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    धरती का स्वर्ग अब बस एक टिकट दूर: जम्मू-कश्मीर वंदे भारत ने रचा नया इतिहास

    आरएस अनेजा, 13 मई नई दिल्ली - केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गत 30 अप्रैल को विस्तारित, 20 कोच वाली जम्मू-तवी-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 2 मई को इसके नियमित होने के महज दस दिनों के भीतर, चारों ट्रेनों ने मिलकर दोनों दिशाओं में 44,727 यात्रियों को 11 मई तक उनकी मंजिलों तक पहुंचाया। इससे जम्मू-कश्मीर की जीवनरेखा के रूप में मजबूती से स्थापित हो गई। अपने परिचालन के पहले सप्ताह में ही, ट्रेनों ने 28,762 यात्रियों को 8 मई तक यात्रा कराई।

    जम्मू-कश्मीर कॉरिडोर पर चलने वाली वंदे भारत सेवाओं की दो जोड़ियां हैं: ट्रेन संख्या 26401 (जम्मू-तवी से श्रीनगर) और इसकी वापसी सेवा ट्रेन संख्या 26402 (श्रीनगर से जम्मू-तवी), जो मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलती हैं; और ट्रेन संख्या 26403 (जम्मू-तवी से श्रीनगर) और इसकी वापसी ट्रेन संख्या 26404 (श्रीनगर से जम्मू-तवी), जो बुधवार को छोड़कर सभी दिन चलती हैं। ये दोनों मिलकर सुनिश्चित करती हैं कि महत्वपूर्ण जम्मू-कश्मीर कॉरिडोर पर सप्ताह में कम से कम पांच दिन, प्रतिदिन 4 ट्रेनें चलती रहें। प्रत्येक मंगलवार और बुधवार को, 2 ट्रेनें लगातार इस व्यस्त मार्ग पर चलती हैं, जिससे स्थानीय लोगों, पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और व्यापारियों के लिए आवागमन आसान हो जाता है।

    एक ऐसा सप्ताह जिसने अपेक्षाओं को फिर से परिभाषित किया

    अब 266 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर वंदे भारत सेवाओं की दो जोड़ी ट्रेनें चलती हैं, जिससे दोनों छोर के यात्रियों को कम से कम एक और ज्यादातर दिनों में दो विकल्प मिलते हैं। जिन दिनों दोनों जोड़ी ट्रेनें चलीं, मांग के चलते ट्रेनों में यात्रियों की संख्या लगभग पूरी क्षमता तक पहुंच गई: 3 मई को 4,977 यात्री, 8 मई को 4,955, 9 मई को 5,284, 10 मई को 5,657 और 11 मई को 5,024 यात्री। जो ट्रेन पहले 8 डिब्बों के साथ पूरी तरह भरी रहती थी, अब 20 डिब्बों के साथ भी लगभग पूरी क्षमता से चल रही है, जो इस बात को दर्शाता है कि इस कॉरिडोर पर यात्रा की "अत्‍यधिक" मांग उपलब्ध आपूर्ति से कहीं अधिक हो गई है।

    जिन दिनों केवल एक जोड़ी ट्रेनें परिचालित हुईं, उन दिनों में 5 मई को ऑक्यूपेंसी दर 95.03 प्रतिशत और 6 मई को 94.79 प्रतिशत तक पहुंच गई। सप्ताहांतों में मांग में सबसे अधिक वृद्धि देखी गई, अकेले शनिवार और रविवार को लगभग 11,000 यात्रियों ने यात्रा की। रविवार (10 मई) को ही ऑक्यूपेंसी दर 98.21 प्रतिशत थी, जो इस कॉरिडोर में पर्यटन की अपार संभावनाओं को दर्शाती है।

    तीर्थयात्रियों से लेकर व्यापारियों तक, सबके लिए एक ट्रेन

    ये आंकड़े सिर्फ यात्रियों की संख्या से कहीं अधिक दर्शाते हैं। जम्मू और श्रीनगर के बीच तीर्थयात्री, छात्र, सरकारी अधिकारी और व्यापारी पहली बार बिना रुके यात्रा कर रहे हैं। जिन पर्यटकों को कभी घाटी की यात्रा करना मुश्किल लगता था, वे अब वंदे भारत ट्रेन की आरामदायक सीट से चेनाब और अंजी पुलों की अद्भुत इंजीनियरिंग कृतियों का आनंद ले रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ट्रेन को -20 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी चलने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे यह हिमपात और भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग के कई दिनों तक अवरुद्ध रहने पर भी एक भरोसेमंद और हर मौसम में चलने वाला रूट बन जाता है।

    एक ऐसी यात्रा जो किफायती भी है

    इस रूट पर वंदे भारत सबसे किफायती विकल्प भी है। भोजन सहित चेयर कार का टिकट उसी यात्रा के लिए बजट एयरलाइन द्वारा लिए जाने वाले शुल्क का एक अंश मात्र है, जबकि सबसे सस्ती एकतरफा उड़ान भी काफी महंगी होती है। साझा कैब में प्रति सीट का किराया अधिक होता है, और निजी टैक्सी में तो कई गुना अधिक, साथ ही राजमार्ग के अवरोधों से बचाव की कोई सुविधा भी नहीं होती। जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत रेल मार्ग केवल दो शहरों को ही नहीं जोड़ता; यह आपको दुनिया के सबसे खूबसूरत रेल मार्गों में से एक से होकर ले जाता है।

    जम्मू के ऊंचे-नीचे भूभाग से लेकर, गुरुत्वाकर्षण को चुनौती देने वाले चेनाब और अंजी पुलों को पार करते हुए, हिमालय की चट्टानों को काटकर बनाई गई सुरंगों से गुजरते हुए, कश्मीर की धूप से जगमगाती घाटियों तक, इस यात्रा का हर किलोमीटर अपने आप में एक अनूठा अनुभव है। भारतीय रेलवे ने इस असाधारण यात्रा का किराया अपने परिचालन खर्च से कम रखा है, ताकि हर यात्री इस तरह की यात्रा का आनंद ले सके। धरती पर स्वर्ग अब कोई विशेषाधिकार नहीं रहा; यह बस एक ट्रेन टिकट की दूरी पर है। इस बेहद खास मार्ग की यात्रा का मौका न चूकें।

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    चंडीगढ़ में डोर-टू-डोर जनगणना का आगाज: 2050 प्रगणक घर-घर जाकर पूछेंगे 33 सवाल, 30 मई तक चलेगा अभियान

    अभिकान्त, 03 मई चंडीगढ़ : चंडीगढ़ में स्वगणना (Self-Enumeration) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब डोर-टू-डोर जनगणना अभियान की औपचारिक शुरुआत हो गई है। यह महत्वपूर्ण अभियान आगामी 30 मई तक जारी रहेगा, जिसके तहत शहर के हर घर का डेटा डिजिटल रूप से अपडेट किया जाएगा। प्रशासन ने इस कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए पूरे शहर को 10 जोनों में विभाजित किया है और लगभग 2045 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक बनाए गए हैं। इस विशाल कार्य को संपन्न करने के लिए 2050 प्रगणकों (Enumerators) और 375 पर्यवेक्षकों की विशेष टीम तैनात की गई है, जिन्होंने अपना प्रशिक्षण पहले ही पूरा कर लिया है।

    इस जनगणना प्रक्रिया को दो मुख्य चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में मकान की वर्तमान स्थिति, घर में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं और संपत्ति से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, दूसरे चरण में व्यक्ति की जाति, धर्म और आधार जैसी व्यक्तिगत जानकारियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रगणक लोगों से कुल 33 सवाल पूछेंगे, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण, इंटरनेट सुविधा, वाहन और घर के ढांचे से जुड़े प्रश्न शामिल होंगे। जिन नागरिकों ने ऑनलाइन माध्यम से स्वगणना कर ली है, उन्हें केवल अपना रजिस्ट्रेशन नंबर प्रगणक को देना होगा ताकि उनकी जानकारी को वेरीफाई किया जा सके।

    प्रशासन ने सुरक्षा और पारदर्शिता के मद्देनजर नागरिकों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। यह स्पष्ट किया गया है कि जनगणना के दौरान किसी भी व्यक्ति से कोई दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे और न ही किसी प्रकार का ओटीपी (OTP) मांगा जाएगा। लोगों से अपील की गई है कि वे जनगणना के नाम पर आने वाली किसी भी फर्जी कॉल या धोखाधड़ी के प्रयासों से सतर्क रहें और केवल अधिकृत प्रगणकों को ही जानकारी प्रदान करें। यह गणना शहर के भविष्य के नियोजन और विकास योजनाओं के निर्माण में अत्यंत सहायक सिद्ध होगी।

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    श्री अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से होगी शुरू: 15 अप्रैल से पंजीकरण प्रक्रिया आरंभ, 28 अगस्त को होगा समापन

    अभिकान्त, 12 अप्रैल नई दिल्ली : प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रा में शामिल होने के लिए अग्रिम पंजीकरण अनिवार्य है, जिसकी प्रक्रिया 15 अप्रैल से देशभर में शुरू कर दी जाएगी। श्रद्धालु देशभर की 556 अधिकृत बैंक शाखाओं में जाकर या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकेंगे।

    यात्रा के नियमों और रूट के बारे में जानकारी देते हुए प्रशासन ने बताया कि इस वर्ष भी 13 वर्ष से कम और 70 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को स्वास्थ्य सुरक्षा के मद्देनजर यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही छह सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं के लिए भी यात्रा प्रतिबंधित रहेगी। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और शारीरिक क्षमता के अनुसार दक्षिण कश्मीर के पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग या फिर छोटे लेकिन बेहद चुनौतीपूर्ण 14 किलोमीटर वाले बालटाल मार्ग का चयन कर सकते हैं।

    यात्रा की औपचारिक शुरुआत ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन 19 जून को आयोजित होने वाली 'प्रथम पूजा' के साथ हो जाएगी। उपराज्यपाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ट्रैक की मरम्मत, बिजली, पानी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम मानसून से पहले पूरे कर लिए जाएं ताकि शिवभक्तों को किसी भी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

    #AmarnathYatra2026 #BabaBarfani #ShivaDevotee #AmarnathShrineBoard #JammuKashmir #Pahalgam #Baltal #YatraRegistration #ManojSinha #SpiritualJourney #HinduPilgrimage #Danikkhabar

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    गोवा नाईट क्लब में आग से 25 लोगो की मौत, पीएम ने दुःख जताया

    आरएस अनेजा, 7 दिसम्बर नई दिल्ली - उत्तरी गोवा के अरपोरा में नाइट क्लब में भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई है। यह दुखद घटना रविवार (7 दिसंबर, 2025) आधी रात के बाद हुई।

    अधिकांश पीड़ितों की मौत धुएं से दम घुटने के कारण हुई, जबकि कुछ जल गए। मरने वालों में ज़्यादातर क्लब के कर्मचारी (14 स्टाफ सदस्य), चार पर्यटक शामिल थे, और सात शवों की पहचान अभी बाकी है।

    शुरुआती जांच में आग लगने का कारण किचन में हुआ सिलेंडर ब्लास्ट बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस अभी भी सटीक कारण की जांच कर रही है। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि क्लब बिना उचित अनुमति और आग से सुरक्षा मानदंडों का पालन किए चल रहा था। घटना में छह लोग घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुख जताया है और मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपए की व घायलों के लिए 50,000 हजार की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। गोवा सरकार ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

    #goa #fire

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    वक्फ बोर्डों ने लक्षद्वीप समीक्षा बैठक में वक्फ संपत्तियों पर आईआईटी दिल्ली के अध्ययन की प्रशंसा की

    आरएस अनेजा, 16 अक्टूबर नई दिल्ली - अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और डिजिटल शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास (उम्मीद) केंद्रीय पोर्टल पर वक्फ संपत्ति डेटा अपलोड की प्रगति का आकलन करने के लिए एक व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की।

    केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के कवरत्ती द्वीप में आयोजित इस बैठक में लक्षद्वीप वक्फ बोर्ड के साथ-साथ महाराष्ट्र और गुजरात वक्फ बोर्डों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही। सत्र में डेटा डिजिटलीकरण प्रयासों की समीक्षा, परिचालन कार्यप्रवाह को सुव्यवस्थित करने और राज्य वक्फ बोर्डों और केंद्रीय पोर्टल टीम के बीच समन्वय को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

    राज्य वक्फ बोर्डों ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के अध्ययन की प्रशंसा की

    विचार-विमर्श के दौरान, वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के वक्फ संपत्तियों पर किए गए अध्ययन की प्रशंसा की। बोर्ड ने इस बात पर बल दिया कि आईआईटी दिल्ली के अध्ययन के निष्कर्ष वक्फ संपत्ति प्रबंधन से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों की पहचान करने और उनका समाधान करने में सहायक रहे हैं। इस अध्ययन ने न केवल महत्वपूर्ण परिणाम प्रदान किए हैं, बल्कि डेटा संग्रह, सत्यापन और डिजिटलीकरण को सुव्यवस्थित करने के लिए अधिक कुशल, साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोणों को आकार देने में भी सहायता की है।

    #wakfboard #MinistryofMinorityAffairs

    Ministry of Minority Affairs

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    पुडुचेरी के उपराज्यपाल ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की

    आरएस अनेजा, 16 अक्टूबर नई दिल्ली - पुडुचेरी के उप राज्यपाल के कैलाशनाथन ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आपस में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने X पर पोस्ट किया कि “पुडुचेरी के उपराज्यपाल श्री के. कैलाशनाथन ने कल प्रधानमंत्री @narendramodi से मुलाकात की।”

    #pmo #narenderamodi #LGov_Puducherry

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व मुख्यमंत्री नाइक के निधन पर शोक व्यक्त किया

    आरएस अनेजा, 15 अक्टूबर नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोवा के कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री रवि नाइक के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

    पीएम मोदी ने कहा कि नाइक को एक अनुभवी प्रशासक और समर्पित लोक सेवक के रूप में याद किया जाएगा जिन्होंने गोवा की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि नाइक विशेष रूप से कमज़ोर और वंचित वर्ग के लोगों को सशक्त बनाने के प्रति समर्पित थे।

    उन्होंने कहा कि "गोवा सरकार में मंत्री रवि नाइक जी के निधन से दुःख हुआ। उन्हें एक अनुभवी प्रशासक और समर्पित लोक सेवक के रूप में याद किया जाएगा जिन्होंने गोवा के विकास पथ को समृद्ध बनाया। वे विशेष रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के लोगों को सशक्त बनाने के लिए तत्पर थे। इस दुःख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और समर्थकों के साथ हैं। ॐ शांति।"

    गौरतलब है कि गोवा के कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री रवि नाइक का सोमवार (13 अक्तूबर 2025) रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनकी उम्र 79 वर्ष थी। वह 1991 और 1994 में दो बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे।

    #pmo #narenderamodi #goa