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    दुर्लभ वन्यजीव सेंडबोआ तस्करी मामले में आरोपियों को 2 वर्ष का सश्रम कारावास : मध्यप्रदेश

    एन.एस.बाछल, 07 जुलाई, भोपाल।

    भोपाल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दुर्लभ वन्यजीव सेंडबोआ की तस्करी से जुड़े लगभग 10 वर्ष पुराने मामले में 2 आरोपियों को 2 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह निर्णय अपराध क्रमांक 59/2016 (दिनांक 22 अगस्त 2016) में 29 जून 2026 को सुनाया गया।

    स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, मध्यप्रदेश तथा क्राइम ब्रांच भोपाल को प्राप्त सूचना के आधार पर 22 अगस्त 2016 को राहुल नगर झुग्गी बस्ती स्थित मंदिर के पास मुख्य मार्ग से 2 संदिग्धों को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में उनकी पहचान भोपाल निवासी अमन वामने और वरुण विश्वकर्मा के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उनके पास मौजूद कपड़े के थैले से एक जीवित दुर्लभ वन्यजीव सेंडबोआ बरामद किया गया। क्राइम ब्रांच ने वन्यजीव को विधिवत जब्त कर दोनों आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

    सुनवाई के दौरान क्राइम ब्रांच के साथ स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, मध्यप्रदेश के तीन शासकीय अधिकारियों ने अभियोजन पक्ष के साक्षी के रूप में न्यायालय में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए। विशेष लोक अभियोजकों की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 2 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

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    दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपियों को सहेजने और संरक्षित करने में मध्यप्रदेश देश में प्रथम

    एन.एस.बाछल, 07 जुलाई, भोपाल।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सांस्कृतिक अभ्युदय के संकल्प को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सशक्त नेतृत्व में साकार किया जा रहा है। मध्यप्रदेश की धरती ने भारत की प्राचीन ज्ञान-संपदा और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के विषय में देश भर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार की डिजिटल पहल 'ज्ञान भारतम् ऐप' के अनुसार, दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपियों की सूचना दर्ज करने और उनके संरक्षण के मामले में मध्यप्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर आ गया है। यह सफलता राज्य की समृद्ध ऐतिहासिक और बौद्धिक विरासत को वैश्विक पटल पर पुनः स्थापित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। अब तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ज्ञान भारतम् ऐप के माध्यम से 3 जुलाई 2026 को मध्यप्रदेश ने अब तक कुल 34 लाख 45 हजार 439 पांडुलिपियों पन्नों का पंजीकरण किया जा चुका है। 12 लाख 13 हजार 127 पांडुलिपियों का 'ज्ञान भारतम्' द्वारा सफलतापूर्वक सत्यापन हुआ है शेष सत्यापन की प्रक्रिया में हैं, जिनका चरणबद्ध तरीके से परीक्षण एवं प्रमाणीकरण किया जा रहा है।

    देश की प्राचीन मेधा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का महायज्ञ- अपर मुख्य सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला

    अपर मुख्य सचिव संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा सामान्य प्रशासन शिव शेखर शुक्ला ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा है कि आज भी विश्वभर के मंदिरों, मठों, पुस्तकालयों और संग्रहालयों में संरक्षित भारतीय पाण्डुलिपियाँ हमारी समृद्ध ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर हैं। इनका संरक्षण, डिजिटलीकरण और पुनर्प्रसार भारत की प्राचीन ज्ञान-संपदा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। इसी के साथ भारत अपनी ज्ञान परंपरा को वैश्विक स्तर पर पुनः स्थापित करते हुए 'विश्व गुरु' की अपनी गौरवशाली पहचान को सशक्त बना रहा है। मध्यप्रदेश के जिलों के उत्कृष्ट प्रयासों ने न केवल प्रदेश की समृद्ध ज्ञान परंपरा के संरक्षण को नई दिशा दी है, बल्कि भारत की प्राचीन सांस्कृतिक एवं बौद्धिक धरोहर को संरक्षित करने के राष्ट्रीय अभियान को भी मजबूती प्रदान की है।

    प्रदेश में पांडुलिपियों के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान

    ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत पांडुलिपियों के पंजीकरण में मध्यप्रदेश के सभी जिलों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 1 जुलाई तक के आकंड़ों के अनुसार इनमें भोपाल ने सबसे अधिक 24 लाख 26, हजार 172 पांडुलिपियों का पंजीकरण किया है। इसके बाद इंदौर में 3,99,477, रीवा में 2,68,763, बैतूल में 1,00,593 तथा छिंदवाड़ा में 77,094 पांडुलिपियां दर्ज की गईं। पन्ना से 64,257, सागर से 60,025, ग्वालियर से 29,870, उज्जैन से 20,995, रायसेन से 15,539, मंदसौर से 12,412, अनूपपुर से 11,829, नीमच से 8,950, मऊगंज से 8,406, खंडवा से 5,740, जबलपुर से 4,715, सतना से 4,061, नर्मदापुरम (होशंगाबाद) से 4,049, गुना से 3,937, उमरिया से 3,824, दतिया से 3,179, विदिशा से 2,745, सीधी से 2,497, अशोकनगर से 1,908, बालाघाट से 1,741, शहडोल से 1,397, टीकमगढ़ से 1,290, मंडला से 957, शिवपुरी से 943, धार से 870, भिंड से 800, रतलाम से 731, मुरैना से 655, शाजापुर से 638, बड़वानी से 614, सीहोर से 607, सिवनी से 564, छतरपुर से 381, देवास से 330, श्योपुर से 310, नरसिंहपुर से 254, राजगढ़ से 198, निवाड़ी से 177, खरगोन से 171, मैहर से 146, दमोह से 133, बुरहानपुर से 120, हरदा से 84, कटनी से 83, आगर मालवा से 57, सिंगरौली से 33, झाबुआ से 17, अलीराजपुर से 8, पांढुर्ना से 3 तथा डिंडोरी से 1 पांडुलिपि का पंजीकरण किया गया। यह व्यापक सहभागिता दर्शाती है कि प्रदेश के सभी जिलों ने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और पांडुलिपि धरोहर के संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण के राष्ट्रीय अभियान में अपनी सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    'ज्ञान भारतम् ऐप' और इसका उद्देश्य

    'ज्ञान भारतम् ऐप' भारत सरकार की एक अनूठी डिजिटल पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को सुरक्षित रखना और दुर्लभ पांडुलिपियों का एक विशाल डिजिटल अभिलेख (Digital Archive) तैयार करना है। ये भारतीय पांडुलिपियाँ केवल अतीत की स्मृतियाँ नहीं हैं, बल्कि 'वसुधैव कुटुम्बकम्' (विश्व एक परिवार है) की भावना से प्रेरित ज्ञान, संस्कृति और जीवन मूल्यों का जीवंत स्रोत हैं, जो संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती हैं। इस डिजिटल अभियान के माध्यम से शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए इन अमूल्य ग्रंथों तक पहुँच बेहद आसान हो गई है।

    पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण में नागरिक भी बन सकते हैं भागीदार

    ज्ञान भारतम् ऐप न केवल सूचना देता है, बल्कि आम जनता को भी इस सांस्कृतिक महायज्ञ से जोड़ता है। स्मार्ट सर्च: उपयोगकर्ता शीर्षक, लेखक, भाषा, विषय और संग्रह स्थल के आधार पर किसी भी पांडुलिपि की जानकारी आसानी से खोज सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति या संस्था के पास कोई दुर्लभ पांडुलिपि उपलब्ध है, तो वे ऐप के माध्यम से उसके संरक्षण या डिजिटलीकरण के लिए सीधे अनुरोध दर्ज कर सकते हैं। आम नागरिक अपने पास मौजूद प्राचीन हस्तलिखित ग्रंथों की जानकारी साझा कर भारत को पुनः 'विश्व गुरु' के रूप में स्थापित करने में अपना योगदान दे सकते हैं।

    जिलों से मिलीं दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपियाँ

    ज्ञान भारतम् मिशन से हुए संरक्षण कार्य से कई प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों का पता चला है। टीकमगढ़ से 10 फीट लंबा जम्बूद्वीप का रहस्यमयी नक्शा मिला है। इसमें प्राचीन भारतीय भूगोल को दर्शाने वाला 'जम्बूद्वीप' का एक अत्यंत रहस्यमयी और दुर्लभ नक्शा अंकित है।चित्र में बीच में वृत्ताकार संरचना है, उसके चारों ओर पर्वत-मालाएं और क्षेत्र दिखाए गए हैं।

    इसी तरह पन्ना से महाकवि केशव दास रचित रसिक प्रिया(1591 ई) की हस्त लिखित पांडुलिपि श्री राम जानकी मंदिर में मिली है। यह रीतिकाल का एक प्रतिष्ठित 'लक्षण-ग्रंथ' है जो काव्यशास्त्र, श्रृंगार रस और नायिका-भेद पर आधारित है। इसमें अमूर्त शास्त्रीय नियमों को राधा-कृष्ण के प्रेम प्रसंगों और मौलिक छंदों के माध्यम से समझाया गया है।

    बुरहानपुर से 220 वर्ष पुराना हस्तलिखित 20 फीट लंबा प्राचीन 'श्रीमद्भागवत महापुराण' ग्रंथ भी शामिल है, जिसका आधिकारिक तौर पर पंजीयन कर लिया गया है। दतिया के राधा वल्लभ मिश्रा के आवास से ओरछा नरेश राजा उद्दोत सिंह के समय का एक ताम्रपत्र अभिलेख प्राप्त हुआ है, जिस पर विक्रम संवत 1828 अंकित है।

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    खेतों में पर्याप्त नमी के बाद ही करें बोवाई : मध्यप्रदेश

    एन.एस.बाछल, 07 जुलाई, भोपाल।

    मौसम की अनिश्चितता के बारे में लगाए जा रहे अनुमानों के बाद भी किसान भाईयों को चिन्तित होने की आवश्यकता नहीं है। खरीफ की बुआई के लिए कुछ सावधानियां अपनाकर किसान उत्पादन में स्थिरता बनाए रख सकते हैं। कुछ जिलों में अल्प वर्षा को देखते हुए खरीफ फसलों की बोवाई में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। जब तक खेतों में पर्याप्त नमी न हो जाए, तब तक बुआई करना जोखिम पूर्ण हो सकता है। कृषक कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने वैज्ञानिकों के परामर्श से किसानों को सलाह दी है। संचालक कृषि उमाशंकर भार्गव ने इस संबंध में मैदानी अमले को किसानों से सतत संपर्क करने के अधीनस्थ कार्यालयों को निर्देश जारी किए हैं। सामान्य रूप से 4 इंच यानि लगभग 1 बालिश्त की गहराई तक नमी होने तथा बतर आने के बाद बोवाई की आदर्श स्थिति मानी जाती है। वर्तमान में पूरी तरह मानसून की सक्रियता न होने के कारण बोवाई के लिए किसानों को प्रतीक्षा करने की आवश्यकता है। जिन किसान भाइयों के पास सिंचाई की पर्याप्तता हो उन्हें मृदा की उर्वरता बढ़ाने के लिये ढैंचा या सनई की बुवाई हरित खाद के रूप में करना चाहिये। जिन क्षेत्रों में पूर्व में वर्षा हुई है, वे भी हरित खाद या ग्रीन मैन्योरिंग हेतु फसलें बो सकते हैं। बुवाई के लिए तैयार खेतों में आधार खाद जैसे गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट एवं उर्वरक जैसे सुपर फॉस्फेट, म्यूरेट ऑफ पोटास और जिंक सल्फेट तथा जिप्सम आदि को खेत में बोवाई या छिड़काव द्वारा मिलाया जा सकता है।

    कृषि सलाह के अनुसार किसान भाई, सोयाबीन के बीज का अंकुरण परीक्षण कर 70 प्रतिशत से अधिक अंकुरण क्षमता वाले बीजों का उपयोग करें। रोग एवं कीट प्रतिरोधी उपयुक्त ऐसी किस्मों का चयन करें जिनकी जल मांग भी कम हो। इसके लिये कृषि अधिकारियों से परामर्श लेना उपयोगी होगा। बुवाई से पूर्व बीजों को फफूंदनाशकों एवं जैव उर्वरकों से उपचारित करना आवश्यक है। सोयाबीन फसल की बुवाई में जलभराव एवं सूखे के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने हेतु रिज- एंड फरो सीड ड्रिल, ब्रॉड बेड एंड फरो (BBF) सीड ड्रिल अथवा हस्तचालित सीड डिब्लर का प्रयोग करना उपयोगी है। इसी प्रकार धान की बोवाई के लिए श्री पद्धति अथवा सीधी बोवाई अपनाना लाभकारी है।

    किसान भाइयों को वर्षा जल संचय के लिए हर संभव उपाय अपनाना चाहिये। इसके लिए खेत तालाबों, पोखर, सोक्ता पिट्, कुओं आदि में जल को रोकने का प्रबंध करना चाहिये। जल भराव वाले खेत के हिस्से में पानी रोकना तथा कुओं और नलकूपों को रिचार्ज करना भी वर्ष भर पानी उपयोग करने की दृष्टि से उपयोगी होगा। खरीफ फसलों में इंटर क्रापिंग या अंतरवर्ती खेती की सलाह भी दी गई है। एक ही खेत में एक से अधिक फसलें साथ बोना और एक फसल की एक से अधिक किस्में बोने से किसी भी संभावित जोखिम में कमी आती है। इसके अतिरिक्त किसानों को फसल बीमा करवाने की सलाह भी दी गई है। कृषि सलाह के अनुसार विभिन्न प्रसार माध्यमों से किसानों को मौसम की सूचनाओं पर ध्यान देने तथा उसके अनुकूल फसल कार्य करने के लिए भी आगाह किया जा रहा है।

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    अस्मिता लीग साउथ ज़ोन कैनोइंग एवं कयाकिंग चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश रहा ओवरऑल चैंपियन

    एन.एस.बाछल, 07 जुलाई, भोपाल।

    मध्यप्रदेश राज्य कैनोइंग एवं कयाकिंग अकादमी के खिलाड़ियों ने 4 से 5 जुलाई 2026 तक आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित गंबरमगेड्डा रिजर्वायर में आयोजित अस्मिता लीग साउथ ज़ोन कैनोइंग एवं कयाकिंग चैंपियनशिप-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश को ओवरऑल चैंपियन बनने का गौरव दिलाया। प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में कुल 38 पदक अर्जित किए, जिनमें 16 स्वर्ण, 17 रजत एवं 5 कांस्य पदक शामिल हैं।

    पदकों की शानदार बरसात, प्रदेश ने किया शीर्ष स्थान हासिल

    चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश ने सर्वाधिक 38 पदकों के साथ पदक तालिका में प्रथम स्थान प्राप्त किया। खिलाड़ियों के उत्कृष्ट तकनीकी कौशल, अनुशासित प्रदर्शन और निरंतर अभ्यास का परिणाम रहा कि प्रदेश ने अन्य राज्यों को पीछे छोड़ते हुए ओवरऑल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। यह उपलब्धि मध्यप्रदेश राज्य कैनोइंग एवं कयाकिंग अकादमी में उपलब्ध उच्च स्तरीय प्रशिक्षण व्यवस्था तथा खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।

    राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की बढ़ती सशक्त पहचान

    अस्मिता लीग जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में ओवरऑल चैंपियन बनने की यह उपलब्धि मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं के सुनियोजित विकास और खेल अधोसंरचना की गुणवत्ता को दर्शाती है। प्रदेश के खिलाड़ी निरंतर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मध्यप्रदेश को नई पहचान दिला रहे हैं।

    खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई

    खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने इस शानदार उपलब्धि पर मध्यप्रदेश राज्य कैनोइंग एवं कयाकिंग अकादमी के सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है, जिसका परिणाम राष्ट्रीय स्तर पर लगातार मिल रही सफलताओं के रूप में सामने आ रहा है।

    युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत

    मध्यप्रदेश राज्य कैनोइंग एवं कयाकिंग अकादमी के खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है। यह सफलता सिद्ध करती है कि समर्पण, अनुशासन, उत्कृष्ट प्रशिक्षण और निरंतर प्रयास के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की जा सकती हैं।

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    ईमानदारी और सत्यनिष्ठा एक युवा अधिकारी की सबसे बड़ी पूंजी है- मध्यप्रदेश डीजीपी मकवाणा

    एन.एस.बाछल, 07 जुलाई, भोपाल।

    मध्‍यप्रदेश संवर्ग 2025 बैच के 08 परिवीक्षाधीन भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने पुलिस मुख्‍यालय में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा से सौजन्‍य भेंट की। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने सभी अधिकारियों से परिचय प्राप्‍त कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्‍होंने कहा कि प्रशिक्षण पूरी तन्‍मयता से प्राप्‍त करें ताकि शासन की जनकल्‍याणकारी योजनाओं का उत्‍कृष्‍ट निष्‍पादन कर सकें। उन्होंने कहा कि वे अपने अधीनस्थ अमले से भी सीखने में संकोच न करें।

    पुलिस महानिदेशक ने नवचयनित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल एक पद नहीं, बल्कि जनता की सेवा का दायित्व है। उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नए आपराधिक कानून, साइबर सुरक्षा, साइबर फ्रॉड, नारकोटिक्स एवं नशा मुक्ति जैसे विषय प्रशासनिक अधिकारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। बदलती चुनौतियों को देखते हुए अधिकारियों को निरंतर सीखते रहने और तकनीक का प्रभावी उपयोग करने की आवश्यकता है।

    डीजीपी ने अपने सेवाकाल के अनेक अनुभव साझा किए। उन्होंने मंदसौर की एक घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य, संवाद और सही नेतृत्व से बड़ी से बड़ी भीड़ को भी शांतिपूर्वक नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने मुरैना में पदस्थापना के दौरान सड़क सुरक्षा अभियान और निष्पक्ष जांच के अनुभव भी साझा किए।

    उन्होंने बताया कि डायल-100 से 112 आपातकालीन सेवा में परिवर्तन आसान नहीं था। लगभग छह से सात महीने के अथक प्रयासों, टीमवर्क और समर्पण से इस व्यवस्था को सफलतापूर्वक लागू किया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े परिवर्तन के लिए धैर्य और सतत प्रयास आवश्यक हैं। नक्सल चुनौती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ने वर्ष 2025 में नक्सल समस्या से मुक्ति प्राप्त की। यह सुरक्षा बलों, प्रशासन और जनता के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।

    डीजीपी ने अधिकारियों को सलाह दी कि किसी भी सूचना पर तुरंत विश्वास करने के बजाय पहले उसका सत्यापन करें और उसके बाद ही निर्णय लें। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक निर्णय हमेशा तथ्यों और निष्पक्षता पर आधारित होने चाहिए।

    उन्होंने कहा कि ईमानदारी (Honesty) और सत्यनिष्ठा (Integrity) एक युवा अधिकारी की सबसे बड़ी पूंजी है। अधिकारियों को भ्रष्टाचार, भौतिकवादी सोच और व्यक्तिगत स्वार्थ से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि कभी भी पद का अहंकार अपने ऊपर हावी न होने दें और प्रत्येक नागरिक की समस्या को स्वयं की समस्या समझकर उसका समाधान करने का प्रयास करें।

    डीजीपी ने कहा कि प्रशिक्षण अवधि सीखने का सर्वोत्तम अवसर होती है। इस दौरान किसी भी विषय पर प्रश्न पूछने में संकोच नहीं करना चाहिए, चाहे वह जूनियर से पूछना हो या सीनियर से। निरंतर सीखने की भावना ही एक सफल अधिकारी की पहचान है।

    साहबगिरी' नहीं, जनसेवा का भाव रखें

    डीजीपी ने नवचयनित अधिकारियों से कहा कि चयन के बाद कभी भी 'साहबगिरी' को अपने सिर पर न चढ़ने दें। उन्होंने अधिकारियों को सकारात्मक सोच अपनाने, विनम्र बने रहने और अपने समकक्ष अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ऐसा कैडर है जहां वरिष्ठ अधिकारी सहज उपलब्ध रहते हैं और सीखने का अनुकूल वातावरण मिलता है। उन्होंने नवचयनित अधिकारियों को इस प्रतिष्ठित सेवा में चयन पर बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।

    इसी दौरान पुलिस महानिदेशक ने वर्तमान में प्रदेशभर में संचालित "सेफ क्लिक 2.0" साइबर जागरूकता अभियान तथा आगामी 15 जुलाई से प्रारंभ होने वाले "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम और नशा मुक्त समाज के निर्माण में प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। अधिकारियों को इन अभियानों को जनभागीदारी के माध्यम से प्रभावी बनाते हुए अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाना चाहिए, ताकि समाज को साइबर अपराधों और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से सुरक्षित रखा जा सके।

     इस अवसर पर आर.सी.व्‍ही.पी. नरोन्‍हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी की कोर्स एसोसिएट डायरेक्‍टर प्रिया शर्मा, पीएसओटू डीजीपी विनीत कपूर, एसओटू डीजीपी मलय जैन, प्रशिक्षु आईएएस खोत पुष्पराज नानासाहेब, आयुषी बंसल, माधव अग्रवाल, श्लोक वाइकर, आशी शर्मा, शैलेंद्र चौधरी, शिल्पा चौहान, सौम्या मिश्रा उपस्थित रहीं।

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    ED की बड़ी कार्रवाई: NTPC के पूर्व एजीएम की 3.15 करोड़ की संपत्ति कुर्क; आय से अधिक संपत्ति मामले में भोपाल जोनल ऑफिस ने कसा शिकंजा

    भोपाल/सिंगरौली, 07 जुलाई, (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) के भोपाल जोनल ऑफिस ने भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ED द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, एनटीपीसी (NTPC) विंध्यनगर, सिंगरौली के पूर्व एडिशनल जनरल मैनेजर (बिजनेस एक्सीलेंस) राकेश कुमार उपाध्याय के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनकी करीब 3.15 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) कर लिया गया है।

    यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है।

    CBI की एफआईआर और चार्जशीट के बाद ED ने दर्ज किया केस

    ED की प्रेस रिलीज के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) के आधार पर शुरू की गई थी। CBI का यह मामला राकेश कुमार उपाध्याय द्वारा 23 सितंबर 2007 से 30 नवंबर 2019 के बीच अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने से जुड़ा है।

    शुरुआत में CBI की एफआईआर में यह बेनामी संपत्ति 1.39 करोड़ रुपए (52.95%) आंकी गई थी, जिसे बाद में चार्जशीट में संशोधित कर 1.16 करोड़ रुपए कर दिया गया, जो उनकी वैध आय का 76.57% हिस्सा है।

    बैंक खातों में कैश डिपॉजिट और फिक्स डिपॉजिट का खेल

    ED की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच के अनुसार, आरोपी ने कई बैंक खाते खोल रखे थे, जिनमें सुनियोजित तरीके से कुल 40.37 लाख रुपए का कैश डिपॉजिट किया गया। इसके बाद इन पैसों को एक खाते से दूसरे खाते में बार-बार ट्रांसफर (लेयरिंग) किया गया।

    इस हेरफेर के जरिए अंततः 1.88 करोड़ रुपए की एक बड़ी फिक्स डिपॉजिट (FD) तैयार की गई। जांच में यह भी सामने आया कि वाराणसी के चितईपुर स्थित राजीव नगर में बना एक आवासीय मकान भी इसी अवधि के दौरान कमाए गए अवैध पैसों से फाइनेंस किया गया था।

    वाराणसी का मकान और करोड़ों की एफडी कुर्क

    ED ने अपनी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के बाद कुल 3.15 करोड़ रुपए की जिन संपत्तियों को कुर्क किया है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

    • आवासीय मकान: वाराणसी के राजीव नगर स्थित मकान, जिसकी कीमत लगभग 1.26 करोड़ रुपए है।

    • फिक्स डिपॉजिट (FD): बैंक खातों में जमा 1.88 करोड़ रुपए की एफडी।

    ED ने इन संपत्तियों को अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) मानते हुए जब्त किया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

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    राज्य सरकार इसी माह समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में है अग्रसर : मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश

    एन.एस.बाछल, 07 जुलाई, भोपाल।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनसंघ के संस्थापक और प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का स्मरण करते हुए कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पूरे सम्मान के साथ मनाई जा रही है। डॉ. मुखर्जी के 'एक देश-एक विधान-एक निशान-एक प्रधान' के संकल्प को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार इसी माह समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में अग्रसर है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत ने विश्व में बनाई विशेष पहचान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए विश्व में विशेष पहचान बनाई है। डॉ. मुखर्जी ने देश और समाज के सर्वांगीण विकास की कल्पना की। राज्य सरकार ने डॉ. मुखर्जी की जयंती के अवसर पर 15 दिवसीय जनकल्याण पखवाड़े की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के सभी गरीब, जरूरतमंद और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। इस दिशा में रोजगार के अवसर सृजित होने से हर वर्ग का कल्याण सुनिश्चित हो पा रहा है।

    हर क्षेत्र में तेजी से विकास करते हुए आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देशानुसार बना दिल्ली में बना भारत मंडपम हमारे लिए एक आदर्श उदाहरण है। डॉ. मुखर्जी की जयंती पर आज भोपाल के सतगढ़ी में मध्यप्रदेश के सबसे बडे कन्वेंशन सेंटर और सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क की आधारशिला रखी जा रही है। राज्य सरकार कुशाभाऊ ठाकरे सभागार के पास एक आधुनिक कन्वेंशन सेंटर तैयार कर रही है, जिसकी क्षमता 5 हजार सीट्स की रहेगी। सतगढ़ी में बनने वाले नए विशाल कन्वेंशन सेंटर में 10 हजार से अधिक व्यक्तियों की व्यवस्था है। भोपाल सबसे समृद्ध और सशक्त राजधानी बनने जा रहा है। हमारा प्रदेश हर क्षेत्र में तेजी से विकास करते हुए आगे बढ़ रहा है।

    अब मध्यप्रदेश की धरती पर बनेंगे, रक्षा क्षेत्र के उपकरण, मिसाइल और हथियार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने रक्षा क्षेत्र में नया इतिहास रचा है। अब रक्षा क्षेत्र के कई उपकरण, मिसाइल और हथियार मध्यप्रदेश की धरती पर बनेंगे। चंबल की धरती सालों से मां भारती की सेवा करने वाले वीर सैनिकों की भूमि रही है। अब यहां आधुनिक हथियार भी तैयार किए जाएंगे। यह मिसाइल एक हजार किलोमीटर तक दुश्मन के ठिकानों को ध्वस्त करने की क्षमता वाली होंगी। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल, विधायक रामेश्वर शर्मा, रवीन्द्र यति, जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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    मध्यप्रदेश के मछली उत्पादन को मिली अंतर्राष्ट्रीय पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    एन.एस.बाछल, 07 जुलाई, भोपाल।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अन्नदाता की समृद्धि के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से किसान कल्याण वर्ष में प्रदेश में पशुपालन, मत्स्य पालन जैसी आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को प्रोत्साहित या बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में तालाबों और जलाशयों के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अन्नदाता की समृद्धि के लिए कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं विकसित हो रही हैं। प्रदेश के मछुआरा समुदाय के लोग मछली पालन जरिए ही अपनी आजीविका चलाते हैं। इन सबकी बेहतरी के लिए मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026 के अंतर्गत गतिविधियों को अंतर्राष्ट्रीय विस्तार दिया जा रहा है। आज कुवैत की अग्रणी मत्स्य कंपनी और कामदार्स केयर इंदौर के बीच हुआ एग्रीमेंट प्रदेश में मत्स्य पालन और मछुआ कल्याण के क्षेत्र में नया इतिहास रचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में कुवैत की अग्रणी मत्स्य कंपनी- ज़बेदी अल कुवैत फिशरीज कंपनी और कामदार्स केयर इंदौर के बीच, प्रदेश में 7 हजार 430 करोड़ रुपए के निवेश और बाय बैक एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए। यह एग्रीमेंट मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026 के अंतर्गत हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में एग्रीमेंट पर हुए हस्ताक्षर के बाद यह विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पंवार, विधायक रामेश्वर शर्मा तथा कुवैत फिश ट्रेड यूनियन के निदेशक मंडल के अध्यक्ष फारेस बौकम्माज़ उपस्थित थे।

    मध्यप्रदेश में है मत्स्य पालन क्षेत्र में अपार संभावनाएं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन विकास के लिए पर्याप्त जलसंरचनाओं के भंडार हैं। इससे देश की खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ-साथ निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा। कृषि और खाद्यान्न के विकास को लेकर मध्यप्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। कुवैत हमारा मित्र देश है, प्रदेश में विदेशी निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार पूर्ण समर्पण के साथ तेजी से कार्य कर रही है, अब इसके सुखद परिणाम भी लगातार सामने आ रहे हैं। भविष्य में मध्यप्रदेश मत्स्य पालन के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाएगा।

    एक्वापोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीन हाउस से 1 लाख 23 हजार टन वेजिटेबल्स का भी होगा उत्पादन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में हुए एग्रीमेंट के दौरान जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्य उद्योग नीति-2026 के अंतर्गत राज्य में आधुनिक निर्यातोन्मुखी एवं मूल्य संवर्धन मत्स्य उद्योग के विकास के लिए निजी एवं विदेशी निवेश आकर्षित करने का प्रावधान है। अनुबंध के अंतर्गत 7 हजार 430 करोड़ रूपए के अनुमानित निवेश से इंदिरा सागर, बरगी, बाणसागर और बारना जलाशय में केज कल्चर सहित बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। केज कल्चर के जरिये लगभग 4 लाख टन का अतिरिक्त मत्स्य उत्पादन अपेक्षित है। इसके साथ ही एक्वापोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीन हाउस से 1 लाख 23 हजार टन वेजिटेबल्स आदि का भी उत्पादन होगा। प्रदेश में हो रही इस नई पहल से 15 हजार प्रत्यक्ष और 20 हजार अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रदेश से लगभग 6 हजार करोड़ रुपए के मत्स्य निर्यात का लक्ष्य है। राज्य सरकार की इस पहल से प्रदेश के मछुआरे विशेष रूप से लाभान्वित होंगे।

    मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी मत्स्य निवेश और निर्यात केन्द्र बनाएगा यह अनुबंध

    यह अनुबंध मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी मत्स्य निवेश और निर्यात केन्द्र बनाने की दिशा में एक प्रयास है। ज़बैदी अल-कुवैत फिशरीज़ कंपनी का 10 से अधिक देशों में प्रीमियम क्वालिटी फूड, डिब्बाबंद खाद्य उत्पाद, मसाले आदि में व्यापारिक नेटवर्क है। कामदार्स केयर, इंदौर एक क्लस्टर-बेस्ट व्यापारिक संगठन है। यह समूह किसान उत्पाद संगठनों के गठन और उनके व्यवसाय को बढ़ाने में मदद करता है। इसे स्टार्टअप इंडिया के अंतर्गत भी मान्यता प्राप्त है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, सचिव मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास स्वतंत्र कुमार सिंह तथा विभाग के अधिकारी, विशेषज्ञगण और कुवैत के पब्लिक अथॉरिटी फॉर एग्रीकल्चर अफेयर्स एंड फिश रिसोर्सेज के उप महानिदेशक नासिर अल-अमीर, कुवैत इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी के सलाहकार अशरफ हुसैन, संचालक कामदार्स केयर संजय पाटीदार भी उपस्थित थे।

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के रक्षा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी- मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    एन.एस.बाछल, 06 जुलाई, भोपाल।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारा मध्य प्रदेश निवेश, उद्योग और रोजगार का एक विश्वसनीय केंद्र बनता जा रहा है। आज मध्य प्रदेश न केवल एक विशाल औद्योगिक परियोजना का गवाह बन रहा है, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के एक नए युग का सूत्रपात कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब भारत अपनी सुरक्षा के लिए किसी अन्य देश पर निर्भर नहीं है, बल्कि देश में निर्मित आधुनिक रक्षा उपकरणों के बल पर विश्व को अपनी शक्ति का परिचय दे रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की रक्षा प्रणाली अत्यंत सशक्त हुई है। हमारी आंतरिक और बाह्य सुरक्षा और भी मजबूत हुई है। प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में, हमारा देश, जो कभी रक्षा उत्पादों का आयातक हुआ करता था, अब कुछ वर्षों में रक्षा उत्पादों का निर्यातक बन गया है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने में निजी क्षेत्र की भूमिका भी मजबूत हो रही है। भारत अब रक्षा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर हो गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारी दोहरी इंजन सरकार ने ग्वालियर-चंबल को सशक्त बनाया है। आज ग्वालियर-चंबल क्षेत्र रक्षा क्षेत्र, विमानन, रसद और आधुनिक उद्योगों में निवेश के केंद्र के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिवपुरी शहर के पोलो ग्राउंड में एक विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्व विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मिलकर लगभग 2,500 करोड़ रुपये की लागत से शिवपुरी जिले के पाली में स्थापित होने वाले अदानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ग्रुप के अत्याधुनिक विनिर्माण संयंत्र की औपचारिक आधारशिला रखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक क्लिक में शिवपुरी जिले के लिए 211 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 38 विकास परियोजनाओं का ई-लोकर्पण और ई-भूमिपूजन भी किया। इसमें 166.72 करोड़ रुपये की लागत वाली 28 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और 44.57 करोड़ रुपये की लागत वाली 10 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिवपुरी जिले के करेरा, खानियांधाना और गणेश खेड़ा में 211 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नवनिर्मित संदीपानी सरकारी मॉडल उच्च माध्यमिक भवनों का भी उद्घाटन किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सरकार घोषणाओं की नहीं, बल्कि विकास की सरकार है। पिछले छह महीनों में हमने मध्य प्रदेश में सेवा, संकल्प और सुशासन का एक नया अध्याय लिखा है। निवेश- अनुकूल नीतियों और सरल प्रक्रियाओं के चलते मध्य प्रदेश देश में निवेश का एक नया और विश्वसनीय केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि अडानी समूह द्वारा स्थापित किया जा रहा यह अत्याधुनिक रक्षा विनिर्माण केंद्र देश की रणनीतिक जरूरतों को पूरा करेगा। इससे रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी प्रौद्योगिकी, नवाचार और विनिर्माण क्षमता को नई गति मिलेगी। इस रक्षा उत्पाद संयंत्र में निर्मित गोला-बारूद और स्वदेशी मिसाइलें देश की सुरक्षा को और मजबूत करेंगी, साथ ही क्षेत्रीय युवाओं और जरूरतमंदों के लिए लगभग 4 से 5 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। स्थानीय लघु रक्षा विनिर्माण इकाइयों को एक नई पहचान मिलेगी और एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला विकसित होगी, जिससे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह संयंत्र दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा निजी क्षेत्र का मिसाइल उत्पादन संयंत्र होगा, जो देश की रक्षा उत्पादन क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत आधार प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि हमने राज्य में उद्योग, अवसंरचना और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाया है। इसी के चलते मध्य प्रदेश में वैश्विक स्तर की विशाल औद्योगिक परियोजना इकाइयां स्थापित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि शिवपुरी में स्थापित होने वाला यह रक्षा उत्पादन केंद्र क्षेत्रीय विकास में एक नया अध्याय लिखेगा और रक्षा क्षेत्र में भारत को अधिक स्वतंत्र और सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय जन प्रतिनिधियों की मांग पर बढ़ते यातायात की समस्या से निपटने के लिए शिवपुरी शहर में लगभग 120 करोड़ रुपये की लागत से 14 किलोमीटर लंबी चार लेन (सर्कुलर रोड) के निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां एक सुंदर पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा और शिवपुरी शहर में उपयुक्त स्थान पर 108 फीट ऊंची शिव प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजमाता विजयराजे सिंधिया के नाम पर ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी सेंटर, सीटी स्कैन यूनिट और कार्डियोलॉजी यूनिट स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिवपुरी जिले के सुभाषपुरा में एक नई तहसील के सृजन, खोड में एक नए सरकारी कॉलेज के उद्घाटन और पिछोर विधानसभा क्षेत्र के वीरा में एक नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएससी) के उद्घाटन की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि करेरा से भीतरवार होते हुए समोहा बांध तक पक्की सड़क का निर्माण किया जाएगा। जिले के एक विधानसभा क्षेत्र में सब्जी मंडी भी खोली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कोलारस विधानसभा क्षेत्र में एक नए संदीपानी विद्यालय के निर्माण और शिवपुरी जिला अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए 200 बिस्तरों वाले पूरी तरह से सुसज्जित अस्पताल के उद्घाटन की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के लिए धनराशि में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

    अब शिवपुरी का नाम भी देश के रक्षा उत्पादन मानचित्र पर अंकित हो गया है: केंद्रीय मंत्री सिंधिया

    केंद्रीय संचार मंत्री सिंधिया ने कहा कि अब भारत की बारी है। आज हमारा भारत आंखों से आंखें मिलाकर नहीं, बल्कि आंखों से आंखें मिलाकर बात करता है। भारत को अब एक प्रगतिशील, आत्मनिर्भर और रक्षा उत्पाद निर्माता भारत के रूप में पहचाना जा रहा है। मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और रक्षा गलियारे जैसी दूरदर्शी नीतियों के फलस्वरूप भारत रक्षा क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। देश की सीमाओं को मजबूत करने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र और आकाश वायु रक्षा प्रणाली तैयार की जा रही हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज शिवपुरी की भूमि पर अडानी रक्षा इकाई का भूमिपूजन किया गया है। अब यहां विकास का नया पाठ लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में भोपाल में आयोजित वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन में अडानी समूह के अध्यक्ष श्री गौतम अडानी ने मध्य प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में कुल 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी। अडानी की इसी घोषणा के अनुसरण में शिवपुरी में रक्षा इकाई की स्थापना एक अभूतपूर्व प्रयास है।

    केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश देश का एक अनूठा क्षेत्र है, जहां न केवल निवेशकों का दिल जीता जा रहा है, बल्कि उनका विश्वास भी कायम किया जा रहा है। अडानी समूह के इस रक्षा संयंत्र के निर्माण से न केवल हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि भारत के रक्षा उत्पाद मानचित्र पर शिवपुरी जिले का नाम भी सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों के अथक प्रयासों के बाद आज शिवपुरी में इस रक्षा संयंत्र की स्थापना यह दर्शाती है कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों के प्रति उद्योग और निवेशकों का विश्वास दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। ग्वालियर से कोटा एक्सप्रेसवे और आगरा-मुंबई एक्सप्रेसवे सहित सभी दिशाओं से शिवपुरी देश से जुड़ा हुआ है। इससे यहां निवेश करने वाले उद्योगपतियों को सभी रसद सुविधाएं मिलती हैं, इसलिए यह पूरा क्षेत्र निवेश का एक उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। इस क्षेत्र में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो रही हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अडानी समूह की यह इकाई भारत की रक्षा आपूर्ति श्रृंखला को सार्थक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे न केवल शिवपुरी, बल्कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।

    अडानी समूह के जीत अडानी ने कहा कि आज मध्य प्रदेश दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा मिसाइल इकोसिस्टम शुरू करने जा रहा है, जो रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह अत्याधुनिक सुविधा इस क्षेत्र में राष्ट्रीय रक्षा के लिए कच्चे माल से लेकर तैयार मिसाइलों का निर्माण करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री सिंधिया के कुशल नेतृत्व और राज्य सरकार द्वारा अवसंरचना और औद्योगिक विकास पर दिए गए विशेष ध्यान के कारण मध्य प्रदेश देश की सबसे शक्तिशाली विकास गाथा के रूप में उभरा है।

    विधायक देवेंद्र जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्र की छवि बदलने के लिए काम किया है। अदानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस का विनिर्माण संयंत्र शिवपुरी में विकास और रोजगार के नए रास्ते खोलेगा। अब हमारा शिवपुरी जिला भी तेजी से विकसित होगा। कोलारस विधायक श्री महेंद्र यादव ने कहा कि अदानी समूह द्वारा हमारे जिले में बनाई जाने वाली मिसाइलें पूरे देश में ख्याति प्राप्त करेंगी।

    इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री और शिवपुरी जिले के प्रभारी प्रद्युम्न सिंह तोमर, शिवपुरी विधायक देवेंद्र कुमार, पिछोर विधायक प्रीतम सिंह लोधी, कोलारस विधायक महेंद्र यादव, करेरा विधायक रमेश प्रसाद खाटिक, अदानी समूह के निदेशक जीत अदानी, करण अदानी, जसवंत जाटव और अन्य जन प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। इस दौरान नई रक्षा इकाई पर केंद्रित एक ऑडियो-वीडियो फिल्म दिखाई गई। कार्यक्रम स्थल पर अदानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस प्लांट की एक प्रदर्शनी भी लगाई गई थी।

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    मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसने नए वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया है।

    एन.एस.बाछल, 06 जुलाई, भोपाल।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के महत्वपूर्ण निर्णय के तहत मध्य प्रदेश में एक नए वक्फ बोर्ड का गठन किया गया है। इस संबंध में मध्य प्रदेश राजपत्र में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। मध्य प्रदेश के वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सांवर पटेल होंगे। वक्फ बोर्ड में कुल 10 सदस्य बनाए गए हैं, जिनमें दो हिंदू सदस्य मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव शामिल हैं। मध्य प्रदेश नए अधिनियम के तहत वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

    वक्फ अधिनियम-1995 (संशोधित-2025) की धारा-13 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य सरकार ने अधिनियम की धारा-14 ​​में उल्लिखित प्रावधानों के अनुसार एक वक्फ बोर्ड का गठन किया है। नजमा हेपतुल्ला, नई दिल्ली, आतिफ अकील, विधायक भोपाल (उत्तर), फैजान खान, उज्जैन, बहन फातिमा चौधरी, इंदौर, शास्ता सुल्तान, पार्षद बैरसिया भोपाल, शबाना खान, पार्षद रतलाम, मनोज मालपानी, इंदौर, अनिमेष भार्गव, रघुगढ़ गुना और पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण आयुक्त को नए वक्फ बोर्ड का सदस्य बनाया गया है।

    नजमा हेपतुल्लाह को वक्फ अधिनियम, 1995 (संशोधित, 2013) की धारा 14 के तहत दिनांक 19.04.2023 की अधिसूचना द्वारा निर्वाचित श्रेणी से नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल 18.04.2028 तक प्रभावी है, इसलिए शेष कार्यकाल के लिए उनका नाम नई अधिसूचना में शामिल किया गया है।

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    ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में अब और तेजी से विकास होगा: मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    एन.एस.बाछल, 06 जुलाई, भोपाल।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के लिए यह अत्यंत गौरव की बात है कि आज शिवपुरी में रक्षा क्षेत्र की 2500 करोड़ रुपये की एक बड़ी परियोजना का शुभारंभ होने जा रहा है। 211 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे विकास कार्यों का उद्घाटन और भूमि पूजन भी आज यहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार के समावेशी विकास लक्ष्यों और निजी क्षेत्र की साझेदारी से ग्वालियर-चंबल का पूरा क्षेत्र तेजी से प्रगति करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर में स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान यह बात कही।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार पर्यटन को क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और रोजगार का मजबूत आधार बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विशेष रूप से वन और प्राकृतिक पर्यटन की अपार संभावनाओं वाले क्षेत्रों में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलें और क्षेत्रीय विकास में तेजी आए। उन्होंने कहा कि हम केवल पर्यटन सर्किट विकसित करने तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक पर्यटन स्थल के प्राकृतिक और सांस्कृतिक विशेषताओं के अनुरूप उसका समग्र विकास भी सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे बाघ अभ्यारण्य और प्राकृतिक धरोहर क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं, जिन्हें विश्व स्तरीय पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र में चल रही केन-बेतवा नदी लिंक और पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजनाएं विकास के लिए एक नया मानक स्थापित करेंगी। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से शिवपुरी सहित पूरे क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल, उद्योग, पशुपालन और कृषि क्षेत्रों को व्यापक लाभ प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पर्यटन, जल प्रबंधन और अवसंरचना विकास को एकीकृत दृष्टिकोण से बढ़ावा दे रही है, जिससे किसानों की समृद्धि, स्थानीय रोजगार और कृषि क्षेत्र के संतुलित विकास को नई गति मिलेगी।

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    विकास के पथ पर नए आयाम स्थापित कर रहा राजस्थान: पीएचईडी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी

    एन.एस.बाछल, 05 जुलाई, भोपाल।

    राज्य सरकार के निर्देशानुसार कृषि ऑडिटोरियम टोंक में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित  बालोतरा ज़िले के पचपदरा स्थित एचआरआरएल रिफाइनरी लोकार्पण, विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम का लाईव प्रसारण किया गया। साथ ही ज़िला स्तरीय रोजगार उत्सव  में मुख्य अतिथि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने नवनियुक्त कार्मिकों को वेलकम किट एवं प्रतीकात्मक नियुक्ति पत्र प्रदान किए। जिले के 1660 चयनित राजकीय कार्मिकों को यह खुशी की सौगात दी गई।

    जलदाय मंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा की राजस्थान विकास के पथ पर नए आयाम स्थापित कर रहा है,आज हम सभी के लिए गौरवान्वित होने का दिन है। 

    जलदाय मंत्री ने सभी से इस मानसून में अधिकाधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।

    उन्होंने नवनियुक्त राजकीय कार्मिकों को मन लगाकर लोकसेवक के रुप में जनता की सेवा करने के लिए कहा तथा सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दिया।

    कन्हैयालाल चौधरी ने कहा कि वह वर्ष 2000 से पौधें लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष उनकी विधानसभा में चार लाख पौधे लगाए गए थे। इनमें से करीब एक लाख पौधे जीवित है उन्होंने कहा कि इस बार उनकी विधानसभा के साथ-साथ पूरे जिले में भी व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा। टोडारायसिंह- मालपुरा विधानसभा की प्रत्येक ग्राम पंचायत में 5-5 हजार पौधों के लिए तारबंदी कर दी गई है तथा ट्यूबवेल और पानी की टंकी की व्यवस्था भी की गई है। इस बार फलदार पौधे लगाए जाएंगे, ताकि पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं को भी उनका लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि उनकी स्कूल संस्था की ओर से 40 हजार आम के पौधे उपलब्ध कराए गए हैं। विधानसभा क्षेत्र के जिन परिवारों में बच्चे हैं, उन्हें आम का एक-एक पौधा दिया जाएगा, ताकि वे पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के अभियान से जुड़ सकें।

    जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला कलेक्टर टीना डाबी, पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। 

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