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    विकसित भारत @2047: 'उद्यम और सहानुभूति' के संगम से रचेगा नया इतिहास - उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन

    आरएस अनेजा, 21 फरवरी नई दिल्ली - उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कॉर्पोरेट सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व (सीएसआर) शिखर सम्मेलन 2026 को संबोधित किया।

    उपराष्ट्रपति ने शिखर सम्मेलन के आयोजन और नेतृत्व, विचारों और कार्रवाई के आह्वान को एक साथ लाने के लिए टाइम्स ऑफ इंडिया समूह की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब संस्थाएं मिलकर काम करती हैं, तो समाज और राष्ट्र सामूहिक रूप से आगे बढ़ते हैं। उन्‍होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत के इस परिवर्तनकारी दौर में ऐसा सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में भारत की प्रगति का उल्‍लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत विश्व की दसवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि संरचनात्मक सुधारों, समावेशी विस्तार, डिजिटल कनेक्टिविटी, वित्तीय समावेशन और अवसंरचना विकास ने 25 करोड़ से अधिक नागरिकों को अत्यधिक गरीबी से बाहर निकाला है और सभी क्षेत्रों और समुदायों में आकांक्षाओं को बढ़ाया है।

    उन्होंने कहा कि विकास के अगले चरण में सरकार, उद्योग और नागरिक समाज के बीच गहन साझेदारी की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व अब हाशिए पर नहीं बल्कि राष्ट्रीय प्रगति के केंद्र में है। उन्होंने सीएसआर को उस क्षेत्र के रूप में वर्णित किया जहां उद्यम और सहानुभूति आपस में मिलते है, जहां वित्तीय विवरण मानवीय कहानियों से जुड़ते हैं और जहां विकास को एक उद्देश्य मिलता है।

    आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि विकास व्यापक होना चाहिए, समृद्धि समावेशी होनी चाहिए और सतत विकास अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सीएसआर सार्वजनिक शिक्षा को मजबूत करके, दूरस्थ क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाकर, उद्योग-अनुकूल कौशल विकास को बढ़ावा देकर, महिला नेतृत्व वाले उद्यमों का समर्थन करके और नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन से निपटने की पहलों के माध्यम से हरित परिवर्तन को गति देकर एक परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकता है।

    उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि सीएसआर केवल कानून का पालन करना ही नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि ईमानदार करदाता सबसे अधिक देशभक्त नागरिकों में से हैं और जब भारतीय कॉर्पोरेट जगत समुदायों, स्थिरता, युवाओं और नवाचार में निवेश करता है तो इससे सामाजिक पूंजी का निर्माण होता है और दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित होता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत प्रौद्योगिकी को अपनाने वाले देश से नवप्रवर्तक देश बनने की ओर अग्रसर है और उसे ऐसे नवाचार करने के लिए प्रेरित होना चाहिए जिन्हें दुनिया अपना सके।

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    सुरक्षित समंदर, साझा भविष्य: गोवा समुद्री सम्मेलन में होगी 14 देशों की रणनीतिक पहल

    आरएस अनेजा, 18 फरवरी नई दिल्ली - गोवा समुद्री सम्मेलन (जीएमसी-26) का पांचवां संस्करण 21 फरवरी 2026 को गोवा स्थित नौसैनिक युद्ध महाविद्यालय में आयोजित किया जाएगा।

    भारतीय नौसेना की एक प्रमुख रणनीतिक पहल के रूप में यह सम्मेलन हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) के समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों की सामूहिक बुद्धिमत्ता और परिचालन अनुभव को एक मंच पर लाकर समकालीन समुद्री चुनौतियों के समाधान हेतु परिणामोन्मुख विचार और व्यावहारिक समाधान विकसित करने का एक प्रमुख मंच बन चुका है।

    केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि होंगे। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी 14 देशों के नौसेना प्रमुखों, समुद्री बलों के प्रमुखों तथा वरिष्ठ प्रतिनिधियों के मेजबानी करेंगे। इन देशों में शामिल हैः बांग्लादेश, कोमोरोस, इंडोनेशिया, केन्या, मेडागास्कर, मलेशिया, मालदीव, मॉरीशस, म्यांमार, सेशेल्स, सिंगापुर, श्रीलंका, थाईलैंड और तंजानिया। इस वर्ष के सम्मेलन का विषय हैः 'हिंद महासागर क्षेत्र में साझा समुद्री सुरक्षा चुनौतियां - अवैध और अनियमित मत्स्य पालन तथा अन्य अवैध समुद्री गतिविधियों जैसे गतिशील खतरों को कम करने के लिए प्रयासों को आगे बढ़ाना'। यह विषय हिंद महासागर क्षेत्र में महत्वपूर्ण हित रखने वाले समुद्री देशों के बीच तालमेल, सहयोग और समन्वय अनिवार्य आवश्यकता को रेखांकित करता है।

    गोवा समुद्री संगोष्ठी और गोवा समुद्री सम्मेलन की स्थापना क्रमशः वर्ष 2016 और 2017 में की गई थी ताकि हिंद महासागर क्षेत्र के प्रमुख देशों के साथ सहयोगात्मक चिंतन और पारस्परिक समझ को बढ़ावा दिया जा सके। यह पहल ‘महासागर (एनएएचएएसएजीएआर)- क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास हेतु पारस्परिक एवं समग्र उन्नति’ की परिकल्पना के अनुरूप है। जीएमसी के माध्यम से समुद्री पड़ोसी देशों के साथ सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान की जाती है और समग्र क्षमता निर्माण के लिए साझा मार्ग निर्धारित किए जाते है। यह सम्मेलन द्विवार्षिक रूप से आयोजित किया जाता है और इससे पहले गोवा समुद्री संगोष्ठी का आयोजन किया जाता है, जो सहभागी देशों के बीच कार्य-स्तरीय बैठकों के माध्यम से एक आधारभूत कार्यक्रम के रूप में कार्य करता है।

    हिंद महासागर क्षेत्र  का समुद्री क्षेत्र को पारंपरिक एवं अपारंपरिक दोनों प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनका क्षेत्रीय सुरक्षा और आजीविका पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। समुद्री आतंकवाद, तस्करी, अवैध, अनियमित और बिना सूचना के मछली पकड़ना, समुद्री डकैती, सशस्त्र डकैती और अनियमित प्रवासन जैसे खतरे सुरक्षित समुद्र के लक्ष्य को लगातार कमजोर कर रहे हैं। जलवायु परिवर्तन, साइबर खतरे और अवैध जहाजरानी जैसी उभरती चुनौतियां इन जोखिमों को और बढ़ा देती हैं। इन खतरों की अंतरराष्ट्रीय और बहुआयामी प्रकृति को देखते हुए भागीदार देशों के बीच बेहतर और प्रभावी सहयोगात्मक तंत्र की आवश्यकता है।

    #SaferSeas #SharedFuture #GoaMaritimeConference #MaritimeSecurity #InternationalCooperation #StrategicInitiative #NavalPartnerships #SustainableDevelopment #OceanGovernance #RegionalStability #22ndCenturyNavy #GlobalAlliance #MarineResources #CoastalConservation #BlueEconomy #NavalDiplomacy #IndiaMaritime #SeasideSummit #SafeSeasForAll

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    प्रधानमंत्री ने इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 के उद्घाटन की खास बातें सांझा कीं

    आरएस अनेजा, 17 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 को आइडिया, इनोवेशन और इरादे का एक मज़बूत मेल बताया।

    उद्घाटन की खास बातें बताते हुए, मोदी ने कहा कि एक्सपो ने दुनिया की भलाई के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को बनाने में भारतीय टैलेंट की असाधारण क्षमता को दिखाया।

    सबसे बढ़कर, इस इवेंट ने इंसानी तरक्की के लिए ज़िम्मेदारी से, सबको साथ लेकर और बड़े पैमाने पर AI का इस्तेमाल करने के भारत के कमिटमेंट को फिर से पक्का किया।

    X पर एक पोस्ट में, मोदी ने कहा कि “इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 आइडिया, इनोवेशन और इरादे का एक मज़बूत मेल था। इसने दुनिया की भलाई के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को बनाने में भारतीय टैलेंट की असाधारण क्षमता को दिखाया।

    सबसे बढ़कर, इसने इंसानी तरक्की के लिए ज़िम्मेदारी से, सबको साथ लेकर और बड़े पैमाने पर AI का इस्तेमाल करने के हमारे कमिटमेंट को फिर से पक्का किया। ये हैं खास बातें…”

    #PrimeMinister #IndiaAIImpactExpo2026 #InaugurationHighlights #AIExpo #ArtificialIntelligence #InnovationInIndia #KeynoteSpeech #TechForGood #FutureOfAI #IndiaTech #GovernmentInitiatives #DigitalTransformation #AIRevolution #Expo2026 #IndianInnovation #SmartTechnology #TransformingIndia #AIImpact #InaugurationEvent

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    प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति का भारत में स्वागत किया, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया

    आरएस अनेजा, 17 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का गर्मजोशी से स्वागत किया और भरोसा जताया कि यह दौरा भारत-फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

    इस दौरे की अहमियत बताते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुंबई और बाद में दिल्ली में हुई मुलाकातों से दोनों देशों के बीच स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को नई रफ़्तार मिलेगी। उन्होंने फिर से कहा कि उनके सहयोग से न केवल दोनों देशों को बल्कि बड़े ग्लोबल समुदाय को भी फ़ायदा होता रहेगा।

    X पर अलग-अलग पोस्ट में, मोदी ने लिखा कि “भारत में आपका स्वागत है!

    भारत आपके दौरे और हमारे आपसी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का इंतज़ार कर रहा है। मुझे भरोसा है कि हमारी बातचीत से सभी सेक्टर में सहयोग और मज़बूत होगा और ग्लोबल तरक्की में मदद मिलेगी।

    मुंबई में और बाद में दिल्ली में मिलते हैं, मेरे प्यारे दोस्त @EmmanuelMacron।”

    #PrimeMinister #FrenchPresident #BilateralTies #IndiaFrance #DiplomaticRelations #GlobalLeadership #InternationalPartnership #StrengtheningRelations #VisitIndia #PoliticalMemorandum #CulturalExchange #FriendlyDiplomacy #UnityInDiversity #Cooperation #GlobalAllies #TradeRelations #EconomicPartnership #MutualGrowth #TogetherWeGrow

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    प्रधानमंत्री ने दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में वैश्विक नेताओं का स्वागत किया

    आरएस अनेजा, 16 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में विश्व भर के नेताओं, उद्योगपतियों, नवोन्मेषकों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और प्रौद्योगिकी को लेकर उत्‍साही व्‍यक्तियों का स्वागत किया।

    “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की थीम पर आधारित यह शिखर सम्मेलन, मानव-केंद्रित प्रगति और समावेशी विकास के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, शासन और उद्यम सहित विभिन्न सेक्‍टरों में एआई की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिखर सम्मेलन में होने वाली चर्चाएं एआई के नवाचार, सहयोग और जिम्मेदार उपयोग पर वैश्विक विमर्श को समृद्ध करेंगी, जिससे एक प्रगतिशील, नवोन्मेषी और अवसर-उन्मुख भविष्य का निर्माण होगा।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वैश्विक एआई परिवर्तन में भारत के नेतृत्व पर बल दिया, जो इसकी 1.4 बिलियन की जनसंख्या, मजबूत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्‍टम और अत्याधुनिक अनुसंधान की शक्ति से प्रेरित है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि एआई में भारत की प्रगति महत्वाकांक्षा और जिम्मेदारी दोनों को दर्शाती है, जिसने देश को प्रौद्योगिकीय उन्नति में अग्रणी स्थान पर ला खड़ा किया है।

    मोदी ने एक्स पर एक थ्रेड पोस्ट साझा करते हुए लिखा: “एआई पर चर्चा करने के लिए पूरी दुनिया ए‍कत्रित है!” आज से भारत दिल्ली के भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट का आयोजन कर रहा है। मैं इस समिट में वैश्विक नेताओं, उद्योगपतियों, नवप्रवर्तकों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और प्रौद्योगिकीय को लेकर उत्‍साही व्‍यक्तियों का हार्दिक स्वागत करता हूं। समिट की थीम "सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय" है, जो मानव-केंद्रित प्रगति के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    “आज एआई स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, शासन और उद्यम सहित कई सेक्‍टरों में बदलाव ला रहा है। एआई इम्पैक्ट समिट एआई के विविध पहलुओं, जैसे नवाचार, सहयोग, जिम्मेदार उपयोग आदि पर वैश्विक चर्चा को समृद्ध करेगा। मुझे विश्वास है कि शिखर सम्मेलन के परिणाम एक प्रगतिशील, नवोन्मेषी और अवसर-उन्मुख भविष्य को आकार देने में सहायक होंगे।”

    उन्‍होंने कहा, “भारत की 1.4 बिलियन जनता की बदौलत हमारा देश एआई परिवर्तन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना से लेकर एक जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्‍टम और अत्याधुनिक अनुसंधान तक, एआई में हमारी प्रगति महत्वाकांक्षा और जिम्मेदारी दोनों को दर्शाती है।”


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    प्रधानमंत्री ने कश्मीरी पंडित समुदाय को हेराथ पोश्ते की बधाई दी

    आरएस अनेजा, 15 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कश्मीरी पंडित समुदाय के समृद्ध परंपराओं को दर्शाने वाले पवित्र त्योहार ‘हेराथ पोश्ते’ की शुभकामनाएं दीं।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “इस पवित्र अवसर पर, मैं सभी के जीवन में स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करता हूं। यह नए सफलता के मार्ग खोले और हर घर को खुशियों और संतोष से भर दे।”

    प्रधानमंत्री ने X पर लिखा: “हेराथ पोश्ते” यह पवित्र त्योहार हमारे कश्मीरी पंडित समुदाय की समृद्ध परंपराओं को दर्शाता है। इस पवित्र अवसर पर, मैं सभी के जीवन में स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करता हूं। यह नए सफलता के मार्ग खोले और हर घर को खुशियों और संतोष से भर दे।

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    "चीन की सरहद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'लैंडिंग', हाईवे बना रनवे, अनिल विज बोले : नॉर्थ ईस्ट जाने से कांग्रेस डरती थी, मोदी ने इतिहास रच दिया"

    चंडीगढ़, 14 फरवरी - असम के डिब्रूगढ़ में एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विमान हाईवे पर लैंड हुआ जिसे लेकर कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि सारे देश के लिए बहुत ही गर्व की बात है, जब प्रधानमंत्री ने आज हाईवे पर बहुत बड़े जहाज से लैंड किया।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस के तो प्रधानमंत्री नॉर्थ ईस्ट में चीन की वजह से जाने से डरते थे, कांग्रेस ने उस क्षेत्र को पूरे तरीके से नजरअंदाज करते हुए कोई विकास नहीं किया। हमारे प्रधानमंत्री मोदी के आने के बाद उन्होंने नॉर्थ ईस्ट पर विशेष ध्यान दिया है। वहां पर विकास हुआ, गाड़ियां चलाई गई, सड़कें बनाई गई और यह कीर्तिमान स्थापित किया कि वहां हाईवे पर जहाज उतर सकता है और उसे आज हाइवे पर उतार सारे विश्व को दिखा दिया है।  


    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार में सुरक्षा चक्र हुआ अभेद्य, 114 राफेल जेट्स से आसमान में बढ़ेगी भारत की धमक : अनिल विज


    देश के सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए भारतीय वायु सेना 114 राफेल जेट खरीदने जा रही है जिसे लेकर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि जब से नरेंद्र मोदी की सरकार आई है तब से देश की सुरक्षा के लिए हमारी सेनाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम हो रहे हैं। लगातार नए शस्त्र खरीदे जा रहे हैं और भारत स्वयं रक्षा क्षेत्र में तरक्की कर चुका है और रक्षा उत्पाद निर्यात भी कर रहा है।

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    12/02/26 |

    पोखरण में वायुशक्ति-26 में गरजेंगे वायुसेना के विमान, "आप्रेशन सिंदूर" दिखेगी झलक

    आरएस अनेजा, 12 फरवरी नई दिल्ली - भारतीय वायु सेना 27 फरवरी 2026 को जैसलमेर के पोखरण एयर टू ग्राउंड रेंज में वायुशक्ति-26 अभ्यास में अपनी क्षमता प्रदर्शित करेगी।

    सबसे पहले, सबसे तेज़ और सबसे प्रभावी प्रतिक्रियात्‍मक कार्रवाई करने वाली भारतीय वायु सेना, दुश्मन पर त्‍वरित मार करने, आरंभ से ही हावी होने और सामरिक कार्रवाई को रणनीतिक तौर पर अंजाम देने की अपनी क्षमता प्रदर्शित करेगी। अभ्यास में यह भी प्रदर्शित होगा कि भारतीय वायु सेना देश के भीतर और विदेशों में संघर्ष क्षेत्रों में त्वरित हवाई सहायता और बचाव एवं निकासी प्रदान कर मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका किस तरह निभाती है।

    वायुसेना युद्धाभ्‍यास में तेजस, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, सुखोई-30एमकेआई, मिग-29, हॉक, सी-130जे, सी-295, सी-17, चेतक, एएलएच एमके-IV, मि-17 IV, एलसीएच, अपाचे, चिनूक और रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट सहित युद्धक परिवहन और हेलीकॉप्टर सहित वायुसेना के कई विमान शामिल होंगे।

    अभ्यास में शॉर्ट रेंज लॉइटरिंग मुनिशन्स, आकाश, स्पाइडर और काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (सीयूएएस) जैसे उन्नत हथियार प्रणालियों का भी प्रदर्शन किया जाएगा, जिनमें दिन, शाम और रात में मिशन संचालित किए जाएंगे।

    वायुशक्ति-26 ,ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को भी दर्शाएगा, जो हवाई क्षेत्र में प्रभुत्व, लंबी दूरी तक सटीकता से मार करने, बहु-क्षेत्रीय अभियानों और 'आत्मनिर्भर भारत' की परिकल्पना से निर्देशित स्वदेशी प्लेटफार्मों द्वारा निर्णायक प्रभावकारी क्षमता संपन्‍न भारतीय वायु सेना की श्रेष्ठता की पुष्टि करता है।

    "अचूक, अभेद्य और सटीक " के मूल मूल्यों से प्रेरित यह अभ्यास, भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना के एक प्रमुख घटक के रूप में भारतीय वायु सेना की भूमिका की पुष्टि कर राष्ट्र को सुरक्षित रखने के प्रति आश्वस्त कराएगा।

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    भारत बंद का आह्वान: नए श्रम कानूनों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों और किसानों का हल्लाबोल; बैंक, परिवहन और कोयला खदानों में काम ठप रहने के आसार

    नई दिल्ली, 12 फ़रवरी(अन्‍नू ): आज, केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और नई श्रम संहिता (Labor Codes) के विरोध में देशव्यापी 'भारत बंद' का आह्वान किया गया है। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा ने इस हड़ताल की घोषणा की है, जिसका व्यापक असर धनबाद जैसे औद्योगिक क्षेत्रों सहित पूरे देश में देखने को मिल रहा है। प्रमुख संगठनों जैसे इंटक (INTUC), एटक (AITUC), सीटू (CITU) और एचएमएस (HMS) के कार्यकर्ता इस्मे भाग। इस हड़ताल का मुख्य केंद्र बिंदु उन चार नए लेबर कोड्स का विरोध है, जिनके बारे में यूनियनों का दावा है कि वे मौजूदा 29 श्रम कानूनों को कमजोर कर देंगे और ट्रेड यूनियनों के पंजीकरण की शर्तों को काफी सख्त बना देंगे।

    इस आंदोलन के चलते आज बैंकिंग सेवाओं से लेकर सार्वजनिक परिवहन तक के पहिए थम सकते हैं। ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉइज एसोसिएशन से जुड़े संगठनों के हड़ताल पर जाने से बैंक शाखाओं में लेनदेन और अन्य वित्तीय कार्य प्रभावित होने की प्रबल आशंका है। इसके साथ ही, बस, ऑटो और टैक्सी चालकों के समर्थन के चलते आम जनता को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। सरकारी दफ्तरों, बड़े औद्योगिक घरानों और खुदरा बाजारों में भी कामकाज के आंशिक या पूर्ण रूप से बंद रहने के संकेत मिल रहे हैं क्योंकि विभिन्न छात्र और युवा संगठनों ने भी इस राष्ट्रव्यापी बंद को अपना नैतिक समर्थन दिया है।

    विशेष रूप से कोयला अंचल में भी इस बंद का गहरा प्रभाव देखा जा रहा है। धनबाद की बीसीसीएल (BCCL), ईसीएल और सीसीएल जैसी बड़ी कंपनियों में हड़ताल से निपटने के लिए प्रबंधन ने कमर कस ली है। हालांकि बीसीसीएल प्रबंधन ने अपने 32 हजार कर्मियों से राष्ट्रहित में काम पर लौटने की अपील की है और मुख्यालय में 24 घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम की स्थापना की है, फिर भी उत्पादन प्रभावित होने का डर बना हुआ है। सुरक्षा की दृष्टि से हर क्षेत्र में सीआईएसएफ की क्यूआरटी (QRT) टीमें तैनात की गई हैं और सीसीटीवी के जरिए उपद्रवियों पर नजर रखी जा रही है। बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे ऊर्जा सुरक्षा को देखते हुए ऊर्जा उत्पादन में सहयोग करें, जबकि दूसरी ओर मजदूर संगठन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।



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    भारत ने सऊदी अरब के रियाद में वर्ल्ड डिफेंस शो 2026 में स्वदेशी डिफेंस ताकत दिखाई

    आरएस अनेजा, 10 फरवरी नई दिल्ली - रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने सऊदी अरब के रियाद में हुए वर्ल्ड डिफेंस शो (WDS) 2026 में एक हाई-लेवल भारतीय डेलीगेशन को लीड किया।

    वे WDS की ओपनिंग सेरेमनी देखने के लिए इंटरनेशनल हस्तियों के साथ शामिल हुए और इवेंट में पहले इंडिया पवेलियन का उद्घाटन किया, जिसमें डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (DPSUs) और प्राइवेट भारतीय कंपनियों द्वारा भारत की मैन्युफैक्चरिंग काबिलियत दिखाई गई। RRM ने सऊदी अरब मिलिट्री इंडस्ट्रीज (SAMI) और सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के एग्जीबिशन एरिया का भी दौरा किया, ताकि उनके लेटेस्ट स्वदेशी टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट का रिव्यू किया जा सके।

    संजय सेठ ने सऊदी अरब के एग्जीक्यूटिव अफेयर्स के असिस्टेंट रक्षा मंत्री डॉ. खालिद बिन हुसैन अल-बियारी के साथ चर्चा की, जिससे दोनों देशों की आर्म्ड फोर्सेज के बीच कोऑपरेशन और एंगेजमेंट बढ़ सके। उन्होंने सऊदी अरब जनरल अथॉरिटी फॉर डिफेंस डेवलपमेंट (GADD) के गवर्नर डॉ. फलेह बिन अब्दुल्ला अल-सुलेमान से भी मुलाकात की और भारत के ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के तौर पर उभरने पर रोशनी डाली। RRM ने GADD अधिकारियों को डिफेंस टेक्नोलॉजी के को-डेवलपमेंट के मौकों का पता लगाने के लिए भारत की R&D फैसिलिटीज़ का दौरा करने के लिए इनवाइट किया।

    संजय सेठ ने सऊदी अरब के जनरल अथॉरिटी ऑफ़ मिलिट्री इंडस्ट्रीज (GAMI) के गवर्नर, अहमद बिन अब्दुलअज़ीज़ अल-ओहाली से मुलाकात की और स्ट्रेटेजिक सहयोग के कॉमन एरिया और दोनों देशों के सप्लाई चेन इकोसिस्टम को मज़बूत करने के बारे में चर्चा की। RRM ने भारत की डिफेंस क्षमताओं का सीधा अनुभव लेने के लिए GAMI के नेतृत्व वाले एक जॉइंट डेलीगेशन के भारत दौरे का भी प्रस्ताव रखा।

    भारतीय दूतावास में आयोजित भारतीय और सऊदी डिफेंस कंपनियों के प्रमुखों को अपने संबोधन में, RRM ने डिफेंस ज़रूरतों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए भारत और सऊदी अरब के बीच जॉइंट सहयोग के महत्व पर ज़ोर दिया और "मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड" विज़न के तहत ग्लोबल सपोर्ट के लिए भारत के कमिटमेंट को हाईलाइट किया।

    RRM ने UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट और सऊदी राज्य की जन्मभूमि ‘दिरिया’ का भी दौरा किया। बाद में, उन्होंने भारतीय दूतावास में एक इवेंट में भारतीय डायस्पोरा को संबोधित किया। अपने भाषण में, उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और डिजिटल साक्षरता जैसे सभी सेक्टर में भारत की तरक्की पर ज़ोर दिया। RRM ने ‘राष्ट्र पहले’ वाले नज़रिए की वकालत की और सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय समुदाय को उनके सपोर्ट के लिए दूतावास के अधिकारियों की तारीफ़ की।

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    रक्षा मंत्री ने नई दिल्ली में हेलेनिक गणराज्य के रक्षा मंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता की

    आरएस अनेजा, 10 फरवरी नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में हेलेनिक गणराज्य के रक्षा मंत्री निकोलाओस-जॉर्जियोस डेंडियास के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों मंत्रियों ने भारत-ग्रीस रणनीतिक साझेदारी शांति, स्थिरता, स्वतंत्रता और पारस्परिक सम्मान के साझा मूल्यों पर आधारित होने की बात दोहराई।

    दोनों देशों ने भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'एजेंडा 2030' के तहत ग्रीस के रक्षा सुधारों के बीच साझेदारी के माध्यम से अपने-अपने स्वदेशी रक्षा उद्योगों की क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया। भारत और ग्रीस के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के लिए एक संयुक्त आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए, यह पांच वर्षीय रोडमैप तैयार करने का प्रारंभिक बिंदु है।

    रक्षा मंत्रियों ने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और रणनीतिक सम्बंधों को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। 2026 के लिए एक द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना का भी आदान-प्रदान किया गया। इसमें दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच सैन्य गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की गई है।

    दोनों प्राचीन समुद्री राष्ट्रों के बीच विभिन्न प्रमुख समुद्री मुद्दों पर सहमति का भी उल्लेख किया गया। ग्रीस की ओर से गुरुग्राम स्थित सूचना संलयन केंद्र-हिंद महासागर क्षेत्र (आईएफसी-आईओआर) में एक ग्रीक अंतर्राष्ट्रीय संपर्क अधिकारी की नियुक्ति की घोषणा की गई।

    बैठक से पहले, ग्रीस के रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने मानेकशॉ केंद्र में त्रि-सेवा गार्ड ऑफ ऑनर का भी निरीक्षण किया।

    इस यात्रा के दौरान, हेलेनिक प्रतिनिधिमंडल ने बेंगलुरु में प्रमुख रक्षा एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों का दौरा किया और साथ ही नई दिल्ली में रक्षा उपक्रमों (डीपीएसयू), रक्षा उद्योग और स्टार्टअप प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। यह यात्रा दोनों देशों की सरकारों और लोगों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सौहार्दपूर्ण और घनिष्ठ संबंधों पर आधारित भारत और हेलेनिक गणराज्य के बीच रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि करती है।

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    डिजिटल इंडिया की नई छलांग: 'SATYA' पोर्टल के साथ गुणवत्ता और पारदर्शिता का आगाज़

    आरएस अनेजा, 9 फरवरी नई दिल्ली - वाणिज्य और उद्योग और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने आज इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार की एक बड़ी डिजिटल पहल, STQC लैब ऑटोमेशन पोर्टल – SATYA का उद्घाटन किया। इस अवसर पर MeitY के सचिव एस कृष्णन, मंत्रालय, STQC और C-DAC के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

    सभा को संबोधित करते हुए जितिन प्रसाद ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आज के डिजिटल युग में, शासन सिर्फ़ नीतियों के बारे में नहीं है, बल्कि आसानी, पारदर्शिता, जवाबदेही और भरोसे के बारे में है। SATYA पोर्टल का लॉन्च नागरिक-केंद्रित डिजिटल शासन और बेहतर सार्वजनिक सेवा वितरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    मानकीकरण परीक्षण और गुणवत्ता प्रमाणन (STQC) निदेशालय देश में इलेक्ट्रॉनिक और IT उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस लैब ऑटोमेशन पोर्टल की शुरुआत के साथ, STQC ने अपनी सेवाओं को एक ही, एकीकृत और उपयोगकर्ता के अनुकूल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया है, जिससे नागरिकों, उद्योग, स्टार्टअप, MSMEs और सरकारी विभागों को लाभ होगा।

    उद्योग और नागरिकों के लिए, यह पोर्टल तेज़ सेवा वितरण, अधिक पूर्वानुमान और प्रमाणन प्रक्रिया में बढ़ा हुआ विश्वास सुनिश्चित करता है। स्टार्टअप और MSMEs के लिए, यह प्रक्रियात्मक बोझ को काफी कम करता है और उन्हें अधिक कुशलता से अनुपालन वाले और सुरक्षित उत्पादों को बाज़ार में लाने में मदद करता है।

    यह पहल डिजिटल इंडिया, न्यूनतम सरकार – अधिकतम शासन और व्यापार करने में आसानी के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है। प्रमाणन प्रक्रियाओं को डिजिटाइज़ करके, SATYA पोर्टल यह सुनिश्चित करता है कि गुणवत्ता आश्वासन मज़बूत रहे और साथ ही अधिक सुलभ और नागरिक-अनुकूल बने।

    इस अवसर पर बोलते हुए, MeitY के सचिव एस कृष्णन ने कहा, “SATYA पोर्टल एंड-टू-एंड डिजिटल प्रक्रियाओं के माध्यम से STQC की सेवा वितरण को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर, हम पारदर्शिता, दक्षता और विश्वास को मज़बूत कर रहे हैं, साथ ही यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि गुणवत्ता प्रमाणन सेवाएं सभी हितधारकों के लिए सुलभ हों।”

    साइबर सुरक्षा, डेटा सुरक्षा और उत्पाद की गुणवत्ता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, मंत्री ने कहा कि SATYA जैसे प्लेटफॉर्म एक विश्वसनीय डिजिटल इकोसिस्टम बनाने में योगदान करते हैं और भारत को एक वैश्विक प्रौद्योगिकी और विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरने में सहायता करते हैं।

    जितिन प्रसाद ने STQC टीम, MeitY के अधिकारियों और तकनीकी विकास भागीदार C-DAC के साथ-साथ सभी संबंधित हितधारकों को पोर्टल की अवधारणा और कार्यान्वयन में उनके समर्पित प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने नागरिकों, इंडस्ट्री, स्टार्टअप और सरकारी संगठनों से पोर्टल का एक्टिव रूप से इस्तेमाल करने और इसमें लगातार सुधार के लिए फीडबैक देने का आग्रह किया।

    STQC लैब ऑटोमेशन पोर्टल – SATYA के लॉन्च के साथ, भारत पब्लिक सर्विस डिलीवरी में क्वालिटी, पारदर्शिता और डिजिटल भरोसे को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है।

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    वैभव सूर्यवंशी के तूफान में उड़े अंग्रेज, u-19 फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को हराकर जीता वर्ल्ड कप

    आरएस अनेजा, 6 फरवरी नई दिल्ली - भारत ने आज 6 फरवरी 2026 को इंग्लैंड को 100 रन से हराकर ICC अंडर-19 पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2026 का खिताब जीत लिया है। यह भारत का रिकॉर्ड छठा अंडर-19 विश्व कप खिताब है।

    फाइनल मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में 411/9 का विशाल स्कोर बनाया। जवाब में इंग्लैंड की टीम 40.2 ओवरों में 311 रन पर सिमट गई। मैच के हीरो भारत के 14 वर्षीय सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने केवल 80 गेंदों में 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे। यह किसी भी अंडर-19 विश्व कप फाइनल का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है।

    आयुष म्हात्रे ने 53 रनों का योगदान दिया। गेंदबाजी में आर.एस. अंबरीश ने 3 विकेट लिए, जबकि दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान ने 2-2 विकेट चटकाए।

    अंडर-19 विश्व कप 2026 फाइनल का स्कोरकार्ड

    भारत (India U-19) 411/9 (50 ओवर) वैभव सूर्यवंशी (175), आयुष म्हात्रे (53)

    इंग्लैंड (England U-19) 311 (40.2 ओवर) कालेब फाल्कनर (115), बेन डॉकिन्स (66)

    भारत ने इससे पहले 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में यह खिताब जीता था। यह फाइनल जिम्बाब्वे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला गया। महिला टीम की बात करें तो, भारत ने 2 फरवरी 2025 को लगातार दूसरा अंडर-19 महिला T20 विश्व कप भी जीता था।

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    शिखर की ओर भारत के कदम: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने माउंट एकॉनकागुआ जॉइंट अभियान को दिखाई हरी झंडी

    आरएस अनेजा, 5 फरवरी नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अर्जेंटीना में माउंट एकॉनकागुआ के लिए एक जॉइंट अभियान को हरी झंडी दिखाई। 6,961 मीटर ऊंचा यह पहाड़ दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी और एशिया के बाहर सबसे ऊंचा पहाड़ है। यह जॉइंट अभियान नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (NIM), उत्तरकाशी और जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स (JIM&WS), पहलगाम द्वारा किया जा रहा है।

    रक्षा मंत्री ने NIM और JIM&WS की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने कर्मियों को साहस, हिम्मत और दृढ़ संकल्प के साथ चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया है। टीम को अपनी शुभकामनाएं देते हुए, उन्होंने कहा कि इस मुश्किल चोटी पर चढ़ना सिर्फ शारीरिक सहनशक्ति की परीक्षा नहीं है, बल्कि नेतृत्व, टीम वर्क और मानसिक मजबूती की सच्ची परीक्षा है, जो भारत के बेहतरीन पर्वतारोहियों की पहचान है। उन्होंने विश्वास जताया कि टीम के सदस्य दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी और एशिया के बाहर सबसे ऊंचे पहाड़ पर चढ़ाई का अभियान सफलतापूर्वक पूरा करेंगे और देश को गर्व महसूस कराएंगे।

    छह सदस्यों की टीम में उच्च प्रशिक्षित प्रशिक्षक शामिल हैं - कर्नल हेम चंद्र सिंह, कैप्टन जी संतोष कुमार, श्री दीप बहादुर साही, श्री विनोद गुसाईं, नायब सूबेदार भूपिंदर सिंह और हवलदार रमेश कुमार। यह यात्रा 06 फरवरी, 2026 को शुरू होगी और उम्मीद है कि यह अभियान महीने के अंत तक पूरा हो जाएगा।

    माउंट एकॉनकागुआ पर प्राप्त ज्ञान, अनुभव और आत्मविश्वास देश भर में युवाओं, सशस्त्र बलों के कर्मियों और एडवेंचर के शौकीनों के लिए सुरक्षित, मजबूत और अधिक प्रभावी प्रशिक्षण में सीधे योगदान देगा। यह अभियान वैश्विक एडवेंचर और पर्वतारोहण में भारत की बढ़ती उपस्थिति का भी प्रतीक है।

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    04/02/26 |

    भारत की 'हवाई' ताकत में इजाफा: DRDO ने SFDR तकनीक का किया सफल परीक्षण, अब दुश्मन का बचना नामुमकिन!

    आरएस अनेजा, 4 फरवरी नई दिल्ली - रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ओडिशा तट पर स्थित चांदीपुर के इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर) से ठोस ईंधन डक्टेड रैमजेट (एसएफडीआर) तकनीक का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया।

    इस उपलब्धि के साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनके पास यह अत्याधुनिक तकनीक है। यह प्रौद्योगिकी लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के विकास में सहायक होगी और शत्रु पर रणनीतिक बढ़त प्रदान करेगी।

    नोजल-लेस बूस्टर, ठोस ईंधन डक्टेड रैमजेट मोटर और फ्यूल फ्लो कंट्रोलर सहित सभी उप-प्रणालियों ने अपेक्षित प्रदर्शन किया। प्रारंभ में इन्हें एक ग्राउंड बूस्टर मोटर के माध्यम से निर्धारित मैक नंबर तक पहुंचाया गया। प्रणाली के प्रदर्शन की पुष्टि आईटीआर, चांदीपुर द्वारा बंगाल की खाड़ी के तट पर तैनात विभिन्न ट्रैकिंग उपकरणों से प्राप्त उड़ान आंकड़ों के माध्यम से की गई। इस प्रक्षेपण की निगरानी डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने की, जिनमें डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लैबोरेट्री, हाई एनर्जी मटीरियल्स रिसर्च लैबोरेट्री, रिसर्च सेंटर इमारत और आईटीआर शामिल हैं।

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एसएफडीआर तकनीक के सफल प्रदर्शन पर डीआरडीओ और उद्योग जगत को बधाई दी। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने सफल उड़ान परीक्षण में शामिल सभी टीमों को बधाई दी।

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    विकसित भारत @2047: संयुक्त राष्ट्र में भारत ने रखा सामाजिक न्याय और समावेशी विकास का वैश्विक विजन

    आरएस अनेजा, 4 फरवरी नई दिल्ली - भारत ने "कोपेनहेगन से दोहा तक दूसरे विश्व सामाजिक विकास शिखर सम्मेलन के नतीजों का लाभ उठाने" पर संयुक्त राष्ट्र की चर्चा में अपने अधिकार-आधारित, समावेशी और जन-केंद्रित विकास दृष्टिकोण पर ज़ोर दिया। भारत का बयान देते हुए, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सामाजिक न्याय विकसित भारत@2047 के भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के केंद्र में है।

    यह याद दिलाते हुए कि कोपेनहेगन घोषणा ने लोगों को विकास के केंद्र में रखा था और दोहा राजनीतिक घोषणा ने उभरती वैश्विक चुनौतियों के बीच इस प्रतिबद्धता की पुष्टि की, मंत्री ने कहा कि भारत का "सबका साथ, सबका विकास" का शासन दर्शन सभी के लिए गरिमा, समानता और अवसर सुनिश्चित करने के लिए पूरे सरकार और पूरे समाज के दृष्टिकोण को दर्शाता है।

    भारत के बड़े पैमाने पर सामाजिक सुरक्षा और समावेशन उपायों पर प्रकाश डालते हुए, सावित्री ठाकुर ने बताया कि:

    800 मिलियन से अधिक लोग खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों के तहत कवर किए गए हैं

    550 मिलियन से अधिक नागरिक स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से मुफ्त स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करते हैं

    16,000 जन आरोग्य केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाएं और चिकित्सा उपकरण प्रदान किए जाते हैं

    1.45 मिलियन से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि स्थानीय शासन में सेवा कर रही हैं, जो जमीनी स्तर पर लोकतंत्र के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है

    बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी प्रमुख पहलें लड़कियों के लिए शिक्षा और वित्तीय सुरक्षा को मजबूत कर रही हैं

    श्रम सुधार समान वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल और महिलाओं की कार्यबल भागीदारी को बढ़ावा देते हैं

    बड़े पैमाने पर बिना गारंटी वाले ऋणों ने लाखों महिलाओं, उद्यमियों और स्ट्रीट वेंडरों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में प्रवेश करने में सक्षम बनाया है

    SMILE जैसी लक्षित योजनाएं ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और अन्य कमजोर समूहों के पुनर्वास और समावेशन का समर्थन कर रही हैं

    ठाकुर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत की विकास यात्रा डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और नागरिक भागीदारी को एकीकृत करती है, जिससे पारदर्शिता और अंतिम-मील तक डिलीवरी सुनिश्चित होती है।

    भारत के सभ्यतागत लोकाचार "वसुधैव कुटुंबकम" - दुनिया एक परिवार है - की पुष्टि करते हुए, मंत्री ने वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने और दुनिया भर में सामाजिक न्याय को आगे बढ़ाने के लिए अपने विकास अनुभव को साझा करने के लिए भारत की तत्परता व्यक्त की।

    इस सत्र में संयुक्त राष्ट्र के अधिकांश सदस्य देशों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

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    03/02/26 |

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने फकीर मोहन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लिया

    आरएस अनेजा, 3 फरवरी नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज ओडिशा के बालासोर में फकीर मोहन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लिया और उसे संबोधित किया। उन्होंने इसके नए सभागार का उद्घाटन किया।

    राष्ट्रपति ने इस अवसर पर व्यासकवि फकीर मोहन सेनापति जी को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि अपने विद्यार्थी जीवन के दौरान वे उनकी कालजयी कहानी 'रेवती' से अत्यंत प्रभावित थीं। यह प्रभाव आज भी अमिट है। 19वीं शताब्दी में एक लड़की का शिक्षा प्राप्त करने का दृढ़ संकल्प उनकी हिम्मत का अमिट प्रमाण है। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक दूरस्थ जनजातीय गांव में पढ़ाई की और अपने दृढ़ निश्चय के बल पर भुवनेश्वर गईं, जहां उन्होंने अपनी हाई स्कूल और कॉलेज की शिक्षा पूरी की। इस प्रकार, फकीर मोहन जी उनके लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं।

    राष्ट्रपति ने कहा कि फकीर मोहन जी को अपनी मातृभाषा से गहरा प्रेम था। उन्होंने लिखा था, "मेरी मातृभाषा मेरे लिए सर्वोपरि है।" उन्होंने कहा कि मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अपने परिवेश, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक परिवेश को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है। वे अपनी सभ्यता के मूल्यों और जीवनशैली से भलीभांति परिचित हो जाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 मातृभाषा के महत्व पर बल देती है और विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने के लिए मार्गदर्शन करती है।

    राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की ज्ञान की समृद्ध परंपरा है। हमारे शास्त्र और पांडुलिपियां ज्ञान और बुद्धिमत्ता से परिपूर्ण हैं। कविता और साहित्य के अलावा, वे विज्ञान, चिकित्सा, खगोल विज्ञान और वास्तुकला जैसे क्षेत्रों में भी ज्ञान का स्रोत हैं। युवा छात्र इस प्राचीन ज्ञान परंपरा में शोध कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अतीत को समझकर और वर्तमान को आत्मसात करके छात्र अपना और देश का भविष्य संवार सकते हैं।

    राष्ट्रपति ने स्नातक छात्रों को बधाई दी और कहा कि ज्ञान, लगन और प्रतिबद्धता के बल पर वे समाज में सम्मान और पहचान हासिल कर सकते हैं। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे जहाँ भी जाएँ और जो भी करें, हर प्रयास में सफलता की कुंजी समर्पण है। उन्होंने कहा कि सफल जीवन और सार्थक जीवन एक समान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सफल जीवन अच्छा है, लेकिन जीवन को सार्थक बनाना उससे भी बेहतर है। उन्होंने कहा कि प्रसिद्धि, प्रतिष्ठा और आर्थिक सुरक्षा प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, लेकिन दूसरों के लिए भी कुछ करना चाहिए। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे विकास की राह में पीछे रह गए लोगों की मदद करें। उन्होंने कहा कि समाज का विकास सभी के विकास में निहित है।

    राष्ट्रपति ने यह देखकर प्रसन्नता व्यक्त की कि फकीर मोहन विश्वविद्यालय अकादमिक अध्ययन के साथ-साथ अनुसंधान और लोकसंपर्क कार्यक्रमों को भी महत्व देता है। उन्होंने कहा कि बालासोर-भद्रक क्षेत्र धान, पान और मछली के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने इन क्षेत्रों में अनुसंधान और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए विश्वविद्यालय की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के 'बैक टू स्कूल', 'कमाओ और सीखो', 'हर व्‍यक्ति एक दूसरे को सिखाए' जैसे कार्यक्रम और पर्यावरण जागरूकता एवं समुद्र तट सफाई कार्यक्रम प्रशंसनीय हैं। बालासोर और भद्रक के समुद्र तटों पर नीले केकड़े बहुतायत में पाए जाते हैं, ऐसे में नीले केकड़ों या हॉर्सशू केकड़ों पर अनुसंधान केंद्र की स्थापना विश्वविद्यालय की दूरदर्शिता को दर्शाती है।

    राष्ट्रपति ने कहा कि समाज के सभी वर्गों की वृद्धि, सुरक्षा और तकनीकी विकास से देश की प्रगति में तेजी आएगी। इस क्षेत्र में देश के सभी विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। समावेशी विकास, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन के उत्प्रेरक के रूप में कार्य करने की विश्वविद्यालयों की विशेष जिम्मेदारी है। आलोचनात्मक सोच, नैतिक नेतृत्व और स्थानीय एवं वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने वाले अनुसंधान को बढ़ावा देकर उच्च शिक्षा संस्थान एक ऐसे भविष्य का निर्माण कर सकते हैं जो टिकाऊ, न्यायसंगत और मानवीय मूल्यों पर आधारित हो। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि फकीर मोहन विश्वविद्यालय अपनी शैक्षणिक दृष्टि और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से इस दिशा में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगा।



    #PresidentMurmu #DraupadiMurmu #FakirMohanUniversity #Balasore #Odisha #Convocation2026 #Matrubhasha #WomenEmpowerment #HigherEducation #ViksitBharat

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    विकसित भारत @2047: ड्राफ्ट नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 के साथ ऊर्जा क्रांति का आगाज़

    आरएस अनेजा, 21 जनवरी नई दिल्ली - बिजली मंत्रालय ने एक नई "ड्राफ्ट नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी (NEP) 2026" जारी करने की घोषणा की है। ड्राफ्ट NEP 2026 का मकसद विकसित भारत @2047 के विज़न को पूरा करने के लिए पावर सेक्टर को बदलना है। यह पॉलिसी, फाइनल होने के बाद, मौजूदा NEP की जगह लेगी जिसे 2005 में नोटिफाई किया गया था।

    पहली नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी, जिसे फरवरी 2005 में नोटिफाई किया गया था, उसने पावर सेक्टर की बुनियादी चुनौतियों का समाधान किया था, जिसमें डिमांड-सप्लाई में कमी, बिजली तक सीमित पहुंच और अपर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल थे। तब से, भारत के पावर सेक्टर में ज़बरदस्त प्रगति हुई है। स्थापित उत्पादन क्षमता चार गुना बढ़ गई है जिसमें प्राइवेट सेक्टर की महत्वपूर्ण भागीदारी है; मार्च 2021 तक सभी घरों में बिजली पहुंच गई थी; दिसंबर 2013 में एक एकीकृत राष्ट्रीय ग्रिड चालू हो गया; और 2024-25 में प्रति व्यक्ति बिजली की खपत 1,460 kWh तक पहुंच गई। पावर मार्केट और एक्सचेंज ने पूरे देश में बिजली खरीद में लचीलापन और दक्षता में सुधार किया है।

    इन उपलब्धियों के बावजूद, कुछ चुनौतियाँ बनी हुई हैं, खासकर डिस्ट्रीब्यूशन सेगमेंट में जैसे कि भारी जमा नुकसान और बकाया कर्ज। कई सेगमेंट में टैरिफ लागत के हिसाब से नहीं हैं, और उच्च क्रॉस-सब्सिडी के कारण औद्योगिक टैरिफ बढ़ गए हैं, जिससे भारतीय उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर बुरा असर पड़ा है।

    इस पृष्ठभूमि में, ड्राफ्ट NEP 2026 ने महत्वाकांक्षी लेकिन ज़रूरी लक्ष्य तय किए हैं। पॉलिसी का लक्ष्य 2030 तक प्रति व्यक्ति बिजली की खपत 2,000 kWh और 2047 तक 4,000 kWh से ज़्यादा करना है। यह भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं के भी अनुरूप है, जिसमें 2030 तक 2005 के स्तर से 45 प्रतिशत कम उत्सर्जन तीव्रता और 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन हासिल करना शामिल है, जिसके लिए कम कार्बन ऊर्जा मार्गों की ओर निर्णायक बदलाव की आवश्यकता है।

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    20/01/26 |

    नौसेना प्रमुख ने एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर 2026 का दौरा किया

    आरएस अनेजा, 20 जनवरी नई दिल्ली - नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने दिल्ली छाउनी में स्थित राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) 2026 का दौरा किया। उनके आगमन पर सेना, नौसेना और वायु सेना विंग से चैयनित एनसीसी कैडेटों द्वारा उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया।

    अपने संबोधन के दौरान एडमिरल त्रिपाठी ने एनसीसी कैडेट के रूप में अपने दिनों को याद किया और प्रतिष्ठित गणतंत्र दिवस शिविर के लिए चैयनित होने पर कैडेटों को बधाई दी। उन्होंने कैडेटों के शानदार टर्नआउट सटीक ड्रिल, बैंड प्रदर्शन और सांस्कृतिक प्रस्तुति की सराहना की और नौसेनिक शब्दावली में इस प्रदर्शन को "ब्रावो ज़ुलु" कहा।

    युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों के संवर्द्धन में एनसीसी की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए नौसेना प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नागरिक रक्षा प्रयासों में लगभग 72,000 एनसीसी कैडेटों के अनुकरणीय योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने ड्रोन संचालन और साइबर जागरूकता से संबंधित पहलों सहित  एनसीसी द्वारा अपनाए गए नए एवं नवोन्मेषी प्रशिक्षण उपायों की सराहना की।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन-"भारत का युवा वैश्विक भलाई की शक्ति हैं"- का उद्धरण देते हुए नौसेना प्रमुख ने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं पर अपना विश्वास व्यक्त किया। अपने सेवा अनुभवों के आधार पर उन्होंने कैडेटों को जीवन में अपनी पूर्ण क्षमता प्राप्त करने हेतु पांच सीख साझा कीं।

    उन्होंने पुनीत सागर अभियान जैसी पहलों, अखिल भारतीय नौसैनिक शिविर जैसे विशेष प्रशिक्षण शिविरों, सीमैनशिप, नौकायन और याचिंग के व्यावहारिक अनुभव, जहाजों से जुड़ाव, विदेशी तैनाती और भारतीय नौसेना के जहाजों, पनडुब्बियों एवं तटों के शैक्षिक दौरों के माध्यम से एनसीसी कैडेटों के प्रशिक्षण को समर्थन देने की भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता दोहराई।

    अपने संबोधन के अंत में एडमिरल त्रिपाठी ने कैडेटों से एकता, अनुशासन और ईमानदारी के एनसीसी लोकाचार को बनाए रखने तथा राष्ट्र को समर्पित जीवन जीने का आग्रह किया।

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    भारतीय नौसेना का पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन सिंगापुर के चांगी नौसेना बेस पर पहुंचा

    आरएस अनेजा, 17 जनवरी नई दिल्ली - भारतीय नौसेना का पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1TS), जिसमें आईएनएस तीर, आईएनएस शार्दुल, आईएनएस सुजाता और भारतीय तटरक्षक जहाज सारथी शामिल हैं, 15 जनवरी 2026 को सिंगापुर के चांगी नौसेना बेस पर पहुंचे। स्क्वाड्रन दक्षिण पूर्व हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में प्रशिक्षण तैनाती पर है।

    तैनाती का महत्व इसलिए बढ़ गया है क्योंकि वर्ष 2026 को 'दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) - भारत समुद्री सहयोग वर्ष 2026' के रूप में मनाया जा रहा है।

    यात्रा के दौरान, भारतीय नौसेना और सिंगापुर गणराज्य नौसेना (आरएसएन) के कर्मी क्षमता बढ़ाने और समुद्री सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से कई बंदरगाह गतिविधियों और पेशेवर बातचीत में शामिल होंगे। दोनों नौसेनाओं के प्रशिक्षुओं के बीच संरचित प्रशिक्षण आदान-प्रदान, संयुक्त योग सत्र और खेल कार्यक्रमों की एक श्रृंखला की भी योजना बनाई गई है।

    सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सिंगापुर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर भारतीय नौसेना बैंड द्वारा प्रदर्शन किया जाएगा। उनके प्रवास के दौरान जहाज स्कूली बच्चों के दौरे के लिए खुले रहेंगे।

    आगमन पर, सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले ने 1टीएस के प्रशिक्षुओं के साथ बातचीत की। वरिष्ठ अधिकारी 1टीएस और कमांडिंग अधिकारियों ने समुद्री प्रशिक्षण और सिद्धांत कमान (एमटीडीसी) के कमांडर से भी मुलाकात की। सूचना संलयन केंद्र के अंतर्राष्ट्रीय संपर्क अधिकारियों की एक टीम की यात्रा के दौरान व्यावसायिक अनुभव साझा किए गए।

    यात्रा के दूसरे दिन सिंगापुर गणराज्य की नौसेना के साथ सामुदायिक सहभागिता और बातचीत देखी गई। सूचना संलयन केंद्र और आरएसएन संग्रहालय का दौरा, मैत्रीपूर्ण खेल कार्यक्रम और श्री नारायण ओल्ड एज और नर्सिंग होम में एक आउटरीच गतिविधि कुछ मुख्य आकर्षण थे।

    यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट नीति को आगे बढ़ाने में दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ मजबूत समुद्री साझेदारी और निरंतर जुड़ाव को मजबूत करती है। यह दोनों नौसेनाओं के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग को भी बढ़ाता है, हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (आईओएनएस) के प्रति भारत के नेतृत्व और प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जबकि महासागर (सभी क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) के दृष्टिकोण के अनुरूप समुद्री सहकारी जुड़ाव को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण कदम का संकेत देता है।

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    17/01/26 |

    एआईआईए ने आयुर्वेद आधारित स्टार्टअप्स के लिए एमएसएमई अवसरों पर जागरूकता कार्यक्रम के साथ राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस 2026 मनाया

    आरएस अनेजा, 17 जनवरी नई दिल्ली - अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) ने राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस 2026 के अवसर पर अपने स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर, आयुर्वेद इनोवेशन एंड एंट्रीप्रिनियोरशिप इनक्यूबेशन सेंटर (एआईआईए- आईसीएआईएनई) के माध्यम से, नई दिल्ली परिसर में आयुर्वेद आधारित स्टार्टअप के लिए लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) अवसरों पर एक जागरूकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय के सहयोग से आयोजित किया गया था।  

    कार्यक्रम में नीति निर्माता, शिक्षाविद, स्टार्टअप समर्थक और इच्छुक उद्यमी एमएसएमई और स्टार्टअप तंत्र को मजबूत करने पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ आए। इस कार्यक्रम में आयुर्वेद और एकीकृत स्वास्थ्य नवाचारों पर विशेष ध्यान दिया गया। इन सत्रों में सरकारी सहायता योजनाओं, नवाचार के लिए संस्थागत तंत्र, बौद्धिक संपदा संरक्षण, प्रमाणन और मानकीकरण आवश्यकताओं और प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप के लिए आवश्यक वित्तीय तंत्रों के बारे में बताया गया।

    कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. अरुण कुमार के स्वागत भाषण से हुआ। अपने संबोधन में डॉ. अरुण कुमार ने आयुर्वेद में नवाचार-संचालित उद्यमिता के बारे में बताया। एमएसएमई के उप निदेशक श्री सुनील कुमार ने आयुर्वेद आधारित उद्यमों से संबंधित एमएसएमई पहलों और सरकारी योजनाओं का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। प्रो. मंजुषा राजगोपाला ने आयुर्वेद संस्थानों में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के शैक्षणिक और संस्थागत दृष्टिकोण को साझा किया।

    एमएसएमई के संयुक्त निदेशक डॉ. आर.के. भारती ने मुख्य भाषण दिया। उन्होंने स्टार्टअप और  एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत नीति-समर्थित तंत्र विशेष रूप से पारंपरिक चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों की आवश्यकता पर जोर दिया।

    तकनीकी सत्रों में डीपीआईआईटी की पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक सुश्री संगीता नागर ने बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) और स्टार्टअप के लिए इसके महत्व पर और सिडबी की वरिष्ठ प्रबंधक सुश्री ज्योति नीरज ने स्टार्टअप और एमएसएमई के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता तंत्र और वित्तपोषण अवसरों पर विशेषज्ञ वार्ता प्रस्तुत की। कार्यक्रम का समापन एआईआईए- आईसीएआईएनई के सीईओ श्री सुजीत एरानेझथ और एमएसएमई के सहायक निदेशक श्री नवीन कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

    इस कार्यक्रम ने आयुर्वेद पर आधारित एक मजबूत, नवाचार-संचालित स्टार्टअप तंत्र को बढ़ावा देने की एआईआईए- आईसीएआईएनई की प्रतिबद्धता को दोहराया गया। यह उद्यमिता, एमएसएमई विकास और टिकाऊ स्वास्थ्य देखभाल समाधानों के लिए राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है। भारत सरकार के लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा एक मेजबान संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त, एआईआईए–आईसीएआईएनई नवप्रवर्तकों को विचारों को प्रभावशाली उद्यमों में बदलने के लिए एक व्‍यवस्थित मंच प्रदान करके उन्हें सशक्त बना रहा है।

    इस राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस पर, एआईआईए आयुर्वेद में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एआईआईए– आईसीएआईएनई के माध्यम से अपनी प्रतिबद्धता को दोहराई और साक्ष्य-आधारित, टिकाऊ और समावेशी स्वास्थ्य समाधानों में योगदान देने वाले नए जमाने के उद्यमों का समर्थन किया।


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    राष्ट्रपति गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं

    आरएस अनेजा, 15 जनवरी नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज पंजाब के अमृतसर में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।


    राष्ट्रपति ने कहा कि औपचारिक शिक्षा पूरी करने के बाद छात्र अलग-अलग दिशाओं में अपना सफर शुरू करेंगे। कुछ सरकारी या निजी क्षेत्र में सेवा करेंगे, कुछ उच्च शिक्षा या अनुसंधान करेंगे, जबकि कई अपना खुद का व्यवसाय स्थापित करेंगे या शिक्षण में अपना करियर बनाएंगे। हालांकि प्रत्येक क्षेत्र में अलग-अलग योग्यताओं और कौशलों की आवश्यकता होती है, लेकिन कुछ गुण हर क्षेत्र में प्रगति के लिए समान रूप से आवश्यक और सहायक होते हैं।

    राष्ट्रपति ने छात्रों को याद दिलाया कि शिक्षा केवल जीविका का साधन नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का भी साधन है। उन्होंने कहा कि जिस समाज ने उन्हें शिक्षा प्रदान की है, उसके प्रति वे ऋणी हैं। विकास की राह में पिछड़ चुके लोगों के उत्थान के कोशिश करना इस ऋण को चुकाने का एक तरीका हो सकता है।

    राष्ट्रपति ने कहा कि गुरु नानक देव जी ने हमें सिखाया है कि समाज में महिलाओं को समान अधिकार मिलने चाहिए। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय गुरु नानक देव की शिक्षाओं के अनुरूप महिला सशक्तिकरण के लिए प्रयासरत है, जो दीक्षांत समारोह में डिग्री और पदक प्राप्त करने वाली छात्राओं की अधिकता से स्पष्ट है।

    उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र के हित में है कि महिलाओं को पूर्ण आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के अवसर मिलें और सभी को इसके लिए कोशिश करना चाहिए।

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    78वां भारतीय सेना दिवस : शौर्य की विरासत और मिसाइल शक्ति से अभेद्य होता भारत

    आरएस अनेजा, 15 जनवरी नई दिल्ली - आज भारतीय सेना दिवस उन वीर सैनिकों के अदम्य साहस, अनुशासन और सर्वोच्च बलिदान का स्मरण कराता है, जो हर परिस्थिति में राष्ट्र की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। यह केवल एक दिवस नहीं, बल्कि भारतीय सेना के शौर्य, और समर्पण को नमन करने का अवसर है। भारतीय सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है।

    वर्ष 2026 में भारत अपना 78वाँ सेना दिवस मना रहा है। यह दिन 1949 में फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा के भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ के रूप में कार्यभार संभालने की याद में मनाया जाता है।

    सेना दिवस केवल एक प्रतीकात्मक दिन नहीं, बल्कि यह उस संगठन की शक्ति और प्रतिबद्धता का उत्सव है जो सीमाओं की रक्षा करता है। वर्तमान भू-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में भारत की मिसाइल क्षमताएँ न केवल आक्रामकता का उत्तर देने में सक्षम हैं, बल्कि प्रामाणिक न्यूनतम प्रतिरोध नीति को मजबूती भी प्रदान करती हैं। जल, थल और नभ – तीनों क्षेत्रों में मिसाइलों की पहुँच और सटीकता भारत की सुरक्षा रणनीति की धुरी बन चुकी है।

    मिसाइल शक्ति पर केंद्रित सेना दिवस

    वर्ष 2026 के सेना दिवस पर देश का ध्यान उस मिसाइल शक्ति की ओर केंद्रित है, जो भारत की रणनीतिक सुरक्षा और आत्मनिर्भर सैन्य प्रणाली का मूल आधार बन चुकी है।

    यह प्रमुख मिसाइलें भारत की ताकत

    भारत की रणनीतिक प्रतिरोध प्रणाली का प्रमुख आधार अग्नि-5 अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता 5,000 किमी से अधिक है। इसमें MIRV तकनीक (Multiple Independently Targetable Re-entry Vehicles) के माध्यम से एक साथ कई लक्ष्यों पर प्रहार करने की क्षमता है।

    इसका नया संस्करण, अग्नि-प्राइम, मध्यम दूरी के लिए विकसित की गई मिसाइल है जिसकी रेंज 1,000–2,000 किमी है। इसे कैनिस्टर में रखा जा सकता है, जिससे यह युद्धकालीन त्वरित तैनाती और उच्चतम उत्तरजीविता की सुविधा देती है।

    भारत और रूस के सहयोग से विकसित ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल भारत की अग्रणी सटीक प्रहार प्रणाली है। इसका विस्तारित संस्करण 800 किमी तक की रेंज के साथ जल्द ही सेवा में शामिल होने वाला है। यह ज़मीन, समुद्र और वायु — तीनों प्लेटफॉर्म से लॉन्च की जा सकती है।

    इसके अतिरिक्त, निर्भय सबसोनिक क्रूज मिसाइल भारत को दुश्मन की गहराई में स्थित कमांड सेंटरों और महत्वपूर्ण ढांचों को चुपचाप और सटीकता से निशाना बनाने की क्षमता देती है।

    सुरक्षा के लिए रूस निर्मित एस-400 मिसाईल प्रणाली का लोहा हम ऑपरेशन सिंदूर में देख चुके है।

    भारतीय सेना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

    भारतीय सेना दुनिया की सबसे बड़ी स्वैच्छिक स्थायी सेनाओं में से एक है। इसमें 12 लाख से अधिक सक्रिय और लगभग 9 लाख रिजर्व सैनिक हैं।

    भारतीय सेना सियाचिन ग्लेशियर की सुरक्षा करती है। यह दुनिया का सबसे ऊँचा युद्ध क्षेत्र और गैर-ध्रुवीय इलाकों का दूसरा सबसे लंबा ग्लेशियर है।

    61वीं कैवेलरी रेजिमेंट भारत की सबसे बड़ी घुड़सवार यूनिट है। यह दुनिया की आखिरी सक्रिय बिना मशीनीकरण वाली कैवेलरी में शामिल है।

    भारतीय सेना अपने अनुशासन और युद्ध क्षमता के लिए प्रसिद्ध है। विश्व में इसे अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा स्थान माना जाता है।

    भारतीय सेना का आदर्श वाक्य “Service Before Self” है। यह 1949 से अब तक बिना बदले कायम है।

    भारत संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में सबसे ज़्यादा सैनिक भेजता है। वर्तमान में 6,000 से अधिक भारतीय जवान तैनात हैं।

    भारतीय सेना सिर्फ युद्ध ही नहीं, आपदा राहत में भी अहम भूमिका निभाती है। बाढ़, भूकंप, कोरोना और चुनाव सुरक्षा में सेना आगे रहती है।

    योगेन्द्र सिंह यादव सबसे कम उम्र के परमवीर चक्र विजेता हैं। उन्होंने 19 वर्ष की उम्र में कारगिल युद्ध में यह सम्मान पाया।

    कुछ स्पेशल फोर्स यूनिट्स की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहती है। उनकी संख्या, तैनाती और कमांड स्ट्रक्चर सार्वजनिक नहीं होता।

    भारतीय सेना देश में सबसे ज़्यादा स्वैच्छिक रक्तदान करती है। हर साल हजारों यूनिट रक्तदान किया जाता है।

    गोरखा सैनिक भारतीय सेना का गौरवशाली हिस्सा हैं। उन्होंने कारगिल युद्ध सहित कई लड़ाइयों में बहादुरी दिखाई।

    सेना के पास प्रशिक्षित डॉग स्क्वाड भी होता है। ये कुत्ते विस्फोटक खोज, ट्रैकिंग और रेस्क्यू में मदद करते हैं।

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    तीन देशों के दूतों ने भारत के राष्ट्रपति को अपने परिचय पत्र सौंपे

    आरएस अनेजा, 14 जनवरी नई दिल्ली - भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में त्रिनिदाद और टोबैगो, ऑस्ट्रिया और संयुक्त राज्य अमेरिका के दूतों से परिचय पत्र स्वीकार किए।

    जिन देशों के दूतों ने अपने परिचय पत्र प्रस्तुत किए उनमें त्रिनिदाद और टोबैगो गणराज्य के उच्चायुक्त चंद्रदत्त सिंह, ऑस्ट्रिया गणराज्य के राजदूत डॉ. रॉबर्ट ज़िशग और संयुक्त राज्य अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर शामिल थे। गौरतलब है कि तीनों दूतों की नियुक्तियां हाल ही में उनके देशों द्वारा भारत में की गई हैं।

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    13/01/26 |

    पीएफआरडीए ने वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन 2026 में एमएसएमई के लिए एनपीएस आउटरीच का आयोजन किया

    आरएस अनेजा, 13 जनवरी नई दिल्ली - पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने कार्यान्वयन भागीदार 'पीडब्ल्यूसी' के सहयोग से राजकोट में आयोजित दूसरे वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (वीजीआरसी) में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के बीच राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के बारे में जागरूकता निर्माण सत्र आयोजित किया।

    सम्मेलन का उद्घाटन प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। वीजीआरसी कार्यक्रम लोकप्रिय वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट (वीजीजीएस) श्रृंखला का हिस्सा है, जिसे 2003 में शुरू किया गया था और यह व्यापार सहयोग, ज्ञान विनिमय और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने वाले विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त मंच के रूप में विकसित हुआ है। क्षेत्रीय सम्मेलन राज्य की क्षेत्रीय क्षमता का प्रदर्शन करेंगे, जमीनी स्तर के विकास का लाभ उठाएंगे और विकसित भारत @2047 और विकसित गुजरात @2047 के व्यापक दृष्टिकोण के साथ संरेखित होंगे।

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    ISRO के भरोसेमंद 'वर्कहॉर्स' को लगा झटका: उपग्रहों की स्थिति स्पष्ट नहीं, जाने क्यों विफल हुआ मिशन

    आरएस अनेजा, 13 जनवरी नई दिल्ली - भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के लिए GSLV-F10/EOS-03 मिशन की विफलता एक बड़ा झटका थी, क्योंकि इसमें भारत का 'वर्कहॉर्स' कहा जाने वाला भरोसेमंद रॉकेट शामिल था।

    ISRO प्रमुख वी. नारायणन ने कहा कि तीसरे चरण का प्रज्वलन शुरू में सामान्य नजर आया, लेकिन एक गड़बड़ी ने यान को उसके निर्धारित पथ से विचलित कर दिया। वहीं ISRO की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, ईंधन टैंक में दबाव की कमी के कारण इंजन प्रज्जवलित नहीं हो सका।

    PSLV ने अब तक लगभग 60 मिशनों में लगभग 90 प्रतिशत सफलता दर्ज की है। मई 2025 में इसी तरह की तीसरी स्टेज की विफलता के बाद यह लॉन्चर की पहली उड़ान थी, जिससे PSLV की जांच और भी तेज हो गई है जिसे लंबे समय से भारत की अंतरिक्ष उड़ान महत्वाकांक्षाओं की रीढ़ माना जाता रहा है।

    कई उपग्रहों की स्थिति अनिश्चित

    EOS-N1 को भारत के सशस्त्र बलों के लिए हाई-रिजॉल्यूशन हाइपरस्पेक्ट्रल छवियां प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया था। यह उपग्रह सैकड़ों स्पेक्ट्रल बैंडों में पृथ्वी को स्कैन करता था और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए सतह की लगातार निगरानी करता था। इस मिशन में 15 छोटे उपग्रह भी ले जाए गए थे, जिनमें ब्रिटेन और थाईलैंड का एक पृथ्वी-अवलोकन पेलोड, मछुआरों के लिए ब्राजील का एक समुद्री बीकन, भारत का एक इन-ऑर्बिट ईंधन भरने का प्रदर्शन और स्पेन का केआईडी री-एंट्री कैप्सूल शामिल थे। ये सभी उपग्रह निम्न पृथ्वी कक्षा में स्थापित किए जाने थे। मलबे और टेलीमेट्री विश्लेषण लंबित होने के कारण इनकी स्थिति अभी अनिश्चित है।

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    राष्ट्रपति मुर्मु व अन्य ने देशवासियों को लोहड़ी व मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी

    आरएस अनेजा, 13 जनवरी नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज मंगलवार को लोहड़ी, मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी और किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया।

    राष्ट्रपति मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को लोहड़ी, मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू की हार्दिक शुभकामनाएं। ये पर्व भारत की समृद्ध कृषि परंपराओं तथा राष्ट्रीय एकता के प्रतीक हैं। इस अवसर पर हम प्रकृति के प्रति कृतज्ञता भी व्यक्त करते हैं। इन त्योहारों के माध्यम से हम अन्नदाता किसानों का आभार प्रकट करते हैं। मेरी मंगलकामना है कि ये पर्व सबके जीवन में सुख-समृद्धि का संचार करें।”

    ओम बिरला ने एक्स पर लिखा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “संस्कृति और परंपराओं से जुड़े पर्व लोहड़ी की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। फसल की समृद्धि, अन्न की महत्ता और किसान के परिश्रम का प्रतीक यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता भाव को प्रकट करता है। तिल-गुड़ की मिठास, ढोल की गूंज और गिद्दा-भांगड़ा की ऊर्जा के साथ लोहड़ी आपके जीवन में सुख, समृद्धि और नई खुशियाँ लेकर आए, यही मंगलकामना है।”

    विदेश मंत्री जॉ. एस. जयशंकर ने शुभकामनाएं देते हुए कहा, “लोहड़ी और भोगी के पावन अवसर पर त्योहारों की बधाई। ये त्योहार सभी के जीवन में खुशियां, मेलजोल और समृद्धि लाएं।”

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    09/01/26 |

    वायु सेना अध्यक्ष ने एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर 2026 का दौरा किया

    आरएस अनेजा, 9 जनवरी नई दिल्ली - वायु सेना अध्यक्ष (सीएएस) एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने दिल्ली कैंट स्थित राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) का दौरा किया।

    एयर चीफ मार्शल ने सेना, नौसेना और वायु सेना के एनसीसी कैडेटों के 'गार्ड ऑफ ऑनर' का निरीक्षण किया। उसके बाद राजस्थान के पिलानी स्थित बिड़ला बालिका विद्यापीठ की छात्राओं ने बैंड प्रदर्शन किया। वायु सेना अध्यक्ष ने विभिन्न सामाजिक जागरूकता विषयों पर एनसीसी के सभी 17 निदेशालयों के कैडेटों द्वारा तैयार 'फ्लैग एरिया' का निरीक्षण किया और एनसीसी 'हॉल ऑफ फेम' का भी दौरा किया।

     

    वायु सेना अध्यक्ष ने कैडेटों को संबोधित करते हुए देश के युवाओं में अपना विश्वास व्यक्त किया और राष्ट्र निर्माण तथा अनुशासित, देशभक्त और मूल्यों से प्रेरित नागरिकों को तैयार करने में एनसीसी की भूमिका की सराहना की। वायु सेना अध्यक्ष ने देशभर में एनसीसी की व्यापक उपस्थिति की चर्चा की, जिससे यह 20 लाख से अधिक कैडेटों और 40 प्रतिशत छात्राओं से युक्त विश्व का सबसे बड़ा वर्दीधारी संगठन बन गया है।

    वायु सेना अध्यक्ष एपी सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान और विभिन्न सरकारी पहलों को बढ़ावा देने में एनसीसी कैडेटों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कैडेटों से राष्ट्रवाद को कायम रखने और जीवन में कभी हार न मानने वाले रवैये के साथ निरंतर सुधार के लिए प्रयासरत रहने को कहा।

    वायु सेना अध्यक्ष ने गणतंत्र दिवस शिविर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आरडीसी 2026 में अपने-अपने निदेशालयों का प्रतिनिधित्व करने के लिए कैडेटों को बधाई दी।

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    09/01/26 |

    INS चिल्का में अग्निवीरों का जोश: 2,172 नौसैनिकों ने पासिंग आउट परेड के साथ रचा इतिहास

    आरएस अनेजा, 9 जनवरी नई दिल्ली - 02/25 बैच की पासिंग आउट परेड INS चिल्का में हुई, जो 16 हफ़्ते की शुरुआती ट्रेनिंग के सफल समापन का प्रतीक थी।

    ट्रेनीज़ ने सूर्यास्त के बाद एक शानदार सेरेमोनियल परेड में पास आउट किया, जो अनुशासित, मज़बूत और युद्ध के लिए तैयार नौसैनिक पेशेवरों के रूप में उनके बदलाव का प्रतीक था। पासिंग-आउट बैच में 2,172 ट्रेनी थे, जिनमें 2,103 अग्निवीर शामिल थे, जिनमें 113 महिला अग्निवीर, 270 SSR (मेडिकल असिस्टेंट), भारतीय नौसेना के 44 स्पोर्ट्स एंट्री कर्मी और भारतीय तटरक्षक बल के 295 नाविक शामिल थे।

    वाइस एडमिरल समीर सक्सेना, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दक्षिणी नौसेना कमान, परेड के मुख्य अतिथि और रिव्यूइंग ऑफिसर थे। कमोडोर बी दीपक अनील, कमांडिंग ऑफिसर, INS चिल्का कंडक्टिंग ऑफिसर थे। समारोह में जाने-माने पूर्व सैनिक, प्रमुख खेल हस्तियाँ, वरिष्ठ नौसेना अधिकारी, अन्य गणमान्य व्यक्ति और पासिंग-आउट ट्रेनी के परिवार के सदस्य शामिल हुए।

    परेड में ट्रेनी द्वारा हासिल किए गए ड्रिल, अनुशासन और व्यावसायिकता के उच्च मानकों को दिखाया गया। पुरुष अग्निवीरों के साथ महिला अग्निवीरों की भागीदारी ने ऑपरेशनल भूमिकाओं में समावेशिता और लैंगिक समानता के प्रति भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

    परेड को संबोधित करते हुए, FOCinC (दक्षिण) ने ट्रेनी को उनकी ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने पर बधाई दी। उन्होंने उनसे अपने पेशेवर कौशल को निखारने और तकनीकी रूप से जागरूक रहने के लिए कहा, साथ ही नौसेना के मुख्य मूल्यों कर्तव्य, सम्मान और साहस को अपनाने पर ज़ोर दिया। उन्होंने ट्रेनी को साहस और दृढ़ संकल्प के साथ अपना रास्ता बनाते हुए राष्ट्र के सम्मान को बनाए रखने का निर्देश दिया।

    उन्होंने अग्निवीरों के माता-पिता के प्रति अपनी प्रशंसा व्यक्त की और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को स्वीकार किया। मुख्य अतिथि ने टीम चिल्का को उनके अथक प्रयासों और नौसेना और राष्ट्र के परिवर्तन को आकार देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए बधाई दी।

    मुख्य अतिथि ने मेधावी अग्निवीरों को पदक और ट्रॉफियां प्रदान कीं। शशि बी केंचवागोल और जतिन मिश्रा को क्रमशः सर्वश्रेष्ठ अग्निवीर (SSR) और सर्वश्रेष्ठ अग्निवीर (MR) के लिए चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ रोलिंग ट्रॉफी और स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। अनीता यादव को समग्र योग्यता क्रम में सर्वश्रेष्ठ महिला अग्निवीर के लिए जनरल बिपिन रावत रोलिंग ट्रॉफी मिली। केशव सूर्यवंशी और सोनेंद्र को क्रमशः सर्वश्रेष्ठ नाविक (GD) और सर्वश्रेष्ठ नाविक (DB) घोषित किया गया। इससे पहले, विदाई समारोह के दौरान, ओवरऑल चैम्पियनशिप ट्रॉफी खरावेल डिवीजन को दी गई, जबकि अशोक डिवीजन रनर-अप रहा।

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    डिजिटल रेलवे, सस्ती यात्रा: अब 'रेल वन ऐप' से टिकट बुक करने पर पाएँ 3% की छूट

    आरएस अनेजा, 8 जनवरी नई दिल्ली - भारतीय रेलवे द्वारा “रेल वन ऐप” के माध्यम से अनारक्षित टिकटों पर 3 प्रतिशत की छूट दी जा रही है, जोकि दिनांक 14 जनवरी 2026 से लागू होगी।

    उत्तर रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य यात्रियों के लिए परेशानी मुक्त, तेज और डिजिटल टिकट बुकिंग को बढ़ावा देना है, यह पहल यात्रियों को टिकट काउंटर पर कतारों से बचने के लिए सुविधा प्रदान करेगी। रेलवे द्वारा रेल वन ऐप बनाने का मुख्य उद्देश्य त्वरित एवं डिजिटल टिकटिंग के लिए प्रोत्साहित करने तथा नकद लेन-देन को कम करना है, जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान सुगमता एवं किफायती यात्रा का आनंद मिलेगा।

    इसके साथ ही, मंडलों द्वारा प्रमुख स्टेशनों पर सुविधा केंद्र विकसित किए जाएंगे, जहाँ वाणिज्य निरीक्षकों (Commercial Inspectors) की तैनाती कर यात्रियों को रेल वन ऐप के माध्यम से अनारक्षित टिकट बुक करने संबंधी जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

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    07/01/26 |

    JNU में फिर बढ़ा तनाव: पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी, यूनिवर्सिटी प्रशासन का सख्त रुख

    नई दिल्ली 7 जनवरी (अन्‍नू ) : दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। सोमवार रात कैंपस के भीतर कुछ छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध आपत्तिजनक और विवादित नारे लगाने का मामला सामने आया है। इस घटना का एक 35 सेकंड का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्र 'कब्र खुदेगी' जैसे भड़काऊ नारे लगाते नजर आ रहे हैं।

    विवाद की मुख्य वजह

    यह विरोध प्रदर्शन दरअसल 2020 दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के बाद शुरू हुआ। प्रदर्शनकारियों ने अदालती फैसले के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए यह मार्च निकाला था।

    प्रशासन की कड़ी कार्रवाई

    वीडियो सामने आने के बाद JNU प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट का कहना है कि वे संस्थान को 'नफरत की प्रयोगशाला' नहीं बनने देंगे।

    FIR दर्ज: प्रशासन ने वसंत कुंज पुलिस को पत्र लिखकर नारेबाजी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

    सस्पेंशन की चेतावनी: यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि यह कोड ऑफ कंडक्ट (नियमों) का सीधा उल्लंघन है और दोषी पाए जाने वाले छात्रों को निलंबित (Suspend) किया जाएगा।

    राजनीतिक बयानबाजी तेज

    इस घटना ने देश के सियासी गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है:

    बीजेपी (BJP): पार्टी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इसे 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' की हरकत बताया है। उनका कहना है कि यह अभिव्यक्ति की आजादी नहीं बल्कि राष्ट्रविरोधी विचारधारा का प्रचार है।

    कांग्रेस (Congress): पूर्व सांसद उदित राज ने इसे जनता का गुस्सा बताया। उन्होंने कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम के साथ अन्याय हो रहा है और कोर्ट का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है।

    JNU छात्र संघ: अध्यक्ष अदिति मिश्रा के मुताबिक, यह प्रदर्शन 5 जनवरी 2020 की हिंसा की याद में था और नारे किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ न होकर वैचारिक थे।

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    07/01/26 |

    प्रदूषण मुक्त भारत का संकल्प : गडकरी ने हाइड्रोजन से चलने वाली टोयोटा 'मिराई' पर की सवारी

    आरएस अनेजा, 7 जनवरी नई दिल्ली - केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी तथा केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज टोयोटा मिराई फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक वाहन (एफसीईवी) में संयुक्त सवारी की।

    इस अवसर पर प्रल्हाद जोशी ने भारत मंडपम से श्री नितिन गडकरी के आवास तक मिराई चलाई, जो देश में हरित हाइड्रोजन और स्वच्छ गतिशीलता को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

    टोयोटा 'मिराई', एक दूसरी पीढ़ी का हाइड्रोजन फ्यूल-सेल इलेक्ट्रिक वाहन (एफसीईवी), हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया से बिजली पैदा करता है, जिससे केवल जल वाष्प उप-उत्पाद के रूप में उत्सर्जित होता है। लगभग 650 किलोमीटर की ड्राइविंग रेंज और पांच मिनट से भी कम समय में ईंधन भरने की क्षमता के साथ यह दुनिया के सबसे उन्नत और कुशल शून्य-उत्सर्जन गतिशीलता समाधानों में से एक है।

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    07/01/26 |

    भारत ऊर्जा सप्ताह 27 से 30 जनवरी तक गोवा में आयोजित होगा

    आरएस अनेजा, 7 जनवरी नई दिल्ली - भारत ऊर्जा सप्ताह-2026 इसी माह 27 से 30 जनवरी तक गोवा में आयोजित होगा, जिसमें वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र के दुनिया भर के मंत्री, वैश्विक मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नीति निर्माता, वित्तीय संस्थान, शिक्षाविद और प्रौद्योगिकी प्रदाता जुटेंगे। वर्ष के इस पहले प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने, निवेश को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के व्यावहारिक और मापनीय उपायों को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

    वैश्विक ऊर्जा प्रणालियों की बढ़ती मांग, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और जलवायु परिवर्तन संबंधी प्रतिबद्धताओं के बढ़ते दबाव के बीच आईईडब्ल्यू 2026, संवाद और सहयोग का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। इसके पिछले आयोजनों की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, इस बार ऊर्जा सुरक्षा सम्मेलन में 120 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है। 2025 के आयोजन में 68 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया था, जिनमें 570 प्रदर्शक और 5,400 सम्मेलन प्रतिनिधि शामिल रहे। आयोजन के पिछले संस्करण में 100 सम्मेलन सत्र आयोजित किए गए, जिनमें 540 से अधिक वैश्विक वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। इस बार भारत ऊर्जा सप्ताह-2026 संस्करण और भी विस्तारित होगा, जिससे यह सम्मेलन विश्व के अग्रणी ऊर्जा संवाद मंचों में और भी महत्वपूर्ण बनेगा।

    भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संरक्षण में भारतीय पेट्रोलियम उद्योग संघ – एफआईपीआई तथा डीएमजी इवेंट्स द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित, आईईडब्ल्यू 2026, ऊर्जा सुरक्षा, वहनीयता और संधारणीयता पर सहयोग के लिए तटस्थ और वैश्विक स्तर पर जुड़ा मंच है। इसमें अमरीका, यूरोप, मध्य पूर्व, अफ्रीका और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडलों के भाग लेने की संभावना है, जो वैश्विक ऊर्जा कूटनीति में इंडिया एनर्जी वीक की बढ़ती भूमिका दर्शाती है।

    अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के विश्व ऊर्जा आउटलुक 2025 के मुताबिक, अकेले भारत ही 2050 तक वैश्विक ऊर्जा मांग की 23 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी खपत करेगा, जो विश्व में सर्वाधिक होगा। इसी पृष्ठभूमि में, इंडिया एनर्जी वीक-2026 नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के दिग्गजों को साथ मिलकर अनुकूल ऊर्जा प्रणाली सुदृढ़ करने और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को गति देने पर विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करेगा।

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    06/01/26 |

    प्रधानमंत्री ने विशाख रिफाइनरी में रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी के चालू होने की सराहना की

    आरएस अनेजा, 6 जनवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज आंध्र प्रदेश में विशाखा रिफाइनरी में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी (RUF) के सफल चालू होने की सराहना की, और इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की यात्रा में एक निर्णायक कदम बताया।

    प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह अत्याधुनिक सुविधा आत्मनिर्भर भारत के विज़न के अनुरूप, देश की ऊर्जा स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के प्रयासों को गति देती है।

    केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के X पर एक पोस्ट का जवाब देते हुए, मोदी ने कहा कि "यह अत्याधुनिक सुविधा ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने के हमारे प्रयासों को गति देती है, जिससे हम इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहे हैं।"

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    रक्षा मंत्रालय ने क्लोज क्वार्टर बैटल कार्बाइन और हैवी वेट टॉरपीडो के लिए 4,666 करोड़ रुपये के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए

    आरएस अनेजा, 31 दिसम्बर नई दिल्ली - रक्षा मंत्रालय ने क्लोज क्वार्टर बैटल (सीक्यूबी) कार्बाइन और हैवी वेट टॉरपीडो की खरीद के लिए कुल 4,666 करोड़ रुपये की लागत के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए। ये अनुबंध रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली में संपन्न हुए।

    क्लोज क्वार्टर बैटल कार्बाइन

    भारतीय सेना और नौसेना के लिए 2,770 करोड़ रुपये के 4.25 लाख से अधिक क्लोज क्वार्टर बैटल कार्बाइन और सहायक उपकरणों के अनुबंध पर भारत फोर्ज लिमिटेड और पीएलआर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ हस्ताक्षर किए गए। यह उपलब्धि 'आत्मनिर्भर भारत' की विजन के अंतर्गत भारतीय सैनिकों को विश्व-स्तरीय मारक क्षमता से लैस करने और पुरानी प्रणालियों को अत्याधुनिक स्वदेशी तकनीक से बदलने के असाधारण और निरंतर प्रयासों की परिणति है।

    आधुनिक पैदल सेना के शस्त्रागार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होने के नाते, क्लोज क्वार्टर बैटल कार्बाइन अपने कॉम्पैक्ट डिज़ाइन और उच्च मारक क्षमता के कारण निकटवर्ती युद्ध में निर्णायक बढ़त प्रदान करती है, जिससे सीमित स्थानों में भी त्वरित और निर्णायक मारक क्षमता सुनिश्चित होती है। यह अनुबंध सरकार और निजी क्षेत्र के बीच तालमेल को दर्शाता है, जिससे मेक-इन-इंडिया पहल को और गति मिलेगी। यह परियोजना समग्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और कंपोनेंट के निर्माण और कच्चे माल की आपूर्ति के माध्यम से भारतीय लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्रोत्साहित करके स्वदेशी रक्षा उद्योगों को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    भारी वजन वाले टॉरपीडो

    भारतीय नौसेना की कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियों (पी-75) के लिए 48 भारी वजन वाले टॉरपीडो और संबंधित उपकरणों की खरीद और एकीकरण के लिए लगभग 1,896 करोड़ रुपये की लागत से इटली की डब्ल्यूएएसएस सबमरीन सिस्टम्स एस.आर.एल. के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। इस अधिग्रहण से छह कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियों की युद्ध क्षमता में वृद्धि होगी। टॉरपीडो की डिलीवरी अप्रैल, 2028 से शुरू होगी और 2030 की शुरुआत तक पूरी हो जाएगी।

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    आईएनएसवी कौंडिन्य अपनी पहली यात्रा पर रवाना

    आरएस अनेजा, 30 दिसम्बर नई दिल्ली - भारतीय नौसेना का नौकयन पोत कौंडिन्य, जो भारतीय नौसेना का स्वदेशी रूप से बनाया गया पारंपरिक नौकायन पोत है, गुजरात के पोरबंदर से ओमान सल्तनत के मस्कट के लिए अपनी पहली विदेशी यात्रा पर रवाना हुआ। यह ऐतिहासिक अभियान भारत की प्राचीन समुद्री विरासत को एक जीवित समुद्री यात्रा के माध्यम से पुनर्जीवित करने, समझने और मनाने के प्रयासों में एक प्रमुख मील का पत्थर है।

    इस पोत को औपचारिक रूप से वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पश्चिमी नौसेना कमान ने, भारत में ओमान सल्तनत के राजदूत महामहिम इस्सा सालेह अल शिबानी और भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और विशिष्ट मेहमानों की गरिमामयी उपस्थिति में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    आईएनएसवी कौंडिन्य का निर्माण पारंपरिक सिलाई वाली जहाज निर्माण तकनीकों का उपयोग करके किया गया है, जिसमें प्राकृतिक सामग्री और तरीकों का इस्तेमाल किया गया है जो कई सदियों पुराने हैं। ऐतिहासिक स्रोतों और चित्रात्मक साक्ष्यों से प्रेरित, यह पोत भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण, नाविकता और समुद्री नेविगेशन की समृद्ध विरासत का प्रतिनिधित्व करता है। यह यात्रा उन प्राचीन समुद्री मार्गों का अनुसरण करती है जो कभी भारत के पश्चिमी तट को ओमान से जोड़ते थे, जिससे हिंद महासागर में व्यापार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और निरंतर सभ्यतागत बातचीत संभव होती थी।

    इस अभियान से साझा समुद्री विरासत को मज़बूत करके और सांस्कृतिक और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा देकर भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय संबंधों में काफी सुधार होने की उम्मीद है। मस्कट में आईएनएसवी कौंडिन्य का आगमन दोस्ती, आपसी विश्वास और सम्मान के स्थायी बंधन का एक शक्तिशाली प्रतीक होगा, जिसने सदियों से इन दोनों समुद्री देशों को जोड़ा है। यह यात्रा गुजरात और ओमान के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंधों को भी उजागर करती है, जो अब तक जारी सहयोग की एक विरासत को दर्शाती है।

    इस अभियान के माध्यम से, भारतीय नौसेना समुद्री कूटनीति, विरासत संरक्षण और क्षेत्रीय सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। आईएनएसवी कौंडिन्य की यात्रा भारत के सभ्यतागत समुद्री दृष्टिकोण और हिंद महासागर क्षेत्र में एक जिम्मेदार और सांस्कृतिक रूप से जुड़ी समुद्री राष्ट्र के रूप में उसकी भूमिका का प्रमाण है।

    कमांडर विकास शेओरान जहाज के कप्तान होंगे, जबकि कमांडर वाई हेमंत कुमार, जो इस परियोजना की शुरुआत से ही इससे जुड़े हुए हैं, अभियान के ऑफिसर-इन-चार्ज के रूप में काम करेंगे। चालक दल में चार अधिकारी और तेरह नौसैनिक शामिल हैं।

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    26/12/25 |

    राष्ट्रपति ने ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ प्रदान किए

    आरएस अनेजा, 26 दिसम्बर नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (26 दिसंबर, 2025) नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में वीरता, सामाजिक सेवा, पर्यावरण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियों के लिए बच्चों को ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ प्रदान किए।

    इस अवसर पर राष्ट्रपति ने ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ प्राप्त करने वाले सभी बच्‍चों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पुरस्कार विजेता बच्चों ने अपने परिवारों, समुदायों और पूरे देश का गौरव बढ़ाया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये पुरस्कार देश भर के सभी बच्चों को प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्‍य से प्रदान किए गए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये पुरस्कार देश के सभी बच्चों को प्रेरित करेंगे।

    राष्ट्रपति ने कहा कि लगभग 320 वर्ष पूर्व सिख धर्म के दसवें गुरु और सभी भारतीयों द्वारा श्रृद्धेय  गुरु गोविंद सिंह जी और उनके चार पुत्रों ने सत्य और न्याय के समर्थन में संघर्ष करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। श्रीमती मुर्मु ने कहा कि दो सबसे छोटे साहिबजादों की वीरता का सम्‍मान और आदर भारत और विदेश दोनों में किया जाता है। उन्होंने उन महान बाल नायकों को श्रद्धापूर्वक याद किया जिन्‍होंने सत्य और न्याय के लिए गर्व के साथ अपने प्राणों की आहुति दी।

    राष्ट्रपति ने कहा कि किसी देश की महानता तब निश्चित होती है जब उसके बच्चे देशभक्ति और उच्च आदर्शों से परिपूर्ण होते हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों ने वीरता, कला एवं संस्कृति, पर्यावरण, नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सामाजिक सेवा और खेल जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि सात वर्षीय वाका लक्ष्मी प्रग्निका जैसे प्रतिभाशाली बच्‍चों के कारण ही भारत को विश्व पटल पर शतरंज की महाशक्ति माना जाता है। अजय राज और मोहम्मद सिदान पी, जिन्होंने अपनी वीरता और सूझबू    झ से दूसरों की जान बचाई, प्रशंसा के पात्र हैं। नौ वर्षीय बेटी व्योमा प्रिया और ग्यारह वर्षीय बहादुर बेटे कमलेश कुमार ने अपने साहस से दूसरों की जान बचाते हुए अपनी प्राण गंवा दिए। दस वर्षीय श्रवण सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान युद्ध से जुड़े जोखिमों के बावजूद अपने घर के पास सीमा पर तैनात भारतीय सैनिकों को नियमित रूप से पानी, दूध और लस्सी पहुंचाई। वहीं, दिव्यांग बेटी शिवानी होसुरू उप्पारा ने आर्थिक और शारीरिक सीमाओं को पार करते हुए खेल जगत में असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं। वैभव सूर्यवंशी ने अत्‍यंत प्रतिस्पर्धी और प्रतिभा-समृद्ध क्रिकेट जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है और कई रिकॉर्ड स्‍थापित किए। श्रीमती मुर्मु ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे साहसी और प्रतिभाशाली बच्चे आगे भी अच्छे कार्य करते रहेंगे और भारत के भविष्य को उज्ज्वल बनाएंगे।

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    आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 23–24 दिसंबर, 2025 को ‘पेसा महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया जाएगा

    आरएस अनेजा, 21 दिसम्बर नई दिल्ली - पंचायती राज मंत्रालय द्वारा पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 (पेसा) के लागू होने की वर्षगांठ के अवसर पर लोक संस्कृति के उत्सव के रूप में दो दिवसीय ‘पेसा महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है।

    यह महोत्सव 23 और 24 दिसंबर, 2025 को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित होगा। पेसा अधिनियम की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 24 दिसंबर को ‘पेसा दिवस’ भी मनाया जाएगा। आंध्र प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री कोनिदाला पवन कल्याण महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। पंचायती राज मंत्रालय के केंद्रीय सचिव विवेक भारद्वाज इस अवसर पर केंद्र तथा राज्य सरकारों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। इस आयोजन में पंचायत प्रतिनिधियों, खिलाड़ियों और सांस्कृतिक कलाकारों सहित सभी 10 पेसा राज्यों से लगभग 2,000 प्रतिनिधियों के भाग लेने की आशा है।

    पेसा से संबंधित कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय गतिविधियों का शुभारंभ 24 दिसंबर, 2025 को किया जाएगा। इनमें सूचना के प्रभावी प्रसार और पेसा के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए पेसा पोर्टल, राज्यों में कार्यान्वयन की प्रगति का आकलन करने हेतु पेसा संकेतक, जागरूकता बढ़ाने व जमीनी स्तर पर क्षमता निर्माण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जनजातीय भाषाओं में पेसा पर प्रशिक्षण मॉड्यूल तथा हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले पर आधारित एक ई-पुस्तक शामिल है, जिसमें क्षेत्र के पारंपरिक ज्ञान, संस्कृति एवं विरासत का दस्तावेजीकरण किया गया है।

    इस महोत्सव के दौरान खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों की एक समृद्ध एवं विविध श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी, जो भारत की जनजातीय विरासत की बहुरंगी विविधता एवं जीवंतता को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित करेगी। महोत्सव का मुख्य स्थल विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी परिसर होगा, जबकि विभिन्न गतिविधियां विशाखापत्तनम शहर के प्रमुख स्थलों जैसे रामकृष्ण बीच, इंडोर स्टेडियम, क्रिकेट स्टेडियम तथा कलावाणी सभागार में आयोजित की जाएंगी।

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    18/12/25 |

    क्रिसमस और नए साल पर रेलवे की तैयारी: भीड़ कम करने के लिए चलेंगी 650 विशेष ट्रेनें

    आरएस अनेजा, 18 दिसम्बर नई दिल्ली - रेलवे ने क्रिसमस और नए साल के दौरान, यात्रियों की भीड़ को देखते हुए नौ रेलवे ज़ोनों में विशेष रेलगाडियां चलाने की योजना बनाई है। कुल 138 विशेष रेलगाडियों की 650 फेरियों के लिए स्वीकृति दी गई हैं और इनमें से 244 फेरियों की अधिसूचना अब तक जारी की जा चुकी है।

    इन ज़ोनों में, पश्चिमी रेलवे के पास 26 रेलगाडियां और 226 स्वीकृत फेरियां हैं, जिनमें से 72 फेरियां अधिसूचित की जा चुकी हैं। मध्य रेलवे 118 स्वीकृत फेरियों के साथ 18 रेलगाडियां चला रही है और इनमें से 76 अधिसूचित फेरियां हैं। दक्षिण मध्य रेलवे ने 26 रेलगाडियों और 34 स्वीकृत फेरियों की योजना बनाई है, जिनमें से  26 फेरियां अधिसूचित की जा चुकी हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की 12 रेलगाडि़यों से 82 फेरियों को स्‍वीकृति दी गई है, जिनमें से 24 फेरियां अधिसूचित हैं।

    दक्षिण पश्चिम रेलवे (एसडब्ल्यूआर) ने 20 रेलगाडियों की योजना बनाई है, जिनमें 42 स्वीकृत और 28 अधिसूचित फेरियां हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे (एनडब्ल्यूआर) 14 रेलगाडियां चलाएगी। इसमें 72 स्वीकृत फेरियां शामिल हैं, जिनमें से 6 फेरियां अधिसूचित हैं। उत्तरी रेलवे (एनआर) ने 18 रेलगाडि़यों की योजना बनाई है, जिनमें 66 स्वीकृत और 8 अधिसूचित फेरियां शामिल हैं।

    उत्तर पूर्वी रेलवे (एनईआर) ने 2 रेलगाडि़यों का प्रस्ताव दिया है, जिनमें 6 स्वीकृत फेरियां शामिल हैं, हालांकि अभी तक किसी की भी फेरी की अधिसूचना जारी नहीं हुई है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने 2 रेलगाडि़यों की योजना बनाई है, जिनमें सभी 4 स्वीकृत फेरियां के लिए अधिसूचना जारी की जा चुकी है।

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    18/12/25 |

    रक्षा मंत्री का बड़ा बयान: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दिखाया कि भारत कम समय में बड़ी कार्रवाई करने में सक्षम है

    आरएस अनेजा, 18 दिसम्बर नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सशस्त्र बलों ने भारत की उच्च-प्रभावशाली और अल्प समय में निर्णायक कार्रवाई करने की क्षमता का सशक्त प्रदर्शन किया।

    उन्होंने भारतीय वायु सेना (आईएएफ) को तकनीकी रूप से उन्नत, परिचालन में चुस्त, रणनीतिक दृष्टि से आत्मविश्वासी और भविष्योन्मुखी सैन्य बल बताया। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह निरंतर बदलते वैश्विक परिवेश में राष्ट्रीय हितों की प्रभावी रक्षा कर रही है। वे 18 दिसंबर, 2025 को नई दिल्ली में आयोजित वायु सेना कमांडरों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

    रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन के दौरान आतंकी शिविरों को नष्ट करने में भारतीय वायु सेना द्वारा प्रदर्शित साहस, गति एवं सटीकता की सराहना की और हमलों के उपरांत पाकिस्तान की ‘गैर-जिम्मेदाराना प्रतिक्रिया’ का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए भी वायु सेना की प्रशंसा की। उन्होंने सशस्त्र बलों, विशेष रूप से वायु रक्षा क्षमताओं पर जनता के गहरे विश्वास को रेखांकित किया।

    सिंह ने कहा, ‘आमतौर पर जब दुश्मन हमला करता है तो लोग सुरक्षित स्थानों की ओर रुख करते हैं, लेकिन जब पाकिस्तानी सेना ने भारतीय ठिकानों को निशाना बनाने का प्रयास किया, तब भारत के नागरिक शांत रहे और उन्होंने अपनी दैनिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रखीं। यह हमारी परिचालन तैयारियों पर प्रत्येक भारतीय के अटूट भरोसे का प्रमाण है।’

    रक्षा मंत्री ने निर्णायक बढ़त बनाए रखने के लिए शत्रु की आक्रामक एवं रक्षात्मक क्षमताओं की गहन समझ के महत्व पर बल देते हुए कमांडरों से ऑपरेशन सिंदूर से सबक लेने तथा भविष्य की प्रत्येक चुनौती से निपटने के लिए सतर्क और सदैव तैयार रहने का आग्रह किया।

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    केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया

    आरएस अनेजा, 18 दिसम्बर नई दिल्ली - केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री, जितिन प्रसाद ने न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की उच्च-स्तरीय बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने वर्ल्ड समिट ऑन द इंफॉर्मेशन सोसाइटी (डब्ल्यूएसआईएस+20) के परिणामों के कार्यान्वयन की समग्र समीक्षा पर भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य प्रस्तुत किया।

    संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) द्वारा 2001 में 'सूचना समाज पर विश्व शिखर सम्मेलन' (डब्ल्यूएसआईएस) को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी कि वह ज्ञान और प्रौद्योगिकी की क्षमता का उपयोग सभी के विकास के लिए करे और यह सुनिश्चित करे कि इनका लाभ हर व्यक्ति और हर देश तक पहुँचे। डब्ल्यूएसआईएस की यह प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न हुई थी—पहला जिनेवा (2003) में और दूसरा ट्यूनिस (2005) में। बाद में, 2015 में आयोजित डब्ल्यूएसआईएस+10 समीक्षा प्रक्रिया के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इसके परिणामों के कार्यान्वयन में हुई प्रगति का जायजा लिया। अब, वर्ष 2025 में आयोजित 'डब्ल्यूएसआईएस+20 समीक्षा' अपनी शुरुआत से लेकर पिछले दो दशकों की उपलब्धियों, प्रमुख रुझानों, प्रगति और चुनौतियों का व्यापक आकलन कर रही है और भविष्य के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की रूपरेखा तैयार कर रही है।

    इस अवसर पर अपना संबोधन देते हुए, प्रसाद ने कहा कि पिछले दो दशकों में डब्ल्यूएसआईएस ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब डिजिटल प्रौद्योगिकियों को साझा मूल्यों द्वारा निर्देशित किया जाता है, तो वे विकास, समावेशिता और मानवीय गरिमा को किस प्रकार बढ़ावा दे सकती हैं। उन्होंने आगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस कथन को भी याद दिलाया जिसमें उन्होंने जोर देकर कहा था कि "वैश्विक चुनौतियों की मांग है कि हमारी वैश्विक कार्रवाई हमारे वैश्विक लक्ष्यों के अनुरूप होनी चाहिए।"

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    18/12/25 |

    अत्याधुनिक पनडुब्बी रोधी युद्ध हेलीकॉप्टर स्क्वाड्रन नौसेना में शामिल

    आरएस अनेजा, 18 दिसम्बर नई दिल्ली - भारतीय नौसेना के दूसरे वायु स्क्वाड्रन आईएनएएस 335 ‘द ऑस्प्रे’ को गोवा स्थित आईएनएस हंसा में आयोजित एक भव्य समारोह में कमीशन किया गया। यह एमएच-60आर हेलीकॉप्टरों का संचालन करता है। इस ऐतिहासिक अवसर पर नौसेना प्रमुख (सीएनएस) एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि मार्च, 2024 में केरल के कोच्चि में पहले एमएच-60आर नौसेना वायु स्क्वाड्रन के परिचालन में आने के बाद भारतीय नौसेना की वायु शक्ति के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक और मील का पत्थर है। समारोह में पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन भी उपस्थित थे।

    यूनिट के कमीशनिंग वारंट का वाचन कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन धीरेंद्र बिष्ट द्वारा किया गया। इसके बाद पश्चिमी क्षेत्र एनडब्ल्यूडब्ल्यूए की अध्यक्ष श्रीमती लैला स्वामीनाथन ने कमीशनिंग पट्टिका का विधिवत अनावरण किया। इस ऐतिहासिक अवसर को और भी स्मरणीय बनाने हेतु समारोह के दौरान पारंपरिक जल तोपों की भव्य सलामी दी गई।

    इस कार्यक्रम में पश्चिमी नौसेना कमान के चीफ ऑफ स्टाफ वाइस एडमिरल राहुल विलास गोखले, गोवा नौसेना क्षेत्र के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग और फ्लैग ऑफिसर नेवल एविएशन रियर एडमिरल अजय डी. थियोफिलस की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त नौसेना के पूर्व प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह (सेवानिवृत्त), नौसेना के कई वरिष्ठ अधिकारी और पूर्व सैनिक एवं अन्य विशिष्ट अतिथि भी समारोह में उपस्थित थे।

    एमएच-60आर सभी तरह के मौसम में दिन-रात के संचालन हेतु एक सक्षम व अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर है, जिसे पनडुब्बी रोधी युद्ध (एएसडब्ल्यू), सतह रोधी युद्ध (एएसयूडब्ल्यू), खोज एवं बचाव (एसएआर), चिकित्सा निकासी (एमईडीईवीएसी) और समुद्री जहाजों के बीच आपूर्ति (वीआरटीआरईपी) जैसे विविध अभियानों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। इन हेलीकॉप्टरों के शामिल होने से पश्चिमी तट पर भारतीय नौसेना की समग्र विमानन और परिचालन क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

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    17/12/25 |

    भारतीय रेलवे की सौर क्रांति: 2,626 स्टेशन हुए सौर ऊर्जा से लैस, 2030 तक 'नेट जीरो' का लक्ष्य

    आरएस अनेजा, 17 दिसम्बर नई दिल्ली - भारतीय रेलवे ने अपने रेल नेटवर्क में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल में बहुत तेजी से प्रगति की है। वर्तमान में, 2,626 रेलवे स्टेशन सौर ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं। यह व्यापक पैमाने पर अपनाया गया कदम ऊर्जा लागत को कम करने में मदद कर रहा है। यह पूरे देश में स्वच्छ और अधिक संवहनीय रेल परिचालन की ओर बदलाव को भी दर्शाता है। चालू वित्त वर्ष में इस गति में और वृद्धि हुई है। नवंबर तक 318 स्टेशन सौर ऊर्जा से जोड़े जा चुके हैं। इनके जुड़ने से, सौर ऊर्जा संचालित रेलवे स्टेशनों की कुल संख्या 2,626 तक पहुँच गई है।

    रेलवे ने स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नवंबर 2025 तक, इसने अपने परिचालन के लिए 898 मेगावाट सौर ऊर्जा का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। यह 2014 में परिचालन के लिए केवल 3.68 मेगावाट सौर ऊर्जा के मुकाबले तीव्र वृद्धि दर्शाता है। यह 2014 के स्तर की तुलना में लगभग 244 गुना की वृद्धि है। कुल चालू क्षमता में से 629 मेगावाट का उपयोग कर्षण उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। यह सीधे तौर पर इलेक्ट्रिक ट्रेन के परिचालन को बल देता है। बाकी 269 मेगावाट  बिजली गैर-कर्षण ज़रूरतों को पूरा करती है। इनमें स्टेशन की लाइटिंग, वर्कशॉप, सर्विस बिल्डिंग और रेलवे क्वार्टर शामिल हैं। सौर ऊर्जा का यह संतुलित उपयोग पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता को कम करता है। इससे रेलवे संचालन की कुल दक्षता में भी सुधार होता है।

    स्टेशनों, भवनों और रेलवे भूमि पर सौर पैनल भारतीय रेलवे की बढ़ती ऊर्जा की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। वे ऐसा स्वच्छ और संवहनीय तरीके से कर रहे हैं। इन प्रयासों से ऊर्जा सुरक्षा में सुधार हो रहा है। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लक्ष्यों को भी प्राप्त करने की कोशिश की जा रही है। इस तरह के उपाय 2030 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।

    #indianrailway #solarenergy #ministryofrailways #railwaystation #solar

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    अग्रिवीर जनरल ड्यूटी टेक्निकल और ट्रेडसमैन भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित

    आरएस अनेजा, 12 दिसम्बर अम्बाला - भर्ती निदेशक अम्बाला कर्नल वीएस पाण्डेय ने बताया कि भर्ती कार्यालय मुख्यालय अंबाला कैंट द्धारा नवम्बर माह में आयोजित अग्रिवीर जनरल डयुटी टेक्निकल और ट्रेडसमैन भर्ती परीक्षा का परिणाम  join Indian Army Website www.joinindianarmy.nic.in     पर प्रकाशित कर दिया गया है ।


    उन्होंने बताया कि जिन उम्मीदारों का रोल नम्बर उपरोक्त परिणाम में प्रकाशित हुआ हैं वे आगे के दस्तावेज के लिए दिनांक 14 दिसम्बर 2025 को सुबह 0830 बजे भर्ती कार्यालय मुख्यालय अंबाला कैंट में रिपोर्ट करे।


    सभी चयनित उम्मीदवार 10वीं और 12वीं के ओरिजिनल मार्क शीट ,आधार कार्ड और आधार लिंक मोबाइल साथ में अवश्य लायें । उन्होने जानकारी देते हुए यह भी बताया कि उक्त परीक्षा का परिणाम देखने की प्रक्रिया इस प्रकार से है- www.joinindianarmy.nic.in.  Final Result -ARO-RO (HQ) Ambala-Click      पर देखी जा सकती है।

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    12/12/25 |

    केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने राष्ट्रीय सतत तटीय प्रबंधन केंद्र की तीसरी बैठक की अध्यक्षता की

    आरएस अनेजा, 12 दिसम्बर नई दिल्ली - केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय सतत तटीय प्रबंधन केंद्र (एनसीएससीएम) की तीसरी आम सभा (जीबी) बैठक की अध्यक्षता की।

    उन्होंने केंद्र के अध्यक्ष के रूप में बैठक का नेतृत्व किया। विचार-विमर्श के इस सत्र में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और आम सभा के सदस्य भी सम्मिलित हुए। इस बैठक में तटीय और समुद्री अनुसंधान तथा प्रबंधन के क्षेत्र के विशेषज्ञों और जाने-माने वैज्ञानिकों ने भी भाग लिया।

    यादव ने तटीय पारिस्थितिकी तंत्र के आकलन, जलवायु अनुकूलन और समुद्री प्राकृतिक आवासों के पुनर्स्थापन के क्षेत्रों में एनसीएससीएम के वैज्ञानिक योगदानों की समीक्षा की। बैठक में एनसीएससीएम ने संरक्षण से लेकर आजीविका, प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, द्वीपीय स्थिति, भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी, तटीय प्रक्रियाओं, समुद्र तटीय स्थानिक योजनाओं और एकीकृत तटीय क्षेत्र प्रबंधन जैसे प्रमुख विषयगत क्षेत्रों में अपनी उपलब्धियों पर प्रस्तुति दी।

    आम सभा (जीबी) ने संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने सहित कार्यक्रमों में वैज्ञानिक प्रयासों को सुदृढ़ करने और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों और पारंपरिक ज्ञानवान लोगों के साथ सहयोगपूर्ण सहभागिता का विस्तार करने के निर्देश दिए। एनसीएससीएम को यह सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया कि उसके अनुसंधान और क्षमता-निर्माण पहलों में विज्ञान–नीति–समुदाय के एकीकरण को और गहरा किया जाए। जीबी ने यह भी निर्देश दिया कि एनसीएससीएम के विज़न दस्तावेज़ को विकसित भारत 2047 की थीम के अनुरूप अंतिम रूप दिया जाए।

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    राष्ट्रपति ने मणिपुर के सेनापति में एक सार्वजनिक समारोह की शोभा बढ़ाई

    आरएस अनेजा, 12 दिसम्बर नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज मणिपुर के सेनापति में एक सार्वजनिक समारोह की शोभा बढ़ाई। उन्होंने इस अवसर पर विकास की विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखी, साथ ही कई परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया।

    सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि मणिपुर के आदिवासी समुदायों के लिए सम्मान, सुरक्षा और विकास के अवसर तथा देश की प्रगति में उनकी अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना राष्ट्रीय प्राथमिकता है। भारत सरकार मणिपुर में समावेशी और सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय नेताओं, नागरिक समाज और समुदायों के साथ मिलकर काम कर रही है।

    राष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार देश के हर कोने तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। हाल के वर्षों में, मणिपुर के पहाड़ी जिलों को सड़क और पुल संपर्क, राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों सहित, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, पेयजल और बिजली आपूर्ति जैसे क्षेत्रों में किए गए लक्षित निवेशों से लाभ हुआ है। कौशल प्रशिक्षण, स्वयं सहायता समूह और वन धन जैसी आजीविका योजनाओं से लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है। ये प्रयास आदिवासी समुदायों की अनूठी पहचान और परंपराओं का सम्मान करते हुए उनका समर्थन करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

    राष्ट्रपति ने कहा कि मणिपुर की ताकत उसकी विविधता, उसकी संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं में निहित है। पहाड़ और घाटी हमेशा से एक-दूसरे के पूरक रहे हैं, मानो एक ही खूबसूरत भूमि के दो पहलू हों। उन्होंने सभी समुदायों से शांति, समझ और सुलह के प्रयासों में सहयोग जारी रखने का आग्रह किया। भारत सरकार मणिपुर के लोगों की आकांक्षाओं को समझती है। उन्होंने मणिपुर के लोगों के कल्याण और प्रगति के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया, जिनमें इस क्षेत्र के लोग भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमें एक शांतिपूर्ण और समृद्ध मणिपुर के लिए मिलकर निरंतर काम करना चाहिए।

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    10/12/25 |

    पश्चिमी वायु कमान के वायु अधिकारी कमान प्रमुख, एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने फरीदाबाद वायुसेना स्टेशन का दौरा किया

    आरएस अनेजा, 10 दिसम्बर नई दिल्ली - भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के पश्चिमी वायु कमान (डब्ल्यूएसी) के वायु अधिकारी कमान प्रमुख (एओसी-इन-सी) एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने 10 दिसंबर 2025 को वायु सेना स्टेशन फरीदाबाद का दौरा किया। कमान प्रमुख का स्वागत स्टेशन कमांडर, ग्रुप कैप्टन वी विश्वनाथन ने किया और उन्हें स्टेशन द्वारा की गई परिचालन तैयारियों और कल्याणकारी पहलों के बारे में जानकारी दी गई।

    एयर फ़ोर्स के 9 स्कूल में आयोजित 80वें विस्फोटक पहचान (ईडी) डॉग कोर्स की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण कमान प्रमुख ने किया। ये नव उत्तीर्ण कुत्ते अब विभिन्न परिचालन इकाइयों में सुरक्षा अभियानों के लिए तैनात किए जाएंगे। कमान प्रमुख ने विस्फोटक पहचान के लिए इन कुत्तों को प्रशिक्षित करने हेतु अनुकरणीय मानकों और नवीन विधियों को अपनाने के लिए स्कूल की सराहना की।

    इस दौरे के दौरान, कमान प्रमुख ने प्रमुख परिचालन लॉजिस्टिक्स स्थलों का दौरा कर उनकी कार्यक्षमता और परिचालन इकाइयों को कुशल लॉजिस्टिक्स सहायता प्रदान करने की तत्परता का आकलन किया। उन्होंने भंडारण और भंडारण की प्रभावशीलता की समीक्षा की और अल्प सूचना पर परिचालन सहायता प्रदान करने के लिए हमेशा तत्पर रहने की आवश्यकता पर बल दिया।

    जैसे-जैसे भारतीय वायु सेना अपनी हवाई युद्ध और निगरानी क्षमताओं का आधुनिकीकरण और उन्नयन जारी रखती है, इस तरह की दौरे रसद संबंधी तैयारियों का मूल्यांकन करने, परिचालन संबंधी चुनौतियों का समाधान करने और बल की तत्परता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

    #iaf #mod #indianairforce #airforce #westernaircommand

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    09/12/25 |

    प्रधानमंत्री ने भारत में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत समिति के 20वें सत्र की शुरुआत पर प्रसन्नता व्यक्त की

    आरएस अनेजा, 9 दिसम्बर नई दिल्ली - प्रधानमंत्री ने भारत में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत समिति के 20वें सत्र की शुरुआत पर अत्यंत हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह मंच विश्व भर की जीवित परंपराओं को संरक्षित करने और लोकप्रिय बनाने के एक साझा विज़न के साथ 150 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों को एक साथ लेकर आया है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस महत्वपूर्ण सम्मेलन की मेजबानी करने पर अत्यंत प्रसन्न है, खासतौर पर इसलिए कि यह ऐतिहासिक लाल किले में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यह अवसर समाजों और पीढ़ियों को जोड़ने के लिए संस्कृति की शक्ति का उपयोग करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

    “यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि भारत में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत समिति का 20वाँ सत्र आरम्भ हो गया है। इस मंच ने हमारी साझा जीवित परंपराओं को संरक्षित और लोकप्रिय बनाने की दृष्टि के साथ 150 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों को एक साथ जोड़ा है। भारत इस सम्मेलन की मेजबानी करके प्रसन्न है, वह भी लाल किले में। यह हमारे समाजों और पीढ़ियों को जोड़ने के लिए संस्कृति की शक्ति का उपयोग करने की हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

    #UNESCO #pmo #narenderamodi #namo

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    08/12/25 |

    बीएसएफ ने सीमा पर तीन पाकिस्तानी ड्रोन गिराए, डेढ़ किलो से अधिक हेरोइन की बरामद

    आरएस अनेजा, 8 दिसम्बर नई दिल्ली - बीएसएफ ने भारत-पाक सीमा पर कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के तीन ड्रोन गिराए हैं। वहीं, एक किलो से अधिक हेरोइन बरामद की है। 

    भारत-पाक सीमा पर ड्रोन के जरिये नशा तस्करी की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन बीएसएफ ने एक बार फिर इन वारदातों को नाकाम कर दिया। बीती शाम पंजाब बॉर्डर पर तीन पाकिस्तानी ड्रोन मार गिराए गए और अलग-अलग स्थानों से करीब 1.173 किलो हेरोइन बरामद की गई। 

    इस कार्रवाई ने तस्करों को बड़ा झटका दिया है। बीएसएफ प्रवक्ता के अनुसार, तरनतारन के गांव डल के पास तकनीकी निगरानी के जरिए एक ड्रोन पकड़ा गया, जिसके साथ 543 ग्राम हेरोइन मिली। इसके बाद बीएसएफ इंटेलिजेंस विंग की सूचना पर फिरोजपुर के गांव संकत्रा में सर्च ऑपरेशन चलाकर 1.173 किलोग्राम हेरोइन का पैकेट और एक ड्रोन बरामद किया गया। 

    अमृतसर के गांव रोड़ेवाला कलां के पास खेतों से भी एक ड्रोन मिला, जिसे बीएसएफ की तकनीकी एंटी-ड्रोन प्रणाली से गिरने की संभावना जताई जा रही है। बीएसएफ ने कहा कि सीमा पर ड्रोन गतिविधियों पर कड़ी निगरानी जारी है।

    #indiapakistanborder #smuggling #drone #bsf #mod #army

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    06/12/25 |

    अत्यधिक हवाई किराया वसूली पर लगाम! नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने किराए की अधिकतम सीमा तय की

    आरएस अनेजा, 6 दिसम्बर नई दिल्ली - सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने मौजूदा रुकावट के दौरान कुछ एयरलाइंस द्वारा लिए जा रहे बहुत ज़्यादा हवाई किराए के बारे में चिंताओं पर गंभीरता से ध्यान दिया है। यात्रियों को किसी भी तरह की मौके का फायदा उठाने वाली प्राइसिंग से बचाने के लिए, मिनिस्ट्री ने सभी प्रभावित रूट्स पर सही और वाजिब किराया सुनिश्चित करने के लिए अपनी रेगुलेटरी शक्तियों का इस्तेमाल किया है।

    सभी एयरलाइंस को एक ऑफिशियल निर्देश जारी किया गया है जिसमें अब तय की गई किराए की अधिकतम सीमा का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया गया है। ये सीमाएं तब तक लागू रहेंगी जब तक स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाती। इस निर्देश का मकसद बाज़ार में प्राइसिंग में अनुशासन बनाए रखना, मुश्किल में फंसे यात्रियों का किसी भी तरह से शोषण होने से रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि जिन नागरिकों को तुरंत यात्रा करने की ज़रूरत है - जिनमें सीनियर सिटीजन, छात्र और मरीज़ शामिल हैं - उन्हें इस दौरान किसी भी तरह की वित्तीय कठिनाई का सामना न करना पड़े।

    मिनिस्ट्री रियल-टाइम डेटा और एयरलाइंस और ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म के साथ एक्टिव कोऑर्डिनेशन के ज़रिए किराए के स्तर पर कड़ी नज़र रखेगी। तय नियमों से किसी भी तरह का उल्लंघन होने पर बड़े जनहित में तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    #aviation #ministryofaviation #airport #airfare #airtravel

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    05/12/25 |

    भारत और मलेशिया राजस्थान में संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास हरिमाऊ शक्ति में भाग लेंगे

    आरएस अनेजा, 5 दिसम्बर नई दिल्ली - संयुक्त सैन्य अभ्यास “एक्सरसाइज हरिमाऊ शक्ति -2025” का पांचवां एडिशन आज राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में शुरू हुआ। यह अभ्यास 05 से 18 दिसंबर 2025 तक चलेगा।

    भारतीय दल का प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से डोगरा रेजिमेंट के सैनिक कर रहे हैं। मलेशियाई पक्ष का प्रतिनिधित्व रॉयल मलेशियाई सेना की 25वीं बटालियन के सैनिक कर रहे हैं।

    इस अभ्यास का मकसद संयुक्त राष्ट्र के मैंडेट के चैप्टर VII के तहत सब-कन्वेंशनल ऑपरेशंस का संयुक्त रूप से अभ्यास करना है। अभ्यास के दायरे में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान संयुक्त प्रतिक्रियाओं में तालमेल बिठाना शामिल है। दोनों पक्ष घेराबंदी, तलाशी और नष्ट करने के मिशन, हेलीकॉप्टर से होने वाले ऑपरेशन आदि जैसी सामरिक कार्रवाइयों का अभ्यास करेंगे। इसके अलावा, आर्मी मार्शल आर्ट्स रूटीन (AMAR), कॉम्बैट रिफ्लेक्स शूटिंग और योग भी अभ्यास पाठ्यक्रम का हिस्सा होंगे।

    एक्सरसाइज हरिमाऊ शक्ति – 2025 में, दोनों पक्ष आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान हेलीपैड को सुरक्षित करने और घायलों को निकालने के लिए ड्रिल का अभ्यास करेंगे। सामूहिक प्रयासों का ध्यान सैनिकों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी के स्तर को बढ़ाना और शांति स्थापना अभियानों के दौरान संयुक्त राष्ट्र के हितों और एजेंडे को सबसे आगे रखते हुए जीवन और संपत्ति के जोखिम को कम करना होगा।

    दोनों पक्ष युद्ध कौशल के व्यापक दायरे पर संयुक्त अभ्यास के विचारों और तरीकों का आदान-प्रदान करेंगे, जिससे प्रतिभागियों को एक-दूसरे से सीखने में मदद मिलेगी। सर्वोत्तम तरीकों को साझा करने से भारतीय सेना और रॉयल मलेशियाई सेना के बीच रक्षा सहयोग का स्तर और बढ़ेगा। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को भी बढ़ावा देगा।

    #indianarmy #ministryofdefence #malasiyaarmy #militaryjointexercise

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    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कोहिमा युद्ध समाधि स्थल का दौरा किया और श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 5 दिसम्बर नई दिल्ली - केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कोहिमा युद्ध समाधि स्थल का दौरा किया, जहां स्थानीय अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

    केंद्रीय मंत्री ने द्वितीय विश्व युद्ध के निर्णायक घटनाक्रमों में से एक कोहिमा के युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि यह युद्ध समाधि स्थल साहस, बलिदान और साझा इतिहास का जीवंत प्रतीक है। यह न केवल एक महत्वपूर्ण विरासत स्थल है, बल्कि ऐसा स्थान भी है जो देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को लगातार आकर्षित करता है।

    बाद में, केंद्रीय मंत्री ने गैरिसन कैफे का दौरा किया, जो कोहिमा का एक प्रमुख सांस्कृतिक स्थल है और क्षेत्र की सैन्य विरासत तथा रचनात्मक ऊर्जा का उत्सव मनाता है। युद्धकालीन इतिहास एवं स्थानीय नागा परंपराओं से प्रेरित यह कैफे आज युवाओं, कलाकारों और पर्यटकों के लिए एक जीवंत सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभर चुका है। श्री सिंधिया  ने कैफे में एक कप कॉफी का आनंद लेते हुए इस बात की सराहना की कि कैसे इस तरह के स्थल विरासत को समकालीन उद्यमिता से जोड़ते हैं और सामुदायिक सहभागिता तथा स्थानीय आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करते हैं। नागालैंड सरकार ने क्षेत्र की आर्थिक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कॉफी को राज्य का विशिष्ट विक्रय बिंदु (यूएसपी) भी घोषित किया है।

       

                  

               

     

    केंद्रीय मंत्री कल हॉर्नबिल महोत्सव का भी दौरा करेंगे, जो भारत के सबसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक उत्सवों में से एक है और नागालैंड की समृद्ध परंपराओं, शिल्प कौशल, संगीत एवं विविध सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करता है। उनकी यह यात्रा सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और पूर्वोत्तर क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक जीवंतता को मजबूत करने के लिए मंत्रालय की प्रतिबद्धता को उजागर करती है।

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    05/12/25 |

    एक्सरसाइज गरुड़ 25 संपन्न: इंडो-फ्रेंच एयर फोर्स ने बाइलेटरल एयर एक्सरसाइज का 8वां एडिशन सफलतापूर्वक पूरा किया

    आरएस अनेजा, 5 दिसम्बर नई दिल्ली - इंडियन एयर फ़ोर्स (आईएएफ) और फ्रेंच एयर एंड स्पेस फ़ोर्स (एफएएसएफ) के बीच एक बाइलेटरल इंडो-फ़्रेंच एयर एक्सरसाइज़ गरुड़ का 8वां एडिशन, फ़्रांस में संपन्न हुआ। एक्सरसाइज़ के सफल समापन के बाद आईएएफ की टुकड़ी भारत लौट आई।

    एक्सरसाइज़ के दौरान, आईएएफ ने Su-30MKI फ़ाइटर्स के साथ हिस्सा लिया, जिन्हें IL-78 एयर-टू-एयर रिफ़्यूलिंग एयरक्राफ़्ट और C-17 ग्लोबमास्टर III ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ़्ट का सपोर्ट मिला और दोनों एयर फ़ोर्स ने एक रियलिस्टिक ऑपरेशनल माहौल में कई मुश्किल एयर ऑपरेशन किए। ट्रेनिंग में जॉइंट मिशन प्लानिंग, स्ट्राइक और एस्कॉर्ट मिशन को कोऑर्डिनेटेड तरीके से पूरा करना और एक-दूसरे के ऑपरेशनल प्रोसीजर से परिचित कराना शामिल था, जिससे इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ी।

    आईएएफ मेंटेनेंस क्रू ने पूरे समय हाई सर्विसेबिलिटी सुनिश्चित की, जिससे सभी प्लान किए गए मिशन आसानी से पूरे हो सके। क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान दोनों देशों के सीनियर अधिकारियों ने पार्टिसिपेंट्स से बातचीत की और दोनों हिस्सा लेने वाली सेनाओं के प्रोफेशनलिज़्म, डिसिप्लिन और कमिटमेंट की तारीफ़ की।

    एक्सरसाइज़ गरुड़ 25 इस साल आईएएफ द्वारा किए गए सबसे बड़े इंटरनेशनल एयर ट्रेनिंग एंगेजमेंट में से एक था। इस एक्सरसाइज़ ने भारत और फ्रांस के बीच मज़बूत स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को मजबूत किया और हिस्सा लेने वाली सेनाओं को ऑपरेशनल जानकारी दी। सीखे गए सबक आईएएफ की युद्ध लड़ने की क्षमताओं को और बढ़ाएंगे तथा फ्रेंडली विदेशी एयर फ़ोर्स के साथ मिलकर काम करने की क्षमता को मज़बूत करेंगे।

    #iaf #mod #defenceministry #franceairforce

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    05/12/25 |

    रक्षा मंत्री और उनके रूसी समकक्ष ने सैन्य-तकनीकी सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की सह-अध्यक्षता की

    आरएस अनेजा, 5 दिसम्बर नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव ने नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में सैन्य एवं सैन्य-तकनीकी सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-एमएंडएमटीसी) के 22वें सत्र की सह-अध्यक्षता की।

    दोनों पक्षों ने दोहराया कि भारत-रूस संबंध गहरे विश्वास, साझा सिद्धांतों और आपसी सम्मान पर आधारित हैं। यह बैठक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति श्री व्लादिमीर पुतिन के बीच होने वाले 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन से पहले हुई है।

    राजनाथ सिंह ने 'आत्मनिर्भर भारत' की परिकल्पना के तहत स्थानीय उत्पादन और निर्यात दोनों के लिए भारत के स्वदेशी रक्षा उद्योग की क्षमता निर्माण के लिए भारत सरकार के दृढ़ संकल्प को व्यक्त किया। उन्होंने दोनों देशों के बीच विशिष्ट प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने के लिए नए अवसरों पर भी जोर दिया।

    रूस के रक्षा मंत्री ने दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास पर आधारित संबंधों को और गहरा करने पर जोर दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि दोनों देश कई वर्षों की मित्रता और रणनीतिक सहयोग से एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि रूस के रक्षा उद्योग, भारत को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सहयोग देने के लिए तैयार है। मंत्री श्री बेलौसोव ने श्री राजनाथ सिंह को 2026 में आईआरआईसी-एमएंडएमटीसी के 23वें सत्र की सह-अध्यक्षता करने के लिए रूस आने का निमंत्रण भी दिया।

    अंत में, दोनों मंत्रियों ने चल रहे और भावी सहयोग के क्षेत्रों को रेखांकित करते हुए 22वीं आईआरआईजीसी-एमएंडएमटीसी बैठक के प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए।

    #indiarussia #defencedealindia #rajnathsingh #mod #defenceminister #indianarmy #indiannavy #indianairforce

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    04/12/25 |

    प्रधानमंत्री ने नौसेना दिवस पर भारतीय नौसेना कर्मियों को बधाई दी

    आरएस अनेजा, 4 दिसम्बर नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नेवी डे पर इंडियन नेवी के सभी लोगों को बधाई दी है।

    मोदी ने कहा कि हमारी नेवी बहुत हिम्मत और पक्के इरादे की पहचान है। वे हमारे किनारों की सुरक्षा करते हैं और हमारे समुद्री हितों को बनाए रखते हैं। श्री मोदी ने कहा, "मैं इस साल की दिवाली कभी नहीं भूल सकता, जो मैंने INS विक्रांत पर नेवी के लोगों के साथ बिताई। इंडियन नेवी को उनके आगे के कामों के लिए शुभकामनाएं।"

    प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया:

    "इंडियन नेवी के सभी लोगों को नेवी डे की बधाई। हमारी नेवी बहुत हिम्मत और पक्के इरादे की पहचान है। वे हमारे किनारों की सुरक्षा करते हैं और हमारे समुद्री हितों को बनाए रखते हैं। हाल के सालों में, हमारी नेवी ने आत्मनिर्भरता और मॉडर्नाइज़ेशन पर ध्यान दिया है। इससे हमारे सुरक्षा तंत्र को मजबूती मिली है।

    मैं इस साल की दिवाली कभी नहीं भूल सकता, जो मैंने INS विक्रांत पर नेवी के लोगों के साथ बिताई। इंडियन नेवी को उनके आगे के कामों के लिए शुभकामनाएं।"

    #navyday #indiannavy #mod #pmo #narenderamodi

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    03/12/25 |

    भारत-मालदीव संयुक्त सैन्य अभ्यास एकुवेरिन केरल में शुरू हुआ

    आरएस अनेजा, 3 दिसम्बर नई दिल्ली - भारतीय सेना और मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल (एमएनडीएफ) के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास एकुवेरिन का 14वां संस्करण आज केरल के तिरुवनंतपुरम में शुरू हुआ।

    यह संयुक्त सैन्य अभ्यास 15 दिसंबर, 2025 तक चलेगा। गढ़वाल राइफल्स की एक बटालियन द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए 45 कर्मियों वाली भारतीय सेना की टुकड़ी, मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए समान क्षमता वाले मालदीव के एक दल के साथ भाग ले रही है।

    धिवेही में "एकुवेरिन" का अर्थ "मित्र" होता है, जो दोनों देशों के बीच मित्रता, आपसी विश्वास और सैन्य सहयोग के गहरे बंधनों को दर्शाता है। वर्ष 2009 से दोनों देशों में बारी-बारी से आयोजित, "एकुवेरिन" अभ्यास भारत की "पड़ोसी प्रथम" नीति और मित्र देशों के साथ स्थायी रक्षा साझेदारी बनाने की उसकी प्रतिबद्धता का एक ज्वलंत उदाहरण बना हुआ है।

    दो सप्ताह तक चलने वाले इस अभ्यास का उद्देश्य जंगल, अर्ध-शहरी और तटीय इलाकों में उग्रवाद-रोधी और आतंकवाद-रोधी अभियानों में अंतर-संचालन और परिचालन तालमेल को बढ़ाना है। इसमें दोनों पक्षों के सैनिक भाग लेंगे और क्षेत्र में साझा सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने की अपनी क्षमता को मज़बूत करने के लिए बेहतर अभ्यास, सामरिक अभ्यास और संयुक्त परिचालन योजना साझा करेंगे।

    यह अभ्यास हिंद महासागर क्षेत्र में क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के प्रति भारत और मालदीव के बढ़ते रक्षा सहयोग और आपसी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    #india #maldiv #armyjointexersice #keral

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    01/12/25 |

    मुंबई की हवा हुई 'ज़हरीली', कई इलाकों में GRAP-4 की पाबंदियां लागू; निर्माण कार्यों पर रोक

    मुंबई, 1 दिसंबर (अन्‍नू)- पिछले कुछ हफ्तों से मुंबई की वायु गुणवत्ता (Air Quality) बहुत खराब हो गई है, जो अक्सर 'बहुत खराब' या 'गंभीर' कैटेगरी में रिकॉर्ड की जा रही है।

    • स्वास्थ्य समस्याएँ: दिल्ली की तरह ही, मुंबई के लोग भी आँखों में जलन, साँस लेने में दिक्कत और गले में खराश की शिकायत कर रहे हैं।

    • प्रदूषण वाले इलाके: मझगांव, देवनार, मलाड, पवई और मुलुंड जैसे कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुँच गई है।

    • सरकारी कार्रवाई: बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए, सरकार ने इन इलाकों में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा चरण (GRAP-4) लागू कर दिया है।

    • पाबंदियाँ:

      • सभी निर्माण कार्यों और धूल उड़ाने वाली गतिविधियों पर तुरंत रोक लगा दी गई है।

      • बीएमसी (BMC) ने 50 से ज़्यादा निर्माण स्थलों को काम रोकने के नोटिस जारी किए हैं।

      • छोटे उद्योगों (जैसे बेकरी, मार्बल कटिंग यूनिट्स) को सफाई प्रक्रिया अपनाने को कहा गया है।

      • प्रदूषण फैलाने वालों पर नज़र रखने के लिए हर वार्ड में फ्लाइंग स्क्वॉड (इंजीनियर और पुलिसकर्मी शामिल) तैनात किए गए हैं।

      • बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी इस गंभीर प्रदूषण पर चिंता जताई है। कोर्ट ने बीएमसी के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पाँच सदस्यीय टीम बनाने का आदेश दिया है, जो 10 दिनों में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।

    मुंबई अब दिल्ली के साथ उन भारतीय शहरों की सूची में शामिल हो गया है जहाँ वायु प्रदूषण एक बड़ा संकट बन गया है।

    #मुंबईप्रदूषण #MumbaiAirPollution #AQI #GRAP4 #निर्माणकार्यबंद #बॉम्बेहाईकोर्ट #BMC #खराबहवा #साँसकासंकट #DanikKhabar #MumbaiNews

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    28/11/25 |

    हिंद-प्रशांत और ग्‍लोबल साउथ के देश भारत को एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में देखते हैं: चाणक्य रक्षा संवाद में रक्षा मंत्री

    आरएस अनेजा, 28 नवम्बर नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 नवंबर, 2025 को नई दिल्ली में ‘परिवर्तन के लिए सुधार- सशक्त, सुरक्षित और विकसित भारत' विषय पर आयोजित चाणक्य रक्षा संवाद में कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि, तकनीकी क्षमताओं और विदेश नीति ने देश को बदलते वैश्विक परिवेश में संतुलन और जिम्मेदारी की आवाज बना दिया है।

    इसलिए हिंद-प्रशांत और ग्‍लोबल साउथ के देश हमें एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत सभ्यतागत मूल्यों में निहित जिम्मेदारी, रणनीतिक स्वायत्तता और आत्मविश्वास की भावना के साथ आज की वैश्विक चर्चाओं को आकार दे रहा है और इसने जो वैश्विक विश्वास अर्जित किया है, वह महत्‍वपूर्ण सुधारों और राष्ट्रों की संप्रभुता के सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था के लिए इसके निरंतर रुख के कारण है।

    रक्षा मंत्री ने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता और आतंकवाद, चरमपंथी तत्वों को सीमा पार से समर्थन, यथास्थिति को बदलने के प्रयास, समुद्री दबाव और सूचना युद्ध जैसी चुनौतियों के लिए निरंतर सतर्कता और उद्देश्य की स्पष्टता की आवश्यकता है और सुधार, विकल्प से ज्‍यादा रणनीतिक आवश्यकता बनते जा रहे हैं।

    उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के सशक्त, सुरक्षित और विकसित भारत के निर्माण के लिए उठाए गए कदमों का उल्‍लेख करते हुए कहा कि सुधार संस्थानों की अनुकूलन क्षमता को मजबूत करते हैं, सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाते हैं और राष्ट्र को अपना भाग्य स्वयं गढ़ने का आत्मविश्वास देते हैं।

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    वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का इस्राइल दौरा संपन्‍न, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को मजबूती मिली

    आरएस अनेजा, 25 नवम्बर नई दिल्ली - केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस्राइल की अपनी सफल यात्रा (20-22 नवंबर 2025) पूरी की। उन्‍होंने इस यात्रा के दौरान भारत-इस्राइल रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से कई उच्च स्तरीय बैठकें कीं।

    इस्राइल के अर्थव्यवस्था एवं उद्योग मंत्री नीर बरकत के साथ चर्चा में मुक्त व्यापार समझौते पर चर्चा हुई। इस चर्चा का एक प्रमुख आकर्षण भारत-इस्राइल मुक्त व्यापार समझौते के लिए संदर्भ शर्तों पर हस्ताक्षर है जो एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी परिणाम के लिए वार्ता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस्राइल के वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच के साथ चर्चा में बुनियादी ढांचे, खनन के क्षेत्र में भारतीय कंपनियों के लिए अवसरों और इस्राइल में भारतीय कामगारों के लिए अवसरों पर चर्चा हुई। इस्राइल के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री एवी डिचर के साथ चर्चा में इस्राइल की दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा रणनीति, बीज-सुधार प्रौद्योगिकियों और कृषि जल-पुन उपयोग पर चर्चा हुई।

    गोयल ने भारत-इस्राइल व्यापार मंच और सीईओ मंच में भाग लिया जिसमें दोनों पक्षों की ओर से उद्योग जगत की मजबूत भागीदारी हुई। 250 से ज्‍यादा बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकें भी आयोजित की गईं।

    #piyushgoyal #india #israel #business #trade #internationaltrade

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    15/11/25 |

    अभ्यास गरुड़ 25: भारतीय वायु सेना ने फ्रांस के वायु और अंतरिक्ष बल के साथ द्विपक्षीय वायु अभ्यास के 8वें संस्करण में भाग लिया

    आरएस अनेजा, 15 नवम्बर नई दिल्ली - भारतीय वायु सेना (आईएएफ) 16 से 27 नवंबर तक फ्रांस के मोंट-डे-मार्सन में फ्रांस के वायु एवं अंतरिक्ष बल (एफएएसएफ) के साथ द्विपक्षीय वायु अभ्यास 'गरुड़ 25' के आठवें संस्करण में भाग ले रही है।

    भारतीय वायु सेना की टुकड़ी फ्रांस पहुंची और वह एसयू-30 एमकेआई लड़ाकू विमान के साथ भाग लेगी। अभ्यास के इंडक्शन और डी- इंडक्शन चरणों के लिए सी-17 ग्लोबमास्टर III द्वारा एयरलिफ्ट सहायता प्रदान की जा रही है, जबकि भाग लेने वाले लड़ाकू विमानों के रेंज और स्थायित्व को बढ़ाने के लिए आईएल-78 हवा से हवा में ईंधन भरने वाले टैंकरों का उपयोग किया जा रहा है।

    अभ्यास के दौरान, भारतीय वायुसेना का एसयू-30एमकेआई विमान, फ्रांस के बहुउद्देशीय लड़ाकू विमानों के साथ जटिल कृत्रिम हवाई युद्ध परिदृश्यों में, हवा से हवा में युद्ध, वायु रक्षा और संयुक्त हमला अभियानों पर केंद्रित, प्रचालन करेगा। इस अभ्यास का उद्देश्य एक वास्तविक प्रचालन वातावरण में रणनीति और प्रक्रियाओं को परिष्कृत करना, पारस्परिक शिक्षा को सक्षम बनाना और भारतीय वायुसेना और एफएएसएफ के बीच अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ावा देना है।

    गरुड़ 25 अभ्यास दोनों वायु सेनाओं के बीच प्रोफेशनल बातचीत, प्रचालनगत ज्ञान के आदान-प्रदान और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने का अवसर भी प्रदान करता है। इस अभ्यास में भागीदारी, बहुपक्षीय अभ्यासों के माध्यम से मित्रवत विदेशी वायु सेनाओं के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ने और वायु संचालन के क्षेत्र में आपसी समझ और सहयोग को बढ़ावा देने की भारतीय वायु सेना की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

    #iaf #mod #indianairforce #franceairforce #indianfrance

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    भाजपा युक्त NDA ने बिहार चुनाव में सभी विरोधी पार्टियों को मिट्टी में मिला दिया दिया

    बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नवीनतम रुझानों और परिणामों के अनुसार, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को भारी बहुमत मिलता दिख रहा है।

    * एनडीए (NDA), जिसमें बीजेपी और जेडीयू शामिल हैं, 200 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिससे यह स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ रहा है।

    * भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस चुनाव में पहली बार राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरते हुए 90 से अधिक सीटों पर बढ़त हासिल की है।

    * जनता दल (यूनाइटेड) - JDU भी 80 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है।

    * महागठबंधन, जिसमें आरजेडी और कांग्रेस शामिल हैं, 35 से 40 सीटों के आसपास सिमटता दिख रहा है।

    यह प्रदर्शन भाजपा और एनडीए के लिए ऐतिहासिक जीत की ओर इशारा कर रहा है, जिसने विरोधी पार्टियों को काफी पीछे छोड़ दिया है। चुनाव आयोग के आधिकारिक परिणामों के आने पर अंतिम संख्या स्पष्ट होगी।

    #BiharElections #NDASweep #BJPSuccess #OppositionFailure #ElectionResults #PoliticalVictory #BiharPolitics #NDALeadership #ElectionDay #NarendraModi #BJPWin #StateElections #DemocracyInAction #PoliticalUpdate #IndianPolitics #BiharNews #VoterSupport #Elections2023 #VictoryLap

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    14/11/25 |

    'प्रोजेक्ट चीता' बोत्सवाना से आएंगे चीते, राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा पर हुआ अहम समझौता

    आरएस अनेजा, 14 नवम्बर नई दिल्ली - भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बोत्सवाना के राष्ट्रपति, महामहिम एडवोकेट ड्यूमा गिदोन बोको के साथ मोकोलोडी नेचर रिजर्व का दौरा किया। दोनों नेताओं ने भारत और बोत्सवाना के विशेषज्ञों की ओर से घांजी क्षेत्र से पकड़े गए चीतों को क्वारंटाइन केंद्र में छोड़े जाने के दृश्य को देखा। यह कार्यक्रम 'प्रोजेक्ट चीता' के तहत बोत्सवाना की ओर से भारत को आठ चीतों के प्रतीकात्मक दान का प्रतीक है। यह आयोजन वन्यजीव संरक्षण में भारत-बोत्सवाना सहयोग में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है।

    नई दिल्ली रवाना होने से पहले, राष्ट्रपति ने गाबोरोन में भारत के उच्चायुक्त द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में बोत्सवाना में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित किया।

    भारतीय समुदाय के उत्साही सदस्यों को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के लोगों को उनके योगदान पर गर्व है। वे भारत के सच्चे सांस्कृतिक राजदूत हैं, जो कड़ी मेहनत, ईमानदारी और सद्भाव के उन मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं जो भारत और बोत्सवाना दोनों की पहचान हैं। उन्होंने उनसे भारत के साथ अपने संबंधों को मज़बूत करते हुए बोत्सवाना की प्रगति में योगदान जारी रखने का आग्रह किया। उन्होंने उन्हें ओसीआई योजना और प्रवासी भारतीय दिवस जैसी पहलों का लाभ उठाने और भारत के विकास में अपने अनुभव साझा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

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    13/11/25 |

    महामहिम राष्ट्रपति ने बोत्सवाना की नेशनल असेम्‍बली को संबोधित किया

    आरएस अनेजा, 13 अक्टूबर नई दिल्ली - महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गैबोरोन स्थित बोत्सवाना की नेशनल असेम्‍बली का दौरा किया और सांसदों को संबोधित किया। नेशनल असेम्‍बली के अध्यक्ष, महामहिम दिथापेलो एल. केओरापेट्से, असेम्‍बली के उपाध्यक्ष और नेता प्रतिविपक्ष ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।

    नेशनल असेम्‍बली, बोत्सवाना की एकसदनीय संसद का एकमात्र विधायी निकाय है, जिसमें राष्ट्रपति और नेशनल असेम्‍बली शामिल हैं। सदन को जनजातीय प्रमुखों की एक परिषद, नेट्लो या डिकगोसी द्वारा परामर्श दिया जाता है। 1966 में बोत्सवाना की स्वतंत्रता के बाद से वहाँ लगातार बहुदलीय चुनाव और शांतिपूर्ण राष्ट्रपति परिवर्तन होते रहे हैं।

    सदन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि बोत्सवाना लोकतंत्र, सुशासन और प्रभावी नेतृत्व का शानदार उदाहरण है। यह इस बात का प्रमाण है कि जब लोकतंत्र को आम जनता के कल्याण के लिए कार्य करने का अवसर दिया जाता है, जब राष्ट्रीय संसाधनों का उपयोग देश के समग्र विकास और गरीबों और वंचितों के उत्थान के लिए किया जाता है, तो क्या संभव है।

    राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और बोत्सवाना के बीच सहज मित्रता परस्‍पर विश्वास और सम्मान, साझा मूल्यों और लोकतंत्र एवं मानवीय गरिमा में समान विश्वास पर आधारित है। दशकों से, हमारी साझेदारी न केवल हमारे पिछले सहयोग से, बल्कि इसके उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं के कारण भी सुदृढ़ हुई है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत-बोत्सवाना के बीच सहयोग का - शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी, कृषि, रक्षा, व्यापार और निवेश सहित कई क्षेत्रों में विस्तार हुआ है।

    #presidentofindia #dropdimurmu

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    10/11/25 |

    अभ्यास ‘मालाबार - 2025’ के लिए आईएनएस सहयाद्रि गुआम में

    आरएस अनेजा, 10 नवम्बर नई दिल्ली - भारतीय नौसैनिक पोत (आईएनएस) सहयाद्रि बहुपक्षीय अभ्यास ‘मालाबार-2025’ में हिस्सा लेने के लिए उत्तरी प्रशांत के गुआम में है।

    ‘मालाबार-2025’ में आईएनएस सहयाद्रि की भागीदारी भारत की टिकाऊ साझीदारी तथा तालमेल मजबूत करने, अंतरप्रचालनीयता बढ़ाने और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए सामूहिक संकल्प के प्रदर्शन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।

    स्वदेश में डिजाइन किया गया और निर्मित आईएनएस सहयाद्रि एक निर्देशित प्रक्षेपास्त्र टोही युद्धपोत है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ की चमचमाती मिसाल आईएनएस सहयाद्रि कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय अभ्यासों में हिस्सा ले चुका है। इसके अलावा इस पोत को कई अभियानों में भी तैनात किया जा चुका है।

    अभ्यास ‘मालाबार-2025’ के बंदरगाह चरण में परिचालन योजना निर्माण और चर्चाएं, संचार प्रोटोकॉल पर तालमेल, भागीदार देशों के बीच परिचय और खेल कार्यक्रम शामिल होंगे। इसके बाद सभी भागीदार इकाइयां समुद्र चरण में जाएंगी जिसमें पोत और विमान नौसैनिक अभ्यासों में हिस्सा लेंगे। इस दौरान संयुक्त बेड़ा संचालन, पनडुब्बीरोधी युद्ध, तोप विद्या श्रृंखलाओं  और उड़ान अभियानों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

    #mod #defenseministry #exercisemalabar2025

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    “खड़गे ने खुद स्वीकार किया कि बिहार में पहले जंगलराज था” – ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    चंडीगढ़, 9 नवम्बर नई दिल्ली - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन व श्रम मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बिहार में एनडीए सरकार पर लगाए आरोपों कि बीते सालों से सरकार बिहार में जंगलराज खत्म नहीं कर सकी पर कड़ा पलटवार किया है।

    पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि “जब हम कपड़ा खरीदते हैं तो कंपनी की पुरानी हालत देखते हैं। खड़गे जी ने खुद मान लिया कि 20 साल पहले बिहार में जंगलराज और कट्टा राज था। अब जब लालू प्रसाद यादव के पुत्र तेजस्वी यादव चुनाव हार चुके हैं, तो उन्हें अपने पिता की सेवा करनी चाहिए, जिनकी तबीयत ठीक नहीं है।”

    #anilvij #bjp #bjpharyana #bihar #congress #malikaarjunkhadge #politics

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    09/11/25 |

    भारतीय नौसेना तिरुवनंतपुरम में भव्य परिचालन प्रदर्शन के साथ नौसेना दिवस 2025 मनाएगी

    आरएस अनेजा, 9 नवम्बर नई दिल्ली - भारतीय नौसेना 04 दिसंबर को तिरुवनंतपुरम के शंगुमुघम समुद्र तट पर एक शानदार परिचालन प्रदर्शन के साथ नौसेना दिवस 2025 मनाएगी।

    यह भारतीय नौसेना के प्रमुख नौसेना स्टेशनों के अलावा किसी अन्य स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने की कोशिश का एक सिलसिला है। इससे पहले, यह ओडिशा के पुरी और महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम नागरिकों को भारतीय नौसेना के बहु डोमेन संचालन के विभिन्न पहलुओं को देखने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा। ऑपरेशनल प्रदर्शन भारतीय नौसेना के अत्याधुनिक ऑपरेशनल प्लेटफॉर्म और महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) के व्यापक विज़न द्वारा निर्देशित हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में 'पसंदीदा सुरक्षा भागीदार' के रूप में इसके संकल्प को प्रदर्शित करेगा।

    इस ऑपरेशनल प्रदर्शन में अग्रिम पंक्ति के प्लेटफार्मों द्वारा समन्वित युद्धाभ्यास प्रदर्शित किए जाएगे, जो नौसेना की समुद्री क्षेत्र में शक्ति और सटीकता प्रदान करने की क्षमता का प्रतीक होगा। यह कार्यक्रम सतह, उप-सतही और हवाई संपत्तियों के निर्बाध सहयोग को उजागर करेगा, जो भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए नौसेना की तैयारी को दर्शाता है।

    नौसेना दिवस 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान नौसेना की महत्वपूर्ण भूमिका की याद दिलाता है, जिसने दुश्मन की नौसेना और तटीय सुरक्षा को करारा झटका दिया था। ऑपरेशन ट्राइडेंट के तहत, भारतीय नौसेना की मिसाइल नौकाओं ने कराची बंदरगाह पर एक साहसिक हमला किया। इस निर्णायक कार्रवाई ने न केवल भारत की समुद्री शक्ति, बल्कि सटीकता, साहस और रणनीतिक कौशल का भी प्रदर्शन किया। 2025 का ऑपरेशनल प्रदर्शन, एक विकसित और समृद्ध भारत के लिए समुद्र की सुरक्षा करने वाले एक युद्ध-तैयार, एकजुट, विश्वसनीय और आत्मनिर्भर बल के रूप में भारतीय नौसेना की समुद्री उत्कृष्टता का उत्सव होगा।

    #indiannavy #mod #ministryofdefence #indiannavyday

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    05/11/25 |

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने शूटिंग वर्ल्ड कप में स्वर्ण जीतने वाले शाहपुर के शूटर दीपक सैनी को पदक पहनाते हुए शुभकामनाएं दी

    अम्बाला/चंडीगढ़, 05 नवम्बर - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज शाहपुर के शूटर दीपक सैनी को गत दिनों पैरा शूटिंग वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक जीतने पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने खिलाड़ी को 11 हजार रुपए अपने स्वैच्छिक कोष से प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान किए।

    मंत्री विज ने शूटर दीपक सैनी को पद पहनाते हुए उसे सम्मानित किया और भविष्य में भी बढ़िया प्रदर्शन करने का आह्वान किया। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि दीपक सैनी ने प्रतियोगिता में पदक जीतकर देश व हरियाणा का नाम रोशन किया है और यह हम सभी के लिए गर्व के क्षण है। शूटर दीपक सैनी ने कहा कि मंत्री अनिल विज ने अम्बाला छावनी में खेलों का ढांचा मजबूत किया है जिस वजह से आज खिलाड़ी विश्व पटल पर बेहतर प्रदर्शन कर पदक जीत रहे हैं।

    दीपक सैनी ने बताया कि उसने गत दिनों 26 अक्टूबर से 2 नवंबर तक दुबई में आयोजित की गई पैरा शूटिंग वर्ल्ड कप 2025 में हिस्सा लिया था और 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। इस अवसर पर मार्केट कमेटी से चेयरमैन बलविंद्र सिंह शाहपुर, शाहपुर से भाजपा कार्यकर्ता लेखराज सैनी, राजीव के अलावा अन्य मौजूद रहे।

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    इसरो ने लांच किया 'बाहुबली', देश का सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट लांच हुआ

    आरएस अनेजा, 2 नवम्बर नई दिल्ली - भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो ने देश के सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट एलवीएम3-एम5 को श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक लांच कर दिया है।

    चार हजार किलोग्राम से अधिक वजनी कम्युनिकेशन सैटेलाइट सीएमएस-3 उपग्रह एलवीएम3-एम5 रॉकेट के जरिये प्रक्षेपित किया किया। एलवीएम 3 रॉकेट को इसकी भारी वजन ले जाने की क्षमता के लिए 'बाहुबली' नाम दिया गया है। इस मिशन का मुख्य हिस्सा CMS-03 है, जो एक एडवांस्ड मल्टी-बैंड कम्युनिकेशन सैटेलाइट है। इसे पूरे भारतीय उपमहाद्वीप सहित एक बड़े समुद्री क्षेत्र में स्ट्रेटेजिक कम्युनिकेशन कवरेज देने के लिए डिजाइन किया गया है। लगभग 4,410 kg वजन वाला CMS-03 भारत की धरती से जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) में लॉन्च किया जाने वाला अब तक का सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट होगा।

    #isro #spacescience #shriharikota #india #pmo #mod #indiannavy

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    31/10/25 |

    राष्ट्रपति की राफेल में उड़ान का वीडियो, देशवासियों को संदेश दिया

    आरएस अनेजा, चंडीगढ़ 31 अक्टूबर - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 29 अक्टूबर को अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन से अपनी राफेल उड़ान के दौरान कुरुक्षेत्र के पवित्र ब्रह्मसरोवर के ऊपर से उड़ान भरते हुए देशवासियों को संदेश दिया।

    उन्होंने कहा — “मैं प्राचीन भूमि और ब्रह्मसरोवर को देख रही हूँ, जो हमारी सांस्कृतिक विविधता और ऐतिहासिक यात्रा का प्रतीक है।”

    #rafael #iaf #presidentofindia

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    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग संघों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की

    आरएस अनेजा, 30 अक्टूबर नई दिल्ली - केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग संघों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की।

     बैठक में वाणिज्य विभाग, राजस्व विभाग, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी), निर्यात संवर्धन परिषदों और विभिन्न उद्योग संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान, विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) और वाणिज्य विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही के दौरान किए गए प्रमुख सुधारों, निर्यात को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से आगामी सुधार उपायों और इस अवधि के दौरान निर्यात प्रदर्शन पर विस्तृत प्रस्तुतियां दीं।

    चर्चा में उद्योग जगत से जुड़े मुद्दों और चुनौतियों, निर्यात विविधीकरण में उपलब्धियों तथा देश से निर्यात को और अधिक बढ़ावा देने के लिए हितधारकों के विचारों और अपेक्षाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।

    एफआईईओ, वस्त्र, परिधान, इंजीनियरिंग, रत्न एवं आभूषण, चिकित्सा उपकरण, फार्मास्यूटिकल्स, सेवाएं, ईपीसीएच, दूरसंचार, चमड़ा, सीआईआई, फिक्की, पीएचडीसीसीआई, एसआईएएम, एसोचैम और नैसकॉम जैसे विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने अनुकूल व्यापार वातावरण को बढ़ावा देने और भारतीय निर्यातकों के लिए बाजार के अवसरों का विस्तार करने में केंद्रीय मंत्री और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की।

    पीयूष गोयल ने व्यापार सुगमता और भारतीय निर्यातकों के लिए उन्नत वैश्विक बाजार पहुंच के सृजन हेतु चल रही पहलों के माध्यम से सुविधाजनक व्यापार को मजबूत करने के लिए सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

    #piyushgoyal #MinistryofCommerce&Industry


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    29/10/25 |

    नेपाल के ऊर्जा मंत्री कुलमन घीसिंग ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की

    आरएस अनेजा, 29 अक्टूबर नई दिल्ली - नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्री कुलमन घीसिंग ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय विद्युत और आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल से मुलाकात की। बैठक में दोनों देशों के बीच विद्युत क्षेत्र में जारी सहयोग को सुदृढ़ करने पर चर्चा हुई।

    नेपाल में जलविद्युत परियोजनाओं के विकास की प्रगति सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय ग्रिड कनेक्टिविटी पहलों पर भी विचार-विमर्श किया, जिसका उद्देश्य सीमा पार बिजली व्यापार को सुगम बनाना, ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करना और भारत तथा नेपाल के बीच स्वच्छ ऊर्जा संसाधनों के व्यापक एकीकरण को बढ़ावा देना है।

    मनोहर लाल और कुलमन घीसिंग की उपस्थिति में, भारत के महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (सीपीएसई) पावरग्रिड और नेपाल विद्युत प्राधिकरण (एनईए) के बीच संयुक्त उद्यम और शेयरधारक समझौतों (जेवी एंड एसएचए) पर हस्ताक्षर किए गए। ये समझौते उच्च क्षमता वाले सीमा पार विद्युत पारेषण अवसंरचना के विकास हेतु दो संयुक्त उद्यम संस्थाओं - एक भारत में और एक नेपाल में- के गठन के लिए हैं।

    प्रस्तावित सीमा-पार पारेषण प्रणाली परियोजनाओं में इनारुवा (नेपाल) - न्यू पूर्णिया (भारत) 400 केवी डबल सर्किट (क्वाड मूस) पारेषण लिंक और लमकी (डोडोधारा) (नेपाल) - बरेली (भारत) 400 केवी डबल सर्किट (क्वाड मूस) पारेषण लिंक का विकास शामिल है। पूरा होने पर, ये पारेषण गलियारे भारत और नेपाल के बीच बिजली के आदान-प्रदान को काफ़ी बढ़ाएंगे, क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करेंगे, ग्रिड की क्षमता में सुधार लाएंगे और दोनों देशों में सतत आर्थिक विकास में योगदान देंगे।

    आज की बैठक भारत-नेपाल ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते सहयोग को सुदृढ़ करती है, जो दशकों पुराने राजनयिक संबंधों और सतत विकास एवं ऊर्जा सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है।

    #indianepal #nepal #india #energy

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    29/10/25 |

    रक्षा मंत्री कुआलालंपुर में 12वीं आसियान रक्षा मंत्री बैठक - प्लस में भाग लेंगे

    आरएस अनेजा, 29 अक्टूबर नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 1 नवंबर, 2025 को मलेशिया के कुआलालंपुर में 12वीं आसियान रक्षा मंत्री बैठक-प्लस (एडीएमएम-प्लस) में भाग लेंगे। वे 'एडीएमएम-प्लस के 15 वर्षों पर चिंतन और भविष्य की रूपरेखा' विषय पर आयोजित मंच को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही, मलेशिया की अध्यक्षता में 31 अक्टूबर को आसियान-भारत रक्षा मंत्रियों की दूसरी अनौपचारिक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आसियान के सभी सदस्य देशों के रक्षा मंत्री भाग लेंगे। इस बैठक का उद्देश्य आसियान देशों और भारत के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करना तथा 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' को आगे बढ़ाना है।

    दो दिवसीय यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के एडीएमएम-प्लस देशों के अपने समकक्षों तथा मलेशिया के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने की भी उम्मीद है।

    एडीएमएम, आसियान (दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ) का सर्वोच्च रक्षा परामर्शदात्री और सहयोगात्मक संगठन है। एडीएमएम-प्लस, आसियान देशों (ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर-लेस्ते और वियतनाम) और इसके आठ संवाद साझेदारों (भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड) के लिए सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मज़बूत करने का एक मंच है।

    भारत 1992 में आसियान का वार्ता साझेदार बना और इसका पहला एडीएमएम-प्लस 12 अक्टूबर, 2010 को वियतनाम के हनोई में आयोजित किया गया था। 2017 से, एडीएमएम-प्लस का आयोजन आसियान और प्लस देशों के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष किया जाता है।

    एडीएमएम-प्लस के तहत, भारत 2024-2027 चक्र के लिए मलेशिया के साथ आतंकवाद निरोध पर विशेषज्ञ कार्य समूह का सह-अध्यक्ष है। आसियान-भारत समुद्री अभ्यास का दूसरा संस्करण भी 2026 में निर्धारित है।

    #rajnathsingh #mod #defenseministry

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    भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर राफेल विमान में उड़ान भरी

    आरएस अनेजा, 29 अक्टूबर अम्बाला - भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज (29 अक्टूबर, 2025) एयर फ़ोर्स स्टेशन, अंबाला (हरियाणा) में राफेल विमान में उड़ान भरी। वह भारतीय वायु सेना के दो फाइटर एयरक्राफ्ट में उड़ान भरने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति हैं। इससे पहले, उन्होंने 2023 में सुखोई 30 MKI में उड़ान भरी थी।

    एयर फ़ोर्स स्टेशन, अंबाला पहुंचने पर हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।

    राष्ट्रपति ने एयर फ़ोर्स स्टेशन लौटने से पहले लगभग 30 मिनट तक उड़ान भरी और लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय की। विमान को 17 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी ने उड़ाया। विमान समुद्र तल से लगभग 15000 फीट की ऊंचाई पर और लगभग 700 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ा।

    बाद में, विज़िटर बुक में, राष्ट्रपति ने एक नोट लिखकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं, जिसमें उन्होंने कहा, "मैं भारतीय वायु सेना के राफेल विमान में अपनी पहली उड़ान के लिए एयर फ़ोर्स स्टेशन अंबाला आकर बहुत खुश हूं। राफेल में उड़ान भरना मेरे लिए एक अविस्मरणीय अनुभव है। शक्तिशाली राफेल विमान में इस पहली उड़ान ने मेरे अंदर देश की रक्षा क्षमताओं के प्रति नए सिरे से गर्व की भावना जगाई है। मैं इस उड़ान को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए भारतीय वायु सेना और एयर फ़ोर्स स्टेशन, अंबाला की पूरी टीम को बधाई देती हूं।"

    राष्ट्रपति को राफेल और भारतीय वायु सेना की ऑपरेशनल क्षमताओं के बारे में भी जानकारी दी गई।

    #presdientofindia #rafael #dropdimuurmu #anilvij #bjp #bjpharyana #iaf #ambalaaifforcestation

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    अमेरिका द्वारा डिपोर्ट किए युवाओं पर बोले ऊर्जा मंत्री अनिल विज, कहा “मानवीयता से युवाओं को डिपोर्ट करना चाहिए, वो भी इंसान है और उनके अधिकार हैं”

    चंडीगढ़/अम्बाला, 27 अक्टूबर - हरियाणा के 50 युवाओं को अमेरिका से बेडियां पहना कर डिपोर्ट कर दिया गया। डिपोर्ट किये गए युवकों को लेकर हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो युवा डंकी रुट से जाते है यह अधिकृत नहीं जाते, और जो एजेंट उन्हें गलत तरीके से  भेजते हैं उनके खिलाफ भी कार्यवाई करने के लिए हमने नीति बनाई है। मंत्री अनिल विज ने कहा कि अगर युवाओं को डिपोर्ट करना है तो मानवीयता से अच्छी तरह  करना चाहिए,  क्योंकि वो जैसे भी गए हो वो इंसान है और उनके हयुमन राईट है।

    #anilvij #bjp #deport #haryana #america

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    26/10/25 |

    भारत के राष्ट्रपति ने गाजियाबाद के इंदिरापुरम में यशोदा मेडिसिटी का उद्घाटन किया

    नई दिल्ली, 26 अक्टूबर- भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (26 अक्टूबर, 2025) इंदिरापुरम, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश में यशोदा मेडिसिटी का उद्घाटन किया

    इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा राष्ट्र निर्माण का एक अभिन्न अंग है। लोगों को बीमारियों से बचाना और उनके स्वास्थ्य में सुधार लाना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से, देश भर में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा संबंधी बुनियादी ढाँचे, संस्थानों और सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी प्रयास निश्चित रूप से एक स्वस्थ और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देंगे।

    सरकार के साथ-साथ अन्य सभी हितधारक भी इन प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। इसलिए, सभी हितधारकों की यह ज़िम्मेदारी है कि वे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करें और यह सुनिश्चित करें कि देश के सभी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ उपलब्ध हों और कोई भी नागरिक प्रभावी स्वास्थ्य सेवा से वंचित न रहे। निजी क्षेत्र के अच्छे स्वास्थ्य संस्थान इस लक्ष्य की प्राप्ति में अमूल्य योगदान दे सकते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यशोदा मेडिसिटी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में परिवर्तनकारी कार्य करेगी।

    राष्ट्रपति को यह जानकर खुशी हुई कि कोविड-19 की वैश्विक महामारी के दौरान, यशोदा अस्पताल ने बड़ी संख्या में लोगों का इलाज किया और राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को पूरी लगन से अपनाया। उन्होंने संस्थान से सिकल सेल एनीमिया से संबंधित राष्ट्रीय अभियानों में अपना योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने अस्पताल के हितधारकों को कैंसर के उपचार के लिए अनुसंधान करने और अन्य संस्थानों के साथ सहयोग करने की भी सलाह दी।

    राष्ट्रपति ने कहा कि चिकित्सा उत्तरदायित्व के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाना स्वास्थ्य सेवा संस्थानों की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्हें विश्वास है कि यशोदा मेडिसिटी 'सभी के लिए किफायती विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा के अपने लक्ष्य को साकार करेगी। उन्होंने कहा कि निजी और सरकारी, दोनों क्षेत्रों के उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा संस्थानों के सहयोग से, भारत एक वैश्विक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में और अधिक पहचान हासिल करेगा।

    #यशोदामेडिसिटी #गाजियाबाद #राष्ट्रपतिमुर्मु #स्वास्थ्यसेवा #राष्ट्रनिर्माण #विकसितभारत #सिकलसेलएनीमिया #CancerResearch #HealthcareForAll #India #PresidentOfIndia #UP #Bharat #Health #DanikKhabar #LatestNews

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    25/10/25 |

    नागरिक उड्डयन मंत्रालय शारीरिक, डिजिटल और मानसिक रूप से सकारात्मक और सुव्य वस्थित कार्यस्थल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है

    आरएस अनेजा, 25 अक्टूबर नई दिल्ली - नागरिक उड्डयन मंत्रालय लंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष अभियान (एससीडीपीएम) 5.0 में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है, जो 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2025 तक चलेगा। इस विशेष अभियान में लोक शिकायत निवारण के 87 प्रतिशत लक्ष्य पहले ही प्राप्त कर लिए गए हैं। कुल 4,988 भौतिक फाइलों को सफलतापूर्वक हटा दिया गया है। 480 के लक्ष्य के मुकाबले 405 स्वच्छता अभियान चलाए गए। स्क्रैप, ई-कचरा और अनावश्यक फाइलों के निपटारे के माध्यम से लगभग 31,353 वर्ग फुट कार्यालय स्थान मुक्त किया गया है।

    स्क्रैप निपटारे के परिणामस्वरूप 81,66,756 रुपये का राजस्व उत्पन्न हुआ है।

    इस विशेष अभियान का नेतृत्व नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राममोहन नायडू कर रहे हैं। 09.10.2025 को नागरिक उड्डयन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और संगठन प्रमुखों के साथ श्री नायडू की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक हुई। इसके अलावा, 13.10.2025 को उन्‍होंने मंत्रालय परिसर का भ्रमण कर कर्मचारियों से बातचीत की। उन्‍होंने कैंटीन की स्वच्छता की समीक्षा की और पुस्तकालय का निरीक्षण किया। उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों को अपने कार्यों, व्यवहार और विचार प्रक्रिया में स्वच्छता को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

    नागरिक उड्डयन मंत्री के नेतृत्व में, मंत्रालय शारीरिक, डिजिटल और मानसिक रूप से एक सकारात्मक और सुव्‍यवस्थित कार्यस्थल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी से प्रेरणा लेते हुए, श्री नायडू ने स्वच्छता को जीवनशैली में शामिल करने पर ज़ोर दिया है।

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    23/10/25 |

    भारत को पुनः सीओपी 10 ब्यूरो का उपाध्यक्ष चुना गया, स्वच्छ खेल के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई

    नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (अभी): भारत ने पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में 20-22 अक्टूबर 2025 तक आयोजित खेलों में डोपिंग के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (सीओपी 10) के दसवें सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया। यह बैठक इस सम्मेलन की 20वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित की गई, जो विश्व स्तर पर खेलों में डोपिंग को समाप्त करने और अखंडता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध एकमात्र कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतर्राष्ट्रीय साधन है।

    भारतीय प्रतिनिधिमंडल में सचिव (खेल) श्री हरि रंजन राव और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) के महानिदेशक श्री अनंत कुमार शामिल थे। उन्होंने 190 से अधिक सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ अफ्रीकी संघ, अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति, विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की।

    कार्यवाही के दौरान, भारत को 2025-2027 की अवधि के लिए एशिया-प्रशांत ब्यूरो (समूह IV) का पुनः उपाध्यक्ष चुना गया। अज़रबैजान को सीओपी 10 ब्यूरो का अध्यक्ष चुना गया। ब्राज़ील, ज़ाम्बिया और सऊदी अरब को भी अपने-अपने क्षेत्रीय समूहों के उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया।

    भारत ने एंटी-डोपिंग कन्वेंशन की यात्रा को प्रदर्शित करने वाले इंटरैक्टिव बोर्ड के प्रावधान की सुविधा प्रदान करके सीओपी 10 सत्र की कार्यवाही को भी अपना समर्थन दिया।

    बैठक में राष्ट्रीय सरकारों, डोपिंग रोधी संगठनों और यूनेस्को के स्थायी प्रतिनिधिमंडलों के 500 से ज़्यादा प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस सम्मेलन के तहत शासन और अनुपालन को मज़बूत करने, खेलों में डोपिंग उन्मूलन कोष के वित्तपोषण और जीन हेरफेर, पारंपरिक औषधि-संहिता और खेलों में नैतिकता सहित उभरती चुनौतियों के समाधान पर चर्चा हुई।

    सीओपी 9 ब्यूरो और अनुमोदन समिति की रिपोर्ट में संस्थागत सुसंगतता, रणनीतिक संचार और अंतर-क्षेत्रीय एकीकरण पर ज़ोर दिया गया। भारत ने युवाओं, खेल संगठनों और समग्र समाज में खेल मूल्यों, नैतिकता और अखंडता के प्रसार को बढ़ावा देने के लिए खेल के माध्यम से मूल्य शिक्षा (वीईटीएस) दृष्टिकोण को एकीकृत कर शिक्षा-संबंधी परियोजनाओं में सामंजस्य और दृश्यता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संशोधनों का सफलतापूर्वक प्रस्ताव रखा।

    सीओपी 10 के परिणाम सम्मेलन की चल रही सुधार प्रक्रिया में योगदान देंगे। इसका उद्देश्य इसके प्रशासन और प्रभावशीलता को बढ़ाना है। सत्र का समापन खेलों में ईमानदारी और निष्पक्षता को बढ़ावा देने के लिए सदस्य देशों की सामूहिक प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि के साथ हुआ।

    #AntiDoping #COP10 #UNESCO #WADA #SportsIntegrity #IndiaAtUNESCO #AntiDopingConvention #NADABharat #SportEthics #CleanSport #AsiaPacific

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    22/10/25 |

    भारत दुनिया भर में वन क्षेत्र में 9वें स्थान पर पहुंचा; सालाना वन वृद्धि में तीसरे स्थान पर बना हुआ है

    आरएस अनेजा, 22 अक्टूबर नई दिल्ली - फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन (FAO) द्वारा बाली में जारी ग्लोबल फॉरेस्ट रिसोर्सेज असेसमेंट (GFRA) 2025 के अनुसार, भारत ने ग्लोबल पर्यावरण संरक्षण में एक अहम उपलब्धि हासिल की है, और कुल वन क्षेत्र के मामले में दुनिया भर में 9वें स्थान पर पहुंच गया है।

    केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने ‘X’ पर एक सोशल मीडिया पोस्ट में इस डेवलपमेंट के बारे में जानकारी दी।

    पिछले असेसमेंट में, भारत 10वें स्थान पर था। मंत्री ने बताया कि देश ने सालाना वन क्षेत्र में बढ़ोतरी के मामले में दुनिया भर में अपना तीसरा स्थान भी बनाए रखा है, जिससे सस्टेनेबल फॉरेस्ट मैनेजमेंट और इकोलॉजिकल बैलेंस के प्रति उसका कमिटमेंट और पक्का होता है।

    यादव ने कहा कि यह शानदार तरक्की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार की नीतियों और प्रोग्राम की सफलता को दिखाती है, जिनका मकसद वनों की सुरक्षा, पेड़ लगाना और समुदाय के नेतृत्व में पर्यावरण से जुड़ी कार्रवाई करना है।

    प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ के आह्वान और पर्यावरण के प्रति जागरूकता पर उनके लगातार जोर ने पूरे देश के लोगों को पेड़ लगाने और उनकी सुरक्षा में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया है।

    यह बढ़ती पब्लिक भागीदारी एक ग्रीन और सस्टेनेबल भविष्य के लिए सामूहिक ज़िम्मेदारी की मज़बूत भावना को बढ़ावा दे रही है। मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि मोदी सरकार की प्लानिंग और जंगलों की सुरक्षा और उन्हें बढ़ाने की पॉलिसी और राज्य सरकारों द्वारा बड़े पैमाने पर पेड़ लगाने की कोशिशों की वजह से मिली है।

    #globalenvironmentalconservation #GFRA #foodandagricultureorganization #forest #india #pmo #bhupenderpardhan #globalenviroment

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    21/10/25 |

    केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने फिलीपींस में नॉलेज एक्सचेंज मिशन का नेतृत्व किया

    आरएस अनेजा, 21 अक्टूबर नई दिल्ली - यूनियन मिनिस्टर ऑफ़ स्टेट (इंडिपेंडेंट चार्ज) फॉर स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप और मिनिस्टर ऑफ़ स्टेट फॉर एजुकेशन, जयंत चौधरी, वर्ल्ड बैंक की मदद से 20-22 अक्टूबर, 2025 तक फिलीपींस में एक हाई-लेवल नॉलेज एक्सचेंज मिशन को लीड कर रहे हैं।

    इंडियन डेलीगेशन में मिनिस्ट्री ऑफ़ स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप के सीनियर ऑफिसर और उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना राज्यों के रिप्रेजेंटेटिव शामिल हैं।

    इस मिशन में डिपार्टमेंट ऑफ़ माइग्रेंट वर्कर्स (DMW), टेक्निकल एजुकेशन एंड स्किल्स डेवलपमेंट अथॉरिटी (TESDA), फिलीपीन स्टैटिस्टिक्स अथॉरिटी (PSA), और ओवरसीज वर्कर्स वेलफेयर एडमिनिस्ट्रेशन (OWWA) जैसे फिलीपींस के खास इंस्टीट्यूशन के साथ स्ट्रेटेजिक एंगेजमेंट शामिल हैं।

    इस विज़िट का मकसद नॉलेज एक्सचेंज को बढ़ावा देना और स्किल्स डेवलपमेंट, लेबर मोबिलिटी और डेटा-ड्रिवन पॉलिसी फ्रेमवर्क से जुड़े एरिया में बेस्ट प्रैक्टिस शेयर करना है।

    यह मिशन ह्यूमन कैपिटल डेवलपमेंट पर कोलेबोरेट करने, आपसी लर्निंग को बढ़ावा देने और स्किल्स और एंटरप्रेन्योरशिप के ज़रिए इक्विटेबल और सस्टेनेबल ग्रोथ के रास्ते बनाने के ग्लोबल साउथ के शेयर्ड कमिटमेंट को दिखाता है।

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    प्रधानमंत्री ने जापान की प्रधानमंत्री के तौर पर चुनी गईं महामहिम सुश्री साने ताकाइची को बधाई दी

    आरएस अनेजा, 21 अक्टूबर नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जापान की नई प्रधानमंत्री साने ताकाइची को उनकी जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि वह दोनों देशों के बीच खास रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए तत्पर हैं।

    जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं साने ताकाइची को मंगलवार को जापान की संसद में एक अहम चुनाव के बाद प्रधानमंत्री चुना गया। यह चुनाव पुनः मतदान के जरिए हुआ था, जिसमें वह जीतकर जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। यह एक ऐतिहासिक पल माना जा रहा है क्योंकि जापान की राजनीति में पहली बार किसी महिला को यह पद मिला है।

    जापान की संसद के दो सदन होते हैं, उच्च सदन और निचला सदन। दोनों सदनों ने ताकाइची को बहुमत के साथ प्रधानमंत्री चुना है। उच्च सदन में उन्हें 125 वोट मिले, जो जरूरी बहुमत से केवल एक वोट ज्यादा था। निचले सदन में उन्हें 237 वोट मिले, जो जरूरी बहुमत से अधिक था।

    पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट के जरिए ताकाइची को दी जीत की बधाई

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए ताकाइची को जीत की बधाई दी और कहा, ”साने ताकाइची, जापान की प्रधानमंत्री चुने जाने पर आपको हार्दिक बधाई। मैं भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं। हमारे गहरे होते संबंध हिंद-प्रशांत और उसके बाहर शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण हैं।”

    #pmo #narenderamodi #japan #japanprimeminister

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    20/10/25 |

    दिवाली पर शेयर बाजार में तेज़ी; सेंसेक्स 411 अंक चढ़ा, निफ्टी रिकॉर्ड 25800 के पार बंद

    नई दिल्ली, 20 अक्टूबर- दिवाली के शुभ अवसर पर भारतीय शेयर बाजार में शानदार उछाल देखने को मिला और दोनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन, सोमवार को शेयर बाजार हरे निशान पर बंद हुआ।

    30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 411.18 अंक की मजबूती के साथ 84,363.37 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 133.30 अंक की बढ़त दर्ज करते हुए 25,843.15 के रिकॉर्ड स्तर को पार कर बंद हुआ। यह वृद्धि 0.52 प्रतिशत रही। इस बढ़त के साथ निवेशकों ने दिवाली के त्योहार पर उत्साह और समृद्धि का माहौल बनाया।

    (यह खबर अपडेट की जा रही है)

    #शेयरबाजार #Sensex #DanikKhabar #Nifty #Diwali2025 #ShareMarket #BSE #NSE #StockMarketIndia #MarketUpdate #Bussiness #India

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    20/10/25 |

    चुनाव आयोग ने बिहार में 8 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनावों पर कड़ी निगरानी के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए

    भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान सभा के आम चुनाव, 2025 और 8 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनावों के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है।

    आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20बी द्वारा प्रदत्त पूर्ण शक्तियों के तहत स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में आयोग की सहायता के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करता है।

    आयोग ने पहले ही चरण 1 के लिए 121 सामान्य पर्यवेक्षकों और 18 पुलिस पर्यवेक्षकों और बिहार विधान सभा चुनाव 2025 के चरण 2 के लिए 20 पुलिस पर्यवेक्षकों के साथ 122 सामान्य पर्यवेक्षकों को तैनात किया है। 8 विधानसभा क्षेत्र में चल रहे उपचुनावों में 8 सामान्य और 8 पुलिस पर्यवेक्षकों को भी तैनात किया गया है।

    विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में तैनाती के बाद, सभी पर्यवेक्षकों ने अपने आवंटित निर्वाचन क्षेत्रों का पहला दौर का दौरा पूरा कर लिया है और अब वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में वापस तैनात हो गए हैं।

    भारत निर्वाचन आयोग ने पर्यवेक्षकों को संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया पर बारीकी से नि‍गरानी रखने तथा पारदर्शी, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

    पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और मतदाताओं के लिए पूरी तरह से सुलभ रहें तथा यह सुनिश्चित करें कि उनकी शिकायतों का निवारण हो।

    पर्यवेक्षकों को मतदान केन्द्रों का दौरा करने तथा मतदाताओं की सुविधा के लिए आयोग द्वारा हाल ही में की गई पहलों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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    18/10/25 |

    आज धनतेरस: सुख-समृद्धि के लिए पूजा और खरीदारी का ये है शुभ मुहूर्त, जानिए विधि

    नई दिल्ली, 18अक्टूबर-

    आज धनतेरस: पूजा और खरीदारी का शुभ मुहूर्त

    कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला धनतेरस का पर्व आज (18 अक्टूबर, शनिवार) है। इस दिन धन के देवता कुबेर और आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि की पूजा का विधान है।

    खरीदारी और पूजन का मुख्य मुहूर्त

    • सोना-चांदी खरीदारी का शुभ समय: सुबह 08 बजकर 50 मिनट से 10 बजकर 33 मिनट तक।

    • पूजन मुहूर्त (प्रदोष काल): शाम 07 बजकर 16 मिनट से 08 बजकर 20 मिनट तक।

    शहर अनुसार पूजन मुहूर्त (शाम)

    धनतेरस पर प्रदोष काल में पूजा करने का शुभ समय शहरों के अनुसार इस प्रकार है:

    • नई दिल्ली, गुड़गांव और चंडीगढ़: शाम 7:14 बजे से 8:20 बजे तक।

    • नोएडा: शाम 7:15 बजे से 8:19 बजे तक।

    • जयपुर: शाम 7:24 बजे से 8:26 बजे तक।

    • कोलकाता: शाम 6:41 बजे से 7:38 बजे तक।

    • पुणे: शाम 7:46 बजे से 8:38 बजे तक।

    • चेन्नई: शाम 7:28 बजे से 8:15 बजे तक।

    • अहमदाबाद: शाम 7:44 बजे से 8:41 बजे तक।

    • बेंगलुरु: शाम 7:39 बजे से 8:25 बजे तक।

    • मुंबई: शाम 7:49 बजे से 8:41 बजे तक।

    • हैदराबाद: शाम 7:29 बजे से 8:20 बजे तक।

    • लखनऊ: शाम 07:05 बजे से रात 08:08 बजे तक।

    पूजा विधि और अनुष्ठान

    1. स्थापना: शाम को शुभ मुहूर्त में घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में एक चौकी पर वस्त्र बिछाकर गणेश जी, माता लक्ष्मी, धन्वंतरि और कुबेर जी की मूर्ति/चित्र स्थापित करें।

    2. धन्वंतरि पूजा: उन्हें रोली, अक्षत, पीले फूल, तुलसी दल और दूध/मक्खन का भोग लगाएं। अच्छे स्वास्थ्य के लिए 'ॐ नमो भगवते धन्वंतराय विष्णुरूपाय नमो नमः' मंत्र का जाप करें।

    3. कुबेर पूजा: कुबेर जी को रोली-चंदन, फूल चढ़ाकर घी का दीपक जलाएं। सफेद मिठाई या खीर का भोग लगाएं। धन-समृद्धि के लिए 'ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥' मंत्र का जप करें।

    4. यम दीपदान: पूजा के अंत में, घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके एक चौमुखी दीपक जलाएं। यह यमराज को समर्पित होता है और परिवार को रोग-दोष से सुरक्षा प्रदान करता है।

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    DRDO ने हैदराबाद में 'ESTIC-2025' सम्मेलन का पूर्वावलोकन किया

    नई दिल्ली, 18अक्टूबर- रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने हैदराबाद स्थित डीआरडीएल में आगामी उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सम्मेलन (ESTIC-2025) के लिए पूर्वावलोकन कार्यक्रम आयोजित किया। डीआरडीओ इस सम्मेलन में "इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर विनिर्माण" सत्र का नेतृत्व कर रहा है।

    डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने सेमीकंडक्टर को राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी संप्रभुता के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत देश ने चार साल में बड़ी प्रगति की है।

    डॉ. कामत ने घोषणा की कि डीआरडीओ ने 4-इंच सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) वेफर्स और गैलियम नाइट्राइड (GaN) ट्रांजिस्टर के निर्माण की स्वदेशी तकनीक विकसित की है।

    ISTIC-2025 का आयोजन प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) के मार्गदर्शन में 13 मंत्रालयों द्वारा संयुक्त रूप से 3 से 5 नवंबर, 2025 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में किया जाएगा। इसका विषय "विकसित भारत 2047" है, जिसका लक्ष्य भारत को 2036 तक सेमीकंडक्टर क्षेत्र में दुनिया के शीर्ष तीन देशों में लाना है।

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    17/10/25 |

    गुजरात की नई कैबिनेट का गठन

    17 अक्तूबर- गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की नई कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह शुरू हो गया है। इस बड़े फेरबदल के साथ, पिछली पूरी कैबिनेट के इस्तीफे के एक दिन बाद, राज्य के राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश की गई है।

    • डिप्टी सीएम: पूर्व गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने सबसे पहले शपथ ली और उन्हें राज्य का उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) बनाया गया है।

    • मंत्रिमंडल का आकार: नई कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित कुल 26 मंत्री होंगे, जबकि पिछली कैबिनेट में 17 मंत्री थे।

    • बड़ा बदलाव: मंत्रिमंडल में 19 नए चेहरों को मौका दिया गया है, जो 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

    • प्रमुख नाम: क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा भी मंत्री पद की शपथ लेने वालों में शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली नई टीम के मंत्रियों और उनके पदों का विवरण निम्नलिखित है:

    उपमुख्यमंत्री (Deputy Chief Minister)

    • हर्ष सांघवी

    कैबिनेट मंत्री (Cabinet Ministers)

    • जीतू वघानी

    • नरेश पटेल

    • अर्जुन मोढवाडिया

    • प्रद्युमन वाजा

    • रमन सोलंकी

    • कुंवरजी बावलिया

    • कनु देसाई (पुराने मंत्रिमंडल से बने रहे)

    • ऋषिकेश पटेल (पुराने मंत्रिमंडल से बने रहे)

    राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) - Minister of State (Independent Charge)

    • मनीषा वकील

    • प्रफुल पानसेरिया

    • ईश्वरसिंह पटेल

    राज्य मंत्री (Minister of State)

    • कांति अमृतिया

    • रमेश कटारा

    • दर्शन वाघेला

    • प्रवीण माली

    • स्वरूप ठाकोर

    • जयराम गामित

    • रीवाबा जडेजा

    • पी.सी. बरंडा

    • संजय महिडा

    • कमलेश पटेल

    • त्रिकम छंगा

    • कौशिक वेकारिया

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    15/10/25 |

    अमेरिका से टैरिफ टेंशन के बीच मोहब्बत का पैगाम, आज से भारत-अमेरिका के मध्य डाक सेवाएं हुई बहाल

    आरएस अनेजा, 15 अक्टूबर नई दिल्ली - भारत संचार मंत्रालय के डाक विभाग ने आज 15 अक्टूबर से संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) के लिए सभी श्रेणियों की अंतरराष्ट्रीय डाक सेवाएं फिर से शुरू कर दी हैं।

    संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रशासन द्वारा इसी वर्ष अगस्त माह में डाक सेवाओं को पहले निलंबित कर दिया गया था। इसके तहत सभी डाक शिपमेंट के लिए न्यूनतम व्यवहार को निलंबित कर दिया गया था। आयात शुल्क के संग्रहण और प्रेषण के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा (सीबीपी) द्वारा शुरू की गई नई नियामक संबंधी आवश्यकताओं के कारण यह निलंबन आवश्यक हो गया था।

    व्यापक प्रणाली विकास, सीबीपी द्वारा अनुमोदित योग्य पक्षों के साथ समन्वय और दिल्ली एवं महाराष्ट्र सर्किलों में संचालन संबंधी सफल परीक्षणों के बाद, भारतीय डाक ने अब डिलीवरी ड्यूटी पेड (डीडीपी) प्रक्रिया के लिए एक अनुपालन तंत्र स्थापित कर लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत, संयुक्त राज्य अमेरिका को भेजे जाने वाले शिपमेंट पर सभी लागू सीमा शुल्क बुकिंग के समय भारत में अग्रिम रूप से वसूल किए जायेंगे और अनुमोदित योग्य पक्षों के माध्यम से सीधे सीबीपी को भेज दिए जायेंगे। इससे पूर्ण नियामक अनुपालन, तेज सीमा शुल्क निकासी और बिना किसी अतिरिक्त शुल्क या देरी के संयुक्त राज्य अमेरिका में दिए गए पते पर निर्बाध डिलीवरी सुनिश्चित होगी।

    सीबीपी दिशानिर्देशों के अनुसार, भारत से संयुक्त राज्य अमेरिका भेजे जाने वाले डाक शिपमेंट पर, अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (आईईईपीए) टैरिफ (मूल देश भारत के साथ) के तहत घोषित एफओबी मूल्य के 50 प्रतिशत की एक समान दर से सीमा शुल्क लागू होता है। कूरियर या वाणिज्यिक खेपों के उलट, डाक वस्तुओं पर कोई अतिरिक्त आधार या उत्पाद-विशिष्ट शुल्क नहीं लगाया जाता है। यह अनुकूल शुल्क संरचना निर्यातकों के लिए समग्र लागत संबंधी भार को काफी हद तक कम करती है, जिससे डाक माध्यम एमएसएमई, कारीगरों, छोटे व्यापारियों और ई-कॉमर्स निर्यातकों के लिए एक अधिक किफायती और प्रतिस्पर्धी लॉजिस्टिक्स संबंधी विकल्प बन जाता है।

    महत्वपूर्ण बात यह है कि डाक विभाग डीडीपी और योग्य पक्ष सेवाओं की सुविधा के लिए ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाएगा। डाक शुल्क अपरिवर्तित रहेंगे, जिससे निर्यातकों को संयुक्त राज्य अमेरिका के आयात संबंधी संशोधित आवश्यकताओं का अनुपालन करते हुए किफायती अंतरराष्ट्रीय वितरण दरों का लाभ मिलते रहना सुनिश्चित होगा। यह उपाय सेवाओं को किफायती बनाए रखने, एमएसएमई को समर्थन देने और डाक माध्यम से भारत के निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।

    ग्राहक अब किसी भी डाकघर, अंतरराष्ट्रीय व्यापार केन्द्र (आईबीसी), या डाक घर निर्यात केन्द्र (डीएनके) से या स्वयं सेवा पोर्टल www.indiapost.gov.in के माध्यम से संयुक्त राज्य अमेरिका में डिलीवरी के लिए सभी श्रेणियों के अंतरराष्ट्रीय डाक - ईएमएस, एयर पार्सल, पंजीकृत पत्र/पैकेट और ट्रैक किए गए पैकेट - बुक कर सकते हैं।

    डिलीवरी ड्यूटी पेड (डीडीपी) प्रणाली व्यवसाय करने को आसान बनाती है और शुल्क संग्रह में पूर्ण पारदर्शिता लाती है। प्रेषक अब भारत में सभी लागू शुल्कों का पूर्व भुगतान कर सकते हैं, जिससे कुल शिपिंग लागत का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है और विदेश में प्राप्तकर्ताओं के लिए डिलीवरी का अनुभव अधिक सुगम हो जाता है।

    डाक विभाग, बिना किसी परेशानी के अंतरराष्ट्रीय निर्यात को सुगम बनाने और किफायती, विश्वसनीय एवं वैश्विक स्तर पर अनुकूल लॉजिस्टिक्स संबंधी कनेक्टिविटी प्रदान करके मेक इन इंडिया, एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) और डाक घर निर्यात केन्द्रों (डीएनके) जैसी भारत की प्रमुख पहलों को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी सर्किल प्रमुखों को डाक निर्यात चैनल के जरिए निर्यात को बढ़ावा देने हेतु निर्यातकों, छोटे व्यवसायों और उद्यमियों के लिए जागरूकता एवं संपर्क कार्यक्रम आयोजित करने की सलाह दी गई है।

    #india #america #americatariff #postalservice

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    12/10/25 |

    भारतीय सेना की टुकड़ी भारत-ऑस्ट्रेलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास के लिए रवाना हुई

    आरएस अनेजा, 12 अक्टूबर नई दिल्ली - भारत-ऑस्ट्रेलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास "ऑस्ट्राहिंड 2025" के चौथे संस्करण में भाग लेने के लिए 120 कर्मियों वाली एक भारतीय सेना की टुकड़ी कल इरविन बैरक, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हुई। यह अभ्यास 13 से 26 अक्टूबर 2025 तक आयोजित किया जाएगा।

    भारतीय सेना की टुकड़ी का नेतृत्व गोरखा राइफल्स की एक बटालियन और अन्य सैन्य बलों के सैनिक कर रहे हैं।

    वार्षिक अभ्यास "ऑस्ट्राहिंड 2025" का उद्देश्य सैन्य सहयोग को बढ़ाना, अंतर-संचालन क्षमता में सुधार करना और भाग लेने वाली सेनाओं को शहरी/अर्ध-शहरी इलाकों में उप-पारंपरिक युद्ध के क्षेत्र में रणनीति, तकनीकों और प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करने के लिए एक मंच प्रदान करना है।

    यह अभ्यास खुले और अर्ध-रेगिस्तानी इलाकों में संयुक्त कंपनी स्तर के अभियानों पर केंद्रित होगा, जिसमें सैनिक संयुक्त योजना, सामरिक अभ्यास और विशेष हथियार कौशल जैसे विभिन्न मिशनों को अंजाम देंगे। यह परिचालन क्षमताओं को निखारने, उभरती प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करने और युद्ध के माहौल में संयुक्त रूप से संचालन करने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करेगा।

    अभ्यास ऑस्ट्राहिंड 2025 में भागीदारी से रक्षा सहयोग और मजबूत होगा तथा भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई सेना के सैनिकों के बीच सौहार्द बढ़ेगा, जिससे सहयोग और आपसी विश्वास की भावना मजबूत होगी।

    #indianarmy #mod #cds #indianaustralia #AUSTRAHIND2025

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    12/10/25 |

    केंद्रीय मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने अबू धाबी में 'वन रेंजरों के सम्मान समारोह' में भाग लिया

    आरएस अनेजा, 12 अक्टूबर नई दिल्ली - केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने अबू धाबी में कहा, "मेरे लिए हमारे उन बहादुर पुरुषों और महिलाओं के प्रयासों को मान्यता देने वाले पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल होना सम्मान की बात है, जिन्होंने वनों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया है।"

    वह आईयूसीएन विश्व संरक्षण कांग्रेस 2025 के अवसर पर आयोजित 'वन रेंजरों के सम्मान समारोह' में भाग ले रहे थे। उन्होंने 'गार्डियंस ऑफ द वाइल्ड' रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि ये वे लोग हैं जो सुनिश्चित करते हैं कि देश की समृद्ध वन्यजीव विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित रहे।

    उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, सिंह ने कहा कि दुनिया भर के देशों ने हमारे वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए व्यापक कानून और नीतिगत ढांचे बनाए हैं। लेकिन इन नीतियों, नियमों और विनियमों का सही मायने में पालन सुनिश्चित करने के लिए ये वन रेंजर और सहायक कर्मचारी ही काम करते हैं। उनके काम में गश्त, वन्यजीव गणना, जंगल की आग बुझाने आदि सहित कई तरह की गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें शिकारियों और लकड़ी तस्करों से जान का भारी खतरा रहता है। उनमें से कई ने वनों और वन्यजीवों की रक्षा के लिए अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अपने प्राणों की आहुति भी दी है।

    #'ForestRangersFelicitationCeremony #IUCNWorldConservationCongress2025 #kirtivardhansingh

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    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने क्वालकॉम के अध्यक्ष और सीईओ से मुलाकात की, एआई और कौशल विकास में भारत की प्रगति पर बातचीत

    आरएस अनेजा, 11 अक्टूबर नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी बहुराष्‍ट्रीय निगम क्वालकॉम के अध्यक्ष और सीईओ क्रिस्टियानो आर. अमोन से मुलाकात की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), नवाचार तथा कौशल विकास में भारत की प्रगति पर चर्चा की।

    प्रधानमंत्री ने भारत के सेमीकंडक्टर और एआई मिशनों के प्रति क्वालकॉम की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत ऐसी तकनीकों के निर्माण के लिए बेजोड़ प्रतिभा और मानक प्रदान करता है जो बेहतर भविष्य को आकार देंगी।

    क्वालकॉम के अध्यक्ष और सीईओ क्रिस्टियानो आर. अमोन ने भारत-एआई और भारत सेमीकंडक्टर मिशनों के समर्थन में क्वालकॉम और भारत के बीच साझेदारी को मज़बूत करने और 6G में बदलाव पर हुई उपयोगी चर्चा के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने एआई स्मार्टफ़ोन, पीसी, स्मार्ट ग्लास, ऑटोमोटिव, औद्योगिक क्षेत्रों आदि में एक भारतीय पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के अवसरों का उल्‍लेख भी किया।

    प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्स पर लिखा;

    "आर. अमोन के साथ यह एक अद्भुत बैठक थी और एआई, नवाचार तथा कौशल विकास में भारत की प्रगति पर चर्चा हुई। भारत के सेमीकंडक्टर और एआई मिशनों के प्रति क्वालकॉम की प्रतिबद्धता देखकर बहुत अच्छा लगा। भारत ऐसी तकनीकों के निर्माण के लिए बेजोड़ प्रतिभा और मानक प्रदान करता है जो बेहतर भविष्य को आकार देंगी।"

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    11/10/25 |

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 11 अक्टूबर नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने उन्हें भारत की अंतरात्मा की सबसे निर्भीक आवाज़ों में से एक और लोकतंत्र एवं सामाजिक न्याय के अथक समर्थक बताया।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकनायक जेपी ने अपना जीवन आम नागरिकों को सशक्त बनाने और संवैधानिक मूल्यों को मज़बूत करने के लिए समर्पित कर दिया। संपूर्ण क्रांति के उनके आह्वान ने एक सामाजिक आंदोलन को प्रज्वलित किया, जिसका उद्देश्य समानता, नैतिकता और सुशासन पर आधारित राष्ट्र का निर्माण करना था।

    उनकी चिरस्थायी विरासत को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने कई जन आंदोलनों, विशेष रूप से बिहार और गुजरात में, को प्रेरित किया, जिससे पूरे भारत में सामाजिक-राजनीतिक जागृति आई। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन आंदोलनों ने केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार को हिलाकर रख दिया, जिसने आगे चलकर आपातकाल लागू किया और संविधान को रौंद डाला।

    इस अवसर पर, प्रधानमंत्री ने अभिलेखागार से एक दुर्लभ झलक साझा की - आपातकाल के दौरान लिखी गई लोकनायक जेपी की पुस्तक "प्रिज़न डायरी" के कुछ पृष्ठ। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पुस्तक जेपी की पीड़ा और एकांत कारावास के दौरान लोकतंत्र में उनके अटूट विश्वास को दर्शाती है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण को उद्धृत करते हुए, प्रधानमंत्री ने उनके मार्मिक शब्दों पर प्रकाश डाला: "भारतीय लोकतंत्र के ताबूत में ठोकी गई प्रत्येक कील मेरे हृदय में ठोकी गई कील के समान है।"

    "भारत की अंतरात्मा की सबसे निर्भीक आवाज़ों में से एक और लोकतंत्र एवं सामाजिक न्याय के अथक समर्थक लोकनायक जेपी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि।"

    "लोकनायक जेपी ने अपना जीवन आम नागरिकों को सशक्त बनाने और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए समर्पित कर दिया। संपूर्ण क्रांति के उनके आह्वान ने एक सामाजिक आंदोलन को प्रज्वलित किया, जिसमें समानता, नैतिकता और सुशासन पर आधारित राष्ट्र की कल्पना की गई थी। उन्होंने कई जन आंदोलनों को प्रेरित किया, विशेष रूप से बिहार और गुजरात में, जिससे पूरे भारत में सामाजिक-राजनीतिक जागृति आई। इन आंदोलनों ने केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार को हिलाकर रख दिया, जिसने आगे चलकर आपातकाल लगाया और हमारे संविधान को रौंद डाला।"

    #pmo #narenderamodi

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    09/10/25 |

    प्रधानमंत्री ने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे समेत, मुंबई में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और लोकार्पण किया

    मुंबई, 09 अक्टूबर-

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज महाराष्ट्र के मुंबई में नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (NMIA) के पहले चरण का उद्घाटन किया, जिसका निर्माण लगभग 19,650 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। उन्होंने इसके साथ ही मुंबई मेट्रो लाइन-3 (एक्वा लाइन) राष्ट्र को समर्पित की और ₹37,270 करोड़ से अधिक की कुल लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और लोकार्पण किया।

    नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (NMIA) का लोकार्पण

    • लंबा इंतज़ार खत्म: प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि मुंबई को अपना दूसरा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा मिलने से शहर का लंबा इंतज़ार खत्म हो गया है।

    • वैश्विक केंद्र: यह हवाई अड्डा क्षेत्र को एशिया के सबसे बड़े परिवहन-संपर्क केंद्रों में से एक के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    • क्षमता और विशेषताएँ: यह भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना है, जिसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत विकसित किया गया है। यह सालाना 9 करोड़ यात्रियों और 3.25 मिलियन मीट्रिक टन माल की ढुलाई करने में सक्षम होगा।

    • आर्थिक लाभ: यह नया हवाई अड्डा महाराष्ट्र के किसानों को वैश्विक बाजारों (विशेषकर यूरोप और मध्य पूर्व) से जोड़ेगा, जिससे ताज़ा उपज, फल और मत्स्य उत्पाद तेज़ी से निर्यात हो सकेंगे। यह आस-पास के लघु और मध्यम उद्योगों की निर्यात लागत को कम करेगा और निवेश को बढ़ावा देगा।

    • डिज़ाइन:छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि पर निर्मित इस हवाई अड्डे का आकार कमल के फूल जैसा है, जो संस्कृति और समृद्धि का प्रतीक है।

    • अद्वितीय सुविधाएँ: इसमें स्वचालित पीपल मूवर (APM), सतत विमानन ईंधन (SAF) भंडारण, 47 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन की सुविधा होगी, और यह वाटर टैक्सी से जुड़ने वाला देश का पहला हवाई अड्डा होगा।

    मुंबई मेट्रो और परिवहन में क्रांति

    • भूमिगत मेट्रो का समर्पण: प्रधानमंत्री ने मुंबई मेट्रो लाइन-3 (एक्वा लाइन) राष्ट्र को समर्पित की। यह मुंबई की पहली और एकमात्र पूर्णतः भूमिगत मेट्रो लाइन है, जिसकी कुल लागत ₹37,270 करोड़ से अधिक है।

    • सुविधा और बचत: इस लाइन से दो से ढाई घंटे का सफ़र अब सिर्फ 30 से 40 मिनट में पूरा हो जाएगा, जिससे लाखों यात्रियों का समय बचेगा।

    • चरण 2बी का उद्घाटन: आचार्य अत्रे चौक से कफ परेड तक फैले मेट्रो लाइन-3 के चरण 2बी का भी उद्घाटन किया गया।

    • 'मुंबई वन' ऐप: प्रधानमंत्री ने 11 सार्वजनिक परिवहन ऑपरेटरों के लिए एकीकृत कॉमन मोबिलिटी ऐप "मुंबई वन" भी लॉन्च किया। यह ऐप सिंगल डायनामिक टिकट के माध्यम से यात्रियों को लोकल ट्रेनों, बसों, मेट्रो और टैक्सियों में एक ही टिकट का उपयोग करने में सक्षम बनाता है, जिससे कतारों से मुक्ति मिलती है और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी बेहतर होती है।

    • विकास का प्रतीक: मोदी ने भूमिगत मेट्रो को विकासशील भारत का जीवंत प्रतीक बताया और इस परियोजना में शामिल श्रमिकों और इंजीनियरों को बधाई दी।

    युवा सशक्तिकरण और कौशल विकास पहल

    • पीएम सेतु योजना: प्रधानमंत्री ने हाल ही में शुरू की गई ₹60,000 करोड़ की पीएम सेतु योजना का ज़िक्र किया, जिसका उद्देश्य देश भर के विभिन्न आईटीआई को उद्योग जगत से जोड़ना है।

    • एसटीईपी का उद्घाटन: उन्होंने महाराष्ट्र के कौशल विभाग की पहल अल्पकालिक रोजगार योग्यता कार्यक्रम (STEP) का उद्घाटन किया।

    • तकनीकी प्रशिक्षण: इस कार्यक्रम के तहत 400 सरकारी आईटीआई और 150 सरकारी तकनीकी उच्च विद्यालयों में 2,500 नए प्रशिक्षण बैच शुरू किए जाएंगे। छात्रों को ड्रोन, रोबोटिक्स, विद्युत-चालित वाहन, सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उभरती तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा।

    राष्ट्र की प्रगति और विकसित भारत का संकल्प

    • गति और प्रगति: मोदी ने ज़ोर देकर कहा कि विकसित भारत का संकल्प गति और प्रगति दोनों से परिभाषित होता है, जहाँ जन कल्याण सर्वोपरि है।

    • विमानन क्षेत्र में प्रगति: उन्होंने बताया कि 2014 में भारत में केवल 74 हवाई अड्डे थे, जो अब 160 से अधिक हो गए हैं। 'हवाई चप्पल पहनने वाले भी हवाई यात्रा कर सकें' के विज़न को साकार करने के लिए उड़ान योजना शुरू की गई।

    • वैश्विक स्थान: भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाज़ार बन गया है। सरकार भारत को इस दशक के अंत तक एक प्रमुख MRO (रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल) केंद्र के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य बना रही है, जिससे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

    • रोज़गार सृजन: प्रधानमंत्री ने अवसंरचना (Infrastructure) में निवेश से रोज़गार सृजन पर ज़ोर दिया, जिसमें ₹76,000 करोड़ की वधावन पत्तन परियोजना का उदाहरण दिया।

    राष्ट्रीय सुरक्षा और 'स्वदेशी' पर ज़ोर

    • आतंकवाद पर रुख: प्रधानमंत्री ने 2008 के मुंबई हमलों के बाद की सरकार की कमज़ोरी पर सवाल उठाया और कहा कि आज का भारत आतंकवादियों को पूरी ताकत से जवाब देता है और दुश्मन की ज़मीन पर हमला करता है।

    • घोटालों और कुशासन की आलोचना: उन्होंने पिछली सरकारों पर विकास कार्यों में बाधा डालने और घोटालों व भ्रष्टाचार के ज़रिए परियोजनाओं को रोकने का आरोप लगाया।

    • 'स्वदेशी' का आह्वान: श्री मोदी ने सभी नागरिकों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और गर्व से "यह स्वदेशी है" कहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हर नागरिक के स्वदेशी ख़रीदने से देश की संपत्ति देश में ही रहेगी और भारतीय कामगारों के लिए रोज़गार पैदा होगा।

    प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर महाराष्ट्र के सपूत, लोकनेता डी. बी. पाटिल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और समाज तथा किसानों के प्रति उनकी समर्पित सेवाओं को याद किया, यह कहते हुए कि उनकी सेवा भावना सभी के लिए प्रेरणा है। इसके अतिरिक्त, मोदी ने हाल ही में मनाए गए विजयादशमी और कोजागरी पूर्णिमा के उत्सवों का उल्लेख किया और देशवासियों को आगामी दिवाली उत्सव के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ भी दीं।

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  • 01/10/25 |

    ब्रेकिंग न्यूज: केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 3% बढ़ा

    ब्रेकिंग न्यूज: केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 3% बढ़ा

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    23/09/25 |

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना के 7 साल पूरे होने पर अपनी खुशी जाहिर की।

    #JPNadda #AyushmanBharat #NarendraModi #7YearsOfAyushmanBharat #HealthForAll #ModiGovernment #HealthcareInnovation #PMModi #AyushmanBharatAnniversary #PublicHealth #IndiaHealth #InclusiveHealthcare #DigitalHealth

    आयुष्मान भारत योजना को आज हुए 7 वर्ष पूरे । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की इस अवसर पर अपनी खुशी जाहिर की।

    #EmpoweredCitizens #SocialWelfare #TransformingHealthcare #AyushmanSuccess #GovernmentInitiatives #HealthCareAccessibility #IndianHealthReforms

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    11/09/25 |

    नेपाल के युवा अंबिलंन से सारे विश्व के समाज शास्त्रियों के माथे पर प्नता चिंता की लकीरें साफ़ देखे जा सकती

    नेपाल में युवा आंदोलन, जिसे "जेन-जी रिवॉल्यूशन" कहा जा रहा है, एक बड़ा मोड़ ले चुका है। इससे हैं। और यह कोई कारण नहीं है जिस प्रकार से नेपाल में नेता वहींन युवाओं ने सरकार का तख्ता पलट दिया उसने चिंता को और गहरा कर दिया है क्योंकि हर देश में युवाओं की सख्र्फ बहुत है और भारत में तो यह संख्या 60% देवज्यदा है इसका अध्ययन करना बहुत आवश्यक है इसका मतलब है कि युवाओं में असंतोष बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। वह किसी भी देश की सरकार को अस्थिर कर सकते हैं हेरानगी तो तब होती है की नेपाल में जो युवा आंदोलन कर रहे हैं उनमें से बहुत सारों की तो अभी वोट भी नहीं बनी है यह बहुत चिंता का विषय है ।इसका मतलब कि हम हमारे युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं के मुताबिक कुछ नहीं कर पा रहे हैं ।यह आंदोलन बंद के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता जैसे गहरे मुद्दों का भी विरोध कर रहा है।

    :आंदोलन की शुरुआत तब हुई जब नेपाल सरकार ने फेसबुक और इंस्टाग्राम सहित कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगा दिया। युवाओं ने इसे अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला माना।

    नेपाल में बेरोजगारी दर 10% से अधिक है। युवा नौकरी की तलाश में अक्सर विदेश जाते हैं। वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल का ह्यूमन कैपिटल इंडेक्स भी काफी कम है, जिसका अर्थ है कि युवा अपनी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।

    नेताओं के बच्चों के विलासितापूर्ण जीवन और घोटालों ने युवाओं में गुस्सा भर दिया है, जिन्होंने "नेपो किड्स" (Nepo Kids) के खिलाफ आवाज उठाई।

    मृत्यु: अलग-अलग रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 16 से 30 लोगों की मौत हुई है।

    इस दौरान 100 से 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

    Ml प्रदर्शनकारियों ने मॉल्स, बैंकों, सरकारी कार्यालयों, पुलिस थानों, संसद, राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री आवास सहित कई ऐतिहासिक इमारतों में तोड़फोड़ और आगजनी की।

    इस आंदोलन के दबाव में, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा। इसके साथ ही, कई मंत्रियों ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। युवा इस आंदोलन का नेतृत्व राजनीतिक दलों से स्वतंत्र होकर कर रहे हैं और अब नेपाल के मेयर बालेन शाह जैसे लोकप्रिय युवा नेताओं को प्रधानमंत्री बनाने की मांग उठ रही है। इस आंदोलन ने न केवल नेपाल को हिला दिया है, बल्कि इसने पूरे क्षेत्र में युवाओं की शक्ति का भी प्रदर्शन किया है pl

    नेपाल के आंदोलन से सारे Vishva ko sabak Lena hoga Apne Apne deshon mein yuvaon ke liye adhik nitiyan banani hongi berojgari ki sankhya ko ghatana hoga bacche Jawan honge bhrashtachar vilasta ko ab vah barsat nahin kar sakte ine per rok lagani hogi। युवा शक्ति सकारात्मक कार्यों की ओर बड़े ने खेल मैदान नई लाइब्रेरियन ने कोचिंग सेंटर बनानेहगे

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    12/09/25 |

    बिहार के बाद सारे देश में SIR की तैयारी

    'SIR' शब्द का उपयोग 'Special Intensive Revision' (विशेष गहन पुनरीक्षण) के लिए किया जाता है, जो भारत के चुनाव आयोग (ECI) द्वारा देश में मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए चलाया जाने वाला एक अभियान है। यह कोई शैक्षणिक पाठ्यक्रम नहीं है।

    बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2025 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जाता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल हैं और अयोग्य मतदाताओं को हटा दिया गया है।

    बिहार के अलावा, देश के अन्य हिस्सों में भी मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए समय-समय पर SIR अभियान चलाए जाते हैं, खासकर बड़े चुनावों से पहले।

    SIR Electoral Roll क्या है और के Bihar Elections लिए क्यों जरूरी?

    यह वीडियो बिहार चुनावों के संदर्भ में SIR प्रक्रिया के बारे में बताता है।

    #AfterBihar #SIRPreparations #NationalAwareness #EducationReform #IndiaEducation #StudentEngagement #FutureLeaders #CareerOpportunities #SkillDevelopment #YouthEmpowerment #SIRInitiative #GovernmentPrograms #EducationalEquity #InnovativeLearning #InspiringChange #CommunalGrowth #EducationalOpportunities #BuildingFutures #TogetherWeRise

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    09/09/25 |

    प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश के बाढ़ और वर्षा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया

    नई दिल्ली, 09 सितंबर (अभी): प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के प्रभावित क्षेत्रों में बादल फटने, बारिश और भूस्खलन के कारण बाढ़ की स्थिति और नुकसान की समीक्षा के लिए 9 सितंबर 2025 को हिमाचल प्रदेश का दौरा किया।

    प्रधानमंत्री ने सबसे पहले हिमाचल प्रदेश के चंबा, भरमौर, कांगड़ा और अन्य प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद, प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कांगड़ा में एक आधिकारिक बैठक की जिसमें राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश में हुए नुकसान का आकलन भी किया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के लिए 1500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की। एसडीआरएफ और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की दूसरी किस्त अग्रिम रूप से जारी की जाएगी।

    प्रधानमंत्री ने समस्त क्षेत्र और लोगों को सामान्य स्थिति पर लाने के लिए एक बहु आय़ामी दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। यह प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए घरों के पुनः निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्गों का जीर्णोद्धार, स्कूलों के पुनः निर्माण और पशुधन के लिए मिनी किट सहित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष के तहत राहत का प्रावधान करने के जरिए किया जाएगा।

    कृषि समुदाय को सहायता प्रदान करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता को समझते हुए, विशेष रूप से उन किसानों को अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी जिनके पास वर्तमान में बिजली कनेक्शन नहीं है।

    प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत, क्षतिग्रस्त घरों की जियोटैगिंग की जाएगी। इससे नुकसान का सटीक आकलन करने और प्रभावित लोगों तक त्‍वरित गति से सहायता पहुंचाने में मदद मिलेगी।

    निर्बाध शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए, स्कूल क्षति की रिपोर्ट करने और उसे जियोटैग करने में सक्षम होंगे, जिससे समग्र शिक्षा अभियान के तहत समय पर सहायता मिल सकेगी।

    वर्षा जल के संग्रहण और भंडारण के लिए जल संचयन हेतु पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। इन प्रयासों से भूजल स्तर में सुधार होगा और बेहतर जल प्रबंधन को बल मिलेगा।

    केंद्र सरकार ने नुकसान की सीमा का आकलन करने के लिए हिमाचल प्रदेश का दौरा करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल पहले ही भेज दिए हैं, तथा उनकी विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर आगे की सहायता पर विचार किया जाएगा।

    प्रधानमंत्री ने आपदा से प्रभावित परिवारों से भी मुलाकात की। उन्होंने इस आपदा में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना और गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस कठिन समय में राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगी और हर संभव सहायता प्रदान करेगी।

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने बाढ़ और प्राकृतिक आपदा में मृतकों के निकटतम परिजनों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की।

    प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि हाल ही में आई बाढ़ और भू-स्‍खलन के कारण अनाथ हुए बच्‍चों को पीएम केयर्स फॉर चिल्‍ड्रन योजना के तहत व्‍यापक सहायता प्रदान की जाएगी। इससे उनका दीर्घकालिक कल्‍याण सुनिश्चित होगा।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन नियमों के तहत राज्यों को अग्रिम भुगतान सहित सभी प्रकार की सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने तत्काल राहत और बचाव कार्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, राज्य प्रशासन और अन्य सेवा-केंद्रित संगठनों के कर्मियों के प्रयासों की सराहना की। केंद्र सरकार राज्य के ज्ञापन और केंद्रीय टीमों की रिपोर्ट के आधार पर मूल्यांकन की फिर से समीक्षा करेगी।

    #PM #conducts #survey #flood #rain-affected #HimachalPradesh

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    ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दुबई में यूनिवर्सल पोस्टल कांग्रेस में ऐतिहासिक यूपीआई-यूपीयू एकीकरण का शुभारंभ किया

    आरएस अनेजा, 9 सितम्बर नई दिल्ली

    केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज दुबई में 28वें यूनिवर्सल पोस्टल कांग्रेस में यूपीआई-यूपीयू एकीकरण परियोजना का अनावरण किया। यह दुनिया भर में लाखों लोगों के लिए सीमा पार प्रेषण में बदलाव लाने के लिए एक ऐतिहासिक पहल है।

    ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में 28वें यूनिवर्सल पोस्टल कांग्रेस में प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए

     

    डाक विभाग (डीओपी), एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) और यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (यूपीयू) द्वारा विकसित यह पहल भारत के एकीकृत भुगतान इंटरफ़ेस (यूपीआई) को यूपीयू इंटरकनेक्शन प्लेटफ़ॉर्म (आईपी) के साथ एकीकृत करती है। इससे डाक नेटवर्क की पहुंच यूपीआई की गति और सामर्थ्य के साथ जुड़ जाती है।

    सिंधिया ने इसे "एक तकनीकी लॉन्च से कहीं बढ़कर, एक सामाजिक समझौता" बताया। उन्‍होंने कहा, "डाक नेटवर्क की विश्वसनीयता और यूपीआई की गति का मतलब है कि सीमा पार के परिवार तेज़ी से, सुरक्षित और बहुत कम लागत पर पैसा भेज सकते हैं। यह इस बात की पुष्टि करता है कि नागरिकों के लिए बनाए गए सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को सीमाओं के पार जोड़कर मानवता की बेहतर सेवा की जा सकती है।"

    उन्होंने एक आधुनिक, समावेशी डाक क्षेत्र के लिए भारत के दृष्टिकोण को रेखांकित किया। यह चार पहलुओं 1. निर्बाध डेटा-संचालित लॉजिस्टिक्स के माध्यम से जुड़ना; 2. प्रत्येक प्रवासी और डिजिटल उद्यम को सस्ती डिजिटल वित्तीय सेवाएं प्रदान करना; 3. एआई, डिजीपिन और मशीन लर्निंग के साथ आधुनिकीकरण करना; और 4. यूपीयू समर्थित तकनीकी सेल के साथ दक्षिण-दक्षिण साझेदारी के माध्यम से सहयोग करना पर आधारित है।

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के डिजिटल इंडिया विज़न और विकसित भारत की दिशा में काम कर रहा भारतीय डाक अपने व्यापक दायरे और समावेशन का एक सशक्त उदाहरण है। श्री सिंधिया ने कहा, "आधार, जनधन और भारतीय डाक भुगतान बैंक के साथ, हमने 56 करोड़ से ज़्यादा खाते खोले हैं, जिनमें से ज़्यादातर महिलाओं के नाम पर हैं। भारतीय डाक ने पिछले साल 90 करोड़ से ज़्यादा पत्र और पार्सल पहुंचाए। यह समावेशन का वह व्यापक दायरा और भावना है जिसे हम वैश्विक मंच पर लाते हैं।"

    यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन के महानिदेशक श्री मासाहिको मेटोकी के साथ श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया

    श्री सिंधिया ने इस चक्र के दौरान ई-कॉमर्स और डिजिटल भुगतान पर विशेष ध्यान देते हुए प्रौद्योगिकी को नवाचार में बदलने के लिए 10 मिलियन डॉलर की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के आदर्श वाक्य को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने दोहराया कि भारत संसाधनों, विशेषज्ञता और मैत्री के साथ कैसे तैयार है।

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    06/09/25 |

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से टेलीफोन पर बात की

    आरएस अनेजा, 6 सितम्बर नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज फ्रांस गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम इमैनुएल मैक्रों के साथ टेलीफोन पर बातचीत की।

    दोनों नेताओं ने आर्थिक, रक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में प्रगति की समीक्षा की और उसका सकारात्मक मूल्यांकन किया। नेताओं ने क्षितिज 2047 रोडमैप, हिंद-प्रशांत रोडमैप और रक्षा औद्योगिक रोडमैप के अनुरूप भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की।

    उन्होंने यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करने के हालिया प्रयासों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान और शांति एवं स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया।

    प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2026 में भारत द्वारा आयोजित एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन के निमंत्रण को स्वीकार करने के लिए राष्ट्रपति मैक्रों को धन्यवाद दिया और भारत में राष्ट्रपति मैक्रों का स्वागत करने के लिए उत्सुकता व्यक्त की।

    दोनों नेताओं ने वैश्विक शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए संपर्क में बने रहने और मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की।

    #pmo #narenderamodi #indiafrance #francepresident

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    बिहार के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी का झण्डा लहराएगा - ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    अम्बाला/चण्डीगढ, 5 सितंबर- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि बिहार के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी का झण्डा लहराएगा क्योंकि भाजपा सकारात्मक राजनीति करती है। श्री विज ने कहा कि तीन-चार राज्यों को छोड़कर देशभर के सभी राज्यों में भाजपा का झण्डा लहरा चुका है।

    मंत्री अनिल विज आज मीडिया कर्मियों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे।

    ऊर्जा मंत्री ने आरजेडी नेता लालू यादव को समझाते हुए कहा कि ‘‘बिहार में क्या करना है क्या नहीं करना, यह आरजेडी से पूछ कर नहीं करना है। क्योंकि जो तुम्हें (लालू यादव) आता है कि चारा कैसे खाना है, नौकरियां देने के लिए जमीन कैसे अधियानी है, आईसीआरटीसी का घोटाला कैसे करना है और आरजेडी/लालू यादव से ये सब हमने नहीं सिखना है और न ही लोगों को सिखने देना है’’।

    बिहार के लोग कांग्रेस-आरजेडी को सबक सिखाने के लिए तैयार बैठे हैं - विज

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की मां को कांग्रेस-आरजेडी ने अपने मंचों से गालियां दिलवाने को जो काम किया गया है उसके लिए बिहार के लोग कांग्रेस-आरजेडी को सबक सिखाने के लिए तैयार बैठे हैं।

    #anilvij #bjp #bjpharyana #rjd #narenderamodi

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    04/09/25 |

    नौसेना प्रमुख ने गुजरात के लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर का दौरा किया

    आरएस अनेजा, 4 सितम्बर नई दिल्ली - नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने गुजरात के लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (एनएमएचसी) का दौरा किया। उनके इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर का व्यापक दौरा, प्रमुख नौसैन्य प्रदर्शनियों और विरासत कलाकृतियों का अवलोकन, निर्माण प्रगति की समीक्षा, परियोजना हितधारकों के साथ संवाद तथा वरुण नौसेना परिसर का भ्रमण शामिल था।

    नौसेना प्रमुख ने लोथल स्थित ऐतिहासिक पुरातात्विक स्थल का भी दौरा किया, जिससे भारतीय नौसेना के देश की समृद्ध समुद्री विरासत से जुड़ाव की पुष्टि हुई।

    लोथल स्थित एनएमएचसी एक ऐतिहासिक परियोजना है, जिसे पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय द्वारा गुजरात सरकार के सहयोग और भारतीय नौसेना के योगदान से विकसित किया जा रहा है। यह संग्रहालय 400 एकड़ में फैला हुआ है और विश्व के सबसे बड़े समुद्री संग्रहालयों में से एक होगा। इस परियोजना का उद्देश्य भारत की समृद्ध समुद्री विरासत और इसकी नौसैन्य विकास गाथा को प्रदर्शित करना है, जिसमें भारतीय नौसेना के विकास को समर्पित एक गैलरी भी शामिल है। नौसेना प्रमुख को इस यात्रा के दौरान, युद्धपोत निशंक, आईएल-38 एसडी समुद्री टोही विमान, यूएच-3एच सहित नौसेना के अन्य हेलीकॉप्टर, डेक पर तैनात लड़ाकू विमान सी हैरियर और एके-176 जीएम, 4.5 इंच जीएम तथा जेडआईएफ 101 एसएएम लांचर जैसी नौसेना की विभिन्न कलाकृतियों का भ्रमण कराया गया। प्रदर्शन पर रखी गई भारी कलाकृतियों में मिसाइल मॉडल (पी-21, ब्रह्मोस), इंजन मॉडल (आईसीई, जीटी), अंडरवाटर चैरियट तथा सी ईगल मिसाइल प्रणाली शामिल हैं।

    #mod #indiannavy

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    मत्स्य पालन की समस्‍त मूल्य श्रृंखला को जीएसटी राहत, जीएसटी दर घटाकर 5 प्रतिशत की गई

    आरएस अनेजा, 04 सितम्बर नई दिल्ली - जीएसटी को वास्तव में एक "अच्छा और सरल कर" बनाने और अर्थव्यवस्था के हर सेक्‍टर को सशक्त बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप, 3 सितंबर 2025 को आयोजित अपनी 56वीं बैठक में जीएसटी परिषद द्वारा अनुमोदित नवीनतम जीएसटी सुधारों के तहत मत्स्य पालन सेक्‍टर को एक बड़ा प्रोत्‍साहन मिला है। मत्स्य पालन सेक्‍टर में कर दरों के महत्वपूर्ण विवेकीकरण से प्रचालन लागत में कमी लाने, घरेलू और निर्यात बाजारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद मिलेगी और देश में अपनी आजीविका के लिए मछली पकड़ने और जलीय कृषि पर निर्भर लाखों मछली किसानों और अन्य हितधारकों को प्रत्‍यक्ष रूप से लाभ पहुंचेगा।

    संशोधित संरचना के तहत, मछली के तेल, मछली के अर्क और तैयार या संरक्षित मछली और झींगा उत्पादों पर जीएसटी दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मूल्यवर्धित समुद्री भोजन अधिक किफायती हो जाएगा और भारत के समुद्री खाद्य निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ जाएगी। जलीय कृषि कार्यों और हैचरी के लिए आवश्यक डीजल इंजन, पंप, एरेटर और स्प्रिंकलर पर अब पहले के 12 से 18 प्रतिशत के बजाय केवल 5 प्रतिशत जीएसटी दर लागू होगी, जिससे मछली किसानों के लिए प्रचालन लागत में अत्‍यधिक कमी आएगी। तालाब की तैयारी और जल गुणवत्ता प्रबंधन में उपयोग किए जाने वाले अमोनिया और सूक्ष्म पोषक तत्वों जैसे महत्वपूर्ण रसायनों पर भी पहले के 12 से 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर लगाया जाएगा, जिससे चारे, तालाब की कंडीशनिंग और खेत-स्तरीय कार्यप्रणालियों की लागत में कमी आएगी। मछली पकड़ने की छड़ों, टैकल, लैंडिंग नेट, बटरफ्लाई नेट और गियर पर जीएसटी की दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे मनोरंजक/खेल मछली पकड़ने के साथ-साथ छोटे स्‍तर पर जलीय कृषि और कैप्चर फिशरी करने वाले किसानों को भी लाभ होगा। इससे आवश्यक गियर अधिक किफायती होंगे, इनपुट लागत कम होगी और इस क्षेत्र में आजीविका को सहारा मिलेगा। इस निर्णय से प्रसंस्करण इकाइयों को और राहत मिलेगी, क्योंकि खाद्य और कृषि-प्रसंस्करण, जिसमें समुद्री भोजन भी शामिल है, में जॉब वर्क सेवाओं पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। जैविक खाद बनाने और पर्यावरण के अनुकूल तालाब प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कम्पोस्टिंग मशीनों पर अब 5 प्रतिशत कर लगेगा, जिससे स्थायी जलीय कृषि कार्य प्रणालियों को बढ़ावा मिलेगा।

    #gst #narenderamodi #pmo

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    04/09/25 |

    प्रधानमंत्री ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग को भारत में उनके विश्वास व्यक्त करने के लिए धन्यवाद दिया

    आरएस अनेजा, 04 सितम्बर नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग को भारत में उनके विश्वास के लिए धन्यवाद दिया है। श्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण की हमारी यात्रा में सिंगापुर एक सम्मानित साझेदार है।

    प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:

    "भारत में विश्वास व्यक्त करने के लिए प्रधानमंत्री वांग, आपका धन्यवाद !

    विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सिंगापुर हमारी यात्रा का एक महत्वपूर्ण भागीदार है। हम उन्नत विनिर्माण, कौशल और डिजिटल ढांचे पर ध्यान देने के साथ अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रोडमैप के तेजी से कार्यान्वयन के लिए प्रतिबद्ध हैं।

    #LawrenceWongST #narenderamodi #pmo

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    गुजरात के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की

    आरएस अनेजा, 04 सितम्बर नई दिल्ली

    गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इस मुलाकात की जानकारी स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक्स पर पोस्ट कर दी गई है।

    #Bhupendrapbjp #narendramodi

    @CMOGuj


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    जीएसटी की दरों/स्लैब बदलाव से बहुत ज्यादा सकारात्मक नतीजे सामने निकलकर आएंगे : ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    जीएसटी की दरों कम करने व स्लैब बदलाव के निर्णय से सभी वर्गों को फायदा होगा : अनिल विज

    प्रधानमंत्री ने जीएसटी की दरों में बदलाव करके विकास के पहिए को रॉकेट की स्पीड से गति देने का काम किया : विज

    अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व गति देने के लिए श्री विज ने एक्स पर लिखा : "नरेंद्र मोदी इज ग्रेट"

    अम्बाला/चंडीगढ़, 4 सितंबर : हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) की दरों में कमी करने और स्लैब बदलाव पर लिए गए निर्णय से बहुत ज्यादा सकारात्मक नतीजे सामने निकलकर आएंगे और इस निर्णय से सभी वर्गों को फायदा होगा। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जीएसटी की दरों में बदलाव करके विकास के पहिए को रॉकेट की स्पीड से गति देने का काम किया है। 

    मंत्री विज आज मीडिया कर्मियों द्वारा जीएसटी की दरों में कमी और स्लैब में हुए बदलाब के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। उधर, विज ने एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करके लिखा कि "जीएसटी की दरों में बदलाव से आर्थिक विकास, निवेश और मांग बढ़ने से देश की अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व गति आएगी। नरेंद्र मोदी इज ग्रेट"।

    उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी की दरों को सरल करने के साथ साथ कम करके विकास का पहिया रॉकेट की स्पीड से चला दिया है। 

    मंत्री अनिल विज ने अर्थव्यवस्था के चक्र के संबंध में कहा कि "यह चक्र होता है अगर दाम कम होंगे तो लोग ज्यादा खरीदारी करेंगे, यदि खरीदारी ज्यादा होगी तो ज्यादा मांग भी बढ़ेगी, यदि ज्यादा मांग बढ़ेगी तो ओर ज्यादा कारखाने खुलेंगे, कारखाने ज्यादा खुलेंगे तो लोगों को रोजगार मिलेगा, लोगों को रोजगार मिलेगा तो वह अपनी आय से दोबारा बाजार से खरीदारी करेंगे और फिर दोबारा से मांग बढ़ेगी"।  

    ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस प्रकार से भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास का पहिया तेजी से चला दिया है। 

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    04/09/25 |

    GST की दरों में बदलाव से आर्थिक विकास, निवेश और मांग बढ़ने से देश की अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व गति आएगी । नरेंद्र मोदी इज ग्रेट ।

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