'नए कानूनों के तहत पीड़ितों को तीन साल में न्याय दिलाया जाएगा। अमित शाह गृह मंत्री भारत
अनिल विज अंबाला छावनी 18 जून 2025 : औपनिवेशिक युग के आपराधिक न्याय के कानूनी मूल को प्रतिस्थापित करने वाले नए कानूनों की तिकड़ी के साथ—1860 का भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1882 में मूल रूप से बनाई गई दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी), और 1872 का पुराना भारतीय साक्ष्य अधिनियम—केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पूर्वानुमान है कि भारत में दुनिया की सबसे आधुनिक न्याय प्रणाली होगी। इसमें जिन बुराइयों को संबोधित किया गया है उनमें से एक मौजूदा प्रणाली की निराशाजनक सुस्ती है, जहां प्रक्रिया ही सजा बन जाती है। शाह का कहना है कि अब लोगों को न्याय पाने के लिए वर्षों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अदालती सुनवाई स्थगन की संस्कृति पर बॉलीवुड के एक लोकप्रिय संवाद का जिक्र करते हुए वे कहते हैं, ''नए कानूनों के तहत पीड़ितों को तीन साल में न्याय दिलाया जाएगा। 'तारीख पे तारीख' का दौर रसातल में चला गया है।'
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