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    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने महावीर जयंती के अवसर पर गांधीनगर स्थित कोबा तीर्थ में सम्राट सम्प्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया

    आरएस अनेजा, 31 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज भगवान महावीर जयंती के पावन अवसर पर गुजरात में गांधीनगर स्थित कोबा तीर्थ में सम्राट सम्प्रति संग्रहालय, जैन धरोहर संग्रहालय का उद्घाटन किया। श्री मोदी ने कहा, “कोबा तीर्थ आध्यात्मिक शांति से ओत-प्रोत है, यह वह स्थान है जहाँ अनेक जैन मुनियों और संतों की तपस्या अभिव्यक्त होती है तथा जहाँ सृजन और सेवा स्वाभाविक रूप से पुष्पित होते हैं।

    कोबा तीर्थ की निरंतर चली आ रही परंपराओं को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्षों से इस पवित्र स्थल पर अध्ययन, साधना और आत्मानुशासन की परंपराएँ फलती-फूलती रही हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मूल्यों का संरक्षण, संस्कारों का संवर्धन और ज्ञान का पोषण—ये त्रिवेणी भारतीय सभ्यता की आधारशिला हैं। श्री मोदी ने कहा, “इस त्रिवेणी का प्रवाह निरंतर बनाए रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।”

    प्रधानमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि जैन धर्म के शाश्वत ज्ञान और भारत की समृद्ध धरोहर को अब जैन धरोहर संग्रहालय के माध्यम से आने वाली सदियों के लिए संरक्षित किया जा रहा है, जिसे संतों द्वारा प्राचीन ज्ञान को नई पीढ़ी के समक्ष नए एवं आधुनिक रूपों में प्रस्तुत करने के उद्देश्य से परिकल्पित किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज वह भव्य सपना सम्राट सम्प्रति संग्रहालय के रूप में साकार हुआ है, जो जैन दर्शन, भारतीय संस्कृति और हमारी प्राचीन धरोहर का एक पवित्र केंद्र है।”

    प्रधानमंत्री ने इस प्रयास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सभी जैन मुनियों, संतों और हजारों भक्‍तों को बधाई दी। धरोहर संरक्षण में नवाचार के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि जब प्राचीन ज्ञान को नए तरीकों से प्रस्तुत किया जाता है, तो विरासत और समृद्ध होती है और आने वाली पीढ़ियों को नई प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा, “सम्राट सम्प्रति संग्रहालय भारत के करोड़ों लोगों की धरोहर है और हमारे गौरवशाली अतीत का एक प्रमाण है,” ।

    सम्राट सम्प्रति के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यद्यपि अनेक सभ्यताओं में महान चिंतक और दार्शनिक हुए, परंतु विश्व के कई हिस्सों में शासक सत्ता के प्रश्न पर आदर्शों को त्याग देते थे, जिससे विचार और शासन के बीच एक खाई उत्पन्न हो जाती थी। उन्होंने कहा कि सम्राट सम्प्रति केवल एक ऐतिहासिक राजा नहीं थे, बल्कि भारत के दर्शन और व्यवहार के बीच एक सेतु थे। मोदी ने कहा, “भारत में सम्राट सम्प्रति जैसे शासकों ने सत्ता को सेवा और साधना के रूप में देखा, उन्होंने सिंहासन से अहिंसा का विस्तार किया और पूर्ण वैराग्य तथा निःस्वार्थ भाव से सत्य, अस्तेय और अपरिग्रह का प्रचार-प्रसार किया।”

    प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संग्रहालय को अत्यंत सोच-समझकर इस प्रकार निर्मित किया गया है कि प्रत्येक कदम पर भारत की भव्यता का अनुभव होता है, और इसकी सात दीर्घाएँ देश की विविधता तथा सांस्कृतिक समृद्धि का उद्घोष करती हैं। उन्होंने प्रथम दीर्घा का उल्लेख किया, जिसमें नवपद—अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, साधु—तथा सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चरित्र और सम्यक तप के चार सिद्धांतों को प्रदर्शित किया गया है, और तृतीय दीर्घा का भी उल्लेख किया, जो तीर्थंकरों की कथाओं और शिक्षाओं को कलात्मक रूप से सजीव बनाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “जब ज्ञान सम्यक (सही/धर्मसम्मत) होता है, तो वह समता और सेवा की आधारशिला बन जाता है।”

    प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि यह संग्रहालय जैन धरोहर के साथ-साथ भारत की अन्य धार्मिक परंपराओं—वैदिक, बौद्ध आदि—का भी भव्य रूप से प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने भारत की सबसे बड़ी शक्ति, उसकी विविधता और “विविधता में एकता” को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जहाँ विश्व ने धर्म और संप्रदाय के नाम पर संघर्ष देखे हैं, वहीं यह संग्रहालय सभी परंपराओं को इंद्रधनुष की भांति एक साथ प्रस्तुत करता है—वेद, पुराण, आयुर्वेद, योग और दर्शन, सभी सौहार्दपूर्वक साथ-साथ विद्यमान हैं। उन्होंने कहा, “यह केवल भारत में ही संभव है।”

    वैश्विक स्तर पर व्याप्त अस्थिरता और अशांति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संग्रहालय में निहित धरोहर और संदेश का महत्व केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए अत्यंत गहन है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विश्व भर से जिज्ञासु आगंतुकों, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं की संख्या निरंतर बढ़ती रहेगी। श्री मोदी ने आग्रह किया( “जो भी यहाँ आए, वह भारत और जैन धर्म की शिक्षाओं को विश्व के हर कोने तक लेकर जाए।”

    प्रधानमंत्री ने स्मरण किया कि भारत के प्राचीन विश्वविद्यालय—तक्षशिला और नालंदा—कभी लाखों पांडुलिपियों से समृद्ध थे, जिन्हें धार्मिक संकीर्णता से प्रेरित विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा नष्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि उन कठिन परिस्थितियों में सामान्य जनों ने शेष पांडुलिपियों को पीढ़ी दर पीढ़ी संरक्षित रखा। उन्होंने आचार्य भगवंत श्री पद्मसागर सुरिश्वरजी महाराज साहेब के असाधारण समर्पण की सराहना की, जिन्होंने साठ वर्षों तक देश के कोने-कोने में गाँव-गाँव और शहर-शहर जाकर पांडुलिपियों की खोज की। श्री मोदी ने कहा, “आज ताड़पत्रों और भोजपत्रों पर लिखी तीन लाख से अधिक पांडुलिपियाँ, जिनमें से कुछ सैकड़ों वर्ष पुरानी हैं, कोबा में सुरक्षित रूप से संकलित हैं, जो भारत के अतीत, वर्तमान और भविष्य के प्रति एक महान सेवा का प्रतिनिधित्व करती हैं।”

    पांडुलिपियों के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की उपेक्षा को दूर करने के लिए ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ प्रारंभ किया गया है, जिसमें प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए प्राचीन पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण, वैज्ञानिक संरक्षण, स्कैनिंग, रासायनिक उपचार तथा डिजिटल अभिलेखीकरण किया जा रहा है। उन्होंने ‘मन की बात’ के अपने हालिया संस्करण का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने देशव्यापी सर्वेक्षण के बारे में बताया था, जिससे नागरिक अपने पास संरक्षित पांडुलिपियों को अपलोड कर सकते हैं। श्री मोदी ने कहा, “यह अभियान देश के कोने-कोने में बिखरी पांडुलिपियों के संकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”

    प्रधान मंत्री ने ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के अंतर्गत सरकारी प्रयासों तथा कोबा तीर्थ के असाधारण योगदान को भारत के नए सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि आज प्राचीन मंदिरों के पुनरुद्धार, तीर्थ स्थलों के विकास से लेकर आयुर्वेद और योग के प्रसार तक, देश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण, समझ और प्रदर्शन के लिए हर स्तर पर कार्य किया जा रहा है। लोथल में भव्य समुद्री संग्रहालय, वडनगर में संग्रहालय तथा दिल्ली में प्रस्तावित ‘युगे-युगीन भारत संग्रहालय’ जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार भारत के स्वतंत्रता संग्राम के वास्तविक इतिहास को बिना किसी राजनीतिक पूर्वाग्रह के सामने लाने के लिए सार्थक और व्यापक कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हमने धरोहर को राजनीतिक चश्‍मे से देखने की मानसिकता को समाप्त कर दिया है और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं, जो विकसित भारत विज़न की आत्मा है।”

    प्रधानमंत्री ने भारत की धरोहर के संरक्षण में संतों के अथक प्रयासों की सराहना की और दिल्ली में आयोजित ऐतिहासिक नवकार महामंत्र दिवस कार्यक्रम का स्मरण किया, जहाँ जैन धर्म के सभी चार संप्रदाय एक साथ आए थे। उन्होंने उस अवसर पर प्रस्तुत अपने दस संकल्पों को दोहराया—जल संरक्षण; ‘एक पेड़ माँ के नाम’; स्वच्छता अभियान; वोकल फॉर लोकल; देश दर्शन; प्राकृतिक खेती; स्वस्थ जीवनशैली; योग और खेल; गरीबों की सहायता; तथा समुदाय द्वारा जोड़ा गया दसवाँ संकल्प—भारत की धरोहर का संरक्षण। उन्होंने कहा, “आज का यह कार्यक्रम इन सभी संकल्पों का सजीव प्रतिबिंब है।”

    भविष्य के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की एकता और सांस्कृतिक शक्ति राष्ट्र के बड़े लक्ष्यों की प्राप्ति में प्रेरक शक्ति बनेगी। उन्होंने बल दिया कि जब लोग व्यक्तिगत आकांक्षाओं से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के लक्ष्यों के लिए कार्य करते हैं, तो विकास की गति तीव्र हो जाती है। अंत में श्री मोदी ने कहा, “मुझे विश्वास है कि सम्राट सम्प्रति संग्रहालय ज्ञान, साधना और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेगा, जो आने वाले समय में नई पीढ़ी को प्रेरित करेगा और समाज को ऊर्जा प्रदान करेगा।”

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    भारत-जापान मैत्री की नई उड़ान: ₹16,420 करोड़ के विकास ऋण के साथ बदलेंगे तीन राज्य

    आरएस अनेजा, 27 मार्च नई दिल्ली - जापान सरकार ने भारत को शहरी परिवहन, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्रों में चार परियोजनाओं के लिए 275.858 अरब जापानी येन (लगभग 16,420 करोड़ रुपये) का आधिकारिक विकास सहायता (ओडीए) ऋण देने की प्रतिबद्धता जताई है, जिन्हें पंजाब, कर्नाटक और महाराष्ट्र राज्यों में कार्यान्वित किया जाना है।

    भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के संयुक्त सचिव श्री आलोक तिवारी और भारत में जापान के राजदूत केइची ओनो के बीच 24 मार्च, 2026 को ऋण समझौतों का आदान-प्रदान हुआ। इन परियोजनाओं में "बेंगलुरु मेट्रो रेल परियोजना (चरण 3) (I)" (102.480 अरब जापानी येन), "मुंबई मेट्रो लाइन 11 परियोजना (I)" (92.400 अरब जापानी येन), "महाराष्ट्र में तृतीयक स्वास्थ्य सेवा वितरण, चिकित्सा शिक्षा प्रणाली और नर्सिंग शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने की परियोजना (I)" (62.294 अरब जापानी येन) और "पंजाब में सतत बागवानी को बढ़ावा देने की परियोजना" (18.684 अरब जापानी येन) शामिल हैं। भारत सरकार और जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) के बीच ऋण समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं।

    बेंगलुरु मेट्रो रेल परियोजना (चरण 3) (I) का उद्देश्य बेंगलुरु महानगर क्षेत्र में बढ़ती यातायात मांग से निपटने के लिए जन-तीव्र परिवहन प्रणाली का विस्तार करना है। इससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, शहरी पर्यावरण में सुधार होगा और अंततः यातायात जाम से राहत और बढ़ते मोटर वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी के माध्यम से जलवायु परिवर्तन को कम करने में मदद मिलेगी।

    मुंबई मेट्रो लाइन 11 परियोजना (I) का उद्देश्य जन तीव्र परिवहन प्रणाली का विस्तार करके मुंबई में यातायात की बढ़ती मांग से निपटना है, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिले, शहरी पर्यावरण में सुधार हो और अंततः यातायात जाम से राहत और बढ़ते मोटर वाहनों के कारण होने वाले प्रदूषण में कमी के माध्यम से जलवायु परिवर्तन को कम किया जा सके।

    महाराष्ट्र में तृतीयक स्वास्थ्य सेवा वितरण, चिकित्सा शिक्षा प्रणाली और नर्सिंग शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने की परियोजना (I) का उद्देश्य तृतीयक स्वास्थ्य सुविधाओं, कॉलेजों, अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और नर्सिंग स्कूलों के निर्माण के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को सुदृढ़ करके महाराष्ट्र में चिकित्सा देखभाल की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार करना है। इससे भारत में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (यूएचसी) को बढ़ावा देने में भी योगदान मिलेगा।

    पंजाब में सतत बागवानी को बढ़ावा देने की परियोजना का उद्देश्य उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों में विविधता लाकर, सुदृढ़ मूल्य श्रृंखला और क्षमता विकास के लिए अवसंरचना का विकास करके सतत बागवानी को बढ़ावा देना और किसानों की आय में सुधार करना है। इससे पंजाब में पर्यावरण संरक्षण और सतत सामाजिक-आर्थिक विकास को बल मिलेगा।

    भारत और जापान के बीच सन् 1958 से द्विपक्षीय विकास सहयोग का एक लंबा और फलदायी इतिहास रहा है। आर्थिक सहयोग, जो भारत-जापान संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ है, पिछले कुछ वर्षों में लगातार प्रगति कर रहा है। इससे भारत और जापान के बीच रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी और भी मजबूत होती है।

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    मार्कापुरम में मातम: आग का गोला बनी निजी बस, 13 यात्रियों की दर्दनाक मौत; पीएम मोदी और सीएम नायडू ने जताया शोक

    आरएस अनेजा, 26 मार्च नई दिल्ली - आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के मार्कापुरम में आज (26 मार्च) तड़के लगभग पांच बजे एक अत्यंत दुखद सड़क दुर्घटना हुई है। यहाँ रायवरम के पास एक निजी बस और बजरी से लदे टिपर ट्रक के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई, जिसके बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई।

    दुर्घटना मार्कापुरम जिले में रायवरम के पास खदान क्षेत्र में हुई। जानकारी के अनुसार, इस हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 25 लोग घायल हैं। कुछ यात्रियों की बस के अंदर ही जिंदा जलने से दर्दनाक मौत हो गई। निजी बस तेलंगाना के जगतियाल से नेल्लोर जिले के कलिगिरी जा रही थी। हादसे के वक्त बस में करीब 41 यात्री सवार थे। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को इलाज के लिए गुंटूर के सरकारी अस्पताल में रेफर किया गया है।

    उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

    आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं और दुख व्यक्त किया है। तेलंगाना सरकार ने पीड़ितों के परिवारों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबरों के साथ कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं।

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    उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने नागपुर में 29वें 'भारतीय युवा संसद' सत्र को किया संबोधित

    आरएस अनेजा, 21 मार्च नई दिल्ली - भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज महाराष्ट्र के नागपुर में महर्षि व्यास सभागार में भारतीय युवा संसद के 29वें राष्ट्रीय सत्र को संबोधित किया। यह सत्र "भारतीय भाषाएँ और विकसित भारत–2047" विषय पर आधारित है।

    नागपुर के महत्व का उल्लेख करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह शहर राष्ट्रीय चेतना में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है, क्योंकि यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का जन्मस्थान है, जिसकी स्थापना डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में की थी। उन्होंने कहा कि एक छोटी सी पहल से राष्ट्रीय सेवा को समर्पित एक विशाल आंदोलन तक इस संगठन की यात्रा "राष्ट्र प्रथम" की भावना और राष्ट्र के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

    दो दशकों से अधिक समय से किए जा रहे कार्यों के लिए भारतीय युवा संसद राष्ट्रीय ट्रस्ट की सराहना करते हुए, उन्होंने कहा कि इस संगठन ने विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को आपस में जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे "एक भारत श्रेष्ठ भारत" की भावना को मजबूती मिली है।

    "भारतीय भाषाएँ और विकसित भारत–2047" विषय पर बोलते हुए, उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की भाषाई विविधता उसकी एक बड़ी ताकत है, और कहा कि जब हम अपनी मातृभाषा में बोलते हैं, तो हम "क्षेत्रीय" नहीं, बल्कि "मौलिक" होते हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हर भाषा की अपनी एक विरासत होती है और ये सभी मिलकर राष्ट्र की सांस्कृतिक समरसता का निर्माण करती हैं। उन्होंने भारत के संविधान को कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने के हालिया प्रयासों का भी उल्लेख किया और कहा कि भाषाई विविधता को बढ़ावा देना और उसका संरक्षण करना राष्ट्रीय विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

    उपराष्ट्रपति ने कहा कि 2047 तक "विकसित भारत" का लक्ष्य उधार के विचारों के माध्यम से प्राप्त नहीं किया जा सकता; इसके लिए भारत को अपनी जड़ों से जुड़कर नवाचार करना होगा, अपनी मूल भाषाओं और लिपियों में चिंतन करना होगा, और अपनी सभ्यतागत पहचान पर पूर्ण विश्वास रखते हुए आगे बढ़ना होगा।

    उन्होंने संस्कृत और अन्य भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की भूमिका की भी सराहना की, और कहा कि संस्कृत कई भारतीय भाषाओं को आपस में जोड़ती है तथा भारत की ज्ञान-परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है, और आज के युवा ही वह "अमृत पीढ़ी" हैं जो 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र के रूप में उभरते हुए देखेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह युवा संसद इस राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में अपना सार्थक योगदान देगी। इससे पहले दिन में, उपराष्ट्रपति ने नागपुर स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन में RSS के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की समाधि (स्मारक) पर पुष्पांजलि अर्पित की।

    इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री जिष्णु देव वर्मा; महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले; समाज सेवी डॉ. कृष्ण गोपाल; केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी; इंडियन यूथ पार्लियामेंट के राष्ट्रीय संयोजक श्री आशुतोष जोशी; और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ पूरे देश से बड़ी संख्या में युवा प्रतिभागियों ने भाग लिया।

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    उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 21 और 22 मार्च को महाराष्ट्र का दौरा करेंगे

    आरएस अनेजा, 20 मार्च नई दिल्ली - उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार 21 और 22 मार्च, 2026 को महाराष्ट्र का दौरा करेंगे।

    उपराष्ट्रपति 21 मार्च, 2026 को नागपुर के महर्षि व्यास सभागार में भारतीय युवा संसद के 29वें राष्ट्रीय सत्र के उद्घाटन समारोह में भाग लेंगे।

    उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन उसी दिन बाद में, मुंबई के लोक भवन में रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह और 64वें जैन दीक्षा समारोह में भाग लेंगे।

    उपराष्ट्रपति 22 मार्च, 2026 को पुणे के उरुली कंचन स्थित निसर्गोपचार आश्रम के स्थापना दिवस कार्यक्रम में भाग लेंगे।

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    प्रोजेक्ट GIB का 'चौथा साल' और बड़ी उपलब्धि: अब कैप्टिव ब्रीडिंग से निकलकर खुले आसमान में पंख फैलाएंगे ग्रेट इंडियन बस्टर्ड।

    आरएस अनेजा, 13 मार्च नई दिल्ली - केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को बताया कि 'प्रोजेक्ट ग्रेट इंडियन बस्टर्ड' (GIB) अपने कैप्टिव ब्रीडिंग प्रोग्राम के चौथे साल में प्रवेश कर गया है। इस हफ़्ते राजस्थान के संरक्षण प्रजनन केंद्र में दो नए चूजों के जन्म के साथ, कैप्टिव ब्रीडिंग में रखे गए पक्षियों की कुल संख्या 70 हो गई है।

    मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण-संवेदनशील नेतृत्व में, देश इस प्रोजेक्ट को बड़ी सफलता बनाने की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

    श्री यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में इस घटनाक्रम की जानकारी दी और इसे 'प्रोजेक्ट GIB' के तहत हासिल की गई एक और बड़ी उपलब्धि बताया। मंत्री ने कहा कि इस हफ़्ते राजस्थान के संरक्षण प्रजनन केंद्र में जो दो चूजे जन्मे हैं, उनमें से एक का जन्म प्राकृतिक मिलन से और दूसरे का जन्म कृत्रिम गर्भाधान से हुआ है। इस प्रजाति के संरक्षण प्रयासों के लिए इसे एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताते हुए, श्री यादव ने कहा कि इस साल कैप्टिव ब्रीडिंग से जन्मे कुछ चूजों को धीरे-धीरे (सॉफ्ट रिलीज़ के ज़रिए) जंगल में छोड़ा जाएगा, जो इस प्रोजेक्ट के लिए एक नई और चुनौतीपूर्ण शुरुआत होगी। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए राजस्थान वन विभाग के वन अधिकारियों को भी बधाई दी।

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    आपदा राहत हेतु केंद्र का बड़ा कदम: 6 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए ₹1,912.99 करोड़ की अतिरिक्त सहायता मंजूर

    आररएस अनेजा, 13 मार्च नई दिल्ली - केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली एक उच्चस्तरीय समिति ने वर्ष 2025 में बाढ़, आकस्मिक बाढ़ (Flash Flood), बादल फटने (Cloudburst), चक्रवात 'मोंथा' और भूस्खलन से प्रभावित आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड तथा केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को 1,912.99 करोड़ रुपए की अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता को मंजूरी दी है।

    यह केन्द्रीय सहायता राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से प्रदान की गई है, जो वर्ष की प्रारंभिक शेष राशि में उपलब्ध राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के 50% के समायोजन के अधीन है। कुल राशि 1,912.99 करोड़ रुपए में से, आंध्र प्रदेश के लिए 341.48 करोड़ रुपए, छत्तीसगढ़ के लिए 15.70 करोड़ रुपए, गुजरात के लिए 778.67 करोड़ रुपए, हिमाचल प्रदेश के लिए 288.39 करोड़ रुपए, नगालैंड के लिए 158.41 करोड़ रुपए तथा जम्मू-कश्मीर के लिए 330.34 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार प्राकृतिक आपदाओं और विपत्तियों के समय राज्य सरकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रही है।

    यह अतिरिक्त सहायता उन धनराशि से अतिरिक्त है, जो केन्द्र सरकार द्वारा राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के तहत राज्यों को पहले ही जारी की जा चुकी हैं और जो राज्यों के पास खर्च के लिए उपलब्ध हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, केन्द्र सरकार ने 28 राज्यों को SDRF के तहत 20,735.20 करोड़ रुपए तथा 21 राज्यों को NDRF के तहत 3,628.18 करोड़ रुपए जारी किए हैं।

    इसके अतिरिक्त, राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष (SDMF) से 23 राज्यों को 5,373.20 करोड़ रुपए तथा राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष (NDMF) से 21 राज्यों को 1,189.56 करोड़ रुपए भी जारी किए गए हैं।

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    आईटीआरए, जामनगर द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘आयुर स्वादोत्सव’ में लगभग 32 हजार से अधिक लोगों ने की सहभागिता

    आरएस अनेजा, 9 मार्च नई दिल्ली - जामनगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ टीचिंग एंड रिसर्च इन आयुर्वेद (ITRA) द्वारा दो दिवसीय ‘आयुर स्वादोत्सव’ का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष आयोजन में लगभग 32 हजार से अधिक लोगों ने सहभागिता करते हुए आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थों एवं उत्पादों का आनंद लिया।



    कार्यक्रम के दौरान 152 से अधिक स्टार्टअप से जुड़े विद्यार्थियों द्वारा 517 से अधिक उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया गया। आयुर्वेद के सिद्धांतों पर आधारित 150 से अधिक प्रकार के खाद्य पदार्थों और व्यंजनों की प्रदर्शनी और बिक्री की व्यवस्था की गई थी, जिसमें लाइव फूड, पैकेज्ड फूड तथा अन्य पैकेजिंग आइटम शामिल थे।

    इस अवसर पर केक, इडली, भजिया, नूडल्स सहित कई प्रकार के स्वादिष्ट एवं स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन लोगों के आकर्षण का केंद्र बने। आगंतुकों ने इन व्यंजनों का स्वाद लेकर स्वास्थ्य और स्वाद के अद्भुत संगम का अनुभव किया।

    इसके साथ ही आयुर्वेदिक कॉस्मेटिक उत्पादों ने भी लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इनमें तुलसी बाम, पेन रिलीफ लिक्विड बाम, विभिन्न प्रकार के साबुन, शैम्पू, शरीर और सिर पर लगाने वाले औषधीय तेल सहित अनेक उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया गया।

    इस आयोजन के माध्यम से भारत सरकार की विभिन्न पहलों जैसे वोकल फॉर लोकल, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, विकास भी विरासत भी, आत्मनिर्भर भारत, हर घर स्वदेशी तथा स्किल इंडिया को भी प्रोत्साहन दिया गया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को आगंतुकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली तथा लोगों ने उत्साहपूर्वक इन उत्पादों की खरीदारी की।

    इस अवसर पर ITRA की निदेशक प्रोफेसर तनुजा नेसरी ने कहा कि “ITRA का ‘स्वादोत्सव’ अनेक उद्देश्यों को पूरा करने वाला एक महत्वपूर्ण और सफल प्रयास सिद्ध हुआ है। इस कार्यक्रम के माध्यम से नई प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का मंच मिला है, साथ ही अनुभवी विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ है। केवल शिक्षा प्रदान करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस शिक्षा का समाज, सेवा और व्यवसाय के क्षेत्र में उपयोग हो सके, ऐसा सक्षम युवावर्ग तैयार करना भी हमारी जिम्मेदारी है। इस उत्सव में बड़ी संख्या में बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लेकर आयुर्वेद आधारित व्यंजनों का स्वाद लिया और उन्हें अपने दैनिक जीवन में अपनाने की प्रेरणा प्राप्त की।”

    इवेंट मैनेजमेंट क्षेत्र से जुड़े आगंतुक भावेश मेहता ने बताया कि जामनगर के विभिन्न कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों ने इस कार्यक्रम का दौरा किया और विभिन्न आयुर्वेद आधारित व्यंजनों का स्वाद लिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और स्वाद के इस अनूठे संगम से प्रेरित होकर भविष्य में विभिन्न सामाजिक एवं पारिवारिक आयोजनों में भी आयुर्वेद आधारित व्यंजनों को शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

    कार्यक्रम के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा जामनगर में स्थापित ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर (GTMC) से संबंधित विभिन्न पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों का भी प्रदर्शन किया गया। आगंतुकों ने विश्व के विभिन्न देशों में प्रचलित पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के बारे में रुचि के साथ जानकारी प्राप्त की।

    इस प्रकार ITRA द्वारा आयोजित ‘आयुर स्वादोत्सव’ ने आयुर्वेद, स्वस्थ जीवनशैली और आत्मनिर्भरता के संदेश को व्यापक स्तर पर समाज तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कोटा विमान पत्तन की नींव रखी; हड़ौती क्षेत्र के परिवर्तन को दिखाता है

    आरएस अनेजा, 7 मार्च नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज वीडियो संदेश के माध्यम से कोटा विमान पत्तन के शिलान्यास समारोह को संबोधित किया। यह हड़ौती क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मोदी ने जोर देते हुए कहा, “राजस्थान अभूतपूर्व गति से प्रगति कर रहा है और यह नया विमान पत्तन आर्थिक और औद्योगिक विकास में सहायक होगा।”

     

    सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अजमेर की अपनी हालिया यात्रा का उल्लेख किया, जहां हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया और 21,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर लगातार आयोजित ये कार्यक्रम राज्य के विकास पथ के बारे में सशक्त संदेश देते हैं और बताते हैं कि "ये हमें बताते हैं कि राजस्थान आज कितनी तेजी से प्रगति कर रहा है।"

     

    प्रधानमंत्री ने कहा कि आज कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ के लिए नई उम्मीदों का दिन है, क्योंकि लगभग 1,500 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक विमान पत्तन का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। श्री मोदी ने क्षेत्र के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, "यह आधुनिक विमान पत्तन आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करेगा।"

     

    प्रधानमंत्री ने नवंबर 2023 में अपनी यात्रा को याद करते हुए संतोष व्यक्त किया कि विमान पत्तन के संबंध में जनता से किया गया वादा अब पूरा हो रहा है। उड़ानों के लिए जयपुर या जोधपुर जाने की पिछली असुविधा से मुक्ति का उल्‍लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा, "जब यह विमान पत्तन  शुरू होगा, तो यात्रा आसान हो जाएगी और कोटा सहित पूरे क्षेत्र में व्यापार तेजी से बढ़ेगा।"

     

    प्रधानमंत्री ने कोटा को शिक्षा और ऊर्जा दोनों का एक अनूठा केंद्र बताया, जो परमाणु, कोयला, गैस और जल स्रोतों से विद्युत उत्पादन करता है। श्री मोदी ने कोटा डोरिया साड़ियों, कोटा पत्‍थर और बूंदी के बासमती चावल जैसे स्थानीय कृषि उत्पादों की वैश्विक पहचान की प्रशंसा करते हुए कहा कि "कोटा में इस नए विमान पत्तन से ये संभावनाएं कई गुना बढ़ जाएगी।"

     

    क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने श्री मथुराधीश जी और गराडिया महादेव के आध्यात्मिक महत्व के साथ-साथ मुकुंदरा पहाड़ियों जैसे वन्यजीव केंद्रों का भी उल्लेख किया। श्री मोदी ने जोर देते हुए कहा, “बेहतर वायु संपर्क से वैश्विक पर्यटक इस क्षेत्र में आएंगे और इसका सीधा लाभ यहां के युवाओं, व्यापारियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा।”

     

    प्रधानमंत्री ने कोटा में हो रही व्यापक संपर्क क्रांति का भी उल्‍लेख किया जिसमें अमृत भारत योजना के तहत रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे शामिल है। कृषि आधारित उद्योगों की ओर बढ़ते रुझान पर जोर देते हुए श्री मोदी ने कहा, "रेल और सड़क के बाद वायु संपर्क का यह नया अध्याय कोटा के विकास को और गति प्रदान करेगा।"

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    राष्ट्रपति ने जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पर स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरी

    आरएस अनेजा, 27 फरवरी नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज राजस्थान के जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पर स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरी। इससे पहले, उन्होंने क्रमशः 2023 और 2025 में सुखोई 30 एमकेआई और राफेल में उड़ानें भरी थीं।

    यह मिशन दो विमानों के एलसीएच फॉर्मेशन के रूप में क्रियान्वित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ग्रुप कैप्टन नयन शांतिलाल बहुआ के साथ पहले विमान में उड़ान भरी, जबकि वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और ग्रुप कैप्टन ए महेंद्र दूसरे विमान में नंबर 2 के रूप में सवार थे। लगभग 25 मिनट के इस मिशन के दौरान, उन्होंने गडिसर झील और जैसलमेर किले के ऊपर से उड़ान भरी और एक टैंक लक्ष्य पर हमला किया।

    बाद में आगंतुक पुस्तिका में, राष्ट्रपति ने एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखकर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया, जिसमें उन्होंने कहा, “भारत के स्वदेशी रूप से विकसित हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' में उड़ान भरना मेरे लिए एक समृद्ध अनुभव रहा है। इस उड़ान ने मुझे राष्ट्र की रक्षा क्षमताओं पर नए सिरे से गर्व का अनुभव कराया है। मैं भारतीय वायु सेना और वायु सेना स्टेशन जैसलमेर की पूरी टीम को इस उड़ान के सफल आयोजन के लिए बधाई देती हूं।”

    शाम को राष्ट्रपति जैसलमेर में भारतीय वायु सेना के वायु शक्ति अभ्यास का अवलोकन करेंगी।

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    भिवाड़ी केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग: 7 मजदूरों की दर्दनाक मौत, पीएम मोदी ने जताया दुख

    आरएस अनेजा, 16 फरवरी नई दिल्ली - राजस्थान के भिवाड़ी (खैरथल-तिजारा जिला) में आज, सोमवार 16 फरवरी 2026 की सुबह एक भीषण हादसा हुआ है। खुशखेड़ा-करौली औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में आग लगने से कम से कम 7 मजदूरों की मौत हो गई है।

    आग सोमवार सुबह लगभग 9:30 बजे भिवाड़ी के खुशखेड़ा-करौली इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक निजी केमिकल इकाई में लगी। अब तक 7 शव बरामद किए जा चुके हैं जबकि कुछ मजदूर अंदर फंसने से घायल हो गए। पुलिस को गश्त के दौरान आग का पता चला, जिसके बाद तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

    दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हादसे के वक्त फैक्ट्री में लगभग 20 से 25 मजदूर काम कर रहे थे। आग लगने पर कुछ मजदूर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन कई अंदर ही फंस गए।

    वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। स्थानीय प्रशासन और अग्निशमन विभाग वर्तमान में कूलिंग ऑपरेशन और लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

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    सरकार गोला-बारूद के निर्माण में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध : रक्षामंत्री राजनाथ सिंह

    आरएस अनेजा, 19 जनवरी नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की गोला-बारूद निर्माण में आत्मनिर्भरता हासिल करने और देश को इस क्षेत्र में वैश्विक उत्पादन केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

    नागपुर, महाराष्ट्र में सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड में मध्यम कैलिबर गोला-बारूद निर्माण सुविधा का उद्घाटन करते हुए, उन्होंने उस समय को याद किया जब गोला-बारूद की कमी ने देश की रक्षा तैयारियों को बाधित किया था और सरकार ने इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता को महसूस किया था।

    रक्षा मंत्री ने रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने में निजी क्षेत्र के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय गोला-बारूद के निर्माण के कारण देश गोला-बारूद उत्पादन में लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से 2021 में भारतीय सेना को निजी क्षेत्र द्वारा निर्मित पूर्णतः भारतीय गोला-बारूद मल्टी-मोड हैंड ग्रेनेड सौंपे जाने का उल्लेख किया। उन्होंने आगे कहा कि सोलर ग्रुप द्वारा निर्मित नागास्त्र ड्रोन का ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सफलतापूर्वक उपयोग किया गया, क्योंकि इसने आतंकवादी ठिकानों पर सटीक प्रहार करके अपनी रणनीतिक क्षमता साबित की। उन्होंने नागास्त्र के अधिक उन्नत संस्करणों के विकास की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर ये हथियार देश के शत्रुओं के लिए अत्यंत घातक साबित होंगे।

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    आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 23–24 दिसंबर, 2025 को ‘पेसा महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया जाएगा

    आरएस अनेजा, 21 दिसम्बर नई दिल्ली - पंचायती राज मंत्रालय द्वारा पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 (पेसा) के लागू होने की वर्षगांठ के अवसर पर लोक संस्कृति के उत्सव के रूप में दो दिवसीय ‘पेसा महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है।

    यह महोत्सव 23 और 24 दिसंबर, 2025 को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित होगा। पेसा अधिनियम की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 24 दिसंबर को ‘पेसा दिवस’ भी मनाया जाएगा। आंध्र प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री कोनिदाला पवन कल्याण महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। पंचायती राज मंत्रालय के केंद्रीय सचिव विवेक भारद्वाज इस अवसर पर केंद्र तथा राज्य सरकारों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। इस आयोजन में पंचायत प्रतिनिधियों, खिलाड़ियों और सांस्कृतिक कलाकारों सहित सभी 10 पेसा राज्यों से लगभग 2,000 प्रतिनिधियों के भाग लेने की आशा है।

    पेसा से संबंधित कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय गतिविधियों का शुभारंभ 24 दिसंबर, 2025 को किया जाएगा। इनमें सूचना के प्रभावी प्रसार और पेसा के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए पेसा पोर्टल, राज्यों में कार्यान्वयन की प्रगति का आकलन करने हेतु पेसा संकेतक, जागरूकता बढ़ाने व जमीनी स्तर पर क्षमता निर्माण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जनजातीय भाषाओं में पेसा पर प्रशिक्षण मॉड्यूल तथा हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले पर आधारित एक ई-पुस्तक शामिल है, जिसमें क्षेत्र के पारंपरिक ज्ञान, संस्कृति एवं विरासत का दस्तावेजीकरण किया गया है।

    इस महोत्सव के दौरान खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों की एक समृद्ध एवं विविध श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी, जो भारत की जनजातीय विरासत की बहुरंगी विविधता एवं जीवंतता को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित करेगी। महोत्सव का मुख्य स्थल विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी परिसर होगा, जबकि विभिन्न गतिविधियां विशाखापत्तनम शहर के प्रमुख स्थलों जैसे रामकृष्ण बीच, इंडोर स्टेडियम, क्रिकेट स्टेडियम तथा कलावाणी सभागार में आयोजित की जाएंगी।

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    राष्ट्रपति ने हैदराबाद में उद्यान उत्सव के उद्घाटन की तैयारियों का जायजा लिया

    आरएस अनेजा, 20 दिसम्बर नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हैदराबाद स्थित राष्ट्रपति निलयम में उद्यान उत्सव के दूसरे संस्करण के उद्घाटन की तैयारियों का जायजा लिया।

     

    उद्यान उत्सव 3 जनवरी से 11 जनवरी, 2026 तक सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक जनता के लिए खुला रहेगा, जिसमें अंतिम प्रवेश शाम 7 बजे होगा।

     

    उत्सव में सभी आगंतुकों के लिए प्रवेश निःशुल्क है।

     

    नौ दिवसीय कृषि और बागवानी उत्सव का उद्देश्य सतत कृषि, बागवानी और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार जीवनशैली के बारे में जन जागरूकता को और बढ़ाना है। यह भारत की हरित परंपराओं, सतत प्रथाओं और सामुदायिक भागीदारी का उत्सव होगा।

     

    उत्सव में पुष्प और गैर-पुष्प आकर्षणों की एक विस्तृत श्रृंखला होगी, जिसमें मौसमी फूलों की क्यारियों को बेहतर बनाना, चुनिंदा पुष्प स्थापनाएं, सेल्फी पॉइंट और उन्नत उद्यान स्थान शामिल हैं। आगंतुक कृषि और बागवानी से संबंधित विषयगत स्टालों, लाइव प्रदर्शनों, पर्यावरण अनुकूल शिल्प कार्यशालाओं और इंटरैक्टिव ज्ञान क्षेत्रों का भी पता लगा सकते हैं।

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    'रात को मुर्दाघर घूमने वालों को ही दिखते हैं अलग-अलग भगवान': तेलंगाना सीएम के 'कितने भगवान' वाले बयान पर अनिल विज का तीखा व्यंग

    हिमाचल विधायकों को नहीं मिली सैलरी, मंत्री अनिल विज ने से बताया 'राहुल गांधी का अर्थशास्त्र'


    चंडीगढ़, 3 दिसम्बर - हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने विवादित बयान कि हिंदुओं के आखिर हजारों भगवान हैं पर कड़ा पलटवार किया है।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि हमारे कितने भी भगवान हो लेकिन दृष्टि एक ही है, हमारी भावना एक है, हमारा उनके प्रति आदर और सम्मान का भाव एक ही है। मंत्री अनिल विज ने व्यंग करते हुए कहा कि जो रात को मुर्दाघर में जाकर घूमते हैं उन्हें ही विभिन्न भगवान नजर आते होगे। हमारे लिए तो सब एक ही है, हमारे इतने सारे भगवान मिलकर नास्तिकों का दिमाग भी ठीक कर देंगे।

    हिमाचल विधायकों को नहीं मिली सैलरी, मंत्री अनिल विज ने से बताया 'राहुल गांधी का अर्थशास्त्र'

    वहीं, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और कांग्रेस की आर्थिक स्थिति वहां पर इतनी कमजोर हो गई है कि कई महीनों से विधायकों को तनख्वाह नहीं मिली जिस पर बोलते हुए कैबिनेट मंत्री विज ने कहा कि यह राहुल गांधी का अर्थशास्त्र है, राहुल गांधी जिस प्रकार का शासन पद्धति देना चाहते हैं हालांकि जिसका उन्हें कभी मौका नहीं मिलेगा। राहुल गांधी लगभग 80 से 90 चुनाव हार चुके हैं हालांकि हिमाचल में कांग्रेस की सरकार है तो इतना बुरा हाल है कि वे वेतन देने के पैसे नहीं है।

    #anilvij #anilvijminister #haryanagoverment #bjp #bjpharyana #congress

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    कॉफी में कोकीन की तस्करी, मुंबई हवाई अड्डे पर 47 करोड़ रुपये का नशीला पदार्थ जब्त, महिला सहित पांच गिरफ्तार

    आरएस अनेजा, 01 नवंबर नई दिल्ली - राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कोलंबो (श्रीलंका) से आई एक महिला यात्री से 4.7 किलोग्राम कोकीन जब्त की है, जिसकी अवैध बाजार में कीमत लगभग 47 करोड़ रुपये है।

    डीआरआई अधिकारियों ने महिला यात्री के आते ही उसे रोक लिया और उसके सामान की गहन जांच की। जांच के दौरान, कॉफी के पैकेटों के अंदर चालाकी से छिपाए गए एक सफेद पाउडर जैसे पदार्थ के नौ पाउच मिले। एनडीपीएस फील्ड किट से प्रारंभिक जांच में इस पदार्थ के कोकीन होने की पुष्टि हुई।

    कार्रवाई करते हुए डीआरआई ने सिंडिकेट के चार और लोगों को गिरफ्तार किया—एक वह जो इस कोकीन का खेप लेने हवाई अड्डे पर आया था और तीन अन्य जो तस्करी किए गए इस नशीले पदार्थों के वित्तपोषण, लॉजिस्टिक्‍स और वितरण नेटवर्क से जुड़े थे। सभी पांचों आरोपियों को स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है।

    #drugs #cocainsmuggled #ndps #dri

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभिनेता गोवर्धन असरानी के निधन पर शोक व्यक्त किया

    आरएस अनेजा, 21 अक्टूबर नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अभिनेता गोवर्धन असरानी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। एक संदेश में प्रधानमंत्री ने आज दिवंगत अभिनेता को श्रद्धांजलि अर्पित की और भारतीय सिनेमा में उनके अमूल्य योगदान और दर्शकों का मनोरंजन करने की उनकी क्षमता को याद किया।

    मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा कि "श्री गोवर्धन असरानी जी के निधन से अत्यंत दुःखी हूं। एक नैसर्गिक मनोरंजनकर्ता और बहुमुखी कलाकार के रूप में उन्होंने कई पीढ़ियों के दर्शकों का मनोरंजन किया। उन्होंने अपने शानदार अभिनय से अनगिनत लोगों के जीवन में खुशी और हंसी बिखेरी। भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ॐ शांति।"

    गौरतलब है कि प्रसिद्ध हास्य अभिनेता गोवर्धन असरानी का सोमवार शाम 84 साल की उम्र में निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार भी शाम को सांताक्रूज श्मशान घाट पर किया गया। गोवर्धन असरानी की सेहत ठीक नहीं थी, वे पिछले करीब पांच दिन से अस्पताल में थे।

    असरानी भारतीय सिनेमा के सबसे लंबे समय तक सक्रिय हास्य कलाकारों में से एक थे। पांच दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने 350 से अधिक फिल्मों में काम किया। उन्होंने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई), पुणे से एक्टिंग सीखी और अपने हुनर ​​को निखारा। इसके बाद उन्होंने 1960 के दशक के मध्य में हिंदी फिल्म जगत में प्रवेश किया। 1970 और 1980 के दशक में वह हिंदी सिनेमा का एक प्रमुख चेहरा बन गए, उनकी कॉमिक टाइमिंग और चेहरे के भाव उन्हें फिल्मों में निर्देशकों का पसंदीदा कलाकार बनाते थे।

    उन्होंने ‘मेरे अपने’, ‘कोशिश’, ‘बावर्ची’, ‘परिचय’, ‘अभिमान’, ‘चुपके-चुपके’, ‘छोटी सी बात’, और ‘रफू चक्कर’ जैसी यादगार फिल्मों में शानदार प्रदर्शन किया। उनकी ‘शोले’ में निभाई गई सनकी जेलर की भूमिका आज भी दर्शकों की यादों में ताजा है। जयपुर के एक सिंधी हिंदू परिवार में जन्मे असरानी ने अभिनय की शुरुआत थिएटर से की थी।

    बॉलीवुड के इस महान कलाकार की विदाई ने सिनेमा जगत में एक बड़ा खालीपन छोड़ दिया है।

    #bollywood #pmo #narenderamodi #goverdhanasrani #sadnews #indiancomedy

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    ‘‘पं. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी का हाल भी हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुडा की तरह होने वाला है’’- ऊर्जा अनिल विज

    ‘‘पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुडा ने भी मुझे (अनिल विज) अपने शासनकाल में विधानसभा से बाहर कई बार उठाकर फिंकवाया था’’- अनिल विज

    ममता बैनर्जी का भाजपा के विधायकों को अपने तानाशाही रवैये के कारण उठाकर कर बाहर फिंकवाना प्रजातंत्र के खिलाफ- विज

    तानाशाही रवैये के चलते आज भूपेन्द्र सिंह हुडडा खुडडे लाईन लगे हुए है - विज

    चण्डीगढ, 5 सितंबर- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि ‘‘पं. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी का हाल भी हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुडा की तरह होने वाला है क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुडा ने भी मुझे (अनिल विज) अपने शासनकाल में विधानसभा से बाहर कई बार उठाकर फिंकवाया था तो ऐसे ही अब ममता बैनर्जी भाजपा के विधायकों को अपनी तानाशाही रवैये के कारण उठाकर कर बाहर फिंकवा रही है। जबकि ये प्रजातंत्र के खिलाफ है’’। श्री विज ने कहा कि ‘ऐसे तानाशाही रवैये के चलते आज भूपेन्द्र सिंह हुडडा खुडडे लाईन लगे हुए है और यही हाल ममता बैनर्जी का होने वाला है’’।

    श्री विज आज मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे।

    कोलकता में विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा के विधायकों को मार्शलों द्वारा घसीटकर बाहर निकाले जाने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में श्री विज ने कहा कि देश में प्रजातांत्रिक व्यवस्था में शासन प्रणाली को अंगीकार किया गया है, लेकिन देश में कुछ राजनीतिक दलों में प्रजातंत्र नहीं हैं और न हीं वे दल प्रजातंत्र को बर्दाश्त करते हैं। जबकि चुने हुए विधायकों को विधानसभा में अपनी बात रखने का अधिकार है परंतु तानाशाही प्रवृति के लोग इसको बर्दाश्त नहीं रख सकते हैं और ऐसे विधायकों की बात को सुनना नहीं चाहते हैं।

    अनिल विज ने कहा कि ऐसे ही, ममता बैनर्जी ने भाजपा के विधायकों को मार्शलों के द्वारा विधानसभा से बाहर फिंकवाया हैं जोकि प्रजातंत्र के विरूद्ध है। उसी प्रकार, जब भूपेन्द्र सिंह हुडा हरियाणा के मुख्यमंत्री होते थे, तब मुझे भी कई बार विधानसभा से बाहर उठाकर फिंकवाया हैं और आज हुडा का हाल देख लो आज खुडे लाईन लगे हुए है और यही हाल ममता बैनर्जी का होने वाला है

    #anilvij #bhupinderhooda #congress #bjp #mamtabanerjee #westbengal

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    गुजरात के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की

    आरएस अनेजा, 04 सितम्बर नई दिल्ली

    गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इस मुलाकात की जानकारी स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक्स पर पोस्ट कर दी गई है।

    #Bhupendrapbjp #narendramodi

    @CMOGuj


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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के हंसलपुर में ग्रीन मोबिलिटी पहल का उद्घाटन किया

    आरएस अनेजा, 26 अगस्त नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के हंसलपुर में ग्रीन मोबिलिटी पहल का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि गणेशोत्सव के उल्लास के बीच, भारत की 'मेक इन इंडिया' यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के साझा लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण छलांग है।

    मोदी ने कहा कि आज से भारत में निर्मित इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्यात 100 देशों को किया जाएगा। उन्होंने देश में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड निर्माण की शुरुआत की भी घोषणा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन भारत-जापान मैत्री को एक नया आयाम देगा। उन्होंने भारत के सभी नागरिकों, जापान और सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन को हार्दिक बधाई दी।

    उन्होंने कहा कि उन्हें मारुति सुजुकी इंडिया के लिए ओसामु सुजुकी द्वारा देखे गए विजन के व्यापक विस्तार को देखकर प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि मारुति सुजुकी जैसी कंपनियां प्रभावी रूप से मेक इन इंडिया की ब्रांड एंबेसडर बन गई हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) का सबसे महत्वपूर्ण घटक बैटरी है और कुछ साल पहले तक भारत में बैटरियां पूरी तरह से आयातित होती थीं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन कई चुनौतियों का ठोस समाधान पेश करते हैं।

    मोदी ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा और स्वच्छ गतिशीलता भारत के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं ऐसे प्रयासों के माध्यम से भारत तेजी से स्वच्छ ऊर्जा और स्वच्छ गतिशीलता के लिए एक विश्वसनीय केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अपने विनिर्माण क्षेत्र को कुशल और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए औद्योगिक गलियारे विकसित किए जा रहे हैं और साथ ही देश भर में प्लग-एंड-प्ले बुनियादी ढांचा और लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों के निर्माताओं को उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना के तहत लाभ प्रदान किए जा रहे हैं।

    #pmo #narenderamodi #gujrat

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    भारतीय रेलवे रिकॉर्ड 380 गणपति स्पेशल ट्रेन ट्रिप्स का संचालन करेगा

    आरएस अनेजा, 22 अगस्त नई दिल्ली

    भारतीय रेलवे ने 2025 के लिए 380 गणपति स्पेशल ट्रेन ट्रिप्स (फेरों) की घोषणा की है, जो अब तक की सर्वाधिक संख्या है। इस कदम का उद्देश्य त्योहार के मौसम में श्रद्धालुओं और यात्रियों को आरामदायक और सुगम यात्रा उपलब्ध कराना है। वर्ष 2023 में कुल 305 गणपति स्पेशल ट्रेन ट्रिप्स का संचालन किया था जबकि 2024 में यह संख्या बढ़कर 358 हो गई।

    महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र में भारी त्योहारी यात्रा मांग को देखते हुए मध्य रेलवे सबसे अधिक 296 सेवाएं संचालित करेगा। पश्चिम रेलवे 56, कोंकण रेलवे (केआरसीएल) 6, और दक्षिण पश्चिम रेलवे 22 गणपति स्पेशल फेरों का संचालन करेगा।

    कोंकण रेलवे पर चलने वाली गणपति स्पेशल ट्रेनों के पड़ाव कोलाड, इंदापुर, मानगांव, गोरेगांव रोड, वीर, सापे वार्मने, करंजडी, विन्हेरे, दीवानखावटी, कलांबनी बुद्रुक, खेड़, अंजनी, चिपलुन, कामथे, सावरदा, अरावली रोड, संगमेश्वर रोड, रत्नागिरी, अदावली, विलावडे, राजापुर रोड, वैभववाड़ी रोड, नंदगांव रोड, कंकावली, सिंधुदुर्ग, कुदाल, जराप, सावंतवाड़ी रोड, मदुरे, थिविम, करमाली, मडगांव जंक्शन, कारवार, गोकामा रोड, कुमता, मुर्देश्वर, मूकाम्बिका रोड, कुंडापुरा, उडुपी, मुल्की और सुरथकल में बनाए गए हैं।

    गणपति पूजा 27 अगस्त से 6 सितंबर 2025 तक मनाई जाएगी। त्योहारी भीड़ को पूरा करने के लिए, गणपति स्पेशल ट्रेनें 11 अगस्त 2025 से चल रही हैं, और जैसे-जैसे त्योहार नजदीक आ रहा है, सेवाओं को लगातार बढ़ाया जा रहा है।

    स्पेशल ट्रेनों का विस्तृत कार्यक्रम आईआरसीटीसी की वेबसाइट, रेलवन ऐप और कंप्यूटरीकृत पीआरएस पर उपलब्ध है।

    भारतीय रेलवे ने कहा है कि वह यात्रियों को सुरक्षित, विश्वसनीय और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, खासकर त्योहारों के दौरान जब मांग अत्यधिक बढ़ जाती है।

    #indianrailways #festivalspecialtrains

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    भारतीय तटरक्षक बल के अगली पीढ़ी के चौथे अपतटीय गश्ती पोत के निर्माण की शुरुआत

    आरएस अनेजा, 20 अगस्त नई दिल्ली

    भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के लिए मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा निर्मित किए जा रहे छह अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोतों (एनजीओपीवी) की श्रृंखला में चौथे जहाज यार्ड 16404 हेतु इस्पात काटने का समारोह 20 अगस्त, 2025 को मुंबई में आयोजित हुआ।

    स्वदेशी तकनीक से अभिकल्पित, विकसित एवं निर्मित ये 117 मीटर लंबे जहाज 23 नॉट तक की गति से चल सकते हैं और इनकी परिचालन सीमा 5,000 समुद्री मील है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-आधारित पूर्वानुमानित रखरखाव प्रणाली, रिमोट पायलटेड ड्रोन, इंटीग्रेटेड ब्रिज सिस्टम और एकीकृत प्लेटफार्म प्रबंधन प्रणाली सहित उन्नत प्रौद्योगिकियों से लैस अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत भारत के विशाल समुद्री क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए भारतीय तटरक्षक की क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएंगे।

    इसमें 11 अधिकारियों और 110 कर्मियों के रहने की क्षमता भी होगी। 20 दिसंबर, 2023 को ‘खरीदें (भारतीय-आईडीडीएम)’ श्रेणी के तहत अनुबंधित अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत परियोजना सरकार के आत्मनिर्भर भारत दृष्टिकोण के साथ पूरी तरह से मेल खाती है।

    #mod #indiannavy

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    प्रधानमंत्री ने झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन के निधन पर शोक व्यक्त किया

    आरएस अनेजा, 04 अगस्त नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन जी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मोदी ने आदिवासी समुदायों, गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने के उनके जुनून की सराहना की।

    एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा:

    "श्री शिबू सोरेन जी ज़मीन से जुड़े नेता थे, जिन्होंने लोगों के प्रति अटूट समर्पण के साथ सार्वजनिक जीवन में ऊंचाइयों को छुआ। वे आदिवासी समुदायों, गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने के लिए विशेष रूप से समर्पित थे। उनके निधन से मुझे गहरा दुःख हुआ है। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी से बात की और संवेदना व्यक्त की। ॐ शांति।"

    #pmmodi #pmo

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    रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वडोदरा, गुजरात स्थित एल्सटॉम के सावली संयंत्र का दौरा किया

    आरएस अनेजा, 28 जुलाई नई दिल्ली

    रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वडोदरा, गुजरात स्थित एल्सटॉम के सावली संयंत्र का दौरा किया, जो भारत में रेलवे वाहनों के निर्माण का एक प्रमुख केन्‍द्र है। उन्होंने सावली संयंत्र में एल्सटॉम के संचालन की समीक्षा की और रखरखाव प्रक्रियाओं का गहन मूल्यांकन किया।

    उन्होंने प्रत्येक ऑर्डर के लिए विशिष्‍ट व्‍यवसाय की जरूरतों को तैयार करने की एल्सटॉम की कार्यप्रणाली की सराहना की - एक ऐसा नवाचार जिसका भारतीय रेलवे अनुसरण कर सकता है - और एक रचनात्मक एवं सहयोगात्मक ढाँचे के माध्यम से गति शक्ति विश्वविद्यालय के साथ एक संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित करने का प्रस्ताव रखा।

    सावली इकाई ने जर्मनी, मिस्र, स्वीडन, ऑस्ट्रेलिया और ब्राज़ील सहित कई देशों को 3,800 से ज़्यादा बोगियों का सफलतापूर्वक निर्यात किया है, साथ ही वियना, ऑस्ट्रिया को 4,000 से ज़्यादा फ्लैटपैक (मॉड्यूल) भी उपलब्ध कराए हैं। मनेजा इकाई ने विभिन्न वैश्विक परियोजनाओं को 5,000 से ज़्यादा संचालन शक्ति प्रणालियाँ निर्यात करके महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

    भारत वर्तमान में 27 अंतर्राष्ट्रीय सिग्नलिंग परियोजनाओं का नेतृत्व कर रहा है और दुनिया भर में 40 अतिरिक्त परियोजनाओं को सहायता प्रदान कर रहा है। बैंगलोर का डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर दुनिया भर में 120 से अधिक परियोजनाओं में सहयोग करके नवाचार को बढ़ावा दे रहा है, और आईओटी, एआई ब्लॉकचेन और साइबर सुरक्षा का उपयोग करके अगली पीढ़ी की सिग्नलिंग पर ध्यान केन्‍द्रित कर रहा है।

    #indianrailways #railministry #ashwanivashnav