21/09/25

भारतीय नौसेना और ग्रीस की हेलेनिक नौसेना के बीच पहला द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास भूमध्य सागर में संपन्न हुआ

आरएस अनेजा, 21 सितम्बर नई दिल्ली - भारतीय नौसेना और ग्रीस की हेलेनिक नौसेना के बीच द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास का पहला आयोजन भूमध्य सागर में संपन्न हुआ, जो भारत और ग्रीस के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

यह अभ्यास दो चरणों में आयोजित किया गया। इसका पहला बंदरगाह चरण सलामीस नौसेना बेस पर आयोजित किया गया, और उसके बाद समुद्री चरण आयोजित किया गया। भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व निर्देशित मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस त्रिकंद ने किया।

बंदरगाह चरण के दौरान, दोनों नौसेनाओं के कर्मियों ने आपसी समझ और तालमेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई तरह की गतिविधियों में भाग लिया। प्रमुख कार्यक्रमों में परिचालन को मजबूत करने के लिए क्रॉस-डेक दौरे, चालक दल के बीच पेशेवर बातचीत और हेलेनिक नौसेना के एली क्लास फ्रिगेट एचएस थेमिस्टोकल्स पर आयोजित प्री-सेल सम्मेलन शामिल थे। जहाज पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में ग्रीस में भारत के राजदूत श्री रुद्रेंद्र टंडन, सलामिस नौसेना बेस के कमांडर कमोडोर स्पाइरिडॉन मेंटिस और हेलेनिक नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और उनके परिवारों ने हिस्‍सा लिया। इस कार्यक्रम ने भारत की समृद्ध परंपराओं को प्रदर्शित किया और दोनों समुद्री बलों के बीच संबंधों को मजबूत किया। इसके अतिरिक्त, जहाज पर उपस्थित लोगों ने एक्रोपोलिस की पवित्र चट्टान का दौरा किया।

समुद्री चरण में दोनों नौसेनाओं की इकाइयों के बीच जटिल समुद्री युद्धाभ्यास और सामरिक अभ्यास हुए, जिनमें रात्रिकालीन वीबीएसएस ऑपरेशन, समुद्र में पुनःपूर्ति प्रक्रियाएँ, संयुक्त पनडुब्बी रोधी युद्ध, समन्वित गन फायरिंग और क्रॉस-डेक हेलीकॉप्टर ऑपरेशन शामिल थे, जिससे अंतर-संचालन क्षमता में वृद्धि हुई। इन अभ्यासों ने न केवल दोनों नौसेनाओं के पेशेवर कौशल को प्रमाणित किया, बल्कि चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों में संयुक्त रूप से संचालन करने की उनकी क्षमता को भी उजागर किया।

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