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30/06/25खेत तक रास्ता हर किसान को मिले, आवेदन मिलते ही प्राथमिकता से हो निस्तारण- ऊर्जा मंत्री
एन.एस. बाछल, 30 जून, जयपुर।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने रविवार को कोटा एसडीएम कार्यालय, कनवास में उपखंड स्तरीय जनसुनवाई की। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोग परिवेदना लेकर पहुंचे। जनसुनवाई में पीडब्ल्यूडी, राजस्व, पंचायतीराज, नहरी तंत्र विभाग समेत सड़क, शमसान, बिजली और खेतों के रास्ते देने संबंधी 168 परिवाद प्राप्त हुए। जिन पर ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को बुलाकर जवाब मांगा।
जन सुनवाई में आंवा के ग्रामीण खेतों के रास्ते को लेकर ऊर्जा मंत्री से मिले। वहीं आवां तालाब के पीछे खेत का रास्ता छुड़वाने तथा कनवास के कोलानी गांव में खेतों के लिए रास्ता देने की मांग की। हीरालाल नागर ने खेतों के रास्ते के मामले में एसडीएम और तहसीलदार को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि खेतों का रास्ता राज्य सरकार का महत्वपूर्ण अभियान है। इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि परंपरागत रास्तों को रिकॉर्ड में दर्ज करने में तेजी लाई जाए। इस अवसर पर पिछली जनसुनवाई में दर्ज किए गए रास्ता खोलने से जुड़े एक परिवाद का अभी तक निस्तारण नहीं होने पर राजस्व से जुड़े अधिकारियों को फटकार लगाई।
हीरालाल नागर ने अधिकारियों और कर्मचारियों को जनता से संवेदनशील होकर शालीनता से उनकी बात सुनने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि हम सभी जनता के सेवक हैं, मालिक नहीं। अधिकारी समस्या का निस्तारण होने के अंतिम पड़ाव तक मॉनिटर करें। जनता को राहत दिलाना राज्य सरकार का उद्देश्य है। हीरालाल नागर ने कहा कि आदर्श स्थिति तो तब होगी जब जनसुनवाई के शिविर में एक भी व्यक्ति परिवाद लेकर नहीं पहुंचे। सभी की समस्याएं रूटीन प्रक्रिया से ही हल हो जाएं और किसी को चक्कर नहीं काटना पड़े। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि जनता की सेवा के लिए ईश्वर ने आपकी कलम में ताकत दी है, आमजन के कल्याण के लिए इसका उचित उपयोग करें। इससे गरीब व्यक्ति आपको दुआ देगा।
जनसुनवाई में कॉलेज छात्रों ने राजकीय महाविद्यालय कनवास में पीजी परीक्षा का केन्द्र खोलने की मांग। वहीं टोल प्लाजा बांस्याहेड़ी पर स्थानीय चौपहिया वाहनों को टोल टैक्स से मुक्ति दिलाने, नरेगा श्रमिकों की ओर से कार्ड बनवाने, नर गोवंश के लिए अभयारण्य घोषित करने की मांगों को लेकर परिवाद दिए गए। ग्राम मदारिया के लोगों ने स्वीकृत उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य शुरू करने और गांव में सामुदायिक भवन बनाने की मांग की। किसानों ने सावन भादो डेम का गेट खराब होने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि साल भर होने के बावजूद भी डेम का गेट नहीं लग पाया है। कनवास मण्डल अध्यक्ष सत्यवान नागर ने कहा कि डेम से हजारों बीघा जमीन सिंचित होती है, लेकिन रखरखाव के अभाव में परंपरागत रास्ता खराब हो गया है। डेम पर जाने के लिए वन विभाग से अनुमति लेनी पड़ती है। ऐसे में परंपरागत रास्ते को खुलवाया जाए। उन्होंने कहा कि 1000 बीघा जमीन का रास्ता खाल पर होकर गुजरता है। ऐसे में, उस खाल पर पुलिया बनवाई जाए। ग्राम कालिया खेड़ी के ग्रामीणों ने शमशान के रास्ते पर अतिक्रमण हटाने की मांग की। हीरालाल नागर ने पूर्व के शमशान को ही रास्ता देकर बनवाने के निर्देश दिए।
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30/06/25 |आज का राशिफल 30 जून 2025, सोमवार
मेष राशि: आज आप आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे और कार्यक्षेत्र में बड़ी जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभा पाएंगे। सरकारी या प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को मान-सम्मान और सहयोग मिलेगा। व्यापारियों को नए ग्राहक मिलेंगे और पुराने निवेश से लाभ होगा। बच्चों की भावनाओं को समझने की कोशिश करें।
वृषभ राशि: आज का दिन आपके करियर के लिए शुभ है, खासकर शिक्षा से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है। आर्थिक मामलों में सुधार होगा, रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है। पारिवारिक जीवन में पुरानी बातों पर बहस से बचें और बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। यात्रा करते समय सावधानी बरतें।
मिथुन राशि: आज आप अपनी बात बेहतर तरीके से रख पाएंगे और आपका प्रदर्शन अच्छा रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपको मनचाहे प्रस्ताव मिल सकते हैं। प्रियजनों के साथ घूमने या मनोरंजन पर जा सकते हैं। आपकी रचनात्मकता और बड़ी सोच आपको आगे बढ़ाएगी। प्रेम संबंधों में अनुकूलता रहेगी।
कर्क राशि: आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रहेगा। परिवार में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा, जिससे आपको लाभ मिल सकता है। धन कमाने के नए अवसर बनेंगे, लेकिन निवेश करने से बचें, नुकसान हो सकता है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा, मुख रोग की संभावना है।
सिंह राशि: आज कारोबार और करियर में तरक्की के योग हैं। सरकारी कामों में सफलता मिल सकती है। कारोबार में नए लोगों से संपर्क होगा, जो फायदेमंद रहेगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। पारिवारिक जीवन में तालमेल बनाए रखें और जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएं। सेहत का ध्यान रखें और व्यायाम करें।
कन्या राशि: आज आपके आर्थिक मामले मजबूत होंगे और कर्ज मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में तकनीकी ज्ञान से लाभ होगा, खासकर चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों को फायदा होगा। पारिवारिक जीवन में संयम बरतें और वाद-विवाद से बचें। पीठ में दर्द जैसी स्वास्थ्य समस्या हो सकती है, सावधान रहें।
तुला राशि: आज करियर में उन्नति के योग हैं, विशेषकर शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ होगा। रुके हुए कामों में तेजी आ सकती है। पारिवारिक जीवन में समझदारी से काम लें और बच्चों के साथ समय बिताएं। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें और थकान से बचने के लिए पौष्टिक आहार लें। फिजूलखर्ची से बचें।
वृश्चिक राशि: आज का दिन केटरिंग का काम कर रहे लोगों के लिए अच्छा रहेगा। बच्चे आज किसी स्पोर्ट्स एक्टिविटी में भाग ले सकते हैं। घर पर खाली बैठे लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। कुछ दिनों से आंख की समस्या से परेशान हैं तो आज आपको काफी राहत मिलेगी।
धनु राशि: आज आपके लिए आर्थिक दृष्टि से दिन सामान्य रहेगा। वाणी पर संयम रखें। वाद-विवाद से बचें। किसी नए कार्य की शुरुआत करने से पहले सोच-विचार कर लें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
मकर राशि: आज आपको अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना होगा। जल्दबाजी में कोई भी निर्णय न लें। कार्यक्षेत्र में अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। परिवार में सामंजस्य बनाए रखें।
कुंभ राशि: आज आप भावनात्मक रूप से मजबूत बने रहेंगे। अपने निजी प्रयासों में उत्साह दिखाएंगे। रिश्तों को बेहतर बनाए रखेंगे और परिवार में खुशियां बनी रहेंगी।
मीन राशि: आज शत्रुओं पर आपका दबदबा कायम रहेगा। आपको ज्ञान की प्राप्ति होगी और बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है, पैरों में चोट लगने की संभावना है। प्रेम और संतान के संबंध में दिन मध्यम रहेगा, लेकिन व्यापार अच्छा है।
यह एक सामान्य राशिफल है। अपने व्यक्तिगत भविष्य के बारे में अधिक सटीक जानकारी के लिए आप किसी ज्योतिषी से परामर्श कर सकते हैं। क्या आप आज के दिन से जुड़ी कोई और जानकारी जानना चाहते हैं?
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29/06/25पर्यावरण संरक्षण और देशभक्ति का अनूठा संगम—राव नरबीर सिंह
चंडीगढ़, 29 जून – हरियाणा के सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने आज कहा कि देश की सेनाओं में हर दसवां सैनिक हरियाणा से है, यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना की बहादुरी और संकल्प का प्रतीक है, जिसकी सफलता ने समूचे देश को गौरवान्वित किया है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 123वें संस्करण में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का उल्लेख करते हुए, जवानों की स्मृति में पौधारोपण कर राष्ट्र को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति सजग रहने का संदेश दिया है।
वन महोत्सव के दौरान अधिक से अधिक पौधे लगाएं – राव नरबीर
राव नरबीर सिंह ने हरियाणावासियों से अपील की कि वे आगामी वन महोत्सव के अवसर पर प्रदेश के वीर जवानों की स्मृति में अधिक से अधिक पौधारोपण करें। उन्होंने स्वयं चरखी दादरी से "एक पेड़ माँ के नाम—2" अभियान की शुरुआत कर लोगों को इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया है।
"पर्यावरण संरक्षण अब समय की मांग है"
मंत्री राव नरबीर ने कहा कि उनके पास सैनिक कल्याण के साथ—साथ वन और पर्यावरण विभाग की जिम्मेदारी भी है। इस नाते प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए प्राकृतिक संतुलन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना उनका कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण पर्यावरण असंतुलन एक वैश्विक चिंता बन चुका है और हमें प्रकृति के साथ अपने रिश्तों को फिर से मजबूत करना होगा। इसी दिशा में "एक पेड़ माँ के नाम—2.0" अभियान के तहत तालाबों, नदियों के किनारे और सार्वजनिक स्थलों पर नीम, पीपल और बड़ जैसे वृक्षों की त्रिवेणी लगाने की योजना बनाई गई है।
हर जिले में 2 लाख पौधे, 5 साल तक संरक्षण का लक्ष्य
वन मंत्री ने बताया कि हर जिले में प्रतिवर्ष 2 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है और ये सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी पौधों का कम से कम 5 वर्षों तक संरक्षण किया जाए, ताकि वे जड़ पकड़ सकें और टिकाऊ वन संपदा का निर्माण हो।
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29/06/25देश की युवा पीढ़ी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने का मार्ग करेगी प्रशस्त : खेल मंत्री गौरव गौतम
चंडीगढ़, 29 जून— हरियाणा के युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता, खेल और कानून राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि शिक्षकों तथा सामाजिक संगठनों का दायित्व है कि वे प्रतिभाओं को मंच प्रदान करें और उन्हें आगे बढ़ाएं। हर बच्चे में प्रतिभा छुपी होती है और बस उसे निखारने की जरूरत होती है।
खेल मंत्री रविवार को पलवल में आयोजित सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि जेई व नीट पेपर में टॉप रैंक हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने उपरांत बोल रहे थे। उन्होंने मेधावी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पुरस्कृत करते हुए शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि भारत देश की युवा पीढ़ी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि अपने जीवन में किसी भी प्रकार का शॉर्टकट न अपनाएं बल्कि नवाचार के माध्यम से अपने जीवन में सफलता अर्जित करें और देश को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण आंचल के युवा भी शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।
खेल मंत्री ने सभी विद्यार्थियों को अपने जीवन में इसी प्रकार पूरी मेहनत से सफल होकर देश-प्रदेश में अपने क्षेत्र का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खिलाडिय़ों को पूरा मान-सम्मान दे रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं से मैडल जीतने वाले खिलाडिय़़ों को सरकारी नौकरी के साथ-साथ करोड़ों रुपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है।
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29/06/25मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की भाभी के निधन पर शोक व्यक्त किया
चंडीगढ़, 29 जून -- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज रोहतक पहुंचकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की भाभी, श्रीमती राजवती हुड्डा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने रोहतक स्थित उनके आवास पर पहुंचकर शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत श्रीमती राजवती हुड्डा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि स्वर्गीय राजवती हुड्डा एक धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं, जिन्होंने परिवार को संगठित रखते हुए सामाजिक और धार्मिक कार्यों में सक्रिय योगदान दिया। उनका जीवन सभी के लिए प्रेरणादायी रहा है। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
इस अवसर पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा और पूर्व मंत्री श्री मनीष ग्रोवर ने भी पुष्प अर्पित कर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने सिंधु निवास पहुंचकर कैप्टन अभिमन्यु की माता के निधन पर भी व्यक्त किया शोक
बाद में, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के निवास ‘सिंधु निवास’ पहुंचे और उनकी माता श्रीमती परमेश्वरी देवी के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कैप्टन अभिमन्यु और उनके परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदना प्रकट की।
इस अवसर पर मंत्री श्री रणबीर गंगवा और पूर्व मंत्री श्री मनीष ग्रोवर सहित अन्य गणमान्य भी उपस्थित रहे।
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29/06/25प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में भारत प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर – श्रुति चौधरी
चंडीगढ़, 29 जून – हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने आज यहां कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सुना। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री के गतिशील और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत द्वारा वैश्विक स्तर पर हासिल की गई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की।
उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम एक सशक्त और अनूठा मंच है जो सीधे प्रधानमंत्री को आम जनता से जोड़ता है और देशभर के नागरिकों को प्रेरणा एवं दिशा प्रदान करता है। श्री मोदी के कुशल मार्गदर्शन में भारत अब हर क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास के साथ-साथ वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के संदेश केवल एक सरकारी पहल नहीं बल्कि यह देश के प्रत्येक नागरिक के लिए एक प्रेरणा स्रोत है, जो राष्ट्र निर्माण और सामाजिक कल्याण में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से न केवल विकास की गति तेज होती है, बल्कि लोगों में एकता, सामाजिक समरसता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना भी बढ़ती है।
श्रीमती श्रुति चौधरी ने हरियाणा के जनसमूह से अपील की कि वे सरकार की योजनाओं में सक्रिय रूप से भाग लें और प्रदेश एवं देश के विकास के लिए अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर एक समृद्ध और विकसित भारत की ओर अग्रसर हैं, जो प्रधानमंत्री के संकल्प और विजन का साकार रूप है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं हर वर्ग तक पहुंच रही हैं और सभी को इसका लाभ मिल रहा है, जिससे आम आदमी की जिंदगी बेहतर हो रही है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद सहित अन्य गणमान्य भी मौजूद रहे।
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29/06/25सरकार सबको साथ लेकर चलते हुए करवा रही एक समान विकास कार्य- जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा
चंडीगढ़, 29 जून — हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सबका साथ-सबका विकास के मूल मंत्र के साथ प्रदेश के सभी हिस्सों में एक समान कार्य करवाए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा रोहतक में 24 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित बरसाती जल डिस्पोजल केन्द्र के उद्घाटन के उपरांत उपस्थितगण को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रोहतक शहर की भौगोलिक स्थिति कटोरानुमा है तथा वर्षा के दौरान इस क्षेत्र में जलभराव हो जाता था। सरकार द्वारा नागरिकों की इस समस्या के निदान के लिए बरसाती जल डिस्पोजल सैंटर का निर्माण किया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हर घर में नल व नल में स्वच्छ जल के सपने को साकार करने की दिशा में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग निरंतर कार्य कर रहा है। विभाग द्वारा स्वच्छ पेयजल, बेहतर सीवर व्यवस्था व बरसाती जल निकासी के प्रबंधों को निरंतर बेहतर किया जा रहा है। भविष्य में भी सरकार द्वारा नागरिकों को सभी मूलभूत बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी।
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29/06/25English rendering of PM’s address in the 123rd Episode of ‘Mann Ki Baat’ on 29.06.2025
My dear countrymen, Namaskar. Welcome to ‘Mann Ki Baat’… Greetings to all of you. At this moment, you all must be full of the energy of yoga and memories of ‘International Yoga Day’. This time as well, on the 21st of June, crores of people across the country and the world participated in the ‘International Yoga Day’. Do you remember, it began 10 years ago. Now, over these 10 years, this event is turning grand with every passing year. This is also an indication that more and more people are adopting yoga in their daily lives. We have seen so many attractive pictures of ‘Yoga Day’ this time. Three lakh people performed yoga together on the beach of Visakhapatnam. Another amazing visual emerged from Visakhapatnam itself… more than two thousand adivasi students performed 108 Surya Namaskars for 108 minutes. Imagine how much discipline, how much dedication there must have been! A grand glimpse of yoga was also witnessed on our naval ships. In Telangana, three thousand divyang friends participated in a yoga camp together.
They showed how yoga is also a medium of empowerment. People of Delhi connected yoga with the resolve of a clean Yamuna and performed yoga on the banks of the Yamuna. In Jammu and Kashmir, people also did yoga on the Chenab Bridge, which is the world's highest railway bridge. The snowy peaks of the Himalayas and ITBP soldiers… yoga was seen there too; courage and sadhana were hand in hand. The people of Gujarat also created history anew. In Vadnagar, 2121 (twenty one hundred & twenty one) people did Bhujangasana together and created a new record. Pictures of yoga came in from New York, London, Tokyo, Paris; every big city of the world… and one thing was special in every picture - peace, stability and balance.
This time the theme was also very special, 'Yoga for One Earth, One Health'. This is not just a slogan; it is a direction which makes us realize the essence of 'Vasudhaiva Kutumbakam'. I am sure, the grandeur of this year's Yoga Day will certainly inspire more and more people to adopt yoga.
My dear countrymen,
When someone embarks on a pilgrimage, the first feeling that comes to mind is, “Chalo Bulawa Aaya Hai…” i.e. Let’s proceed amid the Divine Call... This very feeling is the soul of our religious pilgrimages. These pilgrimages are a means of disciplining the body, purifying the mind; mutual love and brotherhood, and connecting with God. Apart from these, there is another great aspect of these pilgrimages. These religious pilgrimages are also a great ritual of opportunities for the spirit of service. When any pilgrimage takes place, more people engage in serving the pilgrims than the number of people who undertake the pilgrimage. Bhandaaras and langars i.e. Free Food Distribution, are set up at various places. People set up drinking water stalls on the roadsides. Medical camps and facilities are arranged with a spirit of service. A lot many people arrange for dharamshalas and accommodation for the pilgrims at their own expense.
Friends,
After a long time, the Kailash Mansarovar Yatra has had an auspicious re-start. Kailash Mansarovar, that is the abode of Lord Shiva. Kailash is considered the centre of faith and devotion in every tradition; be it Hindu, Buddhist or Jain.
Friends,
The holy Amarnath Yatra is going to commence on the 3rd of July, and the holy month of Sawan is also just a few days away. Just a few days ago, we have also witnessed the Rath Yatra of Lord Jagannath ji. Be it Odisha, Gujarat or any other corner of the country, lakhs of devotees participate in this Yatra. From North to South, East to West, these Yatras are a reflection of the spirit of 'Ek Bharat-Shrestha Bharat'. When we conclude our religious journey with devotion, complete dedication and complete discipline, we also get rewarded with its fruits. I extend my best wishes to all the fortunate devotees going on the Yatras. I also commend those, who are engaged in making these Yatras successful and safe with a spirit of service.
My dear countrymen,
I now want to tell you about two such achievements of the country, which will fill you up with pride. Global institutions are discussing these achievements. WHO i.e. ‘World Health Organization’ and ILO i.e. International Labour Organization have heaped praises on these achievements of the country. The first achievement is related to our health. Many of you must have heard about an eye disease – Trachoma. This infection spreads through bacteria.
There was a time when this ailment was common in many parts of the country. If not taken care of, this disease gradually used to lead to loss of eyesight. We resolved to eradicate Trachoma from its roots. And I am very happy to share with you that WHO has declared India Trachoma free. India now has become a Trachoma free country. This is the result of the hard work of lakhs of people who fought this disease tirelessly; without a break. This success belongs to our health workers.
Therefore, the ‘Swachh Bharat Abhiyan’ also helped in eradicating it. The ‘Jal Jeevan Mission’ also contributed a lot to this success. Today, when clean water is reaching every home through taps, the risk of such ailments has reduced. ‘World Health Organisation’ WHO has also appreciated the fact that along with tackling the disease, India has also got rid of its root causes.
Friends,
Presently, most of the populace in India is taking advantage of one social protection benefit or the other and recently a very important report of the International Labour Organisation – ILO has come out.
It has been mentioned in this report that more than 64% (sixty-four percent) of the population of India is now definitely availing of some social protection benefit or the other. Social Security is one of the biggest coverages in the world. Today, around 95 crore people of the country are getting the benefit of some or the other social security schemes; whereas, till 2015, the government schemes were reaching less than 25 crore people.
Friends,
In India, from health to social security, the country is moving ahead with the feeling of saturation in every field. This is also a great picture of social justice. These successes have instilled a belief that the coming times will be even better; India will become even stronger at every step.
My dear countrymen,
With the power of public participation, big crises can be confronted. I will play an audio for you… in this audio you will get an idea of the magnitude of that crisis. How grave that crisis was… listen to it first… understand it.
Audio Clip - Morarji Bhai Desai
After all, the oppression that happened for two years, the oppression had started 5-7 years ago. But it has reached its peak in the last 2 years, when emergency was imposed on people and people were treated inhumanly. People's right to freedom was snatched away, newspapers were left without freedom. Courts were made completely powerless. And the way more than one lakh people were put in jail and then arbitrary rule continued, it is difficult to find its traces in the history of the world.
Friends,
This is the voice of the former Prime Minister of the country, Shriman Morarji Bhai Desai. He spoke about the Emergency in a brief but very clear manner. You can imagine what that period was like! Those who imposed Emergency not only murdered our constitution but also had the intention to keep the judiciary as their slave. During this period, people were tormented on a large scale. There are many such examples of this, which can never be forgotten. George Fernandez Sahib was tied in chains.
Many people were subjected to severe torture. Under MISA, anyone could be summarily arrested. Students too were harassed. Freedom of expression was also stifled. Thousands of people who were arrested during that period were subjected to such inhumane atrocities. But it is the strength of the people of India… they did not bow down, did not break down and did not accept any compromise with democracy. Finally, the people at large won – the Emergency was lifted and those who imposed the Emergency were defeated. Babu Jagjivan Ram ji had put forth his views in a very strong manner in this regard.
Audio Clip - Babu Jagjivan Ram
Sisters and Brothers, the last election was not an election. It was a great campaign of the people of India... To change the circumstances of that time… to turn the tide of dictatorship and to strengthen the foundation of democracy in India.
We should also listen to what Atal ji had said in his own distinct style then -
Audio Clip - Atal Bihari Vajpayee
Sisters and brothers, whatever happened in the country cannot be called just an election. A peaceful revolution has taken place. The wave of people's power has thrown the killers of democracy into the dustbin of history.
Friends,
Just a few days ago, the imposition of Emergency on the country completed its 50 years. We countrymen have observed the 'Samvidhan Hatya Diwas'. We should always remember all those people who fought the Emergency with fortitude. This inspires us to remain constantly vigilant to keep our Constitution strong and enduring.
My dear countrymen,
Imagine a picture. The morning sun is touching the hills, the light is slowly moving towards the plains, and with that light, a troupe of football lovers is advancing. The whistle blows and in a few moments, the ground reverberates with applause and slogans. People's enthusiasm is increasing with every pass, every goal. You must be wondering… what a beautiful world is that?
Friends,
This picture is the reality of Bodoland, a major region of Assam. Bodoland today stands out in the country with a new face, a new identity. The energy and confidence that the youth here have, is most visible on the football field. In the Bodo Territorial Area, the Bodoland CEM Cup is being organized. This is not just a tournament; it has become a celebration of unity and hope. More than three thousand seven hundred teams, about seventy thousand players, and even among them, a large number of our daughter’s participation! These statistics tell the story of a big change in Bodoland. Bodoland is now increasingly casting its glow on the sports map of the country.
Friends,
There was a time when struggle itself was the identity of this place. Then the avenues for the youth here were limited. But today there are new dreams in their eyes and the courage of self-reliance in their hearts. The football players hailing from here are now making their mark at a high level. Halicharan Narzary, Durga Boro, Apurba Narzary, Manbir Basumatari - these are not just the names of football players - they are the identity of that new generation who catapulted Bodoland from the field to the national stage.
Many of them practiced with limited resources; many forged their way through difficult circumstances, and today many young children of the country kickstart their dreams, inspired by their names. If we have to expand our capability, first of all we have to focus on our fitness and wellbeing. By the way, friends, do you remember one of my suggestions for fitness, for reducing obesity! Reduce 10% oil in food, reduce obesity. When you’ll be fit, you will be more super hit in life.
My dear countrymen,
Just as our India is known for its regional, linguistic and cultural diversity; in the same way, the diversity of arts, crafts and skills is also a great quality of our country. Whichever area you visit, you will get to know about some local specialities of that place. We often talk about such unique products of the country in 'Mann Ki Baat'. One such product is Eri Silk of Meghalaya. It has received the GI Tag a few days ago. Eri Silk is like a heritage for Meghalaya. The tribes here, especially the people of the Khasi community, have preserved it for generations and have also enriched it with their skills. This silk has many specialities that make it different from other fabrics. Its most special feature is the way it is made. The silkworms that make this silk are not killed to obtain it, hence it is also called Ahimsa Silk.
Nowadays, the demand for such products is rising rapidly in the world, which do not involve violence and do not have any ill effect on nature, hence, Eri Silk of Meghalaya is a perfect product for the global market. Another special feature is that, this silk keeps you warm in winters and cool in summers. This quality makes it suitable for most places. The women of Meghalaya are now taking this heritage forward on a larger scale through Self Help Groups. I congratulate the people of Meghalaya on Eri Silk getting the GI-Tag. I would also appeal to all of you to try out clothes made from Eri Silk… and yes, you must always remember Khadi, handloom handicraft, Vocal for Local. If customers buy only products made in India and traders sell only products made in India, the 'Atmanirbhar Bharat Abhiyan' will be infused with new energy.
My dear countrymen,
The mantra of 'Women Led Development' is ready to create a new future for India. Our mothers, sisters, daughters are today lending a new direction not only for themselves but for the entire society. You will also feel good when you come to know about the success of the women of Bhadrachalam in Telangana. These women once used to work as labourers in the fields. They used to work hard all day for their livelihoods.
Today the same women are making biscuits from millets, i.e. Shreeanna. These biscuits, named 'Bhadradri Millet Magic', are reaching right from Hyderabad to London. These women of Bhadrachalam joined a Self Help Group and received training.
Friends,
These women have done another commendable work. They started making 'Giri Sanitary Pads'. In just three months, they prepared 40,000 pads and delivered them to schools and nearby offices - that too at a very low price.
Friends,
The achievement of the women of Kalaburgi in Karnataka is also excellent. They have made jowar roti a brand. In the cooperative that they have formed, more than three thousand rotis are being made every day. The aroma of these rotis is no longer limited to the village. A special counter has been opened in Bengaluru. Orders are coming over online food platforms. Kalaburgi roti is now reaching the kitchens of big cities. This has had a great impact on these women, their income is increasing.
Friends,
These stories from different states have different faces. But their glow is the same. This is the glow of self-confidence, of self-reliance. One such face is Suma Uike from Madhya Pradesh. Suma ji's efforts are very commendable. She took training in mushroom farming and animal husbandry by joining the Self Help Group in Katangi block of Balaghat district. Thus she found her the path to self-reliance. When Suma Uike's income increased, she also expanded her work. This journey that started with a tiny effort has now reached 'Didi Canteen' and 'Thermal Therapy Centre'. In every corner of the country, countless such women are changing their fate and that of the country.
My dear countrymen,
During the last few days, many people from Vietnam sent me their messages through various mediums. There was reverence and affability in every line of these messages. Their feelings were heartwarming. They were expressing their gratitude to India for enabling darshan of the holy relics of Bhagwan Buddha. The emotions in their words were more than any formal thanks.
Friends,
Originally these sacred relics of Bhagwan Buddha were discovered at Nagarjunakonda of Palnadu district in Andhra Pradesh. This place has a deep connection with Buddhism. It is said that once upon a time, people from far-off places including Sri Lanka and China used to come to this place.
Friends,
Last month these holy relics of Bhagwan Buddha were taken from India to Vietnam. They were kept for public darshan at 9 different places there. In a way, this initiative of India became a national festival for Vietnam. You can imagine that in Vietnam, which has a population of about 10 crore people, more than 1.5 crore people had a darshan of the holy relics of Bhagwan Buddha. The pictures and videos that I saw on social media made me realize that devotion has no limits. Be it rain or the scorching sun, people stood in queues for hours. Children, the elderly, differently-abled people, everyone was overwhelmed. The President of Vietnam, Deputy Prime Minister, senior ministers, everyone paid obeisance. The feeling of respect among the people there for this pilgrimage was so deep that the Vietnamese government requested to extend it for another 12 days and India gladly accepted it.
Friends,
The thoughts of Bhagwan Buddha have the power to bind countries, cultures and people together. Earlier, the holy relics of Bhagwan Buddha were taken to Thailand and Mongolia, and the same feeling of reverence was felt there as well. I urge all of you to definitely visit Buddhist sites in your state. It will be a spiritual experience, as well as a wonderful opportunity to connect with our cultural heritage.
My dear countrymen,
This month we all celebrated the 'World Environment Day'. I received thousands of your messages. Many people told me about those friends who had set out alone to save the environment and then the whole society joined them. This contribution of everyone is becoming a great strength for our earth. Mr. Ramesh Kharmale of Pune… knowing about his work will inspire you a lot. When people take rest at the end of the week, Ramesh ji and his family set out with pick axe and spade. Do you know where to? Towards the hills of Junnar. Be it sunshine or a steep climb, their ascent does not stop. They clear bushes, dig trenches to retain water and sow seeds. They dug 70 trenches in just two months.
Ramesh ji has made many small ponds, planted hundreds of trees. He is also getting an Oxygen Park built. The result is that birds have started returning here, wildlife is getting a new breath.
Friends,
Another beautiful initiative for the environment has been seen in Ahmedabad city of Gujarat. Here the Municipal Corporation has started the 'Mission for Million Trees' campaign. The target is - to plant lakhs of trees. A special aspect about this campaign is 'Sindoor Van'. This forest is dedicated to the bravehearts of Operation Sindoor. Sindoor saplings are being planted in the memory of those brave people who have sacrificed everything for the country. Here, another campaign is being given a new impetus – ‘Ek Ped Maa Ke Naam’. Under this campaign, crores of trees have been planted in the country. You too must take part in such campaigns going on in your village or city. Plant trees, save water, serve the earth, because when we save nature, we actually protect our future generations.
Friends,
A village in Maharashtra has also set a great example. 'Patoda' is a Gram Panchayat in Chhatrapati Sambhaji Nagar district. This is a Carbon Neutral village Panchayat. In this village, no one throws garbage outside their house. There is a complete system of collecting garbage from every house. Here, dirty water is also treated. No water goes into the river without being cleaned. Here, last rites are performed with cow dung cakes and a tree is planted in the name of the deceased with that ash. The cleanliness in this village is also worth seeing. When small habits become a collective resolve, a big change is certain.
My dear friends,
At this moment, everyone's eyes are also on the International Space Centre. India has scripted a new history. Yesterday I’ve also spoken to Group Captain Shubhanshu Shukla. You must have also heard my conversation with Shubhanshu. Shubhanshu still has to stay at the International Space Centre for a few more days. We will talk more about this Mission, but in the next episode of 'Mann Ki Baat'.
It is time now to bid adieu to you in this episode. But friends, before leaving I want to remind you of a special day. On the 1st of July, the day after tomorrow, we honour two very important professions - Doctors and CAs. Both of them are such pillars of society, which make our lives better. Doctors are the protectors of our health and CAs (Chartered Accountants) are the guides of economic life. My best wishes to all the Doctors and Chartered Accountants.
Friends,
I always wait for your suggestions. The next episode of 'Mann Ki Baat' will be enriched through your suggestions. We will meet again with new thoughts, new inspirations and new achievements of our countrymen. Thank you very much, Namaskar.
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29/06/25PRESIDENT OF INDIA TO VISIT UTTAR PRADESH FROM JUNE 30 TO JULY 1
The President of India, Smt Droupadi Murmu will visit Uttar Pradesh (Bareilly and Gorakhpur) from June 30 to July 1, 2025.
On June 30, the President will grace the XI convocation ceremony of the Indian Veterinary Research Institute at Bareilly. On the same day, she will grace the first convocation ceremony of AIIMS Gorakhpur.
On July 1, the President will inaugurate the Mahayogi Guru Gorakhnath AYUSH University at Gorakhpur. The President will also visit Mahayogi Gorakhnath University, Gorakhpur, where she will inaugurate its Auditorium, Academic Block and Panchkarma Kendra as well as lay the foundation stone for a new Girls’ Hostel.
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29/06/25उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने जारी किए निर्देश, रोजाना सभी मेडिकल कॉलेजों में राउंड और सख्त निगरानी के आदेश
उत्तर प्रदेश, 29 जून (अभी): उत्तर प्रदेश सरकार के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक राज्य मेडिकल व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। रविवार को डिप्टी सीएम निर्देश जारी किया है की सभी अस्पतालों मेडिकल कॉलेज और चिकित्सा संस्थानों के चीफ नियमित रूप से अस्पताल में सभी वार्डों में न केवल भ्रमण करेंगे, बल्कि उस दौरान अपनी फोटो खींचकर सरकार को भेजेंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है जिससे चिकित्सीय संस्थानों में की जा रही लापरवाही को रोका जा सके और इलाज में बेहतर व्यवस्था की जा सके।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने यह आदेश जारी किए हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि यदि कोई प्राचार्य या निदेशक किसी दिन राउंड नहीं ले पाते हैं तो उनके स्थान पर उप प्राचार्य व सीएमएस राउंड लेंगे। राउंड के वक्त सुरक्षाधिकारी व सफाई सुपर वाइजर भी साथ रहेंगे। ताकि किसी भी तरह की कमी मिलने पर उसका तत्काल निस्तारण कराया जा सके।
उन्होंने बताया कि कॉलेज व संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता होगी। भूतपूर्व सैनिकों की तैनाती की जाएगी। परिसर में गर्ल्स हॉस्टल, इमरजेंसी आदि संवेदनशील जगहों पर पूर्व सैनिकों की तैनाती जाएगी। इसके लिए प्राचार्य सैनिक कल्याण निगम से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में यह भी कहा गया है की लापरवाही बढ़ते जाने पर संबंधित चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि ट्रॉमा सेंटरों में पर्याप्त डॉक्टर, नर्सिंग, पैरामेडिकल स्टाफ तैनात किए जाएं ताकि मरीजों को इलाज, जांच आदि की दिक्कत न हो। 24 घंटे पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी की जांच की सुविधा मुहैया कराई जाये। ब्लड बैंक के संचालन में भी लापरवाही न बरती जाए। एएलएस एम्बुलेंस के संचालन को लेकर सीएमओ समन्वय बनाएं। मरीजों को कम समय में एम्बुलेंस मुहैया कराई जाये।
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29/06/25उत्तर पारदश में आठ आईएएस व 15 पीसीएस अफसरों के तबादले
उत्तर प्रदेश, 29 जून (अभी): उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार को पांच आईपीएस अधिकारियों के बाद आठ आईएएस और 15 पीसीएस अफसरों का तबादला किया है। प्रमुख सचिव आलोक कुमार तृतीय को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है, जबकि सात आईएएस अफसरों के कार्यस्थल में परिवर्तन किया गया है। आलोक कुमार तृतीय को प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन का कार्यभार सौंपा गया है। प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन जितेंद्र कुमार 30 जून को सेवानिवृत होंगे।
सचिव मुख्यमंत्री राकेश सिंह द्वितीय को मुख्य कार्यपालक अधिकारी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के पद पर तैनाती मिली है। विशेष सचिव गृह योगेश कुमार प्रभारी को आयुक्त एवं निबंधक सहकारी समिति, हीरा लाल को आयुक्त एवं निबंधक सहकारी समिति से सचिव राष्ट्रीय एकीकरण विभाग के पद पर तैनाती मिली है।
अनामिका सिंह को सचिव, महिला कल्याण, बाल विकास व पुष्टाहार विभाग और महानिदेशक, पोषण मिशन को यूपी फारेस्ट और क्लाइमेट चेंज विभाग का सचिव बनाया गया है। प्रतीक्षारत भवानी सिंह खंगारौत को विशेष सचिव राजस्व विभाग और प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, सान्या छाबड़ा को मुख्य विकास अधिकारी हरदोई के पद पर स्थानांतरित किया गया है।
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29/06/25आईपीएस पराग जैन बने रॉ प्रमुख , ऑपरेशन सिंदूर में निभाई थी बड़ी भूमिका
नई दिल्ली, 29 जून (अभी): भारत सरकार ने खुफिया एजेंसी रॉ के नए चीफ का नाम तय कर लिया है. 1989 बैच के पंजाब कैडर के सीनियर IPS ऑफिसर पराग जैन RAW के अगले चीफ होंगे. वो 1 जुलाई से अपना पदभार संभालेंगे. वर्तमान में वो एविएशन रिसर्च सेंटर के प्रमुख हैं. उन्हें रॉ का अगला कार्यकारी सचिव अपॉइंट किया गया है. उन्हें यह जिम्मेदारी 2 साल के के लिए मिली है. वो रवि सिन्हा की जगह लेंगे. रवि सिन्हा का कार्यकाल 30 जून, 2025 को खत्म होगा.
पराग जैन ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना से जुड़ी से कई महत्वपूर्ण खुफिया जानकारियां के साथ ARC को संभाला था. पराग जैन इससे पहले SSP चंडीगढ़, कनाडा व श्रीलंका में भारतीय प्रतिनिधि के रूप में और जम्मू-कश्मीर में काउंटर टेररिज्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं.
पराग जैन को आतंकवाद निरोधक विशेषज्ञ माना जाता है और उन्हें खास तौर पर अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल है. अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने वाले आतंकवाद निरोधी विशेषज्ञ के रूप में उनकी विशेषज्ञता, विशेष रूप से सीमा पार आतंकी नेटवर्क को डिकोड करने में, आने वाले वर्षों में रॉ की स्थिति को आकार देने की उम्मीद है.
रॉ भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधा असर डालने वाले पड़ोसी देशों के घटनाक्रमों पर नजर रखती है. भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए गुप्त अभियान चलाना भी इसके मुख्य कार्यों में शामिल है. ऐसे ही भारत के लिए खतरा पैदा करने वाले आतंकी तत्वों को निष्क्रिय करना भी रॉ के कार्यों में शामिल है. रॉ दूसरे देशों में सक्रिय उन समूहों की जानकारी इकट्ठा करती है जो भारत की सुरक्षा और अखंडता के लिए खतरा हैं, और उन्हें निष्क्रिय करने का भी कार्य करती है.
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29/06/25हिमाचल के राज्यपाल ने ‘नशे को मात, देंगे एक साथ’ थीम पर आधारित 12वीं हाफ मैराथन को झंडी दिखाकर रवाना किया
हिमाचल, 29 जून (अभी) : राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान से हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग द्वारा आयोजित 12वीं हाफ मैराथन को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मैराथन का ‘नशे को मात, देंगे एक साथ’ थीम पर आयोजन करवाया गया।
भारी बारिश के बावजूद मैराथन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों, खासकर युवाओं की हौंसला अफजाई करते हुए राज्यपाल ने कहा कि बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजन सहित सभी वर्गों के लोग इस मैराथन में भाग ले रहे हैं, जो नशे के खिलाफ सामूहिक भावना को प्रदर्शित कर रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश के लोग हिमाचल को नशामुक्त राज्य बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ‘नशे को मात, देंगे एक साथ’ अभियान की पहुंच हर घर तक सुनिश्चित की जानी चाहिए और उन्होंने इस अभियान के लिए पुलिस विभाग के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि देवभूमि हिमाचल प्रदेश की पहचान यहां संस्कृति और परम्पराओं में निहित है और हमें इसकी सांस्कृतिक पहचान को कायम रखना चाहिए। राज्य से नशे की बुराई को खत्म करने के लिए राज्यपाल ने जनसहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग से ऐसे जागरूकता अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए जिससे हम समाज से इस बुराई को समाप्त कर सकेंगे। इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रतिभागियों को सभी प्रकार के नशीले पदार्थों से दूर रहने की शपथ दिलवाई।
श्री शुक्ल ने राज्य पुलिस द्वारा लगाई गई एक प्रदर्शनी का भी शुभारम्भ किया तथा नशे के विरुद्ध अभियान के प्रति अपनी एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए ‘हस्ताक्षर बोर्ड’ पर हस्ताक्षर किए। मैराथन को चार श्रेणियों हाफ मैराथन, मिनी मैराथन, ड्रीम रन तथा दिव्यांग प्रतिभागियों के लिए विशेष दौड़ में विभाजित किया गया है। हाफ मैराथन के विजेता को 51,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा, शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे। -
29/06/25हिमाचल प्रदेश सरकार नशे के विरूद्ध शीघ्र शुरू करेगी व्यापक अभियान: मुख्यमंत्री
हिमाचल, 29 जून (अभी): मुख्यमंत्री ने शिमला में 12वीं हिमाचल प्रदेश पुलिस हाफ मैराथन विजेताओं को किया सम्मानित
नशे के विरूद्ध जागरूकता बढ़ाने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग द्वारा आज शिमला में 12वीं हिमाचल प्रदेश पुलिस हाफ मैराथन का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मैराथन विजेताओं को सम्मानित किया। इस मैराथन में पुरूष, महिला और वरिष्ठ नागरिक (75 वर्ष से अधिक) श्रेणी के प्रतिभागियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने नशे संबंधी गतिविधियों में सरकारी कर्मचारियों की संलिप्ता पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने नशे संबंधी गतिविधियों में शामिल 80 सरकारी कर्मचारियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई है। नशे की तस्करी संबंधी मामलों में पुलिस कर्मियों की संलिप्तता भी सामने आई है और राज्य सरकार पुलिस बल में अधिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पुलिस मैनुअल में संशोधन पर विचार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार निकट भविष्य में बड़े स्तर पर नशा विरोधी अभियान शुरू करने की तैयारी कर रही है। नशे पर अंकुश लगाने के लिए पंचायत स्तर पर मैपिंग करवाई जा रही हैै। सरकार नशे की तस्करी पर रोक लगाने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का भी गठन कर रही है जिसके लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके अतिरिक्त पुलिस विभाग को मजबूत करने के लिए 500 नए पद भरे जाएंगे।
नशे के प्रति राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा हमारे राष्ट्र का भविष्य हैं जिनको नशे की बुराई से बचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य मंे द्विआयामी रणनीति के तहत कार्य किया जा रहा है जिसमें नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और नशे के आदि लोगों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाकर काम किया जा रहा है। वर्तमान प्रदेश सरकार ने पीआइटी-एनडीपीएस अधिनियम को लागू किया है जिसे पिछली भाजपा सरकार पांच साल के कार्यकाल के दौरान लागू नहीं कर पाई। इस अधिनियम के तहत 40 डिटेंशन आदेशों को मंजूरी दी गई जिनमें से इस वर्ष 36 आदेश जारी किए गए। सरकार ने नशे के तस्करों के विरूद्ध कड़ा रूख अपनाते हुए सात नशा तस्करों की संपत्तियों को गिराया गया है और अन्य के खिलाफ सक्रियता से कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हिमाचल प्रदेश एंटी ड्रग्स एक्ट पारित किया है जिससे अपराधियों और पीड़ितों के बीच अन्तर किया जा सकता है। नशे से पीड़ित लोगों के पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार कार्य कर रही है ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जा सके। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों के साथ खुला संवाद स्थापित करने का आह्वान किया और उन्हें नशे के हानिकारक प्रभावों के बारे में शिक्षित करने पर बल दिया। उन्होंने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों से नशा निवारण अभियानों में सक्रियता से भाग लेने का भी आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हाफ मैराथन (21.5 किलोमीटर) पुरूष वर्ग के विजेता रविदास और महिला वर्ग की विजेता रूबी कश्यप को 51-51 हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त मिनी मैराथन (10 किलोमीटर) पुरूष वर्ग के विजेता रवि चौधरी, महिला वर्ग में सुनीता, ड्रीम रन (3 किलोमीटर) 16 से 30 आयुवर्ग (पुरूष) वर्ग के प्रथम विजेता मोहम्मद सोहेल, (महिला) वर्ग के लिए विपाशा वर्मा, 31 से 45 आयुवर्ग (पुरूष) वर्ग के प्रथम विजेता नागेंद्र पाल, महिला वर्ग के लिए प्रतिभा, 46 से 60 आयुवर्ग (पुरूष) वर्ग के प्रथम विजेता कुलदीप, महिला वर्ग में विजेता, 10 से 15 आयुवर्ग के लिए पुरूष वर्ग में हर्ष कुमार, महिला वर्ग रीतिका वर्मा को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने ‘हार्मनी ऑफ पाइन’ के नशे पर जन जागरूकता आधारित एक विशेष गीत को भी जारी किया।
विधायक हरीश जनारथा, महापौर सुरेन्द्र चौहान, मुख्यमंत्री के प्रधान (मीडिया) सलाहकार नरेश चौहान, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अन्य गणमान्य इस अवसर पर उपस्थित थे। -
29/06/25प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में भारत प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर – सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी
चंडीगढ़, 29 जून (अभी) – हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने आज यहां कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सुना। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री के गतिशील और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत द्वारा वैश्विक स्तर पर हासिल की गई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की।
उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम एक सशक्त और अनूठा मंच है जो सीधे प्रधानमंत्री को आम जनता से जोड़ता है और देशभर के नागरिकों को प्रेरणा एवं दिशा प्रदान करता है। श्री मोदी के कुशल मार्गदर्शन में भारत अब हर क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास के साथ-साथ वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के संदेश केवल एक सरकारी पहल नहीं बल्कि यह देश के प्रत्येक नागरिक के लिए एक प्रेरणा स्रोत है, जो राष्ट्र निर्माण और सामाजिक कल्याण में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से न केवल विकास की गति तेज होती है, बल्कि लोगों में एकता, सामाजिक समरसता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना भी बढ़ती है।
श्रीमती श्रुति चौधरी ने हरियाणा के जनसमूह से अपील की कि वे सरकार की योजनाओं में सक्रिय रूप से भाग लें और प्रदेश एवं देश के विकास के लिए अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर एक समृद्ध और विकसित भारत की ओर अग्रसर हैं, जो प्रधानमंत्री के संकल्प और विजन का साकार रूप है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं हर वर्ग तक पहुंच रही हैं और सभी को इसका लाभ मिल रहा है, जिससे आम आदमी की जिंदगी बेहतर हो रही है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद सहित अन्य गणमान्य भी मौजूद रहे।
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29/06/25Mansoon Alert: IMD ने जारी किया अलर्ट, केरल से दिल्ली तक तय समय से पहले पहुंचा मानसून
नई दिल्ली, 29 जून (अभी): भारत में इस बार मानसून ने अपने आगमन की टाइमिंग से सबको हैरान कर दिया है। आमतौर पर यह मौसम प्रणाली केरल में 1 जून को दस्तक देती है और 8 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लेती है। लेकिन इस साल यह सभी अनुमान और आँकड़े पीछे छोड़ता हुआ पहले ही अपने गंतव्य तक पहुँच गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार इस साल दिल्ली में मानसून ने 30 जून की सामान्य तिथि से एक दिन पहले यानी 29 जून को दस्तक दी। इससे भी बड़ी बात ये रही कि पूरे भारत में मानसून 8 जुलाई की औसत तिथि से नौ दिन पहले यानी 29 जून तक ही फैल चुका था।
यह 2020 के बाद पहली बार हुआ है जब मानसून ने इतनी तेज़ी दिखाई है। IMD के आंकड़ों के अनुसार, 2020 में मानसून ने पूरे देश को 26 जून तक कवर कर लिया था। उस रिकॉर्ड के करीब पहुंचते हुए इस बार भी मानसून ने तेजी दिखाई है। इस बार 2024 में मानसून ने 29 जून तक देशभर को कवर कर लिया, जो काफी असामान्य माना जा रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि मानसून इस बार 24 मई को ही केरल पहुँच गया, जो कि 2009 के बाद से सबसे जल्दी दस्तक थी। 2009 में यह 23 मई को केरल पहुँचा था। इसके बाद यह तेज़ी से देश के अन्य हिस्सों में फैलने लगा।
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29/06/25देश की युवा पीढ़ी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने का मार्ग करेगी प्रशस्त : खेल मंत्री गौरव गौतम
चंडीगढ़, 29 जून (अभी) — हरियाणा के युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता, खेल और कानून राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि शिक्षकों तथा सामाजिक संगठनों का दायित्व है कि वे प्रतिभाओं को मंच प्रदान करें और उन्हें आगे बढ़ाएं। हर बच्चे में प्रतिभा छुपी होती है और बस उसे निखारने की जरूरत होती है।
खेल मंत्री रविवार को पलवल में आयोजित सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि जेई व नीट पेपर में टॉप रैंक हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने उपरांत बोल रहे थे। उन्होंने मेधावी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पुरस्कृत करते हुए शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि भारत देश की युवा पीढ़ी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि अपने जीवन में किसी भी प्रकार का शॉर्टकट न अपनाएं बल्कि नवाचार के माध्यम से अपने जीवन में सफलता अर्जित करें और देश को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण आंचल के युवा भी शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।
खेल मंत्री ने सभी विद्यार्थियों को अपने जीवन में इसी प्रकार पूरी मेहनत से सफल होकर देश-प्रदेश में अपने क्षेत्र का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खिलाडिय़ों को पूरा मान-सम्मान दे रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं से मैडल जीतने वाले खिलाडिय़़ों को सरकारी नौकरी के साथ-साथ करोड़ों रुपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है।
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29/06/25प्रत्येक समाज के महापुरुषों की जयंती सरकारी स्तर पर मना रही है हरियाणा सरकार: लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा
चंडीगढ़, 29 जून (अभी) - हरियाणा के लोक निर्माण और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर सिंह गंगवा ने कहा कि समाज को जोड़ने और अंधविश्वास मिटाने का कार्य संत कबीर ने अपने पूरे जीवन में किया। वे एक ऐसे युगदृष्टा थे, जिन्होंने जाति, पंथ और ऊंच-नीच से ऊपर उठकर मानवता का संदेश दिया।
लोक निर्माण मंत्री रविवार को हिसार में संत कबीर छात्रावास में आयोजित संत कबीर साहब के 627वें प्रकाशोत्सव समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कबीर छात्रावास के लिए 21 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा भी की। उन्होंने संत कबीर छात्रावास की व्यवस्थाओं की भी सराहना की और आश्वासन दिया कि सरकार द्वारा ऐसे संस्थानों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर माहौल मिल सके।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चल रही है। सभी महापुरुषों की जयंती अब राज्य सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से मनाई जा रही है, जिससे समाज में एकता और जागरूकता का संदेश फैल रहा है। उन्होंने कहा कि डीएससी समाज के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है। अब समाज के युवा बिना सिफारिश, बिना खर्चे के सरकारी नौकरियों में चयनित हो रहे हैं।
श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि मुख्यमंत्री की नीतियों का ही परिणाम है कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से हज़ारों युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। सरकार बिना खर्ची, बिना पर्ची के सिद्धांत पर काम कर रही है और युवाओं को उनकी मेहनत का फल दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में हो रहे विकास कार्य गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से पूरे किए जा रहे हैं। सड़कों, भवनों और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं में सुधार के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के माध्यम से जलापूर्ति और सीवरेज प्रणाली को आधुनिक बनाया जा रहा है।
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29/06/25"एक पेड़ माँ के नाम, एक पौधा वीर जवान के नाम" पर्यावरण संरक्षण और देशभक्ति का अनूठा संगम — राव नरबीर सिंह
चंडीगढ़, 29 जून (अभी) – हरियाणा के सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने आज कहा कि देश की सेनाओं में हर दसवां सैनिक हरियाणा से है, यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना की बहादुरी और संकल्प का प्रतीक है, जिसकी सफलता ने समूचे देश को गौरवान्वित किया है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 123वें संस्करण में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का उल्लेख करते हुए, जवानों की स्मृति में पौधारोपण कर राष्ट्र को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति सजग रहने का संदेश दिया है।
वन महोत्सव के दौरान अधिक से अधिक पौधे लगाएं – राव नरबीर
राव नरबीर सिंह ने हरियाणावासियों से अपील की कि वे आगामी वन महोत्सव के अवसर पर प्रदेश के वीर जवानों की स्मृति में अधिक से अधिक पौधारोपण करें। उन्होंने स्वयं चरखी दादरी से "एक पेड़ माँ के नाम—2" अभियान की शुरुआत कर लोगों को इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया है।
"पर्यावरण संरक्षण अब समय की मांग है"
मंत्री राव नरबीर ने कहा कि उनके पास सैनिक कल्याण के साथ—साथ वन और पर्यावरण विभाग की जिम्मेदारी भी है। इस नाते प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए प्राकृतिक संतुलन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना उनका कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण पर्यावरण असंतुलन एक वैश्विक चिंता बन चुका है और हमें प्रकृति के साथ अपने रिश्तों को फिर से मजबूत करना होगा। इसी दिशा में "एक पेड़ माँ के नाम—2.0" अभियान के तहत तालाबों, नदियों के किनारे और सार्वजनिक स्थलों पर नीम, पीपल और बड़ जैसे वृक्षों की त्रिवेणी लगाने की योजना बनाई गई है।
हर जिले में 2 लाख पौधे, 5 साल तक संरक्षण का लक्ष्य
वन मंत्री ने बताया कि हर जिले में प्रतिवर्ष 2 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है और ये सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी पौधों का कम से कम 5 वर्षों तक संरक्षण किया जाए, ताकि वे जड़ पकड़ सकें और टिकाऊ वन संपदा का निर्माण हो।
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29/06/25हरियाणा के ऊर्जा व परिवहन मंत्री अनिल विज से कृषि व पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने मुलाकात कर उनका हालचाल जाना
अम्बाला, 29 जून –
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज से आज उनके आवास पर हरियाणा के कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने मुलाकात करते हुए उनका हालचाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
इस दौरान दोनों के बीच विभिन्न विषयों पर बातचीत भी हुई।
कृषि व पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने मंत्री अनिल विज के पांव में फ्रैक्चर की जानकारी की जानकारी ली और कामना की कि वह जल्द स्वस्थ होकर जनकल्याण कार्यों में लगे। उन्होंने मंत्री अनिल विज की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि वो जनसेवा में निरंतर जुटे रहते हैं, उनकी कार्यशैली की बदौलत जनता में उनके प्रति अपार प्रेम है। इस दौरान मंत्री अनिल विज ने उनके आवास पर पहुंचे कृषि मंत्री का अभिवादन किया।
गौरतलब है कि ऊर्जा व परिवहन मंत्री अनिल विज के पांव के अंगूठे में फ्रैक्चर के कारण चिकित्सकों ने उन्हें अभी कुछ और दिन आराम करने की सलाह दी है।
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29/06/25डॉ. मनसुख मंडाविया ने पालिताना में फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का नेतृत्व किया; 'स्वच्छता सेनानियों' के साथ देश भर में 6,000 स्थलों पर हुआ कार्यक्रम का आयोजन
आरएस अनेजा, 29 जून नई दिल्ली
युवा मामलों एवं खेल तथा श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज सुबह गुजरात के पालिताना में एक विविध समूह, विशेष रूप से 'स्वच्छता सेनानियों', जो हमारे अग्रिम पंक्ति के स्वच्छता योद्धा हैं के साथ फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल के एक विशेष संस्करण का नेतृत्व किया।
यह साइकिलिंग अभियान देश भर में एक साथ 6,000 स्थानों पर आयोजित किए गए, जिसमें आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के विभिन्न कर्मचारी और संबंधित कार्यकर्ता, स्वच्छता कर्मचारी, नगर पालिका निगम के कर्मचारी, साथ ही राज्य और जिला नगर निगमों ने केंद्रीय भूमिका निभाई।
यह दिसंबर 2024 में देशव्यापी शुरू हुए साइकिलिंग अभियान का 29वां संस्करण था। फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल कार्यक्रम का उल्लेख प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में भी विशेष रूप से किया है, जो भारत के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रमुख अभियानों में से एक के रूप में इसकी स्थिति को मजबूत करता है।
पालिताना में, भावनगर जिले के विभिन्न साइकिलिंग क्लबों ने इसमें भाग लिया। अपने गृहनगर पालिताना में, डॉ. मंडाविया ने दोहराया कि यह अभियान अब एक आंदोलन बन गया है। डॉ. मंडाविया ने कहा, "हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का 2019 में शुरू किया गया फिट इंडिया आंदोलन संडे ऑन साइकिल के माध्यम से सर्वोत्तम संभव तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। यह अब सिर्फ एक अभियान नहीं है बल्कि एक आंदोलन है।"
उन्होंने कहा, "स्वच्छता सेनानियों के नेतृत्व में, हम एक मजबूत संकेत भेज रहे हैं कि फिटनेस और स्वच्छता साथ-साथ चलते हैं। हर किसी को, बड़ा हो या छोटा, विकसित भारत के लिए अपना योगदान देना चाहिए और हमें इस आधुनिक पीढ़ी में साइकिलिंग को एक प्रवृत्ति बनाना है।"
शहरी स्थानों से लेकर छोटे कस्बों तक नागरिक एक स्वस्थ जीवन शैली के प्रति अपनी एकजुटता और प्रतिबद्धता दिखाने के लिए सुबह-सुबह सड़कों पर नजर आए। स्वच्छता सेनानियों के अलावा, विधान सभा सदस्य (एमएलए), स्थानीय पुलिस और एनएसएस व एनवाईकेएस के माईभारत स्वयंसेवकों ने भी इसमें भाग लिया।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में, प्रतिष्ठित कनॉट प्लेस पर लगभग 1,000 साइकिल चालकों की भीड़ इस कार्यक्रम के लिए एकत्रित हुई, जिसकी सह-मेजबानी राहगीरी फाउंडेशन और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने की थी। मुख्य अतिथि पद्म श्री पुरस्कार विजेता और पूर्व राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक विजेता बबीता फोगाट ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल शारीरिक फिटनेस से कहीं बढ़कर एक आंदोलन बन रहा है।
फोगाट ने कहा, "जब हमारे प्रधानमंत्री ने यह अभियान शुरू किया, तो हम इसका हिस्सा बनकर रोमांचित थे। ऐसे आयोजन हमें मानसिक संतुष्टि देते हैं और हमारे युवाओं को सक्रिय जीवन शैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। आज सुबह, सीपी में मौजूद हर कोई सिर्फ फिट इंडिया और संडे ऑन साइकिल के बारे में बात कर रहा था। उत्साह भरा हुआ था, और मुझे यकीन है कि कई लोग जिन्होंने वर्षों में पहली बार साइकिल चलाई, वे ऐसा करना जारी रखेंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।"
साइकिलिंग के अलावा, इस आयोजन में कई अन्य गतिविधियाँ भी प्रमख आकर्षण रहीं। इनमें जुम्बा, रस्सी कूद, लोक नृत्य, नुक्कड़ नाटक, योगा सत्र और ओपन माइक जैसे कार्यक्रम शामिल थे। रस्सी कूद एक्टीविटी का आयोजन डॉ. शिखा गुप्ता के नेतृत्व में एक टीम ने किया था।
केंद्रीय युवा मामलों एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया द्वारा दिसंबर 2024 में शुरू किया गया 'फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल' आंदोलन, युवा मामलों एवं खेल मंत्रालय (एमवाईएएस) द्वारा साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (सीएफआई), माई भारत और योगासन भारत के सहयोग से अब तक देश भर में 11,000 से अधिक स्थानों पर आयोजित किया जा चुका है, जिसमें 4 लाख से अधिक व्यक्तियों ने भाग लिया है। इस अभियान का हिस्सा 2,000 से अधिक साइकिलिंग क्लब हैं और हर रविवार को सक्रिय रूप से इसमें भाग लेते हैं।
इन साइकिलिंग ड्राइव का संचालन कई खेलो इंडिया सेंटर्स (केआईसी), खेलो इंडिया स्टेट सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (केआईएससीई), साई ट्रेनिंग सेंटर्स (एसटीसी), खेलो इंडिया एक्रेडिटेड अकादमियां (केआईएए), क्षेत्रीय केंद्र (आरसी) साथ ही देश भर के विभिन्न राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) द्वारा किया जाता है।
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29/06/25प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित किया
आरएस अनेजा, 29 जून नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम के 123वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस बार के एपिसोड में पीएम मोदी ने योग दिवस की वैश्विक सफलता, इमरजेंसी के काले दौर, देश की स्वास्थ्य उपलब्धियों, पर्यावरण की रक्षा में जुटे नागरिकों, और खेल, संस्कृति व जनकल्याण योजनाओं पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत 21 जून को मनाए गए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से की और इसे योग की स्वीकार्यता और उपयोगिता का प्रमाण बताया। उन्होंने बताया कि इस बार विशाखापत्तनम में 3 लाख लोगों ने एक साथ योग, जम्मू में दुनिया के सबसे ऊंचे ब्रिज पर योग हुआ और वड़नगर में 2100 लोगों ने एक साथ भुजंगासन कर रिकॉर्ड बनाया।
पीएम मोदी ने 1975 में लगी आपातकाल की 50वीं बरसी का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारत के लोकतंत्र पर किया गया सबसे बड़ा हमला था। उन्होंने कहा, ‘लाखों लोगों को बिना वजह जेल में डाला गया, पत्रकारों की आवाज दबाई गई और नागरिकों पर अत्याचार किए गए।’ लेकिन अंत में ‘जनता की ही जीत हुई और तानाशाही की हार।’
पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘मेरे प्यारे देशवासियों जब कोई तीर्थयात्रा पर निकलता है तो एक ही भाव सबसे पहले मन में आता है, ‘चलो, बुलावा आया है’। उन्होंने कहा- कैलाश मानसरोवर यात्रा वर्षों बाद दोबारा शुरू हुई है और यह ‘सिर्फ धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि सेवा और श्रद्धा का महाअनुष्ठान है।’
पीएम मोदी ने गर्व से बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत को ‘ट्रेकोमा मुक्त देश’ घोषित किया है। उन्होंने इसे स्वास्थ्यकर्मियों और जनस्वास्थ्य नीतियों की बड़ी सफलता बताया।
इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन (ILO) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश की 95 करोड़ आबादी किसी न किसी सरकारी योजना से लाभान्वित हो रही है। उन्होंने कहा कि “यह आंकड़ा भारत की जनकल्याण नीतियों और जनभागीदारी के मजबूत तंत्र का प्रमाण है।”
पीएम मोदी ने मेघालय के पारंपरिक एरी सिल्क को मिले GI टैग का उल्लेख करते हुए इसकी पारंपरिक और पर्यावरण-संवेदनशील प्रक्रिया को सराहा। उन्होंने बताया कि इस रेशम के कीड़ों को मारे बिना रेशम तैयार किया जाता है, जिससे यह पूरी तरह क्रूरता-मुक्त उत्पाद है।
पीएम मोदी ने बोडोलैंड की सकारात्मक तस्वीर पेश करते हुए बताया कि अब यह क्षेत्र खेलों का केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘बोडोलैंड टेरिटोरियल एरिया में 3 हजार से ज्यादा टीमें और 70 हजार से ज्यादा खिलाड़ी फुटबॉल में सक्रिय हैं।’
पुणे के रमेश खरमाडे जैसे लोगों की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे लोग ‘अपने दम पर जंगलों को पुनर्जीवित करने का कार्य कर रहे हैं।’ उन्होंने बताया कि रमेश जी पहाड़ियों में झाड़ियां साफ कर ट्रेंच बनाते हैं, जिससे पानी संचित होता है और वन्यजीवन को नया जीवन मिल रहा है।
ये धार्मिक यात्राएं सेवा के अवसरों का एक महाअनुष्ठान भी होती है। जब कोई भी यात्रा होती है तो जितने लोग यात्रा पर जाते हैं उससे ज्यादा लोग तीर्थयात्रियों की सेवा के काम में जुटते हैं। अभी कुछ दिन पहले हमने भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा भी देखी है। मैं यात्राओं पर जा रहे सभी सौभाग्यशाली श्रद्धालुओं को अपनी शुभकामनाएं देता हूं।
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29/06/25पुरी में गुंडिचा मंदिर के पास मची भगदड़ मामले में दो पुलिस अधिकारी निलंबित, डीसी व एसपी का तबादला
आरएस अनेजा, 29 जून नई दिल्ली
पुरी में रथयात्रा के दौरान रविवार तड़के श्री गुंडिचा मंदिर के निकट मची भगदड़ मामले में ओडिशा सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने प्रशासनिक लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए दो वरिष्ठ अधिकारियों डीसीपी बिष्णु पति और कमांडेंट अजय पाढ़ी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही, पुरी के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का भी तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है।
राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, चंचल राणा को नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि पिनाक मिश्रा को पुरी के नए पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि इस हृदयविदारक घटना पर मुख्यमंत्री अत्यंत दुखी और व्यथित हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हुए प्रत्येक परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही, मुख्यमंत्री ने संपूर्ण मामले की प्रशासनिक जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी निगरानी राज्य के विकास आयुक्त करेंगे।
गौरतलब है कि रविवार तड़के पुरी में रथयात्रा के दौरान जब सैकड़ों श्रद्धालु श्रीगुंडिचा मंदिर के सामने तीनों रथों के दर्शन को जुटे, तब भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि कई घायल हैं। प्रशासन राहत और जांच में जुटी है।
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29/06/25रथयात्रा के दौरान पुरी में गुंडिचा मंदिर के पास मची भगदड़, 3 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल
आरएस अनेजा, 29 जून नई दिल्ली
पुरी में रथयात्रा के दौरान रविवार तड़के जब सैकड़ों श्रद्धालु श्रीगुंडिचा मंदिर के सामने तीनों रथों के दर्शन को जुटे, तब भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि कई घायल हैं। प्रशासन राहत और जांच में जुटी है।
रविवार प्रात: करीब 4 बजे श्रीगुंडिचा मंदिर के पास सैकड़ों भक्त भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथों के दर्शन के लिए जमा हुए थे। इसी दौरान अफरातफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई। इसमें तीन लोगों बसंती साहू, प्रेमकांत मोहंती और पार्वती दास की मौत हो गई। भगदड़ में कई लोग घायल भी हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जिला कलेक्टर सिद्धार्थ एस स्वैन ने बताया कि छह लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन की टीम राहत कार्य में जुटी हुई है। शनिवार को रथयात्रा के पहले दिन ही 600 से अधिक लोग बीमार हो गए थे। धक्का-मुक्की और उमस भरे मौसम के कारण कई श्रद्धालु बेहोश हो गए। सुरक्षा के लिए यहां हजारों जवान तैनात हैं।
क्या होती है गुंडिचा यात्रा
पुरी की यह सालाना यात्रा भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथों को मुख्य मंदिर से 2.6 किमी दूर स्थित गुंडिचा मंदिर तक ले जाया जाता है, जिसे देवताओं की मौसी का घर माना जाता है। तीनों देवता नौ दिन तक गुंडिचा मंदिर में ठहरेंगे। इसके बाद पांच जुलाई को बहुदा यात्रा (वापसी यात्रा) शुरू होगी। शनिवार को भारी बारिश के कारण रथयात्रा बीच में रोक दी गई थी, जिसे रविवार सुबह दोबारा शुरू किया गया।
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29/06/25सरकार के सक्रिय, समावेशी दृष्टिकोण के कारण शून्य खुराक वाले बच्चों के प्रतिशत में आई कमी: स्वास्थ्य मंत्रालय
आरएस अनेजा, 29 जून नई दिल्ली
टीकाकरण वर्तमान में सबसे शक्तिशाली और लागत प्रभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य गतिविधियों में से एक है। टीकाकरण के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता, इसके सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) में दिखती है, जिसमें सालाना 2.9 करोड़ गर्भवती महिलाओं और 2.6 करोड़ शिशुओं (0-1 वर्ष) को निशुल्क टीकाकरण सेवाएँ दी जाती हैं। हमारे स्वास्थ्य सेवा कर्मी आशा और एएनएम देश भर में 1.3 करोड़ से अधिक टीकाकरण सत्र आयोजित करते हैं। देश भर में टीकाकरण अभियान के निरंतर प्रयासों और गहन कार्यान्वयन के नतीजतन, कुल जनसंख्या में शून्य खुराक वाले बच्चों का प्रतिशत 2023 में 0.11% से घटकर 2024 में 0.06% हो गया है। स्वास्थ्य कल्याण की दिशा में ये प्रयास प्रगतिशील बने हुए हैं, और देश में शून्य खुराक वाले बच्चों की संख्या को और कम करने के लिए चालू वर्ष में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र अंतर-एजेंसी बाल मृत्यु दर आकलन समूह (यूएन आईजीएमई) की 2024 की रिपोर्ट में दर्शाई गई इन उपलब्धियों ने भारत को बाल स्वास्थ्य के मामले में वैश्विक आदर्श के रूप में स्थापित किया है। भारत को उसके प्रतिबद्ध प्रयासों के लिए 6 मार्च 2024 को वाशिंगटन डीसी, यूएसए में अमेरिकन रेड क्रॉस मुख्यालय में मीजल्स एंड रूबेला पार्टनरशिप (अमेरिकन रेड क्रॉस, बीएमजीएफ, जीएवीआई, यूएस सीडीसी, यूएनएफ, यूनिसेफ और डब्ल्यूएचओ) द्वारा प्रतिष्ठित मीजल्स एंड रूबेला चैंपियन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
डायरिया, निमोनिया, मेनिन्जाइटिस और एन्सेफलाइटिस के कारण बच्चों में मृत्यु दर और रोगों की संख्या को कम करने में जीवन रक्षक टीकों की बढ़ी हुई संख्या का असर भी साफ देखा जा सकता है।
नवीनतम एसआरएस (2020-22) के अनुसार, भारत की मातृ मृत्यु अनुपात (एमएमआर) 2014-16 में 130/लाख जीवित जन्म से घटकर 2020-22 में 88/लाख जीवित जन्म हो गई है। संयुक्त राष्ट्र मातृ मृत्यु अनुमान अंतर-एजेंसी समूह (यूएन-एमएमईआईजी 2000-2023) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में मातृ मृत्यु दर प्रति लाख जीवित जन्मों पर 80 है, जो 1990 के बाद से 48% की वैश्विक कमी के मुकाबले 86% की गिरावट को दर्शाता है।
बाल मृत्यु दर अनुमान के लिए संयुक्त राष्ट्र अंतर-एजेंसी समूह (यूएनआईजीएमई 2024 रिपोर्ट) के अनुसार, भारत ने पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर (यू5एमआर) में 78% की गिरावट हासिल की है, जो वैश्विक कमी 61% को पार कर गई है और नवजात मृत्यु दर (एनएमआर) में 70% की गिरावट आई है, जबकि 1990-2023 के दौरान वैश्विक स्तर पर यह 54% थी।
टीकाकरण कवरेज बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने के अलावा, भारत के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा अनुशंसित टीकों की एक व्यापक श्रृंखला शामिल है। वर्ष 2013 तक, कार्यक्रम में केवल 6 टीके ही उपलब्ध थे। वर्ष 2014 से, छह नए टीके (निष्क्रिय पोलियो-वायरस वैक्सीन, रोटावायरस वैक्सीन (आरवीवी), न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (पीसीवी), खसरा-रूबेला वैक्सीन, वयस्क जापानी इंसेफेलाइटिस वैक्सीन और टेटनस-डिप्थीरिया वैक्सीन) कार्यक्रम में शामिल किए गए हैं। वर्तमान में, भारत के यूआईपी में 12 वैक्सीन-रोकथाम योग्य बीमारियाँ शामिल हैं और इसमें महत्वपूर्ण विस्तार हुआ है।
टीकाकरण कवरेज में सुधार पर लगातार ध्यान देते हुए, भारत ने वंचित आबादी तक पहुँचने के लिए एक सक्रिय और समावेशी नज़रिया अपनाया है। भारत सरकार ने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के परामर्श से, खास तौर पर शहरी झुग्गियों, अर्ध-शहरी क्षेत्रों, प्रवासी आबादी, दुर्गम क्षेत्रों और टीकाकरण को लेकर हिचकिचाहट रखने वाले प्रभावित समुदायों में शून्य खुराक वाले बच्चों के बीच चुनौतियों का समाधान करने के लिए लक्षित अभियान शुरू किए हैं। ये प्रयास खसरा और रूबेला को खत्म करने के राष्ट्रीय लक्ष्य के साथ भी जुड़े हुए हैं।
अपनी पहुँच को बढ़ाने के लिए, हम प्रौद्योगिकी और सामुदायिक सहभागिता का भी लाभ उठा रहे हैं। यू-विन प्लेटफ़ॉर्म, टीकाकरण की स्थिति को डिजिटल रूप से ट्रैक करता है, ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित ना रहे। जन जागरूकता अभियान को जनसंचार माध्यमों, सामुदायिक रेडियो, सोशल मीडिया और यहाँ तक कि नुक्कड़ नाटकों के ज़रिए परिवारों को शिक्षित करने के लिए तेज़ किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवा कर्मी, आशा और एएनएम घर-घर जाकर न केवल टीकाकरण करेंगे, बल्कि लाभार्थियों को टीकाकरण के लाभों के बारे में जागरूक भी करेंगे।
शून्य खुराक कार्यान्वयन योजना 2024: 11 राज्यों के 143 जिलों में शुरू की गई, जहाँ टीकाकरण से वंचित बच्चों की संख्या बहुत ज़्यादा है।
मिशन इंद्रधनुष (2014 से): राज्य सरकारों के सहयोग से 2017 में इसे और तेज़ किया गया। इसके तहत 5.46 करोड़ बच्चों और 1.32 करोड़ गर्भवती महिलाओं को टीका लगाया गया है, जो पहले टीकाकरण से वंचित थे।
पल्स पोलियो अभियान: राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस (एनआईडी) और उप-राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस (एसएनआईडी) के ज़रिए, भारत ने 2014 से पोलियो मुक्त स्थिति बनाए रखी है।
ग्राम स्वास्थ्य और पोषण दिवस (वीएचएनडी): समुदाय स्तर पर टीकाकरण और आउटरीच गतिविधियों के लिए नियमित रूप से आयोजित किया जाता है।
बहु-स्तरीय टास्क फोर्स: राज्य (एसटीएफआई), जिला (डीटीएफआई), और ब्लॉक (बीटीएफआई) स्तर की टास्क फोर्स समन्वित और प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करती हैं।
नियमित आईईसी (सूचना, शिक्षा, संचार) अभियान: जागरूकता बढ़ाने और टीकाकरण कराने में हिचकिचाहट से जुड़े मुद्दों से निपटने में मदद करते हैं।
भारत में वार्षिक जन्म समूह (2.6 करोड़), न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, फिनलैंड और स्विट्जरलैंड सहित कई देशों की कुल आबादी से अधिक है। दुनिया भर के देशों के अलग-अलग आकार को देखते हुए, प्रतिशत तुलना से पता चलता है कि यह कई उच्च आय वाले देशों में टीकाकरण, कवरेज स्तरों के बराबर है, जैसे कि न्यूजीलैंड (डीटीपी-1 93%), जर्मनी और फिनलैंड (डीपीटी-3 91%), स्वीडन (एमसीवी-1 93%), लक्जमबर्ग (एमसीवी-2 90%), आयरलैंड (पीसीवी-3 83%), यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैंड (रोटा सी 90%)। (डब्ल्यूयूएनईआईसी रिपोर्ट 2023)
अनुलग्नक 1 दर्शाता है कि भारत का एंटीजन-वार टीकाकरण कवरेज सभी एंटीजन में वैश्विक औसत से आगे निकल चुका है। खास तौर पर डीटीपी1 और डीटीपी3 के लिए राष्ट्रीय कवरेज, शून्य-खुराक वाले बच्चों की सबसे बड़ी संख्या वाले अन्य देशों की तुलना में सबसे अधिक है। (अनुलग्नक 2)। डब्ल्यूयूईएनआईसी 2023 के अनुसार, उच्च जनसंख्या आकार और सामाजिक-भौगोलिक विविधता वाले भारत में, राष्ट्रीय डीटीपी-1 (पेंटा-1) का कवरेज 93% है, यानी 2.65 करोड़ शिशुओं में से 2.47 करोड़ को टीका लगाया गया है, जबकि इसी अवधि के दौरान यह नाइजीरिया के 70% से काफी अधिक है। डीटीपी-1 से डीटीपी-3 तक ड्रॉपआउट प्रतिशत में 2013 में 7% से 2023 में 2% तक की कमी आई है और खसरे का कवरेज 2013 में 83% से बढ़कर 2023 में 93% हो गया है।
अंतिम वूनीक रिपोर्ट के अनुसार, कुल जनसंख्या के प्रतिशत के रूप में, शून्य खुराक वाले बच्चों पर देशों के तुलनात्मक नतीजों के मुताबिक यमन (1.68%), सूडान (1.45%), अंगोला (1.1%), अफगानिस्तान (1.1%), नाइजीरिया (0.98%), डीआर कांगो (0.82%), इथियोपिया (0.72%), इंडोनेशिया (0.23%), पाकिस्तान (0.16%) में, भारत की तुलना में उनकी जनसंख्या के प्रतिशत के रूप में कहीं अधिक शून्य खुराक वाले बच्चे हैं (2023 के दौरान 0.11% )
ज्यादा शून्य खुराक बच्चों वाले किसी भी अन्य देश के साथ भारत की किसी भी तुलना करते वक्त, भारत की बड़ी आबादी के आकार और उच्च टीकाकरण कवरेज दर को भी ध्यान में रखना ज़रुरी है। लिहाज़ा अलग-अलग कारकों पर आधारित कोई भी व्याख्या या विश्लेषण, देश के टीकाकरण कार्यक्रम पर प्रगति को ठोस आधार नहीं देता है।
भारत सरकार ने हमेशा ही सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम को हमेशा प्राथमिकता दी है, ताकि हमारे देश के बच्चे घातक बीमारियों से सुरक्षित रहें। साल 2014 में पोलियो उन्मूलन और 2015 में मातृ एवं नवजात टेटनस का उन्मूलन तथा हाल ही में 2025 में खसरा रूबेला अभियान की शुरूआत, इस बात का प्रमाण है। लक्षित रणनीतियों और प्रतिबद्ध स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से, व्यापक टीकाकरण कवरेज सुनिश्चित करने के लिए हमेशा अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने की कोशिश जारी रहेगी।
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29/06/25अंडमान एवं निकोबार कमान के कमांडर-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल डीएस राणा ने गढ़वाल राइफल्स के कर्नल ऑफ द रेजिमेंट का पदभार संभाला
आरएस अनेजा, 29 जून नई दिल्ली
भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं और भावना को दर्शाते हुए एक समारोह में, अंडमान और निकोबार कमान के कमांडर-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल दिनेश सिंह राणा ने गढ़वाल राइफल्स के 23वें कर्नल ऑफ द रेजिमेंट के रूप में पदभार संभाला है। वह उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि का स्थान लेंगे।
उत्तराखंड के लैंसडाउन में गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर में पूरे सैन्य सम्मान के साथ बैटन को औपचारिक रूप से सौंपा गया। इस अवसर पर भारतीय सेना की सबसे प्रतिष्ठित पैदल सेना रेजिमेंटों में से एक की गौरवशाली वंशावली, वीरता और समय-सम्मानित विरासत का जश्न मनाया गया, जिसमें स्काउट बटालियन सहित 27 बटालियन शामिल थीं।
अपने कार्यकाल के दौरान, लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने अनुकरणीय नेतृत्व प्रदान किया और रेजिमेंटल मेल-भाव को मजबूत किया, तथा गढ़वाल राइफल्स को परिभाषित करने वाले व्यावसायिकता और सौहार्द के उच्चतम मानकों को कायम रखा।
लेफ्टिनेंट जनरल डीएस राणा एक कुशल नेतृत्वकर्ता और सम्मानित अधिकारी हैं, जो अपने साथ परिचालन अनुभव और रणनीतिक कौशल की दक्षता लेकर आए हैं। 23वीं रेजिमेंट के कर्नल का पदभार ग्रहण करते हुए उन्होंने वीर गढ़वाली योद्धाओं के चरित्र, अनुशासन और सैन्य विरासत को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो हमेशा राष्ट्र की सेवा में अडिग रहे हैं।
कार्यवाही के एक भाग के रूप में, लेफ्टिनेंट जनरल डीएस राणा ने गार्ड ऑफ ऑनर प्राप्त किया और रेजिमेंट के बहादुरों के सर्वोच्च बलिदान का सम्मान करते हुए युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
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29/06/25पूर्वोत्तर टिकाऊ खनन के लिए राष्ट्रीय मॉडल बन सकता है: केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी
आरएस अनेजा, 29 जून नई दिल्ली
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने गुवाहाटी में आयोजित पूर्वोत्तर खनन मंत्रियों के दूसरे सम्मेलन में खनिज और कोयला समृद्ध पूर्वोत्तर राज्यों को भारत सरकार के पूर्ण सहयोग की पुष्टि की है।
केंद्रीय मंत्री ने कार्यक्रम के दूसरे दिन उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए खनन क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने, परियोजना अनुमोदन में तेजी लाने और क्षेत्र में टिकाऊ खनन कार्य प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर का विकास विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण का केन्द्र बिन्दु है, जहां पूर्वोत्तर के आठ राज्यों - असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा तथा सिक्किम - को अष्टलक्ष्मी के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने इस तथ्य का उल्लेख किया कि रोजगार सृजन, निवेश आकर्षित करने तथा खनिज और कोयला क्षेत्र के विकास के माध्यम से समावेशी आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने के लिए केंद्र व राज्य सरकार के बीच समन्वय बढ़ाना महत्वपूर्ण है।
सम्मेलन के दौरान, सभी आठ पूर्वोत्तर राज्यों के प्रतिनिधियों ने खनन और कोयला क्षेत्रों को आगे बढ़ाने के लिए अपने रोडमैप प्रस्तुत किए। मेघालय, असम, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के मंत्रियों ने नागालैंड के मुख्यमंत्री के सलाहकार के साथ मिलकर राज्य-विशिष्ट रणनीतियों, उपलब्धियों तथा भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने ब्लॉक नीलामी, महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, कोयला खदानों के पुनरुद्धार, लघु खनिजों के विकास और टिकाऊ खनन मॉडल को अपनाने में हुई प्रगति पर चर्चा की।
चर्चाओं में पर्यावरण सुरक्षा उपायों को आर्थिक विकास के साथ संतुलित करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाया गया। राज्यों ने क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने और अपनी पूरी संसाधन क्षमता का उपयोग करने के लिए अधिक केंद्रीय सहायता की भी मांग की है।
खनन मंत्रालय में अपर सचिव संजय लोहिया ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए देश भर में अन्वेषण प्रयासों को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई), खनिज अन्वेषण निगम लिमिटेड (एमईसीएल) और राज्य सरकारों से निकट समन्वय के साथ काम करने तथा विशेष रूप से महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के लिए आधुनिक, लक्षित व समयबद्ध अन्वेषण पद्धतियों को अपनाने का आग्रह किया।
संजय लोहिया ने कहा कि भारत सरकार ने अन्वेषण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अभूतपूर्व नीति तथा बजटीय सहायता प्रदान की है और अब समय आ गया है कि इस गति को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित किया जाए।
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सम्मेलन के अवसर पर गुवाहाटी में भारतीय खान ब्यूरो (आईबीएम) के नए क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया। उद्घाटन असम के खान मंत्री कौशिक राय की उपस्थिति में हुआ; इसके अतिरिक्त, वी.एल. कांता राव, सचिव (खान मंत्रालय), संजय लोहिया, अतिरिक्त सचिव (खान मंत्रालय) तथा आईबीएम के महानियंत्रक पीयूष शर्मा और केंद्र तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। नए आईबीएम कार्यालय से पूर्वोत्तर में खनन क्षेत्र के लिए नियामक निगरानी, तकनीकी सहायता और सुविधा सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।
दो दिवसीय सम्मेलन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के तहत सतत विकास, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक परिवर्तन के राष्ट्रीय एजेंडे के साथ क्षेत्रीय खनन रणनीतियों को संरेखित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य किया।
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29/06/25लोक सभा अध्यक्ष धर्मशाला में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के वार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे
आरएस अनेजा, 29 जून नई दिल्ली
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सोमवार 30 जून 2025 को धर्मशाला के तपोवन में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) भारत क्षेत्र के जोन II के वार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस क्षेत्र में दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर तथा पंजाब राज्य शामिल हैं।
सम्मेलन का विषय है: “डिजिटल युग में सुशासन: संसाधनों का प्रबंधन, लोकतंत्र की रक्षा और नवाचार को अपनाना”
इस दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान महत्वपूर्ण विधायी और संवैधानिक विषयों पर पूर्ण सत्रों और चर्चाओं के दौरान, प्रतिनिधि निम्नलिखित विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे:
1. राज्य के विकास के साथ-साथ राज्य संसाधनों के प्रबंधन में विधानमंडलों की भूमिका।
2. अनुच्छेद 102 (2) और 191 (2) के अनुसार 10वीं अनुसूची के अंतर्गत दल परिवर्तन के आधार पर निरर्हता के प्रावधान।
3. विधानमंडलों में एआई (आर्टिफिशल इंटेलिजेंस) का उपयोग।
हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल, श्री शिव प्रताप शुक्ला 1 जुलाई को समापन सत्र में उपस्थित रहेंगे और समापन भाषण देंगे।
इस कार्यक्रम को आध्यात्मिक स्वरूप देते हुए परम पूज्य दलाई लामा के साथ विशेष संवाद का आयोजन किया जा रहा है जिससे सम्मेलन की कार्यवाही में शांति और आत्म-मंथन का समावेश होगा।
इस सम्मेलन का उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना तथा वर्तमान समय में शासन और विधायी कामकाज में नवाचार को बढ़ावा देने पर चर्चा करना है।
सीपीए एक वैश्विक संगठन है जो संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए सांसदों को एक साथ लाता है। सीपीए के वैश्विक स्तर पर नौ क्षेत्र हैं, जो हैं: अफ्रीका; एशिया; ऑस्ट्रेलिया; ब्रिटिश द्वीप और भूमध्यसागरीय (बीआईएम); कनाडा; कैरिबियन, अमेरिका और अटलांटिक (सीएए); भारत; प्रशांत; और दक्षिण-पूर्व एशिया। सीपीए भारत क्षेत्र के भीतर, नौ क्षेत्र हैं, जिनमें से प्रत्येक एक विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र को कवर करता है। जोन II इनमें से एक है, जो उपर्युक्त राज्यों पर ध्यान केंद्रित करता है।
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पिछले 100 साल से देश में चरित्र निर्माण का कार्य कर रहा है
अनिल विज अंबाला छावनी 29 जून 2025
आज देश में भ्रष्टाचार और बेइमानी का बोलबाला है। इनसे लड़ने के लिए देश में कोई संगठन नजर नहीं आता है परन्तु राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पिछले 100 साल से देश में चरित्र निर्माण का कार्य कर रहा है ।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। इस प्रकार, 2025 में RSS अपने 100 साल पूरे कर रहा है।
RSS की स्थापना का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति और नागरिक समाज के मूल्यों को बनाए रखना और हिंदू समुदाय को "मजबूत" करने के लिए हिंदुत्व की विचारधारा का प्रचार करना रहा है। यह संगठन व्यक्ति निर्माण और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, और चरित्र निर्माण को अपने कार्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है।
संघ अपनी शाखाओं और राष्ट्रव्यापी गतिविधियों के माध्यम से एक सामंजस्यपूर्ण समाज और राष्ट्र के लिए सभी को एक साथ लाने का प्रयास करता है। यह शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आपदा राहत सहित विभिन्न सामाजिक सेवा गतिविधियों में संलग्न है, जो अपने सदस्यों के बीच "सेवा भाव" के विचार को बढ़ावा देता है। संघ का उद्देश्य समाज में राष्ट्रभक्ति और चरित्र निर्माण को बढ़ावा देना भी रहा है।
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29/06/25 |आज का राशिफल 29 जून 2025
मेष राशि (Aries)
आज आपको आर्थिक लाभ मिल सकता है और आपका रोमांटिक दिन बीतेगा।
वृषभ राशि (Taurus)
अप्रत्याशित डील या लाभ का योग बन सकता है। भूमि, भवन और वाहन की खरीदारी में कुछ परेशानी आ सकती है। हृदय या सीने से संबंधित समस्या हो सकती है। प्रेम और संतान की स्थिति ठीक-ठाक है, व्यापार भी लगभग ठीक रहेगा। हरी वस्तु पास रखें।
मिथुन राशि (Gemini)
दिन उन्नति और सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। आप किसी रचनात्मक कार्य को कर सकते हैं और आपको किसी नए काम को करने का भी मौका मिलेगा। आप नवीन प्रोजेक्ट में हाथ आजमा सकते हैं, जिसमें आपकी प्रतिभा निखरकर सामने आएगी। कार्यक्षेत्र में आपके आचरण और समझदारी की सराहना होगी। नए बिजनेस की शुरुआत के लिए दिन अनुकूल है। आर्थिक दृष्टि से भी दिन लाभकारी रहेगा, लेकिन कुछ पेंडिंग बिल चुकाने पड़ सकते हैं। वाणी पर नियंत्रण रखना फायदेमंद होगा। धनार्जन होगा, अपनों में वृद्धि होगी और उत्तम भोजन का प्रबंध रहेगा। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार बहुत अच्छा रहेगा।
कर्क राशि (Cancer)
आज आप सुख और आनंद पाएंगे। आप ओजस्वी-तेजस्वी बने रहेंगे और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम, संतान और व्यापार भी अच्छा रहेगा। लाल वस्तु पास रखें।
सिंह राशि (Leo)
करियर में उन्नति के अवसर मिलेंगे और भाई-बहनों का सहयोग रहेगा। मन परेशान रहेगा और सिरदर्द, नेत्रपीड़ा बन सकती है। स्वास्थ्य मध्यम है। प्रेम-संतान और व्यापार अच्छा है। पीली वस्तु पास रखें।
कन्या राशि (Virgo)
करियर में सतर्कता बरतनी होगी और शत्रु से बचकर रहें। मन की चिंता दूर होगी। वाणी का प्रयोग सोच समझकर करना होगा। भाग्य का साथ मिलेगा और धन प्राप्ति के नए रास्ते बनेंगे। आलस्य छोड़कर काम करना होगा। जो लोग बिजनेस करते हैं, उनके व्यापार में लाभ का योग बन रहा है। कम बोलें। शुभ रंग मरून। उपाय: शिव परिवार का पूजन करें।
तुला राशि (Libra)
आय में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। यात्रा अभी करने से बचें। आर्थिक स्थिति थोड़ी ऊपर-नीचे होगी। प्रेम और संतान मध्यम है। व्यापार लगभग ठीक रहेगा। खर्च की अधिकता रहेगी और पार्टनरशिप में प्रॉब्लम आ सकती है। प्रेम, संतान ठीक है, व्यापार मध्यम रहेगा। लाल वस्तु का दान करें।
धनु राशि (Sagittarius)
आप साहसी और दार्शनिक प्रवृत्ति के होते हैं। आप अपने आशावाद, घूमने की लालसा और स्वतंत्रता के प्रति प्रेम के लिए जाने जाते हैं। धनु राशि के लोग सत्य की खोज रखने वाले होते हैं।
वृश्चिक राशि (Scorpio)
आज का दिन आपके लिए सम्मान में वृद्धि लेकर आने वाला है। अपने आवश्यक कामों पर पूरा ध्यान देना होगा और परस्पर सहयोग की भावना मन में बनी रहेगी।
कुंभ राशि (Aquarius)
आज का दिन आपके लिए करियर में अच्छी सफलता लेकर आएगा। आपकी लोगों से सामंजस्यता बढ़ेगी और आपके प्रभाव व प्रताप में वृद्धि होगी।
यह सामान्य भविष्यवाणियां हैं। व्यक्तिगत राशिफल आपकी जन्मतिथि, समय और स्थान पर आधारित होता है। यदि आप अपनी राशि के बारे में अधिक जानना चाहते हैं तो कृपया पूछें।
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28/06/25Science and Spirituality, both are our Nation’s strength: PM
The Prime Minister, Shri Narendra Modi interacted with Group Captain Shubhanshu Shukla, the Indian Astronaut, who became the first Indian to go to the International Space Station, via videoconferencing today. The Prime Minister remarked that although Shubhanshu Shukla is presently the farthest from the Indian motherland, he remains closest to the hearts of all Indians. He noted that Shubhanshu’s name itself carries auspiciousness, and his journey marks the beginning of a new era. Shri Modi stated that while it was a conversation between two individuals, it embodied the emotions and enthusiasm of 140 crore Indians. He said that the voice speaking to Shubhanshu carried the collective zeal and pride of the entire nation and extended his heartfelt congratulations and best wishes to Shubhanshu for hoisting India’s flag in space. Shri Modi enquired about Shubhanshu’s well-being and whether all was fine aboard the space station.
Responding to the Prime Minister, astronaut Shubhanshu Shukla thanked for best wishes on behalf of 140 crore Indians and stated that he is in good health and deeply moved by the love and blessings he has received. He described his time in orbit as a profound and novel experience, one that reflects not just his personal journey but also the direction in which India is advancing. The astronaut noted that his 400-kilometre journey from Earth to orbit is symbolic of the aspirations of countless Indians. Recalling his childhood, he shared that he never imagined becoming an astronaut, but under the Prime Minister’s leadership, today’s India enables the realisation of such dreams. Shubhanshu called it a great achievement and said he felt immense pride in representing his country in space.
The Prime Minister remarked, with a touch of humour, that although Shubhanshu is in space where gravity is nearly absent, every Indian can see how grounded he remains. He asked whether the carrot halwa that Shubhanshu carried from India had been shared with his fellow astronauts. Shubhanshu Shukla shared that he brought along several traditional Indian delicacies to the space station, including carrot halwa, moong dal halwa, and aam ras. He expressed his intent to offer his international colleagues a taste of India’s rich culinary heritage. He informed the Prime Minister that they all sat together and enjoyed the dishes, which were very well received. He noted that his fellow astronauts appreciated the flavours so much that some even expressed a desire to visit India in the future to experience these dishes on Indian soil.
Stating that circumambulation, or parikrama, has been a revered Indian tradition for centuries, the Prime Minister said that Shubhanshu now had the rare honour of performing parikrama of Mother Earth herself. He inquired which part of the Earth Shubhanshu might be orbiting over at that moment. Responding to that, the astronaut said while he did not have the exact location at that instant, just a short while earlier, he had seen through the window that they were passing over Hawaii. He shared that they complete 16 orbits a day—witnessing 16 sunrises and 16 sunsets from space—an experience that continues to amaze him. He informed that although they are currently travelling at a speed of nearly 28,000 kilometres per hour, that velocity isn’t perceptible inside the spacecraft. However, he reflected that this great momentum symbolically mirrors the pace at which India is advancing today.
Shubhanshu Shukla, responding to the Prime Minister, shared that the first thought which struck him upon entering orbit and witnessing the vastness of space was the view of Earth itself. He said that from space, one cannot see borders—there are no visible boundaries between nations and what stood out most was the sheer unity of the planet. He noted that when we look at maps, we compare the sizes of countries, including India, and often see a distorted picture because we’re flattening a three-dimensional world onto paper. But from space, Shubhanshu said, India appears truly grand—majestic in scale and spirit. He further described the overwhelming sense of oneness he experienced—a powerful realisation that aligns perfectly with India’s civilisational motto of “unity in diversity.” He shared that from above, Earth looks like a single home shared by all, reminding humanity of the harmony and connection we inherently share.
Highlighting that Shubhanshu Shukla was the first Indian to be on board the International Space Station, the Prime Minister enquired him about the contrast between his rigorous preparation on Earth and the actual conditions aboard the space station. The Astronaut shared that despite knowing about zero gravity and the nature of experiments in advance, the reality in orbit was entirely different. He remarked that the human body becomes so accustomed to gravity that even the smallest tasks in microgravity become unexpectedly complex. He humorously noted that during the conversation, he had to strap his feet down—otherwise, he’d just float away. Simple acts like drinking water or sleeping become significant challenges in space, he added. Shubhanshu explained that one can sleep on the ceiling, on the walls, or wherever—since orientation becomes fluid. Adjusting to this altered environment takes a day or two, but he described the experience as a beautiful harmony of science and wonder.
On being asked whether meditation and mindfulness had benefited him, Shubhanshu Shukla wholeheartedly agreed with the Prime Minister’s reflection that ‘science and spirituality are twin pillars of India’s strength’. He affirmed that India is already progressing rapidly, and his mission represents only the first step in a much larger national journey. Looking ahead, he envisioned many more Indians reaching space, including establishing India’s own space stations. Shubhanshu emphasised the vital role of mindfulness in such an environment. Whether during rigorous training or the high-pressure moments of launch, mindfulness helps in maintaining inner calm and clarity. He shared that staying mentally centered is crucial for making sound decisions in space. Quoting a profound Indian adage, he said, one cannot eat while running—underscoring that the calmer one is, the better choices one makes. Shubhanshu added that when science and mindfulness are practiced together, they greatly aid adaptation to such challenging environments, physically and mentally.
The Prime Minister asked whether any of the space experiments being conducted would benefit the agriculture or health sector in the future. Shubhanshu Shukla shared that, for the first time, Indian scientists have designed seven unique experiments which he has taken to the space station. He informed that the first experiment, scheduled for that day, focuses on stem cells and explained that in the absence of gravity, the body experiences muscle loss, and the experiment seeks to test whether specific supplements can prevent or delay this loss. He highlighted that the outcome of this study could directly help elderly people on Earth who face age-related muscle degeneration. Shubhanshu further stated that another experiment focuses on the growth of microalgae. He remarked that though microalgae are small in size, they are highly nutritious. He noted that if methods can be developed to grow them in larger quantities based on the findings in space, it could significantly aid food security on Earth. He underlined that one major advantage of conducting experiments in space is the accelerated pace of biological processes, enabling researchers to obtain results much faster than on Earth.
The Prime Minister observed that following the success of Chandrayaan, a renewed interest in science and a growing passion for space exploration has emerged among India’s children and youth. He remarked that Shubhanshu Shukla’s historic journey is further strengthening that resolve. Shri Modi stated that today’s children no longer just look at the sky—they now believe they too can reach it. He emphasised that this mindset and aspiration form the true foundation of India’s future space missions. The Prime Minister asked Shubhanshu Shukla what message he would like to convey to the youth of India.
Shubhanshu Shukla, responding to the PM, addressed the youth of India and acknowledged the bold and ambitious direction in which the country is headed. He emphasised that achieving these dreams requires the participation and commitment of every young Indian. He remarked that there is no single path to success—each individual may walk a different road—but the common factor is perseverance. He urged the youth to never stop trying, stating that no matter where one is or which route one chooses, refusing to give up ensures that success will come—sooner or later.
The Prime Minister stated that he was confident Shubhanshu Shukla’s words would greatly inspire the youth of India. He remarked that, as always, he never ends a conversation without assigning some “homework.” He emphasised that India must move forward with Mission Gaganyaan, build its own space station, and achieve the landing of an Indian astronaut on the Moon. He asserted that Shubhanshu’s experiences in space would be immensely valuable for these future missions. Shri Modi expressed trust that Shubhanshu was diligently recording his observations and learnings during the mission.
Shubhanshu Shukla affirmed that throughout his training and current mission, he has absorbed every learning like a sponge. He stated that the lessons gained during this experience will prove to be highly valuable and important for India’s upcoming space missions. He expressed confidence that upon returning, he will apply these insights with full dedication to accelerate mission execution. He shared that his international colleagues on the mission had inquired about their chances of participating in Gaganyaan, which he found encouraging, to which he responded to them with optimism, saying, "Very soon." Shubhanshu reiterated that this dream would be realised in the near future, and he is fully committed to applying his learnings 100 percent towards achieving it swiftly.
Expressing confidence that Shubhanshu Shukla’s message would inspire the youth of India, Shri Modi fondly recalled meeting Shubhanshu and his family before the mission, and observed that they, too, were filled with emotion and enthusiasm. He conveyed his joy in speaking with Shubhanshu and acknowledged the demanding responsibilities he carries—especially while working at a speed of 28,000 kilometres per hour. The Prime Minister affirmed that this marked the first chapter in the success of India’s Gaganyaan mission. He remarked that Shubhanshu’s historic journey was not limited to space alone, but would accelerate and strengthen India’s progress toward becoming a developed nation. “India is opening new frontiers in space for the world and that the country will now not just soar, but also build launchpads for future flights”, stated Shri Modi. He invited Shubhanshu to speak freely from the heart—not as a response to a question, but as an expression of whatever sentiments he wished to share, adding that he—and the entire nation—were eager to listen.
Shubhanshu Shukla thanked the Prime Minister and reflected on the depth of learning throughout his training and journey to space. He acknowledged his personal sense of accomplishment, but emphasised that this mission represents a much larger collective achievement for the country. He addressed every child and youth watching, encouraging them to believe that building a better future for themselves contributes to building a better future for India. He remarked that “the sky has never been the limit”—not for him, not for them, and not for India. He urged young people to hold onto this belief, as it would guide them forward in illuminating their own and the nation’s future. Shubhanshu expressed heartfelt emotion and joy at having had the opportunity to speak with the Prime Minister—and through him, with 140 crore citizens. He shared a moving detail: the Indian national flag visible behind him had not been present at the International Space Station before. It was hoisted only after his arrival, making the moment profoundly meaningful. He said it gave him immense pride to see India now present aboard the International Space Station.
Shri Modi extended his heartfelt wishes to Shubhanshu Shukla and all his fellow astronauts for the success of their mission. He conveyed that the entire nation awaits Shubhanshu’s return and urged him to take care of himself. He encouraged Shubhanshu to continue upholding the honour of Maa Bharati and offered countless good wishes on behalf of 140 crore citizens. The Prime Minister concluded by expressing deep gratitude for the immense effort and dedication that brought Shubhanshu to such heights.
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28/06/25PM interacts with Group Captain Shubhanshu Shukla, who is aboard ISS
The Prime Minister Shri Narendra Modi today interacted with Group Captain Shubhanshu Shukla, who is aboard the International Space Station.
The PMO India in a post on X said:
“PM @narendramodi interacted with Group Captain Shubhanshu Shukla, who is aboard the International Space Station.”
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28/06/25पारदर्शिता और सरल व्यवस्था की बदौलत आमजन में सन्तुष्टिभाव: सहकारिता , विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा
चंडीगढ़, 28 जून (अभी) - हरियाणा के सहकारिता , विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा बीते 11 साल में पारदर्शिता और व्यवस्था को सरल बनाया गया है, इससे आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। उन्होंने कहा कि सैंकड़ों योजनाओं का घर बैठे लाभ उठाने की व्यवस्था की बदौलत आज आमजन में भाजपा सरकार के प्रति संतुष्टि का भाव है।
आज सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने गोहाना में नियमित साप्ताहिक दरबार लगाते हुए क्षेत्रवासियों से जनसंवाद किया। विभिन्न गांवों और शहरी क्षेत्र से आए सैंकड़ो लोगों से मुलाकात करते हुए उनका कुशलक्षेम जाना व इसके उपरांत उनकी समस्याएं सुनी। कैबिनेट मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जब भी कोई व्यक्ति अपनी समस्या लेकर सरकारी कार्यालय में जाए तो उसकी बात को प्राथमिकता से सुनते हुए उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी आमजन के साथ विनम्र व्यवहार करते हुए उनकी समस्या का मौके पर ही निपटान करेंगे तो उनकी परेशानियां दूर हो जाएंगी। कैबिनेट मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि बीते 11 साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की केंद्र सरकार व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व की प्रदेश सरकार द्वारा गरीब, वंचित व जरूरतमंद के उत्थान को लेकर प्रभावी कदम उठाए गए हैं। इससे आमजन में भाजपा सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार निरन्तर आमजन, किसान, युवा, महिला, गरीब कल्याण की दिशा में काम कर रही है। सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता की बदौलत आज युवाओं को योग्यता के आधार पर अवसर मिल रहे हैं, जिससे उनमें प्रतियोगी भावना बढ़ी है। यही नहीं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं का भी लाभ उठाकर युवा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
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28/06/25युवा मॉक पार्लियामेंट नीति-निर्माण की एक जीवंत प्रयोगशाला - मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़, 28 जून (अभी) - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि युवा मॉक पार्लियामेंट सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है, यह लोकतंत्र का उत्सव और नीति-निर्माण की एक जीवंत प्रयोगशाला है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस मॉक पार्लियामेंट के माध्यम से देश को यह स्पष्ट संदेश दें कि लोकतंत्र की रक्षा ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी आज गुरुग्राम में आयोजित युवा मॉक पार्लियामेंट में युवाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि युवा मॉक पार्लियामेंट केवल एक शैक्षणिक अभ्यास भर नहीं है, बल्कि आज के दिन को संविधान हत्या दिवस के रूप में भी याद करते हुए, आपातकाल के उस काले अध्याय पर विमर्श करने का अवसर है, जिसने लोकतंत्र की आत्मा को कुचलने का दुस्साहस किया था।
गुरुग्राम ने हमेशा नवाचार और आकांक्षा की भावना को आगे बढ़ाया
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम की धरती पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है, बल्कि लोकतंत्र की एक सशक्त प्रयोगशाला के रूप में इसकी भूमिका अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि गुरु द्रोण की इस पावन भूमि और मिलेनियम सिटी के रूप में प्रसिद्ध गुरुग्राम ने हमेशा नवाचार और आकांक्षा की भावना को आगे बढ़ाया है। आज का यह आयोजन इस शहर की पहचान को और अधिक सशक्त करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वे आप जैसे ऊर्जावान युवाओं को देखते हैं, तो विकसित भारत और विकसित हरियाणा का संकल्प और भी सुदृढ़ हो जाता है। उन्होंने कहा कि अमृतकाल की यह पीढ़ी ही वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में अग्रसर करेगी। इस लक्ष्य की प्राप्ति में युवा मॉक पार्लियामेंट मील का पत्थर साहिब होगी।
संसद में गूंजने वाला हर शब्द और बनने वाला हर कानून देश के अंतिम व्यक्ति के जीवन को करता है प्रभावित
श्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं से कहा कि वे संसद को केवल एक इमारत के रूप में न देखें बल्कि उसे 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं के केंद्र के रूप में समझें। संसद में गूंजने वाला हर शब्द और बनने वाला हर कानून देश के अंतिम व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करता है। इस युवा मॉक पार्लियामेंट का उद्देश्य केवल संसदीय प्रक्रियाओं की नकल भर करना नहीं है बल्कि उस भावना को आत्मसात करना है जो भारतीय लोकतंत्र को विशिष्ट बनाती है।
युवा किसी भी विषय पर बोलते समय गहन अध्ययन करें और तथ्यों व आंकड़ों के आधार पर रखें बात
मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रेरित किया कि वे किसी भी विषय पर बोलते समय गहन अध्ययन करें और तथ्यों व आंकड़ों के आधार पर अपनी बात रखें। जब वे सरकार की किसी नीति का समर्थन करें, तो उसके पीछे की सोच और उसके दूरगामी परिणामों को अवश्य समझाएं। उन्होंने कहा कि विरोध करना लोकतंत्र का अधिकार है लेकिन केवल विरोध के लिए विरोध नहीं बल्कि समाधान और विकल्प के साथ रचनात्मक आलोचना ही लोकतंत्र की असली ताकत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विरोध होना चाहिए न कि अवरोध।
भारत वैश्विक समस्याओं के समाधान में बन चुका भागीदार
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत वह देश नहीं रहा जो दुनिया से मदद मांगता था बल्कि अब भारत वैश्विक समस्याओं के समाधान में भागीदार बन चुका है। उन्होंने कहा कि रक्षा, डिजिटल, स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी, स्पेस टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर मिशन जैसे क्षेत्रों में भारत अब वैश्विक मंच पर अग्रणी स्थान प्राप्त कर रहा है।
युवा संकल्प लेकर एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को और अधिक मजबूत करें
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं से आग्रह किया कि वे युवा मॉक पार्लियामेंट से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में चार महत्वपूर्ण संकल्प अपनाएं। वे देश के किसी भी एक ज्वलंत मुद्दे पर गहन अध्ययन करें और उसके समाधान के लिए समाज में जागरूकता फैलाएं। अपने जीवन में किसी भी प्रकार के शॉर्टकट को न अपनाएं। परिवारवाद और भ्रष्टाचार की राजनीति को नकारें और एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को और अधिक मजबूत करें।
वह आपातकाल नहीं, अन्याय काल था, विपक्ष आज लोकतंत्र का रक्षक बनने का कर रहा है दिखावा - खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम
खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल को केवल आपातकाल कहना उस दौर की क्रूरता को कम करके आंकना होगा। असल में वह अन्याय काल था, जब संविधान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और आम नागरिकों के अधिकारों का बेरहमी से दमन किया गया। जब कोई चुना हुआ प्रतिनिधि तानाशाही की राह पर चल पड़ता है और सत्ता के मद में संविधान तक की अवमानना करता है, तब लोकतंत्र पर जो कुठाराघात होता है, उसका सबसे बड़ा उदाहरण आपातकाल है।
इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री मोहनलाल कौशिक, विधायक श्री मुकेश शर्मा, श्री तेजपाल तंवर, श्रीमती विमला चौधरी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
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28/06/25हरियाणा सरकार ने किया सातवें राज्य वित्त आयोग का गठन, सेवानिवृत्त मुख्य सचिव संजीव कौशल होंगे अध्यक्ष
चंडीगढ़, 28 जून (अभी) — हरियाणा सरकार ने राज्य, पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) और शहरी स्थानीय निकायों के बीच वित्तीय संसाधनों के वितरण की समीक्षा और सिफारिश करने के लिए सातवें राज्य वित्त आयोग का गठन किया है। हरियाणा के पूर्व मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि आईएएस अधिकारी श्री अंशज सिंह इसके सदस्य सचिव होंगे। अन्य सदस्यों की नियुक्ति बाद में की जाएगी।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है।
आयोग राज्य सरकार और जिला परिषदों, पंचायत समितियों तथा ग्राम पंचायतों के बीच करों, शुल्कों, उपकरों और टैक्सों की शुद्ध आय के वितरण के लिए सिद्धांतों की सिफारिश करेगा। साथ ही, यह भी बताएगा कि किन करों और शुल्कों को पंचायती राज संस्थाओं को सौंपा या उनके द्वारा संग्रहित किया जा सकता है। इसके अलावा, आयोग राज्य के कंसोलिडेटेड फंड से पीआरआई को दिए जाने वाले अनुदानों और उनकी वित्तीय स्थिति को सुधारने के उपायों पर भी सिफारिश करेगा।
इसी तरह, आयोग शहरी स्थानीय निकायों के बारे में भी सुझाव देगा, जिसमें नगरपालिकाओं और राज्य सरकार के बीच करों और शुल्कों का वितरण, नगरपालिकाओं को सौंपे जाने योग्य करों की पहचान करना, उन्हें मिलने वाले अनुदान और उनके वित्तीय सशक्तिकरण के लिए आवश्यक उपाय करना शामिल है।
सातवां राज्य वित्त आयोग 31 मार्च, 2026 तक हरियाणा के राज्यपाल को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगा। यह रिपोर्ट वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्ष की अवधि को कवर करेगी और स्थानीय शासन की वित्तीय रूपरेखा को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
आयोग का मुख्यालय पंचकूला में होगा और इसके लिए कार्यालय स्थान स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान में आवंटित किया जाएगा।
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28/06/25विधानसभा अध्यक्ष ने दी हलके को बड़ी सौगात, 3 करोड़ 77 लाख की 7 परियोजनाओं का किया उद्घाटन एवं शिलान्यास
चंडीगढ़, 28 जून (अभी) - हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविन्द्र कल्याण ने आज घरौंडा हलके में तीन करोड़ 76 लाख 45 हजार रुपये की 7 परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। लंबित कार्यों को तेजी से पूरा कराया जा रहा है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
श्री हरविन्द्र कल्याण ने आज घरौंडा हल्के के गांव भरतपुर में पीडब्ल्यूडी सड़क से श्मशान घाट तक के रास्ते का शिलान्यास किया। पंचायती राज विभाग द्वारा बनवाए जाने वाले 1278 मीटर लंबे इस रास्ते पर 57 लाख 25 हजार रुपये की लागत आएगी। उन्होंने सदरपुर गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र का भी शिलान्यास किया। इस पर 67 लाख 26 हजार रुपये की लागत आएगी।
विधानसभा अध्यक्ष ने मुंडी गढ़ी-गढ़ी खजूर सड़क से गांव बस्सी तक मंडी बोर्ड द्वारा बनवाई गई 220 मीटर लंबी संपर्क सड़क का उद्घाटन किया। उन्होंने गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 14 कमरों के निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया। इन पर 1 करोड़ 92 लाख 39 हजार रुपये की लागत आएगी। उन्होंने इसी गांव में पंचायती राज विभाग की ओर से एसएचजी के लिए बनवाये गए हॉल और महिला चौपाल में बनाए गए कमरे का भी उद्घाटन किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सदरपुर गांव में उप-स्वास्थ्य केंद्र बनवाने की पुरानी मांग थी, जो अब पूरी होने जा रही है। उन्होंने कहा कि यमुना बैल्ट में चौपाल, स्कूल, गली, खेत के रास्ते, सामुदायिक केंद्र आदि के काफी विकास कार्य हुए हैं। बाढ़ से बचाव के लिए यमुना के तटबंधों को मजबूत किया जा रहा है।
श्री हरविन्द्र कल्याण ने इस मौके पर गांव की बेटियों को कड़े परिश्रम और उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षित होकर वे अफसर बनें और गांव व राष्ट्र का नाम रोशन करें। पढ़ाई के लिए संसाधनों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
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28/06/25प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आचार्य विद्यानंद महाराज के शताब्दी समारोह को संबोधित किया
आरएस अनेजा, 28 जून नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आचार्य विद्यानंद महाराज के शताब्दी समारोह को संबोधित किया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र, भारत की आध्यात्मिक परंपरा में एक महत्वपूर्ण अवसर देख रहा है, उन्होंने आचार्य श्री विद्यानंद जी मुनिराज के शताब्दी समारोह की पवित्रता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पूज्य आचार्य की अमर प्रेरणा से ओतप्रोत यह आयोजन एक असाधारण और उत्साहवर्धक वातावरण का निर्माण कर रहा है। प्रधानमंत्री ने सभी उपस्थित लोगों को शुभकामनाएं दीं और कार्यक्रम में उपस्थित होने का अवसर देने के लिए आभार व्यक्त किया।
इस बात का उल्लेख करते हुए कि आज का दिन एक अन्य कारण से भी विशेष महत्व रखता है, श्री मोदी ने याद दिलाया कि 28 जून 1987 को आचार्य श्री विद्यानंद जी मुनिराज को औपचारिक रूप से ‘आचार्य’ की उपाधि प्रदान की गई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल एक उपाधि नहीं है, बल्कि एक पवित्र धारा की शुरुआत है, जिसने जैन परंपरा को विचार, अनुशासन और करुणा की भावना से जोड़ा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब पूरा देश आचार्य विद्यानंद जी मुनिराज की शताब्दी मना रहा है, तो यह तिथि उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाती है। आचार्य श्री विद्यानंद जी मुनिराज को श्रद्धांजलि देते हुए श्री मोदी ने कामना की कि सभी को आचार्य का आशीर्वाद प्राप्त हो।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विद्यानंद मुनिराज का शताब्दी समारोह कोई साधारण आयोजन नहीं है, यह एक युग की याद दिलाता है और एक महान तपस्वी के जीवन का स्मरण कराता है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस ऐतिहासिक अवसर को मनाने के लिए विशेष स्मारक सिक्के और डाक टिकट जारी किए गए हैं। श्री मोदी ने आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके मार्गदर्शन में लाखों अनुयायी पूज्य गुरु के बताए मार्ग पर चल रहे हैं।
मोदी ने कहा कि इस अवसर पर उन्हें 'धर्म चक्रवर्ती' की उपाधि प्रदान की गई है और उन्होंने विनम्रतापूर्वक व्यक्त किया कि भारतीय परंपरा संतों से जो कुछ भी प्राप्त होता है, उसे आशीर्वाद के रूप में स्वीकार करना सिखाती है। इसलिए उन्होंने विनम्रतापूर्वक इस उपाधि को स्वीकार किया और इसे भारत माता के चरणों में समर्पित किया।
मोदी ने कहा, "भारत दुनिया की सबसे प्राचीन जीवंत सभ्यता है, हमारा देश हजारों वर्षों से अमर है, क्योंकि इसके विचार, दर्शन और विश्वदृष्टि अमर हैं।" उन्होंने कहा कि यह अमर दृष्टि ऋषियों, मुनियों, संतों और आचार्यों के ज्ञान में निहित है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आचार्य श्री विद्यानंद जी मुनिराज इस कालातीत परंपरा के आधुनिक प्रकाश स्तंभ के रूप में मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि आचार्य के पास कई विषयों की गहन विशेषज्ञता थी और उन्होंने कई क्षेत्रों में उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया।
उन्होंने आचार्य की आध्यात्मिक गहनता, व्यापक ज्ञान तथा कन्नड़, मराठी, संस्कृत और प्राकृत जैसी भाषाओं पर अधिकार की प्रशंसा की। साहित्य और धर्म में आचार्य के योगदान, शास्त्रीय संगीत के प्रति उनका समर्पण और राष्ट्रीय सेवा के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि जीवन का कोई ऐसा आयाम नहीं था जिसमें आचार्य ने अनुकरणीय मानक स्थापित न किए हों। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आचार्य विद्यानंद जी, न केवल एक महान संगीतकार थे, बल्कि एक प्रखर देशभक्त, स्वतंत्रता सेनानी और पूर्ण वैराग्य के प्रतीक के रूप में एक दृढ दिगंबर मुनि थे।
उन्होंने उन्हें ज्ञान का भण्डार और आध्यात्मिक आनंद का स्रोत बताया। श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सुरेन्द्र उपाध्याय से आचार्य श्री विद्यानंद जी मुनिराज तक की यात्रा, एक साधारण व्यक्ति से एक पारलौकिक आत्मा के परिवर्तन को प्रतिबिंबित करती है। उन्होंने इसे एक प्रेरणा बताया कि भविष्य वर्तमान जीवन की सीमाओं से बंधा नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की दिशा, उद्देश्य और संकल्प से आकार लेता है।
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28/06/25कोलकाता रेप केस : भाजपा ने जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी बनाई
आरएस अनेजा, 28 जून नई दिल्ली
कोलकाता में छात्रा रेप मामले में भाजपा ने अपराध स्थल का दौरा करने, जांच करने और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति के सदस्य पूर्व केंद्रीय मंत्री सतपाल सिंह, मीनाक्षी लेखी और सांसद बिप्लब देब और मनन मिश्रा हैं।
वहीं, दूसरी ओर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि जिस राज्य में महिला मुख्यमंत्री हो, वहां महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता होनी चाहिए, लेकिन इतनी असंवेदनशीलता और क्रूरता क्यों है? पीड़िता ने खुद बयान जारी किया है। अगर इसे ध्यान से पढ़ें तो एक बात साफ हो जाती है कि गैंगरेप का ये पूरा दुष्चक्र कहीं न कहीं राज्य प्रायोजित है। ये राजनीतिक दृष्टिकोण से प्रेरित एक क्रूर कृत्य है। मैं ऐसा क्यों कह रहा हूं? क्योंकि ये एक कॉलेज यूनियन से जुड़ा है, जिसका मुख्य आरोपी मनोज मिश्रा है। मनोज मिश्रा खुद टीएमसी की छात्र शाखा के सचिव रह चुके हैं। वो टीएमसी के सदस्य हैं।
संबित पात्रा ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक कमेटी बनाई है, वह कमेटी मौके पर जाकर जांच करेगी। यह कमेटी जल्द ही मौके का दौरा कर अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपेगी।
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28/06/25अहमदाबाद प्लेन हादसे के बाद पार्टी करते नजर आए एयर इंडिया SATS के कर्मचारी, चार अफसरों से इस्तीफा मांगा
आरएस अनेजा, 28 जून नई दिल्ली
अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान हादसे में सैकड़ों लोगों की मृत्यु हो गई थी। इस हादसे के कुछ दिन बाद एआईएसएटीएस के दफ्तर में हुई पार्टी का वीडियो सामने आया था जिसपर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह पार्टी ऐसे समय में हुई जब एयर इंडिया और टाटा समूह गुजरात हादसे पर शोक जता रहे थे।
इस वीडियो के वायरल होते ही टाटा समूह और एआईएसएटीएस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और चार सीनियर अधिकारियों से इस्तीफा मांगा है। इनमें कंपनी के मुख्य परिचालन अधिकारी और दो सीनियर वाइस प्रेसिडेंट शामिल हैं।
Air India SATS Airport Services Pvt. Ltd. (AISATS) एक संयुक्त शाखा है, जो टाटा समूह और SATS Ltd. (सिंगापुर एयरपोर्ट टर्मिनल सर्विसेज) के बीच अनुबंधित है। यह भारत में एयरलाइंस के ग्राउंड हैंडलिंग, कैटरिंग और अन्य यात्रियों से जुड़ी सेवाएं मुहैया करती है। AI 171 विमान हादसे के कुछ ही दिन बाद AISATS के ऑफिस में हुई यह पार्टी कर्मचारियों की संवेदनशीलता पर सवाल उठे थे।
एआईएसएटीएस की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा कि एआईएसएटीएस में हम AI 171 के दुखद नुकसान से प्रभावित परिवारों के साथ एकजुटता में खड़े हैं और हाल ही में एक आंतरिक वीडियो में दिखाई गए फैसले में चूक पर गहरा खेद व्यक्त करते हैं। यह व्यवहार हमारे मूल्यों के अनुरूप नहीं है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
बता दें कि अहमदाबाद एयर इंडिया क्रैश में कुल 275 लोगों की मौत हो गई थीद्ध इस हादसे में सिर्फ 1 व्यक्ति की जान बच पाई थी। इसके बाद एयर इंडिया ने हर मृत व्यक्ति के परिजनों को एक करोड़ रुपए देने का ऐलान किया था।
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28/06/25ऊर्जा व परिवहन मंत्री अनिल विज से भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने मुलाकात की और उनका हालचाल जाना
अम्बाला/चंडीगढ़, 28 जून – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज से आज भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने मुलाकात की। किसान नेता चढूनी तथा उनके साथ आए अन्य किसान नेताओं ने श्री विज से मुलाकात करते हुए उनका हालचाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
इस दौरान ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने उनके आवास पर पहुंचे गुरनाम सिंह चढूनी के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और विचार विमर्श किया। इस अवसर पर किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने ऊर्जा मंत्री अनिल विज के पांव में फ्रैक्चर की जानकारी ली और कामना की कि वह जल्द स्वस्थ होकर जनकल्याण कार्यों में पुनः लगे।
चढूनी ने ऊर्जा मंत्री अनिल विज की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह जनसेवा में निरंतर जुटे रहते हैं जिससे समाज के विभिन्न वर्गों को निरंतर लाभ मिल भी रहा है और लोगों के सर्वांगीण विकास के लिए उनके द्वारा विभिन्न बेहतरीन कदम भी उठाए गए है।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा मंत्री अनिल विज जल्द ही स्वस्थ होंगे और उसी रफ्तार के साथ विभिन्न कल्याणकारी व विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाएंगे। किसान नेता का यह भी कहना था कि श्री विज के प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश विदेश में चाहने वालों की बहुत बड़ी संख्या है इसलिए उन सभी की दुआओं के बल पर दोबारा से उसी अंदाज में श्री विज कार्य करते हुए नजर आएंगे।
इस अवसर पर उनके साथ अन्य किसान यूनियन नेता भी मौजूद रहे।
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28/06/25India is the world's most ancient living civilization: PM
The Prime Minister Shri Narendra Modi addressed the Centenary Celebrations of Acharya Shri Vidyanand Ji Maharaj in Vigyan Bhawan, New Delhi today. Addressing the gathering on the occasion, the Prime Minister remarked that the nation is witnessing a momentous occasion in India's spiritual tradition, highlighting the sanctity of the centenary celebrations of Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj. He stated that this event, imbued with the immortal inspiration of the revered Acharya, is creating an extraordinary and uplifting atmosphere. The Prime Minister extended his greetings to all attendees and expressed gratitude for the opportunity to be present at the event.
Noting that today holds special significance for another reason, Shri Modi recalled that on 28 June 1987, Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj was formally conferred the title of ‘Acharya’. He emphasised that this was not merely a title, but the beginning of a sacred stream that connected Jain tradition with thought, discipline, and compassion. The Prime Minister remarked that as the nation celebrates the centenary of Acharya Vidyanand Ji Muniraj, the date serves as a reminder of that historic moment. Paying respects to Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj, Shri Modi wished that may everyone be showered with Acharya’s blessings.
“The centenary celebration of Shri Vidyanand Ji Muniraj is not an ordinary event, it carries the memory of an era and echoes the life of a great ascetic”, remarked the Prime Minister, highlighting that to commemorate this historic occasion, special commemorative coins and postage stamps have been released. Shri Modi specially acknowledged and saluted Acharya Shri Pragya Sagar Ji, noting that under his guidance, millions of followers are walking the path shown by the revered Guru. Shri Modi mentioned that on this occasion, he has been conferred the title of 'Dharm Chakravarti' and humbly expressed that the Indian tradition teaches one to accept whatever is received from saints as a blessing. He therefore accepted the title with humility and dedicated it at the feet of Mother India.
Reflecting on the profound emotional connection shared with the divine soul whose words have served as guiding principles throughout life, the Prime Minister noted that speaking about such a revered figure naturally stirs deep emotions. He expressed that rather than speaking about Shri Vidyanand Ji Muniraj, he wished they could have had the privilege to listen to him once more. Shri Modi remarked that encapsulating the journey of such a great personality in words is no easy task. He stated that Acharya Vidyanand Ji Muniraj was born on 22 April 1925, on the sacred land of Karnataka, and was given the spiritual name 'Vidyanand'. He highlighted that Acharya's life was a unique confluence of knowledge and bliss. His speech carried profound wisdom, yet his words were so simple that anyone could understand them. Mentioning that Acharya Vidyanand Ji authored over 150 texts, undertook thousands of kilometres of barefoot journeys, and connected millions of youths with discipline and cultural values through his tireless efforts, the Prime Minister described Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj as a ‘visionary of the era’. He expressed his fortune in having the opportunity to personally experience the spiritual aura of the Acharya and receive his guidance and blessings over time. He stated that at this centenary celebration, he could still feel the same affection and closeness from the revered Acharya.
“India is the world's most ancient living civilization, our country has endured for thousands of years because its ideas, philosophical thought, and worldview are eternal”, stated Shri Modi. He noted that this enduring vision is rooted in the wisdom of sages, seers, saints, and Acharyas. He highlighted that Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj stood as a modern beacon of this timeless tradition. The Prime Minister observed that the Acharya possessed deep expertise in numerous subjects and demonstrated excellence in many domains. He praised the Acharya’s spiritual intensity, extensive knowledge, and command over languages such as Kannada, Marathi, Sanskrit, and Prakrit. Highlighting Acharya’s contributions to literature and religion, his devotion to classical music, and his steadfast commitment to national service, the Prime Minister said that there was no dimension of life in which the Acharya did not set exemplary standards. He underscored that Acharya Vidyanand Ji was not only a great musician but also a fierce patriot and freedom fighter, and a steadfast Digambar Muni who embodied complete detachment. He described him as both a reservoir of knowledge and a source of spiritual bliss. Shri Modi emphasised that the journey from Surendra Upadhyay to Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj was a transformation from an ordinary man to a transcendent soul. He called it an inspiration that the future is not bound by the limitations of the present life, but rather shaped by one’s direction, purpose, and resolve.
Remarking that Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj did not limit his life to spiritual practice alone but he transformed his life into a medium for social and cultural reconstruction, the Prime Minister underlined that through the establishment of the Prakrit Bhavan and several research institutions, the Acharya carried the flame of knowledge to newer generations. He stated that the Acharya also gave rightful recognition to Jain history. By authoring seminal texts such as 'Jain Darshan' and 'Anekantvad', he deepened philosophical thought and promoted inclusivity and breadth of understanding. The Prime Minister noted that from temple restoration to the education of underprivileged children and broader social welfare, every endeavour of the Acharya reflected a synthesis of self-realisation and public good.
Recalling that Acharya Vidyanand Ji Maharaj once said that life becomes truly spiritual only when it becomes a means of selfless service, Shri Modi said that this thought is deeply rooted in the essence of Jain philosophy, and intrinsically linked to the spirit of India. “India is a nation defined by service and guided by humanity”, exclaimed the Prime Minister, noting that while the world tried for centuries to quell violence with violence, India introduced the world to the power of non-violence. He emphasised that the Indian ethos has always prioritised the spirit of service to humanity above all.
“India's spirit of service is unconditional—beyond self-interest and inspired by selflessness”, remarked Shri Modi, emphasising that this principle guides the nation’s governance today. He cited initiatives like the PM Awas Yojana, Jal Jeevan Mission, Ayushman Bharat Yojana, and free food grain distribution for the underprivileged as reflections of this ethos, aimed at uplifting those at the last rung of society. He highlighted that the government is committed to achieving saturation in all schemes, ensuring that no one is left behind and that progress is truly inclusive. The Prime Minister affirmed that this resolve is inspired by Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj’s ideals and remains a shared national commitment.
“The teachings and words of the Tirthankaras, monks, and Acharyas remain timeless and relevant in every era. Today, the principles of Jainism—such as the five Mahavratas, Anuvrat, Triratnas, and the Six Essentials—are more important than ever before”, stated the Prime Minister. He noted that eternal teachings, too, must be made accessible to the common person according to the needs of the time. Shri Modi highlighted that Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj dedicated his life and work to this cause. “Acharya ji launched the 'Vachanamrit' movement to present Jain scriptures in colloquial language, he also used devotional music to convey profound spiritual concepts in a simple and accessible manner for the masses”, said Shri Modi. Quoting from one of Acharya’s bhajans, the Prime Minister remarked that such compositions are spiritual garlands made from the pearls of wisdom. He added that this effortless faith in immortality and the courage to gaze toward the infinite are what make Indian spirituality and culture truly exceptional.
Highlighting that the centenary year of Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj is a year of continuous inspiration, Shri Modi emphasised the responsibility to not only imbibe the spiritual teachings of the Acharya in personal life but also to carry forward his work for the welfare of society and the nation. He highlighted Acharya Vidyanand Ji’s pivotal role in reviving the ancient Prakrit language through his literary works and devotional compositions. The Prime Minister noted that Prakrit is one of India's oldest languages and the original medium of Bhagwan Mahavir's teachings, in which the Jain Agamas were composed. He remarked that due to cultural neglect, the language had started fading from common use. Shri Modi further stated that the efforts of saints like Acharya Vidyanand Ji have now become national efforts. He recalled that in October 2024, the government granted Prakrit the status of a classical language. He mentioned the digitisation drive launched to preserve India’s ancient manuscripts, which includes a significant number of Jain scriptures and texts related to Acharyas. The Prime Minister further noted that the government is promoting the use of mother tongues in higher education. Reaffirming his address from the Red Fort, he reiterated the resolve to free the nation from the mindset of colonialism and to advance with both development and heritage in tandem. Shri Modi stated that this commitment guides the ongoing development of India’s cultural and pilgrimage sites. He recalled that in 2024, the government organised large-scale celebrations to mark the 2,550th Nirvana Mahotsav of Bhagwan Mahavir, which was inspired by Acharya Vidyanand Ji Muniraj and blessed by saints like Acharya Shri Pragya Sagar Ji. Remarking that in the times ahead, the nation must undertake more such large-scale efforts to enrich its cultural heritage, the Prime Minister affirmed that, like the current programme, all such initiatives will be guided by the spirit of Jan Bhagidari with the mantra of Sabka Saath, Sabka Vikas, Sabka Prayas.
Shri Modi stated that his presence on the occasion naturally evoked the memory of Navkar Mantra Diwas, during which nine resolutions were also shared. He expressed happiness that a large number of citizens are earnestly working to fulfil these pledges and added that the teachings of Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj strengthen these commitments. Reiterating the nine resolutions, the Prime Minister stated the first resolution is to conserve water. He urged everyone to recognise the value of every drop, calling it both a responsibility and a duty towards Mother Earth. The second resolution is ‘Ek Ped Maa ke naam’, to plant a tree in the name of one's mother and nurture it just as mothers nurture us, making each tree a living blessing from the mother. The third resolution emphasises that cleanliness is not for display—it reflects inner non-violence. He added that every street, neighbourhood, and city must be kept clean with collective participation. ‘Vocal for Local’ being the fourth resolution, Shri Modi urged citizens to choose and promote products made by fellow Indians, rich with the sweat and soil of the country. The fifth resolution is to explore and understand India, while it is good to see the world, one must also deeply know, experience, and cherish India. The Prime Minister outlined the sixth resolution to adopt natural farming, stating the need to free Mother Earth from harmful chemicals and promote organic farming across villages. Maintaining a healthy lifestyle being the seventh resolution, the Prime Minister advised mindful eating, inclusion of millets in traditional Indian meals, and reducing oil consumption by at least ten percent to combat obesity and boost vitality. The eighth resolution is to embrace yoga and sports as part of daily life. Shri Modi stated the ninth resolution as to help the poor, underlining that holding the hand of the underprivileged and aiding them in overcoming poverty is the truest form of service. The Prime Minister expressed confidence that by working on these nine resolutions, citizens would also reinforce the teachings of Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj.
“India’s vision for the Amrit Kaal is deeply rooted in the nation’s consciousness and enriched by the wisdom of its saints”, stated Shri Modi, highlighting that 140 crore citizens are actively working to realise the Amrit resolutions and build a developed India. He remarked that the dream of a developed India means fulfilling the aspirations of every Indian. The Prime Minister noted that this vision draws inspiration from Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj, and that walking the path shown by him, internalising his teachings, and making nation-building the foremost duty of life is a collective responsibility. Shri Modi concluded by expressing confidence that the sanctity of the occasion would further strengthen these commitments and paid his respectful tribute to Acharya Shri Vidyanand Ji Muniraj.
Union Minister for Culture and Tourism, Shri Gajendra Singh Shekawat and revered Saints were present among other dignitaries at the event.
Background
The Centenary Celebrations of Acharya Vidyanand Ji Maharaj marks the formal commencement of a year-long national tribute, being organised by Government of India, in collaboration with Bhagwan Mahaveer Ahimsa Bharti Trust to honour the 100th birth anniversary of Acharya Vidyanand Ji Maharaj, a revered Jain spiritual leader and social reformer. The year-long celebration will include cultural, literary, educational, and spiritual initiatives across the country, aimed at celebrating his life and legacy and spreading his message.
Acharya Vidyanand Ji Maharaj authored more than 50 works on Jain philosophy and ethics. He played an instrumental role in the restoration and revival of ancient Jain temples across India and worked for education, especially in Prakrit, Jain philosophy, and classical languages.
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28/06/25PM pays tribute to Former Prime Minister Shri PV Narasimha Rao on his birth anniversary
Prime Minister Shri Narendra Modi today paid tribute to former Prime Minister Shri PV Narasimha Rao on the occasion of his birth anniversary, recalling his pivotal role in shaping India’s development path during a crucial phase of the nation’s economic and political transformation.
In a post on X, he wrote:
“Remembering Shri PV Narasimha Rao Garu on his birth anniversary. India is grateful to him for his effective leadership during a crucial phase of our development trajectory. His intellect, wisdom and scholarly nature are also widely admired.”
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28/06/25केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने विद्युत सुरक्षा दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया
आरएस अनेजा, 28 जून नई दिल्ली
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए), विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार ने बीएसईएस के सहयोग से नई दिल्ली में विद्युत सुरक्षा दिवस का आयोजन किया। 26 जून को विद्युत सुरक्षा दिवस का यह उत्सव भारत की जीरो-हानि विद्युत ईकोसिस्टम तैयार करने की प्रतिबद्धता की एक सशक्त याद दिलाता है, जो देश की स्वच्छ एवं स्मार्ट ऊर्जा की महत्वाकांक्षाओं के साथ विकसित हो रहा है।
इस वर्ष की थीम, "स्मार्ट ऊर्जा, सुरक्षित राष्ट्र" ने भारत की ऊर्जा यात्रा के आधुनिकीकरण के हर पहलू में सुरक्षा को समाहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, विशेष रूप से बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस), इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और रूफटॉप सोलर जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के संदर्भ में। बिजली प्रणालियों के बढ़ते विद्युतीकरण और विकेंद्रीकरण के साथ इससे संबंधित जोखिम कई गुना बढ़ गए हैं, जिससे विद्युत सुरक्षा एक सामूहिक अनिवार्यता बन गई है।
कार्यक्रम का उद्घाटन विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने किया, जिन्होंने भारत में तेजी से हो रहे ऊर्जा परिवर्तन के साथ मजबूत सुरक्षा प्रोटोकॉल की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उनके साथ विद्युत मंत्रालय के सचिव श्री पंकज अग्रवाल, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री घनश्याम प्रसाद, और बीएसईएस के निदेशक और समूह सीईओ श्री अमल सिन्हा भी मौजूद रहे, जिन्होंने प्रतिभागियों को विद्युत सुरक्षा के महत्व पर संबोधित किया।
इस कार्यक्रम में ऊर्जा क्षेत्र के सभी हिस्सों से आए 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने व्यक्तिगत रूप से भाग लिया, जिनमें यूटिलिटी एवं रेगुलेटरी निकाय, राज्य के मुख्य विद्युत निरीक्षक अधिकारी, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्लूए), ओईएम, निर्माता, फील्ड तकनीशियन और सक्रिय ऊर्जा उपयोगकर्ता (प्रोज्यूमर्स) शामिल थे। इसके साथ ही, बड़ी संख्या में लोगों ने यूट्यूब लाइव वेबकास्ट के माध्यम से इसे वर्चुअली देखा, जिससे इस कार्यक्रम की पहुंच और प्रभाव का विस्तार हुआ। इस आयोजन को 22 घंटे में राष्ट्रीय स्तर पर 25,000 से अधिक बार देखा गया।
विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री, श्रीपाद येसो नाइक ने अपने संबोधन में कहा, "विद्युत सुरक्षा दिवस हमारे एक सशक्त यादगार की तरह है कि जैसे-जैसे हम एक स्वच्छ, स्मार्ट और अधिक डिजिटल ऊर्जा ईकोसिस्टम की ओर बढ़ रहे हैं तो, सुरक्षा हर प्रगति के केंद्र में रहनी चाहिए।
बिजली आधुनिक जीवन के हर पहलू को सशक्त बनाती है - घरों और अस्पतालों से लेकर उद्योगों और मोबाइल्टी तक - लेकिन इसे अत्यंत सावधानी से संभाला जाना चाहिए। सरकार रूफटॉप सोलर, ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बैटरी भंडारण और डिजिटल फॉल्ट डिटेक्शन जैसी पहलों के माध्यम से एक सुरक्षित और स्मार्ट ऊर्जा भविष्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है और मैं हर नागरिक, तकनीशियन और हितधारक से सतर्क और जिम्मेदार रहने का आग्रह करता हूँ। आइए, मिलकर न केवल एक स्मार्ट इंडिया बल्कि एक सुरक्षित इंडिया का निर्माण करें।"
सचिव, ऊर्जा मंत्रालय, पंकज अग्रवाल ने कहा, “विद्युत क्षेत्र में सुरक्षा सिर्फ एक चेकलिस्ट नहीं बल्कि मुख्य मूल्य होना चाहिए। जैसे-जैसे हम स्मार्ट और स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियों की ओर बढ़ रहे हैं, जवाबदेही और सतर्कता सर्वोपरि हो जाती है। मेरा मानना है कि एक सक्रिय सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देना एक विश्वसनीय और भविष्य के लिए तैयार विद्युत ईकोसिस्टम के निर्माण की कुंजी है।”
अध्यक्ष, सीईए, घनश्याम प्रसाद ने कहा, “विद्युत सुरक्षा सिर्फ एक जनादेश नहीं बल्कि यह एक मानसिकता है। वितरित और स्मार्ट ऊर्जा प्रणालियों के इस युग में, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सुरक्षा हर नवाचार और हर कनेक्शन के केंद्र में रहे। बिजली को सावधानी से संभालें और जागरूक रहें।”
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण "सुरक्षा शक्ति" का अनावरण था, जो आधिकारिक विद्युत सुरक्षा शुभंकर है। इसे आकर्षक और जुड़ाव पैदा करने वाले तरीके से सुरक्षा जागरूकता को लोकप्रिय बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके साथ ही, विद्युत सुरक्षा हैंडबुक का पहला संस्करण भी जारी किया गया। सीईए और बीएसईएस की यह संयुक्त पहल बीईएसएस, रूफटॉप सोलर प्रणालियों और ईवी चार्जर्स की स्थापना और रखरखाव के लिए स्पष्ट सुरक्षा दिशानिर्देश प्रदान करती है।
यह यूटिलिटीज, उपभोक्ताओं, प्रोस्यूमर्स और तकनीशियनों के लिए महत्वपूर्ण क्या करें और क्या न करें को रेखांकित करती है, जो बिजली के झटके, आग और दुर्घटनाओं जैसे जोखिमों को कम करने के लिए एक व्यावहारिक संदर्भ के रूप में कार्य करती है।
उद्घाटन के उपरांत वाले सत्र में सीईए, एनपीटीआई, बीएसईएस और अर्थिंग सॉल्यूशंस पर उद्योग के अग्रणी विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी प्रस्तुतियाँ और विशेषज्ञों से बातचीत शामिल रही।
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28/06/25हिमाचल प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में नई क्रांति
हिमाचल, 28 जून (अभी): हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में क्रांतिकारी परिवर्तन लाकर लोगों को विश्व-स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सोच धरातल पर उतर रही है। शिमला में अटल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटिज, चमियाणा प्रदेश का पहला स्वास्थ्य संस्थान बनने जा रहा है, जहां पर डॉक्टर आज की सबसे आधुनिक तकनीकों से मरीजों का ऑपरेशन करेंगे।
ऑपरेशन करने के लिए एम्स दिल्ली की तर्ज पर 28 करोड़ रुपए की लागत से खरीदा गया पहला रोबोट चमियाणा पहुंच गया है तथा जुलाई महीने में इसको स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, जिसके बाद मरीजों के ऑपरेशन इस आधुनिक तकनीक से शुरू हो जाएंगे।
अटल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिट चमियाणा के प्रिंसिपल डॉ. बृज लाल ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी का फायदा जहां मरीजों को मिलेगा, वहीं ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर भी इसका फायदा लेंगे। रोबोटिक सर्जरी से मरीजों को आपरेशन के लिए बहुत ही छोटा चीरा लगाना होता है, जिससे कम खून बहता है और खून चढ़ाने की जरूरत भी कम ही पड़ती है। इससे मरीज को दर्द कम होता है और जल्द ठीक होकर अस्पताल से जल्द छुट्टी मिल जाती है। उन्होंने कहा कि सर्जन भी ज्यादा सटीकता और नियंत्रण से सर्जरी करने में सक्षम होते हैं। उन्हें लंबे ऑपरेशन में थकान महसूस नहीं होती, जिससे वह कम समय में ज्यादा मरीजों की सर्जरी करने में सक्षम होते हैं। इसके अलावा डॉक्टर शरीर के तंग हिस्से के अंदर भी आसानी सें साफ-साफ देख सकते हैं क्योंकि इसमें थ्री-डी और बड़ी इमेज दिखती है, जिससे कोई भी गलती होने की गुंजाइश कम हो जाती है।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार चमियाणा के साथ-साथ राजकीय मेडिकल कॉलेज, टांडा में भी अगले कुछ ही दिनों में रोबोटिक सर्जरी के लिए उपकरण पहुंचने वाले हैं। इसके बाद आईजीएमसी, शिमला तथा मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर के साथ-साथ अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी चरणबद्ध तरीके से रोबोटिक सर्जरी के लिए मशीनों की स्थापना की जाएगी। इससे प्रदेश के हजारों मरीजों को फायदा होगा और महंगी सर्जरी के लिए प्रदेश से बाहर जाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
निश्चित रूप से रोबोटिक सर्जरी की शुरूआत के साथ हिमाचल प्रदेश के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है, जिसका पूरा श्रेय मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की दूरदर्शी सोच को जाता है। -
28/06/25आगामी वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी होगा हिमाचलः मुख्यमंत्री
हिमाचल, 28 जून (अभी): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार सायं राजकीय डेंटल कॉलेज, शिमला में आयोजित इंटर कॉलेज समारोह ‘इरप्शन-2025’ की अध्यक्षता की। इस अवसर पर अपने कॉलेज के दिनों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेज दिनों में वह एससीए अध्यक्ष रहे। आज की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को देखकर उन्हें अपने समय की याद आ गई। फर्क केवल इतना है कि आज विद्यार्थियों की भागीदारी अधिक है। विद्यार्थी जीवन में सपने देखना स्वाभाविक है लेकिन डिग्री के उपरांत जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार रहना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी, मेहनत और संकल्प से जीवन में सफलता हासिल की जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सरकारी स्कूल में शिक्षा ग्रहण की और उनका एक साधारण परिवार से सम्बंध है। ऐसे ही सामान्य परिवेश से निकलकर आज उन्हें राज्य की सेवा का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री बनने के समय राज्य पर 75 हजार करोड़ रुपये के कर्ज और कर्मचारियों की देनदारी के 10 हजार करोड़ का बोझ था। प्रदेश को कर्ज मुक्त करने के लिए प्रदेश सरकार ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का ध्येय मानकर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की बागडोर संभालने के उपरांत हमने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था का आकलन किया तो पाया कि पूर्व सरकार के कुप्रबंधन के कारण वर्ष 2021 में शिक्षा गुणवत्ता के मामले में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर था। पूर्व भाजपा सरकार ने चुनावी लाभ के लिए सैंकड़ों घोषणाएं कीं लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ। वर्तमान प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों को पूर्व सरकार के गलत निर्णयों से बचाने के लिए एक हजार स्कूलों का विलय किया और विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई सुधार लागू किए। कक्षा पहली से ही अंग्रेजी माध्यम शुरू करने के अलावा शिक्षकों और मेधावी विद्यार्थियों को एक्सपोजर विजिट के लिए विदेश भ्रमण पर भेजा जा रहा है। विरोध के बावजूद प्रदेश सरकार ने डायरेक्टरेट ऑफ स्कूल एजुकेशन की स्थापना की। इन प्रयासों से हिमाचल अब गुणवत्ता शिक्षा के क्षेत्र में 21वें स्थान से 5वें स्थान पर पहुुंच गया है, लेकिन हमारा लक्ष्य सर्वश्रेष्ठ स्थान पर पहुंचना है।
ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आगामी वर्ष से राज्य में 10 राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल शुरू हो जाएंगे और हिमाचल जल्द ही शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनकर उभरेगा। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रही है ताकि प्रदेशवासियों को राज्य में ही गुणवत्तायुक्त चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित हो सकें और ईलाज के लिए अन्य राज्यों में जाने की आवश्यकता न पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा महाविद्यालयों के उन्नयन पर 1100 करोड़ खर्च कर रही है। यह बहुत प्रसन्नता की बात है कि प्रदेश के एआईएमएसएस चमियाणा में पहली रोबोटिक सर्जरी मशीन स्थापित की गई है। इसी प्रकार राज्य के अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों में भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आगामी तीन माह के भीतर प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में पैट स्कैन और 3-टेक्सला एमआरआई मशीनें स्थापित की जाएंगी। एक वर्ष के भीतर चिकित्सा क्षेत्र में विशेष परिवर्तन देखने को मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने एमडी डाक्टरों का स्टाइपेंड 60 हजार रुपये से एक लाख रुपये कर दिया है और सुपर स्पेशेयलिटी डॉक्टरों के स्टाइपंड में भी आशातीत बढ़ोतरी की है। उन्होंने कहा कि एमडी करने वाले डेंटल डॉक्टरों को स्टाइपंड भी इसी आधार पर बढ़ाया जाएगा।
वित्तीय अनुशासन की आवश्यकता पर बल देते हुए मुख्य मंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने प्रदेश के संसाधनों का दुरूपयोग किया जबकि वर्तमान सरकार प्रत्येक पैसे की बचत कर विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम प्रतिभा प्रदर्शित करने और व्यक्तित्व विकास का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि आज का युवा हमारे देश का भविष्य है। मुख्य मंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ दि स्टेट के रूप में अपनाया है, ताकि उनकी देखभाल और शिक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों के लिए कानून बनाने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है। मुख्य मंत्री सभी को अपने परिवार का सदस्य मानते हैं।
उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को 5 लाख रूपये की राशि देने की घोषणा की।
इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, कॉलेज प्राचार्य डा. आशु भारती, कॉलेज स्टॉफ और विद्यार्थी उपस्थित थे।
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28/06/25केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने हिमाचल के राज्यपाल के नशामुक्त अभियान को भरपूर सहयोग का आश्वासन दिया
हिमाचल, 28 जून (अभी)केंद्रीय श्रम, रोेजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भेंट की। इस अवसर पर सांसद एन.के. प्रेम चंद तथा कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के सदस्य भी उनके साथ उपस्थित थे।
केंद्रीय मंत्री ने श्रमिक कल्याण योजनाओं तथा राज्यपाल द्वारा संचालित राज्यव्यापी नशामुक्ति अभियान की प्रगति को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने राज्यपाल को शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह् भेंट कर सम्मानित किया।
राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए श्री मांडविया द्वारा कोविड-2019 महामारी के दौरान जन कल्याण और श्रमिकों की बेहतरी के लिए किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में चल रहे नशामुक्त अभियान की संरचना बहुस्तरीय है जो अब पंचायत स्तर तक पहुंच चुकी है। प्रदेश में सिंथेटिक ड्रग की समस्या एक गम्भीर विषय है लेकिन यह प्रसन्नता का विषय है कि अब अभिभावक और आम लोग स्वयं आगे आकर नशा सम्बंधी गतिविधियों की सूचना दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता की दिशा में अब जनप्रतिनिधि भी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से आरम्भ यह अभियान अब एक जन आन्दोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के साथ राज्य के विभिन्न जिलों में चलाए जा रहे जन जागरूकता अभियान और प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और पहलों की जानकारी साझा की।
श्री मांडविया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को राज्यपाल श्री शुक्ल के लम्बे राजनीतिक अनुभव का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री भी नशा तस्करी को लेकर चिंतित हैं और उनके दिशा-निर्देशों पर ही वह हिमाचल प्रदेश आए हैं ताकि राज्यपाल द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्त की जानकारी प्राप्त कर सकें।
श्री मांडविया ने राज्यपाल को नशामुक्त अभियान में मंत्रालय द्वारा पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया और कहा कि इनका मंत्रालय भी कर्मचारी राज्य बीमा निगम की सक्रिय भागीदारी से नशा विरोधी अभियान आरम्भ करेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को जागरूक करने के लिए हिमाचल के नशामुक्त मॉडल को पूरे देश में अपनाया जाएगा।
केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न प्रदेशों के अधिकारी भी इस बैठक में उपस्थित थे। -
28/06/251 जुलाई से कर सकते हैं हरियाणा मुक्त विद्यालय सैकेण्डरी/सीनियर सैकेण्डरी परीक्षा सितम्बर-2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन
चंडीगढ़, 28 जून (अभी): हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा सितम्बर-2025 में आयोजित करवाई जाने वाली हरियाणा मुक्त विद्यालय की सैकेण्डरी तथा सीनियर सैकेण्डरी परीक्षा (सी.टी.पी., ओ.सी.टी.पी., रि-अपीयर, अतिरिक्त विषय, आंशिक अंक सुधार एवं पूर्ण विषय अंक सुधार श्रेणी) के लिए 01 जुलाई, 2025 से बोर्ड की आधिकारिक वेबसाईट www.bseh.org.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
यह जानकारी देते हुए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के प्रवक्ता ने बताया कि सैकेण्डरी (मुक्त विद्यालय) सी.टी.पी., ओ.सी.टी.पी. व अतिरिक्त विषय श्रेणी के परीक्षार्थी 1200 रूपये एवं रि-अपीयर, आंशिक अंक सुधार व पूर्ण विषय अंक सुधार श्रेणी के परीक्षार्थी 1100 रूपये परीक्षा शुल्क सहित 01 जुलाई से 20 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
इसी प्रकार सीनियर सैकेण्डरी (मुक्त विद्यालय) सी.टी.पी., ओ.सी.टी.पी. व अतिरिक्त विषय श्रेणी के परीक्षार्थी 1250 रूपये एवं रि-अपीयर, आंशिक अंक सुधार व पूर्ण विषय अंक सुधार श्रेणी के परीक्षार्थी 1150 रूपये परीक्षा शुल्क सहित 01 जुलाई से 20 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थियों को प्रायोगिक विषय/विषयों की परीक्षा के लिए 100 रूपये प्रति विषय अतिरिक्त शुल्क देय होगा।
उन्होंने आगे बताया कि निर्धारित तिथि उपरांत परीक्षार्थी 21 जुलाई से 31 जूलाई तक 100 रूपये विलम्ब शुल्क सहित, 01 अगस्त से 09 अगस्त तक 300 रूपये विलम्ब शुल्क सहित तथा 10 अगस्त से 15 अगस्त, 2025 तक 1000 रूपये विलम्ब शुल्क सहित ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सभी परीक्षार्थी समय रहते ऑनलाइन आवेदन करना सुनिश्चित करें।
इसके अतिरिक्त जो परीक्षार्थी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी व अन्य बोर्ड सेे अयोग्य (Not Qualified) हैं, ऐसे परीक्षार्थी भी सी.टी.पी./ओ.सी.टी.पी. श्रेणी के तहत आवेदन कर सकते हैं।
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28/06/25राष्ट्रीय स्तर पर नगर निकायों के अध्यक्षों का होगा दो दिवसीय सम्मेलन, लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला करेंगे सम्मेलन का उद्घाटन
चंडीगढ़, 28 जून (अभी) : गुरुग्राम के मानेसर स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (आईसीएटी) में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। 3 जुलाई तथा 4 जुलाई को शहरी स्थानीय निकायों की 'संवैधानिक लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण में भूमिका' विषय पर होने वाले सम्मेलन में राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के शहरी स्थानीय निकायों के अध्यक्ष शिरकत करेंगे। दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला के कर कमलों द्वारा किया जायेगा।
इस दौरान हरियाणा विधानसभा के स्पीकर श्री हरविंद्र कल्याण, लोकसभा के महासचिव श्री उत्तपल कुमार सिंह भी मौजूद रहेंगे। उद्घाटन सत्र में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल और हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल भी शामिल होंगे।
सम्मेलन में देशभर से नगर निगमों के मेयर, आयुक्त एवं अन्य प्रतिनिधि भाग लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य शहरी प्रशासन को अधिक प्रभावी, समावेशी और नवाचारोन्मुख बनाना है, जिससे 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को साकार किया जा सके।
इस बारे में जानकारी देते हुए सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सत्र के पहले दिन के कार्यक्रम में देश के प्रमुख नगरों- भुवनेश्वर, कोयंबटूर, इंदौर, लखनऊ, पुणे, सूरत और विशाखापट्टनम द्वारा अपनाई गई सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके उपरांत पांच अलग-अलग उपविषयों पर कार्यशालाएं आयोजित होंगी, जिनमें लोकतंत्र की आधारशिला के रूप में शहरी स्थानीय निकाय की भूमिका, परिषद की बैठकों की आदर्श कार्य प्रणाली और आचार संहिता विकसित करना, समावेशी विकास के इंजन के रूप में स्थानीय निकायों की भूमिका, नगर पालिका शासन को अधिक प्रभावशाली बनाना, नवाचार के केंद्र, नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार, महिला सशक्तिकरण के वाहक और 21वीं सदी के भारत के निर्माता के रूप में, समाज और राजनीति में महिलाओं को नेतृत्व के लिए तैयार करने संबंधी विषय शामिल है।
इसी प्रकार 4 जुलाई के सत्र में उपविषयों पर समूह प्रस्तुतियां, लोकसभा अध्यक्ष के साथ अनौपचारिक संवाद और एक समापन सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश, माननीय राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय, हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्डा शिरकत करेंगे। यह सम्मेलन न केवल शहरी प्रशासन के भविष्य की दिशा तय करेगा, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक और विकासात्मक मार्ग को भी सशक्त बनाएगा।
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28/06/25भारत निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार मतदाता सूचियों के अद्यतन के लिए चलाये जाते हैं विशेष अभियान
चंडीगढ़, 28 जून (अभी) - हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री ए. श्रीनिवास ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशानुसार राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अपने-अपने राज्य में नियमित रूप से अभियान चलाकर त्रुटिरहित, अद्यतन और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करते हैं। इसी कड़ी में आयोग ने बिहार राज्य में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रारंभ करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि इस महाअभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मतदाताओं के घर—घर तक जाकर सूचनाओं का सत्यापन करेंगे ताकि सभी पात्र नागरिकों को सूची में सम्मिलित किया जा सके, अयोग्य नाम हटाए जा सकें और मतदाता सूची में अपात्र व्यक्तियों की प्रविष्टियों को रोका जा सके।
गहन पुनरीक्षण की आवश्यकता
उन्होंने कहा कि आयोग का मानना है कि देश में शहरीकरण में तेजी, लगातार प्रवास, युवाओं का मतदान के योग्य होना, मृतकों की सूचना न मिलना और अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची में आ जाना जैसे कई कारणों से इस व्यापक संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई।
राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहन
उन्होंने कहा कि ECI ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे अपने बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) को प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए नियुक्त करें ताकि पुनरीक्षण की पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी गड़बड़ी को प्रारंभिक स्तर पर ही दूर किया जा सके।
संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों का पालन अनिवार्य
पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान संविधान के अनुच्छेद 326 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 16 और 23 के तहत निर्धारित पात्रताओं का कठोरता से पालन किया जाएगा। ईआरओ (Electoral Registration Officer) द्वारा नाम जोड़ने के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों की पुष्टि की जाएगी और ईसीआईनेट (ECINET) पर उन्हें अपलोड भी किया जाएगा, जिससे पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
गोपनीयता का विशेष ध्यान
मतदाता दस्तावेजों की गोपनीयता को बनाए रखने के लिए यह व्यवस्था की गई है कि ये दस्तावेज केवल अधिकृत निर्वाचन अधिकारियों तक ही सीमित रहेंगे। किसी दावे या आपत्ति की स्थिति में एईआरओ (Assistant ERO) जांच करेगा और आवश्यकता होने पर जिला मजिस्ट्रेट या मुख्य निर्वाचन अधिकारी से अपील की जा सकती है।
कमजोर वर्गों के लिए विशेष सुविधा
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वृद्ध, विकलांग, बीमार और अन्य कमजोर वर्गों के मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उनके लिए आवश्यकता अनुसार स्वयं सेवकों की सहायता, विशेष शिविर और मोबाइल टीमों की व्यवस्था की जाएगी।
संपूर्ण सफलता के लिए जनसहयोग अनिवार्य
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह महत्त्वपूर्ण लोकतांत्रिक अभ्यास तभी सफल होगा जब इसमें मतदाताओं और राजनीतिक दलों की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित हो। पुनरीक्षण प्रक्रिया न केवल मतदाता सूची की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगी, बल्कि आगामी चुनावों की पारदर्शिता और निष्पक्षता को भी सुदृढ़ करेगी।
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28/06/25ऑपरेशन द्रोणगिरि के तहत प्रथम चरण में हरियाणा का चयन, सोनीपत जिले से होगी पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत
चंडीगढ़, 28 जून (अभी) - हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार की राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति के तहत एक अभिनव पहल के अंतर्गत "ऑपरेशन द्रोणगिरि" के प्रथम चरण में भारत सरकार ने हरियाणा सहित पांच राज्यों को चयनित किया है।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि केंद्र सरकार कि पहल को देखते हुए हरियाणा सरकार ने "ऑपरेशन द्रोणगिरि" के क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय व जिला स्तरीय कमेटियां गठित की हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा में सोनीपत जिले को प्रथम चरण के लिए प्रारंभिक तौर पर योजना के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति का उद्देश्य राष्ट्रीय विकास, आर्थिक समृद्धि एवं सूचना आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। हरियाणा के अलावा महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, असम और उत्तर प्रदेश राज्यों को भी प्रथम चरण के लिए चुना गया है।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि ‘ऑपरेशन द्रोणगिरि’ का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले भू-स्थानिक आंकड़ों को सेवा प्रदाताओं तक पहुंचाना है, ताकि कृषि, परिवहन, बुनियादी ढांचा, आजीविका एवं कौशल विकास जैसे क्षेत्रों की विशिष्ट चुनौतियों का समाधान किया जा सके। इस परियोजना की नोडल एजेंसी सर्वे ऑफ इंडिया (SoI) है, और हरियाणा के सोनीपत जिले को इसके आरंभ स्थल के रूप में चुना गया है।
इस पहल की प्रभावी निगरानी एवं समन्वय सुनिश्चित करने हेतु हरियाणा सरकार ने एक राज्य स्तरीय समिति गठित की है, जिसकी अध्यक्षता भूमि अभिलेख निदेशक, हरियाणा करेंगे। सर्वे ऑफ इंडिया, हरियाणा के निदेशक को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। समिति में HARSAC के निदेशक, जिला राजस्व अधिकारी (मुख्यालय), सहायक निदेशक (मुख्यालय) और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन कार्यालय से आईटी महाप्रबंधक अभिनव पहल भी इसके सदस्य होंगे।
जिला स्तर पर सोनीपत में जिला उपायुक्त इस समिति की अध्यक्षता करेंगे, जबकि सर्वे ऑफ इंडिया, हरियाणा के अधीक्षक सर्वेक्षक सदस्य सचिव होंगे। जिला राजस्व अधिकारी, सोनीपत, एवं राजस्व व आपदा प्रबंधन विभाग के आईटी महाप्रबंधक सदस्य के रूप में कार्य करेंगे।
इन समितियों की जिम्मेदारी संचालन रूपरेखा तय करना, केंद्र एवं राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करना तथा परियोजना की निगरानी करना होगा। इसके अतिरिक्त ये समितियां जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों का समाधान कर समयबद्ध निर्णय लेना सुनिश्चित करेंगी।
डॉ. मिश्रा ने आगे बताया कि "ऑपरेशन द्रोणगिरि" केंद्र सरकार की एक अभिनव पहल है, जो उन्नत ड्रोन आधारित मानचित्रण और भू-स्थानिक तकनीकों का उपयोग करके सरकारी सेवाओं की दक्षता बढ़ाने के लिए कार्य करेगी। इस कार्यक्रम के तहत किसानों को सटीक एवं आंकड़ा-आधारित कृषि सलाह प्राप्त होगी, जिससे वे अपनी फसल की उपज एवं संसाधनों का कुशल उपयोग कर सकेंगे। यह पहल सुनिश्चित करेगी कि किसी क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पारदर्शी, सुलभ और रणनीतिक रूप से उपयोगी हो।
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28/06/25हरियाणा पुलिस का ऐतिहासिक उपलब्धि, निःशुल्क कैशलेस इलाज योजना के क्रियान्वयन में पूरे देश में पहले स्थान पर पहुंचा हरियाणा
चंडीगढ़, 28 जून (अभी) - सड़क दुर्घटना पीड़ितों को निःशुल्क और त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में हरियाणा द्वारा उठाया गया कदम अब पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन चुका है। पहली अक्तूबर,2024 को लागू की गई निःशुल्क कैशलेस इलाज योजना के सफल और प्रभावशाली क्रियान्वयन ने हरियाणा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान दिलाया है। यह हरियाणा पुलिस की तत्परता, तकनीकी दक्षता और मानवीय संवेदनशीलता का परिणाम है जिसने इस योजना को धरातल पर उतारते हुए इसे एक सशक्त, संवेदनशील और प्रभावशाली राहत तंत्र के रूप में साकार कर दिखाया।
पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने इस असाधारण उपलब्धि पर ट्रैफिक एवं हाइवे विंग की पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह योजना जनसेवा, सुशासन और उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है और भविष्य में भी नागरिक-केन्द्रित दृष्टिकोण इसी तरह जारी रहेगा।
योजना लागू होने के बाद से अब तक 3167 सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में हरियाणा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को निःशुल्क कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया। यह आंकड़ा देश के किसी भी राज्य से अधिक है।
मजबूत निगरानी ढांचा, 6 घंटे में केस अप्रूवल की मिसाल
हर जिले में डीएसपी स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है, जो 24x7 सक्रिय जिला सड़क सुरक्षा सेल की अगुवाई करते हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही महज़ 6 घंटे के भीतर केस की डिजिटल प्रोसेसिंग और अप्रूवल सुनिश्चित की जाती है। एक राज्यव्यापी समर्पित व्हाट्सएप नेटवर्क के ज़रिए सभी मामलों की रीयल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है - यह एक अनूठा प्रशासनिक प्रयोग है जो अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय है।
CCTNS और e-DAR का अभिनव एकीकरण - डिजिटल समन्वय की मिसाल
हरियाणा CCTNS को e-DAR से सफलतापूर्वक जोड़ने वाला देश का पहला राज्य बना गया है। इस समन्वय से दुर्घटनाओं से जुड़ा डेटा रीयल टाइम में स्वतः ट्रांसफर होकर रिपोर्टिंग और जांच की गति को कई गुना तेज़ कर रहा है। इससे न केवल फर्जी दावों पर लगाम लगी है, बल्कि प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है।
112 और 108 का आपातकालीन गठजोड़
हरियाणा में 112 आपात सेवा और 108 एम्बुलेंस सेवा को आपस में जोड़कर एक रिस्पॉन्स इंटीग्रेशन मॉडल तैयार किया गया है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एम्बुलेंस और संबंधित थानों को एक साथ सक्रिय किया जाता है, जिससे पीड़ितों को मिनटों में अस्पताल पहुंचाने की सुविधा सुनिश्चित होती है। इस मॉडल को केंद्रीय मंत्रालय MoRTH द्वारा पूरे देश के लिए अनुकरणीय करार दिया गया है।
इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में हरियाणा पुलिस ने केवल एक प्रशासनिक एजेंसी की भूमिका नहीं निभाई, बल्कि एक संवेदनशील और मानवीय प्रहरी के रूप में अपनी भूमिका को और भी सशक्त किया है। सड़क दुर्घटना जैसी विषम परिस्थिति में जब हर सेकेंड कीमती होता है, तब पुलिस का तत्काल रिस्पॉन्स, अस्पतालों के साथ तालमेल और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करना - यह सब दर्शाता है कि हरियाणा पुलिस सिर्फ कानून की नहीं, इंसानियत की भी रखवाली कर रही है।
जन-जागरूकता से जनभागीदारी तक - 1228 अस्पतालों की मजबूत श्रृंखला
योजना को व्यापक पहुंच देने के लिए MoRTH, पुलिस महानिदेशक हरियाणा और परिवहन विभाग द्वारा राज्यस्तरीय कार्यशालाओं, सोशल मीडिया अभियानों और मीडिया कवरेज के माध्यम से निरंतर जागरूकता अभियान चलाया गया। आज राज्य के 1228 अस्पताल योजना में पंजीकृत हैं, जिससे सुनिश्चित हुआ है कि हर दुर्घटना पीड़ित को बिना देरी के उचित उपचार मिल सके।
हरियाणा की 3167 मामलों में सफलता, तकनीकी दक्षता, प्रशासनिक सजगता, और जनमानस से जुड़ाव ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाेच्च स्थान दिलाया है। अब देश के अन्य राज्य भी इस मॉडल को अपनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहे हैं। यह सफलता न केवल हरियाणा पुलिस की क्षमता और करुणा की पहचान है, बल्कि यह एक प्रेरक प्रमाण भी है कि यदि इच्छाशक्ति हो तो बदलाव संभव है।
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28/06/25सीआईएसएफ का लक्ष्य राज्यों की अग्निशमन सेवाओं के साथ साझीदारी मजबूत करना: कमांटेंडेंट ललित पंवार
चंडीगढ़, 28 जून (अभी) - पंजाब एवं हरियाणा सिविल सचिवालय चंडीगढ़ की यूनिट में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने आज अपने राष्ट्रव्यापी अग्नि परीक्षण के तहत जवानों को अग्निशमन के उपकरणों के संचालन तथा आपदा के समय आग पर काबू पाने का प्रशिक्षण दिया। इस मौके पर यूनिट के कमांटेंडेंट श्री ललित पंवार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सीआईएसएफ केंद्रीय शस्त्र बलों में एक मात्र ऐसा बल है, जिसके पास समर्पित अग्निशमन विंग है। उन्होंने बताया कि इस विंग की स्थापना 2023 में की गई थी और देश के 100 शहरों के अग्निशमन कर्मियों को प्रशिक्षण की जिम्मेवारी भी सीआईएसएफ को दी गई है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 तक सीआईएसएफ का लक्ष्य राज्यों की अग्निशमन सेवाओं के साथ अपनी साझीदारी को औऱ अधिक मजबूत करना है। इससे देश की समग्र शहरी सुरक्षा और इफ्रास्ट्रक्टर को मजबूत करना है। भारत सरकार के आपदा प्रतिरोध दृष्टिकोण के अनुरूप लोगों के जीवन व देश की संपत्ति की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ प्रतिबद्ध है।
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28/06/25देश के शहरी स्थानीय निकायों के अध्यक्षों का 3 व 4 जुलाई को गुरुग्राम में आयोजित होगा राष्ट्रीय सम्मेलन
चंडीगढ़, 28 जून (अभी) - हरियाणा मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शहरी स्थानीय निकायों के अध्यक्षों का 3 व 4 जुलाई को मानेसर (गुरुग्राम) में आयोजित होने वाला राष्ट्रीय स्तरीय सम्मेलन देश में यह अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है। इस सम्मेलन में जब देशभर से प्रतिनिधि हरियाणा आएंगे, तो उन्हें केवल प्रशासनिक दक्षता ही नहीं, बल्कि एक सशक्त और सुसंस्कृत हरियाणा का अनुभव करवाया जाए ताकि अतिथि यहां से अविस्मरणीय अच्छा अनुभव लेकर जाएं।
मुख्य प्रधान सचिव आज यहां मानेसर (गुरुग्राम) में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि गुरुग्राम में विभिन्न स्थानों को चिह्नित कर इस सम्मेलन का प्रचार ज्यादा से ज्यादा किया जाए और अधिक से अधिक गुरुग्राम वासियों को इसकी जानकारी दी जाए। इस सम्मेलन का आयोजन लोकसभा सचिवालय, हरियाणा विधानसभा और हरियाणा सरकार के समन्वय में किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन का विषय ‘संवैधानिक लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण को मजबूत करने में शहरी स्थानीय निकायों की भूमिका‘ पर आयोजित किया जा रहा है। जो शहरी स्थानीय निकायों को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम होगा। यह सम्मेलन न सिर्फ शहरी स्थानीय निकायों को सुदृढ़ करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि विधायिका कार्य प्रणाली तथा हरियाणा के आतिथ्य भाव की मिसाल भी पेश करेगा।
मुख्य प्रधान सचिव ने कहा कि यह सम्मेलन प्रधानमंत्री के स्वप्न ‘एक राष्ट्र एक विधायिका’ की दिशा में बढ़ता हुआ महत्त्वपूर्ण कदम है। इस सम्मेलन के निमित्त शहरी स्थानीय निकायों की देश के विकास में सहभागिता को बढ़ाने का रोडमैप तैयार होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के इस सम्मेलन में शहरी विकास की रूपरेखा पर व्यापक चर्चा होगी। साथ ही सभी डेलिगेट्स के ठहरने की व्यवस्था गुरुग्राम में होने से सांस्कृतिक आदान-प्रदान व आपसी सहयोग की भावना भी बढ़ेगी।
उन्होंने अधिकारियों के साथ डेलिगेट्स के स्वागत, ठहरने, आयोजन स्थल तक आवागमन, सम्मेलन के लिए पंजीकरण, स्वास्थ्य सुविधाएं, यातायात प्रबंधन व सुरक्षा इंतजामों को लेकर विस्तार से चर्चा की। बैठक में बताया गया कि अतिथियों को दिल्ली एयरपोर्ट और नई दिल्ली एवं गुरुग्राम रेलवे स्टेशन पर सहयोग के लिए हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे। ताकि इस सम्मेलन में आने वाले अतिथियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस सम्मेलन में देशभर के राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से 500 से अधिक प्रतिनिधि (डेलिगेट्स) भाग लेंगे।
बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री विकास गुप्ता, सूचना, जनसंपर्क, कला एवं सांस्कृतिक विभाग के महानिदेशक श्री के.एम. पांडुरंग, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी श्री विवेक कालिया, हरियाणा विधानसभा स्पीकर के सलाहकार श्री राम नारायण यादव और वीडियो कॉन्फ्रेंस से लोकसभा सचिवालय से संयुक्त सचिव श्री गौरव गोयल, हरियाणा हॉस्पिटलिटी विभाग के निदेशक श्री मुकुल कुमार, गुरुग्राम के उपायुक्त श्री अजय कुमार और नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त श्री प्रदीप दहिया बैठक में उपस्थित हुए।
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28/06/25पैरा एशियाई खेलों के 13 खिलाड़ियों और पदक विजेताओं के लिए 19.72 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मंजूर
चंडीगढ़, 28 जून (अभी) - हरियाणा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष और हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव द्वारा की गई तत्काल और त्वरित कार्रवाई के बाद हरियाणा सरकार ने "चौथे पैरा एशियाई खेलों 2022" में भाग लेने वाले हरियाणा के 13 खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार के लिए 19.72 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मंजूर की है।
इन पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में एथलेटिक्स खिलाड़ी हैनी को स्वर्ण पदक जीतने पर 3 करोड़ रुपये मिलेंगे। नितेश कुमार (पैरा बैडमिंटन) को स्वर्ण पदक जीतने पर 3 करोड़ रुपये और रजत पदक जीतने पर 1.5 करोड़ रुपये मिलेंगे। सरिता अधाना (पैरा तीरंदाजी) को रजत पदक जीतने पर 1.5 करोड़ रुपये मिलेंगे। पूजा, धर्मबीर, रिंकू, प्रमोद, योगेश कथुनिया, रामपाल और मोनू घनघस को रजत पदक जीतने पर 1.50-1.50 करोड़ रुपये मिलेंगे। पैरा लॉन बॉल खिलाड़ी अंजू बाला, एथलेटिक्स खिलाड़ी जसबीर और कैनोइंग खिलाड़ी जयदीप को खेलों में भाग लेने की एवज में 7.50-7.50 लाख रुपये मिलेंगे।
इसके अलावा, एथलेटिक्स खिलाड़ी प्रणव सूरमा, रमन शर्मा, सुमित और तरुण ढिल्लों को भी स्वर्ण पदक जीतने पर 3-3 करोड़ रुपये मिलेंगे। उनकी पुरस्कार राशि आने वाले दिनों में मंजूर की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि हमारे पैरा-एथलीटों ने हरियाणा और देश को बहुत गौरवान्वित किया है। यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य था कि उन्हें बिना देरी के सम्मानित कर पुरस्कृत किया जाए। मैं मुख्यमंत्री को तत्काल कार्रवाई करने के लिए धन्यवाद देती हूं। प्रदेश सरकार हर उस एथलीट को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जो भारत को गौरव दिलाने के लिए चुनौतियों को पार करता है।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार पैरा-स्पोर्ट्स के लिए एक सहायक वातावरण बनाने के लिए समर्पित है। उल्लेखनीय है कि खिलाड़ियों ने नकद पुरस्कार वितरण के संबंध में कुछ दिन पहले आरती सिंह राव से मुलाकात की थी। मंत्री ने इस मामले को मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के समक्ष उठाया, जिसके परिणामस्वरूप त्वरित कार्रवाई की गई और पुरस्कार राशि वितरित की गई है।
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28/06/25'कांटा लगा’ फेम एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला का 42 वर्ष की उम्र में निधन
आरएस अनेजा, 28 जून नई दिल्ली
बॉलीवुड से दुखद खबर आज आई है। 'कांटा लगा’ गाने से सबके दिलों को छूने वालीं मॉडल और एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला का 42 साल की उम्र में निधन हो गया है।
बताते हैं कि कार्डिएक अरेस्ट से उनकी मौत हो गई, जिसने न सिर्फ उनके फैंस बल्कि पूरे इंडस्ट्री को झकझोर दिया है। शेफाली ने न सिर्फ अभिनय से, बल्कि अपने ग्लैमरस लुक से भी लोगों के दिलों पर राज किया।
एक्ट्रेस की डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए कूपर हॉस्पिटल भेज दिया गया है। इस बीच मुंबई पुलिस ने उनके पति और एक्टर पराग त्यागी का बयान दर्ज किया है। पराग ने खुलासा किया है कि शेफाली का पहले से ही इलाज चल रहा था।
मुंबई पुलिस ने शेफाली जरीवाला के पति पराग त्यागी का उनके घर पर ही बयान दर्ज किया है। मामले की जांच के तहत अब तक चार लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, जिसमें दो नौकर, एक सिक्युरिटी गार्ड शामिल हैं। फिलहाल आगे की जांच अभी चल रही है।
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28/06/25“सांख्यिकी दिवस” कल 29 जून को मनाया जाएगा, थीम: राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के 75 वर्ष
आरएस अनेजा, 28 जून नई दिल्ली
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) 29 को डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली में 19वां सांख्यिकी दिवस मनाएगा। यह दिवस सांख्यिकी और आर्थिक नियोजन के क्षेत्र में अग्रणी रहे प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती के उपलक्ष्य में हर साल मनाया जाता है।
सांख्यिकी दिवस का उद्देश्य राष्ट्रीय विकास के लिए सामाजिक-आर्थिक नियोजन और नीति निर्माण में खासकर युवा पीढ़ी के बीच सांख्यिकी के महत्व के बारे में जन जागरूकता पैदा करना है।
वर्ष 2007 से प्रत्येक वर्ष सांख्यिकी दिवस राष्ट्रीय प्रासंगिकता की थीम के साथ मनाया जाता है। वर्ष 2025 के लिए थीम (विषय) “राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के 75 वर्ष” है, जो भारत में साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने और शासन का समर्थन करने वाले विश्वसनीय एवं समयबद्ध सांख्यिकीय डेटा प्रदान करने में राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), योजना मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संस्कृति मंत्रालय के राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह करेंगे, जो इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के अध्यक्ष प्रो. राजीव लक्ष्मण करंदीकर और एमओएसपीआई सचिव डॉ. सौरभ गर्ग भी संबोधन देंगे।
राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मंत्रालय एक स्मारक सिक्का और कस्टमाइज्ड माई स्टैम्प जारी करेगा। इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण सांख्यिकीय प्रकाशन भी जारी किए जाएंगे, जिनमें सतत विकास लक्ष्य - राष्ट्रीय संकेतक रूपरेखा प्रगति रिपोर्ट 2025 (सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स- नेशनल इंडिकेटर फ्रेमवर्क प्रोग्रेस रिपोर्ट 2025) और भारत में पोषण सेवन (न्यूट्रिशनल इनटेक इन इंडिया) 2022-23 और 2023-24 शामिल हैं। इसके अलावा, आधिकारिक आंकड़ों तक उपयोगकर्ता के अनुकूल पहुंच की सुविधा के लिए एमओएसपीआई द्वारा विकसित जीओआईस्टेट मोबाइल एप्लिकेशन भी लॉन्च किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान सांख्यिकी में प्रतिष्ठित प्रो. सी.आर. राव राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। एमओएसपीआई द्वारा आयोजित डेटा विजुअलाइज़ेशन हैकथॉन के विजेताओं को भी बधाई दी जाएगी। एमओएसपीआई के महानिदेशक श्री पी. आर. मेश्राम द्वारा धन्यवाद ज्ञापन दिया जाएगा।
उद्घाटन सत्र के बाद तकनीकी सत्र होगा जिसमें राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के 75 वर्षों पर प्रकाश डालने वाली एक लघु फिल्म दिखाई जाएगी और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य डॉ. शमिका रवि द्वारा संचालित “आधिकारिक सांख्यिकी पर अग्रणी प्रौद्योगिकियों का प्रभाव” विषय पर एक पैनल चर्चा होगी। पैनल में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी (राष्ट्रीय प्रतिरक्षाविज्ञान संस्थान) के निदेशक डॉ. देबाशीष मोहंती, वाधवानी सेंटर फॉर गवर्नमेंट डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के सीईओ श्री प्रकाश कुमार और आदित्य बिड़ला मैनेजमेंट कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड के एनालिटिक्स कंसल्टिंग एंड सॉल्यूशन के प्रमुख, एसवीपी श्री अमिताभ त्रिपाठी शामिल होंगे।
इस कार्यक्रम में विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, नीति आयोग, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन, अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों, डोमेन विशेषज्ञों, शोध संस्थानों और अन्य हितधारकों सहित लगभग 700 प्रतिभागियों के भाग लेने की संभावना है। कार्यक्रम के मुख्य अंशों को एमओएसपीआई के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी देखा जा सकता है।
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28/06/25रक्षा राज्य मंत्री ने अन्टाननरीवो में मेडागास्कर के स्वतंत्रता दिवस की 65वीं वर्षगांठ में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया
आरएस अनेजा, 28 जून नई दिल्ली
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने मेडागास्कर में राजधानी अन्टाननरीवो की आधिकारिक यात्रा की। इस अवसर पर उन्होंने एक उच्च स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। रक्षा राज्य मंत्री ने अपनी यात्रा के दौरान मेडागास्कर के स्वतंत्रता दिवस की 65वीं वर्षगांठ और मालागासी सशस्त्र बलों के गठन समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
संजय सेठ ने मेडागास्कर के सशस्त्र बल मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल साहिवेलो लाला मोन्जा डेल्फिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस मौके पर दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को गति देने और विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा व क्षमता निर्माण को विस्तार देने के तौर-तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने मेडागास्कर के प्रधानमंत्री श्री क्रिश्चियन एनत्से से भी मुलाकात की और मेडागास्कर की स्वतंत्रता की 65वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ओर से उनको हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
रक्षा राज्य मंत्री अन्टाननरीवो में दूतावास द्वारा आयोजित भारतीय सामुदायिक स्वागत समारोह में शामिल हुए। उन्होंने मेडागास्कर में भारतीय समुदाय के सदस्यों को भारत में हाल के घटनाक्रमों और प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वर्तमान में चल रहे आर्थिक परिवर्तनकारी कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी।
हिंद महासागर क्षेत्र में निकट पड़ोसी और सहयोगी विकासशील देशों के रूप में भारत तथा मेडागास्कर के बीच दीर्घकालिक मैत्री एवं लोगों के बीच मित्रवत संपर्क हैं। मेडागास्कर की विकास यात्रा में भारत एक विश्वसनीय और प्रतिबद्ध भागीदार बना रहेगा। रक्षा राज्य मंत्री की इस यात्रा ने महासागर (सभी क्षेत्रों में सुरक्षा एवं विकास के लिए पारस्परिक तथा समग्र उन्नति) के दृष्टिकोण के अनुरूप, मेडागास्कर के साथ अपनी साझेदारी को और सशक्त बनाने की भारतीय प्रतिनिधित्व की तरफ से प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
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28/06/25अमित शाह की अध्यक्षता में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों की मंथन बैठक 30 जून को निर्धारित
आरएस अनेजा, 28 जून नई दिल्ली
भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा 30 जून को भारत मंडपम, नई दिल्ली में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों की एक मंथन बैठक आयोजित की जा रही है।
मंथन बैठक माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित होगी। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों एवं सहकारिता विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव भाग लेंगे। यह मंच सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए प्रगति की समीक्षा, विचारों के आदान-प्रदान और भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने का अवसर प्रदान करेगा।
इस मंथन बैठक का मुख्य उद्देश्य सहकारिता मंत्रालय की अब तक की पहलों और योजनाओं की समग्र समीक्षा करना, अब तक हुई प्रगति का मूल्यांकन करना, और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से अनुभवों, श्रेष्ठ प्रक्रियाओं और रचनात्मक सुझावों का आदान-प्रदान सुनिश्चित करना है। यह मंथन बैठक माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के दृष्टिकोण को सामूहिक प्रयासों के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए साझा समझ और समन्वित रणनीति विकसित करने की दिशा में कार्य करेगी।
मंथन बैठक में 2 लाख नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS), डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों की स्थापना जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा की जाएगी, जो ग्रामीण सेवा वितरण को अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए अहम है। मंथन बैठक में सहकारी क्षेत्र में ‘विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना’ पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा, जिसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना और किसानों को सशक्त बनाना है। इसके साथ ही, ‘सहकारिता में सहकार’ अभियान और ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025’ के अंतर्गत राज्यों की प्रगति और सहभागिता पर चर्चा होगी।
तीन नई बहु-राज्यीय राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं, राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (NCEL), राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCOL), और भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) में राज्यों की भागीदारी की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, श्वेत क्रांति 2.0 और भारत के डेयरी क्षेत्र में सर्कुलरिटी एवं सस्टेनेबिलिटी की अवधारणाओं को अपनाने तथा आत्मनिर्भरता अभियान के अंतर्गत दलहन व मक्का उत्पादक किसानों के लिए समर्थन मूल्य पर चर्चा होगी। PACS कंप्यूटरीकरण और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार (RCS) के कार्यालयों के कंप्यूटरीकरण जैसे डिजिटल परिवर्तन संबंधी पहलों की भी समीक्षा की जाएगी, विशेष रूप से राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस और इसकी नीति-निर्माण में उपयोगिता पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
इस मंथन बैठक में सहकारी क्षेत्र में मानव संसाधन विकास, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर चर्चा होगी, विशेषकर त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी की स्थापना के संदर्भ में। इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा सहकारी बैंकिंग क्षेत्र की वित्तीय मजबूती के लिए उठाए गए कदमों पर भी चर्चा होगी, जैसे सहकारी बैंकों से जुड़ी समस्याओं के समाधान, राज्य सहकारी बैंकों (StCBs) और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (DCCBs) के लिए साझा सेवा इकाई (SSE) की स्थापना और शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) के लिए अंब्रेला संगठन का संचालन।
यह मंथन बैठक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की भूमिका को रेखांकित करते हुए राज्य स्तरीय सहकारी समितियों को जीवंत आर्थिक इकाइयों में बदलने की दिशा में केंद्र और राज्यों के बीच सहकारी संघवाद की भावना के साथ करीबी समन्वय को बढ़ावा देने में उत्प्रेरक की भूमिका निभाएगा।
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28/06/25प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की
आरएस अनेजा, 28 जून नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव को उनकी जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा देश के आर्थिक और राजनीतिक परिवर्तन के महत्वपूर्ण चरण के दौरान भारत के विकास पथ को आकार देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को याद किया।
एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा:
"पी.वी. नरसिम्हा राव गारू को उनकी जयंती पर याद करते हुए। हमारे विकास पथ के महत्वपूर्ण चरण के दौरान उनके प्रभावी नेतृत्व के लिए भारत उनका आभारी है। उनकी बुद्धि, ज्ञान और विद्वत्तापूर्ण स्वभाव की भी व्यापक रूप से प्रशंसा की जाती है।"
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28/06/25आरएसपीसीबी ने दिए निर्देश- मानसून को ध्यान में रखते हुए ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण सुनिश्चित करें
एन.एस. बाछल, 28 जून, जयपुर।
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) के अध्यक्ष डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने मंडल मुख्यालय में पदस्थापित एवं सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिए कि अच्छे मानसून को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन सहित विभिन्न हितधारकों के सहयोग से राज्य सरकार के हरियालो राजस्थान अभियान के तहत ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण सुनिश्चित करें।
डॉ. रवि कुमार सुरपुर शुक्रवार को झालाना में मंडल परिसर स्थित सभागार में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान एमआईएस 2.0 में उद्योगों के पंजीयन की स्थिति, सीईटीपी और डेटा ट्रांसमिशन से जुड़े स्काडा सिस्टम की कार्यप्रणाली सहित राष्ट्रीय हरित अधिकरण एवं अन्य न्यायालयों के निर्देशों के अनुपालन की स्थिति आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि हितधारकों को नई तकनीकों व कानूनों से अवगत कराने और सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से प्रत्येक क्षेत्रीय कार्यालयों को माह में दो दिवस की कार्यशाला का आयोजन करना चाहिए। इसके लिए गैर सरकारी संगठनों, अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय संगठनों आदि का सहयोग लिया जा सकता है।
डॉ. सुरपुर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित आवेदनों को समयबद्धता के साथ निस्तारित करें ताकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के "ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस" के विज़न में मंडल अपनी सार्थक भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को नियमित रूप से निरीक्षण करना चाहिए तथा विभिन्न विभागों और जिला प्रशासन के सहयोग से कार्य को सुनिश्चित करना चाहिए।
बैठक का संचालन आरएसपीसीबी के सदस्य सचिव शारदा प्रताप सिंह ने किया। उन्होंने आरएसपीसीबी अध्यक्ष को अवगत कराया कि मंडल ने गत वर्ष 14.30 लाख से अधिक पौधारोपण किया है तथा इस वर्ष भी मंडल राज्य सरकार द्वारा तय लक्ष्यों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार है। उन्होंने बताया कि मियावाकी पद्धति के अनुरूप पाली और भिवाड़ी में एक- एक लाख पौधों का रोपण मंडल व जिला प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है।
बैठक में आरएसपीसीबी के मुख्य पर्यावरण अभियंता प्रेमालाल एवं मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी विक्रम सिंह परिहार सहित सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रभारी, मंडल के अधिकारीगण व कर्मचारीगण मौजूद रहे।
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28/06/25शिक्षा केवल डिग्री नहीं, राष्ट्रनिर्माण का माध्यम होनी चाहिए-राज्यपाल
एन.एस. बाछल, 28 जून, जयपुर।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने शिक्षकों को राष्ट्रनिर्माण की रीढ़ बताते हुए कहा कि शिक्षा केवल बुद्धि नहीं, चरित्र गढ़ने का माध्यम होनी चाहिए।
राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय प्रदेश समिति के दो दिवसीय महाअधिवेशन का समापन शुक्रवार को हनुमानगढ़ जिले के गोगामेड़ी के गोरक्षधाम में हुआ। समापन सत्र में राज्यपाल ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि सन् 1835 की मैकाले शिक्षा नीति ने भारतीय शिक्षा की आत्मा को खत्म किया था, लेकिन अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 उस आत्मा को पुनः स्थापित कर रही है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 केवल पाठ्यक्रम का बदलाव नहीं है, बल्कि यह भारत की आत्मा को पुनर्जीवित करने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि इस नीति के निर्माण में 400 कुलपति और 1000 से अधिक शिक्षाविदों ने दो वर्षों तक मंथन किया।
उन्होंने कहा कि भारत की गुरुकुल परंपरा में शिक्षा जीवन पद्धति थी, जहां छात्र को केवल विषय नहीं, जीवन जीना भी सिखाया जाता था। आज आवश्यकता है कि शिक्षक फिर से उसी परंपरा को जीवित करें। उन्होंने इस अवसर पर शुभांशु शुक्ला, राकेश शर्मा सहित हीरालाल शास्त्री, हरिभाऊ उपाध्याय, दुर्गाराम, डॉ भीमराव अंबेडकर, लाल गोविंद प्रभु, केशव माधो का जैसे सामाजिक, राजनैतिक और वैज्ञानिक व्यक्तित्व की प्रेरणदायक जिवनी का जिक्र किया।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण है। उन्होंने प्राथमिक शिक्षकों को उच्चतम वेतन देने वाली जर्मनी की शिक्षा प्रणाली का उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षक को सबसे अधिक महत्व दिया जाना चाहिए। बच्चे को केवल नंबर नहीं, संस्कार देना शिक्षक का धर्म है। इस मौके पर राज्यपाल और शिक्षा मंत्री ने गुरु गोरखनाथ धाम और गोगाजी के दर्शन किए तथा पूजा अर्चना की।
शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाता नहीं बल्कि विद्यार्थियों को गढ़ता है। उन्होंने कहा कि मूर्तिकार मिट्टी से राम और रावण दोनों बना सकता है, यह निर्णय शिक्षक के हाथ में होता है कि वह क्या बनाए।
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28/06/25गांवों के समग्र विकास और अंतिम व्यक्ति तक सेवा की पहुंच हमारी प्राथमिकता
एन.एस. बाछल, 28 जून, जयपुर।
राजस्थान सरकार के संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने शुक्रवार को जोधपुर की लूणी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत डोली (तहसील झंवर) एवं ग्राम पंचायत धांधिया (तहसील लूणी) में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित जनकल्याण शिविरों का निरीक्षण कर ग्रामीणजनों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार का ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक नागरिक को मूलभूत सुविधाएं जैसे बिजली, पानी, सड़क ग्रामीण स्तर पर ही सुलभ हो जाएं।
गांवों को शहर जैसी सुविधाओं से सुसज्जित करेंगे—
जोगाराम पटेल ने ग्राम पंचायत डोली में आयोजित शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार का मानना है कि विकास की असली परिभाषा तब साकार होती है, जब गांव के अंतिम व्यक्ति को भी शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सपना है कि ग्रामीणों को गांव में ही रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना से जुड़ी समस्त सुविधाएं मिले ताकि कोई भी व्यक्ति गाँव छोड़कर शहर जाने को विवश न हो।
जनसमस्याओं पर तुरंत कार्यवाही के निर्देश—
शिविर के दौरान मंत्री जोगाराम पटेल ने बिजली विभाग के अधिकारियों से संवाद करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति पर फीडबैक लिया। सभी ट्रांसफार्मर, केबल व लाइन की मरम्मत शीघ्र पूर्ण की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि डोली गांव में जो सड़क निर्माण कार्य चल रहा है, उसमें लाइट और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी नागरिक को असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों की बिजली, पानी, सड़क, राजस्व सहित अन्य समस्याओं का समयबद्ध व प्राथमिकता से समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि डोली गांव का कोई भी राजस्व प्रकरण न्यायालय में लंबित न रहे और चल रहे मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।
शिविरों में लाभार्थियों को मिले योजनाओं के लाभ—
शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स पर नागरिकों को योजनाओं से संबंधित जानकारी दी गई और मौके पर ही आवश्यक प्रमाण पत्र व लाभ उपलब्ध कराए गए। ग्रामीणों ने मंत्री श्री पटेल के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं, जिनका उन्होंने मौके पर ही समाधान कराने के निर्देश दिए।
डोली पंचायत में हुए प्रमुख विकास कार्य—
. कटारड़ा से डोली तक डामर सड़क निर्माण (लंबाईर 5 किमी, लागत ₹159 लाख)
. डोली से बुझावड़ सड़क रिन्यूअल कार्य (6 किमी, स्वीकृत)
. बोरानाडा-झंवर रोड पर लाईट कार्य (डोली व झंवर क्षेत्र) (₹70 लाख, कार्य आगामी सप्ताह से)
. रा.उ.मा.वि. डोली में कक्षा कक्ष निर्माण (₹11.43 लाख, कार्य प्रगतिरत)
. जलदाय विभाग द्वारा नलकूप निर्माण (₹23.45 लाख)
. विधायक मद से पाइप लाइन कार्य (₹13.24 लाख, कार्य पूर्ण
. डोली श्मशान घाट में नलकूप निर्माण कार्य (₹20 लाख)
धांधिया पंचायत में हुए प्रमुख विकास कार्य
. लूणी से धांधिया सड़क निर्माण (2.5 किमी, ₹265 लाख)
. निम्बला से धांधिया पुलिया निर्माण (₹90 लाख, कार्य प्रगतिरत)
. धांधिया से देवपुरा सड़क कार्य (2.5 किमी, दो वर्ष से स्वीकृत, शीघ्र प्रारंभ)
. नवीन ग्राम पंचायत मुख्य द्वार व चारदीवारी निर्माण (₹7 लाख)
. ग्राम रेंदड़ी में खंरजा निर्माण (₹8 लाख)
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28/06/25‘रास्ता खोलो’ अभियान ग्रामीणों के लिए बना वरदान दौसा जिले में सालों से बंद 125 रास्ते खुलने से आमजन की राह हुई आसान, आपसी विवाद हुए खत्म
एन.एस. बाछल, 28 जून, जयपुर।
राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण अंचल में शुरु किया गया ‘रास्ता खोलो’ अभियान दौसा जिले के ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हुआ है। इसके तहत सालों से बंद पड़े रास्ते खुलने से आमजन की राह आसान हुई है और आपसी विवादों का समाधान होने से सौहार्द का माहौल बना है। अभियान के दौरान जिले में 125 रास्तों को अतिक्रमण मुक्त कर खुलवाने से जिलेवासियों को बड़ी राहत मिली है। महवा उपखंड में सबसे अधिक 22 रास्तों से अतिक्रमण हटवाकर आवाजाही शुरु करवाई गई।
जिला कलक्टर देवेन्द्र कुमार ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार अप्रेल माह से यह अभियान शुरु किया गया था। इस अभियान के माध्यम से अतिक्रमण की वजह से सालों से बंद रास्तों को खोलकर लोगों की राह को सुगम बनाया गया है। उपखंड अधिकारी एवं तहसीलदारों के नेतृत्व में राजस्व टीमों ने कुछ मामलों में लोगों से समझाइश कर रास्ते खुलवाए तो कहीं पुलिस की मदद से सार्वजनिक रास्तों से अतिक्रमण हटवाकर चालू करवाया। इनमें से कई रास्ते तो ऎसे हैं, जो कई दशकों से बंद पड़े हुए थे।
इस अभियान से पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों में रास्तों पर अतिक्रमण के 186 प्रकरण दर्ज थे, जिनमें से 125 रास्तों को अभियान में अतिक्रमण मुक्त करवा दिया गया है।
इन रास्तों को ग्रेवल रोड में किया जा रहा है विकसित—
‘रास्ता खोलो’ अभियान के अंतर्गत खोले गए इन रास्तों पर ग्रेवल रोड निर्माण करवाने के लिए जिला कलेक्टर ने संबंधित विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है। कलेक्टर ने बताया कि सालों से बंद पड़े इन रास्तों के खुलने से ग्रामीणों की राह सुगम होने के साथ लोगों के बीच विवाद भी खत्म हुए हैं। सालों से विवादित इन रास्तों को खुलवाने में राजस्व टीमों के साथ पुलिस, जनप्रतिनिधि एवं आमजन का भी सकारात्मक सहयोग रहा।
डाबर कलां में 25 साल से बंद राह खुली—
अभियान में रामगढ़ पचवारा पंचायत समिति की निजामपुर ग्राम पंचायत में डाबरा कलां गांव में 25 साल से बंद रास्ते को अतिक्रमण से मुक्त करवाकर खुलवाया गया। सलेमपुरा-राणौली मुख्य सड़क से ग्राम पंचायत निजामपुरा के डाबर कलां गांव को जोड़ने वाला यह रास्ता 25 साल से अतिक्रमण के कारण बंद था। रास्ते की इस रुकावट की वजह से लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस रास्ते को लेकर दोनों तरफ़ से काश्तकारों का विरोध था, जिससे यह रास्ता बंद पड़ा था। प्रशासन ने दो-तीन बार पहले भी इसे खुलवाने का प्रयास किया था लेकिन कामयाबी नहीं मिली थी।
उपखंड प्रशासन ने आसपास के काश्तकारों से संवाद कर इस रास्ते को खुलवाने की सकारात्मक पहल की। राजस्व टीम ने गांव वालों के सहयोग से पुलिस को साथ लेकर 26 जून को सवा किलोमीटर लंबे इस रास्ते को अतिक्रमण से मुक्त करवाया। इससे अब ग्रामीणों की आवाजाही सुगम हो सकेगी, स्कूली बच्चों के लिए आने-जाने में दिक्कत नहीं होगी और काश्तकार जरूरी साधन एवं कृषि यंत्र लाने-ले जाने का काम आसानी से कर सकेंगे। ग्रामीणों ने 25 साल से चल रही इस समस्या का हल होने पर खुशी जाहिर की और इस अभियान के माध्यम से किए जा रहे पुनीत कार्यों के लिए राज्य सरकार की सराहना की।
लवाण में दो दशक से बंद रास्ता खुलवाया—
तहसीलदार लवाण के नेतृत्व में राजस्व टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में 18 जून को लवाण के पूर्णीयावास गांव में माधोलाई तलाई से खैराला की कोठी तक जेसीबी चलवाकर बीस साल से बंद रास्ता खुलवाया। इससे लगभग सौ लोगों को फायदा होगा।
25 साल से बंद डेढ़ किलोमीटर लंबा रास्ता खुला—
अभियान के दौरान अप्रेल माह में बहरावण्डा तहसील के मीनावाड़ा गांव में 25 साल से बंद डेढ़ किलोमीटर लम्बा रास्ता खुलवाया। सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से अवाप्त यह रास्ता पिछले 25 साल से अतिक्रमण के कारण बंद था। गांव में इस मार्ग के अलावा अन्य कोई रास्ता रिकॉर्डेड नहीं होने की वजह से ग्रामीणों को आवाजाही में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही, राजकीय प्राथमिक विद्यालय के बच्चों और शिक्षकों के लिए भी कोई सुचारू रास्ता नहीं था। राजस्व टीम ने मय पुलिस जाब्ता करीब डेढ़ किलोमीटर लम्बे इस रास्ते से अतिक्रमण हटवाया। गांव में इस रास्ते के खुलने से उत्साहित ग्रामीणों ने ‘रास्ता खोलो अभियान’ चलाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया है।
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28/06/25मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने विधान सभा अध्यक्ष को दी बधाई, प्रतिपक्ष के नेता और प्रदेश के मंत्रीगण ने विधान सभा पहुँचकर दी बधाई
एन.एस. बाछल, 28 जून, जयपुर।
प्रदेश के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली और प्रदेश के कई मंत्रीगण, विधायकगण, सांसदगण अन्य जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों ने राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को फ्रांस और जर्मनी की सफल अध्ययन यात्रा और उनके विवाह की 50 वीं वर्षगांठ के लिए अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की है।
सहकारिता मंत्री गोतम दक और प्रतिपक्ष के नेता जूली ने विधान सभा पहुँचकर वासुदेव देवनानी को पुष्प गुच्छ भेंट कर बधाई दी। इनके अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा विधान सभा सचिवालय के पदाधिकारियों ने श्री देवनानी को बधाई दी।
फ्रांस और जर्मनी यात्रा सार्थक उपयोगी और ज्ञान वर्धक रही—
विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ के तत्वावधान में 17 से 25 जून तक फ्रांस और जर्मनी की अपने अध्ययन यात्रा को सार्थक उपयोगी, लाभप्रद और ज्ञानवर्धक बताया है। उन्होंने कहा कि मेरी यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों की संसदीय प्रक्रियाओं पद्धतियों तथा परम्पराओं एवं स्थानीय संस्कृति का अध्ययन करना था।
वासुदेव देवनानी ने इस यात्रा के अनुभव और संस्मरणों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि दोनों देशों में भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में हो रही प्रगति और नवाचारों को लेकर सकारात्मक भाव देखा गया है और भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और काउन्टर टेररिज्म पर दोनों देश भारतीय दृष्टिकोण के साथ एक मत दिखाई दिये।
वासुदेव देवनानी ने बताया कि फ्रांस और जर्मनी दोनों देशों में भारत की संसद की तरह लोअर हाउस और अपर हाउस की लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं है लेकिन इन देशों में संसदीय चुनाव की पद्धतियां पृथक-पृथक है। फ्रांस में चुनावों में मिलने वाले मत प्रतिशत के आधार पर अपर हाउस के सदस्यों का मनोनयन होता है। वहीं जर्मनी में स्थानीय निकाय के मेयर आदि ही स्थानीय प्रशासन को संचालित करते है वहां पृथक से कोई राज्यों की व्यवस्था नहीं है।
विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बताया कि यूरोप के देशों में विशेषकर जर्मनी में योग के प्रति विशेष समर्पण और अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए भारत के प्रति आभार का भाव भी देखा गया। वहां विशेष रूप से योग को स्वास्थ्य से जोड़कर देखा जाता है। जर्मनी में अधिकांश नागरिकों को सडकों पर साईकिलों से आवागमन करते हुए देखा जाता है तथा वे अपने आप को स्वस्थ रखने के प्रति अधिक जागरूक है।
वासुदेव देवनानी ने बताया है कि दोनों देशों की इस अध्ययन यात्रा के दौरान मैंने वहां की नेशनल एसेम्बली और अन्य संसदीय संस्थाओं का अवलोकन करने के साथ ही दोनों देशों के सांसदों, प्रशासनिक अधिकारियों और प्रवासी भारतीयों से भी मुलाकात की और वहां की ऐतिहासिक धरोहरों को भी देखा तथा भारतीय दूतावासों में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लिया। इसके अलावा दोनों देशों में बसे हुए प्रवासी भारतीयों से भी आत्मीय मुलाकात की। विशेषकर प्रवासी राजस्थानियों से भेंट कर उनसे विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने बताया कि फ्रांस और जर्मनी की यात्रा में राजस्थान विधान सभा में हुए नवाचारों को भी सभी ने सराहा।
वासुदेव देवनानी ने बताया कि प्रवासियों ने भारत के विभिन्न स्थानों से इन देशों के लिए सीधी हवाई सेवाएं शुरू करवाने में सहयोग करने का आग्रह किया है, ताकि उन्हें भारत आने के लिए एक से अधिक फ्लाईटस बदलना नहीं पडे। साथ ही प्रवासियों ने भारत के विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में फ्रांस और जर्मनी भाषा के पाठयक्रम आरम्भ करवाने की आवश्यकता भी बताई ताकि इन देशों में रोजगार की सम्भावनाओं के अवसरों को देखते हुए भारत से जाने वाले युवाओं को इन भाषाओं का ज्ञान होने से रोजगार के अधिक अवसर मिल सके। मुझे उम्मीद है कि मेरी यह यात्रा ‘राजस्थान-2047: वैश्विक नेतृत्व की ओर’ दृष्टिकोण के तहत राज्य के युवाओं, नीति-निर्माताओं और नागरिक समाज के लिए उपयोगी साबित होगी।
वासुदेव देवनानी ने बताया कि दोनों देशों ने प्रवासी राजस्थानियों ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट सबमिट की चर्चा की और इसे एक अच्छी पहल बताते हुए सबमिट में हुए एमओयू को यथा शीघ्र धरातल पर लाने के लिए विशेष प्रयास किये जाने की आवश्यकता बताई।
वासुदेव देवनानी ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की। कि दोनों देशों में प्रवासी भारतीय संस्कृति तीज त्योहारों आदि को आगे बढ़ाने के लिए मिल-जुलकर प्रयास कर रहे है तथा शिक्षा तकनीकी एआई, प्रमाणु ऊर्जा विकास आदि विभिन्न क्षेत्रों में भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्साहित है।
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28/06/25एनर्जी ट्रांजिशन की दिशा में स्वयं को बेहतर तरीके से तैयार करें विद्युत निगम
एन.एस. बाछल, 28 जून, जयपुर।
प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा अजिताभ शर्मा ने प्रदेश के विद्युत निगमों को एनर्जी ट्रांजिशन की दिशा में और अधिक मजबूती के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के साथ—साथ राजस्थान को ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके मद्देनजर वितरण निगम ग्रिड के बेहतर प्रबंधन, लोड मैनेजमेंट तथा उपभोक्ता सेवाओं की त्वरित अदायगी पर फोकस करें। प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा का पदभार संभालने के बाद शुक्रवार को जयपुर, जोधपुर एवं अजमेर विद्युत वितरण निगमों एवं अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशकों के साथ अपनी पहली समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को 24*7 बिजली आपूर्ति के साथ ही आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में डिस्कॉम्स योजनाबद्ध रूप से काम करें।
अजिताभ ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि कुसुम योजना में प्रदेश में बेहतर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि एनर्जी ट्रांजिशन की दिशा में विकेंद्रित सौर ऊर्जा को और अधिक प्रतिबद्धता के साथ बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने RDSS योजना, मीटरिंग, उपभोक्ताओं को सुगम सेवाओं आदि विषयों पर भी डिस्कॉम चेयरमैन आरती डोगरा से फीडबैक लिया।
इस अवसर पर अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रोहित गुप्ता, जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक डॉ. भंवरलाल, अजमेर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक केपी वर्मा, ऊर्जा विभाग के संयुक्त सचिव श्री सौरभ स्वामी भी मौजूद रहे।
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28/06/25 |आज का राशिफल 28 जून 2025
मेष (Aries) - (21 मार्च - 19 अप्रैल)
आज प्रेम संबंधों में उतार-चढ़ाव रहेगा। प्रेमी-प्रेमिका आपसी समझौते से मन-मुटाव सुलझाएं। आप अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहेंगे। कार्यालय में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। सेहत अच्छी रहेगी।
वृषभ (Taurus) - (20 अप्रैल - 20 मई)
बड़े लोगों की मदद और सहयोग से आपको अपनी किसी समस्या को सुलझाने में कामयाबी मिलेगी। शत्रु कमजोर रहेंगे। दिन आर्थिक मामलों में लाभदायक सिद्ध हो सकता है।
मिथुन (Gemini) - (21 मई - 20 जून)
आज का दिन आर्थिक रूप से सकारात्मक रहेगा, लाभ पाएंगे। सितारा धन लाभ के लिए अच्छा है, कारोबारी टूरिंग लाभप्रद रहेगी। कामकाजी योजनाएं सफल होंगी और मान-यश की प्राप्ति होगी।
कर्क (Cancer) - (21 जून - 22 जुलाई)
आर्थिक और कारोबारी दशा अच्छी है। मजबूत सितारा आपको हर मोर्चे पर हावी, प्रभावी और विजयी रखेगा। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। मानसिक तनाव से राहत मिल सकती है।
सिंह (Leo) - (23 जुलाई - 22 अगस्त)
सफलता करीब होने के बावजूद आपकी ऊर्जा के स्तर में गिरावट आएगी। परिवार की खुशियों पर ध्यान दें, किसी बात से मन परेशान रह सकता है। स्वास्थ्य बिगड़ सकता है, संतान की चिंता हो सकती है।
कन्या (Virgo) - (23 अगस्त - 22 सितंबर)
आज ध्यान लगाने से मानसिक शांति की उम्मीद की जा सकती है। कार्यस्थल पर मिलने वाले लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाना आपके पक्ष में रहेगा। ड्रिंक्स, आइसक्रीम, केमिकल्स, पेट्रोलियम जैसे व्यापार करने वालों को लाभ मिलेगा।
तुला (Libra) - (23 सितंबर - 22 अक्टूबर)
(आज के राशिफल में तुला राशि के बारे में विशेष जानकारी उपलब्ध नहीं है। कृपया किसी ज्योतिषी से सलाह लें।)
वृश्चिक (Scorpio) - (23 अक्टूबर - 21 नवंबर)
लाभकारी यात्रा के योग हैं। संपत्ति या वाहन का क्रय करेंगे। आपके रुके हुए प्रोजेक्ट दोबारा गति पकड़ सकते हैं।
धनु (Sagittarius) - (22 नवंबर - 21 दिसंबर)
परिवार में विवादों से बचें। व्यर्थ का तनाव हो सकता है। लिखा-पढ़ी में सावधानी रखें। शनि मंत्र का जप करें। शुभ रंग पीला है। प्रेम संबंधों में नई ताजगी आएगी।
मकर (Capricorn) - (22 दिसंबर - 19 जनवरी)
मकर समेत कई राशियों के सितारे चमकेंगे। अतिउत्साह न दिखाएं। सहज गति से आगे बढ़ते रहें। उधार के लेन-देन से बचें। सूझबूझ और स्पष्टता बढ़ाएं। अनुबंधों का पालन करें। सेवा क्षेत्र प्राथमिकता में रहेंगे। स्मार्ट डिले की नीति रखेंगे। कर्मठता बनी रहेगी। आय-व्यय ऊंचा रहेगा। निवेश पर जोर रखेंगे। आर्थिक मामलों में व्यस्त रहेंगे। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा।
कुंभ (Aquarius) - (20 जनवरी - 18 फरवरी)
अपनों से बहस न करें, प्रेम संबंधों में सहजता बढ़ेगी। कानूनी सहयोग मिलेगा। लाभ में वृद्धि होगी। रुके कार्यों में गति आएगी। तंत्र-मंत्र में रुचि बढ़ेगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। शेयर मार्केट से लाभ होगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। व्यापार में वृद्धि होगी। भाग्य का साथ रहेगा। थकान महसूस हो सकती है। आलस्य हावी रहेगा।
मीन (Pisces) - (19 फरवरी - 20 मार्च)
आप दयालु और सहज होते हैं। आपका अवचेतन क्षेत्र से गहरा संबंध होता है। (आज के राशिफल में मीन राशि के बारे में विशेष जानकारी उपलब्ध नहीं है। कृपया किसी ज्योतिषी से सलाह लें।)
यह सामान्य राशिफल है। व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार परिणाम भिन्न हो सकते हैं।
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हरियाणा के इतिहास में पहली बार रिटायर्ड नॉन-आई.ए.एस. अधिकारी को नियुक्त किया गया राज्य निर्वाचन आयुक्त
पंजाब और हरियाणा के एडवोकेट हेमंत निर्वाचन आयुक्त सेवा शर्तों नियमों अनुसार देवेन्द्र कल्याण की नियुक्ति में कोई कानूनी अड़चन नहीं है ।
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27/06/25प्रधानमंत्री 28 जून को नई दिल्ली में आचार्य विद्यानंद जी महाराज के शताब्दी समारोह का उद्घाटन करेंगे
आरएस अनेजा, 27 जून नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 जून की सुबह करीब 11 बजे नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आचार्य विद्यानंद जी महाराज के शताब्दी समारोह का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर श्री मोदी उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे।
सरकार द्वारा भगवान महावीर अहिंसा भारती ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम एक साल तक चलने वाले राष्ट्रीय श्रद्धांजलि समारोह की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक है। इसका उद्देश्य जैन धर्म के महान आध्यात्मिक गुरू और समाज सुधारक आचार्य विद्यानंद जी महाराज की 100वीं जयंती का सम्मान करना है। साल भर चलने वाले इस समारोह में देश भर में सांस्कृतिक, साहित्यिक, शैक्षिक और आध्यात्मिक पहल की जाएंगी। समारोह का उद्देश्य आचार्य विद्यानंद जी महाराज के जीवन और परम्परा का जश्न मनाने के साथ-साथ उनके संदेश का प्रसार करना है।
आचार्य विद्यानंद महाराज ने जैन दर्शन और नैतिकता विषय पर 50 से अधिक पुस्तकों की रचना की है। उन्होंने विशेष रूप से प्राकृत, जैन दर्शन और शास्त्रीय भाषाओं में शिक्षा के लिए काम किया और देश भर में प्राचीन जैन मंदिरों के जीर्णोद्धार और पुनरुद्धार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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27/06/25सरकार ने दिव्यांगजनों और बुजुर्ग नागरिकों के लिए सुगम्यता समर्थन को और सशक्त बनाने के लिए सुगम्य भारत ऐप को नया रूप दिया
आरएस अनेजा, 27 जून नई दिल्ली
सुगम्य भारत ऐप (एसबीए), भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है और यह देश में दिव्यांगजनों एवं बुजुर्ग नागरिकों के लिए सुगम्यता बढ़ाने के प्रति समर्पित है। इस एप को हाल ही में अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल और प्रभावशाली अनुभव प्रदान करने के लिए नया रूप दिया गया है।
ऐप के नवीनीकरण में निम्नलिखित कई उन्नत सुविधाएं शामिल की गई हैं:-
अधिक सहज और उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफ़ेस
वास्तविक समय में उपयोगकर्ताओं की सहायता के लिए एआई संचालित चैटबॉट सुविधा
सुगम्यता से संबंधित नई पहलों के बारे में परिपत्र और अधिसूचनाएं
दिव्यांगजनों के लिए सरकारी योजनाओं और अन्य मूल्यवान संसाधनों का एकीकरण
25 जून 2025 तक, ऐप में कुल 14,358 पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं और एंड्रॉइड एवं आईओएस दोनों प्लेटफ़ॉर्म पर 83,791 ऐप डाउनलोड (एंड्रॉइड प्लेटफ़ॉर्म पर 82,291 और आईओएस प्लेटफ़ॉर्म पर 1500) किए गए हैं। सुगम्य भारत ऐप वर्तमान में एंड्रॉइड डिवाइस के लिए गूगल प्ले स्टोर और आईओएस प्लेटफ़ॉर्म के लिए एपल प्ले स्टोर पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है ।
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी) द्वारा 2021 में शुरू किया गया यह ऐप नागरिकों के लिए सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, परिवहन और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) प्रणालियों में पहुंच संबंधी मुद्दों की जानकारी देने के लिए एक आवश्यक मंच के रूप में कार्य करता है।
उपयोगकर्ता सरलता से उन स्थानों की जियो-टैग की गई तस्वीरें अपलोड कर सकते हैं जहां पहुंच संबंधी बाधाएं हैं, जिससे अधिकारी तुरंत सुधारात्मक कार्यवाही कर सकते हैं। अपनी शुरुआत से लेकर अब तक, ऐप को कुल 2,705 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 1,897 का सफलतापूर्वक समाधान किया गया है और यह सभी के लिए समावेशी वातावरण बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग दिव्यांगजनों को पहुंच संबंधी चुनौतियों की जानकारी देने में सक्रिय रूप से भाग लेने और बाधा-मुक्त भारत के सरकार के दृष्टिकोण का समर्थन करने के लिए निरंतर रूप से प्रोत्साहित करता है।
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27/06/25रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के चिंगदाओ में एससीओ की बैठक के दौरान बेलारूस, तजाकिस्तान और कज़ाकिस्तान के रक्षा मंत्रियों से भेंट की
आरएस अनेजा, 27 जून नई दिल्ली
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के चिंगदाओ में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान बेलारूस के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल विक्टर ख्रेनिन, तजाकिस्तान के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल सोब्रीज़ोदा इमोमाली अब्दुरखिम और कज़ाकिस्तान के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल डौरेन कोसानोव के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
रक्षा मंत्रियों के साथ अपने वार्तालाप में रक्षा मंत्री ने रक्षा सहयोग में निरंतर भागीदारी और तकनीकी सहयोग के क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसरों की खोज के महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भारत द्वारा की गई तीव्र प्रगति और कई प्रमुख क्षेत्रों में अपनी रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने में आत्मनिर्भरता हासिल की जानकारी भी साझा की।
राजनाथ सिंह ने अपने समकक्षों को पहलगाम आतंकवादी हमले और पाकिस्तान में आतंकवादी नेटवर्क को ध्वस्त करने के उद्देश्य से भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में भी जानकारी दी।
रक्षा मंत्रियों ने क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण, सैन्य तकनीकी सहयोग, सैन्य शिक्षा तथा साझा हित के अन्य क्षेत्रों में सहयोग जारी रखने पर भी सहमति व्यक्त की।
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27/06/25आपातकाल के 50 वर्ष : संस्कृति मंत्रालय और दिल्ली सरकार ने लोकतंत्र में देश की निष्ठा प्रदर्शित करने के लिए ‘संविधान हत्या दिवस’मनाया
आरएस अनेजा, 27 जून नई दिल्ली
देश के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक आपातकाल के लागू होने की 50वीं वर्षगांठ पर संस्कृति मंत्रालय ने दिल्ली सरकार के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजधानी में 'संविधान हत्या दिवस' कार्यक्रम का आयोजन किया। यह अवसर संविधान में निहित मूल्यों की रक्षा करने और लोकतंत्र के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता की पुष्टि करने के महत्व की याद दिलाता है।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी, रेलवे और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव, दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
आपातकाल के काले दिनों की याद
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री अमित शाह ने आपातकाल के काले दिनों को न केवल एक ऐतिहासिक घटना के रूप में, बल्कि लोकतांत्रिक आदर्शों की रक्षा के लिए एक स्थायी सबक के रूप में याद करने के महत्व पर बात की।
"बुरी घटनाओं को आमतौर पर भुला दिया जाता है। लेकिन जब ऐसी घटनाएं सामाजिक और राष्ट्रीय जीवन से जुड़ी होती हैं, तो उन्हें हमेशा याद रखना चाहिए। यह इसलिए ज़रूरी है ताकि देश के युवाओं में सही मूल्यों का संचार हो, वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए तैयार रहें और यह सुनिश्चित करें कि ऐसी काली घटनाएं कभी न दोहराई जाएं।"
शाह ने कहा कि इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हर साल 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला किया है, जिसे गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना के माध्यम से औपचारिक रूप दिया है। यह दिन युवा पीढ़ी को अधिनायकवाद के खतरों और संविधान की भावना को बनाए रखने की आवश्यकता के बारे में शिक्षित करने का काम करता है।
"इस दिन को याद रखना बहुत ज़रूरी है ताकि भविष्य में कोई भी इस देश में निरंकुशता न थोप सके। आपातकाल के दौरान एक ख़तरनाक विचारधारा ने जड़ें जमा लीं - कि पार्टी देश से बड़ी है, परिवार पार्टी से बड़ा है, व्यक्ति परिवार से बड़ा है और सत्ता राष्ट्रीय हित से ऊपर है।"
उन्होंने कहा कि वर्तमान राष्ट्रीय भावना प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘राष्ट्र प्रथम’ के विचार को प्रतिबिंबित करती है:
"प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 'राष्ट्र प्रथम' का विचार अब लोगों के दिलों में गूंज रहा है। यह बदलाव लोकतंत्र के उन हजारों योद्धाओं के संघर्ष के कारण संभव हुआ है, जिन्होंने 19 महीने जेल में बिताए। आज, श्री मोदी के नेतृत्व में, 140 करोड़ भारतीय 2047 तक देश को हर क्षेत्र में पूरी दुनिया में नंबर एक बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं - और उस लक्ष्य की ओर संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।"
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27/06/25क़तर के लिए पठानकोट से गुलाब की खुशबू वाली लीची की पहली खेप रवाना
आरएस अनेजा, 27 जून नई दिल्ली
देश के बागवानी निर्यात को विशेष बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने पंजाब सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय में बागवानी विभाग के सहयोग से 23 जून 2025 को पंजाब के पठानकोट से क़तर में दोहा के लिए 1 मीट्रिक टन गुलाब की खुशबू वाली लीची की पहली खेप को रवाना करने में मदद की।
इसके अलावा, पठानकोट से दुबई को भी 0.5 मीट्रिक टन लीची का निर्यात किया गया, जो दोहरी निर्यात उपलब्धि है और ताजे फलों के वैश्विक बाजारों में भारत की उपस्थिति को मजबूत करता है।
उपलब्धि से भरी यह पहल भारत के बागवानी उत्पादों की उत्कृष्टता को दर्शाती है और देश की बढ़ती कृषि-निर्यात क्षमताओं को उजागर करती है। यह किसानों को उनके ताजे और उच्च मूल्य वाले उत्पादों के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंच प्रदान करके अपार अवसर प्रदान करता है।
इस पहल को एपीडा ने पंजाब सरकार के बागवानी विभाग, लुल्लू ग्रुप और सुजानपुर के प्रगतिशील किसान श्री प्रभात सिंह के सहयोग से संचालित किया। श्री सिंह ने उच्च गुणवत्ता वाली उपज की आपूर्ति की।
राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 के लिए पंजाब का लीची उत्पादन 71,490 मीट्रिक टन रहा, जो भारत के कुल लीची उत्पादन में 12.39 प्रतिशत का योगदान देता है। इसी अवधि के दौरान, भारत ने 639.53 मीट्रिक टन लीची का निर्यात किया। खेती का रकबा 4,327 हेक्टेयर था, जिसकी औसत उपज 16,523 किलोग्राम/हेक्टेयर रही।
लीची की रवाना की गई खेप में प्रीमियम पठानकोट लीची का एक रीफर पैलेट शामिल है, जो इस क्षेत्र के उत्पादकों के लिए एक बड़ा कदम है। श्री प्रभात सिंह जैसे किसानों की सफलता पठानकोट की क्षमता को दर्शाती है - जो गुणवत्तापूर्ण लीची की खेती और निर्यात के लिए एक उभरते हुए केंद्र के रूप में अनुकूल कृषि-जलवायु परिस्थितियों से लाभान्वित है।
वित्त वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान भारत का फलों और सब्जियों का निर्यात 3.87 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.67 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। जबकि आम, केले, अंगूर और संतरे फलों के निर्यात में हावी हैं। वहीं चेरी, जामुन और लीची अब तेजी से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी जगह बना रहे हैं।
ये प्रयास कृषि-निर्यात का दायरा बढ़ाने, किसानों को सशक्त बनाने और भारतीय उपज की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। केंद्रित कार्यक्रमों के साथ, एपीडा एफपीओ, एफपीसी और कृषि-निर्यातकों के लिए बाजार तक पहुंच को सक्षम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इससे कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों में दुनिया भर में अग्रणी के रूप में भारत की स्थिति मजबूत हो रही है।
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27/06/25राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एमएसएमई दिवस समारोह में भाग लिया
आरएस अनेजा, 27 जून नई दिल्ली
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली में एमएसएमई दिवस समारोह में भाग लिया और उसे संबोधित किया।
इस अवसर पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) देश की अर्थव्यवस्था के एक मजबूत स्तंभ हैं। वे सकल घरेलू उत्पाद में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं और जमीनी स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देते हैं। एक सुदृढ़ एमएसएमई इकोसिस्टम देश के सतत आर्थिक विकास के लिए न केवल महत्वपूर्ण है, बल्कि ये आवश्यक भी है।
ये उद्यम पूंजी की अपेक्षाकृत कम लागत पर अधिक रोजगार के अवसर पैदा करते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये उद्यम ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में रोजगार पैदा करते हैं। इस प्रकार, एमएसएमई क्षेत्र कमजोर वर्गों को सशक्त बनाकर और विकास का विकेंद्रीकरण करके समावेशी विकास में योगदान करता है।
राष्ट्रपति महोदया ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि एमएसएमई क्षेत्र देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हालांकि, इस क्षेत्र को कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है, जिनमें प्रमुख रूप से वित्त की समस्या, बड़ी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा, नवीनतम प्रौद्योगिकी की कमी, कच्चे माल और कुशल कार्यबल की कमी, सीमित बाजार और विलंबित भुगतान शामिल है।
राष्ट्रपति ने कहा कि एमएसएमई के महत्व और उनकी समस्याओं को महसूस करते हुए केन्द्र सरकार ने कई नीतिगत पहल की हैं। इनमें एमएसएमई के लिए वर्गीकरण मानदंडों का संशोधन, ऋण की उपलब्धता में वृद्धि, केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को अपनी वार्षिक खरीद आवश्यकताओं का कम से कम 35 प्रतिशत सूक्ष्म और लघु उद्यमों से प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहन, पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कारीगरों का कौशल विकास आदि शामिल हैं। उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि इन प्रयासों से पंजीकृत एमएसएमई की संख्या में बहुत तेजी से वृद्धि हुई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एमएसएमई के लिए ऑनलाइन विवाद समाधान पोर्टल विलंबित भुगतान के मामलों में महत्वपूर्ण साबित होगा।
मुर्मु ने कहा कि एमएसएमई की स्थिरता के लिए नवाचार बहुत महत्वपूर्ण है। एमएसएमई द्वारा जमीनी स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देने से स्थानीय संसाधनों से स्थानीय मुद्दों का किफायती समाधान मिल सकता हैं।
राष्ट्रपति ने हाल के वर्षों में एमएसएमई क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश के सर्वांगीण विकास के लिए इस क्षेत्र में अधिक से अधिक महिलाओं की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने युवा महिलाओं से उद्यम स्थापित करने और आत्मनिर्भर बनने का आग्रह किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि एमएसएमई भारत की आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, लेकिन वे ऊर्जा खपत और उत्सर्जन के एक बड़े हिस्से के लिए भी जिम्मेदार हैं। एमएसएमई क्षेत्र में हरित प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। ये न केवल एमएसएमई की स्थिरता और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएगा, बल्कि ये देश को अपने जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी मदद करेगा।
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27/06/25PM extends greetings on the occasion of Lord Jagannath’s Rath Yatra
The Prime Minister Shri Narendra Modi today extended greetings on the auspicious occasion of Lord Jagannath’s Rath Yatra.
In separate posts on X, he wrote:
“भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के पवित्र अवसर पर सभी देशवासियों को मेरी ढेरों शुभकामनाएं। श्रद्धा और भक्ति का यह पावन उत्सव हर किसी के जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए, यही कामना है। जय जगन्नाथ!”
“ପବିତ୍ର ରଥଯାତ୍ରା ଉପଲକ୍ଷେ ହାର୍ଦ୍ଦିକ ଶୁଭେଚ୍ଛା ।
ଜୟ ଜଗନ୍ନାଥ!”
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27/06/25PM extends Ashadhi Bij greetings to the Global Kutchi Community
Prime Minister Shri Narendra Modi today extended wishes to the Kutchi community across the world on the auspicious occasion of Ashadhi Bij, the Kutchi New Year.
In separate posts on X, he wrote:
“Best wishes, especially to the Kutchi community all around the world, on the special occasion of Ashadhi Bij. May the year ahead bring peace, prosperity and wonderful health for everyone.”
“અષાઢી બીજ એટલે કચ્છી નયેં વરેંજે અવસર તેં કચ્છમેં અને દેશ, દુનિયામેં વસધલ કચ્છી ભા, ભેણેં કે ધિલસેં વધાઇયું ડીયાંતો અને સુખ, શાંતિ, સમૃદ્ધિ અને આરોગ્ય હમેશાં જળવાઇ રે એડ઼ી શુભેચ્છાઉં ડીયાંતો.”
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27/06/25हरियालो राजस्थान" की दिशा में गृह रक्षा विभाग का सराहनीय योगदान
एन.एस. बाछल, 27 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाअभियान के तहत गृह रक्षा विभाग द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के "हरियालो राजस्थान" के सपने को साकार करने की दिशा में शुक्रवार को गृह रक्षा प्रशिक्षण केन्द्र, जयपुर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान महानिदेशक एवं महासमादेष्टा, गृह रक्षा मालिनी अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं गृह रक्षा स्वयंसेवकों ने परिसर एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में लगभग 200 पौधे लगाए।
कार्यक्रम में मालिनी अग्रवाल ने कहा कि तेजी से बदलती जीवनशैली में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। वृक्षारोपण केवल एक कार्य नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। ऐसे अभियानों में जनभागीदारी न केवल आवश्यक है, बल्कि अत्यधिक सराहनीय भी। विभाग द्वारा राज्यभर में चलाए जा रहे वृक्षारोपण अभियान की व्यापक सहभागिता इसे एक प्रेरणादायक उदाहरण बनाती है। उन्होंने सभी को ऑर्गेनिक लाइफस्टाइल अपनाने और अधिकाधिक वृक्ष लगाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के अन्त में समादेष्टा नवनीत जोशी, गृह रक्षा प्रशिक्षण केन्द्र जयपुर द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
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27/06/25हर पात्र मतदाता तक पहुँच सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता — मुख्य निर्वाचन अधिकारी
एन.एस. बाछल, 27 जून, जयपुर।
भारत निर्वाचन आयोग की ‘नो वोटर लेफ्ट बिहाइंड’ पहल के तहत 18 वर्ष पूर्ण कर रहे पात्र नागरिकों को मतदाता के रूप में पंजीकृत करने के लिए राज्य निर्वाचन विभाग द्वारा सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन की अध्यक्षता में शुक्रवार को शासन सचिवालय में स्टेट स्टीयरिंग कमिटी ऑन एक्सेसिबल इलेक्शन की बैठक आयोजित की गई।
नवीन महाजन ने कहा कि राज्य निर्वाचन विभाग सभी मतदाताओं, विशेषकर दिव्यांगजन को सुगम और समावेशी मतदान अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। दिव्यांग मतदाताओं के मतदान केंद्र तक आसान पहुँच सुनिश्चित करने हेतु विशेष व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। इसमें व्हीलचेयर, रैम्प, ऑडियो-विजुअल गाइडेंस सहित विभिन्न आवश्यक सुविधाएँ सम्मिलित हैं, जिससे सभी मतदाता निर्बाध रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि नव मतदाताओं को जोड़ने और उन्हें जागरूक करने के उद्देश्य से कॉलेजों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब्स की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चिकित्सा, सामाजिक न्याय, उच्च शिक्षा सहित विभिन्न विभागों को निर्देश दिए कि वे अपनी वेबसाइट पर वोटर रजिस्ट्रेशन पोर्टल का लिंक अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें। साथ ही, विभागों द्वारा नागरिकों से प्राप्त किए जाने वाले आवेदन प्रपत्रों में मतदाता पंजीकरण से संबंधित विकल्प भी सम्मिलित किया जाए, ताकि पात्र नागरिकों की जानकारी प्राप्त कर उन्हें वोटर बनाया जा सके।
नवीन महाजन ने कहा कि दिव्यांग मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने हेतु राज्य, जिला एवं कॉलेज स्तर पर दिव्यांग आइकन्स को ब्रांड एम्बेसडर के रूप में नामित किया जाए। इसके माध्यम से दिव्यांगजनों में मतदान के प्रति जागरूकता और सहभागिता को बढ़ावा दिया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं और प्रसिद्ध व्यक्तित्वों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से मतदाता जागरूकता अभियान से जोड़ा जाए और उनसे आग्रह किया जाए कि वे मतदान के महत्व को जन-जन तक पहुँचाएं।
बैठक में राज्य निर्वाचन विभाग के साथ संबंधित विभागों के अधिकारी, विभिन्न एनजीओ और हितधारक उपस्थित रहें।
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27/06/25डूब क्षेत्र के 223 मकानों के लिए मिलेगा 6.89 करोड़ रुपये का मुआवजा - चारागाह-वन भूमि में बसे प्रभावितों को मिलेगी राहत
एन.एस. बाछल, 27 जून, जयपुर।
बारां जिले में हथियादेह मध्यम सिंचाई परियोजना के डूब क्षेत्र में आने वाले 223 मकानों के प्रभावितों को विशेष अनुग्रह राशि दी जाएगी। ग्राम करवरीकलां, करवरीखुर्द और मजरा हथियादेह के प्रभावितों के लिए वित्त विभाग ने 6.89 करोड़ रुपये मुआवजे राशि की मंजूरी दी है।
यह स्वीकृति जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत की संवेदनशील पहल और त्वरित निर्देशों के परिणामस्वरूप संभव हो पाई है।
पहले इन ग्रामों के 223 मकान राजकीय भूमि (चारागाह, सिवायचक एवं वन भूमि) में बसे होने के कारण पहले मुआवजा सूची में शामिल नहीं किए गए थे। इस संबंध में ग्रामीणों ने जल संसाधन मंत्री से भेंट कर अपनी समस्या रखी थी। श्री रावत ने इसे गंभीरता से लेते हुए विभागीय प्रस्ताव को राज्य सरकार तक पहुंचाया। इसी के बाद वित्त विभाग से प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
- राहत से मिलेगा संबल
स्वीकृति जारी होने के बाद शीघ्र ही प्रभावित परिवारों को राशि वितरित की जाएगी। इससे मुआवजे का इंतजार कर रहे ग्रामीणों को इस राहत से संबल मिलेगा। साथ ही, परियोजना के निर्माण कार्यों को भी गति मिलेगी। इस निर्णय पर ग्रामीणों ने जल संसाधन मंत्री का आभार व्यक्त किया है।
- 'मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जल संरचनाओं के विकास कार्यों के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को त्वरित न्याय दिलाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मानवीय दृष्टिकोण से लिए निर्णय पर विशेष अनुग्रह राशि की स्वीकृति मिली है, जिससे प्रभावितों को संबल मिलेगा।'- सुरेश सिंह रावत, जल संसाधन मंत्री
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27/06/25उद्यमियों की विद्युत संबंधी समस्याओं का हो प्रभावी समाधान -डिस्कॉम्स चेयरमैन, वॉटसएप पर फोटो मंगवाकर जांची रीडिंग की सत्यता
एन.एस. बाछल, 27 जून, जयपुर।
डिस्कॉम्स चेयरमैन एवं जयपुर विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक सुश्री आरती डोगरा ने अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों की विद्युत संबंधी समस्याओं का पूरी संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि व्यवधान रहित विद्युत आपूर्ति के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विद्युत कनेक्शन तथा लोड एक्सटेंशन जैसी आमजन से जुड़ी पत्रावलियां अटकें नहीं।
सुश्री डोगरा ने गुरूवार को भिवाड़ी सर्किल में विभिन्न कार्यालयों तथा ग्रिड सब स्टेशन के निरीक्षण के दौरान अभियंताओं को यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भिवाड़ी एनसीआर से जुड़ा महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र है। यहां की औद्योगिक इकाइयों से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार और सरकार को राजस्व मिलता है। ऐसे में इन इकाइयों को सतत् एवं पूरे वोल्टेज से पावर सप्लाई के साथ हीे सेवाओं की सुगम अदायगी सुनिश्चित की जाए।
डिस्कॉम्स चेयरमैन ने इस दौरान भिवाड़ी में फीडरों की ट्रिपिंग को लेकर भी समीक्षा की। टपूकड़ा एईएन कार्यालय में खुशखेड़ा तथा कारोली औद्योगिक एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति तथा संबंधित विषयों पर चर्चा की। उन्होंने अभियंताओं को औद्योगिक क्षेत्रों की विद्युत संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए औद्योगिक एसोसिएशनों के साथ सतत् संवाद के निर्देश भी दिए।
डिस्कॉम्स चेयरमैन ने टपूकडा में कुछ प्रकरणों में रीडिंग की पुष्टि के लिए फीडर इंचार्जों को पुनः संबंधित उपभोक्ता के यहां भेजा और उपभोग की गई यूनिट की फोटो वॉट्सएप पर मंगवाकर पूर्व में ली गई रीडिंग की सत्यता की जांच की। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत राजस्व अर्जन के लिए शत-प्रतिशत बिलिंग जरूरी है।
सुश्री डोगरा ने कहा कि ओएंडएम के अभियंता एचटीएम (हाई टेंशन मेंटिनेंस) विंग के साथ समन्वय कर औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित सब स्टेशनों तथा फीडरों का नियमित निरीक्षण करें, जिससे कि इनमें आवश्यक तकनीकी सुधार किए जा सकें। ट्रिपिंग की समस्या वाले फीडरों में लोड की प्रभावी प्लानिंग करें। कहीं नए फीडर अथवा जीएसएस की आवश्यकता है, तो उसकी अभी से योजना तैयार कर लें।
उन्होंने एईएन कार्यालय भिवाड़ी में न्यू कनेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से लंबित कनेक्शन प्रकरणों की जानकारी ली और आरडीएसएस योजना के तहत 33 केवी जीएसएस नौगामा का अवलोकन भी किया।
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27/06/25पीसीपीएनडीटी टीम की बड़ी कार्रवाई — विदेश निर्मित अवैध पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन बेचने वाले गिरोह को पकड़ा
एन.एस. बाछल, 27 जून, जयपुर।
राज्य पीसीपीएनडीटी टीम ने एक बड़ी और सफल कार्रवाई करते हुए देश में अवैध रूप से पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। टीम ने पश्चिम बंगाल से जयपुर में मशीन बेचने आए गिरोह के एक प्रमुख आरोपी पश्चिम बंगाल के हुगली जिला निवासी 45 वर्षीय अमिताभ भादुरी पुत्र अशोक कुमार ब्राह्मण को गिरफ्तार किया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव के निर्देशन में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। उन्होंने बताया कि कोलकाता में गिरोह के सरगना और संबंधित कंपनी पर कार्रवाई के लिए वहां की स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन को सूचना दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि विदेश निर्मित इस पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन का बेचान करने वाले गिरोह में कई अन्य लोगों के लिप्त होने की आशंका है, जिस पर टीम गंभीरता से आगे बढ़ रही है। मिशन निदेशक एनएचएम ने बताया कि इस अंतर्राष्ट्रीय कार्रवाई से भ्रूण लिंग निर्धारण के अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के बीच हड़कंप मच गया। कन्या भ्रूण हत्या रोकना और इस मामले में लिप्त लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाना उनकी प्राथमिकता में रहेगा। यह कार्रवाई पीसीपीएनडीटी अधिनियम के सफल क्रियान्वयन और भ्रूण लिंग चयन को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता है। राजस्थान सरकार लंबे समय से लिंगानुपात में सुधार के लिए सख्त कदम उठा रही है और इस तरह के ऑपरेशन इस कड़ी में एक प्रभावी कदम है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पीसीपीएनडीटी डॉ. हेमंत जाखड़ ने बताया कि मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि एक गिरोह राज्य में पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन बेचने का कारोबार कर रहा है। सूचना की पुष्टि होने के बाद टीम गठित कर करीब दो माह तक मामले में रैकी कर गहनता से पड़ताल की गई। गिरोह से संपर्क होने के बाद सामने आया कि पोर्टेबल मशीन 7 से 10 लाख रुपए के बीच देश के विभिन्न राज्यों में बेची जा रही थी। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने हुगली निवासी अमिताभ भादुरी से संपर्क साधा और पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन का सौदा सवा छह लाख रुपए में तय किया। इस दलाल ने कुछ रुपए एडवांस ऑनलाइन मंगवाए एवं बाकी मशीन की डिलीवरी के समय देना तय हुआ। इसके बाद दलाल मशीन लेकर जयपुर रेलवे स्टेशन पहुंचा और स्टेशन के ही प्रतीक्षालय में रुका। इसी दौरान उसने गिरोह के सरगना को वॉइस मैसेज किया कि "वह सुरक्षा के मद्देनजर यहीं रुका हुआ है और कंपनी के पैसे भी बचा रहा है। बचे हुए पैसों का अपनी सेहत के लिए अच्छा भोजन करूंगा। मैं पूरी तरह सतर्कता बरत रहा हूं। वैसे भी डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है। और वो डॉन हो आप, डॉ. आदित्य मुरारका।" स्टेशन पर रुकने के बाद दलाल मशीन सहित शहर के कुछ प्रमुख स्थलों से घुमाते हुए सेंट्रल पार्क पहुंचा। जहां पहले से ही मौजूद पीसीपीएनडीटी टीम ने अमिताभ भादुरी को धर दबोचा।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अमिताभ भादुरी यह मशीन लाइफ प्लस हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता के डॉ. आदित्य मुरारका से लेकर यहां बेचान करने आया है। गहन पूछताछ के बाद टीम ने अमिताभ को हिरासत में लिया। साथ ही तत्काल संबंधित थानों और प्रशासन को सूचना देते हुए कंपनी एवं अन्य लोगों को गिरफ्तार करने के लिए कहा गया ताकि इस अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के सभी सदस्यों को पकड़ा जा सके और कन्या भ्रूण हत्या जैसे जघन्य अपराध को संपूर्ण देश में रोका जा सके। उन्होंने बताया कि पोर्टेबल मशीन को चलाकर देखा और बारीकी से जांच की गयी है। उन्होंने कहां-कहां इस तरह मशीन बेची और मामले में कौन-कौन लिप्त हो सकते हैं, इसकी गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए हैं।
अवैध तस्करी कर विदेश से भारत में लाते मशीन
उल्लेखनीय है कि देश में अपंजीकृत पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन बैन है। जबकि यह गिरोह इस तरह की मशीन विदेश से खरीद कर दूसरे देशों के यातायात संसाधनों के माध्यम से भारत में लाते हैं। इसके बाद भारत के विभिन्न हिस्सों में मशीन बेचे जाने की जानकारी सामने आई है, जिसकी जांच की जाएगी। केवल एक छोटे सूटकेस में रखे जा सकने वाली इस कलर डॉपलर मशीन के साथ अन्य आवश्यक सामान भी बेचा जा रहा है।
टीम में ये रहे शामिल—
एएसपी डॉ. जाखड़ ने बताया कि इस कार्रवाई में बीकानेर टीम की अहम भूमिका रही। इस मामले में बीकानेर जोन के निदेशक डॉ. देवेंद्र चौधरी एवं पीसीपीएनडीटी प्रभारी महेंद्र सिंह चारण टीम के साथ रहे और उन्होंने इस मामले की मुखबिरी में भी मुख्य भूमिका निभाई। पहले दिन से लेकर करीब दो माह तक के प्रयासों में उन्होंने उल्लेखनीय योगदान दिया। वहीं पीबीआई थाना के प्रभारी सीआई सत्यपाल यादव,सीआई संतोष कुमार शर्मा एवं पुलिस कार्मिक नरेंद्र कुमार, कैलाश, शानू चौधरी एवं राजंति टीम में शामिल रहे और गिरोह का पर्दाफाश किया।
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27/06/25सड़क हादसों को रोकने के लिए हर संभव प्रयास हों सुनिश्चित - जिला कलक्टर
एन.एस. बाछल, 27 जून, जयपुर।
कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की अध्यक्षता में जिला यातायात प्रबंधन समिति की बैठक का आयोजन हुआ। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लागाने के लिए रोड सेफ्टी प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित करने के साथ-साथ जयपुर में ट्रेफिक जाम को लेकर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये हैं।
जिला कलक्टर ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अधिकारियों को सख्त कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने जयपुर जिले के शहरी, ग्रामीण क्षेत्र के राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर भारत सरकार के नये नोटिफिकेशन के अनुसार स्पीड लिमिट के साइनेज बोर्ड लगाने, राजमार्गों के प्रोटोकॉल के अनुसार चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स के निवारण करने एवं जिले में यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करने और राजमार्गों पर अनाधिकृत पार्किंग सहित रिफलेक्टिव टेप इत्यादि के उल्लघनों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिये। साथ ही जयपुर विकास प्राधिकरण और राजस्थान राज्य सड़क विकास निगम के अधिकारियों को पिछली बैठक के बिन्दुओं की अनुपालना रिपोर्ट पेश करने के लिए निर्देशित किया गया है।
बैठक में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को राजमार्गों पर मिडियन कट्स को बंद करने एवं फ्लाइओवर का गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया। साथ ही उन्होंने सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए अधिकारियों को प्रभावी कार्ययोजना बनाने के के निर्देश दिये हैं। उन्होंने दुर्घटना के संभावित स्थानों पर व्यापक इंतजाम सुनिश्चित करने के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिये पुराने साइनेज को हटाकर नये साइनेज लगाने के निर्देश दिये।
बैठक में ज्वलनशील पदार्थों को ले जाने वाले वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग करने, रूट उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने, टोल नाके पर शराब या नशा कर के चलाने वाले वाहन चालकों को पकड़ने तथा बेसहारा पशुओं को रेडियम पट्टी लगाने सहित सड़क सुरक्षा के तमाम उपाय करने आदि पर भी चर्चा की गई।
बैठक में उपायुक्त यातायात शाहीन सी., अतिरिक्त जिला कलक्टर मुकेश कुमार मूंड, पुलिस विभाग, यातायात पुलिस, सहित जयपुर विकास प्राधिकरण, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, सार्वजनिक निमार्ण विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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27/06/25हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज से जिला कष्ट निवारण समिति के नवनियुक्त सदस्यों ने आर्शीवाद लिया
कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने सभी नवनियुक्त सदस्यों को जनहित में बेहतर कार्य करने का आह्वान किया
अम्बाला, 27 जून –
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज से आज उनके आवास पर जिला कष्ट निवारण समिति के नवनियुक्त सदस्यों ने आर्शीवाद लिया। इस दौरान मंत्री अनिल विज ने सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि “सदस्यों की नियुक्ति पर मुझे बहुत खुशी है, आप जनहित में बेहतर कार्य करवाए”।
उन्होंने नवनियुक्त सदस्यों से आह्वान किया कि वह जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करवाए जिससे लोगों को लाभ मिले। इस अवसर पर जिला कष्ट निवारण समिति के नवनियुक्त सदस्य विपिन खन्ना, सुरेंद्र बिंद्रा, फकीरचंद सैनी, संजीव सोनी, रवि बुद्धिराजा, हर्ष बिंद्रा, मोहित कौशिक, प्रमोद कुमार, भरत कोछड़, पुनीत सिरपॉल ने मंत्री अनिल विज को गुलदस्ते भेंट करते हुए उनसे आर्शीवाद लिया तथा अपनी इस नियुक्ति के लिए आभार जताया।
इस अवसर पर पार्टी नेता जसबीर सिंह जस्सी, नगर परिषद के उपप्रधान ललता प्रसाद, प्रवेश शर्मा, आशीष अग्रवाल, वरिंद्र सिंह व अन्य मौजूद रहे।
इस दौरान सभी नवनियुक्त सदस्यों व पार्टी पदाधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। बता दें कि मंत्री अनिल विज के पांव में फ्रेक्चर के कारण चिकित्सकों ने उन्हें कुछ दिन आराम करने की सलाह दी है।
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27/06/25शिक्षा मंत्री ने श्रीगंगानगर जिला के साहिबसिंहवाला में अंतोदय संबल पखवाड़े के तहत कैंप का किया अवलोकन
एन.एस. बाछल, 27 जून, जयपुर।
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने गुरुवार को जिले की सूरतगढ़ और श्रीगंगानगर पंचायत समिति की विभिन्न ग्राम पंचायतों में स्वच्छता और मनरेगा कार्यों का निरीक्षण किया। साहिबसिंहवाला ग्राम पंचायत में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंतोदय संबल पखवाड़े के तहत आयोजित शिविर का अवलोकन कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।
इससे पूर्व सूरतगढ़ पंचायत समिति की ग्राम पंचायत करडू और देईदासपुरा में स्वच्छता और मनरेगा कार्यों सहित अन्य गतिविधियों का निरीक्षण कर शिक्षा मंत्री ने पर्याप्त सफाई नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की। ग्रामवासियों से सफाई व्यवस्था की जानकारी लेकर उन्होंने कहा कि निरंतर निरीक्षण और निर्देश देने के बाद भी अधिकारी गांव में प्रतिदिन सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं हैं। उन्होंने पंचायत समिति के विकास अधिकारी को नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई करवाने के निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्य में लापरवाही नहीं बरती जाए।
इसके पश्चात गंगानगर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत 3 वाई, कालियां और 17 ज़ैड में भी स्वच्छता एवं मनरेगा कार्यों का निरीक्षण कर ग्रामीणों तथा सरपंच से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। 3 वाई, कालियां में व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए ग्राम पंचायत 17 ज़ैड में पानी निकासी के लिए जिला परिषद सीईओ को समुचित व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए।
इसके पश्चात शिक्षा मंत्री ने ग्राम पंचायत साहिबसिंहवाला में अंतोदय संबल पखवाड़े के तहत आयोजित शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ग्रामीणों द्वारा पेंशन, पालनहार, सिंचाई पानी, पेयजल आपूर्ति और गंदे पानी की समस्या बताने पर शिक्षा मंत्री द्वारा संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य है कि प्रत्येक व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। पखवाड़े का उद्देश्य आमजन तक सरकारी सेवाओं को पहुंचाना, समस्याओं का स्थल पर ही समाधान करना और ग्रामीण जीवन में सहूलियत बढ़ाना है।
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27/06/25हिमाचल : स्कूली पाठयक्रम में शामिल होगा नशे के प्रति जागरूकता पर आधारित अध्यायः मुख्यमंत्री
हिमाचल, 27 जून (अभी): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार मादक पदार्थों के दुरुपयोग के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में एक अध्याय शामिल करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के विरुद्ध आज यहां अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह की अध्यक्षता करते हुए समाज के हर वर्ग से हिमाचल प्रदेश को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ अभियान का हिस्सा बनने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि हमारे युवा देश का भविष्य हैं और एक समृद्ध भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब युवा स्वस्थ, सशक्त एवं ऊर्जावान हों। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने मादक पदार्थों के दुरुपयोग और तस्करी के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है और नशा तस्करी में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि में नशे के लिए कोई भी स्थान नहीं है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे खुद को नशे से दूर रखें और अपने साथियों को भी इस विनाशकारी रास्ते पर जाने से रोकंे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नशा तस्करी से जुड़े नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। नशा मुक्ति से उबर रहे लोगों को रोज़गार और उनका कौशल उन्नयन कर उन्हें मुख्य धारा से जोड़ा जा रहा है। इसी उद्देश्य से सिरमौर ज़िला के कोटला-बड़ोग में 5.34 करोड़ रुपये की लागत से 100 बिस्तर क्षमता का आधुनिक नशा मुक्ति केन्द्र स्थापित किया जा रहा है जिसका निर्माण कार्य आरंभ कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ज़िला में नशा मुक्ति केन्द्र स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने सत्ता संभालने के उपरांत वर्ष 2023 में पीआईटी-एंडीपीएस एक्ट लागू किया है, जिसे पूर्व भाजपा सरकार पूरे पांच वर्षों में लागू करने में असमर्थ रही।
ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उपस्थित लोगों को नशे के विरुद्ध शपथ दिलाई तथा राज्य में नशा निवारण के प्रति उत्कृष्ट कार्यों के लिए विभिन्न संस्थाओं और व्यक्तियों को सम्मानित किया। इनमें ज़िला कुल्लू के भुंतर नशा मुक्ति केन्द्र के डॉ. सत्याव्रत वैद्य, ज़िला कांगड़ा के बज़ीर राम सिंह राजकीय महाविद्यालय देहरी के प्राचार्य प्रो. सचिन कुमार, ज़िला सिरमौर कलगीधर ट्रस्ट बडू साहिब, एक पहल वेल्फेयर सोसायटी बिलासपुर, गुंजन ऑर्गेनाईज़ेशन फॉर कॉम्यूनिटी डवेल्पमेंट ज़िला ऊना, ज़िला सोलन के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, जय बाबा कमलाहिया अराधना ज़िला हमीरपुर, ज़िला शिमला के चौपाल की मानव कल्याण सेवा समिति कराई, ज़िला शिमला के रोहड़ू के चिड़गांव के एन्टी ड्रग फोर्स के अध्यक्ष नरेन्द्र चौहान, प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ज़िला मंडी और ज़िला कुल्लू के विकास खंड निरमंड की ग्राम पंचायत जगातखाना शामिल हैं।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग के विरुद्ध लड़ाई में और प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह अभियान आज़ादी की लड़ाई जैसा जन आंदोलन बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशा तस्कर समाज के दुश्मन हैं, जो देश के भविष्य को अंधकार में धकेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान राज्य सरकार नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। इस दिशा में बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के जाल में फंसने से बचाने के लिए संस्कार और अनुशासन घर से ही शुरू होना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से बच्चों से नियमित संवाद बनाए रखने और उन्हें खेलों और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने भी नशीली दवाओं के दुरुपयोग के हानिकारक प्रभावों और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की।
शिमला ज़िला के कोटशेरा स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज के विद्यार्थियों ने नशे जैसे गंभीर मुद्दे पर जागरूकता लाने के लिए एक नाटक प्रस्तुत किया।
विधायक संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, पार्षदगण, सचिव एम. सुधा देवी, राखिल काहलों और आशीष सिंघमार, राज्य कर एवं कराधान आयुक्त डॉ. यूनुस और एडीजीपी सीआईडी ज्ञानेश्वर सिंह, निदेशक ईएसओएमएसए सुमित खिमटा और अन्य गणमान्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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27/06/25हिमाचल स्वास्थ्य विभाग शीघ्र ही शुरू करेगा पैलिएटिव देखभाल अभियान: मुख्यमंत्री
हिमाचल, 27 जून (अभी): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए पैलिएटिव देखभाल की आवश्यकता वाले गंभीर बीमारियों से पीड़ित पात्र लाभार्थियों विशेषकर वृद्धजनों की पहचान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में शीघ्र पैलिएटिव देखभाल अभियान शुरू करेगी। इस अभियान का उद्देश्य वृद्धजनों एवं गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को घर-द्वार पर ही चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा कार्यकर्ता एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) पात्र लाभार्थियों की पहचान करेंगे और इसके उपरांत आदर्श स्वास्थ्य संस्थान के चिकित्सा अधिकारी, फिजियोथेरेपिस्ट और सीएचओ की टीम घर जाकर चयनित लाभार्थियों की उपचार योजना तैयार करेंगे। यह पहचान एवं योजना प्रक्रिया अभियान के आरम्भ से तीन माह के भीतर पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में पैलिएटिव देखभाल के लिए विशेष केन्द्र स्थापित किए जाएंगे, जहां दो चिकित्सक, दो नर्सें, एक फिजियोथेरेपिस्ट तथा एक परामर्शदाता स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगे। यह टीम हर तीमाही में लाभार्थियों के घरों का दौरा कर उनकी निगरानी एवं आवश्यक सहायता प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने बैठक में हिमकेयर तथा आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए लाभार्थियों को हिम परिवार नंबर से जोड़ने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए हिमकेयर आवेदक तिमाही आधार पर योजना के तहत नामांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे जिसके पश्चात उन्हें हिमकेयर कार्ड जारी किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपल और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को अपने-अपने अस्पतालों में 100 गंभीर रोगियों के लिए हिमकेयर कार्ड जारी करने की सिफारिश करने का अधिकार भी दिया जाएगा।
ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में 41.62 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 49 नए डायलिसिस केंद्र स्थापित करेगी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. अश्वनी कुमार शर्मा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, विशेष सचिव नीरज कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
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27/06/25हिमाचल के राज्यपाल ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया, एआई के विवेकपूर्ण उपयोग का किया आह्वान
हिमाचल, 27 जून (अभी): राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने, समाज में सकारात्मक बदलाव लाने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का माध्यम भी है।
राज्यपाल आज यहां हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में आयोजित ‘शिमला के मेधावी’ कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम एक प्रमुख हिन्दी समाचार पत्र समूह द्वारा आयोजित किया गया था। इस अवसर पर शिमला जिले के 40 से अधिक स्कूलों के 450 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
राज्यपाल ने कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की बढ़ती भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा कि एआई हमारे द्वारा प्रदान की गई जानकारी के आधार पर ही सूचना देता है। इसलिए इसका उपयोग सूझबूझ और जिम्मेदारी से किया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से यू-ट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर अधिक निर्भर न होने और सार्थक ज्ञान अर्जन पर ध्यान केन्द्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत एआई और तकनीकी क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसमें रोज़गार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। आज उच्च पदों पर तैनात अधिकारी भी तकनीकी क्षेत्र में केरियर बनाने की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि ‘विद्यार्थी आज के नागरिक और कल के निर्माता हैं, उनका वर्तमान दृष्टिकोण ही देश का भविष्य तय करेगा।’ उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोज़गार प्राप्त करना नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को सशक्त बनाना और एक सभ्य, सशक्त भारत का निर्माण करना भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर तैयार की गई है और यह युवाओं को अनेक अवसर प्रदान करती है।
भारत की वैज्ञानिक विरासत पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने दशमलव प्रणाली पर भारत के योगदान का उल्लेख किया और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को एक आदर्श व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यवसाय क्यों न हो, शिक्षा का मूल भाव हमेशा जीवित रहना चाहिए। एक सच्चा शिक्षक वही होता है जो स्वयं भी निरंतर सीखता है और उस ज्ञान को दूसरों से साझा करता है।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अनुशासन का पालन करते हुए समय का सदुपयोग करने और एक बेहतर हिमाचल के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा नशा उन्मूलन अभियान में दिए जा रहे सहयोग और विद्यार्थियों के प्रवेश-प्रपत्र में नशा विरोधी शपथ को शामिल करने की सराहना की। उन्होंने आयोजकों को मेधावी छात्रों को सम्मानित करने के लिए बधाई दी और कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा का सम्मान करते हैं बल्कि युवा कौशल को भी उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए भी प्रेरित करते हैं।
इस अवसर पर राज्यपाल ने ‘कलम ऑफ हिमाचल’ नामक पहल का शुभारम्भ किया।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए उन्हें अवगत करवाया कि विश्वविद्यालय ऊर्जा, साइबर सुरक्षा और डेटा साईंस जैसे विषयों को प्राथमिकता प्रदान कर रहा है। उन्होंने इन विषयों पर आधारित तीन नये केन्द्रों की शीघ्र स्थापना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि एआई के कारण शिक्षा क्षेत्र में नई चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं जिसका समाधान आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से इन चुनौतियों का सामना बिना डर सेे करने को कहा।
विद्यापीठ संगठन के निदेशक रविन्द्र अवस्थी ने भी राज्यपाल का स्वागत किया तथा निदेशक रमेश शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
राज्यपाल के सचिव सीपी वर्मा, अभिभावक, शिक्षक, विश्वविद्यालय संकाय के सदस्य और अन्य गणमान्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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27/06/25नशे के खिलाफ युवाओं की सक्रिय भागीदारी की जरूरत: राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय
चंडीगढ़, 27 जून (अभी) - हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने आज अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर नशे के खतरे से लड़ने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए हरियाणा की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
राज्यपाल ने कहा कि मादक पदार्थों का दुरुपयोग केवल स्वास्थ्य संकट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे सामाजिक ताने-बाने, राष्ट्रीय प्रगति और युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार, नागरिक समाज, शैक्षणिक संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों और परिवारों को मिलकर एक समग्र और समन्वित दृष्टिकोण अपनाना होगा।
श्री दत्तात्रेय ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार के मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे कठोर अभियानों की सराहना की। पिछले एक वर्ष में, राज्य पुलिस और अन्य एजेंसियों ने कई प्रभावी अभियानों के माध्यम से मादक पदार्थों की बड़ी खेप जब्त की। “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत हरियाणा में चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों ने भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। ये कार्यक्रम स्कूलों, कॉलेजों, नुक्कड़ नाटकों, सामुदायिक कार्यशालाओं और पुनर्वास पहलों के माध्यम से लाखों लोगों, विशेषकर युवाओं तक पहुँचे हैं।
राज्यपाल ने नशे की लत से जूझ रहे व्यक्तियों के लिए पुनर्वास और नशा मुक्ति सेवाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें नशे की चपेट में आए लोगों को सहानुभूति और समर्थन के साथ मुख्यधारा में वापस लाने की आवश्यकता है। इसके लिए अधिक पुनर्वास केंद्र, परामर्श सेवाएं और सामुदायिक सहायता कार्यक्रम स्थापित किए जाने चाहिए। उन्होंने गैर-सरकारी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने और नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने में सरकार के साथ सक्रिय भागीदारी करें।
श्री दत्तात्रेय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं, से अपील की कि वे नशे के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाएं और स्वस्थ, सकारात्मक और उत्पादक जीवन शैली अपनाएं। उन्होंने कहा, “हरियाणा का भविष्य हमारे युवाओं की शक्ति और संकल्प पर निर्भर करता है। आइए, हम सब मिलकर एक नशा मुक्त, स्वस्थ और समृद्ध हरियाणा का निर्माण करें।”
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27/06/25प्रदेश के खेल स्टेडियमों का जल्द ही किया जाएगा कायाकल्प: खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम
चंडीगढ़, 27 जून (अभी) - हरियाणा के खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा खेलों का पावर हाउस बन चुका है। हरियाणा की खेल नीति का ही नतीजा है कि हमारे खिलाड़ी ओलंपिक, विश्न चैंपियनशिप, एशियन व कॉमनवेल्थ खेलों में लगातार पदक जीतकर देश व प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में और अधिक पदक जीत सकें इसके लिए सरकारी खेल स्टेडियमों का जल्द ही कायाकल्प किया जाएगा। शीघ्र ही खिलाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा खेल सामग्री मुहैया कराई जाएगी।
खेल मंत्री आज यहां सिविल सचिवालय में खेल विभाग के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा खेल सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी को ध्यान में रखते हुए खेल मैदानों का सुधार करवाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समय-समय पर खेल स्टेडियमों का दौरा करें और खिलाड़ियों से जाने कि उन्हें क्या-क्या दिक्कत आ रही है। इन समस्याओं का जल्द समाधान भी कराएं, ताकि खिलाड़ियों को अभ्यास करने में कोई असुविधा न हो। वे इसकी जल्द ही इसकी समीक्षा करेंगे। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खेल नर्सरियों व खेल अकादमियों का बेहतर ढंग से संचालन किया जाए। इसे बारे में वे स्वयं निगरानी भी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों के हितैषी है। इसलिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वर्ष 2025-26 के लिए खेल विभाग का 1961.79 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जबकि गत वर्ष यह 1381.79 करोड़ रुपये था। खेल विभाग खिलाड़ियों के कौशल को निखारने पर लगातार अग्रसर है।
उन्होंने कहा कि मई 2025 में उत्तराखंड में हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों को जल्द ही राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करके सम्मानित किया जाएगा।
बैठक में खेल विभाग के प्रधान सचिव श्री नवदीप सिंह विर्क, खेल महानिदेशक श्री संजीव वर्मा, अतिरिक्त निदेशक श्री अश्विनी मलिक व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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27/06/25राजस्थान के आर्टिजंस को मिला अवसर, भारत मंडपम में लगाई उत्पादों की स्टाल, उद्योग तथा वाणिज्य विभाग के प्रयास लाए रंग
एन.एस. बाछल, 27 जून, जयपुर।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित राजभाषा विभाग के स्वर्ण जयंती समारोह में राजस्थान सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की ओर से प्रदेश के हस्तशिल्प और हस्तकरघा उत्पादों के प्रदर्शन को लेकर स्टॉल्स लगाई गई।
राजस्थान को इसके लिए विशेष तौर पर प्रदर्शनी में आमंत्रित किया गया था। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की ओर से राज्य में चल रही एक जिला एक उत्पाद योजना को प्रमोट करने और हस्तशिल्पियों को वैश्विक बाजार मुहैया कराने के लिए अपने स्तर पर प्रयास किए गए और यहां से विशेष तौर पर चार हस्तशिल्पियों को राजभाषा प्रदर्शनी में आमंत्रित ऑटिजन के तौर पर भिजवाया गया।
जिला उद्योग एवं वाणिज्य अधिकारी, कविता घोंसल्या के नेतृत्व में प्रदेश से गए इन हस्तशिल्पियों को राजभाषा प्रदर्शनी में भरपूर समर्थन मिला और यहां के उत्पाद तथा हस्तशिल्प को देश भर से आए खरीदारों ने देखा और सराहा।
जिला महाप्रबंधक श्रीमती शिल्पी पुरोहित ने बताया कि पिछले दिनों राजभाषा मंत्रालय से प्रतिनिधियों का दल जयपुर भ्रमण पर आया था उस दौरान प्रतिनिधिमंडल से संपर्क कर उन्हें राजस्थान की कला, संस्कृति और यहां के हस्तशिल्प उत्पाद तथा राज्य सरकार की नई नीतियों के संबंध में परिचय करवाया गया, प्रतिनिधी मंडल ने भविष्य में होने वाले प्रदर्शनी और मेलों में राज्य सरकार को भी विशेष तौर पर आमंत्रित करने का आश्वासन दिया था। श्रीमती पुरोहित ने बताया कि इस संबंध में जिला उद्योग एवं वाणिज्य अधिकारी कविता घोंसल्या लगातार मंत्रालय के संपर्क में रही और इस प्रदर्शनी में राजस्थान को सम्मिलित करवाने में सफल रही। राजस्थान एकमात्र प्रदेश रहा जिसके हस्तशिल्पियों को राज्य सरकार प्रयासों से स्टॉल आवंटित हुई।
प्रदर्शनी में भाग लेने गई प्रदेश के आर्टिजंस जयपुरी कपड़े और चद्दरों को लेकर पहुंची शालिनी सक्सेना, जोधपुरी हस्तशिल्प के साथ भागीदारी निभा रही ज्योति व्यास, जेम्स एंड ज्वेलरी का कार्य करने वाले राष्ट्रपति पुरस्कार सम्मानित सुनिश मारू के साथ ही सांगानेर में लाख चूड़ी के क्लस्टर को पहचान दिलाने वाले राजेंद्र पारसवाल मुख्य तौर पर शामिल हुए। गौरतलब है कि नई दिल्ली के भारत मंडपम में राजभाषा विभाग के स्वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया, कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांसद सुधा मूर्ति, सुधांशु त्रिवेदी केंद्र तथा दिल्ली सरकार के मंत्री, तथा जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
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27/06/25हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड : 27 जून से डाउनलोड कर सकेंगे सैकेण्डरी व सीनियर सैकेण्डरी परीक्षाओं के प्रवेश-पत्र
चंडीगढ़, 27 जून (अभी) - हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक) कम्पार्टमैंट की एक दिवसीय परीक्षा तथा सैकेण्डरी (शैक्षिक)/सैकेण्डरी-सह-पूर्व मध्यमा द्वितीय वार्षिक (कम्पार्टमैंट/आशिंक/पूर्ण विषयों की) परीक्षा जुलाई-2025 के प्रवेश-पत्र (एडमिट कार्ड) 27 जून, 2025 से बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर लाईव होंगे। परीक्षार्थी अपना प्रवेश-पत्र बोर्ड की वेबसाइट पर दिए गए लिंक से पिछला अनुक्रमांक/नाम, पिता का नाम, माता का नाम भरते हुए डाउनलोड कर सकते हैं। इन परीक्षाओं में प्रदेशभर में 65 परीक्षा केन्द्रों पर 27 हजार 636 परीक्षार्थी प्रविष्ठ होंगे।
बोर्ड प्रवक्ता ने बताया कि सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक) कम्पार्टमेंट एक दिवसीय परीक्षा 04 जुलाई (शुक्रवार) को संचालित होगी। प्रदेशभर में इस परीक्षा में 16 हजार 842 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे, जिनमें 10,403 छात्र तथा 6,439 छात्राएं शामिल हैं। इसी प्रकार सैकेण्डरी (शैक्षिक) कम्पार्टमैंट(E.I.O.P)/आशिंक/पूर्ण विषयों की परीक्षाएं 5 जुलाई से आरम्भ होकर 14 जुलाई तक संचालित होंगी। इस परीक्षा में 10 हजार 794 परीक्षार्थी प्रविष्ठ हो रहे हैं, जिनमें 6,750 छात्र तथा 4,044 छात्राएं शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि परीक्षाओं की शुचिता, विश्वसनीयता व गरिमा को बनाए रखने के लिए शिक्षा बोर्ड द्वारा कड़े इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केन्द्रों के औचक निरीक्षण हेतु 27 प्रभावी उड़नदस्तों का गठन किया गया है।
उन्होंने आगे बताया कि परीक्षार्थी प्रवेश-पत्र डाउनलोड करने उपरान्त सभी विवरण भली भांति जांच लें। यदि विवरणों में कोई भी त्रुटि है तो बोर्ड कार्यालय में आकर शुद्धि अवश्य करवा लें, बाद में त्रुटि ठीक करवाने बारे दिये गए प्रतिवेदन पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त यदि किसी परीक्षार्थी का अनुक्रमांक किसी कारण से रोका गया है, तो परीक्षार्थी किसी भी कार्यदिवस में बोर्ड कार्यालय में व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होकर वांछित दस्तावेज उपलब्ध करवाते हुए अपना प्रवेश-पत्र जारी करवा सकते हैं।
उन्होंने आगे बताया कि यदि किसी दिव्यांग परीक्षार्थी को लेखक की सुविधा लेनी है तो ऐसे परीक्षार्थी सम्बन्धित दस्तावेज बोर्ड कार्यालय/केन्द्र अधीक्षक को देकर परीक्षा आरम्भ होने से पहले लेखक की अनुमति लेना सुनिश्चित करें। केन्द्र अधीक्षक द्वारा जिन परीक्षार्थियों को लेखक उपलब्ध करवाया गया है उनके दस्तावेज सम्बन्धित शाखाओं की मेल आई.डी. पर भिजवाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने आगे बताया कि सभी परीक्षार्थी अपना रंगीन प्रवेश-पत्र ए-4 साईज पेपर पर ही प्रिन्ट करें। परीक्षार्थी अपना वही रंगीन फोटो प्रवेश-पत्र पर चिपकायें जो आवेदन फार्म भरते समय अपलोड किया गया था तथा उसे अपने सम्बन्धित विद्यालय से सत्यापित भी करवाएं। प्रवेश-पत्र एवं मूल आई.डी. कार्ड/आधार कार्ड के बिना परीक्षा केन्द्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षार्थी प्रवेश-पत्र को लेमिनेशन न करवाएं क्योंकि प्रवेश-पत्र पर तिथि अनुसार परीक्षार्थी एवं पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर होने अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थी प्रवेश-पत्र पर दी गए दिशा-निर्देंशों की पालना करते हुए परीक्षा आरम्भ होने से 30 मिनट पूर्व परीक्षा केंद्र पर पहुंचना सुनिश्चित करें। परीक्षा केन्द्र में इलैक्ट्रोनिक सामान जैसे मोबाईल, कैलकुलेटर आदि का प्रयोग वर्जित होगा।
उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की कठिनाई आने पर बोर्ड वेबसाइट पर जारी हैल्पलाइन नं० 01664-254309, सैकेण्डरी शाखा की ई-मेल assec@bseh.org.in व सीनियर सैकेण्डरी शाखा की ई-मेल assrs@bseh.org.in पर तुरन्त सम्पर्क करते हुए समाधान करवाना सुनिश्चित करें।
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27/06/25निर्वाचन आयोग ने उप-चुनावों के लिए 72 घंटे से भी कम समय में इंडेक्स कार्ड जारी किए
चंडीगढ़, 27 जून (अभी) - भारत निर्वाचन आयोग ने केरल, गुजरात, पंजाब और पश्चिम बंगाल राज्यों में पांच विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में हाल ही में संपन्न उप-चुनावों में नए डिजिटल प्लेटफार्म ईसीआई-नेट को प्रचालित कर दिया है। आयोग ने इसी वर्ष 4 मई को, आयोग के मौजूदा 40 से अधिक मोबाइल और वेब अनुप्रयोगों को एकीकृत करने वाले एक नए वन-स्टॉप प्लेटफार्म ईसीआई-नेट विकसित किए जाने की घोषणा की थी। ये उप-चुनाव ईसीआई-नेट के कुछ मॉडयूलों के सफल कार्यान्वयन के साक्षी रहे, जो आने वाले सप्ताहों में पूरी तरह से क्रियाशील हो जाएंगे।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी के साथ आयोग द्वारा मतदाताओं और अन्य हितधारकों के हित में चुनावी जानकारी को समय से और अपडेट तरीके से दिए जाने के उद्देश्य से की गई विभिन्न पहली में से एक है।
उन्होंने बताया कि इन उप-चुनावों के दौरान एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि पीठासीन अधिकारियों द्वारा पहले के मैन्युअल तरीकों के बजाए ईसीआई-नेट पर वीटीआर रूझान सीधे अपलोड किए गए। इससे सूचना को सुरंत सांझा करना संभव हुआ, पारदर्शिता बढ़ी और वीटीआर रूझानों को प्रकाशित करने में लगने वाले समय में भी अत्यधिक कमी आई। ईसीआई-नेट के माध्यम से यह सुनिश्चित हुआ कि पीठासीन अधिकारी अपना-अपना मतदान केन्द्र छोड़ने से पहले अंतिम वीटीआर आंकड़े अपलोड कर सके, जिसके परिणामस्वरूप ईसीआई-नेट पर जनता के लिए वीटीआर रूझानों की और तेजी से उपलब्ध सुनिश्चित हुई। उप-चुनावों के दौरान यह सुव्यवस्थित, प्रौद्योगिकी-संचालित प्रणाली अनुमानित वोटर टर्नआडट प्रतिशत समय से अपडेट उपलब्ध कराने में सक्षम रही।
उन्होंने बताया कि ईसीआई-नेट प्रणाली प्रारंभ किए जाने का एक और महत्वपूर्ण परिणाम इंडेक्स कार्डों का अधिक तेजी से प्रकाशन रहा है, जिन्हें चुनाव परिणामों की घोषणा के 72 घंटों के भीतर उपलब्ध करा दिया गया। इंडेक्स कार्ड को डिजिटल बनाने और इसे जेनरेट करने की प्रक्रिया करने के निर्णय की घोषणा इसी महीने 5 जून को की गई थी। इस नई प्रणाली के तहत, इंडेक्स कार्ड के अधिकांश डेटा-फील्ड ईआईसी-नेट इनपुट का उपयोग करने से स्वतः भर जाते हैं। ईसीआई-नेट के प्रारंभ होने से पहले, इंडेक्स कार्ड के प्रकाशन में कई सप्ताह या कई महीनों का समय लग जाता था क्योंकि डाटा पदाधिकारियों द्वारा मैन्युअल तरीके से भरे और सत्यापित किए जाते थे।
उन्होंने बताया कि इंडेक्स कार्ड एक गैर-सांविधिक तथा चुनावों के बाद की जाने वाली सांख्यिकीय रिपोर्टिंग का फार्मेंट है। जिसे 1980 के दशक के उत्तरार्ध में आयोग द्वारा एक स्व-प्रेरणा से की गई पहल के रूप में विकसित किया गया था, जिसका उद्देश्य शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं, पत्रकारों और आमजन सहित सभी हितधारकों के लिए निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर चुनाव-संबंधी डेटा तक पहुंच को और सुगम बनाना था। इन रिपोर्टों में उम्मीदवारों, निर्वाचकों, डाले गए मतों, दल-वार और उम्मीदवार-वार बोट शेयर, हिंग-आधारित मतदान पैटर्न, क्षेत्रीय विविधताओं और राजनीतिक दलों के प्रदर्शन जैसे बहुआयामी डेटा शामिल होते हैं। इन रिपोर्टों को http://www.eci.gov.in/statistical-reports पर उप-चुनाव टैब पर देखा जा सकता है।
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27/06/25खाद्य मंत्री ने वास्तविक पात्रों तक विभागीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने और नियमित मॉनिटरिंग के अधिकारियों को दिए निर्देश
एन.एस. बाछल, 27 जून, जयपुर।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री सुमित गोदारा ने निर्देश दिए कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए योजनाओं के क्रियान्वयन की हर स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाए। श्री गोदारा गुरुवार को कोटपुतली–बहरोड़ कलेक्ट्रेट सभागार में अपने विभाग के अधिकारियों के साथ योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मंत्री सुमित गोदारा ने गिव अप अभियान की विस्तार से समीक्षा कर अपात्र लाभार्थियों जैसे आयकरदाता, राज्य एवं केंद्र सरकार के कार्मिक, चौपहिया वाहन स्वामी एवं एक लाख से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार द्वारा स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ त्यागने की उपखंडवार प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि 31 अगस्त तक लक्ष्य के अनुरूप अपात्र व्यक्तियों द्वारा स्वेच्छा से योजना से बाहर होने के लिए उन्हें प्रेरित करें। इसके पश्चात अपात्र पर नियमानुसार कार्रवाई करें। उन्होंने विभाग के निरीक्षकों को गिव अप अभियान के तहत उपखंडवार लक्ष्य आवंटित करते हुए क्रियान्विति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान को जनजागरूकता से जोड़ते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं नगरीय क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप अधिकाधिक अपात्र व्यक्ति स्वयं योजना से बाहर हों जिससे पात्र व्यक्तियों को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि अधिकारी फील्ड में जाकर यह सुनिश्चित करें कि एनएफएसए का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभी राशन की दुकानों पर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की जानकारी चस्पा करें।
स्वीकृत आवेदनों का रेण्डमली सत्यापन कर अपात्र प्रविष्टियों की पहचान सुनिश्चित की जाए: श्री गोदारा—
उन्होंने वर्ष 2022 और 2025 के एनएफएसए पोर्टल पर लंबित आवेदनों के निस्तारण की वस्तुस्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों की जांच रिपोर्ट समयबद्ध रूप से प्राप्त कर निस्तारण किया जाए। स्वीकृत आवेदनों का जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा रेण्डमली सत्यापन किया जाए, अपात्र प्रविष्टियों की समय रहते पहचान हो सके।
सुमित गोदारा ने खाद्य सुरक्षा योजना में हाल ही में जुड़े लाभार्थियों की आधार सीडिंग एवं ई-केवाईसी की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि आधार लिंकिंग एवं ई-केवाईसी की प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूर्ण करवाएं। उन्होंने कहा कि डिजिटल सत्यापन से ही योजनाओं की पारदर्शिता और लक्षित वितरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
बैठक में राशन डीलरों के बकाया कमीशन एवं परिवहनकर्ताओं के लंबित भुगतान की उपखंडवार समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी बकाया भुगतान मामलों का नियमानुसार भुगतान शीघ्रता से पूर्ण किए जाएं।
जिला रसद अधिकारी ने बताया कि जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में कुल 2 लाख 10 हज़ार 442 परिवार एवं 9 लाख 11 हजार 589 लाभार्थी हैं। उन्होंने बताया कि विभागीय आदेशों की अनुपालना और जिला कलेक्टर के निर्देशों के अनुसार जिला स्तरीय अधिकारियों से 2 % की रैंडम जांच करवाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा योजना में वर्ष 2022 में खाद्य सुरक्षा पोर्टल चालू होने पर जिले में कुल 26 हज़ार 645 आवेदन प्राप्त हुये, जिनमे से 25 जून तक आवेदनों का निस्तारण कर 12 हजार 249 परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना में जोड़ा गया।
इसी तरह खाद्य सुरक्षा योजना— 2025 के तहत जिले में अब तक कुल 8 हजार 219 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमे से कुल 3 हज़ार 249 आवेदन को निस्तारित कर खाद्य सुरक्षा योजना में जोड़ा गया है, शेष आवेदन सत्यापन हेतु प्रक्रियाधीन है।
उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा योजना— 2025 में जुड़े समस्त लाभार्थियों की आधार सीडिंग कर दी गई है तथा जिले के समस्त उचित मूल्य दुकानदारों को लाभार्थियों की बकाया ई-केवाईसी की सूची उपलब्ध करवाकर शत प्रतिशत ई-केवाईसी करने हेतु निर्देशित किया गया है।
उन्होंने बताया कि जिले में गिव अप अभियान के तहत हटाई गई कुल यूनिट 49 हजार 912, ई— केवाईसी नहीं करवाने पर हटाई गई कुल यूनिट 46 हजार 457 है, इस प्रकार कुल 96 हजार 369 यूनिट हटाई गई है। इसके साथ ही जिले में इस वर्ष 26 जनवरी के बाद सम्मिलित की गई कुल यूनिट 78 हज़ार 716 है। खाद्य मंत्री ने खाद्य विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
आमजन की शिकायतों का हो त्वरित गुणवत्तापूर्ण निस्तारण: मंत्री श्री गोदारा—
मंत्री ने कहा कि डीलरों और परिवहनकर्ताओं के भुगतान में अनावश्यक विलंब से वितरण प्रणाली प्रभावित होती है, जिसे हर हाल में रोका जाना चाहिए। उन्हें अधिकारियों से कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं सीधे आमजन के सीधे संबंधित हैं इनकी निगरानी एवं क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आमजन की शिकायतों का शीघ्र नियमानुसार गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक में विधायक कोटपूतली हंसराज पटेल, विराटनगर विधायक कुलदीप धनखड़, बहरोड़ विधायक जसवंत सिंह, अलवर जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर, जिला कलक्टर प्रियंका गोस्वामी, एडीएम ओमप्रकाश सहारण, एसडीएम बृजेश चौधरी, जिला रसद अधिकारी शशि शेखर शर्मा, महासिंह सहित खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के जिला एवं उपखंड स्तरीय अधिकारी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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27/06/25गिव अप अभियान के माध्यम से अपात्र को करें बाहर, पात्र को दे अधिकार — खाद्य मंत्री
एन.एस. बाछल, 27 जून, जयपुर।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने गुरूवार को खैरथल-तिजारा कलेक्टर कार्यालय में अपने विभाग के अधिकारियों की बैठक कर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की, प्रगति जानी और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और निगरानी के लिए आवश्यक दिशा—निर्देश दिए।
सुमित गोदारा ने गिव अप अभियान को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सक्षम उपभोक्ताओं को स्वेच्छा से सब्सिडी वाले राशन का त्याग करने के लिए प्रेरित किया जाए ताकि वास्तविक जरूरतमंद और पात्र लाभार्थियों तक खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ पहुँच सके। पात्र उपभोक्ताओं की शीघ्र पहचान कर उन्हें योजना से तुरंत जोड़ा जाए। उन्होंने अपात्र लाभार्थियों से सब्सिडी वापसी का लक्ष्य तय किया।
उन्होंने जिला रसद अधिकारी को सभी उचित मूल्य की दुकानों पर पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के बोर्ड लगाने और पं. दीनदयाल अंत्योदय संबल पखवाड़ा के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर लगाए जा रहे कैंपों में लाभार्थियों की पात्रता की जांच कर योजना से जोड़ने तथा अपात्र लोगों को गिव अप अभियान के तहत योजना से हटाने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने में कोई कोताही नहीं हो और आमजन की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने खाद्य सामग्री वितरण प्रणाली की वर्तमान स्थिति, वितरण की पारदर्शिता, शिकायत निवारण तंत्र और उपभोक्ता अधिकारों को लेकर चर्चा की।
बैठक के पश्चात सुमित गोदारा ने पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप प्रदेश में खाद्य सुरक्षा अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेशभर में अब तक 21 लाख परिवारों ने सब्सिडी छोड़ी है और राज्य में 37 लाख नए पात्र योजना से जोड़े जा रहे है। अभियान के तहत खैरथल-तिजारा जिले में 38376 अपात्र लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सब्सिडी छोड़ दी है। जिले में वर्ष 2022 में 22855 परिवारों ने आवेदन किया जिसमें से अभी तक 7619 परिवारों को योजना से जोड़ा गया एवं 3213 परिवारों को अपात्र पाए जाने पर उनके आवेदन को निरस्त किया गया तथा वर्ष 2025 में अभी तक 7300 परिवारों ने आवेदन किया जिसमें से 3820 परिवारों को योजना से जोड़ा गया एवं 141 परिवारों को योजना में अपात्र पाए जाने पर आवेदन को निरस्त किया गया। उन्होंने कहा कि सक्षम व्यक्ति द्वारा 30 जून तक सब्सिडी नहीं छोड़ी तो सख्त कार्रवाई की जाएगी । उन्होंने बताया कि सभी उचित मूल्य दुकानों के डीलर्स का मई माह तक बकाया कमीशन जारी कर दिया गया है।
बैठक में जिला कलक्टर किशोर कुमार, पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार, अलवर जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर,पूर्व विधायक किशनगढ़ बास रामहेत सिंह यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
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27/06/25आमजन के परिवेदनाओं का हो रहा त्वरित निस्तारण - नल कनेक्शन शुरू होने से 80 ग्रामीणों के चेहरों पर आई मुस्कान
एन.एस. बाछल, 27 जून, जयपुर।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा के तहत 24 जून 2025 को ग्राम पंचायत सुल्तानिया में आयोजित शिविर में ग्रामवासी गणेश नारायण शर्मा व अन्य ने पेयजल नल कनेक्शन हेतु उपखंड अधिकारी फागी राकेश कुमार के समक्ष परिवार प्रस्तुत किया।
परिवाद के तत्काल निस्तारण हेतु उपखंड अधिकारी ने सहायक अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग परियोजना खंड फागी सुरेश कुमार मीणा को नियमन अनुसार नल कनेक्शन करने के निर्देश दिए।
पूर्व में आपसी विवाद के चलते नल कनेक्शन नहीं हो पा रहे थे उपखंड अधिकारी की समझाइए इस पर ग्राम वासियों ने आपसी मनमुटाव को दूर कर नल कनेक्शन जारी करने हेतु सहमति प्रदान की जिस पर उपखंड अधिकारी ने अपने स्तर से 100 मीटर पाइप मंगवाकर 10 घरों में नल कलेक्शन करवा कर जैसे ही पेयजल आपूर्ति सुचारू रूप से प्रारंभ की वैसे ही 80 ग्रामीणों के चेहरों पर मुस्कान छा गई। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा प्रारंभ करने पर राज्य के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल का धन्यवाद ज्ञापित किया है।
20 साल पुराने पुश्तैनी मकान का मिला पट्टा तो छलके आंसू —
पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा के अंतर्गत 26 जून 2025 को ग्राम पंचायत पचाला में आयोजित शिविर में परिवादी गणेश सेन निवासी ग्राम शंकरपुर ने विकास अधिकारी फागी चरण सिंह चौधरी के समक्ष 20 साल से उसके पुश्तैनी मकान का मालिक आना हक नहीं मिलने का परिवार दिया।
विकास अधिकारी ने मौके पर ही नियमानुसार पट्टा एवं स्वामित्व पत्र जारी कर परिवादी को तत्काल राहत प्रदान करी तो उसकी आंखों से खुशी के आंसू छलक आए। परिवादी और उसका परिवार राज्य सरकार और जिला प्रशासन का कोटि-कोटि आभार व्यक्त करते नहीं थक रहा है।
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27/06/25बैठक के बीच पहुंचे नेत्रहीन दंपति को शिक्षा मंत्री ने दिया सहारा -संवेदनशीलता का परिचय देते हुए लगाया इच्छित स्थान पर
एन.एस. बाछल, 27 जून, जयपुर।
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने गुरुवार को फिर एक बार विशेष योग्यजनों के प्रति अपनी संवेदनशीलता और सद्भावना का परिचय देते हुए एक नेत्रहीन दंपति को उनके इच्छित स्थान पर पद स्थापना देकर उसकी इच्छा पूरी की।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पंचायती राज विभाग के अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। तभी अचानक एक नेत्रहीन दंपति बीच बैठक में मंत्री श्री दिलावर से मिलने आए। सुरक्षा कर्मियों ने दोनों को रोकने का प्रयास किया तो मंत्री ने उन्हें रोकते हुए दोनों को अंदर बुला लिया। पूछने पर नेत्रहीन श्री दीपक कुमार ने बताया कि वह श्रीगंगानगर जिले का रहने वाला है।
वह शिक्षा विभाग में अध्यापक लेवल प्रथम विशेष शिक्षा वीआई के पद पर राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय जगमाल का ताला, ग्राम पंचायत मांगता, ब्लॉक धोरीमना, जिला बाड़मेर में पद स्थापित है। यह उसके गृह जिले श्रीगंगानगर से 700 किलोमीटर दूर है। इस कारण उसे घर आने जाने में काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। उसकी पत्नी भी 100 प्रतिशत नेत्रहीन है। ऐसे में गृह जिले से 700 किलोमीटर दूर बाड़मेर में सेवा देना उसके लिए चुनौतीपूर्ण है।
इस पर शिक्षा मंत्री ने सहानुभूतिपूर्वक दीपक कुमार से पूछा कि तुम कहां लगना चाहते हो बताओ। तुम्हारे इच्छित स्थान पर ही तुम्हें लगा देंगे। श्री दीपक ने कहा कि राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय अशोकनगर जिला श्रीगंगानगर उसके घर के नजदीक है। कृपया कर उसे वहां लगा दिया जाए। इस पर शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री ने तत्काल दीपक कुमार को उसके घर के नजदीक राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय, अशोक नगर, श्रीगंगानगर में लगाने के आदेश जारी किए।
बैठक में उपस्थित मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी श्रीगंगानगर को निर्देश दिए कि दीपक कुमार को श्रीगंगानगर में पोस्टिंग दिलवाएं और बाड़मेर में उसके वर्तमान पदस्थापना स्थान से रिलीव करने की प्रक्रिया में मदद करें। इच्छित स्थान पर पदस्थापन मिलने पर नेत्रहीन दंपत्ति ने शिक्षा मंत्री का आभार प्रकट किया।
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27/06/25 |आज का राशिफल 27 जून 2025
मेष राशि (Aries)
आज का दिन मेहनत वाला रहेगा, लेकिन आपको सफलता और प्रसन्नता मिलेगी। आपको कोई नया काम शुरू करने का मौका या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आपकी मेहनत रंग लाएगी और आपको तारीफ भी मिलेगी। वैवाहिक जीवन की परेशानियां दूर होंगी और परिवार का सहयोग मिलेगा। बच्चों की शिक्षा संबंधी समस्या का समाधान हो सकता है। सेहत के प्रति लापरवाही से बचें। आज भाग्य 87% आपके पक्ष में रहेगा। श्रीलक्ष्मी स्तोत्र का पाठ लाभदायक होगा।
वृषभ राशि (Taurus)
आज का दिन अनफा योग के कारण आपके लिए लाभदायक रहेगा। आपके पराक्रम में वृद्धि होगी और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। अपनों का साथ मिलेगा। आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, प्रेम और संतान के संबंध भी अच्छे रहेंगे। व्यापार में भी तरक्की होगी। हरी वस्तु पास रखें।
मिथुन राशि (Gemini)
आज धनार्जन के योग हैं और परिवार में वृद्धि हो सकती है। आपका स्वास्थ्य पहले से काफी बेहतर रहेगा। प्रेम और संतान के संबंध भी अच्छे रहेंगे। व्यापार में भी सुखद अनुभव होगा। आप अपनों के साथ आनंद महसूस करेंगे। हरी वस्तु पास रखें।
कर्क राशि (Cancer)
आज चंद्रमा अपनी स्वराशि कर्क में संचरण कर रहे हैं, जिससे आपको सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। आपको आकस्मिक धनलाभ और भाग्योदय के प्रबल योग हैं। आज मन में कुछ नकारात्मक विचार आ सकते हैं, लेकिन सफलता आपके पक्ष में रहेगी। व्यापार में लाभ और भाइयों का साथ मिलेगा। सफेद वस्त्र या वस्तु का दान करें।
सिंह राशि (Leo)
आज सामाजिक और रचनात्मक कार्यों में आपको सफलता मिलेगी। दोस्तों के साथ समय मनोरंजन में बीतेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम और संतान का साथ मिलेगा। व्यापार बहुत अच्छा रहेगा।
कन्या राशि (Virgo)
आज आपके लिए आय के नवीन स्रोत बनेंगे और पुराने स्रोतों से भी धन आएगा। रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी, परिवार के साथ बाहर घूमने जा सकते हैं। नौकरी का इंतजार कर रहे व्यक्तियों को आज बढ़िया ऑफर मिल सकता है। आपको किसी व्यक्ति से धन की प्राप्ति होगी। आज महंगी चीजों का ध्यान रखें, गुम हो सकती हैं। बहस से बचें, मन पर नकारात्मक असर पड़ेगा। शनि को प्रसन्न करने के लिए काले वस्त्र या काली चीज का दान करें।
तुला राशि (Libra)
आज आपको एक मजबूत रिश्ता बनाए रखना होगा और सुनिश्चित करें कि सभी प्रोफेशनल चुनौतियों को पूरा करें। आर्थिक मामले सामने आ सकते हैं, लेकिन सेहत सामान्य रहेगी। लव लाइफ में, जो लोग नए रिश्ते में हैं, उन्हें पार्टनर को समय और स्पेस देना महत्वपूर्ण है। आप दोनों रोमांचक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। आज कोर्ट-कचहरी में विजय मिलेगी। व्यापारिक स्थिति सुदृढ़ होगी। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार बहुत अच्छा रहेगा। गणेश जी को प्रणाम करते रहें।
वृश्चिक राशि (Scorpio)
आज आपका आर्थिक पक्ष संवरेगा। अतिथि का सत्कार करेंगे। कुल-कुटुंब को बढ़ावा मिलेगा। पैतृक कार्य आगे बढ़ाएंगे और अच्छे मेजबान बने रहेंगे।
धनु राशि (Sagittarius)
आज परिस्थितियां थोड़ी प्रतिकूल रह सकती हैं। चोट-चपेट लग सकती है या किसी परेशानी में पड़ सकते हैं। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। प्रेम और संतान के संबंध अच्छे रहेंगे। व्यापार भी अच्छा रहेगा। लाल वस्तु पास रखें।
मकर राशि (Capricorn)
आज स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें, खासकर मौसम से संबंधित बीमारियों से। नई योजनाओं में निवेश से पहले सोच-विचार करें।
कुंभ राशि (Aquarius)
आज का दिन आपके लिए शानदार रहने वाला है। आपको व्यापार में धन लाभ होगा और भौतिक सुख की प्राप्ति होगी। नौकरी में उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे, आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। दाम्पत्य जीवन में खुशियां बनी रहेंगी, बच्चों के साथ शॉपिंग करने जा सकते हैं। शत्रुओं पर आपका दबदबा कायम रहेगा। आप बहुत बुद्धिमानी और चतुराई से स्थितियों को संभालेंगे। गुण-ज्ञान की प्राप्ति होगी और बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार अच्छा रहेगा। हरी वस्तु पास रखें।
मीन राशि (Pisces)
आज लव अफेयर के मामलों को परिपक्व रवैये के साथ संभालें। आपकी व्यावसायिक लाइफ व्यस्त रहेगी जिसके लिए अतिरिक्त कोशिश की जरूरत है। आर्थिक रूप से आज आप अच्छे हैं, लेकिन सेहत से जुड़ी छोटी-मोटी चुनौतियां रहेंगी। लवर के साथ समय बिताते समय शांत रहें और बहस करने से बचें। एक रोमांटिक रिश्ता आपसी सम्मान पर चलेगा। आज अटके हुए धन की वापसी होगी और जीवनसाथी भी आर्थिक मदद करेगा। लिखने-पढ़ने के लिए समय बहुत अच्छा है।
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26/06/25PM highlights India’s rich cultural contributions to health and wellness
Prime Minister Shri Narendra Modi, today highlighted India’s rich cultural contributions to health and wellness, emphasizing the growing trend of innovative startups that harmonize age-old traditions with modern scientific approaches.
Responding to a post by Mann Ki Baat Updates on X, Shri Modi said:
“Indian culture offers many ways to remain fit and healthy. In #MannKiBaat, we’ve been showcasing such efforts, including one such effort which has beautifully merged tradition with modernity in their StartUp.”
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26/06/25तीन दिवसीय मैंगो मेला 4 जुलाई से, मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन , देशभर के आम उत्पादक सैंकड़ों किस्म के आमों की लगाएंगे प्रदर्शनी
चंडीगढ़, 26 जून (अभी) - हरियाणा के सहकारिता, विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा है कि पिंजौर के प्रसिद्ध मुगलकालीन यादवेन्द्र गार्डन में पर्यटन विभाग व बागवानी विभाग द्वारा 4 जुलाई से 6 जुलाई तक 32वें मैंगो मेले का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी करेंगे। देशभर के आम उत्पादकों द्वारा सैंकड़ों व विविधता से भरपूर किस्मों का प्रदर्शन मैंगो मेले में किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को मैंगो मेले के शानदार आयोजन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने आज कैंप कार्यालय में हरियाणा पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. शालीन व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक करके तैयारियों का जायजा लिया व उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पर्यटन मंत्री डाॅ. अरविंद शर्मा ने कहा कि हरियाणा पर्यटन विकास निगम व बागवानी विभाग वर्ष 1992 से यादवेन्द्र गार्डन, पिंजौर में मैंगो मेले का आयोजन कर रहा है। मैंगो मेले के 32वें संस्करण का आयोजन इस बार 4 जुलाई से किया जाएगा, जो 6 जुलाई तक चलेगा। उन्होंने कहा कि देशभर से आम उत्पादक किसान सैकड़ों किस्म के आम लेकर आएंगे और उनकी प्रदर्शनी भी लगाएंगे। पर्यटन विभाग और बागवानी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस वार्षिक कार्यक्रम की शुरूआत देशभर में उगाए जाने वाले आमों की विविधतापूर्ण और समृद्ध किस्मों का जश्न मनाने और किसानों को अपनी उपज दिखाने के लिए एक मंच प्रदान करने के लिए की गई थी।
कैबिनेट मंत्री डाॅ. अरविंद शर्मा ने कहा कि बीते सालों में आम मेला एक क्षेत्रीय उत्सव से बढ़कर अंतरराष्ट्रीय ख्याति के आयोजन में बदल चुका है। मेला न केवल आम की पारंपरिक किस्मों पर प्रकाश डालने के साथ-साथ आमजन को आम की नई प्रजातियों से भी परिचित कराने का बड़ा माध्यम बनता है। उन्होंने कहा कि आम मेला सिर्फ आमों का उत्सव नहीं है बल्कि यह सभी के लिए गतिविधियों और आकर्षणों से भरा उत्सव है। पर्यटन मंत्री डाॅ. अरविंद शर्मा ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मैंगो मेले की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढे, इसके लिए इसका मीडिया, सोशल मीडिया के माध्यम से बेहतर प्रचार-प्रसार किया जाए।
उन्होंने कहा कि मैंगो मेले में ढांचागत विकास से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर समय से तैयारी की जाए, ताकि मेले में आने वाले आम प्रशंसकों व पर्यटकों को अच्छा अनुभव मिले। उन्होंने किसानों के लिए आम प्रतियोगिताओं, स्कूली विद्यार्थियों की प्रतियोगिताओं, पुरस्कार वितरण की सुनियोजित व्यवस्था बनाने पर जोर दिया, ताकि किसी को भी असुविधा का सामना न करना पड़े। कैबिनेट मंत्री डाॅ. अरविंद शर्मा ने कहा कि आमजन फूड कोर्ट में देशभर से आए आम उत्पादकों की अलग-अलग किस्मों के आम के स्वाद का आनंद ले सकें, इसके लिए फूडकोर्ट में बेहतर व्यवस्था व स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
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26/06/25विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने दी सौगात , पौने दो करोड़ में बनने वाले सामुदायिक केंद्र का किया शिलान्यास
चंडीगढ़, 26 जून (अभी) - हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविन्द्र कल्याण ने घरौंडा के फूरलक रोड पर पौने दो करोड़ की लागत से बनने वाले सामुदायिक केंद्र का शिलान्यास करते हुए कहा कि हलके में जिस गति से विकास कार्य हो रहे हैं, इससे अगले कुछ सालों में घरौंडा हलके की सूरत बदल जाएगी। इसका लाभ पूरे हलके की जनता को मिलेगा।
श्री हरविन्द्र कल्याण आज घरौंडा में फुरलक रोड पर सामुदायिक केंद्र का शिलान्यास करने के बाद जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।
श्री कल्याण ने कहा कि घरौंडा के विकास कार्यों की बात करें तो शहर में लड़कियों का स्कूल, पार्कों और बस अड्डे का निर्माण कराया गया। इसके अलावा, न केवल घरौंडा को उपमंडल का दर्जा दिलाया गया बल्कि हलके में 16 स्कूलों को सीनियर सैकेंडरी बनवाया गया, 40 नए पुल और 75 सड़कें बनवाई गईं। इतना ही नहीं अवैध कॉलोनियों को अप्रूव्ड घोषित करवा कर उन में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई गईं। नए अस्पतालों के साथ-साथ युवाओं के लिए आईटीआई बनवाई गई। एनसीसी अकेडमी और रिंग रोड का निर्माण कार्य जारी है। मेडिकल यूनिवर्सिटी इसी साल शुरू हो जाएगी।
प्रोजेक्ट्स पूरा होने के बाद युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि घरौंडा हलके में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। अब तरक्की की पक्की नींव रखी जा चुकी है। बड़े प्रोजेक्ट्स पूरा होने के बाद युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
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26/06/25हरियाणा में मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति के तहत नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश
चंडीगढ़, 26 जून (अभी) - हरियाणा सरकार ने मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति को अमलीजामा पहनाने के मकसद से नीति के अनुसार, हर विभाग को ग्रुप ‘ए’ या ग्रुप ‘बी’ श्रेणी के नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। इन नोडल अधिकारियों को कल यानी 27 जून को प्रातः 10.00 बजे सेक्टर-17, चंडीगढ़ स्थित न्यू हरियाणा सिविल सचिवालय में प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि नई व्यवस्था को सुचारू तरीके चलाया जा सके।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने इस सम्बन्ध में 47 विभागों के 22 प्रशासनिक सचिवों को निर्देश जारी किए हैं।
नोडल अधिकारी संयुक्त निदेशक स्तर या उससे ऊपर का होगा, जो ऑनलाइन तबादला नीति के कार्यान्वयन में सम्बन्धित प्रशासनिक सचिव की सहायता करेगा। साथ ही, सरकार ने ऑनलाइन तबादला नीति में शामिल किए जाने या इससे निकाले जाने वाले काडर की सूची भी प्रकाशित करने के निर्देश दिए हैं।
नोडल अधिकारी की नियुक्ति और काडर सूची के प्रकाशन का कार्य एचआरएमएस पोर्टल’ के माध्यम से किए जाएंगे। इसके लिए विभाग का एडमिन उपयोगकर्ता http://hrmshry.nic.in पर लॉगिन करेगा। ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी मेनू से नोडल मास्टर एमओटीपी विकल्प चुनेगा, पात्र अधिकारियों की सूची डाउनलोड करेगा, उसमें से उपयुक्त अधिकारी का चयन कर स्वीकृत नोटिंग अपलोड करेगा और ओटीपी सत्यापन के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करेगा। चयनित अधिकारी दिसंबर 2026 से पहले सेवानिवृत्त नहीं होना चाहिए। पोर्टल में नोडल अधिकारी का संपादन (एडिट) भी किया जा सकता है।
नियुक्त नोडल अधिकारी एचआरएमएस पर तीन चरणों में कार्य करेगा। सबसे पहले वह काडर का नाम जोड़ेगा। उसके बाद यह तय करेगा कि कौन-सा काडर नीति में शामिल हैं या नहीं, और अंत में सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत आदेश अपलोड कर सूची को अंतिम रूप देगा।
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26/06/25पैरा ओलंपिक और एशियाई खेलों के पदक विजेताओं ने चंडीगढ़ में आरती सिंह राव से की मुलाकात
चंडीगढ़, 26 जून (अभी) - हरियाणा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के तत्वावधान में पेरिस 2024 पैरा ओलंपिक और एशियाई खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों ने हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री एवं हरियाणा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष कुमारी आरती सिंह राव से उनके चंडीगढ़ स्थित आवास पर मुलाकात की।
इस अवसर पर खिलाड़ियों ने अपनी मांगों, जैसे नकद इनाम और खेल कोटे के तहत नौकरी को लेकर एक लिखित ज्ञापन मंत्री को सौंपा। खिलाड़ियों की मांगों पर त्वरित और सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कुमारी आरती सिंह राव ने उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने इस मुद्दे के शीघ्र समाधान के लिए खेल मंत्री श्री गौरव गौतम से बातचीत की और खेल विभाग के महानिदेशक एवं प्रमुख सचिव को भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर पैरा ओलंपिक पदक विजेता नितेश कुमार (बैडमिंटन), हरविंदर सिंह (तीरंदाजी), मनीष नरवाल (शूटिंग), नवदीप सिंह (भाला फेंक), पैरा एशियाई खेलों की पदक विजेता कोकिला (जूडो), पूजा (एथलेटिक्स), सरिता (तीरंदाजी), अशोक मलिक (पावरलिफ्टिंग), हनी (एथलेटिक्स) सहित अन्य खिलाड़ी उपस्थित रहे। इस मौके पर हरियाणा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के महासचिव ज्योति कुमार छाबड़ा, कोषाध्यक्ष पवन अढाना और सचिव सुरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
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26/06/25हरियाणा के नौकायन खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में लहराया परचम
चंडीगढ़, 26 जून (अभी) – हरियाणा के युवा नाविकों ने हाल ही में संपन्न हुई राष्ट्रीय जूनियर मल्टी क्लासिक चैंपियनशिप-2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य का नाम रोशन किया है। यह प्रतियोगिता रॉयल मैसूर सेलिंग क्लब द्वारा मैसूर में 20 से 25 जून को हुई।
इस प्रतियोगिता में अजय कुमार व आयु कुमार ने रजत पदक जीता। वहीं साक्षी चौंकर का भी अच्छा प्रदर्शन रहा।
इस सफलता में टीम के कोच लोकेश यादव का भी अहम योगदान रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण, मानसिक तैयारी और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया, जिससे वे प्रतिस्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके।
कोच लोकेश यादव ने कहा कि आयु कुमार और साक्षी की उपलब्धियों पर गर्व महसूस करता हूं। हरियाणा याचिंग एसोसिएशन ने खिलाड़ियों, उनके कोच और सभी सहयोगियों को बधाई दी।
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26/06/25ऊर्जा व परिवहन मंत्री अनिल विज से हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी अध्यक्ष जगदीश झींडा ने मुलाकात की और उनका हालचाल जाना
कैबिनेट मंत्री अनिल विज उनके आवास पर आए अध्यक्ष झींडा को शॉल भेंट की, वहीं अध्यक्ष झींडा एवं अन्य ने स्मृति चिन्ह भेंट कर मंत्री अनिल विज को सम्मानित किया
चंडीगढ़/अम्बाला, 26 जून –
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज से आज उनके आवास पर हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने मुलाकात करते हुए उनका हालचाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने उनके आवास पर पहुंचे अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा को शॉल भेंट कर सम्मानित किया, वहीं अध्यक्ष झींडा ने मंत्री अनिल विज को स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान दोनों के बीच सामाजिक मुद्दों पर चर्चा भी हुई।
हरियाणा सिंह गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने मंत्री अनिल विज के पांव में फ्रैक्चर की जानकारी ली और कामना की कि वह जल्द स्वस्थ होकर जनकल्याण कार्यों में लगे। उन्होंने मंत्री अनिल विज की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह जनसेवा में निरंतर जुटे रहते हैं।
इस अवसर पर मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन गुलाब सिंह मुनख, हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रवक्ता कंवलजीत सिंह अजराना, सरपंच भूपेंद्र सिंह लाडी एवं अन्य मौजूद रहे।
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26/06/25भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन में हुई SCO की बैठक में संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर न कर आतंकवाद को दिया कड़ा संदेश
भारत ने हाल ही में चीन के क़िंगदाओ में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में एक संयुक्त दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।
संयुक्त दस्तावेज़ में कथित तौर पर 22 अप्रैल को पहलगाम, जम्मू और कश्मीर में हुए आतंकी हमले का उल्लेख नहीं किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 26 लोग मारे गए, जिनमें ज़्यादातर पर्यटक थे। भारत ने इस चूक को आतंकवाद के एक महत्वपूर्ण कृत्य को कमतर आंकने के लिए जानबूझकर किया गया प्रयास माना।
इसके विपरीत, दस्तावेज़ में पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अशांति के संदर्भ शामिल थे। भारत ने बलूचिस्तान में किसी भी तरह की भागीदारी से लगातार इनकार किया है ।
बैठक में मौजूद भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के प्रति भारत की "शून्य सहनशीलता" नीति पर जोर दिया और कहा कि इस खतरे से निपटने में "कोई दोहरा मापदंड" नहीं होना चाहिए। उन्होंने एससीओ देशों से आतंकवाद के अपराधियों और प्रायोजकों को जवाबदेह ठहराने का आग्रह किया। भारत के इनकार के कारण, एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक के अंत में एक संयुक्त विज्ञप्ति जारी नहीं की गई, क्योंकि एससीओ के निर्णय आम सहमति से लिए जाते हैं। भारत का यह कदम एक कड़ा संदेश देता है कि वह किसी भी आम सहमति का हिस्सा नहीं होगा जो आतंकवाद के खिलाफ उसकी लड़ाई को कमजोर करता है या क्षेत्रीय स्थिरता में उसकी भूमिका को गलत तरीके से पेश करता है। यह बहुपक्षीय मंचों के भीतर आतंकवाद पर एक एकीकृत रुख हासिल करने की चुनौतियों को भी उजागर करता है ।
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26/06/25अंतरराष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस —समाज को नशा मुक्त रखने में सरकार और संस्थाओं के साथ प्रदेश के युवा भी निभाएं जिम्मेदारी
एन.एस. बाछल, 26 जून, जयपुर।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि समाज को नशा मुक्त रखने की जिम्मेदारी सरकार और संस्थाओं की ही नहीं, अपितु समाज के हर व्यक्ति की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने आसपास के लोगों में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता लाने और नशे की गिरफ्त में जकड़े लोगों को इस दुष्चक्र से निकालने का संकल्प लेना होगा।
अविनाश गहलोत गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के मौके पर इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश भर में नशे की रोकथाम के लिए व्यापक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025 के बजट में श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर व बाड़मेर सहित 10 जिलों में 25-25 बेड क्षमता के नशामुक्ति केन्द्रों की स्थापना की घोषणा की थी जो कि सभी जिलों में प्रारंभ भी हो गए हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा प्रदेश भर में 85 लाइसेंसशुदा गैर अनुदानित, 10 केंद्र राज्य सरकार द्वारा अनुदानित तथा 38 केंद्र भारत सरकार द्वारा अनुदानित संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा है कि प्रदेश का कोई भी युवा नशे या व्यसन की लत में ना रहे और राज्य सरकार द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्रों से जुड़कर नशे को छोड़कर समाज की मुख्य धारा में शामिल हो सके।
अविनाश गहलोत ने कहा कि प्रदेश के नशा मुक्ति केंद्रों पर निगरानी व मॉनिटरिंग के लिए विभाग द्वारा कड़ी और पारदर्शी व्यवस्था की जा रही है। जहां जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा समय-समय पर केंद्रों का निरीक्षण किया जा रहा है, वहीं किसी भी स्तर पर कमी होने पर संस्था प्रधानों को नोटिस तथा लापरवाही बरतने पर लाइसेंस तक रद्द किए जाते हैं। विभाग का मानना है कि केंद्रों का नियमानुसार संचालन ही व्यसनी व्यक्ति के लिए सच्ची मदद है।
अविनाश गहलोत ने इस मौके पर सभागार में उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति के लिए शपथ दिलाई। इस दौरान 'एक युद्ध नशे के विरुद्ध' पोस्टर का विमोचन किया गया। साथ ही नशे के दुष्प्रभावों पर केंद्रित नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया गया।
इस अवसर पर अतिरिक्त निदेशक रीना शर्मा, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधीक्षक जयपुर अवधेश शर्मा, राजस्थान अस्पताल की नशा मुक्ति इकाई के प्रमुख डॉ राघव शाह, हरीश बुढ़ानी सहित अन्य अधिकारीगण एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधिगण मौजूद रहे।
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26/06/25दूर हुआ बरसों का अंधियारा...कनेक्शन मिला तो घर हुआ रोशन
एन.एस. बाछल, 26 जून, जयपुर।
राज्य सरकार के निर्देशानुसार अन्तिम पक्ति में बैठे व्यक्ति को सम्बल प्रदान करने के उद्देश्य से 24 जून से 9 जुलाई तक संचालित पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय सम्बल पखवाड़ा आमजन के लिए राहत भरी सौगात लेकर आया है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर शिविर में आमजन के विभिन्न प्रकार की परिवेदनाओं का निस्तारण मौके पर ही किया जा रहा है।
इसी की एक बानगी देखने को मिली जयपुर के फागी तहसील के ग्राम पंचायत चकवाड़ा में जहां आयोजित शिविर में परिवादी विष्णु प्रकाश शर्मा ने घर में विद्युत कनेक्शन न होने का परिवाद दिया। फरियाद पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संवेदनशील उपखण्ड अधिकारी फागी राकेश कुमार ने तत्काल विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियन्ता अनिल मीणा को टीम के साथ परिवादी के घर भेजा।
आदेशों की अनुपालना में विद्युत विभाग की टीम परिवादी के घर पहुॅची और परिवाद सही पाए जाने पर तत्काल नया विद्युत कनेक्शन जारी कर समस्या का निस्तारण किया गया। परिवादी द्वारा 24 जून को परिवाद के दिन ही विद्युत कनेक्शन जारी होने से घर रोशन होने गर्मी से निजात मिलने पर राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय सम्बल पखवाड़े के आयोजन जैसे नवाचार पर हृदय से आभार व्यक्त किया है।
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26/06/25"हरियालो राजस्थान" प्रत्येक विद्यार्थी एक माह तक हर दिन लगाएगा 10 पौधे, विभाग के अधिकारी, कर्मचारी प्रतिदिन लगाएंगे 15 पौधे
एन.एस. बाछल, 26 जून, जयपुर।
शिक्षा (विद्यालयी/ संस्कृत) एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने बुधवार को चूरू जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में जिले की शैक्षणिक प्रगति, पंचायतीराज के विकास कार्यों व "हरियालो राजस्थान" अभियान की तैयारियों की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को समुचित निर्देश दिए।
मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि शिक्षा अधिकारी शैक्षिक उन्नयन के लिए संकल्पित रहें। विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था बेहतरीन रहे तथा गत सत्र के परीक्षा परिणाम का एनालिसिस करते हुए उन्नयन हेतु नियमित प्रयास किए जाएं।
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक परिणामों में सुधार के लिए प्रभावी रणनीति अपनाते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करें। शिक्षा के स्तर पर सतत निगरानी रखी जाए।
शिक्षा मंत्री ने "हरियालो राजस्थान" अभियान के अंतर्गत व्यापक वृक्षारोपण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक पंचायत क्षेत्र में लक्ष्य के अनुरूप पौधारोपण किया जाए और उनकी नियमित देखरेख की जिम्मेदारी तय की जाए।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वृक्षारोपण महाभियान के दौरान प्रत्येक विद्यार्थी एक माह तक प्रतिदिन न्यूनतम 10 पौधे लगाएगा। इसी के साथ पंचायतीराज व शिक्षा विभाग के अधिकारी व कर्मचारी प्रतिदिन 15 पौधे लगाएंगे व उनकी समुचित देखभाल के प्रयास किए जाएंगे।
चूरु सीईओ श्वेता कोचर ने बताया कि पौधरोपण के लक्ष्य निर्धारित करते हुए प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। जिले में चरागाह विकास के कार्य करवाए जा रहे हैं।
इस दौरान चूरू जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा, जिला प्रमुख वंदना आर्य, राजगढ़ प्रधान विनोद देवी, बसंत शर्मा व सभी सीबीईओ मौजूद रहे।
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प्रश्न तो उठता है
अनिल विज अंबाला छावनी 26 जून 2025
यदि मसला केवल ईरान के परमाणु संस्थानों को ध्वस्त करना ही था और वह भी अमेरिका को ही करना पड़ा तो ईरान इजरायल की लड़ाई करवाने की क्या जरूरत थी । अमरीका सीधा ही हमला कर देता । इस युद्ध में ईरान और इजरायल का भरी जान माल से नुकसान हुआ है जो अगर यह आपस में न लड़ते तो बचाया जा सकता था ।
इजरायल पर ईरान के मिसाइल हमलों के बाद, 22 जून को अमेरिका इस लड़ाई में कूद गया। अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर बंकर बस्टर बमों से हमले किए, जिससे ईरान को भारी नुकसान हुआ।
ईरान का परमाणु कार्यक्रम दशकों पुराना है और इसका उद्देश्य परमाणु ऊर्जा का उत्पादन करना बताया जाता है। हालांकि, अमेरिका और इजरायल सहित कई पश्चिमी देश यह आरोप लगाते रहे हैं कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
ईरान के पास कई परमाणु सुविधाएं हैं, जिनमें से कुछ सबसे महत्वपूर्ण हैं:
* नतान्ज़ (Natanz): यह ईरान का सबसे बड़ा यूरेनियम संवर्धन संयंत्र है। यह भूमिगत है और सेंट्रीफ्यूज (centrifuges) का उपयोग करके यूरेनियम को समृद्ध करता है। इसे अक्सर इजरायल और अमेरिका द्वारा निशाना बनाया जाता रहा है।
* फोर्डो (Fordo): यह एक अत्यधिक सुरक्षित भूमिगत सुविधा है, जो कोम शहर के पास एक पहाड़ के अंदर 80 मीटर की गहराई में स्थित है। यह नतान्ज़ के बाद ईरान का दूसरा पायलट संवर्धन संयंत्र है और इसे नष्ट करना बेहद मुश्किल माना जाता है।
* इस्फाहान (Isfahan): यहां एक यूरेनियम रूपांतरण सुविधा (Uranium Conversion Facility) और एक ईंधन प्लेट निर्माण संयंत्र (Fuel Plate Fabrication Plant) स्थित हैं।
ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, जैसे बिजली उत्पादन और चिकित्सा अनुसंधान। ईरान परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का हस्ताक्षरकर्ता है और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षण में काम करने का दावा करता है।
ईरान और इजरायल के बीच हालिया संघर्ष ने दोनों देशों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसमें जानमाल का नुकसान और आर्थिक क्षति दोनों शामिल हैं। यह युद्ध 12 दिनों तक चला।
ईरान में लगभग 610 से 800 लोग मारे गए, जिनमें 263 नागरिक थे। कुछ रिपोर्ट्स में यह संख्या 950 तक बताई गई है, जिनमें 380 नागरिक और 253 सुरक्षा बल के जवान शामिल थे।
लगभग 1300 से 4746 लोग घायल हुए।
कई प्रमुख सैन्य कमांडर, परमाणु वैज्ञानिक और वरिष्ठ रिवोल्यूशनरी गार्ड अधिकारी मारे गए।
तेहरान से 1 लाख से अधिक लोगों को भागना पड़ा।
इजरायल में लगभग 24 से 30 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर आम नागरिक थे।
200 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें ज्यादातर वे लोग थे जो हमले के दौरान बम शेल्टर में नहीं थे।
आर्थिक रूप से, ईरान को 150-200 बिलियन डॉलर का अनुमानित नुकसान हुआ।
तेल और गैस उद्योग को भारी नुकसान हुआ, जो ईरान की अर्थव्यवस्था का 60% हिस्सा है। 12 दिनों के हमलों से 3 बड़ी तेल रिफाइनरी और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुईं, जिससे उत्पादन में लगभग 35% गिरावट और निर्यात में $10–12 अरब डॉलर का संभावित नुकसान हुआ।
युद्ध से पहले ईरान की जीडीपी ग्रोथ 3.5% थी, जो युद्ध के बाद घटकर सिर्फ 0.3% रह गई है।
इजरायल को आर्थिक रूप से लगभग 12 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ।
तेज अवीव, हाइफा और बीर शेवा जैसे शहरों में नागरिक और सैन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।
लगभग 3,000 से अधिक इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुईं। 38,700 से अधिक मुआवजे के दावे दर्ज हुए, जिनमें से 30,809 दावे केवल भवन क्षति के लिए थे।
3713 वाहन और 485 अन्य संपत्तियां भी क्षतिग्रस्त हुईं।
तेल अवीव और अश्केलोन सबसे ज़्यादा प्रभावित शहर थे।
इजरायल संघर्ष का भारत के चावल निर्यात पर भी असर पड़ा है। लगभग 14,000 टन चावल रास्ते में फंसा हुआ है और भुगतान भी रुका पड़ा है। ड्राई-फ्रूट की कीमतों पर भी असर पड़ा है क्योंकि इनकी सप्लाई ईरान और अफगानिस्तान से बाधित हुई है।
वैश्विक आर्थिक प्रभाव: कच्चे तेल की कीमतों में 11% से अधिक की बढ़ोतरी हुई। युद्ध जारी रहने पर रोजमर्रा के सामान और औद्योगिक उत्पाद महंगे हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, इस संघर्ष से दोनों देशों को जानमाल, बुनियादी ढांचे और अर्थव्यवस्था के संदर्भ में भारी नुकसान हुआ है, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता भी बढ़ी है।
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26/06/25हिमाचल प्रदेश ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में बड़ी छलांग लगाई , एनएएस-2025 में 5वें स्थान पर पहुंचा हिमाचल
हिमाचल, 26 जून (अभी): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। नवीनतम राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) 2025, जिसे परख-2025 के रूप में भी जाना जाता है, ने हिमाचल प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर समग्र रैंकिंग में 5वें स्थान पर रखा है, जो पिछली भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान किए गए 2021 के सर्वेक्षण में 21वें स्थान से एक महत्वपूर्ण छलांग है।
सर्वेक्षण के अनुसार, हिमाचल प्रदेश ग्रेड-3 स्तर पर दूसरे स्थान पर, ग्रेड-6 पर 5वें और ग्रेड-9 पर चौथे स्थान पर रहा है, जो स्पष्ट रूप से राज्य की शिक्षा प्रणाली में पर्याप्त गुणात्मक सुधारों को दर्शाता है।
यह उल्लेखनीय प्रगति मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुखू के मार्गदर्शन में वर्तमान सरकार द्वारा शुरू किए गए केंद्रित सुधारों की एक श्रृंखला का परिणाम है। इनमें कम छात्र नामांकन वाले स्कूलों का विलय, शिक्षण स्टाफ का युक्तिकरण, रिक्त पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाना और सभी विधानसभा क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों की स्थापना शामिल है।
इसके अलावा, शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों के एक्सपोजर दौरों ने वैश्विक शिक्षण दृष्टिकोण और समग्र शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाने में योगदान दिया है। इन रणनीतिक कदमों से सीखने के परिणामों और समग्र शैक्षिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आया है।
राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा अभियान राजेश शर्मा ने एनएएस-2025 में राज्य के प्रदर्शन को एक बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि इस रैंकिंग के बारे में आधिकारिक घोषणा 2 जुलाई, 2025 को दिल्ली में की जाएगी, जहां वह राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने कहा कि यह परिणाम राज्य सरकार की सुसंगत और सुधार-संचालित नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम है। यह उपलब्धि देश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए एक मॉडल के रूप में हिमाचल प्रदेश की बढ़ती स्थिति को रेखांकित करती है।
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26/06/25हिमाचल : अन्तरराष्ट्रीय नशा व मादक पदार्थ निषेध दिवस समारोह 26 जून को
हिमाचल, 26 जून (अभी): हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम लोगों के सशक्तिकरण विभाग (ईएसओएमएसए) के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि नशीली दवााओं के दुरूपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अन्तरराष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य में 26 जून, 2025 को शिमला में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित होंगे, जबकि स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
प्रवक्ता ने कहा कि यह कार्यक्रम समाज में नशे की बुराई को समाप्त करने के लिए जागरूकता फैलाने और सामुदायिक प्रयासों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में प्रदेश की पंचायती राज संस्थाएं, स्वयंसेवी संस्थाओं के अलावा शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थी भाग लेंगे।
उन्होंने कहा कि समारोह के दौरान नशामुक्त भारत अभियान के अन्तर्गत कार्य करने वाले सभी विभागों, जिलों, स्वयंसेवी संस्थाओं और व्यक्तियों को ‘नशा मुक्त हिमाचल, स्वस्थ हिमाचल’ पहल में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
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26/06/25रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन की धरती पर किया आप्रेशन सिंदूर का जिक्र, "हमने दिखाया सीमा पार आतंकियों को निशाना बनाने में संकोच नहीं करेंगे"
आरएस अनेजा, 26 जून नई दिल्ली
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज चीन के क़िंगदाओ में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में आतंकवाद के खिलाफ़ भारत की नीति में बदलाव की व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत की और सदस्य देशों से सामूहिक सुरक्षा और संरक्षा के लिए इस खतरे को समाप्त करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
रक्षा मंत्रियों, एससीओ महासचिव, एससीओ के क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी ढांचे (आरएटीएस) के निदेशक और अन्य प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र के सामने सबसे बड़ी चुनौतियाँ शांति, सुरक्षा और विश्वास की कमी से संबंधित हैं, और बढ़ती कट्टरता, उग्रवाद और आतंकवाद इन समस्याओं का मूल कारण हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा, "शांति और समृद्धि आतंकवाद और गैर-राज्यीय अभिनेताओं और आतंकवादी समूहों के हाथों में सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रसार के साथ-साथ नहीं रह सकती। इन चुनौतियों से निपटने के लिए निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता है। यह जरूरी है कि जो लोग अपने संकीर्ण और स्वार्थी उद्देश्यों के लिए आतंकवाद को प्रायोजित, पोषित और उपयोग करते हैं, उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे। कुछ देश सीमा पार आतंकवाद को नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं और आतंकवादियों को पनाह देते हैं। ऐसे दोहरे मानदंडों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
एससीओ को ऐसे देशों की आलोचना करने में संकोच नहीं करना चाहिए।" रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत ने पहलगाम, जम्मू और कश्मीर में हुए जघन्य आतंकवादी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जो आतंकवाद से बचाव और आगे के सीमा पार हमलों को रोकने के साथ-साथ रोकने के अपने अधिकार का प्रयोग करता है। उन्होंने कहा, "पहलगाम आतंकी हमले के दौरान, पीड़ितों को धार्मिक पहचान के आधार पर गोली मार दी गई थी। संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के प्रतिनिधि द रेजिस्टेंस फ्रंट ने हमले की जिम्मेदारी ली है। पहलगाम हमले का पैटर्न भारत में एलईटी के पिछले आतंकी हमलों से मेल खाता है। आतंकवाद के प्रति भारत की शून्य सहिष्णुता उसके कार्यों के माध्यम से प्रदर्शित हुई है। इसमें आतंकवाद के खिलाफ खुद का बचाव करने का हमारा अधिकार भी शामिल है।
हमने दिखाया है कि आतंकवाद के केंद्र अब सुरक्षित नहीं हैं और हम उन्हें निशाना बनाने में संकोच नहीं करेंगे।" राजनाथ सिंह ने सीमा पार आतंकवाद सहित आतंकवाद के निंदनीय कृत्यों के अपराधियों, आयोजकों, वित्तपोषकों और प्रायोजकों को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने की आवश्यकता दोहराई। उन्होंने आतंकवाद के किसी भी और हर कृत्य को आपराधिक और अनुचित करार दिया, चाहे वे कभी भी, कहीं भी और किसी के द्वारा भी किए गए हों। उन्होंने कहा कि एससीओ सदस्यों को इस बुराई की स्पष्ट रूप से निंदा करनी चाहिए, उन्होंने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से लड़ने के भारत के संकल्प की पुष्टि की।
रक्षा मंत्री ने चुनौती से निपटने में आरएटीएस तंत्र की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करते हुए युवाओं में कट्टरपंथ के प्रसार को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "भारत की अध्यक्षता के दौरान जारी 'आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद को जन्म देने वाली कट्टरपंथ का मुकाबला करने' पर एससीओ राष्ट्राध्यक्षों की परिषद का संयुक्त वक्तव्य हमारी साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है।" श्री राजनाथ सिंह ने हथियारों और नशीले पदार्थों की सीमा पार तस्करी के लिए ड्रोन सहित आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक का मुकाबला करने के महत्व को रेखांकित किया और बताया कि इस परस्पर जुड़ी दुनिया में खतरों के खिलाफ पारंपरिक सीमाएं अब एकमात्र बाधा नहीं हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया चुनौतियों के एक जटिल जाल का सामना कर रही है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और साइबर हमलों से लेकर हाइब्रिड युद्ध तक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये खतरे राष्ट्रीय सीमाओं का सम्मान नहीं करते हैं और पारदर्शिता, आपसी विश्वास और सहयोग पर आधारित एकीकृत प्रतिक्रिया की मांग करते हैं।
वर्तमान अनिश्चित भू-राजनीतिक परिदृश्य में एससीओ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि सदस्य देश वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान करते हैं और दुनिया की लगभग 40 प्रतिशत आबादी उनमें निवास करती है। उन्होंने एक सुरक्षित, संरक्षित और स्थिर क्षेत्र के निर्माण को सामूहिक हित के रूप में वर्णित किया, जो लोगों के जीवन की प्रगति और सुधार में योगदान दे सकता है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि वैश्वीकरण गति खो रहा है, और बहुपक्षीय प्रणालियों के कमजोर होने से महामारी के बाद शांति और सुरक्षा बनाए रखने से लेकर अर्थव्यवस्थाओं के पुनर्निर्माण तक की तत्काल चुनौतियों का समाधान करना कठिन हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रमुख शक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है, व्यापार और प्रौद्योगिकी का भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में उपकरण के रूप में तेजी से उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “भारत का मानना है कि सुधारित बहुपक्षवाद संवाद और सहयोग के लिए तंत्र बनाकर देशों के बीच संघर्ष को रोकने के लिए सहयोग बनाने में मदद कर सकता है।” रक्षा मंत्री ने मध्य एशिया के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
उन्होंने कहा, "बेहतर कनेक्टिविटी न केवल आपसी व्यापार को बढ़ाती है, बल्कि आपसी विश्वास को भी बढ़ावा देती है। हालांकि, इन प्रयासों में, एससीओ चार्टर के मूल सिद्धांतों को बनाए रखना आवश्यक है, विशेष रूप से सदस्य राज्यों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना।" राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अफगानिस्तान में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के समर्थन में अपनी नीति में सुसंगत और दृढ़ रहा है। उन्होंने अफगानिस्तान में तत्काल प्राथमिकताओं को गिनाया, जिसमें वहां के लोगों को मानवीय सहायता प्रदान करना और समग्र विकासात्मक जरूरतों में योगदान देना शामिल है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के सबसे बड़े क्षेत्रीय विकास भागीदार के रूप में, भारत अफगान लोगों के लिए क्षमता निर्माण पहलों को लागू करना जारी रखता है।
रक्षा मंत्री ने इस बारे में भी जानकारी साझा की कि कैसे महामारी, जलवायु परिवर्तन, खाद्य और जल सुरक्षा और संबंधित सामाजिक व्यवधान जैसी गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियाँ कोई सीमा नहीं पहचानती हैं और लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन चुनौतियों का समाधान जिम्मेदार नीतियों और राष्ट्रों के बीच सहयोग के बिना नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, "आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना के लिए गठबंधन पर भारत की पहल का उद्देश्य न केवल आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना को बढ़ावा देना है, बल्कि अवसंरचना जोखिम प्रबंधन, मानक, वित्तपोषण और पुनर्प्राप्ति भी है। यह इस बात का भी उदाहरण है कि कैसे देश मानवीय सहायता और आपदा राहत से निपटने के लिए क्षमताओं का निर्माण और साझा करने के लिए एक साथ आ रहे हैं।"
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत का सागर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) और महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) का दृष्टिकोण विकास और आर्थिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाने का प्रमाण है, जिसमें सुरक्षा और स्थिरता सबसे आवश्यक घटक हैं। उन्होंने एससीओ सदस्यों के बीच अधिक सहयोग और आपसी विश्वास के लिए भारत के समर्थन को रेखांकित किया, उनसे आज की चुनौतियों से निपटने के दौरान लोगों की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हमें अपने पड़ोस में स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करने के अपने प्रयास में एक साथ मिलकर काम करना चाहिए।"
रक्षा मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ के आदर्श वाक्य के आधार पर वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए आम सहमति बनाना चाहता है, जो वसुधैव कुटुम्बकम (दुनिया एक परिवार है) के अपने सभ्यतागत लोकाचार पर आधारित है। उन्होंने कहा कि आपसी समझ और आपसी लाभ हमारे मार्गदर्शक सिद्धांत होने चाहिए।
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26/06/25डीपीआईआईटी सचिव ने झारखंड, सिक्किम, नागालैंड, असम और अरुणाचल प्रदेश में मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की पीएमजी समीक्षा की अध्यक्षता की
आरएस अनेजा, 26 जून नई दिल्ली
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने झारखंड, सिक्किम, नागालैंड, असम और अरुणाचल प्रदेश राज्यों में मेगा बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को प्रभावित करने वाले प्रमुख मुद्दों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और परियोजना समर्थकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जिसमें परियोजना निगरानी समूह (पीएमजी) द्वारा सुगम अंतर-मंत्रालयी और राज्य समन्वय के माध्यम से मुद्दे के समाधान में तेजी लाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में झारखंड राज्य में 11 महत्वपूर्ण परियोजनाओं के 18 मुद्दों की समीक्षा की गई, जिनमें सभी परियोजनाओं की कुल लागत 34,213 करोड़ रुपये से अधिक है, सिक्किम राज्य में 02 परियोजनाओं के 02 मुद्दों की समीक्षा की गई, जिनकी कुल लागत 943.04 करोड़ रुपये है, नागालैंड राज्य में 02 परियोजनाओं के 03 मुद्दों की समीक्षा की गई, जिनकी कुल लागत 544.65 करोड़ रुपये है, असम राज्य में 01 मुद्दे और 01 परियोजना की समीक्षा की गई, जिनकी कुल लागत 6,700 करोड़ रुपये है और अरुणाचल प्रदेश राज्य में 01 निजी परियोजना सहित 03 परियोजनाओं के 07 मुद्दों की समीक्षा की गई, जिनकी कुल लागत 33,469 करोड़ रुपये है।
झारखंड राज्य से संबंधित पतरातू थर्मल पावर स्टेशन विस्तार परियोजना चरण-I की विस्तार से समीक्षा की गई। इस परियोजना का क्रियान्वयन विद्युत मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी)/पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीयूवीएनएल) के माध्यम से किया जा रहा है। इस परियोजना का लक्ष्य चरणों में 4,000 मेगावाट की कुल क्षमता स्थापित करना है, जिसमें चरण I में 800 मेगावाट की तीन इकाइयाँ शामिल हैं, जो कुल मिलाकर 2,400 मेगावाट होंगी। यह ब्राउनफील्ड विस्तार परियोजना मौजूदा पतरातू थर्मल पावर स्टेशन की साइट पर स्थापित की जा रही है। यह परियोजना सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित है, जो बेहतर दक्षता और कम उत्सर्जन को सक्षम बनाती है।
संयंत्र के लिए पानी पास के नलकारी बांध से लिया जाएगा, जबकि कोयले की आपूर्ति एनटीपीसी के कैप्टिव कोल ब्लॉकों के माध्यम से सुनिश्चित की गई है। अरुणाचल प्रदेश में 2,880 मेगावाट की दिबांग जलविद्युत परियोजना, जिसे विद्युत मंत्रालय के तहत एनएचपीसी द्वारा विकसित किया जा रहा है, में भारत का सबसे ऊँचा बाँध होगा और यह सालाना 11,223 मिलियन यूनिट स्वच्छ ऊर्जा उत्पन्न करेगी। फरवरी 2032 तक चालू होने के लिए निर्धारित, यह बाढ़ नियंत्रण में सहायता करेगी, राज्य को 13% मुफ़्त बिजली प्रदान करेगी और नेट ज़ीरो लक्ष्यों का समर्थन करेगी।
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26/06/25खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने नवंबर में राजस्थान में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 का एलान किया
आरएस अनेजा, 26 जून नई दिल्ली
पूर्णिमा विश्वविद्यालय और राजस्थान विश्वविद्यालय संयुक्त रूप से जयपुर में नवंबर में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 की मेज़बानी करेंगे। फरवरी 2020 में शुरू हुए खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का यह पांचवां संस्करण होगा।
अनेक किस्म के खेलों को शामिल करने वाले वाले इन खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में 200 से अधिक विश्वविद्यालयों से 4,000 से अधिक एथलीटों के भाग लेने की उम्मीद है। पिछले संस्करणों की तरह, केआईयूजी 2025 कार्यक्रम में खेलों के कम से कम 20 विषय होंगे। चंडीगढ़ विश्वविद्यालय ने असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, सिक्किम, नागालैंड और त्रिपुरा द्वारा सह-मेजबानी किए गए केआईयूजी 2024 में टीम चैंपियनशिप जीती थी।
केंद्रीय खेल और युवा मामलों के मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा, "मुझे यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स नवंबर 2025 में राजस्थान में आयोजित किए जाएंगे। ये खेल अंडर-25 एथलीटों के लिए हैं और इस साल मई में बिहार में आयोजित अंडर-18 खेलो इंडिया यूथ गेम्स के बाद आयोजित किए जाएंगे। ये खेल उन एथलीटों के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं, जो देश में सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं पर नज़र रखने वाले विशेषज्ञों को प्रभावित करने के लिए एक राष्ट्रीय मंच की तलाश में हैं।"
केआईयूजी 2024 में एथलेटिक्स में आठ खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स रिकॉर्ड बनाए गए। उनमें से पाँच रिकार्ड पुरुषों द्वारा बनाए गए। डॉ. मांडविया ने कहा, "दुनिया भर में, विश्वविद्यालय के छात्र बहुआयामी खेल आयोजनों में छाए हुए हैं। राजस्थान में, हमें कुछ बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि हमें उम्मीद है कि एथलीट अपनी सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा दिखाएंगे।"
उत्तर-पूर्व भारत में पहली बार आयोजित 11 दिवसीय केआईयूजी 2024 में कुल 770 पदक - 240 स्वर्ण, 240 रजत और 290 कांस्य पदकों के लिए मुकाबले हुए। केआईयूजी 2024 खिताब के लिए 200 से अधिक विश्वविद्यालयों ने प्रतिस्पर्धा में शामिल हुए, जिसमें 20 खेलों में करीब 4,500 एथलीटों ने हिस्सा लिया।
चार स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य के साथ उत्कल विश्वविद्यालय की तैराक प्रत्यासा रे सबसे सफल महिला एथलीट रहीं। सबसे सफल पुरुष एथलीट का पुरस्कार, जैन विश्वविद्यालय के जेवियर माइकल डिसूजा को मिला, जिन्होंने चार स्वर्ण पदक जीते।
20 स्वर्ण, 14 रजत और आठ कांस्य पदकों के साथ लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी कुल 42 पदक जीतकर केआईयूजी 2024 में दूसरे स्थान पर रही, जबकि अमृतसर की गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी 12 स्वर्ण, 20 रजत और 19 कांस्य के साथ कुल 51 पदक जीतकर तीसरे स्थान पर रही।
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26/06/25दक्षिण ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर फ्रांसिस एडमसन एसी ने डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की; अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में गहन सहयोग पर विचार-विमर्श किया
आरएस अनेजा, 26 जून नई दिल्ली
भारत की यात्रा पर आईं दक्षिण ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर फ्रांसिस एडमसन एसी नेनई दिल्ली में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री तथा कार्मिक, पेंशन एवं लोक शिकायत राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग और अधिक बढ़ाने पर चर्चा की।
फ्रांसिस एडमसन डॉ. जितेन्द्र सिंह के साथ एक्सिओम-4 मिशन प्रक्षेपण की विशेष स्क्रीनिंग में भी शामिल हुईं, जो भारत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण रहा। इसके मिशन पायलट, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के वैश्विक अंतरिक्ष दल में शामिल होने वाले नवीनतम भारतीय अंतरिक्ष यात्री बन गए।
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा, "यह भारत के लिए गौरवशाली और निर्णायक क्षण है, और हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं कि गवर्नर फ्रांसिस एडमसन इस उल्लेखनीय घटना की गवाह बनीं, जो अग्रणी प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भारत-ऑस्ट्रेलिया की बढ़ती साझेदारी को प्रतिबिंबित करती है।"
डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत-ऑस्ट्रेलिया अंतरिक्ष सहयोग के विकास का उल्लेख करते हुए अक्टूबर 2012 में हस्ताक्षरित अंतर-सरकारी समझौते (आईजीए) को स्मरण किया और बताया कि कैसे वर्ष 2018 में ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी (एएसए) के गठन और उसके बाद वर्ष 2021 में हुए संशोधन समझौते से दोनों देशों के अंतरिक्ष क्षेत्र में उल्लेखनीय तेजी आई।
डॉ. सिंह ने कहा कि भारत, ऑस्ट्रेलिया के निरंतर सहयोग, विशेष रूप से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन - इसरो के प्रमुख मानव अंतरिक्ष गगनयान मिशन को आगे बढ़ाने की अत्यंत सराहना करता है।
डॉ. सिंह ने क्रू मॉड्यूल रिकवरी अभियान पर चर्चा के लिए हाल में अप्रैल 2025 में भारतीय तकनीकी टीमों की कैनबरा यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न ऑस्ट्रेलियाई मंत्रालयों और एजेंसियों के साथ हुई चर्चाओं से दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग को नई गति मिली है।
अंतरिक्ष जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए डॉ. सिंह ने गवर्नर फ्रांसिस एडमसन को बताया कि जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) और इसरो के बीच सहयोग से विकसित स्वदेशी जैव प्रौद्योगिकी किट का अब अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर परीक्षण किया जा रहा है। अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला द्वारा ले जाए गए ये किट कम गुरुत्वाकर्षण में सूक्ष्म शैवाल के बढ़ने की जांच के लिए बनाये गए हैं, जो लंबी अवधि के अंतरिक्ष मिशनों में जीवन को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
डॉ. सिंह ने जोर देकर कहा कि अंतरिक्ष जीव विज्ञान और अंतरिक्ष चिकित्सा का संयोजन एक परिवर्तनकारी क्षेत्र के रूप में उभर रहा है और भारत ने इन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने सुदृढ़ अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र निर्मित करने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के बढ़ते महत्व पर जोर दिया और भारतीय स्टार्टअप और उद्योगों के साथ साझेदारी के प्रति ऑस्ट्रेलिया की रुचि का स्वागत किया। उन्होंने सुव्यवस्थित सहयोग के सकारात्मक उदाहरण के रूप में ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी (एएसए) के अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष निवेश - इंडिया स्ट्रीम की भूमिका को सराहा।
डॉ. सिंह ने कहा कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा विभिन्न देशों और क्षेत्रों के बीच सहयोगात्मक भावना से प्रेरित रही है और हम ऑस्ट्रेलिया को एक प्रमुख और विश्वसनीय साझेदार मानते हैं।
दोनों देशों के विशाल समुद्री संसाधनों को देखते हुए, दोनों पक्षों ने भारत-ऑस्ट्रेलिया सामुद्रिक सहयोग के विस्तारित ढांचे स्थापित करने पर भी विचार-विमर्श किया, जिसका उद्देश्य सामुद्रिक विज्ञान में सतत अन्वेषण, संरक्षण और नवाचार है।
दक्षिण ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर फ्रांसिस एडमसन एसी ने अंतरिक्ष में भारत की उपलब्धियों की सराहना करते हुए गगनयान मिशन तथा अन्य आगामी उपलब्धियों के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के आपसी संबंध, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक सहयोग से और मज़बूत होंगे।
फ्रांसिस एडमसन एसी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया भारत के साथ वैज्ञानिक और रणनीतिक साझेदारी को अत्यंत महत्व देता है और अंतरिक्ष, समुद्री अनुसंधान और नवाचार में संयुक्त पहल को आगे बढ़ाना चाहता है।
इस अवसर पर भारत में आस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन भी मौजूद थे।
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26/06/25 |आज का राशिफल (26 जून 2025)
मेष राशि (Aries): आज का दिन आपके लिए कोई अच्छी खबर लेकर आ सकता है। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं और धन लाभ होने की भी संभावना है। कोई अतिथि आपके घर आ सकता है। धन का दान करना शुभ रहेगा।
वृषभ राशि (Taurus): आज आपको अपनी सेहत का ध्यान रखने की जरूरत है। आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है और भाग्य का साथ मिलेगा। जल्दबाजी में आकर खर्च करने से बचें।
मिथुन राशि (Gemini): वाणी पर संयम रखें, नहीं तो परेशानी हो सकती है। ईमानदारी बनाए रखें, जिससे गलतफहमी पैदा न हो। तनाव दूर करने के लिए पसंदीदा संगीत सुन सकते हैं। ऑफिस का प्रेशर घर न लाएं। निवेश करना आज लाभदायक नहीं रहेगा।
कर्क राशि (Cancer): कार्यस्थल पर काम में बाधाएं आ सकती हैं, समझदारी से फैसले लें। कुछ मध्यम समाचार मिल सकते हैं और आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार मध्यम दिख रहा है।
सिंह राशि (Leo): आज आपकी सेहत ठीक रहेगी। कार्यस्थल पर काम का प्रेशर बढ़ सकता है। घर में वाणी पर संयम रखें।
कन्या राशि (Virgo): आज आपको कोई अच्छी खबर मिल सकती है। वाद-विवादों से दूर रहें। 'ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः' मंत्र का जाप करना लाभकारी रहेगा।
तुला राशि (Libra): आर्थिक मामलों में दिन भाग्यशाली रहेगा। पारिवारिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी। आप कूटनीतिक और सामंजस्यपूर्ण रहेंगे।
वृश्चिक राशि (Scorpio): करियर के क्षेत्र में सफलता मिलेगी। धन लाभ के अवसर मिलेंगे। विदेश से संबंधित कार्य लाभ दिलाएंगे। स्वभाव में विनम्रता रखें। किसी लड़ाई-झगड़े में न पड़ें और उधार लेन-देन से बचें।
धनु राशि (Sagittarius): आज कुछ मध्यम समाचार मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति भी उतार-चढ़ाव में रहेगी। प्रेम, संतान और व्यापार मध्यम दिख रहा है। लाल वस्तु पास रखना शुभ रहेगा।
मकर राशि (Capricorn): हर काम सावधानी से करें। किसी को पैसा उधार देने से बचें। अचानक कोई अच्छी खबर मिलेगी।
कुंभ राशि (Aquarius): आज आपको अपनी सेहत का ध्यान रखने की जरूरत है। कोई महत्वपूर्ण अवसर छूट सकता है। काफी तनाव और दबाव बना रहेगा।
मीन राशि (Pisces): यात्रा में सावधानी बरतें। किसी लड़ाई-झगड़े में न पड़ें। उधार लेनदेन से बचना होगा। नए लोगों से मुलाकात होगी। खर्चों को कंट्रोल करना होगा। हरे फल का दान करना शुभ रहेगा।
यह सामान्य राशिफल है। व्यक्तिगत रूप से आपकी कुंडली के अनुसार परिणाम भिन्न हो सकते हैं।
क्या आप अपनी किसी विशिष्ट समस्या या प्रश्न के बारे में जानना चाहेंगे?
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आपातकाल का आज काला दिवस
अनिल विज अंबाला छावनी 25 जून 2025
25 जून, 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद को "आंतरिक अशांति" के खतरे का हवाला देते हुए संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति घोषित करने की सलाह दी थी। 21 मार्च, 1977 तक 21 महीने तक चलने वाली यह अवधि व्यापक रूप से भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक मानी जाती है।
नागरिक स्वतंत्रता को निलंबित कर दिया गया और मौलिक अधिकारों पर अंकुश लगाया गया।
पमीडिया पर सख्त नियंत्रण लगाया गया, जिसमें समाचार पत्रों को केवल सरकार द्वारा अनुमोदित सामग्री ही प्रकाशित करने की आवश्यकता थी।
सामूहिक गिरफ्तारियाँ: हजारों राजनीतिक विरोधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्रों और आम नागरिकों को मीसा (आंतरिक सुरक्षा रखरखाव अधिनियम) जैसे निवारक निरोध कानूनों के तहत बिना किसी मुकदमे के गिरफ्तार किया गया और हिरासत में लिया गया।
सत्ता प्रधानमंत्री कार्यालय में अत्यधिक केंद्रीकृत हो गई, तथा संसद और न्यायपालिका जैसी लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर दिया गया।
आपातकाल के दौरान विवादास्पद नीतियों का क्रियान्वयन देखा गया, जिसमें जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर जबरन नसबंदी अभियान और शहरी "सफाई" अभियान शामिल थे, जिसके कारण झुग्गियों को बड़े पैमाने पर ध्वस्त कर दिया गया।
आपातकाल ने भारत के राजनीतिक परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से बदल दिया, जिससे नए राजनीतिक गठबंधन और नेताओं की एक नई पीढ़ी का उदय हुआ, जिन्होंने सत्तावादी शासन का विरोध किया था।
आपातकाल की घोषणा से ठीक पहले 12 जून, 1975 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया, जिसमें इंदिरा गांधी को चुनावी कदाचार का दोषी पाया गया और उनके 1971 के लोकसभा चुनाव को रद्द कर दिया गया। इसके साथ ही जयप्रकाश नारायण जैसे लोगों द्वारा "संपूर्ण क्रांति" का आह्वान करने वाले व्यापक विरोध प्रदर्शनों ने आपातकाल की घोषणा करने के सरकार के निर्णय में योगदान दिया।
आपातकाल की अवधि को ऐसे समय के रूप में याद किया जाता है, जब लोकतांत्रिक मूल्यों को दरकिनार कर दिया गया था, और भारतीय संविधान को नष्ट कर दिया गया था। आपातकाल का विरोध करने वाले कई व्यक्तियों को जेल में डाला गया और उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, और इस दिन अक्सर उनके बलिदान को याद किया जाता है।
#india #emergency #article352 #blackday #pmIndiragandhi #constitution #anilvij #danikkhabar
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25/06/25हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने की जनसुनवाई , सम्बन्धित अधिकारियों को शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश
चंडीगढ़, 25 जून (अभी) - हरियाणा की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास पर नागरिकों से मुलाकात कर उनकी शिकायतों को सुना।
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25/06/25भारत सरकार के नीति आयोग में डॉ. ललित के. पंवार पर्यटन और मेजबानी क्षेत्र पर देंगे सुझाव
एन.एस. बाछल, 25 जून, जयपुर।
भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी और देश के ख्यातनाम पर्यटन विशेषज्ञ डॉ. ललित के पंवार को उनकी विशेषज्ञ सेवाओं के लिए विशेष रूप से जोड़ा गया है।
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25/06/25हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने नशा उन्मूलन आधारित पुस्तक का विमोचन किया
हिमाचल, 24 जून (अभी): राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में ‘से नो टू ड्रग्स, चूज़ अ बेटर लाइफ’ नामक पुस्तक का विमोचन किया।
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25/06/25
अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस पर आमजन में जागरूकता के लिए 26 जून को प्रातः 5.15 बजे आयोजित की जाएगी मैराथन
एन.एस. बाछल, 25 जून, जयपुर।
सामजिक न्याय एवं अधिकरिता विभाग मंत्री अविनाश गहलोत 26 जून (अंतरराष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस) के मौके पर जयपुर के जेएलएन मार्ग स्थित गांधी सर्किल से आरआईसी तक (वाया अरण्य भवन) पर सुबह 5.15 बजे होने वाली मैराथन "रन अगेंस्ट ड्रग एब्यूज़" को हरी झंडी दिखाएंगे।
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25/06/25हिमाचल : प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से भेंट की ; मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जन कल्याण केन्द्रित दृष्टिकोण अपनाने को कहा
हिमाचल, 25 जून (अभी): डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान में आधारभूत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे एक समूह ने आज यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से शिष्टाचार भेंट की।
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25/06/25हिमाचल : पेंशनभोगी 1 जुलाई से 30 सितम्बर, 2025 तक जीवन प्रमाण-पत्र जमा करवाएं
हिमाचल, 25 जून (अभी): हिमाचल प्रदेश कोष नियमावली एवं वित्त विभाग द्वारा जारी अनुदेशों के तहत राज्य के सभी पेंशनभोगियों को वर्ष 2025-26 के लिए अपना जीवन प्रमाण-पत्र आवश्यक दस्तावेजों सहित 1 जुलाई 2025 से 30 सितम्बर, 2025 के मध्य अनिवार्य रूप से जमा करवानें के लिए कहा गया है।
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25/06/25हिमाचल के मुख्यमंत्री ने एचआइवी, एसटीआई, टीबी और हेपेटाइटिस संबंधी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 12 ई-स्कूटरों को झंडी दिखाकर रवाना किया
हिमाचल, 25 जून (अभी): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज ओक ओवर शिमला से 12 ई-स्कूटरों को झंडी दिखाकर रवाना किया।
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25/06/25हिमाचल में वर्ष 2015 के बाद पहली बार होगी होमगार्ड की भर्ती, 700 पदों पर होगी नियुक्ति
हिमाचल, 25 जून (अभी): राज्य सरकार द्वारा होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में 700 होमगार्ड की भर्ती की जा रही है।
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25/06/25हिमाचल कामगार कल्याण बोर्ड ने बालीचौकी में उप-कार्यालय स्थापित करने की स्वीकृति दी
हिमाचल, 25 जून (अभी): हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर की अध्यक्षता में आज यहां बोर्ड के निदेशक मण्डल की 49वीं बैठक आयोजित की गई।
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25/06/25
29 वां राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह 28 जून को- शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए भामाशाहों एवं प्रेरकों का होगा सम्मान
एन.एस. बाछल, 25 जून, जयपुर।
शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले भामाशाहों एवं प्रेरकों के सम्मान में शनिवार 28 जून 2025 को जयपुर के तक्षशिला सभागार, माहेश्वरी पब्लिक स्कूल, जवाहर नगर में 29 वां राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
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25/06/25Prime Minister pays tribute to defenders of Democracy on Samvidhan Hatya Diwas
On the solemn occasion marking fifty years since the imposition of the Emergency, Prime Minister Shri Narendra Modi today paid heartfelt tributes to the countless Indians who stood tall in defence of democracy during one of the darkest chapters in the nation’s history.
Recalling the grave assault on constitutional values, the Prime Minister said that June 25th is observed as Samvidhan Hatya Diwas — a day when fundamental rights were suspended, press freedom extinguished, and countless political leaders, social workers, students, and ordinary citizens were imprisoned.
Shri Modi also reiterated the commitment to strengthen the principles in our Constitution and working together to realise our vision of a Viksit Bharat.
He further remarked that the anti-Emergency movement was a learning experience, which reaffirmed the vitality of preserving our democratic framework.
Shri Modi called upon all those who remember those dark days of the Emergency or those whose families suffered during that time to share their experiences on social media to create awareness among the youth of the shameful time from 1975 to 1977.
In a series of posts on X, he wrote:
“Today marks fifty years since one of the darkest chapters in India’s democratic history, the imposition of the Emergency. The people of India mark this day as Samvidhan Hatya Diwas. On this day, the values enshrined in the Indian Constitution were set aside, fundamental rights were suspended, press freedom was extinguished and several political leaders, social workers, students and ordinary citizens were jailed. It was as if the Congress Government in power at that time placed democracy under arrest! #SamvidhanHatyaDiwas”
“No Indian will ever forget the manner in which the spirit of our Constitution was violated, the voice of Parliament muzzled and attempts were made to control the courts. The 42nd Amendment is a prime example of their shenanigans. The poor, marginalised and downtrodden were particularly targeted, including their dignity insulted. #SamvidhanHatyaDiwas”
“We salute every person who stood firm in the fight against the Emergency! These were the people from all over India, from all walks of life, from diverse ideologies who worked closely with each other with one aim: to protect India’s democratic fabric and to preserve the ideals for which our freedom fighters devoted their lives. It was their collective struggle that ensured that the then Congress Government had to restore democracy and call for fresh elections, which they badly lost. #SamvidhanHatyaDiwas”
“We also reiterate our commitment to strengthening the principles in our Constitution and working together to realise our vision of a Viksit Bharat. May we scale new heights of progress and fulfil the dreams of the poor and downtrodden. #SamvidhanHatyaDiwas”
When the Emergency was imposed, I was a young RSS Pracharak. The anti-Emergency movement was a learning experience for me. It reaffirmed the vitality of preserving our democratic framework. At the same time, I got to learn so much from people across the political spectrum. I am glad that BlueKraft Digital Foundation has compiled some of those experiences in the form of a book, whose foreword has been penned by Shri HD Deve Gowda Ji, himself a stalwart of the anti-Emergency movement.The Emergency Diaries’ chronicles my journey during the Emergency years. It brought back many memories from that time.I call upon all those who remember those dark days of the Emergency or those whose families suffered during that time to share their experiences on social media. It will create awareness among the youth of the shameful time from 1975 to 1977.
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25/06/25ऐतिहासिक क्षण : भारत के शुभांशु सहित चार अंतरिक्ष यात्रियों ने भरी उड़ान, देखे लाचिंग का वीडियो
आरएस अनेजा, 25 जून नई दिल्ली
एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा के लिए भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों ने उड़ान भर ली है।
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25/06/25राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष ने बर्लिन मेयर कार्यालय और स्टेट असेंबली का किया अवलोकन
एन.एस. बाछल, 25 जून, जयपुर।
राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मंगलवार को जर्मनी प्रवास के दौरान बर्लिन में महापौर के कार्यालय एवं जर्मन स्टेट असेंबली का अवलोकन किया। बर्लिन महापौर को वहां "रेजीरेंडर बर्गोमास्टर" कहा जाता है।
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25/06/25जर्मनी में प्रवासी भारतीयों से संवाद में आए महत्वपूर्ण सुझाव, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष ने दिया समाधान का आश्वासन
एन.एस. बाछल, 25 जून, जयपुर।
बर्लिन में भारतीय दूतावास में मंगलवार को राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने प्रवासी भारतीयों के साथ सौहार्दपूर्ण और जीवंत संवाद किया।
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25/06/25पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़ा, अरनिया कलां में शिक्षा मंत्री ने किया शिविर का शुभारंभ
एन.एस. बाछल, 25 जून, जयपुर।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़े के पहले दिन शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने मंगलवार को कोटा जिले के खैराबाद पंचायत समिति की अरनिया कलां ग्राम पंचायत मुख्यालय पर आयोजित शिविर का विधिवत् शुभारंभ किया।
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25/06/25 |आज का राशिफल (25 जून 2025)
आज का दिन कुछ राशियों के लिए खास रहने वाला है, जबकि कुछ को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। यहाँ सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल दिया गया है:
मेष राशि (Aries)
नए विचारों और योजनाओं को अमल में लाने का अच्छा समय है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा।
वृषभ राशि (Taurus)
भाग्य का साथ मिलेगा और नए लोगों से मुलाकात हो सकती है। अचानक धन लाभ के रास्ते बनेंगे। जल्दबाजी में कोई भी फैसला लेने से बचें। निजी रिश्तों में मजबूती आएगी।
मिथुन राशि (Gemini)
विदेश से संबंधित काम बनेंगे। धैर्य से फैसले करने का समय है, रिश्तेदारों से अनबन हो सकती है। वाणी और व्यवहार में मधुरता बनाए रखने का लाभ होगा, दिन प्रसन्नता से भरा होगा।
कर्क राशि (Cancer)
आज आपकी भावनाएं प्रबल रहेंगी। किसी से बेवजह उलझने से बचें। कार्यक्षेत्र में सहयोगियों से मदद मिलेगी। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। घर का वातावरण सुखद रहेगा। यात्रा का योग बन सकता है।
सिंह राशि (Leo)
आय में वृद्धि बनी रहेगी और लाभ में वृद्धि होगी। प्रतिभा प्रदर्शन उम्दा बनाए रखेंगे। परिजनों का साथ और सहयोग मिलेगा। परीक्षा प्रतिस्पर्धा में अच्छा करेंगे। आकर्षक प्रस्ताव मिलेंगे। व्यापार में कहीं फंसा हुआ धन वापस मिलेगा।
कन्या राशि (Virgo)
नौकरी में प्रमोशन मिलने के योग हैं, मानसिक तनाव कम होगा। कोर्ट-कचहरी से बचें। पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। स्वयं के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। व्यापार मध्यम रहेगा।
तुला राशि (Libra)
आज का दिन आर्थिक रूप से अनुकूल रहेगा, खर्चों पर नियंत्रण रखें। काम की अधिकता रहेगी, धन लाभ के योग बन रहे हैं। अपमानित होने का भय रहेगा। यात्रा मध्यम रहेगी।
वृश्चिक राशि (Scorpio)
स्वास्थ्य का ध्यान रखें और बड़े निर्णय अभी टाल दें। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा।
धनु राशि (Sagittarius)
करियर में बड़ी सफलता मिलेगी और रुका हुआ धन प्राप्त होगा। प्रॉपर्टी से संबंधित लाभ होगा। व्यापार में स्थिति अनुकूल रहेगी। जल्दबाजी से बचें।
मकर राशि (Capricorn)
मन की टेंशन दूर होगी। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात होगी। काम को लेकर व्यस्तता रहेगी। धन लाभ के योग हैं, करियर में सफलता के योग हैं। शत्रुओं पर दबदबा कायम रहेगा।
कुंभ राशि (Aquarius)
रुका हुआ धन प्राप्त होगा, काम की अधिकता रहेगी।
मीन राशि (Pisces)
निर्णयों में जल्दबाजी न करें। मानसिक तनाव हो सकता है। वाहन सावधानी से चलाएं। व्यापार में नए ऑर्डर मिलने की भी संभावना है।
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25/06/25इतिहास रचने से कुछ घंटे दूर भारत, अंतरिक्ष के लिए आज उड़ान भरेंगे शुभांशु शुक्ला
आरएस अनेजा, 25 जून नई दिल्ली
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला गगनयान मिशन के जरिए इतिहास रचने जा रहे हैं।
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25/06/25प्रधानमंत्री ने संविधान हत्या दिवस पर लोकतंत्र के रक्षकों को श्रद्धांजलि अर्पित की
आरएस अनेजा, 25 जून नई दिल्ली
आपातकाल लागू होने के पचास साल पूरे होने के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज देश के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक के दौरान लोकतंत्र की रक्षा में डटे रहने वाले अनगिनत भारतीयों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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25/06/25अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा विकास का उजियारा- गत सरकार में प्रदेश पिछड़ा, अब विकास की दौड़ में अव्वल
एन.एस. बाछल, 25 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अंत्योदय के सिद्धांत के अनुसार गांव, गरीब, किसान, मजदूर के सशक्त होने से ही देश की तरक्की संभव है।
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25/06/25जहरीली गैस से श्रमिकों की मौत, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया
आरएस अनेजा, 25 जून नई दिल्ली
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), भारत ने एक मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया है।
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25/06/25सरकार ने विकसित भारत 2047 के तहत किशोरियों के लिए ‘नव्या’ की शुरुआत की
आरएस अनेजा, 25 जून नई दिल्ली
किशोर युवतियों को सशक्त बनाने और विकसित भारत 2047 के विज़न को आगे बढ़ाते हुए, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (एमडब्ल्यूसीडी) ने कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में ‘नव्या’ (युवा किशोरियों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण के ज़रिए आकांक्षाओं का पोषण) का शुभारंभ किया।
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25/06/25अब तीनों सेनाओं को आदेश जारी कर सकेंगे सीडीएस अनिल चौहान, रक्षा मंत्री का बड़ा फैसला
आरएस अनेजा, 25 जून नई दिल्ली
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और कार्यशैली में बदलाव लाने की दिशा में उठाए गए एक बड़े कदम के रूप में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) और सचिव तथा सैन्य कार्य विभाग (डीएमए) को तीनों सेनाओं के लिए संयुक्त निर्देश व संयुक्त आदेश जारी करने के उद्देश्य से अधिकृत किया है।
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25/06/25रक्षा सचिव ने दक्षिण अफ्रीका में 9वीं संयुक्त रक्षा समिति की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया
आरएस अनेजा, 25 जून नई दिल्ली
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में 9वीं संयुक्त रक्षा समिति (जेडीसी) की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
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25/06/25राजस्थान के चटकीले रंग करते हैं आकर्षित, प्रभावी मार्केटिंग प्रदेश की पर्यटन ब्रांडिंग में अहम
एन.एस. बाछल, 25 जून, जयपुर।
पर्यटन विभाग के प्रमुख शासन सचिव राजेश यादव ने मंगलवार को पर्यटन विभाग की पहली समीक्षा बैठक में कहा कि राजस्थान में पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं हैं। यह प्रदेश देश और पूरी दुनिया में अद्वितीय स्थान रखता है।
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25/06/25बालक-बालिकाएं मुस्कुराएं, हर नारी सशक्त बन जाए – चलो नया राजस्थान बनायें
एन.एस. बाछल, 25 जून, जयपुर।
उपमुख्यमंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में महिला अधिकारियों और निदेशालयों की मौजूदगी में विभाग की विभिन्न योजनाओं और बजट घोषणाओं की प्रगति पर गहन चर्चा की गई।
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25/06/25गोपालन विभाग ने एप में किया अपग्रेडेशन- -अब डुप्लीकेट टैग से भुगतान नहीं होगा
एन.एस. बाछल, 25 जून, जयपुर।
प्रदेश की गौशालाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ अनुदान राशि का भुगतान समय पर मिले इसके लिए गोपालन विभाग ने अपनी एप में आमूलचूल परिवर्तन किया है।
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24/06/25“टीडीबी ने स्वदेशी बैटरी रीसाइक्लिंग प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण के लिए बैटएक्स एनर्जीज को समर्थन दिया”
नई दिल्ली, 24 जून (अभी): भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने मेसर्स बैटएक्स एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड, गुरुग्राम को "क्लोज्ड लूप के माध्यम से बैटरी ग्रेड सामग्री के उत्पादन और मूल्य संवर्धन के लिए प्रौद्योगिकी" नामक परियोजना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है।
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24/06/25विद्युत, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मंत्री श्री मनोहर लाल ने पूर्वी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ क्षेत्रीय विद्युत सम्मेलन की अध्यक्षता की
नई दिल्ली, 24 जून (अभी): विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक, ओडिशा के उपमुख्यमंत्री श्री कनक वर्धन सिंह देव, बिहार के ऊर्जा मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और झारखंड के शहरी विकास एवं आवास मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने बैठक में भाग लिया।
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24/06/25केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक की अध्यक्षता की
नई दिल्ली, 24 जून (अभी): केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज वाराणसी, उत्तर प्रदेश में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक की अध्यक्षता की।
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24/06/25डीआरआई अधिकारियों ने चेन्नई में 18.2 करोड़ रुपये की कीमत की 92 लाख से अधिक अवैध रूप से तस्करी की गई विदेशी सिगरेट कीं जब्त
नई दिल्ली, 24 जून (अभी) : अवैध तस्करी के खिलाफ अपनी लड़ाई को जारी रखते हुए, राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने एक बड़े ऑपरेशन के अंतर्गत, 23.06.2025 को लगभग 18.2 करोड़ रुपये कीमत की विदेशी मूल की 92.1 लाख सिगरेट जब्त कीं।
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24/06/25केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के कामकाज की बृहद की समीक्षा
नई दिल्ली, 24 जून (अभी): केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली स्थित पूसा कैंपस में आयोजित ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ अनुभव एवं भविष्य की कार्य योजना पर चर्चा की और नोडल अधिकारियों के प्रस्तुतीकरण को देखा।
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24/06/25लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए संस्थागत तालमेल, वित्तीय जवाबदेही और प्रौद्योगिकी संचालित शासन पर जोर दिया
नई दिल्ली, 24 जून (अभी): लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने समापन सत्र को संबोधित करते हुए संस्थागत तालमेल को बढ़ावा देने, वित्तीय जवाबदेही बढ़ाने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए प्रौद्योगिकी-संचालित शासन को अपनाने के महत्व को रेखांकित किया।
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24/06/25राष्ट्रीय खेल 2025 में नेटबॉल में स्वर्ण पदक जीतने पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कर्मचारी को किया सम्मानित
चंडीगढ़, 24 जून (अभी) – हरियाणा की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्रीमती आरती सिंह राव ने उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेल 2025 में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए नेटबॉल में स्वर्ण पदक जीतने वाले राज्य सरकार के कर्मचारी श्री कर्ण को सम्मानित किया है।
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24/06/25उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच की कार्यवाही 26 जून को करनाल में
चंडीगढ़, 24 जून (अभी): उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है।
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24/06/25हरियाणा में लिंगानुपात 23 जून तक सुधरकर 906 हुआ, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 902 था : सुधीर राजपाल
चंडीगढ़, 24 जून (अभी) - हरियाणा की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कुमारी आरती सिंह राव के निर्देश पर हरियाणा में लिंगानुपात सुधारने के लिए राज्य टास्क फोर्स (एसटीएफ) की साप्ताहिक बैठक आज यहां स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
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24/06/25खोरी गांव में उप-स्वास्थ्य केंद्र की मंजूरी के लिए स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का जताया आभार
चंडीगढ़, 24 जून (अभी) - रेवाड़ी जिले के खोरी गांव के पंचायत सदस्य आज चंडीगढ़ पहुंचे और उन्होंने गांव में उप-स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण को मंजूरी देने के लिए हरियाणा की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव का व्यक्तिगत रूप से आभार जताया।
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24/06/25आरटीएस आयोग ने बिजली विभाग के कर्मचारी लगाया जुर्माना , उपभोक्ता को तीन हज़ार रुपये मुआवजा देने का आदेश
चंडीगढ़, 24 जून (अभी) - हरियाणा राज्य सेवा अधिकार आयोग ने टोहाना निवासी एक उपभोक्ता को सुरक्षा राशि की वापसी में छह माह से अधिक की देरी के मामले में सुनवाई करते हुए संबंधित एलडीसी पर एक हजार रुपये का जुर्माना और तीन हजार रुपये का मुआवज़ा देने का आदेश पारित किया है।
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24/06/25शराब की दुकानों की नीलामी में किसी भी प्रकार की धमकी या हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा
चंडीगढ़, 24 जून (अभी) – हरियाणा के गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने आज सभी संभावित बोलीदाताओं से आगामी शराब की दुकानों की नीलामी में बिना किसी डर के भाग लेने का आग्रह किया।
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24/06/25अभियान चलाकर पैक्स स्तर तक करें खाद-बीज की गुणवत्ता की जांच, ‘सहकार से समृद्धि’ के अंतर्गत किए जा रहे नवाचारों में लाएं गति
एन.एस. बाछल, 24 जून, जयपुर।
सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने कहा कि सहकारी समितियों में ऑडिट और आमसभा की कार्यवाही समयबद्ध रूप से सम्पन्न होनी चाहिए। आमसभा केवल औपचारिकता नहीं हो, बल्कि इसमें लोगों के सुझाव प्राप्त करने और नवाचारों की जानकारी देने पर फोकस किया जाए।
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24/06/25स्वायत्त शासन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित, शासन सचिव ने भविष्य की कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के दिए निर्देश
एन.एस. बाछल, 24 जून, जयपुर।
स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन ने मंगलवार को मुख्यालय के सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने विभाग के कार्यों और योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर भविष्य की कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
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24/06/25परवन वृहद् सिंचाई परियोजना- झालावाड़ और बारां के 27 गांवों के प्रभावितों को मिलेगा 36.97 करोड़ रुपये का मुआवजा
एन.एस. बाछल, 24 जून, जयपुर।
परवन वृहद् सिंचाई परियोजना के अन्तर्गत डूब क्षेत्र में आने वाले झालावाड़ और बारां जिलों के 27 ग्रामों के शेष मकानों के लिए 36.97 करोड़ रुपये की विशेष अनुदान राशि स्वीकृत हुई है। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत की संवेदनशीलता और त्वरित पहल से वित्त विभाग से स्वीकृति मिली है।
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24/06/25जनकल्याण, पारदर्शिता व सेवा को बनाएं सर्वोच्च प्राथमिकता,प्रत्येक शिविर हो समन्वित, सुरक्षित और लाभप्रद
एन.एस. बाछल, 24 जून, जयपुर।
संसदीय कार्य,विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने जोधपुर की पंचायत समिति लूणी में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़े की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई।
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24/06/25केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एमपी और यूपी के कृषि मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक कर खरीद से संबंधित कार्ययोजना पर की चर्चा
नई दिल्ली, 24 जून (अभी): केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में बैठक कर मध्य प्रदेश में मूंग और उड़द तथा उत्तर प्रदेश में उड़द को मूल्य समर्थन योजना (पी.एस.एस) के तहत खरीदने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।
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24/06/25प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने श्री नारायण गुरु और महात्मा गांधी के बीच ऐतिहासिक बातचीत के शताब्दी समारोह को किया संबोधित
नई दिल्ली, 24 जून (अभी): प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में भारत के दो महान आध्यात्मिक और नि:स्वार्थ भाव से सेवा करने वाले नेताओं श्री नारायण गुरु और महात्मा गांधी के बीच ऐतिहासिक बातचीत के शताब्दी समारोह को संबोधित किया।
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24/06/25बिहार की भूमि भारत की दार्शनिक नींव का जन्मस्थल ; बुद्ध, महावीर और डॉ राजेन्द्र प्रसाद की विरासत का संगम है बिहार— उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़
नई दिल्ली, 24 जून (अभी): भारत के उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने आज बिहार की गौरवशाली ऐतिहासिक, बौद्धिक और संवैधानिक विरासत को स्मरण करते हुए कहा कि , “यह केवल एक राज्य नहीं, यह भारत की आत्मा है, जहाँ बुद्ध और महावीर का बोध, चंपारण का प्रतिरोध और डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का संविधान निर्माण, सब एक ही धरातल पर मिलते हैं।”
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24/06/25नीति आयोग ने भारत की डेटा अनिवार्यता: गुणवत्ता पर बल पर अपने त्रैमासिक इनसाइट्स फ्यूचर फ्रंट का तीसरा संस्करण किया जारी
नई दिल्ली, 24 जून (अभी): नीति आयोग ने मंगलवार को अपनी तिमाही अंतर्दृष्टि श्रृंखला फ्यूचर फ्रंट का तीसरा संस्करण जारी किया , जिसका शीर्षक है “भारत की डेटा अनिवार्यता: गुणवत्ता पर बल।” यह रिपोर्ट डिजिटल शासन को मजबूत करने, जनता का विश्वास बढ़ाने और कुशल सेवा वितरण सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से मजबूत डेटा गुणवत्ता की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।
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24/06/25भारत ने एसपीएमईपीसीआई के अंतर्गत पोर्टल शुरू करके वैश्विक ईवी दिग्गजों के लिए अपने दरवाजे खोले
नई दिल्ली, 24 जून (अभी): भारी उद्योग मंत्रालय को भारत में इलेक्ट्रिक यात्री कारों के विनिर्माण को बढ़ावा देने की योजना (एसपीएमईपीसीआई) के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया के पोर्टल शुरू करने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है।
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24/06/25भारत के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह चीन के किंगदाओ में एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक में लेंगे भाग
नई दिल्ली, 24 जून (अभी): रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह 25 से 26 जून, 2025 तक चीन के किंगदाओ में आयोजित होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में एक उच्च-स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
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24/06/25राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना की समीक्षा बैठक आयोजित— राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत वास्तविक पात्र व्यक्ति को लाभ पहुंचाना रहे प्राथमिकता- खाद्य मंत्री
एन.एस. बाछल, 24 जून, जयपुर।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा ने बालोतरा जिला कलेक्ट्रेट सभागार में एक दिवसीय दौरे के दौरान जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उन्होंने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, गिव अप अभियान, नये नामों को जोड़ने, लाभार्थियों की आधार सीडिंग और ई-केवाईसी जैसे महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर गहन समीक्षा की।
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24/06/25शिक्षा मंत्री का 24वाँ जन समस्या समाधान शिविर— घाटोली में सामुदायिक भवन के लिए 20, बोरडी के लिए 10 लाख रुपए देने की घोषणा
एन.एस. बाछल, 24 जून, जयपुर।
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर द्वारा अपने विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी में आयोजित किए जाने वाले सरकार आपके द्वारा जन समस्या समाधान शिविर के तहत 24वां शिविर सोमवार को घाटोली ग्राम पंचायत मुख्यालय पर आयोजित हुआ।
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24/06/25
भारत और जर्मनी के हैं प्रगाढ़ संबंध - विधानसभा अध्यक्ष —इंडो जर्मन फाउंडेशन ने किया देवनानी का अभिनंदन
एन.एस. बाछल, 24 जून, जयपुर।
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी सोमवार को बर्लिन में जर्मनी की संसद के दोनों सदनों का अध्ययनात्मक अवलोकन किया। श्री देवनानी ने जर्मनी की संसद की सन 1945 के इतिहास से लेकर वर्तमान तक की जानकारी ली।
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24/06/25हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की
हिमाचल, 24 जून (अभी): राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज शिमला जिला के रामपुर स्थित ऐतिहासिक पदम पैलेस, में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की चौथी पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाग लिया।
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24/06/25PM shares an article highlighting remarkable transformation of India’s food processing sector over the years
The Prime Minister Shri Narendra Modi today shared an article that highlights the remarkable transformation of India’s food processing sector over the years with a dynamic approach that has empowered rural entrepreneurs.
Responding to a post by Union Minister Shri Chirag Paswan on X, the Prime Minister said:
“Union Minister Shri @iChiragPaswan highlights the remarkable transformation of India’s food processing sector over the years with a dynamic approach that has empowered rural entrepreneurs.
Glance through an insightful read!”
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24/06/25
Prime Minister Shri Narendra Modi addresses the centenary celebration of historic conversation between Sree Narayana Guru & Mahatma Gandhi
Prime Minister Shri Narendra Modi addressed the centenary celebration of the historic conversation between two of India’s greatest spiritual and moral leaders Sree Narayana Guru and Mahatma Gandhi in Vigyan Bhawan, New Delhi today. Addressing the gathering on the occasion, the Prime Minister extended his respectful greetings, remarking that today the venue is witnessing an unprecedented moment in the nation’s history. He emphasized that it was a historic event that gave new direction to our freedom movement, concrete meaning to the objectives of freedom and the dream of an independent India. “The meeting between Sree Narayana Guru and Mahatma Gandhi, which took place 100 years ago, remains inspirational and relevant even today, and serves as a powerful source of energy for social harmony and for collective goals of a developed India”, stated the Prime Minister. On this historic occasion, he offered his salutations at the feet of Sree Narayana Guru and also paid tribute to Mahatma Gandhi.
“The ideals of Sree Narayana Guru are a great asset to all of humanity”, exclaimed Shri Modi, adding that for those committed to the service of the country and society, Sree Narayana Guru serves as a guiding light. He shared his long-standing connection with the oppressed, exploited, and deprived sections of society. The Prime Minister emphasized that even today, when he takes major decisions for the betterment of these communities, he remembers Gurudev. Reflecting on the social conditions 100 years ago, shaped by distortions from centuries of colonial rule, Shri Modi noted that at that time, people were afraid to speak out against prevailing social evils. However, he highlighted that Sree Narayana Guru was undeterred by opposition and unafraid of challenges. The Prime Minister pointed out that Sree Narayana Guru’s conviction lay in harmony and equality with staunch belief in truth, service, and goodwill. Affirming that this very inspiration shows us the path of ‘Sabka Saath, Sabka Vikas’, Shri Modi stated that this belief empowers us to build an India where the person standing at the last mile is our highest priority.
Underlining that the people and saints associated with the Sivagiri Math are well aware of his deep and unwavering faith in Sree Narayana Guru and the Math, the Prime Minister expressed that he has always been blessed with the affection of the revered saints of the Math. He recalled the 2013 natural disaster in Kedarnath, during which many individuals from Sivagiri Math were stranded, the Math entrusted him, who was then the Chief Minister of Gujarat, with the responsibility of safely evacuating those trapped. Shri Modi noted that in times of crisis, one’s attention first turns to those they consider their own — those they feel a sense of belonging and responsibility toward. He remarked that there can be no greater spiritual satisfaction for him than the sense of kinship and trust shown by the saints of Sivagiri Math.
Stressing that he shares a connection with Kashi, the Prime Minister mentioned that Varkala has long been referred to as the Kashi of the South. He affirmed that whether Kashi is in the North or the South, for him, every Kashi is his own.
Shri Modi said that he has been fortunate to intimately understand and live India’s spiritual traditions and the legacy of its sages and seers. He highlighted that a unique strength of India lies in how, whenever the nation faces turmoil, a great personality arises from some corner of the country to show a new path to society. He noted that some work toward the spiritual upliftment of society, while others accelerate social reforms. The Prime Minister remarked that Sree Narayana Guru was one such great saint. He noted that his works such as ‘Nivritti Panchakam’ and ‘Atmopadesa Satakam’ serve as essential guides for any student of Advaita and spiritual study.
Noting that the core subjects of Sree Narayana Guru were yoga, Vedanta, spiritual practice, and liberation, Shri Modi emphasized that Sree Narayana Guru understood the spiritual upliftment of a society trapped in social evils could only be achieved through its social advancement. He highlighted that Sree Narayana Guru transformed spirituality into a medium for social reform and public welfare. He remarked that Gandhi ji too drew inspiration and guidance from the efforts of Sree Narayana Guru. The Prime Minister added that even scholars like Gurudev Rabindranath Tagore benefited from discussions with Sree Narayana Guru.
Sharing an anecdote about a time when someone recited Sree Narayana Guru’s Atmopadesa Satakam to Ramana Maharshi, the Prime Minister noted that upon hearing it, Ramana Maharshi remarked that “He knows everything.” He reflected on the period when foreign ideologies attempted to undermine India’s civilization, culture, and philosophy, Sree Narayana Guru made us realize that the fault did not lie in our original traditions, but needed to truly internalize our spirituality. He stated that we are a people who see Narayana in every human and Shiva in every living being. He added that we perceive non-duality in duality, unity in diversity, and oneness even in apparent differences.
Highlighting that everyone is aware of Sree Narayana Guru’s mantra — ‘Oru Jati, Oru Matham, Oru Daivam, Manushyanum,’ meaning ‘One caste, one religion, one God for mankind’, which reflects the unity of all humanity and all living beings, Shri Modi emphasized that this philosophy forms the foundation of India’s civilizational ethos. He noted that today, India is expanding this philosophy with the spirit of global welfare. Highlighting the recent celebration of International Yoga Day and mentioned that this year’s theme was ‘Yoga for One Earth, One Health’, symbolizing the vision of one planet and universal well-being, the Prime Minister stated that earlier, India had also launched global initiatives like ‘One World, One Health’ for the welfare of humanity. He underlined that India is now leading global movements in the direction of sustainable development, such as ‘One Sun, One Earth, One Grid’. Recalling that during India’s presidency of the G20 Summit in 2023, the theme was ‘One Earth, One Family, One Future’, the Prime Minister affirmed that these efforts are rooted in the spirit of ‘Vasudhaiva Kutumbakam’ and inspired by saints like Sree Narayana Guru.
“Sree Narayana Guru envisioned a society free from discrimination, Today, the country is eliminating every possibility of discrimination by following a saturation approach”, exclaimed Shri Modi. He urged people to recall the conditions 10–11 years ago, when despite decades of independence, millions of citizens were forced to live in extremely difficult circumstances. The Prime Minister pointed out that millions of families lacked shelter, countless villages had no access to clean drinking water, and even minor illnesses could not be treated due to lack of healthcare and in cases of serious illness, there was no way to save lives. He said that millions of poor people—Dalits, tribals, women—were deprived of basic human dignity. Shri Modi emphasized that these hardships persisted across generations, leading many to give up hope for a better life. He questioned how a nation could progress when such a large population lived in pain and despair. Shri Modi stressed that their government made compassion a central part of its thinking and turned service into its mission. He added that as a result under the PM Awas Yojana, millions of poor, Dalit, distressed, oppressed, and deprived families have been provided with permanent homes. He reiterated the government’s goal of ensuring a home for every poor citizen and these homes are not just brick-and-cement structures but reflect the full concept of a home, equipped with all necessary amenities. That is why the houses built under the PM Awas Yojana come with gas, electricity, and sanitation facilities. Talking about the Jal Jeevan Mission, under which clean water is being delivered to every household, the Prime Minister highlighted that even in tribal regions where government services had never reached, development is now assured. He added that for the most marginalized tribal communities, the PM Janman Yojana was launched and many regions are witnessing transformation because of this initiative. Shri Modi remarked that as a result, even those at the lowest rungs of society have found renewed hope. “These initiatives are not only changing their lives, but also seeing themselves playing a vital role in nation-building”, he added.
The Prime Minister stated that Sree Narayana Guru consistently emphasized the importance of women’s empowerment, and the government is progressing with the mantra of Women-Led Development. He pointed out that even decades after independence, there were several sectors in India where women were outrightly banned from entry. He affirmed that the government removed these restrictions, enabling women to gain rights in new areas. Shri Modi highlighted that today, from sports to space, women are making the nation proud in every field. Noting that every section and segment of society is now contributing to the dream of a developed India with renewed confidence, the Prime Minister mentioned initiatives such as the Swachh Bharat Mission, environmental campaigns, the construction of Amrit Sarovars, and millet awareness drives. He emphasized that these efforts are progressing through the spirit of public participation, powered by the strength of 140 crore Indians.
Highlighting the timeless vision of Sree Narayana Guru, who proclaimed: ‘Enlightenment through education, Strength through organisation, and Prosperity through industry’, Shri Modi said, ‘Sree Narayana Guru not only articulated this vision but also laid the foundation of key institutions to realise it’. The Prime Minister noted that it was in Sivagiri that Guruji established the Sharada Mutt, dedicated to Goddess Saraswati. He emphasised that this institution symbolises the belief that education must become the means of upliftment and liberation for the marginalised. Shri Modi expressed satisfaction that the efforts initiated by Gurudev continue to expand even today, with numerous cities across the country, Gurudev Centres and the Sree Narayana Cultural Mission actively working for the welfare of humanity.
“The vision of social welfare through education, organisation, and industrial progress is clearly reflected in the country’s current policies and decisions”, said the Prime Minister, highlighting that after several decades, a new National Education Policy has been implemented. This policy not only modernises and makes education more inclusive but also promotes learning in the mother tongue. He emphasised that the greatest beneficiaries of this initiative are the underprivileged and marginalised sections of society. Shri Modi stated that in the past decade, the number of new IITs, IIMs, and AIIMS established across the country has surpassed the total created in the first 60 years after independence. As a result, new opportunities in higher education have opened up for poor and disadvantaged youth. The Prime Minister noted that over 400 Eklavya residential schools have been opened in tribal areas in the last 10 years. He observed that children from tribal communities, who had been deprived of education for generations, are now progressing. He further stated that education has been directly linked to skills and opportunities. Missions like Skill India are empowering the youth to become self-reliant. Underlining the country’s industrial progress, Shri Modi said major reforms in the private sector, and schemes like Mudra Yojana and Stand-Up India are delivering the greatest benefits to Dalits, backward classes, and tribal communities.
“Sree Narayana Guru envisioned a strong and empowered India, and to realise this vision, India must remain at the forefront across economic, social, and military domains”, remarked the Prime Minister. He stated that the country is moving steadily along this path and is rapidly advancing toward becoming the world’s third-largest economy. Shri Modi remarked that the world has recently witnessed the strength of India, pointing out that Operation Sindoor has clearly demonstrated India’s firm and uncompromising policy against terrorism on the global stage. He affirmed that India has made it evident—no shelter is safe for terrorists who spill the blood of Indian citizens.
“Today’s India takes decisions based solely on what is right for national interest”, stated Shri Modi, emphasising that the country’s dependence on foreign nations for military needs is steadily decreasing. He highlighted that India is becoming self-reliant in the defence sector. The Prime Minister noted that this shift was clearly evident during Operation Sindoor, where Indian forces compelled the enemy to surrender within 22 minutes using domestically manufactured weapons. He expressed confidence that in the coming times, Made-in-India weapons will earn global recognition and acclaim.
Emphasising that to fulfil the nation’s aspirations, it is essential to take the teachings of Sree Narayana Guru to every citizen, the Prime Minister stated that the government is actively working in this direction. He highlighted that the development of the Sivagiri Circuit is underway to connect pilgrimage sites associated with the life of Sree Narayana Guru. Shri Modi expressed confidence that the blessings and teachings of Shri Narayana Guru will continue to guide the nation on its journey through Amrit Kaal. He affirmed that together, the people of India will realise the dream of a developed nation. Concluding his remarks, the Prime Minister extended his reverence once again to all the saints of the Sivagiri Mutt, wishing that the blessings of Sree Narayana Guru remain with everyone.
Union Minister of State for Minority Affairs and Fisheries, Animal Husbandry & Dairying Shri George Kurien, revered saints from the Sree Narayana Dharma Sanghom Trust were present among other dignitaries at the event.
Background
The historic conversation between two of India’s greatest spiritual and moral leaders Sree Narayana Guru and Mahatma Gandhi took place at Sivagiri Mutt on 12 March 1925 during Mahatma Gandhi’s visit and centred around Vaikom Satyagraha, religious conversions, non-violence, abolition of untouchability, attainment of salvation, the uplift of the downtrodden among others.
Organised by Sree Narayana Dharma Sanghom Trust, the celebration will bring together spiritual leaders and other members to reflect upon and commemorate the visionary dialogue that continues to shape India’s social and moral fabric. It stands as a powerful tribute to the shared vision of social justice, unity, and spiritual harmony championed by both Sree Narayana Guru and Mahatma Gandhi.
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24/06/25PM to inaugurate Centenary celebration of conversation between Sree Narayana Guru and Mahatma Gandhi on 24th June, 2025
Prime Minister Shri Narendra Modi will inaugurate the centenary celebration of the historic conversation between two of India’s greatest spiritual and moral leaders Sree Narayana Guru and Mahatma Gandhi on 24th June, 2025 at around 11 AM in Vigyan Bhawan, New Delhi. He will also address the gathering on the occasion.
The historic conversation took place at Sivagiri Mutt on 12 March 1925 during Mahatma Gandhi’s visit and centred around Vaikom Satyagraha, religious conversions, non-violence, abolition of untouchability, attainment of salvation, the uplift of the downtrodden among others.
Organised by Sree Narayana Dharma Sanghom Trust, the celebration will bring together spiritual leaders and other members to reflect upon and commemorate the visionary dialogue that continues to shape India’s social and moral fabric. It stands as a powerful tribute to the shared vision of social justice, unity, and spiritual harmony championed by both Sree Narayana Guru and Mahatma Gandhi.
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24/06/25Madhya Pradesh Chief Minister meets Prime Minister
The Chief Minister of Madhya Pradesh, Dr Mohan Yadav met the Prime Minister, Shri Narendra Modi in New Delhi today.
The Prime Minister’s Office handle posted on X:
“CM of Madhya Pradesh, @DrMohanYadav51, met Prime Minister @narendramodi.
@CMMadhyaPradesh”
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24/06/25खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बाड़मेर में ली विभागीय समीक्षा बैठक— खाद्य सुरक्षा से कोई पात्र व्यक्ति नहीं रहें वंचित
एन.एस. बाछल, 24 जून, जयपुर।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेश में खाद्य सुरक्षा से कोई पात्र व्यक्ति वंचित नहीं रहे। इसके लिए नए लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा योजना में जोड़ा जा रहा है।
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24/06/25वैष्णो देवी में भारी बारिश से हुआ जगह-जगह भूस्खलन, मंदिर तक पहुंचने वाला रास्ता तबाह
जम्मू-कश्मीर , 24 जून (अभी) : जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में त्रिकुटा पर्वतों पर स्थित हिंदुओं के पवित्र धर्मिक स्थल वैष्णो देवी मंदिर के यात्रा मार्ग पर भूस्खलन हुआ है।
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24/06/25नशा मुक्त जयपुर अभियान के तहत तंबाकू मुक्त पुलिस स्टेशन के पोस्टर का किया विमोचन
एन.एस. बाछल, 24 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों की अनुपालना में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित नार्को कॉर्डिनेशन सेंटर की जिला स्तरीय समिति की बैठक का आयोजन हुआ।
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24/06/25हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने की शूलिनी मेला की अन्तिम सांस्कृतिक संध्या की अध्यक्षता
हिमाचल, 24 जून (अभी): राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने गत सायं सोलन के ऐतिहासिक ठोडो मैदान में राज्य स्तरीय शूलिनी मेला-2025 की अन्तिम सांस्कृतिक संध्या की अध्यक्षता की।
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24/06/25मानसून में लगाए जाएंगे 10 करोड़ पौधे - हर गांव-हर शहर में बनाएं वन मित्र और वृक्ष मित्र
एन.एस. बाछल, 24 जून, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि वन्यजीव संसाधन राज्य की गौरवशाली पहचान है। वन्यजीवों का संरक्षण एवं संवर्धन करना हम सभी की अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार वन्यजीवों तथा जैव विविधता के लिए प्राथमिकता से कार्य कर रही है।
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24/06/25हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वन विभाग के एक्टिविटी कैलेंडर को जारी किया
हिमाचल, 24 जून (अभी): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां वन विभाग का गतिविधि कैलेंडर जारी किया।
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24/06/25हिमाचल : राष्ट्रीय आइस स्केटिंग चैंपियनशिप के लिए मुख्यमंत्री ने राज्य के दल को रवाना किया
हिमाचल, 24 जून (अभी): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां ओक ओवर से 60 खिलाड़ियों के दल को राष्ट्रीय आइस स्केटिंग चैंपियनशिप के लिए रवाना किया।