भगवान विश्वकर्मा ही सृष्टि के रचयिता है और उन्होंने ही धरती को मनुष्य के रहने लायक बनाया - ऊर्जा मंत्री अनिल विज

अम्बाला/चंडीगढ़, 22 अक्टूबर- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के रचयिता है तथा भगवान विश्वकर्मा ने ही मनुष्य के रहने के लायक धरती का निर्माण किया है। इससे पहले, धरती पर खाई, तूफान, जंगल, पेड़-पौधे होते थे लेकिन भगवान विश्वकर्मा ने ही सृष्टि की रचना करते हुए इसे मनुष्य के रहने के लायक बनाया क्योकि वह सर्वव्यापी है, वो हर मनुष्य के जीवन में व्याप्त है।


ऊर्जा मंत्री आज अंबाला के रामबाग रोड पर भगवान विश्वकर्मा दिवस के उपलक्ष्य में श्री गुरु विश्वकर्मा मंदिर लेबर यूनियन द्वारा आयोजित कार्यक्रम मे बतौर मुख्य अतिथि उपस्थितजनों को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने मंदिर में माथा टेककर भगवान विश्वकर्मा का आर्शीवाद प्राप्त किया।

परिवहन मंत्री अनिल विज ने इस मौके पर भगवान विश्वकर्मा दिवस बधाई देते हुए कहा कि आज हम विश्व के सबसे बड़े शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा दिवस मनाने के लिए यहा एकत्रित हुए है। विश्वकर्मा दिवस साल में दो बार मनाया जाता है, एक बार सितम्बर में तथा दूसरा दिपावली के अगले दिन मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सारे देश के शिल्पकार विश्चकर्मा दिवस बड़ी श्रद्धा के साथ मनाते है और इस दिन वह अपने औजारों की पूजा भी करते हैं। ये जो सारा ब्रम्हांड है, चल-अचल सम्पत्ति है और स्वर्ग का निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने किया था क्योंकि वह सर्वव्यापी है, वो हर मनुष्य के जीवन में व्याप्त है।

मंत्री विज ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा ने सृष्टि को बनाया है। किसी चीज को बनाने के लिए तीन चीजों की आवश्यकता होती है जिनमें सबसे पहली जगह होना, दूसरा रॉ मैटेरियल होना और तीसरा बनाने वाली शक्ति चाहिए। उन्होंने कहा कि धरती बनाने के लिए रॉ मैटिरियल कहां से आया है इसका उन्हें ज्ञान नहीं मगर, इसे बनाया भगवान विश्वकर्मा ने ही है। मनुष्य की हर चीज आवश्यकता जैसे घर, सडक़, स्कूल कॉलेज व अन्य को हम बनाते है, उस पर हमारे बोर्ड लग जाते है लेकिन वास्तव में यह सब चीजें विश्वकर्मा द्वारा बनाई गई है।

शिल्पकार जब शिल्पकारी करता है तो वास्तव में शिल्पकार के अंदर का भगवान विश्वकर्मा काम करते हैं – मंत्री अनिल विज

भगवान विश्वकर्मा से ही प्रेरणा लेकर हम इन सब कार्यों को करवाते हैं। विश्वकर्मा द्वारा बहुत सुन्दर चीजें एवं कृतियां बनाई गई है। हम हैरान होते हैं कि कारीगरों ने सुंदर प्रतिमाएं कैसे बनाई, मगर इनके पीछे भी भगवान विश्वकर्मा होते हैं। कोई मनुष्य जब भी कोई काम करता है/शिल्पकारी करता है तो वास्तव में उनके अंदर का विश्वकर्मा काम करता है। अम्बाला छावनी में भी शिल्पकारों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा, भगत सिंह व अन्य की प्रतिमाएं हैं। इतनी सुन्दर चीजें बनाई गई है वह सब विश्वकर्मा की देन है। श्रीमदभागवद् गीता जी में भी कहा गया है कि काम कर काम कर, कर्म का आधार ही गीता है। उन्होंने इस अवसर पर सभी को विश्वकर्मा दिवस की बधाई दी।

कार्यक्रम के दौरान श्री गुरु विश्वकर्मा मंदिर लेबर यूनियन के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह व शॉल भेंट कर उनका भव्य अभिनंदन भी किया।

इस मौके पर गुरु विश्वकर्मा मंदिर लेबर यूनियन के प्रधान राजीव पंचाल, महासचिव मेहर सिंह सैनी, रणधीर पंचाल, अशोक, सूबेदार सतीश कुमार, कैप्टन प्रताप भीमरा, नप उपाध्यक्ष ललता प्रसाद, रवि बुद्धिराजा, हर्ष बिंद्रा, प्रवेश शर्मा, बिजेंद्र चौहान, बीएस बिंद्रा, आशीष अग्रवाल, बलित नागपाल, दीपक भसीन, इकबाल ढांडा के साथ-साथ यूनियन के अन्य पदाधिकारीगण व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

ऊर्जा मंत्री ने 4 हजार किमी. मैराथन करने वाली सान्या को किया सम्मानित

वहीं, कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने गोहाना स्थित रूखी गांव की रहने वाली सान्या पंचाल को भी स्मृति चिन्ह भेंट कर प्रोत्साहित किया। यहां बता दें कि सान्या पंचाल ने 98 दिन में जम्मू कश्मीर से कन्याकुमारी तक लगभग 4 हजार किलोमीटर मैराथन की हैं। मैराथन के दौरान अम्बाला आगमन पर सान्या पंचाल ने कैबिनेट मंत्री से मिलकर उनका आर्शीवाद भी लिया था। परिजनों ने आज कैबिनेट मंत्री से मिलकर उनका धन्यवाद किया।

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