26/06/25

नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री ने सीकर के मास्टर प्लान 2041 के प्रारूप का किया प्रकाशन, प्रदर्शनी का किया उद्घाटन

एन.एस. बाछल, 26 जून, जयपुर।

नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बुधवार को  नगर परिषद सभागार, सीकर में मास्टर प्लान 2041 के प्रारूप का प्रकाशन किया। इस अवसर पर मास्टर प्लान पर आधारित प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया,जो आमजन के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी का अवलोकन कर शहरवासी आगामी एक महीने तक जनहित आधारित आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं। 

इस दौरान यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि मास्टर प्लान 2041 के लिए आगामी एक महीने तक जनहित आधारित आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। इन आपत्तियों का निस्तारण व्यापक जनहित को ध्यान में रखकर किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहरवासियों से प्राप्त सकारात्मक सुझावों पर गहन मंथन किया जाएगा, किंतु व्यक्तिगत लाभ से संबंधित आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा। उन्होंने शहरवासियों से सक्रिय सहयोग और सकारात्मक सुझाव देने का आह्वान किया ताकि व्यापक जनहित में कार्य हो सके। 

इस अवसर पर राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना की लाभार्थी लक्ष्मी, सरोज, जमन, चुंकली, पुतली को दस हजार रुपये के चेक भी वितरित किए। उन्होंने नगर परिषद सभागार में आयोजित मास्टर प्लान 2041 प्रदर्शनी का विमोचन एवं मास्टर प्लान के मानचित्रों की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया।

नगरीय विकास एवं स्वायत शासन राज्य मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सीकर शहर के नागरिकों को व्यवस्थित नगरीय सुविधाएं देने की दिशा में यह मास्टर प्लान एक दूरदर्शी पहल है। यह योजना जन सहभागिता से पूर्ण होगी और इसमें आमजन के सुझावों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि काफी लंबे समय से सीकर के विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने का कार्य प्रगति पर था। हमारा उद्देश्य यह था कि इस योजना का प्रकाशन वर्ष 2024 में ही कर दिया जाए, लेकिन कुछ विधिक कारणों से इसमें विलंब हुआ। सभी पक्षों से गहन विचार-विमर्श के उपरान्त आज इसका अंतिम प्रारूप आप सभी की उपस्थिति में प्रकाशित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना नियोजित विकास के अनेक प्रकार की समस्याएँ जन्म लेती हैं, जिनका प्रभाव प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हम सभी को भुगतना पड़ता है।

झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि हम सभी को अपने निजी स्वार्थों से ऊपर उठकर एक दीर्घकालिक सोच के साथ नियोजित विकास की दिशा में कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि हमने समय रहते नियोजित विकास की आवश्यकता को नहीं समझा और उसे क्रियान्वित करना शुरू नहीं किया, तो हमें भविष्य में प्रकृति के कोप और अव्यवस्था के दुष्परिणाम झेलने के लिए तैयार रहना पड़ेगा।

उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान 2041 के प्रकाशन में कुल 50 गांवों को शामिल किया गया है, मास्टर प्लान प्रकाशन की तिथि से एक माह तक आमजन की समस्याएं सुनी जाकर उनकी आपत्ती प्राप्त की जायेगी, इसके बाद राज्य सरकार द्वारा समस्या का समाधान होने के बाद मास्टर प्लान को धरातल पर लागू किया जाएगा

कार्यक्रम में धोद विधायक गोवर्धन वर्मा ने कहा कि सीकर बहुत तेज़ी से विकास की ओर बढ़ रहा है, इसलिए हमें समय के साथ सुविधाएं और संसाधन भी उसी गति से विकसित करने होंगे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सीकर जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने बताया कि मास्टर प्लान 2021 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि सेक्टर, सड़कों की चौड़ाई, ग्रीन एरिया, औद्योगिक विकास, बस स्टैंड, पार्क, स्कूल, कॉलेज यथावत रखे गए हैं, वहीं रिंग रोड की चौड़ाई भी 200 फीट ही रखी गई है।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

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