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04/07/25कावड यात्रा के संबंध में हमारी सरकार ने पूरा ध्यान रखा हुआ है और इसके लिए पुलिस इत्यादि का प्रबंध किया गया - ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज
लोग काफी श्रद्धा भावना के साथ कावड यात्रा में शामिल होते हैं- अनिल विज
हिन्दुस्तान भावना प्रधान देश है, किसी भी धर्म के लोगों की भावना में विघ्न न हो, यह हर सरकार का दायित्व है - विज
अंबाला से मुलाना तक महिलाओं के लिए अलग से बस चलाने के निर्देश दिए- विज
अम्बाला/चण्डीगढ, 4 जुलाई- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि कावड यात्रा के संबंध में हमारी सरकार ने पूरा ध्यान रखा हुआ है और इसके लिए पुलिस इत्यादि का प्रबंध किया गया है ताकि कावंडी सकुशल अपने गंतव्य तक पहुंचे।
मंत्री अनिल विज आज मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
कावड यात्रा व कांवडियों के लिए परिवहन विभाग की ओर से किए जाने वाली व्यवस्थाओं के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि लोग काफी श्रद्धा भावना के साथ कावड यात्रा में शामिल होते हैं क्योंकि यह हमारी धार्मिक प्रक्रियाओं का साधन है और लोगों की आस्था भी है।
उन्होंने कहा कि हिन्दूस्तान भावना प्रधान देश है और इसमें लोगों की भावना है, इसलिए इस देश में किसी का कोई भी धर्म हो, उसमें कोई भी विघ्न न हो, इसके लिए हर सरकार का दायित्व है।
अंबाला से मुलाना तक चलाई जाने वाली महिलाओं के लिए बस के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अंबाला से मुलाना काफी संख्या में लोगों का आवागमन रहता है और इनमें महिलाओं की संख्या बहुत ही ज्यादा होती है। इसलिए महिलाओं के लिए एक अलग से बस चलाने की मांग हो रही थी जिसके लिए उनके द्वारा आदेश दिए गए हैं कि इस बस का शुरू कर दिया जाए।
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हरियाणा श्रम विभाग में करोड़ों का घोटाला उजागर मंत्री अनिल विज ने दिए कार्यवाही के आदेश
अनिल विज अंबाला छावनी 04 जुलाई 2025
अनिल विज श्रम मंत्री की अध्यक्षता में दिनांक 21.04.2025 को सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की मीटिंग के दौरान यह मामला सामने आया कि मजदूरों की 90 दिनंों की वर्क स्लिप का जो सत्यापन किया गया उसमें अगस्त 2023 से मार्च 2025 के बीच 1196759 मजदुरों की वर्क स्लिप का सत्यापन किया गया। इस अवधि के दौरान जिला हिसार के दौरान 145582 वर्क स्लिप सत्यापित की गई । ग्राम सचिव राजेन्द्र सिंह के द्वारा अकेले 84741 आवेदनों को इन 3 मास में सत्यापित किया गया। इसी ग्राम सचिव द्वारा 2646 वर्क स्लिप एक दिन में सत्यापित की गई है। श्रम निरिक्षक फरीदाबाद द्वारा 2702 वर्क स्लिप सत्यापित की गई है ।
जोकि मुमकिन प्रतीत नही होता है ऐसा लगता है कि इसमें ज्यादातर वर्क स्लिप का सत्यापन फर्जी प्रतीत होता है और इसमें भ्रष्टाचार होने की सभावना हो सकती है। जिसमें मध्यनजर अनिल वीज के द्वारा मिटिंग के दौरान तीन सदस्यों की एक कमेटी का गठन किया गया जिनमें श्री अजमेर सिंह देसवाल, सयुक्त सचिव सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड, सुनील ढिल्लों, सदस्य व भुपिन्द्र शर्मा, सदस्य को शामिल किया गया था। इन द्वारा 6 जिलों (हिसार, कैथल, जीन्द, सिरसा, फरीदाबाद और भिवानी)की 03 मास (01 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025)के दौरान सत्यापित की गई वर्क स्लिपों की जांच की गई जिसमें काफी अनियमितयाएं पाई गई। जैसे कि । इस रिपोर्ट के अवलोकन से प्रतीत होता है कि इनमें से ज्यादातर वर्क स्लिप फर्जी कमागारों की बनाई गई है। और ये रजिस्टर्ड वर्कर विभाग की विभिन्न स्कीमों का लाभ भी उठा रहे है। जिससे विभाग को कई सौ करोड रूपये की वित्तिय हानि हुई है।
श्रम मंत्री अनिल विज ने जांच रिपोर्ट के अनुसार अनियमितता एंव गैर कानूनी कृत्य हेतु जिम्मेदार सभी अधिकारी व कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने के आदेश दिए और संबंधित विभाग के सक्षम प्राधिकारी को निर्देशित किया इनके विरूद्ध आपराधिक अभियोजन की प्रक्रिया शुरू करने के आशय से महाधिवक्ता की राय प्राप्त करते हुए अपराधिक कार्यवाही की जाये।
चूंकि श्रम विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण वर्क‑स्लिप की जांच करने हेतु, प्रदेश के सभी उपायुक्तों को तीन सदस्यी समिति गठित करने हेतु निर्देशित किया जाये, जिसमें श्रम विभाग का प्रतिनिधि व दो अन्य राजपत्रित नामित स्वतंत्र सदस्य हों। यह समिति राज्य के प्रत्येक गांव/शहर मेे भौतिक सत्यापन करके पंजीकरण प्रक्रिया व कार्य रसीद सत्यापन हेतु अपनाए गए मापदंडों को जांचने का कार्य करेगी। कथित समिति जांच रिपोर्ट 03 माह में प्रस्तुत करेगी।
इसके अतिरिक्त जाँच पूरी होने तक समस्त प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (क्ठज्) भुगतान न किया जाए ।
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04/07/25
Prime Minister arrives in Port of Spain on his State Visit to Trinidad and Tobago
Prime Minister Shri Narenda Modi arrived today in Port of Spain on a State Visit to the Republic of Trinidad & Tobago (T&T) from 3-4 July, 2025. This is the first bilateral visit by an Indian Prime Minister to T&T since 1999. In a special gesture, emblematic of the close ties between the two countries, on his arrival at the airport in Port of Spain, Prime Minister was received by H.E. Mrs. Kamla Persad-Bissessar, the Prime Minister of Trinidad & Tobago along with members of her Cabinet and several other dignitaries. Prime Minister was accorded a ceremonial Guard of Honour and welcomed with special cultural performances.
On his arrival at the hotel, Prime Minister received a rousing welcome from the members of the Indian diaspora in T&T in the presence of several Cabinet Ministers of the country. -
04/07/25ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज राज्यमंत्री ने किया शिविरों का अवलोकन
एन.एस. बाछल, 04 जुलाई, जयपुर।
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने गुरूवार को सिरोही में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाडे के तहत बागसीन व अरठवाडा में आयोजित शिविरों का अवलोकन किया।
राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने आमजन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा इन शिविरों में विभिन्न विभागों के कार्यों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इन विभागों में राजस्व, शिक्षा, पशुपालन, डिस्कॉम, पीएचईडी, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, रसद, कृषि सहित विभिन्न विभाग सम्मिलित है। जिनमें बिजली के झुलते तारों को खिचवाना, लंबित नल कनेक्शन शीघ्र जारी करना, लंबित नामान्तरणों का निस्तारण, रास्ते के प्रकरणों का निस्तारण, नर्सरियों से पौधों का वितरण, आयुष्मान कार्ड वितरण, एनसीडी स्क्रीनिंग, टीकाकरण, मंगला पशु बीमा का लाभ, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों का सत्यापन सहित विभिन्न कार्य करवाएं जा रहे है।
उन्होंने प्रत्येक आमजन से इन शिविरों के तहत करवाएं जा रहे कार्यों का लाभ उठाने एवं अन्य को भी प्रेरित करने की बात कही। उन्होंने शिविर में मौजूद विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों से आमजन की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने और राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप राहत पहुचाने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने इस दौरान वहां मौजूद ग्रामीणों से संवाद भी किया तथा उनके द्वारा बताई गई समस्याओं के संबंध में संबंधित अधिकारियों को उचित कार्यवाही के लिए निर्देशित किया। शिविर के दौरान राज्य मंत्री देवासी सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों द्वारा विभिन्न लाभार्थियों को कार्यों से संबंधित दस्तावेजों तथा पट्टे स्वीकृतियां आदि का वितरण किया गया।
वहीं राज्यमंत्री देवासी व सांसद लुम्बाराम चौधरी ने सिरोही में रामदेव मंदिर परिसर में भील समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की तथा वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
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04/07/25आत्महत्या की घटनाओं पर रोकथाम के लिए चलाया जाएगा गेटकीपर कार्यक्रम तीन दिवसीय मास्टर ट्रेनिंग कार्यक्रम प्रारम्भ
एन.एस. बाछल, 04 जुलाई, जयपुर।
प्रदेश में संचालित निरामय राजस्थान अभियान में मानसिक स्वास्थ्य की आवश्यकता को जरूरी मानकर इस विषय को प्रमुखता से शामिल किया गया है। समाज में बढ़ती जा रही आत्महत्या की घटनाओं की रोकथाम के लिये प्रदेश में गेटकीपर कार्यक्रम संचालित किया जाएगा, जिसके शुरुआती चरण में मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण शुरू किया गया है। इसके बाद ट्रेनर्स जिलों और ब्लॉक स्तर के कार्मिकों को प्रशिक्षण देंगे।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव ने राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रकोष्ठ एवं नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हैल्थ एंड न्यूरो साइंसेज के एन-स्प्रिट केन्द्र के सहयोग से राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान में गुरूवार से आयोजित मास्टर्स ट्रेनर्स के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में गेटकीपर कार्यक्रम के तहत लोगों में आत्महत्या या स्वयं को क्षति पहुंचाने के मामलों के लिए मनोवैज्ञानिक तरीके विषय पर तकनीकी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
मिशन निदेशक ने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत हताश और निराश तथा आत्महत्या की सोच रखने वाले व्यक्तियों को गेटकीपर के रूप में आसानी से प्रभावी मोटिवेटर उपलब्ध होंगे, जिनकी मदद से अवसाद से घिरे व्यक्ति को सही समय पर सही मार्गदर्शन मिल सकेगा और आत्महत्या का कारण बनने वाली समस्या के निराकरण में बड़ी मदद मिल सकेगी।
अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी. शुभमंगला ने कहा कि मानसिक बीमारियां तेजी से बढ़ने लगी हैं। तनाव के विभिन्न कारण ऐसे भी हैं,जिन्हें पहचानने की क्षमता व्यक्ति में है तो वह अपने स्तर पर प्रबंधन कर निजात पा सकता है। आत्महत्या रोकथाम में स्ट्रेस मैनेजमेंट बड़ी भूमिका निभाएगा। मनदर्पण, टेलीमानस, गेटकीपर प्रोग्राम आदि नवाचार गतिविधियों द्वारा मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम को प्रदेश में और सुदृढ़ किया जा रहा है। इस कार्यशाला में जिलों में संचालित मानसिक स्वास्थ्य इकाई, चिकित्सकगण एवं कार्मिक हिस्सा ले रहे हैं। विभिन्न तनकीकी सत्रों के माध्यम से सेल्फ हार्म या सुसाइड की स्थिति में किए जाने वाले इंटरवेंशन पर विस्तार से आवश्यक जानकारी प्रदान की जाएगी।
प्रशिक्षण कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर एसएसएम मनोचिकित्सा केंद्र के अधीक्षक डॉ ललित बत्रा, निदेशक सीफू डॉ एसएस अग्रवाल, यूनिसेफ के हेल्थ स्पेशलिस्ट डॉ. अनिल अग्रवाल, एसएनओ मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम डॉ. सांवरमल स्वामी आदि मौजूद थे।
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04/07/25विधान सभा अध्यक्ष का रामचन्द्र मिशन द्वारा अभिनंदन, जैव विविधिता के लिये राजस्थान में रामचन्द्र मिशन द्वारा कार्य किये जाने की पहल
एन.एस. बाछल, 04 जुलाई, जयपुर।
राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से गुरूवार को विधान सभा में रामचन्द्र मिशन के प्रतिनिधि दल ने मुलाकात की। प्रतिनिधि दल में मिशन के राज्य समन्वयक श्री विकास मोगे, अजमेर जोन समन्वयक कर्नल अमर सिंह, डूंगरपुर-बांसवाडा जोन समन्वयक मुकेश पटेल, जयपुर सेंट्रल समन्वयक राकेश भारद्वाज और अभयासी के.के.शर्मा ने अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का शोल ओढ़ाकर और पुष्प गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। वासुदेव देवनानी को प्रतिनिधि दल ने मिशन का साहित्य और पदम भूषण कमलेश डी पटेल का मुख्यालय में आने का निमंत्रण पत्र भेंट किया।
विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को प्रतिनिधि दल ने बताया कि गैर लाभकारी संगठन —
रामचन्द्र मिशन और 1945 में स्थापित हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट ध्यान के माध्यम से मानव जीवन में नव संचार लाने का काम कर रहे है साथ ही पृथ्वी की प्राकृतिक सुंदरता और अखण्डता की रक्षा करने का भी प्रयास किया जा रहा है। दल ने 21 दिसम्बर को विश्व ध्यान दिवस विधान सभा में मनाये जाने का अनुरोध किया।
विधान सभा अध्यक्ष देवनानी को प्रतिनिधि दल ने बताया कि 2020 में पदम भूषण कमलेश डी पटेल ने हैदराबाद के पास 1400 एकड़ के क्षेत्र में संगठन का मुख्यालय कान्हा शांति वनम् स्थापित किया। संस्था के स्वयंसेवकों ने 2014 में दक्कन के पठार की बंजर भूमि पर काम करना शुरू किया, जिसका एकमात्र उद्देश्य इस जगह को हरा-भरा बनाना था जो कि "हरिता हरम" कार्यक्रम के अनुरूप है, जिसे तेलंगाना राज्य सरकार ने भी शुरुआत से ही लगातार जारी रखा, परिणामस्वरूप, कान्हा शांति वनम् को पर्यावरणीय प्रयासों के लिए बार-बार "हरिता हरम" पुरस्कार और मान्यता से सम्मानित किया गया है। देश के विभिन्न स्थानों पर सड़कों की विस्तारिकरण परियोजनाओं के तहत 1000 से अधिक विकसित पेड़ों को नष्ट होने से बचाकर कान्हा शांति वनम् में स्थानांतरित किया गया।
विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को प्रतिनिधि दल ने बताया कि प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अरावली पर्वत श्रृंखला की 750 कि.मी. बंजर भूमि और वडनगर को विकसित करने के लिए आमंत्रित किया है, जिसकी प्रक्रिया प्रगति पर है। विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को प्रतिनिधि दल ने बताया कि विश्व के 160 देशों में 16,000 प्रशिक्षकों के नेटवर्क द्वारा 10 मिलियन से अधिक लोगों को ध्यान के अभ्यास से लाभान्वित किया है। 16,000 प्रशिक्षक और हज़ारों स्वयं सेवक जो साइलेंट चेंजमेकर, दाजी के दृष्टिकोण को साकार करने में मदद करने के लिए निःस्वार्थ भाव से काम कर रहे हैं।
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04/07/25सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने देखी विधान सभा — सोशल मीडिया पर पॉजिटीव डोमिनेन्ट करो, नेगेटिविटी हावी ना होने दे
एन.एस. बाछल, 04 जुलाई, जयपुर।
राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का आव्हान किया है कि वे परिवार, समाज, प्रदेश और देश को देने वाले सोशल मीडिया कन्टेन्ट पर गंभीर चिन्तन करें। इन कन्टेन्टस का युवा पीढ़ी पर गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर पॉजिटिव को डोमिनेन्ट करो और नकारात्मक बातों को हावी ना होने दो। आज का युग नया युग है। सोशल मीडिया प्रभावशाली है। वैज्ञानिक युग में मोबाइल से आई क्रान्ति ने सूचना तकनीकी को बढ़ावा दिया है। इससे अनेक क्षेत्रों में परिवर्तन आ रहे है।
सकारात्मक वातावरण बनाने वाले कन्टेन्टस अपलोड करें- राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी गुरूवार को विधान सभा में प्रदेश के विभिन्न स्थानों से राजस्थान विधान सभा के भवन, सदन और राजनैतिक आख्यान संग्रहालय को देखने आए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से अपेक्षा की है कि राष्ट्र पर गर्व की अनुभूति, महिला सम्मान को बढ़ावा और युवाओं में कुण्ठा दूर करने वाले कन्टेन्टस को सोशल मीडिया पर अधिक से अधिक अपलोड करें ताकि समाज में सकारात्मक वातावरण बन सके।
कन्टेन्टस अपलोड करने से पहले सोचे-
वासुदेव देवनानी ने कहा कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स सोशल मीडिया के लीडर्स है। उनके द्वारा सोशल मीडिया पर अपलोड किये जाने वाले कन्टेन्ट का लोगों पर प्रभाव पडता है। उन्हें नेशन फर्स्ट का ध्यान रखना होगा। भारतीय इतिहास पर गर्व की अनुभूति वाले कार्यों को प्रसारित करना होगा। राष्ट्र के अनुशासन, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, सामाजिक बुराइयों और युवाओं को प्रेरणा देने वाले कन्टेन्टस पर अपलोड करने से पहले चिन्तन करना होगा। विभिन्न विषयों का अध्ययन का विश्लेषण अवश्य करें। वासुदेव देवनानी ने रामचरित मानस और गीता के अध्ययन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए भी कहा।
नवाचार करना उनका स्वभाव-
राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि नवाचार करना उनका स्वभाव है। उन्होंने कहा कि विधान सभा की डायरी का विक्रम संवंत से प्रकाशन, महापुरूषों के चित्रों का डायरी और कैलेण्डर में समावेश, म्यूजियम में संविधान दीर्घा का निर्माण, गुलाबी नगर की तर्ज पर गुलाबी सदन, पेपर लैस सदन सहित अनेक नवाचार विधान सभा में किये है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने विधान सभा के ऐतिहासिक सदन, भवन और विधान सभा म्यूजियम का अवलोकन किया। राजस्थान की लोकतांत्रिक परंपरा, संविधान निर्माण की प्रक्रिया, तथा विभिन्न ऐतिहासिक दस्तावेजों और दुर्लभ चित्रों को देखा। इस मौके पर राजस्थान विधान सभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा, अविनाश जोशी, हिरेन्द्र कौशिक, अजय विजयवर्गीय सहित अनेक व्यक्ति मौजूद थे।
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04/07/25कड़ी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा के लिए दूसरा जत्था रवाना
आरएस अनेजा, 04 जुलाई नई दिल्ली
अमरनाथ यात्रा के लिए तीर्थ यात्रियों का दूसरा जत्था वीरवार को जम्मू से रवाना हुआ जिसमें 5246 तीर्थयात्री शामिल रहे। इन तीर्थयात्रियों को कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू के कैनाल रोड स्थित भगवती नगर से घाटी के लिए भेजा गया।
बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए तीर्थयात्रियों में उत्साह दिखा। यात्रा के लिए सरकार की ओर से सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्था को लेकर व्यापक स्तर पर प्रबंध किए गए हैं। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से श्रद्धालुओं को यह सलाह दी गई है कि वो सिर्फ सुरक्षा काफिले के साथ ही जम्मू से घाटी की ओर यात्रा करें और अकेले न निकलें। अमरनाथ यात्रा 36 दिनों तक चलेगी और इस बार इसका समापन 9 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के दिन होगा।
वहीं, देशभर से भारी संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए घाटी में पहुंच रहे हैं। यहां पर बेस कैंप एवं अन्य स्थानों पर व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं।
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04/07/25लंदन में आयोजित हुआ 12वां ‘भारत गौरव अवार्ड’ समारोह , प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी और प्रभावी विदेश नीति ने भारत को वैश्विक मंच पर दी नई पहचान
एन.एस. बाछल, 04 जुलाई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी और प्रभावी विदेश नीति ने भारत को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दी है। उनकी कुशल कूटनीति और नेतृत्व ने भारत को विश्व के सबसे शक्तिशाली और सम्मानित देशों की श्रेणी में ला खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि देश की अनमोल प्रतिभाओं ने अपने कार्यों से भारत की ताकत और संभावनाओं से विश्व को परिचित करवाया है।
भजनलाल शर्मा ने लंदन के समय अनुसार गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर देर रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लंदन में यूके की संसद के हाउस ऑफ कॉमन्स में संस्कृति युवा संस्था द्वारा आयोजित 12वें ‘भारत गौरव अवार्ड’ समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल भारतीय प्रतिभाओं के सम्मान का उत्सव ही नहीं, बल्कि भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच मजबूत और सौहार्दपूर्ण संबंधों का भी प्रतीक है।
प्रदेश राइजिंग राजस्थान से लिख रहा विकास की नई गाथा
मुख्यमंत्री ने कहा कि समृद्ध संस्कृति, आतिथ्य और गौरवशाली इतिहास के लिए दुनिया भर में विख्यात हमारा प्रदेश “राइजिंग राजस्थान” पहल के माध्यम से विकास की नई गाथा लिख रहा है। 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों ने राज्य में रोजगार और समृद्धि की अपार संभावनाएं बनाई हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में राजस्थान ने निवेश, नवाचार और समावेशी विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है।
राजस्थान में विकास की अपार संभावनाएं
भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में विकास की अपार संभावनाएं हैं। खनन, पर्यटन और उद्योग सेक्टर में राजस्थान आगे बढ़ रहा है। यहां शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महल, किले, हवेलियों की भव्यता और गौरवशाली इतिहास को देखने के लिए दुनियाभर से पर्यटक यहां आते हैं। वहीं धार्मिक स्थलों, अभ्यारण्यों व रेगिस्तानी क्षेत्र में भी पर्यटन का तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि प्रवासी भाई-बहन राजस्थान आएं और यहां निवेश कर विकास यात्रा का हिस्सा बनें। उनका योगदान राजस्थान को नई उंचाईयों पर ले जाएगा। साथ ही, भारत के वैश्विक नेतृत्व को और अधिक सशक्त बनाएगा।
भारत गौरव अवार्ड वैश्विक मंच पर हमारी बढ़ती ताकत का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने समारोह में सम्मानित प्रतिभाओं को बधाई देते हुए कहा कि ‘भारत गौरव अवार्ड’ समारोह देश की असीम संभावनाओं, हमारी एकता और वैश्विक मंच पर हमारी बढ़ती ताकत का प्रतीक है। उल्लेखनीय है कि संस्कृति युवा संस्थान द्वारा आयोजित इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर और दुपट्टा ओढ़ाकर भारत गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस दौरान विश्व के 18 देशों से आए प्रतिनिधियों ने समारोह में भाग लिया।
समारोह में लंदन के सांसद नवेंदु मिश्रा, यूनाइटेड किंगडम की पूर्व केन्द्रीय मंत्री और हाउस ऑफ लॉर्ड्स की सदस्य बैरोनेस संदीप वर्मा, हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य रामी रेंजर, लंदन के पूर्व मेयर सुनील चोपड़ा, पूर्व सांसद वीरेंद्र शर्मा, प्रयाग महाकुंभ के सलाहकार राकेश के. शुक्ला, संस्कृति युवा संस्था के अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा सहित गणमान्यजन उपस्थित रहे।
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04/07/25प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने त्रिनिडाड और टोबैगो में भारतीय समुदाय को संबोधित किया
आरएस अनेजा, 04 जुलाई नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज त्रिनिडाड और टोबैगो में भारतीय समुदाय के एक बड़े समूह को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में त्रिनिडाड और टोबैगो गणराज्य की प्रधानमंत्री महामहिम कमला प्रसाद-बिसेसर, उनके मंत्रिमंडल के सदस्य, संसद सदस्य तथा कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कार्यक्रम में, प्रधानमंत्री का प्रवासी समुदाय द्वारा असाधारण गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया तथा उनका रंगारंग पारंपरिक भारतीय-त्रिनिडाडियन स्वागत किया गया।
त्रिनिडाड और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर ने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए घोषणा की कि त्रिनिडाड और टोबैगो उन्हें अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार, "द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिडाड और टोबैगो" प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री ने इस सम्मान के लिए उनके तथा त्रिनिडाड और टोबैगो के लोगों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में त्रिनिडाड और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर को उनके गर्मजोशी भरे स्वागत करने और दोनों देशों के बीच जीवंत और विशेष संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि ऐसे समय में त्रिनिडाड और टोबैगो की उनकी ऐतिहासिक यात्रा, जब देश अपने तटों पर भारतीय प्रवासियों के पहले आगमन की 180 वीं वर्षगांठ मना रहा है, इसे और भी विशेष बनाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय प्रवासियों की उनके सुगम, सांस्कृतिक समृद्धि और त्रिनिडाड और टोबैगो में उनके अपार योगदान की प्रशंसा की।प्रधानमंत्री मोदी ने प्रशंसा करते हुए कहा कि त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय प्रवासी अपनी भारतीय सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं को संरक्षित और पोषित करना जारी रखे हुए हैं। इन संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि अब त्रिनिडाड और टोबैगो में भारतीय मूल के लोगों की छठी पीढ़ी को ओसीआई कार्ड जारी किए जाएंगे। इस विशेष भाव का जोरदार तालियों से स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी बल दिया कि भारत सरकार गिरमिटिया विरासत को पोषित करने के लिए कई पहलों का समर्थन करेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने बुनियादी ढांचे, डिजिटल प्रौद्योगिकियों, विनिर्माण, हरित मार्गों, अंतरिक्ष, नवाचार और स्टार्ट-अप के क्षेत्र में भारत के तेजी से विकास और परिवर्तन का उल्लेख किया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछले एक दशक में भारत ने समावेशी विकास को प्रोत्साहन देने में महत्वपूर्ण प्रगति की है और 250 मिलियन से अधिक लोगों को अत्यधिक गरीबी से बाहर निकाला गया है।
मोदी ने भारत की विकास कहानी के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश शीघ्र ही दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो जाएगा। प्रधानमंत्री ने बल देकर कहा कि आर्टिफ़िशियल इंटैलिजेंस, सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग पर राष्ट्रीय मिशन देश के विकास के नए संचालक बन रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान की सफलता का उल्लेख करते हुए आशा व्यक्त की कि त्रिनिदाद और टोबैगो में भी इसे अपनाना समान रूप से उत्साहजनक होगा। मोदी ने भारत के सदियों पुराने दर्शन वसुधैव कुटुम्बकम, जिसका अर्थ है कि दुनिया एक परिवार है, को कोविड महामारी के दौरान स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करते हुए प्रगति और राष्ट्र निर्माण की दिशा में टीएंडटी को निरंतर समर्थन देने की पेशकश की।
इस भव्य कार्यक्रम में 4000 से अधिक लोगों ने भाग लिया और महात्मा गांधी सांस्कृतिक सहयोग संस्थान और अन्य संगठनों के कलाकारों द्वारा एक आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
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04/07/25भारतीय आम के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अबू धाबी में 'इंडियन मैंगो मेनिया 2025' का आयोजन
आरएस अनेजा, 04 जुलाई नई दिल्ली
कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने भारतीय कृषि उत्पादों, विशेष रूप से आमों की वैश्विक उपस्थिति को बढ़ाने के लिए अबू धाबी में आम संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम में 'भारतीय मैंगो मेनिया 2025' यूएई में स्थित भारतीय दूतावास और लुलु समूह के सहयोग से आयोजित एक जीवंत इन-स्टोर आम उत्सव की शुरुआत की गई। आम के शीर्ष मौसम में आयोजित इस संवर्धन का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ताओं, विशेष रूप से यूएई और खाड़ी क्षेत्र में व्यापक स्तर पर फैले भारतीय प्रवासियों को भारत की उत्कृष्ट आम किस्मों को प्रदर्शित करना है।
प्रदर्शित भारतीय आम की उम्दा किस्मों में जीआई-टैग और क्षेत्रीय विशिष्टताएं जैसे बनारसी लंगड़ा, दशहरी, चौसा, सुंदरजा, आम्रपाली, मालदा, भारत भोग, प्रभा शंकर, लक्ष्मण भोग, महमूद बहार, वृंदावनी, फजली और मल्लिका शामिल हैं।
इस अभियान का आधिकारिक उद्घाटन संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत संजय सुधीर ने लुलु हाइपरमार्केट, खालिदिया मॉल, अबू धाबी में लुलु समूह के अध्यक्ष यूसुफ अली एमए की उपस्थिति में किया। इस कार्यक्रम में भारतीय दूतावास के काउंसलर (व्यापार और निवेश) रोहित मिश्रा, एपीडा के उप महाप्रबंधक डॉ. सीबी सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए संजय सुधीर ने कहा कि लूलू भारतीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण मंच रहा है और एपीडा ने भारतीय आम उत्पादकों को यूएई के बाजारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा, "इस महोत्सव के माध्यम से, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और पूर्वी क्षेत्र जैसे राज्यों के भारतीय आमों की ताज़गी और समृद्धि खाड़ी के पार के घरों तक पहुंचेगी।"
लुलु ग्रुप के अध्यक्ष यूसुफ अली एमए ने भी इन भावनाओं को दोहराया और भारत-खाड़ी बाजार संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए समूह की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने कहा, "यूएई और खाड़ी क्षेत्र में अपनी खुदरा श्रृंखलाओं के माध्यम से भारत के सर्वश्रेष्ठ उत्पादों का प्रदर्शन करने पर लुलु को गर्व है।"
भारत की ओर से एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव ने एक संदेश में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने के लिए एपीडा की प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जिसमें आम जैसे उत्कृष्ट बागवानी उत्पाद शामिल हैं। उन्होंने कहा, "एपीडा ने उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश से आम की विभिन्न किस्मों को हवाई मार्ग से लाने में मदद की है।
यह पहल न केवल भारत की आम विविधता को प्रदर्शित करती है, बल्कि भारतीय उत्पादकों के लिए महत्वपूर्ण निर्यात अवसर भी पैदा करती है और कृषक समुदाय की सहायता करती है।"
ताजे फलों के प्रदर्शन के अतिरक्त, इस संवर्धन कार्यक्रम में आम पर आधारित व्यंजनों का चयन भी सम्मलित था। इसमें शामिल हैं:
बेकरी और मिठाइयां: मैंगो पेस्ट्री, स्विस रोल, डोनट्स, मैकरून, मैंगो ब्रेड और केक
पारंपरिक भारतीय व्यंजन: मंबाझा पायसम, आम पुलाव, आम मछली करी, आम की चटनी, और आम की खिचड़ी
स्नैक्स और सलाद: आम के पकौड़े, चाट, रायता, ट्रॉपिकल सलाद
ग्लोबल फ्यूज़न: मैंगो सुशी, मैंगो-स्टफ्ड चिकन, मैंगो चपली कबाब
अचार और मुरब्बा: आम-खजूर का अचार, लहसुन-आम का अचार, कश्मीरी शैली का अचार
पेय पदार्थ: ताजा आम का जूस, स्मूदी, पल्प, जैम और जेली
यूएई भारतीय आमों के लिए शीर्ष निर्यात गंतव्य बना हुआ है। 2024 में, भारत ने यूएई को 20 मिलियन अमरीकी डॉलर मूल्य के 12,000 मीट्रिक टन से अधिक आमों का निर्यात किया, जो इस भारतीय फसल की मजबूत मांग को दर्शाता है।
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04/07/25प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामी विवेकानंद जी की पुण्य तिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी
आरएस अनेजा, 04 जुलाई नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वामी विवेकानंद जी की पुण्य तिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि हमारे समाज के लिए स्वामी विवेकानंद जी के विचार और दृष्टि हमारे मार्गदर्शक प्रकाशपुंज हैं।
मोदी ने कहा कि उन्होंने हमारे इतिहास और सांस्कृतिक विरासत में गर्व और आत्मविश्वास की भावना जगाई। उन्होंने कहा "मैं स्वामी विवेकानंद जी को उनकी पुण्य तिथि पर नमन करता हूँ। हमारे समाज के लिए उनके विचार और दृष्टि हमारे मार्गदर्शक प्रकाशपुंज हैं। उन्होंने हमारे इतिहास और सांस्कृतिक विरासत में गर्व और आत्मविश्वास की भावना जगाई। उन्होंने सेवा और करुणा के मार्ग पर चलने पर भी बल दिया।"
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04/07/25प्रधानमंत्री त्रिनिदाद और टोबैगो की राजकीय यात्रा पर पोर्ट ऑफ स्पेन पहुंचे, वहां की प्रधानमंत्री को राम मंदिर की प्रतिकृति एवं पवित्र जल भेंट किया
आरएस अनेजा, 04 जुलाई नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी त्रिनिदाद और टोबैगो गणराज्य (टीएंडटी) की राजकीय यात्रा पर आज पोर्ट ऑफ स्पेन पहुंचे।
1999 के बाद से यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की त्रिनिदाद और टोबैगो की पहली द्विपक्षीय यात्रा है। दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों के प्रतीक के रूप में पोर्ट ऑफ स्पेन के हवाई अड्डे पहुंचने पर प्रधानमंत्री का स्वागत त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री महामहिम कमला प्रसाद-बिसेसर ने किया। उनके साथ मंत्रिमंडल के सदस्य और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी थे। प्रधानमंत्री को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उनका स्वागत किया गया।
होटल पहुंचने पर त्रिनिदाद और टोबैगो में प्रवासी भारतीयों ने देश के कई कैबिनेट मंत्रियों की मौजूदगी में प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने सम्मान में आयोजित रात्रिभोज के दौरान प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर को अयोध्या स्थित राम मंदिर की प्रतिकृति भेंट की। उन्होंने सरयू नदी और प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ का पवित्र जल भी दिया।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर द्वारा आयोजित रात्रिभोज में मैंने अयोध्या स्थित राम मंदिर की प्रतिकृति तथा सरयू नदी के साथ-साथ प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ का पवित्र जल भेंट किया। वे भारत तथा त्रिनिदाद और टोबैगो के बीच गहरे सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों के प्रतीक हैं।”
पोर्ट ऑफ स्पेन में आयोजित रात्रिभोज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने त्रिनिदाद के गायक राणा मोहिप से मुलाकात की। मोहिप ने कुछ वर्ष पहले महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में 'वैष्णव जन तो' गाया था।
मोहिप के भारतीय संगीत और संस्कृति के प्रति जुनून की भी प्रधानमंत्री ने गर्मजोशी से सराहना की। उन्होंने कहा "पोर्ट ऑफ स्पेन में आयोजित रात्रिभोज में राणा मोहिप से मुलाकात की, जिन्होंने कुछ वर्ष पहले महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर 'वैष्णव जन तो' गाया था। भारतीय संगीत और संस्कृति के प्रति उनका जुनून सराहनीय है।"
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04/07/25
आज का राशिफल 4 जुलाई 2025, शुक्रवार
:मेष राशि (Aries)
आज का दिन कामकाज के लिहाज से अच्छा है। आप करियर में कुछ ठोस निर्णय ले सकते हैं जिससे भविष्य में फायदा होगा। पुराने प्रोजेक्ट्स पूरे करने के लिए दिन उपयुक्त है। पार्टनरशिप में लाभ मिलेगा और सहकर्मियों से भी सहयोग प्राप्त होगा। विदेशी संपर्कों से भी लाभ के योग हैं। खर्च थोड़ा बना रहेगा, उस पर नियंत्रण रखें।
वृषभ राशि (Taurus)
आज का दिन आपके लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। आपके वो सारे काम बनेंगे जिनके लिए आप इतने दिनों से मेहनत कर रहे थे। जीवनसाथी के साथ रिश्तों में सुधार होगा और माता-पिता का आशीर्वाद मिलेगा। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, जिससे अतिरिक्त परिश्रम करना पड़ेगा। सरकारी क्षेत्र से संबंधित कार्यों में सफलता मिलेगी।
मिथुन राशि (Gemini)
आज का दिन सकारात्मक और लाभदायक रहने वाला है। आप अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहेंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी तत्परता से वरिष्ठ अधिकारी प्रसन्न होंगे। यदि किसी प्रोजेक्ट या सरकारी काम में विलंब हो रहा था, तो आज वह सफलतापूर्वक पूर्ण हो सकता है। किसी को उधार दिया हुआ धन वापस मिलने के योग हैं, जिससे आर्थिक पक्ष मजबूत होगा।
कर्क राशि (Cancer)
आज का दिन सफलताओं और अवसरों से भरा हुआ रहेगा। आर्थिक दृष्टि से दिन लाभदायक है, एक से अधिक स्रोतों से धन लाभ मिल सकता है। पुराने निवेश या अटके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। व्यवसाय में नई डील या साझेदारी का प्रस्ताव आ सकता है। हालांकि, कार्यस्थल पर जल्दबाजी में कोई निर्णय लेने से बचें।
सिंह राशि (Leo)
आज आपका दिन खुशियों भरा रहने वाला है, कोई बड़ा काम पूरा होगा। परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक तौर पर नए आयाम तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे।
कन्या राशि (Virgo)
आज का दिन आपके लिए बेहतरीन साबित होने वाला है। आप अपने व्यापार को एक नए आयाम तक पहुंचाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। जीवनसाथी के साथ रिश्तों में तालमेल बना रहेगा। रोजगार की तलाश में भटक रहे व्यक्तियों को आज किसी अच्छी कंपनी से ऑफर मिल सकता है।
तुला राशि (Libra)
आज का दिन आपके लिए मध्यम फलदायी रहेगा। स्थायी संपत्ति के मामले में आपको बेहद ध्यान रखना होगा। वित्तीय विषय बेहतर रहेंगे और दीर्घकालिक योजनाएं गति लेंगी। करियर से जुड़ी शुभ सूचना मिल सकती है और कारोबार में वृद्धि के योग हैं।
वृश्चिक राशि (Scorpio)
आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। आपको किसी व्यक्ति से धन लाभ होगा और आपका पारिवारिक जीवन खुशनुमा बना रहेगा।
धनु राशि (Sagittarius)
प्रॉपर्टी खरीदते वक्त सावधानी बरतें, जल्दबाजी में निर्णय न लें। आज आपको किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है जो आपके भविष्य के लिए लाभदायक साबित होगी।
मकर राशि (Capricorn)
आज आपकी अधूरी मनोकामना पूरी होगी और बच्चों से अच्छी खबर मिलेगी। कार्यक्षेत्र में आपकी कड़ी मेहनत और लगन से आपको सफलता मिलेगी।
कुंभ राशि (Aquarius)
आज का दिन कुंभ राशि वालों के लिए फलदायी रहेगा। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति मिलने की संभावना है, जिससे वे प्रसन्न रहेंगे। माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा और विद्यार्थियों को परीक्षा के परिणाम मिल सकते हैं।
मीन राशि (Pisces)
आज आपको अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का अवसर मिल सकता है, जो आपके लिए सुखद रहेगा। कार्यक्षेत्र में धैर्य बनाए रखें और जल्दबाजी से बचें।
यह सामान्य राशिफल है। आपकी व्यक्तिगत कुंडली के आधार पर इसमें भिन्नता हो सकती है। अपने दिन को बेहतर बनाने के लिए आप अपनी राशि से संबंधित उपाय कर सकते हैं।
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03/07/25कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल का बड़ा एक्शन, गुहला के तहसीलदार मंजीत मलिक को किया सस्पेंड
चंडीगढ़, 03 जुलाई (अभी) - मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक्शन में कड़ा कदम उठाते हुए गुहला के तहसीलदार मनजीत मलिक को सस्पेंड किया है। मौजूदा हरियाणा सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति और सख्त फैसलों के साथ हरियाणा में मजबूत शासन व्यवस्था देने का संकल्प कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने दोहराया है।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा, हरियाणा में किसी भी भ्रष्ट अधिकारी के लिए जगह नहीं है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हम एक ऐसा प्रशासन देंगे जिसमें आम जनता को किसी भी तरीके से प्रताड़ित न किया जा सके, ये सरकार जवाबदेह और पारदर्शी है मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की स्पष्ट मंशा रही है कि शासन तंत्र का हर हिस्सा ईमानदारी से चले। उसी नीति के तहत तहसीलदार "मंजीत मलिक" को सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार, सस्पेंशन के दौरान मंजीत मलिक का मुख्यालय अंबाला डीसी ऑफिस रहेगा। यहीं से उनकी हाजिरी और जवाबदेही तय की जाएगी।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने इस पर कहा, जो भी ये सोचते हैं कि वे सिस्टम से बच निकलेंगे, उन्हें आज का उदाहरण देख लेना चाहिए। हमारी सरकार में पद का दुरुपयोग नहीं होगा, हम हर कीमत पर आम जनता के अधिकारों की रक्षा करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी नीति सदैव जीरो टॉलरेंस की रही है और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी के नेतृत्व में भय एवं भ्रष्टाचार मुक्त शासन देना ही हमारा लक्ष्य है।
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03/07/25यादविन्द्रा गार्डन में मैंगो मेले की तैयारियां ज़ोर शोर पर, अधिकारियों को व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
चंडीगढ़, 03 जुलाई (अभी) - पिंजौर स्थित यादविन्द्रा गार्डन में 4 से 6 जुलाई तक लगने वाले मैंगो मेला की तैयारियों ज़ोरों शोरों से चल रही है। आज मेले के सफल आयोजन के लिए को लेकर एसडीएम कालका श्री संयम गर्ग ने अधिकारियों के साथ एक बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
श्री गर्ग ने कहा कि सभी विभाग संबंधित कार्यों को जिम्मेदारी के साथ निभाए ताकि मेले का सफल आयोजन हो सके। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय मेला का हरियाणा के हर वर्ष आयोजित होता है और वीरवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मैंगो मेले का उद्घाटन करेंगे।
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मेले में अलग-अलग प्रकार की 500 वेरायटीज के मैंगो की स्टॉल लगाई जाएंगी। इसके अलावा विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि मेले में कानून व्यवस्था बनाए रखने, वाहनों की पार्किंग, स्वास्थ्य सेवाएं, मोबाइल टॉयलेट, मेला परिसर में नियमित फाॅगिंग, पीने के पानी की व्यवस्था के लिए संबंधित विभागों को उचित दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
एसडीएम कालका ने नगर परिषद के अधिकारियों को गार्डन में मेले से पहले पार्किंग और साफ-सफाई की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके साथ ही पानी के टैंकर और पब्लिक व वीआईपी टॉयलेट की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
हरियाणा पर्यटन निगम के महाप्रबंधक श्री आशुतोष राजन ने बताया कि मेले के 32वें संस्करण में विभिन्न गतिविधियां, प्रतियोगिताएं और संध्या के सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। पहले दिन की शुरुआत छात्रों के लिए रंगोली, ड्राइंग, पोस्टर मेकिंग और मैंगो क्विज जैसी प्रतियोगिताओं के साथ होगी। मेले के आकर्षण में और इजाफा होगा, जिसमें डे परफॉर्मेंस और सांस्कृतिक कलाकारों की आकर्षक प्रस्तुतियां होंगी। विभिन्न कलाकारों द्वारा नगाड़ा पार्टी, जंगम पार्टी, बिगपाइपर ग्रुप, बीन पार्टी, इकतारा पार्टी, बहुरूपदर्शक नृत्य और गायन प्रदर्शन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने को मिलेंगे।
मेले के दूसरे दिन 5 जुलाई को सुबह 10.00 बजे से गतिविधियों का नया दौर आयोजित किया जाएगा। छात्रों के लिए ग्रुप डांस, कहानी लेखन प्रतियोगिता, स्लोगन, नेल आर्ट, हैंड राइटिंग जैसी प्रतियोगिताएं होंगी।
तीसरे दिन यानी 6 जुलाई को स्कूल की प्रतियोगिताएं जैसे ग्रुप गायन, ड्राइंग, बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट प्रतियोगिता, मेहंदी प्रतियोगिता और मैंगो ईटिंग प्रतियोगिताएं जारी रहेंगी।
शिल्प बाजार में हथकरघा और हस्तशिल्प का होगा प्रदर्शन
प्रवक्ता ने कहा कि महलों, प्राचीरों और गढ़ों पर विशेष रोशनी से उद्यानों को रोशन किया जाएगा। इन विशेष लाइटों का उपयोग बिजली बचाने और चल रही ‘गो ग्रीन’ पहल में योगदान देने के लिए किया जाता है। भारतीय स्ट्रीट फूड के साथ-साथ पंजाब के स्वाद, दक्षिण की सूक्ष्म सुगंध और चाईनीज के प्राच्य स्वाद सहित स्वादिष्ट व्यंजन परोसने के लिए एक बहु - व्यंजन फूड कोर्ट स्थापित किया जाएगा। इसी प्रकार शिल्प बाजार मेले का एक और अतिरिक्त आकर्षण का केन्द्र होगा। शिल्प बाजार में, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, राजस्थान आदि के शिल्पकारों बुनकरों द्वारा हथकरघा और हस्तशिल्प का प्रदर्शन और बिक्री की जाएगी।
विभिन्न 500 किस्मों के आमों का होगा प्रदर्शन
मैंगो मेला में आम व आम से बने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने के लिए एक आदर्श मंच प्रदान करता है। आम की प्रमुख वाणिज्यिक किस्में जो मेले में प्रतिस्पर्धा करेंगी, उनमें दशहरी, चैसा, लंगड़ा, अमरपाली, बॉम्बे ग्रीन (मालदा), रतोल, मलिका, अंबिका, रामकेला आदि शामिल हैं और इस मेले में देश भर से बड़ी संख्या में आम के उत्पादक भाग लेंगे।
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03/07/25नेहरू सहकार भवन में लगी ‘सहकारिता का सफर: अतीत से वर्तमान तक’ विषय पर प्रदर्शनी, प्रदर्शनी में दिखाई गई सहकारी आन्दोलन की यात्रा
एन.एस. बाछल, 03 जुलाई, जयपुर।
सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां मंजू राजपाल ने गुरूवार को नेहरू सहकार भवन में ‘सहकारिता का सफर: अतीत से वर्तमान तक’ विषय पर आयोजित प्रदर्शनी का फीता काटकर एवं गणेश प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारम्भ किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन कर प्रदर्शित की गई जानकारी की सराहना की।
अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस (5 जुलाई) एवं सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के चतुर्थ स्थापना दिवस (6 जुलाई) के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही गतिविधियों की श्रंखला में प्रचार अनुभाग द्वारा यह प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रदर्शनी में सहकारी आन्दोलन के अब तक के सफर को आकर्षक रुप में विस्तार से प्रदर्शित किया गया है। प्राचीन भारतीय लोकाचार में सहकारिता के बीज, विश्व में सहकारी आन्दोलन का शुभारम्भ, भारत में सहकारी आन्दोलन का शुभारम्भ, राजस्थान में सहकारी आन्दोलन का शुभारम्भ, राजस्थान में सहकारी विधि का विकास, राज्य में सहकारिता की त्रिस्तरीय संरचना, राज्य में शीर्ष सहकारी संस्थाओं का इतिहास एवं वर्तमान स्वरूप आदि से सम्बन्धित जानकारियों के साथ ही सहकारिता के सिद्धांत एवं उद्देश्य, सहकार से समृद्धि के अंतर्गत राज्य की प्रमुख उपलब्धियां, राज्य में सहकारिता का वर्तमान परिदृश्य एवं वर्तमान में सहकारिता की प्रासंगिकता आदि से संबंधित जानकारियां प्रदर्शनी में प्रदर्शित की गई हैं। वहीं, राज्य में सहकारी आन्दोलन के विकास के जुड़े पुराने छायाचित्रों को भी प्रदर्शनी में आकर्षक रूप में प्रदर्शित किया गया है।
प्रदर्शनी में विभिन्न सहकारी संस्थाओं कॉनफेड, ट्राइफेड, इफको, कृभको एवं तिलम संघ द्वारा भी स्टॉल्स लगाकर अपने उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। मंजू राजपाल ने इन स्टॉल्स का अवलोकन कर प्रदर्शित उत्पादों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने इस अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कर अधिक से अधिक पेड़ लगाने का संदेश दिया। इस दौरान सहकारिता विभाग एवं सहकारी संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। -
03/07/25“लापता नहीं पहचान बनाती लेडीज- विधिक जागरूकता के लिए प्रेरणादायक फिल्म प्रदर्शन जागरूकता अभियान” का शुभारंभ
एन.एस. बाछल, 03 जुलाई, जयपुर।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर जिला द्वारा गुरुवार को समाज में व्याप्त कुरीतियों जैसे बाल विवाह, दहेज प्रथा एवं बालिका शिक्षा की उपेक्षा जैसे विषयों पर लोगों में विधिक जागरूकता फैलाने हेतु “लापता नहीं पहचान बनाती लेडीज- विधिक जागरूकता के लिए प्रेरणादायक फिल्म प्रदर्शन जागरूकता अभियान” का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम के दौरान हरिओम शर्मा अत्री सदस्य सचिव राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर द्वारा बताया गया कि समाज में बाल-विवाह, दहेज प्रथा एवं बालिका शिक्षा की उपेक्षा जैसी कुरीतियाँ आज भी विद्यमान है। इसी बात को मद्देनजर रखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर जिला द्वारा स्कूली बच्चों व आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान “लापता नहीं पहचान बनाती लेडीज- विधिक जागरूकता के लिए प्रेरणादायक फिल्म प्रदर्शन जागरूकता अभियान” की शुरुआत की जा रही है।
पवन कुमार जीनवाल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर ने बताया कि जिला प्राधिकरण जयपुर द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि समाज में व्याप्त कुरीतियों जैसे बाल विवाह, दहेज प्रथा एवं बालिका शिक्षा की उपेक्षा जैसे विषयों पर स्कूली विद्यार्थियों तथा आमजन को जागरूक करने हेतु दृश्यात्मक माध्यम के रूप में एक सशक्त और प्रभावशाली फिल्म “लापता लेडिज” की विशेष स्क्रीनिंग करवाये जाने का निर्णय लिया गया है चूंकि दृश्य कथा, विशेष रूप से युवा वर्ग में, सामाजिक मुद्दों को समझाने एवं स्मरणीय बनाने का अत्यंत प्रभावी तरीका है। साथ ही फिल्में गहरे स्तर पर भावनात्मक जुड़ाव बनाकर सकारात्मक परिवर्तन को उत्प्रेरित कर सकती है।
अतः “लापता लेडिज” की विशेष स्क्रीनिंग हेतु सर्वप्रथम ऐसे स्कूलों व महाविद्यालयों का चयन किया जाएगा जहां प्रोजेक्टर पर उक्त फिल्म दिखाए जाने की व्यवस्था हो सके। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी के समन्वय स्थापित करते हुए चयनित स्कूलों व महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को शाला समय के पश्चात् उक्त फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित करवाई जाएगी। इसके साथ ही पंचायत समिति स्तर पर “लापता लेडिज” की विशेष स्क्रीनिंग हेतु ऐसे पंचायत भवनों और आंगनबाड़ी केन्द्रों का भी चयन किया जाएगा जहां पर प्रोजेक्टर के माध्यम से उक्त फिल्म दिखाए जाने की व्यवस्था हो सके। इसके लिए तालुकाओं तथा पंचायत समिति स्तर के स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित करते हुए एक गांव एक स्क्रीन के तहत उक्त फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित करवाई जाएगी।
प्रत्येक स्क्रीनिंग के पश्चात पीएलवी व पैनल अधिवक्तागण के द्वारा संवाद सत्र का आयोजन किया जाएगा जिसमें विद्यार्थियों/ग्राम जन से विधिक जानकारी, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, दहेज निषेध अधिनियम एवं शिक्षा के अधिकार से संबंधित चर्चा होगी। साथ ही उक्त फिल्म से उन्हें क्या शिक्षा मिली इस बाबत भी चर्चा की जावेगी। फिल्म एवं चर्चा सत्र के दौरान विधिक सहायता सेवा, हेल्पलाइन नम्बर एवं जागरूकता पुस्तिका वितरित की जाएगी।
इस अवसर पर हरीओम शर्मा तथा अजीत कुमार हिंगर अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर जिला द्वारा पोस्टर का विमोचन भी किया गया। जिसमें पवन कुमार जीनवाल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर जिला, दीपेन्द्र माथुर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर महानगर-प्रथम, निदेशक वंदना राठौड़, विशेष सचिव डॉ. प्रियंका पारीक, सचिव राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति अजय डूडी, उपसचिव-प्रथम श्रीमती रश्मि नवल, उपसचिव-द्वितीय प्रदीप कुमावत, उपसचिव- एक्शन एड व एडीआर सावित्री सिंह, जिला एवं सेशन न्यायालय जयपुर जिला में पदस्थापित अन्य न्यायिक अधिकारीगण एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के इन्टर्नशीप हेतु उपस्थित विधि विद्यार्थीगण आदि उपस्थित रहें। -
03/07/25अंबाला से मुलाना तक महिलाओं के लिए अलग से बस चलाई जाएगी ताकि महिलाओं/कन्याओं को बस में सुगम सफर करने में आसानी हो- परिवहन मंत्री श्री अनिल विज
रेलवे रोड से गायब हुए बच्चे की खोजबीन के लिए डीएसपी को निर्देश, एफआईआर दर्ज कर खोजबीन की जाए- अनिल विज
विजय नगर निवासी के खिलाफ बिजली की चोरी का मामला दर्ज कर कार्यवाही की जाए- विज
ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने आज अंबाला छावनी के लोगों की समस्याओं को सुना
समस्याओं के निवारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए- अनिल विज
चंडीगढ़, 3 जुलाई- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने आज परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अंबाला से मुलाना तक महिलाओं के लिए अलग से बस चलाई जाए ताकि महिलाओं/कन्याओं को बस में सुगम सफर करने में आसानी हो।
श्री विज ने आज यह निर्देश परिवहन विभाग के अधिकारियों को अंबाला छावनी के लोगों की समस्याओं को सुनते हुए दिए। इस संबंध में वार्ड नंबर 27 के पार्षद ने श्री विज से मांग की थी। इस दौरान श्री विज ने लोगों की समस्याओं के निवारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए और मौके पर ही सभी समस्याओं का निदान भी किया।
अंबाला के रेलवे रोड के निवासी ने अपनी शिकायत में बताया कि उसका 11 साल का बच्चा 29 जून को उसके घर के बाहर खेल रहा था लेकिन उस समय के बाद से उसका बच्चा अचानक से गायब हो गया। इस संबंध पुलिस ने उनकी कोई भी रिपोर्ट अभी तक दर्ज नहीं की है, जिसके संदर्भ में ऊर्जा मंत्री ने मौके पर डीएसपी को निर्देश दिए कि इस बारे में मामला दर्ज करके बच्चे की खोजबीन आरंभ कर दी जाए।
बब्याल के विजय नगर की निवासी के खिलाफ एक व्यक्ति ने शिकायत दी कि 12 दिसंबर, 2024 विजय नगर की निवासी का बिजली का कनैक्शन बिल का भुगतान न किए जाने पर काट दिया गया था, लेकिन विजय नगर के निवासी लगातार बिजली का उपयोग कर रहे हैं, जोकि सरेआम बिजली की चोरी है इसलिए इनकी चोरी की बिजली पर रोक लगाकर आगामी कार्यवाही की जाए। इस संबंध में ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने संबंधित बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज करके बिजली चोरी की रिकवरी की जाए और कानून अनुसार कार्यवाही की जाए।
वार्ड नंबर-19 में जलापूर्ति को सुनिश्चित किया जाए- विज
वार्ड नंबर 19 के पार्षद ने अनिल विज के समक्ष गुहार लगाते हुए कहा कि उनके इलाके में पानी की आपूर्ति की समस्या लगातार बढती जा रही है और लोगों को तय समय पर पानी आपूर्ति नहीं हो पा रही है जबकि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को अवगत कराया गया है परंतु अभी तक कोई सुनवाई नहीं की गई। इस बारे में श्री विज ने जनस्वास्थ्य अभियंात्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पार्षद के संबंधित इलाके में जलापूर्ति को सुनिश्चित किया जाए ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हो।
वार्ड नंबर 29 में हुई चोरी मामले में पूरी बरामदगी के निर्देश- विज
वार्ड नंबर 29 के पार्षद का चुनाव लड चुके एक व्यक्ति ने अपनी शिकातय में बताया कि उसके घर में पिछले दिनों चोरी हो गई थी जिसमें से पुलिस ने अभी तक 30 से 35 प्रतिशत तक की चोरी की बरामदगी कर ली परंतु अन्य सामान अभी तक बरामद नहीं किया गया है। इस पर श्री विज ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि इस मामले में गहनता से जांच की जाए और आरोपी के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करते हुए शेष सामान की भी बरामदगी जल्द से जल्द की जाए।
इसके अलावा, मैडीकल बिल प्रतिपूर्ति, स्कूल में फीस से संबंधित, प्रदूषण संबंधित इत्यादि शिकायतों का निवारण किया और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
इस मौके पर नगर परिषद, ऊर्जा विभाग, पुलिस विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी, श्रम विभाग, परिवहन विभाग, पीडब्ल्यूडी विभाग इत्यादि विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे। -
03/07/254 जुलाई से आरम्भ होंगी बोर्ड की सीनियर सैकण्डरी व सेकेण्डरी की पूरक परीक्षाएं
चंडीगढ़, 03 जुलाई (अभी) - हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी से संबद्ध सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक) कम्पार्टमैंट की एक दिवसीय परीक्षा 4 जुलाई को एवं सैकेण्डरी (शैक्षिक) कम्पार्टमेंट (E.I.O.P.)/अंक सुधार/पूर्ण विषयों की परीक्षाएं 5 जुलाई से आरम्भ होकर 14 जुलाई, 2025 तक संचालित करवाई जाएंगी। इस परीक्षा हेतु प्रदेशभर में कुल 65 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। परीक्षा का समय दोपहर बाद 2:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक रहेगा।
बोर्ड प्रवक्ता ने बताया कि सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक) कम्पार्टमेंट की एक दिवसीय परीक्षा 4 जुलाई (शुक्रवार) को संचालित होगी। इस परीक्षा में 16 हजार 842 परीक्षार्थी प्रविष्ठ होंगे, जिनमें 10,403 छात्र तथा 6,439 छात्राएं शामिल हैं।
उन्होंने आगे बताया कि इसी प्रकार सैकेण्डरी (शैक्षिक) कम्पार्टमेंट/अंक सुधार/पूर्ण विषयों की परीक्षाएं 05 जुलाई से 14 जुलाई, 2025 तक संचालित होंगी। इस परीक्षा में 10 हजार 794 परीक्षार्थी प्रविष्ठ होंगे, जिसमें 6,750 छात्र तथा 4,044 छात्राएं शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इस परीक्षा के सफल संचालन एवं पवित्रता बनाए रखने के लिए शिक्षा बोर्ड ने तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। परीक्षाओं की शुचिता, विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए परीक्षा केन्द्रों पर पूर्ण समय के लिए निरीक्षण हेतु आब्जर्वर भी नियुक्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 27 प्रभावी उडऩदस्तों का गठन भी किया गया है। सभी परीक्षा केन्द्रों के आसपास परीक्षा के दौरान धारा-163 लागू रहेगी। परीक्षा वाले दिन शिक्षा बोर्ड द्वारा बनाए गए सभी परीक्षा केंद्र भवनों के आसपास 500 मीटर की परिधि तक फोटोस्टेट की दुकानें व कोचिंग सेंटर बंद रहेंगे।
उन्होंने आगे बताया कि परीक्षार्थी अपना रंगीन प्रवेश-पत्र ए-4 साईज पेपर पर ही प्रिंट करें तथा वही रंगीन फोटो प्रवेश-पत्र पर चिपकायें जो आवेदन फार्म भरते समय अपलोड किया गया था। प्रवेश-पत्र पर चिपकाया गया फोटो अपने सम्बन्धित विद्यालय से सत्यापित भी करवाएं। बिना प्रवेश-पत्र के परीक्षा केन्द्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
उन्होंने बताया कि यदि किसी दिव्यांग परीक्षार्थी को लेखक की सुविधा लेनी है तो ऐसे परीक्षार्थी बोर्ड कार्यालय/परीक्षा केन्द्र पर आवश्यक दस्तावेज जमा करवाते हुए परीक्षा आरम्भ होने से पहले लेखक की अनुमति लेना सुनिश्चित करें। जिन परीक्षार्थियों को लेखक उपलब्ध करवाया गया है, उनके दस्तावेज सम्बन्धित शाखाओं की मेल आई.डी. पर भिजवाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने आगे बताया कि परीक्षार्थी प्रवेश-पत्र पर दी गए दिशा-निर्देंशों की पालना करते हुए परीक्षा आरम्भ होने से 30 मिनट पूर्व परीक्षा केंद्र पर पहुंचना सुनिश्चित करें। परीक्षा के दौरान इलैक्ट्रोनिक सामान जैसे मोबाईल, कैलकुलेटर, पेजर एवं गैजेट आदि सामग्री का प्रयोग वर्जित है। उन्होंने बताया कि किसी अन्य/दूसरे के स्थान पर परीक्षा में प्रविष्ठ होना/परीक्षा देना एक दण्डनीय अपराध है, यदि इस तरह का कोई परीक्षार्थी परीक्षा केन्द्र पर पाया जाता है तो उसके विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करवाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रवेश-पत्र पर क्यू-आर कोड व विशेष सुरक्षा फिचर लगाए गए हैं। उडऩदस्तें क्यू-आर कोड को स्कैन करके परीक्षार्थी की फोटो व विवरणों की जाँच कर सकते हैं। जिससे फर्जी परीक्षार्थियों पर शिकंजा कसा जा सकेगा और परीक्षाओं के दौरान होने वाली किसी भी प्रकार की अनियमितताओं पर लगाम लगाई जा सकेगी।
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03/07/25हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने अधिकारी पर की कार्रवाई, विवाह पंजीकरण में देरी पर शिकायतकर्ता को 5 हजार रुपए का मुआवजा देने के आदेश
चंडीगढ़, 03 जुलाई (अभी) - हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने विवाह पंजीकरण में अनावश्यक देरी के कारण चरखी दादरी निवासी शिकायतकर्ता को 5 हजार रुपए का मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा विवाह पंजीकरण के लिए 17 दिसंबर 2024 को आवेदन किया गया था, जिसे 18 दिसंबर 2024 को स्वीकृति के लिए चिह्नित किया गया। लेकिन प्रमाण पत्र 10 मार्च 2025 को जारी किया गया, जो स्पष्ट करता है कि आवेदन न तो अस्वीकृत किया गया और न ही लौटाया गया, बल्कि बिना किसी उचित कारण के लंबी अवधि तक लंबित रखा गया। तहसीलदार द्वारा देरी का कारण फोटो में त्रुटि बताया गया, किंतु अंतिम प्रमाण पत्र में भी वही फोटो मौजूद है, जिससे यह तर्क असंगत सिद्ध होता है। इसके अतिरिक्त, अधिकारी ने ऑनलाइन प्रणाली से अपरिचित होने का हवाला दिया, जिसे आयोग ने अस्वीकार्य माना।
आयोग ने पाया कि नामित अधिकारी की लापरवाही से शिकायतकर्ता को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ी। अतः आयोग ने हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 की धारा 17(1)(ह) के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए 5 हजार रुपए का मुआवजा शिकायतकर्ता को प्रदान करने का आदेश दिया है।
उपायुक्त, चरखी दादरी को निर्देश दिए गए हैं कि वे तहसीलदार एवं नामित अधिकारी के जुलाई 2025 के वेतन से 5 हजार रुपए की कटौती कर अगस्त 2025 में शिकायतकर्ता को मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित करें तथा चालान इत्यादि की प्रति के साथ आयोग को ईमेल पर अनुपालन रिपोर्ट भेजें।
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03/07/25विकसित राष्ट्र निर्माण में शहरी निकाय की अहम भूमिका: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला
चंडीगढ़, 03 जुलाई (अभी) - लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में शहरी निकाय की अहम भूमिका है। शहरी निकाय जन प्रतिनिधियों को नवाचार पद्धति, सशक्त मार्गदर्शन व व्यवहार कुशलता के साथ विकसित भारत के विजन 2047 को सामने रख अपना दायित्व निभाना होगा। उन्होंने कहा कि सभी संकल्प लें कि मेरा निगम, मेरा परिषद व मेरी नगर पालिका व मेरा शहर दुनिया के स्वच्छ व सुंदर शहरों में शुमार हो।
लोकसभा अध्यक्ष गुरुवार को मानेसर स्थित आईकैट-2 परिसर सभागार में संवैधानिक लोकतंत्र को सुदृढ़ करने और राष्ट्र निर्माण में शहरी स्थानीय निकायों की भूमिका विषय पर आयोजित प्रथम दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देश भर से आए जनप्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे।
सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि श्री ओम बिरला ने दीप प्रज्वलन के साथ विधिवत रूप से दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविन्द्र कल्याण, उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल लोकसभा सचिवालय के महासचिव श्री उत्पल कुमार सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि शहरी निकाय जनप्रतिनिधि सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कदम बढ़ाएं तो वे निश्चित तौर पर शहरी क्षेत्र में ऊर्जावान बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश को नई दिशा देने में राष्ट्र की सबसे छोटी इकाई के रूप में कार्य कर रही शहरी निकाय मजबूती से अब आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आज हम उज्ज्वल भविष्य के साथ भारत की लोकतांत्रिक संस्था को मजबूत करने के लिए कैसे आगे बढ़ें इसी सोच को चरितार्थ करने के लिए एकत्रित हुए हैं। इन दो दिन में राष्ट्र हित में शहरी निकाय प्रतिनिधि चर्चा, संवाद, नवाचार पद्धति व अपने कुशल सुझाव व अनुभवों को रखते हुए मिलकर नया भारत-विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में भागीदार बनेंगे।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शहरी स्थानीय निकायों की अतुलनीय भूमिका है जहां जनप्रतिनिधि जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याओं को सुनते हुए उनका समाधान सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोकसभा, विधानसभा के साथ ही शहरी व पंचायती संस्थाएं आमजन से जुड़ाव का सशक्त माध्यम बनती हैं। जनहित के लिए लोकसभा व विधानसभा जहां नए कानून बनाती है और उनके क्रियान्वयन में कार्यपालिका की सक्रिय सहभागिता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्वशासन लोकतंत्र का मजबूत स्तम्भ है। लोकतंत्र को जड़ों तक पहुंचाने में नगरीय निकायों की भूमिका सबसे अहम है।
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03/07/25वायु प्रदूषण से निपटने के लिए हरियाणा का रोडमैप तैयार
चंडीगढ़, 03 जुलाई (अभी) - वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अध्यक्ष श्री राजेश वर्मा ने आज हरियाणा में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए पर्यावरण से जुड़े विभिन्न निर्देशों के कार्यान्वयन के संबंध में बैठक की अध्यक्षता की। हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने बैठक में प्रदेश, विशेष रूप से एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक व्यापक और बहु-क्षेत्रीय कार्य योजना प्रस्तुत की।
बैठक में सीएक्यूएम के वरिष्ठ सदस्य डॉ. वीरेंद्र शर्मा और डॉ. सुजीत कुमार बाजपेयी, हरियाणा के पर्यावरण, वन और वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आनंद मोहन शरण, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष श्री विनीत गर्ग, ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह, विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. साकेत कुमार और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
बैठक में भाग लेने के बाद, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने बताया कि हरियाणा वर्ष 2025 में धान की पराली जलाने की समस्या को खत्म करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने आयोग को बताया कि राज्य ने इस मुद्दे को समग्र रूप से हल करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन और नियामक कार्रवाई को मिलाकर तत्परता से कदम उठाए हैं। प्रदेश में धान की खेती के तहत कुल 41.37 लाख एकड़ में से लगभग 85.50 लाख मीट्रिक टन पराली उत्पन्न होने की उम्मीद है। इसके अलावा, 22.63 लाख एकड में बासमती और 18.74 लाख एकड़ में गैर-बासमती की खेती की जा रही है। किसानों की सहायता के लिए, प्रदेश में तीन प्रमुख योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ के तहत 8000 रुपये प्रति एकड़, फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) के लिए 1200 रुपये प्रति एकड़ और सीधी बिजाई वाले धान (डीएसआर) के लिए 4500 रुपये प्रति एकड़ की दर से वित्तीय सहायता दी जाती है। इन योजनाओं के लिए आवेदन ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किए जा रहे हैं, जिससे किसानों के लिए पारदर्शिता और आसान पहुँच सुनिश्चित हो रही है। राज्य सरकार ने प्रवर्तन को लेकर भी कई सख्त कदम उठाए हैं।
इसके अलावा, श्री रस्तोगी ने सीएक्यूएम को गैर-एनसीआर जिलों में स्थित ईंट भट्टों में धान की पराली आधारित बायोमास पैलेट के उपयोग को अनिवार्य करने के लिए हरियाणा के ठोस प्रयासों के बारे में भी जानकारी दी। निर्देश संख्या 92 के तहत एक स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की गई है, जिसमें नवंबर 2025 तक 20 प्रतिशत और नवंबर 2028 तक 50 प्रतिशत तक बायोमास के उपयोग का लक्ष्य रखा गया है। पर्यावरण के लिहाज से इस टिकाऊ पहल को मुख्यमंत्री से मंजूरी मिल चुकी है। श्री रस्तोगी ने बताया कि कार्यान्वयन के लिए 15 दिनों के भीतर मानक संचालन प्रक्रिया जारी की जाएगी ताकि सभी संबंधित भट्टों में समान प्रक्रिया अपनाई जा सके।
हरियाणा-एनसीआर में सड़कों और खुले क्षेत्रों से धूल प्रदूषण को कम करने के लिए मुख्य सचिव ने एक बहुआयामी रणनीति की रूपरेखा पेश की। श्री रस्तोगी ने बताया कि उन्होंने गत 16 जून, 2025 को एक राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में सभी विभागों को वित्तीय प्रतिबद्धताओं के साथ वित्त वर्ष 2025-26 के लिए विभागवार अंतिम कार्य योजनाएँ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने बताया कि सड़क-स्वामित्व वाली हर एजेंसी को सीएक्यूएम द्वारा निर्धारित मानक ढांचे के अनुसार कम से कम एक मॉडल सड़क खंड विकसित करने के लिए कहा गया है। शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय द्वारा 24 जून को गुरुग्राम में एक सफल ओरियंटेशन और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां सीएक्यूएम अधिकारियों, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जना अर्बन स्पेस और राहगीरी फाउंडेशन द्वारा विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं।
श्री रस्तोगी ने धूल से निपटने के लिए चिन्हित किए गए तीन प्रमुख शहरों-गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में शहरी सड़क पुनर्विकास के लिए भी राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें), हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, एचएसआईआईडीसी, एनएचएआई, फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण और सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण समेत विभिन्न विभागों को फुटपाथ के पुनर्विकास, बीच की पट्टियों और ट्रैफिक चौराहों को हरा-भरा करने, सड़क के किनारों को पक्का करने तथा निर्माण और विध्वंस (सी एंड डी) मलबे के उचित निपटान और प्रबंधन के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य न केवल धूल के स्तर को कम करना है, बल्कि शहरी सौंदर्य और बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता को बढ़ाना भी है।
मुख्य सचिव वाहन प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने एंड ऑफ लाइफ (ईओएल) वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने, डिलीवरी एग्रीगेर्ट्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म द्वारा स्वच्छ गतिशीलता समाधानों को अपनाने तथा अंतर-शहरी और अखिल भारतीय पर्यटक परमिट बसों को स्वच्छ ईंधन में परिवर्तित करने के लिए सीएक्यूएम के निर्देशों की कार्यान्वयन स्थिति के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ऑटोरिक्शा सहित सार्वजनिक परिवहन बेड़े को इलेक्ट्रिक या स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों में परिवर्तित करने के लिए भी हरियाणा की प्रतिबद्धता दोहराई।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अध्यक्ष श्री राजेश वर्मा ने हरियाणा की डेटा-संचालित, समयबद्ध और वित्तीय रूप से समर्थित कार्य योजना की सराहना की। साथ ही, उन्होंने सीएक्यूएम के निर्देशों के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाने और अधिक पर्यावरणीय जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के लिए सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) गतिविधियों की आवश्यकता पर भी बल दिया।
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03/07/25महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के डिसेबिलिटी स्टडीज सेंटर में साइन लैंग्वेज डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए एडमिशन जारी
चंडीगढ़, 03 जुलाई (अभी) - महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) रोहतक के सेंटर फॉर डिसेबिलिटी स्टडीज में सत्र 2025-26 में डिप्लोमा इन टीचिंग इंडियन साइन लैंग्वेज और डिप्लोमा इन इंडियन साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटेशन पाठ्यक्रमों में दाखिला प्रक्रिया जारी है। इच्छुक विद्यार्थी 12 जुलाई तक रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया (आरसीआई) की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय एमडीयू को प्रथम चॉइस सेंटर के रूप में चयनित करना जरूरी है। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि डिप्लोमा इन टीचिंग इंडियन साइन लैंग्वेज और डिप्लोमा इन इंडियन साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटेशन पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है, क्योंकि इंडियन साइन लैंग्वेज विशेषज्ञों की देशभर में भारी मांग है। यह कोर्स न केवल दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण में सहायक है, बल्कि रोजगार के नए द्वार भी खोलता है। उन्होंने बताया कि डिप्लोमा इन टीचिंग इंडियन साइन लैंग्वेज पाठ्यक्रम में 20 सीटें तथा डिप्लोमा इन इंडियन साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटेशन पाठ्यक्रम में 30 सीटें उपलब्ध हैं। जिनमें एडमिशन के लिए आरसीआई की आधिकारिक वेबसाइट https://nber-rehabcouncil.gov.in/ और https://rehabcouncil.in/ पर 12 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन के दौरान एमडीयू के सीडीएस को प्रथम चॉइस सेंटर के रूप में चयनित करना जरूरी है। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने आगे बताया कि वर्ष 2024 में इन पाठ्यक्रमों के प्रथम बैच के पास आउट विद्यार्थियों ने शिक्षा, सामाजिक सेवा और कंसल्टेंसी जैसे क्षेत्रों में बेहतर करियर निर्माण किया है। विश्वविद्यालय द्वारा संचालित ये पाठ्यक्रम दिव्यांगजनों के प्रति समाज में संवेदनशीलता और समावेशिता की दिशा में भी एक बड़ा कदम हैं। कोर्स से जुड़ी अधिक जानकारी व आवेदन के लिए अभ्यर्थी आरसीआई की वेबसाइट पर विजिट करें और समय रहते आवेदन सुनिश्चित करें। -
03/07/25हरियाणा के गैर एनसीआर जिलों में स्थित ईंट भट्टों में धान की पराली आधारित बायोमास पेलेट का उपयोग अनिवार्य: खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री राजेश नागर
चंडीगढ़, 03 जुलाई (अभी) - हरियाणा के गैर एनसीआर जिलों में स्थित ईंट भट्टों में धान की पराली आधारित बायोमास पेलेट के उपयोग को अनिवार्य कर दिया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने हाल ही में इस बाबत आदेश जारी किए हैं जिसके बाद आज खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने सभी जिलों को पत्र जारी किया है। ज्ञात रहे कि एनसीआर क्षेत्रों में बायोमास ईंधन के प्रयोग का नियम पहले से ही लागू है। इसके साथ ही पराली से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए अब हरियाणा के सभी जिलों में स्थित ईंट भट्टों में धान की पराली आधारित बायोमास पेलेट के उपयोग अनिवार्य हो गया है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री श्री राजेश नागर ने बताया कि हरियाणा के गैर-एनसीआर क्षेत्रों सभी ईंट भट्टों में धान की पराली आधारित बायोमास पेलेट के 50% सम्मिश्रण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें न्यूनतम उपयोग का लक्ष्य निम्न प्रकार है:
* 01.11.2025 से — कम से कम 20% सम्मिश्रण
* 01.11.2026 से — कम से कम 30% सम्मिश्रण
* 01.11.2027 से — कम से कम 40% सम्मिश्रण
* 01.11.2028 से — कम से कम 50% सम्मिश्रण
उन्होंने कहा कि इस क्रम में हरियाणा के सभी गैर-एनसीआर जिलों अम्बाला, फतेहाबाद, हिसार, कैथल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, सिरसा एवं यमुनानगर को पत्र के माध्यम से त्वरित अनुपालन हेतु निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ‘बायोमास पेलेट’ एक प्रकार से ठोस ईंधन हैं। लकड़ी, कृषि अवशेषों और अन्य चीजों को छोटे और बेलनाकार छर्रों का रूप दिया जाता है।
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03/07/25
Prime Minister pays tribute at Nkrumah Memorial Park in Accra
Prime Minister Shri Narendra Modi visited the Nkrumah Memorial Park in Accra, Ghana, and paid tribute to Dr. Kwame Nkrumah, Ghana’s founding President and a revered leader of the African independence movement. He was accompanied by the Vice President of Ghana, H.E. Prof. Naana Jane Opoku- Agyemang. Prime Minister laid a floral wreath and observed a moment of silence in honour of Dr. Nkrumah’s lasting contributions to freedom, unity, and social justice.
The tribute paid by Prime Minister reflects India’s deep respect for Ghana’s rich history and reaffirms the strong bonds of friendship and cooperation between the two countries. -
03/07/25
List of Outcomes: State Visit of Prime Minister to Ghana
I. Announcement
· Elevation of bilateral ties to a Comprehensive Partnership
II. List of MoUs
· MoU on Cultural Exchange Programme (CEP): To promote greater cultural understanding and exchanges in art, music, dance, literature, and heritage.
· MoU between Bureau of Indian Standards (BIS) & Ghana Standards Authority (GSA): Aimed at enhancing cooperation in standardization, certification, and conformity assessment.
· MoU between Institute of Traditional & Alternative Medicine (ITAM), Ghana and Institute of Teaching & Research in Ayurveda (ITRA), India: To collaborate in traditional medicine education, training, and research.
· MoU on Joint Commission Meeting: To institutionalize high-level dialogue and review bilateral cooperation mechanisms on a regular basis.****
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03/07/25
Prime Minister receives the National Honour of Ghana
Prime Minister Shri Narendra Modi was today conferred the national honour of Ghana - Officer of the Order of the Star of Ghana - by the President of Ghana, H.E. John Dramani Mahama in recognition of his distinguished statesmanship and influential global leadership. Accepting the award on behalf of 1.4 billion Indians, Prime Minister dedicated the honour to the aspirations of the youth of India, its cultural traditions and diversity, and to the historical ties between Ghana and India.
Prime Minister thanked the people and government of Ghana for this special gesture. Noting that the shared democratic values and traditions of the two countries would continue to nurture the partnership, Prime Minister stated that the award further deepens the friendship between the two countries and places new responsibility on him to embrace and advance bilateral ties. Prime Minister affirmed he was confident that his historic State Visit to Ghana would impart a new momentum to India-Ghana ties. -
03/07/25
Prime Minister meets with the President of Ghana
Prime Minister Shri Narendra Modi today met with the President of Ghana, H.E. Dr. John Dramani Mahama. Upon arrival at Jubilee House, he was received by President Mahama. This State Visit of Prime Minister to Ghana is the first such visit in three decades.
The two leaders met in restricted and delegation level formats and held wide-ranging talks. They agreed to elevate the relationship to a Comprehensive Partnership. Both leaders reaffirmed the warm and time-tested ties between India and Ghana and discussed ways to expand cooperation in key areas including trade & investment, agriculture, capacity building, digital technology, infrastructure, and people-to-people ties. They welcomed the growing bilateral trade and Indian investments in Ghana. The leaders also discussed strengthening defence and security partnership. They committed to further strengthening development cooperation partnership—especially through India-supported infrastructure and capacity-building projects. India offered to share its experiences in the fields of health, pharma, digital public infrastructure, UPI and skill development. Prime Minister conveyed India’s deep commitment to voicing the concerns of the Global South and thanked Ghana for its solidarity on this account. Prime Minister also thanked President Mahama for taking care of the 15,000 strong Indian community in Ghana.
The two leaders discussed global issues of mutual interest, including UN reforms. Prime Minister thanked President Mahama for his support and solidarity in the wake of Pahalgam terror attack. The two sides agreed to strengthen global fight against terrorism. Prime Minister congratulated Ghana on its growing international profile, including its term on the UN Human Rights Council and the election of Ghana’s Foreign Minister as the Commonwealth Secretary-General. Both leaders reiterated their commitment to democratic values, South-South cooperation, and a shared vision for sustainable development and global peace.
Following the delegation level talks, four MoUs in the fields of Culture, Standards, Ayurveda and Traditional Medicine, and Joint Commission Mechanism for engagement between Foreign Ministries were exchanged. President Mahama hosted a State Banquet in honour of Prime Minister. Thanking him for his gracious hospitality, Prime Minister invited President Mahama to visit India at a mutually convenient time. -
03/07/25चिकित्सा मंत्री ने की समीक्षा, मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए पुख्ता प्रबंधन करने के दिए निर्देश
एन.एस. बाछल, 03 जुलाई, जयपुर।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में मानसून का दौर प्रारंभ हो चुका है। इसे देखते हुए सभी जिलों में मौसमी बीमारियों पर रोकथाम, जांच एवं उपचार के लिए पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। जिन जिलों में बारिश अधिक हो रही है, वहां विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि मौसमी बीमारियों के केस नियंत्रण में रहें।
चिकित्सा मंत्री बुधवार को स्वास्थ्य भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मौसमी बीमारियों से बचाव की तैयारियों सहित अन्य विषयों पर समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने संभाग एवं जिला स्तरीय अधिकारियों से चर्चा कर मौसमी बीमारियों की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा—निर्देश दिए।
गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि विगत वर्ष मौसमी बीमारियों पर प्रभावी रोकथाम की गई थी, जिसके चलते केसों की संख्या कम रही और मौतें भी नगण्य रहीं। इस वर्ष भी माकूल प्रबंधन करते हुए मौसमी बीमारियों के प्रसार पर नियंत्रण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां भी मानव संसाधन की और आवश्यकता है, तत्काल अवगत कराएं। अस्पतालों में दवाओं की समुचित उपलब्धता और जांच उपकरणों की क्रियाशीलता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मौसमी बीमारियों के बारे में नियमित रूप से रिपोर्ट भिजवाने के निर्देश दिए। साथ ही, राज्य एवं जिला स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
नए चिकित्सा संस्थानों के लिए जमीन आवंटन की कार्यवाही को प्राथमिकता दें
गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हैल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत प्रदेशभर में स्वीकृत नए चिकित्सा संस्थानों के लिए भूमि आवंटन की कार्यवाही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी संबंधित जिला कलक्टर के माध्यम से जमीन आवंटन की कार्यवाही को पूरा कराने में गंभीरता बरतें, ताकि नए संस्थानों के भवनों का जल्द निर्माण हो और प्रदेश में स्वास्थ्य का आधारभूत ढांचा मजबूत हो।
ज्यादा से ज्यादा ग्राम पंचायतों को कराएं टीबी मुक्त
चिकित्सा मंत्री ने टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान की समीक्षा करते हुए प्रदेश की अधिकाधिक ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीबी रोगियों की स्क्रीनिंग, जांच एवं उपचार गतिविधियां व्यापक स्तर पर संचालित हो। आमजन को जागरूक कर प्रदेश को टीबी मुक्त बनाएं।
अधिकारी फील्ड में एक्टिव रहें, स्वास्थ्य कार्यक्रमों का हो प्रभावी क्रियान्वयन
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि सभी अधिकारी फील्ड में एक्टिव रहकर स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। सीएमएचओ यह ध्यान रखें कि चिकित्सा संस्थानों में जांच एवं उपचार की व्यवस्थाओं में किसी तरह की कमी नहीं रहे। दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता हो और स्टाफ अनुपस्थित नहीं रहे।
आरजीएचएस में गड़बड़ी पर होगी सख्त कार्रवाई
गायत्री राठौड़ ने कहा कि अब आरजीएचएस योजना का संचालन चिकित्सा विभाग के माध्यम से किया जा रहा है। सभी चिकित्सक रोगियों के उपचार में नियमों का पालन करें और दवाएं एवं जांचें लिखने में पूरी पारदर्शिता बरतें। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना की राज्य स्तर से गहन मॉनिटरिंग की जा रही है। किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जांच सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर बल
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव ने जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल, ट्रोमा सेंटर एवं एमसीएच सेंटर के नए भवनों के निर्माण के लिए भूमि आवंटन कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि आवंटन का कार्य टाइम बाउंड अवधि में पूर्ण कर लिया जाए। जिन चिकित्सा संस्थानो के भवनों का निर्माण कार्य 70 प्रतिशत से अधिक हो चुका है, वहां चिकित्सा उपकरणों, फर्नीचर सहित विभिन्न आवश्यकताओं का गैप असेसमेंट कर अनुमानित बजट के लिए मांग समय पर निदेशालय भिजवाएं। उन्होंने आईपीएचएल लैब, एसडीएच व मॉडल सीएचसी एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर जांच सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर बल दिया।
क्रॉनिक डिजीज से ग्रसित रोगियों की स्क्रीनिंग के लिए लाइनलिस्ट तैयार करें
निदेशक जन-स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने टीबी मुक्त भारत अभियान, पं. दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय शिविर, मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम पंचायत योजना सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को पुराने टीबी, डायबिटीज, सिलिकोसिस रोगियों, एचआईवी, 60 वर्ष से अधिक की उम्र सहित अन्य क्रॉनिक डिजीज से ग्रसित रोगियों की स्क्रीनिंग के लिए लाइनलिस्ट तैयार कर उपस्वास्थ्य केन्द्र तक सूची साझा करने के निर्देश दिए। डॉ. शर्मा ने जिलों में नियुक्त रेडियोग्राफर्स की मैपिंग करने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यकतानुसार स्क्रीन किए गए लोगों की जांच की जा सके। उन्होंने कहा कि जिन चिकित्सा संस्थानों का बायोमेडिकल वेस्ट सर्टिफिकेट अवधिपार होने के करीब है, वे निर्धारित समय में आवेदन करें।
बैठक में अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी. शुभमंगला, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रितेश्वर, ओएसडी एनएचएम डॉ. संतोष गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। समस्त संयुक्त निदेशक, उपनिदेशक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी सहित संबंधित अधिकारीगण वीसी के माध्यम से जुड़े।
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03/07/25आंगनबाड़ियों की ढांचागत स्थिति की हो नियमित ऑनलाइन मॉनिटरिंग — निदेशक, आईसीडीएस
एन.एस. बाछल, 03 जुलाई, जयपुर।
समेकित बाल विकास सेवाएं(आईसीडीएस) के निदेशक वासुदेव मालावत ने निर्देश दिए हैं कि महिला पर्यवेक्षक के दैनिक निरीक्षण की बेहतर ऑनलाइन मॉनिटरिंग एवं आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाओं तथा आधारभूत संरचना की वस्तुस्थिति एवं गेप एनालिसिस के लिए एक ऑनलाइन मॉड्यूल/मोबाइल ऐप तैयार किया जावे। इसके आधार पर पॉलिसी को बेहतर ढंग से क्रियान्वित करते हुए योजनाओं की मॉनिटरिंग की जा सकेगी।
वासुदेव मालावत ने निर्देश दिए कि आंगनबाड़ियों की ढांचागत वस्तुस्थिति की जानकारी कार्यकर्ताओं द्वारा ऐप के माध्यम से प्रेषित की जावे, जिससे आंगनबाड़ियों का सुदृढीकरण किया जा सकें।
बैठक में आईसीडीएस के उप निदेशक (प्रशिक्षण) बनवारी लाल सिनसिनवार, उपनिदेशक (आईईसी) धर्मवीर मीणा एवं एनालिस्टकम कम प्रोग्राम वर्षा शर्मा, जेपीसी द्वितीय, ओ.पी. सैनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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03/07/25
पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा, शिविर बन रहे मददगार, आमजन के त्वरित गति से हो रहे काम
एन.एस. बाछल, 03 जुलाई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर चल रहे पं. दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़े के तहत आयोजित शिविरों में आमजन विशेषकर ग्रामीण, गरीब एवं वंचित वर्ग के विभिन्न प्रकरणों का मौके पर निस्तारण हो रहा है। इन शिविरों में जनता के सीमाज्ञान, पत्थरगढ़ी, नामांतरण एवं सहमति पत्र जैसे राजस्व संबंधित समस्याओं को त्वरित समाधान किया जा रहा है। लोगों के राजस्व संबंधित वर्षों से लंबित काम तेजी से पूरे हुए है जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है। आमजन इन शिविरों में जमीनी विवाद के मनमुटाव भूलकर आपसी सहमति और समझाइश से विवादों का समाधान कर रहे हैं।
सहमति विभाजन के 27 हजार 891, रास्तों के 13 हजार 821 प्रकरण निस्तारित—
ग्रामीण क्षेत्रों की प्रमुख समस्या राजस्व से संबंधित रहती हैं। इसके दृष्टिगत इस पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित शिविरों में राजस्व संबंधी प्रमुख प्रकरणों के निष्पादन का कार्य तत्परता से किया जा रहा है। अब तक (1 जुलाई) की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार पखवाड़े में सीमाज्ञान के 27 हजार 891, नामांतरण के 65 हजार 920, सहमति विभाजन के 13 हजार 215 और रास्तों के 13 हजार 821 प्रकरणों को निस्तारण करते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीणों को लाभ पहुंचाया गया है। इसी तरह, इन शिविरों में राजस्व संबंधित प्रकरणों में अब तक 4 हजार 179 लंबित पत्थरगढ़ी प्रकरणों का निस्तारण किया गया है तथा 4 हजार 102 लंबित कुर्रेजात रिपोर्ट तैयार कर जनता को राहत दी गई है।
रास्ते से हटाया गया अतिक्रमण, ग्रामवासियों में छाई खुशी की लहर
भीलवाड़ा के हुरड़ा तहसील की कंवलियास पंचायत में आयोजित हुए शिविर के दौरान अमरसिंह ने अतिक्रमण हटाने के संबंध में अधिकारियों के समक्ष अपना प्रकरण रखा। इस पर अधिकारियों ने त्वरित निर्णय लेते हुए राजस्व टीम को मौके पर भेजा तथा 2 किलोमीटर लम्बें रास्तें में हो रहे अतिक्रमण को भौतिक रूप से हटवाया। प्रकरण के इतने त्वरित निस्तारण से ग्रामवासियों में खुशी की लहर छा गई। ग्रामीण मुख्यमंत्री का तहेदिल से धन्यवाद देते हुए कहते है कि भजनलाल जी का धन्यवाद, जिन्होंने हमारी वर्षों से लंबित समस्या का जल्द निस्तारण कर दिया। यह सब हमारे मुख्यमंत्री की संवेदनशील सोच और जनकल्याण नीति का ही परिणाम है।
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03/07/25
खाद्य सुरक्षा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग) भर्ती-2019, आयोग ने जारी किया साक्षात्कार कार्यक्रम
एन.एस. बाछल, 03 जुलाई, जयपुर।
राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा बुधवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग) भर्ती-2019 के अंतर्गत प्रथम चरण का साक्षात्कार कार्यक्रम जारी किया गया है। विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
आयोग सचिव ने बताया कि उक्त पदों हेतु प्रथम चरण में साक्षात्कार का आयोजन 11, 18 एवं 25 जुलाई 2025 को निर्धारित कार्यक्रमानुसार किया जाएगा। अभ्यर्थियों के साक्षात्कार-पत्र आयोग की वेबसाइट पर यथासमय अपलोड कर दिए जाएंगे।
साक्षात्कार के समय अभ्यर्थी स्वयं का नवीनतम पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो, नवीनतम स्पष्ट फोटो युक्त मूल पहचान पत्र एवं समस्त मूल प्रमाण-पत्र मय फोटो प्रति के साथ उपस्थित होना सुनिश्चित करें अन्यथा साक्षात्कार से वंचित कर दिया जाएगा।
ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने विस्तृत आवेदन-पत्र आयोग को प्रस्तुत नहीं किए हैं, वे अभ्यर्थी विस्तृत आवेदन-पत्र आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड कर साक्षात्कार के समय दो प्रतियों में मय समस्त प्रमाण-पत्रों की फोटो प्रतियों सहित आवश्यक रूप से प्रस्तुत करें।
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03/07/25निदेशक ने ली समीक्षा बैठक, बजट घोषणाओं सहित विभिन्न योजनाओं को तय समयावधि में पूर्ण करने के दिए निर्देश
एन.एस. बाछल, 03 जुलाई, जयपुर।
सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के निदेशक आशीष मोदी ने विभागीय अधिकारियों की बैठक लेते हुए विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आशीष मोदी ने बुधवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मुख्यालय में बाल अधिकारिता, विशेष योग्यजन एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि आमजन को सामाजिक सुरक्षा का संपूर्ण लाभ देने के लिए अधिकारियों को अपनी कार्य प्रणाली में नवीनता और नवाचार की सोच विकसित करनी चाहिए। उन्होंने पेंशन और छात्रवृत्ति में तकनीक के बेहतर इस्तेमाल पर भी जोर दिया।
आशीष मोदी ने विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं का पावर पॉइंट के जरिए प्रस्तुतीकरण देखा। उन्होंने बजट घोषणाओं से संबंधित विभिन्न मुद्दों और इनमें शामिल कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए कहा कि हर कार्य में समयबद्धता, गुणवत्ता और उपयोगिता पर विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
बैठक में अतिरिक्त निदेशक सुमन पवार, हरिसिंह मीना, वित्तीय सलाहकार अंजू सिंह, वीरेन्द्र सिंह, उप निदेशक दीपाली भगोतिया, अतिरिक्त निदेशक सुण्डाराम मीना, रीना शर्मा, अशोक कुमार, अरविन्द कुमार, चंद्रशेखर चौधरी सहित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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03/07/25 |
बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए 2025 की यात्रा शुरू
अनिल विज अंबाला छावनी 03 जुलाई 2025
कुछ मास पहले बालटाल में आतंकी घटना के बावजूद आस्था की डोर थामे, मन में उमंग लिए, ये भक्त अपने आराध्य की भक्ति में डूबे भक्तों ने बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए यात्रा शुरू की ।
बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहला जत्था रवाना!
बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ यात्रा का औपचारिक रूप से 3 जुलाई 2025 को शुभारंभ हो गया है। बुधवार, 2 जुलाई को ही जम्मू से श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना हो गया था, जिसे जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भगवती नगर स्थित बेस कैंप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह पवित्र यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त (रक्षाबंधन) तक कुल 38 दिनों तक चलेगी।
श्रद्धालु पहलगाम और बालटाल – दोनों मार्गों से यात्रा कर सकेंगे। पहला जत्था भी इन्हीं दोनों प्रमुख मार्गों से पवित्र गुफा की ओर बढ़ा है।
हाल ही में हुए आतंकी हमलों के मद्देनजर यात्रा के लिए कड़ी सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाएं और हाईटेक निगरानी की व्यवस्था की गई है। जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा बल तैनात हैं, और सीसीटीवी व ड्रोन से यात्रा मार्ग पर निगरानी रखी जा रही है।
बाबा बर्फानी के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। 'हर हर महादेव' और 'बम बम भोले' के जयघोष के साथ यात्री अपनी खुशी और श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं।
इस वर्ष अब तक लगभग 3.5 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। ऑनलाइन पंजीकरण के अलावा, जम्मू में ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी शुरू की गई है।
यह यात्रा न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। प्रशासन ने यात्रियों से नियमों का पालन करने और पंजीकरण के बिना यात्रा न करने की अपील की है।
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03/07/25
आज का राशिफल 3 जुलाई 2025
मेष राशि: आज का दिन आपके लिए धन संपत्ति के मामले में शुभ रहेगा। कोई रुका हुआ जमीन-जायदाद का मामला सुलझ सकता है। अचानक धन लाभ के योग हैं। वैवाहिक जीवन में तनाव खत्म हो सकता है। पिता का सहयोग मिलेगा और सामाजिक संपर्क से भी लाभ होगा। भाग्य 83% आपके पक्ष में रहेगा। गणेश जी को लड्डू का भोग लगाएं।
कर्क राशि: आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, उनके लिए विशेष रूप से फलदायी समय है। आपको नई नौकरी मिल सकती है, जिससे मन प्रसन्न रहेगा। व्यापार करने वालों को कार्यक्षेत्र में काम पर ध्यान देना चाहिए, लापरवाही से परेशानी हो सकती है। विवाहित लोगों को ससुराल पक्ष से किसी व्यक्ति से विवाद की संभावना है, वाणी पर संयम रखें।
सिंह राशि: आज आपको करियर में आत्मनिर्भर रहना होगा और व्यापार में अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों को राहत मिल सकती है, रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिभा की सराहना होगी, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा। पारिवारिक जीवन सामान्य रहेगा और स्वास्थ्य का ध्यान रखना आवश्यक है।
तुला राशि: आज तुला राशि के जातकों के लिए करियर में तरक्की के योग हैं। व्यवसाय में साझेदारी से लाभ हो सकता है। पारिवारिक जीवन में खुशियां रहेंगी और परिजनों के साथ संबंध मजबूत होंगे। सेहत के प्रति थोड़ा ध्यान दें। मां लक्ष्मी को गुलाब अर्पित करें, दिन सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहेगा।
कुंभ राशि: आज कुंभ राशि वालों को सभी क्षेत्रों में लाभ बना रहेगा। भ्रमण और मनोरंजन पर जा सकते हैं। व्यवस्थागत फोकस बढ़त पर रहेगा। धैर्यपूर्वक रिश्ते निभाएंगे। नीति नियमों पर भरोसा रखेंगे। करियर-कारोबार सामान्य बना रहेगा। धन संपत्ति के मामले में वाणिज्यिक लेनदेन में संतुलन बनाए रखें।
वृश्चिक राशि: आज का दिन आपके लिए थोड़ा मुश्किल भरा हो सकता है। आर्थिक फैसले लेने में सावधानी बरतें, नुकसान होने की आशंका है। नौकरीपेशा लोग कार्यस्थल पर सतर्क रहें। जीवनसाथी की सलाह मददगार साबित होगी।
यह सामान्य राशिफल है और व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार इसमें भिन्नता हो सकती है।
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02/07/25Nominations for Padma Awards–2026 open till 31st July, 2025
Nominations/recommendations for the Padma Awards-2026 to be announced on the occasion of Republic Day, 2026 have started on 15th March, 2025. The last date for nominations for Padma Awards is 31st July, 2025. The nominations/recommendations for Padma Awards will only be received online on the Rashtriya Puraskar Portal (https://awards.gov.in ).
The Padma Awards, namely, Padma Vibhushan, Padma Bhushan and Padma Shri, are amongst the highest civilian awards of the country. Instituted in 1954, these Awards are announced on the occasion of the Republic Day every year. The Award seeks to recognize ‘work of distinction’ and is given for distinguished and exceptional achievements/service in all fields/disciplines, such as Art, Literature and Education, Sports, Medicine, Social Work, Science and Engineering, Public Affairs, Civil Service, Trade and Industry etc. All persons without distinction of race, occupation, position or sex are eligible for these Awards. Government servants including those working with PSUs, except Doctors and Scientists, are not eligible for Padma Awards.
The Government is committed to transform Padma Awards into “People’s Padma”. All citizens are, therefore, requested to make nominations/recommendations, including self-nomination. Concerted efforts may be made to identify talented persons whose excellence and achievements really deserve to be recognized from amongst women, weaker sections of the society, SCs & STs, divyang persons and who are doing selfless service to the society.
The nominations/recommendations should contain all relevant details specified in the format available on the above said Portal, including a citation in narrative form (maximum 800 words), clearly bringing out the distinguished and exceptional achievements/service of the person recommended in her/his respective field/discipline.
Details in this regard are also available under the heading 'Awards and Medals' on the website of Ministry of Home Affairs (https://mha.gov.in) and on the Padma Awards Portal (https://padmaawards.gov.in). The statutes and rules relating to these awards are available on the website with the link https://padmaawards.gov.in/AboutAwards.aspx
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02/07/25Union Home Minister Shri Amit Shah congratulates NCB and all agencies on busting a global drug cartel
Union Home Minister and Minister of Cooperation, Shri Amit Shah has congratulated NCB and all agencies on busting a global drug cartel. Shri Amit Shah said that Prime Minister Shri Narendra Modi-led Government is determined to saw off every drug cartel and protect our youth, no matter where they operate from.
In a post on X platform, Union Home Minister Shri Amit Shah said that “Congratulations to NCB and all agencies on busting a global drug cartel. The probe set a stellar example of multi-agency coordination, resulting in 8 arrests and seizures of 5 consignments while triggering crackdowns in the US and Australia against the ring that operates across 4 continents and 10+ nations. Our agencies are constantly monitoring the sophisticated modes like crypto payments and anonymous drop shippers used by these gangs. PM Shri Narendra Modi Ji-led govt is determined to saw off every drug cartel and protect our youth, no matter where they operate from.”
OPERATION- MED MAXIn one of the most far-reaching crackdowns against the illegal pharmaceutical drug trade, the Narcotics Control Bureau (NCB), HQ Operations Unit, has successfully dismantled a transnational drug trafficking syndicate that used encrypted digital platforms, drop shipping models, and cryptocurrency to smuggle controlled medicines across four continents. What began with a routine vehicle interception near Bengali Market in New Delhi unravelled into a sophisticated criminal web operating across India, USA, Australia, and Europe — showcasing the global reach of illicit pharma networks and NCB’s capability to lead coordinated international enforcement actions. This operation uncovered a global network spanning 04 continents and more than 10 countries.
The Investigation Trail: From Delhi to Alabama
On 25th May 2025, acting on secret intelligence, the NCB HQ Ops team intercepted a car near Mandi House in Delhi. From the possession of its two occupants—both B. Pharma graduates from a reputed private university in Noida—3.7 kilograms of Tramadol tablets were seized.
The arrested individuals confessed to operating a vendor profile on a major Indian B2B platform, from where they sold pharmaceutical pills to clients across USA, Europe, and Australia. Leads from the interrogation led to a stockist in Roorkee, followed by the arrest of a key associate in Mayur Vihar, Delhi, who revealed connections with a contact in Udupi (Karnataka) responsible for organizing bulk orders for shipments to the USA.
From Udupi, NCB uncovered data on 50 international consignments, including:
• 29 packages from USA to USA
• 18 from Australia to Australia
• 1 each to Estonia, Spain and Switzerland
The above information was shared with global counterparts and Interpol, leading to the identification and arrest of a bulk re-shipper and money launderer in Alabama, USA by the US DEA, along with a massive haul of controlled medicines.
A Network Built for Secrecy
The syndicate operated on encrypted communication platforms like Telegram, relied on cryptocurrency payments, PayPal, Western Union and used anonymous international drop shippers to evade detection. Further digital forensics led to arrests of two more Indian nationals from New Delhi and Jaipur, who handled logistics and supply-side operations. The operators never shipped in their home countries and coordinated through Other Drop-shippers in network to avoid legal consequences.
The kingpin, who coordinated international linkages and finances, has been identified and located in the UAE. NCB is actively working in collaboration with UAE authorities.
Linked Illegal Factory in Australia
Investigations further revealed the existence of a clandestine pill manufacturing facility in Australia, directly tied to the syndicate. Law enforcement in Australia has successfully dismantled this unit. Operations in other jurisdictions are still ongoing.
Action in America
In a significant development stemming from intelligence shared by India’s Narcotics Control Bureau (NCB), the United States Drug Enforcement Administration (US DEA) has apprehended a key player in an international drug trafficking network. Joel Hall, a major re-shipper based in Alabama, was arrested following a coordinated operation, leading to the seizure of over 17,000 tablets of controlled medication.
During the crackdown, authorities also uncovered multiple cryptocurrency wallets and active parcels linked to the syndicate, indicating a sophisticated and tech-enabled trafficking operation. Investigative and enforcement actions concerning these digital assets and parcels are actively ongoing.
Adding to the breakthrough, an Indian-American individual identified as a key money launderer in the network is now facing indictment in the United States, marking a critical step in dismantling the financial backbone of this illegal enterprise.
In parallel, the US DEA has successfully intercepted five parcels, resulting in the recovery of approximately 700 grams of Zolpidem tablets, a commonly misused sedative.
The Modus Operandi: Sophisticated Global Network Uncovered
Investigations have revealed that the mastermind of this international drug trafficking network was operating out of the UAE, orchestrating both the orders and supply modules with a high level of coordination and compartmentalization.
The orders module functioned through a major B2B platform, where the handlers subscribed to premium vendor categories to enhance visibility and attract potential buyers. To manage incoming sales leads, the group ran a fully functional call center based in Udupi, employing around 10 staff members—many of whom were reportedly unaware of the illicit nature of the operation.
Once orders were confirmed, advance payments were collected in cryptocurrency, which were then routed to the supply module operators after deducting a 10–15% commission. The supply module, in turn, retained a further 10% before disbursing payments to re-shippers located in designated countries, who handled the final delivery of the controlled substances.
In a calculated move to expand operations, repeat buyers were groomed and recruited as re-shippers or stockists, helping the network grow organically across borders. Multiple such stockists have already been identified by our international counterparts, and actions against them are actively underway.
This intricate network showcases the growing convergence of digital platforms, cryptocurrency, and transnational logistics in modern illicit trade—and highlights the importance of global cooperation and intelligence-sharing in combating such operations.
Ongoing Financial and Cyber Probes
With 08 arrests so far, the financial trail involving crypto wallets and hawala channels is under investigation. NCB is also engaging with private sector platforms to counter the proliferation of illegal online pharmacies that openly advertise the sale of controlled medicines.
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02/07/25
Prime Minister arrives in Ghana on a State Visit
Prime Minister Shri Narendra Modi arrived today in Accra on his State Visit to Ghana. In a special gesture, on arrival at the airport, Prime Minister was received by the President of Ghana, H.E. John Dramani Mahama and accorded a ceremonial welcome. This gesture is reflective of the strong and historic bonds of friendship between the two nations.
Prime Minister’s visit to Ghana is the first such visit in the last three decades. This historic visit would further deepen the partnership between India and Ghana, and underscores India’s commitment to strengthening its engagement with Africa and Global South Partners. -
02/07/25PM shares an article on leverage of technology to transform women and child welfare
The Prime Minister Shri Narendra Modi today shared an article on how the Government has leveraged technology to transform women and child welfare.
Responding to a post by Union Minister Smt Annapurna Devi on X, the Prime Minister's Office said:
"Union Minister @Annapurna4BJP Ji writes about how the Government has leveraged technology to transform women and child welfare. Initiatives like Poshan Tracker, a dedicated grievance redressal module and direct benefit transfers are driving real-time, impactful change across the country."
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कांवड़ यात्रा 2025
अनिल विज अंबाला छावनी 02 जुलाई 2025
शुरुआत: कांवड़ यात्रा 11 जुलाई 2025 (शुक्रवार) से शुरू होगी। इसी दिन से सावन मास का भी आरंभ हयह यात्रा मुख्य रूप से 23 जुलाई 2025 को सावन शिवरात्रि पर समाप्त होगी, जब कांवड़िए शिवलिंग पर जल अर्पित करते हैं। हालांकि, कुछ स्थानों पर यह 9 अगस्त 2025 तक चल सकती है, जो सावन माह के अंतिम दिन होगा।
इस वर्ष कांवड़ यात्रा लगभग 13 दिनों तक चलेगी, कुछ स्रोतों के अनुसार यह 30 दिनों तक भी चल सकती है।
यात्रा भगवान शिव के भक्तों की एक वार्षिक तीर्थ यात्रा है। इस दौरान भक्त गंगा नदी या अन्य पवित्र नदियों से जल लेकर अपने गृह नगर के शिव मंदिरों में अर्पित करते हैं। यह यात्रा भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है।
कांवड़ यात्रा के लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात और अन्य सुविधाओं के लिए बैठकें की जा रही हैं। यात्रियों को नियमों का पालन करना होता है, जैसे कि नंगे पांव चलना, "बोल बम" का जाप करना और सात्विक जीवन शैली का पालन करना।
11 जुलाई 2025: कांवड़ यात्रा और सावन मास का आरंभ
23 जुलाई 2025: सावन शिवरात्रि (कांवड़ यात्रा का मुख्य समापन)
9 अगस्त 2025: सावन माह का समापन
यह जानकारी विभिन्न स्रोतों से मिली है, जिनमें प्रमुख समाचार और धार्मिक वेबसाइटें शामिल हैं।
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02/07/25'मानव संसाधन और लेखा से जुड़े कार्य संवेदनशील', केवल नियमित कर्मचारियों को ही सौंपे जाएं ऐसे कार्य : मुख्य सचिव
चंडीगढ़, 02 जुलाई (अभी) - हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागाध्यक्षों, बोर्डों, निगमों और विश्वविद्यालयों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि मानव संसाधन और लेखा से जुड़े संवेदनशील कार्य अनुबंध पर लगे कर्मचारियों को न सौंपे जाएं।
मुख्य सचिव ने इस बात पर बल दिया है कि मानव संसाधन और लेखा महत्वपूर्ण कार्य हैं, जिनमें प्रमुख प्रशासनिक और वित्तीय जिम्मेदारियां निहित हैं। इसलिए, इन मामलों को देखने वाली सभी शाखाओं, प्रभागों या प्रकोष्ठों में केवल ग्रुप-ए, बी, सी या समकक्ष श्रेणियों से संबंधित नियमित कर्मचारी ही कार्यरत होने चाहिए।
13 अगस्त, 2021 के एक पूर्व सरकारी निर्देश का हवाला देते हुए, श्री रस्तोगी ने दोहराया कि संवेदनशील और वित्तीय मामलों से जुड़े पदों का प्रभार केवल नियमित कर्मचारियों को ही दिया जाना चाहिए। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, कुछ विभाग और संगठन इन महत्वपूर्ण कार्यों में अनुबंध कर्मियों को लगा रहे हैं, जो सरकारी नीति का स्पष्ट उल्लंघन है।
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02/07/25विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने देश के पहले राष्ट्रीय निकाय सम्मेलन को लेकर कसी कमर, दिए दिशा निर्देश
चंडीगढ़, 02 जुलाई (अभी) - देश के पहले राष्ट्रीय शहरी स्थानीय निकाय सम्मेलन की तैयारियों के अंतिम रूप को लेकर बुधवार को हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष श्री हरविन्द्र कल्याण ने मानेसर स्थित आईकैट में अधिकारियों को दिशा निर्देश देकर राष्ट्रीय सम्मेलन को यादगार बनाने की बात कही ।
इस अवसर पर श्री कल्याण ने कहा कि विधायिका केवल कानून बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा है। स्थानीय निकायों को और ज्यादा उत्तरदायी बनाने से लोकतंत्र की जड़ें और गहरी होंगी।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि वे सम्मेलन की तैयारियों को सिर्फ तकनीकी या व्यवस्थागत पहलू न मानें, बल्कि इस आयोजन की लोकतांत्रिक और राष्ट्रीय महत्वता को समझें।
लोकतांत्रिक चेतना के प्रसार का अवसर
विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि यह सम्मेलन देशभर की विधायी संस्थाओं, नगर निकायों और प्रशासनिक इकाइयों के बीच संवाद, समन्वय और सहयोग को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल नीति पर चर्चा करना नहीं, बल्कि लोकतंत्र को जमीनी स्तर तक ले जाकर उसमें जन-भागीदारी सुनिश्चित करना है। यह तभी संभव है जब विधायिका जागरूक और सक्रिय हो।
विधान सभा अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों के साथ हर पहलू का निरीक्षण कर राष्ट्रीय शहरी स्थानीय निकाय सम्मेलन की पूर्व संध्या पर अधिकारियों से कहा कि आंगुतकों की मेहमानवाजी इतनी शानदार होनी चाहिए कि उन्हें यह राष्ट्रीय सम्मेलन बरसों तक याद रहे। राष्ट्रीय शहरी स्थानीय निकाय सम्मेलन में आने वाले मेहमानों को पूरा सत्कार हो और वे बेहतरीन लम्हें अपने साथ संजो कर जाएं । ये हम सबका दायित्व है । दो दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन में अलग-अलग विषयों पर शहरी विकास की रूपरेखा पर व्यापक चर्चा होगी।
गुरुग्राम के मानेसर स्थित आईकैट में दो दिवसीय 3 व 4 जुलाई को होने वाले देश के पहले राष्ट्रीय शहरी स्थानीय निकाय सम्मेलन में देश भर के विभिन्न राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों से 500 से अधिक डेलीगेटस भाग ले रहे हैं । लोकसभा व हरियाणा विधान सभा के संयुक्त प्रयासों से हो रहे इस राष्ट्रीय शहरी स्थानीय निकाय सम्मेलन के उदघाटन सत्र में मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला होंगे। राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी व शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी । हरियाणा के राज्यपाल माननीय श्री बंडारू दत्तात्रेय, राज्य सभा के उप सभापति श्री हरिवंश नारायण सिंह भी राष्ट्रीय सम्मेलन की शोभा बढ़ाएंगे । इस राष्ट्रीय शहरी स्थानीय निकाय सम्मेलन की मेजबानी हरियाणा विधान सभा कर रही है देश में पहली बार होने वाले इस राष्ट्रीय शहरी स्थानीय निकाय सम्मेलन की खूबसूरत बात यह है कि इस सम्मेलन में देश की छोटी विधायी संस्थाओं को सीखने समझने व जानने का बडा मौका मिलेगा । राष्ट्रीय शहरी स्थानीय निकाय सम्मेलन को लेकर उत्साह देखते ही बनता है । इस संदर्भ में डीसी श्री अजय कुमार ने बताया कि सत्र के पहले दिन के कार्यक्रम में देश के प्रमुख नगरों भुवनेश्वर, कोयंबटूर, इन्दौर, पुणे, सूरत और विशाखापटनम के कलाकार शानदार प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा संबंधित प्रदेशों द्वारा शहरी निकाय में किए गए उल्लेखनीय कार्यों पर भी चर्चा की जाएगी।
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02/07/25प्रदेश में अपराधियों को लेकर मुख्यमंत्री सैनी सख्त, कड़ी होगी कार्रवाई: सहकारिता, विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा
चंडीगढ़, 02 जुलाई (अभी) - हरियाणा के सहकारिता, विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रदेश में आपराधिक घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को खुली छूट दे रखी है। आपराधिक घटनाओं को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, यहां तक कि पुलिस के आला अधिकारियों को इस विषय में विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं। खुद पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर भी अपराध नियंत्रण को लेकर निगरानी कर रहे हैं।
डॉ. अरविंद शर्मा आज गोहाना में एक निजी प्रतिष्ठान में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। अपराध को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रदेश पुलिस ने आपराधिक घटनाओं पर शिकंजा कसने के लिए विशेष अभियान चला रखा है और इसी कड़ी में पुलिस ने महज एक महीने के दौरान 58 ईनामी बदमाश, 101 गैंगस्टर व उनके सहयोगी व 178 जघन्य अपराध करने वालों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा द्वारा प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पहले की सरकारों से अब कानून व्यवस्था बेहतर हुई है। आज अपराध पर नियंत्रण से लेकर कहीं पर भी अपराधियों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस के कदम आगे रहते हैं।
केन्द्रीय मंत्री राव इंद्रजीत की डिनर डिप्लोमेसी को लेकर पूछे गए सवाल पर सहकारिता मंत्री ने कहा कि सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिपाही हैं, सब एक ही विचारधारा को मानते हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हम सब प्रदेश के हित के लिए कार्य कर रहे हैं। किसी आयोजन में एक साथ बैठकर खाना खाने को इस प्रकार का राजनीतिक रंग देना गलत है।
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02/07/25मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मॉनसून सीजन को लेकर की तैयारियों की समीक्षा
चंडीगढ़, 02 जुलाई (अभी) - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मौजूदा मॉनसून सीजन के मद्देनजर अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी ड्रेनों की पूरी तरह सफाई सुनिश्चित की जाए और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से बचने के लिए प्रभावी जल निकासी प्रणाली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बरसाती पानी के त्वरित निकासी के लिए पर्याप्त संख्या में पंपों की व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आगामी दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए सभी उपायुक्त अपने-अपने जिलों में बारिश के पानी की निकासी के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने उपायुक्तों को जलभराव के संभावित स्थानों की पहचान कर तदनुसार उचित कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।
बरसाती पानी की निकासी के लिए पर्याप्त पंपों की उपलब्धता करें सुनिश्चित
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में उपलब्ध पंपों की संख्या की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पंपों को पूरी तरह चालू स्थिति में रखा जाए ताकि वर्षा जल की निकासी में कोई समस्या न हो। साथ ही उन्होंने सभी उपायुक्तों को अपने जिलों में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, शहरी स्थानीय निकाय, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के पास उपलब्ध पंपों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका समुचित उपयोग किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी उपायुक्त निर्धारित प्रारूप में पंपों की उपलब्धता से संबंधित जानकारी पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पंप सेटों की निर्बाध संचालन के लिए बिजली बैकअप की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जलभराव रोकने के लिए प्रभावी जल निकासी प्रणाली करें सुनिश्चित
ड्रेनों की सफाई की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विशेष रूप से नगरों एवं शहरों से गुजरने वाले ड्रेनों की समुचित सफाई की जाए ताकि ओवरफ्लो की समस्या उत्पन्न न हो सके। उन्होंने फरीदाबाद में गौंछी ड्रेन को कवर करने की संभावना तलाशने और राज्य की अन्य ड्रेनों के लिए भी इसी प्रकार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ड्रेनों का सौंदर्यीकरण किया जाना चाहिए और जाल लगाकर इनमें कचरा डालने से रोका जाए।
बाढ़ की तैयारियों के लिए प्रत्येक जिले को 4.50 लाख रुपये तथा जल निकासी कार्यों के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को 50 लाख रुपये आवंटित
बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न सड़कों, पुलों के निर्माण तथा जल निकासी के लिए भूमिगत पाइपलाइन बिछाने की प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि बाढ़ की तैयारियों के लिए प्रत्येक जिले को 4.50 लाख रुपये की राशि आवंटित की गई है। इसके अतिरिक्त, जल निकासी कार्यों के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को 50 लाख रुपये दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर राज्य आपदा प्रबंधन कोष के तहत अतिरिक्त धनराशि भी आवंटित की जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को मानसून सीजन के दौरान दूषित पानी के कारण होने वाली तथा वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए उपयुक्त कदम उठाने के भी निर्देश दिए।
राज्य सरकार का प्रयास प्रत्येक पात्र लाभार्थी को मिले सरकारी योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि समाधान शिविरों के दौरान प्राप्त शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह निरंतर प्रयास है कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचे। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में आवेदन खारिज किया जाता है, वहां जनता की संतुष्टि के लिए आवेदक को स्पष्ट और विशिष्ट कारण बताए जाएं। यदि नीतिगत बाधा के कारण किसी विषय का समाधान नहीं हो पा रहा है, तो उपायुक्त उचित कार्रवाई के लिए आवेदन को मुख्य सचिव कार्यालय को भेजें।
बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, पुलिस महानिदेशक श्री शत्रुजीत कपूर, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष श्री विनीत गर्ग, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण (पीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री के. मकरंद पांडुरंग, डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया, निगरानी एवं समन्वय विभाग की विशेष सचिव डॉ. प्रियंका सोनी सहित विभिन्न विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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02/07/25सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को दी जाएगी मुफ्त कोचिंग-शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा
चंडीगढ़, 02 जुलाई (अभी) - हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में और अधिक सुधार लाना व विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। इसी कड़ी में सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को मुफ्त कोचिंग दी जाएगी, ताकि वे आईआईटी, एनडीए व अन्य परीक्षाओं में सफल हो सकें। इसको लेकर शिक्षा विभाग द्वारा पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत पहले कुछ ब्लाकों में सरकारी स्कूलों के बेहतरीन शिक्षकों द्वारा स्कूल टाइम के बाद मेधावी विद्यार्थियों को कोचिंग दी जाएगी। ये प्रोजेक्ट सफल रहा तो इसे प्रदेश भर में लागू किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री आज पंचकूला स्थित शिक्षा सदन में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों में अभिभावकों-शिक्षकों की बैठक करने की योजना है। ताकि अभिभावकों को अपने बच्चों के शिक्षा के स्तर की जानकारी हो और वे बच्चों की शिक्षा में और गुणवत्ता लाने में सहयोग कर सकें।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों का विश्व भर में खेलों में डंका बजा हुआ है। हमारे खिलाड़ी ही ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप, एशियन गेम्स व कामनवेल्थ खेलों में सबसे ज्यादा पदक जीत रहे हैं। खिलाड़ियों की स्कूल टाइम से ही खेल की नींव मजबूत होती है। इसलिए सरकारी स्कूलों में न सिर्फ खिलाड़ियों को अच्छी ट्रेनिंग दी जाएगी, बल्कि खेलों का ज्यादा से ज्यादा सामान भी मुहैया करवाया जाएगा। जो खेल का सामान स्कूलों को पहले दिया गया है, शिक्षक उसे खिलाड़ियों को अभ्यास करने के लिए दें। वे इसकी स्वयं समय-समय पर समीक्षा भी करेंगे। लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा है। हरियाणा प्रदेश भी हिंदी भाषी है। शिक्षा विभाग के कार्यालयों में हिंदी भाषा का प्रयोग किया जाए। इसमें कोई कोताही सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह बड़े ही गर्व की बात है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मिल की योजना में हरियाणा देश में प्रथम स्थान पर है। शिक्षा के साथ-साथ बच्चों की सेहत पर भी ध्यान दिया जा रहा है और उन्हें पौष्टिक आहार दिया जा रहा है।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा श्री विनीत गर्ग, एलीमेंट्री एजुकेशन के निदेशक श्री विवेक अग्रवाल और सेकेंडरी एजुकेशन के निदेशक श्री जितेंद्र दहिया व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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02/07/25महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक एमडीयू ने जारी किया परीक्षा परिणाम
चंडीगढ़, 02 जुलाई (अभी) - महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक ने एमए लोक प्रशासन पंचवर्षीय के प्रथम सेमेस्टर की री-अपीयर की परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि परीक्षा परिणाम विश्वविद्यालय वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा।
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02/07/25ग्रामीण क्षेत्र के विकास में कमी नहीं रहने देगी नायब सरकार :- विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार
चंडीगढ़, 02 जुलाई (अभी) - हरियाणा के विकास एवं पंचायत, भूगर्भ एवं खनन मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा है कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की नेतृत्व वाली राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्र के विकास में कमी नहीं आने देगी।
श्री पंवार आज रोहतक के गांव काहनौर में पंचायत विभाग द्वारा बनाई गई गुर्जर चौपाल व आर.ओ. प्लांट का उद्घाटन करने के उपरांत सामुदायिक केंद्र में मौजूद ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। गुर्जर चौपाल के निर्माण पर लगभग 40 लाख रुपए की राशि खर्च की गई है। इसी प्रकार से लगभग 16 लाख रुपए की लागत से ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आर.ओ प्लांट लगाया गया है।
उन्होंने गुर्जर चौपाल में शौचालय बनवाने के लिए 5 लाख रुपए की अनुदान राशि देने की घोषणा की। इसके अलावा सामुदायिक केंद्र में ए.सी. लगवाने के लिए अलग से 5 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में हरियाणा में दूसरे नंबर पर रहने वाली एसवीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल काहनौर की छात्रा दिवांशी को 21 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की और स्कूल की निदेशक अनीता शर्मा को सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीति के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में तीन कर्म के वे सभी रास्ते जो सिजरा में शामिल है, को पक्का किया जा रहा है।
विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि सरकार की योजना के तहत प्रदेश के 250 गांवों में इंडोर जिम खोले जा चुके हैं और यह सिलसिला लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि व्यायाम शालाओं का सुधारीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नायब सरकार ने प्रदेश के 19 हजार तालाबों का सुधारीकरण करने का निर्णय लिया है। इनमें 6000 गंदे तालाब है। पहले चरण में 2200 तालाबों का सुधारीकरण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार की योजना के तहत हर गांव में महिला सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किया जा रहे हैं, जहां पर महिलाएं भजन-कीर्तन कर सकती हैं। ग्रामीण बच्चों की शिक्षा के मद्देनजर भरे गांव में ई-लाइब्रेरी स्थापित की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी गरीब व्यक्ति जो 20 साल से अधिक समय से गांव की फिरनी के अंदर रह रहा है, तो सरकार ने ऐसे गरीब व्यक्ति का मकान न तोड़ने का फैसला किया है। ऐसे व्यक्ति को कलेक्टर रेट पर मालिकाना हक दिलवाया जा रहा है। गांव की फिरनी को पक्का करके स्ट्रीट लाइट लगाई जा रही है। श्मशान घाट व कब्रिस्तान की चारदीवारी व शेड लगाए जा रहे है।
श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि राज्य सरकार ने ऐसे सभी गांव को महाग्राम योजना में शामिल किया है, जिनकी आबादी 15000 से ज्यादा है। महाग्राम योजना के तहत ऐसे गांवों का विकास करके शहरों जैसी सुविधाएं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश के 5 करोड़ से ज्यादा गरीब परिवारों के लोगों को योजना के तहत मकान प्रदान किए हैं। इसी प्रकार से 12 करोड़ घरों में शौचालय बनवाए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी की योजना के तहत हर घर में नल के माध्यम से शुद्ध जल देने का काम किया जा रहा है।
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02/07/25वर्ल्ड बैंक की टीम ने सरस्वती नदी व रिवर रिचार्जिंग सिस्टम का किया दौरा
चंडीगढ़, 02 जुलाई (अभी) - हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के वाइस चेयरमैन श्री धूमन सिंह किरमिच ने बताया कि सरस्वती नदी के ऊपर कई जलाशय स्थापित किए हैं, जिनकी वजह से वॉटर लेवल बढ़ा है। पिछले 3 वर्ष से सरस्वती नदी में पानी चलने से किसान ख़ुश हैं और गांव बोहली व ईसरगढ़ क्षेत्र के आस -पास के गांवो के लिए सरस्वती नदी वरदान साबित हो रही है।
वर्ल्ड बैंक की टीम से लिड वॉटर रिसोर्स मैनेजमेंट स्पेशलिस्ट डॉ जूप स्टाउटजिस्टिक और डॉक्टर बोगचन बेलनी स्पेशलिस्ट प्रिंसिपल इरीगेशन और ड्रेनेज सिस्टम ने गांव बोहली व ईसरगढ़ में सरस्वती नदी व रिवर रिचार्जिंग सिस्टम का किया दौरा किया
उन्होंने बताया कि सरस्वती बोर्ड सरस्वती नदी को रिज़र्व नेट करने के लिए लगा है। हमारा उद्देश्य सरस्वती नदी में 12 महीने पानी चलाने का है जो अभी छह से सात महीने तक पानी चलता है। सरस्वती बोर्ड आदिबद्री में एक डैम बैराज व एक बड़ा जलाशय बनाकर सरस्वती नदी में 12 महीने पानी चलाने के लिए प्रयासरत है और वह सपना दूर नहीं है जब जल्द ही 12 महीने सरस्वती में पानी चलेगा।
श्री धूमन सिंह ने बताया कि सरस्वती नदी हमारी संस्कृति व सभ्यता है। अब सरस्वती का कार्य उत्तराखंड के बन्दर पूँछ ग्लेशियर से लेकर हिमाचल, हरियाणा, राजस्थान व गुजरात के रण -कच्छ तक चिह्नित कर लिया गया है जिसमें हरियाणा में 400 किलोमीटर में पानी अभी चल रहा है जो बिलासपुर से लेकर सिरसा ओट्टू हेड तक सरस्वती चौटांग नदी, लिंडा नाला, टांगरी नदी, मारकंडा नदी व घाघर नदी व अन्य नालों का पानी लेकर भी आगे सिरसा तक जाती है जिसका अगला पड़ाव राजस्थान में आता है। वर्ल्ड बैंक के दोनों अधिकारियों ने सरकार के सरस्वती नदी प्रोजेक्ट को नदी के किनारे स्थापित रिचार्ज को सहराना की है। इस दौरान उनके साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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02/07/25खेल मंत्री गौरव गौतम ने नरेंद्र कुमार को माउंट एल्ब्रस पर चढ़ाई के लिए प्रस्थान हेतु फ्लैग ऑफ कर दी शुभकामनाएं
चंडीगढ़, 02 जुलाई (अभी) - हिसार जिले के गांव मिंगनी खेड़ा के युवा पर्वतारोही नरेंद्र कुमार ने दुनिया की सबसे दुर्गम चोटी, माउंट एल्ब्रस, जो कि यूरोप की सबसे ऊंची चोटी भी है, पर चढ़ाई करने का साहसिक निर्णय लिया है। इस महत्वपूर्ण यात्रा के लिए उनका प्रस्थान हाल ही में हुआ, जिसमें हरियाणा के खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने नरेंद्र कुमार को फ्लैग ऑफ कर शुभकामनाएं दी।
खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने इस अवसर पर कहा कि यह यात्रा न केवल नरेंद्र कुमार के लिए, बल्कि हरियाणा और देश के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने पर्वतारोही के साहस और समर्पण की सराहना की और उनकी सुरक्षित यात्रा की कामना की।
इस मौके पर नरेंद्र कुमार ने अपनी तैयारियों के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्होंने इस चढ़ाई के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण लिया है और उन्हें अपने शहर और राज्य का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने यह भी कहा कि यह चढ़ाई केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि अपने देश के युवाओं के लिए एक प्रेरणा देने का भी अवसर है।
इससे पहले हाल ही में इन्होंने विश्व की सबसे खतरनाक चोटियों में से एक माउंट अन्नपूर्णा जिसकी ऊंचाई 8,091 मीटर है, पर तिरंगा झंडा फहरा कर हरियाणा का पहला पर्वतारोही बनने का गौरव हासिल करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की थी। पर्वतारोही नरेंद्र कुमार ने पर्वतारोहण में कई राष्ट्रीय और विश्व स्तरीय उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनमें माउंट किलिमंजारो पर 5 दिनों में 2 बार चढ़ाई करके विश्व रिकॉर्ड बनाना शामिल है।
पर्वतारोही नरेंद्र कुमार का अगला लक्ष्य विश्व की 14 सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराना है।
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02/07/25राइट टू सर्विस उल्लंघन में दोषी पाए गए अधिकारी पर लगाया 5 हजार रुपये का जुर्माना
चंडीगढ़, 02 जुलाई (अभी) - हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने एम.एस.एम.ई. विभाग के डी.ओ.-कम-सीनियर अकाउंट ऑफिसर पर 5 हजार रुपये का प्रतीकात्मक जुर्माना लगाया है।आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि आयोग ने फरीदाबाद की एक एम.एस.एम.ई. इकाई को वित्तीय सहायता के वितरण में हुई अत्यधिक देरी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर कड़ी टिप्पणी की है और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
उल्लेखनीय है कि यह मामला 24 दिसंबर 2024 को जिला कार्यालय में दाखिल हुआ था, परंतु आयोग द्वारा 20 मई 2025 को नोटिस जारी किए जाने के बाद ही इसमें त्वरित कार्रवाई संभव हो सकी और 30 मई 2025 को राशि का वितरण हो पाया।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह मामला केवल वितरण से संबंधित नहीं था, बल्कि इसमें अनुमोदन, स्वीकृति और वितरण तीनों चरण शामिल थे, जिनकी कुल समय-सीमा 66 कार्य दिवस निर्धारित है। इसके बावजूद 2 लाख रुपये की मामूली सहायता राशि के वितरण में लगभग पाँच माह का समय लग गया, जो किसी भी एम.एस.एम.ई. इकाई के लिए आर्थिक रूप से हानिकारक है।
आयोग ने इस प्रक्रिया में राजपत्र अधिसूचना की खुली अवहेलना, प्रशिक्षण की कमी तथा मुख्यालय एवं जिला स्तर पर दिशा-निर्देशों के अभाव को चिह्नित किया है। आयोग ने एस.जी.आर.ए. और एफ.जी.आर.ए. की जिम्मेदारी निभा रहे अधिकारियों द्वारा अधिसूचना के विपरीत कार्य करने को 'अवैध' करार दिया है और संबंधित अधिकारियों को ऐसा करने से रोका है।
आयोग ने एस.जी.आर.ए. के रूप में कार्य कर रहे अधिकारी द्वारा अपीलों के निस्तारण में दी गई ‘अस्पष्ट टिप्पणियों’ को भी कानून के उल्लंघन की श्रेणी में माना है और उन्हें चेतावनी जारी की है। साथ ही, फरीदाबाद के एम.एस.एम.ई. विभाग के संयुक्त निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि डी.ओ.-कम-सीनियर अकाउंट ऑफिसर पर 5 हजार रुपये का प्रतीकात्मक जुर्माना लगाया गया है, जिसे उनकी जुलाई माह के वेतन से काटकर राज्य कोष में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यालय के सहायक को इस बार चेतावनी देते हुए भविष्य में अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आयोग ने उनके नाम को भविष्य की निगरानी हेतु अपने डाटाबेस में दर्ज किया है।
इसके साथ ही, आयोग ने एम.एस.एम.ई. महानिदेशक को सभी जिलों एवं मुख्यालय के अधिकारियों हेतु प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने, एक मानक चेकलिस्ट तैयार करने तथा 30 जुलाई 2025 तक अनुपालन रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने यह भी कहा है कि वह हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम एवं ऑटो अपील प्रणाली पर प्रशिक्षण हेतु अपना प्रतिनिधि भेजने को तैयार है।
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02/07/25हरियाणा सरकार ने पार्ट टाइम और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की वेतन दरों में किया संशोधन
चंडीगढ़, 02 जुलाई (अभी) - हरियाणा सरकार ने अपने पार्ट टाइम और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए वेतन दरों में संशोधन किया है। बढ़ी हुई दरें 1 जनवरी, 2025 से प्रभावी होंगी।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस बारे में अधिसूचना जारी की गई है।
संशोधित दरों के अनुसार दो वेतन स्लैब बनाए गए हैं। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के अनुसार यदि किसी पार्ट टाइम या दैनिक वेतनभोगी का मासिक वेतन 19,900 रुपये है तो उसका दैनिक वेतन 765 रुपये, प्रति घंटा वेतन 96 रुपये निर्धारित किया गया है। अगर कोई कर्मचारी महीने में प्रतिदिन एक घंटा काम करता है तो उसे प्रतिमाह 2487 रुपये वेतन मिलेगा।
इसी प्रकार यदि निगम द्वारा किसी कर्मचारी का वेतन 24,100 निर्धारित किया गया है तो उसका दैनिक वेतन 927 रुपये जबकि प्रति घंटा 116 रुपये निर्धारित किया गया है। अगर कोई कर्मचारी महीने में प्रतिदिन एक घंटा काम करता है तो उसे प्रतिमाह 3012 रुपये वेतन मिलेगा।
सरकार ने ग्रुप-सी और ग्रुप डी के सरकारी नियमित कर्मचारियों के लिए प्रतिपूरक अवकाश प्रदान हरियाणा सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 2016 में संशोधन की अधिसूचना जारी कर दी है।
संशोधित नियम के तहत यदि कर्मचारी अधिसूचित अवकाश पर आधिकारिक ड्यूटी करते हैं, तो वे एक माह के भीतर प्रतिपूरक अवकाश के हकदार होंगे। यह अवकाश संबंधित छुट्टियों और स्टेशन लीव के साथ भी लिया जा सकता है। हालांकि किसी भी परिस्थिति में कुल अवकाश अवधि 16 दिनों से अधिक नहीं होगी। यदि कोई कर्मचारी एक महीने की अवधि के भीतर प्रतिपूरक अवकाश के लिए आवेदन करता है और स्वीकृति प्राधिकारी अनुरोध को अस्वीकार कर देता है, तो अगले 15 दिनों के भीतर छुट्टी का लाभ उठाया जा सकता है, अन्यथा छुट्टी समाप्त मानी जाएगी। इसके अलावा, यदि उसी दिन के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किया गया है या प्रस्तावित है तो प्रतिपूरक अवकाश प्रदान नहीं किया जाएगा।
सरकार ने हरियाणा सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 2016 में संशोधन की भी अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के अनुसार, अब सभी नियमित महिला कर्मचारियों को प्रति कैलेंडर वर्ष 25 आकस्मिक अवकाश मिलेंगे।
इसके अतिरिक्त, कैलेंडर वर्ष में 30 जून से पहले नियुक्त होने वाली नियमित महिला कर्मचारियों को अब 20 के स्थान पर 25 जबकि पुरुष कर्मचारियों को 10 आकस्मिक अवकाश मिलेंगे। 30 जून से 30 सितंबर के बीच नियुक्त होने वाली महिला कर्मचारियों को 12 जबकि पुरुष कर्मचारियों को 5 आकस्मिक अवकाश मिलेंगे। वहीं, 30 सितंबर के बाद नियुक्त होने वाली महिला कर्मचारियों को 6 जबकि पुरुष कर्मचारियों को 2 आकस्मिक अवकाश मिलेंगे। इसके अलावा, 30 नवंबर के बाद नियुक्त होने वाली महिला कर्मचारियों को 3 जबकि पुरुष कर्मचारियों को एक आकस्मिक अवकाश मिलेगा।
इसके अलावा, 10 वर्ष की सेवा के दौरान पुरुष कर्मचारियों को 10 दिन, 10 वर्ष से अधिक परन्तु 20 वर्ष से कम की सेवा पर 15 दिन तथा 20 साल की सेवा के बाद 20 का आकस्मिक अवकाश मिलेगा। सरकारी कर्मचारी जिस वर्ष में 10 या 20 साल की सेवा पूरी करता है, वह उस कलैण्डर वर्ष से यह बढ़े हुए अवकाश लेने का हकदार होगा।
इसके अलावा, यदि सेवा के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है तो मृतक कर्मचारी का परिवार या तो दो साल के लिए किराया भत्ता ले सकेगा या सामान्य लाइसेंस फीस के भुगतान पर दो साल के लिए सरकारी आवास रख सकेगा। यदि मृतक सरकारी कर्मचारी के परिवार द्वारा स्वेच्छा से सरकारी आवास दो साल से पहले सुपुर्द कर दिया जाता है तो शेष अवधि के किराया भत्ता नहीं मिलेगा।
राज्य सरकार ने आउटसोर्सिंग पॉलिसी भाग-2 के तहत विभागों, बोर्डों और निगमों में कार्यरत कर्मचारियों के अनुबंध की अवधि एक माह के लिए बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। अब इन कर्मचारियों का अनुबंध 31 जुलाई, 2025 तक प्रभावी रहेगा।
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02/07/25प्रथम नेशनल यूथ अंडर-18 बालक एवं बालिका वर्ग कबड्डी प्रतियोगिता में हरियाणा की टीमों ने प्रदेश का नाम किया रोशन
चंडीगढ़, 02 जुलाई (अभी) - हरियाणा के विकास एवं पंचायत श्री कृष्ण लाल पंवार, जो हरियाणा एमेच्योर कबड्डी एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, ने उत्तराखंड में 28 जून से 1 जुलाई तक आयोजित प्रथम नेशनल यूथ अंडर-18 बालक एवं बालिका वर्ग कबड्डी प्रतियोगिता के दोनों वर्गों में पदक जीतने पर खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस प्रतियोगिता में हरियाणा की बेटियों ने स्वर्ण पदक तथा बेटों को रजत पदक अपने नाम किया।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की बालिका वर्ग की टीम ने फाइनल मुकाबले में राजस्थान को 39-35 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया, वहीं बालक वर्ग की टीम को फाइनल में चंडीगढ़ के साथ कड़े मुकाबले में पूरे समय में बराबरी पर रहते हुए व फिर पाँच-पाँच रेड पर भी बराबर हुए और गोल्डन रेड पर बराबरी रही, फिर दुसरी गोल्डन रेड पर 44-43 के अंतर से रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की खेल नीति के फलस्वरूप ही आज हरियाणा के खिलाड़ी ओलंपिक, एशिया, राष्ट्रमंडल व हर स्तर की राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में देश व प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। कबड्डी हरियाणा का पारंपरिक खेल रहा है। इससे पूर्व भी हरियाणा के खिलाड़ी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी खेल की छाप छोड़ चुके हैं और अब युवा वर्ग में हरियाणा के खिलाड़ियों को प्रथम व द्वितीय स्थान मिलने के बाद अब यह सुनिश्चित हो चुका है कि भविष्य में भी हरियाणा का कबड्डी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रहेगा।
श्री पंवार ने कहा कि इस ऐतिहासिक जीत ने हरियाणा कबड्डी को एक और नया मुकाम दिया है और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और सम्पर्ण को सिद्ध किया है। उन्होंने कबड्डी एसोसिएशन के चेयरमैन कुलदीप दलाल, सचिव नसीब जाँघू, लड़कों व लड़कियों की टीम के कोचों और सभी पदाधिकारियों को भी बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि आज देश- विदेश में हरियाणा के खिलाड़ियों का डंका बज रहा है। मुख्यमंत्री श्री नायाब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार द्वारा खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए ओलंपिक व पैरा ओलंपिक में पदक विजेता खिलाड़ियों को सर्वाधिक पुरस्कार की राशि भी दी जा रही है, जिससे खिलाड़ियों को और अधिक प्रोत्साहन मिल रहा है।
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02/07/25*‘डिनर में अगर मुझे बुलाया गया होता, तो मैं भी शामिल होता’ - विज*
‘डिनर में अगर मुझे बुलाया गया होता, तो मैं भी शामिल होता’ - विज
चंडीगढ़, 2 जुलाई - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि राज्य सरकार ने तबादला नीति में संशोधन करते हुए यह निर्णय लिया है कि जिन विभागों में 50 से अधिक पदों का काडर है, उनमें स्थानांतरण केवल ऑनलाईन तबादला नीति के अंतर्गत ही किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कि जब तक उनके संबंधित विभागों में ऑनलाईन प्रक्रिया प्रारंभ नहीं होती, तब तक कोई भी स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस संदर्भ में अपने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं।
श्री विज ने आज चंडीगढ़ में मीडिया कर्मियों द्वारा ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम विभाग में तबादलों पर लगाए गए रोक के संदर्भ में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में दे रहे थे।
खड़गे जी और कांग्रेस पार्टी वास्तव में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान का सम्मान नहीं करते- विज
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा दिए गए इस बयान कि ‘संविधान को बदलने नहीं दिया जाएगा’ के जवाब में श्री विज ने कहा कि खड़गे जी और कांग्रेस पार्टी वास्तव में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान का सम्मान नहीं करते। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने संविधान में समावेशी दृष्टिकोण अपनाते हुए हर वर्ग के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की थी, लेकिन ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘समाजवाद’ जैसे शब्द मूल संविधान में शामिल नहीं किए गए थे। ये शब्द बाद में आपातकाल के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा तानाशाहीपूर्ण तरीके से जोड़े गए थे, जब नागरिक अधिकारों को निलंबित कर कई लोगों को बिना मुकदमे जेल में डाल दिया गया था।
आरएसएस विश्व की सबसे बड़ा सामाजिक संगठन, पिछले 100 वर्षों से देश में राष्ट्रभाव और चरित्र निर्माण का कार्य कर रही- विज
कर्नाटक के एक मंत्री द्वारा ‘कांग्रेस के सत्ता में आने पर आरएसएस को बैन किया जाएगा’ संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री विज ने व्यंग्यपूर्वक कहा, ‘न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेगी’। उन्होंने कहा कि आरएसएस विश्व की सबसे बड़ी सामाजिक संगठन है, जो पिछले 100 वर्षों से देश में राष्ट्रभाव और चरित्र निर्माण का कार्य कर रही है। इस संगठन के लाखों स्वयंसेवक राष्ट्रीय चेतना के प्रचार-प्रसार में संलग्न हैं। आरएसएस की आलोचना का तात्पर्य राष्ट्रवाद की आलोचना से है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है और देश को चरित्रवान करने से रोकना प्रतीत होता है।
‘यदि कांग्रेस संगठन बनाती है तो मैं इसका स्वागत करता हूं’ - विज
राहुल गांधी द्वारा हरियाणा में 30 जून तक कांग्रेस संगठन के पुनर्गठन की घोषणा, के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में श्री विज ने कहा कि जिस पार्टी का पिछले 11 वर्षों से कोई संगठनात्मक ढांचा नहीं है, जहां पदाधिकारी नहीं हैं और जहां कोई आंतरिक लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं है, वहां संगठन बनाना एक कठिन कार्य है। उन्होंने कहा, ‘यदि कांग्रेस संगठन बनाती है तो मैं इसका स्वागत करता हूं, क्योंकि लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष का होना आवश्यक है’।
‘डिनर में अगर मुझे बुलाया गया होता, तो मैं भी शामिल होता’ - विज
पिछले दिनों केन्द्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह द्वारा आयोजित रात्रिभोज के राजनीतिक निहितार्थ पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में श्री विज ने कहा कि यदि कुछ लोग आपसी सामंजस्य के तहत साथ भोज करते हैं तो इसका राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘डिनर में अगर मुझे बुलाया गया होता, तो मैं भी शामिल होता’। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा अपने क्षेत्र के लोगों या सहयोगियों के साथ भोजन करना सामान्य सामाजिक प्रक्रिया है और इसका कोई राजनीतिक तात्पर्य निकालना है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि राव इंद्रजीत सिंह की पुत्री राज्य सरकार में मंत्री हैं, अतः भोज में विधायकों की उपस्थिति कोई असामान्य बात नहीं है।
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02/07/25खटीक समाज हरियाणा के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से की मुलाकात
चंडीगढ़, 02 जुलाई (अभी) - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से आज चंडीगढ़ में सामाजिक, न्याय अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण और अंत्योदय (सेवा) मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी के नेतृत्व में खटीक समाज हरियाणा के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल ने आगामी 6 सितंबर 2025 को हिसार में आयोजित होने वाले संत शिरोमणि दुर्बलनाथ महाराज जी के राज्य स्तरीय जयंती समारोह के लिए मुख्यमंत्री को आमंत्रण पत्र भेंट किया।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के सिद्धांत पर चलते हुए संत दुर्बलनाथ शिक्षा समिति, खटीक समाज को सामाजिक, धार्मिक और शैक्षणिक कार्यों के संचालन हेतु पीलए सेक्टर, हिसार में 781.82 वर्ग मीटर भूमि सरकारी दर पर आवंटित की गई है।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वे 6 सितंबर को आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करें और उक्त भूमि पर निर्माण कार्य की आधारशिला भी रखें।
मुख्यमंत्री ने खटीक समाज द्वारा समाज के उत्थान और एकजुटता के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता और भाईचारे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने संतों व महापुरुषों के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 'संत-महापुरुष सम्मान विचार एवं प्रसार योजना' शुरू की हुई है। इसके तहत सभी समाज के संतों-महापुरुषों की जयंतियों व विशेष दिनों को राज्य स्तर पर मनाया जा रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि हरियाणा सरकार सामाजिक समरसता एवं सभी वर्गों के उत्थान हेतु सदैव प्रतिबद्ध है।
प्रतिनिधिमंडल में संत दुर्बलनाथ शिक्षा समिति, हिसार के प्रधान श्री रघुबीर सिंह बड़गुजर, श्री पूरणचंद पंवार, श्री रमेश रतवाया, श्री ठाकर दत्त पंवार, श्री नेकराम बसवाला, श्री सलीराम चंदेल, श्री शेरसिंह खन्ना, डॉ. सतपाल चावला, प्रो. सुरेंद्र बड़गुजर, एडवोकेट सुमित मैनी, श्री प्रवेश कुमार सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
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02/07/25शहरी निकायों का मानेसर में 3 और 4 जुलाई को प्रथम दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का होगा आयोजन
चंडीगढ़, 02 जुलाई (अभी) - गुरुग्राम जिला के मानेसर स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (आईसीएटी) में देशभर के सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के शहरी स्थानीय निकाय के संवैधानिक लोकतंत्र व राष्ट्र निर्माण में मजबूत भूमिका विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 3 व 4 जुलाई को किया जा रहा है। राष्ट्रीय सम्मेलन के सफल आयोजन को लेकर सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। हरियाणवीं सांस्कृतिक विरासत के साथ ही समृद्ध संस्कृति से हरियाणा देश के प्रतिनिधियों की मेजबानी करते हुए भव्य स्वागत के लिए तैयार है।
डीसी अजय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार 3 जुलाई को तथा 4 जुलाई को शहरी स्थानीय निकायों की 'संवैधानिक लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण में भूमिका' विषय पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला के कर कमलों द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष श्री हरविन्द्र कल्याण निरन्तर सम्मेलन की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में लोकसभा के महासचिव श्री उत्पल कुमार सिंह मौजूद रहेंगे। उद्घाटन सत्र में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल और हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
डीसी ने बताया कि सम्मेलन में देशभर से नगर निगमों के मेयर, आयुक्त एवं अन्य प्रतिनिधि भाग लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य शहरी प्रशासन को अधिक प्रभावी, समावेशी और नवाचारोन्मुख बनाना है, जिससे 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को साकार किया जा सके। डीसी ने बताया कि सत्र के पहले दिन के कार्यक्रम में देश के प्रमुख नगरों- भुवनेश्वर, कोयंबटूर, इंदौर, लखनऊ, पुणे, सूरत और विशाखापट्टनम द्वारा अपनाई गई सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके उपरांत पांच अलग-अलग उपविषयों पर कार्यशालाएं आयोजित होंगी, जिनमें लोकतंत्र की आधारशिला के रूप में शहरी स्थानीय निकाय की भूमिका, परिषद की बैठकों की आदर्श कार्य प्रणाली और आचार संहिता विकसित करना, समावेशी विकास के इंजन के रूप में स्थानीय निकायों की भूमिका, नगर पालिका शासन को अधिक प्रभावशाली बनाना, नवाचार के केंद्र, नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार, महिला सशक्तिकरण के वाहक और 21वीं सदी के भारत के निर्माता के रूप में, समाज और राजनीति में महिलाओं को नेतृत्व के लिए तैयार करने संबंधी विषय शामिल हैं।
डीसी अजय कुमार ने बताया कि इसी प्रकार शुक्रवार, 4 जुलाई के सत्र में उपविषयों पर समूह प्रस्तुतियां, लोकसभा अध्यक्ष के साथ अनौपचारिक संवाद और एक समापन सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश, हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय, हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्डा शिरकत करेंगे। यह सम्मेलन न केवल शहरी प्रशासन के भविष्य की दिशा तय करेगा, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक और विकासात्मक मार्ग को भी सशक्त बनाएगा।
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02/07/25पात्र लोगों को पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र बनवाने में नहीं आनी चाहिए कोई दिक्कत: लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा
चंडीगढ़, 02 जुलाई (अभी) - प्रदेश के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने प्रदेश में पिछड़ा वर्ग (नॉन-क्रीमी लेयर) प्रमाण पत्र को लेकर आ रही समस्याओं पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को इस सम्बंध में स्पष्ट निर्देश जारी करने को लेकर हरियाणा के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है।
राज्य के विभिन्न पिछड़ा वर्ग समुदायों के प्रतिनिधिमंडलों ने कैबिनेट मंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई थी कि उनके बच्चों को पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र (एनसीएल) बनवाने में सरल पोर्टल के माध्यम से तकनीकी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस पर कैबिनेट मंत्री श्री गंगवा ने स्पष्ठ किया कि हरियाणा सरकार की अधिसूचना दिनांक 16 जुलाई 2024 के अनुसार, पिछड़ा वर्ग (एनसीएल) की श्रेणी निर्धारित करने के लिए वेतन और कृषि आय को आय सीमा से बाहर रखा गया है। जिन व्यक्तियों की सकल आय 8 लाख रुपये तक है, वे इस श्रेणी में आते हैं।
लेकिन, कई तहसीलदार और नायब तहसीलदार अधिसूचना की अनुपालना की बजाय वेतन या कृषि आय को भी कुल आय में जोड़ रहे हैं, जिससे वास्तविक पात्रों को प्रमाण पत्र मिलने में दिक्कत हो रही है।
मंत्री श्री गंगवा ने मुख्य सचिव के माध्यम से सभी उपायुक्तों और तहसीलदारों को स्पष्ट निर्देश जारी करने की बात कही है कि अधिसूचना का हिदायतों के अनुसार पालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा, "पिछड़ा वर्ग के पात्र लोगों को प्रमाण पत्र प्राप्त करने में कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए। अधिकारी नियमों की सही अनुपालना करें और पात्र आवेदकों को शीघ्र प्रमाण पत्र जारी करें। इस मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, नियमो को अनदेखा करने वालों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी"
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02/07/25हरियाणा में आईएएस अधिकारी 30 सितम्बर तक भेज सकते हैं यूपीएस का विकल्प
चंडीगढ़, 02 जुलाई (अभी) :- हरियाणा में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत आने वाले आईएएस अधिकारी अब 30 सितम्बर, 2025 यूनिफाइड पेंशन स्कीम का विकल्प चुन सकते हैं।
मुख्य सचिव द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार विकल्प भेजने की अंतिम तिथि 30 जून, 2025 से बढ़ाकर 30 सितम्बर, 2025 कर दी गई है।
यूपीएस का विकल्प चुनने अधिकारियों को अपना विकल्प निर्धारित प्रपत्र में भरकर मुख्य सचिव कार्यालय की सर्विसेज-3 शाखा में ई-मेल supdtservicesiiigmail.com पर भेजना होगा।
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02/07/25प्रशासनिक कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए हरियाणा सरकार ने लगाए लिंक अधिकारी
चंडीगढ़, 02 जुलाई (अभी) - हरियाणा सरकार ने जिला नगर आयुक्त की अनुपस्थिति में प्रशासनिक कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए लिंक अधिकारी नियुक्त किए हैं। ये लिंक अधिकारी अवकाश, प्रशिक्षण, दौरे, चुनाव ड्यूटी अथवा स्थानान्तरण या सेवानिवृत्ति के चलते या किसी अन्य कारण से सम्बन्धित अधिकारी की अनुपस्थिति में उस विभाग का कार्यभार सम्भालेंगे।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार, जिला नगर आयुक्त के मामले में अतिरिक्त उपायुक्त को लिंक अधिकारी-1 तथा जिला परिषद और डीआरडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को लिंक अधिकारी-2 लगाया गया है।
इसी तरह, श्री माता शीतला देवी पूजा स्थल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के मामले में उप मंडल अधिकारी (नागरिक), उत्तरी गुरुग्राम को लिंक अधिकारी-1 और उप मंडल अधिकारी (नागरिक), बादशाहपुर को लिंक अधिकारी-2 नियुक्त किया गया है।
श्री माता मनसा देवी पूजा स्थल बोर्ड के सीईओ के मामले में उप मंडल अधिकारी (नागरिक), पंचकूला को लिंक अधिकारी-1 और उप मंडल अधिकारी (नागरिक), कालका को लिंक ऑफिसर-2 लगाया गया है।
इसके अलावा, उप मंडल अधिकारी (नागरिक), लोहारू के मामले में उप मंडल अधिकारी (नागरिक), भिवानी को लिंक अधिकारी-1 और उप मंडल अधिकारी (नागरिक), तोशाम को लिंक अधिकारी-2 नियुक्त किया गया है।
उप मंडल अधिकारी (नागरिक), बाढड़ा के मामले में उप मंडल अधिकारी (नागरिक), चरखी दादरी को लिंक अधिकारी-1 और उप मंडल अधिकारी (नागरिक), भिवानी को लिंक अधिकारी-2 नियुक्त किया गया है।
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02/07/25उपमुख्यमंत्री ने भीलवाड़ा में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित स्वयंसिद्धा मेले का किया अवलोकन, महिला उद्यमियो का किया उत्साहवर्धन
एन.एस. बाछल, 02 जुलाई, जयपुर।
उपमुख्यमंत्री एवं भीलवाड़ा जिला प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर लघु उद्योग भारती द्वारा महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से आयोजित स्वयंसिद्धा— 2025 मेले का अवलोकन किया और महिला उद्यमियो का उत्साहवर्धन किया। इसके पश्चात उपमुख्यमंत्री ने लघु उद्योग भारती द्वारा महिला सशक्तिकरण थीम पर आयोजित सेमिनार में भाग लिया।
डॉ. बैरवा ने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना मातृ शक्ति के स्वावलम्बी होने से है। लघु उद्योग भारती संस्था महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र मे एक विशेष एवं महती भूमिका निभा रही है। स्वयंसिद्धा जैसे आयोजनों के माध्यम से महिलाओ को अपने उत्पादों के विज्ञापन और विपणन में आसानी हो रही है, नए बाजार मिल रहे हैं। ऐसे आयोजन महिला उद्यमियों के आत्मविश्वास को पुष्ट करते हैं। उन्होंने इस अभिनव प्रयोग की प्रशंसा की ।
कार्यक्रम में भारतीय रक्षा अनुसंधान संस्थान की वैज्ञानिक डॉ. मीना मिश्रा ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चियों के लिए बहुत संभावना हैं। उन्हें दृढ़ संकल्प के साथ बड़े लक्ष्य हासिल करने हैं । निजी अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि हमारी टीम को बहुत बार ऐसे टास्क मिलते हैं जिसके बारे में हमारे पास कुछ भी जानकारी,अनुभव नहीं होते हुए भी वह टास्क हमने पूरा किया है, सेमी कंडक्टर चिप तैयार करना इसका एक उदाहरण है।
सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा कि लघु उद्योग भारती आज उद्यमी और सरकार के मध्य सेतु का काम कर रही है। केन्द्र सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला स्वावलंबन को बल देने हेतु कार्य कर रही है। कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं स्वयसिद्धा आयाम की प्रमुख अंजू सिंह ने बताया कि लघु उद्योग भारती के मेले प्रोडक्ट को मार्केट तक पहुंचाने का काम करता है। इसके अतिरिक्त हम उद्यम, व्यवसाय के लिए आसान ऋण की सरकारी एवं बैंक स्कीम महिला उद्यमियों तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं।
विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को इस अवसर पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विधायक अशोक कोठारी, भीलवाड़ा जिले की इकाई अध्यक्षा पल्लवी लड्ढा, श्री प्रशांत मेवाडा, प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य चंदा मूंदड़ा, सरिता अग्रवाल, रेखा इनानी, आशा सोमानी, आशा अग्रवाल, शोभा डाड, सुमित्रा हुरकुट, रीटा गोयल, रक्षा जैन, रीना डाड , शिखा भदादा आदि उपस्थित रहे।
जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक ने स्वयंसिद्धा 2025 मेले का किया शुभारंभ—
इसके पूर्व मंगलवार को ही जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू एवं एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव , लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र ने मंगलवार को प्रातः स्वयंसिद्धा— 2025 मेले का शुभारंभ किया। लघु उद्योग भारती की सचिव एवं समन्वयक नीता बंसल ने बताया कि प्रदर्शनी में भीलवाड़ा , जोधपुर, जयपुर, ब्यावर, अलवर, कोटा, राजसमंद, किशनगढ़ से आई उद्यमियों ने हैंडीक्राफ्ट, ज्वेलरी, साड़ी, कुर्ती, होम डेकोर, हैंडलूम, राखी, पोशाक, गिफ्ट आइटम, गृह निर्मित चॉकलेट आदि की 70 स्टॉल लगाई है।
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02/07/25हिमाचल: सुशासन आदर्श नहीं बल्कि व्यावहारिक दृष्टिकोण है अबः राज्यपाल
हिमाचल, 02 जुलाई (अभी): राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से संसाधनों का कुशल प्रबंधन, सेवाओं की पारदर्शिता और नीति निर्माण में भागीदारी बढ़ी है। सुशासन अब केवल एक आदर्श नहीं बल्कि एक व्यावहारिक दृष्टिकोण बन चुका है। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने यह बात आज तपोवन स्थित विधान सभा परिसर में राष्ट्र मण्डल संसदीय संघ सम्मेलन भारत क्षेत्र-2 के समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि कही।
उन्होंने राष्ट्र मण्डल संसदीय संघ सम्मेलन भारत क्षेत्र-2 की इस महत्वपूर्ण वार्षिक कॉन्फ्रेंस के आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के इस पावन स्थल तपोवन में आयोजित यह संवाद निश्चित ही हमारे लोकतंत्र की समृद्ध परंपरा को और अधिक सशक्त बनाने वाला है। उन्होंने कहा कि यह अपार प्रसन्नता का विषय है कि लोक सभा के अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सम्मेलन का शुभारम्भ किया।
राज्यपाल ने राज्यसभा के उप-सभापति हरिवंश नारायण सिंह तथा विभिन्न प्रदेशों से आए सदस्यों का समस्त प्रदेशवासियों की ओर से देवभूमि आगमन पर स्वागत किया।
राज्यपाल ने कहा कि 30 जून को ‘‘राज्य संसाधनों के प्रबंधन में विधायिकाओं की भूमिका एवं राज्य के विकास’’ विषय पर आयोजित विचार-मंथन किया गया। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि लोकतंत्र में विधायिका केवल कानून बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह राज्य के समग्र संसाधनों-आर्थिक, प्राकृतिक व मानव संसाधन के न्यायसंगत, पारदर्शी और उत्तरदायी उपयोग की दिशा तय करने वाली संस्था है।
उन्होंने कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि संसाधन सीमित हैं और अपेक्षाएं अनंत। ऐसे में विधायिकाओं की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे बजट, नीतियों और योजनाओं के निर्माण एवं निगरानी में सकारात्मक, दूरदर्शी और जनहितकारी भूमिका निभाएं।
राज्यपाल ने कहा कि आज ‘‘दलबदल कानून - संविधान की 10वीं अनुसूची के अंतर्गत अयोग्यता की धाराएं’’ तथा ‘‘विधायिकाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई.) का उपयोग’’ जैसे विषयों पर चर्चा हुई है।
दलबदल कानून लोकतंत्र की शुचिता की रक्षा के लिए बना है लेकिन, समय के साथ इसमें व्याख्यात्मक पेचिदगियां और राजनीतिक विवेक की जटिलताएं बढ़ी हैं। इस पर व्यापक राष्ट्रीय विमर्श हो, ताकि लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास बना रहे और जनमत का अपमान न हो।
जहां तक कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रश्न है यह तकनीक अब भविष्य नहीं, वर्तमान बन चुकी है। इसके माध्यम से कार्यवाही की रिकॉर्डिंग, दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, विधायी शोध, वर्चुअल बैठकों और डाटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में विधायिकाएं अपने कार्य को और अधिक पारदर्शी, सुलभ और प्रभावी बना सकती हैं।
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि तकनीक मानवीय संवेदनाओं और संवैधानिक मूल्यों के स्थान पर न आ जाए, बल्कि उन्हें और सुदृढ़ करंे।
राज्यपाल ने कहा कि हमारे लोकतंत्र की शक्ति उसकी बहस, चर्चा और संवाद की संस्कृति में निहित है। यह कॉन्फ्रेंस उसी परंपरा का एक सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि दो दिनों में जो विचार प्रस्तुत हुए हैं, वे न केवल राज्य विधायिकाओं की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाएंगे, बल्कि संसदीय लोकतंत्र की जड़ों को और गहरा करेंगे।
राज्यपाल ने कहा कि आज का यह सम्मेलन ‘‘डिजिटल युग में सुशासनः संसाधनों का प्रबंधन, लोकतंत्र की रक्षा और नवाचार को अपनाना’’ जैसे विषय पर केंद्रित रहा, जो न केवल समय की मांग है, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए एक दिशा भी तय करता है। डिजिटल तकनीकों के माध्यम से संसाधनों का कुशल प्रबंधन, सेवाओं की पारदर्शिता और नीति-निर्माण में भागीदारी बढ़ी है। सुशासन अब केवल एक आदर्श नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक दृष्टिकोण बन चुका है, जिसमें नवाचार और डिजिटल सशक्तिकरण के माध्यम से लोकतंत्र को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। यह बदलाव विधायिकाओं को भी तकनीक और पारदर्शिता के साथ अधिक उत्तरदायी और संवेदनशील बनने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर राज्य सभा के उप सभापति डॉ. हरिवंश, उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया व विधान सभा उपाध्यक्ष विनय कुमार ने भी अपने विचार रखे।
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02/07/25हिमाचल मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नादौन में सहायक जिला न्यायवादी कार्यालय भवन का लोकार्पण किया
हिमाचल, 02 जुलाई (अभी): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज हमीरपुर जिला के नादौन में 1.28 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सहायक जिला न्यायवादी कार्यालय भवन का उद्घाटन तथा 7.61 करोड़ रुपयेे से नाबार्ड के अन्तर्गत बनने वाली सेरा से सेरा पखरोल मानपुल सड़क के उन्नयन कार्य का भूमि पूजन किया।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत दी जाने वाली 3 लाख रुपये की आवास अनुदान की पहली किश्त के तौर पर एक लाख रुपये की राशि लाभार्थियों को प्रदान की। लाभार्थियों में रोहित कुमार गांव बैहली, डाकघर बाड़ा, तहसील नादौन, राहुल गांव कुथियाना डाकघर डांगरी, तहसील नादौन, अक्षय अग्निहोत्री गांव व डाकघर पन्साई, तहसील नादौन तथा दीपक गांव कारगू जगीर, डाकघर बधेरा, तहसील कांगू, जिला हमीरपुर शामिल हैं।
श्री सुक्खू ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत दो लाख रुपये विवाह अनुदान राशि भी पात्र लाभार्थियों को वितरित की। इसमें खुश्बू ठाकुर गांव व डाकघर कलूर, तहसील नादौन, रवि कुमार गांव खुये दी भुन, डाकघर कोहला, तहसील नादौन, आंकाक्षा गांव केहडरू, डाकघर भीड़ा, तहसील हमीरपुर, शिखा, वार्ड नम्बर 3 डाकघर व तहसील सुजानपुर तथा प्रदीप कुमार गांव व डाकघर री तहसील सुजानपुर जिला हमीरपुर शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने अनीता कुमारी पुत्री राकेश कुमार गांव व डाकघर कशमीर, अंजना देवी पुत्री अमर सिंह गांव दाड़, डाकघर कशमीर, हीना पुत्री शेर मोहम्मद गांव व डाकघर वेहा को मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत राशि प्रदान की। उन्होंने रबीना कुमारी पुत्री सुदर्शना देवी गांव व डाकघर मनसाई तथा अनीता देवी पुत्री सुमना देवी गांव व डाकघर पनयाली को मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत धनराशि प्रदान की। उन्होंने खुशी शर्मा पुत्री पवन कुमार गांव काई दी बाहल तथा रूद्र प्रताप शर्मा पुत्र पवन कुमार गांव काई दी बाहल, जिला हमीरपुर को मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना के तहत राशि प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत लाभार्थियों को 359 इंडक्शन चूल्हे भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने राजकीय डिग्री कॉलेज धनेटा की विद्यार्थी अंजलि देवी को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए 21 हजार रुपये तथा राजकीय डिग्री कॉलेज धनेटा के वरूण शर्मा को सांस्कृतिक गतिविधि में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त करने के लिए 5100 रुपये प्रदान किए।
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02/07/25हिमाचल के मुख्यमंत्री ने नादौन में सहायक जिला न्यायवादी कार्यालय भवन का लोकार्पण किया
हिमाचल, 02 जुलाई (अभी): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज हमीरपुर जिला के नादौन में 1.28 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सहायक जिला न्यायवादी कार्यालय भवन का उद्घाटन तथा 7.61 करोड़ रुपयेे से नाबार्ड के अन्तर्गत बनने वाली सेरा से सेरा पखरोल मानपुल सड़क के उन्नयन कार्य का भूमि पूजन किया।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत दी जाने वाली 3 लाख रुपये की आवास अनुदान की पहली किश्त के तौर पर एक लाख रुपये की राशि लाभार्थियों को प्रदान की। लाभार्थियों में रोहित कुमार गांव बैहली, डाकघर बाड़ा, तहसील नादौन, राहुल गांव कुथियाना डाकघर डांगरी, तहसील नादौन, अक्षय अग्निहोत्री गांव व डाकघर पन्साई, तहसील नादौन तथा दीपक गांव कारगू जगीर, डाकघर बधेरा, तहसील कांगू, जिला हमीरपुर शामिल हैं।
श्री सुक्खू ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत दो लाख रुपये विवाह अनुदान राशि भी पात्र लाभार्थियों को वितरित की। इसमें खुश्बू ठाकुर गांव व डाकघर कलूर, तहसील नादौन, रवि कुमार गांव खुये दी भुन, डाकघर कोहला, तहसील नादौन, आंकाक्षा गांव केहडरू, डाकघर भीड़ा, तहसील हमीरपुर, शिखा, वार्ड नम्बर 3 डाकघर व तहसील सुजानपुर तथा प्रदीप कुमार गांव व डाकघर री तहसील सुजानपुर जिला हमीरपुर शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने अनीता कुमारी पुत्री राकेश कुमार गांव व डाकघर कशमीर, अंजना देवी पुत्री अमर सिंह गांव दाड़, डाकघर कशमीर, हीना पुत्री शेर मोहम्मद गांव व डाकघर वेहा को मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत राशि प्रदान की। उन्होंने रबीना कुमारी पुत्री सुदर्शना देवी गांव व डाकघर मनसाई तथा अनीता देवी पुत्री सुमना देवी गांव व डाकघर पनयाली को मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत धनराशि प्रदान की। उन्होंने खुशी शर्मा पुत्री पवन कुमार गांव काई दी बाहल तथा रूद्र प्रताप शर्मा पुत्र पवन कुमार गांव काई दी बाहल, जिला हमीरपुर को मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना के तहत राशि प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत लाभार्थियों को 359 इंडक्शन चूल्हे भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने राजकीय डिग्री कॉलेज धनेटा की विद्यार्थी अंजलि देवी को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए 21 हजार रुपये तथा राजकीय डिग्री कॉलेज धनेटा के वरूण शर्मा को सांस्कृतिक गतिविधि में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त करने के लिए 5100 रुपये प्रदान किए।
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02/07/25जन परिवेदनाओं के निस्तारण का अंतिम पड़ाव - जिला कलक्टर ने अधिकारियों को शिविर में अधिक से अधिक लोगों को लाभांवित करने के दिये निर्देश
एन.एस. बाछल, 02 जुलाई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशील पहल के तहत राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जयपुर जिले में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है।
जयपुर जिले में शिविरों के सफल आयोजन के लिए जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी स्वयं पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल शिविरों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। मंगलवार को जिला कलक्टर ने सांगानेर के नरसिंहपुर में आयोजित शिविर में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिला कलक्टर ने शिविर में उपस्थित आमजन से संवाद किया एवं राज्य सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर फीडबैक भी लिया। इस दौरान जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को आमजन की परिवेदनाओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की सख्त हिदायत दी।
वहीं, जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने शिविरों में हुए कार्यों की प्रगति की उपखंडवार एवं विभागवार समीक्षा की साथ ही आगामी शिविरों की कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किये। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने विभागीय अधिकारियों को पखवाड़े के तहत आयोजित किये जा रहे शिविरों के सफल संचालन करते हुए ज्यादा से ज्यादा आमजन को राहत पहुंचाने के लिए निर्देशित किया।
गौरतलब है कि जयपुर जिला प्रशासन द्वारा पखवाड़े के तहत जिले के 16 उपखण्डों की 19 पंचायत समितियों की 461 ग्राम पंचायतों में संचालित किया जा रहा है। प्रतिदिन औसतन लगभग 35 ग्राम पंचायत में प्रातः 9ः30 बजे से सायं 05ः30 बजे तक आयोजित हो रहे शिविरों में 16 विभागों द्वारा 63 कार्य किए जा रहे हैं। शिविरों का आयोजन दिनांक 07 जुलाई तक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर एवं दिनांक 8 जुलाई एवं 9 जुलाई को फॉलोअप कैम्प तहसील मुख्यालय पर किया जायेगा। जिला कलक्टर के निर्देशों की अनुपालना में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा के सफल संचालन हेतु प्रशासनिक नोडल अधिकारी, तकनीकी नोडल अधिकारी और उपखंडवार नोडल प्रभारी अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
जिला प्रशासन द्वारा पीएम सूर्य घर बिजली योजना, श्मशान भूमि आवंटन, जनसुनवाई शिकायतों का निस्तारण भी किया जा रहा है। जिला परिषद द्वारा शिविर में मातृभूमि से कर्म भूमि, हरियालो राजस्थान, वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान, पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रचार-प्रसार, अनुपयोगी भवनों को राजीविका समूहों के लिए कार्यशाला के रूप में उपलब्ध कराना एवं ऑपन जिम की स्वीकृति जारी करना आदि कार्य किए जा रहे है। प्रत्येक शिविर में हेल्प-डेस्क स्थापित की गई है जिस पर ग्राम विकास अधिकारी अथवा ग्राम रोजगार सहायक विजिटर्स बुक संधारित कर शिविर में आने वाले लाभान्वितों एवं आगन्तुकों एवं जनप्रतिनिधियों का ब्यौरा संधारित कर रहे हैं।
बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (द्वितीय) आशीष कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर (तृतीय) कुंतल विश्नोई, अतिरिक्त जिला कलक्टर (चतुर्थ) देवेन्द्र कुमार जैन, अतिरिक्त जिला कलक्टर (उत्तर) मुकेश कुमार मूंड, अतिरिक्त जिला कलक्टर (दूदू) गोपाल सिंह परिहार सहित ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, जल संसाधन विभाग, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, वन विभाग, ऊर्जा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने शिरकत की। आज 02 जुलाई को इन स्थानों पर होगा पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल शिविर का आयोजन—
उपखंड का नाम ग्राम पंचायत का नाम
आमेर लबाना एवं अचरोल
बस्सी जटवाड़ा, हंसमहल, बराला एवं सांभरिया
सांगानेर भंभौरिया
माधोराजपुरा भांकरोटा एवं चांदमाकलां
जयपुर कालवाड़ एवं मण्डाभोपावास
जोबनेर भोजपुराकलां एवं मुरलीपुरा
दूदू ममाणा एवं मरवा
मौजमाबाद धमाणा एवं बिहारीपुरा
रामपुरा डाबड़ी अनोपपुरा एवं दुर्गा का बास
जमवारामगढ़ नेवर, चावण्डिया, भावपुरा, बूज एवं खरकड़ा
सांभरलेक नोरंगपुरा, मुण्डावाडा
चाकसू सवाईमाधोसिंहपुरा, बडली, आजमनगर, महादेवपुरा, झांपदाकलां
फागी निमेड़ा एवं किशोरपुरा
चौमूं हस्तेड़ा, आष्टीकलां, आलीसर एवं विमलपुरा
शाहपुरा धवली, म्हारखुर्द एवं जगतपुरा
किशनगढ-रेनवाल बधाल, ईटावा एवं लालासर
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02/07/25डॉ. ललित के. पंवार ने नीति आयोग के समक्ष पर्यटन विकास का रोडमैप रखा
एन.एस. बाछल, 02 जुलाई, जयपुर।
नीति आयोग में मनोनीत विशेष आमंत्रित पर्यटन विशेषज्ञ डॉ. ललित के. पंवार ने मंगलवार को नई दिल्ली में नीति आयोग के समक्ष देश में पर्यटन विकास को और गति प्रदान करने के संबंध में विस्तार से प्रजेन्टेशन दिया और बताया कि देश में पर्यटन को विकसित करने तथा इसे घरेलू उद्योग के रूप में स्थापित करने की असीम संभावनाएं हैं ।
नीति आयोग के सदस्य और रिटायर्ड आईएएस श्री राजीव गौबा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में डॉ. पंवार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के पर्यटन को पूरे विश्व में स्थापित करने के लिये उठाए सशक्त कदमों की सराहना की । बैठक में आयोग के संयुक्त सचिव श्री राजीव ठाकुर भी मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि डॉ. ललित के. पंवार भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1979 बैच के अधिकारी रहे हैं। उन्होंने राजस्थान के पर्यटन सचिव व राजस्थान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष के रूप में राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अभिनव प्रसास किए, जिन्होंने पूरे विश्व में ख्याति अर्जित की। सेवानिवृत्ति के पश्चात वे अगस्त, 2015 से अगस्त, 2017 तक राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष रहे । इस अवधि में आयोग ने अनेक क्षेत्रों में विशेष उपलब्धियाँ प्राप्त की। ।
उनके अध्यक्ष रहते हुए राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा देश में पहली बार ''ऑन स्क्रीन मार्किंग'' के आधार पर उत्तर पुस्तिकाओं की जाँच की गई जिसके निरीक्षण के लिये संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष स्वयं अजमेर आये और कार्य प्रणाली को देखकर इसकी प्रशंषा की। डॉ. ललित के. पंवार भारत सरकार में पर्यटन सचिव व भारतीय पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष भी रहे हैं ।
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02/07/25मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से आरसीए एडहॉक कमिटी के सदस्यों ने की शिष्टाचार भेंट
एन.एस. बाछल, 02 जुलाई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) की एडहॉक कमिटी के नवनियुक्त सदस्यों ने शिष्टाचार भेंट की।
उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पुष्पगुच्छ भेंट कर राज्य में क्रिकेट गतिविधियों को बढ़ावा देने और युवा खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर एडहॉक कमिटी के संयोजक दीनदयाल कुमावत, सदस्यगण धनंजय खींवसर, आशीष तिवाड़ी, मोहित यादव एवं पिंकेश पोरवाल उपस्थित रहे।
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02/07/25
आज का राशिफल (2 जुलाई 2025)
मेष राशि (Aries): आज का दिन आपके लिए ऊर्जा से भरा रहेगा। आप नए कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं और सफलता प्राप्त कर सकते हैं। व्यक्तिगत संबंधों में मधुरता आएगी।
वृषभ राशि (Taurus): आपको आज थोड़ा धैर्य रखने की आवश्यकता हो सकती है। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
मिथुन राशि (Gemini): सामाजिक मेलजोल के लिए आज का दिन अच्छा है। नए लोगों से मुलाकात हो सकती है जो भविष्य में लाभदायक साबित होंगे। यात्रा के योग बन रहे हैं।
कर्क राशि (Cancer): कार्यक्षेत्र में आपको आज प्रशंसा मिल सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा।
सिंह राशि (Leo): आज आप आत्मविश्वास से भरे रहेंगे। आपके निर्णय सही साबित होंगे। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिल सकती है।
कन्या राशि (Virgo): आपको आज कुछ अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ सकता है। महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करें। आध्यात्मिकता की ओर रुझान बढ़ेगा।
तुला राशि (Libra): आज का दिन आपके लिए शुभ है। आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी।
वृश्चिक राशि (Scorpio): कार्यक्षेत्र में आज आपको कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। धैर्य और लगन से काम लें। सेहत का विशेष ध्यान रखें।
धनु राशि (Sagittarius): आज आप ऊर्जावान महसूस करेंगे। यात्रा के योग बन रहे हैं जो फलदायी साबित होंगे। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
मकर राशि (Capricorn): आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।
कुंभ राशि (Aquarius): आज आप अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त कर पाएंगे। मित्रों और सहयोगियों का साथ मिलेगा। नए कौशल सीखने का अवसर मिल सकता है।
मीन राशि (Pisces): आपको आज अपने खर्चों पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। अनावश्यक खरीदारी से बचें। मानसिक शांति के लिए ध्यान करें।
यह एक सामान्य राशिफल है। व्यक्तिगत कुंडली और ग्रहों की स्थिति के अनुसार इसमें भिन्नता हो सकती है।
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01/07/25GST stands out as a landmark reform that has reshaped India’s economic landscape: PM
The Prime Minister Shri Narendra Modi has remarked that eight years since GST was introduced, it stands out as a landmark reform that has reshaped India’s economic landscape. "By reducing the compliance burden, it has greatly improved the Ease of Doing Business, particularly for small and medium enterprises", Shri Modi stated.
The Prime Minister posted on X:
"Eight years since it was introduced, GST stands out as a landmark reform that has reshaped India’s economic landscape.
By reducing the compliance burden, it has greatly improved the Ease of Doing Business, particularly for small and medium enterprises.
GST has also served as a powerful engine for economic growth, while fostering true cooperative federalism by making states equal partners in this journey to integrate India’s market."
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01/07/25PM shares an article on how better connectivity and the abundant resources are benefitting the Union territory of Ladakh
The Prime Minister Shri Narendra Modi today shared an article on how better connectivity and the abundant resources being made available to Ladakh are benefitting the Union territory.
Responding to a post by Union Minister Smt Nirmala Sitharaman on X, the Prime Minister's Office said:
"Union Minister Smt @nsitharaman writes how better connectivity and the abundant resources being made available to Ladakh are benefitting the Union territory."
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01/07/25PM shares an article on how solar power is reshaping the global energy landscape
The Prime Minister Shri Narendra Modi today shared an article on how solar power is reshaping the global energy landscape, with the International Solar Alliance driving the clean energy revolution not just in India but across the world.
Responding to a post by Union Minister Shri Pralhad Joshi on X, the Prime Minister's Office said:
"Union Minister Shri @JoshiPralhad writes about how solar power is reshaping the global energy landscape, with @isolaralliance driving the clean energy revolution not just in India but across the world."
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01/07/25 |हरियाणा के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
अनिल विज अंबाला छावनी 01 जुलाई 2025 : हरियाणा के कई हिस्सों, खासकर उत्तरी और पूर्वी जिलों में आज यानी 1 जुलाई, 2025 को भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस क्षेत्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून के तेज होने के साथ ही व्यापक बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने का अनुमान लगाया है।
हरियाणा में रेड अलर्ट के तहत आने वाले क्षेत्र (29 जून, 2025 तक, 1 जुलाई के लिए अलर्ट जारी):
* कालका
* पंचकूला
* करनाल
* इंद्री
* रादौर
* नीलोखेड़ी
* थानेसर
* शाहाबाद
* अंबाला
* बराड़ा
* नारायणगढ़
* जगाधरी
नवीनतम पूर्वानुमानों से अन्य महत्वपूर्ण बिंदु:
* अंबाला और यमुनानगर को विशेष रूप से 1 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश की उम्मीद वाले क्षेत्रों के रूप में उल्लेख किया गया है।
* मानसून हरियाणा सहित पूरे देश में सामान्य से पहले आगे बढ़ा है।
* आईएमडी ने जुलाई में हरियाणा में सामान्य से अधिक बारिश की भविष्यवाणी की है और बाढ़ के खतरे के कारण अधिकारियों और निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
* रेड-अलर्ट वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अनावश्यक यात्रा न करें, गरज और बिजली के दौरान घर के अंदर रहें और जल निकासी चैनल साफ रखें।
हरियाणा के कुछ दक्षिणी हिस्सों जैसे गुड़गांव में हल्की बारिश के लिए येलो अलर्ट हो सकता है, जबकि उत्तरी और पूर्वी जिलों में अधिक गंभीर चेतावनी है।
विशिष्ट विवरण और पूर्वानुमान में किसी भी बदलाव के लिए आईएमडी और स्थानीय अधिकारियों की नवीनतम सलाह के साथ अपडेट रहना महत्वपूर्ण है। आप वास्तविक समय की जिलावार चेतावनियों के लिए आईएमडी चंडीगढ़ की वेबसाइट देख सकते हैं।#weatherupdates #haryana #india #danikkhabar #news #updates #anilvij
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01/07/25प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के विजन को साकार करने में शिक्षा का रहेगा अहम योगदान: महीपाल ढांडा
चंडीगढ़, 01 जुलाई (अभी) - हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का विजन है। इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भूमिका भी अहम रहेगी। देश में सबसे पहले हरियाणा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया है। इस नीति के तहत ही प्रदेश के राजकीय कॉलेजों में शिक्षा के स्तर को और बेहतर किया जाएगा। कॉलेजों में खेलों को बढ़ावा दिया जाएगा और खिलाड़ियों को भरपूर मात्रा में खेल के संसाधन मुहैया करवाए जाएंगे।
शिक्षा मंत्री आज सिविल सचिवालय में उच्चतर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि राजकीय कॉलेजों में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी हो सके। कॉलेजों में विद्यार्थियों को शिक्षा में निपुण बनाने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए स्टार्टअप पोषण केंद्र भी खोले जाएंगे।
उन्होंने कहा क राजकीय कॉलेजों में विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में कोई असुविधा न हो, इसलिए भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा कई कॉलेजों में सेमीनार हाल भी निर्माणाधीन हैं। बैठक से दौरान अवगत कराया गया कि प्रदेश के 184 राजकीय कॉलेजों में मैथ की 36, कंप्यूटर की 94 और फीजियोलॉजी की 49 लैब चल रही हैं, जिनका विद्यार्थियों को लाभ मिल रहा है।
बैठक में उच्चतर शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विनीत गर्ग, उच्चतर शिक्षा के निदेशक श्री एस नारायण व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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01/07/25नए डिजिटल पोर्टल से भूमि सीमांकन की सुविधा मिलेगी – डॉ. सुमिता मिश्रा
चंडीगढ़, 01 जुलाई (अभी) - हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार भूमि सीमांकन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए एक नया डिजिटल पोर्टल शुरू करने जा रही है। यह पहल मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के ‘डिजिटल हरियाणा’ विजन और पहले से चल रहे भूमि प्रशासन सुधारों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के बाद डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इस नागरिक-केंद्रित पोर्टल का उद्देश्य भूमि सीमांकन को आधुनिक और डिजिटल बनाना है, जिससे पारंपरिक देरी और प्रक्रियात्मक बाधाओं को दूर किया जा सके। यह कृषि, आवासीय या वाणिज्यिक भूमि के मालिकों को अपनी सीमांकन शिकायतें ऑनलाइन प्रस्तुत करने की अनुमति देगा, जिससे सरकारी राजस्व कार्यालयों के कई चक्कर लगाने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी और लालफीताशाही कम होगी।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि सीमांकन आवेदनों को समयबद्ध तरीके से संशोधित किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया काफी सुव्यवस्थित होगी और सरकारी प्रक्रिया में जनता का विश्वास मजबूत होगा। पोर्टल राजस्व विभाग की मौजूदा डिजिटल भूमि रिकॉर्ड प्रणाली के साथ एकीकृत होगा और सटीक, वास्तविक समय सीमा सीमांकन के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) तकनीक का लाभ उठाएगा। यह एकीकरण अद्यतन सीमांकन मानचित्रों, राजस्व संपदा रिकॉर्ड और ऐतिहासिक डेटा तक पहुंच प्रदान करेगा, जिससे अस्पष्टता और सीमा विवाद कम होंगे। सटीकता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल रोवर पारंपरिक मैनुअल टूल की जगह लेंगे। पोर्टल में शिकायत ट्रैकिंग तंत्र होगा, जिससे उपयोगकर्ता अपनी शिकायत की स्थिति को प्रस्तुत करने से लेकर समाधान तक मॉनिटर कर सकेंगे। निर्धारित समाधान समय सीमा के प्रति इस प्रतिबद्धता से हरियाणा की भूमि प्रशासन प्रणाली में जवाबदेही और जनता का विश्वास बढ़ने की उम्मीद है।
इस बैठक में भूमि जोत और भूमि अभिलेखों के चकबंदी निदेशक श्री यशपाल, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव श्री रवि प्रकाश गुप्ता, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव श्री राहुल हुड्डा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव श्री कमलेश कुमार भादू उपस्थित थे।
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01/07/25हरियाणा का लिंगानुपात बढ़कर हुआ 906, एसीएस ने लिंगानुपात सुधारने के लिए एसटीएफ की साप्ताहिक बैठक की अध्यक्षता की
चंडीगढ़, 01 जुलाई (अभी): हरियाणा में लिंगानुपात सुधारने के लिए नए सिरे से प्रयास करते हुए स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग ने राज्यव्यापी ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत, राज्य भर के सार्वजनिक पार्कों में जागरूकता रैलियां और मार्च आयोजित किए जा रहे हैं। प्रत्येक रैली में संबंधित जिले के लिंगानुपात को दर्शाने वाले बैनर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देना और बालिकाओं के महत्व के सामाजिक संदेश को मजबूत करना है।
इसके अतिरिक्त, महिला एवं बाल विकास विभाग भी संदेश को और अधिक बढ़ाने के लिए राज्य के सभी उपायुक्तों के सोशल मीडिया हैंडल पर समर्पित अभियान चला रहा है। ऐसे लगातार प्रयासों से, हरियाणा का लिंगानुपात 1 जनवरी से 30 जून, 2025 की अवधि के दौरान 906 तक सुधर गया है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 904 था।
यह जानकारी आज यहां स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल की अध्यक्षता में आयोजित हरियाणा में लिंगानुपात में सुधार के लिए राज्य टास्क फोर्स (एसटीएफ) की साप्ताहिक बैठक के दौरान दी गई।
बैठक में अवैध गर्भपात पर अंकुश लगाने और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत राज्य के लिंगानुपात में और अधिक सुधार करने के प्रयासों को तेज करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक के दौरान, अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अवैध गर्भपात करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया, साथ ही अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे इसमें शामिल पाए जाने वाले किसी भी डॉक्टर के लाइसेंस रद्द करने सहित सख्त दंडात्मक कार्रवाई करें।
ऐसे ही एक हालिया मामले में, हिसार के एक अस्पताल का एमटीपी (गर्भावस्था का चिकित्सा समापन) लाइसेंस अवैध गर्भपात गतिविधियों के लिए रद्द कर दिया गया था। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अधिकारियों को आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में जन्म पंजीकरण शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया और इन अभियानों के बारे में निवासियों को सूचित करने के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान की आवश्यकता पर बल दिया, यह सुनिश्चित करते हुए कि सभी अपंजीकृत बच्चों को आधिकारिक प्रणाली में लाया जाए।
श्री सुधीर राजपाल ने संबंधित कार्यक्रम अधिकारियों (आईसीडीएस) को अगले सप्ताह तक स्थानीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के परामर्श से अपंजीकृत बच्चों की सूची तैयार करने के लिए कहा गया। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) की बढ़ी हुई निगरानी पर जोर दिया और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों (एसएमओ) को उनके अधिकार क्षेत्र में रिपोर्ट की गई किसी भी अवैध प्रथा के लिए जवाबदेह ठहराया। उन्होंने चेतावनी दी कि गैर-अनुपालन करने वाले एसएमओ को अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, जिसमें उनके स्टेशन छोड़ने पर रोक लगाना भी शामिल है, और ऐसे अधिकारियों के लिए एक ब्लैकलिस्ट बनाने का निर्देश दिया। अधिकारियों को पीजीटी (प्रीइम्प्लांटेशन जेनेटिक टेस्टिंग) करने वाले और लिंग-निर्धारण गतिविधियों में लिप्त संदिग्ध आईवीएफ केंद्रों पर निगरानी रखने का भी निर्देश दिया गया। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने लिंगानुपात में पिछड़ रहे जिलों में कार्रवाई और छापेमारी तेज करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने सीमा पार लिंग-चयनात्मक प्रथाओं पर अंकुश लगाने के लिए दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के साथ अंतर-जिला समन्वय को मजबूत करने का आह्वान किया, विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में जहां निवासी हरियाणा के बाहर ऐसी सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं।
इसके अलावा, उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं से जुड़ी सहेलियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा जो सुरक्षित और सफल प्रसव सुनिश्चित करती हैं। दूसरी ओर, गर्भपात के मामलों से जुड़ी सहेलियों को अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक श्री रिपुदमन सिंह ढिल्लों और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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01/07/25उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने की समीक्षा बैठक
चंडीगढ़, 01 जुलाई (अभी) - हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य व पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता आमजन की सुविधाओं और पारदर्शी प्रशासन को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि पूर्व में उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को गुरुग्राम जिले में अवैध रूप से संचालित रेडी-टू-मिक्सचर (आरएमसी) प्लांट के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर उन्हें सील करने के निर्देश दिए थे। परंतु यह संज्ञान में आया है कि विभागीय कार्रवाई के बावजूद कुछ आरएमसी प्लांट सील होने के बाद भी पुनः संचालित हो रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं डीएचबीवीएन के अधिकारी संयुक्त रूप से ऐसे अवैध आरएमसी के खिलाफ कार्रवाई करें।
उद्योग मंत्री मंगलवार को गुरुग्राम में बिजली विभाग (डीएचबीवीएन) तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में विभागीय कार्यों, अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई तथा आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण की समीक्षा बैठक के दौरान बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि जब भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा किसी अवैध आरएमसी प्लांट को सील किया जाए, उसी समय बिजली विभाग उसका बिजली कनेक्शन तत्काल प्रभाव से काटे, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर संदेश जाए।
उन्होंने बिजली विभाग को सख्त निर्देश दिए कि गुरुग्राम की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सभी प्रमुख सड़कों पर लटकते तारों को शीघ्रता से ठीक किया जाए। उन्होंने कहा कि इन तारों से बरसात के मौसम में दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है, अतः प्राथमिकता के आधार पर ऐसे सभी स्थानों को चिह्नित कर कार्य पूरा किया जाए। इसके अलावा उन्होंने निर्देश दिया कि जिन सड़कों के बीच बिजली के पोल खड़े हैं, या ग्रामीण क्षेत्रों में रिहायशी आबादी के बीच बिजली के खंभे बने हुए हैं, उन्हें नियमानुसार स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्य नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा दोनों के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राव नरबीर सिंह ने निर्देश देते हुए कहा कि खेतों में पुराने व जर्जर तारों को चरणबद्ध तरीके से बदला जाए। उन्होंने कहा कि फसल कटाई के बाद जिन क्षेत्रों में बिजली के तार नीचे झूल रहे हों, वहां त्वरित मरम्मत कराई जाए, ताकि कोई दुर्घटना न हो। राव ने कहा कि विभागीय कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप एवं समयबद्ध पूरे हों। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को यह भी चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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01/07/252029 तक एमबीबीएस की सीटें बढाकर 3400 से अधिक करना सरकार का लक्ष्य - मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़, 01 जुलाई (अभी) - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार डॉक्टरों को बेहतर संसाधन और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। हर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जा रही है। वर्ष 2014 में जहां मेडिकल कॉलेजों की संख्या मात्र 6 थी, वहीं आज यह बढ़कर 15 हो गई है और 9 नए कॉलेज निर्माणाधीन हैं। इसके परिणामस्वरूप एमबीबीएस की सीटें 2014 में 700 से बढ़कर अब 2,185 हो चुकी हैं। राज्य सरकार का वर्ष 2029 तक एमबीबीएस की सीटें 3400 से अधिक करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री आज चंडीगढ़ में डेराबसी मेडिकल एसोसिएशन द्वारा राष्ट्रीय डॉक्टर्स दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मानव सेवा की राह में डेराबस्सी मेडिकल एसोसिएशन ने उल्लेखनीय योगदान किया है। पिछले दो वर्षों से चौरसिया अस्पताल में मुफ्त डायलिसिस सेंटर चलाया जा रहा है।
श्री नायब सिंह सैनी ने डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सा सेवा से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्रीय डॉक्टर्स दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे मानवता के सच्चे सेवक हैं, जिनकी सेवा भावना, समर्पण और संवेदनशीलता समाज को स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाती है।
चिकित्सा प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए उठाए कई कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर डॉक्टर को सही संसाधन मिले और हर नागरिक को बेहतर इलाज मिले। इसी दिशा में चिकित्सा प्रणाली को सुदृढ़ करते हुए प्रदेश सरकार ने पीजी की सीटें 289 से बढ़ाकर 1043 की हैं। इनके अलावा पी.जी. डिप्लोमा की भी 155 सीटें हैं। प्रदेश में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए वर्ष 2014 से अब तक 3,798 डॉक्टरों की भर्ती की गई है। डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति की आयु भी 58 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी है।
हरियाणा में किडनी रोगियों को मुफ्त डायलिसिस सुविधा
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और मेडिकल विश्वविद्यालयों में किडनी रोगियों को नि:शुल्क डायलिसिस की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि हर गरीब व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले, इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना चलाई, जिसके तहत गरीब परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की व्यवस्था की है। हरियाणा में 'आयुष्मान भारत व चिरायु योजना में लगभग 1 करोड़ 33 लाख से अधिक गरीबों को 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क इलाज की सुविधा दी है।
डॉक्टरों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार डॉक्टर्स-डे का थीम है, 'मास्क के पीछे देखभाल करने वालों की देखभाल'। यह थीम हमें प्रेरित करती है कि हम डॉक्टरों की केवल पेशेवर सेवाओं के लिए ही नहीं, बल्कि मानव कल्याण के लिए भी सराहना करें। उनकी जरूरतों को समझें व उन्हें पूरा करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जब पूरा देश घरों में बंद था, उस समय डॉक्टरों ने पीपीई किट पहनकर, परिवार से दूर रहते हुए मरीजों के साथ खड़े थे।
उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार डॉक्टरों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ पर हमला करने वालों को 3 माह से 5 साल तक की सजा और 50 हजार रुपये से 2 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान करवाया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मानव सेवा के लिए विभिन्न डॉक्टरों को सम्मानित किया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने डेराबसी मेडिकल एसोसिएशन की मैगज़ीन का भी विमोचन किया।
कार्यक्रम में चंडीगढ़ की मेयर श्रीमती हरप्रीत कौर बाबला, डेराबसी मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजीव गुप्ता, सचिव डॉ. आकाश गोस्वामी सहित अन्य पदाधिकारी, बड़ी संख्या में डॉक्टर और कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
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01/07/25' इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) का उद्देश्य कौशल एवं ज्ञान आधारित शिक्षा देना', कौशल एवं रोजगारपरक शिक्षा देना इग्नू की प्राथमिकता
चंडीगढ़, 01 जुलाई (अभी) - इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) का उद्देश्य रिमोट एरिया, गांव देहात के विद्यार्थियों को कौशल एवं ज्ञान आधारित शिक्षा प्रदान कर उन्हें रोजगार योग्य बनाना है।
इग्नू के एक प्रवक्ता ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इग्नू उच्च शिक्षा पहुंचाने के मिशन के अनुसार उच्च गुणवत्ता पर जोर देने के साथ-साथ एक लचीली और कम लागत वाली शिक्षार्थी केंद्रित शिक्षा प्रणाली के माध्यम से जन-जन तक शिक्षा पहुंचाने का कार्य कर रहा है। इग्नू महिलाओं, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से वंचित समूहों, पूर्वाेत्तर क्षेत्र और देश के जनजातीय क्षेत्रों तथा कम साक्षरता वाले क्षेत्रों की ओर विशेष रूप से ध्यान दे रहा है।
प्रवक्ता ने बताया कि जिन विद्यार्थियों ने हाल ही में 12वीं कक्षा पास की है, ऐसे विद्यार्थी इग्नू से बैचलर ऑफ़ आर्ट्स, बैचलर ऑफ़ कॉमर्स (बीकॉम), बैचलर ऑफ़ कॉमर्स इन एकाउंटेंसी एंड फाइनेंस (बीकॉमए एंड एफ), बैचलर ऑफ़ साइंस (बीएससी), बैचलर ऑफ़ कंप्यूटर एप्लीकेशन (बीसीए), बैचलर ऑफ़ लाइब्रेरी साइंस, बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन टूरिज्म स्टडीज और बैचलर ऑफ़ सोशल वर्क कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि इग्नू लगभग 350 तरह के शैक्षिक, रोजगार मूलक, जागरूकता सृजन करने वाले और कौशल उन्मुखी अध्ययन कार्यक्रम संचालित कर रहा है। दाखिले से सम्बंधित अधिक जानकारी इग्नू की वेबसाइट www.ignou.ac.in पर उपलब्ध है। इग्नू विशेष रूप से समाज के सुविधा वंचित वर्गों के लोगों की विभिन्न शैक्षिक एवं रोजगार संबंधी जरूरतों को पूरा करना इन कार्यक्रमों का मुख्य केंद्र बिंदु है। व्यावसायिक वृद्धि के लिए नौकरीपेशा लोगों को सतत शिक्षा और प्रशिक्षण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए अनेकों कार्यक्रम तैयार किये गए हैं।
इग्नू ने हरियाणा के विभिन्न जिलों में विद्यार्थी सहायता और सेवाओं हेतु 32 अध्ययन केंद्र स्थापित किये हैं ताकि विद्यार्थियों को सहायता सेवाएं प्रदान की जा सकें। विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले की अंतिम तिथि 15 जुलाई, 2025 है।
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01/07/25सरकार ने सूरजमुखी की खरीद की अवधि तीन दिन बढ़ाई, अब खरीद 3 जुलाई तक, किसानों के हित में लिया गया फैसला
चंडीगढ़, 01 जुलाई (अभी) - हरियाणा सरकार ने सूरजमुखी की खरीद की अवधि को तीन दिन और बढ़ाते हुए किसानों को बड़ी राहत प्रदान की है। अब सूरजमुखी की खरीद 3 जुलाई तक हो सकेगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस वर्ष जून माह में बारिश होने के कारण सूरजमुखी फसल की देरी से कटाई हुई जिसके फलस्वरूप किसानों द्वारा फसल मंडी में न्यूनतम मूल्य पर बेचने हेतु विलम्ब हुआ है। किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए ही सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया है।
सरकार के इस निर्णय से किसानों को राहत मिली है। राज्य में दो खरीद संस्थाओं हैफेड और हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा सूरजमुखी की खरीद का कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2025-26 के दौरान 47300 एम.टी. सूरजमुखी की खरीद की जा चुकी है। जबकि पिछले वर्ष 38903 एम.टी. की खरीद की गई थी।
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01/07/25राज्यपाल के समक्ष किया लोक कला का प्रदर्शन, अलगोजा बजाने वाले कलाकार ने राज्यपाल से की मुलाकात
एन.एस. बाछल, 01 जुलाई, जयपुर।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से मंगलवार को राजभवन में सुप्रसिद्ध अलगोजा वादक श्री रामनाथ चौधरी ने मुलाकात की। चौधरी ने नाक से अलगोजा बजाने की राजस्थान की दुर्लभ लोक कला को सुदूर देशों तक पहुंचाया है।
उन्होंने राज्यपाल हरिभाऊ बागडे को अलगोजा से राजस्थान की कई लोकधुनें भी सुनाई। राज्यपाल ने उनकी इस विशिष्ट कला की सराहना की। साथ ही राज्यपाल ने लोक संगीत की साधना को महत्वपूर्ण बताया और उन्हें शुभकामनाएं दी। चौधरी की लोक कला को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स एवं इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है।
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01/07/25शासन सचिव वित्त(राजस्व) ने पौधरोपण कर 'हरियालो राजस्थान' में योगदान देने का किया आह्वान
एन.एस. बाछल, 01 जुलाई, जयपुर।
वस्तु एवं सेवा कर (GST) दिवस के अवसर पर मंगलवार को वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जीएसटी दिवस का आयोजन वाणिज्यिक कर भवन में किया गया। इस अवसर पर वित्त (राजस्व) विभाग के शासन सचिव कुमार पाल गौतम ने विभागीय परिसर में पौधरोपण कर कार्यक्रम की शुरुआत की और सभी से ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
कुमार पाल गौतम ने इस मौके पर कहा कि जीएसटी ने देश की कर व्यवस्था को पारदर्शी, सरल और एकीकृत बनाया है। इससे न केवल कर संग्रहण प्रणाली में मजबूती आई है, बल्कि व्यापारिक प्रक्रियाएं भी सहज हुई हैं। यह कर प्रणाली ‘एक राष्ट्र, एक कर’ के सिद्धांत को साकार करती है।
उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण और ईमानदार कर प्रणाली के लिए सद्भाव, सेवा और पारदर्शिता की शपथ भी दिलाई।
इस अवसर पर वाणिज्यिक कर विभाग के आयुक्त, वरिष्ठ अधिकारीगण एवं विभाग के अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।
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01/07/25
कैबिनेट ने राष्ट्रीय खेल नीति 2025 को मंजूरी दी
आरएस अनेजा, 01 जुलाई नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज राष्ट्रीय खेल नीति (एनएसपी) 2025 को स्वीकृति दे दी है। देश के खेल परिदृश्य को नया आकार देने और खेलों के माध्यम से लोगों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक यह ऐतिहासिक पहल है।
नई नीति मौजूदा राष्ट्रीय खेल नीति, 2001 का स्थान लेगी और देश को वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने और वर्ष 2036 ओलंपिक खेलों सहित अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित करने के लिए एक दूरदर्शी और कार्यनीतिक रोडमैप तैयार करेगी।
एनएसपी 2025 को केंद्रीय मंत्रालयों, नीति आयोग, राज्य सरकारों, राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ), खिलाड़ियों, खेल विशेषज्ञों और सार्वजनिक हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श के बाद तैयार किया गया है। यह खेल नीति पांच प्रमुख स्तंभों पर आधारित है।
1. वैश्विक मंच पर उत्कृष्टता
इसका उद्देश्य है:
खेल प्रतिभा की शीघ्र पहचान और उसे तैयार करने के तंत्र सहित जमीनी स्तर से लेकर शीर्ष स्तर तक खेल कार्यक्रमों को सुदृढ़ करना।
प्रतिस्पर्धी लीग और प्रतियोगिताओं की स्थापना को बढ़ावा देना, और ग्रामीण तथा शहरी दोनों क्षेत्रों में खेल बुनियादी ढांचे का विकास करना।
प्रशिक्षण, कोचिंग और खिलाड़ियों को सहयोग के लिए विश्व स्तरीय प्रणाली बनाना।
राष्ट्रीय खेल महासंघों की क्षमता और प्रबंधन को बढ़ाना।
खेल प्रदर्शन को बढ़ावा देने के लिए खेल विज्ञान, चिकित्सा और प्रौद्योगिकी को अपनाने को प्रोत्साहित करना।
कोच, तकनीकी अधिकारियों और सहायक कर्मचारियों सहित खेल कर्मियों को प्रशिक्षित और विकसित करना।
2. आर्थिक विकास के लिए खेल
एनएसपी 2025 में खेलों की आर्थिक क्षमता पर जोर दिया गया है और इसका उद्देश्य है:
खेल पर्यटन को बढ़ावा देना और भारत में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन कराने का प्रयास करना।
खेल विनिर्माण परितंत्र को मजबूत करना, और इस क्षेत्र में स्टार्टअप तथा उद्यमिता को बढ़ावा देना।
सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी), कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) और अभिनव वित्तपोषण पहलों के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करना।
3. सामाजिक विकास के लिए खेल
नई खेल नीति में सामाजिक समावेशन को आगे बढ़ाने में खेलों की भूमिका पर जोर है:
केंद्रित कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, आदिवासी समुदायों और दिव्यांगजनों के बीच भागीदारी को बढ़ावा देना।
स्वदेशी और पारंपरिक खेलों को पुनर्जीवित करना और बढ़ावा देना।
शिक्षा से खेलों को जोड़कर, स्वयंसेवा को प्रोत्साहित करके और दोहरे करियर के रास्ते को सुविधाजनक बनाकर खेलों को एक व्यवहार्य करियर विकल्प के रूप में स्थापित करना।
खेलों के माध्यम से भारतीय प्रवासियों को शामिल करना।
4. जन आंदोलन के रूप में खेल
खेलों को राष्ट्रीय आंदोलन बनाने के लिए खेल नीति का उद्देश्य है:
राष्ट्रव्यापी अभियानों और समुदाय-आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से खेल में जन भागीदारी और फिटनेस की संस्कृति को बढ़ावा देना।
स्कूलों, कॉलेजों और कार्यस्थलों आदि के लिए फिटनेस सूचकांक शुरू करना।
खेल सुविधाओं तक सबकी पहुंच को बढ़ाना।
5. शिक्षा के साथ एकीकरण (एनईपी 2020)
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप, एनएसपी 2025 में निम्नलिखित प्रस्ताव हैं:
स्कूली पाठ्यक्रम में खेलों को शामिल करना।
खेल शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण से तैयार करना।
6. कार्यनीतिक रूपरेखा
अपने उद्देश्यों को साकार करने के लिए, एनएसपी 2025 में एक व्यापक कार्यान्वयन कार्यनीति है, जिसमें शामिल हैं:
शासन: कानूनी ढांचे सहित खेल प्रशासन के लिए एक मजबूत नियामक ढांचा स्थापित करना।
निजी क्षेत्र का वित्तपोषण और सहयोग: नवीन वित्तपोषण तंत्र विकसित करना और पीपीपी और सीएसआर के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी को शामिल करना।
प्रौद्योगिकी और नवाचार: प्रदर्शन ट्रैकिंग, अनुसंधान और कार्यक्रम कार्यान्वयन के लिए एआई और डेटा एनालिटिक्स सहित उभरती प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाना।
राष्ट्रीय निगरानी रूपरेखा: अच्छी तरह से परिभाषित मानदंड, प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (केपीआई) और समयबद्ध लक्ष्यों के साथ एक राष्ट्रीय रूपरेखा बनाना।
राज्यों के लिए आदर्श नीति: एनएसपी 2025 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक मॉडल के रूप में काम करेगा, जो उन्हें इन राष्ट्रीय उद्देश्यों के अनुरूप अपनी नीतियों को संशोधित करने या तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
समग्र सरकारी दृष्टिकोण: इस नीति में समग्र प्रभाव प्राप्त करने के लिए सभी मंत्रालयों और विभागों की गतिविधियों, योजनाओं और कार्यक्रमों में खेल प्रोत्साहन को जोड़ने का आह्वान।
अपनी संरचित दृष्टि और दूरदर्शी कार्यनीति के साथ, राष्ट्रीय खेल नीति 2025 देश को वैश्विक स्तर पर अग्रणी खेल राष्ट्र बनने की दिशा में एक परिवर्तनकारी पथ पर स्थापित करेगी। इसके साथ ही यह नीति स्वस्थ, अधिक संलग्न और सशक्त नागरिक बनाएगी।
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01/07/25राजनीति में भी कई ताड़का व मारीच है जो हर धार्मिक काम में किसी न किसी तरह व्यावधान डालते हैं : ऊर्जा, परिवहन व श्रम मंत्री अनिल विज
चंडीगढ़/अम्बाला, 01 जुलाई।
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने उत्तर प्रदेश करे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री को लेकर की गई विवादित टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि हमारे देश में सुर और असुर हमेशा रहे हैं, सुर जो धर्म को मानते हैं, धार्मिक काम करते है व धर्म को जानते है। असुर वह जो उनके धार्मिक कार्यों में व्यावधान डालते हैं। उन्होंने कहा यह पहले भी होता था। ऋषि मुनी जब हवन करते थे तब ताड़का व अन्य राक्षस उसमें हडिडया डालते थे। आज हमारी राजनीति में भी कई ताड़का व मारीच है जो हर धार्मिक काम में किसी न किसी तरीके से व्यावधान डालते हैं।
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01/07/25
वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 6 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन में संशोधन का अवसर, अपात्र अभ्यर्थी भी विथड्रॉ करें फॉर्म अन्यथा होगी कार्यवाही
एन.एस. बाछल, 01 जुलाई, जयपुर।
राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2024 हेतु जारी विज्ञापन में उल्लेखित शर्तों के अनुसार दिनांक 30 जून से 6 जुलाई 2025 तक अभ्यर्थी का नाम, फोटो, पिता के नाम, जन्म तिथि व लिंग के अतिरिक्त अन्य संशोधन ऑनलाइन करने का अवसर प्रदान किया गया है।
इस संबंध में आयोग द्वारा जारी प्रेस-नोट दिनांक 27 जून 2025 के क्रम में स्पष्ट किया जाता है कि उक्त प्रेस नोट के साथ संलग्न सूची में उल्लेखित अभ्यर्थियों में से यदि किसी अभ्यर्थी ने ऑनलाइन आवेदन में बीएड धारित होने के पश्चात् भी उसका अंकन नहीं किया हैं अथवा जिन अभ्यर्थियों ने स्नातक के साथ समेकित बी.एड. (इंटीग्रेटेड बीएड) की है अथवा कर रहे हैं, ऐसे अभ्यर्थी उक्त अवधि में पृथक से बीएड एडिट कर लेवें।
इसके अतिरिक्त ऐसे अभ्यर्थी जो विज्ञापन के अनुसार अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता / अर्हता धारित नहीं करते हैं, वे दिनांक 30 जून से 6 जुलाई 2025 तक अपना ऑनलाइन आवेदन पत्र विथड्रॉ कर लेवे। निर्धारित समयावधि में ऑनलाइन आवेदन पत्र विथड्रॉ नहीं करने पर ऐसे अभ्यर्थियों के विरूद्ध आयोग द्वारा जारी प्रेस नोट दिनांक 27 जून 2025 के अनुसार कार्रवाई की जावेगी।
आयोग सचिव ने बताया कि उक्त भर्ती अंतर्गत आठ विषयों की परीक्षाओं का आयोजन 7 से 12 सितंबर 2025 तक करवाया जाना प्रस्तावित है। परीक्षा के लिए कुल 1187000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। आयोग द्वारा की गई ऑनलाइन आवेदनों की जांच में यह सामने आया है कि 53 हजार 501 अभ्यर्थियों द्वारा विभिन्न विषयों के पदों हेतु वांछित शैक्षणिक योग्यता नहीं होने के बावजूद भी आवेदन कर दिया है। इन अभ्यर्थियों में से ऐसे अभ्यर्थी जो बीएड डिग्री धारी है निर्धारित अवधि दौरान ऑनलाइन आवेदन में बीएड डिग्री का अंकन कर सकेंगे।
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01/07/25ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त बनाना ही राज्य सरकार का प्रमुख ध्येय
एन.एस. बाछल, 01 जुलाई, जयपुर।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास विभाग श्रेया गुहा की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय स्थिति कॉफ्रेंस हॉल में राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् (राजीविका) की एम्पावरमेंट कमेटी की 20 वीं बैठक का आयोजन किया गया।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास विभाग ने बताया कि राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें सामाजिक व आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है और इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। यह परिषद् स्वयं सहायता समूह के माध्यम से गरीबी उन्मूलन और आजीविका संवर्धन का कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि राजीविका का मुख्य कार्य स्वयं सहायता समूह का गठन व सशक्तिकरण, ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण देना, वित्तीय सहायता, विपणन सुविधा उपलब्ध कराना, विभिन्न आजीविका गतिविधियों जैसे हस्तशिल्प, कृषि, पशुपालन आदि को बढ़ावा देना और स्वयं सहायता समूह को वित्तीय संस्थाओं से ऋण सुविधा उपलब्ध कराना है।
राज्य मिशन निदेशक आजीविका परियोजनाएं एवं स्वयं सहायता समूह नेहा गिरी ने बताया कि सोलर दीदी भारत सरकार के वर्ष 2030 तक नवीनीकरण ऊर्जा क्षमता स्थापित करने के लक्ष्यों के परिप्रेक्ष्य में राजस्थान सरकार द्वारा नवीन पहल के तहत सोलर दीदी कैडर का गठन किया गया है। सोलर दीदी कैडर का प्रारंभ ऊर्जा के क्षेत्र में ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी एवं महिला उद्यमिता को सशक्त करने के उद्देश्य से किया गया है।
बैठक में पिछली 19 वीं बैठक की कार्यवाही को स्वीकृति दी गई और कार्यवाही स्थिति की समीक्षा की गई। वित्तीय वर्ष 2024-25 की बजट घोषणाओं की प्रगति की एवं नए वित्तीय वर्ष की घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 की घोषणाओं में सोलर दीदी, राजस्थान महिला निधी, समावेषी आजीविका योजना की समीक्षा की गई साथ ही लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, सोलर दीदी, बैंक सखी, कृषि सखी और पशु सखी को प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर बेस्ट पर्फोमेंस वाली 10 दीदियों को टेबलेट दिये जाने की भी समीक्षा की गई। बजट घोषणा 3 लाख लखपति दीदियों को 1.5 प्रतिशत ब्याज दर पर 1 लाख रुपये तक का लोन दिये जाने की भी समीक्षा की गई।
बैठक में आयुक्त मनरेगा श्रीमती पुष्पा सत्यानी, निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग आशीष मोदी, आयुक्त श्रम विभाग पूजा कुमारी पार्थ, निदेशक स्वच्छ भारत मिशन सलोनी खेमका, प्रोजेक्ट निदेशक (प्रशासन) राजीविका प्रीति सिंह सहित संबंधित विभागों के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।
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01/07/25
प्रतिष्ठित क्लब में निकर पहनकर घुसने पर एक्सईएन हरीश गोयल निलंबित, रोका तो बिजली कनेक्शन काटा- बिजली मंत्री अनिल विज
हरीश गोयल, एक्सईएन, वाईएनआर के खिलाफ अंबाला छावनी के एक प्रतिशिष्ठ फीनिक्स क्लब द्वारा यूएचबी पर दुर्व्यवहार और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगा है ।
क्लब के प्रधान शैलेंदर खन्ना ( शैली ) ने पत्र द्वारा यह जानकारी बिजली मंत्री अनिल विज को इस बारे जानकारी दी । यह गंभीर चिंता का विषय है। सोमवार 30 जून, 2025 को गोयल अनुचित पोशाक पहने हुए क्लब परिसर में पहुंचे - विशेष रूप से शॉर्ट्स - और क्लब बार में प्रवेश किया। क्लब के स्थापित नियमों के अनुसार, इस तरह की पोशाक में प्रवेश सख्त वर्जित है। क्लब के 2 कर्मचारियों ने विनम्रतापूर्वक उन्हें ड्रेस कोड नीति के बारे में बताया और प्रवेश से इनकार कर दिया, जैसा कि सभी सदस्यों और आगंतुकों के लिए मानक प्रक्रिया है। नियमों का सम्मान करने के बजाय, श्री गोयल ने अनियंत्रित व्यवहार प्रदर्शित किया और कर्मचारियों द्वारा नियमों का पालन करने पर नाराजगी जताई। इसके बाद, और बदले की भावना से, उन्होंने जानबूझकर क्लब की बिजली आपूर्ति काट दी, जिससे क्लब के सदस्यों और संचालन को अनावश्यक परेशानी और व्यवधान हुआ, क्योंकि लगभग 50 परिवार क्लब के विभिन्न स्थानों पर अपना भोजन कर रहे थे। व्यक्तिगत प्रतिशोध के लिए आधिकारिक अधिकार का इस तरह का दुरुपयोग बहुत चिंताजनक है और एक लोक सेवक के लिए घोर कदाचार को दर्शाता है। यह सरकारी अधिकारियों पर जनता के भरोसे को कम करता है और सत्ता का दुरुपयोग है । एक्सईएन ने क्लब के मैनेजर बलिंदर सिंह को उनके द्वारा किए गए फोन कॉल से स्पष्ट है। उसने कहा "क्या बात है आपकी लाइट चली गई और जनरेटर चल रहा है केसा लग रहा है । बिजली मंत्री अनिल विज ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और पब्लिक सर्वेंट द्वारा ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता । उन्होंने इस अधिकारी को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने तथा उसका स्पष्टीकरण मांगने के आदेश जारी किए हैं ।
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01/07/25
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस चिकित्सक समाज में विश्वास और सेवा भाव के प्रतीक
एन.एस. बाछल, 01 जुलाई, जयपुर।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर सभी चिकित्सकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
चिकित्सा मंत्री ने कहा है कि चिकित्सक न केवल जीवन रक्षक हैं, बल्कि वे समाज में विश्वास और सेवा की भावना के प्रतीक भी हैं। मानवता की सेवा में उनका योगदान अमूल्य है। कोविड जैसी महामारी सहित विभिन्न आपदाओं और आपातकालीन परिस्थितियों में चिकित्सकों ने जिस समर्पण और निष्ठा से कार्य किया है, वह सबके लिए प्रेरणादायक है। इस वर्ष चिकित्सक दिवस की थीम 'बिहाइंड द मास्क : हू हील्स द हीलर्स' निर्धारित की गई है। यह थीम चिकित्सकों की सेवा को सम्मान देने तथा उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की देखभाल के महत्व को रेखांकित करती है। चिकित्सक सिर्फ़ रोगों का इलाज नहीं करते, बल्कि लोगों के जीवन में आशा और विश्वास का संचार करते हैं।
गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुगम एवं सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कदम उठा रही है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के चिकित्सकों को सेवाएं प्रदान करने के लिए बेहतर माहौल और समुचित अवसर मिलें। इसके लिए नीतिगत फैसलों के साथ ही आधारभूत सरंचना को मजबूत बनाने एवं भर्तियों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए उल्लेखनीय प्रयास सुनिश्चित किए हैं।
चिकित्सा मंत्री ने कहा है कि प्रदेश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में सिरमौर बनाने में चिकित्सक समुदाय की बड़ी भूमिका है। पूर्ण विश्वास है कि वे जीवन रक्षा के अपने दायित्व को सदैव सर्वोच्च रखते हुए चिकित्सा के क्षेत्र में राजस्थान का मान निरंतर बढ़ाएंगे। चिकित्सा मंत्री ने चिकित्सक समुदाय द्वारा दी जा रही सेवाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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01/07/25टीम भावना के साथ कार्य करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का वासुदेव देवनानी ने किया विधान सभा कर्मियों का आव्हान
एन.एस. बाछल, 01 जुलाई, जयपुर।
राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा है कि प्रत्येक कर्मचारी और अधिकारी को श्रेष्ठ कार्य करके अपनी संस्था का नाम रोशन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्था एक व्यक्ति नहीं बल्कि वहां कार्यरत सभी कर्मियों के टीम भावना के साथ कार्य करने से मजबूत होती है। वासुदेव देवनानी ने राजस्थान विधान सभा के कर्मियों का आव्हान किया। कि वे ईमानदारी और निष्ठा से कार्य करके लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
वासुदेव देवनानी सोमवार को यहां विधानसभा में सेवानिवृत्त समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। विधान सभा के सहायक सचिव श्री रामस्वरूप गुर्जर 34 वर्ष की विधान सभा सेवा के उपरान्त अर्द्वार्षिकी आयु प्राप्त करने पर सेवा निवृत्त हुए। समारोह को संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि सचिवालय की कार्यप्रणाली को सुचारु रूप से संचालित करने में प्रत्येक कर्मचारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। प्रशासनिक दक्षता और समर्पण से किए गए कार्यों का संस्थान के विकास में गहरा प्रभाव होता है। समारोह में महिला एवं बाल विकास मंत्री मंजू बाघमार भी मौजूद थी। सेवानिवृत्त हुए सहायक सचिव रामस्वरूप गुर्जर ने भी समारोह को सम्बोधित किया।
वासुदेव देवनानी ने समारोह में सेवानिवृत्त हुए कर्मी गुर्जर का साफा पहनाकर, शॉल ओढाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनन्दन किया। इस मौके पर विधान सभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा, वरिष्ठ उप सचिव पुरूषोत्तम शर्मा, उप सचिव (प्रशासन) संजीव शर्मा और राजस्थान विधान सभा कर्मचारी सहकारी साख समिति के अध्यक्ष रवि जैन सहित विधानसभा के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।
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01/07/25अब हर महीने मिलेगी मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबंल योजना की राशि- अंतरराज्यीय सीमा के दुग्ध संघों के लिए बनेगी विशेष योजना
एन.एस. बाछल, 01 जुलाई, जयपुर।
मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत अब दुग्ध उत्पादक पशुपालकों को हर महीने भुगतान मिलेगा। पशुपालन, डेयरी, गोपालन एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने सोमवार को शासन सचिवालय में डेयरी विभाग की आयोजित समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए।
जोराराम कुमावत ने इस योजना के तहत अटके हुए भुगतान को जल्द से जल्द जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि साल 2024-25 के लिए इस योजना में राज्य सरकार द्धारा 600 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया था, जिसे संशोधित कर 500 करोड़ रूपए किया गया। राज्य सरकार ने इसमें से 468.32 करोड़ रूपए जारी कर दिए हैं। इसमें से 12.27 करोड़ रूपए कोषागार, जयपुर में भुगतान हेतु लंबित है। इसके अलावा शेष 19.41 करोड़ रूपए का भुगतान ईआरपी सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि के पश्चात कोषागार, जयपुर को प्रेषित कर दिया जाएगा।
जोराराम कुमावत ने बताया कि वितीय वर्ष 2025-26 में योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा 650 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके विरूद्ध 164 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, जिसमें से 122.27 करोड़ रूपए के आदेश भी जारी किए जा चुके हैं। इसके बाद इसी सप्ताह दुग्ध उत्पादक पशुपालकों को जनवरी से मार्च-2025 तक का भुगतान हो जाएगा। अप्रेल, मई व जून माह का भुगतान भी जुलाई के अंत तक कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जुलाई माह से पशुपालकों को इस योजना के तहत दी जाने वाली राशि हर महीने नियमित मिलना शुरू हो जाएगी।
स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों की राशि भी जल्द मिलेगी-
जोराराम कुमावत ने बताया कि पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के तहत वितीय वर्ष-2025-26 के लिए प्रदेश के 66 हजार स्कूलों में मिड डे मील के तहत दिए जा रहे मिल्क पाउडर की सप्लाई का ऑर्डर आरसीडीएफ को प्राप्त हो गया है। इसकी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। वर्ष-2024-25 में इन स्कूलों के लिए 7800 मीट्रिक टन मिल्क पाउडर की आपूर्ति की गई थी, जबकि इस बार पहले चरण में 3700 मीट्रिक टन पाउडर की आपूर्ति की जाएगी, जिससे प्रदेश के 60 लाख विद्यार्थियों को लाभ होगा।
इसी तरह मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना के तहत प्रदेश के 62 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों के लगभग 10 लाख बच्चों के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर वितीय वर्ष-2025-26 में दूध वितरण के लिए 1400 मीट्रिक टन पाउडर की आपूर्ति पहले चरण में की जा रही है।
504 विभिन्न पदों के लिए जल्द शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन-
जोराराम कुमावत ने आरसीडीएफ व डेयरी संघों में कुल 504 विभिन्न पदों के लिए प्रस्तावित भर्ती की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान सहकारी भर्ती बोर्ड के जरिए जुलाई के प्रथम पखवाड़े से ऑनलाइन आवेदन लेने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।
इसके अलावा नवगठित दुग्ध संघ-जैसलमेर, राजसमंद व बारां के लिए 106 नए पद सृजित करने व घाटे से उभर चुके 9 अन्य दुग्ध संघों के लिए 390 पदों के लिए भी नई भर्ती के अनुमोदन हेतु वित विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
अंतरराज्यीय चार दुग्ध संघ होंगे सुदृढ़-
जोराराम कुमावत ने गुजरात बॉर्डर से सटे चार दुग्ध संघों-उदयपुर, बांसवाड़ा, रानीवाड़ा-जालौर व बाड़मेर को सुदृढ़ करने के लिए अलग से पॉलिसी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इन दुग्ध संघों के दुग्ध उत्पादकों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसके तहत इन दुग्ध संघों के प्रोसेसिंग प्लांट्स को अपग्रेड किया जाएगा। साथ ही, पशुपालकों को आरसीडीएफ व दुग्ध संघ की ओर से प्रति लीटर के हिसाब से अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पशुपालकों के लिए दुर्घटना व हेल्थ बीमा पॉलिसी की प्रीमियम राशि में छूट बढ़ाने सहित अन्य लाभकारी योजनाओं को भी लागू किया जाएगा।
दुग्ध संघों की महिलाओं को देंगे प्रशिक्षण-
जोराराम कुमावत ने बताया कि डेयरी संघों का मुनाफा कैसे बढ़े, इसके लिए डेयरी विभाग आने वाले समय में कई नवाचार करेगा। इसी के तहत गुजरात की बनास डेयरी में 4 से 6 जुलाई तक तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। इसके तहत चार दुग्ध संघों- जयपुर, सीकर, भरतपुर व टोंक दुग्ध समिति की कुल 48 महिला सचिवों को एक्सपोजर विजिट तथा ट्रेनिंग करवाई जाएगी।
समीक्षा बैठक में मानसून सत्र में आरसीडीएफ व डेयरी संघ के तत्वावधान में पौधारोपण करने, कैटल फीड प्लांट्स के उत्पादन व बिक्री, सभी दुग्ध संघों के प्रोफिट-लॉस एवं सुचारू संचालन, गौ वंश के गोबर को ऑर्गेनिक खाद के रूप में बेचने, राजसमंद डेयरी प्लांट एवं भीलवाड़ा में यूएसटी व केटल प्लांट के निर्माण की प्रगति तथा बजट 2024-25 एवं 2025-26 की बजट घोषणाओं की क्रिन्याविति की समीक्षा भी की गई।
बैठक में आरसीडीएफ की एमडी श्रुति भारद्वाज, महाप्रबंधक संतोष कुमार शर्मा, वित्तीय सलाहकार डॉ. आकाश आला, असिस्टेंट मैनेजर (मार्केटिंग) दामोदर सिंह देवल व राजेश सांगानेरिया मौजूद रहे।
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01/07/25पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल शिविर में आमजन को मिल रही राहत - 16 विभागों द्वारा आमजन से जुड़े 63 तरह के कार्यों को मौके पर ही दिया जा रहा अंजाम
एन.एस. बाछल, 01 जुलाई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशील पहल के तहत राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जयपुर जिले में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है।
जयपुर जिले में शिविरों के सफल आयोजन के लिए जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी निरंतर शिविरों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल शिविरों का निरीक्षण कर आमजन तक राहत पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
इसी कड़ी में अतिरिक्ति जिला कलक्टर जयपुर प्रथम विनीता सिंह ने कालवाड़ा तहसील के फतेहपुरा ग्राम पंचायत में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिविर में उपस्थित आमजन से संवाद किया एवं राज्य सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति को लेकर फीडबैक भी लिया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर श्रीमती विनीता सिंह ने शिविर स्थल पर ही लाभार्थियों को स्वामित्व योजना के तहत पट्टे वितरित किये एवं एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण भी किया।
गौरतलब है कि जयपुर जिला प्रशासन द्वारा पखवाड़े के तहत जिले के 16 उपखण्डों की 19 पंचायत समितियों की 461 ग्राम पंचायतों में संचालित किया जा रहा है। प्रतिदिन औसतन लगभग 35 ग्राम पंचायत में प्रातः 9ः30 बजे से सायं 05ः30 बजे तक आयोजित हो रहे शिविरों में 16 विभागों द्वारा 63 कार्य किए जा रहे हैं। शिविरों का आयोजन 07 जुलाई तक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर एवं 8 व 9 जुलाई को फॉलोअप कैम्प तहसील मुख्यालय पर किया जायेगा। जिला कलक्टर के निर्देशों की अनुपालना में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा के सफल संचालन हेतु प्रशासनिक नोडल अधिकारी, तकनीकी नोडल अधिकारी और उपखंडवार नोडल प्रभारी अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
अतिरिक्त जिला कलक्टर जयपुर, प्रथम विनीता सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा पीएम सूर्यघर बिजली योजना, श्मशान भूमि आवंटन, जनसुनवाई शिकायतों का निस्तारण भी किया जा रहा है। जिला परिषद द्वारा शिविर में मातृभूमि से कर्म भूमि, हरियालों राजस्थान, वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान, पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रचार-प्रसार, अनुपयोगी भवनों को राजीविका समूहों के लिए कार्यशाला के रूप में उपलब्ध कराना एवं ऑपन जिम की स्वीकृति जारी करना आदि कार्य किए जा रहे है। प्रत्येक शिविर में हेल्प-डेस्क स्थापित की गई है जिस पर ग्राम विकास अधिकारी अथवा ग्राम रोजगार सहायक विजिटर्स बुक संधारित कर शिविर में आने वाले लाभन्वितों एवं आगन्तुकों एवं जनप्रतिनिधियों का ब्यौरा संधारित कर रहे हैं।
01 जुलाई को इन स्थानों पर होगा पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल शिविर का आयोजन
उपखंड का नाम ग्राम पंचायत का नाम
आमेर चिताणुकला एवं चंदवाजी बस्सी रामरतनपुरा, कुंथाडा खुर्द, नगराजपुरा एवं दनाउकलां
सांगानेर नृसिंहपुरा माधोराजपुरा झाड़ला एवं डिडावता
जयपुर दुर्जनियावास जोबनेर ढाणी नागान एवं कालख
दूदू दांतरी एवं पड़ासौली मौजमाबाद गंगाती कला एवं झाग
रामपुरा डाबड़ी सेवापुरा, राजावास एवं मुंडोता जमवारामगढ़ केला का बास, देवीतला, सायपुरा एवं नटाटा
सांभरलेक जयसिंहपुर एवं सुरसिंहपुरा चाकसू तामड़िया, कुम्हारियावास, करेड़ा खुर्द, ठी. गूजरान एवं बड़ोदिया फागी सवाई जयसिंहपुरा एवं कांसेल
चौमूं डोला का बास, जयसिंहपुरा, मण्डा भिण्डा एवं घिनोई
शाहपुरा मामटोरी कलां, खोरालाडखानी एवं सुराणा
किशनगढ़ रेनवाल लूनियावास एवं मलिकपुरा
02 जुलाई को इन स्थानों पर होगा पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल शिविर का आयोजन
उपखंड का नाम ग्राम पंचायत का नाम
आमेर लबाना एवं अचरोल
बस्सी जटवाड़ा, हंसमहल, बराला एवं सांभरिया
सांगानेर भंभौरिया
माधोराजपुरा भांकरोटा एवं चांदमाकलां
जयपुर कालवाड़ एवं मण्डाभोपावास
जोबनेर भोजपुराकलां एवं मुरलीपुरा
दूदू ममाणा एवं मरवा
मौजमाबाद धमाणा एवं बिहारीपुरा
रामपुरा डाबड़ी अनोपपुरा एवं दुर्गा का बास
जमवारामगढ़ नेवर, चावण्डिया, भावपुरा, बूज एवं खरकड़ा
सांभरलेक नोरंगपुरा, मुण्डावाडा
चाकसू सवाईमाधोसिंहपुरा, बडली, आजमनगर, महादेवपुरा, झांपदाकलां
फागी निमेड़ा एवं किशोरपुरा
चौमूं हस्तेड़ा, आष्टीकलां, आलीसर एवं विमलपुरा
शाहपुरा धवली, म्हारखुर्द एवं जगतपुरा
किशनगढ-रेनवाल बधाल, ईटावा एवं लालासर
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01/07/25प्रमुख शासन सचिव पर्यटन, कला एवं संस्कृति एवं अध्यक्ष आरटीडीसी राजेश यादव ने ली समीक्षा बैठक
एन.एस. बाछल, 01 जुलाई, जयपुर।
प्रमुख शासन सचिव पर्यटन, कला एवं संस्कृति एवं अध्यक्ष आरटीडीसी राजेश यादव की अध्यक्षता में आयुक्त पर्यटन एवं प्रबंध निदेशक आरटीडीसी रुक्मणि रियार की उपस्थिति में सोमवार को जयपुर स्थित पर्यटन भवन में पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
प्रमुख शासन सचिव ने पर्यटन, कला एवं संस्कृति तथा अध्यक्ष आर टी डी सी ने पर्यटन आयुक्त सहित विभिन्न अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी वाली शाखाओं और विभागों को आवश्यक विषयों का प्रपत्र बनाकर वितरित किया। उन्होंने प्रपत्र अनुसार बिंदुओं को प्रमुखता से अड्रेस करते हुए विभाग में बेहतर प्रदर्शन के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए।
प्रमुख शासन सचिव ने पर्यटन विभाग, पर्यटन विभाग की विभिन्न शाखाओं जैसे मेला उत्सव, पर्यटक सुरक्षा बल, लेखा शाखा आदि, पर्यटन सूचना केन्द्र जयपुर, विकास शाखा, निवेश शाखा,पुरातत्व विभाग, रविन्द्र मंच, जवाहर कला केन्द्र, धरोहर विकास प्राधिकरण सहित सभी सम्बन्धित शाखाओं और विभागों को निर्देश दिए कि उनको उपलब्ध करवाये गए प्रपत्रों में वर्णित महत्वपूर्ण बिन्दुओं के आधार पर आगे कार्य की योजना बनाकर कार्य किया जाना है।
उन्होंने निर्देर्शित किया कि इसके अतिरिक्त कोई अन्य बिन्दु प्रपत्र में शामिल करना हो तो शाखाएं एवं विभाग अपने स्तर पर उन बिन्दुओं को जोड़कर अगली बैठक में कार्य योजना सहित प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि विभाग के कुछ इश्यूज तो ऐसे भी हो सकते हैं, जिनमें किसी बजट की आवश्यता नही होती है, अपितु एक पहल करके ही समाधान किए जा सकते हैं। कला एवं संस्कृति के संवर्धन में लोकल स्तर पर के कई अच्छे और उत्पादक नवाचार किये जा सकते हैं।
प्रमुख शासन सचिव राजेश यादव ने कहा कि प्रदेश में आने वाले 23 करोड़ पर्यटकों की सुविधा के लिए पर्यटक गाइड के प्रशिक्षण और स्किल अपग्रेडेशन भी किया जाना चाहिए। साथ ही पर्यटक वाहन चालक का भी प्रशिक्षण करवाया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटक गाइडों की सूची भी विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध करवाई जा सकती है।
समीक्षा बैठक में कार्यकारी निदेशक राजस्थान पर्यटन विकास निगम एवं अतिरिक्त निदेशक पर्यटन प्रशासन (अतिरिक्त प्रभार) राजेश सिंह, सयुंक्त शासन सचिव पर्यटन मोहम्मद अबुबक्र, अतिरिक्त निदेशक पर्यटन आनंद त्रिपाठी, पवन जैन, जवाहरकला केन्द्र की अतिरिक्त महानिदेशक अलका मीणा, संयुक्त निदेशक पर्यटन (विकास) राजेश शर्मा, संयुक्त निदेशक मेले त्योहार पुनीता सिंह, संयुक्त निदेशक मार्केटिंग दलीप सिंह, उप निदेशक पर्यटन उपेन्द्र सिंह शेखावत सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।
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01/07/25मानकों से अधिक प्रदूषण करने वाली गाड़ियों पर रोक लगाने के लिए सरकार धीरे-धीर कदम उठा रही है - बिजली मंत्री अनिल विज
परिवहन विभाग की ऐप में हर वाहन का डाटा होता है कि वाहन कितना पुराना है- अनिल विज
कई वर्षों के बाद रेलवे का मामूली किराया बढ़ाया गया है - विज
कोलकता रेप मामला-“यह दुर्भाग्य है, जिस राज्य की मुख्यमंत्री महिला हो उसके प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित न हो”- विज
अम्बाला/चंडीगढ़, 01 जुलाई- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने दिल्ली में 15 साल तक पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल के वाहनों को पेट्रोल पंप पर तेल नहीं मिलने के मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मानकों से अधिक प्रदूषण करने वाली गाड़ियों पर रोक लगाने के लिए सरकार धीरे-धीरे कदम उठा रही है जिसके तहत अभी दिल्ली में ही वाहनों पर रोक लगाई है।
आज पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री अनिल विज ने बताया कि परिवहन विभाग की ऐप में हर वाहन की आयु, टैक्स भरने की जानकारी इत्यादि का डाटा होता है, जिसके तहत यह पता चलता है कि वाहन कितना पुराना है, टैक्स दिया या नहीं दिया है, और वाहन कब खरीदा गया। इस संबंध में जब पेट्रोल पंप पर कैमरे में उस वाहन की फोटो आएगी तो अपने आप पता चल जाएगा कि अमुक वाहन मापदंड तय करता है या नहीं।
कई वर्षों के बाद रेलवे का मामुली किराया बढ़ाया गया है- विज
भारतीय रेलवे ने प्रति किलोमीटर दो पैसे किराए में बढ़ोतरी की है जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि कई वर्षों के बाद रेलवे का किराया बढ़ाया गया है जोकि मामूली वृद्धि है। उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि इन बीते वर्षों में महंगाई दर में वृद्धि हुई है उसके अनुसार तुलना की जाए तो रेलवे के किराए में मामूली वृद्धि है।
कोलकाता रेप केस- “यह दुर्भाग्य है, जिस राज्य की मुख्यमंत्री महिला हो उसके प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित न हो”- विज
कोलकाता लॉ कॉलेज में एक छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार मामले में ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है कि जिस राज्य की मुख्यमंत्री महिला हो और उसके प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित ना हो। श्री विज ने इशारा करते हुए कहा कि इस प्रकार के मामले पहले भी आते रहे हैं और इस तरह के मामले बिना सरकारी शह के नहीं हो सकते।
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01/07/25हिंदुस्तान के घोड़े और पाकिस्तान के गधे हमेशा से ही बहुत मशहूर है : ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज
पाकिस्तान में गधों का कारोबार, 60 लाख से ज्यादा गधे, चीन-पाकिस्तान की दोस्ती भी गधों के कारण हुई : अनिल विज
हिंदुस्तान में घोड़ों की कई अच्छी नस्लें, जो काफी मशहूर, इतिहास में भी घोड़ों की गाथाओं का जिक्र : विज
अम्बाला/चंडीगढ़, 01 जुलाई - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि पाकिस्तान के गधे और हिंदुस्तान के घोड़े हमेशा से ही बहुत मशहूर है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और चीन की दोस्ती गधों के कारण हुई, जबकि हिंदुस्तान में घोड़ों की कई अच्छी नस्लें हैं जो मशहूर है। इसलिए हिंदुस्तान के घोड़े और पाकिस्तान के गधे हमेशा से ही मशहूर है।
मंत्री अनिल विज आज पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे थे। गौरतलब है कि हरियाणा के ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज हमेशा अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं आज भी श्री विज ने इशारों- इशारों में हिंदुस्तान के घोड़ों से लेकर चीन और पाकिस्तान के संबंधों पर चुटकी ले ली।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि पाकिस्तान के गधे और हिंदुस्तान के घोड़े हमेशा से ही बहुत मशहूर है और पाकिस्तान में तो अब गधों का ही कारोबार हो रहा है। पाकिस्तान में हुई गधों की गणना के मुताबिक लगभग 60 लाख से ज्यादा गधे पाकिस्तान में है। पाकिस्तान और चीन की दोस्ती भी गधों के कारण है।
उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के घोड़े हमेशा से मशहूर है, जैसे महाराणा प्रताप का घोड़ा चेतक “पवन मेघ से उड़ने वाले घोड़े”। हिंदुस्तान में घोड़ों की कई अच्छी नस्लें हैं जो मशहूर है। इसलिए हिंदुस्तान के घोड़े और पाकिस्तान के गधे हमेशा से ही मशहूर है।
स्मरण है कि भारत में घोड़ों का एक समृद्ध इतिहास रहा है, जिसमें कई प्रसिद्ध नस्लें और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण घोड़े शामिल हैं। भारत में कई स्वदेशी घोड़े की नस्लें हैं, जो अपनी विशिष्ट विशेषताओं और क्षमताओं के लिए जानी जाती हैं। हिंदुस्तान में मारवाड़ी घोड़ा, काठियावाड़ी घोड़ा, मणिपुरी पोनी, स्पीति घोड़ा, भूटिया घोड़ा, जंस्करी घोड़ा व अन्य नस्लें मशहूर है। ऐतिहासिक रूप से चेतक (महाराणा प्रताप का घोड़ा), कृष्णा (छत्रपति शिवाजी महाराज का घोड़ा), बादल (हम्मीर देव चौहान का घोड़ा), आदि मशहूर है।
इसके विपरीत पाकिस्तान के गधे कई कारणों से प्रसिद्ध हैं और इसी वजह से चीन के साथ उनके व्यापारिक संबंध भी है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान में गधों की आबादी 59 लाख से बढ़कर 60.47 लाख हो गई है। यह दुनिया में गधों की तीसरी सबसे बड़ी आबादी है, जो इथियोपिया और सूडान के बाद आती है। चीन में गधों की खाल से "ई-जियाओ" (Ejiao) नामक एक पारंपरिक दवा और सौंदर्य उत्पाद बनाया जाता है।
संक्षेप में, पाकिस्तान के गधे उनकी बड़ी संख्या और चीन के साथ बढ़ते व्यापारिक संबंधों के कारण प्रसिद्ध हैं, जहां उनकी खाल का उपयोग पारंपरिक दवा और सौंदर्य उत्पादों में किया जाता है।
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01/07/25राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक के पद पर देवेन्द्र श्रृंगी की नियुक्ति
एन.एस. बाछल, 01 जुलाई, जयपुर।
राज्य सरकार द्वारा आज 30 जून को आदेश जारी कर देवेन्द्र श्रृंगी को राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम का अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक नियुक्त किया गया है। ऊर्जा विभाग, राजस्थान सरकार के आदेशानुसार देवेन्द्र श्रृंगी को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से एक वर्ष की अवधि के लिए उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक के पद पर नियुक्त किया है।
देवेन्द्र श्रृंगी को ऊर्जा एवं विद्युत उत्पादन क्षेत्र में कार्य का 35 वर्ष से अधिक अवधि का सुदीर्ध अनुभव है जिसमें से कोटा सुपर थर्मल, छबड़ा सुपर थर्मल आदि पॉवर प्लान्टों में 31 वर्ष से अधिक अवधि तक ऑपरेशन, मेंटीनेन्स, सी.एण्ड आई., कोल हेण्डलिंग एवं अन्य विभागों के क्षेत्र मेें कार्य करते हुए उच्च तकनीकी पदों पर सेवाएं प्रदान की हैं। देवेन्द्र श्रृंगी 3 फरवरी 2024 से राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के कार्यवाहक अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक के रूप में कार्य कर रहे हैं।
ऊर्जा विभाग, राजस्थान सरकार के आदेशानुसार राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम में के.एल.मीणा को निदेशक (परियोजना), संजय सनाढ्य को निदेशक (तकनीकी) एवं एम.के.खण्डेलवाल को निदेशक (वित्त) के पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 1 वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त किया गया है।
देवेन्द्र श्रृंगी ने बताया कि राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम वर्तमान में राज्य में विद्युत उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने में केन्द्रीय भूमिका के साथ चहुॅमुखी तीव्र विकास में अग्रणी है। उत्पादन निगम के निदेशकों की नवनियुक्त टीम के साथ राज्य सरकार के विज़न के अनुसार कार्य करते हुए विद्युत इकाइयों की परम्परागत प्रणाली में अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से कम निवेश में अधिक उत्पादन एवं अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार प्रदूषण न्यून करते हुए बिजली का उत्पादन किया जायेगा ताकि राज्य के उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति की जा सके। उनका मुख्य ध्येय उत्पादन निगम के विद्युतगृहों के सुचारू संचालन, नई अक्षय ऊर्जा एवं गैर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के निर्माण कार्यो में तेजी, तापीय विद्युत गृहों को पर्याप्त कोयला उपलब्धता एवं कर्मचारियों की कार्यदक्षता बढ़ाने पर रहेगा।
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01/07/25Union Home Minister and Minister of Cooperation Shri Amit Shah expresses grief over the accident in a chemical factory in Sangareddy, Telangana
Union Home Minister and Minister of Cooperation, Shri Amit Shah has expressed grief over the accident in a chemical factory in Sangareddy, Telangana.
In a post on ‘X’ Shri Amit Shah said “Saddened by the tragic accident in a chemical factory in Sangareddy, Telangana. The NDRF team rushed to the spot immediately and is continuing the rescue operation along with the local administration. My heartfelt condolences to the families who have lost their loved ones. Praying for the swift recovery of those injured”.
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01/07/25PM shares an article on successful completion of 10 years of the Digital India initiative
The Prime Minister, Shri Narendra Modi today shared an article penned by him, on the successful completion of 10 years of the Digital India initiative and its positive impact on India’s growth trajectory.
The Prime Minister wrote on X:
"As we mark #10YearsOfDigitalIndia, shared a few thoughts on LinkedIn, on how this initiative has positively impacted India’s growth trajectory."
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01/07/25PM lauds 10 years of the Digital India initiative
The Prime Minister, Shri Narendra Modi has lauded the successful completion of 10 years of the Digital India initiative. He remarked that a decade later, we stand witness to a journey that has touched countless lives and ushered in a new era of empowerment. "India has made many strides in digital payments, powered by the collective resolve of 140 crore Indians" Shri Modi stated.
Sharing a thread on X by MyGovIndia, the Prime Minister wrote:
"Today is a historic day as we mark #10YearsOfDigitalIndia!Ten years ago, Digital India began as an initiative to transform our nation into a digitally empowered and technologically advanced society.
A decade later, we stand witness to a journey that has touched countless lives and ushered in a new era of empowerment. India has made many strides in digital payments, powered by the collective resolve of 140 crore Indians. Sectors like health and education have also benefitted from this initiative.
This thread offers a glimpse of the transformation and its scale!"
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01/07/25Prime Minister greets Doctors on Doctor’s Day
The Prime Minister, Shri Narendra Modi, today greeted all the doctors on the occasion of Doctor’s day. "Our doctors have made a mark for their dexterity and diligence. Equally notable is their spirit of compassion", Shri Modi remarked.
Shri Modi posted on X:
"Best wishes to all hardworking doctors on #DoctorsDay. Our doctors have made a mark for their dexterity and diligence. Equally notable is their spirit of compassion. They are truly protectors of health and pillars of humanity. Their contribution in strengthening India’s healthcare infrastructure is indeed exceptional." -
01/07/25Prime Minister wishes CA’s on Chartered Accountant’s Day
The Prime Minister, Shri Narendra Modi, today wished all Chartered Accountants on the occasion of Chartered Accountant’s day. Shri Modi emphasised that the precision and expertise of CA’s are essential for every organization.
Shri Modi posted on X:
"Wishing all Chartered Accountants a very happy CA Day! Their precision and expertise are essential for every organisation. By emphasising on compliance and transparency, they contribute to a healthy economy. Their role in nurturing successful corporations is also outstanding."
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01/07/25प्रधानमंत्री ने चार्टर्ड अकाउंटेंट दिवस पर सभी चार्टर्ड अकाउंटेंट को शुभकामनाएं दीं
आरएस अनेजा, 01 जुलाई नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज चार्टर्ड अकाउंटेंट दिवस के अवसर पर सभी चार्टर्ड अकाउंटेंट को शुभकामनाएं दीं। मोदी ने कहा कि सीए के काम की सटीकता और विशेषज्ञता हर संगठन के लिए जरूरी है।
मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया:
"सभी चार्टर्ड अकाउंटेंट को सीए दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! उनके काम की सटीकता और विशेषज्ञता हर संगठन के लिए आवश्यक है। अनुपालन और पारदर्शिता पर जोर देकर, वे एक स्वस्थ अर्थव्यवस्था में योगदान करते हैं। सफल निगमों के पोषण में उनकी भूमिका भी उत्कृष्ट है।"
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01/07/25 |- भारत,
प्रधानमंत्री ने डॉक्टर्स डे पर चिकित्सकों को बधाई दी
आरएस अनेजा, 01 जुलाई नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज डॉक्टर्स दिवस के अवसर पर सभी चिकित्सकों (डॉक्टरों) को शुभकामनाएं दीं। मोदी ने कहा, "हमारे डॉक्टरों ने अपनी निपुणता और परिश्रम के बल पर अपनी पहचान बनाई है। करुणा की उनकी भावना भी उतनी ही उल्लेखनीय है।"
मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया:
"#डॉक्टर्स डे पर सभी मेहनती डॉक्टरों को शुभकामनाएं। हमारे डॉक्टरों ने अपनी निपुणता और परिश्रम के बल पर अपनी पहचान बनाई है। करुणा की उनकी भावना भी उतनी ही उल्लेखनीय है। वे वास्तव में स्वास्थ्य के रक्षक और मानवता के स्तंभ हैं। देश के स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में उनका योगदान वास्तव में असाधारण है।"
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01/07/25खेल मंत्रालय ने माई भारत 2.0 प्लेटफॉर्म विकसित करने के लिए डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
आरएस अनेजा, 01 जुलाई नई दिल्ली
देश के युवाओं के साथ डिजिटल जुड़ाव को मजबूत करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में, युवा कार्य और खेल मंत्रालय ने नई दिल्ली में माई भारत 2.0 प्लेटफॉर्म के विकास के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
यह उन्नत राष्ट्रीय युवा प्लेटफॉर्म देश भर के युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें जोड़ने के लिए प्रौद्योगिकी-संचालित समाधानों का लाभ उठाएगा। इस समझौता ज्ञापन पर केंद्रीय युवा कार्य और खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी, रेलवे और सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद माई भारत प्लेटफॉर्म अब माई भारत 2.0 में विकसित होने के लिए एक व्यापक उन्नयन से गुजरेगा। यह उन्नत संस्करण उपयोगकर्ता अनुभव, पहुंच और कार्यक्षमता में सुधार के उद्देश्य से नई सुविधाएं पेश करेगा। स्केलेबिलिटी और अनुकूलन सुनिश्चित करने के लिए मॉड्यूलर आर्किटेक्चर दृष्टिकोण का उपयोग करके प्लेटफ़ॉर्म को पूरी तरह से फिर से बनाया जाएगा। इसके अलावा, एंड्रॉइड और आईओएस दोनों के लिए एक पूरी तरह कार्यात्मक मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया जाएगा।
इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. मांडविया ने कहा, "माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने युवाओं को दिशा, उद्देश्य और अवसर के साथ सशक्त बनाने के लिए वन-स्टॉप समाधान के रूप में माई भारत की कल्पना की थी। माई भारत 2.0 एक एकल-विंडो डिजिटल इकोसिस्टम है, जो युवा नागरिकों को करियर-निर्माण के अवसरों, कौशल विकास और नागरिक जुड़ाव के साथ जोड़ता है, जो सेवा भाव की भावना में निहित है।
1.75 करोड़ से अधिक युवाओं के पहले से ही इसमें शामिल होने के साथ यह प्लेटफ़ॉर्म केवल एक डिजिटल टूल नहीं है, यह 2047 तक विकसित भारत के मिशन के साथ युवा आकांक्षाओं को संरेखित करने का एक आंदोलन है। माई भारत 2.0 के साथ हम बेहतर एकीकरण, गहन सहयोग और युवा आकांक्षाओं को विकसित भारत की नींव में बदलने के लिए एक नई और साहसिक दिशा की ओर बढ़ रहे हैं।"
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा नेता और राष्ट्र निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने युवाओं के लिए कई क्षेत्रों को बदल दिया है - चाहे वह खेल हो, प्रौद्योगिकी हो, विभिन्न संस्थान हों या शिक्षा प्रणाली हो।
मंत्री ने सेमीकंडक्टर विनिर्माण में भारत की दशकों पुरानी आकांक्षा के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि 1960 के दशक से ही प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अब यह विजन वास्तविकता बन रहा है, जिसमें इस प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के शुभारंभ के बाद युवाओं में आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। चिपसेट अब विद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रों द्वारा डिजाइन किए जा रहे हैं और देश भर के 240 विश्वविद्यालयों में आईएसएम-सक्षम प्लेटफॉर्म पहले से ही उपलब्ध हैं।
वैष्णव ने आगे कहा कि इंडिया एआई मिशन के तहत छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए एक सामान्य कंप्यूट सुविधा सुलभ कराई जा रही है। 34,000 जीपीयू पहले से ही मौजूद हैं तथा 6,000 और जल्द ही शामिल किए जाएंगे, इस पहल का उद्देश्य भारत के युवाओं को नवीनतम प्रौद्योगिकी संबंधी प्लेटफॉर्म प्रदान करना है। उन्होंने यह भी बताया कि वैश्विक क्षमता केंद्र भारत में 15 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार दे रहे हैं तथा समावेशी प्रौद्योगिकी संबंधी विकास सुनिश्चित करने के लिए टियर-2 शहरों में ऐसे अवसरों का विस्तार करने के लिए एक नया फ्रेमवर्क विकसित किया जा रहा है।
वैष्णव ने कहा, "सेवा भाव, सेवा की भावना, भारतीय समाज की एक बड़ी ताकत है और माई भारत इस भावना को प्रौद्योगिकी के साथ एकीकृत करता है। इस वर्ष हम डिजिटल इंडिया के 10 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं, माई भारत 2.0 एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा। इस युवा-केंद्रित प्लेटफॉर्म को डिजिटल इंडिया के विजन के साथ एकीकृत करने से युवाओं और राष्ट्र को बहुत लाभ होगा।"
प्लेटफॉर्म के बैकएंड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए समर्पित कॉल सेंटर, प्रशिक्षण मॉड्यूल, क्लाउड सेवाएं, प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) तथा ईमेल और एसएमएस सेवाओं सहित संचार उपकरण स्थापित किए जाएंगे। स्मार्ट सीवी बिल्डर, व्यक्तिगत डिजिटल प्रोफाइल और एआई-संचालित चैटबॉट सहित प्रमुख एआई-संचालित सुविधाएं पेश की जाएंगी। स्पीच-टू-टेक्स्ट क्षमताएं और वॉयस-असिस्टेड नेविगेशन सभी उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोगिता और पहुंच में और सुधार करेंगे।
एकीकृत डैशबोर्ड इवेंट आयोजन करने वाले संस्थानों और शैक्षणिक निकायों को परिणामों का प्रभावी ढंग से विश्लेषण और निगरानी करने की अनुमति देंगे। लोकेशन इंटेलिजेंस और जियो-टैगिंग टूल युवाओं को भूगोल या रुचि के आधार पर आसपास के अवसरों को खोजने में मदद करेंगे। इसके अतिरिक्त, जुड़ाव बढ़ाने और निरंतर सीखने को बढ़ावा देने के लिए इंटरैक्टिव लर्निंग मॉड्यूल और क्विज़ शामिल किए जाएंगे।
माई भारत 2.0 आधार, डिजिलॉकर, भाषिणी और MyGov जैसे राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ सहज एकीकरण की सुविधा भी प्रदान करेगा, जिससे अंतर-संचालन और एकीकृत उपयोगकर्ता अनुभव सुनिश्चित होगा। उन्नत पोर्टल नवीनतम डेटा सुरक्षा और गोपनीयता मानदंडों का अनुपालन करेगा, जिससे सभी उपयोगकर्ताओं के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल वातावरण सुनिश्चित होगा।
इसके अलावा, इस प्लेटफॉर्म के उन्नत संस्करण में राष्ट्रीय करियर सेवाओं, एक मेंटॉरशिप हब और युवाओं के बीच करियर विकास, व्यक्तिगत विकास तथा स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देने के लिए एक फिट इंडिया अनुभाग के लिए समर्पित अनुभाग शामिल होंगे। ये एकीकरण युवाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण के लिए एक व्यापक वन-स्टॉप डिजिटल गेटवे के रूप में माई भारत के विजन को साकार करने में मदद करेंगे।
यह उन्नयन प्रौद्योगिकी, शासन और युवा ऊर्जा के रणनीतिक संयोजन को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश को विकासात्मक लाभांश में बदलना है। माई भारत 2.0 अमृत पीढी की क्षमता का दोहन करने और 2047 तक विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
माई भारत (https://mybharat.gov.in) युवा मामलों के विभाग द्वारा परिकल्पित और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन (डीआईसी) द्वारा विकसित एक गतिशील प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म है। यह भारत के युवाओं को संरचित और सार्थक तरीके से जोड़ने और संगठित करने के लिए एक संस्थागत ढांचे के रूप में कार्य करता है। इस प्लेटफॉर्म को आधिकारिक तौर पर 31 अक्टूबर 2023 को माननीय प्रधान मंत्री द्वारा लॉन्च किया गया था। अब तक, 1.76 करोड़ से अधिक युवा और 1.19 लाख से अधिक संगठन माई भारत प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हो चुके हैं।
'सेवा भाव' और 'कर्तव्य बोध' के भारतीय लोकाचार के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने के मुख्य उद्देश्य के साथ यह मंच युवा नागरिकों को डिजिटल प्रोफाइल बनाने, स्वयंसेवा और सीखने के अवसरों में भाग लेने, सलाहकारों और साथियों के साथ जुड़ने और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में सार्थक योगदान करने में सक्षम बनाकर उद्देश्यपूर्ण युवा जुड़ाव और नागरिक जिम्मेदारी की संस्कृति को बढ़ावा देता है। अनुभवजन्य शिक्षण कार्यक्रम (ईएलपी) सहित कई तरह की जुड़ाव पहलें नियमित रूप से प्लेटफॉर्म पर आयोजित की जाती हैं। यह प्लेटफॉर्म विभिन्न मंत्रालयों, संगठनों, उद्योगों, युवा क्लबों और अन्य हितधारकों को युवा जुड़ाव पहल, स्वयंसेवी कार्यक्रम और क्षमता निर्माण गतिविधियों की मेजबानी करने के लिए समर्पित वेब स्पेस भी प्रदान करता है।
इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के दौरान समय युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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01/07/25 |- भारत,
सेना प्रमुख द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और सुदृढ़ बनाने के लिए भूटान की आधिकारिक यात्रा पर रवाना
आरएस अनेजा, 01 जुलाई नई दिल्ली
भारतीय सेना प्रमुख (सीओएएस) पीवीएसएम, एवीएसएम, जनरल उपेन्द्र द्विवेदी चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर भूटान के लिए रवाना हुए। इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच स्थायी रक्षा सहयोग को और बढ़ाना है।
यात्रा के दौरान, थल सेनाध्यक्ष भूटान नरेश महामहिम जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात करेंगे। वह रॉयल भूटान आर्मी के मुख्य प्रचालन अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल बट्टू शेरिंग के साथ भी विचार-विमर्श करेंगे। थल सेनाध्यक्ष भारतीय दूतावास, भारतीय सैन्य प्रशिक्षण दल (आईएमटीआरएटी) और प्रोजेक्ट दंतक के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी परस्पर बातचीत करेंगे।
यह यात्रा भारत और भूटान के बीच गहरे और समय की कसौटी पर खरे उतरे संबंधों को प्रतिबिंबित करती है तथा एक घनिष्ठ और भरोसेमंद साझेदार के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।
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01/07/25रियर एडमिरल वी गणपति ने पुणे स्थित मिलिट्री इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के कमांडेंट का कार्यभार संभाला
आरएस अनेजा, 01 जुलाई नई दिल्ली
नौसेना के एक प्रतिष्ठित फ्लैग ऑफिसर रियर एडमिरल वी गणपति ने मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ के तहत पुणे स्थित सैन्य प्रौद्योगिकी संस्थान (एमआईएलआईटी) के कमांडेंट के रूप में कार्यभार संभाल लिया है।
नौसैना में अपने शानदार करियर के दौरान, रियर एडमिरल गणपति ने कई महत्वपूर्ण परिचालन, स्टाफ और शिक्षण पदों पर कार्य किया है, जिसमें उन्होंने परिचालन अंतर्दृष्टि, संस्थागत नेतृत्व और भविष्य-उन्मुख सोच का एक दुर्लभ संयोजन प्रदर्शित किया है। वे कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट, नेशनल डिफेंस कॉलेज और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज के पूर्व छात्र हैं।
रियर एडमिरल वी गणपति की कमांडेंट के रूप में नियुक्ति ऐसे परिवर्तनकारी समय में हुई है जब सशस्त्र बल तेजी से प्रौद्योगिकी संबंधी विकास और संयुक्तता के लोकाचार के तहत संस्थागत एकीकरण से गुजर रहे हैं। भारत के प्रमुख त्रि-सेवा तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान के प्रमुख के रूप में, वे अब सेना, नौसेना, वायु सेना और मित्र देशों के मध्य-कैरियर अधिकारियों को अत्याधुनिक सैन्य प्रौद्योगिकियों में तैयार करने के मिशन का नेतृत्व कर रहे हैं।
उनका नेतृत्व संयुक्त तकनीकी शिक्षा में उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में एमआईएलआईटी की भूमिका को और मजबूत करने के लिए तैयार है, जिसमें आधुनिक युद्ध को नया रूप देने वाले विशिष्ट और उभरते क्षेत्रों पर नए सिरे से जोर दिया जाएगा।
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01/07/25चार देशों का लक्ष्य : इंडो-पैसिफिक में क्वाड देशों की ‘एट सी शिप ऑब्जर्वर मिशन’ की शुरुआत
आरएस अनेजा, 01 जुलाई नई दिल्ली
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और आपसी सहभागिता को को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसके तहत भारत, जापान, अमरीका और ऑस्ट्रेलिया के तटरक्षकों ने विलमिंगटन घोषणा के क्रियान्वयन में पहली बार ‘क्वाड एट सी शिप ऑब्जर्वर मिशन’ शुरू किया है।
इसके प्रावधान के अनुसार प्रत्येक सदस्य देश की महिला अधिकारियों सहित दो अधिकारी अमरीकी कोस्ट गार्ड कटर (यूएससीजीसी) स्ट्रैटन जहाज पर सवार हो गए हैं, जो वर्तमान में गुआम की यात्रा कर रहा है।
क्रॉस-एम्बार्केशन मिशन क्वाड कोस्ट गार्ड सहयोग में एक अभूतपूर्व कदम है, जो एक स्वतंत्र, खुले, समावेशी व नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग के लिए संयुक्त तत्परता, परिचालन समन्वय और डोमेन जागरूकता को बढ़ाता है। यह मिशन सितंबर 2024 में क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन में रखे गए दृष्टिकोण को दर्शाता है और भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी), जापान तटरक्षक बल (जेसीजी), अमरीकी तटरक्षक बल (यूएससीजी) तथा ऑस्ट्रेलियाई सीमा बल (एबीएफ) के बीच कार्रवाई आधारित समुद्री संबंधों को विस्तार देने का प्रतीक है।
भारत की भागीदारी सागर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा एवं विकास) के अपने रणनीतिक समुद्री दृष्टिकोण को सशक्त करती है और क्षमता निर्माण, मानवीय पहुंच तथा समुद्री कानून के शासन पर जोर देने के साथ हिंद-प्रशांत महासागर पहल (आईपीओआई) के तहत राष्ट्रीय प्रयासों को पूरक बनाती है। इस प्रकार, यह समुद्र में क्वाड पहल ‘क्वाड कोस्ट गार्ड हैंडशेक’ की नींव रखती है, जो इस क्षेत्र में उभरती समुद्री चुनौतियों के बीच मजबूत विश्वास, समन्वय एवं सामूहिक लचीलेपन को बढ़ावा देती है।
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01/07/25 |- भारत,
राष्ट्रपति ने गोरखपुर स्थित एम्स के पहले दीक्षांत समारोह में भाग लिया
आरएस अनेजा, 01 जुलाई नई दिल्ली
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित एम्स के पहले दीक्षांत समारोह में भाग लिया।
इस अवसर पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि एम्स का नाम सुनते ही विश्वस्तरीय इलाज, बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं, आधुनिक प्रौद्योगिकी और समर्पित डॉक्टरों की छवि मन में उभर आती है। एम्स संस्थान देश की चिकित्सा क्षमता के प्रतीक हैं, जहां हर मरीज को उम्मीद की एक नई किरण दिखती है। एम्स ने देश में चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और उपचार के क्षेत्र में उच्चतम मानक स्थापित किए हैं। चाहे वह सर्जरी की नई प्रौद्योगिकी हो, शीघ्र निदान के लिए उपकरण हों, या आयुष और एलोपैथी के संयोजन से रोगों का इलाज हो, एम्स ने नवाचार को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाया है। यह कहा जा सकता है कि सभी एम्स संस्थान देश के पहले एम्स की स्थापना के उद्देश्य को पूरा करने में सफल रहे हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि एम्स गोरखपुर और देश के अन्य एम्स की स्थापना का उद्देश्य बेहतरीन चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को देश के हर कोने तक पहुंचाना है। उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि एम्स गोरखपुर ने बहुत कम समय में शिक्षा, अनुसंधान और चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह संस्थान हर वर्ग के नागरिकों को सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। एम्स गोरखपुर पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल से सटे क्षेत्रों के लोगों के लिए उत्कृष्ट चिकित्सा देखभाल के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध हो रहा है।
मुर्मु ने कहा कि डॉक्टर समाज और देश के विकास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे न केवल बीमारियों का इलाज करते हैं, बल्कि एक स्वस्थ समाज की नींव भी रखते हैं। स्वस्थ नागरिक राष्ट्र की प्रगति में भागीदार बन सकते हैं। उन्होंने युवा डॉक्टरों से समाज के उन वर्गों के लिए काम करने का आग्रह किया जिन्हें चिकित्सा सेवाओं की सबसे अधिक आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कई ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में अभी भी वंचित समुदायों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं की कमी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वे इस बारे में सोचेंगे और ऐसे क्षेत्रों तथा लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की दिशा में काम करेंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि डॉक्टरों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन सहानुभूति के महत्व को समझना महत्वपूर्ण है। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा से जुड़े सभी हितधारकों से भविष्य के डॉक्टरों को शुरुआत से ही ऐसा इको-सिस्टम प्रदान करने का आग्रह किया, जिसमें वे डॉक्टर-रोगी संचार, उपचार में सहानुभूति की भूमिका और विश्वास निर्माण जैसे विषयों के बारे में सीखें और उन्हें अपने कौशल के साथ अपनी कार्यशैली में अपनाएं। उन्होंने डॉक्टरों को अपने करियर और जीवन में हमेशा याद रखने की सलाह दी कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं है, बल्कि मानवता की सेवा है। उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि वे करुणा और ईमानदारी को अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाएं।
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हिंदुस्तान के घोड़े और पाकिस्तान के गधे मशहूर हैं
अनिल विज अंबाला छावनी 01 जुलाई 2025
भारत में घोड़ों का एक समृद्ध इतिहास रहा है, जिसमें कई प्रसिद्ध नस्लें और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण घोड़े शामिल हैं।
भारत की मशहूर घोड़े की नस्लें:
भारत में कई स्वदेशी घोड़े की नस्लें हैं जो अपनी विशिष्ट विशेषताओं और क्षमताओं के लिए जानी जाती हैं। इनमें से कुछ प्रमुख हैं:
* मारवाड़ी घोड़ा: यह राजस्थान की एक प्रसिद्ध नस्ल है, जो अपनी मुड़ी हुई कानें (अंदर की ओर मुड़ी हुई), सुंदरता, साहस और वफादारी के लिए जाना जाता है। इन्हें युद्ध और शाही सवारी के लिए पाला जाता था।
* काठियावाड़ी घोड़ा: गुजरात के काठियावाड़ क्षेत्र से आने वाली यह नस्ल भी मारवाड़ी घोड़े से मिलती-जुलती है। ये अपनी सहनशीलता, फुर्ती और शुष्क परिस्थितियों में जीवित रहने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध हैं।
* मणिपुरी पोनी: मणिपुर का यह छोटा लेकिन मजबूत घोड़ा पोलो खेल के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। यह पहाड़ी इलाकों में भी अच्छी तरह से चलता है।
* स्पीति घोड़ा: हिमाचल प्रदेश के स्पीति घाटी में पाया जाने वाला यह घोड़ा पहाड़ी इलाकों में भार ढोने और लंबी यात्रा के लिए उपयुक्त है। यह ठंडी परिस्थितियों को सहन करने में सक्षम है।
* भूटिया घोड़ा: सिक्किम और पश्चिम बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाने वाला यह छोटा लेकिन मजबूत घोड़ा भी पर्वतीय इलाकों में भार ढोने के लिए उपयोगी है।
* जंस्करी घोड़ा: लद्दाख में पाई जाने वाली यह नस्ल भी ठंडी और कठिन जलवायु में जीवित रहने की अद्वितीय क्षमता रखती है।
ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्ध घोड़े:
भारतीय इतिहास में कुछ घोड़े अपनी बहादुरी, वफादारी और अपने स्वामियों के साथ गहरे जुड़ाव के लिए अमर हो गए हैं:
* चेतक (महाराणा प्रताप का घोड़ा): यह भारतीय इतिहास का सबसे प्रसिद्ध घोड़ा है। हल्दीघाटी के युद्ध में चेतक ने अपनी अद्भुत वीरता और वफादारी का परिचय दिया। घायल होने के बावजूद, उसने महाराणा प्रताप को युद्धभूमि से सुरक्षित बाहर निकाला और अंततः अपने प्राण त्याग दिए। चेतक को उसकी स्वामिभक्ति और साहस के लिए सदैव याद किया जाता है।
* कृष्णा (छत्रपति शिवाजी महाराज का घोड़ा): शिवाजी महाराज के कई घोड़ों में से कृष्णा उनका सबसे प्रिय घोड़ा माना जाता है। यह सफेद रंग का तेज रफ्तार घोड़ा था जो ऊंची पहाड़ियों पर चढ़ने में माहिर था।
* बादल (हम्मीरदेव चौहान का घोड़ा): रणथंभौर के शासक हम्मीरदेव चौहान का घोड़ा 'बादल' भी अपने पराक्रम के लिए जाना जाता है।
ये घोड़े न केवल अपनी नस्लीय विशेषताओं के लिए, बल्कि भारतीय इतिहास और संस्कृति में निभाई गई अपनी भूमिका के लिए भी मशहूर हैं।
पाकिस्तान के गधे कई कारणों से प्रसिद्ध हैं, खासकर चीन के साथ उनके व्यापारिक संबंधों के कारण।
पाकिस्तान में गधों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान में गधों की आबादी 59 लाख से बढ़कर 60.47 लाख हो गई है। यह दुनिया में गधों की तीसरी सबसे बड़ी आबादी है, जो इथियोपिया और सूडान के बाद आती है।
गधे लंबे समय से पाकिस्तान की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं, खासकर सामान ढोने और कृषि कार्यों में। हालांकि, अब उनका महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि पाकिस्तान चीन को बड़ी संख्या में गधों का निर्यात कर रहा है।
चीन में गधों की खाल से "ई-जियाओ" (Ejiao) नामक एक पारंपरिक दवा और सौंदर्य उत्पाद बनाया जाता है। यह कोलेजन से बना होता है, जिसे गधे की खाल को उबालकर निकाला जाता है। चीन में ई-जियाओ की भारी मांग है, और पाकिस्तान इस मांग को पूरा करने के लिए एक प्रमुख स्रोत बन गया है। पाकिस्तान में गधों के कत्लखाने भी शुरू किए गए हैं, खासकर ग्वादर में, ताकि चीन को गधे की खाल और हड्डियों का निर्यात किया जा सके। चीन ने पाकिस्तान में गधा फार्म स्थापित करने में भी रुचि दिखाई है, क्योंकि पाकिस्तान में गधों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण है।
गरीबों के लिए आजीविका का साधन
पाकिस्तान में कई गरीब मजदूर अपनी आजीविका के लिए गधों पर निर्भर करते हैं। वे गधा गाड़ियों का उपयोग करके सामान ढोते हैं, जिससे उन्हें दैनिक आय मिलती है। हालांकि, गधों की बढ़ती कीमतों ने उन्हें पालना मुश्किल कर दिया है।
संक्षेप में, पाकिस्तान के गधे उनकी बड़ी संख्या और चीन के साथ बढ़ते व्यापारिक संबंधों के कारण प्रसिद्ध हैं, जहां उनकी खाल का उपयोग पारंपरिक दवा और सौंदर्य उत्पादों में किया जाता है।
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01/07/25 |आज का राशिफल 1 जुलाई 2025
मेष राशि (Aries)
आज का दिन आपके लिए कुछ परेशानियों से भरा रह सकता है। किसी कार्य को लेकर चिंता रहेगी। व्यापार-व्यवसाय में नुकसान हो सकता है, इसलिए अपने पार्टनर से सतर्क रहें। वाणी पर संयम रखें। परिवार में कोई दुखद समाचार मिलने की संभावना है।
वृषभ राशि (Taurus)
आज का दिन आपके लिए सौभाग्य लेकर आया है। आर्थिक रूप से आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। भूमि, भवन और वाहन की खरीदारी संभव है। किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता हासिल हो सकती है। व्यापारियों का दिन अच्छा रहेगा, लेकिन किसी भी कार्य में जल्दबाजी न करें। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं।
मिथुन राशि (Gemini)
आज मिथुन राशि वालों को बचत में परेशानी हो सकती है। बेवजह की बातें विवाद का कारण बन सकती हैं, इसलिए बेवजह के विवादों से बचें।
कर्क राशि (Cancer)
कर्क राशि वालों के लिए आज चंद्र मंगल योग से जबरदस्त लाभ मिल सकता है। आज आपको कई स्रोतों से आय होने की संभावना है।
सिंह राशि (Leo)
आज सिंह राशि वाले अवसरों का लाभ उठाएंगे। जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं। कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और कार्य प्रबंधन संवारेंगे। व्यक्तिगत मामले लंबित रह सकते हैं, अतिउत्साह से बचें।
कन्या राशि (Virgo)
कन्या राशि वाले खर्च पर नियंत्रण बढ़ाएंगे। विरोधी सक्रिय रहेंगे, इसलिए सतर्क रहें। आय में उतार-चढ़ाव हो सकता है।
तुला राशि (Libra)
तुला राशि वाले छात्रों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। आप आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे। पिता से रिश्तों में खटास आ सकती है।
वृश्चिक राशि (Scorpio)
वृश्चिक राशि वाले अहंकार को छोड़कर विनम्रता अपनाएं। आज आपके लिए चंद्र मंगल योग से जबरदस्त लाभ मिल सकता है।
धनु राशि (Sagittarius)
आज गजकेसरी योग का शुभ संयोग है, जिससे धनु राशि वालों को खूब लाभ मिलेगा। आपकी किस्मत तेज होती जाएगी।
मकर राशि (Capricorn)
मकर राशि वाले साझीदारों का सहयोग पाएंगे। निजी मामलों में रुचि रखेंगे। मेहनत से लक्ष्य साधेंगे। क्षमा भाव बनाए रखें। कार्य व्यापार सामान्य रहेगा।
कुंभ राशि (Aquarius)
कुंभ राशि वालों को चंद्र मंगल योग से जबरदस्त लाभ मिल सकता है। आज आपको कई स्रोतों से आय होने की संभावना है।
मीन राशि (Pisces)
मीन राशि वाले भावनाओं पर नियंत्रण रखें। आप किसी दूर की यात्रा पर जाने की संभावना है। आज मीन राशि के जातकों के लिए व्यापार में उन्नति के संकेत हैं।
यह एक सामान्य राशिफल है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए किसी ज्योतिषी से सलाह लेना बेहतर रहेगा।
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30/06/25भिवानी में 13 जुलाई को मनाई जाएगी महाराजा दक्ष प्रजापति जयंती: लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा
चंडीगढ़, 30 जून (अभी): हरियाणा के लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि 13 जुलाई को भिवानी में आयोजित होने वाला राज्य स्तरीय महाराजा दक्ष प्रजापति जयंती समारोह ऐतिहासिक होगा। इसमें बड़ी संख्या से प्रदेश के लोग पहुंचेंगे। जिला नूंह से भी इस समारोह में बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे।
कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने सोमवार को सर्किट हाउस नूंह में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार ने संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रचार योजना के तहत महापुरुषों की जयंती मनाने की परंपरा शुरू की है, जिससे समाज का हर वर्ग गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
राज्यस्तरीय कार्यक्रम को लेकर प्रजापति समाज ही नहीं, अपितु हर समाज में भी उत्साह है। समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मुख्यातिथि होंगे, इसलिए जिला नूंह से अधिकाधिक संख्या में लोग भिवानी पहुंचे। इससे पहले सिरसा में संत कबीरदास जयंती, इंद्री में महर्षि कश्यप जयंती, रोहतक के गांव पहरावर में भगवान परशुराम जयंती समारोह, उचाना में धन्ना भगत जयंती तथा इसके साथ ही महर्षि वाल्मीकि व संत रविदास जयंती मनाते हुए संतो व महापुरुषों को सम्मान देने का काम सरकार ने किया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने युवाओं को मेरिट के आधार पर नौकरी देने का काम किया है और नौकरियों में जो बैकलॉग था, उसे भरने का काम किया है, जिससे समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों को फायदा मिला है। भाजपा सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन पर बड़ी तेजी से कार्य किया है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार समाज के हर वर्ग को पूरा मान सम्मान दिया जा रहा है और वर्तमान केंद्र और प्रदेश सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के मूल मंत्र के साथ अंतिम छोर में बैठे वंचित वर्ग के लिए कार्य कर रही है। वर्तमान सरकार ने इस समाज को उसका हक देकर उसका मान-सम्मान किया है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि चुनाव के समय जनता से जो वायदे किए गए थे, उन्हें पूरा करने का काम सरकार कर रही है।
बैठक कर लगाई ड्यूटी
इससे पहले मंत्री ने सर्किट हाउस में जिला नूंह के प्रजापति समाज के लोगों की मीटिंग ली और उन्हें 13 जुलाई को भिवानी में आयोजित होने वाला राज्य स्तरीय महाराजा दक्ष प्रजापति जयंती समारोह में अधिक से अधिक भागीदारी करने का न्यौता दिया। उन्होंने कहा कि यह सरकार की तरफ से न्योता दिया जा रहा है, इसलिए अधिक से अधिक संख्या में जयंती कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएं व कार्यक्रम को भव्य तरीके से मनाने के लिए सहयोग भी करें। इससे पहले नूंह पहुंचने पर भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं, प्रजापति समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने कैबिनेट मंत्री को पुष्प गुच्छ व फूलमाला पहनाकर अभिनंदन किया। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, भाजपा नेता एजाज खान, नगर पालिका फिरोजपुर झिरका मनीष जैन, पूर्व चेयरमैन सतबीर वर्मा सहित गणमान्य उपस्थित थे।
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30/06/25स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने स्वास्थ्य परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की
चंडीगढ़, 30 जून (अभी) - हरियाणा की स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने चंडीगढ़ में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें राज्यभर में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभागों की कार्यप्रणाली और चल रहे स्वास्थ्य परियोजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन किया गया।
बैठक के दौरान, मंत्री ने अधिकारियों से स्वास्थ्य परियोजनाओं के निर्माण कार्य की गति तेज करने के निर्देश दिए और इस बात पर जोर दिया कि अस्पतालों की निर्माणाधीन इमारतों के विकास की निगरानी और समन्वय के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाए।
उन्होंने संबंधित विभागों को फार्मेसी नीति को बिना किसी देरी के अंतिम रूप देने और फार्मासिस्ट तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया को प्रारंभ करने के निर्देश दिए ताकि स्वास्थ्य सुविधाओं में उचित स्टाफ मिल पाए।
एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी कदम के तहत, मंत्री ने यह पुनः स्पष्ट किया कि सभी सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस उपचार पूरी तरह से नि:शुल्क कर दिया गया है, भले ही मरीज की आय कोई भी हो। उन्होंने राज्यभर में डायलिसिस सेवाओं के बारे में कहा कि यह सेवा समान रूप से पारदर्शी तरीके से बिना किसी रुकावट के रोगी को मिले, ऐसा सुनिश्चित हो।
प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने के लिए, स्वास्थ्य मंत्री ने परियोजना समय सीमाओं के कड़े पालन, समय पर फाइलों के निपटान और इस दिशा में होने वाली किसी भी तरह की देरी को समाप्त करने की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिये। उन्होंने पीजीआईएमएस रोहतक द्वारा आयोजित बीएससी नर्सिंग और अन्य प्रवेश परीक्षाओं के पारदर्शी और निष्पक्ष संचालन की आवश्यकता पर भी बल दिया, साथ ही अधिकारियों को किसी भी प्रकार की गलत प्रक्रिया की संभावना को खत्म करने के लिए निर्देशित किया।
आयुष मंत्री ने अधिकारियों से आयुष योजनाओं के बारे में जन-जागरूकता बढ़ाने और राज्यभर में सरकारी कर्मचारियों को आयुष रिइंबर्समेंट नीति के बारे में सूचित करने के लिए एक अभियान शुरू करने का निर्देश दिया।
मातृत्व स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए, मंत्री ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) स्तर पर पहले रेफरल यूनिट (एफआरयू) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा ताकि मातृत्व देखभाल सेवाओं को मजबूत किया जा सके और मातृ मृत्यु दर को घटाया जा सके।
हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचएमएससीएल) के कार्यों पर चर्चा करते हुए, उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश दिए कि किसी भी स्वास्थ्य सुविधा, चाहे वह सीएचसी हो या जिला अस्पताल, इनमें दवाइयों की कोई कमी न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई लापरवाही पाई गई तो संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) की जवाबदेही होगी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में चिकित्सकों की उपस्थिति, पोस्टिंग, सेवानिवृत्ति आदि से संबंधित शिकायतों के समाधान पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, आयुष विभाग के महानिदेशक श्री संजीव वर्मा, स्वास्थ्य विभाग के सचिव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, हरियाणा के मिशन निदेशक श्री रिपुदमन सिंह ढिल्लों, हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री मनोज कुमार और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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30/06/25आगामी 13 जुलाई को आयोजित होने वाली कैथल हाफ मैराथन के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू
चंडीगढ़, 30 जून (अभी) - आगामी 13 जुलाई को कैथल में सुबह के समय "कैथल हाफ मैराथन 2025" का आयोजन किया जाएगा। इसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे और मैराथन को हरी झंडी देकर रवाना करेंगे। हाफ मैराथन में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। कोई भी आमजन www.kaithalhalfmarathon.com वेबसाइट पर जाकर तथा स्कैनर के माध्यम से अपना पंजीकरण करवा सकता है। इन प्रतियोगिताओं में लगभग 12 लाख रुपये की कुल नकद राशि के पुरस्कार वितरित जाएंगे।
एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि हाफ मैराथन तीन कैटेगरी में आयोजित होगी। इसमें 21 किलोमीटर व 10 किलोमीटर की प्रोफेशनल तथा पांच किलोमीटर फन-रेस शामिल है। कैथल हाफ मैराथन 2025 में भाग लेने वाले प्रतिभागी (महिला या पुरुष अलग-अलग कैटेगरी में) यदि 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन में प्रथम स्थान प्राप्त करते हैं तो उन्हें एक लाख 50 हजार रुपये, द्वितीय स्थान पर रहने वाले प्रतिभागी को एक लाख 25 हजार रुपये तथा तृतीय स्थान पर एक लाख रुपये का नकद इनाम से पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं 10 किलोमीटर मैराथन में प्रथम विजेता को एक लाख रुपये, द्वितीय को 75 हजार रुपये तथा तृतीय स्थान पर रहने वाले प्रतिभागी को 50 हजार रुपये की नकद इनाम दिया जाएगा। वहीं पांच किलोमीटर की दौड़ फन मैराथन होगी। इसमें कोई भी व्यक्ति नि:शुल्क भाग ले सकता है। उन्होंने बताया कि 21 किलोमीटर की मैराथन में भाग लेने के लिए 1000 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस तथा 10 किलोमीटर मैराथन में भाग लेने के लिए 500 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस निर्धारित की गई है। पांच किलोमीटर मैराथन की रजिस्ट्रेशन के लिए कोई फीस नहीं है। इसके लिए नि:शुल्क आवेदन किया जा सकता है। मैराथन का रूट जल्द ही तय कर लिया जाएगा।
प्रवक्ता ने बताया कि इस मैराथन का उद्देश्य मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के हरियाणा को नशा मुक्त बनाने के सपने को साकार करना है तथा इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। इस प्रोफेशनल-रन में सभी प्रतिभागियों को एक किट उपलब्ध करवाई जाएगी तथा चेस्ट पर चिप लगाई जाएगी, ताकि मैराथन का परिणाम पारदर्शी व निष्पक्ष हो। हरियाणा सरकार द्वारा इससे पहले कई जिलों में इस प्रकार की मैराथन आयोजित करके लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया जा चुका है।
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30/06/25श्री माता मनसा देवी मंदिर में चोला अर्पित करने की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू
चंडीगढ़, 30 जून (अभी) - हरियाणा में श्री माता मनसा देवी (मुख्य मंदिर, पटियाला मंदिर व सती मंदिर), पंचकूला, श्री काली माता मंदिर कालका व श्री चण्डीमाता मंदिर में देवी को चोला अर्पित करने के लिये ऑनलाईन बुकिंग प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
श्री माता मनसा देवी पूजास्थल बोर्ड की सीईओ श्रीमती निशा यादव ने बताया कि इस प्रक्रिया के माध्यम से माता को दिनांक 6 जुलाई 2025 से 20 अगस्त 2025 की अवधि के दौरान चोला अर्पित करने के लिये ऑनलाइन बुकिंग 02 जुलाई 2025 प्रातः 10:00 बजे से "पहले आओ-पहले पाओ" के आधार पर आरम्भ होगी। सभी इच्छुक श्रदालु लाभ उठाने के लिए पूजास्थल बोर्ड की वैबसाईट www.mansadevi.org.in पर रजिस्ट्रेशन कर प्रक्रिया में सम्मिलित हो सकते हैं।
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30/06/25हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग की सुनवाई में उपभोक्ता को मिला न्याय, बिजली बिल में त्रुटि पर आयोग सख्त
चंडीगढ़, 30 जून (अभी) - हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने रोहतक निवासी बिजली उपभोक्ता की शिकायत पर सुनवाई करते हुए संबंधित लेखाधिकारी पर एक हजार रुपये का प्रतीकात्मक जुर्माना एवं 5 हजार रुपये का मुआवज़ा उपभोक्ता को दिए जाने का आदेश दिया है। आयोग के प्रवक्ता ने बताया की आयोग ने जांच मे पाया कि उपभोक्ता के मीटर परिवर्तन आदेश को सिस्टम में अपडेट करने में लगभग एक वर्ष की देरी हुई।
उल्लेखनीय है कि विभाग द्वारा 11 जून 2023 को मीटर परिवर्तन आदेश अपडेट कर दिया गया था, फिर भी उपभोक्ता के बिल में त्रुटि बनी रही, जिससे उन्हें बार-बार शिकायतें दर्ज करानी पड़ीं और कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े। बाद में मई 2024 में संड्री एडजस्टमेंट तैयार हुआ, परंतु गणना में गलती होने के कारण यह 29 नवंबर 2024 को ही स्वीकृत हो सका। यह त्रुटि अंततः आयोग के हस्तक्षेप से ही सुधरी। आयोग ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया कि इतने सरल मामले का समाधान फर्स्ट ग्रीवेंस रीड्रेसल अथॉरिटी अथवा सेकंड ग्रीवेंस रीड्रेसल अथॉरिटी स्तर पर नहीं हो सका।
यह केवल हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग द्वारा शुरू की गई ऑटो अपील प्रणाली के कारण संभव हो पाया कि एक अशिक्षित उपभोक्ता एवं उसका 10+2 पढ़ा-लिखा पुत्र, बिना किसी अतिरिक्त खर्च के घर बैठे ही अपनी शिकायत आयोग तक पहुँचा सके और उन्हें कुल 15 हजार 838 रुपये और 16 हजार 330 रुपये की धनवापसी प्राप्त हो सकी जिसमें से 16 हजार 330 रुपये की राशि आयोग के हस्तक्षेप के फलस्वरूप ही प्राप्त हुई।
आयोग ने आदेश दिया है कि संबंधित लेखाधिकारी के जून 2025 के वेतन से 6 हजार रुपये की राशि काटकर 1 हजार रुपये राज्य कोष में में जमा की जाए तथा 5 हजार रुपये उपभोक्ता के बिल में समायोजित अथवा उसके बैंक खाते में स्थानांतरित की जाए। उपभोक्ता से बैंक विवरण प्राप्त कर यह भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, आयोग ने सेकंड ग्रीवेंस रीड्रेसल अथॉरिटी -कम-एक्सईएन एवं फर्स्ट ग्रीवेंस रीड्रेसल अथॉरिटी के रूप में कार्य कर रहे कनिष्ठ अभियंता को भी परामर्श दिया है कि वे उपभोक्ता शिकायतों को प्राथमिक स्तर पर ही गंभीरता से लें एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें ताकि आम नागरिकों को आयोग तक न आना पड़े।
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30/06/25पर्यटकों को अब एक छत के नीचे मिलेंगी आध्यात्मिक नगरी कुरुक्षेत्र के तीर्थ और पर्यटन स्थलों की सूचना
चंडीगढ़, 30 जून (अभी) - हरियाणा की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक नगरी कुरुक्षेत्र के पर्यटन एवं तीर्थ स्थलों की तमाम सूचनाएं व इससे सम्बंधित इतिहास की सूचना अब कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के पर्यटन सूचना केन्द्र में मिल पाएगी। इस पर्यटन सूचना केन्द्र को अब पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है।
अहम पहलू यह है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आदेशानुसार आगामी 3 माह में सभी पर्यटन सूचना केन्द्र शुरू कर दिए जाएंगे और ज्योतिसर गीता स्थली, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भी पर्यटन सूचना केन्द्र खोलने की योजना है।
कुरुक्षेत्र की उपायुक्त नेहा सिंह, केडीबी के मानद सचिव उपेन्द्र सिंघल, केडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं एसडीएम लाडवा पंकज सेतिया ने मंत्रोच्चारण के बीच केडीबी के पहले पर्यटन सूचना केन्द्र का उद्घाटन किया।
इसके उपरांत, उपायुक्त ने सैल्फ हैल्प ग्रुप द्वारा पर्यटन सूचना केन्द्र में बनाए गए हस्त शिल्पी कक्ष, कैफेटेरिया, डिजिटल डाक्यूमेंट्री कक्ष, पर्यटन विश्राम केन्द्र के साथ-साथ अन्य कक्षों का भी अवलोकन किया। इस दौरान उपायुक्त नेहा सिंह ने केडीबी की तरफ से देश विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए एक विशेष बॉक्स में ब्रह्मसरोवर का जल, पवित्र ग्रंथ गीता, ज्योतिसर के वट वृक्ष का पत्ता और प्रसाद आदि शामिल है, की वितरण प्रक्रिया का आगाज किया। यह बॉक्स केडीबी की तरफ से महज 230 रुपए की दर से उपलब्ध करवाया जाएगा।
आज शुरू किये गए इस पर्यटन सूचना केन्द्र में देश विदेश से आने वाले पर्यटकों के तमाम दिक्कतों का समाधान करते हुए गाइड, 48 कोस के तीर्थों की जानकारी, महाभारत कालीन पर्यटन स्थल, डिजिटल कक्ष में महाभारत पर आधारित डाक्यूमेंट्री सहित विश्राम गृह, रेलवे व हवाई जहाज टिकट की बुकिंग सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। पर्यटन सूचना केन्द्र के माध्यम से पर्यटकों को एक ही छत के नीचे तमाम सुविधाएं मिल पाएंगी। इस सूचना केन्द्र से पर्यटकों को 9वीं व 11वीं शताब्दी में उत्खन्न से मिली प्राचीन मूर्तियों को रैपिलिका का भी दी जाएगी। इससे कुरुक्षेत्र के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, पर्यटन और तीर्थ स्थलों के बारे में देश, विदेश से आने वाले पर्यटक सहजता से जान सकेंगे।
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30/06/25हरियाणा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग में कार्यरत तेजपाल सभ्रवाल 30 वर्ष की संतोषजनक सेवा के बाद सेवानिवृत्त
चंडीगढ़, 30 जून (अभी) - हरियाणा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की हरियाणा सिविल सचिवालय स्थित प्रेस शाखा में कार्यरत अधीक्षक श्री तेजपाल सभ्रवाल आज अपनी तीस वर्षों की संतोषजनक सेवा पूरी करने पर सेवानिवृत्त हो गए।
श्री तेजपाल ने विभाग में 31 जुलाई, 1995 को लिपिक के पद पर अपनी सेवाएं आरंभ की थी। उन्होंने प्रेस शाखा के प्रेस फेसिलिटि अनुभाग में 1997 से अपनी ज्वाइनिंग की थी और अधीक्षक के पद पर तक कार्य किया। श्री तेजपाल अपनी मृदुभाषी व तत्काल फाइल कार्य निपटाने की कार्यशैली के धनी थे और मीडियाकर्मियों में एक कर्त्तव्यनिष्ठ कर्मचारी के रूप में जाने जाते थे। मुख्यमंत्री सहित अन्य अति विशिष्ट व्यक्तियों व मंत्रियों की प्रेस कान्फ्रेंस मुख्यालय पर करवाने में उनकी अग्रणी भूमिका रहती थी। इसके अलावा समय-समय पर फील्ड में प्रेस पार्टियां ले जाने के लिए भी विभाग के लिए तत्परता से कार्य करते थे।
श्री तेजपाल के सेवानिवृत्त पर आज हरियाणा सिविल सचिवालय के कार पार्किंग में स्थित डॉ. अम्बेडकर सभागार में विदाई पार्टी समारोह का आयोजन किया गया जिसमें प्रेस शाखा के प्रभारी संयुक्त निदेशक डॉ. साहिब राम गोदारा सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारियों ने भाग लिया और उनके दीर्घायु व स्वस्थ्य सेवानिवृत्त जीवन की कामना की। इस अवसर पर श्री तेजपाल सभ्रवाल के परिवारजन भी उपस्थित रहे।
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30/06/25मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के निधन पर व्यक्त की शोक संवेदना
चंडीगढ़, 30 जून (अभी) - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब भाजपा प्रभारी श्री विजय रूपाणी के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है। अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना में उनका निधन देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री आज अंबेडकर भवन चंडीगढ़ में आयोजित शोक सभा में बोल रहे थे । शोक सभा में हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष श्री मोहनलाल कौशिक सहित अन्य वरिष्ठ जन उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा है कि श्री विजय रूपाणी जी का निधन हम सबके लिए गहरा आघात है। उनका संपूर्ण जीवन भारतीय संस्कृति, राष्ट्रवाद और सेवा-भाव के आदर्शों के अनुरूप समर्पित रहा। वे एक सच्चे कर्मयोगी, विचारशील राजनेता और जनमानस से जुड़ी हुई भावना के प्रतीक थे। उनके निधन से देश ने एक ऐसा जननेता खो दिया है, जिसने पूरी निष्ठा से संगठन, सत्ता और समाज, तीनों के साथ न्याय किया।
उन्होंने कहा कि श्री विजय रूपाणी जी की विचारधारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी की मूल आत्मा से जुड़ी रही। उनका राजनीतिक जीवन राष्ट्रप्रेम, पारदर्शिता, सुशासन और सेवा के चार स्तंभों पर आधारित था। वे दृढ़ राष्ट्रवादी विचारधारा के पक्षधर थे और भारतीय संस्कृति की जड़ों से गहराई से जुड़े हुए थे। श्री विजय रूपाणी विनम्र और मेहनती थे, पार्टी की विचारधारा के प्रति दृढ़ता से प्रतिबद्ध थे। उन्होंने संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई और गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लगन से काम किया। उन्होंने कई ऐसे कदम उठाए, जिससे गुजरात के विकास में तेजी आई, खासकर जीवन को आसान बनाने अर्थात ईज ऑफ लिविंग में।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री विजय रूपाणी राजकोट पश्चिम सीट से गुजरात विधानसभा चुनाव जीतने के बाद 7 अगस्त, 2016 से 11 सितंबर, 2021 तक दो कार्यकाल के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। वे वर्तमान में पंजाब भाजपा के प्रभारी थे। हरियाणा में भाजपा के संगठनात्मक विस्तार के लिए उन्होंने समय-समय पर मार्गदर्शन किया। वे कई बार हरियाणा आए और कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक अनुशासन और सेवा की भावना से कार्य करने की प्रेरणा दी। उनकी स्मृतियां और विचारधारा हमें सदैव प्रेरणा देती रहेंगी। हम उनके दिखाए मार्ग पर चलकर जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के पथ पर अग्रसर हो सकते हैं, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
श्री नायब सिंह सैनी ने दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भगवान से अपने श्रीचरणों में स्थान देने और उनके परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है।
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30/06/25गांधी मैदान में बिना अनुमति लगाए गए झूलों के मामले की जांच जिला नगर आयुक्त करेंगे
ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने पूर्व में शहरी स्थानीय निकाय के आयुक्त एवं सचिव को कार्रवाई के लिए लिखा था पत्र
मामला, अंबाला छावनी के गांधी मैदान में बिना अनुमति फन फेयर लगाने के लिए लगाए गए झूलों का
अम्बाला/चंडीगढ़, 30 जून –हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज की अनुशंसा पर अम्बाला छावनी के गांधी मैदान में बिना अनुमति लगाए गए झूलों के मामले की जांच अब जिला नगर आयुक्त द्वारा की जाएगी। इस संबंध में शहरी स्थानीय निकाय के आयुक्त एवं सचिव द्वारा कार्रवाई के निर्देश नगर आयुक्त को दिए गए हैं।
गौरतलब है कि अम्बाला छावनी के गांधी मैदान में किसी विभाग की अनुमति के बिना ही फन फेयर लगाने के लिए ठेकेदार ने बड़े झूले व अन्य सामान लगा लिया था। यह मामला कैबिनेट मंत्री अनिल विज के संज्ञान में आया जिसके बाद उन्होंने शहरी स्थानीय निकाय के आयुक्त एवं सचिव को मामले की जांच के निर्देश देते हुए पत्राचार किया था।
पत्र में मंत्री अनिल विज ने कहा था कि गांधी मैदान को किराए पर देने की पाबंदी है और ऐसे में मैदान में इतना बड़ा फन फेयर नगर परिषद की बिना अनुमति और बिना रसीद काटे कैसे लग गया। उन्होंने इस संबंध में पूरी जांच कर दोषी अधिकारी/कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज की शिकायत के बाद शहरी स्थानीय निकाय आयुक्त एवं सचिव द्वारा जिला नगर आयुक्त को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं तथा जांच रिपोर्ट मांगी गई है।
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30/06/25मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर ‘मन की बात‘ कार्यक्रम को सुना।
एन.एस. बाछल, 30 जून, जयपुर।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात‘ कार्यक्रम की 123वीं कड़ी में देशवासियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर ‘मन की बात‘ कार्यक्रम को सुना।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में हाल ही में भारत के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के इंटरनेशनल स्पेस सेंटर पर पहुंचने की उपलब्धि की चर्चा की। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत ने एक नया इतिहास रचा है। श्री मोदी ने श्री शुभांशु शुक्ला के साथ अपनी बातचीत का भी जिक्र किया।
श्री मोदी ने गत 21 जून को ‘एक पृथ्वी - एक स्वास्थ्य’ थीम पर आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के बारे में जिक्र करते हुए कहा कि विशाखापत्तनम के समुद्र तट पर तीन लाख लोगों द्वारा एक साथ योग किया गया। उन्होंने कहा कि देश-विदेश के बड़े शहरों में आयोजित शिविरों में योग के माध्यम से शांति, स्थिरता और संतुलन की झलक दिखाई दी। प्रधानमंत्री ने 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा और उड़ीसा में आयोजित भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा के बारे में बात करते हुए कहा कि ये यात्राएं ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के भाव का प्रतिबिंब है।
प्रधानमंत्री ने भारत को हाल ही में मिली दो बड़ी उपलब्धियों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत को ट्रेकोमा मुक्त घोषित कर दिया है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की 64 प्रतिशत से ज्यादा आबादी को किसी न किसी सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश के लगभग 95 करोड़ लोग किसी न किसी रूप में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े हुए हैं, जबकि वर्ष 2015 तक 25 करोड़ से कम लोगों तक सरकारी योजनाएं पहुंच पाती थी।
श्री मोदी ने वर्ष 1975 में देश में लगाए गए आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में संविधान की हत्या की गई और अभिव्यक्ति की आजादी का भी गला घोंट दिया गया था। उन्होंने कहा कि हमें हमेशा उन लोगों को याद करना चाहिए, जिन्होंने आपातकाल का डटकर मुकाबला किया।
प्रधानमंत्री ने देश के अलग-अलग क्षेत्रों में कला, शिल्प और कौशल की विविधता के बारे में बात करते हुए कहा कि मेघालय के विशेष एरी सिल्क के माध्यम से वहां की महिलाएं स्वयं सहायता समूह बनाकर इस धरोहर को आगे बढ़ा रही है। वहीं तेलंगाना के भद्राचलम की महिलाएं श्रीअन्न से बिस्किट तैयार कर हैदराबाद से लंदन तक भेज रही है। श्री मोदी ने कहा कि कर्नाटक के कलबुर्गी की महिलाओं द्वारा बनाई गई ज्वार की रोटी एक ब्रांड बन चुकी है। उन्होंने मध्यप्रदेश की सुमा उइके द्वारा मशरूम की खेती और पशुपालन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की भी सराहना की।
प्रधानमंत्री के संबोधन से होता है सकारात्मक ऊर्जा का संचार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के सफर में उपलब्धि के रूप में आए हर एक पड़ाव को वे इस कार्यक्रम के माध्यम से देशवासियों के साथ साझा करते है। प्रधानमंत्री जी देश के हर नागरिक को भी राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित करते है। उनके प्रेरणादायी उद्बोधन से मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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30/06/25प्रधानमंत्री ने तेलंगाना के संगारेड्डी में एक फैक्ट्री में आग लगने की घटना में हुई जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त किया
आरएस अनेजा, 30 जून नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज तेलंगाना के संगारेड्डी में एक फैक्ट्री में आग लगने की घटना में हुई मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
पीएमओ इंडिया के हैंडल से एक्स पर पोस्ट में कहा गया:
"तेलंगाना के संगारेड्डी में एक फैक्ट्री में आग लगने की घटना में लोगों की मौत से दुखी हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे:
गौरतलब है कि तेलंगाना में संगारेड्डी जिले में सोमवार सुबह एक केमिकल फैक्ट्री के रिएक्टर में विस्फोट होने से छह लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हुए थे। विस्फोट के कारण फैक्ट्री के कुछ हिस्सों में भीषण आग लग गई।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने भी इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया और अधिकारियों को सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने लिए अधिकारियों को निर्देश दिया है।
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30/06/2519वां राज्य स्तरीय सांख्यिकी दिवस समारोह, जन-आकांक्षाओं की पूर्ति का आधार सांख्यिकी, सटीक आंकड़ों के माध्यम से विकसित राजस्थान का संकल्प होगा पूरा
एन.एस. बाछल, 30 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सांख्यिकी वो क्षेत्र है जिसके माध्यम से सरकार जनता की अपेक्षाओं-आकांक्षाओं की पूर्ति कर सकती है। जब आंकड़े सटीक होते हैं, तभी हम निर्धारित लक्ष्यों की दिशा में प्रगति का निष्पक्ष मूल्यांकन कर सकते हैं और सुधार के लिए समय रहते कदम उठा सकते हैं। उन्होंने आंकड़ों की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं उपयोगिता को और अधिक सशक्त बनाते हुए विकसित भारत एवं विकसित राजस्थान के संकल्प की सिद्धि का आह्वान किया।
भजनलाल शर्मा रविवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जंयती के अवसर पर आयोजित 19वें राज्य स्तरीय सांख्यिकी दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने श्री महालनोबिस का स्मरण करते हुए कहा कि वे भारतीय सांख्यिकी प्रणाली के मुख्य शिल्पी और सांख्यिकी विज्ञान के जनक थे। देश में सांख्यिकी प्रणाली को सुदृढ़ करने और नीति निर्माण को वैज्ञानिक तथ्यों एवं आंकड़ों पर आधारित बनाने का उनका योगदान हमेशा याद रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष 19वां सांख्यिकी दिवस ‘नेशनल सैंपल सर्वे के 75 साल‘ थीम पर मनाया जा रहा है जिसके निष्कर्षों एवं तथ्यों ने देश में नीतियों एवं कार्यक्रमों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।
भारत सांख्यिकी के क्षेत्र में ग्लोबल लीडर के रूप में उभरा
भजनलाल शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश में सांख्यिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं, जिनसे न केवल जनकल्याणकारी नीतियां एवं कार्यक्रम बनाने में मदद मिल रही है बल्कि सांख्यिकी के क्षेत्र में भारत ग्लोबल लीडर के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री जी का मानना है कि डेटा आज केवल सूचनात्मक संसाधन नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संपदा है। उन्होंने कहा कि डेटा से सांख्यिकी प्रणाली को व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने के साथ ही दूरगामी निर्णय लेने में मदद मिल रही है। ये आंकड़े ही तेजी से विकास के प्रमुख आधार है।
सटीक आंकड़ों से राजस्थान बनेगा 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत विश्व के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जो व्यापक आंकड़े के आधार पर नीतियां एवं कार्यक्रम बनाकर उन्हें लागू करता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज राज्य सरकार ने आंकड़ों के आधार पर नीतिगत निर्णय लेकर सुशासन की मजबूत नींव रखी है। प्रदेश को 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य हो या अंत्योदय की भावना के अनुरूप कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक सुगमता से पहुंचाने का संकल्प, राज्य सरकार आंकड़ों के आधार पर मजबूती से निर्णय ले रही है।
सांख्यिकी तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में उठाए महत्वपूर्ण कदम
श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में सांख्यिकी तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। राज्य में 68 नवीन ब्लॉक सांख्यिकी कार्यालयों एवं 8 नए जिलों में सांख्यिकी कार्यालयों की स्थापना करने के साथ ही, सांख्यिकी कार्यालयों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाने के प्रावधान भी किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में सतत् विकास लक्ष्यों के प्रभावी क्रियान्वयन की दृष्टि से हमनें बजट में एसडीजी कोर्डिनेशन एंड एक्सीलरेशन सेंटर की स्थापना की घोषणा की। इसके लिए पदों के सृजन एवं विशेषज्ञों की सेवाओं के लिए वित्तीय सहमति दी जा चुकी है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘स्टैटिस्टिकल इयरबुक 2025‘ और ‘राजस्थान एसडीजी स्टेटस रिपोर्ट 2025‘ का विमोचन और ‘एसडीजी वेबसाइट 2.0‘ का शुभारंभ किया। साथ ही, उन्होंने राज्य में सांख्यिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए जयपुर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी सहित 16 अधिकारियों-कर्मचारियों को राज्य स्तरीय ‘प्रोफेसर पीसी महालनोबिस सांख्यिकी पुरस्कार’ से सम्मानित किया। इस अवसर पर सांख्यिकी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहें।
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30/06/25अधिवक्ता हमारी न्याय प्रणाली का अभिन्न अंग- पीड़ित वर्ग को त्वरित न्याय दिलाकर अधिवक्ता राष्ट्र निर्माण में देते हैं अहम योगदान
एन.एस. बाछल, 30 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अधिवक्ता हमारी न्याय प्रणाली का अभिन्न अंग है। उनकी सेवा और समर्पण ने भारतीय न्याय व्यवस्था को नये आयाम प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा कि समाज के पीड़ित वर्ग को त्वरित न्याय दिलाकर अधिवक्ता राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान दे रहे हैं।
भजनलाल शर्मा से रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर राजस्थान बार काउंसिल कार्यकारिणी के सदस्यों ने मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री का राज्य बजट 2024-25 में राजस्थान बार काउंसिल के लिए एक बारीय सहायता के रूप में 7.50 करोड़ रूपये का प्रावधान करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान प्रदेश में न्यायपालिका के और अधिक सुदृढ़ीकरण तथा विभिन्न विधिक मुद्दों पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ राजस्थान कानूनी सुधारों को क्रियान्वित करने, विधि शिक्षा और विधिक सहायता जैसे अन्य महत्वपूर्ण सराहनीय कार्य कर प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था में बड़ा योगदान दे रही है। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की अदालतों में चरणबद्ध रूप से सुविधाओं का विस्तार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन, बेटी बचाओे-बेटी पढ़ाओ और एक पेड़ मां के नाम जैसे अभियानों के माध्यम से देश और समाज को एक नई दिशा दी है। इन अभियानों के व्यापक और सकारात्मक परिणाम हम सब देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार अधिवक्ता भी समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। भजनलाल शर्मा ने कहा कि अधिवक्ताओं को अपने व्यस्त समय में से कुछ समय निकालकर सामाजिक सरोकारों से जुड़ना चाहिए।
इस अवसर पर राजस्थान बार काउंसिल के अध्यक्ष भुवनेश शर्मा सहित वरिष्ठ अधिवक्ता उपस्थित रहे।
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30/06/25विधानसभा अध्यक्ष हरिसेवा उदासीन आश्रम में गुरूओं के चार दिवसीय वार्षिक उत्सव में हुए सम्मिलित
एन.एस. बाछल, 30 जून, जयपुर।
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी रविवार को भीलवाड़ा जिले के एक दिवसीय दौरे पर रहे। विधानसभा अध्यक्ष हरिसेवा उदासीन आश्रम पहुंच कर सतगुरूओं के दर पर संतो-महापुरूषो का आशीर्वाद प्राप्त किया। हरिसेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर भीलवाड़ा में आराध्य सतगुरूओं के चार दिवसीय वार्षिक उत्सव के अन्तर्गत अन्तिम दिन रविवार को बाबा गंगाराम साहब जी की 29वीं वार्षिक बरसी हर्षोल्लास और आनंदपूर्वक मनाई गई जिसमे श्री देवनानी ने भाग लिया।
वासुदेव देवनानी ने उद्बोधन में कहा कि परिवार में श्रीरामचरित मानस और गीता अवश्य होनी चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ी चरित्रवान और संस्कारवान बनेगी। साथ ही उन्होंने विधानसभा में बनवाई गई संविधान गैलेरी और अजमेर शहर में अग्रेंजो व मुगलकालीन स्थानों के नामो को सनातन संस्कृति संबंधित से प्रतिस्थापित करने संबंधी जानकारी दी।
राष्ट्र, धर्म व समाज हित में सदैव दान की प्रवृत्ति बनी रहनी चाहिए। दान से ही जीवन में शान्ति और आनन्द की प्राप्ति होती है। भारत विश्व गुरू था, विश्व गुरू है एवं विश्व गुरू बना रहेगा, यह सनातन की शक्ति ही है। यह विचार महामण्डलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने गुरूओं के वार्षिक उत्सव के अवसर पर प्रकट किये। उन्होंने भजन बाबा हरिराम बाबा शेवाराम बाबा गंगाराम तुहिंजे दर ते झले बिठा आहियूं झोली प्रस्तुत करते हुए अपने सतगुरूओं की महिमा का बखान किया और कहा कि उन्होंने दान से प्राप्त राशि को सदैव ही धर्म, राष्ट्र एवं परोपकारी कार्यो में ही लगाया।
इसके अतिरिक्त आश्रम के संत मयाराम, संत गोविन्दराम, बालक इन्द्रदेव, सिद्धार्थ, कुणाल व मिहिर ने भी स्वामी जी के सान्निध्य में अपने सतगुरूओं का गुणगान किया।
प्रातःकाल श्रद्धालुओं ने सतगुरूओं की समाधियों, धूणा साहब, आसण साहब, झण्डा साहब, श्री हरि सिद्धेश्वर मंदिर पर पूजन अर्चन कर शीश निवाया। हवन यज्ञ में संतो ने आहूतियां दी। अखण्ड पाठ सम्पूर्ण होने पर भोग साहिब पड़ा। श्रीचंद्र मात्रा साहब वाणी का वाचन हुआ। अन्न क्षेत्र की सेवा सम्पन्न हुई।
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30/06/25प्रसारण तंत्र का विकास कर राजस्थान को बनाएंगे पावर हब, डेढ़ साल में 44 नए जीएसएस स्थापित हुए-ऊर्जा मंत्री
एन.एस. बाछल, 30 जून, जयपुर।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में प्रदेश में 44 नए ग्रिड सब स्टेशन स्थापित किए गए हैं। हमारा लक्ष्य 5 साल में कुल 200 नए जीएसएस स्थापित करने का है। उन्होंने कहा कि सुदृढ़ प्रसारण तंत्र विकसित कर राजस्थान को ऊर्जा के क्षेत्र में सिरमौर बनाया जाएगा।
हीरालाल नागर रविवार को इंडस्ट्रियल एरिया, कोटा में प्रस्तावित 220 केवी के नए ग्रिड सब स्टेशन को लेकर निरीक्षण के बाद संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास रहेगा कि 132 केवी के जीएसएस को अपग्रेड कर 220 केवी का बनाने के स्थान पर नया 220 केवी का जीएसएस स्थापित किया जाए ताकि मजबूत प्रसारण तंत्र विकसित हो सके।
2027 से पहले सभी किसानों को दिन में मिलेगी बिजली—
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश में बिजली की कोई कमी नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री का विजन है कि 2027 से पहले सभी किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध हो। अभी 75 प्रतिशत किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। बाकी बचे किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के लिए नए जीएसएस स्थापित किए जा रहे हैं और पुराने जीएसएस को अपग्रेड किया जा रहा है।
सौर एवं पवन ऊर्जा क्षमता में हुई वृद्धि—
हीरालाल नागर ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में सौर एवं पवन ऊर्जा के क्षेत्र में भी काफी काम हुआ है। सौर एवं पवन ऊर्जा की क्षमता में वृद्धि से पीक हावर्स में मांग पूरी करने में मदद मिलेगी साथ ही सस्ती और पर्याप्त बिजली उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी एवं कोल इंडिया जैसे केन्द्रीय उपक्रमों के साथ 2060 करोड रुपए के एमओयू हुए हैं। वर्ष 2030 तक केन्द्र सरकार का लक्ष्य ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 500 गीगावॉट करने का है, इसमें 125 गीगावॉट का योगदान राजस्थान का रहेगा। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में आने वाले समय में राजस्थान पावर हब के रूप में जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस गति से परियोजनाएं स्वीकृत हो रही हैं हमें कार्य की गति भी उतनी ही बढ़ानी होगी ताकि परियोजनाएं समय पर पूरी हों। उन्होंने कहा कि अधिकारी इस बात पर ध्यान दें कि क्वालिटी वर्क के साथ समय पर प्रोजेक्ट पूरे हों।
इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री में पौधारोपण भी किया।
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30/06/25केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण 30 जून से 5 जुलाई तक स्पेन, पुर्तगाल और ब्राजील की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगी
आरएस अनेजा, 30 जून नई दिल्ली
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण 30 जून से 5 जुलाई 2025 तक स्पेन, पुर्तगाल और ब्राजील की आधिकारिक यात्रा पर वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग से भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी।
स्पेन के सेविले की अपनी यात्रा के हिस्से के रूप में, केंद्रीय वित्त मंत्री संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित विकास के लिए वित्तपोषण पर चौथे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (FFD4) में भाग लेंगी और भारत की ओर से एक बयान देंगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री सेविले में “FFD4 परिणाम से कार्यान्वयन तक: सतत विकास के लिए निजी पूंजी की क्षमता को अनलॉक करना” पर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंच नेतृत्व शिखर सम्मेलन में भाग लेंगी और मुख्य भाषण भी देंगी। FFD4 के दौरान, श्रीमती सीतारमण जर्मनी, पेरू और न्यूजीलैंड के वरिष्ठ मंत्रियों और यूरोपीय निवेश बैंक (EIB) के अध्यक्ष से मिलेंगी।
पुर्तगाल के लिस्बन की अपनी यात्रा के हिस्से के रूप में, केंद्रीय वित्त मंत्री की पुर्तगाल के वित्त मंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक होने की उम्मीद है; इसके अलावा प्रमुख निवेशकों और प्रवासी भारतीयों से बातचीत भी करेंगी।
रियो डी जेनेरियो में, केंद्रीय वित्त मंत्री भारत के गवर्नर के रूप में न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) की 10वीं वार्षिक बैठक को संबोधित करेंगी और ब्रिक्स वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक (एफएमसीबीजी) में भी भाग लेंगी।
एनडीबी बैठकों के हिस्से के रूप में, श्रीमती सीतारमण एनडीबी फ्लैगशिप गवर्नर्स सेमिनार के दौरान “ग्लोबल साउथ के लिए एक प्रीमियर बहुपक्षीय विकास बैंक का निर्माण” पर एक संबोधन भी देंगी।
एनडीबी बैठकों के दौरान, केंद्रीय वित्त मंत्री ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया और रूस के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगी।
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30/06/25भारत के राष्ट्रपति ने भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया
आरएस अनेजा, 30 जून नई दिल्ली
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज (30 जून, 2025) उत्तर प्रदेश के बरेली में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के दीक्षांत समारोह में भाग लिया।
इस अवसर पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि ‘ईशावास्यम् इदं सर्वम्’ के जीवन मूल्य पर आधारित हमारी संस्कृति सभी जीवों में ईश्वर की उपस्थिति देखती है। हमारे देवताओं और ऋषियों द्वारा जानवरों से संवाद करने की मान्यता भी इसी सोच पर आधारित है।
राष्ट्रपति ने कहा कि मनुष्य का वनों और वन्यजीवों के साथ सह-अस्तित्व का रिश्ता है। उन्होंने बताया कि कई प्रजातियां या तो विलुप्त हो चुकी हैं या विलुप्त होने के कगार पर हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन प्रजातियों का संरक्षण जैव विविधता और पृथ्वी के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने मनुष्य को जो सोचने और समझने की शक्ति दी है, उसका उपयोग सभी जीवों के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। कोरोना महामारी ने मानव जाति को आगाह किया है कि उपभोग पर आधारित संस्कृति न केवल मानव जाति को बल्कि अन्य जीवों और पर्यावरण को भी अकल्पनीय नुकसान पहुंचा सकती है।
राष्ट्रपति ने कहा कि आज पूरे विश्व में 'एक स्वास्थ्य' की अवधारणा को महत्व मिल रहा है। यह अवधारणा मानती है कि मनुष्य, पालतू और जंगली जानवर, वनस्पतियां और व्यापक पर्यावरण सभी एक दूसरे पर निर्भर हैं। हमें पशु कल्याण के लिए प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक प्रमुख पशु चिकित्सा संस्थान के रूप में आईवीआरआई इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, खासकर जूनोटिक रोगों की रोकथाम और नियंत्रण में। राष्ट्रपति ने कहा कि अन्य क्षेत्रों की तरह प्रौद्योगिकी में पशु चिकित्सा और देखभाल में भी क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता है। प्रौद्योगिकी के उपयोग से देश भर के पशु चिकित्सालयों को सशक्त बनाया जा सकता है।
जीनोम एडिटिंग, भ्रूण स्थानांतरण तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डेटा एनालिटिक्स जैसी तकनीकों का उपयोग इस क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। उन्होंने आईवीआरआई जैसे संस्थानों से पशुओं के लिए स्वदेशी और कम लागत वाले उपचार और पोषण खोजने की अपील की। उन्होंने कहा कि उन्हें उन दवाओं के विकल्प भी तलाशने चाहिए जिनके दुष्प्रभाव न केवल जानवरों बल्कि मनुष्यों और पर्यावरण को भी प्रभावित करते हैं। राष्ट्रपति ने मासूम और बेजुबान जानवरों के इलाज और कल्याण को अपना करियर चुनने के लिए आईवीआरआई के छात्रों की सराहना की।
उन्होंने उन्हें सलाह दी कि अपने जीवन और करियर में किसी दुविधा की स्थिति में उन जानवरों के बारे में सोचें। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें सही रास्ता मिलेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से उद्यमी बनने और पशु विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में स्टार्ट-अप स्थापित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस प्रयास से वे न केवल जरूरतमंदों को रोजगार दे सकेंगे, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी योगदान दे सकेंगे।
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30/06/25चींटी चली पहाड़ तोड़ने ऊर्जा मंत्री अनिल विज की आम आदमी पार्टी नेता को खरी खरी, बोले किसी के घर पर कब्जा करना क्या यह शिष्टाचार है
तेजस्वी यादव वक्फ बोर्ड को नहीं बल्कि संसद को चुनौती दे रहे हैं : ऊर्जा मंत्री अनिल विज
भाजपा गरीब लोगों के लिए काम कर रही है, उन्हें मकान दे रही है : विज
केजरीवाल में हिम्मत है तो वह कोर्ट में जाकर लड़ें? - विज
अम्बाला/चंडीगढ़, 30 जून –हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आम आदमी पार्टी नेता गोपाल राय की खूब खरी-खरी की और आम आदमी पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि “चींटी चली पहाड़ तोड़ने, जबकि आम आदमी पार्टी की यही फितरत है लेकिन ज्यादा मत उछले"। इसके अलावा, उन्होंने केजरीवाल को घेरते हुए कहा कि यदि कोर्ट के आदेश से कहीं कुछ हो रहा है तो उसका आरोप भाजपा पर नहीं थोपा जा सकता। केजरीवाल में हिम्मत है तो वह कोर्ट में जाकर लड़ें।
कैबिनेट मंत्री अनिल विज आज पत्रकारों द्वारा आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय के बयान, कि प्रधानमंत्री के घर में घुसकर वह कब्जा करेंगे, के संदर्भ में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।
बातचीत के दौरान मंत्री विज ने आम आदमी पार्टी को उनके जमीन दिखाते हुए कहा है कि "क्या गोपाल राय है, क्या उनकी फितरत है, क्या यह उनका शिष्टाचार है कि किसी के घर में घुस कर कब्जा करेंगे। ऊर्जा मंत्री अनिल विज विज चेतावनी भरे अंदाज में बोले कि वे मानते है कि उनकी (आम आदमी पार्टी) यही फितरत है लेकिन ज्यादा मत उछले"।
तेजस्वी यादव वक्फ बोर्ड को नहीं बल्कि संसद को चुनौती दे रहे हैं : विज
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के बयान कि सरकार में हिम्मत है तो वह वक्फ को छू कर दिखाएँ, के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में तंज कसते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि "वक्फ बोर्ड का संसद में एक्ट पास हो गया है, ऑनलाइन साइट बन गई और सब उस पर दर्ज हो रहा है। तेजस्वी यादव वक्फ बोर्ड को चुनौती नहीं दे रहे बल्कि वह संसद को चैलेंज कर रहे हैं, क्योंकि इन लोगों का देश की किसी भी संवैधानिक संस्था में विश्वास नहीं है। जबकि विधिवत नियम अनुसार संसद में वक्फ बोर्ड का बिल पास हुआ है।
भाजपा गरीब लोगों के लिए काम कर रही है, उन्हें मकान दे रही है : विज
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि जिस दिन 40 लाख लोग सड़कों पर उतर गए, भाजपा को नानी याद आ जाएगी, के बारेमी पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए जिस पर तंज करते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि उन्हें नहीं याद कि भाजपा ने कहीं पर भी कोई झुग्गी-झोंपड़ी तोड़ी हो। भाजपा तो गरीब लोगों के लिए काम कर रही है, उन्हें मकान दे रही है रेहडी वालों के लिए हर शहरों में बसाने के लिए पैसे मंजूर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोर्ट के आदेश से कहीं कुछ हो रहा है तो उसका आरोप भाजपा पर नहीं थोपा जा सकता। केजरीवाल में हिम्मत है तो वह कोर्ट में जाकर लड़ें।
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30/06/25अलवर में किए गए विकास कार्यों के संबंध में ‘एक साल अलवर सांसद संपर्क संवाद’ पुस्तिका का किया विमोचन
एन.एस. बाछल, 30 जून, जयपुर।
केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री तथा अलवर सांसद भूपेंद्र यादव द्वारा अलवर सांसद के रूप में एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 'एक साल अलवर सांसद संपर्क संवाद' के तहत रविवार को अलवर में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर अलवर संसदीय क्षेत्र में 1 साल में हुए विकास कार्यों की पुस्तक '1 साल अलवर सांसद संपर्क संवाद' का विमोचन एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की अलवर टाइगर मैराथन 2025 की वेबसाइट का शुभारम्भ किया गया। इससे पूर्व कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' एपिसोड के लाइव प्रसारण को केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव एवं पर्यावरण एवं वन राज्यमंत्री श्री संजय शर्मा सहित जनप्रतिनिधिगणों एवं प्रबुद्धजनों ने सुना।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने संसदीय क्षेत्र की जनता का उन्हें सांसद के रूप में निर्वाचित करने के लिए आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार में संसदीय क्षेत्र में 1 वर्ष के दौरान ऐतिहासिक विकास कार्य हुए साथ ही समाज के अंतिम छोर पर खडे व्यक्ति तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया।
संसदीय क्षेत्र की जनता को मिलेगी पानी की समस्या से निजात-
भूपेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संसदीय क्षेत्र के लोगों को पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए महत्वपूर्ण संशोधित पार्वती- कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना (एकीकृत पीकेसी-ईआरसीपी) को अमली जामा पहनाया गया है, इससे संसदीय क्षेत्र में लगभग 15 लाख की आबादी को 300 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मिलेगा। एकीकृत पीकेसी-ईआरसीपी परियोजना के तहत अलवर जिले में ईसरदा बांध से जयसमंद बांध तक 3446 करोड रुपए की अनुमानित लागत से 115 किमी लंबा जल आपूर्ति तंत्र विकसित किया जाएगा तथा अलवर शहर के निकट 1900 करोड रुपए की लागत से 300 एमसीएम क्षमता का जलाशय व नीमराना तहसील में 30 एमसीएम क्षमता का कृत्रिम जलाशय बनेगा। वहीं 5432.96 करोड रुपए अनुमानित लागत की अलवर-भरतपुर चंबल वृहद पेयजल परियोजना से संसदीय क्षेत्र के 854 गांवों को 131.61 मिलियन क्यूबिक मीटर जल उपलब्ध होगा।
इसके अतिरिक्त संसदीय क्षेत्र अलवर में पानी की समस्या को दूर करने के लिए 100 एनीकट का निर्माण कार्य प्रगतिरत, 40 करोड़ की लागत से नटनी का बारां बियर से जयसमंद बांध अलवर तक नहर का उन्नयन कार्य, 23.26 करोड रुपए की लागत से सिलीसेढ़ क्षेत्र के ट्यूबवेल व पाइपलाइन के माध्यम से अलवर शहर को पेयजल उपलब्धता, 30 करोड रुपए की लागत से भद्रावती नदी-करौली की तर्ज पर रूपारेल नदी-अलवर को पुनर्जीवित करने संबंधी डीपीआर तैयार करना, चांदौली एनीकट रिनोवेशन कार्य, 25 करोड रुपए की राशि से अलवर शहर की विभिन्न कॉलोनी में जल प्रदाय सुविधा विकसित करने का कार्य, 6100 करोड़ के बजट से राणा प्रताप सागर बांध-ब्राह्मणी नदी से बीसलपुर बांध में जल अपवर्तन लिंक के कार्य से बीसलपुर बांध से बाणगंगा एवं रूपारेल नदी को चरणबद्ध रूप से जोड़े जाने संबंधी कार्य, किशनगढ़ बास कस्बे और 21 गांवों को पेयजल आपूर्ति उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 77.53 करोड रुपए की परियोजना, 11 करोड़ 33 लाख रुपए की राशि से बहरोड में पेयजल सप्लाई कार्य कराए जा रहे है तथा अमृत टपूकड़ा योजना से टपूकड़ा क्षेत्र में पानी उपलब्ध करवाया जाएगा।
संसदीय क्षेत्र में सड़क एवं रेल नेटवर्क हो रहा है मजबूत-
केंद्रिय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि संसदीय क्षेत्र में सड़क के तंत्र को मजबूत करने के लिए बजट घोषणा 2024-25 में 40 करोड़ की लागत से 48.60 किमी एवं बजट घोषणा 2025-26 में 186 करोड़ की लागत से 133 किमी सड़क स्वीकृत की गई है वहीं सीआईआरएफ के माध्यम से 2024-25 में 20 करोड़ की लागत से 20 किमी एवं 2025 -26 में 220 करोड़ की लागत से 150 किमी सड़क स्वीकृत की गई है। उन्होंने बताया कि एनएचएआई के अंतर्गत 154 करोड़ की लागत से 25.66 किमी सड़क एवं एसएच के तहत अलवर-भरतपुर रोड फोरलेन एवं अलवर -बहरोड़ -नारनौल रोड फोरलेन सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। रेल तंत्र का विकास संसदीय क्षेत्र में निरंतर जारी है इसके तहत अनुमानित लागत 120 करोड रुपए से अलवर रेलवे स्टेशन का उन्नयन कार्य किया जाएगा, साथ ही 13.19 करोड़ की लागत से राजगढ़ रेलवे स्टेशन का उन्नयन किया गया है। इसके साथ ही पांच स्टेशनों पर विभिन्न ट्रेनों के ठहराव स्वीकृत करवाए गए हैं एवं आरओबी के निर्माण कार्यों में गति लाने का प्रयास किया जा रहा है।
अलवर सांसद खेल उत्सव एवं अलवर टाइगर मैराथन के माध्यम से खेल प्रतिभाओं को निखारा गया।
8 फरवरी को होगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की अलवर टाइगर मैराथन, 1 अगस्त से रजिस्ट्रेशन होंगे प्रारम्भ—
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया मूवमेंट से प्रेरित होकर खेलों को गांव-गांव तक पहुंचाने एवं खेल प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से अलवर सांसद खेल उत्सव प्रारंभ किया गया, जिससे बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और पहचान की भावना को मजबूती मिली। इसके तहत 11 खेलों में कुल 14113 प्रतिभागियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि अलवर सांसद खेल उत्सव से संसदीय क्षेत्र के सभी प्रमुख क्षेत्रों में खेल केंद्रों की स्थापना की गई, ताकि हर बच्चें को स्थानीय स्तर पर ही खेलने का अवसर मिले। वहीं अलवर टाइगर मैराथन के माध्यम से 21 किमी रन, 10 किमी रन, 5 किमी शक्ति रन एवं 2 किमी पेरारण का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से पधारे एथलीटों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त खेलों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के प्रयास किया जा रहे हैं इसी के तहत अलवर में इंदिरा गांधी स्टेडियम में सांई के हॉकी हॉस्टल को बरेली शिफ्ट होने से प्रस्ताव को वापस करवाया एवं इंदिरा गांधी स्टेडियम में ही यूआईटी द्वारा 7 करोड़ रूपए की लागत से सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण किया जाएगा। साथ ही राजकीय महाविद्यालय बीबी रानी में सांसद निधि से 23 लाख रुपए की लागत से निर्मित स्टेडियम का लोकार्पण, भिवाड़ी में स्टेडियम में उद्घाटन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अलवडा- हरसाना में खेलो इंडिया के तहत खेल सुविधाएं विकसित करने का 8 करोड रुपए के प्रस्ताव तैयार करना एवं सांसद निधि के तहत विभिन्न स्कूलों में 1.13 करोड रुपए की लागत से खेल संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 8 फरवरी 2026 को अलवर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की अलवर टाइगर मैराथन कराई जाएगी, जिसके लिए 1 अगस्त 2025 से रजिस्ट्रेशन प्रारम्भ होंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि अबकी बार चार खेलों को और बढाया गया है, इस प्रकार कुल 15 खेलों के स्पर्धाएं अलवर सांसद खेल उत्सव के दौरान आयोजित होंगी।
आधुनिक तकनीक से शिक्षा हेतु 104 ई-लाइब्रेरियों से मिलेगा युवाओं को लाभ,
शिक्षा के क्षेत्र में नई संस्थाओं की की जा रही है स्थापना
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि संसदीय क्षेत्र अलवर के युवाओं को आधुनिक तकनीक से शिक्षा जिसमें नियमित शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु स्मार्ट डिजीटल कक्ष, कम्प्यूटर, लेपटॉप, वाईफाई की सुविधा के साथ-साथ अच्छी गुणवत्ता के फर्नीचर आदि तथा सभी आयुवर्ग के लोगों के लिए पुस्तकें उपलब्ध भी रहेंगी। जिले के शहरी क्षेत्रों के साथ सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में चरणबद्ध रूप से 104 ई-लाइब्रेरियां बनाई जा रही है, जिसमें करीब 50 ई-लाइब्रेरियां प्रारम्भ हो चुकी तथा शेष प्रगतिरत है।
संसदीय क्षेत्र में शिक्षा के विकास के लिए अलवर में बालिका सैनिक स्कूल एवं नए केंद्रीय विद्यालय खोलने की मंजूरी मिली है साथ ही राजगढ़ एवं अनंतपुर बहरोड में केंद्रीय विद्यालय खोलने की स्वीकृति भी मिली है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में राज ऋषि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय के द्वितीय चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं 10 नए विभागों का प्रस्ताव भेजा गया है तथा अलवर में बजट घोषणा 2025-26 में नवीन कन्या महाविद्यालय की स्वीकृति एवं 25 करोड़ की लागत से विज्ञान केंद्र की स्थापना एवं डिजिटल प्लेनेटेरियम की स्थापना की जाएगी।
आधुनिक बस स्टैण्ड व कन्वेन्शन सेन्टर की मिलेगी सौगात, भिवाडी बना विकास प्राधिकरण
अलवर शहर के लिए आधुनिक बस स्टैण्ड बनाने के लिए बजट घोषणा के तहत 60 करोड रूपये की राशि दी गई है। यूआईटी द्वारा भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है। रोडवेज की सहमति के आधार पर इसकी निविदा की प्रक्रिया की जावेगी। इसी प्रकार मुण्डावर में रोडवेज बस स्टैण्ड भी बनेगा तथा भिवाडी में बस स्टैण्ड बनाने का कार्य एनसीआरपीबी के प्रस्ताव में शामिल कराया गया है। भिवाडी में कन्वेन्शन सेन्टर आईआईपीडीएफ के तहत तकनीकी सलाहकार की नियुक्ति हेतु प्रस्ताव भेजा गया है तथा डीपीआर का भी प्रस्ताव यूडीएच विभाग को भेजा गया है। जयपुर विकास प्राधिकरण की तर्ज पर भिवाडी में विकास प्राधिकरण का गठन कराया गया है जिसके तहत क्षेत्र का सुनियोजित विकास हो सकेगा।
सुरक्षा व स्वास्थ्य के सुदृढ़ीकरण से मिलेगा आम लोगों को लाभ—
अलवर अस्पताल में शिशु विभाग का उन्नयन किया जाएगा, जिसकी प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान हो चुकी है। शिवाजी पार्क शहरी पीएचसी को सीएचसी के रूप में क्रमोन्नत किया गया है तथा अलवर मेडिकल कॉलेज का कार्य अगस्त 2025 तक पूरा कराने का लक्ष्य है। खुशखेडा के स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण हेतु भूमि आवंटित की जा चुकी है तथा भिवाडी के सरकारी अस्पताल का पहला चरण दिसम्बर 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। सीएचसी मुण्डावर में बैड क्षमता में वृद्धि की जावेगी। अलवर में ईएसआईसी उप क्षेत्रीय कार्यालय को प्रारम्भ कराया गया। इसकी स्थापना से 5 जिलों के करीब 25 हजार नियोक्ताओं को और लगभग 12 लाख लाभार्थियों को सुविधा मिल रही है। नीमराणा में ईएसआईसी अस्पताल रीको की 2.33 हैक्टेयर भूमि पर बनेगा तथा खुशखेडा में ईएसआईसी डिस्पेन्सरी का अपग्रेडेशन भी कराया जावेगा।
आमजन की सुरक्षा हेतु कई कदम उठाए गए हैं, जिसमें भिवाडी सिटी सर्विलांस प्रोजेक्ट को पुनः शुरू कराया गया है तथा एएनपीआर कैमरे लगाए गए हैं जिससे तेज गति के वाहनों की रिडिंग भी कुशलतापूर्वक करने में सक्षम हैं। इसी प्रकार फेशियल रिकॉग्निशन कैमरे भी लगाए गए हैं तथा पीटीजेड कैमरे जो कि 360 डिग्री की व्यापक क्षमता के साथ निगरानी कर सकते हैं को लगाया गया है। भिवाडी शहर की सुरक्षा हेतु अभय कमाण्ड सेन्टर बनाया जा रहा है। जैरोली पुलिस चौकी को पुलिस थाने के रूप में क्रमोन्नत कराया गया है, जिसने कार्य प्रारम्भ कर दिया है तथा इसी प्रकार भिवाडी और खैरथल में डिजीटल अपराध पर नियंत्रण के लिए साइबर पुलिस थाने स्थापित हुए हैं तथा सुरक्षा के साथ-साथ गश्त व निगरानी के लिए तिजारा-खैरथल में बॉर्डर होमगार्ड की एक कम्पनी तैनात की गई है।
पर्यावरण संरक्षण व स्वच्छता पर भी रहा फोकस—
अलवर शहर में कटी घाटी के पास 5 हेक्टेयर क्षेत्र में नगर वन तथा भूरासिद्ध क्षेत्र में 28 हैक्टेयर भूमि को मातृवन के रूप में विकसित कराया गया है तथा भिवाडी में बाबा मोहनराम में 102 हैक्टेयर भूमि पर नगर वन बनाने की केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी जारी की गई, जिसका कार्य प्रगति पर है। अलवर शहर में 25 करोड रूपये की लागत से बनने वाले बायलॉजिकल पार्क की डीपीआर का टेंडर जारी कर दिया गया है। इसी प्रकार भिवाडी के कहरानी गांव में विश्व स्तरीय बायलॉजिकल पार्क बनेगा। सिलीसेढ झील को रामसर साइट घोषित कराया जाएगा, जिसकी विदेश मंत्रालय से प्रस्ताव की मंजूरी मिल गई है। साथ ही सिलीसेढ झील के संरक्षण के लिए एनपीसीए योजना के तहत प्रस्ताव भेजा गया है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत अलवर शहर की स्वच्छता के लिए विशेष प्रयास किए गए है। पूर्व में अलवर 10 लाख तक की आबादी वाले 41 शहरों में 40वें नंबर की रैंकिंग पर था। इस रैंकिंग में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। अलवर शहर में मियाबांकी प्लांटेशन, सडकों के धूल प्रबंधन व सडकों के हॉटस्पॉट को चिन्हित कर उन्हें दुरूस्त कराने के लिए कार्य कराए जा रहे हैं। अलवर में कचरा संग्रहण के लिए 50 ऑटो टीपर स्वीकृत कराए गए हैं तथा ईपीसी के तहत ही भिवाडी में 50 लाख रूपये की एमआरएसएम, 1 करोड रूपये की एंटी स्मॉग गन तथा 35 ऑटो टीपर एवं 850 सडक मरम्मत कार्य किए गए हैं। अलवर व भिवाडी में प्रदूषण की रोकथाम के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम चेतावनी प्रणाली विकसित की जा रही है। एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य अलवर व भिवाडी में कराया जावेगा। 12.8 करोड रूपये की लागत से बगड तिराहा अग्यारा बांध के एसटीपी प्लांट को अपग्रेड कराया गया, जिससे इसके पानी का उपयोग किसान, बागवानी आदि में हो सकेगा। भिवाडी में 6 एमएलटी के सीईटीपी की निगरानी के तहत जल उपचार की गुणवत्ता में सुधार हुआ है तथा भिवाडी में ही 34 एमएलडी एसटीपी के निर्माण में तेजी लाई गई है।
पर्यटन के विकास की दिशा में बढ़े कदम, सरिस्का के क्षेत्रफल में 10 फीसदी होगा इजाफा—
अलवर जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिक रूप से नाइट ट्यूरिज्म और धार्मिक पर्यटन पर फोकस किया गया है, जिसमें अलवर शहर व जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों व हैरिटेज स्मारकों पर आधारभूत संरचनाओं का उन्नयन के साथ विभिन्न गतिविधियों का आयोजन जिसका प्रारम्भिक सर्वे पूरा हो चुका है। धार्मिक स्थल भर्तृहरि धाम के विकास का प्रस्ताव तैयार कराया गया है। इसी प्रकार गरबा जी मंदिर, लालदास जी मंदिर के जीर्णोद्धार व विकास की डीपीआर तैयार कराई गई है तथा बाबा मोहनराम मंदिर का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। सरिस्का क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट का पुनर्गठन किया जा रहा है, ताकि यह बाघों के दीर्घकालीन संरक्षण को सुनिश्चित कर सके तथा सरिस्का के क्षेत्र में प्रकृति आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित किया जा सके, जिसमें 48.39 वर्ग किलोमीटर एरिया मानव गतिविधियों से प्रभावित व क्षतिग्रस्त परीधिय पहाडियां है, जिनको सीटीएच से हटाने का प्रस्ताव किया गया है। साथ ही उसके स्थान पर ही 90.91 वर्ग किलोमीटर का ऐसा बफर क्षेत्र जिसे उच्च गुणवत्ता वाला बाघ आवास माना गया है को सीटीएच में शामिल कराने का प्रस्ताव है। सरिस्का में 23 किलोमीटर लम्बे एलिवेटेड रोड निर्माण के लिए डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। काकवाडी किला और बाला किला को दिन के पर्यटन के लिए विकसित किया जाएगा तथा अंतरराष्ट्रीय बाघ संग्रहालय बनाने पर विचार जा रहा है। पांडुपोल मंदिर से सरिस्का गेट तक रोड को सही किया जाएगा जिसके लिए 7 करोड रूपये की मंजूरी मिल गई है।
इस अवसर पर वन राज्यमंत्री संजय शर्मा, बहरोड विधायक डॉ. जसवंत सिंह यादव, तिजारा विधायक महंत बालकनाथ, रामगढ विधायक सुखवंत सिंह सहित अनेक प्रबुद्ध व्यक्ति एवं बडी संख्या में आमजन मौजूद रहे।
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30/06/25बुजुर्गों की सेवा करना ईश्वर की आराधना करने के समान - केंद्रीय वन मंत्री
एन.एस. बाछल, 30 जून, जयपुर।
केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री तथा अलवर सांसद भूपेंद्र यादव ने रविवार को मां माधुरी बृज वारिस सेवा सदन अपना घर संस्था भरतपुर की रजत जयंती के अवसर पर देशभर में संचालित आश्रमों में 25 वर्ष पूर्ण होने पर अलवर जिले में चिकानी स्थित एआरजे अपनाघर आश्रम के प्रथम स्थापना दिवस एवं वार्षिक समारोह के कार्यक्रम में शिरकत की।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है अतः बुजुर्गों की सेवा करना ईश्वर की आराधना करने के समान है। उन्होंने कहा कि अपनाघर आश्रम ऐसे लोगों की सेवा का पुनीत कार्य कर रहा है जिन लोगों के पास घर नहीं है, जिनको कोई खिलाने वाला नहीं है, जिनके लिए घर एक सपने की तरह है ऐसे समाज के बेसहारा व अशक्त लोगों के लिए करूणामयी घर का नाम है अपनाघर आश्रम। उन्होंने कहा कि भरतपुर से यह कार्यक्रम शुरू हुआ तथा उन्होंने बताया कि उन्हें आश्रम की विचारधारा की जानकारी है और वे अपना घर आश्रम अजमेर में संपर्क रखते हैं। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने अपनाघर आश्रम का अवलोकन किया तथा एक पेड मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
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30/06/25हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित, भारी तबाही
आरएस अनेजा, 30 जून नई दिल्ली
मानसून के दस्तक देते ही उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश हो रही है जिससे जन-जीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।
पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के चलते अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन हो रहा है जबकि बादल फट रहे हैं और नदियों ने विकराल रूप धारण कर लिया है। आगे भी जोरदार बारिश की संभावना है जिसके चलते कहीं येलो तो कहीं आरेंज अलर्ट मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में प्रदेश के उना, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है। हमीरपुर, कुल्लू और शिमला के कुछ हिस्सों में गरज चमक के साथ भारी बारिश होगी जबकि मंगलवार को बारिश से थोड़ा राहत मिल सकती है। मंगलवार को कांगड़ा, कुल्लू और मंडी के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं बाकी जिलों में मौसम साफ रहेगा। मौसम विभाग ने दो और तीन जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, कुल्लू, सोलन और सिरमौर जिलों के कुछ इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
भूस्खलन के कारण ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाइवे बंद हो गया है। हाइवे पर पहाड़ों का मलबा जमा होने से यातायात पूरी तरह से रोक दिया गया है। वहीं रुद्रप्रयाग में भारी बारिश के चलते अलकनंदा नदी उफान पर है। लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। रुद्रप्रयाग में करीब 36 घंटे से लगातार बारिश जारी है। अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने से आप-पास के घरों को खाली कराया गया है। प्रशासन ने कहा कि बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदी का चल स्तर लगातार बढ़ने से खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों से सतर्क और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और उत्तरकाशी में बारिश से हालत बिगड़े हैं। लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। कही जगहों पर लैंडस्लाइड होने और पुल बहने से तीर्थयात्रियों समेत स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उत्तरकाशी के बड़कोट तहसील और कुथनौर में बादल फटने के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है। एसडीआरएफ-पुलिस और राजस्व विभाग की टीम सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। वहीं यमुनोत्री में पहाड़ों का मलबा आने से आवाजाही रुक गई है। हालांकि मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीनों की मदद ली जा रही है। वहीं लैडस्लाइड से 19 लोगों चपेट में आ गए, जिनमें से 10 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है और 9 लोगों की तलाश जारी है। उत्तरकाशी में बादल फटने से दो लोगों की मौत हो गई है।
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30/06/25नई यात्री आरक्षण प्रणाली प्रति मिनट डेढ़ लाख से अधिक रेल टिकट जारी करने में सक्षम होगी
आरएस अनेजा, 30 जून नई दिल्ली
भारतीय रेलवे संपूर्ण यात्रा अनुभव को यात्री-केंद्रित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। रेलवे के साथ एक यात्री की यात्रा टिकट आरक्षण के चरण से शुरू होती है। रेलवे टिकट बुकिंग को आसान बनाने के लिए कई कदम उठा रहा है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में इन सुधारों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टिकट प्रणाली स्मार्ट, पारदर्शी, सुलभ और कुशल होनी चाहिए। योजनाओं में यात्रियों की सुविधा पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। यह प्रणाली हमारे यात्रियों के लिए एक सहज और आरामदायक यात्रा अनुभव सुनिश्चित करेगी।
बेहतर और उन्नत चार्टिंग से यात्रा योजनाओं को लेकर निश्चितता होगी
चार्टिंग: वर्तमान में, ट्रेन के प्रस्थान से चार घंटे पहले आरक्षण चार्ट तैयार किया जाता है। यह यात्रियों के मन में अनिश्चितता पैदा करता है। यात्री जब ट्रेन पकड़ने के लिए पास के क्षेत्र से आते हैं तो यह अनिश्चितता गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।
इस अनिश्चितता को दूर करने के लिए रेलवे बोर्ड ने प्रस्थान से आठ घंटे पहले आरक्षण चार्ट तैयार करने का प्रस्ताव रखा है। 1400 बजे से पहले प्रस्थान करने वाली ट्रेनों के लिए, चार्ट पिछले दिन ही 2100 बजे तैयार किया जाएगा। रेल मंत्री ने इस प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की और बोर्ड को इसे चरणों में लागू करने का निर्देश दिया ताकि कोई व्यवधान न हो।
यह कदम प्रतीक्षा सूची टिकट वाले यात्रियों के लिए अनिश्चितताओं को कम करेगा। यात्रियों को प्रतीक्षा सूची की स्थिति के बारे में पहले ही जानकारी मिल जाएगी। यह लंबी दूरी की ट्रेनों को पकड़ने के लिए प्रमुख शहरों के दूरदराज के स्थानों या उपनगरों से यात्रा करने वाले यात्रियों को लाभान्वित करेगा। यह प्रतीक्षा सूची की पुष्टि नहीं होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए अधिक समय भी प्रदान करेगा।
आधुनिक यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) दिसंबर 2025 तक
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यात्री आरक्षण प्रणाली के अपग्रेडेशन की समीक्षा की। इस परियोजना को पिछले कुछ महीनों से क्रिस (रेल सूचना प्रणाली केंद्र) द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है।
नया उन्नत पीआरएस डिजाइन तेज, लचीला और वर्तमान लोड से दस गुना अधिक भार संभालने में सक्षम है। इससे टिकट बुक करने की क्षमता में काफी वृद्धि होगी। नए पीआरएस से प्रति मिनट 1.5 लाख से अधिक टिकट बुकिंग की सुविधा मिलेगी। यह वर्तमान पीआरएस में 32,000 टिकट प्रति मिनट से लगभग पांच गुना अधिक होगा।
टिकट पूछताछ क्षमता भी दस गुना बढ़ जाएगी, यानी 4 लाख से 40 लाख प्रति एक मिनट में जांच संभव हो सकेगी।
नए पीआरएस में बहुभाषी और उपयोगकर्ता के अनुकूल बुकिंग और पूछताछ इंटरफ़ेस भी है।
नए पीआरएस में, उपयोगकर्ता अपनी पसंदीदा सीट का चयन करने और किराया कैलेंडर देखने में सक्षम होंगे। इसमें दिव्यांगजनों, छात्रों, रोगियों आदि के लिए भी एकीकृत सुविधाएं हैं।
“तत्काल बुकिंग” के लिए व्यवस्थित प्रमाणीकरण - भारतीय रेलवे 1 जुलाई 2025 से केवल सत्यापित उपयोगकर्ताओं को ही आईआरसीटीसी वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर “तत्काल टिकट बुक” करने की अनुमति देगा।
इसके अतिरिक्त, जुलाई 2025 के अंत से तत्काल बुकिंग के लिए ओटीपी-आधारित सत्यापन लागू किया जाएगा।
रेल मंत्री ने अधिकारियों को तत्काल बुकिंग के लिए ऑथेंटिकेशन मैकेनिज्म को व्यापक बनाने का निर्देश दिया। यह प्रमाणीकरण आधार या उपयोगकर्ता के डिजिलॉकर खाते में उपलब्ध किसी अन्य सत्यापन योग्य सरकारी पहचान पत्र का उपयोग करके किया जाना चाहिए।
ये पहल भारतीय रेलवे द्वारा अपनी प्रणालियों को आधुनिक बनाने तथा उन्हें अधिक नागरिक अनुकूल बनाने के निरंतर प्रयासों को दर्शाती हैं।
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30/06/25धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में कोलकाता में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालयों का फुटबॉल वितरण कार्यक्रम हुआ
आरएस अनेजा, 30 जून नई दिल्ली
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में आज पश्चिम बंगाल के कोलकाता के फोर्ट विलियम स्थित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में फुटबॉल फॉर स्कूल्स (एफ4एस) के अंतर्गत फीफा फुटबॉल वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
इस कार्यक्रम का आयोजन शिक्षा मंत्रालय और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने किया। इस कार्यक्रम में कोलकाता जिले के 349 स्कूलों में 2487 फीफा फुटबॉल वितरित किए गए। यह कार्यक्रम पश्चिम बंगाल के सभी जिलों को कवर करते हुए 21 केंद्रीय विद्यालयों में एक साथ आयोजित किया गया। पूरे राज्य में कुल 88113 फुटबॉल वितरित किए जाएंगे।
धर्मेंद्र प्रधान ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में बताया कि इस पहल के अंतर्गत आज पूरे राज्य में 21 केंद्रीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को एक साथ फुटबॉल वितरित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अकेले पश्चिम बंगाल में 88,000 से अधिक फुटबॉल वितरित किए जाएंगे, जिससे लगभग 15 से 16 लाख बच्चे लाभान्वित होंगे। खेल के प्रति अपने व्यक्तिगत प्रेम को व्यक्त करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक छोटे से स्कूल में एक फुटबॉल भी बच्चों को खेल से जुड़ने और खेलने के लिए वास्तविक जुनून विकसित करने के लिए प्रेरित कर सकता है। उन्होंने बताया कि फुटबॉल में भागीदारी को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों के बीच मजबूत खेल संस्कृति का पोषण करने के उद्देश्य से देश भर के स्कूलों में लगभग 10 लाख फुटबॉल वितरित किए जाएंगे। श्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्कूल में दो टीमों के बीच एक प्रदर्शनी फुटबॉल मैच का भी शुभारंभ किया।
डॉ. सुकांत मजूमदार ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि एनईपी 2020 में खेल और अन्य सह-पाठयक्रम गतिविधियों को समग्र शिक्षा के अभिन्न अंग के रूप में परिकल्पित किया गया है। उन्होंने नीति के लचीलेपन और बहुभाषी दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित करने को रेखांकित किया और एनईपी 2020 की संकल्पना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और इसके प्रभावी कार्यान्वयन का स्पष्ट रोडमैप प्रदान करने के लिए श्री धर्मेंद्र प्रधान के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। डॉ. मजूमदार ने कहा कि एनईपी 2020 विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देते हुए शिक्षा और खेल को समान महत्व देती है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ दिमाग का पोषण करता है और फुटबॉल जैसे खेलों में भाग लेना बच्चों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने और उसे बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
शांतनु ठाकुर ने अपने संबोधन में बच्चों के खेल कौशल को मजबूती प्रदान करने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए तैयार करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में इस तरह की पहल के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से बच्चों में फुटबॉल खेलने के प्रति प्यार और रुचि फिर से जागृत होगी और खेल के साथ उनका जुड़ाव गहरा होगा। श्री ठाकुर ने यह भी कहा कि इस तरह की पहल देश भर में उभरती हुई खेल प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
संजय कुमार ने अपने संबोधन में इस पहल की संकल्पना के लिए श्री धर्मेंद्र प्रधान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि फीफा के साथ साझेदारी के माध्यम से देश भर के स्कूलों में विद्यार्थियों को लाखों फुटबॉल वितरित किए जाएंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस पहल से बच्चों में खेलों के प्रति अधिक रुचि पैदा होगी और जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की सिफारिशों के अनुरूप, खेलों को सामूहिक भागीदारी और उत्कृष्टता की खोज के मूल्य को रेखांकित करते हुए शिक्षा के अभिन्न अंग के रूप में मान्यता दी गई है।
फ़ेडरेशन इंटरनेशनेल डी फ़ुटबॉल एसोसिएशन (फ़ीफ़ा) की अगुवाई में फुटबॉल फॉर स्कूल्स (एफ4एस) कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली प्रणाली के भीतर विद्यार्थियों के लिए खेल को अधिक सुलभ बनाकर जमीनी स्तर पर फ़ुटबॉल को बढ़ावा देना है। भारत में, यह कार्यक्रम अखिल भारतीय फ़ुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) और भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) के समर्थन से डीओएसईएल द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। एफ4एस कार्यक्रम के अंतर्गत, फ़ीफ़ा भारत के अलावा 129 अन्य देशों (जनवरी 2025 तक) के स्कूली विद्यार्थियों के लिए 9.6 लाख से अधिक फ़ुटबॉल का योगदान दे रहा है। 2024 में ओडिशा जैसे राज्यों में पहले शुरू किए गए कार्यक्रमों की सफलता के आधार पर, पश्चिम बंगाल में एफ4एस कार्यक्रम एक राष्ट्रव्यापी मुहिम का हिस्सा है जो स्कूल स्तर से खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
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30/06/25वन राज्य मंत्री ने प्रतिभा सम्मान समारोह में शिरकत कर प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया
एन.एस. बाछल, 30 जून, जयपुर।
पर्यावरण एवं वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने रविवार को अलवर के कठूमर में इवांका स्कूल में शैक्षिक सेमिनार और प्रतिभा सम्मान समारोह में शिरकत कर प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस दौरान कठूमर विधायक श्री रमेश खिंची भी मौजूद रहे।
वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने कहा कि शिक्षा देश का भविष्य निर्धारित करती है। शिक्षा के माध्यम से ही कोई भी समाज आगे बढ सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने के लिए निरन्तर सकारात्मक कदम उठाए गए हैं तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दोनों बजट घोषणाओं में अलवर जिले को शिक्षा के क्षेत्र में कई सौगाते दी है। उन्होंने बालिका शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि वर्तमान समय में हमारी बेटियां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर देश के शीर्ष पदों पर अपनी सेवाएं देकर देश-विदेश अपना परचम लहरा रही है। उन्होंने कक्षा दस में 98.67 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले श्रेयांश खंडेलवाल सहित बीस प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वही मंत्री संजय शर्मा और कठूमर विधायक खिंची ने स्कूल परिसर में पौधारोपण किया और सुरक्षा के लिये ट्री गार्ड लगाने और पौधो की नियमित देखरेख करने की शपथ दिलाई। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण एवं पर्यावरण की शुद्धता के लिये अधिक से अधिक औषधि वाले पौधे लगाने का आह्वान भी किया। इस उन्होंने मैथना गांव में वन विभाग की 1452 बीघा जमीन पर बाऊंड्री बाल और पौधारोपण और गोशाला खुलवाने का आश्वासन दिया।
इस्कॉन मंदिर समिति द्वारा आयोजित भगवान श्री जगन्नाथ जी महाराज की शोभायात्रा में की शिरकत—
वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने अलवर शहर में इस्कॉन मंदिर समिति द्वारा आयोजित भगवान श्री जगन्नाथ जी महाराज की शोभायात्रा में शिरकत की। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ का मेला अलवर वासियों के लिए आस्था का केंद्र है जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शनार्थ आते हैं। प्रतिवर्ष भगवान जगन्नाथ महाराज के मेले का आयोजन किया जाता है जो सुख, समृद्धि व खुशहाली के साथ अच्छी वर्षा लेकर आता है। इससे पहले मंत्री संजय शर्मा ने सर्किट हाउस में अपने नियमित पौधारोपण के तहत पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
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30/06/25ब्यावर के राजकीय विद्यालय में हुआ विकास कार्यों का लोकार्पण, पंचायती राज मंत्री ने पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
एन.एस. बाछल, 30 जून, जयपुर।
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत ने रविवार को ब्यावर जिले की ग्राम पंचायत बाबरा स्थित पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया।
इस अवसर पर दोनों मंत्रियों ने विद्यालय परिसर में फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा विद्यालय में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र जी मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को भी उपस्थितजनों के साथ सामूहिक रूप में सुना।
मंत्रियों ने विद्यालय में विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिनमें तीन नवीन विज्ञान प्रयोगशालाएं, एक आधुनिक हॉल एवं स्मार्ट क्लास, खेल पाठशाला, खेतपालिया परिवार द्वारा निर्मित मुख्य द्वार एवं बाउंड्री वॉल (लागत ₹16.50 लाख), विद्यालय सभागार (लागत ₹56 लाख), श्री सीमेंट के सहयोग से निर्मित खेल मैदान, शेड एवं रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, पीएमश्री विद्यालय भवन का निर्माण (लागत ₹5 करोड़ – खेतपालिया परिवार द्वारा) शामिल है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मदन दिलावर ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य कर रही है, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्ता युक्त वातावरण और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और प्रयासों की विशेष सराहना की। इसी क्रम में उन्होंने तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं की—
.नया गांव प्राथमिक विद्यालय को अगले सत्र से उच्च प्राथमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया जाएगा।
.पीएमश्री विद्यालय बाबरा में विज्ञान संकाय की शुरुआत की जाएगी।
.नवीन विद्यालय को कक्षा 12वीं तक किया जाएगा।
मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि यह कार्यक्रम विद्यालय की आधुनिकता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने खेतपालिया परिवार के सामाजिक योगदान को सराहते हुए, शिक्षा, गौसेवा और अन्य सामाजिक क्षेत्रों में उनकी भूमिका को अनुकरणीय बताया।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर कमलराम मीना सहित भामाशाह, अधिकारीगण, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विद्यालय स्टाफ, ग्रामीणजन के सदस्य उपस्थित रहे।
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30/06/25बेहतर पुलिसिंग, आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय और सुरक्षा व्यवस्था के लिए सजग रहे पुलिस
एन.एस. बाछल, 30 जून, जयपुर।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि पुलिस बेहतर पुलिसिंग, अपराधियों में भय, आमजन में विश्वास और शहर की सुरक्षा के लिए सजग होकर काम करें। थाने और चौकी में अपने परिवार को लेकर आने वाले आमजन को यह महसूस होना चाहिए कि पुलिस उनकी सहायता के लिए सदैव तत्पर है।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने रविवार को अजमेर की उसरी गेट पुलिस चौकी में 20 लाख रूपये की लागत से हुए जीर्णोद्धार कार्य का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि पुलिस को अपराधियों में भय व आमजन में विश्वास के अपने ध्येय के साथ काम करना चाहिए। अजमेर पुलिस अच्छा काम कर रही है। पुलिस अपनी सजगता को और बढ़ाए। शहर की सुरक्षा के लिए गश्त और नफरी बढ़ाई जाए। थाने में आने वाले व्यक्ति को यह लगना चाहिए कि पुलिस उनकी सहायता के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि अजमेर उत्तर क्षेत्र में सुरक्षा के लिए एक नये थाने हरिभाऊ उपाध्याय नगर की स्थापना की गई है। इसके साथ ही तारागढ़ पहाडी क्षेत्र में भी अपराधों की रोकथाम के लिए जवानों की तैनातगी की गई है। आने वाले समय में इसे और बढ़ाया जाएगा। ताकि सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत बनें। उन्होंने पुलिस अधीक्षक श्रीमती वंदिता राणा को निर्देश दिए कि शहर में पुलिस नाकों, शहर में आवक के रास्तों एवं अन्दरूणी क्षेत्रों में निगरानी के लिए पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए। साथ ही यातायात व्यवस्था में भी सुधार के लिए काम किया जाए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा, पार्षद भारती श्रीवास्वत सहित आमजन व जन प्रतिनिधि उपस्थित रहें।
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30/06/25खेत तक रास्ता हर किसान को मिले, आवेदन मिलते ही प्राथमिकता से हो निस्तारण- ऊर्जा मंत्री
एन.एस. बाछल, 30 जून, जयपुर।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने रविवार को कोटा एसडीएम कार्यालय, कनवास में उपखंड स्तरीय जनसुनवाई की। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोग परिवेदना लेकर पहुंचे। जनसुनवाई में पीडब्ल्यूडी, राजस्व, पंचायतीराज, नहरी तंत्र विभाग समेत सड़क, शमसान, बिजली और खेतों के रास्ते देने संबंधी 168 परिवाद प्राप्त हुए। जिन पर ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को बुलाकर जवाब मांगा।
जन सुनवाई में आंवा के ग्रामीण खेतों के रास्ते को लेकर ऊर्जा मंत्री से मिले। वहीं आवां तालाब के पीछे खेत का रास्ता छुड़वाने तथा कनवास के कोलानी गांव में खेतों के लिए रास्ता देने की मांग की। हीरालाल नागर ने खेतों के रास्ते के मामले में एसडीएम और तहसीलदार को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि खेतों का रास्ता राज्य सरकार का महत्वपूर्ण अभियान है। इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि परंपरागत रास्तों को रिकॉर्ड में दर्ज करने में तेजी लाई जाए। इस अवसर पर पिछली जनसुनवाई में दर्ज किए गए रास्ता खोलने से जुड़े एक परिवाद का अभी तक निस्तारण नहीं होने पर राजस्व से जुड़े अधिकारियों को फटकार लगाई।
हीरालाल नागर ने अधिकारियों और कर्मचारियों को जनता से संवेदनशील होकर शालीनता से उनकी बात सुनने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि हम सभी जनता के सेवक हैं, मालिक नहीं। अधिकारी समस्या का निस्तारण होने के अंतिम पड़ाव तक मॉनिटर करें। जनता को राहत दिलाना राज्य सरकार का उद्देश्य है। हीरालाल नागर ने कहा कि आदर्श स्थिति तो तब होगी जब जनसुनवाई के शिविर में एक भी व्यक्ति परिवाद लेकर नहीं पहुंचे। सभी की समस्याएं रूटीन प्रक्रिया से ही हल हो जाएं और किसी को चक्कर नहीं काटना पड़े। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि जनता की सेवा के लिए ईश्वर ने आपकी कलम में ताकत दी है, आमजन के कल्याण के लिए इसका उचित उपयोग करें। इससे गरीब व्यक्ति आपको दुआ देगा।
जनसुनवाई में कॉलेज छात्रों ने राजकीय महाविद्यालय कनवास में पीजी परीक्षा का केन्द्र खोलने की मांग। वहीं टोल प्लाजा बांस्याहेड़ी पर स्थानीय चौपहिया वाहनों को टोल टैक्स से मुक्ति दिलाने, नरेगा श्रमिकों की ओर से कार्ड बनवाने, नर गोवंश के लिए अभयारण्य घोषित करने की मांगों को लेकर परिवाद दिए गए। ग्राम मदारिया के लोगों ने स्वीकृत उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य शुरू करने और गांव में सामुदायिक भवन बनाने की मांग की। किसानों ने सावन भादो डेम का गेट खराब होने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि साल भर होने के बावजूद भी डेम का गेट नहीं लग पाया है। कनवास मण्डल अध्यक्ष सत्यवान नागर ने कहा कि डेम से हजारों बीघा जमीन सिंचित होती है, लेकिन रखरखाव के अभाव में परंपरागत रास्ता खराब हो गया है। डेम पर जाने के लिए वन विभाग से अनुमति लेनी पड़ती है। ऐसे में परंपरागत रास्ते को खुलवाया जाए। उन्होंने कहा कि 1000 बीघा जमीन का रास्ता खाल पर होकर गुजरता है। ऐसे में, उस खाल पर पुलिया बनवाई जाए। ग्राम कालिया खेड़ी के ग्रामीणों ने शमशान के रास्ते पर अतिक्रमण हटाने की मांग की। हीरालाल नागर ने पूर्व के शमशान को ही रास्ता देकर बनवाने के निर्देश दिए।
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30/06/25 |आज का राशिफल 30 जून 2025, सोमवार
मेष राशि: आज आप आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे और कार्यक्षेत्र में बड़ी जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभा पाएंगे। सरकारी या प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को मान-सम्मान और सहयोग मिलेगा। व्यापारियों को नए ग्राहक मिलेंगे और पुराने निवेश से लाभ होगा। बच्चों की भावनाओं को समझने की कोशिश करें।
वृषभ राशि: आज का दिन आपके करियर के लिए शुभ है, खासकर शिक्षा से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है। आर्थिक मामलों में सुधार होगा, रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है। पारिवारिक जीवन में पुरानी बातों पर बहस से बचें और बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। यात्रा करते समय सावधानी बरतें।
मिथुन राशि: आज आप अपनी बात बेहतर तरीके से रख पाएंगे और आपका प्रदर्शन अच्छा रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपको मनचाहे प्रस्ताव मिल सकते हैं। प्रियजनों के साथ घूमने या मनोरंजन पर जा सकते हैं। आपकी रचनात्मकता और बड़ी सोच आपको आगे बढ़ाएगी। प्रेम संबंधों में अनुकूलता रहेगी।
कर्क राशि: आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रहेगा। परिवार में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा, जिससे आपको लाभ मिल सकता है। धन कमाने के नए अवसर बनेंगे, लेकिन निवेश करने से बचें, नुकसान हो सकता है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा, मुख रोग की संभावना है।
सिंह राशि: आज कारोबार और करियर में तरक्की के योग हैं। सरकारी कामों में सफलता मिल सकती है। कारोबार में नए लोगों से संपर्क होगा, जो फायदेमंद रहेगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। पारिवारिक जीवन में तालमेल बनाए रखें और जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएं। सेहत का ध्यान रखें और व्यायाम करें।
कन्या राशि: आज आपके आर्थिक मामले मजबूत होंगे और कर्ज मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में तकनीकी ज्ञान से लाभ होगा, खासकर चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों को फायदा होगा। पारिवारिक जीवन में संयम बरतें और वाद-विवाद से बचें। पीठ में दर्द जैसी स्वास्थ्य समस्या हो सकती है, सावधान रहें।
तुला राशि: आज करियर में उन्नति के योग हैं, विशेषकर शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ होगा। रुके हुए कामों में तेजी आ सकती है। पारिवारिक जीवन में समझदारी से काम लें और बच्चों के साथ समय बिताएं। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें और थकान से बचने के लिए पौष्टिक आहार लें। फिजूलखर्ची से बचें।
वृश्चिक राशि: आज का दिन केटरिंग का काम कर रहे लोगों के लिए अच्छा रहेगा। बच्चे आज किसी स्पोर्ट्स एक्टिविटी में भाग ले सकते हैं। घर पर खाली बैठे लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। कुछ दिनों से आंख की समस्या से परेशान हैं तो आज आपको काफी राहत मिलेगी।
धनु राशि: आज आपके लिए आर्थिक दृष्टि से दिन सामान्य रहेगा। वाणी पर संयम रखें। वाद-विवाद से बचें। किसी नए कार्य की शुरुआत करने से पहले सोच-विचार कर लें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
मकर राशि: आज आपको अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना होगा। जल्दबाजी में कोई भी निर्णय न लें। कार्यक्षेत्र में अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। परिवार में सामंजस्य बनाए रखें।
कुंभ राशि: आज आप भावनात्मक रूप से मजबूत बने रहेंगे। अपने निजी प्रयासों में उत्साह दिखाएंगे। रिश्तों को बेहतर बनाए रखेंगे और परिवार में खुशियां बनी रहेंगी।
मीन राशि: आज शत्रुओं पर आपका दबदबा कायम रहेगा। आपको ज्ञान की प्राप्ति होगी और बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है, पैरों में चोट लगने की संभावना है। प्रेम और संतान के संबंध में दिन मध्यम रहेगा, लेकिन व्यापार अच्छा है।
यह एक सामान्य राशिफल है। अपने व्यक्तिगत भविष्य के बारे में अधिक सटीक जानकारी के लिए आप किसी ज्योतिषी से परामर्श कर सकते हैं। क्या आप आज के दिन से जुड़ी कोई और जानकारी जानना चाहते हैं?
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29/06/25पर्यावरण संरक्षण और देशभक्ति का अनूठा संगम—राव नरबीर सिंह
चंडीगढ़, 29 जून – हरियाणा के सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने आज कहा कि देश की सेनाओं में हर दसवां सैनिक हरियाणा से है, यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना की बहादुरी और संकल्प का प्रतीक है, जिसकी सफलता ने समूचे देश को गौरवान्वित किया है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 123वें संस्करण में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का उल्लेख करते हुए, जवानों की स्मृति में पौधारोपण कर राष्ट्र को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति सजग रहने का संदेश दिया है।
वन महोत्सव के दौरान अधिक से अधिक पौधे लगाएं – राव नरबीर
राव नरबीर सिंह ने हरियाणावासियों से अपील की कि वे आगामी वन महोत्सव के अवसर पर प्रदेश के वीर जवानों की स्मृति में अधिक से अधिक पौधारोपण करें। उन्होंने स्वयं चरखी दादरी से "एक पेड़ माँ के नाम—2" अभियान की शुरुआत कर लोगों को इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया है।
"पर्यावरण संरक्षण अब समय की मांग है"
मंत्री राव नरबीर ने कहा कि उनके पास सैनिक कल्याण के साथ—साथ वन और पर्यावरण विभाग की जिम्मेदारी भी है। इस नाते प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए प्राकृतिक संतुलन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना उनका कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण पर्यावरण असंतुलन एक वैश्विक चिंता बन चुका है और हमें प्रकृति के साथ अपने रिश्तों को फिर से मजबूत करना होगा। इसी दिशा में "एक पेड़ माँ के नाम—2.0" अभियान के तहत तालाबों, नदियों के किनारे और सार्वजनिक स्थलों पर नीम, पीपल और बड़ जैसे वृक्षों की त्रिवेणी लगाने की योजना बनाई गई है।
हर जिले में 2 लाख पौधे, 5 साल तक संरक्षण का लक्ष्य
वन मंत्री ने बताया कि हर जिले में प्रतिवर्ष 2 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है और ये सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी पौधों का कम से कम 5 वर्षों तक संरक्षण किया जाए, ताकि वे जड़ पकड़ सकें और टिकाऊ वन संपदा का निर्माण हो।
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29/06/25देश की युवा पीढ़ी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने का मार्ग करेगी प्रशस्त : खेल मंत्री गौरव गौतम
चंडीगढ़, 29 जून— हरियाणा के युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता, खेल और कानून राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि शिक्षकों तथा सामाजिक संगठनों का दायित्व है कि वे प्रतिभाओं को मंच प्रदान करें और उन्हें आगे बढ़ाएं। हर बच्चे में प्रतिभा छुपी होती है और बस उसे निखारने की जरूरत होती है।
खेल मंत्री रविवार को पलवल में आयोजित सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि जेई व नीट पेपर में टॉप रैंक हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने उपरांत बोल रहे थे। उन्होंने मेधावी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पुरस्कृत करते हुए शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि भारत देश की युवा पीढ़ी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि अपने जीवन में किसी भी प्रकार का शॉर्टकट न अपनाएं बल्कि नवाचार के माध्यम से अपने जीवन में सफलता अर्जित करें और देश को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण आंचल के युवा भी शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।
खेल मंत्री ने सभी विद्यार्थियों को अपने जीवन में इसी प्रकार पूरी मेहनत से सफल होकर देश-प्रदेश में अपने क्षेत्र का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खिलाडिय़ों को पूरा मान-सम्मान दे रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं से मैडल जीतने वाले खिलाडिय़़ों को सरकारी नौकरी के साथ-साथ करोड़ों रुपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है।
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29/06/25मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की भाभी के निधन पर शोक व्यक्त किया
चंडीगढ़, 29 जून -- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज रोहतक पहुंचकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की भाभी, श्रीमती राजवती हुड्डा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने रोहतक स्थित उनके आवास पर पहुंचकर शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत श्रीमती राजवती हुड्डा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि स्वर्गीय राजवती हुड्डा एक धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं, जिन्होंने परिवार को संगठित रखते हुए सामाजिक और धार्मिक कार्यों में सक्रिय योगदान दिया। उनका जीवन सभी के लिए प्रेरणादायी रहा है। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
इस अवसर पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा और पूर्व मंत्री श्री मनीष ग्रोवर ने भी पुष्प अर्पित कर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने सिंधु निवास पहुंचकर कैप्टन अभिमन्यु की माता के निधन पर भी व्यक्त किया शोक
बाद में, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के निवास ‘सिंधु निवास’ पहुंचे और उनकी माता श्रीमती परमेश्वरी देवी के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कैप्टन अभिमन्यु और उनके परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदना प्रकट की।
इस अवसर पर मंत्री श्री रणबीर गंगवा और पूर्व मंत्री श्री मनीष ग्रोवर सहित अन्य गणमान्य भी उपस्थित रहे।
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29/06/25प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में भारत प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर – श्रुति चौधरी
चंडीगढ़, 29 जून – हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने आज यहां कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सुना। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री के गतिशील और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत द्वारा वैश्विक स्तर पर हासिल की गई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की।
उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम एक सशक्त और अनूठा मंच है जो सीधे प्रधानमंत्री को आम जनता से जोड़ता है और देशभर के नागरिकों को प्रेरणा एवं दिशा प्रदान करता है। श्री मोदी के कुशल मार्गदर्शन में भारत अब हर क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास के साथ-साथ वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के संदेश केवल एक सरकारी पहल नहीं बल्कि यह देश के प्रत्येक नागरिक के लिए एक प्रेरणा स्रोत है, जो राष्ट्र निर्माण और सामाजिक कल्याण में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से न केवल विकास की गति तेज होती है, बल्कि लोगों में एकता, सामाजिक समरसता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना भी बढ़ती है।
श्रीमती श्रुति चौधरी ने हरियाणा के जनसमूह से अपील की कि वे सरकार की योजनाओं में सक्रिय रूप से भाग लें और प्रदेश एवं देश के विकास के लिए अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर एक समृद्ध और विकसित भारत की ओर अग्रसर हैं, जो प्रधानमंत्री के संकल्प और विजन का साकार रूप है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं हर वर्ग तक पहुंच रही हैं और सभी को इसका लाभ मिल रहा है, जिससे आम आदमी की जिंदगी बेहतर हो रही है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद सहित अन्य गणमान्य भी मौजूद रहे।
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29/06/25सरकार सबको साथ लेकर चलते हुए करवा रही एक समान विकास कार्य- जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा
चंडीगढ़, 29 जून — हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सबका साथ-सबका विकास के मूल मंत्र के साथ प्रदेश के सभी हिस्सों में एक समान कार्य करवाए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा रोहतक में 24 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित बरसाती जल डिस्पोजल केन्द्र के उद्घाटन के उपरांत उपस्थितगण को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रोहतक शहर की भौगोलिक स्थिति कटोरानुमा है तथा वर्षा के दौरान इस क्षेत्र में जलभराव हो जाता था। सरकार द्वारा नागरिकों की इस समस्या के निदान के लिए बरसाती जल डिस्पोजल सैंटर का निर्माण किया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हर घर में नल व नल में स्वच्छ जल के सपने को साकार करने की दिशा में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग निरंतर कार्य कर रहा है। विभाग द्वारा स्वच्छ पेयजल, बेहतर सीवर व्यवस्था व बरसाती जल निकासी के प्रबंधों को निरंतर बेहतर किया जा रहा है। भविष्य में भी सरकार द्वारा नागरिकों को सभी मूलभूत बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी।
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29/06/25English rendering of PM’s address in the 123rd Episode of ‘Mann Ki Baat’ on 29.06.2025
My dear countrymen, Namaskar. Welcome to ‘Mann Ki Baat’… Greetings to all of you. At this moment, you all must be full of the energy of yoga and memories of ‘International Yoga Day’. This time as well, on the 21st of June, crores of people across the country and the world participated in the ‘International Yoga Day’. Do you remember, it began 10 years ago. Now, over these 10 years, this event is turning grand with every passing year. This is also an indication that more and more people are adopting yoga in their daily lives. We have seen so many attractive pictures of ‘Yoga Day’ this time. Three lakh people performed yoga together on the beach of Visakhapatnam. Another amazing visual emerged from Visakhapatnam itself… more than two thousand adivasi students performed 108 Surya Namaskars for 108 minutes. Imagine how much discipline, how much dedication there must have been! A grand glimpse of yoga was also witnessed on our naval ships. In Telangana, three thousand divyang friends participated in a yoga camp together.
They showed how yoga is also a medium of empowerment. People of Delhi connected yoga with the resolve of a clean Yamuna and performed yoga on the banks of the Yamuna. In Jammu and Kashmir, people also did yoga on the Chenab Bridge, which is the world's highest railway bridge. The snowy peaks of the Himalayas and ITBP soldiers… yoga was seen there too; courage and sadhana were hand in hand. The people of Gujarat also created history anew. In Vadnagar, 2121 (twenty one hundred & twenty one) people did Bhujangasana together and created a new record. Pictures of yoga came in from New York, London, Tokyo, Paris; every big city of the world… and one thing was special in every picture - peace, stability and balance.
This time the theme was also very special, 'Yoga for One Earth, One Health'. This is not just a slogan; it is a direction which makes us realize the essence of 'Vasudhaiva Kutumbakam'. I am sure, the grandeur of this year's Yoga Day will certainly inspire more and more people to adopt yoga.
My dear countrymen,
When someone embarks on a pilgrimage, the first feeling that comes to mind is, “Chalo Bulawa Aaya Hai…” i.e. Let’s proceed amid the Divine Call... This very feeling is the soul of our religious pilgrimages. These pilgrimages are a means of disciplining the body, purifying the mind; mutual love and brotherhood, and connecting with God. Apart from these, there is another great aspect of these pilgrimages. These religious pilgrimages are also a great ritual of opportunities for the spirit of service. When any pilgrimage takes place, more people engage in serving the pilgrims than the number of people who undertake the pilgrimage. Bhandaaras and langars i.e. Free Food Distribution, are set up at various places. People set up drinking water stalls on the roadsides. Medical camps and facilities are arranged with a spirit of service. A lot many people arrange for dharamshalas and accommodation for the pilgrims at their own expense.
Friends,
After a long time, the Kailash Mansarovar Yatra has had an auspicious re-start. Kailash Mansarovar, that is the abode of Lord Shiva. Kailash is considered the centre of faith and devotion in every tradition; be it Hindu, Buddhist or Jain.
Friends,
The holy Amarnath Yatra is going to commence on the 3rd of July, and the holy month of Sawan is also just a few days away. Just a few days ago, we have also witnessed the Rath Yatra of Lord Jagannath ji. Be it Odisha, Gujarat or any other corner of the country, lakhs of devotees participate in this Yatra. From North to South, East to West, these Yatras are a reflection of the spirit of 'Ek Bharat-Shrestha Bharat'. When we conclude our religious journey with devotion, complete dedication and complete discipline, we also get rewarded with its fruits. I extend my best wishes to all the fortunate devotees going on the Yatras. I also commend those, who are engaged in making these Yatras successful and safe with a spirit of service.
My dear countrymen,
I now want to tell you about two such achievements of the country, which will fill you up with pride. Global institutions are discussing these achievements. WHO i.e. ‘World Health Organization’ and ILO i.e. International Labour Organization have heaped praises on these achievements of the country. The first achievement is related to our health. Many of you must have heard about an eye disease – Trachoma. This infection spreads through bacteria.
There was a time when this ailment was common in many parts of the country. If not taken care of, this disease gradually used to lead to loss of eyesight. We resolved to eradicate Trachoma from its roots. And I am very happy to share with you that WHO has declared India Trachoma free. India now has become a Trachoma free country. This is the result of the hard work of lakhs of people who fought this disease tirelessly; without a break. This success belongs to our health workers.
Therefore, the ‘Swachh Bharat Abhiyan’ also helped in eradicating it. The ‘Jal Jeevan Mission’ also contributed a lot to this success. Today, when clean water is reaching every home through taps, the risk of such ailments has reduced. ‘World Health Organisation’ WHO has also appreciated the fact that along with tackling the disease, India has also got rid of its root causes.
Friends,
Presently, most of the populace in India is taking advantage of one social protection benefit or the other and recently a very important report of the International Labour Organisation – ILO has come out.
It has been mentioned in this report that more than 64% (sixty-four percent) of the population of India is now definitely availing of some social protection benefit or the other. Social Security is one of the biggest coverages in the world. Today, around 95 crore people of the country are getting the benefit of some or the other social security schemes; whereas, till 2015, the government schemes were reaching less than 25 crore people.
Friends,
In India, from health to social security, the country is moving ahead with the feeling of saturation in every field. This is also a great picture of social justice. These successes have instilled a belief that the coming times will be even better; India will become even stronger at every step.
My dear countrymen,
With the power of public participation, big crises can be confronted. I will play an audio for you… in this audio you will get an idea of the magnitude of that crisis. How grave that crisis was… listen to it first… understand it.
Audio Clip - Morarji Bhai Desai
After all, the oppression that happened for two years, the oppression had started 5-7 years ago. But it has reached its peak in the last 2 years, when emergency was imposed on people and people were treated inhumanly. People's right to freedom was snatched away, newspapers were left without freedom. Courts were made completely powerless. And the way more than one lakh people were put in jail and then arbitrary rule continued, it is difficult to find its traces in the history of the world.
Friends,
This is the voice of the former Prime Minister of the country, Shriman Morarji Bhai Desai. He spoke about the Emergency in a brief but very clear manner. You can imagine what that period was like! Those who imposed Emergency not only murdered our constitution but also had the intention to keep the judiciary as their slave. During this period, people were tormented on a large scale. There are many such examples of this, which can never be forgotten. George Fernandez Sahib was tied in chains.
Many people were subjected to severe torture. Under MISA, anyone could be summarily arrested. Students too were harassed. Freedom of expression was also stifled. Thousands of people who were arrested during that period were subjected to such inhumane atrocities. But it is the strength of the people of India… they did not bow down, did not break down and did not accept any compromise with democracy. Finally, the people at large won – the Emergency was lifted and those who imposed the Emergency were defeated. Babu Jagjivan Ram ji had put forth his views in a very strong manner in this regard.
Audio Clip - Babu Jagjivan Ram
Sisters and Brothers, the last election was not an election. It was a great campaign of the people of India... To change the circumstances of that time… to turn the tide of dictatorship and to strengthen the foundation of democracy in India.
We should also listen to what Atal ji had said in his own distinct style then -
Audio Clip - Atal Bihari Vajpayee
Sisters and brothers, whatever happened in the country cannot be called just an election. A peaceful revolution has taken place. The wave of people's power has thrown the killers of democracy into the dustbin of history.
Friends,
Just a few days ago, the imposition of Emergency on the country completed its 50 years. We countrymen have observed the 'Samvidhan Hatya Diwas'. We should always remember all those people who fought the Emergency with fortitude. This inspires us to remain constantly vigilant to keep our Constitution strong and enduring.
My dear countrymen,
Imagine a picture. The morning sun is touching the hills, the light is slowly moving towards the plains, and with that light, a troupe of football lovers is advancing. The whistle blows and in a few moments, the ground reverberates with applause and slogans. People's enthusiasm is increasing with every pass, every goal. You must be wondering… what a beautiful world is that?
Friends,
This picture is the reality of Bodoland, a major region of Assam. Bodoland today stands out in the country with a new face, a new identity. The energy and confidence that the youth here have, is most visible on the football field. In the Bodo Territorial Area, the Bodoland CEM Cup is being organized. This is not just a tournament; it has become a celebration of unity and hope. More than three thousand seven hundred teams, about seventy thousand players, and even among them, a large number of our daughter’s participation! These statistics tell the story of a big change in Bodoland. Bodoland is now increasingly casting its glow on the sports map of the country.
Friends,
There was a time when struggle itself was the identity of this place. Then the avenues for the youth here were limited. But today there are new dreams in their eyes and the courage of self-reliance in their hearts. The football players hailing from here are now making their mark at a high level. Halicharan Narzary, Durga Boro, Apurba Narzary, Manbir Basumatari - these are not just the names of football players - they are the identity of that new generation who catapulted Bodoland from the field to the national stage.
Many of them practiced with limited resources; many forged their way through difficult circumstances, and today many young children of the country kickstart their dreams, inspired by their names. If we have to expand our capability, first of all we have to focus on our fitness and wellbeing. By the way, friends, do you remember one of my suggestions for fitness, for reducing obesity! Reduce 10% oil in food, reduce obesity. When you’ll be fit, you will be more super hit in life.
My dear countrymen,
Just as our India is known for its regional, linguistic and cultural diversity; in the same way, the diversity of arts, crafts and skills is also a great quality of our country. Whichever area you visit, you will get to know about some local specialities of that place. We often talk about such unique products of the country in 'Mann Ki Baat'. One such product is Eri Silk of Meghalaya. It has received the GI Tag a few days ago. Eri Silk is like a heritage for Meghalaya. The tribes here, especially the people of the Khasi community, have preserved it for generations and have also enriched it with their skills. This silk has many specialities that make it different from other fabrics. Its most special feature is the way it is made. The silkworms that make this silk are not killed to obtain it, hence it is also called Ahimsa Silk.
Nowadays, the demand for such products is rising rapidly in the world, which do not involve violence and do not have any ill effect on nature, hence, Eri Silk of Meghalaya is a perfect product for the global market. Another special feature is that, this silk keeps you warm in winters and cool in summers. This quality makes it suitable for most places. The women of Meghalaya are now taking this heritage forward on a larger scale through Self Help Groups. I congratulate the people of Meghalaya on Eri Silk getting the GI-Tag. I would also appeal to all of you to try out clothes made from Eri Silk… and yes, you must always remember Khadi, handloom handicraft, Vocal for Local. If customers buy only products made in India and traders sell only products made in India, the 'Atmanirbhar Bharat Abhiyan' will be infused with new energy.
My dear countrymen,
The mantra of 'Women Led Development' is ready to create a new future for India. Our mothers, sisters, daughters are today lending a new direction not only for themselves but for the entire society. You will also feel good when you come to know about the success of the women of Bhadrachalam in Telangana. These women once used to work as labourers in the fields. They used to work hard all day for their livelihoods.
Today the same women are making biscuits from millets, i.e. Shreeanna. These biscuits, named 'Bhadradri Millet Magic', are reaching right from Hyderabad to London. These women of Bhadrachalam joined a Self Help Group and received training.
Friends,
These women have done another commendable work. They started making 'Giri Sanitary Pads'. In just three months, they prepared 40,000 pads and delivered them to schools and nearby offices - that too at a very low price.
Friends,
The achievement of the women of Kalaburgi in Karnataka is also excellent. They have made jowar roti a brand. In the cooperative that they have formed, more than three thousand rotis are being made every day. The aroma of these rotis is no longer limited to the village. A special counter has been opened in Bengaluru. Orders are coming over online food platforms. Kalaburgi roti is now reaching the kitchens of big cities. This has had a great impact on these women, their income is increasing.
Friends,
These stories from different states have different faces. But their glow is the same. This is the glow of self-confidence, of self-reliance. One such face is Suma Uike from Madhya Pradesh. Suma ji's efforts are very commendable. She took training in mushroom farming and animal husbandry by joining the Self Help Group in Katangi block of Balaghat district. Thus she found her the path to self-reliance. When Suma Uike's income increased, she also expanded her work. This journey that started with a tiny effort has now reached 'Didi Canteen' and 'Thermal Therapy Centre'. In every corner of the country, countless such women are changing their fate and that of the country.
My dear countrymen,
During the last few days, many people from Vietnam sent me their messages through various mediums. There was reverence and affability in every line of these messages. Their feelings were heartwarming. They were expressing their gratitude to India for enabling darshan of the holy relics of Bhagwan Buddha. The emotions in their words were more than any formal thanks.
Friends,
Originally these sacred relics of Bhagwan Buddha were discovered at Nagarjunakonda of Palnadu district in Andhra Pradesh. This place has a deep connection with Buddhism. It is said that once upon a time, people from far-off places including Sri Lanka and China used to come to this place.
Friends,
Last month these holy relics of Bhagwan Buddha were taken from India to Vietnam. They were kept for public darshan at 9 different places there. In a way, this initiative of India became a national festival for Vietnam. You can imagine that in Vietnam, which has a population of about 10 crore people, more than 1.5 crore people had a darshan of the holy relics of Bhagwan Buddha. The pictures and videos that I saw on social media made me realize that devotion has no limits. Be it rain or the scorching sun, people stood in queues for hours. Children, the elderly, differently-abled people, everyone was overwhelmed. The President of Vietnam, Deputy Prime Minister, senior ministers, everyone paid obeisance. The feeling of respect among the people there for this pilgrimage was so deep that the Vietnamese government requested to extend it for another 12 days and India gladly accepted it.
Friends,
The thoughts of Bhagwan Buddha have the power to bind countries, cultures and people together. Earlier, the holy relics of Bhagwan Buddha were taken to Thailand and Mongolia, and the same feeling of reverence was felt there as well. I urge all of you to definitely visit Buddhist sites in your state. It will be a spiritual experience, as well as a wonderful opportunity to connect with our cultural heritage.
My dear countrymen,
This month we all celebrated the 'World Environment Day'. I received thousands of your messages. Many people told me about those friends who had set out alone to save the environment and then the whole society joined them. This contribution of everyone is becoming a great strength for our earth. Mr. Ramesh Kharmale of Pune… knowing about his work will inspire you a lot. When people take rest at the end of the week, Ramesh ji and his family set out with pick axe and spade. Do you know where to? Towards the hills of Junnar. Be it sunshine or a steep climb, their ascent does not stop. They clear bushes, dig trenches to retain water and sow seeds. They dug 70 trenches in just two months.
Ramesh ji has made many small ponds, planted hundreds of trees. He is also getting an Oxygen Park built. The result is that birds have started returning here, wildlife is getting a new breath.
Friends,
Another beautiful initiative for the environment has been seen in Ahmedabad city of Gujarat. Here the Municipal Corporation has started the 'Mission for Million Trees' campaign. The target is - to plant lakhs of trees. A special aspect about this campaign is 'Sindoor Van'. This forest is dedicated to the bravehearts of Operation Sindoor. Sindoor saplings are being planted in the memory of those brave people who have sacrificed everything for the country. Here, another campaign is being given a new impetus – ‘Ek Ped Maa Ke Naam’. Under this campaign, crores of trees have been planted in the country. You too must take part in such campaigns going on in your village or city. Plant trees, save water, serve the earth, because when we save nature, we actually protect our future generations.
Friends,
A village in Maharashtra has also set a great example. 'Patoda' is a Gram Panchayat in Chhatrapati Sambhaji Nagar district. This is a Carbon Neutral village Panchayat. In this village, no one throws garbage outside their house. There is a complete system of collecting garbage from every house. Here, dirty water is also treated. No water goes into the river without being cleaned. Here, last rites are performed with cow dung cakes and a tree is planted in the name of the deceased with that ash. The cleanliness in this village is also worth seeing. When small habits become a collective resolve, a big change is certain.
My dear friends,
At this moment, everyone's eyes are also on the International Space Centre. India has scripted a new history. Yesterday I’ve also spoken to Group Captain Shubhanshu Shukla. You must have also heard my conversation with Shubhanshu. Shubhanshu still has to stay at the International Space Centre for a few more days. We will talk more about this Mission, but in the next episode of 'Mann Ki Baat'.
It is time now to bid adieu to you in this episode. But friends, before leaving I want to remind you of a special day. On the 1st of July, the day after tomorrow, we honour two very important professions - Doctors and CAs. Both of them are such pillars of society, which make our lives better. Doctors are the protectors of our health and CAs (Chartered Accountants) are the guides of economic life. My best wishes to all the Doctors and Chartered Accountants.
Friends,
I always wait for your suggestions. The next episode of 'Mann Ki Baat' will be enriched through your suggestions. We will meet again with new thoughts, new inspirations and new achievements of our countrymen. Thank you very much, Namaskar.
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29/06/25PRESIDENT OF INDIA TO VISIT UTTAR PRADESH FROM JUNE 30 TO JULY 1
The President of India, Smt Droupadi Murmu will visit Uttar Pradesh (Bareilly and Gorakhpur) from June 30 to July 1, 2025.
On June 30, the President will grace the XI convocation ceremony of the Indian Veterinary Research Institute at Bareilly. On the same day, she will grace the first convocation ceremony of AIIMS Gorakhpur.
On July 1, the President will inaugurate the Mahayogi Guru Gorakhnath AYUSH University at Gorakhpur. The President will also visit Mahayogi Gorakhnath University, Gorakhpur, where she will inaugurate its Auditorium, Academic Block and Panchkarma Kendra as well as lay the foundation stone for a new Girls’ Hostel.
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29/06/25उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने जारी किए निर्देश, रोजाना सभी मेडिकल कॉलेजों में राउंड और सख्त निगरानी के आदेश
उत्तर प्रदेश, 29 जून (अभी): उत्तर प्रदेश सरकार के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक राज्य मेडिकल व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। रविवार को डिप्टी सीएम निर्देश जारी किया है की सभी अस्पतालों मेडिकल कॉलेज और चिकित्सा संस्थानों के चीफ नियमित रूप से अस्पताल में सभी वार्डों में न केवल भ्रमण करेंगे, बल्कि उस दौरान अपनी फोटो खींचकर सरकार को भेजेंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है जिससे चिकित्सीय संस्थानों में की जा रही लापरवाही को रोका जा सके और इलाज में बेहतर व्यवस्था की जा सके।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने यह आदेश जारी किए हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि यदि कोई प्राचार्य या निदेशक किसी दिन राउंड नहीं ले पाते हैं तो उनके स्थान पर उप प्राचार्य व सीएमएस राउंड लेंगे। राउंड के वक्त सुरक्षाधिकारी व सफाई सुपर वाइजर भी साथ रहेंगे। ताकि किसी भी तरह की कमी मिलने पर उसका तत्काल निस्तारण कराया जा सके।
उन्होंने बताया कि कॉलेज व संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता होगी। भूतपूर्व सैनिकों की तैनाती की जाएगी। परिसर में गर्ल्स हॉस्टल, इमरजेंसी आदि संवेदनशील जगहों पर पूर्व सैनिकों की तैनाती जाएगी। इसके लिए प्राचार्य सैनिक कल्याण निगम से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में यह भी कहा गया है की लापरवाही बढ़ते जाने पर संबंधित चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि ट्रॉमा सेंटरों में पर्याप्त डॉक्टर, नर्सिंग, पैरामेडिकल स्टाफ तैनात किए जाएं ताकि मरीजों को इलाज, जांच आदि की दिक्कत न हो। 24 घंटे पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी की जांच की सुविधा मुहैया कराई जाये। ब्लड बैंक के संचालन में भी लापरवाही न बरती जाए। एएलएस एम्बुलेंस के संचालन को लेकर सीएमओ समन्वय बनाएं। मरीजों को कम समय में एम्बुलेंस मुहैया कराई जाये।
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29/06/25उत्तर पारदश में आठ आईएएस व 15 पीसीएस अफसरों के तबादले
उत्तर प्रदेश, 29 जून (अभी): उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार को पांच आईपीएस अधिकारियों के बाद आठ आईएएस और 15 पीसीएस अफसरों का तबादला किया है। प्रमुख सचिव आलोक कुमार तृतीय को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है, जबकि सात आईएएस अफसरों के कार्यस्थल में परिवर्तन किया गया है। आलोक कुमार तृतीय को प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन का कार्यभार सौंपा गया है। प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन जितेंद्र कुमार 30 जून को सेवानिवृत होंगे।
सचिव मुख्यमंत्री राकेश सिंह द्वितीय को मुख्य कार्यपालक अधिकारी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के पद पर तैनाती मिली है। विशेष सचिव गृह योगेश कुमार प्रभारी को आयुक्त एवं निबंधक सहकारी समिति, हीरा लाल को आयुक्त एवं निबंधक सहकारी समिति से सचिव राष्ट्रीय एकीकरण विभाग के पद पर तैनाती मिली है।
अनामिका सिंह को सचिव, महिला कल्याण, बाल विकास व पुष्टाहार विभाग और महानिदेशक, पोषण मिशन को यूपी फारेस्ट और क्लाइमेट चेंज विभाग का सचिव बनाया गया है। प्रतीक्षारत भवानी सिंह खंगारौत को विशेष सचिव राजस्व विभाग और प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, सान्या छाबड़ा को मुख्य विकास अधिकारी हरदोई के पद पर स्थानांतरित किया गया है।
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29/06/25आईपीएस पराग जैन बने रॉ प्रमुख , ऑपरेशन सिंदूर में निभाई थी बड़ी भूमिका
नई दिल्ली, 29 जून (अभी): भारत सरकार ने खुफिया एजेंसी रॉ के नए चीफ का नाम तय कर लिया है. 1989 बैच के पंजाब कैडर के सीनियर IPS ऑफिसर पराग जैन RAW के अगले चीफ होंगे. वो 1 जुलाई से अपना पदभार संभालेंगे. वर्तमान में वो एविएशन रिसर्च सेंटर के प्रमुख हैं. उन्हें रॉ का अगला कार्यकारी सचिव अपॉइंट किया गया है. उन्हें यह जिम्मेदारी 2 साल के के लिए मिली है. वो रवि सिन्हा की जगह लेंगे. रवि सिन्हा का कार्यकाल 30 जून, 2025 को खत्म होगा.
पराग जैन ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना से जुड़ी से कई महत्वपूर्ण खुफिया जानकारियां के साथ ARC को संभाला था. पराग जैन इससे पहले SSP चंडीगढ़, कनाडा व श्रीलंका में भारतीय प्रतिनिधि के रूप में और जम्मू-कश्मीर में काउंटर टेररिज्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं.
पराग जैन को आतंकवाद निरोधक विशेषज्ञ माना जाता है और उन्हें खास तौर पर अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल है. अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने वाले आतंकवाद निरोधी विशेषज्ञ के रूप में उनकी विशेषज्ञता, विशेष रूप से सीमा पार आतंकी नेटवर्क को डिकोड करने में, आने वाले वर्षों में रॉ की स्थिति को आकार देने की उम्मीद है.
रॉ भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधा असर डालने वाले पड़ोसी देशों के घटनाक्रमों पर नजर रखती है. भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए गुप्त अभियान चलाना भी इसके मुख्य कार्यों में शामिल है. ऐसे ही भारत के लिए खतरा पैदा करने वाले आतंकी तत्वों को निष्क्रिय करना भी रॉ के कार्यों में शामिल है. रॉ दूसरे देशों में सक्रिय उन समूहों की जानकारी इकट्ठा करती है जो भारत की सुरक्षा और अखंडता के लिए खतरा हैं, और उन्हें निष्क्रिय करने का भी कार्य करती है.
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29/06/25हिमाचल के राज्यपाल ने ‘नशे को मात, देंगे एक साथ’ थीम पर आधारित 12वीं हाफ मैराथन को झंडी दिखाकर रवाना किया
हिमाचल, 29 जून (अभी) : राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान से हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग द्वारा आयोजित 12वीं हाफ मैराथन को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मैराथन का ‘नशे को मात, देंगे एक साथ’ थीम पर आयोजन करवाया गया।
भारी बारिश के बावजूद मैराथन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों, खासकर युवाओं की हौंसला अफजाई करते हुए राज्यपाल ने कहा कि बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजन सहित सभी वर्गों के लोग इस मैराथन में भाग ले रहे हैं, जो नशे के खिलाफ सामूहिक भावना को प्रदर्शित कर रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश के लोग हिमाचल को नशामुक्त राज्य बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ‘नशे को मात, देंगे एक साथ’ अभियान की पहुंच हर घर तक सुनिश्चित की जानी चाहिए और उन्होंने इस अभियान के लिए पुलिस विभाग के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि देवभूमि हिमाचल प्रदेश की पहचान यहां संस्कृति और परम्पराओं में निहित है और हमें इसकी सांस्कृतिक पहचान को कायम रखना चाहिए। राज्य से नशे की बुराई को खत्म करने के लिए राज्यपाल ने जनसहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग से ऐसे जागरूकता अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए जिससे हम समाज से इस बुराई को समाप्त कर सकेंगे। इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रतिभागियों को सभी प्रकार के नशीले पदार्थों से दूर रहने की शपथ दिलवाई।
श्री शुक्ल ने राज्य पुलिस द्वारा लगाई गई एक प्रदर्शनी का भी शुभारम्भ किया तथा नशे के विरुद्ध अभियान के प्रति अपनी एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए ‘हस्ताक्षर बोर्ड’ पर हस्ताक्षर किए। मैराथन को चार श्रेणियों हाफ मैराथन, मिनी मैराथन, ड्रीम रन तथा दिव्यांग प्रतिभागियों के लिए विशेष दौड़ में विभाजित किया गया है। हाफ मैराथन के विजेता को 51,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा, शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे। -
29/06/25हिमाचल प्रदेश सरकार नशे के विरूद्ध शीघ्र शुरू करेगी व्यापक अभियान: मुख्यमंत्री
हिमाचल, 29 जून (अभी): मुख्यमंत्री ने शिमला में 12वीं हिमाचल प्रदेश पुलिस हाफ मैराथन विजेताओं को किया सम्मानित
नशे के विरूद्ध जागरूकता बढ़ाने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग द्वारा आज शिमला में 12वीं हिमाचल प्रदेश पुलिस हाफ मैराथन का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मैराथन विजेताओं को सम्मानित किया। इस मैराथन में पुरूष, महिला और वरिष्ठ नागरिक (75 वर्ष से अधिक) श्रेणी के प्रतिभागियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने नशे संबंधी गतिविधियों में सरकारी कर्मचारियों की संलिप्ता पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने नशे संबंधी गतिविधियों में शामिल 80 सरकारी कर्मचारियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई है। नशे की तस्करी संबंधी मामलों में पुलिस कर्मियों की संलिप्तता भी सामने आई है और राज्य सरकार पुलिस बल में अधिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पुलिस मैनुअल में संशोधन पर विचार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार निकट भविष्य में बड़े स्तर पर नशा विरोधी अभियान शुरू करने की तैयारी कर रही है। नशे पर अंकुश लगाने के लिए पंचायत स्तर पर मैपिंग करवाई जा रही हैै। सरकार नशे की तस्करी पर रोक लगाने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का भी गठन कर रही है जिसके लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके अतिरिक्त पुलिस विभाग को मजबूत करने के लिए 500 नए पद भरे जाएंगे।
नशे के प्रति राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा हमारे राष्ट्र का भविष्य हैं जिनको नशे की बुराई से बचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य मंे द्विआयामी रणनीति के तहत कार्य किया जा रहा है जिसमें नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और नशे के आदि लोगों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाकर काम किया जा रहा है। वर्तमान प्रदेश सरकार ने पीआइटी-एनडीपीएस अधिनियम को लागू किया है जिसे पिछली भाजपा सरकार पांच साल के कार्यकाल के दौरान लागू नहीं कर पाई। इस अधिनियम के तहत 40 डिटेंशन आदेशों को मंजूरी दी गई जिनमें से इस वर्ष 36 आदेश जारी किए गए। सरकार ने नशे के तस्करों के विरूद्ध कड़ा रूख अपनाते हुए सात नशा तस्करों की संपत्तियों को गिराया गया है और अन्य के खिलाफ सक्रियता से कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हिमाचल प्रदेश एंटी ड्रग्स एक्ट पारित किया है जिससे अपराधियों और पीड़ितों के बीच अन्तर किया जा सकता है। नशे से पीड़ित लोगों के पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार कार्य कर रही है ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जा सके। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों के साथ खुला संवाद स्थापित करने का आह्वान किया और उन्हें नशे के हानिकारक प्रभावों के बारे में शिक्षित करने पर बल दिया। उन्होंने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों से नशा निवारण अभियानों में सक्रियता से भाग लेने का भी आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हाफ मैराथन (21.5 किलोमीटर) पुरूष वर्ग के विजेता रविदास और महिला वर्ग की विजेता रूबी कश्यप को 51-51 हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त मिनी मैराथन (10 किलोमीटर) पुरूष वर्ग के विजेता रवि चौधरी, महिला वर्ग में सुनीता, ड्रीम रन (3 किलोमीटर) 16 से 30 आयुवर्ग (पुरूष) वर्ग के प्रथम विजेता मोहम्मद सोहेल, (महिला) वर्ग के लिए विपाशा वर्मा, 31 से 45 आयुवर्ग (पुरूष) वर्ग के प्रथम विजेता नागेंद्र पाल, महिला वर्ग के लिए प्रतिभा, 46 से 60 आयुवर्ग (पुरूष) वर्ग के प्रथम विजेता कुलदीप, महिला वर्ग में विजेता, 10 से 15 आयुवर्ग के लिए पुरूष वर्ग में हर्ष कुमार, महिला वर्ग रीतिका वर्मा को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने ‘हार्मनी ऑफ पाइन’ के नशे पर जन जागरूकता आधारित एक विशेष गीत को भी जारी किया।
विधायक हरीश जनारथा, महापौर सुरेन्द्र चौहान, मुख्यमंत्री के प्रधान (मीडिया) सलाहकार नरेश चौहान, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अन्य गणमान्य इस अवसर पर उपस्थित थे। -
29/06/25प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में भारत प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर – सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी
चंडीगढ़, 29 जून (अभी) – हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने आज यहां कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सुना। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री के गतिशील और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत द्वारा वैश्विक स्तर पर हासिल की गई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की।
उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम एक सशक्त और अनूठा मंच है जो सीधे प्रधानमंत्री को आम जनता से जोड़ता है और देशभर के नागरिकों को प्रेरणा एवं दिशा प्रदान करता है। श्री मोदी के कुशल मार्गदर्शन में भारत अब हर क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास के साथ-साथ वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के संदेश केवल एक सरकारी पहल नहीं बल्कि यह देश के प्रत्येक नागरिक के लिए एक प्रेरणा स्रोत है, जो राष्ट्र निर्माण और सामाजिक कल्याण में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से न केवल विकास की गति तेज होती है, बल्कि लोगों में एकता, सामाजिक समरसता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना भी बढ़ती है।
श्रीमती श्रुति चौधरी ने हरियाणा के जनसमूह से अपील की कि वे सरकार की योजनाओं में सक्रिय रूप से भाग लें और प्रदेश एवं देश के विकास के लिए अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर एक समृद्ध और विकसित भारत की ओर अग्रसर हैं, जो प्रधानमंत्री के संकल्प और विजन का साकार रूप है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं हर वर्ग तक पहुंच रही हैं और सभी को इसका लाभ मिल रहा है, जिससे आम आदमी की जिंदगी बेहतर हो रही है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद सहित अन्य गणमान्य भी मौजूद रहे।
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29/06/25Mansoon Alert: IMD ने जारी किया अलर्ट, केरल से दिल्ली तक तय समय से पहले पहुंचा मानसून
नई दिल्ली, 29 जून (अभी): भारत में इस बार मानसून ने अपने आगमन की टाइमिंग से सबको हैरान कर दिया है। आमतौर पर यह मौसम प्रणाली केरल में 1 जून को दस्तक देती है और 8 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लेती है। लेकिन इस साल यह सभी अनुमान और आँकड़े पीछे छोड़ता हुआ पहले ही अपने गंतव्य तक पहुँच गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार इस साल दिल्ली में मानसून ने 30 जून की सामान्य तिथि से एक दिन पहले यानी 29 जून को दस्तक दी। इससे भी बड़ी बात ये रही कि पूरे भारत में मानसून 8 जुलाई की औसत तिथि से नौ दिन पहले यानी 29 जून तक ही फैल चुका था।
यह 2020 के बाद पहली बार हुआ है जब मानसून ने इतनी तेज़ी दिखाई है। IMD के आंकड़ों के अनुसार, 2020 में मानसून ने पूरे देश को 26 जून तक कवर कर लिया था। उस रिकॉर्ड के करीब पहुंचते हुए इस बार भी मानसून ने तेजी दिखाई है। इस बार 2024 में मानसून ने 29 जून तक देशभर को कवर कर लिया, जो काफी असामान्य माना जा रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि मानसून इस बार 24 मई को ही केरल पहुँच गया, जो कि 2009 के बाद से सबसे जल्दी दस्तक थी। 2009 में यह 23 मई को केरल पहुँचा था। इसके बाद यह तेज़ी से देश के अन्य हिस्सों में फैलने लगा।
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29/06/25देश की युवा पीढ़ी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने का मार्ग करेगी प्रशस्त : खेल मंत्री गौरव गौतम
चंडीगढ़, 29 जून (अभी) — हरियाणा के युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता, खेल और कानून राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि शिक्षकों तथा सामाजिक संगठनों का दायित्व है कि वे प्रतिभाओं को मंच प्रदान करें और उन्हें आगे बढ़ाएं। हर बच्चे में प्रतिभा छुपी होती है और बस उसे निखारने की जरूरत होती है।
खेल मंत्री रविवार को पलवल में आयोजित सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि जेई व नीट पेपर में टॉप रैंक हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने उपरांत बोल रहे थे। उन्होंने मेधावी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पुरस्कृत करते हुए शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि भारत देश की युवा पीढ़ी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि अपने जीवन में किसी भी प्रकार का शॉर्टकट न अपनाएं बल्कि नवाचार के माध्यम से अपने जीवन में सफलता अर्जित करें और देश को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण आंचल के युवा भी शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।
खेल मंत्री ने सभी विद्यार्थियों को अपने जीवन में इसी प्रकार पूरी मेहनत से सफल होकर देश-प्रदेश में अपने क्षेत्र का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खिलाडिय़ों को पूरा मान-सम्मान दे रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं से मैडल जीतने वाले खिलाडिय़़ों को सरकारी नौकरी के साथ-साथ करोड़ों रुपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है।
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29/06/25प्रत्येक समाज के महापुरुषों की जयंती सरकारी स्तर पर मना रही है हरियाणा सरकार: लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा
चंडीगढ़, 29 जून (अभी) - हरियाणा के लोक निर्माण और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर सिंह गंगवा ने कहा कि समाज को जोड़ने और अंधविश्वास मिटाने का कार्य संत कबीर ने अपने पूरे जीवन में किया। वे एक ऐसे युगदृष्टा थे, जिन्होंने जाति, पंथ और ऊंच-नीच से ऊपर उठकर मानवता का संदेश दिया।
लोक निर्माण मंत्री रविवार को हिसार में संत कबीर छात्रावास में आयोजित संत कबीर साहब के 627वें प्रकाशोत्सव समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कबीर छात्रावास के लिए 21 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा भी की। उन्होंने संत कबीर छात्रावास की व्यवस्थाओं की भी सराहना की और आश्वासन दिया कि सरकार द्वारा ऐसे संस्थानों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर माहौल मिल सके।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चल रही है। सभी महापुरुषों की जयंती अब राज्य सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से मनाई जा रही है, जिससे समाज में एकता और जागरूकता का संदेश फैल रहा है। उन्होंने कहा कि डीएससी समाज के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है। अब समाज के युवा बिना सिफारिश, बिना खर्चे के सरकारी नौकरियों में चयनित हो रहे हैं।
श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि मुख्यमंत्री की नीतियों का ही परिणाम है कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से हज़ारों युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। सरकार बिना खर्ची, बिना पर्ची के सिद्धांत पर काम कर रही है और युवाओं को उनकी मेहनत का फल दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में हो रहे विकास कार्य गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से पूरे किए जा रहे हैं। सड़कों, भवनों और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं में सुधार के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के माध्यम से जलापूर्ति और सीवरेज प्रणाली को आधुनिक बनाया जा रहा है।
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29/06/25"एक पेड़ माँ के नाम, एक पौधा वीर जवान के नाम" पर्यावरण संरक्षण और देशभक्ति का अनूठा संगम — राव नरबीर सिंह
चंडीगढ़, 29 जून (अभी) – हरियाणा के सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने आज कहा कि देश की सेनाओं में हर दसवां सैनिक हरियाणा से है, यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना की बहादुरी और संकल्प का प्रतीक है, जिसकी सफलता ने समूचे देश को गौरवान्वित किया है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 123वें संस्करण में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का उल्लेख करते हुए, जवानों की स्मृति में पौधारोपण कर राष्ट्र को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति सजग रहने का संदेश दिया है।
वन महोत्सव के दौरान अधिक से अधिक पौधे लगाएं – राव नरबीर
राव नरबीर सिंह ने हरियाणावासियों से अपील की कि वे आगामी वन महोत्सव के अवसर पर प्रदेश के वीर जवानों की स्मृति में अधिक से अधिक पौधारोपण करें। उन्होंने स्वयं चरखी दादरी से "एक पेड़ माँ के नाम—2" अभियान की शुरुआत कर लोगों को इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया है।
"पर्यावरण संरक्षण अब समय की मांग है"
मंत्री राव नरबीर ने कहा कि उनके पास सैनिक कल्याण के साथ—साथ वन और पर्यावरण विभाग की जिम्मेदारी भी है। इस नाते प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए प्राकृतिक संतुलन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना उनका कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण पर्यावरण असंतुलन एक वैश्विक चिंता बन चुका है और हमें प्रकृति के साथ अपने रिश्तों को फिर से मजबूत करना होगा। इसी दिशा में "एक पेड़ माँ के नाम—2.0" अभियान के तहत तालाबों, नदियों के किनारे और सार्वजनिक स्थलों पर नीम, पीपल और बड़ जैसे वृक्षों की त्रिवेणी लगाने की योजना बनाई गई है।
हर जिले में 2 लाख पौधे, 5 साल तक संरक्षण का लक्ष्य
वन मंत्री ने बताया कि हर जिले में प्रतिवर्ष 2 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है और ये सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी पौधों का कम से कम 5 वर्षों तक संरक्षण किया जाए, ताकि वे जड़ पकड़ सकें और टिकाऊ वन संपदा का निर्माण हो।
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29/06/25हरियाणा के ऊर्जा व परिवहन मंत्री अनिल विज से कृषि व पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने मुलाकात कर उनका हालचाल जाना
अम्बाला, 29 जून –
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज से आज उनके आवास पर हरियाणा के कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने मुलाकात करते हुए उनका हालचाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
इस दौरान दोनों के बीच विभिन्न विषयों पर बातचीत भी हुई।
कृषि व पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने मंत्री अनिल विज के पांव में फ्रैक्चर की जानकारी की जानकारी ली और कामना की कि वह जल्द स्वस्थ होकर जनकल्याण कार्यों में लगे। उन्होंने मंत्री अनिल विज की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि वो जनसेवा में निरंतर जुटे रहते हैं, उनकी कार्यशैली की बदौलत जनता में उनके प्रति अपार प्रेम है। इस दौरान मंत्री अनिल विज ने उनके आवास पर पहुंचे कृषि मंत्री का अभिवादन किया।
गौरतलब है कि ऊर्जा व परिवहन मंत्री अनिल विज के पांव के अंगूठे में फ्रैक्चर के कारण चिकित्सकों ने उन्हें अभी कुछ और दिन आराम करने की सलाह दी है।
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29/06/25डॉ. मनसुख मंडाविया ने पालिताना में फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का नेतृत्व किया; 'स्वच्छता सेनानियों' के साथ देश भर में 6,000 स्थलों पर हुआ कार्यक्रम का आयोजन
आरएस अनेजा, 29 जून नई दिल्ली
युवा मामलों एवं खेल तथा श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज सुबह गुजरात के पालिताना में एक विविध समूह, विशेष रूप से 'स्वच्छता सेनानियों', जो हमारे अग्रिम पंक्ति के स्वच्छता योद्धा हैं के साथ फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल के एक विशेष संस्करण का नेतृत्व किया।
यह साइकिलिंग अभियान देश भर में एक साथ 6,000 स्थानों पर आयोजित किए गए, जिसमें आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के विभिन्न कर्मचारी और संबंधित कार्यकर्ता, स्वच्छता कर्मचारी, नगर पालिका निगम के कर्मचारी, साथ ही राज्य और जिला नगर निगमों ने केंद्रीय भूमिका निभाई।
यह दिसंबर 2024 में देशव्यापी शुरू हुए साइकिलिंग अभियान का 29वां संस्करण था। फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल कार्यक्रम का उल्लेख प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में भी विशेष रूप से किया है, जो भारत के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रमुख अभियानों में से एक के रूप में इसकी स्थिति को मजबूत करता है।
पालिताना में, भावनगर जिले के विभिन्न साइकिलिंग क्लबों ने इसमें भाग लिया। अपने गृहनगर पालिताना में, डॉ. मंडाविया ने दोहराया कि यह अभियान अब एक आंदोलन बन गया है। डॉ. मंडाविया ने कहा, "हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का 2019 में शुरू किया गया फिट इंडिया आंदोलन संडे ऑन साइकिल के माध्यम से सर्वोत्तम संभव तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। यह अब सिर्फ एक अभियान नहीं है बल्कि एक आंदोलन है।"
उन्होंने कहा, "स्वच्छता सेनानियों के नेतृत्व में, हम एक मजबूत संकेत भेज रहे हैं कि फिटनेस और स्वच्छता साथ-साथ चलते हैं। हर किसी को, बड़ा हो या छोटा, विकसित भारत के लिए अपना योगदान देना चाहिए और हमें इस आधुनिक पीढ़ी में साइकिलिंग को एक प्रवृत्ति बनाना है।"
शहरी स्थानों से लेकर छोटे कस्बों तक नागरिक एक स्वस्थ जीवन शैली के प्रति अपनी एकजुटता और प्रतिबद्धता दिखाने के लिए सुबह-सुबह सड़कों पर नजर आए। स्वच्छता सेनानियों के अलावा, विधान सभा सदस्य (एमएलए), स्थानीय पुलिस और एनएसएस व एनवाईकेएस के माईभारत स्वयंसेवकों ने भी इसमें भाग लिया।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में, प्रतिष्ठित कनॉट प्लेस पर लगभग 1,000 साइकिल चालकों की भीड़ इस कार्यक्रम के लिए एकत्रित हुई, जिसकी सह-मेजबानी राहगीरी फाउंडेशन और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने की थी। मुख्य अतिथि पद्म श्री पुरस्कार विजेता और पूर्व राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक विजेता बबीता फोगाट ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल शारीरिक फिटनेस से कहीं बढ़कर एक आंदोलन बन रहा है।
फोगाट ने कहा, "जब हमारे प्रधानमंत्री ने यह अभियान शुरू किया, तो हम इसका हिस्सा बनकर रोमांचित थे। ऐसे आयोजन हमें मानसिक संतुष्टि देते हैं और हमारे युवाओं को सक्रिय जीवन शैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। आज सुबह, सीपी में मौजूद हर कोई सिर्फ फिट इंडिया और संडे ऑन साइकिल के बारे में बात कर रहा था। उत्साह भरा हुआ था, और मुझे यकीन है कि कई लोग जिन्होंने वर्षों में पहली बार साइकिल चलाई, वे ऐसा करना जारी रखेंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।"
साइकिलिंग के अलावा, इस आयोजन में कई अन्य गतिविधियाँ भी प्रमख आकर्षण रहीं। इनमें जुम्बा, रस्सी कूद, लोक नृत्य, नुक्कड़ नाटक, योगा सत्र और ओपन माइक जैसे कार्यक्रम शामिल थे। रस्सी कूद एक्टीविटी का आयोजन डॉ. शिखा गुप्ता के नेतृत्व में एक टीम ने किया था।
केंद्रीय युवा मामलों एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया द्वारा दिसंबर 2024 में शुरू किया गया 'फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल' आंदोलन, युवा मामलों एवं खेल मंत्रालय (एमवाईएएस) द्वारा साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (सीएफआई), माई भारत और योगासन भारत के सहयोग से अब तक देश भर में 11,000 से अधिक स्थानों पर आयोजित किया जा चुका है, जिसमें 4 लाख से अधिक व्यक्तियों ने भाग लिया है। इस अभियान का हिस्सा 2,000 से अधिक साइकिलिंग क्लब हैं और हर रविवार को सक्रिय रूप से इसमें भाग लेते हैं।
इन साइकिलिंग ड्राइव का संचालन कई खेलो इंडिया सेंटर्स (केआईसी), खेलो इंडिया स्टेट सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (केआईएससीई), साई ट्रेनिंग सेंटर्स (एसटीसी), खेलो इंडिया एक्रेडिटेड अकादमियां (केआईएए), क्षेत्रीय केंद्र (आरसी) साथ ही देश भर के विभिन्न राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) द्वारा किया जाता है।
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29/06/25प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित किया
आरएस अनेजा, 29 जून नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम के 123वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस बार के एपिसोड में पीएम मोदी ने योग दिवस की वैश्विक सफलता, इमरजेंसी के काले दौर, देश की स्वास्थ्य उपलब्धियों, पर्यावरण की रक्षा में जुटे नागरिकों, और खेल, संस्कृति व जनकल्याण योजनाओं पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत 21 जून को मनाए गए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से की और इसे योग की स्वीकार्यता और उपयोगिता का प्रमाण बताया। उन्होंने बताया कि इस बार विशाखापत्तनम में 3 लाख लोगों ने एक साथ योग, जम्मू में दुनिया के सबसे ऊंचे ब्रिज पर योग हुआ और वड़नगर में 2100 लोगों ने एक साथ भुजंगासन कर रिकॉर्ड बनाया।
पीएम मोदी ने 1975 में लगी आपातकाल की 50वीं बरसी का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारत के लोकतंत्र पर किया गया सबसे बड़ा हमला था। उन्होंने कहा, ‘लाखों लोगों को बिना वजह जेल में डाला गया, पत्रकारों की आवाज दबाई गई और नागरिकों पर अत्याचार किए गए।’ लेकिन अंत में ‘जनता की ही जीत हुई और तानाशाही की हार।’
पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘मेरे प्यारे देशवासियों जब कोई तीर्थयात्रा पर निकलता है तो एक ही भाव सबसे पहले मन में आता है, ‘चलो, बुलावा आया है’। उन्होंने कहा- कैलाश मानसरोवर यात्रा वर्षों बाद दोबारा शुरू हुई है और यह ‘सिर्फ धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि सेवा और श्रद्धा का महाअनुष्ठान है।’
पीएम मोदी ने गर्व से बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत को ‘ट्रेकोमा मुक्त देश’ घोषित किया है। उन्होंने इसे स्वास्थ्यकर्मियों और जनस्वास्थ्य नीतियों की बड़ी सफलता बताया।
इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन (ILO) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश की 95 करोड़ आबादी किसी न किसी सरकारी योजना से लाभान्वित हो रही है। उन्होंने कहा कि “यह आंकड़ा भारत की जनकल्याण नीतियों और जनभागीदारी के मजबूत तंत्र का प्रमाण है।”
पीएम मोदी ने मेघालय के पारंपरिक एरी सिल्क को मिले GI टैग का उल्लेख करते हुए इसकी पारंपरिक और पर्यावरण-संवेदनशील प्रक्रिया को सराहा। उन्होंने बताया कि इस रेशम के कीड़ों को मारे बिना रेशम तैयार किया जाता है, जिससे यह पूरी तरह क्रूरता-मुक्त उत्पाद है।
पीएम मोदी ने बोडोलैंड की सकारात्मक तस्वीर पेश करते हुए बताया कि अब यह क्षेत्र खेलों का केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘बोडोलैंड टेरिटोरियल एरिया में 3 हजार से ज्यादा टीमें और 70 हजार से ज्यादा खिलाड़ी फुटबॉल में सक्रिय हैं।’
पुणे के रमेश खरमाडे जैसे लोगों की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे लोग ‘अपने दम पर जंगलों को पुनर्जीवित करने का कार्य कर रहे हैं।’ उन्होंने बताया कि रमेश जी पहाड़ियों में झाड़ियां साफ कर ट्रेंच बनाते हैं, जिससे पानी संचित होता है और वन्यजीवन को नया जीवन मिल रहा है।
ये धार्मिक यात्राएं सेवा के अवसरों का एक महाअनुष्ठान भी होती है। जब कोई भी यात्रा होती है तो जितने लोग यात्रा पर जाते हैं उससे ज्यादा लोग तीर्थयात्रियों की सेवा के काम में जुटते हैं। अभी कुछ दिन पहले हमने भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा भी देखी है। मैं यात्राओं पर जा रहे सभी सौभाग्यशाली श्रद्धालुओं को अपनी शुभकामनाएं देता हूं।
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29/06/25पुरी में गुंडिचा मंदिर के पास मची भगदड़ मामले में दो पुलिस अधिकारी निलंबित, डीसी व एसपी का तबादला
आरएस अनेजा, 29 जून नई दिल्ली
पुरी में रथयात्रा के दौरान रविवार तड़के श्री गुंडिचा मंदिर के निकट मची भगदड़ मामले में ओडिशा सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने प्रशासनिक लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए दो वरिष्ठ अधिकारियों डीसीपी बिष्णु पति और कमांडेंट अजय पाढ़ी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही, पुरी के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का भी तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है।
राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, चंचल राणा को नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि पिनाक मिश्रा को पुरी के नए पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि इस हृदयविदारक घटना पर मुख्यमंत्री अत्यंत दुखी और व्यथित हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हुए प्रत्येक परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही, मुख्यमंत्री ने संपूर्ण मामले की प्रशासनिक जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी निगरानी राज्य के विकास आयुक्त करेंगे।
गौरतलब है कि रविवार तड़के पुरी में रथयात्रा के दौरान जब सैकड़ों श्रद्धालु श्रीगुंडिचा मंदिर के सामने तीनों रथों के दर्शन को जुटे, तब भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि कई घायल हैं। प्रशासन राहत और जांच में जुटी है।
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29/06/25रथयात्रा के दौरान पुरी में गुंडिचा मंदिर के पास मची भगदड़, 3 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल
आरएस अनेजा, 29 जून नई दिल्ली
पुरी में रथयात्रा के दौरान रविवार तड़के जब सैकड़ों श्रद्धालु श्रीगुंडिचा मंदिर के सामने तीनों रथों के दर्शन को जुटे, तब भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि कई घायल हैं। प्रशासन राहत और जांच में जुटी है।
रविवार प्रात: करीब 4 बजे श्रीगुंडिचा मंदिर के पास सैकड़ों भक्त भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथों के दर्शन के लिए जमा हुए थे। इसी दौरान अफरातफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई। इसमें तीन लोगों बसंती साहू, प्रेमकांत मोहंती और पार्वती दास की मौत हो गई। भगदड़ में कई लोग घायल भी हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जिला कलेक्टर सिद्धार्थ एस स्वैन ने बताया कि छह लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन की टीम राहत कार्य में जुटी हुई है। शनिवार को रथयात्रा के पहले दिन ही 600 से अधिक लोग बीमार हो गए थे। धक्का-मुक्की और उमस भरे मौसम के कारण कई श्रद्धालु बेहोश हो गए। सुरक्षा के लिए यहां हजारों जवान तैनात हैं।
क्या होती है गुंडिचा यात्रा
पुरी की यह सालाना यात्रा भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथों को मुख्य मंदिर से 2.6 किमी दूर स्थित गुंडिचा मंदिर तक ले जाया जाता है, जिसे देवताओं की मौसी का घर माना जाता है। तीनों देवता नौ दिन तक गुंडिचा मंदिर में ठहरेंगे। इसके बाद पांच जुलाई को बहुदा यात्रा (वापसी यात्रा) शुरू होगी। शनिवार को भारी बारिश के कारण रथयात्रा बीच में रोक दी गई थी, जिसे रविवार सुबह दोबारा शुरू किया गया।
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29/06/25सरकार के सक्रिय, समावेशी दृष्टिकोण के कारण शून्य खुराक वाले बच्चों के प्रतिशत में आई कमी: स्वास्थ्य मंत्रालय
आरएस अनेजा, 29 जून नई दिल्ली
टीकाकरण वर्तमान में सबसे शक्तिशाली और लागत प्रभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य गतिविधियों में से एक है। टीकाकरण के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता, इसके सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) में दिखती है, जिसमें सालाना 2.9 करोड़ गर्भवती महिलाओं और 2.6 करोड़ शिशुओं (0-1 वर्ष) को निशुल्क टीकाकरण सेवाएँ दी जाती हैं। हमारे स्वास्थ्य सेवा कर्मी आशा और एएनएम देश भर में 1.3 करोड़ से अधिक टीकाकरण सत्र आयोजित करते हैं। देश भर में टीकाकरण अभियान के निरंतर प्रयासों और गहन कार्यान्वयन के नतीजतन, कुल जनसंख्या में शून्य खुराक वाले बच्चों का प्रतिशत 2023 में 0.11% से घटकर 2024 में 0.06% हो गया है। स्वास्थ्य कल्याण की दिशा में ये प्रयास प्रगतिशील बने हुए हैं, और देश में शून्य खुराक वाले बच्चों की संख्या को और कम करने के लिए चालू वर्ष में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र अंतर-एजेंसी बाल मृत्यु दर आकलन समूह (यूएन आईजीएमई) की 2024 की रिपोर्ट में दर्शाई गई इन उपलब्धियों ने भारत को बाल स्वास्थ्य के मामले में वैश्विक आदर्श के रूप में स्थापित किया है। भारत को उसके प्रतिबद्ध प्रयासों के लिए 6 मार्च 2024 को वाशिंगटन डीसी, यूएसए में अमेरिकन रेड क्रॉस मुख्यालय में मीजल्स एंड रूबेला पार्टनरशिप (अमेरिकन रेड क्रॉस, बीएमजीएफ, जीएवीआई, यूएस सीडीसी, यूएनएफ, यूनिसेफ और डब्ल्यूएचओ) द्वारा प्रतिष्ठित मीजल्स एंड रूबेला चैंपियन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
डायरिया, निमोनिया, मेनिन्जाइटिस और एन्सेफलाइटिस के कारण बच्चों में मृत्यु दर और रोगों की संख्या को कम करने में जीवन रक्षक टीकों की बढ़ी हुई संख्या का असर भी साफ देखा जा सकता है।
नवीनतम एसआरएस (2020-22) के अनुसार, भारत की मातृ मृत्यु अनुपात (एमएमआर) 2014-16 में 130/लाख जीवित जन्म से घटकर 2020-22 में 88/लाख जीवित जन्म हो गई है। संयुक्त राष्ट्र मातृ मृत्यु अनुमान अंतर-एजेंसी समूह (यूएन-एमएमईआईजी 2000-2023) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में मातृ मृत्यु दर प्रति लाख जीवित जन्मों पर 80 है, जो 1990 के बाद से 48% की वैश्विक कमी के मुकाबले 86% की गिरावट को दर्शाता है।
बाल मृत्यु दर अनुमान के लिए संयुक्त राष्ट्र अंतर-एजेंसी समूह (यूएनआईजीएमई 2024 रिपोर्ट) के अनुसार, भारत ने पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर (यू5एमआर) में 78% की गिरावट हासिल की है, जो वैश्विक कमी 61% को पार कर गई है और नवजात मृत्यु दर (एनएमआर) में 70% की गिरावट आई है, जबकि 1990-2023 के दौरान वैश्विक स्तर पर यह 54% थी।
टीकाकरण कवरेज बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने के अलावा, भारत के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा अनुशंसित टीकों की एक व्यापक श्रृंखला शामिल है। वर्ष 2013 तक, कार्यक्रम में केवल 6 टीके ही उपलब्ध थे। वर्ष 2014 से, छह नए टीके (निष्क्रिय पोलियो-वायरस वैक्सीन, रोटावायरस वैक्सीन (आरवीवी), न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (पीसीवी), खसरा-रूबेला वैक्सीन, वयस्क जापानी इंसेफेलाइटिस वैक्सीन और टेटनस-डिप्थीरिया वैक्सीन) कार्यक्रम में शामिल किए गए हैं। वर्तमान में, भारत के यूआईपी में 12 वैक्सीन-रोकथाम योग्य बीमारियाँ शामिल हैं और इसमें महत्वपूर्ण विस्तार हुआ है।
टीकाकरण कवरेज में सुधार पर लगातार ध्यान देते हुए, भारत ने वंचित आबादी तक पहुँचने के लिए एक सक्रिय और समावेशी नज़रिया अपनाया है। भारत सरकार ने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के परामर्श से, खास तौर पर शहरी झुग्गियों, अर्ध-शहरी क्षेत्रों, प्रवासी आबादी, दुर्गम क्षेत्रों और टीकाकरण को लेकर हिचकिचाहट रखने वाले प्रभावित समुदायों में शून्य खुराक वाले बच्चों के बीच चुनौतियों का समाधान करने के लिए लक्षित अभियान शुरू किए हैं। ये प्रयास खसरा और रूबेला को खत्म करने के राष्ट्रीय लक्ष्य के साथ भी जुड़े हुए हैं।
अपनी पहुँच को बढ़ाने के लिए, हम प्रौद्योगिकी और सामुदायिक सहभागिता का भी लाभ उठा रहे हैं। यू-विन प्लेटफ़ॉर्म, टीकाकरण की स्थिति को डिजिटल रूप से ट्रैक करता है, ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित ना रहे। जन जागरूकता अभियान को जनसंचार माध्यमों, सामुदायिक रेडियो, सोशल मीडिया और यहाँ तक कि नुक्कड़ नाटकों के ज़रिए परिवारों को शिक्षित करने के लिए तेज़ किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवा कर्मी, आशा और एएनएम घर-घर जाकर न केवल टीकाकरण करेंगे, बल्कि लाभार्थियों को टीकाकरण के लाभों के बारे में जागरूक भी करेंगे।
शून्य खुराक कार्यान्वयन योजना 2024: 11 राज्यों के 143 जिलों में शुरू की गई, जहाँ टीकाकरण से वंचित बच्चों की संख्या बहुत ज़्यादा है।
मिशन इंद्रधनुष (2014 से): राज्य सरकारों के सहयोग से 2017 में इसे और तेज़ किया गया। इसके तहत 5.46 करोड़ बच्चों और 1.32 करोड़ गर्भवती महिलाओं को टीका लगाया गया है, जो पहले टीकाकरण से वंचित थे।
पल्स पोलियो अभियान: राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस (एनआईडी) और उप-राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस (एसएनआईडी) के ज़रिए, भारत ने 2014 से पोलियो मुक्त स्थिति बनाए रखी है।
ग्राम स्वास्थ्य और पोषण दिवस (वीएचएनडी): समुदाय स्तर पर टीकाकरण और आउटरीच गतिविधियों के लिए नियमित रूप से आयोजित किया जाता है।
बहु-स्तरीय टास्क फोर्स: राज्य (एसटीएफआई), जिला (डीटीएफआई), और ब्लॉक (बीटीएफआई) स्तर की टास्क फोर्स समन्वित और प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करती हैं।
नियमित आईईसी (सूचना, शिक्षा, संचार) अभियान: जागरूकता बढ़ाने और टीकाकरण कराने में हिचकिचाहट से जुड़े मुद्दों से निपटने में मदद करते हैं।
भारत में वार्षिक जन्म समूह (2.6 करोड़), न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, फिनलैंड और स्विट्जरलैंड सहित कई देशों की कुल आबादी से अधिक है। दुनिया भर के देशों के अलग-अलग आकार को देखते हुए, प्रतिशत तुलना से पता चलता है कि यह कई उच्च आय वाले देशों में टीकाकरण, कवरेज स्तरों के बराबर है, जैसे कि न्यूजीलैंड (डीटीपी-1 93%), जर्मनी और फिनलैंड (डीपीटी-3 91%), स्वीडन (एमसीवी-1 93%), लक्जमबर्ग (एमसीवी-2 90%), आयरलैंड (पीसीवी-3 83%), यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैंड (रोटा सी 90%)। (डब्ल्यूयूएनईआईसी रिपोर्ट 2023)
अनुलग्नक 1 दर्शाता है कि भारत का एंटीजन-वार टीकाकरण कवरेज सभी एंटीजन में वैश्विक औसत से आगे निकल चुका है। खास तौर पर डीटीपी1 और डीटीपी3 के लिए राष्ट्रीय कवरेज, शून्य-खुराक वाले बच्चों की सबसे बड़ी संख्या वाले अन्य देशों की तुलना में सबसे अधिक है। (अनुलग्नक 2)। डब्ल्यूयूईएनआईसी 2023 के अनुसार, उच्च जनसंख्या आकार और सामाजिक-भौगोलिक विविधता वाले भारत में, राष्ट्रीय डीटीपी-1 (पेंटा-1) का कवरेज 93% है, यानी 2.65 करोड़ शिशुओं में से 2.47 करोड़ को टीका लगाया गया है, जबकि इसी अवधि के दौरान यह नाइजीरिया के 70% से काफी अधिक है। डीटीपी-1 से डीटीपी-3 तक ड्रॉपआउट प्रतिशत में 2013 में 7% से 2023 में 2% तक की कमी आई है और खसरे का कवरेज 2013 में 83% से बढ़कर 2023 में 93% हो गया है।
अंतिम वूनीक रिपोर्ट के अनुसार, कुल जनसंख्या के प्रतिशत के रूप में, शून्य खुराक वाले बच्चों पर देशों के तुलनात्मक नतीजों के मुताबिक यमन (1.68%), सूडान (1.45%), अंगोला (1.1%), अफगानिस्तान (1.1%), नाइजीरिया (0.98%), डीआर कांगो (0.82%), इथियोपिया (0.72%), इंडोनेशिया (0.23%), पाकिस्तान (0.16%) में, भारत की तुलना में उनकी जनसंख्या के प्रतिशत के रूप में कहीं अधिक शून्य खुराक वाले बच्चे हैं (2023 के दौरान 0.11% )
ज्यादा शून्य खुराक बच्चों वाले किसी भी अन्य देश के साथ भारत की किसी भी तुलना करते वक्त, भारत की बड़ी आबादी के आकार और उच्च टीकाकरण कवरेज दर को भी ध्यान में रखना ज़रुरी है। लिहाज़ा अलग-अलग कारकों पर आधारित कोई भी व्याख्या या विश्लेषण, देश के टीकाकरण कार्यक्रम पर प्रगति को ठोस आधार नहीं देता है।
भारत सरकार ने हमेशा ही सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम को हमेशा प्राथमिकता दी है, ताकि हमारे देश के बच्चे घातक बीमारियों से सुरक्षित रहें। साल 2014 में पोलियो उन्मूलन और 2015 में मातृ एवं नवजात टेटनस का उन्मूलन तथा हाल ही में 2025 में खसरा रूबेला अभियान की शुरूआत, इस बात का प्रमाण है। लक्षित रणनीतियों और प्रतिबद्ध स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से, व्यापक टीकाकरण कवरेज सुनिश्चित करने के लिए हमेशा अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने की कोशिश जारी रहेगी।
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29/06/25अंडमान एवं निकोबार कमान के कमांडर-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल डीएस राणा ने गढ़वाल राइफल्स के कर्नल ऑफ द रेजिमेंट का पदभार संभाला
आरएस अनेजा, 29 जून नई दिल्ली
भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं और भावना को दर्शाते हुए एक समारोह में, अंडमान और निकोबार कमान के कमांडर-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल दिनेश सिंह राणा ने गढ़वाल राइफल्स के 23वें कर्नल ऑफ द रेजिमेंट के रूप में पदभार संभाला है। वह उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि का स्थान लेंगे।
उत्तराखंड के लैंसडाउन में गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर में पूरे सैन्य सम्मान के साथ बैटन को औपचारिक रूप से सौंपा गया। इस अवसर पर भारतीय सेना की सबसे प्रतिष्ठित पैदल सेना रेजिमेंटों में से एक की गौरवशाली वंशावली, वीरता और समय-सम्मानित विरासत का जश्न मनाया गया, जिसमें स्काउट बटालियन सहित 27 बटालियन शामिल थीं।
अपने कार्यकाल के दौरान, लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने अनुकरणीय नेतृत्व प्रदान किया और रेजिमेंटल मेल-भाव को मजबूत किया, तथा गढ़वाल राइफल्स को परिभाषित करने वाले व्यावसायिकता और सौहार्द के उच्चतम मानकों को कायम रखा।
लेफ्टिनेंट जनरल डीएस राणा एक कुशल नेतृत्वकर्ता और सम्मानित अधिकारी हैं, जो अपने साथ परिचालन अनुभव और रणनीतिक कौशल की दक्षता लेकर आए हैं। 23वीं रेजिमेंट के कर्नल का पदभार ग्रहण करते हुए उन्होंने वीर गढ़वाली योद्धाओं के चरित्र, अनुशासन और सैन्य विरासत को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो हमेशा राष्ट्र की सेवा में अडिग रहे हैं।
कार्यवाही के एक भाग के रूप में, लेफ्टिनेंट जनरल डीएस राणा ने गार्ड ऑफ ऑनर प्राप्त किया और रेजिमेंट के बहादुरों के सर्वोच्च बलिदान का सम्मान करते हुए युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
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29/06/25पूर्वोत्तर टिकाऊ खनन के लिए राष्ट्रीय मॉडल बन सकता है: केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी
आरएस अनेजा, 29 जून नई दिल्ली
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने गुवाहाटी में आयोजित पूर्वोत्तर खनन मंत्रियों के दूसरे सम्मेलन में खनिज और कोयला समृद्ध पूर्वोत्तर राज्यों को भारत सरकार के पूर्ण सहयोग की पुष्टि की है।
केंद्रीय मंत्री ने कार्यक्रम के दूसरे दिन उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए खनन क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने, परियोजना अनुमोदन में तेजी लाने और क्षेत्र में टिकाऊ खनन कार्य प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर का विकास विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण का केन्द्र बिन्दु है, जहां पूर्वोत्तर के आठ राज्यों - असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा तथा सिक्किम - को अष्टलक्ष्मी के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने इस तथ्य का उल्लेख किया कि रोजगार सृजन, निवेश आकर्षित करने तथा खनिज और कोयला क्षेत्र के विकास के माध्यम से समावेशी आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने के लिए केंद्र व राज्य सरकार के बीच समन्वय बढ़ाना महत्वपूर्ण है।
सम्मेलन के दौरान, सभी आठ पूर्वोत्तर राज्यों के प्रतिनिधियों ने खनन और कोयला क्षेत्रों को आगे बढ़ाने के लिए अपने रोडमैप प्रस्तुत किए। मेघालय, असम, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के मंत्रियों ने नागालैंड के मुख्यमंत्री के सलाहकार के साथ मिलकर राज्य-विशिष्ट रणनीतियों, उपलब्धियों तथा भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने ब्लॉक नीलामी, महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, कोयला खदानों के पुनरुद्धार, लघु खनिजों के विकास और टिकाऊ खनन मॉडल को अपनाने में हुई प्रगति पर चर्चा की।
चर्चाओं में पर्यावरण सुरक्षा उपायों को आर्थिक विकास के साथ संतुलित करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाया गया। राज्यों ने क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने और अपनी पूरी संसाधन क्षमता का उपयोग करने के लिए अधिक केंद्रीय सहायता की भी मांग की है।
खनन मंत्रालय में अपर सचिव संजय लोहिया ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए देश भर में अन्वेषण प्रयासों को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई), खनिज अन्वेषण निगम लिमिटेड (एमईसीएल) और राज्य सरकारों से निकट समन्वय के साथ काम करने तथा विशेष रूप से महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के लिए आधुनिक, लक्षित व समयबद्ध अन्वेषण पद्धतियों को अपनाने का आग्रह किया।
संजय लोहिया ने कहा कि भारत सरकार ने अन्वेषण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अभूतपूर्व नीति तथा बजटीय सहायता प्रदान की है और अब समय आ गया है कि इस गति को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित किया जाए।
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सम्मेलन के अवसर पर गुवाहाटी में भारतीय खान ब्यूरो (आईबीएम) के नए क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया। उद्घाटन असम के खान मंत्री कौशिक राय की उपस्थिति में हुआ; इसके अतिरिक्त, वी.एल. कांता राव, सचिव (खान मंत्रालय), संजय लोहिया, अतिरिक्त सचिव (खान मंत्रालय) तथा आईबीएम के महानियंत्रक पीयूष शर्मा और केंद्र तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। नए आईबीएम कार्यालय से पूर्वोत्तर में खनन क्षेत्र के लिए नियामक निगरानी, तकनीकी सहायता और सुविधा सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।
दो दिवसीय सम्मेलन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के तहत सतत विकास, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक परिवर्तन के राष्ट्रीय एजेंडे के साथ क्षेत्रीय खनन रणनीतियों को संरेखित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य किया।
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29/06/25लोक सभा अध्यक्ष धर्मशाला में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के वार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे
आरएस अनेजा, 29 जून नई दिल्ली
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सोमवार 30 जून 2025 को धर्मशाला के तपोवन में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) भारत क्षेत्र के जोन II के वार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस क्षेत्र में दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर तथा पंजाब राज्य शामिल हैं।
सम्मेलन का विषय है: “डिजिटल युग में सुशासन: संसाधनों का प्रबंधन, लोकतंत्र की रक्षा और नवाचार को अपनाना”
इस दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान महत्वपूर्ण विधायी और संवैधानिक विषयों पर पूर्ण सत्रों और चर्चाओं के दौरान, प्रतिनिधि निम्नलिखित विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे:
1. राज्य के विकास के साथ-साथ राज्य संसाधनों के प्रबंधन में विधानमंडलों की भूमिका।
2. अनुच्छेद 102 (2) और 191 (2) के अनुसार 10वीं अनुसूची के अंतर्गत दल परिवर्तन के आधार पर निरर्हता के प्रावधान।
3. विधानमंडलों में एआई (आर्टिफिशल इंटेलिजेंस) का उपयोग।
हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल, श्री शिव प्रताप शुक्ला 1 जुलाई को समापन सत्र में उपस्थित रहेंगे और समापन भाषण देंगे।
इस कार्यक्रम को आध्यात्मिक स्वरूप देते हुए परम पूज्य दलाई लामा के साथ विशेष संवाद का आयोजन किया जा रहा है जिससे सम्मेलन की कार्यवाही में शांति और आत्म-मंथन का समावेश होगा।
इस सम्मेलन का उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना तथा वर्तमान समय में शासन और विधायी कामकाज में नवाचार को बढ़ावा देने पर चर्चा करना है।
सीपीए एक वैश्विक संगठन है जो संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए सांसदों को एक साथ लाता है। सीपीए के वैश्विक स्तर पर नौ क्षेत्र हैं, जो हैं: अफ्रीका; एशिया; ऑस्ट्रेलिया; ब्रिटिश द्वीप और भूमध्यसागरीय (बीआईएम); कनाडा; कैरिबियन, अमेरिका और अटलांटिक (सीएए); भारत; प्रशांत; और दक्षिण-पूर्व एशिया। सीपीए भारत क्षेत्र के भीतर, नौ क्षेत्र हैं, जिनमें से प्रत्येक एक विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र को कवर करता है। जोन II इनमें से एक है, जो उपर्युक्त राज्यों पर ध्यान केंद्रित करता है।
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पिछले 100 साल से देश में चरित्र निर्माण का कार्य कर रहा है
अनिल विज अंबाला छावनी 29 जून 2025
आज देश में भ्रष्टाचार और बेइमानी का बोलबाला है। इनसे लड़ने के लिए देश में कोई संगठन नजर नहीं आता है परन्तु राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पिछले 100 साल से देश में चरित्र निर्माण का कार्य कर रहा है ।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। इस प्रकार, 2025 में RSS अपने 100 साल पूरे कर रहा है।
RSS की स्थापना का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति और नागरिक समाज के मूल्यों को बनाए रखना और हिंदू समुदाय को "मजबूत" करने के लिए हिंदुत्व की विचारधारा का प्रचार करना रहा है। यह संगठन व्यक्ति निर्माण और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, और चरित्र निर्माण को अपने कार्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है।
संघ अपनी शाखाओं और राष्ट्रव्यापी गतिविधियों के माध्यम से एक सामंजस्यपूर्ण समाज और राष्ट्र के लिए सभी को एक साथ लाने का प्रयास करता है। यह शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आपदा राहत सहित विभिन्न सामाजिक सेवा गतिविधियों में संलग्न है, जो अपने सदस्यों के बीच "सेवा भाव" के विचार को बढ़ावा देता है। संघ का उद्देश्य समाज में राष्ट्रभक्ति और चरित्र निर्माण को बढ़ावा देना भी रहा है।
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29/06/25 |आज का राशिफल 29 जून 2025
मेष राशि (Aries)
आज आपको आर्थिक लाभ मिल सकता है और आपका रोमांटिक दिन बीतेगा।
वृषभ राशि (Taurus)
अप्रत्याशित डील या लाभ का योग बन सकता है। भूमि, भवन और वाहन की खरीदारी में कुछ परेशानी आ सकती है। हृदय या सीने से संबंधित समस्या हो सकती है। प्रेम और संतान की स्थिति ठीक-ठाक है, व्यापार भी लगभग ठीक रहेगा। हरी वस्तु पास रखें।
मिथुन राशि (Gemini)
दिन उन्नति और सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। आप किसी रचनात्मक कार्य को कर सकते हैं और आपको किसी नए काम को करने का भी मौका मिलेगा। आप नवीन प्रोजेक्ट में हाथ आजमा सकते हैं, जिसमें आपकी प्रतिभा निखरकर सामने आएगी। कार्यक्षेत्र में आपके आचरण और समझदारी की सराहना होगी। नए बिजनेस की शुरुआत के लिए दिन अनुकूल है। आर्थिक दृष्टि से भी दिन लाभकारी रहेगा, लेकिन कुछ पेंडिंग बिल चुकाने पड़ सकते हैं। वाणी पर नियंत्रण रखना फायदेमंद होगा। धनार्जन होगा, अपनों में वृद्धि होगी और उत्तम भोजन का प्रबंध रहेगा। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार बहुत अच्छा रहेगा।
कर्क राशि (Cancer)
आज आप सुख और आनंद पाएंगे। आप ओजस्वी-तेजस्वी बने रहेंगे और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम, संतान और व्यापार भी अच्छा रहेगा। लाल वस्तु पास रखें।
सिंह राशि (Leo)
करियर में उन्नति के अवसर मिलेंगे और भाई-बहनों का सहयोग रहेगा। मन परेशान रहेगा और सिरदर्द, नेत्रपीड़ा बन सकती है। स्वास्थ्य मध्यम है। प्रेम-संतान और व्यापार अच्छा है। पीली वस्तु पास रखें।
कन्या राशि (Virgo)
करियर में सतर्कता बरतनी होगी और शत्रु से बचकर रहें। मन की चिंता दूर होगी। वाणी का प्रयोग सोच समझकर करना होगा। भाग्य का साथ मिलेगा और धन प्राप्ति के नए रास्ते बनेंगे। आलस्य छोड़कर काम करना होगा। जो लोग बिजनेस करते हैं, उनके व्यापार में लाभ का योग बन रहा है। कम बोलें। शुभ रंग मरून। उपाय: शिव परिवार का पूजन करें।
तुला राशि (Libra)
आय में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। यात्रा अभी करने से बचें। आर्थिक स्थिति थोड़ी ऊपर-नीचे होगी। प्रेम और संतान मध्यम है। व्यापार लगभग ठीक रहेगा। खर्च की अधिकता रहेगी और पार्टनरशिप में प्रॉब्लम आ सकती है। प्रेम, संतान ठीक है, व्यापार मध्यम रहेगा। लाल वस्तु का दान करें।
धनु राशि (Sagittarius)
आप साहसी और दार्शनिक प्रवृत्ति के होते हैं। आप अपने आशावाद, घूमने की लालसा और स्वतंत्रता के प्रति प्रेम के लिए जाने जाते हैं। धनु राशि के लोग सत्य की खोज रखने वाले होते हैं।
वृश्चिक राशि (Scorpio)
आज का दिन आपके लिए सम्मान में वृद्धि लेकर आने वाला है। अपने आवश्यक कामों पर पूरा ध्यान देना होगा और परस्पर सहयोग की भावना मन में बनी रहेगी।
कुंभ राशि (Aquarius)
आज का दिन आपके लिए करियर में अच्छी सफलता लेकर आएगा। आपकी लोगों से सामंजस्यता बढ़ेगी और आपके प्रभाव व प्रताप में वृद्धि होगी।
यह सामान्य भविष्यवाणियां हैं। व्यक्तिगत राशिफल आपकी जन्मतिथि, समय और स्थान पर आधारित होता है। यदि आप अपनी राशि के बारे में अधिक जानना चाहते हैं तो कृपया पूछें।
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28/06/25Science and Spirituality, both are our Nation’s strength: PM
The Prime Minister, Shri Narendra Modi interacted with Group Captain Shubhanshu Shukla, the Indian Astronaut, who became the first Indian to go to the International Space Station, via videoconferencing today. The Prime Minister remarked that although Shubhanshu Shukla is presently the farthest from the Indian motherland, he remains closest to the hearts of all Indians. He noted that Shubhanshu’s name itself carries auspiciousness, and his journey marks the beginning of a new era. Shri Modi stated that while it was a conversation between two individuals, it embodied the emotions and enthusiasm of 140 crore Indians. He said that the voice speaking to Shubhanshu carried the collective zeal and pride of the entire nation and extended his heartfelt congratulations and best wishes to Shubhanshu for hoisting India’s flag in space. Shri Modi enquired about Shubhanshu’s well-being and whether all was fine aboard the space station.
Responding to the Prime Minister, astronaut Shubhanshu Shukla thanked for best wishes on behalf of 140 crore Indians and stated that he is in good health and deeply moved by the love and blessings he has received. He described his time in orbit as a profound and novel experience, one that reflects not just his personal journey but also the direction in which India is advancing. The astronaut noted that his 400-kilometre journey from Earth to orbit is symbolic of the aspirations of countless Indians. Recalling his childhood, he shared that he never imagined becoming an astronaut, but under the Prime Minister’s leadership, today’s India enables the realisation of such dreams. Shubhanshu called it a great achievement and said he felt immense pride in representing his country in space.
The Prime Minister remarked, with a touch of humour, that although Shubhanshu is in space where gravity is nearly absent, every Indian can see how grounded he remains. He asked whether the carrot halwa that Shubhanshu carried from India had been shared with his fellow astronauts. Shubhanshu Shukla shared that he brought along several traditional Indian delicacies to the space station, including carrot halwa, moong dal halwa, and aam ras. He expressed his intent to offer his international colleagues a taste of India’s rich culinary heritage. He informed the Prime Minister that they all sat together and enjoyed the dishes, which were very well received. He noted that his fellow astronauts appreciated the flavours so much that some even expressed a desire to visit India in the future to experience these dishes on Indian soil.
Stating that circumambulation, or parikrama, has been a revered Indian tradition for centuries, the Prime Minister said that Shubhanshu now had the rare honour of performing parikrama of Mother Earth herself. He inquired which part of the Earth Shubhanshu might be orbiting over at that moment. Responding to that, the astronaut said while he did not have the exact location at that instant, just a short while earlier, he had seen through the window that they were passing over Hawaii. He shared that they complete 16 orbits a day—witnessing 16 sunrises and 16 sunsets from space—an experience that continues to amaze him. He informed that although they are currently travelling at a speed of nearly 28,000 kilometres per hour, that velocity isn’t perceptible inside the spacecraft. However, he reflected that this great momentum symbolically mirrors the pace at which India is advancing today.
Shubhanshu Shukla, responding to the Prime Minister, shared that the first thought which struck him upon entering orbit and witnessing the vastness of space was the view of Earth itself. He said that from space, one cannot see borders—there are no visible boundaries between nations and what stood out most was the sheer unity of the planet. He noted that when we look at maps, we compare the sizes of countries, including India, and often see a distorted picture because we’re flattening a three-dimensional world onto paper. But from space, Shubhanshu said, India appears truly grand—majestic in scale and spirit. He further described the overwhelming sense of oneness he experienced—a powerful realisation that aligns perfectly with India’s civilisational motto of “unity in diversity.” He shared that from above, Earth looks like a single home shared by all, reminding humanity of the harmony and connection we inherently share.
Highlighting that Shubhanshu Shukla was the first Indian to be on board the International Space Station, the Prime Minister enquired him about the contrast between his rigorous preparation on Earth and the actual conditions aboard the space station. The Astronaut shared that despite knowing about zero gravity and the nature of experiments in advance, the reality in orbit was entirely different. He remarked that the human body becomes so accustomed to gravity that even the smallest tasks in microgravity become unexpectedly complex. He humorously noted that during the conversation, he had to strap his feet down—otherwise, he’d just float away. Simple acts like drinking water or sleeping become significant challenges in space, he added. Shubhanshu explained that one can sleep on the ceiling, on the walls, or wherever—since orientation becomes fluid. Adjusting to this altered environment takes a day or two, but he described the experience as a beautiful harmony of science and wonder.
On being asked whether meditation and mindfulness had benefited him, Shubhanshu Shukla wholeheartedly agreed with the Prime Minister’s reflection that ‘science and spirituality are twin pillars of India’s strength’. He affirmed that India is already progressing rapidly, and his mission represents only the first step in a much larger national journey. Looking ahead, he envisioned many more Indians reaching space, including establishing India’s own space stations. Shubhanshu emphasised the vital role of mindfulness in such an environment. Whether during rigorous training or the high-pressure moments of launch, mindfulness helps in maintaining inner calm and clarity. He shared that staying mentally centered is crucial for making sound decisions in space. Quoting a profound Indian adage, he said, one cannot eat while running—underscoring that the calmer one is, the better choices one makes. Shubhanshu added that when science and mindfulness are practiced together, they greatly aid adaptation to such challenging environments, physically and mentally.
The Prime Minister asked whether any of the space experiments being conducted would benefit the agriculture or health sector in the future. Shubhanshu Shukla shared that, for the first time, Indian scientists have designed seven unique experiments which he has taken to the space station. He informed that the first experiment, scheduled for that day, focuses on stem cells and explained that in the absence of gravity, the body experiences muscle loss, and the experiment seeks to test whether specific supplements can prevent or delay this loss. He highlighted that the outcome of this study could directly help elderly people on Earth who face age-related muscle degeneration. Shubhanshu further stated that another experiment focuses on the growth of microalgae. He remarked that though microalgae are small in size, they are highly nutritious. He noted that if methods can be developed to grow them in larger quantities based on the findings in space, it could significantly aid food security on Earth. He underlined that one major advantage of conducting experiments in space is the accelerated pace of biological processes, enabling researchers to obtain results much faster than on Earth.
The Prime Minister observed that following the success of Chandrayaan, a renewed interest in science and a growing passion for space exploration has emerged among India’s children and youth. He remarked that Shubhanshu Shukla’s historic journey is further strengthening that resolve. Shri Modi stated that today’s children no longer just look at the sky—they now believe they too can reach it. He emphasised that this mindset and aspiration form the true foundation of India’s future space missions. The Prime Minister asked Shubhanshu Shukla what message he would like to convey to the youth of India.
Shubhanshu Shukla, responding to the PM, addressed the youth of India and acknowledged the bold and ambitious direction in which the country is headed. He emphasised that achieving these dreams requires the participation and commitment of every young Indian. He remarked that there is no single path to success—each individual may walk a different road—but the common factor is perseverance. He urged the youth to never stop trying, stating that no matter where one is or which route one chooses, refusing to give up ensures that success will come—sooner or later.
The Prime Minister stated that he was confident Shubhanshu Shukla’s words would greatly inspire the youth of India. He remarked that, as always, he never ends a conversation without assigning some “homework.” He emphasised that India must move forward with Mission Gaganyaan, build its own space station, and achieve the landing of an Indian astronaut on the Moon. He asserted that Shubhanshu’s experiences in space would be immensely valuable for these future missions. Shri Modi expressed trust that Shubhanshu was diligently recording his observations and learnings during the mission.
Shubhanshu Shukla affirmed that throughout his training and current mission, he has absorbed every learning like a sponge. He stated that the lessons gained during this experience will prove to be highly valuable and important for India’s upcoming space missions. He expressed confidence that upon returning, he will apply these insights with full dedication to accelerate mission execution. He shared that his international colleagues on the mission had inquired about their chances of participating in Gaganyaan, which he found encouraging, to which he responded to them with optimism, saying, "Very soon." Shubhanshu reiterated that this dream would be realised in the near future, and he is fully committed to applying his learnings 100 percent towards achieving it swiftly.
Expressing confidence that Shubhanshu Shukla’s message would inspire the youth of India, Shri Modi fondly recalled meeting Shubhanshu and his family before the mission, and observed that they, too, were filled with emotion and enthusiasm. He conveyed his joy in speaking with Shubhanshu and acknowledged the demanding responsibilities he carries—especially while working at a speed of 28,000 kilometres per hour. The Prime Minister affirmed that this marked the first chapter in the success of India’s Gaganyaan mission. He remarked that Shubhanshu’s historic journey was not limited to space alone, but would accelerate and strengthen India’s progress toward becoming a developed nation. “India is opening new frontiers in space for the world and that the country will now not just soar, but also build launchpads for future flights”, stated Shri Modi. He invited Shubhanshu to speak freely from the heart—not as a response to a question, but as an expression of whatever sentiments he wished to share, adding that he—and the entire nation—were eager to listen.
Shubhanshu Shukla thanked the Prime Minister and reflected on the depth of learning throughout his training and journey to space. He acknowledged his personal sense of accomplishment, but emphasised that this mission represents a much larger collective achievement for the country. He addressed every child and youth watching, encouraging them to believe that building a better future for themselves contributes to building a better future for India. He remarked that “the sky has never been the limit”—not for him, not for them, and not for India. He urged young people to hold onto this belief, as it would guide them forward in illuminating their own and the nation’s future. Shubhanshu expressed heartfelt emotion and joy at having had the opportunity to speak with the Prime Minister—and through him, with 140 crore citizens. He shared a moving detail: the Indian national flag visible behind him had not been present at the International Space Station before. It was hoisted only after his arrival, making the moment profoundly meaningful. He said it gave him immense pride to see India now present aboard the International Space Station.
Shri Modi extended his heartfelt wishes to Shubhanshu Shukla and all his fellow astronauts for the success of their mission. He conveyed that the entire nation awaits Shubhanshu’s return and urged him to take care of himself. He encouraged Shubhanshu to continue upholding the honour of Maa Bharati and offered countless good wishes on behalf of 140 crore citizens. The Prime Minister concluded by expressing deep gratitude for the immense effort and dedication that brought Shubhanshu to such heights.
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28/06/25PM interacts with Group Captain Shubhanshu Shukla, who is aboard ISS
The Prime Minister Shri Narendra Modi today interacted with Group Captain Shubhanshu Shukla, who is aboard the International Space Station.
The PMO India in a post on X said:
“PM @narendramodi interacted with Group Captain Shubhanshu Shukla, who is aboard the International Space Station.”
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28/06/25पारदर्शिता और सरल व्यवस्था की बदौलत आमजन में सन्तुष्टिभाव: सहकारिता , विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा
चंडीगढ़, 28 जून (अभी) - हरियाणा के सहकारिता , विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा बीते 11 साल में पारदर्शिता और व्यवस्था को सरल बनाया गया है, इससे आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। उन्होंने कहा कि सैंकड़ों योजनाओं का घर बैठे लाभ उठाने की व्यवस्था की बदौलत आज आमजन में भाजपा सरकार के प्रति संतुष्टि का भाव है।
आज सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने गोहाना में नियमित साप्ताहिक दरबार लगाते हुए क्षेत्रवासियों से जनसंवाद किया। विभिन्न गांवों और शहरी क्षेत्र से आए सैंकड़ो लोगों से मुलाकात करते हुए उनका कुशलक्षेम जाना व इसके उपरांत उनकी समस्याएं सुनी। कैबिनेट मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जब भी कोई व्यक्ति अपनी समस्या लेकर सरकारी कार्यालय में जाए तो उसकी बात को प्राथमिकता से सुनते हुए उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी आमजन के साथ विनम्र व्यवहार करते हुए उनकी समस्या का मौके पर ही निपटान करेंगे तो उनकी परेशानियां दूर हो जाएंगी। कैबिनेट मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि बीते 11 साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की केंद्र सरकार व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व की प्रदेश सरकार द्वारा गरीब, वंचित व जरूरतमंद के उत्थान को लेकर प्रभावी कदम उठाए गए हैं। इससे आमजन में भाजपा सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार निरन्तर आमजन, किसान, युवा, महिला, गरीब कल्याण की दिशा में काम कर रही है। सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता की बदौलत आज युवाओं को योग्यता के आधार पर अवसर मिल रहे हैं, जिससे उनमें प्रतियोगी भावना बढ़ी है। यही नहीं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं का भी लाभ उठाकर युवा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
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28/06/25युवा मॉक पार्लियामेंट नीति-निर्माण की एक जीवंत प्रयोगशाला - मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़, 28 जून (अभी) - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि युवा मॉक पार्लियामेंट सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है, यह लोकतंत्र का उत्सव और नीति-निर्माण की एक जीवंत प्रयोगशाला है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस मॉक पार्लियामेंट के माध्यम से देश को यह स्पष्ट संदेश दें कि लोकतंत्र की रक्षा ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी आज गुरुग्राम में आयोजित युवा मॉक पार्लियामेंट में युवाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि युवा मॉक पार्लियामेंट केवल एक शैक्षणिक अभ्यास भर नहीं है, बल्कि आज के दिन को संविधान हत्या दिवस के रूप में भी याद करते हुए, आपातकाल के उस काले अध्याय पर विमर्श करने का अवसर है, जिसने लोकतंत्र की आत्मा को कुचलने का दुस्साहस किया था।
गुरुग्राम ने हमेशा नवाचार और आकांक्षा की भावना को आगे बढ़ाया
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम की धरती पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है, बल्कि लोकतंत्र की एक सशक्त प्रयोगशाला के रूप में इसकी भूमिका अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि गुरु द्रोण की इस पावन भूमि और मिलेनियम सिटी के रूप में प्रसिद्ध गुरुग्राम ने हमेशा नवाचार और आकांक्षा की भावना को आगे बढ़ाया है। आज का यह आयोजन इस शहर की पहचान को और अधिक सशक्त करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वे आप जैसे ऊर्जावान युवाओं को देखते हैं, तो विकसित भारत और विकसित हरियाणा का संकल्प और भी सुदृढ़ हो जाता है। उन्होंने कहा कि अमृतकाल की यह पीढ़ी ही वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में अग्रसर करेगी। इस लक्ष्य की प्राप्ति में युवा मॉक पार्लियामेंट मील का पत्थर साहिब होगी।
संसद में गूंजने वाला हर शब्द और बनने वाला हर कानून देश के अंतिम व्यक्ति के जीवन को करता है प्रभावित
श्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं से कहा कि वे संसद को केवल एक इमारत के रूप में न देखें बल्कि उसे 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं के केंद्र के रूप में समझें। संसद में गूंजने वाला हर शब्द और बनने वाला हर कानून देश के अंतिम व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करता है। इस युवा मॉक पार्लियामेंट का उद्देश्य केवल संसदीय प्रक्रियाओं की नकल भर करना नहीं है बल्कि उस भावना को आत्मसात करना है जो भारतीय लोकतंत्र को विशिष्ट बनाती है।
युवा किसी भी विषय पर बोलते समय गहन अध्ययन करें और तथ्यों व आंकड़ों के आधार पर रखें बात
मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रेरित किया कि वे किसी भी विषय पर बोलते समय गहन अध्ययन करें और तथ्यों व आंकड़ों के आधार पर अपनी बात रखें। जब वे सरकार की किसी नीति का समर्थन करें, तो उसके पीछे की सोच और उसके दूरगामी परिणामों को अवश्य समझाएं। उन्होंने कहा कि विरोध करना लोकतंत्र का अधिकार है लेकिन केवल विरोध के लिए विरोध नहीं बल्कि समाधान और विकल्प के साथ रचनात्मक आलोचना ही लोकतंत्र की असली ताकत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विरोध होना चाहिए न कि अवरोध।
भारत वैश्विक समस्याओं के समाधान में बन चुका भागीदार
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत वह देश नहीं रहा जो दुनिया से मदद मांगता था बल्कि अब भारत वैश्विक समस्याओं के समाधान में भागीदार बन चुका है। उन्होंने कहा कि रक्षा, डिजिटल, स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी, स्पेस टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर मिशन जैसे क्षेत्रों में भारत अब वैश्विक मंच पर अग्रणी स्थान प्राप्त कर रहा है।
युवा संकल्प लेकर एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को और अधिक मजबूत करें
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं से आग्रह किया कि वे युवा मॉक पार्लियामेंट से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में चार महत्वपूर्ण संकल्प अपनाएं। वे देश के किसी भी एक ज्वलंत मुद्दे पर गहन अध्ययन करें और उसके समाधान के लिए समाज में जागरूकता फैलाएं। अपने जीवन में किसी भी प्रकार के शॉर्टकट को न अपनाएं। परिवारवाद और भ्रष्टाचार की राजनीति को नकारें और एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को और अधिक मजबूत करें।
वह आपातकाल नहीं, अन्याय काल था, विपक्ष आज लोकतंत्र का रक्षक बनने का कर रहा है दिखावा - खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम
खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल को केवल आपातकाल कहना उस दौर की क्रूरता को कम करके आंकना होगा। असल में वह अन्याय काल था, जब संविधान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और आम नागरिकों के अधिकारों का बेरहमी से दमन किया गया। जब कोई चुना हुआ प्रतिनिधि तानाशाही की राह पर चल पड़ता है और सत्ता के मद में संविधान तक की अवमानना करता है, तब लोकतंत्र पर जो कुठाराघात होता है, उसका सबसे बड़ा उदाहरण आपातकाल है।
इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री मोहनलाल कौशिक, विधायक श्री मुकेश शर्मा, श्री तेजपाल तंवर, श्रीमती विमला चौधरी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
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28/06/25हरियाणा सरकार ने किया सातवें राज्य वित्त आयोग का गठन, सेवानिवृत्त मुख्य सचिव संजीव कौशल होंगे अध्यक्ष
चंडीगढ़, 28 जून (अभी) — हरियाणा सरकार ने राज्य, पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) और शहरी स्थानीय निकायों के बीच वित्तीय संसाधनों के वितरण की समीक्षा और सिफारिश करने के लिए सातवें राज्य वित्त आयोग का गठन किया है। हरियाणा के पूर्व मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि आईएएस अधिकारी श्री अंशज सिंह इसके सदस्य सचिव होंगे। अन्य सदस्यों की नियुक्ति बाद में की जाएगी।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है।
आयोग राज्य सरकार और जिला परिषदों, पंचायत समितियों तथा ग्राम पंचायतों के बीच करों, शुल्कों, उपकरों और टैक्सों की शुद्ध आय के वितरण के लिए सिद्धांतों की सिफारिश करेगा। साथ ही, यह भी बताएगा कि किन करों और शुल्कों को पंचायती राज संस्थाओं को सौंपा या उनके द्वारा संग्रहित किया जा सकता है। इसके अलावा, आयोग राज्य के कंसोलिडेटेड फंड से पीआरआई को दिए जाने वाले अनुदानों और उनकी वित्तीय स्थिति को सुधारने के उपायों पर भी सिफारिश करेगा।
इसी तरह, आयोग शहरी स्थानीय निकायों के बारे में भी सुझाव देगा, जिसमें नगरपालिकाओं और राज्य सरकार के बीच करों और शुल्कों का वितरण, नगरपालिकाओं को सौंपे जाने योग्य करों की पहचान करना, उन्हें मिलने वाले अनुदान और उनके वित्तीय सशक्तिकरण के लिए आवश्यक उपाय करना शामिल है।
सातवां राज्य वित्त आयोग 31 मार्च, 2026 तक हरियाणा के राज्यपाल को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगा। यह रिपोर्ट वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्ष की अवधि को कवर करेगी और स्थानीय शासन की वित्तीय रूपरेखा को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
आयोग का मुख्यालय पंचकूला में होगा और इसके लिए कार्यालय स्थान स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान में आवंटित किया जाएगा।
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28/06/25विधानसभा अध्यक्ष ने दी हलके को बड़ी सौगात, 3 करोड़ 77 लाख की 7 परियोजनाओं का किया उद्घाटन एवं शिलान्यास
चंडीगढ़, 28 जून (अभी) - हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविन्द्र कल्याण ने आज घरौंडा हलके में तीन करोड़ 76 लाख 45 हजार रुपये की 7 परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। लंबित कार्यों को तेजी से पूरा कराया जा रहा है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
श्री हरविन्द्र कल्याण ने आज घरौंडा हल्के के गांव भरतपुर में पीडब्ल्यूडी सड़क से श्मशान घाट तक के रास्ते का शिलान्यास किया। पंचायती राज विभाग द्वारा बनवाए जाने वाले 1278 मीटर लंबे इस रास्ते पर 57 लाख 25 हजार रुपये की लागत आएगी। उन्होंने सदरपुर गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र का भी शिलान्यास किया। इस पर 67 लाख 26 हजार रुपये की लागत आएगी।
विधानसभा अध्यक्ष ने मुंडी गढ़ी-गढ़ी खजूर सड़क से गांव बस्सी तक मंडी बोर्ड द्वारा बनवाई गई 220 मीटर लंबी संपर्क सड़क का उद्घाटन किया। उन्होंने गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 14 कमरों के निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया। इन पर 1 करोड़ 92 लाख 39 हजार रुपये की लागत आएगी। उन्होंने इसी गांव में पंचायती राज विभाग की ओर से एसएचजी के लिए बनवाये गए हॉल और महिला चौपाल में बनाए गए कमरे का भी उद्घाटन किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सदरपुर गांव में उप-स्वास्थ्य केंद्र बनवाने की पुरानी मांग थी, जो अब पूरी होने जा रही है। उन्होंने कहा कि यमुना बैल्ट में चौपाल, स्कूल, गली, खेत के रास्ते, सामुदायिक केंद्र आदि के काफी विकास कार्य हुए हैं। बाढ़ से बचाव के लिए यमुना के तटबंधों को मजबूत किया जा रहा है।
श्री हरविन्द्र कल्याण ने इस मौके पर गांव की बेटियों को कड़े परिश्रम और उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षित होकर वे अफसर बनें और गांव व राष्ट्र का नाम रोशन करें। पढ़ाई के लिए संसाधनों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
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28/06/25प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आचार्य विद्यानंद महाराज के शताब्दी समारोह को संबोधित किया
आरएस अनेजा, 28 जून नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आचार्य विद्यानंद महाराज के शताब्दी समारोह को संबोधित किया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र, भारत की आध्यात्मिक परंपरा में एक महत्वपूर्ण अवसर देख रहा है, उन्होंने आचार्य श्री विद्यानंद जी मुनिराज के शताब्दी समारोह की पवित्रता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पूज्य आचार्य की अमर प्रेरणा से ओतप्रोत यह आयोजन एक असाधारण और उत्साहवर्धक वातावरण का निर्माण कर रहा है। प्रधानमंत्री ने सभी उपस्थित लोगों को शुभकामनाएं दीं और कार्यक्रम में उपस्थित होने का अवसर देने के लिए आभार व्यक्त किया।
इस बात का उल्लेख करते हुए कि आज का दिन एक अन्य कारण से भी विशेष महत्व रखता है, श्री मोदी ने याद दिलाया कि 28 जून 1987 को आचार्य श्री विद्यानंद जी मुनिराज को औपचारिक रूप से ‘आचार्य’ की उपाधि प्रदान की गई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल एक उपाधि नहीं है, बल्कि एक पवित्र धारा की शुरुआत है, जिसने जैन परंपरा को विचार, अनुशासन और करुणा की भावना से जोड़ा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब पूरा देश आचार्य विद्यानंद जी मुनिराज की शताब्दी मना रहा है, तो यह तिथि उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाती है। आचार्य श्री विद्यानंद जी मुनिराज को श्रद्धांजलि देते हुए श्री मोदी ने कामना की कि सभी को आचार्य का आशीर्वाद प्राप्त हो।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विद्यानंद मुनिराज का शताब्दी समारोह कोई साधारण आयोजन नहीं है, यह एक युग की याद दिलाता है और एक महान तपस्वी के जीवन का स्मरण कराता है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस ऐतिहासिक अवसर को मनाने के लिए विशेष स्मारक सिक्के और डाक टिकट जारी किए गए हैं। श्री मोदी ने आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके मार्गदर्शन में लाखों अनुयायी पूज्य गुरु के बताए मार्ग पर चल रहे हैं।
मोदी ने कहा कि इस अवसर पर उन्हें 'धर्म चक्रवर्ती' की उपाधि प्रदान की गई है और उन्होंने विनम्रतापूर्वक व्यक्त किया कि भारतीय परंपरा संतों से जो कुछ भी प्राप्त होता है, उसे आशीर्वाद के रूप में स्वीकार करना सिखाती है। इसलिए उन्होंने विनम्रतापूर्वक इस उपाधि को स्वीकार किया और इसे भारत माता के चरणों में समर्पित किया।
मोदी ने कहा, "भारत दुनिया की सबसे प्राचीन जीवंत सभ्यता है, हमारा देश हजारों वर्षों से अमर है, क्योंकि इसके विचार, दर्शन और विश्वदृष्टि अमर हैं।" उन्होंने कहा कि यह अमर दृष्टि ऋषियों, मुनियों, संतों और आचार्यों के ज्ञान में निहित है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आचार्य श्री विद्यानंद जी मुनिराज इस कालातीत परंपरा के आधुनिक प्रकाश स्तंभ के रूप में मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि आचार्य के पास कई विषयों की गहन विशेषज्ञता थी और उन्होंने कई क्षेत्रों में उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया।
उन्होंने आचार्य की आध्यात्मिक गहनता, व्यापक ज्ञान तथा कन्नड़, मराठी, संस्कृत और प्राकृत जैसी भाषाओं पर अधिकार की प्रशंसा की। साहित्य और धर्म में आचार्य के योगदान, शास्त्रीय संगीत के प्रति उनका समर्पण और राष्ट्रीय सेवा के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि जीवन का कोई ऐसा आयाम नहीं था जिसमें आचार्य ने अनुकरणीय मानक स्थापित न किए हों। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आचार्य विद्यानंद जी, न केवल एक महान संगीतकार थे, बल्कि एक प्रखर देशभक्त, स्वतंत्रता सेनानी और पूर्ण वैराग्य के प्रतीक के रूप में एक दृढ दिगंबर मुनि थे।
उन्होंने उन्हें ज्ञान का भण्डार और आध्यात्मिक आनंद का स्रोत बताया। श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सुरेन्द्र उपाध्याय से आचार्य श्री विद्यानंद जी मुनिराज तक की यात्रा, एक साधारण व्यक्ति से एक पारलौकिक आत्मा के परिवर्तन को प्रतिबिंबित करती है। उन्होंने इसे एक प्रेरणा बताया कि भविष्य वर्तमान जीवन की सीमाओं से बंधा नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की दिशा, उद्देश्य और संकल्प से आकार लेता है।
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28/06/25कोलकाता रेप केस : भाजपा ने जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी बनाई
आरएस अनेजा, 28 जून नई दिल्ली
कोलकाता में छात्रा रेप मामले में भाजपा ने अपराध स्थल का दौरा करने, जांच करने और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति के सदस्य पूर्व केंद्रीय मंत्री सतपाल सिंह, मीनाक्षी लेखी और सांसद बिप्लब देब और मनन मिश्रा हैं।
वहीं, दूसरी ओर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि जिस राज्य में महिला मुख्यमंत्री हो, वहां महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता होनी चाहिए, लेकिन इतनी असंवेदनशीलता और क्रूरता क्यों है? पीड़िता ने खुद बयान जारी किया है। अगर इसे ध्यान से पढ़ें तो एक बात साफ हो जाती है कि गैंगरेप का ये पूरा दुष्चक्र कहीं न कहीं राज्य प्रायोजित है। ये राजनीतिक दृष्टिकोण से प्रेरित एक क्रूर कृत्य है। मैं ऐसा क्यों कह रहा हूं? क्योंकि ये एक कॉलेज यूनियन से जुड़ा है, जिसका मुख्य आरोपी मनोज मिश्रा है। मनोज मिश्रा खुद टीएमसी की छात्र शाखा के सचिव रह चुके हैं। वो टीएमसी के सदस्य हैं।
संबित पात्रा ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक कमेटी बनाई है, वह कमेटी मौके पर जाकर जांच करेगी। यह कमेटी जल्द ही मौके का दौरा कर अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपेगी।
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28/06/25अहमदाबाद प्लेन हादसे के बाद पार्टी करते नजर आए एयर इंडिया SATS के कर्मचारी, चार अफसरों से इस्तीफा मांगा
आरएस अनेजा, 28 जून नई दिल्ली
अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान हादसे में सैकड़ों लोगों की मृत्यु हो गई थी। इस हादसे के कुछ दिन बाद एआईएसएटीएस के दफ्तर में हुई पार्टी का वीडियो सामने आया था जिसपर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह पार्टी ऐसे समय में हुई जब एयर इंडिया और टाटा समूह गुजरात हादसे पर शोक जता रहे थे।
इस वीडियो के वायरल होते ही टाटा समूह और एआईएसएटीएस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और चार सीनियर अधिकारियों से इस्तीफा मांगा है। इनमें कंपनी के मुख्य परिचालन अधिकारी और दो सीनियर वाइस प्रेसिडेंट शामिल हैं।
Air India SATS Airport Services Pvt. Ltd. (AISATS) एक संयुक्त शाखा है, जो टाटा समूह और SATS Ltd. (सिंगापुर एयरपोर्ट टर्मिनल सर्विसेज) के बीच अनुबंधित है। यह भारत में एयरलाइंस के ग्राउंड हैंडलिंग, कैटरिंग और अन्य यात्रियों से जुड़ी सेवाएं मुहैया करती है। AI 171 विमान हादसे के कुछ ही दिन बाद AISATS के ऑफिस में हुई यह पार्टी कर्मचारियों की संवेदनशीलता पर सवाल उठे थे।
एआईएसएटीएस की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा कि एआईएसएटीएस में हम AI 171 के दुखद नुकसान से प्रभावित परिवारों के साथ एकजुटता में खड़े हैं और हाल ही में एक आंतरिक वीडियो में दिखाई गए फैसले में चूक पर गहरा खेद व्यक्त करते हैं। यह व्यवहार हमारे मूल्यों के अनुरूप नहीं है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
बता दें कि अहमदाबाद एयर इंडिया क्रैश में कुल 275 लोगों की मौत हो गई थीद्ध इस हादसे में सिर्फ 1 व्यक्ति की जान बच पाई थी। इसके बाद एयर इंडिया ने हर मृत व्यक्ति के परिजनों को एक करोड़ रुपए देने का ऐलान किया था।
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28/06/25ऊर्जा व परिवहन मंत्री अनिल विज से भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने मुलाकात की और उनका हालचाल जाना
अम्बाला/चंडीगढ़, 28 जून – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज से आज भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने मुलाकात की। किसान नेता चढूनी तथा उनके साथ आए अन्य किसान नेताओं ने श्री विज से मुलाकात करते हुए उनका हालचाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
इस दौरान ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने उनके आवास पर पहुंचे गुरनाम सिंह चढूनी के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और विचार विमर्श किया। इस अवसर पर किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने ऊर्जा मंत्री अनिल विज के पांव में फ्रैक्चर की जानकारी ली और कामना की कि वह जल्द स्वस्थ होकर जनकल्याण कार्यों में पुनः लगे।
चढूनी ने ऊर्जा मंत्री अनिल विज की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह जनसेवा में निरंतर जुटे रहते हैं जिससे समाज के विभिन्न वर्गों को निरंतर लाभ मिल भी रहा है और लोगों के सर्वांगीण विकास के लिए उनके द्वारा विभिन्न बेहतरीन कदम भी उठाए गए है।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा मंत्री अनिल विज जल्द ही स्वस्थ होंगे और उसी रफ्तार के साथ विभिन्न कल्याणकारी व विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाएंगे। किसान नेता का यह भी कहना था कि श्री विज के प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश विदेश में चाहने वालों की बहुत बड़ी संख्या है इसलिए उन सभी की दुआओं के बल पर दोबारा से उसी अंदाज में श्री विज कार्य करते हुए नजर आएंगे।
इस अवसर पर उनके साथ अन्य किसान यूनियन नेता भी मौजूद रहे।
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28/06/25India is the world's most ancient living civilization: PM
The Prime Minister Shri Narendra Modi addressed the Centenary Celebrations of Acharya Shri Vidyanand Ji Maharaj in Vigyan Bhawan, New Delhi today. Addressing the gathering on the occasion, the Prime Minister remarked that the nation is witnessing a momentous occasion in India's spiritual tradition, highlighting the sanctity of the centenary celebrations of Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj. He stated that this event, imbued with the immortal inspiration of the revered Acharya, is creating an extraordinary and uplifting atmosphere. The Prime Minister extended his greetings to all attendees and expressed gratitude for the opportunity to be present at the event.
Noting that today holds special significance for another reason, Shri Modi recalled that on 28 June 1987, Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj was formally conferred the title of ‘Acharya’. He emphasised that this was not merely a title, but the beginning of a sacred stream that connected Jain tradition with thought, discipline, and compassion. The Prime Minister remarked that as the nation celebrates the centenary of Acharya Vidyanand Ji Muniraj, the date serves as a reminder of that historic moment. Paying respects to Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj, Shri Modi wished that may everyone be showered with Acharya’s blessings.
“The centenary celebration of Shri Vidyanand Ji Muniraj is not an ordinary event, it carries the memory of an era and echoes the life of a great ascetic”, remarked the Prime Minister, highlighting that to commemorate this historic occasion, special commemorative coins and postage stamps have been released. Shri Modi specially acknowledged and saluted Acharya Shri Pragya Sagar Ji, noting that under his guidance, millions of followers are walking the path shown by the revered Guru. Shri Modi mentioned that on this occasion, he has been conferred the title of 'Dharm Chakravarti' and humbly expressed that the Indian tradition teaches one to accept whatever is received from saints as a blessing. He therefore accepted the title with humility and dedicated it at the feet of Mother India.
Reflecting on the profound emotional connection shared with the divine soul whose words have served as guiding principles throughout life, the Prime Minister noted that speaking about such a revered figure naturally stirs deep emotions. He expressed that rather than speaking about Shri Vidyanand Ji Muniraj, he wished they could have had the privilege to listen to him once more. Shri Modi remarked that encapsulating the journey of such a great personality in words is no easy task. He stated that Acharya Vidyanand Ji Muniraj was born on 22 April 1925, on the sacred land of Karnataka, and was given the spiritual name 'Vidyanand'. He highlighted that Acharya's life was a unique confluence of knowledge and bliss. His speech carried profound wisdom, yet his words were so simple that anyone could understand them. Mentioning that Acharya Vidyanand Ji authored over 150 texts, undertook thousands of kilometres of barefoot journeys, and connected millions of youths with discipline and cultural values through his tireless efforts, the Prime Minister described Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj as a ‘visionary of the era’. He expressed his fortune in having the opportunity to personally experience the spiritual aura of the Acharya and receive his guidance and blessings over time. He stated that at this centenary celebration, he could still feel the same affection and closeness from the revered Acharya.
“India is the world's most ancient living civilization, our country has endured for thousands of years because its ideas, philosophical thought, and worldview are eternal”, stated Shri Modi. He noted that this enduring vision is rooted in the wisdom of sages, seers, saints, and Acharyas. He highlighted that Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj stood as a modern beacon of this timeless tradition. The Prime Minister observed that the Acharya possessed deep expertise in numerous subjects and demonstrated excellence in many domains. He praised the Acharya’s spiritual intensity, extensive knowledge, and command over languages such as Kannada, Marathi, Sanskrit, and Prakrit. Highlighting Acharya’s contributions to literature and religion, his devotion to classical music, and his steadfast commitment to national service, the Prime Minister said that there was no dimension of life in which the Acharya did not set exemplary standards. He underscored that Acharya Vidyanand Ji was not only a great musician but also a fierce patriot and freedom fighter, and a steadfast Digambar Muni who embodied complete detachment. He described him as both a reservoir of knowledge and a source of spiritual bliss. Shri Modi emphasised that the journey from Surendra Upadhyay to Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj was a transformation from an ordinary man to a transcendent soul. He called it an inspiration that the future is not bound by the limitations of the present life, but rather shaped by one’s direction, purpose, and resolve.
Remarking that Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj did not limit his life to spiritual practice alone but he transformed his life into a medium for social and cultural reconstruction, the Prime Minister underlined that through the establishment of the Prakrit Bhavan and several research institutions, the Acharya carried the flame of knowledge to newer generations. He stated that the Acharya also gave rightful recognition to Jain history. By authoring seminal texts such as 'Jain Darshan' and 'Anekantvad', he deepened philosophical thought and promoted inclusivity and breadth of understanding. The Prime Minister noted that from temple restoration to the education of underprivileged children and broader social welfare, every endeavour of the Acharya reflected a synthesis of self-realisation and public good.
Recalling that Acharya Vidyanand Ji Maharaj once said that life becomes truly spiritual only when it becomes a means of selfless service, Shri Modi said that this thought is deeply rooted in the essence of Jain philosophy, and intrinsically linked to the spirit of India. “India is a nation defined by service and guided by humanity”, exclaimed the Prime Minister, noting that while the world tried for centuries to quell violence with violence, India introduced the world to the power of non-violence. He emphasised that the Indian ethos has always prioritised the spirit of service to humanity above all.
“India's spirit of service is unconditional—beyond self-interest and inspired by selflessness”, remarked Shri Modi, emphasising that this principle guides the nation’s governance today. He cited initiatives like the PM Awas Yojana, Jal Jeevan Mission, Ayushman Bharat Yojana, and free food grain distribution for the underprivileged as reflections of this ethos, aimed at uplifting those at the last rung of society. He highlighted that the government is committed to achieving saturation in all schemes, ensuring that no one is left behind and that progress is truly inclusive. The Prime Minister affirmed that this resolve is inspired by Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj’s ideals and remains a shared national commitment.
“The teachings and words of the Tirthankaras, monks, and Acharyas remain timeless and relevant in every era. Today, the principles of Jainism—such as the five Mahavratas, Anuvrat, Triratnas, and the Six Essentials—are more important than ever before”, stated the Prime Minister. He noted that eternal teachings, too, must be made accessible to the common person according to the needs of the time. Shri Modi highlighted that Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj dedicated his life and work to this cause. “Acharya ji launched the 'Vachanamrit' movement to present Jain scriptures in colloquial language, he also used devotional music to convey profound spiritual concepts in a simple and accessible manner for the masses”, said Shri Modi. Quoting from one of Acharya’s bhajans, the Prime Minister remarked that such compositions are spiritual garlands made from the pearls of wisdom. He added that this effortless faith in immortality and the courage to gaze toward the infinite are what make Indian spirituality and culture truly exceptional.
Highlighting that the centenary year of Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj is a year of continuous inspiration, Shri Modi emphasised the responsibility to not only imbibe the spiritual teachings of the Acharya in personal life but also to carry forward his work for the welfare of society and the nation. He highlighted Acharya Vidyanand Ji’s pivotal role in reviving the ancient Prakrit language through his literary works and devotional compositions. The Prime Minister noted that Prakrit is one of India's oldest languages and the original medium of Bhagwan Mahavir's teachings, in which the Jain Agamas were composed. He remarked that due to cultural neglect, the language had started fading from common use. Shri Modi further stated that the efforts of saints like Acharya Vidyanand Ji have now become national efforts. He recalled that in October 2024, the government granted Prakrit the status of a classical language. He mentioned the digitisation drive launched to preserve India’s ancient manuscripts, which includes a significant number of Jain scriptures and texts related to Acharyas. The Prime Minister further noted that the government is promoting the use of mother tongues in higher education. Reaffirming his address from the Red Fort, he reiterated the resolve to free the nation from the mindset of colonialism and to advance with both development and heritage in tandem. Shri Modi stated that this commitment guides the ongoing development of India’s cultural and pilgrimage sites. He recalled that in 2024, the government organised large-scale celebrations to mark the 2,550th Nirvana Mahotsav of Bhagwan Mahavir, which was inspired by Acharya Vidyanand Ji Muniraj and blessed by saints like Acharya Shri Pragya Sagar Ji. Remarking that in the times ahead, the nation must undertake more such large-scale efforts to enrich its cultural heritage, the Prime Minister affirmed that, like the current programme, all such initiatives will be guided by the spirit of Jan Bhagidari with the mantra of Sabka Saath, Sabka Vikas, Sabka Prayas.
Shri Modi stated that his presence on the occasion naturally evoked the memory of Navkar Mantra Diwas, during which nine resolutions were also shared. He expressed happiness that a large number of citizens are earnestly working to fulfil these pledges and added that the teachings of Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj strengthen these commitments. Reiterating the nine resolutions, the Prime Minister stated the first resolution is to conserve water. He urged everyone to recognise the value of every drop, calling it both a responsibility and a duty towards Mother Earth. The second resolution is ‘Ek Ped Maa ke naam’, to plant a tree in the name of one's mother and nurture it just as mothers nurture us, making each tree a living blessing from the mother. The third resolution emphasises that cleanliness is not for display—it reflects inner non-violence. He added that every street, neighbourhood, and city must be kept clean with collective participation. ‘Vocal for Local’ being the fourth resolution, Shri Modi urged citizens to choose and promote products made by fellow Indians, rich with the sweat and soil of the country. The fifth resolution is to explore and understand India, while it is good to see the world, one must also deeply know, experience, and cherish India. The Prime Minister outlined the sixth resolution to adopt natural farming, stating the need to free Mother Earth from harmful chemicals and promote organic farming across villages. Maintaining a healthy lifestyle being the seventh resolution, the Prime Minister advised mindful eating, inclusion of millets in traditional Indian meals, and reducing oil consumption by at least ten percent to combat obesity and boost vitality. The eighth resolution is to embrace yoga and sports as part of daily life. Shri Modi stated the ninth resolution as to help the poor, underlining that holding the hand of the underprivileged and aiding them in overcoming poverty is the truest form of service. The Prime Minister expressed confidence that by working on these nine resolutions, citizens would also reinforce the teachings of Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj.
“India’s vision for the Amrit Kaal is deeply rooted in the nation’s consciousness and enriched by the wisdom of its saints”, stated Shri Modi, highlighting that 140 crore citizens are actively working to realise the Amrit resolutions and build a developed India. He remarked that the dream of a developed India means fulfilling the aspirations of every Indian. The Prime Minister noted that this vision draws inspiration from Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj, and that walking the path shown by him, internalising his teachings, and making nation-building the foremost duty of life is a collective responsibility. Shri Modi concluded by expressing confidence that the sanctity of the occasion would further strengthen these commitments and paid his respectful tribute to Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj.
Union Minister for Culture and Tourism, Shri Gajendra Singh Shekawat and revered Saints were present among other dignitaries at the event.
Background
The Centenary Celebrations of Acharya Vidyanand Ji Maharaj marks the formal commencement of a year-long national tribute, being organised by Government of India, in collaboration with Bhagwan Mahaveer Ahimsa Bharti Trust to honour the 100th birth anniversary of Acharya Vidyanand Ji Maharaj, a revered Jain spiritual leader and social reformer. The year-long celebration will include cultural, literary, educational, and spiritual initiatives across the country, aimed at celebrating his life and legacy and spreading his message.
Acharya Vidyanand Ji Maharaj authored more than 50 works on Jain philosophy and ethics. He played an instrumental role in the restoration and revival of ancient Jain temples across India and worked for education, especially in Prakrit, Jain philosophy, and classical languages.
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28/06/25PM pays tribute to Former Prime Minister Shri PV Narasimha Rao on his birth anniversary
Prime Minister Shri Narendra Modi today paid tribute to former Prime Minister Shri PV Narasimha Rao on the occasion of his birth anniversary, recalling his pivotal role in shaping India’s development path during a crucial phase of the nation’s economic and political transformation.
In a post on X, he wrote:
“Remembering Shri PV Narasimha Rao Garu on his birth anniversary. India is grateful to him for his effective leadership during a crucial phase of our development trajectory. His intellect, wisdom and scholarly nature are also widely admired.”
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28/06/25केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने विद्युत सुरक्षा दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया
आरएस अनेजा, 28 जून नई दिल्ली
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए), विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार ने बीएसईएस के सहयोग से नई दिल्ली में विद्युत सुरक्षा दिवस का आयोजन किया। 26 जून को विद्युत सुरक्षा दिवस का यह उत्सव भारत की जीरो-हानि विद्युत ईकोसिस्टम तैयार करने की प्रतिबद्धता की एक सशक्त याद दिलाता है, जो देश की स्वच्छ एवं स्मार्ट ऊर्जा की महत्वाकांक्षाओं के साथ विकसित हो रहा है।
इस वर्ष की थीम, "स्मार्ट ऊर्जा, सुरक्षित राष्ट्र" ने भारत की ऊर्जा यात्रा के आधुनिकीकरण के हर पहलू में सुरक्षा को समाहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, विशेष रूप से बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस), इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और रूफटॉप सोलर जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के संदर्भ में। बिजली प्रणालियों के बढ़ते विद्युतीकरण और विकेंद्रीकरण के साथ इससे संबंधित जोखिम कई गुना बढ़ गए हैं, जिससे विद्युत सुरक्षा एक सामूहिक अनिवार्यता बन गई है।
कार्यक्रम का उद्घाटन विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने किया, जिन्होंने भारत में तेजी से हो रहे ऊर्जा परिवर्तन के साथ मजबूत सुरक्षा प्रोटोकॉल की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उनके साथ विद्युत मंत्रालय के सचिव श्री पंकज अग्रवाल, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री घनश्याम प्रसाद, और बीएसईएस के निदेशक और समूह सीईओ श्री अमल सिन्हा भी मौजूद रहे, जिन्होंने प्रतिभागियों को विद्युत सुरक्षा के महत्व पर संबोधित किया।
इस कार्यक्रम में ऊर्जा क्षेत्र के सभी हिस्सों से आए 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने व्यक्तिगत रूप से भाग लिया, जिनमें यूटिलिटी एवं रेगुलेटरी निकाय, राज्य के मुख्य विद्युत निरीक्षक अधिकारी, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्लूए), ओईएम, निर्माता, फील्ड तकनीशियन और सक्रिय ऊर्जा उपयोगकर्ता (प्रोज्यूमर्स) शामिल थे। इसके साथ ही, बड़ी संख्या में लोगों ने यूट्यूब लाइव वेबकास्ट के माध्यम से इसे वर्चुअली देखा, जिससे इस कार्यक्रम की पहुंच और प्रभाव का विस्तार हुआ। इस आयोजन को 22 घंटे में राष्ट्रीय स्तर पर 25,000 से अधिक बार देखा गया।
विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री, श्रीपाद येसो नाइक ने अपने संबोधन में कहा, "विद्युत सुरक्षा दिवस हमारे एक सशक्त यादगार की तरह है कि जैसे-जैसे हम एक स्वच्छ, स्मार्ट और अधिक डिजिटल ऊर्जा ईकोसिस्टम की ओर बढ़ रहे हैं तो, सुरक्षा हर प्रगति के केंद्र में रहनी चाहिए।
बिजली आधुनिक जीवन के हर पहलू को सशक्त बनाती है - घरों और अस्पतालों से लेकर उद्योगों और मोबाइल्टी तक - लेकिन इसे अत्यंत सावधानी से संभाला जाना चाहिए। सरकार रूफटॉप सोलर, ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बैटरी भंडारण और डिजिटल फॉल्ट डिटेक्शन जैसी पहलों के माध्यम से एक सुरक्षित और स्मार्ट ऊर्जा भविष्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है और मैं हर नागरिक, तकनीशियन और हितधारक से सतर्क और जिम्मेदार रहने का आग्रह करता हूँ। आइए, मिलकर न केवल एक स्मार्ट इंडिया बल्कि एक सुरक्षित इंडिया का निर्माण करें।"
सचिव, ऊर्जा मंत्रालय, पंकज अग्रवाल ने कहा, “विद्युत क्षेत्र में सुरक्षा सिर्फ एक चेकलिस्ट नहीं बल्कि मुख्य मूल्य होना चाहिए। जैसे-जैसे हम स्मार्ट और स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियों की ओर बढ़ रहे हैं, जवाबदेही और सतर्कता सर्वोपरि हो जाती है। मेरा मानना है कि एक सक्रिय सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देना एक विश्वसनीय और भविष्य के लिए तैयार विद्युत ईकोसिस्टम के निर्माण की कुंजी है।”
अध्यक्ष, सीईए, घनश्याम प्रसाद ने कहा, “विद्युत सुरक्षा सिर्फ एक जनादेश नहीं बल्कि यह एक मानसिकता है। वितरित और स्मार्ट ऊर्जा प्रणालियों के इस युग में, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सुरक्षा हर नवाचार और हर कनेक्शन के केंद्र में रहे। बिजली को सावधानी से संभालें और जागरूक रहें।”
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण "सुरक्षा शक्ति" का अनावरण था, जो आधिकारिक विद्युत सुरक्षा शुभंकर है। इसे आकर्षक और जुड़ाव पैदा करने वाले तरीके से सुरक्षा जागरूकता को लोकप्रिय बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके साथ ही, विद्युत सुरक्षा हैंडबुक का पहला संस्करण भी जारी किया गया। सीईए और बीएसईएस की यह संयुक्त पहल बीईएसएस, रूफटॉप सोलर प्रणालियों और ईवी चार्जर्स की स्थापना और रखरखाव के लिए स्पष्ट सुरक्षा दिशानिर्देश प्रदान करती है।
यह यूटिलिटीज, उपभोक्ताओं, प्रोस्यूमर्स और तकनीशियनों के लिए महत्वपूर्ण क्या करें और क्या न करें को रेखांकित करती है, जो बिजली के झटके, आग और दुर्घटनाओं जैसे जोखिमों को कम करने के लिए एक व्यावहारिक संदर्भ के रूप में कार्य करती है।
उद्घाटन के उपरांत वाले सत्र में सीईए, एनपीटीआई, बीएसईएस और अर्थिंग सॉल्यूशंस पर उद्योग के अग्रणी विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी प्रस्तुतियाँ और विशेषज्ञों से बातचीत शामिल रही।
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28/06/25हिमाचल प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में नई क्रांति
हिमाचल, 28 जून (अभी): हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में क्रांतिकारी परिवर्तन लाकर लोगों को विश्व-स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सोच धरातल पर उतर रही है। शिमला में अटल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटिज, चमियाणा प्रदेश का पहला स्वास्थ्य संस्थान बनने जा रहा है, जहां पर डॉक्टर आज की सबसे आधुनिक तकनीकों से मरीजों का ऑपरेशन करेंगे।
ऑपरेशन करने के लिए एम्स दिल्ली की तर्ज पर 28 करोड़ रुपए की लागत से खरीदा गया पहला रोबोट चमियाणा पहुंच गया है तथा जुलाई महीने में इसको स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, जिसके बाद मरीजों के ऑपरेशन इस आधुनिक तकनीक से शुरू हो जाएंगे।
अटल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिट चमियाणा के प्रिंसिपल डॉ. बृज लाल ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी का फायदा जहां मरीजों को मिलेगा, वहीं ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर भी इसका फायदा लेंगे। रोबोटिक सर्जरी से मरीजों को आपरेशन के लिए बहुत ही छोटा चीरा लगाना होता है, जिससे कम खून बहता है और खून चढ़ाने की जरूरत भी कम ही पड़ती है। इससे मरीज को दर्द कम होता है और जल्द ठीक होकर अस्पताल से जल्द छुट्टी मिल जाती है। उन्होंने कहा कि सर्जन भी ज्यादा सटीकता और नियंत्रण से सर्जरी करने में सक्षम होते हैं। उन्हें लंबे ऑपरेशन में थकान महसूस नहीं होती, जिससे वह कम समय में ज्यादा मरीजों की सर्जरी करने में सक्षम होते हैं। इसके अलावा डॉक्टर शरीर के तंग हिस्से के अंदर भी आसानी सें साफ-साफ देख सकते हैं क्योंकि इसमें थ्री-डी और बड़ी इमेज दिखती है, जिससे कोई भी गलती होने की गुंजाइश कम हो जाती है।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार चमियाणा के साथ-साथ राजकीय मेडिकल कॉलेज, टांडा में भी अगले कुछ ही दिनों में रोबोटिक सर्जरी के लिए उपकरण पहुंचने वाले हैं। इसके बाद आईजीएमसी, शिमला तथा मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर के साथ-साथ अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी चरणबद्ध तरीके से रोबोटिक सर्जरी के लिए मशीनों की स्थापना की जाएगी। इससे प्रदेश के हजारों मरीजों को फायदा होगा और महंगी सर्जरी के लिए प्रदेश से बाहर जाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
निश्चित रूप से रोबोटिक सर्जरी की शुरूआत के साथ हिमाचल प्रदेश के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है, जिसका पूरा श्रेय मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की दूरदर्शी सोच को जाता है। -
28/06/25आगामी वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी होगा हिमाचलः मुख्यमंत्री
हिमाचल, 28 जून (अभी): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार सायं राजकीय डेंटल कॉलेज, शिमला में आयोजित इंटर कॉलेज समारोह ‘इरप्शन-2025’ की अध्यक्षता की। इस अवसर पर अपने कॉलेज के दिनों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेज दिनों में वह एससीए अध्यक्ष रहे। आज की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को देखकर उन्हें अपने समय की याद आ गई। फर्क केवल इतना है कि आज विद्यार्थियों की भागीदारी अधिक है। विद्यार्थी जीवन में सपने देखना स्वाभाविक है लेकिन डिग्री के उपरांत जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार रहना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी, मेहनत और संकल्प से जीवन में सफलता हासिल की जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सरकारी स्कूल में शिक्षा ग्रहण की और उनका एक साधारण परिवार से सम्बंध है। ऐसे ही सामान्य परिवेश से निकलकर आज उन्हें राज्य की सेवा का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री बनने के समय राज्य पर 75 हजार करोड़ रुपये के कर्ज और कर्मचारियों की देनदारी के 10 हजार करोड़ का बोझ था। प्रदेश को कर्ज मुक्त करने के लिए प्रदेश सरकार ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का ध्येय मानकर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की बागडोर संभालने के उपरांत हमने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था का आकलन किया तो पाया कि पूर्व सरकार के कुप्रबंधन के कारण वर्ष 2021 में शिक्षा गुणवत्ता के मामले में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर था। पूर्व भाजपा सरकार ने चुनावी लाभ के लिए सैंकड़ों घोषणाएं कीं लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ। वर्तमान प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों को पूर्व सरकार के गलत निर्णयों से बचाने के लिए एक हजार स्कूलों का विलय किया और विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई सुधार लागू किए। कक्षा पहली से ही अंग्रेजी माध्यम शुरू करने के अलावा शिक्षकों और मेधावी विद्यार्थियों को एक्सपोजर विजिट के लिए विदेश भ्रमण पर भेजा जा रहा है। विरोध के बावजूद प्रदेश सरकार ने डायरेक्टरेट ऑफ स्कूल एजुकेशन की स्थापना की। इन प्रयासों से हिमाचल अब गुणवत्ता शिक्षा के क्षेत्र में 21वें स्थान से 5वें स्थान पर पहुुंच गया है, लेकिन हमारा लक्ष्य सर्वश्रेष्ठ स्थान पर पहुंचना है।
ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आगामी वर्ष से राज्य में 10 राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल शुरू हो जाएंगे और हिमाचल जल्द ही शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनकर उभरेगा। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रही है ताकि प्रदेशवासियों को राज्य में ही गुणवत्तायुक्त चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित हो सकें और ईलाज के लिए अन्य राज्यों में जाने की आवश्यकता न पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा महाविद्यालयों के उन्नयन पर 1100 करोड़ खर्च कर रही है। यह बहुत प्रसन्नता की बात है कि प्रदेश के एआईएमएसएस चमियाणा में पहली रोबोटिक सर्जरी मशीन स्थापित की गई है। इसी प्रकार राज्य के अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों में भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आगामी तीन माह के भीतर प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में पैट स्कैन और 3-टेक्सला एमआरआई मशीनें स्थापित की जाएंगी। एक वर्ष के भीतर चिकित्सा क्षेत्र में विशेष परिवर्तन देखने को मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने एमडी डाक्टरों का स्टाइपेंड 60 हजार रुपये से एक लाख रुपये कर दिया है और सुपर स्पेशेयलिटी डॉक्टरों के स्टाइपंड में भी आशातीत बढ़ोतरी की है। उन्होंने कहा कि एमडी करने वाले डेंटल डॉक्टरों को स्टाइपंड भी इसी आधार पर बढ़ाया जाएगा।
वित्तीय अनुशासन की आवश्यकता पर बल देते हुए मुख्य मंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने प्रदेश के संसाधनों का दुरूपयोग किया जबकि वर्तमान सरकार प्रत्येक पैसे की बचत कर विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम प्रतिभा प्रदर्शित करने और व्यक्तित्व विकास का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि आज का युवा हमारे देश का भविष्य है। मुख्य मंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ दि स्टेट के रूप में अपनाया है, ताकि उनकी देखभाल और शिक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों के लिए कानून बनाने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है। मुख्य मंत्री सभी को अपने परिवार का सदस्य मानते हैं।
उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को 5 लाख रूपये की राशि देने की घोषणा की।
इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, कॉलेज प्राचार्य डा. आशु भारती, कॉलेज स्टॉफ और विद्यार्थी उपस्थित थे।
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28/06/25केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने हिमाचल के राज्यपाल के नशामुक्त अभियान को भरपूर सहयोग का आश्वासन दिया
हिमाचल, 28 जून (अभी)केंद्रीय श्रम, रोेजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भेंट की। इस अवसर पर सांसद एन.के. प्रेम चंद तथा कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के सदस्य भी उनके साथ उपस्थित थे।
केंद्रीय मंत्री ने श्रमिक कल्याण योजनाओं तथा राज्यपाल द्वारा संचालित राज्यव्यापी नशामुक्ति अभियान की प्रगति को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने राज्यपाल को शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह् भेंट कर सम्मानित किया।
राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए श्री मांडविया द्वारा कोविड-2019 महामारी के दौरान जन कल्याण और श्रमिकों की बेहतरी के लिए किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में चल रहे नशामुक्त अभियान की संरचना बहुस्तरीय है जो अब पंचायत स्तर तक पहुंच चुकी है। प्रदेश में सिंथेटिक ड्रग की समस्या एक गम्भीर विषय है लेकिन यह प्रसन्नता का विषय है कि अब अभिभावक और आम लोग स्वयं आगे आकर नशा सम्बंधी गतिविधियों की सूचना दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता की दिशा में अब जनप्रतिनिधि भी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से आरम्भ यह अभियान अब एक जन आन्दोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के साथ राज्य के विभिन्न जिलों में चलाए जा रहे जन जागरूकता अभियान और प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और पहलों की जानकारी साझा की।
श्री मांडविया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को राज्यपाल श्री शुक्ल के लम्बे राजनीतिक अनुभव का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री भी नशा तस्करी को लेकर चिंतित हैं और उनके दिशा-निर्देशों पर ही वह हिमाचल प्रदेश आए हैं ताकि राज्यपाल द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्त की जानकारी प्राप्त कर सकें।
श्री मांडविया ने राज्यपाल को नशामुक्त अभियान में मंत्रालय द्वारा पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया और कहा कि इनका मंत्रालय भी कर्मचारी राज्य बीमा निगम की सक्रिय भागीदारी से नशा विरोधी अभियान आरम्भ करेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को जागरूक करने के लिए हिमाचल के नशामुक्त मॉडल को पूरे देश में अपनाया जाएगा।
केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न प्रदेशों के अधिकारी भी इस बैठक में उपस्थित थे। -
28/06/251 जुलाई से कर सकते हैं हरियाणा मुक्त विद्यालय सैकेण्डरी/सीनियर सैकेण्डरी परीक्षा सितम्बर-2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन
चंडीगढ़, 28 जून (अभी): हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा सितम्बर-2025 में आयोजित करवाई जाने वाली हरियाणा मुक्त विद्यालय की सैकेण्डरी तथा सीनियर सैकेण्डरी परीक्षा (सी.टी.पी., ओ.सी.टी.पी., रि-अपीयर, अतिरिक्त विषय, आंशिक अंक सुधार एवं पूर्ण विषय अंक सुधार श्रेणी) के लिए 01 जुलाई, 2025 से बोर्ड की आधिकारिक वेबसाईट www.bseh.org.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
यह जानकारी देते हुए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के प्रवक्ता ने बताया कि सैकेण्डरी (मुक्त विद्यालय) सी.टी.पी., ओ.सी.टी.पी. व अतिरिक्त विषय श्रेणी के परीक्षार्थी 1200 रूपये एवं रि-अपीयर, आंशिक अंक सुधार व पूर्ण विषय अंक सुधार श्रेणी के परीक्षार्थी 1100 रूपये परीक्षा शुल्क सहित 01 जुलाई से 20 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
इसी प्रकार सीनियर सैकेण्डरी (मुक्त विद्यालय) सी.टी.पी., ओ.सी.टी.पी. व अतिरिक्त विषय श्रेणी के परीक्षार्थी 1250 रूपये एवं रि-अपीयर, आंशिक अंक सुधार व पूर्ण विषय अंक सुधार श्रेणी के परीक्षार्थी 1150 रूपये परीक्षा शुल्क सहित 01 जुलाई से 20 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थियों को प्रायोगिक विषय/विषयों की परीक्षा के लिए 100 रूपये प्रति विषय अतिरिक्त शुल्क देय होगा।
उन्होंने आगे बताया कि निर्धारित तिथि उपरांत परीक्षार्थी 21 जुलाई से 31 जूलाई तक 100 रूपये विलम्ब शुल्क सहित, 01 अगस्त से 09 अगस्त तक 300 रूपये विलम्ब शुल्क सहित तथा 10 अगस्त से 15 अगस्त, 2025 तक 1000 रूपये विलम्ब शुल्क सहित ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सभी परीक्षार्थी समय रहते ऑनलाइन आवेदन करना सुनिश्चित करें।
इसके अतिरिक्त जो परीक्षार्थी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी व अन्य बोर्ड सेे अयोग्य (Not Qualified) हैं, ऐसे परीक्षार्थी भी सी.टी.पी./ओ.सी.टी.पी. श्रेणी के तहत आवेदन कर सकते हैं।
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28/06/25राष्ट्रीय स्तर पर नगर निकायों के अध्यक्षों का होगा दो दिवसीय सम्मेलन, लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला करेंगे सम्मेलन का उद्घाटन
चंडीगढ़, 28 जून (अभी) : गुरुग्राम के मानेसर स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (आईसीएटी) में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। 3 जुलाई तथा 4 जुलाई को शहरी स्थानीय निकायों की 'संवैधानिक लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण में भूमिका' विषय पर होने वाले सम्मेलन में राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के शहरी स्थानीय निकायों के अध्यक्ष शिरकत करेंगे। दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला के कर कमलों द्वारा किया जायेगा।
इस दौरान हरियाणा विधानसभा के स्पीकर श्री हरविंद्र कल्याण, लोकसभा के महासचिव श्री उत्तपल कुमार सिंह भी मौजूद रहेंगे। उद्घाटन सत्र में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल और हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल भी शामिल होंगे।
सम्मेलन में देशभर से नगर निगमों के मेयर, आयुक्त एवं अन्य प्रतिनिधि भाग लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य शहरी प्रशासन को अधिक प्रभावी, समावेशी और नवाचारोन्मुख बनाना है, जिससे 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को साकार किया जा सके।
इस बारे में जानकारी देते हुए सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सत्र के पहले दिन के कार्यक्रम में देश के प्रमुख नगरों- भुवनेश्वर, कोयंबटूर, इंदौर, लखनऊ, पुणे, सूरत और विशाखापट्टनम द्वारा अपनाई गई सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके उपरांत पांच अलग-अलग उपविषयों पर कार्यशालाएं आयोजित होंगी, जिनमें लोकतंत्र की आधारशिला के रूप में शहरी स्थानीय निकाय की भूमिका, परिषद की बैठकों की आदर्श कार्य प्रणाली और आचार संहिता विकसित करना, समावेशी विकास के इंजन के रूप में स्थानीय निकायों की भूमिका, नगर पालिका शासन को अधिक प्रभावशाली बनाना, नवाचार के केंद्र, नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार, महिला सशक्तिकरण के वाहक और 21वीं सदी के भारत के निर्माता के रूप में, समाज और राजनीति में महिलाओं को नेतृत्व के लिए तैयार करने संबंधी विषय शामिल है।
इसी प्रकार 4 जुलाई के सत्र में उपविषयों पर समूह प्रस्तुतियां, लोकसभा अध्यक्ष के साथ अनौपचारिक संवाद और एक समापन सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश, माननीय राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय, हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्डा शिरकत करेंगे। यह सम्मेलन न केवल शहरी प्रशासन के भविष्य की दिशा तय करेगा, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक और विकासात्मक मार्ग को भी सशक्त बनाएगा।
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28/06/25भारत निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार मतदाता सूचियों के अद्यतन के लिए चलाये जाते हैं विशेष अभियान
चंडीगढ़, 28 जून (अभी) - हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री ए. श्रीनिवास ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशानुसार राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अपने-अपने राज्य में नियमित रूप से अभियान चलाकर त्रुटिरहित, अद्यतन और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करते हैं। इसी कड़ी में आयोग ने बिहार राज्य में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रारंभ करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि इस महाअभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मतदाताओं के घर—घर तक जाकर सूचनाओं का सत्यापन करेंगे ताकि सभी पात्र नागरिकों को सूची में सम्मिलित किया जा सके, अयोग्य नाम हटाए जा सकें और मतदाता सूची में अपात्र व्यक्तियों की प्रविष्टियों को रोका जा सके।
गहन पुनरीक्षण की आवश्यकता
उन्होंने कहा कि आयोग का मानना है कि देश में शहरीकरण में तेजी, लगातार प्रवास, युवाओं का मतदान के योग्य होना, मृतकों की सूचना न मिलना और अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची में आ जाना जैसे कई कारणों से इस व्यापक संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई।
राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहन
उन्होंने कहा कि ECI ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे अपने बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) को प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए नियुक्त करें ताकि पुनरीक्षण की पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी गड़बड़ी को प्रारंभिक स्तर पर ही दूर किया जा सके।
संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों का पालन अनिवार्य
पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान संविधान के अनुच्छेद 326 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 16 और 23 के तहत निर्धारित पात्रताओं का कठोरता से पालन किया जाएगा। ईआरओ (Electoral Registration Officer) द्वारा नाम जोड़ने के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों की पुष्टि की जाएगी और ईसीआईनेट (ECINET) पर उन्हें अपलोड भी किया जाएगा, जिससे पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
गोपनीयता का विशेष ध्यान
मतदाता दस्तावेजों की गोपनीयता को बनाए रखने के लिए यह व्यवस्था की गई है कि ये दस्तावेज केवल अधिकृत निर्वाचन अधिकारियों तक ही सीमित रहेंगे। किसी दावे या आपत्ति की स्थिति में एईआरओ (Assistant ERO) जांच करेगा और आवश्यकता होने पर जिला मजिस्ट्रेट या मुख्य निर्वाचन अधिकारी से अपील की जा सकती है।
कमजोर वर्गों के लिए विशेष सुविधा
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वृद्ध, विकलांग, बीमार और अन्य कमजोर वर्गों के मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उनके लिए आवश्यकता अनुसार स्वयं सेवकों की सहायता, विशेष शिविर और मोबाइल टीमों की व्यवस्था की जाएगी।
संपूर्ण सफलता के लिए जनसहयोग अनिवार्य
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह महत्त्वपूर्ण लोकतांत्रिक अभ्यास तभी सफल होगा जब इसमें मतदाताओं और राजनीतिक दलों की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित हो। पुनरीक्षण प्रक्रिया न केवल मतदाता सूची की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगी, बल्कि आगामी चुनावों की पारदर्शिता और निष्पक्षता को भी सुदृढ़ करेगी।
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28/06/25ऑपरेशन द्रोणगिरि के तहत प्रथम चरण में हरियाणा का चयन, सोनीपत जिले से होगी पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत
चंडीगढ़, 28 जून (अभी) - हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार की राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति के तहत एक अभिनव पहल के अंतर्गत "ऑपरेशन द्रोणगिरि" के प्रथम चरण में भारत सरकार ने हरियाणा सहित पांच राज्यों को चयनित किया है।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि केंद्र सरकार कि पहल को देखते हुए हरियाणा सरकार ने "ऑपरेशन द्रोणगिरि" के क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय व जिला स्तरीय कमेटियां गठित की हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा में सोनीपत जिले को प्रथम चरण के लिए प्रारंभिक तौर पर योजना के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति का उद्देश्य राष्ट्रीय विकास, आर्थिक समृद्धि एवं सूचना आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। हरियाणा के अलावा महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, असम और उत्तर प्रदेश राज्यों को भी प्रथम चरण के लिए चुना गया है।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि ‘ऑपरेशन द्रोणगिरि’ का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले भू-स्थानिक आंकड़ों को सेवा प्रदाताओं तक पहुंचाना है, ताकि कृषि, परिवहन, बुनियादी ढांचा, आजीविका एवं कौशल विकास जैसे क्षेत्रों की विशिष्ट चुनौतियों का समाधान किया जा सके। इस परियोजना की नोडल एजेंसी सर्वे ऑफ इंडिया (SoI) है, और हरियाणा के सोनीपत जिले को इसके आरंभ स्थल के रूप में चुना गया है।
इस पहल की प्रभावी निगरानी एवं समन्वय सुनिश्चित करने हेतु हरियाणा सरकार ने एक राज्य स्तरीय समिति गठित की है, जिसकी अध्यक्षता भूमि अभिलेख निदेशक, हरियाणा करेंगे। सर्वे ऑफ इंडिया, हरियाणा के निदेशक को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। समिति में HARSAC के निदेशक, जिला राजस्व अधिकारी (मुख्यालय), सहायक निदेशक (मुख्यालय) और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन कार्यालय से आईटी महाप्रबंधक अभिनव पहल भी इसके सदस्य होंगे।
जिला स्तर पर सोनीपत में जिला उपायुक्त इस समिति की अध्यक्षता करेंगे, जबकि सर्वे ऑफ इंडिया, हरियाणा के अधीक्षक सर्वेक्षक सदस्य सचिव होंगे। जिला राजस्व अधिकारी, सोनीपत, एवं राजस्व व आपदा प्रबंधन विभाग के आईटी महाप्रबंधक सदस्य के रूप में कार्य करेंगे।
इन समितियों की जिम्मेदारी संचालन रूपरेखा तय करना, केंद्र एवं राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करना तथा परियोजना की निगरानी करना होगा। इसके अतिरिक्त ये समितियां जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों का समाधान कर समयबद्ध निर्णय लेना सुनिश्चित करेंगी।
डॉ. मिश्रा ने आगे बताया कि "ऑपरेशन द्रोणगिरि" केंद्र सरकार की एक अभिनव पहल है, जो उन्नत ड्रोन आधारित मानचित्रण और भू-स्थानिक तकनीकों का उपयोग करके सरकारी सेवाओं की दक्षता बढ़ाने के लिए कार्य करेगी। इस कार्यक्रम के तहत किसानों को सटीक एवं आंकड़ा-आधारित कृषि सलाह प्राप्त होगी, जिससे वे अपनी फसल की उपज एवं संसाधनों का कुशल उपयोग कर सकेंगे। यह पहल सुनिश्चित करेगी कि किसी क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पारदर्शी, सुलभ और रणनीतिक रूप से उपयोगी हो।
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28/06/25हरियाणा पुलिस का ऐतिहासिक उपलब्धि, निःशुल्क कैशलेस इलाज योजना के क्रियान्वयन में पूरे देश में पहले स्थान पर पहुंचा हरियाणा
चंडीगढ़, 28 जून (अभी) - सड़क दुर्घटना पीड़ितों को निःशुल्क और त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में हरियाणा द्वारा उठाया गया कदम अब पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन चुका है। पहली अक्तूबर,2024 को लागू की गई निःशुल्क कैशलेस इलाज योजना के सफल और प्रभावशाली क्रियान्वयन ने हरियाणा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान दिलाया है। यह हरियाणा पुलिस की तत्परता, तकनीकी दक्षता और मानवीय संवेदनशीलता का परिणाम है जिसने इस योजना को धरातल पर उतारते हुए इसे एक सशक्त, संवेदनशील और प्रभावशाली राहत तंत्र के रूप में साकार कर दिखाया।
पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने इस असाधारण उपलब्धि पर ट्रैफिक एवं हाइवे विंग की पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह योजना जनसेवा, सुशासन और उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है और भविष्य में भी नागरिक-केन्द्रित दृष्टिकोण इसी तरह जारी रहेगा।
योजना लागू होने के बाद से अब तक 3167 सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में हरियाणा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को निःशुल्क कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया। यह आंकड़ा देश के किसी भी राज्य से अधिक है।
मजबूत निगरानी ढांचा, 6 घंटे में केस अप्रूवल की मिसाल
हर जिले में डीएसपी स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है, जो 24x7 सक्रिय जिला सड़क सुरक्षा सेल की अगुवाई करते हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही महज़ 6 घंटे के भीतर केस की डिजिटल प्रोसेसिंग और अप्रूवल सुनिश्चित की जाती है। एक राज्यव्यापी समर्पित व्हाट्सएप नेटवर्क के ज़रिए सभी मामलों की रीयल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है - यह एक अनूठा प्रशासनिक प्रयोग है जो अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय है।
CCTNS और e-DAR का अभिनव एकीकरण - डिजिटल समन्वय की मिसाल
हरियाणा CCTNS को e-DAR से सफलतापूर्वक जोड़ने वाला देश का पहला राज्य बना गया है। इस समन्वय से दुर्घटनाओं से जुड़ा डेटा रीयल टाइम में स्वतः ट्रांसफर होकर रिपोर्टिंग और जांच की गति को कई गुना तेज़ कर रहा है। इससे न केवल फर्जी दावों पर लगाम लगी है, बल्कि प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है।
112 और 108 का आपातकालीन गठजोड़
हरियाणा में 112 आपात सेवा और 108 एम्बुलेंस सेवा को आपस में जोड़कर एक रिस्पॉन्स इंटीग्रेशन मॉडल तैयार किया गया है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एम्बुलेंस और संबंधित थानों को एक साथ सक्रिय किया जाता है, जिससे पीड़ितों को मिनटों में अस्पताल पहुंचाने की सुविधा सुनिश्चित होती है। इस मॉडल को केंद्रीय मंत्रालय MoRTH द्वारा पूरे देश के लिए अनुकरणीय करार दिया गया है।
इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में हरियाणा पुलिस ने केवल एक प्रशासनिक एजेंसी की भूमिका नहीं निभाई, बल्कि एक संवेदनशील और मानवीय प्रहरी के रूप में अपनी भूमिका को और भी सशक्त किया है। सड़क दुर्घटना जैसी विषम परिस्थिति में जब हर सेकेंड कीमती होता है, तब पुलिस का तत्काल रिस्पॉन्स, अस्पतालों के साथ तालमेल और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करना - यह सब दर्शाता है कि हरियाणा पुलिस सिर्फ कानून की नहीं, इंसानियत की भी रखवाली कर रही है।
जन-जागरूकता से जनभागीदारी तक - 1228 अस्पतालों की मजबूत श्रृंखला
योजना को व्यापक पहुंच देने के लिए MoRTH, पुलिस महानिदेशक हरियाणा और परिवहन विभाग द्वारा राज्यस्तरीय कार्यशालाओं, सोशल मीडिया अभियानों और मीडिया कवरेज के माध्यम से निरंतर जागरूकता अभियान चलाया गया। आज राज्य के 1228 अस्पताल योजना में पंजीकृत हैं, जिससे सुनिश्चित हुआ है कि हर दुर्घटना पीड़ित को बिना देरी के उचित उपचार मिल सके।
हरियाणा की 3167 मामलों में सफलता, तकनीकी दक्षता, प्रशासनिक सजगता, और जनमानस से जुड़ाव ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाेच्च स्थान दिलाया है। अब देश के अन्य राज्य भी इस मॉडल को अपनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहे हैं। यह सफलता न केवल हरियाणा पुलिस की क्षमता और करुणा की पहचान है, बल्कि यह एक प्रेरक प्रमाण भी है कि यदि इच्छाशक्ति हो तो बदलाव संभव है।
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28/06/25सीआईएसएफ का लक्ष्य राज्यों की अग्निशमन सेवाओं के साथ साझीदारी मजबूत करना: कमांटेंडेंट ललित पंवार
चंडीगढ़, 28 जून (अभी) - पंजाब एवं हरियाणा सिविल सचिवालय चंडीगढ़ की यूनिट में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने आज अपने राष्ट्रव्यापी अग्नि परीक्षण के तहत जवानों को अग्निशमन के उपकरणों के संचालन तथा आपदा के समय आग पर काबू पाने का प्रशिक्षण दिया। इस मौके पर यूनिट के कमांटेंडेंट श्री ललित पंवार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सीआईएसएफ केंद्रीय शस्त्र बलों में एक मात्र ऐसा बल है, जिसके पास समर्पित अग्निशमन विंग है। उन्होंने बताया कि इस विंग की स्थापना 2023 में की गई थी और देश के 100 शहरों के अग्निशमन कर्मियों को प्रशिक्षण की जिम्मेवारी भी सीआईएसएफ को दी गई है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 तक सीआईएसएफ का लक्ष्य राज्यों की अग्निशमन सेवाओं के साथ अपनी साझीदारी को औऱ अधिक मजबूत करना है। इससे देश की समग्र शहरी सुरक्षा और इफ्रास्ट्रक्टर को मजबूत करना है। भारत सरकार के आपदा प्रतिरोध दृष्टिकोण के अनुरूप लोगों के जीवन व देश की संपत्ति की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ प्रतिबद्ध है।
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28/06/25देश के शहरी स्थानीय निकायों के अध्यक्षों का 3 व 4 जुलाई को गुरुग्राम में आयोजित होगा राष्ट्रीय सम्मेलन
चंडीगढ़, 28 जून (अभी) - हरियाणा मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शहरी स्थानीय निकायों के अध्यक्षों का 3 व 4 जुलाई को मानेसर (गुरुग्राम) में आयोजित होने वाला राष्ट्रीय स्तरीय सम्मेलन देश में यह अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है। इस सम्मेलन में जब देशभर से प्रतिनिधि हरियाणा आएंगे, तो उन्हें केवल प्रशासनिक दक्षता ही नहीं, बल्कि एक सशक्त और सुसंस्कृत हरियाणा का अनुभव करवाया जाए ताकि अतिथि यहां से अविस्मरणीय अच्छा अनुभव लेकर जाएं।
मुख्य प्रधान सचिव आज यहां मानेसर (गुरुग्राम) में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि गुरुग्राम में विभिन्न स्थानों को चिह्नित कर इस सम्मेलन का प्रचार ज्यादा से ज्यादा किया जाए और अधिक से अधिक गुरुग्राम वासियों को इसकी जानकारी दी जाए। इस सम्मेलन का आयोजन लोकसभा सचिवालय, हरियाणा विधानसभा और हरियाणा सरकार के समन्वय में किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन का विषय ‘संवैधानिक लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण को मजबूत करने में शहरी स्थानीय निकायों की भूमिका‘ पर आयोजित किया जा रहा है। जो शहरी स्थानीय निकायों को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम होगा। यह सम्मेलन न सिर्फ शहरी स्थानीय निकायों को सुदृढ़ करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि विधायिका कार्य प्रणाली तथा हरियाणा के आतिथ्य भाव की मिसाल भी पेश करेगा।
मुख्य प्रधान सचिव ने कहा कि यह सम्मेलन प्रधानमंत्री के स्वप्न ‘एक राष्ट्र एक विधायिका’ की दिशा में बढ़ता हुआ महत्त्वपूर्ण कदम है। इस सम्मेलन के निमित्त शहरी स्थानीय निकायों की देश के विकास में सहभागिता को बढ़ाने का रोडमैप तैयार होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के इस सम्मेलन में शहरी विकास की रूपरेखा पर व्यापक चर्चा होगी। साथ ही सभी डेलिगेट्स के ठहरने की व्यवस्था गुरुग्राम में होने से सांस्कृतिक आदान-प्रदान व आपसी सहयोग की भावना भी बढ़ेगी।
उन्होंने अधिकारियों के साथ डेलिगेट्स के स्वागत, ठहरने, आयोजन स्थल तक आवागमन, सम्मेलन के लिए पंजीकरण, स्वास्थ्य सुविधाएं, यातायात प्रबंधन व सुरक्षा इंतजामों को लेकर विस्तार से चर्चा की। बैठक में बताया गया कि अतिथियों को दिल्ली एयरपोर्ट और नई दिल्ली एवं गुरुग्राम रेलवे स्टेशन पर सहयोग के लिए हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे। ताकि इस सम्मेलन में आने वाले अतिथियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस सम्मेलन में देशभर के राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से 500 से अधिक प्रतिनिधि (डेलिगेट्स) भाग लेंगे।
बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री विकास गुप्ता, सूचना, जनसंपर्क, कला एवं सांस्कृतिक विभाग के महानिदेशक श्री के.एम. पांडुरंग, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी श्री विवेक कालिया, हरियाणा विधानसभा स्पीकर के सलाहकार श्री राम नारायण यादव और वीडियो कॉन्फ्रेंस से लोकसभा सचिवालय से संयुक्त सचिव श्री गौरव गोयल, हरियाणा हॉस्पिटलिटी विभाग के निदेशक श्री मुकुल कुमार, गुरुग्राम के उपायुक्त श्री अजय कुमार और नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त श्री प्रदीप दहिया बैठक में उपस्थित हुए।
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28/06/25पैरा एशियाई खेलों के 13 खिलाड़ियों और पदक विजेताओं के लिए 19.72 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मंजूर
चंडीगढ़, 28 जून (अभी) - हरियाणा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष और हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव द्वारा की गई तत्काल और त्वरित कार्रवाई के बाद हरियाणा सरकार ने "चौथे पैरा एशियाई खेलों 2022" में भाग लेने वाले हरियाणा के 13 खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार के लिए 19.72 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मंजूर की है।
इन पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में एथलेटिक्स खिलाड़ी हैनी को स्वर्ण पदक जीतने पर 3 करोड़ रुपये मिलेंगे। नितेश कुमार (पैरा बैडमिंटन) को स्वर्ण पदक जीतने पर 3 करोड़ रुपये और रजत पदक जीतने पर 1.5 करोड़ रुपये मिलेंगे। सरिता अधाना (पैरा तीरंदाजी) को रजत पदक जीतने पर 1.5 करोड़ रुपये मिलेंगे। पूजा, धर्मबीर, रिंकू, प्रमोद, योगेश कथुनिया, रामपाल और मोनू घनघस को रजत पदक जीतने पर 1.50-1.50 करोड़ रुपये मिलेंगे। पैरा लॉन बॉल खिलाड़ी अंजू बाला, एथलेटिक्स खिलाड़ी जसबीर और कैनोइंग खिलाड़ी जयदीप को खेलों में भाग लेने की एवज में 7.50-7.50 लाख रुपये मिलेंगे।
इसके अलावा, एथलेटिक्स खिलाड़ी प्रणव सूरमा, रमन शर्मा, सुमित और तरुण ढिल्लों को भी स्वर्ण पदक जीतने पर 3-3 करोड़ रुपये मिलेंगे। उनकी पुरस्कार राशि आने वाले दिनों में मंजूर की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि हमारे पैरा-एथलीटों ने हरियाणा और देश को बहुत गौरवान्वित किया है। यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य था कि उन्हें बिना देरी के सम्मानित कर पुरस्कृत किया जाए। मैं मुख्यमंत्री को तत्काल कार्रवाई करने के लिए धन्यवाद देती हूं। प्रदेश सरकार हर उस एथलीट को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जो भारत को गौरव दिलाने के लिए चुनौतियों को पार करता है।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार पैरा-स्पोर्ट्स के लिए एक सहायक वातावरण बनाने के लिए समर्पित है। उल्लेखनीय है कि खिलाड़ियों ने नकद पुरस्कार वितरण के संबंध में कुछ दिन पहले आरती सिंह राव से मुलाकात की थी। मंत्री ने इस मामले को मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के समक्ष उठाया, जिसके परिणामस्वरूप त्वरित कार्रवाई की गई और पुरस्कार राशि वितरित की गई है।
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28/06/25'कांटा लगा’ फेम एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला का 42 वर्ष की उम्र में निधन
आरएस अनेजा, 28 जून नई दिल्ली
बॉलीवुड से दुखद खबर आज आई है। 'कांटा लगा’ गाने से सबके दिलों को छूने वालीं मॉडल और एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला का 42 साल की उम्र में निधन हो गया है।
बताते हैं कि कार्डिएक अरेस्ट से उनकी मौत हो गई, जिसने न सिर्फ उनके फैंस बल्कि पूरे इंडस्ट्री को झकझोर दिया है। शेफाली ने न सिर्फ अभिनय से, बल्कि अपने ग्लैमरस लुक से भी लोगों के दिलों पर राज किया।
एक्ट्रेस की डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए कूपर हॉस्पिटल भेज दिया गया है। इस बीच मुंबई पुलिस ने उनके पति और एक्टर पराग त्यागी का बयान दर्ज किया है। पराग ने खुलासा किया है कि शेफाली का पहले से ही इलाज चल रहा था।
मुंबई पुलिस ने शेफाली जरीवाला के पति पराग त्यागी का उनके घर पर ही बयान दर्ज किया है। मामले की जांच के तहत अब तक चार लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, जिसमें दो नौकर, एक सिक्युरिटी गार्ड शामिल हैं। फिलहाल आगे की जांच अभी चल रही है।
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28/06/25“सांख्यिकी दिवस” कल 29 जून को मनाया जाएगा, थीम: राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के 75 वर्ष
आरएस अनेजा, 28 जून नई दिल्ली
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) 29 को डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली में 19वां सांख्यिकी दिवस मनाएगा। यह दिवस सांख्यिकी और आर्थिक नियोजन के क्षेत्र में अग्रणी रहे प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती के उपलक्ष्य में हर साल मनाया जाता है।
सांख्यिकी दिवस का उद्देश्य राष्ट्रीय विकास के लिए सामाजिक-आर्थिक नियोजन और नीति निर्माण में खासकर युवा पीढ़ी के बीच सांख्यिकी के महत्व के बारे में जन जागरूकता पैदा करना है।
वर्ष 2007 से प्रत्येक वर्ष सांख्यिकी दिवस राष्ट्रीय प्रासंगिकता की थीम के साथ मनाया जाता है। वर्ष 2025 के लिए थीम (विषय) “राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के 75 वर्ष” है, जो भारत में साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने और शासन का समर्थन करने वाले विश्वसनीय एवं समयबद्ध सांख्यिकीय डेटा प्रदान करने में राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), योजना मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संस्कृति मंत्रालय के राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह करेंगे, जो इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के अध्यक्ष प्रो. राजीव लक्ष्मण करंदीकर और एमओएसपीआई सचिव डॉ. सौरभ गर्ग भी संबोधन देंगे।
राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मंत्रालय एक स्मारक सिक्का और कस्टमाइज्ड माई स्टैम्प जारी करेगा। इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण सांख्यिकीय प्रकाशन भी जारी किए जाएंगे, जिनमें सतत विकास लक्ष्य - राष्ट्रीय संकेतक रूपरेखा प्रगति रिपोर्ट 2025 (सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स- नेशनल इंडिकेटर फ्रेमवर्क प्रोग्रेस रिपोर्ट 2025) और भारत में पोषण सेवन (न्यूट्रिशनल इनटेक इन इंडिया) 2022-23 और 2023-24 शामिल हैं। इसके अलावा, आधिकारिक आंकड़ों तक उपयोगकर्ता के अनुकूल पहुंच की सुविधा के लिए एमओएसपीआई द्वारा विकसित जीओआईस्टेट मोबाइल एप्लिकेशन भी लॉन्च किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान सांख्यिकी में प्रतिष्ठित प्रो. सी.आर. राव राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। एमओएसपीआई द्वारा आयोजित डेटा विजुअलाइज़ेशन हैकथॉन के विजेताओं को भी बधाई दी जाएगी। एमओएसपीआई के महानिदेशक श्री पी. आर. मेश्राम द्वारा धन्यवाद ज्ञापन दिया जाएगा।
उद्घाटन सत्र के बाद तकनीकी सत्र होगा जिसमें राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के 75 वर्षों पर प्रकाश डालने वाली एक लघु फिल्म दिखाई जाएगी और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य डॉ. शमिका रवि द्वारा संचालित “आधिकारिक सांख्यिकी पर अग्रणी प्रौद्योगिकियों का प्रभाव” विषय पर एक पैनल चर्चा होगी। पैनल में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी (राष्ट्रीय प्रतिरक्षाविज्ञान संस्थान) के निदेशक डॉ. देबाशीष मोहंती, वाधवानी सेंटर फॉर गवर्नमेंट डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के सीईओ श्री प्रकाश कुमार और आदित्य बिड़ला मैनेजमेंट कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड के एनालिटिक्स कंसल्टिंग एंड सॉल्यूशन के प्रमुख, एसवीपी श्री अमिताभ त्रिपाठी शामिल होंगे।
इस कार्यक्रम में विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, नीति आयोग, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन, अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों, डोमेन विशेषज्ञों, शोध संस्थानों और अन्य हितधारकों सहित लगभग 700 प्रतिभागियों के भाग लेने की संभावना है। कार्यक्रम के मुख्य अंशों को एमओएसपीआई के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी देखा जा सकता है।
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28/06/25रक्षा राज्य मंत्री ने अन्टाननरीवो में मेडागास्कर के स्वतंत्रता दिवस की 65वीं वर्षगांठ में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया
आरएस अनेजा, 28 जून नई दिल्ली
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने मेडागास्कर में राजधानी अन्टाननरीवो की आधिकारिक यात्रा की। इस अवसर पर उन्होंने एक उच्च स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। रक्षा राज्य मंत्री ने अपनी यात्रा के दौरान मेडागास्कर के स्वतंत्रता दिवस की 65वीं वर्षगांठ और मालागासी सशस्त्र बलों के गठन समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
संजय सेठ ने मेडागास्कर के सशस्त्र बल मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल साहिवेलो लाला मोन्जा डेल्फिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस मौके पर दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को गति देने और विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा व क्षमता निर्माण को विस्तार देने के तौर-तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने मेडागास्कर के प्रधानमंत्री श्री क्रिश्चियन एनत्से से भी मुलाकात की और मेडागास्कर की स्वतंत्रता की 65वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ओर से उनको हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
रक्षा राज्य मंत्री अन्टाननरीवो में दूतावास द्वारा आयोजित भारतीय सामुदायिक स्वागत समारोह में शामिल हुए। उन्होंने मेडागास्कर में भारतीय समुदाय के सदस्यों को भारत में हाल के घटनाक्रमों और प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वर्तमान में चल रहे आर्थिक परिवर्तनकारी कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी।
हिंद महासागर क्षेत्र में निकट पड़ोसी और सहयोगी विकासशील देशों के रूप में भारत तथा मेडागास्कर के बीच दीर्घकालिक मैत्री एवं लोगों के बीच मित्रवत संपर्क हैं। मेडागास्कर की विकास यात्रा में भारत एक विश्वसनीय और प्रतिबद्ध भागीदार बना रहेगा। रक्षा राज्य मंत्री की इस यात्रा ने महासागर (सभी क्षेत्रों में सुरक्षा एवं विकास के लिए पारस्परिक तथा समग्र उन्नति) के दृष्टिकोण के अनुरूप, मेडागास्कर के साथ अपनी साझेदारी को और सशक्त बनाने की भारतीय प्रतिनिधित्व की तरफ से प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
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