पीजीआई से आई टीम ने प्रोजेक्ट संकल्प के तहत मृत जन्म व नवजात शिशु मृत्यु दर को लेकर आयोजित की वर्कशॉप

जे कुमार, 6 अगस्त अम्बाला : छावनी के नागरिक अस्पताल में "प्रोजेक्ट संकल्प" के तहत एक दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य मृत जन्म (Stillbirth) और नवजात शिशु मृत्यु दर को घटाकर एकल अंक (Single Digit) तक लाना है। इस कार्यशाला में स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता को सुधारने पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया गया, ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सके।

इस वर्कशॉप में “इम्प्रूविंग क्वालिटी ऑफ केयर” यानी देखभाल की गुणवत्ता में सुधार से जुड़ी आधुनिक रणनीतियों और नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की गई। वर्कशॉप में नागरिक अस्पताल की गायनी विभाग की डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, बाल रोग विशेषज्ञों और संबंधित विभागों के कर्मचारियों ने भाग लिया और अपने अनुभवों को साझा करते हुए प्रशिक्षण प्राप्त किया।

कार्यक्रम में बतौर विशेषज्ञ वक्ता पीजीआई चंडीगढ़ से डॉक्टर प्रवीण कुमार, डॉक्टर सोनिका राज और डॉक्टर सूक्षम जैन (पीजीआई सेक्टर 32, चंडीगढ़), डॉक्टर शिव साजन सैनी तथा आदेश मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर तृप्ति अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने मातृ व शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए अपनाई जाने वाली तकनीकी विधियों, अस्पताल स्तर पर की जाने वाली क्लिनिकल ऑडिट, डिलीवरी के समय उठाए जाने वाले महत्वपूर्ण कदम, वेंटिलेशन मैनेजमेंट, नवजात पुनर्जीवन (Newborn Resuscitation) आदि विषयों पर गहन जानकारी दी।

विशेषज्ञों ने अपने सत्रों में हेल्थ स्टाफ को यह भी बताया कि किस प्रकार समय पर उपचार और ट्रांसपोर्ट, डेटा मॉनिटरिंग, समुदाय से जुड़ाव, और स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता को सुनिश्चित कर मातृ-शिशु मृत्यु दर को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर प्रशिक्षण और गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम आवश्यक हैं।

कार्यक्रम में अस्पताल की पीएमओ डॉक्टर पूजा पैंटल भी उपस्थित रही। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नागरिक अस्पताल द्वारा इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन न सिर्फ स्टाफ की कार्यक्षमता बढ़ाता है, बल्कि यह आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने की दिशा में भी एक सकारात्मक पहल है। उन्होंने कहा कि “प्रोजेक्ट संकल्प” का लक्ष्य हर नवजात शिशु को जीवन का अधिकार देना है, और इसके लिए हम सभी को एकजुट होकर काम करना होगा।

इस वर्कशॉप का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं था, बल्कि स्वास्थ्य कर्मियों को संवेदनशील बनाना भी था ताकि वे हर गर्भवती महिला और नवजात शिशु की देखभाल को प्राथमिकता दें। कार्यशाला के अंत में उपस्थित सभी स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए।

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