की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन्होंने दिल्ली के अन्य किन इलाकों में वारदातों को अंजाम दिया है।



    #DelhiPolice #CrimeBranch #TilakNagar #TheftRecovery #VehicleTheft #DelhiCrime #PoliceAction #WestDelhi #BreakingNews #IndoreGang #DanikKhabar

  • HHXpY2RbEAAAVXu (1).jpg

    2 करोड़ की रंगदारी मामला: नंदू गैंग का मुख्य शूटर कप्तान उर्फ तन्ना दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार

    नई दिल्ली, 04 मई (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नजफगढ़ निवासी 33 वर्षीय कप्तान उर्फ तन्ना को गिरफ्तार किया है, जो कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग का एक प्रमुख सदस्य है। दिल्ली पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह आरोपी छावला थाने में दर्ज 2 करोड़ रुपये की रंगदारी के एक सनसनीखेज मामले में वांछित था। जब पीड़ित ने पैसे देने से मना कर दिया, तो इस गैंग ने उसके घर की रेकी की और डराने के लिए वहां फायरिंग की साजिश रची, जिसमें कप्तान ने हथियार सप्लाई करने और साजिश को सुविधाजनक बनाने में मुख्य भूमिका निभाई थी।



    लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस को दे रहा था चकमा


    गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने छिपने के ठिकाने बदल रहा था। दिल्ली पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, क्राइम ब्रांच की WR-II टीम ने तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर नजफगढ़ के दीनपुर इलाके में जाल बिछाकर उसे उस समय दबोच लिया जब वह वहां आने वाला था। इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर सतीश मलिक कर रहे थे।



    10 से अधिक संगीन मामलों में शामिल रहा है आरोपी


    कप्तान उर्फ तन्ना कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि एक आदतन अपराधी है। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती और रंगदारी जैसे 10 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं:



    अपराधिक शुरुआत: उसने 2012 में मोटरसाइकिल चोरी के दो मामलों से अपराध की दुनिया में कदम रखा।


    गैंग से जुड़ाव: 2017 में वह अपने बचपन के दोस्त दारा सिंह उर्फ धारा के संपर्क में आया और 'आसान पैसा और नाम' कमाने के लिए उसके गैंग में शामिल हो गया।


    प्रमुख वारदातें: उसने 2017 में ही एक कॉन्ट्रैक्टर से 20 लाख और एक जौहरी से 30 लाख रुपये की रंगदारी वसूलने के लिए उनके घरों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी।

    एक मामले में तो फायरिंग के दौरान पीड़ित के पालतू कुत्ते को भी गोली लग गई थी।


    नंदू गैंग के लिए करता था हथियारों की सप्लाई


    दिल्ली पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, हालिया मामले में यह खुलासा हुआ कि कप्तान ने ही फायरिंग करने वाले शूटरों को अवैध हथियार मुहैया कराए थे। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने पीड़ित को व्हाट्सएप वीडियो भेजकर जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस इस मामले में शामिल अन्य सह-आरोपियों और गैंग के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए आगे की जांच कर रही है।




    #DelhiPolice #CrimeBranch #NanduGang #ExtortionCase #NajafgarhNews #CriminalArrested #DelhiCrimeUpdate #LawAndOrder #DanikKhabar

  • WhatsApp Image 2026-05-01 at 2.59.01 PM.jpg

    मोगा डीसी ऑफिस पर खालिस्तानी झंडा फहराने के दोषियों को सजा, NIA कोर्ट का बड़ा फैसला

    पंजाब, 01 मई (अन्‍नू): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, मोहाली की विशेष अदालत ने साल 2020 में पंजाब के मोगा स्थित उपायुक्त (DC) कार्यालय पर खालिस्तानी झंडा फहराने के मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है. दोषी पाए गए व्यक्तियों की पहचान मोगा निवासी इंदरजीत सिंह और जसपाल सिंह के रूप में हुई है. अदालत ने इन दोनों को 5 साल और 6 महीने के कारावास की सजा सुनाई है और साथ ही प्रत्येक पर 16,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है. इन दोषियों पर आईपीसी, यूए(पी) एक्ट और राष्ट्रीय सम्मान के अपमान निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है.


    देशभक्ति के माहौल में खलल डालने की साजिश

    NIA द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह घटना 14 अगस्त 2020 की है, जब स्वतंत्रता दिवस समारोह से ठीक एक दिन पहले इन दोनों ने प्रशासनिक परिसर में घुसकर इमारत की छत पर लोहे के खंभे पर खालिस्तानी झंडा फहरा दिया था. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने न केवल प्रतिबंधित झंडा फहराया, बल्कि भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का भी अपमान किया था. उन्होंने तिरंगे की रस्सी काटकर उसे जमीन पर गिरा दिया और फिर उसे रस्सी से घसीटा था. इस शर्मनाक कृत्य को अंजाम देने के पीछे प्रतिबंधित संगठन 'सिख्स फॉर जस्टिस' (SFJ) के पन्नून का हाथ था.


    विदेशी आकाओं के इशारे पर रची गई साजिश

    प्रेस नोट के मुताबिक, NIA की जांच में खुलासा हुआ है कि यह पूरी वारदात आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नून और उसके सहयोगियों के उकसावे पर नकद इनाम के लालच में की गई थी. पन्नून ने अगस्त 2020 में सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर भारतीय युवाओं को सरकारी इमारतों पर खालिस्तानी झंडे फहराने के लिए उकसाया था और इसके लिए भारी भरकम डॉलर में इनाम देने की घोषणा की थी. इस मामले में पन्नून और उसका सहयोगी हरप्रीत सिंह अभी भी फरार हैं और उन्हें अदालत द्वारा पहले ही घोषित अपराधी (PO) घोषित किया जा चुका है. फिलहाल NIA इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ अपनी जांच जारी रखे हुए है.

    #BreakingNews #ExclusiveNews #NIACourtVerdict #PunjabPolice #MogaCase #NationalPride #IndianFlag #KhalistanExposed #SFJ #LawAndOrder #AntiTerrorOperation #JusticeDelivered #DanikKhabarNIA #NIAUpdate #PunjabNewsUpdate #SecurityForces #NationalHonourAct #LatestCrimeNews #DanikKhabar

  • cbi 1.jpg

    झारखंड: 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन का मैनेजर गिरफ्तार, CBI ने रंगे हाथों दबोचा

    नई दिल्ली/झारखंड, 25 अप्रैल (अन्‍नू): सीबीआई (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हजारीबाग स्थित सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के मैनेजर को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 24 अप्रैल 2026 को की गई। मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी मैनेजर ने शिकायतकर्ता से उसे मिले काम (awarded work) को जारी रखने की एवज में रिश्वत की मांग की थी।



    ट्रैप लगाकर बिछाया जाल

    शिकायतकर्ता की सूचना पर सीबीआई ने मामले को गंभीरता से लिया और 23 अप्रैल 2026 को आरोपी मैनेजर के खिलाफ केस दर्ज किया। इसके बाद सीबीआई ने एक विशेष जाल (ट्रैप) बिछाया। जैसे ही मैनेजर ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की 1 लाख रुपये की रकम स्वीकार की, सीबीआई की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है।


    भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए संपर्क

    करें सीबीआई ने जनता से अपील की है कि यदि उनके पास केंद्र सरकार के विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs), बैंकों, बीमा कंपनियों, सीसीएल (CCL) या रेलवे में भ्रष्टाचार से जुड़ी कोई शिकायत है, तो वे बेझिझक संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए रांची स्थित सीबीआई (ACB) कार्यालय के निम्नलिखित नंबरों पर सूचना दी जा सकती है:

    फोन नंबर (ऑफिस): 0651-2360093
    मोबाइल नंबर: 9470590422


    #CBIRaid #CorruptionFreeIndia #HazaribaghNews #CentralWarehousingCorporation #AntiCorruption #BribeCase #CBIAction #JharkhandNews #CorruptionAlert

  • cbi.jpg

    कोलकाता अपहरण कांड: 12 साल से फरार वांटेड अपराधी सूरत से गिरफ्तार, सीबीआई को मिली बड़ी कामयाबी

    कोलकाता, 14 अप्रैल (अन्‍नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सोमवार को एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात अपराधी भोला सिंह उर्फ गौतम कुमार को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले कई वर्षों से अपनी असली पहचान छिपाकर 'अमित शर्मा' के नाम से फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर रहा था। सीबीआई ने एक गुप्त सूचना के आधार पर ठोस रणनीति बनाई और सूरत में दबिश देकर उसे धर दबोचा।


    2014 से लापता थे कोलकाता के दो निवासी


    यह पूरा मामला साल 2014 का है, जब कोलकाता के दो निवासी रहस्यमयी ढंग से लापता हो गए थे। हाई कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने 2015 में इस अपहरण कांड की जांच शुरू की थी। आरोपी भोला सिंह तभी से पुलिस और जांच एजेंसियों की पकड़ से बाहर चल रहा था। इस अपहरण केस के अलावा, बिहार पुलिस को भी उसकी 11 अलग-अलग आपराधिक मामलों में तलाश थी, जिनमें हत्या का प्रयास, कत्ल, अपहरण और अवैध हथियार व विस्फोटक रखने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।


    ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता ले जाएगी सीबीआई


    गिरफ्तारी के बाद आरोपी भोला सिंह को सोमवार को सूरत की स्थानीय अदालत में पेश किया गया। सीबीआई ने उसे कोलकाता ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की मांग की है। अधिकारियों के मुताबिक, उसे कल कोलकाता की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ पूछताछ और कस्टोडियल इन्वेस्टिगेशन के लिए पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी। सीबीआई को उम्मीद है कि भोला सिंह से पूछताछ में 2014 से गायब लोगों के बारे में अहम सुराग मिल सकते हैं।



    #CBINews #KolkataAbductionCase #CrimeUpdate #BholaSinghArrested #CBIInvestigation #SuratNews #BreakingNews #JusticeForKolkata

  • WhatsApp Image 2026-04-14 at 12.42.29 PM.jpg

    अमृतसर पुलिस की बड़ी कामयाबी: अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार

    अमृतसर, 14 अप्रैल (अन्‍नू): अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार से होने वाली हथियारों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों को धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों के पास से 6 अत्याधुनिक पिस्तौल बरामद की गई हैं। प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये आरोपी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान में बैठे हथियार तस्करों के सीधे संपर्क में थे और वहां से हथियारों की खेप मंगवा रहे थे।



    पंजाब के अपराधियों को हथियार सप्लाई करने की साजिश


    डीजीपी गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) के माध्यम से इस सफलता की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह गिरोह सीमा पार से अवैध हथियार मंगवाकर पंजाब में सक्रिय अपराधियों और गैंगस्टरों को सप्लाई करता था। बरामद की गई पिस्तौलों को भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भेजा जाना था। इस नेटवर्क के टूटने से पंजाब में अपराध की बड़ी साजिशों पर लगाम लगने की उम्मीद है।


    थाने में मामला दर्ज और आगे की कार्रवाई


    पुलिस ने इस मामले में अमृतसर के कैंटोनमेंट थाने में आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच अधिकारी अब इस गिरोह के 'बैकवर्ड' और 'फॉरवर्ड' लिंक्स खंगालने में जुटे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितनी खेप मंगवाई जा चुकी है और इस तस्करी के पीछे कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं।


    सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर


    पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से चल रहे इन अवैध नेटवर्क्स को खत्म करने के लिए तकनीकी और खुफिया एजेंसियों की मदद ली जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह केवल एक शुरुआत है और इस पूरे अंतरराष्ट्रीय गिरोह को जड़ से खत्म करने के लिए व्यापक स्तर पर छापेमारी की जाएगी। राज्य की सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क है।



    #AmritsarPolice #PunjabPolice #InternationalArmsSmuggling #BorderSecurity #DGPPunjab #CrimeNews #SocialMediaSurveillance #NationalSecurity #DanikKhabar #DanikKhabarPunjab

  • HFrglZaboAAZ-tV.jpg

    14 साल से फरार यूपी का खूंखार गैंगस्टर अर्जुन पासी गिरफ्तार, दिल्ली क्राइम ब्रांच को मिली बड़ी कामयाबी

    नई दिल्ली, 12 अप्रैल (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (सेंट्रल रेंज) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए उत्तर प्रदेश के गोंडा निवासी कुख्यात अपराधी अर्जुन प्रसाद उर्फ अर्जुन पासी को गिरफ्तार कर लिया है। 44 वर्षीय यह आरोपी साल 2012 से दिल्ली और पंजाब में डकैती और लूट के कई जघन्य मामलों में वांछित था। करीब 14 वर्षों तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकने वाला यह अपराधी अंततः कानून के शिकंजे में आ गया है।


    लंबी फरारी और वारदातों का सिलसिला


    अर्जुन पासी एक शातिर और आदतन अपराधी है, जो पिछले कई सालों से विभिन्न राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उस पर दिल्ली के पंजाबी बाग, मोती नगर और पंजाब के लुधियाना स्थित मॉडल टाउन थाने में डकैती और लूट के गंभीर मामले दर्ज हैं। आरोपी इतना चालाक था कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना पुश्तैनी गांव तक छोड़ दिया था और गोंडा के जानकी नगर की एक नई कॉलोनी में अपनी पहचान बदलकर रह रहा था।


    सूझबूझ और सुनियोजित तरीके से दबोचा


    इस गिरफ्तारी के पीछे क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम की कड़ी मेहनत है। एसीपी सतेंद्र मोहन की देखरेख में इंस्पेक्टर सुनील कलखांडे और उनकी टीम ने तकनीकी निगरानी और जमीनी खुफिया जानकारी के आधार पर जाल बुछाया। 11 अप्रैल 2026 को सटीक सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने गोंडा में दबिश दी और घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। आरोपी को अदालत द्वारा पहले ही भगोड़ा (पीओ) घोषित किया जा चुका था।


    चौंकाने वाले खुलासे और अनसुलझी गुत्थियां


    पूछताछ के दौरान अर्जुन पासी ने कई बड़ी वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। 2012 में उसने पंजाबी बाग के एक बंगले में मां-बेटे को बंधक बनाकर 400 ग्राम सोना लूटा था। वहीं, 2016 में उसने मोती नगर के एक घर में एक नाबालिग को घरेलू नौकर बनाकर भेजा और वहां से 25 लाख के गहने और एक लाइसेंसी पिस्तौल चोरी करवाई थी। यह मामला अब तक अनसुलझा था। इसके अलावा, 2018 में लुधियाना में उसने अपने गैंग के साथ मिलकर 40 लाख रुपये नगद और सवा किलो सोना लूटने की वारदात को अंजाम दिया था।



    शातिराना 'मोडस ऑपरेंडी' और गिरोह का जाल


    अर्जुन पासी का गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम करता था। गिरोह के सदस्य सबसे पहले किसी घर में नाबालिग को नौकर के रूप में रखते थे, जो घर की तिजोरी और सदस्यों की दिनचर्या की पूरी जानकारी जुटाता था। इसके बाद रात के समय गिरोह के अन्य सदस्य हथियारबंद होकर धावा बोलते थे। लूटे गए सोने को ठिकाने लगाने के लिए गोंडा का एक सुनार अनिल सोनी इनका मुख्य साथी था। अर्जुन के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, यूपी और पंजाब में डकैती, चोरी और आर्म्स एक्ट के करीब 20 मामले दर्ज हैं।



    #DelhiCrimeBranch #Arrested #GangsterArjunPasi #DelhiPolice #CrimeNewsHindi #GondaPolice #BreakingNewsIndiaa #DanikKhabar #DanikKhabarDelhi

  • HFhSwxybQAEB80t.jpg

    दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: भारी मात्रा में एक्सपायरी फूड और कॉस्मेटिक्स जब्त; सस्ते के लालच में लोगों की सेहत से खेल रहा था दुकानदार

    नई दिल्ली, 10 अप्रैल (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (सेंट्रल रेंज) ने कापसहेड़ा बॉर्डर के पास एक ऐसी दुकान का भंडाफोड़ किया है, जहाँ नामी ब्रांड्स के एक्सपायरी (तारीख निकले हुए) खाद्य पदार्थ और कॉस्मेटिक्स धड़ल्ले से बेचे जा रहे थे। इस ऑपरेशन में पुलिस ने लगभग 900 किलोग्राम राशन और 2,000 किलोग्राम खराब हो चुके डेयरी उत्पाद बरामद किए हैं। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी अब्दुल मन्नान खान उर्फ मोनू को गिरफ्तार कर लिया है।


    नकली ग्राहक भेजकर बिछाया जाल

    क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि कापसहेड़ा बॉर्डर के पास एक दुकानदार भारी डिस्काउंट के नाम पर एक्सपायरी सामान बेच रहा है। एसीपी सत्येंद्र मोहन के सुपरविजन और इंस्पेक्टर यशेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। पुलिस ने जाल बिछाते हुए 'डमी कस्टमर' (नकली ग्राहक) दुकान पर भेजे। जब खरीदे गए सामान की जांच की गई, तो पाया गया कि सभी उत्पाद एक्सपायर हो चुके थे। इसके तुरंत बाद पुलिस ने दुकान पर छापा मारा और आरोपी को दबोच लिया।



    बरामद सामान की लिस्ट (बड़े ब्रांड्स के नाम शामिल):

    छापेमारी के दौरान राजधानी और फॉर्च्यून ब्रांड के मैदा-सूजी, सुप्रीम हार्वेस्ट का पोहा, एवरेस्ट और गोल्डी के मसाले, नेस्ले के बेबी फूड सप्लीमेंट और भारी मात्रा में कॉस्मेटिक्स जब्त किए गए। मौके पर मौजूद खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने करीब 2,000 किलो दही और पनीर को तुरंत नष्ट करवा दिया, क्योंकि वे पूरी तरह खराब हो चुके थे।



    मोडस ऑपेरंडी: कबाड़ के दाम पर खरीद, मुनाफे पर बिक्री

    पूछताछ में आरोपी अब्दुल मन्नान ने खुलासा किया कि वह अलग-अलग वेयरहाउस से एक्सपायरी या डैमेज होने वाला सामान कौड़ियों के दाम पर खरीदता था। इसके बाद वह इन सामानों को अपनी दुकान पर भारी डिस्काउंट के साथ बेचता था ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्राहक आकर्षित हों। आरोपी पहले सब्जी की रेहड़ी लगाता था, जहाँ उसे वेयरहाउस के लोगों के जरिए इस काले कारोबार की जानकारी मिली।



    कानूनी कार्रवाई

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम (2006) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मौके पर एक महिला ग्राहक ने भी शिकायत दर्ज कराई कि उसने एक दिन पहले ही वहां से सामान खरीदा था, जो एक्सपायरी निकला। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी को यह एक्सपायरी माल कौन-कौन से वेयरहाउस से सप्लाई किया जा रहा था।


    #DelhiPolice #CrimeBranch #Exposed #PublicHealth #ExpiredFood #ConsumerAlert #DelhiCrime #SafetyFirst #FakeProducts #Kapashera #ActionAgainstCrime #DanikKhabar

  • WhatsApp Image 2026-04-10 at 8.19.43 AM.jpg

    पंजाब सरकार का 'ऑपरेशन प्रहार': 28 बड़े गैंगस्टरों की सूची जारी, गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा पर भारी इनाम

    पंजाब, 10 अप्रैल (अन्‍नू): पंजाब में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार ने गैंगस्टरों के खिलाफ एक बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड, आरपीजी अटैक और हालिया बाबा सिद्दीकी हत्याकांड जैसे संगीन अपराधों में शामिल आरोपियों को निशाना बनाया गया है। इन गैंगस्टरों के तार पंजाब के अलावा चंडीगढ़, राजस्थान और महाराष्ट्र तक फैले हुए हैं। सरकार ने अब इन 28 कुख्यात अपराधियों के खिलाफ पब्लिक नोटिस जारी करते हुए इनके बारे में सटीक जानकारी देने वालों को उचित इनाम देने की घोषणा की है।



    9 टॉप गैंगस्टरों पर 10-10 लाख का इनाम

    सरकार की प्राथमिकता सूची में वे 9 बड़े नाम शामिल हैं जो पिछले 4-5 वर्षों से विदेशों में बैठकर आईएसआई (ISI) जैसी एजेंसियों की मदद से पंजाब की शांति भंग करने की साजिश रच रहे हैं। ये अपराधी सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को अपराध की राह पर धकेलने का काम भी करते हैं। इन मुख्य नामों में सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़, लखबीर सिंह लांडा, हरविंदर सिंह सिद्धू और रोहित गोदारा जैसे नाम शामिल हैं। इन पर 10-10 लाख रुपए का भारी इनाम घोषित किया गया है, ताकि इनके बारे में ठोस सूचना प्राप्त कर कानूनी शिकंजा कसा जा सके।


    19 अन्य अपराधियों पर भी इनाम घोषित

    मुख्य गैंगस्टरों के अलावा पुलिस ने 19 अन्य अपराधियों की भी पहचान की है जिन पर 5-5 लाख रुपए का इनाम रखा गया है। इस सूची में हेरी बॉक्सर, आदित्य कपूर और मनप्रीत सिंह जैसे नाम शामिल हैं जो विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में वांछित हैं। सरकार का उद्देश्य इन अपराधियों के जमीनी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है। पुलिस का मानना है कि जनता के सहयोग और इस आर्थिक प्रोत्साहन से इन छिपे हुए अपराधियों तक पहुँचने में बड़ी सफलता मिल सकती है।



    ऑपरेशन प्रहार की सफलता के आंकड़े

    पंजाब पुलिस इस साल की शुरुआत से ही 'ऑपरेशन प्रहार' के जरिए अपराधियों पर दबाव बनाए हुए है। साल 2026 की शुरुआत में ही 72-72 घंटों के दो विशेष अभियान चलाए गए। पहला ऑपरेशन 20 जनवरी से 22 जनवरी 2026 के बीच चला, जिसमें 3,256 संदिग्धों को दबोचा गया। वहीं 'प्रहार-2' के दौरान प्रदेश भर में 8,000 ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिसके परिणामस्वरूप 3,260 गिरफ्तारियां हुईं। इन अभियानों में गैंगस्टरों के मददगारों के साथ-साथ 135 भगोड़े (Proclaimed Offenders) भी पुलिस की गिरफ्त में आए हैं।



    #PunjabPolice #OperationPrahar #AntiGangsterTaskForce #GoldyBrar #RohitGodara #PunjabNews #LawAndOrder #ActionAgainstCrime #DanikKhabar

  • cbi 1.jpg

    रिश्वतखोरी पर CBI का शिकंजा: जीएसटी विभाग के अधीक्षक और इंस्पेक्टर गिरफ्तार, पकड़े जाने के डर से टॉयलेट में बहाई रिश्वत

    तमिलनाडु,  9 अप्रैल (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के एक मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए वस्तु एवं सेवा कर (GST) विभाग के एक अधीक्षक (Superintendent) और एक इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई तमिलनाडु के रानीपेट रेंज में की गई। सीबीआई ने 7 अप्रैल 2026 को एक शिकायत के आधार पर अधीक्षक के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिसमें आरोप था कि आरोपी ने जीएसटी पंजीकरण (GST Registration) की प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के बदले में 30,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।



    मोलभाव के बाद 15,000 में तय हुआ सौदा

    शिकायतकर्ता के साथ बातचीत के बाद आरोपी अधीक्षक 15,000 रुपये की रिश्वत लेने के लिए राजी हो गया। सीबीआई ने जाल बिछाते हुए 7 अप्रैल को कार्रवाई की और अधीक्षक को 15,000 रुपये की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।



    इंस्पेक्टर ने टॉयलेट में बहाए पैसे

    इस कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद जीएसटी इंस्पेक्टर की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। जैसे ही इंस्पेक्टर ने सीबीआई की टीम को देखा, उसने रिश्वत की रकम को छिपाने के लिए उसे टॉयलेट कमोड में डालकर फ्लश कर दिया। हालांकि, सीबीआई की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए टॉयलेट से रिश्वत की रकम को बरामद कर लिया। इस घटना के बाद सीबीआई ने अधीक्षक और इंस्पेक्टर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।


    भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत की अपील

    सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सेवाओं में भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संस्था ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी लोक सेवक उनसे रिश्वत की मांग करता है, तो वे तुरंत इसकी जानकारी सीबीआई कार्यालय को दें। शिकायतकर्ता चेन्नई स्थित सीबीआई कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जाकर या फोन नंबर 044-28273186 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।



    #CBIRaid #GSTCorruption #BribeCase #AntiCorruption #RanipetNews #BreakingNews #CentralBureauOfInvestigation #TamilNaduNews #DanikKhabar

  • WhatsApp Image 2026-04-09 at 1.37.30 PM.jpg

    दिल्ली: पुलिस ने दबोचे दो शातिर सेंधमार, चोरी के जेवरात और ताले तोड़ने के औजार भी बरामद

    नई दिल्ली, 9 अप्रैल (अन्‍नू): बाहरी दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में 5 अप्रैल को हुई एक बड़ी चोरी की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने दो पेशेवर चोरों को गिरफ्तार किया है। वारदात के बाद पुलिस की 'एंटी स्नैचिंग और चोरी निरोधक सेल' ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जिसमें दो संदिग्ध चोरी करते हुए नजर आए। इसके बाद मुखबिरों की सूचना पर पुलिस ने ज्वालापुरी और निहाल विहार में जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को उस समय धर दबोचा जब वे चोरी का सामान बेचने की फिराक में थे।


    पुराने नोट और गहने हुए बरामद

    पकड़े गए आरोपियों की पहचान युगल किशोर उर्फ 'गूगल' और प्रमोद उर्फ 'बिहारी' के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से सोने की चेन, अंगूठियां, कान की बालियां और चांदी की पायल बरामद की है। इनके पास से ₹1 के 13 पुराने कागजी नोट और चांदी के मनके भी मिले हैं। इसके अलावा, चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार जैसे लोहे की रॉड, पेचकश और प्लास भी पुलिस ने जब्त कर लिए हैं।


    नशे के लिए करते थे वारदातों को अंजाम

    पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे चोरी के पैसों को अपनी नशे की लत को पूरा करने के लिए खर्च करते थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, प्रमोद पर पहले से चोरी और सेंधमारी के 16 मामले दर्ज हैं, जबकि युगल किशोर पर 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन्होंने हाल ही में और कितनी जगहों पर हाथ साफ किया है।



    #DelhiPolice #CrimeNews #TheftCase #DelhiUpdate #SafetyAlert #CriminalArrest #OuterDelhi #DanikKhabar

  • HFYA8Eqa8AEf5Ag.jpg

    दिल्ली: एटीएम फ्रॉड गैंग का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 'फेविक्विक' के जरिए 50 से ज्यादा वारदातों को दिया अंजाम

    नई दिल्ली, 9 अप्रैल (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (इंटर स्टेट सेल) ने एटीएम कार्ड धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह के सरगना को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। आरोपी की पहचान 36 वर्षीय रवि कुमार भारती के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के गया जिले का रहने वाला है। रवि दिल्ली के विभिन्न इलाकों में 50 से अधिक धोखाधड़ी की वारदातों और प्रयासों में शामिल रहा है। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से उसे छतरपुर के राजपुर खुर्द इलाके से दबोचा।



    फेविक्विक और फर्जी नंबरों का खेल

    इस गिरोह के काम करने का तरीका (Modus Operandi) बेहद शातिर था। आरोपी सबसे पहले एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट में 'फेविक्विक' (Adhesive) लगा देते थे, जिससे यूजर का कार्ड अंदर ही फंस जाता था। इसके बाद, गिरोह ने एटीएम केबिन में फर्जी 'कस्टमर केयर' नंबर चिपका रखे थे। जब परेशान यूजर उस नंबर पर कॉल करता, तो आरोपी बैंक अधिकारी बनकर बात करते और झांसे में लेकर उसका पिन (PIN) जान लेते थे। बाद में वे फंसे हुए कार्ड को निकालकर धोखाधड़ी से पैसे निकाल लेते थे।



    बुजुर्गों और भोले-भाले लोगों को बनाते थे निशाना

    यह गिरोह मुख्य रूप से उन लोगों को निशाना बनाता था जो तकनीक के मामले में कम जानकार थे या बुजुर्ग थे। हाल ही में पश्चिम विहार के एक निवासी से इसी तरह 35,000 रुपये की ठगी की गई थी, जिसके बाद पुलिस सक्रिय हुई। इस मामले में रवि के दो सहयोगियों, रौशन और पिंटू को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जिन्होंने रवि को अपना सरगना बताया था। रवि पहले भी चोरी और धोखाधड़ी के 7 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।


    जांच में हुए कई बड़े खुलासे

    पुलिस टीम ने रवि की गिरफ्तारी के साथ ही 5 एफआईआर और कई शिकायतों का निपटारा किया है। तकनीकी विश्लेषण से पता चला है कि यह गिरोह दिल्ली भर में 22 से अधिक पीड़ितों से जुड़ा हुआ था। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन और वो कपड़े-जूते भी बरामद किए हैं, जो सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए थे। डीसीपी आदित्य गौतम ने बताया कि इस गिरफ्तारी से दिल्ली में स्ट्रीट लेवल के वित्तीय अपराधों पर लगाम लगेगी।


    #DelhiCrimeBranch #ATMFraud #CyberCrime #DelhiPolice #CrimeUpdate #ATMScam #SafetyAlert #FraudGangs #DanikKhabar

  • fff.jpg

    दिल्ली: द्वारका पुलिस ने परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह को दबोचा, रिमोट एक्सेस से हल कराए जाते थे पेपर

    नई दिल्ली, 9 अप्रैल (अन्‍नू): दिल्ली के द्वारका जिला पुलिस ने ऑनलाइन प्रवेश परीक्षाओं में धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। सेक्टर-23 द्वारका थाना पुलिस की टीम को सूचना मिली थी कि एक इमारत में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। जब पुलिस ने वहां दबिश दी, तो मौके पर कई युवक संदिग्ध हालत में मिले। जांच के दौरान गिरोह का मुख्य सरगना, 28 वर्षीय हर्षवर्धन (निवासी पटना, बिहार) पकड़ा गया, जिसने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए।



    रिमोट सॉफ्टवेयर से होता था खेल

    पकड़े गए आरोपी हर्षवर्धन ने बताया कि वह मुंबई के एक प्रतिष्ठित मैनेजमेंट संस्थान की प्रवेश परीक्षा में उम्मीदवारों को पास कराने का ठेका लेता था। खेल इतना शातिर था कि परीक्षा राजस्थान के जयपुर स्थित एक आईटी लैब में होनी थी, लेकिन हर्षवर्धन दिल्ली में बैठकर रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर के जरिए वहां के कंप्यूटर सिस्टम को नियंत्रित कर रहा था। 7 अप्रैल 2026 को होने वाली इस परीक्षा के लिए उसने सभी एडमिट कार्ड भी पहले से तैयार रखे थे।


    27 'पेपर सॉल्वर' छात्र हिरासत में

    पुलिस ने मौके से 27 से ज्यादा छात्रों को पकड़ा है, जिन्हें इस गिरोह ने 'पेपर सॉल्वर' के रूप में बुलाया था। हर्षवर्धन का साथी 'प्रांजल' इन कॉलेज छात्रों को ऑनलाइन कोचिंग प्लेटफॉर्म के नाम पर झांसा देकर बुलाता था और उन्हें प्रति प्रश्न हल करने के पैसे दिए जाते थे। ये छात्र दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और झारखंड समेत विभिन्न राज्यों के रहने वाले हैं। पुलिस अब इन सभी छात्रों से पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह की गहराई का पता लगाया जा सके।


    मुकदमा दर्ज, जांच जारी

    द्वारका जिला पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब मुख्य सरगना के साथी प्रांजल और जयपुर की उस आईटी लैब के मालिकों की तलाश कर रही है, जिसकी मिलीभगत से यह पूरा रैकेट चल रहा था। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह अब तक कई बड़ी परीक्षाओं में सेंध लगा चुका है। डीसीपी कुशल पाल सिंह ने बताया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।


    #DelhiPolice #ExamScam #DwarkaDistrict #CheatingRacket #OnlineExamFraud #CrimeUpdate #DelhiNews #PaperLeak #DanikKhabar

  • WhatsApp Image 2026-04-08 at 2.13.02 PM.jpg

    अमृतसर: पाकिस्तान से हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़; नाबालिग समेत 4 गिरफ्तार, 7 पिस्तौल बरामद

    पंजाब/अमृतसर, 8 अप्रैल (अन्‍नू): अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार से चल रहे एक अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क को बेनकाब किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में एक नाबालिग सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 7 पिस्तौल, जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।



    अटारी सेक्टर के रास्ते मंगवाते थे हथियार


    शुरुआती जांच में एक चौंकाने वाला तरीका सामने आया है। आरोपी पाकिस्तान स्थित तस्करों के साथ सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में थे। पाकिस्तान से तस्कर हथियारों की खेप भारतीय सीमा के अंदर अटारी सेक्टर में पूर्व निर्धारित स्थानों पर छिपा देते थे। इसके बाद ये आरोपी उन हथियारों को उठाकर स्थानीय अपराधियों और पंजाब के अंदरूनी इलाकों में सप्लाई करते थे।


    छेहरटा थाने में FIR दर्ज


    पुलिस ने इस मामले में अमृतसर के थाना छेहरटा में FIR दर्ज की है। पुलिस अब इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने अब तक कितने हथियार सप्लाई किए हैं और इस नेटवर्क में और कौन-कौन से स्थानीय अपराधी शामिल हैं।


    DGP का बयान: अपराधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस'


    पंजाब के DGP गौरव यादव ने इस सफलता पर कहा कि पंजाब पुलिस अवैध हथियारों और संगठित अपराध के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' (शून्य सहनशीलता) की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने साफ किया कि राज्य की सुरक्षा और शांति को भंग करने वाली किसी भी देशविरोधी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



    #AmritsarPolice #PunjabPolice #ArmsSmuggling #BorderSecurity #BreakingNews #PunjabNews #DGPIndia #CrimeUpdate #PakistanSmuggling #DanikKhabar

  • cbi 1.jpg

    CBI की बड़ी कार्रवाई: नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के मैनेजर और इन्वेस्टिगेटर गिरफ्तार, रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा

    नई दिल्ली/हरियाणा, 8 अप्रैल (अन्‍नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा प्रहार करते हुए नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के एक मैनेजर और एक इन्वेस्टिगेटर को गिरफ्तार किया है। इन पर हरियाणा के मानेसर स्थित एक निजी अस्पताल के लिए 'कैशलेस मेडिकल सुविधा' को दोबारा शुरू करने के बदले 3 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।



    ट्रैप लगाकर ₹1.60 लाख लेते दबोचा


    CBI ने 7 अप्रैल 2026 को शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। जांच में सामने आया कि नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के रीजनल ऑफिस (दिल्ली) द्वारा नियुक्त इन्वेस्टिगेटर ने अस्पताल से अवैध लाभ की मांग की थी।

    सौदा: कुल 3 लाख की मांग की गई थी, जिसमें से 1 लाख रुपये पहले ही दिए जा चुके थे।


    गिरफ्तारी: बातचीत के बाद बाकी की रकम ₹1.60 लाख तय हुई। सीबीआई ने जाल बिछाया और 7 अप्रैल को इन्वेस्टिगेटर को यह रकम लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
    मैनेजर की भूमिका भी आई सामने
    ट्रैप की कार्यवाही के दौरान ही नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के मैनेजर की संलिप्तता के भी पुख्ता सबूत मिले। इसके बाद सीबीआई ने दोनों अधिकारियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है ताकि इस भ्रष्टाचार नेटवर्क की और कड़ियों को जोड़ा जा सके।


    भ्रष्टाचार की शिकायत यहाँ करें


    CBI ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत मांगता है, तो वे इसकी शिकायत सीबीआई के लोधी रोड स्थित दिल्ली कार्यालय में कर सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 011-24367887 पर संपर्क कर सकते हैं।



    #CBI #CorruptionFreeIndia #NationalInsurance #ManesarNews #DelhiCrime #BriberyCase #BreakingNews #HaryanaNews #DanikKhabar

  • 484800580_1090468309764608_2328000813017103058_n.jpg

    दिल्ली: 11 साल की मासूम से छेड़छाड़ करने वाला सब्जी विक्रेता गिरफ्तार, 100 से ज्यादा CCTV खंगालने के बाद चढ़ा हत्थे

    नई दिल्ली, 8 अप्रैल (अन्‍नू): राजधानी दिल्ली के निहाल विहार इलाके में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक 25 वर्षीय सब्जी विक्रेता ने अपने घर के बाहर खड़ी 11 साल की मासूम बच्ची के साथ छेड़छाड़ की। घटना 3 अप्रैल 2026 की है, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। अगले दिन पीड़ित बच्ची के परिजनों ने पुलिस को मामले की सूचना दी।



    POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज


    बच्ची के बयानों और परिजनों की शिकायत के आधार पर निहाल विहार थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बाहरी जिले के डीसीपी विक्रम सिंह के निर्देश पर एसीपी राजबीर लांबा और एसएचओ शीशपाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।



    100 CCTV कैमरों की मदद से आरोपी की पहचान


    आरोपी का पता लगाने के लिए पुलिस टीम ने इलाके के 100 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। कड़ी मेहनत और तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी को लक्ष्मी पार्क के पास देखा गया। पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया और छापेमारी कर आरोपी को धर दबोचा।


    बिहार का रहने वाला है आरोपी


    गिरफ्तार आरोपी की पहचान धर्मेंद्र (25) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले का रहने वाला है। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। वह इलाके में सब्जी बेचने का काम करता था। फिलहाल पुलिस आरोपी को जेल भेजकर मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।


    #DelhiCrime #NihalVihar #OuterDelhi #POCSOAct #DelhiPolice #ChildSafety #CrimeNews #BreakingNews #BiharNews #DanikKhabar

  • HFHnrGaa8AAMVmO.jpg

    दिल्ली के सरकारी अस्पताल से 70 लाख की दवाएं चोरी करने वाला गिरोह बेनकाब: फार्मासिस्ट समेत 5 गिरफ्तार, खुले बाजार में हो रही थी सप्लाई

    नई दिल्ली, 5 अप्रैल (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सरकारी अस्पतालों से मुफ्त वितरण वाली दवाओं की बड़े पैमाने पर चोरी और अवैध बिक्री करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इंस्पेक्टर नीरज शर्मा के नेतृत्व वाली एनआर-II टीम ने इस कार्रवाई में 70 लाख रुपये मूल्य की सरकारी दवाएं बरामद की हैं। पुलिस ने इस मामले में डीडीयू (DDU) अस्पताल के एक फार्मासिस्ट और एक सहायक समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग "GOVT. SUPPLY NOT FOR SALE" मार्क वाली एंटीबायोटिक्स और क्रिटिकल केयर इंजेक्शन खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेच रहे थे।



    तीस हजारी के पास से पकड़ी गई दवाओं की बड़ी खेप, कार और टेंपो भी जब्त


    क्राइम ब्रांच को एसआई प्रीतम चंद के माध्यम से पुख्ता सूचना मिली थी कि सरकारी दवाओं की एक बड़ी खेप सप्लाई होने वाली है। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने 2 अप्रैल को तीस हजारी के राजेंद्र मार्केट में स्थित जय भारत ट्रांसपोर्ट पर छापा मारा। वहां से नीरज कुमार, सुशील कुमार और लक्ष्मण मुखिया को एक महिंद्रा चैंपियन टेंपो और बलेनो कार के साथ रंगे हाथों दबोचा गया। वाहनों की तलाशी लेने पर भारी मात्रा में सरकारी दवाएं बरामद हुईं, जिन्हें अवैध रूप से बाजार में खपाने की तैयारी थी।


    डीडीयू अस्पताल का फार्मासिस्ट निकला मास्टरमाइंड, रिकॉर्ड में हेराफेरी कर उड़ाते थे दवाएं


    पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ के बाद इस गिरोह के गहरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस ने डीडीयू अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट बिनेश कुमार और वहां के संविदा सहायक प्रकाश महतो को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि फार्मासिस्ट बिनेश अस्पताल के स्टॉक रिकॉर्ड में हेराफेरी कर दवाएं कम दिखाता था और उन्हें प्रकाश महतो के जरिए बाहर सप्लाई करवाता था। प्रकाश बिचौलिए के तौर पर काम करता था और यूपीआई (UPI) के माध्यम से वित्तीय लेनदेन संभालता था।



    बरामदगी में 70 लाख की जीवन रक्षक दवाएं शामिल, 1.5 साल से चल रहा था खेल


    पुलिस ने छापेमारी के दौरान सेफिक्साइम (1.18 लाख टैबलेट), एमोक्सिसिलिन, एरिथ्रोपोइटिन इंजेक्शन, मेरोपेनम और रेबीज एंटीसिरम जैसे महंगे और जरूरी इंजेक्शन बरामद किए हैं। मुख्य आरोपी नीरज कुमार, जो सहारनपुर में 'आदित्य फार्मेसी' चलाता है, पिछले डेढ़ साल से दिल्ली के सरकारी अस्पतालों से चोरी की गई इन दवाओं को विभिन्न शहरों के ब्रोकरों के माध्यम से बेच रहा था। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और उनके बैंक ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच कर रही है।


    आरोपियों का प्रोफाइल: यूपी से दिल्ली तक फैला था अवैध नेटवर्क


    गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 53 वर्षीय नीरज कुमार (सहारनपुर) मुख्य रिसीवर है, जबकि सुशील कुमार दवाइयां ढोने का काम करता था। लक्ष्मण मुखिया दिल्ली के डीडीयू अस्पताल से ट्रांसपोर्ट हब तक दवाएं पहुंचाता था। वहीं, 54 वर्षीय बिनेश कुमार और 30 वर्षीय प्रकाश महतो अस्पताल के भीतर से स्टॉक निकालने के जिम्मेदार थे। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के पकड़े जाने से सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर लगाम लगेगी और गरीबों के हक की दवाएं उन तक पहुँच सकेंगी।



    #DelhiPolice #CrimeBranch #MedicineScam #DDUHospital #IllegalMedicine #MedicalFraud #DelhiNews #HealthcareScam #HaryanaNews #PoliceAction #DanikKhabar #DanikKhabarDelhi

  • WhatsApp Image 2026-04-03 at 2.52.20 PM.jpg

    दिल्ली पुलिस का अवैध शराब माफिया पर प्रहार: 2600 क्वार्टर शराब के साथ सोनीपत का तस्कर गिरफ्तार

    नई दिल्ली, 3 अप्रैल (अन्‍नू): बाहरी दिल्ली जिले के एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने हरियाणा से दिल्ली में अवैध शराब की सप्लाई करने वाले एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से भारी मात्रा में हरियाणा मार्का शराब और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक टोयोटा इटियोस (Toyota Etios) कार बरामद की गई है।


    गुप्त सूचना पर बिछाया जाल 2 अप्रैल 2026 की तड़के, एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड को पुख्ता जानकारी मिली थी कि हरियाणा के बहादुरगढ़ से दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में अवैध शराब की एक बड़ी खेप पहुंचाई जानी है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, इंस्पेक्टर राजपाल मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें हेड कांस्टेबल दिनेश, कांस्टेबल आर्यदीप, प्रकाश और अक्षय शामिल थे।


    निहाल विहार में हुई गिरफ्तारी पुलिस टीम ने मुखबिर की निशानदेही पर निहाल विहार स्थित श्मशान घाट और डीडीए पार्क के पास घेराबंदी की। कुछ ही देर में एक टोयोटा इटियोस कार आती दिखी। पुलिस ने जब कार रुकवाने का इशारा किया, तो ड्राइवर ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने पीछा कर उसे दबोच लिया। जब कार की तलाशी ली गई, तो उसमें से 'सिर्फ हरियाणा में बिक्री के लिए' अंकित अवैध शराब के 2600 क्वार्टर बरामद हुए।


    कौन है आरोपी? पकड़े गए आरोपी की पहचान 28 वर्षीय मोहित के रूप में हुई है, जो हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। पुलिस ने निहाल विहार थाने में दिल्ली आबकारी अधिनियम (Excise Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।


    सप्लाई चेन की जांच जारी डीसीपी (बाहरी जिला) विक्रम सिंह ने बताया कि बरामद शराब और वाहन को जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह शराब हरियाणा में कहां से लाई गई थी और दिल्ली में इसे किन-किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। पुलिस का लक्ष्य इस पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन का भंडाफोड़ करना है।



    #DelhiPolice #AntiNarcoticsSquad #LiquorSmuggling #OuterDelhi #CrimeControl #IllegalLiquor #SonipatNews #DelhiExciseAct #DanikKhabar

  • HEzqUH4agAA9vrc.jpg

    दिल्ली: डाबरी में अवैध गैस रिफिलिंग गिरोह का भंडाफोड़, क्राइम ब्रांच ने 17 सिलेंडर जब्त कर दुकानदार को दबोचा

    नई दिल्ली, 1 अप्रैल (अन्‍नू): नई दिल्ली की क्राइम ब्रांच (WR-I) ने एक गुप्त सूचना के आधार पर दिल्ली के डाबरी इलाके में छापेमारी कर घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण और रिफिलिंग के एक बड़े कारोबार का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने विभिन्न कंपनियों के 17 एलपीजी सिलेंडर बरामद किए हैं। आरोपी दुकानदार घरेलू सिलेंडरों से गैस चोरी कर उसे 200 रुपये प्रति किलो की महंगी दर पर अवैध रूप से रिफिल कर बेच रहा था।



    बाजार में मंदी का फायदा उठाने की कोशिश
    डीसीपी (क्राइम ब्रांच) हर्ष इंदोरा के अनुसार, बाजार में एलपीजी की कथित कमी की आशंकाओं के बीच जमाखोरों पर नकेल कसने के लिए इंस्पेक्टर अनिल मलिक के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम को सूचना मिली थी कि डाबरी के सीतापुरी इलाके में एक दुकानदार अवैध रूप से गैस की कालाबाजारी कर रहा है। पुलिस ने जब सीतापुरी स्थित दुकान पर छापा मारा, तो वहां 61 वर्षीय मोहन लाल गर्ग को अवैध रूप से सिलेंडर रिफिल करते हुए पाया गया।



    मौके पर पहुंची खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम
    छापेमारी के दौरान मौके पर भारत पेट्रोलियम के 5, हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 5 और इंडेन गैस के 7 सिलेंडर बरामद हुए। पुलिस ने तुरंत खाद्य आपूर्ति अधिकारी (FSO) हरजीत कौर को सूचित किया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर नियमों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की। आरोपी मोहन लाल गर्ग के खिलाफ डाबरी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।


    शातिर तरीके से चलता था कालाबाजारी का खेल
    पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपनी दुकान की आड़ में इन सिलेंडरों को छिपाकर रखता था ताकि जांच एजेंसियों को भनक न लगे। वह सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर गैस को 200 रुपये प्रति किलो के ऊंचे दाम पर बेचकर अवैध लाभ कमा रहा था। आरोपी केवल 10वीं तक पढ़ा है और सीतापुरी का ही रहने वाला है।



    दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि आम जनता को उचित दामों पर संसाधन उपलब्ध हो सकें।



    #DelhiCrimeBranch #LPGSmuggling #DelhiPolice #BlackMarketing #DabriNews #GasRefillingRacket #LegalAction #DanikKhabar

  • HEy7ksRawAALraL.jpg

    'मुखिया गैंग' का सरगना गिरफ्तार: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने करोड़ों की चोरी करने वाले वांटेड अपराधी को दबोचा

    नई दिल्ली, 1 अप्रैल (अन्‍नू): नई दिल्ली की 'एंटी गैंगस्टर स्क्वाड' (AGS) क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात 'मुखिया गैंग' के मास्टरमाइंड राहुल उर्फ राजू मुखिया को गिरफ्तार कर लिया है। 38 वर्षीय राहुल, जो मूल रूप से बिहार के मधुबनी का निवासी है, दिल्ली और हरियाणा के कई मामलों में भगोड़ा (PO) घोषित था। उसकी गिरफ्तारी द्वारका के नागली इलाके से एक विशेष जाल बिछाकर की गई है।


    नौकर बनकर देते थे वारदात को अंजाम
    मुखिया गैंग की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) बेहद शातिर थी। यह गैंग प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए संपन्न परिवारों से संपर्क करता था। गैंग के पुरुष और महिला सदस्य सुनियोजित तरीके से उन घरों में नौकर या मेड के रूप में काम शुरू करते थे। परिवार का भरोसा जीतने के बाद, ये घर के सदस्यों की गतिविधियों और कीमती सामान (कैश और ज्वेलरी) के ठिकानों की पूरी जानकारी अपने सरगना को देते थे। मौका मिलते ही गैंग के अन्य सदस्य घर में घुसकर बड़ी चोरी या लूट को अंजाम देते थे।



    नशीला पदार्थ खिलाकर की करोड़ों की चोरी
    राहुल मुखिया के खिलाफ दिल्ली और गुरुग्राम में कई गंभीर मामले दर्ज हैं:



    गुरुग्राम (2014): डीएलएफ फेज-2 में एक महिला को चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश किया और करीब 1 करोड़ रुपये के जेवरात व नकदी पर हाथ साफ कर दिया।
    राजौरी गार्डन (2016): एक डॉक्टर के घर में नौकर बनकर घुसे और परिवार के बाहर जाते ही करीब 25-30 लाख रुपये की चोरी की।


    इसके अलावा कालकाजी और ग्रेटर कैलाश के इलाकों में भी इसके खिलाफ मामले दर्ज हैं।


    गिरफ्तारी और प्रोफाइल
    डीसीपी (क्राइम ब्रांच) हर्ष इंदोरा के निर्देशन और एसीपी भगवती प्रसाद की देखरेख में इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार की टीम ने इस अपराधी को ट्रैक किया। राहुल केवल 5वीं कक्षा तक पढ़ा है, लेकिन उसने देशभर में घरेलू सहायकों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार कर लिया था। वह पहले भी गिरफ्तार हो चुका है, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद वह कभी अदालत में पेश नहीं हुआ, जिसके बाद उसे 'घोषित अपराधी' करार दिया गया था।


    पुलिस अब राहुल से पूछताछ कर रही है ताकि उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी किए गए माल की बरामदगी की जा सके।


    #DelhiPolice #CrimeBranch #MukhiyaGang #DelhiCrime #Arrested #GurugramNews #BigCatch #AntiGangsterSquad #DanikKhabar

  • WhatsApp Image 2026-03-31 at 1.44.19 PM.jpg

    शिमला: शराब के नशे में खूनी रंजिश, सगे भाई ने ली भाई की जान; झाकड़ी पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

    शिमला, 31 मार्च (अन्‍नू): हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले सराहन गाँव से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ पुरानी रंजिश के चलते एक छोटे भाई ने अपने ही बड़े भाई की बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात का खुलासा तब हुआ जब 30 मार्च 2026 की सुबह झाकड़ी थाना पुलिस को राई खड्ड के श्मशान घाट के पास एक व्यक्ति के अचेत पड़े होने की सूचना मिली। मौके पर पहुँची पुलिस टीम ने देखा कि 35 वर्षीय अनिल कुमार उर्फ काकू का खून से लथपथ शव वहाँ पड़ा था, जिसके शरीर पर चोटों के गहरे निशान थे।


    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत वैज्ञानिक साक्ष्यों और स्थानीय पूछताछ के आधार पर तफ्तीश शुरू की। शक की सुई मृतक के छोटे भाई, 34 वर्षीय विक्रम पर जा टिकी, जिसे हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की गई। पुलिस के सामने विक्रम ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि घटना वाली रात दोनों भाई एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। नशे की हालत में उनके बीच पुरानी रंजिश को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। गुस्से में आकर विक्रम ने अपने बड़े भाई अनिल पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया।



    एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि झाकड़ी पुलिस ने आरोपी विक्रम को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों और अन्य सबूतों को जुटाने में लगी है। सगे भाई द्वारा भाई की हत्या की इस दुखद घटना ने पूरे सराहन इलाके को स्तब्ध कर दिया है। परिजनों और ग्रामीणों में इस वारदात के बाद गहरा शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।


    #ShimlaNews #CrimeUpdate #BrotherKillsBrother #HimachalCrime #RampurNews #PoliceAction #JhakhriPolice #TragicIncident #DanikKhabar

  • WhatsApp Image 2026-03-29 at 2.56.39 PM.jpg

    दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: साढ़े 4 करोड़ की नशीली दवाओं के साथ अंतर्राज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार

    नई दिल्ली, 29 मार्च (अन्‍नू): राजधानी दिल्ली में नशे के सौदागरों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। क्राइम ब्रांच की टीम ने एक सुनियोजित अभियान के तहत दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक बड़े ड्रग कार्टेल का पर्दाफाश करते हुए भारी मात्रा में साइकोट्रोपिक पदार्थ जब्त किए हैं। इस कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग ₹4.5 करोड़ मूल्य की अल्प्रालोजम और ट्रामाडोल दवाएं बरामद की गई हैं। पुलिस ने इस मामले में चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक किशोर (CCL) को भी पकड़ा गया है।


    इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत 17 मार्च 2026 को हुई, जब हेड कांस्टेबल दीपक परेवा और एएसआई रमेश बाबू को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में नशीली दवाओं की एक बड़ी खेप की आवाजाही की गुप्त सूचना मिली। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर प्रवीण राठी के नेतृत्व में और एसीपी सत्येंद्र मोहन की देखरेख में शिव विहार तिराहा, जोहरीपुर रोड पर जाल बिछाया गया। यहाँ पुलिस ने एक मोटरसाइकिल को रोका, जिस पर सवार नितिन पाठक और एक किशोर के पास से भारी मात्रा में नशीली गोलियां बरामद हुईं। इनके पास से शुरुआती तलाशी में करीब 1.912 किलोग्राम अल्प्रालोजम और 0.491 किलोग्राम ट्रामाडोल की गोलियां मिलीं।


    पकड़े गए आरोपी नितिन पाठक से गहन पूछताछ के बाद पुलिस की कड़ियां जुड़ती गईं। इसकी निशानदेही पर उत्तर प्रदेश के भोपुरा में एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया, जहाँ से स्टोर मालिक प्रेम सिंह यादव को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से भी भारी मात्रा में नशीले कैप्सूल बरामद हुए। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने शालू कुमार और संजय सिंह नामक दो अन्य आरोपियों को भी धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, इस सिंडिकेट का जाल काफी गहरा था, जिसमें मेडिकल स्टोर चलाने वालों से लेकर फार्मास्युटिकल कंपनी के पूर्व मालिक तक शामिल थे।


    गिरफ्तार किए गए आरोपियों की प्रोफाइल से पता चला है कि वे अधिक मुनाफे के लालच में इस अवैध धंधे में उतरे थे। आरोपी नितिन पाठक एक बी.एससी ग्रेजुएट है और पूर्व में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में काम कर चुका है, वहीं शालू कुमार की अपनी फार्मा कंपनी थी जो लॉकडाउन के दौरान बंद हो गई थी। कुल बरामदगी की बात करें तो पुलिस ने 3.539 किलोग्राम अल्प्रालोजम और 1.709 किलोग्राम ट्रामाडोल जब्त किया है। संयुक्त आयुक्त (क्राइम) धीरज कुमार और अतिरिक्त आयुक्त अभिषेक धनियां के मार्गदर्शन में एएनटीएफ की टीम अब इस नेटवर्क के अन्य संपर्कों को खंगालने में जुटी है।


    #DelhiPolice #CrimeBranch #DrugBust #AntiNarcotics #DelhiNews #DrugFreeIndia #CrimeNews #PressRelease #ANTF #DanikKhabar

  • WhatsApp Image 2026-03-27 at 3.00.28 PM.jpg

    इनकम टैक्स रिफंड घोटाला: सीबीआई कोर्ट ने पूर्व अधिकारी समेत 7 दोषियों को सुनाई 4-4 साल की सजा

    चेन्नई, 28 मार्च (अन्‍नू):  देश की प्रतिष्ठित जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) की विशेष अदालत ने इनकम टैक्स रिफंड धोखाधड़ी के एक पुराने और चर्चित मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आयकर विभाग के तत्कालीन सीनियर टैक्स असिस्टेंट बाबू प्रसाद कुमार और उनके छह निजी सहयोगियों को दोषी करार देते हुए 4-4 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी दोषियों पर कुल 2.4 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।


    यह पूरा मामला साल 2015 से 2019 के बीच का है, जब आयकर विभाग के सिस्टम में हेरफेर कर और फर्जी दस्तावेजों व पहचान का सहारा लेकर अवैध रूप से रिफंड जारी किए गए थे। इस घोटाले के कारण सरकारी खजाने को करीब 2.38 करोड़ रुपये का चूना लगा था। सीबीआई ने इस मामले में 31 दिसंबर 2019 को चेन्नई के सहायक आयकर आयुक्त की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच के दौरान यह सामने आया कि मुख्य आरोपी बाबू प्रसाद कुमार ने विभाग में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इस पूरी साजिश को अंजाम दिया था।


    सीबीआई की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि घोटाले से कमाए गए करोड़ों रुपयों को छिपाने के लिए बाबू प्रसाद ने उस राशि को अपने परिवार के सदस्यों और करीबियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया था। जांच एजेंसी ने गहन छानबीन के बाद 1 मार्च 2021 को अदालत में सात आरोप पत्र (Charge Sheets) दाखिल किए थे। सुनवाई के दौरान पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत ने बाबू प्रसाद कुमार के साथ-साथ बी प्रवीण कुमार, टी एम कॉर्नेल, पी स्टीफन, ए गोपीकृष्ण, वेंकटेश और सी गुणसीलन को इस वित्तीय अपराध का दोषी पाया।


    अदालत का यह फैसला सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार करने वालों के लिए एक सख्त संदेश है। सीबीआई ने इस कार्रवाई के जरिए एक बार फिर यह साबित किया है कि वित्तीय धोखाधड़ी और सरकारी धन का गबन करने वाले अपराधी चाहे कितने भी रसूखदार क्यों न हों, कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकते। 

    #CBICourt #IncomeTaxFraud #CorruptionFreeIndia #BreakingNews #DanikKhabar #CBIInvestigation #TaxScam #ChennaiNews #FinancialCrime #JusticeServed #IncomeTaxDepartment #LegalAction #FraudCase #GovernmentScam #ZeroTolerance

  • WhatsApp Image 2026-03-28 at 2.05.05 PM.jpg

    दुबई से जुड़े हैं तार: दिल्ली पुलिस ने महाराष्ट्र में छापा मारकर पकड़े 5 साइबर ठग, करोड़ों के ट्रांजेक्शन का खुलासा

    नई दिल्ली, 28 मार्च (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की साइबर सेल ने निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक बड़े अंतर्राज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में महाराष्ट्र के विभिन्न इलाकों से 5 शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह स्टॉक मार्केट में भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान श्रीधर दिलीप इंगले (25), अर्चिरयन गोराक्ष कांबले (21), अजीज मीरन शेख (25), प्रणव जालिंदर गुलदगड़ (24) और विशाल दुर्गादास बाचल (25) के रूप में हुई है।



    इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब अरुणाचल प्रदेश के रहने वाले एक व्यक्ति, जो वर्तमान में दिल्ली में रह रहे हैं, ने एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि 'नेक्स्ट बिलियन टेक्नोलॉजी' नामक एक फर्जी कंपनी के जरिए उन्हें स्टॉक मार्केट में निवेश करने का झांसा दिया गया। ठगों ने परिणीति जैन नाम की एक महिला और उसके सहयोगियों के जरिए उनसे संपर्क किया और ऊंचे रिटर्न का लालच देकर उनसे कुल 12,22,670 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब पैसे वापस नहीं मिले, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और पुलिस में मामला दर्ज कराया गया।


    एसीपी संघमित्रा और एसएचओ प्रवेश कौशिक के नेतृत्व में गठित एसआई सोमबीर और उनकी टीम ने तकनीकी विश्लेषण और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच की। पुलिस की जांच का डिजिटल सिरा महाराष्ट्र के श्रीरामपुर पहुंचा, जहां छापेमारी कर मुख्य आरोपी श्रीधर दिलीप इंगले को दबोच लिया गया। पूछताछ में श्रीधर ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वह दुबई में बैठे अपने साथी 'चैतन्य' को कमीशन पर 'म्यूल बैंक अकाउंट' (किराए के खाते) उपलब्ध करवाता था। उसकी निशानदेही पर उसके अन्य चार साथियों को भी गिरफ्तार किया गया, जो लोगों से बैंक खाते अरेंज करने में उसकी मदद करते थे।


    पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 मोबाइल फोन और 35 ऐसे बैंक खातों की जानकारी बरामद की है, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए किया जा रहा था। जांच में पता चला है कि इन खातों के जरिए देश के विभिन्न राज्यों में करोड़ों रुपये का फ्रॉड किया गया है और ये आरोपी एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज 18 अन्य शिकायतों से भी जुड़े पाए गए हैं। फिलहाल दिल्ली पुलिस इस सिंडिकेट के दुबई कनेक्शन और मुख्य सरगना चैतन्य की तलाश में जुट गई है।

    #CyberCrime #InvestmentFraud #DelhiPolice #SouthWestCyberCell #BreakingNews #DanikKhabar #DubaiConnection #StockMarketScam #OnlineFraud #Awareness #MaharashtraPolice #CyberSecurity #NCRP #ActionAgainstFraud #DigitalIndiaSafety

  • images (16).jpg

    दिल्ली: 49 वारदातों में शामिल शातिर वाहन चोर गिरफ्तार, चोरी की दो स्कूटी बरामद

    नई दिल्ली, 28 मार्च (अन्‍नू):  दिल्ली पुलिस की ईस्ट डिस्ट्रिक्ट टीम ने वाहन चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। प्रीत विहार थाना पुलिस ने इलाके के एक सक्रिय ऑटो-लिफ्टर (वाहन चोर) को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से चोरी की दो स्कूटी बरामद हुई हैं। पकड़े गए आरोपी की पहचान पंकज (33) के रूप में हुई है, जो शकरपुर के डाकखाना वाली गली का निवासी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह आरोपी पहले से ही लूट, झपटमारी और वाहन चोरी जैसे 49 से अधिक आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।



    वारदात को सुलझाने के लिए प्रीत विहार एसएचओ के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसमें हेड कांस्टेबल राम सिंह, रविंद्र, कांस्टेबल चेतन और बिजेंद्र शामिल थे। पुलिस टीम ने अपराधों की रोकथाम के लिए तकनीकी सर्विलांस और इलाके के 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण किया। 26 मार्च 2026 को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और स्वर्ण जयंती पार्क के पास नागराज मार्ग से आरोपी पंकज को दबोच लिया। गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक सफेद रंग की होंडा एक्टिवा बरामद हुई, जो इसी साल जनवरी में प्रीत विहार इलाके से चोरी हुई थी।



    पुलिस द्वारा की गई कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया और उसकी निशानदेही पर पुलिस ने एक अन्य चोरी की गई काले रंग की होंडा एविएटर स्कूटी भी बरामद की। यह दूसरी स्कूटी मेट्रो अस्पताल के पास नागराज मार्ग से बरामद की गई, जिसे मार्च महीने में ही चोरी किया गया था। आरोपी ने खुलासा किया कि वह नशे का आदी है और अपनी इसी लत को पूरा करने के लिए वह लगातार वाहन चोरी और झपटमारी जैसी वारदातों को अंजाम देता था।



    डीसीपी (ईस्ट डिस्ट्रिक्ट) राजीव कुमार ने बताया कि आरोपी पंकज 8वीं पास है और उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा है। वह दिल्ली के विभिन्न थानों में दर्ज आर्म्स एक्ट और चोरी के दर्जनों मामलों में नामजद है। फिलहाल पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने चोरी के वाहनों को कहां-कहां ठिकाने लगाया है और इस नेटवर्क में उसके साथ और कौन लोग शामिल हैं।

    #DelhiPolice #EastDelhi #PreetVihar #BreakingNews #DainikKhabar #AutoLifter #VehicleTheft #CrimeUpdate #DelhiCrime #ActionAgainstCrime #Recovery #Shakarpur #CCTVFootage #SafetyFirst #LawAndOrder #DanikKhabar

  • WhatsApp Image 2026-03-28 at 1.51.33 PM.jpg

    दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ₹27 लाख की प्रतिबंधित ई-सिगरेट बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार

    नई दिल्ली, 28 मार्च (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने अवैध ई-सिगरेट तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने छापेमारी के दौरान अलग-अलग ब्रांड और फ्लेवर की 2073 प्रतिबंधित ई-सिगरेट जब्त की हैं, जिनकी बाजार में कीमत 27 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। यह ऑपरेशन युवाओं में बढ़ते निकोटीन के नशे और अवैध बाजार पर लगाम लगाने के लिए चलाया गया था। इस मामले में पुलिस ने दिल्ली और हरियाणा के बल्लभगढ़ से कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो पिछले काफी समय से इस काले कारोबार में संलिप्त थे।



    पुलिस की कार्रवाई की शुरुआत 25 मार्च 2026 को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर हुई। हेड कांस्टेबल रामकेश को सूचना मिली थी कि दक्षिण दिल्ली के सी.आर. पार्क स्थित एक पान की दुकान पर अवैध रूप से ई-सिगरेट बेची और स्टोर की जा रही है। एसीपी सतेंद्र मोहन और इंस्पेक्टर महिपाल सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर 'स्मोक एन पफ' नामक दुकान पर छापा मारा गया। वहां से 53 प्रतिबंधित ई-सिगरेट बरामद हुईं और दुकान के मैनेजर विकास को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में विकास ने बताया कि यह दुकान ऋत्विक बहल की है, जिसके बाद ऋत्विक के ग्रेटर कैलाश स्थित घर पर छापेमारी कर वहां से भी भारी मात्रा में अवैध माल बरामद किया गया।



    मामले की गहराई से जांच और ऋत्विक से हुई कड़ी पूछताछ में इस तस्करी नेटवर्क के मुख्य सप्लायर का खुलासा हुआ। ऋत्विक ने बताया कि वह हरियाणा के बल्लभगढ़ निवासी जीशान उर्फ जस्सू से यह माल मंगवाता था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जीशान को ट्रेस किया और उसे धर दबोचा। जीशान के बल्लभगढ़ स्थित लक्ष्मण नगर स्थित घर पर जब छापेमारी की गई, तो वहां से 20 कार्टन में भरी हुई 2000 ई-सिगरेट बरामद हुईं। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह इन ई-सिगरेट को करीब 800 से 900 रुपये में खरीदता था और मुनाफा कमाकर आगे बेचता था, जबकि रिटेलर इसे आम जनता और युवाओं को भारी मुनाफे पर बेचते थे।


    गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विकास (33), ऋत्विक बहल (25) और जीशान (24) के रूप में हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्य सप्लायर जीशान बी.कॉम पास आउट है और पेशे से डेटा एनालिस्ट था, लेकिन उसने मोटी कमाई के लालच में अपनी नौकरी छोड़कर अवैध ई-सिगरेट का कारोबार शुरू कर दिया। वहीं ऋत्विक बहल एक संपन्न परिवार से ताल्लुक रखता है। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ 'प्रॉहिबिशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट एक्ट 2019' के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

    #DelhiPolice #CrimeBranch #ANTF #BreakingNews #DainikKhabar #ECigaretteBust #DelhiNews #Ballabgarh #HaryanaNews #DrugFreeIndia #PoliceAction #SmugglingNetwork #NicotineAddiction #LegalAction #LatestUpdate

  • HEY-RoracAAbQ9k (1).jpg

    दिल्ली: गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी करने वाले पिता-पुत्र गिरफ्तार, 50 एलपीजी सिलेंडर बरामद

    नई दिल्ली, 27 मार्च (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (NR-1) ने रोहिणी जिले के कंझावला इलाके में छापेमारी कर घरेलू गैस सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी करने वाले एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सुखबीर नगर (कराला) में दबिश देकर 50 इंडेन गैस सिलेंडर बरामद किए हैं, जिन्हें ऊंचे दामों पर बेचने और अवैध रिफिलिंग के लिए छिपाकर रखा गया था। इस मामले में पुलिस ने गैस एजेंसी के अधिकृत डिलीवरी मैन कुंवर पाल और उसके बेटे पंकज पाल को गिरफ्तार किया है।



    क्राइम ब्रांच के डीसीपी पंकज कुमार के अनुसार, एसीपी अशोक शर्मा और इंस्पेक्टर पुखराज सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सुखबीर नगर के रामा विहार इलाके में गैस सिलेंडरों का अवैध स्टॉक रखा गया है और वहां से कालाबाजारी की जा रही है। मौके पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी पिता-पुत्र गैस सिलेंडरों से अवैध तरीके से गैस चोरी (रिफिलिंग) कर रहे थे। पुलिस ने मौके से 50 सिलेंडर बरामद किए, जिनमें से 29 भरे हुए और 21 खाली थे। इसके अलावा, गैस ढोने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक टाटा एस (छोटा हाथी) वाहन और वजन करने वाली मशीन भी जब्त की गई है।


    जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी कुंवर पाल एक अधिकृत गैस एजेंसी में डिलीवरी मैन के तौर पर काम करता है। वह एजेंसी के नांगलोई स्थित गोदाम से सिलेंडर लेकर निकलता था, लेकिन ग्राहकों को पूरी डिलीवरी देने के बजाय उन्हें अपने घर में जमा कर लेता था। इसके बाद वह भरे हुए सिलेंडरों से गैस निकालकर खाली सिलेंडरों में भरता था और उन्हें खुले बाजार में महंगे दामों पर बेचकर अवैध मुनाफा कमाता था। उसका 21 वर्षीय बेटा पंकज पाल भी इस गैर-कानूनी काम में पूरी तरह उसका साथ देता था।


    पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत क्राइम ब्रांच थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह खेल कब से चल रहा था और इसमें गैस एजेंसी के किसी अन्य कर्मचारी की मिलीभगत तो नहीं है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रिहायशी इलाके में इस तरह गैस रिफिलिंग करना किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता था।


    #DelhiPolice #CrimeBranch #LPGScam #BlackMarketing #DelhiCrime #RohiniNews #GasCylinder #ActionAgainstCrime #BreakingNews #IndaneGas #DanikKhabar

  • HEZEpanb0AEa_VV.jpg

    दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की बड़ी कामयाबी: किडनैपिंग केस में 4 साल से फरार चल रहा 'इनामी' बदमाश सुमित उर्फ बादल गिरफ्तार

    नई दिल्ली, 27 मार्च (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (WR-II यूनिट) ने जघन्य अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने कापसहेड़ा थाने के फिरौती के लिए अपहरण (Kidnapping for Ransom) के मामले में वांछित और घोषित अपराधी (PO) सुमित उर्फ बादल को धर दबोचा है। 30 वर्षीय सुमित, हरियाणा के हिसार का रहने वाला है और साल 2022 में जमानत पर बाहर आने के बाद से लगातार अदालत की कार्यवाही से बचकर फरार चल रहा था। इसी महीने 13 मार्च 2026 को द्वारका कोर्ट ने उसे आधिकारिक तौर पर भगोड़ा घोषित किया था।



    क्राइम ब्रांच की टीम को सूचना मिली थी कि आरोपी सुमित अपने पैतृक गांव धीरणवास, हिसार के पास हनुमान मंदिर के आसपास देखा गया है। इस इनपुट पर एसीपी राजपाल डबास के मार्गदर्शन और इंस्पेक्टर गौतम मलिक के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी निगरानी और फील्ड इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस ने आरोपी की सटीक लोकेशन ट्रैक की और हिसार के धीरणवास गांव में छापेमारी कर उसे सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। इस ऑपरेशन में एसआई कुलदीप सिंह, हेड कांस्टेबल पवन, राजेश और भंवर की मुख्य भूमिका रही।



    पूछताछ में खुलासा हुआ कि सुमित ने अपने साथियों अजीत उर्फ जीतू और मनीष उर्फ गोगा के साथ मिलकर कापसहेड़ा इलाके से एक व्यक्ति का अपहरण किया था। फिरौती के लालच में आरोपियों ने पीड़ित को पूरे दिन चलती कार में कैद रखा और उसके परिवार से 6 लाख रुपये की मांग की थी। पैसे मिलने में देरी होने पर अपहरणकर्ताओं ने पीड़ित के साथ बेरहमी से मारपीट की और बाद में उसे चलती गाड़ी से बाहर फेंक दिया था। इस मामले में पहले भी गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद सुमित ने न्यायिक प्रक्रिया में शामिल होने के बजाय भागने का रास्ता चुना।


    आरोपी सुमित का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। वह दिल्ली के कापसहेड़ा के अलावा हिसार के आजाद नगर थाने में चोरी और अन्य धाराओं के तहत दर्ज मामलों में भी संलिप्त पाया गया है। 11वीं तक पढ़ा सुमित गुरुग्राम में पानी की सप्लाई का काम करता था, लेकिन जल्द पैसा कमाने की चाहत ने उसे अपराध की दुनिया में धकेल दिया। दिल्ली पुलिस का कहना है कि सुमित की गिरफ्तारी से अब इस गंभीर मामले के ट्रायल में तेजी आएगी और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सकेगा।


    #DelhiPolice #CrimeBranch #Arrested #KidnappingCase #HisarNews #DelhiCrime #LawAndOrder #BreakingNews #HaryanaCrime #CrimeUpdate #DanikKhabar

  • Accused Sunil Kumar PS Naggal EOW_cropped_processed_by_imagy.jpg

    अंबाला: सरकारी नौकरी के नाम पर 1.10 करोड़ की ठगी, आर्थिक अपराध शाखा ने मुख्य आरोपी को दबोचा

    जे कुमार अंबाला, 26 मार्च 2026: अंबाला पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर करोड़ों रुपये हड़पने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस धोखाधड़ी के मुख्य सूत्रधार सुनील कुमार (निवासी गांव सोंटी, थाना नग्गल) को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी ने अपने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के साथियों के साथ मिलकर ठगी का यह मायाजाल बुना था।

    आयकर विभाग में नौकरी का दिया झांसा: शिकायतकर्ता यादविंदर सिंह (निवासी गोविंदगढ़, शहजादपुर) ने पुलिस को बताया कि आरोपी सुनील कुमार और उसके गिरोह ने उन्हें आयकर विभाग, चंडीगढ़ में पक्की नौकरी लगवाने का लालच दिया था। आरोपियों ने विश्वास में लेकर 1 अगस्त 2024 से 31 जनवरी 2025 के बीच यादविंदर और अन्य कई पीड़ितों से कुल 1 करोड़ 10 लाख रुपये की मोटी रकम ऐंठ ली। समय बीतने के बाद जब न नौकरी मिली और न ही पैसे वापस आए, तब पीड़ितों ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।

    रिमांड के दौरान होगी अन्य आरोपियों की पहचान: आर्थिक अपराध शाखा के निरीक्षक परमवीर सिंह और उप-निरीक्षक रमेश सिंह की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी को काबू किया। पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस ठगी गई राशि की बरामदगी का प्रयास करेगी और दिल्ली व उत्तर प्रदेश में छिपे गिरोह के अन्य सदस्यों के ठिकानों पर छापेमारी करेगी।

    अंबाला पुलिस की कड़ी चेतावनी: निरीक्षक परमवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि यह एक सुनियोजित गिरोह है जो भोले-भाले युवाओं की मजबूरी का फायदा उठाता है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सरकारी नौकरियां केवल आधिकारिक चयन आयोगों और योग्यता के आधार पर ही मिलती हैं। किसी भी व्यक्ति के बहकावे में आकर नौकरी के लिए नकद लेनदेन न करें। यदि कोई इस तरह का प्रलोभन देता है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

    #AmbalaPolice #JobFraud #EOWAmbala #JobScam #HaryanaCrime #PoliceSuccess #StateJobAlert #CareerFraud #ThugExposed #FinancialCrime

  • Screenshot 2026-03-26 094230.jpg

    डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर 10.6 करोड़ की ठगी: दिल्ली पुलिस ने अंतर्राज्यीय साइबर गैंग का किया खात्मा, 6 राज्यों में छापेमारी

    नई दिल्ली, 26 मार्च (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस के आउटर-नॉर्थ जिले की साइबर सेल ने देश के कई राज्यों में फैले एक ऐसे शातिर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जो 'डिजिटल अरेस्ट', नकली आईपीओ (IPO) और ट्रेडिंग के नाम पर मासूम लोगों को अपना शिकार बना रहा था। पुलिस की इस व्यापक कार्रवाई में 6 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और करीब 10.6 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। जांच में सामने आया है कि इस गैंग के खिलाफ देशभर में कुल 89 शिकायतें दर्ज थीं।



    6 राज्यों में चली पुलिस की 'स्पेशल स्ट्राइक'
    संयुक्त पुलिस आयुक्त (उत्तरी रेंज) विजय सिंह और डीसीपी हरेश्वर स्वामी के नेतृत्व में गठित टीम ने इस गिरोह को दबोचने के लिए झारखंड (रांची), उत्तराखंड (रुड़की/देहरादून), मध्य प्रदेश (भोपाल), राजस्थान (कोटा), दिल्ली और उत्तर प्रदेश (गाजियाबाद) में ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और वित्तीय विश्लेषण के आधार पर उन 'म्यूल अकाउंट्स' (धोखाधड़ी के पैसे के लिए इस्तेमाल होने वाले खाते) का पता लगाया, जिनमें ठगी की राशि ट्रांसफर की गई थी।



    केस स्टडी: कैसे फैलाया ठगी का जाल?
    पुलिस ने चार मुख्य एफआईआर (FIR) पर कार्रवाई करते हुए इस सिंडिकेट की कार्यप्रणाली का खुलासा किया है:


    डिजिटल अरेस्ट (केस 1 व 4): एक बुजुर्ग दंपत्ति को TRAI और CBI अधिकारी बनकर डराया गया और करीब एक हफ्ते तक 'डिजिटल अरेस्ट' रखकर 20 लाख रुपये ठग लिए गए। एक अन्य मामले में सिम कार्ड के गलत इस्तेमाल का डर दिखाकर 8 लाख रुपये ऐंठे गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 19 लाख रुपये बरामद कर कोर्ट के जरिए पीड़ितों को वापस दिलाए हैं।
    फेक आईपीओ और ट्रेडिंग (केस 2 व 3): व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी 'PM HDFC' जैसे ऐप्स के जरिए लोगों को शेयर बाजार और आईपीओ में भारी मुनाफे का लालच दिया गया। आरोपियों ने पीड़ितों को फर्जी डैशबोर्ड दिखाए जिससे उन्हें लाभ होने का यकीन हो जाए, लेकिन अंत में पैसे निकालने पर रोक लगा दी गई।


    गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
    पुलिस ने रांची से शशिकांत कुमार, रुड़की से खालिद त्यागी, दिल्ली के शाहदरा से सचिन मित्तल और नितिन सैनी, गाजियाबाद से आसिफ और चंडीगढ़ निवासी वीरेंद्र मुखिया को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने, तकनीक संभालने और ठगी की राशि को इधर-उधर करने (लेयरिंग) का काम करते थे। इनमें से कुछ आरोपी गिरफ्तारी के डर से विदेश भागने की फिराक में थे, जिन्हें पुलिस ने मुस्तैदी से दबोच लिया।



    जनता के लिए पुलिस की एडवाइजरी
    डीसीपी हरेश्वर स्वामी ने आम जनता से अपील की है कि पुलिस, सीबीआई या ट्राई जैसी एजेंसियां कभी भी वीडियो कॉल के जरिए 'डिजिटल अरेस्ट' नहीं करतीं। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी अंजान निवेश स्कीम पर भरोसा न करें और डराने या दबाव बनाने वाली कॉल्स से न घबराएं। किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करें।


    #CyberCrimeBusted #DelhiPolice #DigitalArrest #CyberSafety #InvestmentScam #OuterNorthPolice #CyberAwareness #CrimeNewsHindi #DanikKhabar

  • HERGUMZakAEbVhW.jpg

    दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: छावला में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी का भंडाफोड़, 65 सिलेंडर बरामद

    नई दिल्ली, 26 मार्च (अन्‍नू): राजधानी दिल्ली के द्वारका जिला पुलिस ने आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। एएटीएस (AATS) द्वारका और थाना छावला की संयुक्त टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अवैध रूप से जमा किए गए 65 एलपीजी (LPG) सिलेंडरों का जखीरा पकड़ा है। यह कार्रवाई मौजूदा भू-राजनीतिक स्थितियों के मद्देनजर गैस आपूर्ति में संभावित बाधा का फायदा उठाकर अवैध मुनाफा कमाने वालों पर नकेल कसने के उद्देश्य से की गई है।



    पुलिस को सूचना मिली थी कि छावला इलाके की एक रिहायशी इमारत का इस्तेमाल गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण और व्यापार के लिए किया जा रहा है। इस इनपुट पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने प्रेम नगर, पपरावत रोड स्थित कश्मीरी कॉलोनी के एक मकान पर छापा मारा। तलाशी के दौरान वहां से भारी मात्रा में कमर्शियल और घरेलू सिलेंडर बरामद हुए। पुलिस ने मौके से गैस रिफिल करने वाली मशीन और एक वजन करने वाला कांटा भी जब्त किया है, जिसका इस्तेमाल एक सिलेंडर से दूसरे में गैस चोरी करने और अवैध बिक्री के लिए किया जाता था।



    मामले में पुलिस ने 52 वर्षीय अशोक कुमार को गिरफ्तार किया है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के इटावा का निवासी है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी गैस की कमी और मांग का फायदा उठाकर ऊंचे दामों पर कैटरिंग सर्विस और स्थानीय निवासियों को ये सिलेंडर बेचता था। बरामद सिलेंडरों में 38 इंडेन और 19 भारत गैस के कमर्शियल सिलेंडर, साथ ही 8 घरेलू सिलेंडर शामिल हैं।


    इस पूरे मामले में थाना छावला में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 287/288 और आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। द्वारका जिले के पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह (IPS) ने बताया कि पुलिस आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है।


    #DelhiPolice #DwarkaDistrict #CrimeNews #LPGBlackMarketing #DelhiCrime #ActionAgainstHoarding #PublicSafety #ChhawlaPolice #DanikKhabar

  • WhatsApp Image 2026-03-21 at 1.36.17 PM.jpg

    दिल्ली: पुलिस गश्त के दौरान पकड़ा गया शातिर अपराधी रवि उर्फ टोटो, चोरी की स्कूटी और बटनदार चाकू बरामद

    नई दिल्ली, 21 मार्च (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की नॉर्थ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के अशोक विहार थाना क्षेत्र में गश्त कर रही टीम ने एक शातिर और इलाके से तड़ीपार (Externed) अपराधी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान 30 वर्षीय रवि उर्फ टोटो के रूप में हुई है, जो वज़ीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया (WPIA) का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास से एक चोरी की स्कूटी और एक अवैध बटनदार चाकू बरामद किया है। आरोपी की गिरफ्तारी से केशव पुरम इलाके से चोरी हुई स्कूटी का मामला भी सुलझ गया है।


    यह कार्रवाई 19 मार्च 2026 की रात करीब 8 बजे हुई, जब डब्ल्यूपीआईए (WPIA) चौकी की पुलिस टीम बी-ब्लॉक में गश्त कर रही थी। फैक्ट्री के पास स्कूटी पर सवार एक संदिग्ध व्यक्ति को जब पुलिस ने रुकने का इशारा किया, तो उसने भागने की कोशिश की। हालांकि, सतर्क पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से गैरकानूनी चाकू बरामद हुआ और वह स्कूटी के वैध दस्तावेज भी नहीं दिखा सका। जांच में पता चला कि स्कूटी केशव पुरम थाने के इलाके से चोरी की गई थी, जिसकी ई-एफआईआर पहले ही दर्ज थी।


    पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी रवि उर्फ टोटो एक आदतन अपराधी है और अशोक विहार थाने का घोषित 'बैड कैरेक्टर' (BC) है। उसे दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत इलाके से बाहर (तड़ीपार) रहने का आदेश दिया गया था, जिसका उल्लंघन कर वह दिल्ली में घूम रहा था। आरोपी ने कबूल किया कि वह इलाके में स्नैचिंग (झपटमारी) की वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा था। रवि के खिलाफ पहले से ही स्नैचिंग, चोरी, सेंधमारी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर अपराधों के 20 मामले दर्ज हैं।


    डीसीपी आकांक्षा यादव (IPS) ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट और तड़ीपार आदेश के उल्लंघन (दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 53/116) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस सफल ऑपरेशन को एसीपी आकाश रावत और एसएचओ प्रमोद कुमार की देखरेख में एसआई रोहित, हवलदार पवन, अश्विनी, राहुल हुड्डा और विजेंद्र की टीम ने अंजाम दिया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हाल के दिनों में उसने और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।


    #DelhiPolice #AshokVihar #CrimeUpdate #Arrested #DelhiNews #PoliceAction #NorthWestDelhi #SafetyFirst #LawAndOrder #DanikKhabar 

  • HD6HjIhboAEV-4p.jpg

    दिल्ली : 2.5 साल से फरार 50 हजार का इनामी आरोपी गुजरात से गिरफ्तार

    नई दिल्ली, 21 मार्च (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ANTF) ने ढाई साल से फरार चल रहे एक शातिर अपराधी अतोनु हलदर उर्फ अतुल हलदर (23 वर्ष) को गुजरात के गांधीनगर से पकड़ने में सफलता हासिल की है। आरोपी सरिता विहार में साल 2023 में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड का मुख्य आरोपी है और लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था। दिल्ली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा था और उसे अदालत द्वारा भगोड़ा (Proclaimed Offender) भी घोषित किया जा चुका था।


    यह मामला 15 सितंबर 2023 का है, जब सरिता विहार इलाके में एक व्यक्ति पर उनके घर के पास ही चाकू और लाठियों से जानलेवा हमला किया गया था। मृतक के 15 वर्षीय बेटे की शिकायत के अनुसार, आरोपी राजू पात्रा, अतोनु हलदर और अन्य लड़के मोटरसाइकिलों पर आए और उसके पिता को बुरी तरह पीटा। जब पीड़ित ने जान बचाने के लिए पड़ोसी के घर में छिपने की कोशिश की, तब भी हमलावरों ने पीछा नहीं छोड़ा और उन पर ताबड़तोड़ वार किए। बीच-बचाव करने आई मृतक की पत्नी को भी चोटें आई थीं। अस्पताल में इलाज के दौरान पीड़ित की मृत्यु हो गई थी।



    डीसीपी (क्राइम ब्रांच) राहुल अलवाल के नेतृत्व में इंस्पेक्टर महिपाल और उनकी टीम ने इस केस की गुत्थी सुलझाने के लिए तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया। हवलदार नवीन ने पुराने मोबाइल नंबरों और कॉल रिकॉर्ड्स का बारीकी से विश्लेषण किया, जिससे एक संदिग्ध नंबर मिला जिसकी लोकेशन हर महीने बदल रही थी। पुलिस टीम ने इस सुराग का पीछा करते हुए गुजरात के गांधीनगर में जाल बिछाया और अंततः अतोनु हलदर को दबोच लिया।



    पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। वारदात के बाद वह पहले मुंबई भागा, फिर प्रयागराज में रहा और पिछले एक साल से गुजरात में एक स्टोर हेल्पर के रूप में काम कर रहा था। आरोपी केवल आठवीं तक पढ़ा है और दिल्ली में रहने के दौरान गलत संगत में पड़ गया था। पुलिस इस मामले में छह अन्य आरोपियों को पहले ही जेल भेज चुकी है। अतोनु की गिरफ्तारी से इस पुराने मामले की जांच अब पूरी हो गई है।


    #DelhiPolice #CrimeBranch #WantedAccused #SaritaViharCase #PoliceAction #DelhiNews #GujaratUpdate #LegalNews #DanikKhabar

  • HD6ITVhbIAA7f8N.jpg

    दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी: नंदू गैंग का शार्प शूटर सुमित और हथियारों का सप्लायर गिरफ्तार, स्टार पिस्टल और कारतूस बरामद

    नई दिल्ली, 21 मार्च (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (WR-II) ने कुख्यात कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग के खिलाफ एक बड़े ऑपरेशन में सफलता हासिल की है। पुलिस ने गैंग के सक्रिय शार्प शूटर सुमित पुनिया और उसे अवैध हथियार सप्लाई करने वाले बदर सैफी को गिरफ्तार किया है। सुमित, जो हरियाणा के महेंद्रगढ़ का रहने वाला है, साल 2021 में स्पेशल सेल के साथ हुए एक एनकाउंटर मामले में वांछित था और लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस ने इनके कब्जे से दो अत्याधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक स्टार पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।


    जांच में सामने आया है कि 25 वर्षीय सुमित पुनिया गैंगस्टर कपिल सांगवान का बचपन का दोस्त है। दोनों पड़ोसी गांवों के रहने वाले हैं और बचपन में साथ में कबड्डी खेला करते थे। इसी दोस्ती के चलते सुमित साल 2020-21 में नंदू गैंग में शामिल हो गया और उसका सक्रिय शूटर बन गया। पुलिस को सूचना मिली थी कि सुमित दिल्ली के द्वारका इलाके में किसी वारदात की फिराक में है, जिसके बाद इंस्पेक्टर गौतम मलिक के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने जाल बिछाकर सुमित को द्वारका से दबोच लिया।


    सुमित से पूछताछ के बाद पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर पहुँची, जहाँ से मुख्य हथियार सप्लायर बदर सैफी उर्फ बदर इस्लाम को गिरफ्तार किया गया। 32 वर्षीय बदर सैफी उत्तर प्रदेश के अमरोहा और अन्य जिलों में चोरी और आर्म्स एक्ट के कई मामलों में पहले भी शामिल रहा है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये हथियार नंदू गैंग के गुर्गों को उपलब्ध कराए जाते थे, जिनका इस्तेमाल उन लोगों को डराने-धमकने और रंगदारी (extortion) वसूलने के लिए किया जाता था जो गैंग को पैसे देने से मना कर देते थे।


    डीसीपी (क्राइम ब्रांच) हर्ष इंदोरा ने बताया कि सुमित पुनिया पहले भी दिल्ली और हरियाणा में कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है। वह नवंबर 2025 में भी हरियाणा के महेंद्रगढ़ में अवैध हथियारों के साथ पकड़ा गया था। वहीं, बदर सैफी ने जल्द पैसा कमाने के लालच में हथियारों की तस्करी का रास्ता चुना था। इन दोनों की गिरफ्तारी से नंदू गैंग के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।


    #DelhiPolice #CrimeBranch #NanduGang #GangsterArrested #DelhiCrime #ArmsAct #LawAndOrder #PoliceSuccess #DelhiNews #SharpshooterCaught #DanikKhabar

  • Screenshot 2026-03-21 113120.jpg

    दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: क्राइम ब्रांच ने दो लापता नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित खोजा, 22 महीने बाद परिवार से मिली एक बेटी

    नई दिल्ली, 21 मार्च (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता का परिचय देते हुए दो अलग-अलग इलाकों से लापता हुई नाबालिग लड़कियों को सफलतापूर्वक बरामद कर लिया है। पुलिस टीम की मुस्तैदी के कारण इन दोनों बच्चियों को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलवा दिया गया है। इनमें से एक मामला बेहद चुनौतीपूर्ण था, जिसमें एक किशोरी पिछले करीब 22 महीनों से लापता थी। क्राइम ब्रांच की इस सफलता ने राजधानी में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की प्रतिबद्धता को एक बार फिर साबित किया है।



    पहले मामले में, नरेला इंडस्ट्रियल एरिया से 15 मार्च 2026 को एक 14 साल की लड़की के अपहरण की सूचना मिली थी, जिस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया था। केस की संवेदनशीलता को देखते हुए एसीपी सुरेश कुमार के नेतृत्व में इंस्पेक्टर मनोज दहिया और उनकी टीम ने तकनीकी निगरानी और जमीनी स्तर पर जांच तेज की। जांच में पता चला कि यह लड़की अपनी एक सहेली की बीमारी का पता चलने पर बिना बताए जयपुर चली गई थी। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से उसे दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन से सुरक्षित बरामद कर लिया।



    दूसरे मामले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी तब मिली जब उन्होंने मई 2024 से लापता एक 16 वर्षीय किशोरी को खोज निकाला। प्रेम नगर इलाके से गायब हुई इस लड़की की तलाश में इंस्पेक्टर मुकेश कुमार की टीम पिछले लंबे समय से जुटी थी। जांच में सामने आया कि यह किशोरी करीब 22 महीने पहले अपनी मां की डांट से नाराज होकर घर छोड़कर चली गई थी और नांगलोई इलाके में मजदूरी कर अपना गुजारा कर रही थी। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे ढूंढ निकाला और अब आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित थाना पुलिस को सौंप दिया है।


    क्राइम ब्रांच के डीसीपी पंकज कुमार (IPS) ने बताया कि दोनों ही मामलों में टीमें लगातार परिजनों और स्थानीय लोगों के संपर्क में थीं। नाबालिगों की बरामदगी के बाद उन्हें सुरक्षित उनके घरों तक पहुँचाया गया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें और किसी भी अप्रिय स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। फिलहाल दोनों बच्चियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया है।


    #DelhiPolice #CrimeBranch #MissingTrace #ChildSafety #AHTU #DelhiNews #PoliceAction #Reunited #CrimeUpdateDelhi #DanikKhabar