केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने विद्युत सुरक्षा दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया
आरएस अनेजा, 28 जून नई दिल्ली
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए), विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार ने बीएसईएस के सहयोग से नई दिल्ली में विद्युत सुरक्षा दिवस का आयोजन किया। 26 जून को विद्युत सुरक्षा दिवस का यह उत्सव भारत की जीरो-हानि विद्युत ईकोसिस्टम तैयार करने की प्रतिबद्धता की एक सशक्त याद दिलाता है, जो देश की स्वच्छ एवं स्मार्ट ऊर्जा की महत्वाकांक्षाओं के साथ विकसित हो रहा है।
इस वर्ष की थीम, "स्मार्ट ऊर्जा, सुरक्षित राष्ट्र" ने भारत की ऊर्जा यात्रा के आधुनिकीकरण के हर पहलू में सुरक्षा को समाहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, विशेष रूप से बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस), इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और रूफटॉप सोलर जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के संदर्भ में। बिजली प्रणालियों के बढ़ते विद्युतीकरण और विकेंद्रीकरण के साथ इससे संबंधित जोखिम कई गुना बढ़ गए हैं, जिससे विद्युत सुरक्षा एक सामूहिक अनिवार्यता बन गई है।
कार्यक्रम का उद्घाटन विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने किया, जिन्होंने भारत में तेजी से हो रहे ऊर्जा परिवर्तन के साथ मजबूत सुरक्षा प्रोटोकॉल की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उनके साथ विद्युत मंत्रालय के सचिव श्री पंकज अग्रवाल, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री घनश्याम प्रसाद, और बीएसईएस के निदेशक और समूह सीईओ श्री अमल सिन्हा भी मौजूद रहे, जिन्होंने प्रतिभागियों को विद्युत सुरक्षा के महत्व पर संबोधित किया।
इस कार्यक्रम में ऊर्जा क्षेत्र के सभी हिस्सों से आए 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने व्यक्तिगत रूप से भाग लिया, जिनमें यूटिलिटी एवं रेगुलेटरी निकाय, राज्य के मुख्य विद्युत निरीक्षक अधिकारी, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्लूए), ओईएम, निर्माता, फील्ड तकनीशियन और सक्रिय ऊर्जा उपयोगकर्ता (प्रोज्यूमर्स) शामिल थे। इसके साथ ही, बड़ी संख्या में लोगों ने यूट्यूब लाइव वेबकास्ट के माध्यम से इसे वर्चुअली देखा, जिससे इस कार्यक्रम की पहुंच और प्रभाव का विस्तार हुआ। इस आयोजन को 22 घंटे में राष्ट्रीय स्तर पर 25,000 से अधिक बार देखा गया।
विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री, श्रीपाद येसो नाइक ने अपने संबोधन में कहा, "विद्युत सुरक्षा दिवस हमारे एक सशक्त यादगार की तरह है कि जैसे-जैसे हम एक स्वच्छ, स्मार्ट और अधिक डिजिटल ऊर्जा ईकोसिस्टम की ओर बढ़ रहे हैं तो, सुरक्षा हर प्रगति के केंद्र में रहनी चाहिए।
बिजली आधुनिक जीवन के हर पहलू को सशक्त बनाती है - घरों और अस्पतालों से लेकर उद्योगों और मोबाइल्टी तक - लेकिन इसे अत्यंत सावधानी से संभाला जाना चाहिए। सरकार रूफटॉप सोलर, ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बैटरी भंडारण और डिजिटल फॉल्ट डिटेक्शन जैसी पहलों के माध्यम से एक सुरक्षित और स्मार्ट ऊर्जा भविष्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है और मैं हर नागरिक, तकनीशियन और हितधारक से सतर्क और जिम्मेदार रहने का आग्रह करता हूँ। आइए, मिलकर न केवल एक स्मार्ट इंडिया बल्कि एक सुरक्षित इंडिया का निर्माण करें।"
सचिव, ऊर्जा मंत्रालय, पंकज अग्रवाल ने कहा, “विद्युत क्षेत्र में सुरक्षा सिर्फ एक चेकलिस्ट नहीं बल्कि मुख्य मूल्य होना चाहिए। जैसे-जैसे हम स्मार्ट और स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियों की ओर बढ़ रहे हैं, जवाबदेही और सतर्कता सर्वोपरि हो जाती है। मेरा मानना है कि एक सक्रिय सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देना एक विश्वसनीय और भविष्य के लिए तैयार विद्युत ईकोसिस्टम के निर्माण की कुंजी है।”
अध्यक्ष, सीईए, घनश्याम प्रसाद ने कहा, “विद्युत सुरक्षा सिर्फ एक जनादेश नहीं बल्कि यह एक मानसिकता है। वितरित और स्मार्ट ऊर्जा प्रणालियों के इस युग में, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सुरक्षा हर नवाचार और हर कनेक्शन के केंद्र में रहे। बिजली को सावधानी से संभालें और जागरूक रहें।”
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण "सुरक्षा शक्ति" का अनावरण था, जो आधिकारिक विद्युत सुरक्षा शुभंकर है। इसे आकर्षक और जुड़ाव पैदा करने वाले तरीके से सुरक्षा जागरूकता को लोकप्रिय बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके साथ ही, विद्युत सुरक्षा हैंडबुक का पहला संस्करण भी जारी किया गया। सीईए और बीएसईएस की यह संयुक्त पहल बीईएसएस, रूफटॉप सोलर प्रणालियों और ईवी चार्जर्स की स्थापना और रखरखाव के लिए स्पष्ट सुरक्षा दिशानिर्देश प्रदान करती है।
यह यूटिलिटीज, उपभोक्ताओं, प्रोस्यूमर्स और तकनीशियनों के लिए महत्वपूर्ण क्या करें और क्या न करें को रेखांकित करती है, जो बिजली के झटके, आग और दुर्घटनाओं जैसे जोखिमों को कम करने के लिए एक व्यावहारिक संदर्भ के रूप में कार्य करती है।
उद्घाटन के उपरांत वाले सत्र में सीईए, एनपीटीआई, बीएसईएस और अर्थिंग सॉल्यूशंस पर उद्योग के अग्रणी विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी प्रस्तुतियाँ और विशेषज्ञों से बातचीत शामिल रही।