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07/04/26 |तमिलनाडु से बड़ी खबर: पिता-पुत्र की पुलिस कस्टडी में मौत मामले में 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा
तमिलनाडु, 7 अप्रैल (अन्नू): मदुरै की पहली अतिरिक्त जिला अदालत (ADJ) ने 6 अप्रैल 2026 को भारतीय न्याय व्यवस्था का एक बड़ा उदाहरण पेश करते हुए 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई है। जयराज और उनके बेटे बेनिक्स की पुलिस हिरासत में हुई बर्बर हत्या के मामले में कोर्ट ने माना कि यह मामला 'दुर्लभ से दुर्लभतम' (Rarest of Rare) की श्रेणी में आता है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह सत्ता का घोर दुरुपयोग और मानवता पर कलंक है।
क्या था पूरा मामला?
यह दर्दनाक घटना 19 जून 2020 की है, जब तमिलनाडु के सात्थानकुलम थाने की पुलिस ने जयराज और उनके बेटे बेनिक्स को लॉकडाउन नियमों के उल्लंघन के आरोप में अवैध रूप से हिरासत में लिया था।
बर्बरता:19 और 20 जून की दरम्यानी रात को आरोपियों ने पिता-पुत्र को बेरहमी से पीटा और उन्हें अमानवीय यातनाएं दीं।
मौत: चोटों और अत्यधिक प्रताड़ना के कारण बेनिक्स ने 22 जून को और उनके पिता जयराज ने 23 जून को न्यायिक हिरासत में दम तोड़ दिया था।
CBI की जांच और 5 साल का कानूनी संघर्ष
जनता के भारी आक्रोश और मीडिया कवरेज के बाद तमिलनाडु सरकार ने यह मामला सीबीआई (CBI) को सौंप दिया था।
90 दिन में चार्जशीट:सीबीआई ने तत्परता दिखाते हुए 90 दिनों के भीतर तत्कालीन एसएचओ श्रीधर और एसआई रघुगणेश सहित 9 पुलिसकर्मियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
गवाह:मुकदमे के दौरान सीबीआई ने 135 गवाहों को सूचीबद्ध किया और 52 मुख्य गवाहों के बयान दर्ज कराए। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि यह अपराध मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है जिसने समाज की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है।
इन 9 दोषियों को सुनाई गई सजा-ए-मौत:
अदालत ने हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोपों में निम्नलिखित पुलिसकर्मियों को दोषी पाते हुए अधिकतम दंड दिया है:
एस. श्रीधर (तत्कालीन एसएचओ/इंस्पेक्टर)
पी. रघुगणेश (सब-इंस्पेक्टर)
के. बालकृष्णन (सब-इन्स्पेक्टर)
एस. मुरुगन (हेड कांस्टेबल)
ए. समदुरै (हेड कांस्टेबल)
एस. चेल्लादुरै (कांस्टेबल)
एम. मुथुराज (कांस्टेबल)
एक्स. थॉमस फ्रांसिस (कांस्टेबल)
एस. वेलुमुथु (कांस्टेबल)
निष्कर्ष:
5 साल तक चले इस लंबे ट्रायल के बाद आज आए फैसले ने यह संदेश दिया है कि वर्दी के पीछे छिपकर किया गया अपराध भी कानून से बच नहीं सकता। मानवाधिकार संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे पुलिस रिफॉर्म्स की दिशा में एक बड़ी नजीर माना है।
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05/04/26 |अन्ना हजारे के आंदोलन में धोखे से डाटा चोरी कर बनी आम आदमी पार्टी : मंत्री अनिल विज
आम आदमी पार्टी की कोई पॉलिसी नहीं है, कोई विचारधारा नहीं है : अनिल विज
चंडीगढ़, 5 अप्रैल - हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने आम आदमी पार्टी पर कड़ा प्रहार किया है।
सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद आम आदमी पार्टी में घमासान मच गया है जिसपर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने जुबानी हमला करते हुए कहा कि पहले तो वह इस बात से सहमत नहीं है कि आम आदमी भी कोई पार्टी है, ये तो अन्ना हजारे के आंदोलन में धोखे से इनका जन्म हुआ। अन्ना हजारे जी ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध आंदोलन किया था उसमें जो इनको जनसमर्थन मिला उसकी आड़ में इन्होंने सारा डाटा चुरा लिया और इन्होंने अपनी पार्टी बना ली।
उनकी पार्टी की कोई पॉलिसी नहीं है, कोई विचारधारा नहीं है। यह टूटती जा रही है अभी तो कुछ ही केस हुए है अब आगे देखना इनका क्या होता है।
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05/04/26 |ऊर्जा मंत्री अनिल विज का तीखा पलटवार, कहा "राहुल गांधी के सपनों में अब मोदी के साथ ट्रंप भी आने लगे हैं"
सत्ता प्राप्ति ही राहुल गांधी का उद्देश्य है और काम करना इनके बस का नहीं है : मंत्री अनिल विज
चंडीगढ़, 5 अप्रैल - हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान कि डोनाल्ड ट्रंप नरेंद्र मोदी को नियंत्रित करते हैं पर कड़ा पलटवार करते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि राहुल गांधी को रोज सपने में नरेंद्र मोदी जी आते हैं और अब डोनाल्ड ट्रंप भी आने लगे है। जो सपने में आते हैं वो ही राहुल गांधी जागने के बाद बोलने लग जाते हैं।
इनको और कोई बात तो आती नहीं है, देश का विकास तो आता नहीं है, इनका 50 साल राज रहा इन्होंने देश का कोई विकास नहीं किया, इनकी संस्कृति नहीं है, इनके विचार नहीं है। इनके लिए सत्ता प्राप्ति ही एक उद्देश्य है और काम करना इनके बस का नहीं है।
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भारत के खिलाफ पाकिस्तान भविष्य में कोई गलत हिमाकत करेगा तो हिंदुस्तान इनको तहस-नस कर देगा : ऊर्जा मंत्री अनिल विज
इतिहास गवाह है कि भारत ने हमेशा इनको जाकर ठोका है : मंत्री अनिल विज
अम्बाला/चंडीगढ़, 5 अप्रैल – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान भविष्य में कोई गलत हिमाकत करेगा तो हिंदुस्तान इनको तहस-नस कर देगा।
विज आज पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
गत दिवस पाकिस्तान के रक्षामंत्री द्वारा दिए गए ब्यान कि भविष्य में युद्ध हुआ तो पाकिस्तान कोलकाता तक हमला करेगा पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि पाकिस्तानी जिस दिन से पैदा हुए हैं बचपन से यानि 1947 से तब से यह ऐसी बातें करते आ रहे हैं। इतिहास गवाह है कि भारत ने हमेशा इनको जाकर ठोका है। भारत में हमेशा चाहे वह 1965 की लड़ाई हो, चाहे वह 1971 की लड़ाई हो, चाहे कारगिल युद्ध हो या ऑपरेशन सिंदूर हो हमने इनको ठोका है। यह सिर्फ सपने ही लेते रहते हैं। -

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय समुद्री दिवस पर भारत की समुद्री विरासत को याद किया
आरएस अनेजा, 5 अप्रैल नई दिल्ली - राष्ट्रीय समुद्री दिवस के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को याद किया और इस क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों के अमूल्य योगदान को सराहा।
मोदी ने कहा कि समुद्री क्षेत्र में कार्यरत लोगों का समर्पण देश की अर्थव्यवस्था, व्यापार और कनेक्टिविटी को मज़बूत करता है।
प्रधानमंत्री ने देश के समृद्ध भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए समुद्री क्षेत्र की अपार संभावनाओं का लाभ उठाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
प्रधानमंत्री ने 'X' पर लिखा:
“राष्ट्रीय समुद्री दिवस के अवसर पर, हम भारत की समुद्री विरासत और इस क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों के अमूल्य योगदान को याद करते हैं। उनका समर्पण हमारी अर्थव्यवस्था, व्यापार और कनेक्टिविटी को मज़बूत करता है।
हम एक समृद्ध भविष्य के लिए अपने समुद्री क्षेत्र की अपार संभावनाओं का लाभ उठाना जारी रखेंगे।”
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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अनेक राज्यों में हुई अतिवृष्टि, ओला पाला का लिया संज्ञान
आरएस अनेजा, 5 अप्रैल नई दिल्ली - केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अनेक राज्यों में हुई अतिवृष्टि, ओला पाला का संज्ञान लिया। चौहान ने कृषि मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देशित किया कि ओला पाला, अतिवृष्टि से हुई फसल क्षति की समीक्षा करें।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संबंधित राज्यों के अधिकारियों से संपर्क कर जानकारी एकत्रित करें। चौहान ने किसान भाइयों-बहनों को आश्वस्त किया कि किसान भाई-बहन चिंता न करे, संकट की इस घड़ी में मोदी सरकार किसानों के साथ है।
चौहान आज संबंधित राज्यों के कृषि मंत्रियों से ओला पाला और अतिवृष्टि से हुई फसल क्षति के संबंध में चर्चा करेंगे। -

शांति और समग्र जीवन का मार्ग: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 'वैश्विक ध्यान सम्मेलन' को किया संबोधित
ध्यान है भीतर का दीपक: उपराष्ट्रपति ने साझा किया अज्ञानता से सत्य की ओर बढ़ने का मंत्र
आरएस अनेजा, 5 अप्रैल नई दिल्ली - उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज भारत मंडपम में 'ध्यान नेताओं के वैश्विक सम्मेलन - समग्र जीवन और एक शांतिपूर्ण विश्व के लिए ध्यान' को संबोधित किया। इस सम्मेलन का आयोजन 'पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटीज़ मूवमेंट' और 'बुद्धा-सीईओ क्वांटम फाउंडेशन' द्वारा किया गया था।
आयोजकों, वक्ताओं, ध्यान गुरुओं और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए, उपराष्ट्रपति ने समग्र जीवन और वैश्विक शांति के मार्ग के रूप में ध्यान को बढ़ावा देने के प्रति उनके समर्पण की सराहना की।
तमिल संत तिरुमुलर की शिक्षाओं को याद करते हुए, सीपी राधाकृष्णन ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ध्यान एक आंतरिक दीपक जलाने जैसा है, जो अज्ञानता को दूर करता है और सत्य तथा शांति की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि तिरुमुलर ने मानव शरीर को एक मंदिर और ध्यान को अपने भीतर स्थित ईश्वर को अनुभव करने का माध्यम बताया है।
यह देखते हुए कि आज दुनिया कई चुनौतियों से जूझ रही है, उन्होंने टिप्पणी की कि संघर्ष केवल बाहरी ही नहीं है, बल्कि व्यक्तियों के भीतर भी मौजूद है। इस संदर्भ में, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ध्यान शांति, स्पष्टता और सकारात्मक दृष्टिकोण लाकर एक परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकता है, साथ ही दूसरों को सुनने और समझने की क्षमता को भी विकसित करता है।
उपराष्ट्रपति ने इस बात को रेखांकित किया कि ध्यान की सच्ची शक्ति मानव के रूपांतरण में निहित है। उन्होंने कहा कि ध्यान तनाव को कम करने, एकाग्रता में सुधार करने, भावनात्मक लचीलेपन को बढ़ाने और अत्यधिक सोचने तथा अत्यधिक काम करने जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।
उपराष्ट्रपति ने सार्थक जीवन की कीमत पर भौतिक सफलता की निरंतर खोज के प्रति आगाह किया, और कहा कि यद्यपि धन को सुख-सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए, लेकिन उसे स्वयं जीवन पर हावी नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ध्यान सोच-विचार की क्षमता को बढ़ाता है और व्यक्तियों को संतुलित तथा संतोषजनक जीवन जीने में सक्षम बनाता है। उन्होंने इस धारणा को भी दूर किया कि ध्यान केवल आध्यात्मिक साधकों के लिए है; उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि यह हर किसी के लिए है और यह सामान्य व्यक्तियों को भी उच्च चेतना की ओर ले जा सकता है।
वर्ष 2047 तक एक विकसित भारत के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास के साथ-साथ मानसिक कल्याण का पोषण करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ध्यान आंतरिक शांति, भावनात्मक संतुलन और विचारों की स्पष्टता विकसित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो एक प्रगतिशील राष्ट्र के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के प्रति अपनी लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता को उजागर करते हुए, उपराष्ट्रपति ने वर्ष 2004 में नशीली दवाओं के उन्मूलन के उद्देश्य से की गई अपनी पदयात्रा को याद किया। नशीले पदार्थों के बढ़ते दुरुपयोग, विशेष रूप से युवाओं के बीच, पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि ध्यान व्यसन की समस्या से निपटने में एक शक्तिशाली साधन के रूप में कार्य कर सकता है, क्योंकि यह व्यक्तियों को तनाव, चिंता और दिशाहीनता पर काबू पाने में मदद करता है। दार्शनिक जिद्दू कृष्णमूर्ति का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, "बिना किसी मूल्यांकन के अवलोकन करने की क्षमता ही बुद्धिमत्ता का सर्वोच्च रूप है।"
उन्होंने कहा कि ध्यान व्यक्तियों को रुककर, बिना किसी पूर्वाग्रह के अपने विचारों का अवलोकन करने में सक्षम बनाता है, जिससे उनका व्यक्तिगत रूपांतरण होता है। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह का रूपांतरण अधिक समझदार व्यक्तियों, सौहार्दपूर्ण समुदायों, करुणामय नेतृत्व और अधिक मानवीय संस्थाओं को बढ़ावा देता है।
आंतरिक रूपांतरण की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि एक बेहतर दुनिया का निर्माण एक बेहतर और शांत मन विकसित करने से शुरू होता है, और ध्यान ही इस यात्रा का प्रारंभिक बिंदु है।
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रेलवे का नया संकल्प: सुरक्षा, सफाई और सुगम यात्रा पर रेल मंत्री का 'मिशन मोड' में काम करने का आह्वान
गरीब व मध्यम वर्ग को एक अच्छी सवारी तथा बेहतर अनुभव देने की भारतीय रेलवे की हर सम्भव कोशिश: रेल मंत्री
आरएस अनेजा, 4 अप्रैल नई दिल्ली - गरीब और मध्यम वर्ग को एक अच्छी सवारी तथा बेहतर अनुभव देना रेलवे की हर सम्भव कोशिश है। इस उद्देश्य के लिए हम सभी मिल कर काम करें। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज देश भर के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक में ये आह्वान किया। ये बैठक रेल भवन, नई दिल्ली से की गई।
रेल मंत्री ने रेल परिवार को पिछले वर्ष में अच्छा काम करने के लिए बधाई देते हुए, बैठक की शुरुआत की। साथ ही नए उत्साह के साथ, इस वर्ष काम करने के लिए अपनी नई प्राथमिकताएँ तय करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि पिछले साल रेल दुर्घटनाओं में आई एतिहासिक कमी और रिकॉर्ड माल ढुलाई ने देश भर में रेलवे की छवि सुधारने का काम किया है। बड़ी संख्या में विशेष ट्रेन चलाकर त्यौहारों के दौरान रेल यात्रा की बढ़ी हुई माँग को भी बड़ी ही प्रभावी तरीके से अधिकारियों ने पूरा किया है।
रेल मंत्री ने जोर देकर कहा कि रेलवे स्टेशन देश के लोगों के सामने हमारा चेहरा है। वो साफ़ सुथरे होने चाहिए। इस दिशा में देश भर के अधिकारियों को जी तोड़ मेहनत करनी चाहिए। अधिकारियों को प्रेरित करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे में पिछले एक दशक में आधुनिकीकरण के लिए एक रिकार्ड आवंटन हुआ है। अतः अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि इस आवंटन का उचित उपयोग कर देश भर के रेलवे स्टेशनों की तस्वीर बदलें। सुनिश्चित करें कि अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में धन राशि का आवंटन, स्टेशन में जन उपयोगी सुविधाओं का विकास करने में खर्च करें। ताकि सामान्य दिनों में यात्रियों का स्टेशन पर अनुभव और बेहतर किया जा सके।
त्यौहारों पर भीड़ को नियंत्रित कर प्लेटफॉर्म तक यात्रियों को बिना किसी भी दिक्कत के पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है ताकि रेल गाड़ियों में चढ़ना सुगम हो सके। अधिकारी ये सुनिश्चित करें कि इस दिशा में भी आवंटित धन राशि का उपयोग किया जाए। मौजूदा रेलवे प्रोजेक्ट्स में लंबित भूमि अधिग्रहण का मुद्दा भी बैठक में उठा। रेल मंत्री ने जोर देकर कहा कि लंबित भूमि अधिग्रहण द्रुत गति से आगे बढ़ायें। इसके लिए आवश्यक हो तो राज्य सरकारों के राजस्व व वन विभाग के अनुभवी सेवा निवृत्त अधिकारियों के अनुभव का लाभ भी लें।
रेल मंत्री ने कहा कि लोगों की आजीविका से जुड़े इस संवेदनशील मामले को एक मानवीय दृष्टिकोण से हल किया जाना आवश्यक है। देश के कई शहरी इलाकों में ये एक बड़ी समस्या है, जिसका समयबद्ध तरीके से निदान जरूरी है। अपनी पिछली बैठक में देश भर में भूमिगत रेल पुलियाएँ बनाने के निर्णय पर भी आज की बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। ये तय किया गया कि रेलवे पटरियों को पार करने के लिए अब जहाँ तक हो सके भूमिगत पुलियाएँ ही बनाई जाएँ। धीरे-धीरे हम रेलवे फुटओवर पुलों को कम बनाएँ, बैठक में चर्चा के दौरान ये महसूस किया गया। रेल मंत्री ने कहा, भले ही रेलवे स्टेशन हो या फिर स्टेशन परिसर के बाहर की पटरियाँ, दोनों में ही पहली कोशिश भूमिगत सुविधाजनक पुलिया बनाने की होनी चाहिए।
स्वाभाविक है कि पुल चढ़ने के बजाय पुलिया को लोग ज्यादा उपयोग करेंगे। चर्चा के दौरान ये निर्णय लिया गया कि देश के कई हिस्सों में एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत ऐसी पुलियाएँ बनवाई जाएँ जो सुविधाजनक हों। पैदल लोगों के साथ साथ ये पुलियाएँ लोगों को साइकिल, स्कूटर व मोटर साइकिल ले जाने में भी सहायक बनें। ज्यादा चौड़ी ऐसी रेल पुलियाएँ भी बनाए जाने का निर्णय लिया गया जिनसे ट्रैक्टर सहित अन्य गाड़ियाँ भी निकल सकें। शहरी व ग्रामीण दोनों इलाकों की अलग अलग जरूरतों के हिसाब से सुविधाजनक रेल पुलियाएँ बन सकें। इस दिशा में सभी अधिकारी प्रयास करेंगे।
समय पर रेल चलाने वाले ज़ोन को उनके अच्छे प्रदर्शन पर भी रेल मंत्री ने बधाई दी। देश के उन सभी ज़ोन की भी रेल मंत्री ने प्रशंसा की जिन्होंने 85% से अधिक रेल गाड़ियों को तमाम जमीनी चुनौतियों के बाबजूद समय पर चला कर स्वयं का पुराना प्रदर्शन सुधारा।
रेल मंत्री ने दोहराया कि सतत प्रयासों, प्रभावी योजना और यात्री-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ, भारतीय रेल देशभर के यात्रियों के लिए सुरक्षा, सेवा गुणवत्ता और समग्र यात्रा अनुभव को लगातार बेहतर बनाती रहेगी।
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03/04/26 |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुड फ्राइडे के अवसर पर सद्भाव और करुणा के मूल्यों पर प्रकाश डाला
आरएस अनेजा, 3 अप्रैल नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि गुड फ्राइडे हमें ईसा मसीह के बलिदान की याद दिलाता है।
मोदी ने आशा व्यक्त की कि यह दिन सद्भाव, करुणा और क्षमा के मूल्यों को और गहरा करेगा।
उन्होंने कहा कि भाईचारा और आशा हरेक का मार्गदर्शन करें।
एक एक्स पोस्ट में, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा;
“गुड फ्राइडे हमें ईसा मसीह के बलिदान की याद दिलाता है। यह दिन सद्भाव, करुणा और क्षमा के मूल्यों को और गहरा करे। भाईचारा और आशा हम सभी का मार्गदर्शन करे।”
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02/04/26 |मानवता के आधार पर मध्य पूर्व युद्ध के बीच हार्मुज में फंसे नाविकों के भोजन का इंतजाम करे ईरान – ऊर्जा मंत्री अनिल विज
अम्बाला/चंडीगढ़, 2 अप्रैल – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि मानवता के आधार पर मध्य पूर्व युद्ध के बीच हार्मुज में फंसे नाविकों के भोजन का इंतजाम ईरान को करना चाहिए।
उन्होंने एक बयान में कहा कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी गतिरोध के कारण स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है और हजारों नाविक इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं और उनके सामने भोजन एवं पानी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने कहा कि हजारों की संख्या में नाविक और जहाज इस समय खाड़ी क्षेत्र और होर्मुज के आसपास फंसे हुए हैं। नाविकों की ओर से अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को लगातार संदेश भेजे जा रहे हैं कि उनका भोजन और पीने का पानी खत्म हो चुका है। कई जहाजों पर राशन की भारी किल्लत है तथा वह पानी उबालकर पीने को मजबूर हैं। नाविक न केवल भूख-प्यास से बल्कि आसपास हो रही बमबारी और हमलों से भी डरे हुए हैं।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने जहाजों के गुजरने के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। जहाजों को अपनी क्रू लिस्ट, कार्गो विवरण और अन्य दस्तावेज जमा करने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद, अभी तक ईरान की ओर से फंसे हुए सभी नाविकों के लिए भोजन की कोई व्यवस्थित और बड़ी मानवीय सहायता की आधिकारिक घोषणा सार्वजनिक नहीं हुई है।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि मानवीय आधार पर ईरान और अन्य पड़ोसी देशों को इन नाविकों तक बुनियादी रसद पहुँचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है।
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31/03/26 |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महावीर जयंती के अवसर पर गांधीनगर स्थित कोबा तीर्थ में सम्राट सम्प्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया
आरएस अनेजा, 31 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज भगवान महावीर जयंती के पावन अवसर पर गुजरात में गांधीनगर स्थित कोबा तीर्थ में सम्राट सम्प्रति संग्रहालय, जैन धरोहर संग्रहालय का उद्घाटन किया। श्री मोदी ने कहा, “कोबा तीर्थ आध्यात्मिक शांति से ओत-प्रोत है, यह वह स्थान है जहाँ अनेक जैन मुनियों और संतों की तपस्या अभिव्यक्त होती है तथा जहाँ सृजन और सेवा स्वाभाविक रूप से पुष्पित होते हैं।
कोबा तीर्थ की निरंतर चली आ रही परंपराओं को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्षों से इस पवित्र स्थल पर अध्ययन, साधना और आत्मानुशासन की परंपराएँ फलती-फूलती रही हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मूल्यों का संरक्षण, संस्कारों का संवर्धन और ज्ञान का पोषण—ये त्रिवेणी भारतीय सभ्यता की आधारशिला हैं। श्री मोदी ने कहा, “इस त्रिवेणी का प्रवाह निरंतर बनाए रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।”
प्रधानमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि जैन धर्म के शाश्वत ज्ञान और भारत की समृद्ध धरोहर को अब जैन धरोहर संग्रहालय के माध्यम से आने वाली सदियों के लिए संरक्षित किया जा रहा है, जिसे संतों द्वारा प्राचीन ज्ञान को नई पीढ़ी के समक्ष नए एवं आधुनिक रूपों में प्रस्तुत करने के उद्देश्य से परिकल्पित किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज वह भव्य सपना सम्राट सम्प्रति संग्रहालय के रूप में साकार हुआ है, जो जैन दर्शन, भारतीय संस्कृति और हमारी प्राचीन धरोहर का एक पवित्र केंद्र है।”
प्रधानमंत्री ने इस प्रयास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सभी जैन मुनियों, संतों और हजारों भक्तों को बधाई दी। धरोहर संरक्षण में नवाचार के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि जब प्राचीन ज्ञान को नए तरीकों से प्रस्तुत किया जाता है, तो विरासत और समृद्ध होती है और आने वाली पीढ़ियों को नई प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा, “सम्राट सम्प्रति संग्रहालय भारत के करोड़ों लोगों की धरोहर है और हमारे गौरवशाली अतीत का एक प्रमाण है,” ।
सम्राट सम्प्रति के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यद्यपि अनेक सभ्यताओं में महान चिंतक और दार्शनिक हुए, परंतु विश्व के कई हिस्सों में शासक सत्ता के प्रश्न पर आदर्शों को त्याग देते थे, जिससे विचार और शासन के बीच एक खाई उत्पन्न हो जाती थी। उन्होंने कहा कि सम्राट सम्प्रति केवल एक ऐतिहासिक राजा नहीं थे, बल्कि भारत के दर्शन और व्यवहार के बीच एक सेतु थे। मोदी ने कहा, “भारत में सम्राट सम्प्रति जैसे शासकों ने सत्ता को सेवा और साधना के रूप में देखा, उन्होंने सिंहासन से अहिंसा का विस्तार किया और पूर्ण वैराग्य तथा निःस्वार्थ भाव से सत्य, अस्तेय और अपरिग्रह का प्रचार-प्रसार किया।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संग्रहालय को अत्यंत सोच-समझकर इस प्रकार निर्मित किया गया है कि प्रत्येक कदम पर भारत की भव्यता का अनुभव होता है, और इसकी सात दीर्घाएँ देश की विविधता तथा सांस्कृतिक समृद्धि का उद्घोष करती हैं। उन्होंने प्रथम दीर्घा का उल्लेख किया, जिसमें नवपद—अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, साधु—तथा सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चरित्र और सम्यक तप के चार सिद्धांतों को प्रदर्शित किया गया है, और तृतीय दीर्घा का भी उल्लेख किया, जो तीर्थंकरों की कथाओं और शिक्षाओं को कलात्मक रूप से सजीव बनाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “जब ज्ञान सम्यक (सही/धर्मसम्मत) होता है, तो वह समता और सेवा की आधारशिला बन जाता है।”
प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि यह संग्रहालय जैन धरोहर के साथ-साथ भारत की अन्य धार्मिक परंपराओं—वैदिक, बौद्ध आदि—का भी भव्य रूप से प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने भारत की सबसे बड़ी शक्ति, उसकी विविधता और “विविधता में एकता” को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जहाँ विश्व ने धर्म और संप्रदाय के नाम पर संघर्ष देखे हैं, वहीं यह संग्रहालय सभी परंपराओं को इंद्रधनुष की भांति एक साथ प्रस्तुत करता है—वेद, पुराण, आयुर्वेद, योग और दर्शन, सभी सौहार्दपूर्वक साथ-साथ विद्यमान हैं। उन्होंने कहा, “यह केवल भारत में ही संभव है।”
वैश्विक स्तर पर व्याप्त अस्थिरता और अशांति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संग्रहालय में निहित धरोहर और संदेश का महत्व केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए अत्यंत गहन है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विश्व भर से जिज्ञासु आगंतुकों, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं की संख्या निरंतर बढ़ती रहेगी। श्री मोदी ने आग्रह किया( “जो भी यहाँ आए, वह भारत और जैन धर्म की शिक्षाओं को विश्व के हर कोने तक लेकर जाए।”
प्रधानमंत्री ने स्मरण किया कि भारत के प्राचीन विश्वविद्यालय—तक्षशिला और नालंदा—कभी लाखों पांडुलिपियों से समृद्ध थे, जिन्हें धार्मिक संकीर्णता से प्रेरित विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा नष्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि उन कठिन परिस्थितियों में सामान्य जनों ने शेष पांडुलिपियों को पीढ़ी दर पीढ़ी संरक्षित रखा। उन्होंने आचार्य भगवंत श्री पद्मसागर सुरिश्वरजी महाराज साहेब के असाधारण समर्पण की सराहना की, जिन्होंने साठ वर्षों तक देश के कोने-कोने में गाँव-गाँव और शहर-शहर जाकर पांडुलिपियों की खोज की। श्री मोदी ने कहा, “आज ताड़पत्रों और भोजपत्रों पर लिखी तीन लाख से अधिक पांडुलिपियाँ, जिनमें से कुछ सैकड़ों वर्ष पुरानी हैं, कोबा में सुरक्षित रूप से संकलित हैं, जो भारत के अतीत, वर्तमान और भविष्य के प्रति एक महान सेवा का प्रतिनिधित्व करती हैं।”
पांडुलिपियों के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की उपेक्षा को दूर करने के लिए ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ प्रारंभ किया गया है, जिसमें प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए प्राचीन पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण, वैज्ञानिक संरक्षण, स्कैनिंग, रासायनिक उपचार तथा डिजिटल अभिलेखीकरण किया जा रहा है। उन्होंने ‘मन की बात’ के अपने हालिया संस्करण का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने देशव्यापी सर्वेक्षण के बारे में बताया था, जिससे नागरिक अपने पास संरक्षित पांडुलिपियों को अपलोड कर सकते हैं। श्री मोदी ने कहा, “यह अभियान देश के कोने-कोने में बिखरी पांडुलिपियों के संकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
प्रधान मंत्री ने ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के अंतर्गत सरकारी प्रयासों तथा कोबा तीर्थ के असाधारण योगदान को भारत के नए सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि आज प्राचीन मंदिरों के पुनरुद्धार, तीर्थ स्थलों के विकास से लेकर आयुर्वेद और योग के प्रसार तक, देश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण, समझ और प्रदर्शन के लिए हर स्तर पर कार्य किया जा रहा है। लोथल में भव्य समुद्री संग्रहालय, वडनगर में संग्रहालय तथा दिल्ली में प्रस्तावित ‘युगे-युगीन भारत संग्रहालय’ जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार भारत के स्वतंत्रता संग्राम के वास्तविक इतिहास को बिना किसी राजनीतिक पूर्वाग्रह के सामने लाने के लिए सार्थक और व्यापक कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हमने धरोहर को राजनीतिक चश्मे से देखने की मानसिकता को समाप्त कर दिया है और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं, जो विकसित भारत विज़न की आत्मा है।”
प्रधानमंत्री ने भारत की धरोहर के संरक्षण में संतों के अथक प्रयासों की सराहना की और दिल्ली में आयोजित ऐतिहासिक नवकार महामंत्र दिवस कार्यक्रम का स्मरण किया, जहाँ जैन धर्म के सभी चार संप्रदाय एक साथ आए थे। उन्होंने उस अवसर पर प्रस्तुत अपने दस संकल्पों को दोहराया—जल संरक्षण; ‘एक पेड़ माँ के नाम’; स्वच्छता अभियान; वोकल फॉर लोकल; देश दर्शन; प्राकृतिक खेती; स्वस्थ जीवनशैली; योग और खेल; गरीबों की सहायता; तथा समुदाय द्वारा जोड़ा गया दसवाँ संकल्प—भारत की धरोहर का संरक्षण। उन्होंने कहा, “आज का यह कार्यक्रम इन सभी संकल्पों का सजीव प्रतिबिंब है।”
भविष्य के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की एकता और सांस्कृतिक शक्ति राष्ट्र के बड़े लक्ष्यों की प्राप्ति में प्रेरक शक्ति बनेगी। उन्होंने बल दिया कि जब लोग व्यक्तिगत आकांक्षाओं से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के लक्ष्यों के लिए कार्य करते हैं, तो विकास की गति तीव्र हो जाती है। अंत में श्री मोदी ने कहा, “मुझे विश्वास है कि सम्राट सम्प्रति संग्रहालय ज्ञान, साधना और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेगा, जो आने वाले समय में नई पीढ़ी को प्रेरित करेगा और समाज को ऊर्जा प्रदान करेगा।”
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31/03/26 |'दुनागिरी' का शंखनाद: भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा और आत्मनिर्भरता का नया मील का पत्थर
आरएस अनेजा, 31 मार्च नई दिल्ली - नीलगिरि क्लास (प्रोजेक्ट 17A) का पाँचवाँ जहाज़ और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) में बना इस क्लास का दूसरा जहाज़, 'दुनागिरी' (यार्ड 3023), 30 मार्च 2026 को कोलकाता स्थित GRSE में भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया।
यह युद्धपोत के डिज़ाइन और निर्माण में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। प्रोजेक्ट 17A फ्रिगेट बहुमुखी और बहु-मिशन वाले प्लेटफ़ॉर्म हैं, जिन्हें समुद्री क्षेत्र में मौजूदा और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
दुनागिरी, पहले के INS दुनागिरी का ही एक नया रूप है। INS दुनागिरी एक लिएंडर-क्लास फ्रिगेट था, जो 05 मई 1977 से 10 अक्टूबर 2010 तक भारतीय नौसेना के बेड़े का हिस्सा रहा और उसने राष्ट्र की 33 वर्षों तक गौरवशाली सेवा की। यह अत्याधुनिक फ्रिगेट नौसेना के डिज़ाइन, स्टील्थ (छिपकर चलने की क्षमता), मारक क्षमता, स्वचालन और जीवित रहने की क्षमता में एक बड़ी छलांग को दर्शाता है, और युद्धपोत निर्माण में 'आत्मनिर्भरता' का एक प्रशंसनीय प्रतीक है।
युद्धपोत डिज़ाइन ब्यूरो (WDB) द्वारा डिज़ाइन किए गए और युद्धपोत निरीक्षण टीम (कोलकाता) की देखरेख में बने P17A फ्रिगेट, स्वदेशी जहाज़ डिज़ाइन, स्टील्थ, जीवित रहने की क्षमता और युद्धक क्षमता में एक पीढ़ीगत छलांग को दर्शाते हैं। 'एकीकृत निर्माण' (Integrated Construction) के सिद्धांत पर आधारित इस जहाज़ का निर्माण किया गया और इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही सौंप दिया गया।
P17A जहाज़ों में P17 (शिवालिक) क्लास की तुलना में अधिक उन्नत हथियार और सेंसर लगाए गए हैं। इन जहाज़ों में 'कंबाइंड डीज़ल या गैस' (CODOG) प्रोपल्शन प्लांट की व्यवस्था है, जिसमें एक डीज़ल इंजन और एक गैस टर्बाइन शामिल है। ये इंजन और टर्बाइन प्रत्येक शाफ़्ट पर लगे 'कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर' (CPP) को चलाते हैं।
साथ ही, इनमें अत्याधुनिक 'एकीकृत प्लेटफ़ॉर्म प्रबंधन प्रणाली' (IPMS) भी लगी है। इन जहाज़ों के शक्तिशाली हथियार और सेंसर में ब्रह्मोस SSM, MFSTAR और MRSAM कॉम्प्लेक्स, 76mm SRGM, तथा 30mm और 12.7mm की 'क्लोज़-इन वेपन सिस्टम' (करीबी मारक प्रणाली) का मिश्रण शामिल है। इसके अलावा, इनमें पनडुब्बी-रोधी युद्ध के लिए रॉकेट और टॉरपीडो भी मौजूद हैं।
दुनागिरी पिछले 16 महीनों में भारतीय नौसेना को सौंपा जाने वाला पाँचवाँ P17A जहाज़ है। पहले चार P17A जहाज़ों के निर्माण से मिले अनुभवों की वजह से, 'दुनागिरी' के निर्माण की अवधि को घटाकर 80 महीने कर दिया गया है; जबकि इस श्रेणी के पहले जहाज़ (नीलगिरि) के निर्माण में 93 महीने लगे थे।
'दुनागिरी' की डिलीवरी देश की डिज़ाइन, जहाज़ निर्माण और इंजीनियरिंग क्षमताओं को दर्शाती है, और जहाज़ के डिज़ाइन व निर्माण—दोनों ही क्षेत्रों में 'आत्मनिर्भरता' पर नौसेना के निरंतर ज़ोर को भी प्रदर्शित करती है।
75% स्वदेशी सामग्री के साथ, इस परियोजना में 200 से अधिक MSME शामिल रहे हैं, और इसके माध्यम से लगभग 4,000 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से, तथा 10,000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोज़गार के अवसर प्राप्त हुए हैं।
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31/03/26 |प्रधानमंत्री ने सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर शोक व्यक्त किया
आरएस अनेजा, 31 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह न केवल सूरीनाम के लिए, बल्कि वैश्विक भारतीय समुदाय के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है। दिवंगत नेता के साथ अपनी कई मुलाकातों को याद करते हुए, श्री मोदी ने कहा कि सूरीनाम के लिए संतोखी जी की अथक सेवा और भारत-सूरीनाम संबंधों को मजबूत करने के उनके प्रयास उनकी आपसी बातचीत में स्पष्ट रूप से झलकते थे। उन्होंने भारतीय संस्कृति के प्रति संतोखी जी के विशेष लगाव को भी रेखांकित किया, और बताया कि जब उन्होंने संस्कृत में शपथ ली थी, तो उन्होंने कई लोगों का दिल जीत लिया था।
प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया:
“मेरे मित्र और सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति, चंद्रिकाप्रसाद संतोखी जी के आकस्मिक निधन से मैं अत्यंत स्तब्ध और दुखी हूँ। यह न केवल सूरीनाम के लिए, बल्कि वैश्विक भारतीय समुदाय के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है।
मुझे उनके साथ हुई अपनी कई मुलाकातों की याद आ रही है। सूरीनाम के लिए उनकी अथक सेवा और भारत-सूरीनाम संबंधों को मजबूत करने के उनके प्रयास हमारी आपसी बातचीत में स्पष्ट रूप से झलकते थे। भारतीय संस्कृति के प्रति उनका विशेष लगाव था। जब उन्होंने संस्कृत में शपथ ली थी, तो उन्होंने कई लोगों का दिल जीत लिया था।
दुख की इस घड़ी में, मैं उनके परिवार और सूरीनाम की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूँ। ओम शांति।
हमारी विभिन्न मुलाकातों की कुछ झलकियाँ साझा कर रहा हूँ…”
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30/03/26 |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्यामजी कृष्ण वर्मा की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की
आरएस अनेजा, 30 मार्च नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत माता के वीर सपूत श्यामजी कृष्ण वर्मा को आज उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने कहा कि अपने क्रांतिकारी विचारों से उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में एक नई चेतना का संचार किया। मोदी ने कहा, “उनका जीवन और आदर्श देश की हर पीढ़ी को राष्ट्रीय सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।”
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
“भारत माता के वीर सपूत श्यामजी कृष्ण वर्मा को उनकी पुण्यतिथि पर सादर नमन। उन्होंने अपने क्रांतिकारी विचारों से आजादी के आंदोलन में नई चेतना जगाई थी। उनका जीवन और आदर्श देश की हर पीढ़ी को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।”कौन थे क्रांतिकारी श्यामजी कृष्ण वर्मा?
श्यामजी कृष्ण वर्मा भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, क्रांतिकारी और प्रखर राष्ट्रवादी विचारक थे। उन्होंने लंदन में रहकर 'इंडिया हाउस' की स्थापना की थी, जो विदेश में भारतीय क्रांतिकारियों का सबसे बड़ा केंद्र बना। उन्होंने 'द इंडियन सोशियोलॉजिस्ट' पत्रिका के माध्यम से ब्रिटिश शासन के खिलाफ आवाज उठाई। वे स्वामी दयानंद सरस्वती और बाल गंगाधर तिलक के विचारों से बेहद प्रभावित थे और उन्होंने विनायक दामोदर सावरकर जैसे अनेक युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया।
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29/03/26 |समुद्री सुरक्षा की साझा ढाल: 12 देशों के साथ भारत ने बुना सुरक्षित हिंद महासागर का भविष्य
आरएस अनेजा, 29 मार्च नई दिल्ली - भारतीय नौसेना ने 27 मार्च 2026 को दक्षिणी नौसेना कमान, कोच्चि स्थित समुद्री युद्ध पद्धति केंद्र में आईओएनएस समुद्री अभ्यास (आईएमईएक्स) टीटीएक्स 2026 की मेजबानी की। इस उच्च स्तरीय अभ्यास में हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (आईओएनएस) के सदस्य नौसेनाओं के विशिष्ट प्रतिनिधि, आईओएस सागर के अंतर्राष्ट्रीय अधिकारी और भारतीय नौसेना के अधिकारी हिंद महासागर क्षेत्र में उभरती गैर-पारंपरिक समुद्री सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ आए।
इस अभ्यास में बांग्लादेश, फ्रांस, इंडोनेशिया, केन्या, मालदीव, मॉरीशस, म्यांमार, सेशेल्स, सिंगापुर, श्रीलंका, तंजानिया और तिमोर-लेस्ते के देशों ने भाग लिया। यह विविध बहुराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व आपसी विश्वास को बढ़ावा देने और पूरे क्षेत्र में सहयोगात्मक समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सोलह वर्षों के अंतराल के बाद भारत को 2026-2028 के लिए आईओएनएस की अध्यक्षता मिली है। आईएमईएक्स टीटीएक्स 2026 क्षेत्रीय समुद्री नेतृत्व को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
अत्याधुनिक कृत्रिम वातावरण में आयोजित इस अभ्यास में हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में जटिल समुद्री सुरक्षा चुनौतियों का समाधान किया गया। यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार, ऊर्जा प्रवाह और संपर्क के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके प्रमुख उद्देश्यों में भाग लेने वाली नौसेनाओं के बीच परिचालन दृष्टिकोण और बाधाओं की साझा समझ को बढ़ाना, सूचनाएं साझा करना और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं जैसे समन्वय तंत्रों की जांच करना और व्यावहारिक अनुप्रयोग के माध्यम से समुद्री सुरक्षा दिशानिर्देशों के सत्यापन सहित आईओएनएस ढांचे के निरंतर परिष्करण का समर्थन करना शामिल था।
वास्तविक तैनाती की बाधाओं के बिना बहु-परिदृश्यीय आकस्मिकताओं का अनुकरण करके, इस अभ्यास ने प्रतिभागियों को पेशेवर आदान-प्रदान के नए रास्ते तलाशने और आपसी विश्वास को गहरा किया है। आईएमईएक्स टीटीएक्स 26 ने रचनात्मक संवाद, सामूहिक जिम्मेदारी और समुद्री चुनौतियों के क्षेत्रीय समाधानों के माध्यम से सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में आईओएनएस की भूमिका को पुनः स्थापित किया।
इस अभ्यास से प्राप्त जानकारियों से आईओएनएस ढांचे को और मजबूत करने की उम्मीद है जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में एक सुसंगत, उत्तरदायी और स्थिर समुद्री व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।
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दिल्ली से बांग्लादेश तक फैला मोबाइल तस्करी का जाल, दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 83 स्मार्टफोन के साथ दबोचे 2 शातिर तस्कर
नई दिल्ली, 29 मार्च (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ईस्टर्न रेंज-I) ने अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय चोरी के मोबाइल फोन खरीदने और बेचने वाले एक बड़े गिरोह को दबोचा है। पुलिस ने राजधानी के यमुना विहार इलाके में एक गुप्त ठिकाने पर छापेमारी कर 83 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं। ये फोन दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से चोरी किए गए थे और इन्हें तस्करी के जरिए पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश भेजने की तैयारी थी।
पुलिस को 27 मार्च 2026 को इंस्पेक्टर आशीष शर्मा के माध्यम से सटीक सूचना मिली थी कि यमुना विहार की एक इमारत की तीसरी मंजिल पर चोरी के मोबाइलों की पैकिंग चल रही है। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर आशीष शर्मा, एसआई रंजीत सिंह और हेड कांस्टेबल सौरव की टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में पेशेवर तरीके से छापेमारी की। मौके से पुलिस ने सावेज (34 वर्ष) और फरदीन (25 वर्ष) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया, जो उस समय 83 मोबाइलों की खेप को गत्ते के डिब्बों में पैक कर रहे थे।
बरामद किए गए मोबाइलों में आईफोन (iPhones), वनप्लस, सैमसंग, ओप्पो, वीवो और रियलमी जैसे कई प्रीमियम ब्रांड के स्मार्टफोन शामिल हैं। पुलिस ने जब इन मोबाइलों के आईएमईआई (IMEI) नंबरों की जांच 'सीईआईआर' पोर्टल और पुलिस रिकॉर्ड से की, तो पता चला कि इनमें से कई फोन पहले ही दिल्ली के महेंद्र पार्क, पांडव नगर, पश्चिम विहार और यूपी के नोएडा सेक्टर-49 जैसे थानों में दर्ज चोरी के मामलों से संबंधित हैं। आरोपियों ने खुलासा किया कि वे ये फोन 'दानिश' नाम के व्यक्ति से खरीदते थे और कूरियर के जरिए बांग्लादेश भेजते थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से सावेज का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है; उस पर उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद थाने में आर्म्स एक्ट और चोरी के सामान की हेराफेरी के चार मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। क्राइम ब्रांच की टीम अब इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड और पश्चिम बंगाल में बैठे रिसीवरों की तलाश कर रही है ताकि इस गिरोह की पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त किया जा सके। इस कार्रवाई से दिल्ली पुलिस ने न केवल नागरिकों की संपत्ति बरामद की है, बल्कि संगठित अपराध के खिलाफ एक सख्त संदेश भी दिया है।
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28/03/26 |विकसित यूपी की नई उड़ान: पीएम मोदी ने किया जेवर में नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन
आरएस अनेजा, 28 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। इस अवसर पर गर्व और खुशी व्यक्त करते हुए प्रधान मंत्री ने कहा कि आज विकसित यूपी, विकसित भारत अभियान में एक नया अध्याय जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि भारत का सबसे बड़ा राज्य अब सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाले राज्यों में से एक बन गया है। पीएम मोदी ने साझा किया कि उन्हें दोगुना गर्व महसूस हो रहा है, पहला, इस हवाई अड्डे की आधारशिला रखने और अब इसका उद्घाटन करने के लिए, और दूसरा, क्योंकि इस भव्य हवाई अड्डे का नाम उत्तर प्रदेश से जुड़ा है। श्री मोदी ने टिप्पणी की, "यह वह राज्य है जिसने मुझे अपना प्रतिनिधि चुना और मुझे संसद सदस्य बनाया और इसकी पहचान अब इस शानदार हवाई अड्डे से जुड़ी है।"
नए हवाई अड्डे के दूरगामी प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि नोएडा हवाई अड्डे से आगरा, मथुरा, अलीगढ, गाजियाबाद, मेरठ, इटावा, बुलन्दशहर और फ़रीदाबाद सहित एक विशाल क्षेत्र को लाभ होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हवाईअड्डा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, छोटे और मध्यम उद्यमों और युवाओं के लिए कई नए अवसर लाएगा। श्री मोदी ने राज्य के लोगों, विशेषकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा, "यहां से दुनिया भर के लिए विमान उड़ान भरेंगे और यह हवाई अड्डा विकसित उत्तर प्रदेश की उड़ान का प्रतीक भी बनेगा।"
वर्तमान वैश्विक स्थिति के बारे में बोलते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया आज बहुत चिंतित है, पश्चिम एशिया में एक महीने से अधिक समय से युद्ध चल रहा है, जिससे कई देशों में भोजन, पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरक सहित आवश्यक वस्तुओं का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत संघर्ष प्रभावित क्षेत्र से बहुत बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस का आयात करता है। श्री मोदी ने पुष्टि की, "सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है कि इस संकट का बोझ सामान्य परिवारों और किसानों पर न पड़े।"
वैश्विक संकट के समय भी भारत के तीव्र विकास की निरंतर गति को रेखांकित करते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि अकेले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में, यह चौथी बड़ी परियोजना है जिसका हाल के हफ्तों में या तो उद्घाटन किया गया है या इसकी आधारशिला रखी गई है। पीएम मोदी ने कहा, "इस अवधि के दौरान, नोएडा में एक प्रमुख सेमीकंडक्टर फैक्ट्री की आधारशिला रखी गई, देश की पहली दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन ने गति पकड़ी, मेरठ मेट्रो का विस्तार किया गया और आज नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया जा रहा है।"
प्रधानमंत्री ने यूपी के विकास में इन उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए वर्तमान सरकार को श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर फैक्ट्री भारत को प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बना रही है, मेरठ मेट्रो और नमो भारत रेल तेज और स्मार्ट कनेक्टिविटी प्रदान कर रही है, और जेवर हवाई अड्डा पूरे उत्तर भारत को दुनिया से जोड़ रहा है। श्री मोदी ने कहा, "आज मौजूदा सरकार के तहत वही नोएडा यूपी के विकास का एक शक्तिशाली इंजन बन रहा है।"
हवाईअड्डा परियोजना के इतिहास के बारे में विस्तार से बताते हुए, प्रधान मंत्री ने याद किया कि जेवर हवाईअड्डे को अटल जी ने 2003 में ही मंजूरी दे दी थी। और जैसे ही यहां वर्तमान सरकार बनी, नींव रखी गई, निर्माण हुआ और अब इसका परिचालन शुरू हो गया है,'' श्री मोदी ने कहा।
लॉजिस्टिक्स हब के रूप में क्षेत्र की उभरती भूमिका की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए, प्रधान मंत्री ने बताया कि यह क्षेत्र दो प्रमुख माल ढुलाई गलियारों का केंद्र बन रहा है, मालगाड़ियों के लिए विशेष रेलवे ट्रैक बिछाए गए हैं, जिन्होंने बंगाल और गुजरात के समुद्रों के साथ उत्तर भारत की कनेक्टिविटी को बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि दादरी वह रणनीतिक बिंदु है जहां ये दोनों गलियारे मिलते हैं, जिसका अर्थ है कि यहां किसान जो कुछ भी उगाते हैं और उद्योग पैदा करते हैं वह अब जमीन और हवाई मार्ग से दुनिया के हर कोने तक तेजी से पहुंच सकता है। पीएम मोदी ने कहा, "इस तरह की मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी यूपी को दुनिया भर के निवेशकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बना रही है।"
प्रधानमंत्री ने क्षेत्र की छवि में बदलाव को संबोधित करते हुए कहा। आज नोएडा पूरी दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार है। ये पूरा क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत कर रहा है।”
प्रधानमंत्री ने उन किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस परियोजना को वास्तविकता बनाने के लिए अपनी जमीनें दीं, यह देखते हुए कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में कृषि और खेती का बहुत महत्व है। श्री मोदी ने कहा कि आधुनिक कनेक्टिविटी के विस्तार से पश्चिमी यूपी में खाद्य प्रसंस्करण की संभावनाओं को और बढ़ावा मिलेगा, उन्होंने कहा, "यहां की कृषि उपज अब अधिक कुशलता से वैश्विक बाजारों तक पहुंचेगी।"
कच्चे तेल पर भारत की निर्भरता को कम करने में गन्ना किसानों के योगदान को स्वीकार करते हुए, प्रधान मंत्री ने गन्ने से उत्पादित इथेनॉल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। पीएम मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इथेनॉल उत्पादन में वृद्धि और पेट्रोल के साथ इसके मिश्रण के बिना, भारत को सालाना अतिरिक्त साढ़े चार करोड़ बैरल, लगभग 700 करोड़ लीटर कच्चे तेल का आयात करना पड़ता, उन्होंने कहा, "हमारे किसानों की कड़ी मेहनत ने देश को संकट के समय में यह बड़ी राहत दी है।"
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केंद्रीय विद्युत अभियांत्रिकी सेवा और भारतीय आर्थिक सेवा के अधिकारियों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की
आरएस अनेजा, 27 मार्च नई दिल्ली - केंद्रीय विद्युत अभियांत्रिकी सेवा (सीपीईएस) और भारतीय आर्थिक सेवा (आईईएस) के अधिकारियों ने आज (27 मार्च, 2026) राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।
अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वे भारत के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं और उनके निर्णय एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहायक होंगे। समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देने वाली नीतियों को आकार देने और सुधारों को लागू करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने अधिकारियों को समर्पण और उत्साह की भावना से कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने सफर में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन ये चुनौतियां राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान देने के अपार अवसर प्रदान करती हैं। उन्हें हमेशा जिज्ञासा, नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता और निरंतर सीखने की तत्परता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
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27/03/26 |रक्षा मंत्रालय का बड़ा कदम: तुंगुस्का मिसाइल प्रणाली और P8I विमान रखरखाव के लिए ₹858 करोड़ के अनुबंधों पर हस्ताक्षर
आरएस अनेजा, 27 मार्च नई दिल्ली - रक्षा मंत्रालय ने तुंगुस्का वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की खरीद और P8I लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान के निरीक्षण (डिपो स्तर) के लिए कुल 858 करोड़ रुपये के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन अनुबंधों पर 27 मार्च, 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में हस्ताक्षर किए गए।
भारतीय सेना के लिए तुंगुस्का वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियों की खरीद का अनुबंध, जिसका मूल्य 445 करोड़ रुपये है, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में रूस की JSC रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ हस्ताक्षरित किया गया। ये अत्याधुनिक मिसाइलें विमानों, ड्रोनों और क्रूज मिसाइलों सहित हवाई खतरों के खिलाफ भारत की बहु-स्तरीय वायु रक्षा क्षमताओं को बढ़ाएंगी। यह समझौता भारत-रूस रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और मजबूत करेगा।
भारतीय नौसेना के लिए P8I लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान के निरीक्षण (डिपो स्तर) का अनुबंध—जो 'बाय इंडियन' (Buy Indian) श्रेणी के तहत 100% स्वदेशी सामग्री के साथ 413 करोड़ रुपये का है—रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में बोइंग इंडिया डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड (जो बोइंग की पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय सहायक कंपनी है) के साथ हस्ताक्षरित किया गया।
यह अनुबंध देश के भीतर ही स्थित MRO (रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल) सुविधा पर P8I बेड़े के डिपो-स्तरीय रखरखाव को सुनिश्चित करेगा, जो भारत सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक-इन-इंडिया' के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप है।
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27/03/26 |ब्रिक्स युवा समन्वय बैठक 2026: भारत की अध्यक्षता में युवा सशक्तिकरण के नए युग का आगाज़
आरएस अनेजा, 27 मार्च नई दिल्ली - युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय के युवा कार्य विभाग ने वर्चुअल रूप से पहली ब्रिक्स युवा समन्वय बैठक का आयोजन किया। यह बैठक शाम 4:30 बजे से शाम 6:00 बजे (भारतीय समयानुसार) तक चली जिसमें ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
वर्ष 2026 के लिए भारत के ब्रिक्स की अध्यक्षता ग्रहण करने के साथ ही, इस बैठक से औपचारिक रूप से "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण " विषय के तहत गतिविधियों की शुरुआत हुई। इससे वर्ष भर के लिए युवा सहयोग कार्यक्रमों के लिए दिशा निर्धारित हुई है।
इस बैठक में भारत ने ब्रिक्स यूथ ट्रैक 2026 का एक संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया जिसमें कार्य समूह की बैठकें, विषयगत सहभागिताएं, ब्रिक्स स्वयंसेवी गतिविधियां, युवा विकास मंच, युवा परिषद की बैठक, युवा शिखर सम्मेलन और युवा मंत्रिस्तरीय बैठक सहित प्रमुख पहलों की रूपरेखा शामिल थी।
बैठक में सदस्य देशों के बीच सहयोग के लिए प्राथमिकता वाले विषयों पर चर्चा की गईं जिनमें शिक्षा और कौशल, युवा उद्यमिता, विज्ञान और नवाचार, सामाजिक भागीदारी, समावेशन, स्वास्थ्य और खेल, पर्यावरण और स्थिरता, अंतरधार्मिक संवाद और युवा आदान-प्रदान शामिल हैं।
इस बैठक ने सदस्य देशों को व्यापक विषयगत क्षेत्रों पर सहमति बनाने और ब्रिक्स यूथ ट्रैक 2026 के तहत सहयोग को मजबूत करने के लिए एक मंच प्रदान किया, जिससे भारत की अध्यक्षता के दौरान आगामी कार्यक्रमों की नींव रखी गई।
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27/03/26 |भारत-जापान मैत्री की नई उड़ान: ₹16,420 करोड़ के विकास ऋण के साथ बदलेंगे तीन राज्य
आरएस अनेजा, 27 मार्च नई दिल्ली - जापान सरकार ने भारत को शहरी परिवहन, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्रों में चार परियोजनाओं के लिए 275.858 अरब जापानी येन (लगभग 16,420 करोड़ रुपये) का आधिकारिक विकास सहायता (ओडीए) ऋण देने की प्रतिबद्धता जताई है, जिन्हें पंजाब, कर्नाटक और महाराष्ट्र राज्यों में कार्यान्वित किया जाना है।
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के संयुक्त सचिव श्री आलोक तिवारी और भारत में जापान के राजदूत केइची ओनो के बीच 24 मार्च, 2026 को ऋण समझौतों का आदान-प्रदान हुआ। इन परियोजनाओं में "बेंगलुरु मेट्रो रेल परियोजना (चरण 3) (I)" (102.480 अरब जापानी येन), "मुंबई मेट्रो लाइन 11 परियोजना (I)" (92.400 अरब जापानी येन), "महाराष्ट्र में तृतीयक स्वास्थ्य सेवा वितरण, चिकित्सा शिक्षा प्रणाली और नर्सिंग शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने की परियोजना (I)" (62.294 अरब जापानी येन) और "पंजाब में सतत बागवानी को बढ़ावा देने की परियोजना" (18.684 अरब जापानी येन) शामिल हैं। भारत सरकार और जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) के बीच ऋण समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं।
बेंगलुरु मेट्रो रेल परियोजना (चरण 3) (I) का उद्देश्य बेंगलुरु महानगर क्षेत्र में बढ़ती यातायात मांग से निपटने के लिए जन-तीव्र परिवहन प्रणाली का विस्तार करना है। इससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, शहरी पर्यावरण में सुधार होगा और अंततः यातायात जाम से राहत और बढ़ते मोटर वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी के माध्यम से जलवायु परिवर्तन को कम करने में मदद मिलेगी।
मुंबई मेट्रो लाइन 11 परियोजना (I) का उद्देश्य जन तीव्र परिवहन प्रणाली का विस्तार करके मुंबई में यातायात की बढ़ती मांग से निपटना है, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिले, शहरी पर्यावरण में सुधार हो और अंततः यातायात जाम से राहत और बढ़ते मोटर वाहनों के कारण होने वाले प्रदूषण में कमी के माध्यम से जलवायु परिवर्तन को कम किया जा सके।
महाराष्ट्र में तृतीयक स्वास्थ्य सेवा वितरण, चिकित्सा शिक्षा प्रणाली और नर्सिंग शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने की परियोजना (I) का उद्देश्य तृतीयक स्वास्थ्य सुविधाओं, कॉलेजों, अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और नर्सिंग स्कूलों के निर्माण के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को सुदृढ़ करके महाराष्ट्र में चिकित्सा देखभाल की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार करना है। इससे भारत में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (यूएचसी) को बढ़ावा देने में भी योगदान मिलेगा।
पंजाब में सतत बागवानी को बढ़ावा देने की परियोजना का उद्देश्य उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों में विविधता लाकर, सुदृढ़ मूल्य श्रृंखला और क्षमता विकास के लिए अवसंरचना का विकास करके सतत बागवानी को बढ़ावा देना और किसानों की आय में सुधार करना है। इससे पंजाब में पर्यावरण संरक्षण और सतत सामाजिक-आर्थिक विकास को बल मिलेगा।
भारत और जापान के बीच सन् 1958 से द्विपक्षीय विकास सहयोग का एक लंबा और फलदायी इतिहास रहा है। आर्थिक सहयोग, जो भारत-जापान संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ है, पिछले कुछ वर्षों में लगातार प्रगति कर रहा है। इससे भारत और जापान के बीच रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी और भी मजबूत होती है।
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27/03/26 |प्रधानमंत्री ने बालेंद्र शाह को नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने पर बधाई दी
आरएस अनेजा, 27 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बालेंद्र शाह को नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने पर बधाई दी। श्री मोदी ने कहा, “आपकी नियुक्ति नेपाल की जनता द्वारा आपके नेतृत्व पर जताए गए भरोसे को दर्शाती है। मैं भारत और नेपाल के बीच की मित्रता और सहयोग को दोनों देशों के लोगों के पारस्परिक लाभ के लिए नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।”
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया:
“नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने पर श्री बालेंद्र शाह को हार्दिक बधाई।
आपकी नियुक्ति नेपाल की जनता द्वारा आपके नेतृत्व पर जताए गए भरोसे को दर्शाती है। मैं भारत-नेपाल मित्रता और सहयोग को दोनों देशों की जनता के पारस्परिक लाभ के लिए नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।”
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27/03/26 |पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कटौती पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज बोले, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता का हर परिस्थिति में पूरा ध्यान रखते है”
अमेरिका के अलावा भारत के आसपास देशों में पेट्रोल के दाम बढ़े हैं, मगर हमारे देश में जनता की जेब पर बोझ न बढ़े इसलिए कटौती की गई : मंत्री अनिल विज
देश में लॉकडाउन की अफवाह पर ऊर्जा मंत्री ने दी कड़ी प्रतिक्रिया, कहा “देश विरोधी लोग देश में हर वक्त कोई न कोई भ्रांति फैलाकर रखना चाहते है”
अम्बाला/चंडीगढ़, 27 मार्च — हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर 10-10 रुपए एक्साइज ड्यूटी में कटौती करने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता का हर परिस्थिति में पूरा ध्यान रखते है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि खाड़ी के देशों में युद्ध चल रहा है और इसके कारण देश के लोगों को कोई परेशानी न उठानी पड़े इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल-डीजल पर 10-10 रुपए एक्साइज ड्यूटी कम कर दी है जबकि आसपास के देशों में तेल के दाम बढ़े हैं। अमेरिका, पाकिस्तान व आसपास देशों में तेल के दाम बढ़े लेकिन हमारे देश में लोगों की जेब पर बोझ न पड़े इसलिए यहां पर एक्साइज ड्यूटी कम की गई है।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने भारत में लॉकडाउन की अफवाह पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो देश विरोधी लोग हैं, विदेशी ताकतों के हाथों में खेलने वाले लोग हैं वो देश में हर वक्त कोई न कोई भ्रांति फैलाकर रखना चाहते है। उन्होंने कहा हमारा देश चार-पांच युद्ध लड़ चुका है लेकिन तब भी लॉकडाउन नहीं लगा। अब यह युद्ध भारत से लगभग पांच हजार किलोमीटर दूर लड़ा जा रहा है। ऐसे में केवल लोगों को भ्रमित करने और डराने के लिए यह लोग ऐसी अफवाहें फैला रहे हैं और इनको जनता जवाब देगी।
वहीं युद्ध के चलते एलपीजी गैस कमी को लेकर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि एलपीजी की किसी प्रकार की कोई किल्लत नहीं है। गैस उचित मात्रा में मिल रही है, अम्बाला छावनी साइंस इंडस्ट्री के लोगों को कुछ दिक्कत आई थी जिसके लिए उच्च अधिकारियों से बातचीत की गई और समाधान करने की निर्देश दिए गए हैं।
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26/03/26 |मार्कापुरम में मातम: आग का गोला बनी निजी बस, 13 यात्रियों की दर्दनाक मौत; पीएम मोदी और सीएम नायडू ने जताया शोक
आरएस अनेजा, 26 मार्च नई दिल्ली - आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के मार्कापुरम में आज (26 मार्च) तड़के लगभग पांच बजे एक अत्यंत दुखद सड़क दुर्घटना हुई है। यहाँ रायवरम के पास एक निजी बस और बजरी से लदे टिपर ट्रक के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई, जिसके बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई।
दुर्घटना मार्कापुरम जिले में रायवरम के पास खदान क्षेत्र में हुई। जानकारी के अनुसार, इस हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 25 लोग घायल हैं। कुछ यात्रियों की बस के अंदर ही जिंदा जलने से दर्दनाक मौत हो गई। निजी बस तेलंगाना के जगतियाल से नेल्लोर जिले के कलिगिरी जा रही थी। हादसे के वक्त बस में करीब 41 यात्री सवार थे। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को इलाज के लिए गुंटूर के सरकारी अस्पताल में रेफर किया गया है।
उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं और दुख व्यक्त किया है। तेलंगाना सरकार ने पीड़ितों के परिवारों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबरों के साथ कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं।
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मंत्रिमंडल ने 28,840 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना - संशोधित उड़ान योजना को मंजूरी दी
आरएस अनेजा, 25 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत सरकार के बजटीय सहयोग से 28,840 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2035-36 तक दस वर्षों की अवधि के लिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना - संशोधित उड़ान के शुभारंभ और कार्यान्वयन को मंजूरी दे दी है।
प्रभाव :
कम सेवा प्राप्त और सेवा से वंचित क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय हवाई संपर्क में सुधार।
दूसरे और तीसरे दर्जे के शहरों में आर्थिक विकास, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा।
आम नागरिकों के लिए सस्ती हवाई यात्रा का समर्थन।
दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में आपातकालीन कार्रवाई और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में सुधार।
क्षेत्रीय हवाई अड्डों और एयरलाइन संचालकों के लिए अधिक व्यवहार्यता और स्थिरता।
आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी एयरोस्पेस क्षेत्र को बढ़ावा।
विकसित भारत 2047 लक्ष्य की ओर प्रगति।
इस योजना के प्रमुख घटक निम्नलिखित हैं:
(ए) हवाई अड्डों का विकास (पूंजीगत व्यय)
संशोधित उड़ान योजना के तहत, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए मौजूदा अनुपलब्ध हवाई पट्टियों से 100 हवाई अड्डों को विकसित करने का प्रस्ताव है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और भारत को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी विमानन इकोसिस्टम में बदलने के विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप है, जिसके लिए अगले आठ वर्षों में कुल 12,159 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा।
(बी) हवाई अड्डों का संचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम)
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (आरसीएस) के अंतर्गत आने वाले हवाई अड्डों के निरंतर संचालन एवं रखरखाव की उच्च लागत और सीमित राजस्व स्रोतों को देखते हुए, योजना के तहत तीन वर्षों के लिए प्रति हवाई अड्डे 3.06 करोड़ रुपये प्रति वर्ष और प्रति हेलीपोर्ट/वाटर एयरोड्रॉम 0.90 करोड़ रुपये प्रति वर्ष की अधिकतम सीमा के साथ संचालन एवं रखरखाव संबंधी सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव है, जिसका अनुमान लगभग 441 हवाई अड्डों के लिए 2,577 करोड़ रुपये है।
(सी) आधुनिक हेलीपैडों का विकास
पहाड़ी, दूरस्थ, द्वीपीय और विकासशील क्षेत्रों में कनेक्टिविटी संबंधी चुनौतियों का समाधान करने के लिए, योजना के तहत 15 करोड़ रुपये प्रति हेलीपैड की लागत से 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने का प्रस्ताव है, जिसकी कुल आवश्यकता अगले आठ वर्षों में (मुद्रास्फीति-समायोजित) 3,661 करोड़ रुपये होगी। यह योजना प्राथमिकता वाले और विकासशील जिलों पर केंद्रित है ताकि अंतिम-मील कनेक्टिविटी और आपातकालीन कार्रवाई में सुधार किया जा सके।
(डी) व्यवहार्यता में कमी के समाधान हेतु निधि (वीजीएफ)
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत, एयरलाइन संचालकों को आवंटित मार्गों पर परिचालन के लिए विजिबिलिटी फंड (वीजीएफ) के रूप में वित्तीय सहायता प्राप्त होती है। दीर्घकालीन बाजार के बदलाव की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, एयरलाइन संचालकों को 10 वर्षों में 10,043 करोड़ रुपये की विजिबिलिटी फंड सहायता प्रस्तावित की गई है।
(ई) आत्मनिर्भर भारत विमान अधिग्रहण
दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में संचालन के लिए आवश्यक छोटे फिक्स्ड-विंग विमानों और हेलीकॉप्टरों की कमी को दूर करने और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को आगे बढ़ाने के लिए, इस योजना में पवन हंस के लिए दो एचएएल ध्रुव हेलीकॉप्टर और एलायंस एयर के लिए दो एचएएल डोर्नियर विमान खरीदने का भी प्रस्ताव है।
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25/03/26 |- खेल,
- भारत,
- India,
- अंतरराष्ट्रीय,
स्वर्ण पथ पर भारतीय लैक्रोस: पहले ही बड़े टूर्नामेंट में चैंपियन बनी टीमें, अब मिशन 'लॉस एंजिल्स 2028' पर नजर
आरएस अनेजा, 25 मार्च नई दिल्ली - केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बुधवार को रियाद में आयोजित एशियाई लैक्रोस खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष और महिला लैक्रोस टीमों को बधाई दी और उनसे कड़ी मेहनत जारी रखने और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करके इतिहास रचने का लक्ष्य रखने का आह्वान किया।
खिलाड़ियों से बातचीत करते हुए मांडविया ने लैक्रोस जैसे उभरते खेलों में दृढ़ संकल्प, अनुभव और निरंतर प्रयास के महत्व पर जोर दिया। श्री मांडविया ने कहा, “लैक्रोस भारत के लिए एक उभरता हुआ बड़ा खेल है। यह आपका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय अनुभव था और आप पहले ही पदक जीत चुके हैं। अब आपका ध्यान और अधिक मेहनत करने, अधिक अनुभव प्राप्त करने और लॉस एंजिल्स 2028 के लिए क्वालीफाई करके देश को गौरवान्वित करने पर केंद्रित होना चाहिए।”
मांडविया यह भी कहा कि सरकार खेलो इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से खिलाड़ियों का समर्थन करती रहेगी, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जुनून और दृढ़ता ही सफलता की कुंजी हैं।
इस फरवरी में सऊदी अरब के रियाद में आयोजित एशियाई लैक्रोस खेलों में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों और महिलाओं दोनों के सिक्स फॉर्मेट में स्वर्ण पदक जीते। भारतीय पुरुष और महिला टीमों ने फाइनल मैच में क्रमशः इराक और पाकिस्तान को हराया।
भारतीय महिला लैक्रोस टीम ने 2024 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया, जबकि पुरुष टीम ने 2025 में पदार्पण किया, जिससे यह सफलता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। भारत की इस जीत की एक खास बात यह थी कि इसमें देश भर के विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात, तमिलनाडु, ओडिशा, असम, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश शामिल हैं।
एशिया-पैसिफिक लैक्रोस यूनियन के तहत आयोजित एशियाई लैक्रोस खेल, लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक में लैक्रोस को शामिल करने से पहले इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी रास्ते विकसित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा हैं। भारत के अगले प्रमुख आयोजनों में अप्रैल में चीन के चेंगदू में आयोजित होने वाले तीसरे एशियाई लैक्रोस खेल और इस अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित होने वाली एशिया-पैसिफिक सिक्स लैक्रोस चैंपियनशिप शामिल हैं, जो एलए 2028 के लिए क्वालीफिकेशन के रूट के रूप में काम करेगी।
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आकाशवाणी 26 मार्च से राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का पूर्ण संस्करण प्रसारित करेगा
आरएस अनेजा, 25 मार्च नई दिल्ली - स्वतंत्रता के बाद से ही आकाशवाणी स्टेशनों की यह परंपरा रही है कि वे अपने सुबह के प्रसारण की शुरुआत अपनी प्रतिष्ठित धुन से करते हैं, जिसके बाद राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के दो छंदों वाला संस्करण (अवधि 65 सेकंड) प्रसारित किया जाता है।
गृह मंत्रालय द्वारा दिनांक 28 जनवरी, 2026 को जारी छह छंदों वाले राष्ट्रीय गीत संबंधी दिशानिर्देश के अनुसार, आकाशवाणी के सभी स्टेशनों पर 26 मार्च, 2026 से राष्ट्रीय गीत का नया संस्करण प्रसारित किया जाएगा। नए संस्करण की अवधि 3 मिनट 10 सेकंड है।
प्रसारित होने वाला प्रारंभिक संस्करण प्रसिद्ध हिंदी शास्त्रीय गायक पंडित चंद्रशेखर वाजे द्वारा राग देस में गाया गया है।
क्षेत्रीय वाद्ययंत्रों की विविधता को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय गीत के कई अन्य संस्करण भी रिकॉर्ड किए जा रहे हैं। इन संस्करणों को संबंधित राज्यों में स्थित आकाशवाणी स्टेशनों द्वारा अपनाया जाएगा।
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25/03/26 |सावधान! गैस बुकिंग की समय-सीमा को लेकर न हों भ्रमित, सरकार ने अफवाहों को किया खारिज
आरएस अनेजा, 25 मार्च नई दिल्ली - केंद्र सरकार ने एलपीजी रिफिल बुकिंग को लेकर भ्रमाक प्रचारों पर विराम लगाया है।
आज केंद्र सरकार द्वारा जारी बयान में सरकार ने कहा कि सरकार के संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ समाचार रिपोर्टें और सोशल मीडिया पोस्ट LPG रिफिल बुकिंग के लिए नई समय-सीमाओं का दावा कर रहे हैं—जैसे PMUY कनेक्शन के लिए 45 दिन, गैर-PMUY सिंगल बोतल कनेक्शन के लिए 25 दिन, और गैर-PMUY डबल बोतल कनेक्शन के लिए 35 दिन।
यह स्पष्ट किया जाता है कि इस तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। रिफिल बुकिंग की मौजूदा समय-सीमाएं अपरिवर्तित हैं और पहले की तरह ही लागू हैं:
शहरी क्षेत्रों में 25 दिन, और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन; चाहे कनेक्शन किसी भी प्रकार का हो।
नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी गलत जानकारियों पर विश्वास न करें और न ही उन्हें आगे फैलाएं; साथ ही, LPG रिफिल की अनावश्यक या घबराहट में की जाने वाली बुकिंग से बचें।
यह दोहराया जाता है कि देश में LPG का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, और चिंता का कोई कारण नहीं है।
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25/03/26 |रक्षा मंत्री ने पश्चिम एशिया की स्थिति और भारत की रक्षा तैयारियों पर इसके प्रभाव की समीक्षा की
आरएस अनेजा, 25 मार्च नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, सेना प्रमुखों, रक्षा सचिव, रक्षा उत्पादन सचिव और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के अध्यक्ष के साथ बैठक के दौरान पश्चिम एशिया की स्थिति और भारत की रक्षा तैयारियों पर इसके प्रभाव का जायजा लिया।
उन्हें वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य, मौजूदा संघर्षों के संभावित विस्तार के भारत पर पड़ने वाले प्रभाव के साथ-साथ वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति से उत्पन्न चुनौतियों और अवसरों के बारे में जानकारी दी गई। मौजूदा उपकरणों के रखरखाव और सेवाक्षमता सहित रक्षा उपकरणों की खरीद और उत्पादन के लिए आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन पर स्थिति के प्रभाव का भी विश्लेषण किया गया।
रक्षा मंत्री ने निर्देश दिया कि भारत की तैयारियों को बेहतर बनाने के लिए मौजूदा संघर्ष से मिले परिचालन और तकनीकी सबक का निरंतर अध्ययन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमें अगले दशक के लिए एक व्यापक एकीकृत रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता है, जिसमें सीखे गए सबक, आगे आने वाली चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखते हुए सभी मोर्चों पर आत्मनिर्भरता और परिचालन तत्परता सुनिश्चित की जाए।”
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वजन घटाने वाली दवाओं (GLP-1) पर सरकार की स्ट्राइक: बिना डॉक्टरी सलाह इस्तेमाल पड़ेगा भारी
आरएस अनेजा, 25 मार्च नई दिल्ली - भारत के औषधि नियंत्रक ने वजन घटाने वाली दवा (जीएलपी-1) की आपूर्ति श्रृंखला में नैतिक औषधीय प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करने के लिए दवा की अनधिकृत बिक्री और प्रचार के विरूद्ध अपनी नियामक निगरानी को तेज कर दिया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने सलाह दी है कि चिकित्सक की सलाह पर ही इनका प्रयोग किया जाए। भारतीय बाजार में जीएलपी-1 आधारित वजन घटाने वाली दवाओं के कई नवीन जेनेरिक वेरिएंट के आने से खुदरा फार्मेसियों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, थोक विक्रेताओं और स्वास्थ्य क्लीनिकों के माध्यम से इनकी ऑन-डिमांड उपलब्धता को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। उचित चिकित्सा पर्यवेक्षण के बिना इन दवाओं के उपयोग से गंभीर दुष्प्रभाव और संबंधित स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं।
भारत के औषधि नियंत्रक ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए राज्य नियामकों के सहयोग से दवा आपूर्ति श्रृंखला में संभावित कदाचारों पर अंकुश लगाने और अनधिकृत बिक्री और उपयोग को रोकने और उन अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई शुरू की है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी निर्माताओं को एक व्यापक सलाह जारी की गई, जिसमें स्पष्ट रूप से भ्रमित विज्ञापनों और किसी भी प्रकार के अप्रत्यक्ष प्रचार पर रोक लगाई गई जो उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकता है या ऑफ-लेबल उपयोग को प्रोत्साहित कर सकता है।
वर्तमान में प्रवर्तन गतिविधियों को काफी बढ़ाया गया है। ऑनलाइन फार्मेसी गोदामों, दवा थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं, स्वास्थ्य और वजन घटाने वाले क्लीनिकों सहित 49 संस्थाओं में ऑडिट और निरीक्षण किए गए। ये निरीक्षण देश भर के कई क्षेत्रों में किए गए और इनका उद्देश्य अनधिकृत बिक्री, अनुचित नुस्खे लिखने की तरीकों और भ्रामक विपणन से संबंधित उल्लंघनों की पहचान करना था। इसके अलावा, दोषी संस्थाओं को नोटिस भी भेजे गए हैं।
नियामक इस बात पर जोर देता है कि मरीज़ों की सुरक्षा सर्वोपरि है। चिकित्सकीय देखरेख के बिना वजन घटाने वाली दवाओं का दुरुपयोग गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी दवाओं का उपयोग केवल योग्य चिकित्सकों के मार्गदर्शन में ही करें।
यहां यह दोहराना महत्वपूर्ण है कि भारत में इस दवा को एंडोक्रिनोलॉजिस्ट और इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञों के निर्देश पर ही मंजूरी दी गई है, और कुछ मामलों में केवल कार्डियोलॉजिस्ट द्वारा ही इसका उपयोग किया जा सकता है। आने वाले समय में नियामक निगरानी को और तेज किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस रद्द करना, जुर्माना लगाना और लागू कानूनों के अंतर्गत मुकदमा चलाना शामिल है।
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भ्रष्टाचार पर CBI का कड़ा प्रहार: रिश्वत लेने वाले दिल्ली पुलिस के पूर्व सब-इंस्पेक्टर को 3 साल की जेल
नई दिल्ली, 24 मार्च (अन्नू): भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सीबीआई की विशेष अदालत ने दिल्ली पुलिस के एक पूर्व सब-इंस्पेक्टर को रिश्वतखोरी के मामले में सलाखों के पीछे भेज दिया है। अदालत ने नांगलोई ट्रैफिक सर्कल के तत्कालीन जोनल ऑफिसर (ZO) जगमाल सिंह देशवाल को दोषी करार देते हुए 3 साल के कठोर कारावास (RI) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
ट्रकों की एंट्री के बदले मांगी थी 'रिश्वत' मामला फरवरी 2022 का है, जब दोषी सब-इंस्पेक्टर जगमाल सिंह ने एक शिकायतकर्ता से उसके ट्रकों को अपने अधिकार क्षेत्र (जोन) से सुरक्षित गुजारने के बदले 24,000 रुपये की अवैध मांग की थी। शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को दी, जिसके बाद एजेंसी ने जाल बिछाकर आरोपी को 24,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
जांच और अदालती कार्यवाही सीबीआई ने इस मामले में 8 फरवरी 2022 को प्राथमिकी दर्ज की थी। गहन जांच के बाद 26 जुलाई 2022 को आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। सुनवाई के दौरान पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर माननीय अदालत ने 23 मार्च 2026 को अपना फैसला सुनाया। अदालत ने माना कि लोक सेवक का इस तरह रिश्वत मांगना समाज और कानून के प्रति गंभीर अपराध है।
भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए सीबीआई की अपील सीबीआई ने इस सजा के माध्यम से यह संदेश दिया है कि भ्रष्ट लोक सेवकों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। एजेंसी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत की मांग करता है, तो वे डरे नहीं और इसकी शिकायत सीबीआई के लोधी रोड स्थित कार्यालय में करें। इसके लिए सीबीआई ने हेल्पलाइन नंबर 011-24367887 और मोबाइल नंबर 9650394847 भी जारी किए हैं।#CBIAction #AntiCorruption #DelhiPolice #BriberyCase #JusticeServed #CBICourt #BreakingNewsDelhi #ZeroCorruption #DanikKhabar
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कई किसानों की आय हुई दोगुनी: संसद में बोले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान; देखें किसानों के लिए और क्या-क्या बोले मंत्री
आरएस अनेजा, 24 मार्च नई दिल्ली- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज लोकसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हर परिस्थिति में किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और अन्नदाता को संकट से उबारने के लिए किसी भी स्तर पर कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड खरीदी, पीएम‑आशा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, भावांतर भुगतान और मार्केट इंटरवेंशन स्कीम जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से किसान की आय को मज़बूत सुरक्षा‑कवच प्रदान किया है और किसानों की आय दोगुनी हुई है।
लोकसभा में सांसदों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और उनके हितों की रक्षा के लिए नरेंद्र मोदी की सरकार ने बीते वर्षों में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि कृषि उत्पादन में लगभग 44 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है और किसानों की उत्पादकता तथा आमदनी को समानांतर रूप से बढ़ाने का व्यापक अभियान चलाया गया है। चौहान ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के नाम पर सिर्फ बहाने बनाए गए, यहाँ तक कि यह तक कहा गया कि लागत से 50 प्रतिशत अधिक एमएसपी देने से बाज़ार विकृत हो जाएगा। इसके विपरीत, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने उत्पादन लागत पर 50 प्रतिशत लाभ को ध्यान में रखकर न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने का निर्णय लिया और लगातार उसे लागू किया है, जिससे किसान को उसकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल मिल सका है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने स्पष्ट किया कि केवल एमएसपी घोषित कर देना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उस पर वास्तविक खरीदी कराना ज़्यादा महत्वपूर्ण है और इस दिशा में सरकार ने गेहूँ, धान, दलहन और तिलहन के साथ‑साथ विभिन्न फसलों की एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीदी कर किसानों को सीधा लाभ पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार सिर्फ अनाज तक सीमित नहीं रही, बल्कि दलहन, तिलहन, फल और सब्ज़ियों तक के लिए भी सक्रिय हस्तक्षेप कर रही है ताकि किसी भी फसल के दाम गिरने पर किसान को नुक़सान न उठाना पड़े।
चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान– पीएम‑आशा योजना, प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है जिसके अंतर्गत उन फसलों को सुरक्षा दी जाती है जिनके दाम अक्सर एमएसपी के नीचे चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम‑आशा के तहत तीन प्रकार की व्यवस्थाएँ बनाई गई हैं– प्राइस सपोर्ट स्कीम के माध्यम से दलहन और तिलहन की सीधी खरीद, मूल्य‑अंतर भुगतान व्यवस्था के ज़रिए एमएसपी और बाज़ार भाव के बीच की खाई को पाटना, और ज़रूरत पड़ने पर अन्य माध्यमों से भी किसानों को संरक्षण देना।
महाराष्ट्र के संदर्भ में पूछे गए प्रश्न पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि हाल की प्राकृतिक आपदाओं के समय राज्य सरकार ने केंद्र की नीति‑समर्थित डिजिटल व्यवस्था का भरपूर उपयोग किया और मात्र पाँच दिनों के भीतर फार्मर आईडी के माध्यम से 14,000 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खाते में भेजकर त्वरित राहत पहुँचाई। उन्होंने कहा कि एक ओर राज्य सरकारें एसडीआरएफ जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से फसल‑क्षति की भरपाई करती हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को बीमा‑कवरेज और मुआवज़ा दिलाने में कोई कमी नहीं छोड़ रही है।
चौहान ने सोयाबीन सहित दलहन और तिलहन की फसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि दाम गिरने की स्थिति में सरकार केवल खरीद पर निर्भर नहीं रहती बल्कि भावांतर जैसी व्यवस्था के माध्यम से एमएसपी और बाज़ार भाव के बीच की पूरी की पूरी राशि सीधे किसान के खाते में डालने का विकल्प भी अपनाती है। उन्होंने मध्य प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ भावांतर भुगतान योजना के जरिए बिना लाइन में लगवाए, बिना अतिरिक्त लॉजिस्टिक लागत के, किसानों की आय को संरक्षण दिया गया है, और यही मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरक है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि सरकार ने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (एमआईएस) के माध्यम से जल्दी खराब होने वाले फल और सब्ज़ियों के लिए भी एक मॉडल रेट तय कर, या तो सीधे खरीद की व्यवस्था की है या फिर मॉडल रेट और बाज़ार भाव के अंतर को किसान के खाते में जमा करने का निर्णय किया है। अंगूर, मिर्च, आलू, प्याज़, टमाटर जैसी उत्पादों के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसानों के क्षेत्र में दाम बहुत कम हों और किसान अपना माल बड़े शहरों की मंडियों तक ले जाना चाहें तो ऐसे मामलों में परिवहन लागत तक का भार केंद्र सरकार उठा रही है, जिससे किसान दूर की मंडियों में बेहतर दाम प्राप्त कर सकें।
लोकसभा में जवाब देते हुए श्री शिवराज सिंह चौहान ने दोहराया कि किसान का पूरा उत्पाद ढंग से खरीदा जाए, इसके लिए एफसीआई, नेफेड, राज्य सरकारों की एजेंसियाँ और अन्य संस्थाएँ समन्वित ढंग से काम कर रही हैं और जहाँ जितने खरीद केंद्रों की आवश्यकता है, वहाँ उसी के अनुसार केंद्र खोले जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन की पारदर्शिता और सटीकता पर जोर देते हुए शिवराज सिंह ने बताया कि हर पंचायत स्तर पर फसल‑कटाई प्रयोग (crop cutting experiments) किए जाते हैं और प्रत्येक क्लस्टर/पंचायत में ऐसे चार प्रयोग अनिवार्य रूप से कराए जाते हैं ताकि उपज के आंकड़ों के अनुमान में किसी प्रकार की शंका न रहे। उन्होंने कहा कि अब टेक्नोलॉजी का व्यापक उपयोग करते हुए सैटेलाइट‑आधारित रिमोट सेंसिंग की पद्धति भी अपनाई गई है जिससे वास्तविक उपज और नुकसान का बेहतर आकलन हो सके और बीमा दावों का भुगतान अधिक वैज्ञानिक और निष्पक्ष आधार पर किया जा सके; नई फसल बीमा व्यवस्था में इसका लाभ सीधे किसानों को मिल रहा है।
केंद्रीय मंत्री चौहान ने बताया कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में किसानों ने कुल लगभग 36,055 करोड़ रुपये का प्रीमियम प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जमा किया है, जिसके बदले में लगभग 1,92,477 करोड़ रुपये की बीमा दावा राशि किसानों के खातों में जमा की गई है; यह इस बात का प्रमाण है कि योजना किसानों के पक्ष में अत्यंत लाभकारी रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहले स्थानीय स्तर की आपदा या किसी एक किसान की फसल‑क्षति सामान्यतः कवर नहीं मानी जाती थी और मुख्यतः तहसील/ब्लॉक इकाई पर आकलन होता था, लेकिन अब प्रावधान बदलकर यह सुनिश्चित किया गया है कि यदि किसी एक किसान की फसल भी क्षतिग्रस्त हो और उपज के आंकड़े इसे साबित करें, तो उसके नुकसान की भरपाई भी फसल बीमा योजना के माध्यम से की जाएगी; कोई भी किसान बीमा‑सुरक्षा से वंचित नहीं रहेगा।
उन्होंने कहा कि यह केवल कागज़ी योजनाएँ नहीं हैं बल्कि ज़मीनी स्तर पर लागू किए गए ठोस कदम हैं जिनका सीधा लाभ किसानों की आय और सुरक्षा में दिखाई दे रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि पीएम मोदी की सरकार किसान‑हितैषी है जो हर संकट में अन्नदाता और जीवनदाता किसान के साथ मज़बूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि हम किसी भी हालत में किसान को उनके पसीने की पूरी कीमत देने के संकल्प से कभी पीछे नहीं हटेंगे; किसान की मेहनत और सम्मान की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।#ShivrajSinghChauhan #FarmersWelfare #MSPRanking #PMKisan #AgricultureNews #ModiSarkar #CropInsurance #PMASHA #FarmerIncomeBoost #AgriculturalReform #DanikKhabar
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केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम राइफल्स के वीर जवानों और उनके परिवारों को 'स्थापना दिवस' की बधाई दी
आरएस अनेजा, 24 मार्च नई दिल्ली- केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने असम राइफल्स के वीर जवानों और उनके परिवारों को 'स्थापना दिवस' की बधाई दी।
X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा, असम राइफल्स के वीर जवानों और उनके परिवारों को 'स्थापना दिवस' की बधाई। उन्होंने कहा कि वे पूर्वोत्तर के दुर्गम इलाकों में हमारी सीमाओं की रक्षा करते हैं, अपनी वीरता और देशभक्ति का परिचय देते हुए मानवीय सहायता के माध्यम से विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास भी कायम करते हैं। शाह ने कहा कि राष्ट्र सेवा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले असम राइफल्स के वीर जवानों को नमन।#AssamRifles #RaisingDay #AmitShah #IndianArmy #VeerJawan #NorthEastIndia #Patriotism #InternalSecurity #SentinelsOfTheNorthEast #DanikKhabar
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23/03/26 |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शहीद दिवस पर भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की
आरएस अनेजा, 23 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज शहीद दिवस के अवसर पर महान स्वतंत्रता सेनानियों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र के लिए इन महान नायकों का बलिदान भारत की सामूहिक स्मृति में गहराई से अंकित है; उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि कम उम्र में ही उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के उद्देश्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता दिखाई।
मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि औपनिवेशिक शासन की ताकत से विचलित हुए बिना, उन्होंने दृढ़ विश्वास के साथ बलिदान का मार्ग चुना और राष्ट्र को अपने जीवन से ऊपर रखा; न्याय, देशभक्ति और निडर प्रतिरोध के उनके आदर्श आज भी अनगिनत भारतीयों के मन में प्रेरणा का संचार करते हैं।
प्रधानमंत्री ने एक्स(X) पर लिखा:
"आज हम भारत माता के वीर सपूतों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। राष्ट्र के लिए उनका बलिदान हमारी सामूहिक स्मृति में सदा के लिए अंकित है।
कम उम्र में ही उन्होंने असाधारण साहस और भारत की स्वतंत्रता के उद्देश्य के प्रति अटूट निष्ठा का परिचय दिया। औपनिवेशिक शासन की ताकत से विचलित हुए बिना, उन्होंने दृढ़ विश्वास के साथ बलिदान का मार्ग चुना और राष्ट्र को अपने जीवन से ऊपर रखा; न्याय, देशभक्ति और निडर प्रतिरोध के आदर्श आज भी अनगिनत भारतीयों के मन में प्रेरणा का संचार करते हैं।
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22/03/26 |- भारत,
- India,
- बिहार,
- नरेंद्र मोदी,
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं
आरएस अनेजा, 22 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज बिहार दिवस के अवसर पर बिहार के लोगों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य के लोगों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिहार ने लंबे समय से भारतीय विरासत को गौरव और आध्यात्मिकता प्रदान की है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य वर्तमान में प्रतिदिन प्रगति के नए अध्याय गढ़ रहा है। मोदी ने आगे विश्वास व्यक्त किया कि बिहार के कर्मठ और ऊर्जावान लोगों का समर्पण और क्षमता ‘विकसित बिहार’ के संकल्प को ‘विकसित भारत’ के साथ साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री ने एक्स(X) पर लिखा:
"बिहार दिवस के अवसर पर राज्य के अपने सभी परिवारजनों को अनेकानेक शुभकामनाएं। भारतीय विरासत को भव्यता और दिव्यता प्रदान करने वाला हमारा यह प्रदेश आज प्रगति के नित-नए अध्याय गढ़ने में जुटा है। मुझे विश्वास है कि विकसित बिहार के साथ विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में यहां के कर्मठ एवं ऊर्जावान लोगों का समर्पण और सामर्थ्य बहुत काम आएगा।"
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धुरंधर-2 फिल्म में "शेर-ए-बलूच रणवीर सिंह" के एंट्री अरेबियन सांग "Didi" ने ताजा की 34 वर्ष पुरानी यादे
आरएस अनेजा, 21 मार्च नई दिल्ली - हाल ही में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर “धुरंधर 2” फिल्म आए दिन नए रिकार्ड ध्वस्त कर रही है। मुख्य किरदार रणवीर सिंह का एंट्री ट्रैक 'शेर-ए-बलोच' में 'Didi' नाम का एक अरेबियन गाना है जबकि इससे पहले पहली धुरंधर फिल्म में अक्षय खन्ना के Flipperachi का 'FA9LA' गाना दिखाया गया था जिसने सुर्खियां बटोरी थी। फिल्म के दोनों गाने वाहवाही लूट रहे हैं।
पहली फिल्म 'धुरंधर' में अक्षय खन्ना का 'शेर-ए-बलूच' वाला अंदाज आज भी सिनेमा प्रेमियों के जेहन में ताजा है। बहरीनी कलाकार फ्लिपराची के सुपरहिट ट्रैक 'FA9LA' पर उनकी वह जादुई एंट्री और बलूच कैंप में अचानक किया गया उनका डांस सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था लेकिन अब दूसरे पार्ट में कहानी अक्षय से सीधे रणवीर सिंह पर पहुंच गई है।
'धुरंधर' में अक्षय खन्ना का किरदार 'रहमान डकैत' खत्म हो चुका है, और अब सत्ता की कमान रणवीर सिंह के हाथों में है। रणवीर का किरदार 'जसकीरत सिंह रंगी' (जिसे हमजा अली मजारी के नाम से भी जाना जाता है) अब नया 'शेर-ए-बलूच' बनकर पर्दे पर तहलका मचा रहे हैं। उनकी एंट्री का दृश्य बिल्कुल अक्षय खन्ना की याद दिलाता है, लेकिन इस बार म्यूजिक और तेवर दोनों ही एकदम अलग है।
"Didi" गाना पहली बार 1990 के दशक की शुरुआत में सुना गया, इसने कई रूप देखे हैं: क्लबों में, शादियों में, रेडियो स्टेशनों पर, और अब, "धुरंधर 2" में यह गाना प्रचलित हो रहा है। यह अरेबियान गाना Khaled—जिन्हें अक्सर Cheb Khaled के नाम से जाना जाता है—सिर्फ़ "Didi" के गायक ही नहीं हैं; वह ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने अल्जीरियाई राई (raï) संगीत को स्थानीय सड़कों से उठाकर वैश्विक मंचों तक पहुँचाया। और 2026 में, उनकी आवाज़ को एक बार फिर सिनेमाई प्रासंगिकता मिली है। 1992 में रिलीज़ हुआ "Didi" गाने ने पूरे यूरोप, मध्य पूर्व और एशिया के कुछ हिस्सों में चार्ट्स पर अपनी जगह बनाई। फ़्रांस में, इसने Top 10 में जगह बनाकर बाधाओं को तोड़ा—जो उस समय अल्जीरियाई अरबी में गाए गए किसी गाने के लिए एक असाधारण उपलब्धि थी।
Aditya Dhar की फ़िल्म "Dhurandhar: The Revenge" में, "Didi" की वापसी होती है—लेकिन पुरानी यादों के तौर पर नहीं। यह एक मकसद के साथ आता है। फ़िल्म के एंड क्रेडिट्स में "Didi – Sher E Baloch" नाम से दिखाया गया इसका नया रूप, एक नाटकीय दृश्य के दौरान बजता है, जहाँ Ranveer Singh के किरदार का स्वागत एक बलूच समूह द्वारा किया जाता है। यह पल भव्य, बहुआयामी और जान-बूझकर नाटकीय बनाया गया है।
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सीमाओं से परे युद्ध: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी ‘नए भारत’ के युवाओं को आधुनिक चुनौतियों से लड़ने की नई दृष्टि
आरएस अनेजा, 21 मार्च नई दिल्ली - “आज के ज़माने की लड़ाई सीमाओं से परे है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा में आर्थिक, डिजिटल, ऊर्जा और यहाँ तक कि खाद्य सुरक्षा भी शामिल है,” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा। उन्होंने एक मज़बूत सेना की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, जिसे ऐसे तैयार नागरिक समर्थन दें जो किसी भी हालात में देश की रक्षा के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हो सकें।
21 मार्च, 2026 को उत्तराखंड के सैनिक स्कूल, घोड़ाखाल के स्थापना दिवस समारोह और हीरक जयंती (Diamond Jubilee) के मौके पर वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि संघर्षों का स्वरूप पूरी तरह से बदल गया है। आज किसी भी देश को आर्थिक, साइबर, अंतरिक्ष और सूचना युद्ध के ज़रिए कमज़ोर किया जा सकता है, जिसके लिए हर नागरिक को हर समय सतर्क और तैयार रहने की ज़रूरत है।
जहाँ एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार रक्षा बलों को खास हथियारों और तकनीकों से लैस करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है, वहीं रक्षा मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नागरिकों, खासकर युवाओं को, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के ज़रिए मानसिक मज़बूती और बौद्धिक स्पष्टता विकसित करने की ज़रूरत है, ताकि वे देश को किसी भी स्थिति से निपटने में मदद कर सकें। VUCA (अस्थिर, अनिश्चित, जटिल और अस्पष्ट) की अवधारणा का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे आधुनिक चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अपना खुद का VUCA विकसित करें - यानी Vision (दृष्टि), Understanding (समझ), Courage (साहस) और Adaptability (अनुकूलन क्षमता)।
देश-निर्माण के लिए ज़रूरी मूल्यों को ज़्यादा से ज़्यादा युवाओं तक पहुँचाने की दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डालते हुए, श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हाल ही में देश भर में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत 100 नए सैनिक स्कूल खोलने का फ़ैसला लिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि एक और पहल के तहत नेशनल कैडेट कोर (NCC) में सीटों की संख्या बढ़ाई जा रही है। “पहले NCC में 17 लाख कैडेट्स को शामिल करने की क्षमता थी; अब इसे बढ़ाकर 20 लाख कर दिया गया है,” उन्होंने कहा।
रक्षा मंत्री ने सैनिक स्कूलों में लड़कियों के दाखिले के फ़ैसले को ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बताया, जो देश की 'नारी शक्ति' को और मज़बूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ये लड़कियाँ 'नारी शक्ति' की मशाल बनेंगी और अलग-अलग क्षेत्रों में सफलता की नई ऊँचाइयाँ छूएँगी। सैनिक स्कूल, घोड़ाखाल द्वारा राष्ट्र की सेवा में 60 वर्ष पूरे करने के अवसर पर छात्रों, शिक्षकों, पूर्व छात्रों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए, राजनाथ सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि छात्र अनुशासन और समर्पण के उच्चतम मानकों को बनाए रखना जारी रखेंगे, जिससे उनके परिवारों, संस्थान और राष्ट्र को गौरव प्राप्त होगा।
"दशकों के दौरान, इस स्कूल ने 800 से अधिक छात्रों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में और 2,000 से अधिक उम्मीदवारों को संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा (CDS) और वायु सेना सामान्य प्रवेश परीक्षा (AFCAT) जैसी विभिन्न प्रवेश योजनाओं के माध्यम से सशस्त्र बलों में भेजा है।" उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह संस्थान ऐसे नेताओं को तैयार करना जारी रखेगा जो राष्ट्र-निर्माण में सार्थक योगदान देंगे। उन्होंने आगे कहा कि स्कूल के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र, जिनमें पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल एम.के. कटियार भी शामिल हैं, छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
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21/03/26 |उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने नागपुर में 29वें 'भारतीय युवा संसद' सत्र को किया संबोधित
आरएस अनेजा, 21 मार्च नई दिल्ली - भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज महाराष्ट्र के नागपुर में महर्षि व्यास सभागार में भारतीय युवा संसद के 29वें राष्ट्रीय सत्र को संबोधित किया। यह सत्र "भारतीय भाषाएँ और विकसित भारत–2047" विषय पर आधारित है।
नागपुर के महत्व का उल्लेख करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह शहर राष्ट्रीय चेतना में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है, क्योंकि यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का जन्मस्थान है, जिसकी स्थापना डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में की थी। उन्होंने कहा कि एक छोटी सी पहल से राष्ट्रीय सेवा को समर्पित एक विशाल आंदोलन तक इस संगठन की यात्रा "राष्ट्र प्रथम" की भावना और राष्ट्र के प्रति समर्पण को दर्शाती है।
दो दशकों से अधिक समय से किए जा रहे कार्यों के लिए भारतीय युवा संसद राष्ट्रीय ट्रस्ट की सराहना करते हुए, उन्होंने कहा कि इस संगठन ने विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को आपस में जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे "एक भारत श्रेष्ठ भारत" की भावना को मजबूती मिली है।
"भारतीय भाषाएँ और विकसित भारत–2047" विषय पर बोलते हुए, उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की भाषाई विविधता उसकी एक बड़ी ताकत है, और कहा कि जब हम अपनी मातृभाषा में बोलते हैं, तो हम "क्षेत्रीय" नहीं, बल्कि "मौलिक" होते हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हर भाषा की अपनी एक विरासत होती है और ये सभी मिलकर राष्ट्र की सांस्कृतिक समरसता का निर्माण करती हैं। उन्होंने भारत के संविधान को कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने के हालिया प्रयासों का भी उल्लेख किया और कहा कि भाषाई विविधता को बढ़ावा देना और उसका संरक्षण करना राष्ट्रीय विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि 2047 तक "विकसित भारत" का लक्ष्य उधार के विचारों के माध्यम से प्राप्त नहीं किया जा सकता; इसके लिए भारत को अपनी जड़ों से जुड़कर नवाचार करना होगा, अपनी मूल भाषाओं और लिपियों में चिंतन करना होगा, और अपनी सभ्यतागत पहचान पर पूर्ण विश्वास रखते हुए आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने संस्कृत और अन्य भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की भूमिका की भी सराहना की, और कहा कि संस्कृत कई भारतीय भाषाओं को आपस में जोड़ती है तथा भारत की ज्ञान-परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है, और आज के युवा ही वह "अमृत पीढ़ी" हैं जो 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र के रूप में उभरते हुए देखेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह युवा संसद इस राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में अपना सार्थक योगदान देगी। इससे पहले दिन में, उपराष्ट्रपति ने नागपुर स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन में RSS के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की समाधि (स्मारक) पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री जिष्णु देव वर्मा; महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले; समाज सेवी डॉ. कृष्ण गोपाल; केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी; इंडियन यूथ पार्लियामेंट के राष्ट्रीय संयोजक श्री आशुतोष जोशी; और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ पूरे देश से बड़ी संख्या में युवा प्रतिभागियों ने भाग लिया।
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जल सुरक्षा का नया संकल्प: 'विश्व जल दिवस सम्मेलन 2026' कल और भारत की बदलती तस्वीर
आरएस अनेजा, 21 मार्च नई दिल्ली - दुनिया भर में 22 मार्च को मनाया जाने वाला 'विश्व जल दिवस' ताज़े पानी के बेहद ज़रूरी महत्व और पानी के टिकाऊ प्रबंधन की तत्काल ज़रूरत की याद दिलाता है। यह पानी की कमी, जलवायु परिवर्तन और सभी तक समान पहुँच जैसी बढ़ती चुनौतियों को उजागर करता है, साथ ही सरकारों, उद्योगों और समुदायों को आज और आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी सुरक्षित करने की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करता है। इस साल का वैश्विक विषय, "जल और लिंग," समावेशी और न्यायसंगत जल शासन की ज़रूरत पर और भी ज़्यादा ज़ोर देता है।
कार्रवाई के इस वैश्विक आह्वान को मज़बूती देते हुए, जल शक्ति मंत्रालय 23 मार्च 2026 को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में "जल के लिए उद्योग" विषय के तहत 'विश्व जल दिवस सम्मेलन 2026' का आयोजन करेगा। उद्घाटन सत्र केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल की उपस्थिति में होगा, जिसमें सरकार और उद्योग के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
यह सम्मेलन "संपूर्ण-सरकार" और "संपूर्ण-समाज" दृष्टिकोण के माध्यम से भारत की जल सुरक्षा को मज़बूत करने की दिशा में विभिन्न विभागों, शिक्षा जगत और उद्योगों के बीच बढ़ते तालमेल को उजागर करता है। पानी को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संसाधन और इसके प्रबंधन में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की प्राथमिक भूमिका को पहचानते हुए, उन्हें इस अवसर को मनाने के लिए उपयुक्त गतिविधियों का आयोजन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
ऐसी पहलें जन जागरूकता बढ़ा सकती हैं, सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दे सकती हैं, और पानी के ज़िम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहित कर सकती हैं। राज्य/केंद्र शासित प्रदेश जागरूकता कार्यक्रम चला सकते हैं, वर्षा जल संचयन और पुन: उपयोग जैसी बेहतरीन प्रथाओं को प्रदर्शित कर सकते हैं, पानी के उपयोग की दक्षता में सुधार के लिए उद्योगों और शहरी स्थानीय निकायों के साथ जुड़ सकते हैं, और समुदाय के नेतृत्व वाली पहलों को बढ़ावा दे सकते हैं।
यह सम्मेलन टिकाऊ जल प्रबंधन के लिए संवाद, नवाचार और सहयोग का एक राष्ट्रीय मंच होगा, जो नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं, शिक्षाविदों, स्टार्टअप्स, MSMEs और युवा नवप्रवर्तकों को एक साथ लाकर ऐसे समाधान तैयार करेगा जो बड़े पैमाने पर लागू किए जा सकें और प्रौद्योगिकी पर आधारित हों।
उद्योग को पानी के उपयोग की दक्षता, रीसाइक्लिंग, पुन: उपयोग और नवाचार के एक प्रमुख चालक के रूप में स्थापित करते हुए, यह सम्मेलन एक ऐसे बड़े बदलाव को उजागर करता है जहाँ उद्योग पानी के केवल उपयोगकर्ता होने से आगे बढ़कर पानी के संरक्षक बन रहे हैं, और ज़्यादा समझदारी भरे तथा टिकाऊ तरीकों को अपना रहे हैं। इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से 700 से ज़्यादा प्रतिनिधियों की भागीदारी देखने को मिलेगी।
एक मुख्य आकर्षण 'जल शक्ति हैकाथॉन' के विजेताओं का सम्मान होगा, जिसके माध्यम से जल क्षेत्र में किए गए अभिनव और प्रभावशाली समाधानों को मान्यता दी जाएगी। राज्य सरकारें इसमें सक्रिय रूप से भाग लेंगी, विशेष रूप से जनगणना-केंद्रित सत्र में; इस सत्र में प्रमुख राष्ट्रीय जल जनगणना रिपोर्टों के पूरा होने और उनके विमोचन के अवसर पर सम्मान समारोह भी आयोजित किया जाएगा, जो डेटा-आधारित जल शासन के महत्व को रेखांकित करेगा।
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सीमा सुरक्षा और शिक्षा का संगम: RRU और SSB के बीच ऐतिहासिक समझौता, अब जवानों के हुनर को मिलेगी शैक्षणिक डिग्री
आरएस अनेजा, 21 मार्च नई दिल्ली - भारत के आंतरिक सुरक्षा ढांचे को मज़बूत करने की दिशा में हाल ही में उठाए गए एक कदम के तहत, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) अकादमी ने, अपने प्रशिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर, आज विशेष सुरक्षा पाठ्यक्रमों को संबद्धता और मान्यता देने के लिए आधिकारिक तौर पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस औपचारिक हस्ताक्षर समारोह का आयोजन दिल्ली स्थित SSB मुख्यालय में किया गया, जिसमें RRU के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) कल्पेश एच. वंड्रा; RRU में संबद्धता और मान्यता के डीन श्री अविनाश खरेल; और SSB के महानिदेशक (DG) श्री संजय सिंघल सहित अन्य उच्चाधिकारियों ने भाग लिया।
यह रणनीतिक साझेदारी एक औपचारिक ढांचा स्थापित करती है, जिसके तहत 'राष्ट्रीय महत्व का संस्थान' होने के नाते RRU, SSB अकादमी में संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों को शैक्षणिक मान्यता प्रदान करेगा। समझौते की शर्तों के अनुसार, दोनों संस्थानों ने संसाधनों के व्यापक आदान-प्रदान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है, जिसमें संकाय की विशेषज्ञता, शिक्षण-अधिगम के उपकरण और विशेष प्रशिक्षण सुविधाएं शामिल हैं। इस सहयोग का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित शैक्षणिक अनुसंधान और सीमा सुरक्षा बलों की व्यावहारिक तथा ज़मीनी आवश्यकताओं के बीच की खाई को पाटना है।
इस कार्यक्रम के दौरान, प्रो. (डॉ.) कल्पेश एच. वंड्रा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह सहयोग पहले से ही परिणाम देने लगा है; उन्होंने बताया कि RRU ने हाल ही में SSB अधिकारियों के लिए "स्मार्ट सीमा प्रबंधन" (Smart Border Management) नामक एक विशेष पाठ्यक्रम संचालित किया था। व्यावसायिक विकास के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने के लिए, RRU अपनी अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और क्षेत्र-आधारित कार्यशालाओं के माध्यम से SSB कर्मियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इस पहल से SSB के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का आधुनिकीकरण होने की उम्मीद है, जिसमें सीमा निगरानी और आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के लिए प्रौद्योगिकी-आधारित समाधानों पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा।
SSB के महानिदेशक संजय सिंघल ने बल के लिए आवश्यक शैक्षणिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने की RRU की क्षमताओं पर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह साझेदारी अधिकारियों के "कौशल उन्नयन और पुनर्-कौशलन" (upskilling and re-skilling) पर विशेष रूप से केंद्रित होगी, ताकि वे सीमा प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा के निरंतर बदलते परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को ढाल सकें।
दोनों संस्थानों की प्रतिभा-पूंजी का सदुपयोग करते हुए, इस पहल का उद्देश्य सशस्त्र सीमा बल के भीतर निरंतर व्यावसायिक विकास के लिए एक सुदृढ़ पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में स्थापित, इस विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और पुलिसिंग के लिए एक प्रमुख शैक्षणिक और अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में कार्य करना है। यह विशेषज्ञों के एक वैश्विक नेटवर्क का उपयोग करके, एक अनुशासित ढांचे के भीतर विशेष पेशेवर शिक्षा प्रदान करता है।
इस MoU (समझौता ज्ञापन) के अनुसरण में, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय SSB द्वारा संचालित मौजूदा और भविष्य के पाठ्यक्रमों को मान्यता प्रदान करेगा। इसके परिणामस्वरूप, RRU के 'पाठ्यक्रमों के संयुक्त प्रत्यायन और प्रमाणन दिशानिर्देशों' के आधार पर, प्रमाण पत्र/डिप्लोमा/PG डिप्लोमा/एडवांस्ड डिप्लोमा/स्नातक डिग्री/स्नातकोत्तर डिग्री प्रदान की जा सकती है।
इस साझेदारी में कार्यान्वयन के लिए एक तार्किक ढांचा शामिल है:
पाठ्यक्रम मूल्यांकन: RRU, SSB प्रतिष्ठानों में मौजूदा पाठ्यक्रम का मूल्यांकन करेगा ताकि प्रशिक्षण घंटों और सामग्री की शैक्षणिक क्रेडिट के साथ समतुल्यता निर्धारित की जा सके।
पाठ्यक्रम संवर्धन: दोनों संस्थान, विशिष्ट डिग्री या डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए आवश्यक "अतिरिक्त क्रेडिट" की आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु, अतिरिक्त पाठ्यक्रम सामग्री या सिलेबस (पाठ्यक्रम) तैयार करने में सहयोग करेंगे।
मानकीकृत मूल्यांकन: RRU के नियमों (Statutes) द्वारा निर्धारित उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए, प्रत्येक मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम हेतु एक सुदृढ़ मूल्यांकन प्रक्रिया और ग्रेडिंग तंत्र स्थापित किया जाएगा।
शैक्षणिक निष्ठा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए, यह साझेदारी मौजूदा और अतिरिक्त, दोनों प्रकार की पाठ्यक्रम सामग्री की समय-समय पर जांच और सत्यापन को अनिवार्य बनाती है। यह सुनिश्चित करता है कि पाठ्यक्रम गतिशील बना रहे और उभरते सुरक्षा खतरों के प्रति संवेदनशील हो। इसके अतिरिक्त, यह समझौता सशस्त्र सीमा बल (SSB) अकादमी में एक समर्पित RRU डेस्क की स्थापना की सुविधा प्रदान करता है। यह प्रशासनिक केंद्र डेटा का प्रबंधन करेगा, दैनिक संचार को सुव्यवस्थित करेगा, और प्रत्यायन प्रक्रिया के प्रभावी कार्यान्वयन की देखरेख करेगा, जिससे विश्वविद्यालय और अर्धसैनिक बल के बीच निर्बाध समन्वय सुनिश्चित हो सके।
यह सहयोग गृह मंत्रालय के "एकीकृत प्रशिक्षण" (Integrated Training) के दृष्टिकोण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सैद्धांतिक अनुसंधान और व्यावहारिक सीमा प्रबंधन के बीच की खाई को पाटता है। SSB कर्मियों द्वारा प्राप्त किए गए कठोर प्रशिक्षण को प्रमाणित करके, यह MoU उन्हें करियर में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर और शैक्षणिक मान्यता प्रदान करता है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप है।
एक प्रमुख आंतरिक सुरक्षा विश्वविद्यालय और सीमा की रक्षा करने वाले एक अग्रिम पंक्ति के बल के बीच यह तालमेल, भारत की सुरक्षा संरचना को अधिक पेशेवर बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। सामरिक प्रशिक्षण को राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCrF) के साथ संरेखित करके, यह MoU सुनिश्चित करता है कि SSB के अधिकारियों और कर्मियों का समर्पण औपचारिक शैक्षणिक उपलब्धियों के रूप में परिलक्षित हो।
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भारत की जैव विविधता पर 'सर्जिकल स्ट्राइक': इनवेसिव स्पीशीज से निपटने के लिए NBA ने गठित की उच्च-स्तरीय विशेषज्ञ समिति
आरएस अनेजा, 21 मार्च नई दिल्ली - नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के पालन में, नेशनल बायोडायवर्सिटी अथॉरिटी (NBA) ने इनवेसिव एलियन स्पीशीज़ पर एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है, ताकि पूरे देश में ऐसी प्रजातियों से पैदा होने वाले बढ़ते पारिस्थितिक और सामाजिक-आर्थिक जोखिमों से निपटा जा सके।
यह फैसला NGT की एक स्वतः संज्ञान कार्यवाही (O.A. No. 162/2023) के बाद आया है, जिसमें इनवेसिव एलियन स्पीशीज़ से स्थानीय जैव विविधता, प्रमुख पारिस्थितिक तंत्रों, कृषि, खाद्य सुरक्षा, और मानव व वन्यजीवों के स्वास्थ्य को होने वाले गंभीर खतरों पर ज़ोर दिया गया था, और NBA को एक व्यापक अध्ययन करने का निर्देश दिया गया था। MoEFCC की उस सलाह से इसे और बल मिला, जिसमें एक समर्पित विशेषज्ञ निकाय स्थापित करने की बात कही गई थी।
तदनुसार, जैविक विविधता अधिनियम, 2002 (जैसा कि 2023 में संशोधित किया गया) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए, NBA ने इस मुद्दे पर रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए एक बहु-विषयक समिति का गठन किया है। समिति को यह ज़िम्मेदारी सौंपी गई है कि वह राज्यों से मिले इनपुट के आधार पर इनवेसिव एलियन स्पीशीज़ की एक समेकित राष्ट्रीय सूची तैयार करे, उच्च जोखिम वाली प्रजातियों की पहचान करे और उन्हें प्राथमिकता दे, तथा उनकी रोकथाम, नियंत्रण और उन्मूलन के लिए विज्ञान-आधारित प्रबंधन रणनीतियों, पारिस्थितिक बहाली के उपायों और राष्ट्रीय स्तर के दिशानिर्देशों की सिफारिश करे।
यह सर्वोत्तम प्रथाओं का दस्तावेजीकरण और प्रसार भी करेगी, ज्ञान के महत्वपूर्ण अंतरालों की पहचान करेगी, और दीर्घकालिक प्रबंधन व नीतिगत प्रतिक्रियाओं को मज़बूत करने के लिए अनुसंधान और डेटा सृजन कार्यक्रमों का प्रस्ताव रखेगी।
समिति की अध्यक्षता धनंजय मोहन, IFS (सेवानिवृत्त), पूर्व PCCF और वन बल प्रमुख, उत्तराखंड कर रहे हैं; जबकि प्रो. (डॉ.) ए. बीजू कुमार, कुलपति, केरल यूनिवर्सिटी ऑफ़ फिशरीज़ एंड ओशन स्टडीज़, सह-अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं।
समिति में प्रमुख मंत्रालयों और प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रख्यात विशेषज्ञ शामिल हैं, जिनमें जूलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया, बॉटनिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया, पौधों, मछलियों और कीटों के आनुवंशिक संसाधनों पर ICAR अनुसंधान ब्यूरो, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद, भारतीय वन्यजीव संस्थान, भारतीय वन सर्वेक्षण, और तमिलनाडु, ओडिशा, महाराष्ट्र व असम के राज्य वन विभागों के प्रतिनिधि शामिल हैं। इनके अलावा, IUCN जैसे अंतर्राष्ट्रीय और शैक्षणिक विशेषज्ञ तथा अग्रणी अनुसंधान संस्थानों के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल हैं।
समिति की संरचना में विशेषज्ञता का एक व्यापक दायरा झलकता है, जिसमें पारिस्थितिकी, वानिकी, कृषि, मत्स्य पालन, समुद्री विज्ञान और जैव विविधता संरक्षण जैसे क्षेत्र शामिल हैं। यह संरचना इनवेसिव एलियन स्पीशीज़ से निपटने के लिए एक समन्वित, विज्ञान-संचालित और 'संपूर्ण-सरकारी' (whole-of-government) दृष्टिकोण सुनिश्चित करती है।
यह समिति दो वर्षों की अवधि के लिए कार्य करेगी, और उससे भारत की जैव विविधता की सुरक्षा करने, पारिस्थितिकी तंत्र के लचीलेपन को बढ़ाने तथा राष्ट्रीय और वैश्विक जैव विविधता संबंधी प्रतिबद्धताओं को समर्थन देने में महत्वपूर्ण योगदान देने की अपेक्षा की जाती है।
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NHAI राष्ट्रीय राजमार्गों के संचालन और प्रबंधन के लिए AI-आधारित डैशकैम निगरानी प्रणाली शुरू करेगा
आरएस अनेजा, 20 मार्च नई दिल्ली - नेशनल हाईवे के ऑपरेशन और मैनेजमेंट को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, NHAI नेशनल हाईवे नेटवर्क के लगभग 40,000 km हिस्से पर एडवांस्ड AI पावर्ड डैशकैम एनालिटिक्स सर्विसेज़ (DAS) लगाएगा।
यह पहल पूरे देश में नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे के लिए हाई-टेक, डेटा-आधारित ऑपरेशन और रखरखाव (O&M) के इस्तेमाल को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) का लाभ उठाती है।
इस प्रोजेक्ट का मकसद हाई-रिज़ॉल्यूशन इमेज और वीडियो डेटा का इस्तेमाल करके रिमोट ट्रैकिंग और सड़क की स्थिति का आकलन करना है। सभी हिस्सों का पूरी तरह से साप्ताहिक सर्वे करने के लिए रूट पेट्रोल व्हीकल्स (RPVs) पर खास डैशबोर्ड कैमरे लगाए जाएंगे। 30 से ज़्यादा तरह के दोषों और गड़बड़ियों की अपने आप पहचान करने के लिए एडवांस्ड AI/ML प्रशिक्षित मॉडल लगाए जाएंगे।
मुख्य ध्यान सड़क की सतह (Pavement) की स्थिति पर होगा, जिसमें गड्ढों, दरारों और गंभीर टूट-फूट का पता लगाना शामिल है। अपनाई गई विधि में 'रोड फ़र्नीचर' भी शामिल होगा, जिसमें खराब या धुंधले लेन मार्किंग, क्रैश बैरियर और खराब स्ट्रीटलाइट की रियल-टाइम पहचान शामिल है। अवैध मीडियन ओपनिंग, बिना अनुमति वाले साइनबोर्ड, और अवैध पार्किंग या अतिक्रमण की निगरानी के ज़रिए सुरक्षा और अतिक्रमण पर खास ध्यान दिया जाएगा।
सड़क सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए, सड़क के संकेतों, सड़क की सतह के निशानों, रोड स्टड्स और हाईवे की रोशनी के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए महीने में कम से कम एक बार रात के समय भी साप्ताहिक सर्वे किया जाएगा। रखरखाव के अन्य ज़रूरी मुद्दे, जैसे पानी का जमाव, गायब ड्रेनेज कवर, पेड़-पौधों की बढ़त और बस-बे की स्थिति भी इसमें शामिल होगी।
रिपोर्ट की प्रभावी निगरानी के लिए, पूरे देश में रणनीतिक रूप से पाँच ज़ोन बनाए गए हैं, ताकि डेटा की व्यवस्थित निगरानी सुनिश्चित की जा सके। इस मकसद के लिए खास तौर पर एक विशेष IT प्लेटफ़ॉर्म विकसित किया जाएगा, जिसमें डेटा प्रबंधन, AI विश्लेषण और इंटरैक्टिव विज़ुअलाइज़ेशन डैशबोर्ड के लिए समर्पित मॉड्यूल होंगे।
यह समाधान समय के साथ सड़क की स्थितियों की आमने-सामने तुलना करने की भी सुविधा देता है, जिससे NHAI रखरखाव की प्रगति को सटीक रूप से ट्रैक कर पाता है और मरम्मत का काम कुशलता से कर पाता है। AI से मिले नतीजों को NHAI के केंद्रीय 'डेटा लेक' प्लेटफ़ॉर्म के साथ भी जोड़ा जाएगा, ताकि निर्बाध निगरानी हो सके और दोषों का समय पर सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
यह पहल नेशनल हाईवे के प्रौद्योगिकी-आधारित और कुशल ऑपरेशन और प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। AI-संचालित डैशकैम निगरानी का लाभ उठाने से समय पर रखरखाव हो पाएगा, सड़क सुरक्षा में सुधार होगा और पूरे नेशनल हाईवे नेटवर्क में उपयोगकर्ताओं का समग्र अनुभव बेहतर होगा।
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भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026: 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को रोशन करने की ओर बढ़ते कदम
आरएस अनेजा, 20 मार्च नई दिल्ली - भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 के दूसरे दिन केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय बिजली मंत्री स्तरीय बैठक बुलाई गई।
इस बैठक की सह-अध्यक्षता बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक ने की। इसमें चंडीगढ़ और पंजाब के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया, बिजली सचिव श्री पंकज अग्रवाल, सचिव (MNRE) श्री संतोष कुमार सारंगी, और विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के ऊर्जा मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
सभा को संबोधित करते हुए मनोहर लाल ने कहा कि BES 2026 'विकसित भारत 2047' के विज़न को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा। इस बात पर ज़ोर देते हुए कि आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे के लिए बिजली मौलिक आवश्यकता है, उन्होंने भारत की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला—जैसे 520 GW से अधिक की स्थापित क्षमता, DISCOM के बेहतर प्रदर्शन, बड़े पैमाने पर स्मार्ट मीटर लगाना, और बिजली की कमी में कमी आना।
उन्होंने सस्ती और कुशल बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच समन्वित प्रयासों का आह्वान किया। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ऊर्जा सुरक्षा के महत्व पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत बढ़ाने और नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बदलाव की गति तेज़ करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा स्रोत के रूप में परमाणु ऊर्जा की क्षमता का भी उल्लेख किया और 'SHANTI Act' को एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मनोहर लाल ने राज्यों को आवश्यक सुधारों को लागू करने में केंद्र की ओर से पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया, जिसमें कानूनी और प्रशासनिक उपाय भी शामिल हैं।
श्रीपाद नाइक ने बिजली क्षेत्र में बदलाव लाने में प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर प्रकाश डाला, और स्मार्ट मीटरिंग को इसका एक प्रमुख उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भारत की आधी स्थापित क्षमता गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से आती है, और उन्होंने नई मसौदा 'राष्ट्रीय बिजली नीति' के महत्व पर ज़ोर दिया, जिसमें 'विकसित भारत @ 2047' के विज़न को हासिल करने की रणनीतियां बताई गई हैं।
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20/03/26 |भारत के राष्ट्रपति ने वृंदावन में रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के नंद किशोर सोमानी ऑन्कोलॉजी ब्लॉक का उद्घाटन किया
आरएस अनेजा, 20 मार्च नई दिल्ली - भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज उत्तर प्रदेश के वृंदावन में रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के 'नंद किशोर सोमानी ऑन्कोलॉजी ब्लॉक' का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर बोलते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि रामकृष्ण मिशन आध्यात्मिक चेतना और मानवीय सेवा के संगम का एक सशक्त प्रतीक है। रामकृष्ण परमहंस की गहरी भक्ति ने एक शक्तिशाली धारा प्रवाहित की, जिसे उनके प्रमुख शिष्य, स्वामी विवेकानंद ने बाद में मानवता के कल्याण के लिए एक संस्थागत रूप दिया। रामकृष्ण मिशन ने निरंतर यह संदेश दिया है कि प्रेम, सेवा और करुणा ही ईश्वर-प्राप्ति का सर्वोच्च मार्ग हैं। इस मिशन ने यह सिद्ध किया है कि सच्ची निस्वार्थ सेवा और करुणा ही आध्यात्मिकता की वास्तविक अभिव्यक्ति हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि कैंसर सबसे गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। इस बीमारी का समय पर निदान और उच्च गुणवत्ता वाले उपचार तक पहुँच, किसी मरीज की जान बचाने में निर्णायक साबित हो सकती है। हालाँकि, कई परिवारों के लिए, आर्थिक बाधाओं के कारण इस बीमारी का इलाज कठिन या यहाँ तक कि असंभव भी प्रतीत होता है। ऐसे समय में, जनसेवा की भावना से प्रेरित संस्थाएँ सामाजिक कल्याण में सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं।
जागरूकता अभियानों और समय पर स्क्रीनिंग की सुविधाओं के माध्यम से, कैंसर की रोकथाम और शीघ्र उपचार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण केवल स्वस्थ नागरिकों के माध्यम से ही संभव हो पाएगा।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत अपने स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने और यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएँ प्रत्येक नागरिक तक पहुँचें। 'आयुष्मान भारत' जैसी ऐतिहासिक योजनाओं के माध्यम से, लाखों नागरिकों को किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। कैंसर के उपचार को भी 'आयुष्मान भारत' योजना के दायरे में लाया गया है, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को लाभ मिल रहा है।
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20/03/26 |उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 21 और 22 मार्च को महाराष्ट्र का दौरा करेंगे
आरएस अनेजा, 20 मार्च नई दिल्ली - उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार 21 और 22 मार्च, 2026 को महाराष्ट्र का दौरा करेंगे।
उपराष्ट्रपति 21 मार्च, 2026 को नागपुर के महर्षि व्यास सभागार में भारतीय युवा संसद के 29वें राष्ट्रीय सत्र के उद्घाटन समारोह में भाग लेंगे।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन उसी दिन बाद में, मुंबई के लोक भवन में रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह और 64वें जैन दीक्षा समारोह में भाग लेंगे।
उपराष्ट्रपति 22 मार्च, 2026 को पुणे के उरुली कंचन स्थित निसर्गोपचार आश्रम के स्थापना दिवस कार्यक्रम में भाग लेंगे।
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उत्तराखंड में मंत्रीमंडल विस्तार, पांच नए मंत्रियों को राज्यपाल ने शपथ दिलाई
आरएस अनेजा, 20 मार्च नई दिल्ली — उत्तराखंड सरकार में धामी मंत्रिमंडल में पांच नए मंत्रियों की एंट्री हो गई है। आज सुबह 10 बजे नव नियुक्त कैबिनेट मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राज्यपाल गुरमीत सिंह ने पांच विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जिसमें आज धामी मंत्रिमंडल के लिए विधायक मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, भरत चौधरी, राम सिंह कैड़ा और खजानदास को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। मंत्रिमंडल में गढ़वाल और कुमाऊं के क्षेत्रीय संतुलन को बनाने की बजाय विधायकों को तवज्जो दी गई है। उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार विस्तार की चर्चाओं को लेकर हमेशा सियासी हलचल बढ़ती रही है। अब धामी मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है
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19/03/26 |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नव संवत्सर के पावन अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दीं
आरएस अनेजा, 19 मार्च नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नव संवत्सर के शुभ अवसर पर देशवासियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं और समृद्धि से भरे वर्ष तथा राष्ट्रीय प्रगति के प्रति नए संकल्प की कामना की है।
नव संवत्सर के अत्यंत विशेष अवसर पर सभी को अपनी शुभकामनाएं देते हुए, प्रधानमंत्री ने प्रार्थना की कि आने वाला नव वर्ष प्रत्येक के जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सेवा की भावना को मजबूत करे। मोदी ने आगे उम्मीद जताई कि ये मूल्य राष्ट्र निर्माण की दिशा में किए जा रहे सामूहिक प्रयासों को नई गति प्रदान करेंगे, और साथ ही उन्होंने सभी नागरिकों के लिए असीम सुख, सफलता और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
प्रधानमंत्री ने एक्स (X)पर लिखा;
"देशवासियों को नव संवत्सर की अनंत शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि यह नया साल आप सभी के जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सेवा की भावना को और सशक्त करे, जो राष्ट्र निर्माण के प्रयासों को भी नई मजबूती दे।"
“नव संवत्सर के अत्यंत विशेष अवसर पर सभी को शुभकामनाएं। सभी को असीम सुख, सफलता और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त हो। मैं प्रार्थना करता हूं कि आने वाला नव वर्ष प्रत्येक के जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सेवा की भावना को और सुदृढ़ करे। साथ ही, राष्ट्र-निर्माण की दिशा में किए जा रहे हमारे सामूहिक प्रयासों को भी यह एक नई गति प्रदान करे।”
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पूर्व सैनिकों के लिए विशेष रोजगार मेले का आयोजन करेगा पुनर्वास महानिदेशालय
आरएस अनेजा, 17 मार्च नई दिल्ली - पुनर्वास महानिदेशालय (डीजीआर) पूर्व सैनिकों को सशक्त बनाने और नागरिक कार्यबल में उनका समर्थन करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में, पूर्व सैनिक कल्याण विभाग (रक्षा मंत्रालय) के अंतर्गत 20 मार्च 2026 को नई दिल्ली में पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार मेले का आयोजन कर रहा है।
यह रोज़गार मेला भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के पूर्व सैनिकों को सुरक्षा, आईटी, प्रशासन, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य सेवा, प्रशासन और इंजीनियरिंग सहित विविध क्षेत्रों के कॉर्पोरेट और उद्योग जगत के प्रमुख नियोक्ताओं से जोड़ने के लिए मंच के रूप में कार्य करेगा।
यह पहल पूर्व सैनिकों के पुनर्वास और कल्याण के प्रति पूर्व सैनिक कल्याण विभाग (रक्षा मंत्रालय) की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस रोजगार मेले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पूर्व सैनिकों के अनुशासन, नेतृत्व और तकनीकी विशेषज्ञता को रोजगार बाज़ार में मान्यता मिले। रक्षा मंत्रालय वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान देश भर में विभिन्न स्थानों पर पूर्व सैनिकों के लिए 18 रोजगार मेलों का आयोजन कर रहा है, जिनमें से सत्रह रोजगार मेले अब तक दिल्ली, चेन्नई, अहमदाबाद, लखनऊ, वाराणसी, कोलकाता, सिकंदराबाद, जम्मू, भोपाल, कोच्चि, गुवाहाटी, देहरादून, बेंगलुरु, पुणे और चंडीगढ़ में आयोजित किए जा चुके हैं।
रोजगार मेले में पूर्व सैनिकों को नियोक्ताओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का करने का अवसर मिलेगा, जो कार्यबल में पूर्व सैनिकों के अनूठे योगदान को समझते और सराहते हैं। पंजीकरण करने पर नियोक्ताओं को समर्पित, कुशल और कार्यकुशल पेशेवरों के रिज्यूमे देखने को मिलेगा। नियोक्ता रोजगार मेले के दौरान पहले से चयनित उम्मीदवारों के साक्षात्कार और चयन की योजना बना सकते हैं।
नियोक्ता और पूर्व सैनिक एआई-संचालित जॉब प्लेटफॉर्म www.esmhire.com पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण का लिंक डीजीआर की वेबसाइट www.dgrindia.gov.in पर भी उपलब्ध है। पूर्व सैनिकों और नियोक्ताओं के लिए पंजीकरण निःशुल्क है।
दिनांक और समय: 20 मार्च, 2026, सुबह 7:00 बजे से
स्थान: अरावली ऑडिटोरियम, शंकर विहार मेट्रो स्टेशन के पास, दिल्ली कैंट, नई दिल्ली-110010
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें :-
निदेशक (एसई), डीजीआर : dirsedgr@desw,gov.in| फ़ोन: 011-20862532
संयुक्त निदेशक (एसई), डीजीआर : seopadgr@desw.gov.in| फ़ोन: 011-20863432
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"शिक्षण में नवाचार और 'राष्ट्र प्रथम' के संकल्प से ही सिद्ध होगा 'विकसित भारत 2047': उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन"
आरएस अनेजा, 15 मार्च नई दिल्ली - उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।
उपराष्ट्रपति ने हिमाचल प्रदेश को देवभूमि और वीरभूमि बताते हुए कहा कि राज्य ने राष्ट्र के सशस्त्र बलों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने राज्य की समृद्ध आतिथ्य सत्कार, जीवंत संस्कृति और चिरस्थायी परंपराओं की भी प्रशंसा की।
राधाकृष्णन ने भारत की समृद्ध शैक्षणिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय और तक्षशिला जैसे महान प्राचीन शिक्षा केंद्र अपने शिक्षकों के ज्ञान, विद्वता और निरंतर बौद्धिक विकास के कारण फले-फूले। इन संस्थानों के गुरु और आचार्य आजीवन शिक्षार्थी थे जिन्होंने वाद-विवाद, संवाद और शोध के माध्यम से अपने ज्ञान को परिष्कृत किया, जिससे विचारों के विकास और सभ्यताओं की उन्नति का वातावरण बना। इसी भावना से प्रेरित होकर उन्होंने जोर दिया कि आधुनिक विश्वविद्यालयों को संकाय विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए और शिक्षण में नवाचार, अंतःविषयक अनुसंधान और वैश्विक सहयोग को प्रोत्साहित करना चाहिए।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को उत्साहपूर्वक लागू कर रहा है और भारतीय ज्ञान परंपराओं से संबंधित विषयों को शामिल किया है, जिससे एक नए दृष्टिकोण के साथ शिक्षा की एक नई संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा कई रचनाओं का डोगरी में अनुवाद करने और हिंदी साहित्य का पंजाबी में अनुवाद करने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वदेशी चिंतन और भारतीय शोध पद्धतियों पर इसका जोर भारत की बौद्धिक परंपराओं में नए सिरे से विश्वास को दर्शाता है।
राधाकृष्णन ने केंद्र और राज्य सरकारों के उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच अधिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि संयुक्त शोध, शिक्षकों की साझा विशेषज्ञता, डिजिटल संसाधनों और अकादमिक आदान-प्रदान के माध्यम से ऐसी साझेदारियां एक व्यापक शिक्षण समुदाय का निर्माण कर सकती हैं, जिससे छात्रों और विद्वानों दोनों को लाभ होगा और एक विकसित भारत के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उच्च शिक्षा प्रणाली के निर्माण में योगदान मिलेगा।
उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलों ने युवा नवप्रवर्तकों के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं। उन्होंने युवाओं में नवाचार को प्रोत्साहित करने और विश्वविद्यालय की "कम्युनिटी लैब" पहल की सराहना की, जिसके माध्यम से छात्र और शिक्षक आस-पास के समुदायों से जुड़ते हैं, पहुंच को मजबूत करते हैं और छात्रों को ग्रामीण भारत की वास्तविकताओं को समझने में मदद करते हैं।
उपराष्ट्रपति ने विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण का जिक्र करते हुए कहा कि स्वतंत्रता शताब्दी तक भारत को एक विकसित राष्ट्र में बदलने के लिए आर्थिक विकास, सामाजिक समावेश, तकनीकी उन्नति, पर्यावरणीय स्थिरता और नैतिक नेतृत्व की आवश्यकता होगी। उन्होंने आगे कहा कि इस परिकल्पना को साकार करने में छात्र और युवा सबसे महत्वपूर्ण हितधारकों में से हैं।
राधाकृष्णन ने इस बात पर जोर दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना समावेशी विकास पर आधारित होनी चाहिए, जिसमें हमारा कोई भी राज्य या समाज का कोई भी वर्ग पीछे नहीं रह जाए।
उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा नशामुक्त परिसर बनाने की दिशा में की गई पहलों की सराहना करते हुए कहा कि नशा युवाओं, समाज और राष्ट्र को बुरी तरह प्रभावित करता है और सभी से नशाखोरी के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आग्रह किया। उपराष्ट्रपति ने युवाओं से समाज कल्याण के लिए अपने ज्ञान का उपयोग करने, राष्ट्र की उन्नति के लिए जीने, हमेशा नशा न करने और सबसे बढ़कर राष्ट्र को सर्वोपरि 'राष्ट्र प्रथम' रखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आज के दीक्षांत समारोह में 700 से अधिक मेधावी छात्रों को उपाधियाँ और पदक प्रदान किए गए, जिनमें से अधिकांश महिलाएं थीं। उन्होंने कहा कि 32 स्वर्ण पदक विजेताओं में से 23 युवा महिलाएं थीं, और उनकी हिस्सेदारी राष्ट्र की प्रगति में महिलाओं के बढ़ते सशक्तिकरण और योगदान को दर्शाती हैं।
दीक्षांत समारोह में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता, हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री चंद्र कुमार, हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर, सांसद राजीव भारद्वाज और अनुराग सिंह ठाकुर, कुलाधिपति हरमोहिंदर सिंह बेदी और कुलपति सत प्रकाश बंसल के साथ-साथ संकाय सदस्य, छात्र और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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15/03/26 |सोनम वांगचुंग तत्काल होंगे रिहा, सरकार ने हिरासत रद करने का लिया फैसला
आरएस अनेजा, 15 मार्च नई दिल्ली - 24 सितंबर 2025 को शांतिप्रिय शहर लेह में उत्पन्न हुई गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लेह के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश के तहत श्री सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के प्रावधानों के अंतर्गत हिरासत में लिया गया। श्री सोनम वांगचुक उक्त अधिनियम के अंतर्गत हिरासत की अवधि का लगभग आधा समय व्यतीत कर चुके हैं।
सरकार लद्दाख में विभिन्न हितधारकों और समाज के नेताओं के साथ सक्रिय रूप से संवाद कर रही है ताकि क्षेत्र के लोगों की आकांक्षाओं और चिंताओं का समाधान किया जा सके। हालांकि, बंद और विरोध प्रदर्शनों का मौजूदा माहौल समाज के शांतिप्रिय स्वरूप के लिए हानिकारक साबित हुआ है और इसने छात्रों, नौकरी चाहने वालों, व्यवसायों, पर्यटन संचालकों और पर्यटकों सहित समुदाय के विभिन्न वर्गों को तथा लदाख की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है।
सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि सभी हितधारकों के साथ रचनात्मक और सार्थक संवाद को सुगम बनाया जा सके। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए, और उचित विचार-विमर्श के बाद, सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए श्री सोनम वांगचुक की हिरासत तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया है।
सरकार लद्दाख की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है। उसे आशा है कि उच्चाधिकार समिति और अन्य उपयुक्त मंचों सहित रचनात्मक सहयोग और संवाद के माध्यम से इस क्षेत्र से संबंधित मुद्दों का समाधान हो जाएगा।
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13/03/26 |प्रोजेक्ट GIB का 'चौथा साल' और बड़ी उपलब्धि: अब कैप्टिव ब्रीडिंग से निकलकर खुले आसमान में पंख फैलाएंगे ग्रेट इंडियन बस्टर्ड।
आरएस अनेजा, 13 मार्च नई दिल्ली - केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को बताया कि 'प्रोजेक्ट ग्रेट इंडियन बस्टर्ड' (GIB) अपने कैप्टिव ब्रीडिंग प्रोग्राम के चौथे साल में प्रवेश कर गया है। इस हफ़्ते राजस्थान के संरक्षण प्रजनन केंद्र में दो नए चूजों के जन्म के साथ, कैप्टिव ब्रीडिंग में रखे गए पक्षियों की कुल संख्या 70 हो गई है।
मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण-संवेदनशील नेतृत्व में, देश इस प्रोजेक्ट को बड़ी सफलता बनाने की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
श्री यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में इस घटनाक्रम की जानकारी दी और इसे 'प्रोजेक्ट GIB' के तहत हासिल की गई एक और बड़ी उपलब्धि बताया। मंत्री ने कहा कि इस हफ़्ते राजस्थान के संरक्षण प्रजनन केंद्र में जो दो चूजे जन्मे हैं, उनमें से एक का जन्म प्राकृतिक मिलन से और दूसरे का जन्म कृत्रिम गर्भाधान से हुआ है। इस प्रजाति के संरक्षण प्रयासों के लिए इसे एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताते हुए, श्री यादव ने कहा कि इस साल कैप्टिव ब्रीडिंग से जन्मे कुछ चूजों को धीरे-धीरे (सॉफ्ट रिलीज़ के ज़रिए) जंगल में छोड़ा जाएगा, जो इस प्रोजेक्ट के लिए एक नई और चुनौतीपूर्ण शुरुआत होगी। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए राजस्थान वन विभाग के वन अधिकारियों को भी बधाई दी।
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इंश्योरेंस कंपनी से धोखाधड़ी करने वाले पूर्व सहायक को 4 साल की जेल, CBI कोर्ट ने सुनाया सख्त फैसला
नई दिल्ली, 13 मार्च (अन्नू): गाजियाबाद स्थित विशेष सीबीआई (CBI) अदालत ने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के साथ वित्तीय धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने मेरठ स्थित कंपनी के तत्कालीन सहायक, दविंदर सिंह अधिकारी को दोषी करार देते हुए 4 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। सजा के साथ-साथ कोर्ट ने दोषी पर 35,000 रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला साल 2018 में सीबीआई द्वारा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान यह पाया गया कि आरोपी दविंदर सिंह अधिकारी ने साल 2014 से 2016 के बीच अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची थी। इस साजिश के तहत उसने धोखाधड़ी करते हुए इंश्योरेंस कंपनी को करीब 36,11,059 रुपये का वित्तीय नुकसान पहुँचाया था। आरोपी ने बदनियती के साथ कंपनी की इस भारी-भरकम राशि को अपने और अपने एक मित्र के बैंक खाते में स्थानांतरित कर लिया था। हालांकि, जांच शुरू होने और मामला दर्ज होने के बाद आरोपी ने पूरी राशि कंपनी के खाते में वापस जमा कर दी थी।
सीबीआई ने इस मामले में 31 मई 2021 को आरोप पत्र (Chargesheet) दाखिल किया था, जिसके बाद 6 जनवरी 2023 को अदालत ने आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए थे। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दविंदर सिंह अधिकारी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए गाजियाबाद की सक्षम अदालत में अपना गुनाह कबूल (Plead Guilty) करने के लिए आवेदन दायर किया था।
माननीय न्यायालय ने आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने के आवेदन को मंजूर करते हुए 12 मार्च 2026 को यह अंतिम फैसला सुनाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के साथ किया गया विश्वासघात गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इस सजा के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को कानून के शिकंजे से बचना मुमकिन नहीं है।
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13/03/26 |आपदा राहत हेतु केंद्र का बड़ा कदम: 6 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए ₹1,912.99 करोड़ की अतिरिक्त सहायता मंजूर
आररएस अनेजा, 13 मार्च नई दिल्ली - केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली एक उच्चस्तरीय समिति ने वर्ष 2025 में बाढ़, आकस्मिक बाढ़ (Flash Flood), बादल फटने (Cloudburst), चक्रवात 'मोंथा' और भूस्खलन से प्रभावित आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड तथा केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को 1,912.99 करोड़ रुपए की अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता को मंजूरी दी है।
यह केन्द्रीय सहायता राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से प्रदान की गई है, जो वर्ष की प्रारंभिक शेष राशि में उपलब्ध राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के 50% के समायोजन के अधीन है। कुल राशि 1,912.99 करोड़ रुपए में से, आंध्र प्रदेश के लिए 341.48 करोड़ रुपए, छत्तीसगढ़ के लिए 15.70 करोड़ रुपए, गुजरात के लिए 778.67 करोड़ रुपए, हिमाचल प्रदेश के लिए 288.39 करोड़ रुपए, नगालैंड के लिए 158.41 करोड़ रुपए तथा जम्मू-कश्मीर के लिए 330.34 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार प्राकृतिक आपदाओं और विपत्तियों के समय राज्य सरकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रही है।
यह अतिरिक्त सहायता उन धनराशि से अतिरिक्त है, जो केन्द्र सरकार द्वारा राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के तहत राज्यों को पहले ही जारी की जा चुकी हैं और जो राज्यों के पास खर्च के लिए उपलब्ध हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, केन्द्र सरकार ने 28 राज्यों को SDRF के तहत 20,735.20 करोड़ रुपए तथा 21 राज्यों को NDRF के तहत 3,628.18 करोड़ रुपए जारी किए हैं।
इसके अतिरिक्त, राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष (SDMF) से 23 राज्यों को 5,373.20 करोड़ रुपए तथा राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष (NDMF) से 21 राज्यों को 1,189.56 करोड़ रुपए भी जारी किए गए हैं।
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13/03/26 |प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 मार्च को पश्चिम बंगाल में 18,680 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे
आरएस अनेजा, 13 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 मार्च 2026 को पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 2 बजे कोलकाता में लगभग 18,680 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे।
क्षेत्र में सड़क अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के तहत, प्रधानमंत्री लगभग 16,990 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 420 किलोमीटर से अधिक की कुल लंबाई वाली कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। उद्घाटन की जा रही परियोजनाओं में पश्चिम बंगाल और झारखंड में एनएच-19 और पश्चिम बंगाल में एनएच-114 के खंड शामिल हैं। इन परियोजनाओं से सड़क सुरक्षा में सुधार, यात्रा समय में कमी, भीड़भाड़ और प्रदूषण में कमी, क्षेत्रीय संपर्क में वृद्धि, पर्यटन को बढ़ावा और क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री कई नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें एनएच-116ए के 231 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले खड़गपुर-मोरग्राम आर्थिक गलियारे के पांच पैकेज शामिल हैं। यह परियोजना खड़गपुर और सिलीगुड़ी के बीच आर्थिक गलियारे का हिस्सा है और पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुरा, हुगली, पूर्वी बर्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों से होकर गुजरेगी। खड़गपुर-मोरग्राम के बीच सीधी कनेक्टिविटी से यात्रा की दूरी लगभग 120 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रा समय में लगभग सात से आठ घंटे की बचत होगी।
यह गलियारा एनएच-16, एनएच-19, एनएच-14 और एनएच-12 सहित प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से भी जुड़ेगा, जिससे मल्टी-कॉरिडोर कनेक्टिविटी मजबूत होगी। प्रधानमंत्री एनएच-14 पर 5.6 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले दुबराजपुर बाईपास के निर्माण की आधारशिला भी रखेंगे, जिससे दुबराजपुर शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात कम होगा और यात्रा समय में लगभग एक घंटे की कमी आएगी। वह एनएच-14 पर कांगशबाती और शिलाबाती नदियों पर बनने वाले अतिरिक्त चार लेन वाले प्रमुख पुलों के निर्माण की आधारशिला भी रखेंगे।
प्रधानमंत्री इस यात्रा के दौरान कई जहाजरानी और बंदरगाह संबंधी परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे। वे हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स के बर्थ नंबर 2 के मशीनीकरण परियोजना का उद्घाटन करेंगे, जिससे कुशल, तेज और पर्यावरण के अनुकूल माल ढुलाई संभव हो सकेगी। यह परियोजना माल ढुलाई क्षमता को बढ़ाएगी, कुशल फुल-रेक रेल लोडिंग सिस्टम को सुगम बनाएगी, प्रमुख निष्पादन संकेतकों में सुधार करेगी, खतरनाक कार्यों में मानव जोखिम को कम करके सुरक्षा बढ़ाएगी और रोजगार सृजित करेगी। प्रधानमंत्री खिद्दरपुर डॉक्स (डॉक 1 - पश्चिम) में जीर्णोद्धार परियोजना का भी उद्घाटन करेंगे।
प्रधानमंत्री राज्य में कई बंदरगाह अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। इनमें श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह के हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स में बर्थ नंबर 5 का मशीनीकरण शामिल है। अन्य परियोजनाओं में कोलकाता डॉक सिस्टम में बैस्क्यूल ब्रिज का नवीनीकरण; किडरपोर डॉक-I (पूर्व) और डॉक-II (पूर्व) में जल निकासी प्रणालियों सहित यार्ड विकास; हावड़ा ब्रिज के स्तंभ से निमतला घाट तक कोलकाता नदी तट पर तटबंध संरक्षण कार्य; और कोलकाता डॉक सिस्टम में इंडेंचर मेमोरियल कॉम्प्लेक्स के पास एक नदी क्रूज टर्मिनल और नदी पर्यटन सुविधा के लिए टर्मिनल भवन का निर्माण शामिल है।
रेल सेक्टर में, प्रधानमंत्री पुरुलिया-आनंद विहार टर्मिनल (दिल्ली) एक्सप्रेस को झंडी दिखाएंगे, जिससे पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के बीच रेल कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी।
प्रधानमंत्री अमृत स्टेशन योजना के तहत पुनर्निर्मित छह रेलवे स्टेशनों का भी उद्घाटन करेंगे। इन स्टेशनों में कामाख्यागुरी, अनारा, तामलुक, हल्दिया, बरभूम और सिउरी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री दो रेल परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे: बेल्डा और दंतान के बीच 16 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन और कलाइकुंडा और कनिमोहुली के बीच स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली। इन परियोजनाओं से ट्रेनों की सुरक्षा और समयबद्धता में सुधार होगा, भीड़ कम होगी और क्षेत्र में यात्रियों के लिए यात्रा की सुगमता बढ़ेगी।
ये पहलें पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, कनेक्टिविटी बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
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12/03/26 |"सुरक्षित गलियारे, सुरक्षित भविष्य: रेलवे ट्रैक पर हाथियों की मौत रोकने के लिए MoEFCC और WII की बड़ी पहल"
आरएस अनेजा, 12 मार्च नई दिल्ली - पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के प्रोजेक्ट एलीफेंट डिवीज़न ने वाइल्डलाइफ़ इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया के साथ मिलकर देहरादून के वाइल्डलाइफ़ इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया (WII) में “रेलवे ट्रैक पर हाथियों की मौत को कम करने के लिए पॉलिसी लागू करने” पर दो दिन की नेशनल वर्कशॉप आयोजित की।
इस इवेंट में 40 लोग शामिल हुए, जिनमें MoEFCC के प्रोजेक्ट एलीफेंट डिवीज़न, रेल मंत्रालय, हाथी-रेंज वाले राज्यों के वन विभागों के सीनियर प्रतिनिधि और जाने-माने कंज़र्वेशन साइंटिस्ट शामिल थे। इसमें शामिल मुख्य रेलवे ज़ोन में ईस्ट सेंट्रल रेलवे, ईस्ट कोस्ट रेलवे, नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे, नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे, नॉर्दर्न रेलवे, साउथ ईस्टर्न रेलवे, सदर्न रेलवे और साउथ वेस्टर्न रेलवे शामिल थे।
भारत में दुनिया की 60% से ज़्यादा एशियाई हाथी आबादी रहती है, जिनके मुख्य रहने की जगहें पूर्वी, उत्तर-पूर्वी, दक्षिणी और मध्य इलाकों में फैली हुई हैं। लेकिन, हाथियों के रहने की जगहों में बढ़ते बंटवारे और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की वजह से रेलवे ट्रैक पर हाथियों की मौत के मामले बढ़े हैं, खासकर असम, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, ओडिशा, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों में। वर्कशॉप का मकसद कंजर्वेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के बीच तालमेल को मजबूत करना और साइंस-बेस्ड मिटिगेशन स्ट्रेटेजी को बढ़ावा देना था।
रेलवे ट्रैक पर जंगली जानवरों की मौत के बढ़ते मामलों को दूर करने की कोशिश में, MoEFCC ने WII और रेल मंत्रालय के साथ पार्टनरशिप में, हाथियों की रेंज में 110 सेंसिटिव रेलवे हिस्सों और दो टाइगर-रेंज राज्यों में 17 और हिस्सों की पहचान की है।
प्रोजेक्ट एलीफेंट, WII, राज्य वन विभागों और भारतीय रेलवे की टीमों द्वारा किए गए बड़े जॉइंट फील्ड सर्वे में साइट-स्पेसिफिक इकोलॉजिकल कंडीशन का मूल्यांकन किया गया और हर जगह के हिसाब से टारगेटेड मिटिगेशन उपायों का सुझाव दिया गया। 3,452.4 किलोमीटर लंबे 127 रेलवे खंडों के विस्तृत आकलन के आधार पर, 14 राज्यों में 1,965.2 किलोमीटर लंबे 77 खंडों को वन्यजीवों की आवाजाही के पैटर्न और जानवरों की मृत्यु के जोखिम को ध्यान में रखते हुए शमन के लिए प्राथमिकता दी गई थी।
इन प्राथमिकता वाले खंडों के लिए अनुशंसित शमन पैकेज में 503 रैंप और लेवल क्रॉसिंग, 72 पुल विस्तार और संशोधन, 39 बाड़ लगाने या खाई बनाने के ढांचे, 4 निकास रैंप, 65 नए अंडरपास और 22 ओवरपास शामिल हैं, कुल 705 शमन संरचनाएं हैं जो वन्यजीवों के सुरक्षित मार्ग को सुगम बनाने और टकरावों को कम करने के लिए डिजाइन की गई हैं।
इन सक्रिय उपायों के अलावा, कई नई रेलवे लाइनों और विस्तार परियोजनाओं - जिसमें ट्रैक दोहरीकरण और तिहराकरण शामिल है - में वन्यजीव-अनुकूल बुनियादी ढांचे को शामिल किया गया है महाराष्ट्र में दारेकसा-सालेकासा रेलवे ट्रैक ट्रिपलिंग प्रोजेक्ट और नागभीड़-इतवारी गेज कन्वर्जन प्रोजेक्ट, और महाराष्ट्र में कान्हा-नवेगांव-ताडोबा-इंद्रावती टाइगर कॉरिडोर को जोड़ने वाली वडसा-गढ़चिरौली रेलवे लाइन।
असम में अज़रा-कामाख्या रेलवे लाइन के 3.5 km के सेंसिटिव हिस्से पर एक खास इंटरवेंशन की योजना है, जो रानी-गरभंगा-दीपोर बील हाथी कॉरिडोर को जोड़ता है, जहाँ पहले कई हाथियों की मौत हो चुकी है। इस हिस्से को एलिवेटेड किया जाएगा ताकि हाथियों का कॉरिडोर में सुरक्षित मूवमेंट हो सके।
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आरएस अनेजा, 11 मार्च नई दिल्ली - कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में 10 मार्च को विशेष सेवा पखवाड़ा 2026 के सफल समापन के साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 मनाया गया। इस कार्यक्रम में ईएसआईसी की महिला कर्मचारियों और लाभार्थियों के अधिकारों, मान्यता और कल्याण को बढ़ावा देने की अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई।
इस अवसर पर ईएसआईसी के महानिदेशक श्री अशोक कुमार सिंह, वित्तीय आयुक्त सुश्री टीएल यदेन, मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री मनीष कुमार अग्रवाल और चिकित्सा आयुक्त (एमई) डॉ. सपना मित्तल, मुख्य अतिथि और वक्ता सुश्री अंजू बाहरी और आश्रय ट्रस्ट के कार्यक्रम समन्वयक श्री मुंजेश यादव तथा ईएसआईसी मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे।
इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का विषय 'गिव टू गेन ईएसआईसी के मूल मार्गदर्शक सिद्धांत निस्वार्थ सेवा से मेल खाता है। ईएसआईसी के महानिदेशक श्री अशोक कुमार सिंह ने कहा कि यह विषय सामाजिक सुरक्षा के प्रति निगम की अटूट प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है। उन्होंने कहा कि ईएसआईसी अपनी व्यापक स्वास्थ्य सेवा पहलों के माध्यम से, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा देखभाल और सशक्त सामाजिक सुरक्षा तक निरंतर पहुंच सुनिश्चित करके देशभर में महिला लाभार्थियों को सशक्त बना रहा है।
वर्तमान में, ईएसआईसी 3.84 करोड़ से अधिक बीमित व्यक्तियों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है, जिसमें महिलाओं के स्वास्थ्य, मातृत्व लाभ और समग्र कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ईएसआईसी की वित्तीय आयुक्त सुश्री टीएल यदेन ने कहा कि ईएसआईसी देशभर में महिला लाभार्थियों को सशक्त बनाने और उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
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जल महोत्सव 2026: पानी की सुरक्षा के लिए सामुदायिक भागीदारी और महिला सशक्तिकरण पर राष्ट्रपति का ज़ोर
आरएस अनेजा, 11 मार्च नई दिल्ली - भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज (8 मार्च, 2026) नई दिल्ली में ‘जल महोत्सव 2026’ में शिरकत की और भाषण दिया।
इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में पानी सिर्फ़ एक बुनियादी सुविधा नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपराओं, रोज़ी-रोटी और सामुदायिक जीवन से जुड़ा है। इतने सालों तक, गांव वालों, खासकर महिलाओं और बच्चों को पीने का पानी बहुत दूर से लाना पड़ता था। साफ़ पानी देना सिर्फ़ सुविधा की बात नहीं थी; यह समय, सेहत और सम्मान की बात थी। इन चुनौतियों से निपटने के लिए, भारत सरकार ने ‘जल जीवन मिशन’ शुरू किया। जो गांव वाले कभी पीने के पानी के लिए संघर्ष करते थे, अब उनके घरों में साफ़ और सुरक्षित पानी मिल रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि जब किसी संसाधन की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ सरकार नहीं बल्कि पूरा समाज लेता है, तो उसका संरक्षण ज़्यादा असरदार और टिकाऊ हो जाता है। पानी के मैनेजमेंट और संरक्षण में सामुदायिक मालिकाना हक भी अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने भरोसा जताया कि 'जल अर्पण दिवस' मनाने से, यानी ग्राम पंचायतों को पानी सप्लाई का इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर्मल तौर पर सौंपने से, कम्युनिटी ओनरशिप की भावना मज़बूत होगी।
राष्ट्रपति को यह जानकर खुशी हुई कि सेल्फ-हेल्प ग्रुप पानी की टेस्टिंग, ऑपरेशन और दूसरे मेंटेनेंस के कामों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं जहाँ सेल्फ-हेल्प ग्रुप के कमिटमेंट और डेडिकेशन से महिलाओं और समाज की ज़िंदगी में अच्छे बदलाव आए हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि सेल्फ-हेल्प ग्रुप के ज़रिए महिलाओं की काबिलियत का इस्तेमाल करना पानी की सिक्योरिटी को सुलझाने में बहुत फायदेमंद होगा।
राष्ट्रपति ने कहा कि पानी की सिक्योरिटी को मज़बूत करने के लिए कई तरह के और मिलकर किए जाने वाले काम बहुत ज़रूरी हैं। उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि "क्लीन इंडिया मिशन" के साथ कोऑर्डिनेशन के ज़रिए ग्रामीण इलाकों में ग्रेवाटर मैनेजमेंट को बढ़ावा दिया जा रहा है। पानी के रिसोर्स को बनाए रखने के लिए, सेंट्रल ग्राउंडवाटर बोर्ड और दूसरे जुड़े हुए संगठनों के साथ मिलकर ग्राउंडवाटर रिचार्ज और पानी बचाने पर काम किया जा रहा है। कैच द रेन और जल संचय जन भागीदारी जैसे कैंपेन बारिश के पानी को जमा करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के कोऑर्डिनेशन से पानी की सिक्योरिटी पक्की होगी।
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रक्षा मंत्री ने ‘रक्षा बल विजन 2047: भविष्य के लिए तैयार भारतीय सेना के लिए एक रोडमैप’ जारी किया
आरएस अनेजा, 10 मार्च नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली में एक इवेंट में ‘डिफेंस फोर्सेज विजन 2047: भविष्य के लिए तैयार भारतीय सेना के लिए एक रोडमैप’ जारी किया।
यह पूरा ब्लूप्रिंट हेडक्वार्टर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ ने डिफेंस फोर्सेज को एक मॉडर्न, इंटीग्रेटेड और टेक्नोलॉजिकली एडवांस्ड सेना में बदलने के लिए तैयार किया है, जो 2047 तक भारत के विकसित भारत बनने के सपने को पूरा करने में मदद कर सके।
विजन डॉक्यूमेंट में डिफेंस फोर्सेज के अंदर ज़रूरी स्ट्रेटेजिक सुधारों, क्षमता बढ़ाने और ऑर्गेनाइजेशनल बदलावों की रूपरेखा बताई गई है ताकि बदलते जियोस्ट्रेटेजिक, टेक्नोलॉजिकल और सिक्योरिटी माहौल से असरदार तरीके से निपटा जा सके। इसमें सेना को एक इंटीग्रेटेड, मल्टी-डोमेन और फुर्तीली सेना में बदलने की सोची गई है, जो दुश्मनों को रोकने, संघर्ष के हर पहलू पर जवाब देने और तेज़ी से बदलते ग्लोबल और रीजनल हालात के बीच बढ़ते स्ट्रेटेजिक हितों की रक्षा करने में सक्षम हो।
विजन का एक मुख्य आधार सेनाओं के बीच तालमेल और तालमेल पर ज़ोर देना है, जिससे प्लानिंग, ऑपरेशन और क्षमता विकास में ज़्यादा तालमेल को बढ़ावा मिलता है। यह डॉक्यूमेंट भविष्य की युद्ध चुनौतियों के लिए अनुकूल फोर्स बनाने के लिए इनोवेशन, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और मॉडर्न ट्रेनिंग फ्रेमवर्क के महत्व पर भी ज़ोर देता है।
एक और मुख्य फोकस एरिया डिफेंस में आत्मनिर्भरता है, जो देश की खास सुरक्षा ज़रूरतों के हिसाब से स्वदेशी टेक्नोलॉजी और सॉल्यूशन के डेवलपमेंट और अपनाने को बढ़ावा देता है। घरेलू डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजिकल क्षमताओं को मज़बूत करने से ऑपरेशनल तैयारी बढ़ने और देश की ग्रोथ में योगदान देने की उम्मीद है।
विज़न डॉक्यूमेंट शॉर्ट-टर्म, मिड-टर्म और लॉन्ग-टर्म टाइमलाइन में स्पष्ट रूप से प्राथमिकता वाले क्षमता लक्ष्यों के साथ एक कैलिब्रेटेड रोडमैप अपनाता है। यह स्ट्रक्चर्ड अप्रोच एक वर्ल्ड क्लास डिफेंस फोर्स बनाने के लिए ज़रूरी ज़रूरी मिलिट्री क्षमताओं, इंस्टीट्यूशनल सुधारों और स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के डेवलपमेंट को गाइड करेगा।
भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों की जटिलता को पहचानते हुए, विज़न डॉक्यूमेंट पूरे देश के अप्रोच की ज़रूरत पर ज़ोर देता है, जिसमें नेशनल सिक्योरिटी सुनिश्चित करने के लिए मिलिट्री ताकत को डिप्लोमैटिक, टेक्नोलॉजिकल और इकोनॉमिक पावर के साथ जोड़ा जाता है। लगातार सुधारों, इनोवेशन और देश के कमिटमेंट के ज़रिए, इसका मकसद यह पक्का करना है कि भारत की आज़ादी के सौ साल तक, देश की सेना दुनिया भर में इज्ज़तदार, टेक्नोलॉजी में आगे और लड़ाई के लिए तैयार सेना के तौर पर खड़ी हो, और एक मज़बूत और मज़बूत विकसित भारत में योगदान दे।
इस मौके पर चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, चीफ ऑफ़ द नेवल स्टाफ एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, चीफ ऑफ़ द एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह, वाइस चीफ ऑफ़ द आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह और दूसरे सीनियर अधिकारी मौजूद थे।
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प्रधानमंत्री व गृह मंत्री ने CISF के स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दी
आरएस अनेजा, 10 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह ने केन्द्रीय औधोगिक सुरक्षा बल (CISF) के स्थापना दिवस पर उसके कर्मियों को शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया कि “सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स के सभी कर्मचारियों को उनके स्थापना दिवस पर हार्दिक बधाई। अपने पक्के इरादे, अनुशासन और लगन के लिए जाने जाने वाले CISF, पूरे देश में ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं। ड्यूटी के प्रति उनका अटूट कमिटमेंट भारत की सुरक्षा और तरक्की में बहुत बड़ा योगदान देता है।”
वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर एक पोस्ट में अमित शाह ने कहा, “CISF के स्थापना दिवस पर सभी कर्मियों को शुभकामनाएं। चाहे देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करना हो या संकट के समय राष्ट्र की रक्षा करना, उनकी समर्पण भावना सच्ची देशभक्ति और पेशेवर प्रतिबद्धता की भावना को दर्शाती है। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि।”
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09/03/26 |कुनो में गूंजी नन्हे चीतों की दहाड़: मादा चीता ज्वाला ने दिया 5 शावकों को जन्म, भारत में चीतों का कुनबा हुआ 53
आरएस अनेजा, 9 मार्च नई दिल्ली - केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को बताया कि नामीबिया की चीता ज्वाला, जो तीसरी बार सफल माँ बनी है, ने कुनो नेशनल पार्क में पाँच बच्चों को जन्म दिया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में, मंत्री ने कहा कि इस जन्म के साथ, भारत में जन्मे स्वस्थ बच्चों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है, जो भारतीय धरती पर 10वीं सफल चीता संतान है और भारत की चीता संरक्षण यात्रा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
यादव ने कहा कि यह प्रोजेक्ट चीता के लिए बहुत गर्व का पल है और कहा कि यह उपलब्धि जानवरों के डॉक्टरों, फील्ड स्टाफ और इसमें शामिल सभी लोगों की समर्पित कोशिशों, हुनर और कमिटमेंट को दिखाती है जो ज़मीन पर बिना थके काम करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि इन बच्चों के आने के साथ ही भारत में चीतों की कुल आबादी 53 हो गई है।
इसे वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन के लिए एक ऐतिहासिक और दिल को छू लेने वाला पल बताते हुए, मंत्री ने उम्मीद जताई कि ज्वाला और उसके बच्चे मज़बूत होकर आगे बढ़ेंगे, और भारत की चीतों की कहानी को और भी ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
हाल ही में, एक साउथ अफ़्रीकी चीता, गामिनी, दूसरी बार मां बनी, और उसने चार बच्चों को जन्म दिया। इसके अलावा, 28 फरवरी, 2026 को, श्री यादव ने बोत्सवाना से मिले नौ चीतों – 6 मादा और 3 नर – को मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क के क्वारंटाइन बाड़ों में छोड़ा। जानवरों को बड़े इलाके में धीरे-धीरे छोड़ने से पहले, उन्हें माहौल के हिसाब से ढाला जा रहा है और उनकी हेल्थ पर नज़र रखी जा रही है।
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07/03/26 |देवभूमि में विकास का महाकुंभ: अमित शाह ने किया ₹1132 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास, बोले- 'अटल जी ने बनाया, मोदी जी ने सँवारा'
आरएस अनेजा, 7 मार्च नई दिल्ली - केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज उत्तराखंड सरकार के 4 वर्ष पूर्ण होने पर हरिद्वार में ₹1132 करोड़ से अधिक के विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन किया।
इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केन्द्रीय मंत्री अजय टम्टा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज न सिर्फ उत्तराखंड में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी की सरकार के चार साल पूरे होने के साथ राज्य में हमारी पार्टी की सरकार के 9 साल भी पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक जमाना था जब देवभूमि उत्तराखंड अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत था। उत्तराखंड को अलग राज्य बनाकर इसे अलग पहचान दिलाने और उत्तराखंड की संस्कृति को बचाने के लिए उत्तराखंड के युवा मैदान में उतरे थे।
शाह ने कहा कि उस वक्त मौजूदा विपक्षी पार्टियों ने उत्तराखंड के युवाओं पर असहनीय दमन किया था। अनेक युवाओं को गोली लगी और कई ने बलिदान दिया। रामपुर तिराहे की घटना आज भी उत्तराखंडवासी भूले नहीं हैं। गृह मंत्री ने कहा कि हमारे नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने का काम किया।
अमित शाह ने कहा कि जब उत्तराखंड को अलग राज्य बनाया गया, तब विपक्षी पार्टी के नेता कहते थे कि छोटे राज्य कैसे टिकेंगे और इनकी अर्थव्यवस्था कैसे चलेगी। उन्होंने कहा कि अटल जी ने उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और झारखंड के रूप में तीन छोटे राज्य बनाए और आज तीनों राज्य विकास की राह पर आगे बढ़ चुके हैं। श्री शाह ने कहा कि अटल जी ने उत्तराखंड को बनाया और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने सँवारने का काम किया। उन्होंने कहा कि बीते नौ साल उत्तराखंड के विकास के नौ स्वर्णिम साल रहे हैं।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बीते चार साल में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने राज्य की एक-एक समस्या को चुन-चुन कर समाप्त करने का रचनात्मक प्रयास किया है। इसके कारण आज उत्तराखंड विकास के रास्ते पर ‘दिन दूनी रात चौगुनी’ गति से बढ़ रहा है।
अमित शाह ने कहा कि आज 1132 करोड़ रुपए से अधिक के विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन हुआ है। नई न्याय संहिताओं पर प्रदर्शनी भी आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में अंग्रेजों द्वारा बनाए गए 150 साल पुराने कानून को समाप्त कर नई न्याय संहिताएं बनाई गई हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नए कानून 2028 तक पूरी तरह लागू कर दिए जाएंगे। इसके बाद एफआईआर दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक की न्यायिक प्रक्रिया 3 साल में पूरी हो जाएगी और समय पर न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि ये दुनिया की सबसे आधुनिक और सबसे वैज्ञानिक न्याय संहिताएं हैं।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज उत्तराखंड के 1900 युवाओं को पुलिस कांस्टेबल की नौकरी मिली है। उन्होंने इन युवाओं से सवाल किया कि अगर विपक्षी पार्टी की सरकार होती तो क्या उन्हें यह नौकरी मिल पाती? श्री शाह ने कहा कि विपक्षी पार्टी की सरकार होती तो नौकरी के लिए पर्ची भी चाहिए होती और खर्ची भी लगती। लेकिन अब इनकी कोई जरूरत नहीं है। श्री शाह ने कहा कि पहाड़ पर रहने वाली किसी बूढ़ी मां का बेटा बगैर किसी सिफारिश के आज नौकरी प्राप्त कर अपने घर जा रहा है। इसे ही सुशासन कहते हैं। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नकल विरोधी कानून ने रोजगार के क्षेत्र में पारदर्शिता लाने का काम किया है।
अमित शाह ने कहा कि आज पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए 162 लोगों को भारत की नागरिकता दी गई। उन्होंने कहा कि जब वे सीएए कानून लेकर आए थे, तब विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने संसद में खूब हो-हल्ला किया था।श्री शाह ने कहा कि वे आज फिर से कहना चाहते हैं कि बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आए हिन्दू, सिख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों का इस देश पर उतना ही अधिकार है जितना इस देश पर यहाँ के नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति के कारण आजादी से लेकर अब तक इन शरणार्थियों को नागरिकता से वंचित रखा गया। ढेर सारी यातनाएं झेलकर वे हमारे देश में शरणार्थी बनकर आए हैं। गृह मंत्री ने सवाल किया कि ये शरणार्थी अपना धर्म और अपने परिवारों की महिलाओं का सम्मान बचाने के लिए आए हैं, ऐसे में क्या भारत उन्हें नागरिकता नहीं देगा? उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को जितना विरोध करना है, कर लें, लेकिन हम इन शरणार्थियों को नागरिकता देकर रहेंगे।
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परंपरा, गौरव और अनुशासन: कल 8 बजे राष्ट्रपति भवन में होगा 'चेंज ऑफ गार्ड' समारोह
आरएस अनेजा, 6 मार्च नई दिल्ली - राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में होने वाली चेंज ऑफ़ गार्ड सेरेमनी अब शनिवार को बदले हुए समय पर होगी। यह इवेंट सुबह 8:00 बजे से 9:00 बजे तक फोरकोर्ट में होगा।
राष्ट्रपति भवन के अनुसार, चेंज ऑफ़ गार्ड सेरेमनी एक पुरानी मिलिट्री परंपरा है जिसकी शुरुआत बहुत पुराने समय से हुई है। पहले, महलों, किलों और डिफेंस जगहों पर तैनात गार्ड और संतरी को रेगुलर समय पर बदला जाता था ताकि सैनिकों का नया ग्रुप ड्यूटी संभाल सके। 30 मिनट की यह सेरेमनी हर शनिवार को होती है और यह गार्ड के बीच ज़िम्मेदारी के फॉर्मल ट्रांसफर का प्रतीक है। सेरेमनी के दौरान, गार्ड और संतरी समय-समय पर बदले जाते हैं, जो कई मिलिट्री जगहों में अपनाई जाने वाली परंपरा को जारी रखती है।
राष्ट्रपति भवन में, सेरेमोनियल आर्मी गार्ड बटालियन भारत के राष्ट्रपति के लिए सेरेमोनियल गार्ड और संतरी देने के लिए ज़िम्मेदार है। इस सेरेमनी को हाल ही में नया रूप दिया गया है और इसे ज़्यादा देखने में अच्छा और आम लोगों के लिए आसान बनाने के लिए दूसरी जगह ले जाया गया है। जगह को राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में शिफ्ट कर दिया गया है, जिससे विज़िटर्स के लिए वहां पहुंचना आसान हो जाएगा।
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06/03/26 |राष्ट्रपति आज से पश्चिम बंगाल का दो दिवसीय दौरा करेंगी
आरएस अनेजा, 6 मार्च नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 6 से 7 मार्च, 2026 तक पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगी।
राष्ट्रपति 6 मार्च को ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में दार्जिलिंग में ‘दार्जिलिंग हिल फेस्टिवल’ का शुभारंभ करेंगी और लोक भवन में 'रूट एंड रिदम्स' नामक एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगी। इस अवसर पर वे आईआईटी खड़गपुर में आयोजित महिला नेतृत्व और सशक्तिकरण पर प्लेटिनम जुबली फ्लैगशिप कार्यक्रम का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन भी करेंगी।
द्रौपदी मुर्मु 7 मार्च को दार्जिलिंग में अंतर्राष्ट्रीय संथाल परिषद द्वारा आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में शामिल होंगी।
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04/03/26 |दैनिक खबर: मध्य पूर्व युद्ध की रिपोर्ट
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15/02/26 |प्रधानमंत्री ने कश्मीरी पंडित समुदाय को हेराथ पोश्ते की बधाई दी
आरएस अनेजा, 15 फरवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कश्मीरी पंडित समुदाय के समृद्ध परंपराओं को दर्शाने वाले पवित्र त्योहार ‘हेराथ पोश्ते’ की शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “इस पवित्र अवसर पर, मैं सभी के जीवन में स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करता हूं। यह नए सफलता के मार्ग खोले और हर घर को खुशियों और संतोष से भर दे।”
प्रधानमंत्री ने X पर लिखा: “हेराथ पोश्ते” यह पवित्र त्योहार हमारे कश्मीरी पंडित समुदाय की समृद्ध परंपराओं को दर्शाता है। इस पवित्र अवसर पर, मैं सभी के जीवन में स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करता हूं। यह नए सफलता के मार्ग खोले और हर घर को खुशियों और संतोष से भर दे।
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12/02/26 |पोखरण में वायुशक्ति-26 में गरजेंगे वायुसेना के विमान, "आप्रेशन सिंदूर" दिखेगी झलक
आरएस अनेजा, 12 फरवरी नई दिल्ली - भारतीय वायु सेना 27 फरवरी 2026 को जैसलमेर के पोखरण एयर टू ग्राउंड रेंज में वायुशक्ति-26 अभ्यास में अपनी क्षमता प्रदर्शित करेगी।
सबसे पहले, सबसे तेज़ और सबसे प्रभावी प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई करने वाली भारतीय वायु सेना, दुश्मन पर त्वरित मार करने, आरंभ से ही हावी होने और सामरिक कार्रवाई को रणनीतिक तौर पर अंजाम देने की अपनी क्षमता प्रदर्शित करेगी। अभ्यास में यह भी प्रदर्शित होगा कि भारतीय वायु सेना देश के भीतर और विदेशों में संघर्ष क्षेत्रों में त्वरित हवाई सहायता और बचाव एवं निकासी प्रदान कर मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका किस तरह निभाती है।
वायुसेना युद्धाभ्यास में तेजस, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, सुखोई-30एमकेआई, मिग-29, हॉक, सी-130जे, सी-295, सी-17, चेतक, एएलएच एमके-IV, मि-17 IV, एलसीएच, अपाचे, चिनूक और रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट सहित युद्धक परिवहन और हेलीकॉप्टर सहित वायुसेना के कई विमान शामिल होंगे।
अभ्यास में शॉर्ट रेंज लॉइटरिंग मुनिशन्स, आकाश, स्पाइडर और काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (सीयूएएस) जैसे उन्नत हथियार प्रणालियों का भी प्रदर्शन किया जाएगा, जिनमें दिन, शाम और रात में मिशन संचालित किए जाएंगे।
वायुशक्ति-26 ,ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को भी दर्शाएगा, जो हवाई क्षेत्र में प्रभुत्व, लंबी दूरी तक सटीकता से मार करने, बहु-क्षेत्रीय अभियानों और 'आत्मनिर्भर भारत' की परिकल्पना से निर्देशित स्वदेशी प्लेटफार्मों द्वारा निर्णायक प्रभावकारी क्षमता संपन्न भारतीय वायु सेना की श्रेष्ठता की पुष्टि करता है।
"अचूक, अभेद्य और सटीक " के मूल मूल्यों से प्रेरित यह अभ्यास, भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना के एक प्रमुख घटक के रूप में भारतीय वायु सेना की भूमिका की पुष्टि कर राष्ट्र को सुरक्षित रखने के प्रति आश्वस्त कराएगा।
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भारत बंद का आह्वान: नए श्रम कानूनों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों और किसानों का हल्लाबोल; बैंक, परिवहन और कोयला खदानों में काम ठप रहने के आसार
नई दिल्ली, 12 फ़रवरी(अन्नू ): आज, केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और नई श्रम संहिता (Labor Codes) के विरोध में देशव्यापी 'भारत बंद' का आह्वान किया गया है। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा ने इस हड़ताल की घोषणा की है, जिसका व्यापक असर धनबाद जैसे औद्योगिक क्षेत्रों सहित पूरे देश में देखने को मिल रहा है। प्रमुख संगठनों जैसे इंटक (INTUC), एटक (AITUC), सीटू (CITU) और एचएमएस (HMS) के कार्यकर्ता इस्मे भाग। इस हड़ताल का मुख्य केंद्र बिंदु उन चार नए लेबर कोड्स का विरोध है, जिनके बारे में यूनियनों का दावा है कि वे मौजूदा 29 श्रम कानूनों को कमजोर कर देंगे और ट्रेड यूनियनों के पंजीकरण की शर्तों को काफी सख्त बना देंगे।
इस आंदोलन के चलते आज बैंकिंग सेवाओं से लेकर सार्वजनिक परिवहन तक के पहिए थम सकते हैं। ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉइज एसोसिएशन से जुड़े संगठनों के हड़ताल पर जाने से बैंक शाखाओं में लेनदेन और अन्य वित्तीय कार्य प्रभावित होने की प्रबल आशंका है। इसके साथ ही, बस, ऑटो और टैक्सी चालकों के समर्थन के चलते आम जनता को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। सरकारी दफ्तरों, बड़े औद्योगिक घरानों और खुदरा बाजारों में भी कामकाज के आंशिक या पूर्ण रूप से बंद रहने के संकेत मिल रहे हैं क्योंकि विभिन्न छात्र और युवा संगठनों ने भी इस राष्ट्रव्यापी बंद को अपना नैतिक समर्थन दिया है।
विशेष रूप से कोयला अंचल में भी इस बंद का गहरा प्रभाव देखा जा रहा है। धनबाद की बीसीसीएल (BCCL), ईसीएल और सीसीएल जैसी बड़ी कंपनियों में हड़ताल से निपटने के लिए प्रबंधन ने कमर कस ली है। हालांकि बीसीसीएल प्रबंधन ने अपने 32 हजार कर्मियों से राष्ट्रहित में काम पर लौटने की अपील की है और मुख्यालय में 24 घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम की स्थापना की है, फिर भी उत्पादन प्रभावित होने का डर बना हुआ है। सुरक्षा की दृष्टि से हर क्षेत्र में सीआईएसएफ की क्यूआरटी (QRT) टीमें तैनात की गई हैं और सीसीटीवी के जरिए उपद्रवियों पर नजर रखी जा रही है। बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे ऊर्जा सुरक्षा को देखते हुए ऊर्जा उत्पादन में सहयोग करें, जबकि दूसरी ओर मजदूर संगठन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
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04/02/26 |भारत की 'हवाई' ताकत में इजाफा: DRDO ने SFDR तकनीक का किया सफल परीक्षण, अब दुश्मन का बचना नामुमकिन!
आरएस अनेजा, 4 फरवरी नई दिल्ली - रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ओडिशा तट पर स्थित चांदीपुर के इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर) से ठोस ईंधन डक्टेड रैमजेट (एसएफडीआर) तकनीक का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया।
इस उपलब्धि के साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनके पास यह अत्याधुनिक तकनीक है। यह प्रौद्योगिकी लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के विकास में सहायक होगी और शत्रु पर रणनीतिक बढ़त प्रदान करेगी।
नोजल-लेस बूस्टर, ठोस ईंधन डक्टेड रैमजेट मोटर और फ्यूल फ्लो कंट्रोलर सहित सभी उप-प्रणालियों ने अपेक्षित प्रदर्शन किया। प्रारंभ में इन्हें एक ग्राउंड बूस्टर मोटर के माध्यम से निर्धारित मैक नंबर तक पहुंचाया गया। प्रणाली के प्रदर्शन की पुष्टि आईटीआर, चांदीपुर द्वारा बंगाल की खाड़ी के तट पर तैनात विभिन्न ट्रैकिंग उपकरणों से प्राप्त उड़ान आंकड़ों के माध्यम से की गई। इस प्रक्षेपण की निगरानी डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने की, जिनमें डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लैबोरेट्री, हाई एनर्जी मटीरियल्स रिसर्च लैबोरेट्री, रिसर्च सेंटर इमारत और आईटीआर शामिल हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एसएफडीआर तकनीक के सफल प्रदर्शन पर डीआरडीओ और उद्योग जगत को बधाई दी। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने सफल उड़ान परीक्षण में शामिल सभी टीमों को बधाई दी।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने फकीर मोहन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लिया
आरएस अनेजा, 3 फरवरी नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज ओडिशा के बालासोर में फकीर मोहन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लिया और उसे संबोधित किया। उन्होंने इसके नए सभागार का उद्घाटन किया।
राष्ट्रपति ने इस अवसर पर व्यासकवि फकीर मोहन सेनापति जी को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि अपने विद्यार्थी जीवन के दौरान वे उनकी कालजयी कहानी 'रेवती' से अत्यंत प्रभावित थीं। यह प्रभाव आज भी अमिट है। 19वीं शताब्दी में एक लड़की का शिक्षा प्राप्त करने का दृढ़ संकल्प उनकी हिम्मत का अमिट प्रमाण है। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक दूरस्थ जनजातीय गांव में पढ़ाई की और अपने दृढ़ निश्चय के बल पर भुवनेश्वर गईं, जहां उन्होंने अपनी हाई स्कूल और कॉलेज की शिक्षा पूरी की। इस प्रकार, फकीर मोहन जी उनके लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि फकीर मोहन जी को अपनी मातृभाषा से गहरा प्रेम था। उन्होंने लिखा था, "मेरी मातृभाषा मेरे लिए सर्वोपरि है।" उन्होंने कहा कि मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अपने परिवेश, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक परिवेश को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है। वे अपनी सभ्यता के मूल्यों और जीवनशैली से भलीभांति परिचित हो जाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 मातृभाषा के महत्व पर बल देती है और विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने के लिए मार्गदर्शन करती है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की ज्ञान की समृद्ध परंपरा है। हमारे शास्त्र और पांडुलिपियां ज्ञान और बुद्धिमत्ता से परिपूर्ण हैं। कविता और साहित्य के अलावा, वे विज्ञान, चिकित्सा, खगोल विज्ञान और वास्तुकला जैसे क्षेत्रों में भी ज्ञान का स्रोत हैं। युवा छात्र इस प्राचीन ज्ञान परंपरा में शोध कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अतीत को समझकर और वर्तमान को आत्मसात करके छात्र अपना और देश का भविष्य संवार सकते हैं।
राष्ट्रपति ने स्नातक छात्रों को बधाई दी और कहा कि ज्ञान, लगन और प्रतिबद्धता के बल पर वे समाज में सम्मान और पहचान हासिल कर सकते हैं। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे जहाँ भी जाएँ और जो भी करें, हर प्रयास में सफलता की कुंजी समर्पण है। उन्होंने कहा कि सफल जीवन और सार्थक जीवन एक समान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सफल जीवन अच्छा है, लेकिन जीवन को सार्थक बनाना उससे भी बेहतर है। उन्होंने कहा कि प्रसिद्धि, प्रतिष्ठा और आर्थिक सुरक्षा प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, लेकिन दूसरों के लिए भी कुछ करना चाहिए। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे विकास की राह में पीछे रह गए लोगों की मदद करें। उन्होंने कहा कि समाज का विकास सभी के विकास में निहित है।
राष्ट्रपति ने यह देखकर प्रसन्नता व्यक्त की कि फकीर मोहन विश्वविद्यालय अकादमिक अध्ययन के साथ-साथ अनुसंधान और लोकसंपर्क कार्यक्रमों को भी महत्व देता है। उन्होंने कहा कि बालासोर-भद्रक क्षेत्र धान, पान और मछली के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने इन क्षेत्रों में अनुसंधान और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए विश्वविद्यालय की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के 'बैक टू स्कूल', 'कमाओ और सीखो', 'हर व्यक्ति एक दूसरे को सिखाए' जैसे कार्यक्रम और पर्यावरण जागरूकता एवं समुद्र तट सफाई कार्यक्रम प्रशंसनीय हैं। बालासोर और भद्रक के समुद्र तटों पर नीले केकड़े बहुतायत में पाए जाते हैं, ऐसे में नीले केकड़ों या हॉर्सशू केकड़ों पर अनुसंधान केंद्र की स्थापना विश्वविद्यालय की दूरदर्शिता को दर्शाती है।
राष्ट्रपति ने कहा कि समाज के सभी वर्गों की वृद्धि, सुरक्षा और तकनीकी विकास से देश की प्रगति में तेजी आएगी। इस क्षेत्र में देश के सभी विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। समावेशी विकास, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन के उत्प्रेरक के रूप में कार्य करने की विश्वविद्यालयों की विशेष जिम्मेदारी है। आलोचनात्मक सोच, नैतिक नेतृत्व और स्थानीय एवं वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने वाले अनुसंधान को बढ़ावा देकर उच्च शिक्षा संस्थान एक ऐसे भविष्य का निर्माण कर सकते हैं जो टिकाऊ, न्यायसंगत और मानवीय मूल्यों पर आधारित हो। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि फकीर मोहन विश्वविद्यालय अपनी शैक्षणिक दृष्टि और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से इस दिशा में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगा।
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20/01/26 |नौसेना प्रमुख ने एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर 2026 का दौरा किया
आरएस अनेजा, 20 जनवरी नई दिल्ली - नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने दिल्ली छाउनी में स्थित राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) 2026 का दौरा किया। उनके आगमन पर सेना, नौसेना और वायु सेना विंग से चैयनित एनसीसी कैडेटों द्वारा उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया।
अपने संबोधन के दौरान एडमिरल त्रिपाठी ने एनसीसी कैडेट के रूप में अपने दिनों को याद किया और प्रतिष्ठित गणतंत्र दिवस शिविर के लिए चैयनित होने पर कैडेटों को बधाई दी। उन्होंने कैडेटों के शानदार टर्नआउट सटीक ड्रिल, बैंड प्रदर्शन और सांस्कृतिक प्रस्तुति की सराहना की और नौसेनिक शब्दावली में इस प्रदर्शन को "ब्रावो ज़ुलु" कहा।
युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों के संवर्द्धन में एनसीसी की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए नौसेना प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नागरिक रक्षा प्रयासों में लगभग 72,000 एनसीसी कैडेटों के अनुकरणीय योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने ड्रोन संचालन और साइबर जागरूकता से संबंधित पहलों सहित एनसीसी द्वारा अपनाए गए नए एवं नवोन्मेषी प्रशिक्षण उपायों की सराहना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन-"भारत का युवा वैश्विक भलाई की शक्ति हैं"- का उद्धरण देते हुए नौसेना प्रमुख ने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं पर अपना विश्वास व्यक्त किया। अपने सेवा अनुभवों के आधार पर उन्होंने कैडेटों को जीवन में अपनी पूर्ण क्षमता प्राप्त करने हेतु पांच सीख साझा कीं।
उन्होंने पुनीत सागर अभियान जैसी पहलों, अखिल भारतीय नौसैनिक शिविर जैसे विशेष प्रशिक्षण शिविरों, सीमैनशिप, नौकायन और याचिंग के व्यावहारिक अनुभव, जहाजों से जुड़ाव, विदेशी तैनाती और भारतीय नौसेना के जहाजों, पनडुब्बियों एवं तटों के शैक्षिक दौरों के माध्यम से एनसीसी कैडेटों के प्रशिक्षण को समर्थन देने की भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता दोहराई।
अपने संबोधन के अंत में एडमिरल त्रिपाठी ने कैडेटों से एकता, अनुशासन और ईमानदारी के एनसीसी लोकाचार को बनाए रखने तथा राष्ट्र को समर्पित जीवन जीने का आग्रह किया।
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एआईआईए ने आयुर्वेद आधारित स्टार्टअप्स के लिए एमएसएमई अवसरों पर जागरूकता कार्यक्रम के साथ राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस 2026 मनाया
आरएस अनेजा, 17 जनवरी नई दिल्ली - अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) ने राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस 2026 के अवसर पर अपने स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर, आयुर्वेद इनोवेशन एंड एंट्रीप्रिनियोरशिप इनक्यूबेशन सेंटर (एआईआईए- आईसीएआईएनई) के माध्यम से, नई दिल्ली परिसर में आयुर्वेद आधारित स्टार्टअप के लिए लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) अवसरों पर एक जागरूकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय के सहयोग से आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम में नीति निर्माता, शिक्षाविद, स्टार्टअप समर्थक और इच्छुक उद्यमी एमएसएमई और स्टार्टअप तंत्र को मजबूत करने पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ आए। इस कार्यक्रम में आयुर्वेद और एकीकृत स्वास्थ्य नवाचारों पर विशेष ध्यान दिया गया। इन सत्रों में सरकारी सहायता योजनाओं, नवाचार के लिए संस्थागत तंत्र, बौद्धिक संपदा संरक्षण, प्रमाणन और मानकीकरण आवश्यकताओं और प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप के लिए आवश्यक वित्तीय तंत्रों के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. अरुण कुमार के स्वागत भाषण से हुआ। अपने संबोधन में डॉ. अरुण कुमार ने आयुर्वेद में नवाचार-संचालित उद्यमिता के बारे में बताया। एमएसएमई के उप निदेशक श्री सुनील कुमार ने आयुर्वेद आधारित उद्यमों से संबंधित एमएसएमई पहलों और सरकारी योजनाओं का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। प्रो. मंजुषा राजगोपाला ने आयुर्वेद संस्थानों में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के शैक्षणिक और संस्थागत दृष्टिकोण को साझा किया।
एमएसएमई के संयुक्त निदेशक डॉ. आर.के. भारती ने मुख्य भाषण दिया। उन्होंने स्टार्टअप और एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत नीति-समर्थित तंत्र विशेष रूप से पारंपरिक चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों की आवश्यकता पर जोर दिया।
तकनीकी सत्रों में डीपीआईआईटी की पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक सुश्री संगीता नागर ने बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) और स्टार्टअप के लिए इसके महत्व पर और सिडबी की वरिष्ठ प्रबंधक सुश्री ज्योति नीरज ने स्टार्टअप और एमएसएमई के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता तंत्र और वित्तपोषण अवसरों पर विशेषज्ञ वार्ता प्रस्तुत की। कार्यक्रम का समापन एआईआईए- आईसीएआईएनई के सीईओ श्री सुजीत एरानेझथ और एमएसएमई के सहायक निदेशक श्री नवीन कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
इस कार्यक्रम ने आयुर्वेद पर आधारित एक मजबूत, नवाचार-संचालित स्टार्टअप तंत्र को बढ़ावा देने की एआईआईए- आईसीएआईएनई की प्रतिबद्धता को दोहराया गया। यह उद्यमिता, एमएसएमई विकास और टिकाऊ स्वास्थ्य देखभाल समाधानों के लिए राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है। भारत सरकार के लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा एक मेजबान संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त, एआईआईए–आईसीएआईएनई नवप्रवर्तकों को विचारों को प्रभावशाली उद्यमों में बदलने के लिए एक व्यवस्थित मंच प्रदान करके उन्हें सशक्त बना रहा है।
इस राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस पर, एआईआईए आयुर्वेद में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एआईआईए– आईसीएआईएनई के माध्यम से अपनी प्रतिबद्धता को दोहराई और साक्ष्य-आधारित, टिकाऊ और समावेशी स्वास्थ्य समाधानों में योगदान देने वाले नए जमाने के उद्यमों का समर्थन किया।
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राष्ट्रपति गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं
आरएस अनेजा, 15 जनवरी नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज पंजाब के अमृतसर में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि औपचारिक शिक्षा पूरी करने के बाद छात्र अलग-अलग दिशाओं में अपना सफर शुरू करेंगे। कुछ सरकारी या निजी क्षेत्र में सेवा करेंगे, कुछ उच्च शिक्षा या अनुसंधान करेंगे, जबकि कई अपना खुद का व्यवसाय स्थापित करेंगे या शिक्षण में अपना करियर बनाएंगे। हालांकि प्रत्येक क्षेत्र में अलग-अलग योग्यताओं और कौशलों की आवश्यकता होती है, लेकिन कुछ गुण हर क्षेत्र में प्रगति के लिए समान रूप से आवश्यक और सहायक होते हैं।राष्ट्रपति ने छात्रों को याद दिलाया कि शिक्षा केवल जीविका का साधन नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का भी साधन है। उन्होंने कहा कि जिस समाज ने उन्हें शिक्षा प्रदान की है, उसके प्रति वे ऋणी हैं। विकास की राह में पिछड़ चुके लोगों के उत्थान के कोशिश करना इस ऋण को चुकाने का एक तरीका हो सकता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि गुरु नानक देव जी ने हमें सिखाया है कि समाज में महिलाओं को समान अधिकार मिलने चाहिए। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय गुरु नानक देव की शिक्षाओं के अनुरूप महिला सशक्तिकरण के लिए प्रयासरत है, जो दीक्षांत समारोह में डिग्री और पदक प्राप्त करने वाली छात्राओं की अधिकता से स्पष्ट है।
उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र के हित में है कि महिलाओं को पूर्ण आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के अवसर मिलें और सभी को इसके लिए कोशिश करना चाहिए।
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78वां भारतीय सेना दिवस : शौर्य की विरासत और मिसाइल शक्ति से अभेद्य होता भारत
आरएस अनेजा, 15 जनवरी नई दिल्ली - आज भारतीय सेना दिवस उन वीर सैनिकों के अदम्य साहस, अनुशासन और सर्वोच्च बलिदान का स्मरण कराता है, जो हर परिस्थिति में राष्ट्र की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। यह केवल एक दिवस नहीं, बल्कि भारतीय सेना के शौर्य, और समर्पण को नमन करने का अवसर है। भारतीय सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है।
वर्ष 2026 में भारत अपना 78वाँ सेना दिवस मना रहा है। यह दिन 1949 में फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा के भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ के रूप में कार्यभार संभालने की याद में मनाया जाता है।
सेना दिवस केवल एक प्रतीकात्मक दिन नहीं, बल्कि यह उस संगठन की शक्ति और प्रतिबद्धता का उत्सव है जो सीमाओं की रक्षा करता है। वर्तमान भू-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में भारत की मिसाइल क्षमताएँ न केवल आक्रामकता का उत्तर देने में सक्षम हैं, बल्कि प्रामाणिक न्यूनतम प्रतिरोध नीति को मजबूती भी प्रदान करती हैं। जल, थल और नभ – तीनों क्षेत्रों में मिसाइलों की पहुँच और सटीकता भारत की सुरक्षा रणनीति की धुरी बन चुकी है।
मिसाइल शक्ति पर केंद्रित सेना दिवस
वर्ष 2026 के सेना दिवस पर देश का ध्यान उस मिसाइल शक्ति की ओर केंद्रित है, जो भारत की रणनीतिक सुरक्षा और आत्मनिर्भर सैन्य प्रणाली का मूल आधार बन चुकी है।
यह प्रमुख मिसाइलें भारत की ताकत
भारत की रणनीतिक प्रतिरोध प्रणाली का प्रमुख आधार अग्नि-5 अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता 5,000 किमी से अधिक है। इसमें MIRV तकनीक (Multiple Independently Targetable Re-entry Vehicles) के माध्यम से एक साथ कई लक्ष्यों पर प्रहार करने की क्षमता है।
इसका नया संस्करण, अग्नि-प्राइम, मध्यम दूरी के लिए विकसित की गई मिसाइल है जिसकी रेंज 1,000–2,000 किमी है। इसे कैनिस्टर में रखा जा सकता है, जिससे यह युद्धकालीन त्वरित तैनाती और उच्चतम उत्तरजीविता की सुविधा देती है।
भारत और रूस के सहयोग से विकसित ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल भारत की अग्रणी सटीक प्रहार प्रणाली है। इसका विस्तारित संस्करण 800 किमी तक की रेंज के साथ जल्द ही सेवा में शामिल होने वाला है। यह ज़मीन, समुद्र और वायु — तीनों प्लेटफॉर्म से लॉन्च की जा सकती है।
इसके अतिरिक्त, निर्भय सबसोनिक क्रूज मिसाइल भारत को दुश्मन की गहराई में स्थित कमांड सेंटरों और महत्वपूर्ण ढांचों को चुपचाप और सटीकता से निशाना बनाने की क्षमता देती है।
सुरक्षा के लिए रूस निर्मित एस-400 मिसाईल प्रणाली का लोहा हम ऑपरेशन सिंदूर में देख चुके है।
भारतीय सेना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
भारतीय सेना दुनिया की सबसे बड़ी स्वैच्छिक स्थायी सेनाओं में से एक है। इसमें 12 लाख से अधिक सक्रिय और लगभग 9 लाख रिजर्व सैनिक हैं।
भारतीय सेना सियाचिन ग्लेशियर की सुरक्षा करती है। यह दुनिया का सबसे ऊँचा युद्ध क्षेत्र और गैर-ध्रुवीय इलाकों का दूसरा सबसे लंबा ग्लेशियर है।
61वीं कैवेलरी रेजिमेंट भारत की सबसे बड़ी घुड़सवार यूनिट है। यह दुनिया की आखिरी सक्रिय बिना मशीनीकरण वाली कैवेलरी में शामिल है।
भारतीय सेना अपने अनुशासन और युद्ध क्षमता के लिए प्रसिद्ध है। विश्व में इसे अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा स्थान माना जाता है।
भारतीय सेना का आदर्श वाक्य “Service Before Self” है। यह 1949 से अब तक बिना बदले कायम है।
भारत संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में सबसे ज़्यादा सैनिक भेजता है। वर्तमान में 6,000 से अधिक भारतीय जवान तैनात हैं।
भारतीय सेना सिर्फ युद्ध ही नहीं, आपदा राहत में भी अहम भूमिका निभाती है। बाढ़, भूकंप, कोरोना और चुनाव सुरक्षा में सेना आगे रहती है।
योगेन्द्र सिंह यादव सबसे कम उम्र के परमवीर चक्र विजेता हैं। उन्होंने 19 वर्ष की उम्र में कारगिल युद्ध में यह सम्मान पाया।
कुछ स्पेशल फोर्स यूनिट्स की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहती है। उनकी संख्या, तैनाती और कमांड स्ट्रक्चर सार्वजनिक नहीं होता।
भारतीय सेना देश में सबसे ज़्यादा स्वैच्छिक रक्तदान करती है। हर साल हजारों यूनिट रक्तदान किया जाता है।
गोरखा सैनिक भारतीय सेना का गौरवशाली हिस्सा हैं। उन्होंने कारगिल युद्ध सहित कई लड़ाइयों में बहादुरी दिखाई।
सेना के पास प्रशिक्षित डॉग स्क्वाड भी होता है। ये कुत्ते विस्फोटक खोज, ट्रैकिंग और रेस्क्यू में मदद करते हैं।
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पीएफआरडीए ने वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन 2026 में एमएसएमई के लिए एनपीएस आउटरीच का आयोजन किया
आरएस अनेजा, 13 जनवरी नई दिल्ली - पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने कार्यान्वयन भागीदार 'पीडब्ल्यूसी' के सहयोग से राजकोट में आयोजित दूसरे वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (वीजीआरसी) में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के बीच राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के बारे में जागरूकता निर्माण सत्र आयोजित किया।
सम्मेलन का उद्घाटन प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। वीजीआरसी कार्यक्रम लोकप्रिय वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट (वीजीजीएस) श्रृंखला का हिस्सा है, जिसे 2003 में शुरू किया गया था और यह व्यापार सहयोग, ज्ञान विनिमय और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने वाले विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त मंच के रूप में विकसित हुआ है। क्षेत्रीय सम्मेलन राज्य की क्षेत्रीय क्षमता का प्रदर्शन करेंगे, जमीनी स्तर के विकास का लाभ उठाएंगे और विकसित भारत @2047 और विकसित गुजरात @2047 के व्यापक दृष्टिकोण के साथ संरेखित होंगे।
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राष्ट्रपति मुर्मु व अन्य ने देशवासियों को लोहड़ी व मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी
आरएस अनेजा, 13 जनवरी नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज मंगलवार को लोहड़ी, मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी और किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को लोहड़ी, मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू की हार्दिक शुभकामनाएं। ये पर्व भारत की समृद्ध कृषि परंपराओं तथा राष्ट्रीय एकता के प्रतीक हैं। इस अवसर पर हम प्रकृति के प्रति कृतज्ञता भी व्यक्त करते हैं। इन त्योहारों के माध्यम से हम अन्नदाता किसानों का आभार प्रकट करते हैं। मेरी मंगलकामना है कि ये पर्व सबके जीवन में सुख-समृद्धि का संचार करें।”
ओम बिरला ने एक्स पर लिखा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “संस्कृति और परंपराओं से जुड़े पर्व लोहड़ी की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। फसल की समृद्धि, अन्न की महत्ता और किसान के परिश्रम का प्रतीक यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता भाव को प्रकट करता है। तिल-गुड़ की मिठास, ढोल की गूंज और गिद्दा-भांगड़ा की ऊर्जा के साथ लोहड़ी आपके जीवन में सुख, समृद्धि और नई खुशियाँ लेकर आए, यही मंगलकामना है।”
विदेश मंत्री जॉ. एस. जयशंकर ने शुभकामनाएं देते हुए कहा, “लोहड़ी और भोगी के पावन अवसर पर त्योहारों की बधाई। ये त्योहार सभी के जीवन में खुशियां, मेलजोल और समृद्धि लाएं।”
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09/01/26 |वायु सेना अध्यक्ष ने एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर 2026 का दौरा किया
आरएस अनेजा, 9 जनवरी नई दिल्ली - वायु सेना अध्यक्ष (सीएएस) एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने दिल्ली कैंट स्थित राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) का दौरा किया।
एयर चीफ मार्शल ने सेना, नौसेना और वायु सेना के एनसीसी कैडेटों के 'गार्ड ऑफ ऑनर' का निरीक्षण किया। उसके बाद राजस्थान के पिलानी स्थित बिड़ला बालिका विद्यापीठ की छात्राओं ने बैंड प्रदर्शन किया। वायु सेना अध्यक्ष ने विभिन्न सामाजिक जागरूकता विषयों पर एनसीसी के सभी 17 निदेशालयों के कैडेटों द्वारा तैयार 'फ्लैग एरिया' का निरीक्षण किया और एनसीसी 'हॉल ऑफ फेम' का भी दौरा किया।
वायु सेना अध्यक्ष ने कैडेटों को संबोधित करते हुए देश के युवाओं में अपना विश्वास व्यक्त किया और राष्ट्र निर्माण तथा अनुशासित, देशभक्त और मूल्यों से प्रेरित नागरिकों को तैयार करने में एनसीसी की भूमिका की सराहना की। वायु सेना अध्यक्ष ने देशभर में एनसीसी की व्यापक उपस्थिति की चर्चा की, जिससे यह 20 लाख से अधिक कैडेटों और 40 प्रतिशत छात्राओं से युक्त विश्व का सबसे बड़ा वर्दीधारी संगठन बन गया है।
वायु सेना अध्यक्ष एपी सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान और विभिन्न सरकारी पहलों को बढ़ावा देने में एनसीसी कैडेटों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कैडेटों से राष्ट्रवाद को कायम रखने और जीवन में कभी हार न मानने वाले रवैये के साथ निरंतर सुधार के लिए प्रयासरत रहने को कहा।
वायु सेना अध्यक्ष ने गणतंत्र दिवस शिविर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आरडीसी 2026 में अपने-अपने निदेशालयों का प्रतिनिधित्व करने के लिए कैडेटों को बधाई दी।
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09/01/26 |INS चिल्का में अग्निवीरों का जोश: 2,172 नौसैनिकों ने पासिंग आउट परेड के साथ रचा इतिहास
आरएस अनेजा, 9 जनवरी नई दिल्ली - 02/25 बैच की पासिंग आउट परेड INS चिल्का में हुई, जो 16 हफ़्ते की शुरुआती ट्रेनिंग के सफल समापन का प्रतीक थी।
ट्रेनीज़ ने सूर्यास्त के बाद एक शानदार सेरेमोनियल परेड में पास आउट किया, जो अनुशासित, मज़बूत और युद्ध के लिए तैयार नौसैनिक पेशेवरों के रूप में उनके बदलाव का प्रतीक था। पासिंग-आउट बैच में 2,172 ट्रेनी थे, जिनमें 2,103 अग्निवीर शामिल थे, जिनमें 113 महिला अग्निवीर, 270 SSR (मेडिकल असिस्टेंट), भारतीय नौसेना के 44 स्पोर्ट्स एंट्री कर्मी और भारतीय तटरक्षक बल के 295 नाविक शामिल थे।
वाइस एडमिरल समीर सक्सेना, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दक्षिणी नौसेना कमान, परेड के मुख्य अतिथि और रिव्यूइंग ऑफिसर थे। कमोडोर बी दीपक अनील, कमांडिंग ऑफिसर, INS चिल्का कंडक्टिंग ऑफिसर थे। समारोह में जाने-माने पूर्व सैनिक, प्रमुख खेल हस्तियाँ, वरिष्ठ नौसेना अधिकारी, अन्य गणमान्य व्यक्ति और पासिंग-आउट ट्रेनी के परिवार के सदस्य शामिल हुए।
परेड में ट्रेनी द्वारा हासिल किए गए ड्रिल, अनुशासन और व्यावसायिकता के उच्च मानकों को दिखाया गया। पुरुष अग्निवीरों के साथ महिला अग्निवीरों की भागीदारी ने ऑपरेशनल भूमिकाओं में समावेशिता और लैंगिक समानता के प्रति भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
परेड को संबोधित करते हुए, FOCinC (दक्षिण) ने ट्रेनी को उनकी ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने पर बधाई दी। उन्होंने उनसे अपने पेशेवर कौशल को निखारने और तकनीकी रूप से जागरूक रहने के लिए कहा, साथ ही नौसेना के मुख्य मूल्यों कर्तव्य, सम्मान और साहस को अपनाने पर ज़ोर दिया। उन्होंने ट्रेनी को साहस और दृढ़ संकल्प के साथ अपना रास्ता बनाते हुए राष्ट्र के सम्मान को बनाए रखने का निर्देश दिया।
उन्होंने अग्निवीरों के माता-पिता के प्रति अपनी प्रशंसा व्यक्त की और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को स्वीकार किया। मुख्य अतिथि ने टीम चिल्का को उनके अथक प्रयासों और नौसेना और राष्ट्र के परिवर्तन को आकार देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए बधाई दी।
मुख्य अतिथि ने मेधावी अग्निवीरों को पदक और ट्रॉफियां प्रदान कीं। शशि बी केंचवागोल और जतिन मिश्रा को क्रमशः सर्वश्रेष्ठ अग्निवीर (SSR) और सर्वश्रेष्ठ अग्निवीर (MR) के लिए चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ रोलिंग ट्रॉफी और स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। अनीता यादव को समग्र योग्यता क्रम में सर्वश्रेष्ठ महिला अग्निवीर के लिए जनरल बिपिन रावत रोलिंग ट्रॉफी मिली। केशव सूर्यवंशी और सोनेंद्र को क्रमशः सर्वश्रेष्ठ नाविक (GD) और सर्वश्रेष्ठ नाविक (DB) घोषित किया गया। इससे पहले, विदाई समारोह के दौरान, ओवरऑल चैम्पियनशिप ट्रॉफी खरावेल डिवीजन को दी गई, जबकि अशोक डिवीजन रनर-अप रहा।
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JNU में फिर बढ़ा तनाव: पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी, यूनिवर्सिटी प्रशासन का सख्त रुख
नई दिल्ली 7 जनवरी (अन्नू ) : दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। सोमवार रात कैंपस के भीतर कुछ छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध आपत्तिजनक और विवादित नारे लगाने का मामला सामने आया है। इस घटना का एक 35 सेकंड का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्र 'कब्र खुदेगी' जैसे भड़काऊ नारे लगाते नजर आ रहे हैं।
विवाद की मुख्य वजह
यह विरोध प्रदर्शन दरअसल 2020 दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के बाद शुरू हुआ। प्रदर्शनकारियों ने अदालती फैसले के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए यह मार्च निकाला था।
प्रशासन की कड़ी कार्रवाई
वीडियो सामने आने के बाद JNU प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट का कहना है कि वे संस्थान को 'नफरत की प्रयोगशाला' नहीं बनने देंगे।
FIR दर्ज: प्रशासन ने वसंत कुंज पुलिस को पत्र लिखकर नारेबाजी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
सस्पेंशन की चेतावनी: यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि यह कोड ऑफ कंडक्ट (नियमों) का सीधा उल्लंघन है और दोषी पाए जाने वाले छात्रों को निलंबित (Suspend) किया जाएगा।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस घटना ने देश के सियासी गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है:
बीजेपी (BJP): पार्टी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इसे 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' की हरकत बताया है। उनका कहना है कि यह अभिव्यक्ति की आजादी नहीं बल्कि राष्ट्रविरोधी विचारधारा का प्रचार है।
कांग्रेस (Congress): पूर्व सांसद उदित राज ने इसे जनता का गुस्सा बताया। उन्होंने कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम के साथ अन्याय हो रहा है और कोर्ट का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है।
JNU छात्र संघ: अध्यक्ष अदिति मिश्रा के मुताबिक, यह प्रदर्शन 5 जनवरी 2020 की हिंसा की याद में था और नारे किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ न होकर वैचारिक थे।
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07/01/26 |प्रदूषण मुक्त भारत का संकल्प : गडकरी ने हाइड्रोजन से चलने वाली टोयोटा 'मिराई' पर की सवारी
आरएस अनेजा, 7 जनवरी नई दिल्ली - केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी तथा केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज टोयोटा मिराई फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक वाहन (एफसीईवी) में संयुक्त सवारी की।
इस अवसर पर प्रल्हाद जोशी ने भारत मंडपम से श्री नितिन गडकरी के आवास तक मिराई चलाई, जो देश में हरित हाइड्रोजन और स्वच्छ गतिशीलता को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
टोयोटा 'मिराई', एक दूसरी पीढ़ी का हाइड्रोजन फ्यूल-सेल इलेक्ट्रिक वाहन (एफसीईवी), हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया से बिजली पैदा करता है, जिससे केवल जल वाष्प उप-उत्पाद के रूप में उत्सर्जित होता है। लगभग 650 किलोमीटर की ड्राइविंग रेंज और पांच मिनट से भी कम समय में ईंधन भरने की क्षमता के साथ यह दुनिया के सबसे उन्नत और कुशल शून्य-उत्सर्जन गतिशीलता समाधानों में से एक है।
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07/01/26 |भारत ऊर्जा सप्ताह 27 से 30 जनवरी तक गोवा में आयोजित होगा
आरएस अनेजा, 7 जनवरी नई दिल्ली - भारत ऊर्जा सप्ताह-2026 इसी माह 27 से 30 जनवरी तक गोवा में आयोजित होगा, जिसमें वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र के दुनिया भर के मंत्री, वैश्विक मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नीति निर्माता, वित्तीय संस्थान, शिक्षाविद और प्रौद्योगिकी प्रदाता जुटेंगे। वर्ष के इस पहले प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने, निवेश को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के व्यावहारिक और मापनीय उपायों को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
वैश्विक ऊर्जा प्रणालियों की बढ़ती मांग, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और जलवायु परिवर्तन संबंधी प्रतिबद्धताओं के बढ़ते दबाव के बीच आईईडब्ल्यू 2026, संवाद और सहयोग का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। इसके पिछले आयोजनों की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, इस बार ऊर्जा सुरक्षा सम्मेलन में 120 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है। 2025 के आयोजन में 68 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया था, जिनमें 570 प्रदर्शक और 5,400 सम्मेलन प्रतिनिधि शामिल रहे। आयोजन के पिछले संस्करण में 100 सम्मेलन सत्र आयोजित किए गए, जिनमें 540 से अधिक वैश्विक वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। इस बार भारत ऊर्जा सप्ताह-2026 संस्करण और भी विस्तारित होगा, जिससे यह सम्मेलन विश्व के अग्रणी ऊर्जा संवाद मंचों में और भी महत्वपूर्ण बनेगा।
भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संरक्षण में भारतीय पेट्रोलियम उद्योग संघ – एफआईपीआई तथा डीएमजी इवेंट्स द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित, आईईडब्ल्यू 2026, ऊर्जा सुरक्षा, वहनीयता और संधारणीयता पर सहयोग के लिए तटस्थ और वैश्विक स्तर पर जुड़ा मंच है। इसमें अमरीका, यूरोप, मध्य पूर्व, अफ्रीका और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडलों के भाग लेने की संभावना है, जो वैश्विक ऊर्जा कूटनीति में इंडिया एनर्जी वीक की बढ़ती भूमिका दर्शाती है।
अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के विश्व ऊर्जा आउटलुक 2025 के मुताबिक, अकेले भारत ही 2050 तक वैश्विक ऊर्जा मांग की 23 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी खपत करेगा, जो विश्व में सर्वाधिक होगा। इसी पृष्ठभूमि में, इंडिया एनर्जी वीक-2026 नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के दिग्गजों को साथ मिलकर अनुकूल ऊर्जा प्रणाली सुदृढ़ करने और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को गति देने पर विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करेगा।
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प्रधानमंत्री ने विशाख रिफाइनरी में रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी के चालू होने की सराहना की
आरएस अनेजा, 6 जनवरी नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज आंध्र प्रदेश में विशाखा रिफाइनरी में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी (RUF) के सफल चालू होने की सराहना की, और इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की यात्रा में एक निर्णायक कदम बताया।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह अत्याधुनिक सुविधा आत्मनिर्भर भारत के विज़न के अनुरूप, देश की ऊर्जा स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के प्रयासों को गति देती है।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के X पर एक पोस्ट का जवाब देते हुए, मोदी ने कहा कि "यह अत्याधुनिक सुविधा ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने के हमारे प्रयासों को गति देती है, जिससे हम इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहे हैं।"
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राष्ट्रपति ने ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ प्रदान किए
आरएस अनेजा, 26 दिसम्बर नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (26 दिसंबर, 2025) नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में वीरता, सामाजिक सेवा, पर्यावरण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियों के लिए बच्चों को ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ प्रदान किए।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ प्राप्त करने वाले सभी बच्चों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पुरस्कार विजेता बच्चों ने अपने परिवारों, समुदायों और पूरे देश का गौरव बढ़ाया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये पुरस्कार देश भर के सभी बच्चों को प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदान किए गए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये पुरस्कार देश के सभी बच्चों को प्रेरित करेंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि लगभग 320 वर्ष पूर्व सिख धर्म के दसवें गुरु और सभी भारतीयों द्वारा श्रृद्धेय गुरु गोविंद सिंह जी और उनके चार पुत्रों ने सत्य और न्याय के समर्थन में संघर्ष करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। श्रीमती मुर्मु ने कहा कि दो सबसे छोटे साहिबजादों की वीरता का सम्मान और आदर भारत और विदेश दोनों में किया जाता है। उन्होंने उन महान बाल नायकों को श्रद्धापूर्वक याद किया जिन्होंने सत्य और न्याय के लिए गर्व के साथ अपने प्राणों की आहुति दी।
राष्ट्रपति ने कहा कि किसी देश की महानता तब निश्चित होती है जब उसके बच्चे देशभक्ति और उच्च आदर्शों से परिपूर्ण होते हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों ने वीरता, कला एवं संस्कृति, पर्यावरण, नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सामाजिक सेवा और खेल जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि सात वर्षीय वाका लक्ष्मी प्रग्निका जैसे प्रतिभाशाली बच्चों के कारण ही भारत को विश्व पटल पर शतरंज की महाशक्ति माना जाता है। अजय राज और मोहम्मद सिदान पी, जिन्होंने अपनी वीरता और सूझबू झ से दूसरों की जान बचाई, प्रशंसा के पात्र हैं। नौ वर्षीय बेटी व्योमा प्रिया और ग्यारह वर्षीय बहादुर बेटे कमलेश कुमार ने अपने साहस से दूसरों की जान बचाते हुए अपनी प्राण गंवा दिए। दस वर्षीय श्रवण सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान युद्ध से जुड़े जोखिमों के बावजूद अपने घर के पास सीमा पर तैनात भारतीय सैनिकों को नियमित रूप से पानी, दूध और लस्सी पहुंचाई। वहीं, दिव्यांग बेटी शिवानी होसुरू उप्पारा ने आर्थिक और शारीरिक सीमाओं को पार करते हुए खेल जगत में असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं। वैभव सूर्यवंशी ने अत्यंत प्रतिस्पर्धी और प्रतिभा-समृद्ध क्रिकेट जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है और कई रिकॉर्ड स्थापित किए। श्रीमती मुर्मु ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे साहसी और प्रतिभाशाली बच्चे आगे भी अच्छे कार्य करते रहेंगे और भारत के भविष्य को उज्ज्वल बनाएंगे।
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21/12/25 |आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 23–24 दिसंबर, 2025 को ‘पेसा महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया जाएगा
आरएस अनेजा, 21 दिसम्बर नई दिल्ली - पंचायती राज मंत्रालय द्वारा पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 (पेसा) के लागू होने की वर्षगांठ के अवसर पर लोक संस्कृति के उत्सव के रूप में दो दिवसीय ‘पेसा महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है।
यह महोत्सव 23 और 24 दिसंबर, 2025 को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित होगा। पेसा अधिनियम की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 24 दिसंबर को ‘पेसा दिवस’ भी मनाया जाएगा। आंध्र प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री कोनिदाला पवन कल्याण महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। पंचायती राज मंत्रालय के केंद्रीय सचिव विवेक भारद्वाज इस अवसर पर केंद्र तथा राज्य सरकारों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। इस आयोजन में पंचायत प्रतिनिधियों, खिलाड़ियों और सांस्कृतिक कलाकारों सहित सभी 10 पेसा राज्यों से लगभग 2,000 प्रतिनिधियों के भाग लेने की आशा है।
पेसा से संबंधित कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय गतिविधियों का शुभारंभ 24 दिसंबर, 2025 को किया जाएगा। इनमें सूचना के प्रभावी प्रसार और पेसा के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए पेसा पोर्टल, राज्यों में कार्यान्वयन की प्रगति का आकलन करने हेतु पेसा संकेतक, जागरूकता बढ़ाने व जमीनी स्तर पर क्षमता निर्माण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जनजातीय भाषाओं में पेसा पर प्रशिक्षण मॉड्यूल तथा हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले पर आधारित एक ई-पुस्तक शामिल है, जिसमें क्षेत्र के पारंपरिक ज्ञान, संस्कृति एवं विरासत का दस्तावेजीकरण किया गया है।
इस महोत्सव के दौरान खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों की एक समृद्ध एवं विविध श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी, जो भारत की जनजातीय विरासत की बहुरंगी विविधता एवं जीवंतता को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित करेगी। महोत्सव का मुख्य स्थल विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी परिसर होगा, जबकि विभिन्न गतिविधियां विशाखापत्तनम शहर के प्रमुख स्थलों जैसे रामकृष्ण बीच, इंडोर स्टेडियम, क्रिकेट स्टेडियम तथा कलावाणी सभागार में आयोजित की जाएंगी।
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18/12/25 |क्रिसमस और नए साल पर रेलवे की तैयारी: भीड़ कम करने के लिए चलेंगी 650 विशेष ट्रेनें
आरएस अनेजा, 18 दिसम्बर नई दिल्ली - रेलवे ने क्रिसमस और नए साल के दौरान, यात्रियों की भीड़ को देखते हुए नौ रेलवे ज़ोनों में विशेष रेलगाडियां चलाने की योजना बनाई है। कुल 138 विशेष रेलगाडियों की 650 फेरियों के लिए स्वीकृति दी गई हैं और इनमें से 244 फेरियों की अधिसूचना अब तक जारी की जा चुकी है।
इन ज़ोनों में, पश्चिमी रेलवे के पास 26 रेलगाडियां और 226 स्वीकृत फेरियां हैं, जिनमें से 72 फेरियां अधिसूचित की जा चुकी हैं। मध्य रेलवे 118 स्वीकृत फेरियों के साथ 18 रेलगाडियां चला रही है और इनमें से 76 अधिसूचित फेरियां हैं। दक्षिण मध्य रेलवे ने 26 रेलगाडियों और 34 स्वीकृत फेरियों की योजना बनाई है, जिनमें से 26 फेरियां अधिसूचित की जा चुकी हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की 12 रेलगाडि़यों से 82 फेरियों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 24 फेरियां अधिसूचित हैं।
दक्षिण पश्चिम रेलवे (एसडब्ल्यूआर) ने 20 रेलगाडियों की योजना बनाई है, जिनमें 42 स्वीकृत और 28 अधिसूचित फेरियां हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे (एनडब्ल्यूआर) 14 रेलगाडियां चलाएगी। इसमें 72 स्वीकृत फेरियां शामिल हैं, जिनमें से 6 फेरियां अधिसूचित हैं। उत्तरी रेलवे (एनआर) ने 18 रेलगाडि़यों की योजना बनाई है, जिनमें 66 स्वीकृत और 8 अधिसूचित फेरियां शामिल हैं।
उत्तर पूर्वी रेलवे (एनईआर) ने 2 रेलगाडि़यों का प्रस्ताव दिया है, जिनमें 6 स्वीकृत फेरियां शामिल हैं, हालांकि अभी तक किसी की भी फेरी की अधिसूचना जारी नहीं हुई है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने 2 रेलगाडि़यों की योजना बनाई है, जिनमें सभी 4 स्वीकृत फेरियां के लिए अधिसूचना जारी की जा चुकी है।
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18/12/25 |रक्षा मंत्री का बड़ा बयान: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दिखाया कि भारत कम समय में बड़ी कार्रवाई करने में सक्षम है
आरएस अनेजा, 18 दिसम्बर नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सशस्त्र बलों ने भारत की उच्च-प्रभावशाली और अल्प समय में निर्णायक कार्रवाई करने की क्षमता का सशक्त प्रदर्शन किया।
उन्होंने भारतीय वायु सेना (आईएएफ) को तकनीकी रूप से उन्नत, परिचालन में चुस्त, रणनीतिक दृष्टि से आत्मविश्वासी और भविष्योन्मुखी सैन्य बल बताया। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह निरंतर बदलते वैश्विक परिवेश में राष्ट्रीय हितों की प्रभावी रक्षा कर रही है। वे 18 दिसंबर, 2025 को नई दिल्ली में आयोजित वायु सेना कमांडरों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन के दौरान आतंकी शिविरों को नष्ट करने में भारतीय वायु सेना द्वारा प्रदर्शित साहस, गति एवं सटीकता की सराहना की और हमलों के उपरांत पाकिस्तान की ‘गैर-जिम्मेदाराना प्रतिक्रिया’ का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए भी वायु सेना की प्रशंसा की। उन्होंने सशस्त्र बलों, विशेष रूप से वायु रक्षा क्षमताओं पर जनता के गहरे विश्वास को रेखांकित किया।
सिंह ने कहा, ‘आमतौर पर जब दुश्मन हमला करता है तो लोग सुरक्षित स्थानों की ओर रुख करते हैं, लेकिन जब पाकिस्तानी सेना ने भारतीय ठिकानों को निशाना बनाने का प्रयास किया, तब भारत के नागरिक शांत रहे और उन्होंने अपनी दैनिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रखीं। यह हमारी परिचालन तैयारियों पर प्रत्येक भारतीय के अटूट भरोसे का प्रमाण है।’
रक्षा मंत्री ने निर्णायक बढ़त बनाए रखने के लिए शत्रु की आक्रामक एवं रक्षात्मक क्षमताओं की गहन समझ के महत्व पर बल देते हुए कमांडरों से ऑपरेशन सिंदूर से सबक लेने तथा भविष्य की प्रत्येक चुनौती से निपटने के लिए सतर्क और सदैव तैयार रहने का आग्रह किया।
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18/12/25 |अत्याधुनिक पनडुब्बी रोधी युद्ध हेलीकॉप्टर स्क्वाड्रन नौसेना में शामिल
आरएस अनेजा, 18 दिसम्बर नई दिल्ली - भारतीय नौसेना के दूसरे वायु स्क्वाड्रन आईएनएएस 335 ‘द ऑस्प्रे’ को गोवा स्थित आईएनएस हंसा में आयोजित एक भव्य समारोह में कमीशन किया गया। यह एमएच-60आर हेलीकॉप्टरों का संचालन करता है। इस ऐतिहासिक अवसर पर नौसेना प्रमुख (सीएनएस) एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि मार्च, 2024 में केरल के कोच्चि में पहले एमएच-60आर नौसेना वायु स्क्वाड्रन के परिचालन में आने के बाद भारतीय नौसेना की वायु शक्ति के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक और मील का पत्थर है। समारोह में पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन भी उपस्थित थे।
यूनिट के कमीशनिंग वारंट का वाचन कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन धीरेंद्र बिष्ट द्वारा किया गया। इसके बाद पश्चिमी क्षेत्र एनडब्ल्यूडब्ल्यूए की अध्यक्ष श्रीमती लैला स्वामीनाथन ने कमीशनिंग पट्टिका का विधिवत अनावरण किया। इस ऐतिहासिक अवसर को और भी स्मरणीय बनाने हेतु समारोह के दौरान पारंपरिक जल तोपों की भव्य सलामी दी गई।
इस कार्यक्रम में पश्चिमी नौसेना कमान के चीफ ऑफ स्टाफ वाइस एडमिरल राहुल विलास गोखले, गोवा नौसेना क्षेत्र के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग और फ्लैग ऑफिसर नेवल एविएशन रियर एडमिरल अजय डी. थियोफिलस की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त नौसेना के पूर्व प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह (सेवानिवृत्त), नौसेना के कई वरिष्ठ अधिकारी और पूर्व सैनिक एवं अन्य विशिष्ट अतिथि भी समारोह में उपस्थित थे।
एमएच-60आर सभी तरह के मौसम में दिन-रात के संचालन हेतु एक सक्षम व अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर है, जिसे पनडुब्बी रोधी युद्ध (एएसडब्ल्यू), सतह रोधी युद्ध (एएसयूडब्ल्यू), खोज एवं बचाव (एसएआर), चिकित्सा निकासी (एमईडीईवीएसी) और समुद्री जहाजों के बीच आपूर्ति (वीआरटीआरईपी) जैसे विविध अभियानों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। इन हेलीकॉप्टरों के शामिल होने से पश्चिमी तट पर भारतीय नौसेना की समग्र विमानन और परिचालन क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
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17/12/25 |भारतीय रेलवे की सौर क्रांति: 2,626 स्टेशन हुए सौर ऊर्जा से लैस, 2030 तक 'नेट जीरो' का लक्ष्य
आरएस अनेजा, 17 दिसम्बर नई दिल्ली - भारतीय रेलवे ने अपने रेल नेटवर्क में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल में बहुत तेजी से प्रगति की है। वर्तमान में, 2,626 रेलवे स्टेशन सौर ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं। यह व्यापक पैमाने पर अपनाया गया कदम ऊर्जा लागत को कम करने में मदद कर रहा है। यह पूरे देश में स्वच्छ और अधिक संवहनीय रेल परिचालन की ओर बदलाव को भी दर्शाता है। चालू वित्त वर्ष में इस गति में और वृद्धि हुई है। नवंबर तक 318 स्टेशन सौर ऊर्जा से जोड़े जा चुके हैं। इनके जुड़ने से, सौर ऊर्जा संचालित रेलवे स्टेशनों की कुल संख्या 2,626 तक पहुँच गई है।
रेलवे ने स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नवंबर 2025 तक, इसने अपने परिचालन के लिए 898 मेगावाट सौर ऊर्जा का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। यह 2014 में परिचालन के लिए केवल 3.68 मेगावाट सौर ऊर्जा के मुकाबले तीव्र वृद्धि दर्शाता है। यह 2014 के स्तर की तुलना में लगभग 244 गुना की वृद्धि है। कुल चालू क्षमता में से 629 मेगावाट का उपयोग कर्षण उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। यह सीधे तौर पर इलेक्ट्रिक ट्रेन के परिचालन को बल देता है। बाकी 269 मेगावाट बिजली गैर-कर्षण ज़रूरतों को पूरा करती है। इनमें स्टेशन की लाइटिंग, वर्कशॉप, सर्विस बिल्डिंग और रेलवे क्वार्टर शामिल हैं। सौर ऊर्जा का यह संतुलित उपयोग पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता को कम करता है। इससे रेलवे संचालन की कुल दक्षता में भी सुधार होता है।
स्टेशनों, भवनों और रेलवे भूमि पर सौर पैनल भारतीय रेलवे की बढ़ती ऊर्जा की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। वे ऐसा स्वच्छ और संवहनीय तरीके से कर रहे हैं। इन प्रयासों से ऊर्जा सुरक्षा में सुधार हो रहा है। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लक्ष्यों को भी प्राप्त करने की कोशिश की जा रही है। इस तरह के उपाय 2030 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।
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अग्रिवीर जनरल ड्यूटी टेक्निकल और ट्रेडसमैन भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित
आरएस अनेजा, 12 दिसम्बर अम्बाला - भर्ती निदेशक अम्बाला कर्नल वीएस पाण्डेय ने बताया कि भर्ती कार्यालय मुख्यालय अंबाला कैंट द्धारा नवम्बर माह में आयोजित अग्रिवीर जनरल डयुटी टेक्निकल और ट्रेडसमैन भर्ती परीक्षा का परिणाम join Indian Army Website www.joinindianarmy.nic.in पर प्रकाशित कर दिया गया है ।
उन्होंने बताया कि जिन उम्मीदारों का रोल नम्बर उपरोक्त परिणाम में प्रकाशित हुआ हैं वे आगे के दस्तावेज के लिए दिनांक 14 दिसम्बर 2025 को सुबह 0830 बजे भर्ती कार्यालय मुख्यालय अंबाला कैंट में रिपोर्ट करे।
सभी चयनित उम्मीदवार 10वीं और 12वीं के ओरिजिनल मार्क शीट ,आधार कार्ड और आधार लिंक मोबाइल साथ में अवश्य लायें । उन्होने जानकारी देते हुए यह भी बताया कि उक्त परीक्षा का परिणाम देखने की प्रक्रिया इस प्रकार से है- www.joinindianarmy.nic.in. Final Result -ARO-RO (HQ) Ambala-Click पर देखी जा सकती है। -
12/12/25 |केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने राष्ट्रीय सतत तटीय प्रबंधन केंद्र की तीसरी बैठक की अध्यक्षता की
आरएस अनेजा, 12 दिसम्बर नई दिल्ली - केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय सतत तटीय प्रबंधन केंद्र (एनसीएससीएम) की तीसरी आम सभा (जीबी) बैठक की अध्यक्षता की।
उन्होंने केंद्र के अध्यक्ष के रूप में बैठक का नेतृत्व किया। विचार-विमर्श के इस सत्र में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और आम सभा के सदस्य भी सम्मिलित हुए। इस बैठक में तटीय और समुद्री अनुसंधान तथा प्रबंधन के क्षेत्र के विशेषज्ञों और जाने-माने वैज्ञानिकों ने भी भाग लिया।
यादव ने तटीय पारिस्थितिकी तंत्र के आकलन, जलवायु अनुकूलन और समुद्री प्राकृतिक आवासों के पुनर्स्थापन के क्षेत्रों में एनसीएससीएम के वैज्ञानिक योगदानों की समीक्षा की। बैठक में एनसीएससीएम ने संरक्षण से लेकर आजीविका, प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, द्वीपीय स्थिति, भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी, तटीय प्रक्रियाओं, समुद्र तटीय स्थानिक योजनाओं और एकीकृत तटीय क्षेत्र प्रबंधन जैसे प्रमुख विषयगत क्षेत्रों में अपनी उपलब्धियों पर प्रस्तुति दी।
आम सभा (जीबी) ने संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने सहित कार्यक्रमों में वैज्ञानिक प्रयासों को सुदृढ़ करने और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों और पारंपरिक ज्ञानवान लोगों के साथ सहयोगपूर्ण सहभागिता का विस्तार करने के निर्देश दिए। एनसीएससीएम को यह सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया कि उसके अनुसंधान और क्षमता-निर्माण पहलों में विज्ञान–नीति–समुदाय के एकीकरण को और गहरा किया जाए। जीबी ने यह भी निर्देश दिया कि एनसीएससीएम के विज़न दस्तावेज़ को विकसित भारत 2047 की थीम के अनुरूप अंतिम रूप दिया जाए।
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12/12/25 |राष्ट्रपति ने मणिपुर के सेनापति में एक सार्वजनिक समारोह की शोभा बढ़ाई
आरएस अनेजा, 12 दिसम्बर नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज मणिपुर के सेनापति में एक सार्वजनिक समारोह की शोभा बढ़ाई। उन्होंने इस अवसर पर विकास की विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखी, साथ ही कई परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया।
सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि मणिपुर के आदिवासी समुदायों के लिए सम्मान, सुरक्षा और विकास के अवसर तथा देश की प्रगति में उनकी अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना राष्ट्रीय प्राथमिकता है। भारत सरकार मणिपुर में समावेशी और सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय नेताओं, नागरिक समाज और समुदायों के साथ मिलकर काम कर रही है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार देश के हर कोने तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। हाल के वर्षों में, मणिपुर के पहाड़ी जिलों को सड़क और पुल संपर्क, राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों सहित, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, पेयजल और बिजली आपूर्ति जैसे क्षेत्रों में किए गए लक्षित निवेशों से लाभ हुआ है। कौशल प्रशिक्षण, स्वयं सहायता समूह और वन धन जैसी आजीविका योजनाओं से लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है। ये प्रयास आदिवासी समुदायों की अनूठी पहचान और परंपराओं का सम्मान करते हुए उनका समर्थन करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि मणिपुर की ताकत उसकी विविधता, उसकी संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं में निहित है। पहाड़ और घाटी हमेशा से एक-दूसरे के पूरक रहे हैं, मानो एक ही खूबसूरत भूमि के दो पहलू हों। उन्होंने सभी समुदायों से शांति, समझ और सुलह के प्रयासों में सहयोग जारी रखने का आग्रह किया। भारत सरकार मणिपुर के लोगों की आकांक्षाओं को समझती है। उन्होंने मणिपुर के लोगों के कल्याण और प्रगति के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया, जिनमें इस क्षेत्र के लोग भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमें एक शांतिपूर्ण और समृद्ध मणिपुर के लिए मिलकर निरंतर काम करना चाहिए।
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10/12/25 |पश्चिमी वायु कमान के वायु अधिकारी कमान प्रमुख, एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने फरीदाबाद वायुसेना स्टेशन का दौरा किया
आरएस अनेजा, 10 दिसम्बर नई दिल्ली - भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के पश्चिमी वायु कमान (डब्ल्यूएसी) के वायु अधिकारी कमान प्रमुख (एओसी-इन-सी) एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने 10 दिसंबर 2025 को वायु सेना स्टेशन फरीदाबाद का दौरा किया। कमान प्रमुख का स्वागत स्टेशन कमांडर, ग्रुप कैप्टन वी विश्वनाथन ने किया और उन्हें स्टेशन द्वारा की गई परिचालन तैयारियों और कल्याणकारी पहलों के बारे में जानकारी दी गई।
एयर फ़ोर्स के 9 स्कूल में आयोजित 80वें विस्फोटक पहचान (ईडी) डॉग कोर्स की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण कमान प्रमुख ने किया। ये नव उत्तीर्ण कुत्ते अब विभिन्न परिचालन इकाइयों में सुरक्षा अभियानों के लिए तैनात किए जाएंगे। कमान प्रमुख ने विस्फोटक पहचान के लिए इन कुत्तों को प्रशिक्षित करने हेतु अनुकरणीय मानकों और नवीन विधियों को अपनाने के लिए स्कूल की सराहना की।
इस दौरे के दौरान, कमान प्रमुख ने प्रमुख परिचालन लॉजिस्टिक्स स्थलों का दौरा कर उनकी कार्यक्षमता और परिचालन इकाइयों को कुशल लॉजिस्टिक्स सहायता प्रदान करने की तत्परता का आकलन किया। उन्होंने भंडारण और भंडारण की प्रभावशीलता की समीक्षा की और अल्प सूचना पर परिचालन सहायता प्रदान करने के लिए हमेशा तत्पर रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
जैसे-जैसे भारतीय वायु सेना अपनी हवाई युद्ध और निगरानी क्षमताओं का आधुनिकीकरण और उन्नयन जारी रखती है, इस तरह की दौरे रसद संबंधी तैयारियों का मूल्यांकन करने, परिचालन संबंधी चुनौतियों का समाधान करने और बल की तत्परता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
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09/12/25 |प्रधानमंत्री ने भारत में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत समिति के 20वें सत्र की शुरुआत पर प्रसन्नता व्यक्त की
आरएस अनेजा, 9 दिसम्बर नई दिल्ली - प्रधानमंत्री ने भारत में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत समिति के 20वें सत्र की शुरुआत पर अत्यंत हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह मंच विश्व भर की जीवित परंपराओं को संरक्षित करने और लोकप्रिय बनाने के एक साझा विज़न के साथ 150 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों को एक साथ लेकर आया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस महत्वपूर्ण सम्मेलन की मेजबानी करने पर अत्यंत प्रसन्न है, खासतौर पर इसलिए कि यह ऐतिहासिक लाल किले में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यह अवसर समाजों और पीढ़ियों को जोड़ने के लिए संस्कृति की शक्ति का उपयोग करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;
“यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि भारत में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत समिति का 20वाँ सत्र आरम्भ हो गया है। इस मंच ने हमारी साझा जीवित परंपराओं को संरक्षित और लोकप्रिय बनाने की दृष्टि के साथ 150 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों को एक साथ जोड़ा है। भारत इस सम्मेलन की मेजबानी करके प्रसन्न है, वह भी लाल किले में। यह हमारे समाजों और पीढ़ियों को जोड़ने के लिए संस्कृति की शक्ति का उपयोग करने की हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
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08/12/25 |बीएसएफ ने सीमा पर तीन पाकिस्तानी ड्रोन गिराए, डेढ़ किलो से अधिक हेरोइन की बरामद
आरएस अनेजा, 8 दिसम्बर नई दिल्ली - बीएसएफ ने भारत-पाक सीमा पर कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के तीन ड्रोन गिराए हैं। वहीं, एक किलो से अधिक हेरोइन बरामद की है।
भारत-पाक सीमा पर ड्रोन के जरिये नशा तस्करी की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन बीएसएफ ने एक बार फिर इन वारदातों को नाकाम कर दिया। बीती शाम पंजाब बॉर्डर पर तीन पाकिस्तानी ड्रोन मार गिराए गए और अलग-अलग स्थानों से करीब 1.173 किलो हेरोइन बरामद की गई।
इस कार्रवाई ने तस्करों को बड़ा झटका दिया है। बीएसएफ प्रवक्ता के अनुसार, तरनतारन के गांव डल के पास तकनीकी निगरानी के जरिए एक ड्रोन पकड़ा गया, जिसके साथ 543 ग्राम हेरोइन मिली। इसके बाद बीएसएफ इंटेलिजेंस विंग की सूचना पर फिरोजपुर के गांव संकत्रा में सर्च ऑपरेशन चलाकर 1.173 किलोग्राम हेरोइन का पैकेट और एक ड्रोन बरामद किया गया।
अमृतसर के गांव रोड़ेवाला कलां के पास खेतों से भी एक ड्रोन मिला, जिसे बीएसएफ की तकनीकी एंटी-ड्रोन प्रणाली से गिरने की संभावना जताई जा रही है। बीएसएफ ने कहा कि सीमा पर ड्रोन गतिविधियों पर कड़ी निगरानी जारी है।
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06/12/25 |अत्यधिक हवाई किराया वसूली पर लगाम! नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने किराए की अधिकतम सीमा तय की
आरएस अनेजा, 6 दिसम्बर नई दिल्ली - सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने मौजूदा रुकावट के दौरान कुछ एयरलाइंस द्वारा लिए जा रहे बहुत ज़्यादा हवाई किराए के बारे में चिंताओं पर गंभीरता से ध्यान दिया है। यात्रियों को किसी भी तरह की मौके का फायदा उठाने वाली प्राइसिंग से बचाने के लिए, मिनिस्ट्री ने सभी प्रभावित रूट्स पर सही और वाजिब किराया सुनिश्चित करने के लिए अपनी रेगुलेटरी शक्तियों का इस्तेमाल किया है।
सभी एयरलाइंस को एक ऑफिशियल निर्देश जारी किया गया है जिसमें अब तय की गई किराए की अधिकतम सीमा का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया गया है। ये सीमाएं तब तक लागू रहेंगी जब तक स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाती। इस निर्देश का मकसद बाज़ार में प्राइसिंग में अनुशासन बनाए रखना, मुश्किल में फंसे यात्रियों का किसी भी तरह से शोषण होने से रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि जिन नागरिकों को तुरंत यात्रा करने की ज़रूरत है - जिनमें सीनियर सिटीजन, छात्र और मरीज़ शामिल हैं - उन्हें इस दौरान किसी भी तरह की वित्तीय कठिनाई का सामना न करना पड़े।
मिनिस्ट्री रियल-टाइम डेटा और एयरलाइंस और ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म के साथ एक्टिव कोऑर्डिनेशन के ज़रिए किराए के स्तर पर कड़ी नज़र रखेगी। तय नियमों से किसी भी तरह का उल्लंघन होने पर बड़े जनहित में तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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05/12/25 |भारत और मलेशिया राजस्थान में संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास हरिमाऊ शक्ति में भाग लेंगे
आरएस अनेजा, 5 दिसम्बर नई दिल्ली - संयुक्त सैन्य अभ्यास “एक्सरसाइज हरिमाऊ शक्ति -2025” का पांचवां एडिशन आज राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में शुरू हुआ। यह अभ्यास 05 से 18 दिसंबर 2025 तक चलेगा।
भारतीय दल का प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से डोगरा रेजिमेंट के सैनिक कर रहे हैं। मलेशियाई पक्ष का प्रतिनिधित्व रॉयल मलेशियाई सेना की 25वीं बटालियन के सैनिक कर रहे हैं।
इस अभ्यास का मकसद संयुक्त राष्ट्र के मैंडेट के चैप्टर VII के तहत सब-कन्वेंशनल ऑपरेशंस का संयुक्त रूप से अभ्यास करना है। अभ्यास के दायरे में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान संयुक्त प्रतिक्रियाओं में तालमेल बिठाना शामिल है। दोनों पक्ष घेराबंदी, तलाशी और नष्ट करने के मिशन, हेलीकॉप्टर से होने वाले ऑपरेशन आदि जैसी सामरिक कार्रवाइयों का अभ्यास करेंगे। इसके अलावा, आर्मी मार्शल आर्ट्स रूटीन (AMAR), कॉम्बैट रिफ्लेक्स शूटिंग और योग भी अभ्यास पाठ्यक्रम का हिस्सा होंगे।
एक्सरसाइज हरिमाऊ शक्ति – 2025 में, दोनों पक्ष आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान हेलीपैड को सुरक्षित करने और घायलों को निकालने के लिए ड्रिल का अभ्यास करेंगे। सामूहिक प्रयासों का ध्यान सैनिकों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी के स्तर को बढ़ाना और शांति स्थापना अभियानों के दौरान संयुक्त राष्ट्र के हितों और एजेंडे को सबसे आगे रखते हुए जीवन और संपत्ति के जोखिम को कम करना होगा।
दोनों पक्ष युद्ध कौशल के व्यापक दायरे पर संयुक्त अभ्यास के विचारों और तरीकों का आदान-प्रदान करेंगे, जिससे प्रतिभागियों को एक-दूसरे से सीखने में मदद मिलेगी। सर्वोत्तम तरीकों को साझा करने से भारतीय सेना और रॉयल मलेशियाई सेना के बीच रक्षा सहयोग का स्तर और बढ़ेगा। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को भी बढ़ावा देगा।
#indianarmy #ministryofdefence #malasiyaarmy #militaryjointexercise
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05/12/25 |केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कोहिमा युद्ध समाधि स्थल का दौरा किया और श्रद्धांजलि अर्पित की
आरएस अनेजा, 5 दिसम्बर नई दिल्ली - केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कोहिमा युद्ध समाधि स्थल का दौरा किया, जहां स्थानीय अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
केंद्रीय मंत्री ने द्वितीय विश्व युद्ध के निर्णायक घटनाक्रमों में से एक कोहिमा के युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि यह युद्ध समाधि स्थल साहस, बलिदान और साझा इतिहास का जीवंत प्रतीक है। यह न केवल एक महत्वपूर्ण विरासत स्थल है, बल्कि ऐसा स्थान भी है जो देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को लगातार आकर्षित करता है।
बाद में, केंद्रीय मंत्री ने गैरिसन कैफे का दौरा किया, जो कोहिमा का एक प्रमुख सांस्कृतिक स्थल है और क्षेत्र की सैन्य विरासत तथा रचनात्मक ऊर्जा का उत्सव मनाता है। युद्धकालीन इतिहास एवं स्थानीय नागा परंपराओं से प्रेरित यह कैफे आज युवाओं, कलाकारों और पर्यटकों के लिए एक जीवंत सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभर चुका है। श्री सिंधिया ने कैफे में एक कप कॉफी का आनंद लेते हुए इस बात की सराहना की कि कैसे इस तरह के स्थल विरासत को समकालीन उद्यमिता से जोड़ते हैं और सामुदायिक सहभागिता तथा स्थानीय आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करते हैं। नागालैंड सरकार ने क्षेत्र की आर्थिक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कॉफी को राज्य का विशिष्ट विक्रय बिंदु (यूएसपी) भी घोषित किया है।
केंद्रीय मंत्री कल हॉर्नबिल महोत्सव का भी दौरा करेंगे, जो भारत के सबसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक उत्सवों में से एक है और नागालैंड की समृद्ध परंपराओं, शिल्प कौशल, संगीत एवं विविध सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करता है। उनकी यह यात्रा सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और पूर्वोत्तर क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक जीवंतता को मजबूत करने के लिए मंत्रालय की प्रतिबद्धता को उजागर करती है।
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05/12/25 |एक्सरसाइज गरुड़ 25 संपन्न: इंडो-फ्रेंच एयर फोर्स ने बाइलेटरल एयर एक्सरसाइज का 8वां एडिशन सफलतापूर्वक पूरा किया
आरएस अनेजा, 5 दिसम्बर नई दिल्ली - इंडियन एयर फ़ोर्स (आईएएफ) और फ्रेंच एयर एंड स्पेस फ़ोर्स (एफएएसएफ) के बीच एक बाइलेटरल इंडो-फ़्रेंच एयर एक्सरसाइज़ गरुड़ का 8वां एडिशन, फ़्रांस में संपन्न हुआ। एक्सरसाइज़ के सफल समापन के बाद आईएएफ की टुकड़ी भारत लौट आई।
एक्सरसाइज़ के दौरान, आईएएफ ने Su-30MKI फ़ाइटर्स के साथ हिस्सा लिया, जिन्हें IL-78 एयर-टू-एयर रिफ़्यूलिंग एयरक्राफ़्ट और C-17 ग्लोबमास्टर III ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ़्ट का सपोर्ट मिला और दोनों एयर फ़ोर्स ने एक रियलिस्टिक ऑपरेशनल माहौल में कई मुश्किल एयर ऑपरेशन किए। ट्रेनिंग में जॉइंट मिशन प्लानिंग, स्ट्राइक और एस्कॉर्ट मिशन को कोऑर्डिनेटेड तरीके से पूरा करना और एक-दूसरे के ऑपरेशनल प्रोसीजर से परिचित कराना शामिल था, जिससे इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ी।
आईएएफ मेंटेनेंस क्रू ने पूरे समय हाई सर्विसेबिलिटी सुनिश्चित की, जिससे सभी प्लान किए गए मिशन आसानी से पूरे हो सके। क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान दोनों देशों के सीनियर अधिकारियों ने पार्टिसिपेंट्स से बातचीत की और दोनों हिस्सा लेने वाली सेनाओं के प्रोफेशनलिज़्म, डिसिप्लिन और कमिटमेंट की तारीफ़ की।
एक्सरसाइज़ गरुड़ 25 इस साल आईएएफ द्वारा किए गए सबसे बड़े इंटरनेशनल एयर ट्रेनिंग एंगेजमेंट में से एक था। इस एक्सरसाइज़ ने भारत और फ्रांस के बीच मज़बूत स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को मजबूत किया और हिस्सा लेने वाली सेनाओं को ऑपरेशनल जानकारी दी। सीखे गए सबक आईएएफ की युद्ध लड़ने की क्षमताओं को और बढ़ाएंगे तथा फ्रेंडली विदेशी एयर फ़ोर्स के साथ मिलकर काम करने की क्षमता को मज़बूत करेंगे।
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05/12/25 |रक्षा मंत्री और उनके रूसी समकक्ष ने सैन्य-तकनीकी सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की सह-अध्यक्षता की
आरएस अनेजा, 5 दिसम्बर नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव ने नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में सैन्य एवं सैन्य-तकनीकी सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-एमएंडएमटीसी) के 22वें सत्र की सह-अध्यक्षता की।
दोनों पक्षों ने दोहराया कि भारत-रूस संबंध गहरे विश्वास, साझा सिद्धांतों और आपसी सम्मान पर आधारित हैं। यह बैठक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति श्री व्लादिमीर पुतिन के बीच होने वाले 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन से पहले हुई है।
राजनाथ सिंह ने 'आत्मनिर्भर भारत' की परिकल्पना के तहत स्थानीय उत्पादन और निर्यात दोनों के लिए भारत के स्वदेशी रक्षा उद्योग की क्षमता निर्माण के लिए भारत सरकार के दृढ़ संकल्प को व्यक्त किया। उन्होंने दोनों देशों के बीच विशिष्ट प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने के लिए नए अवसरों पर भी जोर दिया।
रूस के रक्षा मंत्री ने दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास पर आधारित संबंधों को और गहरा करने पर जोर दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि दोनों देश कई वर्षों की मित्रता और रणनीतिक सहयोग से एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि रूस के रक्षा उद्योग, भारत को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सहयोग देने के लिए तैयार है। मंत्री श्री बेलौसोव ने श्री राजनाथ सिंह को 2026 में आईआरआईसी-एमएंडएमटीसी के 23वें सत्र की सह-अध्यक्षता करने के लिए रूस आने का निमंत्रण भी दिया।
अंत में, दोनों मंत्रियों ने चल रहे और भावी सहयोग के क्षेत्रों को रेखांकित करते हुए 22वीं आईआरआईजीसी-एमएंडएमटीसी बैठक के प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए।
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04/12/25 |प्रधानमंत्री ने नौसेना दिवस पर भारतीय नौसेना कर्मियों को बधाई दी
आरएस अनेजा, 4 दिसम्बर नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नेवी डे पर इंडियन नेवी के सभी लोगों को बधाई दी है।
मोदी ने कहा कि हमारी नेवी बहुत हिम्मत और पक्के इरादे की पहचान है। वे हमारे किनारों की सुरक्षा करते हैं और हमारे समुद्री हितों को बनाए रखते हैं। श्री मोदी ने कहा, "मैं इस साल की दिवाली कभी नहीं भूल सकता, जो मैंने INS विक्रांत पर नेवी के लोगों के साथ बिताई। इंडियन नेवी को उनके आगे के कामों के लिए शुभकामनाएं।"
प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया:
"इंडियन नेवी के सभी लोगों को नेवी डे की बधाई। हमारी नेवी बहुत हिम्मत और पक्के इरादे की पहचान है। वे हमारे किनारों की सुरक्षा करते हैं और हमारे समुद्री हितों को बनाए रखते हैं। हाल के सालों में, हमारी नेवी ने आत्मनिर्भरता और मॉडर्नाइज़ेशन पर ध्यान दिया है। इससे हमारे सुरक्षा तंत्र को मजबूती मिली है।
मैं इस साल की दिवाली कभी नहीं भूल सकता, जो मैंने INS विक्रांत पर नेवी के लोगों के साथ बिताई। इंडियन नेवी को उनके आगे के कामों के लिए शुभकामनाएं।"
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03/12/25 |भारत-मालदीव संयुक्त सैन्य अभ्यास एकुवेरिन केरल में शुरू हुआ
आरएस अनेजा, 3 दिसम्बर नई दिल्ली - भारतीय सेना और मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल (एमएनडीएफ) के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास एकुवेरिन का 14वां संस्करण आज केरल के तिरुवनंतपुरम में शुरू हुआ।
यह संयुक्त सैन्य अभ्यास 15 दिसंबर, 2025 तक चलेगा। गढ़वाल राइफल्स की एक बटालियन द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए 45 कर्मियों वाली भारतीय सेना की टुकड़ी, मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए समान क्षमता वाले मालदीव के एक दल के साथ भाग ले रही है।
धिवेही में "एकुवेरिन" का अर्थ "मित्र" होता है, जो दोनों देशों के बीच मित्रता, आपसी विश्वास और सैन्य सहयोग के गहरे बंधनों को दर्शाता है। वर्ष 2009 से दोनों देशों में बारी-बारी से आयोजित, "एकुवेरिन" अभ्यास भारत की "पड़ोसी प्रथम" नीति और मित्र देशों के साथ स्थायी रक्षा साझेदारी बनाने की उसकी प्रतिबद्धता का एक ज्वलंत उदाहरण बना हुआ है।
दो सप्ताह तक चलने वाले इस अभ्यास का उद्देश्य जंगल, अर्ध-शहरी और तटीय इलाकों में उग्रवाद-रोधी और आतंकवाद-रोधी अभियानों में अंतर-संचालन और परिचालन तालमेल को बढ़ाना है। इसमें दोनों पक्षों के सैनिक भाग लेंगे और क्षेत्र में साझा सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने की अपनी क्षमता को मज़बूत करने के लिए बेहतर अभ्यास, सामरिक अभ्यास और संयुक्त परिचालन योजना साझा करेंगे।
यह अभ्यास हिंद महासागर क्षेत्र में क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के प्रति भारत और मालदीव के बढ़ते रक्षा सहयोग और आपसी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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01/12/25 |मुंबई की हवा हुई 'ज़हरीली', कई इलाकों में GRAP-4 की पाबंदियां लागू; निर्माण कार्यों पर रोक
मुंबई, 1 दिसंबर (अन्नू)- पिछले कुछ हफ्तों से मुंबई की वायु गुणवत्ता (Air Quality) बहुत खराब हो गई है, जो अक्सर 'बहुत खराब' या 'गंभीर' कैटेगरी में रिकॉर्ड की जा रही है।
स्वास्थ्य समस्याएँ: दिल्ली की तरह ही, मुंबई के लोग भी आँखों में जलन, साँस लेने में दिक्कत और गले में खराश की शिकायत कर रहे हैं।
प्रदूषण वाले इलाके: मझगांव, देवनार, मलाड, पवई और मुलुंड जैसे कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुँच गई है।
सरकारी कार्रवाई: बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए, सरकार ने इन इलाकों में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा चरण (GRAP-4) लागू कर दिया है।
पाबंदियाँ:
सभी निर्माण कार्यों और धूल उड़ाने वाली गतिविधियों पर तुरंत रोक लगा दी गई है।
बीएमसी (BMC) ने 50 से ज़्यादा निर्माण स्थलों को काम रोकने के नोटिस जारी किए हैं।
छोटे उद्योगों (जैसे बेकरी, मार्बल कटिंग यूनिट्स) को सफाई प्रक्रिया अपनाने को कहा गया है।
प्रदूषण फैलाने वालों पर नज़र रखने के लिए हर वार्ड में फ्लाइंग स्क्वॉड (इंजीनियर और पुलिसकर्मी शामिल) तैनात किए गए हैं।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी इस गंभीर प्रदूषण पर चिंता जताई है। कोर्ट ने बीएमसी के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पाँच सदस्यीय टीम बनाने का आदेश दिया है, जो 10 दिनों में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।
मुंबई अब दिल्ली के साथ उन भारतीय शहरों की सूची में शामिल हो गया है जहाँ वायु प्रदूषण एक बड़ा संकट बन गया है।
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28/11/25 |हिंद-प्रशांत और ग्लोबल साउथ के देश भारत को एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में देखते हैं: चाणक्य रक्षा संवाद में रक्षा मंत्री
आरएस अनेजा, 28 नवम्बर नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 नवंबर, 2025 को नई दिल्ली में ‘परिवर्तन के लिए सुधार- सशक्त, सुरक्षित और विकसित भारत' विषय पर आयोजित चाणक्य रक्षा संवाद में कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि, तकनीकी क्षमताओं और विदेश नीति ने देश को बदलते वैश्विक परिवेश में संतुलन और जिम्मेदारी की आवाज बना दिया है।
इसलिए हिंद-प्रशांत और ग्लोबल साउथ के देश हमें एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत सभ्यतागत मूल्यों में निहित जिम्मेदारी, रणनीतिक स्वायत्तता और आत्मविश्वास की भावना के साथ आज की वैश्विक चर्चाओं को आकार दे रहा है और इसने जो वैश्विक विश्वास अर्जित किया है, वह महत्वपूर्ण सुधारों और राष्ट्रों की संप्रभुता के सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था के लिए इसके निरंतर रुख के कारण है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता और आतंकवाद, चरमपंथी तत्वों को सीमा पार से समर्थन, यथास्थिति को बदलने के प्रयास, समुद्री दबाव और सूचना युद्ध जैसी चुनौतियों के लिए निरंतर सतर्कता और उद्देश्य की स्पष्टता की आवश्यकता है और सुधार, विकल्प से ज्यादा रणनीतिक आवश्यकता बनते जा रहे हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के सशक्त, सुरक्षित और विकसित भारत के निर्माण के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि सुधार संस्थानों की अनुकूलन क्षमता को मजबूत करते हैं, सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाते हैं और राष्ट्र को अपना भाग्य स्वयं गढ़ने का आत्मविश्वास देते हैं।
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वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का इस्राइल दौरा संपन्न, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को मजबूती मिली
आरएस अनेजा, 25 नवम्बर नई दिल्ली - केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस्राइल की अपनी सफल यात्रा (20-22 नवंबर 2025) पूरी की। उन्होंने इस यात्रा के दौरान भारत-इस्राइल रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से कई उच्च स्तरीय बैठकें कीं।
इस्राइल के अर्थव्यवस्था एवं उद्योग मंत्री नीर बरकत के साथ चर्चा में मुक्त व्यापार समझौते पर चर्चा हुई। इस चर्चा का एक प्रमुख आकर्षण भारत-इस्राइल मुक्त व्यापार समझौते के लिए संदर्भ शर्तों पर हस्ताक्षर है जो एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी परिणाम के लिए वार्ता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस्राइल के वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच के साथ चर्चा में बुनियादी ढांचे, खनन के क्षेत्र में भारतीय कंपनियों के लिए अवसरों और इस्राइल में भारतीय कामगारों के लिए अवसरों पर चर्चा हुई। इस्राइल के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री एवी डिचर के साथ चर्चा में इस्राइल की दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा रणनीति, बीज-सुधार प्रौद्योगिकियों और कृषि जल-पुन उपयोग पर चर्चा हुई।
गोयल ने भारत-इस्राइल व्यापार मंच और सीईओ मंच में भाग लिया जिसमें दोनों पक्षों की ओर से उद्योग जगत की मजबूत भागीदारी हुई। 250 से ज्यादा बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकें भी आयोजित की गईं।
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अभ्यास गरुड़ 25: भारतीय वायु सेना ने फ्रांस के वायु और अंतरिक्ष बल के साथ द्विपक्षीय वायु अभ्यास के 8वें संस्करण में भाग लिया
आरएस अनेजा, 15 नवम्बर नई दिल्ली - भारतीय वायु सेना (आईएएफ) 16 से 27 नवंबर तक फ्रांस के मोंट-डे-मार्सन में फ्रांस के वायु एवं अंतरिक्ष बल (एफएएसएफ) के साथ द्विपक्षीय वायु अभ्यास 'गरुड़ 25' के आठवें संस्करण में भाग ले रही है।
भारतीय वायु सेना की टुकड़ी फ्रांस पहुंची और वह एसयू-30 एमकेआई लड़ाकू विमान के साथ भाग लेगी। अभ्यास के इंडक्शन और डी- इंडक्शन चरणों के लिए सी-17 ग्लोबमास्टर III द्वारा एयरलिफ्ट सहायता प्रदान की जा रही है, जबकि भाग लेने वाले लड़ाकू विमानों के रेंज और स्थायित्व को बढ़ाने के लिए आईएल-78 हवा से हवा में ईंधन भरने वाले टैंकरों का उपयोग किया जा रहा है।
अभ्यास के दौरान, भारतीय वायुसेना का एसयू-30एमकेआई विमान, फ्रांस के बहुउद्देशीय लड़ाकू विमानों के साथ जटिल कृत्रिम हवाई युद्ध परिदृश्यों में, हवा से हवा में युद्ध, वायु रक्षा और संयुक्त हमला अभियानों पर केंद्रित, प्रचालन करेगा। इस अभ्यास का उद्देश्य एक वास्तविक प्रचालन वातावरण में रणनीति और प्रक्रियाओं को परिष्कृत करना, पारस्परिक शिक्षा को सक्षम बनाना और भारतीय वायुसेना और एफएएसएफ के बीच अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ावा देना है।
गरुड़ 25 अभ्यास दोनों वायु सेनाओं के बीच प्रोफेशनल बातचीत, प्रचालनगत ज्ञान के आदान-प्रदान और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने का अवसर भी प्रदान करता है। इस अभ्यास में भागीदारी, बहुपक्षीय अभ्यासों के माध्यम से मित्रवत विदेशी वायु सेनाओं के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ने और वायु संचालन के क्षेत्र में आपसी समझ और सहयोग को बढ़ावा देने की भारतीय वायु सेना की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
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भाजपा युक्त NDA ने बिहार चुनाव में सभी विरोधी पार्टियों को मिट्टी में मिला दिया दिया
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नवीनतम रुझानों और परिणामों के अनुसार, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को भारी बहुमत मिलता दिख रहा है।
* एनडीए (NDA), जिसमें बीजेपी और जेडीयू शामिल हैं, 200 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिससे यह स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ रहा है।
* भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस चुनाव में पहली बार राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरते हुए 90 से अधिक सीटों पर बढ़त हासिल की है।
* जनता दल (यूनाइटेड) - JDU भी 80 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है।
* महागठबंधन, जिसमें आरजेडी और कांग्रेस शामिल हैं, 35 से 40 सीटों के आसपास सिमटता दिख रहा है।
यह प्रदर्शन भाजपा और एनडीए के लिए ऐतिहासिक जीत की ओर इशारा कर रहा है, जिसने विरोधी पार्टियों को काफी पीछे छोड़ दिया है। चुनाव आयोग के आधिकारिक परिणामों के आने पर अंतिम संख्या स्पष्ट होगी।
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14/11/25 |'प्रोजेक्ट चीता' बोत्सवाना से आएंगे चीते, राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा पर हुआ अहम समझौता
आरएस अनेजा, 14 नवम्बर नई दिल्ली - भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बोत्सवाना के राष्ट्रपति, महामहिम एडवोकेट ड्यूमा गिदोन बोको के साथ मोकोलोडी नेचर रिजर्व का दौरा किया। दोनों नेताओं ने भारत और बोत्सवाना के विशेषज्ञों की ओर से घांजी क्षेत्र से पकड़े गए चीतों को क्वारंटाइन केंद्र में छोड़े जाने के दृश्य को देखा। यह कार्यक्रम 'प्रोजेक्ट चीता' के तहत बोत्सवाना की ओर से भारत को आठ चीतों के प्रतीकात्मक दान का प्रतीक है। यह आयोजन वन्यजीव संरक्षण में भारत-बोत्सवाना सहयोग में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है।
नई दिल्ली रवाना होने से पहले, राष्ट्रपति ने गाबोरोन में भारत के उच्चायुक्त द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में बोत्सवाना में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित किया।
भारतीय समुदाय के उत्साही सदस्यों को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के लोगों को उनके योगदान पर गर्व है। वे भारत के सच्चे सांस्कृतिक राजदूत हैं, जो कड़ी मेहनत, ईमानदारी और सद्भाव के उन मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं जो भारत और बोत्सवाना दोनों की पहचान हैं। उन्होंने उनसे भारत के साथ अपने संबंधों को मज़बूत करते हुए बोत्सवाना की प्रगति में योगदान जारी रखने का आग्रह किया। उन्होंने उन्हें ओसीआई योजना और प्रवासी भारतीय दिवस जैसी पहलों का लाभ उठाने और भारत के विकास में अपने अनुभव साझा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
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13/11/25 |महामहिम राष्ट्रपति ने बोत्सवाना की नेशनल असेम्बली को संबोधित किया
आरएस अनेजा, 13 अक्टूबर नई दिल्ली - महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गैबोरोन स्थित बोत्सवाना की नेशनल असेम्बली का दौरा किया और सांसदों को संबोधित किया। नेशनल असेम्बली के अध्यक्ष, महामहिम दिथापेलो एल. केओरापेट्से, असेम्बली के उपाध्यक्ष और नेता प्रतिविपक्ष ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।
नेशनल असेम्बली, बोत्सवाना की एकसदनीय संसद का एकमात्र विधायी निकाय है, जिसमें राष्ट्रपति और नेशनल असेम्बली शामिल हैं। सदन को जनजातीय प्रमुखों की एक परिषद, नेट्लो या डिकगोसी द्वारा परामर्श दिया जाता है। 1966 में बोत्सवाना की स्वतंत्रता के बाद से वहाँ लगातार बहुदलीय चुनाव और शांतिपूर्ण राष्ट्रपति परिवर्तन होते रहे हैं।
सदन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि बोत्सवाना लोकतंत्र, सुशासन और प्रभावी नेतृत्व का शानदार उदाहरण है। यह इस बात का प्रमाण है कि जब लोकतंत्र को आम जनता के कल्याण के लिए कार्य करने का अवसर दिया जाता है, जब राष्ट्रीय संसाधनों का उपयोग देश के समग्र विकास और गरीबों और वंचितों के उत्थान के लिए किया जाता है, तो क्या संभव है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और बोत्सवाना के बीच सहज मित्रता परस्पर विश्वास और सम्मान, साझा मूल्यों और लोकतंत्र एवं मानवीय गरिमा में समान विश्वास पर आधारित है। दशकों से, हमारी साझेदारी न केवल हमारे पिछले सहयोग से, बल्कि इसके उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं के कारण भी सुदृढ़ हुई है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत-बोत्सवाना के बीच सहयोग का - शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी, कृषि, रक्षा, व्यापार और निवेश सहित कई क्षेत्रों में विस्तार हुआ है।
#presidentofindia #dropdimurmu
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10/11/25 |अभ्यास ‘मालाबार - 2025’ के लिए आईएनएस सहयाद्रि गुआम में
आरएस अनेजा, 10 नवम्बर नई दिल्ली - भारतीय नौसैनिक पोत (आईएनएस) सहयाद्रि बहुपक्षीय अभ्यास ‘मालाबार-2025’ में हिस्सा लेने के लिए उत्तरी प्रशांत के गुआम में है।
‘मालाबार-2025’ में आईएनएस सहयाद्रि की भागीदारी भारत की टिकाऊ साझीदारी तथा तालमेल मजबूत करने, अंतरप्रचालनीयता बढ़ाने और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए सामूहिक संकल्प के प्रदर्शन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।
स्वदेश में डिजाइन किया गया और निर्मित आईएनएस सहयाद्रि एक निर्देशित प्रक्षेपास्त्र टोही युद्धपोत है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ की चमचमाती मिसाल आईएनएस सहयाद्रि कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय अभ्यासों में हिस्सा ले चुका है। इसके अलावा इस पोत को कई अभियानों में भी तैनात किया जा चुका है।
अभ्यास ‘मालाबार-2025’ के बंदरगाह चरण में परिचालन योजना निर्माण और चर्चाएं, संचार प्रोटोकॉल पर तालमेल, भागीदार देशों के बीच परिचय और खेल कार्यक्रम शामिल होंगे। इसके बाद सभी भागीदार इकाइयां समुद्र चरण में जाएंगी जिसमें पोत और विमान नौसैनिक अभ्यासों में हिस्सा लेंगे। इस दौरान संयुक्त बेड़ा संचालन, पनडुब्बीरोधी युद्ध, तोप विद्या श्रृंखलाओं और उड़ान अभियानों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
#mod #defenseministry #exercisemalabar2025
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09/11/25 |“खड़गे ने खुद स्वीकार किया कि बिहार में पहले जंगलराज था” – ऊर्जा मंत्री अनिल विज
चंडीगढ़, 9 नवम्बर नई दिल्ली - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन व श्रम मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बिहार में एनडीए सरकार पर लगाए आरोपों कि बीते सालों से सरकार बिहार में जंगलराज खत्म नहीं कर सकी पर कड़ा पलटवार किया है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि “जब हम कपड़ा खरीदते हैं तो कंपनी की पुरानी हालत देखते हैं। खड़गे जी ने खुद मान लिया कि 20 साल पहले बिहार में जंगलराज और कट्टा राज था। अब जब लालू प्रसाद यादव के पुत्र तेजस्वी यादव चुनाव हार चुके हैं, तो उन्हें अपने पिता की सेवा करनी चाहिए, जिनकी तबीयत ठीक नहीं है।”
#anilvij #bjp #bjpharyana #bihar #congress #malikaarjunkhadge #politics
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09/11/25 |भारतीय नौसेना तिरुवनंतपुरम में भव्य परिचालन प्रदर्शन के साथ नौसेना दिवस 2025 मनाएगी
आरएस अनेजा, 9 नवम्बर नई दिल्ली - भारतीय नौसेना 04 दिसंबर को तिरुवनंतपुरम के शंगुमुघम समुद्र तट पर एक शानदार परिचालन प्रदर्शन के साथ नौसेना दिवस 2025 मनाएगी।
यह भारतीय नौसेना के प्रमुख नौसेना स्टेशनों के अलावा किसी अन्य स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने की कोशिश का एक सिलसिला है। इससे पहले, यह ओडिशा के पुरी और महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम नागरिकों को भारतीय नौसेना के बहु डोमेन संचालन के विभिन्न पहलुओं को देखने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा। ऑपरेशनल प्रदर्शन भारतीय नौसेना के अत्याधुनिक ऑपरेशनल प्लेटफॉर्म और महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) के व्यापक विज़न द्वारा निर्देशित हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में 'पसंदीदा सुरक्षा भागीदार' के रूप में इसके संकल्प को प्रदर्शित करेगा।
इस ऑपरेशनल प्रदर्शन में अग्रिम पंक्ति के प्लेटफार्मों द्वारा समन्वित युद्धाभ्यास प्रदर्शित किए जाएगे, जो नौसेना की समुद्री क्षेत्र में शक्ति और सटीकता प्रदान करने की क्षमता का प्रतीक होगा। यह कार्यक्रम सतह, उप-सतही और हवाई संपत्तियों के निर्बाध सहयोग को उजागर करेगा, जो भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए नौसेना की तैयारी को दर्शाता है।
नौसेना दिवस 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान नौसेना की महत्वपूर्ण भूमिका की याद दिलाता है, जिसने दुश्मन की नौसेना और तटीय सुरक्षा को करारा झटका दिया था। ऑपरेशन ट्राइडेंट के तहत, भारतीय नौसेना की मिसाइल नौकाओं ने कराची बंदरगाह पर एक साहसिक हमला किया। इस निर्णायक कार्रवाई ने न केवल भारत की समुद्री शक्ति, बल्कि सटीकता, साहस और रणनीतिक कौशल का भी प्रदर्शन किया। 2025 का ऑपरेशनल प्रदर्शन, एक विकसित और समृद्ध भारत के लिए समुद्र की सुरक्षा करने वाले एक युद्ध-तैयार, एकजुट, विश्वसनीय और आत्मनिर्भर बल के रूप में भारतीय नौसेना की समुद्री उत्कृष्टता का उत्सव होगा।
#indiannavy #mod #ministryofdefence #indiannavyday
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31/10/25 |राष्ट्रपति की राफेल में उड़ान का वीडियो, देशवासियों को संदेश दिया
आरएस अनेजा, चंडीगढ़ 31 अक्टूबर - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 29 अक्टूबर को अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन से अपनी राफेल उड़ान के दौरान कुरुक्षेत्र के पवित्र ब्रह्मसरोवर के ऊपर से उड़ान भरते हुए देशवासियों को संदेश दिया।
उन्होंने कहा — “मैं प्राचीन भूमि और ब्रह्मसरोवर को देख रही हूँ, जो हमारी सांस्कृतिक विविधता और ऐतिहासिक यात्रा का प्रतीक है।”
#rafael #iaf #presidentofindia
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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग संघों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की
आरएस अनेजा, 30 अक्टूबर नई दिल्ली - केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग संघों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में वाणिज्य विभाग, राजस्व विभाग, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी), निर्यात संवर्धन परिषदों और विभिन्न उद्योग संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान, विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) और वाणिज्य विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही के दौरान किए गए प्रमुख सुधारों, निर्यात को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से आगामी सुधार उपायों और इस अवधि के दौरान निर्यात प्रदर्शन पर विस्तृत प्रस्तुतियां दीं।
चर्चा में उद्योग जगत से जुड़े मुद्दों और चुनौतियों, निर्यात विविधीकरण में उपलब्धियों तथा देश से निर्यात को और अधिक बढ़ावा देने के लिए हितधारकों के विचारों और अपेक्षाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।
एफआईईओ, वस्त्र, परिधान, इंजीनियरिंग, रत्न एवं आभूषण, चिकित्सा उपकरण, फार्मास्यूटिकल्स, सेवाएं, ईपीसीएच, दूरसंचार, चमड़ा, सीआईआई, फिक्की, पीएचडीसीसीआई, एसआईएएम, एसोचैम और नैसकॉम जैसे विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने अनुकूल व्यापार वातावरण को बढ़ावा देने और भारतीय निर्यातकों के लिए बाजार के अवसरों का विस्तार करने में केंद्रीय मंत्री और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की।
पीयूष गोयल ने व्यापार सुगमता और भारतीय निर्यातकों के लिए उन्नत वैश्विक बाजार पहुंच के सृजन हेतु चल रही पहलों के माध्यम से सुविधाजनक व्यापार को मजबूत करने के लिए सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
#piyushgoyal #MinistryofCommerce&Industry
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29/10/25 |नेपाल के ऊर्जा मंत्री कुलमन घीसिंग ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की
आरएस अनेजा, 29 अक्टूबर नई दिल्ली - नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्री कुलमन घीसिंग ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय विद्युत और आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल से मुलाकात की। बैठक में दोनों देशों के बीच विद्युत क्षेत्र में जारी सहयोग को सुदृढ़ करने पर चर्चा हुई।
नेपाल में जलविद्युत परियोजनाओं के विकास की प्रगति सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय ग्रिड कनेक्टिविटी पहलों पर भी विचार-विमर्श किया, जिसका उद्देश्य सीमा पार बिजली व्यापार को सुगम बनाना, ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करना और भारत तथा नेपाल के बीच स्वच्छ ऊर्जा संसाधनों के व्यापक एकीकरण को बढ़ावा देना है।
मनोहर लाल और कुलमन घीसिंग की उपस्थिति में, भारत के महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (सीपीएसई) पावरग्रिड और नेपाल विद्युत प्राधिकरण (एनईए) के बीच संयुक्त उद्यम और शेयरधारक समझौतों (जेवी एंड एसएचए) पर हस्ताक्षर किए गए। ये समझौते उच्च क्षमता वाले सीमा पार विद्युत पारेषण अवसंरचना के विकास हेतु दो संयुक्त उद्यम संस्थाओं - एक भारत में और एक नेपाल में- के गठन के लिए हैं।
प्रस्तावित सीमा-पार पारेषण प्रणाली परियोजनाओं में इनारुवा (नेपाल) - न्यू पूर्णिया (भारत) 400 केवी डबल सर्किट (क्वाड मूस) पारेषण लिंक और लमकी (डोडोधारा) (नेपाल) - बरेली (भारत) 400 केवी डबल सर्किट (क्वाड मूस) पारेषण लिंक का विकास शामिल है। पूरा होने पर, ये पारेषण गलियारे भारत और नेपाल के बीच बिजली के आदान-प्रदान को काफ़ी बढ़ाएंगे, क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करेंगे, ग्रिड की क्षमता में सुधार लाएंगे और दोनों देशों में सतत आर्थिक विकास में योगदान देंगे।
आज की बैठक भारत-नेपाल ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते सहयोग को सुदृढ़ करती है, जो दशकों पुराने राजनयिक संबंधों और सतत विकास एवं ऊर्जा सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है।
#indianepal #nepal #india #energy
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29/10/25 |रक्षा मंत्री कुआलालंपुर में 12वीं आसियान रक्षा मंत्री बैठक - प्लस में भाग लेंगे
आरएस अनेजा, 29 अक्टूबर नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 1 नवंबर, 2025 को मलेशिया के कुआलालंपुर में 12वीं आसियान रक्षा मंत्री बैठक-प्लस (एडीएमएम-प्लस) में भाग लेंगे। वे 'एडीएमएम-प्लस के 15 वर्षों पर चिंतन और भविष्य की रूपरेखा' विषय पर आयोजित मंच को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही, मलेशिया की अध्यक्षता में 31 अक्टूबर को आसियान-भारत रक्षा मंत्रियों की दूसरी अनौपचारिक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आसियान के सभी सदस्य देशों के रक्षा मंत्री भाग लेंगे। इस बैठक का उद्देश्य आसियान देशों और भारत के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करना तथा 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' को आगे बढ़ाना है।
दो दिवसीय यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के एडीएमएम-प्लस देशों के अपने समकक्षों तथा मलेशिया के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने की भी उम्मीद है।
एडीएमएम, आसियान (दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ) का सर्वोच्च रक्षा परामर्शदात्री और सहयोगात्मक संगठन है। एडीएमएम-प्लस, आसियान देशों (ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर-लेस्ते और वियतनाम) और इसके आठ संवाद साझेदारों (भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड) के लिए सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मज़बूत करने का एक मंच है।
भारत 1992 में आसियान का वार्ता साझेदार बना और इसका पहला एडीएमएम-प्लस 12 अक्टूबर, 2010 को वियतनाम के हनोई में आयोजित किया गया था। 2017 से, एडीएमएम-प्लस का आयोजन आसियान और प्लस देशों के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष किया जाता है।
एडीएमएम-प्लस के तहत, भारत 2024-2027 चक्र के लिए मलेशिया के साथ आतंकवाद निरोध पर विशेषज्ञ कार्य समूह का सह-अध्यक्ष है। आसियान-भारत समुद्री अभ्यास का दूसरा संस्करण भी 2026 में निर्धारित है।
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भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर राफेल विमान में उड़ान भरी
आरएस अनेजा, 29 अक्टूबर अम्बाला - भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज (29 अक्टूबर, 2025) एयर फ़ोर्स स्टेशन, अंबाला (हरियाणा) में राफेल विमान में उड़ान भरी। वह भारतीय वायु सेना के दो फाइटर एयरक्राफ्ट में उड़ान भरने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति हैं। इससे पहले, उन्होंने 2023 में सुखोई 30 MKI में उड़ान भरी थी।
एयर फ़ोर्स स्टेशन, अंबाला पहुंचने पर हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।
राष्ट्रपति ने एयर फ़ोर्स स्टेशन लौटने से पहले लगभग 30 मिनट तक उड़ान भरी और लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय की। विमान को 17 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी ने उड़ाया। विमान समुद्र तल से लगभग 15000 फीट की ऊंचाई पर और लगभग 700 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ा।
बाद में, विज़िटर बुक में, राष्ट्रपति ने एक नोट लिखकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं, जिसमें उन्होंने कहा, "मैं भारतीय वायु सेना के राफेल विमान में अपनी पहली उड़ान के लिए एयर फ़ोर्स स्टेशन अंबाला आकर बहुत खुश हूं। राफेल में उड़ान भरना मेरे लिए एक अविस्मरणीय अनुभव है। शक्तिशाली राफेल विमान में इस पहली उड़ान ने मेरे अंदर देश की रक्षा क्षमताओं के प्रति नए सिरे से गर्व की भावना जगाई है। मैं इस उड़ान को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए भारतीय वायु सेना और एयर फ़ोर्स स्टेशन, अंबाला की पूरी टीम को बधाई देती हूं।"
राष्ट्रपति को राफेल और भारतीय वायु सेना की ऑपरेशनल क्षमताओं के बारे में भी जानकारी दी गई।
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अमेरिका द्वारा डिपोर्ट किए युवाओं पर बोले ऊर्जा मंत्री अनिल विज, कहा “मानवीयता से युवाओं को डिपोर्ट करना चाहिए, वो भी इंसान है और उनके अधिकार हैं”
चंडीगढ़/अम्बाला, 27 अक्टूबर - हरियाणा के 50 युवाओं को अमेरिका से बेडियां पहना कर डिपोर्ट कर दिया गया। डिपोर्ट किये गए युवकों को लेकर हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो युवा डंकी रुट से जाते है यह अधिकृत नहीं जाते, और जो एजेंट उन्हें गलत तरीके से भेजते हैं उनके खिलाफ भी कार्यवाई करने के लिए हमने नीति बनाई है। मंत्री अनिल विज ने कहा कि अगर युवाओं को डिपोर्ट करना है तो मानवीयता से अच्छी तरह करना चाहिए, क्योंकि वो जैसे भी गए हो वो इंसान है और उनके हयुमन राईट है।
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26/10/25 |भारत के राष्ट्रपति ने गाजियाबाद के इंदिरापुरम में यशोदा मेडिसिटी का उद्घाटन किया
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर- भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (26 अक्टूबर, 2025) इंदिरापुरम, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश में यशोदा मेडिसिटी का उद्घाटन किया
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा राष्ट्र निर्माण का एक अभिन्न अंग है। लोगों को बीमारियों से बचाना और उनके स्वास्थ्य में सुधार लाना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से, देश भर में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा संबंधी बुनियादी ढाँचे, संस्थानों और सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी प्रयास निश्चित रूप से एक स्वस्थ और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देंगे।
सरकार के साथ-साथ अन्य सभी हितधारक भी इन प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। इसलिए, सभी हितधारकों की यह ज़िम्मेदारी है कि वे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करें और यह सुनिश्चित करें कि देश के सभी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ उपलब्ध हों और कोई भी नागरिक प्रभावी स्वास्थ्य सेवा से वंचित न रहे। निजी क्षेत्र के अच्छे स्वास्थ्य संस्थान इस लक्ष्य की प्राप्ति में अमूल्य योगदान दे सकते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यशोदा मेडिसिटी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में परिवर्तनकारी कार्य करेगी।
राष्ट्रपति को यह जानकर खुशी हुई कि कोविड-19 की वैश्विक महामारी के दौरान, यशोदा अस्पताल ने बड़ी संख्या में लोगों का इलाज किया और राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को पूरी लगन से अपनाया। उन्होंने संस्थान से सिकल सेल एनीमिया से संबंधित राष्ट्रीय अभियानों में अपना योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने अस्पताल के हितधारकों को कैंसर के उपचार के लिए अनुसंधान करने और अन्य संस्थानों के साथ सहयोग करने की भी सलाह दी।
राष्ट्रपति ने कहा कि चिकित्सा उत्तरदायित्व के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाना स्वास्थ्य सेवा संस्थानों की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्हें विश्वास है कि यशोदा मेडिसिटी 'सभी के लिए किफायती विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा के अपने लक्ष्य को साकार करेगी। उन्होंने कहा कि निजी और सरकारी, दोनों क्षेत्रों के उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा संस्थानों के सहयोग से, भारत एक वैश्विक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में और अधिक पहचान हासिल करेगा।
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25/10/25 |नागरिक उड्डयन मंत्रालय शारीरिक, डिजिटल और मानसिक रूप से सकारात्मक और सुव्य वस्थित कार्यस्थल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है
आरएस अनेजा, 25 अक्टूबर नई दिल्ली - नागरिक उड्डयन मंत्रालय लंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष अभियान (एससीडीपीएम) 5.0 में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है, जो 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2025 तक चलेगा। इस विशेष अभियान में लोक शिकायत निवारण के 87 प्रतिशत लक्ष्य पहले ही प्राप्त कर लिए गए हैं। कुल 4,988 भौतिक फाइलों को सफलतापूर्वक हटा दिया गया है। 480 के लक्ष्य के मुकाबले 405 स्वच्छता अभियान चलाए गए। स्क्रैप, ई-कचरा और अनावश्यक फाइलों के निपटारे के माध्यम से लगभग 31,353 वर्ग फुट कार्यालय स्थान मुक्त किया गया है।
स्क्रैप निपटारे के परिणामस्वरूप 81,66,756 रुपये का राजस्व उत्पन्न हुआ है।
इस विशेष अभियान का नेतृत्व नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राममोहन नायडू कर रहे हैं। 09.10.2025 को नागरिक उड्डयन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और संगठन प्रमुखों के साथ श्री नायडू की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक हुई। इसके अलावा, 13.10.2025 को उन्होंने मंत्रालय परिसर का भ्रमण कर कर्मचारियों से बातचीत की। उन्होंने कैंटीन की स्वच्छता की समीक्षा की और पुस्तकालय का निरीक्षण किया। उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों को अपने कार्यों, व्यवहार और विचार प्रक्रिया में स्वच्छता को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
नागरिक उड्डयन मंत्री के नेतृत्व में, मंत्रालय शारीरिक, डिजिटल और मानसिक रूप से एक सकारात्मक और सुव्यवस्थित कार्यस्थल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से प्रेरणा लेते हुए, श्री नायडू ने स्वच्छता को जीवनशैली में शामिल करने पर ज़ोर दिया है।
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23/10/25 |भारत को पुनः सीओपी 10 ब्यूरो का उपाध्यक्ष चुना गया, स्वच्छ खेल के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई
नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (अभी): भारत ने पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में 20-22 अक्टूबर 2025 तक आयोजित खेलों में डोपिंग के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (सीओपी 10) के दसवें सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया। यह बैठक इस सम्मेलन की 20वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित की गई, जो विश्व स्तर पर खेलों में डोपिंग को समाप्त करने और अखंडता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध एकमात्र कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतर्राष्ट्रीय साधन है।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में सचिव (खेल) श्री हरि रंजन राव और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) के महानिदेशक श्री अनंत कुमार शामिल थे। उन्होंने 190 से अधिक सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ अफ्रीकी संघ, अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति, विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की।
कार्यवाही के दौरान, भारत को 2025-2027 की अवधि के लिए एशिया-प्रशांत ब्यूरो (समूह IV) का पुनः उपाध्यक्ष चुना गया। अज़रबैजान को सीओपी 10 ब्यूरो का अध्यक्ष चुना गया। ब्राज़ील, ज़ाम्बिया और सऊदी अरब को भी अपने-अपने क्षेत्रीय समूहों के उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया।
भारत ने एंटी-डोपिंग कन्वेंशन की यात्रा को प्रदर्शित करने वाले इंटरैक्टिव बोर्ड के प्रावधान की सुविधा प्रदान करके सीओपी 10 सत्र की कार्यवाही को भी अपना समर्थन दिया।
बैठक में राष्ट्रीय सरकारों, डोपिंग रोधी संगठनों और यूनेस्को के स्थायी प्रतिनिधिमंडलों के 500 से ज़्यादा प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस सम्मेलन के तहत शासन और अनुपालन को मज़बूत करने, खेलों में डोपिंग उन्मूलन कोष के वित्तपोषण और जीन हेरफेर, पारंपरिक औषधि-संहिता और खेलों में नैतिकता सहित उभरती चुनौतियों के समाधान पर चर्चा हुई।
सीओपी 9 ब्यूरो और अनुमोदन समिति की रिपोर्ट में संस्थागत सुसंगतता, रणनीतिक संचार और अंतर-क्षेत्रीय एकीकरण पर ज़ोर दिया गया। भारत ने युवाओं, खेल संगठनों और समग्र समाज में खेल मूल्यों, नैतिकता और अखंडता के प्रसार को बढ़ावा देने के लिए खेल के माध्यम से मूल्य शिक्षा (वीईटीएस) दृष्टिकोण को एकीकृत कर शिक्षा-संबंधी परियोजनाओं में सामंजस्य और दृश्यता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संशोधनों का सफलतापूर्वक प्रस्ताव रखा।
सीओपी 10 के परिणाम सम्मेलन की चल रही सुधार प्रक्रिया में योगदान देंगे। इसका उद्देश्य इसके प्रशासन और प्रभावशीलता को बढ़ाना है। सत्र का समापन खेलों में ईमानदारी और निष्पक्षता को बढ़ावा देने के लिए सदस्य देशों की सामूहिक प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि के साथ हुआ।
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22/10/25 |भारत दुनिया भर में वन क्षेत्र में 9वें स्थान पर पहुंचा; सालाना वन वृद्धि में तीसरे स्थान पर बना हुआ है
आरएस अनेजा, 22 अक्टूबर नई दिल्ली - फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन (FAO) द्वारा बाली में जारी ग्लोबल फॉरेस्ट रिसोर्सेज असेसमेंट (GFRA) 2025 के अनुसार, भारत ने ग्लोबल पर्यावरण संरक्षण में एक अहम उपलब्धि हासिल की है, और कुल वन क्षेत्र के मामले में दुनिया भर में 9वें स्थान पर पहुंच गया है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने ‘X’ पर एक सोशल मीडिया पोस्ट में इस डेवलपमेंट के बारे में जानकारी दी।
पिछले असेसमेंट में, भारत 10वें स्थान पर था। मंत्री ने बताया कि देश ने सालाना वन क्षेत्र में बढ़ोतरी के मामले में दुनिया भर में अपना तीसरा स्थान भी बनाए रखा है, जिससे सस्टेनेबल फॉरेस्ट मैनेजमेंट और इकोलॉजिकल बैलेंस के प्रति उसका कमिटमेंट और पक्का होता है।
यादव ने कहा कि यह शानदार तरक्की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार की नीतियों और प्रोग्राम की सफलता को दिखाती है, जिनका मकसद वनों की सुरक्षा, पेड़ लगाना और समुदाय के नेतृत्व में पर्यावरण से जुड़ी कार्रवाई करना है।
प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ के आह्वान और पर्यावरण के प्रति जागरूकता पर उनके लगातार जोर ने पूरे देश के लोगों को पेड़ लगाने और उनकी सुरक्षा में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया है।
यह बढ़ती पब्लिक भागीदारी एक ग्रीन और सस्टेनेबल भविष्य के लिए सामूहिक ज़िम्मेदारी की मज़बूत भावना को बढ़ावा दे रही है। मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि मोदी सरकार की प्लानिंग और जंगलों की सुरक्षा और उन्हें बढ़ाने की पॉलिसी और राज्य सरकारों द्वारा बड़े पैमाने पर पेड़ लगाने की कोशिशों की वजह से मिली है।
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21/10/25 |केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने फिलीपींस में नॉलेज एक्सचेंज मिशन का नेतृत्व किया
आरएस अनेजा, 21 अक्टूबर नई दिल्ली - यूनियन मिनिस्टर ऑफ़ स्टेट (इंडिपेंडेंट चार्ज) फॉर स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप और मिनिस्टर ऑफ़ स्टेट फॉर एजुकेशन, जयंत चौधरी, वर्ल्ड बैंक की मदद से 20-22 अक्टूबर, 2025 तक फिलीपींस में एक हाई-लेवल नॉलेज एक्सचेंज मिशन को लीड कर रहे हैं।
इंडियन डेलीगेशन में मिनिस्ट्री ऑफ़ स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप के सीनियर ऑफिसर और उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना राज्यों के रिप्रेजेंटेटिव शामिल हैं।
इस मिशन में डिपार्टमेंट ऑफ़ माइग्रेंट वर्कर्स (DMW), टेक्निकल एजुकेशन एंड स्किल्स डेवलपमेंट अथॉरिटी (TESDA), फिलीपीन स्टैटिस्टिक्स अथॉरिटी (PSA), और ओवरसीज वर्कर्स वेलफेयर एडमिनिस्ट्रेशन (OWWA) जैसे फिलीपींस के खास इंस्टीट्यूशन के साथ स्ट्रेटेजिक एंगेजमेंट शामिल हैं।
इस विज़िट का मकसद नॉलेज एक्सचेंज को बढ़ावा देना और स्किल्स डेवलपमेंट, लेबर मोबिलिटी और डेटा-ड्रिवन पॉलिसी फ्रेमवर्क से जुड़े एरिया में बेस्ट प्रैक्टिस शेयर करना है।
यह मिशन ह्यूमन कैपिटल डेवलपमेंट पर कोलेबोरेट करने, आपसी लर्निंग को बढ़ावा देने और स्किल्स और एंटरप्रेन्योरशिप के ज़रिए इक्विटेबल और सस्टेनेबल ग्रोथ के रास्ते बनाने के ग्लोबल साउथ के शेयर्ड कमिटमेंट को दिखाता है।
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21/10/25 |प्रधानमंत्री ने जापान की प्रधानमंत्री के तौर पर चुनी गईं महामहिम सुश्री साने ताकाइची को बधाई दी
आरएस अनेजा, 21 अक्टूबर नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जापान की नई प्रधानमंत्री साने ताकाइची को उनकी जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि वह दोनों देशों के बीच खास रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए तत्पर हैं।
जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं साने ताकाइची को मंगलवार को जापान की संसद में एक अहम चुनाव के बाद प्रधानमंत्री चुना गया। यह चुनाव पुनः मतदान के जरिए हुआ था, जिसमें वह जीतकर जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। यह एक ऐतिहासिक पल माना जा रहा है क्योंकि जापान की राजनीति में पहली बार किसी महिला को यह पद मिला है।
जापान की संसद के दो सदन होते हैं, उच्च सदन और निचला सदन। दोनों सदनों ने ताकाइची को बहुमत के साथ प्रधानमंत्री चुना है। उच्च सदन में उन्हें 125 वोट मिले, जो जरूरी बहुमत से केवल एक वोट ज्यादा था। निचले सदन में उन्हें 237 वोट मिले, जो जरूरी बहुमत से अधिक था।
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट के जरिए ताकाइची को दी जीत की बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए ताकाइची को जीत की बधाई दी और कहा, ”साने ताकाइची, जापान की प्रधानमंत्री चुने जाने पर आपको हार्दिक बधाई। मैं भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं। हमारे गहरे होते संबंध हिंद-प्रशांत और उसके बाहर शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण हैं।”
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20/10/25 |दिवाली पर शेयर बाजार में तेज़ी; सेंसेक्स 411 अंक चढ़ा, निफ्टी रिकॉर्ड 25800 के पार बंद
नई दिल्ली, 20 अक्टूबर- दिवाली के शुभ अवसर पर भारतीय शेयर बाजार में शानदार उछाल देखने को मिला और दोनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन, सोमवार को शेयर बाजार हरे निशान पर बंद हुआ।
30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 411.18 अंक की मजबूती के साथ 84,363.37 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 133.30 अंक की बढ़त दर्ज करते हुए 25,843.15 के रिकॉर्ड स्तर को पार कर बंद हुआ। यह वृद्धि 0.52 प्रतिशत रही। इस बढ़त के साथ निवेशकों ने दिवाली के त्योहार पर उत्साह और समृद्धि का माहौल बनाया।
(यह खबर अपडेट की जा रही है)
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चुनाव आयोग ने बिहार में 8 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनावों पर कड़ी निगरानी के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए
भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान सभा के आम चुनाव, 2025 और 8 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनावों के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है।
आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20बी द्वारा प्रदत्त पूर्ण शक्तियों के तहत स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में आयोग की सहायता के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करता है।
आयोग ने पहले ही चरण 1 के लिए 121 सामान्य पर्यवेक्षकों और 18 पुलिस पर्यवेक्षकों और बिहार विधान सभा चुनाव 2025 के चरण 2 के लिए 20 पुलिस पर्यवेक्षकों के साथ 122 सामान्य पर्यवेक्षकों को तैनात किया है। 8 विधानसभा क्षेत्र में चल रहे उपचुनावों में 8 सामान्य और 8 पुलिस पर्यवेक्षकों को भी तैनात किया गया है।
विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में तैनाती के बाद, सभी पर्यवेक्षकों ने अपने आवंटित निर्वाचन क्षेत्रों का पहला दौर का दौरा पूरा कर लिया है और अब वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में वापस तैनात हो गए हैं।
भारत निर्वाचन आयोग ने पर्यवेक्षकों को संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया पर बारीकी से निगरानी रखने तथा पारदर्शी, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और मतदाताओं के लिए पूरी तरह से सुलभ रहें तथा यह सुनिश्चित करें कि उनकी शिकायतों का निवारण हो।
पर्यवेक्षकों को मतदान केन्द्रों का दौरा करने तथा मतदाताओं की सुविधा के लिए आयोग द्वारा हाल ही में की गई पहलों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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18/10/25 |आज धनतेरस: सुख-समृद्धि के लिए पूजा और खरीदारी का ये है शुभ मुहूर्त, जानिए विधि
नई दिल्ली, 18अक्टूबर-
आज धनतेरस: पूजा और खरीदारी का शुभ मुहूर्त
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला धनतेरस का पर्व आज (18 अक्टूबर, शनिवार) है। इस दिन धन के देवता कुबेर और आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि की पूजा का विधान है।
खरीदारी और पूजन का मुख्य मुहूर्त
सोना-चांदी खरीदारी का शुभ समय: सुबह 08 बजकर 50 मिनट से 10 बजकर 33 मिनट तक।
पूजन मुहूर्त (प्रदोष काल): शाम 07 बजकर 16 मिनट से 08 बजकर 20 मिनट तक।
शहर अनुसार पूजन मुहूर्त (शाम)
धनतेरस पर प्रदोष काल में पूजा करने का शुभ समय शहरों के अनुसार इस प्रकार है:
नई दिल्ली, गुड़गांव और चंडीगढ़: शाम 7:14 बजे से 8:20 बजे तक।
नोएडा: शाम 7:15 बजे से 8:19 बजे तक।
जयपुर: शाम 7:24 बजे से 8:26 बजे तक।
कोलकाता: शाम 6:41 बजे से 7:38 बजे तक।
पुणे: शाम 7:46 बजे से 8:38 बजे तक।
चेन्नई: शाम 7:28 बजे से 8:15 बजे तक।
अहमदाबाद: शाम 7:44 बजे से 8:41 बजे तक।
बेंगलुरु: शाम 7:39 बजे से 8:25 बजे तक।
मुंबई: शाम 7:49 बजे से 8:41 बजे तक।
हैदराबाद: शाम 7:29 बजे से 8:20 बजे तक।
लखनऊ: शाम 07:05 बजे से रात 08:08 बजे तक।
पूजा विधि और अनुष्ठान
स्थापना: शाम को शुभ मुहूर्त में घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में एक चौकी पर वस्त्र बिछाकर गणेश जी, माता लक्ष्मी, धन्वंतरि और कुबेर जी की मूर्ति/चित्र स्थापित करें।
धन्वंतरि पूजा: उन्हें रोली, अक्षत, पीले फूल, तुलसी दल और दूध/मक्खन का भोग लगाएं। अच्छे स्वास्थ्य के लिए 'ॐ नमो भगवते धन्वंतराय विष्णुरूपाय नमो नमः' मंत्र का जाप करें।
कुबेर पूजा: कुबेर जी को रोली-चंदन, फूल चढ़ाकर घी का दीपक जलाएं। सफेद मिठाई या खीर का भोग लगाएं। धन-समृद्धि के लिए 'ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥' मंत्र का जप करें।
यम दीपदान: पूजा के अंत में, घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके एक चौमुखी दीपक जलाएं। यह यमराज को समर्पित होता है और परिवार को रोग-दोष से सुरक्षा प्रदान करता है।
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17/10/25 |गुजरात की नई कैबिनेट का गठन
17 अक्तूबर- गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की नई कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह शुरू हो गया है। इस बड़े फेरबदल के साथ, पिछली पूरी कैबिनेट के इस्तीफे के एक दिन बाद, राज्य के राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश की गई है।
डिप्टी सीएम: पूर्व गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने सबसे पहले शपथ ली और उन्हें राज्य का उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) बनाया गया है।
मंत्रिमंडल का आकार: नई कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित कुल 26 मंत्री होंगे, जबकि पिछली कैबिनेट में 17 मंत्री थे।
बड़ा बदलाव: मंत्रिमंडल में 19 नए चेहरों को मौका दिया गया है, जो 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रमुख नाम: क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा भी मंत्री पद की शपथ लेने वालों में शामिल हैं।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली नई टीम के मंत्रियों और उनके पदों का विवरण निम्नलिखित है:
उपमुख्यमंत्री (Deputy Chief Minister)
हर्ष सांघवी
कैबिनेट मंत्री (Cabinet Ministers)
जीतू वघानी
नरेश पटेल
अर्जुन मोढवाडिया
प्रद्युमन वाजा
रमन सोलंकी
कुंवरजी बावलिया
कनु देसाई (पुराने मंत्रिमंडल से बने रहे)
ऋषिकेश पटेल (पुराने मंत्रिमंडल से बने रहे)
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) - Minister of State (Independent Charge)
मनीषा वकील
प्रफुल पानसेरिया
ईश्वरसिंह पटेल
राज्य मंत्री (Minister of State)
कांति अमृतिया
रमेश कटारा
दर्शन वाघेला
प्रवीण माली
स्वरूप ठाकोर
जयराम गामित
रीवाबा जडेजा
पी.सी. बरंडा
संजय महिडा
कमलेश पटेल
त्रिकम छंगा
कौशिक वेकारिया
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अमेरिका से टैरिफ टेंशन के बीच मोहब्बत का पैगाम, आज से भारत-अमेरिका के मध्य डाक सेवाएं हुई बहाल
आरएस अनेजा, 15 अक्टूबर नई दिल्ली - भारत संचार मंत्रालय के डाक विभाग ने आज 15 अक्टूबर से संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) के लिए सभी श्रेणियों की अंतरराष्ट्रीय डाक सेवाएं फिर से शुरू कर दी हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रशासन द्वारा इसी वर्ष अगस्त माह में डाक सेवाओं को पहले निलंबित कर दिया गया था। इसके तहत सभी डाक शिपमेंट के लिए न्यूनतम व्यवहार को निलंबित कर दिया गया था। आयात शुल्क के संग्रहण और प्रेषण के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा (सीबीपी) द्वारा शुरू की गई नई नियामक संबंधी आवश्यकताओं के कारण यह निलंबन आवश्यक हो गया था।
व्यापक प्रणाली विकास, सीबीपी द्वारा अनुमोदित योग्य पक्षों के साथ समन्वय और दिल्ली एवं महाराष्ट्र सर्किलों में संचालन संबंधी सफल परीक्षणों के बाद, भारतीय डाक ने अब डिलीवरी ड्यूटी पेड (डीडीपी) प्रक्रिया के लिए एक अनुपालन तंत्र स्थापित कर लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत, संयुक्त राज्य अमेरिका को भेजे जाने वाले शिपमेंट पर सभी लागू सीमा शुल्क बुकिंग के समय भारत में अग्रिम रूप से वसूल किए जायेंगे और अनुमोदित योग्य पक्षों के माध्यम से सीधे सीबीपी को भेज दिए जायेंगे। इससे पूर्ण नियामक अनुपालन, तेज सीमा शुल्क निकासी और बिना किसी अतिरिक्त शुल्क या देरी के संयुक्त राज्य अमेरिका में दिए गए पते पर निर्बाध डिलीवरी सुनिश्चित होगी।
सीबीपी दिशानिर्देशों के अनुसार, भारत से संयुक्त राज्य अमेरिका भेजे जाने वाले डाक शिपमेंट पर, अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (आईईईपीए) टैरिफ (मूल देश भारत के साथ) के तहत घोषित एफओबी मूल्य के 50 प्रतिशत की एक समान दर से सीमा शुल्क लागू होता है। कूरियर या वाणिज्यिक खेपों के उलट, डाक वस्तुओं पर कोई अतिरिक्त आधार या उत्पाद-विशिष्ट शुल्क नहीं लगाया जाता है। यह अनुकूल शुल्क संरचना निर्यातकों के लिए समग्र लागत संबंधी भार को काफी हद तक कम करती है, जिससे डाक माध्यम एमएसएमई, कारीगरों, छोटे व्यापारियों और ई-कॉमर्स निर्यातकों के लिए एक अधिक किफायती और प्रतिस्पर्धी लॉजिस्टिक्स संबंधी विकल्प बन जाता है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि डाक विभाग डीडीपी और योग्य पक्ष सेवाओं की सुविधा के लिए ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाएगा। डाक शुल्क अपरिवर्तित रहेंगे, जिससे निर्यातकों को संयुक्त राज्य अमेरिका के आयात संबंधी संशोधित आवश्यकताओं का अनुपालन करते हुए किफायती अंतरराष्ट्रीय वितरण दरों का लाभ मिलते रहना सुनिश्चित होगा। यह उपाय सेवाओं को किफायती बनाए रखने, एमएसएमई को समर्थन देने और डाक माध्यम से भारत के निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
ग्राहक अब किसी भी डाकघर, अंतरराष्ट्रीय व्यापार केन्द्र (आईबीसी), या डाक घर निर्यात केन्द्र (डीएनके) से या स्वयं सेवा पोर्टल www.indiapost.gov.in के माध्यम से संयुक्त राज्य अमेरिका में डिलीवरी के लिए सभी श्रेणियों के अंतरराष्ट्रीय डाक - ईएमएस, एयर पार्सल, पंजीकृत पत्र/पैकेट और ट्रैक किए गए पैकेट - बुक कर सकते हैं।
डिलीवरी ड्यूटी पेड (डीडीपी) प्रणाली व्यवसाय करने को आसान बनाती है और शुल्क संग्रह में पूर्ण पारदर्शिता लाती है। प्रेषक अब भारत में सभी लागू शुल्कों का पूर्व भुगतान कर सकते हैं, जिससे कुल शिपिंग लागत का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है और विदेश में प्राप्तकर्ताओं के लिए डिलीवरी का अनुभव अधिक सुगम हो जाता है।
डाक विभाग, बिना किसी परेशानी के अंतरराष्ट्रीय निर्यात को सुगम बनाने और किफायती, विश्वसनीय एवं वैश्विक स्तर पर अनुकूल लॉजिस्टिक्स संबंधी कनेक्टिविटी प्रदान करके मेक इन इंडिया, एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) और डाक घर निर्यात केन्द्रों (डीएनके) जैसी भारत की प्रमुख पहलों को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी सर्किल प्रमुखों को डाक निर्यात चैनल के जरिए निर्यात को बढ़ावा देने हेतु निर्यातकों, छोटे व्यवसायों और उद्यमियों के लिए जागरूकता एवं संपर्क कार्यक्रम आयोजित करने की सलाह दी गई है।
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12/10/25 |भारतीय सेना की टुकड़ी भारत-ऑस्ट्रेलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास के लिए रवाना हुई
आरएस अनेजा, 12 अक्टूबर नई दिल्ली - भारत-ऑस्ट्रेलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास "ऑस्ट्राहिंड 2025" के चौथे संस्करण में भाग लेने के लिए 120 कर्मियों वाली एक भारतीय सेना की टुकड़ी कल इरविन बैरक, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हुई। यह अभ्यास 13 से 26 अक्टूबर 2025 तक आयोजित किया जाएगा।
भारतीय सेना की टुकड़ी का नेतृत्व गोरखा राइफल्स की एक बटालियन और अन्य सैन्य बलों के सैनिक कर रहे हैं।
वार्षिक अभ्यास "ऑस्ट्राहिंड 2025" का उद्देश्य सैन्य सहयोग को बढ़ाना, अंतर-संचालन क्षमता में सुधार करना और भाग लेने वाली सेनाओं को शहरी/अर्ध-शहरी इलाकों में उप-पारंपरिक युद्ध के क्षेत्र में रणनीति, तकनीकों और प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करने के लिए एक मंच प्रदान करना है।
यह अभ्यास खुले और अर्ध-रेगिस्तानी इलाकों में संयुक्त कंपनी स्तर के अभियानों पर केंद्रित होगा, जिसमें सैनिक संयुक्त योजना, सामरिक अभ्यास और विशेष हथियार कौशल जैसे विभिन्न मिशनों को अंजाम देंगे। यह परिचालन क्षमताओं को निखारने, उभरती प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करने और युद्ध के माहौल में संयुक्त रूप से संचालन करने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करेगा।
अभ्यास ऑस्ट्राहिंड 2025 में भागीदारी से रक्षा सहयोग और मजबूत होगा तथा भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई सेना के सैनिकों के बीच सौहार्द बढ़ेगा, जिससे सहयोग और आपसी विश्वास की भावना मजबूत होगी।
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12/10/25 |केंद्रीय मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने अबू धाबी में 'वन रेंजरों के सम्मान समारोह' में भाग लिया
आरएस अनेजा, 12 अक्टूबर नई दिल्ली - केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने अबू धाबी में कहा, "मेरे लिए हमारे उन बहादुर पुरुषों और महिलाओं के प्रयासों को मान्यता देने वाले पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल होना सम्मान की बात है, जिन्होंने वनों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया है।"
वह आईयूसीएन विश्व संरक्षण कांग्रेस 2025 के अवसर पर आयोजित 'वन रेंजरों के सम्मान समारोह' में भाग ले रहे थे। उन्होंने 'गार्डियंस ऑफ द वाइल्ड' रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि ये वे लोग हैं जो सुनिश्चित करते हैं कि देश की समृद्ध वन्यजीव विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित रहे।
उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, सिंह ने कहा कि दुनिया भर के देशों ने हमारे वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए व्यापक कानून और नीतिगत ढांचे बनाए हैं। लेकिन इन नीतियों, नियमों और विनियमों का सही मायने में पालन सुनिश्चित करने के लिए ये वन रेंजर और सहायक कर्मचारी ही काम करते हैं। उनके काम में गश्त, वन्यजीव गणना, जंगल की आग बुझाने आदि सहित कई तरह की गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें शिकारियों और लकड़ी तस्करों से जान का भारी खतरा रहता है। उनमें से कई ने वनों और वन्यजीवों की रक्षा के लिए अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अपने प्राणों की आहुति भी दी है।
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11/10/25 |प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की
आरएस अनेजा, 11 अक्टूबर नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने उन्हें भारत की अंतरात्मा की सबसे निर्भीक आवाज़ों में से एक और लोकतंत्र एवं सामाजिक न्याय के अथक समर्थक बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकनायक जेपी ने अपना जीवन आम नागरिकों को सशक्त बनाने और संवैधानिक मूल्यों को मज़बूत करने के लिए समर्पित कर दिया। संपूर्ण क्रांति के उनके आह्वान ने एक सामाजिक आंदोलन को प्रज्वलित किया, जिसका उद्देश्य समानता, नैतिकता और सुशासन पर आधारित राष्ट्र का निर्माण करना था।
उनकी चिरस्थायी विरासत को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने कई जन आंदोलनों, विशेष रूप से बिहार और गुजरात में, को प्रेरित किया, जिससे पूरे भारत में सामाजिक-राजनीतिक जागृति आई। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन आंदोलनों ने केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार को हिलाकर रख दिया, जिसने आगे चलकर आपातकाल लागू किया और संविधान को रौंद डाला।
इस अवसर पर, प्रधानमंत्री ने अभिलेखागार से एक दुर्लभ झलक साझा की - आपातकाल के दौरान लिखी गई लोकनायक जेपी की पुस्तक "प्रिज़न डायरी" के कुछ पृष्ठ। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पुस्तक जेपी की पीड़ा और एकांत कारावास के दौरान लोकतंत्र में उनके अटूट विश्वास को दर्शाती है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण को उद्धृत करते हुए, प्रधानमंत्री ने उनके मार्मिक शब्दों पर प्रकाश डाला: "भारतीय लोकतंत्र के ताबूत में ठोकी गई प्रत्येक कील मेरे हृदय में ठोकी गई कील के समान है।"
"भारत की अंतरात्मा की सबसे निर्भीक आवाज़ों में से एक और लोकतंत्र एवं सामाजिक न्याय के अथक समर्थक लोकनायक जेपी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि।"
"लोकनायक जेपी ने अपना जीवन आम नागरिकों को सशक्त बनाने और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए समर्पित कर दिया। संपूर्ण क्रांति के उनके आह्वान ने एक सामाजिक आंदोलन को प्रज्वलित किया, जिसमें समानता, नैतिकता और सुशासन पर आधारित राष्ट्र की कल्पना की गई थी। उन्होंने कई जन आंदोलनों को प्रेरित किया, विशेष रूप से बिहार और गुजरात में, जिससे पूरे भारत में सामाजिक-राजनीतिक जागृति आई। इन आंदोलनों ने केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार को हिलाकर रख दिया, जिसने आगे चलकर आपातकाल लगाया और हमारे संविधान को रौंद डाला।"
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09/10/25 |प्रधानमंत्री ने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे समेत, मुंबई में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और लोकार्पण किया
मुंबई, 09 अक्टूबर-
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज महाराष्ट्र के मुंबई में नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (NMIA) के पहले चरण का उद्घाटन किया, जिसका निर्माण लगभग 19,650 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। उन्होंने इसके साथ ही मुंबई मेट्रो लाइन-3 (एक्वा लाइन) राष्ट्र को समर्पित की और ₹37,270 करोड़ से अधिक की कुल लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और लोकार्पण किया।
नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (NMIA) का लोकार्पण
लंबा इंतज़ार खत्म: प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि मुंबई को अपना दूसरा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा मिलने से शहर का लंबा इंतज़ार खत्म हो गया है।
वैश्विक केंद्र: यह हवाई अड्डा क्षेत्र को एशिया के सबसे बड़े परिवहन-संपर्क केंद्रों में से एक के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
क्षमता और विशेषताएँ: यह भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना है, जिसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत विकसित किया गया है। यह सालाना 9 करोड़ यात्रियों और 3.25 मिलियन मीट्रिक टन माल की ढुलाई करने में सक्षम होगा।
आर्थिक लाभ: यह नया हवाई अड्डा महाराष्ट्र के किसानों को वैश्विक बाजारों (विशेषकर यूरोप और मध्य पूर्व) से जोड़ेगा, जिससे ताज़ा उपज, फल और मत्स्य उत्पाद तेज़ी से निर्यात हो सकेंगे। यह आस-पास के लघु और मध्यम उद्योगों की निर्यात लागत को कम करेगा और निवेश को बढ़ावा देगा।
डिज़ाइन:छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि पर निर्मित इस हवाई अड्डे का आकार कमल के फूल जैसा है, जो संस्कृति और समृद्धि का प्रतीक है।
अद्वितीय सुविधाएँ: इसमें स्वचालित पीपल मूवर (APM), सतत विमानन ईंधन (SAF) भंडारण, 47 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन की सुविधा होगी, और यह वाटर टैक्सी से जुड़ने वाला देश का पहला हवाई अड्डा होगा।
मुंबई मेट्रो और परिवहन में क्रांति
भूमिगत मेट्रो का समर्पण: प्रधानमंत्री ने मुंबई मेट्रो लाइन-3 (एक्वा लाइन) राष्ट्र को समर्पित की। यह मुंबई की पहली और एकमात्र पूर्णतः भूमिगत मेट्रो लाइन है, जिसकी कुल लागत ₹37,270 करोड़ से अधिक है।
सुविधा और बचत: इस लाइन से दो से ढाई घंटे का सफ़र अब सिर्फ 30 से 40 मिनट में पूरा हो जाएगा, जिससे लाखों यात्रियों का समय बचेगा।
चरण 2बी का उद्घाटन: आचार्य अत्रे चौक से कफ परेड तक फैले मेट्रो लाइन-3 के चरण 2बी का भी उद्घाटन किया गया।
'मुंबई वन' ऐप: प्रधानमंत्री ने 11 सार्वजनिक परिवहन ऑपरेटरों के लिए एकीकृत कॉमन मोबिलिटी ऐप "मुंबई वन" भी लॉन्च किया। यह ऐप सिंगल डायनामिक टिकट के माध्यम से यात्रियों को लोकल ट्रेनों, बसों, मेट्रो और टैक्सियों में एक ही टिकट का उपयोग करने में सक्षम बनाता है, जिससे कतारों से मुक्ति मिलती है और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी बेहतर होती है।
विकास का प्रतीक: मोदी ने भूमिगत मेट्रो को विकासशील भारत का जीवंत प्रतीक बताया और इस परियोजना में शामिल श्रमिकों और इंजीनियरों को बधाई दी।
युवा सशक्तिकरण और कौशल विकास पहल
पीएम सेतु योजना: प्रधानमंत्री ने हाल ही में शुरू की गई ₹60,000 करोड़ की पीएम सेतु योजना का ज़िक्र किया, जिसका उद्देश्य देश भर के विभिन्न आईटीआई को उद्योग जगत से जोड़ना है।
एसटीईपी का उद्घाटन: उन्होंने महाराष्ट्र के कौशल विभाग की पहल अल्पकालिक रोजगार योग्यता कार्यक्रम (STEP) का उद्घाटन किया।
तकनीकी प्रशिक्षण: इस कार्यक्रम के तहत 400 सरकारी आईटीआई और 150 सरकारी तकनीकी उच्च विद्यालयों में 2,500 नए प्रशिक्षण बैच शुरू किए जाएंगे। छात्रों को ड्रोन, रोबोटिक्स, विद्युत-चालित वाहन, सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उभरती तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा।
राष्ट्र की प्रगति और विकसित भारत का संकल्प
गति और प्रगति: मोदी ने ज़ोर देकर कहा कि विकसित भारत का संकल्प गति और प्रगति दोनों से परिभाषित होता है, जहाँ जन कल्याण सर्वोपरि है।
विमानन क्षेत्र में प्रगति: उन्होंने बताया कि 2014 में भारत में केवल 74 हवाई अड्डे थे, जो अब 160 से अधिक हो गए हैं। 'हवाई चप्पल पहनने वाले भी हवाई यात्रा कर सकें' के विज़न को साकार करने के लिए उड़ान योजना शुरू की गई।
वैश्विक स्थान: भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाज़ार बन गया है। सरकार भारत को इस दशक के अंत तक एक प्रमुख MRO (रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल) केंद्र के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य बना रही है, जिससे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
रोज़गार सृजन: प्रधानमंत्री ने अवसंरचना (Infrastructure) में निवेश से रोज़गार सृजन पर ज़ोर दिया, जिसमें ₹76,000 करोड़ की वधावन पत्तन परियोजना का उदाहरण दिया।
राष्ट्रीय सुरक्षा और 'स्वदेशी' पर ज़ोर
आतंकवाद पर रुख: प्रधानमंत्री ने 2008 के मुंबई हमलों के बाद की सरकार की कमज़ोरी पर सवाल उठाया और कहा कि आज का भारत आतंकवादियों को पूरी ताकत से जवाब देता है और दुश्मन की ज़मीन पर हमला करता है।
घोटालों और कुशासन की आलोचना: उन्होंने पिछली सरकारों पर विकास कार्यों में बाधा डालने और घोटालों व भ्रष्टाचार के ज़रिए परियोजनाओं को रोकने का आरोप लगाया।
'स्वदेशी' का आह्वान: श्री मोदी ने सभी नागरिकों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और गर्व से "यह स्वदेशी है" कहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हर नागरिक के स्वदेशी ख़रीदने से देश की संपत्ति देश में ही रहेगी और भारतीय कामगारों के लिए रोज़गार पैदा होगा।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर महाराष्ट्र के सपूत, लोकनेता डी. बी. पाटिल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और समाज तथा किसानों के प्रति उनकी समर्पित सेवाओं को याद किया, यह कहते हुए कि उनकी सेवा भावना सभी के लिए प्रेरणा है। इसके अतिरिक्त, मोदी ने हाल ही में मनाए गए विजयादशमी और कोजागरी पूर्णिमा के उत्सवों का उल्लेख किया और देशवासियों को आगामी दिवाली उत्सव के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ भी दीं।
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01/10/25 |
ब्रेकिंग न्यूज: केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 3% बढ़ा
ब्रेकिंग न्यूज: केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 3% बढ़ा
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29/09/25 |रक्षा मंत्री ने नई दिल्ली में आईसीजी कमांडरों के सम्मेलन को संबोधित किया; भविष्य की रूपरेखा, प्रौद्योगिकीय सतर्कता और समुद्री सुरक्षा को स्वदेशी रूप से सुदृढ़ करने की अपील की
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29/09/25 |भारतीय सांख्यिकी सेवा, भारतीय कौशल विकास सेवा और केंद्रीय अभियांत्रिकी सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की
#presidentofindia #Goi
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वायुसेना का अपराजित योद्धा मिग-21 लड़ाकू विमान आज चंडीगढ़ में रिटायर होगा, देखे वीडियो
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23/09/25 |प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना के 7 साल पूरे होने पर अपनी खुशी जाहिर की।
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आयुष्मान भारत योजना को आज हुए 7 वर्ष पूरे । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की इस अवसर पर अपनी खुशी जाहिर की।
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21/09/25 |भारतीय नौसेना और ग्रीस की हेलेनिक नौसेना के बीच पहला द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास भूमध्य सागर में संपन्न हुआ
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 22-23 सितंबर को मोरक्को का दौरा करेंगे
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20/09/25 |सेवा पखवाड़ा के तहत कार्यक्रमों में जनभावना दिख रही है और लोग सेवा के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं : ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज
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20/09/25 |देश के नागरिकों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छाता, कोई देश कुछ भी कदम उठा लें, नरेंद्र मोदी की छत्रछाया में सब सुरक्षित : ऊर्जा मंत्री अनिल विज
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प्रधानमंत्री ने नेपाल में शांति और स्थिरता बहाली के लिए भारत के दृढ़ समर्थन की पुष्टि की
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रक्षा मंत्री ने संयुक्त कमांडर्स सम्मेलन में गैर पारंपरिक खतरों से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा
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12/09/25 |प्रधानमंत्री 13 से 15 सितंबर तक मिजोरम, मणिपुर, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार का दौरा करेंगे
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केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पटना में एपीडा के पहले कार्यालय का उद्घाटन किया
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रक्षा मंत्री ने तीनों सेनाओं की महिला जलयात्रा नौकायन अभियान 'समुद्र प्रदक्षिणा' को झंडी दिखाई
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राष्ट्रपति ने सीपी राधाकृष्णन को भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में पद की शपथ दिलाई
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11/09/25 |नेपाल के युवा अंबिलंन से सारे विश्व के समाज शास्त्रियों के माथे पर प्नता चिंता की लकीरें साफ़ देखे जा सकती
नेपाल में युवा आंदोलन, जिसे "जेन-जी रिवॉल्यूशन" कहा जा रहा है, एक बड़ा मोड़ ले चुका है। इससे हैं। और यह कोई कारण नहीं है जिस प्रकार से नेपाल में नेता वहींन युवाओं ने सरकार का तख्ता पलट दिया उसने चिंता को और गहरा कर दिया है क्योंकि हर देश में युवाओं की सख्र्फ बहुत है और भारत में तो यह संख्या 60% देवज्यदा है इसका अध्ययन करना बहुत आवश्यक है इसका मतलब है कि युवाओं में असंतोष बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। वह किसी भी देश की सरकार को अस्थिर कर सकते हैं हेरानगी तो तब होती है की नेपाल में जो युवा आंदोलन कर रहे हैं उनमें से बहुत सारों की तो अभी वोट भी नहीं बनी है यह बहुत चिंता का विषय है ।इसका मतलब कि हम हमारे युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं के मुताबिक कुछ नहीं कर पा रहे हैं ।यह आंदोलन बंद के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता जैसे गहरे मुद्दों का भी विरोध कर रहा है।
:आंदोलन की शुरुआत तब हुई जब नेपाल सरकार ने फेसबुक और इंस्टाग्राम सहित कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगा दिया। युवाओं ने इसे अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला माना।
नेपाल में बेरोजगारी दर 10% से अधिक है। युवा नौकरी की तलाश में अक्सर विदेश जाते हैं। वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल का ह्यूमन कैपिटल इंडेक्स भी काफी कम है, जिसका अर्थ है कि युवा अपनी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
नेताओं के बच्चों के विलासितापूर्ण जीवन और घोटालों ने युवाओं में गुस्सा भर दिया है, जिन्होंने "नेपो किड्स" (Nepo Kids) के खिलाफ आवाज उठाई।
मृत्यु: अलग-अलग रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 16 से 30 लोगों की मौत हुई है।
इस दौरान 100 से 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
Ml प्रदर्शनकारियों ने मॉल्स, बैंकों, सरकारी कार्यालयों, पुलिस थानों, संसद, राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री आवास सहित कई ऐतिहासिक इमारतों में तोड़फोड़ और आगजनी की।
इस आंदोलन के दबाव में, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा। इसके साथ ही, कई मंत्रियों ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। युवा इस आंदोलन का नेतृत्व राजनीतिक दलों से स्वतंत्र होकर कर रहे हैं और अब नेपाल के मेयर बालेन शाह जैसे लोकप्रिय युवा नेताओं को प्रधानमंत्री बनाने की मांग उठ रही है। इस आंदोलन ने न केवल नेपाल को हिला दिया है, बल्कि इसने पूरे क्षेत्र में युवाओं की शक्ति का भी प्रदर्शन किया है pl
नेपाल के आंदोलन से सारे Vishva ko sabak Lena hoga Apne Apne deshon mein yuvaon ke liye adhik nitiyan banani hongi berojgari ki sankhya ko ghatana hoga bacche Jawan honge bhrashtachar vilasta ko ab vah barsat nahin kar sakte ine per rok lagani hogi। युवा शक्ति सकारात्मक कार्यों की ओर बड़े ने खेल मैदान नई लाइब्रेरियन ने कोचिंग सेंटर बनानेहगे
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बिहार के बाद सारे देश में SIR की तैयारी
'SIR' शब्द का उपयोग 'Special Intensive Revision' (विशेष गहन पुनरीक्षण) के लिए किया जाता है, जो भारत के चुनाव आयोग (ECI) द्वारा देश में मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए चलाया जाने वाला एक अभियान है। यह कोई शैक्षणिक पाठ्यक्रम नहीं है।
बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2025 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जाता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल हैं और अयोग्य मतदाताओं को हटा दिया गया है।
बिहार के अलावा, देश के अन्य हिस्सों में भी मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए समय-समय पर SIR अभियान चलाए जाते हैं, खासकर बड़े चुनावों से पहले।
SIR Electoral Roll क्या है और के Bihar Elections लिए क्यों जरूरी?
यह वीडियो बिहार चुनावों के संदर्भ में SIR प्रक्रिया के बारे में बताता है।
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डोनल्ड ट्रम्प के टवीट के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती की पुष्टि की
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से टेलीफोन पर बात की
आरएस अनेजा, 6 सितम्बर नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज फ्रांस गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम इमैनुएल मैक्रों के साथ टेलीफोन पर बातचीत की।
दोनों नेताओं ने आर्थिक, रक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में प्रगति की समीक्षा की और उसका सकारात्मक मूल्यांकन किया। नेताओं ने क्षितिज 2047 रोडमैप, हिंद-प्रशांत रोडमैप और रक्षा औद्योगिक रोडमैप के अनुरूप भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की।
उन्होंने यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करने के हालिया प्रयासों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान और शांति एवं स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया।
प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2026 में भारत द्वारा आयोजित एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन के निमंत्रण को स्वीकार करने के लिए राष्ट्रपति मैक्रों को धन्यवाद दिया और भारत में राष्ट्रपति मैक्रों का स्वागत करने के लिए उत्सुकता व्यक्त की।
दोनों नेताओं ने वैश्विक शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए संपर्क में बने रहने और मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की।
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05/09/25 |बिहार के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी का झण्डा लहराएगा - ऊर्जा मंत्री अनिल विज
अम्बाला/चण्डीगढ, 5 सितंबर- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि बिहार के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी का झण्डा लहराएगा क्योंकि भाजपा सकारात्मक राजनीति करती है। श्री विज ने कहा कि तीन-चार राज्यों को छोड़कर देशभर के सभी राज्यों में भाजपा का झण्डा लहरा चुका है।
मंत्री अनिल विज आज मीडिया कर्मियों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे।
ऊर्जा मंत्री ने आरजेडी नेता लालू यादव को समझाते हुए कहा कि ‘‘बिहार में क्या करना है क्या नहीं करना, यह आरजेडी से पूछ कर नहीं करना है। क्योंकि जो तुम्हें (लालू यादव) आता है कि चारा कैसे खाना है, नौकरियां देने के लिए जमीन कैसे अधियानी है, आईसीआरटीसी का घोटाला कैसे करना है और आरजेडी/लालू यादव से ये सब हमने नहीं सिखना है और न ही लोगों को सिखने देना है’’।
बिहार के लोग कांग्रेस-आरजेडी को सबक सिखाने के लिए तैयार बैठे हैं - विज
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की मां को कांग्रेस-आरजेडी ने अपने मंचों से गालियां दिलवाने को जो काम किया गया है उसके लिए बिहार के लोग कांग्रेस-आरजेडी को सबक सिखाने के लिए तैयार बैठे हैं।
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नौसेना प्रमुख ने गुजरात के लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर का दौरा किया
आरएस अनेजा, 4 सितम्बर नई दिल्ली - नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने गुजरात के लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (एनएमएचसी) का दौरा किया। उनके इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर का व्यापक दौरा, प्रमुख नौसैन्य प्रदर्शनियों और विरासत कलाकृतियों का अवलोकन, निर्माण प्रगति की समीक्षा, परियोजना हितधारकों के साथ संवाद तथा वरुण नौसेना परिसर का भ्रमण शामिल था।
नौसेना प्रमुख ने लोथल स्थित ऐतिहासिक पुरातात्विक स्थल का भी दौरा किया, जिससे भारतीय नौसेना के देश की समृद्ध समुद्री विरासत से जुड़ाव की पुष्टि हुई।
लोथल स्थित एनएमएचसी एक ऐतिहासिक परियोजना है, जिसे पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय द्वारा गुजरात सरकार के सहयोग और भारतीय नौसेना के योगदान से विकसित किया जा रहा है। यह संग्रहालय 400 एकड़ में फैला हुआ है और विश्व के सबसे बड़े समुद्री संग्रहालयों में से एक होगा। इस परियोजना का उद्देश्य भारत की समृद्ध समुद्री विरासत और इसकी नौसैन्य विकास गाथा को प्रदर्शित करना है, जिसमें भारतीय नौसेना के विकास को समर्पित एक गैलरी भी शामिल है। नौसेना प्रमुख को इस यात्रा के दौरान, युद्धपोत निशंक, आईएल-38 एसडी समुद्री टोही विमान, यूएच-3एच सहित नौसेना के अन्य हेलीकॉप्टर, डेक पर तैनात लड़ाकू विमान सी हैरियर और एके-176 जीएम, 4.5 इंच जीएम तथा जेडआईएफ 101 एसएएम लांचर जैसी नौसेना की विभिन्न कलाकृतियों का भ्रमण कराया गया। प्रदर्शन पर रखी गई भारी कलाकृतियों में मिसाइल मॉडल (पी-21, ब्रह्मोस), इंजन मॉडल (आईसीई, जीटी), अंडरवाटर चैरियट तथा सी ईगल मिसाइल प्रणाली शामिल हैं।
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मत्स्य पालन की समस्त मूल्य श्रृंखला को जीएसटी राहत, जीएसटी दर घटाकर 5 प्रतिशत की गई
आरएस अनेजा, 04 सितम्बर नई दिल्ली - जीएसटी को वास्तव में एक "अच्छा और सरल कर" बनाने और अर्थव्यवस्था के हर सेक्टर को सशक्त बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप, 3 सितंबर 2025 को आयोजित अपनी 56वीं बैठक में जीएसटी परिषद द्वारा अनुमोदित नवीनतम जीएसटी सुधारों के तहत मत्स्य पालन सेक्टर को एक बड़ा प्रोत्साहन मिला है। मत्स्य पालन सेक्टर में कर दरों के महत्वपूर्ण विवेकीकरण से प्रचालन लागत में कमी लाने, घरेलू और निर्यात बाजारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद मिलेगी और देश में अपनी आजीविका के लिए मछली पकड़ने और जलीय कृषि पर निर्भर लाखों मछली किसानों और अन्य हितधारकों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचेगा।
संशोधित संरचना के तहत, मछली के तेल, मछली के अर्क और तैयार या संरक्षित मछली और झींगा उत्पादों पर जीएसटी दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मूल्यवर्धित समुद्री भोजन अधिक किफायती हो जाएगा और भारत के समुद्री खाद्य निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ जाएगी। जलीय कृषि कार्यों और हैचरी के लिए आवश्यक डीजल इंजन, पंप, एरेटर और स्प्रिंकलर पर अब पहले के 12 से 18 प्रतिशत के बजाय केवल 5 प्रतिशत जीएसटी दर लागू होगी, जिससे मछली किसानों के लिए प्रचालन लागत में अत्यधिक कमी आएगी। तालाब की तैयारी और जल गुणवत्ता प्रबंधन में उपयोग किए जाने वाले अमोनिया और सूक्ष्म पोषक तत्वों जैसे महत्वपूर्ण रसायनों पर भी पहले के 12 से 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर लगाया जाएगा, जिससे चारे, तालाब की कंडीशनिंग और खेत-स्तरीय कार्यप्रणालियों की लागत में कमी आएगी। मछली पकड़ने की छड़ों, टैकल, लैंडिंग नेट, बटरफ्लाई नेट और गियर पर जीएसटी की दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे मनोरंजक/खेल मछली पकड़ने के साथ-साथ छोटे स्तर पर जलीय कृषि और कैप्चर फिशरी करने वाले किसानों को भी लाभ होगा। इससे आवश्यक गियर अधिक किफायती होंगे, इनपुट लागत कम होगी और इस क्षेत्र में आजीविका को सहारा मिलेगा। इस निर्णय से प्रसंस्करण इकाइयों को और राहत मिलेगी, क्योंकि खाद्य और कृषि-प्रसंस्करण, जिसमें समुद्री भोजन भी शामिल है, में जॉब वर्क सेवाओं पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। जैविक खाद बनाने और पर्यावरण के अनुकूल तालाब प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कम्पोस्टिंग मशीनों पर अब 5 प्रतिशत कर लगेगा, जिससे स्थायी जलीय कृषि कार्य प्रणालियों को बढ़ावा मिलेगा।
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04/09/25 |प्रधानमंत्री ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग को भारत में उनके विश्वास व्यक्त करने के लिए धन्यवाद दिया
आरएस अनेजा, 04 सितम्बर नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग को भारत में उनके विश्वास के लिए धन्यवाद दिया है। श्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण की हमारी यात्रा में सिंगापुर एक सम्मानित साझेदार है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
"भारत में विश्वास व्यक्त करने के लिए प्रधानमंत्री वांग, आपका धन्यवाद !
विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सिंगापुर हमारी यात्रा का एक महत्वपूर्ण भागीदार है। हम उन्नत विनिर्माण, कौशल और डिजिटल ढांचे पर ध्यान देने के साथ अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रोडमैप के तेजी से कार्यान्वयन के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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04/09/25 |गुजरात के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की
आरएस अनेजा, 04 सितम्बर नई दिल्ली
गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इस मुलाकात की जानकारी स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक्स पर पोस्ट कर दी गई है।
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@CMOGuj
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जीएसटी की दरों/स्लैब बदलाव से बहुत ज्यादा सकारात्मक नतीजे सामने निकलकर आएंगे : ऊर्जा मंत्री अनिल विज
जीएसटी की दरों कम करने व स्लैब बदलाव के निर्णय से सभी वर्गों को फायदा होगा : अनिल विज
प्रधानमंत्री ने जीएसटी की दरों में बदलाव करके विकास के पहिए को रॉकेट की स्पीड से गति देने का काम किया : विज
अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व गति देने के लिए श्री विज ने एक्स पर लिखा : "नरेंद्र मोदी इज ग्रेट"
अम्बाला/चंडीगढ़, 4 सितंबर : हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) की दरों में कमी करने और स्लैब बदलाव पर लिए गए निर्णय से बहुत ज्यादा सकारात्मक नतीजे सामने निकलकर आएंगे और इस निर्णय से सभी वर्गों को फायदा होगा। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जीएसटी की दरों में बदलाव करके विकास के पहिए को रॉकेट की स्पीड से गति देने का काम किया है।
मंत्री विज आज मीडिया कर्मियों द्वारा जीएसटी की दरों में कमी और स्लैब में हुए बदलाब के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। उधर, विज ने एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करके लिखा कि "जीएसटी की दरों में बदलाव से आर्थिक विकास, निवेश और मांग बढ़ने से देश की अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व गति आएगी। नरेंद्र मोदी इज ग्रेट"।
उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी की दरों को सरल करने के साथ साथ कम करके विकास का पहिया रॉकेट की स्पीड से चला दिया है।
मंत्री अनिल विज ने अर्थव्यवस्था के चक्र के संबंध में कहा कि "यह चक्र होता है अगर दाम कम होंगे तो लोग ज्यादा खरीदारी करेंगे, यदि खरीदारी ज्यादा होगी तो ज्यादा मांग भी बढ़ेगी, यदि ज्यादा मांग बढ़ेगी तो ओर ज्यादा कारखाने खुलेंगे, कारखाने ज्यादा खुलेंगे तो लोगों को रोजगार मिलेगा, लोगों को रोजगार मिलेगा तो वह अपनी आय से दोबारा बाजार से खरीदारी करेंगे और फिर दोबारा से मांग बढ़ेगी"।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस प्रकार से भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास का पहिया तेजी से चला दिया है।
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GST की दरों में बदलाव से आर्थिक विकास, निवेश और मांग बढ़ने से देश की अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व गति आएगी । नरेंद्र मोदी इज ग्रेट ।
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