हरियाणा में पहली कक्षा में दाखिले की नई नीति: अब 6 वर्ष की आयु अनिवार्य
जे कुमार, चंडीगढ़, 17 दिसम्बर 2025: हरियाणा सरकार ने स्कूली शिक्षा में एक बड़ा प्रशासनिक सुधार करते हुए शिक्षा का अधिकार (RTE) नियम 2011 में संशोधन करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव के बाद अब प्रदेश में 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों को पहली कक्षा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
संशोधन का मुख्य कारण : - यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और RTE अधिनियम 2009 के प्रावधानों के बीच सामंजस्य स्थापित करने के लिए लिया गया है। अब तक राज्य और केंद्र के नियमों में विरोधाभास के कारण दाखिले की उम्र को लेकर भ्रम बना हुआ था |
पुराना नियम (RTE 2011): पहली कक्षा में प्रवेश के लिए आयु 5 से 6 वर्ष निर्धारित थी।
नया प्रावधान (NEP 2020/RTE 2009): कक्षा एक में दाखिले के लिए न्यूनतम आयु स्पष्ट रूप से 6 वर्ष तय की गई है।
कानूनी चुनौतियों का समाधान : - इस विरोधाभास के कारण शिक्षा विभाग को बार-बार कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ रहा था। अभिभावकों ने पुराने नियमों का हवाला देकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की थीं।
महत्वपूर्ण जानकारी : - इस वर्ष फरवरी में सरकार ने स्पष्ट किया था कि न्यूनतम आयु 6 वर्ष होगी, जिसमें 6 महीने की छूट का प्रावधान रखा गया था। अब नियमों में औपचारिक संशोधन से यह कानूनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी और भविष्य में ऐसी याचिकाओं पर विराम लगेगा।
अभिभावकों के लिए प्रभाव
दाखिला प्रक्रिया: अब सत्र की शुरुआत में बच्चे की आयु पूर्ण 6 वर्ष होना अनिवार्य होगा।
प्री-प्राइमरी पर ज़ोर: 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चे अब 'फाउंडेशनल स्टेज' (बालवाटिका/आंगनवाड़ी) के तहत शिक्षा प्राप्त करेंगे।
एकरूपता: हरियाणा का शिक्षा ढांचा अब राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा।
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