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    खराब मौसम के बीच दूरसंचार विभाग ने जम्मू-कश्मीर, असम और नागालैंड में इंट्रा सर्कल रोमिंग सक्रिय की

    आरएस अनेजा, 24 जुलाई नई दिल्ली - दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन के कारण संचार नेटवर्क में आई गंभीर बाधा के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर, असम और नागालैंड में दूरसंचार सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए त्वरित उपाय किए हैं।

    आपदाओं के दौरान दूरसंचार की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हुए, दूरसंचार विभाग ने तुरंत अपनी आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को सक्रिय किया और सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को इन 3 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के निम्नलिखित जिलों में इंट्रा-सर्कल रोमिंग (आईसीआर) सक्षम करने के निर्देश जारी किए:-

    1. जम्मू और कश्मीर – पुंछ और राजौरी

    2. असम - सिबसागर, चराइदेव और जोरहाट

    3. नागालैंड - सोमवार

    आईसीआर के सक्रिय होने से किसी भी दूरसंचार सेवा प्रदाता के मोबाइल ग्राहक उन स्थानों पर स्वचालित रूप से किसी अन्य उपलब्ध नेटवर्क का उपयोग कर सकेंगे जहां उनका घरेलू नेटवर्क अस्थायी रूप से अनुपलब्ध है। यह सुविधा देश के अन्य हिस्सों से इन जिलों में आने वाले ग्राहकों के लिए भी उपलब्ध होगी। उम्मीद है कि इस कदम से प्रभावित निवासियों, आपदा राहत टीमों, स्वास्थ्य कर्मियों और राहत एवं बचाव कार्यों में लगे सरकारी एजेंसियों के लिए संचार की उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

    दूरसंचार विभाग अपनी फील्ड इकाइयों के माध्यम से स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और प्रभावित क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं की शीघ्र बहाली के लिए दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के साथ समन्वय कर रहा है।

    आईसीआर क्या है और इसका उपयोग कैसे करें:

    इंट्रा सर्कल रोमिंग (आईसीआर) एक दूरसंचार व्यवस्था है जिसके तहत एक मोबाइल ग्राहक अपने ही क्षेत्र में किसी अन्य ऑपरेटर के नेटवर्क से जुड़ सकता है। इससे उपयोगकर्ता उन क्षेत्रों में भी मोबाइल सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं जहां उनके अपने ऑपरेटर की सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान, जब मोबाइल बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो यह व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

    आपदा के समय, यदि किसी क्षेत्र में मोबाइल बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो परिवहन विभाग दूरसंचार सेवा संचालकों को आईसीआर लागू करने के निर्देश जारी करता है।

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    जापान में 7.4 तीव्रता के भीषण भूकंप से कांपी धरती, 3 मीटर ऊंची सुनामी की चेतावनी जारी

    र आरएस अनेजा, 20 अप्रैल नई दिल्ली - जापान के उत्तर-पूर्वी तट पर आज 20 अप्रैल 2026 को 7.4 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया है। यह भूकंप सोमवार दोपहर महसूस किया गया, जिसका केंद्र इवाते प्रांत के पास सानरिकु तट से लगभग 100 किमी दूर समुद्र में 10 किमी की गहराई पर था।

    जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने इवाते, होक्काइडो और आओमोरी प्रांतों के कुछ हिस्सों के लिए 3 मीटर (लगभग 10 फीट) तक ऊंची सुनामी की चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने लोगों से तुरंत समुद्र तटों और नदी के किनारों से हटकर ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि इनका असर केंद्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर टोक्यो की इमारतों में भी महसूस किया गया। भूकंप की तीव्रता 7.4-7.5 बताई गई है।

    सुरक्षा कारणों से तोहोकू शिंकानसेन बुलेट ट्रेन सेवा को टोक्यो और शिन-आओमोरी के बीच रोक दिया गया है। टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी फुकुशिमा दाइची और दाइनी परमाणु संयंत्रों की जांच कर रही है, हालांकि फिलहाल किसी बड़े नुकसान या विकिरण के स्तर में बदलाव की सूचना नहीं है।

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    तेज हवाओं और बारिश से प्रभावित बिजली आपूर्ति को समय रहते बहाल किया गया - ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    उत्तर व दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के कर्मचारियों की तत्परता से बड़ा संकट टला- अनिल विज

    सैकड़ों फीडर, खंभे और ट्रांसफार्मर प्रभावित, अधिकांश कार्य शीघ्र पूर्ण- विज

    चंडीगढ़, 25 जनवरी - हरियाणा के ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि 23 और 24 जनवरी के दौरान प्रदेश में आई तेज हवाओं और बारिश के कारण राज्य के कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित हुई थी। हालांकि, बिजली निगमों के अधिकारियों व कर्मचारियों की तत्परता, समर्पण और कुशल कार्यप्रणाली के चलते उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते बिजली आपूर्ति को बहाल कर दिया।

    ऊर्जा मंत्री ने बताया कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के अंतर्गत 11 केवी के 101 फीडर और 33 केवी के 2 फीडर प्रभावित हुए थे, जिन्हें अब पूरी तरह से चालू कर दिया गया है। इस दौरान तेज हवाओं के कारण 9 मीटर के 61 तथा 11 मीटर के 28 बिजली खंभे क्षतिग्रस्त हुए, जिन्हें तुरंत दुरुस्त कर लिया गया। भारी बारिश और तेज हवाओं के चलते 86 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए थे, जिनमें से अधिकांश को ठीक कर दिया गया है तथा शेष पर कार्य प्रगति पर है। प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति 30 मिनट से लेकर अधिकतम 10 घंटे तक बाधित रही।

    श्री विज ने बताया कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अंतर्गत 11 केवी के 446 फीडर और 33 केवी के 10 फीडर प्रभावित हुए थे। इसके अलावा, 9 मीटर के 691 तथा 11 मीटर के 77 बिजली खंभे तेज हवाओं की चपेट में आए, जिन्हें अब पूरी तरह से ठीक कर दिया गया है। इस क्षेत्र में 422 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए थे, जिनमें से अधिकांश को बहाल कर दिया गया है और कुछ पर मरम्मत कार्य जारी है। उत्तर हरियाणा के प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति 5 मिनट से लेकर अधिकतम 14 घंटे तक प्रभावित रही।

    ऊर्जा मंत्री ने बिजली निगमों के अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत मौसम परिस्थितियों के बावजूद जिस तत्परता और जिम्मेदारी से कार्य किया गया, वह प्रदेश की मजबूत और संवेदनशील बिजली व्यवस्था का परिचायक है। उन्होंने कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास है कि आपात परिस्थितियों में भी आम जनता को न्यूनतम असुविधा हो और बिजली आपूर्ति शीघ्र बहाल की जाए।

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