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    18/07/25

    देवस्थान मंत्री ने बटन दबाकर पोर्टल का किया शुभांरभ

    एन.एस. बाछल, 18 जुलाई, जयपुर।

    राजस्थान सरकार की बजट घोषणा 2025-26 की क्रियान्विती में वरिष्ठजन नागरिक तीर्थयात्री योजना-2025 के लिए देवस्थान विभाग ने ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। इस ऑनलाइन प्रक्रिया को देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने देवस्थान विभाग की वेबसाइट https://@devasthan-rajasthan-gov-in पर बटन दबाकर पोर्टल का शुभारंभ किया।

    देवस्थान मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार इस बार 50 हजार वरिष्ठजनों को एसी ट्रेन व 6 हजार यात्रियों को हवाई जहाज से यात्रा कराई जाएगी। ऑनलाइन आवेदन 10 अगस्त-2025 तक किया जा सकेगा। इसके लिए 60 वर्ष से अधिक आयु के आवेदक पात्र होंगे। आवेदक को राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए। आवेदक का जन्म एक अप्रेल-1966 से पूर्व होना चाहिए। इसके अलावा आवेदक आयकरदाता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे यात्री जिनका चयन विगत वर्षों में हो गया और वे स्वेच्छा से यात्रा पर नहीं गए, उन्हें इस बार शामिल नहीं किया जाएगा।

    ऐसे कर सकेंगे आवेदन

    जोराराम कुमावत ने बताया कि इच्छुक वरिष्ठजन देवस्थान विभाग की वेबसाइट https://@devasthan-rajasthan-gov-in या सीधे edevasthan-rajasthan-gov-in पर आवेदन कर सकते हैं। वेबसाइट पर यात्रा से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश भी उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन के पश्चात जिला स्तर पर कमेटी द्वारा पात्र लोगों का चयन किया जाएगा।  यात्रा के लिए 100 प्रतिशत अतिरिक्त यात्रियों की प्रतीक्षा सूची भी तैयार की जाएगी। चुने गए पात्र लोगों को यात्रा पर भेजा जाएगा। एक ट्रेन में 800 वरिष्ठ जन यात्रा कर सकेंगे।

    रेल द्वारा करीब 40 तीर्थस्थलों के दर्शन करेंगे यात्री

    देवस्थान मंत्री ने बताया कि इस बार स्वर्ण मंदिर के बाद सिख समुदाय की मांग पर सिख धर्म के कई नए तीर्थ स्थलों को यात्रा में शामिल किया गया है। इनमें महाराष्ट्र के हजूर साहिब (नांदेड़) व पटना साहिब (बिहार) भी हैं। इसके अलावा ट्रेन से कुल 15 रूट तय किए गए हैं, जिन पर वरिष्ठजनों को लगभग 40 तीर्थस्थलों के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। इनमें हरिद्धार, ऋषिकेश-अयोध्या-वाराणसी,सारनाथ, सम्मेदशिखर-पावापुरी, मथुरा, वृंदावन, बरसाना, आगरा, द्धारकापुरी, नागेश्वर, सोमनाथ, तिरूपति, पदमावती, कामख्या-गोवाहाटी, गंगासागर-कोलकाता, जगन्नाथपुरी-कोणार्क, रामेश्वरम-मदुरई, वैष्णोदेवी, अमृतसर-वाघा बार्डर, महाकालेश्वर, उज्जैन-ओंकारेश्वर-त्रयम्बकेश्वर-घृष्णेश्वर-एलोरा, बिहार शरीफ, पटना साहिब-बिहार व श्री हजूर साहिब नांदेड़-महाराष्ट्र तथा गोवा के मंदिर व अन्य स्थल चर्च आदि शामिल हैं।

    ट्रेन पर दिखेगी राजस्थानी संस्कृति

    जोराराम कुमावत ने बताया कि ट्रेन पर राजस्थानी संस्कृति नजर आएगी। ट्रेन को खासतौर पर इस तीर्थ यात्रा के लिए डिजाइन किया है। विशेषतौर पर सभी 11 डिब्बों पर राजस्थानी लोक नृत्य, लोक कलाएं, तीज त्यौंहार की झलक नजर आएगी। प्रत्येक डिब्बे पर राजस्थान के अलग-अलग मंदिर, दुर्ग, अन्य पर्यटक स्थल व अभयारण्य को दर्शाया गया है। ट्रेन में डॉक्टर तथा मेडिकल स्टाफ की सुविधा भी मिलेगी। इसके अलावा सभी यात्रियों के ठहरने के लिए होटल, ट्रांसपोर्ट व मंदिर दर्शन की सुविधा के साथ साथ यात्रियों के लिए सुबह-शाम के खाने व नाश्ते की व्यवस्था भी देवस्थान विभाग की ओर से उपलब्ध करवाई जाएगी।

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    18/07/25

    राष्ट्रपति ने आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले को किया राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित

    एन.एस. बाछल, 18 जुलाई, जयपुर।

    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने राज्य के आदिवासी बहुल जिले डूंगरपुर को स्वच्छता के क्षेत्र में ‘सुपर स्वच्छ लीग शहर’ राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया है। इसी शृंखला में जयपुर ग्रेटर नगर निगम को भी स्वच्छता में राज्य स्तर पर श्रेष्ठ कार्यो के लिए ‘प्रॉमिसिंग स्वच्छ शहर’ के अवार्ड से सम्मानित किया गया।

    नई दिल्ली के विज्ञान भवन में गुरूवार को आयोजित समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से यह पुरस्कार राजस्थान के नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा ने प्राप्त किया।

    इस अवसर पर झाबर सिंह खर्रा ने कहा राजस्थान के आदिवासी बहुल शहर डूंगरपुर ने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस उपलब्धि का श्रेय नगर परिषद कार्मिकों और डूंगरपुर की जागरूक जनता को जाता है। उन्होने बताया कि डूंगरपुर को लगातार मिल रहे राष्ट्रीय पुरस्कार इसे स्वच्छता के क्षेत्र में राजस्थान का सबसे अग्रणी शहर बनाते हैं। इस बार भी डूंगरपुर राजस्थान का एकमात्र शहर है जिसे देश के 15 सुपर स्वच्छ लीग सिटीज में शामिल किया गया है।

    जयपुर ग्रेटर नगर निगम को मिला ‘प्रॉमिसिंग स्वच्छ शहर’ का अवार्ड—

    समारोह में  जयपुर ग्रेटर नगर निगम को स्वच्छता के क्षेत्र में राज्य स्तर पर श्रेष्ठ कार्यों के लिए प्रॉमिसिंग स्वच्छ शहर का अवार्ड केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा प्रदान किया गया। यह पुरस्कार जयपुर ग्रेटर नगर निगम की महापौर श्रीमती सौम्या गुर्जर ने ग्रहण किया। सौम्या गुर्जर ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में ग्रेटर नगर निगम जयपुर ने बेहतर प्रदर्शन किया है। निगम को रैकिंग में 16वें स्थान के साथ वाटर प्लस में भी सर्टिफिकेट मिला है। यह पहला मौका है, जब ग्रेटर निगम को  वाटर प्लस सर्टिफिकेट मिला है। उन्होंने कहा कि वाटर प्लस में सर्टिफिकेट मिलने का अगले स्वच्छ सर्वेक्षण में फायदा मिलेगा।

    मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने इसे गर्व का विषय बताया—

    मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान पूरे राजस्थान के लिए गर्व का विषय है। राजस्थान स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी राज्य रहा है और आगे भी सभी शहर अपनी स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के लिए भरपूर प्रयास करेंगे। उन्होंने इन पुरस्कारों के लिए बधाई देते हुए कहा कि ये सम्मान स्थानीय नगर निकायों, प्रशासन और आमजन की सामूहिक प्रतिबद्धता का परिणाम है।

    उल्लेखनीय है कि इस वर्ष सुपर स्वच्छता लीग (एसएसएल) नामक एक विशेष श्रेणी की शुरुआत की गई है। इस लीग में वे शहर शामिल किए गए हैं, जो पिछले तीन वर्षों में कम से कम एक बार शीर्ष तीन में स्थान प्राप्त कर चुके हैं तथा वर्तमान में अपनी संबंधित जनसंख्या श्रेणी में शीर्ष 20 में बने हुए हैं। इस नवीन श्रेणी में राजस्थान के डूंगरपुर शहर को 20 से 50 हजार जनसंख्या की श्रेणी में राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत किया गया।

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    18/07/25

    मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना' का पोर्टल खुलने से पहले अभ्यर्थी जनाधार या डीजी-लॉकर में करें दस्तावेजों का अपडेशन

    एन.एस. बाछल, 18 जुलाई, जयपुर।

    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना' के लिए पोर्टल जल्द खोला जाना है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र, 10वीं—12वीं की अंक तालिकाओं का डेटा व अन्य जानकारियां समय रहते राज ई-वॉल्ट डिजी लॉकर या जनाधार में अपडेट (अद्यतन) करवा लें।

    निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव श्री आशीष मोदी ने बताया कि 'मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना' के तहत निःशुल्क कोचिंग करवाए जाने के लिए अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करने के लिए पोर्टल शीघ्र खोला जावेगा। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की है कि योजना के लिए सत्र 2024-25 से लागू नवीनतम संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी जनाधार में मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र एवं अन्य वांछित जानकारी तथा राज ई-वॉल्ट डिजी लॉकर में 10वीं एवं 12वीं की अंक तालिकाओं का डाटा समय रहते हुए अपडेट (अद्यतन) एवं आवश्यकतानुसार त्रुटि सुधार सुनिश्चित कर लें। ताकि पोर्टल खुलने पर आवेदन के समय संबंधित दस्तावेजों से संबंधित डेटा, योजना के पोर्टल पर ऑटो-फेच हो सके।

    श्री मोदी ने बताया कि 'मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग' योजना के अन्तर्गत विभिन्न प्रोफेशनल कोर्स के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षाओं एवं सरकारी नौकरियों की तैयारी उत्कृष्ट ढंग से करवाने के लिए शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए सूचीबद्ध कोचिंग संस्थाओं से निःशुल्क कोचिंग करवायी जानी है। गौरतलब है कि आमजन खासकर युवाओं में इस योजना के प्रति खासा क्रेज देखा गया है।

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    18/07/25

    अम्बाला छावनी सिविल अस्पताल में 100 बिस्तर के भवन का निर्माण कार्य शुरू - ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज

    100 बिस्तर के भवन को क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) की तरह बनाया जाएगा, गंभीर मरीजों को सेंटर में मिलेगी बेहतर चिकित्सा सुविधा -अनिल विज

    भवन का शेष निर्माण कार्य 14.79 करोड़ रुपए की लागत से होगा पूरा- विज

    भवन का निर्माण कार्य माननीय हाईकोर्ट व ऑबिर्टेशन केस लगने के कारण रूका हुआ था, अब पुनः टेंडर के बाद शुरू हुआ निर्माण कार्य - विज


    अम्बाला/चंडीगढ़, 18 जुलाई- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि अम्बाला छावनी सिविल अस्पताल में 100 बिस्तर के भवन का निर्माण कार्य पुनः शुरू कर दिया गया है। यह भवन अत्याधुनिक चिकित्सीय सुविधाओं से लैस होगा जिसे क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) की तर्ज पर बनाया जाएगा और यहां मरीजों को बेहतरीन उपचार मिलेगा। इस 100 बिस्तर के भवन के निर्माण होने से अंबाला छावनी सिविल अस्पताल की क्षमता दौगुनी अर्थात 200 बिस्तर की हो जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि इस नए भवन का डिजाईन इस प्रकार से तैयार किया गया है कि सामान्य मरीजों को संक्रमण का खतरा न उठाना पडें।

    मंत्री अनिल विज ने बताया कि पहले भवन के निर्माण का केस माननीय हाईकोर्ट में होने की वजह से रूक गया था जिसके बाद ऑबिर्टेशन में जाने पर दोबारा से निर्माण कार्य के अब टेंडर हुए हैं। अब 14.79 करोड़ रुपए की लागत से भवन का शेष निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि 100 बिस्तर के नए भवन बनने से सिविल अस्पताल की क्षमता 200 बिस्तर की हो जाएगी। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को काफी फायदा होगा। मौजूदा समय में सिविल अस्पताल में 100 बिस्तर की ही सुविधा है। लेकिन लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या के कारण अस्पताल में बिस्तर की कमी महसूस होने लगी थी इसीलिए नए भवन का निर्माण किया जा रहा है।

    सात मंजिला नए भवन में उपलब्ध होगी यह सुविधाएं

    दो बेसमेंट फ्लोर - नई बिल्डिंग में कुल सात फ्लोर होंगे, जिनमें दो बेसमेंट फ्लोर होंगे, इसमें एक फ्लोर पर वाहनों की पार्किंग होगी जबकि दूसरे फ्लोर पर एसी प्लांट व गैस प्लांट लगाया जाएगा।

    ग्राउंड फ्लोर - ग्राउंड फ्लोर में रजिस्ट्रेशन-कम-रिसेप्शन सेंटर, इमरजेंसी सर्विस उपलब्ध होगी, शौचालय व अन्य सुविधाएं होगी।
    पहला फलोर- पहले फ्लोर पर ईमरजेंसी वार्ड होंगे जिनमें 28 बेड होंगे।

    दूसरा फ्लोर - दूसरे फ्लोर पर इनफेक्टिव आईसीयू (इनटेंसिव केयर यूनिट)।

    तीसरा फ्लोर - तीसरे फ्लोर पर इनफेक्टिव ओटी, सुपर स्पेशलिस्ट ओटी तथा वार्ड होंगे।

    चौथा फ्लोर - चौथे फ्लोर पर इनफेक्टिव ओटी, इनफेक्टिव ओटी, सुपर स्पेशलिस्ट ओटी तथा वार्ड होंगे तथा जीवन रक्षक साबित होगी क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू)।

    जीवन रक्षक साबित होगी क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू)

    उल्लेखनीय है कि 100 बेड बिल्डिंग को क्रिटिकल केयर यूनिट की तरह तैयार किया जा रहा है जहां गंभीर या आपात समय में मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध होगी। क्रिटिकल केयर में मरीज की हालत की लगातार निगरानी के लिए आवश्यक उपकरण, जरूरी दवाओं की व्यवस्था और मरीज की स्थिति के आधार पर चिकित्सीय निर्णय लेना शामिल होता है।

    क्रिटिकल केयर यूनिट में दिल की धड़कनों, रक्तचाप, और अन्य महत्वपूर्ण शारीरिक संकेतों पर कड़ी नजर रखी जाती है। इससे डॉक्टर तुरंत किसी भी असामान्य लक्षण को पहचान कर त्वरित इलाज कर सकते हैं। सीसीयू में ऑक्सीजन सपोर्ट, दवाओं का इस्तेमाल, इमरजेंसी प्रोसीजर, पोस्ट-केयर व रिकवरी आदि सुविधा रहती है। सीसीयू में कोरोना व अन्य बीमारियों के लिए भी अलग से चिकित्सीय सुविधा होती है, इनके भी अलग वार्ड होंगे। बिल्डिंग इस प्रकार डिजाइन होगी कि सामान्य मरीजों को संकरमण का खतरा न उठाना पड़े। 

    #Health #Ambala #Haryana

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    18/07/25

    विधान सभा अध्यक्ष ने कोटा विश्वविद्यालय का अवलोकन किया

    एन.एस. बाछल, 18 जुलाई, जयपुर।

    राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने गुरुवार को कोटा विश्वविद्यालय का अवलोकन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की ओर से कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने उनका पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया।

    वासुदेव देवनानी ने विश्वविद्यालय परिसर में शैक्षणिक गतिविधियों, शोध कार्यों, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं तथा विद्यार्थियों हेतु उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन कर विश्वविद्यालय की प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका आज केवल डिग्री तक सीमित नहीं बल्कि नवाचार, रोजगारोन्मुखी शिक्षा और समाज के प्रति उत्तरदायित्वपूर्ण दृष्टिकोण विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है।

    कुलगुरु प्रो. सारस्वत ने बताया कि विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के साथ-साथ अनुसंधान, नैतिक मूल्यों तथा तकनीकी समावेशन की दिशा में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय सतत विकास के पथ पर अग्रसर रहेगा।

    #Anil Vij #Haryana #bjp #india #politics #Ambala #Danik Khabar #news #current news #chandigarh #punjab #himachal

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    18/07/25

    Prime Minister reiterates invitation to President Lee Jae Myung to visit India

    A delegation led by Mr. Kim Boo Kyum, Special Envoy of Mr. Lee Jae Myung, President of Republic of Korea, called on Prime Minister Shri Narendra Modi today.

    Prime Minister recalled his very warm and productive meeting with President Lee Jae Myung on the sidelines of the G7 Summit in June 2025 and conveyed his deep appreciation for President Lee’s gesture of sending a high-powered delegation to India.

    Mr. Kim shared greetings from President Lee Jae Myung with the Prime Minister and a message reaffirming the importance that the Republic of Korea attaches to its Special Strategic Partnership with India.

    Prime Minister underscored the stabilizing role played by the deep and multifaceted relations between the two democracies, especially in the Indo-Pacific. 

    Prime Minister highlighted the economic and manufacturing growth in India that unlocks deeper investment opportunities and cooperation in key sectors such as emerging technologies, ship-building, defence, electronics, green hydrogen, and batteries. Prime Minister also emphasized on the potential of India’s demographic dividend and skilled human-resource as a transformative force for the economies of both countries.

    Both sides reiterated their commitment to work towards elevation of bilateral relations to greater heights. 

    Prime Minister wished the delegation success in their endeavours, and looked forward to an early opportunity to host President Lee Jae Myung in India.


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    18/07/25

    Lieutenant Governor of Jammu & Kashmir meets Prime Minister

    The Lieutenant Governor of Jammu & Kashmir, Shri Manoj Sinha met the Prime Minister Shri Narendra Modi today in New Delhi. 

    The PMO India handle on X wrote:

    “Lieutenant Governor of Jammu & Kashmir, Shri @manojsinha_ , met Prime Minister @narendramodi.

    @OfficeOfLGJandK”


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    18/07/25

    Delegation of Special Envoys from the Republic of Korea meets Prime Minister

    A delegation of Special Envoys from the Republic of Korea (ROK), led by Mr. Kim Boo Kyum, met the Prime Minister, Shri Narendra Modi in New Delhi today.

    Recalling his recent positive meeting with ROK President Mr. Jaemyung Lee, Prime Minister, Shri Modi reaffirmed India’s commitment to advancing the India–ROK Special Strategic Partnership, which marks its 10th year. He highlighted the partnership’s continued growth across key sectors including innovation, defence, shipbuilding, and skilled mobility.

    In a post on X, he wrote:

    “Delighted to receive the delegation of Special Envoys from the Republic of Korea led by Mr. Kim Boo Kyum. Recalled my positive meeting with President @Jaemyung_Lee last month. India–ROK Special Strategic Partnership, which completes 10 years, continues to grow from innovation and defence to shipbuilding and skilled mobility. Close collaboration between the democracies contributes to peace, stability, and prosperity in the Indo-Pacific region.”


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    18/07/25

    प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश बन रहा समृद्ध, सुरक्षित और विकसित

    एन.एस. बाछल, 18 जुलाई, जयपुर।

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भारत को समृद्ध, सुरक्षित और विकसित बना रहे हैं। उरी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक, पुलवामा हमले के बाद एयर स्ट्राइक और पहलगाम के कायराना हमले के बाद प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया और पाकिस्तान के घर में जाकर आतंकवादियों को नेस्तनाबूत किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पूरी दुनिया को संदेश दिया कि भारतीय सीमा, सेना और नागरिकों के साथ छेड़छाड़ नहीं की जाए, वरना नतीजे भुगतने पड़ते हैं। 

    अमित शाह गुरूवार को जयपुर के दादिया में सहकार एवं रोजगार उत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान वीरता, देश भक्ति और धर्म संरक्षण की भूमि है। इसने राणा सांगा, महाराणा प्रताप, वीर दुर्गादास राठौड़, रानी पद्मिनी, पन्नाधाय, भामाशाह जैसे व्यक्तित्वों को जन्म दिया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान देश के कृषि विकास में बड़ा योगदान दे रहा है। देश में ग्वार का 90 प्रतिशत से अधिक उत्पादन यहीं होता है। साथ ही, राजस्थान सरसों, बाजरा, तिहलन एवं मिलेट्स उत्पादन में भी देश में पहले स्थान पर है। 

    पेपरलीक माफिया के खिलाफ हुई सख्त कार्रवाई-

    केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने अल्प समय में ही बहुत काम किए हैं। पहले राजस्थान पेपरलीक से त्रस्त था। राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन कर पेपरलीक माफियाओं के खिलाफ सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में लगभग 35 लाख करोड़ रूपये से अधिक के एमओयू हुए, जिनमें से लगभग 3 लाख करोड़ के एमओयू पर काम भी शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पेट्रोल और डीजल के वेट में कटौती, 450 रूपये में एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध करवाना, राम जल सेतु लिंक परियोजना, नवनेरा बैराज, यमुना जल समझौते के तहत ताजेवाला हैड से पानी लाने का कार्य, गांवों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पानी पहुंचाने सहित कई महत्वपूर्ण काम किए हैं।

    दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत-

    केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 60 करोड़ लोगों के लिए घर, शौचालय, बिजली, गैस, राशन और 5 लाख रूपये तक की दवा और मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया है। देश आज दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और लगभग 27 करोड़ लोग गरीबी की रेखा से ऊपर आए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में इन सभी योजनाओं और कार्यों का बेहतरीन क्रियान्वयन किया जा रहा है। 

    हर गांव, गरीब और किसान तक पहुंच रही सहकारिता-

    अमित शाह ने कहा कि हर गांव, गरीब और किसान तक सहकारिता को पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री ने सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की है। आने वाले सौ साल अब सहकारिता के हैं। उन्होंने कहा कि आज 98 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारिता की सक्रिय भूमिका है। देश के गेहूं और धान की 20 प्रतिशत खरीद में सहकारिता का योगदान है। 35 प्रतिशत उर्वरक और 30 प्रतिशत चीनी का उत्पादन तथा 20 प्रतिशत उचित मूल्य की दुकानों का संचालन सहकारिता के माध्यम से होता है। 

    राजस्थान ने सहकारिता में नवाचारों को किया अंगीकार-

    अमित शाह ने कहा कि देश में 8 लाख 50 हजार कॉपरेटिव्स से 31 करोड़ लोग जुड़े हैं। हमने पिछले 4 वर्षों में 61 नवाचार कर सहकारिता को मजबूत किया है। वहीं, 2 लाख नई प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) का काम शुरू किया गया है, जिसमें से 40 हजार बना ली गई हैं। अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान सहकारिता में नवाचारों को अंगीकार करते हुए बेहतरीन काम कर रहा है तथा देश के टॉप 5 राज्यों में शामिल हो चुका है। 

    राज्य सरकार जल्द लाएगी को-ऑपरेटिव कोड-

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में देश में नए कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं। सहकार से समृद्धि के पथ पर देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सहकारी समितियों और पैक्‍स को सशक्त बना रही है। आज प्रदेश में 41 हजार से अधिक सहकारी समितियां हैं, जिनसे 1 करोड़ 10 लाख से अधिक लोग जुड़े हैं। अब तक 976 नए एम-पैक्स का गठन किया जा चुका है। दो वर्षों में शेष सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सेवा सहकारी समितियों का गठन कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नया को-ऑपरेटिव कोड लाने की दिशा में कार्य कर रही है। 

    75 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्तियां-

    भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश सर्वजन हिताय के संकल्प के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनकी मंशानुसार हमारी डबल इंजन की सरकार महिला, युवा, गरीब और किसान के कल्याण के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 75 हजार से अधिक सरकारी पदों पर युवाओं को नियुक्ति दे चुकी है। लगभग 28 हजार पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जा रहा है। इस प्रकार 2 लाख से अधिक भर्तियां प्रक्रियाधीन है। 

    10 हजार गांवों के बीपीएल परिवारों को गरीबी रेखा के ऊपर लाएंगे-

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अंत्योदय के दर्शन को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा आयोजित किया, जिसमें लाखों जरूरतमंदों को राहत मिली। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना के तहत 10 हजार गांवों के सभी बीपीएल परिवारों को गरीबी रेखा के ऊपर लाएगी। इसके अंतर्गत प्रथम चरण में 5 हजार गांवों में सर्वे और आवेदन प्रक्रिया का काम हो चुका है, वहीं 5 हजार गांवों में कार्य किया जा रहा है।

    किसान कल्याण, महिला सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार-

    भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने किसान सम्मान निधि की राशि को बढ़ाकर 9 हजार रूपये कर दिया है। इसे चरणबद्ध तरीके से 12 हजार रूपये तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के 76 लाख से अधिक किसानों को किसान सम्मान निधि की 6 हजार 800 करोड़ रूपये की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। वहीं, किसानों को खेती के लिए दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने के लिए हमारी सरकार तेजी से काम कर रही है। श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास की जरूरत को समझते हुए संवेदनशीलता से काम कर रही है। 

    सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने सहकारिता मंत्रालय की स्थापना कर सहकारिता क्षेत्र का महत्व बढ़ाया है। गत 4 वर्ष के अल्प कार्यकाल में इस मंत्रालय ने सहकारिता के आंदोलन को मजबूत किया है। 

    अमित शाह ने किए विभिन्न लोकार्पण तथा योजनाओं के लाभार्थियों को चेक एवं प्रमाण पत्र वितरित-

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने विश्व की वृहत अन्न भण्डारण योजना के तहत निर्मित 24 गोदामों तथा 64 मिलेट्स आउटलेट्स का वर्चुअल लोकार्पण एवं श्वेत क्रांति 2.0 पीडीसीएस ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्लेटफॉर्म की लॉन्चिंग भी की। गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 1400 लाभार्थियों को लगभग 12 करोड़ रूपये का ऋण और दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को 2346 माइक्रो एटीएम का वितरण किए। श्री शाह ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सांकेतिक रूप से चेक व प्रमाण-पत्र तथा युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे। कार्यक्रम से जुड़े जिला स्तरीय रोजगार उत्सव में 8 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरण किया। अमित शाह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़े की सफलता पर आधारित लक्ष्य-पथ-प्रण-अन्त्योदय पुस्तक का विमोचन भी किया। इससे पहले अमित शाह ने 100 नए पुलिस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और सहकारिता विभाग की उपलब्धियों पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

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    18/07/25

    संयुक्त सीधी परीक्षा-2018 में चयनित लिपिक गिरफ्तार

    एन.एस. बाछल, 18 जुलाई, जयपुर।

    राजस्थान लोक सेवा आयोग की सूचना पर अनुसंधान पश्चात् एसओजी के द्वारा आयोग में कार्यरत् लिपिक गेड- प्रथम को गुरूवार को सांय 5 बजे आयोग कार्यालय से हिरासत में ले लिया। आरोपी कनिष्ठ सहायक/लिपिक गेड-द्वितीय संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा-2018 के अन्तर्गत चयन पश्चात् लिपिक ग्रेड-द्वितीय के पद पर आयोग में नियुक्त हुई थी जो कि पदो​न्नति पश्चात् लिपिक ग्रेड-प्रथम के पद पर कार्य कर रही थी।

    आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि आरोपी सरोज विश्नोई पुत्री रामस्वरूप पत्नी धर्माराम निवासी- ग्राम- कुचौर अगुणी, तहसील- नोखा, जिला-बीकानेर है। आरोपी के कनिष्ठ सहायक/लिपिक गेड-द्वितीय संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा-2018 में ब्लूटूथ के माध्यम से नकल कर चयनित होने की जानकारी आयोग को गोपनीय माध्यमों से प्राप्त हुई थी। इस पर आयोग द्वारा 24 मार्च 2025 को अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, एटीएस एवं एसओजी जयपुर को इसं संबंध में सूचित किया गया।

    इसके परिणाम स्वरूप एसओजी द्वारा एफआईआर संख्या  - 35/2025 धारा 420, 120बी  भा.द.स. व धारा 4, 5, 6 राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती मय अनुचित साधन का प्रयोग) अधिनियम 1992 एवं 66डी सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम, 2008 के अन्तर्गत दर्ज कर अनुसंधान किया गया।

    प्रकरण में जांच दौरान पुलिस थाना एसओजी, जयपुर ने यह पाया कि सरोज बिश्नोई ने लिपिक ग्रेड -।। संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा-2018 (एलडीसी) की परीक्षा ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से नकल करके पास की थी। इसमें पौरव कालेर द्वारा उसके परिचित दिनेश सिंह व राजू मैट्रिक्स के साथ लीक पेपर नरेश दान से हल करवाया गया था। इसके उपरांत पौरव कालेर द्वारा हल प्रश्न पत्र आरोपी को ब्लूट्रूथ डिवाइस के माध्यम से पढ़ाया गया।

    परिणामस्वरूप उक्त भर्ती में नकल के माध्यम से सरोज चयनित हुई तथा परीक्षा प्रणाली की पवित्रता को भंग करते हुये  पेपर के बदले में पौरव कालेर को मोटी रकम देकर ब्लूट्रूथ डिवाइस के माध्यम से परीक्षा का पेेपर हल कर अनुचित लाभ प्राप्त किया। इस पर आरोपी सरोज विश्नोई को अग्रिम कार्यवाही हेतु आयोग कार्यालय से एसओजी द्वारा गिरफ्तार किया गया है।

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    18/07/25

    कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुआ जिला स्तरीय जनसुनवाई कार्यक्रम

    एन.एस. बाछल, 18 जुलाई, जयपुर।

    किसी की रुकी हुई पेंशन शुरू हो गई किसी को निःशुल्क इलाज के रूप में मिली संजीवनी, किसी के बेहतर भविष्य के सपने को मिला छात्रवृत्ति का संबल तो किसी को मिला पालनहार योजना का सहारा। कुछ ऐसा ही नजारा था, गुरुवार को जयपुर कलेक्ट्रेट सभागार का।

    जिला स्तरीय जनसुनवाई कार्यक्रम में 123 फरियादियों के परिवाद सुने गए जिनमें से 12 प्रकरणों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। अन्य प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए हैं।

    जिला स्तरीय जनसुनवाई में प्राप्त  प्रकरण में अधिकांश  अतिक्रमण हटवाने, पेंशन शुरू करवाने, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलवाने, पेयजल की सप्लाई सुचारू करवाने, पत्थरगढ़ी, कृषि भूमि में आवागमन हेतु रास्ता खुलवाने, वृद्धावस्था पेंशन, सड़क, आवासीय पट्टा, बनवाने नामांतरण जमीन विवाद सहित विभिन्न विषयों से संबंधित शिकायतें थी। जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों का संबंधित अधिकारियों को आमजन के प्रति जवाबदेही के साथ समस्याओं का निस्तारण करते हुए राहत देने के निर्देश दिए गए।  

    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आमजन के अभाव अभियोगों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर संवेदनशील हैं।  भजनलाल शर्मा ने पारदर्शी एवं संवेदनशील वातावरण में आमजन की परिवेदनाओं एवं समस्याओं की सुनवाई एवं त्वरित समाधान के लिए जिला प्रशासन को नियमित जनसुनवाई के निर्देश दिये हैं।

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    18/07/25

    ‘पीएम सूर्य घर योजना’ हेतु अभियंता एवं तकनीशियन प्रशिक्षित

    एन.एस. बाछल, 18 जुलाई, जयपुर।

    केन्द्र सरकार की फ्लैगशिप योजना ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारियों एवं राजस्थान सरकार के प्रमुख शासन सचिव (ऊर्जा) के मार्गदर्शन में जोधपुर डिस्कॉम द्वारा एनपीटीआई (नेशनल पावर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट) के सहयोग से एक दिवसीय एवं द्वि दिवसीय सोलर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। यह प्रशिक्षण ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम की तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी देने हेतु आयोजित किया गया है।

     अब तक जोधपुर डिस्कॉम के विभिन्न सर्कलों के 800 से अधिक अभियंताओं, तकनीशियनों एवं कार्यालयीन कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस कार्यक्रम में स्थायी के साथ-साथ संविदा कार्मिकों को भी शामिल किया गया है ताकि योजना का प्रभावी लाभ अंतिम उपभोक्ता तक शीघ्रता से पहुँचाया जा सके।

     जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक डॉ. भंवरलाल ने बताया कि यह प्रशिक्षण डिस्कॉम की दक्षता निर्माण एवं उपभोक्ता सेवा सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक सशक्त पहल है। प्रशिक्षण में रूफटॉप सोलर सिस्टम की कार्यप्रणाली, ग्रिड सिंक्रोनाइज़ेशन, सुरक्षा उपायों, इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया एवं सब्सिडी से संबंधित नियमों, प्रक्रियाओं की विस्तृत  जानकारी दी जा रही है।

     तकनीकी टीम का रहा योगदान—

     प्रशिक्षण में डिस्कॉम की तकनीकी टीम, अभियंता एवं क्षेत्रीय तकनीशियन  भागीदारी कर रहे हैं जो जोधपुर डिस्कॉम की संगठित कार्यसंस्कृति एवं टीमवर्क का परिचायक है। इस सामूहिक प्रयास से फील्ड स्तर पर तेजी, गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ सोलर इंस्टॉलेशन सुनिश्चित हो सकेगा।

     प्रशिक्षण से होने वाले लाभ—

     उपभोक्ताओं में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता में वृद्धि, फील्ड कार्मिकों की तकनीकी क्षमता में सुधार, इंस्टॉलेशन की गुणवत्ता और समयबद्धता में बढ़ोतरी।

     सब्सिडी प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाना—

     डॉ. भंवरलाल ने विश्वास व्यक्त किया कि जोधपुर डिस्कॉम आने वाले समय में भी नवाचार, तकनीकी दक्षता और उपभोक्ता सेवा में सुधार के लिए राज्य एवं केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप सतत प्रयासशील रहेगा।

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    18/07/25

    निमोदा हरिजी जैसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो, अलर्ट रहे हर एजेंसी

    एन.एस. बाछल, 18 जुलाई, जयपुर।

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोटा जिले में  निमोदा हरि जी के पास चंबल नदी में 6 लोगों के बह जाने जैसी दुखद घटना की पुनरावृत्ति न हो । वर्षाजनित दुर्घटनाओं की आशंका वाले स्थलों पर राहत एवं बचाव दलों को पूरी तैयारी के साथ तैनात किया जाए। इन दलों के पास नाव, प्रशिक्षित गोताखोर, रस्सी, टॉर्च सहित सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध रहें। आपात स्थिति में आवश्यक होने पर हेलीकॉप्टर की व्यवस्था भी सुनिश्चित हो।

    लोकसभा अध्यक्ष गुरुवार शाम  कोटा कलेक्ट्रेट सभागार में आपदा प्रबंधन तैयारी और समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि भारी बारिश से जिन घरों में पानी भर गया है और जिन लोगों के पास कपड़े, बर्तन या खाने-पीने का सामान नहीं है, उनके लिए तुरंत आवश्यक व्यवस्था की जाए। मौसम विभाग द्वारा 18 जुलाई को जारी भारी बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए राहत और बचाव कार्यों की पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए।

    उन्होंने निर्देश दिए कि तहसीलदार, पटवारी व अन्य फील्ड अधिकारी प्रभावित इलाकों की वीडियोग्राफी करवाएं और जलभराव के कारणों का विश्लेषण करें ताकि भविष्य में इससे बचाव की ठोस योजना बनाई जा सके। नगर निगम और कोटा विकास प्राधिकरण को निर्देश दिए गए कि जहां आवश्यक हो, वहां नए नालों का निर्माण हो, सीवर लाइन की सफाई हो और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत जल्द करवाई जाए। शहरी क्षेत्रों में जलभराव वाली कॉलोनियों की वीडियोग्राफी कर निगरानी टीम बनाई जाए। नगर निगम के पास जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था हो। बिजली गुल होने की शिकायतों का त्वरित समाधान हो और बंद रोड लाइट्स को जल्द से जल्द चालू किया जाए।

    बिना देरी के तैयार हो सर्वे रिपोर्ट—

    ओम बिरला ने निर्देश दिए कि अतिवृष्टि से हुए नुकसान का बिना देरी किए त्वरित सर्वे कर प्रभावितों को राहत राशि दिलवाएं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के प्रावधानों की जानकारी सभी उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, पटवारी और फील्ड स्टाफ को होनी चाहिए। स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और अन्य भवनों में हुए नुकसान का भी सर्वे कर प्रस्ताव शीघ्र भेजे जाएं। उन्होंने  जलभराव  के कारणों की जांच के निर्देश दिए।

    सभी जरूरी व्यवस्था रहें दुरुस्त—

    ओम बिरला ने  स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी आवश्यक सेवाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए।  उन्होंने कहा कि बारिश के कारण टूटी सड़क, पुलिया और गड्ढों की समय पर मरम्मत हो। बांधों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में आसपास रहने वालों  को समय पर जानकारी दी जाए और लोगों को जागरूक किया जाए कि वे बारिश के दौरान नदी-नालों व डूब क्षेत्र की ओर न जाएं। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर  समय पर अलर्ट लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था के निर्देश दिए।

    गंभीर समस्याओं का सूची तैयार करें—

    ओम बिरला ने निर्देश दिए कि एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी और ग्राम सचिव अपने क्षेत्र की गंभीर समस्याओं की सूची तैयार करें ताकि बजट घोषणाओं में जरूरी कार्यों को शामिल किया जा सके। दोनों नगर निगमों के प्रशासनिक प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि सड़कों के किनारे पौधारोपण के लिए गड्ढे खोदे जाएं, कचरा प्वाइंट्स की नियमित निगरानी हो और गौशालाओं में आवश्यकता अनुसार बाउंड्री व शेड निर्माण करवाया जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बारिश समाप्त होने के बाद सड़कों पर कोई गड्ढा न दिखे और सभी रोड लाइट्स चालू रहें ।

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    18/07/25

    स्वच्छ सर्वेक्षण —2024 में राजस्थान की चमकदार उपलब्धि

    एन.एस. बाछल, 18 जुलाई, जयपुर।

    गुरुवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित स्वच्छ भारत मिशन 2.0 पुरस्कार वितरण समारोह में डूंगरपुर और जयपुर ने राष्ट्रीय मंच पर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

    इस भव्य अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने दोनों शहरों को यह पुरस्कार प्रदान किए।

    डूंगरपुर को स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति के द्वारा “सुपर स्वच्छता लीग श्रेणी में सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन शहरों को दिया जाता है जो गत तीन वर्षो में कम से कम एक बार टाॅप तीन में रहे हैं और मौजूदा वर्ष में अपनी श्रेणी के शीर्ष  दो सौ शहरों में स्थान बनाये हुए हैं। साथ ही जयपुर ग्रेटर को “प्रोमिसिंग स्वच्छ शहर” श्रेणी में स्वच्छता की दिशा में प्रेरणादायक कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया।

    डूंगरपुर की ओर से यह सम्मान नगरीय विकास एवं आवासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा, सभापति अमृतलाल कलासुआ एवं आयुक्त सांवरलाल अबासरा ने प्राप्त किया।

    वहीं जयपुर ग्रेटर की ओर से पुरस्कार झाबर सिंह खर्रा,  महापौर सौम्या गुर्जर, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) राजस्थान के मिशन निदेशक जुईकर प्रतीक चन्द्रशेखर ने प्राप्त किया।

    झाबर सिंह खर्रा ने इस अवसर पर कहा की यह उपलब्धि राजस्थान के शहरी निकायों की देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ और विकसित भारत के संकल्प के प्रति समर्पण, जनसहभागिता और प्रभावी कार्य योजना का परिणाम है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में स्वायत्त शासन विभाग भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ स्वच्छता के उच्चतम मानकों को स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।

    खर्रा ने बताया कि पहली बार राजस्थान के तीन शहर उदयपुर, जयपुर ग्रेटर और जयपुर हेरिटेज शिर्ष 20 स्वच्छ शहरों में शामिल हुए हैं। राजस्थान के 12 शहर उदयपुर, जयपुर ग्रेटर और जयपुर हेरिटेज, बीकानेर, भीलवाड़ा, अलवर, जोधपुर नोर्थ और साउथ, कोटा नोर्थ और साउथ, अजमेर और सीकर देश के शिर्ष 100 स्वच्छ शहरों में शामिल हुए हैं। इसी के साथ ही राजस्थान में ओडीएफ शहरों की संख्या 17 से बढ़कर 38 यानि लगभग दोगुनी से ज़्यादा हो गई है। राजस्थान के चार शहरों उदयपुर, राजाखेड़ा, जयपुर ग्रेटर और हेरिटेज को जीएफसी (कचरा मुक्त शहर) थ्री स्टार रेटिंग भी मिली है। अमृत योजना के अंतर्गत ढेलावास, जयपुर एसटीपी  को शहरी मिनिस्टीरियल कॉंफ्रेंस के तहत बेस्ट प्रैक्टिस  चुना गया है।

    उल्लेखनीय है कि पहली बार राजस्थान के सभी शहरों की रैंक में पिछले वर्ष की तुलना में सुधार हुआ है, किसी भी शहर की रैंक पिछले वर्ष से नीचे नहीं हुई है।

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    18/07/25

    उपभोक्ता हितों की रक्षा और पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम

    एन.एस. बाछल, 18 जुलाई, जयपुर।

    जोधपुर डिस्कॉम ने स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं के बीच फैली भ्रांतियों पर स्पष्ट किया है कि ये मीटर पूरी तरह प्रमाणित, सटीक और पारदर्शी हैं तथा किसी भी प्रकार की तेज रीडिंग या मनमानी बिलिंग की आशंका निराधार है।

    डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक डॉ. भंवरलाल ने बताया कि भारत सरकार की संशोधित वितरण क्षेत्र योजना के अंतर्गत प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य चरणबद्ध रूप से चल रहा है। यह कार्य विद्युत वितरण प्रणाली को अधिक सक्षम, पारदर्शी और उपभोक्ता केंद्रित बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

    उपभोक्ताओं को मिल रहे हैं स्मार्ट मीटर के ये लाभ—

    डॉ. भंवरलाल ने बताया कि स्मार्ट मीटरों की सबसे बड़ी विशेषता है– सटीक बिलिंग, रीयल टाइम खपत की जानकारी, मोबाइल ऐप के माध्यम से बिलिंग व नियंत्रण की सुविधा, और प्रीपेड मीटरों पर प्रति यूनिट 15 पैसे की छूट। उपभोक्ता अब अपने मोबाइल पर बिजली की खपत की निगरानी कर सकते हैं और जरूरत के मुताबिक ऑनलाइन रिचार्ज भी कर सकते हैं। औसत बिल, अनुमानित रीडिंग और गलत बिलिंग की समस्या से अब छुटकारा मिलेगा।

    तेज रीडिंग वाली भ्रांति पूरी तरह गलत—

    प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया कि कुछ लोगों द्वारा फैलाया जा रहा है कि स्मार्ट मीटर पुराने मीटरों की तुलना में अधिक यूनिट दर्शाते हैं, जबकि यह तकनीकी रूप से गलत और भ्रामक है। सभी स्मार्ट मीटर भारतीय मानकों के अनुरूप प्रमाणित निर्माण इकाइयों में तैयार किए जाते हैं और इन्हें राष्ट्रीय मानक परीक्षण प्रयोगशालाओं में जांचा-परखा जाता है।

    चेक मीटर सिर्फ सत्यापन हेतु, बिलिंग के लिए नहीं—

    डॉ. भंवरलाल ने बताया कि उपभोक्ताओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए डिस्कॉम ने कुछ स्थानों पर चेक मीटर भी लगाए हैं। इन मीटरों का उद्देश्य उपभोक्ता मीटर की रीडिंग का तकनीकी सत्यापन करना है। चेक मीटर की रीडिंग बिलिंग के लिए नहीं ली जाती बल्कि विवाद की स्थिति में यह तकनीकी साक्ष्य के रूप में काम करता है।

    रीडिंग में संदेह होने पर मिलेगी जांच सुविधा—

    अगर किसी उपभोक्ता को मीटर रीडिंग पर संदेह हो, तो वह डिस्कॉम से मीटर जांच की मांग कर सकता है। यदि मीटर में कोई तकनीकी दोष पाया जाता है तो उसे तुरंत बदला जाएगा।

    डिस्कॉम की उपभोक्ताओं से अपील—

    डॉ. भंवरलाल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें। स्मार्ट मीटर उपभोक्ता के हित में एक आधुनिक तकनीकी नवाचार है, जिससे पारदर्शिता और सेवा गुणवत्ता सुनिश्चित होती है। किसी भी आशंका या शिकायत की स्थिति में उपभोक्ता निकटतम डिस्कॉम कार्यालय या ऑनलाइन शिकायत पोर्टल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।

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  • 18/07/25

    आज का राशिफल 18 जुलाई 2025,

    मेष राशि (Aries)

    आज का दिन आपके लिए लाभदायक रहेगा। आप धैर्य और समझदारी से काम लेंगे, जिससे कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलेगा और काम समय पर पूरे होंगे। आपको कुछ नई जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं। व्यवसाय में भी अच्छा लाभ होगा। आज सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है।

    वृषभ राशि (Taurus)

    आज आपका मन थोड़ा परेशान रह सकता है और खर्च की अधिकता हो सकती है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा, सिरदर्द या नेत्र पीड़ा संभव है। प्रेम और संतान के संबंध अच्छे रहेंगे। व्यापार भी ठीक रहेगा। लाल वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

    मिथुन राशि (Gemini)

    आज धन की स्थिति में सुधार होगा और करियर के क्षेत्र में सफलता मिलेगी। हालांकि, आपको अपनी सेहत का ध्यान रखना होगा।

    कर्क राशि (Cancer)

    आज आपको भाग्य का साथ मिलेगा और कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। पारिवारिक मामलों में महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है। मानसिक संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

    सिंह राशि (Leo)

    आज धन लाभ का योग है। किसी भी काम को करने में देरी न करें। नौकरी बदलने के बारे में अभी न सोचें।

    कन्या राशि (Virgo)

    आज करियर में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं, इसलिए सतर्क रहें। निजी नौकरी वालों को नकारात्मक बदलावों का सामना करना पड़ सकता है। पारिवारिक रिश्तों में समझदारी से काम लें और विवादों को शांति से सुलझाएं। तनाव से बचने के लिए अपनी पसंद की गतिविधियों में शामिल हों।

    तुला राशि (Libra)

    आज का दिन आपके लिए शानदार रहेगा। रोजगार के बेहतरीन अवसर मिलेंगे और करियर में तरक्की के योग हैं। ऑफिस में आपके काम की सराहना होगी और प्रमोशन मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी और पुराने मतभेद दूर होंगे।

    वृश्चिक राशि (Scorpio)

    आज आपका दिन बेहतर रहेगा। किसी नए काम की शुरुआत कर सकते हैं। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। अगर घर बदलने की सोच रहे हैं, तो कार्य शुरू कर सकते हैं। किसी उलझन में हैं तो दोस्तों से बात करें, आपको अच्छा लगेगा।

    धनु राशि (Sagittarius)

    आज करियर को आगे बढ़ाने का समय है। धन लाभ के योग हैं। मित्रों से किसी विशेष मुद्दे पर बातचीत हो सकती है। कोई बड़ा फैसला परिवार वालों की सलाह से ही करें। व्यापार में लाभ का योग है।

    मकर राशि (Capricorn)

    आज आपकी लीडरशिप क्वालिटी बढ़ेगी। रुके हुए काम पूरे होंगे। प्रॉपर्टी से संबंधित लाभ का योग है।

    कुंभ राशि (Aquarius)

    आज आपके लिए शुभ योग का फायदा मिलेगा, जिससे कई मामलों में तरक्की होगी। आपकी लीडरशिप क्वालिटी और बढ़ेगी। रुके हुए काम पूरे होंगे। प्रॉपर्टी से संबंधित लाभ का योग है।

    मीन राशि (Pisces)

    आज का दिन आपके लिए बेहद शुभ रहने वाला है। जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहेगी और मन प्रसन्न रहेगा। कार्यक्षेत्र में उत्साह और जुनून से आप अपना लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। धन के मामले में भी आपको लाभ प्राप्त हो सकता है। परिवार के सभी सदस्यों को समय दें और खुलकर बात करें।

    यह एक सामान्य राशिफल है। व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार परिणाम भिन्न हो सकते

    #hiroscope #india #haryana

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    17/07/25

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने परियोजनाओं को लेकर की समीक्षा बैठक

    चंडीगढ़, 17 जुलाई (अभी) – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने और नागरिकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में विकासात्मक परियोजनाओं की समीक्षा कर सभी परियोजनाओं को तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को जल्द से जल्द इन परियोजनाओं को समर्पित किया जा सके।

     

    मुख्यमंत्री ने आज यहां वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव कार्यालय, गृह विभाग, श्रम विभाग, उद्योग एवं वाणिज्य, मत्स्य और आयुष विभागों सहित अन्य विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।

     

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विकसित भारत के चार स्तंभ युवा, महिला, किसान और गरीब के कल्याणार्थ नीति निर्माण करने और नियमों की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नीतियां बनाते समय इन वर्गों की वास्तविक आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाए तथा योजनाओं में समावेशिता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जाए।

     

    मुख्यमंत्री ने यमुनानगर के प्लाईवुड उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए एक विस्तृत कार्य-योजना तैयार करने के निर्देश दिए ताकि इस क्षेत्र के बरसों पुराने प्लाईवुड उद्योग को बढ़ावा मिल सके। साथ ही, जगाधरी के धातु उद्योग को भी पुनर्जीवित करने के लिए मास्टर-प्लान बनाने के भी निर्देश दिए।

    श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश देते हुए कहा कि वॉक-टू-वर्क नीति के तहत सरकार की कार्यस्थलों के नजदीक के शहरों में श्रमिकों के लिए आवासीय सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इसके लिए सीएसआर के तहत कॉरपोरेट संस्‍थानों को जोड़ने की संभावनाएं तलाशी जाएं। इसके क्रियान्वयन से श्रमिकों को सस्ती दरों पर आवास सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। मुख्यमंत्री ने सुझाव देते हुए कहा कि इन आवासीय क्षेत्रों में कैंटीन की सुविधा भी विकसित करने की कार्य-योजना बनाई जाए।

     

    मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि क्षेत्र के अनुसार उत्पादित होने वाली फसलों के अनुरूप वहां खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने की कार्य-योजना बनाई जाए, ताकि किसान भी परंपरागत फसलों के अलावा मार्केट के अनुसार फसलों की खेती कर सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि छोटे-छोटे क्लस्टर चिह्नित करके फसलों के अनुसार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएं।

     

    मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्‍य से एक मजबूत सड़क सुरक्षा नीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख मार्गों पर कहीं भी गड्ढे न हों, साथ ही, जिन स्थानों पर बार-बार दुर्घटनाएं हो रही हैं, उन्हें "ब्लैक स्पॉट्स" के रूप में चिन्हित कर वहां त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी सर्दियों के मौसम, धुंध व कोहरे को देखते हुए दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सड़कों पर उपयुक्त साइनेज लगाए जाएं।

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    17/07/25

    निक्षय पोर्टल पर टीबी रोगियों के पंजीकरण हेतु नया अभियान

    चंडीगढ़, 17 जुलाई (अभी) – हरियाणा सरकार ने सभी टीबी (क्षय रोग) रोगियों का "निक्षय पोर्टल" पर पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण नया अभियान शुरू किया है। यह हरियाणा और भारत को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आज राज्य टीबी अधिकारी डॉ. राजेश राजू ने आधिकारिक तौर पर इस अभियान की शुरुआत की, जिसके तहत दवा दुकानों पर विशेष सूचना बोर्ड लगाए जाएँगे।

    एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत टीबी रोगियों का उनके उपचार की शुरुआत में निक्षय पोर्टल पर सफलतापूर्वक पंजीकरण करती है। हालाँकि, निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं का डेटा कभी-कभी पंजीकृत नहीं होता है। इस नए अभियान का उद्देश्य निजी दवा विक्रेताओं को  टीबी रोगियों की सूचना देने के लिए प्रोत्साहित करना है।

    इस अभियान में भाग लेने वाले दवा विक्रेता इन डिस्प्ले बोर्ड पर अपनी तस्वीर और हस्ताक्षर लगाएँगे, साथ ही सभी टीबी रोगियों की सूचना स्वास्थ्य विभाग को देने का लिखित वादा भी करेंगे। यह सरल कदम यह सुनिश्चित करेगा कि प्रत्येक रोगी को आवश्यक देखभाल मिले।

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    17/07/25

    यूएचबीवीएन पंचकूला जोन के उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच की कार्यवाही 21 और 28 जुलाई को 

    चंडीगढ़, 17 जुलाई (अभी) -  उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम उपभोक्ताओं को विश्वसनीय, अच्छी वोल्टेज और निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। ‘पूर्ण उपभोक्ता संतुष्टि’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बिजली निगम द्वारा अनेक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम प्रारंभ किये गए हैं ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं को त्वरित रूप में सुलझाया जा सके।  

    उक्त जानकारी देते हुए बिजली निगम के प्रवक्ता ने बताया कि जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच रेगुलेशन 2.8.2 के अनुसार प्रत्येक मामले में 1 लाख रुपये से अधिक और 3 लाख रुपये तक की राशि के वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करेगा। पंचकूला जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों (कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, कैथल और यमुनानगर) के उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण 21 और 28 जुलाई को जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच, पंचकूला में उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। 

    उन्होंने बताया कि पंचकूला जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों के उपभोक्ताओं के गलत बिलों, बिजली की दरों से सम्बंधित मामलों, मीटर सिक्योरिटी से जुड़े मामलों, ख़राब हुए मीटरों से सम्बंधित मामलों, वोल्टेज से जुड़े हुए मामलों का निस्तारण किया जाएगा। इस दौरान बिजली चोरी, बिजली के दुरूपयोग  और घातक गैर-घातक दुर्घटना आदि मामलों पर विचार नहीं किया जाएगा। उपभोक्ता और निगम के बीच किसी भी विवाद के निपटान के लिए फोरम में वित्तीय  विवादों से संबंधित शिकायत प्रस्तुत करने से पहले पिछले छह महीनों के दौरान उपभोक्ता द्वारा भुगतान किए गए बिजली के औसत शुल्क के आधार पर गणना की गई प्रत्येक माह के लिए दावा की गई राशि या उसके द्वारा देय बिजली शुल्क के बराबर राशि, जो कम है, उपभोक्ता को जमा करवानी होगी। इस दौरान उपभोक्ता को प्रमाणित करना होगा कि यह मामला अदालत, प्राधिकरण या फोरम के समक्ष पेंडिंग (लंबित) नहीं है क्योंकि इस न्यायालय या फोरम में विचाराधीन मामलों पर बैठक के दौरान विचार नहीं किया जाएगा। 

     उपभोक्ता अपनी बिजली से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए 21 और 28 जुलाई को विद्युत सदन, इंडस्ट्रियल प्लाट-3 और 4, सेक्टर-14, पंचकूला में प्रातः 11:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक अपनी समस्याओं का समाधान करवा सकते हैं।

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    17/07/25

    स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने किया महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण

    चंडीगढ़, 17 जुलाई (अभी) - हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में चल रही राज्य सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और आधुनिकीकरण कर रही है। महेंद्रगढ़ जिला के कोरियावास में अरावली की वादियों के बीच बना महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज अत्याधुनिक चिकित्सा संस्थान है। कनेक्टिविटी, लोकेशन तथा वातावरण के हिसाब से यह हरियाणा का सबसे बेहतरीन मेडिकल कॉलेज है। सरकार का प्रयास है कि इसी वर्ष से एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू की जाएं। यहां छात्रावास, अस्पताल विंग तथा शैक्षणिक ब्लॉक पूरी तरह से तैयार हैं।

    स्वास्थ्य मंत्री आज महेंद्रगढ़ जिला के कोरियावास में स्थित मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रही थी।

    उन्होंने कहा कि हरियाणा में मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एमबीबीएस सीटों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। वर्ष 2014 में जहां 700 सीटें थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 2185 हो गई है और भविष्य में इसमें और भी वृद्धि होगी।

    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य बजट में लगातार वृद्धि कर रही है, जो स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    "उज्जवल दृष्टि योजना" के बारे में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह योजना हरियाणा में पहली बार लागू की गई है। इसमें पूरे राज्य में मुफ्त चश्मे वितरित किए गए हैं।

    स्वास्थ्य मंत्री ने इससे पहले मेडिकल कॉलेज भवन के शैक्षणिक ब्लॉक में अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होंने चिकित्सा विंग तथा छात्रावास का भी निरीक्षण किया।

    इस मौके पर नारनौल के विधायक श्री ओमप्रकाश यादव, मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च के निदेशक श्री यशवेंद्र सिंह के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

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    17/07/25

    फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम भुगतान की अंतिम तिथि 31 जुलाई

    चंडीगढ़, 17 जुलाई (अभी) - हरियाणा सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ-2025 के लिए 31 जुलाई, 2025 तक आवेदन किया जा सकता है।

    कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एक प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जो किसान धान, बाजरा, मक्का, व कपास जैसी फसलें बो रहे हैं, वे इस योजना में शामिल होकर फलस बीमा योजना का लाभ ले सकते हैं।

    उन्होंने बताया कि यदि किसी कारणवश जैसे कि बारिश, सूखा, कीडे़, ओलावृष्टि या कोई आपदा से फसल खराब हो जाती है तो किसान का आर्थिक नुकसान न हो, के लिए किसान इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

    प्रवक्ता ने बताया कि खरीफ-2025 की फसलों की प्रीमियम राशि धान फसल के लिए 2124.98 रुपये, बाजरा के लिए 1024.36 रुपये, मक्का के लिए 1089.74 रुपये व कपास के लिए 5435.05 रुपये प्रति हेक्टेयर के दर से किसान द्वारा बीमा करवाने के लिए अदा करनी होगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ऋणी किसानों के लिए भी वैकल्पिक है। यदि ऋणी किसान फसल बीमा नहीं करवाना चाहते हैं तो संबंधित बैंक को लिखित में अंतिम तिथि से सात दिन पूर्व (24 जुलाई, 2025) तक सूचित करना होगा।

     उन्होंने बताया कि किसानों को सूचित किया जाता है कि फसल बीमा नहीं करवाने के लिए पोर्टल के माध्यम से एक ओटीपी रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आएगा, जिसका बैंक को देना होगा, तभी ओटीपी-आउट फार्म स्वीकार होगा और यदि गैर ऋणी किसान फसल बीमा करवाना चाहते हैं तो वे अपनी जमीन की फर्द, बैंक खाता संख्या, आधार कार्ड, फसल गांव, फसल बिजाई सर्टिफिकेट व मेरी फसल मेरा ब्यौरा पंजीकरण के साथ सीएससी से संपर्क करके अपनी फसलों का बीमा करवा सकते हैं।

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    17/07/25

    हिमाचल के शिक्षा मंत्री ने आपदा से प्रभावित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों की शीघ्र मरम्मत के निर्देश दिए

    हिमाचल, 17 जुलाई (अभी): शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने जिला मण्डी में हाल ही में आई आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के सम्बंध में आज यहां आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों को आपदा के कारण बुरी तरह से प्रभावित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के मरम्मत एवं पुनर्निर्माण के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि इन संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई में कोई बाधा न आए। उन्होंने कहा कि वह शीघ्र मण्डी के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।

    शिक्षा मंत्री ने कहा कि जिला मण्डी में आपदा के कारण 219 विद्यालयों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें से 208 विद्यालय आंशिक रूप से तथा 11 विद्यालय पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं। ये सभी शैक्षणिक संस्थान नजदीकी खाली सरकारी ईमारतों, महिला मण्डलों एवं सामुदायिक भवनों में क्रियाशील हैं।

    शिक्षा मंत्री ने आपदा पूर्व आवश्यकता आकलन के तहत प्राप्त राशि श्ीघ्र जारी कर विभाग को इस राशि का उचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यालयों की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाए जिन्हें 75 प्रतिशत से अधिक नुकसान पहुंचा है। 

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    17/07/25

    हिमाचल के मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय गृह मंत्री से आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने का आग्रह किया

    हिमाचल, 17 जुलाई (अभी): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आज यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार हाल ही में आई आपदा के कारण प्रभावित परिवारों के लिए मंत्रिमंडल में विचार-विमर्श केे उपरांत शीघ्र ही आपदा राहत पैकेज की घोषणा करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास सीमित संसाधन हैं तथा केंद्र सरकार की उदार सहायता के अभाव में प्रभावितों परिवारों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति नहीं की जा सकती। इसलिए प्रदेश सरकार ने केन्द्र से विशेष राहत पैकेज की मांग की है ताकि उन परिवारों के पुनर्वास में सहायता की जा सके जिन्होंने अपने घर व्यवसाय एवं कृषि योग्य भूमि को आपदा के कारण खोया है। उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम अभी शुरू ही हुआ है तथा अभी बरसात के काफी दिन शेष हैं और प्रदेशवासियों को इस दौरान सतर्क रहने की आवश्यकता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से आपदा से हुए नुकसान के संबंध में विस्तृत चर्चा की और उन्होंने सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मामले में कोई श्रेय नहीं चाहती है और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के नेतृत्व में आपदा प्रभावित लोगों के कल्याण के लिए किसी के समक्ष भी प्रदेश हित के मामले उठाने को तैयार है। 

    श्री ठाकुर ने कहा कि दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने केन्द्रीय मंत्रियों के समक्ष विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए, जिनमें आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए वन अधिकार अधिनियम के तहत पांच बीघा भूमि प्रदान करना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट के दौरान प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी हालात का व्यक्तिगत रूप से जायजा लेने का आग्रह किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमित शाह ने शीघ्र ही प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने का आश्वासन दिया है। 

    एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि फलदार सेब पौधांे को काटना सही नहीं है तथा उच्च न्यायालय को सेब के पेड़ों की नीलामी के लिए प्रदेश सरकार को उचित समय देना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में कानूनी पहलुओं को समझने के लिए बागवानी मंत्री सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने दिल्ली में केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट के दौरान भूभूजोत टनल परियोजना सहित प्रदेशवासियों को लाभान्वित करने के लिए महत्वपूर्ण अधोसंरचना के निर्माण की परियोजनाओं में तेजी लाने का आग्रह किया गया है।। नितिन गडकरी के साथ जिला शिमला के ढली में ज़मींदोज हुए भवन के संबंध में भी चर्चा की गई और उन्होंने प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया। राज्य सरकार ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से शिमला-मटौर फोरलेन के तहत शिमला-शालाघाट हिस्से में टनल निर्माण पर ध्यान देने का आग्रह किया है। इसके अलावा नालागढ़-पिंजौर तथा नालागढ़-गढ़ा मोड़ सड़क परियोजना के निर्माण में तेजी लाने सहित ढली सैंज फोरलेन परियोजना का रामपुर तक विस्तार करने का आग्रह किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने दिल्ली में 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया से भी भेंट की और प्रदेश की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए आयोग को राज्य की उदार सहायता करने का आग्रह किया। 

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    17/07/25

    हिमाचल प्रदेश में ईएलआई योजना के कार्यान्वयन पर उच्च स्तरीय बैठक

    हिमाचल, 17 जुलाई (अभी): प्रदेश में रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना के कार्यान्वयन के लिए सचिव श्रम एवं रोजगार प्रियंका बसु इंग्टी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। 

    बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में इंप्लाइमेंट लिंक्ड इंसेन्टिव (ईएलआई) योजना के क्रियान्वयन की रणनीति बनाना, निर्बाध कवरेज सुनिश्चित करना और हितधारकों, विशेष रूप से संगठित क्षेत्र के नियोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच जागरूकता बढ़ाना था।

    श्रम एवं रोजगार सचिव ने सामाजिक सुरक्षा और दीर्घकालिक रोजगार को प्रोत्साहित करने के महत्व पर बल दिया, जो ईएलआई योजना का मुख्य उद्देेश्य है। बैठक में नियोक्ता संघों, औद्योगिक निकायों और ट्रेड यूनियनों के साथ जागरूकता शिविर लगाने तथा संयुक्त कार्यशालाओं के आयोजन पर विस्तृत चर्चा की गई।

    उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों एवं राज्य सरकार के विभागों ने ठेकेदारों के माध्यम से कर्मचारियों को नियुक्त किया है, लेकिन कई ठेकेदार ईपीएफ अधिनियम का अनुपालन नहीं कर रहे हैं। 

    उन्होंने कहा कि राज्य के श्रम विभाग द्वारा ईएलआई योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए ईपीएफओ के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा ताकि हिमाचल प्रदेश में अधिकतम नियोक्ता और कर्मचारी इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के सभी उपक्रमों एवं राज्य सरकार के विभागों के आहरण एवं वितरण अधिकारियों के साथ ईपीएफ अनुपालन के संबंध में जल्द जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे।

    क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त राकेश कुमार ने बताया कि ईपीएफ कार्यालय शिमला अपने सोशल मीडिया हैंडल पर भी प्रतिदिन ईएलआई योजना का विवरण अपडेट कर रहा है और नियोक्ताओं को भी ईमेल के माध्यम से योजना के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

    योजना के भाग-ए के तहत ईपीएफओ में पहली बार पंजीकृत कर्मचारियों को सरकार द्वारा दो किश्तों में 15,000 रुपये तक का एक महीने का ईपीएफ वेतन दिया जाएगा। केवल वे ही लोग पात्र होंगे जिनका एक महीने का वेतन एक लाख रुपये तक है। योजना की पहली किश्त छह महीने की सेवा के बाद देय होगी और दूसरी किश्त 12 महीने की सेवा के बाद तथा कर्मचारियों द्वारा वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद देय होगी। 

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    17/07/25

    TRAI ने डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए संपत्तियों के श्रेणी निर्धारण ढांचे कार्यशाला आयोजित की

    नई दिल्ली, 17 जुलाई (अभी): भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए संपत्तियों की रेटिंग (श्रेणी निर्धारण) ढांचे पर नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में आज आधे दिन की कार्यशाला आयोजित की। कार्यशाला में प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों, भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी), नगर एवं ग्राम नियोजन संगठनों, योजना एवं वास्तुकला विद्यालय, नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (एनबीसीसी) और अन्य अवसंरचना विकास एजेंसियों के लगभग 100 वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

    कार्यशाला का उद्देश्य संपत्ति या बुनियादी ढांचा विकास योजना के हिस्से के तौर पर डिजिटल कनेक्टिविटी आधारभूत अवसंरचना की योजना के महत्व के बारे में जागरूकता और ट्राई द्वारा 25 अक्टूबर 2024 को अधिसूचित डिजिटल कनेक्टिविटी विनियमन, 2024 के लिए संपत्तियों की रेटिंग (श्रेणी निर्धारण) को संस्थागत रूप से अपनाने को बढ़ावा देना था। विनियमन में हरित भवन या ऊर्जा दक्षता रेटिंग के समान ही स्वैच्छिक, प्रदर्शन-आधारित स्टार रेटिंग प्रणाली आरंभ किया गया है, जिससे पता लगाया जा सके कि कोई भवन या बुनियादी ढांचा उच्च शक्ति वाले ब्रॉडबैंड और मोबाइल कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए डिजिटल रूप से कितना सक्षम है। संपत्ति या बुनियादी ढांचे में आवासीय भवन, वाणिज्यिक परिसर, सरकारी कार्यालय, हवाई अड्डे, राजमार्ग, स्टेडियम और रेलवे स्टेशन शामिल हैं।

    कार्यशाला में परस्पर संवादमूलक चर्चा और प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किये गये। वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने इनडोर कनेक्टिविटी अंतराल दूर करने और कनेक्टिविटी निरंतरता के लिए योजना, नीति और कार्यान्वयन पर बातचीत की।

    संपत्ति श्रेणी निर्धारण ढांचा डिजिटल इंडिया और स्मार्ट सिटी मिशन जैसे प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रमों के अनुरूप है, जो सबके लिए समावेशी, उच्च गुणवत्ता पूर्ण डिजिटल पहुंच के दीर्घकालिक लक्ष्य की पूर्ति करता है।

    ट्राई देश में सुदृढ़ डिजिटल कनेक्टिविटी अवसंरचना को सुविधाजनक बनाने के लिए इस तरह की कार्यशालाओं, परामर्श और क्षमता निर्माण पहल द्वारा अपने हितधारकों के साथ जुड़ाव जारी रखेगा।

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    17/07/25

    आकाश प्राइम हथियार प्रणाली का अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में सफल परीक्षण

    नई दिल्ली, 17 जुलाई (अभी): 16 जुलाई, 2025 को लद्दाख में अत्यधिक ऊंचाई क्षेत्र वाले क्षेत्र में दो हवाई उच्च गति के मानवरहित लक्ष्यों को आकाश हथियार प्रणाली के उन्नत संस्करण, आकाश प्राइम द्वारा सफलतापूर्वक नष्ट करके भारत ने एक अहम उपलब्धि हासिल की है। सेना की ये हथियार प्रणाली समुद्र तट से 4,500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर संचालित करने के लिए अनुकूलित है और इसमें स्वदेशी रूप से विकसित रेडियो फ्रीक्वेंसी सीकर सहित नवीनतम प्रणालियां हैं। उपयोगकर्ताओं से प्राप्त परिचालन फीडबैक के आधार पर, परिचालन प्रभावशीलता में सुधार के लिए विभिन्न परिवर्तन किए जाते हैं, जो स्वदेशी हथियार प्रणाली के लिए बनाए गए इकोसिस्टम के लाभ को दर्शाता है।

    सेना वायु रक्षा और डीआरडीओ ने भारत डायनेमिक्स लिमिटेड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड जैसे रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों और अन्य उद्योग भागीदारों के साथ मिलकर स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और विकसित आकाश प्राइम हथियार प्रणाली का सफलतापूर्वक सत्यापन किया है। ये परीक्षण प्रथम उत्पादन मॉडल फायरिंग ट्रायल के हिस्से के रूप में किए गए और इससे समय पर सैन्य तैनाती और देश के अत्यधिक ऊँचाई वाले सीमा क्षेत्रों में वायु रक्षा क्षमता में बढ़ोत्तरी होगी।

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत द्वारा स्वदेश में विकसित वायु रक्षा प्रणालियों के असाधारण प्रदर्शन के बाद आने से यह उपलब्धि ओर भी अहम है। यह भारत के मिसाइल विकास कार्यक्रमों की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो अब वैश्विक रक्षा बाजार में तेज़ी से अपना स्थान बना रहे हैं।

    रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए भारतीय सेना, डीआरडीओ और उद्योग जगत को बधाई दी है। उन्होंने इस सफलता को भारत की वायु रक्षा क्षमताओं, विशेष रूप से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने में एक अहम प्रोत्साहन बताया।

    रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिवऔर डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने सफल परीक्षण से जुड़ी टीमों को बधाई दी और कहा कि इस मिसाइल ने अधिक ऊंचाई वाले सीमा क्षेत्र में भारत की अहम वायु रक्षा आवश्यकताओं को पूर्ण किया है।

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    17/07/25

    भारी उद्योग मंत्रालय ने ऑटोमोटिव मिशन योजना 2047 की शुरूआत की

    नई दिल्ली, 17 जुलाई (अभी): प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री श्री एच.डी. कुमारस्वामी के मार्गदर्शन में भारी उद्योग मंत्रालय ने ऑटोमोटिव मिशन योजना 2047 (एएमपी 2047) के निर्माण की शुरूआत की है, जो 'विकसित भारत @2047' के विजन के अनुरूप एक रणनीतिक रोडमैप है। पिछली ऑटोमोटिव मिशन योजनाओं की उपलब्धियों के आधार पर, जिन्होंने हितधारकों के सहयोग के माध्यम से भारत के ऑटोमोटिव क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि को बढ़ावा दिया, एएमपी 2047 का लक्ष्य नवाचार, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता और सतत विकास को बढ़ाना है, ताकि 2047 तक भारत को एक वैश्विक ऑटोमोटिव लीडर के रूप में स्थापित किया जा सके।

    एएमपी 2047 उप-समितियों की उद्घाटन बैठक उद्देश्यों और फ्रेमवर्क को रेखांकित करने के लिए आयोजित की गई थी। एमएचआई के अपर सचिव डॉ. हनीफ कुरैशी ने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, "2047 के लिए विज़न एक आकांक्षा नहीं है, बल्कि क्षेत्र के विकास, निर्यात और उद्योग की प्रगति के लिए ठोस लक्ष्यों द्वारा समर्थित एक रणनीतिक रोडमैप है। हमें विशिष्ट प्रौद्योगिकों या कंपनियों से परे सोचना चाहिए और 2047 में भारत की वैश्विक स्थिति पर पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जिसका लक्ष्य नवाचार और गुणवत्ता के माध्यम से वैश्विक ऑटोमोटिव व्यापार में हमारी हिस्सेदारी बढ़ाना है।"

    बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया, जिनमें विद्युत मंत्रालय, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, डीपीआईआईटी, पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और उद्योग निकाय जैसे एसआईएएम, एसीएमए और सीआईआई, फिक्की, अकादमिक संस्थान, अनुसंधान विचार मंच और परीक्षण एजेंसियां शामिल थीं, जिन्होंने एएमपी 2047 को आकार देने के लिए उद्योग के नेतृत्व में प्रयास शुरू किए।

    एएमपी 2047 का उद्देश्य हितधारकों, जिनमें मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम), ऑटो कंपोनेंट निर्माताओं, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों और अंतिम उपयोगकर्ता शामिल हैं, के सामूहिक विजऩ को एकीकृत करना हैं, ताकि प्रौद्योगिकी संबंधी प्रगति और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी चुनौतियों को संबोधित किया जा सके। सरकार, उद्योग और शिक्षाविदों के विशेषज्ञों वाली सात उपसमितियां 2030, 2037 और 2047 के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धियों को लक्षित करते हुए एक व्यापक योजना के विकास का मार्गदर्शन करेंगी।

    भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री श्री एच.डी. कुमारस्वामी के मार्गदर्शन में मंत्रालय एक आत्मनिर्भर, नवोन्मेषी और स्थायी ऑटोमोटिव इकोसिस्टम के निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। कई उप-समिति बैठकें शीर्ष समिति को प्रस्तुति के लिए विचारों और डेटा को समेकित करेंगी, जिसकी अध्यक्षता भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव श्री कामरान रिज़वी करेंगे। मंत्रालय सभी हितधारकों को उनकी भागीदारी के लिए धन्यवाद देता है और 2047 तक विकसित भारत को साकार करने में उनके योगदान की उम्मीद करता है।

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    17/07/25

    उन्नत ग्राम पंचायत स्थानिक विकास योजना पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का भोपाल में आयोजन

    नई दिल्ली, 17 जुलाई (अभी): वैज्ञानिक रूप से नियोजित और आत्मनिर्भर गांव बनाने के भारत के मिशन को आगे बढ़ाते हुए, पंचायती राज मंत्रालय के सचिव श्री विवेक भारद्वाज ने आज मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित कुशभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (मिंटो हॉल) में "ग्राम पंचायत स्थानिक विकास योजना- "नवीनग्राम - गाँव की पुनर्कल्पना" विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया। यह ऐतिहासिक पहल योजना और वास्तुकला के 19 भागीदार संस्थानों को एक साथ लाती है जो 14 राज्यों में 36 ग्राम पंचायतों के लिए तैयार की गई उन्नत स्थानिक योजनाओं को प्रस्तुत करते हैं, जो भारत के ग्रामीण स्थानिक विकास के इतिहास में सबसे बड़े सहयोगी प्रयास को चिह्नित करता है। 

    पंचायती राज मंत्रालय के सचिव श्री विवेक भारद्वाज ने कहा कि स्थानिक विकास योजनाएँ यथार्थवादी, टिकाऊ और ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सशक्त बनाने पर केंद्रित होनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि हमें इन योजनाओं में पंचायतों की अपनी राजस्व प्राप्ति बढ़ाने की रणनीतियाँ शामिल करनी चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ग्राम विकास आत्मनिर्भरता और नवाचार का एक आदर्श बने।

    ग्राम पंचायत स्थानिक विकास योजना पर 22-23 फरवरी 2024 को भोपाल में आयोजित सफल क्रॉस लर्निंग-कम-इंटरैक्टिव राष्ट्रीय कार्यशाला, जिसकी अध्यक्षता पंचायती राज मंत्रालय के सचिव श्री विवेक भारद्वाज ने की थी, के आधार पर यह कार्यशाला एक महत्वपूर्ण कदम है जहाँ 14 राज्यों की 36 ग्राम पंचायतों के लिए स्थानिक विकास योजनाएँ 19 नियोजन संस्थानों द्वारा प्रस्तुत की जा रही हैं, जिससे पंचायती राज परिवर्तन के लिए एक मूल्यवान ज्ञान भंडार का निर्माण हो रहा है। यह पहल पारंपरिक ग्राम विकास दृष्टिकोणों से वैज्ञानिक रूप से डिज़ाइन की गई स्थानिक नियोजन पद्धतियों के विकास को दर्शाती है जो आधुनिक नियोजन सिद्धांतों को पंचायती राज शासन संरचनाओं के साथ एकीकृत करती हैं।

    कार्यशाला में स्थानिक नियोजन ग्राम पंचायतों से पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों, विभिन्न राज्यों के पंचायती राज विभागों के अधिकारियों, नियोजन एवं वास्तुकला संस्थानों के शिक्षकों एवं छात्रों, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अधिकारियों और सरकारी एजेंसियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों का यह विविध समागम स्थानिक नियोजन पर केंद्रित पंचायती राज हितधारकों के एक व्यापक समागम का प्रतिनिधित्व करता है।

    माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर ग्राम पंचायतों के दृष्टिकोण से प्रेरणा लेते हुए, यह पहल वैज्ञानिक स्थानिक नियोजन को स्थायी ग्रामीण विकास की नींव के रूप में प्रस्तुत करके पारंपरिक ग्राम विकास प्रतिमानों को बदल देती है। पंचायती राज मंत्रालय के सचिव श्री विवेक भारद्वाज ने ग्राम प्रधानों से ग्राम विकास की दिशा में कार्य करने का आग्रह किया, जिसमें उनके पदों के बजाय उनके योगदान को महत्व दिया जाए और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए हितधारकों के बीच समन्वित कार्यों पर ज़ोर दिया।

    पंचायती राज मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री आलोक प्रेम नागर ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्थानिक नियोजन और आगे की राह पर व्यापक जानकारी दी और मंत्रालय के रणनीतिक हस्तक्षेपों और नवीन दृष्टिकोणों पर प्रकाश डाला। उनके प्रस्तुतीकरण में आत्मनिर्भर ग्रामीण समुदायों के निर्माण में स्थानिक नियोजन के महत्वपूर्ण महत्व पर प्रकाश डाला गया।

    मध्य प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने बताया कि मध्य प्रदेश की बिलकिसगंज और मुरवास ग्राम पंचायतें अपने व्यापक स्थानिक नियोजन कार्यान्वयन में अच्छी प्रगति कर रही हैं। राज्य की पाँच और ग्राम पंचायतें भी इसी तरह का दृष्टिकोण अपनाएँगी और पंचायती राज विभाग इस पहल के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा।

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    17/07/25

    मध्य हिमालय में कम्प्लेक्स ग्रीनहाउस गैस गतिशीलता का खुलासा

    नई दिल्ली, 17 जुलाई (अभी): भारतीय वैज्ञानिकों ने पहली बार मध्य हिमालय में प्रमुख ग्रीनहाउस गैसों के उच्च-रिज़ॉल्यूशन, निरंतर ऑनलाइन माप को कैद किया है, जो इस बात पर प्रकाश डालता है कि पर्यावरणीय कारक और मानवीय गतिविधियां संयुक्त रूप से इस संवेदनशील इकोसिस्टम में ग्रीनहाउस गैस के स्तर को कैसे प्रभावित करती हैं।

    हिमालय पर दैनिक परिवर्तनशीलता के साथ जमीनी अवलोकन जलवायु शमन प्रयासों को मान्य करने, सटीक उत्सर्जन सूची बनाने और बेहतर पूर्वानुमान लगाने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

    विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के अंतर्गत स्वायत्त अनुसंधान संस्थान आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एआरआईईएस) द्वारा किए गए एक अध्ययन में, संस्थान के वैज्ञानिकों ने नैनीताल में एक उच्च ऊंचाई वाले अनुसंधान स्थल पर पांच वर्षों का डेटा एकत्र किया।

    नैनीताल में स्थित इस हिमालयी स्थल का अनूठा दृश्य, शोधकर्ताओं को जैवमंडलीय अवशोषण, क्षेत्रीय उत्सर्जन और जटिल मौसम संबंधी पैटर्न के प्रभावों को समझने में मदद करता है, जो इस क्षेत्र की वायु गुणवत्ता और जलवायु को आकार देते हैं।

    शोध से पता चलता है कि मध्य हिमालय में ग्रीनहाउस गैसों की सांद्रता अन्य दूरस्थ पृष्ठभूमि स्थलों की तुलना में सामान्यतः अधिक है, जो स्थानीय और ऊपरी वायु स्रोतों से उत्सर्जन के प्रभाव को उजागर करती है। हालांकि, ये स्तर शहरी और अर्ध-शहरी परिवेशों में आमतौर पर पाए जाने वाले स्तरों से कम रहते हैं। आंकड़े स्पष्ट दैनिक और मौसमी चक्रों को दर्शाते हैं, जहां सक्रिय प्रकाश संश्लेषण के कारण कार्बन डाइऑक्साइड दिन के उजाले के दौरान अपने निम्नतम स्तर पर पहुंच जाती है, जबकि मीथेन और कार्बन मोनोऑक्साइड दिन के दौरान चरम पर होती हैं क्योंकि पर्वतीय हवाएं प्रदूषकों को निचली ऊंचाइयों से ऊपर की ओर ले जाती हैं।

    अध्ययन में पाया गया कि सौर विकिरण, तापमान और वायुमंडलीय सीमा परत जैसे कारक - जो अनिवार्य रूप से प्रदूषकों की ऊंचाई को निर्धारित करते हैं - इन गैस पैटर्न को आकार देने में कृषि पद्धतियों या शहरी उत्सर्जन के समान ही महत्वपूर्ण हैं।

    इन प्रभावों को अलग करके, यह शोध नीति निर्माताओं और जलवायु मॉडल निर्माताओं को एक शक्तिशाली उपकरण प्रदान करता है - स्थानीयकृत, उच्च-रिज़ॉल्यूशन डेटा जो दक्षिण एशिया की बदलती जलवायु की वास्तविकता बताता है और दक्षिण एशिया में जलवायु शमन रणनीतियों और नीति विकास के लिए मूल्यवान मार्गदर्शन प्रदान करता है।

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    17/07/25

    हाइड्रोजन पेरोक्साइड कीटाणुनाशक के हरित संश्लेषण की दिशा में प्रकाश उत्प्रेरक छलांग

    नई दिल्ली, 17 जुलाई (अभी): सूर्य के प्रकाश और पानी को अब एक प्रकाश उत्प्रेरक की मदद से एक शक्तिशाली कीटाणुनाशक हाइड्रोजन पेरोक्साइड (H₂O₂) में बदला जा सकता है। रसायन के संश्लेषण की इस नई विधि का उपयोग घावों को साफ करने, पानी को शुद्ध करने, ईंधन कोशिकाओं को ऊर्जा प्रदान करने और औद्योगिक रसायन विज्ञान को बढ़ावा देने तक में किया जा सकता है। यह विधि हरित रसायन विज्ञान के लिए नए रास्ते खोल सकती है।

    हाइड्रोजन परॉक्साइड (H₂O₂) एक महत्वपूर्ण ऑक्सीकरण कारक है जिसका रासायनिक संश्लेषण, स्टरलाइज़ेशन, अपशिष्ट जल उपचार और ईंधन कोशिकाओं में व्यापक अनुप्रयोग हैं। केवल जल और ऑक्सीजन में विघटित होने या विघटित होने की अपनी पर्यावरण-अनुकूल प्रकृति के लिए जाना जाने वाला - H₂O₂ स्थायी रासायनिक प्रक्रियाओं में एक प्रमुख घटक है। हालाँकि, इसके पारंपरिक उत्पादन विधियाँ ऊर्जा-गहन, पर्यावरणीय रूप से खतरनाक और महंगी हैं।

    धातु ऑक्साइड, ग्रेफाइटिक कार्बन नाइट्राइड ( g - C3N4 ), पॉलिमर और धातु कार्बनिक ढाँचे (MOF) जैसे पारंपरिक प्रकाश उत्प्रेरक , चौड़े बैंड अंतराल और सीमित स्थिरता के कारण सीमाओं का सामना करते हैं। इसके विपरीत, सहसंयोजक कार्बनिक ढाँचे (COF) उच्च सतह क्षेत्र, ट्यूनेबल सरंध्रता, संकीर्ण बैंड अंतराल और प्रकाश स्थिरता जैसे लाभ प्रदान करते हैं। फिर भी, इनमें अक्सर सक्रिय स्थल और कुशल इलेक्ट्रॉन गतिशीलता का अभाव होता है। COF में धातु केंद्रों को एम्बेड करने (M-COF बनाने) से इन समस्याओं का समाधान होता है, जिससे उत्प्रेरक गतिविधि, आवेश पृथक्करण और समग्र प्रकाश उत्प्रेरक प्रदर्शन में वृद्धि होती है।

    एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सफलता में, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के एक स्वायत्त संस्थान, एसएन बोस सेंटर फॉर बेसिक साइंसेज (एसएनबीसीबीएस) के शोधकर्ताओं ने Mo-DHTA COF नामक एक अत्याधुनिक पदार्थ का उपयोग करके पानी और सूर्य के प्रकाश से सीधे H₂O₂ के संश्लेषण हेतु एक नया तरीका विकसित किया है। यह नवाचार हाइड्रोजन पेरोक्साइड उत्पादन के लिए एक स्वच्छ, अधिक कुशल और पुनर्चक्रण योग्य मार्ग प्रदान करता है, जो संभावित रूप से फार्मास्यूटिकल्स, हरित रसायन विज्ञान और पदार्थ विज्ञान जैसे उद्योगों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।

    चित्र 1. विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए एम-सीओएफ का उपयोग करके फोटोकैटेलिटिक हाइड्रोजन पेरोक्साइड उत्पाद

    Mo-DHTA COF, डाइमोलिब्डेनम पैडलव्हील इकाइयों को α-हाइड्रोक्विनोन लिंकर्स के साथ एकीकृत करता है, जो पैरा स्थिति में हाइड्रॉक्सिल समूहों वाले बेंजीन के सुगंधित कार्बनिक व्युत्पन्न हैं, जो एक मजबूत ढाँचा बनाते हैं जो ऑक्सीजन को बाँधने और दृश्य प्रकाश में इसके अपचयन को सुगम बनाने में सक्षम है। प्रकाश विकिरण पर, यह पदार्थ, जो एक उच्च-संगठित आणविक ढाँचे की तरह कार्य करता है, धातु परमाणुओं से जड़ा होता है जो छोटे सौर-संचालित कारखानों की तरह कार्य करते हैं, एक्साइटॉन उत्पन्न करता है, जो प्रकाश उत्प्रेरक अभिक्रियाओं को संचालित करते हैं। इलेक्ट्रॉन ऑक्सीजन को सुपरऑक्साइड मूलकों में अपचयित करते हैं, जो फिर प्रोटॉन और अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनों के साथ अभिक्रिया करके H₂O₂ बनाते हैं ।

    उल्लेखनीय रूप से, यह पदार्थ विभिन्न माध्यमों में उत्कृष्ट प्रकाश उत्प्रेरक दक्षता प्रदर्शित करता है, इथेनॉल और बेंजाइल अल्कोहल में पर्याप्त मात्रा में हाइड्रोजन पेरोक्साइड उत्पन्न करता है और शुद्ध जल में भी प्रभावी ढंग से कार्य करता है। इसके अलावा, Mo-DHTA COF उत्कृष्ट संरचनात्मक स्थिरता और पुनर्चक्रण क्षमता प्रदर्शित करता है, जो इसे दीर्घकालिक उपयोग के लिए एक टिकाऊ उत्प्रेरक बनाता है। बिधान कुंभकार, अवंती चक्रवर्ती, उत्तम पाल, गौरव झा, सुकांत मंडल, अभिक बनर्जी, तनुश्री साहा-दासगुप्ता और प्रदीप पचफुले की टीम द्वारा किया गया यह अध्ययन 'स्मॉल' पत्रिका में प्रकाशित हुआ था।

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    17/07/25

    विद्युत निगमों की भर्ती में तकनीशियनों के 1947 पदों की वृद्धि

    एन.एस. बाछल, 17 जुलाई, जयपुर।

    राजस्थान सरकार ने राज्य के तीनों विद्युत वितरण निगमों में तकनीशियन-III (आईटीआई) के 1947 नवीन पदों के सृजन और उन्हें भरने की स्वीकृति प्रदान की है जिसके अनुसरण में राज्य के विद्युत निगमों में तकनीशियन-III  (आईटीआई) के 216 पदों की प्रक्रियाधीन भर्ती में उक्त 1947 नये पदों को सम्मिलित करते हुए अब कुल 2163 पदों पर भर्ती हेतु राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम द्वारा संशोधित विज्ञप्ति जारी की गई है।

    ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। युवाओं को रोजगार के और अधिक अवसर प्रदान करने के साथ ही विद्युत निगमों के सुदृढ़ीकरण की दिशा में आगे बढ़ते हुए तीनों वितरण निगमों में तकनीशियन-III के सीधी भर्ती के पदों में वृद्धि की गई है। वर्तमान में 216 पदों पर प्रक्रियाधीन भर्ती प्रक्रिया में ही उक्त नव सृजित 1947 पदों को भी सम्मिलित किया गया है जिससे कुल रिक्तियों की संख्या दस गुणा बढ़ कर अब 2163 हो गई है। इसमें जयपुर डिस्कॉम की रिक्तियाँ 66 से बढ़ कर 603 हो गयी हैं। इसके साथ ही अब अजमेर डिस्कॉम में 498 एवं जोधपुर डिस्कॉम में 912 पदों पर भी भर्तियाँ की जावेगी जबकि पूर्व में इन दो डिस्कॉम की कोई भी रिक्ति विज्ञापित नहीं की गयी थी। उत्पादन निगम में पूर्व की भाँति 150 पदों पर भर्तियाँ की जावेगी।

    हीरालाल नागर ने बताया कि विद्युत निगमों में तकनीशियन-III (आईटीआई) के इन कुल 2163 पदों पर सीधी भर्ती हेतु संशोधित विज्ञप्ति जारी कर, इच्छुक अभ्यर्थियों से ऑनलाईन माध्यम से आवेदन भरने की प्रक्रिया अगस्त 2025 में प्रारम्भ की जायेगी। टी.एस.पी. क्षेत्र के अभ्यर्थियों के साथ ही आरक्षित एवं अनारक्षित वर्ग के ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने पूर्व में आवेदन नहीं किया था अथवा फीस जमा नहीं कराई थी, वे भी अब इस अवसर का लाभ उठाकर नया आवेदन कर सकेंगे। तथापि ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने पूर्व में सफलतापूर्वक आवेदन कर दिया था, को पुनः आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी लेकिन उनको निगमों की वरीयता में परिवर्तन का विकल्प दिया जायेगा।

    यह भी उल्लेखनीय है कि विद्युत निगमों में 487 पदों पर शुरू की गई भर्ती प्रक्रिया में, अभियंता संवर्ग के 271 पदों की भर्ती प्रक्रिया में आवेदन प्राप्त होने के पश्चात् मात्र 3 माह के अल्प समय में ही ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षाओं के सफलतापूर्वक आयोजन के बाद परीक्षा परिणाम की घोषणा कर दस्तावेजों के सत्यापन और काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई एवं नियुक्ति आदेश भी जारी किये जा चुके हैं।

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    17/07/25

    उच्च शिक्षण संस्थाओं में नामांकन और परीक्षा ही एक मात्र ध्येय नहीं होना चाहिए

    एन.एस. बाछल, 17 जुलाई, जयपुर।

    राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा है कि उच्च शिक्षण संस्थाओं में नामांकन और परीक्षा ही एक मात्र ध्येय नहीं होना चाहिए।  वहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए निरंतर कार्य हो, इसके प्रयास किए जाएं।  उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में यह किया गया है कि जिस कॉलेज में सुविधा नहीं, अच्छे शिक्षक रखने की क्षमता नहीं है तो उसे बंद किया जाता है। यही व्यवस्था सभी स्थानों पर होनी चाहिए।  उन्होंने एक वर्ष पहले राज्य में सभी विश्वविद्यालयों के नेक एक्रीडेशन के लिए हुई पहल की चर्चा करते हुए कहा कि राजस्थान विश्वविद्यालय को सफलता मिली हैं। प्रयास करें जल्द दूसरे विश्वविद्यालय भी इस सम्बन्ध में निर्धारित औपचारिकताएं पूरी कर आगे बढ़ें।

    उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में पाठयपुस्तकों के अलावा भी दूसरे विषयों का सम—सामयिक ज्ञान विद्यार्थियों को दिया जाए। इसी से शिक्षा युगानुकुल हो सकेगी। उन्होंने शिक्षण संस्थाओं में विद्यार्थियों की बौद्धिक और शारीरिक क्षमता में वृद्धि के लिए विद्यार्थियों को कॉपी करके पास होने की प्रवृति की बजाय शिक्षकों द्वारा परिवेश की समझ, भारतीय प्राचीन ज्ञान की समृद्ध दृष्टि और आधुनिक विकास से जुड़े समय संदर्भों की जानकारी से समृद्ध किए जाने पर जोर दिया।

    राज्यपाल श्री बागडे गुरुवार को राजभवन में विश्वविद्यालयों के नेक एक्रीडेशन और उच्च शिक्षा में गुणवत्ता से सम्बन्धित विशेष समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।  उन्होंने कहा कि प्रदेश में नए उच्च शिक्षण संस्थान की शिक्षा विभाग अनुमति दें तो यह देखें कि वहां पढ़ाने की अच्छी व्यवस्था, विद्यार्थियों के लिए बेसिक सुविधाएं हों। संस्थान अच्छे प्रोफेसर रखने की क्षमता रखता है भी या नहीं, इसे विशेष रूप से सुनिश्चित किया जाए।

    राज्यपाल ने कहा कि किसी शिक्षण संस्थान के  विद्यार्थी राष्ट्र उत्पादक होते हैं।  इसलिए उनकी शैक्षिक गुणवत्ता में  किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थी शिक्षण संस्थान का एक तरह से प्रोडक्ट होता है। वह अच्छा नहीं है तो पदवी देने वाले संस्थान की खामी हैं।

    राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा की क्वालिटी खराब होने से देश का नुकसान होगा। विद्यार्थी देश की प्रगति का साधन है। उन्होंने इंजीनियरिंग और कृषि शिक्षा के अंतर्गत हुनरमंद लोगों को तैयार किए जाने पर भी जोर दिया।  उन्होंने कहा कि सारी शिक्षा एक छत के नीचे आए। विश्व के शीर्ष शिक्षण संस्थानों के प्राध्यापकों के व्याख्यान विश्वविद्यालयों में हों ताकि विद्यार्थी स्वतंत्र चिंतन से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि विनोबा भावे ने कहा था कि देश जब स्वतंत्र हुआ उसी दिन शिक्षा नीति बदलनी चाहिए थी। ब्रिटिश सरकार में लागू शिक्षा नीति उनके खुद के अनुकूल थी। वह हमारी नहीं है। वहीं चलतीं रही। अब नई शिक्षा नीति बनी है जो पूरी तरह से भारतीय है। उन्होंने कहा कि प्राचीन और नवीन ज्ञान के आलोक में राज्य में शिक्षा क्षेत्र में विकास के लिए प्रभावी कार्य किया जाए।

    इससे पहले उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री कुलदीप रांका ने प्रदेश में विश्वविद्यालय शिक्षा की स्थिति और नेक रैंकिंग के बारे में विस्तार से प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने नेक एक्रीडेशन प्राप्त पांच विश्वविद्यालयों और बाकी के विश्वविद्यालयों द्वारा इस सम्बन्ध के किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संदीप वर्मा ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं में नियमित नियुक्तियां और अच्छी योग्यता के शिक्षकों को उपलब्ध कराने के साथ विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य किया जाए। जब शिक्षण संस्थान अपनी गुणवत्ता में वृद्धि करेंगे तभी उनकी साख बनेगी। चिकित्सा शिक्षा सचिव अम्बरीष कुमार ने बताया कि राज्य के बाड़मेर और जोधपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई अंग्रेजी के साथ हिंदी में दिए जाने की व्यवस्था की गई है।

    राज्यपाल के सचिव डॉ. पृथ्वी ने विश्वविद्यालयों से संबंधित कार्यों और राजभवन द्वारा जारी दिशा निर्देशों के बारे में जानकारी दी।

    इससे पहले राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय, किशनगढ़ के कुलपति आनंद भालेराव ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति से संबंधित प्रस्तुतिकरण दिया। राज्यपाल ने इस दौरान पर्यावरण संरक्षण पोस्टर और विश्वविद्यालय कार्यपद्धति पुस्तक का लोकार्पण किया।

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    17/07/25

    दौसा जिले ने पौधारोपण में हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि

    एन.एस. बाछल, 17 जुलाई, जयपुर।

    ''एक पेड़ मॉं के नाम'' और '' हरियालो राजस्थान'' को नई ऊॅंचाईयों पर पहुंचाते हुए दौसा जिले ने बुधवार को सामाजिक भागीदारी और प्रशासनिक कुशलता के समन्वय का नया इतिहास रच दिया। बुधवार को दौसा जिले में 1.85 लाख पौधे लगाए गये। जिला कलक्टर देवेंद्र कुमार की पहल पर बुधवार को पौधारोपण को लेकर पूरे जिले में उत्साह का माहौल रहा। जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और जिलावासियों ने  मिलकर  गांव-गांव में पौधे लगाकर एक ही दिन में 1 लाख 85 हजार पौधे लगाने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जिसमें महिलाओं की विशेष भागीदारी रही।

    जिला कलक्टर देवेन्द्र कुमार ने रामगढ़ पचवारा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत हेमल्यावाला में पौधारोपण किया। महवा विधायक राजेन्द्र मीणा ने ग्राम पंचायत हड़िया, सिकराय विधायक विक्रम बंशावाल ने ग्राम पंचायत पिलोड़ी तथा बांदीकुई विधायक भागचंद टांकड़ा ने ग्राम पंचायत घुड़लिया एवं केसरीसिंहपुरा में पौधारोपण कर विधानसभा स्तरीय कार्यक्रमों में भागीदारी निभाई और ग्रामीणों को अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनकी देखभाल कर पेड़ बनाने के लिए प्रेरित किया।

    ग्राम पंचायत हेमल्यावाला में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आह्वान पर इस मानसून सीजन के दौरान पूरे प्रदेश में सघन पौधारोपण का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत दौसा जिले में भी 17 लाख पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आमजन को पौधारोपण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यह वृहद अभियान चलाया गया है, जिसके तहत आज एक ही दिन में एक साथ सभी ग्राम पंचायतों में डेढ़ लाख से अधिक पौधे लगाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिकाधिक पौधारोपण कर इस अभियान में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

    रामगढ़ पचवारा प्रधान कौशल्या देवी एवं लक्ष्मी रेला ने भी कार्यक्रम में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए पौधारोपण के महत्व को रेखांकित किया और राज्य सरकार की इस पुनीत मुहिम में भागीदार बनकर जिले को हरा-भरा बनाने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम में जिला कलक्टर  तथा अन्य जनप्रतिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने पौधारोपण कर मियावाकी पद्धति से लगाए पौधों का अवलोकन किया।

    जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी  ने बताया कि 'हरियालो राजस्थान' द्वितीय चरण के अंतर्गत ग्रामीण विकास विभाग को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 5 लाख 5 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य आवंटित हुआ है। इसी के तहत बुधवार को जिला कलक्टर की पहल पर जिले की सभी पंचायत समितियों में एक ही दिन में में 1 लाख 84 हजार 915 पौधे लगाए गए। उन्होंने बताया कि इससे पहले जिले में 1 लाख 15 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं। आवंटित लक्ष्य के शेष बचे हुए पौधे 31 जुलाई तक लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

    जिला परिषद के अधिशासी अभियंता (मनरेगा)  ने पंचायत समितिवार पौधारोपण की जानकारी देते हुए बताया कि पंचायत समिति दौसा में 19240, पंचायत समिति लवाण में 6615, पंचायत समिति नांगल राजावतान में 13970, पंचायत समिति रामगढ़ पचवारा में 25085, पंचायत समिति लालसोट में 33740, पंचायत समिति सिकन्दरा में 14580, पंचायत समिति सिकराय में 11914, पंचायत समिति महवा में 14980, पंचायत समिति मण्डावर में 8204, पंचायत समिति बैजूपाड़ा में 7955, पंचायत समिति बांदीकुई में 16160 व पंचायत समिति बसवा में 12472 पौधे लगाए गए।

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    17/07/25

    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार प्रदान किए

    नई दिल्ली, 17 जुलाई (अभी): राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (17 जुलाई, 2025) नई दिल्ली में आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित एक समारोह में स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार प्रदान किए।

    इस अवसर पर बोलते हुए राष्ट्रपति महोदया ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण हमारे शहरों द्वारा स्वच्छता के प्रयासों का आकलन और प्रोत्साहन करने में एक सफल प्रयोग साबित हुआ है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा वर्ष 2024 के लिए दुनिया का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न हितधारकों, राज्य सरकारों, शहरी निकायों और लगभग 14 करोड़ नागरिकों ने भाग लिया।

    श्रीमती मुर्मु ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना ने प्राचीन काल से ही स्वच्छता पर जोर दिया है। अपने घरों, पूजा स्थलों और आस-पास को साफ रखने की परंपरा हमारी जीवनशैली का अभिन्न अंग थी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी कहा करते थे, "स्वच्छता ईश्वर भक्ति के बाद आती है।" वे स्वच्छता को धर्म, आध्यात्मिकता और नागरिक जीवन की आधारशिला मानते थे। राष्ट्रपति महोदया ने कहा कि उन्होंने जनसेवा की अपनी यात्रा स्वच्छता से जुड़े कार्यों से शुरू की थी। अधिसूचित क्षेत्र परिषद की उपाध्यक्ष के रूप में श्रीमति मुर्मु प्रतिदिन वार्डों का दौरा करती थीं और स्वच्छता कार्य की निगरानी करती थीं।

    राष्ट्रपति महोदया ने कहा कि न्यूनतम संसाधनों का उपयोग करके और उन्हें उसी उद्देश्य या अन्य उद्देश्य के लिए पुनः उपयोग करके अपशिष्ट को कम करना हमेशा हमारी जीवनशैली का हिस्सा रहा है। चक्रीय अर्थव्यवस्था के मूल सिद्धांत और ‘कम उपयोग करें- पुनः उपयोग करें’ पुनर्चक्रण की प्रणालियां हमारी प्राचीन जीवनशैली के आधुनिक और व्यापक रूप हैं। उदाहरण के लिए, आदिवासी समुदायों की पारंपरिक जीवनशैली सरल है। वे कम संसाधनों का उपयोग करते हैं और मौसम तथा पर्यावरण के साथ तालमेल बिठाते हैं और अन्य समुदाय के सदस्यों के साथ साझेदारी में रहते हैं। वे प्राकृतिक संसाधनों को बर्बाद नहीं करते हैं। इस तरह के व्यवहार और परंपराओं को अपनाकर चक्रीयता की आधुनिक प्रणालियों को मज़बूत किया जा सकता है।

    राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि अपशिष्ट प्रबंधन मूल्य श्रृंखला में पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम स्रोत पृथक्करण है। सभी हितधारकों और प्रत्येक परिवार को इस पर सबसे ध्यान देना चाहिए। शून्य-अपशिष्ट कालोनियां अच्छे उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं।

    श्रीमती मुर्मु ने स्कूल स्तर पर आकलन पहल की सराहना की, जिसका उद्देश्य है कि विद्यार्थी स्वच्छता को एक जीवन-मूल्य के रूप में अपनाएं। उन्होंने कहा कि इससे बहुत लाभकारी और दूरगामी परिणाम होंगे।

    राष्ट्रपति महोदया ने कहा कि प्लास्टिक और इलेक्ट्रॉनिक कचरे को नियंत्रित करना और उनसे उत्पन्न प्रदूषण को रोकना एक बड़ी चुनौती है। उचित प्रयासों से हम देश के प्लास्टिक उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी ला सकते हैं। केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में एकल-उपयोग प्लास्टिक युक्त कुछ वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाया। उसी वर्ष, सरकार ने प्लास्टिक पैकेजिंग के लिए विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व हेतु दिशा-निर्देश जारी किए। सभी हितधारकों - उत्पादकों, ब्रांड मालिकों और आयातकों - की यह ज़िम्मेदारी है कि वे इन दिशानिर्देशों का पूरी तरह पालन करें।

    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि स्वच्छता से जुड़े प्रयासों के आर्थिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक पहलू हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी नागरिक स्वच्छ भारत मिशन में पूरी लगन से हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि ठोस और सुविचारित संकल्पों के साथ वर्ष 2047 तक विकसित भारत दुनिया के सबसे स्वच्छ देशों में से एक होगा।

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    17/07/25

    प्रशिक्षित बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से भरवाएंगे गणना प्रारूप

    एन.एस. बाछल, 17 जुलाई, जयपुर।

    राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का एक दिवसीय विषेष गहन पुनरीक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम मुख्य चुनाव अधिकारी राजस्थान नवीन महाजन की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। 

    मुख्य चुनाव अधिकारी ने उद्घाटन सत्र में बताया की बिहार की तर्ज पर जल्द ही भारत निर्वाचन आयोग ने संपूर्ण राष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) अभियान चलाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व 2002 में मतदाता सूचियों के रिवीजन का कार्य हुआ था। उन्होंने बताया कि राजस्थान में भी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जाएगा जिसमें बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता सूचियों के शोधन का कार्य करेंगे।

    उन्होंने बताया कि इसके लिए संपूर्ण राजस्थान के 41 जिलों के 43 मास्टर ट्रेनर्स को विस्तृत प्रशिक्षण देकर उनकी क्षमता में अभिवृद्धिकरण का कार्य किया जा रहा है ताकि वे उनके जिलों में जाकर वहां के बीएलओ और सुपरवाइजर को उक्त कार्य हेतु प्रशिक्षित कर सकें।

    उन्होंने बताया कि इनके द्वारा प्रशिक्षित बीएलओ राजस्थान के 5 करोड़ 75 लाख मतदाताओं के घर-घर पहुंचकर गणना प्रारूप भरवाकर मतदाता सूची के शोधन का कार्य करेंगे। उन्होंने सभी मास्टर ट्रेनर्स को भारत निर्वाचन आयोग व मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय राजस्थान द्वारा समय-समय पर जारी दिषा निर्देषों व जानकारियों से अपने आप को अपडेट रखने व सभी प्रकार के अक्सर पूछे जाने वाले सवालों (एफ ए क्यू) की जानकारी रखने के लिए कहा है। संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रौनक बैरागी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) में बीएलओ की भूमिका के बारे में सत्र लिया।

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    17/07/25

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर टीबीमुक्त राजस्थान की ओर तेजी से बढ़ते कदम

    एन.एस. बाछल, 17 जुलाई, जयपुर।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में चिकित्सा विभाग टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत राजस्थान को टीबी मुक्त बनाने के निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। प्रदेश में 25 जून, 2025 से चल रहे सक्रिय क्षय रोग खोज अभियान के माध्यम से अब तक 74 लाख (44 प्रतिशत) से अधिक अति संवेदनशील जनसंख्या की घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की जा चुकी है। अभियान का लक्ष्य 1.67 करोड़ संवेदनशील व्यक्तियों तक पहुंचना है। स्क्रीनिंग में अब तक 2,35,054 व्यक्तियों में टीबी के लक्षण पाए गए हैं, जिन्हें पुष्टि हेतु स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया है।

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के टीबी मुक्त भारत के संकल्प की दिशा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार प्रभावी रणनीति के साथ काम किया जा रहा है। स्क्रीनिंग का अभियान 21 जुलाई 2025 तक चलेगा, जिसका उद्देश्य टीबी के छिपे मामलों की शीघ्र पहचान कर समय पर निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत पीएलएचआईवी, डायबिटीज रोगी, 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग, कुपोषित व्यक्ति, धूम्रपान/मद्यपान करने वाले, प्रवासी श्रमिक, आदिवासी समुदाय, पूर्व टीबी रोगी तथा खनन एवं निर्माण स्थलों, जेलों एवं शहरी झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों की घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की जा रही है।

    घर-घर जाकर की जा रही जांच-

    अति संवेदनशील जनसंख्या की स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने के लिए राज्य और जिला स्तर पर अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अभियान की प्रगति की दैनिक समीक्षा भी की जा रही है। राजस्थान में घर-घर जाकर क्षय रोग के लक्षणों की जांच का यह अभियान, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन लक्ष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम है। जिला टीमों की मेहनत और आमजन की भागीदारी से समय पर अधिकतम रोगियों की पहचान संभव हो रही है, जिससे संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जा रहा है। 

    टीबीमुक्त ग्राम पंचायतों में राजस्थान तीसरे स्थान पर-

    मुख्यमंत्री के सतत पर्यवेक्षण के चलते प्रदेश में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के तहत वर्ष 2024 में 3,350 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है, जिससे समुदाय स्तर पर जागरूकता और भागीदारी में वृद्धि हुई है। इस अभियान में राजस्थान देशभर में तीसरे स्थान पर रहा है। अभियान के तहत अब तक 35,117 निक्षय मित्र पंजीकृत हो चुके हैं, जो टीबी मरीजों को पोषण, मानसिक सहयोग और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवा रहे हैं।

    तकनीकी नवाचारों से राह हुई आसान-

    निक्षय पोर्टल के माध्यम से टीबी मरीजों की पहचान, उपचार, एवं भुगतान की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। टेक्नोलॉजी के साथ टीबी उन्मूलन की ओर सटीक और तेज कदम बढ़ाते हुए राज्य में टीबी रोगी खोज अभियान का सर्वेक्षण आशा डिजिटल हेल्थ ऐप के माध्यम से किया जा रहा है, और इसकी रीयल टाइम निगरानी डैशबोर्ड के जरिए सुनिश्चित की जा रही है। सभी संभावित मामलों में नाट आधारित परीक्षण को प्राथमिकता देकर राज्य ने सटीक व शीघ्र निदान की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। सहभागिता आधारित मॉडल के तहत एनजीओ, सीएसआर भागीदारों और निजी चिकित्सकों की सहभागिता से टीबी नियंत्रण प्रयासों को मजबूती मिली है। जिला स्तर पर इंटर-डिपार्टमेंटल समन्वय के माध्यम से पुलिस, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, श्रम विभाग जैसे विभागों के साथ मिलकर सुगठित व समग्र रणनीति बनाई जा रही है। संवेदनशील समूहों पर केंद्रित, माइक्रो प्लानिंग, 100 प्रतिशत डेटा प्रविष्टि और रिपोर्टिंग के साथ अभियान का संचालन हो रहा है।

    संसाधनों से बढ़ी क्षमता-

    चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशानुसार जिला और ब्लॉक स्तर पर नाट मशीन (629) माइक्रोस्कोपी, एक्स-रे मशीन, लैब तकनीशियन आदि की क्षमता वृद्धि के प्रयास किए गए हैं। चिकित्सा विभाग द्वारा वर्ष 2024 में राज्य में कुल 1,71,415 टीबी रोगियों का नोटिफिकेशन किया गया, जो निर्धारित लक्ष्य का 101 प्रतिशत है। जून 2025 तक 89,132 टीबी रोगियों का नोटिफिकेशन किया गया है, जो लक्ष्य का 110 प्रतिशत है। गौरतलब है कि नाट तकनीक टीबी की जल्दी और सटीक पहचान करने में सक्षम है, जिससे रोगी को समय पर उपचार मिल पाता है और संक्रमण का प्रसार भी रोका जा सकता है।

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    17/07/25

    खेल मंत्री गौरव गौतम एक्शन मोड में, 15 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी

    चंडीगढ़, 17 जुलाई (अभी) - हरियाणा के खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने आज पंचकूला स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में खेलों इंडिया स्टेट लेवल सेंटर का औचक निरीक्षण किया और खिलाड़ियों को रहने की असुविधा, तय खाद्य सामग्री और खेल का सामान न उपलब्ध कराए जाने की वजह से सेंटर के सभी कोच, कर्मचारी और पंचकूला की जिला खेल अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इस मौके पर खेल मंत्री स्टेडियम ने अभ्यास कर रहे बॉक्सिंग, बैडमिंटन और एथलेटिक्स के खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनकी समस्या सुनी। इस अवसर पर खिलाड़ियों ने मंत्री को अवगत कराया कि अधिकारी खाने की और खेल के सामान की उचित व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। खिलाड़िय़ों ने बताया कि सरकार की खेल नीति बहुत ही अच्छी है, लेकिन उसके अनुरूप अधिकारी उन्हें सुविधा नहीं मुहैया करा रहे हैं। इससे उन्हें असुविधा हो रही है।


    खेल मंत्री ने मौके से फोन करके अधिकारियों को चेताया कि वे 15 दिन के अंदर व्यवस्था दुरुस्त कर लें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा की खेल नीति पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ है। प्रदेश के खिलाड़ी ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप, एशियन व कामनवेल्थ खेलों में पदक जीतकर देश व प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं। हमारे खिलाड़ी और अधिक पदक जीते, इसके लिए सरकार उन्हें ज्यादा से ज्यादा खेल सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। खिलाड़ियों को अच्छी खुराक व उचित खेल के संसाधन मिलेंगे तो उनका प्रदर्शन भी अच्छा होगा।


    खेल मंत्री ने कोचों को चेताया कि वे अपनी कार्यशैली में सुधार करें और समय पर खिलाड़ियों को अभ्यास कराएं। अच्छा काम करने वाले कोचों को प्रोत्साहित किया जाएगा और लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

    इस अवसर पर खेल मंत्री सुबह करीब आठ बजे सीधे स्टेडियम पहुंचे जहाँ उन्होंने सीधे खिलाड़ियों से मुलाकात की। हॉस्टल में रहने, मेस में जाकर खाने की व्यवस्था और जिम आदि का मुआयना किया।

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    17/07/25

    विधान सभा अध्‍यक्ष ने पुलिस महानिदेशक को नये दायित्‍व के लिए दी बधाई

    एन.एस. बाछल, 17 जुलाई, जयपुर।

    राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से बुधवार को विधान सभा में राजस्‍थान के नवनियुक्‍त पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने शिष्‍टाचार मुलाकात की। पुलिस महानिदेशक शर्मा ने विधान सभा अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी का पुष्‍प गुच्‍छ भेंट कर अभिवादन किया।

    वासुदेव देवनानी ने इस नवीन दायित्‍व के लिए श्री शर्मा को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। विधान सभा अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी ने पुलिस महानिदेशक से राजस्‍थान विधान सभा, विधायक आवास परिसर व कॉन्स्टिट्यूशन क्‍लब ऑफ राजस्‍थान और अजमेर से संबंधित विभिन्‍न सुरक्षा व्‍यवस्‍थाओं पर चर्चा की।

    वासुदेव देवनानी से भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी राजीव कुमार शर्मा की राज्‍य के पुलिस महानिदेशक के रूप में पदभार ग्रहण के पश्चात यह पहली शिष्टाचार भेंट थी।

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    17/07/25

    विधान सभा अध्यक्ष ने मध्‍यप्रदेश के बैरागढ में किया संत हिरदाराम आश्रम का अवलोकन

    एन.एस. बाछल, 17 जुलाई, जयपुर।

    विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मध्‍यप्रदेश प्रवास के दौरान मंगलवार को भोपाल के बैरागढ़ स्थित संत शिरोमणि हिरदाराम आश्रम पहुँचकर वहां संचालित जनसेवा कार्यों का अवलोकन किया। वासुदेव देवनानी ने आश्रम में संत हिरदाराम के चित्र पर पुष्‍प माला अर्पित कर नमन किया। वासुदेव देवनानी ने कहा कि संत हिरदाराम ने अपने जीवन को शिक्षा, सेवा और चिकित्सा जैसे पवित्र कार्यों को समर्पित किया। उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणास्‍त्रोत है। 

    विधान सभा अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि संत हिरदाराम के तप, त्याग और सेवा भावना की प्रेरणा से आश्रम आज भी विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य कर रहा है। आश्रम ‌द्वारा संचालित वि‌द्यालय, अस्पताल, महिला सशक्तिकरण एवं कौशल विकास केन्द्र की गतिविधियों को देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि ऐसे संस्थान समाज के लिए आशा का प्रकाश हैं।

    वासुदेव देवनानी ने कहा कि आज जब समाज को नैतिक मूल्यों और सेवा भाव की आवश्यकता है, तब संत हिरदाराम का जीवन दर्शन हमें सही दिशा दिखाता है। आश्रम द्वारा निःस्वार्थ भाव से किए जा रहे कार्य समाज में समरसता, करुणा और आत्मनिर्भरता को बल देते हैं। वासुदेव देवनानी ने आश्रम परिवार को शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह सेवा यज्ञ इसी भाव से निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।

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    17/07/25

    हरियाणा में ‘भविष्य विभाग’ का गठन, एआई और कौशल विकास के बल पर विजन 2047

    चंडीगढ़, 17 जुलाई (अभी) - हरियाणा सरकार ने एआई और कौशल विकास के सहारे विजन 2047 को अमलीजामा पहनाने के मकसद से ‘भविष्य विभाग’ का गठन किया है। यह विभाग राज्य को भविष्य में पेश आने वाली संभावित चुनौतियों और अवसरों की पहचान करने के लिए नियमित तौर पर हॉराइजन स्कैनिंग, प्रवृत्ति विश्लेषण और परिदृश्य‑विकास कार्य करेगा। साथ ही, ‘विजन 2047’ के तहत उच्च‑मूल्य वाले क्षेत्रों में विकास विविधीकरण पर केन्द्रित व्यापक दीर्घकालीन रणनीतियां भी बनाएगा।

    मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा हरियाणा सरकार कार्य (आबंटन) नियम, 2025 की अधिसूचना जारी की गई है।

    यह विभाग राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के स्तर तक बढ़ाने और राज्य में रोजगार लक्ष्यों को पूरा करने के लिए मिशन हरियाणा-2047 की देखरेख भी करेगा।

    इसके अलावा, यह विभिन्न क्षेत्रों में उभरती प्रौद्योगिकियां अपनाने की दिशा में प्रौद्योगिकी और नवाचार नीतियों का विकास और समन्वय करेगा। प्रशासनिक प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण रुपांतरण सहित शासन आधुनिकीकरण पहलों की निगरानी और समन्वय करेगा। भविष्योन्मुखी नीतियों और पहलों के कार्यान्वयन के लिए प्रशासनिक विभागों के साथ समन्वय भी करेगा।

    यह विभाग भविष्य की कार्यबल आवश्यकताओं के अनुरूप मानव पूंजी विकास के लिए एकीकृत ढाँचे की स्थापना करेगा। खास तौर पर जल, ऊर्जा और कृषि संसाधनों के सतत प्रबंधन हेतु रणनीतियां विकसित करेगा। विभागों में रणनीतिक पहलों की प्रगति का मूल्यांकन करने के लिए निगरानी तंत्र का निर्माण करेगा। यह ग्रामीण-शहरी एकीकरण विकसित करने के साथ-साथ राज्य के लिए एक प्रवास प्रबंधन योजना भी बनाएगा।

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    17/07/25

    आंध्र प्रदेश के बीसूका चेयरमेन ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को सराहा

    एन.एस. बाछल, 17 जुलाई, जयपुर।

    आंध्र प्रदेश के बीसूका चेयरमेन दिनाकर लंका ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने दिशा में केन्द्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो रहा है। विकसित भारत की परिकल्पना को वास्तविक रूप देने के लिए केन्द्र और राज्यों की कल्याणकारी योजनाओं का अन्तर्राज्यीय मंथन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं की क्रियान्विति पर मंथन, प्रचलित पद्धतियों और विचारों के आदान-प्रदान से अन्य राज्य भी अपनी योजनाओं को सुदृढ़ कर और अधिक प्रभावी बना सकते हैं। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में सर्वोत्तम प्रथाओं के पारस्परिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एक-दूसरे से सीखकर और सफल मॉडलों का अनुकरण करके हम विभिन्न विकासात्मक पहलों की दक्षता और प्रभाव को बढ़ा सकते हैं।

    दिनाकर लंका ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि राजस्थान की प्रभावी योजनाओं और उनके दक्ष क्रियान्वयन से 'विकसित राजस्थान 2047' की परिकल्पना साकार होती दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों के लिए भी राजस्थान एक प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरा है। दिनाकर ने राजस्थान सरकार की सराहना करते हुए कहा कि गुरु गोलवलकर आशान्वित ब्लॉक विकास योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से राजस्थान ने अपने सबसे पिछडे 41 ब्लॉक्स का विकास सुनिश्चित किया है, आंध्र प्रदेश भी इसी प्रकार कार्य करेगा। उन्होंने राज्य सरकार की मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (मा) योजना, पंच गौरव, पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा 2025, वन्दे गंगा अभियान, आरजीएचएस, राजस्थान जनआधार योजना सहित विभिन्न योजनाओं व अभियानों की सराहना की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएम स्वनिधि योजना, मनरेगा सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति और प्रभावी क्रियान्वयन की भी जानकारी ली।

     प्रमुख शासन सचिव देथा ने कहा कि राज्य सरकार अन्त्योदय की संकल्पना के साथ समावेशी विकास की ओर अग्रसर है, राज्य में गरीब, युवा, महिलाओं और किसानों को सशक्त करने की दिशा में सतत कार्य किया जा रहा है। देथा ने कहा कि गरीबी उन्मूलन और आम आदमी के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।  

         इससे पहले बैठक में संयुक्त सचिव आयोजना श्री नरेन्द्र मंघानी ने राज्य सरकार की प्रमुख महत्वाकांक्षी योजनाओं मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (मा) योजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना, पंच गौरव,गुरु गोलवलकर आकांक्षी ब्लॉक विकास योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना, मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना, कर्म भूमि से मातृ भूमि अभियान सहित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान संयुक्त शासन सचिव, संस्थागत-वित्त एवं बीसूका सी. पी. मण्डावरिया ने राज्य में बीसूका की प्रगति से अवगत करवाया। 

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    17/07/25

    छत्तीसगढ़ में तैनात सीआरपीएफ की सर्वश्रेष्ठ कंपनियों को किया गया सम्मानित

    नई दिल्ली, 17 जुलाई (अभी): छत्तीसगढ़ सेक्टर मुख्यालय, नवा रायपुर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा "सर्वश्रेष्ठ कंपनी कैम्प" प्रतियोगिता के विजेताओं के सम्मान में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर सीआरपीएफ छत्तीसगढ़ सेक्टर के पुलिस महानिरीक्षक श्री राकेश अग्रवाल (आईपीएस) ने 16 जुलाई 2025 को दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण बस्तर अंचल में तैनात बल के अधिकारियों और जवानों के असाधारण कार्यों की प्रशंसा की।

    उन्होंने कहा कि जवानों ने न केवल अपने कैम्पों की आधारभूत संरचना को बेहतर बनाया है, बल्कि अपने क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका यह समर्पण अत्यंत प्रेरणादायी है।

    एक उच्च स्तरीय बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर बस्तर जिले के पुष्पालघाट में स्थित एफ/188 बटालियन को छत्तीसगढ़ के 254 कैंपों में सर्वश्रेष्ठ कंपनी लोकेशन का दर्जा दिया गया। वहीं बीजापुर के फुटकेल में स्थित सी/229 बटालियन और सुकमा के करीगुंडम में स्थित बी/50 बटालियन को संयुक्त रूप से प्रथम रनर-अप घोषित किया गया। दंतेवाड़ा के रंगनार में स्थित एफ/111 बटालियन तथा सुकमा के रायगुडेम स्थित एफ/223 बटालियन को संयुक्त रूप से द्वितीय रनर-अप चुना गया।

    विजेताओं को महानिरीक्षक श्री राकेश अग्रवाल के कर-कमलों से ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर उप-महानिरीक्षक श्री एस.पी. सिंह, श्री एन.के. सिंह और श्री परमेंद्र सिंह यादव भी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त कोंटा, बीजापुर, जगदलपुर और सुकमा से कई उप-महानिरीक्षक एवं यूनिट कमांडेंट भी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।

    श्री अग्रवाल ने कहा, “इन कैम्पों में कार्यरत अधिकारी और जवान विषम परिस्थितियों में भी जिस प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं, वह अत्यंत सराहनीय है। उनका यह प्रयास निश्चित ही अन्य यूनिट्स के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा।”

    उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद से निपटने में सीआरपीएफ की केंद्रीय भूमिका रही है। बड़ी संख्या में तैनात बटालियनों एवं विशेष कोबरा इकाइयों के माध्यम से बल ना केवल नक्सल विरोधी अभियानों को अंजाम दे रहा है, बल्कि स्थानीय समुदायों से संवाद व सहयोग बढ़ाकर विकास की प्रक्रिया को भी गति दे रहा है।

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    17/07/25

    प्रधानमंत्री 18 जुलाई को बिहार और पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे

    नई दिल्ली, 17 जुलाई (अभी): प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 18 जुलाई को बिहार और पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे। वह सुबह लगभग 11:30 बजे बिहार के मोतिहारी जिले में 7,200 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

    इसके बाद वह पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे और दोपहर लगभग 3 बजे दुर्गापुर में 5000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे।

    बिहार में प्रधानमंत्री

    प्रधानमंत्री रेल, सड़क, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से जुड़ी विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

    सम्‍पर्क और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री अनेक रेल परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसमें समस्तीपुर-बछवाड़ा रेल लाइन के बीच स्वचालित सिग्नलिंग शामिल है, जिससे इस खंड पर कुशल रेल संचालन संभव होगा। दरभंगा-थलवाड़ा और समस्तीपुर-रामभद्रपुर रेल लाइनों का दोहरीकरण, 580 करोड़ रुपये से अधिक की दरभंगा-समस्तीपुर दोहरीकरण परियोजना का हिस्सा है और इससे रेल संचालन की क्षमता बढ़ेगी और देरी में कमी आएगी।

    प्रधानमंत्री अनेक रेल परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। रेल परियोजनाओं में पाटलिपुत्र में वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव हेतु बुनियादी ढाँचे का विकास शामिल है। भटनी-छपरा ग्रामीण रेल लाइन (114 किमी) पर स्वचालित सिग्नलिंग से सुव्यवस्थित रेल संचालन संभव होगा। कर्षण प्रणाली के बुनियादी ढाँचे को मज़बूत बनाकर और ऊर्जा दक्षता में सुधार करके भटनी-छपरा ग्रामीण खंड में ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए कर्षण प्रणाली का आधुनिकीकरण किया जाएगा। लगभग 4,080 करोड़ रुपये की लागत वाली दरभंगा-नरकटियागंज रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना से रेल लाइन की क्षमता बढ़ेगी, अधिक यात्री और मालगाड़ियों का संचालन संभव होगा और उत्तर बिहार और देश के बाकी हिस्सों के बीच संपर्क मज़बूत होगा।

    क्षेत्र में सड़क बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री एनएच-319 पर 4-लेन के आरा बाईपास की आधारशिला रखेंगे, जो आरा-मोहनिया एनएच-319 और पटना-बक्सर एनएच-922 को जोड़ेगा, जिससे निर्बाध संपर्क सुनिश्चित होगा और यात्रा का समय बचेगा।

    प्रधानमंत्री 820 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले एनएच-319 के परारिया से मोहनिया तक 4-लेन वाले खंड का भी उद्घाटन करेंगे। यह एनएच-319 का वह हिस्सा है जो आरा शहर को एनएच-02 (स्वर्णिम चतुर्भुज) से जोड़ता है। इससे माल और यात्री यातायात में सुधार होगा। इसके अलावा, एनएच-333सी पर सरवन से चकाई तक पक्की सड़क के साथ 2-लेन का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे माल और लोगों की आवाजाही सुगम होगी और बिहार और झारखंड के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करेगा।

    प्रधानमंत्री दरभंगा में नए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) और पटना में एसटीपीआई की अत्याधुनिक इनक्यूबेशन सुविधा का उद्घाटन करेंगे, जिसका उद्देश्य आईटी/आईटीईएस/ईएसडीएम उद्योग और स्टार्टअप को बढ़ावा देना है। ये सुविधाएँ आईटी सॉफ्टवेयर और सेवा निर्यात को बढ़ावा देने में मदद करेंगी। यह नवोदित उद्यमियों के लिए तकनीकी स्टार्टअप इको सिस्‍टम का पोषण भी करेगा और नवाचार, बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) और उत्पाद विकास को प्रोत्साहित करेगा।

    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी बिहार में मत्स्य पालन और जलीय कृषि क्षेत्र को मज़बूत करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के अंतर्गत मंजूर मत्स्य विकास परियोजनाओं की एक श्रृंखला का उद्घाटन करेंगे। यह बिहार के विभिन्न ज़िलों में नए मछली पालन केन्‍द्र (हैचरी), बायोफ्लोक इकाइयाँ, सजावटी मछली पालन, एकीकृत जलीय कृषि इकाइयाँ और मछली चारा मिलों सहित आधुनिक मत्स्य पालन अवसंरचना का शुभारंभ होगा। जलीय कृषि परियोजनाएँ रोज़गार के अवसर पैदा करने, मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, उद्यमिता को बढ़ावा देने और बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने में मदद करेंगी।

    भविष्य के लिए तैयार रेलवे नेटवर्क की अपनी कल्‍पना के अनुरूप, प्रधानमंत्री राजेन्‍द्र नगर टर्मिनल (पटना) से नई दिल्ली, बापूधाम मोतिहारी से दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल), दरभंगा से लखनऊ (गोमती नगर) और मालदा टाउन से लखनऊ (गोमती नगर) के बीच भागलपुर के रास्ते चार नई अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे, जिससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

    प्रधानमंत्री दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के अंतर्गत बिहार में लगभग 61,500 स्वयं सहायता समूहों को 400 करोड़ रुपये भी जारी करेंगे। महिला-नेतृत्व वाले विकास पर विशेष ध्यान देते हुए, 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जोड़ा गया है।

    प्रधानमंत्री 12,000 लाभार्थियों के गृह प्रवेश के तहत कुछ लाभार्थियों को चाबियाँ भी सौंपेंगे और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 40,000 लाभार्थियों को 160 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी करेंगे।

    पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री

    प्रधानमंत्री तेल एवं गैस, बिजली, सड़क और रेल क्षेत्रों से जुड़ी अनेक विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

    क्षेत्र में तेल एवं गैस के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए, प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा और पुरुलिया जिले में लगभग 1,950 करोड़ रुपये की लागत वाली भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की सिटी गैस वितरण (सीजीडी) परियोजना की आधारशिला रखेंगे। यह परियोजना घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक ग्राहकों को पीएनजी कनेक्शन प्रदान करेगी, खुदरा दुकानों पर सीएनजी उपलब्ध कराएगी और क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी।

    प्रधानमंत्री दुर्गापुर-हल्दिया प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के दुर्गापुर से कोलकाता खंड (132 किलोमीटर) को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिसे महत्वाकांक्षी जगदीशपुर-हल्दिया और बोकारो-धामरा पाइपलाइन के अंतर्गत बिछाया गया है। इसे प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा (पीएमयूजी) परियोजना के नाम से भी जाना जाता है।

    सभी के लिए स्वच्छ वायु और स्वास्थ्य सुरक्षा की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री दुर्गापुर स्टील थर्मल पावर स्टेशन और दामोदर घाटी निगम के रघुनाथपुर थर्मल पावर स्टेशन की 1,457 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली रेट्रोफिटिंग

    क्षेत्र में रेल बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देते हुए, प्रधानमंत्री पुरुलिया में 390 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुरुलिया-कोटशिला रेल लाइन (36 किलोमीटर) के दोहरीकरण कार्य को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

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    17/07/25

    हरियाणा सरकार ने दिए निर्देश हर महीने हो जिला लोक संपर्क एवं शिकायत निवारण समिति की बैठक

    चंडीगढ़, 17 जुलाई (अभी) - हरियाणा सरकार ने सभी जिलों में जिला लोक संपर्क एवं शिकायत निवारण समिति की बैठक हर महीने आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, जिला विकास एवं निगरानी समिति की बैठक आवश्यकतानुसार बुलाई जाए। सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि समिति की बैठक न होने के कारण किसी भी वित्तीय आवंटन में देरी नहीं होनी चाहिए।

     

    मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी एक पत्र में आगे कहा गया है कि यदि किसी महीने में अध्यक्ष बैठक की अध्यक्षता नहीं कर पाते, तो उस माह के अंतिम कार्यदिवस को संबंधित जिले के उपायुक्त बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

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    17/07/25

    उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने दिए एचएसआईआईडीसी को गठन उद्देश्य पर कार्य करने के निर्देश

    चंडीगढ़, 17 जुलाई (अभी) - हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निगम को अपने मूल उद्देश्यों पर केंद्रित होकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निगम का प्रमुख उद्देश्य राज्य में आधुनिक औद्योगिक अवसंरचना उपलब्ध कराना है और इसी लक्ष्य की दिशा में समर्पित प्रयास किए जाने चाहिए।

     

    श्री राव नरबीर सिंह ने यह निर्देश हाल ही में निगम अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा भूमि भागीदारी नीति—2022 के तहत किसानों व ग्रामीणों को जागरूक किया जाए कि एचएसआईआईडीसी उनकी दी गई आधी भूमि को विकसित कर भू—मालिकों को हिस्सेदार बनाएगा। इस प्रक्रिया में पेशेवर एजेंसियों की सेवाएं लेते हुए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि लोगों को निगम की कार्यप्रणाली की स्पष्ट समझ दी जा सके।

     

    उद्योग मंत्री ने अधिकारियों को बताया कि गुरुग्राम अब वैश्विक कंपनियों की पहली पसंद बन चुका है। इसके चलते सोहना, मानेसर और बावल जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों का तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास कन्वेंशन सेंटर का विकास किया जाए। इसके लिए नए गुरुग्राम के सेक्टर-65 में स्थित नगर निगम की भूमि को चिह्नित कर वहां आगामी 1 नवंबर को हरियाणा दिवस के अवसर पर इस कन्वेंशन सेंटर की आधारशिला रखने का कार्यक्रम आयोजित किया जाए।

     

    मंत्री ने कहा कि एचएसआईआईडीसी की हर आईएमटी (Industrial Model Township) में उच्च गुणवत्ता और आधुनिक सुविधाओं से युक्त विश्राम गृह का निर्माण सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे उद्योग प्रतिनिधियों और आगंतुकों को उचित ठहराव सुविधा मिल सके।

     

    उन्होंने हरित हरियाणा अभियान के तहत निगम की सभी औद्योगिक सम्पदाओं में अधिकतम ग्रीन बेल्ट विकसित करने पर बल दिया। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि इन ग्रीन बेल्ट के साथ बने फुटपाथों पर टाइल्स न लगाई जाएं, जिससे प्राकृतिक जल संचयन में कोई बाधा न आए।

     

    श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि 135 किलोमीटर लंबा कुंडली—मानेसर—पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे एचएसआईआईडीसी की एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपदा है। इसके संपूर्ण रख-रखाव व सौंदर्यकरण के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि केएमपी के दोनों ओर बड़े स्तर पर विशेष पौधारोपण अभियान चलाया जाए तथा हर 5 से 10 किलोमीटर की दूरी पर सौर ऊर्जा चालित पंपों की स्थापना की जाए, जिससे बारिश के बाद पौधों की सिंचाई सुनिश्चित की जा सके।

     

    उन्होंने यह भी कहा कि केएमपी एक्सप्रेसवे के मानेसर से पलवल तक के हिस्से की मरम्मत की तत्काल आवश्यकता है, जिसके लिए शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाए।

  • 17/07/25

    आज का राशिफल 17 जुलाई

    मेष (Aries): आज आपका दिन अच्छा रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने की संभावना है। पारिवारिक जीवन में भी सुख-शांति बनी रहेगी।

    वृषभ (Taurus): आज आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। कार्यस्थल पर कुछ चुनौतियाँ आ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें संभाल लेंगे।

    मिथुन (Gemini): आज आपका मन प्रसन्न रहेगा। नए कार्यों की शुरुआत के लिए अच्छा दिन है। प्रेम जीवन में भी मधुरता बनी रहेगी।

    कर्क (Cancer): आज आपको अपने खर्चों पर नियंत्रण रखना चाहिए। कार्यक्षेत्र में कुछ तनाव हो सकता है, लेकिन परिवार का सहयोग मिलेगा।

    सिंह (Leo): आज आपका दिन उत्साह से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में प्रगति होगी और आपकी क्षमताओं की सराहना होगी।

    कन्या (Virgo): आज आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियाँ आ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें संभाल लेंगे।

    तुला (Libra): आज आपका दिन शांतिपूर्ण रहेगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। कार्यक्षेत्र में भी सफलता मिलने की संभावना है।

    वृश्चिक (Scorpio): आज आपको अपने खर्चों पर नियंत्रण रखना चाहिए। कार्यक्षेत्र में कुछ तनाव हो सकता है, लेकिन परिवार का सहयोग मिलेगा।

    धनु (Sagittarius): आज आपका दिन उत्साह से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में प्रगति होगी और आपकी क्षमताओं की सराहना होगी।

    मकर (Capricorn): आज आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियाँ आ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें संभाल लेंगे।

    कुंभ (Aquarius): आज आपका दिन शांतिपूर्ण रहेगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। कार्यक्षेत्र में भी सफलता मिलने की संभावना है।

    मीन (Pisces): आज आपको अपने खर्चों पर नियंत्रण रखना चाहिए। कार्यक्षेत्र में कुछ तनाव हो सकता है, लेकिन परिवार का सहयोग मिलेगा।

    ध्यान दें कि ये सामान्य भविष्यवाणियाँ हैं और व्यक्तिगत जन्म कुंडली के अनुसार परिणाम भिन्न हो सकते हैं।

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    17/07/25

    Gujarat Governor meets Prime Minister

    The Governor of Gujarat, Shri Acharya Devvrat, met the Prime Minister, Shri Narendra Modi in New Delhi today.

    The PMO India handle posted on X:

    “Governor of Gujarat, Shri @ADevvrat, met Prime Minister @narendramodi.”


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    17/07/25

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिला, युवा, किसान, गरीब के सपनों को कर रही पूरा

    एन.एस. बाछल, 17 जुलाई, जयपुर।

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में गुरुवार को जयपुर के ग्राम दादिया में सहकार एवं रोजगार उत्सव का आयोजन होगा। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार शाम को सभा स्थल पर पहुंचकर तैयारियों का विस्तृत जायजा लेकर अंतिम रूप दिया तथा संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश प्रदान किए।

    भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम स्थल पर मीडिया से बातचीत में कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी डबल इंजन की सरकार आमजन से संकल्प पत्र में किए गये वादों को पूरा कर रही है। अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। 

    युवाओं से किये वादे को पूरा करते हुए गुरुवार को आयोजित होने वाले रोजगार उत्सव में नियुक्त पत्र दिये जाएंगे। उन्होंने कहा कि सहकारिता का गांव, किसान, गरीब और मजदूर से अहम जुड़ाव है। केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में इसके विस्तार से इन वर्गों का उत्थान हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निरंतर गृह विभाग को जरूरी संसाधन उपलब्ध करवा रही है, जिससे पुलिस और बेहतर काम कर सके।

    आगंतुकों के लिए श्रेष्ठ व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो— 

    इससे पहले मुख्यमंत्री ने सभा स्थल का निरीक्षण कर आमजन के आगमन और प्रस्थान मार्गों तथा सहकारिता से संबंधित प्रदर्शनी स्थल का अवलोकन किया। साथ ही, उन्होंने बैठक, पेयजल, पार्किंग सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को आमजन के लिए जरूरी सुविधाएं एवं बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए उचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया।

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    17/07/25

    स्पीकर बिरला ने अधिकारियों के साथ किया अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण

    एन.एस. बाछल, 17 जुलाई, जयपुर।

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को कोटा शहर में अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। स्पीकर बिरला सबसे पहले रानपुर पहुंचे जहां उन्होंने अधिकारियों के साथ स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि तेज बारिश से व्यापक फ्लैश फ्लड की स्थिति बनी थी। कुछ ही घंटों में 150 मिमी से अधिक वर्षा हुई, जिससे अधिकांश नालों में भारी प्रवाह और क्षमता से अधिक जलभराव हुआ।

    ओम बिरला ने अधिकारियों को कहा कि जलभराव के स्थायी समाधान के लिए बहु-विकल्पीय समाधान खोजे जाएं और प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत सर्वे कर प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने रानपुर तालाब और अलनिया क्षेत्र में जल को चम्बल नदी की ओर मोड़ने के लिए विशेष डायवर्जन की योजना पर भी चर्चा की।

    ओम बिरला ने अधिकारियों का कहा कि नालों की क्षमता बढ़ाई जाए, वैकल्पिक जल निकासी मार्ग चिन्हित कर शीघ्र कार्य योजना तैयार की जाए। उन्होंने देवली अरब क्षेत्र की आवासीय कॉलोनिय़ों में जलभराव से बार-बार होने वाली समस्या के समाधान के लिए नवीन डायवर्जन के निर्माण की योजना बनाने के निर्देश दिए।

    बोरखंडी विद्यालय का किया निरीक्षण—

    बोरखंडी राजकीय विद्याल में प्लास्टर गिरने की जानकारी मिलने पर स्पीकर बिरला ने विद्यालय पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने निगम के अधिकारियों से तुरंत विद्यालय की मरम्मत करने के निर्देश दिए। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को बरामदे के निर्माण का प्रस्ताव बनाने के साथ जिले में ऐसे विद्यालय भवनों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। 

    मृतकों के परिजनों को बंधाया ढांढस—

    लोकसभा अध्यक्ष ने निमोदा हरिजी पहुंचकर चम्बल नदी में तेज बहाव के कारण हुए हादसे के मृतकों के परिजनों से भी भेंट की। बिरला ने दिवंगत युवकों के परिजनों से भेंट कर शोक संवेदना व्यक्त की और ढांढस बंधाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित  परिवारों को सहायता उपलब्ध कराएं, इसके साथ ही, उन्होंने जिला कलक्टर को हादसे की जांच को लेकर समिति गठित करने के निर्देश दिए। 

    दौरे में विभिन्न स्थानों पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, जिला कलक्टर पीयूष समारिया, लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता, केडीए आयुक्त हरफूल सिंह यादव पुलिस अधीक्षक सहित प्रशासन एवं पुलिस के विभिन्न अधिकारी, महापौर राजीव अग्रवाल, जिला अध्यक्ष शहर राकेश जैन ग्रामीण प्रेम गोचर सहित अन्य उपस्थित रहे। 

    जांच समिति गठित, समीक्षा बैठक गुरुवार को—

    निमोदा हरिजी में हुए हादसे को लेकर लोगों की शिकायत के बाद स्पीकर बिरला के निर्देश पर जिला कलक्टर द्वारा एडीएम सीलिंग कृष्णा शुक्ला के नेतृत्व में 4 सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। स्पीकर बिरला गुरुवार शाम 4 बजे जिला कलेक्ट्रेट सभागार में  जिले में अतिवृष्टि को लेकर आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे।   

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    16/07/25

    हिमाचल मंत्रिमण्डलीय उप-समिति ने आपदा प्रबंधन के लिए पूर्व चेतावनी तंत्र स्थापित करने को मंजूरी दी

    हिमाचल, 16 जुलाई (अभी): राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां आपदा प्रबंधन और पुनर्वास पर गठित मंत्रिमण्डलीय उप-समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में हाल ही में प्रदेश में बादल फटने और बाढ़ की घटनाओं के दृष्टिगत राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में प्रभावित क्षेत्रों में अवरूद्ध सड़कों की बहाली, पुलों के पुनर्निर्माण और जलापूर्ति योजनाओं की मरम्मत जैसे आवश्यक बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने पर भी विचार-विमर्श किया।

    मंत्रिमण्डलीय उप-समिति ने आपदा प्रबंधन के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम (पूर्व चेतावनी तंत्र) स्थापित करने को स्वीकृति दी। इस प्रणाली के माध्यम से समय-समय पर मौसम की निगरानी, पूर्वानुमान और चेतावनी आदि की सुविधा सुनिश्चित होगी। इसके सुचारू संचालन से समय रहते सावधानी बरतने से आपदा के प्रभाव को कम कर, जान-माल के नुकसान में कमी आएगी।

    उप-समिति ने आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए हेलीकॉप्टर किराए पर लेने का भी निर्णय लिया ताकि राहत कार्यों में सहायता मिल सके। 

    जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आयोजित एक अन्य बैठक में मंत्रिमण्डलीय उप-समिति ने छोटे और सीमांत किसानों के लिए भूमि नियमितीकरण से जुड़े मामलों पर भी चर्चा की। उप-समिति ने हिमाचल प्रदेश को एफसीए (वन संरक्षण अधिनियम) में रियायत दिलवाने के लिए उच्चतम न्यायालय में अपील करने का मंजूरी दी। 

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    16/07/25

    हिमाचल सरकार की बड़ी जीत, कड़छम-वांगतू से अब मिलेगी 18 प्रतिशत रायल्टी

    हिमाचल, 16 जुलाई (अभी): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट से एक महत्वपूर्ण कानूनी सफलता मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने कड़छम- वांगतू जलविद्युत परियोजना से रॉयल्टी को लेकर राज्य सरकार के पक्ष में ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। इस फैसले के तहत अब जेएसडब्ल्यू एनर्जी कंपनी को 1045 मेगावाट क्षमता वाली इस परियोजना से राज्य को 12 प्रतिशत के बजाय 18 प्रतिशत रॉयल्टी देनी होगी।


    सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कड़छम-वांगतू पर इस निर्णय से प्रदेश सरकार को लगभग 150 रुपए करोड़ की वार्षिक अतिरिक्त आय होगी। इसके अतिरिक्त बारह वर्ष पूर्ण कर चुकी अन्य परियोजनाओं के लिए भी सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला मील का पत्थर बनेगा और राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से खजाने में प्रति वर्ष 250 करोड़ से अधिक की आय आएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को व्यक्तिगत प्राथमिकता पर लिया और प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों पर राज्य के अधिकार सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ प्रयास किए। यह फैसला न केवल प्रदेश की आय में वृद्धि करेगा, बल्कि हिमाचल की जनता को उनके संसाधनों का वास्तविक लाभ भी दिलाएगा।


    सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मई 2024 में आए आदेश को निरस्त करता है, जिसमें कंपनी को केवल 12 प्रतिशत रॉयल्टी देने की अनुमति दी गई थी। वर्ष 1999 में राज्य सरकार और कंपनी के बीच हुए समझौते के अनुसार परियोजना के पहले 12 वर्षों तक 12 प्रतिशत और उसके बाद शेष 28 वर्षों तक 18 प्रतिशत रॉयल्टी निर्धारित की गई थी। सितम्बर 2011 में परियोजना के संचालन के आरंभ होने के बाद कंपनी ने 12 वर्षों तक 12 प्रतिशत रॉयल्टी दी, लेकिन सितम्बर 2023 से अतिरिक्त 6 प्रतिशत रॉयल्टी देने से इनकार कर दिया। विवाद हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में पहुंचा और कंपनी की जीत हुई। लेकिन राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।


    मुख्यमंत्री सुक्खू के निर्देश पर सरकार ने देश के अग्रणी विधि विशेषज्ञों की मदद से यह मामला सशक्त रूप से रखा और अंततः न्यायालय ने राज्य सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया। इस मामले में राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, प्राग त्रिपाठी, महाधिवक्ताा अनूप कुमार रतन तथा अतिरिक्त महाधिवक्ता बैभव श्रीवास्तव सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए।
    प्रवक्ता ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार राज्य हितों की प्रभावी पैरवी कर रही है और यह निर्णय उसी दिशा में एक मजबूत कदम है, जिससे हिमाचल प्रदेश अपने हकों की पुनः प्राप्ति में सफल हो रहा है।
    इससे पहले भी वर्तमान राज्य सरकार ने मजबूत इच्छा शक्ति का प्रदर्शन करते हुए वर्ष 2002 से कानूनी विवाद में उलझे होटल वाइल्ड फ्लावर हॉल केस का फैसला भी कोर्ट से अपने हक में करवाया, जिसमें हिमाचल प्रदेश सरकार और एक निजी होटल समूह के बीच स्वामित्व व प्रबंधन अधिकारों को लेकर लड़ाई चल रही थी। कोर्ट के निर्णय के बाद यह संपत्ति अब फिर से राज्य सरकार के नियंत्रण में आ गई है, जिससे भविष्य में इस हेरिटेज प्रॉपर्टी से सरकार को राजस्व लाभ मिलेगा।

    उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज नई दिल्ली में राज्यसभा सांसद एवं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक गतिविधियों तथा विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

    श्री अग्निहोत्री ने प्रदेश सरकार द्वारा जनकल्याण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी और केंद्र से अपेक्षित सहयोग के संदर्भ में विचार-विमर्श किया। 

    श्रीमती पाटिल ने प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए पार्टी संगठन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

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    16/07/25

    हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग का आदेश: शिकायतकर्ता को 5 हजार रुपये  मुआवजा

    चंडीगढ़, 16 जुलाई (अभी) - हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने एक उपभोक्ता को समय पर बिजली बिल न मिलने के कारण बिजली विभाग के अधिकारियों को 5 हजार रुपये  का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। आयोग ने यह मुआवजा हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 की धारा 17(1)(h) के तहत अधिकतम निर्धारित सीमा के अनुसार लगाया है।

     

    यह मामला उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम , कैथल से संबंधित था, जिसमें उपभोक्ता को मीटर लगने के बाद भी लगभग एक वर्ष तक बिजली बिल नहीं मिला। आयोग ने पाया कि न केवल शुरुआती स्तर पर कनेक्शन को गलत तरीके से रद्द किया गया, बल्कि अपीलीय प्रक्रिया में भी लगातार लापरवाही और टालमटोल बरती गई।

     

    आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि आयोग ने पूर्व आदेशों में स्पष्ट किया था कि तत्कालीन एसडीओ द्वारा लॉगिन आईडी का दुरुपयोग कर कनेक्शन रद्द किया गया और वर्तमान एसडीओ द्वारा भी बार-बार निर्देशों के बावजूद अधूरी जानकारी भेजी गई। साथ ही, राजस्व सहायक (सीए) की नियुक्ति व जिम्मेदारी को लेकर भी अस्पष्टता बरती गई।

     

    जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संबंधित जूनियर इंजीनियर, जिन्होंने प्रारंभिक प्रक्रिया में चूक की थी, का हाल ही में निधन हो गया है। वहीं, तत्कालीन सीए  को आयोग ने चेतावनी देते हुए भविष्य में सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

     

    प्रवक्ता ने बताया कि आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि उपभोक्ता को छह किस्तों में बिल भुगतान की सुविधा दी जाए और मुआवजा राशि का समायोजन उपभोक्ता के बिल में किया जाए। यह राशि निगम अपनी ओर से पहले अदा करे और बाद में संबंधित अधिकारियों से नियमानुसार वसूल करे।

     

    आयोग ने दोनों एसडीओ की सफाई स्वीकार करते हुए उन्हें भविष्य के लिए सख्त चेतावनी दी है और कहा है कि यदि आगे भी कोई शिकायत उनके विरुद्ध आती है, तो इस मामले को साथ जोड़ते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति राज्य सरकार को भेजी जाएगी। एक्सईएन (ओपी), कैथल को 31 जुलाई 2025 तक आदेशों की अनुपालना रिपोर्ट आयोग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

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    16/07/25

    मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम में 188 करोड़ रुपए की लगत के विकास परियोजनाओं का किया उद्घाटन और शिलान्यास

    चंडीगढ़, 16 जुलाई (अभी) - मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज गुरुग्राम के लोक निर्माण विश्रामगृह में  जिला के विकास के लिए 188 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।

     

    जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद मुख्यमंत्री सीधे लोक निर्माण विश्रामगृह में पहुंचे। जहां उन्होंने पटौदी विधानसभा क्षेत्र में 55 करोड़ 5 लाख 67 हजार की लागत से बनाए गए पचगांव से फर्रुखनगर वाया जमालपुर डबल लेन मार्ग तथा 13 करोड़ 18 लाख 83 हजार रुपए की लागत से हेलीमंडी, फर्रुखनगर वाया मेहचाना मार्ग के नवीनीकरण का उद्घाटन किया।  

     

    मुख्यमंत्री ने सोहना विधानसभा क्षेत्र में 8 करोड़ 23 लाख 19 हजार रुपए की लागत से निर्मित जीए रोड से अलीपुर हरिया हेड़ा मार्ग तथा रायसीना गांव में बने मंदिर रोड का उद्घाटन किया। उन्होंने 32 लाख 63 हजार की लागत से निर्मित बीपीडीएस रोड से नुनेरा, 28 लाख 26 हजार रुपए की लागत से पूर्ण हुए लोह सिंघानी से चमनपुरा रोड का भी उद्घाटन किया। इसी क्रम में सोहना विधानसभा क्षेत्र में 13 करोड़ 34 लाख 53 हजार की राशि से बनने वाले जीए रोड से धुमसपुर वाया नयागांव तथा 16 करोड़ 56 लाख 79 हजार की राशि से बनने वाले सोहना-अभयपुर-लोहटकी-खेडला तथा दमदमा से रिठौज सड़क मार्ग के जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास किया।

     

    विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) द्वारा चंदू बुढेड़ा में 63 करोड़ 18 लाख रुपए की लागत से बनाए गए 100 एमएलडी क्षमता की नवीन जल परिशोधन यूनिट-4 का उद्घाटन किया। इस परियोजना के माध्यम से गुरुग्राम के 81 से 115 तक 34 सेक्टरों में रहने वाले 4.5 लाख से अधिक परिवारों को शुद्ध पेयजल की अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित होगी। यहां नहरी पानी का संशोधन कर उसे लोगों के घरों तक पहुंचाया जाएगा। इस यूनिट के तैयार होने से लक्ष्मण विहार, तिकोना पार्क, न्यू कालोनी, ज्योति पार्क, अर्जुन नगर, सेक्टर 12 ए, दयानंद कालोनी आदि में सौ लीटर प्रति व्यक्ति के हिसाब से प्रतिदिन पानी की सप्लाई हो सकेगी।

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    16/07/25

    CET-2025 के लिए हरियाणा परिवहन विभाग की व्यापक योजना, 9200 बसों की तैनाती

    चंडीगढ़, 16 जुलाई (अभी) - हरियाणा राज्य परिवहन के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि सीईटी-2025 परीक्षा के सफल संचालन के लिए विभाग द्वारा व्यापक परिवहन योजना तैयार की गई है। यह परीक्षा आगामी 26 और 27 जुलाई को आयोजित की जाएगी, जिसमें चार पालियों में लगभग 14 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे।

     

    प्रवक्ता ने बताया कि परीक्षा हेतु लगभग 1500 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो हरियाणा के 22 जिलों और चंडीगढ़ में स्थित हैं। परीक्षार्थियों की सुगम और समय पर आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा लगभग 9200 रोडवेज बसों की तैनाती की जा रही है। यह बसें राज्य के 24 डिपो और 13 उप-डिपो से संचालित की जाएंगी।

    प्रत्येक जिला प्रशासन को प्रमुख गांवों और शहरों से परीक्षा केंद्रों तक शटल बस सेवाओं के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि स्थानीय स्तर पर समुचित व्यवस्था की जा सके। इसके अतिरिक्त, 100 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने वाले परीक्षार्थियों के लिए इंटरचेंज प्वाइंट बनाए जा रहे हैं, जिससे ट्रांसफर प्रक्रिया सरल और प्रभावी बन सके।

     

    प्रवक्ता ने बताया कि सभी परीक्षार्थियों से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी यात्रा विधि की जानकारी https://hartrans.gov.in/advance-booking-for-cet-2025/ लिंक पर जाकर अनिवार्य रूप से दर्ज करें। उपलब्ध यात्रा विकल्पों में स्वयं का वाहन, कारपूल, रोडवेज बस अथवा निजी परिवहन शामिल हैं। यह जानकारी सरकार को बसों की तैनाती और मार्ग निर्धारण में सहायता करेगी।

     

    प्रवक्ता ने यह भी बताया कि तीज उत्सव के मद्देनज़र विभाग ने लगभग 1000 रोडवेज बसें नियमित संचालन के लिए आरक्षित रखी हैं, ताकि त्योहार के दौरान आम यात्रियों को कोई असुविधा न हो और सार्वजनिक परिवहन सामान्य रूप से चलता रहे।

    अंत में प्रवक्ता ने कहा कि परीक्षार्थियों की सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित करने हेतु सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। सभी परीक्षार्थियों से अनुरोध है कि वे यात्रा विकल्प फॉर्म अवश्य भरें और समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने हेतु विभाग द्वारा प्रदत्त सेवाओं का लाभ उठाएं।

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    16/07/25

    कपड़ा मंत्री गिरिराज ने जापान में टोक्यो में इंडिया ट्रेंड फेयर का शुभारंभ किया

    आरएस अनेजा, 16 जुलाई नई दिल्ली

    केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने जापान की आधिकारिक यात्रा के दूसरे दिन प्रमुख जापानी कंपनियों के साथ कई उच्च स्तरीय बैठकें कीं और 15 जुलाई 2025 को टोक्यो में 16वें इंडिया ट्रेंड फेयर 2025 का उद्घाटन किया।

    यह मेला भारतीय कपड़ा निर्यातकों के लिए जापानी खरीदारों से सीधे जुड़ने के सबसे बड़े प्लेटफार्मों में से एक है और इससे दोनों देशों का कपड़ा व्यापार बढ़ने की उम्मीद है। गिरिराज सिंह ने ज़िपर और फास्टनिंग उत्पादों की विश्‍व की सबसे बड़ी निर्माता कंपनी वाईकेके कॉर्पोरेशन के प्रमुख से मुलाकात की। हरियाणा में पहले से ही कार्यरत वाईकेके ने अन्य राज्यों में भी विस्तार करने की इच्छा व्यक्त की। श्री सिंह ने उन्हें पीएम मित्र पार्कों में निवेश के लिए आमंत्रित किया, जिसका उन्‍होंने स्वागत किया गया।

    वर्कवियर और फंक्शनल अपैरल क्षेत्र की अग्रणी कंपनी वर्कमैन कंपनी के अध्यक्ष के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में मंत्री महोदय ने भारत के बढ़ते विनिर्माण इकोसिस्‍टम पर प्रकाश डाला। वर्कमैन कंपनी ने पीएम मित्रा ढांचे के तहत भारत में विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने में गहरी रुचि दिखाई।

    सिंह ने डिजिटल और औद्योगिक मुद्रण क्षेत्र की वैश्विक कंपनी कोनिका मिनोल्टा के साथ भी चर्चा की। उन्होंने कंपनी को भारत में परिचालन का विस्तार करने और ईएसजी एवं स्थिरता लक्ष्यों में योगदान देने के लिए आमंत्रित किया। कंपनी ने भारत में अपने कारोबार को बढ़ाने के अवसर का स्वागत किया।

    इसके अलावा, गिरिराज सिंह ने फाइबर, औद्योगिक सामग्री और विशिष्ट वस्त्र उद्योग में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के समूह, असाही कासेई कॉर्पोरेशन के नेतृत्व से भी मुलाकात की। कंपनी ने 'मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड' पहल के तहत निवेश करने में गहरी रुचि दिखाई।

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    16/07/25

    पिछले साल मई में लद्दाख के आसमान को रोशन करने वाले सौर विस्फोटों का विवरण

    आरएस अनेजा, 16 जुलाई नई दिल्ली

    खगोलविदों ने कोरोनल मास इजेक्शन (सीएमई) नामक शक्तिशाली सौर विस्फोटों की एक श्रृंखला की जटिल कहानी का खुलासा किया है, जिसके परिणामस्वरूप मई 2024 में लद्दाख के रात्रि आकाश में दुर्लभ उत्तरी रोशनी दिखाई देगी, जिससे पिछले 20 वर्षों में देखे गए किसी भी सौर तूफान का पता चलेगा।

    विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार सीएमई सूर्य के कोरोना से चुंबकीय प्लाज्मा के विशाल उत्सर्जन हैं। जब ऐसे सौर विस्फोट पृथ्वी की ओर निर्देशित होते हैं, तो वे भू-चुंबकीय तूफान पैदा कर सकते हैं जो उपग्रह संचालन, संचार प्रणालियों और बिजली ग्रिड को बाधित कर सकते हैं। पिछले महीने 10 मई 2024 को शुरू हुआ यह विशाल भू-चुंबकीय तूफान, सूर्य पर एक परस्पर क्रियाशील जटिल सक्रिय क्षेत्र से लगातार फूटने वाले छह अलग-अलग सीएमई के एक दुर्लभ क्रम से जुड़ा था, जो सौर ज्वालाओं और तंतु विस्फोटों दोनों से जुड़े थे।

    अब तक सूर्य से पृथ्वी की ओर यात्रा करते समय सीएमई ऊष्मागतिक रूप से किस प्रकार विकसित होते हैं, इसकी पूरी समझ प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण रहा है, जिसका मुख्य कारण सूर्य के निकट तथा पृथ्वी के निकट अंतरिक्ष में सीमित अवलोकन हैं।

    भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (आईआईए) के फैकल्टी सदस्य डॉ. वागीश मिश्रा के नेतृत्व में सौर खगोलभौतिकविदों की एक टीम ने इस अंतर को पाटने के लिए नासा और ईएसए अंतरिक्ष अभियानों के अवलोकनों का उपयोग किया। उन्होंने एक मॉडल तैयार किया जिसमें यह पता लगाया गया कि लद्दाख के हानले स्थित आईआईए की भारतीय खगोलीय वेधशाला से प्राप्त छह परस्पर क्रियाशील सौर विस्फोटों की दुर्लभ श्रृंखला ने किस प्रकार एक-दूसरे के साथ परस्पर क्रिया की और सूर्य से पृथ्वी तक पहुंचने के दौरान तापीय रूप से विकसित होकर आईआईए का निर्माण किया।

    टीम ने न केवल इन विस्फोटों के पथों का बल्कि सौरमंडल में फैलते समय उनके तापमान और चुंबकीय अवस्थाओं का भी पता लगाया। उन्होंने पाया कि ये सौर बादल केवल ऊष्मा ही नहीं ले जाते बल्कि वे अपनी यात्रा के बीच में ही अपना तापीय व्यवहार बदल देते हैं। आरंभ में सीएमई ऊष्मा छोड़ते हैं, लेकिन फिर एक ऐसी अवस्था में पहुंच जाते हैं जहां वे उसे अवशोषित करते हुए धारण करते हैं।

    पृथ्वी के द्वार पर विंड अंतरिक्ष यान से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग करते हुए वैज्ञानिकों को कुछ और भी चीज़ें मिलीं। अंतिम तूफ़ानी बादल में दो परस्पर गुंथी हुई चुंबकीय संरचनाएं थीं—जिन्हें "डबल फ्लक्स रस्सियां" कहा जाता है। ये उलझी हुई चुंबकीय लटों की तरह काम करती थीं, जिनमें संपीड़ित क्षेत्र और इलेक्ट्रॉनों और आयनों के बीच गर्म होने और ठंडा होने के अजीब पैटर्न थे।

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    16/07/25

    राज्य-चिह्न का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई: डॉ. सुमिता मिश्रा

    चंडीगढ़, 16 जुलाई (अभी) - हरियाणा के गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव, डॉ. सुमिता मिश्रा ने नागरिकों से भारत के राज्य-चिह्न, जो भारत सरकार की आधिकारिक मुहर है, का दुरुपयोग न करने की एक कड़ी सार्वजनिक अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से निजी वाहनों, लेटरहेड और साइनबोर्ड पर इस चिह्न के अनधिकृत प्रदर्शन के विरुद्ध चेतावनी दी है, और इस बात पर ज़ोर दिया है कि ऐसा कृत्य कानून का गंभीर उल्लंघन है और इसके लिए कड़ी सज़ा दी जाएगी।

     

    डॉ. मिश्रा ने कहा कि भारत का राज्य चिह्न सारनाथ स्थित अशोक के सिंह-स्तंभ का एक रूपांतर है। इस प्रतीक चिह्न का उपयोग भारत के राज्य प्रतीक चिह्न (अनुचित प्रयोग निषेध) अधिनियम, 2005 और (प्रयोग विनियमन) नियम, 2007 द्वारा नियंत्रित होता है, जिसमें 2010 में संशोधन किया गया है। उन्होंने बताया कि ये कानून भारत सरकार द्वारा विशेष रूप से अधिकृत न किए गए व्यक्तियों या संगठनों द्वारा इसके उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाते हैं।

     

    डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह प्रतीक चिह्न व्यक्तिगत पहचान, सामाजिक स्थिति या प्रभाव का प्रतीक नहीं है। यह केवल संवैधानिक प्राधिकारियों और सरकारी विभागों के लिए आरक्षित है, जहाँ कानून द्वारा अनुमति प्राप्त है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि 2005 के अधिनियम और 2007 के नियमों के तहत अनधिकृत उपयोग दंडनीय है, जिसमें भारी जुर्माने और कानूनी कार्यवाही के प्रावधान शामिल हैं।

     

    केंद्रीय गृह मंत्रालय के हालिया निर्देशों का हवाला देते हुए, डॉ. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने प्रतीक चिह्न, राष्ट्रीय प्रतीकों, मुहरों और झंडों के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक व्यापक रणनीति शुरू की है। इसमें स्कूलों, कॉलेजों और लॉ कॉलेजों में जन जागरूकता अभियान चलाकर नागरिकों को प्रतीक चिह्न के कानूनी और संवैधानिक महत्व के बारे में शिक्षित करना शामिल है। यातायात पुलिस को वाहनों पर प्रतीक चिह्न के दुरुपयोग की पहचान करने और तत्काल दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा, विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के माध्यम से जनता को प्रतीक चिह्न के उपयोग से संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में सूचित करें। सरकार दुरुपयोग की रिपोर्टों से तुरंत निपटने के लिए शिकायत निवारण प्लेटफ़ॉर्म और हेल्पलाइन स्थापित करने पर भी काम कर रही है।

     

    इसके अतिरिक्त, सरकार राज्य-चिह्न के दुरुपयोग को रोकने के लिए और अधिक नियामक उपाय तैयार करने की प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावित कदमों में अधिक जुर्माना लगाना, त्वरित अभियोजन और सार्वजनिक एवं सरकारी स्थानों पर नियमित निरीक्षण अभियान शामिल हैं।

     

    डॉ. मिश्रा ने कहा, "प्रतीक चिह्न राष्ट्र की संवैधानिक गरिमा का प्रतिनिधित्व करता है। व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए इसका दुरुपयोग न केवल अवैध है, बल्कि उन मूल्यों का भी अपमान करता है जिनका यह प्रतिनिधित्व करता है।" उन्होंने सभी नागरिकों से ज़िम्मेदारी से कार्य करने, कानूनी सीमाओं के प्रति जागरूक रहने और राष्ट्र के आधिकारिक प्रतीकों की पवित्रता की रक्षा में सहयोग करने का आग्रह किया है।

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    16/07/25

    नाबार्ड बना हरियाणा के ग्रामीण विकास और किसान सशक्तिकरण का मजबूत आधार : डॉ अरविंद शर्मा

    चंडीगढ़, 16 जुलाई (अभी) - हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि किसान की समृद्धि के बिना विकसित भारत की कल्पना अधूरी है और इस दिशा में नाबार्ड की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। हरियाणा न केवल देश की खाद्य सुरक्षा का आधार है, बल्कि कृषि नवाचार, फसल विविधीकरण और प्रसंस्करण आधारित खेती में भी अग्रणी राज्य बन चुका है। ऐसे में नाबार्ड की उपस्थिति हरियाणा के समग्र ग्रामीण विकास में एक उत्प्रेरक की भूमिका निभा रही है। पैक्स कम्प्यूटरीकरण, केसीसी का डिजिटलीकरण, एफपीओ, जेएलजी व एसएचजी नेटवर्क की मजबूती और सहकारी संस्थाओं को तकनीकी प्रशिक्षण व समर्थन देने जैसे अनेक आयामों में नाबार्ड का योगदान बहुआयामी और दूरगामी रहा है।

     सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा आज चंडीगढ़ में नाबार्ड के 44 वें स्थापना दिवस पर उपस्थित प्रबुद्धजनों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र को डिजिटल, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाने के लिए संकल्पबद्ध है और इस दिशा में नाबार्ड एक प्रेरक शक्ति बनकर कार्य कर रहा है। आज सहकारी संस्थाएं केवल ऋण, खाद व बीज वितरण तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में ये संस्थाएं जन औषधि केंद्र, गैस स्टेशन, सीएससी सेंटर सहित 25 से अधिक सेवाओं का माध्यम बन चुकी हैं।

    डॉ. शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 500 सीएम-पैक्स के गठन का लक्ष्य रखा है, जिनमें से 161 पहले ही गठित की जा चुकी हैं। इन मल्टीपर्पज़ पैक्स के माध्यम से गांवों में छोटे वेयरहाउस, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न वितरण और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, जिससे किसानों को लाभ मिलने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं को रोजगार और स्थानीय स्तर पर पारदर्शिता मिल रही है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "विकसित भारत 2047" के विजन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के "हर गांव में पैक्स" के संकल्प को साकार करने की दिशा में सहकारिता आंदोलन एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। "सहकार से समृद्धि" के मंत्र को आधार बनाकर प्राथमिक कृषि साख समितियों को मल्टीपर्पज़ संस्थाओं में परिवर्तित किया जा रहा है, ताकि खाद, बीज, ऋण, भंडारण, विपणन जैसी सभी सुविधाएं किसानों को एक ही स्थान पर मिल सकें।

    उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार नई सहकारिता नीति के माध्यम से आत्मनिर्भर राज्य और कृषि आधारित सशक्त अर्थव्यवस्था के निर्माण की दिशा में ठोस पहल कर रही है। नाबार्ड के सहयोग से छोटे गोदामों की स्थापना, वित्तीय सहायता और तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देकर किसानों को उत्पादन से लेकर विपणन तक की पूरी श्रृंखला में मजबूती दी जा रही है।डॉ. शर्मा ने कहा कि महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के स्वप्न और विकसित भारत की कल्पना को साकार करने में सहकारिता की यह नई गति मील का पत्थर साबित हो रही है।

    श्रीमती निवेदिता तिवारी, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड हरियाणा ने बताया कि नाबार्ड ने पिछले चार दशकों में कृषि वित्त, सहकारी संस्थाओं के सशक्तीकरण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे के निर्माण, वित्तीय समावेशन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और ग्रामीण कौशल एवं उद्यमिता विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नाबार्ड ने किसान उत्पादक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, संयुक्त देयता समूहों, गैर-कृषि उत्पादक संगठनों जैसे ग्रामीण संगठनों का गठन और पोषण किया है। पिछले 43 वर्षों में अंतिम छोर तक वित्तीय सेवाएँ पहुंचाने के लिए नाबार्ड ने सहकारी बैंकों को निरंतर पुनर्वित्त सहायता उपलब्ध करवाई है। बुनियादी ढांचे; सीबीएस और CBS+, पैक्स कम्यूटरीकरण और टेक्नोलोजी विकास के जरिए सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने का निरंतर प्रयास किया है।

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    16/07/25

    हरियाणा में माध्यमिक शिक्षा विभाग की 3 सेवाएं राइट टू सर्विस एक्ट के दायरे में

    चंडीगढ़, 16 जुलाई (अभी) - हरियाणा सरकार ने माध्यमिक शिक्षा विभाग की 3 सेवाओं जबकि उद्योग तथा वाणिज्य विभाग की एक सेवा को सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के दायरे में लाते हुए इनकी समय-सीमा निर्धारित की है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, अब आठवीं या दसवीं या 12वीं कक्षा तक छात्रावास के साथ या उसके बिना अपेक्षित दस्तावेज पूरे करने पर निजी विद्यालय खोलने की अनुमति के लिए 15 दिन जबकि निजी विद्यालय को मान्यता प्रदान करने के लिए 45 दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसके अलावा, आठवीं या दसवीं या 12वीं कक्षा तक हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी के अलावा केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली अथवा अन्य विद्यालय शिक्षा बोर्ड से सम्बद्धता लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र अपेक्षित दस्तावेज पूरे करने के 30 दिन के अन्दर जारी किया जाएगा।इसी प्रकार, उद्योग तथा वाणिज्य विभाग के अन्तर्गत स्टार्टअप पंजीकरण योजना के लिए 40 दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है।दोनों विभागों की इन सेवाओं के लिए पदनामित अधिकारी, प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी और द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी भी नामित किए गए हैं।

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    16/07/25

    ’हरियाणा मंत्री-परिषद् की बैठक 1 अगस्त को’

    चंडीगढ़, 16 जुलाई (अभी) - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंत्री-परिषद् की बैठक आगामी 1 अगस्त को प्रात: 11 बजे  हरियाणा सिविल सचिवालय चंडीगढ़ की चौथी मंजिल के मुख्य सभा कक्ष में होगी।

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    16/07/25

    मानवाधिकार आयोग ने सार्वजनिक स्थानों पर दो बालकों के डूबने की घटनाओं पर संज्ञान लिया

    आरएस अनेजा, 16 जुलाई नई दिल्ली

    राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने दिल्ली-एनसीआर के गौतमबुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा और दिल्ली में दो लड़कों के डूबने की कथित घटनाओं का स्वतः संज्ञान लिया है।

    दिल्ली में यह घटना उत्तर-पश्चिम जिले के महेंद्र पार्क इलाके में 4 साल के एक बच्चे की खुले नाले में गिरने से मौत से संबंधित है। राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में खुले नालों या मैनहोल में गिरकर लोगों की मौत के ऐसे कई मामले सामने आए हैं।

    दूसरी घटना उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित एक पार्क से संबंधित है, जिसमें पार्क के अंदर बने जलाशय में छह साल का एक बच्चा डूब गया था। बताया जा रहा है कि निवासियों ने ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण (जीएनडीए) को पार्क के फव्वारा क्षेत्र में जलभराव की सूचना पहले ही दे दी थी, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की।

    आयोग ने कहा है कि दोनों घटनाओं में मीडिया रिपोर्टों की सामग्री, यदि सत्य है, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन से संबंधित गंभीर मुद्दा है। आयोग ने दिल्ली में हुई घटना के संबंध में मुख्य सचिव, पुलिस आयुक्त और दिल्ली नगर निगम आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

    इसके अलावा, ग्रेटर नोएडा में हुई घटना में आयोग ने ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण (जीएनडीए) के अध्यक्ष और गौतमबुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

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    16/07/25

    किसानों को मोदी सरकार की बड़ी सौगात, धन-धान्य कृषि योजना को मंज़ूरी

    आरएस अनेजा, 16 जुलाई नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज छह वर्ष की अवधि के लिए "प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना" को स्वीकृति दे दी। यह योजना 2025-26 से 100 ज़िलों में लागू होगी। नीति आयोग के आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम से प्रेरित प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों पर केंद्रित पहली विशिष्ट योजना है।

    योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता में बढ़ोत्तरी, फसल विविधीकरण और संधारणीय कृषि पद्धतियों को अपनाना, कटाई के बाद पंचायत और प्रखंड स्तर पर भंडारण क्षमता में वृद्धि, सिंचाई सुविधा में सुधार और दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक ऋण उपलब्धता सुगम बनाना है। यह 2025-26 के केंद्रीय बजट में "प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना" के अंतर्गत 100 ज़िले विकसित किये जाने की घोषणा के अनुरूप है। योजना का क्रियान्वयन 11 विभागों की 36 मौजूदा योजनाओं, राज्यों की अन्य योजनाओं और निजी क्षेत्र की स्थानीय भागीदारी में किया जाएगा।

    तीन प्रमुख संकेतकों- कम उत्पादकता, कम फसल सघनता और अल्प ऋण वितरण के आधार पर सौ जिले चिन्हित किये जाएंगे। प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में जिलों की संख्या शुद्ध फसल क्षेत्र (वह कुल क्षेत्रफल, जहां किसी कृषि वर्ष में वास्तव में फसलें उगाई जाती हैं) और परिचालन जोत के हिस्से पर आधारित होगी। इस योजना में प्रत्येक राज्य से कम से कम एक जिले का चयन किया जाएगा।

    योजना के प्रभावी नियोजन, क्रियान्वयन और निगरानी के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर समितियां गठित की जाएंगी। जिला धन धान्य समिति द्वारा जिला कृषि एवं संबद्ध गतिविधि योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। समिति में प्रगतिशील किसान भी सदस्य होंगे। जिले की योजनाएं फसल विविधीकरण, जल एवं मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को विस्तार देने जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप होंगी। प्रत्येक धन धान्य जिले में योजना में प्रगति की निगरानी मासिक आधार पर डैशबोर्ड के माध्यम से 117 प्रमुख कार्य निष्पादन संकेतकों के अनुसार की जाएगी। नीति आयोग भी जिला योजनाओं की समीक्षा और मार्गदर्शन करेगा। इसके अलावा, प्रत्येक जिले में नियुक्त केंद्रीय नोडल अधिकारी भी नियमित आधार पर योजना की समीक्षा करेंगे।

    इन सौ जिलों में लक्षित परिणामों में सुधार के साथ देश के प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों के मुकाबले समग्र औसत में वृद्धि होगी। योजना के परिणामस्वरूप उत्पादकता में बढ़ोत्तरी होगी, कृषि और संबद्ध क्षेत्र में मूल्यवर्धन (उत्पाद और सेवा में उन्नयन) होगा और स्थानीय आजीविका सृजित होगी। इस प्रकार इस योजना से घरेलू उत्पादन में वृद्धि तथा आत्मनिर्भरता (आत्मनिर्भर भारत) हासिल होगी। इन सौ जिलों के संकेतकों में उत्तरोत्तर सुधार के साथ ही राष्ट्रीय संकेतकों में भी स्वतः ही वृद्धि होगी।

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    16/07/25

    ISS से ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की वापसी पर मोदी कैबिनेट का संकल्प

    आरएस अनेजा, 16 जुलाई नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण विषयों के साथ देश की एक महान उपलब्धि से जुड़ी देश की भावना को अभिव्यक्त किया है।
    केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने जानकारी देते हुए बताया कि 15 जुलाई को भारत की अनंत आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अन्तरिक्ष यात्रा से सकुशल धरती पर लौटे हैं। ये समूचे देश के लिए गर्व, गौरव और उल्लास का अवसर है। आज मंत्रिमंडल, देश के साथ मिलकर, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के सफलतापूर्वक पृथ्वी पर लौटने का अभिनंदन करता है। उन्होंने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर 18 दिन का ऐतिहासिक मिशन पूरा किया।
    ये मिशन 25 जून 2025 को लॉन्च हुआ था, जिसमें ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला मिशन पायलट के रूप में शामिल हुए। इस मिशन के जरिए पहली बार कोई भारतीय अंतरिक्ष यात्री इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर गया। ये भारत के स्पेस प्रोग्राम का एक नया अध्याय है। ये अन्तरिक्ष में भारत की एक बड़ी उड़ान है, एवं हमारे स्पेस प्रोग्राम के भविष्य की स्वर्णिम झलक देता है।

    मंत्रिमंडल इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए ISRO के साथ वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की पूरी टीम को हार्दिक बधाई देता है। उनकी निष्ठा, तपस्या और परिश्रम ने इस सपने को साकार किया।
    ISS पर रहते हुए ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने Axiom-4 क्रू और Expedition 73 के सदस्यों के साथ मिलकर अनेक प्रयोग किए। ये इंटरनेशनल स्पेस कोऑपरेशन में भारत की बढ़ती लीडरशिप भूमिका का प्रमाण है।
    उन्होंने माइक्रोग्रैविटी से जुड़े कई प्रयोग किए। Muscle regeneration, शैवाल एवं सूक्ष्मजीवों की ग्रोथ और अंतरिक्ष में फसलों की क्षमता से जुड़े वैज्ञानिक अनुसंधान इसमें शामिल थे। इस मिशन में माइक्रोब्स के जीवन की संभावनाएं और इंसान की सोचने-समझने की क्षमता पर अंतरिक्ष के असर का अध्ययन भी हुआ। सायनोबैक्टीरिया जैसे जीवों के व्यवहार जैसे कई अहम विषयों पर काम किया गया।
    इन प्रयोगों से अंतरिक्ष में मानव जीवन को लेकर समझ और गहरी होगी, माइक्रोग्रैविटी साइंस में हम आगे बढ़ेंगे।


    भारत आने वाले समय में गगनयान मिशन के जरिए और भी बड़े लक्ष्यों की ओर देख रहा है। हमने भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन का संकल्प भी लिया है। शुभांशु शुक्ला के मिशन की इस सफलता ने भारत को अपने इन लक्ष्यों के एक कदम और करीब पहुंचा दिया है। भारत अब मानव अंतरिक्ष मिशन की बड़ी शक्तियों में से एक बनने की ओर अग्रसर है।
    मंत्रिमंडल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजनरी और निर्णायक नेतृत्व की सराहना करता है। उनकी दूरदृष्टि, भारत की स्पेस क्षमताओं पर उनके अटल विश्वास और उनके मार्गदर्शन ने भारत को इस मुकाम तक पहुंचाया है।


    सरकार को इस बात पर गर्व है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ऐतिहासिक लैंडिंग की थी। इस दिन को अब नेशनल स्पेस डे के रूप में मनाया जाता है। इसी तरह, आदित्य-L1 मिशन ने सूर्य के रहस्यों को समझने में नई दिशा दी है। ये उपलब्धियां भारत की वैज्ञानिक प्रतिभा और आत्मनिर्भरता का प्रमाण हैं।

    सरकार ने स्पेस सेक्टर में जो सुधार किए हैं, उससे भारत की स्पेस इकॉनॉमी को अभूतपूर्व गति मिली है। इस सेक्टर में करीब 300 नए स्टार्टअप्स उभरे हैं। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन हुआ है। साथ ही इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और technology-driven development का नया इकोसिस्टम तैयार हुआ है।
    ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का मिशन सिर्फ एक व्यक्ति की सफलता नहीं है, ये भारत की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा की मिसाल है। 
    इससे हमारे बच्चों और युवाओं में जिज्ञासा बढ़ेगी, वैज्ञानिक सोच विकसित होगी। इससे प्रभावित होकर बड़ी संख्या में युवा साइंस और इनोवेशन को अपना करियर बनाएंगे।
    मंत्रिमंडल का दृढ़ विश्वास है कि ये मिशन विकसित भारत के संकल्प को नई ऊर्जा देगा। 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो सपना प्रधानमंत्री जी ने देखा है, उसे नई मजबूती मिलेगी।

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  • 16/07/25

    आज का राशिफल 16 जुलाई, 2025

    मेष (Aries) - 21 मार्च से 19 अप्रैल

    - आज आपका दिन अच्छा रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता मिल सकती है।

    - स्वास्थ्य: सामान्य रहेगा।

    - प्रेम: प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी।

    वृषभ (Taurus) - 20 अप्रैल से 20 मई

    - आज आपको कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन आप उन्हें संभाल लेंगे।

    - स्वास्थ्य: ध्यान रखें, थकान महसूस हो सकती है।

    - प्रेम: प्रेम जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव हो सकते हैं।

    मिथुन (Gemini) - 21 मई से 20 जून

    - आज आपका दिन रचनात्मक कार्यों में व्यतीत हो सकता है।

    - स्वास्थ्य: सामान्य रहेगा।

    - प्रेम: प्रेम संबंधों में सुधार हो सकता है।

    कर्क (Cancer) - 21 जून से 22 जुलाई

    - आज आपको परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिल सकता है।

    - स्वास्थ्य: सामान्य रहेगा।

    - प्रेम: प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी।

    सिंह (Leo) - 23 जुलाई से 22 अगस्त

    - आज आपका दिन कार्यक्षेत्र में सफलता के साथ बीत सकता है।

    - स्वास्थ्य: सामान्य रहेगा।

    - प्रेम: प्रेम संबंधों में कुछ नया हो सकता है।

    कन्या (Virgo) - 23 अगस्त से 22 सितंबर

    - आज आपको कुछ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।

    - स्वास्थ्य: सामान्य रहेगा।

    - प्रेम: प्रेम जीवन में स्थिरता बनी रहेगी।

    तुला (Libra) - 23 सितंबर से 22 अक्टूबर

    - आज आपका दिन सामाजिक गतिविधियों में व्यतीत हो सकता है।

    - स्वास्थ्य: सामान्य रहेगा।

    - प्रेम: प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी।

    वृश्चिक (Scorpio) - 23 अक्टूबर से 21 नवंबर

    - आज आपको कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन आप उन्हें संभाल लेंगे।

    - स्वास्थ्य: सामान्य रहेगा।

    - प्रेम: प्रेम जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव हो सकते हैं।

    धनु (Sagittarius) - 22 नवंबर से 21 दिसंबर

    - आज आपका दिन रचनात्मक कार्यों में व्यतीत हो सकता है।

    - स्वास्थ्य: सामान्य रहेगा।

    - प्रेम: प्रेम संबंधों में सुधार हो सकता है।

    मकर (Capricorn) - 22 दिसंबर से 19 जनवरी

    - आज आपको परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिल सकता है।

    - स्वास्थ्य: सामान्य रहेगा।

    - प्रेम: प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी।

    कुंभ (Aquarius) - 20 जनवरी से 18 फरवरी

    - आज आपका दिन कार्यक्षेत्र में सफलता के साथ बीत सकता है।

    - स्वास्थ्य: सामान्य रहेगा।

    - प्रेम: प्रेम संबंधों में कुछ नया हो सकता है।

    मीन (Pisces) - 19 फरवरी से 20 मार्च

    - आज आपको कुछ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।

    - स्वास्थ्य: सामान्य रहेगा।

    - प्रेम: प्रेम जीवन में स्थिरता बनी रहेगी।

    यह जानकारी सामान्य है और व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुसार भिन्न हो सकती है।

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    16/07/25

    राजस्थान की मंडियों में श्रमिकों को दिया जा रहा है बीमा सुरक्षा का संपूर्ण कवच

    एन.एस. बाछल, 16 जुलाई, जयपुर।

    भारत सरकार द्वारा बैंक खाता धारकों हेतु संचालित प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) के अंतर्गत राज्य की समस्त कृषि उपज मंडी समितियों में क्रियाशील हम्माल, पल्लेदार और तुलारों के बैंक खाते खुलवाकर इन योजनाओं में बीमा करवाये जाने के लिए विभाग द्वारा मार्च 2025 से ‘मिशन जीवन सुरक्षा’ प्रारंभ किया गया। इससे मंडियों में काम करने वाले इन कामगारों के परिवार को जीवन बीमा के माध्यम से सामाजिक संबल प्राप्त होगा।

     शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी राजन विशाल के निर्देशन में कृषि विपणन विभाग द्वारा सभी मंडी समितियों में नोडल अधिकारी बनाकर मंडियों में कार्यरत श्रमिकों के बैंक खाते खुलवाकर पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई से शत् प्रतिशत जोड़ने का कार्य किया जा रहा है जिसे विभाग द्वारा लगभग 95 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। 

    राज्य की कृषि उपज मंडियों में बैंक खातों से जुड़े क्रियाशील हम्माल व पल्लेदारों का पीएमजेजेबीवाई में 94.76 प्रतिशत एवं पीएमएसबीवाई में 95.34 प्रतिशत बीमा करवाया जा चुका है। मंडी समितियों द्वारा मंडी प्रांगणों में कार्यरत हम्मालों, पल्लेदारों और तुलारों का शत् प्रतिशत बीमा करवाये जाने हेतु विभाग दृढ़ संकल्पित होकर कार्य कर रहा है ।

    प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना भारत सरकार द्वारा 18 से 50 वर्ष तक के बैंक खाता धारकों के लिए लागू की गई है, जिसमें खाताधारक की मृत्यु होने पर परिवार को 2 लाख रुपये की बीमा सहायता राशि दी जाती है। इसका प्रतिवर्ष 436 रुपये वार्षिक प्रमियम है और इसमें मेडिकल जांच कराने की भी कोई आवश्यक्ता नहीं होती है। 

    प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एक दुर्घटना बीमा योजना है। यह योजना 18 से 70 वर्ष के खाता धारकों के लिए है, जिसमें व्यक्ति की दुर्घटना में मृत्यु या विकलांगता पर 2 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा दिया जाता है। इसमें प्रतिवर्ष 20 रुपये प्रीमियम राशि कटती है। इस योजना की कवरेज अवधि 1 जून से 31 मई तक होती है।

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    16/07/25

    पंचायतीराज मंत्री ने प्रत्येक अधिकारी कर्मचारी को 15-15 पौधे प्रतिदिन लगाने का आह्वान किया

    एन.एस. बाछल, 16 जुलाई, जयपुर।

    पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित पंचायती राज भवन के सभागार में विभागीय योजनाओं और लंबित प्रकरणों की क्रियान्विति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने अपने कार्यालय से प्राप्त एक-एक प्रकरणों पर चर्चा की और निस्तारण होने में आ रही समस्याओं की जानकारी लेते हुए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मात्र पत्र लिख देना पर्याप्त नहीं है, उसकी नियमित माॅनिटरिंग करें और निस्तारण होने पर संबंधित को सूचित भी करें।

    हरियालो राजस्थान अभियान 2.0—

    पंचायतीराज मंत्री ने हरियालो राजस्थान अभियान 2.0 के तहत प्रत्येक अधिकारी कर्मचारी को 15-15 पौधे प्रतिदिन लगाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी कर्मचारी पौधे लगाएं और उसकी जिओ टेगिंग करें। उन्होंने कहा कि पौधे लगाये, बीजारोपण करे या कलम लगाए, लेकिन राज्य को हरियाला बनाना है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ते हुए अधिकारियों को 2 अक्टूबर से गांवों को पाॅलीथीन मुक्त बनाने के अभियान शुरू करने निर्देश दिये।

    पंचायतीराज मंत्री ने कहा कि बिना फील्ड विजिट के वास्तविक मूल्यांकन संभव नहीं है। उन्होंने मुख्यालय के अधिकारियों और पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे माह में न्यूनतम 2 दिन ग्राम पंचायतों में अनिवार्य रूप से ठहरें, ताकि योजनाओं की जमीनी हकीकत समझी जा सके और गांवों के समग्र विकास के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

    मदन दिलावर ने स्वच्छ भारत मिशन, अन्नपूर्णा रसोई तथा विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध घुमन्तु समुदायों के परिवारों को पट्टा वितरण की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य 25 हजार पट्टे वितरण करने का है। उन्होंने बर्तन बैंक योजना की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि शहरों में भी बर्तन बैंक खोले जाने पर विचार करें और इसके लिए संबंधित विभाग से समन्वय करें। उन्होंने योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिये।

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    16/07/25

    एसआरके राजकीय महाविद्यालय में 22 छात्राओं को मिली स्कूटी तो खिले चेहरे

    एन.एस. बाछल, 16 जुलाई, जयपुर।

    मंगलवार को उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने राजसमंद जिले को शिक्षा के क्षेत्र में कई सौगातें दी। उप मुख्यमंत्री डॉ. बैरवा ने सेठ रंगलाल कोठारी राजकीय महाविद्यालय, राजसमंद में 1 करोड़ 22 लाख रुपए की लागत से निर्मित 5 नवीन कक्षों का लोकार्पण किया। साथ ही कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना तथा देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण योजना के तहत 22 छात्राओं को स्कूटी भेंट की जिसके पश्चात उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। छात्राओं ने मुस्कुरा कर कहा कि वे अब आत्मनिर्भर होंगी और दूरी अब शिक्षा में बाधा नहीं होगी।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ये नवीन कक्षा कक्ष आत्मनिर्भरता की नींव है जो युवाओं को विकसित भारत में भागीदार बनाएंगी। स्कूटी के माध्यम से बेटियां अब किसी पर निर्भर नहीं रहेंगी और निर्बाध शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी। मेवाड़ की धारा पर आकर वे सदैव अनुभूत करते हैं कि राजस्थान का भविष्य उज्ज्वल है जिसका आधार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा है।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन केवल एक शिलान्यास या उद्घाटन का दिन नहीं है, यह दिन हमारे सोच, हमारी सरकार की प्रतिबद्धता और शिक्षा के प्रति हमारे विश्वास का प्रतीक है। आज मेवाड़ की इस पवित्र और ऐतिहासिक धरा पर खड़े होकर मैं यह स्पष्ट रूप से अनुभव कर रहा हूं कि राजस्थान का भविष्य उज्ज्वल है और उसका आधार उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा ही है।

    उन्होंने कहा कि यह केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि ये कक्षाएं उस नवाचार, उस आत्मनिर्भरता और उस आत्मविश्वास की नींव हैं, जो हमारे युवाओं को विकसित भारत के निर्माण में भागीदार बना रही हैं। आपके महाविद्यालय में 1,737 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 788 छात्र और 949 छात्राएं हैं। यह इस बात का संकेत है कि हमारी बेटियां शिक्षा के प्रति सजग, जागरूक और प्रेरित हैं और इसी विश्वास को और बल देने हेतु आज हम स्कूटी भी वितरित कर रहे है।

    उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की दृढ़ संकल्प शक्ति का परिणाम है कि इस वर्ष बजट में 33 नवीन राजकीय महाविद्यालय खोले गए हैं, जिनमें से 21 सहशिक्षा और 12 महिला महाविद्यालय हैं। यह संख्या केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

    डॉ. बैरवा ने कहा कि राजस्थान की इस वीर धरा पर आज 664 राजकीय महाविद्यालय हैं। इनमें से 373 राजसेस के अधीन संचालित हो रहे हैं और 291 राजकीय महाविद्यालय हैं। यह विस्तार केवल संख्या की वृद्धि नहीं है, बल्कि हमारी उस नीति का परिणाम है, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को हर गांव, हर बस्ती तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि सरकार ने इस वर्ष 142 राजकीय और राजसेस महाविद्यालयों भवनों का लोकार्पण किया है। यह संख्या केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हमारी सरकार का मानना है कि संख्या नहीं, गुणवत्ता पर विश्वास रखना चाहिए। डॉ बैरवा ने कहा कि हमारी सरकार की शिक्षा नीति का आधार समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है ।

    सरकार ने स्वामी विवेकानंद एकेडमिक एक्सीलेंस स्कॉलरशिप के अंतर्गत 300 सीटों पर विदेशी संस्थानों में और 200 सीटों पर देश के उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों में राजकीय व्यय पर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया है। तकनीकी शिक्षा के लिए 33 जिला मुख्यालयों पर स्थित महाविद्यालयों में बीबीए और 7 संभाग स्तर पर एमबीए कोर्स की स्वीकृति जारी की है। इसके अतिरिक्त बीसीए और एमसीए कोर्स भी प्रारंभ किए गए हैं।

    सांसद और विधायक ने की विकास कार्यों की घोषणा—

    कार्यक्रम में राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ द्वारा महाविद्यालय ग्राउंड के विकास कार्य के लिए 30 लाख रुपए की घोषणा की गई। इसी तरह राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी द्वारा 10 लाख रुपए की घोषणा नवीन स्टेट ऑफ आर्ट लाइब्रेरी के लिए की गई। दोनों घोषणाओं के पश्चात तालियों से पांडाल गूंज उठा और सभी ने जनप्रतिनिधियों का आभार जताया।

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    16/07/25

    कोई पात्र मतदाता छूटे नहीं और कोई अपात्र इसमें सम्मिलित न हो

    एन.एस. बाछल, 16 जुलाई, जयपुर।

    भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आगामी समय में प्रस्तावित फोटोयुक्त मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न) एवं अन्य निर्वाचन संबंधी कार्यों की तैयारियों को लेकर मंगलवार को शासन सचिवालय में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान अजमेर एवं बीकानेर संभाग के संभागीय आयुक्त, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अधीनस्थ निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न) कार्यक्रम का उद्देश्य मतदाता सूचियों का शोधन और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक अपने मताधिकार का सही तरीके से प्रयोग कर सके। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक हेल्प डेस्क स्थापित कर सुनिश्चित किया जाए कि इन हेल्प डेस्क पर नियुक्त व्यक्ति एसआईआर कार्यक्रम और उसके दिशा-निर्देशों से पूरी तरह से अवगत हों।

    नवीन महाजन ने कहा कि कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक मानव संसाधनों जैसे बीएलओ, सूचना सहायक, पर्यवेक्षक आदि की समय रहते नियुक्ति कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाए। इसके अतिरिक्त, स्वयंसेवकों का चयन शीघ्र कर उन्हें भी आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि रैंडम चेकिंग के लिए विशेष निरीक्षण दलों का गठन किया जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता बनने से वंचित न रह जाए।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सभी संबंधित राजनीतिक दलों से समन्वय करते हुए बूथ लेवल एजेंट्स की नियुक्ति शीघ्र करवाई जाए। उन्होंने कहा कि पोलिंग स्टेशनों के रेशनलाइजेशन का कार्य मतदाताओं की संख्या, दूरी, पहुंच, सहूलियत और मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पूरा किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि एसआईआर कार्यक्रम की जानकारी आम मतदाताओं तक सरल एवं प्रभावी रूप से पहुंचाने के लिए आईइसी गतिविधियों का व्यापक उपयोग किया जाए।

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    16/07/25

    उप मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आने वाले बच्चों के लिए मिलेट न्यूट्री बार के पायलट वितरण का किया शुभारम्भ

    एन.एस. बाछल, 16 जुलाई, जयपुर।

    उप मुख्यमंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी ने मंगलवार को विद्याधर नगर में 3 से 6 वर्ष के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आने वाले बच्चों के लिए बायोफोर्टीफाइड मिलेट न्यूट्री बार का पायलट वितरण शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि 3 से 6 वर्ष के बच्चों में पोषण स्तर को बेहतर बनाने और आंगनबाड़ी केन्द्रों पर ठहराव के लिए मिलेट न्यूट्री बार वितरण लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि छ महीने बाद पायलट सफल होने पर सीएसआर के सहयोग से इसे राज्य स्तर पर लागू करने के प्रयास किए जाएंगे।

    उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की "श्री अन्न योजना" से प्रेरित होकर नूतन नवाचार के रूप में आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आने वाले 3 से 6 वर्ष के बच्चों हेतु जयपुर एवं उदयपुर ज़िलों के चयनित आंगनबाड़ी केंद्रों में सी एस आर के सहयोग से बायोफोर्टीफाइड मिलेट न्यूट्री बार का पायलट वितरण शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त मिलेट बार  बायो- फोर्टिफाइड बाजरा, गेहूं मूंगफली, गुड़ और शहद से निर्मित है तथा इसमें में पर्याप्त कैलोरी, प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और ज़िंक हैं, जो कि पोषण में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    दिया कुमारी ने बताया कि इस नवाचार हेतु GIZ एवं PATH, हार्वेस्ट प्लस संस्था के सहयोग से विभाग द्वारा जयपुर जिले के जयपुर प्रथम, सांगानेर ग्रामीण एवं उदयपुर जिले के आदिवासी क्षेत्र परियोजना फलासिया को पायलट के तहत चयनित किया गया है। इस योजना के तहत 544 आंगनवाड़ी केंद्रों पर लगभग 10,000 बच्चों को मिलेट न्यूट्री बार वितरित की जाएंगी। प्रत्येक बच्चे को प्रतिदिन 20 ग्राम वजन की एक न्यूट्री बार, सप्ताह में 5 दिन, 6 महीनों तक दी जाएगी।

    उप मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहल न केवल बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाएगी, बल्कि उनका आंगनबाड़ी केन्द्रों पर ठहराव भी बढेगा साथ ही कार्यकर्ताओं की भूमिका को भी सशक्त बनाएगी।भविष्य में राजस्थान के आई सी डी एस कार्यक्रम में ऐसे नवाचारों को शामिल कर मिलेट ("श्री अन्न") आधारित खाद्य उत्पादों के समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा।

    महिला एवं बाल विकास शासन सचिव श्री महेन्द्र सोनी ने इस अवसर पर बताया कि राजस्थान में बच्चों की पोषण स्थिति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग के (आईसीडीएस) कार्यक्रम के अंतर्गत लाभार्थियों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाने हेतु सतत प्रयास किये जा रहें हैं।

    उप मुख्यमंत्री ने हरियालो राजस्थान के तहत किया पौधरौपण—

    उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने विद्याधर के सेक्टर- 8 के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में स्थित आंगनबाडी केन्द्र में हरियालो राजस्थान के तहत  किया पौधारोपण किया।

    नंदघर निरीक्षण: आंगनबाडी केन्द्र पर बच्चों की सुविधा और सुरक्षा का रखा जाए ध्यान—

    उप मुख्यमंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी ने मंगलवार को विद्याधर नगर स्थित नंदघर का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को नियमित रूप से बेहतर पोषण मिले साथ उन्हें ईसीसीई के तहत बेहतर शाला पूर्व शिक्षा दी जाए। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए आंगनबाडी केन्द्र पर बच्चों की सुविधा और सुरक्षा को भी ध्यान में रखा जाए।

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    16/07/25

    सुरक्षित और सुगम वातावरण प्रदान करने के लिए मण्डल प्रतिबद्ध- आयुक्त

    एन.एस. बाछल, 16 जुलाई, जयपुर।

    आवासन आयुक्त डॉ रश्मि शर्मा ने मंगलवार को मंडल के सभागार में विभागीय अधिकारियों की वीसी के माध्यम से समीक्षा बैठक ली। बैठक में आवासन आयुक्त ने वर्षाकाल की तैयारियों को लेकर गहन चर्चा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

    डॉ. शर्मा ने अतिवृष्टि की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवासन मण्डल की समस्त परियोजनाओं में सुरक्षा और सुचारु प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। विशेष रूप से क्षतिग्रस्त सड़कों, खुले मेनहोल, झूलते विद्युत बॉक्स और असुरक्षित केबल्स की शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके । उन्होंने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की कड़ाई से पालना करते हुए श्रमिकों और राहगीरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए भी निर्देशित किया ।

    उन्होंने विद्युत प्रबंधन को अत्यंत संवेदनशील विषय बताते हुए कहा कि अतिवृष्टि के दौरान मण्डल की आवासीय योजनाओं में विद्युत आपूर्ति में कोई व्यवधान न आए, इसके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाएं, कंट्रोल रूम को सक्रिय रखा जाए और पूरे सिस्टम की सघन मॉनिटरिंग की जाए।

    उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी अभियंताओं को निर्देशित किया गया कि वे मौके पर रहकर निगरानी करें और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें। मण्डल के सभी अधिकारी तत्परता और सजगता से कार्य करें, मण्डल अपने रहवासियों के जीवन को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है

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    16/07/25

    अधिकारों के साथ साथ कर्तव्यों के प्रति भी रहें सजगः शासन सचिव, पशुपालन

    एन.एस. बाछल, 16 जुलाई, जयपुर।

    पशुपालन, गोपालन एवं मत्स्य विभाग के शासन सचिव  डॉ. समित शर्मा ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का नया रजिस्ट्रेशन एक सितंबर से शुरू करने के लिए पूरी तैयारी रखें। डॉ. शर्मा ने मंगलवार को पशुधन भवन के सभागार में आयोजित  बैठक में कहा कि पिछले बजट की घोषणाओं को पूरा करने में जिस तैयारी और तत्परता से काम हुआ है, वही तैयारी वर्ष 2025-26 की बजट घोषणाओं को पूरा करने में दिखानी होगी, तभी हम समय पर अपने लक्ष्य को पूरा कर सकेंगे। 

    उन्होंने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की प्रगति को प्राथमिकता देते हुए विभाग की समस्त योजनाओं को सफल बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों और आगामी माह में किए जाने वाले कार्यों की तैयारियों के विषय में अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत वर्ष 2024-25 के लक्ष्य को आगामी 31 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश देते हुए एक सितंबर से नए पंजीकरण शुरू करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कम प्रगति वाले जिलों के प्रभारियों कोे इस दिशा में अधिक प्रयास करने के निर्देश दिए। 

    बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, सेक्स सॉर्टेड सीमन, एमवीयू कॉल सेंटर तथा चैटबॉट, उष्ट्र संरक्षण योजना, पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम, निःशुल्क आरोग्य योजना नवीन पशु चिकित्सा केंद्रों के लिए भूमि की उपलब्धता, केपीआई आधारित प्रगति आदि विषयों पर प्रगति की विस्तृत जानकारी दी।

    डॉ शर्मा ने विधानसभा के प्रश्नों के उत्तर आश्वासन आदि के निस्तारण के लिए विभाग के अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि निदेशालय के अधिकारी कार्य की गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि नवीन पशु चिकित्सा उप केंद्रों के लिए जमीन की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है और इसके लिए हम सभी को बहुत प्रतिबद्ध होकर काम करना होगा। डॉ. शर्मा ने इसके लिए जिलेवार सूची बनाकर प्रथमिकता तय करते हुए काम करने के निर्देश दिए।

     

    उन्होंने सेक्स सॉर्टेड सीमन लैब की स्थापना के लिए भी प्रयास तेज करने पर बल दिया। डॉ. शर्मा ने कहा कि जिलों में उपकरणों का उचित रखरखाव और उपयोग तथा दवाइयों के संधारण की व्यवस्था सही नहीं है, इसके लिए निदेशालय स्तर से निगरानी और प्रबोधन बहुत आवश्यक है। उन्होंने इसके लिए एक अधिकारी की नियुक्ति के साथ साथ जिला प्रभारियों को महीने में एक बार अपने जिले में दौरा का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। 

    शासन सचिव ने अधिकारियों से अनुशासन एवं समयबद्धता की पालना करते हुए निष्ठापूर्वक अपने अधिकारों के साथ साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहते हुए कार्य करने को कहा जिससे विभाग एक नई ऊंचाई प्राप्त कर सके।

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    16/07/25

    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने ली योजनाओं की समीक्षा बैठक

    एन.एस. बाछल, 16 जुलाई, जयपुर।

    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने मंगलवार को देवनारायण योजना के अंतर्गत अति पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की।

    विभाग के मुख्यालय अंबेडकर भवन के कांफ्रेंस हॉल में आयोजित बैठक में कॉलेज शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, सार्वजनिक निर्माण विभाग, कौशल नियोजन एवं उद्यमिता, प्राविधिक शिक्षा निदेशालय विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के आला अधिकारी उपस्थित रहे।

    अविनाश गहलोत ने गत माह हुई बैठक में दिए निर्देशों की प्रगति से अवगत करवाया। इस दौरान देवनारायण छात्रवृति योजना-उत्तर मैट्रिक छात्रवृति योजना, देवनारायण छात्रवृत्ति योजना-पूर्व मैट्रिक छात्रवृति योजना, देवनारायण गुरुकुल योजना, देवनारायण अनुप्रति योजना, देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण एवं प्रोत्साहन राशि योजना, देवनारायण आदर्श छात्रावास संचालन, देवनारायण आवासीय विद्यालय संचालन, देवनारायण बालक एवं बालिका महाविद्यालय संचालन, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का संचालन, उप स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं में किए जा रहे कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।

    अविनाश गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा है कि अति पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। बैठक में उठाए सभी विषयों की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी और उनमें गुणवत्ता में सुधार के लिए भी निर्देशित किया जाएगा।

    अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा ने योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव आशीष मोदी ने कहा कि बैठक में आए सुझावों के आधार पर योजनाओं में निरंतर सुधार किया जाएगा। बैठक में अतिरिक निदेशक सुंडाराम मीणा ने पीपीटी के जरिए विभिन्न योजनाओं की प्रगति और बजट के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया।

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    16/07/25

    आमजन को सिंगल इंटीग्रेटेड पोर्टल पर मिल सकेगी विभिन्न योजनाओं की जानकारी

    एन.एस. बाछल, 16 जुलाई, जयपुर।

    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत की उपस्थिति में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग एवं एनआईसी के मध्य मंगलवार को महत्वपूर्ण एमओयू साइन किया गया, जिसके तहत विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी सिंगल इंटीग्रेटेड पोर्टल पर मिल सकेगी।

    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मुख्यालय अम्बेडकर भवन में निदेशक आशीष मोदी एवं एनआईसी के राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी जितेंद्र वर्मा ने एमओयू पर साइन कर सहमति जताई। जल्द ही विभाग का पोर्टल नए लुक और आमजन को आसानी से समझने योग्य बनाया जाएगा।

    अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा ने इसे विभाग लिए बेहतरीन कदम बताया। गौरतलब है कि पिछले दिनों अतिरिक्त मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक के दौरान पेंशन, छात्रवृति सहित सभी तरह के आवेदन से सत्यापन तक प्रक्रियाओं का सरलीकरण कर तकनीकी रूप से यूजर फ्रेंडली बनाने के निर्देश दिए थे।

    इस दौरान देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश भडाणा, अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) केसरलाल मीना, एनआईसी से आईडी वरीयानी, संयुक्त निदेशक (आईटी) अमर सिंह मीना सहित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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    16/07/25

    राष्ट्रीय युवा शेफ प्रतियोगिता का हुआ आगाज

    आरएस अनेजा, 16 जुलाई नई दिल्ली

    पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) ने पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से, नई दिल्ली स्थित पीएचडी हाउस में राष्ट्रीय युवा शेफ प्रतियोगिता (एनवाईसीसी) का आधिकारिक शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य देश भर के आतिथ्य क्षेत्र के अंतिम वर्ष के छात्रों में उत्कृष्ट पाककला प्रतिभाओं की खोज, मार्गदर्शन और प्रदर्शन करना है।

    इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित, पर्यटन मंत्रालय के अपर सचिव एवं महानिदेशक, सुमन बिल्ला (आईएएस) ने भारत की लुप्त होती पाक परंपराओं को संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि  हमारी पाक विरासत सांस्कृतिक स्मृति और क्षेत्रीय तकनीकों पर आधारित है। हमें इन परंपराओं को सुदृढ़ करना होगा और वैश्विक उत्कृष्ट भोजन क्षेत्र में भारत की उपस्थिति का विस्तार करना होगा। उन्होंने युवा रसोइयों से रचनात्मक सोच अपनाने और अंतर्राष्ट्रीय पाककला मंच पर आत्मविश्वास के साथ भारत का प्रतिनिधित्व करने का आग्रह किया।

    एनवाईसीसी, भारतीय पाककला संघ (आईएफसीए) और पर्यटन एवं आतिथ्य कौशल परिषद (टीएचएससी) के सहयोग से एक संयुक्त प्रयास है, जिसका विषय है "भारतीय पाककला विरासत का उत्सव: परंपरा और नवाचार का मेल"। इसमें पूरे भारत में क्षेत्रीय प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनका समापन जनवरी 2026 में आईएचएम पूसा, नई दिल्ली में एक भव्य समापन समारोह के साथ होगा।

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    16/07/25

    सहकार एवं रोजगार उत्सव में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि

    एन.एस. बाछल, 16 जुलाई, जयपुर।

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह 17 जुलाई को जयपुर जिले के दादिया ग्राम में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के अंतर्गत आयोजित किए जा रहे सहकार एवं रोजगार उत्सव में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने मंगलवार को कार्यक्रम स्थल का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन, पुलिस एवं विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसेफ, सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां मंजू राजपाल एवं जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी सहित अन्य अधिकारी इस दौरान मौजूद रहे।

           सहकारिता मंत्री दक ने आयोजन की व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न विभागों को आपसी समन्वय से काम करते हुए सभी व्यवस्थाएं बेहतर रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर आगन्तुकों के पहुंचने, बैठने और पेयजल की समुचित व्यवस्थाएं की जाए। साथ ही, आगन्तुकों के लिए चाय-बिस्किट एवं छाछ का बंदोबस्त किया जाए। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर पार्किंग की बेहतर सुविधा सुनिश्चित करने के साथ ही चिकित्सा सुविधा के अनुकूल बंदोबस्त करने के निर्देश दिए। गौतम कुमार दक ने कहा कि आगन्तुकों की सुविधा के लिए कार्यक्रम स्थल पर हैल्प डेस्क और कंट्रोल रूम की स्थापना की जाए। साथ ही, नेहरू सहकार भवन में स्थापित किये गए कंट्रोल रूम भी चौबीस घंटे कार्य करते हुए निरन्तर सूचनाओं का आदान-प्रदान करे।

           गौतम कुमार दक ने कार्यक्रम स्थल पर प्रत्येक ब्लॉक में पानी के कैम्पर रखे जाने के निर्देश दिए। साथ ही, आगन्तुकों की सुविधा के लिए जगह-जगह पथ प्रदर्शक पट्ट लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस एवं प्रशासन से समन्वय कर विशिष्टजनों के प्रवेश पास आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पार्किंग में भी एलईडी स्क्रीन्स लगवाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने बारिश के मौसम के दृष्टिगत भी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए।

           पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसेफ ने इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात व्यवस्था एवं पार्किंग आदि की व्यवस्था से अवगत कराया। सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत लगाई जाने वाली प्रदर्शनी में 40 स्टॉल्स लगाई जाएंगी, जिन पर सहकारी संस्थाओं के उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे।

    जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने जिला प्रशासन के स्तर पर की जा रही व्यवस्थाओं से अवगत कराते हुए कहा कि कार्यक्रम के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

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    16/07/25

    PM hails India’s commitment and efforts towards building a green and sustainable future

    The Prime Minister Shri Narendra Modi today hailed India’s commitment and efforts towards building a green and sustainable future.

    Responding to a post by Union Minister Shri Pralhad Joshi on X, the Prime Minister said:

    “This illustrates India’s commitment and efforts towards building a green and sustainable future.”


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    16/07/25

    PM reaffirms government’s unwavering commitment to build a skilled and self-reliant youth

    Marking 10 years of Skill India Mission, the Prime Minister Shri Narendra Modi today reaffirmed the government’s unwavering commitment to build a skilled and self-reliant youth force through the Mission. He remarked that the Skill India Mission was a transformative initiative that continues to empower millions across the country.

    Responding to posts on X by MyGovIndia & Union Minister Shri Jayant Singh, the Prime Minister said:

    “Skill India is strengthening the resolve to make our youth skilled and self-reliant.

    #SkillIndiaAt10”

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    16/07/25

    Prime Minister condoles the loss of lives due to a road accident in Pithoragarh, Uttarakhand

    Prime Minister Shri Narendra Modi today condoled the loss of lives due to a road accident in Pithoragarh, Uttarakhand. He announced an ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF for the next of kin of each deceased and Rs. 50,000 to the injured.

    The PMO India handle in post on X said:

    “Saddened by the loss of lives due to a road accident in Pithoragarh, Uttarakhand. Condolences to those who have lost their loved ones in the mishap. May the injured recover soon.

    An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be given to the next of kin of each deceased. The injured would be given Rs. 50,000: PM @narendramodi”


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    16/07/25

    गिव अप अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों में अधिकारी होंगे सम्मानित

    एन.एस. बाछल, 16 जुलाई, जयपुर।

    खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामलात मंत्री सुमित गोदारा ने मंगलवार को मंत्रालय भवन में विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि आमजन के कल्याण से जुड़ी सभी विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। अधिकारी अधिक से अधिक फील्ड विजिट कर योजनाओं को धरातल पर उतारें। माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन को विभागीय योजनाओं से जोड़कर समुचित लाभ पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। 

    जीएटीसी लागू होने से उपभोक्ता को मिलेगा न्याय —

    सुमित गोदारा ने कहा कि जीएटीसी (गवर्नमेंट अप्रूव्ड टेस्टिंग सेंटर) के लागू होने से प्रदेश में नापतौल की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। गलत तौल जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलने से उपभोक्ताओं को न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में वृहत स्तर पर रोजगार भी सृजित होगा। जीएटीसी के माध्यम प्रशिक्षित और योग्य कर्मियों को शामिल करने से विभाग की दक्षता बढ़ेगी। सुमित गोदारा ने विधिक एवं मापतौल अधिकारियों को सघन मॉनिटरिंग करने एवं अन्य राज्यों में जीएटीसी लागू होने के बाद आए सकारात्मक बदलाव के अध्ययन हेतु कमेटी के गठन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी अधिक से अधिक फील्ड विजिट करें एवं दैनिक रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करें। 

    गिव अप अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी एवं कार्मिक होंगे सम्मानित —

    सुमित गोदारा ने कहा कि बारां, जयपुर, हनुमानगढ़, बीकानेर एवं गंगानगर जिलों में अधिकारियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के बदौलत गिव अप अभियान में सराहनीय कार्य हुआ है। वही डीग, सलूंबर, जैसलमेर, फलोदी एवं धौलपुर जिलों में अभियान की प्रगति अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों में नियुक्त अधिकारियों एवं कार्मिकों को स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर सम्मानित किया जाएगा। वही धीमी गति से काम करने पर अधिकारियों एवं कार्मिकों का उत्तरदायित्व तय किया जाएगा। गिव अप अभियान गरीबों को हक दिलाने एवं सामाजिक न्याय को साकार करने हेतु संचालित अभियान है। इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

               सुमित गोदारा ने कहा कि पात्रता के समुचित आंकलन के उपरांत नए लाभार्थी एनएफएसए से जोड़े जाएं ताकि हकदारों को खाद्य सुरक्षा का लाभ मिल सके। साथ ही उन्होंने लाभार्थियों की ई केवाईसी एवं आधार सीडिंग की प्रक्रिया को गति देने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि अपात्र गिव अप अभियान की अवधि में स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा छोड़ें। अपात्रों द्वारा स्वेच्छा से खाद्य सब्सिडी नहीं छोड़ने पर नियमानुसार खाद्य सुरक्षा सूची से बाहर करने एवं वसूली की कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान श्री गोदारा ने अधिकारियों को उचित मूल्य दुकानदारों का भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए।

         बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग के प्रमुख शासन सचिव भवानी सिंह देथा ने कहा कि जीएटीसी लागू होने से प्रदेश में ग्राहकों के हित सुरक्षित होंगे। उन्होंने अधिकारियों को गिव अप अभियान को निरंतर गति देने एवं सघन मॉनिटरिंग करने के दिशा निर्देश दिए। बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के उपायुक्त सुनील पूनिया, ब्रह्मलाल जाट, वित्तीय सलाहकार बृजभूषण शर्मा सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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    16/07/25

    जन्म-मृत्यु पंजीयन पर जिला स्तरीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

    एन.एस. बाछल, 16 जुलाई, जयपुर।

    जिला परिषद सभागार में मंगलवार को सिविल रजिस्ट्रेशन प्रणाली के अंतर्गत जन्म-मृत्यु पंजीयन पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यालय संयुक्त निदेशक, आर्थिक एवं सांख्यिकी के तत्वाधान में आयोजित कार्यशाला मे जिले की समस्त पंचायत समिति के ब्लॉक नोडल अधिकारी (जन्म-मृत्यु),  ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय एवं नगर पालिका एवं नगर परिषद मे जीवनांक से संबंधित कार्य कर रहे कार्मिक एवं अधिकारियों ने भाग लिया।

    सरकार ने जन्म- मृत्यु पंजीयन से संबंधित सेवाओं को राजस्थान लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत दी जाने वाली सेवा में शामिल किया है। ऐसे में इसकी मुख्य सचिव द्वारा नियमित समीक्षा की जाती है। इस दौरान जिला रजिस्ट्रार एवं संयुक्त निदेशक, बाबू लाल मीना एवं सहायक निदेशक डॉ. सुदीप कुमावत, जयपुर कलेक्ट्रेट ने सभी रजिस्ट्रारों को सरकार द्वारा निर्धारित समय अवधि मे आमजन को प्रमाण पत्र जारी करने हेतु पाबंद किए जाने के निर्देश प्रदान किए जिससे आमजन को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। जन्म-मृत्यु व विवाह पंजीकरण में आने वाली सभी समस्याओं पर विस्तार से प्रकाश डाला और समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया।

    जन्म मृत्यु अधिनियम 1969 में बदलाव कर 1 अक्टूबर 2023 से नया नियम बनाया है। जिसके तहत सात दिवस में रजिस्ट्रार व उप रजिस्ट्रार द्वारा जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं करने पर 250 रुपए का जुर्माना व संस्था द्वारा जन्म व मृत्यु की जानकारी नहीं देने पर एक हजार का रुपए का जुर्माने का प्रावधान किया गया है। यदि कोई रजिस्ट्रार निर्धारित अवधि मे प्रमाण पत्र जारी नहीं करता है, तो आमजन जिला रजिस्ट्रार व मुख्य रजिस्ट्रार को अपील कर सकता है ।

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    16/07/25

    युवा कौशल दिवस के अवसर पर कैम्पस प्लेसमेंट शिविर का हुआ आयोजन

    एन.एस. बाछल, 16 जुलाई, जयपुर।

    राज्य सरकार के कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता विभाग की वार्षिक कार्य-योजना वर्ष 2025-26 के क्रियान्वयन के तहत सभी वर्गों के आशार्थियों के लाभार्थ उप़ क्षेत्रीय रोजगार कार्यालय जयपुर द्वारा युवा कौशल दिवस के अवसर पर कैम्पस प्लेसमेंट शिविर एवं करियर काउंसलिंग का आयोजन किया गया।

    उप क्षेत्रीय रोजगार कार्यालय की उप निदेशक, नवरेखा ने बताया कि कैम्पस प्लेसमेंट शिविर में 278 बेरोजगार आशार्थियों ने भाग लिया एवं उक्त कैम्पस प्लेसमेंट शिविर में 06 निजी संस्थानों ने भाग लेकर अपनी रिक्तियों के अनुसार 126 आशार्थियों का प्राथमिक चयन किया तथा 57 आशार्थियों का प्रशिक्षण हेतु चयन कर कैम्पस प्लेसमेंट शिविर में कुल 158 आशार्थियों को लाभान्वित किया गया।

    कैम्पस प्लेसमेंट शिविर में सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के निम्न संस्थानों ने भाग लिया। रोजगार विभाग जयपुर के संयुक्त निदेशक जगदीश निर्वाण ने शिविर का उद्घाटन किया व मौके पर ही 7 आशाथिर्यों को विभिन्न संस्थानों में चयनित होने पर नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये।

    इस अवसर पर सीजीसी के उप क्षेत्रीय रोजगार अधिकारी अतुल कुमार सोनू, परिवर्तन स्किल एकेडमी सलाहकार प्रतिभा सोढानी, लक्ष्मी जांगिड़ आदि ने उपस्थित युवा आशार्थियों को रोजगार मार्गदर्शन एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की। उपस्थित सभी निजी नियोजकों ने मौके पर अपने संस्थान का परिचय एवं रिक्तियों की जानकारी प्रदान की। कैम्पस प्लेसमेंट शिविर में उप क्षेत्रीय रोजगार कार्यालय की रजनी गोयल एवं रजनीश खलवा आदि ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया । 

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    15/07/25

    अधिकारी आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करें: लोकनिर्माण मंत्री रणबीर गंगवा

    चंडीगढ़, 15 जुलाई (अभी) - जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश सरकार जीरो टोरलेंस की नीति पर काम कर रही है, किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार सहन नहीं किया जाएगा। श्री गंगवा मंगलवार को सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से रुबरू हुए थे, इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारा प्राथमिक उद्देश्य यही है कि जनता को क्वालिटी के साथ मूलभुत सुविधायें मिलें। रोहतक में जनस्वास्थ्य विभाग से जुड़े जिन 42 कर्मचारियों एवं अधिकारियों को चार्जशीट किया गया है, वहां सिविल कार्यों को करवाने में अनियमितताएं बरती गयी थीं। दोनों विभागों पर उनकी नजर है, अधिकारी आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर तय समय पर हल करें, इस बारे भी निर्देश दिए जा चुके हैं। हरियाणा में बारिश के पानी की निकासी के व्यवस्था के बारे में पूछे गए सवाल पर बोलते हुए कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि इसे लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, अतिरिक्ति पंप सैट भी लगाए गए हैं। साथ ही विभाग के अधिकारियों को कहा गया है कि इस संबंध में आमजन की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाए।

     

    सड़कों की मरम्मत का काम पूरा 

     

    कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि पीडब्लयूडी विभाग के अंतर्गत 30664 किलोमीटर की सड़कें आती हैं। 15 जून तक का टारगेट लेकर प्रदेश की सभी सड़कों के गड्ढे भरे गए हैं। इनमें 14 हजार किलोमीटर की सड़कें डीएलपी पीरियड के अंदर थी, उनका पेचवर्क इत्यादि करवाया गया है। इस मामले में भी जिस एजेंसी की लापरवाही सामने आई, उनके खिलाफ एक्शन लेते हुए ब्लैकलिस्ट किया गया है। इसके अलावा 5 हजार किलोमीटर में कुछ सड़कें ऐसी भी थी, जो ज्यादा खराब थी। उन पर पेचवर्क नहीं हो सकता था। ऐसे में उन्हें नया बनाने के लिए आगामी प्रक्रिया की जा रही है।

     

    वर्तमान सरकार ने दिया ओबीसी समाज को पूरा मान-सम्मान

     

    भिवानी में हाल ही में मनाये गए महाराजा गुरु दक्ष प्रजापति जयंती के राज्यस्तरीय समारोह के बारे में कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रजापति समाज के लिए बहुत घोषणाएं की हैं। जल्द ही हरियाणा मिट्टी कलां बोर्ड के चेयरमैन की नियुक्ति तो होगी ही साथ ही रोजगार के लिए भी 15 दिनों में 2 हजार गांवों में पंचायती जमीन खसरा नंबर सहित उपलब्ध करवाने की घोषणा भी की गई है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन ऐतिहासिक रहा, पूरे हरियाणा की इसमें सहभागिता नजर आई। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रजापति समाज मेहनतकश समाज है, यह मोस्ट बैकवर्ड के अंदर आता है। पूर्व की सरकारों के अंदर इस समाज के साथ बहुत अन्याय हुआ है, लेकिन बीजेपी सरकार ने ना सिर्फ इस समाज को सम्मान दिया, साथ ही हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का काम किया है।

     

    पंजाब सरकार कर रही गुमराह

     

    एक सवाल का जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार गलत तरीके से काम कर रही है। एसवाईएल हरियाणा के बहुत महत्वशाली है, खास कर दक्षिण एरिया के लिए यह बेहद जरूरी है, लेकिन वहां की सरकार और वहां के मुख्यमंत्री इस विषय को घुमाते हुए गुमराह कर रहे हैं। श्री गंगवा ने कहा कि बातों को घुमाने की बजाय, कानून के अनुसार पंजाब सरकार को सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर को मानना चाहिए। 

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    15/07/25

    तीन महाविद्यालयों का नामकरण शहीदों और आजाद हिन्द फौज के स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर होगा

    चंडीगढ़, 15 जुलाई (अभी) - प्रदेश सरकार ने शहीदों और आजाद हिन्द फौज के स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में प्रदेश के कॉलेजों का नामकरण करने के निर्णय के तहत आज मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने तीन कालेजों के नामकरण को प्रशासनिक मंजूरी दी है। हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि राजकीय महिला महाविद्यालय बवानी खेड़ा का नाम आजाद हिन्द फौज के स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय ठाकुर श्री शम्भु सिंह के नाम पर किया जाएगा।

    इसी प्रकार , राजकीय महाविद्यालय खरक (भिवानी) का नाम शहीद गजेन्द्र सिंह के नाम पर किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि गत 7 मार्च, 2018 को श्री गजेन्द्र सिंह, सहायक कमांडेंट, 134 बटालियन सीमा सुरक्षा बल में पदस्थ, काकेर जिला (छतीसगढ़) के नातला आरक्षित वन क्षेत्र में मसपुर ग्राम के निकट नक्सलियों से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। उनकी वीरता के लिए  26 जनवरी, 2021 को वीरता मेडल प्रदान किया गया।

    इसके अतिरिक्त हरियाणा सरकार द्वारा राजकीय महाविद्यालय सांपला (रोहतक) का नाम शहीद राय सिंह के नाम पर रखने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। शहीद राय सिंह 20 नवम्बर 2016 को भारत पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर जम्मू (राजौरी) में देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए थे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार का यह कदम शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों को विशेष सम्मान देने वाला है।

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    15/07/25

    सन्त-महात्माओं की धरती है भारत: पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा 

    चंडीगढ़, 15 जुलाई (अभी) - हरियाणा के सहकारिता, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि भारत सन्त-महापुरुषों को धरती है, जो निरन्तर धर्म ध्वजा मजबूती के साथ पकड़ कर समाज व राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं। आज अभिभावकों को चाहिए कि वो युवाओं की धर्म ज्ञान में भागीदारी बढ़ाएं, ताकि वो प्रतिस्पर्धा भरे इस दौर में अपने दायित्व को मजबूती से निभाएं।

    मंगलवार को डॉ. अरविंद शर्मा पंचकूला में किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर गुरु मां सोनाक्षी नंद गिरी जी महाराज के पट्टाभिषेक कार्यक्रम में पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि भारतवर्ष संतों की और ऋषियों की भूमि है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार द्वारा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए अनेक कार्य किए जा रहे हैं।  

    उन्होंने कहा कि इस शुभ अवसर पर कार्यक्रम में सम्मिलित होना मेरा सौभाग्य है। उन्होंने सभी धर्म प्रेमियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भारत का मूल आधार ही आध्यात्मिक है।

    डॉ. अरविंद शर्मा ने इस अवसर पर महामंडलेश्वर गुरु मां सोनाक्षी नंदगिरी जी महाराज से देश और प्रदेश की उन्नति के लिए आशीर्वाद मांगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव श्री तरुण भंडारी, पंचकूला के महापौर श्री कुलभूषण गोयल, भाजपा की वरिष्ठ नेत्री श्रीमती बंतो कटारिया सहित विभिन्न गणमान्य लोग और काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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    15/07/25

    हरियाणा के लिए गर्व का क्षण: करनाल और सोनीपत को स्वच्छता सर्वेक्षण में राष्ट्रीय सम्मान

    चंडीगढ़, 15 जुलाई (अभी) - कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में, स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में करनाल और सोनीपत को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा रहा है। 17 जुलाई को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले पुरस्कार समारोह में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू तथा केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल विभिन्न श्रेणियों के तहत पुरस्कार वितरित करेंगे। इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए सम्मान प्राप्त करेंगे।

    कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने बताया कि करनाल को देश के शीर्ष 15 स्वच्छ शहरों में शामिल होने का गौरव प्राप्त हुआ है जो प्रदेश के लिए के गौरव का विषय है। इसके अलावा सोनीपत को स्वच्छता के लिए मिनिस्टीरियल अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आरंभ किए गए स्वच्छ भारत मिशन को धरातल पर उतारने के लिए हरियाणा सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता और नवाचारपूर्ण प्रयासों का परिणाम है।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जागरूकता, तकनीकी नवाचार और ज़मीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से स्वच्छता अभियान को सशक्त किया है। हरियाणा सरकार द्वारा 2025–26 के बजट में सभी नगरपालिकाओं और परिषदों को अत्याधुनिक मशीनरी जैसे वैक्यूम सकर, ट्री ट्रिमर, श्रेडिंग मशीन, स्वीपिंग मशीन, पैचवर्क मशीन, वॉशिंग/स्प्रिंकलिंग यूनिट आदि मुहैया कराने की योजना प्रस्तुत की गई थी। इन उपकरणों के उपयोग और क्रियान्वयन के प्रभावी प्रयासों ने राज्य की स्वच्छता स्थिति को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है।

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    15/07/25

    हरियाणा में पेड़ कटाई की एनओसी प्रक्रिया होगी सरल

    चंडीगढ़, 15 जुलाई (अभी) - हरियाणा के वन मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक या निजी कार्यों के लिए पेड़ काटने हेतु एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी करने में अनावश्यक विलंब न किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा दिए गए आवेदन पर यदि कोई आपत्ति हो, तो उसे एक बार में ही दर्ज किया जाए ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और जनता को बार-बार परेशान न होना पड़े।

    श्री राव नरबीर सिंह आज हरियाणा निवास, चंडीगढ़ में वन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आनंद मोहन शरण, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं फील्ड के डीएफओ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    वन मंत्री ने टेंडर प्रक्रिया को भी सरल और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डीएफओ वर्क एलोकेशन में टेंडरों पर अपने एकाधिकार की भावना न रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की खरीद से पहले मंत्री स्तर से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही दिल्ली व अन्य राज्यों की टेंडर प्रणाली का अध्ययन करने की बात भी कही, ताकि हरियाणा में भी अच्छी प्रक्रिया लागू की जा सके।

     

    श्री राव नरबीर सिंह ने वन विभाग को निर्देश दिए कि राज्य गठन से अब तक लगाए गए पौधों का विस्तृत ब्यौरा जल्द उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान को मूर्त रूप देना वन विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विभाग की सभी नर्सरियों में पौधों का वार्षिक रोटेशन और परिपक्क्वता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे बेहतर पौधारोपण सुनिश्चित हो सके।

     

    राव नरबीर सिंह ने यह भी कहा कि पौधारोपण के लिए निर्धारित गड्ढा खुदाई की ₹24 प्रति गड्ढा दर अधिक है और इसे कम किया जाना चाहिए। उन्होंने कृषि वानिकी, ग्रीन इंडिया मिशन और लकड़ी आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष रूप से पौधारोपण पर बल दिया।

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    15/07/25

    हरियाणा में जल्द 2,256 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य परियोजनाओं का किया जाएगा उद्घाटन - स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव

    चंडीगढ़, 15 जुलाई (अभी) – हरियाणा स्वास्थ्य विभाग प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे, कार्यबल और सेवाओं में सुधार के लगातार तीव्र प्रयास कर रहा है। विभाग ने 720 नए डॉक्टरों की नियुक्ति की है और अस्पतालों में शेष पदों को भरने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

     

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने आज पंचकूला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि राज्यभर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), उप-स्वास्थ्य केंद्र और नागरिक अस्पतालों सहित 785 चिकित्सा संस्‍थानों को अपग्रेड किया जाना है। इनमें से 534 के लिए प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। निर्माण और नवीनीकरण कार्यों में तेज़ी लाने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के साथ नियमित समन्वय बैठकें की जा रही हैं।

     

    उन्होंने उज्ज्वल दृष्टि हरियाणा अभियान के बारे में बताते हुए कहा कि स्कूली बच्चों को मुफ्त चश्में और 45 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के लिए दृष्टि सुधार प्रदान करने हेतु इस महीने शुरू किया गया यह अपनी तरह का पहला राज्यव्यापी अभियान है। 22 ज़िला अस्पतालों, 50 उप-मंडल अस्पतालों और 122 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एक साथ 1.4 लाख से ज़्यादा चश्मे वितरित किए जा चुके हैं। 14,267 सरकारी स्कूलों में लगभग 21 लाख छात्रों की आँखों की जाँच चल रही है, और लगभग 40,000 दृष्टिबाधित छात्रों को मुफ्त चश्में दिए जाएँगे।

     

    उन्होंने बताया कि हरियाणा में एमबीबीएस सीटों की संख्या 2014 में 700 थी, जो आज बढ़कर 2,185 हो गई है। भिवानी और चरखी दादरी में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के साथ, इस वर्ष के अंत तक 300 एमबीबीएस सीटें और जुड़ जाएंगी। पीजी (एमडी/एमएस) सीटों की संख्या, जो 2014 में 289 थी, वह बढ़कर 874 हो गई हैं। नर्सिंग शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए, छः सरकारी नर्सिंग कॉलेज निर्माणाधीन हैं। रेवाड़ी कॉलेज का उद्घाटन पहले ही हो चुका है, जबकि शेष पाँच कॉलेजों का निर्माण कार्य 90 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है।

     

    लिंगानुपात के संबंध में पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सख्त निगरानी के कारण पिछले 2-3 वर्षों में इन आंकड़ों में लगातार सुधार हो रहा है। संदिग्ध अवैध गर्भपात की रिवर्स ट्रैकिंग की जा रही है और बिना डॉक्टर की प्रिसक्रिप्शन पर एमटीपी गोलियों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे इस प्रवृत्ति में सकारात्मक बदलाव आया है।

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    15/07/25

    महेंद्रगढ़ जिला के किसानों को मिली 1400 लाख रूपये के सात प्रोजेक्टों की सौगातें : सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी

    चंडीगढ़, 15 जुलाई (अभी) - हरियाणा की सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने दक्षिण हरियाणा के किसानों के लिए एक साथ कई सौगातें दी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से मिलकर महेंद्रगढ़ जिला के लिए करीब 1400 लाख रूपये के सात प्रोजेक्ट मंजूर करवाए हैं, जिनका आज शिलान्यास भी कर दिया गया है। इससे लगभग एक दर्जन से अधिक गांवों में 3250 एकड़ से ज्यादा भूमि में जल संरक्षण और तालाबों को रीचार्ज करने में मदद मिलेगी।

    सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने बताया कि महेंद्रगढ़ जिला के गांव पथरवा , जवाहरनगर तथा नंगला में जल संरक्षण के लिए प्रोजेक्ट बनाया जायेगा जिसको जड़वा डिस्ट्रीब्यूटरी से जोड़ा जाएगा।  इस प्रोजेक्ट पर कुल 460.13 लाख रूपये खर्च होंगे , इससे उक्त तीनों गांवों की 600 एकड़ भूमि को सिंचित किया जा सकेगा।

    इसी प्रकार , गांव जड़वा में 258.63 लाख रूपये की लागत से नहरी पानी के स्टोरेज के लिए वॉटर-टैंक का निर्माण किया जाएगा। इसका उपयोग फसलों में फव्वारा से सिंचाई करने, जल संरक्षण और भूमिगत जल के रीचार्ज करने में किया जायेगा। इस प्रोजेक्ट से 450 एकड़ भूमि को लाभ होगा।

    महेंद्रगढ़ जिला के ही डालनवास गांव में भी इसी प्रकार का प्रोजेक्ट लगाया जायेगा जिस पर 150.09 लाख रूपये की लागत आएगी। इससे फसलों में फव्वारा से सिंचाई की जा सकेगी , जल संरक्षण होगा और भूमिगत जल को रीचार्ज किया जाएगा।

    सिंचाई मंत्री ने जानकारी दी कि माधोगढ़ डिस्ट्रीब्यूटरी से माधोगढ़ घाटी को पानी भेजने के लिए एचडीपीई (हाई डेन्सिटी पॉलीथिन) की पाइपलाइन बिछाई जाएगी।  इसके साथ ही पंप हाउस बनाने और अन्य कार्य के साथ ही 3 वर्ष के लिए मरम्मत के काम की भी मंजूरी दी गई है। इस प्रोजेक्ट पर कुल 146.73 लाख रूपये की लागत आएगी और माधोगढ़ , डालनवास तथा राजावास गांव की 650 एकड़ भूमि में जल संरक्षण के साथ भूमिगत जल को रीचार्ज किया जा सकेगा।

    श्रुति चौधरी ने बताया कि माधोगढ़ ब्रांच से गांव मंढियाली के तालाब को पानी से भरने के लिए आरसीसी पाइपलाइन बिछाने की मंजूरी दी गई है जिस पर 26.02 लाख रूपये की लागत आएगी। इस प्रोजेक्ट से गांव मंढियाली के किसानों को लाभ होगा , उनके गांव का तालाब भी पानी से भरा जा सकेगा और भूमिगत जल स्तर को सुधारने में भी मदद मिलेगी।

    उन्होंने आगे बताया कि सतनाली फीडर से गांव गढ़ी में तालाब को पानी से भरने के लिए एचडीपीई (हाई डेन्सिटी पॉलीथिन) की पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से अधिक बारिश के समय बाढ़ आने पर सतनाली फीडर में से ओवरफ्लो होने वाले पानी को भूमिगत जल स्तर को ऊपर उठाने और सिंचाई के काम में लिया जा सकेगा। उक्त प्रोजेक्ट पर कुल 237.28 लाख रूपये की लागत आएगी और इससे गढ़ी तथा बास गांव की करीब 400 एकड़ भूमि को फायदा होगा।

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    15/07/25

    हिमाचल के मुख्यमंत्री ने 16वें वित्तायोग के अध्यक्ष से राजस्व घाटा अनुदान जारी रखने का आग्रह किया

    हिमाचल, 15 जुलाई (अभी) : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली में 16वें वित्तायोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया से भेंट की और हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए वित्तायोग से सहयोग का आग्रह किया। 

    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार वित्तीय अनुशासन को सुदृढ़ करने के हर संभव प्रयास कर रही है। सतत विकास लक्ष्यों सहित विभिन्न मानकों पर हिमाचल प्रदेश सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों मेंएक है। उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए आयोग से राज्य के हित में सिफारिश करने का अनुरोध किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ी राज्यों में अन्य राज्यों की तुलना में खर्च कई गुना अधिक होता है। इसलिए पहाड़ी राज्यों को उनकी जनसंख्या के अनुपात से कम से कम दोगुना हिस्सा मिलना चाहिए। 

    उन्होंने आयोग से राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित राजस्व संसाधनों को ध्यान में रखते हुए राजस्व घाटा अनुदान जारी रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 15वें वित्तायोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान में भारी कटौती की गई है जिसके चलते राज्य को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। 

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    15/07/25

    भारत विकास यात्रा के केंद्र में शिक्षा बनी रहनी चाहिए : हरदीप सिंह पुरी

    आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली

    जैसे-जैसे हमारा देश आगे बढ़ रहा है, उसका मुख्‍य फोकस शिक्षा पर होना चाहिए, ये बात पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ‘भारत में स्कूली शिक्षा: सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुंच’’ विषय पर सामाजिक विकास परिषद द्वारा आयोजित एक संगोष्ठी में कही।

    पुरी ने यह रेखांकित किया कि शिक्षा राष्ट्र की प्रगति के लिए बुनियादी आधार है। भारत की वर्तमान 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था से 2047 तक 35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की यात्रा उत्‍तरदायी और उत्‍पादक नागरिकों की एक पीढ़ी को सार्वभौमिक, उच्च-गुणवत्ता वाली और समावेशी शिक्षा के माध्यम से तैयार करने पर निर्भर है।

    पिछले ढाई दशकों में हुई नीतिगत परिवर्तनकारी उपलब्‍धियों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि 2002 में वाजपेयी सरकार के दौरान 86वें संविधान संशोधन अधिनियम के माध्यम से शिक्षा के अधिकार (आरटीई) की संवैधानिक नींव डाली गई थी, जिसने अनुच्छेद 21ए के तहत इसे मौलिक अधिकार बनाकर 6-14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा की गारंटी दी। इस निर्णायक कदम ने प्राथमिक शिक्षा को एक नीति निर्देशक सिद्धांत से एक प्रवर्तनीय अधिकार में बदल दिया, जिसके परिणामस्वरूप 2009 में आरटीई अधिनियम पारित हुआ। इस ऐतिहासिक सुधार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में 2014 के बाद और सशक्‍त किया गया, जब इसे प्राथमिकता देते हुए अनेक प्रमुख कार्यक्रमों के माध्यम से लागू किया गया।

    पुरी ने यूडीआईएसई और एएसईआर रिपोर्टों के आरटीई पूर्व और पश्‍चात आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मोदी सरकार के तहत शिक्षा क्षेत्र में निरंतर प्रयासों के उत्साहजनक परिणाम देखने को मिले हैं - युवा साक्षरता दर लगभग 97 प्रतिशत तक पहुंच गई है; लैंगिक साक्षरता अंतर में उल्‍लेखनीय कमी आई है, जिसे ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ और ‘स्वच्छ भारत अभियान’ जैसे प्रयासों से बल मिला है; प्राथमिक स्‍तर पर नामांकन दर 84 प्रतिशत से बढ़कर 96 प्रतिशत हो गई है, और उच्च प्राथमिक स्‍तर पर नामांकन 62 प्रतिशत से बढ़कर 90 प्रतिशत हो गई है। शैक्षिक अवसंरचना और शिक्षक संसाधनों में सुधार समान रूप से उल्लेखनीय हैं: शिक्षक-छात्र अनुपात सुधरकर 42:1 से 24:1 हो गया है, लड़कियों के लिए पृथक शौचालय वाले स्कूलों का अनुपात 30 प्रतिशत से बढ़कर 91 प्रतिशत हो गया है; वहीं बिजली से युक्‍त स्‍कूलों की संख्‍या 20 प्रतिशत से बढ़कर 86 प्रतिशत हो गई है। स्‍कूल छोड़ने की दर में भी तेज गिरावट दर्ज की गई है – जो 9.1 प्रतिशत से घटकर केवल 1.5 प्रतिशत रह गई है। भारत की व्यापक शैक्षिक यात्रा पर विचार व्‍यक्‍त करते हुए उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता के समय देश साक्षरता दर मात्र 17 प्रतिशत थी, जो अब राष्‍ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ) के आंकड़ों के अनुसार लगभग 80 प्रतिशत हो चुकी है - यह एक बड़ी उपलब्धि है जो सार्वभौमिक शिक्षा की दिशा में अगले चरण के रूप में मार्ग प्रशस्‍त करती है।

    पुरी ने बल दिया कि शिक्षा को एक राष्‍ट्रीय प्राथ‍मिकता के रूप में देखा जाना चाहिए, जो किसी भी राजनीतिक विचारधार से ऊपर हो, क्योंकि यह सीधे देश की विकास आकांक्षाओं को आकार देती है। उन्होंने यह स्वीकार किया कि वे शिक्षा नीति के विशेषज्ञ नहीं हैं, लेकिन ये स्‍पष्‍ट किया कि मजबूत शैक्षिक सुधार और समावेशी शिक्षा भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति को साकार करने के लिए अत्‍यावश्‍यक हैं।

    इस संगोष्ठी में प्रोफेसर मुचकुंद दुबे के विजन और उनकी विरासत को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिनके सम्मान में सामाजिक विकास परिषद में ‘मुचकुंद दुबे सेंटर फॉर राइट टू एज्‍युकेशन’ की स्थापना की गई है।

    मंत्री महोदय ने इस केंद्र के पहले कार्यक्रम का उद्घाटन करने का अवसर मिलने पर आभार प्रकट किया और प्रौफेसर दुबे को एक मार्गदर्शक, असाधार राजनयिक, विद्वान और लोकबुद्धिजीवी के रूप में याद करते हुए, भारत के प्रत्येक बच्चे को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के प्रति उनके आजीवन समर्पण को रेखांकित किया।

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    15/07/25

    पद्म पुरस्कार-2026 के लिए 31 जुलाई तक नामांकन

    आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली

    गणतंत्र दिवस, 2026 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्‍कार-2026 के लिए ऑनलाइन नामांकन/सिफारिशें 15 मार्च 2025 से शुरू हो गई हैं। पद्म पुरस्‍कारों के नामांकन की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2025 है। पद्म पुरस्‍कारों के लिए नामांकन/सिफारिशें राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार पोर्टल https://awards.gov.in पर ऑनलाइन प्राप्‍त की जाएंगी।

    पद्म पुरस्‍कार, अर्थात पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री देश के सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मानों में शामिल हैं। वर्ष 1954 में स्‍थापित, इन पुरस्‍कारों की घोषणा प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। इन पुरस्‍कारों के अंतर्गत ‘उत्‍कृष्‍ट कार्य’ के लिए सम्‍मानित किया जाता है। पद्म पुरस्‍कार कला, साहित्य एवं शिक्षा, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, विज्ञान एवं इंजीनियरी, लोक कार्य, सिविल सेवा, व्यापार एवं उद्योग आदि जैसे सभी क्षेत्रों/विषयों में विशिष्‍ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवा के लिए प्रदान किए जाते हैं। जाति, व्यवसाय, पद या लिंग के भेदभाव के बिना सभी व्यक्ति इन पुरस्कारों के लिए पात्र हैं। चिकित्‍सकों और वैज्ञानिकों को छोड़कर अन्‍य सरकारी सेवक, जिनमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में काम करने वाले सरकारी सेवक भी शामिल है, पद्म पुरस्‍कारों के पात्र नहीं हैं।

    सरकार पद्म पुरस्‍कारों को “पीपल्स पद्म” बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अत:, सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे नामांकन/सिफारिशें करें। नागरिक स्‍वयं को भी नामित कर सकते हैं। महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों, दिव्यांग व्यक्तियों और समाज के लिए निस्वार्थ सेवा कर रहे लोगों में से ऐसे प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान करने के ठोस प्रयास किए जा सकते हैं जिनकी उत्कृष्टता और उपलब्धियां वास्तव में पहचाने जाने योग्य हैं।

    नामांकन/सिफारिशों में पोर्टल पर उपलब्ध प्रारूप में निर्दिष्ट सभी प्रासंगिक विवरण शामिल होने चाहिए, जिसमें वर्णनात्मक रूप में एक उद्धरण (citation) (अधिकतम 800 शब्द) शामिल होना चाहिए, जिसमें अनुशंसित व्यक्ति की संबंधित क्षेत्र/अनुशासन में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवा का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया हो।

    इस संबंध में विस्‍तृत विवरण गृह मंत्रालय की वेबसाइट (https://mha.gov.in) पर ‘पुरस्‍कार और पदक’ शीर्षक के अंतर्गत और पद्म पुरस्‍कार पोर्टल (https://padmaawards.gov.in) पर उपलब्‍ध हैं। इन पुरस्‍कारों से संबंधित संविधि (statutes) और नियम वेबसाइट पर https://padmaawards.gov.in/AboutAwards.aspx लिंक पर उपलब्‍ध हैं।      

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    15/07/25

    हम किसानों के साथ किसी भी हालत में धोखा नहीं होने देंगे : शिवराज सिंह

    आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली

    केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बायोस्टिमुलेंट (Bio Stimulant) की बिक्री को लेकर आज कृषि भवन, नई दिल्ली में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।

    सख्त रवैये के साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि बायोस्टिमुलेंट के मामले में हम किसानों के साथ किसी भी हालत में धोखा नहीं होने देंगे। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि वे कोई भी अनुमति देते समय किसानों की सूरत को ध्यान में रखें, हम देश के छोटे किसानों के साथ किसी भी हालत में अन्याय नहीं होने देंगे। शिवराज सिंह ने कहा कि कुछ बेईमान गड़बड़ियां कर रहे हैं, जिनसे किसानों को बचाना मेरी जवाबदारी है।

    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा हाल ही में देशभर में चलाए गए पंद्रह दिवसीय ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के दौरान जब वे राज्यों में प्रवास कर गांव-गांव, खेतों में गए थे और किसानों से सीधा संवाद किया था, इस दौरान कई किसानों ने नकली खाद, नकली बीज, नकली उर्वरक, बायोस्टिमुलेंट तथा नैनो यूरिया की बिक्री को लेकर शिकायतें की थी। शिवराज सिंह ने बैठक में कहा कि भोले-भाले किसानों से शिकायतें मिलने के बाद मैं चुप नहीं बैठ सकता, किसान सर्वोपरि हैं। देश का कृषि मंत्री होने के नाते मेरी जवाबदारी है कि इस संबंध में कार्रवाई करूं।

    शिवराज सिंह ने अनेक गंभीर सवाल खड़े करते हुए बैठक में अधिकारियों से कहा कि देश में बायोस्टिमुलेंट कई सालों से बिक रहा है और एक-एक साल करके इसकी बिक्री की अनुमति की अवधि बढ़ाई जाती रही है, लेकिन फील्ड से कई बार शिकायतें आती है कि इससे कोई फायदा नहीं है, फिर भी ये बिक रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि इसकी पूरी समीक्षा करना आवश्यक है कि इससे कितना फायदा किसानों को हो रहा है, यदि नहीं तो बेचने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। बिना अर्थ के हजारों कंपनियां इसकी बिक्री करने लग गई, लेकिन कृषि मंत्री होते हुए अब मैं किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं होने दूंगा।

    केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने अनेक सवाल खड़े करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि बायोस्टिमुलेंट के इतिहास, आज की स्थिति, पंजीकृत उत्पादों की संख्या, बाजार में इसकी बिक्री को नियंत्रित करने के उपाय, सेम्पलिंग या टेस्टिंग की व्यवस्था है या नहीं, असली-नकली की पहचान के तरीके और गड़बड़ होने की स्थिति में कार्रवाई के लिए प्रावधान की पूरी जानकारी दें।

    शिवराज सिंह ने निर्देश देते हुए कहा कि किसानों के भरोसे के लिए बायोस्टिमुलेंट का आईसीएआर से परीक्षण भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसान हमारे लिए सर्वोपरि है, इसलिए यह देखा जाए कि किसानों के लिए ये तकनीकी रूप से कितने उपयोगी हैं। उन्होंने अधिकारियों के प्रति इस बात के लिए काफी नाराजगी व्यक्त की कि कुछ सालों तक 30 हजार बायोस्टिमुलेंट उत्पाद बिकते रहे और अधिकारियों द्वारा इसपर आपत्ति नहीं जताई गई। उन्होंने कहा कि गत 4 साल से करीब 8 हजार बायोस्टिमुलेंट बिकते रहे, जब मैंने इस बारे में सख्ती की तो अब तकरीबन 650 बायोस्टिमुलेंट ही बचे हैं।

    केंद्रीय मंत्री ने विस्तार से समीक्षा की और पूरी जानकारी के साथ सख्त लहजे में मौजूद अफसरों से कहा वह कंपनियों की नहीं, किसानों की चिंता करें और किसान हित में काम करें। श्री चौहान ने पूछा कि क्या कोई ऐसा डाटा है कि जिससे यह पता चले कि बायोस्टिमुलेंट से उत्पादन कितना बढ़ा है। श्री शिवराज सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि अब उन्हीं बायोस्टिमुलेंट को अनुमति दी जाएगी, जो सारे मापदंडों पर किसान हित में खरे उतरे हैं। वैज्ञानिक तरीके से प्रमाणित होने पर ही अब अनुमति दी जाएगी और इसकी पूरी जवाबदारी संबंधित अधिकारियों की रहेगी।

    शिवराज सिंह ने कहा कि जो सही है, अब उन्हें ही अनुमति दी जाएगी। उन्होंने सख्त निर्देशों के साथ यह चेतावनी भी दी कि आगे से कहीं कोई गड़बड़ी नहीं होने पाएं। देश के किसान हम पर पूरा भरोसा करते हैं, आईसीएआर पर किसान भरोसा करते हैं, तो हमारी और वैज्ञानिकों की भी जवाबदारी है कि वे किसानों की भलाई की बात ही सोचें। किसानों की जरूरत क्या है, उसके अनुसार ही वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों को कार्य करना चाहिए। अंत में चौहान ने नियम-कायदे तय करते हुए एसओपी बनाने के निर्देश भी बैठक में दिए।

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    15/07/25

    टेस्ला की भारत में धमाकेदार एंट्री, 622 किमी. रेंज वाली इलेक्ट्रिक कार लांच

    आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली

    विश्व विख्यात टेस्ला कंपनी ने ऑटोमोबाइल सेक्टर में भारत में अपनी धमाकेदार एंट्री करते हुए पहली इलेक्ट्रिक कार मॉडल वाई को लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस कर की कीमत करीब 60 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तय की है। फुल चार्ज में इसकी रेंज 622 किमी. बताई गई है।

    टेस्ला का पहला शोरूम मुंबई में बांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स के मैक्सिटी मॉल में खुला है। ग्राहकों को इस कार की डिलीवरी इस साल सितंबर तक शुरू की जाएगी। कंपनी के ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार मॉडल वाई की बुकिंग मुंबई, दिल्ली और गुरुग्राम के लिए शुरू की गई है। ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार इस कार के फुल-सेल्फ ड्राइविंग वेरिएंट के लिए ग्राहकों को 6 लाख रुपये अलग से देना होगा।

    इलेक्ट्रिक कार को दो अलग-अलग वैरिएंट- लॉन्ग रेंज ऑल व्हील ड्राइव और लॉन्ग रेंज रियर व्हील ड्राइव में पेश किया गया है। इसका आरडब्ल्यूडी वेरिएंट में एक सिंगल इलेक्ट्रिक मोटर दिया गया है। इसकी सर्टिफाइड रेंज 500 किमी. बताई जा रही है। कार को 0 से 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ने में केवल 5.6 सेकेंड का समय लगता है। इसकी सर्टिफाइड ड्राइविंग रेंज 622 किमी है। टेस्ला ने अपनी Model Y कारों को फास्ट चार्जिंग तकनीक से लैस किया है। दावा किया जा रहा है कि यह कार केवल 15 मिनट में 238 किलोमीटर तक चलने के लिए चार्ज हो जाती है।  

    इसमें फॉर्वर्ड कोलिजन वार्निंग, ऑटोमैटिक इमर्जेंसी ब्रेकिंग, लेन कीप असिस्ट, स्पीड लिमिट असिस्ट जैसे कई फीचर्स मिलते हैं। इसके अलावा कार में स्टैंडर्ड तौर पर 6 एयरबैग भी दिए गए हैं। कार में 15.4-इंच इंफोटेनमेंट डिस्प्ले (फ्रंट), 8-इंच रियर स्क्रीन, पावर-एडजेस्टेबल फ्रंट सीट्स और स्टीयरिंग कॉलम, डुअल-जोन ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, 19-इंच क्रॉसफ्लो व्हील्स, फिक्स्ड ग्लास रूफ और पावर रियर लिफ्टगेट जैसे फीचर्स दिए जा रहे हैं।

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    15/07/25

    राष्ट्रपति कल स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 पुरस्कार प्रदान करेंगी

    आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 17 जुलाई को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) द्वारा आयोजित एक समारोह में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू की उपस्थिति में प्रतिष्ठित स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 पुरस्कार प्रदान करेंगी।

    स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 विश्व के सबसे बड़े शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण का 9वां संस्करण है। यह ऐतिहासिक आयोजन स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (एसबीएम-यू) को आगे बढ़ाने वाले शहरों के अथक प्रयासों को मान्यता देते हुए शहरी भारत के सबसे स्वच्छ शहरों को पुरस्कृत करेगा। इस वर्ष सुपर स्वच्छ लीग शहर, 5 जनसंख्या श्रेणियों में शीर्ष, स्वच्छ शहर, विशेष श्रेणी: गंगा शहर, छावनी बोर्ड, सफाई मित्र सुरक्षा, महाकुंभ, राज्य स्तरीय पुरस्कार - राज्य/केंद्र शासित प्रदेश का होनहार स्वच्छ शहर आदि चार श्रेणियों में कुल 78 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

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    15/07/25

    शहरों में अत्याधुनिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट मॉडल लगाने के लिए सरकार से चर्चा करेंगे- देवनानी

    एन.एस. बाछल, 15 जुलाई, जयपुर।

    राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मध्यप्रदेश यात्रा में इंदौर प्रवास के दौरान नगर निगम इंदौर द्वारा संचालित अत्याधुनिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का अवलोकन किया। श्री देवनानी ने इस प्लांट की कार्यप्रणाली और तकनीक की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इंदौर का वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल बेस्ट है। इंदौर नगर निगम एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा कचरा निस्तारण, रिसाइकलिंग प्रक्रियाओं एवं स्वच्छता मॉडल के विभिन्न पहलुओं के बारे में वासुदेव देवनानी को जानकारी दी।


    अजमेर सहित राजस्थान के विभिन्न शहरों में इंदौर जैसा प्लांट लगाने के लिए राज्य सरकार से श्री देवनानी करेंगे चर्चा:- 

    वासुदेव देवनानी ने कहा कि इंदौर नगर निगम ‌द्वारा विकसित यह वेस्ट मैनेजमेंट प्रणाली देशभर के लिए प्रेरणास्त्रोत है। यह न केवल कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन का उदाहरण प्रस्तुत करती है, बल्कि नगरीय जीवन को स्वस्थ, स्वच्छ और पर्यावरण हितैषी बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है। देवनानी ने कहा कि अजमेर नगर निगम सहित राज्य के विभिन्न शहरों में इसी मॉडल पर आधारित अत्याधुनिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की स्थापना हेतु प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए वासुदेव देवनानी राज्य सरकार से चर्चा करेंगे ताकि "स्वच्छ राजस्थान" का लक्ष्य प्रभावी रूप से साकार किया जा सके।

    वासुदेव देवनानी ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि नगरीय स्वच्छता में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करते हुए पर्यावरण के अनुकूल और सतत समाधान अपनाए जाएं। इसके माध्यम से न केवल स्वच्छता, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को भी सुदृढ़ किया जा सकेगा। स्वच्छता मिशन की दिशा में कचरे निस्तारण की प्रक्रिया निर्णायक पहल है, जो राजस्थान के विभिन्न शहरों के लिए लाभदायक हो सकती है।


    कचरा निस्तारण एक गंभीर समस्याः—

    वासुदेव देवनानी ने कहा कि कचरा निस्तारण एक गंभीर समस्या हैं। कचरे का निस्तारण भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में एक चुनौती बनी हुई है। अत्यधिक कचरा जमा होने से पर्यावरण प्रदूषण और बीमारियां होती है। खासकर प्लास्टिक कचरा वायु, जल और मिट्टी को प्रदूषित करता है। उन्होंने कहा कि कचरा निस्तारण वाकई एक जटिल समस्या है. लेकिन सही प्रयासों और आधुनिकतम तकनीक की विभिन्न पद्धतियों से समस्या का हल संभव है।

    जन जागरूकता, सामूहिक भागीदारी और सख्त निगरानी आवश्यकः— 

    वासुदेव देवनानी ने कहा कि कचरा निस्तारण की समस्या का समाधान आधुनिकतम तकनीक से होगा लेकिन इसके लिए लोगों की जन-जागरूकता, उनकी सामूहिक भागीदारी के साथ सख्त निगरानी भी आवश्यक है। इससे समस्या कभी विकराल रूप नहीं ले सकेगी। उन्होंने कहा कि इस समस्या के निराकरण के लिए लोगों की इच्छा शक्ति और प्रशासनिक प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण पहलू है।

    #Anil Vij #Haryana #bjp #india #politics #Ambala #Danik Khabar #news #current news #chandigarh #punjab #himachal

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    15/07/25

    यूएवी और सी-यूएएस स्वदेशीकरण पर कार्यशाला का आयोजन

    आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली

    एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय (मुख्यालय आईडीएस), संयुक्त युद्ध अध्ययन केंद्र (सीईएनजेओडब्ल्यूएस) के सहयोग से रक्षा प्रौद्योगिकियों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में 16 जुलाई, 2025 को नई दिल्‍ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में यूएवी और सी-यूएएस क्षेत्रों में विदेशी ओईएम से वर्तमान में आयातित महत्वपूर्ण घटकों के स्वदेशीकरण पर एक कार्यशाला और प्रदर्शनी का आयोजन कर रहा है।

    यह आयोजन हाल ही में भारत-पाकिस्तान के बीच हुई शत्रुता की पृष्ठभूमि में हो रहा है, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर भी शामिल है, जिसने मानवरहित हवाई वाहनों (यूएवी) और मानवरहित हवाई प्रणालियों (सी-यूएएस) के सामरिक महत्व और परिचालन प्रभावशीलता को उजागर किया। इन प्रणालियों ने परिस्थितिजन्य जागरूकता बढ़ाने, सटीक निशाना लगाने में सक्षम बनाने और मानव कर्मियों के लिए जोखिम कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो वास्तविक समय के अभियानों के दौरान भारत की स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों की परिपक्वता, विश्वसनीयता और मूल्य को दर्शाता है।

    महत्वपूर्ण यूएवी और सी-यूएएस घटकों के लिए ओईएम पर निर्भरता कम करने के महत्व को समझते हुए, आगामी कार्यशाला-सह-प्रदर्शनी का उद्देश्य रक्षा विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, सैन्य प्रमुखों, वैज्ञानिकों और निजी उद्योग सहित सभी संबंधित हितधारकों को एक साथ एक मंच पर लाते हुए स्वदेशीकरण के लिए एक रणनीतिक प्रारूप तैयार करना है। इस आयोजन से मानवरहित प्रणालियों में नवाचार, ज्ञान साझाकरण और दीर्घकालिक क्षमता निर्माण के लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य करने की आशा है।

    चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर एकीकृत रक्षा स्टाफ प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित अपने समापन भाषण में विचार-विमर्श का सारांश और अपेक्षित परिणाम प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा, वे यूएवी और सी-यूएएस प्रणालियों तथा उनके महत्वपूर्ण उप-घटकों के स्वदेशीकरण पर केंद्रित एक रणनीतिक नीति दस्तावेज़ों की भी प्रस्तुति करेंगे।

    यह पहल भारत के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को मज़बूत करना, रक्षा तैयारियों को मज़बूत करना और भारत को उन्नत सैन्य तकनीकों के वैश्विक केंद्र में परिवर्तित करना है। कार्यशाला में प्रमुख विशेषज्ञों के व्याख्यान, स्वदेशी तकनीकों का सीधा प्रदर्शन और घरेलू उत्पादन में वर्तमान चुनौतियों पर नियंत्रण रखने पर चर्चा होगी।

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    15/07/25

    पहले मेक-इन-इंडिया उन्नत कार्बन फाइबर कृत्रिम पैर का अनावरण

    आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली

    डीआरडीओ की रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (डीआरडीएल) और एम्स बीबीनगर द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित पहले मेक-इन-इंडिया लागत प्रभावी उन्नत कार्बन फाइबर फुट प्रोस्थेसिस (कृत्रिम पैर) का एम्स बीबीनगर, तेलंगाना में अनावरण किया।

    एम्स बीबीनगर - डीआरडीएल, डीआरडीओ द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित यह अनुकूलित कार्बन फुट प्रोस्थेसिस (एडीआईडीओसी) आत्मनिर्भर भारत पहल के अंतर्गत एक बड़ी सफलता है।  इस कार्बन फुट प्रोस्थेसिस का अनावरण डीआरडीएल के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और निदेशक डॉ जीए श्रीनिवास मूर्ति और एम्स बीबीनगर के कार्यकारी निदेशक  डॉ अहंतेम सांता सिंह ने किया।

    एडीआईडीओसी का पर्याप्त सुरक्षा कारक के साथ 125 किलोग्राम तक भार के लिए बायोमैकेनिकल परीक्षण किया गया है। विभिन्न भार के रोगियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए यह तीन प्रकारों में उपलब्ध है। इस पैर को उच्च-गुणवत्ता और किफायती समाधान प्रदान करने के लक्ष्य के साथ डिज़ाइन किया गया है ताकि यह ज़रूरतमंद लोगों को अंतरराष्ट्रीय मॉडलों की तरह आसानी से उपलब्ध हो सके।

    उम्मीद है कि इससे उत्पादन की लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी और यह लगभग 20,000 रुपये से भी कम हो जाएगी, जबकि वर्तमान में आयातित समान उत्पादों की लागत लगभग दो लाख रुपये है। इस नवाचार से देश में निम्न आय वर्ग के दिव्यांगों के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले कृत्रिम अंगों तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार, आयातित तकनीकों पर निर्भरता में कमी और दिव्यांगजनों के व्यापक सामाजिक एवं आर्थिक समावेशन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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    15/07/25

    PRESIDENT OF INDIA GRACES CONVOCATION CEREMONY OF RAVENSHAW UNIVERSITY

    The President of India, Smt Droupadi Murmu, graced the convocation ceremony of Ravenshaw University at Cuttack, Odisha, today (July 15, 2025).

    Speaking on the occasion, the President said that this educational institution was an active center of the freedom struggle and associated with the movement for the formation of the state of Odisha. This institution has been continuously making invaluable contributions to the development of education and women's empowerment. Many of its former students have increased the prestige of India as freedom fighters, educationists, litterateurs, philosophers, political leaders, social reformers, scientists and artists.

    The President was happy to note that Ravenshaw University is making remarkable strides in research, innovation, and inclusivity. It has extended its expertise to numerous industry partners through consultancy services and technology transfers. Its ‘Centre of Design, Innovation and Entrepreneurship’ promotes ideation, translational research, and entrepreneurship. She also noted that the University is focusing on increasing the enrollment of students from tribal areas, underprivileged groups, and the divyangjan.

    The President said that this is the era of science and technology. Artificial Intelligence, Machine Learning, 3D Printing and Cloud Computing have brought about a vast change in our thinking and working style. She was happy to note that this University is making good use of these technologies. She advised all to be careful about the misuse of these advanced technologies.

    The President said that our country is going through Amrit Kaal. Making India a developed nation by the year 2047 is our national goal. The sense of nation first is our biggest strength. Our soldiers, farmers, scientists, engineers, doctors and people active in various fields are working with the sentiment of increasing the pride of India. She urged students to take inspiration from them and contribute in the development of the country with their knowledge, skills and devotion.

    In the next event, the President laid the foundation stone for the redevelopment of three buildings of Ravenshaw Girls' High School at Cuttack.

    In her brief remarks on the occasion, the President said that the quality of teaching and good infrastructure create a good educational environment. She expressed confidence that on completion of the redevelopment project, the facilities of this school will become even better. She appreciated the Central and State governments for this project related to the education of girls.

    The President said that during various convocation ceremonies, she noted that girls perform better when given equal facilities and opportunities. She highlighted that women are contributing actively in every field- be it education and literature or science, technology, industry and commerce. She advised girl students to take inspiration from the women who are setting new standards of success in various fields. She said that they could achieve even the impossible on the strength of their knowledge, self-confidence, skill and determination.


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    15/07/25

    PM welcomes Group Captain Shubhanshu Shukla on return to Earth from his historic mission to Space

    The Prime Minister today extended a  welcome to Group Captain Shubhanshu Shukla on his return to Earth from his landmark mission aboard the International Space Station. He remarked that as India’s first astronaut to have journeyed to the ISS, Group Captain Shukla’s achievement marks a defining moment in the nation’s space exploration journey.

    In a post on X, he wrote:

    “I join the nation in welcoming Group Captain Shubhanshu Shukla as he returns to Earth from his historic mission to Space. As India’s first astronaut to have visited International Space Station, he has inspired a billion dreams through his dedication, courage and pioneering spirit. It marks another milestone towards our own Human Space Flight Mission - Gaganyaan.”


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    15/07/25

    Prime Minister condoles the passing of Shri Fauja Singh

    Prime Minister Shri Narendra Modi today condoled the passing of Shri Fauja Singh, whose extraordinary persona and unwavering spirit made him a source of inspiration across generations. PM hailed him as an exceptional athlete with incredible determination.

    In a post on X, he said:

    “Fauja Singh Ji was extraordinary because of his unique persona and the manner in which he inspired the youth of India on a very important topic of fitness. He was an exceptional athlete with incredible determination. Pained by his passing away. My thoughts are with his family and countless admirers around the world.”


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    15/07/25

    Prime Minister pays homage to Thiru K. Kamaraj Ji on his birth anniversary

    The Prime Minister Shri Narendra Modi paid homage to Thiru K. Kamaraj Ji on his birth anniversary today. He remarked that Thiru Kamaraj ji’s noble ideals and emphasis on social justice inspire us all greatly.

    In separate posts on X, PM stated:

    “Paying homage to Thiru K. Kamaraj Ji on his birth anniversary. He was at the forefront of India’s freedom struggle and provided invaluable leadership in the formative years of our journey after Independence. His noble ideals and emphasis on social justice inspire us all greatly.”

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    15/07/25

    अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे आयरन स्क्रैप पर बड़ी कार्यवाही

    एन.एस. बाछल, 15 जुलाई, जयपुर।

    राज्य वस्तु एवं सेवा कर (SGST) विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना ई-वे बिल के अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे आयरन स्क्रैप से भरे 10 ट्रकों को जब्त किया है। यह कार्यवाही शासन सचिव वित ( राजस्व) एवं मुख्य आयुक्त वाणिज्यिक कर विभाग श्री कुमार पाल गौतम के निर्देशानुसार राज्य प्रवर्तन शाखा द्वारा चलाए गए एक विशेष अभियान के अंतर्गत की गई।

    प्रवर्तन शाखा ने विभिन्न टीमों का गठन कर राज्य के कई क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की, जिसके दौरान इन ट्रकों को पकड़ा गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह स्क्रैप विभिन्न सरिया निर्माण इकाइयों में उपयोग हेतु भेजा जा रहा था, किंतु इसका परिवहन बिना वैध दस्तावेजों एवं ई-वे बिल के किया जा रहा था, जो कि GST अधिनियम का उल्लंघन है।

    लगातार मिल रहीं थी गुप्त सूचनाएं– 

    राज्य जीएसटी विभाग को पिछले कुछ समय से आयरन स्क्रैप के अवैध परिवहन एवं कर चोरी की लगातार सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर विभाग द्वारा योजना बनाकर यह कार्रवाई की गई।

    जांच जारी, और खुलासे संभव—

    फिलहाल प्रवर्तन शाखा द्वारा ट्रकों में लदे माल के वास्तविक मालिकों की तथा यह स्क्रैप किस स्थान पर डिलीवर किया जाना था, इसकी जांच की जा रही है। जांच के दौरान बड़े पैमाने पर कर चोरी के और भी मामले उजागर होने की संभावना है।

    शासन सचिव एवं मुख्य आयुक्त गौतम ने कहा है कि कर कानूनों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी और प्रदेश में कर चोरी पर पूर्ण नियंत्रण के लिए वाणिज्यिक कर विभाग पूरी तरह से प्रतिबद्ध हो कर कार्य कर रहा है।

    #Anil Vij #Haryana #bjp #india #politics #Ambala #Danik Khabar #news #current news #chandigarh #punjab #himachal

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    15/07/25

    एयर इंडिया विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट: टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद दोनों इंजन बंद हो गए

    गुरुग्राम, 15 जुलाई 2025, शुभम वी

    :अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दोनों इंजन अचानक बंद हो गए। यह हादसा एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 से जुड़ा है, जो एक बोइंग 787-8 विमान था।

    ईंधन आपूर्ति में रुकावट की वजह से थ्रस्ट हुआ गायब

    जांच एजेंसी के अनुसार, विमान ने टेकऑफ के दौरान जैसे ही स्पीड पकड़ी, दोनों इंजनों में ईंधन की आपूर्ति रुक गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि इंजन कंट्रोल स्विच अपने-आप “RUN” से “CUTOFF” मोड में चले गए, जिससे इंजन तुरंत बंद हो गए और विमान ऊँचाई प्राप्त नहीं कर पाया।

    इस तकनीकी घटना के बाद विमान तेज़ी से नीचे गिरा और कुछ ही क्षणों में ज़मीन से टकरा गया, जिससे 240 से अधिक लोगों की जान चली गई, जिनमें कई ग्राउंड स्टाफ भी शामिल थे।

    पायलटों की बातचीत बनी जांच का हिस्सा

    ब्लैक बॉक्स से प्राप्त कॉकपिट रिकॉर्डिंग में यह सामने आया कि दोनों पायलट हैरान थे और एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि “क्या आपने स्विच बंद किया?” दोनों ने इंजन बंद करने की जिम्मेदारी नकार दी। यह बातचीत अब जांच एजेंसी के लिए मुख्य सुराग बन गई है।

    sabotage या तकनीकी गड़बड़ी से इंकार

    अब तक की जांच में किसी भी तरह की आतंकी गतिविधि, पक्षी टकराव या बाहरी हस्तक्षेप के संकेत नहीं मिले हैं। विमान के तकनीकी दस्तावेजों की समीक्षा में भी कोई पूर्व चेतावनी या खराबी दर्ज नहीं की गई थी।

    आगे की कार्रवाई

    जांच एजेंसी ने यह स्पष्ट किया है कि यह रिपोर्ट केवल शुरुआती निष्कर्ष है और अंतिम रिपोर्ट आने में कई महीने लग सकते हैं। अब अगला चरण इंजन मैकेनिज़्म, स्विचिंग सिस्टम और संभावित सॉफ्टवेयर गड़बड़ियों की गहराई से जांच करने का होगा।

    मंत्री का बयान

    नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जांच एजेंसी से पारदर्शिता बनाए रखने और रिपोर्ट को समय पर साझा करने का आग्रह किया है। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि अंतिम निष्कर्षों से पहले किसी नतीजे पर पहुँचना जल्दबाज़ी होगी।

    निष्कर्ष: प्रारंभिक जांच में यह साफ हो गया है कि उड़ान के कुछ सेकंड बाद ही विमान के दोनों इंजन बंद हो गए, जिससे विमान गिर पड़ा। अब जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि इंजन कंट्रोल स्विच कैसे और क्यों बंद हुए—क्या यह तकनीकी गलती थी या मानव भूल।

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    15/07/25

    आमजन की समस्या के निस्तारण के लिए कटिबद्ध - मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

    एन.एस. बाछल, 15 जुलाई, जयपुर।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार संवेदनशीलता के साथ सेवा को अपना मूल मंत्र मानते हुए आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रही है। हमने प्रदेशभर में जनसुनवाई का ऐसा तंत्र सुविकसित किया है जो परिवादों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के साथ ही जरूरतमंद को त्वरित सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध कराने में बेहद कारगर साबित हो रहा है।

    भजनलाल शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर नियमित जनसुनवाई कर रहे थे। उन्होंने आमजन की परिवेदनाओं को आत्मीयता के साथ सुना तथा अधिकारियों को उनके संतोषपूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी सुराज के संकल्पों को साकार करने की दिशा में आमजन को बुनियादी सुविधाएं नियमित और निर्बाध रूप से उपलब्ध कराए। जनकल्याण ही राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

     मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, कृषि, गृह, राजस्व, सिंचाई, परिवहन, पशुपालन, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, मनरेगा, ऊर्जा सहित विभिन्न विभागों की आमजन से जुड़ी परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण किया।

    इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे।

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    15/07/25

    राज्य की सहकारी समितियों के उत्पादों की होगी अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच

    एन.एस. बाछल, 15 जुलाई, जयपुर।

    सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक के कुशल नेतृत्व एवं सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां मंजू राजपाल के मार्गनिर्देशन में राज्य में सहकार से समृद्धि कार्यक्रम की बेहतर क्रियान्विति की जा रही है। इसी क्रम में सोमवार को राजस्थान राज्य कय विक्रय सहकारी संघ लि. (राजफेड) एवं राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लि. (NCEL) के मध्य महत्वपूर्ण एमओयू हुआ, जिससे राज्य की सहकारी समितियों के उत्पादों की अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच होगी।

          राजफेड कार्यालय में सम्पन्न हुई एमओयू की प्रक्रिया में राजफेड की ओर से प्रबंध निदेशक टीकम चन्द बोहरा एवं एनसीईएल की ओर से प्रबंध निदेशक अनुपम कौशिक ने हस्ताक्षर किए। आगामी दिनों में सहकारी समितियों के माध्यम से जुडे सदस्यों को प्रत्यक्ष रूप से इस एमओयू का लाभ मिलेगा। दोनों संस्थाओं के मध्य एमओयू होने से सहकारी समितियों को निर्यात के क्षेत्र में कार्य करने का अवसर मिलेगा। इससे प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी तथा सहकारी समितियों की आय में वृद्धि होगी।

          उल्लेखनीय है कि सहकारी समितियों की आय में वृद्धि के दृष्टिगत केन्द्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर तीन बहु राज्यीय सहकारी समितियों का गठन किया गया है। राजफेड को राज्य सरकार द्वारा इन तीनों समितियों हेतु नोडल एजेंसी नामित किया गया है। पूर्व में राजफेड का भारतीय बीज सहकारी समिति लि. और राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लि. के साथ एमओयू हो चुका है।

          इस अवसर पर राजफेड के महाप्रबन्धक (मा.सं.वि.) डॉ. अमित शर्मा एवं सहकार से समृद्धि के कंसल्टेन्ट आर.एस. जोधा, एनसीडीसी प्रतिनिधि सुनील छापोला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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    15/07/25

    जल संरचनाएं जीवनदायिनी, कार्यों की गुणवत्ता में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए

    एन.एस. बाछल, 15 जुलाई, जयपुर।

    भारतीय मानक ब्यूरो और जल संसाधन विभाग द्वारा सोमवार से विभाग के अधिकारियों और अभियंताओं के लिए क्षमता निर्माण कार्यशाला शुरू हुई। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में दो दिवसीय कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन किया।

     

    सुरेश रावत ने कहा कि जल संसाधन विभाग पर प्रकृति के बहुमूल्य संसाधन ‘जल‘ के संरक्षण, प्रबंधन एवं सदुपयोग का दायित्व है। विभिन्न वृहद्, मध्यम, लघु और माइक्रो स्तर पर जल भंडारण ढांचों एवं वितरण प्रणाली के निर्माण, उनकी सुरक्षा और रख-रखाव का कार्य विभाग की बड़ी जिम्मेदारी है। इसलिए जीवनदायिनी जल संरचनाओं के निर्माण कार्य सुरक्षित, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल कराना सुनिश्चित किया जाए।

     

    जल संसाधन मंत्री ने कहा कि आधारभूत संरचनाएं देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। हमारी केन्द्र और राज्य की सरकारें सड़क, रेल, बंदरगाह, पुल, विद्युत, जल परियोजनाओं, बांध निर्माण, सिंचाई नहर प्रणाली जैसी आधारभूत संरचनाओं में लगातार पूंजी निवेश बढ़ा रही हैं। इसलिए विभागीय कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आईएस कोड की सख्ती से पालना की जाए। उन्होंने कहा कि हमारे लिए गुणवत्ता सर्वोपरि होनी चाहिए। यह कार्यशाला विभागीय कार्यों में बेहद उपयोगी सिद्ध होगी।

     

    सुरेश रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ‘विरासत भी-विकास भी‘ के विजन के साथ जल परियोजनाओं को बढ़ाया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री का संकल्प है कि कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता से पूर्ण किए जाएं। कार्यों की गुणवत्ता में जीरो टॉलरेंस अपनाएं।

    जल संसाधन मंत्री ने भारतीय मानक ब्यूरो के अधिकारियों से कहा कि विभागीय अभियंताओं को आईएस कोड एवं नवाचारों और बदलावों के संबंध में नियमित जागरूक करते रहें। उन्होंने विश्वास जताया कि कार्यशाला अभियंताओं की कार्यक्षमता और गुणवत्ता के प्रति जागरुकता को और अधिक मजबूत बनाएगी।

    जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त सचिव भुवन भास्कर ने कहा कि जल संसाधन से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता मानकों की समझ और उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह कार्यशाला विभागीय कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। उद्घाटन सत्र में भारतीय मानक ब्यूरो जयपुर शाखा से संयुक्त निदेशक रमन कुमार त्रिवेदी ने दो दिवसीय कार्यशाला और ब्यूरो की गतिविधियों से अवगत कराया।  

    कार्यशाला में प्रथम दिन विभिन्न तकनीकी सत्रों के माध्यम से विशेषज्ञों ने जल संरचनाओं, पाइपलाइन नेटवर्क, जल गुणवत्ता और जल संरक्षण से संबंधित मानकों की जानकारी दी। इसमें फील्ड अभियंताओं के साथ व्यावहारिक अनुभव साझा करते हुए उन्हें नवीनतम तकनीकी दिशा-निर्देशों से अवगत कराया गया।

    इस अवसर पर भारतीय मानक ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारी, जल संसाधन विभाग के अभियंता एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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    15/07/25

    आज धरती पर कदम रखेंगे भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला

    आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली

    भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से धरती पर वापसी के सफर पर हैं। भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और एक्सिओम-4 मिशन के तीन अन्य चालक दल के सदस्य अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में 18 दिन बिताने के बाद आज पृथ्वी पर लौटेंगे। 

    वे कल स्पेसएक्स ड्रैगन के जरिए पृथ्वी की लगभग 22 घंटे की यात्रा पर अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की परिक्रमा करने वाली प्रयोगशाला से रवाना हुए और आज दोपहर 3 बजे (भारतीय समयानुसार) अमेरिका के कैलिफोर्निया तट पर पहुंचने की उम्मीद है।

    इससे पहले केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को एक्सिओम-4 इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन मिशन से जुड़ा अपडेट दिया था। उन्होंने बताया था कि शुभांशु शुक्ला 15 जुलाई को दोपहर 3 बजे (भारतीय समयानुसार) पृथ्वी पर लौट सकते हैं।

    एक्सिओम-4 मिशन की अंतरिक्ष यात्रा 25 जून को शुरू हुई जब ड्रैगन अंतरिक्ष कैप्सूल को ले जाने वाला फाल्कन-9 रॉकेट फ्लोरिडा से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर रवाना हुआ। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में जाने वाले केवल दूसरे भारतीय हैं। उनकी यह यात्रा अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा द्वारा 1984 में रूसी सोयुज पर उड़ान भरने के 41 साल बाद हुई। 

    आईएसएस पर शुभांशु शुक्ला ने भारत-विशिष्ट सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण प्रयोग किए, जिससे अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भारत की बढ़ती क्षमताओं का प्रदर्शन हुआ। ये प्रयोग भविष्य के ग्रहीय मिशनों और लंबी अवधि के अंतरिक्ष निवास के लिए महत्वपूर्ण डेटा उत्पन्न करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। रविवार को, नासा के अभियान दल ने एक्सिओम-4 चालक दल के लिए एक पारंपरिक विदाई समारोह का आयोजन किया। विदाई समारोह में बोलते हुए, शुभांशु शुक्ला ने अपनी अंतरिक्ष यात्रा को वास्तव में अविश्वसनीय बताया।

    टीम ने अंतरिक्ष में 14 दिनों तक कई वैज्ञानिक रिसर्च किए जिसमें अंतरिक्ष में मानव शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करना, जैसे कि जीरो ग्रैविटी में शरीर की प्रतिक्रिया,  माइक्रोग्रैविटी स्थितियों में विभिन्न खाद्य पदार्थों को अंकुरित करना और उनके विकास का अध्ययन करना, जैसे कि हरा चना, मेथी और मूंग शामिल है।  

    कुल मिलाकर 31 देशों के 60 प्रयोग किए गए जिसमें विज्ञान और तकनीक को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रयोग शामिल हैं। 
     

    आकाश गंगा नामक यह मिशन, एक्सिओम स्पेस, नासा और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का एक संयुक्त प्रयास है। यह आगामी गगनयान मिशन और प्रस्तावित भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन सहित भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान महत्वाकांक्षाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    इस मिशन का नेतृत्व कमांडर पेगी व्हिटसन कर रही हैं, जबकि शुभांशु शुक्ला पायलट की भूमिका निभा रहे हैं। स्लावोस उजनान्स्की-विस्निव्स्की मिशन स्पेशलिस्ट हैं, जिनके साथ टिबोर कापू भी शामिल हैं।

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    15/07/25

    राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय - ग्लोबल मेडिकल टूरिज्म हब बनेगा राजस्थान

    एन.एस. बाछल, 15 जुलाई, जयपुर।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में नियोजित नगरीय विकास को प्रोत्साहन देने, मेडिकल ट्यूरिज्म को बढ़ावा देने, अक्षय ऊर्जा सहित ऊर्जा क्षेत्र के विकास, कर्मचारी कल्याण एवं विभिन्न संवर्गों के कार्मिकों के लिए पदोन्नति के अधिक अवसर उपलब्ध करवाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए।

    उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चन्द बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप राजस्थान को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे के साथ प्रमुख मेडिकल टूरिज्म हब बनाने के उद्देश्य से मंत्रिमण्डल की बैठक में मेडिकल वैल्यू ट्रेवल पॉलिसी (हील इन राजस्थान नीति-2025) के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। यह नीति राजस्थान को सुलभ, किफायती लागत और भरोसेमंद मेडिकल वैल्यू ट्रेवल (एम.वी.टी.) डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करेगी। यह नीति स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्रों को एकीकृत करके आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, और वैश्विक ब्रांडिंग को बढ़ावा देगी। इस नीति के तहत निवेशकों को राजस्थान निवेश संवर्धन योजना (रिप्स), राजस्थान औद्योगिक विकास नीति और पर्यटन नीति के तहत प्रोत्साहन उपलब्ध कराये जायेंगे तथा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप और वायबिलिटी गैप फंडिंग का भी उपयोग किया जाएगा।

    खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि हील इन राजस्थान नीति-2025 से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के साथ एमवीटी से जुड़े डिजिटल इकोसिस्टम का विकास सुनिश्चित होगा। मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित हो सकेंगे। पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों जैसे आयुर्वेद, योग, यूनानी, और सिद्ध को भी बढ़ावा दिया जायेगा। इस पॉलिसी के तहत एक समर्पित एमवीटी सेल की स्थापना की जायेगी तथा एमवीटी सुविधा प्रदाता और सेवा प्रदाताओं को प्रमाणित किया जायेगा। पॉलिसी के तहत एमवीटी पोर्टल और मोबाइल एप विकसित किया जायेगा एवं टेलीमेडिसिन, बायोटेक्नोलॉजी और एप-आधारित डायग्नोस्टिक्स में प्रगति को बढ़ावा दिया जायेगा। साथ ही, टेलीकंसल्टेशन और बहुभाषी हेल्पलाइन सेवाएं स्थापित की जाएगी। 

    टाउनशिप पॉलिसी-2024 का अनुमोदन

    संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए नियोजित विकास को बढ़ावा देने के लिए नवीन टाउनशिप पॉलिसी-2024 लाई जाएगी। इस नीति के क्रियान्वयन, निगरानी एवं समीक्षा हेतु राज्य स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा, जिससे शहरी योजनाओं के विकास में आने वाली समस्याओं का त्वरित निदान हो सकेगा।

    उन्होंने बताया कि इस नीति में सभी क्षेत्रफल की आवासीय योजनाओं में एकरूपता के दृष्टिगत 7 प्रतिशत पार्क व खेल मैदान एवं 8 प्रतिशत सुविधा क्षेत्र का प्रावधान किया गया है। योजना के पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी होने के पश्चात विकास कार्यों का रख रखाव 5 वर्ष की अवधि अथवा योजना के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को हस्तान्तरण किया जाने तक योजना के 2.5 प्रतिशत भूखण्ड रहन रखे जाने का प्रावधान किया गया है। मिश्रित भू-उपयोग, ग्रुप हाउसिंग, फ्लैट आवास, एकीकृत योजना, वाणिज्यिक भू-उपयोग की योजना हेतु इस नीति में नवीन प्रावधान रखे गये हैं।

    उन्होंने बताया कि औद्योगिक योजनाओं में श्रमिकों के निवास हेतु न्यूनतम 5 प्रतिशत क्षेत्रफल के भूखण्ड का प्रावधान किया गया है। सभी योजनाओं में आर्थिक रूप से कमजोर एवं अल्प आय वर्ग हेतु आरक्षित भूखण्डों का आवंटन स्थानीय निकाय के माध्यम से किये जाने का प्रावधान रखा गया है। राज्य के सभी नगरीय क्षेत्रों में सेक्टर सडकों के निर्माण एवं उनके सहारे व्यावसायिक पट्टी के विकास हेतु जेडीए की सेक्टर कॉमर्शियल पॉलिसी की तर्ज पर आपसी सहमति से भूमि अवाप्ति कर कार्यवाही किये जाने के प्रावधान किये गये हैं। साथ ही, सभी योजनाओं में वर्षा जल संचयन और अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण के प्रावधान सम्मिलित किये गये हैं। 

    राजस्थान सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नीति, 2025 का अनुमोदन

    गोदारा ने बताया कि गैस आधारित अर्थव्यवस्था को बढावा देने के लिए राजस्थान सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नीति, 2025 का अनुमोदन भी आज मंत्रिमंडल द्वारा किया गया। इससे राज्य में कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी और स्वच्छ, सुरक्षित व पर्यावरण अनुकूल प्राकृतिक गैस की पहुंच आमजन तक सुलभ हो सकेगी। इस नीति से सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) के इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इससे पीएनजी एवं सीएनजी नेटवर्क का छोटे शहरों व नगरों में तेजी से विस्तार हो सकेगा। इस नीति में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के लिए अनुमति, भूमि आवंटन एवं अनुमोदन की प्रक्रिया को समयबद्ध एवं सरल बनाया गया है।इसके लिए सीजीडी पोर्टल भी विकसित किया जाएगा। यह नीति 31 मार्च 2029 तक अथवा अन्य नीति लागू होने तक प्रभावी रहेगी।

    ऊर्जा क्षेत्र में 3 ज्वाइंट वेंचर कंपनियों से आएगा 11 हजार 200 करोड़ का निवेश

    जोगाराम पटेल ने बताया कि 8 अगस्त 2024 और 29 सितम्बर 2024 को राज्य सरकार और 3 केन्द्रीय पीएसयू के बीच हुए एमओयू की अनुपालना में तीन ज्वाइंट वेंचर कंपनियों के गठन के प्रस्तावों को भी आज मंजूरी दी गई। इन जेवी कंपनियों में राज्य सरकार की कंपनियों की शेयर हॉलिं्डग के लिए वर्तमान परिसंपत्तियों से अंश पूंजी की व्यवस्था की जाएगी। इन जेवी से राज्य में अक्षय ऊर्जा क्षमता बढ़ेगी, जो बिजली की पीक लोड डिमांड को पूरा करेगा। साथ ही, बिजली उत्पादन में प्रदेश के वित्तीय भार में कमी आएगी।

    उन्होंने बताया कि इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड और आरवीयूएनएल के बीच स्थापित होने वाली जे.वी. में हिस्सेदारी क्रमशः 74 प्रतिशत और 26 प्रतिशत रहेगी। इसमें आरवीयूएनएल के सोलर पार्क में 500 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजना स्थापित की जाएगी। इस परियोजना से 2,000 करोड़ रुपये का प्रदेश में निवेश होगा। इसी प्रकार, अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए ऑइल इंडिया लिमिटेड एवं आरवीयूएनएल के मध्य ज्वाइंट वेंचर भी बनाई जाएगी। यह उपक्रम एक हजार मेगावाट की सौर ऊर्जा और 200 मेगावाट पवन ऊर्जा क्षमता की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना करेगा। 50-50 प्रतिशत की शेयरधारिता वाली इस जेवी के माध्यम से प्रदेश में 5,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। 

    उन्होंने बताया कि गेल (इंडिया) लिमिटेड और आरवीयूएनएल के बीच 50-50 प्रतिशत की शेयरधारिता वाली जेवी की स्थापना की जाएगी। इस जेवी कम्पनी को गैस आधारित धौलपुर पावर प्लांट की 300 मेगावाट क्षमता की व रामगढ़ पावर प्लांट की 270.50 मेगावाट क्षमता की मौजूदा इकाइयों का हस्तान्तरण किया जाएगा। गेल इन दोनों पावर प्लांटों के संचालन के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। इससे इन पॉवर प्लांटों के संचालन और दक्षता में बढ़ोतरी होगी। यह जेवी 750 मेगावाट की सौर ऊर्जा व 250 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजना की स्थापना भी करेगी। इससे राज्य में लगभग 4200 करोड़ रुपये का निवेश होगा।

    प्रक्रियाधीन भर्ती में रिक्तियों की संख्या में सौ प्रतिशत तक वृद्धि का प्रावधान

    उपमुख्यमंत्री डॉ. बैरवा ने बताया कि वर्तमान में विविध सेवा नियमों में विज्ञापित रिक्तियों की संख्या का 50 प्रतिशत तक वृद्धि कर चयन किये जाने का प्रावधान है। वर्ष 2024-25 की बजट घोषणा की अनुपालना में इसे बढ़ाते हुए विज्ञप्ति जारी होने के बाद भी रिक्तियों की संख्या में सौ प्रतिशत तक वृद्धि का प्रावधान करने का निर्णय किया गया है। इस संशोधन से प्रक्रियाधीन भर्ती के दौरान उसी भर्ती में अधिक संख्या में रोजगार उपलब्ध हो सकेंगे एवं इससे विभागों में रिक्त पदों की संख्या में कमी आएगी।

    कार्मिकों को पदोन्नति हेतु वांछित अनुभव में 2 वर्ष का शिथिलन

    डॉ. बैरवा ने बताया कि मंत्रिमंडल ने कार्मिकों के हित को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2025-26 में पदोन्नति हेतु नीचे के पद पर वांछित अनुभव अथवा सेवा अवधि में 2 वर्ष का शिथिलन दिए जाने का निर्णय किया है। यह शिथिलन ऐसे कार्मिकों को दिया जा सकेगा, जिन्होंने वर्ष 2023-24 तथा 2024-25 के दौरान वांछित अनुभव या सेवा अवधि में कोई शिथिलन नहीं लिया है। कार्मिक परिवीक्षाकाल के दौरान पदोन्नति के लिए पात्र नहीं होंगे। इसके लिए विभिन्न सेवा नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।

    उन्होंने बताया कि शासन सचिवालय सेवा (मंत्रालयिक संवर्ग) के कार्मिकों को पदोन्नति के समुचित अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजस्थान सचिवालय सेवा नियम-1954 में संशोधन किया जाएगा। इसके अनुसार वरिष्ठ उप शासन सचिव एवं उप शासन सचिव पदों के लिए निर्धारित अनुपात 13ः10 के स्थान पर 16ः10 में संशोधित किया जाएगा।

    परिवर्तित पदनाम एवं नवीन पद सेवा नियमों में शामिल

    उपमुख्मयंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा कृषि विभाग में कृषि विस्तार सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं कृषि विस्तार संवर्ग में कृषि पर्यवेक्षक (लेवल-5) को पदोन्नति के अवसर देने के लिए वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक (लेवल-10) का पद सृजित किया गया है। इसे अब तक सेवा नियमों में शामिल नहीं किया जा सका था। अब मंत्रिमंडल के अनुमोदन के बाद वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक के पद का पे-लेवल राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम-2017 में सम्मिलित किया जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग में पशुपालन अधीनस्थ सेवा में पशुधन सहायक के परिवर्तित पदनाम पशुधन निरीक्षक, पशु चिकित्सा सहायक के परिवर्तित पदनाम पशुधन प्रसार अधिकारी एवं सहायक सूचना अधिकारी के परिवर्तित पदनाम वरिष्ठ पशुधन प्रसार अधिकारी को और इस कैडर में पदोन्नति के अधिक अवसर देने के लिए सृजित नवीन पद मुख्य पशुधन प्रसार अधिकारी (लेवल-12) को भी सेवा नियमों में शामिल किया जा रहा है। ¬

    उन्होंने बताया कि उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में सहायक निदेशक के परिवर्तित पदनाम सहायक आयुक्त उद्योग एवं वाणिज्य, उप निदेशक के परिवर्तित पदनाम उप आयुक्त उद्योग एवं वाणिज्य, संयुक्त निदेशक के परिवर्तित पदनाम संयुक्त आयुक्त उद्योग एवं वाणिज्य, अतिरिक्त निदेशक के परिवर्तित पदनाम अतिरिक्त आयुक्त उद्योग और वरिष्ठ अतिरिक्त निदेशक के परिवर्तित पदनाम वरिष्ठ अतिरिक्त आयुक्त उद्योग एवं वाणिज्य को राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम-2017 में शामिल किया जा रहा है। 

    उन्होंने बताया कि वाहन चालकों के एकल पद पर पदोन्नति के अवसर देने के लिए वरिष्ठ वाहन चालक (लेवल-8), वरिष्ठ वाहन चालक ग्रेड-प्रथम (लेवल-10) एवं मुख्य वाहन चालक (लेवल-11) के पद सृजित किये गये हैं। इसी प्रकार, चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों के लिए पदोन्नति के अतिरिक्त अवसर देने के लिए जमादार ग्रेड-प्रथम (लेवल-4) एवं मुख्य जमादार (लेवल-5) के पद सृजित किए गए हैं। इन पदों को राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम-2017 की अनुसूची-2 में शामिल किया जाएगा। जिससे इन सेवाओं और संवर्गों के कार्मिकों को पदोन्नति एवं संबंधित वेतनमान का लाभ मिल सकेगा। 

    शिक्षक के सीएएस हेतु रिफ्रेशर कोर्स की छूट 31 दिसम्बर 2024 तक बढ़ाई

    डॉ. बैरवा ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग के अधीन संचालित विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति एवं करियर एडवांसमेंट स्कीम (सी.ए.एस.) के तहत उनकी पदोन्नति को लेकर यूजीसी द्वारा समय-समय पर विनियम जारी किए जाते हैं। यूजीसी विनियम-2018 के तृतीय संशोधन में शिक्षकों को सी.ए.एस. हेतु रिफ्रेशर अथवा ऑरिएंटेशन कोर्स करने की छूट 31 दिसम्बर 2023 तक एवं चतुर्थ संशोधन में 31 दिसम्बर 2024 तक बढ़ाई गई है। राजस्थान शिक्षा सेवा (महाविद्यालय शाखा) नियम-1986 में यूजीसी विनियम 2018 के तृतीय एवं चतुर्थ संशोधन के अनुरूप प्रावधान शामिल नहीं होने के कारण बहुत से शिक्षक करियर एडवांसमेंट स्कीम के अन्तर्गत पदोन्नति से वंचित हो रहे थे। राज्य सरकार ने अब इन संशोधनों को सेवा नियमों में शामिल करने का निर्णय किया है। इससे उच्च शिक्षा विभाग के अधीन विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ प्राप्त हो सकेगा।

    विविध सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी

    उपमुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान शिक्षा (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा में प्राध्यापक (कृषि) के पद पर सीधी भर्ती हेतु योग्यता में आई.सी.ए.आर. के स्थान पर यू.जी.सी. से मान्यता प्राप्त डिग्री को मान्य किया गया है। इसी प्रकार, एन.सी.टी.ई. से मान्यता प्राप्त संस्थानों से प्राप्त बीएड को ही मान्य किया गया है। इसके लिए राजस्थान शिक्षा (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा नियम-2021 में संशोधन किया जा रहा है।  

    उन्होंने बताया कि जल संसाधन विभाग में राजस्थान अभियांत्रिकी अधीनस्थ सेवा (सिंचाई शाखा) नियम-1967 में पटवारी पद की शैक्षणिक योग्यता, भर्ती हेतु स्कीम व परीक्षा पाठ्यक्रम को राजस्व विभाग के पटवारी के समान की जा रही है। साथ ही, चयनित पटवारियों के प्रशिक्षण हेतु स्कीम व पाठ्यक्रम में परिवर्तन तथा भर्ती प्रक्रिया राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर के माध्यम से कराये जाने के लिए भी सेवा नियमों में संशोधन की स्वीकृति दी गई है। इस संशोधन के उपरांत राजस्व विभाग, उपनिवेशन विभाग एवं जल संसाधन विभाग के पटवारी के समस्त पदों की एक सयुंक्त परीक्षा आयोजित की जा सकेगी। 

    उन्होंने बताया कि जल संसाधन विभाग में राजस्थान अभियांत्रिकी अधीनस्थ सेवा (सिंचाई शाखा) नियम-1967 में जिलेदार पद को सौ प्रतिशत पदौन्नति से भरे जाने हेतु आवश्यक संशोधन को भी केबिनेट द्वारा स्वीकृति दी गई। विभाग में जिलेदार के सीधी भर्ती से नियुक्ति हेतु 15 पद स्वीकृत हैं, जो कि 30 पदों से कम की श्रेणी में होने के कारण राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के माध्यम से भर्ती नहीं हो पाने के फलस्वरूप रिक्त चल रहे थे। 

    आरपीएससी में सदस्यों की संख्या में वृद्धि

    संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग में कार्य की अधिकता के दृष्टिगत सदस्य के 3 नवीन पद सृजित किये जाएंगे। इस प्रकार आरपीएससी में 7 के स्थान पर अब 10 सदस्य होंगे। राजस्थान लोक सेवा आयोग में सदस्यों की संख्या बढ़ाने से आयोग की कार्य क्षमता में वृद्धि होगी तथा आयोग का कार्य सुचारू रूप से एवं तत्परता से सम्पादित हो सकेगा। इसके लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग (सेवा की शर्ते) विनियम, 1974 के विनियम-3 (1) में संशोधन को आज मंजूरी प्रदान की गई।

    राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति-2024 में संशोधन

    जोगाराम पटेल ने बताया कि राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति-2024 में संशोधन को आज मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी प्रदान की गई। संशोधन के फलस्वरूप ऐसे निवेशक जिन्होंने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत 1000 मेगावाट या उससे अधिक अक्षय ऊर्जा या ग्रीन हाईड्रोजन परियोजनाओं के लिए एमओयू किए हैं एवं जिनके पास पीपीए अथवा कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है, उनके द्वारा अक्षय ऊर्जा निगम में भूमि हेतु पंजीयन एवं आवश्यक शुल्क जमा कराए जाने पर राजस्व विभाग को इन परियोजनाओं हेतु मौजूदा प्रावधानों के तहत सेट-अपार्ट की अनुशंसा की जा सकेगी। सेट-अपार्ट की गई जमीन का कम से कम एक-तिहाई क्षेत्रफल हेतु भूमि आवंटन का आवेदन 3 वर्ष के अंदर तथा अगले कम से कम एक-तिहाई क्षेत्रफल हेतु भूमि आवंटन का आवेदन 4 से 6 वर्ष एवं बाकी भूमि के आवंटन का आवेदन 7 से 9 वर्ष के बीच आवश्यक राशि जमा कर करना होगा। 

    आर.आई.सी. जयपुर का प्रबंधन अब गवर्निंग बोर्ड के माध्यम से

    गोदारा ने बताया कि राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर के प्रबंधन हेतु गठित कार्यकारी समिति एवं गवर्निंग बोर्ड के पुनर्गठन का निर्णय भी आज लिया गया। इसका प्रबंधन अब ‘राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर जयपुर सोसाइटी’ के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 6 सरकारी सदस्यों, 6 राज्य सरकार द्वारा नामित सदस्यों, आरआईसी के 2 सदस्यों एवं आरआईसी निदेशक सहित 15 सदस्यीय गवर्निंग बोर्ड का गठन किया जाएगा। इसी प्रकार कार्यकारी समिति का भी गठन किया जाएगा।

    आर.यू.एच.एस. अधिनियम 2005 में संशोधन के लिए अध्यादेश

    गोदारा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 के बजट में राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय को एम्स दिल्ली की तर्ज पर उन्नयन कर राजस्थान इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की स्थापना किए जाने की घोषणा की गई थी। इस क्रम में राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम-2005 में आवश्यक संशोधन के लिए राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश-2025 लाया जाएगा। इस निर्णय के फलस्वरूप जयपुर में राजस्थान आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) को एम्स नई दिल्ली की तर्ज पर स्वायत्तशासी संस्थान के रूप में विकसित किया जा सकेगा। 

    स्थायी पूर्ण दिव्यांग कार्मिक के आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति हेतु शिथिलन

    डॉ. बैरवा ने बताया कि पुलिस आयुक्त जोधपुर के अधीन भूतपूर्व हैड कांस्टेबल श्री भगाराम दिनांक 17 अक्टूबर 2021 को सड़क दुर्घटना होने के कारण कोमा में चले गए थे। किन्तु उनका स्थायी पूर्ण दिव्यांगता प्रमाणपत्र 19 जनवरी 2024 को जारी किया जा सका था। तब तक उनकी सेवानिवृत्ति में 5 वर्ष से कम का समय शेष रहा था। भगाराम के आश्रित पुत्र श्री ओमप्रकाश को अनुकम्पात्मक नियुक्ति दिये जाने के लिए राजस्थान स्थायी पूर्ण दिव्यांग ‘‘सरकारी कर्मचारी के आश्रित की अनुकम्पात्मक नियुक्ति नियम-2023’’ में वांछित शेष 5 वर्ष की सेवा अवधि में अपवादिक शिथिलता प्रदान करने का निर्णय बैठक में लिया गया।

    महाविद्यालयों का नाम परिवर्तन

    उन्होंने बताया कि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ओसियां जिला जोधपुर का नामकरण “शहीद गोरख राम ’वीरचक्र’ राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ओसियां“, राजकीय कन्या महाविद्यालय, बुड्ढा जोहड, रायसिंह नगर का नामकरण राजकीय गुरू जम्भेश्वर कन्या महाविद्यालय, बुड्ढा जोहड, रायसिंह नगर एवं राजकीय महाविद्यालय फतेहपुर का नामकरण “मोदीसन राजकीय महाविद्यालय फतेहपुर“ करने की स्वीकृति भी कैबिनेट द्वारा दी गई।

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    15/07/25

    सदस्यों का चयन का आधार दलीय के साथ-साथ योग्यता भी हो समितियों की रिपोर्ट पर सदन में हो चर्चा-विधानसभा अध्यक्ष

    एन.एस. बाछल, 15 जुलाई, जयपुर।

    विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधान सभा समितियाँ सदन का लघु रूप होती हैं, जिनकी कार्यवाही लोकतंत्र की पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संसदीय समितियों द्वारा परंपराओं के अनुसार जनप्रतिनिधियों की सहभागिता, प्रशासन की जवाबदेही और लोकतंत्र की गुणवत्ता का वास्तविक परीक्षण किया जाता हैं। वासुदेव देवनानी ने समितियों की सुदृढता के लिये महत्वपूर्ण सुझाव देते हुये कहा कि समितियों की बैठकों में सदस्यों की उपस्थिति बढ़ाये जाने के लिये सदस्यों का वर्चुअली जुडाव और समितियों में सदस्यों का चयन दलीय आधार के साथ-साथ योग्यता और विशिष्टता भी होनी चाहिए।

    विधान सभा समितियों की सुदृढ़ता के लिये बनेगी रिपोर्ट: राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी सोमवार को भोपाल स्थित मध्यप्रदेश विधान सभा में आयोजित समिति प्रणाली की समीक्षा के लिए गठित पीठासीन अधिकारियों की समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने देश के विधानमण्डलों की समितियों की सुदृढता की समीक्षा के लिए सात विधानसभा अध्यक्षों की एक समिति का गठन किया है। वासुदेव देवनानी इस समिति के सदस्य है। यह समिति देश के विभिन्न राज्यों की विधान सभाओं में गठित समितियों का तुलनात्मक अध्ययन कर विधान सभा समितियों की सुदृढता के लिए एक रिपोर्ट तैयार कर रही है। इस समिति में राजस्थान विधान सभा के साथ मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश और ओडिसा विधानसभा के अध्यक्ष भी शामिल है। यह समिति रिपोर्ट को लोकसभा अध्यक्ष को प्रस्तुत करेंगी।

    अगली बैठक राजस्थान में- वासुदेव देवनानी ने समिति प्रणाली की समीक्षा के लिए गठित पीठासीन अधिकारियों की समिति की अगली बैठक को राजस्थान में किये जाने का प्रस्ताव रखा। श्री देवनानी के इस प्रस्ताव पर बैठक में चर्चा के बाद स्वीकार किया गया।

     

    निकटस्थ वर्षों का हो परीक्षण ताकि उसी वर्ष के बजट में प्रस्तावों के जुड़ने का अवसर मिल सकें- राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि समितियों में चार-पाँच वर्ष पुराने मामलों का परीक्षण होता है। उन्होंने सुझाव दिया कि समितियों द्वारा निकटस्थ वर्षों के मामलों का परीक्षण किया जाना चाहिए ताकि समितियों के सुझावों की क्रियान्विति के लिये उसी वर्ष के बजट में समावेश के अवसर मिल सकें।

     राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि समितियों की बैठकों में सदस्यों की उपस्थिति को बढायें जाने के लिये सदस्यों के वर्चुअली/ऑनलाइन जुडने पर विचार किया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि समितियों की बैठकों में सदस्यों के ऑनलाइन जोड़े जाने से उनके कार्यों की गोपनीयता के परिणामों पर गंभीरता से सोचना चाहिये। वासुदेव देवनानी का मानना था कि ऑनलाइन बैठक से सदस्यों की उपस्थिति निश्चित रूप से बढ़ेगी लेकिन हमें समिति के कार्यों की गोपनीयता में अधिक सर्तकता बरतनी होगी। 

    समितियों की रिपोर्ट पर सदन में हो चर्चा- वासुदेव देवनानी ने सुझाव दिया कि समितियों की रिपोर्ट पर सदन में चर्चा कराये जाने पर विचार करना चाहिये। इससे विधायकों की समितियों के कार्यों में रुचि बढेगी। सदन में समितियों की रिपोर्ट पर चर्चा होने से जवाबदेही भी तय होगी। वासुदेव देवनानी ने कहा कि सदन में समितियों की रिपोर्ट पर चर्चा से विधायकों की समितियों के कार्यों में सहभागिता में वृद्धि हो सकेगी। 

    प्रश्नों के जवाब समय पर आयें- वासुदेव देवनानी ने कहा कि कई बार विधायकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर महीनों तक नहीं आते और कभी-कभी तो पूरा सत्र समाप्त हो जाता है फिर भी उत्तर नहीं मिलते। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन जवाबदेह नहीं होगा, तो समितियों की भूमिका निष्प्रभावी हो जाएगी। उन्होंने बैठक में बताया कि राजस्थान विधान सभा में इस समस्या के समाधान हेतु उन्होंने स्वयं पहल करते हुए मुख्य सचिव एवं सभी प्रमुख सचिवों के साथ बैठक करके इस समस्या का हल निकाला, जिसके परिणामस्वरूप पिछले सत्रों के प्रश्नों के उत्तर समय पर प्राप्त हो गए हैं। 

    विधानसभा में समिति प्रणाली का सुदृढ़ीकरण, नवाचार व सुधार की दिशा में राजस्थान अग्रणी- वासुदेव देवनानी ने बताया कि राजस्थान विधानसभा में वर्तमान में 17 समितियाँ कार्यरत हैं। कुछ समितियों जिनका कार्य अपेक्षाकृत सीमित था, उन्हें अन्य अधिक सक्रिय समितियों में सृजनात्मक रूप से विलय कर पुनर्गठित किया गया है जैसे पुस्तकालय समिति को सरकारी आश्वासन समिति में और सदाचार समिति को याचिका समिति में समाहित किया गया है, जिससे समितियों का समेकित और प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सके।

     

    समितियां सदन का लघु रूप- वासुदेव देवनानी ने कहा कि समितियां सदन का लघु रूप होती है। समितियों की बैठकों से सदन का समय बच जाता है, जो महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा में लगाया जा सकता है। राजस्थान विधान सभा में समितियों की नियुक्ति, उनका कार्यकाल, कृत्य तथा समिति के कार्य संचालन की प्रक्रिया का विनियमन, नियमों के उपबंधों के अंतगर्त और उन नियमों के अंतर्गत अध्यक्ष द्वारा जारी किये गये निर्देशों के अनुसार किया जाता है। वासुदेव देवनानी ने कहा कि संसदीय समितियों के संबंध में तीन प्रकार के नियम हैं सामान्य नियम, जो सभी समितियों पर लागू होते हैं, विशिष्ट नियम, जिसमें विशेष समितियों के लिए उपबंध किये गये हैं और आंतरिक कार्य प्रणाली नियम, सम्बद्ध समितियों द्वारा स्वयं अध्यक्ष के अनुमोदन से बनाये जाते हैं और वे कार्य करने की विस्तृत प्रक्रिया से संबंधित होते है। 

    राजस्थान में दो तरह की समितियां- वासुदेव देवनानी ने कहा कि राजस्थान विधान सभा में स्थायी व तदर्थ समितियां बनी हुई है। स्थायी समितियों को उनके कार्य के अनुसार विभाजित किया गया है। सरकार की वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियों पर नियंत्रण रखने वाली समितियां, जॉच करने वाली समितियों, संवीक्षा करने वाली समितियाँ, सभा के दिन-प्रतिदिन के कार्य संबंधी समिति और सदस्यों की सुविधाएँ दिलाने संबंधी समिति बनाई गई है। उन्होंने कहा कि समिति के सदस्य विधान सभा के सदस्य ही हो सकते हैं, मंत्री किसी भी स्थायी समिति का सदस्य नहीं होता है। मंत्रीगण केवल विधेयक पर गठित प्रवर समिति के सभापति होते है।

    सामान्य प्रयोजनों संबंधी समिति का गठन- वासुदेव देवनानी ने कहा कि सभी समितियों की गतिविधियों की समयबद्ध समीक्षा हेतु 'सामान्य प्रयोजन समिति' का गठन किया गया है। उन्होने बताया कि राजस्थान विधान सभा में ऐसी समिति का गठन पहली बार हुआ है। इस समिति की अध्यक्षता स्वयं अध्यक्ष करते हैं और जिसमें सभी समितियों के सभापति शामिल होते हैं। प्रत्येक तीन माह में बैठक आयोजित होती है, जिसमें समितियों की बैठक संख्या, परीक्षणों की प्रगति, सदस्यों की उपस्थिति आदि की गहन समीक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि यह समिति समितियों की सक्रियता को आंकने का एक पारदर्शी माध्यम बन गई है, जिससे ना केवल कार्यप्रणाली में सुधार हुआ है, बल्कि सदस्यों की सहभागिता में भी बढ़ोतरी हुई है। वासुदेव देवनानी ने यह भी कहा कि अब समिति सदस्यों की वार्षिक उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए पुनर्नियुक्ति का निर्णय लिया जाता है। जो सदस्य अत्यंत न्यूनतम उपस्थिति दर्ज कराते हैं, उन्हें दोबारा समिति में शामिल न करने पर भी विचार किया जाता है।

    सुशासन में जनप्रतिनिधि की आवाज का प्रभावशाली माध्यम- श्री देवनानी ने कहा समितियों के माध्यम से ही हम जनप्रतिनिधियों की आवाज़ को सुशासन की व्यवस्था में प्रभावशाली रूप से स्थापित कर सकते हैं। यह आवश्यक है कि न केवल समितियाँ सक्रिय रहें, बल्कि उनका दायित्व और परिणाम भी जनता तक पहुंचे। यह हमारा लोकतांत्रिक कर्तव्य भी है और दायित्व भी।

    वासुदेव देवनानी का नरेंद्र सिंह तोमर ने किया स्वागत- मध्य प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का भोपाल स्थित मध्य प्रदेश विधान सभा पहुंचने पर पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। दोनों के बीच संसदीय प्रक्रियाओं, समिति की कार्यप्रणाली और लोकतंत्र के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श हुआ।

     

    दोपहर भोज राज्यपाल के साथ- वासुदेव देवनानी सहित बैठक में भाग लेने वाले सभी प्रदेशों के विधान सभा अध्यक्षों ने दोपहर भोज मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल के साथ किया। पटेल ने देवनानी से राजस्थान के संदर्भ में चर्चा की।

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    15/07/25

    पीएम मोदी ने थिरु के. कामराज जी की जयंती पर उन्‍हें श्रद्धांजलि अर्पित की

    आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को स्वतंत्रता सेनानी और थिरु के. कामराज को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की।  

    पीएम मोदी ने कहा, "थिरु के. कामराज जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। वे भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सबसे आगे थे और स्वतंत्रता के बाद हमारी यात्रा के प्रारंभिक वर्षों में उन्होंने अमूल्य नेतृत्व प्रदान किया। उनके महान आदर्श और सामाजिक न्याय पर ज़ोर हम सभी को बहुत प्रेरित करते हैं।"

     

    कुमारस्वामी कामराज का जन्म 15 जुलाई, 1903 को तमिलनाडु के एक पिछड़े इलाके में एक साधारण और गरीब परिवार में हुआ था। उनकी स्कूली शिक्षा केवल छह साल तक चली। बारह साल की उम्र में, वे एक दुकान में सहायक के रूप में काम कर रहे थे। जब उन्होंने जलियाँवाला बाग हत्याकांड के बारे में सुना, जो उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ था, तब वे मुश्किल से पंद्रह साल के थे।

     

    कामराज 1937 में मद्रास विधान सभा के लिए निर्विरोध चुने गए। 1946 में वे फिर से इसके लिए चुने गए। 1946 में वे भारतीय संविधान सभा के लिए भी चुने गए और बाद में 1952 में संसद के लिए भी चुने गए।

     

    1954 में वे मद्रास के मुख्यमंत्री बने। 1963 में, उन्होंने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को सुझाव दिया कि वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को मंत्री पद छोड़कर संगठनात्मक कार्य करना चाहिए। इस सुझाव को 'कामराज योजना' के नाम से जाना गया।

     

    1976 में उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

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    15/07/25

    पीएम मोदी ने एथलीट फौजा सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया

    आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सबसे उम्रदराज मैराथन धावक फौजा सिंह के निधन पर दुख जताया। पीएम मोदी ने कहा कि मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और दुनिया भर में उनके अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं।

    फौजा सिंह ने फिटनेस को लेकर भारत के युवाओं को प्रेरित किया

    प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “फौजा सिंह एक असाधारण व्यक्ति थे। उन्होंने अपने खास व्यक्तित्व और फिटनेस जैसे महत्वपूर्ण विषय को लेकर भारत के युवाओं को प्रेरित किया। वे अद्भुत दृढ़ संकल्प वाले एक उत्कृष्ट एथलीट थे। उनके निधन से बहुत दुख हुआ। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और दुनियाभर में मौजूद उनके अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं।”

    राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने फौजा सिंह के निधन पर दुख जताया  

    विश्व प्रसिद्ध एथलीट और सबसे उम्रदराज मैराथन धावक फौजा सिंह का सड़क हादसे में निधन हो गया। 114 वर्षीय फौजा सिंह सोमवार सुबह सैर पर गए थे, तभी एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया।

    हादसे की सूचना मिलते ही जालंधर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है

    गंभीर रूप से घायल फौजा सिंह को तुरंत जालंधर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही जालंधर पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और फरार चालक की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की।

    फौजा सिंह का जन्म 1 अप्रैल 1911 को पंजाब के जालंधर स्थित ब्यास पिंड में हुआ था

    फौजा सिंह का जन्म 1 अप्रैल 1911 को पंजाब के जालंधर स्थित ब्यास पिंड में हुआ था। चार भाई-बहनों में सबसे छोटे फौजा बचपन में शारीरिक रूप से कमजोर थे और पांच साल की उम्र तक चल नहीं पाते थे। लेकिन उन्होंने असाधारण इच्छाशक्ति से इस कमी को अपनी ताकत बनाया। बचपन से ही दौड़ने का शौक रखने वाले फौजा पर 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन ने गहरा प्रभाव डाला।

    फौजा सिंह दुनिया के पहले 100 वर्षीय मैराथन धावक बने, जिसने उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई

    1992 में पत्नी के निधन के बाद फौजा बेटे के पास लंदन चले गए। वहां उन्होंने अपने दौड़ने के जुनून को फिर से जीवंत किया। नियमित अभ्यास और अटूट समर्पण के बल पर उन्होंने 100 वर्ष की आयु में साल 2011 में टोरंटो मैराथन को 8 घंटे, 11 मिनट और 6 सेकंड में पूरा कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। वह दुनिया के पहले 100 वर्षीय मैराथन धावक बने, जिसने उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई।

    फौजा सिंह की विरासत नशा मुक्त पंजाब के लिए प्रेरणा बनी रहेगी

    पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने फौजा सिंह के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “महान मैराथन धावक और दृढ़ता के प्रतीक सरदार फौजा सिंह के निधन से अत्यंत दुखी हूं। 114 वर्ष की आयु में वे अद्वितीय उत्साह के साथ ‘नशा मुक्त – रंगला पंजाब’ मार्च में मेरे साथ शामिल हुए। उनकी विरासत नशा मुक्त पंजाब के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।”

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    15/07/25

    पौधे लगाने के लिए श्रावण माह सबसे उपयुक्त समय, आमजन अधिकाधिक पौधारोपण कर हरियालो राजस्थान अभियान में निभाए भागीदारी

    एन.एस. बाछल, 15 जुलाई, जयपुर।

    वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने पवित्र श्रावण मास के प्रथम सोमवार को अलवर में सब्जी मंडी स्थित शिव मंदिर तथा सामान्य चिकित्सालय में स्थापित शिव मंदिर में भगवान शिव की मूर्ति पर रुद्राभिषेक किया एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं अच्छी वर्षा की कामना की। 

    वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने सभी श्रद्धालुओं को श्रावण के सोमवार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में सावन के सोमवार का विशेष महत्व है। इन दिनों भगवान शिव की आराधना कर उनका रूद्राभिषेक करने पर मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि सर्वाधिक वर्षा होने के कारण यह महीना प्राकृतिक सौन्दर्य एवं पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के उन्नयन हेतु पूर्ण निष्ठा के साथ निरन्तर कार्य कर रही है। मंदिरों में भोग की राशि बढाने की राज्य सरकार की घोषणा सराहनीय कदम साबित हुई है। इस दौरान उन्होंने दोनों स्थानों पर अपने नियमित पौधारोपण करने के संकल्प के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में हरियालो राजस्थान अभियान के अंतर्गत इस वर्ष प्रदेश में 10 करोड से अधिक पौधे लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। अतः आमजन पर्यावरण संरक्षण एवं धरती मां के प्रति अपनी कृतज्ञता निभाते हुए न केवल पौधा लगाए बल्कि उसकी सार-संभाल भी करें।

     

    इस अवसर पर प्रमुख चिकित्सालय अधिकारी डॉ. सुनील चौहान, पं. जलेसिंह, सियाराम मीणा, पुष्पेंद्र शर्मा, सौरभ कालरा, अभय सैनी सहित प्रबुद्ध व्यक्ति एवं बडी संख्या में आमजन मौजूद रहे। 

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    15/07/25

    कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन और जीरो पेंडेंसी सुनिश्चित करें— पंचायती राज मंत्री

    एन.एस. बाछल, 15 जुलाई, जयपुर।

    पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि स्वच्छ ग्राम राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अधिकारियों को 2 अक्टूबर से ग्रामीण क्षेत्रों को पॉलीथिन मुक्त करने के लिए अभियान चलाने और इसकी अभी से तैयारी  शुरू करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि हर ग्राम पंचायत में प्रतिदिन सफाई होनी चाहिए। जिन ग्राम पंचायतों में सफाई के टेंडर हो चुके है, वहां 1 अगस्त तक नियमित सफाई शुरू हो जानी चाहिए।

    पंचायती राज मंत्री की अध्यक्षता में  सोमवार को शासन सचिवालय स्थित पंचायती राज भवन  में विभागीय अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई । उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में टेंडर होने के बावजूद सफाई प्रतिदिन नहीं शुरू हो रही है, उन पर सख्ती से कार्रवाई की जाए।  उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में सफाई के टेंडर अभी तक नहीं हुए है, वहां शीघ्र से शीघ्र टेंडर करें।

    उन्होंने अधिकारियों द्वारा किए गए दौरों और रात्रि विश्राम की विस्तार से जानकारी ली। पंचायती राज मंत्री ने निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायतों में गंदगी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

    बैठक में दिलावर ने कार्यों का शीघ्र समयबद्ध क्रियान्वयन और जीरो पेंडेंसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों को समय से कार्यों को पूरा करने के लिए निर्देशित किया। 

    पंचायती राज मंत्री ने पंचायती राज, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) तथा वाटरशेड विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में श्रीमती सलोनी खेमका, निदेशक स्वच्छ भारत मिशन, बृजेश कुमार चंदोलिया, अतिरिक्त आयुक्त एवं संयुक्त सचिव, पंचायती राज विभाग एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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    15/07/25

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह का प्रस्तावित जयपुर दौरा, सहकारिता मंत्री ने की तैयारियों की समीक्षा

    एन.एस. बाछल, 15 जुलाई, जयपुर।

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति में 17 जुलाई को जयपुर के दादिया ग्राम में प्रस्तावित सहकार एवं रोजगार उत्सव के मध्यनजर सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने सोमवार को अपेक्स बैंक सभागार में तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध रूप से सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी-कर्मचारी अपनी-अपनी जिम्मेदारी अच्छी तरह से निभाएं।

    गौतम कुमार दक ने कहा कि श्री अमित शाह का यह दौरा सहकारिता की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। सहकारिता की दृष्टि से यह एक ऐतिहासिक कार्यक्रम होगा। दौरे को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाए। सहकारिता मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में प्रत्येक जिले एवं प्रत्येक सहकारी संस्था से प्रतिनिधियों की भागीदारी होनी चाहिए। सभी आगन्तुकों के नाम एवं फोन नम्बर प्रभारी अधिकारियों के पास उपलब्ध होने चाहिए। साथ ही, रूट चार्ट, आगन्तुकों की सूची एवं चेक प्वाइंट्स आदि की जानकारी भी साझा कर ली जाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में प्रदेश भर से बड़ी संख्या में लोग आएंगे। ऐसे में उनकी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए। किसी को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े और जो भी व्यक्ति कार्यक्रम में आए, यहां से अच्छी यादें लेकर जाए। गौतम कुमार दक ने आगन्तुकों के लिए भोजन, पेयजल एवं ठहरने आदि के समुचित बंदोबस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही, कार्यक्रम स्थल पर आगन्तुकों के लिए छाछ एव चाय की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।

    सहकारिता मंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर हैल्प डेस्क एवं कंट्रोल रूम स्थापित करने सहित अन्य महत्वपूर्ण निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि हैल्प डेस्क और कंट्रोल रूम से जरूरतमंद को तत्काल सहायता उपलब्ध होनी चाहिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कंट्रोल रूम की स्थापना कर खण्डवार 7 प्रभारी अधिकारियों की नियुक्ति की जा चुकी है। श्री दक ने कार्यक्रम स्थल पर पार्किंग की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं लोगों को परेशानी से बचाने के लिए संकेत पट्ट लगाने के भी निर्देश दिए। श्री दक ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई जाने वाली प्रदर्शनी को भी समुचित रूप से आयोजित करने एवं आकर्षक बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसमें जो भी उत्पाद हाईलाइट किए जाने हैं, वे स्पष्ट हों। उन्होंने कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने एवं आगन्तुकों को राज्य सरकार की योजनाओं से संबंधित साहित्य वितरण के भी निर्देश दिए।

    बैठक में अतिरिक्त रजिस्ट्रार (प्रथम) शिल्पी पांडे, अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक संजय पाठक एवं अतिरिक्त रजिस्ट्रार (द्वितीय) संदीप खण्डेलवाल सहित कार्यक्रम के संबंध में गठित कमेटियों के प्रभारी अधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

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    15/07/25

    केन्द्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री ने सिरोही जिले में प्रगतिरथ विभिन्न विकास कार्यों का किया निरीक्षण

    एन.एस. बाछल, 15 जुलाई, जयपुर।

    केन्द्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपति राजू निवास वर्मा ने सोमवार को आकांक्षी जिले सिरोही में विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति और कार्यां का निरीक्षण किया।

    केन्द्रीय राज्य मंत्री ने राजपुरा में जेजेएम के तहत किये गए कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान सम्बन्धित अधिकारियों ने बताया कि यह ग्राम जल जीवन मिशन शुरू होने से पहले पनघट योजना से लाभान्वित था जिसमें एक नलकूप से 2 भूतल जलाशयों में जलापूर्ति की जाती थी तथा ग्रामीण वहा, से सार्वजनिक नलों से पानी भरकर लाते थे। जल जीवन मिशन के अंतर्गत इस ग्राम के लिए 127.13 लाख रूपयें की योजना स्वीकृत हुई थी जिसके तहत एक 150 केएल का उच्च जलाशय 50 केएल स्वच्छ जलाशय पंप हाउस का निर्माण तथा मुख्य एवं वितरण पाईप लाइन लगाकर ग्राम के सभी 559 घरों में जल सम्बन्ध स्थापित कर वर्तमान में सपूर्ण ग्राम में हर घर से जलापूर्ति की जा रही है। इस दौरान ग्रामीणों की शिकायत पर केन्द्रीय राज्य मंत्री ने सम्बन्धित अधिकारियों को पाइपलाईन बिछाने से क्षतिग्रस्त  सड़कों की मरम्मत करवाने के  निर्देश दिये। उन्होंने गुणवत्ताविहीन कार्य करने पर ठेकेदारों पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। 

    केन्द्रीय राज्य मंत्री ने वीरवाडा में आबूराज वाटिका का भी अवलोकन किया, वहां  पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।  ग्राम पंचायत वीरवाडा में कुछ वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत ने इस जमीन को संवारने का बीड़ा उठाया व इसके सौंदर्यकरण के लिए मनरेगा व पंचायतीराज विभाग की योजनाओं में स्वीकृतियां जारी करवाकर विभिन्न निर्माण कार्य करवाए गए। इस वाटिका का ग्रामवासियों द्वारा योग, जॉ​गिंग, व्यायाम, सामाजिक कार्यक्रमों में उपयोग लिया जा रहा है। इस दौरान सांसद श्री लुंबाराम चौधरी, विधायक श्री समाराम गरासिया, जिला प्रमुख श्री अर्जुनराम पुरोहित, प्रधान श्री हंसमुख मेघवाल, श्री नरपतसिंह सहित अन्य उपस्थित थे।

    केन्द्रीय राज्य मंत्री ने मालप में बायोगैस प्लांट और सिरोही गोट ब्रीड इंप्रूवमेंट कार्यक्रम का निरीक्षण किया। मालप में 130 हाउस होल्ड्स पर कार्य हो रहा है। इस दौरान केन्द्रीय राज्य मंत्री ने आमजन से संवाद भी किया। प्राकृतिक खेती आदि के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी।

    इससे पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा का सिरोही पहुंचने पर सर्किट हाउस में स्थानीय सांसद लुंबाराम चौधरी, विधायक समाराम गरासिया, जिला प्रमुख अर्जुनराम पुरोहित, प्रधान हंसमुख मेघवाल, नरपतसिंह, जिला प्रमुख अर्जूनराम पुरोहित, प्रधान हंसमुख मेघवाल, जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी, पुलिस अधीक्षक अनिल बेनीवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने स्वागत किया। भूपति राजू ने सारणेश्वर महादेव के दर्शन कर विश्व के कल्याण की कामना की। 

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    15/07/25

    डीएलएसए द्वारा वंचित बच्चों को कानूनी पहचान दिलाने के उद्देश्य से आधार रजिस्ट्रेशन कार्यक्रम का आयोजन

    एन.एस. बाछल, 15 जुलाई, जयपुर।

    राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर द्वारा जारी दिशा निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर महानगर द्वितीय द्वारा साथी अभियान के तहत आधार रजिस्ट्रेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पल्लवी शर्मा, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर महानगर द्वितीय ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आधार रजिस्ट्रेशन के संबंध में एक विशेष अभियान जारी किया गया है जिसे साथी अभियान का नाम दिया गया है। जरूरतमंद बच्चों को कानूनी पहचान बहाल करने और उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच सुगम बनाने के संबंध में साथी अभियान चालू किया गया है। 

    पल्लवी शर्मा ने जानकारी दी कि इस अभियान का मुख्य पहलू कमजोर बच्चों को लक्षित करना है जिसमें वे बच्चे भी शामिल है जो बेसहारा है अथवा जिनके पास किसी प्रकार की कोई कानूनी पहचान नहीं है। अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इन बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक कल्याण योजनाओं जैसी आवश्यक सेवाओं की पहुंच प्राप्त हो। इसी के साथ बच्चों को कानूनी पहचान बहाल करना है जो कि अक्सर आधार कार्ड से जुड़ी हुई होती है, इन सेवाओं तक पहुंचने में यह पहला महत्वपूर्ण कदम है। 

    इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर महानगर द्वितीय द्वारा सुरमन संस्थान के संयुक्त समन्वय से सुरमन बालिका गृह में आधार रजिस्ट्रेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रजिस्ट्रेशन कार्यक्रम में सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा यूआइडीएआइ (UIDAI) विभाग के कर्मचारीगण आधार रजिस्ट्रेशन हेतु उपस्थित रहे उनके द्वारा बेसहारा एवं वंचित बच्चों का आधार रजिस्ट्रेशन किया गया। आज 65 बच्चों का आधार रजिस्ट्रेशन किया गया। 

    कार्यक्रम में सुरमन संस्थान की ओर से प्रवीण कायथ, मधु शर्मा तथा रवि एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्टाफ, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के स्टाफ आदि उपस्थित रहे।

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    15/07/25

    मूसलधार बारिश में भी मुस्तैद रही जोधपुर डिस्कॉम की टीमें, महिला अभियंता भी रहीं फील्ड में सक्रिय

    एन.एस. बाछल, 15 जुलाई, जयपुर।

    पिछले दो दिनों से जोधपुर संभाग में हो रही मूसलधार बारिश के बीच जहां आम जनजीवन प्रभावित रहा, वहीं जोधपुर विद्युत वितरण निगम (डिस्कॉम) की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ फील्ड में जुटी रहीं। बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी लगातार मैदानी दौरे करते नजर आए। इसी के साथ महिला अभियंता भी बारिश के दौरान फील्ड में सक्रिय रहीं और बिजली फॉल्ट निकालने तथा आपूर्ति बहाल करने में बराबरी की भागीदारी निभाई।

    बारिश के दौरान कहीं पोल गिरने की घटनाएं हुईं, तो कहीं ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आई, लेकिन डिस्कॉम की टीमों ने बिना समय गंवाए तुरंत रिस्पॉन्स करते हुए मरम्मत कार्य शुरू किया। संकट के इन क्षणों में कर्मचारियों की तत्परता और कार्य के प्रति समर्पण ने उपभोक्ताओं को राहत दी।

    604 बिजली बंद की शिकायतों का निस्तारण, 73 सुरक्षा शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई—

    जोधपुर डिस्कॉम ने बारिश के दौरान उपभोक्ताओं से प्राप्त कुल 604 बिजली बंद होने की शिकायतों का मौके पर पहुंचकर त्वरित समाधान किया। साथ ही सुरक्षा से जुड़ी 73 गंभीर शिकायतों को भी प्राथमिकता के आधार पर तुरंत निपटाया गया। यह पूरा ऑपरेशन जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक डॉ. भंवरलाल की सतत मॉनिटरिंग में संपन्न हुआ। वे लगातार फील्ड अधिकारियों से संपर्क में बने रहे और हर स्तर पर स्थिति की समीक्षा करते हुए जरूरी निर्देश देते रहे।

    डॉ. भंवरलाल ने की सावधानी बरतने की अपील, जारी किए 7 अहम सुझाव

    इस बीच, प्रबंध निदेशक डॉ. भंवरलाल ने आमजन से अपील की है कि वे बारिश के दौरान बिजली से जुड़ी सावधानियों का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने सात महत्त्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए हैं, ताकि बारिश के दौरान किसी प्रकार की विद्युत दुर्घटना से बचा जा सके :-

    1. गीले हाथों से किसी भी विद्युत उपकरण को न छुएं।

    2. खुले तारों और बिजली के खंभों से उचित दूरी बनाए रखें।

    3. ट्रांसफार्मर या फ्यूज कंडक्टर जैसी संरचनाओं के पास न जाएं।

    4. घर की अर्थिंग की नियमित जांच करवाएं।

    5. अस्थायी बिजली कनेक्शन से बचें।

    6. समस्या होने पर हेल्पलाइन 18001806045 पर तत्काल सूचना दें।

    7. बच्चों को जलभराव वाले क्षेत्रों में खेलने से रोकें।

    डॉ. भंवरलाल ने कहा कि विद्युत आपूर्ति बनाए रखना विभाग की जिम्मेदारी है, लेकिन आमजन की सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने सभी अधीक्षण अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि आपात स्थिति में त्वरित रिस्पॉन्स दें और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त टीमें तैनात करें।

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  • 15/07/25

    आज का राशिफल 15 जुलाई 2025

    मेष राशि (Aries)

    आज का दिन आपके लिए तरक्की की राह पर आगे बढ़ने का है। करियर में अच्छा उछाल देखने को मिलेगा और जिस काम में हाथ डालेंगे, उसमें सफलता मिलेगी। बड़े-बुजुर्गों का पूरा साथ मिलेगा। परिवार में सदस्यों की जरूरतों की पूर्ति आसानी से कर पाएंगे। आपका रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। किसी बड़े लक्ष्य को पाने की कोशिश में लगे रहेंगे। बिजनेस को लेकर किसी अनुभवी व्यक्ति से सलाह ले सकते हैं।

    वृषभ राशि (Taurus)

    आज का दिन वृषभ राशि के जातकों के लिए अत्यंत शुभ रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में लगातार सफलता मिल सकती है और आपकी योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू होंगी। कोई रुका हुआ कार्य अचानक गति पकड़ सकता है, जिससे आपकी प्रतिष्ठा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। वरिष्ठ अधिकारी आपकी प्रशंसा करेंगे और प्रमोशन या विशेष जिम्मेदारी का प्रस्ताव मिल सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों को लाभ के साथ-साथ नए क्लाइंट या प्रोजेक्ट मिल सकते हैं। धन के क्षेत्र में भी अच्छे योग बन रहे हैं। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और निवेश के लिए भी दिन उपयुक्त है, खासकर म्यूचुअल फंड या लॉन्ग टर्म योजनाओं में।

    मिथुन राशि (Gemini)

    आज आपको अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को लेते समय अधिक भावुकता से बचें। छोटे-मोटे यात्रा के योग बन सकते हैं।

    कर्क राशि (Cancer)

    आज का दिन व्यापार के मामले में शुभ रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलेगा। अपनी मेहनत से आपको अनुकूल फल प्राप्त होंगे। खर्चों में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन परिवार के साथ समय आनंदपूर्वक बीतेगा। अपने रिश्तों को सुधारने का प्रयास करें, इससे लाभ मिलेगा। अपनी सेहत पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

    सिंह राशि (Leo)

    आज आपका दिन बेहतरीन रहने वाला है। आप पूरे दिन प्रसन्न रहेंगे और व्यापार के मामले में अधिक कल्पनाशील हो सकते हैं। नौकरी करने वालों का भी दिन अच्छा रहेगा और लाभ कमाने के कई अवसर मिलेंगे। आर्थिक मामलों में भी आज का समय बेहद अनुकूल है। किसी प्रिय मित्र से मुलाकात हो सकती है, जिससे मानसिक शांति मिलेगी। स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा और संतान से कोई शुभ समाचार मिल सकता है।

    कन्या राशि (Virgo)

    आज आप दिन की शुरुआत किसी अच्छी आदत के साथ कर सकते हैं। अनावश्यक खर्चों से बचकर रहें। मित्रों के साथ हास-परिहास और मनोरंजन का मौका मिलेगा। घर पर ही परिवारवालों के साथ धार्मिक कार्यों का आयोजन कर सकते हैं। भाग्य का सपोर्ट मिलेगा और मेहनत बढ़ाने का समय है। किसी से उलझने से बचना होगा।

    तुला राशि (Libra)

    आज आपकी इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए ड्राई फ्रूट्स का सेवन करें। किसी सेविंग स्कीम में पैसा इन्वेस्ट कर सकते हैं। बॉस आपसे ओवरटाइम करने का आग्रह कर सकता है।

    वृश्चिक राशि (Scorpio)

    आज का दिन मिलाजुला रहने वाला है। किसी काम को पूरा करने के लिए आप कई बड़े फैसले ले सकते हैं। लेन-देन के मामलों में सोच-विचार कर कदम उठाएं। लवमेट एक-दूसरे के लिए उचित सामंजस्य और सहयोग की भावना रखेंगे। सीनियर्स के साथ आपकी अच्छी बॉन्डिंग रहेगी, लेकिन किसी भी काम को टालने की बजाय उस पर तुरंत अमल करें। रुके हुए काम बनेंगे और धन की स्थिति में सुधार होगा। परिवार में सुख बढ़ेगा। मानसिक तनाव बढ़ सकता है, योग या ध्यान का सहारा लें।

    धनु राशि (Sagittarius)

    आज आपको शुभ सूचना प्राप्त होगी। विविध उपलब्धियां उत्साह बढ़ाएंगी। वाणिज्यिक क्षेत्रों में अवसर बढ़ेंगे। सामाजिक प्रयासों में प्रभावी रहेंगे। अपनों से मेलजोल बढ़ाने पर जोर रखेंगे। साहस, पराक्रम और सहकारिता में वृद्धि होगी।

    मकर राशि (Capricorn)

    आज आपकी योजनाएं सफल होंगी। मेहनत का अच्छा फल मिलेगा। स्थान परिवर्तन से लाभ होगा। रिश्तेदारों से संबंध मजबूत होंगे।

    कुंभ राशि (Aquarius)

    आज का दिन आपके लिये खास रहेगा। अपने बिजनेस को बड़ा बनाने का प्रयास करेंगे। आपके व्यवहार में विनम्रता एवं लचीलापन ही आपको सम्मान दिलाएगा। पारिवारिक रिश्तों में गहराई और अपनापन आपको सुकून देगा। परिवार को और समय देना होगा। प्रॉपर्टी से जुड़े काम बनेंगे।

    मीन राशि (Pisces)

    आज आपका पराक्रम बढ़ेगा। मित्रों की मदद से काम बनेंगे। धन लाभ के अवसर मिलेंगे।

    यह सामान्य राशिफल है। व्यक्तिगत कुंडली और ग्रहों की स्थिति के अनुसार इसमें भिन्नता हो सकती है।

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    14/07/25

    दिल्ली के तीन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप; जांच में जुटी पुलिस

    नई दिल्ली, 14 जुलाई (अभी): दिल्ली के कम से कम तीन स्कूलों को सोमवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया। छात्रों और शिक्षकों के बीच अफरातफरी मच गई। अभिभावक भी परेशान हो उठे। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीमों ने संबंधित स्कूल परिसरों की गहन तलाशी ली।

    दिल्ली पुलिस के अनुसार सुबह करीब आठ बजे प्रशांत विहार और द्वारका सेक्टर-16 स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के दो स्कूलों और चाणक्यपुरी स्थित एक अन्य स्कूल को ईमेल के माध्यम से धमकी दी गई। पुलिस उपायुक्त (द्वारका) अंकित सिंह ने बताया, “द्वारका उत्तर थाने को सुबह धमकी की सूचना मिली, जिसके बाद स्थानीय पुलिस, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते तुरंत स्कूल पहुंचे और व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।”

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    14/07/25

    कौशल के बल पर विश्व में सशक्त और अग्रणी देश बनेगा भारत: खेल मंत्री गौरव गौतम

    चंडीगढ़, 14 जुलाई (अभी) - हरियाणा के युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता, खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में कौशल विकास का दायरा लगातार बढ़ रहा है। हम केवल मैकेनिक, इंजीनियर, टैक्नालॉजी तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि इससे कहीं आगे बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में देश-प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के नए-नए अवसरों का सृजन किया जा रहा है। भारत में रोजगार सृजन नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है।

     

    श्री गौरव गौतम सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘कौशल भारत-सशक्त भारत’ विजन को विस्तार देने के उद्देश्य से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान पलवल में ‘कौशल भारत-सशक्त भारत’ थीम के साथ प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्रशिक्षुता रोजगार मेले में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।

     

    उन्होंने कौशल विकास को राष्ट्रीय जरूरत बताते हुए कहा कि यह ‘विकसित और आत्मनिर्भर’ भारत का आधार है। आज दुनिया में कौशल की इतनी मांग है कि जो कुशल होगा वही आगे बढ़ेगा। यह बात व्यक्तियों पर भी लागू होती है और देश पर भी। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को अपने कौशल को और निखारने का प्रयास अनवरत करते रहना चाहिए।

     

    उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि आपका जिस भी कंपनी के लिए चयन होता है वहां अपने क्षेत्र के बारे में ईमानदारी और मेहनत से कार्य सीखो, यह आपकी सफलता की पहली सीढ़ी है। जो युवा मेहनत से सीख कर आगे बढ़ता है वह अपने जीवन में जरूर कामयाब होता है।

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    14/07/25

    गन्नौर इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केट को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की समीक्षा बैठक

    चंडीगढ़, 14 जुलाई (अभी) - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को जिला सोनीपत के गन्नौर स्थित 'इंडिया इंटरनेशनल फ्रूट एंड वेजिटेबल मार्केट' (आई.आई.एच.एम.) का दौरा कर सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने मंडी प्रशासन, निर्माण कंपनी व जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और निर्माण कार्यों में तेजी लाने व परियोजना को तय समयावधि में पूर्ण करने के दिशा-निर्देश दिए।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना न केवल हरियाणा के किसानों बल्कि देशभर के फल, सब्ज़ी, फूल, मछली, पोल्ट्री व डेयरी उत्पादकों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच दिलाने का सशक्त माध्यम बनेगी। यह मार्केट राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर स्थित है और इसकी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से बेहतर कनेक्टिविटी है।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 220 करोड़ रुपये की लागत से 544 एकड़ 2 कनाल भूमि अधिग्रहण कर इस परियोजना की शुरुआत की गई थी, जिसकी कुल लागत 2,595 करोड़ रुपये आंकी गई है। अब तक निर्माण कार्य का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा पूरा किया जा चुका है और 689 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।

     

    मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस अंतरराष्ट्रीय मंडी में कुल 50 लाख वर्ग फीट का कवर एरिया होगा, जिसकी क्षमता 20 लाख टन प्रतिवर्ष होगी। इसमें 14,907 कारों तथा 3,305 ट्रकों/ट्रॉलियों की पार्किंग की सुविधा होगी। साथ ही 17 मार्केटिंग एवं ट्रेडिंग शेड और 13 अन्य आधुनिक इमारतें भी तैयार की जाएंगी। उन्होंने निर्देश दिए कि संचालन समिति कार्य में तेजी लाए और किसानों को जल्द से जल्द इस परियोजना से लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए।

     

    मुख्यमंत्री ने मंडी में सौर ऊर्जा को लेकर आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने अवगत कराया कि परियोजना के अंतिम चरण में 28 मेगावाट सोलर ऊर्जा की व्यवस्था की गई है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षमता को और अधिक बढ़ाया जाए ताकि मंडी ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।

     

    इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने रेनीवेल (पेयजल आपूर्ति) कार्य को शीघ्र आरंभ करने के निर्देश दिए ताकि मंडी में समय पर जल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने व मंडी से निकलने वाले वेस्ट वाटर का ट्रीटमेंट कर दोबारा उपयोग किए जाने के भी निर्देश दिए।

     

    श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस मंडी को विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त एक आदर्श बागवानी केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है, जो किसान हित में कार्य करे और कृषि आधारित निर्यात को बढ़ावा दे। निर्माण कंपनी को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वे कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों सुनिश्चित करें। यह बागवानी मंडी न केवल आधुनिक विपणन प्रणाली का प्रतीक बनेगी, बल्कि किसानों की आय को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

     

    इस मौके पर सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, विधायक कृष्णा गहलावत, देवेंद्र कादियान, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री वीरेंद्र बढ़खालसा, नगर निगम मेयर श्री राजीव जैन, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज अग्रवाल, हरियाणा अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी कॉरपोरेशन के मुख्य प्रशासक श्री मुकुल कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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    14/07/25

    पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय का ज्वलंत मुद्दा एवं चिंतनीय विषय : अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी

    चंडीगढ़, 14 जुलाई (अभी) : हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री  श्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि धरा के संरक्षण के लिए पेड़ वरदान है। इसी प्रकार संतुलित एवं सभ्य समाज के निर्माण के लिए बेटियों का बराबर सम्मान होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी इन महत्वपूर्ण विषयों के प्रति पूर्णतया गंभीर है और उन्होंने एक पेड़ मां के नाम अभियान की शुरूआत कर देश वासियों से पौधारोपण में सहभागिता की अपील की। इसी तरह बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ केंद्र सरकार की दूसरी बड़ी योजना है, जिसकी शुरूआत वर्ष 2015 में हरियाणा के पानीपत से प्रधानमंत्री श्री मोदी ने थी। इन दोनों अभियानों के प्रति जन-जन में चेतना आने वाले समय में संतुलित समाज एवं शुद्ध पर्यावरण की पौषक साबित होंगी।

     

    श्री बेदी आज जींद जिले के गांव ढाबी टेक सिंह में पौधारोपण अभियान के तहत पौधारोपण करने उपरांत लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने गांव के विभिन्न विकास कार्यों के लिए एक करोड़ 50 लाख रूपये अनुदान देने की भी घोषणा की।

     

    श्री बेदी ने कहा कि महिला सम्मान के लिए सरकार द्वारा निरंतर कार्यक्रम चलाए जा रहे है। इन कार्यक्रमों की सफलता के लिए महिलाओं में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच का होना अत्यंत जरूरी है। उन्होंने ग्राम पंचायत द्वारा रखी गई सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया और कहा कि विभागीय औपचारिकताएं एवं तकनीकी नॉर्म्स पूरा होने पर सभी कार्यों का निर्माण करवा दिया जाएगा।

     

    कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने शहर में निजी संस्था द्वारा संचालित जिम का किया उद्घाटन

     

    श्री बेदी ने नरवाना बस स्टैंड के नजदीक निजी संस्था द्वारा संचालित एक जिम का रिबन काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क वास करता है। आज के भौतिकवादी युग में जहां मानव जीवन में लगातार बीमारियां बढ़ रही हैं, ऐसे में इस तरह के जिम एवं शारीरिक कसरत ही युवाओं और नागरिकों को सशक्त एवं स्वस्थ बनाने में मददगार हो रहे हैं। सरकार का प्रयास रहा है कि प्रत्येक नागरिक को स्वास्थ्य सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। यह पहल न केवल स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अहम कदम है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और अनुशासन का संदेश भी देती है।

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    14/07/25

    केंद्र सरकार की रोजगार लिंक्ड प्रोत्साहन योजना से युवाओं को मिलेगा बड़ा लाभ: उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह

    चंडीगढ़, 14 जुलाई (अभी) - हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में घोषित रोजगार लिंक्ड प्रोत्साहन स्कीम का स्वागत करते हुए कहा कि यह योजना राज्य के एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्रों में रोजगार पाने वाले नए कर्मचारियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

     

    राव नरबीर सिंह आज केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया द्वारा राज्यों के श्रम एवं रोजगार मंत्रियों के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भाग ले रहे थे। वे हरियाणा सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ से इस वर्चुअल बैठक में जुड़े।

     

    उन्होंने बताया कि 1 जुलाई, 2025 को केंद्रीय कैबिनेट द्वारा इस योजना को मंजूरी दी गई है। योजना का उद्देश्य रोजगार के अवसरों में वृद्धि करना और पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रत्यक्ष लाभ देना है। इसके लिए प्रारंभिक चरण में 99,446 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और आने वाले दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना आगामी 1 अगस्त, 2025 से 31 जुलाई, 2027 तक प्रभावी रहेगी।

     

    पहली बार रोजगार में आने वाले 15 हजार रुपये तक मासिक वेतन वाले कर्मचारियों को दो किस्तों में सरकार की ओर वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। बशर्ते कि कर्मचारी कम से कम छह महीने नियोक्ता के पास रोल पर रहे। इसी प्रकार नियोक्ता को दस हजार रुपये तक की सैलरी पर एक हजार रुपये मासिक, दस हजार रुपये से अधिक व बीस हजार रुपये तक दो हजार रुपये मासिक तथा बीस हजार रुपये से अधिक व एक लाख रुपये तक की सैलरी पर तीन हजार रुपये तक मासिक सहायता दी जाएगी।

     

    मंत्री ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य कर्मचारियों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के नियोक्ताओं को भी सहयोग देना है, ताकि वे नए रोजगार सृजित करने के लिए प्रेरित हों। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए यह योजना तीसरे और चौथे वर्ष तक विस्तारित भी की जा सकती है।

     

    राव नरबीर सिंह ने राज्य के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गुरुग्राम, आईएमटी सोहना व मानेसर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए खाने की सुविधाओं और कैंटीनों की स्थापना के लिए कार्यवाही करें। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय उद्योग संगठनों के साथ बैठकें आयोजित की जाएं और उन्हें केंद्र सरकार की इस योजना की जानकारी दी जाए, ताकि वे अपने उद्योगों में इसका लाभ उठा सकें।

     

    इस अवसर पर श्रम आयुक्त डॉ. मनीराम शर्मा, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री डी. के. बेहरा तथा रोजगार, श्रम एवं उद्योग विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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    14/07/25

    हरियाणा सरकार ने लगाए भविष्य  विभाग के लिंक अधिकारी

    चंडीगढ़, 14 जुलाई (अभी) - हरियाणा सरकार ने भविष्य विभाग के महानिदेशक / निदेशक की अनुपस्थिति में विभाग के कामकाज का सुचारू सचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिंक अधिकारी लगाए हैं।

     

    मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार विदेश सहयोग विभाग के महानिदेशक / निदेशक को लिंक अधिकारी-1 तथा नागरिक उड्डयन सलाहकार को लिंक अधिकारी-2 नियुक्त किया गया है।

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    14/07/25

    हरियाणा के मुख्यमंत्री ने स्वामी कल्याणदेव महाराज जी की 21वीं पुण्यतिथि पर किया नमन

    चंडीगढ़, 14 जुलाई (अभी) - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) में स्थित शुकदेव आश्रम में स्वामी कल्याणदेव महाराज जी की 21वीं पुण्यतिथि पर उनकी समाधि पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने स्वामी कल्याण देव जी महाराज की प्रतिमा का भी अनावरण किया।

     

    श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज हम माँ गंगा के पावन तट पर स्थित महान महर्षि शुकदेव की धरती पर एकत्रित हुए हैं। भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम विशेष स्थान है। यह आश्रम न केवल एक आध्यात्मिक केंद्र है, बल्कि शिक्षा, सेवा और संस्कृति का भी प्रतीक है। स्वामी जी की प्रतिमा नई पीढ़ियों को स्वामी जी के कार्यों, सिद्धांतों और आदर्शों की हमेशा याद दिलाती रहेगी।

     

    उन्होंने कहा कि स्वामी ओमानन्द जी महाराज इस आश्रम की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं और शुकदेव जी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज सेवा के कार्यों को सेवा भाव से कर रहे हैं। स्वामी जी के मार्गदर्शन में इस आश्रम का शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि इस धरती पर हजारों साल पहले महर्षि शुकदेव जी महाराज ने परीक्षित को भागवत कथा सुनाकर मोक्ष का मार्ग दिखाया था। इस महान तीर्थ के उद्धार में संत कल्याणदेव महाराज ने अपना पूरा जीवन लगाया था l स्वामी कल्याणदेव जी महाराज का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था, लेकिन उनके विचार और कार्य असाधारण थे। उन्होंने कम उम्र में ही सांसारिक मोह माया का त्याग कर आध्यात्मिक पथ अपनाया। यह पावन भूमि इसी महान संत, शिक्षाविद और समाज सुधारक की तपोभूमि है। वे केवल एक संत नहीं थे, वे अपने आप में एक संस्था थे, जहां से मानवता और समाज सेवा की धारा निरंतर बहती है।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी कल्याण देव जी ने अपने 129 सालों के लम्बे जीवनकाल में ज्ञान, शिक्षा और समाज सेवा को अपना धर्म बनाया। इस महान संत ने वर्ष 2004 में अपने नश्वर शरीर का त्याग किया l उन्होंने अनेक स्कूल, कॉलेज और गुरुकुलों की स्थापना की। उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ, छुआछूत, जातिगत भेदभाव और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाई, भाईचारे और प्रेम का संदेश भी दिया। समाज की अतुलनीय एवं विशिष्ट सेवाओं के लिए भारत सरकार द्वारा स्वामी कल्याणदेव जी महाराज को वर्ष 1982 में पद्मश्री से तथा वर्ष 2000 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा ‌कि आश्रम में स्वामी कल्याण देव सेवा ट्रस्ट की स्थापना की गई है। यह ट्रस्ट विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से गरीबों, बीमारों और जरूरतमंदों की सहायता करता है। यह शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी स्वामी जी के सपनों का भारत बनाने का संकल्प लें।

     

    मुख्यमंत्री ने शुकदेव तीर्थ पर उड़िया की पुस्तक का विमोचन किया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने शुकदेव तीर्थ पर हरियाणा भवन बनाने के लिए 11 लाख रुपये दान देने की घोषणा की।

     

    इस अवसर पर स्वामी ओमानन्द जी महाराज ने अपने शुभाशीष संबोधन में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के सरल स्वभाव और मानवीय दृष्टिकोण की सराहना की और कहा कि मुख्यमंत्री का शुकदेव आश्रम से बड़ा पुराना नाता है। उन्होंने भारत की समृद्ध संत परंपरा पर विचार व्यक्त किए और कहा कि संतों ने देश को आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य समाज के उत्थान के कार्य को गति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह जी का जीवन नैतिक मूल्यों का प्रतीक है और वे निरंतर लोगों की सेवा में तत्पर रहते हैं। उन्होंने भगवान बुद्ध और स्वामी विवेकानंद जी के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि उनका जीवन मानवता की सेवा में लगा है। हमें उनके जीवन को अपने जीवन का आदर्श मानकर अपनी जीवनचर्या चलानी चाहिए।

     

    इस अवसर पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, शुकदेव आश्रम ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एम. एल. रंगा, राज्यसभा सांसद श्री रामचंद्र जांगड़ा, सहित आश्रम के ट्रस्ट के पदाधिकारी, विधायक मिथिलेश, नेतागण एवं देश के विभिन्न स्थानों से पधारे श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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    14/07/25

    हरियाणा में कर्मचारियों की शिकायतों का होगा जल्द समाधान

    चंडीगढ़, 14 जुलाई (अभी) - हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों से जुड़े विवादों या शिकायतों के निपटान को गम्भीरता से लेते हुए, हर विभाग या संगठन में ‘कर्मचारी शिकायत निवारण समिति’ गठित करने के निर्देश दिए हैं। अब कर्मचारियों को अदालत में जाने से पहले विभागीय शिकायत निवारण समिति के माध्यम से समाधान करवाना अनिवार्य होगा। हर शिकायत का निपटारा अधिकतम आठ सप्ताह में करना आवश्यक होगा।

     

    मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों व निगमों के प्रबंध निदेशकों तथा विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को जारी आदेशों में कहा गया है कि सभी विभाग व संगठन 15 दिनों के भीतर समिति के गठन की पुष्टि करते हुए अपनी रिपोर्ट प्रशासनिक न्याय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को भेजें। ये निर्देश प्रशासनिक न्याय विभाग द्वारा जारी हरियाणा स्टेट लिटिगेशन पाॅलिसी, 2025 के प्रावधानों के अनुरूप जारी किए गए हैं।

     

    लिटिगेशन पॉलिसी के अनुसार, निर्णय प्रक्रिया में मनमानी और कर्मचारियों की शिकायतों या प्रतिवेदनों की अनदेखी सरकारी मुकदमों की बड़ी वजह बनती है। सेवा संबंधी मामलों में, अधिकतर मामले नियमों, निर्देशों और नीति निर्णयों के अनुसार राहत न मिलने से जुड़े होते हैं। अन्य मामलों में एक से अधिक नीतियां हो सकती हंै। न्यायालयों में आने वाले ऐसे अधिकतर मामलों में, अदालतें एक निश्चित समय-सीमा के भीतर स्पीकिंग ऑर्डर पारित करने के निर्देश देती हैं। मामला अदालत तक पहुंचने से पहले, सामान्य प्रशासनिक चैनल के माध्यम से अपनी शिकायतों को दूर करवाने के लिए आमतौर पर प्रभावित पक्ष काफी प्रयास करता है और इसमें काफी समय भी लग जाता है। इसके मद्देनजर सभी विभागों को प्रभावी शिकायत निवारण समितियाँ गठित करनी होंगी, जिससे काफी संख्या में अनावश्यक मुकदमेबाजी को रोका जा सकेगा।

     

    इस शिकायत निवारण प्रणाली की संरचना द्विस्तरीय होगी। पहली श्रेणी में विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में मुख्यालय स्तर पर समिति गठित की जाएगी। इसमें दो क्लास-प् अधिकारी होंगे, जिनमें से एक एसएएस काडर का और दूसरा मुख्यालय पर तैनात विधि अधिकारी होगा। दूसरी श्रेणी जिला स्तर पर होगी, जिसकी अध्यक्षता संबंधित उपायुक्त या सेवानिवृत्त जिला/अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश करेंगे। इस समिति में उपायुक्त द्वारा मनोनीत जिला स्तर पर मुख्य लेखाधिकारी, वरिष्ठ लेखाधिकारी या लेखाधिकारी तथा डिस्ट्रिक्ट अटार्नी, डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटार्नी या असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटार्नी भी शामिल होंगे।

     

    लिटिगेशन पॉलिसी में स्पष्ट किया गया है कि सम्बन्धित विभागाध्यक्ष तथा उपायुक्त द्वारा इन समितियों का गठन पॉलिसी जारी होने के 14 दिनों के भीतर अधिसूचित किया जाना अनिवार्य है। मुख्यालय स्तर पर संबंधित अतिरिक्त निदेशक या संयुक्त निदेशक तथा जिला स्तर पर सम्बन्धित विभाग के जिला प्रमुख इस समिति की सहायता करेंगे।

     

    इस समिति को शिकायत या प्रतिवेदन प्राप्त होने के 7 दिनों के भीतर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। समिति कर्मचारी को व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत होकर अपना पक्ष रखने का अवसर देगी। मौखिक और लिखित प्रतिवेदनों के आधार पर 30 दिनों के भीतर अपनी अनुशंसा संबंधित उच्च अधिकारी को भेजेगी। उच्च अधिकारियों को अनुशंसा प्राप्त होने के एक माह के भीतर इस पर अंतिम निर्णय लेना होगा।

     

    विभाग स्तरीय शिकायत निवारण प्रकोष्ठ या समिति की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष करेंगे। यह समिति मासिक बैठक कर मुख्यालय और क्षेत्रीय स्तर पर विभाग में मौजूद शिकायत निवारण प्रणाली की प्रभावशीलता की समीक्षा करेगी। यदि निर्देशों या नियमों में सामान्य प्रशासन या वित्त विभाग के स्तर पर बदलाव की आवश्यकता है तो मामले को इस पाॅलिसी के तहत गठित राज्य स्तरीय अधिकार-प्राप्त समिति को भेजेगी। चूंकि अनुशासनात्मक कार्रवाई, वरिष्ठता और एसीपी से जुड़े मामलों में मुद्दमेबाजी ज्यादा होती है, इसलिए इनका शीघ्र निपटान किया जाना अनिवार्य है। साथ ही, वरिष्ठता सूची को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नियमित रूप से अपडेट और मुद्रित या प्रकाशित किया जाना चाहिए।

     

    प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, हर विभाग को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के परामर्श से एक समर्पित साॅफ्वेयर प्लेटफार्म विकसित करना होगा। इसके माध्यम से कर्मचारी अपनी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे, अपनी शिकायत की स्थिति का पता लगा सकेंगे और निर्धारित समय-सीमा में जवाब प्राप्त कर सकेंगे। इससे शिकायतों के निपटान में न केवल पारदर्शिता आएगी बल्कि जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

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    14/07/25

    केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने 18 से 20 जुलाई तक वाराणसी में ‘युवा आध्यात्मिक शिखर सम्मेलन’ की घोषणा की

    आरएस अनेजा, 14 जुलाई नई दिल्ली

    केंद्रीय युवा मामले एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज नई दिल्ली में 'विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा' विषय पर 'युवा आध्यात्मिक शिखर सम्मेलन' के आयोजन की घोषणा की। यह एक परिवर्तनकारी पहल है जिसका उद्देश्य भारत की युवा शक्ति को सशक्त बनाना और नशा मुक्त समाज का निर्माण करना है।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, "युवा अमृतकाल - विकसित भारत के मार्ग के पथप्रदर्शक हैं।" उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत की 65 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की है, जिसकी औसत आयु मात्र 28 वर्ष है, जो हमारे युवाओं को राष्ट्रीय विकास की प्रेरक शक्ति बनाती है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के दूरदर्शी आह्वान को दोहराते हुए, डॉ. मंडाविया ने इस बात पर ज़ोर दिया कि हमारी युवा पीढ़ी को न केवल लाभार्थियों के रूप में, बल्कि भारत के भाग्य को आकार देने वाले परिवर्तनकर्ताओं के रूप में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि मादक द्रव्यों का सेवन हमारे युवाओं के सामने सबसे गंभीर खतरों में से एक है, जो उन्हें जीवन के निर्णायक चरण में फंसा रहा है और राष्ट्रीय प्रगति के लिए चुनौती पेश कर रहा है।

    इस तात्कालिक चिंता को संबोधित करते हुए, भारत सरकार गैर सरकारी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और आध्यात्मिक संगठनों के साथ साझेदारी में एक समग्र, समावेशी और भविष्योन्मुखी नशा विरोधी अभियान शुरू कर रही है। इस प्रयास का केंद्र बिंदु गंगा नदी के पवित्र घाटों पर आयोजित तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन है, जहाँ 100 आध्यात्मिक संगठनों की युवा शाखाओं से आए 500 युवा प्रतिनिधि आत्मनिरीक्षण, विचार-विमर्श और नशा उन्मूलन के लिए कार्यान्वयन योग्य रणनीतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए एकत्रित होंगे।

    डॉ. मंडाविया ने पुष्टि की, "शिखर सम्मेलन एक बड़े जमीनी आंदोलन - जन आंदोलन - का मार्ग प्रशस्त करेगा, जो नशीले पदार्थों के स्रोतों की पहचान करेगा, उन्हें जड़ से खत्म करेगा और एक नशा मुक्त भारत का निर्माण करेगा।" उन्होंने घोषणा की कि शिखर सम्मेलन के समापन पर, ऐतिहासिक काशी घोषणापत्र का अनावरण किया जाएगा, जिसमें सामूहिक संकल्प को समाहित किया जाएगा और नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए एक राष्ट्रीय रोडमैप तैयार किया जाएगा।

    शिखर सम्मेलन के चार पूर्ण सत्रों में शामिल होंगे: नशे की लत को समझना और युवाओं पर इसका प्रभाव; तस्करों के नेटवर्क और व्यावसायिक हितों को खत्म करना; प्रभावी अभियान और आउटरीच; और 2047 तक नशामुक्त भारत के प्रति एक व्यापक प्रतिबद्धता का खाका तैयार करना। विशेषज्ञों के मुख्य भाषण, संचालित पैनल चर्चाएँ और खुले व्हाइटबोर्ड फ़ोरम यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक प्रतिनिधि इस राष्ट्रीय रणनीति को आकार देने में योगदान दे।

    माईभारत स्वयंसेवकों की अटूट भावना को आगे बढ़ाते हुए, जिन्होंने अपने नेतृत्व में पदयात्राओं के माध्यम से हर राष्ट्रीय अवसर को विकसितभारत के विज़न से जोड़ा है, केंद्रीय मंत्री ने विजय दिवस के उपलक्ष्य में 26 जुलाई को कारगिल में एक विशेष पदयात्रा की भी घोषणा की। स्थानीय युवाओं, माईभारत युवा क्लबों और सेना के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए यह मार्च फिटइंडिया आंदोलन को बढ़ावा देते हुए हमारे शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेगा।

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    14/07/25

    बुलेट ट्रेन परियोजना की 21 किलोमीटर लंबी समुद्र के नीचे सुरंग का पहला खंड महाराष्ट्र में घनसोली और शिलफाटा के बीच खुला

    आरएस अनेजा, 14 जुलाई नई दिल्ली

    बुलेट ट्रेन परियोजना ने बीकेसी और ठाणे के बीच 21 किलोमीटर लंबी समुद्री सुरंग के पहले खंड को खोलकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बुलेट ट्रेन परियोजना ने हाल ही में 310 किलोमीटर लंबे पुल निर्माण का काम पूरा करके एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ट्रैक बिछाने, ओवरहेड बिजली के तारों, स्टेशनों और पुलों का निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है। महाराष्ट्र में भी निर्माण कार्य में तेज़ी आई है। इसके साथ ही, संचालन और नियंत्रण प्रणालियों की खरीद का काम भी तेज़ी से चल रहा है।

    रोलिंग स्टॉक: जापानी शिंकानसेन वर्तमान में E5 ट्रेनें चला रही है। अगली पीढ़ी की ट्रेनें E10 हैं। जापान और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी की भावना में, जापानी सरकार ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में E10 शिंकानसेन ट्रेनें शुरू करने पर सहमति व्यक्त की है। उल्लेखनीय है कि E10 भारत और जापान में एक साथ शुरू की जाएगी।

    जापानी तकनीक: पूरे 508 किलोमीटर के कॉरिडोर का विकास जापानी शिंकानसेन तकनीक से किया जा रहा है। यह गति, सुरक्षा और विश्वसनीयता के नए मानक स्थापित करेगा। यह भारत और जापान के बीच गहरे रणनीतिक और तकनीकी सहयोग को दर्शाता है।

    निर्माण कार्य तीव्र गति से: पूरे मार्ग पर सिविल कार्य तीव्र गति से चल रहे हैं। 310 किलोमीटर लंबे पुल का निर्माण हो चुका है। 15 नदी पुल पूरे हो चुके हैं और 4 निर्माण के अंतिम चरण में हैं। 12 स्टेशनों में से 5 पूरे हो चुके हैं और 3 और अब पूर्णता की ओर बढ़ रहे हैं। बीकेसी स्थित स्टेशन इंजीनियरिंग का एक अद्भुत नमूना है। यह स्टेशन ज़मीन से 32.5 मीटर नीचे स्थित होगा और इसकी नींव ज़मीन से ऊपर 95 मीटर ऊँची इमारत के निर्माण को सहारा देने के लिए डिज़ाइन की गई है।

    भविष्य के गलियारे पाइपलाइन में: मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (एमएएचएसआर) परियोजना की सफलता भारत में भविष्य के बुलेट ट्रेन गलियारों की नींव रख रही है। भविष्य के गलियारों पर भी सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है।

    विकास की यह उल्लेखनीय गति अत्याधुनिक वैश्विक तकनीक का उपयोग करके विश्व स्तरीय बुनियादी ढाँचे को क्रियान्वित करने की भारत की क्षमता को दर्शाती है, और जापान इस परिवर्तनकारी यात्रा में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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    14/07/25

    नीति आयोग ने नई दिल्ली में "ट्रेड वॉच क्वार्टरली" का तीसरा संस्करण लॉन्च किया

    आरएस अनेजा, 14 जुलाई नई दिल्ली

    नीति आयोग के सदस्य डॉ. अरविंद विरमानी ने आज नई दिल्ली में वित्तीय वर्ष 2025 (अक्टूबर से दिसंबर) की तीसरी तिमाही के लिए "ट्रेड वॉच क्वार्टरली" पुस्तिका के तीसरे संस्करण का विमोचन किया।

    इस तिमाही के लिए भारत की व्यापार स्थिति का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत करने के अतिरिक्‍त, इस संस्करण का विषयगत खंड अमेरिकी टैरिफ संरचनाओं में हाल के बदलावों पर केंद्रित है, जो अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के पुनर्गठन और भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता पर इसके निहितार्थों के बारे में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।

    वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2024) में भारत के व्यापार निष्‍पादन ने भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच सतर्क गतिशीलता प्रदर्शित की। वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में व्यापारिक निर्यात 3 प्रतिशत (108.7 बिलियन डॉलर तक) बढ़ा, जबकि आयात में 6.5 प्रतिशत (187.5 बिलियन डॉलर तक) की वृद्धि हुई। सेवा निर्यात में 17 प्रतिशत की वृद्धि से प्रेरित 52.3 बिलियन डॉलर के सेवा अधिशेष ने घाटे के अंतर को कम करने में मदद की, जिसने वैश्विक सेवा अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती शक्ति को रेखांकित किया। निर्यात संरचना स्थिर बनी हुई है और कुछ उत्पाद जैसे विमान, अंतरिक्ष यान और पुर्जे 200 प्रतिशत से अधिक की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि के साथ शीर्ष दस निर्यातों में शामिल हो गए हैं। इसके अतिरिक्त, भारत वर्ष 2024 में 269 बिलियन डॉलर के डिजिटल तरीके से डिलीवर की गई सेवाओं (डीडीएस) के निर्यात के साथ विश्‍व के पांचवें सबसे बड़े निर्यातक के रूप में स्थान पर रहा।

    इस तिमाही के संस्करण का विषयगत केंद्रबिंदु उभरती अमेरिकी व्यापार और टैरिफ संरचनाएं तथा भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता पर उनके प्रभाव हैं। प्रमुख प्रतिस्पर्धियों की तुलना में भारत का सापेक्ष टैरिफ लाभ अमेरिकी बाज़ार में विशेष रूप से फार्मास्यूटिकल्स, कपड़ा और विद्युत मशीनरी जैसे क्षेत्रों में बाज़ार हिस्सेदारी बढ़ाने का एक कार्यनीतिक अवसर प्रदान करता है। उभरते वैश्विक व्यापार परिवेश में नए व्यापार संयोजनों का लाभ उठाने के लिए बेहतर नीति-निर्माण की आवश्यकता है।

    इस अवसर पर डॉ. विरमानी ने नवीनतम व्यापार गतिशीलता को गहन विश्लेषणात्मक गहराई के साथ प्रस्तुत करने वाले एक व्यापक व्यापार प्रकाशन के लिए पूरी टीम को बधाई दी। उन्‍होंने कहा कि भारत की उभरती हुई व्यापार भागीदारी, बढ़ती प्रतिस्पर्धा, नवोन्‍मेषण और अमेरिका जैसे प्रमुख बाजारों में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने के रणनीतिक प्रयासों द्वारा संचालित अर्थव्यवस्था की गहन प्रगति को दर्शाती है, जो अमेरिकी व्यापार नीति में हाल के बदलावों के अनुरूप है।

    डॉ. विरमानी ने यह भी रेखांकित किया कि ऐसे समय में जब भू-राजनीतिक बदलावों, प्रौद्योगिकीय बदलावों और नीतिगत अनिश्चितता के कारण वैश्विक व्यापार का स्वरूप बदल रहा है, यह संस्करण नीति निर्माताओं, उद्योग और शिक्षा जगत के लिए एक मूल्यवान संसाधन के रूप में कार्य करता है। यह समग्र व्यापार सुगमता को बढ़ाने और वैश्विक बाजारों में मज़बूत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए दूरदर्शी सुझाव प्रदान करता है।

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    14/07/25

    विकसित भारत के लिए एक विकसित गांव बनाएं: राज्य मंत्री पेम्मासानी चन्द्रशेखर

    आरएस अनेजा, 14 जुलाई नई दिल्ली

    केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर ने 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 'विकसित गांव' के निर्माण का आह्वान किया है।

    नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण विकास मंत्रालय की कार्यनिष्पादन समीक्षा समिति की पहली बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि एक 'विकसित गांव' वही होगा जहां हर परिवार के पास बुनियादी सुविधाओं वाला एक पक्का घर होगा,  वह गुणवत्तापूर्ण सड़कों से जुड़ा होगा,  हर ग्रामीण युवा के पास रोजगार के अवसर होंगे और हर महिला सशक्त और आर्थिक रूप से स्वतंत्र होगी। यह कोई दूर का सपना नहीं बल्कि इसे प्राप्त किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए हमें नई ऊर्जा, नवीन सोच और गहरी प्रतिबद्धता के साथ काम करने की आवश्यकता है।

    पेम्मासानी ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने में ग्रामीण विकास मंत्रालय की भूमिका पर ज़ोर देते हुए कहा कि हम केवल योजनाओं को लागू नहीं कर रहे हैं बल्कि भारत की विकास गाथा का अगला अध्याय लिख रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कैबिनेट मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दूरदर्शी नेतृत्व में हमने ग्रामीण विकास में उल्लेखनीय प्रगति की है।

    पेम्मासानी ने मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) ग्रामीण बेरोजगारी और विशेष रूप से कृषि के कमज़ोर मौसम में होने वाले संकटपूर्ण पलायन के विरुद्ध एक हथियार के रूप में कार्य कर रही है। इसमें 90,000 से 1,00,000 करोड़ रुपये के वार्षिक निवेश के परिणामस्वरूप टिकाऊ और उत्पादक परिसंपत्तियों का निर्माण हुआ है। प्रतिवर्ष 250 करोड़ से अधिक मानव-दिवस सृजित हुए हैं, 36 करोड़ से अधिक जॉब कार्ड जारी किए गए हैं और 15 करोड़ से अधिक श्रमिक इसके लाभार्थी हुए हैं। श्री पेम्मासानी ने वेतन भुगतान के बजाय सार्थक परिसंपत्ति निर्माण, विविध कार्यों को अपनाने और अन्य विकास योजनाओं के साथ उनके अभिसरण तथा कार्य चयन में सामुदायिक भागीदारी का सुझाव दिया है।

    पेम्मासानी ने प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) का उल्लेख करते हुए बताया कि इसकी शुरुआत से कच्चे या जीर्ण-शीर्ण घरों में रहने वाले ग्रामीण परिवारों के लिए 3.22 करोड़ से ज़्यादा पक्के घर बनाए जा चुके हैं और परिवार वृद्धि तथा ग्रामीण जनसंख्या विस्तार के कारण बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए 2029 तक 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्रीय मंत्री ने पर्यावरण-अनुकूल और क्षेत्र-विशिष्ट निर्माण तकनीकों और लागत-प्रभावी आवास डिज़ाइनों के उपयोग को बढ़ावा देने का भी सुझाव दिया है।

    यह बताते हुए कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत अब तक 7.56 लाख किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया है। श्री पेम्मासानी ने राज्यस्तरीय सड़क रखरखाव निधि की स्थापना, समुदाय आधारित निगरानी प्रणालियों के कार्यान्वयन और स्थिरता के लिए अभिनव वित्तपोषण मॉडल विकसित करने का सुझाव दिया है। मंत्री ने कहा कि डीएवाई-एनआरएलएम सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के एक शक्तिशाली साधन के रूप में उभरा है, जिसमें 10.05 करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाओं को 91 लाख स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) में बनाया गया है और संचयी बैंक लिंकेज 11 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लखपति दीदी पहल के तहत 3 करोड़ महिलाओं के लक्ष्य के मुकाबले 1.5 करोड़ महिलाएं पहले ही सालाना एक लाख रुपये से अधिक कमाने में सक्षम हैं। श्री पेम्मासानी ने लक्षित ऋण, उन्नत कौशल और बाजार तैयार समर्थन के माध्यम से " लखपति दीदी" को और सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है। मंत्री ने कहा कि कौशल एवं नियोजन कार्यक्रम डीडीयू-जीकेवाई ने 17 लाख से अधिक ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित किया है और 11 लाख से अधिक को लाभकारी रोजगार दिलाया है।

    इस अवसर पर केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान, ग्रामीण विकास सचिव श्री शैलेश कुमार सिंह, भारत सरकार एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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    14/07/25

    हिमाचल के मुख्यमंत्री ने जापान में कराटे प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों को शुभकानाएं दीं

    हिमाचल, 14 जुलाई (अभी): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जापान के ओसाका में 15 से 23 जुलाई, 2025 तक आयोजित होने वाली शिटोकाई गोजू-रियू कराटे प्रतियोगिता में भाग लेने वाले 20 सदस्यीय भारतीय दल को अपने अधिकारिक आवास ओक ओवर से आज यहां रवाना किया। भारतीय दल को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खिलाड़ियों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना समस्त देशवासियों और खिलाड़ियों के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने इन खिलाड़ियों के परिश्रम की सराहना करते हुए उनके बेहतर प्रदर्शन और जीत की कामना की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में खेल और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में अनेक पहल की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को मिलने वाली पुरस्कार राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की है ताकि वे और अधिक मेहनत कर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित हों। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ऑलम्पिक, पैरालिम्पक और शीतकालीन ऑलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतने पर पुरस्कार राशि को 3 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेताओं के लिए 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेताओं के लिए एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये किया है। इसी प्रकार एशियन गेम्स और पैरा-एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक विजेताओं को दी जा रही पुरस्कार राशि को 50 लाख से बढ़ाकर 4 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेताओं को 30 लाख से बढ़ाकर 2.5 करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 20 लाख से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये किया है।

    उन्होंने युवाओं को जीवन में खेलों और अनुशासन को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी जा सके और उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखा जा सके।

    कराटे प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले 20 सदस्यीय दल में 11 खिलाड़ी जिला शिमला के बाघी स्थित रूट्स कंट्री स्कूल से हैं तथा शेष खिलाड़ी हिमाचल सहित देशभर के विभिन्न क्षेत्रों से हैं। इस प्रतियोगिता में भारतीय टीम पांच वर्षों के अंतराल के बाद भाग ले रही है। खिलाड़ियों सहित टीम के हेड कोच सैन्सी अनिल कुमार जिश्टा और सहायक कोच सैन्सी हरि तमंग भी जापान जा रहे हैं। इस अवसर पर रूट्स कंट्री स्कूल के संस्थापक सुनील रोहटा भी उपस्थित थे।

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    14/07/25

    हरियाणा व गोवा के नए राज्यपाल नियुक्त, लद्दाख में भी नए उप राज्यपाल

    आरएस अनेजा, 14 जुलाई नई दिल्ली

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज प्रो. आशिम कुमार घोष को हरियाणा का राज्यपाल, पुष्पपति अशोक गजपति राजू को गोवा का राज्यपाल और कविन्द्र गुप्ता को लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया।

    हरियाणा में बंडारू दत्तात्रेय की जगह अब प्रो. आशिम कुमार घोष हरियाणा के नए राज्यपाल होंगे। घोष के पास प्रशासनिक अनुभव का लंबा रिकॉर्ड है।

    पूर्व केंद्रीय मंत्री अशोक गजपति राजू को गोवा का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। अशोक गजपति को लंबे समय से शासन और प्रशासन का अनुभव है और वे केंद्र में नागरिक उड्डयन मंत्री रह चुके हैं।

    भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता को केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति ब्रिगेडियर बीडी मिश्रा के इस्तीफे के बाद की गई है, जिसे राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है।

    राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ये नियुक्तियां संबंधित अधिकारीगण द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होंगी।

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    14/07/25

    हरियाणा विज़न 2047 दस्तावेज के लिए नागरिकों से सुझाव आमंत्रित

    चंडीगढ़, 14 जुलाई (अभी) - स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान द्वारा हरियाणा के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए हरियाणा विज़न 2047 दस्तावेज़ तैयार किया जा रहा है। इस दस्तावेज के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आने वाले वर्षों में हरियाणा विकास और नवाचार के नए प्रतिमान स्थापित करे।

     

    सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि विज़न दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया को अधिक सहभागी और व्यापक बनाने के लिए जन परामर्श सर्वेक्षण में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी हेतू राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा एक पोर्टल विकसित किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक अपने विचार, सुझाव और अपेक्षाएँ सीधे सांझा कर सकते हैं, जो इस महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़ का हिस्सा बनेंगी।

     

    प्रवक्ता ने बताया कि इस पोर्टल का लिंक एनआईसी द्वारा बीएएमएस, वित्त विभाग, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, सभी उपायुक्तों और हरियाणा राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की वेबसाइट पर सांझा किया जाएगा। अतः सभी नागरिकों से अनुरोध किया जाता है कि अपने मूल्यवान सुझाव इस जन परामर्श सर्वेक्षण में शामिल करने की कृपा करें।

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    14/07/25

    स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में हरियाणा के करनाल को देश के टॉप 15 स्वच्छ शहरों में मिला स्थान

    चंडीगढ़, 13 जुलाई (अभी) - केंद्र सरकार द्वारा देश के शहरों की स्वच्छता रैंकिंग के आकलन के लिए किये गए स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के घोषित परिणामों में हरियाणा के करनाल शहर को देश के टॉप 15 शहरों में स्थान मिला है। इसके लिए करनाल को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। 17 जुलाई को दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू करनाल नगर निगम को यह पुरस्कार प्रदान करेंगी।  

    स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के कार्यकारी वाईस चेयरमैन श्री सुभाष चंद्र ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताय़ा कि यह करनाल शहर के लिए ही नहीं बल्कि हरियाणा के लोगों के लिए भी गर्व की बात है कि प्रदेश का एक शहर देश के 15 स्वच्छ शहरों में शुमार हुआ है।  

    उन्होंने बताया कि इसी प्रकार से सोनीपत नगर निगम को उत्कृष्ट स्वच्छता कार्यों के लिए मिनिस्ट्रियल अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण के परिणामों में करनाल व सोनीपत की रैंकिंग, शहरों के विकास और स्वच्छता के प्रति हम सबकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हमें उम्मीद है कि यह उपलब्धि हमारे शहरों को और भी स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए प्रेरित करेगी।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी व शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल का भी संकल्प है कि हरियाणा प्रदेश न केवल गंदगी से मुक्त प्रदेश बने, बल्कि स्वच्छ राज्य भी बने।

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    14/07/25

    सावन का पहला सोमवार, शिव मंदिरों में उमड़ा भक्तों का सैलाब

    आरएस अनेजा, 14 जुलाई नई दिल्ली

    आज सावन का पहला सोमवार जिसे प्रथम श्रावणी सोमवार भी कहा जाता है, भगवान शिव को समर्पित एक महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। आज इस पावन दिन पर शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है।

    सावन के पहले सोमवार का महत्व

    • सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है, और इस महीने में पड़ने वाले सोमवार को विशेष रूप से शुभ माना जाता है। 

    • इस दिन भक्त शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, और अन्य पूजा सामग्री चढ़ाते हैं। 

    • सावन के पहले सोमवार को व्रत रखने का विधान है, और भक्त पूरे दिन उपवास रखते हैं, और शाम को पूजा के बाद ही भोजन करते हैं। 

    • सावन के पहले सोमवार को शुभ मुहूर्त में जलाभिषेक करना विशेष फलदायी माना जाता है। 

    • सावन सोमवार व्रत की कथा सुनने का भी विधान है। 

    • यह माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। 

    • सावन सोमवार व्रत रखने से मानसिक शांति और स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है, धार्मिक वेबसाइटों के अनुसार. 

    • सावन सोमवार का व्रत विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए भी किया जाता है। धार्मिक वेबसाइट के अनुसार 

    सावन माह:

    • श्रावण मास:

      सावन का महीना, जिसे श्रावण मास भी कहा जाता है, भगवान शिव का प्रिय महीना है। 

    • चातुर्मास:

      यह महीना चातुर्मास का एक भाग है, जो चार महीनों की अवधि होती है जिसमें भगवान विष्णु शयन करते हैं। 

    • समुद्र मंथन:

      पौराणिक कथाओं के अनुसार, सावन के महीने में ही समुद्र मंथन हुआ था, और भगवान शिव ने विष का पान किया था। 

    • धार्मिक महत्व:

      इस महीने में भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से विशेष फल मिलता है। 

    • पर्यावरण:

      सावन का महीना प्रकृति के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दौरान बारिश होती है और चारों ओर हरियाली छा जाती है। 

    सावन का पहला सोमवार भगवान शिव के प्रति भक्तों की अटूट श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है, और इस दिन शिव भक्त भगवान शिव की पूजा-अर्चना करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

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    14/07/25

    डॉक्टर-मरीज़ के बीच विश्वास को पुनर्जीवित करना होगा, यहीं विश्वास डा. बीसी रॉय के दौर की पहचान थी : केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह

    आरएस अनेजा, 14 जुलाई नई दिल्ली

    केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज विश्व प्रसिद्ध चिकित्सक और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी डॉ. बिधान चंद्र रॉय को श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. बीसी रॉय की विरासत का उल्लेख करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने डॉक्टर-रोगी विश्वास को बहाल करने के महत्व पर जोर दिया, जो 20वीं सदी के पूर्वार्ध में डॉ. रॉय के युग की पहचान थी।

    डॉ. जितेंद्र सिंह भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) की राष्ट्रीय संस्था द्वारा आयोजित चिकित्सक दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।

    इस कार्यक्रम में आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. भानुशाली, नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. नाइक, पूर्व अध्यक्ष डॉ. अशोकन और आईएमए के अन्य राष्ट्रीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

    चिकित्सा पेशेवरों को संबोधित करते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने डॉ. बी.सी. रॉय की विरासत का स्मरण किया और चिकित्सा एवं राष्ट्र निर्माण में उनके अपार योगदान का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, "डॉ. रॉय की सबसे बड़ी खूबियों में से एक यह थी कि वे और उनके समकालीन, समाज में अटूट विश्वास रखते थे और इसके लिए उन्होंने अपने परामर्श शुल्क या नैतिकता से कोई समझौता नहीं किया।"

    "डॉ. रॉय 1940 के दशक में 66 रुपए से ज़्यादा का परामर्श शुल्क लेते थे और किसी ने इस पर सवाल नहीं उठाया। आज, हमें खुद से पूछना होगा - वही भरोसा क्यों कम हो गया है?" उन्होंने डॉक्टर-मरीज़ के बीच विश्वास को पुनर्जीवित करने का आह्वान किया, उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि यह डॉ. रॉय के दौर की पहचान थी।

    डॉ. जितेंद्र सिंह ने चिकित्सा समाज से उस गरिमा, निष्ठा और सामाजिक विश्वास को पुनः प्राप्त करने का आग्रह किया, जो कभी इस महान पेशे की पहचान हुआ करते थे। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि डॉक्टरों के बारे में बदलती धारणा केवल व्यक्तिगत कमियों से नहीं, बल्कि सामाजिक मूल्यों में बड़े बदलावों से उपजी है।

    भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) की विरासत को याद करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने इसे “भारतीय स्वास्थ्य सेवा का एक स्तंभ” बताया और देश में चिकित्सकों के सबसे बड़े और सबसे पुराने निकाय के रूप में इसकी सराहना की।

    वर्ष 1928 में कलकत्ता में आयोजित पाँचवें अखिल भारतीय चिकित्सा सम्मेलन के दौरान स्थापित आईएमए आज एक सशक्त राष्ट्रीय शक्ति के रूप में खड़ा है, जो 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1,750 से अधिक स्थानीय शाखाओं के माध्यम से 3.3 लाख से अधिक डॉक्टरों का प्रतिनिधित्व करता है। दिल्ली में अपने मुख्यालय के साथ, आईएमए स्वास्थ्य सेवा नीति को आकार देने, चिकित्सा नैतिकता को मज़बूत करने और जन स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने में अग्रणी रहा है।

    डॉ. जितेंद्र सिंह ने डॉ. बी.सी. रॉय, डॉ. एम.ए. अंसारी, सर नील रतन सरकार और कर्नल भोला नाथ जैसे दिग्गज और दूरदर्शी लोगों की प्रशंसा की जिन्होंने राजनीतिक रूप से अशांत समय में एसोसिएशन को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि उनमें से कई ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भी सक्रिय भूमिका निभाई।

    डॉ. सिंह ने कहा, "उनका मिशन स्पष्ट था - चिकित्सा विज्ञान की उन्नति को बढ़ावा देना, जन स्वास्थ्य में सुधार लाना और इस पेशे की गरिमा को बनाए रखना। यह मिशन आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है।"

    प्रख्यात चिकित्सा प्रोफेसर और मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत में चिकित्सा के बदलते स्वरूप पर गहन व्यक्तिगत विचार प्रस्तुत किए।

    केंद्रीय मंत्री ने संक्रामक रोगों की अधिकता वाले समय से लेकर वर्तमान में संचारी और गैर-संचारी रोगों के दोहरे बोझ तक के बदलाव पर प्रकाश डाला, जिससे भारतीय डॉक्टरों और शोधकर्ताओं के लिए चुनौतियाँ और अवसर दोनों पैदा हो रहे हैं।

    उन्होंने कहा, "आप किसी भी बीमारी का नाम लें - वह भारत में मौजूद है। यही कारण है कि वैश्विक शोधकर्ता भारत की ओर तेज़ी से रुख़ कर रहे हैं।"

    डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत की जनसांख्यिकी संरचना के विरोधाभास पर भी बात की। उन्होंने कहा, "हम एक युवा देश हैं, जिसकी 70% से ज़्यादा आबादी 42 साल से कम उम्र की है, फिर भी हम तेज़ी से बूढ़े हो रहे हैं। जीवन प्रत्याशा 1950 के दशक के 50 साल से बढ़कर आज 70 साल से ज़्यादा हो गई है। इस बदलाव के लिए एक नए पाठ्यक्रम, एक नई सोच और चिकित्सा पद्धति के एक नए मॉडल की ज़रूरत है।"

    केंद्रीय मंत्री ने स्वास्थ्य सेवा के लिए एक समग्र, एकीकृत दृष्टिकोण की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें आधुनिक एलोपैथिक चिकित्सा को आयुष प्रणालियों और अत्याधुनिक तकनीकी प्रगति के साथ मिश्रित किया जाए।

    उन्होंने योग को दीर्घकालिक रोगों के प्रबंधन में एक प्रभावी साधन बताया और विभिन्न चिकित्सा प्रणालियों के बीच की खाई को पाटने तथा संशयवाद के बजाय एकीकरण के प्रति खुलेपन को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।

    डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, "संदेह का समय समाप्त हो गया है। दुनिया एकीकृत चिकित्सा की ओर बढ़ रही है - भावनाओं से नहीं, बल्कि आवश्यकता से।"

    उन्होंने चिकित्सा विज्ञान में भारत के बढ़ते नेतृत्व पर प्रकाश डाला और डीएनए वैक्सीन, जीन थेरेपी परीक्षणों और नैफिथ्रोमाइसिन जैसी स्वदेशी एंटीबायोटिक दवाओं के विकास जैसी हालिया सफलताओं का हवाला दिया। उन्होंने उभरते बायोबैंक और जीनोम रिपॉजिटरी को भविष्य के अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण बताया।

    उन्होंने युवा चिकित्सा पेशेवरों से इस गति को अपनाने का आग्रह करते हुए कहा, "हम अब गति पकड़ नहीं रहे हैं। हम गति निर्धारित कर रहे हैं।"

    संबोधन के समापन पर, डॉ. सिंह ने डॉक्टरों से आत्मनिरीक्षण और अनुकूलन का आह्वान किया। उन्होंने एआई-सहायता प्राप्त सर्जरी, रोबोटिक डायग्नोस्टिक्स और टेलीमेडिसिन सहित तेज़ी से बदलते तकनीकी बदलावों के दौर में "सीखी हुई बातों को भूलकर दोबारा सीखने" के महत्व पर ज़ोर दिया।

    उन्होंने स्वास्थ्य सेवा वितरण में सार्वजनिक-निजी के बीच के अंतर को पाटने के महत्व पर भी ज़ोर दिया।

    उन्होंने कहा, "यह संपूर्ण चिकित्सा सहयोग से संचालित, संपूर्ण राष्ट्र स्वास्थ्य सेवा का समय है।"

    अंत में डॉ. सिंह ने आह्वान किया "आइए हम डॉ. बी.सी. रॉय को न केवल याद करके, बल्कि उनके मूल्यों - विश्वास, क्षमता और ईमानदारी - को अपनाकर उन्हें सम्मानित करें। भारतीय स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के सबसे मज़बूत स्तंभों में से एक, आईएमए को इस परिवर्तन का नेतृत्व करना चाहिए।"

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    14/07/25

    रेलवे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए डिब्बों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे

    आरएस अनेजा, 14 जुलाई नई दिल्ली

    यात्री डिब्बों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रायोगिक परिणाम के सकारात्मक परिणाम के आधार पर, रेलवे ने सभी डिब्बों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। इस कदम से यात्री सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार होगा। बदमाश और संगठित गिरोह भोले-भाले यात्रियों का फायदा उठाते हैं। कैमरे लगने से ऐसी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी। यात्रियों की निजता बनाए रखने के लिए, दरवाजों के पास सामान्य आवागमन क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।

    केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इंजनों और डिब्‍बों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रगति की समीक्षा की। शनिवार 12 जुलाई, 2025 को आयोजित बैठक में रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

    360-डिग्री व्यापक कवरेज

    रेलवे अधिकारियों ने बताया कि उत्तर रेलवे के लोको इंजन और डिब्‍बों में सफल परीक्षण किए जा चुके हैं। केंद्रीय रेल मंत्री ने सभी 74,000 डिब्‍बों और 15,000 इंजनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की अनुमति दे दी है। प्रत्येक रेलवे डिब्‍बे में 4 डोम सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे - प्रत्येक प्रवेश मार्ग पर 2 और प्रत्येक लोकोमोटिव में 6 सीसीटीवी कैमरे होंगे। इनमें लोकोमोटिव के आगे, पीछे और दोनों तरफ 1-1 कैमरा शामिल होंगे। प्रत्येक कैब (आगे और पीछे) में 1 डोम सीसीटीवी कैमरा और डेस्क  पर 2 माइक्रोफोन लगाए जाएंगे।

    आधुनिक समस्याओं के लिए आधुनिक निगरानी

    अधिकारियों ने साझा किया कि सीसीटीवी कैमरे नवीनतम मानकों वाले होंगे और एसटीक्यूसी प्रमाणित होंगे। केंद्रीय रेल मंत्री ने सर्वश्रेष्ठ उपकरणों को इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होंने रेलवे अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि 100 किमी प्रति घंटे से अधिक गति और कम रोशनी की स्थिति में चलने वाली ट्रेनों के उच्च गुणवत्ता वाले फुटेज उपलब्ध हों। केंद्रीय रेल मंत्री ने अधिकारियों को इंडियाएआई मिशन के सहयोग से सीसीटीवी कैमरों द्वारा लिए गए डेटा पर एआई के उपयोग का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित किया।

    डेटा गोपनीयता मूल में

    डिब्बों के सामान्य आवागमन क्षेत्रों में कैमरे लगाने का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा और संरक्षा में सुधार लाना है। निजता का ध्‍यान रखते हुए, ये कैमरे शरारती तत्वों की पहचान करने में भी मदद करेंगे। भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण के प्रयास, सुरक्षित, संरक्षित और यात्री-अनुकूल यात्रा अनुभव के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

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    14/07/25

    औरंगाबाद औद्योगिक शहर में 20,000 वर्ग फुट में कौशल विकास केंद्र की स्थापना की जाएगी

    आरएस अनेजा, 14 जुलाई नई दिल्ली

    भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के साथ साझेदारी में औरंगाबाद औद्योगिक शहर (एयूआरआईसी) में 20,000 वर्ग फुट में कौशल विकास केंद्र की स्थापना की जाएगी, जिसके लिए अगले सप्ताह एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।

    उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने छत्रपति संभाजी नगर दौरे के दौरान इस क्षेत्र में औद्योगिक बुनियादी ढांचे और स्टार्टअप विकास की प्रगति की समीक्षा के लिए इसका समर्थन किया।

    सचिव ने वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) निवेश को आकर्षित करने और क्षेत्र के नवाचार और औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को और बढ़ाने के लिए एयूआरआईसी में अनुसंधान और विकास (आर एंड डी) केंद्रों के विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। हितधारकों ने समावेशी आवासीय विकास के लिए एक व्यापक पैकेज की पेशकश करने के लिए राज्य आवास नीतियों के साथ पीएमएवाई 2.0 सब्सिडी के अभिसरण की भी सिफारिश की, जिससे एक अच्छी तरह से औद्योगिक टाउनशिप के विकास का समर्थन किया जा सके।

    इस यात्रा में (एयूआरआईसी) हॉल में सचिव की अध्यक्षता में एक उद्योग संपर्क सत्र भी शामिल था, जिसमें एमएएसआईए, सीएमआईए, सीआईआई, फिक्की और एसोचैम जैसे उद्योग निकायों सहित प्रमुख हितधारकों की भागीदारी देखी गई। चर्चा के दौरान, हितधारकों ने औरंगाबाद-हैदराबाद-चेन्नई के बीच बेहतर कनेक्टिविटी, एमआरओ सुविधा का विकास और वंदे भारत टर्मिनल, बिडकिन में बेहतर रसद पहुंच, जालना और वालुज के बीच स्थानीय ट्रेन सेवाएं सिफारिशों में एमएसएमई के लिए भूमि आरक्षण को 10% से बढ़ाकर 40% करना, स्टार्टअप्स के लिए 10% भूमि आरक्षित करना और (एयूआरआईसी) में सॉफ्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और कौशल विकास को मज़बूत करना भी शामिल था। महाराष्ट्र सरकार के उद्योग विभाग के सचिव डॉ. पी. अनबालागन ने भी एमआईटीएल और एमएमएलपी जैसी पहलों के माध्यम से औद्योगिक विकास के लिए राज्य का रणनीतिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

    इस दौरे की शुरुआत मराठवाड़ा एक्सेलरेटर फॉर ग्रोथ एंड इनक्यूबेशन काउंसिल (मैजिक) में एक संवाद सत्र से हुई, जहाँ सचिव ने क्षेत्र के नवोदित उद्यमियों, इनक्यूबेटरों और स्टार्टअप संस्थापकों के साथ बातचीत की। उन्होंने उनकी नवोन्मेषी भावना की सराहना की और स्टार्टअप इंडिया, फंड ऑफ फंड्स जैसी पहलों और विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से क्षेत्र-विशिष्ट प्रोत्साहनों के माध्यम से सरकार के मजबूत समर्थन पर प्रकाश डाला।

    सचिव ने बिडकिन औद्योगिक क्षेत्र का दौरा किया, जहाँ उन्होंने जेएसडब्ल्यू ग्रीन-टेक लिमिटेड, टोयोटा किर्लोस्कर संयंत्र और जल उपचार संयंत्र सहित प्रमुख बुनियादी ढाँचे की समीक्षा की। उन्होंने शेंद्रा औद्योगिक क्षेत्र तक दौरा किया, जहाँ उन्होंने एनएलएमके इंडिया, ह्योसंग टीएंडडी प्राइवेट लिमिटेड और कोटॉल फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड सहित प्रमुख औद्योगिक इकाइयों का भी दौरा किया। उन्होंने उच्च-मूल्य विनिर्माण को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन में उनकी भूमिका की प्रशंसा की, जो विकसित भारत@2047 के विजन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

    श्री भाटिया ने (एयूआरआईसी) में औद्योगिक बुनियादी ढांचे का भी दौरा किया, जिसमें जल उपचार संयंत्र, एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी), अत्याधुनिक (एयूआरआईसी) हॉल और शेन्द्रा का 3डी शहर मॉडल शामिल है।

    डीपीआईआईटी सचिव ने दोहराया कि महाराष्ट्र को विनिर्माण और नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार और उद्योग के बीच सहयोग आवश्यक है। इस सत्र में उद्योग संघों और महाराष्ट्र सरकार की सक्रिय भागीदारी देखी गई, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए उनकी साझा प्रतिबद्धता और मजबूत हुई।

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    14/07/25

    केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन और उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा का सऊदी अरब का दौरा संपन्न

    आरएस अनेजा, 14 जुलाई नई दिल्ली

    केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन और उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने दम्मम और रियाद का दौरा किया। सऊदी अरब की उनकी यह यात्रा रसायन एवं उर्वरक के क्षेत्र में भारत के साथ द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित थी। उन्‍होंने एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्‍व किया, जिसमें उर्वरक विभाग और विदेश मंत्रालय के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

    जेपी नड्डा ने आज रियाद में सऊदी अरब के उद्योग एवं खनिज संसाधन मंत्री बंदार बिन इब्राहिम अल खोरायफ के साथ उर्वरक, पेट्रोकेमिकल्स और फार्मास्यूटिकल सेक्‍टरों में साझेदारी को सुदृढ़ बनाने के तरीकों पर चर्चा की।

    दोनों मंत्रियों की उपस्थिति में माडेन और भारतीय कंपनियों - आईपीएल, कृभको और सीआईएल - के बीच दीर्घकालिक समझौतों पर हस्ताक्षर भी हुए। ये समझौते 2025-26 से आगे पांच वर्षों के लिए प्रति वर्ष कुल 3.1 मिलियन मीट्रिक टन डायमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) उर्वरक की आपूर्ति के लिए हैं, जिसे आपसी सहमति से पांच वर्षों के लिए और बढ़ाया जा सकता है। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के दायरे को व्यापक बनाने और इसमें यूरिया के साथ-साथ डीएपी जैसे अन्य प्रमुख उर्वरकों को शामिल करने की अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया, जिसका उद्देश्य भारत की उर्वरक सुरक्षा को और अधिक बढ़ाना है।

    दोनों पक्षों के बीच आपसी निवेश को सुगम बनाने पर भी चर्चा हुई, जिसमें सऊदी उर्वरक सेक्‍टर में भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के निवेश के अवसरों की खोज और इसके बदले में भारत में सऊदी निवेश पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसके अतिरिक्त, नेताओं ने विशेष रूप से भारत-विशिष्ट अनुकूलित और वैकल्पिक उर्वरकों के विकास में सहयोगात्मक अनुसंधान के अवसरों पर विचार-विमर्श किया, जिससे कि कृषि उत्पादकता और स्थिरता बढ़ाई जा सके।

    इसके अतिरिक्त, इस सेक्‍टर में दीर्घकालिक सहयोग की संभावना तलाशने के लिए भारतीय पक्ष की ओर से सचिव (उर्वरक) तथा सऊदी पक्ष की ओर से उद्योग एवं खनिज संसाधन मंत्रालय में खनन मामलों के उप मंत्री के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित की गई है।

    जेपी नड्डा ने सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री और भारत-सऊदी अरब के बीच रणनीतिक साझेदारी परिषद की अर्थव्यवस्था एवं निवेश समिति के सह-अध्यक्ष, प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन सलमान अल सऊद के साथ दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी बढ़ाने के उपायों पर द्विपक्षीय बैठक भी की। प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन सलमान अल सऊद ने नड्डा के सम्मान में दोपहर के भोज का भी आयोजन किया।

    जेपी नड्डा ने आज रियाद में सऊदी अरब के स्वास्थ्य उप मंत्री अब्दुलअज़ीज़ अल-रुमैह से भी मुलाकात की। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र, स्वास्थ्य सेवाओं, फार्मास्यूटिकल्स, डिजिटल स्वास्थ्य समाधानों और ज्ञान के आदान-प्रदान में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। इस संदर्भ में, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की सऊदी अरब की हालिया राजकीय यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित स्वास्थ्य संबंधी द्विपक्षीय समझौता ज्ञापन के महत्व पर प्रकाश डाला।

    इससे पहले 12 जुलाई को, जेपी नड्डा ने अपने साथ आए प्रतिनिधिमंडल के साथ रास अल खैर स्थित मादेन संयंत्र और फॉस्फेट उत्पादन संयंत्र का दौरा किया। मादेन फॉस्फेट के चेयरमैन हसन अल अली और मादेन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। भारत सऊदी अरब के उर्वरकों के लिए एक प्रमुख निर्यात गंतव्य है और मादेन सऊदी अरब में इस क्षेत्र की अग्रणी कंपनी है। सऊदी भारत व्यापार परिषद के अध्यक्ष अब्दुलअज़ीज़ बिन अब्दुल हादी अल कहतानी ने सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत के व्यापारिक समुदाय की उपस्थिति में दम्मन में नड्डा के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन किया।

    नड्डा के इस दौरे ने भारत और सऊदी अरब के बीच, विशेष रूप से उर्वरकों के क्षेत्र में मज़बूत आर्थिक संबंधों को रेखांकित किया। वित्‍त वर्ष 2024-25 में भारत द्वारा सऊदी अरब से डीएपी उर्वरक का आयात 1.9 मिलियन मीट्रिक टन था, जो वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान आयातित 1.6 मिलियन मीट्रिक टन से लगभग 17 प्रतिशत अधिक है। डीएपी के लिए इन दीर्घकालिक समझौतों पर हस्ताक्षर के साथ, वित्त वर्ष 2025-26 से डीएपी की आपूर्ति बढ़कर 3.1 मिलियन मीट्रिक टन हो जाएगी। इस दौरे ने सऊदी अरब से भारत को उर्वरकों की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण प्रतिबद्धताएं सुनिश्चित कीं।

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    14/07/25

    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अमानक उर्वरकों को लेकर तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए

    आरएस अनेजा, 14 जुलाई नई दिल्ली

    केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास शिवराज सिंह चौहान ने सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर नकली एवं निम्न गुणवत्ता वाले उर्वरकों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए इस पर तत्काल और सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। यह पत्र देशभर में नकली उर्वरकों की बिक्री तथा सब्सिडी वाले उर्वरकों की कालाबाजारी एवं जबरन टैगिंग जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से जारी किया गया है।

    केंद्रीय मंत्री ने पत्र में कहा है कि कृषि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों की आय में स्थिरता बनाए रखने के लिए उन्हें गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उचित समय पर, सुलभ दरों पर और मानक गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है।

    उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 (जो कि आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत आते हैं) के तहत नकली अथवा निम्न गुणवत्ता वाले उर्वरक की बिक्री प्रतिबंधित है।

    केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्र में निम्नलिखित निर्देश राज्यों को जारी किए हैं:

    1.  किसानों को सही स्थान और उन जगहों पर जहाँ इनकी जरुरत है,  पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना राज्यों की जिम्मेदारी है। अतः राज्य कालाबाजारी, अधिक मूल्य पर बिक्री तथा सब्सिडी वाले उर्वरकों के डायवर्जन जैसी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई करें I

    2. उर्वरक के निर्माण एवं बिक्री की नियमित निगरानी तथा सैंपलिंग एवं परीक्षण के माध्यम से नकली एवं निम्न गुणवत्ता वाले उत्पादों पर सख्त नियंत्रण किया जाए I

    3. पारंपरिक उर्वरकों के साथ नैनो-उर्वरक अथवा जैव-उत्तेजक उत्पादों की जबरन टैगिंग को अविलंब रोका जाए।

    4. दोषियों के विरुद्ध लाइसेंस निरस्तीकरण, प्राथमिकी पंजीकरण सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए एवं मामलों का प्रभावी अनुसरण कर दंड सुनिश्चित किया जाए।

    5. राज्यों को फीडबैक एवं सूचना तंत्र विकसित कर किसानों/किसान समूहों को निगरानी प्रक्रिया में शामिल करने, एवं किसानों को असली व नकली उत्पादों की पहचान हेतु जागरूक करने हेतु विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं।

    केंद्रीय मंत्री ने सभी राज्यों से अनुरोध किया है कि उपर्युक्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप एक राज्यव्यापी अभियान प्रारंभ कर नकली एवं घटिया गुणवत्ता वाले कृषि इनपुट्स की समस्या को जड़ से समाप्त किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि राज्य स्तर पर इस कार्य की नियमित निगरानी की जाएगी तो यह किसानों के हित में एक प्रभावी एवं स्थायी समाधान सिद्ध होगा।

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    14/07/25

    प्रधानमंत्री ने नाइजीरिया के पूर्व राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी के निधन पर शोक व्यक्त किया

    आरएस अनेजा, 14 जुलाई नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नाइजीरिया के पूर्व राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मोदी ने विभिन्न अवसरों पर नाइजीरिया के पूर्व राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी के साथ अपनी बैठकों और बातचीत को याद किया।

    मोदी ने कहा कि मुहम्मदु बुहारी की बुद्धिमत्ता, गर्मजोशी और भारत-नाइजीरिया मैत्री के प्रति अटूट प्रतिबद्धता अद्वितीय थी। मोदी ने कहा कि मैं भारत के 1.4 अरब लोगों के साथ उनके परिवार, नाइजीरिया के लोगों और सरकार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।

    प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया;

    “नाइजीरिया के पूर्व राष्ट्रपति श्री मुहम्मदु बुहारी के निधन से गहरा दुख हुआ। मैं विभिन्न अवसरों पर हमारी बैठकों और बातचीत को याद करता हूं। भारत-नाइजीरिया मैत्री के प्रति उनकी बुद्धिमत्ता, गर्मजोशी और अटूट प्रतिबद्धता अद्वितीय थी। मैं भारत के 1.4 अरब लोगों के साथ उनके परिवार, नाइजीरिया के लोगों और सरकार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।

  • 14/07/25

    आज का राशिफल 14 जुलाई 2025

    मेष

    आज का दिन आपके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। आपको अपने विचारों और व्यवहार पर ध्यान देने की आवश्यकता है। दिनचर्या में बदलाव करने से लाभ मिल सकता है। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें और सोच-समझकर निवेश करें। दोस्तों और परिवार के साथ बिताया गया समय मन को सुकून देगा। भाग्य 63% आपके पक्ष में रहेगा। भूखे लोगों को खाना खिलाएं।

    वृषभ राशि:

    आज आप अपने विचारों से लोगों को प्रभावित करेंगे। वाणी में विनम्रता रखने से लाभ होगा। धन कमाने के लिए प्रयास बढ़ाने होंगे। व्यापार और धन की स्थिति बेहतर होगी। अपने साथी के साथ समय बिताने और गहरी बातचीत करने की कोशिश करें, इससे आपका रिश्ता और भी घनिष्ठ होगा।

    कर्क राशि:

    आज आपका करियर अच्छा रहेगा। बिक्री में तेजी से लाभ होगा, कोई बड़ा सौदा हो सकता है। कर्मचारियों पर काम का दबाव रहेगा और निर्माण कार्य में तेजी आएगी। जमीन से जुड़ा कोई सौदा आगे बढ़ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों की सख्ती का सामना करना पड़ सकता है। छोटे और स्मार्ट कदम उठाने से बदलाव आएगा।

    कन्या राशि:

    आज धन लाभ के रास्ते बनेंगे। अपने काम तेजी से करने का समय है। कोर्ट केस में सफलता मिलेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। लंबी दूरी की यात्रा से लाभ होगा। व्यापार से जुड़े काम बनेंगे। अपने प्यार को बेहतर बनाने के लिए छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दें।

    तुला राशि:

    आज आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। आपकी किस्मत चमक सकती है और कार्यक्षेत्र में प्रभाव में वृद्धि होगी। संतान से शुभ समाचार मिल सकता है। मित्रवर्ग अच्छा करेगा।

    धनु राशि:

    लोगों से मतभेद ना बढ़ने दें। अपने काम पर ध्यान देने का समय है। स्वभाव में विनम्रता रखने से लाभ होगा। रोग परेशान कर सकते हैं। व्यापार में नया निवेश ना करें।

    मकर राशि:

    आज का दिन आपके लिए आर्थिक दृष्टिकोण से अच्छा रहने वाला है। व्यापार में आपको कुछ नए अवसर हाथ लगेंगे। सिंगल लोगों की अपने साथी से मुलाकात हो सकती है। आप मौज-मस्ती के मूड में रहेंगे। किसी से धन उधार लेने से बचें।

    यह एक सामान्य राशिफल है। अपनी व्यक्तिगत कुंडली और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार आपका अनुभव भिन्न हो सकता है। अधिक विस्तृत जानकारी के लिए किसी ज्योतिषी से सलाह लें।

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    13/07/25

    *‘‘मैं माननीय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री बी. आर. गवई द्वारा न्याय व्यवस्था में सुधार करने के लिए कही गई टिप्पणी का स्वागत करता हूं’’ - ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज*

    ‘‘मैं माननीय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री बी. आर. गवई द्वारा न्याय व्यवस्था में सुधार करने के लिए कही गई टिप्पणी का स्वागत करता हूं’’ - ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज

    ‘‘सुधार प्रकृति का नियम है और सुधार करते-करते हम यहां तक पहुंचे है क्योंकि हम भारतीय प्रगतिशील समाज है’’- अनिल विज

    ठेले में सुधार करते-करते हमने हवाई जहाज बनाया, सुधार किया जाना जरूरी- विज

    देश के गृह मंत्री अमित शाह ने अंग्रेजों के समय के बने कानूनों में सुधार कर बदलाव किया- विज

    ‘परिवर्तन प्रकृति का अपरिवर्तनीय नियम है’ जबकि रूढिवादी लोग प्रगतिशील नहीं होते, हम प्रगतिशील समाज- विज

    चण्डीगढ, 13 जुलाई- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने आज माननीय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री बी. आर. गवई द्वारा न्याय व्यवस्था में सुधार करने के लिए कही गई टिप्पणी का स्वागत किया और कहा कि सुधार प्रकृति का नियम है और सुधार करते-करते हम यहां तक पहुंचे है क्योंकि हम भारतीय प्रगतिशील समाज है।

    श्री विज आज मीडिया कर्मियों द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश श्री बी. आर. गवई द्वारा दिए गए ब्यान कि ‘भारतीय न्याय व्यवस्था को सुधार की सख्त ज़रूरत है, क्योंकि वह अनोखी चुनौतियों का सामना कर रही है, जिनमें दशकों तक चलने वाले मुकदमे भी शामिल हैं’, के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्य न्यायाधीश ने न्याय व्यवस्था में सुधार करने की बात कही है और इसका मैं समर्थन तथा स्वागत करता हूं।

    ठेले में सुधार करते-करते हमने हवाई जहाज बनाया, सुधार किया जाना जरूरी- विज

    उन्होंने उदाहरण देकर समझाते हुए कहा कि हमारी पुरानी सभ्यता थी, और सुधार करके ही हम यहां तक पहुंचे हैं। पहले सती प्रथा थी उसमें सुधार किया गया, और तीन तलाक में सुधार किया गया। इसी प्रकार, उन्होंने बताया कि पहले ठेले चलते थे, उसमें सुधार करके साइकिल बनाई गई, साइकिल से स्कूटर बनाया है, स्कूटर में सुधार करके कार बनी और कार में सुधार करके हवाई जहाज बनाया गया अर्थात सुधार प्रकृति का नियम है और सुधार किया जाना बहुत जरूरी है।

    देश के गृह मंत्री अमित शाह ने अंग्रेजों के समय के बने कानूनों में सुधार कर बदलाव किया- विज

    श्री विज ने कहा कि समयानुसार जब ये प्रणाली बनी थी, उस वक्त की व्यवस्थाएं और समस्या भिन्न थी परन्तु आज की स्थिति में समस्याएं अलग है क्योंकि कई नए प्रकार के अपराध पनप रहे हैं जिनके लिए अलग किस्म से सजा होनी चाहिए। इसी को मदेनजर रखते हुए देश के गृहमंत्री अमित शाह ने अंग्रेजों के समय के बने हुए कानून में सुधार करके बदलाव किया है। उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि पहले दादा केस दाखिल करता था और पोते के समय में फैसला आता था अब 3 साल में केस का फैसला आएगा।

    ‘परिवर्तन प्रकृति का अपरिवर्तनीय नियम है’ जबकि रूढिवादी लोग प्रगतिशील नहीं होते, हम प्रगतिशील समाज- विज

    ऊर्जा मंत्री ने कहा कि समय के अनुसार बदलाव की बहुत ज्यादा जरूरत है क्योंकि "Change is the unchangeable law of nature" अर्थात ‘परिवर्तन प्रकृति का अपरिवर्तनीय नियम है’ है। श्री विज ने कहा कि जो विरोध करते हैं वह रूढ़िवादी लोग हैं और रूढ़िवादी लोग प्रगतिशील नहीं होते जबकि हम प्रगतिशील समाज है और समय के अनुसार बदलाव होते रहना चाहिए। इसलिए मैं चीफ जस्टिस महोदय जी की इस बात का समर्थन करता हूं।

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    13/07/25

    केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने किया 'राज्य स्तरीय युवा संकल्प अभियान' के पोस्टर का विमोचन

    एन.एस. बाछल, 13 जुलाई, जयपुर।

    केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बीकानेर जिले में शनिवार को जनसंपर्क अधिकारियों के संगठन 'प्रसार' और निर्विकल्प फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले 'राज्य स्तरीय युवा संपर्क अभियान' के पोस्टर का विमोचन किया।

    इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार युवा कल्याण के लिए संकल्पबद्ध है। युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए सरकार की अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रसार और निर्विकल्प द्वारा विनय युवाओं तक पहुंचाई जाने की पहल सराहनीय है।

    प्रसार के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हरिशंकर आचार्य ने बताया कि प्रसार द्वारा निर्विकल्प फाउंडेशन के सहयोग से पहले चरण में प्रदेश के 11 जिलों में युवा संकल्प कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें रोजगार, उद्योग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, आरएसएलडीसी सहित विभिन्न विभागों की भागीदारी रहेगी। युवाओं को योजनाओं से सम्बंधित जानकारी दी जाएगी और आवश्यक आवेदन मौके पर करवाए जाएंगे।

    निर्विकल्प फाउंडेशन के निदेशक डॉ. चंद्रशेखर श्रीमाली ने बताया कि युवा संकल्प अभियान के दौरान योजनाओं के प्रचार-प्रचार के साथ स्किल डेवलपमेंट,  करियर काउंसलिंग, ऑन स्पॉट प्लेसमेंट, वित्तीय साक्षरता और निवेश की जानकारी भी दी जाएगी। पश्चिमी राजस्थान में सौर ऊर्जा की संभावनाएं और रोजगार की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए विशेषज्ञों का पैनल तैयार किया गया है। 

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    13/07/25

    कुसुम योजना में स्थापित सोलर प्लांटों में बिजली ट्रिपिंग की समस्या का होगा समाधान

    एन.एस. बाछल, 13 जुलाई, जयपुर।

    कुसुम योजना में स्थापित विकेन्द्रित सोलर प्लांटों में कई बार दिन के समय बिजली की ट्रिपिंग के कारण सौर ऊर्जा उत्पादन में होने वाली हानि को रोकने के लिए जयपुर डिस्कॉम ने पहल की है। चेयरमैन डिस्कॉम्स एवं जयपुर विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक आरती डोगरा ने निगम के सभी सर्किल अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए हैं कि वे कुसुम योजना में स्थापित 93 विकेन्द्रित सौर ऊर्जा संयंत्रों से जुड़े 33 केवी के ग्रिड सब स्टेशनों का आगामी एक सप्ताह में दौरा करेंगे और उनमें ट्रिपिंग तथा वोल्टेज के उतार-चढ़ाव की समस्या का निदान करेंगे। जिससे कि ट्रिपिंग के चलते सोलर जनरेटर्स को होने वाली सोलर जनरेशन की हानि को रोका जा सके। 

    आरती डोगरा सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने वाले सोलर पावर जनरेटर्स की समस्याओं के निदान के लिए शनिवार को विद्युत भवन में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रही थीं। इस बैठक में सोलर पावर जनरेटर्स भी मौजूद रहे। 

    चेयरमैन डिस्कॉम्स ने कहा कि इन प्लांटों से उत्पन्न होने वाली सौर ऊर्जा का लाभ डिस्कॉम को सस्ती बिजली के रूप में होता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जनरेटर्स की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रभावी मैकेनिज्म तैयार किया जाए। यह सोलर प्लांट जिन फीडर अथवा सब स्टेशन से जुड़े हैं, उनमें ट्रिपिंग न्यूनतम हो। इसके लिए संबंधित सब डिविजन के सहायक अभियंताओं को भी सख्त निर्देश जारी किए जाएं।

    बैठक में जनरेटर्स ने अपनी समस्याएं बताईं। इस पर चेयरमैन डिस्कॉम्स ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए जुड़े अधीक्षण अभियंताओं की समस्या के समाधान के संबंध में सवाल किए। उन्होंने निर्देश दिए कि सब डिवीजन स्तर पर सोलर जनरेटर्स की समस्याओं के निराकरण के लिए वॉट्सएप ग्रुप बनाएं, ताकि ट्रिपिंग, वोल्टेज, फीडर लाइनों में वृक्षों की कटिंग जैसी समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता से दूर कर सौर ऊर्जा उत्पादन में होने वाली हानि को कम किया जा सके।

    क्यों है जरूरी ट्रिपिंग रोकना—

    दिन में ट्रिपिंग होते ही इन विकेन्द्रित सौर ऊर्जा संयंत्रों से बिजली का उत्पादन बंद हो जाता है। जैसे ही बिजली आपूर्ति प्रारंभ होती है, सौर ऊर्जा से पुनः बिजली उत्पादन प्रारंभ होने में करीब आधा घंटे का समय लग जाता है। ऐसे में कुछ सैकंड के लिए भी बिजली जाती है तो इसकी बड़ी हानि बिजली उत्पादन के रूप में होती है और इसका आर्थिक नुकसान इन जनरेटर्स के साथ-साथ डिस्कॉम्स को भी होता है। बिजली उत्पादन की इस हानि को न्यूनतम करने तथा जनरेटर्स की समस्या के समाधान के लिए चेयरमैन डिस्कॉम्स ने यह संवेदनशील पहल की है। 

    सर्वाधिक वितरण हानियों वाले सब डिविजनों में विद्युत तंत्र होगा मजबूत—

    आरती डोगरा ने सर्वाधिक वितरण हानियों वाले जयपुर डिस्कॉम के 18 सब डिविजनों के सहायक अभियंताओं के साथ विद्युत तंत्र को मजबूत करने के उपायों पर भी समीक्षा की। उन्होंने विगत एक माह में इन अभियंताओं द्वारा लॉसेज कम करने की दिशा में किए गए प्रयासों की जानकारी ली। उन्होंने हाई लॉस वाले जीएसएस एवं फीडर में आरडीएसएस योजना के तहत सुधार, ओवरलोड फीडर में लोड कम करने के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने पर बल दिया। साथ ही, बिजली चोरी रोकने के लिए विजिलेंस गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए। 

    निदेशक (तकनीक) आर. के. शर्मा तथा जोनल मुख्य अभियंता जयपुर श्री आरके जीनवाल बैठक में मौजूद थे। भरतपुर तथा कोटा जोनल मुख्य अभियंता तथा सभी सर्किल के अधीक्षण अभियंता वीडियो कांफ्रेंस के जरिए इन बैठकों से जुड़े।

    #Anil Vij #Haryana #bjp #india #politics #Ambala #Danik Khabar #news #current news #chandigarh #punjab #himachal

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    13/07/25

    राजभवन एवं पूर्व मुख्यमंत्रियों के आवास पर लगाए स्मार्ट मीटर

    एन.एस. बाछल, 13 जुलाई, जयपुर।

    जयपुर डिस्कॉम अपने विद्युत उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगा रहा है। इस श्रृंखला में निगम ने राजभवन में स्थापित दो विद्युत कनेक्शनों पर शनिवार को स्मार्ट मीटर इंस्टॉल किए। इसी कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं वसुंधरा राजे के सिविल लाइंस स्थित राजकीय आवासों पर भी आज स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं।

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    13/07/25

    भारत देश विकसित बनने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा — केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री

    एन.एस. बाछल, 13 जुलाई, जयपुर।

    केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक पारदर्शी व्यवस्था देश में बनी है। उन्होंने कहा कि विगत 11 साल में देश 2 ट्रिलियन डॉलर से 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बना है और दुनिया में तीसरे पायदान पर जाने की तैयारी कर रहा है।

     जोधपुर जिले में शनिवार को 16वें रोजगार मेले के अवसर पर डॉ. संपूर्णानंद मेडिकल कॉलेज रेजिडेंसी रोड में आयोजित समारोह में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा कहते हैं कि व्यक्ति के जीवन में विद्यार्थी भाव हमेशा बना रहना चाहिए। हमने बहुत कुछ सीखा, हमने पढ़ाई की, हमने बेहतर प्रदर्शन किया और प्रतियोगिता परीक्षा में भी अपने आप को श्रेष्ठ सिद्ध किया, तब जाकर यह मुकाम हासिल किया। श्री शेखावत ने कहा कि देश 'भारत विकसित' बनने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। सामान्य मानवी के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए केंद्र सरकार अनेक योजनाएं चला रही है, जिनके चलते 30 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकल चुके हैं। 

    उन्होंने बताया कि रोजगार मेले के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया के तहत देशभर में चयनित अभ्यर्थियों को प्रत्यक्ष रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वास बना है।

    गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि चयनित अभ्यर्थियों को यह अवसर उनके कठिन परिश्रम, अनुशासन और तैयारी के कारण प्राप्त हुआ है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित भाव से कार्य करें और देश की सेवा में अपना योगदान दें।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में भर्ती हुए नवनियुक्त कर्मियों को लगभग 51,000 नियुक्ति पत्र वितरित किए। जोधपुर में 200 युवाओं को नियुक्ति प्रमाण पत्र वितरित किए गए।इस दौरान केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों मे नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। 

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    13/07/25

    फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषिराज के गांव खिंवादी पहुंचे केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, ऋषिराज सिंह देवड़ा को श्रद्धा सुमन किए अर्पित

    एन.एस. बाछल, 13 जुलाई, जयपुर।

    केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत शनिवार को पाली जिले के खिंवादी गांव पहुंचे और चूरू (राजस्थान) में एयर फोर्स के फ़ाइटर जेट जगुआर एयरक्राफ्ट हादसे में शहीद हुए वीर सपूत फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषिराज सिंह देवड़ा को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

    शहीद को पुष्पांजलि करने के बाद पिता जसवंत सिंह देवड़ा को गले लगाया और वीर पुत्र की शहादत पर नमन किया ढाढस बंधाया।

    इस दौरान राजस्थान सरकार के पशु पालन डेयरी गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत, सुनील भंडारी, पाली डेयरी  के चेयरमैन प्रताप सिंह बीठिया, जगत सिंह सिंदरू सहित अनेक पदाधिकारी जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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    13/07/25

    जीवन में गुरु ही दिखाता है सही राह, गुरु पूर्णिमा पर्व हमारी संस्कृति की गुरु-शिष्य परम्परा का परिचायक - मुख्यमंत्री

    एन.एस. बाछल, 13 जुलाई, जयपुर।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शनिवार को जयपुर के जेईसीसी, सीतापुरा में आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव में शामिल हुए। भजनलाल शर्मा ने महोत्सव में गायत्री भवन सांगानेर व सिद्धपीठ धाम मुहाना के परम पूज्य श्री कमलेश जी महाराज का सम्मान कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि गुरु का जीवन में विशेष महत्व होता है तथा गुरु ही हमें जीवन में सही राह दिखाता है। संत-महंत, ऋषि-मुनि एवं गुरु अपने ज्ञान के माध्यम से हमें अंधकार से उजियारे की ओर लेकर जाते हैं। गुरु पूर्णिमा का पर्व हमारी संस्कृति में गुरु-शिष्य परम्परा का परिचायक है। उन्होंने कहा कि कमलेश जी महाराज के समर्पण भाव से पूरे क्षेत्र में उनका विशेष प्रभाव है।

    भजनलाल शर्मा ने इस दौरान वहां उपस्थित भक्तजनों का भी अभिवादन किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।

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    13/07/25

    ऊर्जा मंत्री ने की रास्तों के दुरुस्तीकरण की समीक्षा बैठक

    एन.एस. बाछल, 13 जुलाई, जयपुर।

    ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शनिवार को कोटा जिला कलेक्ट्रेट सभागार में रास्तों के दुरुस्तीकरण की समीक्षा बैठक लेकर निर्देश दिए कि यह कार्य अभियान के तौर पर निरंतर चलना चाहिए ताकि किसानों को परेशानी ना हो। साथ ही, मंत्री ने रास्तों के दुरुस्तीकरण की अग्रिम रूपरेखा भी रखी।

    बैठक में ऊर्जा मंत्री ने उपखंड अधिकारी और तहसीलदार से रास्तों की स्थिति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि किसानों को बरसात में रास्तों को लेकर भी कोई समस्या ना आए, इसके लिए तत्परता से कार्य किया जाए। कीचड़ वाले रास्तों की छंटनी करके प्राथमिकता के आधार पर इन्हें पर ठीक कराएं।

    मंत्री हीरालाल नागर ने कहा रास्ते उपलब्ध कराना हमारी प्रतिबद्धता है इसके लिए बड़ा काम हुआ है लेकिन जो भी शेष है उसे तत्परता से किया जाए। ग्रामीणों को जन सहभागिता से रास्ते बनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाए।

    मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि ग्रेवल सड़क के लिए यदि फंड की समस्या है तो वीडियो की अनुशंसा पर विधायक कोष से राशि दी जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि खेतों के रास्ते को लेकर बेहतर काम करने वाले जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा जन सहयोग से गांव-गांव रास्तों के लिए मुहिम चलनी चाहिए ताकि अगली गर्मी तक किसी गांव में रास्ते की बड़ी समस्या ना रहे। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि स्वीकृत कार्यों में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए। साथ ही जनसहयोग से होने वाले कार्यों में कोई घालमेल नहीं होना चाहिए।

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    13/07/25

    अजमेर उत्तर में सैटेलाईट अस्पताल शुरू, एक लाख लोगों को मिलेगा फायदा

    एन.एस. बाछल, 13 जुलाई, जयपुर।

    राजस्थान सरकार की चिकित्सा सुविधाओं को जन— जन तक पहुँचाने की संकल्पना को साकार करते हुए अजमेर जिले के हरिभाऊ उपाध्याय नगर स्थित राजकीय जनजाति बालिका छात्रावास परिसर में किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी द्वारा शनिवार को सैटेलाइट चिकित्सालय का शुभारंभ किया गया। 

    इस अवसर पर वासुदेव देवनानी ने कहा कि यह चिकित्सालय अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र की वर्षों पुरानी आवश्यकता थी। अब धरातल पर मूर्त रूप ले रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा बजट में की गई इस महत्वपूर्ण घोषणा को तेजी से अमल में लाते हुए अब कोटड़ा क्षेत्र में अस्थाई तौर पर अस्पताल शुरू किया गया है। स्थाई भवन निर्माण की प्रक्रिया भूमि आवंटन के साथ ही प्रारंभ हो चुकी है और यह अस्पताल लगभग 29 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होगा।

    उन्होंने कहा कि अस्थाई भवन के रूप में राजकीय जनजाति बालिका छात्रावास परिसर का उपयोग किया जा रहा है। यह सभी मूलभूत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। अस्पताल में ओपीडी सेवाएं प्रारंभ कर दी गई हैं। इसमें गर्भवती महिलाओं की जांच, टीकाकरण एवं अन्य प्राथमिक सेवाएं उपलब्ध हैं। आने वाले समय में प्रसव एवं सर्जरी जैसी सेवाएं भी शुरू की जाएंगी। यह चिकित्सालय 50 बेड का होगा। इसका संचालन 24 घंटे करने की योजना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जो वादा किया उसे निभाया है। जनता की सेवा ही सरकार का उद्देश्य है और इस दिशा में यह अस्पताल एक मील का पत्थर साबित होगा। आवश्यकता के अनुसार क्षेत्र में जनता क्लीनिक भी खोले जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि इस चिकित्सालय में ओपीडी सेवाएं, सामान्य रोगों की जाँच, उपचार एवं परामर्श, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, गर्भवती महिलाओं की जाँच, टीकाकरण, प्रसव पूर्व और पश्चात देखभाल, शिशुओं, बच्चों तथा वयस्कों हेतु निर्धारित टीकाकरण कार्यक्रम, दवाइयों का वितरण, आवश्यक जीवनरक्षक एवं नियमित दवाओं की निःशुल्क उपलब्धता, पैथोलॉजी सेवाएं, खून, यूरिन, शुगर आदि की प्रारंभिक जाँच की सुविधा, परिवार नियोजन सेवाएं, सलाह, साधन एवं नसबंदी व अस्थायी साधनों की उपलब्धता, आपातकालीन प्राथमिक चिकित्सा सेवा सुविधाएं पूर्ववत उपलब्ध रहेंगी। ऑपरेशन सुविधा भी जल्द शुरू की जाएगी।

    वासुदेव देवनानी ने कहा कि चिकित्सा उनकी सदैव प्राथमिकता रही है। इसके लिए चिकित्सा के क्षेत्र में अनेक विकास विकास कार्य लिए जा रहे है। इसमें जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की वित्तीय स्वीकृति भी जारी की जा चुकी है। साथ ही शहर के निवासियों को मूलभूत सुविधाएं की सुलभता बढ़ाने के लिए भी कार्य किए जा रहे है। ग्रीष्मकाल में निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के बाद अब बीसलपुर से पीने के पानी की आपूर्ति को और मजबूत करने के लिए तीन नए रिजर्वायर बनाने का प्रस्ताव है। विद्युत आपूर्ति को सुढ़ करने के लिए शहर में गैस आधारित जीएसएस का निर्माण किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लेपर्ड सफारी, अजमेर म्यूजियम गैलरी एवं सुंदर प्रवेश प्लाज़ा का निर्माण किया जा रहा है। इससे अजमेर में आने वाले पर्यटकों को एक सुंदर स्वागत अनुभव मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अजमेर एक सांस्कृतिक नगरी है और यहाँ गुलामी के प्रतीक रहे नामों को परिवर्तित कर स्वाभिमान का भाव जागृत किया गया है।

    विधानसभा अध्यक्ष ने चिकित्सकों से अपील की कि वे सेवा भावना और पूर्ण निष्ठा से मरीजों की देखभाल करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश को, मुख्यमंत्री राज्य को और हम सब मिलकर अजमेर को श्रेष्ठ बनाएंगे।

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    13/07/25

    मधुमेह के निदान के लिए तनावमुक्त एवं अनुशासन युक्त जीवन शैली आवश्यक - विधानसभा अध्यक्ष

    एन.एस. बाछल, 13 जुलाई, जयपुर।

    डायबिटीज के प्रभावी और नवीनतम उपचार की दिशा में उल्लेखनीय पहल करते हुए अजयमेरू डायबिटीज सोसायटी एवं डायबिटीज एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में अजयमेरू डायबिटीज समिट का आयोजन पैराडीजो रिसॉर्ट में किया गया। इस वर्ष समिट की थीम रिबूट एंड रिवर्स-ए 360 डिग्री न्यू फॉर स्मार्टर डायबिटीज मैनेजमेंट रखी गई जो वर्तमान समय में मधुमेह के समग्र एवं स्मार्ट प्रबंधन की आवश्यकता को दर्शाती है।

    विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि मधुमेह एक गंभीर एवं जटिल रोग है। ये धीरे—धीरे व्यक्ति के सम्पूर्ण शरीर को प्रभावित करता है। यह रोग शरीर के विभिन्न अंगों जैसे आंखों, हृदय, किडनी, स्नायु तंत्र और पैरों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीवनशैली में बढ़ता मानसिक तनाव, अनुशासनहीन दिनचर्या, असंतुलित आहार और शारीरिक निष्कि्रयता इस रोग को और अधिक जटिल बना देते हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए जरूरी है कि व्यक्ति अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहे और नियमित चिकित्सा परामर्श को प्राथमिकता दे।

    वासुदेव देवनानी ने मधुमेह से लड़ने की मानसिकता को मजबूत करने के लिए कहा कि जीवन के लॉकर की दो चाबी होती हैं। एक कर्म और दूसरी भाग्य। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाग्य हमारे नियंत्रण में नहीं है लेकिन कर्म हमारे हाथ में है और सही कर्म ही अच्छे स्वास्थ्य का आधार बनता है। उन्होंने उपस्थितजनों को प्रेरित करते हुए कहा कि चिंताओं और तनावों से मुक्त रहकर यदि हम संयमित जीवन अपनाएं, नियमित रूप से व्यायाम करें, संतुलित एवं पौष्टिक आहार लें और सकारात्मक सोच बनाए रखें तो मधुमेह जैसे रोग पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

    उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति और डिजिटल हेल्थ तकनीकों के साथ यदि व्यक्ति स्वयं जागरूक हो जाए तो रोग को केवल नियंत्रित करने के साथ रोगमुक्त भी हुआ जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब यह आवश्यक हो गया है कि हम उपचार के साथ साथ रोकथाम पर भी बराबर ध्यान दें और इसके लिए जन जागरण, शिक्षा और समाज में सकारात्मक संवाद की आवश्यकता है। उन्होंने चिकित्सकों से अपील की उपचार के साथ व्यवहार से भी मरीजों में आत्मविश्वास जगाएं क्योंकि चिकित्सक का सकारात्मक दृष्टिकोण रोगी की आधी बीमारी दूर कर सकता है।

    उन्होंने कहा कि भोजन में मिलावट और प्रदूषण के कारण खाद्य सामग्री की गुणवत्ता में कमी आई है। ऎसे में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए प्रतिदिन कैलोरीज़ बर्न करना और सक्रिय जीवनशैली अपनाना जरूरी है। वासुदेव देवनानी द्वारा चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवा देने वाले वरिष्ठ चिकित्सकों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड एवं फैलिसिटर अवॉर्ड प्रदान किए गए। 

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    13/07/25

    युवाओं का आत्मबल ही राष्ट्र की ताकत- जल संसाधन मंत्री

    एन.एस. बाछल, 13 जुलाई, जयपुर।

    भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा देशभर में आयोजित किए जा रहे 16वें रोजगार मेले के अंतर्गत अजमेर स्थित विशिष्ट प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित भव्य समारोह में राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

    कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सरकारी नौकरियों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना रहा। इस अवसर पर देशभर में करीब 51,000 युवाओं को सरकारी नौकरी हेतु नियुक्ति पत्र वितरित किए गए, जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्चुअल माध्यम से नवनियुक्त अभ्यर्थियों को संबोधित किया।

    मंत्री सुरेश सिंह रावत ने अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री श्री मोदी जी द्वारा प्रारंभ किए गए इस अभिनव प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा किया जा रहा यह प्रयास आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम है। इससे युवा वर्ग को न केवल रोज़गार मिलेगा, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी।

    सुरेश रावत ने चयनित अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह नियुक्ति पत्र केवल सरकारी नौकरी का आरंभ नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और राष्ट्र हित के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है।

    समारोह में भागीरथ चौधरी केंद्रीय राज्य मंत्री,  कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय एवं राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम में रेलवे, प्रशासन अधिकारीगण, नव-नियुक्त अभ्यर्थियों के परिजन एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

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  • 13/07/25

    आज 13 जुलाई 2025 का राशिफल (Copy)

    मेष राशि

    आज का दिन आपके लिए लाभदायक रहेगा। आपको अतिरिक्त आय मिल सकती है। पारिवारिक और वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा। व्यवसाय में कुछ तकनीकी समस्याएँ आ सकती हैं, लेकिन कमाई के लिहाज़ से दिन अच्छा रहेगा। धार्मिक कार्यों में भाग लेंगे।

    वृषभ राशि

    आज का दिन व्यापार के लिए फायदेमंद है। आप संपत्ति खरीदने की योजना बना सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आप लोगों को अपनी बातों से प्रभावित करेंगे, लेकिन अपने गुस्से पर नियंत्रण रखें।

    कर्क राशि

    आज आप दूसरों का ख्याल रखने वाले और सहानुभूति रखने वाले रहेंगे। आप सामाजिक कार्यों और संचार में कुशल होंगे।

    सिंह राशि

    आज आपको सौभाग्य का साथ मिल सकता है। आपकी कार्यक्षमता को देखकर आपको नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। धार्मिक आयोजनों में आपकी सक्रिय भागीदारी समाज में आपकी पहचान बढ़ाएगी।

    तुला राशि

    आज कार्यक्षेत्र में आपका प्रभाव बढ़ेगा।

    कुंभ राशि

    आज का दिन आपके लिए आर्थिक दृष्टिकोण से अच्छा रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में आपको गलती करने से बचना होगा। आप जिस काम में हाथ डालेंगे, उसमें आपको अच्छी सफलता मिलेगी। जीवनसाथी की ओर से कोई सरप्राइज गिफ्ट मिल सकता है।

    मीन राशि

    आपको अपनी वाणी और खर्च पर संयम रखना होगा।

    यह एक सामान्य राशिफल है। व्यक्तिगत और सटीक जानकारी के लिए आप किसी ज्योतिषी से सलाह ले सकते हैं।

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    12/07/25

    English rendering of PM’s address at the distribution of over 51,000 appointment letters under Rozgar Mela

    Namaskar!

    Our campaign to provide permanent jobs to the youth in the Central Government is continuing steadily. And we are known for this—no recommendation, no corruption. Today, more than 51,000 young people have been given appointment letters. Lakhs of youth have already secured permanent jobs in the Indian government through such Rozgar Melas (employment fairs). These young individuals are now playing a significant role in nation-building. Today, many of you have started your responsibilities in Indian Railways. Some will now become the guardians of the nation's security, others appointed in the Postal Department will help deliver government services to every village, some will be foot soldiers of the Health for All mission, many young professionals will help accelerate financial inclusion, and others will drive Bharat's industrial development forward. Your departments may be different, but the goal is the same. And what is that goal? We must remember it again and again: No matter the department, task, position, or region — the one and only goal is service to the nation. The guiding principle is: Citizen First. You have been given a great platform to serve the people of the country. I congratulate all of you on achieving this great success at such an important stage of life. I extend my best wishes for this new journey in your career.

    Friends,

    Today the world acknowledges that Bharat has two limitless strengths: one is demography, and the other is democracy—the largest population of youth and the world's biggest democracy. This power of youth is both the greatest asset and the strongest guarantee for Bharat’s bright future. Our government is working day and night to turn this strength into a formula for prosperity. As you all know, I have just returned from a visit to five countries. In every country, I could hear the praise and recognition of Bharat’s youth power. All the agreements signed during these visits will certainly benefit Bharat’s youth, both at home and abroad. In sectors like defence, pharmaceuticals, digital technology, energy, and rare earth minerals, the agreements made will bring significant advantages to Bharat in the coming days. They will give a strong boost to Bharat’s manufacturing and services sectors.

    Friends,

    With changing times, the nature of jobs in the 21st century is also evolving, and new sectors are constantly emerging. That is why, Bharat has focused on preparing its youth for these changes over the past decade. Important decisions have been taken, and modern policies have been formulated keeping in mind the needs of the present era. The ecosystem of start-ups, innovation, and research that is taking shape in the country today is enhancing the potential of our youth. When I see young people aspiring to launch their own start-ups, it increases my own confidence. Just now, Dr. Jitendra Singh ji also shared some detailed statistics with you regarding start-ups. I feel proud to see that the youth of my country is moving forward with great vision, speed, and strength, with a desire to do something new.

    Friends,

    The Indian government is also focusing on creating new employment opportunities in the private sector. Recently, the government has approved a new scheme — the Employment Linked Incentive Scheme. Under this scheme, the government will provide 15,000 rupees to a youth getting their first job in the private sector. In other words, the government will contribute towards the first salary of the first job. For this, the government has allocated a budget of around 1 lakh crore rupees. This scheme is expected to help in the creation of approximately 3.5 crore new jobs.

    Friends,

    Today, one of Bharat’s greatest strengths is our manufacturing sector. A large number of new jobs are being created in manufacturing. To boost this sector, this year’s Union Budget has announced the launch of Mission Manufacturing. Over the past few years, we have strengthened the Make in India initiative. Just through the PLI (Production Linked Incentive) Scheme, more than 11 lakh jobs have been created in the country. The mobile phone and electronics sectors have witnessed unprecedented growth in recent years. Today, electronics manufacturing worth nearly 11 lakh crore rupees is taking place in Bharat. That’s a more than fivefold increase in the past 11 years. Earlier, Bharat had only 2 or 4 mobile phone manufacturing units. Now, we have nearly 300 units related to mobile phone manufacturing, employing lakhs of young people. Another prominent sector is defence manufacturing, which is gaining even more attention and pride after Operation Sindoor. Bharat is setting new records in defence production. Our defence production has now crossed 1.25 lakh crore rupees. Bharat has also achieved a major milestone in the locomotive sector — we are now the largest producer of locomotives in the world. Whether it’s locomotives, rail coaches, or metro coaches, Bharat is exporting them in large numbers to many countries. Our automobile sector is also experiencing unprecedented growth. 

    In just the last 5 years, the sector has received about $40 billion in FDI (Foreign Direct Investment). That means new companies have come in, new factories have been established, new jobs have been created — and at the same time, vehicle demand has surged, with record sales of automobiles in Bharat. Bharat’s progress in various sectors, and these manufacturing records, don’t happen on their own. They are possible only because more and more young people are getting jobs. It is their hard work, intellect, and dedication that have made this possible. Bharat’s youth have not only found employment, but they’ve also excelled at it. Now, as government employees, it is your duty to ensure that this momentum in the manufacturing sector continues. Wherever you are assigned, you must act as an enabler, an encourager, remove obstacles, and simplify processes. The more ease you bring to the system, the more benefit it will bring to the people of the country.

    Friends,

    Today, our country is rapidly progressing towards becoming the third-largest economy in the world, and any Indian can proudly say this. This achievement is the result of the hard work and sweat of our youth. In the past 11 years, the nation has made progress in every sector. Recently, a very commendable report was released by the International Labour Organization (ILO). This report highlights that more than 90 crore citizens in Bharat have been brought under the umbrella of welfare schemes over the last decade. This is essentially the expansion of social security. And the impact of these schemes goes far beyond welfare—they have also generated a massive number of new jobs. Let me give you a simple example — the PM Awas Yojana. Under this scheme, 4 crore new pucca (permanent) houses have already been built, and construction of 3 crore more houses is currently underway. Now, when such a large number of homes are being built, masons, labourers, suppliers of raw materials, transport operators, local shopkeepers, and truck drivers—all get work. Imagine the enormous number of jobs created through this! What’s even more heartening is that most of these jobs are in rural areas, so people don’t need to migrate to cities. Similarly, 12 crore new toilets have been constructed across the country. This has created work not only in construction but also for plumbers, carpenters, and skilled workers from our Vishwakarma community. This is how job creation expands and leaves a real impact. Likewise, over 10 crore new LPG connections have been provided under the Ujjwala scheme. To support this, a large number of bottling plants have been set up, creating employment for cylinder manufacturers, distribution agencies, and delivery personnel. Each initiative—if you examine closely—creates multiple layers of employment opportunities. Lakhs of people have gained new jobs from such initiatives.

    Friends,

    I would like to mention another scheme, one that truly brings double the benefit—like having a laddu in each hand, as we say. That scheme is the PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana. Under this scheme, the government is giving an average subsidy of over 75,000 rupees per household to install rooftop solar panels. This essentially turns your roof into a power plant—generating electricity not just for your own use, but also for sale to the grid if there's surplus. This brings electricity bills down to zero and saves families significant money. Engineers and technicians are needed to install the plants. Solar panel manufacturing factories and raw material suppliers are growing. Transport operators are employed to move materials. A whole new industry is emerging for the maintenance and repair of these systems. Just imagine—the benefits are not only helping citizens, but also creating lakhs of new employment opportunities.

    Friends,

    The ‘Namo Drone Didi’ initiative has increased the income of our sisters and daughters and also created new employment opportunities in rural areas. Under this scheme, lakhs of rural women are being trained as drone pilots. Available reports show that our Drone Didis—mothers and sisters from our villages—are earning lakhs of rupees in a single farming season by offering drone-based agricultural services on a contract basis. Not only that, this initiative is also giving a big boost to the drone manufacturing sector in the country. Whether in agriculture or defence, drone manufacturing is opening up new avenues for the youth of our country.

    Friends,

    The campaign to create 3 crore Lakhpati Didis is ongoing. Out of these, 1.5 crore women have already achieved this milestone. And as you know, becoming a Lakhpati Didi means earning at least 1 lakh rupees every year, consistently—not just once. That is the benchmark. 1.5 crore Lakhpati Didis! Today, if you visit villages, you’ll often hear terms like Bank Sakhis, Bima Sakhis, Krishi Sakhis, Pashu Sakhis—these are various schemes through which our mothers and sisters in villages have got employment opportunities. Similarly, under the PM SVANidhi Scheme, street vendors and hawkers were given support for the first time. Lakhs have benefited from it. Because of digital payments, even roadside vendors now prefer UPI over cash. Why? Because it gives them instant access to more credit from the bank. Banks trust them more, and they don’t need piles of paperwork. This means that even a humble street vendor now moves forward with confidence and pride. Take the PM Vishwakarma Scheme, for example. It’s focused on modernizing and upgrading traditional, ancestral, and family-based crafts and trades. It helps by: Providing modern tools, offering training to artisans, craftsmen, and service providers, facilitating easy loans. There are countless such schemes, through which the poor have been uplifted, and youth have found employment. The impact of all these initiatives is so significant that, in just 10 years, 25 crore Indians have risen out of poverty. Think about it—if they hadn’t found employment, if there was no income in the family, how would a person who had been poor for three or four generations even imagine coming out of that darkness? For them, each day was a struggle for survival, and life felt like a burden. But today, they have defeated poverty with their strength and courage. These 25 crore brothers and sisters have emerged victorious, and I salute their determination. They used the government’s schemes as tools, didn't sit around and complain—they fought back against poverty, uprooted it, and conquered it. Now imagine, the new self-confidence that is building among these 25 crore people! When a person overcomes a crisis, a new strength emerges. This new strength has also emerged in my country, and it will play a vital role in taking the country forward. And let me be clear—this is not just the government saying it. Today, global institutions like the World Bank are openly praising Bharat for this achievement. The world is presenting Bharat as a model. Bharat is now being ranked among the top countries in the world in terms of equality—which means inequality is decreasing rapidly, and we are moving toward greater equality. The world is now taking note of this transformation.

    Friends,

    The great mission of development, the movement for welfare of the poor and employment generation that is currently underway—you now share the responsibility of taking it forward from today. The government should never be a hurdle; it should always be a facilitator of growth. Every individual deserves the opportunity to move ahead. It is our role to extend a helping hand. And you, my friends, are young. I have great faith in you. I have high expectations from you. Wherever you're assigned, you must always put the citizens first. Helping them, easing their difficulties—that alone will push the nation forward rapidly. You are to become active participants in Bharat’s Amrit Kaal—this golden period of opportunity. The next 20 to 25 years are crucial, not just for your career, but for the future of the entire country. These are the defining years for building a ‘Viksit Bharat’ (Developed India). That is why, your work, your duties, and your goals must be aligned with the resolve to create a ‘Viksit Bharat’. The mantra ‘Nagrik Devo Bhavo’ (Citizen is Divine) must run through your veins, live in your heart and mind, and reflect in your conduct and behaviour.

    And I am fully confident, my friends, that this youth power has stood with me over the past 10 years in taking the country forward. They have taken each of my words to heart and done whatever they could for the nation—from wherever they were, in whatever capacity they could. Now that you have been given this opportunity, expectations from you are higher. Your responsibility is greater. And I believe—you will rise to the occasion and make it happen. Once again, I wholeheartedly congratulate you. I extend my warmest wishes to your families, who deserve a bright and prosperous future. May you all achieve great success in life. Keep upgrading yourself continuously through the iGOT platform. Now that you have secured your position, don’t sit back. Dream big, aim high. Through hard work, continuous learning, and bringing fresh results, move ahead. Your progress is the pride of the country and your growth is my satisfaction. That is why, today, as you embark on this new journey in life, I have come here to speak with you, to bless you, and to welcome you as my partner in fulfilling many dreams. As a close and trusted companion, I welcome you warmly. Thank you very much, and best wishes to you all.

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    12/07/25

    Chief Minister of Odisha meets Prime Minister

    Chief Minister of Odisha, Shri Mohan Charan Majhi met Prime Minister, Shri Narendra Modi in New Delhi today.

    The Prime Minister’s Office posted on X;

    “CM of Odisha, Shri @MohanMOdisha, met Prime Minister @narendramodi.

    @CMO_Odisha”


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    12/07/25

    Prime Minister Shri Narendra Modi addresses Rozgar Mela

    The Prime Minister Shri Narendra Modi addressed the Rozgar Mela and distributed more than 51,000 appointment letters to newly appointed youth in various Government departments and organizations via videoconferencing today. Addressing the gathering, he emphasized that today marks the beginning of new responsibilities for these youth in different departments of the Government of India. He congratulated the young individuals on beginning their service in various departments, emphasizing that despite different roles, their common goal is national service, guided by the principle of "Citizen First."

    The Prime Minister emphasized  the unmatched strengths of India’s demographic and democratic foundations. He underlined that India, with the world’s largest youth population and the largest democracy, holds unique potential to shape the future both domestically and on the global stage. The Prime Minister noted that this vast youth power is India’s greatest capital, and the government is steadfast in its efforts to convert this capital into a catalyst for long-term prosperity.

    “Just two days ago, I returned from a visit to five countries. In every nation I visited, the strength of India’s youth echoed strongly. The agreements signed during this tour will benefit Indian youth both within the country and abroad”, Shri Modi said. He further stated that the various agreements signed during this tour on critical sectors such as defence, pharmaceuticals, digital technology, energy, and rare earth minerals will create far-reaching benefits. “These initiatives will not only strengthen India's global economic standing but also generate meaningful opportunities for young Indians in both manufacturing and services”, Shri Modi added.

    Addressing the evolving landscape of employment, the Prime Minister highlighted that the nature of jobs is undergoing rapid transformation in the 21st century. Emphasizing the importance of innovation, startups, and research, he spoke of the growing ecosystem in India that empowers young people to dream big. He shared his personal pride and confidence in the new generation, expressing joy at seeing youth stepping forward with ambition, vision, and a strong desire to create something new. 

    Shri Modi stated that the Government of India is also focusing on creating new employment opportunities in the private sector. Recently, the government has approved a new scheme called the Employment Linked Incentive Scheme. Under this scheme, the government will provide ₹15,000 to young individuals who get their first job in the private sector. “In other words, the government will contribute to the first salary of their first job.For this, the government has allocated a budget of approximately ₹1 lakh crore.This scheme is expected to help in the creation of about 3.5 crore new jobs”, Shri Modi added.

    The Prime Minister emphasized the transformative power of India’s manufacturing sector in driving national growth, generating employment, and accelerating India’s journey toward becoming the world’s third-largest economy. The Prime Minister noted that in recent years there has been significant strengthening of the Make in India initiative. Through the PLI (Production Linked Incentive) scheme alone, more than 1.1 million jobs have been created across the country. There has been an unprecedented expansion in the mobile phone and electronics sector. “Today, electronics manufacturing in India is worth nearly ₹11 lakh crore, marking more than a fivefold increase over the past 11 years. Earlier, there were only 2 to 4 units manufacturing mobile phones in the country. Today, India is home to nearly 300 units related to mobile phone manufacturing, employing lakhs of young people”, Shri Modi stated. 

    The Prime Minister also spoke of India’s rise as a global leader in defence manufacturing, with output exceeding ₹1.25 lakh crore. He praised India’s emergence as the largest locomotive producer in the world, and the country's strong export performance in locomotives, rail coaches, and metro coaches. The automobile sector, he added, has attracted $40 billion in FDI in just five years, resulting in new factories, new job opportunities, and record vehicle sales.

    The Prime Minister underscored the far-reaching impact of India’s welfare initiatives, citing a recent International Labour Organization (ILO) report which confirms that over 90 crore Indian citizens have been covered under government welfare schemes over the past decade. These schemes, he noted, are not limited to welfare benefits alone, but have played a crucial role in generating large-scale employment, particularly in rural India.

    The Prime Minister elaborated on flagship programs such as the PM Awas Yojana, under which 4 crore permanent houses have been built and 3 crore more are under construction. The construction of 12 crore toilets under Swachh Bharat has led to employment for plumbers and construction workers, while over 10 crore LPG connections provided under the Ujjwala Yojana have driven expansion in bottling infrastructure and delivery networks, resulting in the creation of thousands of distribution centres and lakhs of new jobs.

    “The PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana, which offers over ₹75,000 per household for rooftop solar installations, is reducing household electricity bills and creating job opportunities for technicians, engineers, and solar panel manufacturers. Namo Drone Didi, has empowered rural women by training them as drone pilots”, Shri Modi added.

    Shri Modi remarked that the country is also progressing with its mission to create 3 crore Lakhpati Didis, and 1.5 crore women have already achieved this milestone. Various schemes like Bank Sakhi, Bima Sakhi, Krishi Sakhi, and Pashu Sakhi have enabled women to find sustainable employment.He mentioned that the PM SVANidhi scheme has extended formal assistance to street vendors and hawkers, bringing millions into mainstream economic activity. Simultaneously, the PM Vishwakarma Scheme is revitalizing traditional artisans, craftsmen, and service providers through access to training, tools, and credit.

    The Prime Minister emphasised that it is the impact of these numerous schemes that, in just the past ten years, 25 crore people have come out of poverty. “Without employment opportunities, such a transformation would not have been possible.This is why today, major global institutions like the World Bank are praising India. India is now being counted among the top nations in the world with the highest levels of equality”, Shri Modi stated.

    The Prime Minister described the current phase as a Mahayagya of development, a national mission dedicated to poverty eradication and employment generation and called on the country’s youth and new government appointees to take this mission forward with renewed energy and dedication.

    Concluding his address, the Prime Minister invoked the guiding ethos of "Nagrik Devo Bhava" of  treating every citizen as divine, and extended his heartfelt congratulations and best wishes to the new appointees for a bright and meaningful future in public service.

    Background

    In line with the Prime Minister's commitment to accord highest priority to employment generation, the 16th Rozgar Mela will be held at 47 locations across the country. The Rozgar Mela will play a significant role in providing meaningful opportunities to the youth for their empowerment and participation in nation building. More than 10 lakh recruitment letters have been issued so far through the Rozgar Melas across the country.

    The new recruits, selected from across the country, will be joining the Ministry of Railways, Ministry of Home Affairs, Department of Posts, Ministry of Health & Family Welfare, Department of Financial Services, Ministry of Labour & Employment among other departments and ministries.


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    12/07/25

    बर्फखाना जमीन पर 85 सालों से रह रहे व्यक्ति का बिजली मीटर उतारने पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने विभाग के एसई को लगाई कड़ी फटकार

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज बोले, “सालों से बिजली का मीटर लगा, आपने कैसे उतार लिया, जिसने मीटर उतारा पर कार्रवाई करो”

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज का मच्छौंडा निवासियों ने क्षेत्र में ट्रांसफार्मर लगाने पर धन्यवाद जताया

    कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने जनसमस्याओं को सुना व कार्रवाई के निर्देश दिए


    अम्बाला/चंडीगढ़, 12 जुलाई-

    हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने आज बिजली निगम के एसअई को बर्फखाना जमीन पर 85 सालों से रह रहे परिवार का मीटर उतारने पर कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि “सालों से यहां बिजली का मीटर लगा, कैसे घर से मीटर उतार लिया, जिसने मीटर उतारा पर कार्रवाई करो, यदि वो डिफाल्टर है तो उसपर नियम अनुसार कार्रवाई करो, यदि डिफाल्टर नहीं तो किसने मीटर उतारा, क्या किराएदार बिजली का मीटर घर पर नहीं लगा सकता”।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज के समक्ष आज बर्फखाना जमीन पर 85 सालों से रह रहे मारसेलिनो नारनौहां के परिवार ने शिकायत दी थी। उन्होंने शिकायत में कहा था कि वह वर्षों से यहां रह रहे हैं मगर कुछ दिन पहले बिजली निगम अधिकारियों/कर्मचारियों ने उनका मीटर उतार लिया जबकि उन्होंने पूरा बिल भरा हुआ है। मंत्री अनिल विज ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसई को इस मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मीटर क्यों और किसने उतारा इसकी जांच की जाए तथा तुरंत मीटर लगाने के दिशा-निर्देश दिए।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज का मच्छौंडा निवासियों ने क्षेत्र में ट्रांसफार्मर लगाने पर धन्यवाद जताया

    ऊर्जा व परिवहन मंत्री अनिल विज से आज उनके आवास पर पहुंचे मच्छौंडा निवासियों ने क्षेत्र में ट्रांसफार्मर व अन्य कार्य कराने पर उनका धन्यवाद जताया। उन्होंने कहा मंत्री अनिल विज की बदौलत उन्हें बेहतर व निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल रही है। इस अवसर पर क्षेत्र के कई निवासी मौजूद रहे।

    इसी प्रकार एफसीआई गोदाम के निकट बाजीगर मोहल्ला निवासी लोगों ने ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की मांग ऊर्जा मंत्री अनिल विज से की जिसपर मंत्री अनिल विज ने ट्रांसफार्मर का लोड बढ़ाने के दिशा-निर्देश बिजली अधिकारियों को दिए।

    कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने नेशनल प्रतियोगिता में रजत पदक विजेता हैंडबॉल खिलाड़ी तान्या को 11 हजार रुपए स्वैच्छिक कोष से प्रदान किए

    कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने अम्बाला छावनी बब्याल की रहने वाली हैंडबॉल खिलाड़ी तान्या को हैंडबॉल जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने पर आर्शीवाद दिया। उन्होंने खिलाड़ी को पदक पहनाते हुए भविष्य में और बढ़िया प्रदर्शन करने का आह्वान किया। मंत्री अनिल विज ने खिलाड़ी का प्रोत्साहन स्वरूप अपने स्वैच्छिक कोष से 11 हजार रुपए प्रदान किए। इस अवसर पर हैंडबाल कोच कुसुम व अन्य मौजूद रहे।

    कैबिनेट मंत्री ने जनसमस्याओं को सुना व कार्रवाई के निर्देश दिए

    कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने आज अपने आवास पर जन समस्याओं को सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के दिशा-निर्देश दिए। राजा पार्क निवासी लोगों ने क्षेत्र में लगे ट्रांसफार्मर का स्थान बदलने की मांग करी जिसपर उन्होंने संबंधित एसडीओ को कार्रवाई को कहा। इसी प्रकार छावनी निवासी युवक ने उसके बिजली मीटर की जांच कराने की शिकायत दी। इसी प्रकार बब्याल निवासी महिला ने कुछ लोगों द्वारा उससे मारपीट करने तथा घर पर कब्जे की कोशिश करने, महेशनगर निवासी महिला ने पति पर मारपीट करने के आरोप लगाए जिनपर मंत्री अनिल विज ने संबंधित को कार्रवाई के निर्देश दिए।

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    12/07/25

    जनसंख्या नियंत्रण के लिए जमीनी स्तर पर करने होंगे प्रयास - जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री

    एन.एस. बाछल, 12 जुलाई, जयपुर।

    विश्व जनसंख्या दिवस के उपलक्ष्य में चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से शुक्रवार को उदयपुर में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में समारोह आयोजित किया गया।

    जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री खराड़ी ने जनसंख्या नियंत्रण के लिए जमीनी स्तर पर प्रयासों पर बल दिया। न्यायाधीश शर्मा ने बढ़ती जनसंख्या के कारण घटते प्रकृति संसाधनों की चर्चा की और बाल -विवाह एवं बालश्रम जैसी कुरीतियों के बढ़ने के बारे में बताया। शहर विधायक जैन ने बताया कि जिले को दिए गए परिवार कल्याण के लक्ष्यों को ए एन एम व आशाओं द्वारा समय पर पूरा किया जाए जिससे उदयपुर जिला समय रहते अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सके।

    सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि कार्यक्रम में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी, राज्य सभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन बतौर अतिथि उपस्थित रहे।  सीएमएचओ डॉ. आदित्य ने इस वर्ष की थीम ''मां बनने की उम्र वहीं, जब तन और मन की तैयारी सही''  के बारे में बताते हुए परिवार कल्याण के लक्ष्यों को समय पर प्राप्त करने के निर्देश दिए । उसके लिए आवश्यकता होने पर दूसरे विभागों और निजी अस्पताल से सहायता लेने के लिए कहा है।

    राज्य सभा सांसद गरासिया ने बताया कि हमारा देश विश्व में जनसंख्या के हिसाब से प्रथम स्थान पर है। जनसंख्या नियंत्रण आवश्यक हो गया है, सीमित संसाधनों के कारण देश में बेरोजगारी बढ़ रही है। हम यदि अपने जनसंख्या नियंत्रण से संबंधित लक्ष्य को समय पर पूरा नहीं करेंगे तो हमारी आने वाली पीढ़ियां इसके दुष्परिणामों से प्रभावित होंगी।

    कार्यक्रम में आरसीएचओ डॉ राकेश गुप्ता, शहर प्रभारी डॉ कैलाश शर्मा, डीपीएम सदाकत अहमद, डीपीसी आरएमएससी डॉ मोहन सिंह धाकड़ व जिला स्तर के अधिकारी, एएनएम व आशा सहयोगिनी उपस्थित थे।

    गिर्वा पंचायत प्रथम, राज्य स्तर पर सम्मानित-

    अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी परिवार कल्याण डॉ अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष परिवार नियोजन के लक्ष्य प्राप्त करने में गिर्वा पंचायत प्रथम स्थान पर रही है। बीसीएमओ डॉ निधि यादव का राज्य स्तरीय समारोह में सम्मान कर प्रशस्ति-पत्र दिया गया। द्वितीय स्थान पर कोटडा पंचायत रही। समारोह में जिला चिकित्सालय भींडर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मादड़ी , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सवीना और मामेर को परिवार कल्याण सेवाओं में उत्कृष्ट रहने पर प्रशस्ति पत्र और पारितोषिक दिया गया। सीएचसी नाई को 92 प्रतिशत पीपीआईयूसीडी और सेटेलाइट हास्पीटल बड़गांव को 73 प्रतिशत पीपीआईयूसीडी के लिए सम्मानित किया गया। पंचायत स्तर पर परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत सर्वाधिक नसबंदी केसेज के लिए उमरीया, गिर्वा और सरे, बड़गांव को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। आठ और पंचायत समितियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा डॉ सुरेन्द्र यादव, डॉ दिलीप सोनी, डॉ एस के सामर, डॉ शुभम गोयल, डॉ अजय देव, नर्सिंग अधिकारी गणेश प्रकाश चौधरी, बीपीओ कल्पना सेन, बीपीओ हितेश सामर, बीएएफ मनीषा गखरेचा, बीएएफ जगदीश चौबीसा, मोहम्मद हुसैन बोहरा, घनश्याम सोनी को परिवार कल्याण मे उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। परिवार कल्याण के सेवा कार्यों के लिए उदयपुर के सभी क्षेत्रों के चिकित्सा कर्मियों को सम्मानित किया। श्रेष्ठ एनजीओ एफआरएचएस, श्रेष्ठ मेडिकल कॉलेज गीतांजलि मेडिकल कॉलेज, श्रेष्ठ निजी हास्पीटल हरि ओम हास्पीटल को सम्मानित किया गया। कायाकल्प कार्यक्रम में शोभागपुरा, बड़गांव प्रथम, रख्यावल,खेमली द्वितीय और ढोल,नांदेश्मा तृतीय स्थान पर रहे। 11 अन्य संस्थानों को भी सम्मानित किया गया।

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    12/07/25

    कृषि योजनाओं का लाभ किसानों को पूर्ण पारदर्शिता के साथ समय पर दें- शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी

    एन.एस. बाछल, 12 जुलाई, जयपुर।

    शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी राजन विशाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को पंत कृषि भवन में कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में तारबंदी, फार्म पौण्ड, डिग्गी, सिंचाई पाइप लाइन, बीज मीनिकिट वितरण, कृषि यंत्र, कस्टम हायरिंग, सेंन्टर, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, गुण नियंत्रण अभियान, गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना, वर्मी कंपोस्ट इकाई, मृदा शक्ति संवर्धन योजना, पॉली हाउस, ग्रीन हाउस, ड्रिप, स्प्रिंक्लर इरिगेशन, प्याज भंडार गृह, सौर ऊर्जा पंप संयंत्र स्थापना सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। 

    शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ पात्र किसानों को पारदर्शिता के साथ समय पर दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने एवं सतत कृषि विकास सुनिश्चशित करने हेतु विभाग को तकनीकी नवाचारों को अपनाने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर फॉलोअप तंत्र को भी मजबूत करना होगा।

    राजन विशाल ने सभी जिलों की योजनाओं से संबंधित प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए धीमी प्रगति वाले क्षेत्रों में सुधार कर योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा कृषकों तक पहुचाने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों के प्रशिक्षण, प्रचार-प्रसार तथा शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया।  

    बैठक में शासन सचिव ने हरियालो कार्यक्रम के तहत पौधारोपण गतिविधियों, पौधों की सर्वाइवल दर और सामुदायिक भागीदारी की समीक्षा की और उन्होंने राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्ट समिट के तहत कृषि एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा किए गए एमओयू की प्रगति की चर्चा भी की।

    बैठक में आयुक्त कृषि एवं उद्यनिकी चिन्मयी गोपाल, अतिरिक्त निदेशक कृषि (प्रशासन) हुशियार सिंह, अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार) एस एस शेखावत, अतिरिक्त निदेशक उद्यान हीरेंद्र कुमार शर्मा, अतिरिक्त निदेशक कृषि (आदान) गोपाल लाल जाट, अतिरिक्त निदेशक कृषि (अनुसंधान) अजय कुमार पचोरी सहित कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

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    12/07/25

    "हमारी सरकार में युवा बिना पर्ची, बिना खर्ची भर्ती हुए है, विपक्ष के राज में तो नौकरियां बिकती थी" : ऊर्जा, परिवहन व श्रम मंत्री अनिल विज

    कैबिनेट मंत्री अनिल विज से आज उनके आवास पर सरकारी नौकरी में लगे अम्बाला निवासी युवाओं ने आर्शीवाद लिया

    अम्बाला/चंडीगढ़, 12 जुलाई-

    हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज अम्बाला के उन युवाओं को आर्शीवाद दिया जोकि सरकारी विभागों में भर्ती हुए हैं।  

    उन्होंने युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “यह बच्चे बिना पर्ची, बिना खर्ची के भर्ती हुए हैं, विपक्ष के राज के तो नौकरियां बिकती थी और तबादले होते थे हमने इन सब पर रोक लगा दी है। ये गरीब घरों के बच्चे भर्ती हुए है, जो आज तक किसी विधायक या सांसद के दरवाजे तक नहीं जा सके। यह बिना पर्ची व बिना खर्ची के हरियाणा सरकार में भर्ती हुए हैं, इसके अलावा और भी बहुत सारे बच्चे भर्ती हुए हैं”।

    गौरतलब है कि अम्बाला छावनी विधानसभा क्षेत्र के लगभग आठ युवा शिक्षा, बिजली निगम, राजस्व एवं अन्य सरकारी विभागों में भर्ती हुए हैं। यह सभी युवा छावनी के आईसीएस कोचिंग सेंटर के विद्यार्थी है जोकि मंत्री अनिल विज से ज्वाइनिंग से पहले आर्शीवाद लेने के लिए पहुंचे थे।

    कोचिंग सेंटर संचालक एवं भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष विकास बहगल ने बताया कि अम्बाला छावनी विधानसभा क्षेत्र से लगभग 50 बच्चे ऐसे है जोकि बीते कुछ समय में बिना पर्ची बिना खर्ची सरकारी सेवाओं में भर्ती हुए हैं। इस अवसर पर मौजूद भाजपा नेताओं व अन्य ने सभी युवाओं को शुभकामनाएं दी।

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    12/07/25

    राजस्थान बनेगा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विकास का उभरता केंद्र

    एन.एस. बाछल, 12 जुलाई, जयपुर।

    सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग राजस्थान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पॉलिसी-2025 लाने जा रहा है, जिसका उद्देश्य राज्य को जिम्मेदार, समावेशी और नवाचार-प्रधान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विकास का उभरता केंद्र बनाना है। विभाग की शासन सचिव अर्चना सिंह ने कहा कि यह नीति स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और शहरी प्रशासन जैसे क्षेत्रों में एआई के उपयोग को बढ़ावा देगी, ताकि जन-केंद्रित सेवाओं में सुधार हो और आर्थिक विकास को गति मिले।

    शासन सचिव अर्चना सिंह शुक्रवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय एआई पॉलिसी स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। कार्यशाला में राजस्थान एआई पॉलिसी-2025 के मसौदे पर चर्चा की गई, जिसे विभाग की वेबसाइट पर सार्वजनिक किया गया है। अर्चना सिंह ने बताया कि कोई भी व्यक्ति इस मसौदे पर अपनी राय और सुझाव साझा कर सकता है।

    देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधियों ने रखे विचार—

    दो सत्रों में आयोजित हुई इस कार्यशाला के पहले सत्र में ऑरेकल, आईबीएम, ऑर्बिट, अर्नेस्ट एंड यंग, एनईसी जैसी एआई क्षेत्र की देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों से जुड़े प्रोफेशनल्स ने हिस्सा लिया, जबकि दूसरे सत्र में आईआईएम उदयपुर, आईआईटी कानपुर, आईआईटी जोधपुर और एमएनआईटी जयपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, स्टार्टअप्स और एआई के विद्यार्थियों ने ड्राफ्ट पॉलिसी पर अपने विचार रखे।

    एनईसी कंपनी के प्रतिनिधि श्री दीपक पठानिया ने इस नीति को लाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि निश्चित तौर पर यह पॉलिसी प्रदेश के लिए बेहद कारगर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पॉलिसी लागू करते समय व्यावहारिक अप्रोच का उपयोग करे, जिससे कि हर स्तर पर एआई के उपयोग को सफल बनाया जा सके एवं नीति के प्रारूप में सम्मिलित होने से शेष रही सम्भावनाओं को भी पॉलिसी में समाहित किया जा सके।

    अर्नेस्ट एंड यंग की प्रतिनिधि विभा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ड्राफ्ट एआई पॉलिसी में आवश्यक महत्वपूर्ण घटकों को शामिल किया गया है। उन्होंने पॉलिसी को और अधिक उपयोगी बनाने के लिए प्लेबुक का सुझाव दिया, जिससे एआई उपयोग के नैतिक नियमों को प्रायोगिक तौर पर समझा जा सके।

    स्वयंसेवी संस्था डिजिटल एम्पॉवरमेंट फाउंडेशन के प्रतिनिधि सौरभ श्रीवास्तव ने पॉलिसी से प्रदेश की महिलाओं, विशेष योग्यजनों एवं वृद्धजनों पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों के सम्बंध में बात कही। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का तर्क देते हुए ग्रीन डेटा सेंटर का सुझाव दिया तथा एआई के उपयोग से होने वाले विभिन्न तरह के वित्तीय फ्रॉड और डीपफेक जैसी चुनौतियों से निपटने के उपायों को पॉलिसी में समाहित करने का सुझाव दिया।

    डेश एआई ग्लासेज स्टार्टअप के संस्थापक हिमांशु डागा ने एआई की विश्वसनीयता तथा समाज के प्रति जवाबदेही के संबंध में विचार व्यक्त किए। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर की वाइस चांसलर श्रीमती गुरप्रीत कौर ने एआई के कानूनी परिप्रेक्ष्य में उपयोग को साझा किया और शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने के लिए शिक्षकों को एआई टूल्स से प्रशिक्षित करने पर बल दिया।

    राजस्थान एआई पॉलिसी-2025

    नीति के प्रमुख उद्देश्यों में सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार, नैतिक और जिम्मेदार एआई विकास, मजबूत कानूनी ढांचे की स्थापना, कुशल कार्यबल तैयार करना, नवाचार को बढ़ावा देना और समावेशी पहुंच सुनिश्चित करना शामिल है। इसके लिए तीन प्रमुख कारक निर्धारित किए गए हैंः सरकारी स्तर पर नैतिक एआई अपनाना, कौशल विकास और अनुसंधान को प्रोत्साहन, और मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचे का निर्माण।

    बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस—

    इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एआई (सीओई-एआई) महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह केंद्र अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप्स को समर्थन देगा, साथ ही सरकारी, शैक्षणिक और निजी क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देगा। नीति नेशनल इंडिया एआई मिशन के साथ संरेखित है और वैश्विक सर्वाेत्तम प्रथाओं को अपनाती है। नीति के मसौदे में बहु-स्तरीय संस्थागत ढांचे की स्थापना प्रस्तावित है, जिसमें एआई अपेक्स कमेटी, स्टीयरिंग कमेटी, एआई टास्क फोर्स और विभागीय एआई नोडल ऑफिसर शामिल हैं। यह नीति राजस्थान को जिम्मेदार और समावेशी एआई अपनाने में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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    12/07/25

    मुख्यमंत्री निवास, उप मुख्यमंत्री निवास तथा ऊर्जा मंत्री के राजकीय आवास पर लगाए स्मार्ट मीटर

    एन.एस. बाछल, 12 जुलाई, जयपुर।

    जयपुर डिस्कॉम अपने विद्युत उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को 8 सिविल लाइंस स्थित मुख्यमंत्री आवास पर स्थापित 180 किलोवाट तथा 40 किलोवाट के दो कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाए गए। वहीं गुरुवार को उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी तथा उप मुख्यमंत्री प्रेमचन्द बैरवा के सिविल लाइंस स्थित राजकीय आवासों तथा ऊर्जा राज्यमंत्री हीरालाल नागर के हॉस्पिटल रोड स्थित राजकीय आवास में स्थापित विद्युत कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाए गए।

    अधिकारियों के राजकीय आवासों पर शुक्रवार को लगाए स्मार्ट मीटर

    इसी प्रकार ऊर्जा विभाग के प्रमुख शासन सचिव अजिताभ शर्मा, चेयरमैन डिस्कॉम्स आरती डोगरा तथा राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम के प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ सिहाग के गांधीनगर स्थित राजकीय आवासों पर आज स्मार्ट मीटर इंस्टॉल किए गए।

    उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की आरडीएसएस योजना के अन्तर्गत प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य किया जा रहा है। इनके जरिए उपभोक्ता अपनी बिजली की खपत का न केवल रियल टाइम आकलन कर सकते हैं बल्कि उपभोग पर हो रहे खर्च को अपनी सुविधा के अनुसार नियंत्रित भी कर सकते हैं। इनसे बिलिंग व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। नई तकनीक के यह स्मार्ट मीटर बिजली उपभोग की शुद्धता के साथ गणना करते हैं। अब तक प्रदेश में 3 लाख 26 हजार 598 उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।

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    12/07/25

    ‘‘खड़गे जी को अपने देश और अपने देश के लोगों व प्रधानमंत्री पर भरोसा नहीं है इनको विदेशियों पर भरोसा है’’ - ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज

    अम्बाला/ चण्डीगढ, 12 जुलाई- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे को आडे हाथों लेते हुए कहा कि ‘‘खड़गे जी को अपने देश और अपने देश के लोगों व प्रधानमंत्री पर भरोसा नहीं है इनको विदेशियों पर भरोसा है’’। उन्होंने कहा कि ‘‘खड़गे जी हमारी बात पर भरोसा करें ना करें लेकिन पाकिस्तान तो उनका अपना अज़ीज़ है उनके प्रधानमंत्री/उप-प्रधानमंत्री पर तो भरोसा कर लें कि भारत-पाकिस्तान युद्ध रूकवाने में ट्रंप ने मध्यस्थता करने के लिए किसी भी तरह की कोई बातचीत नहीं की थी’’।

    कैबिनेट मंत्री अनिल विज आज मीडिया कर्मियों द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के ब्यान कि ‘मोदी जी और भाजपा कितना झूठ बोलते हैं। जब भारत-पाकिस्तान युद्ध चल रहा था, तब डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान युद्ध समाप्त कर दिया है, ट्रंप ने उन्हें रुकने को कहा था... ट्रंप ने यह बात 16 बार कही थी। मोदी ने उनका जवाब नहीं दिया, क्यों? क्योंकि उनमें ट्रंप के खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं थी, के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।

    ऊर्जा मंत्री ने कहा कि ‘‘जब प्रधानमंत्री ने कह दिया कि कोई भी किसी भी तरह की बातचीत नहीं हुई है और पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री ने भी कह दिया की कोई बातचीत नहीं हुई है, तो कम से कम पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री पर खडगे जी भरोसा कर लें क्योंकि पाकिस्तान तो उनका अपना अजीज है’’।

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    12/07/25

    Prime Minister lauds the inscription of ‘Maratha Military Landscapes of India’ on the UNESCO World Heritage List

    The Prime Minister, Shri Narendra Modi has expressed immense pride and joy over the inclusion of the Maratha Military Landscapes of India in the prestigious UNESCO World Heritage List.

    He noted that the inscribed heritage comprises 12 majestic forts- 11 located in Maharashtra and 1 in Tamil Nadu.

    Highlighting the significance of the Maratha Empire, the Prime Minister remarked, “When we speak of the glorious Maratha Empire, we associate it with good governance, military strength, cultural pride and emphasis on social welfare. The great rulers inspire us with their refusal to bow to any injustice.”

    He urged citizens to visit these forts to learn about the rich history of the Maratha Empire.

    The Prime Minister also shared cherished memories from his 2014 visit to Raigad Fort, including a photograph where he paid tribute to Chhatrapati Shivaji Maharaj.

    Responding to the X post of UNESCO about aforesaid recognition, the Prime Minister said;

    “Every Indian is elated with this recognition.

    These ‘Maratha Military Landscapes’ include 12 majestic forts, 11 of which are in Maharashtra and 1 is in Tamil Nadu.

    When we speak of the glorious Maratha Empire, we associate it with good governance, military strength, cultural pride and emphasis on social welfare. The great rulers inspire us with their refusal to bow to any injustice.

    I call upon everyone to go visit these forts and learn about the rich history of the Maratha Empire.”

    “Here are pictures from my visit to Raigad Fort in 2014. Had the opportunity to bow to Chhatrapati Shivaji Maharaj. Will always cherish that visit.”

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    12/07/25

    पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरुग्राम में अवसंरचना में सुधार करने का काफी प्रयास किया- विज

    चंडीगढ़, 12 जुलाई नई दिल्ली - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने गुरुग्राम में तेज बारिश के बाद जल भराव हुआ और नौ लोगों की जान चली गई, के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में पर कहा कि ‘‘ जब गुरुग्राम की स्थापना हुई उस वक्त विपक्ष की सरकारों का राज था और शहर को बसाने से पहले ही नाले-नालियों, सीवर और सड़कों की योजना बनाई जाती है लेकिन बसे-बसाए शहर में इन सब को तोड़कर फिर से बनाना बहुत मुश्किल काम है और किसी भी पार्टी ने और किसी भी सरकार ने उस वक्त इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। हालांकि पिछले 10 सालों में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरूग्राम में सुधार करने का काफी प्रयास किया है लेकिन जब पहले ही शहर की रचना/योजना ही सही नहीं की गई है तो बड़ा सुधारना मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि गुरूग्राम मंे लोगों की मृत्यु पर उन्हें काफी दुख है।  

    वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सभी प्रकार का सीधा लाभ लाभार्थियों के खातों में जाता है- विज

    राहुल गांधी ने हाल ही में कहा है कि फसल बीमा योजना का एक ही लक्ष्य है किसान का पैसा खाना और सरकार का पैसा खाकर तीन-चार अरबपतियों की झोली में पैसा डालना, के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में श्री विज ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी जी यह तुम्हारे पिता जी स्व. श्री राजीव गांधी जी का समय नहीं है जब ऊपर से एक रुपया भेजते थे और नीचे 15 पैसे पहुंचते थे और 85 पैसे तुम्हारा सिस्टम खा जाता था। उन्होंने कहा कि आज हर आदमी का पैसा उसके खाते में जाता है, चाहे वह किसान निधि का हो, चाहे वह पेंशन का हो, चाहे वह विकलांग का हो। आज सब पैसा लाभार्थियों के खाते में जाता है तो फिर किस तरह से किसी की तिजोरी में चला जाएगा!!!

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    12/07/25

    मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 की बढ़ाई अवधि

    एन.एस. बाछल, 12 जुलाई, जयपुर।

    सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने बताया कि राज्य सरकार ने भूमि विकास बैंकों के अवधिपार ऋणी सदस्यों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 की अवधि बढ़ा दी है। योजना के अंतर्गत पात्र ऋणी अब अपने हिस्से की न्यूनतम 25 प्रतिशत राशि 30 सितम्बर, 2025 तक जमा करवा सकेंगे। पूर्व में यह तिथि 30 जून तक निर्धारित थी।

    गौतम कुमार दक ने बताया कि योजना को लेकर ऋणी सदस्यों में काफी उत्साह है। योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ से आकर्षित होकर अवधिपार खातों के निस्तारण हेतु प्रदेश के सहकारी भूमि विकास बैंकों में योजना के अंतिम दिन 30 जून को भारी भीड़ उमड़ी और पोर्टल पर रसीदें कटवाने के लिए देर रात्रि तक कतारें लगी रहीं। इसके बावजूद कई ऋणी सदस्य योजना के लाभ से वंचित रह गए थे। योजना के लाभ से वंचित रहे ऐसे ऋणी सदस्यों की ओर से लगातार आ रही मांग के आधार पर राज्य सरकार ने अन्तिम तिथी को बढ़ाकर 30 सितम्बर 2025 तक करने का अहम निर्णय लिया है।

    सहकारिता मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की किसान हित में लागू इस योजना से लाभान्वित ऋणी सदस्यों को पुनः मुख्यधारा में लाए जाने के लिए भूमि विकास बैंकों के माध्यम से राज्य सरकार की 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना में दीर्घकालीन कृषि व अकृषि निवेश ऋण भी वितरित किए जाएंगे। इसके लिए प्रदेश के 36 प्राथमिक बैंकों को ऋण वितरण लक्ष्य आवंटित किए गए है। उन्होंने बताया कि एकमुश्त समझौता योजना के अंतर्गत कुल 30,007 पात्र ऋणियों में से अब तक 7,500 से अधिक ऋणी सदस्यों को लगभग 130 करोड़ रुपये का ब्याज राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाकर राहत से लाभान्वित किया गया है। इसके परिणामस्वरूप ऋणी किसान भूमि विकास बैंकों के पास रहन रखी अपनी भूमि को मुक्त करवा सकेंगे।

    उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में लागू की गई इस महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत ऋणियों को अवधिपार ब्याज, दण्डनीय ब्याज एवं वसूली खर्च में शत प्रतिशत राहत दिए जाने का प्रावधान है। पात्र ऋणियों द्वारा केवल मूलधन एवं बीमा प्रीमियम की राशि चुकाई जानी है।

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    12/07/25

    वन राज्य मंत्री ने संतों का पूजन कर लिया आशीर्वाद, जनसुनवाई कर आमजन की परिवेदनाओं के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

    एन.एस. बाछल, 12 जुलाई, जयपुर।

    वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने शुक्रवार को अलवर जिले के विभिन्न आश्रमों में पहुंचकर संतों व महात्माओं के दर्शन किए एवं उनका पूजन कर आशीर्वाद लिया तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।  

                    वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने आश्रम में संत श्री कमलनाथ जी महाराज, लाडपुर आश्रम में संत सोमनाथ जी महाराज, हरसौली आश्रम में संतदास जी महाराज, सिहाली आश्रम में संत कुंदनदास जी महाराज, नीमराना में संत ज्ञानीनाथ जी महाराज, जोशीहेडा आश्रम में संत खेतानाथ जी महाराज के दर्शन किए एवं उनका पूजन कर समस्त प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य हेतु प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के जीवन में गुरु का महत्वपूर्ण स्थान होता है। उन्होंने कहा कि गुरू का सम्मान करना हमारी सनातन परम्परा का हिस्सा है। आज विभिन्न आश्रमों में संत-महात्माओं का दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उल्लेखनीय है कि वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने गुरूवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन पर गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जिले में धर्मगुरुओं, महंतों और पुजारियों का सम्मान किया।

                    इससे पहले वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने अपने निवास स्थान 201 रघुमार्ग पर जनसुनवाई कर आमजन की परिवेदनाओं को सुनकर उनके त्वरित निराकरण करे निर्देश दिये। उन्होंने जनसुनवाई में आए विद्युत, सडक, पुलिस आदि की परिवेदनाएं लेकर आए फरियादियों की परिवेदनाओं को संवेदनशीलता के साथ सुनकर संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि फरियादियों की समस्याओं का निराकरण होने पर उन्हें सूचित कर उनके संतुष्टि स्तर में वृद्धि करें। उन्होंने निर्देश दिये कि आमजन को मूलभूत समस्याओं की प्राथमिकता से सुनवाई करें। इस कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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    12/07/25

    मुख्यमंत्री की पहल-राजस्थान की मा योजना देशभर में बनी मिसाल

    एन.एस. बाछल, 12 जुलाई, जयपुर।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशीलता से प्रदेश में गांव और गरीब तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुगम हुई है। जरूरतमंद परिवार इलाज खर्च की चिंता से मुक्त हुए हैं। उन्हें बुखार जैसी सामान्य बीमारियों से लेकर ट्रांसप्लांट और रोबोटिक सर्जरी जैसा महंगा उपचार निःशुल्क मिल रहा है। राजकीय अस्पतालों में ही नहीं, प्रदेश के नामी निजी अस्पतालों में भी उन्हें आसानी से निःशुल्क उपचार सुलभ हो रहा है। यह संभव हुआ है मुख्यमंत्री की मानवीय पहल पर प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना से। अब तक इस योजना से 43 लाख से अधिक रोगियों को 5 हजार करोड़ रूपए से अधिक का निःशुल्क उपचार प्राप्त हो चुका है। 

    उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पूर्व में संचालित स्वास्थ्य बीमा योजना में रही खामियों एवं सीमित दायरे के चलते रोगियों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने इस योजना की कमियों को दूर करने तथा दायरा विस्तृत करते हुए नई योजना प्रांरभ करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशो के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना प्रारंभ की गई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित यह योजना राजकीय क्षेत्र की पहली ऐसी योजना है, जिसमें सामान्य बीमारी से लेकर रोबोटिक सर्जरी, एलौपैथी से लेकर आयुष पद्धति तक और बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक हर विधा से हर वर्ग के लिए उपचार के पैकेज शामिल हैं। राज्य सरकार ने इसका दायरा इतना विस्तृत किया है कि कोई भी वर्ग और उपचार की कोई पद्धति इससे नहीं छूटे।  

    पहले 1800, अब 2300 पैकेज—

    मुख्यमंत्री की पहल पर इस योजना का दायरा लगातार बढ़ाते हुए इसमें उपचार के विभिन्न पैकेज शामिल किए गए हैं। पूर्ववर्ती सरकार में संचालित योजना में लगभग 1800 पैकेज थे, जिन्हें नई योजना में बढ़ाकर लगभग 2300 कर दिया गया है। योजना में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए 73 डेकेयर पैकेज एवं 419 पीडियाट्रिक पैकेज शामिल किए हैं। वर्ष 2025-26 की बजट घोषणा के अनुसार अब योजना में रोबोटिक सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी एण्ड स्किन ट्रांसप्लांट, कार्डियोथोरेसिक एण्ड वेस्कुलर सर्जरी के पैकेज, 70 वर्ष से अधिक के लोगों के लिए जीरियाट्रिक केयर पैकेज, विशेष योग्यजनों के लिए नए पैकेज, किशोरों के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के लिए पैकेज, ओरल कैंसर तथा आयुष पद्धतियों से इलाज के लिए नए पैकेज जोड़े गए हैं। इन पैकेज के शामिल होने से यह योजना चिकित्सा की हर पद्धति, उच्च तकनीक के आधुनिकतम उपचार और हर वर्ग के लोगों को कवर कर रही है।  

    गांव-कस्बों तक पहुंच के लिए नियमों में दी शिथिलता—

    योजना की पहुंच गांव-कस्बों तक सुनिश्चित करने के लिए अस्पतालों के एम्पेनलमेंट नियमों में शिथिलता दी गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा निजी अस्पताल इस योजना से जुड़ें और निचले स्तर पर योजना का लाभ पहुंचाने में आसानी हो। प्रदेश के 11 दूरस्थ, दुर्गम एवं पिछड़े हुए जिलों एवं 27 आकांक्षी ब्लॉक्स हेतु एम्पेनलमेंट नियम सरल किये गये हैं। साथ ही, कुछ पैकेज की दरों को भी तर्कसंगत बनाया गया है। पैकेज दरों में संशोधन कर नये पैकेज 30 जनवरी, 2025 से लागू किये गये हैं। योजना के लिए धन की कमी नहीं रहे, इस सोच के साथ इस योजना के लिए 3500 करोड़ रूपए का कोष भी गठित किया गया है।  

    इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी भी की लागू—

    मा योजना के दायरे को बढ़ाने के लिए इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी लागू कर दी गई है। फिलहाल योजना के तहत इन बाउण्ड पोर्टेबिलिटी प्रारंभ हो चुकी है और जल्द ही आउट बाउण्ड पोर्टेबिलिटी प्रारंभ होगी। इससे बाहर के मरीज राजस्थान आकर और राजस्थान के मरीज दूसरे राज्यों में जाकर इलाज ले सकेंगे। प्रथम चरण में इन बाउण्ड पोर्टेबिलिटी लागू कर दी गई है, जिससे बाहर के मरीज राजस्थान में आकर इलाज ले पा रहे हैं।  

    फैक्ट फाइल 

    • योजना में पंजीकृत परिवार -  1.34 करोड़ से अधिक

    • सूचीबद्ध अस्पताल - 1800 से अधिक

    • अब तक लाभान्वित मरीज - करीब 43 लाख 

    • क्लेम पर अब तक व्यय राशि - 5 हजार करोड़ से अधिक

    • औसतन प्रतिदिन लाभ लेने वाले मरीज - 8400 

    • प्रतिदिन बुक क्लेम की राशि - 9 करोड़ रूपए से अधिक

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    12/07/25

    विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सड़क निर्माण कार्य का किया शुभारंभ

    एन.एस. बाछल, 12 जुलाई, जयपुर।

    विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को अजमेर जिले के वार्ड 80 में स्थित आशापुरा नगर में शीतला माता मंदिर के पास विभिन्न गलियों में सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इसमें लगभग 1600 मीटर लंबी सीसी सड़क का निर्माण किया जाएगा। सड़क निर्माण कार्य 85 लाख रुपए की लागत से किया जाएगा। इस निर्माण कार्य से क्षेत्रवासियों को आवागमन में सुविधा होगी तथा वर्षा ऋतु में होने वाली समस्याओं से राहत मिलेगी।

         विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप शहर के प्रत्येक वार्ड में मूलभूत सुविधाओं का सशक्त विकास कराया जा रहा है। आशापुरा नगर क्षेत्र में सड़क निर्माण की वर्षों पुरानी मांग रही है। सड़क निर्माण कार्य क्षेत्र के लोगों के लिए सुविधाजनक, सुरक्षित और स्थाई आवागमन सुनिश्चित करेगा।

         उन्होंने कहा कि अजमेर शहर का समग्र विकास उनका प्रमुख लक्ष्य है। नगर निगम, अजमेर विकास प्राधिकरण एवं अन्य विभागों के समन्वय से आधारभूत संरचना विकास कार्यों को गति दी जा रही है। उन्होंने बताया कि वार्ड स्तर पर योजनाबद्ध रूप से सड़कों, नालियों, पेयजल एवं विद्युत सुविधाओं को सशक्त किया जा रहा है। इससे आमजन को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

         वासुदेव देवनानी ने आमजन से अपील की कि विकास कार्यों में भागीदारी निभाते हुए वे स्वच्छता, सहयोग और निगरानी में भी सक्रिय रहें। इससे निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न हो सकेगा। सबके सहयोग से स्वच्छ, श्रेष्ठ एवं स्मार्ट अजमेर शहर का निर्माण होगा।

         इस अवसर पर पार्षद धर्मेंद्र सिंह चौहान, विक्रम सिंह राठौड़, आशीष शर्मा, पंडित दिव्य प्रकाश, शकुंतला चौहान, राजू कुमार लालवानी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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    12/07/25

    जल संसाधन मंत्री ने मुहामी निवास पर आमजन की समस्याएं सुनीं, मौके पर ही अधिकारियों को दिए समाधान के निर्देश

    एन.एस. बाछल, 12 जुलाई, जयपुर।

    जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने शुक्रवार को अजमेर स्थित अपने मुहामी निवास पर आमजन के अभाव-अभियोग (समस्याएं एवं शिकायतें) सुने। क्षेत्रवासियों ने मंत्री सुरेश रावत से सीधे संवाद कर अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक एवं विभागीय समस्याएं उनके समक्ष रखीं।

         मंत्री सुरेश रावत ने संवेदनशीलता के साथ प्रत्येक व्यक्ति की बात को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों से मौके पर ही फोन पर वार्ता कर समाधान हेतु निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जनता की सेवा ही मेरे जीवन का उद्देश्य है और जनप्रतिनिधि का सबसे बड़ा धर्म यही है कि वह हर जरूरतमंद तक पहुंचे और उसकी पीड़ा को दूर करे।

         इस जनसुनवाई के दौरान पानी, सड़क, बिजली, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, विधवा सहायता, पीएम आवास योजना, ग्रामीण विकास, शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी अनेक समस्याएं सामने आईं। मंत्री सुरेश रावत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कर आमजन को राहत दी जाए।

        सुरेश रावत ने कहा कि राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की भावना से कार्य कर रही है और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने मौके पर ही कई मामलों में आवेदन स्वीकृत कर अग्रिम कार्यवाही हेतु अधिकारियों को अग्रेषित किए।

         जनसुनवाई के दौरान क्षेत्रीय कार्यकर्ता, स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक, महिला प्रतिनिधि एवं युवा भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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    12/07/25

    सिरोही जिले के प्रभारी मंत्री के.के.विश्नोई की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक का हुआ आयोजन

    एन.एस. बाछल, 12 जुलाई, जयपुर।

    सिरोही जिले के आत्मा सभागार में बजट घोषणाओं के त्वरित एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के सम्बन्ध में जिले के प्रभारी मंत्री के.के. बिश्नोई की अध्यक्षता में शुक्रवार को समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।

    बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने क्षेत्र के विकास के संबंध में कई घोषणाओं, अभियानों व फैसलों के माध्यम से अपनी पूर्ण प्रतिबद्धता दर्शाई है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी कर्मचारी क्षेत्र के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों से आवश्यक समन्वय स्थापित करते हुए समस्त आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।

    उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के सम्बन्ध में सभी अधिकारियों को पूर्ण गंभीरता के साथ काम करते हुए आवंटित लक्ष्यों के अनुरूप पौधारोपण करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी आगामी दिनों में पौधारोपण से सम्बन्धित कार्य की विस्तृत कार्य योजना बनाकर प्रस्तुत करें। उन्होंने इस दौरान बजट घोषणाओं से सम्बन्धित वे काम जो प्रारम्भ नहीं हुए उनकी क्रियान्विति में आ रही समस्याओं पर चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

    राज्य मंत्री देवासी ने अपने संबोधन में कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए किये जा रहे विभिन्न प्रयासों की सफल क्रियान्विति के लिए अधिकारी भी पूर्ण गंभीरता से कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य का फाॅलोअप लिया जाए और निस्तारण के सम्बन्ध में आ रही समस्याओं के लिए जनप्रतिनिधियों और उच्चाधिकारियों का सहयोग लिया जाए। उन्होंने इस दौरान जिले के सम्बन्धित विभिन्न बजट घोषणाओं और उनके भूमि आवंटन, विभिन्न स्वीकृतियों के बारे में चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिये। 

    प्रभारी मंत्री के.के. विश्नोई व राज्य मंत्री देवासी ने इस दौरान सानिवि, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, डिस्कॉम सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी बजट घोषणाओं की क्रियान्विति के सम्बन्ध में समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

    इस दौरान प्रभारी मंत्री विश्नोई ने प्रेस प्रतिनिधियों से भी वार्ता की उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 18 माह में ही जनकल्याणकारी योजनाओं विभिन्न कार्यों के माध्यम से शानदार कार्य कर दिखाया है। उन्होंने बताया कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जहां विभिन्न विभागों द्वारा जल संरचनाओं की पूजा उनकी साफ सफाई, पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण की जागरूकता के सम्बन्ध में विभिन्न काम किये गए वहीं पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़े के तहत विभिन्न विभागों से संबंधित आमजन से जुड़े कार्यों का त्वरित निस्तारण कर राहत पहुंचाई गई है। उन्होंने इस दौरान विभिन्न कार्यो के सम्बन्ध में राज्य सरकार द्वारा 18 माह में अर्जित की गई उपलब्धियों एवं पूर्ववर्ती सरकार द्वारा किये गए कार्यों का तुलनात्मक विवरण भी प्रस्तुत किया। 

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    12/07/25

    संत संस्कृति का संरक्षण और समाज को आध्यात्मिक दिशा देते है —पशुपालन मंत्री

    एन.एस. बाछल, 12 जुलाई, जयपुर।

    गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सिरोही जिले में गुरु वंदन कार्यक्रम का आयोजन कर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार विभिन्न धर्म गुरूओं, संतो, महात्मा, पुजारियों का सम्मान करते हुए उन्हें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की और से भेजे गये शुभकामना संदेश श्रीफल और शाॅल भेंट किए गए।

    पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत, सांसद लुम्बाराम चौधरी सहित जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने जिले के विभिन्न धर्म गुरुओं को शुभकामना संदेश देते हुए कहा कि संत न केवल समाज को आध्यात्मिक दिशा देते है साथ ही संस्कृति के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देते है।

    इस दौरान श्रीपति धाम नंदन वन के गोविन्द वल्लभ दास जी महाराज, तीर्थ गिरीजी महाराज, पंडित अशोक रावल सहित जिले के विभिन्न गुरूओं का सम्मान किया गया।

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    12/07/25

    राजस्थान में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध: कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़

    एन.एस. बाछल, 12 जुलाई, जयपुर।

    उद्योग एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने शुक्रवार को जोधपुर में औद्योगिक विकास से जुड़े विविध पक्षों पर स्थानीय उद्यमियों एवं विभागीय अधिकारियों के साथ गहन विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर उन्होंने औद्योगिक प्रगति से संबंधित राज्य सरकार की भावी कार्ययोजना एवं नवीन पहलुओं की जानकारी देते हुए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

    उद्योग मंत्री  ने बताया कि राज्य सरकार सर्कुलर इकोनॉमी को आधार बनाकर औद्योगिक क्षेत्र में एक नई क्रांति की ओर अग्रसर है। इस नीति के अंतर्गत संसाधनों के पुनः उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे उद्योगों को पर्यावरण-संवेदनशील और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

    उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में आधुनिक मॉडल इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना की जाएगी, जो विश्वस्तरीय अधोसंरचना से युक्त होंगे। इन पार्कों के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा तथा युवाओं के लिए व्यापक स्तर पर रोज़गार के अवसर सृजित होंगे।

    कर्नल राठौड़ ने घोषणा की कि राज्य सरकार का प्रयास है कि रीको (RIICO) के अंतर्गत शून्य कराधान (Zero Tax) व्यवस्था लागू की जाए, ताकि पूर्ण राजस्व को औद्योगिक अधोसंरचना के विकास में ही पुनर्निवेशित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह नीतिगत परिवर्तन राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को और अधिक सक्षम, प्रतिस्पर्धी तथा निवेशोन्मुख बनाएगा।

    उन्होंने कहा, "नीतिगत निर्णयों की ज़िम्मेदारी सरकार की है और आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व में राजस्थान सरकार उद्योग जगत के सभी अपेक्षित सुधारों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

    कर्नल राठौड़ ने यह भी कहा कि औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने हेतु “सरकार - उद्योग - प्रशासन” की त्रिस्तरीय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोधपुर को विश्वस्तरीय औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने हेतु संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा Ease of Doing Business को सुगम एवं सुलभ बनाने के लिए उठाए जा रहे ये ठोस कदम राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर औद्योगिक रूप से अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होंगे।

    बैठक में सांसद राजेन्द्र गहलोत, लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा, राज्यसभा , प्रसन्नचन्द मेहता, मारवाड चैम्बर आफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज, राजस्थान स्टील एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रकाश जीरावला, लघु उद्योग भारती के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष शंतिलाल बालड, सहित 150 से अधिक प्रबुद्ध उद्यमियो ने भाग लिया।

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    12/07/25

    ‘राइजिंग राजस्थान’ एमओयू के क्रियान्वयन के लिए हो मिशन मोड पर काम सौर व बैटरी स्टोरेज ऊर्जा परियोजनाओं के लिए बनाएं रोडमैप - मुख्यमंत्री

    एन.एस. बाछल, 12 जुलाई, जयपुर।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। इस लक्ष्य को पूरा करने में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित निवेश एमओयू की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकता को प्राथमिकता देते हुए इन निवेश एमओयू में शामिल सौर व बैटरी स्टोरेज आधारित परियोजनाओं के विकास के लिए विशेष रोडमैप तैयार किया जाए।

    भजनलाल शर्मा शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024 के तहत हुए एमओयू के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एमओयू के समयबद्ध क्रियान्वयन से प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिल रही है। उन्होंने अधिकारियों को निवेश समझौतों की प्रगति के लिए मिशन मोड पर काम करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता से एमओयू क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति

    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ के दौरान हुए एमओयू की समीक्षा के लिए त्रि-स्तरीय व्यवस्था की गई है। जिसके तहत 1 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि वाले एमओयू की समीक्षा प्रतिमाह नियमित रूप से मुख्यमंत्री स्वयं कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौतों में से अब तक 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है।

    निवेशकों से रखें संवाद, प्रगति से कराएं अवगत

    उन्होंने कहा कि विकसित राजस्थान बनाने के लक्ष्य को साकार करने में निवेश का अहम योगदान है। राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहायता उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निवेशकों से निरंतर संवाद स्थापित रखें और मॉनिटरिंग करते हुए प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही, उन्होंने  कहा कि मुख्य सचिव स्तर पर नियमित रूप से अक्षय ऊर्जा से संबंधित एमओयू की नियमित समीक्षा की जाए।

    एकीकृत पावर कॉरिडोर अपनाने के हो प्रयास

    भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार अक्षय ऊर्जा आधारित परियोजनाओं पंप स्टोरेज तथा बैटरी स्टोरेज जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी जोर दे रही है। प्रदेश में 6 हजार मेगावाट आवर की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकसित की जाने वाली सौर व बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं के संबंध में विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाए तथा इसके लिए एकीकृत पावर कॉरिडोर सहित अन्य नवाचारों को अपनाए जाने के प्रयास किए जाएं।

                    मुख्यमंत्री ने बैठक में सौर ऊर्जा, कॉम्प्रेस्ड बायो गैस व बायो फ्यूल प्रोजेक्ट्स की बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने प्रगतिरत एमओयू के क्रियान्वयन में तेजी लाने एवं शेष रहे एमओयू के श्रेणीवार विभाजन के साथ तय समय सीमा में धरातल पर लागू करने के संबंध में निर्देश दिए।

                    बैठक में मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं संबंधित जिला कलक्टर्स वीसी के माध्यम से जुड़े।

  • 12/07/25

    आज का राशिफल 12 जुलाई 2025, शुक्रवार

    मेष राशि:

    आज का दिन आपके आत्मविश्वास को निखारने वाला है। कोई लंबित कार्य पूरा हो सकता है जिससे मन प्रसन्न रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपके विचारों को सराहा जाएगा। परिवार के साथ समय बिताना सुकून देगा। निवेश से पहले अच्छे से सोच-विचार करें। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। कमाई के लिहाज से दिन अच्छा रहेगा।

    वृषभ राशि:

    आज आपको किसी पुराने मामले में राहत मिल सकती है। खर्चों में बढ़ोतरी संभव है, लेकिन साथ ही आय के स्रोत भी सक्रिय रहेंगे। दांपत्य जीवन में तालमेल की ज़रूरत होगी। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ सकता है। सेहत को लेकर लापरवाही न करें।

    मिथुन राशि:

    आज का दिन रोमांचक रहेगा। कोई नया विचार या योजना आपके मन को उत्साहित कर सकती है। प्रेम संबंधों में सकारात्मक मोड़ आ सकता है। व्यवसाय में साझेदारी से लाभ मिल सकता है। विद्यार्थी अपनी पढ़ाई में ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। सामाजिक रूप से सक्रिय रहना फायदेमंद होगा।

    कर्क राशि:

    किसी पुराने रिश्ते को लेकर भावनाएं उभर सकती हैं। बेहतर होगा कि अतीत को पीछे छोड़कर आगे बढ़ें। नौकरीपेशा लोगों को अपने कार्य में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। घर के बुजुर्गों का स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर रह सकता है। दिन का दूसरा हिस्सा बेहतर रहेगा।

    सिंह राशि:

    आज आप अपने व्यक्तित्व और नेतृत्व से सभी को प्रभावित कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं को समर्थन मिलेगा। धन को लेकर योजना बनाकर आगे बढ़ें। आपको एक से अधिक स्त्रोतों से इनकम हो सकती है। प्रेम जीवन जी रहे लोगों की अपने साथी से बॉन्डिंग अच्छी रहेगी।

    कन्या राशि:

    आज का दिन आपके लिए सामान्य रहेगा। आपको अपनी सेहत का ध्यान रखने की आवश्यकता है। अनावश्यक चिंताओं से बचें और सकारात्मक रहने का प्रयास करें।

    तुला राशि:

    कार्यक्षेत्र में आज आपका प्रभाव बढ़ेगा। प्रतिस्पर्धी गतिविधियों में प्रभावशाली रहेंगे। भावनात्मक मामलों में सकारात्मक रहें। साझा भावना बढ़ेगी। स्वजनों से मतभेद दूर होंगे।

    वृश्चिक राशि:

    जोखिमपूर्ण कार्यों से बचेंगे। मितभाषी रहें। बड़ों की सुनें। सफलता प्रतिशत सामान्य रहेगा। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। प्रेम-संतान व व्यापार सब कुछ अच्छा रहेगा।

    धनु राशि:

    आज आपको धनार्जन होगा। शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। प्रेम-संतान बहुत अच्छा। व्यापार बहुत अच्छा।

    मकर राशि:

    आज आपको अपने कार्यों में सफलता मिलेगी। व्यावसायिक मामले संवरेंगे। प्रबंधकीय सफलता से उत्साहित रहेंगे। पैतृक पक्ष से चहुंओर शुभता रहेगी। पुरस्कृत हो सकते हैं।

    कुंभ राशि:

    मन चिंतित रहेगा। जल्दबाजी न दिखाएं, दान धर्म में रुचि बढ़ेगी। आवश्यक कार्यों को जल्द पूरा करें। सामंजस्य का प्रयास रखें। निवेश संबंधी गतिविधियों में रुचि दिखाएंगे। रिश्तेदारों का समर्थन प्राप्त होगा।

    मीन राशि:

    आज आपको वाणी और खर्च पर संयम रखना होगा। कार्यों की विघ्न-बाधा खत्म होगी। स्वास्थ्य में सुधार। प्रेम-संतान का साथ। व्यापार बहुत अच्छा।

    यह एक सामान्य राशिफल है। व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार परिणाम भिन्न हो सकते हैं।

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    11/07/25

    *‘‘पारिवारिक संबंध बिगड रहे हैं, जिस पर काफी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए’’- अनिल विज*

    चण्डीगढ, 11 जुलाई- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने गुरूग्राम में एक पिता द्वारा अपनी बेटी को तीन गोलियां मारे जाने के संबंध में आज कहा कि इस संबंध में अभी जांच जारी है और कोई तथ्य सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि पारिवारिक संबंध बिगड रहे हैं, जिस पर काफी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

    श्री विज आज चण्डीगढ में मीडिया कर्मियों द्वारा गुरूग्राम में टेनिस खिलाडी को उसके पिता द्वारा तीन गोलियां मारे जाने के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।

    गुरूग्राम में गत दिनों मानसून की बरसात के बाद सडकों पर पानी निकासी न होने को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है, संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ‘‘जब गुरूग्राम बसा था उस समय विपक्ष की ही सरकारें थी। उन्होंने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि जब भी कोई शहर बसता है तो समय पानी निकासी के लिए नाले-नालियांे व सडकों की योजना बनाई जाती है क्योंकि बसे हुए शहर में नालियां-नाले बनाना आसान नहीं है अर्थात विपक्ष ने अपने कार्यकाल में यह कार्य नहीं किया’’। इसके परिणामस्वरूप आज पानी निकलने के रास्ते नहीं है और अंधाधूंध वहां पर लगातार निर्माण कार्य जारी है। विपक्ष ने अपने कार्यकाल के दौरान शहर को बसाने के लिए एक प्रणालीबद्ध योजना नहीं बनाई, जिसका आज लोगों को कष्ट भुगतना पड रहा है।

    प्रधानमंत्री जी के बारे में पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा की टिप्पणी के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में श्री विज ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान साहब को मनोचिकित्सक से अपनी जांच करवानी चाहिए क्योंकि इस प्रकार की भाषा आज तक किसी ने भी प्रधानमंत्री जी के बारे में नहीं बोली है।

    उन्होंने सवाल खडा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी जिन देशों में गए हैं वे देश है और वहां पर भी लोग रहते है। इन देशों के साथ भी अंतर्राष्ट्रीय संबंध रखने चाहिए क्योंकि हमारा व्यापार बनता है। प्रधानमंत्री जी घाना, ब्राजील व त्रिनीदाद इत्यादि देशों में गए हैं। श्री विज ने कहा कि सभी देशों के साथ हिन्दूस्तान के मधुर संबंध हो, इस बारे में प्रधानमंत्री जी लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने विदेश नीति को सफल बताते हुए कहा कि हमारी विदेश नीति आज चरम पर है। विश्व में सभी जगहों पर भारत का नाम आदर व सम्मान के साथ लिया जाता है क्योंकि प्रधानमंत्री जी विदेशांे के साथ अपने संबंध मधुर कर रहे है।

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    11/07/25

    एआई/एमएल आधारित निरीक्षण प्रणाली के साथ ट्रेन सुरक्षा बढ़ाने के लिए भारतीय रेलवे और डीएफसीसीआईएल ने समझौता किया

    आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली

    सेवा दक्षता में सुधार करने और रोलिंग स्टॉक के रखरखाव को स्वचालित करने के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के अंतर्गत भारतीय रेलवे ने रोलिंग स्टॉक के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए मशीन विजन आधारित निरीक्षण प्रणाली (एमवीआईएस) की स्थापना के लिए समर्पित माल ढुलाई कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

    एमवीआईएस एक आधुनिक, एआई/एमएल-आधारित प्रौद्योगिकी समाधान है जो चलती ट्रेनों के अंडर-गियर के उच्च-रिज़ॉल्यूशन छवियों को कैप्चर करता है और स्वचालित रूप से किसी भी हैंगिंग, ढीले या लापता घटकों का पता लगाता है। विसंगतियों का पता लगाने पर, सिस्टम त्वरित प्रतिक्रिया और कार्रवाई के लिए वास्तविक समय के अलर्ट चेतावनी देता है।

    समझौता ज्ञापन पर औपचारिक रूप से रेलवे बोर्ड के निदेशक (परियोजना एवं विकास) श्री सुमित कुमार और डीएफसीसीआईएल के जीजीएम (मैकेनिकल) श्री जवाहर लाल ने रेल भवन नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर सदस्य (ट्रैक्शन एवं रोलिंग स्टॉक) श्री बी.एम. अग्रवाल, डीएफसीसीआईएल के प्रबंध निदेशक श्री प्रवीण कुमार और रेलवे बोर्ड तथा डीएफसीसीआईएल के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

    एमओयू की शर्तों के अंतर्गत डीएफसीसीआईएल चार एमवीआई इकाइयों की खरीद, आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशन के लिए जिम्मेदार होगा। यह प्रणाली भारतीय रेलवे में पहली है। प्रौद्योगिकी से ट्रेन संचालन की सुरक्षा को बढ़ाने, मैनुअल निरीक्षण प्रयासों को कम करने और संभावित दुर्घटनाओं/सेवा व्यवधानों से बचने में मदद करने की उम्मीद है।

    यह पहल रेलवे इकोसिस्टम के लिए आधुनिक, बुद्धिमान प्रणालियों को पेश करने के आईआर के व्यापक उद्देश्य के साथ भी संरेखित करती है। इस एमओयू पर हस्ताक्षर भविष्य के लिए तैयार रेल बुनियादी ढांचे के निर्माण में रेल सुरक्षा में डिजिटल परिवर्तन के लिए नई राह खोलेगी।

    #Anil Vij #Haryana #bjp #india #politics #Ambala #Danik Khabar #news #current news

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    11/07/25

    प्रधानमंत्री मोदी के हरित गतिशीलता विजन के अंतर्गत भारत ने पहली बार ई-ट्रक प्रोत्साहन योजना का शुभारंभ किया

    आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के मार्गदर्शन में, भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय ने पीएम ई-ड्राइव पहल के अंतर्गत इलेक्ट्रिक ट्रकों (ई-ट्रकों) के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करने हेतु एक अभूतपूर्व योजना शुभारंभ किया है।

    यह प्रथम अवसर है जब भारत सरकार इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए प्रत्यक्ष सहायता प्रदान कर रही है, जिसका उद्देश्य देश में स्वच्छ, कुशल और दीर्घकालिक माल ढुलाई की गति को तेज़ करना है।

    केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इस योजना के महत्व का उल्‍लेख करते हुए कहा कि डीज़ल ट्रक, कुल वाहनों की संख्या का केवल तीन प्रतिशत होने के बावजूद, परिवहन से संबंधित ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 42 प्रतिशत का योगदान करते हैं और वायु प्रदूषण को काफ़ी बढ़ा देते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व द्वारा निर्देशित यह अग्रणी योजना, इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए भारत का पहला समर्पित समर्थन है। यह हमारे देश को स्थायी माल ढुलाई गतिशीलता, एक स्वच्छ भविष्य और 2070 तक हमारे शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य के अनुरूप, 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की ओर अग्रसर करेगी।

    इस योजना में,  केंद्रीय मोटर वाहन नियम (सीएमवीआर) के तहत मांग प्रोत्साहन को एन2 और एन3 श्रेणी के इलेक्ट्रिक ट्रकों तक बढ़ाया जाएगा।

    • एन2 श्रेणी में 3.5 टन से अधिक और 12 टन तक सकल वाहन भार (जीवीडब्ल्यू) वाले ट्रक शामिल हैं।

    • एन3 श्रेणी में 12 टन से अधिक और 55 टन तक के सकल वाहन भार वाले ट्रक शामिल हैं। आर्टिकुलेटेड वाहनों के मामले में, प्रोत्साहन केवल एन3 श्रेणी के पुलर ट्रैक्टर पर ही लागू होंगे।

    इसकी विश्वसनीयता और प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए, योजना में व्यापक निर्माता-समर्थित वारंटी अनिवार्य है।

    • बैटरी पर पांच वर्ष या 5 लाख किलोमीटर (जो भी पहले हो) की वारंटी होनी चाहिए।

    • वाहन और मोटर की वारंटी पांच वर्ष या 2.5 लाख किलोमीटर (जो भी पहले हो) होनी चाहिए।

    सामर्थ्य को बढ़ावा देने के लिए, प्रोत्साहन राशि इलेक्ट्रिक ट्रक के सकल वाहन भार (जीवीडब्ल्यू) पर निर्भर करेगी, जिसकी अधिकतम प्रोत्साहन राशि प्रति वाहन  9.6 लाख रुपये निर्धारित की गई है। ये प्रोत्साहन खरीद मूल्य में अग्रिम कटौती के रूप में दिए जाएंगे और पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर पीएम ई-ड्राइव पोर्टल के माध्यम से ओईएम को प्रतिपूर्ति की जाएगी।

    इस योजना से देश भर में लगभग 5,600 ई-ट्रकों को लाने में सहायता मिलने की उम्मीद है। दिल्ली में पंजीकृत 1,100 ई-ट्रकों के लिए 100 करोड़ रुपये के अनुमानित व्यय का प्रावधान किया गया है, जिसका उद्देश्य राजधानी की गंभीर वायु गुणवत्ता चुनौतियों का समाधान करना है।

    इससे लाभान्वित होने वाले प्रमुख क्षेत्रों में सीमेंट उद्योग, बंदरगाह, इस्पात और रसद क्षेत्र शामिल हैं। वोल्वो आयशर, टाटा मोटर्स और अशोक लीलैंड जैसी कई प्रमुख ओईएम कंपनियां पहले से ही भारत में इलेक्ट्रिक ट्रकों के निर्माण में लगी हुई हैं, जिससे आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अंतर्गत स्वदेशी क्षमताओं में वृद्धि हो रही है।

    इस पहल को ई-ट्रक निर्माताओं और उपयोगकर्ताओं दोनों ओर से जबरदस्‍त  प्रतिक्रिया मिली है, जो इस योजना की रसद लागत को कम करने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने की क्षमता को स्वीकार करते हैं।

    केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) के नेतृत्व के एक सशक्त प्रदर्शन के रूप में, भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (सेल) ने अगले दो वर्षों में विभिन्न स्थानों पर तैनाती के लिए 150 इलेक्ट्रिक ट्रक खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके अतिरिक्त, सेल ने यह सुनिश्चित करने का आंतरिक लक्ष्य रखा है कि उसकी सभी इकाइयों में किराए पर लिए गए सभी वाहनों में से कम से कम 15 प्रतिशत इलेक्ट्रिक हों।

    प्रोत्साहनों के लिए अर्हता प्राप्त करने हेतु पुराने, प्रदूषणकारी ट्रकों को हटाना अनिवार्य है, जिससे वाहन बेड़े का आधुनिकीकरण और उत्सर्जन में कमी का दोहरा लाभ सुनिश्चित होगा।

    भारी उद्योग मंत्रालय की यह दूरदर्शी पहल, भारत सरकार के आत्मनिर्भर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम के निर्माण के व्यापक उद्देश्य के अनुरूप है। ई-ट्रकों को प्रोत्साहन देकर, इस योजना का उद्देश्य ट्रांसपोर्टरों की परिचालन लागत कम करना, भारी वाहन क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करना और शहरी एवं औद्योगिक क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है, जिससे भारत एक स्‍थायी, कम कार्बन वाले भविष्य के करीब पहुंच सके।

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    11/07/25

    केन्‍द्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी की अध्यक्षता में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की क्षेत्रीय बैठक कल केवड़िया में होगी

    आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली

    केन्‍द्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल और विकसित भारत की कल्‍पना को आगे बढ़ाने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार, 12 जुलाई 2025 को केवडिया, गुजरात में क्षेत्रीय बैठक आयोजित कर रहा है।

    बैठक की अध्यक्षता केन्‍द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी करेंगी और इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर और गुजरात सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती भानुबेन बाबरिया भी उपस्थित रहेंगी।

    बैठक में भाग लेने वाले राज्यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों में गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गोवा, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव शामिल हैं। इन राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के महिला एवं बाल विकास विभागों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी इसमें भाग लेंगे। बैठक में सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों, नवीन मॉडलों और सफल हस्तक्षेपों की प्रस्तुति भी होगी, जिससे पूरे क्षेत्र में पारस्परिक शिक्षा और अनुकरण को प्रोत्साहन मिलेगा।

    क्षेत्रीय बैठक की केन्‍द्र और राज्य के बीच रचनात्मक संवाद और तालमेल के लिए एक मंच के रूप में कल्‍पना की गइ्र है, जिसमें मुख्य रूप से मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं - मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य और सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 - के कार्यान्वयन को मजबूती प्रदान करना है। मुख्य विचार-विमर्श में सेवा वितरण, पोषण ट्रैकर जैसे डिजिटल उपकरणों का एकीकरण, फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएय) जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग, और जमीनी स्तर पर प्रौद्योगिकी-सक्षम और एकीकृत सेवा वितरण को बढ़ाने की रणनीतियों जैसे पहलुओं पर चर्चा होगी।

    कार्यक्रम के अंतर्गत, मंत्रालय "एक पेड़ माँ के नाम" पहल के तहत वृक्षारोपण अभियान चलाएगा। प्रतिनिधि बाल पोषण पार्क, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भी दौरा करेंगे और नर्मदा आरती तथा प्रकाश एवं ध्वनि शो में भाग लेंगे, जो विकास के प्रति सांस्कृतिक रूप से निहित और एकीकृत दृष्टिकोण के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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    11/07/25

    एनएचएआई ने ब्लैकलिस्टिंग के लिए 'ढीले फास्टैग' की रिपोर्टिंग की प्रक्रिया को मजबूत किया

    आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली

    सुगम टोल संचालन सुनिश्चित करने और 'ढीले फास्टैग' की रिपोर्टिंग को मज़बूत करने के लिए, एनएचएआई ने टोल संग्रह एजेंसियों और रियायतधारकों के लिए अपनी नीति को और सुव्यवस्थित किया है ताकि वे 'ढीले फास्टैग', जिन्हें आमतौर पर "टैग-इन-हैंड" भी कहा जाता है, की तुरंत रिपोर्ट कर उन्हें ब्लैकलिस्ट कर सकें।

    वार्षिक पास प्रणाली और मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) टोलिंग जैसी आगामी पहलों को देखते हुए, फास्टैग की प्रामाणिकता और प्रणाली की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए इस मुद्दे का समाधान करना आवश्यक है।

    कभी-कभी वाहन मालिक जानबूझकर वाहन के विंडस्क्रीन पर फास्टैग नहीं लगाते। इस से परिचालन सम्बंधी चुनौतियां पैदा होती हैं, जिससे लेन में भीड़भाड़, झूठे चार्जबैक, बंद टोल प्रणाली में दुरुपयोग, इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह व्यवस्था में बाधा आती है, जिसके परिणामस्वरूप टोल प्लाजा पर अनावश्यक देरी होती है और राष्ट्रीय राजमार्ग के अन्य उपयोगकर्ताओं को असुविधा होती है।

    समय पर सुधारात्मक उपाय सुनिश्चित करने के लिए, एनएचएआई ने एक समर्पित ईमेल आईडी उपलब्ध कराई है और टोल संग्रह एजेंसियों और रियायतधारकों को ऐसे फास्टैग की तुरंत सूचना देने का निर्देश दिया है। प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर, एनएचएआई रिपोर्ट किए गए फास्टैग को ब्लैकलिस्ट/हॉटलिस्ट करने के लिए तुरंत कार्रवाई करेगा।

    98 प्रतिशत से अधिक की व्यापक पहुंच के साथ, फास्टैग ने देश में इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली में क्रांति ला दी है। ढीले फास्टैग या "हाथ में टैग" इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह कार्यों की दक्षता के लिए एक चुनौती हैं। यह पहल टोल संचालन को और अधिक कुशल बनाने में मदद करेगी, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए निर्बाध और सहज यात्रा सुनिश्चित होगी।

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    11/07/25

    सेमीकॉन इंडिया-2025 प्रथम बार वैश्विक मंडपों, देशव्यापी गोलमेज सम्मेलनों, कौशल पहलो और डिज़ाइन स्टार्टअप मंडप के साथ रिकॉर्ड हितधारक भागीदारी का साक्षी बनेगा

    आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली

    वैश्विक डिजिटल विकास चुनौतियों का सामना करने के लिए सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखलाओं को मज़बूत बनाने और अगली पीढ़ी की तकनीकों को अपनाने के प्रयासों के साथ कदम बढ़ाते हुए भारत वैश्विक चिप इकोसिस्‍टम में एक प्रमुख राष्‍ट्र के रूप में तेज़ी से उभर रहा है।

    इस पृष्ठभूमि में, सेमीकॉन इंडिया 2025 न केवल भारत की इच्‍छाशक्ति अपितु एक आत्मनिर्भर, विश्वसनीय और विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धी सेमीकंडक्टर इकोसिस्‍टम तैयार करने की उसकी बढ़ती क्षमता को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। व्‍यापकता के साथ-साथ नवाचार और रणनीतिक साझेदारियों से प्रेरित, यह आयोजन अपने 2024 संस्करण की रिकॉर्ड सफलता के पथ पर आगे बढ़ते हुए आत्मनिर्भर भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को परिपुष्ट करता है।

    ‘सेमीकॉन इंडिया 2025: अगले सेमीकंडक्टर पॉवरहाउस का निर्माण ' सम्मेलन और प्रदर्शनी के चौथे संस्करण का आयोजन आईएसएम और सेमी द्वारा संयुक्त रूप से 2 से 4 सितंबर 2025 तक यशोभूमि (इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर- आईआईसीसी), नई दिल्ली में किया जाएगा यह आयोजन माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में भारत की बढ़ती क्षमताओं और महत्वाकांक्षाओं को प्रदर्शित करेगा।

    भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तत्वावधान में आयोजित, सेमीकॉन इंडिया 2025, नीति, उद्योग, शिक्षा और निवेश समुदायों में वैश्विक और घरेलू हितधारकों को एकजुट करने के लिए एक उच्च प्रभाव वाले मंच के रूप में कार्य करेगा।

    सेमीकॉन इंडिया 2025 की मुख्य विशेषताएं

    सेमीकॉन इंडिया 2025 का एक प्रमुख आकर्षण पिछले संस्करणों की तुलना में उल्‍लेखनीय रूप से उच्‍च स्‍तर पर हितधारकों की भागीदारी है। यह वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों को आकर्षित करने में सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम की बढ़ती सफलता को दर्शाता है। कंपनियां अब भारत को एक उभरते और विश्वसनीय सेमीकंडक्टर केंद्र के रूप में देख रही हैं।

    इस संस्करण में कई महत्वपूर्ण पहल देखने को मिलेंगी। पहली बार, प्रदर्शनी में जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और मलेशिया से चार अंतर्राष्ट्रीय मंडप शामिल होंगे  जबकि पिछले संस्करणों में कोई भी मंडप नहीं था। इसके अलावा, पहली बार आठ देशों के गोलमेज सम्मेलन भी आयोजित किए जा रहे हैं, जो भारत और प्रमुख साझेदार देशों की कंपनियों को द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक साथ लाएंगे।

    कौशल विकास और भविष्य की तैयारी को बढ़ावा देने के लिए, पहली बार छात्रों और अभियंताओं के लिए प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन और कार्यबल विकास कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिनमें युवा प्रतिभाओं का मार्गदर्शन करने के लिए करियर परामर्श भी शामिल होगा। इस कार्यक्रम में एक समर्पित सेमीकंडक्टर डिज़ाइन स्टार्टअप मंडप भी होगा, जो नवाचार-आधारित चिप डिज़ाइन उद्यमों के लिए एक मंच प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त, इस वर्ष नौ राज्य सरकारों के पैवेलियन भाग लेंगे, जबकि पिछले संस्करण में छह थे।

    सेमीकॉन इंडिया 2025 में 18 देशों और इन क्षेत्रों की 300 से ज़्यादा कंपनियां भाग लेंगी, जो सामग्री और उपकरणों से लेकर सिलिकॉन, डिज़ाइन और सिस्टम तक, संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य श्रृंखला का प्रदर्शन करेंगी। भागीदारी का दायरा और विविधता वैश्विक सेमीकंडक्टर इकोसिस्‍टम में भारत के बढ़ते एकीकरण का संकेत देती है।

    इस कार्यक्रम में तीन दिवसीय सम्मेलन भी शामिल होगा जिसमें वैश्विक मुख्य अनुभव अधिकारी (सीएक्सओ) और विशेषज्ञ वक्ता शामिल होंगे, जो सेमीकंडक्टर विनिर्माण, तकनीकी प्रगति, आपूर्ति श्रृंखला रणनीतियों और उद्योग के रुझानों पर अपनी अंतर्दृष्टि साझा करेंगे।

    इस आयोजन की अन्य विशेष विशेषताओं में कार्यबल विकास मंडप, स्टार्टअप मंडप, आठ देश गोलमेज सम्मेलन, बी2बी फोरम और संरचित प्रशिक्षण एवं कौशल उन्नयन कार्यक्रम शामिल हैं, जिनका उद्देश्य भारत की प्रतिभा पाइपलाइन और इकोसिस्‍टम क्षमताओं को मजबूत करना है।

    इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) और सेमी ने 11 जुलाई 2025 को  सेमीकॉन इंडिया 2025 - अगले सेमीकंडक्टर पॉवरहाउस का निर्माण' विषय के साथ आगंतुक पंजीकरण खोलने की घोषणा की है। अधिक जानकारी और पंजीकरण के लिए कृपया  https://www.semiconindia.org. वेबसाइट देखें।

    सेमीकॉन इंडिया के बारे में

    सेमीकॉन इंडिया, सेमी द्वारा आयोजित विश्वव्यापी आठ वार्षिक सेमीकॉन प्रदर्शनियों में से एक है, जो वैश्विक सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण इकोसिस्‍टम अधिकारियों और अग्रणी विशेषज्ञों को एक साथ एक मंच पर लाता है।

    सेमीकॉन इंडिया 2025 का उद्देश्य वैश्विक सहयोग को गति प्रदान करना, घरेलू नवाचार को बढ़ावा देना और एक विश्वसनीय, व्‍यापक और प्रतिस्पर्धी इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में भारत की भूमिका को मज़बूत बनाना है। यह विश्वस्तरीय सेमीकंडक्टर उद्योग के निर्माण की दिशा में भारत के सबसे मज़बूत राष्ट्रव्यापी प्रयासों में से एक है।

    सेमी के बारे में

    यह एक कंपनी-तटस्थ, देश-तटस्थ वैश्विक उद्योग संघ है जो सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स डिज़ाइन एवं निर्माण आपूर्ति श्रृंखला के 1.5 मिलियन पेशेवरों को जोड़ता है। यह संघ समर्थन, कार्यबल विकास और स्थिरता जैसे प्रमुख कार्यक्रमों के माध्यम से उद्योग की चुनौतियों के लिए सदस्य-संचालित समाधानों को गति प्रदान करते हैं। उनकी सेमीकॉन प्रदर्शनियां और कार्यक्रम, प्रौद्योगिकी समुदाय, मानक और बाज़ार सूचना डिज़ाइन, उपकरणों, सामग्री, सेवाओं और सॉफ़्टवेयर में विकास और नवाचारों को आगे बढ़ाने में सहायता प्रदान करते हैं, जिससे अधिक स्मार्ट, तेज़ और सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन संभव होते हैं।

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    11/07/25

    आईसीजी ने अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के पास फंसे अमेरिकी नौका से दो चालक दल सदस्यों को बचाया

    आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली

    भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के इंदिरा पॉइंट के दक्षिण-पूर्व में लगभग 52 समुद्री मील की दूरी पर फंसे अमेरिकी नौकायन पोत 'सी एंजल' के लिए एक बचाव अभियान चलाया। इस नौका में दो चालक दल सदस्य सवार थे, और यह अत्यंत खराब मौसम स्थितियों में एक फटी हुई पाल और उलझे हुए प्रोपेलर के कारण अक्षम हो गई थी।

    संकट चेतावनी प्राप्त होते ही, एमआरसीसी पोर्ट ब्लेयर ने सभी निकटवर्ती व्यापारी जहाजों को सतर्क किया और बचाव समन्वय प्रोटोकॉल शुरू किए। इसके अतिरिक्त, आईसीजी पोत ‘राजवीर’ को तैनात किया गया और पोत ने फंसे हुए चालक दल के साथ संचार स्थापित किया तथा स्थल पर आकलन किया। तेज हवाओं और यांत्रिक अक्षमता के बावजूद, चालक दल सुरक्षित और स्वस्थ पाया गया। 11 जुलाई, 2025 की सुबह, नौका को सफलतापूर्वक खींचकर कैंपबेल बे बंदरगाह तक पहुंचाया गया।

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    11/07/25

    प्रधानमंत्री रोजगार मेले में सरकारी विभागों और संगठनों में नवनियुक्त युवाओं को 51,000 से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे

    आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 जुलाई, 2025 को सुबह लगभग 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नवनियुक्त 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। इस अवसर पर वे नियुक्त लोगों को संबोधित भी करेंगे।

    रोज़गार मेला, रोज़गार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में एक पहल है। रोज़गार मेला युवाओं को सशक्त बनाने और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी के लिए सार्थक अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। देश भर में रोज़गार मेलों के माध्यम से अब तक 10 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं।

    16वां रोज़गार मेला देशभर के 47 स्‍थलों पर आयोजित किया जाएगा। ये नियुक्तियां केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में हो रही हैं। देश भर से चुने गए नए कर्मचारी रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, डाक विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय सहित अन्य विभागों और मंत्रालयों में शामिल होंगे।

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    11/07/25

    ग्रामीण क्षेत्रों में महिला मेटों के माध्यम से नरेगा श्रमिकों को किया जाएगा साक्षर

    एन.एस. बाछल, 11 जुलाई, जयपुर।

    ग्रामीण क्षेत्रों में महिला मेटों के माध्यम से नरेगा श्रमिकों को साक्षर करने के लिए जिला प्रशासन ने नरेगा आखर अभियान का आगाज किया है। अभियान के तहत गुरुवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के साथ अभियान का शुभारंभ हुआ।

    जिला प्रमुख रमा चौपड़ा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि साक्षरता से सशक्तिकरण की दिशा में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के नेतृत्व में जिला प्रशासन का यह प्रयास मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान से ना केवल ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक चेतना का विस्तार हो बल्कि महिलाओं में भी हस्ताक्षर ज्ञान एवं वित्तीय साक्षरता के प्रति जागरुकता का संचार होगा। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कहा कि नरेगा आखर का उद्देश्य जिले के ग्रामीण क्षेत्र के निवासरत निरक्षर ग्रामीणों एवं नरेगा श्रमिकों को साक्षर, दक्ष, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सक्रिय कर डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता के माध्यम से सशक्त बनाना है।

    जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा ने बताया कि नरेगा आखर अभियान के तहत बुनियादी साक्षरता, हस्ताक्षर ज्ञान, वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता शामिल है। इस हेतु महात्मा गांधी नरेगा, प्रारंभिक शिक्षा, शिक्षा साक्षरता एवं सतत शिक्षा, जिला अग्रणी प्रबंधक, सूचना एवं प्रोद्योगिकी विभागों के माध्यम से अभियान का सफल संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग, साक्षरता एवं सतत शिक्षा विभाग तथा प्रारंभिक शिक्षा विभाग के सहयोग से नरेगा श्रमिकों को बुनियादी साक्षरता और कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए 'नरेगा आखर' अभियान का शुभारंभ किया गया है। 'नरेगा आखर' एक अभिनव पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों मे नरेगा कार्यस्थलों पर कार्यरत निरक्षर श्रमिकों को कार्यात्मक, वित्तीय और डिजिटल साक्षरता प्रदान करना है। यह पहल ग्रामीण निरक्षर श्रमिकों को बुनियादी साक्षरता और विषयगत जानकारी से अवगत करवाने के लिए शुरू की गई है, ताकि वे स्थानीय स्तर पर ग्राम पंचायतों के साथ सार्थक रूप से जुड़ सकें।

    उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की यह पहल नरेगा कार्यस्थलों को केवल रोजगार स्थल नहीं, बल्कि सशक्तिकरण के केंद्र में बदलने की परिकल्पना करती है। बुनियादी साक्षरता के माध्यम से नरेगा श्रमिक न केवल आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि समुदाय में परिवर्तन के अग्रदूत के रूप मे उभरेंगे। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत संरचित शिक्षण मॉड्यूल, सामुदायिक कार्यशालाएं और डिजिटल टूल्स के एकीकरण के माध्यम से नरेगा श्रमिकों को आधुनिक जीवन की आवश्यकताओं के लिए तैयार किया जाएगा। वित्तीय और डिजिटल साक्षरता पर विशेष ध्यान देते हुए उन्हें बैंकिंग, सरकारी योजनाओं तक पहुंच और डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी जाएगी।

    उन्होंने बताया कि प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम पश्चात प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर द्वारा अपने-अपने ब्लॉक, ग्राम पंचायत क्लस्टर स्तर पर समस्त महिला मेटों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। इस प्रकार प्रत्येक कार्यक्रम अधिकारी एवं विकास अधिकारी द्वारा स्वयं के अधीनस्थ पंचायत समिति में प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षकों की अलग-अलग टीम का गठन कर समस्त ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत कार्यरत निरक्षर श्रमिकों को 'नरेगा आखर' के तहत प्रशिक्षित किया जाएगा।

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    11/07/25

    कलाकारों को तलाशने और तराशने का नायाब मंच साबित हो रहा डेल्फिक क्लब

    एन.एस. बाछल, 11 जुलाई, जयपुर।

    राजस्थानी कला और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने, युवा कला प्रतिभाओं को तलाशने एवं तराशने के साथ-साथ माकूल मंच प्रदान करने और पारंपरिक कला रूपों को संरक्षित रखने की दिशा में डेल्फिक काउंसिल ऑफ राजस्थान सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है, यह कहना है काउंसिल की अध्यक्ष श्रेया गुहा का।

    श्रेया गुहा ने हरिश्चन्द्र माथुर रीपा में आयोजित डेल्फिक काउंसिल ऑफ राजस्थान के चौथे स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि काउंसिल का उद्देश्य कला की मूल भावना को प्रोत्साहित एवं पल्लवित करने के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों के समग्र उन्नयन के प्रयासों को धरातल पर उतारना है।

    उन्होंने बताया कि डेल्फिक काउंसिल पिछले चार वर्षों से राजस्थान में कला व संस्कृति के प्रचार-प्रसार हेतु निरंतर कार्यरत है। डेल्फिक काउंसिल द्वारा युवा वर्ग को कला, संगीत, साहित्य, नृत्य, हस्तकलाओं, फोटोग्राफी, फिल्म मेकिंग इत्यादि से जोड़कर उनकी भागीदारी कला एवं संस्कृति क्षेत्र मे बढ़ाने हेतु विभिन्न संस्थानों मे 'डेल्फिक क्लब' की शुरूआत की गई है।

    प्रदेश में पहले से ही संचालित सात डेल्फिक क्लब कार्यरत है, जिनके साथ-साथ तीन नये डेल्फिक क्लब, सुरेश ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी, माहेश्वरी पब्लिक स्कूल तथा धारव हाई स्कूल में गठित किये जा रहे है। श्रेया गुहा ने बताया कि इन क्लबों द्वारा प्रदेश के युवाओं को अपनी कला व संस्कृति को जानने-पहचानने तथा उनके प्रदर्शन हेतु राजस्थान ही नही अपितु देश-विदेश में अवसर प्रदान किये जायेंगे।

    कार्यक्रम मे विभिन्न स्कूलों के प्रतिनिधियों द्वारा डेल्फिक काउंसिल ऑफ राजस्थान के द्वारा आयोजित कार्यक्रमों की सराहना की गई। श्रेया गुहा द्वारा डेल्फिक काउंसिल ऑफ राजस्थान के नवीन लोगो का अनावरण किया गया। शॉर्ट फिल्म द्वारा डेल्फिक काउंसिल ऑफ राजस्थान की चार वर्ष की यात्रा का प्रदर्शन भी किया गया। डेल्फिक काउंसिल ऑफ राजस्थान के सदस्यों द्वारा हरिश्चन्द्र माथुर रीपा परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया।

    इस अवसर पर डेल्फिक काउंसिल ऑफ राजस्थान के महासचिव डॉ. जितेन्द्र सोनी (आई.ए.एस), निशान्त जैन (आई.ए.एस), शिप्रा शर्मा (आर.ए.एस), कीर्ति शर्मा, नवीन त्रिपाठी, राहुल सूद, मनीषा गुल्यानी, शुवांकर बिस्वास, शबाना डागर, अब्दुल लतीफ उस्ता, दिनेश राणा, आई.आई. सी.डी की निदेशक तूलिका गुप्ता, प्रोफेसर डॉ. अरूनांशु हाल्दार वाइस चांसलर सुरेश ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी, प्रीति सांगवान विद्याश्रम स्कूल, प्रमेन्द्र खंगारोत एम.जी.डी स्कूल, मंजू शर्मा एम.पी.एस स्कूल, प्रियंका एन माथुर पैलेस स्कूल आदि भी उपस्थित रहे।