इद्रीश फाउंडेशन ने बेटियों को दिया स्वास्थ्य और आत्म-सम्मान का पाठ

जे कुमार 6 अगस्त अम्बाला : केन्द्रीय विद्यालय नंबर 4 में इद्रीश फाउंडेशन द्वारा मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य किशोरियों को मासिक धर्म से जुड़ी स्वच्छता, स्वास्थ्य, सावधानियों और आत्मसम्मान के प्रति जागरूक करना था। इस कार्यक्रम की मुख्य वक्ता रहीं इद्रीश फाउंडेशन की संस्थापक एवं मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ सुश्री नेहा परवीन, जिन्होंने मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता की अनदेखी से होने वाले खतरों जैसे संक्रमण, एलर्जी, प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने बच्चियों को समझाया कि गलत मिथकों और शर्म के चलते कई बार लड़कियां सही जानकारी नहीं ले पातीं, जिससे उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। नेहा ने बच्चियों को यह भी बताया कि मासिक धर्म कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है जिसे साफ-सफाई, संतुलित खानपान और आत्म-सम्मान के साथ अपनाना चाहिए। उन्होंने बच्चियों से खुले संवाद में उनके सवालों के जवाब दिए और हर एक को विश्वास दिलाया कि पीरियड्स पर बात करना गलत नहीं, जरूरी है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य अमन गुप्ता ने इद्रीश फाउंडेशन को इस प्रभावशाली कार्यक्रम के लिए धन्यवाद देते हुए स्मृति चिन्ह और थैंक यू कार्ड प्रदान किया।इस अवसर पर स्टाफ नर्स अनु ने भी स्वास्थ्य संबंधी तकनीकी जानकारी साझा की। कार्यक्रम में OSCA और इद्रीश फाउंडेशन के इंटर्न्स अंजली, चाहत और तनुजा ने भी भाग लिया और बताया कि इस कार्यक्रम के दौरान उन्हें समुदाय के साथ संवाद, जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य शिक्षा का अनुभव और युवाओं के सवालों से रूबरू होने का बहुमूल्य अनुभव मिला।

एक छात्रा ने कहा हमें पहली बार यह समझ आया कि अगर हम सफाई का ध्यान नहीं रखेंगे तो इससे कितनी बीमारियाँ हो सकती हैं हमे प्राची मैडम जो बताया काफी अच्छा लगा | वहीं दूसरी छात्रा ने बताया, नेहा मैम ने पीरियड्स को लेकर जो मिथक थे, उन्हें तोड़कर हमें सही जानकारी दी। अब डर नहीं लगता। कार्यक्रम के अंत में इद्रीश फाउंडेशन की प्राची ने धन्यवाद ज्ञापन किया। बच्चियों को हाइजीन जानकारी दी और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी गई।

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