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15/12/25 |महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) ने इंजीनियरिंग व पीजी परीक्षाओं की तिथियों में किया संशोधन
चंडीगढ़, 15 दिसम्बर (अभी) : महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक ने इंजीनियरिंग कोर्स व पीजी पाठ्यक्रमों की परीक्षा तिथियों में संशोधन किया है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार डेटशीट में बीटेक, एम.टेक और एमएससी (स्टैटिस्टिक्स) सेमेस्टर की कुछ परीक्षाओं को पुनर्निर्धारित किया गया है। हालांकि परीक्षा का समय और परीक्षा केंद्र पूर्ववत रहेंगे, उनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि बीटेक 5वें सेमेस्टर (जी स्कीम) की परीक्षाओं में डिजिटल कम्युनिकेशन, वाटर सप्लाई एंड ट्रीटमेंट, डिजाइन एंड एनालिसिस ऑफ एल्गोरिदम्स, केमिकल प्रोसेसिंग ऑफ अनकन्वेंशनल टेक्सटाइल मैटीरियल्स तथा इंट्रोडक्शन टू आर प्रोग्रामिंग विषयों की तिथियों में बदलाव किया गया है। कुछ परीक्षाएं अब 31 दिसंबर 2025, 5 जनवरी 2026 और 7 जनवरी 2026 को आयोजित होंगी।
बीटेक 7वें सेमेस्टर (जी स्कीम) में टेक्सटाइल केमिकल प्रोसेसिंग, एडवांस आर्किटेक्चर ऑफ कंप्यूटर और क्वालिटी इंजीनियरिंग की परीक्षाओं की तिथियां संशोधित की गई हैं, जिनमें से कुछ परीक्षाएं 19 दिसंबर 2025, 27 दिसंबर 2025 और 9 जनवरी 2026 को होंगी। बीटेक 8वें सेमेस्टर (जी स्कीम) के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विषय नॉन-कन्वेंशनल एनर्जी रिसोर्सेज यूटिलाइजेशन की परीक्षा अब 22 दिसंबर 2025 को होगी।
इसके अलावा एमटेक प्रथम सेमेस्टर (सीबीसीएस स्कीम) के कंप्यूटर साइंस और सिविल इंजीनियरिंग से जुड़े विषयों की परीक्षाएं अब 3 जनवरी 2026 को निर्धारित की गई हैं। वहीं एमएससी (स्टैटिस्टिक्स) तृतीय सेमेस्टर (एनईपी-2020) की रिसर्च मेथडोलॉजी परीक्षा 2 जनवरी 2026 को आयोजित की जाएगी।
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15/12/25 |किसान सेवा अपनाते हुए प्रदेश की मंडियों को बनाएं रॉल मॉडल - मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़, 15 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसान सेवा को पर्याय बनाते हुए प्रदेश की मंडियों को ऐसा मॉडल बनाएं जिसका अनुसरण पूरा देश करे। इसके अलावा मंडी शुल्क वसूली, व्यवहार में शत-प्रतिशत ईमानदारी बरतें और किसानों का विश्वास बनाएं। इसके साथ ही मंडियों को देश की सबसे आधुनिक, पारदर्शी और किसान हितैषी मंडी व्यवस्था बनाई जाए।
मुख्यमंत्री मार्केटिंग बोर्ड के नवनियुक्त पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक को अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मार्केट कमेटियों के चेयरमैन एवं वाईस चेयरमैन के अलावा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, संगठन महामंत्री फणीन्द्र नाथ शर्मा, प्रदेश महामंत्री सुरेन्द्र पूनियां, डॉ. अर्चना गुप्ता, मुख्यमंत्री के ओएसडी बी बी भारती सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्केटिंग बोर्ड के पदाधिकारियों की नींव अन्नदाता की समृद्धि और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूती टिकी हुई है। मंडी व्यवस्था किसानों के पसीने की कमाई को सही मूल्य और सम्मान दिलाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है जिससे किसान सशक्त होगा तो हरियाणा प्रदेश सशक्त होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्केट कमेटियां सिर्फ सरकारी दफ्तर नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के शक्ति केंद्र हैं। इसलिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी मंडियों का उचित प्रबंधन करना है। साथ ही, किसान और व्यापारी के आपसी संबंधों को ओर अधिक विश्वसनीय व मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि मंडियों में ऐसी व्यवस्था बनाना है जहां किसान को उपज लाते ही सही माप, मूल्य और समय पर भुगतान मिले और व्यापारी को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और व्यापार करने का बेहतर वातावरण मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्केट कमेटियों ने पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल क्रांति को अपनाने में सराहनीय कार्य किया है। ई-खरीद और डी.बी.टी. को सफलतापूर्वक सुनिश्चित किया है ताकि, किसान के खाते में उसकी फसल का पैसा सीधे और समय पर पहुंचे। बिचौलियों की भूमिका को खत्म कर, किसानों को उसकी मेहनत का पूरा हक दिलवाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गेट पास जारी करने से लेकर मंडी शुल्क की वसूली तक हर प्रक्रिया को पूर्ण रूप से डिजिटल बनाना होगा, ताकि कार्य में पारदर्शिता बनी रहे। भ्रष्टाचार की जड़ें काटने के लिए हमें और अधिक टेक्नोलॉजी को अपनाना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 64 हजार करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन-2024 से किसानों की फसल खरीद का पैसा फसल का गेट पास कटने के 48 घंटे के अन्दर डी.बी.टी. के माध्यम से दे दिया जा रहा है। प्रदेश भर की मंडियों में शेड, पीने का पानी, शौचालय और किसानों के लिए विश्राम गृह जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम तेजी से हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फल-सब्जी उत्पादक किसानों के लिए फार्म-गेट के पास कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मार्केट कमेटियों के पदाधिकारी अपने क्षेत्र में पी.पी.पी. मॉडल के तहत कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने के प्रस्तावों को प्राथमिकता दें। मंडियों तक पहुंचने वाली सड़कों की मरम्मत और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएं ताकि, किसानों को मंडियों में अपनी उपज लाने में कोई परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्केट कमेटी के कर्मचारियों की कार्यशैली और व्यवस्थाएं मंडी व्यवस्था का असली चेहरा होता है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि मार्केट कमेटी के कर्मचारी किसान के प्रति संवेदनशील हों। उन्हें नवीनतम सरकारी नीतियों, ई-पोर्टल के उपयोग और किसान से विनम्र संवाद करने का उचित प्रशिक्षण दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरित मंडी, खुशहाल किसान नामक नई पहल शुरू की जाए। इससे किसान को पारंपरिक फसलों के अलावा मंडियों में फल और सब्जियों के लिए अलग सेक्शन को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि हर मंडी में किसान सहायता केंद्र स्थापित करें, जहां शिकायतें तुरंत दर्ज हों और उनका समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करें ताकि किसान को किसी भी शिकायत के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्केट कमेटियों में बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा को अपनाना चाहिए। इससे बिजली का बिल कम होगा और पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान दिया जा सकेगा। इसके अलावा हरित ऊर्जा को बढ़ावा दें और पानी की बर्बादी रोकने के लिए मंडियों में अनिवार्य रूप से रेन वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर को स्थापित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की उपज बेचने के लिए मंडियों में विशेष स्थान और प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यह भविष्य की खेती है और इसे अत्यधिक प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। महिला किसानों द्वारा लाई गई उपज को बेचने और महिला व्यापारियों के लिए मंडियों में सुरक्षित स्थान सुनिश्चित करें और अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडियों में स्वच्छता बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए मंडियों में नियमित रूप से सफाई अभियान चलाएं और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। साफ-सुथरी मंडी व्यापार और स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहतर है।
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15/12/25 |हरियाणा सुशासन पुरस्कार 2025: आवेदन की अंतिम तिथि 7 दिसंबर, बेहतरीन कार्य करने वाले कर्मचारी कर सकते हैं अप्लाई
चंडीगढ़, 15 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा सरकार ने अपने अभिनव कार्यों और असाधारण प्रयासों से बेहतर शासन में योगदान देने वाले कर्मचारियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से ‘हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना, 2025’ के लिए आवेदन मांगे हैं। सुशासन पुरस्कारों के आवेदन करने या नाम भेजने की तिथि बढ़ाकर 17 दिसम्बर, 2025 कर दी गई है। इसके बाद ऑनलाइन पोर्टल बदं हो जाएगा।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस सम्बन्ध में जारी एक पत्र में सभी प्रशासकीय सचिवों को सभी राज्य स्तरीय पुरस्कारों (राज्य फ्लैगशिप पुरस्कार और राज्य पुरस्कार) के लिए अनुशंसा अपनी टिप्पणी के साथ अपलोड करने के लिए कहा गया है।
राज्य फ्लैगशिप पुरस्कारों के अंतर्गत अधिकतम पांच पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। प्रत्येक पुरस्कार में एक ट्रॉफी, हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव द्वारा हस्ताक्षरित प्रशस्ति पत्र तथा नकद पुरस्कार शामिल होगा। प्रशस्ति पत्र की एक प्रति संबंधित प्रशासनिक सचिव के माध्यम से कर्मचारी की सेवा पुस्तिका में रखी जा सकती है। प्रत्येक फ्लैगशिप पुरस्कार के अंतर्गत प्रत्येक सदस्य को 51,000 की नकद राशि प्रदान की जाएगी। यदि पुरस्कार किसी समूह को दिया जाता है, तो समूह में अधिकतम चार सदस्य होंगे तथा सभी सदस्यों को पद या स्तर की परवाह किए बिना समान राशि दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, राज्य स्तर पर अधिकतम पांच राज्य पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। प्रत्येक राज्य पुरस्कार में एक ट्रॉफी, मुख्य सचिव द्वारा हस्ताक्षरित प्रशस्ति पत्र तथा प्रति सदस्य 51,000 की नकद राशि शामिल होगी। समूह को दिए जाने वाले पुरस्कारों में भी अधिकतम चार सदस्य होंगे और सभी सदस्यों को समान राशि प्रदान की जाएगी।
जिला स्तर पर सुशासन पुरस्कार प्रत्येक जिले में जिला मुख्यालय पर उपायुक्त द्वारा प्रदान किए जाएंगे। प्रत्येक जिले में अधिकतम पाँच जिला स्तरीय पुरस्कार दिए जा सकेंगे। प्रत्येक जिला स्तरीय पुरस्कार में एक ट्रॉफी, संबंधित मंडल के मंडलायुक्त द्वारा उपायुक्त की संस्तुति पर हस्ताक्षरित प्रशस्ति पत्र तथा प्रति सदस्य 31,000 की नकद राशि शामिल होगी। प्रशस्ति पत्र की एक प्रति उपायुक्त के माध्यम से कर्मचारी की सेवा पुस्तिका में रखी जा सकती है। समूह पुरस्कारों के लिए अधिकतम चार सदस्यों की संख्या निर्धारित होगी और सभी सदस्यों को समान राशि प्रदान की जाएगी। ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र का खर्च वहन उपायुक्त द्वारा अपने उपलब्ध बजट से किया जाएगा, जबकि नकद पुरस्कार राशि की प्रतिपूर्ति सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संबंधित उपायुक्त को की जाएगी।
राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए आवेदन एवं नामांकन सशक्त समिति द्वारा संबंधित प्रशासनिक सचिवों के माध्यम से सामान्य प्रशासन विभाग (अनुसंधान इकाई) में प्राप्त किए जाएंगे। सशक्त समिति अपने विवेक से किसी योजना को भी स्वतः चयन हेतु चिन्हित कर सकती है। प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्षों से परामर्श के उपरांत, राज्य स्तरीय पुरस्कार-राज्य फ्लैगशिप पुरस्कार के लिए अधिकतम चार कर्मचारियों के नामों की संस्तुति कर सकेंगे। एक बार किसी योजना को पुरस्कार दिए जाने के पश्चात वह आगामी वर्षों में पुनर्विचार के लिए पात्र नहीं होगी।
जिला स्तरीय पुरस्कारों के लिए आवेदन एवं नामांकन जिला स्तरीय सशक्त समिति द्वारा संबंधित जिले के जिला स्तरीय कार्यालय प्रमुखों के माध्यम से प्राप्त किए जाएंगे। किसी योजना को यदि एक बार जिला स्तर पर पुरस्कार प्रदान किया जा चुका है, तो वह आगामी वर्षों में पुनः विचार के लिए पात्र नहीं होगी।
सभी आवेदन एवं नामांकन अनिवार्य रूप से विभागाध्यक्षों एवं संबंधित प्रशासनिक सचिवों के माध्यम से ही भेजे जाएंगे। व्यक्तिगत कर्मचारी या अधिकतम चार सदस्यों का समूह राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए अपने आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संबंधित कार्यालय प्रमुख अथवा विभागाध्यक्ष को प्रस्तुत करेगा। विभागाध्यक्ष अपनी विस्तृत टिप्पणी के साथ आवेदन को प्रशासनिक सचिव को भेजेंगे, जो अपनी टिप्पणी के साथ इसे सामान्य प्रशासन विभाग (अनुसंधान इकाई) को भेजेंगे। प्रशासनिक सचिव उचित कारणों सहित स्वतः नामांकन भी कर सकते हैं। सशक्त समिति को सीधे भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
इन पुरस्कारों के लिए प्रदर्शन की प्रासंगिक अवधि 1 जनवरी, 2024 से 30 अक्टूबर, 2025 तक निर्धारित की गई है। आवेदन पर विचार किए जाने के लिए haryanagoodgovernanceawards.haryana.gov.in पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा।
सामान्य प्रशासन विभाग राज्य स्तरीय पुरस्कारों हेतु प्रशासनिक सचिवों से प्राप्त सभी नामांकनों को सशक्त समिति के समक्ष संस्तुति के लिए प्रस्तुत करेगा। राज्य स्तरीय पुरस्कारों के अनुमोदन हेतु सक्षम प्राधिकारी हरियाणा सरकार होगी, जबकि जिला स्तरीय पुरस्कारों के लिए संबंधित जिले के उपायुक्त सक्षम प्राधिकारी होंगे।
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15/12/25 |डीएवी हाई स्कूल का 'किड्स कार्निवल' सफल: बच्चों और अभिभावकों ने मनाया खुशियों का यादगार उत्सव
जे कुमार, अम्बाला 15 दिसम्बर 2025: डीएवी हाई स्कूल के प्रांगण में बड़े उत्साह और उमंग के साथ 'किड्स कार्निवल' का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान पूरे विद्यालय परिसर में बच्चों और अभिभावकों के लिए एक रंगीन और आनंदमय वातावरण देखने को मिला।
मुख्य अतिथि और आकर्षण : कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए सुश्री पूनम ज़ख्मी (इतिहास अध्यापिका, डीएवी पब्लिक स्कूल, रिवरसाइड) और सुश्री सीमा गुप्ता (सेवानिवृत्त रसायन शास्त्र अध्यापिका एवं समाजसेविका) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया।
कार्निवल के प्रमुख आकर्षण ये थे : गेम स्टॉल्स: बच्चों ने फीड द क्लाउन, तम्बोला और बॉल एंड कप जैसे अनेक खेल स्टॉल्स का भरपूर आनंद लिया। फूड ज़ोन: गन्ने का जूस, पानी पूरी, फास्ट फूड और भेलपुरी जैसे स्वादिष्ट व्यंजनों से सजा फूड ज़ोन आकर्षण का केंद्र रहा। गतिविधि स्टॉल्स: नेल आर्ट काउंटर और ज्वेलरी काउंटर ने अभिभावकों और आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
मुख्य प्रतियोगिताएं: टैलेंट हंट और बेबी शो मुख्य आकर्षण रहे। साथ ही, ड्राइंग और कलरिंग प्रतियोगिताओं में बच्चों ने अपनी रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों का कॉर्नर: नन्हे बच्चों के लिए बनाए गए विशेष किड्स कॉर्नर, जिसमें झूले और सैंड पिट शामिल थे, बच्चों के पसंदीदा स्थान बने रहे।
प्रधानाचार्या के विचार
विद्यालय की प्रधानाचार्या वंदना शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय हर बच्चे का खुले दिल से स्वागत करता है और खुशियों व प्रतिभा को संवारने में विश्वास रखता है। मुख्य अतिथियों ने भी विद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान निरंतर प्रगति कर रहा है और नई सोच को अपनाकर आगे बढ़ रहा है। कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा और खुशी तथा सौहार्द का एक यादगार उत्सव बन गया।
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15/12/25 |स्वतंत्रता आंदोलन में भी मीडिया की अहम भूमिका रही है: आरती सिंह राव
जे कुमार, चंडीगढ़ 15 दिसम्बर 2025 : स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने "ऑल इंडिया मीडिया मीट" में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और मीडिया की ऐतिहासिक तथा वर्तमान भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी के आंदोलन में भी मीडिया की अहम भूमिका रही है, जिसने जनचेतना जगाने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का काम किया।
अपने संबोधन में मंत्री आरती सिंह राव ने मीडिया, विशेष रूप से प्रिंट मीडिया, की विश्वसनीयता पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि "विश्वास ही प्रिंट मीडिया की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग के बावजूद, प्रिंट मीडिया अपनी गहन रिपोर्टिंग, विश्वसनीयता और तथ्यात्मक सटीकता के कारण आज भी जनता के बीच उच्च स्थान रखता है।
आरती सिंह राव ने मीडिया से आग्रह किया कि वे देश और समाज के सामने आने वाली चुनौतियों पर सकारात्मक और जिम्मेदार तरीके से रिपोर्टिंग जारी रखें। उन्होंने कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र के लिए निष्पक्ष और साहसी मीडिया का होना अनिवार्य है, जो केवल तथ्यों पर आधारित जानकारी प्रस्तुत करे। इस मीट में देशभर से आए मीडिया प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
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15/12/25पीकेआर जैन स्कूल में शिक्षकों के लिए साइबर सुरक्षा पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित
जे कुमार, अम्बाला, 15 दिसम्बर, 2025: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा पीकेआर जैन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षकों के लिए साइबर सुरक्षा पर एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों में साइबर खतरों, डिजिटल सुरक्षा और प्रौद्योगिकी के जिम्मेदार उपयोग के बारे में जागरूकता पैदा करना था।
प्रमुख विषय और संसाधन व्यक्ति : इस ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का संचालन प्रख्यात संसाधन व्यक्तियों निशा सिन्हा और शिखा मनराई द्वारा किया गया। कार्यशाला में शिक्षकों को वर्तमान डिजिटल चुनौतियों से निपटने के लिए निम्नलिखित विषयों पर गहन जानकारी दी गई |
साइबर अपराध और साइबर कानून
ऑनलाइन सुरक्षा और डेटा संरक्षण
सोशल मीडिया नैतिकता
डिजिटल पदचिह्न और गोपनीयता
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उभरती प्रौद्योगिकियों का सुरक्षित उपयोग
साइबर बुलिंग और निवारक उपाय
व्यावहारिक ज्ञान और सशक्तिकरण : - कार्यशाला में पारस्परिक चर्चाओं, वास्तविक जीवन के केस स्टडीज़ और व्यावहारिक गतिविधियों का उपयोग किया गया, जिससे प्रतिभागियों ने शैक्षणिक परिवेश में साइबर जोखिमों से निपटने के लिए व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया।
शिक्षकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों ने उनके प्रश्नों के उत्तर दिए और कक्षा शिक्षण में साइबर सुरक्षा जागरूकता को एकीकृत करने के लिए व्यावहारिक रणनीतियाँ प्रदान कीं। यह कार्यशाला शिक्षकों को आवश्यक साइबर सुरक्षा ज्ञान से सशक्त बनाने और एक सुरक्षित डिजिटल शिक्षण वातावरण बनाने की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने में अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई।
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15/12/25 |सीएम विंडो की हर शिकायत जनता के विश्वास का प्रतीक, इसे जीवंत दस्तावेज मानकर हो ईमानदार समाधान: मुख्यमंत्री
चंडीगढ़, 15 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सीएम विंडो पर दर्ज होने वाली प्रत्येक शिकायत केवल एक औपचारिक प्रविष्टि नहीं, बल्कि जनता के विश्वास का जीवंत दस्तावेज है। इससे जुड़े प्रबुद्धजनों की जिम्मेदारी है कि वे इन शिकायतों को पूरी ईमानदारी, विश्वास और पारदर्शिता के साथ देखकर उनके समाधान में सक्रिय योगदान दें। चूंकि ये प्रबुद्धजन सीधे मुख्यमंत्री से जुड़े हैं, इसलिए जनता के प्रति उनकी जवाबदेही और भी अधिक बढ़ जाती है।
मुख्यमंत्री सोमवार को अपने निवास स्थान ‘संत कबीर कुटीर’ में प्रदेश के सभी जिलों से आए सीएम विंडो से जुड़े प्रबुद्धजनों के साथ सीधा संवाद कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर सीएम विंडो को ऐसा सशक्त और भरोसेमंद सिस्टम बनाना है, जिस पर हर नागरिक को गर्व हो और उसे यह विश्वास हो कि उसकी शिकायत का समयबद्ध और प्रभावी समाधान निश्चित रूप से होगा। इस विश्वास के कायम रहने से प्रशासनिक तंत्र भी और अधिक निष्ठा एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से 25 दिसंबर, 2014 को सीएम विंडो पोर्टल की शुरुआत की गई थी। अब तक इस पोर्टल पर कुल 14 लाख 82 हजार 924 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 14 लाख 12 हजार 136 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। यह इस बात का प्रमाण है कि सरकार जनसमस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा कि जब कोई नागरिक सीएम विंडो पर अपनी समस्या दर्ज करता है, तो वह केवल शिकायत नहीं लिखता, बल्कि अपने मुख्यमंत्री और सरकार पर भरोसा जताता है। इसलिए इस मजबूत मंच का पारदर्शी और संवेदनशील होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि जनता का यह भरोसा और अधिक सुदृढ़ हो सके।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि जिला स्तर पर शिकायतों के प्रभावी निपटारे के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में प्रत्येक सोमवार और वीरवार को समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेशभर में आयोजित इन शिविरों में अब तक 1 लाख 47 हजार 299 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 1 लाख 19 हजार 597 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है, जबकि शेष शिकायतों पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने सीएम विंडो से जुड़े प्रबुद्ध नागरिकों से आह्वान किया कि वे प्रत्येक शिकायत की गहन जांच करें और निष्पक्ष व पारदर्शी ढंग से समाधान सुनिश्चित कर शिकायतकर्ता का विश्वास जीतें।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री मोहन लाल कौशिक, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भारत भूषण भारती, प्रदेश महामंत्री डॉ. अर्चना गुप्ता, महामंत्री श्री सुरेंद्र पूनिया सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
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15/12/25 |मानवाधिकार परिषद की एनुअल मीट में हरियाणा और पंजाब का ऑल इंडिया स्तर पर चयन, दिल्ली में सम्मान
जे कुमार, अम्बाला 15 दिसम्बर 2025 : इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित मानवाधिकार परिषद (भारत) की वार्षिक बैठक (एनुअल मीट) में हरियाणा राज्य को एक बड़ी उपलब्धि मिली है। देशभर के सभी राज्यों के अध्यक्षों द्वारा अपनी वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद, ऑल इंडिया स्तर पर पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों का चयन किया गया। यह प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव और सम्मान का विषय है।
हरियाणा टीम ने मनाया जश्न : इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के उपलक्ष्य में हरियाणा टीम द्वारा एक निजी होटल में भव्य सम्मान समारोह एवं उत्सव पार्टी का आयोजन किया गया। नेतृत्व: कार्यक्रम का आयोजन नेशनल सेक्रेटरी उमेश जी एवं स्टेट प्रेसिडेंट निकेश के कुशल नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
उपस्थित गणमान्य: इस अवसर पर सीमा सिंह (वाइस प्रेसिडेंट), जितेंद्र राणा (मीडिया कोऑर्डिनेटर), सरला (जनरल सेक्रेटरी), राजकुमार पुरी (वाइस प्रेसिडेंट), मीर अखीरा (वाइस प्रेसिडेंट), राखी (जॉइंट सेक्रेटरी) सहित कई अन्य प्रमुख सदस्य मौजूद रहे।
भविष्य के लिए संकल्प : - हरियाणा टीम ने इस उपलब्धि एवं निरंतर मार्गदर्शन के लिए नेशनल प्रेसिडेंट आरती राजपूत का हृदय से आभार व्यक्त किया। संस्था ने इस अवसर पर यह संकल्प दोहराया कि अगली एनुअल मीट तक संगठन की सदस्य संख्या को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। भविष्य में भी ऑल इंडिया स्तर पर हरियाणा को अग्रणी स्थान पर बनाए रखा जाएगा।
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15/12/25"वोट छापना" शब्दावली याद दिलाकर मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस को घेरा: बोले, ईवीएम के आने से कांग्रेस का धंधा बंद
यूपी में 4 करोड़ वोट कटने पर मंत्री अनिल विज का वार: "कांग्रेस का जाली वोट तंत्र खत्म हो रहा है"
अम्बाला/चंडीगढ़, 15 दिसम्बर - हरियाणा ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के बयान कि यदि बैलेट पेपर से चुनाव हो तो भाजपा को एक भी वोट न मिले पर पलटवार किया है।मंत्री अनिल विज ने कहा कि जब मत पत्र से चुनाव होते थे हमने देखा हुआ है कि तब ये कैसे वोट छापते थे। उस दौरान चुनाव में एक शब्दावली थी “वोट छापना”, मगर ईवीएम के आने के बाद इनका (कांग्रेस) वह काम बंद हो गया। ये बदमाशों को, माफिया को सेट करके उनसे वोट छपवाया करते थे, छापे जाते थे, तब चुनाव में यह शब्दावली थी। ईवीएम आने से वह खत्म हो गई और इनको ही पीड़ा हो रही है। ये उस दौरान वोट छापने से ही जीतते थे और उनके वोट छापने का धंधा बंद हो गया, इसलिए इस पीड़ा को लेकर कांग्रेस वाले बार-बार रो रहे हैं।
यूपी में 4 करोड़ वोट कटने पर मंत्री अनिल विज का वार: "कांग्रेस का जाली वोट तंत्र खत्म हो रहा है"
एसआईआर के बाद उत्तर प्रदेश में लगभग 4 करोड़ वोट कट गए हैं जिस पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जहां-जहां पर ठीक तरीके से एसआईआर होगा वहां जाली वोटो का तंत्र, जो कांग्रेस ने इतने सालों से बसा रखा था, वह खत्म होता जा रहा है। जाली वोट कांग्रेस ने बनाई थी, इतने वर्षों तक कांग्रेस ने जो राज किया, पता नहीं कौन कौन से भाग में कितनी वोट, इन्होंने बना रखी थी, आज वह वेरीफाई नहीं हो रही और इसलिए वह वोट कट रही है।वहीं, कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला के आरोप कि लोग अपनी जान बचाने के लिए मोटी रकम/ फिरौती कहां से दें, पर मंत्री अनिल विज ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह से सतर्क है और सरकार ने गलत आदमियों को पकड़ने के लिए बहुत बड़ी मुहिम चला रखी है। इस मुहिम के तहत लगभग साढ़े पांच हजार लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
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15/12/25 |परशुराम नगर अम्बाला में राष्ट्र व सनातन समाज की सुख-शांति हेतु हवन यज्ञ व सौहार्द बैठक का आयोजन
जे कुमार, अम्बाला शहर 15 दिसंबर : श्री परशुराम ब्राह्मण कल्याण सोसायटी अम्बाला द्वारा परशुराम नगर, अम्बाला में राष्ट्र एवं सनातन समाज की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना को लेकर भव्य हवन यज्ञ एवं सौहार्दपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर निगम मेयर श्रीमती शैलजा संदीप सचदेवा एवं एडवोकेट संदीप सचदेवा नॉमिनेटेड एमसी मुख्य यजमान के रूप में शामिल हुए।
यह कार्यक्रम सेवानिवृत्त पुलिस इंस्पेक्टर रघुवीर शर्मा के निवास स्थान पर आयोजित करवाया गया। हवन यज्ञ पंडित श्री लोकेश शर्मा द्वारा विधि-विधान पूर्वक सम्पन्न कराया गया। इसके पश्चात एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसका संचालन राष्ट्रपति अवार्डी एवं सोसायटी के चेयरमैन श्री राजेन्द्र कौशिक ने किया। उन्होंने मुख्य यजमान, उपस्थित भाई-बंधुओं एवं मातृशक्ति का स्वागत किया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए एडवोकेट संदीप सचदेवा, मेयर श्रीमती शैलजा संदीप सचदेवा, देवी लाल शर्मा (प्रदेश अध्यक्ष), एडवोकेट ग्रवेश राणा (राष्ट्रीय अध्यक्ष, सनातन टास्क फोर्स), एडवोकेट विनोद भारद्वाज, कृष्ण पाल चौहान, राजेन्द्र कौशिक, तरसेम पाल शर्मा (प्रधान), पंडित लोकेश शर्मा, सतीश कुमार परुथी, युवा ब्राह्मण साहिल शर्मा सहित अनेक वक्ताओं ने राष्ट्र एवं सनातन समाज की एकता, आपसी सौहार्द, सामाजिक सुरक्षा और संगठित होने की आवश्यकता पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में समाज को सजग रहकर एकजुट होने की जरूरत है, ताकि राष्ट्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली के लिए सामूहिक प्रयास किए जा सकें।
सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई इस बैठक में सर्व सुभाष शर्मा प्रधान, नवल किशोर त्रिपाठी, ओम प्रकाश डोगरा, नरेश कुमार वत्स (पूर्व सरपंच), शशी कुमार, महेन्द्र कुमार शर्मा, धीर सिंह चौहान, रविन्द्र शर्मा, भरत लाल शर्मा, सतबीर सिंह कौशिक, अजेय गौड़, श्रीमती सीमा शर्मा, श्रीमती गीता देवी शर्मा, सुनीता देवी शर्मा, संगीता देवी, कविता देवी सहित सैकड़ों भाई-बंधुओं एवं मातृशक्ति ने सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में आयोजक रघुवीर शर्मा ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया तथा जलपान एवं चाय-नाश्ते के पश्चात कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।
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15/12/25प्राकृतिक खेती को बढ़ावा: साहा अनाज मंडी में कल होगी जिला स्तरीय किसान कार्यशाला
जे कुमार, अम्बाला, 15 दिसम्बर, 2025: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने के लिए कल मंगलवार, 16 दिसम्बर 2025 को साहा अनाज मंडी में एक जिला स्तरीय किसान कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
कृषि मंत्री होंगे मुख्य अतिथि : यह कार्यशाला प्रातः 10 बजे शुरू होगी। कार्यक्रम में हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. जसविन्द्र सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यशाला में किसानों को व्यापक जानकारी प्रदान की जाएगी |
प्रदर्शनियां: उन्नत बीज प्रदर्शनी और उन्नत कृषि उपकरण प्रदर्शित किए जाएंगे। सुविधाएं: बैंकिंग सेक्टर की सुविधाओं और विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। मुख्य फोकस: प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों और इसके लाभों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। डॉ. सैनी ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस कार्यशाला में शामिल हों, ताकि प्राकृतिक खेती के साथ-साथ अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी हासिल करके उनका लाभ उठा सकें।
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15/12/25 |अंबाला शहर एसडीएम दर्शन कुमार ने समाधान शिविर में सुनी जनता की शिकायतें
जे कुमार, अम्बाला, 15 दिसम्बर, 2025: एसडीएम अंबाला शहर दर्शन कुमार ने आज (सोमवार) जिला स्तर पर आयोजित समाधान शिविर की अध्यक्षता की। उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों को शिकायतों का तीव्रता से समाधान करने के निर्देश दिए।
एसडीएम दर्शन कुमार ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि समाधान शिविरों का मुख्य उद्देश्य ही लोगों की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निवारण करना है, और इसी ध्येय को ध्यान में रखकर कार्य करना चाहिए।
शिविरों का समय और उद्देश्य : -
उन्होंने आमजन को जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी व्यक्ति सोमवार या वीरवार को जिला स्तर के साथ-साथ उपमंडल स्तर पर आयोजित होने वाले समाधान शिविरों में सुबह 10 बजे से 12 बजे तक पहुंचकर अपनी समस्याएं रख सकता है। इन शिविरों में सभी विभागों के अधिकारी एक ही छत के नीचे मौजूद रहते हैं, जिससे शिकायतों को मौके पर ही संबंधित विभागों को मार्क करके निवारण के निर्देश दिए जाते हैं।
एसडीएम ने जोर दिया कि जिला प्रशासन का प्रयास रहता है कि लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान हो, और ये शिविर लोगों के लिए बेहद कारगर सिद्ध हो रहे हैं।
समाधान शिविर में आई प्रमुख शिकायतें
शिविर में लिखित प्रार्थना पत्रों के माध्यम से विभिन्न प्रकार की शिकायतें आईं, जिनमें प्रमुख थीं:
आवेदकक्षेत्रशिकायत का विषयनरेश व पूजा रानीबिहटा गांवशीतला माता मंदिर के पास बंद नाले से पानी निकासी न होना।विशालवार्ड नम्बर 7 (जग्गी गार्डन)सीवरेज के टूटे ढक्कन ठीक करवाना और रास्ते में लगे बिजली के पोल हटवाना।सुमनबब्यालबिजली मीटर कनेक्शन लगवाना।रेनू बाला, कश्मीरी व अन्यअलाउदीन माजराबिजली बिल संबंधी समस्या।परमजीत कौर व आरतीडंगडेहरी/मनमोहन नगरपरिवार पहचान पत्र (PPP) में आय (Income) ठीक करवाना। इस मौके पर डीआईपीआरओ धर्मेंद्र कुमार, बिजली निगम के एसडीओ जोगिंदर सिंह, इंस्पेक्टर राकेश मणि सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।
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15/12/25 |श्री शिर्डी साई शक्ति धाम फाउंडेशन द्वारा 120 बच्चों को गर्म जैकेट वितरित
जे कुमार, अम्बाला कैंट, 15 दिसम्बर, 2025: श्री शिर्डी साई शक्ति धाम फाउंडेशन, विकास पुरी इंडस्ट्रियल एरिया, जगाधरी रोड, अंबाला कैंट द्वारा इस वर्ष भी शरद ऋतु के आगमन पर जरूरतमंद बच्चों को गर्म जैकेटों का वितरण किया गया। यह सेवा कार्य स्वामी श्री सत्यानंद जी महाराज की प्रतिज्ञा के अनुरूप संपन्न हुआ।
सेवा का सतत संकल्प : - संस्था के प्रांगण में आयोजित इस पुनीत कार्यक्रम में कुल 120 बच्चों को जैकेटें प्रदान की गईं। यह कार्य साईं नाथ महाराज की असीम कृपा और स्वामी श्री सत्यानंद जी महाराज के पावन आशीर्वाद से संपन्न हुआ।
स्वामी जी का समर्पण: यह उल्लेखनीय है कि 89 वर्ष की आयु में भी स्वामी श्री सत्यानंद जी महाराज अपनी सेवा प्रतिज्ञा से पूरी तरह वचनबद्ध हैं। उन्होंने जैकेट वितरण कर यह संदेश दिया कि सच्ची सेवा न उम्र देखती है, न सुविधा—वह केवल करुणा से जन्म लेती है। उद्देश्य: इस पहल का उद्देश्य सर्दी के मौसम में वंचित बच्चों को ठंड से बचाना और उन्हें स्नेह, सुरक्षा तथा अपनत्व का अहसास कराना है।
सेवा, श्रद्धा और सबूरी : - जैकेट वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ साई बाबा जी की पूजा एवं आरती के साथ किया गया। बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान ने पूरे वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। श्री शिर्डी साई शक्ति धाम फाउंडेशन साई बाबा की शिक्षाओं—श्रद्धा, सबूरी और सेवा—को आत्मसात करते हुए निरंतर समाज सेवा में सक्रिय है। यह परंपरा अब एक प्रेरणादायक सेवा संस्कार बन चुकी है।
संस्था का उद्देश्य केवल भौतिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सेवा, समानता और करुणा की भावना को सशक्त करना है। इस सेवा कार्य में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, सेवादारों और दानदाताओं का संस्था ने हृदय से आभार व्यक्त किया है।
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14/12/25 |एशियन यूथ गेम्स-2025 में स्वर्ण पदक जीतने वाले कबड्डी खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया सम्मानित
चंडीगढ़, 14 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज बहरीन में आयोजित एशियन यूथ गेम्स-2025 में स्वर्ण पदक जीतने वाली लड़के एवं लड़कियों की भारतीय कबड्डी टीमों के सदस्य रहे हरियाणा के खिलाड़ियों के एक प्रतिनिधिमंडल को सम्मानित किया।
ये खिलाड़ी मुख्यमंत्री से आज चंडीगढ़ स्थित आवास संत कबीर कुटीर में मिले। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भारत भूषण भारती सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने टीम के कप्तान ईशांत राठी सहित सभी खिलाड़ियों को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत और हरियाणा का नाम रोशन करने वाले युवा खिलाड़ियों से मिलना उनके लिए अत्यंत हर्ष और गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि यह जीत केवल एक खेल प्रतियोगिता में विजय नहीं है, बल्कि हरियाणा की ग्रामीण संस्कृति, कठोर अनुशासन, मजबूत इच्छाशक्ति और युवाओं की जुझारू भावना की जीत है।
श्री नायब सिंह सैनी ने खिलाड़ियों के कोच और प्रशिक्षकों की भूमिका की भी सराहना करते हुए कहा कि वे भले ही अक्सर पर्दे के पीछे रहते हैं, लेकिन खिलाड़ियों की सफलता के असली शिल्पकार वही होते हैं। उनकी योजना, अनुशासन, प्रशिक्षण पद्धतियां और निरंतर परिश्रम ने ही इस उपलब्धि को संभव बनाया है।
उन्होंने कहा कि यह विजय हरियाणा के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। गांवों में खेल रहे हजारों बच्चे अब इन खिलाड़ियों को अपना आदर्श मानेंगे और बड़े सपने देखेंगे। इन खिलाड़ियों की गांव के मैदानों से अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम तक की यात्रा हर युवा में यह विश्वास जगाती है कि मेहनत और अनुशासन से बड़े से बड़ा सपना भी साकार किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने 11 वर्ष पहले खेलों के लिए एक स्पष्ट दृष्टिकोण विकसित किया था, जिसका उद्देश्य हर बच्चे को खेलों से जोड़ना, प्रत्येक गांव में खेल मैदान विकसित करना और खेलों के प्रति जुनून रखने वाले हर युवा को अवसर प्रदान करना है। इस दृष्टिकोण का लक्ष्य हरियाणा को न केवल भारत की खेल राजधानी बनाना है, बल्कि एक वैश्विक खेल केंद्र के रूप में स्थापित करना भी है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी 2036 ओलंपिक खेलों तक भारत को एक खेल-महाशक्ति बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है और इन खेलों की मेजबानी भारत में कराने का संकल्प व्यक्त किया है। आज हरियाणा को “खेलों की नर्सरी” के रूप में पहचाना जाता है, जो राज्य के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी कर रहा है और आशा व्यक्त की कि वहां भी हरियाणा के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे।
श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि राज्यभर में कम उम्र से खिलाड़ियों को निखारने के लिए खेल नर्सरियां स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि आगामी बजट 2026-27 में युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रावधान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के परिजनों से भी मुलाकात की और उन्हें बधाई दी।
मुख्यमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में एशियन कबड्डी फेडरेशन के चेयरमैन श्री गुलाब सैनी , कोच श्री दीपक हुडा के अलावा टीम के वाइस कैप्टेन हर्ष मान , दीक्षा राठी , कोमल सहारन , आकाश , शुभम , अखिल , केशव , आदित्य हुडा तथा आर्यन शामिल थे।
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14/12/25 |राष्ट्रीय पेंटिंग वर्कशॉप में शिरकत करने वाले कलाकारों का मंत्री रणबीर गंगवा ने बढ़ाया हौसला
चंडीगढ़, 14 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने आज हिसार में सुरभि आर्ट फेस्टिवल की राष्ट्रीय पेंटिंग वर्कशॉप में शिरकत की।
इस मौके पर मंत्री ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले कलाकारों द्वारा बनाई गई विविध विषयों पर आधारित उत्कृष्ट, रचनात्मक एवं भावनात्मक कलाकृतियों का गहन अवलोकन किया और कलाकारों की प्रतिभा की सराहना कर उनका हौसला बढ़ाया।
मंत्री ने कहा कि कला और संस्कृति समाज की पहचान होती है और इस प्रकार की प्रतियोगिताएं युवाओं एवं उभरते कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान करती हैं। उन्होंने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास और समर्पण से ही कला के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कला समाज का दर्पण होता है और कलाकार अपनी कूची व रंगों के माध्यम से समाज की भावनाओं, संस्कृति और विचारों को जीवंत रूप प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पेंटिंग वर्कशॉप युवा एवं उभरते कलाकारों को अपनी प्रतिभा निखारने और आत्मविश्वास बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर देती हैं। ऐसे मंच कलाकारों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में भी चित्रकला का महत्व कम नहीं हुआ है, बल्कि कला के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य किया जा सकता है। मंत्री ने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे निरंतर अभ्यास, लगन और अनुशासन के साथ अपनी कला को आगे बढ़ाएं और राज्य व देश का नाम रोशन करें।
इस अवसर पर वरिष्ठ कलाकार, कला प्रेमी, प्रतिभागी कलाकार तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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14/12/25 |निष्पक्ष और सकारात्मक पत्रकारिता लोकतंत्र के मुख्य स्तंभों में से एक- सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा
चंडीगढ़, 14 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत व पर्यटन मंत्री डा. अरविंद शर्मा ने कहा कि निष्पक्ष और सकारात्मक पत्रकारिता लोकतंत्र के मुख्य स्तंभों में से एक है। पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है और यह सिर्फ एक परिभाषा नहीं, बल्कि ऐसी भूमिका है, जो समाज के हर हिस्से को आपस में जोड़ती है। आपके माध्यम से जनता की आवाज़ शासन-प्रशासन तक पहुंचती है और शासन के प्रयास जनता तक पहुंचते हैं। जब समाज में कोई पीड़ा होती है, कोई अनियमितता होती है या जब कहीं कोई प्रेरक काम हो रहा होता है, हर जगह आपकी उपस्थिति, आपकी कलम और आपका कैमरा जनता के भरोसे को मजबूत करता है। इसी वजह से लोकतंत्र जीवंत रहता है, और समाज सही दिशा में आगे बढ़ता है।
मंत्री आज गोहाना में पत्रकारों द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज को सही व सटीक जानकारी उपलब्ध करवाने का कार्य करते हैं। मंत्री ने श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा के कल्याण कोष की स्थापना के लिए स्वैच्छिक कोष से 11 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की घोषणा की।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा में मीडिया कर्मियों के कल्याण-उत्थान के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। मीडिया कर्मियों को 7 दिसंबर, 2017 से पेंशन योजना लागू की है। पहले पेंशन की राशि 10 हजार रुपये मासिक थी, अब इसे बढ़ाकर 15 हजार रुपये मासिक कर दिया गया है। प्रदेश में 222 मीडियाकर्मी इस पेंशन का लाभ उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जिला स्तर पर जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारियों के कार्यालय में मीडिया सेंटर स्थापित किए गए हैं।
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14/12/25 |हरियाणा में रविवार के दिन विशेष टीकाकरण आयोजित, फीके रहे टीकाकरण शिविर नहीं आए अभिभावक, कर्मचारी परेशान
जे कुमार, हरियाणा, 14 दिसम्बर: प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में रविवार को बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण के लिए चलाया गया विशेष अभियान पूरी तरह बेअसर साबित हुआ। मिशन निदेशक के आदेशों पर आयोजित इन शिविरों में टीकाकरण का औसत मात्र 1 प्रतिशत से भी कम रहा।
बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि छुट्टी का दिन होने के कारण अभिभावक अपने बच्चों के साथ निजी कार्यक्रमों में व्यस्त थे या घरों से बाहर थे, जिसके चलते स्वास्थ्य कर्मचारी दिन भर केंद्रों पर खाली बैठकर इंतजार करते रहे।
एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष शर्मिला देवी और महासचिव सहदेव आर्य ने इस फैसले को 'अव्यावहारिक' और 'मानवीय भावनाओं के खिलाफ' बताया। उन्होंने कहा कि सप्ताह में केवल एक दिन रविवार को महिला कर्मचारी अपने बच्चों और परिवार के साथ समय बिता पाती हैं, लेकिन सरकार के इस आदेश ने उन्हें मानसिक तनाव में डाल दिया। कर्मचारियों ने मांग की है कि टीकाकरण शिविर केवल वर्किंग डेज (कार्य दिवसों) में ही आयोजित किए जाएं।
राज्य प्रवक्ता संदीप कुंडू ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य कर्मचारियों के सैंकड़ों पद खाली पड़े हैं। शहरी क्षेत्रों में आबादी के अनुपात में कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं है, जिससे मौजूदा स्टाफ पर काम का बोझ बहुत ज्यादा है। इसके अलावा, एसोसिएशन ने जीपीएस कैमरे (GPS Camera) से फोटो भेजने के नए आदेश का भी कड़ा विरोध किया है। कर्मचारियों का कहना है कि बिना सरकारी संसाधन दिए निजी फोन का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसोसिएशन ने यू-विन, अनमोल और निरोगी हरियाणा सहित सभी ऑनलाइन पोर्टलों का पहले ही बहिष्कार किया हुआ है और अब जीपीएस फोटो भेजने के आदेश को भी इसमें शामिल कर लिया है।
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14/12/25 |- आहार,
आज का एक दिन का शाकाहारी मील प्लान हर डिश की न्यूट्रिशनल वैल्यू दिखाता है।
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14/12/25 |प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के प्रयासों से अम्बाला छावनी में बना नेता जी सुभाष पार्क बना स्कूली बच्चों की पहली पसंद
जे कुमार,अम्बाला, 14 दिसम्बर : अम्बाला छावनी स्थित नेता जी सुभाष पार्क इन दिनों न केवल अम्बाला बल्कि प्रदेश के दूसरे जिलों के लिए भी आकर्षण का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। यह पार्क प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के विशेष प्रयासों से विकसित किया गया है, जो आज बच्चों, युवाओं और परिवारों के लिए मनोरंजन और सुकून का प्रमुख स्थल बन चुका है। हरियाली, आधुनिक सुविधाओं और मनोरंजक गतिविधियों के कारण यहां दूर-दराज के जिलों से लोग पहुंच रहे हैं।
इसी कड़ी में यमुनानगर जिले के सदोरा क्षेत्र के एक स्कूल से लगभग 150 स्कूली बच्चे शैक्षणिक भ्रमण के तहत नेता जी सुभाष पार्क पहुंचे। पार्क में पहुंचते ही बच्चों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने यहां बोटिंग का भरपूर आनंद लिया। तालाब में नाव की सवारी करते हुए बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्सुकता साफ दिखाई दी।
इसके बाद बच्चों ने पार्क में बने खुले मंच पर समूह में डांस किया और मस्ती भरे गीतों पर जमकर झूमे। पूरे पार्क में बच्चों की हंसी और उल्लास का माहौल बन गया। वहीं, पार्क में बनी आकर्षक भूलभुलैया बच्चों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रही। बच्चे इसमें रास्ता तलाशते हुए रोमांचित नजर आए और एक-दूसरे के साथ हंसी-मजाक करते हुए खूब लुत्फ उठाया। भूलभुलैया ने बच्चों की सोचने-समझने और निर्णय लेने की क्षमता को भी परखा।
स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास के लिए बेहद जरूरी होते हैं। इससे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ प्रकृति और मनोरंजन से जुड़ने का मौका मिलता है। पार्क में साफ-सफाई, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्थाओं के चलते शिक्षकों और बच्चों ने खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कैबिनेट मंत्री अनिल विज के प्रयासों से विकसित नेता जी सुभाष पार्क आज अम्बाला ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों के लिए भी एक बड़ा आकर्षण बन चुका है। आने वाले समय में और भी स्कूलों व पर्यटकों के यहां पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
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13/12/25 |
दिसंबर 2025 में हुए केरल के स्थानीय निकाय (Local Body) चुनावों में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम (Thiruvananthapuram Municipal Corporation) पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।
NDA ने 101 सदस्यीय तिरुवनंतपुरम नगर निगम में 50 सीटें (वॉर्ड) जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया ।
इस चुनाव में 45 वर्षों से अधिक समय तक चली LDF (सीपीआई(एम)-नेतृत लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) की सत्ता को चुनौती मिलती है क्योंकि LDF को लगभग 29 सीटें ही मिलीं, जबकि UDF ने करीब 19 सीटें जीतीं।
यह परिणाम राजनीति के लिहाज से विशेष महत्व रखता है क्योंकि तिरुवनंतपुरम क्षेत्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर का गढ़ माना जाता रहा है, और यहाँ NDA का प्रदर्शन अब तक असाधारण रहा है।
कांग्रेस के शशि थरूर समेत कई उठे हुए नेताओं ने भी इस परिणाम को “लोकतंत्र की सुन्दरता” के रूप में स्वीकार किया है, यह बताते हुए कि जनता का निर्णय सम्माननीय है।
यह NDA के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक जीत है — खासकर केरल जैसे राज्य में जहाँ पार्टी की पहले सीमित पैठ रही है। इस जीत को अगले साल होने वाले केरल विधानसभा चुनावों (2026) के लिए भी एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।
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13/12/25 |- आहार,
एक दिन का शाकाहारी मील प्लान
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13/12/25 |हरियाणा धाकड़ जवान, धाकड़ किसान व धाकड़ पहलवान की धरा – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
अम्बाला, 13 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक व्यापक स्वास्थ्य उत्सव है, जो युवाओं को सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है। यह महोत्सव ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ अभियानों को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान करते हुए युवाओं को स्वस्थ, अनुशासित और आत्मनिर्भर बनाने का जन-आंदोलन बन चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के खेलों को जन-आंदोलन बनाने के संकल्प को साकार करता यह महोत्सव ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचान दिलाने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम सिद्ध हो रहा है।
मुख्यमंत्री शनिवार को फतेहाबाद में 'सांसद खेल महोत्सव' के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में पहुंचने पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को आयोजक राज्यसभा सांसद श्री सुभाष बराला ने पगड़ी पहनाकर और स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। फाइनल मुकाबले में शामिल हो रहे खिलाड़ियों ने मार्चपास्ट भी किया।
मुख्यमंत्री ने फाइनल मुकाबलों का विधिवत आगाज किया। उन्होंने इस दौरान सिरसा और फतेहबाद की टीम के बीच हुए कबड्डी मैच को भी देखा तथा खिलाड़ियों से मिलकर उनकी हौंसला अफ़जाई भी की। सिरसा लोकसभा की 9 विधानसभाओं के 45 हजार खिलाड़ियों ने सांसद खेल महोत्सव के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था। इनमें से 3604 खिलाड़ी अलग-अलग प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबलों में शामिल होंगे।
खिलाड़ियों व उपस्थितजन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'सांसद खेल महोत्सव' से सिरसा लोकसभा क्षेत्र देश के टॉप-10 लोकसभा क्षेत्रों में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि कई बार इंसान के अंदर हुनर होने के बाद भी अवसर न मिलने से वह कामयाबी की सीढ़ी नहीं चढ़ पाता। इस बात को समझते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सांसद खेल स्पर्धा करवाने के निर्देश दिए हैं। इस प्रकार के आयोजन से न केवल खेल में रुचि बढ़ती है, बल्कि राज्य, राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए प्रोत्साहन भी मिलता है।
ओलम्पिक 2036 में भारत को खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 साल पहले हरियाणा में खेलों के लिए एक विजन विकसित किया था। वह विजन था हर बच्चे को खेल से जोड़ने का, हर गांव में खेल का मैदान बनाने का और हर उस युवा को अवसर देने का, जिसमें खेल के प्रति ललक है। इस विजन का लक्ष्य है कि हरियाणा को न केवल भारत की, बल्कि विश्व की खेल राजधानी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ओलम्पिक 2036 में भारत को खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हरियाणा के खिलाड़ी सबसे अधिक पदक जीतकर देश का नाम रोशन करेंगे।
उन्होंने कहा कि खेलों में भाग लेना ही अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। इसलिए, खेल में हार-जीत से ज्यादा मेहनत, अनुशासन और लगन महत्वपूर्ण है। यही वे गुण हैं, जो युवाओं को भविष्य में एक बेहतर नागरिक और एक सफल खिलाड़ी बनाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं की मजबूत इच्छा शक्ति और कड़ी मेहनत का नतीजा है कि खेल देश के अंदर हो रहे हों या देश के बाहर, हरियाणवी खिलाड़ी अपनी उपलब्धियों से देश के झंडे को ऊंचा कर रहे होते हैं।
हरियाणा धाकड़ जवान, धाकड़ किसान व धाकड़ पहलवान की धरा
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा धाकड़ जवान, धाकड़ किसान व धाकड़ पहलवान की धरा है। प्रदेश का किसान देश के अन्न भंडार भरने में अहम योगदान देता है। जवान गर्मी-सर्दी की परवाह न करते हुए सरहदों पर डटा रहता है। इसी प्रकार हमारे खिलाड़ी अन्तर्राष्ट्रीय खेलों में सोना जीतकर देश की झोली भरने का काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ी में अभ्यास, अनुशासन और आत्मबल जैसे गुणों को निखारने के लिए ही सरकार समय-समय पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करती रहती है। प्रदेश में साल भर विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने के लिए खेल कैलेण्डर भी तैयार किया गया है। इसके अनुसार खेल महाकुम्भ, राज्यस्तरीय अखाड़ा दंगल, मुक्केबाजी, वॉलीवाल, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, तैराकी, बास्केट बॉल, हैंड बाल इत्यादि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयास है कि हरियाणा का हर गांव एक ऐसा खिलाड़ी दे, जो विश्व मंच पर भारत का परचम लहराए। इस सपने को साकार करने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है और सांसद खेल महोत्सव भी उसी कड़ी का एक स्वर्णिम अध्याय है।
हरियाणा - 'खेलों की नर्सरी'
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज हरियाणा को 'खेलों की नर्सरी' कहा जाता है। राज्य में मजबूत खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया गया है ताकि खिलाड़ियों को सभी आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि बचपन से ही खिलाड़ियों को तराशने के लिए प्रदेश में खेल नर्सरियां खोली हुई हैं। इनमें उन्हें वित्तीय सहायता व प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इस समय प्रदेश में 1,472 खेल नर्सरियां कार्यरत हैं। इनमें 37,225 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। खेल नर्सरियों में नामांकित 8 से 14 वर्ष की आयु के खिलाड़ियों को 1500 रुपये तथा 15 से 19 वर्ष की आयु के खिलाड़ियों को दो हजार रुपये प्रति माह दिये जाते हैं।
16,418 खिलाड़ियों को 683.15 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार दिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित रोजगार सुनिश्चित करने के लिए 'हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021' बनाये हैं। इसके तहत खेल विभाग में 550 नए पद बनाये गये। सरकार ने 231 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 6 करोड़ रुपये तक के नकद पुरस्कार देती है। इसके तहत अब तक 16 हजार 418 खिलाड़ियों को 683 करोड़ 15 लाख रुपये के नकद पुरस्कार दिए हैं।
उन्होंने कहा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 298 खिलाड़ियों को मानदेय भी दिया जा रहा है। राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले तथा पदक जीतने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। वर्ष 2014 से अब तक 24 हजार से अधिक छात्रों को 70 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को खेल उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए हरियाणा खेल उपकरण प्रावधान योजना बनाई है। इसके तहत 15,634 खिलाड़ियों को उपकरण प्रदान किये जा चुके हैं।
2036 ओलंपिक की तैयारी का मजबूत मंच बना सांसद खेल महोत्सव - सुभाष बराला
सांसद खेल महोत्सव के ग्रैंड फिनाले समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्यसभा सांसद श्री सुभाष बराला ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का स्वागत किया और कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में प्रारंभ किया गया सांसद खेल महोत्सव युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि वर्ष 2036 में भारत द्वारा ओलंपिक खेलों की मेजबानी का लक्ष्य रखा गया है और हरियाणा विशेषकर सिरसा लोकसभा क्षेत्र के खिलाड़ी इसके लिए अभी से स्वयं को तैयार कर रहे हैं। ऐसे आयोजनों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। हरियाणा के खिलाड़ियों ने देश और प्रदेश का नाम रोशन कर तरक्की के मार्ग पर आगे बढ़ाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर शुरू किए गए सांसद खेल महोत्सव में सिरसा लोकसभा क्षेत्र से लगभग 45 हजार युवाओं ने पंजीकरण कराया, जो युवाओं के खेलों के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि 21 सितंबर को दमकोरा स्टेडियम से प्रारंभ हुआ यह खेल महोत्सव 105 दिनों तक चला, जिसमें 1500 से अधिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की सराहना करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान युवाओं को मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरी देने का जो संकल्प लिया गया था, उसे मुख्यमंत्री ने शपथ लेने से पहले ही पूरा कर दिखाया, जो सरकार की युवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के आधार पर सरकारी नौकरियों में नियुक्ति दे रही है। श्री बराला ने कहा कि 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी लाइव संबोधन करेंगे, जिसके लिए कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
उन्होंने प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे नशे और ऑनलाइन गेम्स से दूर रहकर खेलों को खेल भावना के साथ खेलें और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण बेदी, पूर्व सांसद श्रीमती सुनीता दुग्गल, पूर्व विधायक श्री दुड़ा राम, चेयरमैन वेद फुलां, चेयरमैन भारत भूषण मिड्डा, चेयरमैन रविंद्र बलियाला, अर्जुन अवॉर्डी और द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित कई खिलाड़ी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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13/12/25 |राष्ट्रीय लोक अदालत में टूटे रिकॉर्ड: अम्बाला में 21 हजार से ज्यादा केस निपटे, लाखों की राशि का हुआ भुगतान
अम्बाला, 13 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 13 दिसंबर को किया गया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बाला के सचिव श्री प्रवीन ने बताया की लोगों के लम्बित मामलों का निपटारा करने के लिए समय समय पर लोक अदालतों का आयोजन किया जा रहा है।
इस कड़ी में 13 दिसम्बर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया है। लोक अदालत में वैवाहिक के 115 मामले पारिवारिक विवाद के 476 मामले, आपराधिक के 1184 मामले, भूमि अधिग्रहण एव श्रम विवाद के 476 मामले एंव बैंक रिकवरी के 1039 और 6,20,500 राशि का भुगतान और और कुल 21027 मामलों का निपटारा किया गया ।
इस कड़ी में जिला न्यायालय में हेल्प डेस्क भी स्थापित किया गया है ताकि लोगों तक इसकी अधिक से अधिक जानकारी पहुँच सके और ज्यादा से ज्यादा लोग इस लोक अदालत का फायदा ले सकें।
सचिव, श्री प्रवीन ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि इसके अलावा बिजली पानी इत्यादि संबधित प्री लिटिगेशन स्टेज पर मुकदमे स्थायी लोक अदालत में लगाकर निपटा, जा सकते है। स्थायी लोक अदालत जिला, डी आर सेंटर अम्बाला में स्थापित है। अधिक जानकारी के लि. हेल्पलाइन नं- 0171-2532142 व 9991112060 नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने जनसाधारा से अपील की कि ये अदालत में लम्बित मुकदमे व प्री लिटिनेशन स्टेज पर मुकदमे इस लोक अदालत में रख कर उनका निपटारा करवा सकते है जिससे आपसी समझौते से मुकदमे का निपटारा होने पर भाईचारे की भावना बढती है और लोक अदालत मे हुए मुकदमों की अपील भी नहीं होती जिससे समय व धन की बचत होती है।#NationalLokAdalat #LegalAidAmbala #JusticeForAll #AmbalaJudiciary #SettlementOfCases #LegalAwareness #DisputeResolution #HaryanaLegalServices #SpeedyJustice #CaseDisposalRecord #JusticeAtDoorstep #NALSA #AmbalaNews
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13/12/25 |अंबाला नगर निगम वार्डबंदी: आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 18 दिसंबर तक का समय; कमिश्नर ने जारी की अधिसूचना
अम्बाला, 13 दिसम्बर (अभी) : नगर निगम कमीशनर विरेन्द्र लाठर ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि नगर निगम की वार्डबंदी की प्राथमिक अधिसूचना सरकार द्वारा जारी की जा चुकी है जिसके द्वारा 07 दिन की समय अवधि में आपत्तियां एवं सुझाव उपायुक्त अम्बाला के माध्यम से आमंत्रित किए जाते हैं।
उन्होने जनसाधारण को अवगत करवाते हुए बताया कि इस वार्डबंदी की प्राथमिक अधिसूचना के बारे में यदि कोई आपत्तियां एवं सुझाव हैं तो वह दिनांक 18 दिसम्बर सांय 3 बजे तक नगर निगम अम्बाला व उपायुक्त अम्बाला के कार्यालय में दर्ज करवाने का कष्ट करें। निश्चित समय अवधि के उपरांत कोई भी आपत्ति व सुझाव दर्ज नहीं किए जाएंगे। वार्डबंदी की प्राथमिक अधिकसूचना नगर निगम अम्बाला की वैबसाईट www.mcambala.gov.in पर नगर निगम कार्यालय व उपायुक्त कार्यालय में देखी जा सकती है।#AmbalaNews #MCLAmbala #WardBandi #PublicNotice #VirenderLather #CivicElection #AmbalaCorporation #Demarcation #PublicGrievance #HaryanaLocalBodies #McAmbala #GovernanceUpdate
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13/12/25 |डिजिटल कृषि मिशन में हरियाणा की रफ्तार: डॉ. सुमिता मिश्रा ने किसान रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे की तैयारियों की समीक्षा की
चंडीगढ़, 13 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा कृषि क्षेत्र में एक ऐतिहासिक डिजिटल बदलाव की तैयारी कर रहा है। राज्य सरकार किसान-रजिस्ट्री (एग्रीस्टैक) और डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) की शुरूआत के लिए सभी प्रमुख कदमों को अंतिम रूप दे रही है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त, डॉ. सुमिता मिश्रा ने आज इसकी प्रगति की समीक्षा की।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि विभाग हरियाणा के लगभग 1.78 करोड़ भूमि खंडों पर टीमों को सक्रिय करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जो देश के सबसे बड़े डिजिटल कृषि अभियानों में से एक है। हरियाणा सरकार ने किसान-रजिस्ट्री कैंप 1 जनवरी 2026 से और डिजिटल क्रॉप सर्वे 1 फरवरी 2026 से शुरू करने का कार्यक्रम तय किया है। उन्होंने कहा कि ये दोनों पहलें हरियाणा के एग्रीस्टैक विज़न की आधारशिला हैं, जिसका उद्देश्य किसानों और उनकी फसलों का एकीकृत, सटीक और पारदर्शी डेटा आधार तैयार करना है।
बैठक के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि विभाग 9 दिसंबर को ही सभी आवश्यक डेटा केंद्रीय प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (CPMU) के साथ साझा कर चुका है और जिसमें बकेटिंग प्रक्रिया अभी उक्त यूनिट स्तर पर लंबित है। इसे पंचकूला जिले के लिए 16 दिसंबर तक पूरा किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे पोर्टल अभी तक चालू नहीं हुआ है और केंद्रीय प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट से आग्रह किया कि पोर्टल की स्थिति और अपलोड किए गए सर्वे डेटा की अद्यतन जानकारी तुरंत साझा की जाए, ताकि 1 फरवरी की अंतिम तिथि तक बिना किसी देरी के पूरी की जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि किसान-रजिस्ट्री पोर्टल 17 दिसंबर तक पूर्ण रूप से कार्यात्मक होना चाहिए, जबकि तीन प्रमुख एप्लिकेशन—भूमि सत्यापन, किसान पंजीकरण और रजिस्ट्रेशन—20 दिसंबर तक सुरक्षा ऑडिट पूरा कर ऐप स्टोर पर उपलब्ध करा दिए जाने चाहिए। साथ ही, सर्वे ऑफ इंडिया को शेष गांवों की ज्योमेट्री मैपिंग 16 दिसंबर तक जमा करने के निर्देश दिए।
डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट किया कि किसान-रजिस्ट्री सीधे पीएम-किसान योजना से जुड़ी होगी, इसलिए किसान पंजीकरण के लक्ष्यों को समय पर पूरा करना अनिवार्य है। अपनी समीक्षा में उन्होंने प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई (SPMU) की स्थापना को भी अनिवार्य बताया। इसके अलावा उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि फील्ड स्टाफ जैसे पटवारी, कृषि पर्यवेक्षक और अन्य टीमों तथा किसानों को सहायता प्रदान करने के लिए तुरंत एक समर्पित हेल्प डेस्क स्थापित किया जाए।
उन्होंने समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत निगरानी तंत्र भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि कार्य की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा उपायुक्तों द्वारा, जबकि भूमि अभिलेख निदेशक और कृषि निदेशक द्वैमासिक समीक्षा करेंगे। राज्य स्तर पर वित्त आयुक्त और कृषि विभाग के प्रधान सचिव मासिक समीक्षा करेंगे।
कार्यान्वयन एजेंसियों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने के लिए, डॉ. मिश्रा ने राजस्व विभाग और सर्वे ऑफ इंडिया की संयुक्त बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। यह बैठक लंबित तकनीकी कार्यों, मानचित्र संबंधी मुद्दों और फील्ड-स्तर की तैयारियों का समाधान सुनिश्चित करेगी, जिससे परियोजना बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके।
डॉ. मिश्रा ने इस पहल को “डेटा-आधारित कृषि की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम” बताते हुए कहा कि हरियाणा तकनीक के माध्यम से कृषि को आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि समय-सीमाओं, विभागीय समन्वय और मजबूत डिजिटल ढांचे के साथ, हरियाणा पारदर्शी, कुशल और किसान-केंद्रित शासन का राष्ट्रीय मॉडल बनने की दिशा में अग्रसर है। आने वाले किसान रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे अभियानों से सेवाओं की आपूर्ति, फसल आकलन की सटीकता और सरकारी योजनाओं तक समयबद्ध पहुंच में उल्लेखनीय सुधार होगा जिससे राज्य के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
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13/12/25
सर्दी के मौसम में अंगीठी, रूम हीटर, गैस गीजर और वाटर हीटर आदि का सावधानीपूर्वक करें प्रयोग : उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ
जे कुमार, पलवल, 13 दिसंबर 2025 :- उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जनहित में लोगों को चेतावनी देते हुए सतर्क किया कि वे सर्दी के मौसम में अंगीठी, रूम हीटर, गैस गीजर और वाटर हीटर आदि का सावधानीपूर्वक प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि हम सर्दियों में अक्सर नहाने के लिए गैस गीजर या कमरे के तापमान को गर्म करने के लिए जलते हुए रूम हीटर और कायलों की अंगीठी का इस्तेमाल करते हैं और कमरे को पूरा बंद कर लेते हैं, जो हमारे लिए सबसे बड़ा खतरा बन जाती है।
जब कमरे में हवा की आवाजाही नहीं होती, तो गैस या जलने वाली चीजें ऑक्सीजन कम करके कार्बन मोनोऑक्साइड को (सीओ गैस) बढ़ा देती हैं। यह गैस बिल्कुल बिना रंग की, बिना गंध की और बिना आवाज की होती है, इसलिए किसी को पता भी नहीं चलता और इंसान धीरे-धीरे बेहोश होकर दम घुटने से मर सकता है। ऐसे में हमें इनका प्रयोग करते समय पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।
उपायुक्त चेताया कि अंगीठी या हीटर का प्रयोग करते समय कमरे का बिल्कुल बंद न रखें, इससे गैस का जमाव हो जाता है और कमरे में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिससे व्यक्ति का दम घुटने से मृत्यु हो जाती है। इसलिए आम जन सर्दियों में ध्यान रखें कि गैस गीजर बाथरूम में बंद करके कभी न चलाएं। कमरे में हीटर या अंगारे जल रहे हो तो हल्की-सी वेंटिलेशन जरूर रखें।सोते समय कमरे में कोयले या अंगारों को जलता हुआ न छोड़ें। और अगर चक्कर, सिरदर्द, उलझन महसूस हो तो तुरंत कमरे को खोलें और बाहर निकल जाएं। उन्होंने कहा कि बस थोड़ी-सी सावधानी बरतकर हम स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।
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13/12/25 |
सभी विभाग समाधान शिविर, सीएम विंडो व जनसंवाद पोर्टल पर पेंडिंग शिकायतों का तत्काल निराकरण करें सुनिश्चित : उपायुक्त
जे कुमार, पलवल 13 दिसम्बर 2025 : - उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि समाधान शिविर, सीएम विंडो व जनसंवाद पोर्टल के माध्यम से आमजन की शिकायतों का त्वरित निदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ऐसे में संबंधित अधिकारी समाधान शिविर, सीएम विंडो व जन संवाद पोर्टल पर पेंडिंग शिकायतों का तत्काल समाधान करते हुए अपडेट रिपोर्ट संबंधित पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विभागों की जो भी शिकायतें लंबित हैं वे उन पर शनिवार व रविवार को आवश्यक कार्यवाही करते हुए उन शिकायतों को शून्य पर लाएं। उन्होंने जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को डिमार्केशन व स्वामित्व योजना से संबंधित शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में समाधान प्रकोष्ठ व जनसंवाद की शिकायतों की विभागवार समीक्षा कर सभी विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से लें और इनका समयबद्ध निपटान करें। संबंधित अधिकारी हर रोज पोर्टल जरूर चेक करें और निर्धारित समय पर एक्शन टेकन रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करें।ऑनलाइन पोर्टल पर आने वाली जन शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सभी विभागाध्यक्ष गंभीरता से कार्य करें। उन्होंने स्पष्टï निर्देश दिए कि कोई भी विभागाध्यक्ष नागरिक की किसी भी शिकायत को लंबित न रखें और उनका तुरंत समाधान करवाएं।
अधिकारी रि-ओपन होने वाली शिकायतों पर दें विशेष ध्यान दें : डा. वशिष्ठ
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने निर्देश दिए कि समाधान शिविर की शिकायतों पर विभागीय अधिकारी समय पर कार्यवाही करें और एटीआर अपलोड करते समय सभी तथ्यों की जांच करें। रिपोर्ट के बारे में शिकायतकर्ता को भी अवगत करवाएं ताकि उसे शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी हो।उन्होंने कहा कि जो शिकायतें किसी दूसरे विभाग से संबंधित हों और उनका संबंध एक से अधिक विभागों से है तो उसके बारे में दूसरे संबंधित विभाग को भी अवगत करवाएं और आपसी तालमेल से शिकायतों का समाधान करवाएं। यदि कोई शिकायत लंबे समय से पेंडिंग है, तो उस संबंध में अधिकारियों को जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर की मॉनिटरिंग राज्य स्तर पर भी की जाती है और जो शिकायतें रि-ओपन होती है, उन पर अधिकारी विशेष ध्यान दें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिस भी विभाग की अधिक पुरानी शिकायतें लंबित हैं उनका तत्काल समाधान करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
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13/12/25मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में स्कूलों में निबंध प्रतियोगिता की वर्चुअल शुरुआत की
जे कुमार चंडीगढ़, 13 दिसंबर -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में प्रदेशभर के विद्यालयों में निबंध लेखन प्रतियोगिता की चंडीगढ़ से वर्चुअल शुरुआत की। यह प्रतियोगिता साहिबज़ादों—बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की अमर शहादत, साहस और अद्वितीय बलिदान के संदेश को जन - जन तक पहुँचाने का एक प्रयास है।
इस वर्चुअल कार्यक्रम में प्रदेशभर के स्कूलों से हजारों बच्चे ऑनलाइन माध्यम से जुड़े और मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ संवाद किया। उन्होंने वीर साहिबज़ादों बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी को नमन करते हुए सभी बच्चों से कहा कि साहिबज़ादों के बलिदान से जुड़ी कहानी को आप जितनी बार पढ़ेंगे, सुनेंगे और जानेंगे, उतने ही आप अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट और दृढ़ निश्चयी होंगे।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेशभर में वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में चार भाषाओं - हिन्दी, अंग्रेजी, पंजाबी और संस्कृत में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। इस प्रतियोगिता में वीर साहिबज़ादों के जीवन पर सारगर्भित निबंध लिखकर बच्चे अपनी प्रतिभा का परिचय देंगे। इस प्रतियोगिता के लिए उन्होंने बच्चों को अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दी ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबज़ादों श्री जोरावर सिंह जी और श्री फतेह सिंह जी ने केवल नौ साल और छ: साल की उम्र में अपने जीवन में हिम्मत और सच्चाई दिखाकर हम सबको प्रेरणा दी है। हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 से प्रतिवर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया, ताकि पूरा देश इन शूरवीरों को हमेशा याद रखे।
उन्होंने कहा कि छोटे साहिबज़ादों का बलिदान हमें सिखाता है कि छोटी उम्र में भी बड़ी जिम्मेदारी निभाई जा सकती है। इसलिए हर विद्यार्थी हिम्मत और सत्यनिष्ठा से अपने कर्तव्यों का पालन करे, अपने संस्कारों और मूल्यों को संरक्षित रखते हुए देश को आगे बढ़ाने में अपना सहयोग दे। सभी विद्यार्थी अपना जीवन निडर होकर, कठिनाइयों का सामना करते हुए जिएं क्योंकि साहस वही दिखाता है जो सच्चाई के लिए खड़ा होता है।
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13/12/25 |मानवाधिकार दिवस पर जी.एम.एन. कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन
जे कुमार, अम्बाला 13 दिसम्बर : - अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के उपलक्ष्य में जी.एम.एन. कॉलेज, अम्बाला छावनी में एक प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में मानवाधिकारों, संवैधानिक मूल्यों और समाज के कमजोर वर्गों के संरक्षण के प्रति समझ तथा जागरूकता को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एडवोकेट अमिता वर्मा रहीं, जिन्होंने मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बच्चों से संबंधित कानूनी अधिकारों, हक़ों और उपलब्ध उपचारों पर गहन जानकारी प्रदान की। उन्होंने विशेष रूप से विकलांग बच्चों, ट्रांसजेंडर बच्चों, मानव तस्करी से मुक्त कराए गए बच्चों, तथा बाल श्रम और बाल विवाह जैसी सामाजिक समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। उनका व्याख्यान अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा, जिसने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति अधिक सजग बनने के लिए प्रेरित किया।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मानवाधिकारों के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में प्रत्येक व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह न केवल अपने अधिकारों को समझे बल्कि समाज में न्याय, समानता और गरिमा को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेकर अपनी दृष्टि को और व्यापक बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर जी.एम.एन. कॉलेज ने कानूनी साक्षरता, मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। कार्यक्रम में डॉ. भारती विज, डॉ. सरोज बाला, सुश्री जस्मिता हैंडा और रीतिका भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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13/12/25भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल ने भारत के साइबर सुरक्षा ढांचे पर चर्चा के लिए विदेशी पत्रकारों की मेजबानी की
आरएस अनेजा, 13 दिसम्बर नई दिल्ली - भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (सीईआरटी-इन), इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने विदेश मंत्रालय (एमईए) के सहयोग से यूरोप, अमेरिका और मध्य एशियाई देशों के दौरे पर आए पत्रकारों के लिए साइबर सुरक्षा परिचय यात्रा और संवादात्मक सत्र का आयोजन किया।
इस सत्र की अध्यक्षता नई दिल्ली स्थित एमईआईटीवाई में सीईआरटी-इन के महानिदेशक और प्रमाणन प्राधिकरण नियंत्रक (सीसीए) डॉ. संजय बहल ने की। डॉ. बहल ने भारत में साइबर सुरक्षा, संकट प्रबंधन, भेद्यता आकलन, सूचना साझाकरण, साइबर घटनाओं पर समन्वित प्रतिक्रिया, लेखा परीक्षकों की नियुक्ति और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सीईआरटी-इन की भूमिका और जिम्मेदारियों के बारे बताया। सीईआरटी-इन अपने अनुसंधान सहयोग, सार्वजनिक-निजी भागीदारी और अंतर्राष्ट्रीय मंचों में भागीदारी के माध्यम से डिजिटल इंडिया की परिकल्पना के अनुरूप एक मजबूत और विश्वसनीय साइबर सुरक्षा व्यवस्था का निर्माण कर रहा है।
डॉ. बहल ने बताया कि सीईआरटी-इन उभरते खतरों के विरुद्ध संगठनों और नागरिकों को समय पर अलर्ट और अनुकूल सलाह जारी करता है जिससे अनावश्यक घबराहट पैदा किए बिना सक्रिय सुरक्षा सुनिश्चित होती है। डॉ. बहल ने भारत के वैश्विक साइबर सुरक्षा केंद्र के रूप में तेजी से उभरने का भी उल्लेख किया जो 400 से अधिक स्टार्टअप और 6.5 लाख से अधिक कुशल पेशेवरों के बल पर 20 बिलियन डॉलर के साइबर सुरक्षा उद्योग को सशक्त बना रहा है।
बदलते खतरे के परिदृश्य पर जोर देते हुए, डॉ. बहल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एक दोधारी तलवार की तरह काम करती है—जो रक्षकों और विरोधियों दोनों को सक्षम बनाती है।
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13/12/25फिलाडेल्फ़िया अस्पताल में 'यूनाइटेड क्रिसमस कैरल सर्विस' का भव्य आयोजन, 30 पास्टर्स हुए सम्मिलित
जे कुमार, अम्बाला सिटी, 13 दिसम्बर 2025 : क्रिसमस के पावन अवसर पर फिलाडेल्फ़िया अस्पताल, अंबाला सिटी में चल रहे उत्सवों की श्रृंखला के अंतर्गत आज भव्य यूनाइटेड क्रिसमस कैरल सर्विस का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास के साथ किया गया। यह आध्यात्मिक समारोह भक्ति और आनंद के वातावरण से परिपूर्ण रहा।
आध्यात्मिक माहौल और मधुर कैरल्स : इस समारोह में लगभग 30 पास्टर्स अपनी-अपनी मंडलियों (Quire) सहित सम्मिलित हुए और ‘प्रिंस ऑफ पीस’ (शांति के राजकुमार) प्रभु यीशु के स्वागत में मधुर कैरल्स (भक्ति गीत) प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की शुरुआत: रेव. एडिनो (प्रेस्बिटर-इन-चार्ज, CNI चर्च, अंबाला सिटी) द्वारा प्रार्थना के साथ हुई।
अस्पताल का क्वायर: अस्पताल के प्रसिद्ध क्वायर ने Majesty Worship His Majesty, झूमती है ज़िंदगी, तथा ओ मैंने पहले से कह दी, मसीह मरियम का जाओ रे जैसे आत्मिक गीतों से वातावरण को दिव्य बना दिया। जीवंत जन्म-दृश्य: मंच पर पहली वर्ष की छात्राओं ने मरियम, यूसुफ और चरवाहों का रूप धारण कर यीशु के जन्म-दृश्य को जीवंत किया, जिसकी दर्शकों ने खूब सराहना की।
12:12 का आध्यात्मिक महत्व : इस अवसर पर डॉ. सुनील सादिक, निदेशक – फिलाडेल्फ़िया अस्पताल, ने बाइबल के विभिन्न अंशों के माध्यम से 12:12 का गहन अर्थ और उसका आध्यात्मिक महत्व समझाया। उन्होंने यह भी साझा किया कि फिलाडेल्फ़िया अस्पताल किस प्रकार बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों की सेवा और सहायता करने हेतु निरंतर समर्पित है। कार्यक्रम का समापन पास्टर संजीव मैथ्यूज़ की प्रार्थना तथा पास्टर आइज़क सैमुअल द्वारा प्रदत्त आशीर्वचन के साथ हुआ।
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13/12/25 |सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण हेतू दिवसीय क्षमता विकास और प्रशिक्षण
चंडीगढ़, 13 दिसम्बर (अभी) : आर्थिक एवं सांख्यिकीय कार्य विभाग, हरियाणा द्वारा सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण हेतू समर्थन (एस.एस.एस.) उप-योजना के तहत दो दिवसीय क्षमता विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम निदेशक, आर्थिक एवं सांख्यिकीय कार्य विभाग मनोज कुमार गोयल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया और इसमें विभिन्न लाइन विभागों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
निदेशक मनोज कुमार गोयल ने कहा कि सांख्यिकीय डेटा की गुणवत्ता बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया ताकि सटीकता, विश्वसनीयता और मजबूत परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें जो राज्य सरकार को प्रभावी योजना और नीति निर्माण में सहायता करते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का विषय सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण को बढ़ाने, उन्नत करने के लिए मानव संसाधन विकास पर ध्यान केंद्रित करना था।
कार्यक्रम में संबंधित अनुसंधान अधिकारियों ने विभाग की विभिन्न सांख्यिकीय शाखाओं के कामकाज पर व्यापक स्तर पर प्रस्तुतियाँ दी जिनमें संकलन, आर्थिक सर्वेक्षण, राज्य आय, पूंजी निर्माण, क्षेत्रीय खाते और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण शामिल हैं। इन प्रस्तुतियों में प्रत्येक शाखा की मुख्य भूमिकाओं, प्रक्रियाओं और चल रही गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में स्वर्ण जयंती प्रतिनिधि ने सतत विकास लक्ष्यों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। अतिरिक्त निदेशक श्री आर. के. मोर, श्री उप निदेशक अनिल कुमार हुड्डा, कार्यक्रम ने विभाग का संक्षिप्त परिचय दिया। विभिन्न राज्य सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया और इसे सफल बनाने में योगदान दिया। विभाग ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
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13/12/25 |राइट टू सर्विस कमीशन ने महेंद्रगढ़ नगरपालिका की लापरवाही पर लिया संज्ञान
चंडीगढ़, 13 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने महेंद्रगढ़ नगर परिषद क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत में हुई देरी और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही पर गंभीर संज्ञान लिया है। आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि मूल शिकायत 24 मार्च, 2025 को प्राप्त होने के बावजूद नगरपालिका समिति की ओर से आवश्यक लिखित निर्देश लंबे समय तक जारी नहीं किए गए। वारंटी शर्तों के अनुसार एजेंसी को सात दिनों के भीतर लाइटों की मरम्मत या प्रतिस्थापन सुनिश्चित करना अनिवार्य था, किंतु समिति द्वारा पहला लिखित ईमेल 30 अगस्त, 2025 को भेजा गया, जो न केवल चार महीने की देरी दर्शाता है बल्कि आयोग के 30 जुलाई, 2025 के अंतरिम आदेशों के लगभग एक माह बाद की गई कार्रवाई भी है। इस विलंब के परिणामस्वरूप एजेंसी को अनुचित आर्थिक लाभ मिला और उपभोक्ताओं को अनावश्यक असुविधा झेलनी पड़ी।
एसजीआरए–कम–जिला नगर आयुक्त, नारनौल द्वारा भेजी गई 29 सितंबर, 2025 की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि लगभग 200 स्ट्रीट लाइटें खराब पाई गईं, परंतु नगरपालिका समिति मात्र 45 लाइटें ही खंभों से हटाकर मरम्मत हेतु भेज सकी। इनमें से 22 लाइटें ठीक कर पुनः स्थापित की गईं, जबकि 23 लाइटें एसपीडी (सर्ज प्रोटेक्शन डिवाइस) जलने तथा अन्य पुर्ज़ों की समस्या के कारण 29 सितंबर, 2025 तक लंबित रहीं। समिति द्वारा सप्लायर को बार-बार अनुपालन न करने पर भी किसी प्रकार का दंड न लगाया जाना अत्यंत गंभीर चूक मानी गई। सुनवाई के दौरान डीओ, एमई तथा नगर परिषद मानेसर में तैनात अधिकारी ने स्वीकार किया कि एजेंसी सामान्यतः सामूहिक (बल्क) रूप में मरम्मत करती है और 1–2 खराब लाइटों पर तुरंत कार्रवाई नहीं करती, जिसके कारण महेंद्रगढ़ क्षेत्र में भी देरी हुई। लिंक अधिकारी ने भी स्वीकार किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर आरटीएस सेवा का पालन न करना स्पष्ट रूप से गंभीर प्रशासनिक त्रुटि है तथा यह भी संभव है कि अभी भी कुछ लाइटें खराब स्थिति में हों।
आयोग ने यह भी नोट किया कि शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने अपने 30 सितंबर, 2025 के उत्तर में स्पष्ट किया कि वारंटी शर्तों का प्रवर्तन तथा दंड लगाना नगरपालिका समिति की जिम्मेदारी थी, परंतु महेंद्रगढ़ नगरपालिका से किसी प्रकार का रिकॉर्ड, कार्रवाई या दंड संबंधी पत्राचार प्राप्त नहीं हुआ, जब तक कि आयोग ने स्वयं विवरण नहीं मांगा। सामग्री लागत, एसपीडी जलने और वारंटी दायित्वों को लागू न करने के कारण सप्लायर को महीनों तक आर्थिक लाभ मिलता रहा। यह भी स्थापित हुआ कि मरम्मत कार्य सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत नहीं, बल्कि आयोग के निरंतर हस्तक्षेप के बाद ही आगे बढ़ पाया।
उपलब्ध तथ्यों, स्वीकारोक्तियाँ तथा रिकॉर्ड पर प्रदर्शित विलंब को ध्यान में रखते हुए आयोग ने संबंधित कनिष्ठ अभियंता (जेई) के विरुद्ध 20,000 रुपये का दंड निर्धारित किया है, जिसे उनके वेतन में से काटकर राज्य कोष में जमा कराया जाएगा। एसजीआरए–कम–जिला नगर आयुक्त, महेंद्रगढ़ को निर्देश दिए गए हैं कि अनुपालन रिपोर्ट चालान प्रतियों सहित आयोग को भेजी जाए।
साथ ही, अपील अवधि के दौरान प्रकरण जिन अधिकारियों के समक्ष लंबित रहा, उनके विरुद्ध आयोग ने इस चरण पर दंडात्मक कार्रवाई न करते हुए कड़ी चेतावनी जारी की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि उनके नाम इस प्रकरण के साथ अपने अभिलेख में दर्ज किए जा रहे हैं तथा भविष्य में किसी भी स्तर पर ऐसी लापरवाही पाए जाने पर अधिनियम की धारा 17(1)(द) के अंतर्गत विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
आयोग ने कहा है कि यह प्रकरण स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि समयबद्ध कार्रवाई, लिखित आदेशों का पालन और वारंटी शर्तों का प्रभावी प्रवर्तन अनिवार्य है। आयोग ने सभी स्थानीय निकायों को चेतावनी देते हुए कहा है कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोहराए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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12/12/25 |- आहार,
एक दिन के शाकाहारी आहार का पोषक मेन्यू
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12/12/25 |बस स्टैंड पर नुक्कड़ नाटक से नशा मुक्ति का संदेश, DLSA अम्बाला मना रहा है विशेष जागरूकता माह
अम्बाला, 12 दिसम्बर (अभी) : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अंबाला द्वारा पूरे दिसंबर माह को बच्चों एवं आमजन को विधिक अधिकारों तथा नशा विरोधी अभियान के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम माह के रूप में मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत जिले में विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया है तथा शेष महीने के दौरान भी क्रमवार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम माह का शुभारंभ
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, अंबाला के सचिव श्री प्रवीण के मार्गदर्शन में डीएलएसए की ओर से आज बस स्टैण्ड अंबाला सिटी में पैनल अधिवक्ता कमल धीमन और पैनल पीएलवी अरविंद जैन और कला धारा ग्रुप के सहयोग से जागरूकता शिविर का आयोजन कर मासिक कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई। इस शिविर में कला धारा ग्रुप ने नूकड़ नाटक की प्रस्तुति दिखाकर लोगों को नशे के विरुद्ध जागरूक किया तथा लोगो को उनके विधिक अधिकारों, कर्तव्यों तथा न्याय प्रणाली तक आसान पहुंच के बारे में जानकारी दी।
नशा मुक्त हरियाणा मिशन से जुड़ाव
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अंबाला द्वारा यह मासिक कार्यक्रम ‘नशा मुक्त हरियाणा मिशन’ के तहत चलाए जा रहे जागरूकता अभियान से भी जोड़ा गया है, जिसके अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर लोगों को नशे के दुष्परिणाम, परिवार व समाज पर पडऩे वाले प्रभाव तथा कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है। मिशन के अंतर्गत अधिकारी, पैनल अधिवक्ता, पैरालीगल वॉलंटियर एवं सामाजिक संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।
आगामी मासिक गतिविधियां
पूरे माह के दौरान डीएलएसए अंबाला द्वारा विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों, न्यायालय परिसर, जेल व समुदाय स्तर पर जागरूकता शिविर, कानूनी साक्षरता कार्यक्रम, निबंध-पोस्टर-भाषण प्रतियोगिताएं तथा नशा मुक्ति प्रतिज्ञा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में बाल अधिकार, मुफ्त कानूनी सहायता, पीडि़त मुआवजा योजनाएं, नशा एवं साइबर अपराध से संबंधित कानून तथा न्यायिक सेवाओं तक पहुंच जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा।
संपर्क व हेल्पलाइन जानकारी
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, अंबाला ने आमजन से अपील की है कि वे स्वयं तथा अपने आस-पास के लोगों को इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने के लिए प्रेरित करें ताकि नशा मुक्त तथा विधिक रूप से जागरूक समाज का निर्माण किया जा सके। मुफ्त कानूनी सहायता अथवा कार्यक्रम से संबंधित अधिक जानकारी हेतु जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, अंबाला के हेल्पलाइन नंबर 0171-2532142 तथा एनएएलएसए हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क किया जा सकता है।#DLSAAmbala #AntiDrugCampaign #LegalAwareness #NashaMuktHaryana #StreetPlay #KalaDharaGroup #LegalRights #AmbalaCity #SocialAwareness #JusticeForAll #DrugFreeSociety #LegalLiteracy #HaryanaMission
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12/12/25 |अम्बाला: कड़ाके की ठंड में प्रशासन ने संभाला मोर्चा; रैन बसेरों का निरीक्षण कर जरूरतमंदों को बांटे कंबल
अम्बाला, 12 दिसम्बर (अभी) : उपायुक्त एवं प्रधान जिला रैडक्रास सोसायटी अजय सिंह तोमर के मार्गदर्शन में सर्दी के मौसम में कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सडक़ पर ना रहे इसके दृष्टिगत अस्थाई रूप से रैन बैसरे स्थापित किए गए है तथा उनमें रहने वाले लोगों के लिए आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई गई हैं। इसी कड़ी में बीते कल देर शाम एसीयूटी राहुल कनवरिया व नगराधीश अभिषेक गर्ग ने रैडक्रास सोसायटी द्वारा जरूरतमंद लोगों के लिए उपलब्ध करवाए गए कम्बल एवं अन्य गर्म वस्त्र लोगों को वितरित करने का काम किया। इस मौके पर एसीयूटी राहुल कनवरिया व नगराधीश ने नगर सेवा सदन में स्थापित रैन बसेरे का भी निरीक्षण करते हुए यहां पर जो सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं, उनका निरीक्षण किया।
एसीयूटी राहुल कनवरिया ने निरीक्षण के दौरान यहां पर जो सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई थी उसकी सराहना की और कहा कि यह सुविधाएं निंरतरता में आगे भी जारी रहें। सर्दी के मौसम में कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सडक़ पर न हो, उसे यहां पर अस्थाई तौर पर आश्रय उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य करें। जिन सम्बन्धित विभागों की जिम्मेवारी तय की गई है, उस कार्य को वे बेहतर तरीके से करना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि हम सबका दायित्व बनता है कि जरूरतमंद लोगों की अपनी स्वेच्छा अनुसार मदद करें। रैडक्रास सोसायटी के साथ-साथ नगर सेवा संघ अपने इस कार्य को बखूबी तरीके से निर्वहन कर रहा है। उन्होने यह भी कहा कि कोई भी व्यक्ति यहां पर आकर आश्रय ले सकता है। यहां पर रहने की व्यवस्था के साथ-साथ अन्य व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाई गई हैं।
एसीयूटी राहुल कनवरिया ने यह भी बताया कि रैन बसेरों को स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य भी यही है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति कडाके की ठंड एवं सर्दी के मौसम में फुटपाथ न रहे। ऐसे लोगो को यहां पर आश्रय प्रदान करने की दिशा में कार्य करना है। इसके अलावा रैडक्रास सोसायटी अम्बाला के कार्यालय में भी एक बड़े हाल को रैन बसेरे के रूप में स्थापित किया गया है जिसका सम्बन्धित अधिकारियों ने बीते कल अवलोकन भी किया। यहां पर भी जरूरतमंद लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है। जिला रैडक्रास सोसायटी सचिव विजय लक्ष्मी ने बताया कि यहां पर अस्थाई रूप से जो एक हाल व दो कमरों में लगभग 30 लोगों के रहने की व्यवस्था के साथ-साथ भोजन की व्यवस्था है। इसके साथ-साथ एसीयूटी राहुल कनवरिया व नगराधीश ने रेलवे स्टेशन अम्बाला शहर, बस स्टैंड के साथ-साथ अन्य जगहों पर जाकर जरूरतमंद लेागों को कम्बल वितरित करने का काम किया।
इस मौके पर जिला रैडक्रास सोसायटी सचिव विजय लक्ष्मी, नगर सेवा संघ के संरक्षक सुमन भटनागर, रैडक्रास सोसायटी से मनोज सैनी, अतुल, समाजसेवी बलजीत सिंह के साथ-साथ अन्य मौजूद रहे।-ambalanews-redcrossambala-nightshelters-winterrelief-blanketdistribution-helpinghands-humanityfirst-ambalaredcross-shelterforneedy-warmthinwinter-socialservice-districtadministrationambala
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12/12/25 |केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह 24 दिसंबर को पंचकूला में करेंगे अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण - मुख्यमंत्री
चंडीगढ़, 12 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि 24 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर देश के गृह मंत्री श्री अमित शाह पंचकूला के एमडीसी सेक्टर-1 स्थित अटल पार्क में श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके अलावा वे पंचकूला में आयोजित अन्य कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी आज अटल पार्क में कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस अवसर पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री मोहनलाल बड़ौली भी उपस्थित रहे।
उन्होंने बताया कि अटल जी की धातु से बनी 41 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण करने के बाद श्री अमित शाह अटल पार्क में ही आयोजित विशाल रक्तदान शिविर का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही वे प्रदेश भाजपा कार्यालय ‘पंचकमल’ में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके उपरांत गृह मंत्री श्री अमित शाह ताऊ देवी लाल खेल स्टेडियम, सेक्टर-3 में आयोजित 5 हजार पुलिस कर्मियों की पासिंग आउट परेड की सलामी लेंगे। श्री अमित शाह इसी दिन आयोजित होने वाले ‘वीर बाल दिवस’ कार्यक्रम में भी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
संसद में कांग्रेस पार्टी द्वारा उठाए गए वोट चोरी के मुद्दे से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विपक्ष मुद्दाविहीन हो चुका है और कांग्रेस पार्टी झूठ बोलकर देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। लेकिन अब जनता उनके बहकावे में आने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने वाली बातें कर रहे हैं। आने वाले 40–50 वर्षों तक कांग्रेस का देश में कोई भविष्य नहीं है।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की रक्षा और सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की है। इस संबंध में पुलिस को सख्त निर्देश जारी किए जा चुके हैं और पुलिस पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है। किसी व्यक्ति को सुरक्षा प्रदान करनी है या नहीं, इसका आकलन पुलिस विभाग द्वारा किया जाता है।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है। इस कार्य में चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हाल ही में हरियाणा में आयुष्मान/चिरायु योजना के तहत विशेष अभियान चलाकर सर्जरी से संबंधित लंबित मामलों को शून्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार चिकित्सकों की समस्याएँ सुनती है और उनके समाधान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। चिकित्सकों को अतिरिक्त इंसेंटिव भी दिए जा रहे हैं।
इस अवसर पर विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, नगर एवं ग्राम आयोजन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) श्रीमती वर्षा खांगवाल भी उपस्थित थे ।
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12/12/25 |अम्बाला: समाधान शिविरों की समीक्षा बैठक में नगराधीश ने दिए लंबित शिकायतों को जल्द निपटाने के निर्देश
अम्बाला, 12 दिसम्बर (अभी) : नगराधीश अभिषेक गर्ग ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करवाना सुनिश्चित करें। जिस भी विभाग से संबंधी लोगो की कोई शिकायतें लम्बित है तो उन्हें भी आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध रूप से निपटाना सुनिश्चित करे।
नगराधीश आज उपायुक्त कार्यालय में समाधान शिविरों को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों की एक समीक्षा बैठक लेते रहे थे। इस दौरान उन्होंने अंबाला में आयोजित समाधान शिविरों में आ रही शिकायतों बारें विस्तार से जानकारी हासिल की और जरूरी निर्देश दिए।
इससे पहले चण्डीगढ से विडियों कांफ्रेंसिग के जरिए प्रदेशभर में आयोजित समाधान शिविरों को लेकर राज्य स्तरीय सप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक मे समाधान शिविरों में आ रही आमजन की समस्याओं एवं उनके समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और उपायुक्तों एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
नगराधीश ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित को निर्देश दिए कि समाधान शिविर में प्राप्त होने वाली प्रत्येक समस्या का समाधान प्राथमिकता से करवाना सुनिश्चित करें। शिकायत प्राप्त होते ही उस पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जाएं ताकि शिकायतकर्ता को समाधान स्वरूप जल्द राहत मिल सकें। इसके साथ यदि कोई लम्बित शिकायत है तो उसे भी तय समय सीमा के भीतर जल्द निपटान करवाएं। उन्होंने कहा आम नागरिकों की समस्या का समाधान हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी इसी ध्येय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि जो भी दिशा-निर्देश वीसी के माध्यम से प्राप्त हुए है उनकी अनुपालना के तहत लोगो की समस्याओं का निपटान किया जाएं ताकि प्रार्थी को इन शिविरों का पूर्ण लाभ मिल सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि समाधान शिविर का उदेश्य केवल आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना ही नही, ब्लकि इसके साथ-साथ लोगो को सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं बारे भी जानकारी देना है। इसलिए संबंधित अधिकारी लोगो को अपने विभागों से जूडी सरकार की जनहितकारी योजनाओं बारें जानकारी प्रदान करें। ताकि योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति को मिल सकें।#SamadhanShivir #AmbalaAdministration #AbhishekGarg #PublicGrievance #CitizenServices #GoodGovernance #HaryanaGovernment #IssueResolution #PublicWelfare #AdministrativeReview #QuickGrievanceRedressal #GovernmentSchemes
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12/12/25 |वीर बाल दिवस: CM नायब सिंह सैनी ने स्कूली बच्चों के लिए निबंध प्रतियोगिता की शुरुआत की
चंडीगढ़, 12 दिसम्बर (अभी) :- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में प्रदेशभर के विद्यालयों में निबंध लेखन प्रतियोगिता की शुक्रवार को चंडीगढ़ से वर्चुअल शुरुआत की। यह प्रतियोगिता साहिबज़ादों—बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की अमर शहादत, साहस और अद्वितीय बलिदान के संदेश को जन - जन तक पहुँचाने का एक प्रयास है।
इस वर्चुअल कार्यक्रम में प्रदेशभर के स्कूलों से लाखों बच्चे ऑनलाइन माध्यम से जुड़े और मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ संवाद किया। उन्होंने वीर साहिबज़ादों बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी को नमन करते हुए सभी बच्चों से कहा कि साहिबज़ादों के बलिदान से जुड़ी कहानी को आप जितनी बार पढ़ेंगे, सुनेंगे और जानेंगे, उतने ही आप अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट और दृढ़ निश्चयी होंगे।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेशभर में वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में चार भाषाओं - हिन्दी, अंग्रेजी, पंजाबी और संस्कृत में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। इस प्रतियोगिता में वीर साहिबज़ादों के जीवन पर सारगर्भित निबंध लिखकर बच्चे अपनी प्रतिभा का परिचय देंगे। इस प्रतियोगिता के लिए उन्होंने बच्चों को अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दी ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबज़ादों श्री जोरावर सिंह जी और श्री फतेह सिंह जी ने केवल नौ साल और छ: साल की उम्र में अपने जीवन में हिम्मत और सच्चाई दिखाकर हम सबको प्रेरणा दी है। हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 से प्रतिवर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया, ताकि पूरा देश इन शूरवीरों को हमेशा याद रखे।
उन्होंने कहा कि छोटे साहिबज़ादों का बलिदान हमें सिखाता है कि छोटी उम्र में भी बड़ी जिम्मेदारी निभाई जा सकती है। इसलिए हर विद्यार्थी हिम्मत और सत्यनिष्ठा से अपने कर्तव्यों का पालन करे, अपने संस्कारों और मूल्यों को संरक्षित रखते हुए देश को आगे बढ़ाने में अपना सहयोग दे। सभी विद्यार्थी अपना जीवन निडर होकर, कठिनाइयों का सामना करते हुए जिएं क्योंकि साहस वही दिखाता है जो सच्चाई के लिए खड़ा होता है।
साहिबजादों के जीवन से छात्र सीखें सिद्धांत, साहस, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक हमारे समाज के मार्गदर्शक हैं। जैसे श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने साहिबज़ादों को धर्म और साहस का पाठ पढ़ाया, वैसे ही शिक्षक विद्यार्थियों के मन में संस्कार, साहस और अच्छे विचारों के बीज बो रहे हैं। उनका हर शब्द, हर शिक्षा बच्चों के भविष्य की नींव बनती है। बच्चों को केवल पढ़ाई में नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों और चरित्र निर्माण में भी मार्गदर्शन दीजिए। आपका परिश्रम और समर्पण ही भविष्य के भारत को सशक्त बनाएगा। साहिबजादों के जीवन से छात्र सिद्धांत, साहस, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना सीखें।
प्रत्येक विद्यार्थी छोटे साहिबज़ादों के जीवन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हरियाणा का प्रत्येक विद्यार्थी छोटे साहिबज़ादों के जीवन मूल्यों को अपने जीवन में उतार ले तो हमारे विद्यालय सच्चे अर्थों में मानव निर्माण के केन्द्र बन जाएंगे। इसके लिए विद्यार्थियों को प्रतिदिन छोटे-छोटे कदम उठाने के लिए प्रेरित करें। इनमें सहपाठियों की मदद करना, विद्यालय को स्वच्छ रखना, शिक्षकों का सम्मान करना, कमजोर विद्यार्थियों को सहयोग देना, सदैव सत्य बोलना, बुराई के विरूद्ध आवाज उठाना और अच्छा इंसान बनना। यही सबसे बड़ी उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये प्रतियोगिताएं बच्चों को अपनी विरासत से जोड़ती हैं और उन्हें अपने इतिहास पर गर्व करने का मौका देती हैं। इस प्रतियोगिता के लिए पुरस्कार राशि भी बच्चों के लिए निर्धारित की है, जिसमें राज्य स्तर पर प्रथम स्थान धारक को 21 हजार, द्वितीय स्थान धारक को 11 हजार तथा तृतीय स्थान धारक को 5100 रुपये, निबंध लेखन प्रतियोगिता (अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत और पंजाबी भाषा) के लिए के प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, जिला स्तर पर प्रथम स्थान के विजेताओं को 3100 रुपये की राशि मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बच्चों और समाज से आह्वान किया कि छोटे साहिबज़ादों की शहादत को याद करके हम स्वयं को यह संकल्पित करें कि हम ऐसा भारत बनाएंगे, जहां हर बच्चा सच्चा, मेहनती और देशभक्त बने। हम सभी मिलकर अपने बच्चों को ऐसी शिक्षा और संस्कार दें कि वे आने वाले समय में देश के सच्चे रक्षक बनें।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विनीत गर्ग, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री यश पाल और ओएसडी डॉ प्रभलीन सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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12/12/25 |कैथल कष्ट निवारण समिति बैठक में मंत्री अनिल विज बोले “... सब जानते हैं कि अनिल विज माफ नहीं करता“
आरएस अनेजा, 12 दिसम्बर कैथल - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज कैथल में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता की और इस दौरान एक प्रार्थी ने कृषि विभाग की सहायता से उसके खेत लगाए गए नेट हाउस की सब्सिडी नहीं देने की शिकायत पूर्व में की थी। इस मामले में मंत्री अनिल विज ने जांच के निर्देश दिए थे जिसपर अधिकारियों ने जांच शुरू की।
इस जांच के प्रारंभ होने पर आज बैठक के दौरान प्रार्थी ने मंत्री अनिल विज का धन्यवाद जताया। वहीं मंत्री अनिल विज ने कहा कि “मामले में जांच होगी और यदि कुछ पाया जाएगा तो सब जानते हैं कि अनिल विज माफ नहीं करता“
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12/12/25 |वर्ल्ड बैंक ने हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना के लिए 305 मिलियन अमेरिकी डॉलर किए मंजूर
चंडीगढ़, 12 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा की पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं को एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन देते हुए, वर्ल्ड बैंक ने हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (HCAPSD) के लिए 305 मिलियन अमेरिकी डॉलर की वित्तीय सहायता को मंज़ूरी प्रदान की है। यह परियोजना 2030 तक हरियाणा को प्रदूषण-मुक्त राज्य बनाने की दिशा में सरकार की प्रमुख पहल है। स्वीकृत सहायता में 300 मिलियन अमेरिकी डॉलर का IBRD लोन तथा SA रीजनल इंटीग्रेशन मल्टी-डोनर ट्रस्ट फंड से 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुदान शामिल है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ल्ड बैंक द्वारा 305 मिलियन अमेरिकी डॉलर की वित्तीय सहायता पिछले वर्ष नवंबर में चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और वर्ल्ड बैंक प्रतिनिधियों के बीच हुई उच्च-स्तरीय बैठक के उपरांत प्राप्त हुई है। बैठक के दौरान वर्ल्ड बैंक ने हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट के क्रियान्वयन के लिए 2,498 करोड़ रुपये के लोन का आश्वासन दिया था। परियोजना की कुल लागत 3,646 करोड़ रुपये है, जिसमें से 1,065 करोड़ रुपये का योगदान हरियाणा सरकार द्वारा और अतिरिक्त 83 करोड़ रुपये अनुदान के रूप में दिया जाएगा।
हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट का उद्देश्य परिवहन, उद्योग, कृषि, शहरी प्रबंधन और वैज्ञानिक निगरानी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में समन्वित हस्तक्षेपों के माध्यम से पूरे राज्य में वायु गुणवत्ता में मापनीय सुधार करना है। इसका क्रियान्वयन समर्पित एसपीवी ARJUN (AI for Resilient Jobs, Urban Air Quality & Next-Gen Skills Council) द्वारा किया जाएगा, जो योजना, कार्यान्वयन और वास्तविक समय निगरानी में प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करेगा। ARJUN की अध्यक्षता हरियाणा मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर कर रहे हैं, जिन्होंने 2020 से 2023 तक भारत, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका के प्रतिनिधि के तौर पर वर्ल्ड बैंक के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में काम किया है।
यह प्रोजेक्ट हरियाणा के एक्शन प्लान को सपोर्ट करेगा, जिसका मकसद कई सेक्टरों के दखल के ज़रिए हवा में प्रदूषण को कम करना है। यह प्रोजेक्ट एयर क्वालिटी और एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम में इन्वेस्ट करेगा ताकि राज्य की अलग-अलग प्रदूषण के सोर्स के असर को बेहतर ढंग से मापने की क्षमता को मज़बूत किया जा सके।
परियोजना में परिवहन क्षेत्र के लिए 1,688 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जिनका लक्ष्य शहरी परिवहन उत्सर्जन में तेज़ी से कमी लाना और राज्य के स्वच्छ मोबिलिटी पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करना है। इस अंतर्गत 1,513 करोड़ रुपये की लागत से गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में 500 इलेक्ट्रिक बसें तैनात की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, 10 करोड़ रुपये उच्च-प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध रूप से हटाने एवं स्क्रैपिंग इकोसिस्टम के लिए, 20 करोड़ रुपये में 200 EV चार्जिंग स्टेशन, 100 करोड़ रुपये इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर इंसेंटिव और 45 करोड़ रुपये पुराने थ्री-व्हीलर्स को EV में बदलने हेतु फ्लीट रिप्लेसमेंट इंसेंटिव पर व्यय किए जाएंगे। यह कार्य गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन सिटी बस लिमिटेड, हरियाणा सिटी बस सर्विस लिमिटेड तथा परिवहन एवं उद्योग विभागों के माध्यम से संयुक्त रूप से किया जाएगा।
उद्योग और वाणिज्य विभाग द्वारा 563 करोड़ रुपये स्वच्छ औद्योगिक संचालन, रियल-टाइम उत्सर्जन नियंत्रण एवं अनुपालन सुधार पर खर्च किए जाएंगे। इसमें 100 करोड़ रुपये औद्योगिक बॉयलरों को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) में शिफ्ट करने के लिए, 330 करोड़ रुपये कम-उत्सर्जन विकल्पों को बढ़ावा देकर डीज़ल जनरेटर सेट के प्रतिस्थापन हेतु, तथा 33 करोड़ रुपये प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में CEMS लगाने के लिए निर्धारित हैं।
कृषि क्षेत्र में 746 करोड़ रुपये कृषि एवं विकास तथा पंचायत विभागों के माध्यम से व्यय किए जाएंगे। इनमें 2030 तक पराली जलाने को समाप्त करने के लिए 280 करोड़ रुपये, बायो-डीकंपोजर तकनीकों पर अनुसंधान हेतु 52 करोड़ रुपये, कृषि विभाग में एक सेकेंडरी एमिशन मॉनिटरिंग सेंटर की स्थापना के लिए 151 करोड़ रुपये, तथा पशु अपशिष्ट से होने वाले उत्सर्जन में कमी लाने हेतु स्वच्छ खाद प्रबंधन प्रणाली विकसित करने के लिए 263 करोड़ रुपये शामिल हैं।
इसी तरह, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा संस्थागत क्षमता सुदृढ़ करने एवं वैज्ञानिक-नियामक आधारशिला को मजबूत बनाने के लिए 564 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इसमें राज्य वायु गुणवत्ता प्रयोगशालाओं के उन्नयन एवं 12 मिनी-लैब की स्थापना हेतु 107 करोड़ रुपये, 10 CAAQM स्टेशनों की तैनाती के लिए 73 करोड़ रुपये, दो मोबाइल AQ मॉनिटरिंग वैन के लिए 28 करोड़ रुपये, उपग्रह-आधारित निगरानी के एकीकरण के लिए 6 करोड़ रुपये, डेटा-संचालित शासन हेतु DSS विकसित करने के लिए 50 करोड़ रुपये, और राज्य उत्सर्जन सूची तैयार करने के लिए 6 करोड़ रुपये शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, शहरी स्थानीय निकायों द्वारा 85 करोड़ रुपये शहरी धूल प्रदूषण में कमी, स्वच्छता में सुधार तथा प्रवर्तन क्षमता बढ़ाने वाले शहरी क्षेत्र हस्तक्षेपों पर खर्च किए जाएंगे।
प्रवक्ता ने कहा कि हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट परिवहन, उद्योग, कृषि और शहरी क्षेत्रों से होने वाले उत्सर्जनों को समग्र रूप से संबोधित कर राज्य में वायु गुणवत्ता में सतत एवं संरचनात्मक सुधार सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि इस व्यापक दृष्टिकोण के साथ हरियाणा स्वच्छ वायु नवाचार और सतत विकास में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनेगा।
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12/12/25 |परफाॅरमेंस, एक्स-ग्रेशिया अवार्ड के संबंध में हरियाणा सरकार के नए दिशा-निर्देश
चंडीगढ़, 12 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा सरकार ने राज्य के सभी सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों को दिए जाने वाले परफाॅरमेंस या एक्स-ग्रेशिया पुरस्कार और इसी प्रकार के अन्य लाभों के संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, जिनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्च भी है, द्वारा सभी बोर्डों, निगमों, कम्पनियों, सहकारी संस्थाओं और स्वायत्त निकायों के प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को इस सम्बन्ध में एक पत्र जारी किया गया है। ये निर्देश पूर्व में 24 नवम्बर, 2011 को जारी दिशा-निर्देशों के संदर्भ में जारी किए गए हैं।
पत्र के अनुसार, सरकार के संज्ञान में आया है कि विभिन्न राज्य सार्वजनिक उपक्रम कई पिछले वर्षों के लिए इन लाभों की स्वीकृति या दावा प्रस्तुत कर रहे हैं। इसलिए सभी राज्य सार्वजनिक उपक्रमों में एक समान नीति लागू करने के उद्देश्य से सरकार ने निर्णय लिया है कि “परफाॅरमेंस/एक्स-ग्रेशिया अवार्ड तथा अन्य समान लाभ केवल मौजूदा वित्त वर्ष से पहले वाले वर्ष के लिए ही स्वीकृत किए जाएंगे। इसलिए राज्य सार्वजनिक उपक्रम केवल आगामी वित्त वर्ष से पहले के एक वर्ष के संबंध में ही इन लाभों का दावा कर सकेंगे। पिछले वर्षों से संबंधित किसी भी पुराने दावे पर विचार नहीं किया जाएगा और न ही उन्हें स्वीकृति दी जाएगी।
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12/12/25 |बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत: पंचकूला में 15 दिसंबर को लगेगा बिजली कष्ट निवारण फोरम का शिविर
चंडीगढ़, 12 दिसम्बर (अभी) : उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) के पंचकूला परिचालन परिमंडल के उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। बिजली से संबंधित समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए 15 दिसंबर 2025 को पंचकूला में एक विशेष सभा का आयोजन किया जाएगा।
इस बैठक की अध्यक्षता उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम (CGRF) के चेयरमैन करेंगे। विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि यह शिविर उन उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा अवसर है, जिनकी शिकायतों का समाधान स्थानीय अधिकारियों (JE, SDO या XEN) के स्तर पर बार-बार चक्कर काटने के बाद भी नहीं हो पाया है।
शिविर 15 दिसंबर 2025 को परिचालन परिमंडल कार्यालय, पंचकूला में केवल पंचकूला जिले के बिजली उपभोक्ता की बिलिंग में गड़बड़ी, वोल्टेज की समस्या, नए कनेक्शन में देरी, मीटर संबंधी विवाद और अन्य तकनीकी शिकायतें।
चेयरमैन ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता अपनी शिकायतों को लिखित रूप में साक्ष्यों के साथ फोरम के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। फोरम का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को त्वरित न्याय दिलाना और विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों ने अपील की है कि उपभोक्ता इस अवसर का लाभ उठाएं ताकि उनकी लंबित समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया जा सके।
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12/12/25 |आर्य कॉलेज में वर्ल्ड मेडिटेशन डे पर आयोजन: "ध्यान का बीज बोएं और मन की शांति का फल पाएं"
जे कुमार, अम्बाला छावनी, 12 दिसम्बर, 2025: आर्य कॉलेज, अम्बाला छावनी में स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा विभाग और ब्रह्मकुमारीज के संयुक्त तत्वावधान में आज वर्ल्ड मेडिटेशन दिवस के अवसर पर एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य छात्र-छात्राओं को शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य के लिए ध्यान के लाभों से परिचित कराना और एक सकारात्मक, शांतिपूर्ण माहौल बनाना था।
थीम: 'इनर पीस, ग्लोबल हारमनी'
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. (प्रो.) अंजु बाला ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के तनावग्रस्त वातावरण में आंतरिक शांति को बढ़ावा देने, सामाजिक एकता को मजबूत करने और स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरूक होने के लिए ध्यान को दैनिक जीवन में शामिल करना आवश्यक है। उन्होंने प्रेरक पंक्तियां कही:
"ध्यान का बीज बोएं और मन की शांति का फल पाएं।"
उन्होंने बताया कि दिसम्बर में मनाए जाने वाले वर्ल्ड मेडिटेशन डे की थीम इस वर्ष "इनर पीस, ग्लोबल हारमनी" (आंतरिक शांति, वैश्विक सद्भाव) है।
योग और ध्यान के लाभ
विभागाध्यक्ष डॉ. सरिता चौधरी ने बताया कि योग स्वयं को जानने और अपनी शक्तियों को पहचानने का मार्ग है, जो एकाग्रता को भी बढ़ाता है। डॉ. गुरमीत ने कहा कि योग आत्मा और शरीर के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने भी एक प्रेरक संदेश दिया:
"ध्यान से जुड़ें, दिल से जुड़ें, हर सांस में शांति, हर कदम में खुशी।"
डॉ. प्रगति शर्मा ने ध्यान को चित्त की एक गुणवत्ता बताते हुए कहा कि इससे मन प्रसन्न रहता है और व्यर्थ के विकारों से मुक्ति मिलती है। इस कार्यक्रम में 38 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. सरिता चौधरी, डॉ. प्रगति शर्मा एवं डॉ. गुरमीत कौर द्वारा किया गया।
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12/12/25 |भूपेंद्र सिंह हुड्डा व राव नरेंद्र ने अंबाला में कार्यकर्ता बैठक ली, दिल्ली रैली की ड्यूटी लगाई
जे कुमार, अम्बाला 12 दिसम्बर : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने अंबाला में कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में दिल्ली में होने वाली ‘वोट चोर गाड़ी छोड़ो’ रैली को लेकर सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं की ड्यूटी निर्धारित की गई। इस मौके पर सभी स्थानीय नेताओं ने भरोसा दिलाया कि रैली में अंबाला से लोगों की हाजिरी अव्वल रहेगी। दिल्ली में रैली करके जनता के बीच यह संदेश पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले अंबाला को हाजिरी के मामले में सबसे आगे रहना चाहिए और खासतौर पर महिला नेतृत्व एवं उनकी भागीदारी भी यहां से सबसे ज्यादा होनी चाहिए। इसलिए रैली के लिए अभी से तमाम तैयारियां पूरी कर लें और समय पर रैली स्थल पर पहुंचना सुनिश्चित करें।#ambala #News #congress #rao-narendra #bhupendersinghhooda #meeting-in-ambala #delhirally
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12/12/25 |शहीदों को सम्मान: नारायणगढ़ के दो सरकारी स्कूलों के नाम बदले, अब जुड़ेंगे बलिदानियों के नाम
जे कुमार, अम्बाला, 12 दिसम्बर, 2025: नगराधीश अभिषेक गर्ग ने जानकारी दी है कि हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव के निर्देशानुसार, उपमंडल नारायणगढ़ के दो सरकारी विद्यालयों के नाम के साथ संबंधित शहीदों के नाम जोड़ने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस पहल का उद्देश्य शहीदों के अद्वितीय बलिदान को सम्मान देना और उनकी स्मृति को सदैव जीवित रखना है।
विद्यालयों के संशोधित नाम : नगराधीश ने बताया कि नारायणगढ़ में इन दो विद्यालयों के नामों में परिवर्तन किया गया है | पुराना नामनया नामराजकीय माध्यमिक विद्यालय, धमौली बिचलीशहीद श्री शेर सिंह राजकीय माध्यमिक विद्यालय, धमौली बिचलीराजकीय प्राथमिक विद्यालय, कोड़वा कलांशहीद श्री नरेंद्र सिंह राजकीय प्राथमिक विद्यालय, कोड़वा कलां |
राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रोत्साहन : - नगराधीश अभिषेक गर्ग ने कहा कि शहीदों के नाम को विद्यालयों से जोड़ना विद्यार्थियों, युवाओं और भावी पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करेगा। साथ ही, यह उन्हें देश के लिए किए गए महान योगदान से भी अवगत कराएगा।
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12/12/25 |अग्निवीर (क्लर्क/स्टोर कीपर तकनीकी) भर्ती परिणाम घोषित, 13 दिसंबर को होगी आगे की दस्तावेज़ जाँच
जे कुमार, अम्बाला, 12 दिसम्बर, 2025: भर्ती निदेशक अम्बाला, कर्नल वी.एस. पाण्डेय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सूचित किया है कि भर्ती कार्यालय मुख्यालय अंबाला कैंट द्वारा नवंबर माह में आयोजित अग्निवीर क्लर्क/स्टोर कीपर तकनीकी भर्ती परीक्षा का परिणाम प्रकाशित कर दिया गया है।
परिणाम देखने की प्रक्रिया : - परिणाम को उम्मीदवार भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर देख सकते हैं। परिणाम देखने की विस्तृत प्रक्रिया निम्न प्रकार से है:
www.joinindianarmy.nic.in पर जाएं।
Final टैब पर क्लिक करें।
ZRO-IRO Delhi Cantt चुनें।
ARO-Delhi IRO-All India Final Result 2 of Agniveer Clk/ SKT category for successful for the year 2025/26 as on 10 Dec 2025 by IRO Delhi पर क्लिक करें।
दस्तावेज़ जाँच के लिए रिपोर्टिंग : -
जिन उम्मीदवारों का रोल नंबर उपरोक्त परिणाम में प्रकाशित हुआ है, वे आगे के दस्तावेज़ सत्यापन (Document Verification) के लिए निम्नलिखित विवरण के अनुसार रिपोर्ट करें:
तिथि: 13 दिसम्बर 2025
समय: सुबह 0830 बजे
स्थान: भर्ती कार्यालय मुख्यालय, अंबाला कैंट
अनिवार्य दस्तावेज़
सभी चयनित उम्मीदवारों को रिपोर्टिंग के समय निम्नलिखित मूल दस्तावेज़ (Original Documents) साथ लाना अनिवार्य है:
10वीं और 12वीं की ओरिजिनल मार्क शीट
आधार कार्ड
आधार लिंक मोबाइल
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12/12/25उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने कल्पना चावला महिला पॉलिटेक्निक में EVM/VVPAT वेयरहाउस का किया भौतिक निरीक्षण
जे कुमार, अम्बाला 12 दिसम्बर : - उपायुक्त (Deputy Commissioner) अजय सिंह तोमर ने कल्पना चावला महिला बहुतकनीकी संस्थान में ईवीएम (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) मशीनों के लिए स्थापित किए गए वेयरहाउस का भौतिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया |
सुरक्षा जाँच : उन्होंने वेयरहाउस के गेट पर लगे ताले की सील को चेक किया। सीसीटीवी और सुरक्षा उपकरण: सुरक्षा की दृष्टि से लगाए गए सीसीटीवी कैमरों और वेयरहाउस में उपलब्ध अग्निशमन यंत्रों की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की। मशीनों का स्टॉक: उन्होंने चुनाव तहसीलदार से वेयरहाउस में रखी ईवीएम मशीनों के स्टॉक के बारे में भी जानकारी ली।
त्रैमासिक निरीक्षण की रिपोर्ट आयोग को भेजी जाएगी : - चुनाव तहसीलदार गुलशन कुमार ने बताया कि वेयरहाउस का त्रैमासिक (तीन महीने में एक बार) निरीक्षण किया जाता है। आज इसी कड़ी में निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया है। निरीक्षण के उपरांत यहाँ की वास्तविक रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजी जाएगी।
इस निरीक्षण के मौके पर चुनाव तहसीलदार गुलशन कुमार, चुनाव कानूनगो मंजू, सहायक प्रीतम कौशिक, जूनियर प्रोग्रामर रीचू गुप्ता, अनिल भारद्वाज और भाजपा पार्टी के प्रतिनिधि अतुल आहुजा सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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12/12/25 |अम्बाला में नेशनल लोक अदालत का आयोजन: 1124 में से 1031 मुकदमों का निपटारा, ₹2.96 लाख का भुगतान
जे कुमार, अम्बाला 12 दिसम्बर, 2025 : जिला एवं सत्र न्यायधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DALSA), अम्बाला कंचन माही के निर्देशानुसार, आज परमानेंट लोक अदालत में एक नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। सीजेएम (CJM) एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रवीण के मार्गदर्शन में आयोजित इस अदालत में बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा किया गया।
निपटारे का विवरण : - इस नेशनल लोक अदालत में विभिन्न श्रेणियों के कुल 1124 केस रखे गए। प्राधिकरण ने आपसी सहमति से इनमें से 1031 मुकदमों का सफलतापूर्वक निपटारा किया। इसके परिणामस्वरूप, 2,96,264/- (दो लाख छियानवे हजार दो सौ चौंसठ रुपये) की राशि का भुगतान किया गया।
जिन प्रमुख श्रेणियों के मामले रखे गए, उनमें केनरा बैंक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा, आईडीएफसी, आईसीआईसीआई, बीएसएनएल, इलेक्ट्रिसिटी बिल्स और अन्य सिविल केसेस शामिल थे।
अगली नेशनल लोक अदालत 13 दिसंबर को : - प्रवीण ने जानकारी देते हुए बताया कि अगली नेशनल लोक अदालत की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
आयोजन की तिथि:13 दिसम्बर 2025
स्थान: अम्बाला एवं नारायणगढ़ की सभी अदालतों में।
निपटारे के लिए रखे जाने वाले प्रमुख मामले: बैंक संबंधी मुकदमे, आपराधिक मामला संबंधी मुकदमे, इलेक्ट्रिक्टी एवं वाटर सप्लाई संबंधी मुकदमे, वाहन दुर्घटना संबंधी मुकदमे, पारिवारिक विवाद संबंधी मुकदमे, चेक संबंधी मुकदमे, दीवानी केस संबंधी मुकदमे और समरी संबंधी मुकदमे।
उन्होंने जन साधारण से अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति अपने केस को नेशनल लोक अदालत में निपटारा करवाना चाहता है, तो वह संबंधित न्यायालय में अपने केस को लगवा सकता है। अधिक जानकारी के लिए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण अम्बाला के हेल्प लाइन नंबर: 0171-2532142 तथा नालसा हेल्प लाइन नंबर: 15100 पर संपर्क किया जा सकता है।
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11/12/25 |- आहार,
आज के दिन का शाकाहारी आहार का पोषक मेन्यू
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11/12/25 |ऊर्जा मंत्री अनिल विज का यमुनानगर में किया गया स्वागत
यमुनानगर, 11 दिसम्बर - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज का आज शाम यमुनानगर के डीएवी गर्ल्स कालेज में डा. कबीर एम्बेडकर द्वारा आयोजित सम्मारोह में यमुनानगर की विभिन्न समाजसेवी एवं अन्य संस्थाओं के पदाधिकारियों द्वारा सम्मान किया गया।
इस अवसर पर यमुनानगर नगर निगम मेयर सुमन बेहमनी सहित कई भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मंत्री अनिल विज ने सभी को संबोधित किया और संस्थाओं का धन्यवाद जताया। उन्होंने पुराने समय को याद करते हुए कहा कि पहले यमुनानगर अम्बाला का ही हिस्सा होता था। उन्होंने बताया कि वह पहले अक्सर यमुनानगर में आते थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ पुराने साथियों को भी याद किया।
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11/12/25 |जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंबाला ने किया नशा विरोधी अभियान का शुभारंभ
अम्बाला, 11 दिसम्बर (अन्नू) : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), अंबाला, द्वारा पूरे दिसंबर महीने को बच्चों और आम लोगों को कानूनी अधिकारों और नशा विरोधी अभियान के प्रति जागरूक करने के लिए ‘विशेष कार्यक्रम माह’ के रूप में मनाया जा रहा है।
इस मासिक कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत 11 दिसंबर 2025 को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) और डीएलएसए सचिव प्रवीण के मार्गदर्शन में की गई। पहला जागरूकता शिविर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भडोग में आयोजित हुआ।
शिविर में बच्चों को उनके कानूनी अधिकार, कर्तव्य और न्याय प्रणाली तक पहुंच की जानकारी दी गई। इस दौरान नशे के खिलाफ चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं और यूथ एशियन खेलों की कांस्य पदक विजेता हरनूर कौर के वीडियो के माध्यम से नशे के बुरे प्रभावों से अवगत कराया गया। यह कार्यक्रम हरियाणा सरकार के ‘नशा मुक्त हरियाणा मिशन’ से भी जुड़ा हुआ है।
पूरे महीने डीएलएसए द्वारा स्कूल, कॉलेज, ग्राम पंचायत और जेलों सहित विभिन्न स्थानों पर जागरूकता शिविर, कानूनी साक्षरता कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें बाल अधिकार, मुफ्त कानूनी सहायता, साइबर अपराध और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। आमजन मुफ्त कानूनी सहायता या अधिक जानकारी के लिए डीएलएसए अंबाला हेल्पलाइन नंबर 0171-2532142 और एनएएलएसए हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क कर सकते हैं।
डीएलएसए ने लोगों से इन कार्यक्रमों में शामिल होकर नशा मुक्त और कानूनी रूप से जागरूक समाज बनाने में सहयोग करने की अपील की है।
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11/12/25 |ऊर्जा मंत्री अनिल विज की जनसुनवाई में एक्शन : प्रॉपर्टी डीलर पर केस दर्ज करने के निर्देश व महिला को धमकाने वाले बिजली कर्मी पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
अम्बाला/चंडीगढ़, 11 दिसम्बर - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज अपने आवास पर अम्बाला छावनी विधानसभा क्षेत्र के लोगों की जनसुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों कार्रवाई के दिशा-निर्देश दिए।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज के समक्ष बीडी फ्लोर मील के पास लक्की नगर निवासी कई महिलाओं ने प्रापर्टी डीलर द्वारा उन्हें पहले जमीन देने व बाद में इस जमीन पर किसी और व्यक्ति द्वारा अपना हक जताने की शिकायत दी। महिलाओं का आरोप था कि वह कालोनी में पक्की गली का निर्माण कराना चाह रहे थे। मगर, वहां व्यक्ति द्वारा उन्हें जबरन जगह खाली करने व बुलडोजर चलाने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि कालोनी में उन्होंने एक प्रापर्टी डीलर के मार्फत जमीन खरीदी थी, मगर वह भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। मंत्री अनिल विज ने मौके पर मौजूद डीएसपी अम्बाला कैंट को प्रापर्टी डीलर के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए।
सुंदर नगर से आई महिला फरियादी ने ऊर्जा मंत्री अनिल विज को अपनी शिकायत देते हुए आरोप लगाया कि उनके घर एक बिजली कर्मी लगातार आ रहा है जोकि पूरे घर की वीडियोग्राफी कर रहा है साथ ही उन्हें बार-बार धमका रहा है। महिला ने मंत्री अनिल विज को बताया कि उसके घर में बेटियां है मगर बिजली कर्मी लगातार उन्हें परेशान करने की मंशा से उन्हें परेशान कर रहा है जबकि उनका बिजली मीटर भी घर के बाहर लगा हुआ है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने मामले में बिजली निगम के एक्सईएन को फोन लगाते हुए उक्त कर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा बिजली कर्मी द्वारा बार-बार महिला को परेशान क्यों किया जा रहा है। उन्होंने एक्सईएन को मामले में जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
इन मामलों में भी मंत्री अनिल विज कार्रवाई के निर्देश दिए
इसी तरह ऊर्जा मंत्री अनिल विज के समक्ष चार लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में महिला ने शिकायत दी जिसपर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कैंट थाना पुलिस को मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। घसीटपुर से आए लोगों ने गांव में पुराने खंभों के स्थान पर नए खंभे लगाने की मांग की जिसपर मंत्री विज ने बिजली निगम अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। छावनी निवासी महिला ने एक व्यक्ति पर उसके दो लाख रुपए नहीं देने की शिकायत दी। महिला ने बताया कि उसने अपना माकान नौ लाख रुपए में एक व्यक्ति को बेचा था, मगर व्यक्ति द्वारा केवल सात लाख रुपए की राशि उसे दी गई जबकि शेष दो लाख की राशि अब तक नहीं दी गई है। इस मामले में भी मंत्री अनिल विज ने पड़ाव पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए।
डिफेंस एन्कलेव से आए निवासियों ने ऊर्जा मंत्री अनिल विज को शिकायत देते हुए कहा कि गली में एक व्यक्ति द्वारा अपना मकान दो फुट आगे बना लिया है जिससे गली की चौड़ाई कम हो गई है। इस मामले में ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने छावनी एसडीएम को गली में पैमाइश कराकर जांच के निर्देश दिए। इसी तरह ऊर्जा मंत्री अनिल विज के समक्ष महिलाओं ने शिकायत देते हुए आरोप लगाया कि उनकी बेटियां फिलेडल्फिया जीएनएम नर्सिंग कर रही है, मगर तीन वर्ष से कोई परीक्षा नहीं ली गई। मंत्री अनिल विज ने मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए।
खेलो इंडिया में कांस्य पदक जीतने वाली महिला मुक्केबाज को ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने मेडल पहनाते हुए प्रोत्साहन स्वरूप 11 हजार रुपए दिए
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने खेलों इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में मुक्केबाजी स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाली अम्बाला छावनी बीसी बाजार की खिलाड़ी नीतिका को कांस्य पदक पहनाकर सम्मानित किया साथ ही प्रोत्साहन स्वरूप उसे 11 हजार रुपए अपने स्वैच्छिक कोष से प्रदान किए। उन्होंने खिलाड़ी को भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन करने का आह्वान किया।#ministeranilvij #anilvij #publichearing #govermentofharyana #bjp #bjpharyana
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11/12/25 |पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी भी वोट चोरी के मामले में ही 'अनसीट' हुई थी : विज
जे कुमार , अंबाला 11 दिंसबर :- कोर्ट ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को वोट से सम्बन्धित एक नोटिस भेजा गया है, के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में विज ने कहा कि राहुल गांधी की कांग्रेस पार्टी के वोट चोरी के कई मामले कोर्ट में विचाराधीन है और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी भी वोट चोरी के मामले में ही 'अनसीट' हुई थी उस समय तत्कालीन जस्टिस जेएमएल सिन्हा ने उनके चुनाव को रद्द किया था जो ऑन रिकॉर्ड है। वहीं, दूसरी ओर सोनिया गांधी नागरिक बाद में बनी और वोट डालनी पहले शुरू कर दी।
पंडित जवाहरलाल नेहरू को कोई भी वोट न मिलने पर प्रधानमंत्री बना दिया गया : विज
इसी प्रकार, साल 1946 में जब कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव हुआ तो उस चुनाव में प्रदेश समितियां ने मत करना था और उस दौरान 17 प्रदेश समितियों में से 12 समितियों ने सरदार पटेल जी को चुना था तथा अन्य समितियां ने आचार्य कृपलानी व अन्य को वोट डाल दिया। जबकि पंडित जवाहरलाल नेहरू को कोई वोट नहीं मिली थी और उस समय शून्य वोट वाले को प्रधानमंत्री बना दिया गया।
विज ने कांग्रेस से प्रश्न करते हुए कहा कि कांग्रेस वोट चोरी की बात करती है अगर कांग्रेस वोट चोरी की बात करती है तो जहां-जहां कांग्रेस की सरकारें जीती हुई है वहां से उन सरकारों स्टेप डाउन करो। ऐसे ही, बिहार में उन्हीं मतदाता सूचियां से चुनाव लड़ा गया है जिससे भाजपा लड़ी है और जिससे कांग्रेस भी लड़ी है और नीतीश कुमार भी लड़े हैं तथा इंडी गठबंधन भी लड़ा है।
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11/12/25 |कांग्रेस वालों कुछ मर्यादा दिखाइए और जितने भी आपके विधायक चुनाव लड़कर जीते हैं उन सबसे इस्तीफा कराइए": अनिल विज
जे कुमार, चंडीगढ़, 11 दिसंबर - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने आज कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि "कांग्रेस को वोट चोर्निया हो गया है क्योंकि ये वही वोटर सूचियां हैं जिनके ऊपर कांग्रेस भी चुनाव लड़ती आई है और जीतते भी आई है तथा इनकी सरकारें भी बनी है। उन्होने कहा कि अगर कांग्रेस इस मामले पर ईमानदार है तो जहां जहां से कांग्रेस के विधायक बने है उनको इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि कांग्रेस के ये विधायक भी चोरी के वोटों से जीतें हैं"।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि "अगर यह मतदाता सूचियां गलत है तो कांग्रेस वालों कुछ मर्यादा दिखाइए और जितने भी आपके विधायक चुनाव लड़कर जीते हैं उन सबसे इस्तीफा कराइए"।
मीडिया कर्मियों के सवालों के जवाब देते हुए श्री विज ने कहा कि "अगर कांग्रेस कहती है कि वोट चोरी हुई है और ये ईमानदार है तो जहां जहां से इनके विधायक बने है उनको इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि कांग्रेस के ये विधायक भी चोरी के वोटों से जीतें हैं क्योंकि सूचियां वहीं है और इनके ऊपर ही चुनाव हुआ है"।
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11/12/25 |मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने डॉक्टरों से हड़ताल खत्म कर कार्यस्थल पर लौटने की करी अपील
जे कुमार, चंडीगढ़, 11 दिसंबर 2025 : – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने डॉक्टरों से आग्रह किया है कि वे अपनी हड़ताल वापस लेकर तुरंत अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौट आएँ ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री आज यहां किसानों को मुआवजा राशि जारी करने उपरान्त पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की मुख्यतः चार मांगें थीं, जिनमें से तीन मांगें सरकार द्वारा स्वीकार की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के स्पेशलाइज्ड कैडर के गठन की मांग पर वित्त विभाग 16 अगस्त 2024 को अधिसूचना जारी कर चुका है।इसी प्रकार, हॉस्पिटल ड्यूटी से बाहर जाने पर यात्रा भत्ता प्रदान करने संबंधी मांग पर भी 25 अक्टूबर 2024 को अधिसूचना जारी हो चुकी है।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि एसएमओ की सीधी भर्ती न करने की मांग पर फिलहाल सरकार ने रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अन्य राज्यों में इस सम्बन्ध में प्रचलित व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जा रहा है और रिपोर्ट आने तक प्रदेश में एसएमओ की सीधी भर्ती स्थगित रहेगी। उनकी चौथी मांग, एसीपी संरचना में बदलाव, फिलहाल स्वीकार नहीं की गई है।
मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार की राजनीति से दूर रहें। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में लगातार सुधार हुआ है और प्रदेश के लोगों का रुझान भी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बढ़ा है। इसके लिए उन्होंने डॉक्टरों को बधाई भी दी।
ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर सत्यापन के बाद रकबे में कमी आने संबंधी प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पोर्टल खोलने के समय कई जिलों में लगातार बारिश और जलभराव था। जैसे-जैसे पानी निकला, कई स्थानों पर धान की फसल को वास्तविक नुकसान नहीं हुआ, जबकि किसानों ने प्रारंभिक चिंता के आधार पर पोर्टल पर खराबा दर्ज कराया था।
ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल में अनियमितताओं के चलते पटवारी निलंबन के सम्बन्ध में पूछे गए एक अन्य प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से किसानों की फसलों को नुकसान होने पर मुआवजा देना सरकार की जिम्मेदारी है और यह कार्य सरकार लगातार कर रही है। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर पटवारियों द्वारा अनियमितताएं सामने आई हैं। यह तरीका कांग्रेस शासनकाल की सोच थी, परंतु अब ऐसी गड़बड़ियों की कोई जगह नहीं है।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने समय रहते ड्रेनों की नियमित सफाई करवाई जिसके कारण किसानों की फसलों को बारिश में अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ।
इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, नगर एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव प्रभजोत सिंह, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक श्री पार्थ गुप्ता, अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) श्रीमती वर्षा खांगवाल, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय, कृषि विभाग के निदेशक राज नारायण कौशिक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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11/12/25 |गर्दिश में हों तारे, न घबराना प्यारे ... ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने गुनगुनाया गीत
अम्बाला, 11 दिसम्बर : हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज अम्बाला छावनी में सदर बाजार स्थित टी पॉइंट पर अपने साथिओ के साथ गीत गुनगुनाया
गर्दिश में हों तारे, न घबराना प्यारे ग़र तू हिम्मत न हारे, तो होंगे वारे न्यारे गर्दिश में हों तारे...बाज़ुओं में दम है, फिर काहे का ग़म है -२ अपने इरादे हैं, उमंगें हैं जवां हो, मुशिलें कहाँ हैं, उम्हें मेरा दिल पुकारे गर्दिश में हों तारे...#AnilVij #HaryanaMinister #AmbalaCantt #SadarBazaar #InspirationalSong #PoliticalNews #GardiashMeinHoTaare #Encouragement #HaryanaPolitics #VijMoment
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11/12/25 |सिरसा के रैन बसेरा में दिखा उचित इंतज़ाम, पर जानकारी के अभाव में कम पहुँच रहे राहगीर
जे कुमार, सिरसा 11 दिसम्बर 2025 : कड़ाके की ठंड से राहगीरों को बचाने के लिए सिरसा नगर परिषद द्वारा पटेल बस्ती पर बनाए गए रैन बसेरा में उचित व्यवस्थाएं देखने को मिली हैं। हालांकि, पर्याप्त व्यवस्थाओं के बावजूद बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से दूर होने और जानकारी के अभाव में यहां कम ही राहगीर ठहर रहे हैं।
उचित व्यवस्था, कम मुसाफिर : रात 10 बजे जब रैन बसेरा का दौरा किया गया, तो सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त दिखीं। इस रैन बसेरा में तकरीबन 40 से 50 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है, लेकिन ठंड के मौसम में भी केवल दो ही मुसाफिर सोते हुए दिखाई दिए। रैन बसेरा के इंचार्ज क्षितिज कुमार और रवि शर्मा पिछले कई दिनों से व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं।
महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग इंतज़ाम : जिला प्रशासन ने रैन बसेरा में आने वाले लोगों के लिए व्यापक इंतज़ाम किए हैं | अलग कमरे: पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग दो कमरों की व्यवस्था की गई है। शौचालय/रजाई: दोनों कमरों में कई बेड लगाए गए हैं, और कंपकंपाती ठंड से बचाव के लिए रजाई की व्यवस्था की गई है। महिलाओं के कमरे में अटैच शौचालय की व्यवस्था है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
स्वच्छता और सुविधा: राहगीरों के पीने के लिए आरओ सिस्टम द्वारा स्वच्छ पानी और नहाने के लिए गीजर की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, मुसाफिरों के लिए चाय की भी व्यवस्था की गई है। रैन बसेरा में सो रहे मुसाफिर त्रिलोक चंद ने जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि ठंड से बचाने के लिए रजाई, गीजर और चाय की अच्छी व्यवस्था है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस सुविधा का लाभ उठाएं और रैन बसेरा के बारे में अन्य जरूरतमंदों को भी बताएं।
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11/12/25 |फैमिली आईडी इनकम अपडेट पर हरियाणा सरकार सख़्त, 20 दिनों में डाटा अपडेट करने के निर्देश
जे कुमार, चंडीगढ़ 11 दिसम्बर 2025 : - हरियाणा सरकार ने फैमिली आईडी (परिवार पहचान पत्र) पोर्टल पर आय (Income) अपडेट न होने के कारण पैदा हो रही प्रशासनिक अड़चनों पर कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों के फैमिली आईडी में आय का विवरण 20 दिनों के अंदर अनिवार्य रूप से अपडेट करें।
कार्य पूरा न होने पर जवाबदेही तय : - सरकार ने स्पष्ट किया है कि फैमिली आईडी में कर्मियों का अधूरा डाटा प्रशासनिक कार्यों, विशेषकर विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं के क्रियान्वयन में अड़चन पैदा कर रहा है।
जारी निर्देशों में यह भी कहा गया है कि यदि निर्धारित 20 दिनों के भीतर यह कार्य पूरा नहीं होता है, तो संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इस सख्ती का उद्देश्य फैमिली आईडी डाटा को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाना है, ताकि हरियाणा सरकार की सभी सेवाएं और योजनाएं पात्र लाभार्थियों तक बिना किसी बाधा के पहुंच सकें।
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11/12/25 |हरियाणा में आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-2 कर्मचारियों के लिए राहत: अनुबंध अवधि बढ़ाकर 31 मार्च, 2026 तक की गई।
चंडीगढ़, 11 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा सरकार ने आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-2 के अंतर्गत स्वीकृत पदों के समक्ष विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों तथा सार्वजनिक उपक्रमों में लगे कर्मचारियों की अनुबंध अवधि 31 मार्च, 2026 (4 माह) तक अथवा सिक्योरिटी ऑफ सर्विस एक्ट, 2024 का पोर्टल क्रियाशील होने तक (जो भी पहले हो) बढ़ाने का निर्णय लिया है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस सम्बन्ध में जारी एक पत्र में कहा गया है कि इससे पहले इन कर्मचारियों की अनुबंध अवधि 30 नवंबर, 2025 तक बढ़ाई गई थी। इस संबंध में हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) द्वारा 25 मार्च, 2025 को जारी ज्ञापन में दी गई शर्तों का सख्ती से पालन किया जाएगा।
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10/12/25 |भारी बारिश से हुए फसल नुकसान पर मुख्यमंत्री की बड़ी राहत: 53,821 किसानों को 116 करोड़ रुपये मुआवजा जारी
चंडीगढ़, 10 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत प्रदान करते हुए अगस्त–सितंबर माह में हुई भारी बारिश से हुए फसली नुकसान की भरपाई के लिए 53,821 किसानों को कुल 116 करोड़ 15 लाख रुपये की मुआवजा राशि जारी की। इस मौके पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को सिविल सचिवालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि आज जारी की गई मुआवजा राशि में बाजरे की फसल के लिए 35 करोड़ 29 लाख रुपये, कपास के लिए 27 करोड़ 43 लाख रुपये, धान के लिए 22 करोड़ 91 लाख रुपये और गवार के लिए 14 करोड़ 10 लाख रुपये की राशि शामिल है। इस राशि का भुगतान तुरंत प्रभाव से शुरू कर दिया गया है तथा अगले एक सप्ताह में पूरी राशि लाभार्थी किसानों के खातों में चली जाएगी।
उन्होंने कहा कि गत अगस्त-सितंबर मास में हरियाणा में भारी बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई थी। उन्होंने स्वयं बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था और किसानों को बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए गत 15 सितम्बर तक ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया था और किसानों से आह्वान किया था कि वे फसल खराबे की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करें।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के 3 जिलों में अधिक नुकसान हुआ था। इनमें चरखी दादरी के किसानों को सर्वाधिक 23 करोड़ 55 लाख रुपये की राशि जारी की गई है। जिला हिसार को 17 करोड़ 82 लाख और भिवानी को 12 करोड़ 15 लाख रुपये की राशि दी गई है। इससे पहले भी सरकार ने बाढ़ के चलते पशु धन की हानि, मकान क्षति तथा अन्य उपयोगी वस्तुओं के नुकसान की भरपाई के लिए 4 करोड़ 72 लाख रुपये की राशि जारी की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ सीजन-2025 की फसलों को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 5 लाख 29 हजार 199 किसानों ने 31 लाख एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण करवाया है। सत्यापन के बाद 53 हजार 821 किसानों का 1 लाख 20 हजार 380 एकड़ कृषि क्षेत्र क्षतिग्रस्त पाया गया।
सरकार हर स्थिति में किसानों के साथ खड़ी
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और यदि किसान का कोई नुकसान होता है तो सरकार उसकी भरपाई करती है। इसी सोच के साथ सरकार ने प्रदेश में फसल खराब होने पर गत 11 सालों में किसानों को मुआवजे और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक 15 हजार 448 करोड़ रुपये की राशि दी है।
कांग्रेस किसानों के साथ करती थी भद्दा मजाक, मुआवजे के नाम पर किसानों को देते थे 2- 5 रुपए के चैक
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस किसानों के साथ कैसा भद्दा मजाक करती थी ये लोग अच्छे से जानते हैं। कांग्रेस के समय तो पटवारी धरातल पर ठीक से सत्यापन भी नहीं करते थे जिसके कारण किसानों को पूरा मुआवजा नहीं मिलता था। जिन किसानों को मुआवजा दिया भी जाता था उनको भी 2- 2 रुपए और 5- 5 रुपए के चैक दिए जाते थे। कांग्रेस सरकार के 10 साल के शासनकाल में 1 हजार 138 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि जारी की गई थी।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस सरकार तो किसानों के मुआवजा के 269 करोड़ रुपये की राशि भी नहीं दे पाई। वर्ष 2014 में जब प्रदेश के लोगों ने भारतीय जनता पार्टी को जनसेवा का मौका दिया उसके बाद वर्ष 2015 में राज्य सरकार ने कांग्रेस सरकार का पुराना पैसा 269 करोड़ रुपए किसानों के खातों में पहुंचाया।
खरीफ सीजन-2025 में फसलों के नुकसान के सत्यापन के काम में लापरवाही बरतने वाले 6 पटवारियों को निलंबित किया गया
मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ सीजन-2025 में फसलों के नुकसान के सत्यापन के काम में लापरवाही बरतने वाले 6 पटवारियों को निलंबित किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट एजेंडा है कि सरकार हर नागरिक के प्रति जवाबदेह है और आगे भी यदि कोई अपने काम में कोताही या गलती करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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10/12/25हरियाणा सरकार के विभागाध्यक्षों को निर्देश, एचकेआरएन कर्मियों की पारिवारिक आय पीपीपी पोर्टल पर करें अपडेट
चंडीगढ़, 10 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा सरकार ने सभी विभागों, बोर्डों, निगमों एवं सार्वजनिक उपक्रमों को निर्देश दिए हैं कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (एचकेआरएन) के माध्यम से तैनात अनुबंध कर्मचारियों की सालाना पारिवारिक आय का विवरण परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से अपडेट कराया जाए।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी एक पत्र में कहा गया है कि ये निर्देश
अनुबंध कर्मियों की नियुक्ति नीति, 2022 की निरंतरता में जारी किए गए हैं, जिसके तहत मैनपावर तैनाती हेतु नियोजित व्यक्तियों के पीपीपी ब्यौरे का पूर्ण एवं अद्यतन होना अनिवार्य है। पारिवारिक आय विवरण के अद्यतन न होने से सर्विस रिकॉर्ड में विसंगतियां उत्पन्न हो रही हैं तथा प्रशासनिक मामलों के निपटारे में अनावश्यक विलंब हो रहा है।
पत्र में के अनुसार, सरकार ने इस बात का कड़ा संज्ञान लिया है कि 17 अगस्त, 2019 से 31 दिसंबर, 2021 के बीच विभिन्न विभागों में ज्वाइन करने वाले व्यक्तियों ने बड़ी संख्या में अपना पीपीपी विवरण, विशेषकर पारिवारिक आय की स्थिति, अब तक अपडेट नहीं की है। इसके बावजूद एचकेआरएनएल के माध्यम से उन्हें नियमित रूप से वेतन का भुगतान किया जा रहा है।
राज्य सरकार ने अब निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित अनुबंध कर्मचारी बिना किसी विलंब के पीपीपी पोर्टल पर अपनी पारिवारिक आय का विवरण अपडेट करें। साथ ही विभागों, बोर्डों एवं निगमों को अपने स्तर पर अनुपालन की विधिवत जांच सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
सभी प्रशासनिक सचिवों को कहा गया है कि वे अपने प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन विभागों, बोर्डों एवं निगमों के विभागाध्यक्षों को आवश्यक निर्देश जारी करें, ताकि एचकेआरएन के माध्यम से तैनात सभी अनुबंध कर्मचारियों का पीपीपी रिकॉर्ड, विशेष रूप से पारिवारिक आय की स्थिति, इस पत्र के जारी होने की तिथि से 20 दिनों के भीतर अपडेट करा ली जाए।
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10/12/25 |आयुष विभाग की पहल: अम्बाला जिला सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय के कर्मचारियों ने सीखा 5 मिनट का 'वाई ब्रेक' योग
अम्बाला, 10 दिसम्बर (अभी) : आयुष मंत्रालय भारत, आयुष विभाग व हरियाणा योग आयोग के द्वारा चलाए गए योग से सम्बधिंत वाई ब्रेक का प्रशिक्षण आज योग सहायक श्रीमती दपिन्द्रजीत कौर, आयुष विभाग अम्बाला द्वारा जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी कार्यालय अम्बाला के कार्याल में दिया गया हैं। इस मौके पर कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारियों ने इसमें भाग लेकर 5 मिनट तक वाई ब्रेक का प्रशिक्षण हासिल किया।
योग सहायक दपिन्द्रजीत कौर ने बताया कि जिला आयुवेर्दिक अधिकारी व विभाग के निर्देशानुसार वाई ब्रेक योग प्रशिक्षण के तहत योग की महत्वता बारे जानकारी जानकारी दी जा रही है, ताकि सभी इससे जुड़ सकें। प्रशिक्षण हासिल करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि इसे करने से सबको आनन्द की अनुभूति हुई हैं। उन्होंने आयुष मंत्रालय भारत, आयुष विभाग व हरियाणा योग आयोग के द्वारा चलाई गई इस मुहिम का तहे दिल से धन्यवाद व सराहना की हैं। उन्होनें कहा कि हम सभी को योग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर अपने शरीर को स्वस्थ एवं बेहतर बनाए रखना हैं।
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10/12/25गोवा के बर्च बाय रोमियो लेन के मालिकों ने अपने रेस्तरां कारोबार की आड़ में 42 शेल कंपनियां चला रखी थीं
गोवा के बर्च बाय रोमियो लेन में 6 दिसंबर को आतिशबाज़ी से लगी आग में 25 लोगों की मौत के बाद खुलासा हुआ है कि इसके मालिकों ने अपने रेस्तरां कारोबार की आड़ में 42 शेल कंपनियां चला रखी थीं।
रिपोर्ट के मुताबिक, सौरभ और गौरव लूथरा इन सभी कंपनियों में निदेशक थे, और सभी कंपनियां दिल्ली के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में स्थित एक ही पते पर पंजीकृत थीं। ये सभी कंपनियां पिछले दो वर्षों में खोली गई थीं।
अर्पोरा स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब के सह-मालिक लूथरा बंधु अब इंटरपोल ब्लू कॉर्नर नोटिस के तहत वांछित हैं। अधिकारियों को संदेह है कि हादसे के कुछ घंटों बाद ही ये दोनों दिल्ली से भागकर फुकेट, थाईलैंड पहुंच गए।
यह अंतरराष्ट्रीय नोटिस, जिसे केंद्रीय एजेंसियों की मदद से केवल दो दिनों में जारी किया गया, उनका पता लगाने और आगे की आवाजाही रोकने के लिए जारी किया गया है।
एक वरिष्ठ गोवा पुलिस अधिकारी के अनुसार, “यह नोटिस आरोपियों का लोकेशन ट्रेस करने में मदद करेगा और उन्हें अपने वर्तमान स्थान से किसी अन्य देश में जाने से भी रोकेगा।”
लूथरा बंधुओं के फरार होने की समय-रेखा जांच का मुख्य बिंदु है। पहली पुलिस सूचना 7 दिसंबर, रविवार की रात 12:04 बजे दर्ज की गई। उसी सुबह 5:30 बजे, दोनों कथित तौर पर इंडिगो फ्लाइट 6E 1073 से नई दिल्ली से फुकेट के लिए रवाना हो गए। उसी शाम उनके खिलाफ डोमेस्टिक लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया गया।
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पुष्टि की है कि दोनों को वापस लाने के लिए सक्रिय प्रयास चल रहे हैं और इस उद्देश्य से एक पुलिस टीम जल्द ही थाईलैंड भेजी जाएगी। यह प्रक्रिया भारत और थाईलैंड के बीच 2015 से लागू प्रत्यर्पण संधि पर आधारित होगी।
जांच का दायरा अब क्लब संचालन से जुड़े अन्य लोगों तक भी बढ़ चुका है। अजय गुप्ता के साथ-साथ, क्लब की इमारत के मालिक सुरींदर कुमार खोसला, जो ब्रिटेन के नागरिक हैं, के खिलाफ भी लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है।
“खोसला एक ब्रिटिश नागरिक हैं,” यह जानकारी अंजुना में पत्रकार वार्ता के दौरान उप-महानिरीक्षक (DIG) वर्षा शर्मा ने दी।
इसी बीच, नई दिल्ली के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने अनुपस्थित लूथरा बंधुओं को नोटिस जारी किया है, जिसमें उनसे पूछा गया है कि उनके पासपोर्ट जब्त क्यों न किए जाएं, इसका स्पष्टीकरण वे सात दिनों के भीतर दें।
उधर, नाइटक्लब के प्रबंधन से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है—मुख्य महाप्रबंधक राजीव मोडक, महाप्रबंधक विवेक सिंह, बार मैनेजर राजीव सिंघानिया, गेट मैनेजर रियांशु ठाकुर और भरत कोहली।
DIG वर्षा शर्मा ने बताया कि गोवा पुलिस, लूथरा बंधुओं को वापस लाने के लिए CBI और इंटरपोल के साथ समन्वय में काम कर रही है। साथ ही, सभी आरोपियों के वित्तीय लेन-देन की जांच भी केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
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10/12/25India is moving to deploy its own multilayered integrated air defence system to protect the Delhi National Capital Region from hostile aerial threats
India is set to deploy a fully indigenous, multilayered Integrated Air Defence Weapon System (IADWS) to secure the Delhi National Capital Region against a spectrum of aerial threats — from ballistic and cruise missiles to drones and high-speed fighter aircraft.
Senior defence officials told that the new IADWS will rely entirely on homegrown missile platforms, led by the Quick Reaction Surface-to-Air Missile (QRSAM) and Very Short Range Air Defence System (VSHORADS). These will be fused with a dense grid of sensors, radars, data links and a real-time command-and-control network.
The Defence Ministry has accelerated the project amid heightened concerns following Pakistan’s reported attempt to strike Indian territory during Operation Sindoor in May, an incident that sharpened New Delhi’s focus on strengthening the capital’s air shield.
The move marks a major strategic and economic shift. India had earlier considered acquiring the US-made NASAMS-II — the system that defends Washington DC and the White House — but negotiations stalled over what officials described as an “unacceptably high” cost.
By choosing an indigenous architecture instead, India aims to build a scalable, cost-effective air defence grid that can be continuously upgraded with domestically developed platforms.
The system will be operated by the Indian Air Force, which oversees air defence of critical assets across Delhi-NCR. DRDO will lead integration efforts, linking missile batteries with surveillance platforms and a unified command-and-control backbone.
“Multiple systems need to be networked for a complex air defence architecture like this,” a senior official said, underscoring the technical challenges and significance of the programme.
India has rapidly expanded its air defence capabilities in recent years. DRDO’s portfolio now includes:
QRSAM (Quick Reaction Surface-to-Air Missile)
MRSAM (Medium Range Surface-to-Air Missile)
Long Range Surface-to-Air Missile (under Project Kusha, in development)
India is also inducting its remaining S-400 Sudarshan systems from Russia, while evaluating Russian proposals for additional S-400 units and the next-generation S-500.
Once operational, the indigenous IADWS will form the backbone of Delhi’s aerial defence architecture — a decisive step toward strategic autonomy and a reduced reliance on foreign systems for protecting the nation’s most sensitive airspace.
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10/12/25Jasprit Bumrah creates history, becomes first player in the world to...
Jasprit Bumrah created history on Tuesday (December 9) at the Barabati Stadium in Cuttack during the first T20I between India and South Africa as the hosts started the series win in style with a 101-run victory to take a 1-0 lead in the five-match series.
Bumrah finished with figures of 2-17, which included the big wicket of Dewald Brevis, who was the top-scorer for the Proteas with a knock of 22 in 14 balls. Bumrah also got the wicket of Keshav Maharaj, who made a two-ball duck as the Proteas were bowled out for just 74.
Bumrah completed 100 wickets in T20 cricket with his incredible feat and became only the second Indian to achieve the feat after Arshdeep Singh, his new-ball partner. In fact, Bumrah is the first Indian to take over 100 wickets in all three formats of the game
Overall, the star pacer is only the fifth bowler in history to reach the landmark around the world, alongside Lasith Malinga, Tim Southee, Shakib Al Hasan, and Shaheen Afridi. Among the five bowlers, Bumrah's average and economy are the best in all three formats. Infact, in the rare club of five players, Bumrah is the only one who has an economy of less than seven an average below 25 in all three formats.
Moreover, Bumrah is only the 11th pacer from a full member country to achieve the feat, and he is the only one among them with an average below 18. He has broken Arshdeep Singh's record for the best average in T20Is among pacers in the 100-wicket club. No other player averages below 25 in all formats of the gameAmong spinners from Test-playing nations who have over 100 T20I wickets, only Rashid Khan (13.57) and Wanindu Hasaranga (15.86) are averaging better than Bumrah.
In fact, the star pacer is the only fast bowler with an economy less than seven, bettering Bangladesh's Mustafizur Rahman.Meanwhile, among spinners, only Rashid Khan (6.01) is better than Bumrah, while Hasaranga also goes at a rate below seven per over (6.95). Bumrah's average of 19.8 is also the best in Test cricket history among players with more than 200 wickets.
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10/12/255 huge records broken by Ranveer Singh, Akshaye Khanna spy thriller
Ranveer Singh, Akshaye Khanna, Sanjay Dutt, R Madhavan, Arjun Rampal, and Sara Arjun starrer Dhurandhar is having a dream run at the box office. Despite an A certificate, the Aditya Dhar directorial is going all guns blazing, having collected Rs 159.40 crore in just five days. As the film continues to impress, here is a look at the 5 box office records it has smashed so far.
Ranveer Singh recorded his highest single day collection with Dhurandhar, surpassing his previous best for Padmaavat by a quite a margin. The Sanjay Leela Bhansali directorial recorded its highest single day at Rs 32 crore on first Friday, whereas the Aditya Dhar directorial raked in a whopping Rs 44.80 crore on is first Sunday.
Director Aditya Dhar's previous best single day collection came with Uri The Surgical Strike in 2018. The Vicky Kaushal starrer minted Rs 17.17 crore on its second Sunday. Now, Dhurandhar has toppled that with its first Sunday collection of Rs 44.80 crore.
The day 3, ie first Sunday collection of Dhurandhar is the second-highest of the year. In February, Vicky Kaushal's Chhaava brought in a smashing Rs 49.03 crore. The Ranveer Singh starrer trails behind with Rs 44.80 crore.
Dhurandhar also recorded the second-highest first Saturday or day 2 collection of 2025, earning Rs 33.10 crore. Chhaava occupies the top spot here as well. The Laxman Utekar directorial collected Rs 39.30 crore on day 2 and thus holds the record for the highest first Saturday collection of the year.
Against all odds, Dhurandhar has beaten Chhaava and Saiyaara to take the throne for the highest first Tuesday collection of 2025. The spy thriller earned a staggering Rs 28.60 crore on day 5. Chhaava and Saiyaara had minted Rs 25.75 crore and Rs 25 crore respectively.
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10/12/25राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मानवाधिकार दिवस समारोह में शामिल हुईं
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज (10 दिसंबर, 2025) नई दिल्ली में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मानवाधिकार दिवस समारोह में शामिल हुईं और उपस्थित लोगों को संबोधित किया।इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि मानवाधिकार दिवस हमें यह याद दिलाता है कि सर्व-जन मानवाधिकार अलग नहीं किए जा सकते हैं और वे एक न्यायपूर्ण, समतावादी और करुणामय समाज की आधारशिला हैं। सतहत्तर वर्ष पहले, विश्व एक सरल लेकिन क्रांतिकारी सत्य को व्यक्त करने के लिए एकजुट हुआ था कि प्रत्येक मनुष्य गरिमा और अधिकारों में स्वतंत्र और समान पैदा होता है। मानवाधिकारों के वैश्विक ढांचे को आकार देने में भारत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने मानवीय गरिमा, समानता और न्याय पर आधारित विश्व की कल्पना की थी।राष्ट्रपति ने अंत्योदय दर्शन के अनुरूप, वंचित लोगों सहित सभी के मानवाधिकारों की गारंटी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में राष्ट्र के विकास पथ में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए। तभी विकास को सही मायने में समावेशी कहा जा सकता है।राष्ट्रपति ने कहा कि मानवाधिकार हमारे संविधान की परिकल्पना में निहित हैं। मानवाधिकार सामाजिक लोकतंत्र को बढ़ावा देते हैं। मानवाधिकारों में भयमुक्त जीवन जीने का अधिकार, बाधाओं के बिना शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार, शोषण मुक्त होकर काम करने का अधिकार और गरिमापूर्ण तरीके से वृद्धावस्था गुजारने का अधिकार शामिल है। हमने विश्व को यह याद दिलाया है कि मानवाधिकारों को विकास से अलग नहीं किया जा सकता। साथ ही, भारत ने हमेशा इस चिरस्थायी सत्य का पालन किया है: 'न्याय के बिना शांति नहीं और शांति के बिना न्याय नहीं।'राष्ट्रपति ने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग, न्यायपालिका और नागरिक समाज, सभी ने मिलकर हमारे संवैधानिक विवेक के सतर्क प्रहरी के रूप में कार्य किया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के लोगों के साथ-साथ महिलाओं और बच्चों से संबंधित कई मुद्दों का स्वतः संज्ञान लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि मानवाधिकार आयोग ने इस वर्ष अपने स्थापना दिवस समारोह के दौरान कैदियों के मानवाधिकारों के विषय पर व्यापक चर्चा की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन चर्चाओं से उपयोगी परिणाम प्राप्त होंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण और उनका कल्याण मानवाधिकारों के प्रमुख स्तंभ हैं। उन्होंने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सार्वजनिक स्थानों और कार्यस्थलों में महिलाओं की सुरक्षा पर एक सम्मेलन का आयोजन किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलनों से प्राप्त निष्कर्ष महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) राज्य और समाज के कुछ आदर्शों को साकार रूप देता है। भारत सरकार इन आदर्शों को अभूतपूर्व पैमाने पर क्रियान्वित कर रही है। पिछले एक दशक में हमने अपने राष्ट्र को एक अलग दृष्टिकोण अपनाते हुए देखा है - विशेषाधिकार से सशक्तिकरण की ओर और दान से अधिकारों की ओर। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि स्वच्छ जल, बिजली, खाना पकाने की गैस, स्वास्थ्य सेवा, बैंकिंग सेवाएं, शिक्षा और बेहतर स्वच्छता जैसी दैनिक आवश्यक सेवाएं सभी को उपलब्ध हों। इससे प्रत्येक परिवार का उत्थान होता है और उनकी गरिमा सुनिश्चित होती है।
राष्ट्रपति ने कहा कि हाल ही में सरकार ने वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा एवं व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थितियों से संबंधित चार श्रम संहिताओं के माध्यम से एक महत्वपूर्ण सुधार को लागू करने की अधिसूचना जारी की है। यह क्रांतिकारी बदलाव भविष्य के लिए तैयार कार्यबल और अधिक सुदृढ़ उद्योगों की नींव रखता है।
राष्ट्रपति ने प्रत्येक नागरिक से यह समझने का आह्वान किया कि मानवाधिकार केवल सरकारों, एनएचआरसी, नागरिक समाज संगठनों और ऐसे अन्य संस्थानों की जिम्मेदारी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अपने नागरिकों के अधिकारों और गरिमा की रक्षा करना एक साझा कर्तव्य है। एक दयालु और जिम्मेदार समाज के सदस्य के रूप में यह कर्तव्य हम सबका है।
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10/12/25दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल किया जाना भारत के लिए गर्व का क्षण-अमित शाह
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल जाने को भारत के लिए गर्व का क्षण है।
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने X पर एक पोस्ट में कहा, “यह भारत के लिए गर्व का क्षण है कि दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल किया गया है। यह आधुनिक युग में भी हमारे प्राचीन सांस्कृतिक मूल्यों की महत्ता को दर्शाता है। रौशनी का यह त्योहार प्राचीन काल से हमें अच्छाई और धर्म की विजय में विश्वास दिलाता आया है। यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि अब यह वैश्विक कल्याण को प्रेरित करेगा।”
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10/12/25महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध
भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत 'पुलिस' और 'सार्वजनिक व्यवस्था' राज्य के विषय हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने, नागरिकों, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों की है और वे मौजूदा कानूनों के प्रावधानों के अंतर्गत ऐसे अपराधों से निपटने के लिए सक्षम हैं। भारत सरकार महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम और नियंत्रण को सर्वोच्च महत्व देती है और आपराधिक कानूनों में संशोधन, तकनीकी और अवसंरचनात्मक सहायता का विकास, पुलिस कर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना, वित्तीय सहायता और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह जारी करने सहित कई उपायों के माध्यम से आवश्यक हस्तक्षेप करती है। ये कदम नीचे दिए गए हैं:
गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रत्येक पुलिस स्टेशन में महिला सहायता डेस्क (डब्ल्यूएचडी) स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है, जिसका उद्देश्य पुलिस स्टेशनों को महिलाओं के लिए अधिक सुलभ और अनुकूल बनाना है।
आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली सभी आपात स्थितियों के लिए अखिल भारतीय, एकल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त संख्या (112) आधारित प्रणाली प्रदान करती है, जिसमें संकट के स्थान पर क्षेत्र संसाधनों के कम्प्यूटर सहायता प्राप्त प्रेषण की सुविधा होती है।
स्मार्ट पुलिसिंग और सुरक्षा प्रबंधन में प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए, सुरक्षित शहर योजना का पहला चरण 8 शहरों (अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता, लखनऊ और मुंबई) में कार्यान्वित किया जा रहा है।
गृह मंत्रालय ने देश भर में यौन अपराधियों की जांच और उन पर नजर रखने में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सहायता के लिए "यौन अपराधियों पर राष्ट्रीय डेटाबेस" (एनडीएसओ) शुरू किया है।
गृह मंत्रालय ने पुलिस के लिए एक ऑनलाइन विश्लेषणात्मक उपकरण "यौन अपराधों के लिए जांच ट्रैकिंग प्रणाली" शुरू की है, ताकि उन्हें आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम 2018 के अनुसार यौन उत्पीड़न के मामलों में समयबद्ध जांच की निगरानी और ट्रैक करने में सुविधा हो सके।
जांच में सुधार लाने के लिए गृह मंत्रालय ने केंद्रीय और राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं में डीएनए विश्लेषण इकाइयों को मजबूत करने के लिए कदम उठाए हैं। इसमें चंडीगढ़ स्थित केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में अत्याधुनिक डीएनए विश्लेषण इकाई की स्थापना शामिल है। निर्भया निधि के अंतर्गत राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं (एफएसएल) में डीएनए फोरेंसिक क्षमताओं को मजबूत करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सहायता प्रदान की गई है।
गृह मंत्रालय ने यौन उत्पीड़न के मामलों में फोरेंसिक साक्ष्य एकत्र करने के लिए दिशानिर्देश और यौन उत्पीड़न साक्ष्य संग्रह किट में मानक संरचना को अधिसूचित किया है।
पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए, जांच अधिकारियों, अभियोजन अधिकारियों और चिकित्सा अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रम चलाए गए हैं। अब तक, पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (बीपीआरएंडडी) और एलएनजेएन राष्ट्रीय अपराध विज्ञान एवं फोरेंसिक विज्ञान संस्थान (अब राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय का दिल्ली परिसर) द्वारा 35,377 जांच अधिकारियों, अभियोजकों और चिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो ने प्रशिक्षण के अंतर्गत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 18,020 यौन उत्पीड़न साक्ष्य संग्रह किट वितरित किए हैं।
तीन नए कानून यानी भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 (बीएसए) 1 जुलाई, 2024 से लागू किए गए हैं। महिलाओं और बच्चों के विरूद्ध अपराध के मामले में रोकथाम, जांच और अभियोजन से संबंधित इन कानूनों की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
महिला एवं बाल अपराध को अन्य सभी अपराधों पर प्राथमिकता दी गई है। महिला एवं बाल अपराध को भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अध्याय-V के अंतर्गत समेकित किया गया है, जो भारतीय न्याय संहिता का पहला मूल अध्याय है।
विवाह, रोजगार, पदोन्नति आदि के झूठे वादे पर या पहचान छिपाकर यौन संबंध बनाने के लिए एक नया अपराध भी बीएनएस में शामिल किया गया है।
बीएनएस में, नाबालिग सामूहिक बलात्कार पीड़ितों के लिए उम्र का अंतर खत्म कर दिया गया है। पहले 16 साल और 12 साल से कम उम्र की लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार के लिए अलग-अलग सज़ाएं निर्धारित थीं। इस प्रावधान में संशोधन किया गया है और अब अठारह साल से कम उम्र की लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार के लिए आजीवन कारावास या मृत्युदंड की सज़ा का प्रावधान है।
पीड़िता को अधिक सुरक्षा प्रदान करने तथा बलात्कार के अपराध से संबंधित जांच में पारदर्शिता लागू करने के लिए, पुलिस द्वारा पीड़िता का बयान ऑडियो वीडियो माध्यम से दर्ज किया जाएगा।
महिलाओं के विरुद्ध कुछ अपराधों के मामलों में, पीड़ित का बयान, जहां तक संभव हो, एक महिला मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किया जाना चाहिए और उसकी अनुपस्थिति में एक पुरुष मजिस्ट्रेट द्वारा एक महिला की उपस्थिति में दर्ज किया जाना चाहिए ताकि संवेदनशीलता और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके और पीड़ितों के लिए एक सहायक वातावरण बनाया जा सके।
चिकित्सकों को बलात्कार की पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट 7 दिनों के अंदर जांच अधिकारी को भेजने का आदेश दिया गया है।
किसी अपराध को अंजाम देने के लिए बच्चे को काम पर रखने, नियुक्त करने या संलग्न करने के लिए एक नया अपराध शामिल किया गया है। इसके अलावा, वेश्यावृत्ति आदि के उद्देश्य से बच्चे को खरीदने के लिए अधिकतम सजा को बढ़ाकर चौदह वर्ष कर दिया गया है, जो पहले केवल 10 वर्ष थी।
बीएनएस की धारा 143 के तहत शोषण के उद्देश्य से किसी बच्चे (18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को परिभाषित) की तस्करी करने पर कम से कम 10 वर्ष का कठोर कारावास, जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है, और जुर्माना लगाया जा सकता है। भीख मंगवाना भी तस्करी के एक प्रकार के शोषण के रूप में शामिल किया गया है और यह बीएनएस, 2023 की धारा 143 के अंतर्गत दंडनीय है। इसके अतिरिक्त, धारा 144(1) के अंतर्गत तस्करी किए गए बच्चों के यौन शोषण को कम से कम 5 वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया जाता है, जिसे 10 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
नए कानून में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के पीड़ितों को सभी अस्पतालों में मुफ्त प्राथमिक उपचार या चिकित्सा उपचार का प्रावधान है। यह प्रावधान चुनौतीपूर्ण समय में पीड़ितों की भलाई और स्वास्थ्य लाभ को प्राथमिकता देते हुए, आवश्यक चिकित्सा देखभाल तक तत्काल पहुंच सुनिश्चित करता है।
गृह मंत्रालय ने केंद्रीय पीड़ित मुआवजा कोष (सीवीसीएफ) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2016-17 में कुल 200 करोड़ रुपये जारी किए, जो राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 357ए (बीएनएसएस की धारा 396) के प्रावधानों के अंतर्गत अधिसूचित पीड़ित मुआवजा योजनाओं (वीसीएस) को प्रभावी ढंग से लागू करने और विभिन्न अपराधों, विशेष रूप से बलात्कार, एसिड हमले, बाल अपराध, मानव तस्करी आदि सहित यौन अपराधों के पीड़ितों को वित्तीय सहायता जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु एकमुश्त वित्तीय सहायता थी।
न्याय विभाग द्वारा वर्ष 2019 से त्वरित परीक्षण विशेष न्यायालयों (एफटीएससी) की स्थापना के लिए एक केंद्र प्रायोजित योजना लागू की जा रही है, जिसमें विशेष रूप से बाल यौन शोषण अपराध (पीओसीएसओ) न्यायालय भी शामिल हैं। ये न्यायालय बलात्कार और बाल यौन शोषण अपराध (पीओसीएसओ) अधिनियम, 2012 के अंतर्गत लंबित मामलों के समयबद्ध सुनवाई और निपटान के लिए समर्पित हैं। उच्च न्यायालयों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 30 सितम्बर, 2025 तक, 29 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 773 एफटीएससी, जिनमें 400 विशेष रूप से बाल यौन शोषण अपराध (पीओसीएसओ) न्यायालय शामिल हैं, कार्यरत हैं, जिन्होंने योजना की शुरुआत से अब तक 3,50,685 मामलों का निपटारा किया है।
अपराध की शिकार महिलाओं और बच्चों की सहायता के लिए, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय देश भर में वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) योजना लागू कर रहा है। वन स्टॉप सेंटर योजना का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं को निजी और सार्वजनिक दोनों स्थानों पर एक ही जगह एकीकृत सहायता और सहयोग प्रदान करना है, साथ ही पुलिस, चिकित्सा, कानूनी सहायता और परामर्श, मनोवैज्ञानिक सहायता सहित विभिन्न सेवाओं तक तत्काल, आपातकालीन और गैर-आपातकालीन पहुंच को सुगम बनाना है ताकि महिलाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा से लड़ा जा सके। देश भर में 864 ओएससी कार्यरत हैं और 30 सितंबर, 2025 तक 12.67 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता प्रदान की जा चुकी है।
महिला हेल्पलाइन के सार्वभौमीकरण (डब्ल्यूएचएल) योजना 1 अप्रैल, 2015 से लागू की गई है, जिसका उद्देश्य रेफरल सेवा के माध्यम से देशभर में हिंसा से प्रभावित महिलाओं को तत्काल और 24 घंटे आपातकालीन और गैर-आपातकालीन सहायता प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत, सहायता और जानकारी चाहने वाली महिलाओं को शॉर्ट कोड 181 के माध्यम से 24 घंटे टोल-फ्री दूरसंचार सेवा प्रदान की जाती है। महिला हेल्पलाइन 35 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यरत है।
लापता और जरूरतमंद बच्चों तक सहायता पहुंचाने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 संचालित की जाती है, जो चौबीसों घंटे सातों दिन चालू रहती है। प्रमुख रेलवे प्लेटफार्मों पर जरूरतमंद बच्चों की सहायता के लिए रेलवे चाइल्ड लाइन भी चलाई जा रही हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय मिशन शक्ति के अंतर्गत "समर्थ्या" योजना का संचालन भी करता है, जिसमें शक्ति सदन का एक घटक कठिन परिस्थितियों में फंसी महिलाओं को राहत और पुनर्वास प्रदान करना है।
सरकार, राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) और राज्यों में इसके समकक्ष संस्थानों के माध्यम से, सेमिनार, कार्यशालाओं, ऑडियो-विजुअल, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आदि के जरिए महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षा के साथ-साथ कानून और नीतियों के विभिन्न प्रावधानों के बारे में लोगों को जागरूक कर रही है। दर्ज शिकायतों के संबंध में, आयोग हितधारकों, विशेष रूप से पुलिस अधिकारियों के साथ मामला उठाती है ताकि शिकायतों का निवारण हो सके और उनका तार्किक निष्कर्ष निकाला जा सके।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 22 जनवरी, 2025 को सभी कार्यात्मक विशेषताओं के साथ 'मिशन शक्ति पोर्टल' का शुभारंभ किया। इस पोर्टल का उद्देश्य महिलाओं के लिए विभिन्न सरकारी सेवाओं की सुलभता बढ़ाना, बचाव, संरक्षण और पुनर्वास के लिए गुणवत्तापूर्ण तंत्र स्थापित करना और विभिन्न योजनाओं और कानूनों के अंतर्गत कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्तव्य धारकों की क्षमता का निर्माण करना है।
इसके अतिरिक्त, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने समय-समय पर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर सलाह जारी की है।
गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री बंदी संजय कुमार ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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10/12/25केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने शहीद दिवस पर असम आंदोलन के दौरान असम के लोगों द्वारा किए गए बलिदानों को याद किया
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज शहीद दिवस पर असम आंदोलन के दौरान असम के लोगों द्वारा किए गए बलिदानों को याद किया।
X पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “शहीद दिवस पर असम आंदोलन के दौरान असम के लोगों द्वारा किए गए बलिदानों को याद कर रहा हूँ। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों का सामना किया और असम के इतिहास को नया आकार दिया, जिससे देशभक्ति का एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। मोदी जी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार सुनिश्चित कर रही कि उनकी आकांक्षाएं पूरी हों और राज्य को शांति, प्रगति तथा विकास के मार्ग पर ले जा रही है।”
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10/12/25प्रधानमंत्री ने संस्कृत में योग श्लोकों के शाश्वत ज्ञान को साझा किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज योग की परिवर्तनकारी शक्ति को दर्शाने वाले एक संस्कृत श्लोक को साझा किया। श्लोक में योग के माध्यम से आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा और समाधि के अभ्यासों से शारीरिक स्वास्थ्य से लेकर परम मोक्ष तक के प्रगतिशील मार्ग का वर्णन किया गया है।एक्स पर अपनी एक पोस्ट में श्री मोदी ने लिखा:
“आसनेन रुजो हन्ति प्राणायामेन पातकम्।
विकारं मानसं योगी प्रत्याहारेण सर्वदा॥धारणाभिर्मनोधैर्यं याति चैतन्यमद्भुतम्।
समाधौ मोक्षमाप्नोति त्यक्त्त्वा कर्म शुभाशुभम्॥” -
10/12/25प्रस्तुत हैं दैनिक खबर पर आज 10 दिसंबर, 2025 के शाम 6 बजे के मुख्य समाचार
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10/12/25राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मानवाधिकार दिवस समारोह में शामिल हुईं
आरएस अनेजा, 10 दिसम्बर नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मानवाधिकार दिवस समारोह में शामिल हुईं और उपस्थित लोगों को संबोधित किया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि मानवाधिकार दिवस हमें यह याद दिलाता है कि सर्व-जन मानवाधिकार अलग नहीं किए जा सकते हैं और वे एक न्यायपूर्ण, समतावादी और करुणामय समाज की आधारशिला हैं। सतहत्तर वर्ष पहले, विश्व एक सरल लेकिन क्रांतिकारी सत्य को व्यक्त करने के लिए एकजुट हुआ था कि प्रत्येक मनुष्य गरिमा और अधिकारों में स्वतंत्र और समान पैदा होता है। मानवाधिकारों के वैश्विक ढांचे को आकार देने में भारत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने मानवीय गरिमा, समानता और न्याय पर आधारित विश्व की कल्पना की थी।
राष्ट्रपति ने अंत्योदय दर्शन के अनुरूप, वंचित लोगों सहित सभी के मानवाधिकारों की गारंटी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में राष्ट्र के विकास पथ में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए। तभी विकास को सही मायने में समावेशी कहा जा सकता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि मानवाधिकार हमारे संविधान की परिकल्पना में निहित हैं। मानवाधिकार सामाजिक लोकतंत्र को बढ़ावा देते हैं। मानवाधिकारों में भयमुक्त जीवन जीने का अधिकार, बाधाओं के बिना शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार, शोषण मुक्त होकर काम करने का अधिकार और गरिमापूर्ण तरीके से वृद्धावस्था गुजारने का अधिकार शामिल है। हमने विश्व को यह याद दिलाया है कि मानवाधिकारों को विकास से अलग नहीं किया जा सकता। साथ ही, भारत ने हमेशा इस चिरस्थायी सत्य का पालन किया है: 'न्याय के बिना शांति नहीं और शांति के बिना न्याय नहीं।'
राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) राज्य और समाज के कुछ आदर्शों को साकार रूप देता है। भारत सरकार इन आदर्शों को अभूतपूर्व पैमाने पर क्रियान्वित कर रही है।
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मद्रास हाईकोर्ट के जज जी.आर. स्वामीनाथन के खिलाफ प्रियंका वाड्रा और 100 विपक्षी सांसदों द्वारा महाभियोग प्रस्ताव।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, डीएमके (DMK) की कनिमोझी, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं सहित 100 से अधिक लोकसभा सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक नोटिस सौंपा है। इस नोटिस में जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन को उनके पद से हटाने (Removal Motion) की मांग की गई है।
Justice Swaminathan ने 1–3 दिसंबर 2025 को एक आदेश दिया था, जिसमें उन्होंने Thirupparankundram पहाड़ी पर स्थित Subramaniya Swamy Temple — जो एक पुराना मंदिर है — के “दीपथून” (stone pillar / दीप स्तंभ) पर Karthigai Deepam (पारंपरिक दीपोत्सव) के लिए दीया जलाने की अनुमति दी थी।
विपक्षी सांसदों ने जस्टिस स्वामीनाथन पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
उनका कहना है कि जज निष्पक्ष नहीं हैं और उनके फैसले एक 'विशेष राजनीतिक विचारधारा' से प्रेरित हैं, जो संविधान के धर्मनिरपेक्ष (secular) सिद्धांतों के खिलाफ है ।
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि जज ने एक वरिष्ठ वकील और एक विशेष समुदाय के वकीलों के प्रति अनुचित तरफदारी (favouritism) दिखाई है ।
कहा जा रहा है कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता और धर्मनिरपेक्षता को खतरा है, क्योंकि एक राजनैतिक दल (INDIA ब्लॉक) –- चुनावी राजनीति के मद्देनज़र — जज को हटा रहे हैं।
तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी DMK के साथ यह प्रस्ताव भी जुड़ा है, और कहा जा रहा है कि यह एक चुनावी चाल है (क्यूंकि अगले साल विधानसभा चुनाव है)।
इसके अलावा, कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या सिर्फ एक धार्मिक-संवेदनशील मामले में दिए गए आदेश को महाभियोग के लिए पर्याप्त समझा जाना चाहिए — यानी, क्या यह “दुराचार / misconduct” है या सिर्फ एक विवादास्पद फैसला (judicial disagreement) है।
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10/12/25 |हरियाणा में जल्द शुरू होगी 'अपनी सब्जी-अपना फल' योजना: बीज विकास निगम की 51वीं बैठक में फैसला
चंडीगढ़, 10 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा बीज विकास निगम द्वारा प्रदेश में जल्द ही ‘अपनी सब्जी-अपना फल’ योजना की शुरुआत की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी जी के कर-कमलों द्वारा किया जाएगा।
यह निर्णय निगम के चेयरमैन देव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में पंचकूला में आयोजित हरियाणा बीज विकास निगम की 51वीं वार्षिक आम बैठक में लिया गया । बैठक में निगम के प्रबंध निदेशक राज नारायण कौशिक, निदेशक मनोज बबली, निदेशक दारा सिंह, एनएससी से डायरेक्टर नानू राम यादव, कंपनी सचिव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सबसे पहले बैठक में बड़ी संख्या में पहुंचे शेयर धारकों (किसान) का स्वागत किया गया।
'अपनी सब्जी-अपना फल' योजना के तहत वे लोग भी अपने परिवार के लिए ताज़ी और शुद्ध सब्जियां व फल उगा सकेंगे, जिनके पास खेत या पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है। नागरिक गमलों या अपने घरों की छतों पर सीजनल सब्जियां एवं फल उगा सकेंगे।
योजना के तहत लोगों को बीज विकास निगम द्वारा उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध करवाए जाएंगे और उन्हें बिना कीटनाशक दवाओं के अच्छी सब्जियां-फल उगाने बारे जानकारी दी जाएगी। इससे न केवल घर-घर हरियाली बढ़ेगी, बल्कि परिवारों में स्वस्थ भोजन और खुशहाली भी आएगी।
बैठक में देव कुमार शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उनके ही दिशा-निर्देशों के अनुरूप हरियाणा में सभी 24 फसलों की खरीद एमएसपी पर की जा रही है। उन्होंने बताया कि हरियाणा बीज विकास निगम के माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, ताकि खेतों में पैदावार बढ़े, किसानों की आय में वृद्धि हो और वे खुशहाल जीवन जी सकें।
देव कुमार शर्मा ने बताया कि बैठक में किसानों की आय बढ़ाने के लिए अतिरिक्त उपाय अपनाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस उद्देश्य के लिए अन्य राज्यों में जाकर सफल मॉडलों और उत्तम उपायों की जानकारी ली जाएगी । बैठक में बीज बिक्री के सेल्स सेंटर बढ़ाने का भी फैसला लिया गया, ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज और अन्य सामग्री खरीदने में किसी प्रकार की दिक्कत न आए। किसानों की समस्याएं सुने जाने के बाद अधिकांश मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया।
बैठक में किसान हितैषी नीतियाँ लागू करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की सराहना की गई। हरियाणा में विभिन्न फसलों की एमएसपी पर खरीदी सुनिश्चित करने हेतु सभी सदस्यों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रति आभार व्यक्त किया।
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10/12/25 |- आहार,
शाकाहारी आहार का एक दिन का पोषक मेन्यू
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10/12/25 |HSSC CET बायोमेट्रिक पर बड़ी राहत: चेयरमैन हिम्मत सिंह बोले- 'परेशान न हों अभ्यर्थी, शेड्यूल जल्द'
चंडीगढ़, 10 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) 2025 ग्रुप C परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पूरा न कर पाने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी दी और उम्मीदवारों से धैर्य रखने की अपील की है।
चेयरमैन ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों का 26 और 27 जुलाई को संपन्न हुई ग्रुप C परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं हो पाया था, उन्हें बिल्कुल भी परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि आयोग इस महत्वपूर्ण विषय पर सक्रियता से काम कर रहा है। हिम्मत सिंह ने आश्वासन दिया कि बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण कराने के लिए निर्धारित समय (शेड्यूल) के बारे में सूचना बहुत जल्द सभी प्रभावित उम्मीदवारों को दी जाएगी। उन्होंने उम्मीदवारों से अपील की कि वे फोन कॉल, मैसेज या सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
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10/12/25 |HCS मुख्य परीक्षा में बड़ा बदलाव: अब 4 की जगह 6 पेपर होंगे, मंत्रिमंडल ने दी मंज़ूरी
जे कुमार, चंडीगढ़, 8 दिसम्बर 2025: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा सिविल सेवा (एग्जीक्यूटिव ब्रांच) नियम, 2008 में संशोधन को मंजूरी दे दी गई है। इन नियमों को अब हरियाणा सिविल सेवा (एग्जीक्यूटिव ब्रांच) संशोधन नियम, 2025 कहा जाएगा।
मुख्य परीक्षा की संरचना में बदलाव : इस महत्वपूर्ण संशोधन के अनुसार, एचसीएस (HCS) मुख्य परीक्षा में पेपरों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है। मुख्य परीक्षा अब कुल 600 अंकों की होगी। संशोधित मुख्य परीक्षा संरचना (600 अंक) : पेपर का विषय पेपर की संख्या अंक प्रति पेपर कुल अंक अंग्रेजी (English) 100 हिंदी (Hindi) 100 जनरल स्टडीज़ (General Studies) 400 कुल 600
प्रारंभिक परीक्षा और इंटरव्यू में कोई बदलाव नहीं : मंत्रिमंडल ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam): इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। यह केवल स्क्रीनिंग के लिए होगी और 200 अंकों की ही रहेगी। पर्सनैलिटी टेस्ट (इंटरव्यू): यह भी पहले जैसा ही रहेगा और 75 अंकों का होगा। इस बदलाव से एचसीएस की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा की रणनीति में महत्वपूर्ण फेरबदल करना होगा, क्योंकि जनरल स्टडीज़ का वेटेज अब काफी बढ़ गया है।
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10/12/25 |HKRN भुगतान की समय पर अदायगी हेतु सख्त SOP जारी: पारदर्शिता और EPF अनुपालन पर ज़ोर
जे कुमार, चंडीगढ़, 10 दिसम्बर, 2025: हरियाणा सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से तैनात अनुबंध कर्मचारियों के भुगतानों में पारदर्शिता, एकरूपता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। इस एसओपी का मुख्य उद्देश्य वैधानिक दायित्वों, विशेषकर कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के सुचारु और समयबद्ध अनुपालन को सुनिश्चित करना है।
केन्द्रीयकृत व्यवस्था और मुख्य सचिव के निर्देश : मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों तथा बोर्डों और निगमों के प्रबंध निदेशकों को पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि वैधानिक दायित्व (विशेषकर ईपीएफ अनुपालन) केंद्रीयकृत व्यवस्था के तहत सुनिश्चित किए जाएंगे। विभाग अब सीधे तौर पर पीएफ खातों का संचालन नहीं करेंगे।
भुगतान प्रक्रिया में DDO की केंद्रीय भूमिका : एसओपी में भुगतान प्रक्रिया के लिए सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारियां स्पष्ट की गई हैं, जिसमें आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) को केंद्रीय भूमिका दी गई है। DDO की मुख्य जिम्मेदारियां होंगी: समय पर भुगतान: प्रत्येक माह की 7 तारीख से पहले एचकेआरएन को भुगतान सुनिश्चित करना।
सत्यापन: उपस्थिति, तैनाती रिकॉर्ड और बिलों का सत्यापन करना। डेटा अपलोड: एचकेआरएन पोर्टल पर ईपीएफ एवं ईएसआई संबंधित सही विवरण अपलोड करना। सुरक्षा सूचना: यदि ईएसआईसी के अंतर्गत आने वाले किसी कर्मचारी के साथ दुर्घटना होती है, तो 24 घंटे के भीतर एचकेआरएन को सूचित करना। VAN खाता: सभी भुगतान केवल एचकेआरएन के बिलों में दर्शाए गए वीएएन (वर्चुअल अकाउंट नंबर) खाते में ही जमा किए जाएं।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश : कार्यालय प्रमुख: रिकॉर्ड के सत्यापन और समय पर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने के लिए उत्तरदायी होंगे। लेखा शाखा: भुगतान राशि की जांच कर एचकेआरएन के नामित खाते में ही भुगतान करेगी। प्रतिबंध: विभागों को कर्मचारी भविष्य निधि की राशि सीधे ईपीएफओ में जमा करने से सख्ती से प्रतिबंधित किया गया है।
शिकायत निवारण: पीएफ से संबंधित शिकायतें एचकेआरएन के माध्यम से ही भेजी जाएंगी। सख्ती: बिल में कोई भी विसंगति पाए जाने पर तीन कार्य दिवसों के भीतर एचकेआरएन को सूचित करना अनिवार्य होगा। सभी डीडीओ को इन नई प्रक्रियाओं का तत्काल प्रभाव से सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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10/12/25 |जिला रेडक्रॉस सोसायटी ने योग करवाकर किया प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन का शुभारंभ
जे कुमार, पलवल, 9 दिसंबर : - भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी हरियाणा राज्य शाखा चंडीगढ़ के उपाध्यक्ष अंकुश मिगलानी तथा महासचिव डा. सुनील कुमार से प्राप्त निर्देशानुसार उपायुक्त एवं जिला रेडक्रॉस सोसायटी पलवल के अध्यक्ष डा. हरीश कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन और सचिव बिजेंद्र सौरोत के नेतृत्व में जिला स्तरीय जूनियर रेडक्रॉस प्रशिक्षण के पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 12 दिसंबर तक राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय होडल के प्रांगण में किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न स्कूलों से विद्यार्थी व जूनियर रेडक्रॉस काउंसलर भाग ले रहे हैं।
इस शिविर के दूसरे दिन का विधिवत शुभारंभ रेडक्रॉस झंडा, गीत, प्रार्थना व सभी प्रतिभागियों को योग करवाकर किया गया। जिला प्रशिक्षण अधिकारी नीतू सिंह ने उपस्थित प्रतिभागियों को प्राथमिक सहायता के मूल नियम, सडक़ सुरक्षा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी दुर्घटना स्थल पर किस तरह से खुद का बचाव करते हुए घायल व्यक्ति को एम्बुलेंस या अन्य मदद आने तक सहायता कर सकते है।उन्होंने घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से हॉस्पिटल तक पहुचाने के बारे में तथा सीपीआर (जीवन दायिनी विधि) के बारे में भी प्रतिभागियों को प्रयोगात्मक तरीके से जागरूक किया। भोजपाल प्रोजेक्ट मेनेजर टीआई ने प्रतिभागियों को सीपीआर डम्मी की सहायता से लाइव प्रदर्शन दिखाया और सीपीआर विधिक को प्रतिभागियों द्वारा भी करवाया।
इस अवसर पर शक्ति वाहिनी एनजीओ पलवल से आए समाजसेवी महेंद्र सिंह देशवाल ने सभी विद्यार्थियों को बाल विवाह की शपथ दिलाई व मोबाइल की लत, उसके दुरुपयोग तथा इसके दुष्परिणामो के बारे में जानकारी सांझा करते हुए बताया कि मोबाइल की बुरी लत विद्यार्थी जीवन के लिए घातक है। ट्रेफिक पुलिस से हैड कांस्टेबल पवन कुमार व कांस्टेबल अनिल कुमार ने सभी प्रतिभागियों को यातायात नियमों के बारे में जागरूक करते हुए बताया कि चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग करना चाहिए।नशा करके वाहन नही चलाना चाहिए और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इसके अलावा प्रशिक्षण शिविर में यातायात नियमों की भी विस्तृत जानकारी दी गई। इसके उपरांत सभी प्रतिभागियों को ग्रीन एम्बेसडर एवं संस्थापक मिशन प्रकृति बचाओ पर्यावरण सचेतक समिति पलवल आचार्य राम कुमार बघेल ने पर्यावरण सुरक्षा, जल एवं मिट्टी बचाओ, गोरैया एवं अन्य मित्र कीटो की सुरक्षा करने व ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने बारे जागरूक किया।
इस अवसर पर मास्टर थानसिंह व देव भी उपस्थित रहे। शिविर के अंत में प्रतिभागियों के बीच लकी स्टार प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। शिविर के दूसरे दिन के सफल आयोजन में विभिन्न विद्यालयों के अध्यापकों व जिला रेडक्रॉस सोसाइटी पलवल से भोजपाल, अनीता शर्मा, सुमित, उषा देवी, हरवंश आदि का अहम योगदान रहा।
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10/12/25 |छात्रों को स्वयं से प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए और संघर्ष से कभी नहीं डरना चाहिए: मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी
चंडीगढ़, 10 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने पीएम श्री गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बरवाला में आयोजित एक संवादात्मक सत्र को संबोधित करते हुए छात्राओं को स्वयं से प्रतिस्पर्धा करने, दूसरों की मदद करने और जीवन में हमेशा सत्य और ईमानदारी के मार्ग का अनुसरण करने का मूल मंत्र दिया।
लगभग एक घंटे के इस सत्र के दौरान, मुख्य सचिव ने छात्रों के प्रश्नों के उत्तर दिए और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि छात्रों को कड़ी मेहनत करनी चाहिए, आत्मविश्वास रखना चाहिए और जिम्मेदार नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक श्री जितेंद्र कुमार भी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव ने अपने शैक्षणिक जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि छात्रों को संघर्ष से कभी नहीं डरना चाहिए। उन्होंने बताया कि वे स्वयं भी संघर्ष के फलस्वरूप ही इस मुकाम तक पहुंचे हैं। प्रसिद्ध कथन, "विजेता अलग काम नहीं करते, वे काम को अलग ढंग से करते हैं," का हवाला देते हुए उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे प्रत्येक कार्य को सर्वोत्तम तरीके से करने का प्रयास करें। उन्होंने आगे सुझाव दिया कि सबसे गंभीर समस्या का पहले समाधान करने और चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करने की आदत विकसित करें।
मुख्य सचिव ने आत्म-प्रतिस्पर्धा पर जोर देते हुए छात्रों को सलाह दी कि वे दूसरों से प्रभावित हुए बिना अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास करें। यदि उन्हें कोई कमी महसूस हो, तो उन्हें उसे दूर करने के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी किसी को मदद की जरूरत हो, तो हमेशा मदद करनी चाहिए, क्योंकि दूसरों की मदद करने से सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है जो व्यक्तिगत विकास में सहायक होती है।
श्री रस्तोगी ने जीवन की नींव सत्य और नेक इरादों पर रखते हुए कहा कि छात्रों के लिए अपने शिक्षकों और सहपाठियों का विश्वास बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों से ऐसा मजबूत चरित्र बनाने का आग्रह किया जिससे उनकी विश्वसनीयता हर जगह बरकरार रहे। उन्होंने उन्हें खेल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दी और कहा कि स्वस्थ और चुस्त शरीर ही प्रभावी शिक्षा का साधन है।
मुख्य सचिव ने इच्छाशक्ति को सफलता की कुंजी बताते हुए कहा कि इच्छाशक्ति के बिना कोई भी व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ने में मदद नहीं कर सकता। उन्होंने छात्रों को ऐसे आदर्श चुनने के लिए प्रोत्साहित किया जो उन्हें लगातार प्रेरित करते रहें।
शिक्षकों के महत्व पर बोलते हुए श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि छात्रों की सफलता में शिक्षकों की अहम भूमिका होती है। छात्र अपने शिक्षकों का जितना अधिक सम्मान करते हैं, उतना ही अधिक ज्ञान प्राप्त करते हैं। शिक्षक न केवल अकादमिक ज्ञान प्रदान करते हैं बल्कि छात्रों को उनकी रुचियों और क्षमताओं के आधार पर करियर चुनने में भी मदद करते हैं।
इस कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती संध्या मलिक, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्री जोगिंदर लाथर, पीएम श्री गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बरवाला की प्रिंसिपल श्रीमती सुनीता, गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बरवाला की प्रिंसिपल श्रीमती सुमन शर्मा और अन्य स्कूल स्टाफ उपस्थित थे।
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10/12/25 |हरियाणा राज्य स्तरीय महिला पुरस्कारों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 15 दिसंबर तक कर सकते हैं अप्लाई
जे कुमार, अम्बाला, 9 दिसम्बर, 2025 : हरियाणा सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां प्राप्त करने वाली महिलाओं को सम्मानित करने के लिए दिए जाने वाले हरियाणा राज्य स्तरीय महिला पुरस्कारों हेतु आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी मनीषा गागट ने जानकारी देते हुए बताया कि अब पात्र महिलाएं 15 दिसंबर 2025 तक आवेदन कर सकती हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने अधिक से अधिक पात्र महिलाओं से इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों हेतु आवेदन करने का आह्वान किया है।
कैसे करें आवेदन?
इच्छुक महिलाएं अपना पूर्ण बायोडाटा एवं उपलब्धियों का विवरण जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास) के कार्यालय में 15 दिसंबर 2025 तक जमा करवा सकती हैं।
सीधा आवेदन करने वाले वर्ग : ए.एन.एम/नर्स/महिला एमपीडब्ल्यू, महिला खिलाड़ी, सरकारी कर्मचारी और महिला उद्यमी द्वारा पुरस्कारों के लिए आवेदन सीधे संबंधित विभाग में पूर्ण दस्तावेजों सहित 15 दिसंबर 2025 तक जमा करवाए जा सकते हैं। जिला स्तरीय रिकमेंडेशन कमेटी द्वारा संस्तुति के साथ, सभी नामांकन 5 जनवरी 2026 तक निदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा को भेजे जाएंगे।
प्रमुख पुरस्कार और राशि : हरियाणा राज्य स्तरीय महिला पुरस्कारों में निम्नलिखित पुरस्कार और सम्मान राशि शामिल हैं | पुरस्कार का नाम पुरस्कार राशि सुषमा स्वराज पुरस्कार 5 लाख इंदिरा गांधी महिला शक्ति पुरस्कार, 1 लाख 50 हजार कल्पना चावला शौर्य पुरस्कार, 1 लाख बहन शन्नों देवी पंचायती राज पुरस्कार, 1 लाख लाइफ टाइम अचीवर्स अवार्ड 51 हजारअन्य श्रेणी के पुरस्कार (जैसे महिला खिलाड़ी, महिला उद्यमी) 21 हजार
सभी विजेताओं को पुरस्कार राशि के साथ प्रशस्ति-पत्र भी प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार हेतु आवेदन करने की योग्यताएं व शर्तें विभाग की वेबसाइट www.wcdhry.gov.in से डाउनलोड की जा सकती हैं।
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10/12/25जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंबाला ने किया नशा विरोधी अभियान का शुभारंभ
जे कुमार, अंबाला, 10 दिसम्बर : - जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अंबाला द्वारा पूरे दिसंबर माह को बच्चों एवं आमजन को विधिक अधिकारों तथा नशा विरोधी अभियान के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम माह के रूप में मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत जिले में विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया है तथा शेष महीने के दौरान भी क्रमवार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम माह का शुभारंभ
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, अंबाला के सचिव श्री प्रवीण के मार्गदर्शन में डीएलएसए की ओर से 09 दिसंबर 2025 को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बिहटा में पैनल अधिवक्ता कमल धीमन एव पैनल पी एल वी जगमाल सिंह के सहयोग से जागरूकता शिविर का आयोजन कर मासिक कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई। शिविर का उद्देश्य बच्चों को उनके विधिक अधिकारों, कर्तव्यों तथा न्याय प्रणाली तक आसान पहुंच के बारे में जानकारी देना है।
विद्यालय में विशेष गतिविधियां
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,बिहटा में जागरूकता शिविर एव चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर नशा मुक्त समाज के संदेश को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में यूथ एशियन खेलों की कांस्य पदक विजेता हरनूर कौर द्वारा नशा-विरोधी संदेश का वीडियो प्रदर्शन व संवाद के माध्यम से बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया।
नशा मुक्त हरियाणा मिशन से जुड़ाव
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अंबाला द्वारा यह मासिक कार्यक्रम ‘नशा मुक्त हरियाणा मिशन’ के तहत चलाए जा रहे जागरूकता अभियान से भी जोड़ा गया है, जिसके अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर लोगों को नशे के दुष्परिणाम, परिवार व समाज पर पडऩे वाले प्रभाव तथा कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है। मिशन के अंतर्गत अधिकारी, पैनल अधिवक्ता, पैरालीगल वॉलंटियर एवं सामाजिक संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।
आगामी मासिक गतिविधियां
पूरे माह के दौरान डीएलएसए अंबाला द्वारा विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों, न्यायालय परिसर, जेल व समुदाय स्तर पर जागरूकता शिविर, कानूनी साक्षरता कार्यक्रम, निबंध-पोस्टर-भाषण प्रतियोगिताएं तथा नशा मुक्ति प्रतिज्ञा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में बाल अधिकार, मुफ्त कानूनी सहायता, पीडि़त मुआवजा योजनाएं, नशा एवं साइबर अपराध से संबंधित कानून तथा न्यायिक सेवाओं तक पहुंच जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा।
संपर्क व हेल्पलाइन जानकारी
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, अंबाला ने आमजन से अपील की है कि वे स्वयं तथा अपने आस-पास के लोगों को इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने के लिए प्रेरित करें ताकि नशा मुक्त तथा विधिक रूप से जागरूक समाज का निर्माण किया जा सके। मुफ्त कानूनी सहायता अथवा कार्यक्रम से संबंधित अधिक जानकारी हेतु जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, अंबाला के हेल्पलाइन नंबर 0171-2532142 तथा एनएएलएसए हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क किया जा सकता है। -
10/12/25हरियाणा सरकार की हड़ताली डॉक्टरों पर सख़्ती: 'नो वर्क नो पे' का आदेश जारी
जे कुमार, चंडीगढ़, 10 दिसम्बर 2025: हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMS) के आह्वान पर चल रही डॉक्टरों की हड़ताल के मद्देनजर, प्रदेश सरकार ने अब सख्त रुख अपना लिया है। सरकार ने हड़ताल में शामिल डॉक्टरों के खिलाफ 'नो वर्क नो पे' (No Work No Pay) की नीति लागू कर दी है।
वेतन रोकने के सख्त निर्देश : - स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक (DG) की ओर से सभी सिविल सर्जनों और प्रधान चिकित्सा अधिकारियों (PMO) को सख्त आदेश जारी किए गए हैं। इन आदेशों में स्पष्ट कहा गया है कि हड़ताल में शामिल चिकित्सकों और अधिकारियों का हड़ताल की अवधि का वेतन आगामी आदेशों तक जारी न किया जाए। यह कदम डॉक्टरों पर काम पर लौटने का दबाव बनाने और स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित होने से रोकने के लिए उठाया गया है।
ESMA और अन्य प्रतिबंध लागू : - सरकार ने हड़ताल को अवैध घोषित करते हुए और भी कड़े कदम उठाए हैं | ESMA लागू: सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को 'आवश्यक सेवा' मानते हुए अगले 6 महीने तक डॉक्टरों की हड़ताल पर रोक लगाने के लिए एस्मा (ESMA) लागू कर दिया है। धारा 163: भिवानी, करनाल, झज्जर, हिसार, फतेहाबाद और गुरुग्राम समेत कई जिलों में धारा 163 भी लागू कर दी गई है, जिसके तहत किसी भी तरह के धरने-प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है।
डॉक्टर एसोसिएशन ने वेतन रोकने के सरकार के इस फैसले पर तीव्र विरोध जताया है। एसोसिएशन का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें, खासकर एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) योजना को लागू करने पर सरकार स्पष्ट सहमति नहीं देती, तब तक वे अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखेंगे।
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10/12/25डीएसपी हेडक्वार्टर की मौजूदगी में चैरिटेबल वेलफेयर सोसाइटी ने गरीबों को बांटे कंबल
जे कुमार, अम्बाला शहर, 10 दिसम्बर 2025 :- सर्दी के मौसम की शुरुआत के साथ ही, चैरिटेबल वेलफेयर सोसाइटी, अंबाला ने आज अंबाला शहर में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए। इस मौके पर अंबाला शहर के डीएसपी हेडक्वार्टर विजय कुमार भी उपस्थित रहे।
पुलिस के सहयोग से हुआ वितरण :- चैरिटेबल वेलफेयर सोसाइटी ने अंबाला पुलिस के सहयोग से अंबाला शहर की अनाज मंडी और अंबा मार्केट में बनी झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीब लोगों को कंबल वितरित किए।
समिति के प्रधान हरबंस लाल बिंद्रा ने बताया कि उनकी संस्था पहले भी इस तरह के कार्य कर चुकी है। उन्होंने कहा कि पुलिस के साथ मिलकर स्लम एरिया में कंबल बांटने का मुख्य उद्देश्य गरीबों को कड़ाके की सर्दी से बचाना है।
डीएसपी विजय कुमार ने कहा कि डीजीपी हरियाणा के निर्देश पर उन्होंने इस सामाजिक संस्था के साथ मिलकर यह पहल की है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ठंड और बढ़ेगी, इसलिए पुलिस आगे भी इस संस्था के साथ मिलकर अन्य जगहों पर भी इस प्रकार के सामाजिक कार्य करती रहेगी। यह पहल समाज के प्रति पुलिस और नागरिक संगठनों के संयुक्त दायित्व को दर्शाती है।
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09/12/25 |- आहार,
शाकाहारी आहार एक दिन का पोषक मेन्यू
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09/12/25 |नए जिले, तहसील, उप-तहसील बनाने के संबंध में हुई सब-कमेटी की बैठक
चंडीगढ़, 09 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में आज चंडीगढ़ में नए जिले, तहसील और उप–तहसील निर्माण से संबंधित सब–कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कमेटी के सदस्य के रूप में शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री विपुल गोयल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त, डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव और विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. साकेत कुमार सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप प्रशासनिक ढांचे को अधिक परिणामकारी बनाने की दिशा में कदम— पंवार
बैठक उपरांत श्री कृष्ण लाल पंवार ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिए नई इकाइयों के गठन पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों द्वारा गांवों को तहसील एवं उप–तहसील में शामिल करने संबंधी सरकार के पास अनेक प्रस्ताव आ रहे हैं, जिनमें से आज की बैठक में कुल 62 प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई और मानदंडों के अनुसार सिफारिशें तय की गई हैं।
श्री पंवार ने बताया कि कमेटी द्वारा प्राप्त सभी प्रस्तावों व मानदंडों का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली गई है, जिसे अब अंतिम स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष भेजा जाएगा।
श्री पंवार ने बताया कि उप तहसील बनाने के लिए निर्धारित मानदंडों में 10 से अधिक गांव, 5 से 10 पटवार सर्कल, 60 हजार से अधिक जनसंख्या, 15 हजार हेक्टेयर या इससे अधिक क्षेत्रफल तथा उप मंडल मुख्यालय 15 किलोमीटर की दूरी पर होना चाहिए।
इसी प्रकार तहसील के लिए निर्धारित मापदंडों में 20 या इससे अधिक गांव, दो उप-तहसील, पांच से अधिक पटवार सर्कल, 80 हजार या अधिक जनसंख्या, 15 हजार हेक्टेयर या अधिक क्षेत्रफल तथा एक उपमंडल से दूरी 15 किलोमीटर होनी चाहिए।
इसी प्रकार उपमंडल के लिए यह मापदंड 40 या इससे अधिक गांव, एक या उससे अधिक तहसील/उप तहसील, 15 या इससे अधिक पटवार सर्कल, ढाई लाख या इससे अधिक जनसंख्या,15 हजार हेक्टेयर या इससे अधिक क्षेत्रफल व जिला मुख्यालय से दूरी 10 किलोमीटर या इससे अधिक होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि नए जिलों के मामलों में यह मानदंड 125 से 200 गांव, एक या दो उपमंडल, एक से तीन तहसील या उप तहसील, चार लाख या इससे अधिक की जनसंख्या, 80 हजार हेक्टेयर या इससे अधिक क्षेत्रफल तथा किसी अन्य जिला मुख्यालय से दूरी 25 से 40 किलोमीटर होनी चाहिए।
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09/12/25 |डॉक्टरों की हड़ताल पर हाई-लेवल बैठक: स्वास्थ्य मंत्री ने दिए सेवाएं सुचारु रखने के निर्देश
जे कुमार, चंडीगढ़, 9 दिसम्बर, 2025 : हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMS) द्वारा बुलाई गई डॉक्टरों की दो दिवसीय हड़ताल के मद्देनजर, हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने आज एक हाई-लेवल बैठक आयोजित की।
बैठक में शामिल अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव, विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) सुधीर राजपाल और डीजी हेल्थ मनीष बंसल शामिल हुए।
स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश
जानकारी के मुताबिक, मंत्री आरती राव ने अधिकारियों को पूरे प्रदेश से हड़ताल से संबंधित विस्तृत डेटा मंगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट निर्देश दिया कि:
मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
सभी स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चलनी चाहिए।
कई जिलों में धारा 163 लागू
हड़ताल के कारण प्रदेश के कई जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं में अव्यवस्था की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। जानकारी के अनुसार, भिवानी, करनाल, झज्जर, हिसार, फतेहाबाद और गुरुग्राम में धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके तहत किसी भी तरह के धरने-प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और आवश्यक सेवाएं बाधित न हों।
सरकार लगातार डॉक्टरों से बातचीत कर गतिरोध खत्म करने का प्रयास कर रही है, लेकिन मरीजों की परेशानी को कम करने के लिए प्रशासनिक सख्ती भी की जा रही है।
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09/12/25 |डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने केंद्र सरकार की पीएम केयर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन बारे दिए निर्देश
जे कुमार, पलवल 9 दिसम्बर : - उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि सरकार द्वारा संबंधित अधिकारियों को केंद्र सरकार की ओर से महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के माध्यम से क्रियान्वित की जा रही पीएम केयर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन बारे दिए निर्देश दिए हैं। इस योजना के क्रियान्वयन की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी लाभार्थी बच्चों का समुचित संरक्षण, मार्गदर्शन एवं कल्याण हो सके।
उपायुक्त ने बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने इस संबंध में राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि उपायुक्त, जो इन बच्चों के संरक्षक के रूप में कार्य करते हैं, जिला बाल संरक्षण अधिकारी के सहयोग से तीन माह में कम से कम एक बार प्रत्येक लाभार्थी से व्यक्तिगत रूप से सीधा संपर्क करें। सभी लाभार्थी बच्चों के पीएमजेएवाई कार्ड सक्रिय कर यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं प्राप्त करने में कोई बाधा नहीं आए। लाभार्थी बच्चों की शिक्षा से संबंधित नवीनतम जानकारी (विशेष रूप से वे किस कक्षा में अध्ययनरत हैं) योजना पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अद्यतन की जाए, ताकि बच्चों को छात्रवृत्ति एवं अन्य शैक्षणिक सहायता समय पर मिल सके।
राज्य सरकार की मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत दिए जा रहे लाभों का योजना पोर्टल पर उचित मानचित्रण किया जाए। प्रत्येक लाभार्थी के लिए योग्य बाल मनोवैज्ञानिकों द्वारा नियमित परामर्श सत्र आयोजित किए जाएं, जिससे उनकी मानसिक स्थिति का मूल्यांकन हो सके एवं किसी भी प्रकार की पीड़ा या उत्पीड़न की संभावना को समाप्त किया जा सके। सभी लाभार्थियों के लिए वार्षिक स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, प्रत्येक माह लाभार्थियों की शारीरिक एवं मानसिक फिटनेस का प्रमाणन अधिकृत चिकित्सकों द्वारा किया जाए।
कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई थी पीएम केयर योजना : उपायुक्त
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि पीएम केयर योजना उन बच्चों के लिए चलाई जा रही है, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान अपने दोनों अभिभावकों (माता और पिता), एकमात्र जीवित अभिभावक या कानूनी अभिभावक को खो दिया था। योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को दीर्घकालिक संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।पीएम केयर योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र बच्चे के डाकघर खाते में इस प्रकार राशि जमा की जाती है कि 18 वर्ष की आयु तक उसे 10 लाख रुपए का कोष प्राप्त हो सके। इसके अतिरिक्त विभिन्न मंत्रालयों द्वारा 4 हजार रुपए प्रतिमाह की सहायता (मिशन वात्सल्य), उच्च शिक्षा सहायता, छात्रवृत्ति 20 हजार, नि:शुल्क कोचिंग, स्वास्थ्य बीमा (पीएमजेएवाई कार्ड) इत्यादि लाभ भी प्रदान किए जा रहे हैं।
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09/12/25 |कन्या भ्रूण हत्या की सूचना देने पर दिया जाएगा एक लाख रुपए का इनाम, सूचना देने वाले का नाम रखा जाएगा गुप्त : उपायुक्त
जे कुमार, पलवल, 9 दिसंबर : - उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने सरकार व प्रशासन की ओर से कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं। पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट 1994 के तहत पंजीकृत सेंटर संचालक व डॉक्टर द्वारा पहली बार गर्भधारण पूर्व लिंग चयन और प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण संबंधी जुर्म करने पर 3 साल की कैद और 10 हजार रुपए जुर्माना तथा इसके उपरांत पुन: जुर्म करने पर 5 साल कैद और 50 हजार रुपए जुर्माना का प्रावधान है।
पति/परिवार के सदस्य या लिंग चयन के लिए उकसाने वाले व्यक्ति के लिए एक्ट में पहले अपराध पर 50 हजार रुपए तक के जुर्माने के साथ 3 साल तक की कैद तथा इसके उपरांत पुन: अपराध करने पर एक लाख रुपये तक जुर्माने के साथ 5 साल तक की कैद का प्रावधान एक्ट में किया गया है।
आरोप तय होने पर डॉक्टर का मेडिकल रजिस्ट्रेशन कर दिया जाएगा निलंबित : उपायुक्त
उपायुक्त ने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या करने व करवाने वालों की सही सूचना देने पर सरकार द्वारा एक लाख रुपए का इनाम दिया जाता है। कन्या भ्रूण हत्या से संबंधित सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गुप्त रखा जाता है। उन्होंने बताया कि आरोप तय होने पर डॉक्टर का मेडिकल रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले अपराध के मामले में राज्य मेडिकल काउंसिल द्वारा डॉक्टर के मेडिकल पंजीकरण को 5 साल के लिए तथा इसके उपरांत अपराध के मामले में स्थायी रूप से मेडिकल पंजीकरण को रद्द कर दिया जाएगा।
जिला का लिंगानुपात बढ़ाने के लिए सभी को एकजुट होकर करने होंगे सामूहिक प्रयास : उपायुक्त
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जिला वासियों से पलवल जिले के लिंगानुपात को बढ़ाकर जिला को लिंगानुपात के मामले में पहले पायदान पर लाने का आह्वान करते हुए कहा कि लिंगानुपात को बढ़ाने के लिए सभी को एकजुट होकर सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि बेटियां अनमोल हैं और इन्हें भी दुनिया में आने का पूरा हक है।उन्होंने कहा कि केवल बालिका दिवस व महिला दिवस मनाने से कन्या भ्रूण हत्या समाप्त नहीं होगी। इसके लिए हम सबको मिलकर सामूहिक प्रयास करने होंगे। जिस दिन हम अपनी बेटियों को बेटों के बराबर समझने लगेंगे व बेटियों को बेटों के समान दर्जा देने लगेंगे उस दिन कन्या भ्रूण हत्या अपने आप समाप्त हो जाएगी।
अल्ट्रासाउंड सेंटर का पीएनडीटी रजिस्ट्रेशन तुरंत प्रभाव से होगा रद्द : डा. वशिष्ठ
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि यदि कोई अल्ट्रासाउंड सेंटर भ्रूण हत्या व लिंग जांच की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो अल्ट्रासाउंड सेंटर का पीएनडीटी रजिस्ट्रेशन तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा और आरोपी के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि कोई गर्भवती महिला नकली ग्राहक बनकर भ्रूण हत्या व लिंग जांच करने वालों को पकड़वाने में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करती है तो उस महिला को 50000 रुपए दिए जाते हैं तथा उसका नाम भी पूर्ण रूप से गुप्त रखा जाता है। उन्होंने आमजन से भ्रूण हत्या व लिंग जांच के बारे में सूचना देकर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करने की अपील की है |#palwal #News #information-about-female-foeticide #dcpalwal #reward-of-rs-1-lakh
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09/12/25 |गांधी मेमोरियल नेशनल कॉलेज, अंबाला छावनी की एमबीए छात्रा पुर्ति अग्रवाल का विएना एडवांटेज, मोहाली में हुआ चयन
जे कुमार, अम्बाला 9 दिसम्बर : गांधी मेमोरियल नेशनल कॉलेज, अंबाला छावनी अपने एमबीए विभाग की एक और उल्लेखनीय उपलब्धि साझा करते हुए गर्व का अनुभव कर रहा है। कॉलेज की मेधावी एवं प्रतिभाशाली छात्रा पुर्ति अग्रवाल का चयन प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी विएना एडवांटेज, मोहाली में हुआ है, जहां उन्हें 4.7 लाख वार्षिक का आकर्षक पैकेज ऑफर किया गया है।
यह उपलब्धि पुर्ति के कठोर परिश्रम, उत्कृष्ट प्रबंधन कौशल और सुदृढ़ व्यक्तित्व का परिणाम है। चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों—लिखित परीक्षा, तकनीकी मूल्यांकन तथा व्यक्तिगत साक्षात्कार—में उन्होंने अपने आत्मविश्वास, विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण, संचार-कौशल और पेशेवर दक्षता से चयनकर्ता मंडल को प्रभावित किया। कॉलेज के प्लेसमेंट सेल ने नियमित प्रशिक्षण, मॉक इंटरव्यू, प्रस्तुति-कौशल सुधार तथा उद्योग आधारित मार्गदर्शन प्रदान कर पुर्ति के पेशेवर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कॉलेज प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने कहा कि पुर्ति अग्रवाल की यह उपलब्धि हमारे संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासनिक संस्कृति और उद्योग-संलग्नता की परंपरा को और मजबूत करती है। उनकी सफलता हमारे लिए गर्व का विषय है और यह प्रमाण है कि GMN कॉलेज अपने छात्रों को श्रेष्ठ शिक्षा, मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। मैं पुर्ति को हार्दिक बधाई देता हूँ और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।
एमबीए विभागाध्यक्ष डॉ. भारती सुजान ने कहा कि पुर्ति की समर्पित अध्ययन शैली, प्रबंधन अवधारणाओं की पकड़ तथा लक्ष्य के प्रति स्पष्टता ने उन्हें इस उपलब्धि के योग्य बनाया। वहीं प्लेसमेंट हेड सुश्री कमलप्रीत कौर ने इसे विभाग एवं प्लेसमेंट सेल के लिए उत्साहवर्धक क्षण बताते हुए कहा कि पुर्ति ने प्रत्येक चरण में असाधारण दक्षता दिखाई और आने वाले छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगी। गांधी मेमोरियल नेशनल कॉलेज परिवार ने पुर्ति अग्रवाल को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल, सशक्त और सफल करियर की शुभकामनाएं दीं।
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09/12/25 |वंदे मातरम् ने एक ऐसे राष्ट्र को जागरूक किया जो अपनी दिव्य शक्ति को भुला चुका था : गृह मंत्री अमित शाह
आरएस अनेजा, 9 दिसम्बर नई दिल्ली - 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने पर राज्यसभा में बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "वंदे मातरम् की दोनों सदनों में इस चर्चा से, वंदे मातरम् के महिमा मंडन से, वंदे मातरम् के गौरव गान से हमारे बच्चे, किशोर, युवा और आने वाली कई पीढ़ियां वंदे मातरम् के महत्व को भी समझेगी और उसको राष्ट्र के पुनर्निर्माण का एक प्रकार से आधार भी बनाएगी..."
'वंदे मातरम्' के 150 साल पूरे होने पर राज्यसभा में बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "वंदे मातरम् ने एक ऐसे राष्ट्र को जागरूक किया जो अपनी दिव्य शक्ति को भुला चुका था। राष्ट्र की आत्मा को जागरूक करने का काम वंदे मातरम् ने किया इसलिए महर्षि अरविंद ने कहा वंदे मातरम् भारत के पुनर्जन्म का मंत्र है..."*
राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "जब अंग्रेजों ने वंदे मातरम् पर कई प्रतिबंध लगाए तब बंकिम बाबू ने एक पत्र में लिखा था कि मुझे कोई आपत्ति नहीं है मेरे सभी साहित्य को गंगा जी में बहा दिया जाए, यह मंत्र वंदे मातरम् अनंतकाल तक जीवित रहेगा, यह एक महान गान होगा और लोगों के हृदय को जीत लेगा और भारत के पुनर्निर्माण का यह मंत्र बनेगा..."
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09/12/25 |ब्राह्मण समाज की बहन-बेटियों पर अभद्र टिप्पणी का विरोध: परशुराम ब्राह्मण कल्याण सोसायटी ने उपायुक्त कार्यालय में सौंपा ज्ञापन
जे कुमार, अम्बाला 9 दिसम्बर : - मध्यप्रदेश के आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की बहन-बेटियों के सम्मान पर की गई कथित अभद्र एवं आपत्तिजनक टिप्पणी के खिलाफ आज श्री परशुराम ब्राह्मण कल्याण सोसायटी अम्बाला के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
सीजेएम को सौंपा गया ज्ञापन : विरोध दर्ज कराने के लिए समाज के प्रतिनिधि आज जिला उपायुक्त कार्यालय पहुँचे। उन्होंने सीजेएम (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) साहब को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
समाज के सदस्यों ने कहा कि एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी द्वारा इस प्रकार की टिप्पणी अस्वीकार्य है और इससे समाज की भावनाओं को ठेस पहुँची है। ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई है कि मध्यप्रदेश प्रशासनिक अधिकारी संतोष वर्मा के विरुद्ध सख्त कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।
व्यापक आंदोलन की चेतावनी : - सोसायटी ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो समाज व्यापक स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं के सम्मान से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधियों में चेयरमैन राजेंद्र कौशिक, प्रधान तरसेम पाल शर्मा, महासचिव अशोक कुमार शर्मा सहित अन्य सदस्य और गणमान्य व्यक्ति शामिल रहे।
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09/12/25 |आर्य कॉलेज में विश्व एड्स दिवस पर शपथ एवं जागरूकता समारोह आयोजित, थीम रहा 'व्यवधान से उबरना'
अम्बाला छावनी, 9 दिसम्बर, 2025: आर्य कॉलेज, अंबाला छावनी के प्रांगण में हेल्थ सेंटर सेल की ओर से विश्व एच.आई.वी. एड्स दिवस (1 दिसंबर) के उपलक्ष्य में एक शपथ एवं जागरूकता समारोह का आयोजन किया गया। जागरूकता और वैश्विक एकता का संदेश : इस वर्ष 2025 के लिए एड्स दिवस का थीम "व्यवधान से उबरना" (Recovery from Disruption) था |
जिसका उद्देश्य एड्स के विरुद्ध कार्रवाई में रूपांतरकारी बदलाव लाना है। यह दिवस एच.आई.वी. एड्स के बारे में जागरूकता फैलाने, इससे जुड़े मिथकों को दूर करने, प्रभावित व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति बढ़ाने और वैश्विक एकता का संदेश देने के लिए समर्पित है।
प्राचार्या और विशेषज्ञों के विचार : महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर (डॉ.) अंजु बाला ने कहा कि एच.आई.वी. वायरस शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देता है, जिससे शरीर सामान्य बीमारियों से भी नहीं लड़ पाता। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में समाज के हर वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है।
डॉक्टर रेखा ने कहा कि एचआईवी एड्स सिर्फ स्वास्थ्य समस्या ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भी विषय है। जागरूकता, सुरक्षित व्यवहार और समय पर उपचार से इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
डॉक्टर सरिता ने कहा कि समाज, सरकार और स्वास्थ्य संगठन यदि एक साथ मिलकर कार्य करें, तो एचआईवी एड्स मुक्त दुनिया का लक्ष्य अवश्य प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में, एच.आई.वी. एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों को शपथ दिलाई गई। इस आयोजन में स्टाफ के सभी सदस्य शामिल हुए।
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09/12/25जींद विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों के विकास कार्य जारी, डिप्टी स्पीकर ने की समीक्षा बैठक
जे कुमार, जींद 9 दिसम्बर : - हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिढ़ा ने कहा है कि जींद विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रुपये की राशि खर्च की जा रही है और विकास कार्यों को निरंतर अमलीजामा पहनाया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय रेस्ट हाउस में अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डिप्टी स्पीकर ने जोर देकर कहा कि "विकास कार्यों को लेकर मौजूदा राज्य सरकार के पास धन की कमी नहीं है।"
प्रमुख विकास परियोजनाओं का विवरण : डॉ. मिढ़ा ने जींद में चल रही और स्वीकृत महत्वपूर्ण परियोजनाओं की जानकारी दी | बड़ौदी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट: इसका निर्माण कार्य जोरों पर है और इस पर 185 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। बूस्टिंग स्टेशन: जींद शहर में 18 बूस्टिंग स्टेशन बनाए जाने हैं, जिनमें से 4 बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। क्लस्टर जलघर योजना: क्लस्टर योजना के तहत 5 गांवों—जाजवान, संगतपूरा, जलालपुर खुर्द, ईंटल कलां एवं ईंटल खुर्द में—नए जलघर बनाए जाएंगे और गलियों में पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस पर 35 करोड़ खर्च होंगे, जिसके लिए सरकार से मंजूरी मिल चुकी है।
सीवरेज/पाइपलाइन सुदृढ़ीकरण: क्षेत्र में सीवरेज तथा पाइपलाइन व्यवस्था के और अधिक सुदृढ़ीकरण के लिए ₹17 करोड़ की राशि मंजूर करवाई गई है। सरकारी आवास: जींद में बनने वाले अधिकारियों के आवासीय मकानों के टेंडर जल्द होंगे, जिससे बेहतर आवासीय सुविधा मिलेगी।
अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश : समीक्षा बैठक में डीसी मोहम्मद इमरान रजा, एसपी कुलदीप सिंह, एसडीएम होशियार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। डिप्टी स्पीकर ने निम्नलिखित निर्देश दिए | सड़क एवं सुंदरता: एचएचएआई (NHAI) के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे नेशनल हाईवे रोड़ों के ओवरब्रिज पर पेड़, फूल इत्यादि लगवाएं ताकि क्षेत्र की सुंदरता बढ़े। सभी हाईवों की मरम्मत का कार्य भी सुनिश्चित किया जाए।
कंडम भवन: स्वास्थ्य विभाग और लोक निर्माण विभाग को पीएचसी (PHC) और सीएचसी (CHC) जो कंडम होने की कगार पर हैं, उन्हें तुरंत कंडम करवाकर दोबारा एस्टीमेट बनाकर सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए। बिजली समस्या: क्षेत्र में ₹40 करोड़ की परियोजनाओं के तहत बिजली संबंधित व्यवस्थाएं सुधारी जा रही हैं। जल्द ही बिजली समस्या को लेकर एक बड़ा मेगा कैंप आयोजित किया जाएगा।
पार्कों का रखरखाव: नगर परिषद के अधिकारियों को शहर के पार्कों की छोटी-छोटी समस्याओं को दुरुस्त करने को कहा गया। स्टेडियम की मरम्मत: जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी को एकलव्य स्टेडियम का रख-रखाव सुनिश्चित करने और आवश्यक चीजों को दुरुस्त करने के लिए तुरंत एस्टीमेट भेजने के निर्देश दिए गए। स्टेडियम में करोड़ों की लागत से सिंथैटिक ट्रैक बिछाया जा रहा है।
उन्होंने सभी अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने और किसी भी कार्य को एक-दूसरे पर न थोपने की हिदायत दी। सेक्टर 6 और 8 की सड़कों की मरम्मत के लिए क्रमशः 1.54 करोड़ और 2.16 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं।
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09/12/25 |यमुनानगर: जगाधरी-पोंटा साहिब रोड पर युवती की सिर कटी लाश बरामद, दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका
जे कुमार, यमुनानगर, 9 दिसम्बर, 2025 : नेशनल हाईवे जगाधरी-पोंटा साहिब रोड पर बहादुरपुर गुरुद्वारे के पास उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक पॉपुलर की नर्सरी में युवती की धड़ से अलग लाश बरामद हुई। शव का सिर गायब था, जिससे साफ जाहिर होता है कि वारदात को बेहद निर्दयता और क्रूरता के साथ अंजाम दिया गया है। युवती की उम्र लगभग 20 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है।
डीएसपी सहित पुलिस टीम मौके पर : घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। सूचना प्राप्त होते ही डीएसपी छछरौली रजत गुलिया, प्रताप नगर थाना पुलिस, सीआईए टीम, और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की गहन जांच शुरू कर दी।
दुष्कर्म और गला रेतकर हत्या की आशंका : प्रारंभिक जांच के अनुसार, पुलिस का मानना है कि युवती के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी गला रेतकर हत्या की गई और उसके बाद शव को नर्सरी में फेंक दिया गया। शव का सिर अभी तक बरामद नहीं हो पाया है, जिसके लिए आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शी विजय ने बताया कि दोपहर के समय जब वह पानी लेने गुरुद्वारे की तरफ जा रहा था, तब उसकी नजर नर्सरी में पड़े भयावह शव पर पड़ी। उसने तुरंत खेत मालिक परमजीत संधू को सूचित किया, जिन्होंने 112 नंबर पर पुलिस को कॉल किया।
साक्ष्य जुटाने में जुटी पुलिस
थाना प्रभारी प्रताप नगर नरसिंह ने बताया कि प्रारंभिक तथ्य स्पष्ट रूप से बलात्कार और हत्या की ओर इशारा करते हैं। फॉरेंसिक टीम ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जैसे कपड़ों के नमूने, पैर के निशान और अन्य आवश्यक सुराग इकट्ठे किए हैं।
पुलिस ने आसपास के गांवों, ढाबों और हाईवे के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। साथ ही, लापता लड़कियों की रिपोर्ट्स से भी शव का मिलान किया जा रहा है, ताकि युवती की पहचान स्थापित की जा सके। पुलिस ने अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीमें गठित कर दी हैं। यह दिल दहला देने वाली घटना क्षेत्र की महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
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09/12/25हरियाणा कैबिनेट ने बेहतर सेवा सुविधाओं के लिए छह जिलों के गांवों के रीऑर्गेनाइजेशन को मंजूरी दी
जे कुमार, चंडीगढ़ 9 दिसम्बर : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रीमण्डल की बैठक में छह जिलों नामत: महेंद्रगढ़ के नारनौल, रेवाड़ी, यमुनानगर, फरीदाबाद, सिरसा और झज्जर के 17 गांवों को एक तहसील/ सब-तहसीलसे दूसरी तहसील /सब-तहसील में बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
प्रशासनिक सुधार के तहत नागरिक सेवाओं में तेजी लाने और उन्हें अधिक प्रभावी बनाने के उद्वेश्य से, हरियाणा के छह जिलों के 17 गांवों को रीऑर्गेनाइज किया जाएगा ताकि जनता को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा सके।
सरकार के इस बड़े कदम का उद्वेश्य लोगों को न केवल बेहतर सुविधाएं प्रदान करना, बल्कि प्रशासनिक क्षमता में भी सुधार लाना है। इससे सुशासन के स्तर पर बेहतर तालमेल के साथ सेवाओं की डिलीवरी भी सुनिश्चित होगी। राज्य स्तर की री-ऑर्गनाइजेशन कमेटी ने अलग-अलग 3 मीटिंगों में इन जिलों के गांवों को सब-तहसील /तहसील से दूसरी तहसील / सब-तहसील में ट्रांसफर करने की सिफारिश की है।
नारनौल, रेवाड़ी, यमुनानगर, फरीदाबाद, सिरसा और झज्जर जिलों के उपायुक्तों द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में भौगोलिक दूरी और प्रशासनिक सुविधाओं को देखते हुए महेंद्रगढ़ जिले के एक गांव, रेवाड़ी के एक गांव, यमुनानगर के 3 गांव, फरीदाबाद के कुछ इलाके, सिरसा के 9 गांव और झज्जर जिले के 3 गांवों को बदलने की सिफारिश की है।
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08/12/25वंदे मातरम् : इतिहास, विवाद और 2025 की लोकसभा बहस..........
वंदे मातरम् : इतिहास, विवाद और 2025 की लोकसभा बहस..........
भारत की स्वतंत्रता-गाथा में ऐसे अनेक प्रतीक हैं, जिन्होंने देशवासियों के हृदय में राष्ट्रप्रेम की ज्योति प्रज्वलित की। इन प्रतीकों में वंदे मातरम् का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि एक भावना है—जो भारतीय आत्मा, मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, एकता, संघर्ष और बलिदान की प्रेरणा बनकर आज भी हमारे सामने खड़ी है। 2025 में जब इस गीत की 150वीं वर्षगांठ मनाने के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष चर्चा हुई, तब यह एक बार फिर केंद्र में आ गया। यह चर्चा केवल एक गीत पर नहीं थी, बल्कि भारत की राष्ट्रीय पहचान, इतिहास और सांस्कृतिक समरसता पर भी विचार का एक महत्वपूर्ण अवसर थी।
वंदे मातरम् की रचना 1870 के दशक में बंगाल के महान साहित्यकार बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। इसका प्रकाशन सबसे पहले 7 नवंबर 1875 को उनकी पत्रिका ‘बंगदर्शन’ में हुआ। बाद में, 1882 में यह उनके प्रसिद्ध उपन्यास आनंदमठ का हिस्सा बना। यद्यपि इसका जन्म साहित्यिक संदर्भों के भीतर हुआ, परंतु इसके शब्दों में निहित ऊर्जा जल्द ही राजनीतिक चेतना बन गई। गीत उस समय लिखा गया जब ब्रिटिश सत्ता भारतीय समाज को धार्मिक-सामाजिक आधार पर विभाजित कर रही थी। ऐसे माहौल में ‘वंदे मातरम्’ का स्वर, देश को माता के रूप में देखने और एकजुट होने का संदेश देता रहा।
1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवीन्द्रनाथ टैगोर ने जब इसे पहली बार गाया, तब यह पूरे भारत में राष्ट्रवादी भावनाओं की ध्वनि बन गया। बंगाल विभाजन (1905) के विरोध में चले स्वदेशी आंदोलन में ‘वंदे मातरम्’ उद्घोष बनकर सड़कों पर गूँजने लगा। यह केवल गीत नहीं रहा, बल्कि अंग्रेज़ी शासन के विरुद्ध प्रतिरोध का नारा बन गया। देश के अनेक हिस्सों में लोग जब इसे गाते, तो पुलिस द्वारा मारपीट, जेल और दमन का सामना करना पड़ता था। फिर भी यह स्वर रुकता नहीं था। इसने असंख्य युवाओं को जागृत किया, स्वतंत्रता के लिए जान देने की प्रेरणा दी और स्वतंत्रता-आंदोलन के महत्त्वपूर्ण प्रतीकों में शामिल हो गया।
यह गीत भारतीय संस्कृति में मातृभूमि को ‘देवी’ के रूप में देखने की परंपरा को अभिव्यक्त करता है। इसमें भूमि, नदियों, लहराते खेतों, वर्षा, वनों और प्राकृतिक सौंदर्य की समृद्धि के वर्णन हैं, जो भारत की उर्वरता और मातृत्व को दर्शाते हैं। मातृभूमि का यह स्वरूप भारतीय समाज के लिए आत्मीय है, क्योंकि हमारे यहाँ धरती, नदी, वृक्ष—सभी को माँ की तरह पूजा जाता है। इसलिए वंदे मातरम् ने लोगों को धार्मिक विभाजनों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता का भाव दिया। यह गीत समर्पण, स्वाभिमान और संकल्प की भावना को जगाता है, यही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है।
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद संविधान सभा में लंबी चर्चा के बाद वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गीत और जन गण मन को राष्ट्रीय गान का दर्जा दिया गया। 24 जनवरी 1950 को आधिकारिक रूप से वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया गया। इस निर्णय ने दोनों गीतों को समान सम्मान दिया, तथा यह स्पष्ट किया कि वे एक दूसरे के विकल्प नहीं, बल्कि भारत की बहुआयामी संस्कृति और इतिहास के पूरक प्रतीक हैं। इसके बावजूद समय बीतने के साथ वंदे मातरम् को विद्यालयों, सार्वजनिक मंचों और राष्ट्रीय अवसरों पर वह सम्मान कम ही मिला, जिसकी वह अपेक्षा करता था।
वंदे मातरम् की मूल रचना में कुल छह पद हैं। इनमें से कुछ पदों में देवी दुर्गा, कमला (लक्ष्मी) जैसे धार्मिक प्रतीकों का उल्लेख है। 1937 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने धार्मिक विविधता को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय किया कि केवल पहले दो पद सार्वजनिक रूप से गाए जाएँगे। उनका तर्क था कि शेष पद विभिन्न समुदायों, विशेषकर मुस्लिम समाज में असहजता पैदा कर सकते हैं। इस निर्णय के बाद यह गीत विवादों में आ गया। समर्थकों का मानना था कि यह ऐतिहासिक गीत का राजनीतिक रूप से अनावश्यक ‘खंडन’ था। आलोचकों का कहना था कि इससे भारत की बहुसांस्कृतिक पहचान प्रभावित हुई।
वहीं, कुछ लोग इस बात पर भी ज़ोर देते हैं कि वंदे मातरम् को देवी आराधना तक सीमित नहीं समझना चाहिए, बल्कि इसे मातृभूमि—अर्थात धरती के प्रति आदर की अभिव्यक्ति के रूप में देखा जाना चाहिए। वास्तव में, गीत प्रकृति और मातृभूमि की सुंदरता को, देवी-स्वरूप की उपमा के माध्यम से प्रस्तुत करता है, न कि किसी धर्म विशेष की स्थापना करता है।
2025 की शीतकालीन सत्र में वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर लोकसभा में विशेष चर्चा आयोजित की गई। इस बहस ने ऐतिहासिक निर्णयों, राजनीतिक दृष्टि और सामाजिक समरसता को फिर से विषय बना दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वक्तव्य में कहा कि वंदे मातरम् ने गुलाम भारत को एकजुट किया और स्वतंत्रता के संघर्ष में नई ऊर्जा भरी। उन्होंने 1937 में हुए संशोधन को “राष्ट्रीय गीत का अपमान” बताया और आरोप लगाया कि यह मुस्लिम लीग के दबाव में किया गया था। उनके अनुसार, यह गीत भारतीय संस्कृति के सम्मान का प्रतीक है और इसे राजनीतिक दृष्टि से नहीं बल्कि राष्ट्रीय दृष्टि से देखा जाना चाहिए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वंदे मातरम् को स्वतंत्र भारत में वह सम्मान नहीं मिला जिसकी वह पात्र है। उन्होंने इसे ‘पूर्णत: राष्ट्रमय’ गीत बताया और कहा कि इसे किसी धार्मिक पहचान से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। वहीं विपक्ष के कुछ नेताओं ने इस बहस की समय-संगति पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि देश में बेरोज़गारी, महँगाई, सामाजिक असमानता और रक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा ज़रूरी थी, लेकिन सरकार इतिहास के भावनात्मक प्रतीकों का राजनीतिक उपयोग कर रही है।
यह बहस केवल अतीत का मुद्दा नहीं उठाती, बल्कि यह सवाल भी पूछती है कि भविष्य में वंदे मातरम् किस रूप में हमारे समाज और राष्ट्र-निर्माण का हिस्सा रहेगा। क्या इसे केवल ऐतिहासिक विरासत मानकर भुला दिया जाए? या इसे शिक्षा, संस्कृति और नागरिकता के क्षेत्र में नए उत्साह के साथ स्थापित किया जाए? महत्वपूर्ण यह है कि इसे किसी एक समुदाय या विचारधारा तक सीमित न किया जाए, बल्कि इसे भारतीय राष्ट्रवाद की साझा विरासत के रूप में स्वीकार किया जाए।
वंदे मातरम् यदि सही संदर्भ, संवेदनशीलता और इतिहास की सटीक समझ के साथ प्रस्तुत किया जाए, तो यह न केवल राष्ट्रभक्ति को प्रेरित करेगा बल्कि सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देगा। आज के युवाओं को वंदे मातरम् केवल गाना नहीं चाहिए, बल्कि इसे पढ़ना, समझना और इसके ऐतिहासिक महत्व को पहचानना चाहिए। तभी यह गीत भविष्योन्मुखी राष्ट्रीय शक्ति बन सकता है।
वंदे मातरम् वह स्वर है जिसने दमनकारी सत्ता को चुनौती दी, असंख्य भारतीयों को स्वतंत्रता के संघर्ष में प्रेरित किया और भारत की मिट्टी के प्रति समर्पण की ज्योति जगाई। यह केवल कविता नहीं है; यह भारतीयता का घोष है। इसके साथ जुड़े विवाद हमें याद दिलाते हैं कि राष्ट्रीय प्रतीक केवल इतिहास नहीं होते, वे वर्तमान की राजनीति, संस्कृति और समाज से लगातार जुड़े रहते हैं।
आज आवश्यकता इस बात की है कि वंदे मातरम् को न तो राजनीतिक उपयोग के वस्त्र में लपेटा जाए और न ही धार्मिक विवादों में फँसाया जाए। इसे उस रूप में स्वीकार किया जाए, जिसमें यह लिखा गया था—भारत माता की सुंदरता, समृद्धि, और गौरव का गुणगान। जब हम वंदे मातरम् का उच्चारण करते हैं, तो हम केवल एक गीत नहीं गाते, बल्कि अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम, कृतज्ञता और वफादारी की प्रतिज्ञा दोहराते हैं। यही है वंदे मातरम् का वास्तविक संदेश, जो आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाया जाना चाहिए।
(के.के.)
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08/12/25प्रधानमंत्री ने कहा- वंदे मातरम ने हमारे स्वतंत्रता आंदोलन को बल दिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष चर्चा की शुरुआत की
प्रधानमंत्री ने कहा- वंदे मातरम ने हमारे स्वतंत्रता आंदोलन को बल दिया
प्रधानमंत्री ने कहा- वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होते देखना हम सभी के लिए गर्व की बात है
प्रधानमंत्री ने कहा- वंदे मातरम वह शक्ति है जो हमें, हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करती है
प्रधानमंत्री ने कहा- वंदे मातरम ने भारत में हजारों वर्षों से गहराई से जड़ें जमाए विचार को फिर से जागृत किया
प्रधानमंत्री ने कहा- वंदे मातरम में हजारों वर्षों की सांस्कृतिक ऊर्जा भी समाहित होने के साथ-साथ स्वतंत्रता का उत्साह और स्वतंत्र भारत का दृष्टिकोण भी शामिल था
प्रधानमंत्री ने कहा- लोगों के साथ वंदे मातरम का गहरा सम्बंध हमारे स्वतंत्रता आंदोलन की यात्रा को दर्शाता है
प्रधानमंत्री ने कहा- वंदे मातरम ने हमारे स्वतंत्रता आंदोलन को बल और दिशा दी
प्रधानमंत्री ने कहा- वंदे मातरम के सर्वव्यापी मंत्र ने स्वतंत्रता, त्याग, शक्ति, पवित्रता, समर्पण और लचीलेपन को प्रेरित कियाप्रविष्टि तिथि: 08 DEC 2025 3:44PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज लोकसभा में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित विशेष चर्चा की शुरुआत की। प्रधानमंत्री ने इस महत्वपूर्ण अवसर पर सामूहिक चर्चा का मार्ग चुनने के लिए सदन के सभी सम्मानित सदस्यों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम, वह मंत्र और आह्वान है जिसने राष्ट्र के स्वतंत्रता आंदोलन को ऊर्जा और प्रेरणा दी, त्याग और तपस्या का मार्ग दिखाया। इस सदन में वंदे मातरम को याद किया जाना सभी के लिए सौभाग्य की बात है। श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि यह गर्व की बात है कि राष्ट्र वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बन रहा है। उन्होंने कहा कि यह कालखंड हमारे सामने इतिहास की अनगिनत घटनाओं को लेकर आता है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि यह चर्चा न केवल सदन की प्रतिबद्धता को दर्शाएगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए शिक्षा का स्रोत भी बन सकती है, बशर्ते सभी सामूहिक रूप से इसका सदुपयोग करें।
श्री मोदी ने कहा कि यह वह दौर है जब इतिहास के कई प्रेरक अध्याय एक बार फिर हमारे सामने आ रहे हैं। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि राष्ट्र ने हाल ही में संविधान के 75 वर्ष पूरे होने का गौरवपूर्ण जश्न मनाया है। उन्होंने कहा कि देश सरदार वल्लभभाई पटेल और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती भी मना रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में राष्ट्र ने गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह सदन राष्ट्रगीत की सामूहिक ऊर्जा को अनुभव करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वंदे मातरम की 150 वर्ष की यात्रा अनेक पड़ावों से होकर गुजरी है। यह याद करते हुए कि जब वंदे मातरम के 50 वर्ष पूरे हुए थे, तब राष्ट्र अंग्रेजी शासन के अधीन रहने को विवश था, श्री मोदी ने कहा कि जब इसके 100 वर्ष पूरे हुए, तब देश आपातकाल की जंजीरों में जकड़ा हुआ था। उन्होंने बताया कि वंदे मातरम के शताब्दी समारोह के समय देश के संविधान का गला घोंटा गया था। उन्होंने यह भी कहा कि जब वंदे मातरम के 100 वर्ष पूरे हुए, तो देशभक्ति की राह पर जी-जान से चलने वालों को सलाखों के पीछे कैद कर दिया गया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि जिस गीत ने देश की स्वतंत्रता को ऊर्जा दी, दुर्भाग्य से जब इसके 100 वर्ष पूरे हुए, तो उस समय इतिहास का एक काला अध्याय चल रहा था और लोकतंत्र स्वयं गंभीर तनाव में था।
श्री मोदी ने बल देकर कहा, "वंदे मातरम के 150 वर्ष उस महान अध्याय और गौरव को फिर से स्थापित करने का अवसर प्रस्तुत करते हैं, इसलिए सदन और राष्ट्र को इस अवसर को हाथ से नहीं जाने देना चाहिए।" उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह वंदे मातरम ही था जिसने 1947 में देश को आज़ादी दिलाई और स्वतंत्रता संग्राम का भावनात्मक नेतृत्व इसके आह्वान में समाहित था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वे 150वें वर्ष में वंदे मातरम पर चर्चा शुरू करने के लिए खड़े हुए, तो सत्ता पक्ष या विपक्ष में कोई मतभेद नहीं था, क्योंकि उपस्थित सभी लोगों के लिए यह वास्तव में वंदे मातरम के ऋण को स्वीकार करने का अवसर था। इसने लक्ष्य-उन्मुख नेताओं को स्वतंत्रता आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इसके परिणामस्वरूप हमें स्वतंत्रता मिली और आज सभी सदन में बैठ सकते हैं। उन्होंने बल देकर कहा कि सभी सांसदों और जनप्रतिनिधियों के लिए, यह उस ऋण को स्वीकार करने का एक पवित्र अवसर है। श्री मोदी ने स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ने और पूरे देश - उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम - को एक स्वर में एकजुट करने वाली प्रेरणा, वंदे मातरम की भावना द्वारा एक बार फिर हमारा मार्गदर्शन करने पर बल दिया। उन्होंने सभी से स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा देखे गए सपनों को साकार करने के लिए मिलकर आगे बढ़ने और 150वें वर्ष में वंदे मातरम को सभी के लिए प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण और 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने के संकल्प की पुनः पुष्टि करने का अवसर है।
श्री मोदी ने कहा कि वंदे मातरम की यात्रा 1875 में बंकिम चंद्र जी के साथ शुरू हुई। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि इस गीत की रचना ऐसे समय में हुई थी जब 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद, ब्रिटिश साम्राज्य अस्थिर था और उसने भारत पर तरह-तरह के दबाव और अन्यायपूर्ण नीतियां थोपकर, भारतवासियों को अधीनता स्वीकार करने पर विवश कर दिया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि उस दौर में, अंग्रेजों के राष्ट्रगान, 'गॉड सेव द क्वीन' को भारत के घर-घर में फैलाने की साजिश रची जा रही थी। उन्होंने बल देकर कहा कि यही वह समय था जब बंकिम दा ने इस साजिश को चुनौती दी और इसका और भी ज़ोरदार जवाब की उस चुनौती से वंदे मातरम का जन्म हुआ। उन्होंने बताया कि कुछ साल बाद, 1882 में, जब बंकिम चंद्र ने 'आनंद मठ' लिखा, तो इस गीत को उसमें शामिल किया गया।
प्रधानमंत्री ने वंदे मातरम ने उस विचार को पुनर्जीवित किया जो हज़ारों वर्षों से भारत की रगों में गहराई से समाने की बात पर बल देते हुए कहा कि वही भावना, वही मूल्य, वही संस्कृति और वही परंपरा वंदे मातरम के माध्यम से राष्ट्र को बेहतरीन शब्दों और उदात्त भावना के साथ उपहार में दी गई थी। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम केवल राजनीतिक स्वतंत्रता या सिर्फ़ अंग्रेजों को भगाकर अपना रास्ता बनाने का मंत्र ही नहीं है, बल्कि यह उससे कहीं आगे तक जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम मातृभूमि को स्वतंत्र कराने, भारत माता को बेड़ियों से मुक्त कराने का एक आदर्श युद्ध भी था। उन्होंने कहा कि जब हम वंदे मातरम की पृष्ठभूमि और उसके मूल्यों की धारा को देखते हैं, तो हमें वैदिक युग से बार-बार दोहराई जाने वाली सच्चाई दिखाई देती है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि जब हम वंदे मातरम कहते हैं, तो यह हमें वैदिक घोषणा की याद दिलाता है, इसका अर्थ है कि यह भूमि मेरी माता है और मैं इसका पुत्र हूं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यही विचार भगवान श्री राम ने भी प्रतिध्वनित किया था जब उन्होंने लंका के वैभव का त्याग करते हुए कहा था, "जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी"। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम इस महान सांस्कृतिक परंपरा का आधुनिक अवतार है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब बंकिम दा ने वंदे मातरम की रचना की, तो यह स्वाभाविक रूप से स्वतंत्रता आंदोलन की आवाज़ बन गया। उन्होंने बल देकर कहा कि पूर्व से पश्चिम, उत्तर से दक्षिण तक, वंदे मातरम प्रत्येक भारतीय का संकल्प बन गया।
कुछ दिन पहले, 150 वर्ष पूरे होने पर वंदे मातरम के शुभारंभ पर श्री मोदी ने कहा था कि वंदे मातरम में हज़ारों वर्षों की सांस्कृतिक ऊर्जा समाहित है, इसमें स्वतंत्रता की भावना है और एक स्वतंत्र भारत का दृष्टिकोण भी निहित है। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश काल में, भारत को कमज़ोर, अक्षम, आलसी और निष्क्रिय दिखाने का एक चलन चल पड़ा था और यहां तक कि औपनिवेशिक प्रभाव में शिक्षित लोग भी यही भाषा बोलते थे। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि बंकिम दा ने इस हीन भावना को दूर किया और वंदे मातरम के माध्यम से भारत के शक्तिशाली स्वरूप को प्रकट किया। उन्होंने कहा कि बंकिम दा ने ऐसी पंक्तियां रचीं जो इस बात पर बल देती हैं कि भारत माता ज्ञान और समृद्धि की देवी होने के साथ-साथ शत्रुओं पर शस्त्र चलाने वाली प्रचंड चंडिका भी हैं।
श्री मोदी ने इन शब्दों, भावनाओं और प्रेरणाओं ने गुलामी की निराशा में भारतीयों को साहस देने की बात को रेखांकित करते हुए कहा कि इन पंक्तियों ने लाखों देशवासियों को यह एहसास दिलाया कि संघर्ष जमीन के एक टुकड़े के लिए नहीं था, न ही केवल सत्ता के सिंहासन पर कब्जा करने के लिए था, बल्कि उपनिवेशवाद की जंजीरों को तोड़ने और महान परंपराओं, गौरवशाली संस्कृति और हजारों वर्षों के गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करने के लिए था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम का जन-जन से गहरा जुड़ाव हमारे स्वतंत्रता संग्राम की एक लंबी गाथा के रूप में अभिव्यक्त हुआ। उन्होंने आगे कहा कि जब भी किसी नदी का उल्लेख होता है—चाहे वह सिंधु हो, सरस्वती हो, कावेरी हो, गोदावरी हो, गंगा हो या यमुना हो—वह अपने साथ संस्कृति की एक धारा, विकास का प्रवाह और मानव जीवन का प्रभाव लेकर आती है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि इसी प्रकार, स्वतंत्रता संग्राम का प्रत्येक चरण वंदे मातरम की भावना से प्रवाहित हुआ और इसके तटों ने उस भावना को पोषित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी काव्यात्मक अभिव्यक्ति, जहां स्वतंत्रता की पूरी यात्रा वंदे मातरम की भावनाओं से गुंथी हुई हो, शायद दुनिया में कहीं और न मिले।
श्री मोदी ने कहा कि 1857 के बाद अंग्रेजों को यह एहसास हो गया था कि उनके लिए भारत में लंबे समय तक रहना मुश्किल होगा और इसी सपने के साथ वे आए थे, उन्हें लगा कि जब तक भारत का विभाजन नहीं होगा, जब तक यहां के लोगों को आपस में लड़ाया नहीं जाएगा, तब तक यहां शासन करना असंभव होगा। उन्होंने बताया कि अंग्रेजों ने फूट डालो और राज करो का रास्ता चुना और बंगाल को अपनी प्रयोगशाला बनाया, क्योंकि वे जानते थे कि उस समय बंगाल की बौद्धिक शक्ति राष्ट्र को दिशा, शक्ति और प्रेरणा देती थी, और भारत की सामूहिक शक्ति का केंद्र बिंदु बन गई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि यही कारण था कि अंग्रेजों ने सबसे पहले बंगाल को बांटने की कोशिश की, क्योंकि उनका मानना था कि बंगाल के विभाजन के बाद देश भी बिखर जाएगा और वे अपना शासन जारी रख सकेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि 1905 में, जब अंग्रेजों ने बंगाल के विभाजन का पाप किया था, तब वंदे मातरम चट्टान की तरह अडिग रहा। उन्होंने बल देकर कहा कि बंगाल की एकता के लिए, वंदे मातरम गली-गली में गूंजने वाला नारा बन गया और इसने लोगों को प्रेरित किया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि बंगाल के विभाजन के साथ, अंग्रेजों ने भारत को कमजोर करने के गहरे बीज बोने की कोशिश की, लेकिन वंदे मातरम, एक आवाज और एकता के सूत्र के रूप में, अंग्रेजों के लिए एक चुनौती और राष्ट्र के लिए एक मजबूत चट्टान जैसी ताकत बन गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यद्यपि बंगाल का विभाजन हुआ, लेकिन इसने एक विशाल स्वदेशी आंदोलन को जन्म दिया और उस समय वंदे मातरम की गूंज हर जगह सुनाई दी। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा पैदा की गई इस भावना की शक्ति को अंग्रेजों ने समझा, उनके गीत ने अंग्रेजी शासन की नींव इतनी हिला दी कि वे इस पर कानूनी प्रतिबंध लगाने के लिए बाध्य हो गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसे गाने पर दंड दिया जाता था, इसे छापने पर दंड दिया जाता था, और यहां तक कि वंदे मातरम शब्द का उच्चारण करने पर भी कठोर कानूनों के तहत दंड दिया जाता था। उन्होंने बारीसाल का उदाहरण देते हुए बताया कि सैकड़ों महिलाओं ने स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया और उसमें योगदान दिया, उस जगह वंदे मातरम गाने पर सबसे ज़्यादा अत्याचार किए गए थे। उन्होंने याद किया कि बारीसाल में माताएं, बहनें और बच्चे वंदे मातरम की गरिमा की रक्षा के लिए आगे आए थे। श्री मोदी ने साहसी सरोजिनी घोष का उल्लेख किया, उन्होंने घोषणा की थी कि जब तक वंदे मातरम पर प्रतिबंध नहीं हटता, वह अपनी चूड़ियां उतार देंगी और उन्हें फिर कभी नहीं पहनेंगी, जो उस समय में अत्यंत महत्वपूर्ण प्रतिज्ञा थी। उन्होंने कहा कि बच्चे भी पीछे नहीं रहे, उन्हें कोड़े मारे गए, छोटी उम्र में ही जेल में डाल दिया गया, फिर भी वे अंग्रेजों की अवहेलना करते हुए वंदे मातरम का नारा लगाते हुए सुबह के जुलूसों में शामिल होते रहे। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि बंगाल की गलियों में एक बंगाली गीत गूंजता था, जिसका अर्थ था, "प्रिय मां, आपकी सेवा करते हुए और वंदे मातरम का नारा लगाते हुए, चाहे प्राण भी चले जाएं, वह जीवन धन्य है," जो बच्चों की आवाज़ बन गया और राष्ट्र को साहस दिया।
श्री मोदी ने यह भी बताया किया कि 1905 में, हरितपुर गांव में, वंदे मातरम का जाप करने वाले बहुत छोटे बच्चों को बेरहमी से पीटा गया था, इस घटना से उन्हें जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। इसी तरह, 1906 में, नागपुर के नील सिटी हाई स्कूल के बच्चों ने एक साथ वंदे मातरम का जाप करने के उसी "अपराध" के लिए अत्याचारों का सामना किया, अपनी ताकत के माध्यम से मंत्र की शक्ति साबित की। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि भारत के वीर सपूत बिना किसी डर के फांसी पर चढ़ गए, अपनी आखिरी सांस तक वंदे मातरम का जाप करते रहे- खुदीराम बोस, मदनलाल ढींगरा, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान, रोशन सिंह, राजेंद्रनाथ लाहिड़ी, रामकृष्ण विश्वास और अनगिनत अन्य जिन्होंने वंदे मातरम को अपने होठों पर रखते हुए फांसी को गले लगा लिया। उन्होंने कहा कि यद्यपि ये बलिदान विभिन्न जेलों, विभिन्न क्षेत्रों, विभिन्न चेहरों और भाषाओं के साथ हुए, प्रधानमंत्री ने चटगांव विद्रोह को याद किया, जहां युवा क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों को चुनौती दी थी, और हरगोपाल बल, पुलिन विकास घोष और त्रिपुर सेन जैसे नाम इतिहास में चमकते हैं। उन्होंने बताया कि 1934 में जब मास्टर सूर्य सेन को फांसी दी गई थी, तो उन्होंने अपने साथियों को एक पत्र लिखा था, और उसमें केवल एक ही शब्द था - वंदे मातरम।
उन्होंने कहा कि भारत के लोगों को गर्व होना चाहिए, क्योंकि विश्व इतिहास में कहीं और ऐसी कोई कविता या गीत नहीं मिलता जिसने सदियों से लाखों लोगों को एक ही लक्ष्य के लिए प्रेरित किया हो और उन्हें अपना जीवन समर्पित करने के लिए प्रेरित किया हो, जैसा कि वंदे मातरम ने किया था। श्री मोदी ने कहा कि दुनिया को यह जानना चाहिए कि गुलामी के दौर में भी, भारत ने ऐसे व्यक्तित्वों को जन्म दिया जो भावनाओं का ऐसा गहन गीत रचने में सक्षम थे, जो मानवता के लिए एक आश्चर्य है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें इसे गर्व के साथ घोषित करना चाहिए, और फिर दुनिया भी इसका जश्न मनाना शुरू कर देगी। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि वंदे मातरम स्वतंत्रता का मंत्र है, त्याग का मंत्र है, ऊर्जा का मंत्र है, पवित्रता का मंत्र है, समर्पण का मंत्र है, त्याग और तपस्या का मंत्र है, और वह मंत्र है जिससे कष्ट सहने की शक्ति मिली। उन्होंने कहा कि यह मंत्र वंदे मातरम है। प्रधानमंत्री ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की इस रचना को याद किया, "एक सूत्र में बंधे हैं हज़ारों मन, एक ही कार्य के लिए समर्पित हैं हज़ारों जीवन - वंदे मातरम।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि उस दौर में, वंदे मातरम की रिकॉर्डिंग दुनिया के विभिन्न हिस्सों तक पहुंची और लंदन, जो क्रांतिकारियों के लिए एक तरह का तीर्थस्थल बन गया था, लोगों ने इंडिया हाउस में वीर सावरकर को वंदे मातरम गाते देखा, जहां यह गीत बार-बार गूंजता था, और राष्ट्र के लिए जीने-मरने को तैयार लोगों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बना। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि उसी समय, बिपिन चंद्र पाल और महर्षि अरबिंदो घोष ने एक अखबार शुरू किया और उसका नाम 'वंदे मातरम' रखा, क्योंकि यह गीत ही प्रत्येक कदम पर अंग्रेजों की नींद उड़ाने के लिए काफी था। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब अंग्रेजों ने अखबारों पर प्रतिबंध लगाए, तो मैडम भीकाजी कामा ने पेरिस में एक अखबार प्रकाशित किया और उसका नाम 'वंदे मातरम' रखा।
श्री मोदी ने कहा, "वंदे मातरम ने भारत को आत्मनिर्भरता का मार्ग भी दिखाया।" उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि उस दौर में माचिस से लेकर बड़े-बड़े जहाज़ों तक, वंदे मातरम लिखने की परंपरा विदेशी कंपनियों को चुनौती देने का माध्यम बन गई और स्वदेशी के मंत्र में बदल गई। उन्होंने बल देकर कहा कि स्वतंत्रता के मंत्र का विस्तार स्वदेशी के मंत्र के रूप में हुआ।
प्रधानमंत्री ने 1907 की एक और घटना के बारे में बताया, जब वी.ओ. चिदंबरम पिल्लई ने स्वदेशी कंपनी के लिए एक जहाज बनाया था और उस पर वंदे मातरम अंकित किया था। उन्होंने बताया कि राष्ट्रकवि सुब्रमण्य भारती ने वंदे मातरम का तमिल में अनुवाद किया और भजनों की रचना की, और उनके कई देशभक्ति गीतों में वंदे मातरम के प्रति समर्पण स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारती ने भारत का ध्वज गीत भी लिखा था, इसमें वंदे मातरम अंकित ध्वज का वर्णन है। उन्होंने तमिल पद्य का उल्लेख किया, इसका अनुवाद इस प्रकार है: "हे देशभक्तों, मेरी मां के दिव्य ध्वज को देखो और आदरपूर्वक प्रणाम करो।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह सदन के समक्ष वंदे मातरम पर महात्मा गांधी की भावनाओं को रखना चाहते हैं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका से प्रकाशित साप्ताहिक पत्रिका 'इंडियन ओपिनियन' में 2 दिसंबर 1905 को महात्मा गांधी द्वारा लिखे गए एक लेख के बारे में बताया। उस लेख में गांधी जी ने उल्लेख किया है कि बंकिम चंद्र द्वारा रचित वंदे मातरम पूरे बंगाल में अत्यधिक लोकप्रिय हो गया था और स्वदेशी आंदोलन के दौरान, विशाल सभाएं आयोजित की गईं जहां लाखों लोगों ने बंकिम का गीत गाया। प्रधानमंत्री ने गांधी जी के शब्दों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह गीत इतना लोकप्रिय हो गया था कि लगभग राष्ट्रगान जैसा हो गया था। गांधी जी ने लिखा कि इसकी भावनाएं अन्य राष्ट्रों के गीतों की तुलना में महान और मधुर थीं और इसका एकमात्र उद्देश्य हमारे भीतर देशभक्ति की भावना जागृत करना था। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि गांधी जी ने इस गीत का वर्णन भारत को माता के रूप में देखने और उसकी पूजा करने के रूप में किया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस वंदे मातरम को महात्मा गांधी ने 1905 में राष्ट्रगान के रूप में देखा था और जो देश-विदेश में प्रत्येक भारतीय के लिए अपार शक्ति का स्रोत था, उसे पिछली शताब्दी में घोर अन्याय का सामना करना पड़ा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वंदे मातरम के साथ ऐसा विश्वासघात क्यों हुआ, ऐसा अन्याय क्यों हुआ और कौन सी ताकतें इतनी शक्तिशाली थीं कि उन्होंने पूज्य बापू की भावनाओं को भी दबा दिया और इस पवित्र प्रेरणा को विवादों में घसीट दिया। श्री मोदी ने बल देकर कहा कि आज जब हम वंदे मातरम के 150 वर्ष मना रहे हैं, तो यह हमारा कर्तव्य है कि हम नई पीढ़ियों को उन परिस्थितियों से अवगत कराएं जिनके कारण यह विश्वासघात हुआ। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि वंदे मातरम के विरोध की मुस्लिम लीग की राजनीति तेज हो रही थी और मोहम्मद अली जिन्ना ने 15 अक्टूबर 1937 को लखनऊ से वंदे मातरम के खिलाफ नारा लगाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुस्लिम लीग के निराधार बयानों का दृढ़ता से मुकाबला करने और उनकी निंदा करने के बजाय, तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू ने वंदे मातरम के प्रति अपनी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) पार्टी की प्रतिबद्धता की पुष्टि नहीं की और वंदे मातरम पर ही सवाल उठाना शुरू कर दिया। उन्होंने याद किया कि जिन्ना के विरोध के ठीक पांच दिन बाद, 20 अक्टूबर 1937 को, नेहरू ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने जिन्ना की भावना से सहमति जताई और कहा कि वंदे मातरम की 'आनंद मठ' पृष्ठभूमि मुसलमानों को परेशान कर सकती है। प्रधानमंत्री ने नेहरू जी के शब्दों का भी उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके बाद, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से एक बयान आया कि 26 अक्टूबर 1937 से कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक कोलकाता में होगी और उसमें वंदे मातरम के प्रयोग की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस समीक्षा के लिए बंकिम बाबू के बंगाल, बंकिम बाबू के कोलकाता को चुना गया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरा देश चकित और स्तब्ध था और देश भर के देशभक्तों ने प्रभातफेरी निकालकर और वंदे मातरम गाकर इस प्रस्ताव का विरोध किया। उन्होंने बल देकर कहा कि दुर्भाग्य से 26 अक्टूबर 1937 को कांग्रेस ने अपने फ़ैसले में वंदे मातरम पर समझौता कर उसे खंडित कर दिया। उन्होंने कहा कि यह फ़ैसला सामाजिक समरसता की आड़ में लिया गया था, लेकिन इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के आगे घुटने टेक दिए और उसके दबाव में आकर तुष्टिकरण की राजनीति अपनाई।
सदन को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति के दबाव में, कांग्रेस वंदे मातरम के विभाजन के लिए झुकी और इसीलिए एक दिन उसे भारत के विभाजन के लिए झुकना पड़ा। उन्होंने बल देकर कहा कि कांग्रेस ने अपने फ़ैसले दूसरों को सौंप दिए थे और दुर्भाग्य से उसकी नीतियां अपरिवर्तित हैं। प्रधानमंत्री ने विपक्ष और उसके सहयोगियों की तुष्टिकरण की राजनीति करने और वंदे मातरम को लेकर लगातार विवाद पैदा करने की कोशिशों के लिए आलोचना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का असली चरित्र उसके अच्छे समय में नहीं, बल्कि चुनौतियों और संकट के दौर में प्रकट होता है, जब उसे लचीलेपन, शक्ति और क्षमता की कसौटी पर परखा और सिद्ध किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि 1947 में स्वतंत्रता के बाद, जहां देश की चुनौतियां और प्राथमिकताएं बदल गईं, वहीं राष्ट्र की भावना और प्राणशक्ति वही रही, जो प्रेरणा देती रही। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि जब भी भारत संकटों का सामना करता है, राष्ट्र वंदे मातरम की भावना के साथ आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि आज भी, 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे अवसरों पर, यह भावना हर जगह दिखाई देती है क्योंकि हर घर में तिरंगा शान से लहराता है। उन्होंने याद दिलाया कि खाद्य संकट के दौरान, वंदे मातरम की भावना ने ही किसानों को देश के अन्न भंडार भरने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने कहा कि जब भारत की स्वतंत्रता को कुचलने की कोशिश की गई, जब संविधान पर वार किया गया और आपातकाल लगाया गया, तो वंदे मातरम की शक्ति ने ही राष्ट्र को ऊपर उठने और विजय पाने में सक्षम बनाया। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि जब भी देश पर युद्ध थोपे गए, जब भी संघर्ष की स्थिति आई, तो वंदे मातरम की भावना ने ही सैनिकों को सीमाओं पर डटे रहने के लिए प्रेरित किया और यह सुनिश्चित किया कि भारत माता का ध्वज विजय पताका में लहराता रहे। उन्होंने आगे कहा कि कोविड-19 के वैश्विक संकट के दौरान भी, राष्ट्र इसी भावना के साथ खड़ा रहा, चुनौती को परास्त किया और आगे बढ़ा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह राष्ट्र की शक्ति है, ऊर्जा का एक शक्तिशाली प्रवाह है जो देश को भावनाओं से जोड़ता है, चेतना का प्रवाह है और प्रगति को गति देने वाली अखंड सांस्कृतिक धारा का प्रतिबिंब है। श्री मोदी ने बल देकर कहा, "यह केवल वंदे मातरम स्मरण के लिए नहीं, बल्कि नई ऊर्जा और प्रेरणा प्राप्त करने और इसके लिए खुद को समर्पित करने का समय है।" उन्होंने दोहराया कि राष्ट्र वंदे मातरम का ऋणी है। वंदे मातरम ने हमारे यहां तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया है और इसलिए इसका सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। प्रधानमंत्री ने इस बात का भी उल्लेख किया कि भारत के पास हर चुनौती से पार पाने की क्षमता है और वंदे मातरम की भावना उस शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत या भजन नहीं है, बल्कि प्रेरणा का एक स्रोत है जो हमें राष्ट्र के प्रति हमारे कर्तव्यों के प्रति जागृत करता है और इसे निरंतर बनाए रखना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि जैसे-जैसे हम एक आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार कर रहे हैं, वंदे मातरम हमारी प्रेरणा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि समय और रूप भले ही बदल जाएं, महात्मा गांधी द्वारा व्यक्त की गई भावना आज भी प्रबल है और वंदे मातरम हमें एकता के सूत्र में पिरोता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि महान नेताओं का सपना स्वतंत्र भारत का था, जबकि आज की पीढ़ी का सपना समृद्ध भारत का है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जिस तरह वंदे मातरम की भावना ने स्वतंत्रता के स्वप्न को पोषित किया, उसी तरह यह समृद्धि के स्वप्न को भी पोषित करेगी। उन्होंने सभी से इसी भावना के साथ आगे बढ़ने, एक आत्मनिर्भर भारत बनाने और 2047 तक एक विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अगर आज़ादी से 50 साल पहले कोई आज़ाद भारत का सपना देख सकता था, तो 2047 से 25 साल पहले हम भी एक समृद्ध और विकसित भारत का सपना देख सकते हैं और उसे साकार करने के लिए खुद को समर्पित कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इस मंत्र और संकल्प के साथ, वंदे मातरम हमें प्रेरित करता रहेगा, हमें हमारे ऋण की याद दिलाता रहेगा, अपनी भावना से हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा और इस स्वप्न को पूरा करने के लिए राष्ट्र को एकजुट करता रहेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह चर्चा राष्ट्र को भावनाओं से भरने, देश को प्रेरित करने और नई पीढ़ी को ऊर्जा देने का कारण बनेगी और उन्होंने इस अवसर के लिए अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।
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08/12/25प्रधानमंत्री ने 'सुप्रभातम्' कार्यक्रम की सराहना की
प्रधानमंत्री ने भारतीय परंपराओं और मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले 'सुप्रभातम्' कार्यक्रम की सराहना की
प्रविष्टि तिथि: 08 DEC 2025 9:03AM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री ने दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले ‘सुप्रभातम्’ कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह सुबह की ताजगी भरी शुरुआत करता है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में योग से लेकर भारतीय जीवन शैली के विभिन्न पहलुओं तक विविध विषयों को शामिल किया जाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय परंपराओं और मूल्यों पर आधारित यह कार्यक्रम ज्ञान, प्रेरणा और सकारात्मकता का एक अनूठा संगम है।
प्रधानमंत्री ने ‘सुप्रभातम्’ कार्यक्रम के एक विशेष खंड-संस्कृत सुभाषितम् की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि यह भारत की संस्कृति और विरासत के बारे में नए सिरे से जागरूकता फैलाने में मदद करता है।
प्रधानमंत्री ने आज के ‘सुभाषितम’ को दर्शकों के साथ साझा किया।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक अलग पोस्ट में कहा:
“दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाला सुप्रभातम् कार्यक्रम सुबह-सुबह ताजगी भरा एहसास देता है। इसमें योग से लेकर भारतीय जीवन शैली तक अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा होती है। भारतीय परंपराओं और मूल्यों पर आधारित यह कार्यक्रम ज्ञान, प्रेरणा और सकारात्मकता का अद्भुत संगम है।
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08/12/25 |HKRN कर्मचारियों के लिए वेतन, EPF पर सख्ती: हरियाणा सरकार ने समय पर भुगतान और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नई SOP जारी की
चंडीगढ़, 08 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) को समय पर एकमुश्त भुगतान सुनिश्चित करने तथा वैधानिक दायित्वों, विशेषकर कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) के सुचारू और समयबद्ध अनुपालन के लिए एक सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों तथा बोर्डों और निगमों के प्रबंध निदेशकों को जारी एक पत्र में कहा कि इस एसओपी का उद्देश्य एचकेआरएन के माध्यम से तैनात अनुबंध कर्मचारियों के भुगतान तंत्र में एकरूपता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि वैधानिक दायित्व, विशेषकर ईपीएफ अनुपालन केंद्रीयकृत व्यवस्था के तहत सुनिश्चित किए जाएंगे और विभाग सीधे तौर पर पीएफ खातों का संचालन नहीं करेंगे।
एसओपी के अनुसार, भुगतान प्रक्रिया में सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई हैं। कार्यालय प्रमुख रिकॉर्ड के सत्यापन और समय पर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने के लिए उत्तरदायी होंगे, जबकि आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डी.डी.ओ.) को केंद्रीय भूमिका प्रदान की गई है। डी.डी.ओ. की जिम्मेदारी होगी कि वे उपस्थिति, तैनाती रिकॉर्ड और बिलों का सत्यापन करें। प्रत्येक माह की 7 तारीख से पहले एचकेआरएन को भुगतान सुनिश्चित करें, एचकेआरएन पोर्टल पर ईपीएफ एवं ईएसआई संबंधित सही विवरण अपलोड करें तथा कर्मचारियों के कार्यमुक्त होने या मातृत्व अवकाश की जानकारी अद्यतन करें।
डी.डी.ओ. यह भी सुनिश्चित करेगा कि यदि ईएसआईसी के अंतर्गत आने वाले किसी भी कर्मचारी के साथ दुर्घटना हो जाती है तो उस स्थिति में 24 घंटे के भीतर एचकेआरएनएल को सूचित किया जाए तथा सभी भुगतान केवल एचकेआरएन के बिलों में दर्शाए गए वीएएन (वर्चुअल अकाउंट नंबर) खाते में ही जमा किए जाएं।
लेखा शाखा भुगतान राशि की जांच कर एचकेआरएन के नामित खाते में भुगतान करेगी, जबकि नोडल अधिकारी मानव संसाधन रिकॉर्ड, किसी तरह के स्पष्टीकरण तथा शिकायत निवारण के मकसद से एचकेआरएन के साथ तालमेल बनाकर रखेंगे। एसओपी में भुगतान की स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित की गई है, जिसकी शुरुआत एचकेआरएन से प्राप्त समेकित मासिक बिल से होती है। इस बिल में कर्मचारियों का विवरण, वेतन, वैधानिक अंशदान एवं सेवा शुल्क शामिल हैं। डी.डी.ओ. द्वारा तैनाती, उपस्थिति, स्वीकृत पदों की संख्या तथा गणना की शुद्धता का सत्यापन किए जाने के बाद, निर्धारित सत्यापन प्रपत्र के साथ बिलों को स्वीकृति हेतु कार्यालय प्रमुख को भेजा जाएगा।
स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत स्वीकृति आदेश जारी किया जाएगा तथा भुगतान केवल एचकेआरएन के नामित खाते में ही हस्तांतरित किया जाएगा। विभागों को कर्मचारी भविष्य निधि की राशि सीधे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में जमा करने से सख्ती से प्रतिबंधित किया गया है। सभी विभागों को मासिक भुगतान रजिस्टर कायम करने तथा लेखा परीक्षा के उद्देश्य से बिलों, उपस्थिति शीट्स, भुगतान प्रमाणों और अन्य संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। अनुबंध कर्मचारियों की पीएफ से संबंधित शिकायतें एचकेआरएन के माध्यम से ही भेजी जाएंगी।
एसओपी में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि एचकेआरएन द्वारा समयबद्ध वेतन भुगतान और वैधानिक अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए, समय पर सत्यापन और भुगतान जारी किया जाना अत्यंत आवश्यक है। बिल में कोई भी विसंगति पाए जाने पर तीन कार्य दिवसों के भीतर एचकेआरएन को सूचित करना अनिवार्य होगा। विभागों, बोर्डों और निगमों को वेतन या पीएफ से संबंधित मामलों में एचकेआरएन के माध्यम से तैनात कर्मियों के साथ किसी भी प्रकार का प्रत्यक्ष अनुबंध करने से भी प्रतिबंधित किया गया है। सभी डीडीओ को इन नई प्रक्रियाओं का तत्काल प्रभाव से सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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08/12/25हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: अब NPS से UPS में आए कर्मचारियों को भी मिलेगी डेथ/रिटायरमेंट ग्रेच्युटी
जे कुमार, चंडीगढ़, 8 दिसम्बर, 2025: हरियाणा सरकार ने राज्य के कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने एकीकृत पेंशन योजना (Unified Pension Scheme- UPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को भी रिटायरमेंट-कम-डेथ ग्रेच्युटी का लाभ प्रदान करने की मंजूरी दे दी है। यह निर्णय उन कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो पहले राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) का हिस्सा थे।
मुख्य सचिव ने जारी किया पत्र : -
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी (जिनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्व भी है) ने इस संबंध में सभी संबंधित विभागों को एक आधिकारिक पत्र जारी किया है। यह कदम प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ ?
यह लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जो 1 अगस्त, 2025 से लागू की गई एकीकृत पेंशन योजना (UPS) के तहत आते हैं।
1 जनवरी, 2006 या उसके बाद सरकारी सेवा में भर्ती हुए थे और पहले राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत कवर थे।
ग्रेच्युटी का लाभ मिलने से, सेवाकाल के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उनके परिवार को और सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारी को एकमुश्त बड़ी वित्तीय सहायता प्राप्त हो सकेगी। यह योजना कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही एक प्रमुख मांग को पूरा करती है और उनकी वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करती है।
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08/12/25 |ऑपरेशन हॉट स्पॉट डोमिनेशन: सीआईए-1 ने अंबाला छावनी से अवैध देसी पिस्टल के साथ आरोपी को किया गिरफ्तार
जे कुमार, अम्बाला, 8 दिसम्बर, 2025 : हरियाणा पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह के निर्देश और पुलिस अधीक्षक अम्बाला अजीत सिंह शेखावत के कुशल मार्गदर्शन में चलाए जा रहे ऑपरेशन 'हॉट स्पॉट डोमिनेशन' के तहत अम्बाला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है।
सीआईए-1 (CIA-1) के पुलिस दल ने निरीक्षक हरजिन्द्र सिंह के नेतृत्व में अवैध हथियारों की तस्करी मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
मच्छोडा फाटक से हुई गिरफ्तारी : - सीआईए-1 के पुलिस दल को 6 दिसंबर 2025 को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति के पास अवैध हथियार है और वह थाना पड़ाव क्षेत्र, मच्छोडा फाटक, अम्बाला छावनी के पास खड़ा है, जो किसी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकता है।
तुरंत कार्रवाई: सूचना के उपरान्त, सीआईए-1 की टीम ने तुरंत मौके पर पहुँचकर संदिग्ध व्यक्ति को काबू किया।
बरामदगी और पहचान: विधिपूर्वक तलाशी लेने पर उसके पास से एक अवैध देसी पिस्टल बरामद हुई। आरोपी की पहचान गुरविन्द्र सिंह निवासी गाँव सम्भालखी, थाना शाहबाद, जिला कुरूक्षेत्र के रूप में हुई।
आरोपी गुरविन्द्र सिंह के खिलाफ थाना पड़ाव में मामला दर्ज कर उसे माननीय न्यायालय के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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08/12/25 |अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, आवेदन की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026
जे कुमार, अम्बाला, 8 दिसम्बर, 2025: जिला कल्याण अधिकारी शिशपाल महला ने बताया है कि हरियाणा सरकार द्वारा अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग/विमुक्त जनजाति (OBC/DNT) के छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए आवेदन शुरू कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पात्र छात्र राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP पोर्टल) पर 28 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
प्रमुख योजनाएँ और पात्रता मापदंड : - यह छात्रवृत्ति सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग, हरियाणा द्वारा संचालित की जा रही है। दो प्रमुख योजनाएँ निम्नलिखित हैं | पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (PMS-SC): अनुसूचित जाति (SC) के छात्रों के लिए। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (PM यशस्वी घटक-II): अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और विमुक्त जनजाति (DNT) के छात्रों के लिए।
आवेदन हेतु निर्धारित योग्यताएँ : जाति वर्ग: छात्र PMS-SC हेतु अनुसूचित जाति वर्ग से, तथा PM यशस्वी घटक-II हेतु अन्य पिछड़ा वर्ग या विमुक्त जनजाति (DNT) वर्ग से संबंधित होना चाहिए। आय सीमा: छात्र के परिवार की वार्षिक आय ₹2.50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। निवास: छात्र का हरियाणा राज्य का निवासी होना अनिवार्य है। आवेदन: पात्र छात्र शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए http://scholarships.gov.in पर NSP पोर्टल पर फ्रेश आवेदन कर सकते हैं।
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08/12/25IAS संतोष वर्मा की अभद्र टिप्पणी पर अंबाला में उबाल: ब्राह्मण समाज कल उपायुक्त कार्यालय में करेगा विरोध प्रदर्शन
जे कुमार, अम्बाला, 8 दिसम्बर, 2025: मध्यप्रदेश के एक आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की बहन-बेटियों के सम्मान पर की गई कथित अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर अंबाला में तीखा विरोध शुरू हो गया है | भगवान परशुराम गौशाला, खतौली गेट पर श्री परशुराम ब्राह्मण कल्याण सोसायटी, भगवान परशुराम गौशाला एवं सनातन टास्क फोर्स की संयुक्त महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता ओम प्रकाश शर्मा (सेवानिवृत्त उप पुलिस अधीक्षक) ने की।
विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन की तैयारी : - बैठक में आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा की टिप्पणी की कड़ी निंदा की गई। समिति ने स्पष्ट कहा कि ब्राह्मण समाज की बहन-बेटियों के सम्मान पर किसी भी प्रकार की आंच बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारी पर शीघ्र कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी सनातनी संगठन जिला उपायुक्त कार्यालय, अंबाला में एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके उपरांत, उपायुक्त के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की जाएगी।
हरियाणा ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की मांग : - इस बैठक में ब्राह्मण कल्याण एवं समाज कल्याण से जुड़े उद्देश्यों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित ब्राह्मण बंधुओं द्वारा हरियाणा सरकार से अन्य राज्यों की तर्ज पर हरियाणा ब्राह्मण कल्याण बोर्ड के गठन की मांग भी जोरदार तरीके से उठाई गई। बैठक में तरसेम पाल शर्मा, अशोक कुमार शर्मा, शशी कुमार शर्मा, विनोद कुमार शर्मा सहित लगभग पचास सदस्यों ने भाग लिया।
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08/12/25हरियाणा में आज से डॉक्टरों की दो दिवसीय हड़ताल: स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई, अंबाला कैंट सिविल अस्पताल पर नहीं पड़ा असर
जे कुमार, चंडीगढ़/अम्बाला, 8 दिसम्बर, 2025: हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMS) के आह्वान पर आज (सोमवार) से प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं। लगभग 3,900 डॉक्टरों में से करीब तीन हजार डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने का अनुमान है, जिससे प्रदेश में सोमवार से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं।
हड़ताल का मुख्य कारण ACP पर गतिरोध : डॉक्टर HCMS कैडर से संबंधित अपनी मांगों, जिनमें सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) की सीधी भर्ती को रोकना और एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) को लागू करना शामिल है, को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विवाद गहराने पर सरकारी अफसरों और डॉक्टरों के बीच तीन दौर की बातचीत हुई:
सहमति: सरकार SMO की सीधी भर्ती प्रक्रिया रोकने पर सहमत हो गई।
गतिरोध: हालांकि, HCMS डॉक्टरों की प्रमुख मांग ACP (Assured Career Progression) को लागू करने पर सहमति नहीं बन सकी।
रविवार देर शाम तक सरकार और एसोसिएशन के बीच बातचीत जारी रही, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया, जिसके चलते डॉक्टरों ने हड़ताल का रास्ता अपनाया है। अनुमान है कि प्रदेश के 28 सिविल अस्पतालों के अलावा सीएचसी और पीएचसी में सेवाएं बाधित रहेंगी।
अम्बाला कैंट नागरिक अस्पताल पर नहीं दिखा असर
प्रदेशव्यापी हड़ताल के बावजूद, अम्बाला छावनी के नागरिक अस्पताल में कोई खास असर देखने को नहीं मिला है। पीएमओ डॉक्टर पूजा पैंटल ने बताया कि :
नागरिक अस्पताल में ओपीडी पूरी तरह से ठीक चल रही है।
मरीजों के ऑपरेशन से लेकर लैब में खून की जाँच तक सभी सेवाएं जारी हैं।
मरीजों को किसी भी तरह की कोई दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
अस्पताल से सटे अटल कैंसर केयर सेंटर में भी ओपीडी ठीक से चल रही है।
फिलहाल, अम्बाला छावनी अस्पताल में सामान्य सेवाएं बहाल रहने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है।
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07/12/25बदलती दुनिया में भारत और रूस की साझेदारी..............
बदलती दुनिया में भारत और रूस की साझेदारी..............
आज दुनिया तेजी से बदल रही है। वैश्वीकरण, उन्नत तकनीक, क्षेत्रीय संघर्ष, आर्थिक हितों की प्रतिस्पर्धा और सुरक्षा चुनौतियाँ अंतरराष्ट्रीय संबंधों का नया स्वरूप तैयार कर रही हैं। इन वैश्विक परिस्थितियों में भारत और रूस की साझेदारी एक ऐसे मजबूत संबंध का उदाहरण है, जिसकी जड़ें दशकों पुरानी हैं और जो केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि सामरिक विश्वास और सम्मान पर आधारित है। यह संबंध समय के साथ और अधिक सुदृढ़ हुआ है और भविष्य में भी इसकी महत्ता बनी रहेगी।
भारत और रूस के संबंधों की शुरुआत शीत युद्ध काल से मानी जाती है। उस दौरान भारत ने गुटनिरपेक्ष नीति अपनाई, फिर भी सोवियत संघ ने भारत का भरोसेमंद सहयोगी बनकर साथ दिया। 1971 में भारत–सोवियत शांति और मैत्री संधि ने इस संबंध को मजबूती दी, और पाकिस्तान–भारत युद्ध के समय रूस ने खुले तौर पर भारत का समर्थन किया। सोवियत संघ के विघटन के बाद कुछ चुनौतियाँ उभरीं, परंतु वर्ष 2000 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को “विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” के रूप में पुनर्स्थापित किया।
रूस भारत की रक्षा क्षमताओं का प्रमुख स्तंभ है। आज भी भारतीय सैन्य संसाधनों का बड़ा हिस्सा रूसी तकनीक पर आधारित है। भारतीय सेना के टैंक, वायु सेना के सुखोई विमान, नौसेना की पनडुब्बियाँ और मिसाइलें रूस के सहयोग का परिणाम हैं। भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित ब्राह्मोस मिसाइल विश्व की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। S-400 रक्षा प्रणाली ने भारत की हवाई सुरक्षा को और मजबूत बनाया है। रूस भारत को केवल हथियार ही नहीं देता, बल्कि तकनीक भी साझा करता है, जिससे भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है।
ऊर्जा के क्षेत्र में भी रूस भारत का विश्वसनीय साझेदार है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा रूस से आयात करता है। रूस से कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और कोयले की आपूर्ति भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाती है। तमिलनाडु में स्थित कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र भारत–रूस सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसके अलावा भविष्य में कई नए परमाणु संयंत्रों की स्थापना पर भी दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। साइबेरिया और आर्कटिक क्षेत्र में खनिज और तेल संसाधनों के विकास में भारत निवेश बढ़ा रहा है।
विज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में भी भारत–रूस सहयोग बढ़ रहा है। अंतरिक्ष क्षेत्र में रूस भारत का पारंपरिक साझेदार रहा है। गगनयान मिशन में भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को रूस प्रशिक्षण दे रहा है। मेडिकल, इंजीनियरिंग और अनुसंधान क्षेत्रों में भारतीय छात्र बड़ी संख्या में रूस में अध्ययन करते हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, नैनो टेक्नोलॉजी और फार्मा अनुसंधान में दोनों देश संयुक्त परियोजनाएँ चला रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच वैज्ञानिक सहयोग और भी गहरा होता जा रहा है।
आज वैश्विक राजनीति एक नए मोड़ पर खड़ी है। अमेरिका, चीन, यूरोप और मध्य-पूर्व के बीच शक्ति संतुलन बदल रहा है। भारत और रूस दोनों ऐसे समय में अपनी स्वतंत्र विदेश नीति बनाए रखने पर जोर देते हैं। भारत अमेरिका के साथ रणनीतिक सहयोग बढ़ा रहा है, परंतु रूस को छोड़ना उसके लिए व्यावहारिक नहीं है। वहीं रूस चीन के करीब है, पर भारत को वह संतुलित साझेदार मानता है। इस प्रकार यह साझेदारी दोनों देशों को एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में संतुलन देने में मदद करती है।
आर्थिक और व्यापारिक संबंधों में भी वृद्धि की संभावनाएँ बहुत अधिक हैं। वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार अपेक्षाकृत कम है, लेकिन इसे कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, दवा उद्योग, 5G/6G तकनीक, साइबर सुरक्षा, रत्न और कीमती धातुओं के व्यापार के माध्यम से काफी बढ़ाया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (INSTC) और चाबहार बंदरगाह सहयोग भविष्य में व्यापार को और गति प्रदान करेगा। इससे भारत और रूस एशिया, यूरोप और मध्य-पूर्व तक व्यापारिक पहुंच मजबूत कर पाएंगे।
सांस्कृतिक दृष्टि से भी दोनों देशों में पारस्परिक सम्मान दिखाई देता है। रूस में भारतीय योग, आयुर्वेद और फिल्मों की लोकप्रियता काफी अधिक है। वहीं भारत में रूसी साहित्यकारों जैसे टॉल्सटॉय, दोस्तोएव्स्की और मैक्सिम गोर्की को सम्मान दिया जाता है। यह सांस्कृतिक सम्बन्ध दोनों राष्ट्रों के जनता–जनता संबंधों को मजबूत बनाते हैं, जो कूटनीति की नींव को और ठोस करते हैं।
हालाँकि, वैश्विक परिस्थितियों में कुछ चुनौतियाँ भी सामने हैं। रूस–यूक्रेन संघर्ष, अमेरिका और पश्चिमी देशों का दबाव, चीन–रूस की नज़दीकी और ऊर्जा–तकनीकी प्रतिस्पर्धा, ऐसे मुद्दे हैं जो भारत–रूस संबंधों को सतर्कता के साथ आगे बढ़ाने की मांग करते हैं। फिर भी, दोनों देशों के बीच विश्वास, आपसी हित और भौगोलिक रणनीतिक महत्व के कारण यह साझेदारी आने वाले दशकों में भी मजबूत बनी रहेगी।
निष्कर्ष
बदलती वैश्विक राजनीति में भारत और रूस का संबंध केवल आवश्यकता नहीं, बल्कि विश्व शांति, स्थिरता और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की दिशा में एक सशक्त कदम है। यह साझेदारी राजनीति या रक्षा समझौतों तक सीमित नहीं, बल्कि ऊर्जा, विज्ञान, शिक्षा, व्यापार और संस्कृति तक फैली है। भारत और रूस की दोस्ती समय की हर कसौटी पर खरी उतरी है और आज भी मजबूती से खड़ी है। बदलते समय में यह संबंध न सिर्फ दोनों देशों के हित में है, बल्कि वैश्विक संतुलन को बनाए रखने के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यह मित्रता बदलती दुनिया की दिशा तय करने वाली साझेदारी है— न टूटने वाली, न झुकने वाली, बल्कि आगे बढ़ने वाली।.............
(के.के.)
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07/12/25 |ऊर्जा, श्रम और परिवहन मंत्री अनिल विज के निर्देशानुसार भाजपा अंबाला छावनी शास्त्री मंडल की मासिक बैठक संपन्न
अम्बाला छावनी। हरियाणा के ऊर्जा, श्रम और परिवहन मंत्री अनिल विज के निर्देशानुसार और भाजपा नेता कपिल विज के मार्गदर्शन में, शास्त्री मंडल, अंबाला छावनी के पदाधिकारियों की मासिक बैठक आज भाजपा कार्यालय, निकलसन रोड में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक शास्त्री मंडल अध्यक्ष श्री प्रवेश शर्मा जी और नगर परिषद उपाध्यक्ष श्री ललिता प्रसाद जी की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस अवसर पर मंडल के महामंत्री श्री बालित नागपाल जी और श्री तरविंदर सोनू जी सहित मंडल के सभी प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य मंडल की संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करना और जमीनी स्तर पर पार्टी की पहुंच को मजबूत बनाना था।सर्वप्रथम बैठक में मंडल में नव-नियुक्त पदाधिकारियों और हाल ही में नव नियुक्त किए गए शक्ति प्रमुखों का स्वागत किया गया। सभी नए सदस्यों का अभिनंदन पुष्प मालाएं पहनाकर किया गया, जो उन्हें पार्टी के प्रति उनके समर्पण के लिए प्रोत्साहित करने का प्रतीक था। संगठन की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से, सभी उपस्थित पदाधिकारियों को उनके विशिष्ट अनुभव और कौशल के आधार पर विभिन्न कार्यों की जिम्मेदारियां सौंपी गईं। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि मंडल स्तर पर कार्य अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरे हों। इस दौरान आगामी कार्यक्रमों और अभियानों की रूपरेखा पर भी विस्तृत चर्चा की गई, ताकि केंद्र और राज्य सरकार की जनहितैषी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जा सके। मंडल अध्यक्ष प्रवेश शर्मा ने सभी पदाधिकारियों से सौंपे गए दायित्वों का पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करने का आग्रह किया, ताकि अंबाला छावनी में पार्टी के जनाधार को और मजबूत किया जा सके। इस मासिक बैठक को आगामी चुनावी और संगठनात्मक चुनौतियों से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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07/12/25 |हरियाणा में जल्द दी जाएंगी युवाओं को बड़ी संख्या में नौकरियां-मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़, 07 दिसम्बर (अभी) : मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में जल्द ही विभिन्न विभागों में भर्तियां की जाएंगी। जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके लिए सरकार द्वारा तैयारियां की जा रही हैं। बिना पर्ची-खर्ची के नौकरी वाली भाजपा सरकार आमजन के हितों की सच्ची रक्षक है। इसी के तहत बिना किसी भेदभाव के मेरिट आधार पर नौकरी दी जाती है और हमारे लिए यह गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी लोकसभा में इस बात का जिक्र किया था।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी कैथल के आरकेएसडी कॉलेज में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हरियाणा में डबल इंजन सरकार उनके आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति है। प्रधानमंत्री मोदी का आह्वान है कि यदि देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनाना है, उसका रास्ता आत्मनिर्भर भारत से होकर जाएगा। इसलिए सभी से अनुरोध है कि भारत निर्मित वस्तुएं ही बेचे और खरीदें।
उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता की यह पहचान है कि वह युवाओं सहित प्रदेश के लोगों के हितों की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में भाजपा सरकार ने चुनाव से पूर्व 217 संकल्प लिए थे। जिनमें से बड़ी खुशी की बात है कि 50 संकल्प पूरे कर दिए हैं। जल्द ही 90 संकल्प ओर पूरे कर दिए जाएंगे। सरकार बनते ही हरियाणा में बहनों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया गया। साथ ही बहनों को 2100 रुपये की पेंशन के रूप में देकर लाडो लक्ष्मी योजना के वायदे को पूरा किया गया। योजना के तहत बहनों को दो किस्त दी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पात्र गरीब लोगों को प्लाट दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही सोनीपत में 550 लोगों को फ्लैट देने का काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बारिश में जो सड़क टूट गई हैं, उन्हें ठीक किया जा रहा है। इस साल के अंत तक सभी ऐसी टूटी हुई सड़कें ठीक करवा दी जाएंगी। इसके लिए छह विभागों के बीच तालमेल बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में आज पूरे देश में आमजन के हित में सरकार इस तरह से काम कर रही है कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है। इसलिए विपक्ष झूठ फैलाने का काम करते हैं। भाजपा कार्यकर्ता सरकार की नीतियों को आमजन तक पहुंचाएं और झूठ का पर्दाफाश करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि सभी कार्यकर्ता मन की बात सुनें और गांव के बुजुर्ग को उसमें अध्यक्ष बनाकर उनका मान-सम्मान करें। पौधारोपण भी करवाएं।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को कैथल के आरकेएसडी कॉलेज से आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के तहत स्वदेशी रथयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उनके साथ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी सहित कई बड़े नेता मौजूद रहे। इससे पूर्व मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा प्रदेश के कौने कौने तक पहुंचकर स्वदेशी भारत की अलख जाएगी और 24 दिसंबर तक यह यात्रा चलेगी। हरियाणा सरकार द्वारा स्वदेशी मेले लगाए जा रहे हैं। पंचकूला और फरीदाबाद में ऐसे मेलों का आयोजन किया जा चुका है। उन्होंने आगे कहा कि इस आत्मनिर्भर भारत को एक जन आंदोलन बनाएं। हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हम अपने व्यक्तिगत, पारिवारिक जीवन में स्वदेशी को अपनाएं। हम आत्मनिर्भर हरियाणा से आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करेंगे। विकसित भारत का रास्ता आत्मनिर्भरता से होकर गुजरेगा।
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07/12/25 |मुख्यमंत्री ने पंचकूला में आयोजित 11वें इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल के दूसरे दिन मुख्यातिथि के रूप में की शिरकत
चंडीगढ़, 07 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि वे विज्ञान को प्रयोगशालाओं की दीवारों से बाहर निकालकर उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं। जब उनका ज्ञान एक किसान की फसल बढ़ाता है, जब शोध एक मरीज की बीमारी ठीक करता है, जब नवाचार एक उद्यमी को सशक्त करता है, तभी विज्ञान सही मायने में ’समृद्धि’ लाता है।
मुख्यमंत्री रविवार को पंचकूला के सेक्टर-5 में आयोजित चार दिवसीय 11वें इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल के दूसरे दिन मुख्यातिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
श्री नायब सिंह सैनी ने समारोह में स्टूडेंटस साईंस एंड टैक्नोलॉजी विलेज का उद्घाटन किया। इस विलेज को आधुनिक भारत का ’नया नालंदा’ की संज्ञा दी गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों में गहरी रूचि दिखाई।
युवा, छात्र और वैज्ञानिक देश की वह पीढ़ी हैं जो भारत को विकसित बनाएगी
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विज्ञान केवल करियर नहीं है, राष्ट्र निर्माण का माध्यम है। युवा, छात्रों और वैज्ञानिकों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि वे ही भारत की वह पीढ़ी हैं जो भारत को विकसित बनाएगी। उन्होंने सभी वैज्ञानिकों, शोध संस्थानों, उद्योग जगत और स्टार्ट-अप्स से अनुरोध किया कि सब मिलकर विज्ञान आधारित विकास मॉडल बनाएं, जो हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण जीवन दे, भारत को वैश्विक नेतृत्व प्रदान करे और पर्यावरण की सुरक्षा कर इस धरती पर सतत भविष्य सुनिश्चित करे।
हरियाणा को दूसरी बार साईंस फेस्टिवल की मेजबानी मिलना गौरव की बात
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी व केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह का आभार प्रकट करते है कि उन्होंने इतने बड़े साइंस फेस्टिवल के लिए हरियाणा को दूसरी बार मेजबानी का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि इस 4 दिवसीय ’विज्ञान महाकुंभ’ में देश-विदेश के 40 हजार से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें खुशी है कि इस कार्यक्रम में विशेष रूप से जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख तथा उत्तर और पश्चिम राज्यों के युवाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, ताकि देश का हर क्षेत्र वैज्ञानिक प्रगति के पथ पर साथ चल सके।
यह साइंस फेस्टिवल भी प्रधानमंत्री के ’विकसित राष्ट्र’ के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक ठोस कदम
साइंस फेस्टिवल का उल्लेख करते हुए श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह पर्व विज्ञान, नवाचार, स्टार्ट अप ऊर्जा, भविष्य की तकनीक और नए भारत के सपनों का संगम है। उन्होंने कहा कि इस साइंस फेस्टिवल का थीम ’आत्मनिर्भर भारत के लिए विज्ञान से समृद्धि’ अत्यंत प्रासंगिक है। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को ’विकसित राष्ट्र’ बनाने का संकल्प रखा है। उनके नेतृत्व में भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है। भारत अपने बलबूते चांद, सूरज व अंतरिक्ष का अध्ययन करने वाले, क्वांटम तकनीक से लेकर डीप-टेक, ए.आई., ड्रोन और बायोटेक्नोलॉजी तक में संसार के अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है। यह साइंस फेस्टिवल भी प्रधानमंत्री के ’विकसित राष्ट्र’ के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि आज विज्ञान नीति निर्माण का आधार है और नई तकनीक विकास का इंजन है। इस महोत्सव का एक और उद्देश्य प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में भारत की वैज्ञानिक उत्कृष्टता को विश्व पटल पर दिखाना है।
सरकार अपनी नीतियों में स्टैम शिक्षा, एआई रोबोटिक्स, स्टार्टअप शिक्षा, साइबर सुरक्षा, एग्रीटेक, बायोटेक और स्पेस टेक्नोलॉजी को दे रही प्राथमिकता
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा कृषि प्रधान राज्य होते हुए विज्ञान, शिक्षा और नवाचार के केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। सरकार अपनी नीतियों में स्टैम शिक्षा, एआई रोबोटिक्स, स्टार्टअप शिक्षा, साइबर सुरक्षा, एग्रीटेक, बायोटेक और स्पेस टेक्नोलॉजी को प्राथमिकता दे रही हैं। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला व हिसार जैसे शहर आज देश के प्रमुख आईटी और आर एंड डी हब बन रहे हैं। गुरुग्राम तो आईटी, एआई और साइबर टेक्नालॉजी की राजधानी बन चुका है। फरीदाबाद और पंचकूला में हाई टेक अनुसंधान एवं नवाचार केन्द्र स्थापित हो चुके हैं। करनाल, हिसार और रोहतक जैसे नगर कृषि प्रौद्योगिकी और जलवायु सेवाओं के बड़े केन्द्र बन रहे हैं। हाल ही में, कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में बना ’महाभारत आधारित अनुभव केंद्र’ विज्ञान पर्यटन का नया अध्याय लिख रहा है। यही नहीं, हरियाणा के विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान आज ड्रोन, बायोटेक, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, पर्यावरण विज्ञान और अंतरिक्ष अध्ययन जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट शोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के किसान आज सेंसर आधारित सिंचाई अपना रहे हैं और जलवायु के अनुरूप स्मार्ट खेती कर रहे हैं।
सरकर का लक्ष्य हरियाणा को औद्योगिक विकास में ही नहीं, विज्ञान आधारित विकास में भी देश का अग्रणी राज्य बनाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य हरियाणा को औद्योगिक विकास में ही नहीं, बल्कि विज्ञान आधारित विकास में देश का अग्रणी राज्य बनाना है। स्कूलों में विज्ञान के प्रति विद्यर्थियों की रूचि पैदा करने के लिए विज्ञान प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति योजना चलाई जा रही है। इसके तहत 11वीं व 12वीं कक्षा में विज्ञान पढ़ने वाले 1,500 छात्रों को 1 हजार रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाती है। स्नातक कक्षा के छात्रों को 4 हजार रुपये तथा स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों को 6 हजार रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाती है। इनके अलावा, अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान ओलम्पियाड में पदक जीतने व भाग लेने वाले छात्रों को सम्मानित करने की भी योजना चलाई जा रही है। उन्हें 5 लाख रुपये तक के नकद इनाम दिए जाते हैं। इसी प्रकार, कनिष्ठ विज्ञान ओलंपियाड के स्वर्ण पदक विजेताओं को भी 2 लाख 50 हजार रुपये तक के नकद इनाम दिए जाते हैं।
सरकार युवा वैज्ञानिकों को भी प्रोत्साहित कर रही है
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार युवा वैज्ञानिकों को भी प्रोत्साहित कर रही हैं। इसके लिए 40 वर्ष से अधिक आयु के दो प्रख्यात वैज्ञानिकों को प्रत्येक वर्ष ’हरियाणा विज्ञान रत्न’ पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। प्रदेश के 40 वर्ष से कम आयु के दो प्रख्यात वैज्ञानिकों को भी प्रत्येक वर्ष ’हरियाणा युवा विज्ञान रत्न’ पुरस्कार दिया जाता है।
इस अवसर पर सचिव डीबीटी डॉ राजेश गोखले, संयुक्त सचिव अर्थ-साइंस मंत्रालय श्री डीएस पांडियान, विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ शिव कुमार शर्मा, महासचिव श्री विवेकानंद पाई, निदेशक आईआईटीएम डॉ सूर्यचंद्र राव, भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के कार्यकारी निदेशक डॉ ब्रिजेश पांडे, वैज्ञानिक डॉ जगवीर सिंह और डॉ विनू वलसला, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव श्री प्रवीण आत्रेय, वैज्ञानिक, भारतीय विज्ञान संस्थानों के प्रतिनिधि, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, शोधार्थी, स्टार्ट-अप्स और विद्यार्थी उपस्थित थे।
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07/12/25 |इंडिगो का छठा दिन का संकट: 1650 उड़ानें प्रभावित, CEO को DGCA का 'कारण बताओ' नोटिस
आरएस अनेजा, 7 दिसम्बर नई दिल्ली - इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानें आज (7 दिसंबर, 2025) भी बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई हैं, जिससे यात्रियों को छठे दिन भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस परिचालन संकट के लिए इंडिगो के सीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
उड़ानें रद्द/प्रभावित: देश भर के हवाई अड्डों, विशेष रूप से दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु में सैकड़ों उड़ानें रद्द या विलंबित हुई हैं। आज, इंडिगो लगभग 1650 उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है, जबकि सामान्य परिचालन में 2,300 दैनिक उड़ानें शामिल हैं।
वही विमानन नियामक DGCA ने इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर एल्बर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा गया है। नोटिस में कहा गया है कि एयरलाइन आवश्यक व्यवस्था करने में विफल रही, जिससे बड़े पैमाने पर व्यवधान उत्पन्न हुआ।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी रद्द या प्रभावित उड़ानों का रिफंड आज रात 8 बजे (7 दिसंबर) तक पूरा किया जाए। साथ ही, यात्रियों से सामान खोने या देरी के मामलों में 48 घंटों के भीतर सामान पहुंचाने को कहा गया है।
सरकार ने इस संकट के दौरान अन्य एयरलाइनों द्वारा मनमाना किराया वसूले जाने से रोकने के लिए घरेलू हवाई किराए की अधिकतम सीमा ₹18,000 तय कर दी है।
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07/12/25 |सीबीएसई का दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम: विज्ञान शिक्षकों ने सीखा गतिविधि आधारित शिक्षण
जे कुमार, अम्बाला, 7 दिसम्बर, 2025 : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा पीकेआर जैन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विज्ञान शिक्षकों के लिए दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम (CBP) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की शिक्षण क्षमताओं को बढ़ाना और गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धतियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) तथा नवीनतम सीबीएसई पाठ्यक्रम ढांचे के साथ जोड़ना था।
प्रमुख संसाधन व्यक्तियों का मार्गदर्शन : कार्यक्रम का संचालन प्रख्यात संसाधन व्यक्तियों सुश्री कविता चावला और श्री गौरव ने किया। उन्होंने विभिन्न प्रभावी पद्धतियों के माध्यम से प्रतिभागियों के साथ निम्नलिखित विषयों पर चर्चा की:
विज्ञान के विभिन्न कार्य और इसके विकास के चरण।
विज्ञान एक जटिल सामाजिक गतिविधि है।
माध्यमिक स्तर पर विज्ञान पढ़ाने के लिए एनसीएफ-2005 की सिफारिशें।
इंटरैक्टिव और नवीन पद्धतियों पर ज़ोर : - प्रतिभागियों ने इंटरैक्टिव गतिविधियों, समूह चर्चाओं और डिज़ाइनिंग ट्रिगर एक्टिविटी में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) और योग्यता-आधारित शिक्षा (Competency-Based Education) पर विशेष ज़ोर दिया गया।
संसाधन व्यक्तियों ने पाठ योजना (Lesson Plan), ब्लूम के डिजिटल टैक्सोनॉमी पिरामिड और विज्ञान शिक्षण को अधिक आकर्षक एवं छात्र-केंद्रित बनाने के लिए नवीन दृष्टिकोणों के उपयोग पर भी विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम का समापन एक इंटरैक्टिव फीडबैक सत्र के साथ हुआ, जहाँ शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए और अपनी शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में नवीन पद्धतियों को शामिल करने का संकल्प लिया।
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07/12/25 |स्वस्थ, संतुलित और जागरूक जीवनशैली ही सफल भविष्य की नींव: जीएमएन कॉलेज में नेत्र-देखभाल पर व्याख्यान
जे कुमार, अम्बाला छावनी, 7 दिसम्बर, 2025: गांधी मेमोरियल नेशनल कॉलेज (GMN College), अम्बाला छावनी में करियर काउंसलिंग सेल द्वारा आज "स्वस्थ जीवनशैली हेतु नेत्र-देखभाल सुझाव" विषय पर एक ज्ञानवर्धक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह सत्र गार्जियन हॉस्पिटल, प्रबंधन विभाग, सी.आर.सी. और गांधी मेमोरियल नेशनल कॉलेज ऑफ नर्सिंग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
प्रसिद्ध नेत्र विशेषज्ञ ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव : इस विशेष सत्र में गार्जियन हॉस्पिटल की प्रसिद्ध नेत्र विशेषज्ञ डॉ. मैधावी सोबती ने विद्यार्थियों को आँखों की सुरक्षा और देखभाल पर सरल, वैज्ञानिक और व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जोर दिया |
आँखों की स्वच्छता बनाए रखना।
संतुलित स्क्रीन-टाइम का उपयोग करना।
पौष्टिक आहार लेना।
नियमित नेत्र-परीक्षण करवाना।
डॉ. सोबती ने कहा कि दिनचर्या में कुछ सकारात्मक बदलाव अपनाकर आँखों से संबंधित अधिकांश रोगों से आसानी से बचा जा सकता है।
जागरूक जीवनशैली पर प्राचार्य का जोर :
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को न केवल शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाते हैं, बल्कि उन्हें स्वस्थ, संतुलित और जागरूक जीवनशैली अपनाने हेतु भी प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ जीवनशैली ही सफल भविष्य की नींव है। उन्होंने विद्यार्थियों से डॉ. सोबती द्वारा दिए गए मूल्यवान सुझावों को दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम का प्रभावी समन्वय प्रबंधन विभाग की डॉ. भारती सुजान, डॉ. दिशा और कमलप्रीत कौर द्वारा किया गया। यह सत्र सह-प्राध्यापक सुश्री दीपिका एवं नर्सिंग ट्यूटर सुश्री कीर्ति के कुशल पर्यवेक्षण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
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07/12/25 |लॉर्ड महावीर जैन पब्लिक स्कूल के छात्रों ने विधिक साक्षरता प्रतियोगिता में ब्लॉक स्तर पर मारी बाज़ी
जे कूमर, अम्बाला, 7 दिसम्बर, 2025: लॉर्ड महावीर जैन पब्लिक स्कूल (LMJPS) के छात्रों ने आयोजित ब्लॉक स्तरीय विधिक साक्षरता प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय को गौरवान्वित किया। यह कार्यक्रम हरियाणा सरकार द्वारा चलाए गए अभियान के अंतर्गत पीएम श्री सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित किया गया था।
LMJPS के विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिसके मुख्य विजेता निम्नलिखित हैं | कविता पाठ रितिका (मेडिकल) 12वीं प्रथम, वाद-विवाद हेजल (कॉमर्स) और एंजेल (ह्यूमैनिटीज )11वीं प्रथम प्रश्नोत्तरी रुद्र, आदित्य (ह्यूमैनिटीज) और ओजस्वी (ह्यूमैनिटीज) 12वीं/11वीं प्रथम पॉवर प्वाइंट प्रस्तुति दिव्या जैन (कॉमर्स) 11वीं प्रथम भाषण प्रतियोगिता यशस्वी यादव (ह्यूमैनिटीज) 11वीं तीसरा |
प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कानून से अवगत कराना था, जिससे वे अपने कर्तव्यों को समझें और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें। इस सफलता पर विद्यालय की प्रबंधक समिति के प्रधान श्री राजेश जैन जी ने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
विद्यालय की प्रधानाचार्या रुचि शर्मा ने छात्रों और शिक्षकों के अथक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सफलता छात्रों में आत्मविश्वास पैदा करती है और उन्हें विश्वास है कि विद्यार्थी जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी प्रथम स्थान प्राप्त करेंगे।
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07/12/25 |यमुनानगर: गांव तलाकौर में 40 वर्षीय युवक की चाकू से निर्मम हत्या, चचेरे भाई पर आरोप
यमुनानगर, 7 दिसम्बर, 2025: यमुनानगर जिले के गांव तलाकौर में 40 वर्षीय युवक अवतार सिंह की चाकू से निर्मम हत्या कर देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने इस वारदात के लिए मृतक के चचेरे भाई गुरजीत सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना की जांच थाना छपार पुलिस द्वारा की जा रही है।
पारिवारिक बहस के दौरान हमला : - परिजनों के अनुसार, यह घटना कल देर शाम की है। बताया गया है कि घर पर अवतार सिंह और उनके पिता सुरेंद्र सिंह के बीच किसी बात को लेकर बहस चल रही थी। इसी दौरान, मृतक के चाचा का बेटा गुरजीत सिंह कथित रूप से मौके पर पहुंचा और उसने अवतार सिंह पर चाकू से कई वार कर दिए। हमले में बीच-बचाव करने आए बुजुर्ग पिता सुरेंद्र सिंह को भी लाठी-डंडों से चोटें आईं।
प्राथमिक उपचार के बाद मौत : गंभीर रूप से घायल अवतार सिंह को तुरंत सरस्वती नगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल स्टाफ ने उनकी स्थिति को सामान्य बताकर घर भेज दिया। करीब 1200 खर्च कर बुजुर्ग पिता एम्बुलेंस से बेटे को घर लाए, लेकिन सुबह अवतार सिंह मृत पाए गए। आशंका है कि गहरे घावों से लगातार रक्तस्राव होने के कारण उनकी मृत्यु हुई।
परिजनों का दर्द और राजनीतिक संरक्षण का आरोप : पीड़ित पिता सुरेंद्र सिंह ने बताया कि अवतार सिंह उनका एकमात्र जीवित बेटा था, जबकि इससे पहले उनके तीन बेटों की भी मृत्यु हो चुकी है। मृतक की माँ कैंसर से पीड़ित हैं। बुजुर्ग दंपत्ति ने कहा कि अब उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं बचा।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपी गुरजीत सिंह के कुछ राजनीतिक व्यक्तियों से संबंध हैं, जिनमें पूर्व विधायक बलवंत सिंह का नाम लिया गया है। इस वजह से उन्हें निष्पक्ष जांच प्रभावित होने की आशंका है।
पुलिस की कार्रवाई : थाना छपार थाना प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए डॉक्टरों का बोर्ड गठित कर दिया गया है। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया कि हमलावर की तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए और किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप न होने दिया जाए।
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07/12/25नारायणगढ़ नगर पालिका का अतिक्रमण पर 'डंडा', मुख्य बाज़ार से जप्त किया गया सड़क पर फैला सामान
जे कुमार, नारायणगढ़, 7 दिसम्बर 2025 : नारायणगढ़ नगर पालिका ने आज मुख्य बाज़ार क्षेत्र में सड़क अतिक्रमण के खिलाफ व्यापक और सख्त अभियान चलाया। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बावजूद सड़क पर सामान फैलाकर रखने वाले दुकानदारों पर कड़ी कार्रवाई की गई है।
चेतावनी की अनदेखी पर कार्रवाई : नगर पालिका प्रशासन द्वारा कई बार चेतावनी देने के बावजूद कुछ दुकानदारों ने सड़क पर कब्जा करना जारी रखा। लगातार चेतावनियों की अनदेखी के चलते आज नगरपालिका की एंटी-एन्क्रोचमेंट टीम ने पुलिस बल और अधिकारियों के साथ मिलकर सख़्त कदम उठाया।
अभियान के दौरान, नगरपालिका कर्मचारियों ने सड़क पर रखे रेहड़ी-सामान, गत्ते, प्लास्टिक क्रेट्स और अन्य सामान को तुरंत उठाकर ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर जब्त कर लिया।
सफाई इंचार्ज ने दिया स्पष्ट संदेश : नगर पालिका के सफाई इंचार्ज सुरेंद्र कुमार ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा, "सड़कें सार्वजनिक हैं, किसी भी व्यक्ति को उन पर कब्ज़ा करने या व्यापार फैलाने का अधिकार नहीं है। कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन लगातार उल्लंघन के कारण मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ी।"
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। यदि कोई दुकानदार दोबारा सड़क पर अतिक्रमण करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़े चालान, जुर्माना और सामान की जब्ती की कार्रवाई दोबारा की जाएगी। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया और कहा कि इससे बाज़ार में भीड़भाड़ कम होगी, जिससे पैदल चलने वालों को राहत मिलेगी।
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07/12/25हरियाणा सरकार की 'स्पॉन्सरशिप योजना': अंबाला के जरूरतमंद बच्चों को मिलेंगे ₹4000 प्रतिमाह
जे कुमार, अम्बाला, 7 दिसम्बर :- हरियाणा सरकार जरूरतमंद बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कटिबद्ध है। इसी कड़ी में उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि जिला बाल संरक्षण इकाई अंबाला (महिला एवं बाल विकास विभाग) द्वारा संचालित स्पॉन्सरशिप योजना के माध्यम से पात्र बच्चों को आर्थिक सहायता के रूप में 4,000 प्रतिमाह प्रदान किए जा रहे हैं।
योजना का उद्देश्य और लाभ : उपायुक्त ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य पात्र बच्चों को आर्थिक सहयोग देना है, ताकि उनकी शिक्षा और पालन-पोषण निर्बाध रूप से जारी रह सके। यह योजना समाज के कमजोर वर्गों के लिए एक सशक्त सुरक्षा कवच है। यह योजना पूर्णतः निःशुल्क है।
पात्रता के मुख्य मापदंड : -जिला बाल संरक्षण अधिकारी ममता रानी ने योजना की पात्रता के बारे में जानकारी दी | पात्रता श्रेणीआय सीमा (अधिकतम वार्षिक)18 वर्ष से कम आयु के अनाथ/एकल अभिभावक (विधवा, तलाकशुदा माँ)/गंभीर बीमारी या दिव्यांगता से ग्रस्त अभिभावक के बच्चे/एचआईवी/एड्स पॉजिटिव बच्चे/पीएम केयर योजना के लाभार्थी।ग्रामीण क्षेत्र: 72,000शहरी क्षेत्र: 96,000 |
लाभ जारी रखने के नियम : - राशि का उपयोग: 4,000 प्रति माह की आर्थिक सहायता का उपयोग केवल बच्चे की शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन, आवास, वस्त्र और अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए किया जाना अनिवार्य है।
अनिवार्य शर्त: बच्चे की निरंतर स्कूल उपस्थिति अनिवार्य है। स्कूल से अनुपस्थिति पाए जाने पर योजना का लाभ बंद कर दिया जाएगा। त्रैमासिक आधार पर कार्यालय द्वारा बच्चे की शिक्षा का फॉलोअप लिया जाएगा।
योजना की स्वीकृति का अंतिम निर्णय नियमानुसार स्पॉन्सरशिप एवं फोस्टर केयर अप्रूवल कमेटी द्वारा लिया जाएगा। पात्र परिवार अधिक जानकारी के लिए जिला बाल संरक्षण अधिकारी कार्यालय, अम्बाला शहर में संपर्क कर सकते हैं।
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07/12/25पलवल, होडल और हथीन में 13 दिसंबर को होगा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन : सीजेएम हरीश गोयल
जे कुमार, पलवल, 7 दिसंबर :- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार 13 दिसंबर को पलवल, होडल और हथीन स्थित न्यायिक परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। परिवादी राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सुलह व समझौते के आधार पर स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से केस का निपटारा करवा सकते हैं।
राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल क्रियान्वयन के लिए 6 बैंच लगाई जाएंगी, जिनमें पलवल के लिए प्रधान जज फैमिली कोर्ट पायल मित्तल, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुकिर्ती व जेएमआईसी आकृति वर्मा व जेएमआईसी पीयूष गाखर और हथीन के लिए जेएमआईसी विनय ककरान तथा होडल के लिए जेएमआईसी विवेक कुमार की बेंच शामिल हैं।
सीजेएम एवं सचिव जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण हरीश गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक लोन से संबंधित मामले, मोटर एक्सीडेंट, एनआई एक्ट, फौजदारी, रेवेन्यू, वैवाहिक विवाद का निपटारा किया जाएगा। न्यायालय में लंबित मामलों को परस्पर सहयोग व सौहार्दपूर्ण माध्यम से निपटाने के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। यदि किसी व्यक्ति का कोई मामला न्यायालय में लंबित है तो वह राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से उसका निस्तारण करवा सकता है।उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में दोनों पक्षों की आपसी सहमति व राजीनामे से सौहार्दपूर्ण वातावरण में पक्षकारों की रजामंदी से विवाद निपटाया जाता है। इससे लोगों को शीघ्र व सुलभ न्याय, कहीं कोई अपील नहीं, अंतिम रूप से निपटारा, समय की बचत जैसे लाभ मिलते हैं।
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07/12/25 |फिलाडेल्फिया हॉस्पिटल स्टाफ क्रिकेट मैच: 'वॉरियर्स' ने 'चैंपियंस' को हराया, जीता 'टीम ऑफ द ईयर' का खिताब
जे कुमार, अम्बाला शहर 7 दिसम्बर : - फिलाडेल्फिया हॉस्पिटल, अम्बाला में क्रिसमस के पावन त्योहार की तैयारियों के तहत आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में आज स्टाफ क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। इस रोमांचक मुकाबले में डॉ. सुनील सादिक (कप्तान) की टीम 'वॉरियर्स' ने अपनी कुशल खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया।
वॉरियर्स ने चैंपियंस को दी मात : 'वॉरियर्स' टीम में डॉ. नलिनी कुनर, डॉ. पराग, डॉ. कार्तिक मित्तल, अमित कपूर, विकास कुमार, राजकुमार झा, मनदीप, कृष्ण कुमार, रोहित, सैम्मी, सलीम और मनी जैसे खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
विपक्षी टीम 'चैंपियंस' की अगुवाई डॉ. किरण चानन, डॉ. अखिल सोनी, डॉ. एस.एम. शर्मा, डॉ. युगांशु गुप्ता, अमित लॉरेंस, सूरज, रजत और बरखाराम ने की।
'वॉरियर्स' टीम ने अपनी कुशल गेंदबाजी एवं बल्लेबाजी से 'चैंपियंस' टीम को हर क्षण चौंकाते हुए निरंतर विकेट लिए और रनिंग बिटवीन द विकेट की खूबसूरत तालमेल से बेहतरीन प्रदर्शन किया। न्यूजीलैंड से आए अमित कपूर ने विकेट कीपर के रूप में उम्दा प्रदर्शन करते हुए विपक्षी टीम को दबाव में रखा।
शानदार प्रदर्शन के दम पर 'वॉरियर्स' टीम ने यह मुकाबला जीतकर '2025 की टीम ऑफ द ईयर' का खिताब अपने नाम कर लिया। मैच के अंत में, डॉ. सादिक ने सभी प्रतिभागियों को इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु धन्यवाद दिया और अपनी टीम के खेल की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
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07/12/25 |गोवा नाईट क्लब में आग से 25 लोगो की मौत, पीएम ने दुःख जताया
आरएस अनेजा, 7 दिसम्बर नई दिल्ली - उत्तरी गोवा के अरपोरा में नाइट क्लब में भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई है। यह दुखद घटना रविवार (7 दिसंबर, 2025) आधी रात के बाद हुई।
अधिकांश पीड़ितों की मौत धुएं से दम घुटने के कारण हुई, जबकि कुछ जल गए। मरने वालों में ज़्यादातर क्लब के कर्मचारी (14 स्टाफ सदस्य), चार पर्यटक शामिल थे, और सात शवों की पहचान अभी बाकी है।
शुरुआती जांच में आग लगने का कारण किचन में हुआ सिलेंडर ब्लास्ट बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस अभी भी सटीक कारण की जांच कर रही है। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि क्लब बिना उचित अनुमति और आग से सुरक्षा मानदंडों का पालन किए चल रहा था। घटना में छह लोग घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुख जताया है और मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपए की व घायलों के लिए 50,000 हजार की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। गोवा सरकार ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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07/12/25IndiGo फ्लाइट की मनमानी जनता की परेशानी
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06/12/25प्रधानमंत्री ने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि दी
प्रधानमंत्री ने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को आज महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि न्याय, समानता और संविधानवाद के प्रति डॉ. अंबेडकर की अटूट प्रतिबद्धता भारत की राष्ट्रीय यात्रा का मार्गदर्शन करती रहेगी। उन्होंने कहा कि मानवीय गरिमा को बनाए रखने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मज़बूत करने के प्रति डॉ. अंबेडकर के समर्पण से पीढ़ियों ने प्रेरणा ली है।
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. अंबेडकर के आदर्श राष्ट्र के पथ को आलोकित करते रहेंगे, क्योंकि देश एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक अलग पोस्ट में कहा;
“महापरिनिर्वाण दिवस पर डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर का स्मरण करते हैं। उनका दूरदर्शी नेतृत्व और न्याय, समानता और संविधानवाद के प्रति डॉ. अंबेडकर की अटूट प्रतिबद्धता भारत की राष्ट्रीय यात्रा का मार्गदर्शन करती रहेगी। उनसे मानवीय गरिमा को बनाए रखने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मज़बूत करने की पीढ़ियों ने प्रेरणा ली है।
ईश्वर करे कि उनके आदर्श हमें एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में अग्रसर करते रहें।”
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06/12/25 |ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा सरकार की व्यापक पहल
चंडीगढ़, 06 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा सरकार राज्य में सुरक्षित, निर्बाध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लक्ष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में सरकार ने पूरे प्रदेश में एक मजबूत पेयजल अवसंरचना विकसित की है, जिसके माध्यम से गांवों से लेकर शहरों तक स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
प्रदेश में वर्तमान में 1,870 नहर-आधारित जलघर, 12,920 नलकूप, 9 रैनीवेल और 4,140 बूस्टिंग स्टेशन के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि पेयजल की निर्बाध आपूर्ति के लिए विभाग द्वारा अनेक परियोजनाओं को लागू किया गया है। कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति से संबंधित आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया गया है। वहीं, पुरानी लाइनों को बदलने का भी काम किया गया है। इसी प्रकार, सिरसा में पेयजल आपूर्ति मुख्य रूप से भाखड़ा मेन लाइन से की जाती है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पर्याप्त और नियमित पानी की सप्लाई सुनिश्चित हो रही है।
प्रवक्ता ने बताया कि सिरसा लोकसभा क्षेत्र के सभी 616 ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा, पानी की उपलब्धता के लिए प्राथमिकता के आधार पर अनेक परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। हालांकि, दो गांवों दहमन और खारा खेड़ी में वर्तमान में 40 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की आपूर्ति उपलब्ध करवाई जा रही है और जल्द ही इन गांवों में जल आपूर्ति बढ़ाकर 55 लीटर प्रतिदिन करने के लिए 611.90 लाख रुपये की लागत की परियोजना पर कार्य तेजी से चल रहा है, जो मार्च 2026 तक पूरा हो जाएगी।
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06/12/25 |मुख्यमंत्री ने की जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की बजट घोषणाओं और सीएम घोषणाओं की समीक्षा
चंडीगढ़, 06 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की महत्वपूर्ण बजट घोषणाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि विभाग लंबित परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करे। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता को बुनियादी सुविधाओं का लाभ तुरंत और प्रभावी रूप से उपलब्ध करवाना है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी जिम्मेदारी और तत्परता के साथ कार्य करें।
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि महाग्राम योजना के तहत 12 चयनित गांवों में शहरी स्तर की पेयजल एवं सीवरेज सुविधाएं उपलब्ध करवाने का कार्य तेजी से प्रगति पर है। अब तक भोरा कलां (गुरुग्राम), भैंसवाल कलां (सोनीपत) और खाम्बी (पलवल) में पेयजल व सीवरेज नेटवर्क का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। दो अन्य गांवों में शेष कार्य 31 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज होगी।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया गया कि विभिन्न शहरों में 150 किलोमीटर नई सीवर लाइनें बिछाने की बजट घोषणा के तहत 23 शहरों को चिन्हित किया गया है। इनमें से 100 किलोमीटर सीवर लाइन डालने का काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य भी अगले तीन महीनों में पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि पेयजल की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भूमिगत जल का अनावश्यक दोहन बंद किया जाए और इसके स्थान पर ट्रीटेड वेस्ट वाटर के अधिकतम उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए रीसाइक्लिंग एवं रि-यूज की परियोजनाओं को प्राथमिकता दें।
बैठक में बताया गया कि जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग द्वारा विभिन्न शहरों में स्थापित एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) से निकलने वाले ट्रीटेड वेस्ट वाटर को औद्योगिक इकाइयों और सिंचाई विभाग को उपलब्ध करवाया जा रहा है, जिससे उद्योग और खेती दोनों क्षेत्रों में ताजे पानी की खपत कम हो रही है। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में और अधिक संभावनाओं को तलाशने तथा ट्रीटेड वेस्ट वाटर का शत-प्रतिशत रि-यूज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण और जल प्रबंधन भविष्य की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। इसलिए सरकार पानी की प्रत्येक बूंद का उपयोग सुनिश्चित करने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर काम कर रही है।
बैठक में विभाग की सीएम घोषणाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी घोषणाओं को तय समय अवधि में पूरा किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर आम नागरिकों तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से प्रगति की निगरानी करें और आवश्यक प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा करें।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री मोहम्मद शाइन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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06/12/25 |इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल पंचकूला में प्रारंभ, अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला रहे आकर्षण का केंद्र
चंडीगढ़, 06 दिसम्बर (अभी) : चार दिवसीय इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल का आज पंचकूला के सेक्टर-5 में विधिवत शुभारंभ हुआ। समारोह का पहला दिन छात्रों, युवाओं और विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा। भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अपने बीच पाकर बच्चे उत्साह से भर उठे।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने अंतरिक्ष मिशन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि अंतरिक्ष से भारत का दृश्य अद्भुत दिखाई देता है और हमारा देश “सारे जहाँ से अच्छा” प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि लगभग 20 दिन की अपनी अंतरिक्ष यात्रा के दौरान उन्होंने अनेक वैज्ञानिक प्रयोग किए और गगनयान मिशन के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं, जो भारत की मानव अंतरिक्ष यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ेंगी। इसके अलावा उन्होंने भारत-केंद्रित भोजन, दवाइयों और नवीन तकनीकों पर भी प्रयोग किए।
शुभांशु शुक्ला ने कहा कि भारत विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में तेज़ी से प्रगति कर रहा है और यह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है कि देश इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने युवाओं, विशेषकर बच्चों, से विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने की जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर है ।युवा आगे बढ़ेगा तो देश आगे बढ़ेगा।उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों में विज्ञान के प्रति बढ़ती रुचि उत्साहजनक है और अध्यापकों की भी जिम्मेदारी है कि वे बच्चों के एस्ट्रोनॉट बनने के सपनों को साकार करने में मार्गदर्शन दें।
इंटरैक्टिव सत्र के दौरान शुभांशु शुक्ला ने छात्रों और युवाओं के प्रश्नों के उत्तर दिए और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्होने बताया कि जिस दिन वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से कहा था कि जल्द ही भारत से हमारा बेटा या बेटी अंतरिक्ष में जाएंगे। उस घोषणा ने उनके मन में अंतरिक्ष में जाने की प्रेरणा जागृत की थी। उसी दिन से उन्होंने इस दिशा में निरंतर प्रयास शुरू कर दिए। उन्होंने कहा परिस्थितियां कैसी भी हों मनुष्य को प्रयास करते रहना चाहिए सफलता एक न एक दिन अवश्य मिलती है।
एक छात्र द्वारा पूछे गए सवाल क्या केवल एयर फ़ोर्स में रहकर ही एस्ट्रोनॉट बना जा सकता है के उत्तर में उन्होंने बताया कि एक नया फ्रेमवर्क तैयार किया जा रहा है जिसके तहत केवल एयर फ़ोर्स या आर्म्ड फोर्सेज ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों से भी लोग एस्ट्रोनॉट बन सकेंगे।
उन्होंने कहा कि भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री विंग कमांडर राकेश शर्मा से मिली प्रेरणा ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचने की हिम्मत दी। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भारत से और भी लोग अंतरिक्ष में जाएंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत अब गगनयान मिशन पर गंभीरता से कार्य कर रहा है और सूर्य के अध्ययन के लिए मिशन आदित्य-L1 सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया जा चुका है।
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06/12/25 |भिवानी के भीम स्टेडियम में खिलाड़ियों को मिलेंगी अत्याधुनिक खेल सुविधाएं - सांसद kधर्मबीर सिंह
चंडीगढ़, 06 दिसम्बर (अभी) : भिवानी महेंद्रगढ़ लोकसभा सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल के साथ भी जोड़ना जरूरी है। खेलों से शरीर स्वस्थ रहता है और स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास है। हर बच्चे को एक होनहार खिलाड़ी के तौर पर भी तैयार करना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि प्रत्येक बच्चा स्वस्थ हो और खेलों से देश और दुनिया में अपना नाम रोशन करें। इसी के चलते सांसद खेल महोत्सव के तहत ग्रामीण अंचल स्तर तक खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान किया जा रहा है।
चौधरी धर्मबीर सिंह आज भिवानी के भीम स्टेडियम में आयोजित दो दिवसीय सांसद खेल महोत्सव प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार का हर संभव प्रयास है कि खिलाड़ियों को पर्याप्त और समुचित खेल सुविधाएं मिलें, जिसके लिए आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल तक खेले जाने वाली खेल प्रतियोगिताओं में जो खिलाड़ी भाग लेते हैं, वे ही खिलाड़ी आगे चलकर कॉमनवेल्थ, ओलंपिक और एशियाई जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं, ऐसे में खिलाड़ियों को अधिक से अधिक खेलने के अवसर प्रदान करने जरूरी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इसी के चलते ही फिट इंडिया के नाम पर युवाओं को प्रोत्साहित किया, जिसके बड़े सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
भीम स्टेडियम में खिलाड़ियों को मिलेंगे सभी सुविधाएं
उन्होंने कहा कि भीम स्टेडियम करीब 32 एकड़ में है, यहां से अंतर्राष्ट्रीय स्तर के अनगिनत खिलाड़ी हुए हैं, जिन्होंने भिवानी का नाम दुनिया में रोशन किया है। सरकार की योजना के तहत भिवानी के भी स्टेडियम में खिलाड़ियों को सभी प्रकार की अत्याधुनिक खेल सुविधाएं मिलेंगी।
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06/12/25अवैध पार्किंग करने वालों की खैर नहीं! अंबाला छावनी के बाजारों से गाड़ियां उठाएगी नगर परिषद
अम्बाला, 06 दिसम्बर (अभी) : अंबाला छावनी के बाजारों में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर परिषद की टीम ने बड़ा फैसला लिया है। परिषद अब छावनी के मुख्य बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अवैध रूप से पार्क किए गए वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
नगर परिषद के अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि छावनी के बाजारों में अक्सर देखने को मिलती अवैध पार्किंग को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जिसके कारण आमजन को आवागमन में भारी असुविधा होती है।
परिषद अधिकारी ने बताया कि शहर के प्रमुख बाजारों, खासकर सदर बाजार, पक्का बाग रोड और अन्य व्यस्त क्षेत्रों में दुकानदारों और ग्राहकों द्वारा सड़कों के किनारे बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है।
"अवैध पार्किंग करने वाले वाहनों को जब्त करने के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है। यह टीम नियमित रूप से बाजारों का दौरा करेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को टो करके ले जाएगी। वाहन चालकों से अपील है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें, अन्यथा उनके वाहन जब्त कर लिए जाएंगे और जुर्माना भी लगाया जाएगा।"
यह कार्रवाई शहर के नागरिकों को जाम से राहत दिलाने और बाजारों में सुरक्षित व सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
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06/12/25 |फरीदाबाद: सब-इंस्पेक्टर 1.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
आरएस अनेजा, 6 दिसम्बर नई दिल्ली - फरीदाबाद में हरियाणा राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना धौज में तैनात सब-इंस्पेक्टर सुमित कुमार को 1.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई शिकायतकर्ता द्वारा दी गई सूचना के आधार पर की गई।
शिकायतकर्ता ने बताया था कि 8 सितंबर 2025 को उसके खिलाफ धारा 318(बी) पीएनएस के तहत थाना धौज में केस दर्ज है। मामले की जांच कर रहे सब-इंस्पेक्टर सुमित कुमार ने केस का चालान कोर्ट में पेश करने के बदले ₹1,50,000 की रिश्वत की मांग की थी। दबाव में आकर शिकायतकर्ता ने राज्य सतर्कता ब्यूरो, अंबाला में शिकायत की। शिकायत की सत्यता जांचने के बाद एक ट्रैप टीम बनाई गई।
5 दिसंबर 2025 को टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में ऑपरेशन शुरू किया। शिकायतकर्ता को यश फार्म हाउस के पास मिलने के बहाने बुलाया गया। जैसे ही आरोपी अधिकारी ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, सतर्कता टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। आगे की जांच राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा की जाएगी।
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06/12/25 |श्री यादव सभा (रजि.), अंबाला छावनी का चुनाव 2026 तक टला, लंबित कार्य पूरे करने पर सहमति
जे कुमार, अम्बाला छावनी, 6 दिसम्बर : श्री यादव सभा (रजि.), अम्बाला छावनी की महासभा बैठक हाल ही में प्रधान बलवंत एवं महासचिव अमर यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में सर्वसम्मति से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। चुनाव टालने का कारण सभा के आगामी चुनाव, जो इस वर्ष नवंबर माह में निश्चित हुए थे, उन्हें वर्ष 2026 तक के लिए टाल दिया गया है।
यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि सभा में बहुत से लंबित कार्य हैं। सभी गणमान्य सदस्यों ने सहमति व्यक्त की कि इन सभी कार्यों को पहले पूरा किया जाए, जिसके बाद ही चुनाव कराए जाएं।
अगली चुनाव प्रक्रिया
सभा ने निर्णय लिया है कि अब यह चुनाव आगामी वर्ष 2026 में होगा। चुनाव की तिथि निर्धारित करने के लिए मार्च 2026 के बाद महासभा की बैठक आयोजित की जाएगी।
इस बैठक में प्रधान बलवंत यादव, महासचिव अमर यादव, कोषाध्यक्ष श्याम बाबू यादव, मोहन यादव, पवन यादव, अशोक यादव, राजकुमार यादव, रमेश यादव, राम बरन यादव, दीपक यादव, अनिल यादव, मदन लाल यादव, राम बाबू यादव, जय किशन यादव और लाल चन्द यादव सहित सभा के सभी सदस्य मौजूद रहे।
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06/12/25 |हरियाणा सरकार ने अधिकारियों के विदेश दौरों के नियमों में किया संशोधन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मिली छूट
जे कुमार, चंडीगढ़, 6 दिसम्बर : हरियाणा सरकार ने सरकारी अधिकारियों के आधिकारिक और निजी विदेश दौरों से संबंधित दिशानिर्देशों को संशोधित किया है। यह संशोधन प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण प्रशिक्षण अवसरों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।
मुख्य सचिव द्वारा जारी किए गए निर्देश : मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी (जिनके पास अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त विभाग का प्रभार भी है) ने सभी विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और अन्य संबंधित अधिकारियों को एक पत्र जारी कर 15 अक्टूबर, 2025 को जारी किए गए पिछले निर्देशों में संशोधन की जानकारी दी।
विदेश यात्रा के नियमों में संशोधन (छूट) : संशोधित प्रावधान के अनुसार, अधिकारियों के विदेश यात्राओं पर लगे प्रतिबंध अब उन मामलों में लागू नहीं होंगे जहाँ प्रशिक्षण या अध्ययन कार्यक्रम: अखिल भारतीय सेवाओं या राज्य सेवाओं के अधिकारियों को मुख्य सचिव कार्यालय (प्रशिक्षण शाखा) द्वारा जारी आदेशों के आधार पर प्रशिक्षण या अध्ययन कार्यक्रमों के लिए प्रतिनियुक्त किया जाता है।
बाहरी वित्तपोषण: कार्यक्रम पूरी तरह से बाहरी एजेंसियों द्वारा प्रायोजित और वित्त पोषित होते हैं, जिससे राज्य के खजाने पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ता है। यह छूट सुनिश्चित करती है कि अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण प्रशिक्षण और अध्ययन के अवसर वित्तीय या प्रशासनिक बाधाओं के बिना उपलब्ध हों, जो प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक है। वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 15 अक्टूबर, 2025 को जारी किए गए अन्य सभी नियम और शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी।
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06/12/25 |महेश नगर में खुली जगह पर मीट बेचने वालों पर हुई कार्रवाई, मुख्य सफाई निरीक्षक ने हटवाए रेहड़िया
जे कुमार, अम्बाला, 6 दिसम्बर : नगर परिषद मुख्य सफाई निरीक्षक सुनील दत्त के नेतृत्व में महेश नगर क्षेत्र में सड़कों के किनारे और खुले स्थानों पर अवैध रूप से मीट बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ की गई है।
कार्रवाई का उद्देश्य
स्थानीय निवासियों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि सड़क किनारे खुले में मीट बेचे जाने से अस्वच्छता फैलती है और यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा है। इसके अलावा, ऐसे स्टॉल यातायात में भी बाधा उत्पन्न करते थे।
मुख्य सफाई निरीक्षक सुनील दत्त और उनकी टीम ने महेश नगर बाजार में दौरा किया और खुले में मीट बेच रहे स्टॉलों को तुरंत हटवाया। इस दौरान विक्रेताओं को चेतावनी दी गई कि वे भविष्य में बिना उचित लाइसेंस और स्वच्छता मानदंडों का पालन किए बिना ऐसा न करें।
स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश
सुनील दत्त ने कहा कि यह अभियान स्वच्छता बनाए रखने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा और उनका सामान जब्त कर लिया जाएगा। प्रशासन ने निवासियों से अपील की है कि वे स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण बनाने में सहयोग करें।
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06/12/25 |15वें चंडीगढ़ राष्ट्रीय शिल्प मेले में मनमोहन वारिस की धूम, फोक-पॉप गानों पर झूमा ट्राइसिटी
जे कुमार, चंडीगढ़, 6 दिसम्बर : 15वें चंडीगढ़ राष्ट्रीय शिल्प मेले में शुक्रवार शाम वर्ल्ड फेम पंजाबी फोक-पॉप सिंगर मनमोहन वारिस ने अपनी शानदार गायकी से समां बांध दिया। वारिस के मस्ती भरे और सामाजिक संदेश देते गानों को सुनकर ट्राइसिटी (चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली) के श्रोता झूम उठे।
हिट गानों से जीता दर्शकों का दिल : मनमोहन वारिस ने एक से बढ़कर एक गाने सुनाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। उनके प्रमुख गाने रहे | अक्षय कुमार की फिल्म 'केसरी-2' फेम सॉन्ग "कलेजे तीर देखन नू, ते सिर ते ताज देखन नू..."
"कल्ली बेह के सोची नी..."
"दो तारा वजदा वे..."
"सुती पई नूं हिचकियां आणगीयां..."
"उड़जू उड़जू करदा..."
उनके सुरों और तान से सम्मोहित श्रोता लगातार वाह-वाह कर रहे थे।
प्रोफेशन को बनाया पैशन : - इस अवसर पर मनमोहन वारिस ने अपने सफर के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्हें परमात्मा ने आवाज़ दी और माता-पिता ने उनकी प्रतिभा को पहचान कर गुरुओं के पास भेजा। उन्होंने युवा पीढ़ी को संदेश दिया कि "कोई भी प्रोफेशन हो, उसी को अपना पैशन बनाना चाहिए।" वारिस ने कहा कि उन्होंने ऐसा ही किया और उन्हें संगीत प्रेमियों का भरपूर प्यार मिला। उनका मुख्य उद्देश्य संगीत प्रेमियों का मनोरंजन करना है।
सामाजिक सरोकार को दिया बढ़ावा : - वारिस ने कहा कि वह अपने गानों के माध्यम से सामाजिक सरोकार भी निभाते हैं। उन्होंने अभिनेता और पहलवान दारा सिंह से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए युवा पीढ़ी को नशे और अन्य बुराइयों से दूर रहकर स्वस्थ रहने का संदेश दिया। उन्होंने यह भी बताया कि वह पानी बचाओ अभियान और बाल मजदूरी जैसे विषयों पर भी समाज को संदेश देते रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उनके दोनों भाइयों कमल हीर और संगतार के साथ पेश किया जाने वाला उनका वर्ल्ड वाइड शो 'पंजाबी विरसा' भी पारिवारिक प्रेम और जॉइंट फैमिली का संदेश देता है।
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06/12/25 |करनाल में ₹162 करोड़ की लागत से बनेगा 'यूनिटी मॉल', 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
जे कुमार, चंडीगढ़, 6 दिसम्बर, 2025: हरियाणा के करनाल में ₹162.88 करोड़ की लागत से एक भव्य यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। आज मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने चंडीगढ़ में इस परियोजना की प्रगति की समीक्षा की।
राष्ट्रीय स्तर का प्लेटफॉर्म : इस यूनिटी मॉल को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) उत्पादों, विशेषकर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) पहल के अंतर्गत तैयार वस्तुओं को प्रदर्शित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर का मंच बनाने की योजना है।
स्थान और लागत: यह मॉल करनाल की औद्योगिक सम्पदा के सेक्टर-37 में ग्रांड ट्रंक रोड (GT Road) के साथ 3.87 एकड़ भूमि पर विकसित किया जा रहा है।
लक्ष्य: परियोजना को जुलाई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
वर्तमान प्रगति: अधिकारियों ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि परियोजना का खुदाई कार्य तीव्र गति से जारी है।
व्यापक आर्थिक प्रभाव : - मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि निर्माण की स्वीकृत समय-सीमा और उच्चतम गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने बताया कि GT रोड पर स्थित होने के कारण दिल्ली और चंडीगढ़ सहित अन्य प्रमुख उत्तरी शहरों से इस मॉल की उत्कृष्ट कनेक्टिविटी है, जिससे इसके व्यापक आर्थिक प्रभाव को मजबूती मिलेगी। यूनिटी मॉल छोटे उद्यमियों की मार्केटिंग लागत कम करेगा, घरेलू और वैश्विक बाजारों में उनकी पहचान बढ़ाएगा, और नए व्यावसायिक सहयोग के अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा।
हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) के प्रबंध निदेशक श्री आदित्य दहिया ने बताया कि यह मॉल राज्य के विशिष्ट उत्पादों के स्थायी प्रदर्शनी केंद्र, बिजनेस-टू-बिजनेस नेटवर्किंग हब तथा पर्यटन आकर्षण के रूप में भी कार्य करेगा।
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05/12/25भारत में नई श्रम संहिताएं और श्रमिकों का भविष्य................
भारत में नई श्रम संहिताएं और श्रमिकों का भविष्य………….
भारत लंबे समय से एक श्रम-प्रधान अर्थव्यवस्था वाला देश रहा है, जहाँ कृषि, निर्माण, परिवहन, उद्योग, घरेलू सेवा, स्वास्थ्य, मनोरंजन तथा अन्य असंगठित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत हैं। देश के विकास की गति श्रमिकों के योगदान पर ही टिकी हुई है, लेकिन विडंबना यह है कि आज़ादी के बाद दशकों तक श्रमिक सुरक्षा और अधिकारों को लेकर कोई प्रभावी, पारदर्शी और सार्वभौमिक व्यवस्था नहीं बन पाई। विभिन्न कालखंडों में श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए कई कानून तो बने, लेकिन उनकी जटिलता, कार्यान्वयन में असमानता और आधुनिक बदलते उद्योगों की आवश्यकताओं के कारण वे अप्रभावी साबित होने लगे। इसी पृष्ठभूमि में भारत सरकार ने श्रम सुधार की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 29 पुराने श्रम कानूनों को मिलाकर चार प्रमुख संहिताएं लागू करने का निर्णय लिया। वर्ष 2025 तक इन संहिताओं के पूर्ण रूप से लागू होने की उम्मीद की जा रही है, जिनसे श्रमिकों के जीवन में व्यापक बदलाव आएगा।
श्रम सुधार की दिशा में ऐतिहासिक कदम
भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत चार नई श्रम संहिताएं हैं— वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य-स्थिति संहिता 2020। इन संहिताओं का प्रमुख उद्देश्य श्रमिकों को मूलभूत अधिकार उपलब्ध कराना, कार्यस्थल पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना, असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना तथा उद्योगों को एक सरल और लचीला वातावरण प्रदान करना है। पुराने 29 नियमों के स्थान पर संहिताओं के लागू होने से कानून में मौजूद जटिलता, और अलग-अलग क्षेत्रों में असमान व्यवहार की समस्याएं दूर होंगी। यह एक ऐसा बदलाव है जो श्रमिकों और नियोक्ताओं दोनों को लाभ पहुंचाएगा।
श्रमिकों की वर्तमान स्थिति और सुधार की आवश्यकता
भारत में लगभग 90 प्रतिशत से अधिक श्रमिक असंगठित क्षेत्र से संबंधित हैं। इनमें दैनिक मजदूरी करने वाले, निर्माण श्रमिक, घरेलू कामगार, कृषि मजदूर, रिक्शा चालक, छोटे दुकानों के कर्मचारी, डिलीवरी कर्मी, आदि शामिल हैं। इन श्रमिकों के पास रोजगार की सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, न्यूनतम वेतन की गारंटी और सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाएं नहीं होतीं। कई बार मजदूरों को दुर्घटना, बीमारी या बुढ़ापे में भारी परेशानी झेलनी पड़ती है, क्योंकि उनके पास बचत या पेंशन नहीं होती। महिलाओं के लिए कार्यस्थल पर असुरक्षा व मातृत्व लाभ की कमी एक और बड़ी चुनौती रही है। इन समस्याओं को देखते हुए श्रम संहिताओं का निर्माण समय की आवश्यकता बन गया था।
वेतन संहिता 2019: एक राष्ट्र, एक वेतन प्रणाली
वेतन संहिता 2019 का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य पूरे भारत में न्यूनतम वेतन का एक समान प्रावधान लागू करना है। इससे किसी भी क्षेत्र या राज्य में श्रमिकों के साथ वेतन के मामले में भेदभाव नहीं किया जा सकेगा। यह संहिता वेतन भुगतान में पारदर्शिता और सुनिश्चितता लाएगी। साथ ही समय पर वेतन देना अब नियोक्ताओं की कानूनी जिम्मेदारी होगी। इससे उन श्रमिकों को विशेष राहत मिलेगी जिन्हें अक्सर समय पर मजदूरी नहीं मिलती थी या जिनका वेतन अनुचित कारणों से काट लिया जाता था।
औद्योगिक संबंध संहिता 2020: विवादों का समाधान और सामंजस्य
उद्योगों में अक्सर श्रमिक-नियोक्ता संबंध कमजोर हो जाते हैं, जिसके कारण हड़ताल, तालाबंदी, उत्पादन रुकना और रोजगार अस्थिरता जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। औद्योगिक संबंध संहिता 2020 का उद्देश्य श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच संतुलन स्थापित करना है। इसमें श्रमिक संगठनों की रजिस्ट्री, हड़ताल-नियमों की स्पष्टता, विवादों के समाधान के लिए संस्थागत प्रावधान और उद्योगों में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। इससे उद्योगों को स्थायित्व मिलेगा और श्रमिकों को उनके अधिकारों की सुरक्षा का विश्वास भी।
सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020: असंगठित श्रमिकों के लिए वरदान
सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 भारत के असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों श्रमिकों के लिए एक बहुत बड़ा कदम है। इसके तहत ईएसआईसी, ईपीएफ, पेंशन, मातृत्व लाभ, विकलांगता सहायता और मृत्यु लाभ जैसी सुविधाएं अब असंगठित और गिग वर्करों तक भी पहुंचेंगी। ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से श्रमिकों की पहचान और डेटा तैयार किया जाएगा, जिससे सरकारी योजनाएं सीधे श्रमिकों तक पहुंचेंगी। यह कानून श्रमिकों को उनके भविष्य के लिए सुरक्षा प्रदान करेगा, जिससे अचानक संकट आने पर उन्हें आर्थिक असुरक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
व्यावसायिक सुरक्षा संहिता 2020: कार्यस्थल पर सुरक्षा और सम्मान
कई बार निर्माण कार्य, खदान, फैक्टरी और अन्य कार्यस्थलों पर दुर्घटनाएँ होती हैं जिनमें श्रमिकों को गंभीर चोटें पहुंचती हैं या उनकी मृत्यु तक हो जाती है। व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य-स्थिति संहिता 2020 कार्यस्थलों को सुरक्षित बनाने पर जोर देती है। नियोक्ताओं को श्रमिकों के लिए सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जांच और सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यह संहिता खासतौर पर उन उद्योगों में महत्वपूर्ण है जहाँ काम के दौरान जोखिम अधिक रहता है।
आर्थिक विकास पर प्रभाव
नई श्रम संहिताओं से भारत की अर्थव्यवस्था को कई सकारात्मक प्रभाव मिलेंगे। पहला, इन कानूनों से निवेश बढ़ेगा, क्योंकि उद्योगों को एक सरल और स्पष्ट कानूनी व्यवस्था मिलेगी। दूसरा, श्रमिकों की उत्पादकता बढ़ेगी, क्योंकि सुरक्षा, वेतन और सामाजिक सुरक्षा मिलने से उनका मनोबल बढ़ेगा। तीसरा, संगठित रोजगार बढ़ेगा, जिससे देश में बेरोजगारी कम होगी। चौथा, श्रम बल के डेटा के डिजिटलीकरण से योजनाएं प्रभावी रूप से लागू होंगी, जिससे सरकारी खर्च में पारदर्शिता आएगी।
चुनौतियाँ और सुधार की दिशा
हालाँकि इन श्रम संहिताओं को पूरी तरह सफल बनाने के लिए केवल कानून बनाना ही पर्याप्त नहीं है। इसके क्रियान्वयन में कई चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं, जैसे— सभी राज्यों में समान रूप से लागू होना, श्रमिकों का पंजीकरण, नियोक्ताओं द्वारा नियमों का पालन, और जागरूकता की कमी। इसलिए सरकार, उद्योग और समाज को मिलकर इन संहिताओं को सफल बनाना होगा। श्रमिक शिक्षा, डिजिटल साक्षरता, पारदर्शी निरीक्षण प्रणाली तथा शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करना आवश्यक होगा।
नई श्रम संहिताएं भारत के श्रमिक वर्ग के लिए एक नई उम्मीद का प्रतीक हैं। इनसे न केवल श्रमिकों का जीवन सुरक्षित और सम्मानपूर्ण बनेगा, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। ये संहिताएं विकास, समानता और न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। यदि इनका प्रभावी क्रियान्वयन किया गया, तो भारत आने वाले वर्षों में एक अधिक सुरक्षित, उत्पादक और समावेशी श्रम बाजार के रूप में उभर सकता है। श्रमिक ही राष्ट्र निर्माण की धुरी हैं और इन संहिताओं से उन्हें मिलने वाले अधिकार निश्चित रूप से भारत को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाएंगे।
K.K. -
05/12/25केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज अहमदाबाद, गुजरात में ‘सांसद खेल महोत्सव 2025’ के समापन समारोह को संबोधित किया
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज अहमदाबाद, गुजरात में ‘सांसद खेल महोत्सव 2025’ के समापन समारोह को संबोधित किया
मोदी जी ने ‘सांसद खेल महोत्सव’ की शुरुआत कर खेल प्रतिभाओं को एक मजबूत मंच, प्रेरणा व टैलेंट सर्च की एक सशक्त शुरुआत की
खेलकूद से जीवन में अनुशासन, टीम स्पिरिट और धैर्य के गुण विकसित होते हैं
गांधीनगर में आयोजित ‘सांसद खेल महोत्सव’ में डेढ़ लाख से अधिक रिकॉर्ड पंजीकरण, जिनमें लगभग 70 हज़ार महिलाएँ हैं
‘खेलो गुजरात’, खेल महाकुंभ, टैलेंट सर्च, स्पोर्ट्स स्कूल और मॉडर्न ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से देश की सबसे बड़ी स्पोर्ट्स मूवमेंट गुजरात में हुई है
आगामी खेल महोत्सव में बेटों से ज्यादा संख्या बेटियों की हो और विजेता भी अधिकतर बेटियाँ ही हों
गुजरात ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2030 की मेजबानी हासिल कर ली है, अहमदाबाद को 2036 में ओलंपिक का स्वागत करने के लिए भी तैयार रहना है
जब भारत में ओलंपिक होगा, तब सबसे अधिक मेडल जीतने वाला राज्य गुजरात हो
वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बन चुका है, जहाँ खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय कोचिंग और सुविधाएँ उपलब्ध हैं
2014 में खेलों के लिए बजट मात्र 800 करोड़ रुपए था, 2025 में यह 5 गुना बढ़कर लगभग 4,000 करोड़ रुपए हुआप्रविष्टि तिथि: 05 DEC 2025 10:17PM by PIB Delhi
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज अहमदाबाद, गुजरात में ‘सांसद खेल महोत्सव 2025’ के समापन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल और उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि करीब पाँच वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने अनूठा विचार रखा था कि प्रत्येक वर्ष “सांसद खेल महोत्सव” का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि आज गाँधीनगर लोकसभा क्षेत्र में यह तीसरा खेल महोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हो रहा है। जब मोदी जी ने यह विचार रखा था, तब शायद उन्हें छोड़कर किसी को पता नहीं था कि इस छोटे से विचार में कितनी बड़ी ताकत और कितना संकल्प समाहित है। श्री शाह ने कहा कि डेढ़ लाख से ज्यादा विद्यार्थी, युवा और वरिष्ठ नागरिक इस सांसद खेल महोत्सव में भाग लेकर अपने जीवन में खेल, फिटनेस और स्वास्थ्य को अपनाने का प्रयास कर रहे हैं। इस माध्यम से देश भर में अनेक खेल प्रतिभाओं को एक मजबूत मंच मिला है, खिलाड़ियों को प्रेरणा मिली है और इसी के साथ टैलेंट सर्च की एक सशक्त शुरुआत हुई है।
श्री अमित शाह ने कहा कि मोदी जी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने “खेल महोत्सव गुजरात” की शुरुआत की थी। उसके बाद जब वे देश के प्रधानमंत्री बने, तब भी उन्होंने हर युवा को खेलने, खेलकूद के लिए जिज्ञासा जगाने, सुविधाएँ उपलब्ध कराने, प्रशिक्षण देने और स्पर्धाओं में भाग लेने की प्रेरणा दी है।
गृह मंत्री ने कहा कि व्यक्ति के जीवन में खेलकूद का बहुत महत्व है। हार के बाद निराश न होना और फिर से उठकर मेहनत करना – यह सीख कोई किताबी ज्ञान नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि आज यहाँ कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल सहित सभी खेलों के खिलाड़ी उपस्थित हैं, लेकिन कोई भी टीम ऐसी नहीं होगी जो हारने के बाद विजेता बन गई हो। उन्होंने कहा कि हारने के बाद खेल छोड़ना नहीं, बल्कि अगले दिन जीतने के जुनून के साथ फिर मैदान में उतरना – यही गुण हमें जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाता है, और जीतने के बाद अहंकार नहीं करना, बल्कि अपने साथी के कंधे पर हाथ रखकर स्पोर्ट्समैन स्पिरिट के साथ उसे आगे बढ़ने की शुभकामनाएँ देना – यह अनमोल शिक्षा भी हमें खेल के मैदान से ही मिलती है।
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि गाँधीनगर लोकसभा क्षेत्र में यह सांसद खेल महोत्सव तीन चरणों में आयोजित हुआ था – 24 से 30 अक्टूबर तक ग्रामीण एवं वार्ड स्तर पर, 6 से 14 नवंबर तक विधानसभा स्तर पर, और 21 नवंबर से 2 दिसंबर तक लोकसभा स्तर पर। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि गाँधीनगर लोकसभा क्षेत्र की सभी सात विधानसभाओं को मिलाकर कुल 1 लाख 57 हजार खिलाड़ियों ने इसमें पंजीकरण कराया। इनमें लगभग 87 हजार पुरुष और 70 हजार महिला प्रतिभागी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वह अपनी बेटियों को एक चुनौती दे रहे हैं कि आगामी खेल महोत्सव में बेटों से ज्यादा संख्या बेटियों की होनी चाहिए और विजेता भी अधिकतर बेटियाँ ही हों। उन्होंने कहा कि इन 1 लाख 57 हजार खिलाड़ियों में से 8,500 से अधिक खिलाड़ी विजेता बने, लेकिन शेष 1 लाख 48 हजार से ज्यादा खिलाड़ी भी विजय का संकल्प लेकर, हार से निराश न होकर आगे बढ़ने की सीख लेकर फिर मैदान में उतरेंगे। उनके जीवन में यह जिजीविषा और महत्वाकांक्षा ही प्रगति के सबसे बड़े प्रेरणा-स्रोत बनेंगी।
श्री अमित शाह ने कहा कि इस सांसद खेल महोत्सव में सात आयु-वर्ग (कैटेगरी) शामिल किए गए थे, जिनमें अंडर-9, अंडर-11, अंडर-14, अंडर-17, ओवर-40, ओवर-50 और ओवर-60 शामिल हैं। सभी आयु-वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सानंद में ही लगभग 59,000 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। एथलेटिक्स, बैडमिंटन, शतरंज, मलखंब, तैराकी, योगासन, खो-खो, कबड्डी और वॉलीबॉल – इन सभी खेलों में कुल मिलाकर 59,000 से अधिक खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने सांसदों से जो अपील की थी, वह अपील आज पूरे देश के विद्यार्थियों, बालकों और जवानों के लिए मार्गदर्शक बन गई है। अनुशासन, टीम स्पिरिट, धैर्य और स्पोर्ट्समैन स्पिरिट – ये चार गुण यदि जीवन में विकसित करने हैं, तो केवल खेलकूद ही कर सकता है। उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव के माध्यम से प्रतिभा की पहचान हो रही है, हमारे अंदर छिपी ताकत का परिचय हो रहा है, फिट इंडिया मूवमेंट के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, नशा-मुक्त भारत अभियान को बल मिल रहा है और हर क्षेत्र, हर आयु-वर्ग को समान अवसर मिल रहा है। यही कारण है कि आज सांसद खेल महोत्सव पूरे देश में अत्यंत लोकप्रिय हो गया है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स लगभग 800 करोड़ रुपए के खर्च से अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बन चुका है, जहाँ खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय कोचिंग और सुविधाएँ उपलब्ध हैं। ऐसे अनेक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स देश भर में बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात ने तो कॉमनवेल्थ गेम्स-2030 की मेजबानी की बिड जीत ली है। श्री शाह ने कहा कि अहमदाबाद के लोगों को 2036 में ओलंपिक का स्वागत करने के लिए भी तैयार रहना है। उन्होंने कहा कि पुलिस गेम्स, कॉमनवेल्थ और अंत में ओलंपिक – ये सारी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाएँ गुजरात और अहमदाबाद में होंगी। लेकिन केवल आयोजन करना ही काफी नहीं है। श्री शाह ने गुजरात के सभी खिलाड़ियों से आह्वान किया कि जब भारत में ओलंपिक होगा, तब सबसे अधिक मेडल जीतने वाला राज्य यदि कोई बने, तो वह हमारा गुजरात बने। इसके लिए खिलाड़ियों, कोचों और सभी खेल संस्थाओं को आज से ही तैयारी शुरू करनी है।
श्री अमित शाह ने कहा कि गुजरात में “खेलो गुजरात”, खेल महाकुंभ, टैलेंट सर्च, स्पोर्ट्स स्कूल, एकेडमी और मॉडर्न ट्रेनिंग सेंटर – इन सबके माध्यम से देश की सबसे बड़ी स्पोर्ट्स मूवमेंट किसी एक राज्य में तैयार हुई है, तो वह गुजरात है। इससे राज्य के खिलाड़ियों को काफी लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि एसपी एनक्लेव बन रहा है, हाई परफॉर्मेंस सेंटर बन रहे हैं। नडियाद में हाई परफॉर्मेंस सेंटर पहले से चल रहा है, जो 200 से अधिक खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहा है।
गृह मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने मोदी जी के नेतृत्व में खेलों को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएँ शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में खेलों के लिए बजट मात्र 800 करोड़ रुपए था, लेकिन 2025 में यह 5 गुना बढ़कर लगभग 4,000 करोड़ रुपए तक पहुँच गया है। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि भारत के खिलाड़ियों को कॉमनवेल्थ गेम्स 2014 में 15 मेडल, 2018 में 26 और 2022 में 22 मेडल जीतने में कामयाबी मिली है। वहीं, एशियन गेम्स में पहले मिले 57 के मुकाबले अब 107 मेडल मिले हैं। पैरा-एशियन गेम्स में 33 के स्थान पर 111 मेडल जीते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जब भारत में ओलंपिक होगा, तब मेडल तालिका में भारत का स्थान पहले पाँच में जरूर होगा।
श्री अमित शाह ने कहा कि वह खिलाड़ियों को यह संकल्प दिलाना चाहते हैं कि वे जीवन भर व्यसन से दूर रहेंगे। वह संकल्प लें कि कोई भी नशा न उनके मन को स्वीकार होगा न ही शरीर को। उन्होंने कहा कि खेल हमें स्वतः ही व्यसनमुक्त बनाता है। श्री शाह ने यह संकल्प लेने को भी कहा कि हर खिलाड़ी कम से कम 5 पौधे अपने घर के आसपास, अपने स्कूल में, खेल के मैदान में या गाँव-शहर में लगाए और उनकी देखभाल करे। उन्होंने कहा कि आने वाले महीने में हम “ग्रीन गांधीनगर मूवमेंट” को नई गति देने जा रहे हैं। आने वाली वर्षा ऋतु में गांधीनगर रिकॉर्ड-तोड़ वृक्षारोपण करने जा रहा है।
गृह मंत्री ने कहा कि वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स महान क्रांतिकारी वीर सावरकर जी के नाम पर बनाया गया है। स्वतंत्रता संग्राम में सावरकर जी सबसे प्रखर देशभक्त और क्रांतिवीरों में से एक थे। उनके नाम वाला यह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स हमें हर दिन यही संदेश देता है कि जैसे सावरकर जी ने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, वैसे ही हम भी देशभक्ति की भावना को अपने अंदर जीवित रखें। उन्होंने कहा कि यहाँ आने वाला हर खिलाड़ी सावरकर जी से देशभक्ति की प्रेरणा ले और उसे अपने जीवन में उतारे।
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05/12/25रूस के राष्ट्रपति की भारत की राजकीय यात्रा के परिणामों की सूची
समझौता ज्ञापन और समझौते
प्रवासन और गतिशीलता:
एक देश के नागरिकों के दूसरे देश के क्षेत्र में अस्थायी श्रम गतिविधि पर भारत सरकार और रूस की सरकार के बीच समझौता।
भारत सरकार और रूस की सरकार के बीच अनियमित प्रवासन से निपटने में सहयोग पर समझौता।
स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा:
स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग हेतु भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच समझौता।
खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण और रूस की सरकार की उपभोक्ता अधिकार संरक्षण एवं मानव कल्याण पर निगरानी की संघीय सेवा के बीच समझौता।
समुद्री सहयोग और ध्रुवीय जलक्षेत्र:
ध्रुवीय जलक्षेत्र में संचालित जहाजों के लिए विशेषज्ञों के प्रशिक्षण पर भारत सरकार के पत्तन, पोत परिवाहन और जलमार्ग मंत्रालय तथा रूस की सरकार के परिवहन मंत्रालय के बीच समझौता ज्ञापन।
भारत सरकार के पत्तन, पोत परिवाहन और जलमार्ग मंत्रालय और रूस के समुद्री बोर्ड के बीच समझौता ज्ञापन।
उर्वरक:
मेसर्स जेएससी यूरालकेम और मेसर्स राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड तथा नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड और इंडियन पोटाश लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापन।
सीमा शुल्क एवं वाणिज्य:
भारत और रूस के बीच माल और वाहनों के संबंध में आगमन-पूर्व सूचना के आदान-प्रदान में सहयोग के लिए भारत सरकार के केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड तथा रूस की संघीय सीमा शुल्क सेवा के बीच प्रोटोकॉल।
भारत सरकार के संचार मंत्रालय के डाक विभाग और जेएससी "रूसी पोस्ट" के बीच द्विपक्षीय समझौता।
शैक्षणिक सहयोग:
पुणे स्थित रक्षा उन्नत प्रौद्योगिकी संस्थान और रूस के फेडल स्टेट ऑटोनोमस उच्च शिक्षा संस्थान "नेशनल टॉम्स्क स्टेट यूर्निवसिटी", टॉम्स्क के बीच वैज्ञानिक और शैक्षणिक सहयोग पर समझौता ज्ञापन।
मुंबई विश्वविद्यालय, लोमोनोसोव मॉस्को स्टेट विश्वविद्यालय और रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष की संयुक्त-स्टॉक कंपनी प्रबंधन कंपनी के बीच सहयोग संबंधी समझौता।
मीडिया सहयोग:
प्रसार भारती, भारत और संयुक्त स्टॉक कंपनी गज़प्रोम-मीडिया होल्डिंग, रूस संघ के बीच प्रसारण पर सहयोग और सहभागिता हेतु समझौता ज्ञापन।
भारत के प्रसार भारती और रूस के नेशनल मीडिया ग्रुप के बीच प्रसारण पर सहयोग और सहभागिता के लिए हेतु समझौता ज्ञापन।
भारत के प्रसार भारती और द बिग एशिया मीडिया ग्रुप के बीच प्रसारण पर सहयोग और सहभागिता के लिए समझौता ज्ञापन।
भारत के प्रसार भारती और एएनओ "टीवी-नोवोस्ती" के बीच प्रसारण सहयोग और सहभागिता हेतु समझौता ज्ञापन का परिशिष्ट।
"टीवी ब्रिक्स" संयुक्त स्टॉक कंपनी और "प्रसार भारती" के बीच समझौता ज्ञापन।
घोषणाएँ
भारत-रूस आर्थिक सहयोग के रणनीतिक क्षेत्रों के विकास के लिए 2030 तक का कार्यक्रम।
रूसी पक्ष ने अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) में शामिल होने के लिए फ्रेमवर्क समझौते को अपनाने का निर्णय लिया है।
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय एवं हस्तकला अकादमी और मास्को स्थित ज़ारित्सिनो स्टेट ऐतिहासिक, वास्तुशिल्प, कला एवं भूदृश्य संग्रहालय-रिजर्व के बीच प्रदर्शनी "इंडिया: फैवरिक ऑफ टाइम" के लिए समझौता।
रूसी नागरिकों को पारस्परिक आधार पर 30 दिनों का निःशुल्क ई-पर्यटक वीज़ा प्रदान किया जाएगा।
रूसी नागरिकों को निःशुल्क समूह पर्यटक वीज़ा प्रदान किया जाएगा।
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05/12/2523वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद संयुक्त वक्तव्य
भारत-रूस: विश्वास और पारस्परिक सम्मान पर आधारित दीर्घकालिक कसौटी पर सिद्ध प्रगतिशील साझेदारी
भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर, रूसी संघ के राष्ट्रपति श्री व्लादिमीर पुतिन 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए 04-05 दिसंबर, 2025 को भारत की राजकीय यात्रा पर आए।
दोनों देशों के नेताओं ने भारत और रूस के बीच विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की। यह वर्ष भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की 25वीं वर्षगांठ है, जिसे अक्टूबर 2000 में राष्ट्रपति श्री व्लादिमीर पुतिन की भारत की पहली राजकीय यात्रा के दौरान स्थापित किया गया था।
दोनों नेताओं ने इस दीर्घकालिक और समय की कसौटी पर सिद्ध संबंध की विशेष प्रकृति पर जोर दिया, जो आपसी विश्वास, एक-दूसरे के मूल राष्ट्रीय हितों के प्रति सम्मान और रणनीतिक संयोजन की विशेषता है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि साझा जिम्मेदारियों वाली प्रमुख शक्तियों के रूप में, यह महत्वपूर्ण संबंध वैश्विक शांति और स्थिरता का आधार बना हुआ है जिसे समान और अविभाज्य सुरक्षा के आधार पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
दोनों नेताओं ने बहुआयामी और पारस्परिक रूप से लाभकारी भारत-रूस संबंधों का सकारात्मक मूल्यांकन किया, जो राजनीतिक और रणनीतिक, सैन्य और सुरक्षा, व्यापार और निवेश, ऊर्जा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, परमाणु, अंतरिक्ष, सांस्कृतिक, शिक्षा और मानवीय सहयोग सहित सहकार के सभी क्षेत्रों में फैले हुए हैं। इस बात पर संतोष व्यक्त किया गया कि दोनों पक्ष पारंपरिक क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करते हुए सहयोग के नए रास्ते सक्रिय रूप से तलाश रहे हैं।
दोनों नेताओं ने जोर देकर कहा कि मौजूदा जटिल, चुनौतीपूर्ण और अनिश्चित भू-राजनीतिक स्थिति की पृष्ठभूमि में भारत-रूस संबंध सशक्त बने हुए हैं। दोनों पक्षों ने एक समकालीन, संतुलित, पारस्परिक रूप से लाभप्रद, टिकाऊ और दीर्घकालिक साझेदारी बनाने का प्रयास किया है। भारत-रूस संबंधों के विकास के संपूर्ण परिदृश्य में एक साझा विदेश नीति हमारी प्राथमिकता है। दोनों नेताओं ने रणनीतिक साझेदारी की पूरी क्षमता का लाभ उठाने के लिए सभी प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की।
दोनों नेताओं ने येकातेरिनबर्ग और कजान में भारत के दो महावाणिज्य दूतावासों के उद्घाटन का स्वागत किया और अंतर-क्षेत्रीय सहयोग, व्यापार और आर्थिक संबंधों तथा जन-जन के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए उनके शीघ्र कार्यान्वयन की आशा व्यक्त की।
दोनों नेताओं ने पिछले शिखर सम्मेलन के बाद से सभी स्तरों पर संपर्कों में निरंतर वृद्धि पर संतोष व्यक्त किया, जिसमें कजान में 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और तियानजिन में 25वें एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान उनके बीच हुई बैठकें; भारत के विदेश मंत्री और रूस के फर्सट डिप्टी प्राइम मिनिस्टर की सह-अध्यक्षता में व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग (आईआरआईजीसी-टीईसी) पर भारत-रूस इंटर गवर्नमेंटल कमिशन (आईआरआईजीसी) के 26वें सत्र का आयोजन और दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की सह-अध्यक्षता में सैन्य तथा सैन्य-तकनीकी सहयोग (आईआरआईजीसी-एमएंडएमटीसी) पर आईआरआईजीसी के 22वें सत्र का आयोजन; भारतीय पक्ष से लोकसभा अध्यक्ष, विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, रेल, सूचना प्रौद्योगिकी और सूचना एवं प्रसारण मंत्री, गृह राज्य मंत्री, रक्षा, युवा कार्यक्रम और खेल, कपड़ा और नीति आयोग के उपाध्यक्ष की यात्राएं, रूस के स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष, फर्स्ट डिप्टी प्राइम मिनिस्टर, डिप्टी प्राइम मिनिस्टर, ऊर्जा मंत्री, संस्कृति मंत्री की यात्राएं; और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के स्तर पर रणनीतिक वार्ता, विदेश कार्यालय परामर्श, संयुक्त राष्ट्र के मुद्दों पर परामर्श, आतंकवाद की रोकथाम पर संयुक्त कार्य समूह की बैठक आदि का आयोजन शामिल हैं।
व्यापार और आर्थिक साझेदारी
दोनों नेताओं ने रूस को भारत के निर्यात में वृद्धि, औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने, विशेष रूप से उन्नत उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में नई तकनीकी और निवेश साझेदारियां बनाने और सहयोग के नए रास्ते और रूप खोजने सहित, एक संतुलित और टिकाऊ तरीके से द्विपक्षीय व्यापार का विस्तार करने की अपनी साझा महत्वाकांक्षा की पुष्टि की।दोनों नेताओं ने 2030 तक भारत-रूस आर्थिक सहयोग के रणनीतिक क्षेत्रों के विकास के लिए कार्यक्रम (कार्यक्रम 2030) को अपनाने का स्वागत किया।
दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रों को शामिल करते हुए भारत और यूरेशियन आर्थिक संघ के बीच वस्तुओं पर एक मुक्त व्यापार समझौते पर संयुक्त कार्यक्रम की मौजूदा तीव्रता की सराहना की। उन्होंने दोनों पक्षों को निवेश के संवर्धन और संरक्षण पर पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते पर बातचीत के प्रयासों को तेज करने का भी निर्देश दिया।
दोनों नेताओं ने व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-रूस इंटर गवर्नमेंटर कमिशन (आईआरआईजीसी-टीईसी) के 25वें और 26वें सत्रों तथा नई दिल्ली (नवंबर 2024) और मॉस्को (अगस्त 2025) में आयोजित भारत-रूस व्यापार मंच के परिणामों का स्वागत किया।
दोनों पक्षों ने विश्व व्यापार संगठन को केंद्र में रखते हुए एक खुली, समावेशी, पारदर्शी और भेदभाव रहित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के महत्व को रेखांकित किया। दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि टैरिफ और गैर-टैरिफ व्यापार बाधाओं का समाधान, लॉजिस्टिक में आने वाली बाधाओं को दूर करना, संपर्क को बढ़ावा देना, सुचारू भुगतान व्यवस्था सुनिश्चित करना, बीमा और पुनर्बीमा के मुद्दों के लिए पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान खोजना और दोनों देशों के व्यवसायों के बीच नियमित संपर्क, 2030 तक 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के संशोधित द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को समय पर प्राप्त करने को लेकर प्रमुख घटकों में से हैं।
रूस और भारत द्विपक्षीय व्यापार के निर्बाध रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय मुद्राओं के इस्तेमाल के माध्यम से द्विपक्षीय निपटान प्रणालियों को संयुक्त रूप से विकसित करने पर सहमत हुए। इसके अतिरिक्त, दोनों पक्षों ने राष्ट्रीय भुगतान प्रणालियों, वित्तीय संदेश प्रणालियों और केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा प्लेटफार्मों की अंतर-संचालनीयता को सक्षम करने पर अपने परामर्श जारी रखने को लेकर सहमति व्यक्त की है।
दोनों पक्षों ने भारत को उर्वरकों की दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों का स्वागत किया और इस क्षेत्र में संयुक्त उद्यमों की स्थापना की संभावना पर चर्चा की।
दोनों पक्षों ने कुशल श्रमिकों की गतिशीलता से संबंधित समझौतों पर हस्ताक्षर का स्वागत किया।
रूसी पक्ष ने सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकनॉमिक फोरम (जून 2025) और ईस्टर्न इकनॉमिक फोरम (सितंबर 2025) में भारतीय प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारी का स्वागत किया। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार, आर्थिक और निवेश सहयोग को बढ़ावा देने के लिए इन आर्थिक मंचों के दौरान आयोजित भारत-रूस व्यापार वार्ता के योगदान का जिक्र किया।
दोनों नेताओं ने ऊर्जा स्रोतों, कीमती पत्थरों और धातुओं सहित खनिज संसाधनों में उत्पादक और पारस्परिक रूप से लाभप्रद द्विपक्षीय व्यापार के महत्व के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं की विश्वसनीयता के लिए महत्वपूर्ण कच्चे माल के महत्व को भी नोट किया। इस क्षेत्र में रूस और भारत द्वारा संप्रभु राज्यों के रूप में किया गया कुशल सहयोग उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक कल्याण का एक महत्वपूर्ण घटक है।
ऊर्जा साझेदारी
दोनों पक्षों ने विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में ऊर्जा क्षेत्र में अपने व्यापक सहयोग पर चर्चा करते हुए इसकी सराहना की। दोनों पक्षों ने तेल और तेल उत्पाद, तेल शोधन और पेट्रोकेमिकल प्रौद्योगिकी, तेल क्षेत्र सेवाएं और अपस्ट्रीम प्रौद्योगिकी एवं संबंधित इन्फ्रास्ट्रक्चर, एलएनजी और एलपीजी से संबंधित इन्फ्रास्ट्रक्चर, अपने देशों में विभिन्न मौजूदा परियोजनाओं, भूमिगत कोयला गैसीकरण (यूसीजी) प्रौद्योगिकी, परमाणु परियोजनाओं आदि जैसे क्षेत्रों में भारतीय और रूसी कंपनियों के बीच वर्तमान और संभावित सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने इस क्षेत्र में निवेश परियोजनाओं से संबंधित मुद्दों के शीघ्र समाधान के महत्व पर भी ध्यान दिया और ऊर्जा क्षेत्र में अपने निवेशकों के समक्ष आ रही विभिन्न समस्याओं का समाधान करने पर सहमति व्यक्त की।
परिवहन और संपर्क
दोनों पक्षों ने इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांस्पोर्ट कॉरिडोर (आईएनएसटीसी), चेन्नई-व्लादिवोस्तोक (पूर्वी समुद्री) गलियारे और उत्तरी समुद्री मार्ग का समर्थन करने के लिए संपर्क में सुधार और बुनियादी ढांचे की क्षमता को बढ़ाने के लिए लॉजिस्टिक लिंक के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करते हुए स्थिर और कुशल परिवहन गलियारों के निर्माण में सहयोग को बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने ध्रुवीय जल में परिचालित जहाजों के लिए विशेषज्ञों के प्रशिक्षण पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाने का स्वागत किया।
दोनों पक्षों ने रूस और भारत के रेलवे के बीच लाभदायक सहयोग का जिक्र किया, जिसका उद्देश्य पारस्परिक रूप से लाभकारी प्रौद्योगिकी विनिमय के क्षेत्र में साझेदारी स्थापित करना है।
रूसी सुदूर पूर्व और आर्कटिक में सहयोग
दोनों पक्षों ने रूसी संघ के सुदूर पूर्व और आर्कटिक क्षेत्र में व्यापार और निवेश सहयोग को तेज करने की अपनी तत्परता की पुष्टि की। 2024-2029 की अवधि के लिए रूसी सुदूर पूर्व में व्यापार, आर्थिक और निवेश क्षेत्रों में भारत-रूस सहयोग कार्यक्रम भारत और रूसी सुदूर पूर्व क्षेत्र के बीच विशेष रूप से कृषि, ऊर्जा, खनन, जनशक्ति, हीरे, फार्मास्यूटिकल, समुद्री परिवहन आदि के क्षेत्रों में आगामी सहयोग के लिए आवश्यक संरचना प्रदान करता है।
दोनों पक्षों ने आर्कटिक से संबंधित मुद्दों पर नियमित द्विपक्षीय परामर्श आयोजित करने के महत्व को चिन्हित किया और उत्तरी समुद्री मार्ग पर बहुआयामी द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति का स्वागत किया। रूसी पक्ष ने मार्च 2025 में मरमंस्क में आयोजित 6वें इंटरनेशनल आर्कटिक फोरम में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी की सराहना की। भारतीय पक्ष ने आर्कटिक काउंसिल में एक पर्यवेक्षक के रूप में सक्रिय भूमिका निभाने की अपनी तत्परता व्यक्त की।
असैन्य परमाणु सहयोग, अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोगदोनों पक्षों ने ईंधन चक्र, कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र (केकेएनपीपी) और गैर-ऊर्जा अनुप्रयोगों के संचालन के लिए जीवन चक्र समर्थन सहित परमाणु ऊर्जा में सहयोग को व्यापक बनाने के अपने इरादे की पुष्टि की दोनों पक्षों ने भारत सरकार की 2047 तक भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 गीगावाट तक बढ़ाने की योजना को ध्यान में रखते हुए, रणनीतिक साझेदारी के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग में सहयोग के महत्व पर ध्यान दिया।
दोनों पक्षों ने शेष परमाणु ऊर्जा संयंत्र इकाइयों के निर्माण सहित केकेएनपीपी के कार्यान्वयन में हुई प्रगति का स्वागत किया और उपकरणों एवं ईंधन की आपूर्ति के लिए समय-सीमा का पालन करने पर सहमति व्यक्त की।
दोनों पक्षों ने परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए भारत में दूसरे स्थल पर आगामी चर्चा के महत्व पर ध्यान केंद्रित किया, भारतीय पक्ष पहले हस्ताक्षरित समझौतों के अनुसार दूसरे स्थल के औपचारिक आवंटन को अंतिम रूप देने का प्रयास करेगा।
दोनों पक्षों ने रूसी डिजाइन, अनुसंधान और एनपीपी के संयुक्त विकास, रूसी डिजाइन वाले बड़े क्षमता वाले एनपीपी के लिए परमाणु उपकरणों और ईंधन संयोजनों के स्थानीयकरण और संयुक्त विनिर्माण के वीवीईआर पर तकनीकी और वाणिज्यिक चर्चाओं में तेजी लाने पर सहमति व्यक्त की, जो पारस्परिक रूप से सहमत नियमों और शर्तों के अधीन हैं।
अंतरिक्ष में सहयोग के महत्व को ध्यान में रखते हुए, दोनों पक्षों ने मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रमों, उपग्रह नेविगेशन और ग्रहों की खोज सहित शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बाह्य अंतरिक्ष के उपयोग में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और रूसी राज्य अंतरिक्ष निगम "रोस्कोस्मोस" के बीच बढ़ी हुई साझेदारी का स्वागत किया। उन्होंने रॉकेट इंजन के विकास, उत्पादन और उपयोग में पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग में प्रगति का जिक्र किया।
सैन्य और सैन्य तकनीकी सहयोगसैन्य और सैन्य-तकनीकी सहयोग पारंपरिक रूप से भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी का एक स्तंभ रहा है, जो आईआरआईजीसी-एमएंडएमटीसी द्वारा संचालित कई दशकों के संयुक्त प्रयासों और लाभदायक सहयोग के माध्यम से लगातार मजबूत हुआ है।
दोनों नेताओं ने 4 दिसंबर, 2025 को नई दिल्ली में आयोजित आईआरआईजीसी-एमएंडएमटीसी के 22वें सत्र के निष्कर्षों का स्वागत किया। भारत की आत्मनिर्भरता की चाहत को देखते हुए, यह साझेदारी वर्तमान में उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकी और प्रणालियों के संयुक्त अनुसंधान एवं विकास, सह-विकास और सह-उत्पादन की ओर उन्मुख हो रही है।
दोनों नेताओं ने जून 2025 में किंगदाओ में एससीओ सदस्य-राष्ट्रों के रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान रक्षा मंत्रियों की बैठक सहित नियमित सैन्य संपर्कों पर संतोष व्यक्त किया। दोनों पक्षों ने सशस्त्र बलों के संयुक्त सैन्य अभ्यास इंद्र की सराहना की और संयुक्त सैन्य सहयोग गतिविधियों की गति बनाए रखने और सैन्य प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान का विस्तार करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
दोनों पक्षों ने मेक-इन-इंडिया कार्यक्रम के तहत रूस में निर्मित हथियारों और रक्षा उपकरणों के रखरखाव के लिए कल-पुर्जे, औजारों, पूरक सामग्रियों और अन्य उत्पादों के भारत में संयुक्त निर्माण को प्रोत्साहित करने पर सहमति व्यक्त की, जिसके लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और भारतीय सशस्त्र बलों की जरूरतों को पूरा करने के लिए संयुक्त उद्यमों की स्थापना के साथ-साथ पारस्परिक रूप से मित्र देशों को निर्यात करना भी शामिल है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग:
दोनों पक्षों ने महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सरकार-से-सरकार, शिक्षा जगत और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
उभरती प्रौद्योगिकियों और उन्नत विनिर्माण के लिए महत्वपूर्ण खनिजों के रणनीतिक महत्व को स्वीकार करते हुए, दोनों पक्षों ने महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ मृदाओं की खोज, प्रसंस्करण और रिसाइक्लिंग प्रौद्योगिकियों में सहयोग को मजबूत करने में रुचि दिखाई।
विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में संयुक्त अनुसंधान के महत्व पर बल देते हुए, दोनों पक्षों ने "विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सहयोग के रोडमैप" के अंतर्गत सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया। वे संयुक्त अनुसंधान एवं विकास तथा प्रौद्योगिकियों के विकास सहित नवीन प्रौद्योगिकियों के माध्यम से सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने हेतु दोनों देशों के स्टार्ट-अप उद्योगों और लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए अवसरों का लाभ उठाने हेतु सरकारी और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग को सुगम बनाने पर सहमत हुए। उन्होंने डिजिटल प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग को और विकसित करने में अपनी रुचि की पुष्टि की, जिसमें सूचना रक्षण, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और कानून प्रवर्तन से संबंधित क्षेत्र शामिल हैं। दोनों पक्ष ज्ञान के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और नवप्रवर्तकों एवं उद्यमियों की अधिक सहभागिता को सक्षम बनाने हेतु स्टार्ट-अप उद्योगों के लिए सॉफ्ट सपोर्ट कार्यक्रमों को डिजाइन और कार्यान्वित करने पर सहमत हुए।
विज्ञान और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भारत एवं रूस के बीच परस्पर संबंधों के मौजूदा समृद्ध अनुभव को ध्यान में रखते हुए, दोनों पक्षों ने शैक्षिक और वैज्ञानिक संगठनों के बीच साझेदारी संबंध विकसित करने में पारस्परिक रुचि व्यक्त की, जिसमें विभिन्न प्रकार की शैक्षणिक गतिशीलता, शैक्षिक कार्यक्रमों, वैज्ञानिक और अनुसंधान परियोजनाओं का कार्यान्वयन और विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों, सम्मेलनों, सेमिनारों का आयोजन शामिल है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचारों में संयुक्त अनुसंधान के महत्व पर बल देते हुए, दोनों पक्षों ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचारों में भारतीय-रूसी सहयोग के रोडमैप के ढांचे के भीतर सहयोग का विस्तार करने की अपनी तत्परता की पुष्टि की।
सांस्कृतिक सहयोग, पर्यटन और जन-जन का आदान-प्रदान
दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि सांस्कृतिक संपर्क और जन-जन का आदान-प्रदान भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण घटक है। उन्होंने दोनों देशों में आयोजित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक मंचों, पुस्तक मेलों, त्योहारों और कला प्रतियोगिताओं में भागीदारी की सराहना की और भारतीय और रूसी संस्कृति के पूर्ण प्रदर्शन के उद्देश्य से अपने देशों में सांस्कृतिक आदान-प्रदान समारोहों के समानता के आधार पर आयोजन का स्वागत किया।दोनों पक्षों ने फिल्म उद्योग में सहयोग का विस्तार करने के विचार का समर्थन किया, जिसमें संयुक्त फिल्म निर्माण का विकास और
भारत एवं रूस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में आपसी भागीदारी शामिल है।दोनों पक्षों ने रूस और भारत के बीच पर्यटकों के आदान-प्रदान में निरंतर वृद्धि की सराहना की और दोनों देशों द्वारा ई-वीजा की शुरुआत सहित वीजा संबंधी औपचारिकताओं के सरलीकरण का स्वागत किया। वे भविष्य में वीजा व्यवस्था को और सरल बनाने के लिए कार्य जारी रखने पर सहमत हुए।
दोनों पक्षों ने भारत और रूस के विशेषज्ञों, विचारकों और संस्थानों के बीच बढ़ते आदान-प्रदान और संपर्कों की सराहना की। पिछले कुछ वर्षों में, इस संवाद ने भारत और रूस के रणनीतिक और नीति-निर्माता समूहों और व्यवसायों के बीच आपसी समझ को बढ़ाया है ताकि रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया जा सके।
शिक्षा के क्षेत्र में भारत और रूस के बीच पारंपरिक रूप से मजबूत सहयोग को मान्यता देते हुए, दोनों पक्षों ने छात्रों का हित सुनिश्चित करने के प्रयासों की सराहना की और विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों के बीच शैक्षिक संबंधों को बढ़ावा देने के अपने प्रयासों को जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।
संयुक्त राष्ट्र और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग:
दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र के मुद्दों पर अपने बीच उच्च स्तरीय राजनीतिक संवाद और सहयोग का जिक्र किया तथा इसे और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र द्वारा निभाई जाने वाली केंद्रीय समन्वयकारी भूमिका के साथ, बहुपक्षवाद को पुनर्जीवित करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान की प्रधानता को भी चिन्हित किया और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
दोनों पक्षों ने समकालीन वैश्विक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करने और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के मुद्दों से निपटने में इसे अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण, प्रभावी और कुशल बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार का आह्वान किया। रूस ने सुधारित और विस्तारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए अपने दृढ़ समर्थन को दोहराया।
दोनों पक्षों ने जी20 प्रारूप के अंतर्गत अपने सहयोग पर प्रकाश डाला तथा इसे और प्रगाढ़ करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 2023 में भारत की जी20 अध्यक्षता की महत्वपूर्ण व्यावहारिक विरासत अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और वित्तीय सहयोग के मुख्य मंच के एजेंडे में वैश्विक दक्षिण के देशों की प्राथमिकताओं का समेकन, साथ ही अफ्रीकी संघ का इस मंच के पूर्ण सदस्यों की श्रेणी में प्रवेश है। उन्होंने भारतीय अध्यक्षता में "वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ" वर्चुअल शिखर सम्मेलन के आयोजन का स्वागत किया, जिसने वैश्विक मामलों में विकासशील देशों की स्थिति को मजबूत करने के पक्ष में एक महत्वपूर्ण संकेत दिया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जी20 एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच है जो उभरती और विकसित, दोनों अर्थव्यवस्थाओं को समान और पारस्परिक रूप से लाभकारी आधार पर संवाद के लिए एक मंच प्रदान करता है। उन्होंने आम सहमति के आधार पर और अपने प्रमुख शासनादेश पर ध्यान केंद्रित करते हुए, जी20 के निरंतर और उत्पादक कामकाज के महत्व को स्वीकार किया।
दोनों पक्षों ने अपनी ब्रिक्स साझेदारी को मजबूत करने के महत्व पर बल दिया और राजनीतिक एवं सुरक्षा, आर्थिक एवं वित्तीय, सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के बीच सहयोग के तीन स्तंभों के तहत विस्तारित ब्रिक्स में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए खुद को प्रतिबद्ध किया। उन्होंने आपसी सम्मान और समझ, संप्रभु समानता, एकजुटता, लोकतंत्र, खुलेपन, समावेशिता, सहयोग और आम सहमति की ब्रिक्स भावना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। रूस ने 2026 में भारत की आगामी ब्रिक्स अध्यक्षता के लिए अपना पूर्ण समर्थन देने का वचन दिया।
दोनों पक्षों ने रूस और भारत के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के ढांचे के भीतर अपने संयुक्त कार्य के महत्व को दोहराया।
भारत ने रूसी संघ के प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में 17-18 नवंबर 2025 को मॉस्को में एससीओ सरकार के प्रमुखों की बैठक की सफल मेजबानी के लिए रूसी पक्ष की सराहना की। रूसी पक्ष ने एससीओ सभ्यता संवाद मंच की स्थापना के लिए भारत की पहल की सराहना की, जिसका उद्घाटन सत्र 2026 में भारत में आयोजित किया जाएगा।
दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के सार्वभौमिक रूप से मान्य सिद्धांतों और सांस्कृतिक और सभ्यतागत विविधता के आधार पर प्रतिनिधित्वपूर्ण, लोकतांत्रिक, निष्पक्ष बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के निर्माण में एससीओ की बढ़ती भूमिका से अवगत कराया।
दोनों पक्षों ने राजनीति, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और मानवीय संबंधों के क्षेत्र में एससीओ की क्षमता और सहयोग को और मजबूत करने के महत्व पर बल दिया। इस संदर्भ में दोनों पक्षों ने एससीओ के आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया, विशेष रूप से आतंकवाद, उग्रवाद, अलगाववाद, मादक पदार्थों की तस्करी, सीमा पार संगठित अपराध और सूचना सुरक्षा खतरों के क्षेत्रों में। वे ताशकंद में सुरक्षा संबंधी चुनौतियों और खतरों का मुकाबला करने के लिए सार्वभौमिक केंद्र और दुशांबे में मादक पदार्थ-रोकथाम केंद्र की स्थापना पर विशेष ध्यान देंगे।
दोनों पक्षों ने जी20, ब्रिक्स और एससीओ के भीतर सुधारित बहुपक्षवाद की दिशा में प्रयास, अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रशासन संस्थानों और बहुपक्षीय विकास बैंकों में सुधार, आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय आयामों में सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में योगदान, आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना, स्थिरता को बढ़ाना और महत्वपूर्ण खनिजों सहित अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं की लचीलापन विकसित करना, मुक्त और निष्पक्ष व्यापार मानदंडों का अनुपालन और जलवायु परिवर्तन जैसे प्रमुख मुद्दों पर बातचीत जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।
दोनों पक्ष बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग पर संयुक्त राष्ट्र समिति (यूएन सीओपीयूओएस) के भीतर सहयोग को और मजबूत करने का इरादा रखते हैं, जिसमें बाह्य अंतरिक्ष गतिविधियों की दीर्घकालिक स्थिरता के मुद्दे भी शामिल हैं।
दोनों पक्षों ने सामूहिक विनाश के हथियारों के अप्रसार के लिए वैश्विक प्रयासों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। रूस ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत की सदस्यता के लिए अपना दृढ़ समर्थन व्यक्त किया। दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सभी सदस्यों से वैश्विक शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए आपसी विश्वास के स्तर को बढ़ाने की दिशा में काम करने का आग्रह किया। दोनों पक्षों ने निर्यात नियंत्रणों की अप्रसार प्रकृति और सुरक्षा एवं वाणिज्यिक विचारों के बीच संतुलन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस क्षेत्र में सहयोग जारी रखने की अपनी मंशा पर जोर दिया, साथ ही प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण उपयोग पर भी जोर दिया।
दोनों पक्षों ने पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन, आसियान क्षेत्रीय मंच, आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक सहित क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रीय मंचों पर सहयोग पर जोर देने के महत्व को चिन्हित किया।
दोनों पक्षों ने जीवाणुजनित (जैविक) और विषैले हथियारों के विकास, उत्पादन और भंडारण के निषेध और उनके विनाश (बीटीडब्ल्यूसी) पर सख्त अनुपालन और उसे लगातार मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें इसके संस्थागतकरण के साथ-साथ एक प्रभावी सत्यापन तंत्र के साथ कानूनी रूप से बाध्यकारी प्रोटोकॉल को अपनाना भी शामिल है। वे ऐसे किसी भी तंत्र की स्थापना का विरोध करते हैं जो बीटीडब्ल्यूसी के कार्यों की नकल करता हो।
दोनों पक्षों ने बाह्य अंतरिक्ष में हथियारों की तैनाती और बाह्य अंतरिक्ष से या बाह्य अंतरिक्ष के विरुद्ध बल प्रयोग या धमकी पर रोक लगाने के साथ बाह्य अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ को रोकने के लिए एक कानूनी रूप से बाध्यकारी माध्यम पर बातचीत शुरू करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। दोनों पक्षों ने ध्यान दिलाया कि इस तरह के दस्तावेज का आधार बाह्य अंतरिक्ष में हथियारों की तैनाती और बाह्य अंतरिक्ष की वस्तुओं के विरुद्ध बल प्रयोग या धमकी की रोकथाम पर संधि का मसौदा और साथ ही 2024 में अपनाई गई संबंधित सरकारी विशेषज्ञों के समूह की रिपोर्ट हो सकती है।
दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय संधियों में परिलक्षित उन सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की जो जैव विविधता के संरक्षण और दुर्लभ एवं लुप्तप्राय प्रजातियों, विशेष रूप से प्रवासी पक्षी प्रजातियों के संरक्षण को सुनिश्चित करते हैं, जो हमारे देशों को एकजुट करते हैं।
दोनों पक्षों ने रूसी पक्ष द्वारा इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) में शामिल होने के लिए समझौते के मसौदे को अपनाने का स्वागत किया। भारतीय पक्ष ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और आपदा-रोधी इन्फ्रास्ट्रक्चर गठबंधन (सीडीआरआई) में रूस के शीघ्र शामिल होने की आशा व्यक्त की।
दोनों पक्ष वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का समाधान करने, विकासशील देशों और संक्रमणकालीन अर्थव्यवस्थाओं के लिए जलवायु वित्त और प्रौद्योगिकियों तक पहुंच बढ़ाने, तथा आर्थिक प्रशासन की अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, विशेष रूप से बहुपक्षीय विकास बैंकों में उचित सुधार सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त दृष्टिकोणों के विकास को जारी रखने पर सहमत हुए।
आतंकवाद का मुकाबला
दोनों पक्षों ने आतंकवाद, उग्रवाद, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, धन शोधन, आतंकवादी वित्तपोषण और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी जैसी आम चुनौतियों और खतरों से निपटने के क्षेत्र में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।दोनों नेताओं ने आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही और आतंकवादी वित्तपोषण नेटवर्क और सुरक्षित ठिकानों सहित सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद को रोकने और उसका मुकाबला करने के लिए अपनी मजबूत प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने 22 अप्रैल, 2025 को भारत में पहलगाम, जम्मू-कश्मीर में और 22 मार्च, 2024 को रूस में मॉस्को के क्रोकस सिटी हॉल में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने आतंकवाद के आपराधिक और अनुचित सभी कृत्यों की स्पष्ट रूप से निंदा की, चाहे वे किसी भी धार्मिक या वैचारिक बहाने से प्रेरित हों, चाहे वे जब भी, जहां भी और किसी के द्वारा भी किए गए हों। उन्होंने अलकायदा, आईएसआईएस/दाएश और उनके सहयोगियों सहित सभी संयुक्त राष्ट्र में सूचीबद्ध आतंकवादी समूहों और संस्थाओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई का आह्वान किया, जिसका उद्देश्य आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों को नष्ट करना, आतंकवादी विचारधारा के प्रसार का मुकाबला करना, आतंकवादी वित्तपोषण चैनलों और अंतरराष्ट्रीय अपराध के साथ उनके गठजोड़ को खत्म करना और विदेशी आतंकवादी लड़ाकों सहित आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही को रोकना है।
दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के ठोस आधार पर छिपे एजेंडे और दोहरे मानदंडों के बिना, इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के महत्व को ध्यान में रखते हुए, सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ एक समझौताहीन लड़ाई का आह्वान किया। इसके अलावा, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रासंगिक प्रस्तावों के दृढ़ कार्यान्वयन के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र वैश्विक आतंकवाद-रोधी रणनीति के संतुलित कार्यान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया।
दोनों पक्षों ने आतंकवाद का मुकाबला करने में राज्यों और उनके सक्षम अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने आतंकवाद पर शून्य-सहिष्णुता की नीति और संयुक्त राष्ट्र की संरचना में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक कन्वेंशन को शीघ्र अंतिम रूप देने और अपनाने, साथ ही आतंकवाद और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले हिंसक उग्रवाद का मुकाबला करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों को लागू करने का आह्वान किया।दोनों पक्षों ने अक्टूबर 2022 में भारत में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद रोकथाम समिति (सीटीसी) की विशेष बैठक का स्मरण किया, जिसकी अध्यक्षता भारत ने की थी और आतंकवादी उद्देश्यों के लिए नई एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग का मुकाबला करने पर सर्वसम्मति से अपनाए गए दिल्ली घोषणापत्र का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि घोषणापत्र का उद्देश्य सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के आतंकवादी द्वारा इस्तेमाल, जैसे भुगतान प्रौद्योगिकियों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और धन उगाहने के तरीकों और मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी या ड्रोन) के दुरुपयोग से जुड़ी मुख्य चिंताओं को शामिल करना है। दोनों पक्षों ने ऑनलाइन क्षेत्र में कट्टरपंथ और चरमपंथी विचारधारा के प्रसार को रोकने पर विशेष ध्यान देते हुए इस क्षेत्र में और सहयोग विकसित करने की अपनी तत्परता भी व्यक्त की। इस संबंध में, उन्होंने एससीओ और ब्रिक्स प्रारूपों के भीतर प्रासंगिक तंत्रों को मजबूत करने की सकारात्मक गति पर संतोष व्यक्त किया।
क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दे:
दोनों पक्षों ने अफगानिस्तान पर भारत और रूस के बीच घनिष्ठ समन्वय की सराहना की, जिसमें दोनों देशों की सुरक्षा परिषदों के बीच संवाद तंत्र भी शामिल है। उन्होंने मॉस्को फॉर्मट बैठकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया।
दोनों नेताओं ने आईएसआईएस, आईएसकेपी और उनके सहयोगियों सहित अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी समूहों के खिलाफ आतंकवाद विरोधी उपायों का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि अफगानिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई व्यापक और प्रभावी होगी। उन्होंने अफगान लोगों को तत्काल और निर्बाध मानवीय सहायता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
दोनों पक्षों ने मध्य-पूर्व/पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, संयम बरतने, नागरिकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुपालन का आह्वान किया और ऐसी कार्रवाइयों से परहेज करने की आवश्यकता जताई जो स्थिति को और बिगाड़ सकती हैं और क्षेत्रीय स्थिरता से कोई समझौता कर सकती हैं। उन्होंने बातचीत के जरिए ईरान परमाणु मुद्दे को सुलझाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने गाजा में मानवीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की और संघर्ष की समाप्ति, मानवीय सहायता और स्थायी शांति के लिए सभी संबंधित पक्षों के बीच हुए समझौतों और समझ को लेकर प्रतिबद्ध रहने के महत्व पर जोर दिया।
दोनों पक्षों ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों का विस्तार करने और जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) और पेरिस समझौते के लक्ष्यों को प्राप्त करने के महत्व पर ध्यान केंद्रित किया। दोनों पक्षों ने जलवायु परिवर्तन और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने से जुड़े मुद्दों पर समझौता ज्ञापन के ढांचे के भीतर 10 सितंबर, 2025 को नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त रूस-भारत कार्य समूह की पहली बैठक का स्वागत किया। दोनों पक्षों ने पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6 के कार्यान्वयन प्रणालियों, कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने वाली प्रौद्योगिकियों के विकास और सतत वित्तीय साधनों के इस्तेमाल पर द्विपक्षीय वार्ता की गति में तेजी लाने पर सहमति व्यक्त की।
दोनों पक्षों ने जलवायु परिवर्तन के प्रमुख मुद्दों पर जी20, ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के भीतर बातचीत जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। दोनों पक्षों ने जलवायु परिवर्तन और सतत विकास पर ब्रिक्स संपर्क समूह के समन्वित कार्य द्वारा प्राप्त परिणामों का स्वागत किया; जिसमें ब्रिक्स जलवायु अनुसंधान मंच और व्यापार, जलवायु एवं सतत विकास के लिए ब्रिक्स प्रयोगशाला का शुभारंभ भी शामिल है। दोनों पक्षों ने 2026 में समूह में भारत की अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स में जलवायु परिवर्तन से निपटने के क्षेत्र में लाभदायक सहयोग को प्रोत्साहित किया।दोनों पक्षों ने भारत-रूस विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के लचीलेपन और अपनी विदेश नीति संबंधी प्राथमिकताओं के संयोजन एवं पूरक दृष्टिकोणों पर संतोष व्यक्त किया और इसे और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रमुख शक्तियों के रूप में भारत और रूस बहुध्रुवीय विश्व के साथ-साथ बहुध्रुवीय एशिया में वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए प्रयास करते रहेंगे।
राष्ट्रपति श्री व्लादिमीर पुतिन ने नई दिल्ली में उन्हें और उनके प्रतिनिधिमंडल को दिए गए भव्य आतिथ्य के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का धन्यवाद किया और उन्हें 2026 में 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूस आने का निमंत्रण दिया।****
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05/12/25राष्ट्रपति श्री पुतिन को रूसी भाषा में गीता की एक प्रति भेंट की
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति श्री व्लादिमीर पुतिन का भारत में स्वागत किया है।
श्री मोदी ने कहा, "आज शाम और कल हमारी परस्पर बातचीत को लेकर उत्सुक हूं। भारत-रूस मित्रता समय की कसौटी पर खरी उतरी है, जिससे हमारे लोगों को अत्यधिक लाभ हुआ है।"
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति श्री पुतिन को रूसी भाषा में गीता की एक प्रति भी भेंट की। श्री मोदी ने कहा कि गीता के उपदेश विश्व भर के लाखों लोगों को प्रेरणा देते हैं।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
"अपने मित्र, राष्ट्रपति श्री पुतिन का भारत में स्वागत करते हुए मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। आज शाम और कल हमारी परस्पर बातचीत को लेकर उत्सुक हूं। भारत-रूस मित्रता समय की कसौटी पर खरी उतरी है जिससे हमारे लोगों को अत्यधिक लाभ हुआ है।"
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05/12/25 |डी.एल.एड. संस्थाएं सम्बद्धता हेतु आज से कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
चंडीगढ़, 05 दिसम्बर (अभी) :- हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए डी.एल.एड. संस्थाओं की अस्थाई सम्बद्धता हेतु आवेदन-पत्र एवं शुल्क प्राप्ति के लिए तिथियां निर्धारित कर दी गई हैं। सम्बन्घित संस्थाएं बिना विलम्ब शुल्क 05 दिसम्बर, 2025 से 18 दिसम्बर, 2025 तक तथा विलम्ब शुल्क 5000 रूपये सहित 19 से 31 दिसम्बर, 2025 तक आवेदन कर सकते हैं।
बोर्ड प्रवक्ता ने बताया कि गत वर्ष की भांति अस्थाई सम्बद्धता निरंतरता शुल्क 50,000 रूपये निर्धारित है, जो आई.सी.आई.सी.आई. (ICICI) बैंक द्वारा गेट्वे पेमैंट के माध्यम से भरा जाना हैं। उन्होंने स्पष्ट करते हुए बताया कि गत् वर्षों सत्र 2021-22, 2022-23, 2023-24, 2024-25 का बकाया GST शुल्क एवं सत्र 2025-26 का भी सम्बद्धता निरन्तरता शुल्क व विलम्ब शुल्क (CGST@9% & SGST@9%) कुल 18 प्रतिशत GST के साथ जमा करवाया जाना है। सभी सम्बन्धित डी.एल.एड. संस्थाएं बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर दिए गए लिंक पर आवेदन-पत्र एवं शुल्क ऑनलाइन भरना सुनिश्चित करें। संस्थाओं द्वारा सम्बद्धता फार्म के अनुसार दस्तावेज अपलोड करने अति आवश्यक हैं। राजकीय संस्थाओं द्वारा शुल्क नहीं जमा करवाया जाना है।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन सम्बद्धता शुल्क व आवेदन-पत्र भरने में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई के लिए दूरभाष नम्बर 01664-254300 या 01664-244171 से 176 पर Ext.111 एवं ई-मेल asaffi@bseh.org.in पर सम्पर्क किया जा सकता है।
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05/12/25 |9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए एनरोलमेंट तिथियाँ घोषित: विद्यालय 8 दिसंबर से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं
चंडीगढ़, 05 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी से संबद्ध कक्षा 9वीं से 12वीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए एनरोलमेंट रिटर्न भरने की तिथियां निर्धारित कर दी गई है। अराजकीय अस्थाई मान्यता प्राप्त विद्यालय बोर्ड की आधिकारिक वेबसाईट www.bseh.org.in पर दिए गए लिंक पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विस्तृत दिशा-निर्देश बोर्ड की अधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
बोर्ड प्रवक्ता ने बताया कि सभी विद्यालय मुखिया हरियाणा राज्य के विद्यार्थियों के लिए 150 रुपये प्रति विद्यार्थी एवं अन्य राज्यों के प्रवासी विद्यार्थियों के लिए 200 रुपये प्रति विद्यार्थी एनरोलमेंट शुल्क के साथ 08 दिसम्बर से 20 दिसम्बर, 2025 तक ऑनलाइन आवेदन करना सुनिश्चित करें। इसके पश्चात 300 रुपये विलम्ब शुल्क सहित 21 दिसंबर से 28 दिसम्बर तथा 1000 रुपये विलम्ब शुल्क सहित 29 दिसंबर, 2025 से 05 जनवरी, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि छात्रों के विवरणों में 06 जनवरी से 08 जनवरी, 2026 तक ऑनलाइन शुद्धि कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय इस बात का विशेष ध्यान रखे कि उनके विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों की एनरोलमेंट रिटर्न/शुल्क एक बार में (एकमुश्त) ऑनलाइन भरी जानी है। निर्धारित तिथि के बाद किसी भी विद्यार्थी का आवेदन फार्म ऑफलाइन स्वीकार नहीं किया जाएगा। विद्यालय द्वारा दाखिला खारिज रजिस्टर में अन्तिम विद्यार्थी के प्रवेश पृष्ठ की सत्यापित छायाप्रति अपलोड करवाई जानी अनिवार्य है।
बोर्ड प्रवक्ता ने आगे बताया कि कक्षा 9वीं व 11वीं के छात्रों का 50 रुपये प्रति छात्र प्रश्न पत्र शुल्क भी निर्धारित तिथियों में ऑनलाइन जमा करवाना होगा। एनरोलमेंट की अन्तिम तिथि के बाद प्रश्न-पत्र शुल्क 1000 रुपये अथवा सक्षम अधिकारी के आदेशानुसार शुल्क जुर्माना सहित भरना होगा अन्यथा प्रश्न-पत्र प्राप्त न होने की अवस्था में विद्यालय स्वयं जिम्मेवार होगा।
उन्होंने बताया कि जिन विद्यार्थियों का 9वीं कक्षा में एनरोलमेंट पूर्व में हो चुका है और उन द्वारा कक्षा 10वीं की परीक्षा इसी बोर्ड से नियमित/मुक्त विद्यालय के तौर पर न देकर अन्य समकक्ष मान्यता प्राप्त बोर्ड से परीक्षा पास की है तो ऐसे विद्यार्थियों को कक्षा 11वीं में एनरोलमेंट करवाने की आवश्यकता नहीं है। कक्षा 11वीं में जिन विद्यार्थियों का एनरोलमेंट पहले ही हो चुका है ऐसे विद्यार्थी का विद्यालयों द्वारा पुन: रजिस्ट्रेशन भी करवाना अनिवार्य होगा, जिसके लिए 100/-रुपये प्रति विद्यार्थी शुल्क भी ऑनलाइन जमा करवाया जाना है।
उन्होंने आगे बताया कि इसके अतिरिक्त कक्षा 9वीं, 10वीं व 12वीं में अध्ययनरत जिन विद्यार्थियों का पहले ही एनरोलमेंट हो चुका है और वे परीक्षा में अनुत्तीर्ण हुए हैं या दोबारा उसी कक्षा में दाखिला लिया है उनके एनरोलमेंट फॉर्म दोबारा भेजने की जरूरत नहीं है केवल रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा, जिसके लिए 100 रूपये प्रति विद्यार्थी शुल्क भी ऑनलाइन जमा करवाना होगा।
उन्होंने स्कूलों को निर्देशित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के एनरोलमेंट रिटर्न भरते समय विद्यार्थी के आधार नम्बर के साथ-साथ पिता का आधार नंबर भी दर्ज करना अनिवार्य है, यदि किसी कारणवश पिता का आधार नंबर नहीं है तो माता का आधार नम्बर भरें। इस बार एनरोलमेंट रिटर्न के दौरान परीक्षार्थियों की APAR ID का कॉलम भी दिया गया है, जिसमें परीक्षार्थियों की APAR ID संख्या दर्ज की जानी है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों के जो फोटो आवेदन-पत्र में भेजे जाने हैं, वह विद्यालय की वर्दी में ही हों, जिससे यह अलग पहचान हो सके कि अमुक परीक्षार्थी अमुक विद्यालय का है।
बोर्ड प्रवक्ता ने बताया कि विद्यालयों द्वारा एनरोलमेंट ऑनलाइन पार्टल पर आवेदन फार्म भरते समय अन्य राज्य से आने वाले विद्यार्थियों की प्रतिहस्ताक्षरित एसएलसी/टीसी एवं कक्षा 11वीं व 12वीं में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का 10वीं का प्रमाण-पत्र अपलोड करना अनिवार्य होगा अन्यथा एनरोलमेंट आवेदन स्वीकार्य नहीं होंगे, जिसके लिए विद्यालय स्वयं जिम्मेवार होगा। विद्यार्थियों के विवरण अपलोड करने उपरान्त उनमें केवल दो त्रुटियों (जन्म तिथि को छोडक़र) को बिना शुल्क तथा दो से अधिक त्रुटियां पाए जाने पर 300 रूपये प्रति शुद्धि शुल्क सहित निर्धारित तिथियों में ऑनलाइन ठीक किया जा सकता है। इसके उपरान्त बोर्ड कार्यालय में मूल रिकार्ड व वांछित सत्यापित प्रतियों सहित 30 -रूपये शुल्क के साथ त्रुटियों में ऑफलाइन संशोधन करवाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि विद्यालय अपने विद्यार्थियों के एनरोलमेंट रिटर्न आवेदन-पत्र उपरोक्त तिथियों में निर्धारित शुल्क ऑनलाइन जमा करवाना सुनिश्चित करें। विद्यालय एनरोलमेंट के सम्बन्ध में पूछताछ के लिए बोर्ड कार्यालय में किसी भी अवस्था में छात्र/अभिभावक को ना भेजें। ऑनलाइन रिटर्न भरते समय किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई के लिए हेल्पलाइन दूरभाष नम्बर 01664-254300, 254302, एवं दूरभाष नम्बर 01664-244171 से 176 Ext.164 पर सम्पर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त ई-मेल-asenr@bseh.org.in पर मेल भेजी जा सकती हैं।
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05/12/25 |सेवा में देरी पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के खिलाफ राइट टू सर्विस आयोग का बड़ा निर्णय
चंडीगढ़, 05 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा राइट टू सर्विस आयोग ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग से संबंधित स्टाम्प शुल्क वापसी तथा सुरक्षा ऑडिट योजना के दो मामलों पर महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि विभाग के अधिकारियों द्वारा आवश्यक दस्तावेज जमा होने के बावजूद सेवाओं का समयबद्ध निपटारा नहीं किया गया।
आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि स्टाम्प शुल्क वापसी मामले में अपील स्वीकार होने के बाद प्रकरण पूरी तरह राइट टू सर्विस अधिनियम के दायरे में आता है। आयोग ने विभाग द्वारा दी गई दलील को अस्वीकार करते हुए निर्देश दिया था कि विभाग प्रमुख आयोग द्वारा 08 अगस्त 2025 को दिए गए अवलोकनों का विस्तृत उत्तर प्रेषित करें।
सुरक्षा ऑडिट योजना मामले में यह तथ्य सामने आया कि फाइल कई स्तरों पर अनावश्यक रूप से लंबित रखी गई। विशेष रूप से, जिला सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम केंद्र, फरीदाबाद में तैनात उद्योग विस्तार अधिकारी के पास प्रकरण अत्यधिक अवधि तक लंबित पाया गया। आयोग ने विलम्ब के कारणों को असंतोषजनक मानते हुए राइट टू सर्विस अधिनियम की धारा 17(1)(h) के तहत पांच हजार रुपये का दंड लगाने का आदेश दिया है। विभाग प्रमुख को निर्देश दिया गया है कि यह राशि दिसंबर 2025 के वेतन से काटकर जनवरी 2026 में राज्य कोष में जमा कराई जाए।
अन्य अधिकारियों से प्राप्त जवाबों को देखते हुए उनके विरुद्ध नोटिस वापस ले लिए गए हैं, परंतु आयोग ने सभी को चेतावनी दी है कि भविष्य में सेवाओं की अधिसूचित समय सीमा का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। आयोग ने यह भी उल्लेख किया है कि नोटिस जारी होने के बाद विभाग ने शिकायतकर्ता के दोनों मामलों में कार्यवाही पूरी कर दी है।
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05/12/25 |मुख्यमंत्री ने पारदर्शी टेंडरिंग प्रणाली और ग्रामीण विकास कार्यों में गति लाने के दिए निर्देश
चंडीगढ़, 05 दिसम्बर (अभी): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विभागीय कामकाज को अधिक पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों से संबंधित किसी भी विभाग का यदि टेंडर एचईडब्ल्यू पोर्टल पर जारी होता है, तो उसकी जानकारी संबंधित सरपंचों को एसएमएस के माध्यम से तुरंत उपलब्ध कराई जाए, ताकि ग्रामीण प्रतिनिधियों को निर्माण कार्यों की सही, समयबद्ध और सटीक जानकारी मिल सके। इससे निगरानी और क्रियान्वयन की गुणवत्ता और बेहतर होगी। इस पोर्टल के माध्यम से जनता को भी टेंडर्स की जानकारी मिलेगी, जिससे कार्यों में और अधिक पारदर्शिता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वीरवार को देर शाम सिविल सचिवालय में वित्त वर्ष 2025-26 से संबंधित विकास एवं पंचायत विभाग की बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और मजबूत करने के लिए निर्धारित सभी योजनाओं को समय से पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि जिन पंचायतों की आबादी 1000 से अधिक है, उन गावों की कच्ची फिरनियों को पक्का करना है, ताकि लोगों को आवागमन सुविधा मिल सके। बैठक में जानकारी दी गई कि अब तक 639 फिरनियों को पक्का किया जा चुका है, जबकि 303 कार्य प्रगति पर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें बैठक एवं अन्य गतिविधियों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार प्रत्येक गांव में ‘महिला चौपाल’ का निर्माण करवा रही है। पहले चरण में 754 गांवों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से 480 महिला चौपालों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष 274 चौपालों का कार्य प्रगति पर है।
बैठक में जानकारी दी गई कि ग्रामीण क्षेत्रों में पहले चरण के तहत 994 ई-पुस्तकालयों का नवीनीकरण और फर्नीचर लगाया जा चुका है। इन पुस्तकालयों में जल्द ही पुस्तकें व कंप्यूटर उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 415 इनडोर जिम स्थापित किए जा चुके हैं।
इसी तरह से विभिन्न अनुसूचित जातियों के लिए हर जिले में सामुदायिक हॉल के निर्माण कार्य भी तेज गति से चल रहे हैं। अब तक 366 पंचायतों में से 202 कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि 140 हॉल का निर्माण कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास परियोजनाओं की समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित की जाए और पारदर्शिता, जवाबदेही तथा जनसहभागिता को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं को शीघ्रता से आगे बढ़ाया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री मोहम्मद साइन, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डा. साकेत कुमार, विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक श्री अनीश यादव, ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक श्री राहुल नरवाल, मुख्य़मंत्री के ओएसडी श्री वीरेंद्र सिंह बढ़खालसा व श्री राज नेहरू सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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05/12/25 |अम्बाला छावनी में बेसहारा लोगों के लिए रैन बसेरा शुरू: पुरुषों के लिए 70 और महिलाओं के लिए 22 बेड की निशुल्क व्यवस्था, सुरक्षा हेतु CCTV इंस्टॉल
अम्बाला, 5 दिसंबर (अन्नू)- सर्दियों के आगमन के साथ ही अम्बाला कैंट में बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को कड़ाके की ठंड से बचाने के लिए रैन बसेरा की शुरुआत कर दी गई है। अंबाला कैंट बस स्टैंड के नजदीक बने इस रैन बसेरे में लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
रैन बसेरा के सुपरवाइजर अभिषेक ने जानकारी देते हुए बताया कि सर्दियों की शुरुआत के साथ ही यात्रियों और बेसहारा लोगों का यहां आना शुरू हो गया है। रैन बसेरे में पुरुषों के लिए 70 और महिलाओं के लिए 22 बेड लगाए गए हैं, जो पूरी तरह से निशुल्क सेवा प्रदान करते हैं।
यहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनकी आईडी ली जाती है, साथ ही परिसर में सीसीटीवी कैमरे भी इंस्टॉल किए गए हैं। ठंड से बचाव के लिए लोगों को कंबल उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जबकि नहाने और पीने के लिए गर्म पानी की व्यवस्था भी की गई है।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी (EO) देवेंद्र नरवाल ने बताया कि बस स्टैंड के नजदीक बनाया गया यह रैन बसेरा उन लोगों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना है, जिनके पास ठंड में रात बिताने के लिए छत नहीं है।
उन्होंने बताया कि:
महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कमरे और शौचालय बनाए गए हैं।
ठहरने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए केयरटेकर का इंतजाम किया गया है।
गर्म पानी के लिए गीजर लगाए गए हैं।
रैन बसेरे में रहने वाले लोगों के लिए खाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं से बातचीत की जा रही है।
ईओ नरवाल ने अपील की कि बेसहारा लोग इस कड़ाके की ठंड में सुरक्षित आश्रय के लिए इस निशुल्क रैन बसेरे की सुविधाओं का लाभ उठाएँ।
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05/12/25 |अम्बाला रेल मंडल ने टिकट चेकिंग से की बंपर कमाई: नवंबर में ₹5.38 करोड़ का राजस्व, पिछले साल से 25% अधिक
अम्बाला, 05 दिसम्बर (अभी) : उत्तर रेलवे के अम्बाला मंडल ने टिकट चेकिंग जांच अभियान के तहत नवंबर 2025 में शानदार राजस्व अर्जित किया है। मण्डल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों और गाड़ियों में अवैध एवं बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों से टिकट जांच द्वारा माह नवंबर 2025 में कुल आय ₹5,38,10,176 (5.38 करोड़) रही। यह आय पिछले वर्ष नवंबर 2024 की तुलना में (₹4.27 करोड़) लगभग 25.74% अधिक है, जो मंडल के प्रभावी टिकट चेकिंग प्रयासों को दर्शाता है।
नवंबर 2025 तक संचयी आय ₹33.61 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि (नवंबर 2024 तक ₹26.19 करोड़) की संचयी आय से 28.35% अधिक है। इस दौरान, बिना टिकट यात्रा के 40,656 मामले सामने आए, जिससे ₹3,00,07,795 की आय हुई, जबकि 50,439 अनियमित मामलों से ₹2,37,13,183 का राजस्व प्राप्त हुआ।
मंडल ने अन्य अनियमितताओं पर भी कड़ी कार्रवाई की। कूड़ा-कचरा निवारण के 349 मामलों से ₹75,500 की आय हुई, धूम्रपान के 31 मामलों से ₹6,200 की आय हुई, और बिना बुक किए सामान के 28 मामलों से ₹7,498 की आय प्राप्त हुई।
टिकट जांच राजस्व में उप-मुख्य टिकट निरीक्षक श्री सुनील कुमार ने 2913 मामलों की जांच कर ₹15,77,000 और उप-मुख्य टिकट निरीक्षक श्री सिमरनजीत सिंह ने 2266 मामलों की जांच कर ₹13,72,320 का उच्चतम व्यक्तिगत राजस्व अर्जित किया।
उत्तर रेलवे, अम्बाला मण्डल ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे सुविधाजनक एवं आरामदायक यात्रा अनुभव के लिए उचित टिकट लेकर ही यात्रा करें, साथ ही मंडल अवैध एवं बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ अपनी जांच जारी रखेगा।
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05/12/25 |हरियाणा के सरकारी विश्वविद्यालयों के 1400 अनुबंध सहायक प्रोफेसर होंगे स्थायी: सरकार ला रही विशेष अधिनियम
चंडीगढ़, 05 दिसम्बर (अभी) : हरियाणा प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों में वर्षों से कार्यरत करीब 1400 अनुबंध सहायक प्रोफेसरों को जल्द ही स्थायी सेवा सुरक्षा मिल सकती है। हरियाणा सरकार उनके लिए नियमितीकरण का रास्ता खोलने जा रही है।
उच्चतर शिक्षा विभाग इस नीति का ड्राफ्ट तैयार कर रहा है, और इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। प्रबल संभावना है कि आने वाले शीतकालीन विधानसभा सत्र में इसके लिए विशेष अधिनियम लाया जा सकता है।
पिछले एक दशक से अनुबंध पर कार्यरत ये शिक्षक अस्थिरता और अनिश्चित वेतन ढांचे से जूझ रहे थे। शुरुआती वर्षों में उन्हें केवल ₹300 प्रति पीरियड और अधिकतम ₹10,000 मासिक मानदेय मिलता था, जिससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। हालांकि 2019 में सातवें वेतन आयोग के अनुरूप भुगतान लागू होने से कुछ राहत मिली थी, लेकिन दीर्घकालिक सेवा सुरक्षा अब भी एक बड़ी मांग थी।
हरियाणा यूनिवर्सिटी कांट्रेक्चुअल टीचर एसोसिएशन ने सरकार की इस पहल को अपने लंबे आंदोलन की बड़ी जीत बताया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार मलिक ने कहा कि अगर यह कानून पास होता है, तो यह न केवल शिक्षकों की गरिमा बढ़ाएगा, बल्कि विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक माहौल को भी स्थिरता और मजबूती देगा।
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04/12/25डूबता रुपया बनाम डॉलर- अर्थव्यवस्था के लिए चेतावनी या नया अवसर..........?.
डूबता रुपया बनाम डॉलर- अर्थव्यवस्था के लिए चेतावनी या नया अवसर..........?.
भारतीय रुपये की कीमत लगातार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरती जा रही है। रुपये की यह गिरावट सिर्फ करंसी का उतार-चढ़ाव नहीं है, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति, वैश्विक बाजार में बदलती परिस्थितियां और व्यापार नीति के प्रभावों का मिला-जुला परिणाम है। जब भी रुपये का मूल्य कमजोर होता है, इसका सीधा असर देश के आयात-निर्यात, विदेशी निवेश, महंगाई और आम जन-जीवन पर पड़ता है। आज रुपया 90 से ऊपर का स्तर पार कर चुका है और चिंता यह है कि यह स्थिति आगे कैसी रहेगी।
रुपये का डॉलर के मुकाबले कमजोर होना कई आर्थिक, राजनीतिक और वैश्विक कारणों से जुड़ा हुआ है। दुनिया के अधिकांश व्यापारिक लेन-देन, तेल खरीद और रक्षा सौदे डॉलर में होते हैं। ऐसे में जैसे-जैसे वैश्विक माहौल अस्थिर होता है, निवेशक अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए डॉलर की ओर रुख करते हैं, जिससे डॉलर मजबूत और बाकी मुद्रा कमजोर होती चली जाती है। भारत जैसे देश, जो तेल आयात पर निर्भर हैं, उन्हें बढ़ती मांग के कारण अधिक डॉलर खर्च करना पड़ता है। इस वजह से देश की विदेशी मुद्रा भंडारण क्षमता प्रभावित होती है और रुपये पर दबाव बढ़ता है।
रुपये के कमजोर होने से सबसे बड़ा असर सीधे जनता तक पहुँचता है। जब डॉलर महंगा होता है, तो आयातित वस्तुएँ भी महंगी हो जाती हैं। इसमें पेट्रोल-डीजल सबसे बड़ा उदाहरण हैं। तेल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ती है, जिसका परिणाम भोजन, सब्ज़ी, फल, परिवहन, दवाइयों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर पड़ता है। भारत कई इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, मोबाइल, दवाओं का कच्चा माल विदेश से आयात करता है, इसलिए रुपये के डूबने का मतलब महंगाई की लहर है। यह आम आदमी की जेब पर सीधा बोझ बनकर गिरता है।
लेकिन रुपये की गिरावट के बावजूद इसमें अवसर भी छिपे हैं। जब मुद्रा कमजोर होती है, तो विदेशी बाजार में भारतीय वस्तुएँ सस्ती हो जाती हैं और इससे निर्यात बढ़ने की संभावनाएं बनती हैं। यदि सरकार सही उद्योगों पर ध्यान दे, जैसे फार्मा, आईटी सेवा, कृषि उत्पाद, वस्त्र उद्योग और छोटे इंजीनियरिंग सामान, तो भारत निर्यात के जरिए बड़ी कमाई कर सकता है। कमजोर रुपया निर्यातक उद्योगों के लिए लाभकारी हो सकता है, बशर्ते सरकार नीतिगत सहयोग दे।
डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर इसलिए भी होता है, क्योंकि डॉलर की मजबूती केवल आंकड़ों की नहीं, विश्वास की लड़ाई है। अमेरिका की आर्थिक और वैश्विक स्थिति पर दुनिया भरोसा करती है। भारतीय रुपये को मजबूती देने के लिए भारत को निवेशकों का भरोसा जीतना होगा। यह तभी संभव होगा जब देश स्थिर आर्थिक नीतियाँ अपनाए, विदेशी निवेश आकर्षित करे और व्यापारिक माहौल को सुगम बनाए। भारत को डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए रूस, ईरान जैसे देशों से स्थानीय मुद्रा में व्यापार बढ़ाना चाहिए। यह नीति भविष्य में डॉलर के दबदबे को कम कर सकती है।
देश में डिजिटल करेंसी की तैयारी भारतीय रुपये की वैश्विक विश्वसनीयता को बढ़ा सकती है। आज यूपीआई जैसे भुगतान तंत्र दुनिया का ध्यान खींच रहे हैं। यदि भविष्य में भारतीय भुगतान प्रणाली विदेशी देशों में अपनाई जाती है, तो रुपये की स्वीकार्यता स्वतः बढ़ सकती है। यह डॉलर जैसे एकाधिकार को चुनौती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
कुल मिलाकर, गिरता रुपया सिर्फ आर्थिक संकट का संकेत नहीं बल्कि जागरूकता का संदेश भी है। यह वित्तीय सुधार, निवेश नीति और निर्यात वृद्धि की तरफ बढ़ने के अवसर प्रस्तुत करता है। यदि भारत ऊर्जा निर्भरता कम करे, निर्यात बढ़ाए, पारदर्शी नीतियाँ अपनाए और विदेशी निवेश आकर्षित करे, तो गिरता हुआ रुपया भविष्य में मजबूत मुद्रा के रूप में उभर सकता है। रुपये का डूबना केवल चिंता नहीं, बल्कि आर्थिक रणनीति को नया स्वरूप देने का अवसर है। यदि सही कदम उठाए जाएं, तो कमजोर रुपया भी मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव बन सकता है।
के.के..
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04/12/25राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने श्री आर. वेंकटरमण को उनकी जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (4 दिसंबर, 2025) तिरुवनंतपुरम के लोक भवन में पूर्व राष्ट्रपति श्री आर. वेंकटरमन को उनकी जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की।
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04/12/25प्रधानमंत्री ने श्री स्वराज कौशल जी के निधन पर शोक व्यक्त किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने श्री स्वराज कौशल जी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। श्री मोदी ने कहा कि श्री स्वराज कौशल जी ने एक विधिवेत्ता और एक ऐसी हस्ती के रूप में अपनी पहचान बनाई जो वंचितों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कानूनी पेशे का इस्तेमाल करने में विश्वास रखते थे। श्री मोदी ने कहा, "वे भारत के सबसे युवा राज्यपाल बने और राज्यपाल के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान मिजोरम के लोगों पर अमिट छाप छोड़ी। एक सांसद के रूप में उनकी अंतर्दृष्टि भी उल्लेखनीय थी।"
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
"श्री स्वराज कौशल जी के निधन से बहुत दुःख हुआ। उन्होंने एक विधिवेत्ता और एक ऐसी हस्ती के रूप में अपनी पहचान बनाई जो वंचितों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कानूनी पेशे का इस्तेमाल करने में विश्वास रखते थे। वे भारत के सबसे युवा राज्यपाल बने और अपने कार्यकाल के दौरान मिजोरम के लोगों पर अमिट छाप छोड़ी। एक सांसद के रूप में उनकी अंतर्दृष्टि भी उल्लेखनीय थी। इस दुःख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनकी बेटी बांसुरी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ हैं। ओम शांति।"
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04/12/25प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर सभी वन्यजीव प्रेमियों को बधाई दी
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर चीता की सुरक्षा के लिए समर्पित सभी वन्यजीव प्रेमियों और संरक्षणवादियों को बधाई दी है। श्री मोदी ने कहा, "तीन वर्ष पूर्व हमारी सरकार ने इस अद्भुत पशु की सुरक्षा और उस इकोसिस्टम को बहाल करने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत की थी जिसमें यह वास्तविक रूप से फल-फूल सके। यह खोई हुई पारिस्थितिक विरासत को पुनर्जीवित करने और हमारी जैव विविधता को सुदृढ़ करने का भी एक प्रयास था।"
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
"अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर हमारी पृथ्वी के सबसे अद्भुत जीवों में से एक चीता की सुरक्षा के लिए समर्पित सभी वन्यजीव प्रेमियों और संरक्षणवादियों को मेरी शुभकामनाएं। तीन साल पहले, हमारी सरकार ने इस अद्भुत जानवर की सुरक्षा और उस इकोसिस्टम को पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट चीता शुरू किया था जिसमें यह वास्तव में फल-फूल सके। यह खोई हुई पारिस्थितिक विरासत को पुनर्जीवित करने और हमारी जैव विविधता को सुदृढ़ करने का भी एक प्रयास था।"
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04/12/25प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नौसेना दिवस पर भारतीय नौसेना कर्मियों को बधाई दी
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नौसेना दिवस पर भारतीय नौसेना के सभी कर्मियों को बधाई दी है। श्री मोदी ने कहा कि हमारी नौसेना अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का पर्याय है। वे हमारे तटों की रक्षा करते हैं और हमारे सामुद्रिक हितों को बनाए रखते हैं। श्री मोदी ने कहा, "मैं इस वर्ष की दिवाली कभी नहीं भूल सकता, जो मैंने आईएनएस विक्रांत पर नौसेना कर्मियों के साथ मनाई। भारतीय नौसेना को उनके आगामी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।"
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
"भारतीय नौसेना के सभी कर्मियों को नौसेना दिवस की शुभकामनाएं। हमारी नौसेना अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का पर्याय है। वे हमारे तटों की सुरक्षा करते हैं और हमारे सामुद्रिक हितों को बनाए रखते हैं। हाल के वर्षों में हमारी नौसेना ने आत्मनिर्भरता और आधुनिकीकरण पर ध्यान केंद्रित किया है। इससे हमारी सुरक्षा व्यवस्था और सुदृढ़ हुई है।"
मैं इस वर्ष की दिवाली कभी नहीं भूल सकता, जो मैंने आईएनएस विक्रांत पर नौसेना कर्मियों के साथ मनाई। भारतीय नौसेना को उनके आगामी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।
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04/12/25 |ऊर्जा मंत्री अनिल विज का एक्शन : विवाहिता को धमकाने पर महेशनगर थाना स्टाफ को लगाई कड़ी फटकार
थाईलैंड में टूर पैकेज देने के नाम पर 50 हजार रुपए ठगी के मामले में ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने पुलिस को केस दर्ज करने के निर्देश दिए
अम्बाला/चंडीगढ़, 04 दिसम्बर - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने विवाहिता की शिकायत पर पुलिस को आज कड़ी फटकार लगाई। महिला का आरोप था कि उसके पति के उसे छोड़कर जाने की शिकायत लेकर वह महेशनगर थाने गई, मगर वहां पर उलटा एक पुलिस कर्मी ने उसे धमकाते हुए अंदर बंद करने की बात कही।
महिला की फरियाद पर गुस्साए मंत्री अनिल विज ने महेशनगर थाने एसएचओ को फोन कर उक्त पुलिस कर्मी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए तथा महिला की शिकायत पर शीघ्र कार्रवाई को कहा।
श्री विज आज अपने आवास पर अम्बाला छावनी विधानसभा क्षेत्र से आए लोगों की समस्याओं को सुन रहे थे।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज के समक्ष स्वास्थ्य विभाग में एचकेआरएन के तहत कर्मचारियों ने दो माह से तनख्वाह नहीं मिलने व पोर्टल पर नाम नहीं आने की शिकायत दी जिसपर ऊर्जा मंत्री ने इसपर जल्द समाधान का आश्वासन दिया। ब्राह्मण माजरा निवासी युवक ने आरोप लगाया कि उसे थाईलैंड टूर पैकेज देने के नाम पर ट्रैवल एजेंसी ने उससे 50 हजार रुपए की धोखाधड़ी की। उसने कहा कि ने उसे टूर पैकेज दिया गया और न ही उसकी राशि वापस की गई। मामले में मंत्री अनिल विज ने पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए।
एयरफोर्स से रिटायर्ड कर्मी ने आरोप लगाया कि उसने डिफेंस कालोनी में मकान बनाने के लिए ठेकेदार को 50 लाख रुपए दिए थे, मगर ठेकेदार बीच में काम छोड़ भाग गया। न ही उसने उसे उसकी राशि वापस की और न ही काम पूरा किया। मंत्री अनिल विज ने पंजोखरा पुलिस को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज के समक्ष अम्बाला छावनी से आए युवक ने शिकायत देते हुए बताया कि उसकी बहन की हिसार में शादी हुई थी, मगर शादी के बाद उसकी बहन को परेशान किया जाने लगा। इस मामले में मंत्री अनिल विज ने एसपी को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए।
एकता विहार के निवासियों ने रामनगर से एकता विहार पुलिया के क्षतिग्रस्त होने की शिकायत दी जिसपर मंत्री अनिल विज ने मौके पर मौजूद नगर परिषद अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी तरह शाहपुर निवासी बुजुर्ग ने उसकी जमीन की फर्द में गड़बड़ी होने, पंजोखरा निवासी महिलाओं ने कुछ युवाओं पर उन्हें धमकाने के आरोप लगाए जिनपर मंत्री अनिल विज ने संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
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04/12/25 |सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने किया गोहाना चीनी मिल के 25वें पेराई सत्र का शुभारंभ
चंडीगढ़, 04 दिसम्बर (अभी) – हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने आज चौधरी देवीलाल सहकारी चीनी मिल, गोहाना के 25वें पेराई सत्र 2025-26 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह मिल केवल औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत, क्षेत्र की धड़कन और हजारों परिवारों की आजीविका का आधार है। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रीटा शर्मा भी उपस्थित रहीं।
डॉ. शर्मा ने कहा कि किसान की मेहनत, पसीना और विश्वास ही इस मिल की सबसे बड़ी पूंजी है। हरियाणा सरकार किसानों को समय पर भुगतान, मिल संचालन में सुधार और नई तकनीक अपनाने को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि गन्ने की अगेती किस्म का भाव 415 रुपये और पछेती किस्म का भाव 408 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। पिछले पेराई सत्र में प्रदेश के किसानों को 1211 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जिनमें गोहाना मिल के 80 करोड़ और सोनीपत मिल के 103 करोड़ रुपये शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सहकारी चीनी मिलों में लागू ऑनलाइन टोकन सिस्टम से किसानों के समय की बचत हुई है। गन्ना कटाई में श्रम संबंधी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग के सहयोग से सब्सिडी पर हार्वेस्टिंग मशीनें उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी तेज की जा रही है।
सहकारिता मंत्री ने मिल प्रबंधन को निर्देश दिए कि किसान, कर्मचारी और मजदूर मिल की रीढ़ हैं, इसलिए उनके सम्मान और सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन से ही मिल की कार्यप्रणाली और मजबूत होगी तथा यह पेराई सत्र खुशहाली और नए अवसरों का सत्र बनेगा।
डॉ. शर्मा ने पिछले वर्ष पुराने गन्ना किसानों को दोबारा मिल से जोड़ने के अपने आह्वान की याद दिलाते हुए जनप्रतिनिधियों और प्रबंधन से इस दिशा में और प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में सहकारिता क्षेत्र की भूमिका महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सहकारिता विभाग और शुगर फेडरेशन किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
समारोह में गोहाना सहकारी चीनी मिल के चेयरमैन एवं उपायुक्त सुशील सारवान ने किसानों से साफ-सुथरा गन्ना लाने की अपील की ताकि बेहतर रिकवरी प्राप्त हो सके।
इस अवसर पर सहकारिता मंत्री डॉ. शर्मा ने सीजन 2024-25 में सर्वाधिक गन्ना आपूर्ति और सबसे साफ गन्ना लाने वाले किसानों को सम्मानित किया। गांव बुसाना के संजय (16625 क्विंटल) और भैंसवाल कलां के दर्शन (7727 क्विंटल) को सबसे अधिक गन्ना आपूर्ति के लिए सम्मानित किया गया। वहीं साफ-सुथरा गन्ना लाने के लिए गांव आहुलाना के दिनेश, गांव कासंडा के सुमेर और गांव खंदराई के सुरेंद्र को सम्मानित किया गया।
सबसे पहले गन्ना लेकर पहुंचने वाले किसानों का भी सम्मान:
वर्ष 2025-26 पेराई सत्र के तहत बुग्गी पर सबसे पहले गन्ना लेकर आने वाले गांव आहुलाना के दल सिंह और ट्रैक्टर-ट्रॉली से सबसे पहले गन्ना लाने वाले गांव छिछड़ाना के किसान कृष्ण को विशेष सम्मान दिया गया।
समारोह में हरियाणा राज्य सहकारी चीनी मिल प्रसंघ के प्रबंध निदेशक कैप्टन शक्ति सिंह, एसडीएम अंजलि क्षोत्रिय, मिल की एमडी अंकिता वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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04/12/25 |हरियाणा योग आयोग द्वारा हरियाणा सिविल सचिवालय में करवाया गया योग ब्रेक
चंडीगढ़, 04 दिसम्बर (अभी) - हरियाणा सिविल सचिवालय चण्डीगढ के सहयोग से हरियाणा योग आयोग द्वारा कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए संचालित योग केंद्र एक वर्ष पूर्व शुरू किया गया था। इस केंद्र के योग शिक्षकों द्वारा सचिवालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मानसिक तनाव से निकालने और स्वास्थ्य के प्रति सजग करने के उदेश्य से प्रति दिन किसी न किसी शाखा में योग की क्रियाएं करवाई जा रही है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए एक प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा सिविल सचिवालय में प्रतिदिन 5 मिनट के लिए योग ब्रेक (वाई ब्रेक) करवाया जाता है। जिसमें कर्मचारियों के तनाव को कम करने के साथ-साथ शारीरिक व मानसिक योग क्रियाएं करवाई जाती है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय की अनुशंसा पर शुरू की गई इस पहल से कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और तनाव कम होने और शारीरिक- मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाना है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा योग आयोग द्वारा इस केंद्र के माध्यम से सचिवालय के लगभग शाखों में योग क्रियाएं करवाई जा चुकी है और यह प्रतिदिन जारी है। योग शिक्षकों द्वारा सचिवालय स्थित डॉ भीम राव अम्बेडकर कांफ्रेंस हाल, योग केंद्र पर प्रतिदिन सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक योग की विशेष कक्षाएं लगाई जाती है। आज योग डेमोंस्ट्रेटर श्री रमेश भाटी ने सचिवालय स्थित सूचना, जनसम्पर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग की प्रेस शाखा के अधिकारियों व कर्मचारियों को आज योग करवाया और बताया कि कैसे हम अपने व्यस्त समय में से योग के लिए 5 मिनट का समय निकाल सकते है। जिससे बढ़ रहे तनाव को कम करके कार्य क्षमता को अधिक बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए योग करना उतना ही जरूरी है जितना जीवित रहने के लिए पानी का पीना है। इसलिए हमें प्रतिदिन किसी न किसी समय योग के लिए जरूर समय देना चाहिए। स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है।
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04/12/25 |जनता को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव
चंडीगढ़, 04 दिसम्बर (अभी) – हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश की जनता को उनके घरों के नजदीक सस्ती, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण व शहरी दोनों स्तरों पर स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है, ताकि लोगों को इलाज के लिए दूरदराज के अस्पतालों पर निर्भर न रहना पड़े।
स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए रेवाड़ी जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) भाड़ावास को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के रूप में अपग्रेड करने की सैद्धांतिक स्वीकृति राज्य सरकार द्वारा प्रदान कर दी गई है। इस निर्णय से क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा विस्तार होगा।
अपग्रेडेशन के बाद इस केंद्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, उन्नत जांच सुविधाएं, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं, अधिक बिस्तरों की व्यवस्था तथा आधुनिक मेडिकल उपकरणों की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे भाड़ावास सहित आसपास के गांवों के हजारों लोगों को इलाज में बड़ी राहत मिलेगी, विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को समय पर चिकित्सा सहायता प्राप्त होगी।
आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक बिना आर्थिक और भौगोलिक बाधाओं के गुणवत्तापूर्ण उपचार प्राप्त कर सके। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार आने वाले समय में भी स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाने के लिए और कई महत्वपूर्ण कदम उठाती रहेगी।
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04/12/25 |शीतलहर में ब्रह्मसरोवर पर सूर्य की छटा; गीता महोत्सव में लोक कला, हस्तशिल्प ने बनाई अंतर्राष्ट्रीय पहचान
चंडीगढ़, 04 दिसम्बर (अभी) - ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में जहां शिल्पकार अपनी अदभुत और अनोखी कला से लोगों को आकर्षित करने का काम कर रहे है। वहीं इन शीत लहरों के बीच सूरज की किरणें भी ब्रह्मसरोवर पर अपनी सौन्दर्यता का रंग बिखेर रही है। इन लोक कलाकारों की लोक कला की गूंज प्रदेश ही नहीं विदेशों तक सुनाई दे रही है। ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से विदेशी भी इस अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के पल-पल का आनंद ले रहे है।
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के 20वें दिन वीरवार को ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर हजारों की संख्या में पहुंचे पर्यटक जहां शिल्पकारों की हस्तशिल्प कला को देखकर हैरान है, वहीं पर्यटक इन हस्तशिल्प कला से बनी अद्भुत वस्तुओं की जमकर खरीदारी कर रहे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में देश के कोने-कोने से यादगार लम्हों को आत्मसात करने के लिए लाखों पर्यटक ब्रह्मसरोवर पर पहुंचे। 5 दिसंबर,2025 तक चलने वाले इस सरस व शिल्प मेले में पर्यटक जमकर खरीदारी कर रहे हैं। पर्यटकों ने ब्रह्मसरोवर के घाटों पर एनजेडसीसी की तरफ से चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी खूब आनंद उठाया और इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों से पर्यटकों को विभिन्न प्रदेशों की संस्कृति से रूबरू होने का अवसर भी मिला।
राजस्थान का देसी खान-पान बढ़ा रहा है पर्यटकों की जीभ का स्वाद
धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में हो रहे ब्रह्मसरोवर के तट पर महोत्सव में राजा महाराजाओं की भूमि राजस्थान की संस्कृति की झलक देखी जा रही है। गीता महोत्सव में लोग राजस्थान की दाल बाटी, चूरमा ओर राजस्थान की राज कचोरी, केसरिया दूध आदि स्वादिष्ट पकवानों का स्वाद चखने महोत्सव में दूर दूर से आ रहे है। इसके अलावा राजस्थान का लोक नृत्य कच्ची घोड़ी लोगों में अलग ही उत्साह उत्पन्न कर रहा है। पर्यटक कलाकारों के साथ झूम रहे है तथा उनकी कला के बारे में जानने के लिए उत्सुक है।
धार्मिक व सामाजिक संस्थाए महोत्सव में आने वाले पर्यटकों को महान विभूतियों के सुविचारों से करवा रही है रुबरु
कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाएं द्वारा धार्मिक कार्यक्रम बड़ी श्रद्धा के साथ किए जा रहे है, वहीं इन धार्मिक संस्थाओं के माध्यम से महान संतों के विचारों, आदर्शों व उनके द्वारा किए गए सामाजिक सुधार के कार्यों के बारे में महोत्सव में आने वाले युवाओं को जानकारी दी जा रही है ताकि युवा पीढ़ी उनका अनुसरण कर सके।
शिल्पकार अकील अहमद पिछले 25 सालों से पर्यटकों के लिए ला रहे है बनारसी साड़ी
बनारस के शिल्पकार अकील अहमद का अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के साथ 25 सालों का नाता रहा है। इस महोत्सव में लगातार आ रहे है और महोत्सव में आने वाली महिलाओं के लिए बनारसी सूट, साड़ी और दुपट्टे तैयार करके लाते है।
उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला केंद्र पटियाला की तरफ से देश के हर शिल्प मेले में आमंत्रित किया जाता है, वो अपनी शिल्पकला को लेकर केवल मेलों में ही जाते है।
ड्राई फ्रूट के साथ तैयार किया जा रहा कश्मीरी काहवा ठंडक में दे रहा है गर्माहट का स्वाद
ब्रह्मसरोवर तट पर उत्तर-पूर्वी तट पर पर्यटक कश्मीर के काहवा का स्वाद चख रहे है। महोत्सव में जम्मू कश्मीर के ग्रुप द्वारा विशेष प्रकार का काहवा में ड्राई फ्रूट आदि डालकर तैयार किया जा रहा है, जिसकी कीमत मात्र 50 रूपए रखी गई है। स्टॉल पर काम कर रहे कश्मीर के रहने वाले उमर फारुक व बिलाल ने बातचीत करते हुए कहा कि वे पिछले कई सालों से अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में आ रहे हैं और उनकी स्टॉल पर कश्मीरी काहवा पीने वाले पर्यटक भारी संख्या में आ रहे है।
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04/12/25प्रस्तुत हैं दैनिक खबर पर आज 4 दिसंबर, 2025 के शाम 6 बजे के मुख्य समाचार
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04/12/25 |हरियाणा ने बढ़ाई यमुना प्रदूषण नियंत्रण अभियान की गति, मुख्य सचिव ने दिए ड्रेन-वाइज कमेटियां बनाने के निर्देश
चंडीगढ़, 04 दिसम्बर (अभी) - हरियाणा सरकार ने यमुना नदी की स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों की गति बढ़ा दी है। इस संबंध में आज मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
बैठक में अपशिष्ट जल के शोधन, औद्योगिक अनुपालन और सीवरेज अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि यमुना में मिलने वाले 11 प्रमुख नालों से प्रतिदिन बहने वाले 1511.55 मिलियन लीटर अपशिष्ट जल में से लगभग 1000 मिलियन लीटर पहले से ही उपचारित किया जा रहा है, जो यमुना पुनर्जीवन के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रदूषण स्तर को लगातार नियंत्रित रखने के लिए सभी नालों के पानी की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जा रही है।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि हर नाले के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को मिलाकर मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में अलग-अलग कमेटियां गठित की जाएं। ये कमेटियां हर 10 दिन में बैठक करेंगी और प्रगति रिपोर्ट हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन को भेजेंगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य ने यमुना कैचमेंट एरिया में सीवरेज शोधन क्षमता में व्यापक विस्तार किया है। वर्तमान में हरियाणा में 90 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट संचालित हैं, जिनकी कुल क्षमता 1518 एमएलडी है। इसके अतिरिक्त, 107 एमएलडी क्षमता के चार नए संयंत्र निर्माणाधीन हैं, जिनके मार्च 2027 तक पूरा होने की संभावना है। इसके अलावा, 227 एमएलडी क्षमता के नौ संयंत्रों का उन्नयन किया जा रहा है तथा 510 एमएलडी क्षमता के नौ नए संयंत्र प्रस्तावित हैं।
औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। राज्य में 184.5 एमएलडी क्षमता के 17 कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट संचालित हैं। दो प्लांट अपग्रेड किए जा रहे हैं और 146 एमएलडी क्षमता के आठ नए प्लांट प्रस्तावित हैं। अधिकांश बड़ी औद्योगिक इकाइयां इन संयंत्रों से जुड़ चुकी हैं अथवा उन्होंने स्वयं के स्तर पर अपशिष्ट शोधन संयंत्र स्थापित किए हैं, जिससे पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित हो रहा है।
बैठक में पेश किए गए ड्रेन-वाइज एक्शन प्लान से पता चला कि धनौरा एस्केप, ड्रेन नंबर 2, ड्रेन नंबर 6, मुंगेशपुर ड्रेन, केसीबी ड्रेन, ड्रेन नंबर 8, लेग-1, लेग-2, लेग
-3, बुढ़िया नाला और गौंची ड्रेन सहित सभी प्रमुख नालों पर कार्यों में निरंतर प्रगति हो रही है। बिना शोधन किए पानी को नदी में जाने से रोकने के लिए बड़े स्तर पर सीवर टैपिंग कार्य किया जा रहा है। नए संयंत्रों जैसे यमुनानगर में 77 एमएलडी, रोहतक में 60 एमएलडी और गुरुग्राम में प्रस्तावित 100 एमएलडी प्लांट के निर्माण से आने वाले वर्षों में यमुना में प्रदूषण भार और कम होगा। रोहतक, फरीदाबाद और गुरुग्राम में प्रमुख एसटीपी के अपग्रेडेशन का कार्य भी प्रगति पर है।
राज्य ने यमुना कैचमेंट एरिया के 34 शहरों में सीवरेज नेटवर्क को लगभग पूरा कर लिया है। प्रस्तावित 1632 किलोमीटर सीवर लाइन में से 1626.6 किलोमीटर लाइन बिछाई जा चुकी है तथा फरीदाबाद में शेष 5.4 किलोमीटर कार्य आगामी 31 दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। शोधन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ राज्य सरकार ट्रीटेड पानी के पुन: उपयोग को भी बढ़ावा दे रही है। उपचारित पानी पर आधारित तीन सिंचाई परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि छह परियोजनाएं प्रगति पर हैं। इससे ताजे पानी के स्रोतों पर निर्भरता में कमी आएगी।
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04/12/25 |विशेष जांच के दौरान विकास कार्यों और ठेकेदारों के भुगतान पर कोई रोक नहीं, हरियाणा सरकार ने जारी किए स्पष्ट निर्देश
चंडीगढ़, 04 दिसम्बर (अभी) - हरियाणा सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा की जाने वाली विशेष जांच के दौरान विकास कार्यों को रोकने या ठेकेदारों को भुगतान रोकने संबंधी कोई भी निर्देश सरकार या विभाग द्वारा जारी नहीं किए गए हैं।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों, बोर्डों एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों तथा विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को एक पत्र जारी किया गया है।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सरकार की दिनांक 12 मई, 2015 की हिदायतों के अनुसार, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की तकनीकी शाखा द्वारा विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों से, चल रहे कार्यों की प्राप्त सूची, शिकायतों, प्रारंभिक रिपोर्टों अथवा सक्षम प्राधिकारी के निर्देशों के आधार पर कार्यों का चयन विशेष जांच हेतु किया जाता है।
सरकार के संज्ञान में आया है कि कुछ विभागों के अधिकारियों एवं अभियंताओं द्वारा उच्चाधिकारियों, जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और जनसाधारण को यह कहते हुए कार्यों या भुगतान को रोका जा रहा है कि मामला सतर्कता विभाग में जांच के अधीन है अथवा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम द्वारा विशेष जांच की जा रही है। इस तरह की बातें सरासर भ्रामक और नियमों के विपरीत हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के कोई भी निर्देश कभी जारी नहीं किए गए हैं। विकास कार्यों का निष्पादन तथा पूरे हो चुका अथवा प्रगति पर चल रहे कार्यों का भुगतान संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है, जो अनुबंध की शर्तों और निर्धारित नियमों के अनुसार जारी रहना चाहिए। ऐसे मामलों में निर्णय संबंधित प्रशासनिक सचिव के स्तर पर लिया जाएगा।
सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं तथा यह भी हिदायत दी गई है कि इस सम्बन्ध में किसी भी तरह के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा।
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04/12/25 |हरियाणा में बांड-मुक्त कर्मचारियों के लिए नौकरी के आवेदन पर एनओसी की अनिवार्यता समाप्त
चंडीगढ़, 04 दिसम्बर (अभी) – हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के त्यागपत्र और नौकरी आवेदन की प्रक्रिया से संबंधित निर्देशों को संशोधित और एकीकृत करते हुए महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार जारी किए हैं।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा आज इस संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश इस विषय पर पूर्व में जारी सभी दिशा- निर्देशों का स्थान लेंगे।
राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए उन सरकारी कर्मचारियों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है, जिन्होंने कोई बांड निष्पादित नहीं किया है और हरियाणा सरकार के भीतर ही किसी अन्य पद के लिए आवेदन करना चाहते हैं। ऐसे कर्मचारी अब सीधे हरियाणा लोक सेवा आयोग और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग जैसी भर्ती एजेंसियों को आवेदन कर सकेंगे। लेकिन इसके लिए उन्हें आवेदन की अंतिम तिथि से पहले अपने विभागाध्यक्ष को सूचित करना होगा। इस महत्वपूर्ण बदलाव से सेवा में कार्यरत उम्मीदवारों को नए अवसरों के लिए आवेदन करते समय अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
राज्य सरकार ने पहली बार तकनीकी त्यागपत्र (टेक्निकल रेजिग्नेशन) की व्यवस्था भी शुरू की है। इसके तहत राज्य सरकार के भीतर किसी अन्य पद पर चयनित अस्थायी कर्मचारी बिना नोटिस पीरियड दिए या वेतन का भुगतान किए बिना नए पद पर जॉइन कर सकेंगे, बशर्ते वे बांड-मुक्त हों और किसी जांच का सामना न कर रहे हों। इससे विभागों के बीच कर्मचारियों का सुगम आवागमन सुनिश्चित होगा।
जिन कर्मचारियों ने बांड निष्पादित किया है, उन्हें आवेदन भेजने से पहले एनओसी लेना आवश्यक होगा। यदि कर्मचारी नए विभाग में बांड को जारी रखने के लिए तैयार है, तो विभाग शर्तों सहित एनओसी जारी कर सकता है। भर्ती एजेंसियों के माध्यम से नियुक्त अस्थायी कर्मचारी यदि बाद में राज्य के भीतर किसी अन्य पद पर चयनित होते हैं, तो उन्हें तकनीकी त्यागपत्र देना होगा और नोटिस अवधि तभी लागू होगी, जब आवेदन बिना अनिवार्य एनओसी के भेजा गया हो। स्थायी कर्मचारियों को चयन होने पर नियमों के अनुसार कार्यमुक्त किया जाएगा और उनका लियन सुरक्षित रहेगा।
हरियाणा के बाहर—संघ लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग, भारत सरकार या अन्य राज्य सरकारों में आवेदन करने वाले कर्मचारियों के लिए एनओसी लेना अनिवार्य होगा। यदि एनओसी नहीं लिया गया, तो एक माह का नोटिस देकर त्यागपत्र देना होगा और लियन सुरक्षित नहीं रहेगा।
भर्ती एजेंसियों को आवेदन की अग्रिम प्रति भेजना मान्य होगा और ऐसे आवेदन-पत्रों को वैध माना जाएगा, बशर्ते बाद में आवश्यकतानुसार एनओसी प्रस्तुत कर दी जाए। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे आवेदन एक सप्ताह के भीतर अग्रेषित करें, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। समयबद्ध प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए स्थापना शाखाओं द्वारा निगरानी की जाएगी।
नियमित कर्मचारियों के लिए एक माह का नोटिस या उसके बदले वेतन देना अनिवार्य रहेगा, केवल उन परिस्थितियों के जहां प्रावधान के अनुसार छूट दी गई है, जैसे तकनीकी त्यागपत्र, अंतर विभागीय समावेश या उस स्थिति में जब कर्मचारी के सेवा में आने से आवेदन पहले भेजा गया हो। संशोधित निर्देशों में नोटिस अवधि के दौरान अवकाश, त्यागपत्र वापस लेने, विशेष परिस्थितियों में पुनर्नियुक्ति, पूर्व सेवा के लाभ और चुनाव लड़ने वाले कर्मियों के लिए अनिवार्य त्यागपत्र से संबंधित प्रावधान भी स्पष्ट किए गए हैं।
इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश वेबसाइट csharyana.gov.in पर देखे जा सकते हैं।#HaryanaGovt #AdminReforms #GovtEmployees #TechnicalResignation #NOCWaiver #JobApplication #ServiceRules #CSHaryanana #AnuragRastogi #HPSC #HSSC #LienSafeguard
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04/12/25 |राहगिरी कार्यक्रम: अम्बाला पॉलिटेक्निक में छात्र-छात्राओं को साइबर धोखाधड़ी के बारे में किया गया जागरूक
जे कुमार, 4 दिसम्बर : हरियाणा पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह के निर्देश और पुलिस अधीक्षक अम्बाला अजीत सिंह शेखावत के मार्गदर्शन में आज अम्बाला पुलिस द्वारा पॉलिटेक्निक अम्बाला शहर में 'राहगिरी कार्यक्रम' के माध्यम से एक विशेष साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र/छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताकर उन्हें जागरूक करना था। इस जागरूकता कार्यक्रम में लगभग 250 प्रतिभागियों (छात्राओं/शिक्षकों/पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों) ने भाग लिया।
साइबर ठगी से बचाव के उपाय : साइबर थाना के उपनिरीक्षक रवि कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों ने उपस्थित लोगों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष जानकारी दी | गोपनीय जानकारी साझा न करें: किसी भी अनजान व्यक्ति की कॉल पर भरोसा करके अपने बैंक खाता, क्रेडिट/डेबिट कार्ड की जानकारी या ओटीपी (OTP) किसी से भी साझा न करें।
पासवर्ड सुरक्षा: अपने फेसबुक और व्हाट्सएप का पासवर्ड समय-समय पर बदलते रहें। अज्ञात कॉल/खरीददारी: किसी भी अनजान व्यक्ति का वीडियो कॉल न उठाएँ और बिना जानकारी के लालचवश ऑनलाइन सस्ते सामान को न खरीदें। डिजिटल अरेस्ट से सतर्कता: पुलिस वर्दी में वीडियो कॉल करके 'डिजिटल अरेस्ट' करने वालों से न डरें।
यात्रा धोखाधड़ी: चार धाम यात्रा के नाम पर ऑनलाइन हेलीकॉप्टर बुकिंग या होटल बुकिंग आदि के नाम पर साइबर ठगी करने वालों से सतर्क रहें। तत्काल शिकायत के लिए 1930 पर कॉल करें | पुलिस अधीक्षक अम्बाला ने बताया कि यह साइबर जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध या धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नम्बर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करवाएँ, ताकि समय रहते उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके।
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04/12/25समाना मे स्कूल वैन से उतरते बच्चे को मोटरसाइकिल ने मारी टक्कर, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
जे कुमार, 4 दिसम्बर समाना (पटियाला) : समाना के गांव गाजीपुर में एक बड़ी लापरवाही और तेज रफ्तारी का मामला सामने आया है, जहाँ एक स्कूल वैन से उतारे जा रहे छोटे बच्चे को एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल चालक ने बुरी तरह टक्कर मार दी। यह घटना बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
लापरवाही और चालक का भागना : - प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चा जैसे ही स्कूल वैन से नीचे उतर रहा था, तभी पीछे से आए एक मोटरसाइकिल सवार ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्चा घायल हो गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि दुर्घटना के बाद मोटरसाइकिल चालक ने रुकने या घायल बच्चे की मदद करने की बजाय तुरंत मौके से फरार हो गया।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से की अपील : - इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने समाना प्रशासन से कड़ा रुख अपनाने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि मोटरसाइकिल चालक के खिलाफ: फरार मोटरसाइकिल चालक की तुरंत पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। स्कूल प्रशासन पर कार्रवाई: स्कूल वैन और बसें बच्चों को सुरक्षित रूप से उतारने और चढ़ाने के नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने के लिए स्कूल एडमिनिस्ट्रेटर्स पर कार्रवाई की जाए।
सुरक्षा स्टाफ की तैनाती: भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए, स्कूल बसों या वैन में बच्चों को सुरक्षित रूप से सड़क पार कराने और उतारने के लिए हेल्पर्स या अटेंडेंट की नियुक्ति अनिवार्य की जाए। बच्चों के अभिभावकों ने प्रशासन से अपील की है कि वे सड़कों पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों पर नियंत्रण रखें और सुनिश्चित करें कि स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
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04/12/25 |गांधी मेमोरियल नेशनल कॉलेज द्वारा बी.सी. बाज़ार स्कूल में क्षमता निर्माण व करियर मार्गदर्शन व्याख्यान का सफल आयोजन
जे कुमार, 4 दिसम्बर : गांधी मेमोरियल नेशनल कॉलेज, अंबाला छावनी के शिक्षकों द्वारा गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बी.सी. बाज़ार, अंबाला छावनी में “क्षमता निर्माण एवं 12वीं के बाद करियर विकल्प” विषय पर एक प्रेरक और सार्थक व्याख्यान का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, बदलते करियर परिदृश्य और व्यावसायिक जगत में उपलब्ध नए अवसरों के प्रति जागरूक करना तथा उनमें आत्मविश्वास एवं निर्णय क्षमता का विकास करना था।
कॉलेज प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में ज्ञान, कौशल और सही मार्गदर्शन ही विद्यार्थियों को सफलता की सही दिशा प्रदान करते हैं। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम छात्रों को करियर के विभिन्न विकल्पों से अवगत कराते हुए उनमें आत्मविश्वास और लक्ष्य-निर्धारण की क्षमता विकसित करते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विद्यार्थी इस सत्र से प्रेरणा लेकर अपने भविष्य को अधिक सशक्त और सकारात्मक बनाएँगे।
यह इंटरैक्टिव सत्र जी.एम.एन. कॉलेज, अंबाला छावनी के अंग्रेज़ी विभाग एवं लैंग्वेज लैब की सह-प्राध्यापक डॉ. कमलेश कुमारी, सहायक प्राध्यापक डॉ. ज्योति सौरोत और सुश्री मेहक तलवार द्वारा संचालित किया गया। सत्र के दौरान वक्ताओं ने विद्यार्थियों को बताया कि करियर चयन जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय होता है, जिसे अपनी रुचियों, कौशल, क्षमताओं और उपलब्ध अवसरों का संतुलित मूल्यांकन करके ही लिया जाना चाहिए। उन्होंने नई शैक्षिक धाराओं, उभरते प्रोफेशनल क्षेत्रों और बहुआयामी करियर विकल्पों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। विद्यालय प्रशासन ने ज्ञान-वर्धन, प्रेरणा और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में मूल्यवान योगदान देने के लिए सभी वक्ताओं व जी.एम.एन. कॉलेज के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
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04/12/25 |लुवास डिप्लोमा कॉलेज निर्माण में अनियमितताएँ पाए जाने पर मुख्यमंत्री ने 3 अभियंताओं को तुरंत किया निलंबित
जे कुमार, चंडीगढ़, 4 दिसंबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लखनौर साहिब में लुवास के डिप्लोमा कॉलेज के निर्माण कार्य से संबंधित गंभीर अनियमितताओं के सामने आने के बाद कड़ा संज्ञान लेते हुए तुरन्त सख़्त कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।
इस मामले में तीन अभियंताओं को तुरंत निलंबित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर निशांत कुमार, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, पुनीत मित्तल, सब-डिविजनल इंजीनियर और नसीम अहमद, जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड किया गया है।
सरकारी प्रवक्ता ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अंबाला जिले के लखनौर साहिब में लाला लाजपत राय यूनिवर्सिटी ऑफ़ वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज (LUVAS) के डिप्लोमा कॉलेज का निर्माण कार्य अधूरा और मानकों के विपरीत पाया गया। इतना ही नहीं, इस निर्माण कार्य में संबंधित एजेंसी को आवश्यकता से अधिक भुगतान किया गया है। इसलिए अनियमितताएं सामने आने पर मुख्यमंत्री ने उपरोक्त अधिकारियों को सस्पेंड किया है।
प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार हर स्तर पर जवाबदेही तय होगी और इस प्रकार की किसी भी अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार विकास कार्यों पर पैसा पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता से खर्च करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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04/12/25 |अम्बाला के उपायुक्त अजय सिंह ने मुलाना पुलिस स्टेशन और सब तहसील का किया औचक निरीक्षण
अम्बाला, 4 दिसंबर (अन्नू)- उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने मुलाना में पुलिस स्टेशन और सब तहसील का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने यहाँ की गतिविधियों और व्यवस्थाओं का जायजा लिया और दोनों संस्थानों में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उपायुक्त ने सबसे पहले मुलाना पुलिस स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने बंदी रूम, महिला हैल्प डैस्क रूम, मालखाना, कंडम वाहनों के रखने की व्यवस्था और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया।
उन्होंने थाना प्रबंधक प्रमोद सिंह से प्रतिमाह दर्ज होने वाली FIR की संख्या और उनके प्रकार की जानकारी ली। थाना प्रभारी ने बताया कि इस वर्ष लगभग 304 FIR दर्ज की जा चुकी हैं।
उपायुक्त ने अदालतों में सम्मन की प्रक्रिया, मालखाना गोदाम, मेस और इन्वेस्टिगेशन रूम की कार्यप्रणाली के बारे में भी जाना।
थाना प्रभारी ने बताया कि इन्वेस्टिगेशन प्रक्रिया के तहत दोनों पक्षों को सुनने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाती है, और सम्मन की प्रक्रिया भी नियमित रूप से की जा रही है।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने सब तहसील मुलाना का भी जायजा लिया। उन्होंने बंदीखाना, रिकॉर्ड रूम, आधार पंजीकरण, कोर्ट रूम और ट्रेजरी रूम सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
उपायुक्त ने नायब तहसीलदार सतविन्द्र सिंह और स्टाफ को निर्देश दिए कि राजस्व विभाग से संबंधित कार्य के लिए आने वाले हर व्यक्ति का कार्य पूरी पारदर्शिता और प्राथमिकता से किया जाए।
उन्होंने जमाबंदी और नकल संबंधी कार्य की प्रगति की जानकारी ली।
ट्रेजरी रूम का निरीक्षण करते हुए उन्होंने बिलों से संबंधित पेंडेंसी की जानकारी ली और स्टाफ को आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि कार्य के लिए आने वाले व्यक्ति को आवश्यक दस्तावेजों और औपचारिकताओं की पूरी जानकारी दी जाए, ताकि उन्हें काम करवाने में आसानी हो।
उपायुक्त ने निरीक्षण के दौरान मुलाना सब तहसील के प्रांगण में खाली पड़े स्थान पर सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करवाने के निर्देश दिए। साथ ही बिल्डिंग के रखरखाव के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
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04/12/25 |उपायुक्त अम्बाला ने एम. एम स्कूल के वार्षिक खेल दिवस में की शिरकत, बोले- खेलों से निखरती है प्रतिभा
अम्बाला, 4 दिसंबर (अन्नू)- अम्बाला के एमएम इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित वार्षिक खेलकूद दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में अम्बाला के उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उपायुक्त ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि "खेलों का जीवन में अहम महत्व होता है तथा खेल प्रतिभा में हम अपनी प्रतिभा को निखारते हुए आगे बढ़ सकते हैं।"
उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने वार्षिक खेल दिवस की बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों द्वारा शिक्षा के साथ-साथ खेल प्रतियोगिताओं में आगे आकर प्रदर्शन करना काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा, "विद्यार्थी बचपन से ही अपनी प्रतिभा को निखारकर आगे बढ़कर अपने शहर व प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।" उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया, क्योंकि खेल गतिविधियों में भाग लेकर हम स्वयं को मानसिक रूप से मजबूत बना सकते हैं। उपायुक्त ने स्कूल प्रशासन के प्रयासों की सराहना की कि उन्होंने विद्यार्थियों को यह मंच उपलब्ध करवाया है।
अम्बाला उपायुक्त ने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को खेलों के प्रति भी जागरूक करें और उन्हें फिजिकल एक्टिविटी में ज्यादा से ज्यादा भाग लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी हर क्षेत्र में, चाहे वह शिक्षा जगत हो, खेल जगत हो, या सांस्कृतिक जगत हो, बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। इस दौरान उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेल जगत में अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मेडल पहनाकर प्रोत्साहित किया और उन्हें आशीर्वाद दिया।
कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों द्वारा ग्रुप दौड़ प्रतियोगिता, शिव तांडव प्रस्तुति, जुम्बा किड्स के साथ-साथ अन्य बेहतर प्रदर्शन किए गए। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को खेल भावना से खेलने की शपथ भी दिलवाई गई। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर एमएम यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर डा. हरीश शर्मा ने शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीपशिखा प्रज्वलित करके किया गया। स्कूल प्रधानाचार्य सुनीता दोसाज ने मुख्य अतिथि और वाईस चांसलर का स्वागत किया और स्कूल की गतिविधियों की जानकारी दी।
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03/12/25संसद को बाधित करना राष्ट्र को बाधित करना है......
संसद को बाधित करना राष्ट्र को बाधित करना है, क्योंकि संसद दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था है और उसकी हर मिनट की कार्यवाही देश की प्रगति को दिशा देती है। संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू हो चुका है और सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने संकेत दिया है कि वह एसआईआर सहित अनेक मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करेगा। विपक्ष का सवाल उठाना उसका संवैधानिक अधिकार और कर्तव्य है, परंतु सवाल यह है कि क्या यह आवाज सार्थक बहस के रूप में सामने आएगी या फिर एक बार फिर शोर-शराबे और हंगामे की भेंट चढ़ते हुए भारत की लोकतांत्रिक मर्यादा को आहत करेगी। इस सत्र में कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं और शिक्षा, सड़क, कॉरपोरेट कानूनों के साथ स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक प्रस्तुत किए जाने हैं। इन सभी विषयों पर विचार-विमर्श आवश्यक है ताकि जनहित में ठोस नीतियाँ बन सकें। परंतु पिछले कई सत्रों का अनुभव बेहद निराशाजनक रहा है, जहाँ लोकसभा की उत्पादकता महज 31 प्रतिशत और राज्यसभा की 39 प्रतिशत के आसपास रह गई थी, जिससे यह स्पष्ट है कि वेल में नारेबाजी, प्लेकार्ड लहराना, कुर्सियां ठोकना और लगातार स्थगन जैसे दृश्य लोकतंत्र की छवि को धूमिल कर रहे हैं। संसद का एक-एक मिनट जनता की गाढ़ी कमाई से चलता है और उसका व्यर्थ जाना राष्ट्र की प्रगति को बाधित करता है। संसद संवाद और समाधान का मंच है, टकराव का अखाड़ा नहीं, इसलिए आवश्यक है कि सरकार और विपक्ष दोनों ही संयम, शालीनता और परिपक्वता का परिचय दें। लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन मनभेद अनिवार्य नहीं। संसद का उद्देश्य असहमतियों को संवाद में बदलना है, जहां विपक्ष तथ्यपूर्ण प्रश्न पूछे और सरकार सम्मानपूर्वक उत्तर दे। प्रश्न तभी सार्थक है, जब उत्तर सुनने की इच्छा भी मौजूद हो। संसद की गरिमा केवल सभापति पर निर्भर नहीं, बल्कि हर सांसद की जिम्मेदारी पर आधारित है। सभापति का सम्मान, नियमों का पालन, तर्क एवं शालीनता के साथ बहस—इन्हीं मूल्यों पर संसद की प्रतिष्ठा टिकी है। जनता अपनी समस्याओं—महंगाई, रोजगार, सुरक्षा, कृषि, शिक्षा, सामाजिक सौहार्द और अर्थव्यवस्था—पर गंभीर बहस की अपेक्षा करती है। युवा पीढ़ी संसद को लोकतंत्र का आदर्श न मानकर अव्यवस्था का प्रतीक समझने लगे, यह चिंता का विषय है। इसलिए सत्ता और विपक्ष दोनों को समझना होगा कि वे सिर्फ दलों के नहीं, राष्ट्र की आत्मा के प्रतिनिधि हैं। अब आवश्यक है कि संसद नई संसदीय संस्कृति की शुरुआत करे—जहाँ राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हो। यदि यह सत्र संवाद, सौहार्द और समाधान का माध्यम बनकर उभरे और सकारात्मक, रचनात्मक और प्रगति की दिशा में कदम बढ़ाए, तो यह भारत के लोकतंत्र के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय साबित होगा। देश उम्मीद कर रहा है कि जिस शांति और सहमति से सर्वदलीय बैठक संपन्न हुई, उसी भावना के साथ संसद का संचालन भी हो, क्योंकि संसद चलेगी तो राष्ट्र चलेगा, संसद सम्मानित होगी तो देश सम्मानित होगा और यदि संसद बाधित होगी तो राष्ट्र भी बाधित होगा।
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03/12/25राष्ट्रपति ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद को उनकी जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (3 दिसंबर, 2025) राष्ट्रपति भवन में भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को उनकी जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की।
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03/12/25राष्ट्रपति ने वर्ष 2025 के लिए राष्ट्रीय दिव्यांगजन सशक्तिकरण हेतु पुरस्कार प्रदान किए
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (3 दिसंबर, 2025) अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में वर्ष 2025 के लिए राष्ट्रीय दिव्यांगजन सशक्तिकरण पुरस्कार प्रदान किए।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि दिव्यांगजन समानता के हकदार हैं। समाज और देश की विकास यात्रा में उनकी समान भागीदारी सुनिश्चित करना सभी हितधारकों का कर्तव्य है, न कि कोई दान-पुण्य। दिव्यांगजनों की समान भागीदारी से ही किसी समाज को वास्तविक अर्थों में विकसित माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस -2025 का विषय, 'सामाजिक प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए दिव्यांगता-समावेशी समाजों को बढ़ावा' भी इसी प्रगतिशील विचार पर आधारित है।
राष्ट्रपति को यह जानकर खुशी हुई कि हमारा देश कल्याणकारी मानसिकता से आगे बढ़ते हुए, दिव्यांगजनों के लिए अधिकार-आधारित, सम्मान-केंद्रित व्यवस्था अपना रहा है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों का समावेश हमारी राष्ट्रीय विकास यात्रा का एक अभिन्न अंग है। 2015 से "दिव्यांगजन" शब्द के प्रयोग का निर्णय दिव्यांगजनों के प्रति विशेष सम्मान प्रदर्शित करने के लिए लिया गया था।
राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के समावेशन और सशक्तिकरण के लिए इको-सिस्टम को मजबूत कर रही है। उनके लिए सांकेतिक भाषा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण, मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास और खेल प्रशिक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कई राष्ट्रीय स्तर के संस्थान स्थापित किए गए हैं। लाखों दिव्यांगजनों को विशिष्ट विकलांगता पहचान पत्र जारी किए गए हैं, जिससे उन्हें विशेष सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि दिव्यांगजनों के हितों के लिए सरकार के साथ-साथ समाज को भी जागरूक और सक्रिय रहना चाहिए। इससे सरकार के प्रगतिशील प्रयासों को बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की गरिमा, स्वावलंबन और आत्म-सम्मान सुनिश्चित करना सभी नागरिकों का दायित्व है। प्रत्येक नागरिक को सामाजिक और राष्ट्रीय प्रगति के अपने प्रयासों में दिव्यांगजनों को भागीदार बनाने का संकल्प लेना चाहिए।
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03/12/25खुदीराम बोस जी की वीरगाथा हर एक युवा के लिए राष्ट्र प्रथम का अमूल्य प्रेरणास्रोत है
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने महान देशभक्त और अमर बलिदानी खुदीराम बोस जी की जयंती पर उन्हें नमन किया।
श्री अमित शाह ने X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा कि “महान देशभक्त और अमर बलिदानी खुदीराम बोस जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। शौर्य, साहस और मातृभूमि के लिए त्याग के प्रतीक खुदीराम बोस जी ने माँ भारती की स्वाधीनता के लिए युवाओं को संगठित कर सशस्त्र क्रांति के लिए प्रेरित किया और स्वदेशी के लिए भी देशवासियों को जागृत किया। अनगिनत क्रांतिकारियों की प्रेरणा बने खुदीराम जी को क्रान्ति के पथ से अंग्रेजी हुकुमत की यातनाएँ भी डिगा न सकीं और मातृभूमि के लिए उन्होंने हँसते-हँसते अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनकी वीरगाथा हर एक युवा के लिए राष्ट्र प्रथम का अमूल्य प्रेरणास्रोत है।”
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03/12/25साइबर अपराधों को काबू करने के लिए क्षमता निर्माण योजना
भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अनुसार 'पुलिस' और 'लोक व्यवस्था' राज्य के विषय हैं। राज्य/संघ राज्य क्षेत्र अपनी कानून प्रवर्तन एजेंसियों (एलईए) के माध्यम से साइबर अपराध सहित अन्य अपराधों की रोकथाम, पता लगाने, जांच और अभियोजन के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। केंद्र सरकार, राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों की पहलों को उनकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों (एलईए) की क्षमता निर्माण हेतु विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत परामर्श और वित्तीय सहायता प्रदान करके सहायता प्रदान करती है।
केंद्र सरकार ने साइबर अपराधों से व्यापक और समन्वित तरीके से निपटने के तंत्र को मजबूत करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
गृह मंत्रालय ने देश में सभी प्रकार के साइबर अपराधों से समन्वित और व्यापक तरीके से निपटने के लिए एक संलग्न कार्यालय के रूप में 'भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र' (I4सी) की स्थापना की है।
I4 सी के एक भाग के रूप में, 'राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल' (एनसीआरपी) ( https://cybercrime.gov.in ) शुरू किया गया है ताकि आम जनता सभी प्रकार के साइबर अपराधों से संबंधित घटनाओं की रिपोर्ट कर सके। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराधों पर। इस पोर्टल पर दर्ज साइबर अपराध की घटनाओं, उनकी एफआईआर में रूपांतरण और उसके बाद की कार्रवाई, कानून के प्रावधानों के अनुसार संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा की जाती है।
वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल सूचना देने और धोखेबाजों द्वारा धन की हेराफेरी रोकने के लिए I4 सी के अंतर्गत 'नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग एवं प्रबंधन प्रणाली' (सीएफसीएफआरएमएस) वर्ष 2021 में शुरू की गई है। अब तक 23.02 लाख से अधिक शिकायतों में 7,130 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय राशि बचाई गई है। ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराने में सहायता के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर '1930' शुरू किया गया है।
आई4सी में एक अत्याधुनिक साइबर धोखाधड़ी शमन केंद्र (सीएफएमसी) स्थापित किया गया है, जहां प्रमुख बैंकों, वित्तीय मध्यस्थों, भुगतान एग्रीगेटर्स, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं, आईटी मध्यस्थों और राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधि साइबर अपराध से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई और निर्बाध सहयोग के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई सूचना के अनुसार अब तक भारत सरकार द्वारा 11.14 लाख से अधिक सिम कार्ड और 2.96 लाख आईएमईआई ब्लॉक किए जा चुके हैं।
गृह मंत्रालय का I4सी सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने, क्षमता निर्माण को बढ़ाने आदि के लिए नियमित रूप से 'राज्य कनेक्ट', 'थाना कनेक्ट' और सहकर्मी शिक्षण सत्र का आयोजन कर रहा है।
I4सी के एक भाग के रूप में राज्य/संघ राज्य क्षेत्र पुलिस के जांच अधिकारियों (आईओ) को प्रारंभिक चरण की साइबर फोरेंसिक सहायता प्रदान करने के लिए नई दिल्ली (18.02.2019 को) और असम (29.08.2025 को) में अत्याधुनिक 'राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक प्रयोगशाला (जांच)' की स्थापना की गई है। अब तक राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक प्रयोगशाला (जांच) नई दिल्ली ने साइबर अपराधों से संबंधित लगभग 12,952 मामलों में राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के एलईए को अपनी सेवाएं प्रदान की हैं।
साइबर अपराध जांच, फोरेंसिक, अभियोजन आदि के महत्वपूर्ण पहलुओं पर ऑनलाइन पाठ्यक्रम के माध्यम से पुलिस अधिकारियों/न्यायिक अधिकारियों की क्षमता निर्माण के लिए I4सी के तहत बड़े पैमाने पर खुले ऑनलाइन पाठ्यक्रम (एमओओसी) प्लेटफॉर्म, अर्थात् 'साइट्रेन' पोर्टल विकसित किया गया है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 1,44,895 से अधिक पुलिस अधिकारी/न्यायिक अधिकारी पंजीकृत हैं और पोर्टल के माध्यम से 1,19,628 से अधिक प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।
देश में साइबर सुरक्षा खतरों का मुकाबला करने हेतु विशेष प्रशिक्षण से लैस साइबर कमांडो की एक विशेष शाखा की स्थापना हेतु माननीय गृह मंत्री द्वारा 10.09.2024 को साइबर कमांडो कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य एक समर्पित, कुशल कार्यबल का निर्माण करना है जो महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना की सुरक्षा करने और राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा प्रयासों में सहयोग करने में सक्षम हो। अब तक 281 साइबर कमांडो ने आईआईटी, आईआईआईटी, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू), राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू), गांधीनगर और नई दिल्ली सहित प्रमुख संस्थानों में अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
गृह मंत्रालय ने 'महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध साइबर अपराध रोकथाम (सीसीपीडब्ल्यूसी)' योजना के अंतर्गत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को साइबर फोरेंसिक-सह-प्रशिक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना, कनिष्ठ साइबर सलाहकारों की नियुक्ति और एलईए कर्मियों, लोक अभियोजकों एवं न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण जैसे क्षमता निर्माण कार्यों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है। 33 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में साइबर फोरेंसिक-सह-प्रशिक्षण प्रयोगशालाएँ स्थापित की जा चुकी हैं और 24,600 से अधिक एलईएकर्मियों, न्यायिक अधिकारियों और अभियोजकों को साइबर अपराध जागरूकता, जाँच, फोरेंसिक आदि पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
'सहयोग' पोर्टल को आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 79 की उप-धारा (3) के खंड (बी) के तहत उपयुक्त सरकार या उसकी एजेंसी द्वारा आईटी मध्यस्थों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए शुरू किया गया है ताकि किसी भी सूचना, डेटा या संचार लिंक तक पहुंच को हटाने या अक्षम करने की सुविधा मिल सके, जिसका उपयोग गैरकानूनी कार्य करने के लिए किया जा रहा है।
बैंकों/वित्तीय संस्थानों के सहयोग से I4सी द्वारा 10.09.2024 को साइबर अपराधियों की पहचान करने वालों की एक संदिग्ध रजिस्ट्री शुरू की गई है। अब तक बैंकों और 24.67 लाख लेयर 1 म्यूल खातों से प्राप्त 18.43 लाख से अधिक संदिग्ध पहचानकर्ताओं के डेटा को संदिग्ध रजिस्ट्री की भागीदार संस्थाओं के साथ साझा किया गया है और 8031.56 करोड़ रुपये के लेनदेन को अस्वीकृत किया गया है।
समन्वय प्लेटफ़ॉर्म को प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) प्लेटफ़ॉर्म, डेटा संग्रह और साइबर अपराध डेटा साझाकरण एवं विश्लेषण हेतु एलईए के समन्वय प्लेटफ़ॉर्म के रूप में कार्य करने के लिए चालू किया गया है। यह विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में साइबर अपराध की शिकायतों में शामिल अपराधों और अपराधियों के अंतरराज्यीय संपर्कों पर आधारित विश्लेषण प्रदान करता है। 'प्रतिबिंब' मॉड्यूल क्षेत्राधिकारियों को दृश्यता प्रदान करने के लिए अपराधियों और अपराध के बुनियादी ढांचे के स्थानों को मानचित्र पर प्रदर्शित करता है। यह मॉड्यूल कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा I4सी और अन्य लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) से तकनीकी-कानूनी सहायता प्राप्त करने और प्राप्त करने की सुविधा भी प्रदान करता है। इसके परिणामस्वरूप 16,840 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई है और 1,05,129 साइबर जाँच सहायता अनुरोध प्राप्त हुए हैं।
केंद्र सरकार ने साइबर अपराध के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए विभिन्न पहल की हैं, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ निम्नलिखित शामिल हैं:-
माननीय प्रधानमंत्री ने 27.10.2024 को "मन की बात" कार्यक्रम के दौरान डिजिटल गिरफ्तारियों के बारे में बात की और भारत के नागरिकों को इससे अवगत कराया।
दिनांक 28.10.2024 को डिजिटल गिरफ्तारी पर आकाशवाणी, नई दिल्ली द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कॉलर ट्यून अभियान: I4सी ने दूरसंचार विभाग (डीओटी) के सहयोग से साइबर अपराध के बारे में जागरूकता बढ़ाने और साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 और एनसीआरपी पोर्टल के प्रचार-प्रसार के लिए 19.12.2024 से एक कॉलर ट्यून अभियान शुरू किया है। दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) द्वारा कॉलर ट्यून का प्रसारण अंग्रेजी, हिंदी और 10 क्षेत्रीय भाषाओं में भी किया जा रहा है। कॉलर ट्यून के छह संस्करण बजाए गए, जिनमें विभिन्न कार्यप्रणाली, जैसे डिजिटल गिरफ्तारी, निवेश घोटाला, मैलवेयर, फर्जी लोन ऐप, फर्जी सोशल मीडिया विज्ञापन, आदि शामिल हैं।
केंद्र सरकार ने डिजिटल गिरफ्तारी घोटालों पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ, समाचार पत्र विज्ञापन, दिल्ली मेट्रो में घोषणा, विशेष पोस्ट बनाने के लिए सोशल मीडिया प्रभावशाली लोगों का उपयोग, प्रसार भारती और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से अभियान, आकाशवाणी पर विशेष कार्यक्रम शामिल हैं।
डीडी न्यूज के साथ साझेदारी में I4सी ने 19 जुलाई 2025 से 52 सप्ताह तक साप्ताहिक शो साइबर-अलर्ट के माध्यम से साइबर अपराध जागरूकता अभियान चलाया।
केंद्र सरकार ने साइबर अपराध के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ, एसएमएस, आई4सी सोशल मीडिया अकाउंट यानी एक्स (पूर्व में ट्विटर) (@साइबरदोस्त), फेसबुक (साइबरदोस्तआई4सी), इंस्टाग्राम (साइबरदोस्तआई4सी), टेलीग्राम (साइबरदोस्ती4सी) के माध्यम से संदेशों का प्रसार, एसएमएस अभियान, टीवी अभियान, रेडियो अभियान, स्कूल अभियान, सिनेमा हॉल में विज्ञापन, सेलिब्रिटी समर्थन, आईपीएल अभियान, कुंभ मेला 2025 और सूरजकुंड मेला 2025 के दौरान अभियान, कई माध्यमों में प्रचार के लिए माईगव को शामिल करना, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से साइबर सुरक्षा और सुरक्षा जागरूकता सप्ताह का आयोजन, किशोरों/छात्रों के लिए हैंडबुक का प्रकाशन, रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर डिजिटल डिस्प्ले आदि शामिल हैं।
गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री बंदी संजय कुमार ने राज्यसभा में यह जानकारी उपलब्ध कराई।
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03/12/25प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्री य दिव्यां गजन दिवस पर दिव्यांगों के लिए सम्मान, पहुंच और अवसर सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर दिव्यांग बहनों और भाइयों के लिए सम्मान, पहुंच और अवसर सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी है। श्री मोदी ने कहा कि दिव्यांगों ने अपनी रचनात्मकता और पक्के इरादे की वजह से अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है और हमारे देश की तरक्की को काफी बढ़ाया है। श्री मोदी ने कहा, "पिछले कुछ सालों में, भारत ने कानूनों, आसान इंफ्रास्ट्रक्चर, सबको साथ लेकर चलने वाली शिक्षा नीति और मददगार प्रौद्योगिकी में नवाचार के जरिए दिव्यांग कल्याण की दिशा में जरूरी कदम उठाए हैं। हम आने वाले समय में और भी बहुत कुछ करते रहेंगे।"
प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया:
"अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर, हम अपने दिव्यांग बहनों और भाइयों के लिए हमेशा सम्मान, पहुंच और अवसर सुनिश्चित करने के लिए अपना वादा दोहराते हैं। उन्होंने अपनी रचनात्मकता और पक्के इरादे की वजह से अलग-अलग क्ष्ोत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है। साथ ही, उन्होंने हमारे देश की तरक्की को काफी बढ़ाया है। पिछले कुछ सालों में, भारत ने कानूनों, आसान इंफ्रास्ट्रक्चर, सबको साथ लेकर चलने वाली शिक्षा नीति और मददगार प्रौद्योगिकी में नवाचार के जरिए दिव्यांग कल्याण की दिशा में जरूरी कदम उठाए हैं। हम आने वाले समय में और भी बहुत कुछ करते रहेंगे।"
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03/12/25प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक खेती पर अपने विचार साझा किए
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज लिंक्डइन पोस्ट पर अपने लिखे एक आर्टिकल में प्राकृतिक खेती पर अपने विचार शेयर किए। श्री मोदी ने कहा, "दो हफ्ते पहले, मैं कोयंबटूर में प्राकृतिक खेती पर एक समिट में था, जिसने मेरे मन पर गहरी छाप छोड़ी। इस लिंक्डइन पोस्ट में इस पर कुछ विचार बताए, साथ ही पूरे भारत के लोगों से प्राकृतिक खेती को बढ़ाने की अपील की। एक नजर डालें।"
प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया:
"दो हफ्ते पहले, मैं कोयंबटूर में प्राकृतिक खेती पर एक समिट में था, जिसने मेरे मन पर गहरी छाप छोड़ी। इस लिंक्डइन पोस्ट में इस पर कुछ विचार बताए हैं, जिसमें पूरे भारत के लोगों से प्राकृतिक खेती को बढ़ाने की अपील की गई है। एक नजर डालें।"
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03/12/25तेलंगाना के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की
तेलंगाना के मुख्यमंत्री श्री रेवंत रेड्डी और उप-मुख्यमंत्री श्री भट्टी विक्रमार्क मल्लू ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
"तेलंगाना के मुख्यमंत्री श्री @revanth_anumula और उपमुख्यमंत्री श्री @Bhatti_Mallu ने आज प्रधानमंत्री @narendramodi से मुलाकात की।"
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03/12/25प्रधानमंत्री ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री मोदी ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रूप से भाग लेने से लेकर, संविधान सभा की अध्यक्षता करने और देश के पहले राष्ट्रपति बनने तक, उन्होंने अतुलनीय गरिमा, समर्पण और उद्देश्य की स्पष्टता के साथ राष्ट्र की सेवा की। श्री मोदी ने कहा कि लंबे समय के सार्वजनिक जीवन में वह सादगी, साहस और राष्ट्रीय एकता के प्रति समर्पण से पहचाने जाते थे। उनकी अनुकरणीय सेवा और दूरदर्शिता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया:
“डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी को उनकी जयंती पर नमन। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदार होने से लेकर, संविधान सभा की अध्यक्षता करने और देश के प्रथम राष्ट्रपति बनने तक, उन्होंने अतुलनीय गरिमा, समर्पण और उद्देश्य की स्पष्टता के साथ हमारे राष्ट्र की सेवा की। लंबे समय के सार्वजनिक जीवन में वह सादगी, साहस और राष्ट्रीय एकता के प्रति समर्पण से पहचाने जाते थे। उनकी अनुकरणीय सेवा और दूरदर्शिता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।”
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03/12/25 |अम्बाला के वात्सल्य स्पेशल स्कूल में विश्व विकलांग दिवस पर भव्य समारोह: दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा का अनूठा प्रदर्शन
अंबाला, 3 दिसंबर 2025 (अन्नू): कैंटोनमेंट बोर्ड द्वारा संचालित वात्सल्य स्पेशल स्कूल में आज, 3 दिसंबर को विश्व विकलांग दिवस (दिव्यांग दिवस) के अवसर पर, वार्षिक समारोह बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस समारोह का मुख्य आकर्षण दिव्यांग बच्चों की असाधारण प्रतिभाओं का प्रदर्शन रहा, जिसने सभी उपस्थित लोगों के दिलों को गहराई से छुआ। यह आयोजन समावेशिता और संवेदनशीलता का एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छावनी परिषद के सीईओ राहुल आनंद शर्मा तथा उनके साथ कैंटोनमेंट बोर्ड के मनोनीत सदस्य अजय बवेजा एवं डीईओ की धर्मपत्नी मनीला लाठर उपस्थित रहीं। इनके अतिरिक्त, कैंटोनमेंट बोर्ड के सभी सदस्य, बोर्ड के स्कूलों के प्रिंसिपल, वात्सल्य स्कूल के अभिभावक और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी समारोह में शिरकत की।
समारोह के दौरान वात्सल्य स्कूल के दिव्यांग बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। बच्चों की कला और ऊर्जा से पूरा माहौल जीवंत हो उठा, जो उनकी क्षमताओं और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। कार्यक्रम के समापन पर, सीईओ राहुल आनंद शर्मा और उनकी धर्मपत्नी गीतांजलि शर्मा, मनोनीत सदस्य अजय बवेजा और मनीला लाठर ने सभी बच्चों को उपहार भेंट कर उनका मनोबल बढ़ाया। सभी उपस्थितजनों ने स्कूल स्टाफ के समर्पण, उनकी बेहतरीन कार्यशैली और बच्चों के समग्र विकास के लिए किए जा रहे अथक प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
यह वार्षिक समारोह न केवल दिव्यांग बच्चों की क्षमताओं को प्रदर्शित करने का एक मंच था, बल्कि यह समाज को यह भी याद दिलाता है कि समावेशिता और संवेदनशीलता से ही एक मजबूत समाज का निर्माण होता है। कैंटोनमेंट बोर्ड और वात्सल्य स्कूल टीम को इस प्रेरक और सफल आयोजन के लिए बधाई दी गई।#विश्वविकलांगदिवस #दिव्यांगदिवस #VatsalyaSpecialSchool #AmbalaCantonmentBoard #समावेशीशिक्षा #InclusiveIndia #दिव्यांगजन #RahulAnandSharma #सांस्कृतिकसमारोह #DanikKhabar #AmbalaNews
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03/12/25 |- संसद,
दैनिक खबर प्रस्तुत करता है भारत की लोकसभा की 2 दिसंबर 2025 की कार्यवाही के प्रमुख बिंदु
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03/12/25 |'रात को मुर्दाघर घूमने वालों को ही दिखते हैं अलग-अलग भगवान': तेलंगाना सीएम के 'कितने भगवान' वाले बयान पर अनिल विज का तीखा व्यंग
हिमाचल विधायकों को नहीं मिली सैलरी, मंत्री अनिल विज ने से बताया 'राहुल गांधी का अर्थशास्त्र'
चंडीगढ़, 3 दिसम्बर - हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने विवादित बयान कि हिंदुओं के आखिर हजारों भगवान हैं पर कड़ा पलटवार किया है।ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि हमारे कितने भी भगवान हो लेकिन दृष्टि एक ही है, हमारी भावना एक है, हमारा उनके प्रति आदर और सम्मान का भाव एक ही है। मंत्री अनिल विज ने व्यंग करते हुए कहा कि जो रात को मुर्दाघर में जाकर घूमते हैं उन्हें ही विभिन्न भगवान नजर आते होगे। हमारे लिए तो सब एक ही है, हमारे इतने सारे भगवान मिलकर नास्तिकों का दिमाग भी ठीक कर देंगे।
हिमाचल विधायकों को नहीं मिली सैलरी, मंत्री अनिल विज ने से बताया 'राहुल गांधी का अर्थशास्त्र'
वहीं, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और कांग्रेस की आर्थिक स्थिति वहां पर इतनी कमजोर हो गई है कि कई महीनों से विधायकों को तनख्वाह नहीं मिली जिस पर बोलते हुए कैबिनेट मंत्री विज ने कहा कि यह राहुल गांधी का अर्थशास्त्र है, राहुल गांधी जिस प्रकार का शासन पद्धति देना चाहते हैं हालांकि जिसका उन्हें कभी मौका नहीं मिलेगा। राहुल गांधी लगभग 80 से 90 चुनाव हार चुके हैं हालांकि हिमाचल में कांग्रेस की सरकार है तो इतना बुरा हाल है कि वे वेतन देने के पैसे नहीं है।#anilvij #anilvijminister #haryanagoverment #bjp #bjpharyana #congress
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03/12/25ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने एआई वीडियो पर कांग्रेस को घेरा : बोले - छोटे काम करने वालों का अपमान कर रही कांग्रेस, मैं भी पहले पोस्टर लगाए है
अम्बाला/चंडीगढ़, 03 दिसम्बर - कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चाय वाला एक AI जनरेटेड वीडियो एक्स पर ट्वीट किया है जिस पर हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कड़ा पलटवार किया है।
आज पत्रकारों से बातचीत करते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि कांग्रेस ने अगर ऐसा वीडियो डाला है तो कांग्रेस ने करोड़ों व गरीब लोगों का अपमान किया है, कोई भी आदमी छोटे से छोटा काम करके भी ऊपर जा सकता है जो हमारे प्रजातंत्र की खूबसूरती है लेकिन कांग्रेस इसको लात मारने में लगी हुई है। मंत्री अनिल विज ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि वह भी पहले पोस्टर लगाया करते थे लेकिन आज मंत्री हैं। उन्होंने कहा अनेकों लोग है जो छोटे-छोटे काम करके ऊपर तक आए हैं। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस ऐसा कर रही है तो वह प्रजातांत्रिक तरीके, प्रजातांत्रिक सिस्टम और प्रजातांत्रिक व्यवस्था का घोर अपमान कर रही है। -
03/12/25 |विश्व दिव्यांग दिवस: करनाल में मानवाधिकार आयोग का सेमिनार आयोजित, दिव्यांगों के अधिकारों पर चर्चा
जे कुमार, करनाल, 3 दिसम्बर, 2025: हरियाणा मानवाधिकार आयोग (HHRC) द्वारा जिला प्रशासन करनाल के सहयोग से आज 'विश्व दिव्यांग दिवस' (3 दिसंबर, 2025) के अवसर पर कल्पना चावला राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में एक भव्य जागरूकता सेमिनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
सेमिनार का उद्देश्य : - सेमिनार का मुख्य उद्देश्य समाज में दिव्यांग व्यक्तियों के मानवाधिकारों और उनके प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना था, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में समान रूप से शामिल हो सकें।
चर्चा के संभावित विशिष्ट अधिकार : दिव्यांगजनों के अधिकारों पर केंद्रित इस सेमिनार में निम्नलिखित विशिष्ट पहलुओं पर चर्चा होने की संभावना रही| समानता और गैर-भेदभाव: 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016' (Rights of Persons with Disabilities Act, 2016) के तहत उनके साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकने के कानूनी प्रावधान।
शिक्षा का अधिकार: समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) को लागू करना, उचित बुनियादी ढाँचा (Ramps, Lifts) और विशेष शैक्षणिक सहायता प्रदान करना। रोजगार का अधिकार: सरकारी और निजी क्षेत्रों में आरक्षण और रोजगार के समान अवसर सुनिश्चित करना।
पहुँच (Accessibility): सार्वजनिक स्थानों, परिवहन, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) तक सुगम पहुँच (Accessible Infrastructure and Technology)। समुदाय में रहने का अधिकार: उन्हें संस्थागत रूप से अलग रखने के बजाय समाज और समुदाय के साथ रहने और जीवन के सभी पहलुओं में भागीदारी सुनिश्चित करना। स्वास्थ्य का अधिकार: सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुँच।
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03/12/25 |अवैध MTP और PNDT पर हरियाणा सरकार सख्त: मिशन डायरेक्टर ने सिविल सर्जनों को दिए रेड बढ़ाने के निर्देश
जे कुमार, चंडीगढ़, 3 दिसम्बर : स्वास्थ्य विभाग के सचिव एवं नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) हरियाणा के मिशन डायरेक्टर रिपुदमन सिंह ढिल्लों ने प्रदेश में अवैध एमटीपी (MTP- Medical Termination of Pregnancy) और पीएनडीटी (PNDT- Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques) के मामलों को रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने प्रदेश के सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिए हैं कि वे अवैध गतिविधियों को पकड़ने के लिए अधिक से अधिक रेड करें और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
लिंगानुपात में पिछड़ने वाले जिलों पर विशेष फोकस : ढिल्लों ने उन जिलों के सिविल सर्जन, नोडल अधिकारी तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं जो लिंगानुपात में पिछड़ रहे हैं। उन्हें अपने-अपने क्षेत्र में अवैध एमटीपी और पीएनडीटी के मामलों पर कड़ी नजर रखने और दोषी पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।
सख्त कार्रवाई और कोर्ट में प्रभावी पैरवी पर जोर : मिशन डायरेक्टर ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि एफआईआर लिखते समय सभी पहलुओं का ध्यान रखा जाए, ताकि सबूतों के अभाव में दोषी कोर्ट से छूट न पाए। जिन मामलों में यह आभास होता है कि सही पैरवी के कारण दोषी व्यक्ति निचली अदालत से छूटने में कामयाब हो गया है, उन मामलों की अपील ऊपरी अदालत में अवश्य करें। यह कदम राज्य में बिगड़ते लिंगानुपात को सुधारने और अवैध भ्रूण लिंग जांच व गर्भपात पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए उठाया गया है।
#haryana #nhmmd #haryana-government-cracks-down #-illegal-mtp-and-pndt-cases
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03/12/25हरियाणा में नये डीजीपी बनने को लेकर लॉबिंग तेज हुई एएस चावला, अजय सिंघल और आलोक मित्तल प्रमुख दावेदार के रूप मे सामने आए
जे कुमार, चंडीगढ़, 3 दिसम्बर, 2025: हरियाणा में नए पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति को लेकर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों में लॉबिंग तेज हो गई है। हालांकि गृह विभाग में अभी पैनल तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन एक दिन पहले हुए दो सीनियर पुलिस अफसरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव ने इस चर्चा को और भी गर्म कर दिया है।
वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव : बुधवार को हुए प्रशासनिक फेरबदल में: आईपीएस अजय सिंघल को अब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कमान सौंपी गई है। वहीं, ACB के प्रमुख रहे आईपीएस आलोक मित्तल को पुलिस आवास निगम का एमडी नियुक्त किया गया है। आलोक मित्तल को ACB से हटाए जाने को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
DGP की दौड़ में तीन प्रमुख नाम : - फिलहाल हरियाणा के नए डीजीपी बनने की दौड़ में तीन वरिष्ठ अफसरों का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है, जिनमें से किसी एक की लॉटरी लगने की बात कही जा रही है:
एएस चावला
अजय सिंघल (वर्तमान में ACB प्रमुख)
आलोक मित्तल (वर्तमान में पुलिस आवास निगम के एमडी)
इन वरिष्ठ अधिकारियों में से ही किसी एक का चयन यूपीएससी (UPSC) द्वारा भेजे गए पैनल के आधार पर होने की संभावना है। यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब सरकार प्रशासनिक स्तर पर बड़े निर्णय ले रही है।
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03/12/25 |दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना की दूसरी किस्त जारी : मुख्यमंत्री नायब सैनी
आरएस अनेजा, चंडीगढ़, 3 दिसम्बर - हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना की दूसरी किस्त जारी की है। इस योजना के तहत 701965 लाभार्थी बहनों के खातों में राशि डाली गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के 109वें जन्मदिवस के अवसर पर लाडो लक्ष्मी ऐप शुभारंभ किया गया था। इस ऐप पर 30 नवंबर तक 9 लाख 552 महिलाओं ने किया आवेदन जिनमें से 7 लाख 1 हजार 965 महिलाएं पात्र पाई गई थी। 5 लाख 58 हजार 346 महिलाओं ने अपना आधार KYC पूरा किया था। उन्होंने बताया कि अभी 1 लाख 43 हजार 619 महिलाओं का वेरिफिकेशन पेंडिंग है। इस योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह है पारदर्शी और ऑनलाइन है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आवेदन पूरा होते ही 24 से 48 घंटे में सारी वेरिफिकेशन प्रक्रिया कर ली जाती है, पात्र महिलाओं को एसएमएस द्वारा सूचित कर इसी ऐप पर दोबारा जाकर लाइव फोटो खींचकर अपलोड करने का निवेदन किया जाता है। आधार डेटाबेस के माध्यम से E-KYC होने के बाद सेवा विभाग इस योजना की पेंशन आईडी जारी कर देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने जो संकल्प लिए उन्हें गति से सरकार पूरा कर रही है। हर 3 महीने में प्रदेश की महिलाओं के खाते में एकसाथ डाली जाएगी लाडो लक्ष्मी योजना के तहत धनराशि।
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03/12/25केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने शीतकालीन मौसम में इन्फ्लूएंजा फैलने से रोकने की तैयारियों की समीक्षा की
आरएस अनेजा, 3 दिसम्बर नई दिल्ली - सर्दियों में फैलने वाले इन्फ्लूएंजा को रोकने के लिए की गई तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
कर्तव्य भवन 1 में बैठक के दौरान, सचिव (स्वास्थ्य) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को बताया कि भारत में आमतौर पर इन्फ्लूएंजा के दो मौसमी चरम अनुभव होते हैं - अगस्त-अक्टूबर (मानसून चरम) और जनवरी-मार्च (शीतकालीन चरम)।
वर्ष 2014-15 के दौरान मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि को याद करते हुए नड्डा ने वर्तमान स्थिति पर अद्यतन जानकारी मांगी तथा पूछा कि क्या वर्तमान में प्रचलित वायरस के प्रकारों में ऐतिहासिक रुझानों से कोई भिन्नता है।
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) और एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) के अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि विश्व स्तर पर और भारत में भी इन्फ्लूएंजा की गतिविधि कम बनी हुई है। निगरानी से संकेत मिलता है कि परिसंचारी स्ट्रेन सामान्य मौसमी रूप- H3N2 और इन्फ्लूएंजा बी (विक्टोरिया) ही बने हुए हैं, जिनमें H1N1 का एक छोटा सा अनुपात है। मंत्री को लगभग वास्तविक समय निगरानी तंत्रों से भी अवगत कराया गया, जिनमें शामिल हैं: आईडीएसपी का इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन रोग (एसएआरआई) निगरानी नेटवर्क, मीडिया स्कैनिंग के माध्यम से एआई-संचालित घटना-आधारित निगरानी और श्वसन रोगजनकों के लिए आईसीएमआर की प्रहरी निगरानी। सभी प्रणालियाँ वर्तमान में इन्फ्लूएंजा के मामलों में असामान्य वृद्धि के कोई संकेत नहीं दिखाती हैं।
एनसीडीसी के निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) रंजन दास ने यह भी बताया कि एनसीडीसी इस महीने के अंत में इन्फ्लूएंजा पर दो दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर आयोजित करेगा, जिसमें प्रमुख मंत्रालय, विभाग और राज्य सरकारें शामिल होंगी, ताकि इन्फ्लूएंजा की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की जा सके और आगे की योजना बनाई जा सके।
स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने चल रही तैयारियों की सराहना की और सभी राज्य नोडल अधिकारियों के साथ इन्फ्लूएंजा की तैयारियों की समीक्षा करने और सभी केंद्र सरकार के अस्पतालों की तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में तैयारियों की समीक्षा अगले एक पखवाड़े के भीतर पूरी कर ली जाए। मंत्री ने इस संबंध में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक परामर्श जारी करने की भी सलाह दी और स्वास्थ्य सुविधाओं पर नियमित रूप से मॉक-ड्रिल आयोजित करने को कहा।
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03/12/25 |जी.एम.एन. कॉलेज, अंबाला कैंट ने जी.एस.एस. स्कूल नन्हेरा में ‘एनईपी 2020’ व ‘दैनिक जीवन में गणित’ पर दिया व्याख्यान
अम्बाला, 3 दिसंबर (अन्नू)- जी.एस.एस. स्कूल, नन्हेरा में हाल ही में एक महत्वपूर्ण शैक्षिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जी.एम.एन. कॉलेज, अंबाला के सहयोग से किया गया था और इसका मुख्य विषय था "राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं दैनिक जीवन में गणित का महत्व।" इस विस्तार व्याख्यान को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की नई शिक्षा नीति (NEP 2020) की प्रमुख बातों से परिचित कराना था, साथ ही उन्हें यह समझाना था कि गणित सिर्फ एक विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे रोज़मर्रा के जीवन में कितना व्यावहारिक और उपयोगी है।
कॉलेज के प्राचार्य, डॉ. रोहित दत्त, ने इस पहल के लिए विद्यालय प्रबंधन और सभी शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने ज़ोर दिया कि इस तरह के शैक्षिक कार्यक्रम बच्चों के अंदर गणित और शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सुधारों के प्रति एक सकारात्मक नज़रिया बनाने में बहुत मददगार होते हैं। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. पिंकी ने अपने संबोधन में गणित के महत्व को उजागर किया। उन्होंने सरल और रोचक उदाहरणों का प्रयोग करते हुए समझाया कि गणित हमारी सोच को कैसे तार्किक और विश्लेषणात्मक बनाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे गणित को केवल पाठ्यक्रम का हिस्सा न मानें, बल्कि इसे अपने जीवन की विभिन्न समस्याओं का हल खोजने का एक महत्वपूर्ण उपकरण समझें।
इसी दौरान, अंग्रेज़ी विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. कमलेश ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर एक प्रभावशाली व्याख्यान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनईपी 2020 एक दूरदर्शी कदम है जो शिक्षा प्रणाली को और अधिक लचीला, बहुआयामी और कौशल-आधारित बनाने पर केंद्रित है। इसका अंतिम लक्ष्य विद्यार्थियों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्रों और शिक्षकों दोनों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, और प्रश्नोत्तर सत्र में उनकी सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। अंत में, विद्यालय और कॉलेज प्रशासन ने सभी उपस्थित लोगों का धन्यवाद किया और यह प्रतिबद्धता जताई कि भविष्य में भी ऐसे ही उपयोगी और ज्ञानवर्धक शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा।
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