विश्व डाक दिवस (World Post Day)

World Post Day

हर वर्ष 9 अक्टूबर को विश्वभर में विश्व डाक दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को डाक सेवाओं के महत्व, उनके विकास और समाज में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना है।

विश्व डाक दिवस की शुरुआत 1969 में हुई थी। इस दिन को मनाने का निर्णय विश्व डाक संघ (Universal Postal Union - UPU) की स्थापना की स्मृति में लिया गया था।

UPU की स्थापना 9 अक्टूबर 1874 को स्विट्ज़रलैंड के बर्न शहर में हुई थी। भारत ने भी 1876 में इस संघ की सदस्यता ग्रहण की।

यह दिन मानने उद्देश्य लोगों को डाक सेवाओं के महत्व के बारे में जागरूक करना। डाक सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में प्रोत्साहन देनाऔर वैश्विक स्तर पर डाक सेवाओं को एकजुट कर संचार और व्यापार को सुगम बनाना।

भारत में डाक विभाग देश के सबसे पुराने और व्यापक नेटवर्क में से एक है।

भारत का पहला डाक टिकट 1852 में सिंध (अब पाकिस्तान) में जारी किया गया था।

भारतीय डाक विभाग देश के कोने-कोने तक पत्र, पार्सल, बचत बैंक, बीमा और ई-कॉमर्स जैसी सेवाएँ प्रदान करता है।

भारत में PIN कोड प्रणाली की शुरुआत 1972 में हुई थी।

विश्व डाक दिवस हमें यह याद दिलाता है कि चाहे डिजिटल युग कितना भी आगे क्यों न बढ़ जाए, डाक सेवाएँ आज भी मानव संबंधों, सरकारी संचार और ग्रामीण भारत के आर्थिक जीवन की रीढ़ बनी हुई हैं।

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