रक्षा मंत्री ने तीनों सेनाओं की महिला जलयात्रा नौकायन अभियान 'समुद्र प्रदक्षिणा' को झंडी दिखाई
आरएस अनेजा, 12 सितम्बर नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नारी शक्ति और विकसित भारत के विजन का स्मरण करते हुए मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से, विश्व के प्रथम ऐतिहासिक तीनों सेनाओं के महिला जलयात्रा अभियान, समुद्र प्रदक्षिणा को वर्चुअल माध्यम से झंडी दिखाकर रवाना किया। साउथ ब्लॉक से किये गये अपने संबोधन में, रक्षा मंत्री ने इस यात्रा को नारी शक्ति, तीनों सेनाओं की सामूहिक शक्ति, एकता और संयुक्तता, आत्मनिर्भर भारत और उसकी सैन्य कूटनीति एवं वैश्विक विजन का ज्वलंत प्रतीक बताया।
10 महिला अधिकारी अगले नौ महीनों में स्वदेश निर्मित भारतीय सेना नौकायन पोत (आईएएसवी) त्रिवेणी पर सवार होकर पूर्वी मार्ग पर लगभग 26,000 समुद्री मील की यात्रा करेंगी। वे भूमध्य रेखा को दो बार पार करेंगी, तीन महान अंतरीपों - लीउविन, हॉर्न और गुड होप - का चक्कर लगाएंगी और सभी प्रमुख महासागरों और दक्षिणी महासागर तथा ड्रेक पैसेज सहित कुछ सबसे खतरनाक जलक्षेत्रों को पार करेंगी। मई 2026 में मुंबई लौटने से पहले यह दल चार अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों का भी दौरा करेगा।
राजनाथ सिंह ने समुद्र प्रदक्षिणा को केवल एक जहाज़ पर की गई यात्रा ही नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक साधना और अनुशासन एवं दृढ़ संकल्प की यात्रा भी बताया। उन्होंने कहा, "अभियान के दौरान, हमारे अधिकारियों को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन उनके दृढ़ संकल्प की लौ अंधकार को चीरती हुई आगे बढ़ेगी। वे सुरक्षित घर लौटकर विश्व को दिखाएंगी कि भारतीय महिलाओं का पराक्रम किसी भी सीमा से परे है।"