“ए अजर आखिर तो तुझको आना ही है एक दिन, मेरे काम करते-करते आएगी तो तेरा एहसान होगा”, अनिल विज की भावुक शायरी ने दिल छूआ
अम्बाला छावनी, 13 जून :
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज अंबाला छावनी स्थित अपने टी-पॉइंट पर एक भावुक शायरी सुनाकर सबका दिल छू लिया।
आज एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य विज से मिलने उनके टी पॉइंट पर पहुंचे थे। शांडिल्य ने मंत्री अनिल विज को कहा कि उन्होंने गत दिवस अंबाला छावनी में झुलसा देने वाली गर्मी के बीच लगातार पांच घंटे निरीक्षण किया और इसी दौरान उन्होंने विज से आग्रह किया कि वे अपनी सेहत का ख्याल रखें और थोड़ा आराम भी करें, क्योंकि उनके अंगूठे में चोट लगी हुई है।
इस पर मंत्री अनिल विज ने मुस्कुराते हुए शायरी सुनाई जिसने सभी को भावुक कर दिया…
“ए अजर आख़िर तुझको आना है एक दिन,
मेरे काम करते हुए आएगी तो तेरा एहसान होगा।”
कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि “मरना तो हर किसी को है, लेकिन अगर मौत काम करते हुए आए तो वह भी एक सौभाग्य की बात होगी।” उनकी यह बात न सिर्फ शायराना थी, बल्कि उनके कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित व्यक्तित्व की झलक भी थी। इस मौके पर विज का संकल्प और जनता के प्रति उनका समर्पण एक बार फिर स्पष्ट नजर आया। मंत्री अनिल विज अपनी स्पष्टवादिता और ज़मीनी स्तर पर सक्रियता के लिए जाने जाते हैं। उनका यह अंदाज आम जनता से उन्हें जोड़ता है और आज की यह शायरी भी उनके उसी जज़्बे की मिसाल बन गई।
शायराना अंदाज में दिखे कैबिनेट मंत्री अनिल विज, कुछ स्वयं लिखी पंक्तियां पढ़ी
आज कैबिनेट मंत्री अनिल विज बेहद शायराना अंदाज में दिखे और उन्होंने दिल की गहराईयों को छूने वाली व कुछ स्वयं लिखी पंक्तियों को पढ़ा …
”आपकी दुआओं से ही मैं जिंदा हूं, वरना धरती का मैं छोटा सा परिंदा हूं, कभी ऊंचा उड़ने की ख्वाहिश नहीं की मैने, काम अधूरे छोड़कर चला जाता यही सोचकर शर्मिंदा हूं, मैं तो धरती का छोटा सा परिंदा हूं”””
”तूफानों से खेलता हूं मैं, मैं खुद भी एक तूफान हूं, मुझसे टकराने वालों के अंत का पैगाम हूं”
“राजनीति ने गालिब हमको निकम्मा कर दिया, वरना आदमी तो थे हम बहुत काम के”
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