“शुद्ध आहार – मिलावट पर वार”
एन.एस.बाछल,15 अक्तूबर, जयपुर।
दीपावली पर्व के मद्देनज़र खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक लगाने के उद्देश्य से “शुद्ध आहार – मिलावट पर वार” अभियान के तहत जयपुर प्रथम जिले में लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस क्रम में मंगलवार को शास्त्री नगर स्थित दूध मंडी में खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा सघन निरीक्षण किया गया।
यह कार्रवाई आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशानुसार तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत के नेतृत्व में की गई। टीम ने मंडी में संचालित विभिन्न प्रतिष्ठानों से कुल 6 नमूने एकत्रित किए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सूचना के आधार पर मंडी में खड़े दो पिकअप वाहनों की भी मौके पर जांच की, जिनमें सप्लाई हेतु लदा मावा पाया गया। नमूने विधिवत रूप से एकत्र कर प्रयोगशाला परीक्षण हेतु भेजे गए हैं।
निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत स्वयं स्थल पर मौजूद रहे और संपूर्ण कार्रवाई की निगरानी की। उन्होंने कहा कि दीपावली के अवसर पर जिले में मिठाई और मावा की खपत बढ़ जाती है, ऐसे में मिलावटखोरों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है ताकि आमजन को शुद्ध व सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
डॉ. शेखावत ने बताया कि यह कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। आने वाले दिनों में जयपुर जिले की अन्य मंडियों, डेयरियों, मिठाई प्रतिष्ठानों एवं थोक विक्रेताओं पर भी इसी प्रकार की आकस्मिक जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि “मिलावटखोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार शर्मा, वीरेंद्र कुमार सिंह, नरेश कुमार चेजारा, नरेंद्र शर्मा, पवन गुप्ता एवं विशाल मित्तल सक्रिय रूप से शामिल रहे। टीम ने मंडी परिसर में मौजूद व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों की जानकारी दी और शुद्धता बनाए रखने के लिए जागरूक भी किया।
अभियान के तहत न केवल सैंपलिंग और जांच की जा रही है बल्कि जनजागरूकता गतिविधियां भी चलाई जा रही हैं। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे मिठाई और मावा खरीदते समय पैकिंग, रंग, गंध और गुणवत्ता की जांच अवश्य करें तथा किसी भी प्रकार की मिलावट की आशंका होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग के नियंत्रण कक्ष या हेल्पलाइन पर तुरंत सूचना दें।
जयपुर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दीपावली पर्व के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी। जांच के दौरान दोषी पाए जाने पर न केवल लाइसेंस निलंबित किए जाएंगे बल्कि विधिक कार्रवाई के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में अभियोजन भी प्रस्तुत किया जाएगा।
डॉ. शेखावत ने कहा कि यह अभियान केवल कार्यवाही तक सीमित नहीं, बल्कि आमजन को मिलावट से मुक्त और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की सामूहिक प्रतिबद्धता का हिस्सा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जयपुर जिले को ‘मिलावटमुक्त जिला’ घोषित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।दीपावली पर्व के मद्देनजर खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक लगाने के उद्देश्य से “शुद्ध आहार – मिलावट पर वार” अभियान के तहत जयपुर प्रथम जिले में लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस क्रम में मंगलवार को शास्त्री नगर स्थित दूध मंडी में खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा सघन निरीक्षण किया गया।
यह कार्रवाई आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशानुसार तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत के नेतृत्व में की गई। टीम ने मंडी में संचालित विभिन्न प्रतिष्ठानों से कुल 6 नमूने एकत्रित किए।
निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत स्वयं स्थल पर मौजूद रहे और संपूर्ण कार्रवाई की निगरानी की। उन्होंने कहा कि दीपावली के अवसर पर जिले में मिठाई और मावा की खपत बढ़ जाती है, ऐसे में मिलावटखोरों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है ताकि आमजन को शुद्ध व सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
डॉ. शेखावत ने बताया कि यह कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। आने वाले दिनों में जयपुर जिले की अन्य मंडियों, डेयरियों, मिठाई प्रतिष्ठानों एवं थोक विक्रेताओं पर भी इसी प्रकार की आकस्मिक जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि “मिलावटखोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार शर्मा, वीरेंद्र कुमार सिंह, नरेश कुमार चेजारा, नरेंद्र शर्मा, पवन गुप्ता एवं विशाल मित्तल सक्रिय रूप से शामिल रहे। टीम ने मंडी परिसर में मौजूद व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों की जानकारी दी और शुद्धता बनाए रखने के लिए जागरूक भी किया।
अभियान के तहत न केवल सैंपलिंग और जांच की जा रही है बल्कि जन जागरूकता गतिविधियां भी चलाई जा रही हैं। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे मिठाई और मावा खरीदते समय पैकिंग, रंग, गंध और गुणवत्ता की जांच अवश्य करें तथा किसी भी प्रकार की मिलावट की आशंका होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग के नियंत्रण कक्ष या हेल्पलाइन पर तुरंत सूचना दें।
जयपुर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दीपावली पर्व के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी। जांच के दौरान दोषी पाए जाने पर न केवल लाइसेंस निलंबित किए जाएंगे बल्कि विधिक कार्रवाई के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में अभियोजन भी प्रस्तुत किया जाएगा।
डॉ. शेखावत ने कहा कि यह अभियान केवल कार्यवाही तक सीमित नहीं, बल्कि आमजन को मिलावट से मुक्त और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की सामूहिक प्रतिबद्धता का हिस्सा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जयपुर जिले को ‘मिलावटमुक्त जिला’ घोषित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
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