ईरान-इजराइल तनाव में फंसे 1500 भारतीय छात्र

ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और संघर्ष की आशंका के बीच ईरान में फंसे 1500 से अधिक भारतीय छात्रों, खासकर जम्मू-कश्मीर से संबंध रखने वालों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने तेहरान स्थित भारतीय दूतावास को सक्रिय निर्देश दिए हैं कि वह छात्रों के साथ लगातार संपर्क में रहकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोमवार को एक बयान में बताया कि, तेहरान में भारतीय दूतावास सुरक्षा हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है और वहां मौजूद भारतीय छात्रों के साथ निरंतर संवाद कर रहा है। कुछ मामलों में छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित भी किया गया है।विदेश मंत्रालय ने संभावित निकासी योजनाओं और अन्य वैकल्पिक रणनीतियों पर भी विचार शुरू कर दिया है। इसके साथ ही ईरान में मौजूद भारतीय समुदाय के नेताओं के साथ भी मिशन नियमित संपर्क में है।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से अपील करते हुए कहा था कि ईरान में फंसे कश्मीरी छात्रों की स्थिति पर तुरंत ध्यान दिया जाए। उमर अब्दुल्ला की अपील के बाद ही विदेश मंत्रालय ने तेजी से पहल करते हुए यह आश्वासन जारी किया।फिलहाल ईरान और इजराइल के बीच हालात बेहद संवेदनशील हैं, और ऐसे में 1500 से अधिक भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना भारत सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती बन गया है।

तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों और PIOs (भारतीय मूल के व्यक्तियों) से अपील की है कि वे सतर्क रहें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में दूतावास से संपर्क बनाए रखें। इसके लिए एक टेलीग्राम चैनल बनाया गया है ताकि नागरिकों को समय-समय पर अपडेट मिलते रहें। साथ ही सोशल मीडिया के जरिए एक Google फॉर्म भी साझा किया गया है, जिसमें सभी भारतीय नागरिकों को अपने संपर्क विवरण अपडेट करने को कहा गया है।

ईरान में हिंदू धर्म एक छोटा धर्म है। 2015 तक ईरान में 39,200 हिंदू रहते थे।

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