“शुद्ध आहार – मिलावट पर वार”
एन.एस.बाछल, 16 अक्तूबर, जयपुर।
राज्य सरकार द्वारा संचालित “शुद्ध आहार – मिलावट पर वार” अभियान के तहत जयपुर जिले में मंगलवार को खाद्य सुरक्षा टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 हजार 727 किलो मिलावटी मिल्क केक और मावा मिठाई जब्त कर नष्ट कराई।
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण, राजस्थान डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशानुसार तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत के नेतृत्व में कार्रवाई को अंजाम दिया गया। टीम ने गुजरो की ढाणी, मोरीजा रोड, चोमू स्थित एक कारखाने में छापा मारकर भारी मात्रा में मिलावटी मिठाई पकड़ी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रवि शेखावत ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पाया गया कि कारखाने में मिल्क केक और मावा मिठाई को दूध या मावे की जगह रिफाइंड सोयाबीन तेल, सूजी और ग्लूकोज के अमानक एवं कृत्रिम पदार्थों से तैयार किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि उक्त फर्म के पास खाद्य सुरक्षा लाइसेंस भी नहीं था, जो खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन है।
वहीं, खाद्य सुरक्षा टीम ने चीथवाड़ी मोड़ स्थित श्याम मावा पनीर प्रतिष्ठान पर भी निरीक्षण किया। यहाँ से दूध के टैंकर से दूध के नमूने तथा दूध से तैयार मावा के नमूने विधिवत रूप से एकत्र किए गए, जिन्हें परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रवि शेखावत ने बताया कि दीपावली पर्व पर दूध व मिठाई की खपत में वृद्धि के चलते मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। इसलिए प्रशासन ने पहले से ही व्यापक अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा जनस्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मिलावट करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार शर्मा, वीरेंद्र कुमार सिंह, नरेश कुमार चेजारा, नरेंद्र शर्मा और पवन कुमार गुप्ता सक्रिय रूप से शामिल रहे। टीम ने मौके पर ही मावा एवं मिठाई के भंडारण स्थान को सील कर उत्पादों को सुरक्षित रूप से नष्ट कराया।
डॉ. शेखावत ने बताया कि यह कार्रवाई “शुद्ध आहार – मिलावट पर वार” अभियान की श्रृंखला का हिस्सा है, जिसके तहत जयपुर जिले की मावा मंडियों, डेयरियों, मिठाई प्रतिष्ठानों और प्रसंस्करण इकाइयों की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे मिठाई या दूध उत्पाद खरीदते समय गुणवत्ता, ताजगी और लाइसेंस की जांच अवश्य करें तथा संदिग्ध मिलावट की सूचना खाद्य सुरक्षा नियंत्रण कक्ष को दें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दीपावली तक यह अभियान लगातार चलेगा और मिलावटखोरी पर “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई जाएगी। दोषी पाए जाने वालों पर विधिक कार्रवाई कर लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे तथा अभियोजन दर्ज कर न्यायालयीन कार्रवाई भी की जाएगी।
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